# UPSC DRUG INSPECTOR (CDSCO) 2026 | Schedule V & Schedule X Complete | Drugs & Cosmetics Act 1945 PYQ

https://www.youtube.com/watch?v=yjDRCXroJXA
Translation: en

[00:01] हे एस्पिरेंट्स, हाउ आर यू?
  Hey aspirants, how are you?

[00:04] सो अगर आप यूपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर यानी कि सीडीएससीओ 2026 की प्रिपरेशन कर रहे हैं तो आज की क्लास आपके लिए गेम चेंजर हो सकती है क्योंकि शेड्यूल वी एंड शेड्यूल एक्स से हर साल डायरेक्टली या फिर इनडायरेक्टली क्वेश्चन पूछे जाते हैं, जब भी किसी भी ड्रग इंस्पेक्टर का एग्जामिनेशन होता है।
  So if you are preparing for the UPSC Drug Inspector, that is, CDSCO 2026, then today's class can be a game changer for you because questions are asked directly or indirectly every year from Schedule V and Schedule X, whenever any Drug Inspector examination takes place.

[00:20] तो इस बार हम यूपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर सीडीएससीओ की प्रिपरेशन कर रहे हैं, तो ये क्लास काफी ज्यादा इंपॉर्टेंट हमारे लिए होगी ही होगी, है ना?
  So this time we are preparing for the UPSC Drug Inspector CDSCO, so this class will definitely be very important for us, right?

[00:27] सो वी विल थिंक लाइक अ ड्रग इंस्पेक्टर।
  So we will think like a Drug Inspector.

[00:29] मैं आपको बताऊंगा कि इंस्पेक्टर इंस्पेक्शन के टाइम पर क्या देखता है, गवर्नमेंट एनालिस्ट रिपोर्ट को कैसे इंटरप्रिटेट करता है और एग्जामिनर किस टाइप की स्टेटमेंट बेस्ड और केस बेस्ड क्वेश्चंस बनाता है।
  I will tell you what an inspector looks for during an inspection, how they interpret the Government Analyst report, and what type of statement-based and case-based questions the examiner creates.

[00:41] अगर आपने ये क्लास ध्यान से कंप्लीट कर ली तो शेड्यूल वी एंड शेड्यूल एक्स आपके स्ट्रांगेस्ट टॉपिक बन सकते हैं।
  If you complete this class carefully, then Schedule V and Schedule X can become your strongest topics.

[00:45] तो चलिए शुरू करते हैं।
  So let's start.

[00:48] अब एक चीज और है कि मैं चाहता था कि यहां पर शेड्यूल वी वाई को भी जोड़ूं।
  Now there is one more thing, I wanted to add Schedule Y here as well.

[00:52] बट जब मैं इसको कंपाइल कर रहा था व्हेन आई रीड दी डॉक्यूमेंट्स लाइक जो मैंने आपको Telegram पर भी भेजा था।
  But when I was compiling this, when I read the documents like the ones I also sent you on Telegram.

[01:01] अच्छा Telegram का लिंक जो है मैंने कमेंट सेक्शन में डाल दिया है।
  Okay, I have put the Telegram link in the comment section.

[01:03] अगर आप जुड़ना चाहो तो जुड़ सकते हो।
  If you want to join, you can join.

[01:06] सो जब मैं इसको पूरा इंटरप्रेट कर रहा था तो एट दैट टाइम शेड्यूल वाइज जब मैंने देखा तो यार ये तो बहुत ही बड़ा था।
  So when I was interpreting this completely, at that time when I looked at it schedule-wise, man, it was huge.

[01:12] मतलब मेरे को इसको पढ़ने में ही इतना टाइम लग गया।
  I mean, it took me so much time just to read it.

[01:13] अभी भी मैं इसको कंप्लीट पूरा नहीं कर पाया हूं क्योंकि ये बहुत बड़ा शेड्यूल है।
  I still haven't been able to complete it entirely because this is a very large schedule.

[01:17] इसके अंदर सारे क्लीनिकल ट्रायल्स वगैरह हैं।
  It contains all the clinical trials and such.

[01:18] है ना?
  Right?

[01:20] इंपोर्ट्स के बारे में बात करी गई है।
  Imports have been discussed.

[01:21] बहुत सारे प्रोटोकॉल्स हैं इसके बारे में।
  There are many protocols regarding this.

[01:23] तो ये काफी बड़ा शेड्यूल है।
  So this is quite a large schedule.

[01:25] सो इसके लिए तो एक प्रॉपर अलग से ही क्लास लगेगी।
  So for this, a proper separate class will be needed.

[01:27] है ना?
  Right?

[01:27] मेरे को X में ही इतना ज्यादा टाइम लग गया।
  It took me so much time just in X.

[01:29] बिकॉज़ शेड्यूल X को मैंने H1 के साथ कंपाइल करने की कोशिश करी है।
  Because I have tried to compile Schedule X with H1.

[01:31] सो दैट इज़ व्हाई मेरे को थोड़ा सा ज्यादा टाइम लगेगा क्योंकि इसके अंदर फेसेस भी कराने पड़ेंगे आपको।
  So that is why it will take me a little more time because I will have to make you go through the phases in this as well.

[01:36] इसमें थोड़ा सा फार्माकोलॉजिकल एस्पेक्ट को भी मेरे को जोड़ना पड़ेगा।
  I will also have to add a bit of the pharmacological aspect to this.

[01:38] लाइक क्लीनिकल ट्रायल के जितने भी फज़ हैं फज़ वन, फज़ टू, फज़ थ्री, फज़ फोर दिख रहा होगा आपको यहां पर।
  Like all the phases of the clinical trial—phase one, phase two, phase three, phase four—you must be seeing it here.

[01:44] सो, इसलिए इसमें बहुत ज्यादा टाइम लगेगा।
  So, that is why it will take a lot of time.

[01:47] और आपका टाइम बचाना है मेरे को तो ऑब्वियस सी बात है मेरे को कंपाइल करना पड़ेगा।
  And if I have to save your time, then obviously I will have to compile it.

[01:50] लाइक पोस्ट मार्केटिंग फज़ का जो फज़ फोर है, है ना?
  Like the phase four of the post-marketing phase, right?

[01:53] तो ये बहुत बड़ा बैठता है।
  So this turns out to be very big.

[01:55] सो दैट इज़ व्हाई इसमें मेरे को बहुत ज्यादा टाइम लगेगा।
  So that is why it will take me a lot of time.

[01:57] सो इसको कल करेंगे शेड्यूल वाई को।
  So we will do this tomorrow, Schedule Y.

[02:00] है ना?
  Right?

[02:00] बहुत बड़ा शेड्यूल बैठता है।
  It turns out to be a very big schedule.

[02:02] तो आज जो हम करने जा रहे हैं आज हम शेड्यूल चलिए
  So what we are going to do today, today we will... Schedule, let's go.

[02:05] शुरू करते हैं।
  Let's start.

[02:05] है ना?
  Right?

[02:06] सो आज की जो क्लास है वो प्रॉपर तरीके से शेड्यूल नंबर वी से चलेगी।
  So today's class will proceed properly from Schedule V.

[02:09] वीवी अपने आप में बड़ा शेड्यूल है।
  V is a big schedule in itself.

[02:12] है ना?
  Right?

[02:12] वो दिखने में छोटा लगता है।
  It looks small.

[02:13] बट शेड्यूल जो हमारा वी है वो भी काफी बड़ा है।
  But our Schedule V is also quite big.

[02:17] तो आज बिना किसी देरी के साथ स्टार्ट करते हैं।
  So let's start today without any delay.

[02:19] दिस इज़ द यू नो कि SDSCO की ऑफिशियल वेबसाइट।
  This is, you know, the official website of CDSCO.

[02:21] देखो आपका पेपर भी सिड्स्सको का ही है।
  Look, your paper is also from CDSCO.

[02:23] देखो मैं ऑथेंटिक सोर्स के ऊपर ही बात करता हूं।
  Look, I only talk about authentic sources.

[02:25] यू नो वेरी वेल कि जितने भी ऑथेंटिक सोर्स हैं उसको ही कंपाइल कर कर मैं क्लासेस लेने की कोशिश पूरी-पूरी कर रहा हूं।
  You know very well that I am trying my best to conduct classes by compiling all the authentic sources.

[02:30] सो अगेन ये सीडीएसओ की तरफ से जो हमारा ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के साथ जो हमारा फार्मेसी एक्ट है यानी कि जिसकी हम बात करते हैं 1945।
  So again, this is from CDSCO, regarding our Drug and Cosmetic Act along with our Pharmacy Act, that is, the one we are talking about, 1945.

[02:39] सो ये प्रॉपर उसकी कंपाइलेशन है।
  So this is its proper compilation.

[02:42] सो अगेन इससे ही नोट्स बने हैं।
  So again, notes have been made from this.

[02:45] इसी से ही ऑथेंटिसिटी को मेंटेन करने की कोशिश करी गई है।
  Attempts have been made to maintain authenticity from this itself.

[02:47] है ना?
  Right?

[02:47] सो अगेन शेड्यूल वी आपको दिख रहा होगा स्टैंडर्ड्स फॉर द पेशेंट पेटेंट एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस।
  So again, you must be seeing Schedule V, Standards for Patent and Proprietary Medicines.

[02:53] तो इसको डिटेल में डिस्कशन करेंगे कि क्या होता है।
  So we will discuss in detail what it is.

[02:55] है ना?
  Right?

[02:56] इससे कैसे क्वेश्चन बन सकते हैं।
  How questions can be formed from this.

[02:58] सो दीज़ आर द थिंग्स।
  So these are the things.

[02:59] ठीक है?
  Okay?

[02:59] चलो शुरू करते हैं।
  Let's start.

[03:00] आई थिंक सभी बच्चे आ गए हैं।
  I think all the students have arrived.

[03:01] गुड इवनिंग काजल जगन जलेबी।
  Good evening Kajal, Jagan, Jalebi.

[03:04] देखो क्या नाम है भाई।
  Look, what is the name, brother.

[03:04] गौरी प्रिया आनंद
  Gauri, Priya, Anand.

[03:07] ज्योति बहुत बढ़िया।
  Jyoti, very good.

[03:10] सो अगेन सबसे पहले समझते हैं कि व्हाट इज़ शेड्यूल वी?
  So again, first of all, let's understand what is Schedule V?

[03:12] है ना?
  Right?

[03:12] और उससे भी पहले समझते हैं कि अगर कोई कंपनी अपनी खुद की मेडिसिंस बना दे है ना।
  And even before that, let's understand that if a company makes its own medicines, right.

[03:16] सो शेड्यूल वी किस तरीके से काम करेगा?
  So how will Schedule V work?

[03:18] है ना?
  Right?

[03:18] सो आइए दिस इज़ द शेड्यूल वी।
  So come, this is Schedule V.

[03:22] अ ये मैंने इसका स्क्रीनशॉट जो है Telegram पर भेज दिया था।
  I had sent its screenshot on Telegram.

[03:24] इसके अंदर सारे के सारे विटामिंस वगैरह थे।
  It contained all the vitamins etc.

[03:26] है ना?
  Right?

[03:26] उनके कितने अंदर होना चाहिए, क्या होना चाहिए।
  How much should be inside them, what should it be.

[03:30] सो अगेन शेड्यूल वी की जब भी बात करता हूं तो यहां पर पेटेंट मेडिसिंस और प्रोपरेटरी मेडिसिंस।
  So again, whenever I talk about Schedule V, here it deals with patent medicines and proprietary medicines.

[03:35] दो तरीके की मेडिसिनस से डील करता है शेड्यूल नंबर वी।
  Schedule number V deals with two types of medicines.

[03:37] है ना?
  Right?

[03:37] देखो वी ही बना रहा है।
  Look, V itself is making it.

[03:41] यानी कि पेटेंट मेडिसिंस एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस।
  Meaning patent medicines and proprietary medicines.

[03:43] यानी कि कुछ लीगल प्रोटेक्शंस की बात होगी।
  Meaning there will be talk of some legal protections.

[03:45] यहां पर प्रोपरेटरी फॉर्मुलेशंस की बात होगी।
  Here there will be talk of proprietary formulations.

[03:46] लेकिन क्वाडिलिटी की स्टैंडर्ड्स, लेबल का क्लेम और ड्रग इंस्पेक्टर का इवैल्यूएशन।
  But quality standards, label claims, and drug inspector evaluation.

[03:49] ये पूरी क्लास इस चीज के ऊपर निर्भर है।
  This entire class depends on this thing.

[03:51] आइए शुरू करते हैं चैप्टर नंबर वन।
  Let's start chapter number one.

[03:53] है ना?
  Right?

[03:53] सो चैप्टर नंबर वन यानी कि फाउंडेशन ऑफ द पेटेंट एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस।
  So chapter number one, meaning the foundation of patent and proprietary medicines.

[03:57] क्या है भैया ये?
  What is this, brother?

[04:00] है ना?
  Right?

[04:00] अब आ जाते हैं अपने वाले स्टाइल में।
  Now let's come to our own style.

[04:01] है ना?
  Right?

[04:01] इन सबको तो हम देख ही लेंगे।
  We will see all these anyway.

[04:03] फिर मैं आपको पढ़ाऊंगा कि व्हाई वाज़ शेड्यूल वीज़ इंट्रोड्यूस?
  Then I will teach you why was Schedule V introduced?

[04:05] क्यों करा गया शेड्यूल वी इंट्रोड्यूस?
  Why was Schedule V introduced?

[04:07] आप एज अ ड्रग
  You as a drug

[04:09] इंस्पेक्टर्स को क्या पर्सिव रखेंगे?
  What perspective will the inspectors keep?

[04:10] कैसे-कैसे आपको कंपाइलेशन करनी होगी?
  How will you have to do the compilation?

[04:13] कैसे प्रीवियस ईयर का क्वेश्चन यहां से बना हुआ है वो मैं आपको लिंक करके दिखाऊंगा।
  I will show you by linking how the previous year's questions were formed from here.

[04:17] देन चैप्टर नंबर टू चलेगा।
  Then chapter number two will proceed.

[04:20] आपको किसी भी बुक लेने की जरूरत नहीं है।
  You do not need to buy any book.

[04:22] है ना?
  Right?

[04:22] किसी भी बुक लेने की नीड नहीं है।
  There is no need to take any book.

[04:24] है ना?
  Right?

[04:24] 7 तारीख को एक मेरी छोटा सा पोर्टल एक लॉन्च कर रहा हूं मैं।
  I am launching a small portal of mine on the 7th.

[04:26] है ना?
  Right?

[04:26] सो उसमें आपको ये सब कुछ मिल जाएगा।
  So you will get all of this in that.

[04:28] है ना?
  Right?

[04:28] सो लीगल फाउंडेशन स्टचुरी फ्रेमवर्क?
  So, legal foundation, statutory framework?

[04:31] बिल्कुल।
  Absolutely.

[04:31] जैसे आप बुक पढ़ते हो उस तरीके से सारा कंपाइलेशन है।
  The entire compilation is done in the way you read a book.

[04:35] है ना?
  Right?

[04:35] फिर व्हाई डस द लॉ नीड अ सेपरेट शेड्यूल?
  Then, why does the law need a separate schedule?

[04:38] क्यों इसको अलग से पढ़ने की जरूरत पड़ रही है?
  Why is there a need to study this separately?

[04:40] इंस्पेक्टर का रोल क्या है?
  What is the role of the inspector?

[04:41] है ना?
  Right?

[04:41] फिर चैप्टर नंबर थ्री है जिसके अंदर सारी पेटेंट मेडिसिंस क्यों आई?
  Then there is chapter number three, in which why all patent medicines came?

[04:43] क्या काम करता है?
  What does it do?

[04:45] कैसे क्वेश्चन बनेगा इससे?
  How will a question be formed from this?

[04:47] है ना?
  Right?

[04:47] ये बहुत जरूरी है कि क्वेश्चन कैसे बनेगा?
  It is very important how the question will be formed.

[04:49] देन चैप्टर नंबर फोर जिसमें प्रोपरेटरी मेडिसिंस आएंगी।
  Then chapter number four, in which proprietary medicines will come.

[04:51] है ना?
  Right?

[04:51] फिर चैप्टर नंबर फाइव जिसमें पेटेंट वर्सेस प्रोपरेटरी वर्सेस फार्माकोपियल मेडिसिंस।
  Then chapter number five, in which patent versus proprietary versus pharmacopoeial medicines.

[04:55] तो इनके बीच में क्या डिफरेंस होता है।
  So what is the difference between them?

[04:57] देन मेडिसिंस की तरीके दो तरीके से चलती है।
  Then medicines work in two ways.

[04:59] एक ऑफिशियल और एक प्रोपरेटरी और ड्रग इंस्पेक्टर क्या समझेगा?
  One official and one proprietary, and what will the drug inspector understand?

[05:02] बिकॉज़ यह मैंने यहां पर इंटरव्यू वाला पर्सपेक्टिव डाल दिया है कि अगर एक इंटरव्यूअर आपसे पूछेगा
  Because I have added the interview perspective here, that if an interviewer asks you

[05:09] कि हां भाई बताइएगा।
  Yes brother, please tell me.

[05:10] हां।
  Yes.

[05:11] सो वो सारे क्वेश्चंस यहां पर हैं।
  So all those questions are here.

[05:13] प्रॉपर तरीके से कैसे क्वेश्चन बन सकते हैं।
  How can questions be formed in a proper way?

[05:15] अगेन दोनों एक जगह पर एस्पेक्ट डालकर देन शेड्यूल X के ऊपर आएंगे।
  Again, after putting both aspects in one place, we will come to Schedule X.

[05:17] तो बहुत बड़ा भी नहीं है और बहुत छोटा भी नहीं है।
  So it is neither too big nor too small.

[05:21] तो आइए इसको समझने की कोशिश करते हैं कि क्या है शेड्यूल वी?
  So let's try to understand what Schedule V is.

[05:24] है ना?
  Right?

[05:25] क्या है शेड्यूल नंबर वी?
  What is Schedule number V?

[05:26] तो काली दुनिया में चलते हैं।
  So let's go into the black world.

[05:28] अगेन अपनी दूसरी चीजों को समझाने की कोशिश करते हैं।
  Again, let's try to explain our other things.

[05:33] सबसे पहले यह समझो कि शेड्यूल वी को बेसिकली बनाया ही क्यों?
  First of all, understand why Schedule V was basically created.

[05:35] है ना?
  Right?

[05:36] क्यों बनाया?
  Why was it created?

[05:37] शेड्यूल वी को बनाया ही क्यों?
  Why was Schedule V created at all?

[05:39] अगर कोई कंपनी अपनी खुद की मेडिसिंस बना दे।
  If a company makes its own medicines.

[05:41] है ना?
  Right?

[05:41] लाइक कि कोई कोल्ड रिलीफ प्लस बना दे।
  Like if someone makes Cold Relief Plus.

[05:43] है ना?
  Right?

[05:44] कोई मान लो कि कोल्ड मैं लिख ही देता हूं।
  Suppose, let me write down cold.

[05:47] है ना?
  Right?

[05:49] फेनरिल 40 बना दे।
  Make Phenryl 40.

[05:50] कोई भी लीवर बूस्टर का कैप्सूल बना दे।
  Make any liver booster capsule.

[05:52] तो क्या यह नेम आईपी में होगा?
  So will this name be in the IP (Indian Pharmacopoeia)?

[05:54] नहीं होगा ना?
  It won't be, right?

[05:55] यह आईपी में तो होगा नहीं।
  It won't be in the IP.

[05:57] तो गवर्नमेंट कैसे डिसाइड करेगी कि यह मेडिसिंस की क्वालिटी वही है या नहीं है?
  So how will the government decide whether the quality of these medicines is the same or not?

