# UGC NET Code 55 & 17 | Unit 1: Principles and Practices of Management (PPM) Complete Revision

https://www.youtube.com/watch?v=axVFt4qj6Uo
Translation: en

[00:08] हेलो एवरीवन।
  Hello everyone.

[00:14] देखो आज हम क्या गुड इवनिंग एवरीवन।
  Look, what are we doing today? Good evening everyone.

[00:25] आज हम क्या करने वाले हैं?
  What are we going to do today?

[00:25] वन श रिवीजन।
  One revision.

[00:28] जैसे बच्चों आप लोगों ने बोला था कि मैम
  As you children had said that ma'am,

[00:29] पेपर टू का आप लेके आइए।
  Bring paper two.

[00:32] ठीक है?
  Okay?

[00:32] तो पेपर टू के लिए हमने क्या किया कि आज वन डे वन यूनिट कंप्लीट।
  So for paper two, what we did was today, one day, one unit complete.

[00:38] तो उसके लिए हमने थोड़े से टेबल फॉर्म में लेके आई हूं।
  So for that, I have brought it in a slightly table form.

[00:40] पूरा जितना भी पेपर वन का सिलेबस है पूरा मैंने इसे कंप्लीट किया है।
  The entire syllabus of paper one, I have completed it entirely.

[00:43] ठीक है?
  Okay?

[00:43] गुड इवनिंग।
  Good evening.

[00:45] गुड इवनिंग विकास।
  Good evening Vikas.

[00:45] आओ जल्दी।
  Come quickly.

[00:50] ठीक है?
  Okay?

[00:50] चलो स्टार्ट करते हैं।
  Let's start.

[00:52] क्योंकि आपको पता है एग्जजेक्टली 9 ओ क्लॉक।
  Because you know, exactly 9 o'clock.

[00:54] यस यस।
  Yes, yes.

[00:54] हेलो एवरीवन।
  Hello everyone.

[00:57] आप बच्चों की डिमांड के बेसिस पे आज मैं रिवीजन लेके आई हूं पेपर टू का यूनिट वन का।
  Based on your demand, children, today I have brought a revision of paper two, unit one.

[00:59] ठीक है?
  Okay?

[01:01] तो इसमें टेबुलर फॉर्म में जितना हो सकता है, जितना पॉसिबिलिटी है कि यहां से क्वेश्चंस आ सकता है, यहां से आ सकता है, वो सारा मैंने कवर करा हुआ है।
  So in this, in tabular form, as much as possible, as much as there is a possibility that questions can come from here, can come from here, I have covered all of that.

[01:07] ठीक है?
  Okay?

[01:07] तो जल्दी
  So quickly

[01:09] से आओ स्टार्ट करते हैं क्योंकि थोड़ा सा लें्थी होने वाला है आज का भी।
  Let's start from here because today is also going to be a bit lengthy.

[01:16] देखो क्या-क्या कवर किया है।
  Let's see what all has been covered.

[01:18] जितने भी फंडामेंटल्स ऑफ़ मैनेजमेंट हैं हमारे आज के सेशन में क्योंकि देखो ये पीवाईक्यू तो है नहीं।
  All the fundamentals of management that are in our session today, because look, this is not a PYQ.

[01:23] लेकिन आप लोग ना इंटरेक्टिव करते रहना।
  But you all keep interacting.

[01:25] जैसे कोई टॉपिक समझ में नहीं आया तो आप बोल सकते हो कि मैम इसे एक्सप्लेन कर दो और या फिर आप कोई भी ऐसा पर्टिकुलर टॉपिक आप अपना भी सजेशन देते रहना जिससे मुझे पता चले कि आप मेरा पैसिव स्टूडेंट नहीं हो, एक्टिव हो।
  For example, if you don't understand a topic, you can say, 'Ma'am, please explain this,' or you can keep giving your own suggestions on any particular topic so that I know you are not passive students, but active ones.

[01:34] ओके?
  Okay?

[01:34] यस गुड इवनिंग।
  Yes, good evening.

[01:38] तो आज हम क्या करने वाले हैं?
  So what are we going to do today?

[01:38] पूरा यूनिट वन कंप्लीट लॉ करने वाले हैं।
  We are going to complete the entire Unit One.

[01:42] जिसमें हम पहले फंडामेंटल्स पढ़ेंगे।
  In which we will first study the fundamentals.

[01:42] डेफिनेशन के की थिंकर्स पढ़ेंगे।
  We will study the definition and key thinkers.

[01:44] देन हम फादर एंड कोइंस पढ़ेंगे।
  Then we will study the father and coins.

[01:47] देन क्या रोल है हमारे एंड मैनेजर स्किल।
  Then what is the role of our and manager skills.

[01:50] ये तो फंडामेंटल है।
  This is fundamental.

[01:50] देन फिर आपके सिलेबस का पढ़ेंगे पूरा इवोल्यूशन क्या है?
  Then we will study the complete evolution of your syllabus. What is it?

[01:55] उसका प्री साइंटिफिक एरिया जितना पूछता है वो कोर्सर्सेस का इसमें ए टू जेड हमने कवर करा हुआ है।
  Its pre-scientific area, whatever is asked from the courses, we have covered A to Z in this.

[02:00] चलो स्टार्ट करते हैं।
  Let's start.

[02:00] देखो अगर ये पहले ये बताओ ये आपकी स्क्रीन पे विज़िबल है क्योंकि देखो बच्चों टेबलर फॉर्म में ना मैं इसका इससे ज्यादा फोंट
  Look, if this, first tell me, is this visible on your screen? Because look, children, in tabular form, I cannot increase the font size of this any further.

[02:10] नहीं कर सकती।
  I cannot do it.

[02:10] ठीक है?
  Okay?

[02:13] तो अगर आप मुझे एक बार बता दो कि अगर ये विज़िबल है।
  So if you tell me once if this is visible.

