# Your Thoughts Are Alive — And They're Feeding Off You

https://www.youtube.com/watch?v=lqV5zpfdvZ8
Translation: en

[00:02] पिछले लेक्चर में आपने जिक्र किया था कि जो हमारी सोचें होती हैं यह जिंदा होती हैं।
  In the previous lecture, you mentioned that our thoughts are alive.

[00:10] सोच जिंदा हो के कहां जाती है?
  Where does a thought go after becoming alive?

[00:13] क्या ये हमारे साथ रहती हैं?
  Do they stay with us?

[00:15] क्या ये हमारे से फीड ऑफ करती हैं?
  Do they feed off of us?

[00:17] क्या इनका कोई बोझ होता है हमारे ऊपर?
  Do they have any burden on us?

[00:20] क्या ये एंड तक हमारे साथ जाती हैं?
  Do they go with us until the end?

[00:24] इनको इस बोझ को हटाने का कोई तरीका होता है?
  Is there any way to remove this burden?

[00:27] ये काइंडली एक्सप्लेन कर दें।
  Please kindly explain this.

[00:30] इसका जवाब बड़ा गहरा है।
  The answer to this is very deep.

[00:37] अब आपको बड़ी तवज्जो से समझना पड़ेगा।
  Now you will have to understand with great attention.

[00:44] पहले इंसान का स्ट्रक्चर, अपना स्ट्रक्चर, अपनी बॉडी का स्ट्रक्चर, और वह जो आपको डॉक्टर स्ट्रक्चर बताते हैं, वो आपको यह मशीन बताते हैं।
  First, the structure of a human, your own structure, the structure of your body, and what doctors tell you as structure, they tell you this machine.

[00:55] आपको गाड़ी के बारे में बताते हैं।
  They tell you about the vehicle.

[00:58] इस गाड़ी के पैसेंजर्स के बारे में नहीं बताते।
  They do not tell you about the passengers of this vehicle.

[01:01] यह जो आपका जिस्म है ना।
  This body of yours, you see.

[01:04] यह तकरीबन तकरीबन इनफिनिट एनर्जीस का मजमूआ है।
  This is approximately a collection of infinite energies.

[01:14] मिसाल के तौर पर डॉक्टर्स आपको बताते हैं कि आपके पेट में जरासीम है।
  For example, doctors tell you that there are germs in your stomach.

[01:19] आपके खून में जरासीम है।
  There are germs in your blood.

[01:24] अब जरासीम जिंदा होते हैं।
  Now, germs are alive.

[01:28] उनके अंदर रूह होती है।
  They have a soul inside them.

[01:31] फिर लोगों के पेट में कीड़े होते हैं।
  Then people have worms in their stomachs.

[01:34] आम सी बात है।
  It's a common thing.

[01:37] फिर आपके ऊपर जुएं होती हैं, टिक्स होती हैं।
  Then you have lice and ticks on you.

[01:41] हजारों किस्म की डॉक्टर्स आपको बताएंगे कि एक इंसान के जिस्म के अंदर सैकड़ों किस्म के जरासीम जरासीम को आप ऐसे समझे एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रियल्स वो आपके जिस्म के अंदर होते हैं।
  Doctors will tell you thousands of types that inside a human body there are hundreds of types of germs; you can understand germs as extraterrestrials that exist inside your body.

[01:55] फिर आजकल के जमाने में कुछ जरासीम आपके जिस्म में बाकायदा डाले जाते हैं जिनको वैक्सीनंस कहते हैं।
  Then in modern times, some germs are deliberately injected into your body, which are called vaccines.

[02:03] ठीक है?
  Okay?

[02:03] अब इमेजिन करें 2 मिनट के लिए कि यह सारे
  Now imagine for 2 minutes that all these

[02:05] जरासीम जो हैं इनके अंदर इनकी जो रूहें हैं वो जो रूहे हैं वो असल में एंटिटीज हैं।
  The germs that are inside them, the souls that are there, those souls are actually entities.

[02:11] और उसमें से कुछ रूहे जो है वो आपके लिए फायदेमंद है और कुछ रूहें जो है वो आपके लिए नुकसानदेह।
  And among them, some souls are beneficial for you and some souls are harmful for you.

[02:17] चलो मैं रूहों से भी ज्यादा आसान कर देता हूं।
  Let me make it even easier than souls.

[02:20] इन सबके अंदर जान है।
  There is life inside all of these.

[02:22] इन सबका एक ओरा है।
  All of these have an aura.

[02:25] जैसे आपका एक ओरा है ना आपका एक कलेक्टिव पूरा एक ओरा है।
  Just as you have an aura, you have a collective, a whole aura.

[02:27] इसी तरह इन सों के भी ओरे हैं।
  Similarly, these too have auras.

[02:30] आप इमेजिन करें कि आप इतने सारे एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रियल सेल्स से बने हुए हैं।
  Imagine that you are made up of so many extraterrestrial cells.

[02:34] आपके अंदर हैं।
  They are inside you.

[02:37] एक तो आपकी अब एक तो आपके अपने सेल्स हैं जो एक आपके बाप से आया, एक आपकी मां से आया।
  One is your own cells, one came from your father, one came from your mother.

[02:46] उसके बाद उन्होंने मल्टीप्लाई किया वो करोड़ों में अरबों में चले गए।
  After that they multiplied, they went into crores, into billions.

[02:48] ठीक है?
  Okay?

[02:50] ट्रिलियंस में चले गए।
  They went into trillions.

[02:53] एक तो यह सेल्स हैं।
  One is these cells.

[02:56] ठीक है?
  Okay?

[02:56] अब यह जो बाकी सारे सेल्स हैं इनमें भी तो जान है।
  Now all these other cells also have life in them.

[02:58] इनके भी तो ओरा हैं।
  They too have auras.

[03:01] तो आप एक मजमूआ है जिंदगी का।
  So you are a collection of life.

[03:07] यानी के यह जो आपका जाहरी जिस्म है यह भी एक मजमुआ है जिंदगी का।
  Meaning, this apparent body of yours is also a collection of life.

[03:14] ठीक है?
  Okay?

[03:15] अब दो मिनट के लिए तसवुर करें कि यह सारी जोिंदगियां हैं जो अपना-अपना काम कर रही हैं आपका।
  Now imagine for two minutes that all these lives are doing their own work for you.

[03:23] दिमाग का सेल एक काम कर रहा है।
  A brain cell is doing one job.

[03:25] आपका दिल का सेल एक काम कर रहा है।
  Your heart cell is doing one job.

[03:28] आपके लिवर का सेल एक काम कर रहा है।
  Your liver cell is doing one job.

[03:31] अब इसी को इस तरह इमेजिन करें कि ये एक सेल नहीं है।
  Now imagine this in such a way that this is not one cell.

[03:34] ये तो इसकी फिजिकल फॉर्म है।
  This is just its physical form.

[03:36] लेकिन हर सेल का एक अपना-अपना ओरा भी है।
  But every cell also has its own aura.

[03:38] ठीक है?
  Okay?

[03:38] फिर उन जरासीमों का भी हो रहा है।
  Then it is also happening with those germs.

[03:40] फिर उन कीड़ों का भी हो रहा है।
  Then it is also happening with those insects.

[03:42] फिर उन जों का भी हो रहा है।
  Then it is also happening with those lice.

[03:44] मिसाल के तौर पे जब आपको एक इनफेक्शन हो जाता है तो वो बहुत सारे सेल्स होते हैं।
  For example, when you get an infection, there are many cells.

[03:46] बैक्टीरिया होते हैं।
  There are bacteria.

[03:48] मिसाल के तौर पे आपको मलेरिया हो जाता है।
  For example, you get malaria.

[03:49] मलेरिया का एक पैरासाइट है।
  Malaria has a parasite.

[03:52] एक कीड़ा है।
  It is a worm.

[03:52] आसान और और आसान जबान में समझाता हूं।
  I explain it in simple and simpler language.

[03:55] मलेरिया जब आपका होता है कीड़ा आपके जिस्म में आपके खून में कीड़ा चला जाता है।
  When you have malaria, the worm goes into your body, into your blood.

[04:00] फिर वो कीड़ा आपके खून में बेताहाशा बच्चे देता है।
  Then that worm reproduces recklessly in your blood.

[04:03] ठीक है?
  Okay?

[04:03] फिर आपके खून में कीड़े कीड़े हो जाते हैं तो आपको बुखार चढ़ जाता है।
  Then when your blood becomes full of worms, you get a fever.

[04:05] ठीक है?
  Okay?

[04:05] जरा दो मिनट के लिए सोचें कि
  Just think for two minutes that

[04:09] उस कीड़े का जो ओरा है वो जर्द रंग है।
  The aura of that insect is yellow in color.

[04:12] मिसाल के तौर पे जर्द रंग कई कई बीमारियां जैसे यरकान होता है ना पीला हो जाता है आदमी उसका जो जरासीम है वो जर्द रंग का है।
  For example, yellow color is associated with many diseases like jaundice, where a person turns yellow; the germ of that is yellow in color.

[04:18] ठीक है?
  Okay?

[04:21] अब उसका जो ओरा है वो भी जर्द रंग का है।
  Now its aura is also yellow in color.

[04:23] ठीक है?
  Okay?

[04:23] पीले जर्द से रंग के सब्सटेंस का उसका ओरा बना हुआ है।
  Its aura is made of a substance of yellow color.

[04:25] उस एनर्जी का उस फ्रीक्वेंसी का उसका ओरा बना हुआ है।
  Its aura is made of that energy and that frequency.

[04:31] अब वो जर्द रंग का जो ओरा है वो आपके जिस्म में बढ़ता जा रहा है।
  Now that yellow-colored aura is increasing in your body.

[04:34] यहां तक कि आपको बुखार चढ़ गया।
  To the point that you got a fever.

[04:38] यानी कि आप फिजिकल एंटिटी को दो मिनट के लिए समझे कि यह सारे जो सेल्स हैं इन सों में जान है और जो इनकी जान है वो मैनिफेस्ट हो रही है ओरा में और इसका मतलब है कि अगर मेरे में एक जरासीम है तो वो एक अधा रंग है एक जरासीम है वो एक अलधा रंग है एक जरासीम है वो एक अलधा रंग है तो सिंपल आजकल की सिंपल साइंटिफिक लॉजिकल अंडरस्टैंडिंग से आपको पता लग जाएगा कि आप एक मुरक्कब हैं।
  That is, if you understand the physical entity for two minutes, that all these cells have life, and that life is manifesting in the aura, and this means that if there is a germ in me, it is one half color, one germ is one half color, one germ is one half color, then with simple current scientific logical understanding, you will realize that you are a composite.

[05:06] आप एक कॉम्प्लेक्स हैं
  You are a complex.

[05:09] जानों का।
  Of lives.

[05:14] बहुत सारी जाने आपके अंदर जमा हुई हुई हैं।
  Many lives are accumulated inside you.

[05:17] अभी इस वक्त एज वी स्पीक विद ईच अदर।
  Right now, as we speak with each other.

[05:19] अब आजकल की साइंटिफिकली आपको यह भी पता है कि कैंसर जो है वह बेसिकली सेल्स होते हैं और वह जिंदा होते हैं और वो आपके अंदर बढ़ने शुरू हो जाते हैं।
  Nowadays, scientifically you also know that cancer is basically cells, and they are alive, and they start growing inside you.

[05:32] अब मेरा सवाल यह है कि डॉक्टर आपको एक मैथमेटिकल किस्म की एक इक्वेशन आपको बता रहा है कि जी ये जिंदा सेल है और ये ऐसे बढ़ रहे हैं और केमिकल रिएक्शन हो रहा है।
  Now my question is this: the doctor is telling you a mathematical kind of equation, saying yes, this is a living cell, and it is growing like this, and a chemical reaction is happening.

[05:42] ब्ल ब्ल ब्ल ब्ल ब्ल
  Bla bla bla bla bla.

[05:45] अपने आप से पूछे दो मिनट के लिए सोचें कि क्या वो कैंसर सेल जिंदा है
  Ask yourself, think for two minutes: is that cancer cell alive?

[05:52] जिंदा तो है तो क्या उनके अंदर रूह है रूह भी है जिंदा है तो उनके अंदर जिंदगी है
  It is alive, so does it have a soul? It has a soul, it is alive, so does it have life inside it?

[05:57] क्या उनका होरा भी है तो क्या फिर वो आपकी तरह सोच भी रहे हैं
  Does it also have a horoscope? Then are they also thinking like you?

[06:04] सवाल ये है कि वो कितने कॉन्शियस हैं
  The question is: how conscious are they?

[06:10] तो इसका क्या मतलब है
  So what does this mean?

[06:12] के जिस आदमी को कैंसर हुआ हुआ है तो उस इंसान के अंदर एक और कॉन्शियसनेस उस जिस्म के ऊपर कब्जा करने के लिए लड़ रही है।
  That in the person who has cancer, another consciousness is fighting to take over that body.

[06:20] वो जो उसके जिस्म के ऊपर कब्जा करने के लिए लड़ रही है वो कितनी कॉन्शियस है?
  How conscious is that which is fighting to take over his body?