[06:00] तो यही सॉल्व करने के लिए शेड्यूल नंबर बी को बनाया गया कि ये जो मेडिसिंस हैं इसको कैसे देखा जाएगा?
  So to solve this, Schedule number V was created, as to how these medicines will be viewed.

[06:05] तो फिर वही वाली बात है कि सपोज़ एक कंपनी है उसने
  So then it's the same thing, suppose there is a company that has...

[06:11] टेबलेट बनाई है ना दोबारा से वहां से शुरू करता हूं जहां पर मैंने छोड़ा था कि मान लो कि किसी ने ड्रग बनाई कोल्ड ऑफ प्लस है ना?
  You have made a tablet, right? I will start again from where I left off, assuming someone made a drug called Cold Off Plus, right?

[06:17] कौन सी ड्रग बनाई?
  Which drug was made?

[06:17] कोल्ड ऑफ प्लस।
  Cold Off Plus.

[06:19] उसका कंपोज़शन था पैरासिटामॉल।
  Its composition was Paracetamol.

[06:21] बहुत शांति से समझना इसको।
  Understand this very calmly.

[06:22] पैरासिटामॉल आईपी 500 mg है ना कैफीन डाल दी उसके अंदर है ना कैफीन आईपी 30mg है ना कुछ फिननेलफन HCL आईपी डाल दिया 10 mg है ना अब सोचो पैरासिटामॉल की आईपी मोनोग्राफ है भैया है ना ये भी मोनोग्राफ है कैफीन की भी मोनोग्राफ है है ना फिनाइलफिलीन की भी मोनोग्राफ है लेकिन कोल्ड ऑफ प्लस जो है इस नाम का कोई भी मोनोग्राफ आईपी में नहीं है अब ड्रग इंस्पेक्टर क्या करेगा इस सिचुएशन के लिए शेड्यूल वी को बनाया गया कि अब इस सिचुएशन में ड्रग इंस्पेक्टर क्या करेगा?
  Paracetamol IP 500 mg, right? Caffeine was added inside it, right? Caffeine IP 30mg, right? Some Phenylephrine HCL IP was added, 10 mg, right? Now think, Paracetamol has an IP monograph, brother, right? This also has a monograph, Caffeine also has a monograph, right? Phenylephrine also has a monograph, but Cold Off Plus, there is no monograph by this name in the IP. Now, what will the Drug Inspector do? For this situation, Schedule V was created, so what will the Drug Inspector do in this situation now?

[06:57] उसको तो पता ही नहीं है ना कि कोल्ड प्लस क्या है।
  He doesn't even know what Cold Plus is, right?

[06:59] तो शेड्यूल वी का मेन कांसेप्ट यहां से यही उठकर आता है कि पेटेंट एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस है ना पेटेंट एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस इसकी फिनिश फिनिश्ड फॉर्मुलेशंस
  So, the main concept of Schedule V arises from here, that Patent and Proprietary Medicines, right? Patent and Proprietary Medicines, its finished formulations.

[07:12] की क्वालिटी बताती है।
  It tells the quality.

[07:13] है ना?
  Isn't it?

[07:15] यानी कि इसकी फिनिश्ड क्वालिटी की कि भैया कैसी है।
  Meaning, it tells about its finished quality, like, how it is.

[07:17] तो सबसे पहला कंफ्यूजन तो यहां पर यही दूर होता है कि स्टूडेंट बोलते हैं कि सर अगर पैरासिटामॉल आईपी है तो शेड्यूल वी की जरूरत क्या है?
  So, the very first confusion is cleared here when students ask, 'Sir, if Paracetamol is IP, then what is the need for Schedule V?'

[07:25] तुम्हारे मन में आ रहा है क्वेश्चन राजेश काजल जगन कि अगर पैरासिटामॉल आईपी है तो शेड्यूल वी की जरूरत क्या है?
  Is the question coming to your mind, Rajesh, Kajal, Jagan, that if Paracetamol is IP, then what is the need for Schedule V?

[07:33] फिर तो इसको एच वच में ले जाओ।
  Then just put it in H-watch.

[07:35] है ना?
  Right?

[07:35] के में ले जाओ।
  Put it in K.

[07:36] अब इसको समझते हैं।
  Now let's understand this.

[07:38] ऐसे समझो कि तुम्हारे घर में बिरयानी बनी है।
  Understand it like this: biryani has been made in your house.

[07:41] है ना?
  Right?

[07:41] शुद्ध भी बन सकती है और मतलब बेसिकली वेज भी बन सकती है और नॉनवेज भी बन सकती है।
  It can be pure, and basically, it can be veg or non-veg.

[07:47] है ना?
  Right?

[07:47] सो अगर चावल अलग है, है ना?
  So if the rice is separate, right?

[07:50] चावल अलग है, मसाला अलग है, कोई चिकन बिरयानी खा रहा है, कोई सोयाबीन की खा रहा है, तो हर इंग्रेडिएंट अच्छा है।
  The rice is separate, the spices are separate, someone is eating chicken biryani, someone is eating soyabean biryani, so every ingredient is good.

[07:57] क्या है भैया?
  What is it, brother?

[07:57] सारा इंग्रेडिएंट बढ़िया है।
  All the ingredients are great.

[07:59] लेकिन क्या गारंटी है कि फाइनल बिरयानी भी परफेक्ट बनेगी?
  But what is the guarantee that the final biryani will also be perfect?

[08:01] बताओ भाई।
  Tell me, brother.

[08:05] सारा इंग्रेडिएंट अच्छा है।
  All the ingredients are good.

[08:05] भाई अगर मैं अगर किसी ऐसे ही किसी के हाथ में दे दी जाए।
  Brother, if I give it to just anyone's hands.

[08:09] सारा सामान अच्छा देकर भी क्या सही बात है कि सब कुछ सही बनेगा?
  Even after giving all the good stuff, is it true that everything will turn out right?

[08:11] नहीं बनेगा ना।
  It won't, right?

[08:11] कई
  Many

[08:13] बार नमक ज्यादा हो सकता है।
  Sometimes the salt can be too much.

[08:16] यानी कि साल्ट ज्यादा हो सकता है।
  Meaning, the salt can be excessive.

[08:18] कई बार मंगोड़ी या फिर चिकन कम हो सकते हैं।
  Many times, the mangodi or chicken can be less.

[08:20] है ना?
  Right?

[08:20] या फिर कुकिंग गलत हो सकती है।
  Or the cooking can be wrong.

[08:22] तेज पे चला दे, कम पे चला दे।
  Cooking it on high heat or low heat.

[08:24] एग्जैक्टली मेडिसिंस के साथ भी यही होता है कि इंग्रेडिएंट की जो क्वालिटी होती है, इज़ नॉट एप्रोप्रियट कि फिनिश प्रोडक्ट बिल्कुल सही निकल कर आए।
  Exactly the same happens with medicines, that the quality of the ingredients is not appropriate for the finished product to come out perfectly.

[08:31] है ना?
  Right?

[08:33] जो इंग्रेडिएंट की क्वालिटी है, हम क्या इसमें है कि भैया कि जो फिनिश प्रोडक्ट निकल कर आएगा कि वो सही है।
  Regarding the quality of the ingredients, how do we ensure that the finished product that comes out is correct?

[08:36] इसीलिए लोगों को दो जगह पर क्वालिटी चेक करना होता है।
  That is why people have to do quality checks at two places.

[08:38] है ना?
  Right?

[08:41] इसीलिए इस लो के हिसाब से इसीलिए लो के बेसिकली लो को दो जगह पर जो है हमारे यहां पर टेस्ट करना जरूरी होता है।
  That is why, according to this law, it is necessary for us to test at two places.

[08:47] एक होता है फर्स्ट लेवल एंड अनदर वन इज द सेकंड लेवल है ना दो लेवल पर
  One is the first level and another one is the second level, right, at two levels.

[08:54] रॉ मटेरियल फर्स्ट लेवल क्या है?
  What is the first level, raw material?

[09:00] रॉ मटेरियल।
  Raw material.

[09:00] कच्चा पदार्थ कच्चा पदार्थ बोले तो पैरासिटामॉल आईपी कैफीन आईपी फिनाइलफिनिन आईपी हर इंग्रेडिएंट फार्माकोपिया फॉलो करेगा
  Raw material, meaning Paracetamol IP, Caffeine IP, Phenylephrine IP; every ingredient will follow the pharmacopoeia.

[09:11] लेकिन सेकंड लेवल क्या है फिनिश्ड टैबलेट
  But what is the second level? Finished tablet.

[09:14] यानी कि कोल्ड ऑफ प्लस जिसकी हम इतनी देर से बात कर रहे हैं, कोई भी एक्स वाई जेड रख हो सकती है तो ये शेड्यूल वी फॉलो करेगा।
  Meaning, Cold Off Plus, which we have been talking about for so long, or any XYZ drug, will follow Schedule V.

[09:20] और यही तुमसे क्वेश्चन पूछना चाह रहा था कि व्हाट इज़ शेड्यूल नंबर वी?
  And this is the question I wanted to ask you: what is Schedule V?

[09:22] तो अब समझ में आया कि इंग्रेडिएंट्स वो फार्माकोपिया आईपी, बीपी, यूएसपी को फॉलो करेगा और फिनिश प्रोडक्ट जो होगा वो शेड्यूल वी फॉलो करेगा।
  So now do you understand that the ingredients will follow the Pharmacopoeia IP, BP, USP, and the finished product will follow Schedule V?

[09:32] बात समझ में आई?
  Did you understand?

[09:35] इसी लाइन को कभी नहीं भूलना।
  Never forget this line.

[09:38] इसी लाइन को कभी नहीं भूलना कि जो ये वाला फर्स्ट वाला लेवल है ना यानी कि आईपी है ना?
  Never forget this line, that this first level, meaning IP, right?

[09:42] यानी कि जितने भी इंग्रेडिएंट्स हैं ना?
  Meaning, all the ingredients, right?

[09:44] यानी कि तुम्हारा चिकन मसाला, तंदूरी मसाला है ना?
  Meaning, your chicken masala, tandoori masala, right?

[09:46] जितना भी तुम्हारा चिकन चाट मसाला कुछ भी कोई भी मसाला।
  Whatever your chicken chaat masala, anything, any masala.

[09:51] तो दीज़ आर द थिंग किचन किंग है ना?
  So these are the things, Kitchen King, right?

[09:54] तो ये सब जितने भी मसाला है ये जितना भी मतलब बेसिकली इंग्रेडिएंट्स हैं ये सब फार्माकोपिया फॉलो करेगा।
  So all these masalas, whatever they are, basically the ingredients, will all follow the Pharmacopoeia.

[09:58] लेकिन जब ये फिनिश्ड प्रोडक्ट निकल कर आएगा है ना ये बेसिकली जो है शेड्यूल वी के अंदर आएगा।
  But when this finished product comes out, it will basically come under Schedule V.

[10:05] अब समझे बेटा जब हम अलग पेपर की तैयारी करते हैं लाइक हम आरआरबी की है ना एम्स सीआरई की है ना सो उसके अंदर शेड्यूल्स पढ़ने का तरीका अलग होता है बट व्हेन वी
  Now do you understand, son? When we prepare for different exams like RRB or AIIMS CRE, the way of studying schedules is different, but when we...

[10:15] आर टॉकिंग अबाउट दी एंड वी व्हेन वी आर प्रिपेयरिंग फॉर द यूपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर एग्जामिनेशन सो द पैटर्न इज़ टोटली डिफरेंट है ना.
  We are talking about the end, when we are preparing for the UPSC Drug Inspector examination, the pattern is totally different, isn't it?

[10:21] एट द टाइम वी विल डीप डाउन इट है ना.
  At that time we will dive deep into it, right?

[10:25] सो दैट इज़ व्हाई इसको इस तरीके से ही पढ़ना पड़ेगा.
  So that is why it has to be studied in this way only.

[10:27] अब रूल नंबर 124 समझो क्या कहता है है ना.
  Now understand what Rule number 124 says, okay?

[10:29] नोट्स सारे के सारे हैं नोट्स के अंदर सब कुछ है लेकिन यहां पर हमको समझने की बात कि व्हाट इज रूल नंबर 120 सॉरी 124 है ना.
  All the notes are there, everything is in the notes, but here we need to understand what is Rule number 120, sorry 124, right?

[10:35] 124 रूल नंबर क्या कहता है सर.
  What does Rule number 124 say, sir?

[10:39] 124 रूल नंबर कहता है कि रूल नंबर 124 बोलता है कि पेटेंट एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस की जो स्टैंडर्ड्स हैं कि जो स्टैंडर्ड्स हैं वो शेड्यूल वी में दिए गए हैं.
  Rule number 124 says that Rule number 124 states that the standards for patent and proprietary medicines, the standards, are given in Schedule V.

[10:57] है ना?
  Right?

[10:57] बस रूल सिर्फ शेड्यूल वी को लीगल पावर देता है.
  The rule just gives legal power to Schedule V.

[11:01] हां भाई जेरिक ट्रक्स डब्ल्यू है बेटा तो वही तो बात हो गई ना.
  Yes brother, generic drugs are W, son, so that's the point, isn't it?

[11:06] जेरिक में क्या होता है जेरिक में ब्रांड नेम्स नहीं होते जेरिक में सिर्फ साल्ट नेम होते हैं है ना.
  What happens in generic? In generic, there are no brand names; in generic, there are only salt names, right?

[11:09] चलो सो अगेन कॉन्स्टिट्यूशन पार्लियामेंट को पावर देता है कॉन्स्टिट्यूशन.
  Okay, so again, the Constitution gives power to the Parliament, the Constitution.

[11:18] कॉन्स्टिट्यूशनल पार्लियामेंट को पावर देता है पर लॉ पार्लियामेंट बनाती है, यह बात पता है ना?
  The Constitution gives power to the Parliament, but the Parliament makes the law; you know this, right?

[11:25] वैसे ही 124 रूल नंबर जो होता है वो शेड्यूल वी को इनफोर्स कराता है यानी कि जो शेड्यूल वी है वो रूल नंबर 124 के हिसाब से चलता है।
  Similarly, rule number 124 enforces Schedule V, meaning Schedule V operates according to rule number 124.

[11:34] ये बात समझ में आनी चाहिए।
  This should be understood.

[11:35] तो यहां पर बात आती है पेटेंट एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस क्या होती हैं?
  So, the question arises here: what are patent and proprietary medicines?

[11:41] अब पेटेंट मेडिसिन का मतलब क्या होता है?
  Now, what is the meaning of patent medicine?

[11:43] जिस मेडिसिन पर पेटेंट प्रोटेक्शन हो, है ना?
  A medicine that has patent protection, right?

[11:46] जिस पेटेंट पर मतलब कि जिस पेशेंट रुक जाओ, मैं इसको अगले पेज पर ही लेकर चलता हूं।
  On which patent, I mean, which patient—wait, let me take this to the next page.

[11:52] लाओ, सो पेटेंट क्या है भाई?
  Bring it, so what is a patent, brother?

[11:55] व्हाट इज़ पेटेंट मेडिसिन?
  What is patent medicine?

[11:58] जिस भी मेडिसिन के ऊपर यानी कि जो भी दवा गोली है, है ना, उस वो पेटेंट प्रोटेक्टेड है।
  Any medicine, meaning whatever drug or pill it is, right, it is patent protected.

[12:03] अब पेटेंट तुमको सबको पता ही है भैया जिसकी रिसर्च है, है ना?
  Now, you all know what a patent is, brother, it belongs to whoever did the research, right?

[12:05] तो जिस कंपनी ने इसको इन्वेंट करा या जिसने जिसको दे दिए इसके राइट्स वाइट्स।
  So, the company that invented it or whoever they gave the rights to.

[12:10] हम तो यही पढ़ेंगे कि जिसने इसको इन्वेंट करा है ना?
  We will just study that whoever invented it, right?

[12:12] चलो पेटेंट लिया एग्जीक्यूटिव राइट्स मिले तो कोई नया।
  Okay, a patent was taken, executive rights were received, so someone new.

[12:19] मॉलिक्यूल बनकर आया है ना?
  It has come as a molecule, right?

[12:21] तो दैट इज़ पेटेंट मेडिसिन।
  So that is a patented medicine.

[12:23] इसको पेटेंट कहेंगे।
  This will be called a patent.

[12:23] प्रोपरेटरी क्या है?
  What is proprietary?

[12:26] प्रोपरेटरी मेडिसिंस क्या है?
  What are proprietary medicines?

[12:28] अप्रोप्रिटी मतलब कंपनी का अपना फॉर्मुलेशन।
  Proprietary means the company's own formulation.

[12:32] यूजुअली ब्रांड कॉम्बिनेशन करती है तो आईपी में फिनिश फॉर्मुलेशन अवेलेबल नहीं होता तो एग्जांपल वही वाला जो अभी पढ़ाया था कोल्ड लोफ है ना पेनिल फोर्ट कुछ भी अपने हिसाब से कॉम्बिनेशन बना दिया है ना।
  Usually, the brand does a combination, so the finished formulation is not available in IP, so the example is the same one I just taught, Cold Loaf, right, Phenyl Forte, anything, they made a combination according to their own choice, right.

[12:45] तो इंपॉर्टेंट ये है कि एक होता है ब्रांड नेम और एक होता है जेनेटिक नेम।
  So the important thing is that there is a brand name and there is a generic name.

[12:51] यहां पर समझते रहना एक भी चीज बीच में छूट गई तो आपसे बहुत सारी चीजें छूट जाएंगी है ना।
  Keep understanding here, if even one thing is missed in between, you will miss a lot of things, right.

[12:56] सो व्हाट इज ब्रांड ब्रांड नेम।
  So what is a brand, a brand name.

[12:58] अब ब्रांड नेम जरूरी नहीं है कि जेरिक नेम हो।
  Now, it is not necessary that the brand name is the generic name.

[13:00] तो ब्रांड नेम इज नॉट इज़ इक्वल टू द जेरिक नेम।
  So the brand name is not equal to the generic name.

[13:03] जो हम इतनी देर से बात कर रहे थे।
  Which we have been talking about for so long.

[13:05] तो ब्रांड नेम इज नॉट द जेनरिक नेम।
  So the brand name is not the generic name.

[13:08] जेरिक का मतलब होता है कि पैरासिटामोल।
  Generic means paracetamol.

[13:11] जेरिक का मतलब होता है जेनरिक का मतलब होता है पैरासिटामॉल।
  Generic means, generic means paracetamol.

[13:17] और ब्रांड का मतलब होता है क्रोसिन।
  And brand means Crocin.

[13:20] यस यस।
  Yes, yes.

[13:20] यस बहुत।
  Yes, a lot.

[13:20] तो जेरिक नेम हुआ पैरासिटामॉल और ब्रांड नेम हुआ क्रोसिन।
  So the generic name is Paracetamol and the brand name is Crocin.

[13:26] है ना?
  Right?

[13:26] तो ब्रांड डोलो भी हो सकती है।
  So the brand can also be Dolo.

[13:29] ब्रांड कालपोल भी हो सकती है।
  The brand can also be Calpol.

[13:29] लेकिन सबका जेरिक सेम है।
  But the generic for everyone is the same.

[13:36] समझे?
  Understood?

[13:36] यह बात समझ में आई?
  Did you understand this?

[13:39] कि जो जेरिक है जेनरिक का मतलब होता है जो आईपी में मेंशन है।
  That what is generic, generic means what is mentioned in the IP.

[13:42] यानी कि जो उसका मेन इंग्रेडिएंट है दैट इज़ जेरिक।
  Meaning that its main ingredient is the generic.

[13:45] यह नहीं होता कि जेनरिक गोली ले ले।
  It doesn't mean to just take a generic pill.

[13:47] जेनरिक का मतलब होता है कि जो उसका मेन इंग्रेडिएंट है।
  Generic means what its main ingredient is.

