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UTIs | Unit 4 | Immunostimulants & Immunosuppressants | Anticancer Agents | Pharmacology 6th Sem

https://www.youtube.com/watch?v=0Dea1gDx0pQ
Translation: en

[00:04] तो आज की वीडियो में हम लोग यहां पे बात

[00:06] तो आज की वीडियो में हम लोग यहां पे बात करेंगे अपने फार्माकोलॉजी के यूनिट नंबर

[00:07] फोर के बारे में जिसमें हम लोग यहां पे

[00:09] फोर के बारे में जिसमें हम लोग यहां पे यूनिट फोर के सभी टॉपिक्स को इस सिंगल

[00:10] यूनिट फोर के सभी टॉपिक्स को इस सिंगल वीडियो में कंप्लीट कवर करेंगे। अब देखिए

[00:13] वीडियो में कंप्लीट कवर करेंगे। अब देखिए यहां पे बहुत लेट हो चुकी है। तो यहां पे

[00:15] यहां पे बहुत लेट हो चुकी है। तो यहां पे देखिए थोड़ा सा एक चीज़ ध्यान रखिए कि हम

[00:16] देखिए थोड़ा सा एक चीज़ ध्यान रखिए कि हम यहां पे सिर्फ इंपॉर्टेंट इंपोर्टेंट

[00:18] यहां पे सिर्फ इंपॉर्टेंट इंपोर्टेंट चीजों पर ही फोकस करेंगे और थोड़ा सा यहां

[00:20] चीजों पर ही फोकस करेंगे और थोड़ा सा यहां पे मेरा समझाने पे ज्यादा फोकस रहेगा।

[00:22] पे मेरा समझाने पे ज्यादा फोकस रहेगा। नोट्स आप लोग को स्क्रीन पे दिख ही रही है

[00:23] नोट्स आप लोग को स्क्रीन पे दिख ही रही है तो आप लोग यहां पे नोट्स देख लीजिएगा।

[00:25] तो आप लोग यहां पे नोट्स देख लीजिएगा। टॉपिक्स जो है आप लोग को अंडरस्टैंड कराने

[00:27] टॉपिक्स जो है आप लोग को अंडरस्टैंड कराने की मेरी ज्यादा कोशिश रहेगी और जो एडवर्स

[00:30] की मेरी ज्यादा कोशिश रहेगी और जो एडवर्स इफेक्ट है और जो भी चीजें हैं वो सब आप

[00:32] इफेक्ट है और जो भी चीजें हैं वो सब आप लोग यहां पे देख लीजिएगा। इतना हम लोगों

[00:34] लोग यहां पे देख लीजिएगा। इतना हम लोगों ने समझा दिया है ऑलरेडी कि अब आप यहां पे

[00:36] ने समझा दिया है ऑलरेडी कि अब आप यहां पे जो भी एडवर्स इफेक्ट हैं यूजेज हैं वो आप

[00:38] जो भी एडवर्स इफेक्ट हैं यूजेज हैं वो आप लोग खुद से समझ सकते हो। तो देखिए अगर हम

[00:40] लोग खुद से समझ सकते हो। तो देखिए अगर हम लोग यहां पे सबसे पहले टॉपिक की बात करें

[00:42] लोग यहां पे सबसे पहले टॉपिक की बात करें तो सबसे पहला टॉपिक हमारा आ जाता है

[00:43] तो सबसे पहला टॉपिक हमारा आ जाता है यूटीआई यानी कि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन।

[00:45] यूटीआई यानी कि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन। अब देखिए यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का

[00:47] अब देखिए यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का मतलब है कि जो हमारा यूरिनरी सिस्टम है तो

[00:49] मतलब है कि जो हमारा यूरिनरी सिस्टम है तो यूरिनरी सिस्टम में अगर कहीं भी हमारा कुछ

[00:51] यूरिनरी सिस्टम में अगर कहीं भी हमारा कुछ भी बैक्टीरियल इंफेक्शन देखने को मिलता है

[00:53] भी बैक्टीरियल इंफेक्शन देखने को मिलता है तो उसी को हम लोग बोलते हैं यूरिनरी

[00:55] तो उसी को हम लोग बोलते हैं यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन। अब ये हमारा किडनी में

[00:57] ट्रैक्ट इंफेक्शन। अब ये हमारा किडनी में हो सकता है। यूरेटर, ब्लैडर, यूरेथरा कहीं

[00:59] हो सकता है। यूरेटर, ब्लैडर, यूरेथरा कहीं भी हो सकता है। अगर इन सब में कहीं भी

[01:00] भी हो सकता है।

[01:02] अगर इन सब में कहीं भी हमारा इंफेक्शन होता है तो इसको हम लोग हमारा इंफेक्शन होता है तो इसको हम लोग यहां पे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन बोलते हैं।

[01:04] यहां पे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन बोलते हैं।

[01:05] और ये मेनली हमारा एक बैक्टीरिया होता है ई कोलाई उसी की वजह से वो देखने को मिलता है।

[01:07] और इसमें देखिए इसमें हमारा जो है जो मोस्ट कॉमन टाइप है वो हमारा ब्लैडर यानी कि देखिए ज्यादातर तो वैसे कहीं भी हो सकता है।

[01:10] जो है जो मोस्ट कॉमन टाइप है वो हमारा ब्लैडर यानी कि देखिए ज्यादातर तो वैसे कहीं भी हो सकता है।

[01:12] लेकिन जो हमारा ब्लैडर वाला एरिया आप लोगों को दिख रहा है।

[01:14] लेकिन जो हमारा ब्लैडर वाला एरिया आप लोगों को दिख रहा है।

[01:15] यहां पे हमारा सबसे ज्यादा जो है देखने को मिलता है।

[01:17] देखने को मिलता है।

[01:19] और अगर हम लोग यहां पे बात करें तो देखिए जो हमारी वुमेन है वो ज्यादा प्रोन होती है।

[01:20] बात करें तो देखिए जो हमारी वुमेन है वो ज्यादा प्रोन होती है।

[01:22] मतलब कि मेल के कंपेयर में वुमेन में ज्यादा चांसेस देखने को मिलते हैं यूटीआई के।

[01:24] कंपेयर में वुमेन में ज्यादा चांसेस देखने को मिलते हैं यूटीआई के।

[01:26] अब कॉजेस की बात करें तो देखिए पुअर हजीन हो सकता है।

[01:28] करें तो देखिए पुअर हजीन हो सकता है।

[01:30] अगर ज्यादा अच्छे से हजीन वगैरह नहीं मेंटेन हो पा रही है और हमारा इकोलाई सेक्सुअल इंटरकोर्स भी हो सकता है।

[01:32] हो पा रही है और हमारा इकोलाई सेक्सुअल इंटरकोर्स भी हो सकता है।

[01:33] अगर मान लीजिए जिसको यूटीआई है अगर वो सेक्सुअल इंटरकोर्स कर रहा है दूसरे पार्टनर के साथ तो उसको भी हो सकता है।

[01:35] जिसको यूटीआई है अगर वो सेक्सुअल इंटरकोर्स कर रहा है दूसरे पार्टनर के साथ तो उसको भी हो सकता है।

[01:37] तो उसको भी हो सकता है।

[01:39] यूरिनरी रिटेंशन ज्यादा देर तक यूरिन को रिटेन करना।

[01:40] ज्यादा देर तक यूरिन को रिटेन करना।

[01:42] ठीक है? लॉन्ग टर्म हमारा यहां पे कैथेटर यूज़ है।

[01:44] उसके बाद हमारा वीक इम्यून सिस्टम, हार्मोनल चेंजेस, मेनोपॉज इन सब की वजह से हमारा यहां पे कहीं ना कहीं यूटीआई देखने को मिल सकते हैं।

[01:47] हार्मोनल चेंजेस, मेनोपॉज इन सब की वजह से हमारा यहां पे कहीं ना कहीं यूटीआई देखने को मिल सकते हैं।

[01:48] बाकी अगर हम लोग यहां पे इसके सिम्टम्स की बात करें तो यहां पे जो है यूरिनेशन के टाइम पे बहुत ज्यादा बर्निंग हो सकती है।

[01:50] इसके सिम्टम्स की बात करें तो यहां पे जो है यूरिनेशन के टाइम पे बहुत ज्यादा बर्निंग हो सकती है।

[01:52] यूरिनेशन के टाइम पे बहुत ज्यादा बर्निंग हो सकती है।

[01:53] स्ट्रांग स्मेल हो सकती है।

[01:55] पेल्विक पेन, पेल्विक एरिया में पेन हो सकता है।

[01:56] पेल्विक पेन, पेल्विक एरिया में पेन हो सकता है।

[01:58] लोअर एब्डोमेन में पेन हो सकता है।

[02:01] सकता है।
It can happen.

[02:01] टायर्ड फडीक फील होना, फीवर आना, अर्जेंसी मतलब बहुत बार-बार जो है यूरिन
Feeling tired, having a fever, urgency meaning very frequent urination

[02:03] अर्जेंसी मतलब बहुत बार-बार जो है यूरिन करने की अर्जेंसी, बैक पेन ये सारे हमारे
Urgency meaning very frequent urination, back pain, these are all our

[02:05] इसके कुछ सिम्टम्स हो सकते हैं।
These can be some of its symptoms.

[02:06] बाकी देखिए यूडीआई हमारे मेनली दो टाइप के हो
Otherwise, see, UDIs are mainly of two types for us

[02:08] देखिए यूडीआई हमारे मेनली दो टाइप के हो सकते हैं।
See, UDIs can be mainly of two types for us.

[02:09] हो सकता है। एक्यूट हो सकता है क्रॉनिक।
It can be. It can be acute or chronic.

[02:11] एक्यूट मतलब कि जो थोड़ा सा कम टाइम के लिए हो और यहां पे इसका ट्रीटमेंट
Acute means that which is for a shorter time and here its treatment

[02:13] भी पॉसिबल हो जाता है जल्दी।
Also becomes possible quickly.

[02:15] और यह हमारा सडन जो है देखने को मिलता है।
And this is seen suddenly by us.

[02:17] क्रॉनिक मतलब कि जो काफी लंबे टाइम से बैक्टीरियल
Chronic means that which has been a bacterial infection for a long time

[02:19] इनफेक्शन देखने को मिले और ये लगभग जो है
infection is seen and this is approximately

[02:21] वीक्स या फिर मल्टीपल टाइम्स भी देखने को
seen for weeks or multiple times

[02:23] मिल सकता है।
can be seen.

[02:23] और इसमें यहां पे जो है इसकी
And here in this, its

[02:26] कैरेक्टराइजेशन की बात करें तो यहां पे
If we talk about characterization, then here

[02:27] अर्जेंसी फ्रीक्वेंसी मतलब कि यूरिन की
Urgency frequency means urine's

[02:29] फ्रीक्वेंसी बढ़ जाना, यूरिन को डिस्चार्ज
frequency increasing, discharging urine

[02:31] करने की अर्जेंसी बढ़ जाना और यूरिनरी
urgency increasing and urinary

[02:34] ट्रैक्ट एब्नॉर्मेलिटीज जो है ब्लैडर
tract abnormalities, which is bladder

[02:36] आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन।
outlet obstruction.

[02:37] ठीक है?
Okay?

[02:37] मतलब कि यूरिन बाहर निकालने में प्रॉब्लम होना।
Meaning, having a problem in expelling urine.

[02:40] तो ये सारी चीजें हमारी यहां पे इनकंप्लीट
So all these things here for us, incomplete

[02:42] ब्लैडर इंपटिंग मतलब कि यूरिन डिस्चार्ज
bladder emptying, meaning after discharging urine

[02:44] करने के बाद भी ऐसा लगना कि अभी-अभी पूरा
it still feels like it's completely

[02:46] पूरी तरीके से लाइक यूरिन डिस्चार्ज नहीं
like the urine has not been discharged fully.

[02:50] हुआ है।
It has happened.

[02:50] ठीक है?
Okay?

[02:52] लगता है कि अभी भी और करना है।
It feels like there is still more to do.

[02:55] तो ये सारी चीजें यहां पे हमारी क्रॉनिक इंफेक्शन में देखने को मिल सकती
So all these things here can be seen in chronic infection for us

[02:56] हैं।
are.

[02:56] अब अगर हम लोग यहां पे इसके
Now if we here, its

[02:58] पैथोफिजियोलॉजी की बात करें तो यहां पे
talk about pathophysiology, then here

[02:59] देखिए पैथोफिजोलॉजी मतलब कि भाई जैसे मान
see, pathophysiology means like, brother, like assume

[03:01] देखिए पैथोफिजियोलॉजी मतलब कि भाई जैसे मान लीजिए हमारा जो जर्म है वो हमारा यूटीआई
Look at the pathophysiology, meaning, like, suppose the germ that is ours enters our UTI.

[03:03] लीजिए हमारा जो जर्म है वो हमारा यूटीआई में एंटर हुआ यानी कि यूरिनरी ट्रैक्ट में
Suppose the germ that is ours entered our UTI, meaning into the urinary tract.

[03:05] में एंटर हुआ यानी कि यूरिनरी ट्रैक्ट में एंटर हुआ।
Entered into the urinary tract.

[03:07] सॉरी यूटी यूरिनरी ट्रैक मेंटर हुआ।
Sorry, UTI, entered the urinary tract.

[03:08] उसके बाद देखिए जो भी हमारा ब्लैडर या फिर यूरेथ्रा है ये इसकी वॉल पे जाके
After that, look, whatever our bladder or urethra is, it went and stuck to its wall.

[03:11] स्टिक हो गया।
Got stuck.

[03:12] उसके बाद यहां पे अपना कह सकते हो उसने अपनी ग्रोथ करना स्टार्ट कर
After that, here, you can say it started to grow.

[03:14] दी।
Did.

[03:16] उसके बाद यहां पे बॉडी ने कह सकते हो रिएक्ट किया डब्ल्यूबीसी।
After that, here, you can say the body reacted, WBC.

[03:18] भाई देखिए हमारी बॉडी में कुछ भी इनफेक्शन वगैरह होगा तो
Brother, look, if there is any infection or anything in our body,

[03:19] हमारे बॉडी का इम्यून सिस्टम एक्टिवेट
Our body's immune system will activate.

[03:20] होगा।
Will happen.

[03:22] डब्ल्यूबीसी फाइट करने आएगा।
WBC will come to fight.

[03:24] लेकिन जब डब्ल्यूबीसी फाइट करेगा तो उस फाइटिंग
But when WBC fights, then due to that fighting,

[03:25] की वजह से क्या होगा?
What will happen?

[03:27] हमारा इनफ्लेमेशन होगा।
Inflammation will occur.

[03:29] बर्निंग होगी।
There will be burning.

[03:31] और इसी की वजह से क्या होता इसी की वजह से हमारा यहां पे कह सकते हो एक बर्न यहां पे इंफेक्शन डेवलप
And because of this, what happens, because of this, you can say here, a burn, an infection develops here.

[03:33] हो जाता है जो कि हमारे किडनी को फ़दर यहां पे हार्म किया कर सकता है।
It happens, which can further harm our kidneys here.

[03:35] तो देखिए जब स्टार्टिंग होती है तो हमारा एक्यूट होता
So look, when it starts, it is acute,

[03:36] है और अगर यहां पे इसको ट्रीट नहीं किया
And if it is not treated here,

[03:38] गया तो ये यहां पे फर्दर जो है किडनी तक
Then it can further reach the kidney here.

[03:40] पहुंच सकता है।
It can reach.

[03:41] है ना?
Right?

[03:43] यहां पे स्टार्टिंग हो सकता है ब्लैडर से हो लेकिन धीरे अगर किडनी तक पहुंच गया तो देखिए किडनी तक
Here, it might start from the bladder, but if it slowly reaches the kidney, then look, to the kidney,

[03:44] पहुंचने का मतलब है बहुत ही सीरियस और
Reaching means a very serious and

[03:46] क्रॉनिक इनफेक्शन हो जाए।
Chronic infection occurs.

[03:48] तो किडनी तक अगर पहुंच जाता है तो वहां पे काफी सीरियस
So if it reaches the kidney, then quite a serious

[03:50] फॉर्म हमें देखने को मिल जाता है।
Form is seen.

[03:51] अब अगर हम लोग यहां पे इसके ट्रीटमेंट की बात
Now, if we talk about its treatment here,

[03:53] करें तो हम लोग यहां पे
Then we here

[03:53] बैक्टीरियोस्टेटिक, बैक्टोसाइडल और हमारा
Bacteriostatic, bactericidal, and our

[03:55] यूरिनरी एंटीसेप्टिक्स इन सब का यूज़ कर
Urinary antiseptics, all of these can be used.

[03:57] सकते हैं।
Can be used.

[03:59] अब देखिए इसमें से हम लोग कुछ
Now look, among these, we

[04:00] का ही देखेंगे जो कि एग्जाम में ज्यादातर
Will look at only some, which are mostly in the exam

[04:02] पूछ लिए जाते हैं और उतना सफिशिएंट रहेगा।
Asked, and that will be sufficient.

[04:03] पूछ लिए जाते हैं और उतना सफिशिएंट रहेगा।

[04:04] जैसे बात करें हम लोग यहां पे बैक्टीरियोस्टेटिक एजेंट्स के बारे में।

[04:06] बैक्टीरियोस्टेटिक एजेंट्स के बारे में।

[04:07] तो सिंपल सी बात है हम लोगों ने ऑलरेडी बहुत डिस्कस कर लिया है कि हमारे ये वो एजेंट है जो कि बैक्टीरिया को कह सकते हो इसकी ग्रोथ को रोकते हैं।

[04:10] एजेंट है जो कि बैक्टीरिया को कह सकते हो इसकी ग्रोथ को रोकते हैं।

[04:12] इसकी ग्रोथ को रोकते हैं।

[04:13] उनको किल नहीं करते। की ग्रोथ को रोकते हैं। अब नाइट्रोफ्लोरेंट की बात करें तो ये हमारा बैक्टरियल एंजाइम्स को यहां पे जो है इनबिट करते हैं और यहां पे बैक्टीरिया की जो रिप्रोड रिप्रोडक्शन की एबिलिटी है उसको यहां पे खत्म कर देते हैं।

[04:15] नाइट्रोफ्लोरेंट की बात करें तो ये हमारा बैक्टरियल एंजाइम्स को यहां पे जो है इनबिट करते हैं और यहां पे बैक्टीरिया की जो रिप्रोड रिप्रोडक्शन की एबिलिटी है उसको यहां पे खत्म कर देते हैं।

[04:17] बैक्टरियल एंजाइम्स को यहां पे जो है इनबिट करते हैं और यहां पे बैक्टीरिया की जो रिप्रोड रिप्रोडक्शन की एबिलिटी है उसको यहां पे खत्म कर देते हैं।

[04:19] जो रिप्रोड रिप्रोडक्शन की एबिलिटी है उसको यहां पे खत्म कर देते हैं।

[04:21] उसको यहां पे खत्म कर देते हैं।

[04:23] और बाकी इसका मेनली यूज़ हम लोग जो है अपने इ कोलाई बैक्टीरिया के ट्रीटमेंट में करते हैं।

[04:25] बैक्टीरिया के ट्रीटमेंट में करते हैं।

[04:27] अब फार्माकोइनेटिक्स वगैरह देखिए आप लोग देख लीजिएगा कुछ खास नहीं है।

[04:29] फार्माकोइनेटिक्स वगैरह देखिए आप लोग देख लीजिएगा कुछ खास नहीं है।

[04:31] सिंपल सा ही है। और अगर हम लोग यहां पे एडवर्स इफेक्ट बात करें थेरेपेटिक यूजेस तो ये सब आप लोग देख लीजिएगा।

[04:32] और अगर हम लोग यहां पे एडवर्स इफेक्ट बात करें थेरेपेटिक यूजेस तो ये सब आप लोग देख लीजिएगा।

[04:34] थेरेपेटिक यूजेस तो ये सब आप लोग देख लीजिएगा।

[04:36] ये सारे हमारे अलग-अलग टाइप हैं। हमारे यूटीआई के अलग-अलग टाइप हैं।

[04:38] हमारे यूटीआई के अलग-अलग टाइप हैं। जैसे पाइलो नेफ्राइटिस हमारा यहां पे किडनी का हो गया।

[04:40] जैसे पाइलो नेफ्राइटिस हमारा यहां पे किडनी का हो गया। ठीक है?

[04:42] ठीक है? यूरेथराइटिस मतलब यूरेथ्रा का हो गया।

[04:44] यूरेथराइटिस मतलब यूरेथ्रा का हो गया। प्रोस्टेटिस मतलब प्रोस्टेट ग्लैंड में इंफेक्शन हो गया।

[04:45] प्रोस्टेटिस मतलब प्रोस्टेट ग्लैंड में इंफेक्शन हो गया। तो ये सारे हमारे अलग-अलग टाइप हमें देखने को मिल जाते हैं।

[04:47] तो ये सारे हमारे अलग-अलग टाइप हमें देखने को मिल जाते हैं।

[04:49] मिल जाते हैं। बाकी बैक्टीरसाइडल एजेंट्स की बात करें तो भाई देखिए ये हमारी वो एजेंट है जो कि पूरी तरीके से बैक्टीरिया को किल कर देते हैं।

[04:50] की बात करें तो भाई देखिए ये हमारी वो एजेंट है जो कि पूरी तरीके से बैक्टीरिया को किल कर देते हैं।

[04:51] एजेंट है जो कि पूरी तरीके से बैक्टीरिया को किल कर देते हैं।

[04:54] यहां पे जो है कह सकते हो ये उनको रोकते नहीं है बल्कि उनको किल ही कर देते हैं।

[04:56] सकते हो ये उनको रोकते नहीं है बल्कि उनको किल ही कर देते हैं।

[04:59] किल ही कर देते हैं। और इसमें अगर हम लोग यहां पे बात करें तो एक हमारा बहुत अच्छा हमारा हो जाता है कॉट्रिमोक्सजोल।

[05:00] यहां पे बात करें तो एक हमारा बहुत अच्छा हमारा हो जाता है कॉट्रिमोक्सजोल।

[05:02] अब इसके बारे में हम लोगों ने सल्फोनामाइड्स में

[05:04] बारे में हम लोगों ने सल्फोनामाइड्स में यूनिट टू में बहुत डिटेल में डिस्कस कर लिया है।

[05:06] तो यहां हम लोग दोबारा नहीं देखेंगे।

[05:08] आप लोगों को पता होना चाहिए कि हमारे दो दवाओं का कॉम्बिनेशन होती है सल्फोमेथ्सोल और ट्राइमेथोपन और यहां पे कैसे काम करती है फोलिक एसिड को रोक के।

[05:13] ठीक है?

[05:15] ये सब चीजें हम लोगों ने काफी डिटेल में ऑलरेडी इसके बारे में देख रखी हैं।

[05:16] तो सेम ही है।

[05:18] आप लोगों ने वहां देख लीजिएगा।

[05:19] यूजेज की बात करें तो हमारा वही निमोनिया यूडीआई यही सब में हमें देखने को मिलता है।

[05:23] फिर नेक्स्ट हम लोग यहां पे बात करते हैं अपने सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के बारे में।

[05:26] अब देखिए सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज आप लोग समझ रहे होंगे।

[05:28] एड्स का नाम आप लोगों ने सुना होगा।

[05:29] ये हमारी एसटीडीज के अंदर ही आती हैं।

[05:31] बाकी देखिए एड्स के अलावा भी बहुत सारे टाइप के एस स्टडीज होती हैं।

[05:35] इन सभी को हम लोग यहां पे देखते हैं।

[05:36] अब ये हमारा मेनली जो है सेक्सुअल इंटरकोर्स के टाइम पे ही ट्रांसफर होती हैं।

[05:39] ठीक है?

[05:41] जब कोई हमारा एसटीडी से ऑलरेडी इनफेक्टेड है और अगर वो किसी के साथ इंटरकोर्स कर रहा है।

[05:45] ठीक है?

[05:48] तो वहां पे अपने सामने वाले पार्टनर को भी ट्रांसफर कर सकता है और यह बहुत ही सीरियस डिजीज हो जाती है और इसका जो है अगर यह एड्स के फॉर्म में कन्वर्ट हो जाती है तो यहां पे इसका फिर कोई ट्रीटमेंट नहीं होता है।

[05:56] पेशेंट की डेथ ही होती है।

[05:58] आप लोग को पता होना चाहिए पता भी होगा।

[06:00] और बाकी देखिए ये हमारा जो है कह सकते हो सेक्सुअल सबसे मेजर रूट सेक्सुअल रूट ही होता है।

[06:04] सबसे मेजर रूट सेक्सुअल रूट ही होता है।
The most major route is the sexual route.

[06:05] लेकिन इसके अलावा मान लीजिए अगर किसी को एसटीडी है और उसकी यूज़ की हुई नीडल्स या
But apart from this, suppose someone has an STD and their used needles or

[06:08] एसटीडी है और उसकी यूज़ की हुई नीडल्स या फिर उसका यूज़ किया हुआ उसका जो ब्लड है
has an STD and their used needles or their used blood

[06:09] फिर उसका यूज़ किया हुआ उसका जो ब्लड है अगर वो यहां पे किसी को जाता है।
then their used blood, if it goes to someone here.

[06:11] ठीक है?
Okay?

[06:11] अगर वो यहां पे किसी को जाता है।
If it goes to someone here.

[06:14] ठीक है? ब्रेस्ट फीडिंग मान लीजिए जो फीमेल है अगर उसको एस्टडी है और वो अपने बच्चे को
Okay? Breastfeeding, suppose the female has an STD and she is breastfeeding her child,

[06:15] उसको एस्टडी है और वो अपने बच्चे को ब्रेस्ट फीड करा रही है तो वहां पे भी
she has an STD and is breastfeeding her child, then there too

[06:17] ब्रेस्ट फीड करा रही है तो वहां पे भी हमारा ब्रेस्ट मिल्क के थ्रू यहां पे
is breastfeeding, then through our breast milk here

[06:19] हमारा ब्रेस्ट मिल्क के थ्रू यहां पे ट्रांसफर हो सकता है।
can be transferred through our breast milk here.

[06:20] तो ये सारे हमारे कुछ अलग रूट भी हो सकते हैं।
So these can all be some different routes for us.

[06:22] बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें तो ये देखिए ये जो
Otherwise, if we talk about it here, then look at this

[06:23] लोग यहां पे बात करें तो ये देखिए ये जो एसटीडीज हैं इनके पीछे हमारा बैक्टीरिया
people talk about it here, then look at these STDs, behind them are our bacteria

[06:26] एसटीडीज हैं इनके पीछे हमारा बैक्टीरिया वायरस या फिर पैरासाइट्स भी हो सकते हैं।
STDs, behind them can be bacteria, viruses, or parasites.

[06:27] वायरस या फिर पैरासाइट्स भी हो सकते हैं।
can be viruses or parasites.

[06:29] और ये मेनली
And these mainly

[06:29] और ये मेनली हमारा कह सकते हो जो ओरल सेक्स होता है
and these mainly, you can say, the oral sex that happens

[06:32] हमारा कह सकते हो जो ओरल सेक्स होता है वजाइनल सेक्स एन मतलब ये सारे जो सेक्स
you can say, the oral sex that happens, vaginal sex, and meaning all these sex

[06:34] वजाइनल सेक्स एन मतलब ये सारे जो सेक्स होते हैं।
vaginal sex, and meaning all these sex acts.

[06:35] ठीक है?
Okay?

[06:35] तो इन सबके थ्रू हमारा
So through all of these

[06:37] यहां पे ट्रांसमिट हो सकता है।
can be transmitted here.

[06:37] और टाइप्स
And types

[06:39] ऑफ एसटीडीज की बात करें तो यहां पे देखिए
of STDs, if we talk about it, then look here

[06:39] जो हमारे टाइप्स हैं तो इसमें हम लोग यहां
the types we have, so in this we here

[06:41] पे बैक्टीरियल वायरल और पैरासाइटिक साइड्स
will see bacterial, viral, and parasitic types.

[06:44] टाइप्स के थ्रू देखेंगे।
will see through types.

[06:44] सबसे पहला हमारा
The first one is ours

[06:46] बैक्टीरियल।
bacterial.

[06:46] अब बैक्टीरियल में देखिए
Now, in bacterial, look

[06:47] अलग-अलग टाइप होता है।
there are different types.

[06:47] जैसे हमारा एक हो
Like one of ours is

[06:49] जाता है हमारा में क्लाइमाइडिया।
Chlamydia.

[06:49] तो देखिए
So look

[06:50] क्लाइमाइडिया में क्या होता है?
what happens in Chlamydia?

[06:51] क्लाइमेडिया हमारा क्लमेडिया
Chlamydia is our Chlamydia

[06:53] क्लाइमेडिया हमारा क्लमेडिया ट्रैकियोमेटिस हमारा एक बैक्टीरिया होता
Chlamydia trachomatis is a bacterium of ours

[06:54] है।
it is.

[06:54] इसी की वजह से कॉज होता है
It is caused by this

[06:55] और ये
and this

[06:55] हमारा मैन ओवेन दोनों में हो सकता है।
can occur in both men and women.

[06:57] और
And

[06:57] ये मेनली जो हमारा जेाइटा ट्रैक्ट होता
this mainly, the genital tract that we have

[06:59] है।
it is.

[06:59] ठीक है?
Okay?

[06:59] वहां पे देखने को मिलता है
is seen there

[07:01] और
and

[07:01] बाकी इसके अलावा हमारा थ्रोटा टाइज रेक्टम
apart from this, our throat, eyes, rectum

[07:03] यहां भी देखने को मिल सकता है
can also be seen here

[07:03] और सबसे
and the most

[07:04] इंपॉर्टेंट चीज ये है कि जो एसटीडीज होते
important thing is that STDs

[07:05] इंपॉर्टेंट चीज ये है कि जो एसटीडीज होते हैं ज्यादातर स्टडीज के ना कोई सिम्टम्स हैं।

[07:07] ज्यादातर स्टडीज के ना कोई सिम्टम्स नहीं होते स्टार्टिंग में।

[07:09] इसीलिए लोगों को बहुत ही लेट स्टेज में पता चलता है जब तक बहुत यहां पे लेट हो चुकी होती है।

[07:12] लेकिन अगर यहां पे मान लीजिए थोड़े बहुत सिम्टम्स होते हैं तो वहां पे जेाइटल से एब्नॉर्मल डिस्चार्ज हो सकता है।

[07:15] ठीक है? और बर्निंग हो सकती है यूरिनेशन के टाइम पे और यूरिन करते समय पी यूरिनेशन के टाइम पे यहां पे पेन भी हो सकता है।

[07:19] तो ये सारे हमारे कुछ सिम्टम्स हो सकते हैं।

[07:25] फिर नेक्स्ट हमारा गोरिया आ जाता है जो कि हमारा निसेरिया गोनोरिया हमारा एक बैक्टीरिया होता है उसके थ्रू कॉज होता है।

[07:30] और ये भी हमारा लगभग सेम ही है।

[07:31] दोनों जेंडर को कॉज कर सकता है।

[07:33] वैसे तो जेाइटल ट्रैक्ट को इनफेक्ट करता है लेकिन हमारा थ्रोट आई रेक्टम को भी इनफेक्ट कर सकता है।

[07:36] और इसके अलावा यहां पे देखिए अगर हम लोग बात करें तो ये भी हमारा लगभग जो है एसिं्टोमेटिक होता है।

[07:40] मतलब इसके भी सिम्टम्स स्टार्टिंग में नहीं दिखते हैं।

[07:43] लेकिन अगर यहां पे होते हैं तो यहां पे देखिए वजाइनल डिस्चार्ज बढ़ सकता है।

[07:44] पेनफुल यूरिनेशन, पेल्विक पेन, डिस्चार्ज यूरिनेशन, समटाइम्स स्वेलिन और पेनफुल टेस्टिकल्स।

[07:48] तो टेस्टिस जो है जो मेल्स के अंदर होते हैं।

[07:50] सो वो भी यहां पे पेनफुल हो सकते हैं।

[07:52] तो ये सारे हमारे कुछ सिम्टम्स हो सकते हैं।

[07:55] बाकी हम लोग बात करें सिफलेस के बारे में।

[07:56] तो देखिए सिफलिस भी हमारा एक टाइप का स्टडी होता है जो कि हमारा ट्राइपेनोमिया, पैलेडियम बैक्टिया के थ्रू कॉज होता है।

[08:02] और ये भी हमारा देखिए ये हमारा बहुत ही अलग-अलग स्टेज में प्रोग्रेस करता है।

[08:03] प्राइमरी, सेकेंडरी,

[08:06] प्रोग्रेस करता है।
It progresses.

[08:06] प्राइमरी, सेकेंडरी, लेटेंट।
Primary, secondary, latent.

[08:08] लेटेंट मतलब कि कह सकते हो यहां पे ये थोड़ा सा इनक्टिव स्टेज में होता है।
Latent means that it can be said that it is in a slightly inactive stage here.

[08:12] लेकिन ये फर्दर यहां पे एक्टिव हो सकता है।
But it can be further activated here.

[08:14] और उसके बाद हमारा टर्शरी स्टेज और ये सारे हमारे सीरियस हेल्थ कॉम्प्लिकेशंस कॉज कर सकते हैं अगर यहां पे इनको ट्रीट नहीं किया गया और सिम्टम्स की बात करें तो यहां पे देखिए हमारा सिम्टम्स में देखिए यहां पे पेनलेस सोर मतलब कि सो मतलब कि जैसे घाव होता है तो घाव होगा लेकिन यहां पे पेन नहीं होगा या फिर अल्सर वगैरह भी हो सकता है और इसके अलावा हमारा जो हमारा इंफेक्शन है ठीक है वो हमारा मेनली जो है जेाइटल एनल या फिर ओरल एरिया में देखने को मिलता है फीवर भी देखने को मिल सकता है हमारा लिंफ नोट्स वैलेंट हो सकते हैं हमारा थ्रोट में स्टोर हो सकते हैं और हमारा यहां पे ऑर्गन इशूज़ भी देखने को मिल सकते हैं ठीक है?
And after that, our tertiary stage and all these can cause serious health complications if they are not treated here, and if we talk about symptoms, then look here, in symptoms, look here, a painless sore, meaning a sore, meaning like a wound, so there will be a wound, but there will be no pain here, or an ulcer etc. can also happen, and besides this, our infection, okay, is mainly seen in the genital anal or oral area. Fever can also be seen, our lymph nodes can be swollen, can be stored in our throat, and our organ issues can also be seen here, okay?

