# Work And Energy Class 9 | Complete CHAPTER IN ONE SHOT | NCERT Covered | Alakh Pandey

https://www.youtube.com/watch?v=NOu2YoxVyvY
Translation: en

[00:00] हेलो गुड्डू गुड़िया। तो भाई आज हम पढ़ने

[00:02] जा रहे हैं अपने क्लास नाइंथ के फिजिक्स

[00:04] का एक मजेदार चैप्टर वर्क एनर्जी एंड

[00:08] पावर। ये टॉपिक तो एकदम सर के ऊपर से जा

[00:11] रहा था और अगर पढ़ भी रखा है तो डेफिनेटली

[00:14] बहुत कुछ गलत पढ़ रखा होगा। कॉन्फिडेंस से

[00:16] बता रहा हूं। आज के इस लेक्चर में मैं

[00:19] आपको वर्क एनर्जी पावर के खूबसूरत-खूबसूरत

[00:22] कांसेप्ट बताऊंगा। आपको वर्क डन डिफरेंट

[00:25] सिचुएशन में सिखाऊंगा। आपको ढेर सारे

[00:28] एनसीईआरटी के बैक एक्सरसाइज के क्वेश्चन

[00:30] करा दूंगा। 70- 80% क्वेश्चन आपके बैक

[00:33] साइज के इस लेक्चर के अंदर हो जाएंगे।

[00:35] चाहे न्यूमेरिकल हो, चाहे थ्योरी हो। पूरी

[00:37] एनसीईआरटी आपको घोट के पिला दूंगा और इसके

[00:39] बाद एग्जाम में एक भी सवाल वर्क एनर्जी

[00:42] पार का आपसे नहीं छूटेगा। अगर आप इस

[00:44] चैप्टर को सीरियसली अच्छे से पढ़ोगे। एक

[00:47] इंपॉर्टेंट बात, इस टाइम स्टैंप पे है वो

[00:51] क्वेश्चन जिसका आंसर जो लोग सही करेंगे

[00:54] उनका नाम मैं अगले लेक्चर के एंड में

[00:56] लूंगा। पिछला लेक्चर एटम्स एंड

[00:58] मॉलिक्यूल्स का जिसने-जिसने सही आंसर दिया

[01:00] है सबका नाम मैंने इस लेक्चर के लास्ट में

[01:03] लिया है। आज इस टाइम स्टैंप पे जाके

[01:06] क्वेश्चन का आंसर करेंगे। जितने लोग सही

[01:08] आंसर करेंगे उनका नाम नेक्स्ट लेक्चर के

[01:10] एंड में लूंगा। तो शुरू करते हैं वर्क

[01:12] एनर्जी पार। भाइयों आएगा मजा। सबसे पहले

[01:15] यह समझते हैं कि फिजिक्स के हिसाब से वर्क

[01:18] क्या होता है। आम जिंदगी में जिस चीज को

[01:20] हम लोग काम समझते हैं, वर्क समझते हैं,

[01:23] फिजिक्स उसको वर्क नहीं समझती है। भाई

[01:25] आराम से सोफे पे बैठे हैं। आराम से बैठ के

[01:27] मूवी देख रहे हैं, टीवी देख रहे हैं। 3-4

[01:30] घंटा हो गया। बड़ा काम किया हमने मूवी देख

[01:32] के। फिजिक्स के हिसाब से नो वर्क इज डन।

[01:36] भाई स्कूल के अंदर दो लड़कियां आपस में

[01:38] गसिप कर रही हैं। पंचायत चल रही है। वो

[01:40] पता है कि नहीं? इंग्लिश वाली मैम का पीटी

[01:43] वाले सर के साथ करते हैं ना यह सब ऐसे

[01:45] लड़के भी बहुत पंचायत करते हैं ज्यादा

[01:46] करते हैं इनफैक्ट ग्रुप में तुम्हारे एक

[01:48] दोस्त होगा बहुत बड़ा पंचायत खोर आज उसका

[01:51] सीक्रेट बाहर कमेंट में नाम डाल देना उसका

[01:54] मजाक नहीं सीरियस बात ये समझो कि आपने

[01:56] बहुत बातें की बहुत पंचायत की आपने कहा

[01:58] बहुत काम किया फिजिक्स के हिसाब से नो

[02:01] वर्क इज डन किताब खोल के पढ़ रहे हैं या

[02:04] पढ़ने का नाटक कर रहे हैं जो आप लोग करते

[02:05] हो तीन-चार घंटे पढ़ लिया अरे सर बड़ा काम

[02:08] किया फिजिक्स के हिसाब से नो वर्क इज डन।

[02:11] फिजिक्स में वर्क बड़े अलग तरह से डिफाइंड

[02:13] है। कैसे डिफाइंड है? आओ समझते हैं। इन

[02:15] फिजिक्स वर्क इज़ सेड टू बी डन व्हेन अ

[02:19] फोर्स F प्रोड्यूसेस अ डिस्प्लेसमेंट S इन

[02:23] द डायरेक्शन ऑफ़ फोर्स। ये क्या है भाई?

[02:25] बड़ा अलग तरह से वर्क बताया है। आम जिंदगी

[02:28] में जिसको हम काम करना समझते हैं कि बैठ

[02:30] के सोच रहे हैं। 3 घंटे तक सोच रहे हैं।

[02:32] बड़ा काम किया है। फिजिक्स में ये सब काम

[02:34] नहीं है भाई। फिजिक्स के हिसाब से वर्क इज़

[02:37] सेट टू बी डन। वर्क हम तभी बोल सकते हैं

[02:41] जब देयर इज अ फोर्स प्रोड्यूसेस अ

[02:44] डिस्प्लेसमेंट। डिस्प्लेसमेंट मतलब

[02:47] शॉर्टेस्ट डिस्टेंस मतलब कुछ डिस्टेंस मूव

[02:50] हो। कुछ मोशन हो इन द डायरेक्शन ऑफ दी

[02:53] फोर्स। मान लो मेरे पास कोई ऑब्जेक्ट है,

[02:56] कोई सामान है, पत्थर है, ब्लॉक है, कुछ भी

[02:59] है। इस पे मैं कुछ फोर्स लगाऊं, और ये

[03:02] फोर्स लगाने से ये ऑब्जेक्ट चल पड़े। इसका

[03:05] कुछ डिस्प्लेसमेंट हो। कुछ ये डिस्टेंस

[03:07] मूव करें, डिस्प्लेसमेंट को ऐस से

[03:10] दिखाएंगे। तब हम फिजिक्स में बोलते हैं कि

[03:13] हां वर्क हुआ है। फोर्स होना चाहिए,

[03:16] डिस्प्लेसमेंट होना चाहिए। तब हम कहते हैं

[03:19] कोई काम हुआ है। इस तरह से फिजिक्स वर्क

[03:21] को समझती है। जैसे ये मान लो पेन है। इसको

[03:24] मैंने पकड़ा। ऊपर की तरफ खींचा। इस पे

[03:27] मैंने फोर्स लगाई और ये डिस्प्लेस भी हो

[03:30] गया। यस वर्क इज डन। ये देख रहे हो बड़ा सा

[03:33] पत्थर है। एक आदमी आया। इसने बड़े से पत्थर

[03:36] पे खूब फोर्स लगाई। फोर्स तो है। खूब सारी

[03:39] फोर्स लगाई पर पत्थर मूव नहीं किया। देअर

[03:42] इज नो डिस्प्लेसमेंट। इफ देयर इज नो

[03:45] डिस्प्लेसमेंट। फिजिक्स ने कहा नो वर्क इज

[03:48] डन। भाड़ में गई भाई तुम्हारी फोर्स। हम

[03:50] नहीं मानते काम हुआ है। फिजिक्स वाले वर्क

[03:53] को आप पे दया नहीं आती। आप कितनी मेहनत कर

[03:55] रहे हो इससे फर्क नहीं पड़ता है। क्या कोई

[03:58] फोर्स है? क्या कोई डिस्प्लेसमेंट हुआ है?

[04:00] तभी वर्क मानेंगे। मान लो आप अपनी पीठ के

[04:03] ऊपर अपने सर के ऊपर बोझा लेके खड़े हो।

[04:05] बहुत सारा बोझा लेके खड़े हो। मेहनत तो

[04:07] लगती है। अरे लगातार मेहनत लग रही है।

[04:09] फोर्स भी लग रही है ऊपर की तरफ। पर क्या

[04:11] वो ऑब्जेक्ट डिस्प्लेस कर रहा है? नहीं कर

[04:14] रहा है। फिजिक्स के हिसाब से नो वर्क इज़

[04:17] डन। नो डिस्प्लेसमेंट, नो वर्क डन। समझ

[04:19] गए? तो फिजिक्स के वर्क में क्या आएगा?

[04:22] फोर्स आएगी। डिस्प्लेसमेंट आएगा। तो आज से

[04:24] जिंदगी में जब कोई आपसे बोले ना कि हम

[04:26] बहुत देर से कंप्यूटर पे काम कर रहे थे।

[04:28] पापा ऑफिस से आते हैं। क्या बोलते हैं?

[04:29] पापा आपने क्या किया? हमने बेटा बहुत काम

[04:31] किया। क्या काम किया पापा? बेटा कंप्यूटर

[04:33] के सामने बैठ के टाइप किया। पापा नो वर्क

[04:35] इज डन। पटाख एक थप्पड़ पड़ेगा। तो बेटा

[04:38] फिजिक्स अपनी जगह और पिताजी का डर अपनी

[04:41] जगह। घर में ये सब बकैती मत करिएगा। ठीक

[04:43] है? समझ में आया? तो फिजिक्स के हिसाब से

[04:45] वर्क थोड़ा अलग है। जैसे ये देखो। पुशिंग

[04:48] एन ऑब्जेक्ट। ऑब्जेक्ट मूव्स। इस आदमी ने

[04:50] एक ऑब्जेक्ट को धक्का दिया। धक्का दिया

[04:52] मतलब क्या लगाई भैया? फोर्स लगाई। और

[04:55] ऑब्जेक्ट मूव कर गया। मूव करेगा, तो कुछ

[04:58] डिस्टेंस मूव हुआ, कुछ इसका डिस्प्लेसमेंट

[05:00] एस हुआ। फिजिक्स ने कहा, यस, वर्क इज डन।

[05:03] ये मैडम जी हैं। मैडम जी ने एक ट्रॉली

[05:05] खींची। पुलिंग अ ट्रॉली। ट्रॉली खींची

[05:08] मतलब क्या लगाया इसके ऊपर? फोर्स। ट्रॉली

[05:11] मूव्स। ट्रॉली आगे बढ़ गई। आगे बढ़ गई, तो

[05:13] इसका थोड़ा सा डिस्प्लेसमेंट एस्स हुआ।

[05:15] वर्क इज़ डन। ये मैडम जी हैं। क्या कर रही

[05:18] है? एक बॉक्स उठा रही हैं। बॉक्स को उठाया

[05:20] यानी फोर्स लगा रहे हैं। फोर्स लगा रहे

[05:21] हैं। ऊपर की तरफ फ़ोर्स लग रही है। और

[05:23] बॉक्स भी ऊपर की तरफ जा रहा। यानी ऊपर की

[05:26] तरफ क्या लगी? एक फोर्स लगी। ऊपर की तरफ

[05:28] बॉक्स का क्या हुआ? डिस्प्लेसमेंट s हुआ।

[05:31] वर्क इज डन। ये है फिजिक्स में वर्क।

[05:34] फिजिक्स में वर्क की कुछ कंडीशन है।

[05:37] कंडीशंस फॉर वर्क इन फिजिक्स। पहली कंडीशन

[05:40] तो क्या है? कि फोर्स इज़ अप्लाइड ऑन

[05:42] ऑब्जेक्ट। पहली बार फोर्स होना चाहिए।

[05:45] दूसरी चीज़ ऑब्जेक्ट इज़ डिस्प्लेस्ड। कुछ

[05:48] ना कुछ डिस्प्लेसमेंट होना चाहिए। ध्यान

[05:50] से देखो। ये मान लो एक बॉक्स है। इस पे

[05:54] मुझे कुछ फोर्स लगानी होगी और इस फोर्स की

[05:56] वजह से इसे मूव करना होगा। यानी इसका

[05:59] डिस्प्लेसमेंट यानी यहां से खिसक के ये

[06:00] कहीं यहां चला आया। अब फिजिक्स बोलेगी

[06:03] वर्क हुआ है। अगर ऑब्जेक्ट मूव किया है।

[06:06] ये दो कंडीशंस होंगी तभी फिजिक्स मानेगा

[06:09] कि वर्क हुआ है। देखो ज्यादातर टीचर्स

[06:13] आपको यही दो कंडीशंस पढ़ाएंगे। आप मास्टर

[06:16] से पढ़ने आए हो। एक तीसरी और इंपॉर्टेंट

[06:18] कंडीशन पढ़ो। ये भी बहुत इंपॉर्टेंट है।

[06:20] डिस्प्लेसमेंट इज़ नॉट परपेंडिकुलर टू

[06:24] फोर्स। डिस्प्लेसमेंट इज़ नॉट परपेंडिकुलर

[06:27] टू फोर्स। फोर्स और डिस्प्लेसमेंट

[06:29] परपेंडिकुलर यानी 90° पे नहीं होने चाहिए।

[06:33] अगर 90° पे हो गए तो कोई काम नहीं होगा।

[06:37] मान लो ये ऑब्जेक्ट है बेटा। ठीक है सर।

[06:40] मान लो फोर्स यूं ऊपर लग रही है। ठीक है

[06:42] सर। और किसी तरह से ऑब्जेक्ट आगे की तरफ

[06:45] चला गया। सर ऐसा कैसे हो सकता है? किसी

[06:48] चीज को हम ऊपर खींचेंगे तो वो ऊपर आएगी।

[06:51] वो सीधे कैसे चली जाएगी? आगे आपको बहुत

[06:53] सारे एग्जांपल दिखाएंगे। पहले आराम से

[06:55] कांसेप्ट पकड़ लो। मास्टर एक-एक चीज

[06:57] समझाएगा। मान लेते हैं कि फोर्स ऊपर है और

[07:00] डिस्प्लेसमेंट ये हुआ। तो फोर्स और

[07:02] डिस्प्लेसमेंट के बीच में कितना एंगल है?

[07:04] 90° परपेंडिकुलर। कोई वर्क नहीं होगा

[07:08] बेटा। नो वर्क इज़ डन। तो तीन कंडीशन हो

[07:11] गई। फोर्स होनी चाहिए। डिस्प्लेसमेंट होना

[07:14] चाहिए। कोई भी डायरेक्शन हो सकता है।

[07:16] सिर्फ फोर्स और डिस्प्लेसमेंट को

[07:18] परपेंडिकुलर नहीं होना है। अगर हो गए तो

[07:22] बेटा वर्क क्या हो जाएगा? वर्क ज़ीरो हो

[07:25] जाएगा। नो वर्क इज़ डन। चलो वर्क तो समझ

[07:28] में आ गया कि फोर्स होनी चाहिए,

[07:30] डिस्प्लेसमेंट होना चाहिए और दोनों को

[07:32] परपेंडिकुलर नहीं होना चाहिए। वर्क का

[07:34] फार्मूला क्या है? वर्क का वैल्यू कैसे

[07:36] निकालें? बहुत आसान है। फोर्स और

[07:38] डिस्प्लेसमेंट को मल्टीप्लाई कर दो। खत्म।

[07:40] वर्क इज़ इक्व फोर्स * डिस्प्लेसमेंट। बहुत

[07:44] सिंपल है। फोर्स मल्टीप्लाई बाय

[07:45] डिस्प्लेसमेंट। सिर्फ एक छोटी सी बात है।

[07:47] ये फार्मूला तभी सही होगा जब डायरेक्शन ऑफ

[07:52] फोर्स और डायरेक्शन ऑफ डिस्प्लेसमेंट सेम

[07:54] हो। आपके सिलेबस में यही क्वेश्चन आते

[07:57] हैं। जिस तरफ फोर्स लगाए डिस्प्लेसमेंट भी

[08:00] उसी डायरेक्शन में जब हो। जिस तरफ फोर्स

[08:03] लगाए डिस्प्लेसमेंट भी जब उसी डायरेक्शन

[08:05] में हो। तब सिंपल फार्मूला है फोर्स *

[08:08] डिस्प्लेसमेंट। आप कहोगे मास्टर ये तो

[08:10] हमेशा ऐसे ही होगा। किसी चीज को मैं जिधर

[08:12] धक्का दूंगा। ये मेरे सामने कुर्सी है।

[08:14] दिख रही है? थोड़ी सी दिख रही होगी। ये

[08:16] कुर्सी है। इसको अगर मैं आगे की तरफ

[08:19] धकेलूंगा तो आगे जाएगी। पीछे खींचूंगा तो

[08:21] पीछे आएगी। तो मास्टर जिधर फोर्स लगाते

[08:25] हैं उधर ही तो डिस्प्लेसमेंट होता है। तो

[08:28] हमेशा फार्मूला यही होगा। देखो क्लास 11th

[08:30] में जब आप जाओगे तो आपको एक चीज मैं

[08:32] दिखाता हूं। मान लो ये ब्लॉक है और ये

[08:34] ट्रॉली है। पहिया लगा है। ट्रॉली घर पे

[08:37] ट्रॉली बैग देखा है। क्या ट्रॉली बैग को

[08:39] हम यूं खींचते हैं? ध्यान से सोचो। क्या

[08:42] ट्रॉली बैग को ऐसे खींचते हो क्या?

[08:43] हॉरिजॉन्टल ऐसे एकदम नहीं। ऐसे खींचा जाता

[08:46] है। हैंडल होती है। हैंडल पकड़ के यूं ऐसे

[08:48] खींच के ले के जाते हैं। है कि नहीं?

[08:49] हैंडल से। यानी फोर्स तो इधर लगाते हैं।

[08:52] पर क्या ट्रॉली बैग हवा में उड़ता हुआ ऊपर

[08:54] आ जाता है क्या? नहीं सर जमीन पे चलता

[08:56] रहता है। यानी ट्रॉली बैग तो यूं ही

[08:58] चलेगा। ऐसे। अब देखो फोर्स और

[09:01] डिस्प्लेसमेंट एकदम सेम डायरेक्शन में

[09:03] नहीं है। फोर्स और डिस्प्लेसमेंट के बीच

[09:05] में कुछ एंगल है थीटा। इस केस में बेटा जो

[09:08] वर्क का फार्मूला आता है। इस केस में जो

[09:11] वर्क का फार्मूला होता है वो होता है f *

[09:14] s * cos थीटा। पर ये सब हमारे सिलेबस में

[09:17] नहीं है। ये सब हमें 11वीं कक्षा में 11th

[09:20] क्लास में पढ़ना है तो अभी छोड़ दो। आपके

[09:23] सिलेबस में सिंपल है कि जिस दिशा में

[09:25] फोर्स उसी दिशा में डिस्प्लेसमेंट f * s

[09:28] पर रियल लाइफ में देखो ये सब भी हो सकता

[09:30] है कि ऑब्जेक्ट को खींचा हो। ट्रॉली को

[09:32] खींच ऐसे रहे हैं। है ना? है ट्रॉली ऐसे

[09:34] करके खींच के ले जा रहे हैं। फोर्स तो यूं

[09:36] लग रही है पर डिस्प्लेसमेंट कैसे हो रहा

[09:38] है? ग्राउंड पे हॉरिजॉन्टल। तो ये वाला

[09:41] केस हमें नहीं पढ़ना है। fs cos थीटा

[09:42] वगैरह हमें ये पढ़ना है। ठीक? कंडीशन क्या

[09:45] है? जिधर फोर्स हो उधर ही डिस्प्लेसमेंट

[09:48] हो। ठीक? वर्क जो है वो स्केलर क्वांटिटी

[09:51] है। स्केलर क्वांटिटी मतलब इसका कोई

[09:53] डायरेक्शन नहीं है। जैसे कि डिस्टेंस जैसे

[09:56] कि स्पीड कोई डायरेक्शन नहीं होता। वर्क

[09:58] की एसआई यूनिट क्या है भाई? सारी

[10:00] क्वांटिटी की कुछ ना कुछ एसआई यूनिट होती

[10:02] है। डिस्टेंस की यूनिट मीटर है।

[10:04] डिस्प्लेसमेंट की भी मीटर है। फोर्स की

[10:07] न्यूटन है। वेलोसिटी की मीटर पर सेकंड।

[10:10] वैसे ही बेटा वर्क की एसआई यूनिट है

[10:13] जूल्स। साइंटिस्ट का नाम था उनके नाम पे

[10:16] है। डिनोट करते हैं कैपिटल J से। तो वर्क

[10:19] हमेशा जूल्स में होगा। 20 जूल्स, 30

[10:22] जूल्स, 100 जूल्स, 1000 जूल्स हमेशा जूल्स

[10:25] में होगा। अब ये जूल क्या चीज है? आराम से

[10:27] समझो। वर्क का फार्मूला फोर्स *

[10:30] डिस्प्लेसमेंट सर याद हो गया। फोर्स की

[10:32] यूनिट बता। फोर्स की यूनिट न्यूटन।

[10:35] डिस्प्लेसमेंट की यूनिट बता।

[10:36] डिस्प्लेसमेंट की यूनिट होती है मीटर।

[10:38] सबको याद है इतना। ठीक है? फोर्स न्यूटन

[10:40] में होता है डिस्प्लेसमेंट मीटर में। तो

[10:42] बेटा वर्क की यूनिट क्या हो गई? न्यूटन *

[10:45] मीटर। यस। तो वर्क की यूनिट तो सर न्यूटन

[10:48] मीटर होनी चाहिए। वही है यार। बार-बार कौन

[10:51] दो लेटर लिखे? तो न्यूटन मीटर को जोड़ के

[10:53] हमने बना दिया जूल्स कैपिटल J। तो कोई नई

[10:56] यूनिट नहीं है, वही है। फोर्स *

[10:58] डिस्प्लेसमेंट, न्यूटन * मीटर। इसी न्यूटन

[11:01] मीटर को मैं क्या बोल देता हूं? जूल्स।

[11:03] एसआई यूनिट ऑफ वर्क इज जूल्स कैपिटल J और

[11:06] न्यूटन मीटर एनm। ठीक है? एक दूसरी यूनिट

[11:09] भी है वर्क की। अनदर यूनिट ऑफ़ वर्क इज़

[11:11] अर्ग। ये एक छोटी सी यूनिट है। जैसे मैं

[11:15] आपसे बोलूं कि लेंथ की एक यूनिट किलोमीटर

[11:17] भी है। एक यूनिट मीटर भी है। किलोमीटर बड़ी

[11:20] यूनिट होती है। मीटर छोटी, सेंटीमीटर और

[11:23] छोटी, मिलीमीटर और छोटी। वैसे ही वर्क की

[11:25] बड़ी यूनिट जूल है छोटी यूनिट है अर्ग

[11:28] क्या अर्ग ई आर जी ये एनसीईआरटी में

[11:31] मेंशंड नहीं है। एक जूल के अंदर 10 की

[11:34] पावर 7 अरर्ग होते हैं। एक जूल बहुत बड़ा

[11:37] है। अर्ग बहुत छोटा है तो एक जूल के अंदर

[11:39] 10 की पावर 7 अर्ग होते हैं। पर ये

[11:41] एनसीईआरटी में नहीं है। चलो वर्क का

[11:42] फार्मूला क्लियर? क्लियर? और एक सवाल करते

[11:44] हैं एनसीईआरटी का हलवा सवाल। कैलकुलेट दी

[11:46] वर्क डन बाय दी फोर्स। वीडियो को पॉज

[11:48] करें। आंसर कमेंट कर दें। हलवा है भाई। कर

[11:50] दिया पॉज करके। चोरी नहीं चल भाई वर्क का

[11:53] फार्मूला बता। w = f * s क्या ये फार्मूला

[11:57] यहां लगा सकते हैं? बिल्कुल। देख 7 न्यूटन

[12:00] की फोर्स ऐसे लग रही। 8 मीटर का

[12:03] डिस्प्लेसमेंट भी इसी डायरेक्शन में है।

[12:05] तो फोर्स और डिस्प्लेसमेंट सेम डायरेक्शन

[12:07] में फार्मूला एकदम सही है। फोर्स है 7

[12:09] न्यूटन। डिस्प्लेसमेंट है 8 मीटर। 7 * 8 =

[12:13] 56 यूनिट आ गई न्यूटन मीटर। अब न्यूटन

[12:16] मीटर ना लिख के एनm को मैं क्या लिख

[12:19] दूंगा? जूल्स कैपिटल j है ना? यहां भी छोड़

[12:22] आओगे तो गलत नहीं होगा। पर एग्जाम में एक

[12:24] कुर्सी हटना। एग्जाम में अवॉइड करना ऐसे

[12:28] न्यूटन मीटर रखना। जूल्स लिख देना। चलो

[12:30] मुझे समझ में आ गया कि अगर इधर फोर्स है

[12:33] और इसी डायरेक्शन में डिस्प्लेसमेंट है या

[12:35] इधर फोर्स है और इसी डायरेक्शन में

[12:37] डिस्प्लेसमेंट है। तब तो वर्क का फार्मूला

[12:39] बहुत आसान है। f * s कर देना है और मेजर

[12:43] करना है वर्क को जूल्स में। यहां तक तो

[12:44] बहुत आसान है। अगर फोर्स और डिस्प्लेसमेंट

[12:47] का डायरेक्शन थोड़ा चेंज करें। देखो

[12:49] ज्यादा नहीं चेंज होगा। में एक दो केस और

[12:51] है। समझ लेते हैं हम। पहला वही व्हेन

[12:53] फोर्स एंड डिस्प्लेसमेंट आर इन सेम

[12:55] डायरेक्शन। जिधर फोर्स उधर डिस्प्लेसमेंट

[12:58] फार्मूला f * s ऐसे केस में वर्क हमेशा

[13:01] पॉजिटिव आता है। पिछले एग्जांपल में देखो।

[13:05] f * s जिस डायरेक्शन में फोर्स उस

[13:07] डायरेक्शन में डिस्प्लेसमेंट। वर्क कैसा

[13:09] आया? पॉजिटिव ही तो है ना? अरे जब आगे कुछ

[13:12] नहीं लिखा तो पॉजिटिव। पॉजिटिव 56 जूल।

[13:14] यानी जब फोर्स और डिस्प्लेसमेंट सेम

[13:17] डायरेक्शन में होते हैं तब बेटा वर्क कैसा

[13:20] आता है? पॉजिटिव आता है। ठीक है? इस टाइम

[13:24] फोर्स और डिस्प्लेसमेंट के बीच में एंगल

[13:26] कितना है? सर ये क्या बात? अरे यार देख

[13:28] फोर्स कैसे है? ऐसे। डिस्प्लेसमेंट कैसे?

[13:30] ऐसे। ये दोनों लाइन क्या हो गई? पैरेलल

[13:33] लाइन। पैरेलल लाइन के बीच में एंगल 0°। तो

[13:36] इस टाइम थीटा की वैल्यू कितनी है? जीरो।

[13:38] थीटा क्या है? एंगल बिटवीन फोर्स एंड

[13:40] डिस्प्लेसमेंट। एनसीईआरटी पूरे चैप्टर में

[13:43] कहीं इस एंगल का मेंशन नहीं करती। पर पता

[13:45] रखो कहीं पूछ लिया तो। दूसरा केस ये तो

[13:47] क्लियर हो गया सबसे आसान कि फोर्स और

[13:49] डिस्प्लेसमेंट किस डायरेक्शन में? सेम

[13:52] डायरेक्शन में। बीच में एंगल ज़ीरो।

[13:54] फार्मूला F * S और वर्क हमेशा कैसा आएगा?

[13:57] पॉजिटिव आएगा। ठीक है? दूसरा केस व्हेन

[14:00] फोर्स एंड डिस्प्लेसमेंट आर परपेंडिकुलर।

[14:03] वेरी इंपॉर्टेंट। इस पे बहुत सवाल

[14:05] एनसीईआरटी में दिए हैं और मैं कराऊंगा

[14:06] आपको। ये याद कर लो। व्हेन फोर्स एंड

[14:09] डिस्प्लेसमेंट आर परपेंडिकुलर जब 90° पे

[14:13] हो। जैसे मान लो डिस्प्लेसमेंट यूं हो रहा

[14:15] है। फोर्स नीचे लग रही है। एग्जांपल्स आगे

[14:18] बहुत दिखाऊंगा। टेंशन मत लो अभी पहले समझ

[14:20] लो इस चीज को। अगर डिस्प्लेसमेंट यूं हो

[14:22] रहा है। बॉडी इधर जा रही है। फोर्स किधर

[14:25] लग रही है? नीचे की तरफ लग रही है। तो

[14:26] बेटा यहां पे एंगल कितना हो गया बताओ?