[06:24] क्या वो हमारी तरह सोच सकती है?
  Can it think like we do?

[06:27] क्या वो फैलने की प्लानिंग कर सकती है?
  Can it plan to spread?

[06:30] क्या उसके अंदर किस लेवल की कॉन्शियसनेस है?
  What level of consciousness is within it?

[06:33] मैथमेटिकल कॉन्शियसनेस है जिसके ऊपर आजकल की सारी डॉक्टाइन बनी हुई।
  It is mathematical consciousness upon which all modern doctrine is built.

[06:38] सारा डॉक्टर इसके ऊपर चलता है या वो एक्चुअली इससे ज्यादा जिंदा है जितना आप समझ रहे हैं।
  All of medicine operates on this, or is it actually more alive than you understand?

[06:43] उससे बहुत ज्यादा जिंदा है।
  It is much more alive than that.

[06:46] तसवुफ की दुनिया में जिन लोगों को बातिन की दुनिया नजर आती है।
  In the world of Sufism, those who see the inner world.

[06:54] इंसान जिंदगियों का एक मुरक्कब है।
  A human being is a compound of lives.

[06:59] जिस फैकल्टी को अल्लाह ताला कुरान में इंसान कहता है।
  The faculty that Allah Almighty calls 'Insan' in the Quran.

[07:02] वो एक मुरक्कब की बात कर रहा है।
  He is speaking of a compound.

[07:07] अल्लाह ताला जिसको इंसान कह रहा है उस
  That which Allah Almighty is calling 'Insan'...

[07:11] इंसान के ओरे में उस इंसान के कंधों पे दो फरिश्ते बैठे हैं।
  On the aura of a human, two angels are sitting on that human's shoulders.

[07:18] उस इंसान के अंदर एक जमीर है जो उस इंसान से अदा एक होश में एंटिटी है।
  Inside that human, there is a conscience, which is an entity in a state of awareness separate from that human.

[07:28] उस इंसान के अंदर एक शैतान है जो उसकी कमर पे पीछे की तरफ है।
  Inside that human, there is a devil, which is located behind his waist.

[07:34] ठीक है?
  Okay?

[07:36] और वह भी एक पूरी की पूरी एंटिटी है जो इंसान ही की तरह सोचती है, समझती है वगैरह सारा कुछ।
  And that too is a complete entity that thinks, understands, and everything else just like a human.

[07:44] ठीक है?
  Okay?

[07:47] फिर इंसान के अंदर एक और एंटिटी है जिसको गुस्सा कहते हैं।
  Then inside the human, there is another entity called anger.

[07:52] यह भी जिन है।
  This too is a jinn.

[07:56] तो अगर आप रूहानी जबान में मेरे से पूछेंगे तो इंसान के अंदर सैकड़ों एंटिटीज हैं।
  So if you ask me in spiritual language, there are hundreds of entities inside a human.

[08:03] यह जो सारा मैंने मोटा-मोटा आपको समझाया ना कि कुछ शहादतें आपको आपके दीन से पता है कि इंसान एक नहीं है।
  This whole thing I roughly explained to you, that you know from your religion some testimonies that a human is not one.

[08:10] तुम में से कोई एक नहीं है।
  None of you is one.

[08:10] तुम सारे मुरक्कब हो।
  You are all composite.

[08:10] खुद ही
  Yourself

[08:14] जिन बनते हो।
  You become jinn.

[08:14] खुद ही शैतान बनते हो।
  You yourself become Satan.

[08:18] खुद ही जमीर बनते हो।
  You yourself become conscience.

[08:21] खुद ही ये जो दाएं बाएं वाले फरिश्ते हैं खुद ही ये भी बनते।
  You yourself also become these angels that are on the right and left.

[08:23] ये फरिश्ते भी इंस्पायर करते हैं।
  These angels also inspire.

[08:26] इसके अलावा भी फरिश्ते इंसान के जिस्म के अंदर हैं।
  Besides this, there are angels inside the human body.

[08:29] वो भी इंस्पायर करते हैं।
  They also inspire.

[08:32] ये जो मैंने जिन्नात बोले हैं, शयातीन बोले हैं, इसके अलावा भी शयातीन तुम्हारे जिस्म के अंदर है।
  What I have spoken of as jinn and devils, besides this, there are also devils inside your body.

[08:39] अधा-अधा किस्म के जिन्नात होते हैं।
  There are half-and-half kinds of jinn.

[08:41] अधा-अधा किस्म के शयातीन होते हैं।
  There are half-and-half kinds of devils.

[08:45] अगर किसी शख्स को बातिन की आंख मिली हुई हो तो यह सारे का सारा उसको नजर आ रहा होता है।
  If a person has been given the inner eye, then all of this is visible to him.

[08:51] ये बनिए नो इंसान है।
  This being is not a human.

[08:56] ये मुरक्कब है कॉन्शियसनेस का।
  This is a compound of consciousness.

[09:00] मुरक्कब कॉम्बिनेशन ऑफ कॉन्शियसनेस।
  Compound is a combination of consciousness.

[09:02] यह मुरक्कब से सफर शुरू करता है।
  It begins the journey from the compound.

[09:05] मुरक्कब से सफर शुरू करता है और यूनिटी पे जाता है।
  It begins the journey from the compound and goes to unity.

[09:09] सिंगुलैरिटी पे जाता है।
  It goes to singularity.

[09:11] ये तमाम अदियान ने इंसान को टीच किया कि तुम
  All these religions taught humans that you

[09:15] मल्टीप्लिकेशन से तुम शर्क से शुरू करोगे।
  You will start with multiplication from shirk.

[09:19] तुम मल्टीप्लिकेशन से शुरू करोगे और यह सारी एनर्जियां जो जिस्म के अंदर तुम्हें इफेक्ट कर रही हैं इनको साफ करते पाक करते करते अपने आप को एक बना लोगे।
  You will start with multiplication and, by cleansing and purifying all these energies that are affecting you inside the body, you will make yourself one.

[09:31] जब तुम खुद अंदर से सिंगुलर हो जाओगे इसको मोहिद कहते हैं।
  When you become singular from within, this is called mohid.

[09:34] मोहिद का मतलब होता है जो बंदा अंदर से अल्लाह ताला की यखताई को अल्लाह ताला की वाहदानियत को बड़ी गहराई से समझता है।
  Mohid means the person who deeply understands the oneness of Allah, the unity of Allah from within.

[09:43] जब तुम अंदर से एक हो जाओगे जब तुम्हें मैं का सीक्रेट समझ आएगा द वर्ड मैं द वर्ड इंग्लिश में आए।
  When you become one from within, when you understand the secret of 'I', the word 'I' comes in English.

[09:52] जब तुम्हें जब तुम्हें वर्ड आए का सीक्रेट समझ आएगा तो तुम्हें एब्सोल्यूट आए यानी के अल्लाह ये तुम्हें समझ आएगा।
  When you understand the secret of the word 'I', then you will understand the Absolute, meaning Allah, you will understand this.

[10:04] यह सूफी कहते हैं।
  This is what Sufis say.

[10:07] सूफी के अलावा बाकी जितने इस्लाम के अलावा नबियों के दीनों के अलावा बाकी जितने दुनिया में अदियान है ये आए ऐम आय पे जाके खत्म हो जाते हैं।
  Apart from Sufis, all other religions besides Islam and the prophets' faiths, all the religions in the world, they end at the point of 'I am I'.

[10:14] यह अपने
  This itself

[10:17] अंदर से अपने आप को एक जब जहां पर इनको अपना आप एक लगता है, यह वहां पर खत्म हो जाते हैं।
  When inside, one feels oneself to be one with them, they end there.

[10:24] इनकी कभी अल्लाह ताला से मुलाकात नहीं होती।
  They never meet Allah Almighty.

[10:27] चाहे वह हिंदू है, चाहे वह ईसाई है, चाहे वह यहूदी है, चाहे वह जो भी है।
  Whether he is a Hindu, whether he is a Christian, whether he is a Jew, or whatever he is.

[10:31] सिर्फ दो मज़ाहिब हैं जो मुहिदियत अल्लाह ताला की वाहदानियत में सेंटर्ड है।
  There are only two religions that are centered on the oneness of Allah Almighty.

[10:38] यानी कि बीज को जानते हैं।
  That is, they know the seed.

[10:41] बीज तक पहुंचते हैं।
  They reach the seed.

[10:45] एक उन एक यहूदियत है और एक इस्लाम है।
  One of them is Judaism and one is Islam.

[10:47] बहुत बड़े-बड़े औलिया जो है वो इन मज़ाहिब में पैदा होते हैं।
  Very great saints are born in these religions.

[10:50] बाकियों की बाकियों की लिमिटेशंस है।
  The others have limitations.

[10:52] हां कहीं किसी जगह पे अल्लाह ताला ने किसी खास फंक्शन के लिए कोई यूनिक आदमी पैदा किया हुआ है।
  Yes, somewhere Allah Almighty has created a unique person for a specific function.

[10:56] वो एक अलदा बात है।
  That is a separate matter.

[10:58] लेकिन उनके कल्चर में अब यह लाइट नहीं है।
  But in their culture, this light is no longer there.

[11:03] अब जो यह इंसान है जब यह कलमा पढ़ता है ला इलाहा इल्लल्लाह ठीक है मोहम्मदुर रसूल्लाह सल्लल्लाहु अल वसल्लम जब ये कलमा पढ़ता है ला इलाहा इल्लल्लाह तो ये जो तुम
  Now this person, when he recites the Kalma 'La ilaha illallah', okay, 'Muhammadur Rasulullah sallallahu alaihi wasallam', when he recites this Kalma 'La ilaha illallah', then this that you

[11:18] कॉम्बिनेशन हो हजारों एनर्जीियों का तुम
  It is a combination of thousands of energies, you.

[11:21] इसमें कहते हो मतलब बेसिकली इस कलमे का सीक्रेट मतलब यह है ठीक है कि यह जितने इला हैं
  In this, you say, meaning basically the secret of this Kalma is that it is as many gods as there are.

[11:30] अब देखो तुम पहले इला को पहचानोगे फिर उसकी नफी करोगे।
  Now look, you will first recognize the god, then you will negate it.

[11:35] अगर तुम इला को ही नहीं पहचानते तो तुम किसकी नफी कर रहे हो?
  If you do not even recognize the god, then whose negation are you doing?

[11:38] पहले तुमने लफ्ज इला का मतलब अपने अंदर और अपने बाहर अपने नफज़ के अंदर और अपने कायनात में तुमने समझना है कि इला है क्या?
  First, you have to understand the meaning of the word 'ila' within yourself and outside yourself, within your self and in your universe, what is 'ila'?

[11:49] मैं इंकार किसका कर रहा हूं?
  What am I denying?

[11:51] मैंने किसकी नहीं सुननी?
  Whom should I not listen to?

[11:58] अब यहां मैं सजदे की बात नहीं कर रहा कि मैंने बुत को सजदा नहीं करना।
  Now here I am not talking about prostration, that I should not prostrate to an idol.

[12:03] यह तो बिल्कुल ही लोग ये कोई इल्म नहीं है।
  This is absolutely not knowledge for people.

[12:07] मतलब कायनात में कोई गधा किसी बुत को सजदा नहीं करता।
  Meaning, in the universe, no donkey prostrates to an idol.

[12:14] कायनात में पत्थर किसी बुत को सजदा नहीं करता।
  In the universe, a stone does not prostrate to an idol.

[12:16] सिर्फ इंसान है जो डेड बिट्टी को
  It is only humans who [prostrate] to dead bits.

[12:19] मरी हुई मिट्टी को सजदा करता है।
  He prostrates to dead soil.

[12:26] यह सिर्फ इंसान है।
  This is only human.

[12:29] बाकी कोई भी सजदा नहीं करता किसी और को।
  No one else prostrates to anyone else.

[12:33] सिर्फ इंसान करता है।
  Only humans do it.

[12:36] इसलिए यह असला सामना अस के ये सबसे निचली सतह की शूर से भी नीचे चला जाता है।
  Therefore, this real confrontation goes even below the lowest surface level.

[12:44] सबसे निचली सतह के शूर से भी नीचे चला जाता है।
  It goes even below the lowest surface level.

[12:47] यह इंसान जाता है।
  This human goes.

[12:53] यानी के कायनात में किसी और को किसी और को सजदा करने की जरूरत नहीं।
  That is, in the universe, no one else needs to prostrate to anyone else.

[12:59] सिर्फ इंसान है कि यह किसी को भी किसी का भी बुत बनाएगा, किसी को भी मखलूक बनाएगा।
  It is only humans who will make anyone an idol of anyone, will make anyone a creature.

[13:04] मखलूक बनाकर उसको सजदा कर ले।
  Having made it a creature, he prostrates to it.

[13:07] यह सिर्फ इंसान है जो अपने अपने हक से इतना ज्यादा सेपरेटेड है कि बस उसके सामने जो मर्जी आ जाए वो उसको सजदा कर लेगा।
  It is only humans who are so separated from their own rights that they will prostrate to whatever comes before them.

[13:14] बादशाह को सजदा कर लेगा।
  He will prostrate to a king.

[13:16] खूबसूरत औरत को सजदा कर लेगा।
  He will prostrate to a beautiful woman.