[02:14] अगर विज़िबल नहीं है तो नेक्स्ट टाइम मैं इसको डिवाइड कर दूंगी दो स्लाइड में।
  If it is not visible, then next time I will divide it into two slides.

[02:19] तो पहले मुझे इसका रिस्पांस दो।
  So first give me its response.

[02:21] देन हम स्टार्ट करते हैं।
  Then we start.

[02:21] क्या सबको विज़िबल हो रहा है?
  Is it visible to everyone?

[02:25] इससे ज्यादा नहीं हो सकता।
  It cannot be more than this.

[02:28] फोंट बहुत इसमें बहुत क्योंकि टेबल फिर अलग-अलग साइड में जाएगी।
  The font is very much in this because the table will then go to different sides.

[02:30] यस जल्दी बताओ।
  Yes, tell me quickly.

[02:35] हेलो जल्दी बताओ।
  Hello, tell me quickly.

[02:38] देखो मुझे इसका फीडबैक बता देना कि अगर इसका हो रहा है या नहीं।
  Look, tell me its feedback if it is happening or not.

[02:41] ठीक है?
  Okay?

[02:43] गुड इवनिंग।
  Good evening.

[02:43] चलो आ जाओ।
  Come on.

[02:46] अब हम स्टार्ट करते हैं मैनेजमेंट के थिंकर से।
  Now we start with the thinkers of management.

[02:49] और आप क्या कस विज़िबल है ना?
  And you, what is visible, right?

[02:49] ओके ओके क्योंकि मुझे यही लग रहा था कि पता नहीं आपकी स्क्रीन पे शो होगा या नहीं होगा।
  Okay, okay, because I was feeling that I don't know if it will show on your screen or not.

[02:55] चलो हम स्टार्ट करते हैं बिना टाइम वेस्ट करे आप स्क्रीनशॉट लेते जाना।
  Let's start without wasting time, keep taking screenshots.

[02:57] ठीक है?
  Okay?

[02:59] तो देखो सबसे पहले अगर हम मैनेजमेंट की डेफिनेशन की बात करें तो अब कभी-कभी वो पूछ लेता है एंकर कि कभी मैरी पाकर फॉलेट ने कैसे दी एसडब्ल्यू टेलर ने तो हमने ना कुछ-कुछ कैच वर्ड आप मेमोराइज कर सकते हैं।
  So look, first of all, if we talk about the definition of management, then sometimes the anchor asks how Mary Parker Follett gave it, SW Taylor gave it, so we have some catchwords that you can memorize.

[03:09] आप बोल रहे थे ना
  You were saying, right?

[03:11] मैम कैसे याद कर रहे हैं?
  How are you remembering, ma'am?

[03:13] तो इस तरीके से आप याद कर सकते हो।
  So in this way you can remember.

[03:15] जैसे आपको पता है कि जो मैरीपाकर फॉलेट है उन्होंने डेफिनेशन क्या बोली थी?
  As you know, what definition did Mary Parker Follett give?

[03:17] मैनेजमेंट इज़ अ आर्ट ऑफ़ गेटिंग थिंग्स डन थ्रू द अदर्स।
  Management is an art of getting things done through the others.

[03:21] दूसरों से कैसे काम कराना?
  How to get work done from others?

[03:23] तो आपका इसका कैच वर्ड्स क्या है?
  So what are its catchwords?

[03:26] मैरी पाकर का आर्ट ऑफ़ गेटिंग थिंग्स डन।
  Mary Parker's art of getting things done.

[03:29] ठीक है?
  Okay?

[03:29] और आपको पता ही है मदर ऑफ़ मैनेजमेंट भी है।
  And as you know, she is also the mother of management.

[03:30] इसने बहुत ज्यादा कंट्रीब्यूशन किया है।
  She has contributed a lot.

[03:32] कोऑर्डिनेशन में भी दिया है।
  She has also contributed to coordination.

[03:33] इसने प्रिंसिपल ऑफ़ कोऑर्डिनेशन भी दिए हैं।
  She has also given principles of coordination.

[03:36] तो इस तरीके से देन अब आप इसका हो गया मैरीपाकर का।
  So in this way, that's Mary Parker's.

[03:39] का दूसरा है एफ डब्ल्यू टेलर।
  The second is F. W. Taylor.

[03:41] एडव्ल टेलर आपको पता है फादर ऑफ साइंटिफिक मैनेजमेंट है।
  You know, F.W. Taylor is the father of scientific management.

[03:43] तो इन्होंने कैसी डेफिनेशन दी होगी?
  So what kind of definition would he have given?

[03:45] ऐसी दी होगी ना कि हम बेस्ट से बेस्ट चीपेस्ट वे में ज्यादा से ज्यादा कैसे हम मतलब लोगों से आउटपुट निकलवा सकते हैं।
  He would have given it like this, that how can we get the maximum output from people in the best, cheapest way.

[03:54] ठीक है?
  Okay?

[03:54] तो कैसे कर सकते हैं?
  So how can it be done?

[03:56] मैनेजमेंट इज़ नोइंग एग्जैक्टली व्हाट यू वांट टू मेंटेन।
  Management is knowing exactly what you want to maintain.

[03:58] मतलब कम से कम पता तो होना चाहिए हमें क्या काम करवाना है और और क्या वो कर रहे हैं।
  Meaning, at least we should know what work needs to be done and what they are doing.

[04:03] उनको देखो देन उनको बेस्ट एंड चीपेस्ट वे।
  Observe them, then find the best and cheapest way.

[04:06] तो अगर आप एफडब्ल्यू टेलर आया आपको तो पता है इसने वेज डिफरेंशियल दिया था तो इसका काम है कि सस्ते से सस्ते लोगों से काम करवाना
  So if F.W. Taylor comes to mind, you know he gave the wage differential, so his job is to get work done from the cheapest people.