[14:29] डिस्प्लेसमेंट इधर, फोर्स इधर। एंगल कितना

[14:32] हो गया? 90° थीटा इज़ 90°। इस केस में वर्क

[14:36] कितना आता है? ज़ीरो। नो वर्क इज़ डन। वर्क

[14:40] डन इज़ इक्व ज़ीरो। तो कहीं पे भी फोर्स और

[14:44] डिस्प्लेसमेंट परपेंडिकुलर दिख जाए। कैसे?

[14:47] परपेंडिकुलर दिख जाए। कैसे? परपेंडिकुलर

[14:49] दिख जाए 90° पे। तो वर्क डन।

[14:53] क्या हुआ? कुछ खराब हुआ ऑडियो में? हां।

[14:54] तो वर्क डन ज़ीरो लिख के आ जाना। चलो

[14:57] क्लियर हो गया। तो, एक केस हो गया फोर्स

[14:58] और डिस्प्लेसमेंट किधर है? सेम डायरेक्शन

[15:01] में। जिधर फोर्स, उधर डिस्प्लेसमेंट। फिर

[15:04] मैंने क्या किया? फोर्स को नीचे ले आया।

[15:06] परपेंडिकुलर हो गए। एक बार ये दोनों लाइन

[15:09] एक साथ थी। एक बार इधर लाए। अब इसको खोल

[15:11] के अपोजिट करते हैं। ऑपोजिट। एक बार दोनों

[15:15] सेम डायरेक्शन में, एक बार 90° पे, एक बार

[15:17] अपोजिट। व्हेन फोर्स एंड डिस्प्लेसमेंट आर

[15:19] इन ऑपोजिट डायरेक्शन। यानी मैं बॉडी पे

[15:22] फोर्स तो इधर लगा रहा हूं। पर ये बदतमीज

[15:25] बॉडी पीछे की तरफ मूव कर रही है। कैसी

[15:28] बदतमीज़ बॉडी है यार? किसी चीज़ पे मैं

[15:30] फोर्स ऐसे लगाऊं और वो चल के इधर चली आए।

[15:33] ऐसा हो सकता है। हो सकता है। अभी दिखाता

[15:35] हूं। अब भी दिखाता हूं। इधर ही दिखाऊंगा।

[15:38] पहले समझ लो। फोर्स अगर इधर लगी, और

[15:40] डिस्प्लेसमेंट अपोजिट डायरेक्शन में हो

[15:42] गया। इस केस में जब अपोजिट हो जाएं दोनों,

[15:45] तो वर्क का फार्मूला -f * s सेम डायरेक्शन

[15:48] में है तो प्लस। अपोजिट डायरेक्शन में है

[15:51] तो माइनस कर दो। इस केस में जो वर्क डन

[15:53] आता है वो कैसा आता है? नेगेटिव वर्क आता

[15:56] है। माइनस में वैल्यू आती है। ठीक है?

[15:59] अच्छा यहां बताओ फोर्स और डिस्प्लेसमेंट

[16:01] के बीच में एंगल कितना है? बहुत आसान है

[16:04] बेटा। फोर्स किधर है? इस तरफ। ये झूम।

[16:07] डिस्प्लेसमेंट किधर? इसके अपोजिट

[16:09] डायरेक्शन में इधर। झूम। बेटा इन दोनों

[16:11] लाइन के बीच में एंगल ये कितना दिख रहा है

[16:13] पूरा? 180°।

[16:15] तो थीटा कितना हो गया? 180°। तीन केसेस

[16:18] समझ में आ गए। फोर्स डिस्प्लेसमेंट साथ

[16:20] में है तो F * S पॉजिटिव वर्क। फोर्स

[16:23] डिस्प्लेसमेंट परपेंडिकुलर है तो वर्क डन

[16:25] सीधा जीरो। फोर्स डिस्प्लेसमेंट अपोजिट

[16:27] डायरेक्शन में तो - F * s नेगेटिव वर्क।

[16:31] ये मैं आपको दिखाता हूं कैसे हो सकता है।

[16:32] बिलीव ही नहीं हो रहा है। किसी चीज को इधर

[16:35] धकेलेंगे तो वो इधर ही जाएगी ना। इधर कैसे

[16:37] आएगी? अभी दिखा देता हूं भाई। ये देख। मान

[16:40] ले एक बॉल है और बड़ी बॉल है। तेरे शरीर

[16:43] के साइज की बॉल। साइज ऑफ योर बॉडी। बड़ी

[16:46] सी बॉल उधर से रोल करती हुई आ रही है।

[16:47] भागना नहीं है। रोकना है उसको। भागने लगे

[16:50] भागो। बड़ी सी बॉल आ रही है। मुझे इसे

[16:52] रोकना है। बॉल किधर मूव कर रही है? इस

[16:55] तरफ। मेरी तरफ उधर से आ रही है। मैं कैसे

[16:57] रोकूंगा? अपोजिट डायरेक्शन में फोर्स लगा

[17:00] के। ऐसे पकडूंगा।

[17:02] थोड़ा पीछे खिसकूंगा और थोड़ी दूर आके ऐसे

[17:04] रोक दूंगा। है कि नहीं? हां। यानी बॉल का

[17:07] मोशन तो इधर होता रहेगा और बॉल धीमे धीमे

[17:10] धीमे स्लो होती जाएगी। है कि नहीं? बॉल

[17:12] धीमे-धीमे स्लो होते होते एक जगह पे आके

[17:15] रुक जाएगी। और मैं फोर्स किधर लगा रहा हूं

[17:18] उस तरफ इन डायरेक्ट डायरेक्शन। बॉल किधर

[17:21] मूव कर रही है? इस तरफ। देख बॉल रोल होती

[17:23] हुई आ रही है। कैसे आ रही है? रोल। उधर से

[17:24] ऐसे चलती हुई रोल होते हुए आ रही है। आ

[17:26] रही है आ रही आ रही आ रही है। मैंने अ

[17:27] रोकने की कोशिश की। अ रोक दिया। पर इस

[17:31] पूरे दौरान मैंने फोर्स इधर लगाई और इस

[17:34] दौरान बॉल का डिस्प्लेसमेंट इस डायरेक्शन

[17:36] में हुआ। यानी फोर्स और डिस्प्लेसमेंट

[17:40] फोर्स इधर बॉडी का डिस्प्लेसमेंट इधर।

[17:42] एंगल कितना? 180° वर्क डन कितना हो जाएगा?

[17:48] कैसा वर्क हो गया? नेगेटिव। तो किसी चीज

[17:51] को जब आप रोकने की कोशिश करते हैं तो कैसा

[17:53] वर्क होता है? नेगेटिव। स्टॉपिंग अ मूविंग

[17:55] ऑब्जेक्ट। कैसा वर्क होता है उस टाइम पे?

[17:58] नेगेटिव वर्क होता है। समझ में आया? चलो

[18:00] आओ। एक सवाल देखो एनसीईआरटी के बहुत सारे

[18:03] सवाल मैं आपको आज करा दूंगा। एनसीईआरटी

[18:04] में अच्छे सवाल दिए हैं इस चैप्टर में।

[18:06] बोल रहे हैं कि बताओ इसमें से कौन सा जीरो

[18:08] वर्क है, कौन सा पॉजिटिव वर्क है, कौन सा

[18:10] नेगेटिव वर्क? कमेंट करके बता दो ये ए, ये

[18:12] बी, ये सी वीडियो होगा पॉज और नीचे आएगा

[18:15] कमेंट कि A में पॉजिटिव, किसमें पॉजिटिव,

[18:18] किसमें ज़ीरो, किसमें नेगेटिव। कर लिया?

[18:21] बदमाशी ही नहीं भाई। कर लिया? चलो अब

[18:24] देखते हैं। फोर्स इधर है, डिस्प्लेसमेंट

[18:26] इधर है। मुझे साफ-साफ दिख रहा है कि थीटा

[18:28] कितना है? 90° नहीं भी दिख रहा है

[18:30] परपेंडिकुलर दिख रहा है। परपेंडिकुलर केस

[18:32] में वर्क डन कितना आता है? जीरो आता है।

[18:34] फोर्स इधर है, डिस्प्लेसमेंट भी इधर है।

[18:36] सेम डायरेक्शन में है। सिंपल फार्मूला। w

[18:39] = f * s कैसा वर्क डन होता है इस केस में?

[18:43] पॉजिटिव। तो ये हो गया पॉजिटिव वर्क।

[18:45] फोर्स इधर है, डिस्प्लेसमेंट इधर। अपोजिट

[18:47] डायरेक्शन में है। वर्क डन का फार्मूला -f

[18:50] * s कैसा नेगेटिव वर्क हो गया? कैसा वर्क

[18:53] हो गया? नेगेटिव। तो यही लिखा है क्या?

[18:55] A0, b पॉजिटिव, c नेगेटिव। जितने लोगों ने

[18:58] लिखा है खुद को शाबाशी दो।

[18:59] कांग्रेचुलेशंस। चलो आगे बढ़ते हैं।

[19:01] नेक्स्ट। एनसीईआरटी का एक बहुत ही खूबसूरत

[19:04] सवाल। आओ देखते हैं। अ मास ऑफ़ 10 kg इज़ एट

[19:07] अ पॉइंट A ऑन अ टेबल। एक 10 kg का मास है।

[19:10] पॉइंट A पे रखा हुआ है। ठीक है सर। पॉइंट

[19:13] A पे रखा है। इट इज़ मूव्ड टू अ पॉइंट B।

[19:16] इसको मैं मूव करा के कहां ले आया? पॉइंट B

[19:18] पे ले आया। इसको मैं मूव करा के पॉइंट B

[19:21] में। इफ द लाइन जॉइनिंग A एंड B इज़

[19:23] हॉरिजॉन्टल। A और B को जोड़ने वाली लाइन

[19:26] कैसी है? हॉरिजॉन्टल मैंने हॉरिजॉन्टल बना

[19:28] दिया। व्हाट इज द वर्क डन ऑन द ऑब्जेक्ट

[19:32] बाय द ग्रेविटेशनल फोर्स? एक्सप्लेन योर

[19:36] आंसर। व्हाट इज द वर्क डन ऑन द ऑब्जेक्ट

[19:40] बाय द ग्रेविटेशनल फोर्स? जरा ध्यान से

[19:43] समझो। इस ऑब्जेक्ट पे कुछ वर्क हुआ भी है

[19:47] कि नहीं? डेफिनेटली वर्क हुआ है। जो तुमसे

[19:49] बोल दे ना यहां वर्क डन ज़ीरो है। एक थप्पड़

[19:52] मारना उसको जाके। तो उसको फिजिक्स नहीं

[19:54] आती। वर्क हुआ है। ध्यान से समझो। इस

[19:57] ऑब्जेक्ट को मैं जब इधर खींचूंगा, फोर्स

[20:00] लगाऊंगा, तभी तो ये इधर मूव करके आया

[20:02] होगा। तो वर्क तो हुआ है। किसने किया?

[20:05] मैंने किया, तुमने किया या तुम्हारी

[20:07] उन्होंने किसी ने भी किया। किसी ने इसको

[20:09] खींच के यहां से यहां तक कोई लेके आया

[20:12] होगा। यानी इस पे फोर्स भी लगी होगी और

[20:14] इसका डिस्प्लेसमेंट भी हुआ होगा। तो यस

[20:17] वर्क इज़ डन। बट बट फिजिक्स पढ़ने आया है तू

[20:21] क्वेश्चन देख। वर्क डन ऑन दी ऑब्जेक्ट बाय

[20:24] दी ग्रेविटेशनल फोर्स। ये नहीं पूछ रहा

[20:27] तुमने कितना काम किया? मैंने कितना? कह

[20:29] रहे हैं ग्रेविटेशनल फोर्स ने कितना काम

[20:32] किया? अब सवाल इंटरेस्टिंग हो गया है। अब

[20:34] एक बात बता ग्रेविटेशनल फोर्स किधर लगेगी?

[20:38] किसी भी ऑब्जेक्ट पे ग्रेविटी की फोर्स

[20:40] किधर लगती है? नीचे की तरफ। है ना?

[20:42] डाउनवर्ड्स लगती है। तो क्या ग्रेविटेशनल

[20:44] फोर्स इधर लगेगी? fg। ग्रेविटेशनल फोर्स

[20:48] क्या नीचे लगेगी? यस। क्या इसका

[20:50] डिस्प्लेसमेंट यूं हो रहा है? यस। बोल रहा

[20:53] है ना? A एंड B इज़ हॉरिजॉन्टल। A और B

[20:56] हॉरिजॉन्टल है। क्या फोर्स और

[20:58] डिस्प्लेसमेंट परपेंडिकुलर है? बिल्कुल।

[21:00] 90° पे है। अगर 90° पे है तो क्या वर्क डन

[21:04] ज़ीरो होगा? बिल्कुल। इस बॉडी पे वर्क डन

[21:07] ज़ीरो है। गलत बात। गलत बात। इस बॉडी पे

[21:10] वर्क डन बाय ग्रेविटेशनल फोर्स इज़ ज़ीरो।

[21:14] सही बात। यही लिखा भी है। द वर्क डन ऑन

[21:17] दिस ऑब्जेक्ट बाय ग्रेविटेशनल फोर्स इज़

[21:20] ज़ीरो। कोई तो वर्क किया ही होगा इस पे।

[21:22] तभी तो ये इधर मूव किया। पर ग्रेविटी की

[21:24] फोर्स ने कोई वर्क नहीं किया। वो चैन से

[21:26] नीचे खींच रही थी। नीचे आजा, नीचे आजा। वो

[21:28] नीचे आ ही नहीं रहा है। वो सीधा चला जा

[21:30] रहा है। तो ये केस हो गया जो मैं आपको बता

[21:32] रहा हूं कि ऑब्जेक्ट को खींच तो नीचे रहे

[21:34] हैं। पर ऑब्जेक्ट चल इधर रहा है। तो कोई

[21:36] और फोर्स होगी जिसने ये मोशन करा दिया

[21:38] होगा। और इस फोर्स ने उस टाइम कोई काम

[21:41] नहीं किया होगा। और यही कहानी लिखी है कि

[21:43] ग्रेविटी की फोर्स डाउनवर्ड लग रही है।

[21:45] ऑब्जेक्ट का डिस्प्लेसमेंट हॉरिजॉन्टल हो

[21:47] रहा है। 90° का एंगल है। वर्क डन इज जीरो

[21:50] बाय ग्रेविटेशनल फोर्स। ठीक है? नेक्स्ट

[21:53] देखो एक कुली वाला सवाल बहुत आता है। और

[21:55] कुली वाली कहानी सबने सुन रखी होगी। क्या

[21:57] होता है बेटा? मान लो प्लेटफार्म के ऊपर

[21:59] एक कुली है और सर पे कुछ सामान रखा हुआ है

[22:02] और चला जा रहा है। चला जा रहा है। चला जा

[22:04] रहा है। चला जा रहा है। सर पे सामान रखा

[22:06] है। चला जा रहा है। चला जा रहा है। चला जा

[22:07] रहा है। चला जा रहा है। चला जा रहा है।

[22:09] सवाल ये है कि ग्रेविटेशनल फोर्स ने कितना

[22:12] काम किया? या ग्रेविटेशनल फोर्स के खिलाफ

[22:16] कितना काम हुआ? बहुत आसान है। फोर्स ऑफ़

[22:20] ग्रेविटी किधर लगेगी? मान लो ये सर पे

[22:22] सामान रखा है। इस पे ग्रेविटेशनल फोर्स

[22:24] किधर लग रही होगी? नीचे। fg अरे यह fg

[22:28] क्या है? इसका वेट है भाई। इतनी फिजिक्स

[22:30] तो आती होगी ना? ऑब्जेक्ट को नीचे की तरफ

[22:32] जो अर्थ खींचती है जिस फोर्स से वो क्या

[22:34] है? इसका वेट। तो इसका वेट किधर लग रहा है

[22:36] नीचे? मान लेते हैं कुली वॉकिंग वॉकिंग

[22:38] करते हुए इस तरफ बढ़ा। तो कुली का

[22:40] डिस्प्लेसमेंट हो रहा है ऐसे। क्या फोर्स

[22:43] और डिस्प्लेसमेंट में 90° का एंगल है?

[22:46] बिल्कुल। तो वर्क डन बाय ग्रेविटेशनल

[22:49] फोर्स इज़ ज़ीरो। या वर्क डन अगेंस्ट

[22:52] ग्रेविटेशनल फोर्स इज़ ज़ीरो। ग्रेविटेशनल

[22:55] फोर्स के खिलाफ भी कोई काम नहीं हुआ है।

[22:57] ग्रेविटेशनल फोर्स ने भी कोई काम नहीं

[22:59] किया है। यही लिखा है। द फोर्स ड्यू टू

[23:01] ग्रेविटी एक्ट्स वर्टिकली डाउनवर्ड।

[23:03] डिस्प्लेसमेंट ऑफ पुली इज़ हॉरिजॉन्टल।

[23:05] वर्क डन अगेंस्ट ग्रेविटी इज़ ज़ीरो। अब

[23:09] कहोगे सर ये अगेंस्ट ग्रेविटी नहीं मजा

[23:11] आया। ना कोई समझाएगा तुमको। आओ मास्टर

[23:13] बताएगा कि अगेंस्ट ग्रेविटी की क्या कहानी

[23:15] है। मान लो ये कोई भाई साहब है। इस भाई

[23:18] साहब के सर पे लोड रखा है। कुली भाई साहब

[23:21] है। ठीक है? इनके सर पे लोड रखा हुआ है।

[23:24] ये इन्होंने हाथ से पकड़ रखा है। ठीक है?

[23:26] अच्छा। इस लोड को ग्रेविटी किधर खींच रही

[23:29] होगी? नीचे की तरफ। फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी। पर

[23:33] क्या ये लोड नीचे गिर रहा है? नहीं गिर

[23:35] रहा है। क्यों? क्योंकि आपने इसको ऊपर उठा

[23:38] रखा है। ये लोड नीचे नहीं गिर रहा है।

[23:41] कुली का जो सामान सर पे है वो नीचे नहीं

[23:43] गिर रहा है। जबकि फोर्स खींच रही है। मतलब

[23:45] कोई होगा जो इसको संभाल रहा है। तो आपका

[23:48] सर और आपका हाथ इसको ऊपर की तरफ एक फोर्स

[23:51] लगा रहा है। ये फोर्स किसके अगेंस्ट है?

[23:57] क्या ये अगेंस्ट ग्रेविटी की फोर्स है?

[24:00] कौन लगा रहा है? पुली खुद लगा रहा है।

[24:04] तभी तो भाई सामान सर पे बना हुआ है। वरना

[24:07] नीचे गिर जाएगा। पकड़े हुए कोई चीज मान लो

[24:09] अर्थ इसको नीचे खींच रही है तो सामान नीचे

[24:10] चला जाएगा। पर आपने ऊपर इसको पकड़ रखा है।

[24:12] फोर्स लगा रखी है। अब इस फोर्स का क्या

[24:16] वर्क होगा? भाई डिस्प्लेसमेंट किधर हो रहा

[24:18] है मेरे भाई? डिस्प्लेसमेंट तो ऐसे ही हो

[24:20] रहा है पुली का। ये और ये वाली फोर्स भी

[24:24] कैसे लग रही है? 90° पे। सो वर्क डन

[24:27] अगेंस्ट ग्रेविटी भी जीरो आता है। इसीलिए

[24:30] ये चीज यहां पे लिखती है वर्क डन अगेंस्ट

[24:32] ग्रेविटी। तो एक्चुअली ग्रेविटेशनल फोर्स

[24:34] नहीं देखनी होती है। एक्चुअली ये फोर्स

[24:36] देखनी होती है। फोर्स अगेंस्ट ग्रेविटी।

[24:40] आपको एक ग्रेविटी के अगेंस्ट भी तो फोर्स

[24:42] लगानी पड़ेगी कि ऑब्जेक्ट नीचे ना गिरे। ये

[24:45] कोई नहीं बता रहा है बेटा। ये सब माल है

[24:46] अच्छा फिजिक्स का। या ऊपर रखा है

[24:49] ऑब्जेक्ट। ग्रेविटी नीचे खींच रही नहीं

[24:50] गिर रहा है। क्यों नहीं गिर रहा है भाई?

[24:52] फोर्स नीचे क्यों गिर रहा? क्योंकि आपका

[24:54] सर आपका हाथ उसके ऊपर की तरफ फोर्स लगा

[24:56] रहा है। वो फोर्स किसके खिलाफ है?

[24:58] ग्रेविटी के खिलाफ। इस फोर्स ने कितना काम

[25:01] किया? इस फोर्स ने कितना काम किया? जीरो

[25:04] किया इसने भी। क्यों? क्योंकि

[25:05] डिस्प्लेसमेंट यू हो रहा है। ये फोर्स भी

[25:08] कैसे लग रही है? ऐसे। इस पे भी एंगल कितना

[25:10] है? 90°। वर्क डन बाय ग्रेविटेशनल फोर्स

[25:14] जीरो। वर्क डन बाय फोर्स अगेंस्ट ग्रेविटी

[25:17] अगेन ज़ीरो। क्योंकि दोनों ही फोर्सेस क्या

[25:19] है? डिस्प्लेसमेंट के परपेंडिकुलर। ये भी

[25:21] 90° पे। ये भी तो यही यहां लिखा है। वर्क

[25:24] डन अगेंस्ट ग्रेविटी इज़ ज़ीरो। यहीं पे

[25:27] पूछता वर्क डन बाय ग्रेविटेशनल फोर्स वो

[25:30] भी ज़ीरो आता। वो भी ऐसे लग रही है

[25:32] डिस्प्लेसमेंट के। ये भी ऐसे ही लग रही है

[25:34] डिस्प्लेसमेंट के। क्लियर? चलो भाई आगे

[25:36] बढ़ते हैं। अच्छा सवाल एनसीईआरटी का। क्या

[25:39] बोल रहे हैं? एन ऑब्जेक्ट थ्रोन एट सर्टेन

[25:42] एंगल टू दी ग्राउंड। क्या किया? एक

[25:44] ऑब्जेक्ट को किसी एंगल पे फेंका ग्राउंड

[25:46] से। ये क्लास 11th में आप पढ़ोगे।

[25:48] प्रोजेक्टाइल मोशन कहते हैं इसको। ह अभी

[25:51] भी आप स्कूल में खेलते हो। कैचम कैच खेलते

[25:54] हो? बॉल लेके ए यह ऐसे फेंका। तो एकदम ऊपर

[25:57] सीधा तो नहीं फेंकते ना बॉल ऐसे। ऐसे

[25:58] फेंकते हो। कैसे? ग्राउंड के साथ किसी

[26:01] एंगल पे। जब आप बॉल फेंकते हो ऐसे नहीं

[26:04] फेंकते हो। है ना? ऐसे नहीं फेंकते हो इस

[26:07] तरह से। ये ग्राउंड के साथ

[26:10] किसी एंगल पे ऑब्जेक्ट थ्रोन एट अ सर्टेन

[26:13] एंगल टू दी ग्राउंड। ये देखो। ये ग्राउंड

[26:15] है और ये फेंका मैंने। तो किसी एंगल पे

[26:18] फेंका विद रिस्पेक्ट टू ग्राउंड। एन

[26:20] ऑब्जेक्ट थ्रोन एट अ सर्टेन एंगल टू दी

[26:22] ग्राउंड मूव्स इन अ कर्वड्ड पाथ। एक

[26:25] कर्व्ड पाथ इसने ली। कैसे होती है बॉल?

[26:27] ऐसे जाती है टुर धाड़

[26:32] एंड फॉल्स बैक टू दी ग्राउंड। वापस

[26:34] ग्राउंड पे गिर जाती है बॉल। वरना दोस्त

[26:36] खड़ा है तो कैच ले लेता है। द इनिशियल एंड

[26:38] फाइनल पॉइंट्स ऑफ दी पाथ ऑफ दी ऑब्जेक्ट

[26:41] लाइज़ ऑन दी सेम हॉरिजॉन्टल लाइन। मतलब कुछ

[26:43] नहीं यार। कह रहा है जो इनिशियल पॉइंट है

[26:47] और जो फाइनल पॉइंट है

[26:49] ऑफ दी ऑब्जेक्ट। ऑब्जेक्ट मतलब बॉल का लाई

[26:52] ऑन दी सेम हॉरिजॉन्टल। ये देख इनिशियल

[26:54] पॉइंट है। यहां से फेंका था बॉल को। ये

[26:57] इनिशियल हो गया।

[27:00] और यहां पे आके लैंड किया इस जगह पे। ये

[27:04] बन गया फाइनल पॉइंट। क्या ये दोनों सेम

[27:07] हॉरिजॉन्टल पे है? वही कह रहा है। लाइज़ ऑन

[27:10] दी सेम हॉरिजॉन्टल। है कि नहीं भाई? बॉल

[27:12] को यूं फेंकेंगे तो हवा में तो नहीं

[27:14] रुकेगी ना। टुर दोस्त। कहां गई? टुर दोस्त

[27:18] के हाथ में। आपके हाथ से, दोस्त के हाथ

[27:20] में। तो सेम हॉरिजॉन्टल पे लैंड कर गया।

[27:23] यही बोला है द इनिशियल एंड द फाइनल

[27:25] पॉइंट्स ऑफ दी पाथ ऑफ द ऑब्जेक्ट लाई ऑन

[27:28] दी सेम हॉरिजॉन्टल। ये इनिशियल पॉइंट ये

[27:30] फाइनल पॉइंट टुर लाइज़ ऑन दी सेम

[27:33] हॉरिजॉन्टल लाइन। व्हाट इज द वर्क डन बाय?

[27:36] ध्यान से। फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी ऑन दी

[27:40] ऑब्जेक्ट। ग्रेविटी की फोर्स क्या काम कर

[27:43] रहा है? क्या इस बॉल पे कुछ काम हुआ है?

[27:45] बिल्कुल हुआ है बेटा। आपने तो किया ही है।

[27:47] देखो ना आपने फेंका। फोर्स और

[27:50] डिस्प्लेसमेंट। वर्क तो हुआ है। आपका वर्क

[27:52] नहीं पूछ रहा। वर्क डन बाय फोर्स ऑफ़

[27:55] ग्रेविटी ऑन द ऑब्जेक्ट। अच्छा सर। मेरे

[27:58] को वर्क के लिए दो चीजें चाहिए होती है।

[28:01] फोर्स और डिस्प्लेसमेंट। ठीक है? ग्रेविटी

[28:05] की फोर्स किधर लगेगी? ग्रेविटी की फोर्स

[28:07] डाउनवर्ड लगेगी। यस और नो। ग्रेविटेशनल

[28:10] फोर्स इस बॉल पे कहीं भी देखोगे किधर खींच

[28:12] रही होगी? नीचे। नीचे, नीचे, नीचे, नीचे,

[28:15] नीचे खींच रही होगी फिर। डिस्प्लेसमेंट

[28:17] क्या होता है? शॉर्टेस्ट डिस्टेंस बिटवीन

[28:21] इनिशियल एंड फाइनल पॉइंट। क्या ये इनिशियल

[28:24] पॉइंट है? हां। क्या ये फाइनल पॉइंट है?

[28:26] हां। इनके बीच का शॉर्टेस्ट डिस्टेंस क्या

[28:28] ये है? नहीं। बिल्कुल नहीं। ये तो नहीं है

[28:31] यार। ये तो बहुत लॉन्ग डिस्टेंस है। इनके

[28:33] बीच का शॉर्टेस्ट डिस्टेंस क्या ये है?