[08:45] जिसकी वजह से हमारा न्यूरोलॉजिकल, कार्डियोवस्कुलर ऑर्गन फेलियर भी हो सकता है टर्शरी स्टेज में।
Because of which neurological, cardiovascular organ failure can also occur in the tertiary stage.

[08:50] तो ये सारे हमारे यहां पे कह सकते हो कुछ सिम्टम्स हमें देखने को मिल जाते हैं।
So, all these can be said to be some symptoms that we see here.

[08:53] नाउ बात करें हम लोग यहां पे वायरल एसडीज के बारे में।
Now let's talk about viral STDs here.

[08:57] यानी कि ये वो एसटीडीज है जो कि हमारा वायरस के थ्रू होती हैं।
Meaning, these are those STDs that are caused by viruses.

[08:58] तो इसमें देखिए इसमें सबसे मोस्ट कॉमन आ जाता है एचआईवी एड्स।
So, look in this, the most common is HIV AIDS.

[09:03] सबसे मोस्ट कॉमन सबसे मोस्ट डेंजरस।
Most common, most dangerous.

[09:05] तो ये हमारा जो है इम्यून सिस्टम को अटैक करता है।
So, this attacks our immune system.

[09:05] देखिए एचआईवी में क्या होता है?
See, what happens in HIV?

[09:06] करता है।
It does.

[09:06] देखिए एचआईवी में क्या होता है?
See what happens in HIV?

[09:08] एचआईवी एड्स में होता है जो हमारा इम्यून सिस्टम है भाई वो हमारा बहुत ही वीक हो जाता है।
HIV happens in AIDS, which is our immune system, brother, it becomes very weak.

[09:12] तो इसमें आप ऐसा समझिए कि एचआईवी एड्स की वजह से इंसान कम मरता है लेकिन अगर उसको एचआईवी एड्स हो रखा है उसको कोई और प्रॉब्लम होती है तो उसका इम्यून सिस्टम बिल्कुल भी किसी और प्रॉब्लम से लड़ नहीं पाता और यहां पे उसकी डेथ हो जाती है और या फिर मतलब कि बहुत ही प्रॉब्लम हो जाती है।
So in this, understand that a person dies less due to HIV AIDS, but if they have HIV AIDS and have any other problem, then their immune system cannot fight any other problem at all, and here they die, or it means that there is a lot of problem.

[09:24] तो यहां पे इम्यून सिस्टम बहुत ही सीवियरली वीकन हो जाता है।
So here the immune system becomes very severely weakened.

[09:26] बिल्कुल भी काम का नहीं रहता है धीरे-धीरे।
It doesn't work at all, slowly.

[09:27] और फिर हमारा नेक्स्ट आ जाता है हेयर पेस।
And then our next comes herpes.

[09:29] तो देखिए जो हमारा हेयरपेस सिंप्लेक्स वायरस है तो ये भी हमारा दो दो टाइप दो दो टाइप के होता है।
So see, the herpes simplex virus, it is also of two types, two types.

[09:34] एक होता है एचएसपी वन एक होता है एचएसपी2।
One is HSV-1, one is HSV-2.

[09:36] तो ये हमारा जो एचएसवी वन हमारा बेसिकली जो ओरल सोर्स होते हैं।
So this, our HSV-1, basically the oral sores.

[09:38] ठीक है?
Okay?

[09:40] हमारे माउथ में घाव वगैरह होता है वहां कॉज करता है।
It causes sores etc. in our mouth.

[09:42] और एचएसवी टू हमारा जेाइटल को सोर्स कौन कॉज करता है।
And HSV-2, who causes genital sores.

[09:45] और एचपीवी की बात करें तो हमारा एक और भी होता है ह्यूमन ह्यूमन पैपिलोमरस पैपिलोमा वायरस।
And talking about HPV, there is also another one, human papillomavirus.

[09:55] तो ये भी हमारा देखिए अभी ये हमारे ग्रुप ऑफ वायरस होते हैं जो कि हमारे जेाइटल जेाइटल वर्ड्स देखिए जेाइटल वर्ड्स का मतलब है कि वर्ड्स का मतलब आप ऐसे समझिए कि
So this is also, see, these are a group of viruses that cause genital, genital warts. See, by genital warts, it means that by warts, understand it like this

[10:12] देखिए वर्ड्स का मतलब यहां

[10:16] देखिए वर्ड्स का मतलब यहां पे देखिए वर्ड्स का मतलब यहां पे देखिए

[10:19] पे देखिए वर्ड्स का मतलब यहां पे देखिए वर्ड्स का मतलब यहां पे देखिए वर्ड्स का

[10:22] वर्ड्स का मतलब यहां पे देखिए वर्ड्स का मतलब यहां पे मस्से से होता है।

[10:23] आप लोगों को अगर थोड़ा बहुत पता हो तो ये हमारा

[10:25] जेाइटल वर्ड्स कॉज कर सकता है और हमारा

[10:27] कैंसर वगैरह में से भी थोड़ा बहुत एसोसिएट

[10:29] होता है। उसके बाद पैरासाइटिक की बात करें

[10:31] तो ये देखिए ये हमारी वो स्टडीज है जो कि

[10:32] पैरासाइट्स के थ्रू होती हैं। यहां पे

[10:34] देखिए हमारा

[10:35] ट्राइकोनो

[10:37] ट्राइकोमोनियासिस तो ये हमारा एक जो है

[10:39] टाइप होता है पैरासाइटिक स्टडी का तो ये

[10:41] हमारा ट्राइकोमोनस वजी वजिनलिस वजिनालिस

[10:45] के थ्रू होता है और ये हमारा बेसिकली जो है

[10:47] है फीमेल्स की वजाइनल वाइना को इनफेक्ट

[10:50] करता है जहां पे इनफेक्शन वगैरह कॉज कर

[10:51] सकता है। नाउ अगर हम लोग यहां पे

[10:53] ट्रीटमेंट की बात करें तो यहां पे देखिए

[10:54] जो हमारा ट्रीटमेंट में हमारा बैक्टीरियल

[10:56] स्टीज में भाई देखिए सिंपल सी बात है

[10:57] बैक्टीरिया में हम लोग यहां पे

[10:58] एंटीबायोटिक्स का यूज़ करेंगे। वायरल में

[11:00] हम लोग यहां पे एंटी वायरल एजेंट्स का यूज़

[11:01] करेंगे और पैरासाइटिक में हम लोग यहां पे

[11:03] जो है अपने एंटी पैरासाइट्स मेडिकेशंस का

[11:05] यूज़ करेंगे। अब ये सभी चीजें हम लोगों ने

[11:07] ऑलरेडी डिस्कस करी हुई हैं। एंटी वायरल,

[11:10] एंटीबक्टीरियल और एंटीपरासाइटिक की बात

[11:12] करें तो जो हमारा कह सकते हो एंथलमेंटिक

[11:14] करें तो जो हमारा कह सकते हो एंथलमेंटिक था उसके अंदर जो भी मेडिकेशनंस थी वो सारी

[11:16] था उसके अंदर जो भी मेडिकेशनंस थी वो सारी हमारी यहां पे इंक्लूड हो जाती हैं।

[11:17] हमारी यहां पे इंक्लूड हो जाती हैं।

[11:19] तो अगर मान लीजिए आप लोग को और डिटेल में जाना है तो आप लोग यहां पे किसी के बारे

[11:20] में लिख सकते हो।

[11:21] जैसे देखिए भाई बैक्टीरिया में आप लोग टेट्रासाइक्लिन

[11:22] पेनिसिलिन सब तो आप लोगों ने पढ़ा है।

[11:24] आप लोग लिख लीजिए उनके बारे में।

[11:26] एंटीवायरल में आप लोग यहां पे एंटी रेट्रो वायरल

[11:28] और एंटी नॉन रेट्रोवायरल।

[11:31] ठीक है?

[11:32] तो यहां पे उन सभी के बारे में आप लोग लिख सकते हो।

[11:34] यूनिट थ्री में हम लोगों ने काफी डिटेल में देख लिया है।

[11:36] और इसके अलावा अगर हम लोग यहां पे बात करें तो नेक्स्ट टॉपिक

[11:37] हमारा आता है इम्यूनोफार्माकोलॉजी।

[11:39] अब देखिए इम्यूनोफार्माकोलॉजी की बात करें तो

[11:41] इसमें इसमें देखिए ये हमारी स्पेशलाइज

[11:44] ब्रांच होती है जिसमें हम लोग यहां पे कह

[11:45] सकते हो जो भी हमारी ड्रग्स है वो हमारे

[11:46] इम्यून सिस्टम को कैसे अफेक्ट करती है उस

[11:48] उसप पे हम लोग फोकस करते हैं।

[11:50] बाकी देखिए ये हमारे देखिए इसमें हमारी कुछ ड्रग्स

[11:51] होती हैं जो कि हमारे इम्यून सिस्टम को या

[11:53] तो बढ़ाती है या तो सप्रेस करती है या तो

[11:55] उसको कम कर देती है उसके रिस्पांस को।

[11:57] तो देखिए इस तरीके से हमारे दो टाइप के हो

[11:58] जाते हैं।

[12:00] एक हमारा इम्यूनोस्टिमुलेंट्स एक हो जाता है इम्यूनो सप्रेसेंट्स।

[12:02] अब देखिए इन दोनों को हम लोग कंबाइन फॉर्म

[12:03] में इम्यूनोम मॉड्यूलेटर्स भी बोलते हैं।

[12:06] तो एग्जाम में इम्यूनो मॉड्यूलेटर्स के

[12:07] नाम से भी क्वेश्चन आता है।

[12:09] तो वहां पे कंफ्यूज नहीं होना है।

[12:10] मॉड्यूलेटर्स मतलब जो मॉड्यूलेट मॉड्यूल करें है ना यानी कि

[12:13] जो चेंज करें तो चेंज दो दो टाइप से कर

[12:15] जो चेंज करें तो चेंज दो दो टाइप से कर सकते हैं।
If we make a change, we can make a change in two ways.

[12:15] या तो बढ़ा सकते हो तो घटा सकते सकते हैं।
Either we can increase it or decrease it.

[12:16] या तो बढ़ा सकते हो तो घटा सकते हैं।
Either we can increase it or decrease it.

[12:18] तो ये दोनों हमारे इम्यूनो ममलेटर्स हैं।
So both of these are our immuno-modulators.

[12:18] तो ये दोनों हमारे इम्यूनो ममलेटर्स में आ जाते हैं।
So both of these come under our immuno-modulators.

[12:19] अब देखिए थोड़ा सा अगर हम लोग इम्यूनिटी को समझे तो इम्यूनिटी क्या होती है?
Now let's understand immunity a little bit, what is immunity?

[12:21] भाई इम्यूनिटी आप लोगों ने इम्यूनिटी इम्यूनिटी बहुत सुना होगा।
You must have heard a lot about immunity, immunity.

[12:23] इम्युनिटी का मतलब क्या होता है?
What does immunity mean?

[12:24] कि आप लोग को अगर कोई प्रॉब्लम हो गई है तो जो हमारी बॉडी की नेचुरल इम्यूनिटी होती है
If you have a problem, then the natural immunity of our body

[12:26] तो वो अगर स्ट्रांग होती है तो आप लोग को जो भी बुखार वगैरह होता है तो अगर मान लीजिए किसी पेशेंट की इम्युनिटी बहुत स्ट्रांग है
If it is strong, then whatever fever etc. you get, if a patient's immunity is very strong

[12:27] तो पहली बात उसको बुखार वगैरह होने के चांसेस ही बहुत कम है।
Then firstly, the chances of him getting fever etc. are very low.

[12:29] लेकिन अगर हो भी जाता है तो बहुत जल्दी रिकवर हो जाता है पेशेंट बिना दवा के भी।
But even if it happens, the patient recovers very quickly, even without medicine.

[12:31] है ना?
Right?

[12:33] तो उसको ज्यादातर बीमारियां हमारी होती ही नहीं है।
So, most of our diseases don't even happen to him.

[12:34] और जिसकी इम्यूनिटी वीक होती है उसको क्या होता है?
And what happens to those whose immunity is weak?

[12:36] उसको बहुत सारी बीमारियां हो जाती हैं।
They get many diseases.

[12:38] तो इम्यूनिटी हमारा क्या होता इम्यूनिटी बेसिकली हमारी जो हमारी बॉडी का जो इम्यून सिस्टम होता है
So what is immunity? Basically, our body's immune system

[12:39] या फिर कह सकते हो हमारी इम्यून सिस्टम में हमारी जो डब्ल्यूबीसीस होती हैं वो हमारी यहां पे क्या होता है हमारी जो भी हार्मफुल बैक्टीरिया वगैरह होते हैं
Or you can say, in our immune system, our WBCs, what happens here is that whatever harmful bacteria etc. are there

[12:42] अगर वो हमारी बॉडी में एंटर भी करता है तो हमारा जो इम्यून सिस्टम है उनको वहीं पे किल कर देता है
If it enters our body, our immune system kills them right there.

[12:43] तो यही हमारी बॉडी की इम्युनिटी होती है हमारी स्ट्रांग होती है तो हम लोग यहां पे जल्दी बीमार वगैरह नहीं होते हैं
So this is our body's immunity. If it is strong, we don't get sick easily.

[12:45] या फिर जल्दी हम लोग बेटर फास्ट रिकवरी हो जाती है हमारी
Or we have a faster recovery.

[12:46] अब ये हमारी देखिए हमारी दो टाइप की होती है इम्युनिटी भी
Now, let's see, immunity is also of two types.

[12:48] एक होती है इनेट इम्यूनिटी एक होती है एडप्टिव इम्यूनिटी
One is innate immunity, and the other is adaptive immunity.

[12:49] अच्छा देखिए इनेट मतलब
Okay, see, innate means

[13:15] एडप्टिव इम्यूनिटी अच्छा देखिए इनेट मतलब कि जो आप लोग को बचपन से मिली हुई है मतलब

[13:17] कि जो आप लोग को बचपन से मिली हुई है मतलब कि यहां पे देखिए अब ये जो इमनेट होती है

[13:19] कि यहां पे देखिए अब ये जो इमनेट होती है ना ये किसी एक किसी पर्टिकुलर वायरस के

[13:22] ना ये किसी एक किसी पर्टिकुलर वायरस के लिए स्पेसिफिक नहीं होती है।

[13:24] जैसे इनेट क्या होता है कि मान लीजिए जनरली जैसे जो

[13:26] जनरल सिकनेस होती है जनरल जो बुखार होता है उससे आप लोग को बचाने का काम करती है।

[13:30] लेकिन जो हमारी एडप्टिव इम्यूनिटी होती है

[13:32] ये ये कब डेवलप होती है?

[13:34] देखिए ये तब डेवलप होती है जैसे मान लीजिए आप लोग की

[13:36] बॉडी बॉडी में कोई स्पेसिफिक वायरस एंटर हुआ।

[13:38] अब यहां पे कोरोना वायरस को आप लोग समझिएगा।

[13:39] कोरोना वायरस जैसे मान लीजिए किसी ह्यूमन बॉडी में एंटर हुआ।

[13:41] ठीक है?

[13:43] तो उसने यहां पे क्या हुआ?

[13:45] उसने यहां पे अच्छा कोरोना में आप लोग को पता है क्या हो रहा था?

[13:47] कोरोना में यही तो हो रहा था कि जो हमारा वायरस था वो मान लीजिए हमारा

[13:48] जिस भी पर्सन को इनफेक्ट कर रहा था तो अगर या तो उसकी डेथ हो जा रही थी वायरस की वजह

[13:50] से ठीक है तो वो चीज हटा दी है लेकिन अगर

[13:52] वो पर्सन रिकवर हो जा रहा था तो रिकवर

[13:54] कैसे हो रहा था क्या उसके देखिए कोरोना में क्या बोला जा रहा था कि आप आइसोलेट हो

[13:56] जाइए आइसोलेट हो के वो अपने आप ही तो रिकवर हो रहा था उसको कोई दवा वगैरह नहीं

[13:58] दी जा रही थी ज्यादा से ज्यादा पैरासिटामॉल वगैरह ही दी जा रही थी

[14:00] क्योंकि कोई कोरोना की कोई वैक्सीन थोड़ी डेवलप हुई थी स्टार्टिंग में तो ऐसा क्या

[14:02] हुआ था देखिए जो बॉडी का इम्यून सिस्टम था

[14:04] ना उसने क्या किया उसने पहले जो हमारा

[14:16] ना उसने क्या किया उसने पहले जो हमारा कोरोना कोना वायरस था उसको धीरे-धीरे समझा।

[14:18] पहले तो कोरोना वायरस ने इनफेक्ट कर दिया।

[14:20] लेकिन धीरे-धीरे अगर जिसकी इम्युनिटी स्ट्रांग थी।

[14:22] अच्छा कोरोना वायरस के टाइम में एक चीज और भी बोला गया था कि इम्युनिटी स्ट्रांग रखनी है हमें।

[14:23] है ना?

[14:25] तो इम्युनिटी स्ट्रांग से क्या मतलब है कि इम्युनिटी जिसकी स्ट्रांग होती है स्ट्रांग थी वहां पे तो उसने कोरोना वायरस को क्या हुआ?

[14:26] पहले पहचाना फिर किल किया और किल करने के बाद क्या हुआ कि उसके उसके अगेंस्ट में एंटीबॉडी डेवलप कर दी।

[14:28] अब यहां पे देखिए एक बार जिसको कोरोना हो चुका था उसको दोबारा कोरोना होने के चांसेस बिल्कुल ना के बराबर होते थे।

[14:29] क्योंकि देखिए अगर दोबारा कोरोना वायरस एंटर भी करता था बॉडी में तो बॉडी यहां पे उसके प्रति ऑलरेडी एंटीबॉडी बना चुकी थी।

[14:31] तो वो एंटीबॉडी उसको वहां पे तुरंत किल कर देती थी।

[14:33] तो यहां पे देखिए ये वाली जो इम्युनिटी हमारी ऐसी होती है जो कि हमारा स्पेसिफिक जर्म्स को रिकॉग्नाइज करके डेवलप होती है।

[14:35] ठीक है?

[14:38] और ये हमारी जो है टाइम के साथ अलग-अलग बीमारियों के प्रति डेवलप होती जाती है।

[14:40] जैसे मान लीजिए एक बार जिसको कोरोना वायरस हुआ तो उसके उसके अगेंस्ट में उसकी बॉडी में एंटी एंटीबॉडी डेवलप डेवलप हो गई।

[14:41] अब उसको दोबारा कह सकते हो कोरोना होने के चांसेस काफी कम हो जाते थे।

[14:43] है ना?

[14:45] तो और यहां पे देखिए आप लोग को पता होना चाहिए कि कोरोना की वैक्सीन भी स्टार्टिंग में इसी तरीके से

[15:17] वैक्सीन भी स्टार्टिंग में इसी तरीके से बनाई जा रही थी कि जो कोरोना इनफेक्ट हो चुके थे।
Vaccines were also being made in the same way in the beginning, for those who had been infected with corona.

[15:20] ठीक है?
Okay?

[15:21] उन्हीं के सैंपल से यहां पे वैक्सीन बनाने की कोशिश भी करी गई थी।
An attempt was also made to make a vaccine here from their samples.

[15:24] तो यहां पे देखिए इनप्टिव इम्युनिटी हमारी इस टाइप की होती है जो कि हमारी एडप्ट होती है।
So here, look, our innate immunity is of this type which is our adaptive.

[15:28] यानी कि धीरे-धीरे अलग-अलग बीमारियों के प्रति हमारी बॉडी में डेवलप होती जाती है।
Meaning, it gradually develops in our body against different diseases.

[15:33] तो आई होप कि आप लोग समझ गए होंगे।
So I hope you all have understood.

[15:34] बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें इम्यूनो स्टिमुलर्स के बारे में।
Otherwise, if we talk about immunostimulants here.

[15:36] तो देखिए सिंपल सी बात है ये हमारी वो दवाएं होंगी जो कि इम्यून सिस्टम को स्टिमुलेट करेंगे।
So, look, it's a simple matter, these will be those medicines of ours that will stimulate the immune system.

[15:40] बाकी देखिए बहुत सिंपल लैंग्वेज में लिखा हुआ है।
Otherwise, look, it is written in very simple language.

[15:41] आप लोग देख लीजिएगा।
You all please see.

[15:42] इसके क्लासिफिकेशन की बात करें तो यहां पे देखिए स्पेसिफिक नॉन स्पेसिफिक।
If we talk about its classification, then here look, specific, non-specific.

[15:45] देखिए स्पेसिफिक मतलब कि ये हमारी वो वो वो हमारे इम्यूनो स्टिमुलेंट होते हैं जो कि किसी स्पेसिफिक वायरस या फिर स्पेसिफिक बैक्टीरिया के प्रति हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं।
Look, specific means that these are those, those, those immunostimulants of ours which increase our immunity against a specific virus or a specific bacteria.

[15:52] जैसे मान लीजिए कि कोरोना की जो वैक्सीन लगी थी तो वो क्या थी भाई?
For example, suppose the corona vaccine that was given, what was that, brother?

[15:56] कोरोना की वैक्सीन हमारे कोरोना वायरस के लिए ही तो लगी थी।
The corona vaccine was given for our corona virus itself.

[15:58] तो वहां पे वो क्या हो रहा था कि वो हमारा कोरोना वायरस के प्रति हमारी बॉडी की इम्यूनिटी को बढ़ा रही थी।
So what was happening there was that it was increasing our body's immunity against the corona virus.

[16:04] तो ये हमारे स्पेसिफिक इम्यूनो हो गए।
So these are our specific immuno.

[16:06] और नॉन स्पेसिफिक की बात करें तो यहां पे देखिए नॉन स्पेसिफिक मतलब कि ये हमारी जनरल मतलब हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने वाले एजेंट्स होते हैं।
And if we talk about non-specific, then here look, non-specific means that these are our general, meaning agents that increase our immunity.

[16:12] है ना?
Right?

[16:14] आप लोग को बाजार में भी बहुत ज्यादा मिलते हैं कि इससे हमारे इसको खाइए इम्यूनिटी बढ़ जाएगी।
You also get them a lot in the market, saying that eat this and immunity will increase.

[16:18] हमारे इसको खाइए इम्यूनिटी बढ़ जाएगी।

[16:21] तो उस टाइप के मान लीजिए हमारा नॉन स्पेसिफिक हो जाते हैं जो कि हमारा बॉडी की जनरल इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं।

[16:23] इसमें जैसे इम्यूनोग्लोबुलिंस वगैरह हो जाते हैं।

[16:25] नाउ अगर हम लोग यहां पे बात करें डिफरेंट टाइप्स ऑफ इम्यूनोस के बारे में तो यहां पे देखिए अगर हम लोग यहां पे सबसे पहले बात करें वैक्सीनंस के बारे में तो वैक्सीन देखिए वैक्सीनंस जनरली हमारे यहां पे जिस बैक्टीरिया की वजह से प्रॉब्लम होती है उसी बैक्टीरिया से या फिर जो है दूसरे उसके पार्ट से डेवलप करी जाती है।

[16:38] है ना?

[16:40] तो जनरली वैक्सीनंस हमारी बैक्टीरिया या फिर बैक्टीरिया वगैरह से ही ड्राइव करी जाती है।

[16:42] और ये हमारी या तो बैक्टीरिया को किल करके या तो उनको वीक करके ठीक है?

[16:45] इस तरीके से काम करती है और हमारा इम्यून रिस्पांस क्रिएट करती है विदाउट कॉजिंग डिजीज।

[16:50] अब इसमें हमारी बीसीजी वैक्सीनंस हो गई।

[16:52] ठीक है?

[16:53] और ये सारी हमारी डिफरेंट-डिफरेंट टाइप की वैक्सीनंस हमें देखने को मिलती है।

[16:54] फिर नेक्स्ट हमारा आ जाता है नेक्स्ट हमारा आ जाता है थैलीडोमाइट।

[16:58] तो थैलीडोमाइड हमारी मेडिकेशन है जो कि सबसे पहले तो सिडेटिव एजेंट की तरह यूज़ करी जाती थी लेकिन बाद में देखा गया कि इसके अंदर इम्यूनोस्टिमुलेंट प्रॉपर्टी भी देखने को मिली।

[17:05] है ना?

[17:07] और यहां पे ये बेसिकली हमारा लेप्रोसी या फिर मल्टीपल माइलोमा जैसे कंडीशंस में हमें यूज़ कर देखने को मिलती है।

[17:13] फिर नेक्स्ट हमारा आता है लेवामाइसोल।

[17:14] तो लेवा माइसोल भी देखिए हमारा एक मेडिकेशन थी मेडिकेशन है जो कि इम्यून सिस्टम को स्टिमुलेट अच्छा इसका भी यूज़

[17:18] सिस्टम को स्टिमुलेट अच्छा इसका भी यूज़ स्टार्टिंग में डीवॉर्मिंग यानी कि कह सकते हो जो कीड़े वगैरह थे जो भी हमारे वार्म वार्म थे उनको मारने के लिए किया जाता था लेकिन बाद में देखा गया कि इसके अंदर ऑटोइ्यून डिसऑर्डर को ट्रीट करने की कैपेबिलिटी भी थी। है ना?

[17:31] तो वहां पर देखिए अगर हम लोग बात करें तो यह भी हमारा कह सकते हो जो है सर्टेन डब्ल्यूबीसी या फिर जो है हमारी बॉडी को जो है एक्टिविटी को बढ़ा के हमारे इंफेक्शन से फाइट करने के लिए कह सकते हो इंक्रीस करती है।

[17:44] और इंटरफेरों्स की बात करें तो देखिए ये हमारे स्पेसिफिक टाइप के प्रोटीन होते हैं जो कि हम सिस्टम इम्यून सिस्टम को बूस्ट करते हैं।

[17:49] और ये भी हमारा इंटरफेयर करते हैं एबिलिटी के एबिलिटी के साथ जो भी हमारी बॉडी की है उसको थोड़ा सा स्टिमुलेट करके इंप्रूव करते हैं ताकि वो अच्छे से फाइट कर सके।

[17:55] और ये भी हमारा कह सकते हो हेपेटाइटिस और कुछ सर्टेन कैंसर्स हैं उनके अगेंस्ट में हमारा यहां पे यूज़ किया जाता है।

[18:02] और उसके बाद कॉलोनी स्टिमुलेटिंग फैक्टर्स की बात करें तो ये भी हमारे प्रोटंस होते हैं जो कि हमारे डब्ल्यूबीसी के प्रोडक्शन को और बढ़ाने में हेल्प करते हैं।

[18:09] और देखिए भाई डब्ल्यूबीसी तो हमारा सबसे मेजर पार्ट होती है।

[18:10] तो जब डब्ल्यूबीसी का प्रोडक्शन बढ़ जाएगा तो हमारी इम्युनिटी भी बढ़ जाएगी।

[18:13] उसके बाद साइटोकाइन देखिए साइटोकाइन भी हमारे जो है बहुत केमिकल्स होते हैं जो कि हमारा इनफ्लेमेशन वगैरह

[18:18] होते हैं जो कि हमारा इनफ्लेमेशन वगैरह में इन्वॉल्व होते हैं।

[18:20] तो ये भी हमारे कह सकते हो इम्यूनिटी को बढ़ाने में अपना बहुत ही मेजर रोल प्ले करते हैं।

[18:23] और उसके बाद देखिए नेक्स्ट हम लोग बात करते हैं इम्यूनो सप्रेसेंट्स के बारे में।

[18:26] अब इम्यूनो सप्रेसेंट देखिए ये हमारी वो मेडिकेशंस है जो कि हमारे इम्यून सिस्टम को सप्रेस करेंगी।

[18:31] हमारे इम्यून सिस्टम को कम करेंगे।

[18:33] अब देखिए ये बहुत इंपॉर्टेंट चीज है कि भाई इम्यून सिस्टम को बढ़ा रहा है।

[18:35] ये तो समझ में आ रहा है।

[18:36] लेकिन हमारी बॉडी के इम्यून सिस्टम को कोई कम करे ऐसी दवा हम लोग क्यों खाएंगे?

[18:40] क्योंकि भाई हमारा इम्यून सिस्टम तो स्ट्रांग होना चाहिए।

[18:41] देखिए होता क्या है कभी-कभी हमारी बॉडी में जो हमारी हमारी बॉडी का जो इम्यून सिस्टम है ना वो किसी सर्टेन इंफेक्शन से कॉज करते-करते ओवरस्टिमुलेट हो जाता है और ओवरएक्टिव हो के होता क्या है कि ये हमारी बॉडी के ऑन टिश्यू यानी कि बॉडी के खुद के टिश्यू को ही डैमेज करने लगता है और ऐसे प्रॉब्लम ऐसी प्रॉब्लम्स को हम लोग बोलते हैं ऑटोइम डिसऑर्डर्स।

[19:02] ऑटोइम डिसऑर्डर्स में होता क्या है कि जो बॉडी का इम्यून सिस्टम है वो गलती से बॉडी पर ही अटैक करने लगता है।

[19:08] अब भाई ऐसे टाइम पे हमें क्या चाहिए?

[19:09] ऐसे टाइम पे हमें चाहिए कि हम लोग ऐसी दवाएं दें जो कि हमारे इम्यून सिस्टम को थोड़ा सा कम करें क्योंकि हमारी बॉडी के खुद के टिश्यू को डैमेज कर रहा है।

[19:16] और इसके अलावा देखिए जैसे जब जब भी ऑर्गन ट्रांसप्लांट वगैरह होता है तो जैसे मान लीजिए किडनी

[19:20] होता है तो जैसे मान लीजिए किडनी ट्रांसप्लांट है तो जब दूसरे पर्सन की
So, for example, let's say there's a kidney transplant, so when another person's

[19:22] ट्रांसप्लांट है तो जब दूसरे पर्सन की किडनी यहां पे किसी फर्स्ट पर्सन में
transplant is there, so when another person's kidney is here in a first person

[19:24] किडनी यहां पे किसी फर्स्ट पर्सन में ट्रांसफर करी जाती है लगाई जाती है।
kidney is transferred or implanted in a first person.

[19:26] ट्रांसफर करी जाती है लगाई जाती है।
is transferred or implanted.

[19:27] तो कभी-कभी बॉडी उसको एक्सेप्ट नहीं करती है।
So sometimes the body does not accept it.

[19:29] क्योंकि बॉडी का इम्यून सिस्टम उसको एज अ फॉरेन फॉरेन पार्टिकल ट्रीट करता है।
Because the body's immune system treats it as a foreign, foreign particle.

[19:31] फॉरेन फॉरेन पार्टिकल ट्रीट करता है।
treats it as a foreign, foreign particle.

[19:33] फॉरेन सब्सटेंस ट्रीट करता है।
treats it as a foreign substance.

[19:35] तो वहां पे भी हमें चाहिए होता है कि थोड़े टाइम के लिए बॉडी का इम्यून सिस्टम काम ना करें और
So there too, we need the body's immune system to not work for a short time and

[19:37] लिए बॉडी का इम्यून सिस्टम काम ना करें और किडनी जो है उसमें ट्रांसप्लांट हो जाए और
for a short time, the body's immune system to not work and the kidney to be transplanted into it and

[19:39] किडनी जो है उसमें ट्रांसप्लांट हो जाए और बॉडी उसको पहचान ले ताकि बॉडी उसको अपने
the kidney to be transplanted into it and the body to recognize it so that the body treats it as its own

[19:41] बॉडी उसको अपने खुद के ऑर्गन की तरह ट्रीट करना स्टार्ट
body treats it as its own organ.

[19:42] खुद के ऑर्गन की तरह ट्रीट करना स्टार्ट करे।
starts treating it as its own organ.

[19:44] तो इन सब टाइम पे हम लोग यहां पे इम्यूनो सप्रेसेंट का यूज़ करते हैं।
So at all these times, we use immunosuppressants here.

[19:45] इम्यूनो सप्रेसेंट का यूज़ करते हैं।
use immunosuppressants.

[19:47] अब देखिए इसके भी बहुत अलग-अलग टाइप है।
Now, look, there are many different types of these too.

[19:50] इन सब इन सबको हम लोग यहां पे देखते हैं।
We look at all of these here.

[19:51] सबसे पहला आता है हमारा यहां पे कैल्सिन्यूरिन इनबिटर्स।
The very first one that comes here is calcineurin inhibitors.

[19:53] अब देखिए कैल्सिन्यूरिन क्या होता है?
Now, look, what is calcineurin?

[19:55] देखिए ये हमारा कह सकते हो एक एंजाइम होता है और ये
Look, you can say it's an enzyme, and it

[19:57] बेसिकली करता क्या है?
basically does what?

[19:59] ये हमारा जो है कह सकते हो हमारे टी सेल्स को एक्टिवेट करने
It, you can say, plays its role in activating our T cells.

[20:01] में अपना रोल प्ले करता है।
plays its role.

[20:02] तो जो कैल्स न्यूरिन इनबिटर है वो इस एंजाइम को
So, the calcineurin inhibitor inhibits this enzyme,

[20:04] इनबिबिट कर देते हैं जिसकी वजह से टी
because of which T cells

[20:05] सेल्स एक्टिवेट नहीं हो पाती हैं।
cannot get activated.

[20:07] और यहां पे हमारा जो फर्दर पाथवे है वो भी इनबिबिट
And here, our further pathway is also inhibited.

[20:09] हो जाता है।
gets inhibited.

[20:10] इंटरल्यूकिन टू वगैरह क्या होता है भाई?
What is Interleukin-2, etc.?

[20:11] जब टी सेल एक्टिवेट होती है तभी ये बनता है।
It is formed only when T cells are activated.

[20:13] तो ये नहीं एक्टिवेट होगा तो ये भी नहीं बनेगा।
So if this is not activated, then this will not be formed either.

[20:14] ये नहीं बनेगा तो हमारा इम्यून सिस्टम यहां पे सप्रेस हो
If this is not formed, then our immune system here will be suppressed,

[20:16] जाएगा।
will be suppressed.

[20:17] और एडवर्स इफेक्ट यहां पे देख लीजिएगा।
And look at the adverse effects here.

[20:19] नेफ्रोडॉक्सिसिटी बहुत सिंपल से हैं।
Nephrotoxicity is very simple.

[20:22] हैं।
Are.

[20:22] ठीक है?
Okay?

[20:22] और थेरेपटिक ये सब आप लोग नोट्स में देख लीजिएगा।
And therapeutic, you all can see all this in the notes.

[20:24] उसके बाद एमटोर नोट्स में देख लीजिएगा।
After that, you can see the amator in the notes.