[13:18] ठीक है?
  Okay?

[13:18] किसी लंबे कद के इंसान को सजदा कर
  He prostrates to a tall person.

[13:20] लेगा।
  Will do.

[13:22] किसी बहुत ताकतवर आदमी को सजदा कर लेगा।
  He will prostrate to some very powerful man.

[13:25] बस ये सजदा कर ले।
  Just do this prostration.

[13:25] इतना इलॉजिकल माइंड है इसका।
  His mind is so illogical.

[13:31] इतना बेवकूफ है, जाहिल है कि पूरी कायनात में कोई प्रेसिडेंट नहीं है कि कोई चीज किसी और को सजदा कर रही है और यह कर लेगा।
  He is so foolish, so ignorant, that in the entire universe there is no president, that something is prostrating to someone else, and he will do it.

[13:37] ये पॉइंट समझ आ गया?
  Did you understand this point?

[13:40] अब ये जो इलाह का लफ्ज है ला इलाहा मैंने बोला ना ला इलाहा इल्लल्लाह।
  Now this word 'Ilah', I said 'La ilaha illallah'.

[13:46] ये जो इलाह का लफ्ज है ये आप आंखें बंद करें और अपनी सोचों को सुन लें।
  This word 'Ilah' — close your eyes and listen to your thoughts.

[13:52] यह इलाह है।
  This is Ilah.

[13:58] आपको पता लग जाएगा इलाह किसको कहते हैं।
  You will come to know what is called Ilah.

[14:02] जो हमारी सोचे होती हैं जैसा कि आपने कहा कि हमें हम सुन सकते हैं अपनी सोचों को।
  Our thoughts are such, as you said, that we can hear our own thoughts.

[14:07] तो ये सोचे हमारे साथ हैं।
  So these thoughts are with us.

[14:09] हमारे अंदर हैं।
  They are inside us.

[14:13] हमारे इर्दगिर्द हैं।
  They are around us.

[14:16] और अगर अगर जैसे ही हम अपना जैसे हम सुनना शुरू करते हैं हमारी सोचे एकदम से हमें नजर आ रही होती है।
  And if, as soon as we start listening, our thoughts immediately become visible to us.

[14:20] हमारे पास पास होती है।
  They are near us.

[14:21] इनका जो बोझ है
  The burden that they have.

[14:24] मतलब इनकी जिंदगी का थोड़ा सा समझा दें कि
  Meaning, let me explain a little about their life, that

[14:26] यह व्हाट ये इनकी प्रेजेंस क्या है इनका
  This, what, what is their presence, their

[14:29] मास कोई होगा इनकी कोई कहीं से एनर्जी
  There must be some mass, their energy from somewhere

[14:31] लेती होंगी कुछ इनका
  They must be taking something, theirs.

[14:34] इनको कैसे
  How to

[14:36] इनको समझे कैसे
  How to understand them?

[14:37] इनको समझने का कोई और तरीका नहीं है सिवाय
  There is no other way to understand them except

[14:41] इसके कि अपने माइंड को और अपने हार्ट को
  that you purify your mind and your heart,

[14:45] प्योर करना पाक करना पाक वर्ड है पाक अपने
  purify, make pure; 'pak' is the word, pure; your

[14:51] आपको अपने बातििन को पाक करना सीखो।
  Learn to purify your inner self.

[14:56] इसका कोई और इलाज नहीं।
  There is no other remedy for this.

[14:59] इसीलिए वर्ड है पाक।
  That is why the word is 'pak'.

[15:03] अल्लाह पाक
  Allah is pure.

[15:03] हम अल्लाह को पाक कहते हैं।
  We call Allah pure.

[15:07] इसीलिए वज़ू है।
  That is why there is ablution (wudu).

[15:07] इसीलिए तहारत है।
  That is why there is purification (taharat).

[15:07] इसीलिए गुस्सल है।
  That is why there is bathing (ghusl).

[15:11] पाकी के लिए इस इस पाकी के लिए जो मैं बोल रहा हूं।
  For purity, for this purity, what I am saying.

[15:14] इलाहों से पाकी के लिए
  For purity from the deities,

[15:18] इस जिस्म अच्छा ये जिस्म नापाक हो जाएगा
  This body, well, this body will become impure,

[15:21] तो क्या हो जाएगा क्या हो जाएगा कुछ भी
  then what will happen, what will happen, nothing at all?

[15:23] नहीं होगा ना पानी में रहा करो सारा दिन
  It won't happen, don't stay in water all day.

[15:28] ताकि वजू करने की नौबत ही ना आए तो पानी में क्या रहोगे तो पाक हो जाओगे
  So that the need for ablution doesn't even arise, then if you stay in water, will you become pure?

[15:34] कितना ओ औलिया अल्लाह ने पास में इस तरह की बातें की है आपको समझाने के लिए
  How much, O saints, has Allah spoken such things nearby to explain to you?

[15:41] ड्रम एक लो उस ड्रम के अंदर रहा करो तो क्या पाक हो जाओगे?
  Take a drum, if you stay inside that drum, will you become pure?

[15:47] पानी का एक ड्रम लो। उसी के अंदर पूरी जिंदगी गुजार दो। क्या पाक हो जाओगे?
  Take a drum of water. Spend your entire life inside it. Will you become pure?

[15:53] अरे बेवकूफ इंसान समझ बात को। ये किस चीज की पाकी की तरफ इशारा है?
  O foolish human, understand the matter. What kind of purity is this pointing to?

[15:58] क्यों आप कोहनियों को पानी लगा रहे हैं?
  Why are you applying water to your elbows?

[16:01] क्यों आप गर्दन के पीछे पानी लगा रहे हैं?
  Why are you applying water to the back of your neck?

[16:02] क्यों आप पैरों को पानी लगा रहे हैं?
  Why are you applying water to your feet?

[16:04] क्यों कुरान में अल्लाह ताला कह रहा है कि शैतानी लोगों को जो है वो कोहनियों पे मारो, गर्दन के पीछे मारो और एंकल्स पे मारो।
  Why is Allah Almighty saying in the Quran that hit the satanic people on the elbows, hit behind the neck, and hit on the ankles?

[16:12] वो क्यों कह रहा है ये?
  Why is He saying this?

[16:14] यहां कोहनियों पर डंडा मारने से क्या होता है?
  What happens here by hitting a stick on the elbows?

[16:16] गर्दन के पीछे डंडा मारने से क्या होता है?
  What happens by hitting a stick behind the neck?

[16:18] यह सिमिलरिटी क्यों है?
  Why is this similarity?

[16:23] शैतान पकड़ता है इन जगहों से आप क्योंकि
  Satan grabs you from these places because

[16:27] यहां से ये हड्डियों की फ्रिक्शन की वजह से यहां से हीट जनरेट हो रही होती है।
  From here, due to the friction of the bones, heat is being generated from here.

[16:34] शैतान असल में एक पैरासाइट है।
  Satan is actually a parasite.

[16:36] इसलिए जब आप वजू करते हैं तो आपको सुकून मिलता है।
  That is why when you perform ablution, you get peace.

[16:41] उसको गर्मी चाहिए।
  It needs heat.

[16:43] सर्दी से भागता है।
  It runs away from cold.

[16:46] यह सारी की सारी मैंने आपको बताया आपके जिस्म के जो जरासीम है वह भी जिंदा है तो वो आपके जिस्म के अंदर है तो आपको उनकी आवाें नहीं आ रही
  All of this I have told you, the germs in your body are also alive, so they are inside your body, so you are not hearing their voices.

[16:56] जब आप सोचते हैं एक आदमी होता है जो सोच रहा होता है एक आदमी होता है जो सुन रहा होता है जो बातें कर रहा होता है अपने अंदर की सोचों से बातें कर आप लोग अपने सोचों के अंदर से बातें नहीं कर रहे होते
  When you think, there is a person who is thinking, there is a person who is listening, who is talking, talking with the thoughts inside himself, you people are not talking from within your thoughts.

[17:07] सारा दिन जो अलूफलूफ गाड़ियां चला रहे होते हैं और दिमाग के अंदर चटर चटर चटर चटर चल रहा होता है वो किससे बातें कर रहे होते हैं।
  All day long, those who are driving cars aimlessly and inside the mind there is a constant chatter, with whom are they talking?

[17:14] आप वो किसकी बातें सुन रहे होते हैं आप?
  Whose words are you listening to, you?

[17:19] वो एंटिटीज है।
  Those are entities.

[17:19] वो शयातीन है।
  Those are devils.

[17:21] अब तुम्हारा मिसाल के तौर पे मैं तुम्हें मिसाल दे देता हूं।
  Now, as an example for you, I will give you an example.

[17:22] इतने सारे लोग बैठे हैं।
  So many people are sitting.

[17:25] तुम्हारा जमीर बड़ा पावरफुल है।
  Your conscience is very powerful.

[17:25] मुझे यहां से नजर आ रहा है।
  I can see it from here.

[17:28] तुम्हारे अंदर एक एंटिटी है जिसको जमीर कहते हैं।
  There is an entity inside you called conscience.

[17:30] वो तुम्हें उल्टे सीधे काम नहीं करने देता।
  It does not let you do wrong things.

[17:34] तुम्हें डिसिप्लिन में रखता है।
  It keeps you disciplined.

[17:36] बड़ी स्ट्रांग आवाज है तुम्हारे अंदर उसकी।
  Its voice inside you is very strong.

[17:40] क्योंकि तुम नेक आदमी हो।
  Because you are a righteous man.

[17:44] तुम उसकी बहुत सारी बातें मानते हो।
  You follow many of its words.

[17:46] वो तुम्हारे अंदर ताकतवर है।
  It is powerful inside you.

[17:50] वो फौरन से डरा देता है वो तुम्हें दो नंबर काम से।
  It immediately scares you away from dishonest work.

[17:52] अगर कोई दो नंबर काम तुम्हारे करीब आ भी जाए वो तुम्हें उसे डरा देता है।
  If any dishonest work even comes near you, it scares you away from it.

[17:57] ये तो मुझे यहां से नजर आ रहा है।
  I can see this from here.

[18:00] तो ये सब नजर आता है।
  So all this is visible.

[18:04] क्या कहा?
  What did you say?

[18:06] सामने सामने अगर आपकी आंखें साफ है, अगर अल्लाह ताला ने आपको बसीरत दी हुई है, तो यह आपको सामने सामने नजर आ जाएगा कि इस आदमी में नेगेटिव ये नेगेटिव एनर्जी की बातें ज्यादा सुनता है।
  Face to face, if your eyes are clear, if Allah the Almighty has given you insight, then you will see directly that this man listens more to negative energy talk.

[18:16] शतीन की बातें ज्यादा सुनता है।
  He listens more to satanic talk.

[18:19] इसका ओरा शतीन से भरा हुआ है।
  His aura is filled with Satan.

[18:21] ये अपने जमीर की बातें ज्यादा सुनता है।
  He listens more to his conscience.

[18:24] इसका इसके ओरे में इसका जमीर पावरफुल है।
  In his aura, his conscience is powerful.

[18:28] ठीक है?
  Okay?

[18:28] इसकी एंजेलिक प्रेजेंस है।
  He has an angelic presence.

[18:28] इसका
  His

[18:30] ओरा कितना पावरफुल है।
  How powerful the aura is.

[18:31] यह फरिश्तों की बातें सुनता है।
  It listens to the words of angels.

[18:33] फरिश्ते भी आपको इंस्पायर करते हैं।
  Angels also inspire you.

[18:35] उन लोगों के चेहरों पर नूर आ जाता है।
  A divine light appears on the faces of those people.

[18:37] पाक साफ नजर आते हैं।
  They appear pure and clean.

[18:37] साफ सुथरे नजर आते हैं।
  They appear neat and tidy.

[18:39] बड़े पावरफुल नजर आते हैं।
  They appear very powerful.

[18:39] ओरा उनका बड़ा सुकून वाला होता है।
  Their aura is very peaceful.

[18:41] उनके पास आपको बहुत इत्मीनान आता है।
  You feel great tranquility near them.

[18:44] फिर एक मोहित होता है जो सिर्फ अल्लाह की सुनता है।
  Then there is one who is captivated, who listens only to Allah.

[18:46] किसी और की सुनता ही नहीं।
  He does not listen to anyone else at all.

[18:49] वो बहुत ही ज्यादा ताकतवर रूहानी आदमी होता है।
  He is an extremely powerful spiritual man.

[18:51] आप लोग सारे रूहानी है।
  All of you are spiritual.

[18:53] आपको पता नहीं लगता जब आप किसी ताकतवर रूहानी आदमी के पास जाते हैं।
  You do not realize when you go near a powerful spiritual man.

[18:59] तो यह यह सारी एंटिटीज हैं।
  So these are all the entities.

[19:03] आप अपने इलाहों से बातें कर रहे हैं।
  You are talking to your deities.

[19:06] सारा दिन उनका काम है इन सारी एनर्जी का जो ये कायनात में एनर्जी है और असल में जो इंसान की आजमाइश है वो ये एनर्जी है सारी की सारी।
  All day their work is with all these energies, which are the energy in the universe, and indeed the test of a human being is all this energy, every bit of it.