[13:49] अब चाहे तुम लगा लो, डोलो, चाहे लगा लो, कालपोल चाहे लगा लो, कुछ सब में क्या है?
  Now whether you take Dolo, whether you take Calpol, or anything, what is in all of them?

[13:53] सब में है पैरासिटामॉल।
  All of them have Paracetamol.

[13:58] तो ड्रग इंस्पेक्टर फैक्ट्री में क्या देखेगा?
  So what will a drug inspector look for in a factory?

[14:00] मान लो तुम ड्रग इंस्पेक्टर हो।
  Suppose you are a drug inspector.

[14:03] है ना?
  Right?

[14:03] मान लो तुम ड्रग इंस्पेक्टर।
  Suppose you are a drug inspector.

[14:05] हो।
  Yes.

[14:05] मान के लो तुम बन गए भैया।
  Just assume you became one, brother.

[14:06] है ना?
  Right?

[14:06] तो फैक्ट्री इंस्पेक्शन चल रहा है।
  So a factory inspection is going on.

[14:09] तुम क्या देखोगे?
  What will you look for?

[14:09] सबसे पहले यही देखोगे कि मेडिसिंस जो है वो पी एंड पी है या नहीं है।
  First of all, you will check whether the medicines are P and P or not.

[14:15] अगर हां, तो शेड्यूल बी अप्लाई होगा।
  If yes, then Schedule B will apply.

[14:18] फिर कंपोज़शन देखोगे।
  Then you will check the composition.

[14:18] हर
  Every

[14:20] इंग्रेडिएंट आईपी है या नहीं देखोगे।
  You will check whether the ingredient is IP or not.

[14:23] यह देखोगे।
  You will check this.

[14:23] कसी की रिपोर्ट चेक करोगे, एस्स देखोगे, है ना भाई?
  You will check the QC report, you will check the assay, right brother?

[14:26] सारा सारा उठाकर एस्स देखोगे, लेवल का क्लेम कंपेयर करोगे कि भैया जितना इन्होंने बोला था उतना मेंशन है या नहीं है।
  You will take everything and check the assay, you will compare the label claim to see if, brother, whatever they claimed is mentioned or not.

[14:33] है ना?
  Right?

[14:33] अगर पास है तो ठीक है।
  If it passes, then it is fine.

[14:35] वरना तो एनएसक्यू डिसाइड करोगे।
  Otherwise, you will decide it is NSQ.

[14:36] है ना?
  Right?

[14:37] और ये सब मैं पढ़ा चुका हूं।
  And I have already taught all of this.

[14:39] अगर कोई बच्चा ये पूछ रहा है कि सर आप सारे शेड्यूल ए से लेकर z तक पढ़ाओगे?
  If any student is asking, 'Sir, will you teach all the schedules from A to Z?'

[14:42] तो बेटा एक बात याद रखो।
  Then child, remember one thing.

[14:44] ये जहां तक तुम आ चुके हो इससे पहले प्रीवियस ईयर मतलब पुरानी क्लासेस देखो।
  Up to where you have reached, before this, watch the previous year, meaning the old classes.

[14:47] कोर्स देखो।
  Watch the course.

[14:48] उसके अंदर सारे के सारे शेड्यूल्स मैं पढ़ा चुका हूं।
  I have already taught all the schedules in that.

[14:51] ठीक है?
  Okay?

[14:51] चलो।
  Let's go.

[14:52] और सबसेेंट कांसेप्ट आता है लेवल क्लेम है ना और यह हर एग्जाम में आता है।
  And the subsequent concept is label claim, right, and it comes in every exam.

[14:57] है ना?
  Right?

[14:58] और यह हर एग्जाम में पूछा जाता है लेवल क्लेम।
  And label claim is asked in every exam.

[15:00] अब पहले उससे पहले एक बार देख लो।
  Now, before that, take a look once.

[15:02] है ना?
  Right?

[15:03] देन आगे चलते हैं।
  Then let's move forward.

[15:04] तो इतनी बात समझ में आई कि पेटेंट एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस क्या होती हैं?
  So, did you understand this much about what patent and proprietary medicines are?

[15:07] ट्रक की फॉर्मुलेशन, क्वालिटी स्टैंडर्ड, लेवल का क्लेम और रेगुलेटरी कंप्लायंस हम चेक करते हैं इन द शेड्यूल नंबर वी।
  We check the drug's formulation, quality standard, label claim, and regulatory compliance in Schedule V.

[15:13] है ना?
  Right?

[15:13] सो, क्यों शेड्यूल वी को इंट्रोड्यूस करा गया?
  So, why was Schedule V introduced?

[15:16] अब ये तुम्हें समझ में आ चुका है।
  Now you have understood this.

[15:17] अब तुम नोट्स पढ़ोगे तो समझ में अच्छे से आएगा कि हां भैया न्यू फॉर्मुलेशन कॉम्बिनेशन,
  Now if you read the notes, you will understand better that yes brother, new formulation combination,

[15:21] डोसेज फॉर्म, प्रोपरेटरी प्रोडक्ट्स जब ये बन रहे थे तो ऐसी चीजें जो कि फार्माकोपियल मोनोग्राफ के अंदर मेंशन नहीं थी।
  When dosage forms and proprietary products were being made, there were things that were not mentioned in the pharmacopoeial monograph.

[15:27] तो उन सब के लिए हमने शेड्यूल नंबर वी बनाया।
  So, for all of those, we created Schedule V.

[15:30] है ना भैया?
  Right, brother?

[15:32] इसीलिए शेड्यूल नंबर वी बनाया कि हम जाकर उनका फिर जेरिक नेम को चेक करेंगे।
  That is why Schedule V was created, so that we could go and check their generic names.

[15:34] तभी तुम जो नॉर्मल पेपर के अंदर पढ़ते हो कि शेड्यूल वी इज़ ऑल अबाउट द जेरिक नेम।
  That is why you read in normal papers that Schedule V is all about generic names.

[15:38] है ना?
  Right?

[15:40] ऐसा नहीं है।
  It is not like that.

[15:40] इफ वी आर प्रिपेयरिंग फॉर द ड्रग इंस्पेक्टर एग्जामिनेशन तो आपको यह सब समझना पड़ेगा कि खाली जेनेरिक नेम नहीं होता है।
  If we are preparing for the Drug Inspector examination, then you have to understand that it is not just about generic names.

[15:46] उसके अंदर और भी बहुत सारी चीजें होती हैं।
  There are many other things inside it.

[15:48] तो मैन्युफैक्चरर क्लेम करता है प्रोडक्ट का लेवल, मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड, एनालिटिकल इवैल्यूएशन।
  So, the manufacturer claims the product level, manufacturing record, and analytical evaluation.

[15:53] फिर हम रेगुलेटरी कंप्लायंस को चेक कर एज अ ड्रग इंस्पेक्टर बात कर रहा हूं मैं आज की तारीख में आपसे।
  Then we check regulatory compliance; I am speaking to you today as a Drug Inspector.

[15:57] है ना?
  Right?

[15:59] तो एक क्वेश्चन बनता है।
  So, a question arises.

[16:01] एक क्वेश्चन बनता है आप लोगों के लिए कि रिलेटेड टू शेड्यूल वी आर यूजुअली कासेप्ट बेस्ड क्वेश्चन बनते हैं।
  A question arises for you all that questions related to Schedule V are usually concept-based.

[16:07] डेफिनेशन बेस क्वेश्चन नहीं बनते।
  Definition-based questions are not formed.

[16:09] जैसे कि पेटेंट वर्सेस प्रोपरेटरी मेडिसिंस क्या होती हैं?
  For example, what are patent versus proprietary medicines?

[16:11] लेबल क्लेम का इंटरप्रिटेशन कैसे करोगे?
  How will you interpret the label claim?

[16:13] क्वालिटी इवैल्यूएशन कैसे करोगे?
  How will you do the quality evaluation?

[16:15] इंस्पेक्टर डिसीजन मेकिंग कैसे बनाएगा?
  How will the inspector make decisions?

[16:17] और केस बेस सिनेरियोस कैसे होते हैं?
  And what are case-based scenarios like?

[16:19] तो इन
  So in

[16:22] सब के लिए भी एमसीक्यूस मैं प्रिपेयर कर रहा हूं बहुत दिनों से बाय द हेल्प ऑफ द प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस और अपनी तरफ से।
  I have been preparing MCQs for everyone for a long time with the help of previous year questions and from my own side.

[16:28] तो मोस्ट प्रोबेबबली जैसे हमारा मेडिकल डिवाइसेस के अंदर क्वेश्चंस लगे थे।
  So most probably, just like how our questions were placed in medical devices.

[16:31] होप इस बार भी वैसा ही तहलका मचेगा सब जगह पर।
  I hope this time too, it will create the same sensation everywhere.

[16:36] है ना?
  Right?

[16:36] चलो तो देन आता है चैप्टर नंबर टू।
  Okay, so then comes chapter number two.

[16:40] है ना?
  Right?

[16:40] अब इसके अंदर लेवल क्लेम और ये सब देखेंगे।
  Now inside this, we will look at label claims and all that.

[16:42] तो अगेन आते हैं फिर उधर से नोट्स तो पढ़ते ही रहेंगे।
  So again, we will keep reading the notes from there.

[16:44] समझना बड़ा जरूरी है।
  It is very important to understand.

[16:46] है ना?
  Right?

[16:46] समझ लेते तो आज हम कहीं और होते।
  If we had understood, we would be somewhere else today.

[16:48] है ना भाई?
  Right brother?

[16:48] चलो।
  Okay.

[16:48] सो अगेन लेवल पर लिखा हुआ है पैरासिटामॉल 500 एमg।
  So again, it is written on the label: Paracetamol 500 mg.

[16:51] है ना?
  Right?

[16:54] क्या लिखा हुआ है?
  What is written?

[16:54] 500 एमg।
  500 mg.

[16:57] अब लैंप में एनालिसिस हुआ रिजल्ट आया 495 mg क्या एक्सेप्टेबल है यस है क्योंकि वेरिएशन अलाउड है वो कितना है वो फिर अलग-अलग कांसेप्ट है तो लो वेरिएशन अलाउ ही क्यों करता है पहली बात तो ये क्योंकि मेडिसिंस यार मशीन बनाती हैं ह्यूमन बनाता है तो मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेससेस है तो टेस्टिंग प्रोसेससेस है स्टोरेज प्रोपेशंस है ना और इसीलिए जो है वो 500 +0000 mg हर
  Now, analysis was done in the lab, the result came as 495 mg, is it acceptable? Yes, it is, because variation is allowed, how much that is, is a different concept. So why is variation allowed in the first place? Because, man, medicines are made by machines, made by humans, so there are manufacturing processes, testing processes, storage preparations, right? And that is why 500 +0000 mg every

[17:22] टेबलेट इंपॉसिबल है इसीलिए टॉलरेंस थोड़ी सी दी गई है ना.
  Tablets are impossible, that is why a little bit of tolerance has been given, right?

[17:27] सो अगर मैं जनरल रूल की बात करता हूं तो जितने भी तुम्हारी नॉर्मल ड्रग्स हैं जो जितने भी नॉर्मल ड्रग्स हैं मिनिमम 90% मिनिमम 90% और मैक्सिमम 110% बस मोटा-मोटा इसी रेंज के अंदर है ना.
  So if I talk about the general rule, then all your normal drugs, all the normal drugs, are roughly within this range of minimum 90% and maximum 110%, right?

[17:43] अगर इस रेंज में है तो ये स्टैंडर्ड है.
  If it is in this range, then it is standard.

[17:45] रेंज ही अगर बाहर गया तो फिर इन्वेस्टिगेशन की जरूरत पड़ेगी और फिर उसके ऊपर एनएस लग सकता है.
  If it goes outside the range, then an investigation will be needed and then NS can be applied to it.

[17:49] यानी कि नोट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी है ना?
  Meaning, Not of Standard Quality, right?

[17:52] तो ये इतनी सी बातें हैं.
  So these are the few things.

[17:55] है ना भाई?
  Right, brother?

[17:57] चलो यस यस है.
  Okay, yes, yes.

[17:58] तो उसके लिए मेडिकल डिवाइज की मेरा अलग से कोर्स पड़ा हुआ है.
  So for that, I have a separate course on medical devices available.

[18:00] फ्री कोर्स है.
  It is a free course.

[18:01] जाकर आप चेक कर सकते हो.
  You can go and check it.

[18:03] और वो तो बहुत ही प्यारा कोर्स है.
  And that is a very lovely course.

[18:05] मतलब उसको बहुत दिल से बनाया है जैसे इसको बना रहा हूं.
  I mean, I have made it with a lot of heart, just like I am making this one.

[18:07] है ना?
  Right?

[18:07] तभी तो उससे बहुत सारे क्वेश्चन लगे हैं.
  That is why many questions have come from it.

[18:08] तो इसके अंदर भी मेडिकल डिवाइसेस के क्वेश्चन आएंगे.
  So questions about medical devices will come in this too.

[18:10] तो वो हैं कुछ वीडियोस आपके लिए पड़ी हुई हैं प्लेलिस्ट में और साथ में कोर्स पड़ा हुआ है मेडिकल डिवाइज का.
  So there are some videos available for you in the playlist and along with that, the medical device course is available.

[18:15] उनको भी जाकर पढ़ लीजिएगा.
  Go and study those as well.

[18:17] है ना?
  Right?

[18:18] चलो.
  Okay.

[18:19] ठीक है.
  Alright.

[18:19] शिवू शर्मा जी उसके लिए भी एक चीजें लेकर आएंगे आने वाले समय में.
  Shivu Sharma ji, we will bring things for that too in the coming time.

[18:22] ठीक है?
  Okay?

[18:22] तो इतनी बात समझ.
  So, understood this much.

[18:23] में आ गई कि तो 96 है तो पास हो जाएगा।
  It came to mind that if it is 96, then it will pass.

[18:25] 108 है तो पास हो जाएगा।
  If it is 108, then it will pass.

[18:25] है ना?
  Isn't it?

[18:26] 100 के हिसाब से बात करते हैं।
  Let's talk based on 100.

[18:27] चलो अब अगला टॉपिक आता है सर सबसे बड़ी बात।
  Okay, now the next topic comes, sir, the biggest point.

[18:29] हां सर सबसे बड़ी बात सर सबसे बड़ी बात एक है विटामिन।
  Yes sir, the biggest point, sir, the biggest point is one, vitamins.

[18:34] हां सर सर जिसका आपने स्क्रीनशॉट टेलीग्राम पर भी डाला था अभी।
  Yes sir, the one whose screenshot you had also posted on Telegram just now.

[18:38] है ना?
  Isn't it?

[18:38] सो विटामिंस के लिए कुछ एक्सेंपशनंस हैं।
  So there are some exemptions for vitamins.

[18:43] विटामिंस के लिए कुछ एग्ेंपशन है।
  There are some exemptions for vitamins.

[18:43] अब ये क्या है सर?
  Now what is this, sir?

[18:47] अब यह स्टूडेंट्स कंफ्यूज करते हैं यहां पर कि विटामिन टाइम के साथ डिग्रेड होते हैं।
  Now students get confused here that vitamins degrade with time.

[18:52] जैसे कि विटामिन सी, जैसे कि विटामिन B1, विटामिन B12 ये सब क्या है?
  Like vitamin C, like vitamin B1, vitamin B12, what are all these?

[19:02] ये स्टोरेज में पोटेंसी कम होती रहती है।
  Their potency keeps decreasing in storage.

[19:04] जब भी इनको स्टोर करते हैं तो बेटा इनकी पोटेंसी कम होती है।
  Whenever they are stored, son, their potency decreases.

[19:07] अब इस वजह से मैन्युफैक्चरर साइंटिफिकली जस्टिफाइड ओवर एजेस यूज़ कर सकते हैं ताकि वो परमिटेड बाय द स्टैंडर्ड ताकि वो एक्सपायरी तक रिक्वायर्ड पोटेंसी बनी रहे।
  Now for this reason, manufacturers can use scientifically justified overages so that it is permitted by the standard, so that the required potency remains until expiry.

[19:18] मतलब ओवरएज का पर्पस यह होता है कि पेशेंट को ओवरडोज़
  Meaning the purpose of overage is that the patient [gets] an overdose

[19:26] देना नहीं है बल्कि शेलफ लाइफ के एंड तक लेबल क्लेम करने के लिए होता है।
  It is not to be given, but rather it is for claiming the label until the end of the shelf life.

[19:30] तो स्टार्टिंग में वो थोड़ा सा इसको ज्यादा बनाकर रखते हैं जिसकी वजह से जब वो स्टोर होकर मार्केट तक पहुंचे तो फिर वो नॉर्मल काम करें।
  So, in the beginning, they make it a little bit extra so that when it is stored and reaches the market, it functions normally.

[19:37] तो यहां पर ड्रग इंस्पेक्टर की सोच क्या है?
  So, what is the mindset of a drug inspector here?

[19:39] यानी कि यहां पर तुमसे अगर इंटरव्यू में क्वेश्चन पूछा जाए कि नंबर देखते हो क्या?
  Meaning, if you are asked a question in an interview here, 'Do you look at the numbers?'

[19:44] तो वो कहेगा कि ड्रग इंस्पेक्टर सिर्फ सर नंबर नहीं देखता।
  Then he will say that a drug inspector does not just look at the numbers, sir.

[19:47] है ना सर?
  Isn't that right, sir?

[19:47] एज अ ड्रग इंस्पेक्टर आई ऑलवेज नॉट चेक दी नंबर्स है ना दे थिंक दैट कि पेशेंट को एक्चुअल डोज़ मिल भी रही है या नहीं मिल रही है।
  As a drug inspector, I don't always just check the numbers; they think about whether the patient is actually receiving the correct dose or not.

[19:56] तो यही जुरिस्पडेंस एंड दिस इज़ द फॉरेंसिक फार्मेसी।
  So this is jurisprudence, and this is forensic pharmacy.

[19:59] यही जरिसुडेंस का प्रैक्टिकल एंगल है।
  This is the practical angle of jurisprudence.

[20:02] है ना?
  Isn't it?

[20:02] यानी कि तुम सिर्फ रट लेते हो कि शेड्यूल वी है तो 90 से 110 है।
  Meaning, you just memorize that if it is Schedule V, then it is 90 to 110.

[20:06] लेकिन एग्जामिनर ऐसा क्वेश्चन नहीं पूछेगा कि कितनी रेंज होती है।
  But the examiner will not ask a question like what the range is.

[20:08] वो पूछेगा अगर इंग्रेडिएंट सब आईपी के अकॉर्डिंग है।
  He will ask, if all ingredients are according to the IP (Indian Pharmacopoeia).

[20:13] फिर भी फिनिश फॉर्मुलेशन फेल हो गई तो क्या वो स्टैंडर्ड क्वालिटी है?
  Even then, if the finished formulation fails, is it of standard quality?

[20:15] आंसर इज़ नो।
  The answer is no.

[20:17] क्योंकि इंग्रेडिएंट पास का मतलब फिनिश्ड प्रोडक्ट ऑटोमेटिकली पास नहीं होता।
  Because the ingredient passing does not mean the finished product automatically passes.

[20:21] मैंने दोनों चीज़ अलग-अलग बताई थी कि एक चीज अलग है और एक चीज अलग है।
  I had explained both things separately, that one thing is different and the other is different.

[20:24] है ना?
  Isn't it?

[20:28] फिर इसको एक एग्जांपल से बताता हूं आपको।

[20:30] काफी बच्चे कंफ्यूज हो गए होंगे। लाइक

[20:32] स्टूडेंट अगर कोई स्टूडेंट पास हो रहा है

[20:35] तो टीचर पास हो गया। ऐसा नहीं है। है ना?