[20:25] उसके बाद एमटोर इनवर्टर्स की बात करें तो यहां पे देखिए ये भी हमारा जो है एक टाइप का प्रोटीन
After that, talking about amator inverters, look here, this is also a type of protein for us

[20:27] ये भी हमारा जो है एक टाइप का प्रोटीन होता है जो कि हमारे कह सकते हो
This is also a type of protein for us, which can be said to be in our

[20:28] होता है जो कि हमारे कह सकते हो डब्ल्यूबीसी के डब्ल्यूबीसी के कह सकते हो
It is, which can be said to be of our WBC, of our WBC, can be said to be

[20:31] डब्ल्यूबीसी के डब्ल्यूबीसी के कह सकते हो ग्रोथ में ठीक है और प्रोफ्रेशन यानी उनको
Of WBC, of WBC, can be said to be in their growth, okay, and proliferation, meaning them

[20:33] ग्रोथ में ठीक है और प्रोफ्रेशन यानी उनको बढ़ने में उनके सेल डिवीजन में अपना रोल
In growth, okay, and proliferation, meaning them, in growing, in their cell division, plays its role

[20:34] बढ़ने में उनके सेल डिवीजन में अपना रोल प्ले करता है।
In growing, plays its role in their cell division.

[20:36] अब अब भाई देखिए डब्ल्यूबीसी का जब सेल डिवीज़ होगा तभी तो
Now, now brother, look, when WBC's cell division happens, only then

[20:38] डब्ल्यूबीसी का जब सेल डिवीज़ होगा तभी तो वो ज्यादा होंगी।
When WBC's cell division happens, only then will they be more.

[20:40] तो अगर उसका सेल डिवीज़ ही रोक दिया जाए तो वहां पे क्या होगा?
So if its cell division itself is stopped, then what will happen there?

[20:41] ही रोक दिया जाए तो वहां पे क्या होगा?
If it is stopped, then what will happen there?

[20:43] हमारी बॉडी में डब्ल्यूबीसी कम हो जाएंगी तो हमारा काम बन जाएगा।
WBCs will decrease in our body, so our work will be done.

[20:44] तो हमारा काम बन जाएगा। है ना?
So our work will be done. Right?

[20:44] क्योंकि डब्ल्यूबीसी अपना रोल प्ले करती है।
Because WBC plays its role.

[20:46] बाकी यहां पे देख लीजिएगा आप लोग एडवर्स इफेक्ट
Rest, you all can see the adverse effects here.

[20:48] थेरेपेटिक यूजेज और उसके बाद बात करें
Therapeutic uses, and after that, talking about

[20:50] थेरेपेटिक यूजेज और उसके बाद बात करें एंटी एंटी प्रोलिफ्रेटिव ड्रग्स की तो
Therapeutic uses, and after that, talking about anti-anti-proliferative drugs,

[20:52] एंटी एंटी प्रोलिफ्रेटिव ड्रग्स की तो यहां पे देखिए ये हमारी ये भी हमारी वो
Talking about anti-anti-proliferative drugs, look here, these are also our

[20:54] यहां पे देखिए ये हमारी ये भी हमारी वो ड्रग्स हैं जो कि हमारा प्रोलिफ्रेशन यानी
Look here, these are also our drugs, which our proliferation, meaning

[20:55] ड्रग्स हैं जो कि हमारा प्रोलिफ्रेशन यानी कि कह सकते हो इनके ग्रोथ में अपना रोल
Drugs, which our proliferation, meaning, can be said to play their role in their growth

[20:57] कि कह सकते हो इनके ग्रोथ में अपना रोल प्ले करती हैं अपने हमारे जो है बी
Can be said to play their role in their growth, in our B

[21:00] प्ले करती हैं अपने हमारे जो है बी लिंफोसाइट्स और टी लिंफोसाइट्स में।
Play, in our B lymphocytes and T lymphocytes.

[21:02] लिंफोसाइट्स और टी लिंफोसाइट्स में।
Lymphocytes and T lymphocytes.

[21:02] ठीक है?
Okay?

[21:02] प्रोलिफ्रेटिव एजेंट्स हमारे वो वो
Proliferative agents are those, those

[21:04] है? प्रोलिफ्रेटिव एजेंट्स हमारे वो वो एजेंट्स होते हैं जो कि इनको ग्रोथ करने
Are? Proliferative agents are those agents that help them grow

[21:05] एजेंट्स होते हैं जो कि इनको ग्रोथ करने में और एंटी प्रोलिफ्रेटिव मतलब कि यहां
Agents that help them grow, and anti-proliferative means here

[21:07] में और एंटी प्रोलिफ्रेटिव मतलब कि यहां पे इनकी ग्रोथ को रोकने का काम करती हैं।
And anti-proliferative means here, they work to stop their growth.

[21:09] पे इनकी ग्रोथ को रोकने का काम करती हैं।
Here, they work to stop their growth.

[21:09] ठीक है?
Okay?

[21:10] तो इनको ग्रोथ को रोक के हमारा काम बन जाता है।
So by stopping their growth, our work gets done.

[21:10] और उसके बाद
And after that

[21:11] काम बन जाता है।
Work gets done.

[21:11] और उसके बाद ग्लूकोकॉर्टिकॉइड्स की बात करें तो ये
And after that, talking about glucocorticoids, these

[21:13] ग्लूकोकॉर्टिकॉइड्स की बात करें तो ये हमारे स्टेरॉइड हॉर्मोन्स होते हैं जो कि
Talking about glucocorticoids, these are steroid hormones for us, which

[21:14] हमारे स्टेरॉइड हॉर्मोन्स होते हैं जो कि हमारा इनफ्लामेशन वगैरह को रिड्यूस करते
Are steroid hormones for us, which reduce inflammation etc. for us

[21:16] हमारा इनफ्लामेशन वगैरह को रिड्यूस करते हैं।
Reduce inflammation etc. for us.

[21:16] अब इसको हम लोगों ने फिफ्थ सेम में
Now, we studied this in the fifth semester

[21:17] फिफ्थ सेम में काफी डिटेल में पढ़ा भी था।
Studied it in great detail in the fifth semester.

[21:17] आप लोग को याद
You all should remember

[21:19] काफी डिटेल में पढ़ा भी था।
Studied it in great detail.

[21:19] आप लोग को याद होना चाहिए।
You all should remember.

[21:19] और इसका यूज़ हम लोग बहुत
And we use it a lot

[21:20] होना चाहिए।
Should be.

[21:20] और इसका यूज़ हम लोग बहुत सारे एलर्जीस, ऑटोइ्यून डिसऑर्डर्स और
And we use it for many allergies, autoimmune disorders, and

[21:22] सारे एलर्जीस, ऑटोइ्यून डिसऑर्डर्स और ऑर्गन ट्रांसप्लांट के टाइम पे करते हैं।

[21:24] ऑर्गन ट्रांसप्लांट के टाइम पे करते हैं।

[21:26] और अगर हम लोग यहां पे बायोलॉजिकल एजेंट्स की बात करें तो यहां पे देखिए टीएनएफ

[21:27] की बात करें तो यहां पे देखिए टीएनएफ अल्फा इन्वर्टर की बात करें तो यहां पे ये

[21:29] अल्फा इन्वर्टर की बात करें तो यहां पे ये हमारा एक फैक्टर होता है ट्यूमर

[21:31] हमारा एक फैक्टर होता है ट्यूमर न्यूक्रोसिस फैक्टर अल्फा।

[21:33] ये सारी चीजें अब देखिए इतना आप लोगों को समझना होगा कि

[21:35] अब देखिए इतना आप लोगों को समझना होगा कि ये सारी चीजें इम्यून इम्यून रिस्पांस में

[21:36] ये सारी चीजें इम्यून इम्यून रिस्पांस में बहुत मेजर रोल प्ले करती हैं।

[21:38] बहुत मेजर रोल प्ले करती हैं।

[21:40] तो इन सबको इनबिट करके हमारे यहां पे ड्रग्स क्या होता है?

[21:42] इम्यून सिस्टम को सप्रेस करती हैं।

[21:43] अब इनके बारे में बहुत डिटेल में हम लोग बात नहीं कर सकते।

[21:45] बट इतना आप लोग समझिए कि टीएनएफ अल्फा हो गया चाहे हमारा

[21:47] समझिए कि टीएनएफ अल्फा हो गया चाहे हमारा इंटरल्यूकिन हो गया चाहे हमारा

[21:48] इंटरल्यूकिन हो गया चाहे हमारा इंटरल्यूकिन टू हो गया।

[21:50] देखिए इन सबके आगे एागोनिस्ट लगा है।

[21:51] मतलब ये सारे जो इंटरल्यूकिन वन हो गया, इंटरल्यूकिन टू हो गया।

[21:53] इंटरल्यूकिन वन हो गया, इंटरल्यूकिन टू हो गया।

[21:55] यह सारे अपना बहुत ही मेजर रोल प्ले करते हैं।

[21:57] तो इनको एंटागोनाइज़ करके हम लोग यहां पे इम्यून सिस्टम को सप्रेस कर सकते हैं।

[21:58] एंटीसीडी3 तो देखिए CD3 हमारे रिसेप्टर होते हैं।

[22:00] CD3 हमारे रिसेप्टर होते हैं।

[22:02] टी सेल्स पे प्रेजेंट होते हैं।

[22:03] तो इन सबको अगर हम लोग ब्लॉक कर देंगे तो कहीं ना कहीं हमारा टी सेल नहीं

[22:05] एक्टिवेट होगा।

[22:06] हमारा इम्यून सिस्टम नहीं एक्टिवेट होगा और हमारा काम यहां पे बन जाएगा।

[22:09] और पॉली पॉलीक्लोनल एंटीबॉडीज की बात करें तो ये हमारी मिक्सचर ऑफ

[22:12] बात करें तो ये हमारी मिक्सचर ऑफ एंटीबॉडीज होती है जो कि हमारे यहां पे

[22:14] एंटीबॉडीज होती है जो कि हमारे यहां पे मल्टीपल साइड्स में जो है कह सकते हो

[22:16] मल्टीपल साइड्स में जो है कह सकते हो एंटीजन के मल्टीपल साइड को टारगेट करती है।

[22:18] एंटीजन के मल्टीपल साइड को टारगेट करती है।

[22:20] तो ये भी हमारा कह सकते हो ये भी

[22:22] है।

[22:24] हमारा जो बी सेल्स होते हैं बी सेल्स होते हैं।
The B cells we have are B cells.

[22:25] ठीक है?
Okay?

[22:25] तो उनके उनके थ्रू यहां पे हैं।
So through them, they are here.

[22:27] ठीक है?
Okay?

[22:27] तो उनके उनके थ्रू यहां पे प्रोड्यूस करी जाती है।
So through them, they are produced here.

[22:27] बाकी यूजज़ की बात प्रोड्यूस करी जाती है।
Regarding other uses, it is produced.

[22:28] बाकी यूजज़ की बात करें तो हमारा इम्यून सिस्टम को सप्रेस करें तो हमारा इम्यून सिस्टम को सप्रेस करके हमारा यहां पे इनका यूज़ देखने को मिलता है।
Talking about other uses, if we suppress our immune system, then by suppressing our immune system, we see their use here.

[22:30] स्पेशली ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मिलता है।
Especially for organ transplants, it is found.

[22:32] स्पेशली ऑर्गन ट्रांसप्लांट के टाइम।
Especially at the time of organ transplant.

[22:34] अब देखिए अगर हम लोग यहां पे बात करें तो हमारा एक बहुत ही इंपॉर्टेंट टॉपिक अभी यहां पे बचा हुआ है जो कि हमारा यहां पे कीमोथेरेपी ऑफ़ मैलगेंसी।
Now, look, if we talk here, then a very important topic is still left here, which is chemotherapy of malignancy.

[22:36] अब देखिए इसका मतलब है मैलिगनेंसी का मतलब होता है हमारा यहां पे कैंसर।
Now, look, this means malignancy means cancer here.

[22:40] ठीक है?
Okay?

[22:40] और यहां पे मतलब कैंसर का एक कह सकते हो स्टार्टिंग स्टेज होता है।
And here, it can be said to be a starting stage of cancer.

[22:45] बट और कीमोथेरेपी मतलब कि जो दवाएं हमारी कैंसर के ट्रीटमेंट में यूज़ करी जाती हैं।
But chemotherapy means the medicines that are used in the treatment of cancer.

[22:49] तो इसमें बेसिकली अगर हम लोग देखा जाए तो हमें पढ़ना है अपने एंटी कैंसर एजेंट्स के बारे में।
So basically, if we look at this, we have to study about our anti-cancer agents.

[22:52] और आप लोग एक एग्जाम में भी क्वेश्चन आता है डिफाइन अल्काइलेटिंग एजेंट्स, एंटी कैंसर एजेंट्स।
And a question also comes in your exam: Define alkylating agents, anti-cancer agents.

[22:57] तो यहां पे देखिए जो एंटी कैंसर एजेंट्स हैं इसको तो हम लोगों ने ऑलरेडी अपनी मेडिसिनल केमिस्ट्री में फिफ्थ सेम में पढ़ा हुआ था।
So, look here, these anti-cancer agents, we have already studied them in our medicinal chemistry in the fifth semester.

[23:01] आप लोग को याद हो तो।
If you remember.

[23:02] तो बस यहां से हम क्या करेंगे कि उसी लेक्चर को कंपाइल कर देंगे।
So, from here, we will just compile that lecture.

[23:06] बट थोड़ा सा फार्माकोलॉजी के पॉइंट ऑफ व्यू से यानी कि यहां पे देखिए एमओए इंट्रोडक्शन हम लोग वहां से देखेंगे और जो फार्माकोइनेटिक वगैरह है वो हम लोग यहां पे देख लेंगे और देखिए ये जो एक टॉपिक और है प्रोटीन ड्रग्स तो देखिए देखा जाए ना तो प्रोटीन ड्रग्स कुछ खास नहीं है मतलब जो ड्रग्स हमारी प्रोटीन नेचर की होती हैं तो यहां पे देखिए ये जो आप लोगों ने बहुत सारी
But a little from the point of view of pharmacology, meaning, look here, we will see the MOA introduction from there, and we will look at the pharmacokinetics etc. here, and look, there is one more topic, protein drugs, so if you look, protein drugs are nothing special, meaning drugs that are of protein nature, so here, look at this, you have many

[23:25] पे देखिए ये जो आप लोगों ने बहुत सारी हमारी अभी अभी आप लोगों ने एंटीबॉडी वगैरह
Look, these antibodies that you all have read about recently,

[23:27] हमारी अभी अभी आप लोगों ने एंटीबॉडी वगैरह पढ़ी तो यहां पे देखिए ये सारी हमारी
these antibodies that you all have read about recently, so look here, all of these are ours.

[23:28] पढ़ी तो यहां पे देखिए ये सारी हमारी प्रोटीन ही तो होती हैं।
read, so look here, all of these are proteins.

[23:30] जैसे यहां पे अगर आप लोग देखो तो ये जो हमारा साइटोकाइन
For example, if you all look here, this cytokine

[23:33] आप लोग देखो तो ये जो हमारा साइटोकाइन होता है।
you all look, this cytokine is.

[23:35] ठीक है? और ये जो हमारा आप लोगों ने देखिए साइटोस वगैरह पढ़े हैं ये सारे
Okay? And these cytos and others that you all have read, all of these

[23:37] हमारे क्या थे हमारा प्रोटीन थे।
were our proteins.

[23:38] ये भी हमारा प्रोटीन था।
This was also our protein.

[23:40] ये भी हमारा प्रोटीन था। तो देखिए ये सारे जो प्रोटीनंस वगैरह
This was also our protein. So look, all these proteins and others

[23:42] होते हैं ना यही सारे हमारे होते हैं प्रोटीन ड्रैग्स।
that exist, these are all our protein drags.

[23:43] अब हालांकि इनके बारे में हम लोग थोड़ा सा जो है डिटेल नोट्स और
Now, although about these, we will look at some detailed notes

[23:45] में हम लोग थोड़ा सा जो है डिटेल नोट्स और देखेंगे।
in detail. We will look at some detailed notes.

[23:47] तो देखिए ये आप लोग को जो है नोट्स में मिल जाएगा।
So look, you all will find this in the notes.

[23:48] मतलब इसका इसका हम लोगों ने जो है दो पेज का एक स्पेसिफिक
Meaning, we have attached a specific two-page

[23:51] लोगों ने जो है दो पेज का एक स्पेसिफिक नोट्स अटैच कर दिया है।
two-page specific notes.

[23:52] तो ये सारी चीजें नोट्स में अपडेट हो जाएंगी।
So all these things will be updated in the notes.

[23:55] मे बी मे बी आज रात तक या फिर मे बी कल सुबह तक पक्का
Maybe, maybe by tonight or maybe by tomorrow morning for sure

[23:57] अपडेट हो जाएंगे।
they will be updated.

[23:59] तो आप लोग देख लीजिएगा।
So you all can check.

[24:00] बाकी अब हम लोग यहां पे बात करते हैं अपने
Otherwise, now we will talk about our

[24:02] कैंसर के बारे में।
about cancer.

[24:04] फिर हम लोग यहां पे इसको काफी डिटेल में देखते हैं अपने एंटी
Then we will look at our anti

[24:06] कैंसर एजेंट्स को।
cancer agents in detail.

[24:08] तो देखिए अगर हम लोग यहां पे बात करें अपने एंटी नियोप्लास्टिक
So look, if we talk about our anti-neoplastic

[24:10] एजेंट्स के बारे में तो देखिए यहां पे
agents, so here

[24:12] एंटी नियोप्लास्टिक मतलब कि एंटी ठीक है
anti-neoplastic means anti, okay

[24:15] मतलब अपोज करने वाले और नियोप्लास्टिक
meaning those that oppose, and neoplastic

[24:17] मतलब कि यहां पे नियोप्लास्टिक का मतलब
meaning here, neoplastic means

[24:18] नियोप्लाज्म से और ये जो नियोप्लाज्म है
from neoplasm, and this neoplasm

[24:21] ना तो बेसिकली नियोप्लाज्म को हम लोग यहां
so basically, we here

[24:23] पे कैंसर के सिनोनिम की तरह यूज़ करते हैं।
use neoplasm as a synonym for cancer.

[24:26] पे कैंसर के सिनोनिम की तरह यूज़ करते हैं।

[24:28] ऑलदो यहां पे देखिए थोड़ा सा नियोप्लाज्म डिफरेंट टर्म होता है।

[24:30] बट यहां पे आप लोग सिंपली समझो कि ये जो एंटी नियोप्लास्टिक एजिड्स हैं ये बेसिकली हमारे यहां पे एंटी कैंसर ड्रग्स होती हैं।

[24:34] यानी ये हमारे वो एजेंट्स होते हैं जो कि हमारे कैंसर के ट्रीटमेंट में यहां पे यूज़ किए जाते हैं।

[24:40] अब देखिए थोड़ा सा नियोप्लाज्म कैसे डिफरेंट है वो हम लोग अभी देखेंगे।

[24:43] बाकी अगर हम लोग यहां पे देखें तो एंटी नियोप्लास्टिक एजेंट्स आर द ड्रग्स दैट आर यूज्ड टू ट्रीट कैंसर।

[24:49] यानी ये हमारी वो दवाएं होती हैं जिनको हम लोग यहां पे कैंसर के ट्रीटमेंट में यूज़ करते हैं।

[24:52] बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें तो एंटीनोप्लास्टिक एजेंट्स और आल्सो नोन एज तो इनको हम लोग यहां पे एंटी कैंसर कीमोथेरेपी।

[24:57] कीमोथेरेपी का नाम आप लोगों ने बहुत सुना होगा कैंसर के ट्रीटमेंट में।

[25:03] ठीक है? कि हमारे कुछ केमिकल यानी कि दवाएं चलाई जाती हैं।

[25:05] तो काफी इफेक्टिव ट्रीटमेंट भी होता है ये यहां पे।

[25:07] मतलब अगर कैंसर को प्रिवेंट करने का कोई सबसे इफेक्टिव वे है तो हमारा ये कीमोथेरेपी ही होता है।

[25:12] और कीमोथेरेपी में ही जो दवाएं हम लोग यूज़ करते हैं।

[25:16] ठीक है? वही सारी हमारी एंटी नियोप्लास्टिक एजेंट्स के अंदर आती हैं।

[25:17] और बाकी हम लोग यहां पे साइटोटॉक्सिक ड्रग्स यानी कि सेल देखो साइटो मतलब सेल और टॉक्सिक मतलब कि जो उनके लिए टॉक्सिक हो मतलब यही है कि ये हमारी सेल्स को किल वगैरह करने का काम

[25:28] हमारी सेल्स को किल वगैरह करने का काम करती हैं।

[25:30] अब देखिए सारी चीजें क्यों करती हैं?

[25:31] तो वो हम लोग अभी कैंसर का इंट्रोडक्शन देखेंगे तब आप लोग समझ जाओगे।

[25:33] इंट्रोडक्शन देखेंगे तब आप लोग समझ जाओगे।

[25:35] बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें तो दे वर्क बाय टारगेटिंग एंड किलिंग कैंसर सेल्स बाय इनबिटिंग देयर ग्रोथ एंड प्रोलिफ्रेशंस।

[25:37] वर्क बाय टारगेटिंग एंड किलिंग कैंसर सेल्स बाय इनबिटिंग देयर ग्रोथ एंड प्रोलिफ्रेशंस।

[25:39] सेल्स बाय इनबिटिंग देयर ग्रोथ एंड प्रोलिफ्रेशंस।

[25:41] देखिए अगर हम लोग यहां पे बात करना थोड़ा सा अगर आप लोग को कैंसर का इंट्रोडक्शन हम दें तो देखिए कैंसर में होता क्या है कि जो हमारी सेल्स है ना ये हमारी अनकंट्रोलेबली डिवाइड होना स्टार्ट हो जाती हैं।

[25:43] इंट्रोडक्शन हम दें तो देखिए कैंसर में होता क्या है कि जो हमारी सेल्स है ना ये हमारी अनकंट्रोलेबली डिवाइड होना स्टार्ट हो जाती हैं।

[25:44] होता क्या है कि जो हमारी सेल्स है ना ये हमारी अनकंट्रोलेबली डिवाइड होना स्टार्ट हो जाती हैं।

[25:46] मतलब इनमें यहां पे अनकंट्रोल्ड सेल डिवीज़न देखने को मिलने लगता है।

[25:49] लगता है।

[25:51] जिससे हमारी जो सेल्स हैं वो बहुत ज्यादा मतलब डिवाइड हो के और बहुत ज्यादा सेल्स में कन्वर्ट हो जाती हैं।

[25:53] और ये जो सेल्स हैं ये हमारी बॉडी के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं होती हैं।

[25:55] तो बेसिकली हम लोग बात करें तो कैंसर में यही होता है।

[25:57] बाकी अभी डिटेल में हम लोग और ज्यादा देखेंगे।

[25:58] बट आप लोग सिंपली समझो कि इसमें अनकंट्रोल्ड सेल डिवीज़ होता है।

[26:00] तो यहां पे देखिए हमारी जो दवाएं हैं वो क्या करेंगी भाई?

[26:01] इसी सेल डिवीज़ को ही तो कंट्रोल करेंगी और उसके लिए क्या करना पड़ेगा भाई?

[26:03] इनको सेल को किल करना पड़ेगा।

[26:05] तो यहां पे वही है कि उसके डिवीज़ को ये लोग इनबिट यानी कि कम मतलब रोकते हैं बाय देयर ग्रोथ एंड प्रोलिफ्रेशंस।

[26:06] लोग इनबिट यानी कि कम मतलब रोकते हैं बाय देयर ग्रोथ एंड प्रोलिफ्रेशंस।

[26:08] यानी कि जो उसकी सेल की ग्रोथ है और जो उसका प्रोफेशन प्रोलिफ्रेशंस मतलब कि उसका समझ लीजिए थोड़ा फैलना।

[26:10] प्रोलिफ्रेशंस मतलब कि उसका समझ लीजिए थोड़ा फैलना।

[26:12] ठीक है?

[26:13] तो उसकी ग्रोथ और

[26:28] थोड़ा फैलना।

[26:28] ठीक है?

[26:28] तो उसकी ग्रोथ और फैलने को रोकते हैं ये लोग।

[26:31] बाकी दे वर्क थ्रू डिफरेंट मैकेनिज़्म डिपेंडिंग ऑन देयर क्लास एंड टाइप।

[26:35] तो अभी हम लोग यहां पे बहुत सारे डिफरेंट-डिफरेंट टाइप्स के एंटीनोप्लास्टिक एजेंट्स देखेंगे।

[26:38] तो सभी का यहां पे काम करने का तरीका थोड़ा अलग-अलग होता है।

[26:42] वो सारी चीजें अभी हम लोग बहुत डिटेल में देखेंगे।

[26:42] ठीक है?

[26:44] तो ये आप लोग एक बेसिक इंट्रोडक्शन समझ गए।

[26:46] बाकी अब हम लोग यहां पे थोड़ा सा बात करते हैं अपने कैंसर के बारे में।

[26:49] ताकि आप लोग यहां पे पहले कैंसर के बारे में समझो ताकि तभी आप लोग समझोगे कि इसको ट्रीट कैसे करते हैं अच्छे से।

[26:55] है ना?

[26:55] तो बात करें हम लोग यहां पे कैंसर के बारे में।

[26:57] तो देखिए कैंसर वर्ल्ड ऐसा तो है नहीं।

[26:59] आप लोग पहली बार सुन रहे हो।

[26:59] आप सभी को पता है हमारी कितनी ज्यादा हार्मफुल डिजीज होती है।

[27:04] आज तक भी इसका कोई इफेक्टिव ट्रीटमेंट नहीं ढूंढ पाया गया है।

[27:07] बाकी यहां पे इसके बहुत डिफरेंट-डिफरेंट स्टेजेस होते हैं।

[27:09] अगर मान लीजिए इनिशियल स्टेज में पहचान में आ जाती है तो फिर इसका थोड़ा बहुत यहां पे ट्रीटमेंट पॉसिबल होता है।

[27:15] बाकी अगर यहां पे लास्ट स्टेज में कोई होता है तो फिर उसका बच पाना बहुत ही मुश्किल ही होता है।

[27:19] बाकी वही बात है कि अगर हम लोग थोड़ा सा देखें कि एक्चुअल में इसमें होता क्या है?

[27:22] तो कैंसर इज़ अ वेरी सीरियस डिजीज।

[27:25] हमें पता है बहुत ज्यादा सीरियस और हार्मफुल डिजीज होती है।

[27:28] कैरेक्टराइज्ड बाय अनकंट्रोल्ड ग्रोथ एंड स्प्रेड ऑफ़

[27:30] अनकंट्रोल्ड ग्रोथ एंड स्प्रेड ऑफ़ एब्नॉर्मल सेल्स इन द बॉडी।

[27:32] एब्नॉर्मल सेल्स इन द बॉडी।

[27:32] देखिए एक्चुअल में इसमें होता क्या है?

[27:35] देखिए जो हमारी सेल्स होती हैं आप सभी को पता है हमारी बॉडी में सेल डिवीजन की प्रोसेस होती है।

[27:38] बॉडी में सेल डिवीजन की प्रोसेस होती है।

[27:38] ठीक है?

[27:40] तो देखिए होता क्या है?

[27:40] अगर हम लोग नॉर्मल वे में बात करें जैसे माइटोसिस सेल डिवीज़न में होता क्या है कि जो हमारी एक सेल है।

[27:45] ठीक है?

[27:45] वो यहां पे जब डिवाइड होती है, तो वो यहां पे दो नई सेल्स में कन्वर्ट हो जाती है।

[27:49] अब ये जो दो नई सेल्स हैं ये फर्दर डिवाइड होती है।

[27:50] ठीक है?

[27:50] तो चार नई सेल्स उसके बाद ये फर्दर डिवाइड होंगी तो आठ।

[27:54] मतलब इस तरीके से मतलब एक इक्वेशनल डिवीज़न चलता है।

[27:56] ठीक है?

[27:56] कि मतलब एक सेल अगर डिवाइड हो रही है तो वो दो में ही कन्वर्ट होगी।

[27:59] ऐसा नहीं है कि एक सेल डिवाइड हो के तीन चार 10 में कन्वर्ट हो जा रही है।

[28:03] ठीक है?

[28:03] ये हमारा नॉर्मल सेल डिवीज़न होता है।

[28:05] लेकिन यहां पे कैंसर में होता क्या है?

[28:07] कैंसर में यहां पे ये होता है कि जो हमारी सेल है ठीक है?

[28:09] इनमें यहां पे एक एब्नॉर्मल डिवीजन स्टार्ट होना स्टार्ट हो जाता है।

[28:13] मतलब कि होता क्या है कि जो एक सेल है, ठीक है?

[28:15] वो यहां पे डिवाइड हो के दो में नहीं बल्कि यहां पे एक सेल डिवाइड हो के कई सारी सेल्स में।

[28:20] और फिर ये यहां पे फर्दर डिवाइड हो के और भी कई सारी सेल्स में।

[28:21] मतलब इस तरीके से होता क्या है कि यहां पे ये जो सेल्स हैं ये इतनी ज्यादा डिवाइड हो जाती हैं कि यहां पे जो है एक एक्स्ट्रा लंप या फिर मास का फॉर्मेशन कर लेती हैं।

[28:29] मतलब नॉर्मली अगर हम लोग देखें तो देखिए यहां

[28:30] नॉर्मली अगर हम लोग देखें तो देखिए यहां पे प्रॉपर वे में मान लीजिए हमारी बॉडी का

[28:32] पे प्रॉपर वे में मान लीजिए हमारी बॉडी का कोई मान लीजिए कोई टिश्यू है।

[28:34] कोई मान लीजिए कोई टिश्यू है। ठीक है?

[28:34] तो उसमें नॉर्मल एक प्रॉपर वे में सेल डिवाइड है।

[28:37] लेकिन यहां पे देखिए क्या हुआ?

[28:38] यहां पे हमारा सेल डिवीजन इतना ज्यादा हो गया कि इसने यहां पे एक एक्स्ट्रा मास फॉर्म कर लिया।

[28:41] और देखिए यहां पे ये सेल डिवीजन तो होता ही है।

[28:44] दूसरी बात ये कि चूंकि इसके अंदर ये एब्नॉर्मल सेल डिवीजन हो रहा है।

[28:47] तो ये जो सेल है ठीक है?

[28:49] तो इसके अंदर भी मतलब ये सेल हमारी अच्छी सेल नहीं होती है क्योंकि इसके अंदर कुछ ना कुछ तो डीएनए मेडिटेशंस वगैरह होते हैं।

[28:53] तो मतलब पहली बात ये सेल्स भी हमारी काफी डैमेज सेल्स होती हैं।

[28:56] ठीक है?

[28:58] जो कि हमारी बॉडी के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं होती हैं।

[28:59] और दूसरा इनके अंदर एब्नॉर्मल डिवीजन होता है।

[29:01] जिसकी वजह से क्या होता है?

[29:02] ये एक्स्ट्रा बॉडी लंप या फिर मास का फॉर्मेशन कर लेती हैं।

[29:07] जो कि एट लास्ट में हमारी बाकी जो अच्छी सेल्स होती हैं उनको भी डैमेज करना स्टार्ट कर देती है।

[29:11] और धीरे-धीरे क्या होता है कि ये जो सेल्स है ना ये मेनली हमारी पूरी बॉडी में फैलना स्टार्ट हो जाती हैं।

[29:15] ठीक है?

[29:16] एक जगह से दूसरी जगह और इस तरीके से यहां पे जो हमारा कैंसर है ठीक है वो हमारा यहां पे बहुत ही हार्मफुल हो जाता है।

[29:21] देखिए एक चीज़ आप लोग समझिए कि अभी हम लोग थोड़ा देखेंगे तब आप लोग देखना।

[29:25] ठीक है?

[29:27] तो बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें तो दीज़ एब्नॉर्मल सेल्स कैन फॉर्म ट्यूमर एंड स्प्रेड थ्रू आउट द बॉडी विय ब्लड एंड

[29:32] स्प्रेड थ्रू आउट द बॉडी विय ब्लड एंड लिंफेटिक सिस्टम।

[29:34] तो देखिए ट्यूमर का मतलब यही होता है कि जैसे ये जो हमारा सेल्स है ठीक है?

[29:37] तो जब ये एक्स्ट्रा डिवाइड हो गई।

[29:38] ठीक है?

[29:40] तो इन्होंने क्या किया? एक मास मतलब एक ऐसा लम फॉर्म कर लिया।

[29:42] और इसी को हम लोग यहां पे बोलते हैं ट्यूमर।

[29:43] ट्यूमर मतलब कि एक एक्स्ट्रा ऐसा जो मास फॉर्म हो जाता है बॉडी के अंदर।

[29:48] ठीक है? और यहां पे क्या होता है?

[29:49] देखिए वही बात है कि ये जो हमारी एक्स्ट्रा सेल्स फॉर्म हो रही है।

[29:51] ठीक है?

[29:53] तो ये हमारा ब्लड और लिंफेटिक सिस्टम के थ्रू हमारी पूरी बॉडी में फिर स्प्रेड होना स्टार्ट हो जाती हैं।

[29:54] और देखिए यही चीज होती है कैंसर।

[29:56] ये चीज आप लोग समझिए कि अगर मान लीजिए हमारी बॉडी के सिर्फ किसी एक पार्ट में हमारी सेल्स डिवाइड हो रही हैं।

[29:58] ठीक है?

[30:00] और उसके बाद सिर्फ उसी एक ही पार्ट में हमारी रह जा रही हैं।

[30:02] तो उसको हम लोग सिंपली ट्यूमर बोलते हैं।

[30:04] वो हमारा एक्चुअल में कैंसर नहीं होता है।

[30:05] कैंसर कब होता कि जब यही सेल्स हमारी जो है पूरी बॉडी में स्प्रेड होना स्टार्ट हो जाती हैं तो उस केस को हम लोग कैंसर बोलते हैं।

[30:07] ठीक है?

[30:09] और बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें कैंसर कैन स्टार्ट ऑलमोस्ट एनीवेयर।

[30:11] मतलब कि मेन चीज वही है कि हमारी ह्यूमन बॉडी के किसी भी पार्ट में कहीं भी हमारा कैंसर स्टार्ट हो सकता है।

[30:13] मतलब कहीं भी ये हमारी सेल्स जो है एब्नॉर्मली डिवाइड होना स्टार्ट हो सकती हैं।

[30:14] एंड ऑफेन नेम्ड।

[30:16] और बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें कि जो कैंसर का नाम है।

[30:18] ठीक है?