[28:36] हां सर। ये रहा शॉर्टेस्ट डिस्टेंस।

[28:39] तो ये हो गया बॉल का डिस्प्लेसमेंट A से B

[28:43] भाई डिस्प्लेसमेंट को पाथ से मतलब नहीं

[28:46] होता। सिर्फ इनिशियल पॉइंट और फाइनल पॉइंट

[28:48] के बीच का सबसे छोटा डिस्टेंस। ये हुआ

[28:51] डिस्प्लेसमेंट। ये रही फोर्स। क्या

[28:54] डिस्प्लेसमेंट और फोर्स फिर से 90° पे दिख

[28:57] रहे हैं। क्या डिस्प्लेसमेंट और फोर्स

[29:00] परपेंडिकुलर दिख रहे हैं? हां। यानी

[29:02] ग्रेविटेशनल फोर्स ने इस पूरी कहानी में

[29:05] कितना काम किया? जीरो वर्क डन। पर अगर आधी

[29:09] कहानी में पूछ लेता तो वर्क होता कि नहीं

[29:13] होता? तब होता कि नहीं होता? तब बॉल यहां

[29:16] होती, डिस्प्लेसमेंट ये होता तब कुछ होता।

[29:19] ध्यान देना इसमें पूरी कहानी में पूछा है

[29:21] क्योंकि बोल दिया है कि वापस ग्राउंड पे आ

[29:23] गया। व्हाट इज द वर्क डन बाय फोर्स ऑफ़

[29:25] ग्रेविटी। जीरो वर्क डन। बॉल का

[29:28] डिस्प्लेसमेंट ये रहा। बॉल पे फोर्स ये

[29:31] रही। फोर्स और डिस्प्लेसमेंट क्या है? 90°

[29:35] के हैं। डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो नहीं है मेरे

[29:37] भाई। कि आय हाय हाय ज़ीरो डिस्प्लेसमेंट

[29:40] नहीं डिस्प्लेसमेंट तो हुआ है। बस

[29:41] डिस्प्लेसमेंट ऐसे है और ग्रेविटेशनल

[29:44] फोर्स ऐसे है। सो वर्क डन बाय ग्रेविटेशनल

[29:46] फोर्स इज़ ज़ीरो। चमका कि नहीं चमका? अच्छा

[29:48] सवाल है एनसीईआरटी का। इसी में आधे रास्ते

[29:52] में पूछता तो ज़ीरो नहीं आता। आधे रास्ते

[29:54] में ऑब्जेक्ट यहां पे होता। ये इनिशियल

[29:56] पॉइंट, ये फाइनल पॉइंट, ये होता

[29:58] डिस्प्लेसमेंट। तब डिस्प्लेसमेंट और फोर्स

[30:01] के बीच में 90° का एंगल नहीं होता। तब

[30:04] वर्क डन ज़ीरो नहीं आता। पूरे रास्ते का

[30:07] जीरो आएगा। आधे रास्ते का जीरो नहीं आएगा।

[30:09] तो यही बात यहां पे लिखी है। वर्क डन क्या

[30:11] आएगा? ज़ीरो। द वर्क डन ऑन दिस ऑब्जेक्ट

[30:12] बाय फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी इज़ ज़ीरो। सेम रीज़न

[30:15] है कि ये ग्रेविटी की फोर्स डाउनवर्ड।

[30:18] डिस्प्लेसमेंट इज़ हॉरिजॉन्टल 90°। ठीक?

[30:21] चलो। अब देखो एनसीईआरटी का सवाल है। बहुत

[30:23] सारे एग्जांपल दिए हैं। पूछा किस में वर्क

[30:25] हुआ है? किस में वर्क नहीं हुआ है? आओ देख

[30:27] लेते हैं। सबसे पहले एक प्यारी बच्ची है

[30:30] हमारे पास। उसका नाम है सुमा। इस स्विमिंग

[30:32] इन अ पोंड। पॉइंट के अंदर बेटा लड़की

[30:33] स्विम कर रही है। छपाक छुपुक छपाक छुपुक।

[30:36] तो बेटा फोर्स तो लगा ही रही है। छपाक

[30:38] छुपुक और डिस्प्लेसमेंट भी हो रहा है। आगे

[30:40] बढ़ रही है। तो यस फोर्स भी है।

[30:42] डिस्प्लेसमेंट भी है। तो यस वर्क इज डन।

[30:45] भाई फोर्स भी लगा रही है और डिस्प्लेसमेंट

[30:47] भी ये वर्क डन है। नेक्स्ट। अ डंकी इज

[30:49] कैरिंग लोड ऑन इट्स बैक। अब ये डंकी अपने

[30:51] बैक पे लोड रखा हुआ है। अब बताओ कोई वर्क

[30:53] होगा क्या? भाई देख लोड के ऊपर फोर्स किधर

[30:56] लगेगी? इधर फोर्स ऑफ ग्रेविटी। और डंकी

[30:59] खड़ा है। अगर खड़ा है तो डिस्प्लेसमेंट

[31:02] जीरो। तो अपने आप वर्क डन क्या हो गया?

[31:05] जीरो। सो नो वर्क डन। पहली चीज अ डंकी इज़

[31:08] कैरिंग लोड ऑन इट्स बैक। डंकी के बैक पे

[31:10] लोड है। अगर डंकी खड़ा है तो एक तो फोर्स

[31:13] ऑफ़ ग्रेविटी लग रही है। पर डिस्प्लेसमेंट

[31:16] ही नहीं है। डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो, वर्क डन

[31:18] ज़ीरो। नो वर्क डन। मान लो डंकी चल दिया।

[31:20] डंकी चला, चला चला। तो डिस्प्लेसमेंट कैसे

[31:23] होगा बेटा? यूं होगा। तो फोर्स और

[31:25] डिस्प्लेसमेंट के बीच में एंगल कितना है?

[31:27] 90° तब भी वर्क डन ज़ीरो। सो उस केस में भी

[31:31] नो वर्क डन। विंडमिल इज लिफ्टिंग वाटर

[31:33] फ्रॉम अ वेल। विंड मिल खच खच खच खच खच खच

[31:36] खच ये विंडमिल होता है। टक टक टक टक टक

[31:38] घूम रहा है। मान लो यहां से एक तार बांध

[31:40] दी और यहां एक बाल्टी लगा दी। अब क्या

[31:42] होगा? ये खच खच खच खच खच पंखा ऊपर गया।

[31:44] क्या होगा? नीचे जो रस्सी है वो भी ऊपर

[31:46] आएगी। रस्सी के साथ बाल्टी भी ऊपर आएगी।

[31:49] मतलब बाल्टी पे रस्सी ऊपर की तरफ क्या लगा

[31:51] रही है? फोर्स। बाल्टी ऊपर की तरफ क्या कर

[31:53] रही है? डिस्प्लेसमेंट कर रही है। फोर्स

[31:55] भी है, डिस्प्लेसमेंट भी है। यस वर्क इज़

[31:58] डन। बोलो समझ में आया? ये चक्का है इसका।

[32:01] चक्के से मैंने क्या फंसा दिया? एक मैंने

[32:03] रस्सी फंसा दी। अब ये रस्सी जब ये ऊपर

[32:05] जाएगा तो रस्सी को क्या खींच रहा है? हां

[32:06] सर खींच रहा है। खींच रहा है क्या? रस्सी

[32:08] ऊपर आ रही है। क्या बाल्टी ऊपर आ रही है?

[32:10] हां। तो बाल्टी पे फोर्स भी लग रही है ऊपर

[32:12] की तरफ। और बाल्टी का डिस्प्लेसमेंट भी

[32:13] है। यस वर्क इज़ डन। अ ग्रीन प्लांट इज़

[32:16] कैरिंग आउट फोटोसिंथेसिस। अब भाई

[32:17] फोटोसिंथेसिस में क्या होता है? अगल-बगल

[32:19] से कार्बन डाइऑक्साइड प्लांट अब्सॉर्ब

[32:21] करता है। नीचे से पानी लेता है। क्लास 10थ

[32:23] में आप पूरा पढ़ोगे फोटोसिंथेसिस। बेटा

[32:25] बायोलॉजिकल प्रोसेस है। क्या प्लांट मूव

[32:27] करता है अपनी जगह से? जब अपना खाना बनाता

[32:29] है क्या चलने लगता है? नहीं ऐसे करके धूप

[32:32] धूप लेता है। क्लोरोफिल ये सब खाना बन

[32:35] जाता है। तो ये कैसा प्रोसेस है?

[32:36] बायोलॉजिकल। नेक्स्ट ईयर मैं ही आपको

[32:38] पढ़ाऊंगा पूरा ये। तो बेटा ये बायोलॉजिकल

[32:40] प्रोसेस है। इसमें कोई डिस्प्लेसमेंट

[32:41] वगैरह नहीं है। सो नो वर्क इज डन। इंजन इज

[32:44] पुलिंग अ ड्रेन। साफ-साफ काम हो रहा है।

[32:45] इंजन ट्रेन को क्या करती है? मतलब पीछे के

[32:48] डब्बों को कोच को आगे की तरफ फोर्स लगाती

[32:50] है। डिब्बे आगे की तरफ चल पड़ते हैं।

[32:52] फोर्स है, डिस्प्लेसमेंट है। तो यस वर्क

[32:54] इज़ डन। नेक्स्ट। फूड ग्रेंस आर गेटिंग

[32:57] ड्राइड इन दी सन। धूप में जाके आपने फूड

[33:00] ग्रेंस सुखा रहे हो। तो बेटा वो अपनी जगह

[33:01] से हिल तो नहीं रहे हैं। कोई

[33:03] डिस्प्लेसमेंट नहीं है। कोई फोर्स नहीं

[33:04] है। तो नो वर्क इज़ डन। फालतू बात थी।

[33:06] नेक्स्ट अ सेल बोट इज़ मूविंग ड्यू टू विंड

[33:09] एनर्जी। ये बताओ। एक जो बोट है वो विंड

[33:12] एनर्जी की वजह से चल रही है। तो

[33:14] डिस्प्लेसमेंट तो है कि बोट पानी में सेल

[33:17] कर रही है। सेल कर रही है मतलब चल रही है।

[33:19] तैर रही है तो डिस्प्लेसमेंट तो है। फोर्स

[33:21] है क्या? बिल्कुल है। विंड के पार्टिकल्स

[33:24] विंड मतलब एयर। एयर में क्या होते हैं?

[33:25] एयर के पार्टिकल। एयर के पार्टिकल तेजी से

[33:28] आके इसको मार रहे होंगे। ताड़ ताड़ ताड़ ताड़

[33:30] इसको मार रहे होंगे। और मार के क्या कहा

[33:32] करेंगे उसके ऊपर? फोर्स। तो फोर्स है,

[33:34] डिस्प्लेसमेंट है। तो यस वर्क इज़ डन। बोलो

[33:37] क्लियर? चलो आगे बढ़ते हैं। नेक्स्ट।

[33:40] इंटरेस्टिंग टॉपिक क्या? एनसीआरटी का

[33:43] क्वेश्चन है। बड़ा बढ़िया सवाल है। व्हाट इज

[33:45] दी वर्क डन बाय फोर्स ऑफ ग्रेविटी ऑन अ

[33:48] सेटेलाइट मूविंग अराउंड दी अर्थ? कौन सी

[33:51] फोर्स ऑफ ग्रेविटी? अब एग्जाम में ये मत

[33:53] करना कि जहां फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी आए वहां

[33:55] सर ज़ीरो। तुम लोग की फिजिक्स पढ़ने की सबसे

[33:58] बड़ी प्रॉब्लम बेटा यही है। सबसे बड़ी

[34:00] प्रॉब्लम आप लोग की फिजिक्स पढ़ने की। आप

[34:01] रट लेते हो। अब जहां फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी

[34:03] दिखेगा ज़ीरो लिख दोगे। जहां कुली दिखेगा

[34:05] वहां ज़ीरो। समझा करो। ऑलदो यहां पे भी

[34:08] ज़ीरो आंसर है। बट समझो। व्हाट इज द वर्क

[34:10] डन बाय फोर्स ऑफ ग्रेविटी ऑन अ सेटेलाइट?

[34:13] सेटेलाइट की बात हो रही है। मूविंग अराउंड

[34:15] दी अर्थ। आपको पता है अर्थ के अगल-बगल

[34:17] सैटेलाइट घूमती है। ठीक है? बोल रहे हैं

[34:19] कि ग्रेविटी की फोर्स उस पे कितना काम

[34:21] करेगी? मान लेते हैं ये सेटेलाइट है।

[34:24] सेटेलाइट पे ग्रेविटी की फोर्स किधर

[34:26] लगेगी? ग्रेविटी की फोर्स अर्थ की तरफ ही

[34:30] लगेगी। अर्थ इसको खींच रहा होगा। लास्ट

[34:32] चैप्टर में हमने पढ़ा था ग्रेविटेशन कि

[34:33] अर्थ क्या करता है? हर चीज़ को अपनी तरफ

[34:35] खींचता है। तो ये लग गई ग्रेविटी की

[34:37] फोर्स। और ये सेटेलाइट किधर जा रही होगी?

[34:40] गोल-गोल घूम रही है। टक टक टक टक टक टक टक

[34:43] टक टर टक टक टक टर इस जगह पे अगर मैं इसका

[34:48] मोशन देखूं इस जगह पे अगर मैं इसका मोशन

[34:50] देखूं तो क्या ये इधर भागना चाह रही है?

[34:53] जा नहीं पाएगी क्योंकि ग्रेविटी की फोर्स

[34:55] खींच लेगी और ये सर्कल में रह जाएगी।

[34:57] कोशिश तो करेगी जाने की पर फोर्स खींचेगी

[34:59] तो ये सर्कुलर मोशन लेगी। नीचे देखते हैं

[35:01] नीचे। नीचे यहां पे टक टक टक टक टक टक टक

[35:05] टक टक टक टक। इस जगह पे अगर मैं देखूं इस

[35:07] जगह पे ध्यान से देखूं तो इस जगह पे क्या

[35:10] ये इधर जाना चाह रही है? वैसे तो घूमेगी

[35:12] गोल पर जाना तो इधर ही चाह रही है ना। तो

[35:14] इसका डिस्प्लेसमेंट कुछ इस तरफ होना चाह

[35:17] रहा है। और फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी किधर लगेगी?

[35:19] टुवर्ड्स द अर्थ लगेगी। अर्थ क्या करेगी?

[35:21] इसको खींचती रहेगी, खींचती रहेगी। यहां पे

[35:24] फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी किधर लगेगी? अर्थ की

[35:26] तरफ लगेगी। यहां पे फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी

[35:28] किधर लगेगी? अर्थ की तरफ। तो सैटेलाइट को

[35:30] कहीं पे भी देखोगे, अर्थ उसे हमेशा अपने

[35:33] पास खींच के रखना चाहेगी। तभी तो सेटेलाइट

[35:35] भागती नहीं है। गोल-गोल घूमती रहती है

[35:37] अर्थ ने उसको पकड़ रखा है अपनी

[35:39] ग्रेविटेशनल फोर्स से। और किसी भी जगह पर

[35:41] सेटेलाइट को देखोगे कि वो खुद किधर जाना

[35:43] चाहती थी। ए टक टक टक टक टक टक टक काश मैं

[35:46] इधर निकल जाती। तो यहां पे इसका डायरेक्शन

[35:48] ये है और घूम जाएगी। यानी इस तरफ जाना चाह

[35:51] रही थी। यहां पे मैं देखूं इसका मोशन इस

[35:54] तरफ होना चाह रहा था। अब ध्यान से देखो जो

[35:57] इसका मोशन है और जो इसकी फोर्स है वो कैसी

[35:59] है? परपेंडिकुलर। मोशन और फोर्स

[36:01] परपेंडिकुलर। मोशन और फोर्स परपेंडिकुलर।

[36:04] मोशन ऑफ़ फोर्स। अपने रास्ते में जहां पे

[36:06] भी, यहां पे वो इधर डिस्प्लेस करना चाह

[36:08] रही, यहां पे इधर डिस्प्लेस करना चाह रही,

[36:10] यहां पे इधर, यहां पे इधर, करना नहीं चाह

[36:12] रही, कर भी रही है। अगर आप ज़ूम करके सोचो

[36:14] इसको एकदम माइक्रोस्कोपिक सोचो। इस थोड़े

[36:16] से इंटरवल में तो ये सीधी चली होगी ना।

[36:18] पूरी कहानी छोड़ दो। पूरे में तो गोल-गोल

[36:20] घूम रही है। अगर मैं यहां से यहां तक छोटा

[36:22] सा इंटरवल सोचूं, तो उसमें तो यूं यूं चली

[36:24] ना सीधा। और फोर्स किधर लग रही? इधर। यानी

[36:28] इसका कोई भी पॉइंट ले लो। इसकी पाथ का कोई

[36:31] भी पॉइंट यहां पे ले लो आप इस जगह पे पूरा

[36:33] तो गोल घूम रहा है। पर अगर मैं यहां से

[36:36] यहां सोचूं तो थोड़ा सा सीधा ही तो चली।

[36:39] और फोर्स किधर है? इधर। यानी इसकी पाथ में

[36:42] आप कोई भी एक पॉइंट ले लो। एनी पॉइंट ऑन

[36:44] इट्स पाथ। आपको हमेशा एक ही चीज दिखेगी कि

[36:47] फोर्स एंड डिस्प्लेसमेंट आर परपेंडिकुलर।

[36:50] फोर्स एंड डिस्प्लेसमेंट। फोर्स एंड

[36:52] डिस्प्लेसमेंट आर परपेंडिकुलर। पूरे

[36:55] रास्ते में फोर्स और डिस्प्लेसमेंट क्या

[36:57] है? परपेंडिकुलर है। और फोर्स और

[37:00] डिस्प्लेसमेंट परपेंडिकुलर तो वर्क डन

[37:02] ज़ीरो। क्या इसका डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो है?

[37:05] एक चक्कर में तो ज़ीरो हो जाएगा। जहां से

[37:07] चले थे वहां लौटे। कई बार ये आंसर भी मन

[37:09] में आता है कि सर सेटेलाइट गोल घूम के

[37:11] वापस यहीं आ गई। तो वर्क डन तो ज़ीरो होगा

[37:14] एक चक्कर में। और आधे चक्कर में। आधे

[37:17] चक्कर में तो डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो नहीं हो

[37:19] रहा है। यहां से यहां आई तब तो भाई पूरा

[37:21] चक्कर घूम गई तो जहां से चले थे वहीं

[37:23] पहुंच गए। तो डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो हो गया।

[37:25] पर आधे चक्कर में आधे चक्कर में तो जीरो

[37:28] नहीं होगा। पर तब भी वर्क डन जीरो क्योंकि

[37:30] फोर्स और डिस्प्लेसमेंट परपेंडिकुलर है।

[37:33] तो कई बच्चे ना एग्जाम में दूसरा वाला

[37:34] पॉइंट लिखाते हैं क्या? कि भाई सेटेलाइट

[37:36] सर्कल में घूम के वापस उसी पॉइंट पे पहुंच

[37:39] जाती है। तो डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो तो वर्क

[37:42] डन ज़ीरो गलत बात है। पूरे सर्किल के लिए

[37:44] सही है। आधे सर्किल में वो बात सही नहीं

[37:46] है। आधे सर्कल में ये वाला लॉजिक सही है

[37:47] कि फोर्स इधर लग रही। डिस्प्लेसमेंट इधर।

[37:50] तो ये लिखा है द वर्क डन ऑन सेटेलाइट बाय

[37:52] फोर्स ऑफ़ ग्रेविटी इज़ ज़ीरो। क्यों? फोर्स

[37:54] ऑफ़ ग्रेविटी किधर लगती है? सेंटर की तरफ।

[37:56] और सेटेलाइट किधर जाना चाहती है? ऐसे।

[37:58] टेंजेंट बोलते हैं इसको। इस चीज को

[37:59] टेंजेंट बोलते हैं। टेंजेंट की तरफ। तो

[38:01] परपेंडिकुलर हो गए। कौन? फोर्स और

[38:03] डिस्प्लेसमेंट। वर्क डन इज़ ज़ीरो। आपको पता

[38:05] है सेटेलाइट को एक बार अर्थ की ऑर्बिट में

[38:08] बैठा दो। कैसे बैठाते हैं? ऐसे जाके नहीं

[38:10] कि बैठ जाओ। रॉकेट पे भेजते हैं। रॉकेट से

[38:12] भेजा। एक बार उसको अर्थ की ऑर्बिट में छोड़

[38:15] दिया। फिर उसको फ्यूल की जरूरत नहीं है।

[38:17] पेट्रोल पेट्रोल फ्यूल उनकी जरूरत नहीं

[38:19] है। अपने आप घूमती रहती है। क्यों? बिकॉज़

[38:22] ऑफ़ ग्रेविटेशनल फोर्स। भाई वर्क करने की

[38:24] जरूरत ही नहीं है। जब वर्क ही नहीं कर रहे

[38:26] हैं तो एनर्जी नहीं गायब होगी। भाई एनर्जी

[38:28] तभी तो जाती है जब वर्क करते हैं। वर्क

[38:30] नहीं करोगे एनर्जी बची रहेगी। तो इसको

[38:32] किसी फ्यूल सेटेलाइट में कोई फ्यूल की

[38:34] जरूरत नहीं है। एक्सेप्ट फॉर कम्युनिकेशन,

[38:36] टेक्नोलॉजी बाकी काम। घूमने के लिए या

[38:38] चलने के लिए इसको गाड़ी की तरह पेट्रोल

[38:40] नहीं चाहिए। अर्थ की ग्रेविटी इसका

[38:42] पेट्रोल बन जाती है। नो वर्क इज डन। वर्क

[38:44] डन क्या है? ज़ीरो है। क्लियर? बढ़िया भाई।

[38:47] आगे बढ़ते हैं। एक और देखिए। एनसीआरटी का

[38:49] सवाल है। लल्लू सवाल है। एकदम क्या बोल

[38:51] रहे हैं कि एक आदमी अपने सर पर झाड़फूस

[38:54] लेकर खड़ा है। अ पर्सन होल्ड्स अ बंडल ऑफ

[38:56] हे ओवर ह हेड फॉर 30 मिनट्स। आप हो अपने

[38:59] सर पे ऐसे बहुत सारी घास लेके ऐसे हे ले

[39:01] के खड़े हो। क्या होगा? थक जाओगे। फिजिक्स

[39:04] के हिसाब से वर्क डन ज़ीरो सर। क्यों? कोई

[39:07] डिस्प्लेसमेंट ही नहीं है। ऐसे ढेर सारा

[39:10] बोझा लेके सर पे खड़े हैं। फिजिक्स क्या

[39:11] बोल रही है? वर्क डन क्या है? ज़ीरो। नो

[39:13] डिस्प्लेसमेंट। पर आप थक तो रहे हो।

[39:15] एनसीईआरटी खूबसूरत सवाल पूछती है कि यार

[39:17] एक्सप्लेन करो थक क्यों रहे हो? हैज़ ही सम

[39:20] डन सम वर्क ऑ नॉट? पहली बात तो ये हैज़ ही

[39:24] डन सम वर्क ऑ नॉट? क्या कोई वर्क किया?

[39:26] नहीं। जस्टिफाई योर आंसर एंड गेट्स

[39:29] टायर्ड। थक तो जा रहा है। दिखा फॉर 30

[39:31] मिनट्स एंड गेट्स टायर्ड। कह रही है ये

[39:33] समझाओ। अब ध्यान से सुनो। ये तो हमें पता

[39:35] है वर्क डन नहीं है। क्योंकि आप बोझा लेके

[39:37] खड़े हो। चल तो रहा नहीं। डिस्प्लेसमेंट

[39:40] ज़ीरो, वर्क डन ज़ीरो। फिर आप थक क्यों रहे

[39:42] हो? ध्यान से सुनो। जब आप इसको यूं पकड़े

[39:44] हो ना, तो आपकी मसल्स थक रही हैं। क्यों

[39:46] थक रही हैं? बेटा, आपकी मसल्स अंदर पता है

[39:48] क्या करती हैं? बायोलॉजी में आप समझोगे।

[39:50] मसल्स अंदर करती हैं। कॉन्ट्रक्शन,

[39:52] रिलैक्सेशन। कॉन्ट्रैक्शन, रिलैक्सेशन।

[39:54] कॉन्ट्रैक्शन, रिलैक्सेशन। कॉन्ट्रैक्शन

[39:57] मतलब मसल्स आपकी दबेगी, लंबी होगी, दबेगी,

[39:59] लंबी होगी, दबेगी, लंबी होगी। लगातार

[40:02] मूवमेंट करती रहती है। टाइनी मूवमेंट,

[40:03] चुकचुक, चिक टाइनी मूवमेंट्स चल रहे हैं।

[40:06] अब बेटा ये मूवमेंट करने के लिए मान लो ये

[40:09] चीज ऐसे चलानी है तो कहीं से एनर्जी तो

[40:11] चाहिए होगी ना। खच खच, खच खच कर। ये

[40:13] एनर्जी कहां से मिलती है? आपके खाने से।

[40:16] जो खाना खाते हो। खाने से पेट में आती है

[40:18] केमिकल एनर्जी। अरे खाना केमिकल ही तो है।

[40:20] ब्रेड खाओगे केमिकल है। रोटी खाओगे केमिकल

[40:23] है। दाल पियोगे सब केमिकल ही तो है। वो

[40:25] केमिकल एनर्जी पेट में स्टोर है। वो

[40:27] एनर्जी लगातार आप लेते रहते हो पेट से।

[40:28] आपकी मसल्स को चाहिए। हाथ की मसल्स, पीठ

[40:31] की मसल्स ऐसे देखो टाइट एकदम कच कच कच कच

[40:33] कच कच कच कच। तभी तो ऐसे अकड़े हुए हो। कच

[40:35] कच थोड़ी देर बाद मसल्स क्या होती है? थक

[40:36] जाती हैं। क्यों? क्योंकि एनर्जी आप खाते

[40:38] जा रहे हो। खाते जा रहे हो। बायोलॉजी और

[40:40] समझाएगी आपको नेक्स्ट ईयर कि और क्यों

[40:42] थकते हो? एनरोबिक प्रोसेस होता है।

[40:43] ऑक्सीजन कमी होती है। अभी इतना नहीं।

[40:45] सिंपल। द हे इज़ नॉट मूविंग इट्स डिस्प्ले

[40:48] इट्स डिस्प्लेसमेंट इज़ ज़ीरो। सो वर्क डन

[40:50] इज़ ज़ीरो। फिर भाई थक क्यों रहे हैं? दिस

[40:54] कंटीन्यूअस

[40:56] मसल मूवमेंट्स यूजज़ अप बॉडीज स्टर्ड

[40:58] केमिकल एनर्जी फ्रॉम फूड वी गेट। दिस इज़

[41:00] व्हाई पर्सन गेट्स टायर्ड। क्या होता है

[41:02] बेटा? आपकी आर्म्स, आपके बैक, शोल्डर्स

[41:05] कॉन्स्टेंटली कॉन्ट्रैक्ट एंड रिलैक्स

[41:07] करती हैं मसल्स। क्लियर? चलो भाई, तो थकते

[41:10] हैं ये सच बात है। वर्क की कहानी खत्म

[41:12] हुई। वर्क का फार्मूला सिंपल। f * s लगाना

[41:15] है। बहुत सिंपल है। यूनिट उसकी जूल्स है।

[41:18] अगर परपेंडिकुलर है फोर्स और

[41:20] डिस्प्लेसमेंट तो वर्क डन ज़ीरो है। और अगर

[41:22] अपोजिट है तो नेगेटिव वर्क - f * s कर

[41:25] देंगे। अब अगला टॉपिक आता है एनर्जी।

[41:28] एनर्जी क्या है? कि कितना वर्क करके स्टोर

[41:32] कर लिया है। कितना काम करके रख लिया है?

[41:35] एनर्जी इज दी एबिलिटी टू डू वर्क। अगर

[41:39] मेरे पास एक बैग में कुछ एनर्जी है तो

[41:43] मेरे पास जितनी एनर्जी है मैं ज्यादा से

[41:46] ज्यादा उतना ही काम कर पाऊंगा।

[41:49] एनर्जी इज दी एबिलिटी टू डू वर्क। मेरे

[41:52] पास जितनी एनर्जी होगी, मैं उतना ही वर्क

[41:55] कर पाऊंगा। एनर्जी इज़ डिफाइंड एज दी

[41:58] एबिलिटी टू डू वर्क। इट्स एसआई यूनिट इज़

[42:01] सेम एज वर्क। इसकी एसआई यूनिट क्या है?

[42:03] जूल्स। भाई एक बात समझ मान ले मेरे पास

[42:08] मान ले मेरे पास पोटली में मान ले मेरे

[42:11] पास पोटली में 10 जूल की एनर्जी है। यह

[42:15] स्टर्ड वर्क है। क्या है? स्टर्ड वर्क।

[42:17] एबिलिटी टू डू वर्क। इतना वर्क मैंने बचा

[42:19] के रखा है। अब मैं 10 जूल एनर्जी से कितना

[42:22] वर्क कर पाऊंगा? मैं 10 जूल एनर्जी से 10

[42:25] जूल वर्क ही कर पाऊंगा। सो एनर्जी की

[42:28] यूनिट वही है जो वर्क की है। अच्छा एक बात

[42:30] और समझो। सेकंड लॉ ऑफ़ थर्मोडायनेमिक्स

[42:32] आपको जिंदगी में सिखाएगा। मास्टर अभी बता

[42:33] देता है। जितनी पूरी एनर्जी है पूरा का

[42:35] पूरा वर्क नहीं बन पाता।

[42:38] बहुत इनफिशिएंसी है बेटा दुनिया के अंदर।

[42:40] मैं आपको जितना पढ़ा रहा हूं, मैं कितनी भी

[42:41] बोलूं कि एग्जाम में सारे क्वेश्चन आप कर

[42:43] लोगे आप नहीं करोगे। एक दो छोड़ दोगे।

[42:44] आपसे भी नहीं होगा। तो सारी की सारी

[42:46] एनर्जी कन्वर्ट नहीं होती है। ठीक है? 1

[42:48] जूल इज द अमाउंट ऑफ एनर्जी रिक्वायर्ड टू

[42:50] डू वन जूल ऑफ़ वर्क इन आइडियल वर्ल्ड। इन

[42:53] आइडियल वर्ड। ठीक है? टाइप्स ऑफ एनर्जी ये

[42:55] सब देखा होगा आपने क्लास सिक्स सेवंथ एट

[42:57] से। बहुत अलग-अलग तरह की एनर्जी होती है।

[42:59] काइनेटिक एनर्जी ये हमें डिटेल में पढ़नी

[43:01] है। आगे इसके बारे में डिटेल में बात

[43:03] करेंगे। कोई भी मूविंग ऑब्जेक्ट हो, कोई

[43:05] भी चलता हुआ ऑब्जेक्ट हो, उसके पास एक

[43:07] एनर्जी है। काइनेटिक एनर्जी। तभी तो चल पा

[43:09] रहा है। जब आप भी दौड़ते हो, आपके पास भी

[43:11] काइनेटिक एनर्जी। लाइट एनर्जी सबने देखा

[43:13] है। बल्ब, ट्यूबलाइट, सन सबके पास है।

[43:16] इलेक्ट्रिक एनर्जी जिससे पंखा चल रहा है,

[43:17] टीवी चल रहा है, स्मार्ट बोर्ड चल रहा है,

[43:19] क्लास हो रही है। हीट एनर्जी जो आग के पास

[43:21] एनर्जी होती है। साउंड एनर्जी जो आवाज की

[43:24] आवाज जो कर रहे हैं, कैसे आ रहा है

[43:25] एनर्जी? भाई साउंड क्या है? एयर के

[43:28] मॉलिक्यूल्स वाइब्रेट करते हैं। ढक ढक ढक

[43:30] ढक वही तो कान में सुनाई पड़ता है एडमम को

[43:32] हिट करते हैं ढक। तो वो जो वाइब्रेट मतलब

[43:34] उनका मोशन, डिस्प्लेसमेंट मतलब उन पे

[43:35] फोर्स। दैट्स व्हाई एनर्जी। समझ में आया?