[04:14] चीपेस्ट वे में करवाना देन कम टू द हेनरी फ्लोर आपको पता है ये फादर ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजमेंट है इन्होंने बोला टू मैनेज ह फॉरकास्ट प्लान ऑर्गेनाइज कमांड कंट्रोल तो याद रखिएगा इन्होंने क्या दिया पीओ ट्रिपल सी दिया वैसे जनरली हम क्या पढ़ते हैं पीओएसडीसी पढ़ते हैं ना प्लानिंग ऑर्गेनाइजिंग स्टाफिंग डायरेक्टिंग कंट्रोलिंग लेकिन पीओ ट्रिपल सी हमारा किसने दिया हेनरी फन ने इन्होंने बोला कि इससे पहले भी हमें पहले फॉरकास्ट भी करनी है।
  Get it done in the cheapest way, then come to the Henry floor. You know, this is the father of administrative management. He said to manage, forecast, plan, organize, command, control. So remember, what did he give? PO triple C. Generally, what do we study? POSDC, right? Planning, organizing, staffing, directing, controlling. But who gave us PO triple C? Henry Fayol. He said that before this, we also have to forecast first.

[04:39] Then हमें प्लान करना है।
  Then we have to plan.

[04:41] फिर कमांड भी कोऑर्डिनेट भी और कंट्रोल भी करना है।
  Then command, coordinate, and control.

[04:43] ठीक है?
  Okay?

[04:43] पी ओ ट्रिपल सी देन लेबर सी अप्लाई।
  PO triple C, then labor C apply.

[04:46] जितनी डेफिनेशन हो सकती हैं उतना मैंने इसमें कवर किया हुआ है।
  As many definitions as possible, I have covered them here.

[04:48] लोवर सी अप्लाई की बात करूं।
  Let me talk about Lower C apply.

[04:51] ये क्या है?
  What is this?

[04:52] मैनेजमेंट इज़ अ डेवलपमेंट ऑफ़ पीपल नॉट द डायरेक्शन ऑफ़ थिंग।
  Management is a development of people, not the direction of things.

[04:55] लोगों का डेवलपमेंट है।
  It is the development of people.

[04:57] ऐसा नहीं कि आपने इसे डिक्टेट कर दिया।
  It's not like you dictated it.

[04:59] ठीक है?
  Okay?

[05:01] तो ये हमारा अह डेवलपमेंट ऑफ़ पीपल से रिलेटेड है।
  So this is related to the development of people.

[05:03] मतलब ये एचआरएम फोकस्ड हो गया।
  Meaning, it became HRM focused.

[05:03] देन पीटर ड्रकर को अगर आप मुझे बच्चे बताओ कि जो पीटर ड्रकर ने और क्या-क्या दिया है जो हमारा कोर्सेज में आप कमेंट सेक्शन में मुझे बताना।
  Then Peter Drucker, if you tell me, children, what else Peter Drucker has given that is in our courses, tell me in the comment section.

[05:12] ठीक है?
  Okay?

[05:14] तो पीटर ड्रगर ने क्या बोला कि मैनेजमेंट क्या है?
  So what did Peter Drucker say management is?

[05:16] अ मल्टीपर्पज ऑर्गन है।
  It is a multipurpose organ.

[05:19] मैनेज टू बिनेस मैनेज मैनेजर्स मैनेज वर्कर एंड वर्कर।
  To manage business, managers, manage workers and workers.

[05:22] तो यहां से आप कीवर्ड क्या ले सकते हो?
  So what keyword can you take from here?

[05:25] मल्टीपर्पज ऑर्गन।
  Multipurpose organ.

[05:25] ठीक है?
  Okay?

[05:28] हरलोड कुंज ने क्या बोला है?
  What did Harold Koontz say?

[05:28] कि मैनेजमेंट वाज़ आर्ट ऑफ़ गेटिंग थिंग्स डन थ्रू वि द पीपल इन फॉर्मली ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप।
  That management was the art of getting things done through people in a formally organized group.

[05:33] देखो मैरी पाकर फॉलेट और हलोड कुंज में क्या डिफरेंस था?
  See, what was the difference between Mary Parker Follett and Harold Koontz?

[05:36] दोनों ने तो बोला है कि आर्ट ऑफ़ गेटिंग थिंग्स डन है।
  Both have said that it is the art of getting things done.

[05:39] लेकिन उन्होंने बोला दूसरों से काम कैसे करवाना है?
  But they said, how to get work done by others?

[05:41] ये एक अच्छा मैनेजर होता है।
  This is a good manager.

[05:43] क्योंकि मैनेजर क्या है?
  Because what is a manager?

[05:45] उसके नीचे बहुत सारे सबोर्डिनेट होते हैं, वर्कर होते हैं।
  There are many subordinates under him, there are workers.

[05:46] उसे आना चाहिए।
  He should know.

[05:48] उसे डायरेक्शन देना आना चाहिए।
  He should know how to give direction.

[05:49] ठीक है?
  Okay?

[05:51] और लेकिन हरल क्विंजन ने बोला कि फॉर्मली ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप में कैसे काम करवाना है।
  And but Haral Quingjen said how to get work done in a formally organized group.

[05:53] तो ये थोड़ा सा डिफरेंशिएट है।
  So this is a slight differentiate.

[05:55] हैं?
  Huh?

[05:58] जॉर्ज आर्ट टेली की बात करूं।
  Let me talk about George Art Tele.

[05:58] ये सारे आए हुए हैं पीवाईक्यू में।
  All these have come in PYQs.

[06:00] ठीक है?
  Okay?

[06:02] जॉर्ज टेरी की अगर मैं बात करूं तो मैनेजमेंट डिस्टिंक्ट प्रोसेस ऑफ़ कंसिस्टिंग ऑफ़ प्लानिंग, ऑर्गेनाइजिंग, एक्टिविटी एंड कंट्रोलिंग।
  If I talk about George Terry, then management is a distinct process consisting of planning, organizing, activity, and controlling.