[30:20] तो मेन चीज वही है कि कैंसर

[30:34] है।
Is.

[30:34] ठीक है?
Okay?

[30:35] तो मेन चीज वही है कि कैंसर हमारी बॉडी के किसी भी पार्ट में हो सकता है।
So the main thing is that cancer can occur in any part of our body.

[30:37] और जो कैंसर का नाम है वो हमारे उसी ऑर्गन या फिर टाइप ऑफ सेल के बाद यहां पे कैंसर लगा देने से स्टार्ट होता है।
And the name of the cancer starts by adding cancer here after the name of that organ or type of cell.

[30:41] जैसे अगर हम लोग बात करें तो मान लीजिए ब्रेस्ट में अगर यहां पे सेल्स अनकंट्रोल डिवाइड होना स्टार्ट हो गए तो ब्रेस्ट कैंसर हो गया।
For example, if we talk about it, suppose if cells start dividing uncontrollably here in the breast, then it becomes breast cancer.

[30:47] ठीक है?
Okay?

[30:49] लंग में हो गया तो लंग कैंसर हो गया।
If it happens in the lungs, then it's lung cancer.

[30:50] इसी तरीके से ब्लड में हो रहा तो ब्लड कैंसर हो गया।
Similarly, if it's happening in the blood, then it's blood cancer.

[30:52] तो इस तरीके से यहां पे डिफरेंट-डिफरेंट यहां पे उसी ऑर्गन या फिर सिस्टम का नाम आगे लगा के हमारा कैंसर का नेम हो जाता है।
So in this way, by adding the name of that organ or system in front here, we get the name of the cancer.

[30:57] ठीक है?
Okay?

[30:59] बाकी अगर हम लोग यहां पे देखें तो अदर टर्म्स लाइक नियोप्लाज्म एंड ट्यूमर।
Otherwise, if we look here, there are other terms like neoplasm and tumor.

[31:02] तो देखिए कैंसर को हम लोग यहां पे ट्यूमर या फिर नियोप्लाज्म के नाम से भी जानते हैं।
So, you see, we also know cancer by the name of tumor or neoplasm.

[31:06] लेकिन यहां पे देखिए कहा तो जाता है लेकिन इन दोनों का जो मीनिंग है वो थोड़ा सा डिफरेंट होता है।
But, you see, it is said, but the meaning of both of these is slightly different.

[31:10] तो कैसे डिफरेंट होता है वो हम लोग यहां पे थोड़ा सा देखते हैं।
So how it is different, we will look at that a little here.

[31:14] ठीक है?
Okay?

[31:16] तो देखिए अगर हम लोग यहां पे बात करें ट्यूमर की तो देखिए ट्यूमर क्या होता है?
So, you see, if we talk about tumor here, then what is a tumor?

[31:20] ट्यूमर इज एन एबनॉर्मल ग्रोथ ऑफ सेल्स दैट फॉर्म अ मास और लंग।
Tumor is an abnormal growth of cells that form a mass or lump.

[31:22] तो देखिए ट्यूमर का मतलब ये होता है कि हमारे बॉडी के किसी एक सिंगल पार्ट में जो हमारे सेल्स हैं वो थोड़ा सा डिवाइड हो गए।
So, you see, the meaning of tumor is that in a single part of our body, our cells have divided a little.

[31:29] उन्होंने एक मास फॉर्म कर लिया।
They have formed a mass.

[31:30] ये हमारा ट्यूमर होता है।
This is our tumor.

[31:32] अब ये ट्यूमर हमारा दो टाइप का होता है।
Now this tumor is of two types.

[31:32] एक होता है बिनाइन ट्यूमर, एक होता है
One is benign tumor, one is

[31:34] एक होता है बिनाइन ट्यूमर, एक होता है मेलिग्नेंट ट्यूमर।

[31:36] और ध्यान से सुनिएगा मेलिग्नेंट ट्यूमर।

[31:36] और ध्यान से सुनिएगा आप लोग।

[31:38] ये जो हमारा मैलिग्नेंट ट्यूमर है आप लोग।

[31:38] ये जो हमारा मैलिग्नेंट ट्यूमर है ये होता है हमारा एक्चुअल कैंसर।

[31:40] ठीक है?

[31:40] ये होता है हमारा एक्चुअल कैंसर।

[31:42] ठीक है?

[31:42] मतलब ये बिनाइन ट्यूमर हमारा कैंसर नहीं होता है बल्कि मेग्नेंट ट्यूमर ही हमारा

[31:43] कैंसर होता है।

[31:43] मतलब अगर हम लोग बिनाइन

[31:45] ट्यूमर देखें तो ये हमारा नॉन कैंसरस

[31:47] ट्यूमर होता है।

[31:47] ठीक है?

[31:48] इसमें हमारा कोई

[31:48] ट्यूमर होता है।

[31:50] ठीक है?

[31:50] इसमें हमारा कोई ग्रोथ वगैरह नहीं होता है।

[31:51] बल्कि जबकि

[31:51] यहां पे मेलग्नेंट ट्यूमर में क्या होता

[31:53] है?

[31:53] ये हमारी स्प्रेड होने लगती है।

[31:55] और ये हमारा कैंसरस ट्यूमर होता है।

[31:55] ठीक है?

[31:57] तो इट जनरली डज़ नॉट स्प्रेड टू अदर पार्ट्स

[31:59] ऑफ़ बॉडी।

[31:59] मतलब ये किसी एक ही जगह होता है

[32:02] और यहां पे इसको जो है इट कैन बी इज़ली

[32:03] रिमूव्ड थ्रू सर्जरी।

[32:03] तो देखिए यहां पे

[32:05] क्या हुआ है कि बॉडी के किसी एक ही पार्ट

[32:07] में सेल्स ग्रो हुई हैं।

[32:07] तो यहां पे इसको

[32:09] सर्जरी के थ्रू रिमूव कर दिया जाता है और

[32:11] ये उसके बाद सही भी हो जाता है ज्यादातर

[32:13] केस में।

[32:13] लेकिन जो हमारा मेलग्नेंट ट्यूमर

[32:15] यानी कि जो कैंसरस ट्यूमर होता है।

[32:15] पहली बात तो ये क्या होता है?

[32:16] ये हमारी बॉडी के

[32:17] अलग-अलग पार्ट में स्प्रेड हो जाता है

[32:19] लिंफेटिक सिस्टम और ब्लड स्ट्रीम के थ्रू।

[32:22] और दूसरा यहां पे ये जो है सर्जरी के थ्रू

[32:24] इज़ली रिमूव नहीं किया जा सकता है।

[32:24] मतलब

[32:26] सर्जरी से रिमूव तो किया जा सकता है लेकिन

[32:27] उसके बाद क्या होता ये दोबारा से ग्रो

[32:29] होना स्टार्ट हो जाते हैं।

[32:29] ज्यादातर केस

[32:30] में कहीं-कहीं यहां पे काम भी हो जाता है

[32:32] तो सर्जरी भी वहां पे अच्छी चीज हो जाती

[32:34] है।

[32:34] लेकिन ज्यादातर केस में देखा गया है

[32:34] कि यहां पे सर्जरी काम में नहीं आती है।

[32:36] कि यहां पे सर्जरी काम में नहीं आती है।

[32:38] ठीक है?

[32:38] तो ये हो जाता है।

[32:39] बाकी अगर हम लोग क्लासिफिकेशन की बात करें तो क्लासिफिकेशन देखिए वही है कि हमारी बॉडी

[32:43] के डिफरेंट-डिफरेंट टिश्यू के हिसाब से इसको हम लोग क्लासिफाई कर देते हैं कैंसर को।

[32:47] जैसे हमारा कार्सिनोमास हो गया, सारकोमास हो गया, ल्यूकेमियास हो गया और लिंफोमास हो गया।

[32:51] तो देखिए अगर हम लोग इसको थोड़ा सा देखना चाहें।

[32:53] ठीक है?

[32:53] तो देखिए कार्सफिनोमास का मतलब होता है कि वो कैंसर जो कि हमारे एपिथलियल टिश्यू में अराइव होता है।

[33:00] अब एपिथलियल टिश्यू हमारी बॉडी में कहां-कहां जैसे हमारा ब्रेस्ट हो गया, लंग हो गया।

[33:03] ठीक है?

[33:03] तो इन सब में एपिथलियल टिश्यू वगैरह होते हैं।

[33:07] तो इन सभी कैंसर को हम लोग यहां पे कार्सिनोमास के अंदर क्लासिफाई करते हैं।

[33:08] बाकी सारकोमास की बात करें तो ये हमारा वो कैंसर होता है जो कि हमारे कनेक्टिव टिश्यू में अराइज़ होता है।

[33:14] जैसे हमारा बोन हो गया, जॉइंट्स हो गया।

[33:15] ठीक है?

[33:15] मसल हो गए।

[33:17] तो यहां पे अगर बोन कैंसर हो गया तो ये सारी चीजें हमारी सार्कोमास के अंदर आ जाती हैं।

[33:21] ठीक है?

[33:21] उसके बाद ल्यूकेमियास हमारा ये होता है हमारा ब्लड कैंसर।

[33:23] ठीक है?

[33:25] और जनरली ये हमारा जो है डब्ल्यूबीसीज में देखने को मिलता है।

[33:26] ठीक है?

[33:26] तो इट बिगिंस विद हेल्दी ब्लड सेल्स चेंजेस एंड ग्रो अनकंट्रोलेबली।

[33:31] ठीक है?

[33:31] तो अनकंट्रोल्ड ग्रोथ हो जाती है।

[33:33] उसके बाद हम लोग बात करें लिंफोमास की तो देखिए ये हमारा कैंसर जो है लिंफेटिक सिस्टम में

[33:36] हमारा कैंसर जो है लिंफेटिक सिस्टम में अराइज़ होता है।
Our cancer arises in the lymphatic system.

[33:38] और इसका एग्जांपल जैसे अराइज़ होता है।
And its example arises.

[33:40] और इसका एग्जांपल जैसे हमारा एक हॉचकिंस लिंफोमा हो जाता है।
And its example is like we get a Hodgkin's lymphoma.

[33:42] नॉन हॉस्चकिंस लिंफोमा।
Non-Hodgkin's lymphoma.

[33:44] ये सारे हमारे लिंफोमा के एग्जांपल हो जाते हैं।
These are all examples of our lymphomas.

[33:46] तो देखिए ये तो था हमारा ये हो गया हमारा क्लासिफिकेशन ऑफ़ कैंसर।
So look, this was our, this became our classification of cancer.

[33:49] नाउ अगर हम लोग यहां पे बात करें इसके कॉजेस की तो देखिए जो कैंसर का जो एग्जैक्ट कॉज है ना वो बता पाना थोड़ा मुश्किल है।
Now if we talk about its causes here, then look, the exact cause of cancer is a bit difficult to tell.

[33:53] जैसे बहुत सारे रीजन होते हैं।
There are many reasons.

[33:55] बिल्कुल एग्जैक्टली नहीं।
Not exactly.

[33:57] हां ये चीज है कि मेन चीज यही है कि जो हमारा कैंसर सेल्स होती हैं उनके अंदर कुछ ना कुछ म्यूटेशंस मतलब कि उनके डीएनए में कुछ ना कुछ चेंजेस हो जाते हैं।
Yes, the main thing is that our cancer cells have some mutations, meaning some changes occur in their DNA.

[34:05] तभी उनके अंदर एब्नॉर्मल सेल डिवीज़न स्टार्ट होता है।
Only then does abnormal cell division start within them.

[34:09] लेकिन अब ये क्यों हो रहा है ये चेंजेस? उसको बता पाना थोड़ा मुश्किल रहता है।
But why are these changes happening now? It is a bit difficult to tell.

[34:13] कोई एग्जैक्ट रीज़न नहीं होता है।
There is no exact reason.

[34:15] बहुत सारे चेंजेस हो सकते हैं।
Many changes can occur.

[34:16] जैसे जेनेटिक म्यूटेशंस तो वही है कि जेनेटिक म्यूटेशंस तो हो ही जाते हैं।
Like genetic mutations, so it is that genetic mutations do happen.

[34:18] अब इसके पीछे जैसे एनवायरमेंटल एक्सपोज़र्स हो सकते हैं।
Now, behind this, there can be environmental exposures.

[34:20] ठीक है? स्मोकिंग, अल्कोहल ये सारी चीजें भी हमारे रिस्क फैक्टर्स होते हैं।
Okay? Smoking, alcohol, all these things are also our risk factors.

[34:24] तो ये सभी चीजें आपको पता ही है कि हर स्मोकिंग के हर सिगरेट के डिब्बे में लिखा होता है।
So you already know all these things that it is written on every cigarette pack for every smoking.

[34:29] इट कैन बी हार्मफुल।
It can be harmful.

[34:31] ठीक है? तो बाकी वो अलग बात है कि बिल्कुल भी लोग ध्यान नहीं देते हैं।
Okay? So that's another matter that people don't pay attention at all.

[34:36] ठीक है? और बाकी यहां पे बहुत सारे ऐसे हमारे कुछ वायरस, बैक्टीरिया,
Okay? And besides this, here there are many such viruses, bacteria,

[34:37] ऐसे हमारे कुछ वायरस, बैक्टीरिया, पैरासाइट्स वगैरह भी हो सकते हैं जिसकी वजह से ये हो सकता है।
There can be some viruses, bacteria, parasites, etc. that can cause this.

[34:41] उसके बाद हमारे कुछ हॉर्मोनल इमंबैलेंसेस भी हमारे यहां पे रीजन हो सकते हैं कैंसर का।
After that, some hormonal imbalances can also be a reason for cancer here.

[34:43] ठीक है?
Okay?

[34:46] नाउ अगर हम लोग यहां पे साइन एंड सिम्टम्स की बात करें तो साइन एंड सिम्टम्स देखिए वही है कि हमारा यहां पे बहुत ज्यादा थकावट वगैरह देखने को मिलती है।
Now, if we talk about the signs and symptoms here, the signs and symptoms are the same: we see a lot of fatigue here.

[34:49] ठीक है?
Okay?

[34:51] और वेट में यहां पे चेंजेस देखने को मिल सकते हैं।
And changes in weight can be seen here.

[34:53] ठीक है?
Okay?

[34:54] जनरली यहां पे वेट लॉस देखने को मिलता है।
Generally, weight loss is seen here.

[34:56] उसके बाद यहां पे स्किन में भी यहां पे चेंजेस मतलब स्किन के कलर टेक्सचर में चेंजेस हो सकते हैं।
After that, changes can also occur in the skin, meaning changes in skin color and texture.

[34:58] उसके बाद बोवेल मूवमेंट में चेंजेस हो सकते हैं।
After that, changes in bowel movements can occur.

[35:00] ठीक है?
Okay?

[35:02] डायरिया वगैरह हो सकता है और पर्सिस्टेंट कफ बाकी ब्रीथिंग ट्रबल तो
Diarrhea etc. can occur, and persistent cough, other breathing troubles,

[35:04] देखिए अगर आप लोग ध्यान से देखें ना तो ये सारे सिम्टम्स तो बहुत सारे बीमारियों के सेम ही होते हैं।
If you look carefully, all these symptoms are the same for many diseases.

[35:07] इसीलिए क्या होता है कि कैंसर अगर किसी को होता भी है तो जनरली वो इनिशियल स्टेज में पहचान में नहीं आता है।
That's why if someone gets cancer, it is generally not detected in the initial stage.

[35:10] ठीक है?
Okay?

[35:12] और लोग ध्यान देते नहीं है और जब पता चलता है तो काफी लास्ट स्टेज हो गई होती है और इसीलिए यहां पे कैंसर का ट्रीटमेंट काफी टफ हो जाता है।
And people don't pay attention, and when it is detected, it is quite the last stage, and that's why the treatment for cancer becomes quite tough here.

[35:14] ठीक है?
Okay?

[35:15] बाकी अगर हम लोग यहां पे ट्रीटमेंट की बात करें तो देखिए ट्रीटमेंट वही है कि यहां पे सर्जरी के थ्रू भी हमारा यहां पे कैंसरस सेल्स को रिमूव किया जा सकता है।
Now, if we talk about treatment here, the treatment is such that cancerous cells can also be removed here through surgery.

[35:18] लेकिन अब इसमें कभी-कभी यही होता है कि
But sometimes what happens is that

[35:38] लेकिन अब इसमें कभी-कभी यही होता है कि ज्यादातर यहां पे दोबारा ग्रो कर जाती

[35:39] ज्यादातर यहां पे दोबारा ग्रो कर जाती हैं।

[35:42] ठीक है? सेल्स और बाकी हम लोग यहां पे कीमोथेरेपी तो इसी को हम लोग यहां पे

[35:44] पे कीमोथेरेपी तो इसी को हम लोग यहां पे आज की वीडियो में एक अच्छे से देखेंगे।

[35:45] आज की वीडियो में एक अच्छे से देखेंगे।

[35:47] ठीक है? कि कीमोथेरेपी मतलब कि हमारी कुछ केमिकल एजेंट्स का यूज़ करके इसको ट्रीट

[35:50] केमिकल एजेंट्स का यूज़ करके इसको ट्रीट किया जाता है।

[35:51] ठीक है? और उसके बाद हमारी यहां पे रेडिएशन थेरेपी।

[35:54] तो रेडिएशन के मतलब रेडिएशन के थ्रू भी हमारे यहां पे

[35:55] मतलब रेडिएशन के थ्रू भी हमारे यहां पे कैंसर सेल्स को किल किया जाता है।

[35:58] ठीक है? तो ये हमारे इसके कुछ ट्रीटमेंट के एप्रोच

[36:00] तो ये हमारे इसके कुछ ट्रीटमेंट के एप्रोच होते हैं।

[36:02] बाकी अब हम लोग यहां पे फाइनली बात करते हैं अपने एंटीनियोप्लास्टिक

[36:04] एजेंट्स यानी कि जो हमारी कीमोथेरेपी के

[36:06] अंदर जो जो ड्रग्स होती हैं उनके बारे

[36:07] में। तो बात करें हम लोग यहां पे अपने

[36:09] एंटीनियोप्लास्टिक एजेंट्स के बारे में।

[36:11] तो देखिए यहां पे इसके अंदर हमारे बहुत से

[36:13] डिफरेंट-डिफरेंट टाइप्स होते हैं।

[36:14] यहां पे बात करें तो इसके अंदर डिफरेंट-डिफरेंट

[36:16] क्लास होती हैं। जैसे हमारा अल्काइलेटिंग

[36:18] एजेंट्स हो गया, एंटीमेटाबोलाइट्स हो गया,

[36:19] एंटीबायोटिक्स हो गए, प्लांट प्रोडक्ट्स

[36:21] हो गए और मिसलेनियस कंपाउंड्स हो गए।

[36:23] ठीक है? तो अब देखिए इसके अंदर भी जैसे हमारे

[36:25] अल्काइलेटिंग एजेंट्स के अंदर भी

[36:27] डिफरेंट-डिफरेंट क्लास आ जाती हैं।

[36:28] फिर हमारे एंटीमबोलाइट्स के अंदर भी कुछ सब

[36:30] क्लासेस आ जाती हैं।

[36:32] ठीक है? बाकी एंटीबायोटिक्स के अंदर भी हम लोग बना सकते

[36:34] थे। बट जनरली हम लोगों ने सिंपल ही कर

[36:35] दिया है।

[36:37] ठीक है? फिर प्लान प्रोडक्ट्स इसके अंदर भी क्लासेस होती हैं। बट थोड़ा

[36:39] इसके अंदर भी क्लासेस होती हैं।

[36:40] बट थोड़ा सा सिंपल ही हम लोगों ने रखा है।

[36:40] ज्यादा कॉम्प्लिकेट नहीं किया है।

[36:42] ये थोड़ा ज्यादा जरूरी था।

[36:43] इसके लिए हम लोगों ने इसको मेंशन कर दिया है।

[36:45] और बाकी अगर हम लोग यहां पे थोड़ा सा बेसिक ओवरव्यू देखें

[36:47] तो अल्काइलेटिंग एजेंट्स मतलब इसमें हमारा कुछ अल्काइल ग्रुप का सिस्टम होता है जो

[36:49] कि अल्काइल ग्रुप ऐड हो जाता है।

[36:51] ठीक है?

[36:52] डीएनए में और एंटी मेटाबोलाइट्स तो ये हमारे कुछ जो है मेटाबोलाइट्स जैसे

[36:54] प्यूरिन पिरमिडीन और फॉलिक एसिड हो गया।

[36:56] तो उनको यहां पे इनबिट करते हैं।

[36:58] उसके बाद एंटीबायोटिक्स तो इनका भी हमारा यूज़ होता है।

[37:01] प्लांट प्रोडक्ट्स ये हमारे नेचुरली डिराइव्ड प्रोडक्ट्स होते हैं और

[37:03] मिसलेनियस मतलब ये हमारी ऐसी ड्रग्स होती हैं जो कि इन सारे में फिट नहीं होती हैं।

[37:04] बाकी इनका भी एंटी नियोप्लास्टिक एजेंट्स मतलब की तरह यूज़ किए जाते हैं।

[37:06] तो अगर हम लोग यहां पे देखें तो देखिए अल्काइलेटिंग एजेंट्स के अंदर भी हमारी कुछ क्लास हो जाती हैं।

[37:08] जैसे हमारे नाइट्रोजन मस्टर्ड्स तो इसके अंदर भी हमारी इसके अंदर हमारी चार ड्रग्स आ जाती हैं।

[37:10] उसके बाद इथाइलन अमीन तो इसके अंदर एक ड्रग और अल्काइल सल्फोनेट।

[37:12] तो इसके अंदर भी हमारी एक ड्रग आ जाती है।

[37:14] ठीक है?

[37:16] अभी देखिए इनके बारे में सबके बारे में काफी डिटेल में पढ़ेंगे।

[37:17] बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें तो देखिए आपके सिलेबस में इन सभी में से तीन का आप लोग को जो है तीन हमारी स्टार ड्रग्स होती हैं।

[37:19] जैसे हमारा मैक्लोरथामिन, मेथोट्रक्सेड और मरकेप्टोप्यूरिन।

[37:21] इन तीनों का आप लोग को

[37:41] मरकेप्टोप्यूरिन।

[37:41] इन तीनों का आप लोग को सिंथेसिस भी पढ़ना है।

[37:43] ठीक है?

[37:43] तो इन तीनों को हम लोग का देखिए इन तीनों पे हम लोग ज्यादा फोकस करेंगे।

[37:47] बाकी सभी ड्रग्स को हम लोग यहां पे जनरली एक जनरल ओवरव्यू देख लेंगे।

[37:51] ठीक है?

[37:51] क्योंकि आपको पता है इसके बहुत सारी ड्रग्स हैं।

[37:53] सबको इतना अच्छे से देख पाना बहुत मुश्किल है।

[37:54] बट हम लोगों ने काफी अच्छी नोट्स प्रिपेयर करी है।

[37:56] तो आप लोग उसको देख लेना अच्छे से।

[37:58] तो ये सारा देखिए हमारे कुछ क्लासिफिकेशन होते हैं।

[37:59] इसको आप लोग नाम वगैरह पढ़ लेना।

[38:01] बाकी इन सभी को एक-एक करके हम लोग देखने ही वाले हैं।

[38:02] तो वहां पे अच्छे से देख लेंगे।

[38:04] तो सबसे पहले हम लोग अपने अल्काइलेटिंग एजेंट्स के बारे में बात करते हैं।

[38:06] तो बात करें हम लोग यहां पे अपने अल्काइलेटिंग एजेंट्स के बारे में।

[38:07] तो देखिए यहां पे अल्काइलेटिंग एजेंट्स हमारे क्या होते हैं?

[38:09] दीज़ आर द टाइप ऑफ एंटीनियोप्लास्टिक ड्रग्स यूज्ड इन कैंसर ट्रीटमेंट।

[38:11] तो वो तो सिंपल ही है।

[38:12] ठीक है?

[38:14] बाकी ये हमारी जो है ओल्डेस्ट एंड मोस्ट यूज़फुल यानी कि ये हमारी सबसे पुरानी और आज के दिन में भी काफी रेलेवेंट एंड यूज़फुल ड्रग होती हैं।

[38:16] ठीक है?

[38:17] हमारे कैंसर के ट्रीटमेंट में।

[38:20] बाकी अगर हम लोग यहां पे देखें तो दे वर्क बाय डायरेक्टली डैमेजिंग द डीएनए विद इन कैंसर सेल्स।

[38:22] तो देखिए आप सभी को पता है कि जो हमारी कोई भी सेल होती है तो उसके अंदर सबसे इंपॉर्टेंट कंपोनेंट हमारा क्या होता है भाई?

[38:24] हमारा डीएनए होता है।

[38:26] तो ये जो हमारे अल्काइलेटिंग एजेंट्स हैं ये हमारी जो कैंसर सेल्स होती हैं।

[38:28] ठीक है?

[38:29] जो कि

[38:42] कैंसर सेल्स होती हैं।
These are cancer cells.

[38:44] ठीक है?
Okay?

[38:44] जो कि हमारा जिनके अंदर अनकंट्रोल्ड सेल डिवीज़न स्टार्ट हो गया होता है।
Which is where uncontrolled cell division has started.

[38:46] ये डायरेक्टली उसके डीएनए को डैमेज कर देती हैं।
These directly damage its DNA.

[38:48] जिसकी वजह से क्या होता है कि अल्टीमेटली यहां पे उनकी डेथ हो जाती है।
Because of this, what happens is that ultimately they die.

[38:49] ठीक है?
Okay?

[38:51] यानी कि वो हमारी सेल खत्म हो जाती है।
Meaning, that cell of ours gets destroyed.

[38:54] बाकी अगर हम लोग यहां पे देखेंगे कि कैसे हमारा एग्जैक्टली कैसे डैमेज होता है वो अभी हम लोग देखेंगे।
Otherwise, if we look here at exactly how it gets damaged, we will see that now.

[38:57] ठीक है?
Okay?

[38:59] बाकी इफेक्टिवनेस ऑफ़ अल्कालेटिंग एजेंट्स एज़ एंटी कैंसर ड्रग्स वाज़ कंफर्म।
Otherwise, the effectiveness of alkylating agents as anti-cancer drugs was confirmed.

[39:01] मतलब कि ये हमारे जो अल्काइलेटिंग एजेंट्स हैं, ये हमारे एंटी कैंसर ड्रग्स की तरह यूज़ हो सकते हैं।
Meaning, these alkylating agents of ours can be used as anti-cancer drugs.

[39:04] इसको यहां पे कंफर्म यहां पे 1940 के मिडिल में क्लीनिकल ट्रायल्स में किया गया था।
This was confirmed here in clinical trials in the middle of the 1940s.

[39:08] ठीक है?
Okay?

[39:09] बाकी दे आर ऑफेन यूज़्ड इन द ट्रीटमेंट ऑफ़ वेरियस टाइप ऑफ़ कैंसर।
Otherwise, they are often used in the treatment of various types of cancer.

[39:14] बिकॉज़ दे कैन टारगेट रैपिडली डिवाइडिंग कैंसर सेल्स।
Because they can target rapidly dividing cancer cells.

[39:16] मतलब यहां पे ये जो अल्कालेटिंग एजेंट्स हैं ना ये क्या करते हैं कि ये मेनली हमारी कैंसर सेल्स को ही ज्यादा टारगेट करते हैं।
Meaning, these alkylating agents here, what they do is they mainly target our cancer cells more.

[39:19] इसीलिए इनका यूज़ यहां पे काफी अच्छे से किया जाता है।
Therefore, their use here is done quite well.

[39:23] देखिए यहां पे अगर हम लोग थोड़ा सा देखना चाहें ना कि एक्चुअल में ये जो हमारी कीमोथेरेपी है वैसे देखा जाए ना तो ये काफी इफेक्टिव होती है।
Look, if we want to see a little bit here, that actually this chemotherapy of ours, if seen, then it is quite effective.

[39:28] लेकिन फिर भी यहां पे क्यों ये थोड़ा सा कम यूज़फुल हो जाती है फिर भी।
But still, why does it become a little less useful here anyway?

[39:34] क्योंकि होता क्या है?
Because what happens?

[39:36] देखिए ये जो हमारी ड्रग्स होती हैं।
Look, these drugs of ours.

[39:38] ठीक है?
Okay?

[39:39] जिस जितनी भी हमारी कीमोथेरेपी के अंदर ड्रग्स होती हैं।
Whichever drugs are there within our chemotherapy.

[39:41] ये हमारी कैंसर सेल्स को तो टारगेट
These target our cancer cells.

[39:43] हैं।
They are.

[39:43] ये हमारी कैंसर सेल्स को तो टारगेट करती हैं।
These target our cancer cells.

[39:45] लेकिन यहां पे होता क्या है कि करती हैं।
But what happens here is that they do.

[39:45] लेकिन यहां पे होता क्या है कि कैंसर सेल्स के साथ-साथ ये हमारी जो है बॉडी की अच्छी सेल्स को भी टारगेट करना स्टार्ट कर देती हैं।
But what happens here is that along with cancer cells, these also start targeting our body's good cells.

[39:51] तो वही चीज है कि यहां पे हमारी आज भी जो है ऐसी दवा बनना मुश्किल हो जा रही है।
So that's the thing, that even today it is becoming difficult to create such a medicine here.

[39:53] ठीक है?
Okay?

[39:53] जो हमारी सिर्फ इसी सेल्स को टारगेट करे और हमारी जो अच्छी सेल्स हैं उनको ना टारगेट करे।
Which targets only these cells and does not target our good cells.

[39:58] तो मेन जो साइड इफेक्ट होता है हमारे जितने भी एंटीनियोप्लास्टिक एजेंट्स हैं उनका वो यही होता है कि हमारी कैंसर सेल्स को तो खत्म कर देते हैं लेकिन उसके साथ हमारी अच्छी सेल्स को भी डैमेज करना स्टार्ट कर देते हैं।
So the main side effect of all our antineoplastic agents is that they kill our cancer cells but along with that, they also start damaging our good cells.

[40:09] तो वो एक हमारा मेजर साइड इफेक्ट हो जाता है।
So that becomes a major side effect for us.

[40:09] इसीलिए यहां पे कैंसर की ट्रीटमेंट में क्या होता है कि देखिए जिनका यहां पे इम्यूनिटी इम्यून सिस्टम वगैरह काफी अच्छा होता है वही थोड़ा बर्दाश्त कर पाते हैं।
That's why in cancer treatment here, what happens is that those who have a pretty good immune system, etc., they can tolerate it a bit.

[40:18] वरना कभी-कभी ज्यादातर केस में तो ये होता है कि कीमोथरेपी की वजह से ही कई लोगों की डेथ हो जाती है।
Otherwise, in most cases, it happens that many people die due to chemotherapy itself.

[40:22] ठीक है?
Okay?

[40:22] क्योंकि वो इतनी ये इतनी हाई मतलब पोटेंसी की दवाएं होती हैं कि हर इंसान इनको बर्दाश्त नहीं कर पाता है।
Because these are such high potency medicines that not every person can tolerate them.

[40:31] पहली बात मतलब इसमें काफी पेन होता है।
Firstly, it involves quite a lot of pain.

[40:31] ठीक है?
Okay?

[40:31] छोड़िए खैर वो सब बातें हैं।
Leave it, anyway, those are all other matters.

[40:31] ठीक है?
Okay?

[40:34] बाकी आप लोग समझ रहे हैं कि काफी ज्यादा इनके यहां पे साइड इफेक्ट वगैरह भी देखने को मिलते हैं।
Otherwise, you all understand that quite a lot of side effects are also seen here.

[40:39] और बाकी अगर हम लोग यहां पे क्लासिफिकेशन की बात करें तो देखिए क्लासिफिकेशन जैसा हम लोगों ने देखा ही है कि इसके अंदर हमारे कि जनरल क्लासिफिकेशन
And otherwise, if we talk about classification here, then see, as we have seen the classification, within this, our general classification

[40:44] कि इसके अंदर हमारे कि जनरल क्लासिफिकेशन हमारा इस तरीके से होता है अल्कलाइटिंग हमारा इस तरीके से होता है अल्कलाइटिंग एजेंट्स का।

[40:48] तो ये आप लोग देख लेना। और एजेंट्स का।

[40:50] तो ये आप लोग देख लेना। और बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें मेन हमारे मैकेनिज्म ऑफ एक्शन की।

[40:52] तो देखिए आप लोग ध्यान से देखना इस मैकेनिज्म ऑफ एक्शन को।

[40:54] इसको हम लोग यहां पे देख लेंगे।

[40:56] बाकी आप लोग इतना समझो कि लगभग लगभग हमारी जितनी भी दवाएं हम लोग देखेंगे वो जो छह ड्रग्स हम लोगों ने देखी हैं जो सिलेबस में है।

[41:04] उन सभी का मैकेनिज्म ऑफ एक्शन हमारा इसी तरीके से रहने वाला है।

[41:06] ठीक है?

[41:08] अब देखिए सबसे इंपॉर्टेंट चीज ये है कि इस मैकेनिज्म ऑफ एक्शन को समझने के लिए आप लोग को सबसे पहले हमारे डीएनए के बारे में नॉलेज होनी चाहिए।

[41:13] यानी डीएनए का स्ट्रक्चर वगैरह आप लोग को पता होना चाहिए।

[41:16] तो देखिए सबसे पहले हम लोग यहां पे अपने डीएनए के बारे में ही थोड़ा अच्छे से देखेंगे।

[41:19] अगर आप लोग को डीएनए पता है तो आप लोग स्किप कर देना।

[41:23] बाकी अगर थोड़ा बहुत पता है नहीं तो रिकॉल हो जाएगा।

[41:25] बाकी हम लोग शॉर्ट में सबसे पहले देखते हैं डीएनए आखिर किस तरीके से हमें देखने को मिलता है हमारी सेल्स में।

[41:30] ठीक है?

[41:31] तो देखिए अगर हम लोग यहां पे बात करें तो देखिए डीएनए हमारा क्या होता है?

[41:33] डीएनए का फुल फॉर्म होता है डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक एसिड।

[41:36] यानी कि अगर हम लोग यहां पे बात करें तो ये हमारे एक टाइप के न्यूक्लिक एसिड होते हैं।

[41:37] अब न्यूक्लिक एसिड क्या होते हैं?

[41:39] तो देखिए न्यूक्लिक एसिड हमारे एक टाइप के बायो मॉलिक्यूल्स होते हैं।

[41:43] ठीक है?

[41:44] और यहां पे देखो ये क्या होते हैं?