[43:38] केमिकल एनर्जी बेटा बैटरी वगैरह हो गई

[43:40] आपका पेट हो गया। इन सब जगह क्या है?

[43:42] केमिकल एनर्जी। बैटरी के अंदर क्या होते

[43:43] हैं? केमिकल्स होते हैं। जो कि बाद में

[43:45] इलेक्ट्रिक एनर्जी बन जाते हैं।

[43:46] न्यूक्लियर एनर्जी बेटा न्यूक्लियर एनर्जी

[43:49] वॉर-वॉर्स में बहुत यूज़ बॉम्ब्स जो होते

[43:51] हैं। एटम बॉम्ब, हाइड्रोजन बॉम्ब ये कैसे

[43:53] बनते हैं? न्यूक्लियर एनर्जी से। एक दूसरा

[43:55] अच्छा यूज़ भी है न्यूक्लियर एनर्जी का जो

[43:56] न्यूक्लियर पावर प्लांट के अंदर यूज़ होता

[43:58] है कि न्यूक्लियर एनर्जी से आप इलेक्ट्रिक

[44:00] एनर्जी बनाते हैं आज के टाइम पे।

[44:02] पोटेंशियल एनर्जी ये हमें डिटेल तो हमारे

[44:04] सिलेबस में दो ही हैं जो डिटेल में समझना

[44:06] है। थोड़ा सा इलेक्ट्रिक एनर्जी भी है। ये

[44:08] भी थोड़ा सा डिटेल में पढ़ेंगे हम लोग। कम

[44:10] पढ़ेंगे। ये दोनों पढ़ना है। पोटेंशियल

[44:12] एनर्जी क्या है बेटा? मैं बताता हूं।

[44:15] आपके एग्जाम में बेटा 90 नंबर आएंगे। आ गए

[44:18] क्या? नहीं। पर मैं क्या बोलता हूं? यू

[44:21] हैव द पोटेंशियल टू गेट 90 नंबर। यानी

[44:23] तुम्हारे अंदर स्टर्ड है। सो पोटेंशियल एक

[44:26] एनर्जी है जो इंसान के पास या किसी

[44:28] ऑब्जेक्ट के पास स्टर्ड है। अभी उसने अपना

[44:31] रूप दिखाया नहीं है। एक छुपी हुई एनर्जी

[44:33] है। आगे डिटेल में पढ़ेंगे। चलो स्टार्ट

[44:35] करते हैं काइनेटिक एनर्जी से। काइनेटिक

[44:37] एनर्जी क्या है कि कोई भी ऑब्जेक्ट जो मूव

[44:39] कर रहा है जो मोशन में है। भाई कोई चीज

[44:42] अगर चल रही है क्या आप बिना खाना खाए दौड़

[44:45] सकते हो? नहीं। एनर्जी चाहिए ना दौड़ने के

[44:47] लिए। कार क्या बिना पेट्रोल के चल सकती

[44:49] है? नहीं। एनर्जी चाहिए चलने के लिए।

[44:51] इनफैक्ट वो छोटी सी जो खिलौने वाली गाड़ी

[44:53] होती है बच्चों वाली उसमें भी आप जब चाबी

[44:55] भरते हो छोड़ते हो तब चलता है ना तो आपने

[44:56] क्या किया अपने हाथ से उसके अंदर एनर्जी

[44:59] ट्रांसफर की भरी उसके अंदर एनर्जी तब वो

[45:02] चला तो एक चलते हुए ऑब्जेक्ट के पास हमेशा

[45:05] एनर्जी होती है उस एनर्जी को मैं बोलता

[45:07] हूं काइनेटिक एनर्जी हम लिखेंगे उसको KE

[45:10] ठीक है उसका हमने छोटा नाम रख दिया आप लोग

[45:12] नहीं रखते हो आपके दोस्त का नाम दिव्यम

[45:13] जायसवाल है तो डी जे कर दिया बहुत से

[45:15] दोस्तों का नाम डी जे मेरे को दोस्त लोग

[45:17] एपी बोलते थे काइनेटिक एनर्जी के ई हो गया

[45:20] ठीक ठीक है। और क्या बोलते थे दोस्त वो

[45:22] पूछो। तुम्हें भी क्या-क्या बोलते हैं?

[45:24] मैं नहीं पूछ रहा हूं। दोस्त बहुत अलग-अलग

[45:25] नाम से बुलाते हैं। बाहर समाज में नहीं

[45:28] निकलने चाहिए वो नाम। तुम बताना तुम्हारा

[45:29] दोस्त तुम्हें किस नाम से? ग्रुप में एक

[45:31] दो तो बड़े खतरनाक नाम होते हैं जो मम्मी

[45:33] पापा के सामने बोल नहीं सकते। सर गंदी

[45:35] बात। अरे तुम करते हो। मैं तो बस एक्सपोज

[45:37] कर रहा हूं। हां। kee इज़ द काइनेटिक

[45:39] एनर्जी। किसके पास है? मूविंग बॉडी के पास

[45:42] है। जिसका मोशन हो रहा है। अब आप कहोगे सर

[45:44] मोशन जिस बॉडी का है उसमें एनर्जी है कि

[45:46] नहीं? मैं प्रूफ कर देता हूं। मैं प्रूफ

[45:48] करता हूं। एनर्जी क्या है? एबिलिटी टू डू

[45:51] वर्क। मान लीजिए एक कार बहुत तेजी से चल

[45:53] रही है। इसके सामने मैंने एक ब्लॉक रख

[45:54] दिया। एक ऑब्जेक्ट रख दिया। कुछ रख दिया

[45:56] ऐसा। ये कार तेजी से आएगी। इस ऑब्जेक्ट को

[45:59] मारेगी धड़ाक यानी इस पे लगेगी फोर्स। क्या

[46:03] ये आगे मूव कर जाएगा? कार आई धौड़। क्या ये

[46:06] आगे मूव कर जाएगा? हां। यानी इस पे लगी

[46:08] फोर्स। इसका हुआ इसका। इस पे लगी फोर्स,

[46:11] इसका हुआ डिस्प्लेसमेंट। इस पे क्या हो

[46:13] गया बेटा? वर्क। यानी इस कार के पास क्या

[46:16] था? एबिलिटी टू डू वर्क। यह देख एक बॉल

[46:20] है। तेजी से आ रही है। सामने दूसरी बॉल

[46:22] रखी है। यह बॉल तेजी से आएगी। इस बॉल को

[46:24] मारेगी। इस पे क्या लगाएगी? फोर्स। फिर यह

[46:26] बॉल भी चलने लगेगी। इसका होगा

[46:27] डिस्प्लेसमेंट। यानी इसने क्या किया?

[46:29] वर्क। किसने किया? इस बॉल ने। मूविंग

[46:32] ऑब्जेक्ट्स हैव एबिलिटी टू डू वर्क। इसका

[46:35] मतलब इनके पास काम करने की एबिलिटी है।

[46:38] मतलब इनके पास एनर्जी है। मूविंग

[46:41] ऑब्जेक्ट्स हैव एबिलिटी टू डू वर्क। दिस

[46:43] इज़ दी काइनेटिक एनर्जी। अब बात आती है

[46:46] काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला क्या है? तो

[46:47] काइनेटिक एनर्जी दो चीज पे डिपेंड करती

[46:49] है। एक ऑब्जेक्ट कितना भारी है, कितना

[46:51] उसका मास है? दूसरा किस स्पीड से वो

[46:54] ऑब्जेक्ट चल रहा है? काइनेटिक एनर्जी

[46:56] डिपेंड्स ऑन मास ऑफ ऑब्जेक्ट स्पीड ऑफ़

[46:58] ऑब्जेक्ट। मान लो कोई एक ऑब्जेक्ट है।

[47:00] इसका मास m है और ये v स्पीड से या v

[47:04] वेलोसिटी से जो बोलना हो बोलो। दोनों में

[47:06] दिक्कत नहीं है। दोनों में आराम से टेंशन

[47:08] नहीं। v स्पीड से या v वेलोसिटी से चल रहा

[47:11] है। तो इसकी जो काइनेटिक एनर्जी है ke वह

[47:14] होगी 1/2 mv²

[47:17] 1/2 mv का स्क्वायर। अब देखो काइनेटिक

[47:21] एनर्जी किसमें मेजर होगी? एनर्जी है।

[47:23] एनर्जी हमेशा जूल्स में। कोई भी काइनेटिक

[47:25] एनर्जी हो, पोटेंशियल एनर्जी हो, लाइट

[47:27] एनर्जी हो, इलेक्ट्रिक एनर्जी हो, सब

[47:29] जूल्स में मेजर होती है जनरली। सो,

[47:31] काइनेटिक एनर्जी इज़ मेज़र्ड इन जूल्स। मास

[47:33] किसमें? केजी में। वेलोसिटी किसमें? मीटर

[47:36] पर सेकंड में। ध्यान रखो कई बार क्या होता

[47:38] है एग्जाम के अंदर आपने देखा होगा कि

[47:40] वेलोसिटी किलोमीटर पर आर में दे देती है

[47:42] तो मैंने कई बार बताया इसको कैसे कन्वर्ट

[47:44] करना होता है फिर से सीख लो 5/18 से

[47:47] मल्टीप्लाई कर देना वेलोसिटी किस में चेंज

[47:49] हो जाएगी मीटर पर सेकंड में काइनेटिक

[47:51] एनर्जी कैसी क्वांटिटी है स्केलर एनर्जी

[47:53] सारी स्केलर क्वांटिटी होती है वर्क भी

[47:55] स्केलर है एनर्जी का कोई डायरेक्शन नहीं

[47:57] होता है जूल्स में मेजर करते हैं 1/2 mv²

[48:00] और एक सवाल कर लेते हैं एनसीईआरटी का एन

[48:02] ऑब्जेक्ट ऑफ़ मास 15 kg इज़ मूविंग विथ अ

[48:05] यूनिफॉर्म वेलोसिटी ऑफ़ 4 मीटर पर सेकंड

[48:07] व्हाट इज द काइनेटिक एनर्जी? पॉज करके

[48:08] आंसर कमेंट कर दो। हलवा है भाई कर लोगे कि

[48:11] नहीं? हां। कर लोगे कि नहीं कर लोगे? पॉज

[48:13] करके कमेंट कर दिया। मैं करूं? चलिए। KE =

[48:18] 1/2 mv²

[48:21] 1/2 m कितना है? 15 kg. V कितना है? चार।

[48:25] चार का स्क्वायर। सो 1/2 * 15 * 4 का

[48:29] स्क्वायर कितना हो गया? 16. 2 * 1 = 2, 2

[48:31] * 8 = 16, 15 * 8 = 120. एनर्जी है तो

[48:35] एनर्जी की यूनिट क्या है? जूल्स। 120 J2

[48:39] mv² एकदम सिंपल। चलो ये बाद में करते हैं

[48:43] डिराइविंग। पहले तुमको चलो अच्छा कर लेते

[48:45] हैं। डिराइविंग फार्मूला ऑफ़ काइनेटिक

[48:47] एनर्जी। कैसे आया ये फार्मूला? अपन

[48:49] काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला देख चुके।

[48:51] क्या है? 1/2 mv²।

[48:54] देखो ये एग्जाम में आता नहीं है। मैं करा

[48:56] देता हूं।

[48:57] वर्क डन ऑन ऑब्जेक्ट विल बिकम इट्स

[49:00] काइनेटिक एनर्जी। मैंने आपको बताया किसी

[49:02] चीज पर अगर काम करके मैं रख दूं तो वही

[49:04] काम उसका क्या बन जाता है? एनर्जी और उसी

[49:07] एनर्जी से वो फिर से काम करता है। सो वर्क

[49:09] डन ऑन ऑब्जेक्ट विल बिकम इट्स काइनेटिक

[49:12] एनर्जी। ये मैंने एजम्पशन लिया इस

[49:14] डेरिवेशन के लिए। एक ऑब्जेक्ट है जो

[49:17] इनिशियली u वेलोसिटी से चल रहा है। बाद

[49:19] में इसकी वेलोसिटी v हो गई। मास इसका m

[49:22] है। डिस्प्लेसमेंट इसका s हुआ। ये लिखा है

[49:25] u इनिशियल वेलोसिटी शुरुआत की। बाद में

[49:27] वेलोसिटी इसकी v हो गई। डिस्प्लेसमेंट s

[49:30] हुआ हुआ। एक्सेलरेशन इसका a है। m मास ऑफ़

[49:33] ऑब्जेक्ट है। ठीक है? डेरिवेशन आती है

[49:35] जल्दी से फिर भी समझ लेते हैं। अब मुझे

[49:36] बताओ ये कह रहे हैं वर्क डन ऑन ऑब्जेक्ट

[49:39] विल बिकम इट्स काइनेटिक एनर्जी। बेटा वर्क

[49:41] डन का फार्मूला क्या होता है? फोर्स *

[49:44] डिस्प्लेसमेंट। मुझे ये बताओ फोर्स का

[49:46] फार्मूला क्या होता है? पिछले चैप्टर में

[49:48] पढ़ा था। क्या f = m * a होता है? बिल्कुल

[49:52] ठीक है। अब मुझे डिस्प्लेसमेंट चाहिए।

[49:54] ध्यान से सोचो। एक इक्वेशन ऑफ़ मोशन याद

[49:57] करो। ये वाली v² - u² = 2as पढ़ी थी। v² -

[50:04] u² 2s यहां से अगर मैं s को सब्जेक्ट

[50:07] बनाऊं तो क्या s को मैं v² - u² / 2a लिख

[50:12] सकता हूं। v² - u² 2a नीचे आ गया। अच्छा।

[50:16] अब जरा वर्क का फार्मूला वापस से देखते

[50:18] हैं। वर्क का फार्मूला वर्क इक्व फोर्स *

[50:22] डिस्प्लेसमेंट। फोर्स की जगह क्या मैं ma

[50:25] लिख दूं? मास * एक्सीलरेशन। क्या

[50:28] डिस्प्लेसमेंट की जगह मैं ये रख सकता हूं?

[50:30] v² - u² / 2s क्या ये सही है? सॉरी 2a v²

[50:38] - u² / 2a यहां से a और a मर जाएगा। क्या

[50:43] आया? 1/2 m v² - u² बोलो आ जाएगा। 1/2mv²

[50:50] - u² मान लो ऑब्जेक्ट शुरुआत में रेस्ट पे

[50:54] था। मान लेते हैं ऑब्जेक्ट इनिशियली रेस्ट

[50:56] पे था। ऑब्जेक्ट

[51:00] इनिशियली

[51:01] शुरुआत में रेस्ट पे था। शुरुआत में रुका

[51:06] हुआ था। रुका हुआ था तो उसकी स्टार्टिंग

[51:08] की वेलोसिटी कितनी हो गई? u कितना हो

[51:11] जाएगा? ज़ीरो। स्टार्टिंग में रेस्ट पे है

[51:13] तो स्टार्टिंग की वेलोसिटी ज़ीरो। यहां u

[51:15] की वैल्यू जीरो रख दो। कितना आया? 1/2

[51:18] mv²।

[51:20] और यहां क्या लिखा है? वर्क डन ऑन

[51:22] ऑब्जेक्ट विल बिकम इट्स काइनेटिक एनर्जी।

[51:25] सो वर्क डन ऑन ऑब्जेक्ट ही क्या बनेगी

[51:28] उसकी? काइनेटिक एनर्जी। तो वर्क डन देखो

[51:30] क्या बन गया है इसका? काइनेटिक एनर्जी।

[51:33] सो, दिस इज़ हाउ वर्क डन इज़ इक्वल्स टू 1/2

[51:35] mv² व्हिच बिकम्स काइनेटिक एनर्जी।

[51:37] डेरिवेशन आती नहीं है। काइनेटिक एनर्जी का

[51:39] फार्मूला याद रखना इंपॉर्टेंट है। चलो आगे

[51:41] बढ़ते हैं। अब काइनेटिक एनर्जी का रिलेशन

[51:44] वेलोसिटी के साथ देखो। बड़ा खूबसूरत सा है।

[51:46] क्या? 1/2 mv²

[51:48] v के स्क्वायर पे डिपेंडेंट है। v अगर दो

[51:52] गुना बढ़ा तो काइनेटिक एनर्जी दो गुना नहीं

[51:54] बढ़ेगी। एक तो दिख रहा है कि वेलोसिटी

[51:56] जितनी ज्यादा कोई चीज़ जितनी ज्यादा तेज़

[51:58] चलेगी उसके पास उतनी ज्यादा काइनेटिक

[52:00] एनर्जी होगी। हां कि ना? कोई चीज जितनी

[52:02] तेज चल रही होगी उतनी ज्यादा एनर्जी होगी

[52:04] उसके अंदर। बिल्कुल सही। अगर वेलोसिटी या

[52:06] स्पीड दो गुना बढ़ी तो काइनेटिक एनर्जी दो

[52:09] गुना नहीं बढ़ेगी। दो का स्क्वायर चार गुना

[52:13] बढ़ेगी। यही लिखा है। वेलोसिटी डबल्ड तो

[52:15] वेलोसिटी अगर टू टाइम्स हुई तो काइनेटिक

[52:18] एनर्जी इसका स्क्वायर v² 2² कितने टाइम्स

[52:22] बढ़ेगी? फोर टाइम्स बढ़ेगी।

[52:29] वेलोसिटी ट्रिपल। वेलोसिटी को अगर मैं तीन

[52:32] गुना करूं तो काइनेटिक एनर्जी तीन गुना

[52:34] नहीं होगी। तीन का स्क्वायर

[52:39] कितने गुना हो जाएगी? 3² कितना? 9 टाइम्स

[52:42] काइनेटिक एनर्जी बढ़ेगी। यानी आप जितने

[52:45] गुना स्पीड को बढ़ाओगे, काइनेटिक एनर्जी

[52:47] उसके स्क्वायर टाइम्स बढ़ेगी। ठीक है?

[52:50] वेलोसिटी को हाफ कर दिया। वेलोसिटी को

[52:53] मैंने हाफ 1/2 कर दिया। काइनेटिक एनर्जी

[52:56] भी हाफ हो जाएगी। कितनी होगी? 1/2 का

[53:00] स्क्वायर वेलोसिटी को मैंने हाफ कर दिया।

[53:03] काइनेटिक एनर्जी हाफ नहीं बहुत ज्यादा कम

[53:05] होगी। 1/2 का स्क्वायर कितना? 1/4 टाइम्स

[53:09] हो जाएगी काइनेटिक एनर्जी। क्लियर है? एक

[53:12] कमेंट में बताना। अगर मैंने वेलोसिटी को

[53:14] फोर टाइम्स कर दिया। तो काइनेटिक एनर्जी

[53:17] कितने टाइम्स हो जाएगी? कमेंट करके बताइए

[53:19] पॉज करके। आइए भाई, एनसीईआरटी का एक और

[53:21] सवाल ले लेते हैं। क्या है? द काइनेटिक

[53:23] एनर्जी ऑफ़ एन ऑब्जेक्ट ऑफ़ मास m मूविंग

[53:25] विथ द वेलोसिटी ऑफ़ 5 मीटर पर सेकंड इज़ 25

[53:27] J। ठीक है भाई? भाई काइनेटिक एनर्जी कितनी

[53:29] है मेरे पास? 25 जूल है।

[53:33] ठीक है? व्हाट विल बी द काइनेटिक एनर्जी

[53:35] व्हेन वेलोसिटी इज़ डबल्ड? तो बेटा मेरे को

[53:36] काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला पता है। 1/2

[53:40] mv²। ये कह रहे हैं व्हाट विल बी इट्स

[53:42] काइनेटिक एनर्जी व्हेन वेलोसिटी इज़ डबल्ड।

[53:44] अगर वेलोसिटी को मैं डबल करूं।

[53:48] वेलोसिटी को मैं डबल करूं तो काइनेटिक

[53:51] एनर्जी कितने गुना हो जाएगी? बताओ।

[53:54] डबल मतलब टू और टू का स्क्वायर कितने गुना

[53:57] हो जाएगी? फोर टाइम्स हो जाएगी। तो नई

[53:59] काइनेटिक एनर्जी कितनी हो जाएगी?

[54:04] कितनी? चार गुना ऑफ़ इनिशियल काइनेटिक

[54:06] एनर्जी। इनिशियल कितनी थी? 25। तो 4 * 25

[54:10] कितनी हो जाएगी? 100 जूल्स। आगे क्वेश्चन

[54:13] और आगे चलता है। क्या? व्हाट विल बी इट्स

[54:16] काइनेटिक एनर्जी व्हेन वेलोसिटी इज़

[54:18] इंक्रीज़्ड टू थ्री टाइम्स? अगर वेलोसिटी

[54:20] को मैं तीन गुना कर दूं।

[54:24] ट्रिपल कर दिया मैंने थ्री टाइम्स। तो

[54:26] काइनेटिक एनर्जी का क्या होगा? वेलोसिटी

[54:28] का स्क्वायर। थ्री टाइम्स का स्क्वायर।

[54:30] कितने टाइम्स हो जाएगी? नाइन टाइम्स हो

[54:32] जाएगी। तो अब न्यू काइनेटिक एनर्जी विल बी

[54:36] 9 टाइम्स ऑफ़ इनिशियल काइनेटिक एनर्जी। 9 *

[54:39] 25 कितना? 25 जूल। बोलो समझ में आया? यहीं

[54:43] पे बोलता वेलोसिटी को मैंने हाफ कर दिया।

[54:46] तो काइनेटिक एनर्जी क्या होती? वेलोसिटी

[54:48] को हाफ किया है। 1/2 का स्क्वायर तो 1/4

[54:52] टाइम हो जाती। क्लियर? चलो। अब ये क्या कह

[54:55] रहे हैं? इफ बोथ द मास एंड द वेलोसिटी ऑफ़

[54:58] एन ऑब्जेक्ट आर डबल्ड। मास भी डबल कर

[55:00] दिया, वेलोसिटी भी डबल कर दी। व्हाट विल

[55:03] बी द न्यू काइनेटिक एनर्जी कंपेयर टू दी

[55:05] ओरिजिनल। मान लेते हैं कि शुरुआत में मास

[55:08] m है वेलोसिटी v है। तो स्टार्टिंग की

[55:11] काइनेटिक एनर्जी कितनी हो जाएगी? 1/2 mv²।

[55:16] फिर ये क्या बोल रहे हैं कि मास को भी डबल

[55:19] किया, वेलोसिटी को भी डबल किया। तो नया

[55:21] मास इसका डबल कितना हो गया? 2m। नई

[55:24] वेलोसिटी इसकी डबल कितनी हो गई? 2 v। नई

[55:28] काइनेटिक एनर्जी क्या होगी? मैं बोल देता

[55:30] हूं KE डैश। हाफ m अब मास कितना है? 2m v²

[55:36] पर वेलोसिटी भी कितनी है? 2 v तो 2 v का

[55:40] स्क्वायर। अब इस हाफ को मत छेड़ना। इसको

[55:43] ऐसे ही रहने दो। कितना हो गया? 2m * 2² 4

[55:48] और v² v² सो k'

[55:52] कितना हो जाएगा? हाफ। अब यहां से देखो mv²

[55:57] को मैं यहां लिख लूं ताकि मैं कंपेयर कर

[55:59] पाऊंगा ओरिजिनल से और 2 * 4 = 8 अब जरा

[56:03] ध्यान से देखो ये 1/2 mv² क्या है? ये

[56:06] इनिशियल काइनेटिक एनर्जी थी। तो क्या मैं

[56:09] लिख सकता हूं कि जो kee ड है वो 8 टाइम्स

[56:15] ऑफ 1/2 mv² को क्या लिख सकता हूं? इनिशियल

[56:18] काइनेटिक एनर्जी। यानी नई काइनेटिक एनर्जी

[56:21] कितनी हो गई? आठ गुना ऑफ़ पुरानी काइनेटिक

[56:24] एनर्जी 1/2 डबल फोर टाइम्स एट टाइम्स।

[56:27] बोलो आया? ठीक है? ऐसा ही एक क्वेश्चन और

[56:31] है। इसका आंसर आपको कमेंट करके बताना है।

[56:34] इफ द मास ऑफ़ एन ऑब्जेक्ट इज़ डबल्ड, मास

[56:37] कितना कर दिया? 2m कर दिया, एंड द

[56:39] वेलोसिटी इज़ रिड्यूस्ड टू हाफ। वेलोसिटी

[56:42] कितनी करदी? v / 2 अब बताना है नई

[56:45] काइनेटिक एनर्जी ओरिजिनल की कितनी होगी?