[06:05] तो ये क्या है?
  So what is this?

[06:07] डिफरेंट प्रोसेस है।
  It is a different process.

[06:08] देख रहे हो मेरी मानो आप इनमें से मैरी पागर फोलेट का अच्छे से याद करो।
  See, believe me, remember Mary Pagar Follett well from these.

[06:11] देन आप हेनरी फ्लोर का पढ़ो।
  Then read Henry Floor.

[06:14] देन पीटर
  Then Peter

[06:17] ड्रगर का पढ़ो और हर गुंज का पढ़ो।
  Read Drucker and read every branch.

[06:17] ठीक है?
  Okay?

[06:19] इनका पढ़ो।
  Read theirs.

[06:19] ईएफ़ ब्रिच ने क्या बोला?
  What did EF Birch say?

[06:21] मैनेजमेंट एक सोशल प्रोसेस है।
  Management is a social process.

[06:23] रिस्पांसिबिलिटी फॉर द इफेक्टिव एंड
  Responsibility for the effective and

[06:25] इकोनॉमिकल प्ले प्लानिंग रेगुलेशन ऑफ़
  economical planning regulation of

[06:27] ऑपरेशन।
  operation.

[06:27] तो यहां से आप क्या कई वर्ड्स ले
  So from here, what many words can you take?

[06:29] सकते हो?
  take?

[06:29] सोशल प्रोसेस।
  Social process.

[06:29] देखो इस इस तरीके
  Look, in this way

[06:32] से तो मैंने बनाया।
  I made it.

[06:32] इसे मैं अ इजी तो नहीं
  I cannot make it easy

[06:35] कर सकती आप लोगों के लिए।
  for you people.

[06:35] ठीक है?
  Okay?

[06:37] तो यस
  So yes

[06:37] ये हमारा हो गया डेफिनेशंस ऑफ़ मैरिजमेंट।
  this is our definitions of management.

[06:40] अब देखो फादर्स सारे फादर्स इसका
  Now look, fathers, all fathers, of this

[06:42] स्क्रीनशॉट लो।
  take a screenshot.

[06:42] ड्रकर ने अच्छा एमबीओ
  Drucker, good, MBO

[06:45] किसने दिया था?
  who gave it?

[06:45] कौन बच्चा बताएगा?
  Which child will tell?

[06:47] अब देखो
  Now look

[06:47] सारे फादर्स एक जगह पे आप आओ स्क्रीनशॉट
  all fathers, come to one place, take a screenshot

[06:49] लो और अपना रिवाइज कर लेना।
  and revise it.

[06:49] ठीक है?
  Okay?

[06:52] अब देखो एफ डब्ल्यू टेलर क्या है?
  Now look, what is F.W. Taylor?

[06:52] ये एस
  This S

[06:54] एमबीओबी हमारा पीटर डेकर ने दिया था।
  MBO was given by Peter Drucker.

[06:54] ठीक
  Okay

[06:56] है?
  right?

[06:56] तो ये आपका कंप्लीटली अब मुझे नहीं
  So this is completely yours, now I don't

[06:59] पता कितने घंटे का सेशन चलेगा।
  know how many hours the session will run.

[06:59] लेकिन ये
  But this

[07:01] कंप्लीट है पूरा।
  is complete, entire.

[07:01] इससे आगे आपका कुछ भी
  Nothing beyond this can come for you.

[07:03] नहीं आ सकता।
  can come.

[07:03] देखो फादर हैं।
  Look, there are fathers.

[07:03] अगर हम माने
  If we consider

[07:05] तो एफ डब्ल्यू टेलर ये तो सारे बच्चों को
  then F.W. Taylor, all children will know this

[07:07] पता होगा कि फादर ऑफ़ साइंटिफिक मैनेजमेंट
  that he is the father of scientific management.

[07:07] है।
  is.

[07:07] देन हेनरी श क्या है?
  Then what is Henry Fayol?

[07:09] फादर ऑफ़
  Father of

[07:09] एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजमेंट, मॉडर्न
  Administrative Management, Modern

[07:11] मैनेजमेंट है।
  Management.

[07:11] मैक्स फेवर फादर ऑफ़
  Max Weber is the father of

[07:13] ब्यूरोक्रेसी है।
  Bureaucracy.

[07:13] अल्टरन मायो फादर ऑफ़
  Elton Mayo is the father of

[07:17] ह्यूमन रिलेशन मैनेजमेंट।
  Human relations management.

[07:19] अब मुझे बताइएगा अल्टन मायो ने कौन सा एक्सपेरिमेंट दिया था?
  Now tell me, which experiment did Elton Mayo give?

[07:21] कमेंट सेक्शन में बताओ।
  Tell me in the comment section.

[07:22] देखो मुझे कैसे पता चलेगा कि आप मुझे पैसिव हो या एक्टिव हो।
  See, how will I know if you are passive or active to me.

[07:24] ठीक है?
  Okay?

[07:26] मुझे तो जभी पता चलेगा ना कि जब आप प्रॉपर मुझे रिस्पांस देते रहे होंगे।
  I will only know when you have been giving me proper responses.

[07:28] तो जो अगर मैंने पूछा कि अल्टर माइनो कौन सा एक्सपेरिमेंट दिया था?
  So if I asked which experiment did Alter Mino give?

[07:30] प्लीज मुझे सारे बच्चे कमेंट्स में लिखो।
  Please, all you children write in the comments.

[07:32] 18 बच्चे हैं।
  There are 18 children.

[07:34] सबका आंसर आना चाहिए।
  Everyone's answer should come.

[07:36] देन हमारा आता है मैरी पॉकरट ने कौन है?
  Then comes Mary Parker Follett, who is she?

[07:39] मदर।
  Mother.