[41:46] हैं? ये हमारे मिलके बने होते हैं न्यूक्लियोटाइट से यानी कि मेड फ्रॉम न्यूक्लियोटाइट से यानी कि मेड फ्रॉम न्यूक्लोटाइट्स।

[41:49] यानी इतना सिंपली समझो कि न्यूक्लोटाइट्स।

[41:49] यानी इतना सिंपली समझो कि जब बहुत सारे मतलब कि बहुत सारे न्यूक्लोटाइट्स जब कंबाइन करते हैं तो हमारा न्यूक्लिक एसिड बनता है।

[41:55] तो डीएनए हमारा क्या है?

[41:56] डीएनए भी हमारा एक टाइप का न्यूक्लिक एसिड है।

[41:58] यानी ये भी हमारे बहुत सारे न्यूक्लोटाइट से ही मिलके बना होगा।

[42:00] सिंपल सी बात है।

[42:00] है ना?

[42:02] अब जैसे डीएनए और आरएनए हमारा दूसरा न्यूक्लिक एसिड होता है।

[42:05] इसका नाम होता है राइबोन न्यूक्लिक एसिड और इसका नाम होता है डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक एसिड डीएनए का।

[42:09] ठीक है?

[42:10] तो देखिए इनमें हम लोग यहां पे देखेंगे कि इनके अंदर मेजर डिफरेंस क्या होते हैं।

[42:14] बाकी आप लोग सिंपली समझो कि डीएनए हमारा न्यूक्लियोटाइट से मिलके बना होता है।

[42:17] तो अगर हमें डीएनए को समझना है तो सबसे पहले हमें इस न्यूक्लोटाइट को समझना पड़ेगा।

[42:21] ठीक है?

[42:21] इसको हम लोग देख लेंगे तो इसका मतलब इसी के साथ बहुत सारे जब कंबाइन हो जाएंगे तो डीएनए बन जाएगा।

[42:27] तो देखिए अगर न्यूक्लियोटाइट्स की बात करें तो देखिए एक चीज आप लोग समझना कि डीएनए भी हमारा न्यूक्लोटाइट से मिलके बना है।

[42:31] आरएनए भी हमारा न्यूक्लोटाइट से मिलके बना है।

[42:33] इन दोनों के में मेजर डिफरेंस कहां पे आता है?

[42:36] इन दोनों में मेजर डिफरेंस हमारा इसके शुगर और नाइट्रोजन बेस में आता है।

[42:38] तो ये हम लोग अभी देखेंगे।

[42:40] बाकी अगर न्यूक्लोटाइट्स की बात करें तो ये हमारे तीन चीजों से मिलके बने होते हैं।

[42:43] इनके अंदर हमारी थ्री यूनिट्स होती हैं।

[42:45] पहला होता है पेंटोज़ शुगर, दूसरा होता है

[42:46] होता है पेंटोज़ शुगर, दूसरा होता है फास्फोरिक एसिड और थर्ड होता है हमारा फास्फोरिक एसिड और थर्ड होता है हमारा नाइट्रोजेनस बेस।

[42:51] तो देखिए पेंटोज़ शुगर की नाइट्रोजेनस बेस।

[42:52] तो देखिए पेंटोज़ जैसा इसका नाम ही है।

[42:54] तो इसके अंदर हमारी पेंटोज़ यानी कि पांच कार्बन होते हैं।

[42:56] ठीक है? पांच कार्बन की शुगर होती है और ये हमारी दो टाइप की होती है।

[42:57] ध्यान से सुनिएगा।

[42:59] पेंटोस शुगर हमारी न्यूक्लोटाइट का एक कंपोनेंट होता है और ये हमारी दो टाइप की होती है।

[43:03] पहला होता है राइबोज शुगर दूसरा होता है डीऑक्सीराइबोज शुगर।

[43:07] और देखिए ये जो हमारा यहीं से आप लोग समझ जाओगे कि जो हमारा आरएनए होता है राइबो न्यूक्लिक एसिड इसके अंदर हमें देखने को मिलती है हमारी राइबोज शुगर।

[43:15] जबकि जो हमारा डीएनए होता है इसके अंदर हमें देखने को मिलती है हमारी डीऑक्सीराइबोज़ शुगर।

[43:19] और देखिए ये हमारा होता है डीऑक्सीराइबोज़ शुगर का स्ट्रक्चर।

[43:21] ठीक है? तो हमें यही देखना है।

[43:23] बाकी देखिए अगर हम लोग यहां पे बात करें ना तो राइबोज शुगर बिल्कुल ऐसी ही होती है।

[43:27] बस उसमें यहां पे इस H के बाद एक O आ जाता है ऑक्सीजन।

[43:28] ठीक है? और यहां पे डीऑक्सीराइबोज़ में ऑक्सीजन डीऑक्सी मतलब चला जाता है।

[43:33] ठीक है? तो बस यही एक सिंपल सा यहां पे डिफरेंस होता है।

[43:35] तो देखिए ये हो गया हमारा डीऑक्सीराइबोज़ का स्ट्रक्चर।

[43:37] ठीक है? तो इसे आप लोग समझ गए।

[43:38] और देखिए दूसरा एक हो एक हो गया पेंटोज़ शुगर।

[43:40] तो पेंटोज़ शुगर हम लोगों ने देखी हमारी डीऑक्सीराइबोज़।

[43:43] ठीक है? तो डीएनए में हमारी यही वाली होगी।

[43:44] और फास्फोरिक

[43:48] में हमारी यही वाली होगी।

[43:49] और फास्फोरिक एसिड की हम लोग बात करें तो देखिए एसिड की हम लोग बात करें तो देखिए फॉस्फोरिक एसिड यानी फॉस्फेट ग्रुप होता

[43:51] फॉस्फोरिक एसिड यानी फॉस्फेट ग्रुप होता है सिंपल।

[43:53] इसमें कुछ खास नहीं है।

[43:53] और जो थर्ड होता है नाइट्रोजनस बेस।

[43:55] तो इसको भी आप लोग थोड़ा ध्यान से देखना।

[43:57] देखिए जो नाइट्रोजनस बेस है ना अब ये भी हमारे दो टाइप के होते हैं।

[43:59] पहला होता है प्यूरिन।

[44:00] दूसरा होता है पिरिमडीनंस।

[44:03] अब इसमें भी हम लोग देखें तो प्यूरिन के अंदर भी हमारे दो टाइप होते हैं एडनीन और ग्वानिन।

[44:05] और पिरिमडीस के अंदर भी हमारे तीन टाइप होते हैं।

[44:07] यूरसिल, थाइमिन और साइटोसिन।

[44:08] अब अगर हम लोग यहां पे इसका स्ट्रक्चर देखें तो

[44:11] देखिए प्यूरिंस मतलब इसके अंदर हमारा एडनीन और ग्वानिन होगा।

[44:12] तो देखिए ये हो गया एडनीन का स्ट्रक्चर।

[44:14] ये हो गया ग्वानिन का स्ट्रक्चर।

[44:15] ठीक है?

[44:17] और उसके बाद पिरिमडी की बात करें तो ये हो गया हमारा थाइमिन, साइटोसिन और यूरासिस।

[44:19] ये तीनों हमारे इसके अंदर आ जाते हैं।

[44:20] तो इन तीनों का स्ट्रक्चर हमारा इस तरीके से हो गया।

[44:23] तो देखिए यहां पे हम लोगों ने देखा कि हमारा पेंटोस शुगर हमारी क्या-क्या होती है?

[44:24] राइबोस और डीऑक्सीराइबोज़।

[44:26] डीएनए में कौन सी होती है?

[44:28] डीऑक्सीराइबोज़।

[44:30] ठीक है?

[44:30] फास्फोरिक एसिड हम लोगों ने देखा।

[44:33] ये हमारा सिंपल सा एक फास्फेट ग्रुप होता है।

[44:34] और थर्ड नाइट्रोजनस बेस भी हम लोगों ने देखा कि हमारे दो टाइप के होते हैं।

[44:36] उनके अंदर भी अलग-अलग सब टाइप होते हैं।

[44:38] ठीक है?

[44:39] तो टोटल हमारे अगर हम लोग बात करें तो पांच टाइप के नाइट्रोजनस बेस होते हैं।

[44:41] एडनीन, ग्वानिन, यूरास, थाइमिन, साइटोसिन।

[44:49] एडनीन, ग्वानिन, यूरास, थाइमिन, साइटोसिन।

[44:50] अब देखिए अब हम लोग देखते हैं कि ये तीनों कंबाइन करके हमारा डीएनए कैसे बनाते हैं।

[44:53] कंबाइन करके हमारा डीएनए कैसे बनाते हैं।

[44:55] तो देखिए अगर हम लोग यहां पे देखें तो हम लोगों ने स्टार्टिंग में ही क्या देखा कि

[44:56] जो हमारा डीएनए है वो हमारा किससे मिल

[44:58] किससे मिलके बना होगा? न्यूक्लोटाइट से।

[45:00] किससे मिलके बना होगा? न्यूक्लोटाइट से।

[45:01] बहुत सारे न्यूक्लोटाइट से। तो न्यूक्लोटाइट का स्ट्रक्चर अगर हम लोग

[45:03] न्यूक्लोटाइट का स्ट्रक्चर अगर हम लोग देखें तो इसके अंदर हम लोगों ने देखा कि

[45:04] देखें तो इसके अंदर हम लोगों ने देखा कि तीन चीजें होती हैं।

[45:06] तीन चीजें होती हैं। अब इन तीनों को हम लोगों ने अलग-अलग तो देखा लेकिन ये मतलब

[45:08] लोगों ने अलग-अलग तो देखा लेकिन ये मतलब एक न्यूक्लोटाइट में किस तरीके से देखने

[45:10] एक न्यूक्लोटाइट में किस तरीके से देखने को मिलते हैं। तो यहां पे देखिए इस तरीके

[45:12] को मिलते हैं। तो यहां पे देखिए इस तरीके से होता है न्यूक्लोटाइट का स्ट्रक्चर।

[45:13] से होता है न्यूक्लोटाइट का स्ट्रक्चर। यानी एक हमारी पेंटोज़ शुगर हो गई। अब यहां

[45:15] यानी एक हमारी पेंटोज़ शुगर हो गई। अब यहां पे हमारा डीऑक्सीराइबोज़ राइबोज़ दोनों में

[45:17] पे हमारा डीऑक्सीराइबोज़ राइबोज़ दोनों में से कोई एक होगी। अगर डीऑक्सीराइबोज़ होगी

[45:20] से कोई एक होगी। अगर डीऑक्सीराइबोज़ होगी तो हमारा क्या हो जाएगा? डीएनए। है ना? और

[45:22] तो हमारा क्या हो जाएगा? डीएनए। है ना? और एक हमारा फास्फेट ग्रुप होगा और एक हमारा

[45:24] एक हमारा फास्फेट ग्रुप होगा और एक हमारा नाइट्रोजनस बेस होगा। अब देखिए नाइट्रोजनस

[45:26] नाइट्रोजनस बेस होगा। अब देखिए नाइट्रोजनस बेस हम लोगों ने देखा पांच टाइप के हो गए

[45:28] बेस हम लोगों ने देखा पांच टाइप के हो गए एडनीन ग्वानिन। तो इसमें से मतलब देखिए

[45:30] एडनीन ग्वानिन। तो इसमें से मतलब देखिए मतलब यहां पे एक न्यूक्लोटाइट में कोई एक

[45:32] मतलब यहां पे एक न्यूक्लोटाइट में कोई एक ही होगा। ठीक है? अब अलग-अलग में अलग-अलग

[45:34] ही होगा। ठीक है? अब अलग-अलग में अलग-अलग होंगे। तो अगर हम लोग यहां पे इसको डिटेल

[45:36] होंगे। तो अगर हम लोग यहां पे इसको डिटेल में देखें तो देखिए ये हो गई पेंटोस शुगर।

[45:38] में देखें तो देखिए ये हो गई पेंटोस शुगर। ठीक है? ये हो गया हमारा नाइट्रोजनस बेस।

[45:40] ठीक है? ये हो गया हमारा नाइट्रोजनस बेस। अब जैसे यहां पे ये हमारा एडनीन है। ठीक

[45:42] अब जैसे यहां पे ये हमारा एडनीन है। ठीक है? अब इसकी जगह हमारा ग्वानिन भी हो सकता

[45:44] है? अब इसकी जगह हमारा ग्वानिन भी हो सकता है। साइटोसिन भी हो सकता है। वो अलग बात

[45:45] है। साइटोसिन भी हो सकता है। वो अलग बात हो गई। ठीक है? और ये हमारा फॉस्फेट ग्रुप

[45:47] हो गई। ठीक है? और ये हमारा फॉस्फेट ग्रुप हो गया। अब देखिए अगर हम लोग यहां पे मेन

[45:50] हो गया।

[45:50] अब देखिए अगर हम लोग यहां पे मेन बात करें डीएनए की।

[45:52] तो डीएनए में देखिए एक बात करें डीएनए की।

[45:52] तो डीएनए में देखिए एक तो हम लोगों ने देखा कि इसके अंदर तो हम लोगों ने देखा कि इसके अंदर डीऑक्सीराइबोज़ शुगर हो गई।

[45:55] और दूसरी डीऑक्सीराइबोज़ शुगर हो गई।

[45:55] और दूसरी खासियत क्या होती है डीएनए की?

[45:58] कि डीएनए के अंदर हमें यहां पे यूरासिल बेस नहीं देखने को मिलता है।

[46:01] मतलब डीएनए के अंदर या तो हमारा एडनीन होगा या तो ग्वानिन होगा या तो थाइमिन होगा या तो साइटोसिन होगा।

[46:02] मतलब डीएनए के अंदर या तो हमारा एडनीन होगा या तो ग्वानिन होगा।

[46:04] या तो थाइमिन होगा या तो साइटोसिन होगा।

[46:06] यानी अगर हम लोग बात करें तो जो न्यूक्लोटाइट ठीक है?

[46:07] यानी अगर हम लोग बात करें तो जो न्यूक्लोटाइट्स ठीक है?

[46:09] मिलके डीएनए बनाएंगे उनके अंदर जो नाइट्रोजनस बेस है वो या तो हमारा एडनीन होगा या तो ग्वानिन या तो साइमिन या तो साइटोसिन।

[46:12] वो या तो हमारा एडनीन होगा या तो ग्वानिन।

[46:14] या तो साइमिन या तो साइटोसिन।

[46:16] ठीक है?

[46:16] तो अगर हम लोग यहां पे डीएनए के एक जनरल स्ट्रक्चर की बात करें तो ये देखिए ये हमें जो है एक डबल हेलिकल स्ट्रक्चर में इस तरीके से देखने को मिलता है।

[46:18] अगर हम लोग यहां पे डीएनए के एक जनरल स्ट्रक्चर की बात करें तो ये देखिए ये।

[46:19] स्ट्रक्चर की बात करें तो ये देखिए ये हमें जो है एक डबल हेलिकल स्ट्रक्चर में इस तरीके से देखने को मिलता है।

[46:21] इस तरीके से देखने को मिलता है।

[46:21] इस तरीके से आप लोगों ने देखा भी होगा।

[46:23] लेकिन अगर हम लोग स्ट्रक्चरल फॉर्म में देखें यानी ये जो हमारा न्यूक्लोटाइट किस तरीके से मिलके बनाते हैं तो देखिए ये हमारा जो है डीएनए जो है इस तरीके से देखने को मिलता है।

[46:25] लेकिन अगर हम लोग स्ट्रक्चरल फॉर्म में देखें यानी।

[46:26] ये जो हमारा न्यूक्लोटाइट किस तरीके से।

[46:28] मिलके बनाते हैं तो देखिए ये हमारा जो है डीएनए जो है इस तरीके से देखने को मिलता है।

[46:30] डीएनए जो है इस तरीके से देखने को मिलता है।

[46:32] तो यहां पे आप लोग देखिए यहां पे क्या है?

[46:33] ये हमारा जैसे नाइट्रोजनस बेस हो गया।

[46:35] ये हमारा फास्फेट ग्रुप हो गया।

[46:38] ये हमारा सॉरी ये हमारा पेंटोस शुगर हो गई।

[46:39] ये हमारा नाइट्रोजनस बेस हो गया।

[46:41] ये हमारा फास्फेट ग्रुप हो गया।

[46:43] तो देखिए इस तरीके से यहां पे देखिए बहुत सारे न्यूक्लोटाइट कंबाइन है।

[46:45] कंबाइन है।

[46:45] तभी तो डीएनए बना है।

[46:46] देखिए ये हमारा डीएनए का एक केमिकल स्ट्रक्चर है।

[46:49] तो देखिए यहां पे अगर आप लोग देखें तो आप

[46:51] तो देखिए यहां पे अगर आप लोग देखें तो आप लोगों को बेस में क्या-क्या देखने को मिल रहा है?
So look, if you people look here, what do you people see in the base?

[46:52] एडनीन, थाइमिन, ग्वानिन, साइटोसिएन।
Adenine, thymine, guanine, cytosine.

[46:54] देखिए कहीं पे भी आप लोग को यूरासिल देखने को नहीं मिलेगा क्योंकि वही चीज़ है यूरासिल हमारा डीएनए में नहीं होता है।
Look, you won't find uracil anywhere because that's the thing, uracil is not in our DNA.

[46:58] और सबसे इंपॉर्टेंट चीज जो एक और चीज आ जाती है वो जो हमें समझनी है कि जो हमारा एडनीन बेस है वो हमारा सिर्फ और सिर्फ हमारे थाइमिन के साथ ही यहां पे कांटेक्ट में होगा।
And the most important thing, another thing that comes up, which we need to understand, is that our adenine base will only be in contact with our thymine.

[47:04] मतलब एडनीन हमारा थाइमिन के साथ होगा और जो ग्वानिन है वो हमारा साइटोसिन के साथ होगा।
Meaning, adenine will be with thymine, and guanine will be with cytosine.

[47:09] मतलब कभी भी यहां पे एडनीन और ग्वानिन के बीच में पेयरिंग नहीं होगी।
Meaning, there will never be pairing between adenine and guanine here.

[47:15] कभी भी यहां पे ग्वानिन या फिर एडनीन, ग्वानिन, थाइमिन, ग्वानिन इस तरीके से नहीं होगा।
Never here will it be guanine or adenine, guanine, thymine, guanine in this way.

[47:19] हमेशा ए हमारा टी यानी एडनीन हमारा थाइमिन के साथ जुड़ा होगा और ग्वानिन हमारा साइटोसिन के साथ कंबाइन फॉर्म में होगा डीएनए के स्ट्रक्चर में।
Always A with T, meaning adenine will be linked with thymine, and guanine will be in a combined form with cytosine in the DNA structure.

[47:30] और यही चीज़ हमें समझनी है क्योंकि यहीं पे हमारा अल्काइलेटिंग एजेंट्स काम करेगा।
And this is what we need to understand because this is where our alkylating agents will work.

[47:34] ठीक है?
Okay?

[47:36] ये इनकी मिसपेयरिंग करवा देगा।
It will cause their mispairing.

[47:37] तो हम लोगों ने क्या देखा कि एडनीन हमेशा ग्वानिन के साथ और अह सॉरी एडनीन हमेशा थाईमिन के साथ और ग्वानिन हमेशा साइटोसिन के साथ देखने को मिलता है हमारे डीएनए में।
So what did we see? That adenine is always with guanine and uh sorry, adenine is always with thymine and guanine is always found with cytosine in our DNA.

[47:45] ठीक है?
Okay?

[47:46] और बाकी देखिए ये हमारा डीएनए का स्ट्रक्चर हो गया।
And otherwise, look, this has become our DNA structure.

[47:48] जैसे ये वाला पार्ट हमारा इतना हो गया और ये इधर वाला पार्ट हमारा इतना हो
Like this part of ours has become this much, and this part over here has become this much.

[47:52] गया और ये इधर वाला पार्ट हमारा इतना हो गया।

[47:54] तो समझ गए होंगे आप लोग।

[47:54] देखिए इस तरीके से हमारे न्यूक्लोटाइट्स बहुत सारे मिलके डीएनए बना देते हैं।

[47:58] ठीक है?

[47:58] तो आई होप कि आप लोग यहां पे समझ गए होंगे डीएनए का स्ट्रक्चर।

[48:02] बाकी अब अगर हम लोग यहां पे देखें इनका मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन।

[48:04] ठीक है?

[48:04] तो अल्काइलेटिंग एजेंट्स आर अ क्लास ऑफ़ कीमोथेरेपी ड्रग्स दैट वर्क बाय एडिंग अल्काइल ग्रुप्स टू डीएनए व्हिच इंटरफेयर्स विद डीएनए रेप्लिकेशन एंड ट्रांसक्रिप्शन।

[48:13] देखिए एक्चुअल में इसमें होगा क्या कि जो हमारे अल्काइलेटिंग एजेंट्स हैं तो बहुत सारे होते हैं वो हम लोग अभी देखेंगे।

[48:18] तो ये करेंगे क्या कि अल्काइलेटिंग एजेंट्स हमारे जो है कुछ अल्काइल ग्रुप ठीक है अब अल्काइल ग्रुप जैसे हमारा अल्काइल ग्रुप हमारा CH3 हो सकता है।

[48:25] C2H5 हो सकता है।

[48:27] ठीक है?

[48:27] जैसे मिथाइल इथाइल ये सारे हमारे अल्काइल होते हैं।

[48:31] ठीक है?

[48:31] तो ये क्या करेगा?

[48:31] ये इन अल्काइल ग्रुप्स को यहां पे लाके हमारे डीएनए के अंदर अटैच कर देगा।

[48:35] ठीक है?

[48:35] और होगा क्या?

[48:35] जिसकी वजह से कि हमारा जो डीएनए है, ठीक है?

[48:39] उसके अंदर यहां पे उसकी रेप्लिकेशन डीएनए रेप्लिकेशन मतलब वही कि डीएनए की कॉपी बनना।

[48:44] जैसे आप लोग समझिए कि जब सेल डिवाइड होता है तो एक सेल हमारी दो में कन्वर्ट होती है।

[48:48] तो एक सेल का जो डीएनए है वो भी तो हमारा दोनों सेल में जाएगा जिसके लिए क्या होगा?

[48:51] डीएनए हमारा रेप्लिकेशन है।

[48:51] रेप्लिकेशन मतलब वो अपनी

[48:53] रेप्लिकेशन है।

[48:53] रेप्लिकेशन मतलब वो अपनी कॉपी बनाएगा।

[48:55] ठीक है?

[48:55] तो अपने आप को कॉपी बनाएगा।

[48:55] ठीक है?

[48:55] तो अपने आप को डिवाइड करेगा।

[48:57] तो यहां पे इसकी रेप्लिकेशन डिवाइड करेगा।

[48:57] तो यहां पे इसकी रेप्लिकेशन और ट्रांसक्रिप्शन।

[48:59] देखिए ट्रांसक्रिप्शन का मतलब होता है डीएनए से जब आरएनए बनता है।

[49:02] ठीक है?

[49:03] तो इस प्रोसेस को हम लोग बोलते हैं ट्रांसक्रिप्शन।

[49:05] तो इसमें भी हमें यहां पे जो है इंटरफ़ेयर देखने को मिल जाएगा।

[49:07] ठीक है?

[49:09] जिसकी वजह से क्या होगा कि एट लास्ट में यहां पे सेल डेथ हो जाएंगे।

[49:11] तो देखिए अब हम लोग यहां पे हम लोगों ने देखा हम लोग इसका थोड़ा सा डिटेल्ड मैकेनिज़्म देखते हैं कि किस तरीके से होता है।

[49:12] तो देखिए सबसे पहला यहां पे आ जाता है हमारा अल्काइलेशन।

[49:18] तो देखिए अल्काइलेशन में होता क्या है कि जो हमारे अल्काइलेटिंग एजेंट्स हैं वो हमारे ट्रांसफर कर देते हैं एन अल्काइल ग्रुप टू द डीएनए मॉलिक्यूल टिपिकली मिथाइल और इथाइल।

[49:27] दिस यूजुअली अकर्स दैट देखिए यही चीज़ हमें समझनी है।

[49:30] सबसे मेन चीज़ यही है कि अह देखिए होता क्या है कि देखिए ये जो हमारा ग्वानिन बेस हम लोगों ने देखा था।

[49:35] ठीक है?

[49:37] देखिए अगर हम लोग यहां पे अपने इस ग्वानिन बेस को देखें।

[49:39] तो इस ग्वानिन में देखिए ये जो ये वाला नाइट्रोजन होता है।

[49:41] ठीक है?

[49:43] ये हमारा होता है सेवंथ पोजीशन पे।

[49:45] ठीक है?

[49:47] मतलब अगर आप लोग यहां पे काउंट करोगे तो ये जो नाइट्रोजन है ये हमारा सेवंथ पोजीशन पे होता है।

[49:48] तो होता क्या है?

[49:50] ये जो हमारे अल्काइलेटिंग एजेंट्स हैं ये हमारे इसी ग्वानिन के सेवंथ पोजीशन पे क्या करते हैं?

[49:51] हमारा

[49:55] सेवंथ पोजीशन पे क्या करते हैं?
What do we do at the seventh position?

[49:55] हमारा अल्काइल ग्रुप लाके अटैच कर देते हैं।
We bring and attach our alkyl group.

[49:57] अल्काइल ग्रुप लाके अटैच कर देते हैं।
We bring and attach the alkyl group.

[49:57] जिसकी वजह से होता क्या है कि हमारा यहां
Because of this, what happens is that our here

[49:59] जिसकी वजह से होता क्या है कि हमारा यहां पे जो ग्वानिन है, ठीक है?
Because of this, what happens is that the guanine here, okay?

[50:01] इसके अंदर कुछ स्ट्रक्चरल चेंजेस हो जाते हैं।
Some structural changes occur within it.

[50:03] जिसकी वजह से यहां पे देखिए यहां पे आप लोग ध्यान से
Because of this, look here, pay close attention here

[50:05] से यहां पे देखिए यहां पे आप लोग ध्यान से देखिएगा कि ये जो हमारे ग्वानिन है, ठीक
From here, look here, you will see carefully that this guanine of ours, okay

[50:07] है? इनको जुड़ना हमारा साइटोसिन से चाहिए
Is it? It should have bonded with cytosine

[50:09] था। लेकिन यहां पे इनके अंदर मिसपेयरिंग
It should have. But here, mispairing occurs within them.

[50:11] हो जाती है। यानी ये ग्वानिन जाके हमारा
It happens. Meaning, this guanine goes and

[50:12] या तो थाइमिन से जाके कनेक्ट हो जाएगा।
Will either connect with thymine.

[50:14] या तो ये ग्वानिन हमारा एडनीन से कनेक्ट हो
Or this guanine of ours will connect with adenine

[50:16] जाएगा। ठीक है?
Will connect. Okay?

[50:16] या तो ये ग्वानिन हमारा किसी दूसरे ग्वानिन से ही कनेक्ट हो
Or this guanine of ours will connect with another guanine itself.

[50:19] जाएगा। इस तरीके से इनके अंदर ना एक
Will connect. In this way, a

[50:21] मिसपेयरिंग आ जाती है।
Mispairing comes about.

[50:23] क्यों? क्योंकि यहां पे ये जो ग्वानिन था इसकी सेवंथ
Why? Because this guanine here, at its seventh

[50:25] पोजीशन पे यहां पे हमारे अल्काइलेटिंग
Position, our alkylating

[50:26] एजेंट्स ने क्या किया?
Agents did what?

[50:28] हमारा अल्काइल ग्रुप ट्रांसफर कर दिया।
Transferred our alkyl group.

[50:30] और इस तरीके से
And in this way,

[50:30] क्या होता है कि जब यहां पे इनके अंदर
What happens is that when here, within them,

[50:31] मिसपेयरिंग हो जाती है।
Mispairing occurs.

[50:33] देखिए आप लोग एक एक बात समझिए कि ये पेयरिंग बहुत
Look, understand one thing, this pairing is very

[50:35] इंपॉर्टेंट है।
Important.

[50:37] अगर हमारा ग्वानिन हमारा साइटोसिन के अलावा किसी से भी जाके जुड़ा
If our guanine, apart from our cytosine, connects with anyone else,

[50:39] तो डीएनए पूरा खराब हो जाएगा।
Then the DNA will be completely ruined.

[50:39] ठीक है?
Okay?

[50:41] ना उसके अंदर कोई प्रोसेस होगी ना उसके अंदर
Neither will any process occur within it, nor within it

[50:43] कोई रेप्लिकेशन होगा और पूरी की पूरी
Will any replication occur, and the entire

[50:45] हमारी सेल डेड हो जाएगी।
Our cell will die.

[50:47] तो इसी तरीके से
So, in this way,

[50:47] हमारे ये काम करते हैं।
These work for us.

[50:49] बाकी देखिए ये सिंपल सा मैकेनिज्म था।
Rest assured, this was a simple mechanism.

[50:51] बाकी इसका थोड़ा डिटेल में हम लोग देखते हैं कि एक्चुअल
Let's look at its details a bit more to see what actually

[50:52] में क्या-क्या होता है।
Happens.

[50:52] जैसे दिस यूजुअली अकर्स एट N7 यानी कि जो हमारा सेवंथ
Like this usually occurs at N7, meaning our seventh

[50:56] अकर्स एट N7 यानी कि जो हमारा सेवंथ नाइट्रोजन होता है ग्वानिन बेस का वहां पे

[50:58] नाइट्रोजन होता है ग्वानिन बेस का वहां पे हमें देखने को मिलता है लीडिंग टू द

[50:59] हमें देखने को मिलता है लीडिंग टू द फॉर्मेशन ऑफ़ N7 अल्काइल ग्वानिन।

[51:02] तो होता क्या है कि जब ये हमारा अटैच हो जाता है

[51:03] क्या है कि जब ये हमारा अटैच हो जाता है तो हमारा जो नया ग्वानिन होता है वो उसको

[51:05] तो हमारा जो नया ग्वानिन होता है वो उसको हम लोग बोलते हैं N7 अल्काइल ग्वानिन।

[51:07] ठीक है?

[51:09] और बाकी अगर हम लोग यहां पे देखें फर्स्ट दीज़ अल्काइलेटिंग एजेंट्स स्पेशली

[51:11] फर्स्ट दीज़ अल्काइलेटिंग एजेंट्स स्पेशली नाइट्रोजन मस्ट डेरिवेटिव।

[51:13] तो देखिए हम लोगों ने देखा कि जो अल्काइलेटिंग एजेंट्स

[51:14] हैं वो तीन टाइप के हैं।

[51:16] ठीक है? हम लोग के सिलेबस में एक नाइट्रोजन मस्टर्ड, एक

[51:18] एथैलीन अमीन, एक अल्काइल सल्फोनेट।

[51:20] तो ये जो मतलब यहां पे देखिए ये जो हम लोग

[51:22] मैकेनिज्म ऑफ एक्शन देख रहे हैं ये

[51:23] बेसिकली हम लोग नाइट्रोजन मस्टर्ड के लिए

[51:25] ज्यादा देख रहे हैं। बाकी देखिए काम लगभग

[51:27] बाकी सबका भी वैसा ही होता है। बाकी अगर

[51:29] हम लोग इस इसी क्लास की बात करें

[51:30] नाइट्रोजन मस्टर्ड की।

[51:32] ठीक है? तो इसमें

[51:33] देखिए क्या होता है?

[51:36] कि यहां पे ये जो नाइट्रोजन मस्टर्ड होते हैं, ठीक है?

[51:39] तो अंडरगोस इंटरमॉलिक्यूलर साइक्लाइजेशन टू फॉर्म

[51:41] एजरडेनियम आयन।

[51:43] तो देखिए होता क्या है?

[51:45] जैसे इस नाइट्रोजन मस्टर्ड में हम लोग बात करें तो जैसे इसमें अंदर हमारी एक ड्रग आ

[51:47] जाती है मैक्लोर इथामिन।

[51:49] ठीक है? तो ये देखिए मैक्लोर इथामिन का स्ट्रक्चर ये हो

[51:50] गया। बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें तो

[51:52] देखिए इस नाइट्रोजन मस्टर्ड के अंदर जितनी

[51:54] भी ड्रग है चाहे हमारा मैक्लोरथामीन हो,

[51:55] साइक्लो फास्फोमाइड हो इन सभी का

[51:57] साइक्लो फास्फोमाइड हो इन सभी का स्ट्रक्चर लगभग हमारा बिल्कुल ऐसा ही होता

[51:59] स्ट्रक्चर लगभग हमारा बिल्कुल ऐसा ही होता है।
The structure is almost exactly like ours.

[52:01] बस चेंजेस यहां पे इस CH3 में आ जाते हैं।
The only changes come here in this CH3.

[52:03] ठीक है? ये इतना पोर्शन हमारा सभी में सेम देखने को मिलेगा।
Okay? This much portion will be seen the same in all of us.

[52:05] जितने भी ड्रग्स हैं।
In all the drugs.

[52:07] बाकी ये जो CH3 है यहां पे चेंजेस होंगे।
The rest, this CH3, will have changes here.

[52:09] तो अगर मैक्लोर इथामिन की बात करें तो मैक्लोर इथामिन में हमें यहां पे ये CH3 देखने को मिलता है।
So if we talk about Maclor Ethamine, then in Maclor Ethamine, we see this CH3 here.

[52:11] ठीक है?
Okay?

[52:13] बाकी ड्रग्स में कुछ-कुछ और देखने को मिलता है।
In other drugs, something else is seen.

[52:14] ठीक है?
Okay?

[52:15] कहीं पे हमारा रिंग स्ट्रक्चर होता है, कहीं पे और कुछ होता है।
Somewhere there is our ring structure, somewhere there is something else.

[52:17] तो वो हम लोग अभी देखेंगे।
So we will see that now.

[52:18] बाकी देखिए ये जो मैक्थामिन है अगर हम लोग इसके बारे में देखें तो देखिए होता क्या है?
Otherwise, look, this Macthamin, if we look at it, then see what happens?

[52:20] ये हमारा जो है एक साइक्लिक स्ट्रक्चर फॉर्म कर लेता है।
This forms a cyclic structure.

[52:22] मतलब यहां पे आप लोग देखिए हुआ क्या कि ये जो हमारा CH2 और Cl था।
Meaning, look here what happened, that this CH2 and Cl that we had.

[52:24] ठीक है?
Okay?

[52:26] तो यहां से देखिए Cl यहां से अलग हो गया।
So from here, see, Cl got separated from here.

[52:28] और ये जो CH2 था ना इसने क्या किया?
And this CH2, what did it do?