[56:48] कमेंट करके आंसर बताना है और जो लोग सही

[56:50] बताएंगे उनका नाम अगले लेक्चर में लेके

[56:52] आऊंगा। चलिए आगे बढ़ते हैं। अब एक कहानी

[56:55] आई वर्क एनर्जी थ्योरम। देखो वर्क का एक

[56:59] फार्मूला सबको पता है। फोर्स *

[57:01] डिस्प्लेसमेंट। कई बार क्वेश्चन में ना

[57:04] फोर्स होगी ना डिस्प्लेसमेंट होगा। और

[57:07] वर्क पूछ लेगा। तो कैसे निकालें? याद

[57:09] रखना। वर्क डन बाय ऑल द फोर्सेस इज

[57:12] इक्वल्स टू चेंज इन काइनेटिक एनर्जी। मतलब

[57:15] मान लो कोई एक ऑब्जेक्ट है वो तेजी से भाग

[57:18] रहा था। उसकी काइनेटिक एनर्जी थी 5 जूल।

[57:21] ठीक है? 5 जूल उसकी काइनेटिक एनर्जी थी।

[57:24] मैंने इस ऑब्जेक्ट पे कुछ वर्क किया।

[57:26] मैंने इसको धक्का दिया, फोर्स लगाई। इसपे

[57:28] कुछ वर्क किया। और इस पे मैं वर्क करता

[57:30] रहा, करता रहा, करता रहा। इसकी काइनेटिक

[57:33] एनर्जी बढ़ के लेट अस से 15 जूल हो गई। तो

[57:37] मैंने कितना वर्क किया इसके अंदर? जो मैं

[57:39] वर्क करूंगा वही तो इसकी काइनेटिक एनर्जी

[57:42] बन जाएगा। पहले इसकी काइनेटिक एनर्जी 5

[57:45] जूल थी। मैंने धक्का देके इसके ऊपर कुछ

[57:47] काम किया। इसकी काइनेटिक एनर्जी कितनी हो

[57:49] गई? 15 जूल। तो मैंने कितना काम किया इसके

[57:53] ऊपर? 10 जूल का काम किया। यही बात बोल रहे

[57:56] हैं। वर्क डन बाय ऑल द फोर्सेस इज़ इक्वल्स

[58:00] टू चेंज इन काइनेटिक एनर्जी। काइनेटिक

[58:02] एनर्जी में कितना चेंज हुआ? 15 - 5 10 और

[58:06] यही क्या है मेरा वर्क। इसी को कहते हैं

[58:08] वर्क एनर्जी थ्योरम। वर्क इज़ इक्वल्स टू

[58:11] फाइनल काइनेटिक एनर्जी माइनस इनिशियल

[58:13] काइनेटिक एनर्जी। ऐसे लिख दिया KE फाइनल -

[58:16] KEE इनिशियल। भाई जितना वर्क करेंगे उतनी

[58:19] काइनेटिक एनर्जी बढ़ जाएगी। पहले काइनेटिक

[58:21] एनर्जी कम थी। मैंने वर्क किया। काइनेटिक

[58:24] एनर्जी बढ़ गई। घट भी सकती है। क्वेश्चन

[58:26] देखते हैं। आओ। सर्टेन फोर्सेस एक्टिंग ऑन

[58:29] 20 kg मास चेंजेस इट्स वेलोसिटी फ्रॉम 5

[58:33] मीटर पर सेकंड टू 2 मीटर पर सेकंड।

[58:35] कैलकुलेट दी वर्क डन बाय दी फोर्स। अब भाई

[58:38] वर्क का फार्मूला क्या होता है? फोर्स *

[58:41] डिस्प्लेसमेंट। यहां ना फोर्स है। है कहीं

[58:44] फोर्स ना डिस्प्लेसमेंट है। अब वर्क का ये

[58:47] वाला फार्मूला यूज़ करेंगे। वर्क डन इज़

[58:50] इक्वल्स टू काइनेटिक एनर्जी फाइनल माइनस

[58:53] काइनेटिक एनर्जी इनिशियल। आओ अब दोनों

[58:56] काइनेटिक एनर्जी निकालते हैं। आओ पहले

[58:58] काइनेटिक एनर्जी इनिशियल निकालते हैं।

[59:00] फार्मूला 1/2 mv²

[59:04] मास कितना है इसका? m कितना है? m कितना

[59:07] है? 20 शुरुआत में इसकी वेलोसिटी कितनी

[59:10] है? इट्स वेलोसिटी फ्रॉम 5 मीटर पर सेकंड।

[59:13] शुरुआत में पांच है। तो मैंने पांच का

[59:16] स्क्वायर कर दिया। यहां से कटा 10, 5 का

[59:18] स्क्वायर 25 * 10 कितना हो गया? 250 जूल

[59:23] इसकी इनिशियल काइनेटिक एनर्जी है। फाइनल

[59:26] काइनेटिक एनर्जी निकालते हैं। फार्मूला

[59:28] वही 1/2 mv²

[59:31] मास कितना है? वही रहेगा मास तो 20 kg अब

[59:35] इसकी वेलोसिटी देखो घट रही है। चेंजज़ इट्स

[59:37] वेलोसिटी फ्रॉम 5 मीटर पर सेकंड टू 2 मीटर

[59:40] सेकंड्स। तो फाइनली हो गई टू। 2 का

[59:42] स्क्वायर 2 * 1 = 2 2 * 10 = 20 2 का

[59:45] स्क्वायर 40 जूल यार काइनेटिक एनर्जी कम

[59:49] हो गई। इसकी स्पीड कम हो गई। चलो वर्क डन

[59:52] निकालते हैं। फाइनल काइनेटिक एनर्जी कितनी

[59:54] है? 40 जूल। इनिशियल कितनी है? 250 जूल।

[59:58] यार ये तो नेगेटिव में आंसर आएगा। - 210

[01:00:02] जूल्स। वर्क डन नेगेटिव हो गया। ऐसा

[01:00:05] क्यों? बहुत आसान है। जरा आराम से सोचो।

[01:00:07] इसकी स्पीड घट रही है। घट रही है मतलब कि

[01:00:10] ये बॉल पहले चल रही थी 5 मीटर पर सेकंड से

[01:00:14] फिर बाद में इसकी स्पीड कितनी हो गई? 2

[01:00:16] मीटर पर सेकंड। मतलब जाहिर सी बात है कि

[01:00:19] फोर्स कुछ इस दिशा में लगी होगी। इसको

[01:00:21] रोकने की कोशिश की गई होगी और ये ऐसे करते

[01:00:24] करते स्पीड कम कर लिया होगा। आगे जाके ये

[01:00:27] कहां आ जाएगा? रेस्ट पे भी आ जाएगा। तो

[01:00:30] बेटा फोर्स किधर लग रही है? इधर

[01:00:32] डिस्प्लेसमेंट किधर हो रहा है? इधर।

[01:00:34] इसीलिए वर्क डन कैसा आया? नेगेटिव। देख

[01:00:37] अपने आप फिजिक्स खुद को संभाल लेती है। तो

[01:00:39] तुमको ये नहीं करना है कि बड़े में से

[01:00:41] छोटा माइनस। नहीं। तुमको फाइनल में से

[01:00:44] इनिशियल माइनस करना है। क्लियर है? चलो

[01:00:47] भाई आगे बढ़ते हैं। अब देखो ये एनसीईआरटी

[01:00:49] का सवाल है। कैलकुलेट द वर्क रिक्वायर्ड

[01:00:51] टू बी डन टू स्टॉप अ कार ऑफ़ 1500 kg

[01:00:55] मूविंग एट अ वेलोसिटी ऑफ़ 72 कि.मी. पर आर।

[01:00:58] एनसीईआरटी में ये वैल्यू 60 लिखी हुई है।

[01:01:01] 60 पे कैलकुलेशन बहुत लंबा था तो मैंने 72

[01:01:03] कर लिया। अच्छा। वर्क का फार्मूला क्या है

[01:01:06] सर? फोर्स * डिस्प्लेसमेंट। भाई यहां कहीं

[01:01:09] फोर्स दिख रही है क्या? 1500 kg नहीं।

[01:01:12] डिस्प्लेसमेंट दिख रहा है कहीं? नहीं दिख

[01:01:14] रहा है। यहां तो मास और वेलोसिटी है। तो

[01:01:17] यहां कौन सा फार्मूला वर्क का लगाना

[01:01:19] पड़ेगा? काइनेटिक एनर्जी फाइनल माइनस

[01:01:22] काइनेटिक एनर्जी इनिशियल। यही फार्मूला

[01:01:24] लगेगा। अच्छा। इनिशियली बॉडी मूव कर रही

[01:01:28] है 72 कि.मी. पर आर से। मुझे स्पीड

[01:01:31] किलोमीटर पर आर में नहीं चाहिए। किसमें

[01:01:33] चाहिए? मीटर पर सेकंड में। तो इसको चेंज

[01:01:35] कर लेते हैं बेटा। 72 कि.मी. पर आर किससे

[01:01:38] मल्टीप्लाई करो? 5/18 से मल्टीप्लाई कर

[01:01:41] दो। मीटर पर सेकंड में आ जाएगा। कितना

[01:01:43] हुआ? 18 * 4 = 72 4 * 5 = 20. 20 m/s

[01:01:48] सेकंड। तो इसकी स्पीड कितनी हो गई? 20 m/s

[01:01:51] सेकंड। शुरुआत में। स्टार्टिंग की

[01:01:53] काइनेटिक एनर्जी निकाल लो। काइनेटिक

[01:01:54] एनर्जी इनिशियल = 1/2 mv²।

[01:02:01] मास कितना है कार का? 1500। वेलोसिटी

[01:02:04] कितनी है? 20. 20 का स्क्वायर कर लेंगे।

[01:02:07] तो 1/2 * 1500 * 20 * 20 बोलो सही है? 2 *

[01:02:14] 1 = 2 2 * 10 = 20 15 * 2 = 30

[01:02:19] 15 * 2 = 30 1 2 3 4 1 2 3 4 मुझसे 1000

[01:02:25] 10000 लाख 3 लाख जूल की काइनेटिक एनर्जी

[01:02:28] भाई कार बड़ी भी तो इतनी होती है। अच्छा

[01:02:31] फाइनली बेटा क्या हुआ? कैलकुलेट द वर्क

[01:02:33] रिक्वायर्ड टू बी डन टू स्टॉप अ कार।

[01:02:36] फाइनली कार रेस्ट पे आ गई, स्टॉप हो गई,

[01:02:39] स्टॉप हो गई तो इसकी वेलोसिटी क्या हो

[01:02:41] जाएगी? जीरो। वेलोसिटी जीरो हो गई तो

[01:02:43] फाइनल काइनेटिक एनर्जी भी क्या? ज़ीरो। 1/2

[01:02:46] mv² में v की वैल्यू ज़ीरो हो गई। रुक गई।

[01:02:49] आओ वर्क डन निकाल लेते हैं। फाइनल

[01:02:52] काइनेटिक एनर्जी कितनी है? 0 है। माइनस

[01:02:55] इनिशियल कितनी है? 3 लाख

[01:02:59] जूल्स। 3 लाख जूल्स। आंसर क्या आया? - 3

[01:03:03] लाख

[01:03:05] जूल्स। बोलो सही है? -3 लाख जूल। वर्क डन

[01:03:08] कैसा आ रहा है? नेगेटिव आ रहा है। क्यों

[01:03:10] नेगेटिव आ रहा है? वही कहानी है। भाई कार

[01:03:12] तो स्पीड में चल रही थी। आपको इसे रोकना

[01:03:14] था। अब इस बार आप नहीं रोकोगे। ब्रेक

[01:03:16] रोकेगा। तो ब्रेक क्या करता है? एक पीछे

[01:03:18] की तरफ फोर्स लगाता है। डिस्प्लेसमेंट अभी

[01:03:21] भी किधर हो रहा है? आगे की तरफ। तो वर्क

[01:03:24] डन कैसा आएगा? नेगेटिव। किसी चीज को रोकने

[01:03:27] का वर्क डन कैसा होता है? नेगेटिव। ब्रेक

[01:03:29] क्या करता है? पीछे की तरफ फोर्स। कार्स

[01:03:31] आगे आगे जा रही है। ब्रेक क्या करता है?

[01:03:33] पीछे की तरफ फ़ोर्स लगाता है। पर

[01:03:34] डिस्प्लेसमेंट अभी भी आगे हो रहा है तो

[01:03:36] वर्क डन नेगेटिव। तो हमेशा फाइनल में से

[01:03:39] इनिशियल माइनस करना। ये मत देखना कौन बड़ा

[01:03:41] है, कौन छोटा। इसमें से ये माइनस करोगे

[01:03:43] आंसर गलत आ जाएगा। हमेशा फाइनल में से

[01:03:45] इनिशियल। एनसीईआरटी में सेम सवाल है।

[01:03:47] वैल्यू है 60 कि.मी. पर आर। देखो

[01:03:49] एनसीईआरटी का एक और सवाल आ गया क्या? एन

[01:03:51] ऑब्जेक्ट ऑफ़ मास m इज़ मूविंग विद

[01:03:53] कॉन्स्टेंट वेलोसिटी v? हाउ मच वर्क शुड

[01:03:56] बी डन ऑन द ऑब्जेक्ट इन ऑर्डर टू ब्रिंग द

[01:03:58] ऑब्जेक्ट टू रेस्ट? सेम सवाल है बेटा।

[01:04:00] वर्क पूछा है। फार्मूला वही लगाना होगा।

[01:04:03] काइनेटिक एनर्जी फाइनल माइनस काइनेटिक

[01:04:05] एनर्जी इनिशियल। क्यों? क्योंकि ना फोर्स

[01:04:07] है ना डिस्प्लेसमेंट है। अब इनिशियल

[01:04:09] काइनेटिक एनर्जी क्या हो जाएगी इसकी?

[01:04:11] शुरुआत में v वेलोसिटी से चल रहा है। 1/2

[01:04:14] mv² यही तो बोला है। मूविंग विद अ

[01:04:17] कांस्टेंट वेलोसिटी v और लास्ट में क्या

[01:04:19] हुआ? रेस्ट पे आ गया। रेस्ट पे आ गया तो

[01:04:21] फाइनल वेलोसिटी ज़ीरो। वेलोसिटी ज़ीरो तो

[01:04:24] फाइनल काइनेटिक एनर्जी भी ज़ीरो। भाई V की

[01:04:27] वैल्यू ज़ीरो रख दी। यहां पे फाइनल

[01:04:29] काइनेटिक एनर्जी माइनस इनिशियल काइनेटिक

[01:04:32] एनर्जी। सेम क्वेश्चन है बस इस बार

[01:04:34] वेरिएबल्स हैं। - 1/2 mv²। वर्क डन कैसा

[01:04:38] आया? नेगेटिव। क्यों नेगेटिव? समझ में आ

[01:04:41] रहा है। क्योंकि टायर क्या करेगी? पीछे की

[01:04:43] तरफ फोर्स लगाएगी रोकने के लिए। और

[01:04:45] डिस्प्लेसमेंट किधर हो रहा है? आगे। बोलो

[01:04:47] समझ में आ गया? बहुत बढ़िया। आगे बढ़ते हैं।

[01:04:49] नेक्स्ट आ गई दूसरे तरह की एनर्जी,

[01:04:51] पोटेंशियल एनर्जी। अब देखो बॉडी चल रही है

[01:04:54] तो उसके पास एनर्जी होगी ये समझ में आता

[01:04:56] है। एक रुकी हुई बॉडी के पास भी एनर्जी

[01:04:59] होती है। पोटेंशियल एनर्जी हम नहीं बोलते

[01:05:02] कई बार कि बेटा तुम्हारे अंदर बहुत

[01:05:03] पोटेंशियल है। तुम लाइफ में कुछ बहुत बड़ा

[01:05:05] करोगे। साहब अब कर भी दो कब करोगे। मतलब

[01:05:09] तुम्हारे पास स्टर्ड पोटेंशियल है। तुम

[01:05:11] कभी ना कभी उसको यूज़ करोगे। तो ऐसी एनर्जी

[01:05:14] जो बॉडी के पास है उसकी पोजीशन की वजह से

[01:05:18] उसको बोलते हैं पोटेंशियल एनर्जी।

[01:05:20] पोटेंशियल एनर्जी इज द एनर्जी पोज़ेस्ड बाय

[01:05:23] दी ऑब्जेक्ट ड्यू टू इट्स पोजीशन और

[01:05:26] कॉन्फ़िगरेशन। उसकी पोजीशन की वजह से एक

[01:05:28] एनर्जी है पोटेंशियल एनर्जी। डिनोट करेंगे

[01:05:31] PE से। काइनेटिक एनर्जी KE था। ये PE हो

[01:05:35] गया। जरा आराम से समझो। मान लो एक

[01:05:37] स्प्रिंग है। उसको मैं यूं दबा दूं। कैसी

[01:05:39] स्प्रिंग हो गई? कंप्रेस्ड स्प्रिंग हो

[01:05:41] गई। दबा दिया। कंप्रेस कर दिया। इसके ऊपर

[01:05:43] एक बॉल रख दी। अगर मैं इस स्प्रिंग को अब

[01:05:46] छोडूं तो ये क्या बॉल ऊपर चली जाएगी? हां।

[01:05:49] तो क्या ये स्प्रिंग बॉल के ऊपर की तरफ

[01:05:52] फोर्स लगाएगी? बॉल को ऊपर की तरफ

[01:05:54] डिस्प्लेस करेगी? क्या ये बॉल के ऊपर कुछ

[01:05:56] ना कुछ वर्क कर देगी? हां। यानी एक

[01:05:59] कंप्रेस्ड स्प्रिंग के पास एबिलिटी टू डू

[01:06:02] वर्क था। दिख नहीं रहा था। ऐसे रुका हुआ

[01:06:05] था। चल भी नहीं रहा था। एकदम शांत। इसकी

[01:06:07] पोजीशन की वजह से इसके पास एबिलिटी थी काम

[01:06:10] करने की। एक दबी हुई स्प्रिंग को जैसे ही

[01:06:12] छोडूंगा ये इस बॉल को ऊपर की तरफ उछाल

[01:06:15] देगी। यानी बॉल पे क्या करेगी? वर्क कर

[01:06:17] देगी। इसके पास एबिलिटी टू डू वर्क था।

[01:06:20] एबिलिटी टू डू वर्क एनर्जी थी। इस तरह की

[01:06:23] एनर्जी को पोटेंशियल एनर्जी बोलते हैं।

[01:06:25] जैसे मान लो एक स्ट्रेच्ड बो है धनुष बाण

[01:06:27] घर में खेला होगा आपने। कि अगर आप ऐसे

[01:06:30] खींच के रखो बो को तो इसके पास एक एनर्जी

[01:06:32] है कि नहीं है? क्योंकि जैसे ही मैं

[01:06:34] छोडूंगा क्या होगा? ये एरो आगे की तरफ भाग

[01:06:36] जाएगी। यानी एरो पे क्या हो जाएगा? वर्क

[01:06:39] हो जाएगा। यानी इस खींचे हुए धनुष के पास

[01:06:42] एक स्टर्ड एनर्जी है। एबिलिटी टू डू वर्क

[01:06:45] है। इसके पास कौन सी एनर्जी है? पोटेंशियल

[01:06:47] एनर्जी। जैसे कैटापुल्ट हो गया, गुलेल।

[01:06:49] सेम चीज बेटा। गुलेल को आप ऐसे खींच के

[01:06:51] रखे हो। पत्थर लगा है। देखने में नहीं लग

[01:06:53] रहा है कोई एनर्जी। पर जैसे ही छोड़ा

[01:06:55] पत्थर के ऊपर क्या होगा? वर्क। पत्थर पे

[01:06:58] फोर्स लगेगी। पत्थर का डिस्प्लेसमेंट

[01:06:59] होगा। तो इसके पास कौन सी एनर्जी है?

[01:07:01] पोटेंशियल स्टर्ड एनर्जी है छुपी हुई। दिख

[01:07:04] नहीं रही है। स्ट्रेच्ड स्प्रिंग।

[01:07:06] स्प्रिंग के नीचे ब्लॉक लगाया। इसको खींच

[01:07:08] लिया। जैसे ही मैं खींचने के बाद सोचो एक

[01:07:10] स्ट्रेच्स्ड स्प्रिंग ऐसे खींचा। जैसे ही

[01:07:12] मैं इसको छोडूंगा क्या होगा? ये ब्लॉक ऊपर

[01:07:15] की तरफ मूव करेगा। यानी ब्लॉक पे ऊपर की

[01:07:17] तरफ फ़ोर्स लगेगी। ब्लॉक का ऊपर की तरफ

[01:07:19] डिस्प्लेसमेंट होगा। कौन लगा रहा है

[01:07:21] फोर्स? स्प्रिंग। स्प्रिंग ही तो उसे ऊपर

[01:07:23] खींच ली। तुमने नीचे खींचा था स्प्रिंग ने

[01:07:25] ऊपर। यानी इस ब्लॉक पे स्प्रिंग ने क्या

[01:07:27] किया? वर्क। यानी इसके पास एबिलिटी टू डू

[01:07:30] वर्क थी। किसके पास? स्ट्रेच्स्ड स्प्रिंग

[01:07:33] के पास। एबिलिटी टू डू वर्क मतलब एनर्जी।

[01:07:36] कौन सी एनर्जी है ये? पोटेंशियल एनर्जी।

[01:07:39] तो चाहे कंप्रेस्ड स्प्रिंग हो, चाहे

[01:07:41] स्ट्रेच्ड स्प्रिंग हो। छोड़ते ही वो मूव

[01:07:43] करेगी। यानी दोनों के पास क्या है?

[01:07:45] पोटेंशियल एनर्जी। यह भी बेटा स्केलर

[01:07:47] क्वांटिटी है। सारी एनर्जी स्केलर

[01:07:48] क्वांटिटी होती हैं। और मेजर्ड इन जूल्स।

[01:07:51] सारी एनर्जी जूल्स में मेजर्ड होती हैं।

[01:07:53] इसमें एक बड़ी खास तरह की एनर्जी आती है

[01:07:55] पोटेंशियल एनर्जी में। कि जब किसी

[01:07:57] ऑब्जेक्ट को अर्थ से थोड़ा ऊपर रखें। अर्थ

[01:08:01] के सरफेस से थोड़ा ऊपर। ये स्पेशल केस आता

[01:08:03] है। पोटेंशियल एनर्जी ड्यू टू हाइट अबव

[01:08:06] अर्थ सरफेस। मान लो मेरे हाथ में ये

[01:08:09] मोबाइल फोन है। मैंने इसको अर्थ के सरफेस

[01:08:11] के ऊपर पकड़ा हुआ है। सरफेस नीचे है। जैसे

[01:08:14] ही मैं इसको छोडूंगा क्या ये नीचे गिरने

[01:08:16] लगेगा? हां। यानी छोड़ते ही ये अपने नीचे

[01:08:19] वाले पार्टिकल्स को एयर के पार्टिकल्स

[01:08:22] होंगे कि नहीं नीचे? उनको वो नीचे पुश

[01:08:24] करेगा। उनको वो नीचे मूव करेगा। यानी उन

[01:08:27] पे ये वर्क करेगा। भाई नीचे वाले

[01:08:29] पार्टिकल्स पे फोर्स लगाएगा। उनका

[01:08:31] डिस्प्लेसमेंट होगा। यानी उन पे ये वर्क

[01:08:33] करेगा। यानी इसके पास एबिलिटी टू डू वर्क

[01:08:36] है। यानी इसके पास एनर्जी है। कौन सी

[01:08:39] एनर्जी है? पोटेंशियल एनर्जी ड्यू टू

[01:08:42] हाइट। ये हमारे सिलेबस में इसको अच्छे से

[01:08:44] समझना है। अगर कोई ऑब्जेक्ट आप अर्थ के

[01:08:47] सरफेस से थोड़ा ऊपर पकड़ते हो तो इसके पास

[01:08:50] क्या रहती है? एक पोटेंशियल एनर्जी रहती

[01:08:52] है। ये काम कर सकता है। अभी कर नहीं रहा

[01:08:54] है। पर ये कर सकता है। अगर मैं इस

[01:08:56] ऑब्जेक्ट को यहां से छोडूं तो सोचो इसके

[01:08:58] नीचे छोटे-छोटे एयर के जो पार्टिकल्स हैं

[01:09:01] जैसे ही ये नीचे आएगा इन पार्टिकल्स पे

[01:09:03] नीचे की तरफ फोर्स लगाएगा। ये पार्टिकल्स

[01:09:05] का नीचे की तरफ डिस्प्लेसमेंट होगा। यानी

[01:09:07] इन पार्टिकल्स पे ये वर्क करेगा। यानी इस

[01:09:10] ऑब्जेक्ट के पास एबिलिटी टू डू वर्क है।

[01:09:13] ये काम कर सकता है। यानी स्टर्ड एनर्जी है

[01:09:16] पोटेंशियल एनर्जी। तो अगर कोई ऑब्जेक्ट

[01:09:18] अर्थ के सरफेस के

[01:09:20] ऊपर h हाइट पर रखा है तो उसके पास

[01:09:23] ग्रेविटेशनल पोटेंशियल एनर्जी होती है

[01:09:26] जिसको हम सिंपली बोलते हैं mgh वैसे ये

[01:09:29] फार्मूला पूरी तरह से करेक्ट नहीं है पर

[01:09:31] आपके क्लास 10थ के सिलेबस के हिसाब से सही

[01:09:34] है। mg h m क्या है? इस ऑब्जेक्ट का मास

[01:09:38] है। g क्या है? एक्सेलरेशन ड्यू टू

[01:09:40] ग्रेविटी है। h क्या है? हाइट अबव अर्थ

[01:09:43] सरफेस है। m इज़ मास ऑफ़ ऑब्जेक्ट। किसमें

[01:09:45] मेजर करो? केजी में। G एक्सलरेशन ड्यू टू

[01:09:48] ग्रेविटी 9.8 मीटर पर सेकंड स्क्वायर या

[01:09:50] जो एग्जाम में दिया हो कई बार 10 भी दे

[01:09:52] देता है। h है हाइट अबव अर्थ सरफेस किसमें

[01:09:55] लेनी है? मीटर में। और पोटेंशियल एनर्जी

[01:09:57] किसमें आ जाएगी? जूल्स में। आइए एक सवाल

[01:09:59] करते हैं एनसीईआरटी का। फाइंड दी एनर्जी

[01:10:01] पोज़ेस्ड बाय एन ऑब्जेक्ट ऑफ़ मास 10 kg

[01:10:04] व्हेन इट इज़ एट अ हाइट ऑफ़ 6 मीटर अबव द

[01:10:07] ग्राउंड ये। क्या बोला है हमसे? फाइंड दी

[01:10:09] एनर्जी। अब जब कोई चीज़ हाइट पे रखी है तो

[01:10:12] उसके पास कौन सी एनर्जी होती है?

[01:10:14] पोटेंशियल एनर्जी। तो मैं खटाक से समझ गया

[01:10:17] कि यहां पोटेंशियल एनर्जी की बात है। कभी

[01:10:18] भी बोल दे एन ऑब्जेक्ट इज प्लेस्ड एट अ

[01:10:21] हाइट ऑफ 10 मीटर एट अ हाइट ऑफ 20 मीटर। एक

[01:10:24] तो रुका हुआ है। एन ऑब्जेक्ट एनर्जी पोज़्ड

[01:10:26] बाय एन ऑब्जेक्ट ऑफ़ मास व्हेन इट इज़ एट अ

[01:10:28] हाइट ऑफ़ अबोव द ग्राउंड। रुका हुआ है। चल

[01:10:30] तो रहा नहीं है। तो काइनेटिक एनर्जी तो

[01:10:32] नहीं है। तो पोटेंशियल एनर्जी होती है।

[01:10:34] फार्मूला क्या लगाना है? mg.

[01:10:37] मास कितना दे रखा है? 10 kg. G की वैल्यू

[01:10:41] 9.8 और हाइट कितनी दे रखी है? 6 मीटर। तो

[01:10:45] ये दशमलव हटेगा। ये जीरो कटा 6 * 8 = 48 6

[01:10:49] * 9 = 54

[01:10:51] और 4 58 जूल्स। बोलो क्लियर है? सीधा mg h

[01:10:57] क्या है? हाइट अबव अर्थ सरफेस। नेक्स्ट

[01:11:00] क्वेश्चन देखो। एक और एनसीईआरटी का सवाल।

[01:11:02] एन ऑब्जेक्ट ऑफ़ मास 12 kg इज़ एट अ सर्टेन

[01:11:04] हाइट अबव दी ग्राउंड। किसी एक हाइट पे ये

[01:11:07] ऑब्जेक्ट रखा हुआ है। ठीक है? इफ दी

[01:11:10] पोटेंशियल एनर्जी ऑफ दी ऑब्जेक्ट इज 480

[01:11:13] जूल्स फाइंड द हाइट एट व्हिच द ऑब्जेक्ट

[01:11:16] इज विद रिस्पेक्ट टू द ग्राउंड। हमसे h की

[01:11:18] वैल्यू पूछ ली सिंपल फार्मूला बेस

[01:11:20] पोटेंशियल एनर्जी इज इक्वल्स टू mg h

[01:11:25] पोटेंशियल एनर्जी कितनी है? 480 मास कितना

[01:11:29] दे रखा है? 12 kg. की वैल्यू इन्होंने खुद

[01:11:32] से कहा है कितनी लो? 10 ले लो। h की

[01:11:35] वैल्यू कितनी है? वही तो निकालनी है भाई।

[01:11:37] तो यहां से h = 480 / 12 * 10 अंडे से

[01:11:43] अंडे कट गया। 12 * 4 = 48 कितनी हो गई

[01:11:46] हाइट? 4 मीटर। ऑप्शन मिल गया डी चार। तो

[01:11:49] सिंपल फार्मूला बेस्ड सवाल था। आगे बढ़ते

[01:11:52] हैं। डिराइविंग फार्मूला ऑफ पोटेंशियल

[01:11:55] एनर्जी। कैसे ये फार्मूला आया? पोटेंशियल

[01:11:57] एनर्जी = mgh। मान लो कोई ऑब्जेक्ट अर्थ

[01:12:00] के सरफेस पे रखा हुआ है। मान लो ये मेरा

[01:12:02] मोबाइल फोन है। ये अर्थ के सरफेस पे रखा

[01:12:05] हुआ है। अगर मैं इसको पकड़ के खींच के ऊपर

[01:12:08] लेके आऊं तो क्या मैं ग्रेविटी के खिलाफ

[01:12:11] काम कर रहा हूं? हां। देख ग्रेविटी इसको

[01:12:13] ऊपर आने नहीं दे रही थी। ये फ़ अगर जमीन पे

[01:12:16] रखा है तो ग्रेविटी इसे नीचे खींच रही थी।

[01:12:18] ऊपर आने नहीं दे रही थी। मैं इसको पकड़ के

[01:12:20] ग्रेविटी के खिलाफ काम करके ऊपर लेके आया।

[01:12:23] यानी इसके ऊपर जो मैंने काम किया वही

[01:12:27] स्टोर हो गया। इसकी पोटेंशियल एनर्जी बन

[01:12:29] के जैसे काइनेटिक एनर्जी में बताया था कि

[01:12:32] जितना काम किया वही काइनेटिक एनर्जी बना।

[01:12:35] वैसे यहां पे कोई चीज मान लो अर्थ पे रखी

[01:12:37] है। कोई भारी सामान है। अगर मैं उसको उठा

[01:12:39] के ये कुर्सी है। देख ये कुर्सी है। अगर

[01:12:42] मैं इसको उठा के ऊपर लाऊं तो मुझे मेहनत

[01:12:44] करनी पड़ रही है। क्योंकि मैं ग्रेविटी के

[01:12:46] खिलाफ काम कर रहा हूं। अब जब मैं इसको ऊपर

[01:12:49] लेके आया

[01:12:51] तो मैंने इसके ऊपर कुछ वर्क किया। जो

[01:12:54] मैंने इसके ऊपर वर्क किया वो स्टोर हो गया

[01:12:56] इसकी पोटेंशियल एनर्जी बनके। सो वर्क डन

[01:12:59] ऑन ऑब्जेक्ट विल बिकम इट्स पोटेंशियल

[01:13:01] एनर्जी। ठीक है? यह ऑब्जेक्ट बेटा ग्राउंड

[01:13:04] पे है। मुझे खींच के ऊपर ले जाना है। तो

[01:13:06] मुझे ऊपर की तरफ कुछ फ़ोर्स लगानी होगी।

[01:13:09] सवाल ये उठता है कितनी फोर्स लगाऊं मैं?