[07:41] एक इकलौती आपने देखा मैनेजमेंट में ना बहुत कम वमेन का कंट्रीब्यूशन है।
  Solely, as you have seen, there is very little contribution from women in management.

[07:44] एक लियन गिलबर्थ हो गई एक हमारा मैरीपाकर फॉलेट है जो कि हमारी मदर कहलाती है।
  There is Lillian Gilbreth, and there is Mary Parker Follett, who is called our mother.

[07:47] ठीक है?
  Okay?

[07:49] अब ये मुझे बताना फादर ऑफ़ मैनेजमेंट कौन है?
  Now tell me, who is the father of management?

[07:52] कितने सारे क्वेश्चंस हैं आप लिखो उसमें कमेंट में।
  There are so many questions, write them in the comments.

[07:54] देन ह जो मिसबर्ग है वह फादर ऑफ इंडस्ट्री साइकोलॉजी कहलाता है।
  Then, H. Misberg is called the father of industrial psychology.

[07:57] कट लिवन फादर ऑफ ऑर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट कहलाते हैं।
  Kurt Lewin is called the father of organization development.

[07:59] पीटर ड्रगर फादर ऑफ मैनेजमेंट थिंकिंग कहलाते हैं।
  Peter Drucker is called the father of management thinking.

[08:01] देन डब्ल्यू एडवेंट डेमिंग फादर ऑफ़ क्वालिटी मैनेजमेंट कहलाते हैं।
  Then W. Edwards Deming is called the father of quality management.

[08:04] देन फ्रैंक लियन विल फादर ऑफ़ मोशन स्टडी कहलाते हैं।
  Then Frank and Lillian Gilbreth are called the fathers of motion study.

[08:06] बच्चों ये आपका फादर वाला कोई कंफ्यूजिंग तो है नहीं।
  Children, this father part of yours is not confusing.

[08:09] इसमें मैं क्या एक्सप्लेन करूंगी?
  What will I explain in this?

[08:12] बस आपको ये
  You just have to

[08:19] रिवाइज़ करने हैं।
  Need to revise.

[08:19] यस।
  Yes.

[08:21] हॉथरोन इफ़ेक्ट ये हमारा अल्टरन मायो ने दिया था।
  This Hawthorne effect was given by our Altern Mayo.

[08:24] ठीक है?
  Okay?

[08:24] अब हम आते हैं टर्म।
  Now we come to the term.

[08:27] कभी-कभी क्या होता है वो एग्जाम में ना आपसे पूछ लेता है
  Sometimes what happens is that in the exam, it asks you

[08:29] पीओएसडीसी और बी किसने दिया?
  Who gave POSDC and B?

[08:32] एमबीओ किसने दिया आपका?
  Who gave your MBO?

[08:35] तो यस ये भी इसका भी स्क्रीनशॉट ले लो आप।
  So yes, you take a screenshot of this too.

[08:37] ठीक है?
  Okay?

[08:37] इसका भी स्क्रीनशॉट ले लो।
  Take a screenshot of this too.

[08:39] देन आप याद रखना कि ये जो पीओ सीएससी ये दिया था हमारा और ये एग्जाम में पूछा गया है।
  Then remember that this PO CSC was given by us and this has been asked in the exam.

[08:41] ठीक है?
  Okay?

[08:44] लूथर गुलिक ने दिया है।
  Luther Gulick has given it.

[08:44] ठीक है?
  Okay?

[08:47] अब मुझे इसकी फुल फॉर्म कौन बच्चा बताएगा?
  Now, which child will tell me its full form?

[08:50] पी ओ एच डी सी ओ आर बी इसका मुझे फुल फॉर्म बताओ।
  POHDCORB, tell me its full form.

[08:53] कट लेविन फ्रीजिंग या वो दिया है
  Cut Lewin freezing or that is given

[08:55] ऑर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट ऑफ़ फादर कहलाता है।
  is called Organization Development of Father.

[08:57] फ्रीजिंग चेंजिंग देन फिर रिफ्रीजिंग
  Freezing, Changing, then Refreezing

[09:00] इसके तीन फज़ होते हैं।
  It has three phases.

[09:00] अब मुझे पी ए ओ एस डी सी ओ आर बी जो लूथर ग्लिक ने दिया था उसका मुझे फुल फॉर्म बताओ।
  Now tell me the full form of PAOSDCORB, which Luther Gulick gave.

[09:06] ठीक है?
  Okay?

[09:08] कमेंट्स में
  In the comments.

[09:08] देन मैनेजमेंट बाय ऑब्जेक्टिव।
  Then Management by Objective.

[09:10] अभी सब ने बताया पीटर ड्रकर ने दिया था।
  Everyone just said Peter Drucker gave it.

[09:13] ये वही है जो एग्जाम में आते हैं।
  These are the ones that come in the exam.

[09:15] ठीक है?
  Okay?

[09:15] बाउंडेड रशनलिटी सेटिस्फाई किसने दिया था?
  Who gave Bounded Rationality Satisfy?

[09:18] हरबर्ट सेम ने।
  Herbert Simon.

[09:18] उन्होंने
  He

[09:20] बाउंडेड रशनलिटी क्या होती है?
  What is bounded rationality?

[09:22] कि ये जब ये बोलते हैं कि आप जो डिसीजन लेते हो ना एक बाउंडेशन में लेते हो।
  That is, when they say that you make the decisions you make within a boundary.

[09:27] ऐसा नहीं है कि आपने क्या किया कि कोई भी डिसीजन लिया कि आप किसी भी मैनेजर के पास परफेक्ट इनेशन नहीं होती है।
  It's not like you made any decision that you don't have perfect information with any manager.

[09:32] देन होथरोन फैक्ट आपको पता ही है कि जो हमारा मायो ने कंडक्ट किया था लेकिन बाद में इसे अ बट लैंड्सबर्ग है इस एग्जैक्ट टर्म जो ये लेटर के बाद इसने टर्म किया था।
  Then you know the Hawthorne effect, which Mayo conducted, but later it was by A. But Landsberg that this exact term was coined after this letter.