[52:30] इसने यहां पे देखिए ये ये हमारा एक CH2 था ठीक है तो ये हमारा एक CH2 और ये जो दूसरा CH2 था इसने यहां पे क्या किया इस नाइट्रोजन के साथ यहां पे बॉन्ड बना लिया देखिए यहां पे इस CH2 ने इस नाइट्रोजन के साथ बॉन्ड बना लिया
It, see here, this, this was a CH2, okay, so this was a CH2 and this other CH2, what did it do here? It formed a bond here with this nitrogen, see, this CH2 formed a bond with this nitrogen.

[52:32] और देखिए यहां पे क्या हुआ जब नाइट्रोजन के पास हमारे चार बॉन्ड बन गए तो यहां पे नाइट्रोजन के पास यहां पे हमारा एक एक्स्ट्रा पॉजिटिव चार्ज आ गया
And see what happened here, when nitrogen got four bonds, then here, nitrogen got an extra positive charge here.

[52:37] ठीक है और इसको हम लोग नाइट्रोजन का जो है क्वार्टनरी फॉर्म बोलते हैं।
Okay, and we call this the quaternary form of nitrogen.

[52:38] ठीक है?
Okay?

[52:40] जनरली हमारा नाइट्रोजन टर्शरी फॉर्म में होता है।
Generally, our nitrogen is in the tertiary form.

[52:42] ये हमारा क्वार्टनरी स्ट्रक्चर हो जाता है।
This becomes our quaternary structure.

[52:43] ठीक है? तो यहां पे देखिए
Okay? So see here

[52:58] हो जाता है।

[52:58] ठीक है?

[52:58] तो यहां पे देखिए होता क्या है?

[53:00] बाय दिस रिएक्शन टर्शरी होता क्या है?

[53:00] बाय दिस रिएक्शन टर्शरी अमीन यानी यहां पे देखिए ये जो हमारा ये

[53:02] अमीन यानी यहां पे देखिए ये जो हमारा ये जो मतलब नाइट्रोजन से जब हमारे तीन कार्बन

[53:05] जो मतलब नाइट्रोजन से जब हमारे तीन कार्बन ग्रुप अटैच होते हैं तो उसको हम लोग यहां

[53:06] ग्रुप अटैच होते हैं तो उसको हम लोग यहां पे बोलते हैं अमीन।

[53:08] ठीक है?

[53:08] तो देखिए ये हमारा टर्शरी अमीन होता है।

[53:10] ठीक है?

[53:10] तो टर्शरी अमीन क्या होता है?

[53:13] हमारा अनस्टेबल क्वार्टरनरी कंपाउंड अमोनियम कंपाउंड में

[53:15] क्वार्टरनरी कंपाउंड अमोनियम कंपाउंड में कन्वर्ट हो जाता है।

[53:17] मतलब ये टर्शरी अमीन हमारा क्वार्टनरी अमीन।

[53:18] क्योंकि यहां पे हमारे नाइट्रोजन के पास चार बॉन्ड हो गए।

[53:20] अब देखिए हमारा ये कन्वर्ट तो हो जाता है

[53:22] लेकिन ये हमारा काफी एक अनस्टेबल कंपाउंड

[53:24] होता है।

[53:26] मतलब ये ज्यादा स्टेबल नहीं होता है।

[53:26] तो ये क्या करता है?

[53:27] ये फर्दर हमारा जो है एक कार्बोनियम आयन फॉर्म कर लेता

[53:30] है।

[53:30] कार्बोनियम यानी कि कार्बन के पास जब

[53:32] पॉजिटिव चार्ज आ जाता है।

[53:33] ठीक है?

[53:33] तो वो हम लोग अभी थोड़ा देखेंगे।

[53:35] तो देखिए पहले क्या हुआ जो हमारा मैक्लोथामीन है मतलब ये

[53:37] हमारे जो अल्काइलेटिंग एजेंट्स हैं सबसे पहले ये कन्वर्ट हो जाते हैं एजडी

[53:39] पहले ये कन्वर्ट हो जाते हैं एजडी एजडीनियम आयन में।

[53:41] ठीक है?

[53:43] और उसके बाद देखिए क्या होता है।

[53:46] नाउ दिस अनस्टेबल क्वार्टनरी अमोनियम कंपाउंड अल्काइलेट्स

[53:48] टू ग्वानिन बेस एट सेवंथ एटम।

[53:48] अब देखिए ये जो हमारा ये जो हमारा एजिडनियम आयन बना है

[53:51] जो हमारा ये जो हमारा एजिडनियम आयन बना है ये हमारा बल ये हमारा जो है दो ग्वानिन

[53:53] ये हमारा बल ये हमारा जो है दो ग्वानिन बेस के साथ जा के अटैच हो जाता है।

[53:55] हम लोगों ने यही तो देखा कि ये जो हमारे

[53:58] लोगों ने यही तो देखा कि ये जो हमारे अल्काइलेटिंग एजेंट्स हैं ये क्या करते हैं?
People just saw that what do these alkylating agents of ours do?

[54:00] हैं।
They are.

[54:01] ये ग्वानिन के सेवंथ पोजीशन पे अपना अल्काइल ग्रुप ट्रांसफर कर देते हैं।
They transfer their alkyl group to the seventh position of guanine.

[54:03] तो अल्काइल ग्रुप ट्रांसफर करने से क्या मतलब है कि मतलब ये जो है इनका अल्काइल वाला जो चेन होती है वो इसके साथ इसके साथ जाके अटैच हो जाती है।
So what does transferring the alkyl group mean is that this alkyl chain of theirs gets attached to this.

[54:09] तो देखिए एक जो एक हमारा जो अल्काइलेटिंग एजेंट है वो हमारे दो ग्वानिन बेस के साथ जाके अटैच होता है।
So look, one of our alkylating agents gets attached to two guanine bases.

[54:15] तो अगर हम लोग यहां पे देखें तो आप लोग देख रहे हो।
So if we look here, you are seeing.

[54:17] ठीक है?
Okay?

[54:18] कि यहां पे इस एजिरनडीनियम आयन ने ठीक है? क्या किया कि दो ग्वानिन बेस को कंबाइन किया।
That here this aziridinium ion, okay? What it did was combine two guanine bases.

[54:22] अब देखिए ये स्ट्रक्चर बिल्कुल हमारा ऐसा ही है।
Now look, this structure is exactly like ours.

[54:24] बस थोड़ा सा फॉर्म चेंज है।
It's just a slight change in form.

[54:26] आप लोग ध्यान से समझना।
Understand carefully.

[54:28] देखो ये नाइट्रोजन यहां पे सिंपल है।
Look, this nitrogen here is simple.

[54:30] ठीक है?
Okay?

[54:32] उसके बाद देखिए ये जो CH3 है तो ये भी हमारा यहां पे है।
After that, look, this CH3 is also here with us.

[54:34] बाकी देखिए यहां पे क्या हुआ कि देखिए ये CH2 ठीक है देखिए ये CH2 ये CH2 अब यहां से देखिए यहां से Cl अलग हो गया और यहां से ये बॉन्ड ब्रेक हो गया तो देखिए यहां से ये जो बॉन्ड ब्रेक हुआ तो यहां से क्या हुआ इसने यहां पे हमारे इस ग्वानिन के सेवंथ नाइट्रोजन के साथ बॉन्ड बना लिया ठीक है
Otherwise, look what happened here, look this CH2, okay, look this CH2, this CH2, now from here, look, Cl separated from here and this bond broke, so look from here, this bond broke, so what happened from here is that it formed a bond with the seventh nitrogen of this guanine here, okay

[54:46] और इस CH2 ने क्या किया इस CH2 ने यहां पे इस वाले के साथ बॉन्ड बना लिया तो देखिए हमारे यहां पे इसने क्या किया दो ग्वानिन बेस के साथ यहां पे बॉन्ड बना लिया ठीक है
And what did this CH2 do, this CH2 formed a bond with this one here, so look, what it did here is it formed a bond with two guanine bases here, okay

[54:51] जिसके साथ जिसकी वजह से क्या हुआ हमारे ग्वानिन के दो बेस यहां पे सेवंथ पोजीशन
With which, because of which, what happened is our two guanine bases here at the seventh position

[54:58] ग्वानिन के दो बेस यहां पे सेवंथ पोजीशन पे अल्काइलेट हो गए ठीक है तो इसी तरीके

[55:00] पे अल्काइलेट हो गए ठीक है तो इसी तरीके से देखिए देखिए इसने यहां पे क्या किया

[55:02] से देखिए देखिए इसने यहां पे क्या किया इसने यहां पे फॉर्म कर लिया। ठीक है?

[55:04] इसने यहां पे फॉर्म कर लिया। ठीक है?

[55:06] और यहां पे क्या होता है कि इसी की वजह से यहां पे क्या होता है कि इसी की वजह से इनकी वजह से क्या होता है कि हमारी जो है

[55:08] इनकी वजह से क्या होता है कि हमारी जो है क्रॉस लिंकिंग यानी कि जो हमारे डीएनए के

[55:10] क्रॉस लिंकिंग यानी कि जो हमारे डीएनए के अंदर जो भी हमारे बेस है उनके अंदर क्रॉस

[55:12] अंदर जो भी हमारे बेस है उनके अंदर क्रॉस लिंकिंग स्टार्ट हो जाती है। यानी एडनीन

[55:14] लिंकिंग स्टार्ट हो जाती है। यानी एडनीन हमारा या तो साइटोसिन से सॉरी मतलब मेन

[55:16] हमारा या तो साइटोसिन से सॉरी मतलब मेन चीज हमारी इस ग्वानिन के साथ ही हुआ है ना

[55:18] चीज हमारी इस ग्वानिन के साथ ही हुआ है ना तो ये ग्वानिन हमारा क्रॉस लिंक हो जाता

[55:19] तो ये ग्वानिन हमारा क्रॉस लिंक हो जाता है। यानी ये जो है साइटोसिन की बजाय या तो

[55:21] है। यानी ये जो है साइटोसिन की बजाय या तो हमारा थाइमिन से जाके अटैच हो गया या तो

[55:23] हमारा थाइमिन से जाके अटैच हो गया या तो हमारा एडनीन से जाके अटैच हो गया। तो इस

[55:25] हमारा एडनीन से जाके अटैच हो गया। तो इस तरीके से यहां पे हमारा डीएनए पूरी तरीके

[55:27] तरीके से यहां पे हमारा डीएनए पूरी तरीके से बेकार हो जाता है। ठीक है?

[55:29] से बेकार हो जाता है। ठीक है? तो देखिए वही चीज है कि दूसरा स्टेप हमारा यहां पे

[55:31] वही चीज है कि दूसरा स्टेप हमारा यहां पे आ जाता है क्रॉस लिंकिंग। तो क्रॉस

[55:32] लिंकिंग। तो क्रॉस लिंकिंग का मतलब वही है कि जो द अल्काइल

[55:34] लिंकिंग का मतलब वही है कि जो द अल्काइल ग्रुप्स फॉर्म कोवेलेंट बॉन्ड बिटवीन

[55:36] ग्रुप्स फॉर्म कोवेलेंट बॉन्ड बिटवीन डिफरेंट डीएनए स्ट्रैंड्स और विद इन द सेम

[55:38] डिफरेंट डीएनए स्ट्रैंड्स और विद इन द सेम स्ट्रैंड। तो देखिए यहां पे ये जो क्रॉस

[55:40] स्ट्रैंड। तो देखिए यहां पे ये जो क्रॉस लिंकिंग है ये हमारी कोवेलेंट बॉन्ड के

[55:42] लिंकिंग है ये हमारी कोवेलेंट बॉन्ड के थ्रू होती है और ये हमारी देखो ये हमारी

[55:44] थ्रू होती है और ये हमारी देखो ये हमारी किसी एक मतलब कि हो सकता है कि ये एक ही

[55:47] किसी एक मतलब कि हो सकता है कि ये एक ही डीएनए स्टैंड में हो। ठीक है?

[55:48] डीएनए स्टैंड में हो। ठीक है? तो इसको हम बोल देंगे इंट्रा डीएनए इंट्रालिंकिंग

[55:50] बोल देंगे इंट्रा डीएनए इंट्रालिंकिंग क्रॉस लिंकिंग। और अगर हमारा ये मान लीजिए

[55:52] क्रॉस लिंकिंग। और अगर हमारा ये मान लीजिए ऐसे मतलब कि इस मतलब ये दोनों स्टैंड के

[55:55] ऐसे मतलब कि इस मतलब ये दोनों स्टैंड के बीच में हो रही है तो इसको हम लोग बोल

[55:56] बीच में हो रही है तो इसको हम लोग बोल देंगे इंटर क्रॉस लिंकिंग। ठीक है?

[55:57] देंगे इंटर क्रॉस लिंकिंग। ठीक है? इंटरस्टैंड क्रॉस लिंकिंग तो वही चीज़ है

[56:00] इंटरस्टैंड क्रॉस लिंकिंग तो वही चीज़ है कि दो अलग-अलग में भी हो सकती है और अपने

[56:01] कि दो अलग-अलग में भी हो सकती है और अपने एक ही स्टैंड में भी हो सकती है।

[56:03] दिस एक ही स्टैंड में भी हो सकती है।

[56:03] दिस प्रिवेंट्स सेपरेशन ऑफ़ डीएनए स्टैंड

[56:05] प्रिवेंट्स सेपरेशन ऑफ़ डीएनए स्टैंड नेसेसरी फॉर रेप्लिकेशन एंड

[56:07] नेसेसरी फॉर रेप्लिकेशन एंड ट्रांसक्रिप्शन।

[56:09] तो देखिए यहां पे सबसे इंपॉर्टेंट चीज क्या होती है कि जो डीएनए

[56:11] इंपॉर्टेंट चीज क्या होती है कि जो डीएनए रेप्लिकेशन की प्रोसेस होती है तो उसमें

[56:13] रेप्लिकेशन की प्रोसेस होती है तो उसमें क्या होता है कि ये जो दो स्टैंड होते हैं

[56:14] क्या होता है कि ये जो दो स्टैंड होते हैं ये यहां पे अलग-अलग सेपरेट हो जाते हैं।

[56:17] ये यहां पे अलग-अलग सेपरेट हो जाते हैं।

[56:17] ठीक है?

[56:19] मतलब कि यहां पे ये जो दो स्टैंड है ठीक है?

[56:19] तो ये अलग हो जाता है।

[56:19] ठीक है?

[56:20] है ठीक है?

[56:20] तो ये अलग हो जाता है।

[56:20] ठीक है?

[56:23] ये अलग हो जाता है।

[56:23] लेकिन यहां पे जैसे ही हमारा ये जो क्रॉस लिंकिंग होती है तो

[56:25] इसकी वजह से क्या होता है कि ये स्टैंड

[56:26] अलग हो ही नहीं पाते और जब ये स्टैंड अलग

[56:28] नहीं हो पाते और जब ये स्टैंड अलग नहीं हो पाएगा तो हमारी डीएनए रेप्लिकेशन

[56:30] की प्रोसेस होगी नहीं।

[56:30] और जब डीएनए रेप्लिकेशन नहीं होगा तो सेल डिवाइड नहीं

[56:31] होगी।

[56:31] और हमें यही तो चाहिए कि जो हमारी

[56:33] सेल है वो यहां पे डिवाइड होना बंद हो

[56:35] जाए।

[56:35] ठीक है?

[56:37] क्योंकि इसके अंदर अनकंट्रोल्ड सेल डिवीज़न स्टार्ट हो गया।

[56:38] और जब सेल डिवाइड नहीं होगी तो अल्टीमेटली

[56:39] क्या होगी?

[56:39] हमारी सेल डेथ हो जाएगी।

[56:41] ठीक है?

[56:43] तो वही चीजें बाकी अगर हम लोग यहां पे

[56:45] देखें तो यहां पे देखिए कुछ इस तरीके से

[56:46] हमारा ये काम करता है कि सबसे पहले ये

[56:48] क्या करता है कि हमारा इसने क्या किया

[56:50] डीएनए स्टैंड के साथ इंटरलिंक कर दिया और

[56:51] इंटरलिंक करने के बाद क्या करता है कि ये

[56:53] जो डीएनए के फ्रेगमेंट्स हैं ये हमारे

[56:55] यहां पे टूट कर अलग होना स्टार्ट हो जाते

[56:57] हैं।

[56:57] ठीक है?

[56:59] मतलब यहां पे ये पूरा डीएनए

[57:01] हैं।
Are.

[57:01] ठीक है?
Okay?

[57:01] मतलब यहां पे ये पूरा डीएनए डैमेज हो जाता है।
Meaning, here, this entire DNA gets damaged.

[57:02] तो यहां पे देखिए वही डैमेज हो जाता है।
So, look here, the same damage happens.

[57:03] तो यहां पे देखिए वही चीज़ है कि ये क्रॉस लिंकिंग की वजह से क्या होता है?
So, look here, the same thing is, due to this cross-linking, what happens?

[57:05] डीएनए स्टैंड्स हमारे ब्रेक हो जाते हैं।
Our DNA strands break.

[57:07] ठीक है?
Okay?

[57:07] अलग ही पूरे खराब हो जाते हैं।
They get completely ruined separately.

[57:09] तो वही चीज़ है।
So, that's the thing.

[57:09] बाकी थर्ड स्टेप हमारा आ जाता है डीएनए डैमेज।
The rest, the third step, is DNA damage.

[57:11] तो देखिए अब इन सब चीजों की वजह से क्या होता है?
So, look, what happens because of all these things?

[57:13] द अल्काइलेशन ऑफ़ डीएनए कॉजेस स्ट्रक्चरल डिस्टॉर्शनंस एंड ब्रेक्स इन डीएनए।
The alkylation of DNA causes structural distortions and breaks in DNA.

[57:17] मतलब इस अल्काइलेशन की वजह से क्या होता है कि हमारा स्ट्रक्चरल डिस्टॉर्शन मतलब डिस्टॉर्शन मतलब वही है कि हमारे ये अलग हो जाते हैं।
Meaning, due to this alkylation, what happens is our structural distortion, meaning, distortion means, it's just that these get separated.

[57:22] ठीक है?
Okay?

[57:22] नाउ दिस ब्रेक्स लीड्स टू एरर ड्यूरिंग डीएनए रेप्लिकेशन एंड इवेंचुअली लीड्स टू सेल डेथ।
Now these breaks lead to errors during DNA replication and eventually lead to cell death.

[57:28] यानी इसकी वजह से क्या होता है कि जो हमारा डीएनए रेप्लिकेशन की प्रोसेस है यानी जो डीएनए डिवाइड होता है।
Meaning, because of this, what happens is that our DNA replication process, meaning, the DNA that divides.

[57:33] ठीक है?
Okay?

[57:33] उसमें एरर आ जाता है और इवेंचुअली हमारी सेल की डेथ हो जाती है और हमें यही तो चाहिए कि हमारी जो कैंसरस और देखिए ये चीज वही है कि हमारे ये सारी चीजें ज्यादातर कैंसर सेल्स में ही होती हैं।
An error occurs in it, and eventually, our cell dies, and this is what we want, that our cancerous, and look, this thing is the same, that most of these things happen in cancer cells.

[57:43] अब कुछ-कुछ हमारी अच्छी सेल्स में भी हो जाती हैं तो वो एक अलग चीज है।
Now, some of them also happen in our good cells, so that's a different matter.

[57:45] ठीक है?
Okay?

[57:45] थोड़ा साइड इफेक्ट तो होता ही है।
There are some side effects, of course.

[57:48] अल्टीमेटली द एक्यूमुलेशन ऑफ़ डीएनए डैमेज एंड इनएबिलिटी टू रिपेयर इट लीड टू सेल डेथ पार्टिकुलरली इन रैपिडली डिवाइडिंग कैंसर सेल्स।
Ultimately, the accumulation of DNA damage and inability to repair it leads to cell death, particularly in rapidly dividing cancer cells.

[57:55] मतलब अल्टीमेटली वही होता है कि जो हमारी डीएनए डैमेज हो जाता है।
Meaning, ultimately, that's what happens, that our DNA gets damaged.

[57:57] ठीक है?
Okay?

[57:57] और यहां पे उसकी जो रिपेयर होने की एबिलिटी है उसमें यहां पे
And here, its ability to be repaired, in that, here

[58:02] रिपेयर होने की एबिलिटी है उसमें यहां पे कमी हो जाती है।

[58:02] इन इनेबिलिटी आ जाती है।

[58:04] कमी हो जाती है।

[58:04] इन इनेबिलिटी आ जाती है।

[58:06] जिसकी वजह से क्या होता है कि हमारी जो रैपिडली डिवाइडिंग कैंसर सेल्स हैं वो यहां पे डेथ हो जाती है।

[58:08] रैपिडली डिवाइडिंग कैंसर सेल्स हैं वो यहां पे डेथ हो जाती है।

[58:10] ठीक है?

[58:10] तो इस तरीके से देखिए हमें यहां पे हमारे अल्काइलेटिंग एजेंट्स का मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन देखने को मिलता है।

[58:12] तरीके से देखिए हमें यहां पे हमारे अल्काइलेटिंग एजेंट्स का मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन देखने को मिलता है।

[58:14] एक्शन देखने को मिलता है।

[58:15] तो देखिए वही बात है अगर हम लोग यहां पे फिर से थोड़ा समरी में देखें तो इसमें होता क्या है कि सबसे पहले हमारा यहां पे जो इनके अंदर साइक्लाइजेशन होता है मतलब साइक्लिक स्ट्रक्चर फॉर्म होता है।

[58:17] बात है अगर हम लोग यहां पे फिर से थोड़ा समरी में देखें तो इसमें होता क्या है कि सबसे पहले हमारा यहां पे जो इनके अंदर साइक्लाइजेशन होता है मतलब साइक्लिक स्ट्रक्चर फॉर्म होता है।

[58:19] समरी में देखें तो इसमें होता क्या है कि सबसे पहले हमारा यहां पे जो इनके अंदर साइक्लाइजेशन होता है मतलब साइक्लिक स्ट्रक्चर फॉर्म होता है।

[58:21] सबसे पहले हमारा यहां पे जो इनके अंदर साइक्लाइजेशन होता है मतलब साइक्लिक स्ट्रक्चर फॉर्म होता है।

[58:22] साइक्लाइजेशन होता है मतलब साइक्लिक स्ट्रक्चर फॉर्म होता है।

[58:24] स्ट्रक्चर फॉर्म होता है।

[58:24] साइक्लिक स्ट्रक्चर फॉर्म होने की वजह से बहुत अनस्टेबल हो जाते हैं।

[58:25] स्ट्रक्चर फॉर्म होने की वजह से बहुत अनस्टेबल हो जाते हैं।

[58:27] अनस्टेबल हो जाते हैं।

[58:27] अनस्टेबल होने के बाद क्या करते हैं?

[58:28] बाद क्या करते हैं?

[58:28] ये हमारे यहां पे टारगेट करते हैं हमारे ग्वानिन बेस को।

[58:30] टारगेट करते हैं हमारे ग्वानिन बेस को।

[58:31] ठीक है?

[58:31] उसके बाद यहां पे क्या होता है?

[58:33] ये हमारा जो बॉन्ड है ये ब्रेक हो जाता है।

[58:34] कार्बोनियम आयन फॉर्म होता है।

[58:34] ठीक है?

[58:36] और ये कार्बोनियम आयन देखिए कार्बोनियम आयन का मतलब यही है कि जब ये Cl अलग होगा और यहां से ये बॉन्ड ब्रेक होगा तो इसके पास पॉजिटिव चार्ज आ जाएगा।

[58:38] कार्बोनियम आयन का मतलब यही है कि जब ये Cl अलग होगा और यहां से ये बॉन्ड ब्रेक होगा तो इसके पास पॉजिटिव चार्ज आ जाएगा।

[58:39] Cl अलग होगा और यहां से ये बॉन्ड ब्रेक होगा तो इसके पास पॉजिटिव चार्ज आ जाएगा।

[58:41] होगा तो इसके पास पॉजिटिव चार्ज आ जाएगा।

[58:41] और ये पॉजिटिव चार्ज जब हमारे ये नाइट्रोजन के साथ कंबाइन हो के हमारा बॉन्ड बन जाएगा।

[58:43] नाइट्रोजन के साथ कंबाइन हो के हमारा बॉन्ड बन जाएगा।

[58:44] बॉन्ड बन जाएगा।

[58:44] ठीक है?

[58:46] तो यहां पे ये हमारे क्या होंगे? दो हमारे ग्वानिन के साथ बॉन्ड बना लेंगे और यहां पे इनका अल्काइलेशन हो जाएगा।

[58:48] हमारे क्या होंगे? दो हमारे ग्वानिन के साथ बॉन्ड बना लेंगे और यहां पे इनका अल्काइलेशन हो जाएगा।

[58:50] साथ बॉन्ड बना लेंगे और यहां पे इनका अल्काइलेशन हो जाएगा।

[58:50] जिसकी वजह से इनकी क्रॉस लिंकिंग हो जाएगी।

[58:51] क्रॉस लिंकिंग हो जाएगी।

[58:53] क्रॉस लिंकिंग होने की वजह से हमारा डीएनए डैमेज हो जाएगा और अल्टीमेटली हमारी सेल डेथ हो जाएगी।

[58:55] होने की वजह से हमारा डीएनए डैमेज हो जाएगा और अल्टीमेटली हमारी सेल डेथ हो जाएगी।

[58:56] जाएगा और अल्टीमेटली हमारी सेल डेथ हो जाएगी।

[58:56] तो इस तरीके से हमारे होता है अल्काइलेटिंग एजेंट्स का मैकेनिज्म ऑफ

[59:00] तो इस तरीके से हमारे होता है अल्काइलेटिंग एजेंट्स का मैकेनिज्म ऑफ

[59:02] अल्काइलेटिंग एजेंट्स का मैकेनिज्म ऑफ एक्शन।

[59:04] आई होप कि आप लोग यहां पे समझ गए होंगे।

[59:05] ठीक? तो देखिए ये था हमारा यहां पे अल्काइलेटिंग एजेंट्स का बेसिक इंट्रोडक्शन और मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन वगैरह।

[59:08] बाकी अगर हम लोग यहां पे इसके फमको काइनेटिक्स की बात करें तो यहां पे देखिए ये सब चीज़ आप लोग देख लीजिएगा।

[59:14] अब्सॉर्प्शन की बात करें तो हमारा वेल अब्सॉर्ब हो जाती हैं।

[59:16] ओरली आईवी दोनों तरीके से।

[59:17] ज्यादातर आईवी रूट से ही दी जाती हैं।

[59:19] डिस्ट्रीब्यूशन की बात करें तो हमारा बैडली डिस्ट्रीब्यूट हो जाती है।

[59:23] लिवर के थ्रू हमारा मेटाबोलाइट और किडनी के थ्रू हमारी यहां पे रिमूव हो जाती है।

[59:24] एडवर्स इफ़ेक्ट हमारा वही नजिया, फैटी, हेयर लॉस इनफर्टिलिटी हेयर लॉस आपको पता होगा कि हमारा कैंसर का एक बहुत ही मेजर सिम्टम होता है।

[59:30] और थेरेपेटिक जस्ट की बात करें तो हमारा जितने भी टाइप के कैंसर है उन सब में हम लोग यहां पे इसका यूज़ देखने को मिलता है।

[59:35] तो देखिए ये था हमारा यहां पे अल्काइलेटिंग एजेंट्स।

[59:37] नाउ अब हम लोग यहां पे बात करेंगे अपने एंटीमोटबोलाइट्स के बारे में।

[59:41] अब देखिए एंटीमोटबोलाइट्स में हमारे दो-तीन टाइप हैं।

[59:42] फॉलेट एंडगोनिस्ट।

[59:44] ठीक है?

[59:47] तो देखिए इन सबका हम लोग यहां पे एक साथ ही जो है इन सबका एक-एक करके एमओए देखेंगे और फिर इसके बाद जो इनकी फार्माकोनेटिक है वो हम लोग यहां पे सबकी कंबाइंड फॉर्म में डिस्कस करेंगे।

[59:57] तो देखिए यहां पे एंटी मेटाबोलाइट्स का क्या मतलब है?

[59:59] एंटी मेटाबॉलाइट्स यानी कि मेटाबोलाइट्स के अगेंस्ट में काम करने वाले।

[01:00:00] अब

[01:00:02] अगेंस्ट में काम करने वाले।

[01:00:03] अब मेटाबोलाइट्स देखिए क्या होते हैं?

[01:00:05] तो मेटाबोलाइट्स सिंपली हमारे मेटाबॉलिज्म का जो भी प्रोडक्ट्स होते हैं, ठीक है?

[01:00:06] वो हमारे मेटाबोलाइट्स होते हैं।

[01:00:08] तो देखिए कुछ हमारे ऐसे मेटाबोलाइट्स होते हैं जो हमारे ह्यूमन बॉडी में जो हमारे कह सकते हो डीएनए में बहुत मेजर रोल प्ले करते हैं।

[01:00:16] तो देखिए ये जो हम लोगों ने देखा था प्यूरिन।

[01:00:19] ठीक है? प्यूरिन पिरिमिडीन ये क्या थे?

[01:00:21] ये हमारे नाइट्रोजनस बेस थे ना?

[01:00:23] याद है आप लोगों को?

[01:00:25] अभी हम लोगों ने देखा ये जो नाइट्रोजनस बेस थे यही तो है हमारे प्यूरिन और पिरिमिडीन।

[01:00:27] तो ये दोनों भी क्या होते हैं?

[01:00:28] हमारे एक टाइप के मेटाबोलाइट होते हैं।

[01:00:29] और इन दोनों के अलावा एक हमारा तीसरा मेटाबोलाइट होता है फॉलिक एसिड।

[01:00:31] ठीक है?

[01:00:34] तो ये तीनों हमारे ऐसे मेटाबोलाइट होते हैं जो कि डीएनए में बहुत मेजर रोल प्ले करते हैं।

[01:00:36] क्योंकि देखिए प्यूरीन के अंदर क्या होता है?

[01:00:38] एडनीन, ग्वानिन।

[01:00:39] ये दोनों बेस देखने को मिलते हैं डीएनए में।

[01:00:41] और पिरिडीन के अंदर हमारा थाइमिन, साइटोसिन ये दोनों बेस हमारे डीएनए के होते हैं।

[01:00:45] तो यहां पे देखिए ये हमारा डीएनए में बहुत मेजर रोल प्ले करते हैं ये दोनों।

[01:00:47] और उसके बाद फोलिक एसिड।

[01:00:50] तो देखिए ये जो हमारा थाइमिन थाइमिन होता है।

[01:00:53] ठीक है?

[01:00:55] तो इसके सिंथेसिस में भी इसके सिंथेसिस में और भी हमारे बहुत सारे प्यूरिंस और पेरिमडीन के सिंथेसिस में हमारा फोलिक एसिड बहुत ही मेजर रोल प्ले करता है।

[01:00:58] तो ये तीनों हमारे एक टाइप के ऐसे मेटाबोलाइट होते हैं जो कि

[01:01:03] एक टाइप के ऐसे मेटाबोलाइट होते हैं जो कि डीएनए के सिंथेसिस में बहुत ही मेजर रोल।

[01:01:05] डीएनए के सिंथेसिस में बहुत ही मेजर रोल प्ले करते हैं।

[01:01:07] तो अगर हम लोग कुछ ऐसा करें कि इन तीनों को यहां पे थोड़ा सा इनहबिट कर दें।

[01:01:09] मतलब इन तीनों के फॉर्मेशन को या फिर इन तीनों के काम करने के तरीके को।

[01:01:11] अगर हम लोग यहां पे किसी तरीके से रोक दें तो क्या होगा भाई?

[01:01:13] ये तीनों ही तो डीएनए बना रहे हैं।

[01:01:14] अगर ये तीनों काम नहीं करेंगे अच्छे से तो डीएनए बनेगा नहीं।

[01:01:16] और जब डीएनए नहीं बनेगा तो हमारी सेल डेथ हो जाएगी।

[01:01:18] और जब सेल डेथ हो जाएगी तो सेल डिवाइड नहीं होगी।

[01:01:19] और हमें यहां पे कैंसर जो है थोड़ा सा प्रिवेंट हो जाएगा।

[01:01:21] तो देखिए हमारा यहां पे एंटी एंटी मेटाबोलाइट्स आर बिलोंग टू अ क्लास ऑफ़।

[01:01:23] एंटी कैंसर एजेंट दैट आर स्ट्रक्चरली सिमिलर टू मेटाबोलाइट्स।

[01:01:25] तो देखिए होता क्या है कि ये जो एंटी मेटाबोलाइट्स है ना इनका जो स्ट्रक्चर है।

[01:01:28] ये हमारा जो है लगभग-लगभग इस प्यूरिन पिरिमडीस और फॉलिक एसिड की तरह सिमिलर होता है।

[01:01:30] देखिए इसके अंदर भी तीन क्लास होती हैं।

[01:01:31] एक होता है प्यूरिन एटागोनिस्ट, एक होता है पिरिमडीन एटागोनिस्ट, एक होता है फॉलिक एसिड एटागोनिस्ट।

[01:01:33] तो देखिए जो प्यूरिन एंडगोनिस्ट है वो हमारा इसके जैसा होगा।

[01:01:35] पिरिमिडीन हमारा इसके पिरमिडीन के जैसा होगा और फोलिक एसिड एंडागोनिस्ट हमारा इसके जैसा होगा।

[01:01:37] तो मतलब स्ट्रक्चरली ये इनके सिमिलर होते हैं।

[01:01:38] ठीक है?

[01:01:41] दैट आर एसेंशियल मतलब कि कौन से मेटाबोलाइट्स हमारे जो कि हमारे सेल की सिंथेसिस यानी

[01:02:03] हमारे जो कि हमारे सेल की सिंथेसिस यानी कि डीएनए के लिए एसेंशियल होते हैं।

[01:02:05] जैसे कि डीएनए के लिए एसेंशियल होते हैं।

[01:02:06] जैसे कि हमारा प्यूरिन, पिरामिडीन और फॉलिक एसिड्स।

[01:02:09] मतलब इन तीनों मेटाबोलाइट के जैसे ही हमें यहां पे देखने को मिलते हैं हमारे एंटी मेटाबॉल।

[01:02:10] दे एक्ट आइदर बाय इनबिटिंग देयर सिंथेसिस।

[01:02:13] मतलब कि या तो ये इनकी सिंथेसिस को रोक देते हैं और बाय कमपीटिंग विद देम इन डीएनए एंड आरएनए सिंथेसिस या तो ये क्या करते हैं कि या तो इनकी सिंथेसिस को ही रोक देते हैं या तो इनके साथ कमपीट मतलब कि इसकी जगह इसकी जगह खुद जाके डीएनए में जाके अटैच हो जाते हैं।

[01:02:28] मतलब प्यूरिन एागोनिस्ट जो ड्रग होगी वो क्या होगी कि प्यूरिन बेस की जगह खुद जाके डीएनए में अटैच हो जाएंगे।

[01:02:34] अब बताइए जब यहां पे इसकी प्यूरिन्नस की जगह मतलब एडिनीन और ग्वानिन की जगह इसी के जैसा दिखने वाला अगर कोई बेस अटैच हो गया तो क्या होगा भाई?