[19:20] इस सारे को कंडेंस करके सीक्रेट आपको बताया ला इलाहा इल्लल्लाह के भाई आपका इला है।
  Condensing all this, the secret was told to you: 'La ilaha illallah' — brother, that is your deity.

[19:25] कौन आप किससे बातें कर रहे हैं?
  Who are you talking to?

[19:27] आप किससे परमिशन ले रहे हैं अपने अंदर?
  From whom are you seeking permission within yourself?

[19:30] आप किसकी प्लानिंग सुन रहे हैं?
  Whose planning are you listening to?

[19:34] अब समझ आ रही है नबी क्या होता है?
  Now do you understand what a prophet is?

[19:39] उसके अंदर कुछ भी नहीं होता।
  There is nothing inside him.

[19:44] ये कोई ये वो कोई ये अब समझ आ रही है?
  This someone, this that, someone, now do you understand?

[19:46] वो इंसान इंसान नहीं होता।
  That human is not a human.

[19:49] अब सोचें उसकी उसकी इंटरनल डायमेंशन क्या होती है?
  Now let's think, what is his internal dimension?

[19:54] वो अंदर से कैसा होता है?
  What is he like from inside?

[19:58] कास्टेंटली एट द स्टेशन ऑफ अ मोहित।
  Constantly at the station of a Mohit.

[20:01] कास्टेंटली पूरी बॉडी की वाइब्रेशन एक आम आदमी का कोई मुकाबला ही नहीं है उसके साथ।
  Constantly, the vibration of the entire body, an ordinary man is no match for him.

[20:11] कोई दूरदूर तक कोई मुकाबला नहीं।
  No one is even remotely a match.

[20:16] यह अंबिया और रसूल का ये स्टेशन होता है।
  This is the station of the prophets and messengers.

[20:20] तो आपको पता लगता है बाहर इस आदमी के इस आदमी के शैतान ताकतवर है।
  So you come to know that externally, this man's, this man's devils are powerful.

[20:23] इस आदमी के फरिश्ते ज्यादा ताकतवर है।
  This man's angels are more powerful.

[20:26] इस आदमी के अंदर जमीर ज्यादा ताकतवर है।
  This man's conscience is more powerful inside.

[20:31] यह आदमी नफ्स परस्त है।
  This man is a follower of his ego.

[20:31] दुनिया परस्त है।
  He is a follower of the world.

[20:34] शहवत परस्त है। लालच परस्त है। जमीर परस्त

[20:38] है।

[20:41] यह आदमी अंदर से फंक्शन कैसे कर रहा है?

[20:44] जिन जो उसकी अंदर कंपनी है ना

[20:49] वैसे वो बाहर फंक्शन करेगा।

[20:52] जो उसके बाततिन में उसकी कंपनी है।

[20:57] बाततिन में वो बातें किसे कर रहा है?

[21:00] बातें करने से मुराद यहां पे क्या है?

[21:03] बाततिन में वह किन एनर्जी के साथ के साथ

[21:08] की तरफ एक्सक्यूज मी बाततिन की किन

[21:12] एनर्जीियों के साथ की तरफ वो मुतवज्जो है

[21:17] किस किस्म की अपने अंदर वो किस किस्म की

[21:20] बातें सुनना चाहता है बस वही उसकी अंदर से

[21:23] कंपनी होती है। वही उसकी अंदर से हालत

[21:25] होती है।

[21:27] जो अल्लाह की सुनना चाहता है अंदर वह अंदर

[21:31] से खामोश होगा और जो जितना शैतानों की

[21:35] बातें अपने मन में सुनना चाहेगा उतना ही

[21:37] उसके दिमाग में चैटर बॉक्स होगा।

[21:40] तो ये तुम ये जाके सारे लोगों से बातें कर

[21:42] लो जो कह रहे होते हैं हमारे उनके दिमागों

[21:44] में गाने चल रहे होते हैं। उनके दिमागों

[21:46] में फिल्मों के डायलॉग चल रहे होते हैं।

[21:48] उनके दिमागों में हसद चल रहा होता है।

[21:51] उसको नहीं छोडूंगा। उनके दिमागों में बदले

[21:53] चल रहे होते हैं। उनके दिमागों में शबत चल

[21:55] रही होती है। यार उस लड़की को देखा ये

[21:57] उसको देखा। उनके दिमागों में लालचे चल रही

[21:59] होती है। तो वो कोई उनके दिमागों में कोई

[22:01] कुरान की आयत तो नहीं चल रही होती।

[22:05] वो कोई किसी हदीस के मफूम पे तफक्कुर तो

[22:08] नहीं कर रहे होते। किसी कुरान की आयत पे

[22:09] तफक्कुर तो नहीं कर रहे होते।

[22:12] तो बस वो शैतान जो है जो शैतान है जो बाहर

[22:15] है वो टारगेट कर लेता है उस इंसान को एक्स

[22:17] व जेड को किसी भी इंसान को। ठीक है? उसके

[22:20] इमोशंस के ऊपर कैप्चर करने के लिए

[22:21] पैरासाइट की तरह उसको चिपक जाता है। बस उस

[22:24] इमोशन को एक्साइट करता रहता है। एक्साइट

[22:26] करता रहता है और उस बंदे से अपनी एनर्जी

[22:27] उसको मिसाल के तौर पे मैं आपको एक मिसाल

[22:30] देता हूं। आपको किसी ने थप्पड़ मार दिया।

[22:32] आपको गुस्सा चढ़ गया। गुस्से का शैतान है

[22:34] ना। अब आपको गुस्सा तो चढ़ गया। एक इवेंट

[22:36] हो गया बाहर। आपको गुस्सा यानी कि आपको

[22:37] शैतान चढ़ गया गुस्से का। अब वो आपको

[22:39] इंगेज किया जा रहा है। मैं उसको छोडूंगा

[22:41] नहीं। मैं दुनिया में आप कावर्ड हैं। आप

[22:43] उसका कुछ भी नहीं कर सके। चले गए दूसरे

[22:45] अपने कमरे में अपने घर में चले। और बस वो

[22:48] दिमाग में इंगेज है। उसको इंगेज रख रहा

[22:50] है।

[22:52] बंदे ने करना कुछ नहीं है क्योंकि ही इज अ

[22:54] कावर्ड।

[22:57] लेकिन बस उसको दिमाग में इंगेज रखना है।

[22:59] मैं ऐसे कर देता मैं ऐसे कर दूंगा। मैं

[23:01] अगली दफा मिलूंगा ये कर दूंगा। मैं अगली

[23:02] दफा मिलूंगा वो कर दूंगा वगैरह वगैरह

[23:04] वगैरह। बस उस शैतान का उस गुस्से के शैतान

[23:07] का काम यह है कि आपको जितनी देर तक वो

[23:10] गुस्से में रखे ताकि आपके खून में से

[23:13] हरारत जो ताकत जो नार उसको चाहिए आप नार

[23:16] जनरेट करते रहे और वो नार वो खाता रहे।

[23:18] उससे वो शैतान आपके जिस्म में ताकतवर हो

[23:20] जाता है।

[23:23] इसी तरह शवत का शैतान होता है। वो आपको एक

[23:27] आपने एक लड़की को देखा। आप अंदर से

[23:29] एक्साइटेड हो गए। बस उसने आपको हाइट एंड

[23:31] एक्साइटेड उस मोड में रखा और बार-बार

[23:33] बार-बार बार-बार वो आपको

[23:36] वो लड़की याद कराता रहेगा। लड़की याद

[23:38] कराता रहेगा। लड़की याद कराता रहेगा।

[23:39] लड़कियों के साथ भी ऐसा होता है। उनको

[23:41] लड़के याद कराता रहेगा और बस वो दिमाग में

[23:43] उस शैतान के साथ इंगेज रहेंगे। उससे वो

[23:45] शैतान ताकतवर होता है। अब ये आपका इला है।

[23:53] वो आपको कहानी दिमाग में सुनाता जा रहा है

[23:55] और आप सुनना चाहते हैं।

[24:00] अगर हम इसको स्टेप बाय स्टेप देखें तो

[24:03] पहली चीज आपने कहा है आइडेंटिफाई तो करें

[24:05] कि आपका इलाहा कौन है तो अपनी बातों से तो

[24:07] आपने एक चीज तो वैरी क्लियरली कर दिया है

[24:09] कि आप किसकी आवाज सुनना चाहते हैं

[24:13] ये जो चाहते हैं का मतलब आपने थोड़ा सा

[24:16] बताया कि इंडल्ज किसको बात मतलब गुस्सा

[24:18] चढ़ा है तो गुस्से के शैतान को आप इंडल्ज

[24:20] कर रहे हैं उसके साथ बातें कर रहे हैं अब

[24:24] ये

[24:25] स्टेप वन है इसको हम नेम्स दे ताकि हम

[24:28] इसको पहचान सके अगली बार आए तो हम

[24:31] आउजब्लाह पढ़े या उसके हिसाब से एक्ट करें।

[24:34] नहीं आप ये जंग कभी नहीं जीत सकते। कभी भी

[24:38] ये जंग नहीं जीत सकते। इट्स इंपॉसिबल।

[24:41] आप शैतान से जंग नहीं जीत सकते। कोई इंसान

[24:45] शैतान से जंग नहीं जीत सकता। कोई इंसान

[24:49] इंसान लफ्ज इंसान शैतान से जंग नहीं जीत

[24:54] सकता। फुल स्टॉप।

[24:59] यह जंग सिर्फ

[25:03] ईमान से जीती जा सकती है।

[25:07] फुल स्टॉप

[25:10] इसके लिए मुसलमान होना पड़ेगा। तभी गारंटी

[25:13] कोई नहीं है क्योंकि ये एक ये इनफिनिट सफर

[25:16] है।

[25:18] ये इनफिनिट सफर है। ये बहुत बड़ा सफर है।

[25:22] टू कॉनकर योरसेल्फ।

[25:25] यह बहुत बड़ा सफर है।

[25:29] मैं यही पूछ रहा हूं कि यह आवाज़ अब

[25:31] ऑब्वियसली अंदर यह इतनी ज्यादा एंटिटीज

[25:34] हैं। ये सिर्फ हमसे बातें भी नहीं कर रही।

[25:36] ये आपस में भी बातें कर रही है।

[25:37] देखो एक चीज एक चीज को समझो। ये कायनात

[25:40] में बिल्ट इन है। आप अंदर से ऐसे पता

[25:42] क्यों है?

[25:43] क्योंकि आपके अंदर इला बहुत सारे हैं।

[25:46] ये कोई किसी पे कोई जुल्म नहीं हो रहा। हम

[25:49] यह चॉइस है।

[25:52] मैंने इसीलिए बताया आप सुनना चाहते हैं के

[25:55] गुस्सा के बदला लेने के तरीके बताओ मुझे।

[25:58] ओए मेरे अंदर के गुस्से के शैतान मुझे

[26:02] बदले लेने के तरीके बताओ। मैं सुनना चाहता

[26:05] हूं सारे तरीके।

[26:08] बाहर मैं कावर्ड हूं। अंदर मैं अपने

[26:10] गुस्से को क्या कह रहा हूं?

[26:13] कि बदला कैसे लेना?