[01:13:12] अच्छा। इसे अर्थ किस फोर्स से खींच रही

[01:13:15] होगी? अर्थ खींच रही होगी इसके वेट की वजह

[01:13:18] से। ग्रेविटेशनल फोर्स। वेट कितना होता

[01:13:21] है? m * g। अगर इसका मास मैं मान लूं

[01:13:24] थोड़ी देर के लिए कि इसका मास m है तो

[01:13:27] अर्थ इसे नीचे खींच रही होगी mg से। अगर

[01:13:30] मुझे ऊपर उठाना है तो कम से कम mg फोर्स

[01:13:34] तो लगानी पड़ेगी। एक्चुअली इससे थोड़ी सी

[01:13:37] ज्यादा लगाते हैं। 0.01

[01:13:40] भी लगा दिया तो उठ जाएगा। तो नियरली mg की

[01:13:42] फोर्स लगा दी। मुझे पता है उस पे बैलेंस

[01:13:44] होता है। एक्चुअली इससे थोड़ी सी ज्यादा

[01:13:48] 1 तो फिजिक्स में नियरली सेम मान लेते

[01:13:50] हैं। इतनी फोर्स मैं लगाऊंगा और कितना ऊपर

[01:13:53] लेके जाऊंगा? h यानी फोर्स कितनी हो गई?

[01:13:56] mg ये मैंने लगाई। डिस्प्लेसमेंट कितना

[01:13:59] हुआ? h। क्या डिस्प्लेसमेंट और फोर्स सेम

[01:14:02] डायरेक्शन में है? यस। अब वर्क मैं कितना

[01:14:05] करूंगा? मैंने कितना वर्क किया? फोर्स *

[01:14:09] डिस्प्लेसमेंट। ओ क्या आ गया? mg

[01:14:13] H

[01:14:15] तो जो मैंने ऑब्जेक्ट पे वर्क किया मैंने

[01:14:17] उठाया ग्रेविटी उसे नीचे खींच रही थी।

[01:14:20] मैंने कहा दे मुझे आ

[01:14:23] अब भाई इस पे इतना जो काम किया एहसान किया

[01:14:26] है क्या ये सारी एनर्जी खराब हो जाएगी

[01:14:28] मेरी। मैंने जो वर्क किया वो खराब होगा?

[01:14:30] नहीं वो इसमें जाके स्टोर हो गया एज इट्स

[01:14:34] पोटेंशियल एनर्जी।

[01:14:37] तो किसी चीज को ग्राउंड से ऊपर उठाने में

[01:14:40] जितना काम करते हैं वही उसकी पोटेंशियल

[01:14:43] एनर्जी बन जाता है। इंपॉर्टेंट है। याद

[01:14:46] रखना ये बात। देखो आ गया सवाल एनसीईआरटी

[01:14:50] का। अ पॉटर लिफ्ट्स अ लगेज ऑफ़ 15 kg फ्रॉम

[01:14:54] द ग्राउंड। क्या किया? इसने 15 kg का

[01:14:56] सामान ऊपर उठाया। एंड पुट्स इट ऑन हिज़ हेड

[01:14:59] 1.5 मीटर अबव द ग्राउंड। किधर लेके गया?

[01:15:03] ग्राउंड से 1.5 मीटर दूर ले जा के अपने सर

[01:15:06] पे रख लिया। कैलकुलेट द वर्क डन बाय हिम

[01:15:10] ऑन द लगेज। कितना वर्क हुआ? अब मैक्सिमम

[01:15:12] जनता जहां पॉटर देखती है, कुली देखती है

[01:15:14] तुरंत जीरो पे मार देती है। क्यों भैया?

[01:15:17] वो तो तब था जब कुली के सर पे सामान रखा

[01:15:20] हुआ था। लेके आने में और रखने में तो वर्क

[01:15:24] होगा ना। देख ये इसको खींचेगा। फोर्स ऊपर

[01:15:26] लगाएगा। डिस्प्लेसमेंट ऊपर होगा। अभी तो

[01:15:29] वर्क होगा। जब रख दिया उसके बाद कोई वर्क

[01:15:32] नहीं होगा। तो बेटा इसको ऊपर लाने में

[01:15:34] कितना वर्क करेंगे? फार्मूला क्या लगाएं?

[01:15:37] फोर्स * डिस्प्लेसमेंट। अब यार एक चीज़

[01:15:40] बताओ। जितना वर्क करके इसे ऊपर लेके

[01:15:43] आएंगे, क्या वही इसकी पोटेंशियल एनर्जी

[01:15:45] बनेगी? तो क्या मैं ये फार्मूला भी लगा

[01:15:48] सकता हूं वर्क इज़ इक्वल्स टू जो इसकी

[01:15:50] पोटेंशियल एनर्जी होगी। mg h m कितना है

[01:15:54] भाई?

[01:15:56] 15 kg g कितना दिया है इन्होंने 10 हाइट

[01:16:01] कितनी है 15 तो इस दशमलव से 10 कट गया 15

[01:16:04] 15 225 जूल vp आंसर सीधा ना फोर्स पता ना

[01:16:09] डिस्प्लेसमेंट पता क्योंकि मुझे पता है जो

[01:16:12] वर्क करके मैं ला के ऊपर रखूंगा वही वर्क

[01:16:15] इसकी क्या बन जानी है पोटेंशियल mg बन

[01:16:18] जानी है। मान लो ऐसे नहीं करते फोर्स

[01:16:21] निकालते हैं। तो बेटा, इस ब्लॉक के ऊपर

[01:16:23] नीचे की तरफ फोर्स क्या लग रही है? इसका

[01:16:25] वेट mg. तो मुझे ऊपर की तरफ भी क्या फोर्स

[01:16:28] लगानी पड़ेगी? mg लगानी पड़ेगी। तो फोर्स

[01:16:30] कितनी हो गई? mg. भाई नीचे इसका वेट था

[01:16:33] mg. तो मुझे ऊपर उतनी ही फोर्स लगानी है।

[01:16:36] और डिस्प्लेसमेंट कितना ऊपर हुआ? जितनी

[01:16:38] हाइट ये ऊपर गया। तो mg वही आएगा यहां से।

[01:16:42] क्लियर? तो जब भी किसी ऑब्जेक्ट को उठा के

[01:16:44] ऊपर ले जा के रखना हो उस टाइम कितना वर्क

[01:16:47] करना है? इज़ इक्वल टू पोटेंशियल एनर्जी।

[01:16:50] ये कांसेप्ट आप याद रखना। सवाल धड़ाक से

[01:16:52] होंगे। चलो भाई आगे। अब आ गया लॉ ऑफ़

[01:16:56] कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी। ये क्या कहता है?

[01:16:58] एनर्जी कैन नीदर बी क्रिएटेड नॉर बी

[01:17:01] डिस्ट्रॉयड। इट कैन ओनली बी चेंज्ड फ्रॉम

[01:17:04] वन फॉर्म टू अनदर। ना ही आप एनर्जी पैदा

[01:17:08] कर सकते हो। ना ही आप एनर्जी को तबाह कर

[01:17:10] सकते हो। आप एनर्जी को एक फॉर्म से दूसरे

[01:17:14] फॉर्म में ले जा सकते हो। बेटा कोई एनर्जी

[01:17:16] आप सोचते हो ना एनर्जी बर्बाद हो गई।

[01:17:18] बर्बाद नहीं होती। किसी और फॉर्म में चेंज

[01:17:20] हो जाती है। सच बताऊं आज से लाखों करोड़ों

[01:17:23] साल पहले जब ये यूनिवर्स बना था उसमें तब

[01:17:26] जितनी एनर्जी थी आज भी इस पूरे यूनिवर्स

[01:17:29] की एनर्जी उतनी ही है। ये हो सकता है उसका

[01:17:32] फॉर्म चेंज हो गया। कुछ एनर्जी के

[01:17:34] डिफरेंट-डिफरेंट फॉर्म यहां पे बताएं।

[01:17:36] कैसे एनर्जी चेंज होता है बताया। जैसे

[01:17:37] इलेक्ट्रिक फैन क्या करते हैं भाई? हम ऐसे

[01:17:40] बटन दबाते हैं। तार से क्या जाता है? करंट

[01:17:42] जाता है। इलेक्ट्रिक एनर्जी। पंखा घूमने

[01:17:45] लगा। घूम रहा है मतलब मोशन। कौन सी

[01:17:47] एनर्जी? काइनेटिक एनर्जी। तो इलेक्ट्रिक

[01:17:49] एनर्जी चेंज टू काइनेटिक एनर्जी। जैसे ले

[01:17:52] लेते हैं हम इलेक्ट्रिक हीटर का एग्जांपल।

[01:17:54] हमने स्विच ऑन किया। तार से क्या गया?

[01:17:56] करंट। इलेक्ट्रिक करंट। इलेक्ट्रिक

[01:17:59] एनर्जी। फिर हीटर क्या दे रहा है? हीट। तो

[01:18:01] इलेक्ट्रिक एनर्जी किसमें चेंज हो गई? हीट

[01:18:03] एनर्जी में हो गई। तो डिफरेंट-डिफरेंट

[01:18:05] एग्जांपल्स हैं। एक बार आप इसको पढ़

[01:18:06] लीजिएगा। एक टॉर्च का एग्जांपल इंपॉर्टेंट

[01:18:08] है। टॉर्च के अंदर क्या होती है? बैटरी

[01:18:11] होती है। बैटरी के अंदर क्या होते हैं?

[01:18:13] केमिकल्स होते हैं। वो केमिकल एनर्जी

[01:18:15] किसमें चेंज होती है? इलेक्ट्रिकल एनर्जी

[01:18:17] में। फिर टॉर्च क्या देती है हमें? लाइट।

[01:18:19] तो वो किसमें चेंज हो गया? लाइट एनर्जी

[01:18:21] में। थोड़ी सी हीट भी निकलती है तो हीट

[01:18:23] एनर्जी भी। तो ये सारा एक बार पढ़

[01:18:25] लीजिएगा। नेक्स्ट यहां से देख लो। सोलर

[01:18:27] पैनल घरों के ऊपर नहीं लगा होता है। सोलर

[01:18:29] पैनल बड़ा-बड़ा कई जगह आप देखेंगे। वो

[01:18:31] क्या करता है? सन से लाइट लेता है और उसको

[01:18:34] इलेक्ट्रिकल एनर्जी में चेंज कर देता है।

[01:18:36] लाइट एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में।

[01:18:37] यूएस यूएस में बहुत ज्यादा है। इंडिया में

[01:18:39] भी अब धीमे-धीमे बढ़ता जा रहा है। बर्निंग

[01:18:41] ऑफ फ्यूल मान लो आपने कोयल लिया। कोयला

[01:18:44] लिया

[01:18:45] कोल लिया कोयला और आपने कोयले को जला

[01:18:48] दिया। तो बेटा कोयले के अंदर कौन सी

[01:18:50] एनर्जी थी? केमिकल एनर्जी थी। जल के क्या

[01:18:52] बन गया? हीट एनर्जी बन गया। लाइट भी होगी,

[01:18:55] लाइट एनर्जी भी। तो बर्निंग ऑफ फ्यूल

[01:18:56] केमिकल एनर्जी टू हीट एनर्जी। तो इस तरह

[01:18:59] के हैं। इसको आप एक बार पढ़ लीजिएगा। एक

[01:19:01] एनसीआरटी का सवाल है वो ले लेते हैं। अ

[01:19:03] बैटरी लाइट्स अ बल्ब। क्या किया हमने भाई?

[01:19:06] एक बैटरी से बल्ब को कनेक्ट कर दिया। इस

[01:19:09] बैटरी से ये बल्ब जलेगा। बोला है

[01:19:11] डिस्क्राइब द एनर्जी चेंज इनवॉल्वड इन दी

[01:19:13] प्रोसेस। तो बेटा बैटरी के अंदर क्या है?

[01:19:16] केमिकल है। उस केमिकल से बैटरी क्या बनाती

[01:19:19] है? इलेक्ट्रिक एनर्जी बनाती है। कैसे

[01:19:21] बनाती है? ये हम लोग क्लास 11थ में पढ़ते

[01:19:23] हैं फिजिकल केमिस्ट्री में। कि कैसे बैटरी

[01:19:25] इन केमिकल में पोटेंशियल डिफरेंस लाती है

[01:19:27] और काफी चीज़ होती है। उससे क्या बनती है?

[01:19:29] इलेक्ट्रिक एनर्जी। इन केमिकल से

[01:19:31] इलेक्ट्रिक एनर्जी। इलेक्ट्रिक एनर्जी

[01:19:33] कहां गई? बल्ब में गई। बल्ब का मेन काम

[01:19:36] पता है क्या है? हीट बनाना। यह इलेक्ट्रिक

[01:19:38] एनर्जी बल्ब के अंदर एक फिलामेंट होता है।

[01:19:41] यह टंगस्टन का टंगस्टन एक मटेरियल उसका

[01:19:43] फिलामेंट। उसको यह गर्म करता है। बल्ब के

[01:19:45] अंदर देखा होगा ना एक तार दिखते हैं

[01:19:46] पतले-पतले। उसको ये गर्म करता है। गर्म

[01:19:48] करता है गर्म करता है। वो इतना गर्म हो

[01:19:51] जाता है कि वो लाइट इमिट करता है। तो पहले

[01:19:53] केमिकल एनर्जी चेंज हुई इलेक्ट्रिक एनर्जी

[01:19:55] में करंट में। इलेक्ट्रिक एनर्जी चेंज हुई

[01:19:57] फिलामेंट को हीट करने में हीट एनर्जी। और

[01:20:00] उस हीट होने के बाद फिलामेंट ने क्या दी?

[01:20:02] लाइट। तो लाइट एनर्जी बन गई। हीट एनर्जी

[01:20:04] कॉज़ द फिलामेंट ऑफ़ बल्ब टू ग्लो। ठीक है?

[01:20:07] चलो भाई। कंजर्वेशन ऑफ काइनेटिक एनर्जी

[01:20:10] प्लस पोटेंशियल एनर्जी फॉर फ्रीली फॉलिंग

[01:20:13] ऑब्जेक्ट। वेरी इंपॉर्टेंट कांसेप्ट। यहां

[01:20:15] से सवाल आते हैं। अब जरा समझते हैं। मान

[01:20:17] लो ये एक ऑब्जेक्ट है। फिर से मोबाइल फोन

[01:20:20] ले लेता हूं। ये एक ऑब्जेक्ट है। यहां पे

[01:20:22] मैंने इसको पकड़ रखा है। क्या ये ग्राउंड

[01:20:24] के ऊपर है? बिल्कुल। इसके पास कौन सी

[01:20:26] एनर्जी है? रुका हुआ है। काइनेटिक एनर्जी

[01:20:28] तो है नहीं। कौन सी है? पोटेंशियल एनर्जी

[01:20:31] है। अगर मैं इसको छोड़ दूं तो इसकी हाइट

[01:20:33] कम होती जाएगी। हाइट कम हो रही है तो

[01:20:35] पोटेंशियल एनर्जी कम हो रही है। पर ध्यान

[01:20:37] से देखो इसकी स्पीड बढ़ती जाती है। अरे

[01:20:40] बाप रे जाताज। ध्यान से देखो इसकी स्पीड

[01:20:42] क्या हो रही है? नीचे जाते वक्त स्पीड

[01:20:43] क्या होती है? बढ़ती जाती है। बढ़ती जाती

[01:20:45] है। धीमे-धीमे हाइट कम होती जाएगी। यानी

[01:20:48] पोटेंशियल एनर्जी कम होती जाएगी। स्पीड

[01:20:51] बढ़ती जाती है जब नीचे गिरता है। तो

[01:20:53] काइनेटिक एनर्जी बढ़ती जाती है। तो जब एक

[01:20:55] बॉल को मैंने यहां पे देखा एकदम हाईएस्ट

[01:20:58] पॉइंट पे आप यहां पे देखो। बॉल को मैं

[01:21:00] यहां से ड्रॉप करूंगा। क्या करूंगा? ड्रॉप

[01:21:02] करूंगा। ड्रॉप करूंगा मतलब अभी ये रेस्ट

[01:21:05] पे है। तो इसकी वेलोसिटी कितनी है? जीरो

[01:21:08] है। तो यहां पे इसकी काइनेटिक एनर्जी

[01:21:10] कितनी है? जीरो है। हाइट काफी ज्यादा है।

[01:21:13] तो यहां पे इसके पास पोटेंशियल एनर्जी

[01:21:15] होगी mg।

[01:21:17] ठीक है? मैंने छोड़ दिया। छोड़ दिया, छोड़

[01:21:19] दिया। अब यहां वाला पॉइंट देखते हैं।

[01:21:20] लास्ट पॉइंट c को देखते हैं। जब बॉल एकदम

[01:21:23] छूने वाली है ग्राउंड को इस टाइम पे इसकी

[01:21:26] हाइट कितनी है? नियरली मान लेते हैं हाइट

[01:21:28] लगभग लगभग करीब-करीब ज़ीरो हो गई है। ज़ीरो

[01:21:31] नहीं करीब-करीब ज़ीरो हो गई है। तो इस टाइम

[01:21:34] पे इसकी पोटेंशियल एनर्जी mg क्या ये जीरो

[01:21:38] होगी? बिल्कुल होगी। पर जब बॉल एकदम

[01:21:40] ग्राउंड के पास होती है उसकी स्पीड बहुत

[01:21:41] बढ़ जाती है। बॉल देखो यहां से छोड़ा स्पीड

[01:21:44] लगातार ये। इसको मैं छोडूं और यहां पे पकड़

[01:21:47] लूं तो इतनी स्पीड नहीं है। पर इसको मैं

[01:21:48] नीचे पकड़ता हूं तो कस के लगता है। क्यों?

[01:21:51] जैसे-जैसे नीचे आ रहा है, स्पीड बढ़ती जा

[01:21:53] रही है, बढ़ती जा रही है। तो यहां पे बॉल

[01:21:54] की स्पीड मैक्सिमम होगी। यानी यहां

[01:21:57] आते-आते बॉल की काइनेटिक एनर्जी कैसी हो

[01:22:00] जाएगी? मैक्सिमम हो जाएगी। तो ऊपर वाले

[01:22:03] पॉइंट पे टॉप पॉइंट पे बॉल के पास क्या

[01:22:05] है? सिर्फ और सिर्फ पोटेंशियल एनर्जी।

[01:22:07] काइनेटिक एनर्जी नहीं है। आपने बॉल को पकड़

[01:22:09] रखा है। चल ही नहीं रहा है। सिर्फ

[01:22:10] पोटेंशियल एनर्जी। छोड़ा। नीचे आते-आते

[01:22:13] इसकी पोटेंशियल एनर्जी कम हो रही है।

[01:22:14] क्यों? क्योंकि हाइट कम होती जा रही है।

[01:22:16] हाइट कम होती जा रही है। पोटेंशियल एनर्जी

[01:22:17] कम होती जा रही है। कम होती जा रही है। ये

[01:22:19] कहां जा रही है पोटेंशियल एनर्जी? चेंज हो

[01:22:21] रही है इसकी काइनेटिक एनर्जी में।

[01:22:22] धीमे-धीमे इसकी स्पीड बढ़ती जा रही है।

[01:22:24] जैसे-जैसे आप नीचे आओगे क्या होगा बेटा?

[01:22:27] हाइट जो है वो क्या कर रही है? डिक्रीज

[01:22:29] करेगी। हाइट डिक्रीज करेगी। हाइट डिक्रीज

[01:22:32] करेगी तो पोटेंशियल एनर्जी भी क्या करेगी?

[01:22:34] डिक्रीज करेगी। इसकी स्पीड या वेलोसिटी

[01:22:37] क्या करेगी? इंक्रीस करेगी। और वेलोसिटी

[01:22:40] इंक्रीस करेगी तो इसकी काइनेटिक एनर्जी भी

[01:22:43] क्या करेगी? इंक्रीस करेगी। तो जैसे-जैसे

[01:22:45] बॉल नीचे गिरती जाती है, इसकी हाइट कम

[01:22:47] होती जाती है। हाइट कम होती जा देखो, नीचे

[01:22:50] आई। अब हाइट क्या हो गई? आधी हो गई।

[01:22:51] पोटेंशियल एनर्जी कम। पर ये पोटेंशियल

[01:22:54] एनर्जी कहां गई? इसकी काइनेटिक एनर्जी बन

[01:22:56] गई। यहां इसकी वेलोसिटी मान लो यहां पे

[01:22:58] इसकी वेलोसिटी लेट अस से ज़ीरो थी। यहां

[01:23:00] पहुंचते-पहुंचते इसकी वेलोसिटी लेट अस से

[01:23:02] 5 मीटर पर सेकंड हो गई। और नीचे पहुंचा

[01:23:05] इसकी वेलोसिटी लेट अस से 10 मीटर पर सेकंड

[01:23:07] हो गई। तो लगातार इसकी स्पीड बढ़ती जा रही

[01:23:09] है। पोटेंशियल एनर्जी कम हो रही है

[01:23:11] काइनेटिक एनर्जी बढ़ती जा रही है। तो यही

[01:23:13] बात यहां पे समझाई गई है। इसी चीज़ को यहां

[01:23:16] पे समझाया गया है देखिए जरा। सबसे पहले एट

[01:23:18] हाईएस्ट पॉइंट A पोटेंशियल एनर्जी कितनी

[01:23:21] होगी? mgh h हाइट पे है भाई। ठीक है?

[01:23:24] काइनेटिक एनर्जी जीरो सिंस वेलोसिटी इज़

[01:23:26] जीरो। टोटल मैकेनिकल एनर्जी, मैकेनिकल

[01:23:29] एनर्जी क्या होता है, बेटा, काइनेटिक

[01:23:31] एनर्जी और पोटेंशियल एनर्जी दोनों को

[01:23:32] मैकेनिकल एनर्जी बोलते हैं। me, ME

[01:23:35] स्टैंड्स फॉर मैकेनिकल एनर्जी। अगर कोई

[01:23:37] आपसे कोई पूछे मैकेनिकल एनर्जी क्या होती

[01:23:39] है? तो काइनेटिक एनर्जी को भी मैकेनिकल

[01:23:41] एनर्जी बोल सकते हैं। और पोटेंशियल एनर्जी

[01:23:44] को भी मैकेनिकल एनर्जी बोल सकते हैं। तो

[01:23:47] यही बात यहां पे बताई है। टोटल मैकेनिकल

[01:23:49] एनर्जी टोटल मैकेनिकल एनर्जी मतलब

[01:23:51] काइनेटिक और पोटेंशियल को जोड़ दो। कितनी

[01:23:53] आ रही? mgh। एट एनी पॉइंट ड्यूरिंग द फॉल

[01:23:56] बी। मैंने कोई बीच का पॉइंट ले लिया। हाइट

[01:24:00] कम हो चुकी है। तो क्या होगा? पोटेंशियल

[01:24:02] एनर्जी डिक्रीज। गिरते-गिरते हाइट कम होती

[01:24:04] जा रही। पोटेंशियल एनर्जी डिक्रीज कर रही

[01:24:06] क्योंकि हाइट डिक्रीज कर रही। काइनेटिक

[01:24:08] एनर्जी इंक्रीजसेस गिरते-गिरते इसकी स्पीड

[01:24:10] बढ़ती जाएगी। क्यों? क्योंकि ग्रेविटी इसे

[01:24:12] खींच रही होगी। इसके ऊपर एक्सीलरेशन ड्यू

[01:24:15] टू ग्रेविटी। एक्सीलरेशन का मतलब चेंज इन

[01:24:17] वेलोसिटी। इसकी वेलोसिटी बढ़ती जाएगी,

[01:24:19] बढ़ती जाएगी। यहां स्पीड इसकी बढ़ गई,

[01:24:21] स्पीड बढ़ गई तो काइनेटिक एनर्जी बन गई।

[01:24:23] पर टोटल मैकेनिकल एनर्जी अगर मैं काइनेटिक

[01:24:26] एनर्जी और पोटेंशियल एनर्जी को जोड़ूं तो

[01:24:28] अभी भी कितनी होगी? mgh। क्यों? क्योंकि

[01:24:31] शुरुआत में कितनी थी? mgh। शुरुआत में अगर

[01:24:34] 100 जूल है तो यहां पे भी जब जोड़ेंगे तो

[01:24:36] 100 जूल होगा। लास्ट में एकदम नीचे आ गए।

[01:24:38] जस्ट बिफोर हिटिंग द ग्राउंड। ग्राउंड को

[01:24:41] हिट करने के जस्ट पहले। क्यों? क्योंकि

[01:24:43] हिट करते ही जैसे हिट करेगी ना तब तो हीट

[01:24:45] एनर्जी बनती है। आवाज आती है। साउंड

[01:24:47] एनर्जी बनती है तब तो फिर एनर्जी खराब हो

[01:24:49] जाए। मतलब ख़राब मतलब दूसरे फॉर्म में।

[01:24:51] जस्ट बिफोर हिटिंग द ग्राउंड। हाइट क्या

[01:24:53] हो गई? नियरली ज़ीरो। है ना? करीब-करीब

[01:24:55] जीरो। तो पोटेंशियल एनर्जी ज़ीरो। काइनेटिक

[01:24:58] एनर्जी क्या हो जाएगी इस टाइम पे?

[01:25:00] मैक्सिमम। टोटल मैकेनिकल एनर्जी अभी भी

[01:25:02] कितनी होगी? जितनी स्टार्टिंग में थी। तो

[01:25:04] एनर्जी रिमेंस कंजर्व ड्यूरिंग अ फ्री

[01:25:07] फॉल। इसमें एक कंडीशन है कि यहां पे एयर

[01:25:11] रेजिस्टेंस ना हो। आसपास हवा ना हो।

[01:25:13] वैक्यूम के अंदर ये बात सही होगी। वरना

[01:25:15] हवा भी कुछ एनर्जी खा जाएगी। हवा भी क्या

[01:25:17] एयर रेजिस्टेंस भी कुछ एनर्जी ले जाएगा।

[01:25:19] तब भी बेटा एनर्जी कंजर्वेशन तब भी ठीक

[01:25:22] होगा। बस तब हम यह नहीं बोल सकते की

[01:25:24] मैकेनिकल एनर्जी कंजर्व्ड है। तब हम यह

[01:25:26] नहीं बोल सकते कि काइनेटिक और पोटेंशियल

[01:25:28] एनर्जी कंजर्व है। तब उसके साथ एक और आ

[01:25:30] जाएगा एयर फ्रिक्शन एनर्जी सबको मिलाके।

[01:25:32] तो ये पूरा एक्सपेरिमेंट किस में माना

[01:25:34] जाता है? कहां पे हुआ है? वैक्यूम के अंदर

[01:25:37] हुआ है। ठीक है? आओ और एक क्वेश्चन करते

[01:25:39] हैं। उससे ये क्लियर होगा। ठीक है? सवाल

[01:25:41] करेंगे तो क्लियर होगा। पहले ये देख लो।

[01:25:43] एक थ्योरी क्वेश्चन है। द पोटेंशियल

[01:25:45] एनर्जी ऑफ अ फ्रीली फॉलिंग ऑब्जेक्ट

[01:25:46] डिक्रीजसेस प्रोग्रेसिवली। सही बात है। एक

[01:25:49] फ्री फॉल। फ्री फ्रॉल मतलब अर्थ की

[01:25:51] ग्रेविटी में गिरता हुआ ऑब्जेक्ट। उसकी

[01:25:53] पोटेंशियल एनर्जी डिक्रीज करेगी। बिल्कुल।

[01:25:54] पहले हाइट ज्यादा है। धीमे-धीमे हाइट कम

[01:25:56] हुई, फिर और कम हुई। डस डस वायलेट द लॉ ऑफ़

[01:25:59] कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी? क्या ये कंजर्वेशन

[01:26:01] ऑफ एनर्जी का जो लॉ है उसके खिलाफ है ये

[01:26:04] स्टेटमेंट? क्या उसके अगेंस्ट है ये?