[01:02:41] डीएनए के तो यही दोनों चाहिए। इनके जैसा दिखने वाला तो चाहिए नहीं।

[01:02:43] तो डीएनए खराब हो जाएगा। यानी फॉल्स डीएनए फेक डीएनए बन जाएगा। जिसकी वजह से अल्टीमेटली हमारी सेल डेथ हो जाएगी।

[01:02:49] ठीक है? दे इंटरफेयर्स विद नॉर्मल सेल फंक्शनिंग।

[01:02:51] ठीक है? तो नॉर्मल सेल फंक्शन को इनिबिट कर देते हैं।

[01:02:53] उसके बाद एंटी मेटाबॉल कॉमनली किल द सेल इन एस फज़।

[01:02:55] तो देखिए ये एस फज़ का क्या मतलब है?

[01:02:58] अब इसके लिए थोड़ा सा आप लोग को सेल डिवीज़न समझना पड़ेगा।

[01:03:01] देखिए हम लोग सिर्फ उतना देखेंगे

[01:03:04] पड़ेगा।

[01:03:04] देखिए हम लोग सिर्फ उतना देखेंगे जितना हमारे लिए यूज़फुल है।

[01:03:06] देखिए अगर हम लोग सेल डिवीज़न की बात करें तो आप सभी को पता है कि जो हमारी सेल है वो एक सेल हमारी दो सेल में डिवाइड हो जाती है।

[01:03:11] तो देखिए इसके अंदर ये सेल डिवीज़न की प्रोसेस अगर हम लोग देखें तो इसके अंदर हमारे दो फेस होते हैं।

[01:03:15] एक होता है इंटरफेस, एक होता है एम फेस।

[01:03:17] अब अगर हम लोग यहां पे इंटरफ़ेस की बात करें तो इसके अंदर भी हमारे तीन फेस होते हैं।

[01:03:20] एक होता है हमारा G1 फज़, फर्स्ट ग्रोथ फज़, एक होता है हमारा एस फज़ सिंथेसिस फज़ और थर्ड होता है हमारा यहां पे जी टू फज़ यानी कि सेकंड ग्रोथ फेस।

[01:03:26] तो देखिए होता क्या है कि इन सभी में भी अगर हम लोग यहां पे अपने एस फज़ की बात करें।

[01:03:31] ठीक है?

[01:03:33] तो देखिए इसी पी ये हमारा इंपॉर्टेंट है।

[01:03:35] तो ये एस फेस हमारा इसको हम लोग जो है सिंथेसिस फेस के नाम से जानते हैं।

[01:03:38] और इसी में हमारा होता है डीएनए रेप्लिकेशन।

[01:03:41] यानी जो हमारा डीएनए का जो कॉपी बनना होता है।

[01:03:43] देखिए होता क्या है कि जब एक सेल हमारी डिवाइड होती है तो दो सेल में कन्वर्ट होती है।

[01:03:47] तो ये जो सेल के अंदर जो भी ऑर्गेनल्स होते हैं डीएनए होते हैं यहां पे क्या होता है?

[01:03:48] सेल उनकी कॉपी बनाना स्टार्ट कर देता है।

[01:03:50] भाई देखो जब एक से एक डीएनए है।

[01:03:52] ठीक है?

[01:03:55] अब एक डीएनए है तो एक डीएनए से जब दो डीएनए बनेगा तभी तो ये हमारा दोनों सेल में अलग-अलग जाके जॉइंट होगा।

[01:03:58] ठीक है?

[01:04:00] तो वही चीज है कि यहां पे हमारा क्या होता है कि जो डीएनए है वो यहां पे कॉपी बनना स्टार्ट हो जाता है।

[01:04:03] मतलब एक डीएनए की यहां पे कॉपी मतलब

[01:04:06] है।
Is.

[01:04:06] मतलब एक डीएनए की यहां पे कॉपी मतलब कि दो डीएनए में यहां पे कन्वर्ट हो जाता
Meaning, a copy of one DNA here, meaning it converts into two DNAs here.

[01:04:07] कि दो डीएनए में यहां पे कन्वर्ट हो जाता है।
That it converts into two DNAs here.

[01:04:09] और इस प्रोसेस को हम लोग बोलते हैं है।
And this process we call is.

[01:04:09] और इस प्रोसेस को हम लोग बोलते हैं डीएनए रेप्लिकेशन।
And this process we call DNA replication.

[01:04:11] ठीक है?
Okay?

[01:04:11] डीएनए रेप्लिकेशन।
DNA replication.

[01:04:13] और ये किस फेस में होता है?
And in which phase does this happen?

[01:04:13] ये हमारे इस एस फेस में होता है।
This happens in our S phase.

[01:04:16] ठीक है?
Okay?

[01:04:18] तो ये चीज हमारी इंपॉर्टेंट होती है कि
So this thing is important for us that

[01:04:20] यहां पे ये जो एंटी मेटाबोलाइट्स हैं ये हमारी सेल डिवीजन के एस फेस में जाके सेल
Here, these antimetabolites, they go into the S phase of cell division and the cell

[01:04:23] को किल करते हैं।
Kill.

[01:04:25] ठीक है?
Okay?

[01:04:25] तो ये सेल साइकिल स्पेसिफिक होते हैं।
So these are cell cycle specific.

[01:04:27] देखिए दो टर्म होता है।
Look, there are two terms.

[01:04:27] एक टर्म होता है सेल साइकिल
One term is cell cycle

[01:04:31] स्पेसिफिक।
Specific.

[01:04:33] तो देखिए सेल अभी हम लोग बता
So look, the cell, we are telling now.

[01:04:35] रहे हैं।
Are.

[01:04:35] ठीक है?
Okay?

[01:04:35] देखिए एक हो गया सेल साइकिल स्पेसिफिक और दूसरा टर्म हो गया
Look, one is cell cycle specific and the other term is

[01:04:37] सेल साइकिल नॉन स्पेसिफिक।
Cell cycle non-specific.

[01:04:41] नॉन स्पेसिफिक।
Non-specific.

[01:04:43] तो देखिए जो जो हमारे एंटी
So look, the ones that are our anti

[01:04:45] न्यूरोप्लास्टिक एजेंट्स हमारी किसी स्पेशली सेल साइकिल के किसी फेस में जाके
Neuroplastic agents, ours, in any specific phase of the cell cycle, going into

[01:04:47] काम करते हैं।
Work.

[01:04:49] जैसे मान लीजिए जैसे हमारे ये एंटी मेटाबॉल हो गए।
For example, like our antimetabolites.

[01:04:51] तो ये हमारी सेल साइकिल के एस फेस में काम कर रहे हैं।
So these are working in the S phase of our cell cycle.

[01:04:53] ठीक है?
Okay?

[01:04:53] तो ये हमारे सेल साइकिल के सेल साइकिल स्पेसिफिक हो गए।
So these have become cell cycle specific of our cell cycle.

[01:04:55] मतलब ये किसी स्पेशली
Meaning, these specifically

[01:04:57] सेल साइकिल के किसी फेस में जाके काम
In any phase of the cell cycle, going to work

[01:04:59] करेंगे।
Will do.

[01:04:59] तो ये सेल साइकिल स्पेसिफिक ड्रग्स हो गई।
So these are cell cycle specific drugs.

[01:05:01] और जो ड्रग्स हमारी किसी भी
And the drugs that ours, in any

[01:05:03] सेल साइकिल के फेस में नहीं बल्कि वो कहीं
Not in the phase of the cell cycle, but they, somewhere

[01:05:05] भी जाके सेल को किल कर सकती हैं।
Can go and kill the cell.

[01:05:05] मतलब
Meaning

[01:05:07] भी जाके सेल को किल कर सकती हैं।
can also go and kill the cell.

[01:05:09] मतलब किसी भी फेस में सेल को मार सकती हैं।
Meaning, they can kill the cell in any phase.

[01:05:09] वो किसी भी फेस में सेल को मार सकती हैं।
They can kill the cell in any phase.

[01:05:11] वो हमारी सेल साइकिल नॉन स्पेसिफिक हो जाती हैं।
They become our cell cycle non-specific.

[01:05:12] तो जो हम लोगों ने अल्काइलेटिंग एजेंट्स देखे वो हमारे सेल साइकिल नॉन स्पेसिफिक थे।
So, the alkylating agents we saw were our cell cycle non-specific.

[01:05:15] मतलब वो सेल के किसी भी फेस में सेल को किल कर सकते हैं।
Meaning, they can kill the cell in any phase of the cell.

[01:05:17] लेकिन ये जो सेल्स है ये जो एंटी मेटाबोलाइट्स हैं ये हमारे मेनली एस फेस में जाके सेल को किल करते हैं।
But these cells, these antimetabolites, mainly go into the S phase and kill the cell.

[01:05:18] लेकिन ये जो सेल्स है ये जो एंटी मेटाबोलाइट्स हैं ये हमारे मेनली एस फेस में जाके सेल को किल करते हैं।
But these cells, these antimetabolites, mainly go into the S phase and kill the cell.

[01:05:20] हमारे मेनली एस फेस में जाके सेल को किल करते हैं।
They mainly go into the S phase and kill the cell.

[01:05:22] अब क्लासिफिकेशन की बात करें तो इसके अंदर हमारी तीन क्लास आ जाती है।
Now, if we talk about classification, three classes come under this.

[01:05:24] इसके अंदर हमारी तीन क्लास आ जाती है।
Three classes come under this.

[01:05:25] फोलेट एंडगोनिस्ट, प्यूरिन एंडगोनिस्ट और पिरिमडीन।
Folate antagonists, purine antagonists, and pyrimidine.

[01:05:27] तो देखो फोलेट हमारा सिंपल फोलिक एसिड ही होता है।
So, you see, folate is simply folic acid for us.

[01:05:29] कोई कंफ्यूजन नहीं है।
There is no confusion.

[01:05:31] ठीक है?
Okay?

[01:05:33] तो इसके अंदर हमारे मेथोड्रक्साइड आ जाता है।
So, methotrexate comes under this.

[01:05:35] ठीक है?
Okay?

[01:05:35] ये भी हमारी स्टार ड्रग हो गई।
This also became our star drug.

[01:05:36] तो इसका सिंथेसिस पढ़ना है।
So, we have to study its synthesis.

[01:05:38] प्यूरिन एटागोनिस्ट के अंदर हमारा मरकेप्टोपर्युन थियो थायोगा।न ठीक है?
Under purine antagonists, we have mercaptopurine, thioguanine, okay?

[01:05:40] हमारा मरकेप्टोपर्युन थियो थायोगा।न ठीक है?
We have mercaptopurine, thioguanine, okay?

[01:05:40] और एजाथियोपन ठीक है?
And azathioprine, okay?

[01:05:42] तो ये आ जाता है और उसके बाद पिमडीन एटागोनिस्ट में हमारा यहां पे फ्लोरसिल फ्लॉक्स यूरिडीन और साइटाराबिन ये तीनों ड्रग्स हमारी इसके अंदर आ जाती है।
So, these come, and after that, in pyrimidine antagonists, we have fluorouracil, floxuridine, and cytarabine here. These three drugs come under this.

[01:05:44] और उसके बाद पिमडीन एटागोनिस्ट में हमारा यहां पे फ्लोरसिल फ्लॉक्स यूरिडीन और साइटाराबिन ये तीनों ड्रग्स हमारी इसके अंदर आ जाती है।
And after that, in pyrimidine antagonists, we have fluorouracil, floxuridine, and cytarabine here. These three drugs come under this.

[01:05:45] ये तीनों ड्रग्स हमारी इसके अंदर आ जाती है।
These three drugs come under this.

[01:05:48] तो इन तीनों को हम लोग यहां पे थोड़ा अलग-अलग देखेंगे।
So, we will look at these three a little differently here.

[01:05:49] जैसे सबसे पहले हम लोग बात करते हैं अपने फोलेट एंडागोनिस्ट के बारे में।
For example, first, we talk about our folate antagonists.

[01:05:51] जैसे सबसे पहले हम लोग बात करते हैं अपने फोलेट एंडागोनिस्ट के बारे में।
For example, first, we talk about our folate antagonists.

[01:05:53] तो देखिए फॉलेट एटागोनिस्ट हमारी यहां पे एंटीफोलिक या फिर एंटीफोलिक एसिड के नाम से भी जानते हैं।
So, you see, folate antagonists are also known here by the name antifolate or antifolic acid.

[01:05:55] फॉलेट एटागोनिस्ट हमारी यहां पे एंटीफोलिक या फिर एंटीफोलिक एसिड के नाम से भी जानते हैं।
Folate antagonists are also known here by the name antifolate or antifolic acid.

[01:05:57] और उसके बाद देखिए इट इज़ अ टाइप ऑफ़ ड्रग दैट इंटरफेयर्स विथ द मेटाबॉलिज़्म ऑफ़ फोलिक एसिड।
And after that, see, it is a type of drug that interferes with the metabolism of folic acid.

[01:05:59] तो देखिए जैसा इसका नाम है फोलिड एटागोनिस्ट।
So, you see, as its name suggests, folate antagonist.

[01:06:01] तो ये फोलिक एसिड की
So, this is of folic acid

[01:06:07] फोलिड एटागोनिस्ट।

[01:06:07] तो ये फोलिक एसिड की तरह दिखने वाली ड्रग्स होगी।

[01:06:09] और ये हमारी तरह दिखने वाली ड्रग्स होगी।

[01:06:09] और ये हमारी फोलिक एसिड के मेटाबॉलिज्म में जाके उसको इनहबिट करती है।

[01:06:11] फोलिक एसिड के मेटाबॉलिज्म में जाके उसको इनहबिट करती है।

[01:06:13] ठीक है?

[01:06:13] उसका मेटाबॉलिज्म को डिस्टर्ब कर देती हैं।

[01:06:15] एन एसेंशियल को डिस्टर्ब कर देती हैं।

[01:06:15] एन एसेंशियल न्यूट्रिएंट रिक्वायर्ड फॉर सिंथेसिस ऑफ़ डीएनए।

[01:06:17] डीएनए।

[01:06:17] और देखिए ये जो फोलिक एसिड है ये हमारा बहुत ही एसेंशियल न्यूट्रिएंट होता है।

[01:06:19] हमारा बहुत ही एसेंशियल न्यूट्रिएंट होता है जो कि डीएनए की सिंथेसिस में रिक्वायर्ड होता है।

[01:06:20] है जो कि डीएनए की सिंथेसिस में रिक्वायर्ड होता है।

[01:06:21] रिक्वायर्ड होता है।

[01:06:23] अब कैसे होता है वो हम लोग अभी थोड़ा देखेंगे।

[01:06:25] देखेंगे।

[01:06:27] दीज़ ड्रग्स आर पार्शियली इफेक्टिव इन ट्रीटिंग रैपिडली डिवाइडिंग कैंसर सेल्स बट कैन आल्सो इफ़ेक्ट हेल्दी सेल्स।

[01:06:29] इफेक्टिव इन ट्रीटिंग रैपिडली डिवाइडिंग कैंसर सेल्स बट कैन आल्सो इफ़ेक्ट हेल्दी सेल्स।

[01:06:31] कैंसर सेल्स बट कैन आल्सो इफ़ेक्ट हेल्दी सेल्स।

[01:06:33] सेल्स।

[01:06:33] तो देखिए वही है कि वैसे ये हमारी कैंसर सेल्स में तो इफेक्टिव होती हैं लेकिन हमारी हेल्दी सेल्स को भी इफेक्ट कर सकती हैं।

[01:06:35] कैंसर सेल्स में तो इफेक्टिव होती हैं लेकिन हमारी हेल्दी सेल्स को भी इफेक्ट कर सकती हैं।

[01:06:36] लेकिन हमारी हेल्दी सेल्स को भी इफेक्ट कर सकती हैं।

[01:06:38] सकती हैं।

[01:06:38] तो ये तो सभी ड्रग्स का साइड इफेक्ट होता ही है हमारे एंटीनोप्लास्टिक एजेंट्स में।

[01:06:39] इफेक्ट होता ही है हमारे एंटीनोप्लास्टिक एजेंट्स में।

[01:06:41] एजेंट्स में।

[01:06:41] अब मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन की बात करें तो देखिए वही चीज़ है कि ये जो हमारी देखिए होता क्या है?

[01:06:44] बात करें तो देखिए वही चीज़ है कि ये जो हमारी देखिए होता क्या है?

[01:06:45] हमारी देखिए होता क्या है?

[01:06:45] हम लोग थोड़ा सा फॉलिक एसिड के मेटाबॉलिज़्म को समझते हैं।

[01:06:48] फॉलिक एसिड के मेटाबॉलिज़्म को समझते हैं।

[01:06:49] देखिए ये थोड़ा सा अभी पेंसिल्स है इसको हम लोग यहां पे बाद में पेन से बना देंगे।

[01:06:51] लोग यहां पे बाद में पेन से बना देंगे।

[01:06:51] उसकी टेंशन मत लीजिए।

[01:06:53] होता क्या है?

[01:06:53] देखिए ये जो हमारा फॉलेट है या फिर फोलिक एसिड।

[01:06:55] ये जो हमारा फॉलेट है या फिर फोलिक एसिड।

[01:06:57] देखिए इसमें कंफ्यूज मत होइए।

[01:06:57] फोलेट फॉलिक एसिड ही होता है।

[01:06:59] तो देखिए होता क्या फॉलिड जब हमारी बॉडी में जाता है तो ये फॉलिड सबसे पहले कन्वर्ट होता है हमारा यहां पे डीएचएफ यानी डाईहाइड्रोफोलेट में।

[01:07:01] फॉलिड जब हमारी बॉडी में जाता है तो ये फॉलिड सबसे पहले कन्वर्ट होता है हमारा यहां पे डीएचएफ यानी डाईहाइड्रोफोलेट में।

[01:07:03] फॉलिड सबसे पहले कन्वर्ट होता है हमारा यहां पे डीएचएफ यानी डाईहाइड्रोफोलेट में।

[01:07:05] यहां पे डीएचएफ यानी डाईहाइड्रोफोलेट में।

[01:07:07] ठीक है?

[01:07:07] और यहां पे इसमें एंजाइम कौन सा यूज़ होता है?

[01:07:07] डीएचएफ डाईहाइड्रेट फोलेट

[01:07:09] यूज़ होता है? डीएचएफ डाईहाइड्रेट फोलेट रिडक्टिव।

[01:07:11] ठीक है? डाईहाइड्रोफोलेट रिडक्टिव।

[01:07:13] ठीक है? डाईहाइड्रोफोलेट रिडक्टिव ये हमारा एंजाइम होता है।

[01:07:16] अब ये जो डीएचएफ है ये हमारा फर्दर कन्वर्ट हो जाता है टीएचएफ यानी कि टेट्राहाइड्रोफोलेट में।

[01:07:19] ठीक है? मतलब डीएचएफ हमारा कन्वर्ट हो जाता है टीएचएफ में।

[01:07:22] और यहां पे भी हमारा सेम यही डीएचएफआर यानी कि डाईहाइड्रोफोलेट रिडक्टिव एंजाइम काम करता है।

[01:07:26] और ये जो टीएचएफ है ये हमारा एक मिथाइल ग्रुप के साथ अटैच हो के कन्वर्ट हो जाता है मिथाइल टीएचएफ यानी कि एम टीएचएफ में।

[01:07:32] और ये एमटीएफ क्या होता है?

[01:07:34] ये हमारा फर्दर जो है डीएचएफ में कन्वर्ट हो जाता है।

[01:07:35] तो देखिए इस तरीके से हमारी बॉडी में इसका मेटाबॉलिज्म चलता रहता है।

[01:07:40] और यहां पे होता क्या है कि जब ये मिथाइल टीएचएफ हमारा डीएचएफ में कन्वर्ट होता है।

[01:07:42] ठीक है?

[01:07:44] तो यहां पे ये जो हमारा डीयूएमपी यानी कि डीऑक्सीयरडीन मोनो फॉस्फेट होता है।

[01:07:46] ये हमारा कन्वर्ट हो जाता है डीटीएमपी यानी डीऑक्सी डीऑक्सीथाइमिडीन मोनो फॉस्फेट में।

[01:07:51] ठीक है?

[01:07:53] जिसके अंदर हमारा थाइमिन बेस होता है।

[01:07:55] तो यहां पे देखिए ये हमारा जो है डीएनए के सिंथेसिस में बहुत ही मेजर रोल प्ले करता है।

[01:07:58] मतलब ये हमारा क्या होता है?

[01:07:59] हमारा एक टाइप का न्यूक्लोटाइट होता है।

[01:08:01] ठीक है?

[01:08:04] जो कि डीएनए में यूज़ होता है।

[01:08:05] तो ये हमारा मतलब ओवरऑल डीएनए में बहुत ही सिंथेसिस में बहुत ही मेजर रोल प्ले करता है।

[01:08:08] इसके अलावा और भी प्यूरिन पिमडीन बेस की सिंथेसिस में भी थोड़ा सा ये रोल प्ले

[01:08:10] की सिंथेसिस में भी थोड़ा सा ये रोल प्ले करता है।

[01:08:12] बट मेन हमारा डीटीएमपी की सिंथेसिस में एक मेजर रोल प्ले करता है

[01:08:13] सिंथेसिस में एक मेजर रोल प्ले करता है हमारा फोलिक एसिड।

[01:08:16] ठीक है? तो यहां पे देखिए होता क्या है?

[01:08:17] ये जो हमारे फॉल एटागोनिस्ट होते हैं ये हमारे टीएचएफआर को यहां पे क्या कर देते हैं?

[01:08:20] इनबिट कर देते हैं।

[01:08:22] मतलब इस डाईहाइड्रोफोलेट रिडक्टिव एंजाइम को इनबिट कर देते हैं।

[01:08:25] तो इसकी वजह से होता क्या क्या है?

[01:08:27] डीएचएफ हमारा टीएचएफ में कन्वर्ट नहीं हो पाता।

[01:08:28] और जब ये इसमें कन्वर्ट नहीं होगा तो ये फर्दर आगे की प्रोसेस होगी नहीं।

[01:08:29] तो ये हमारा डीओएमपीए डीटीएमपी में कन्वर्ट नहीं होगा।

[01:08:31] डीएनए सिंथेसिस इनहिबिट हो जाएगी और हमारी सेल डेथ हो जाएगी।

[01:08:33] ठीक है? तो इस तरीके से हमारा ये काम करता है।

[01:08:34] तो फोलिक एसिड हमारा एक बहुत ही एसेंशियल डाइटरी फैक्टर होता है।

[01:08:36] मतलब इसको डाइट से लेना जरूरी होता है।

[01:08:38] ठीक है? और उसके बाद यहां पे फॉल एंडगोनिस्ट सच एज मेथोट्रेक्सिट।

[01:08:41] तो ये हमारा इसका एक इसके अंदर हमारा एक एग्जांपल होता है।

[01:08:42] ठीक है? हमारी ड्रग होती है।

[01:08:44] तो ये क्या करता है? ये हमारी स्पेसिफिकली हमारे डहाइड्रोफोलेट रिडक्टिव एंजाइम को इनबिट कर देती है।

[01:08:45] ठीक है? और ये हमारा देखो ये जो हमारा डीएचएफआर है यानी डाईहाइड्रोफोलेट रिडक्टेस है ये हमारा रिस्पांसिबल होता है डीएचएफ को

[01:08:47] डीएचएफ में कन्वर्ट करने के लिए और डीएचएफ हमारा क्या होता है एक रिड्यूस्ड फॉर्म होती है फोलेट की ठीक है

[01:08:48] जो कि हमारी एसेंशियल होती है प्यूरिन की सिंथेसिस में ठीक है

[01:08:50] और जो भी हमारा डीटीएमपी होता है मतलब मेन हमारा इसकी सिंथेसिस में बहुत ही

[01:09:11] मतलब मेन हमारा इसकी सिंथेसिस में बहुत ही मेजर रोल प्ले करता है जो कि हमारे डीएनए
Meaning, the main one plays a very major role in its synthesis, which is our DNA

[01:09:13] मेजर रोल प्ले करता है जो कि हमारे डीएनए एंड आरएनए के प्रोडक्शन में नेसेसरी होते
plays a major role which is necessary for the production of our DNA and RNA

[01:09:15] एंड आरएनए के प्रोडक्शन में नेसेसरी होते हैं दे मोस्टली किल्स द सेल इन एस फेस और
and are necessary for the production of RNA. They mostly kill the cell in the S phase and

[01:09:18] हैं दे मोस्टली किल्स द सेल इन एस फेस और ये क्या करता है ये हमारा मेनली एस फ में
are. They mostly kill the cell in the S phase and what does this do? This mainly works in the S phase.

[01:09:20] ये क्या करता है ये हमारा मेनली एस फ में काम करता है। ठीक है?
What does this do? This mainly works in the S phase. Okay?

[01:09:21] हम लोग बात करते हैं प्यूरिन एंटाबॉलिस्ट के बारे में।
We talk about purine antagonists.

[01:09:23] तो देखिए सिंपली ये हमारे प्यूरिन के
So, look, simply, these are of our purine

[01:09:24] सिंथेसिस को इनबिट करेगी।
will inhibit the synthesis.

[01:09:26] ठीक है? ये हमारी ड्रग्स होती हैं जो कि एंटी एंटी
Okay? These are drugs that are anti-anti

[01:09:28] मेटाबोलाइट के अंदर कंबाइन करती हैं मतलब
metabolites, meaning they belong to

[01:09:30] बिलोंग करती हैं और दैट इंटरफेयर्स विद द
and that interferes with the

[01:09:32] सिंथेसिस एंड फंक्शन ऑफ़ प्यूरिन।
synthesis and function of purines.

[01:09:34] यानी कि ये प्यूरिन के साथ जो है इंटरफेयर करती
Meaning, they interfere with purines,

[01:09:36] हैं जो कि हमारा एक एसेंशियल बिल्डिंग
which is an essential building

[01:09:38] ब्लॉक होता है डीएनए और आरएनए का।
block of DNA and RNA.

[01:09:40] आप सभी को पता है प्यूरिन बेस हमारे बहुत
You all know that purine bases are very

[01:09:41] इंपॉर्टेंट होते हैं।
important.

[01:09:44] ठीक है? अह फ्यू ड्रग्स बिलोंगिंग टू द क्ला।
Okay? Uh, few drugs belonging to the class.

[01:09:45] अब हमारी जो सिलेबस के अंदर हमें जो पढ़ना है उसके
Now, within our syllabus, what we have to study,

[01:09:47] अंदर हमें पढ़ना है मरकेप्टोब्यूरिन,
within that, we have to study Mercaptopurine,

[01:09:48] थियोथायोग्वानिन और एजाथियोपन।
Thiothayoguanine, and Azathioprine.

[01:09:51] इन तीनों के बारे में हमें पढ़ना है और
We have to study about these three and

[01:09:52] मरकट्टोप्यूरिन का हमें सिंथेसिस भी पढ़नी
we also have to study the synthesis of Mercaptopurine.

[01:09:54] है।
Okay?

[01:09:56] ठीक है? अब मरकेप्टोप्यूरिन के मैकेनिज़्म ऑफ़ एक्शन की बात करें तो यहां
Now, if we talk about the mechanism of action of Mercaptopurine, then here

[01:09:58] पे देखिए प्यूरिन एागोनिस्ट सच एज अब जैसे
see, purine agonists such as, now, like

[01:10:01] हमारे प्यूरिन एागोनिस्ट जो होते हैं जैसे
our purine agonists, like

[01:10:02] इसके अंदर हमारा कौन-कौन से ड्रग्स हैं?
which drugs are in this?

[01:10:04] मरकेप्टोपरिन हो गया, थायग्वानिन हो गया।
Mercaptopurine, Thioguanine.

[01:10:06] तो ये सारे हमारे क्या होते हैं?
So, what are all these?

[01:10:07] ये हमारे स्ट्रक्चरली सिमिलर होते हैं।
These are structurally similar to

[01:10:09] नेचुरल प्यूरिन बेससेस।
natural purine bases.

[01:10:11] यानी कि प्यूरिन बेस के अंदर हमारे कौन-कौन से हैं?
Meaning, which ones are in the purine base?

[01:10:11] एडनीन और
Adenine and

[01:10:12] अंदर हमारे कौन-कौन से हैं?
Who are inside us?

[01:10:12] एडनीन और ग्वानिन।
Adenine and guanine.

[01:10:12] यही दोनों तो होते हैं।
These are the two.

[01:10:13] ग्वानिन।
Guanine.

[01:10:13] यही दोनों तो होते हैं।
These are the two.

[01:10:13] तो ये हमारे इन्हीं की तरह सिमिलर होते हैं।
So these are similar to these.

[01:10:15] हमारे इन्हीं की तरह सिमिलर होते हैं।
Are similar to these.

[01:10:15] वंस इनसाइड द सेल।
Once inside the cell.

[01:10:17] इनसाइड द सेल।
Inside the cell.

[01:10:17] यानी कि एक बार जब ये सेल के अंदर जाते हैं दीज़ ड्रग्स आर कन्वर्टेड
Meaning, once these drugs go inside the cell, they are converted

[01:10:19] इंटू एक्टिव मेडबलाइट।
Into active metabolites.

[01:10:19] यानी कि एक बार जब
Meaning, once

[01:10:21] यहां पे सेल के अंदर जाते हैं तो ये अपने एक्टिव फॉर्म में कन्वर्ट हो जाते हैं।
Here, when they go inside the cell, they get converted into their active form.

[01:10:23] एक्टिव फॉर्म में कन्वर्ट हो जाते हैं।
Get converted into active form.

[01:10:24] और एक्टिव फॉर्म में कन्वर्ट होने के बाद क्या होते हैं?
And after being converted into active form, what happens?

[01:10:25] ये यहां पे हमारे
These here, our

[01:10:27] इनकर्पोरेट यानी कि डीएनए के अंदर जाके
Incorporate, meaning, going inside the DNA

[01:10:29] यहां पे इनकर्पोरेट हो जाते हैं।
Get incorporated here.

[01:10:29] मतलब उसी
Meaning, within that

[01:10:31] के अंदर जाके फिट हो जाते हैं।
Fit inside.

[01:10:31] ऐसा समझ लीजिए।
Understand it like that.

[01:10:33] ठीक है?
Okay?

[01:10:33] या फिर आरएनए स्टैंड्स के
Or in RNA strands

[01:10:35] ड्यूरिंग द एस फज़ यानी कि सिंथेसिस फज़ के
During the S phase, meaning, during the synthesis phase.

[01:10:37] दौरान।
During.

[01:10:37] और और इसकी वजह से क्या होता है?
And, and because of this, what happens?

[01:10:39] दिस इनकरपोरेशन मतलब कि जब ये यहां पे
This incorporation, meaning, when it here

[01:10:42] हमारे डीएनए के जाके डीएनए के अंदर जाके
Goes to our DNA, goes inside the DNA

[01:10:44] इनकर्पोरेट हो जाते हैं।
Get incorporated.

[01:10:44] जिसकी वजह से
Because of which

[01:10:46] क्या होता है?
What happens?

[01:10:46] हमारा फौ्टी न्यूक्लिक
Our purine nucleic

[01:10:47] एसिड।
Acid.

[01:10:47] अब देखिए हुआ क्या?
Now see, what happened?

[01:10:49] ठीक थोड़ा आप लोग समझिए कि ये हमारे क्या है?
Understand it a little bit, what are these?

[01:10:51] ये हमारे इडनीन और ग्वानिन की तरह दिखने में है।
These look like adenine and guanine.

[01:10:53] तो डीएनए के अंदर क्या हुआ?
So what happened inside the DNA?

[01:10:53] डीएनए को चाहिए
DNA needed

[01:10:56] था एडनीन और ग्वानिन।
Adenine and guanine.

[01:10:56] जबकि यहां पे हुआ
Whereas here, what happened

[01:10:58] क्या कि इसकी जगह हमारा जाके यहां पे जैसे
Is that instead of this, our

[01:11:00] हमारा मरकेप्टोरिन हो गया, थियोनिन हो
Mercaptopurine, thionin

[01:11:03] गया।
Became.

[01:11:03] मतलब कि जो हमारे प्यूरिन एटागोनिस्ट
Meaning, the purine antagonists that we had

[01:11:04] थे वो यहां पे इसकी जगह जाके डीएनए में
Went and incorporated in the DNA instead of this.

[01:11:06] इनकर्पोरेट हो गए।
Got incorporated.

[01:11:06] मतलब डीएनए में होना
Meaning, in the DNA, it should have been

[01:11:08] चाहिए था एडिनीन गग्निन को।
Adenine and guanine.

[01:11:08] जबकि हो गए
Whereas, our

[01:11:10] हमारे यहां पे प्यूरिन एटागोनिस्ट।
Purine antagonists became here.

[01:11:10] जिसकी
Which

[01:11:12] हमारे यहां पे प्यूरिन एटागोनिस्ट।

[01:11:14] जिसकी वजह से होगा क्या?

[01:11:14] जिसकी वजह से हमारा फौ्टी न्यूक्लिक एसिड।

[01:11:17] मतलब कि हमारा फॉल्स कह सकते हो डीएनए या फिर आरएनए बन जाएगा।

[01:11:20] जिसकी वजह से लीडिंग टू डिस्फंक्शनल और इनकंप्लीट जेनेटिक इनेशन

[01:11:23] जिसकी वजह से हमारी जेनेटिक इनेशन कंप्लीट हो नहीं पाएगी क्योंकि डीएनए का स्ट्रक्चर

[01:11:27] अच्छे से फॉर्म नहीं हो पाया व्हिच इनबिट्स द सेल एबिलिटी टू फंक्शन प्रॉपर्ली

[01:11:30] जिसकी वजह सेल की जो फंक्शन करने की एबिलिटी है वो यहां पे इनबिट हो जाएगी।

[01:11:36] दे आल्सो इंटरफेयर्स विद आईएमपी डिहाइड्रोजेनेस।

[01:11:39] अह आईएमपी डिहाइड्रोजनस मतलब यह हमारा एक एंजाइम होता है जो कि हमारे आयनोसिनिक मोनोफॉस्फेट या फिर आयनोसिनिक एसिड को

[01:11:45] देखिए थोड़ा सा आप लोग को इसके लिए ना हमारे डीएनए और आरएनए मतलब कि सॉरी ये जो हमारे नाइट्रोजनस बेस होते हैं इनके मतलब कि इनकी सिंथेसिस की नॉलेज होनी चाहिए।

[01:11:56] मतलब ये कैसे बनते हैं?