[20:37] कि प्रिंसिपल हो गया तो पास है। ऐसा नहीं

[20:39] है। है ना? या फिर ये तीनों पास हो गए। तो

[20:41] फिर भी स्कूल इंस्पेक्शन बिल्डिंग अगर

[20:43] अनसेफ निकली तो स्कूल फेल है। एग्जैक्टली

[20:46] मेडिसिंस के साथ भी है कि अगर स्टूडेंट

[20:48] पास हो गए, टीचर पास हो गया, प्रिंसिपल

[20:49] पास हो गया। लेकिन बिल्डिंग तो बेकार है।

[20:51] तो ऐसे ही एग्जैक्टली मेडिसिंस के साथ भी

[20:53] होता है कि अगर रॉ मटेरियल पास है,

[20:55] मैन्युफैक्चरिंग पास है लेकिन फिनिश

[20:58] प्रोडक्ट फेल है तो ड्रग फेल है। समझ रहे

[21:01] हो? सो ऐसी चीज़ आती हैं वाइवा के अंदर।

[21:03] मतलब बेसिकली जब तुम जाओगे पेपर में तो

[21:05] मैं तुमसे पूछता हूं कि सर शेड्यूल वी का

[21:07] मेन ऑब्जेक्टिव क्या है? सियान

[21:11] जगन ज्योति बताइए आनंद कि अगर आपसे पूछा

[21:15] जाता है कि या सो यू आर अ ड्रग इंस्पेक्टर

[21:18] एस्पिरेंट। सो प्लीज टेल मी दैट कि

[21:20] शेड्यूल वी का मेन ऑब्जेक्टिव क्या है?

[21:23] व्हाट इज़ द मेन ऑब्जेक्टिव ऑफ़ द शेड्यूल

[21:24] वी? बताओ क्या आंसर करोगे? बोलोगे कि सर

[21:27] शेड्यूल वी प्रिस्राइब द स्टैंडर्ड

[21:29] एप्लीकेबल टू द पेटेंट एंड प्रोपरेटरी

[21:31] मेडिसिंस। इवन इफ इंडिविजुअल

[21:34] इंग्रेडिएंट्स कंप्लाई विद पैरा विद

[21:36] फार्माकोपियल स्टैंडर्ड्स द फिनिश

[21:39] फॉर्मुलेशन मस्ट आल्सो कंप्लाई विद द

[21:42] एप्लीकेबल स्टैंडर्ड्स बिफोर इट कैन बी

[21:45] कंसीडर्ड ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी तो वो

[21:48] कहेगा भैया बहुत बढ़िया भैया माला पहना

[21:49] दीजिए इनको हां और इनको कुर्सी पर सजा

[21:51] दीजिए भैया बिठा दीजिए इनको है ना है ना

[21:54] कि इवन इफ इंडिविजुअल इंग्रेडिएंट कंप्लाई

[21:57] विद फार्माकोपियल स्टैंडर्ड यानी कि अगर

[21:59] एक-एक इंग्रेडिएंट फार्माकोपियल स्टैंडर्ड

[22:01] को फॉलो करता है द फिनिश फ़ुलेशन मस्ट

[22:03] आल्सो कंप्लाई विद द एप्लीकेबल स्टैंडर्ड।

[22:06] यही तो बताया मैंने कि दो चीज़ थी यानी कि

[22:09] एक आईपी से इन एक से सारे आईपी

[22:11] इंग्रेडिएंट सब कुछ फॉलो कर रहा है। लेकिन

[22:13] जो फिनिश्ड प्रोडक्ट है यानी कि जो इसने

[22:15] बनाया है ये भी तो उसको एप्लीकेबल होगा।

[22:18] ये भी तो उसको फुलफिल करेगा। सो दैट इज़

[22:20] व्हाई यू विल से कि शेड्यूल वी

[22:22] प्रिस्क्राइब द स्टैंडर्ड एप्लीकेबल टू द

[22:23] पेटेंट एंड प्रोपरेटरी मेडिसिंस। इवन इफ

[22:26] इंडिविजुअल इंग्रेडिएंट कंपल् विद

[22:28] फार्माकोपरी स्टैंडर्ड। द फिनिश

[22:29] फॉर्मुलेशन मस्ट आल्सो कंप्लाई विद द

[22:31] एप्लीकेबल स्टैंडर्ड बिफोर इट कैन बी

[22:33] कंसीडर्ड ऑफ़ स्टैंडर्ड क्वालिटी। दैट इज़ द

[22:37] थिंग जो कि आपको एज अ यूपीएससी एस्पिरेंट

[22:39] इसी तरीके से तैयारी कर कर चलना पड़ेगा।

[22:43] क्लियर है? तो शेड्यूल 124 समझ में आया?

[22:46] लीगल फ़ टू द शेड्यूल वी। शेड्यूल वी

[22:48] अप्लाई टू द पेटेंट एंड प्रोपरेटरी

[22:49] मेडिसिंस, इंग्रेडिएंट्स, फार्मकोपल

[22:52] स्टैंडर्ड, फिनिश प्रोडक्ट एप्लीकेबल

[22:53] फिनिश प्रोडक्ट स्टैंडर्ड। ये सब मैंने

[22:55] अभी तक आप लोगों को बताया है। है ना? तो

[22:57] दैट इज द मेन थिंग जो कि आपको यहां पर समझ

[22:59] में आनी चाहिए थी और होप सो आपको समझ में

[23:01] आई भी होगी है ना कि कैसे शेड्यूल वी और

[23:03] कैसे क्वालिटी का इवैल्यूएशन करा जाएगा इन

[23:06] द शेड्यूल नंबर वी है ना सो ये समझ में आ

[23:09] गया कि क्यों अलग से बनाने की जरूरत पड़ी

[23:11] हम ड्रग इंस्पेक्टर का रोल क्या होगा है

[23:14] ना तो पेटेंट मेडिसिंस क्या होती हैं ये

[23:16] मैंने अभी आपको बताया कि है ना जिसमें

[23:19] सालों की तपस्या लगी हो एक जाकर मॉलिक्यूल

[23:22] बना हो है ना तो यहां से क्वेश्चंस काफी

[23:25] ज्यादा बनते हैं तो पेटेंट इनोवेशन, लीगल

[23:28] प्रोटेक्शन और उसका फिर हमको इंटेलेक्चुअल

[23:30] प्रॉपर्टी राइट मिल जाता है। अलग से क्लास

[23:32] लूंगा। पेटेंट के और इंटेलेक्चुअल

[23:33] प्रॉपर्टी राइट की ऑब्वियस सी बात है। अभी

[23:35] तो सिर्फ शेड्यूल्स पढ़ रहे हैं। देन

[23:36] व्हाट इज प्रोपरेटरी मेडिसिंस? ये भी

[23:38] मैंने आपको बताया कि बेसिकली

[23:42] जो आईपी को फॉलो कराने के बाद एक फिक्स

[23:44] कॉम्बिनेशन बने। है ना? जिसको हम जेरिक भी

[23:46] बोल देते हैं। है ना? सो दैट इज़ द थिंग।

[23:48] तो लेकिन वो कब? जब वो इससे आईपी को फॉलो

[23:52] कर कर तब वो उसको बना रहा है। है ना? चलो।

[23:54] सो रिसर्च फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग

[23:56] लेवल के लिए क्वालिटी टेस्ट और रेगुलर

[23:57] कंप्लायंस ये ड्रग इंस्पेक्टर के लिए यही

[23:59] चीजें होंगी। अब तीन चीजें निकल कर आती

[24:01] हैं क्योंकि तुम काफी ज्यादा कंफ्यूज हो

[24:03] गए होगे कि व्हाट इज़ पेटेंट मेडिसिंस?

[24:05] व्हाट इज़ प्रोपरेटरी मेडिसिंस? व्हाट इट

[24:06] इज़ फार्माकोपियल मेडिसिन। तो आइए समझने की

[24:08] कोशिश करते हैं। जब भी किसी ने इनोवेशन

[24:10] करा हो और वो आईपी में आईपी के साथ करता

[24:12] हो मतलब मैच करता हो। दैट इज़ अ पेटेंट

[24:14] मेडिसिन। लेकिन जब मैन्युफैक्चरर का

[24:16] प्रोपरेटरी फॉर्मुलेशन हो दैट इज़ अ

[24:17] प्रोपरेटरी। लेकिन व्हाट इज़ फार्माकोपियल?

[24:20] जब वो ऑफिशियल फार्माकोप के स्टैंडर्ड्स

[24:22] को फॉलो करता हो। है ना? तो ये लीगल

[24:23] प्रोटेक्शन होती है। मतलब इसका तो

[24:25] फार्मूला किसी को भी नहीं दे सकते। ये

[24:26] प्रोडक्ट आइडेंटिफाई होता है। बिकॉज़ इट इज़

[24:28] अ जेनरिक। भैया मैंने कारपोल बना दी लेकिन

[24:30] मुझे मैंने बता रखा है। इसमें पैरासिटामॉल

[24:32] पढ़ी थी। अभी क्या पढ़ा था? है ना? और ये तो

[24:34] ऑफिशियल क्वालिटी का स्टैंडर्ड होता ही है

[24:36] जिसको सब फॉलो करते हैं। ये इंटेलेक्चुअल

[24:38] प्रॉपर्टी राइट में आता है। ये रेगुलेटरी

[24:40] कंप्लायंस में आता है। यानी कि आपने आईपी

[24:41] को फॉलो कर रखा होगा और ये ये कंफर्मेटरी

[24:44] करता ही है कि भैया हां इन्होंने हमारे

[24:45] हिसाब से ये सारी चीज़ बना रखी हैं। तो दैट

[24:47] इज़ द मेन थिंग जो कि आपको तीनों डिफरेंस

[24:49] पता होने चाहिए। सो यहां पर हमको दो चीज

[24:52] समझ में आई कि मेडिसिंस का मतलब होता है

[24:53] एक ऑफिशियल और एक प्रोपरेटरी। ऑफिशियल जो

[24:55] आईपीपी और यूएसपी पे स्टैंडर्ड को फॉलो

[24:57] करता हो और प्रोपरेटरी जो कि

[24:58] मैन्युफैक्चरर हो और उसकी आइडेंटिटी बताए।

[25:01] सो दैट इज़ द मेन थिंग। तो इफ यू आर

[25:04] प्रिपेयरिंग आल्सो फॉर द इंटरव्यू तो आपको

[25:08] ये पांच क्वेश्चन जरूर पढ़ने चाहिए। है

[25:10] ना? और मेन पेपर में क्या पूछेगा वो मैंने

[25:13] अभी आपको बताया। ठीक है? सो इतना ही पढ़ना

[25:15] है। बहुत ज्यादा डीप डाउन नहीं जाना है इन

[25:17] द शेड्यूल नंबर वी। नाउ वी विल मूव टू द

[25:20] शेड्यूल नंबर एक्स एंड दिस इज़ वेरी

[25:22] एक्सट्रीमलीेंट है ना शेड्यूल एक्स तो

[25:24] बहुत ही ज्यादाेंट है मतलब अत्यंत

[25:26] ज्यादाेंट है ना इससे तो काफी क्वेश्चन

[25:28] बनते ही हैं यू नो वेरी वेल है ना अब इसके

[25:31] अंदर काफी ज्यादा जो है ड्रग्सव्रक्स दे

[25:33] रखे हैं है ना क्या हम सबको सब ड्रग्स याद

[25:35] करने हैं नहीं भैया है ना लेकिन मैंने

[25:37] इसके साथ एक खेला और करा है मतलब मेरे को

[25:39] सबसे ज्यादा टाइम इसी शेड्यूल एक्सपर्ट लग

[25:40] गया था क्यों लग गया था वो मैं तुमको

[25:42] बताता हूं आपको समझ में आएगा अगर आप आगे

[25:44] की तरफ चलेंगे तो एक बार ओवरव्यू कराता

[25:46] हूं मैं ऑब्वियस सी बात है यह जो नॉर्मल

[25:48] 2016 के अंदर था और फिर यह कुछ कंपाइल

[25:51] होकर 2000 24 के अंदर एक लिस्ट आई है ना

[25:54] जिसके अंदर तुम्हारा एमफोब ऑर्बिटल एमो

[25:57] ऑर्बिटल ग्लूटाथमाइन पेंटोबिटल जिसके अंदर

[25:59] कीटामाइन हाइड्रोक्लोराइड एमफिटमाइन

[26:02] मैप्रोमेट फिनाइनालाइड बारबिटल मिथमथेमाइन

[26:07] फिनोमेट्राजाइन साइक्लोबिटल डेक्सामिथनाइन

[26:10] मिथाइल पेंथाइल अब देखो मैं क्या कहना चाह

[26:12] रहा हूं इस बात से इनको अभी से पढ़ लो

[26:16] इनको तो अभी से पढ़ लो स्क्रीन स्क्रीनशॉट

[26:18] ले लो। इसको अभी से पढ़ना शुरू कर दो।

[26:19] आनंद कह रहे हैं, "सर, X एंड H1 वेरी

[26:21] कंफ्यूजिंग। बेटा, अभी तो समझ में आएगा।

[26:22] तो कहां पढ़ रहे हो तुमको? अभी समझ में

[26:24] आएगा 2 मिनट में। सो,

[26:25] [नाक से की जाने वाली आवाज़] दीज़ आर द

[26:26] थिंग्स जो मैंने कहा कि इसको अभी पढ़ लोगे

[26:28] तो कॉलजी मेंेंट हो जाएगा। है ना? कॉलजी

[26:30] में तुम सबके लिए बहुत ईजी हो जाएगा। अगर

[26:31] अभी से याद रख लोगे। तो मैं सबसे पहले

[26:33] आपको पढ़ाऊंगा व्हाट इज़ शेड ब्लैक्स? क्यों

[26:35] आया? क्या जरूरत पड़ी थी? क्या लेजिसलेशन

[26:38] फिलॉसफी है? क्या डेफिनेशंस हैं? है ना?

[26:40] और कौन सा रूल नंबर 96 और 97 कहां पर फॉलो

[26:43] करता है? रेड सिंबल होता है। क्या होता

[26:44] है? बवाल होता है। है ना? कौन सा

[26:46] स्ट्रक्चर पैकेजिंग की बात करता है। है

[26:48] ना? कैसे रंग का होना चाहिए? लॉक एंड की

[26:50] होना चाहिए। कितने महीने के लिए

[26:52] मैन्युफैक्चरिंग की रिपोर्ट को रखना

[26:54] चाहिए? कितने साल के लिए रखना चाहिए? क्या

[26:56] प्रिस्रिप्शन को रखना चाहिए? क्या रजिस्टर

[26:58] को रखना चाहिए? ये अब तुम खाली तैयारी

[27:00] बेटा खाली फार्मासिस्ट की नहीं कर रहे हो।

[27:02] बहुत डिफरेंस है। फार्मासिस्ट की तैयारी

[27:04] करने में और ड्रग इंस्पेक्टर की तैयारी

[27:06] करने में फर्क है। फार्मासिस्ट के बाबा

[27:08] बनने जा रहे हो भाई। हम तो दोनों चीजों के

[27:10] बीच में फर्क है। है ना? तो आपको पढ़ना

[27:12] पड़ेगा। है ना? कि कौन सा रूल किसकी बात

[27:15] करता है। देन उसके बाद कौन सा फॉर्म कौन

[27:17] से रूल को फॉलो करता है। यह आपको पढ़ना

[27:19] पड़ेगा। यू आर नॉट जस्ट लाइक अ

[27:21] फार्मासिस्ट राइट नाउ। यू आर प्रिपेयरिंग

[27:22] फॉर द ड्रग इंस्पेक्टर एग्जामिनेशन। तो

[27:24] मेंटालिटी उसी हिसाब से अगर कोई हल्के में

[27:26] लेना चाह रहा है अभी क्लास छोड़कर जा सकता

[27:27] है। मेरी क्लासेस प्रॉपर उस मेंटल स्तर पर

[27:30] काम करेंगी जिस स्तर पर आप ड्रग

[27:32] इंस्पेक्टर की तैयारी कर रहे हो। है ना?

[27:34] तो ऑर्डिनरी ड्रग एंड शेड्यूल एक्स की

[27:36] ड्रग इनके बीच में एक डिफरेंस पता होना

[27:38] चाहिए। देन फिर मैंने कहा दिस क्लास इज़

[27:40] फॉर द ड्रग इंस्पेक्टर माइंडसेट। तो आपको

[27:42] कैसे अगेन इंटरव्यू के लिए प्रिपेयर होना

[27:44] है यह पेज उसके लिए बताएगा। देन एनडीपीएस

[27:47] के साथ आपको कनेक्शन कैसे करना है वह आपको

[27:49] बताना है। इसके बाद एक रिवीजन क्या

[27:51] क्वेश्चन आ सकता है? क्या उसके आंसर

[27:53] होंगे? देन इसके बाद शेड्यूल एक्स के ड्रग

[27:55] के क्लासिफिकेशन साइंटिफिक बेसिस एंड

[27:57] प्रीवियस ईयर के क्वेश्चंस कैसे बने हैं

[27:58] यहां से? दैट इज़ द मेन थिंग। और इसके बाद

[28:01] आएगा थेरेपेटिक कैटेगरीज़ कि ओपड एनलजेसिक

[28:04] है ना? सिडेटिव्स एंड हिप्नोटिक्स लाइक

[28:06] ट्रांसक्यूज़र्स एंड एंजियोलाइटिक्स

[28:08] स्टिमुलेंट्स एंड फिर देन हॉर्मोनस एंड

[28:10] स्टेड प्रपरेशंस आर आल्सो देयर एंड देन

[28:13] आएगा रेगुलेटरी का पिरामिड और फिर मैंने

[28:15] कुछ इंटरव्यू के अलग से क्वेश्चंस यहां पर

[28:17] डाले हैं। बिकॉज़ शेड्यूल एक्स जो है वो

[28:19] इतना ज्यादा जरूरी है। शेड्यूल एक्स इतना

[28:21] ज्यादा जरूरी है जिससे कि आपके इंटरव्यू

[28:22] के अंदर क्वेश्चन जरूर पूछे जाते हैं। है

[28:25] ना? देन पीवाईक्यूस कैसे-कैसे क्वेश्चन

[28:28] यहां से बने हैं आज तक। देन फिर कुछ माइंड

[28:30] मैप्स भी मैंने कुछ टूल्स की मदद से बनाए

[28:32] हैं आप लोगों के लिए कि अगर जिससे कि बाद

[28:34] में रिवीजन करना पड़े तो आप एंड में

[28:36] रिवीजन कर सकते हो। है ना प्रॉपर तरीके से

[28:38] इंपोर्ट के लिए रिटेल के लिए होलसेल के

[28:40] लिए है ना मैन्युफैक्चरिंग के लिए देन

[28:42] वार्निंग बॉक्स कितना होता है देन इसके

[28:44] बाद पैकेजिंग के कैप्स देन इसके बाद

[28:47] स्टोरेज कितनी डिस्पेंसिंग रूल देन इसी

[28:49] तरीके से इंस्पेक्शन का प्रोटोकॉल अगर

[28:51] आपको इंटरव्यू की प्रिपरेशन करनी है एंड

[28:53] देन जो आप इतनी देर से कह रहे थे कि दैट

[28:56] इज़ द H1 एंड शेड्यूल X के बीच में क्या

[28:58] डिफरेंस होता है तो एक ही जगह पर कंपाइल

[29:00] मैंने करा है है ना कि व्हाट इज़ शेड्यूल

[29:02] H1 एंड व्हाट इज़ शेड्यूल X H1 एंड हेक्स

[29:05] अगेन कौन-कौन से ड्रग्स H1 के अंदर आती

[29:07] हैं। एंड कौन से टेक्स्ट शेड्यूल X के

[29:09] अंदर आती हैं। एंड देन सबसेेंट बातचीत

[29:11] कितने दिनों के लिए शेड्यूल H1 का रजिस्टर

[29:14] मेंटेन होता है या फिर प्रिस्रिप्शन मेंशन

[29:16] होता है। ये काफीेंट है भाई। है ना?