[09:43] ठीक है?
  Okay?

[09:43] याद रखिएगा हेनरी ए लैंड्सबर्गर इसने इस टॉय को टर्म किया है और मायो ने इस पे एक्सपेरिमेंट किया है।
  Remember, Henry A. Landsberger coined this term, and Mayo experimented on it.

[09:48] ठीक है?
  Okay?

[09:52] देन थर बिलग मैंने आपको बताया थर बिलग जो है 18 एलिमेंट ऑफ मोशंस हैं।
  Then Therblig, I told you, Therblig has 18 elements of motion.

[09:56] तो फ्रेग गिलबर्थ है और आपका सबसे अच्छी ट्रिक है गिलबर्थ का अपोजिट है।
  So it's Frank Gilbreth, and your best trick is the opposite of Gilbreth.

[10:01] ठीक है?
  Okay?

[10:01] ये बैकवर्ड से देखोगे उसने 18 एलिमेंट मोशन बताए थे कि इन मोशन को हम अननेसेसरी मोशन है।
  If you look at it backwards, he described 18 elements of motion, saying that these motions are unnecessary motions.

[10:09] इन्हें हम रिमूव कर सकते हैं जिससे कि हमारी प्रोडक्टिविटी बढ़ सकती है।
  We can remove them, which can increase our productivity.

[10:14] देन अगर हम ब्रेन स्ट्रोमिंग की बात करें तो याद रखिएगा एलेक्स ऑस्बोर्न ये भी एग्जाम में बहुत बार पूछा गया है।
  Then, if we talk about brainstorming, remember Alex Osborn, this has also been asked many times in exams.

[10:19] डेलफिड टेक्निक
  Delphid technique

[10:21] किसने दी थी? ओलेफ हेलमेमन एंड नॉर्मल डकी
  Who gave it? Olef Helmamen and Normal Duckey

[10:23] ने और ये एलएनडी कॉरपोरेशन में दिया था।
  gave it in LND Corporation.

[10:26] ठीक है? जीरो बेस्टिंग क्योंकि आपको पता
  Okay? Zero Besting because you know

[10:28] है नया कांसेप्ट आया है जीरो बेस
  a new concept has come, Zero Base

[10:30] वेस्टिंग। तो ये हमारा पीटर फायर ने दिया
  Wasting. So this was given by our Peter Fire.

[10:32] था। ठीक है? और मुझे ये बताना है इनमें से
  Okay? And I have to tell you how much of this

[10:34] आपको कितना पता है। कोई ऐसी चीज है जो आप
  you know. Is there anything that you

[10:36] फर्स्ट टाइम पढ़ रहे हो कि आपको क्योंकि
  are reading for the first time that you because

[10:39] मुझे ऐसा लगता है कि यूनिट वन तो आप सब
  I think that Unit One, you all

[10:40] लोगों ने पढ़ा होगा। तो मुझे ये भी बताना
  must have read. So I also have to tell

[10:42] है कि इसमें से जो मैं पढ़ा रही हूं उनमें
  that out of what I am teaching from this, what percentage

[10:43] से आपको कितना परसेंट है। प्लानिंग
  do you have. Planning

[10:45] ऑर्गेनाइजिंग स्टाफिंग
  Organizing Staffing

[10:47] डायरेक्ट कोऑर्डिनेट रिपोर्ट बजट। यस। ठीक
  Directing Coordinating Reporting Budget. Yes. Okay

[10:50] है?
  Okay?

[10:52] देन क्वालिटी सर्कल याद रखिएगा। कोरिस
  Then Quality Circle, remember. Coris

[10:54] कावा ने दिया है। नॉलेज वर्कर भी पी टडकर
  Kawa gave it. Knowledge worker was also given by P. Tadkar

[10:57] ने दिया था। एमबीओ भी दिया था। प्लानिंग
  MBO was also given. Planning

[10:59] ऑर्गेनाइज़िंग स्टाफिंग डायरेक्टिंग
  Organizing Staffing Directing

[11:00] कोऑर्डिनेटिंग रिपोर्टिंग बजट। तो ये
  Coordinating Reporting Budget. So this

[11:01] एग्जाम में पूछा जाता है कि लूथर ग्लिक ने
  is asked in the exam that what did Luther Glick give?

[11:03] कौन सा दिया? हेनरी फोल्गन ने कितना क्या
  What did Henry Folgan give?

[11:05] दिया था? तो प्लीज इनको भी आप पढ़ लेना।
  So please read these too.

[11:08] छोटी-छोटी चीज़ लेकिन अब आप धीरे-धीरे आप
  Small things, but now slowly you

[11:10] वन डे वन यूनिट करोगे तो सारे कांसेप्ट
  will do one day one unit, then all the concepts

[11:13] आपके क्लियर हो जाएंगे। देन नॉलेज वर्कर
  will become clear to you. Then Knowledge Worker

[11:15] ये भी बहुत बार पूछते हैं कोर कंपटेंसी।
  this is also asked many times, Core Competency.

[11:17] तो याद रखिएगा सी के प्रलार एंड गैरी
  So remember C.K. Prahalad and Gary

[11:19] हेममेल ने दिया है। अगर आपने पीवाईक्यू
  Hamel gave it. If you have PYQs

[11:21] किए हो ईयर वाइज़।
  What have you done year-wise.

[11:24] तो ये सारे क्वेश्चन रिपीट्स होते हैं।
  So all these questions are repeated.

[11:26] देन जॉब इनरचमेंट किसने दिया है?
  Then who gave job enrichment?

[11:28] फ्रेंडरिक हर्जबर्ग ने दिया था।
  Frederick Herzberg had given it.