[26:14] बदला कैसे? हां। अब समझ आ रही है? गेम समझ

[26:18] आ रही है आपको? गेम क्या है? और यह गेम आप

[26:20] खेल रहे हैं। यह आपके साथ खेली नहीं जा

[26:23] रही। यह आप खेल रहे हैं।

[26:27] यही वजह है कि जब आप अल्लाह के पास कयामत

[26:30] में जाएंगे तो आप अल्लाह को कुछ भी नहीं

[26:32] कह सकते।

[26:34] के मेरे पे तो शायद वो कहेगा ओ भाई अल्लाह

[26:38] ताला आपसे मफूम में मैं आपको समझा रहा

[26:40] हूं। वो आपको कहेंगे यह कीमत थी क्रिएशन

[26:43] की। तुम्हें पता नहीं था तुम क्या कर रहे

[26:46] हो

[26:48] तो वहां आपको यह सारा पता होगा

[26:52] तो आप अल्लाह को नहीं कह सकेंगे कि ये

[26:54] मेरे साथ क्या हुआ नीचे ये तो कीमत है

[26:56] क्रिएशन की आज तुम्हें क्रिए आज तुम्हें

[26:58] कायनात खुली नजर नहीं आ रही

[27:01] तो मैंने तुम्हें कहा नहीं था कि ईमान लाओ

[27:04] ताकि यह कायनात तुम्हारे सामने खुली रहे

[27:07] ताकि तुम सीधासीधा रोशनियों तक का अपना

[27:09] सफर पूरा करो तुम्हें बताया नहीं था

[27:12] तुम्हारे पास कोई नबी नहीं भेजा था।

[27:16] उसने तुम्हें बताया नहीं था। तो यहां जो

[27:20] आप सारे बेवकूफ हो गए हैं वहां ये बेवकूफी

[27:25] आपसे हट जाएगी। जो ही आप मरेंगे ना ये

[27:27] सारी बेवकूफियां आपसे हट जाएगी।

[27:30] आपकी नजर तेज हो जाएगी। आपके कान तेज हो

[27:33] जाएंगे। आपका दिल, आपका दिमाग अपनी

[27:35] ओरिजिनल हालत पे वापस आ जाएगा। ये सारी

[27:38] क्रिएशन की कॉस्ट आपको समझ आ जाएगी। तो जो

[27:40] मिट्टी में आपने छोड़ा है जो बीज आपने

[27:44] छोड़ा है अपने पुराने जिस्म का अब वो बीज

[27:47] है

[27:49] कब्बर बीज है बीज

[27:52] आपने जो इस थर्ड डायमेंशन में जिस

[27:54] डायमेंशन में हम बैठे हैं आपने जो कमाया

[27:56] है ना यानी कि ये जो जिस्म कमाया है यह

[27:59] बीज के तौर पर जमीन में डाल दिया

[28:04] अब इसका कुछ नहीं हो सकता अब यह बीज कयामत

[28:07] के दिन दरख्त बन गए

[28:10] इसी बीज में से जो तुम मुर्दा जमीन में

[28:13] गाड़ देते हो उसी बीज में से अल्लाह ताला

[28:16] कयामत के दिन तुम्हारा अगला जिस्म दरख्त

[28:18] बना के निकालेगा।

[28:22] अब जो तुमने जिनकी बातें तुम सुन रहे थे

[28:25] ना वो उस बीज का हिस्सा है।

[28:29] ये बहुत गहरी बातें हैं। आप लोगों ने यह

[28:32] कभी नहीं सुनी।

[28:35] ठीक है? मैं थोड़ा-थोड़ा जो इल्म अल्लाह

[28:37] ने मुझे दिया मैं थोड़ा-थोड़ा खोलता हूं।

[28:39] वरना आप डर जाए। आप अपने अपने जिस्म से डर

[28:41] जाएंगे। अपने आप से डर जाएंगे।

[28:45] आप आप क्रिएशन इस वजूद की जिसमें आप मेरे

[28:50] से ये बातें कर रहे हैं। आपको इसकी कॉस्ट

[28:52] का अंदाजा ही इसकी कीमत का नहीं अंदाजा।

[28:55] यह ट्रिलियंस ऑफ डॉलर का जिस्म है।

[28:59] यह तुम्हें

[29:01] कंप्लीट तारकोल जैसे अंधेरे में से अल्लाह

[29:04] ताला निकाल के तुम्हें इस डायमेंशन में

[29:06] लेके आया और यहां से तुम्हें प्रॉमिस कर

[29:07] रहा है। उधर से लेके आया है। समझ आ रही है

[29:10] मेरी बात?

[29:13] उधर से लेके आया है। जहां ना तुम्हारी

[29:15] आंखें थी, ना कान थी, ना जबान थी, ठीक है?

[29:18] ना हाथ थे, ना पैर थे। ऐसी डायमेंशन और

[29:21] टोटल अंधेरा था। कोई रोशनी नहीं है कहीं

[29:23] भी। उस डायमेंशन से तुम्हें निकाल के पैदा

[29:26] किया। यहां लेके आया और यहां से आगे

[29:29] तुम्हें प्रॉमिस कर रहा है कि मैं तुम्हें

[29:30] जन्नत तक ले जाऊंगा। अगर तुम मेरे साथ चलो

[29:34] तो

[29:36] वरना वो आपको वहीं छोड़ देता।

[29:40] अब इस सफर की एक कीमत है जो तुमने देनी है

[29:43] क्योंकि तुमने तैयार करना है अपने आप को

[29:45] जन्नत के लिए।

[29:48] तुमने तो कभी जन्नत देखी नहीं है। तुम तो

[29:50] वहां से आए हो।

[29:55] तो अलस्त रब हुकुम का क्या मतलब है? उसने

[29:58] पूछा पहले वहां पे कि मुझे रब मानते हो?

[30:01] अगर रब मुझे मानते हो तो चलो मैं तुम्हें

[30:02] पैदा करता हूं दुनिया में।

[30:05] आप वादा करके आए हैं कि मैं तुम्हारी तरफ

[30:08] चलूंगा। मैं यह कॉस्ट सारी दूंगा। मैं

[30:11] अपनी सफाई करूंगा। अपने आप को पाक करूंगा,

[30:13] साफ करूंगा ताकि मुझे जन्नत का वीजा मिल

[30:15] जाए। आप वहां वादा करके आए। ना आते बैठे

[30:18] रहते वहां पे। में ना आंखें होती, ना कान

[30:20] होता, ना कुछ होता, ना कुछ होता, ना कोई

[30:22] जुबान होती।

[30:26] इसीलिए तो कहता है याद करो मेरा वो वादा।

[30:29] अब ये कायनात का जंगल है। इल्म का जंगल

[30:32] है।

[30:37] तो अब क्या करोगे? [हंसी]

[30:39] तब तुम यहां आए हो। आखिरी जमाना चल रहा है

[30:42] यहां पे। पैसे का दौर लगा हुआ है। पैसे

[30:44] पैसा पैसा लालच लालच एज ऑफ़ लालच में। एज

[30:47] ऑफ़ ग्रीड में से आप गुजर रहे हैं तो बस अब

[30:49] इंसान ये रह गया। बस अब

[30:53] ये जो आप मेरे सामने बैठे हैं बस अब इंसान

[30:55] ये रह गया।

[30:58] ये जो इंसान की शक्ल है अगर कोई नबी आज

[31:00] जमीन पे आ जाए नया नबी आ जाए। पुराना नहीं

[31:03] कोई नया नबी आ जाए तो वो हैरान हो जाएगा

[31:05] आपको देख के। ये इंसान को क्या हो गया?

[31:10] आपके मक्का में जाके वो हैरान हो जाएगा कि

[31:12] ये इंसान को क्या हो गया।

[31:15] वो मक्का में कहेगा कि यह तुम क्या कर रहे

[31:17] हो? यह इधर मस्जिद खड़ी खत्म हो रही है और

[31:20] यहां पर बाजार बना हुआ है और यह मस्जिद को

[31:22] दुल्हन की तरह सजाया हुआ है। ये क्या कर

[31:23] रहे हो तुम?

[31:28] ये कर क्या रहे हो तुम?

[31:34] ये तुमने मस्जिद ये काबा को सारा जो नीचे

[31:37] ये जो संगम बरमर लगाया हुआ और उसके नीचे

[31:39] तुमने एसी लगाई है। क्या कर रहे हो तुम?

[31:41] दोनों का दिमाग ठीक है।

[31:47] वो यह कहेगा तुम्हें यह कहेंगे तुम्हें

[31:53] ये तो खेल कूद है। अब तो दुनिया खेल कूद

[31:55] है मेरे भाई जो अल्लाह ताला ने कहा था कि

[31:58] दुनिया तो मैज एक धोखे और फरेब का खेल है।

[32:02] वो पूरी दुनिया को यही कहेगा। आपकी

[32:04] सीक्रेट तरीन जगह के बारे में यही कहेगा।

[32:07] वो काबा की बिल्डिंग जो काबा का जो्व है

[32:10] जो बिल्डिंग है जो काली बिल्डिंग है उसको

[32:12] छोड़ के बाकी सारा कहेगा तोड़ो

[32:15] इसको वापस ओरिजिनल नेचुरल स्टेट पे ले जाओ

[32:22] वो कहेगा इसको खाली करो बहुत ज्यादा

[32:25] तुम्हें शौक है दरख्त लगाओ यहां पे नेचुरल

[32:27] वो नेचर की तरफ आपको वापस लेके जाएगा

[32:34] समझ आ रही है आप लोग तो पता नहीं कौन उनसे

[32:37] आप लोगों का अब लेना देना क्या रह गया?

[32:42] अल्लाह के साथ, कुदरत के साथ

[32:49] अगर आपकी इसी बात को हम करें तो अगर काबा

[32:51] की एनालॉजी अपने दिल के साथ करें तो फिर

[32:54] हमारी बॉडी भी इसके इर्दर्द

[32:56] आपकी बॉडी एक एक धोखे और फरेब का खेल है।

[32:59] नहीं मैंने अभी जो अभी जो मैंने बताया आप

[33:02] आप आपको कभी आपको अपने जिस्म की समझ नहीं

[33:04] आई।

[33:06] आपके लिए आपका जिस्म भी एक धोखे और फरेब

[33:09] का खेल है। जिस तरह बाहर जो आपको पता है

[33:12] रूहानियत का उसूल है जो अंदर है वही बाहर

[33:13] है।

[33:15] अंदर अगर मेरे मन में अगर खुदा की पहचान

[33:17] है तो मुझे बाहर भी खुदा की पहचान है।

[33:19] मेरे मन में अगर इलाह की पहचान है तो बाहर

[33:21] भी इलाह की पहचान है। मेरे अंदर अगर लालच

[33:24] है तो बाहर भी लालच है। आपने देखा नहीं है

[33:25] जिस आदमी के दिल में लालच होती है वो हर

[33:27] वक्त लोगों से पूछता रहता है। तुम्हारे

[33:29] पास क्या है? तुम्हारे पास क्या है?

[33:30] तुम्हारे पास क्या है? तुम्हारे पास क्या

[33:31] है?

[33:33] तो यह तो कायनात की हकीकत है। जैसे अंदर

[33:36] है वैसे बाहर है।

[33:45] तो ये वापस आवाजों पे से बात शुरू हुई थी।

[33:48] तो ये जो आवाें हैं सारी

[33:51] इनको हमने आप कह रहे हैं कि हम खामोश भी

[33:53] नहीं कर सकते।

[33:54] आपने इनको इजाजत दी है कि मेरे से बातें

[33:56] करो। इसलिए आपसे बातें कर रहे हैं।

[33:58] ओके।

[34:04] आपने इन सारी एंटिटीज को इजाजत दी है

[34:07] इसलिए ये आपसे बातें कर रहे हैं।

[34:11] आपने कहा कि ये जंग इंसान नहीं जीत सकता।

[34:13] नहीं जीत सकता।

[34:14] ठीक है। इसके लिए ईमान चाहिए।

[34:16] क्यों नहीं जीत सकता?

[34:18] क्योंकि ये इंसान की कंस्ट्रक्शन है मेरे

[34:21] भाई।

[34:26] यह इंसान की बॉडी अल्लाह ने ऐसी बनाई है।

[34:28] यह इंसान की कंस्ट्रक्शन है। तो अपने आप

[34:32] क्या छुरी मारेगा? अपने आप को करेगा क्या?

[34:34] अपने आप से कैसे जंग जीतेगा?

[34:37] तो फिर ईमान में ऐसा क्या है? ईमान क्या

[34:39] एनर्जी है? व्हाट इज दैट?

[34:42] फ्रॉम दिस पर्सेक्टिव।

[34:46] ये एनर्जी चलती है। ये जो शयातीन है सारे

[34:49] ये चलते हैं। मजे की बात है। बताता हूं।

[34:51] अगली बात ये चल ये सारी एनर्जी ये जो

[34:54] शैतानी एनर्ियां है ये चलती है कैलोरीज पे

[34:59] ये जिंदा होती है कैलोरीज पे

[35:02] इनको कैलोरीज चाहिए

[35:08] ईमान वाले बंदे को नूर चाहिए इसीलिए हुजूर

[35:11] सल्लल्लाहु अल वसल्लम ने फरमाया देखो ना

[35:14] तुम्हें तुमने समझा नहीं ना सिस्टम को

[35:16] उन्होंने फरमाया

[35:18] के मोमिन एक थड़ी में खाना खाना खाता है

[35:21] यानी कि इतना सा और काफिर सात अंतड़ियों

[35:24] में खाना खाता है।

[35:27] अब इसका क्या मतलब है?

[35:29] जो फालतू छेप अंतड़ियों का खाना काफिर खाता

[35:33] है वो किधर जाता है?

[35:36] वो खाना किधर जाता है?

[35:40] वो कैलोरीज किधर जाती हैं?

[35:43] इतनी सी बात है। एक मोमिन के लिए तुमसे

[35:48] तुमसे डबल मेहनत काश होना। मजदूर हो बाहर

[35:52] एक वक्त का खाना काफी है।

[35:55] एक मोमिन एक वक्त का खाना खा के ठीक है।

[35:59] अल्लाह ताला ने जो कुरान शरीफ में फरमाया

[36:01] शुरू में अल्लाह ताला इंसान को बहुत

[36:03] ज्यादा नूर की तरफ लेके जा रहे थे। बहुत

[36:05] वजन वजन वाली बात अल्लाह ताला ने पहले

[36:09] मुसलमानों से की वो ये कि तुम 100 पे भारी

[36:12] हो। यह बहुत ही ज्यादा नूर जनरेट करना था।

[36:18] बहुत ज्यादा।

[36:20] यह कुरान में है। बाकायदा मैं आपको कुरान

[36:22] से बता रहा हूं। मफूम में समझा रहा हूं।

[36:24] फिर अल्लाह ने कहा कि हम तुम्हारा वजन

[36:25] हल्का कर देते हैं। अब तुम 10 पर भारी हो।

[36:29] तो अगर वो 100 की कमांड रहती तो आप लोगों

[36:32] के पसीने निकल जाते। मेरे भी पसीने निकल

[36:35] जाते। इतना नूर जनरेट करने के लिए के एक

[36:39] मोमिन इंसान 100 काफिरों पे इंटेलिजेंस

[36:43] में, स्ट्रेंथ में, समझदारी में,

[36:45] बुर्दबारी में, सब्र में भारी हो। यह बहुत

[36:49] बड़ी बहुत बड़ी अल्लाह ताला ने पहले

[36:53] डिमांड भेजी थी

[36:55] कि इनको ऐसे ट्रेन करो कि यह 100 पे भारी

[36:59] हो।

[37:01] फिर कहा कि हम इस वजन को कम कर देते हैं।

[37:03] अब तुम 10 पे भारी हो। अगर तुम

[37:07] सही तरीके से दीन पे चलोगे तो तुम 10 पे

[37:10] भारी हो जाओगे। तो आप मुझे बताएं मिसाल के

[37:13] तौर पे कि मोमिन क्यों कम खाना खाता है?