[29:19] क्योंकि ये कई बार पूछा जाता है। तुम्हें

[29:21] यहीं कंफ्यूज कर देगा। तुम इतनी बार

[29:23] कंफ्यूज हो जाओगे कि तुम में रजिस्टर की

[29:25] बात कर रहा था या फिर वो प्रिस्क्रिप्शन

[29:27] की बात कर रहा था। है ना? सो दैट इज़ द

[29:29] थिंग। तो H1 के अंदर सेपरेट रजिस्टर होता

[29:32] है। X के अंदर डुप्लीकेट प्रिस्रिप्शन

[29:34] होता है। यह पॉइंट जो है ना यह नॉर्मल

[29:37] नहीं पता भाई किसी को। यह मैं तुम्हें सच

[29:39] बता रहा हूं। है ना? तो देन शेड्यूल Y

[29:41] जिसको हम नेक्स्ट क्लास के अंदर करेंगे।

[29:42] सो दिस इज़ अ फ्रेमवर्क जो कि हमको शेड्यूल

[29:44] एक्स के अंदर फॉलो करना है। आइए शुरू करते

[29:46] हैं शेड्यूल नंबर एक्स को।

[29:50] मजा तो आ रहा होगा। मतलब एक एक कॉन्फिडेंस

[29:52] आ रहा होगा कि यस वी आर प्रिपेयरिंग फॉर द

[29:54] ट्रैकिंग इंस्पेक्टर। है ना? ये हमेशा मन

[29:56] के अंदर रहना चाहिए। जब भी आप इस तरीके की

[29:58] तैयारी करो तो आपके मन में जरूर रहना

[30:00] चाहिए। हमेशा हमेशा रहना चाहिए। है ना?

[30:03] चलो तो इतनी बातें तो तुमको समझ में आ ही

[30:06] गई होंगी कि शेड्यूल x क्या होता है। है

[30:08] ना? और वैसे भी नॉर्मली भी पता ही है हम

[30:11] लोगों को है ना कि व्हाट इज शेड्यूल x?

[30:14] बताइए। एनीवन कमेंट सेक्शन इज़ योर्स?

[30:20] कुछ समझ में आया थोड़ा बहुत? चलो। शेड्यूल

[30:24] एक्स के अंदर वो ड्रग्स आती हैं जो कि

[30:25] नारकोटिक और साइोट्रोपिक सब्सटेंसेस हैं।

[30:27] यानी कि अगर मैं सिंपल वर्ड्स में कहूं तो

[30:29] वह दवाइयां जिसे बहुत सीवियर एडिक्शन है

[30:33] ना हैबिट पड़ जाए जिसकी यानी कि हैबचुअल

[30:35] कह सकते हो। है ना? देन इसके बाद ऐसे

[30:38] सब्सटांस जिससे अब्यूज यानी कि जिसका

[30:40] बार-बार लत लग सकती है। है ना? और साइकिक

[30:42] डिपेंडेंसी यानी कि नशे की लत हो सकती है।

[30:44] है ना? सो ये डुअल एक्ट कंट्रोल करता है।

[30:46] एक तो ड्रग इंस्पेक्टर के नाते तुम्हें

[30:48] पता होना चाहिए कि ड्रग्स पर दो लॉज़ एक

[30:50] साथ लगते हैं। लाइक ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक

[30:54] 1940 और दूसरा बेटा इस पर लगता है

[30:56] एनडीपीएस एक्ट। है ना? जिसके अंदर शेड्यूल

[30:59] एक्स पड़ते हैं। दैट वाज़ दैट विल कम इन द

[31:01] 1985। है ना? तो दैट वाज़ कम इन द 1985। सो

[31:05] ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 एंड

[31:07] एनडीपीएस एक्ट इन 1985। तो अगर मार्केट

[31:10] में इसका गलत यूज़ या फिर ब्लैक मार्केटिंग

[31:13] होती है तो दोनों एक्ट के तहत एक्शन होता

[31:15] है। ये बात हमको पता होनी चाहिए। है ना?

[31:17] सो दैट इज द मेन थिंग कि ये दोनों चीजें

[31:19] हमको यहां पर समझ में आनी चाहिए। ओके चलो।

[31:23] सो यही चीजें हैं लाइक कि अभी अच्छा इस

[31:26] लाइसेंस से पहले मैं थोड़ा-थोड़ा ओवरव्यू

[31:28] आप लोगों को पहले दे देता हूं। है ना? देन

[31:30] हम इसको स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले समझो

[31:32] कि गवर्नमेंट ने शेड्यूल एक्स को बनाया ही

[31:34] क्यों? है ना? सो मैं तुमसे एक सिंपल सा

[31:36] क्वेश्चन पूछता हूं। पहले गाली दुनिया में

[31:37] चलते हैं। मतलब ये सब तो तभी समझ में आएगा

[31:39] जब तक बेसिक्स क्लियर नहीं होंगे। देखो जब

[31:41] भी किसी भी एग्जाम को क्लियर करना हो तो

[31:42] पहले बेसिक्स पढ़ने बड़े जरूरी हैं। है

[31:44] ना? बेसिक्स तो सबसे पहले यही समझो कि

[31:46] शेड्यूल एक्स की जरूरत ही क्यों पड़ी? तो

[31:48] मैं तुमसे एक सिंपल सा क्वेश्चन पूछता हूं

[31:50] कि अगर तुम मेडिकल स्टोर पर गए और तुमने

[31:51] कहा कि भैया पैरासिटामॉल दे दो। है ना? तो

[31:54] हमारे किसी फार्मासिस्ट ने तुमको दे दिया

[31:56] कि कोई प्रॉब्लम नहीं है। अब तुम बोले कि

[31:58] भैया मुझे मॉर्फीन का इंजेक्शन दे दो। है

[32:00] ना? या फिर अल्प्राजोलम दे दो एमg की पांच

[32:02] स्ट्रिप। है ना? या फिर कोडिन का सिरप दे

[32:04] दो। अब फार्मेसिस्ट पूछेगा है ना बिल्कुल

[32:07] नहीं पैरासिटामॉल और मॉर्फिन में डिफरेंस

[32:10] क्या है ना सिंपल सा डिफरेंस यही है कि

[32:12] पैरासिटामॉल फीवर में पेन में हेडेक में

[32:15] है ना मतलब बेसिकली इसका अब्यूज पोटेंशियल

[32:18] ऑलमोस्ट निल है डिपेंडेंसी नहीं हो सकती

[32:20] एडिक्शन नहीं हो सकता लेकिन मॉर्फिन जो है

[32:21] वो कैंसर के पेन में जाता है ना आईसीयू

[32:24] में चल सकता है सीवियर ट्रोमा में चल सकता

[32:26] है लेकिन अगर किसी हेल्दी आदमी ने इसको

[32:28] बार-बार लेना शुरू कर दिया तो ब्रेन का

[32:30] इसका इफेक्ट पसंद आने लग जाएगा और फिर ब

[32:33] फिर बॉडी पता है क्या बोलेगी हम फिर बॉडी

[32:37] क्या बोलेगी मस्त मगन मस्त मगन सिर्फ तेरा

[32:39] नाम गाए हां नाचना शुरू कर देगी भैया भैया

[32:43] इस संजू बन जाएगी है ना मजा ही आ जाएगा

[32:45] कतई है ना सो एक और डोज़ दे दे भाई फिर एक

[32:48] और फिर आदमी एडिक्ट हो जाएगा और इसी को

[32:51] बोलते हैं बेटा ड्रग की डिपेंडेंसी है ना

[32:54] फिर एक ड्रग की डिपेंडेंसी हो जाएगी और

[32:56] फिर यह गाना रोज गाएगा मुझे तो तेरी लत लग

[32:58] गई हां चलो सो ये ट्रांसफर नाचना शुरू कर

[33:01] देगा तो गवर्नमेंट ने सोचा कि भैया

[33:03] मेडिसिनस अच्छी पेशेंट को जरूरत भी है

[33:05] लेकिन गलत हाथ में लग गई तो सोसाइटी के

[33:07] लिए काफी ज्यादा डेंजरस हो जाएगी। इसलिए

[33:09] सरकार ने बोला इसलिए हमारी सरकार ने बोला

[33:13] इस मेडिसिनस को नॉर्मल मेडिसिनस की तरह

[33:14] ट्रीट नहीं करेंगे और यहीं से शुरुआत हुई

[33:16] शेड्यूल नंबर एक्स की है ना फिर यहीं से

[33:19] शुरुआत हुई शेड्यूल नंबर एक्स की तो बी अ

[33:21] मैन बी अ एक्स बी अ पता नहीं क्या-क्या तो

[33:24] एक्स का मेन ऐ यही था कि मेडिसिंस को

[33:26] रोकना नहीं है बस गलत है ना यानी कि

[33:29] शेड्यूल एक्स का मेन पर्पस था कि मेडिसिंस

[33:30] को कंट्रोल करना है ना ये सही है तो बहुत

[33:33] बड़ा डिफरेंस यही है कि सिर्फ कंट्रोल

[33:35] करना है लाइक कैंसर के पेशेंट में डॉक्टर

[33:36] ने मॉर्फिन प्रिस्क्राइब किया तो पेशेंट

[33:38] को मेडिसिंस मिलनी चाहिए

[33:39] अगर गवर्नमेंट मना नहीं करती तो अगर वही

[33:42] मॉर्फीन मेडिकल स्टोर पर बिना

[33:43] प्रिस्रिप्शन के मिलने लग गई तो कॉलेज के

[33:45] स्टूडेंट रोज भैया अपना समझ रहे हो ना पता

[33:49] लगा आप पेपर में ही बैठे हैं भैया ड्रग

[33:51] अब्यूज कर कर एडिक्शन हो जाएगी इललीगल सेल

[33:53] हो जाएगी ब्लैक मार्केट में क्राइम हो

[33:54] सकता है इसलिए गवर्नमेंट बोलती है कि हर

[33:56] मूवमेंट पर इसको रिकॉर्ड रखो तो ड्रग

[33:58] इंस्पेक्टर की नजर यही एक नॉर्मल आदमी की

[34:00] मेडिसिनस की तरह नहीं है ड्रग इंस्पेक्टर

[34:02] का काम है मेडिसिंस नहीं देखना वो देखता

[34:05] है कि इस मेडिसिंस का सफर क्या है है ना

[34:08] तुम तो देखोगे कि भैया होलसेलर से मेरे

[34:11] पास आ रही है। अगर एज अ फार्मासिस्ट क्या

[34:12] देखोगे? होलसेलर से मेरे घर पर आ रही है।

[34:14] लेकिन एज अ ड्रग इंस्पेक्टर क्या देखोगे

[34:16] कि फैक्ट्री से होलसेलर के पास गई,

[34:18] डिस्ट्रीब्यूटर के पास गई, रिटेलर के पास

[34:20] गई, डॉक्टर के पास गई और पेशेंट के पास

[34:23] गई। हर एक स्टेप पर मेरा रिकॉर्ड होना

[34:25] चाहिए। और इसी को बोलते हैं बेटा

[34:27] ट्रेसेबिलिटी।

[34:29] क्या बोलते हैं? ट्रेसेबिलिटी। दैट इज़ द

[34:31] मेन पॉइंट फॉर द ड्रग इंस्पेक्टर

[34:32] एग्जामिनेशन। कि ड्रग इंस एज अ ड्रग

[34:34] इंस्पेक्टर आपको ट्रेसेबिलिटी के ऊपर फोकस

[34:36] करना पड़ेगा। तो शेड्यूल एक्स के लिए जो

[34:39] एक सबसे बड़ा शब्द है एज अ ड्राइंग

[34:40] इंस्पेक्टर आपको ट्रेसेबिलिटी लिखना

[34:41] पड़ेगा क्योंकि यूपीएससी में डायरेक्ट ना

[34:43] आए लेकिन कांसेप्ट हमेशा इसी पर बेस होगा

[34:46] लाइक एक क्वेश्चन होगा कि गवर्नमेंट चाहती

[34:48] थी कि आज से 2 साल बाद भी अगर किसी टेबलेट

[34:51] का पैकेट मिले तो आज पता चल जाना चाहिए कि

[34:55] यह किस फैक्ट्री में बना है। तो किस

[34:57] होलसेलर को गया है। किस केमिस्ट के पास

[35:00] गया था और किस पेशेंट ने लिया। अगर यह चैन

[35:02] टूट गई तो ड्रग इंस्पेक्टर अलर्ट हो जाएगा

[35:04] और फिर कहेगा भैया कहीं धांधलेबाजी हो रही

[35:06] है। कहीं तो इसकी ब्लैक मार्केटिंग हो रही

[35:08] है। तो ड्रग इंस्पेक्टर का काम

[35:09] ट्रेसेसबिलिटी का होता है। है ना? मान लो

[35:11] कि पुलिस को एक इललीगल गोडाउन मिला और

[35:13] वहां पर जैसे आजकल तुम देख ही रहे हो अभी

[35:15] मैं तुम लोगों को करंट अफेयर भी कराने

[35:17] वाला हूं बहुत जल्दी कि क्योंकि वहां से

[35:19] क्वेश्चन जरूर बनेंगे। जैसे कि सिरप का था

[35:21] और अभी गाजियाबाद में हुआ था। अब बहुत जगह

[35:23] पर होते हैं। तो वो भी अब बहुत जल्दी शुरू

[35:25] करने वाला हूं क्योंकि वहां से इस बार

[35:27] जरूर क्वेश्चन बनेंगे। है ना? तो पुलिस को

[35:29] मान लो कि एक इललीगल गोडाउन मिला। वहां पर

[35:31] 5000 टैबलेट जो थी वह शेड्यूल एक्स की

[35:33] मिली। अब पुलिस जो है वह ड्रग इंस्पेक्टर

[35:35] को बुलाएगी। अब ड्रग इंस्पेक्टर क्या

[35:37] करेगा? ताली थोड़ी बजाएगा वहां पर बैठकर।

[35:38] है ना? या फिर कहेगा कि लाओ भैया कुछ हो

[35:41] गया क्या? है ना? वो ये नहीं पूछेगा कि

[35:42] मेडिसिन असली है या फेक है। वो सबसे पहले

[35:44] पूछेगा कि इनवॉइस दिखाओ। कागज दिखाओ।

[35:47] इनवॉइस दिखाओ कहां है? है ना? वो कहेगा

[35:50] नहीं है। वो कहेगा परचेसिंग बिल।

[35:54] कह रहा नहीं है। कह रहा पर्चा नहीं है।

[35:57] रजिस्टर नहीं है। बस यहीं से केस स्ट्रांग

[36:00] हो गया। चल बेटे मजा ही आ गया कतई बैठ

[36:03] गाड़ी में। है ना? तो इसीलिए शेड्यूल एक्स

[36:04] में इतने पेपर वर्क होता है क्योंकि

[36:06] स्टूडेंट्स बोलते हैं कि सर इतना रजिस्टर

[36:08] क्यों? इतना रिकवर्ड क्यों? लेकिन

[36:10] गवर्नमेंट को मेडिसिन से ज्यादा मेडिसिन

[36:12] का मूवमेंट इंपॉर्टेंट लगता है कि कहां से

[36:14] कहां गई। बेटा एज अ ड्रग इंस्पेक्टर आपको

[36:16] मूवमेंट बढ़ा देखना है। इसीलिए ये शब्द

[36:19] आया ट्रेसेबिलिटी। अब ड्रग इंस्पेक्टर की

[36:22] थिंकिंग क्या होगी कि सो स्ट्रिप आई और 95

[36:24] स्ट्रिप बिकी तो पांच स्ट्रिप बचनी चाहिए

[36:26] थी तो दो स्ट्रिप मिली बाकी की तीन कहां

[36:28] गई? यही इन्वेस्टिगेशन है। यही तो

[36:30] इन्वेस्टिगेशन है। तो शेड्यूल एक्स इज़ नॉट

[36:32] अबाउट द मेडिसिंस। शेड्यूल एक्स की

[36:34] मेडिसिंस के बारे में काम नहीं। मेडिसिन

[36:37] की मूवमेंट के बारे में ज्यादा है। ये बात

[36:39] याद रखना। शेड्यूल एक्स का ये नहीं है कि

[36:41] कौन सी दवाइयां कहां है। मेन एज अ ड्रग

[36:43] इंस्पेक्टर आपको ट्रेसेबिलिटी के ऊपर फोकस

[36:45] करना है। क्योंकि एज अ ड्रग इंस्पेक्टर

[36:47] आपको स्ट्रिक्ट रहना पड़ेगा कि एक आदमी

[36:50] रोज अल्प्राजोलम ले रहा है। तो पहले वो

[36:51] 0.25 ले रहा था। फिर 0.5 ले रहा है। फिर

[36:54] वो 1 एमg ले रहा है। फिर दो ले रहा है। तो

[36:56] बॉडी उसकी आदत बना ले रही है। फिर बिना

[36:59] मेडिसिन के नींद नहीं आएगी। एंजायटी,

[37:01] रेस्टलेसनेस, विथड्रॉल इसी को बोलते हैं

[37:03] डिपेंडेंसी। है ना? तो यहां पर तीन शब्द

[37:05] आते हैं जो कि इस इस पूरे कांसेप्ट का

[37:07] सबसे मेन आधार है। पहला है एडिक्शन,

[37:11] पहला है एडिक्शन,

[37:14] दूसरा है डिपेंडेंसी

[37:17] और बेटा तीसरा है टोलरेंस।

[37:21] क्या है ये सब सब? एडिक्शन का मतलब होता

[37:24] है जब पर्सन मेडिसिन को

[37:28] ढूंढता रहता है। कहां है? कहां है? बस एक

[37:32] दे दे भाई। एक दे दो भाई अभी ठीक हो

[37:35] जाऊंगा। दैट इज अ दैट इज अ एडिक्शन।

[37:37] डिपेंडेंसी का मतलब होता है बॉडी मेडिसिंस

[37:40] मतलब बॉडी जो होती है वो मेडिसिन की

[37:42] डिमांड करती है कि भैया इसके बिना तो नींद

[37:45] नहीं आएगी। मैं तो बड़ी ही समस्या में

[37:47] हूं। चाचा इसके बिना तो सो ही नहीं

[37:51] पाऊंगा। और टॉलरेंस का मतलब होता है पहले

[37:54] एक टेबलेट से काम चल रहा था। फिर दो फिर

[37:56] तीन। यानी कि यह टॉलरेंस है। और यह तीनों

[37:59] वर्ड ही पूछता है पेपर के अंदर।

[38:02] इसीलिए प्रिस्रिप्शन मैंडेटरी होता है

[38:05] क्योंकि डॉक्टर चेक करेगा कि पेशेंट को सच

[38:08] में जरूरत है या नहीं है। इसलिए कोई नहीं

[38:10] लिख सकता, हर कोई नहीं बेच सकता, हर कोई

[38:12] नहीं रख सकता और हर कोई मैन्युफैक्चर नहीं

[38:15] कर सकता। हां बिल्कुल फिर बन जाएगा उसका

[38:17] उड़ता पंजा। है ना? बहुत बढ़िया। तो अब

[38:20] रूल का कांसेप्ट समझते हैं यहां से। है

[38:21] ना?