[01:11:58] अब इतना डिटेल में तो आप लोग जाओगे नहीं।

[01:12:00] तो सिंपली समझो हमारा ये जो एडनीन और ग्वानिन है ये हमारे यहां पे बनते हैं आईएमपी के कन्वर्ज़ से।

[01:12:05] ठीक है?

[01:12:05] तो आईएमपी का कन्वर्ज़ होता कब है?

[01:12:07] ये तब होता है जब हमारा आईएमपी डिहाइड्रोजन एंजाइम काम करता है।

[01:12:10] तो ये क्या करते हैं?

[01:12:10] ये इसके साथ भी इंटरफेयर कर देते हैं।

[01:12:11] जिसकी वजह से क्या होता है जो हमारा आईएमपी है आयनोसिनिक

[01:12:13] होता है जो हमारा आईएमपी है आयनोसिनिक मोनोफॉस्फेट।
It is what our IMP is, inosinic monophosphate.

[01:12:16] ठीक है? ये हमारा डी एडनीन मोनोफॉस्फेट।
Okay? This is our deoxyadenine monophosphate.

[01:12:17] ठीक है? ये हमारा डी एडनीन और ग्वानिन में कन्वर्ट नहीं हो पाता।
Okay? This cannot be converted into deoxyadenine and guanine.

[01:12:19] और ग्वानिन में कन्वर्ट नहीं हो पाता।
And cannot be converted into guanine.

[01:12:21] जिसकी वजह से इसकी सिंथेसिस भी स्टॉप हो जाती है।
Because of this, its synthesis also stops.

[01:12:23] तो देखिए वही चीज़ है।
So, you see, it's the same thing.

[01:12:25] या तो ये इसकी सिंथेसिस को बंद कर देंगे या तो ये इसकी जगह जो है खुद जाके कमपीट करके हमारा अटैच हो जाएंगे और हमारी डीएनए को खराब कर देंगे।
Either they will stop its synthesis, or they will go and compete in its place, attach themselves, and damage our DNA.

[01:12:29] ठीक है? तो थोड़ा सा हम लोग देखें तो प्यूरिन एंडगोनिस्ट क्या होता है?
Okay? So, let's look a little bit, what is a purine antagonist?

[01:12:32] सबसे पहले अपने एक्टिव फॉर्म में कन्वर्ट होता है।
First, it gets converted into its active form.

[01:12:35] एक्टिव फॉर्म में कन्वर्ट होने के बाद हमारा डीएनए में इनकर्पोरेट हो जाता है।
After being converted into the active form, it gets incorporated into our DNA.

[01:12:39] जिसकी वजह से एट लास्ट में डीएनए स्टैंड्स की ब्रेकेज हो जाती है और डीएनए सिंथेसिस भी रुक जाती है।
Because of this, in the end, DNA strands break, and DNA synthesis also stops.

[01:12:43] ठीक है? मतलब यहां पे इस तरीके से डीएनए सिंथेसिस भी रुक जाती है।
Okay? Meaning, in this way, DNA synthesis also stops.

[01:12:45] नाउ अब हम लोग यहां पे बात करते हैं अपने थर्ड क्लास की अपने एंटीमेटाबॉलाइट्स ड्रग्स के अंदर जो कि हमारा होता है पिरिमडीन एंडस्ट।
Now, let's talk about our third class, within our antimetabolite drugs, which is pyrimidine antagonist.

[01:12:51] तो देखिए पिरिमिडीन एंडगोनिस्ट हमारी यहां पे एंटी मेटाबोलाइट्स के अंदर ये एक क्लास होती है जिसमें क्या होता है कि ये हमारे पिरिमडीन के जैसी होती है।
So, you see, pyrimidine antagonist, here within antimetabolites, this is a class in which what happens is that it is like our pyrimidine.

[01:12:59] मतलब कि ये ये हमारे एक्ट करती है बाय मिमिकिम।
Meaning, it acts by mimicking.

[01:13:03] मिमिकिंग मतलब कोई कॉपी करना।
Mimicking means copying something.

[01:13:05] ठीक है? तो ये पिरिमडीन बेस की तरह ही होते हैं दिखने में।
Okay? So, these are similar to pyrimidine bases in appearance.

[01:13:09] और यहां पे क्या करते हैं? ये जो है डीएनए आरएनए की सिंथेसिस को इनिबिट कर देते हैं।
And what do they do here? They inhibit the synthesis of DNA and RNA.

[01:13:13] अब इसके अंदर हमारे तीन ड्रग आ जाते हैं। फ्लोरसल, साइटराबिन और फ्लॉक्स यूरडीन।
Now, three drugs come under this: fluorouracil, cytarabine, and floxuridine.

[01:13:13] तो अगर मैकेनिज्म ऑफ एक्शन की बात करें तो
So, if we talk about the mechanism of action,

[01:13:15] अगर मैकेनिज्म ऑफ एक्शन की बात करें तो देखिए वही है कि ये हमारे जो है
If we talk about the mechanism of action, then look, it is the same that these are our

[01:13:17] देखिए वही है कि ये हमारे जो है डीनोवोसिंथेसिस मतलब पिरिमडीन की
Look, it is the same that these are our de novo synthesis, meaning of pyrimidine

[01:13:19] डीनोवोसिंथेसिस मतलब पिरिमडीन की डिनोवसिंथेसिस को इनबिट कर देते हैं।
De novo synthesis, meaning they inhibit the de novo synthesis of pyrimidine.

[01:13:21] मतलब इसके अंदर जो भी एंजाइम्स इन्वॉल्व होते
Meaning, whatever enzymes are involved within it

[01:13:23] इसके अंदर जो भी एंजाइम्स इन्वॉल्व होते हैं उनको यहां पे ये इनबिट कर देते हैं।
Whatever enzymes are involved within it, they inhibit them here.

[01:13:26] हैं उनको यहां पे ये इनबिट कर देते हैं।
They inhibit them here.

[01:13:28] फॉर एग्जांपल्स मतलब कि अगर हम लोग बात करें तो जैसे हमारी जो फ्लोरोयरसिल होती
For example, meaning if we talk, then like our fluorouracil

[01:13:30] है ये हमारी थाइमिडाइलेट्स की थाइमिडाइलेट
This is our thymidylate's thymidylate

[01:13:33] सिंथेस मतलब ये हमारा एक एंजाइम होता है।
Synthase, meaning this is an enzyme of ours.

[01:13:34] इसको इनबिट कर देती है।
It inhibits this.

[01:13:36] अब ये जो एंजाइम है एन एंजाइम क्रूशियल फॉर कन्वर्टिंग
Now this enzyme, an enzyme crucial for converting

[01:13:39] यूरडीन इंटू थाइमिडीन अनेसेसरी कंपोनेंट
Uridine into thymidine, a necessary component

[01:13:41] ऑफ़ डीएनए।
Of DNA.

[01:13:43] तो ये जो एंजाइम है ये हमारा क्या करता है?
So what does this enzyme do?

[01:13:45] यूरडीन को थाइमिडीन में कन्वर्ट करता है।
It converts uridine into thymidine.

[01:13:47] और जहां जब ये एंजाइम ही नहीं होगा तो क्या होगा?
And when this enzyme is not present, then what will happen?

[01:13:49] यूरडीन हमारा थाइयडीन में कन्वर्ट नहीं होगा।
Our uridine will not be converted into thymidine.

[01:13:50] और जब थाइयडीन में कन्वर्ट नहीं होगा तो हमारा
And when it is not converted into thymidine, then our

[01:13:52] डीएनए बनेगा नहीं।
DNA will not be formed.

[01:13:54] क्योंकि ये हमारा डीएनए का एक बहुत ही मेजर कंपोनेंट होता है।
Because this is a very major component of our DNA.

[01:13:57] सम परमडीन एंडागोनिस्ट कैन बी इनकर्पोरेटेड।
Some pyrimidine antagonists can be incorporated.

[01:13:59] मतलब कि कुछ हमारे पिमडीन एंडागोनिस्ट
Meaning, some of our pyrimidine antagonists

[01:14:00] डीएनए और आए में भी इनकर्पोरेट मतलब वही
Are also incorporated into DNA and RNA, meaning the same

[01:14:02] है कि उसके अंदर फिट हो मतलब अटैच हो जाते
Is that they fit inside, meaning they get attached

[01:14:04] हैं।
Yes.

[01:14:06] ठीक है? डिसरप्टिंग नॉर्मल न्यूक्लिक एसिड फंक्शन जिसकी वजह से नॉर्मल फंक्शन
Okay? Disrupting normal nucleic acid function, because of which normal function

[01:14:08] यहां पे डिसररप्ट हो जाते हैं।
Gets disrupted here.

[01:14:10] बाय इनबिटिंग डीएनए सिंथेसिस एंड रिपेयर
By inhibiting DNA synthesis and repair

[01:14:12] मैकेनिज़्म दीज़ ट्रग्स इवेंचुअली लीड्स टू
Mechanisms, these drugs eventually lead to

[01:14:14] सेल डेथ एस्पेशली इन रैपिडली डिवाइडिंग
Cell death, especially in rapidly dividing

[01:14:16] सेल डेथ एस्पेशली इन रैपिडली डिवाइडिंग कैंसर सेल्स।

[01:14:18] और देखो इन सभी की वजह से क्या होता है?

[01:14:20] अल्टीमेटली हमारी सेल की डेथ हो जाती है।

[01:14:22] तो देखिए ये हमारे कॉमन मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन है।

[01:14:24] इसको आप लोग सभी ड्रग इन तीनों ड्रग्स में यूज़ कर सकते हो।

[01:14:26] तो ये था हमारा यहां पे फोलेट एंडागोनिस्ट।

[01:14:29] और इसके अंदर जो भी ड्रग्स थी बाकी अब हम लोग यहां पे इन सभी का कंबाइंड एमओ अगर देखें तो ज्यादातर ड्रग्स हमारी वेल अब्सॉर्ब हो जाती हैं।

[01:14:33] और मेनली हमारा देखिए ये सब चीजें कुछ खास थोड़ी है।

[01:14:35] वही है कि हमारा किडनी लिवर से मेटाबोलाइज किडनी सेक्स किट सारी दवा का यही तो होता है।

[01:14:40] आपको पता है ज्यादातर दवाओं का यही सब होता है।

[01:14:41] एडवर्स इफेक्ट वही लगभग सिमिलर से ही है।

[01:14:43] थेरेपी जितने भी टाइप के कैंसर वगैरह होते हैं।

[01:14:45] ठीक है?

[01:14:47] नाउ उसके बाद अब अगर हम लोग यहां पे बात करते हैं अपने एंटीबायोटिक्स के बारे में जो कि हमारे कैंसर के ट्रीटमेंट में यूज़ करी जाती हैं।

[01:14:51] अब देखिए एंटीबायोटिक्स का वैसे जनरली तो हमारा यूज़ जो है बैक्टीरिया वगैरह को किल करने में होता है।

[01:14:56] लेकिन यहां पे कुछ हमारी एंटीबायोटिक्स ऐसी भी देखी गई जो कि हमारी कैंसरस सेल्स को रोकने में हेल्पफुल थी।

[01:15:00] ठीक है?

[01:15:02] तो उसके अंदर हम लोग यहां पे उन्हीं एंटीबायोटिक्स के बारे में पढ़ेंगे।

[01:15:04] तो एंटीबायोटिक्स हमारी वो ड्रग्स होती हैं जो कि माइक्रो ऑर्गेनिज्म से हमें देखने को मिलती हैं।

[01:15:06] बाकी दे हैव बीन रिसेंटली रिकॉग्नाइज्ड एज एन इंपॉर्टेंट क्लास ऑफ एंटी

[01:15:16] एन इंपॉर्टेंट क्लास ऑफ एंटी नियोप्लास्टिक एजेंट।
An important class of anti-neoplastic agents.

[01:15:18] मतलब रिसेंटली देखा गया कि जो एंटीबायोटिक्स हैं कुछ एंटीबायोटिक्स हैं वो एंटीनियोप्लास्टिक एजेंट की तरह ही काम करती हैं।
It was recently observed that some antibiotics work like anti-neoplastic agents.

[01:15:23] ठीक है? तो रिसेंटली इनको ऐसा पहचाना गया।
Okay? So they were recently identified as such.

[01:15:25] बाकी ये हमारी दीज़ आर द क्लास ऑफ़ ड्रग्स नोन फॉर देयर एबिलिटी टू इनबिट द कैंसर सेल ग्रोथ।
Otherwise, these are the class of drugs known for their ability to inhibit cancer cell growth.

[01:15:30] तो ये हमारी कैंसर सेल ग्रोथ को यहां पे इनबिट कर देती हैं।
So they inhibit our cancer cell growth here.

[01:15:33] ठीक है? अभी हमारे सिलेबस में इसके अंदर हमें यहां पे जो है डैक्टिनोमाइसिन, डाउनलोरोबिसिन, डॉक्सोबिसिन और ब्लमाइसिन के बारे में पढ़ना है।
Okay? Now in our syllabus, within this, we have to study about Dactinomycin, Daunorubicin, Doxorubicin, and Bleomycin.

[01:15:40] अब अगर हम लोग यहां पे अपने एंटीबायोटिक्स के मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन की बात करें तो देखिए सबसे पहले हम लोग यहां पे एक कॉमन मैकेनिज्म ऑफ़ एक्शन देखेंगे जो इन चारों में ही यूज़ हो जाएगा।
Now, if we talk about the mechanism of action of our antibiotics here, then let's first look at a common mechanism of action here which will be used in all four.

[01:15:48] बाकी इसके बाद हम लोग अलग-अलग तो देखेंगे ही।
Otherwise, we will look at them individually later.

[01:15:50] ठीक है? तो एंटीबायोटिक्स यूज़्ड एन एंटीनोप्लास्टिक एजेंट वर्क थ्रू सेवरल मैकेनिज़्म।
Okay? So antibiotics used as anti-neoplastic agents work through several mechanisms.

[01:15:55] तो यहां पे देखिए ये मतलब ऐसा नहीं है कि इसका कोई एक मैकेनिज़्म है।
So, look here, it doesn't mean that it has only one mechanism.

[01:15:57] ये बहुत सारे मैकेनिज़्म के थ्रू काम करती है।
It works through many mechanisms.

[01:15:59] इसके अंदर कुछ हम लोग देखते हैं।
Among these, we see some.

[01:16:01] जैसे पहला आ जाता है इंटरकेलेशन इंटू डीएनए।
For example, the first is intercalation into DNA.

[01:16:03] देखिए इंटरकाइलेशन का भी मतलब वही है कि हमारा डीएनए के अंदर जाके ये जो है कह सकते हो अटैच हो जाती हैं।
See, intercalation also means that they go inside our DNA and can be said to attach.

[01:16:10] ठीक है? तो एंटीबायोटिक्स सच एज डॉक्सिन एंड डायनोरोबिसिन इंजर्ड देमसेल्व्स बिटवीन डीएनए बेस पेयर्स मतलब कि डीएनए बेस के
Okay? So antibiotics such as Doxcin and Dinorubicin insert themselves between DNA base pairs, meaning between the DNA bases.

[01:16:17] डीएनए बेस पेयर्स मतलब कि डीएनए बेस के पेयर्स के बीच में जाके इंसल्ट हो जाती

[01:16:19] पेयर्स के बीच में जाके इंसल्ट हो जाती हैं।

[01:16:21] इंसल्ट मतलब कि कह सकते हो अपने आप को मतलब उसके अंदर अह मतलब सिचुएट कर लेती हैं।

[01:16:25] मतलब उसके अंदर स्थापित कर लेती है।

[01:16:26] ठीक है?

[01:16:28] व्हिच इंटरफेयर्स विद नॉर्मल फंक्शन ऑफ़ डीएनए।

[01:16:30] जिसकी वजह से क्या होता है?

[01:16:32] हमारा नॉर्मल डीएनए फंक्शन इनबिट मतलब इंटरफेयर होने लगता है।

[01:16:34] दिस इंटरकलेशन डिस्ट्रब्ट्स डीएनए रेप्लिकेशन एंड ट्रांसक्रिप्शन।

[01:16:37] मतलब इसकी वजह से क्या होता है कि हमारा डीएनए रेप्लिकेशन इंटरफेयर हो जाता है।

[01:16:39] ठीक है?

[01:16:41] उसका ट्रांसक्रिप्शन यानी कि डीएनए का प्रोटीन सॉरी आरएनए में कन्वर्ट होना भी इनबिट हो जाता है।

[01:16:45] लीडिंग टू सेल साइकिल अरेस्ट एंड एपोप्टोसिस।

[01:16:47] तो जिसकी वजह से क्या होता है कि जो हमारी सेल स मतलब जो हमारा जो हमारी सेल है ठीक है?

[01:16:53] है वो सेल साइकिल में अरेस्ट मतलब कि अरेस्ट का मतलब वही है कि सेल साइकिल में फंस जाती है।

[01:16:57] मतलब वो डिवीज़ अच्छे से हो नहीं पाता है।

[01:16:59] और यहां पे एपोप्टोसिस हो जाती है।

[01:17:01] एपोप्टोसिस का मतलब होता है प्रोग्राम सेल डेथ।

[01:17:04] तो देखिए हमारी बॉडी में ना एक मैकेनिज्म होता है एपोप्टोसिस।

[01:17:07] जिसकी वजह से क्या होता है कि हमारी बॉडी की जो बेकार सेल्स हैं वो यहां पे हमारी बॉडी खुद ही उनको मार देती है।

[01:17:11] लेकिन कैंसर में क्या होता देखिए कैंसरस सेल्स भी हमारी बॉडी के लिए अच्छी तो होती नहीं है।

[01:17:14] बेकार सेल्स होती हैं।

[01:17:16] लेकिन ये कुछ ऐसा कर देती है कि ये एपोपोसिस से बच

[01:17:18] कुछ ऐसा कर देती है कि ये एपोपोसिस से बच जाती हैं।

[01:17:18] एस्केप कर जाती हैं।

[01:17:20] लेकिन यहां पे क्या होता है कि जब ये इंटरकलेशन हो जाता है तो यहां पे इनका स्ट्रक्चर थोड़ा चेंज हो जाता है।

[01:17:23] जिसकी वजह से हमारी बॉडी उनको किल करना स्टार्ट कर देती है।

[01:17:27] ठीक है?

[01:17:29] नाउ इसका सेकंड मैकेनिज्म होता है हमारा इनहिबिशन ऑफ टोपो आइसोमरेज।

[01:17:32] तो देखिए यहां पे टोपो आइसोमरेज क्या होता है?

[01:17:34] इन एडिशन टू इंटरकलेशन यानी इंटरकलेशन के अलावा ये हमारी टोपो आइसोमेरिस सेकंड टू मतलब कि टोपो आइसोमेरेज टू हमारा एक एंजाइम होता है उसको भी इनबिट कर देती हैं

[01:17:36] और ये जो एंजाइम है ये हमारा जो है डीएनए रेप्लिकेशन और रिपेयर में बहुत ही मेजर रोल प्ले करता है।

[01:17:39] तो इसको भी यहां पे इनबिट कर देती हैं।

[01:17:41] दिस इनहिबिशन कॉजेस डीएनए स्ट्रैंड्स ब्रेकेज।

[01:17:43] अब इस इनबिशन की वजह से क्या होता है कि हमारे डीएनए स्ट्रैंड्स ब्रेक होने लगते हैं।

[01:17:45] ठीक है?

[01:17:47] और वो जो उनका रिपेयर प्रोसेस होता है वो यहां पे इंपेयर हो जाता है।

[01:17:49] जिसकी वजह से हमारी सेल डेथ हो जाती है।

[01:17:51] अब थर्ड मैकेनिज़्म इसका हो जाता है फॉर्मेशन ऑफ़ फ्री रेडिकल्स।

[01:17:53] तो ये हमारी कुछ फ्री रेडिकल्स मतलब कि फ्री रेडिकल्स आप लोग समझ रहे होंगे जहां पे फ्री इलेक्ट्रॉन्स होते हैं।

[01:17:55] ठीक है?

[01:17:56] तो यहां पे उनका फॉर्मेशन भी कर देती है जिसकी वजह से क्या होता है?

[01:17:58] एंटीबायोटिक्स सच एज ब्लियोमाइसिस मतलब कि कुछ हमारी एंटीबायोटिक जैसे हमारा ब्लियोमाइसिन क्या

[01:18:19] एंटीबायोटिक जैसे हमारा ब्लियोमाइसिन क्या होता है?
What is an antibiotic like our bleomycin?

[01:18:21] हमारे फ्री रेडिकल्स जनरेट कर देती हैं।
It generates our free radicals.

[01:18:23] जिसकी वजह से हमारे डीएनए में एक ऑक्सीडेटिव डैमेज देखने को मिलता है।
Because of which, we see oxidative damage in our DNA.

[01:18:24] जिसकी वजह से क्या होता है? लीडिंग टू सिंगल एंड डबल स्टैंड ब्रेकेज।
What happens because of this? Leading to single and double strand breakage.

[01:18:28] जिसकी वजह से डीएनए का जो स्टैंड्स है उनके अंदर यहां पे ब्रेकेज देखने को मिलने लगता है।
Because of this, breakage starts to be seen within the DNA strands.

[01:18:31] दिस डैमेज इनबिट्स द डीएनए रेप्लकेशन एंड ट्रांसक्रिप्शन रिजल्टिंग इन सेल डेथ।
This damage inhibits DNA replication and transcription, resulting in cell death.

[01:18:35] अब इसकी वजह से क्या होता है कि ना डीएनए अच्छे से रेप्लिकेट होता है ना वो आरएनए में कन्वर्ट हो पाता है और सेल डेथ हो जाती है।
Now, what happens because of this is that DNA does not replicate properly, nor can it be converted into RNA, and cell death occurs.

[01:18:40] और फाइनली यहां पे क्रॉस लिंकिंग मतलब वही है कि डीएनए के जो बेस है वो यहां पे क्रॉस लिंक हो जाते हैं।
And finally, cross-linking here means that the bases of the DNA get cross-linked here.

[01:18:44] यानी एटनीन या तो हमारा ग्वानिन से लिंक हो जाएगा।
Meaning, adenine will either link with our guanine.

[01:18:47] मतलब जो क्रॉस लिंकिंग हो जाएगी।
Meaning, cross-linking will occur.

[01:18:49] ठीक है? जो तो ये थे हमारे यहां पे एंटीबायोटिक्स जो कि हमारे कैंसर के ट्रीटमेंट में यूज़ करे जाते हैं।
Okay? So these were the antibiotics that are used in the treatment of cancer.

[01:18:53] बाकी अगर हम लोग यहां पे इनके फार्माकोनेटिक्स पैराटर्स की बात करें तो ये आप लोग देख सकते हो।
Otherwise, if we talk about their pharmacokinetics parameters here, you can see this.

[01:18:56] तो ठीक है। एडवर्स इफेक्ट हमारा वही हेयर लॉस वगैरह है, स्किन रेश, लंग, टॉक्सिसिटी, थरा प्रोड्यूसेस की बात करें तो हमारा जो भी टाइप का कैंसर है, ओवेरियन, ब्रेस्ट कैंसर, ब्लैडर कैंसर ये सब में हम लोग यहां पे इसका यूज़ करते हैं।
So, okay. Our adverse effects are the same, like hair loss, skin rash, lung toxicity. Talking about therapeutic uses, whatever type of cancer it is, ovarian, breast cancer, bladder cancer, we use it in all of these.

[01:19:06] नाउ नेक्स्ट हम लोग यहां पे बात करते हैं अपने कुछ प्लांट प्रोडक्ट्स के बारे में जो कि हमारे नेचुरल नेचुरल प्रोडक्ट्स होते हैं और कैंसर के ट्रीटमेंट में इनका यूज़ किया जाता है।
Now, next, we talk about some plant products here, which are our natural natural products and are used in the treatment of cancer.

[01:19:14] तो देखिए प्लांट प्रोडक्ट्स की अगर हम लोग यहां पे बात करें तो ये हमारे सिंपल
So, look, if we talk about plant products here, these are our simple

[01:19:20] लोग यहां पे बात करें तो ये हमारे सिंपल से वो एजेंट्स होते हैं जो कि नेचुरली

[01:19:22] से वो एजेंट्स होते हैं जो कि नेचुरली ड्राइव होते हैं।

[01:19:23] ठीक है? यानी प्लांट से ड्राइव होते हैं।

[01:19:23] ठीक है? यानी प्लांट से इनको ड्राइव किया जाता है।

[01:19:26] तो मैकेनिज़्म ऑफ़ एक्शन की बात करें तो देखिए वही है कि

[01:19:28] ऑफ़ एक्शन की बात करें तो देखिए वही है कि हमारा जो प्लांट प्रोडक्ट्स होते हैं।

[01:19:29] ठीक है? तो ये हमारे बहुत ही वेरियस मैकेनिज्म से काम करते हैं।

[01:19:32] बाकी अगर हम लोग यहां पे बात करें तो थोड़ा सा देखिए इसके लिए भी आप

[01:19:34] लोगों को सेल साइकिल थोड़ा सा समझना पड़ेगा।

[01:19:38] सेल डिवीज़न देखिए जैसा हम लोगों ने देखा था कि सेल डिवीज़न के अंदर दो फज़ होते हैं।

[01:19:42] इंटरफ़ेस और एम फज़।

[01:19:44] अब इंटरफ़ेस के अंदर तीन फेस होते हैं।

[01:19:46] G1 फज़, G2 फेस, एस फेस।

[01:19:46] ठीक है? बाकी अगर हम लोग एम फज़ की बात करें एम फज़ तो इसमें आप लोग देखिए जो एम फज़ है

[01:19:50] इसके अंदर हमारे दो स्टेप होते हैं।

[01:19:51] कार्िनेसिस साइटोकाइनेसिस।

[01:19:54] देखिए कार्ोकाइनेसिस में होता है हमारा यहां पे

[01:19:55] न्यूक्लियर डिवीज़।

[01:19:58] यानी कि जो हमारा एक सेल है उसका जो न्यूक्लियस है वो डिवाइड

[01:20:00] हो के दोनों सेल्स में चला जाता है।

[01:20:01] और साइटोकाइनेसिस में क्या होता है कि सेल का

[01:20:03] साइटोप्लाज्म डिवाइड होता है।

[01:20:05] ठीक है? मतलब साइटोप्लाज्म डिवाइड हो के दोनों सेल

[01:20:07] में चला जाता है।

[01:20:08] तो देखिए अगर हम लोग इस कारियोकाइनेसिस की बात करें तो इसके अंदर

[01:20:10] भी चार फेस होते हैं।

[01:20:12] प्रोफेज, मेटाफेज, एनाफेज और टेलोफेज़।

[01:20:15] तो देखिए ये अगर हम लोग अपने इस मेटाफेज की बात करें मेटाफेज

[01:20:17] तो मेटाफेज में होता क्या है कि जो हमारे

[01:20:19] क्रोमोसोम्स होते हैं ठीक है तो वो मतलब

[01:20:21] क्रोमोसोम्स होते हैं ठीक है तो वो मतलब यहां पे न्यूक्लियस पूरा गायब हो जाता है।

[01:20:23] यहां पे न्यूक्लियस पूरा गायब हो जाता है और यहां पे क्रोमोसोम्स मतलब थोड़ा सेंटर

[01:20:25] और यहां पे क्रोमोसोम्स मतलब थोड़ा सेंटर में अलाइन होना स्टार्ट हो जाते हैं मतलब

[01:20:27] में अलाइन होना स्टार्ट हो जाते हैं मतलब सेंटर में आ जाते हैं और ये जो हमारा एक

[01:20:29] सेंटर में आ जाते हैं और ये जो हमारा एक स्ट्रक्चर होता है माइटोटिक स्पिंडल ठीक

[01:20:31] स्ट्रक्चर होता है माइटोटिक स्पिंडल ठीक है इसको ध्यान से समझिएगा माइटोटिक

[01:20:33] है इसको ध्यान से समझिएगा माइटोटिक स्पिंडल हमारा एक स्ट्रक्चर होता है ठीक

[01:20:35] स्पिंडल हमारा एक स्ट्रक्चर होता है ठीक है तो ये हमारा बना होता है

[01:20:38] है तो ये हमारा बना होता है हमारे जो है हमारे ये हमारा बना होता है

[01:20:41] हमारे जो है हमारे ये हमारा बना होता है हमारे इस माइक्रोब्युलस से तो ये जो

[01:20:43] हमारे इस माइक्रोब्युलस से तो ये जो माइटोटिक स्पेंडल होते हैं, ठीक है?

[01:20:45] तो ये बेसिकली हमारे माइक्रोटिब्यूल्स का ही

[01:20:47] बेसिकली हमारे माइक्रोटिब्यूल्स का ही अपडेटेड फॉर्म होते हैं। ठीक है?

[01:20:48] अपडेटेड फॉर्म होते हैं। ठीक है? माइक्रोटिब्यूल्स से बने होते हैं।

[01:20:50] तो होता क्या है? ये माइटोटिक स्पेंडल ना ये

[01:20:53] हमारे फर्दर जो है इन क्रोमोसोम्स को

[01:20:55] सेंटर में अलाइन करते हैं। ठीक है?

[01:20:56] तो ये देखिए ये इनके साथ जो है फाइबर के साथ

[01:20:58] मतलब एक कह सकते हो इनको सेंटर में अलाइन

[01:21:01] करने का काम करते हैं। तो मतलब ये हमारा

[01:21:02] मेटाफेज में ये सारी चीजें होती हैं। ठीक

[01:21:04] है? तो ये आप लोग समझना। तो होता क्या है

[01:21:06] कि ये जो हमारे प्लांट प्रोडक्ट्स होते

[01:21:08] हैं जैसे हमारा विन ब्लास्टिन विन

[01:21:09] क्रिस्टन हो गया। ये हमारा इनबिट कर देते

[01:21:11] हैं पॉलीमराइजेशन ऑफ ट्युबुलिन इंटू

[01:21:13] माइक्रोटब्यूल्स। तो देखिए हमारा एक

[01:21:15] ट्युबुलिन प्रोटीन होता है तो यही हमारा

[01:21:16] माइक्रोटब्यूल्स में पॉलीमराइज हो के

[01:21:18] कन्वर्ट होता है। तो ये इनबिट कर देते

[01:21:20] हैं। मतलब ये ट्युबुलिन को

[01:21:21] माइक्रोटब्यूल्स में कन्वर्ट ही नहीं होने

[01:21:23] माइक्रोटब्यूल्स में कन्वर्ट ही नहीं होने देते हैं।
They do not allow conversion into microtubules.

[01:21:24] जिसकी वजह से क्या होता है?
What happens because of this?

[01:21:24] देते हैं।
They give.

[01:21:24] जिसकी वजह से क्या होता है?
What happens because of this?

[01:21:26] डिसररप्टिंग द स्पिंडल फॉर्मेशन जिसकी वजह से ये जो हमारा माइटोटिक स्पिंडल है ये हमारा बन ही नहीं पाता है।
Disrupting the spindle formation, because of which this mitotic spindle of ours cannot be formed.

[01:21:30] और जब ये बनेगा नहीं तो ये सेंटर में इसको अलाइन नहीं कर पाएगा।
And when it is not formed, it will not be able to align it in the center.

[01:21:33] और जब ये सेंटर में अलाइन नहीं होगा।
And when it is not aligned in the center.

[01:21:36] तो देखिए इसके बाद जो हमारा एनाफेज होता है मेटाफेज के बाद इसमें क्या होता है?
So, look, after this, what happens after the anaphase, which follows metaphase?

[01:21:39] ये जो हमारे डीएनए है मतलब सॉरी ये जो हमारे क्रोमोसोम्स हैं ये हमारे अलग हो जाते हैं।
These DNA, I mean, sorry, these chromosomes of ours get separated.

[01:21:43] मतलब इनमें से देखिए ये चार इधर आ जाते हैं चार उधर।
Meaning, out of these, look, four come here and four go there.

[01:21:46] ठीक है?
Okay?

[01:21:46] तो ये नहीं हो पाता क्योंकि यहां पे जब ये माइटोटिक स्मिडल ही नहीं बनेगा तो ये चारों अलग कैसे होंगे?
So this cannot happen because if the mitotic spindle is not formed here, how will these four separate?

[01:21:51] तो वही चीज़ है कि जिसकी वजह से हमारा सेल डिवीज़ ब्लॉक हो जाता है।
So that is the thing, because of which our cell division gets blocked.

[01:21:53] ड्रग सच एज एटोपोसाइट इनबिट्स द टोपो आइसोमरेज टू एंड एंजाइम क्रूशियल फॉर डीएनए स्टैंड्स ब्रेकेज एंड सेल डेथ।
Drugs such as etoposide inhibit the topoisomerase II enzyme, crucial for DNA strands breakage and cell death.

[01:21:59] तो वही चीज है यहां पे टोपो आइसोमेरिस टू को भी यहां पे ये इनबिट करने का काम करते हैं।
So that is the thing, here they also work to inhibit topoisomerase II.

[01:22:04] तो देखिए इस तरीके से हमारे प्लांट प्रोडक्ट्स वर्क करते हैं।
So, look, this is how our plant products work.

[01:22:06] बाकी तो ये थे हमारे यहां पे प्लांट प्रोडक्ट्स जिनका यूज़ हम लोग यहां पे एंटी कैंसर एजेंट्स की तरह करते हैं।
Otherwise, these were the plant products here which we use here as anti-cancer agents.

[01:22:10] बाकी यहां पे इनके फार्माकोनेटिक्स और एडवर्स इफेक्ट थेरेपिक एजेंट आप लोग देख लीजिएगा।
Otherwise, you can look at their pharmacokinetics and adverse effect therapeutic agents here.

[01:22:14] और इस तरीके से हमारी यूनिट फोर भी यहां पे कंप्लीट हो जाती है।
And in this way, our Unit Four is also completed here.

[01:22:18] और मिलते हैं हम लोग यहां पे नेक्स्ट वीडियो में।
And we will meet in the next video.

[01:22:19] तब तक के लिए, थैंक यू सो मच।
Until then, thank you so much.