[37:16] और काफिर क्यों सात अंतड़ियों में खाता है?

[37:20] तो वो जो छह अंतड़ियों की फालतू छह

[37:22] अंतड़ियों की कैलोरीज हैं वो किधर गई?

[37:27] जब एक मोमिन में ताकत ज्यादा होगी,

[37:30] इंटेलिजेंस ज्यादा होगी। शार्पेस्ट खून

[37:33] में जो पावर होती है वो आपके दिमाग को

[37:35] चाहिए होती है। इंटेलिजेंस के लिए

[37:37] शार्पेस्ट।

[37:40] यानी क्या समझते हैं? खाने में जो दूध है

[37:41] ना वो आपके दिमाग को चाहिए। खाने में जो

[37:44] मीट है वह आपके दिमाग को चाहिए।

[37:46] इंटेलिजेंस सबसे ज्यादा

[37:49] खाना जनरेट करती है।

[37:52] ठीक है? तो आप मुझे बताएं

[37:56] तो काफिर क्यों आपसे वो सात अंतड़ियों में

[38:00] खा रहा है। वो जो फालतू खाना वो खा रहा है

[38:01] वो किधर जा रहा है?

[38:04] वो किधर जा रहा है? एंटिटीज को जा रहा है।

[38:09] तो मोमिन को कैलोरीज ही कम चाहिए होती हैं

[38:11] या उसका एनर्जी का स्ट्रक्चर ही डिफरेंट

[38:13] होता है?

[38:13] बन क्या? बन जाता है ना मोमिन तक तो काफी

[38:16] टाइम लगता है पहुंचतेपहुंचते। एक मुसलमान

[38:18] को मोमिन बनते बनते बहुत टाइम लगता है

[38:21] क्योंकि उसने अपनी इनर कॉस्मोस इनर

[38:24] कॉस्मोस का मतलब है उसके जो अंदर की जो

[38:28] डायमेंशंस हैं उसने उसने अपनी अंदर की

[38:30] डायमेंशंस को वो आहिस्ताआहिस्ता आहिस्ता

[38:32] आहिस्ता पाक करता है जैसे-जैसे वो उसको

[38:36] पाक करता जाता है वो एंटिटीज उसका जिस्म

[38:38] छोड़ती जाती है। छोड़ती जाती है। छोड़ती

[38:39] जाती है। वो उससे मायूस होती जाती है।

[38:42] शैतान तुमसे मायूस हो जाएगा।

[38:45] वो उससे मायूस होती जाती है। उसका जिस्म

[38:47] छोड़ती जाती है। छोड़ती जाती है। छोड़ती

[38:48] जाती है। जैसेजैसे वह उसका जिस्म छोड़ती

[38:50] जाती है। उसका जो जिस्म है वह हल्का होता

[38:53] जाता है। हल्का होता जाता है। हल्का होता

[38:55] जाता है। हल्का होता जाता है। फिर इसकी एक

[38:56] पीक है। वो भी यहां इधर वो पीक के

[38:59] सीक्रेट्स बताने की जरूरत नहीं है। फिर

[39:01] इसकी एक पीक है कि वो कितना हल्का हो जाता

[39:03] है। बस फिर उसने जब जितना वो हल्का हो गया

[39:07] होता है उसने उसको मेंटेन करना होता है।

[39:08] यहां तक कि उसका बीज यानी कि जो उसका

[39:10] जिस्म है वह जमीन में उसी हालत में छोड़

[39:12] दे। छोड़ के चला जाए। तो जब मुसलमान हम

[39:15] रमजान में जब रोजे रखते हैं तो हम सबको

[39:17] गुस्सा क्यों चढ़ा होता है? दैट द ऑिजो

[39:19] क्योंकि आप अंदर से शैतान है ना अंदर से

[39:20] भरे हुए हैं ना शैतान से। आपके अंदर शैतान

[39:23] इतना ताकतवर है उसको कैलोरीज चाहिए। इसलिए

[39:26] आपको गुस्सा चढ़ा हुआ होता है। वो कैलोरीज

[39:28] मांग रहा होता है।

[39:31] तो जो पाक जो अच्छी एंटिटीज है हमारे

[39:34] अंदर। एक तो हो गया शैतान की तरफ जो उनको

[39:37] कैलोरीज और फायर चाहिए।

[39:39] तो दूसरों को जो जिक्र

[39:41] नूर चाहिए।

[39:42] नूर चाहिए।

[39:44] तो उनको हमारा मकसद है उनको भी पावरफुल

[39:46] करते जाए। जिस तरह जमीर एक एंटिटी है और

[39:48] आपने मोहित के लिए सफर करना है उस तरह।

[39:50] अब देखो चलो मैं तुम्हें ये जो तुमने सवाल

[39:53] किया बड़ा अच्छा सवाल है। लेकिन अब देखो

[39:55] असल में बात ये है कि आपको जब

[39:58] कायनात का स्ट्रक्चर समझ आएगा ना तो आपको

[40:01] अपना रोल समझ आएगा। ठीक है? इसीलिए

[40:03] बीच-बीच में मुझे ऐसी बातें करनी पड़ती

[40:05] हैं क्योंकि हम आप ऐसे ही स्पेरेटिक

[40:08] स्ट्रक्चर बोलते हैं तो फिर मुझे स्पेडिक

[40:10] बात करनी पड़ती है। लेकिन ये सारा

[40:12] कनेक्टेड है ना आपस में। आप मेरे से

[40:14] खिचड़ी पूछ रहे हैं। ठीक है ना? तो फिर

[40:16] मुझे चावल समझाना पड़ता है। फिर मुझे दाल

[40:18] समझानी पड़ती है। फिर मुझे नमक समझाना

[40:20] पड़ता है। फिर मुझे पानी समझाना पड़ता है।

[40:21] फिर मुझे मिर्च समझानी पड़ती है। फिर मुझे

[40:23] चूल्हा समझाना पड़ता है। तो वो

[40:25] थोड़ा-थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा-थोड़ा जोड़

[40:27] के मुझे बताना पड़ता है। वरना ये चावल की

[40:29] समझ एक पूरी समझ है। खिचड़ी ये नमक की समझ

[40:33] एक पूरी समझ है। तो वो 1 घंटे में मैं

[40:35] इसको कितना कंडेंस करूं? मेरी मजबूरी है।

[40:38] मगर सवाल ऐसे हैं। सवालों में रब नहीं है

[40:41] ना? अगर सवालों में रब हो तो एक पूरा

[40:43] स्ट्रक्चर आपको क्लीन स्ट्रक्चर समझ आ

[40:45] जाएगा कि एक आपका इल्म है जो आपके जिस्म

[40:48] का इल्म है और एक आपका इल्म है जो कायनात

[40:52] का इल्म है।

[40:54] समझ गए ना? तो ये दोनों जुड़े हुए हैं आपस

[40:56] में। मिसाल के तौर पे आपने हर किताब में

[40:59] पढ़ा होगा पहली वही क्या थी? अब देखें

[41:02] पहली वही समझेंगे ना आपको पूरी कायनात फट

[41:05] के सामने आ जाएगी।

[41:07] ठीक है? पहली वही क्या थी? इरा रब्ब लज़

[41:10] खलक अपनी तखलीक पे गौर करो पढ़ो अपनी तखलीक

[41:14] को इकरा पढ़ो

[41:17] अपनी तखलीक को इरा इस्म रब लज़ खलक अपनी

[41:21] तखलीक को पढ़ो अपनी तखलीक को पढ़ो पहाड़ की

[41:25] तखलीक की बात नहीं कर रहा अल्लाह ताला

[41:27] वहां पे जिब्रील अल सलाम की तखलीक की बात

[41:29] नहीं कर रहा वहां पे अल्लाह

[41:32] अल्लाह ताला वहां पे अपनी तखलीक को पढ़ो

[41:36] इरा इस्म रब्बज़ खलक

[41:39] खलक इंसान अलक अपने आप को अलग से

[41:44] इतना इल्म हासिल करो अपनी जात का अलग से

[41:47] अपनी जात का अपने आप को पढ़ो इरा रब्ब मैं

[41:51] आपको बोलूं अगर इरा रब्ब खलक मैं किसकी

[41:54] बात कर रहा हूं

[41:57] मैं आपको कह रहा हूं ना इकरा पढ़ो तो मैं

[42:00] किसकी आगे मैं किसकी बात कर रहा हूं आगे

[42:03] मैं कह रहा हूं शायरी करो ख्याल में जाओ

[42:09] अब अब समझ आ रहा है आपको यह मकाल आपको समझ

[42:12] आ रहा है कि पहला मुकालमा अल्लाह ताला ने

[42:15] पहली वही अल्लाह ताला ने क्या भेजी है

[42:20] ये उनसे कलाम उनसे बात की जा रही है कि

[42:23] अपने आपको और उनके वसीले से हज़ूर सल्ला

[42:26] वसल्लम के वसीले से आपको बताया जा रहा है

[42:29] कि अपने आप को पढ़े

[42:32] तो आपको आधा इल्म समझ आ जाएगा

[42:37] फिर उसके बाद अगला क्या है? एक तो इरा यह

[42:40] है। यह पहला इरा सबसे पहले क्या पढ़ें?

[42:42] अपने आप को पढ़ें। ये जो अभी हमने बातें

[42:46] की है कि अपने आप को पढ़ें।

[42:49] फिर उसके बाद दूसरा इरा क्या है? इरा

[42:52] रबराम लज़ अलमा बिल कलम। कलम से उसने पूरी

[42:56] कायनात बनाई।

[43:03] अलम इंसान

[43:08] को वो इल्म सिखाया जो वो नहीं जानता

[43:11] इंसान को वो इल्म सिखाया जो वो नहीं जानता

[43:11] था। नहीं जानता यहां बड़ा जरूरी है। देखो

[43:14] अपने आप को जानने के लिए सिर्फ आंखें बंद

[43:16] करें।

[43:18] लेकिन पहाड़ क्या है? आंखें बंद करके आपको

[43:20] नहीं पता लगेगा।

[43:22] अलम इंसान मालम याम

[43:26] वो सिखाया जो वह नहीं जानता था। आप आंखें

[43:30] बंद करके अपने अपने आप को पढ़ के आप यह

[43:33] नहीं आपने अपने आप को पढ़ लिया ना। आपको

[43:36] सूरज के बारे में कुछ नहीं पता।

[43:39] आपको चांद के बारे में कुछ नहीं पता। आपको

[43:41] सितारे के बारे में कुछ नहीं पता। आपको

[43:43] पानी के बारे में कुछ नहीं पता। आपको नमक

[43:45] के बारे में कुछ नहीं पता। आपको औरत के

[43:47] बारे में अगर आप औरत हैं और आपने अपने आप

[43:49] को पढ़ लिया है तो आपको मर्द के बारे में

[43:51] कुछ नहीं पता। यह कौन बताएगा?

[43:57] यानी कि यह वह इल्म है जो आप नहीं जानते।

[44:01] एक वह इल्म है जो आप आंखें बंद करके पढ़

[44:03] सकते हैं अपने बारे में। एक वो इल्म है कि

[44:05] जो जब तक कोई आपको बताएगा नहीं आपको पता

[44:08] नहीं लगेगा।

[44:10] अब समझ आ रही है ये दो इरा क्या है?