[38:23] यहां पर समझना सही है ना यार? फिर नोट्स

[38:25] तो तुम सब देख ही लोगे। रूल का कांसेप्ट

[38:27] सिंपल सा है कि स्टूडेंट जो है वो रटते

[38:29] हैं रूल को। बट मैं रूल समझाऊंगा कि

[38:31] गवर्नमेंट बोलते हैं कि जो ड्रग्स जो होती

[38:32] हैं वो डेंजरस होती हैं। उसके लिए एक तो

[38:34] स्पेशल लाइसेंस लगेगा, स्पेशल स्टोरेज

[38:36] लगेगी, स्पेशल प्रिस्रिप्शन लगेगा, स्पेशल

[38:39] रजिस्टर लगेगा, स्पेशल लेवल लगेगा और

[38:42] स्पेशल इंस्पेक्टर लगेगा जो कि तुम हो। है

[38:44] ना? तो ये सब कंपलसरी है। है ना? तो जैसे

[38:47] एयरपोर्ट पे सिक्योरिटी देखी है ना वाटर

[38:49] ऑफ बोतल। तो जो बोतल ऑफ़ वाटर होती है, तो

[38:52] बेसिकली सिक्योरिटी ईज़ली अलाउ कर देती है।

[38:54] लेकिन अगर तुम कट्टा लेकर जाओ मतलब

[38:56] बेसिकली गन लेकर जाओ, तो क्या होगा?

[38:58] चेकिंग होगी, डॉक्यूमेंटेशन होंगे,

[38:59] वेरिफिकेशन होगा, परमिशन होगी,

[39:01] सिक्योरिटी, रिकॉर्ड एग्जैक्ट ऐसे ही

[39:03] पैरासिटामॉल और वाटर बॉटल के बीच में और

[39:06] शेड्यूल एक्स के बीच में फर्क है। तो गन

[39:09] जैसे कि दोनों यूज़फुल है लेकिन कंट्रोल

[39:11] अलग है। इसी तरीके से इतनी ही

[39:13] स्ट्रिक्टनेस शेड्यूल एक्स के ट्रक के साथ

[39:15] होती है। तो इंटरव्यू में क्वेश्चन आता है

[39:17] कि सर शेड्यूल एक्स का पर्पस क्या है? तो

[39:19] एक एवरेज स्टूडेंट बोलेगा कि सर डेंजरस

[39:21] जगह है। सर नशीली दवाइयां हैं। लेकिन एज अ

[39:24] टॉपर आनंद, सुजीत, नेहा, जगन तुम क्या

[39:27] बोलोगे? तुम बोलोगे कि वी आर द स्टूडेंट

[39:29] ऑफ फार्मसर।

[39:31] वी आर द स्टूडेंट ऑफ़ फार्मसर। द शेड्यूल

[39:33] एक्सक्स इज़ इंटेंडेड टू एनश्योर

[39:35] कंट्रोलोल्ड मैन्युफैक्चर,

[39:38] स्टोरेज, प्रिस्रिप्शन, सेल एंड कंप्लीट

[39:42] ट्रेसेबिलिटी। दीज़ आर द शब्द। दीज़ आर द

[39:45] शब्द जो कि आपको बोलने हैं कि शेड्यूल

[39:47] एक्स इज़ इंटेंडेड टू इंश्योर द कंट्रोल सर

[39:50] मैन्युफैक्चरिंग, स्टोरेज, प्रिस्रिप्शन,

[39:53] सेल एंड कंप्लीट ट्रेबिलिटी ऑफ़ द ड्रग्स

[39:56] हैविंग सिग्निफिकेंट अब्यूज एंड

[39:59] डिपेंडेंसी पोटेंशियल देयर बाय

[40:01] प्रिवेंटिंग डायवर्ज़ इंटू इललीगल चैनल्स।

[40:04] वो कहेगा भैया माला लेकर आओ। वो अभी

[40:06] पहनाइए भैया इनको इनको कुर्सी कुर्सी पर

[40:08] बिठाए भैया। ड्रग इंस्पेक्टर कहां थे तुम

[40:09] भैया आज तक? है ना? तो ये आंसर अगर

[40:12] इंटरव्यू में तुम्हें बोल दिया ना मैं

[40:14] तुम्हें गारंटी दे रहा हूं यूपीएससी

[40:15] ड्रिंग इंस्पेक्टर के अंदर अगर आपने इस

[40:18] आंसर को दे दिया वो तभी के तभी तुम्हें

[40:21] एकदम जो है माला वाला पहनाकर वं बिठा

[40:23] देंगे भाई है ना तो अगेन मैं फिर वही

[40:26] कहूंगा कि कोई बोलेगा कि सर साइकोटिक एंड

[40:28] नाइकोट्र सर साइकोटिक एंड अरे क्या हो गया

[40:32] कौन सी ड्रग होती है बताओ नारकोटिक

[40:34] नारकोटिक एंड साइोट्रोपिक सब्सटांस होती

[40:37] हैं सर है ना जो शेडल के अंदर आती है

[40:39] मैंने कहा ठीक है यार तुम तो ऐसे से पढ़कर

[40:41] आए हो। फिर हमारा क्लास का बच्चा बोलेगा

[40:43] कि सर शेड्यूल एक्सक्स इज़ इंटेंडेड टू

[40:45] इंश्योर द कंट्रोल मैन्युफैक्चरिंग

[40:46] स्टोरेज प्रिस्क्रिप्शन सेल कंप्लीट

[40:47] ट्रेसेबिलिटी ऑफ़ द ड्रग्स हैविंग

[40:49] सिग्निफिकेंट अब्यूज डिपेंडेंसी पोटेंशियल

[40:50] देयर बाय प्रिवेंटिंग द डायवर्जन इंटू द

[40:53] इललीगल चैनल्स। बहुत ही बढ़िया भाई तुम तो

[40:56] यार कतई ज़हर हो गए हो। है ना? सो दैट इज़ द

[40:58] मेन थिंग। चलो तो आगे चलते हैं। अब है ना?

[41:00] तो जितना डेंजरस ड्रग उतना ही स्ट्रिक्ट

[41:03] डॉक्यूमेंटेशन। इसीलिए शेड्यूल एक्स की

[41:04] असली स्ट्रेंथ उसकी ड्रग लिस्ट में नहीं

[41:06] है बल्कि उसकी लीगल कंट्रोल के सिस्टम में

[41:09] है। है ना? सो आइए अब इसको थोड़ा सा समझने

[41:11] की कोशिश करते हैं।

[41:13] ठीक है? चलो तो इतनी बात समझ में आ गई

[41:16] होगी आई थिंक सो कि कैसे आपको दोनों चीजों

[41:18] की तैयारी साथ करते हुए चलनी है। है ना?

[41:21] कैसे इसको समझना है। है ना? चलो।

[41:25] सो अब इसको देखते हैं। तो अल्प्राजोलम

[41:29] मॉर्फीन है ना? पेंटाजोनिन इंजेक्शन। तो

[41:32] ये सब शेड्यूल एक्स के अंदर ही आते हैं।

[41:34] यू नो वेरी वेल। ड्रग की एडिक्शन हो सकती

[41:36] है, फिजिकल डिपेंडेंसी हो सकती है,

[41:38] साइकोलॉजिकल डिपेंडेंसी हो सकती है।

[41:40] इललीगल डायवर्जन मैंने सब शब्द आपको बताए।

[41:42] इसके बाद मेन चीज आती है कि ले लेजिसलेटिव

[41:45] फिलॉसफी। अब फिर वही वाली बात है नॉर्मल

[41:47] दवाइयां दवाई से बचाती हैं। लेकिन शेड्यूल

[41:50] एक्स की जो है वो डिजीज से भी बचाती हैं।

[41:52] अब्यूज हो सकता है। है ना? इसलिए लीगल

[41:54] कंट्रोल होना जरूरी है। इसलिए गवर्नमेंट

[41:55] बोलती है ट्रेसेबिलिटी। क्या बोलती है?

[41:58] ट्रेसेबिलिटी। और यही शेड्यूल एक्स के

[42:00] पीछे है। देखो नोट्स में वही सब है जो

[42:01] मैंने समझाया है। है ना? व्हाट इज़ शेड्यूल

[42:04] एक्स? डेफिनेशन स्पेशल रेस्ट्रिकशंस है ना

[42:06] तो जो समझाया वही सब कुछ लिखा हुआ है। तो

[42:08] डू नॉट थिंक दैट कि शेड्यूल एक्स की

[42:10] ड्रग्स आर द नारकोटिक्र ड्रग्स। सम आर

[42:12] साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस। खाली ये नहीं है

[42:13] कि वो सारे नशे ही करती है। वो

[42:16] साइकोलॉजिकल भी काम करती है। सो इसलिए

[42:18] इसलिए यहां पर एनडीपीएस एक्ट भी इसके साथ

[42:20] जोड़कर देखा जाता है। अब सबसे मेन बात आती

[42:23] है रूल नंबर 96 एंड 97। हाईली

[42:26] रेस्ट्रिक्टेड लेबलिंग मतलब इसके ऊपर जो

[42:28] लेबलिंग होगी ना इन दवाइयों के ऊपर वो

[42:30] हाईली रेस्ट्रिक्टेड होगी। दूसरी बात

[42:32] वार्निंग बड़ी जबरदस्त होंगी और तीसरी चीज

[42:35] भाई साहब साइजिंग इसके अंदर बड़ी मैंडेट

[42:37] है। कितने साइज की गोली दवाई पानी होगा?

[42:40] दैट इज वेरीेंट अगेन फिर कहूंगा यही

[42:43] सबसेेंट है इसकी सब चीजें।

[42:46] यह बहुत इंपॉर्टेंट है। यानी कि अगर

[42:48] सिस्टमिक डायवर्जन यानी कि दवाइयों को नशे

[42:50] के बाजार में सप्लाई होने से रोकना है तो

[42:53] गवर्नमेंट ने इसके लिए पैकेजिंग साइज पर

[42:55] भी एक स्ट्रिक्ट कैप यानी कि लिमिट लगाई

[42:58] हुई है। अब तुम ये नॉर्मल फार्मासिस्ट

[43:00] एग्जामिनेशन में नहीं पढ़ते।

[43:03] अब टेबलेट और जो कैप्सूल होता है ब्रो वह

[43:06] एक रिटेल पैक में मैक्सिमम 100 यूनिट

[43:08] डोसेज ही हो सकती हैं। और ओरल के अंदर

[43:13] यहां लिखा है कहीं तो लिखा है ये रहा। तो

[43:15] टेबलेट के अंदर 100 यूनिट पर रिटेल पैक

[43:18] होती है। ओरल सिरप में 300 ml पर बोतल और

[43:22] इंजेक्शन एक एम पुल या फिर वायल में

[43:25] मैक्सिमम 5 एमl तक की ही कैपेसिटी अलाउड

[43:28] है। एक्सेप्शनल अलग है। देखो अगर हॉस्पिटल

[43:31] के अंदर है तो फिर हॉस्पिटल पैक के लिए ये

[43:33] लिमिट वेव्ड है। माफ है। पर वो डायरेक्ट

[43:35] फैक्ट्री से हॉस्पिटल के फार्मेसी स्टोर

[43:37] में जानी चाहिए। किसी डिटेल शॉप पर नहीं

[43:39] जानी चाहिए। समझ रहे हो? सो ये मेन चीज

[43:41] आती है और ये आती है रूल नंबर 105 ए पर

[43:44] लिख लेना। ठीक है? इसके बाद रेड सिंबल से

[43:48] क्या लिखा होना चाहिए? x आरx क्या लिखा

[43:51] होना चाहिए? रेड सिंबल से x आर एक्स मेन

[43:55] चीज। ठीक है? देन वार्निंग बॉक्स होता है

[43:58] एक जिस पे रेड रेक्टेंगुलर बॉक्स बना हुआ

[44:02] होता है और फिर उसके अंदर यह सब लिखा होता

[44:04] है कि शेड्यूल एक्स प्रिस्रिप्शन ड्रग

[44:06] वार्निंग टू बी सोल्ड बाय डिटेल ऑन द

[44:08] प्रिस्रिप्शन ऑफ द आरएमपी ओनली है ना चलो

[44:13] और जब बल्क एपीआई की रिक्वायरमेंट होगी तो

[44:15] उस पे लिखा होगा एक्स आर एक्स ठीक है

[44:18] बड़े-बड़े शब्दों से ये मैंने आपको बता ही

[44:21] दिया कैप्सूल्स के लिए क्या है है ना देन

[44:23] आती है स्टोरेज डिस्पेंसिंग एंड रिकॉर्ड

[44:25] मेंटेनेंस ये इससे से भी ज्यादा खतरनाक

[44:27] रूल है। है ना? अच्छा ये समझ में आ गया ना

[44:30] कि देखो मैं एक बार बता देता हूं। रेड

[44:32] सिंबल यानी कि xआरx कंटेनर के लेवल पर

[44:36] लेफ्ट साइड के टॉप कॉर्नर पर मैं इसको एक

[44:38] बार अपनी ही दुनिया में बताता हूं। है ना?

[44:40] वैसे तो यहां पर लिखा हुआ है ये लिखा हुआ

[44:42] लेफ्ट टॉप कॉर्नर। तो कंटेनर के लेबल पर

[44:46] लेफ्ट साइड के टॉप कॉर्नर पर एक्स आर एक्स

[44:50] बोल्ड कैपिटल लेटर में और वो भी रेड कलर

[44:52] से लिखा होना चाहिए। और रेड वार्निंग

[44:54] बॉक्स जो होता है यानी कि लेबल पर एक

[44:56] रेक्टेंगुलर बॉक्स होगा जिसके अंदर ब्लैक

[44:58] फोंट से एग्जैक्ट लाइन लिखी हुई होगी यह

[45:01] वाली है ना देन एक्स की जो प्रिस्रिप्शन

[45:04] वार्निंग है कि टू बी सोल्ड बाय द रिटेल

[45:05] ऑन द प्रिसिप्शन फॉर आरएमपी ओनली है ना

[45:07] अगर मैं बल्क एपीआई की बात करता हूं अगर

[45:10] रॉ मटेरियल पाउडर फॉर्म में है तो उसका

[45:13] बल्क कंटेनर तो उस पर भी xआरx का सिंबल

[45:16] रेड कलर से लगाना कंपलसरी है ताकि

[45:18] फैक्ट्री फ्लोर पर कोई भी मिक्सिंग अप ना

[45:21] हो सके। समझे? चलो, अब एक फार्मासिस्ट के

[45:25] लिए रूल्स क्या है? है ना? यह है स्टोरेज,

[45:28] डिस्पेंसिंग एंड रिकॉर्ड मेंटेनेंस। तो,

[45:30] एक तो ताला और एक चाबी होनी चाहिए। यानी

[45:32] कि लॉक एंड की स्टोरेज होनी चाहिए जो कि

[45:34] आती है रूल नंबर 65 12 के अंदर। लॉक एंड

[45:38] की वाला रूल आता है बेटा किस में? रूल

[45:40] नंबर 65 12। तो इस तरीके का एक ताला और एक

[45:43] लॉकर होना चाहिए। तो शेड्यूल एक्स की

[45:46] दवाइयां बाकी स्टैंडर्ड मेडिसिंस की तरह

[45:48] ओपन ट्रैक में नहीं रख सकते। इन्हें लीगली

[45:50] एक अलग कब बोर्ड या फिर ड्रोन में ताले

[45:53] चाबी के अंदर रखना होता है। जहां सिर्फ

[45:55] ऑथराइज पर्सन ही हाथ लगा सके। है ना? और

[45:59] बेटा दूसरी चीज क्या है बेडी? यहां देखना

[46:02] डुप्लीकेट प्रिस्रिप्शन रूल। जब कोई

[46:05] पेशेंट या फिर यह दवाई लेने आएगा तो उसके

[46:08] पास डॉक्टर की डुप्लीकेट प्रिस्रिप्शन

[46:10] यानी कि दो कॉपी होनी चाहिए। यानी कि

[46:13] फार्मासिस्ट एक कॉपी को अपने पास दो साल

[46:15] तक रखेगा। सबसे बड़ी बात समझना बेटा।

[46:17] किसको? प्रिस्रिप्शन को 2 साल तक संभाल कर

[46:21] रखेगा। बेटा दोबारा सुन लेना चाहे क्या

[46:24] सुन लेना दोबारा समझ लो क्या समझ लो कि

[46:27] बेटा तब समझ लो दोबारा समझ लो कि

[46:31] फार्मेसिस्ट एक कॉपी को अपने पास 2 साल तक

[46:33] के लिए रखेगा संभाल कर साथ ही साथ उसी

[46:37] वक्त एक बाउंड और सीरियल पेज नंबर के

[46:41] रजिस्टर में एंट्री करेगा जिसमें हर ड्रग

[46:44] के लिए अलग से पेज अलॉटेड होता है। समझे?