[01:26:06] वायलेट कर रहा है उसको। वायलेट मतलब उसको

[01:26:09] तोड़ रहा है। नहीं। जो पोटेंशियल एनर्जी

[01:26:11] घट रही है वो काइनेटिक एनर्जी बढ़ती जा

[01:26:14] रही है। यहां पे क्या था? पोटेंशियल

[01:26:16] एनर्जी बहुत ज्यादा थी। मैक्सिमम थी। यहां

[01:26:18] पे आ के क्या हुआ? काइनेटिक एनर्जी

[01:26:20] मैक्सिमम हो गई। बीच में क्या था?

[01:26:22] पोटेंशियल एनर्जी भी है और काइनेटिक

[01:26:24] एनर्जी भी। तो पोटेंशियल एनर्जी घटती

[01:26:26] जाएगी, काइनेटिक एनर्जी बढ़ती जाएगी। यही

[01:26:27] सारी चीज़े लिखी हुई हैं। यही लिखा है। देन

[01:26:30] इट्स पोटेंशियल एनर्जी चेंजज़ इंटू

[01:26:32] काइनेटिक एनर्जी। अ डिक्रीज़ इन दी

[01:26:34] पोटेंशियल एनर्जी इज़ इक्वल टू एन इंक्रीज़

[01:26:37] इन दी काइनेटिक एनर्जी। ठीक है? तो, लॉ ऑफ़

[01:26:39] कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी वायलेट नहीं हुआ।

[01:26:41] नेक्स्ट, एक और एनसीईआरटी का सवाल। अ

[01:26:43] फ्रीली फॉलिंग ऑब्जेक्ट इवेंचुअली स्टॉप्स

[01:26:46] ऑन रीचिंग द ग्राउंड। ये ऑब्जेक्ट है।

[01:26:48] जैसे ही ग्राउंड पे पहुंचेगा तब तो रुक ही

[01:26:50] जाएगा। ये रुक गया। हां। व्हाट हैपेंड टू

[01:26:54] इट्स काइनेटिक एनर्जी? कहां गई इसकी

[01:26:56] काइनेटिक एनर्जी? कहां गई इसकी पोटेंशियल

[01:26:58] एनर्जी? कहां गई इसकी मैकेनिकल एनर्जी? जब

[01:27:00] ये ग्राउंड आके जमीन को हिट करता है तो

[01:27:02] क्या होता है? थप आवाज आती है। तो किसमें

[01:27:05] चेंज हुई? साउंड एनर्जी। जिस जगह पे जाके

[01:27:07] हिट करेगा वहां पे क्या होता है? थोड़ा

[01:27:09] गर्म हो जाता है। तो क्या बन गई? हीट

[01:27:11] एनर्जी बन गई। और एक और एनर्जी इन्होंने

[01:27:14] यहां पे लिखी है डिफॉर्मेशन एनर्जी। मतलब

[01:27:16] जब ये जा के पढ़ेगा मान लो सॉफ्ट होता थोड़ा

[01:27:19] तो थोड़ा सा इसका शेप तो चेंज होता।

[01:27:21] एक्चुअली माइक्रोस्कोप ले के देखोगे तो

[01:27:22] थोड़ा सा सरफेस का शेप थोड़ा सा

[01:27:25] माइक्रोस्कोप से थोड़ा तो चेंज हुआ होगा।

[01:27:27] तो किस में चला गया? डिफॉर्मेशन एनर्जी,

[01:27:29] हीट एनर्जी और साउंड एनर्जी। तो ये भी लॉ

[01:27:32] ऑफ कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी के साथ है। खिलाफ

[01:27:34] नहीं है। जैसे आप बोलते हो सर देखो। यह तो

[01:27:36] मुझे समझ में आ रहा है पोटेंशियल से

[01:27:37] काइनेटिक में चेंज हो रही है। चेंज हो रही

[01:27:39] है। चेंज हो रही है। धप एनर्जी ज़ीरो। ज़ीरो

[01:27:41] नहीं हुई यार। चेंज हो गई। आवाज़ नहीं आई।

[01:27:43] धप साउंड एनर्जी। यहां गरम हो गया। हीट

[01:27:45] एनर्जी थोड़ा सा डिफॉर्म हो गया।

[01:27:47] डिफॉर्मेशन एनर्जी। चलिए अब सवाल देखते

[01:27:50] हैं। आइए। क्या सवाल है? अ 5 kg बॉल इज़

[01:27:53] ड्रॉप फ्रॉम हाइट ऑफ़ 10 मीटर। यहां से 5

[01:27:55] kg बॉल को मैंने नीचे गिरा दिया। फाइंड द

[01:27:58] इनिशियल पोटेंशियल एनर्जी ऑफ दी बॉल। पहला

[01:28:00] पॉइंट। इनिशियल पोटेंशियल एनर्जी मुझे

[01:28:03] निकालनी है। ठीक है? तो शुरुआत में किस

[01:28:06] पॉइंट पे है वो? A पॉइंट पे है। तो A

[01:28:08] पॉइंट की अगर मैं बात करूं तो पोटेंशियल

[01:28:10] एनर्जी कितनी होगी? mg h। मास कितना है

[01:28:14] इसका? 5 kg. G की वैल्यू लिखा है 10 ले

[01:28:17] लो। h कितना है? 10. 5 * 10 * 10 कितना हो

[01:28:20] गया? 500 जूल्स की पोटेंशियल एनर्जी है।

[01:28:24] यहां पे इसके पास पोटेंशियल एनर्जी कितनी

[01:28:26] है बेटा जी? 500 जूल है। काइनेटिक एनर्जी

[01:28:30] कितनी होगी? जरा क्वेश्चन फिर से पढ़ो। अ

[01:28:32] बॉल इज़ ड्रॉप्ड। ड्रॉप्ड का मतलब बेटा

[01:28:35] स्टार्टिंग में किस पे थी बॉल? रेस्ट पे।

[01:28:38] अ बॉल इज़ ड्रॉप्ड।

[01:28:40] यहां पे इसके पास पोटेंशियल एनर्जी है 500

[01:28:43] जूल्स। काइनेटिक एनर्जी कितनी होगी? जीरो।

[01:28:47] क्यों? क्योंकि यहां पे इसकी वेलोसिटी

[01:28:49] ज़ीरो है। ड्रॉप किया है। ठीक है? फाइंड द

[01:28:51] काइनेटिक एनर्जी जस्ट बिफोर इट रीचेस दी

[01:28:54] ग्राउंड इस पॉइंट पे। जस्ट बिफोर इट रीचेस

[01:28:57] दी ग्राउंड। यहां पे काइनेटिक एनर्जी

[01:28:58] निकालनी है मुझे। पॉइंट B मुझे लास्ट में

[01:29:02] काइनेटिक एनर्जी निकालनी है। यहां पे

[01:29:03] मुझसे पूछ रहा है कितनी काइनेटिक एनर्जी

[01:29:06] होगी? काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला लगाएं।

[01:29:08] 1/2 mv². बेटा, मास तो मुझे पता है। क्या

[01:29:12] मैं इसकी वेलोसिटी कैलकुलेट करूं? बड़ा

[01:29:14] लंबा हो जाएगा। वह भी एक तरीका है।

[01:29:15] वेलोसिटी भी निकाल सकते हैं। क्योंकि हाइट

[01:29:17] पता है मेरे को। इनिशियल वेलोसिटी पता है।

[01:29:19] v = u + सॉरी v² = u² + 2as से मैं इसकी

[01:29:24] वेलोसिटी निकालूं। ऐसे भी करते हैं कई

[01:29:25] लोग। भाई देख इसकी इनिशियल वेलोसिटी इसको

[01:29:28] u मालूम है। इनिशियल वेलोसिटी कितनी है?

[01:29:30] ज़ीरो हो गई।

[01:29:32] इसको देख मैं u लिख सकता हूं ना। इनिशियल

[01:29:34] वेलोसिटी ज़ीरो हो गई। मुझे फाइनल वेलोसिटी

[01:29:36] चाहिए। मेरे को s पता है तो वैसे वेलोसिटी

[01:29:38] निकाल काइनेटिक एनर्जी नहीं सिंपल सुनो।

[01:29:41] अब मैं क्या बोलूंगा? मैं दो पॉइंट लेता

[01:29:43] हूं। एक पॉइंट A एक पॉइंट B मैं बोलूंगा

[01:29:46] जो टोटल मैकेनिकल एनर्जी है

[01:29:51] जो टोटल मैकेनिकल एनर्जी है वो जितनी A

[01:29:54] पॉइंट की होगी उतनी ही B पॉइंट की होगी।

[01:29:57] लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी। जितनी टोटल

[01:30:00] मैकेनिकल एनर्जी यहां उतनी यहां होगी।

[01:30:02] ध्यान से देख लो। यानी A पे अगर मैं

[01:30:05] पोटेंशियल एनर्जी प्लस काइनेटिक एनर्जी

[01:30:07] करूं, तो इट विल बी इक्वल टू B की

[01:30:09] पोटेंशियल एनर्जी प्लस काइनेटिक एनर्जी।

[01:30:11] हां या ना? बिल्कुल हां। A पे पोटेंशियल

[01:30:14] एनर्जी कितनी है? 500 जूल्स है। ठीक है?

[01:30:16] काइनेटिक एनर्जी कितनी है? A पे जीरो है।

[01:30:19] कोई वेलोसिटी नहीं। बी पे मैं आता हूं।

[01:30:22] यहां पे बेटा एक बात बताओ पोटेंशियल

[01:30:24] एनर्जी कितनी होगी? जस्ट बिफोर हिटिंग द

[01:30:26] ग्राउंड। हाइट करीब-करीब जीरो। तो

[01:30:29] पोटेंशियल एनर्जी mgh कितनी? जीरो। तो अगर

[01:30:32] मैं यहां पे आऊं तो पोटेंशियल एनर्जी जीरो

[01:30:34] हो जाएगी। काइनेटिक एनर्जी मुझे नहीं पता

[01:30:37] है। छोड़ दे भाई। आ गई काइनेटिक एनर्जी

[01:30:38] कितनी? 500 जूल। कोई वेलोसिटी वेलोसिटी

[01:30:41] नहीं निकालना है। काइनेटिक एनर्जी इक्वल्स

[01:30:43] टू 500 जूल्स। खत्म।

[01:30:46] खत्म। टोटल एनर्जी एट दिस पॉइंट = टोटल

[01:30:49] एनर्जी एट दिस पॉइंट = टोटल एनर्जी एट एनी

[01:30:52] पॉइंट। किसी भी पॉइंट पे टोटल एनर्जी

[01:30:54] देखेगा हर बार सेम आएगी। pe + ke कहीं भी

[01:30:58] निकालोगे क्या आएगा? सेम आएगा। कहने का

[01:31:00] मतलब ये कांसेप्ट मुझसे क्या कहता है? ये

[01:31:02] कॉन्सेप्ट मुझसे ये कहता है कि PE + KE

[01:31:06] अगर मैं करूंगा तो वो क्या रहेगा हमेशा?

[01:31:09] कांस्टेंट रहेगा। किसी भी दो पॉइंट का PE

[01:31:11] + KEE जोडूंगा सेम वैल्यू देगा। एक और

[01:31:14] सवाल था होमवर्क था। चलो मैं करा देता

[01:31:16] हूं। अ 5 kg बॉल इज़ थ्रोन अपवर्ड्स विथ अ

[01:31:19] स्पीड ऑफ़ 10 मीटर पर सेकंड। ये बॉल है।

[01:31:22] इसको मैंने ऊपर फेंका 10 मीटर पर सेकंड

[01:31:24] से। कैलकुलेट दी इनिशियल काइनेटिक एनर्जी।

[01:31:27] सबसे पहले मुझसे क्या कह रहा है कि

[01:31:29] इनिशियल काइनेटिक एनर्जी निकालो। इनिशियल

[01:31:33] कौन सा पॉइंट है मेरा? ये वाला पॉइंट है।

[01:31:35] लेट अस कॉल दिस A। लेट अस कॉल दिस पॉइंट

[01:31:38] B। तो हमसे इनिशियल पॉइंट तो यही हो गया।

[01:31:40] यानी A पॉइंट पे मुझसे क्या मांग रहा है?

[01:31:43] काइनेटिक एनर्जी मांग रहा है। कितनी होगी?

[01:31:46] 1/2 mv²

[01:31:48] चलो। मास कितना है इसका? 5 वेलोसिटी कितनी

[01:31:51] है? 10 तो 10 का स्क्वायर। 10 का स्क्वायर

[01:31:55] हो गया 100 * 5 100 / 2 कितनी हो गई? 250

[01:31:59] जूल की काइनेटिक एनर्जी। नेक्स्ट फाइंड द

[01:32:02] पोटेंशियल एनर्जी व्हेन इट रीचेस दी

[01:32:04] हाईएस्ट पॉइंट। क्या ये इसका हाईएस्ट

[01:32:07] पॉइंट होगा? पॉइंट B की बात कर रहा है।

[01:32:09] वहां पे क्या मांग रहा है? पोटेंशियल

[01:32:11] एनर्जी। अब मुझसे कह रहा है इस पॉइंट पे

[01:32:14] व्हेन इट रीचेस दी हाईएस्ट पॉइंट। इसकी आप

[01:32:17] पोटेंशियल एनर्जी बताओ। पोटेंशियल एनर्जी

[01:32:20] का फार्मूला mg।

[01:32:22] क्या मेरे पास हाइट है यहां की? ओए हाइट

[01:32:26] तो दी नहीं। देखो क्वेश्चन में हाइट तो दी

[01:32:29] नहीं है। मास दिया है, स्पीड दी हाइट। मैं

[01:32:31] कैसे निकालूं पोटेंशियल एनर्जी? लॉ ऑफ

[01:32:33] कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी लगाऊंगा। मैं बोलूंगा

[01:32:36] कि साहब टोटल मैकेनिकल एनर्जी को अगर मैं

[01:32:40] देखूं, अगर मैं टोटल मैकेनिकल एनर्जी को

[01:32:43] देखूं, तो जितनी वो ए पे होगी, उतनी वो B

[01:32:46] पे होगी। अगर A की पोटेंशियल एनर्जी प्लस

[01:32:49] काइनेटिक एनर्जी कर दूं तो क्या B की भी

[01:32:52] पोटेंशियल एनर्जी प्लस काइनेटिक एनर्जी

[01:32:54] आएगी? बिल्कुल आएगी। चलो A की बात करते

[01:32:57] हैं। ए पे पोटेंशियल एनर्जी कितनी होगी?

[01:33:00] बहुत ईजी बेटा। ए कहां पे है? ग्राउंड पे

[01:33:03] है। है कि नहीं? थ्रोन अपवर्ड्स ये

[01:33:05] ग्राउंड पे है। यहां पे हाइट कितनी हो

[01:33:07] जाएगी? लगभग लगभग ज़ीरो हो जाएगी।

[01:33:10] पोटेंशियल एनर्जी यहां पे कितनी हो जाएगी?

[01:33:12] जीरो हो गई। तो A की पोटेंशियल एनर्जी रख

[01:33:15] दी ज़ीरो। फिर A की काइनेटिक एनर्जी क्या A

[01:33:18] की ही काइनेटिक एनर्जी मैंने निकाल रखी

[01:33:21] है? बिल्कुल 250 जूल। ठीक है? अब बोला B

[01:33:25] की पोटेंशियल एनर्जी यही तो सवाल है।

[01:33:27] फाइंड द पोटेंशियल एनर्जी व्हेन इट रीचेस

[01:33:30] दी हाईएस्ट पॉइंट। तो B की पोटेंशियल

[01:33:32] एनर्जी मुझे निकालनी है। B की काइनेटिक

[01:33:34] एनर्जी अब मुझे एक बात बताओ। अगर ये

[01:33:37] हाईएस्ट पॉइंट है तो क्या बॉल यहां जाके

[01:33:40] रुक जाएगी? बिल्कुल। ये देखो इसको फेंका।

[01:33:42] एक हाईएस्ट पॉइंट पे जाके क्या हुआ? ये

[01:33:44] रुक गया। रुकेगा तभी तो नीचे आएगा। तो

[01:33:47] हाईएस्ट पॉइंट पे आके क्या होता है?

[01:33:49] वेलोसिटी क्या हो जाती है? जीरो। यानी

[01:33:51] हाईएस्ट पॉइंट पे आके काइनेटिक एनर्जी

[01:33:54] कितनी हो जाएगी? हाईएस्ट पॉइंट पे आके

[01:33:57] काइनेटिक एनर्जी कितनी हो जाएगी बेटा?

[01:34:00] जीरो। तो B पे काइनेटिक एनर्जी हो गई

[01:34:02] ज़ीरो। आंसर आ गया। पोटेंशियल एनर्जी कितनी

[01:34:04] है बेटा? 250 जूल्स एट दी हाईएस्ट पॉइंट।

[01:34:09] यहां से जितनी काइनेटिक एनर्जी दी थी 250

[01:34:11] जूल वो पूरी की पूरी क्या बन गई?

[01:34:13] पोटेंशियल एनर्जी में। हाईएस्ट पॉइंट पे

[01:34:16] पहुंच गए। काइनेटिक एनर्जी घटती गई, घटती

[01:34:18] गई, स्पीड कम होती गई, होती गई। पूरी

[01:34:20] काइनेटिक एनर्जी किसमें चेंज हो गई?

[01:34:21] पोटेंशियल एनर्जी में। अब देखो ये सवाल

[01:34:24] एनसीईआरटी का क्या बोल रहे हैं? एन

[01:34:26] ऑब्जेक्ट ऑफ मास 40 kg इज़ रेज़ टू अ हाइट

[01:34:29] ऑफ 5 मीटर अबव द ग्राउंड। इस ऑब्जेक्ट को

[01:34:33] मैंने ग्राउंड से 5 मीटर ऊपर रेज़ किया।

[01:34:37] ठीक है? व्हाट इज़ इट्स पोटेंशियल एनर्जी?

[01:34:39] पहले तो कह रहा है कि जब इसको रेज़ कर दिया

[01:34:42] ऐट A.

[01:34:44] जब यह ऐट A पहुंच गया, तो इसकी पोटेंशियल

[01:34:47] एनर्जी क्या है? यही पूछ रहा है ना? एन

[01:34:48] ऑब्जेक्ट ऑफ़ मास 40 kg इज़ रेज़्ड टू अ हाइट

[01:34:51] ऑफ़ 5 मीटर अबोव द ग्राउंड। वाज़ इट? व्हाट

[01:34:54] इज़ इट्स पोटेंशियल एनर्जी? तो A पे इसकी

[01:34:56] पोटेंशियल एनर्जी क्या हो जाएगी? m g h

[01:34:59] क्या मेरे पास m है? हां। क्या मेरे पास g

[01:35:02] है? हां। क्या मेरे पास हाइट है? हां, सब

[01:35:04] कुछ है। तो कितना हो गया? 500 * सॉरी 50 *

[01:35:08] 40 2000

[01:35:09] 2000 जूल्स की पोटेंशियल एनर्जी है A

[01:35:12] पॉइंट पे। फिर क्या कह रहा है? इफ द

[01:35:14] ऑब्जेक्ट इज अलाउड टू फॉल फाइंड इट्स

[01:35:17] काइनेटिक एनर्जी। फाइंड इट्स काइनेटिक

[01:35:20] एनर्जी व्हेन इट इज़ हाफ वे डाउन। जब ये

[01:35:24] हाफ वे डाउन है। हाफ वे मतलब 5 मीटर पे

[01:35:27] था। हाफ वे मतलब कहां पे है? जब ये 2.5

[01:35:30] मीटर ऊपर है। कह रहा इस जगह पे क्या बताओ?

[01:35:33] B पॉइंट पे इसकी काइनेटिक एनर्जी बताओ।

[01:35:36] यार काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला 1/2 mv²

[01:35:40] इसकी वेलोसिटी तो मुझे पता ही नहीं है।

[01:35:42] कैसे निकालूं? सिंपल कंजर्वेशन ऑफ

[01:35:45] मैकेनिकल एनर्जी। मैं सिंपल एक बात

[01:35:48] बोलूंगा टोटल मैकेनिकल एनर्जी। और मैं कौन

[01:35:53] सा दो पॉइंट लूं? एक पॉइंट ये ले लेता

[01:35:56] हूं। एक पॉइंट ये। इसके बारे में मुझे कुछ

[01:35:58] पता है। क्या? पोटेंशियल एनर्जी। और इसके

[01:36:01] बारे में कुछ पता लगाना है। आ जाओ। तो मैं

[01:36:03] बोलूंगा A की टोटल मैकेनिकल एनर्जी = B की

[01:36:06] A की पोटेंशियल एनर्जी + A की काइनेटिक

[01:36:09] एनर्जी = B की पोटेंशियल एनर्जी + B की

[01:36:12] काइनेटिक एनर्जी। चलो भाई A पे पोटेंशियल

[01:36:14] एनर्जी कितनी है? टॉप पॉइंट की मैं निकाल

[01:36:17] चुका हूं। 2000 जूल्स है। A पे काइनेटिक

[01:36:21] एनर्जी कितनी होगी? सोचो इस जगह पे। अब

[01:36:24] क्वेश्चन पढ़ो। इफ द ऑब्जेक्ट इज़ अलाउड टू

[01:36:27] फॉल। यहां से इसको फॉल करने दिया। जब भी

[01:36:30] किसी चीज़ को फॉल बोलते हैं बेटा मतलब उसकी

[01:36:32] वेलोसिटी क्या थी यहां से छोड़ा अलाउड टू

[01:36:34] फॉल। अगर वेलोसिटी जीरो है तो इस जगह पे A

[01:36:37] पे काइनेटिक एनर्जी भी जीरो। तो लो भाई ये

[01:36:40] हो गई 0 इक्वल्स टू अब B पे आए। B पे मुझे

[01:36:44] पोटेंशियल एनर्जी क्या पता लगा सकता हूं?

[01:36:46] क्योंकि काइनेटिक एनर्जी तो निकालना है।

[01:36:48] यही तो सवाल है कि B पे काइनेटिक एनर्जी

[01:36:50] क्या है? यही तो बोला है काइनेटिक एनर्जी।

[01:36:51] क्या मैं पोटेंशियल एनर्जी B के निकाल

[01:36:53] सकता हूं? बिलकुल। मुझे हाइट पता है। तो

[01:36:56] मैं फार्मूला लगा दूंगा m ghच और हाइट कौन

[01:37:00] से रखना? b की हाइट रखना। है ना? मतलब 2.5

[01:37:03] मीटर और प्लस काइनेटिक एनर्जी। खत्म हो

[01:37:05] गया सवाल बेटा। 2000 जूल = m कितना है? 40

[01:37:09] g कितना है? 10 h कितना है? 2.5 प्लस

[01:37:13] काइनेटिक एनर्जी एट B खत्म सवाल। देख यहां

[01:37:17] से दशमलव हटा कटा। 25 * 4 = 100 0 1000

[01:37:22] 2000 और इधर 1000 सो 2000 जूल इधर कितना

[01:37:26] हो गया? 1000 जूल प्लस काइनेटिक एनर्जी।

[01:37:29] 2000 में से 1000 माइनस हुआ कितना आया?

[01:37:32] 1000

[01:37:36] मिल गई काइनेटिक एनर्जी 1000 जूल। यहां पे

[01:37:39] देखो 1000 जूल काइनेटिक एनर्जी है। और

[01:37:42] ध्यान से अगर देखो तो 1000 जूल यहां पे

[01:37:44] पोटेंशियल एनर्जी भी है। यहां पे टोटल

[01:37:46] सिर्फ क्या थी? पोटेंशियल। यहां आ के

[01:37:48] पोटेंशियल प्लस काइनेटिक। यहां पे क्या

[01:37:50] बचेगी? सिर्फ काइनेटिक। है ना? रहेगी

[01:37:53] कितनी? 2000। क्लियर? अच्छा। अब एक ये

[01:37:56] देखिए एनसीईआरटी में सवाल के फॉर्म में

[01:37:58] दिया हुआ है। मैं आपको समझा देता हूं।

[01:37:59] एग्जांपल है पेंडुलम का। पेंडुलम के अंदर

[01:38:02] भी मैकेनिकल एनर्जी यानी पोटेंशियल प्लस

[01:38:05] काइनेटिक एनर्जी कंजर्वड रहती है। पेंडुलम

[01:38:08] क्या होता है? सबने कहीं ना कहीं तो लाइफ

[01:38:10] में देख ही रखा होगा। मान लो मैं ऐसे देख

[01:38:12] लेता हूं। यहां पे मेरे पास ये है। ये

[01:38:14] मैंने इसे ले लिया। ए ये

[01:38:18] होता है पेंडुलम। ठीक है? और अच्छा होता

[01:38:20] होगा। देखिए। अब मैंने क्या किया? ये

[01:38:22] पेंडुलम के बॉब को मैंने उठाया। ठीक है?

[01:38:25] सवाल के फॉर्म में है। मैं समझा देता हूं

[01:38:26] पहले कहानी पूरी। मैंने पेंडुलम के बॉब को

[01:38:29] उठाया और यहां पे लेके आया। सबसे मैक्सिमम

[01:38:32] पोजीशन पे। इसे हम कहते हैं हाईएस्ट

[01:38:34] पॉइंट। यहां पे इसकी हाइट सबसे ज्यादा है।

[01:38:38] अगर ये हाइट सबसे ज्यादा है तो क्या यहां

[01:38:40] पे इसकी पोटेंशियल एनर्जी मैक्सिमम होगी?

[01:38:43] बिल्कुल। तो यहां पे मैक्सिमम पोटेंशियल

[01:38:45] एनर्जी। यहीं से मैं इसको छोडूंगा और जैसे

[01:38:48] ही छोडूंगा ट्रर। टुर

[01:38:52] अगर मैं इसको यहां से बेटा छोड़ने वाला

[01:38:54] हूं। अगर मैं इसे यहां से लीव करने वाला

[01:38:57] हूं तो यहां पे इसकी वेलोसिटी क्या होगी?

[01:39:00] ज़ीरो। यहीं से छोड़ा। तो यहां पे काइनेटिक

[01:39:02] एनर्जी क्या होगी? ज़ीरो। तो इस पॉइंट पे

[01:39:04] पोटेंशियल एनर्जी मैक्सिमम होगी। काइनेटिक

[01:39:07] एनर्जी ज़ीरो। भाई हाइट पे पकड़ा हुआ है।

[01:39:09] वेलोसिटी तो ज़ीरो है। पर सबसे ज्यादा हाइट

[01:39:11] पे है इस टाइम। तो पोटेंशियल एनर्जी

[01:39:13] मैक्सिमम। जैसे ही मैं छोडूंगा बेटा, इसकी

[01:39:15] हाइट कम होती जाएगी। पोटेंशियल एनर्जी कम

[01:39:17] होती जाएगी और इसकी स्पीड बढ़ती जाएगी।

[01:39:19] काइनेटिक एनर्जी बढ़ती जाएगी, बढ़ती जाएगी।

[01:39:21] इस पॉइंट पे आए। आप जब इस पॉइंट पे आओगे

[01:39:23] जिसको मैंने बोला लोएस्ट पॉइंट बोला। यहां

[01:39:26] पे बेटा इसकी हाइट क्या होगी? लगभग लगभग

[01:39:29] इसकी हाइट यहां पे कितनी हो गई? जीरो हो

[01:39:31] जाएगी। अगर हाइट जीरो हो गई तो क्या इस

[01:39:34] पॉइंट पे जीरो पोटेंशियल एनर्जी होगी।

[01:39:37] हां, जीरो। एक्चुअली मिनिमम होती है। आपके

[01:39:40] सिलेबस में जीरो, ज़ीरो पोटेंशियल एनर्जी।

[01:39:42] और जब यहां से ये गिर रहा था, इसकी हाइट

[01:39:44] कम हो रही थी, कम हो रही थी। स्पीड बढ़ती

[01:39:46] जा रही थी। स्पीड बढ़ती जा रही थी।

[01:39:49] काइनेटिक एनर्जी बढ़ती जा रही थी, बढ़ती जा

[01:39:50] रही थी। यहां पे इसकी स्पीड सबसे ज्यादा

[01:39:52] है। यानी काइनेटिक एनर्जी क्या है?

[01:39:54] मैक्सिमम। तो आप ध्यान से देखो। इस पॉइंट

[01:39:57] पे क्या थी इसके पास? पोटेंशियल एनर्जी।

[01:39:59] काइनेटिक एनर्जी बिल्कुल नहीं थी। इस

[01:40:01] पॉइंट पे डुरर। अब पोटेंशियल एनर्जी क्या

[01:40:04] हो गई? ज़ीरो। और इसके पास स्पीड बहुत है।

[01:40:06] तो इस टाइम क्या होगी इसके पास? मैक्सिमम

[01:40:08] काइनेटिक एनर्जी। अब बेटा, स्पीड इतनी

[01:40:10] ज्यादा है, रुक तो पाएगा नहीं। यहां से

[01:40:12] आया टुर्र ऐसा तो नहीं रुकेगा। ये आगे

[01:40:14] निकल गया। जैसे ही आगे निकला बेटा, अब ये

[01:40:17] ऊपर जाने लगा। ग्रेविटी इसको नीचे खींच

[01:40:19] रही थी। अब ये ऊपर जा रहा है। इसकी स्पीड

[01:40:21] कम होती जा रही है। कम होती जा रही है।

[01:40:22] काइनेटिक एनर्जी कम हो रही है। हाइट बढ़

[01:40:24] रही है। पोटेंशियल एनर्जी बढ़ रही है।

[01:40:25] पोटेंशियल एनर्जी बढ़ रही। काइनेटिक

[01:40:26] एनर्जी। यहां पे जैसे ही पहुंचा बेटा, फिर

[01:40:28] जाके ये स्टॉप करेगा। स्टॉप किया तो इसकी

[01:40:31] स्पीड जीरो हो गई। यानी इस जगह पे आके फिर

[01:40:34] से काइनेटिक एनर्जी हो गई। और पोटेंशियल

[01:40:36] एनर्जी फिर से क्या हो जाएगी बेटा?