[44:14] एक है अपनी जात का इल्म। और एक है कायनात

[44:18] का इल्म।

[44:22] अपनी जात का इल्म। आप आंखें बंद करके अपने

[44:24] आप को पढ़ सकते हैं। कायनात का इल्म आप

[44:28] आंखें बंद करके नहीं पढ़ सकते क्योंकि वो

[44:30] आपके अंदर नहीं है। वो अब आपको कोई

[44:32] पढ़ाएगा, आपका कोई मुल्लिम बनेगा। आपका

[44:35] कोई मुर्शद बनेगा, आपका कोई उस्ताद बनेगा।

[44:38] आपके अंदर केमिस्ट्री का इल्म नहीं है। एक

[44:41] टीचर चाहिए सामने, एक मुर्शद चाहिए सामने।

[44:43] टीचर मुर्शद होता है। एक टीचर चाहिए सामने

[44:47] जो आपको पढ़ाए। आपको केमिस्ट्री का इल्म

[44:49] पढ़ाए।

[44:51] एक बायोलॉजिस्ट टीचर चाहिए सामने जो आपको

[44:53] बायोलॉजी का इल्म पढ़ाए। एक फिजिक्स का

[44:56] टीचर चाहिए सामने जो आपको फिजिक्स का इल्म

[44:57] पढ़ाए।

[45:00] अलमल इंसान मालम याम। ये सेकंड स्टेज है।

[45:05] पहली स्टेज क्या है? अपने आप को पढ़ो और

[45:08] अलग से पढ़ो। अलग से। दो गंदे पानी जब जुड़े

[45:12] तो क्या हुआ? अगर अपने आप को पढ़ सकते

[45:15] हैं।

[45:16] यह दो इल्म इरा और इकरा यह यही इरा इरा ये

[45:22] पूरा कुरान है। पढ़ लिया

[45:29] जो अल्लाह ने दो हुक्म दिए कि पढ़ो और

[45:31] पढ़ो। यह कुरान जो है मैंने पढ़ लिया।

[45:37] इस वजह से कुरान में

[45:41] पूरी कायनात का इल्म है। क्योंकि अल्लाह

[45:45] ने जो मुझे हुक्म दिया कि पढ़ो और पढ़ो।

[45:49] अपने आप को पढ़ो और कायनात को पढ़ो। यह वो

[45:52] इल्म फैला के अल्लाह ताला ने इकरा को

[45:55] कुरान बना दिया।

[45:57] के मैंने पढ़ा दिया।

[46:02] अल्लाह क्या कह रहा है?

[46:03] पढ़ा दिया।

[46:04] मैंने पढ़ा दिया।

[46:12] साधी साधी सी बात है।

[46:16] अब आपको गहराई समझ आ रही है तो जब आप गए

[46:19] ही नहीं है सब्जेक्ट में ही नहीं गए।

[46:24] आपने समझा बस ये नमाज़ है, वज़ू है, यह रोज़

[46:27] हैं और यह जकात है और यह हज है। आप गए ही

[46:30] नहीं सब्जेक्ट के अंदर।

[46:37] तो फिर यही होना था ना और क्या होना था कि

[46:39] आपको यही नहीं पता कि इला है किधर है?

[46:42] आपने कहा यार ये जो नीले पीले पेंट हुए

[46:44] हुए जो बूत है ना बस ये इला है। बस ये

[46:46] नहीं होने चाहिए घर में। बाकी सब फिट है।

[46:52] तो फिर आपके साथ यही होना था ना। और क्या

[46:54] होना था?

[46:59] फिर और क्या होना था?

[47:06] अस्तकफरुल्लाह अस्तकफुल्लाह अस्तकफिल्लाह

[47:10] देखो ना इतने बड़े इल्म को आपने क्या बना

[47:14] दिया

[47:18] एक बुत मिला के इस इसके मुखालिफ को एक

[47:21] इतना सा 6 इंच का बुत बना दिया

[47:25] इतना बड़ा इल्म न्यूक्लियर बम चाहिए मक्खी

[47:28] मारने के लिए [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[47:34] मक्खी मारने के लिए न्यूक्लियर बम चाहिए।

[47:38] यह जो सामने पड़ा हुआ भूत है यह तो मक्खी

[47:40] है।

[47:48] [नाक से की जाने वाली आवाज़] ये तो मक्खी

[47:49] है।

[47:54] मुझे अल्लाह ताला ने मुझे बहसियत इंसान

[47:57] बहसियत मुसलमान मुझे अल्लाह ताला ने सिर्फ

[48:00] ये कहा है किसी ऐसे काफिर को जो बुत सामने

[48:02] रख बुत रखा हुआ है बुत को सजदा कर लक दीदी

[48:05] दीन उसको कहो यार तुम दाएं जाओ मैं बाएं

[48:08] जा रहा हूं

[48:11] बस

[48:19] या काफिरून की आखरी आयत है उसको कहा तुम

[48:21] यार उधर जाओ मैं इधर जा रहा हूं

[48:28] ना मैंने उसको मुक्के मारने हैं, ना मैंने

[48:30] उसको गाली देनी है। मेरे अगर वह मोहल्ले

[48:31] में रह रहा है ना मैंने उसके घर में घुस

[48:33] के उसको कसून मारने हैं। मुझे अल्लाह ताला

[48:36] ने सीधा-सीधा कहा है भाई उसको देखो तो कहो

[48:38] यार तुम जिसकी इबादत करते हो मैं उसकी

[48:39] इबादत नहीं करता। जिसकी मैं करता हूं उसकी

[48:41] तुम नहीं करते। मफूम मैं समझा रहा हूं। लक

[48:44] दीदी यार तुम अपने घर में रहो। मैं अपने

[48:46] घर में रहता हूं। जब तक मेरा जो मेरे ऊपर

[48:49] खलीफा है जो मेरे मुल्क का बादशाह जब तक

[48:51] वह जिहाद का ऐलान नहीं करता तब भी अगर तुम

[48:53] मेरे हमसाए हो तो तुम्हारे घर में घुस गए

[48:54] तो मैंने मारना नहीं है तो

[49:03] क्योंकि जब तक तुम इस रियासत के अंदर रह

[49:05] रहे हो और हमारी रियासत मुसलमान है तुम जो

[49:07] हो वो क्या कहते हैं रियासत की जिम्मेदारी

[49:09] हो बस ना हम मुझे अल्लाह ताला ने कहा है

[49:12] कि मैं तुम्हें तंग ना करूं और तुम्हें

[49:13] अल्लाह ताला ने कहा है कि मुझे तंग ना करो

[49:15] बस मुझे मुझे इससे गरज़ नहीं है कि

[49:17] तुम्हारा दीन क्या है।

[49:22] मुझे तो अल्लाह ताला ने ये भी इजाजत नहीं

[49:23] दी हुई कि मैं तुम्हें हकारत से देखूं।

[49:33] समझ आ गई?

[49:38] तो मेरा तो तुमसे कोई झगड़ा नहीं है। मेरा

[49:41] रास्ता वो है। तुम्हारा रास्ता वो है।

[49:46] समझ आ गई बात? तो यह तो मक्खी है।

[49:52] तो यह इतना पूरा यह कुरान उतरा था मक्खी

[49:54] मारने के लिए।

[50:07] समझ आ रही है कि आप कितना क्या किस दुनिया

[50:11] में रह रहे हैं बेसिकली जहां जहां आपको ये

[50:14] तोप पढ़ाई जाती है और इसका टारगेट ये है

[50:16] कि मक्खी मारनी

[50:21] और आपने कभी ये सवाल भी नहीं किया

[50:28] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[50:28] अपने आप से किसी से नहीं किसी से क्या

[50:30] सवाल करना अपने आप से कभी ये सवाल भी नहीं

[50:33] किया।

[50:35] यह तो यह तो यह जो पूरा कुरान है यह जो जो

[50:39] मैं आपको जिसकी शबी तशबीह में मैं आपको

[50:41] बता रही हूं जो यह जो ताकत का इतना बड़ा

[50:43] खजाना है ये जो इतनी बड़ी ताकत है ये तो

[50:47] कुरान पूरा आया है आपके अंदर के जोल से

[50:50] लड़ने के लिए

[50:54] आपके अंदर के जोल से लड़ने के लिए और यह

[50:57] जो अपने अपने अंदर के जोहल से लड़ाई है

[51:00] यही इबादत है यही जिहाद है

[51:04] तो आपने उस उस इतनी बड़ी लड़ाई को

[51:10] जैसे आप नमाज पढ़ते हैं वो भी आपको पता

[51:12] है। जैसे आप रोजे रखते हैं वो भी आपको पता

[51:15] है।

[51:18] समझ आ रही है? तो बस अब फिर अल्लाह ही

[51:20] अल्लाह ही अल्लाह है ना। तो क्यों? ए ही

[51:22] तो नहीं सारे बुजुर्ग कह रहे हैं कि आखिरत

[51:23] आ गई और हम आखिरत में रह रहे हैं। ए तो

[51:26] नहीं कह रहे।

[51:32] आपने यह अंदर के इलाहों की बात की

[51:36] तो आपने कहा जब ईमान आपके अंदर पैदा होता

[51:38] है तो आप इससे लड़ सकते हैं। ठीक है? अब

[51:43] ईमान बजाते खुद क्या है? मतलब अगर फर्ज

[51:46] करें मैं कहता हूं ला इलाहा इल्लल्लाह। अब

[51:48] मेरे मुंह के मुंह से ये कहने से मेरे पास

[51:50] तो इस बात की कोई

[51:53] तुम में से किसी ने भी अभी तक मेरे से सही

[51:57] सवाल नहीं किया।

[51:59] जो मैं कितना कहता हूं कि इंसान की यह

[52:02] हालत है। इंसान की यह हालत है। इंसान की

[52:04] यह हालत है।

[52:08] तुम में से किसी ने मेरे से अभी तक असल

[52:11] सवाल नहीं किया।

[52:14] इसीलिए याद कराता रहता हूं। याद कराता

[52:16] रहता हूं। याद कराता रहता हूं। तकवा

[52:20] और अभी हम 4 घंटे और ये कन्वर्सेशन करते

[52:24] रहते हैं ना। तुम में से किसी ने मेरे से

[52:25] पूछना भी नहीं था। क्योंकि तुम सेल्फ

[52:28] एफिशिएंसी

[52:30] की दुनिया में रहते हो। याजूज माजूज के

[52:33] दौर में रहते हो। मैं ही खुदा हूं।

[52:38] मैंने अपनी जिंदगी को सिक्योर करना है।

[52:40] मैंने अपने आप को शैतान से बचाना है।

[52:42] मैंने अपने साथ यह करना है। मैंने अपने

[52:43] साथ यह करना है। मैंने वजू करना है तो

[52:45] शैतान मेरे से दूर रहेगा। वगैरह वगैरह

[52:48] वगैरह। तुम में से किसी ने मेरे से अल्लाह

[52:51] का पूछा ही नहीं कि भ ईमान आएगा कहां से?

[52:52] अल्लाह की इबादत करूंगा तो ईमान आएगा।

[52:55] हालांकि मैं ईमान तक गया। मैं जानबूझ के

[52:57] ईमान से आगे नहीं गया। मैं वेट कर रहा था

[53:00] आप में से कौन लॉजिकली मेरे से पूछेगा कि

[53:03] भाई ईमान कहां से आएगा?

[53:06] आपने नहीं पूछा।

[53:08] आप समझ रहे हैं कि आप अकल से आगे नहीं जा

[53:13] पा रहे। क्योंकि अकल से आगे है कुछ नहीं।

[53:16] आप लोगों के लिए

[53:19] क्यों शैतान ने इस इस वक्त जमीन के ऊपर हर

[53:23] किस्म के इंसान पर कब्जा कर लिया।

[53:25] मुसलमानों के समेत कब्जा कर लिया। वो आपको

[53:28] अकल से आगे जाने ही नहीं दे रहा। वो कह

[53:31] रहा है बात सुनो। गौर से मेरी बात सुनो।

[53:34] लाइफ इज ऑल अबाउट सेल्फ सफिशिएंसी। देयर

[53:38] इज नो गॉड। कोई खुदाशुदा नहीं है।

[53:45] समझ आ रही है? आपका लॉजिकल माइंड बंद है।

[53:50] आपके सरों के ऊपर एक सिल्वर का उसने टोपी

[53:54] पहनाई हुई है। लोहे की टोपी पहनाई हुई है

[53:56] उसने सर के ऊपर के ऊपर नहीं जाना। ऊपर की

[53:59] तरफ नहीं जाना।

[54:01] अगर तुम मुसलमान भी हो ना तो यह आइडेंटिटी

[54:04] का मसला है। यह तकवा का मसला नहीं है।

[54:06] दाढ़ियां लंबी करो, सर पर टोपी रखो,

[54:08] पहुंचे ऊंचे करो। दूर से मुसलमान नजर आओ।

[54:11] आइडेंटिटी का मसला है।

[54:13] अल्लाह को मुसलमान नजर आओ ना खैर है।

[54:16] इंसानों को मुसलमान नजर आओ। आइडेंटिटी का

[54:20] मसला है। तुम्हारी इगोटिस्टिकल आइडेंटिटी

[54:23] का मसला है।

[54:25] तकवा का मसला नहीं है। तुम

[54:28] [नाक से की जाने वाली आवाज़] नजर आने

[54:29] चाहिए कि मुसलमान हो। बेशक अंदर से ना हो।

[54:34] तुमने खुद करना है जो भी करना है। नाम

[54:37] अल्लाह का लेना है। इसीलिए तो अभी इतनी

[54:40] डिस्कशन में पूछा ही नहीं। कि भाई शैतान

[54:43] तो ठीक है मेरा दुश्मन है तो मुझे तो

[54:46] बचाना अल्लाह ने मैं खुद तो बच ही नहीं

[54:49] सकता यह तो नामुमकिन है मैं खुद कैसे बच

[54:51] सकता हूं

[54:53] जब तक अल्लाह का नूर मेरी आंखों से देखेगा

[54:56] नहीं मुझे नजर आएगा नहीं जब तक अल्लाह का

[54:59] नूर मेरे दिल में ईमान बन के जाएगा नहीं

[55:01] मैं पाक हऊंगा नहीं अंदर से तो जब तक

[55:04] अल्लाह मेरे से अल्लाह मेरा दोस्त नहीं

[55:06] बनेगा तो यह तो शैतान है तो कहीं भी नहीं

[55:08] जाना ये तो मेरे साथ रहेगा 24 घंटे आपने

[55:11] पूछा पूछा ही नहीं। क्यों नहीं पूछा?