[46:47] यानी कि जैसे अल्प्राजोलम कितनी बिकी तो

[46:49] उसका एक पेज होगा। है ना? ऐसी मतलब

[46:52] मॉर्फिन बी की कितने मतलब बेसिकली हर ड्रग

[46:54] के लिए एक पेज होगा और फिर उस पर वो

[46:56] एंट्री करता हुआ उसकी चलेगा। ठीक है? सो

[46:59] इस तरीके से प्रॉपर तरीके से जो है वो

[47:01] प्रिस्रिप्शन को अपने पास रखेगा और वो

[47:04] रजिस्टर में एंट्री करता हुआ चलेगा।

[47:07] अच्छा एक चीज और आती है यहां पर पता है

[47:08] क्या है? ये वाला पॉइंट। ये सबसे

[47:11] इंपॉर्टेंट है। 3 मंथ मैन्युफैक्चरिंग

[47:14] रिपोर्ट रूल ये क्या कहता है? ये बहुत ही

[47:17] खतरनाक रूल है। है ना? क्वार्टरली

[47:19] इंडस्ट्रियल रिपोर्ट बोलते हैं वैसे इसको।

[47:21] है ना? जो फैक्ट्री फॉर्म नंबर 25 एफ या

[47:26] फिर 28 बी 28 बी पर शेड्यूल एक्स बना रही

[47:31] हैं। उन्हें हर 3 महीने में यानी कि एव्री

[47:35] क्वार्टर अपनी पूरी सेल्स की रिपोर्ट

[47:37] स्टेट लाइसेंसिंग ऑथॉरिटी को बेचनी होती

[47:40] है। कहीं तुम भैया वहां पर नशेव बनाकर बिक

[47:42] रहे हो बाजार में। है ना? तो जो फैक्ट्री

[47:45] 25 बी और 28 बी यानी कि जिसमें शेड्यूल

[47:48] एक्स की ड्रग की मैन्युफैक्चरिंग की बात

[47:50] पढ़ाई है मैंने आप लोगों को वो ड्रग्स जो

[47:52] अगर कोई बना रहा है तो 3 महीने में अपनी

[47:56] पूरी सेल की रिपोर्ट को एसएल यानी कि

[47:59] स्टेट लाइसेंसिंग ऑथॉरिटी को भेजनी पड़ती

[48:02] है। बस इतनी बात यहां पर आपको याद रखनी

[48:05] पड़ेगी। एक चीज और आती है। मान लो तुम

[48:08] रांची हो। है ना? झारखंड हो या फिर

[48:11] गाजियाबाद यूपी में हो। मैं एक मेडिकल

[48:13] स्टोर पर रेड करने जाता हूं। है ना? और

[48:15] वहां काउंटर पर तुम्हें फिनोबारबिटल

[48:18] शेड्यूल एक्स की खुली खुली बोतल मिलती है।

[48:20] है ना? समझना जिसमें 500 टेबलेट हैं।

[48:23] कितने टेबलेट हैं मान लो उसमें? 500

[48:26] टेबलेट हैं। है ना भाई? तुम्हारा एक्शन

[48:29] प्लान क्या होगा? सबसे पहली बात सर आपने

[48:32] ना मैं इसको स्टेप बाय स्टेप बताता हूं।

[48:36] मोस्टेंट है ये। ये अगर तुम इंटरव्यू की

[48:38] प्रिपरेशन करोगे तो सबसे पहले ये पूछेगा।

[48:40] कुछ बच्चे सर इंटरव्यू के तो है नहीं थे

[48:42] सर कॉन्फिडेंस नहीं है क्या अपने ऊपर चलो

[48:44] तो सबसे पहले स्टोरेज वायलेशन सबसे पहले

[48:47] तो भैया तूने स्टोरेज की वलेशन करी है

[48:50] सर कैसे कर दी है बाय द रूल नंबर 65 12

[48:57] पहले तो बोतल का खुले में मिलना रूल नंबर

[49:00] 65 12 की वलेशन है क्योंकि यह लॉक एंड की

[49:02] में मिलना चाहिए था यही कहोगे दूसरा

[49:05] प्रिस्रिप्शन का ऑडिट करोगे ला भाई दूसरा

[49:07] पर्चा दिखा कहां है तो तुम तुरंत

[49:09] फार्मासिस्ट से उसके बाउंड रजिस्टर और

[49:10] पिछले 2 साल का डुप्लीकेट प्रिस्रिप्शन

[49:13] मांगोगे। अगर फिजिकल स्टॉक और रजिस्टर की

[49:16] एंट्रीज मैच नहीं होती है तो इसका मतलब है

[49:18] कि ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। और तेरी

[49:21] बात मैच नहीं हो रही ना। तीसरा लीगल सीज़र।

[49:25] तुरंत फॉर्म नंबर 16 निकालोगे। तुरंत

[49:28] फॉर्म नंबर 16 भरोगे और सारी अनऑथराइज्ड

[49:32] दवाइयां उसकी जप्त करा लोगे। दोबारा

[49:36] समझना। तुरंत फॉर्म नंबर 16 भरवाओगे। यह

[49:39] लिख लेना तुरंत फॉर्म नंबर 16 भराओगे और

[49:43] सारी अन ऑथराइज दवाइयां सीज यानी कि ज्त

[49:46] कर लोगे और स्टोर के फॉर्म नंबर 35 जिसको

[49:50] इंस्पेक्शन बुक कहते हैं। ये सब करा चुका

[49:52] हूं। प्रीवियस वीडियो सारी देख लेना भूल

[49:54] गएगे रिवीजन कर लेना। फॉर्म नंबर 35 यानी

[49:58] कि इंस्पेक्शन बुक में अपनी पूरी रिपोर्ट

[50:00] लिखोगे और प्रोपराइटर के साथ यानी कि जो

[50:03] उस जगह का जो मालिक है उसके ऊपर सेक्शन

[50:07] नंबर 18 सी के तहत कोर्ट में केस फाइल

[50:12] करोगे।

[50:14] यह मोस्टेंट था पूरा का पूरा यश अनंत जगन

[50:20] समझ में आया दोबारा बता दूं।

[50:26] पहले तो बोतल खुली मिल गई तो 65 12 लगा

[50:29] दिया। लॉक एंड की मैं नहीं रखी थी। दूसरा

[50:32] कहोगे कि भैया ऑडिट दिखा पिछले दो साल का

[50:34] डुप्लीकेट प्रिस्रिप्शन दिखा और स्टॉक

[50:36] रजिस्टर जो था मतलब बेसिकली जो तेरा

[50:38] फिजिकल स्टॉक रजिस्टर था वह दिखा अब भैया

[50:40] दोनों की एंट्री मैच नहीं कर रही तो ठीक

[50:42] है बेटे चल फॉर्म नंबर 16 निकाला बस्ते

[50:45] में से भरे सारी अनथराइज्ड दवाइयों को सीज़

[50:48] करोगे जब्त कर लोगे और स्टोर के 35 नंबर

[50:52] के बुक में उसकी एंट्री करोगे यानी कि

[50:53] रिपोर्ट लिखोगे और 18 सी के तहत

[50:56] प्रोपराइटर पर यानी कि जो उसका मालिक है

[50:58] उसके ऊपर केस फाइल कर दोगे। ठीक है? तो एज

[51:01] अ ड्रग इंस्पेक्टर ये आपको बहुत ज्यादा

[51:03] जरूरी होना चाहिए पता है ना? ये इसका मेन

[51:06] है। मतलब यही इसका मेन है। अगर और कुछ ना

[51:08] भी आता हो ना ये मेन चीज थी भाई। समझ रहे

[51:11] हो? समझ रहे हो? चलो तो दीज़ आर द मेन

[51:15] थिंग। तो रूल नंबर 23 क्या कहता है? रूल

[51:18] नंबर 23 कहता है इंपोर्ट लाइसेंस फॉर

[51:21] शेड्यूल एक्स। वैसे मैं करा चुका हूं

[51:22] लेकिन फिर भी दोबारा देख लो कि जब भी

[51:24] तुमको शेड्यूल एक्स के ट्रक को इंपोर्ट

[51:25] कराना हो। तो फॉर्म नंबर 10 ए रूल नंबर 23

[51:27] के अंदर आता है। मतलब 23 के हिसाब से रूल

[51:30] नंबर 24 कहता है कि फॉर्म नंबर एट ए होता

[51:32] है। वैसे मैं सारे फॉर्म करा चुका हूं।

[51:34] ठीक है? कि इंपोर्ट लाइसेंस की एप्लीकेशन

[51:36] लगती है। रूल नंबर 65 कहता है कंडीशन ऑफ

[51:39] सेल्स। रूल नंबर 70 कहता है

[51:41] मैन्युफैक्चरिंग के लाइसेंस की कंडीशंस।

[51:43] 74 कहता है कंडीशंस ऑफ लाइसेंसिंग। फॉर्म

[51:45] नंबर 25 बी। एक एक क्लास बनाऊंगा जिसमें

[51:47] सारे फॉर्म्स रिवीजन कराऊंगा विद ट्रिक्स।

[51:50] ठीक है? तो, यह सब मैं करा चुका हूं। लोन

[51:52] लाइसेंस किससे मिलता है, क्या मिलता है?

[51:53] दोबारा-दुबारा पढ़ाने की कोई मेरे हिसाब

[51:54] से नीड नहीं है। है ना? फिर भी एक बार

[51:57] इंपोर्ट ऑफ लाइसेंस के लिए एप्लीकेशन

[51:59] फॉर्म 8 ए में लगता था। ग्रांट मिलती थी

[52:01] 10A में। है ना? रिटेल के लिए 19 सी में

[52:04] और ग्रांट मिलती थी 20f में। होलसेल के

[52:06] लिए 19 सी में 20G में। यह किसकी? शेड्यूल

[52:09] एक्स की बात कर रहा हूं। 24 एफ में

[52:11] मैन्युफैक्चरिंग की फॉर्मुलेशन 20f में

[52:14] लाइसेंस मिलता है। एप्लीकेशन फॉर्म 27 बी

[52:16] स्टेलाइज सी और C1 का लगता है और 28 पीक

[52:19] में लाइसेंस मिलता है। तो दीज़ आर द मेन

[52:21] थिंग्स। ये सब मैं पहले वैसे करा चुका हूं

[52:23] बट फिर भी एक बारी के लिए रिवीजन कराना था

[52:25] इसलिए मैंने यहां पर डाल दिया। तो

[52:27] गवर्नमेंट ने लीगल ऑथॉरिटी डाली।

[52:28] मैन्युफैक्चर होलसेलर रिटेल पंप ये पूरी

[52:30] की पूरी ट्रेसेबिलिटी यहां पर होनी चाहिए

[52:32] जो मैं इतनी देर से आपको बता रहा हूं। ठीक

[52:34] है ना? एज अ ड्रग इंस्पेक्टर आपको

[52:35] ट्रेसेबिलिटी पूरी की पूरी चैन की रखनी

[52:37] है। ठीक है ना? चलो तो नॉर्मल ड्रग में और

[52:40] शेड्यूल एक्स के ड्रग में आप लोगों का

[52:41] बहुत अच्छे से डिफरेंस समझ में आ गया

[52:43] होगा। ड्रग इंस्पेक्टर का माइंडसेट क्या

[52:45] कहता है? कि आप कभी भी मेडिसिंस की

[52:47] जेन्युइनिटी की बात करते ही नहीं हो। आप

[52:48] कहते हो कि इसका मैन्युफैक्चरर कौन है?

[52:50] लाइसेंस किसने सप्लाई करी? किसको बेची?

[52:54] क्या है? रिकॉर्ड कंपाइल है नहीं है।

[52:57] स्टॉक दिखाओ पूरा रजिस्टर दिखाओ पूरा। तो

[53:00] ये एक सबसे बड़ा डिफरेंस होता है एक

[53:01] फार्मासिस्ट में और एक ड्रग इंस्पेक्टर।

[53:03] मैं पहले ही कहता हूं यू आर नॉट जस्ट लाइक

[53:05] अ फार्मासिस्ट राइट नाउ। तरीका ही अलग है।

[53:08] तभी तो ड्रग इंस्पेक्टर के अंदर

[53:09] रजिस्ट्रेशन मांगा ही नहीं है। अरे तुमने

[53:12] एक छोटी सी चीज नोटिस करी। ड्रग

[53:14] इंस्पेक्टर के अंदर रजिस्ट्रेशन मांगा। दे

[53:16] आर नॉट सपोज्ड टू थिंक लाइक यू आर अ

[53:19] फार्मासिस्ट। हम

[53:22] दे थिंक लाइक यू आर अ यूपीएससी एस्पिरेंट।

[53:26] वो मांग ही नहीं रहे तुमसे रजिस्ट्रेशन।

[53:28] अब फार्मेसिस्ट की फार्मेसिस्ट की जितने

[53:30] भी वैकेंसीज आती हैं दे वोंट रजिस्ट्रेशन

[53:33] बट इन ड्रग इंस्पेक्टर दे डोंट नीड

[53:35] रजिस्ट्रेशन। कोई फर्क नहीं पड़ता। हमें

[53:38] तुमसे हमें तुम्हें फार्मासिस्ट बनाना ही

[53:40] नहीं है। हमें तो आपको ड्रग इंस्पेक्टर

[53:42] बनाना है। पिताजी बनाना है भैया। पापा तो

[53:45] तैयारी, माइंडसेट, प्रिपरेशन सब कुछ चला

[53:48] गया। ठीक है? चलो। कंडीशन आती है कि

[53:51] एनडीपीएस के एक्ट के साथ इसको कैसे

[53:53] जोड़ोगे? तो शेड्यूल एक्स ड्रैगन

[53:55] कॉस्मेटिक और एनडीपीएस मैंने कहा कि इन

[53:57] दोनों को ही साथ में पढ़ना होता है। तो

[53:59] नेवर स्टेट दैट शेड्यूल एक्स इज़ द पार्ट

[54:00] ऑफ़ द एनडीपीएस एक्ट। इट इज़ द शेड्यूल अंडर

[54:02] द ड्रग रूल्स 1945। कभी भी मत कहना कि

[54:05] शेड्यूल एक्स जो होता है वो एनडीपीएस के

[54:06] अंदर आता है। नहीं

[54:10] ड्रग्स रूल 1945 के तहत आता है। समझ रहे

[54:13] हो? शेड्यूल एक्स दोनों को ही कवर करता

[54:15] है। इसके अंदर कुछ नहीं आता है। समझ रहे

[54:17] हो? चलो। तो शेड्यूल एक्स हाईली अब्यूज

[54:19] पोटेंशियल स्पेशल लाइसेंस की जरूरत होती

[54:21] है स्टोरेज की रिकॉर्ड्स की स्पेशल

[54:22] प्रिस्रिप्शन की इंस्पेक्शन की और

[54:24] स्ट्रिक्ट लॉ को कंट्रोल करने की। ठीक है?

[54:27] सो दीज़ आर द टेबल्स जो कि आपको काफी

[54:29] ज्यादा पसंद आती हैं। अलग से मेरे को

[54:30] बनाकर डालनी पड़ती हैं। कोई बात नहीं। आप

[54:33] लोग इसको रिवीज़ जरूर करिएगा। है ना? चलो

[54:37] शेड्यूल एक्स कि अगेन फिर वही कि व्हाट इज़

[54:40] एक्चुअली कंटेनिंग इन द शेड्यूल? ये सब

[54:42] मैं पढ़ा चुका हूं। ठीक है? देन सबसे बड़ी

[54:46] मेन चीज क्या आती है? सबसे मेन चीज क्या

[54:48] आती है? थेरेपोटिक कैटेगरीज। सो ओपोइड

[54:50] एनर्जेसिक्स लाइक कैंसर पेशेंट, सीवियर

[54:53] ट्रोमा, आईसीयू एनर्जेसी, पैेटिव केयर है

[54:55] ना? क्योंकि भैया इसमें जरूरत पड़ती है।

[54:57] है ना? मेन चीज है कि इसमें सच में जरूरत

[54:58] पड़ती है। तो यहां यहां के लिए इसलिए

[55:00] शेड्यूल की दवाई को रखा जाता है। अन्य तो

[55:02] जिंदगी से ही हटा देते। सिडेटिव एंड

[55:04] हिप्नोटिक्स अगेन इंसोमनी आईसीयू

[55:06] प्रीऑपरेटिव। तो इसलिए इनके रिस्क है

[55:08] भैया। डिपेंडेंसी हो सकती है। लेकिन रखना

[55:09] तो पड़ेगा ना यार। ऐसे ट्रांसलूज़र्स हैं।

[55:12] एंजियोलाइटिक हैं। अब किसी को एंजाइटटी

[55:13] होती है, पैनिकिक डिसऑर्डर है तो भैया

[55:15] देना तो पड़ेगा ना लेकिन उसके ऊपर

[55:17] सुपरविजन रखना पड़ेगा। पता लगा एंजाइटटी

[55:19] दूर करने के चक्कर में भाई नसड़ी हो गया।

[55:21] समझ रहे हो ना? पता लगा एंजाइटटी दूर करने

[55:23] [हंसी] के चक्कर में भाई जो अलग ही दिशा

[55:25] में चला गया। ऐसी स्टिमुलेंट है। है ना?

[55:27] साइकोलॉजिकल डिपेंडेंसी हो जाती है।

[55:28] परफॉर्मेंस एनहांसमेंट के लिए यूज़ करते

[55:30] हैं। अब जितने भी तुमने देखे होंगे अ

[55:34] एथलीट्स वो वो यूज़ कर देते हैं कई बार।

[55:37] परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए। जिम में यूज़

[55:39] करते हैं लोग बाग। सो इसलिए इनके ऊपर थोड़ा

[55:41] सा स्ट्रिक्ट है। अब देखो ना स्टेरॉइड

[55:42] प्रिपरेशन एंड हॉर्मोनल कितने ज्यादा

[55:44] टेस्टोस्टरॉन और ये सब का यूज़ करा जाता

[55:46] है। है ना? इन द जिम्स आल्सो है ना? सो

[55:49] दैट इज़ द मेन थिंग। अब मेन चीज़ आती है कि

[55:51] गवर्नमेंट इज़ नॉट इंटरेस्टेड इन द

[55:52] फार्माकोलॉजिकल क्लासिफिकेशन। तो व्हिच

[55:54] मेडिसिंस रिक्वायर द स्ट्रांग लीगल

[55:55] सुपरविज़न। तो शेड्यूल एक्स इज़ द लीगल

[55:58] क्लासिफिकेशन। अभी इसको फार्माकोलॉजी से

[56:00] कोई मतलब नहीं है। समझ रहे हो? इनको

[56:02] फार्मकोलॉजी से कोई मतलब नहीं है। इनको

[56:04] मतलब किससे है? इनको मतलब किससे है? इनको

[56:07] मतलब है भैया कि शेड्यूल एक्स के अंदर कौन

[56:09] सी चीज आ रही है। ब्लैक मार्केट से बनानी

[56:11] है। मेन चीज़ क्या है कि इसको ब्लैक

[56:12] मार्केट से हटाना है। दैट इज़ व्हाई

[56:14] शेड्यूल एक्स को यहां पर रखा गया है। मतलब

[56:16] कि जैसे कि स्टंग पेन के लिए लड़ते हैं।

[56:17] मैंने अभी आपको पढ़ाया एप्नोटिक्स है। है

[56:19] ना? तो ये मेन चीजें हैं इसके अंदर बस और

[56:22] कुछ नहीं है। ठीक है? चलो अब मेन चीज़ एक

[56:25] चीज़ कर लेते हैं यहां पर। इंटरव्यू के लिए

[56:27] इसको जरूर पढ़ लेना एक बार। ठीक है? इन

[56:28] सबके नोट्स बहुत जल्दी आपको मिलने वाले

[56:30] हैं। ठीक है? सो अगेन रिवीजन के लिए अगेन

[56:33] मैंने यहां पर डाली है कुछ चीजें जो मैंने

[56:35] आपको दिखाए थे आते के साथ ही रूल नंबर 23

[56:37] 15 64 64 74 75 76 बता दिया था वहां पर है

[56:41] ना ऐसे ही इंपोर्ट के लिए कौन सा लाइसेंस

[56:43] लगता है किसमें एप्लीकेशन चलती है रिटेल

[56:44] के लिए किसका लगती है फिर ऐसे देखो होलसेल

[56:47] के लिए यहां पर डाल दिया है कौन सा फॉर्म

[56:48] लगता है किससे लाइसेंस मिलता है

[56:50] मैन्युफैक्चरिंग में कौन सा लगता है किससे

[56:52] लाइसेंस मिलता है ऐसे ही देखो लेबलिंग में

[56:54] रिक्वायरमेंट क्या थी एक्सरे टॉप लेफ्ट

[56:56] बॉर्डर पर होना चाहिए रेड कलर का वार्निंग

[56:57] बॉक्स होना चाहिए है ना ब्लैक कलर से लिखा

[56:59] होना चाहिए फिर इसके बाद अगेन पैकेजिंग का

[57:02] कैप कितना होना चाहिए? टैबलेट के कैप्सूल

[57:05] के लिए 100 ओरल के लिए 300 ml, इंजेक्शन

[57:07] के लिए 5 ml और हॉस्पिटल के लिए

[57:09] एक्सेप्शनंस। फिर मैंने आपको पढ़ाया। अगेन

[57:11] क्या पढ़ाया? स्टोरेज

[57:13] लोक की होनी चाहिए। कब बोर्ड और रूम होना

[57:16] चाहिए। डुप्लीकेट प्रिस्रिप्शन होना

[57:18] चाहिए। दो साल का रिकॉर्ड रखना चाहिए। और

[57:20] सीरियल पेज वाइज़ नंबर रजिस्टर होना चाहिए

[57:22] ड्रग के हिसाब से। फिर मैंने आपको पढ़ाया

[57:24] इंस्पेक्शन का प्रोटोकॉल। देन ऑडिट

[57:26] प्रिसक्रिप्शन ट्रेल स्टॉक का फ़ॉर्म नंबर

[57:28] 16, फ़ॉर्म नंबर 35 जिसमें एंट्री करेगा और

[57:31] सी में उसको कोर्ट में ले जाएगा कि भैया

[57:33] आई विल सी यू इन द कोर्ट। है ना? तो आपको

[57:35] देखो चार पेज में सब कुछ रिवीजन हो गया

[57:37] जितना पड़ा। है ना? एक

[57:40] चार तो नहीं ज्यादा चले गए। दो तीन चार और

[57:42] पांच और छह। सात सात पेज में पूरा रिवीज़न

[57:46] हो गया। बट यह वही है कि बार-बार रिपीटेड

[57:48] वाली चीज़ थी। ठीक है? चलो। अब मेन चीज़ आती

[57:50] है H1 और H के बीच में क्या डिफ़रेंस है? H

[57:53] और H1 के बीच में क्या डिफरेंस है? एनीवन?