[11:30] जिससे आपको पता है जिसने टू फैक्टर थ्योरी भी दी मोटिवेशनल और हजीन फैक्टर।
  From which you know, who also gave the two-factor theory, motivational and hygiene factor.

[11:33] ठीक है?
  Okay?

[11:33] देन टी ग्रुप ट्रेनिंग हमारा किसने दिया है?
  Then who gave our T-group training?

[11:35] कर्ट लेविन ने।
  Kurt Lewin did.

[11:37] ठीक है?
  Okay?

[11:37] अब मुझे ये बताओ इनमें से मतलब आपको प्रॉपर समझ में आ रहा है ना?
  Now tell me, from these, do you understand properly?

[11:40] क्योंकि इसमें तो आपको याद करना पड़ेगा।
  Because in this, you will have to remember.

[11:42] ठीक है?
  Okay?

[11:45] देन अब आते हैं हम रॉबर्ट एलकाज के थ्री मैनेजर स्किल्स।
  Then now we come to Robert Elkaj's three manager skills.

[11:49] ठीक है?
  Okay?

[11:49] तो देखो याद रखना तीन होते हैं।
  So look, remember there are three.

[11:51] कभी-कभी वो क्या बोल देगा?
  Sometimes what will he say?

[11:53] आपसे रिटेन स्किल दे देगा ऑप्शन में।
  He will give you written skills in the option.

[11:55] कभी ये दे देगा।
  Sometimes he will give this.

[11:58] बस याद रखिएगा तीन स्किल होते हैं।
  Just remember there are three skills.

[11:58] अगर आपने कभी भी इसका डायग्राम देखा होगा कि जो टेक्निकल स्किल होता है वो हमारा सबसे लोएस्ट लेवल जो होते हैं वहां पे होता है।
  If you have ever seen its diagram, the technical skill is at our lowest level, where they are.

[12:05] देखो इस तरीके से अगर हम मैं अगर इस पिरामिड को बनाऊं तो सबसे जो हाईएस्ट लेवल पे कौन सा होगा?
  Look, in this way, if I were to draw this pyramid, who would be at the highest level?

[12:10] हमारा कॉनसेप्चुअल स्किल होगा।
  It will be our conceptual skill.

[12:12] ठीक है?
  Okay?

[12:12] देन बीच में हमारा ह्यूमन इंटरपर्सनल स्किल होगा और लास्ट में हमारा टेक्निकल स्किल होगा।
  Then in the middle will be our human interpersonal skill, and at the end will be our technical skill.

[12:18] याद रखिएगा सब स्किल जरूरी है हर स्टेज पे।
  Remember, all skills are necessary at every stage.

[12:20] लेकिन मेजॉरिटी जो
  But the majority

[12:23] प्राइमरली जैसे देखो जो ऊपर वाला है उसको ह्यूमन मतलब स्किल भी चाहिए और आपका टेक्निकल भी चाहिए।
  Primarily, look, the one above needs human, meaning skill, and also your technical skill.

[12:28] लेकिन सबसे ज्यादा उसे क्या चाहिए? कॉनसेप्चुअल स्किल चाहिए।
  But what does he need the most? Conceptual skill is needed.

[12:33] तो यस आप लेवल ऑफ़ हरार्की पूछ लेगा कि कॉनसेप्चुअल स्किल कहां यूज़ होता है?
  So yes, you will ask about the level of hierarchy, where conceptual skill is used?

[12:37] तो याद रखना जब हम विज़न बनाते हैं, स्ट्रेटजी बनाते हैं, पॉलिसी बनाते हैं, तब वो कॉनसेप्चुअल स्किल टॉप लेवल का होता है।
  So remember, when we make a vision, make a strategy, make a policy, then that conceptual skill is of the top level.

[12:44] ठीक है? कॉनसेप्चुअल फॉर लीडर्स।
  Okay? Conceptual for leaders.

[12:44] यस।
  Yes.

[12:46] एंड ह्यूमन होता है जो मैनेजर होता है।
  And human is what a manager is.

[12:48] मार्केटिंग मैनेजर हो गया आपका।
  Marketing manager, for example.

[12:48] फाइनेंस मैनेजर हो गए, अकाउंट मैनेजर हो गए।
  Finance managers, account managers.

[12:52] तो जब आप एक दूसरे के साथ कम्युनिकेट करते हो जो एचआर होते हैं हमारे ना मिड मिडिल लेवल ऑफ़ मैनेजमेंट है जो कम्युनिकेट जिन्हें लोअर लेवल से भी कम्युनिकेट करना पड़ता है और आपको अपर लेवल से भी कम्युनिकेट करना है।
  So when you communicate with each other, the HR, who are in the middle level of management, who have to communicate with the lower level and also have to communicate with the upper level.

[13:02] जो ब्रिज की तरह काम करते हैं वो हैं ह्यूमन स्किल।
  Those who work like a bridge are human skills.

[13:04] टीम वर्क, कोऑपरेटिव फर्ड वर्किंग विद पीपल।
  Teamwork, cooperative, working with people.

[13:07] देन टेक्निकल स्किल क्या हो गया?
  Then what is technical skill?

[13:09] जो आपको देखो कोई भी इंसान हो जो फ्लोर पे काम कर रहा है ना उसको टेक्निकल पता।
  Look, any person who is working on the floor, they know the technical aspects.

[13:14] अगर किसी को पता है कि आप एक टेक्सटाइल इंडस्ट्री में काम कर रहे हो और उसको पता है कि ये जो हमारा स्पेसिफिक प्रोडक्ट कैसे बनता है वो नॉलेज होना चाहिए।
  If someone knows that you are working in a textile industry and they know how this specific product is made, they should have that knowledge.

[13:19] उसका कंसेप्चुअल हो या ना हो लेकिन
  Whether they have conceptual understanding or not, but

[13:23] उसको प्रॉपर नॉलेज होनी चाहिए कि काम कैसे होता है।
  He should have proper knowledge of how the work is done.