[55:13] सेल्फ सफिशिएंसी की वजह से।

[55:16] मैं आपको क्या कहता हूं? हम बचपन से स्कूल

[55:19] में ट्रेन किए जाते हैं। सेल्फ द्जाल बनने

[55:22] के लिए।

[55:24] ट्रेन किए जाते हैं कि जो कुछ करना है

[55:26] तुमने खुद करना है।

[55:29] तो हम कहते हैं हम ईमान भी खुद ही ले

[55:31] आएंगे। हम ट्रेन हो गए हैं।

[55:35] हम अंदर से हम्ल हमारे दिल अंदर से हम्ल

[55:38] है ही नहीं।

[55:41] समझ गए? तो हम जो ही जानेमाज लपेटते हैं,

[55:46] जो ही जामाज लपेटते हैं, हम सेल्फ

[55:48] सफिशिएंसी के मोड में चले जाते हैं।

[55:52] हम गॉड सफिशिएंसी के मोड में नहीं जाते।

[55:54] गॉड रिलायंस के मोड में नहीं जाते। हम

[55:56] सेल्फ सफिशिएंसी के मोड में चले जाते हैं।

[55:59] ये बहुत अब ये कॉम्प्लिकेटेड होती जा रही

[56:01] है बातें। अब अल्लाह करे आप लोगों को कुछ

[56:03] समझ आ जाए। मैं समझाने की पूरी कोशिश कर

[56:05] रहा हूं। आपको सारा कुछ अनडू करना पड़ेगा।

[56:10] समझ रहे हैं? आपको अपनी गुफ्तगू में से

[56:12] वर्ड एववोल्यूशन निकालना पड़ेगा। आपको

[56:15] अपने दिमाग में डार्विन का बुत तोड़ना

[56:17] पड़ेगा। उसको एक्सेप्ट नहीं करना पड़ेगा।

[56:19] तोड़ना पड़ेगा।

[56:21] जो बंदा आपसे डार्विन की बात करे उसे कहे

[56:23] लकुम दी वदीन चले जाओ मेरे घर से।

[56:27] आप नहीं कर सकते ना।

[56:30] आपका पूरा खानदान ये बातें कर रहा है। मान

[56:32] गए हैं वो।

[56:35] हो सकता है इंसान बंदर से आया हो। हम मान

[56:37] गए हैं। हम गिर गए हैं।

[56:42] हमारे दिमाग में कुरान का मुकाबिल आ गया

[56:45] है। कुरान कह रहा है अल्लाह ताला ने आदम

[56:49] और हवा को आसमान से भेजा। डार्विन कह रहा

[56:53] है हम बंदर से आए। आप आपके घर में ये

[56:55] डिस्कशन हो रही है। आप मान गए हैं। आपके

[56:58] मौलवी ये बोल रहे हैं। वो एववोल्यूशन की

[57:02] तोजे बना रहे हैं। उन बेचारों के पास इलम

[57:04] नहीं है।

[57:06] उन्होंने अपनी दुकान चलानी है।

[57:11] कुछ तो बेचना है आपको।

[57:13] तो वो साइंस के अंदर ही इधर इधर चूहे की

[57:15] तरह बेचारों को क्या पता साइंस के बारे

[57:17] में?

[57:19] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[57:20] तो वो इधर इधर से घूम घूम के बेचारे छोटी

[57:22] मोटी बातें करके हां ठीक है। ठीक है। तू

[57:25] उन्हें पता है मुझे क्या पता है? तो इसको

[57:26] क्या पता है? दोनों को ही कुछ नहीं पता।

[57:29] तो चलो मैं उल्टी सीधी दो चार बातें आगे

[57:31] पीछे से जोड़ देता हूं तो इसको कुछ ना कुछ

[57:32] समझ आ जाएगी। चलो जी ठीक है चलो ठीक है

[57:34] चलो जी डार्विन भी होता है और कुरान भी

[57:36] होता है और क्या-क्या बेचारा अकल ही उसकी

[57:39] इतनी

[57:41] यू आर डिफिटेड

[57:44] यहां से शुरू करो

[57:48] तुम्हें डिफीट हो चुकी

[57:52] यहां से शुरू करो तुम्हें डिफीट हो चुकी

[57:52] है। शैतान तुमसे फारग हो चुका है।

[57:57] तुम्हें काबू कर चुका है।

[58:01] यहां से शुरू करो ताकि तौबा तो सच्ची करो

[58:04] ना

[58:06] ताकि तो यह समझा इसलिए रहा हूं ताकि तौबा

[58:08] तो सच्ची करो ना

[58:11] तो जब तौबा सच्ची करोगे तो अल्लाह ताला

[58:14] हिदायत देने वाला है।

[58:18] अब समझ आ रही है? वरना तो यह शैतान का जाल

[58:21] है। यह जो इंसान का जिस्म है यह तो बुना

[58:24] ही अल्लाह ताला ने ऐसे और यह बाकायदा

[58:25] तुम्हें पता है यह बुना गया है जिस्म। यह

[58:27] बुना है। इसकी बुनाई हुई हुई है। ये जो ये

[58:31] जो ये जो अंग्रेजों के जिनको मैं आपको पता

[58:34] है मैं इस इल्म को बड़ी सख्ती के ये जो

[58:36] मैथमेटिकल

[58:38] इल्म है सारे का सारा मैं तो उसको मानता

[58:40] ही नहीं हूं। ये तो इल्म है ही नहीं।

[58:42] इंसानों की तारीख में कोई दौर नहीं गुजरा

[58:47] जमीन के ऊपर। इंसानों की तारीख में जब

[58:50] इंसानों के पास इससे घटिया इल्म था जो

[58:53] अंग्रेजों के पास है। इसलिए यह आखरी दौर

[58:56] है। ये कीड़ों का इल्म है। और ये पुराने

[59:00] अंबिया ने ये पूरा आप लोगों का क्योंकि

[59:03] मुताला नहीं है इतना ज्यादा ये सारे का

[59:05] सारा डॉक्यूमेंटेड है। आखिरत में इंसानों

[59:09] के पास घटिया तरीन इल्म होगा जमीन के ऊपर।

[59:14] जिस इल्म पर इंसान इतरा रहा होगा वो

[59:16] इंसानियत की तारीख का घटिया तरीन इल्म

[59:19] होगा। फसाद और फितने से भरा हुआ इल्म।

[59:23] जिसकी बुनियाद और कुछ भी नहीं होगी। अदर

[59:25] देन द डिस्ट्रक्शन ऑफ़ मैन एंड डिस्ट्रक्शन

[59:27] ऑफ़ कॉस्मोस। इकरा इकरा का बिल्कुल उलट।

[59:32] ये जो दो इरा कुरान ने बोले ना इनका

[59:34] बिल्कुल उलट। 100 फीसद उलट। इसलिए जब इनका

[59:39] डैडी आएगा वो दजाल है। जब इस इल्म का अरूज

[59:43] आएगा ना जो ए आया बाहर है इस इल्म का जब

[59:45] अरूज आएगा ना वो दजाल है।

[59:48] क्या ये सारा उदम 200 साल का जो जमीन पे

[59:51] याजूज माजूजों ने मचाया उसका अंजाम क्या

[59:54] था? द्जाल ये हासिल क्या करना चाहते थे?

[59:57] दजालियत।

[59:59] यार तुम्हें समझ नहीं आ रहा दज्जाल। तुम

[01:00:02] एक टूथब्रश खरीदते हो टीवी के ऊपर एक

[01:00:05] इश्तियार देख के एक खूबसूरत लड़की की शक्ल

[01:00:08] देख के तुम्हें दजालियत समझ नहीं आ रही

[01:00:11] तुम वाकई इतने बेवकूफ हो तुम्हें एक

[01:00:14] टूथब्रश बेचा जाता है एक लड़की दिखा के

[01:00:19] टूथब्रश

[01:00:21] बेचा जाता है एक लड़की दिखा के

[01:00:25] तुम्हें समझ नहीं आ रही तुम किस जमाने में

[01:00:28] बैठे हुए हो और मेरे से ये बातें कर रहे

[01:00:31] हो और तुम कह रहे हो तुम्हें अंदर की

[01:00:32] आवाें समझ आएंगी।

[01:00:35] अंदर की आवाें समझ आएंगी। तुम्हें ये

[01:00:37] तुम्हारी आंखें देख रही है टीवी के ऊपर और

[01:00:39] तुम्हें समझ नहीं आ रही कि मेरे साथ कितना

[01:00:41] बड़ा धोखा किया जा रहा है। मेरी शवत को

[01:00:44] जगा के

[01:00:47] मुझसे एक टूथब्रश के लिए ₹200 लिया जा रहा

[01:00:50] है। और तुम दजाल का इंतजार कर रहे हो। अभी

[01:00:54] इंतजार कर रहे हो। शवत को जगा के टूथब्रश

[01:00:58] बेचा जा रहा है मेरे भाई।

[01:01:02] फिर तुम कह रहे हो हमारे बच्चे एलबी

[01:01:03] एलजीबीटी क्यों क्यों पैदा हो रहे हैं?

[01:01:07] उन बच्चों के यही टीवी देख रहे होते हैं

[01:01:09] ना उनके दिमाग खराब नहीं होने।

[01:01:12] इंसानियत की तारीख में

[01:01:16] इंसानियत की तारीख में तुम सोच सकते हो के

[01:01:22] एक करने की दुकान थी और उसके बाहर एक नीम

[01:01:26] भराना लड़की बिठाई हुई थी। सिर्फ इस वजह

[01:01:28] से कि गाग जो है वो इस दुकान के अंदर आए।

[01:01:32] इंसानियत की तारीख में कभी औरत के साथ यह

[01:01:35] हुआ है?

[01:01:37] इंसानियत की तारीख में कभी औरत को इतना

[01:01:40] जलील करके इस्तेमाल किया गया?

[01:01:44] इंसानियत की तारीख में आदम से शुरू करो।

[01:01:48] और तुम मुझसे इस्लाम पूछते हो।

[01:01:52] तुम मुझसे इस्लाम पूछते हो। गौर करो सब

[01:01:56] समझ आ जाएगी।

[01:01:59] इसीलिए जब यह वक्त आना था तो हजूर

[01:02:02] सल्लल्लाह वसल्लम का इरशाद है मोमिनीन के

[01:02:06] लिए कि शहरों को छोड़ दो

[01:02:08] बस शहरों से निकल जाना ये सारी निशानी है

[01:02:12] ये जो ये जो बारिश करते हैं जो बादल में

[01:02:16] ऊपर जाते हैं बारिश करते हैं दज्जाल यही

[01:02:17] करेगा यही यही चीजें इस्तेमाल करेगा ये

[01:02:20] सारी निशानी जब इंसान के ऊपर अब ये जो

[01:02:23] बारिश है ना ये जहन्नुम का अज़ाब है

[01:02:26] तुम्हें पता पता है इस बात का

[01:02:29] वो नार है। आसमान से आग बरस रही है।

[01:02:34] क्योंकि वो बारिश फरिश्तों ने नहीं की।

[01:02:37] वो बारिश इंसान के रूप में छुपे हुए जब

[01:02:40] अभी जो मैंने जहां से लेक्चर शुरू किया वो

[01:02:43] इंसान के रूप में शैतानों ने बारिश की।

[01:02:47] वह बारिश अल्लाह के अज़ाबों में से एक अज़ाब

[01:02:49] है। बस मैंने बहुत कह दिया काफी है। यह

[01:02:54] सारे जो अलूम ये जो तुम्हें सवाल किया था

[01:02:55] ना ये सारे के सारे गैब के अलूम

[01:02:59] इसीलिए आप लोगों को इसमें थोड़ी सी डांट

[01:03:01] पड़ी है।

[01:03:05] इसीलिए डांट पड़ी

[01:03:10] कि यह सारी की सारी इक्वेशन आपको उस वक्त

[01:03:13] तक समझ नहीं आ सकती जब तक आपके दिल में

[01:03:16] खौफ खुदा और मोहब्बत खुदा नहीं है।

[01:03:20] कॉन्शियस नहीं है। ये नहीं कि याद आ गई।

[01:03:22] कॉन्शियस नहीं है। आपको पहले सवाल के फौरन

[01:03:26] बाद मेरे से तमाम सवालात तकवा के हवाले से

[01:03:29] करने चाहिए थे। आप लोगों ने नहीं किया।

[01:03:33] सिर्फ इस नुक्त पर सोचो जो मैंने बोला कि

[01:03:37] अल्लाह हमसे कितना दूर है

[01:03:40] तो हम मजबूर और लाचार नहीं होंगे तो क्या

[01:03:43] होंगे?