[58:00] देखो भाई कुछ नहीं है। H1 मैंने

[58:03] एनीवन? देखो भाई कुछ नहीं है। H1 मैंने

[58:03] हमेशा आपको पढ़ाई है कि जिसको बेसिकली हुआ

[58:06] क्या था यार इसके पीछे की भी कहानी मैंने

[58:07] आपको वैसे बता रखी है कि एंटीबायोटिक्स का

[58:09] इतना ज्यादा मिसयूज़ हो रहा था कि उसकी

[58:11] रेस्ट्रिक्शन मतलब बेसिकली रेसिस्टेंट

[58:13] होने लगा था। यानी कि ऐसी एंटीबायोटिक्स

[58:15] जो कि रेसिस्टेंट होने लगी थी। तो फिर जो

[58:17] हाईली रेसिस्टेंट हो रही थी उन सबको H1

[58:19] में डाल दिया। है ना? कि इररशनल यूज़ हो

[58:21] रहा था उससे बचाने के लिए। तो ऐसी

[58:22] एंटीबायोटिक्स लाइक एंटीटीपी है ना जिसकी

[58:25] हैबिट फॉर्मिंग मेडिसिंस हैं। तो इन सबको

[58:27] बेसिकली हमने यहां पर डाल दिया। लेकिन यह

[58:28] तो वो है जिससे जिसका इंसान नशा ही कर रहा

[58:30] है भाई जिसका नशा ही कर रहा है। तो लेवल

[58:32] कंट्रोल हाई है लेकिन इसका तो बहुत ही

[58:33] ज्यादा हाई है एक्स का। लाइक

[58:35] एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंट है ना इररेशनल

[58:37] यूज़। वैसे तो ये और भी ज्यादा खतरनाक है।

[58:39] लेकिन ये नशी करता है। ब्लैक मार्केटिंग

[58:41] इसकी सबसे ज्यादा होती है एक्स की। H1 की

[58:43] नहीं होती। एक्स की सबसे ज्यादा होती है।

[58:44] तो H1 इज़ फॉर द रेजिस्टेंस। है ना? तो अगर

[58:47] रिस्क कैटेगरी की बात करता हूं तो इसमें

[58:49] प्रिस्रिप्शन कंट्रोल है। इसमें लीगल

[58:51] कंट्रोल भी है। है ना? तुमने देखा होगा एक

[58:53] आधी वीडियो अगर Instagram पर देखी होगी।

[58:54] वो थोड़ा सा लेकर पकड़ा गया था तो उसने

[58:57] पूछा कितने का बिकता है? कहा भाई ये छोटा

[58:58] सा ही जो है सर करोड़ों का बिकता है।

[59:00] कितने करोड़ का होगा? होगा 2 एक करोड़ का।

[59:02] तुम्हें कैसे पता? चलो इसे कोर्ट में डाल

[59:03] दो। देखी है ना वो वीडियो एक आधी। तो मतलब

[59:05] बेसिकली एक्स जो है वो तो भाई नशीली है।

[59:08] मतलब उसके तो तुमने हीरोइन गांझा है ना?

[59:11] चरस है ना कुछ मलाई पता नहीं क्या-क्या

[59:14] बोलते हैं। तो यह सब जो है यह बहुत ही

[59:16] ज्यादा बोंग और पता नहीं क्या-क्या चलता

[59:18] है। सो यह सब जो है चीजें भाई वो बहुत ही

[59:19] ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं। है ना? अभी जब

[59:21] हम पढ़ाऊंगा नारकोटिक एंड साइोट्रॉपिक

[59:22] सब्सटांस तब पढ़ाऊंगा वैसे इन सबके बारे

[59:24] में। अभी तो हम सिर्फ शेड्यूल एक्स पढ़

[59:26] रहे थे। है ना? सो पेशेंट जो है वो

[59:28] एंटीबायोटिक्स और एंटीबी मेडिसिंस बिना

[59:30] प्रिस्रिप्शन के नहीं ले सकता। एंटीबी

[59:32] रेसिस्टेंट हो सकता है। और एक्स जो है वो

[59:34] तो भैया है ही भैया इललीगल मार्केट के

[59:36] लिए। अभी इतनी देर से बता रहा हूं। तो

[59:37] इसके बीच में मेन डिफरेंस यही है। है ना?

[59:40] एक्स वाला ज्यादा गंभीर है। है ना? क्राइम

[59:42] हो सकता है इससे। है ना? अभी तुमने देखा

[59:44] भी होगा रेप वाली चीजें भी यहां पर जुड़ी

[59:46] हुई हो जाती हैं। कई बार है ना? वो इसीलिए

[59:48] सब कुछ तहत है। तो हाई हायर

[59:50] एंटीबायोटिक्स, एंटीटीबी, कुछ सीएनएस की

[59:52] मेडिसिंस, कुछ सिलेक्टिव कंट्रोल

[59:54] मेडिसिंस। तो ये मेन आता है एच वन के

[59:56] अंदर। एक्स के अंदर हाईली कंट्रोल सीएनएस

[59:58] ड्रग्स, नारकोटिक, एनलजेसिक, हिपोटिक,

[01:00:01] सिडेटिव्स और सारी कंट्रोल ड्रग्स जिसका

[01:00:03] अब्यूज और डायवर्जन बचाने के लिए करा जाता

[01:00:06] है। सो दीज़ आर द H1, एक्स। तो बेटा ये

[01:00:08] मोस्टेंट पेज है। इसको बहुत अच्छे से करना

[01:00:11] है कि जो प्रिस्रिप्शन है दोनों में जरूरत

[01:00:14] है। 659 रूल के तहत अब यहां पर समझनी है

[01:00:17] चीजों को। 659 रूल के तहत आपको दोनों में

[01:00:20] प्रिस्रिप्शन की नीड पड़ेगी। डुप्लीकेट

[01:00:22] प्रिस्क्रिप्शन यस 659 ए के तहत ए 9 ए अब

[01:00:26] देखो प्रिस्क्रिप्शन की ज़रूरत पड़ी नाइन

[01:00:28] में। नाइन ए में जरूरत पड़ी दूसरे

[01:00:30] डुप्लीकेशन की। तो एच वन में नहीं होती।

[01:00:32] लेकिन इसमें आपको एक डुप्लीकेट अपने पास

[01:00:34] रखना पड़ता है। रिटेल प्रिस्रिप्शन कॉपी

[01:00:37] रिटेंशन रजिस्टर 3 साल के लिए मैंडेटरी

[01:00:39] है। इसमें 2 साल के लिए ही है। है ना?

[01:00:42] लेकिन रूल नंबर 653H और 659 ए सेपरेट

[01:00:46] रजिस्टर इसमें भी बनेगा। इसमें भी बनेगा

[01:00:48] लेकिन इसमें लोकेंट की भी होगा। है ना? और

[01:00:50] बेटा इसमें 2 साल के लिए प्रिजर्व कर कर

[01:00:53] रखना है आरएमपी के लिए और इसमें भी 2 साल

[01:00:55] के लिए ही रखना है। ठीक है? तो ये आता है

[01:00:57] 659 बी के तहत। यह आता था ए के तहत। यह

[01:01:00] आता है बी के तहत। है ना? भाई साइन तो

[01:01:02] होने चाहिए ना उसमें ऑर्डर फॉर्म के। ठीक

[01:01:04] है? सो, यहां पर एक मेन चीज़ क्लियर होती

[01:01:06] है कि H1 जो होता है वह 3 साल के लिए, X

[01:01:08] जो होता है, वह 2 साल के लिए। सो, दिस इज़

[01:01:10] द ओनली पार्शियली करेक्ट। यह बात बिल्कुल

[01:01:13] गलत है। अगर एज अ फार्मासिस्ट तैयारी करते

[01:01:15] हो, तो बिल्कुल सही है लेकिन वैसे गलत है।

[01:01:16] क्योंकि H1 के लिए मेंटेन शेड्यूल H1

[01:01:19] रजिस्टर बट रजिस्टर का रिकॉर्ड जो है वह 3

[01:01:21] साल के लिए रखा जाएगा X के अंदर। मतलब

[01:01:24] बेसिकली H1 के अंदर। तो यानी कि H1 के

[01:01:26] अंदर सेपरेट शेड्यूल H1 रजिस्टर बनेगा

[01:01:29] जिसको 3 साल के लिए रखा जाएगा। लेकिन x के

[01:01:31] अंदर सिर्फ प्रिस्रिप्शन रखा जाता है।

[01:01:33] दूसरा कितने साल के लिए? 2 साल के लिए। ये

[01:01:35] चीज यहां पर याद रखनी है। ठीक है? क्लियर

[01:01:37] आउट है? चलो। सो दिस इज़ द मेन थिंग जो कि

[01:01:40] आपको पता होना चाहिए। तो रजिस्टर 3 साल के

[01:01:42] लिए, X के अंदर प्रिस्रिप्शन 2 साल के

[01:01:43] लिए। ठीक है? मतलब बेसिकली H1 के अंदर

[01:01:46] प्रिस्रिप्शन की नीड नहीं होती। कहने का

[01:01:47] मतलब यह है X के अंदर भी रजिस्टर बनता है।

[01:01:50] लेकिन वो स्टॉक रजिस्टर होता है कि भैया

[01:01:52] मॉर्फिन किसे बेची है ना? और तुम्हारा

[01:01:55] फिनोम बारबल किसे बेची? तो उसकी एंट्री

[01:01:57] होती है। लेकिन इसके अंदर पर्चा रखना बड़ा

[01:01:58] ज़रूरी है। यह मेन जो है इसके अंदर चीज़

[01:02:01] हैं। देन आता है शेड्यूल नंबर व। अब यह

[01:02:04] बहुत बड़ा शेड्यूल है। तो इसको कल डिस्कशन

[01:02:06] करेंगे। है ना? क्लास अच्छी लगी हो तो

[01:02:09] जरूर वीडियो को लाइक करिएगा। कमेंट जरूर

[01:02:10] करिएगा। है ना? कि और क्या कुछ मिसिंग लग

[01:02:13] रहा है या फिर सब कुछ बढ़िया है। चंगा है।

[01:02:15] है ना? इफ यू नीड एनीथिंग तो वो भी

[01:02:18] बताइएगा। बात बची नोट्स की एंड एमसीक्यूस

[01:02:21] की क्योंकि एक प्रॉपर मैं तुम्हें बता

[01:02:22] देता हूं। बैक एंड पे काम चल रहा है। देखो

[01:02:24] यार फिर वही कह रहा हूं। मैं ऑर्डिनरी

[01:02:26] क्लासेस नहीं बना रहा हूं। मतलब ये नहीं

[01:02:28] कि मुंह उठाया और बनाना शुरू कर दिया।

[01:02:30] तुम्हें भी पता है मैं जनवरी से लगा हुआ

[01:02:31] हूं इस काम में। है ना? ये कोई ये नहीं कि

[01:02:34] नोटिफिकेशन आया और सर ने पढ़ाना शुरू कर

[01:02:36] दिया। हमने इससे पहले मेडिकल डिवाइसेस का

[01:02:37] पढ़ाया। उसके नोट्स प्रॉपर रख के पेपर

[01:02:39] दिया। इंटरव्यू की प्रिपरेशन करा रहा हूं

[01:02:41] बच्चों की। पूरी प्रोसेस चल रही है। ऐसे

[01:02:43] ही जिस दिन यूपीएससी ने चीजें अनाउंस करी

[01:02:45] थी उस दिन से ही क्लास लेनी स्टार्ट कर दी

[01:02:47] थी। बीच में कुछ कारणवश कुछ दिनों के लिए

[01:02:50] क्लासेस छूट गई थी। महीना भर महीना 2

[01:02:52] महीना भर महीना भर छोटी थी। वैसे बीच-बीच

[01:02:54] में लेता रहा था। लेकिन पूरे ये सारी

[01:02:56] चीजें करा रखी थी और उस दिन से ही पढ़ाना

[01:02:58] शुरू कर दिया था। तो बैक एंड पर काम चलता

[01:03:00] है। इसके बाद इंटरव्यू के लिए प्रिपरेशन

[01:03:01] अभी से ही करा रहा हूं और फिर आगे भी

[01:03:03] हेल्प करूंगा। तो मतलब मेरी तो सारी चीजें

[01:03:05] इस ये जो पूरा प्रॉपर चैनल है लाइक फार्मा

[01:03:08] सर जिसका मैंने नाम चेंज करके पूरा फार्मा

[01:03:11] सर कर दिया है। इसमें सिर्फ ड्रग

[01:03:13] इंस्पेक्टर की प्रिपरेशन है। सिर्फ ड्रग

[01:03:14] इंस्पेक्टर की चीजें हैं। सिर्फ सीरियस

[01:03:16] एस्पिरेंट के लिए चीजें हैं। फालतू की

[01:03:18] इसमें बकवास चीजें मैंने एंटर करने ही

[01:03:20] नहीं दी हैं। है ना? तो अभी का गोल यही

[01:03:22] है। सो अगेन Telegram का लिंक डाल दिया

[01:03:25] है। आप उस पर जाकर Telegram ज्वाइन कर

[01:03:26] सकते हो। और 7 तारीख को मैं एक छोटा सा

[01:03:29] पोर्टल ल्च कर रहा हूं। जिस पर ये सारे

[01:03:31] नोट्स डलेंगे। है ना? और उसको कैसे फ्रेम

[01:03:34] करा है वो आपको मैं बता देता हूं। बता भी

[01:03:36] रखा है शायद। यहां पर क्लास के इन्हीं

[01:03:39] क्लासेस की, यह जो पूरी वीडियो चल रही

[01:03:41] हैं, इसका लिंक है। मतलब आपको वहां पर ही

[01:03:43] देख सकते हो। आपको YouTube पर आने की नीड

[01:03:45] नहीं है। आप वहां पर ही देख सकते हो या

[01:03:47] YouTube पर भी देख सकते हो। फ्री क्लासेस

[01:03:48] हैं। क्लासेस हमेशा फ्री रहेंगी क्योंकि

[01:03:49] ये मेरा पहले दिन से उद्देश्य था। अगर कोई

[01:03:51] गरीब बच्चा भी पढ़ना चाहता है तो वो भी

[01:03:54] देख सकता है। ठीक है? बट नोट्स क्योंकि

[01:03:56] भाई बहुत ज्यादा मेहनत लगती है और फ्री

[01:03:57] में कोई चीजों की कदर नहीं होती। ठीक है

[01:03:59] ना? बिल्कुल फ्री में किसी चीज की कदर

[01:04:01] नहीं होती। इसीलिए बस एक छोटा सा अमाउंट

[01:04:03] रखा गया है। ₹499 वो उसमें क्या रखूंगा?

[01:04:06] उसमें नोट्स क्लास का लिंक और नीचे मॉक

[01:04:09] टेस्ट। ठीक है? चैप्टर वाइज मॉक टेस्ट

[01:04:11] होगा। जैसे कि शेड्यूल एक्स पढ़ा। शेड्यूल

[01:04:13] एक्स की वीडियो जैसे ये है शेड्यूल

[01:04:16] डब्ल्यू और एक्स की वीडियो ठीक है वी और

[01:04:20] एक्स की वीडियो इसके बाद इसी के ही नोट्स

[01:04:23] नोट्स के नीचे शेड्यूल वी के नोट शेड्यूल

[01:04:26] वी के एमसीक्यू अलग शेड्यूल एक्स के

[01:04:29] एमसीक्यू अलग और इसके बाद जब ये पूरा हो

[01:04:31] जाएंगे शेड्यूल तो इसके बाद होगी ऑल

[01:04:33] इंडिया मॉक टेस्ट है ना जिसमें वो भी फ्री

[01:04:35] होगी मतलब फ्री क्या है इस पूरे के अंदर

[01:04:37] इंक्लूड होगा और यह मंथली होगा मतलब वैसे

[01:04:39] तो यह कोर्सर्सेस काफी महंगे होते हैं भाई

[01:04:41] 5 6 ₹100 के होते हैं हर जगह पर। लेकिन

[01:04:43] मैंने पर मंथ का हिसाब रखा है। जैसे

[01:04:45] Netflix का अपना मोबाइल का रिचार्ज भी

[01:04:46] कराते हो आजकल। Jio Vivo का इतने का

[01:04:48] रिचार्ज है। ठीक है? ₹400 के आसपास का

[01:04:50] रिचार्ज है। ठीक है? सो अगेन इसी तरीके से

[01:04:52] मंथली रिचार्ज मैंने यहां पर रखा है। 999

[01:04:55] का 6 3 महीने का रिचार्ज है। ऐसा कुछ है

[01:04:57] ना? हां। तो मैंने भी मतलब वो मंथली रखा

[01:04:59] है कि आप जैसा आप उसकी करते हो ऐसी इसकी

[01:05:01] करो। आपको एक साथ पैसा देने की कोई नीड

[01:05:03] नहीं है। और वो भी सिर्फ इसीलिए रखा गया

[01:05:04] है। एक तो देखो सर्वर है। है ना? पूरा

[01:05:07] वेबसाइट बनी है तो काफी खर्चा पीछे बैक

[01:05:09] एंड का हो रहा है। ठीक है ना? तो बस वो है

[01:05:10] कि उतना निकल जाए और मेन चीज़ क्या है कि

[01:05:13] बच्चों को ऑथेंटिक ऑथेंटिसिटी पहुंच जाए

[01:05:16] और फालतू का बच्चा उसमें एंटर ना करे। बस

[01:05:18] एक इतना सा चीज़ हैं। तो इसलिए 7 तारीख को

[01:05:20] उस तक का वेट कर लो। 7 तारीख को वो चीजें

[01:05:22] आपको देखने के लिए मिल जाएंगी। ठीक है? तो

[01:05:24] उसी तरीके से तैयारी होती रहेगी। मे बी

[01:05:26] मुझे लगता है कि अक्टूबर या फिर दिसंबर तक

[01:05:28] पेपर हो जाएगा। तो अगस्त, सितंबर, अक्टूबर

[01:05:30] मुश्किल से मुश्किल 3 महीने है ना? तीन या

[01:05:32] दिसंबर तक भी गया तो 5 महीने। तो भाई ₹500

[01:05:34] के हिसाब से अगर तुम 3 महीने में देखो

[01:05:36] ₹1500। भाई इससे सस्ता स्कोर तो मतलब किसी

[01:05:38] का भी नहीं होता। तो मतलब हां उसमें टेस्ट

[01:05:41] सीरीज भी है। शशांक उसमें सब कुछ है। बस

[01:05:43] वो इसलिए रखा गया है कि भ थोड़ा सा एक

[01:05:44] माहौल बन जाए। जब पैसा खर्च होता है तो

[01:05:46] थोड़ा सा माहौल बनता है। बस इतनी वाली बात

[01:05:48] है। तो बहुत कोई बहुत महंगा नहीं है। बहुत

[01:05:50] सिंपल सा मार्जिनल चीज रखी गई है जिससे कि

[01:05:52] सीरियस एस्पिरेंट जुड़े बस। ठीक है? तो

[01:05:54] थैंक यू सो मच। मिलते हैं अगली वीडियो

[01:05:56] में। तब तक के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया।

[01:05:56] बहुत-बहुत धन्यवाद। कुछ और आपकी डिमांड्स

[01:05:58] हो, कुछ और आपको लगता हो कि हम कुछ कर

[01:06:00] सकते हैं तो आप कमेंट सेक्शन में जरूर

[01:06:02] बताइएगा। ठीक है? अदरवाइज तुम्हें पता ही

[01:06:04] है कि अपना थोड़ा सा सही है। सब कुछ ड्रग

[01:06:06] इंस्पेक्टर का लेवल है ना? हम उसी की

[01:06:08] तैयारी कर रहे हैं। उसी पर ही रखेंगे बस।

[01:06:10] ठीक है? चलो जय हिंद वंदे मातरम। जय भारत।

[01:06:12] बाय-ब।