[01:40:38] मैक्सिमम हो जाएगी। तो यहां पे पोटेंशियल

[01:40:40] एनर्जी मैक्सिमम। यहां पर आके

[01:40:43] काइनेटिक एनर्जी मैक्सिमम। फिर यहां पर

[01:40:46] आके फिर से मैक्सिमम पोटेंशियल एनर्जी।

[01:40:49] क्लियर? यहां पे पोटेंशियल एनर्जी है।

[01:40:51] यहां नीचे गई हाइट कम हुई। पोटेंशियल

[01:40:53] एनर्जी कम हुई। स्पीड बढ़ी। काइनेटिक

[01:40:55] एनर्जी बढ़ी। यहां पे हाइट जीरो। पोटेंशियल

[01:40:57] एनर्जी ज़ीरो। काइनेटिक एनर्जी मैक्सिमम।

[01:41:00] फिर आगे चला। स्पीड कम हो रही है।

[01:41:03] काइनेटिक एनर्जी कम हो रही है। हाइट बढ़

[01:41:05] रही है। पोटेंशियल एनर्जी बढ़ रही है।

[01:41:06] पोटेंशियल एनर्जी मैक्सिमम। तो ये पूरा

[01:41:08] कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी है पेंडुलम के केस

[01:41:11] में। यहां पे पूरी कहानी लिखी हुई है।

[01:41:13] इसको आप एक बार पढ़ सकते हैं। इसमें एक

[01:41:15] सवाल और आता है कि ये पेंडुलम रुक क्यों

[01:41:17] जाता है? कुछ टाइम बाद अगर आप किसी चीज को

[01:41:19] भी हवा में हिला के छोड़ोगे तो कुछ टाइम

[01:41:21] बाद क्या होता है? रुक जाता है। छोड़ा?

[01:41:23] देखो। ए रुक गया। तो ये रुक क्यों गया?

[01:41:27] एनर्जी तो कंजर्व रहनी चाहिए थी। ये तो

[01:41:29] अगेंस्ट हो गया कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी के।

[01:41:31] नहीं भाई। अगल-बगल हवा है। एयर का

[01:41:33] रेजिस्टेंस है। तो ये हवा के मॉलिक्यूल से

[01:41:36] लड़ रहा है। लड़ रहा है तो उनको हीट दे रहा

[01:41:38] है। लड़ रहा है तो साउंड हो रहा है। जिस

[01:41:40] जगह से ये लटका हुआ है इस जगह पे लगातार

[01:41:43] फ्रिक्शन हो रहा है। घिस रहा है। तो

[01:41:45] फ्रिक्शन की वजह से हीट हो रही है। तो

[01:41:47] उसमें भी एनर्जी जा रही है। इसलिए रुक

[01:41:49] जाता है। अगर आइडियल वर्ल्ड होता, यहां पे

[01:41:52] कोई फ्रिक्शन ना होता, वैक्यूम होता तो ये

[01:41:54] सदा-सदा के लिए ऑसिलेशन करता रहता। द

[01:41:56] पेंडुलम इवेंचुअली कम्स टू रेस्ट बिकॉज़

[01:41:58] इट्स मैकेनिकल एनर्जी इज़ कन्वर्टेड स्लोली

[01:42:01] एज हीट एंड साउंड मेनली ड्यू टू एयर

[01:42:04] रेजिस्टेंस एंड फ्रिक्शन एट दी पिवेट। ये

[01:42:06] रहा इसका पिवेट। क्लियर हो गया? दिस इज़

[01:42:09] नॉट वायलेशन ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ एनर्जी।

[01:42:10] अगेंस्ट नहीं है उसके। एनर्जी इज़ नॉट

[01:42:13] डिस्ट्रॉयड। इट इज़ कन्व्टेड। किसमें? एयर

[01:42:15] के मॉलिक्यूल को मार रहा है। उनको हीट कर

[01:42:17] रहा है। ऊपर से चें चें चें चें साउंड। तो

[01:42:21] साउंड एनर्जी बन रही है। क्लियर? चलो भाई।

[01:42:24] नेक्स्ट टॉपिक और लास्ट टॉपिक आ गया पावर।

[01:42:26] पावर क्या होता है बेटा? पावर होता है रेट

[01:42:29] ऑफ डूइंग वर्क। जिस रेट से आप काम कर रहे

[01:42:32] हो या जिस रेट से एनर्जी यूटिलाइज हो रही

[01:42:34] है। रेट ऑफ डूइंग वर्क और रेट ऑफ ट्रांसफर

[01:42:39] ऑफ एनर्जी। जिस रेट से एनर्जी निकल रही है

[01:42:41] या जिस रेट से आप काम कर रहे हो। रेट का

[01:42:44] मतलब क्या होता है? सिंपल। पार का

[01:42:45] फार्मूला क्या है? वर्क / टाइम। वर्क डन

[01:42:49] इन यूनिट टाइम। वर्क डन को टाइम से डिवाइड

[01:42:52] कर दो। कई बार बेटा पावर का एक फार्मूला

[01:42:54] और आपको याद रखना है। पावर इज इक्वल्स टू

[01:42:56] एनर्जी / टाइम। तो या तो एनर्जी / टाइम हो

[01:43:00] या तो पावर का फार्मूला क्या है? वर्क /

[01:43:03] टाइम होता है। अब पावर की यूनिट क्या होती

[01:43:06] है? ऊपर वर्क है। वर्क किसमें होगा? जूल्स

[01:43:08] में। नीचे टाइम है। टाइम किसमें होगा?

[01:43:11] सेकंड्स में। तो पावर की यूनिट हो गई जूल

[01:43:14] पर सेकंड। ठीक है? इस जूल पर सेकंड को हम

[01:43:16] क्या बोलते हैं? वाट बोलते हैं। वाट लगा

[01:43:19] दी। देख, पावर इक्वल्स टू वर्क डन पर

[01:43:23] यूनिट टाइम। वर्क को टाइम से डिवाइड कर

[01:43:25] दो। वर्क की यूनिट क्या है, बेटा? जूल्स।

[01:43:28] टाइम की यूनिट क्या है? सेकंड। तो, इस जूल

[01:43:30] पर सेकंड का एक नाम रखा गया वाट। वाट लगा

[01:43:33] डाला, वाट लगा डाला वाट। और रिप्रेजेंट

[01:43:35] करते हैं कैपिटल W से। ये हो गई पावर की

[01:43:38] यूनिट। एसआई यूनिट ऑफ़ पावर इज़ वाट और

[01:43:41] जूल्स पर सेकंड। एक बड़ी यूनिट भी होती है

[01:43:44] किलोवाट। 1 किलो वाट में कितने वाट? 1000

[01:43:48] वाट होते हैं। कई बार हमसे एवरेज पावर

[01:43:50] मांग लेता है। कुछ नहीं है। टोटल एनर्जी

[01:43:53] कंज्यूम्ड / टोटल टाइम टेकन। भाई पावर

[01:43:56] क्या है? एनर्जी / टाइम। एवरेज जब बोल दे

[01:43:58] जैसे हमने वो देखा था एवरेज स्पीड क्या

[01:44:01] था? टोटल डिस्टेंस / टोटल टाइम। एवरेज

[01:44:03] वेलोसिटी टोटल डिस्प्लेसमेंट / टोटल टाइम।

[01:44:06] वैसे ही एवरेज पावर टोटल एनर्जी कंज्यूम्ड

[01:44:09] / टोटल टाइम टेकन। ठीक है? इसकी यूनिट याद

[01:44:12] रखना। वाट होती है वर्क अपॉन टाइम।

[01:44:14] एनसीईआरटी का एकदम लल्लू सवाल। अ लैंप

[01:44:17] कंज्यूम्स 1000 जूल्स ऑफ इलेक्ट्रिक

[01:44:19] एनर्जी इन 10 सेकंड। व्हाट इज इट्स पावर?

[01:44:21] इसकी पावर पूछी है। तो पावर इज इक्वल्स टू

[01:44:24] एनर्जी कंज्यूम्ड

[01:44:26] अपॉन टाइम। या तो एनर्जी अपॉन टाइम ले लो

[01:44:29] या वर्क अपॉन टाइम ले लो। दोनों ही सही

[01:44:31] है। जो तुम्हें क्वेश्चन में दिया हो।

[01:44:33] एनर्जी कितनी दी है? 1000 जूल। टाइम कितना

[01:44:37] दिया है? 10 सेकंड। ये कट गया। कितना आया?

[01:44:40] 100 जूल पर सेकंड। जूल पर सेकंड को ही

[01:44:44] क्या बोलते हैं? वाट बोलते हैं। तो 100

[01:44:47] वाट इज द आंसर। ऑप्शन बी इज़ करेक्ट। बोलो

[01:44:49] आ गया सभी को? चलो आगे बढ़ते हैं। अब ये

[01:44:52] देखिए दो लड़कियों की कहानी है। ये दोनों

[01:44:54] लड़कियां क्या कर रही है? एनसीईआरटी का

[01:44:55] सवाल है ये भी। दोनों लड़कियां क्या कर रही

[01:44:57] हैं? टू गर्ल्स ईच ऑफ वेट 400 न्यूटन

[01:45:00] क्लाइम्स अप अ रोप थ्रू अ हाइट ऑफ़ 8 मीटर।

[01:45:03] रोप की हाइट कितनी है? 8 मीटर। बी नेम वन

[01:45:06] ऑफ द गर्ल्स A एंड B। तो A क्या कर रही

[01:45:08] है? 20 सेकंड में चढ़ जा रही है। B क्या कर

[01:45:10] रही है? 50 सेकंड। ये थोड़ी ज्यादा यंग है।

[01:45:12] ये थोड़ा एज हो गया है। तो इनको समय लग रहा

[01:45:14] है 50 सेकंड। क्या पूछा है? व्हाट इज दी

[01:45:16] पावर एक्सपेंडेड बाय ईच गर्ल? दोनों

[01:45:17] गर्ल्स के लिए पावर पूछी है। तो यहां पे

[01:45:19] मैं लिख लेता हूं गर्ल A। यहां पे लिख

[01:45:21] लेता हूं मैं गर्ल B। बेटा पावर का

[01:45:23] फार्मूला क्या है? सिंपल वर्क डन अपॉन

[01:45:26] टाइम। यहां पे भी क्या लगेगा? वर्क डन /

[01:45:29] टाइम। अच्छा। कितना वर्क किया? ध्यान से

[01:45:32] देखो तो एक चीज़ बोली है। दोनों का वेट 400

[01:45:34] न्यूटन है। तो बेटा वेट किधर लगता है?

[01:45:37] इंसान का वेट नीचे की तरफ। इनका भी वेट

[01:45:40] नीचे की तरफ लगेगा। अगर इनको ऊपर जाना है

[01:45:43] तो इतनी ही फोर्स इनको ऊपर लगानी पड़ेगी।

[01:45:46] यस और नो। वेट किधर लगता है? डाउनवर्ड्स।

[01:45:50] अगर आपको ऊपर जाना है तो इतनी ही फोर्स

[01:45:52] आपको ऊपर लगानी पड़ेगी। अपने वेट को ही तो

[01:45:54] आपको ऊपर उठाना है। आपका वेट नीचे गिरा जा

[01:45:57] रहा है। जब आप इसे रस्सी चढ़ते हो तो आपने

[01:45:59] वेट के खिलाफ ही तो फोर्स लगा रहे हो। ये

[01:46:02] मैं अपना वेट उठाएगा। मैं अपना वेट। तो

[01:46:04] इसको ऊपर की तरफ कितनी फोर्स लगानी होगी?

[01:46:06] अपनी वेट के बराबर। इसको भी कितनी फोर्स

[01:46:08] लगानी होगी? अपने वेट के बराबर। अगर मैं

[01:46:11] पूछूं, वर्क डन क्या होगा, सो वर्क डन

[01:46:14] क्या होता है? फोर्स * डिस्प्लेसमेंट।

[01:46:17] कितनी फोर्स लगाओगे आप अपने वेट के बराबर?

[01:46:21] तो मैंने यहां पे लिख लिया वेट इंटू जितना

[01:46:24] डिस्प्लेसमेंट हो। एक्चुअली वेट से थोड़ी

[01:46:27] सी ज्यादा लगानी होगी। आप नीचे क्यों गिर

[01:46:28] रहे हो अपने वेट की वजह से? अगर वेट के

[01:46:30] बराबर की फोर्स मैं लगाऊं तो मैं ऊपर चला

[01:46:32] जाऊंगा। तो ऊपर की तरफ फोर्स लग रही है और

[01:46:35] मैं चढ़ भी ऊपर की तरफ रहा हूं। कितना चढ़

[01:46:37] रहा हूं? 8 मीटर ऊपर की तरफ। तो मेरी

[01:46:40] डिस्टेंस कितना हो गया? 8 मीटर। दोनों का

[01:46:43] वेट सेम है तो दोनों के लिए 400 न्यूटन।

[01:46:47] दोनों का हाइट भी सेम है। तो 8 मीटर। तो 8

[01:46:50] * 4 = 320 0 ये हो गया जूल्स में वर्क डन।

[01:46:55] दोनों का सेम वर्क आएगा। क्यों? क्योंकि

[01:46:57] दोनों की फोर्स भी सेम है। दोनों का

[01:46:59] डिस्प्लेसमेंट। दोनों 8-8 मीटर ऊपर चढ़ रही

[01:47:01] हैं। वर्क कितना हो गया? 3200

[01:47:05] a ने कितना टाइम लिया? 20 सेकंड्स तो ये

[01:47:07] जीरो जीरो कट गया। कितना आ गया 160 वाट? B

[01:47:12] की बात करें। b ने कितना वर्क किया सेम

[01:47:15] 3200

[01:47:16] और यहां पे टाइम कितना लिया? 50 सेकंड कट

[01:47:19] गया। कितना होगा? 5 * 6 = 30 20 5 * 4 =

[01:47:24] 20 64 वाट तो ये दोनों की पावर आपको मिल

[01:47:27] गई। क्लियर? चलो। नेक्स्ट हमें देखना है

[01:47:29] इलेक्ट्रिकल एनर्जी की एक स्पेशल यूनिट।

[01:47:32] देखो एनर्जी की यूनिट जूल्स होती है।

[01:47:35] पोटेंशियल एनर्जी हो, काइनेटिक एनर्जी हो,

[01:47:37] कोई भी एनर्जी हो, उसकी एसआई यूनिट जूल्स

[01:47:40] होती है। पर इलेक्ट्रिकल एनर्जी की एक

[01:47:42] स्पेशल यूनिट और है KWH।

[01:47:46] अब ये क्या होता है? वो समझते हैं। क्या

[01:47:48] पावर को एनर्जी / टाइम लिख सकते हैं?

[01:47:51] बिल्कुल। पार क्या है? वर्क / टाइम या

[01:47:54] एनर्जी / टाइम लिख सकते हैं। ठीक? यहां से

[01:47:58] क्या एनर्जी का फार्मूला पार * टाइम बन

[01:48:00] जाएगा? एनर्जी इक्वल्स टू पार * टाइम बन

[01:48:04] जाएगा। ठीक है? पार किसमें मेजर होती है?

[01:48:06] वाट में मेजर होती है। अगर मैं पार को

[01:48:10] किलोवाट में मेजर करूं। किस में मेजर

[01:48:12] करूं? किलो वाट में मेजर करूं। और अगर मैं

[01:48:16] टाइम को आर में मेजर करूं तो मेरी मर्जी।

[01:48:19] मैं डिफरेंट यूनिट में मेजर कर रहा हूं।

[01:48:21] अच्छा। किलोवाट को क्या मैं kw लिख सकता

[01:48:24] हूं? R को क्या मैं H लिख सकता हूं? क्या

[01:48:28] एनर्जी की यूनिट कुछ नई बन गई? किलो वाट

[01:48:31] आर। अब कहोगे सर ये सब क्यों बना रहे हैं?

[01:48:34] मैं बताता हूं। आपके घर में जो मीटर लगा

[01:48:37] है वो क्या मेजर करता है? करंट मेजर करता

[01:48:40] है। वोल्टेज मेजर करता है या एनर्जी?

[01:48:43] एनर्जी मेजर होती है बेटा कि आपका घर

[01:48:45] कितनी इलेक्ट्रिक एनर्जी यूज़ कर रहा है।

[01:48:49] जब आपका इलेक्ट्रिक मीटर आप देखते हो पुक

[01:48:51] पुक पुक पुक पुक पुक पुक पुक पुक एक

[01:48:53] रीडिंग ऊपर गई। पुक पुक पुक पुक पुक पुक

[01:48:55] पुक एक रीडिंग ऊपर गई। ये जो एक यूनिट

[01:48:58] होती है ना ये क्या होती है? KWH किलो वाट

[01:49:02] आर। जब आपके घर में 1 किलो वाट आर एनर्जी

[01:49:07] यूज़ होती है तब मीटर की रीडिंग एक ऊपर चली

[01:49:10] जाती है। यहां साइड से नहीं होता है ये

[01:49:11] लास्ट वाला। ये जो लास्ट वाला है इसकी एक

[01:49:14] रीडिंग ऊपर होती है। जब आप घर में कितना

[01:49:16] यूज़ करते हो? 1 किलो वाट आर की एनर्जी आप

[01:49:19] जब यूज़ करते हो। अब आप कह रहे हो सर फील

[01:49:22] नहीं आ रहा है इसका मास्टर। व्हाट इज 1

[01:49:24] किलो वाटवा आय? मैं आसान समझाता हूं। घर

[01:49:25] में हीटर वगैरह है। आपने देखा होगा पापा

[01:49:28] लोग कहते होंगे हीटर यार 1000 वाट का हीटर

[01:49:30] है। सुना होगा कई बार कहते हुए हीटर कितने

[01:49:32] का है? 1000 वाट का हीटर है। 1000 वाट का

[01:49:36] हीटर मतलब 1 किलो वाट का हीटर। इस हीटर को

[01:49:41] अगर मैं 1 घंटे के लिए चलता रहने दूं। अगर

[01:49:45] ये हीटर 1 घंटे के लिए चलता रहे तो ये

[01:49:48] कितनी एनर्जी खा जाएगा? 1 किलो वाट * 1

[01:49:52] आर। 1000 वाट का हीटर कभी सुना होगा ना कि

[01:49:55] 1000 वाट का हीटर लगा हुआ है। 1000 वाट का

[01:49:57] एसी लगा हुआ है। अगर यह 1000 वाट का है

[01:50:00] यानी 1 किलो वाट का है। 1 किलो वाट के

[01:50:03] हीटर को अगर 1 घंटे तक चलने दूं तो एनर्जी

[01:50:05] कितनी खाई उसने? 1 किलो वाट * 1 आर। पार

[01:50:09] ये चार्ज क्या होती है? पार। और ये चीज

[01:50:11] क्या होती है? टाइम। क्या एनर्जी को पार *

[01:50:14] टाइम बोल सकते हैं? यस। तो 1 किलो वाट * 1

[01:50:18] किलो वाट आर।

[01:50:20] यह एनर्जी खाता है। तो जो कमर्शियल यूनिट

[01:50:23] है घर की इलेक्ट्रिसिटी की एक यूनिट जो है

[01:50:25] वो क्या है? 1kwh

[01:50:28] है। जब आप 10थ में जाओगे तो आप बिल भी घर

[01:50:30] का निकाल दोगे। कितना बिजली का बिल आया ये

[01:50:32] आप पता लगा सकते हो। ठीक है? कई बार क्या

[01:50:35] होगा कि एग्जाम में पार वाट में दे रखा

[01:50:38] होगा। अगर वाट में दे रखा हो तो उसको आप

[01:50:41] 1000 से डिवाइड कर देना। किस में हो

[01:50:43] जाएगा? किलो वाट में। ये सब करते हैं

[01:50:45] सिर्फ इलेक्ट्रिक एनर्जी में। एसआई यूनिट

[01:50:48] ऑफ एनर्जी क्या है? जूल्स है। इलेक्ट्रिक

[01:50:51] एनर्जी की भी एसआई यूनिट क्या है? जूल्स

[01:50:53] ही है। इसकी एक स्पेशल यूनिट बनी KWH

[01:50:57] किलोवाट आर। 1 किलो वाट आर में कितने

[01:51:00] जूल्स होते हैं? 3.6 * 10 की पावर 6 जूल।

[01:51:04] ये बेटा आप याद कर लीजिएगा। एग्जाम में

[01:51:06] सीधा-सीधा पूछ लेता है। सवालों में भी यूज़

[01:51:09] होता है। आइए क्वेश्चन देखते हैं।

[01:51:10] एनसीआरटी का सवाल है। एन इलेक्ट्रिक हीटर

[01:51:13] इज़ रेटेड 1500 वाट। 1500 वाट यानी मुझे

[01:51:17] हीटर की पावर पता है। हाउ मच एनर्जी डस इट

[01:51:22] यूज़ इन 10 आवर्स? टाइम दे दिया मुझे 10

[01:51:25] आवर का। पूछ रहा है कितनी एनर्जी कंज्यूम

[01:51:28] होगी? पार का फार्मूला क्या होता है?

[01:51:31] एनर्जी / टाइम होता है। एकदम सही। मुझसे

[01:51:35] क्या मांगा है? एनर्जी मांगा है। क्या

[01:51:37] एनर्जी को मैं पार * टाइम लिख दूं? सही

[01:51:40] होगा। पावर * टाइम। पावर को किस में रखूं

[01:51:44] मैं? किलो वाट में क्योंकि यहां पे

[01:51:46] इलेक्ट्रिसिटी की तो बात हो रही है हीटर

[01:51:48] वगैरह की। और टाइम को मुझे किस में रखना

[01:51:50] होगा? आर में रखना होगा। पार देख कितनी दे

[01:51:53] रखी है? 1500 पर ये तो वाट है। तो इसको

[01:51:56] मैं 1000 से डिवाइड कर दूंगा। टाइम कितना

[01:51:58] दे रखा है? 10 आर दे रखा है। लो खत्म हो

[01:52:01] गया। डबल जीरो डबल जीरो कैंसिल। एक जीरो

[01:52:03] एक ज़ीरो कैंसिल। 15 किलो वाट आर। यानी 15

[01:52:08] यूनिट मीटर आगे बढ़ेगा। अगला सवाल देखिए

[01:52:10] एनसीआरटी का। अ सर्टेन हाउसहोल्ड हैज़

[01:52:13] कंज्यूम्ड 250 यूनिट्स ऑफ इलेक्ट्रिक

[01:52:16] एनर्जी। 250 यूनिट्स ऑफ एनर्जी एक घर ने

[01:52:20] यूज़ की ड्यूरिंग अ मंथ? एक महीने में

[01:52:22] कितनी यूनिट यूज़ हुई? 250। हाउ मच एनर्जी

[01:52:25] इज दिस इन जूल? पूछ रहा है जूल्स में

[01:52:27] कितनी हुई? बेटा 250 यूनिट। एक यूनिट का

[01:52:31] मतलब क्या है? मैंने आपको बताया था। 1

[01:52:34] यूनिट का मतलब क्या है? 1kwh.

[01:52:37] तो 250 यूनिट का मतलब क्या हो गया? 250

[01:52:41] KWH

[01:52:42] अब कहा है ये जूल्स में कितना होगा? 1 KWH

[01:52:46] कितना जूल होता है? याद करेंगे 3.6 * 10

[01:52:49] की पावर 6 जूल्स। तो 250 मल्टीप्लाई बाय

[01:52:52] 3.6 * 10 की पावर 6 जूल्स। तो आप आंसर

[01:52:57] निकाल लीजिएगा। कुछ 9 * 10 की पावर 8

[01:53:00] जूल्स करके आंसर आएगा। आप कैलकुलेट कर

[01:53:02] लीजिएगा। चलिए नेक्स्ट। एनसीआरटी का सवाल

[01:53:05] है। क्या है? फाइंड दी एनर्जी इन जूल्स

[01:53:07] कंज्यूम्ड इन 10 आवर्स बाय फोर डिवाइसेस।

[01:53:10] चार डिवाइसेस हैं। एक, दो, तीन, चार।

[01:53:16] ऑफ पावर 500 W ईच। इसकी पावर भी 500, इसकी

[01:53:20] भी 500, इसकी भी 500, इसकी भी 500। और ये

[01:53:23] चार डिवाइस कितने टाइम के लिए चली है? 10

[01:53:26] घंटे के लिए चली है। हमसे क्या पूछा है?

[01:53:28] फाइंड दी एनर्जी इन जूल्स पूछी है। अच्छा

[01:53:32] भाई, कोई बात नहीं। पहले KWH में निकाल

[01:53:34] लेंगे। जूल्स में कन्वर्ट कर लेंगे। एक

[01:53:36] काम करते हैं। एक डिवाइस की बात करते हैं।

[01:53:38] पहले वन डिवाइस की बात करते हैं। एक

[01:53:41] डिवाइस की बात करूं। क्या मांगा है मुझसे?

[01:53:43] एनर्जी मांगा है। क्या मैं एनर्जी को पार

[01:53:47] * टाइम लिख सकता हूं? बिल्कुल लिख सकता

[01:53:49] हूं। बसर्ते पावर किस में रखूं मैं?

[01:53:51] किलोवाट में। और टाइम किस में रखूं? आवर्स

[01:53:54] में। पावर कितनी है? एक-एक की? 500 वाट

[01:53:57] है। तो बेटा इसे मुझे चेंज करना पड़ेगा।

[01:54:00] तो 500 डिवाइड बाय 1000 कर दूंगा। टाइम

[01:54:03] किस में दिया है? आवर्स में दिया है। तो

[01:54:05] 10 ऑवर्स रख दिया। डबल जीरो डबल जीरो

[01:54:08] कैंसिल। इससे ये कैंसिल कितना आ गया?

[01:54:10] पांच। क्या? किलो वाट आर। तो एक डिवाइस

[01:54:14] कितनी एनर्जी ले रहा है? 5 किलो वाटवा आर।

[01:54:17] तो चार डिवाइस कितनी लेंगे?

[01:54:21] यूनिट्री मेथड, अगर एक डिवाइस पांच ले रहा

[01:54:24] है, तो चार कितनी लेंगे? 4 * 5 किलो वाट

[01:54:29] आर। एक ने चार पांच ली तो चार ने कितनी

[01:54:31] ली? इसकी चार गुना। 20 किलो वाट आर। पर ये

[01:54:34] कह रहे हैं हमें एनर्जी जूल्स में बताओ।

[01:54:36] तो 1 किलो वाट आर इज 3.6 * 10 की पावर 6

[01:54:41] जूल। कैलकुलेट कर लीजिएगा जो भी आंसर है।

[01:54:44] यहां पे बेटा ये चैप्टर होता है समाप्त।

[01:54:45] पिछले लेक्चर के सही आंसर किसने-किसने दिए

[01:54:48] हैं? मिस्टर आदित्य ने दिए हैं। कार्बन 24

[01:54:50] ग्राम ऑक्सीजन 64 ग्राम। ऋषभ तिवारी ने

[01:54:53] दिए हैं। आयुष मौर्या ने दिए हैं। ईशान

[01:54:54] स्टडी ने दिए हैं। शिवा स्केचेस ने दिए

[01:54:56] हैं। आशीष दुबे ने दिए हैं। शुभम सिन्हा

[01:54:59] ने दिए हैं। नीलम सिंह ने दिए हैं। संजीव

[01:55:01] खातून ने दिए हैं। मुंतताजिर

[01:55:04] मेहदी मुज ने दिए हैं। चांदनी चांदनी

[01:55:07] तिवारी ने दिए हैं। तो सभी को बहुत-बहुत

[01:55:09] कांग्रेचुलेशन। जिनका नाम नहीं भी आया

[01:55:11] उनको भी कांग्रेचुलेशन। क्योंकि बहुत सारे

[01:55:13] बच्चों ने एटम्स एंड मॉलिक्यूल्स में सही

[01:55:15] आंसर दिया था। देखते हैं आज के लेक्चर में

[01:55:16] कौन सही आंसर देता है। पढ़ाई करते रहें।

[01:55:18] ऑल द वेरी बेस्ट।