[13:25] जैसे कोडिंग फॉर द आईटी मैनेजर, अकाउंटिंग फॉर द फाइनेंस मैनेजर।
  Like coding for the IT manager, accounting for the finance manager.

[13:27] ठीक है?
  Okay?

[13:30] तो ये किस में प्रोफिशिएंसी है?
  So in what is this proficiency?

[13:32] मेथड्स एंड प्रोसेस में।
  In methods and processes.

[13:32] ठीक है?
  Okay?

[13:35] तो ये स्किल तीनों आप अच्छे से पढ़ लीजिएगा।
  So you should study all three of these skills well.

[13:35] ओके?
  Okay?

[13:39] देन अब आते हैं मींस वर्क के 10 मैनेजर रोल।
  Then now we come to the 10 manager roles of means of work.

[13:41] कभी-कभी वो मैच द फॉलोइंग में पूछ लेगा।
  Sometimes it will ask in match the following.

[13:43] कभी ये पूछ लेगा इंटरपर्सनल में कौन सा आता है?
  Sometimes it will ask which one comes under interpersonal?

[13:45] कभी इंफॉर्मेशनेशन रोल्स में कौन आता है?
  Sometimes it will ask which one comes under informational roles?

[13:47] कभी पूछेगा डिसीजनल रोल्स में क्या आता है?
  Sometimes it will ask what comes under decisional roles?

[13:49] ठीक है?
  Okay?

[13:51] ये इस तरीके का होगा।
  It will be like this.

[13:53] लेकिन सबसे पहले हम पढ़ेंगे इंटरपर्सनल।
  But first we will study interpersonal.

[13:53] 10 रोल्स होते हैं मैनेजर के।
  There are 10 roles of a manager.

[13:55] एक अच्छे मैनेजर के कितने रोल होते हैं?
  How many roles does a good manager have?

[13:58] 10 किसने दिए थे?
  Who gave the 10?

[13:58] मिचबर्ग ने दिए थे।
  Mitchberg gave them.

[14:00] पहले तो ये याद रखो।
  First, remember this.

[14:00] इंटरपर्सनल क्या होता है?
  What is interpersonal?

[14:02] डीलिंग विथ द पीपल एंड बिल्डिंग रिलेशनशिप।
  Dealing with people and building relationships.

[14:03] जैसे इंटरपर्नल होता है ना?
  Like interpersonal, right?

[14:03] यस टेक्निकल फॉर लाइन वर्कर्स होते हैं।
  Yes, technical for line workers.

[14:06] देन अह इंटरपर्सनल क्या हो गया?
  Then, uh, what is interpersonal?

[14:08] कि कैसे हमें रिलेशनशिप एक दूसरे के साथ बिल्ड अप करना है।
  How we have to build relationships with each other.

[14:10] तो इसमें तीन तरह के रोल होते हैं इंटरपर्सनल में।
  So there are three types of roles in interpersonal.

[14:12] फर्स्ट होगा फिगर हेड देन दूसरा होगा लीडर देन लाइजेंड।
  First will be figurehead, then second will be leader, then liaison.

[14:14] प्लीज इसको अच्छे से पढ़ो।
  Please study this well.

[14:17] आज की में आप तो आप 1% भी स्किप नहीं कर सकते पूरी वीडियो में।
  In today's content, you cannot skip even 1% of the entire video.

[14:20] तो
  So

[14:24] देखो फिगर हेड कौन होगा? सो सिंबॉलिक है।
  Look who will be the figurehead? So it is symbolic.

[14:26] जैसे हमारा अगर मान कोई करे पीएम हो गया।
  Like if someone becomes our PM.

[14:29] ठीक है? एज ए फिगर हो फिगर हेड है।
  Okay? As a figure, it is a figurehead.

[14:32] देन आपका वीआईपी कोई हो गया।
  Then you might have a VIP.

[14:34] मतलब जो हाईली जिनकी जो पहचान है वो एक पोजीशन से होती है।
  Meaning, those who are highly, whose identity comes from a position.

[14:37] वो होते हैं फिगर हेड।
  They are figureheads.

[14:39] जैसे मोदी जी ने अगर कुछ कहा तो आपको वो लगा कि यस ये चीज़ हमें फॉलो करनी चाहिए क्योंकि इस फिगर ने इस पोजीशन के बेसिस पे किया है।
  For example, if Modi ji said something, you felt that yes, we should follow this thing because this figure did it based on this position.

[14:46] तो परफॉर्मिंग सिंबल एंड सोमेकर ड्यूटी जैसे कटिंग अ रिबन, साइनिंग लीगल डॉग एंड ग्रीडिंग ए वीआईपी।
  So performing symbolic and ceremonial duties like cutting a ribbon, signing legal documents, and greeting a VIP.

[14:50] ठीक है? इस तरीके से।
  Okay? In this way.

[14:52] देन दूसरा होता है हमारा लीडर।
  Then the second is our leader.

[14:55] इंटरपर्सनल के अंदर पढ़ रहे हैं।
  We are studying interpersonal.

[14:58] याद रखिएगा हमारे तीन आते हैं।
  Remember, three come to us.

[15:00] डायरेक्टिंग, मोटिवेटिंग, गाइडिंग, सबोर्डिनेट।
  Directing, motivating, guiding subordinates.

[15:02] ये क्या करते हैं? मोटिवेट करते हैं, गाइड करते हैं सपोर्ट जो लीडर होते हैं हमारे एक्चुअल में हायरिंग करना, ट्रेन करना, उनको प्रज़ प्रज़ करना, उनको अगर कहीं गलती हो रही है, तो उनको करेक्ट करना ये लीडर का काम होता है।
  What do they do? They motivate, guide, support. Leaders actually hire, train, praise them, and if they are making a mistake somewhere, correct them, this is the leader's job.

[15:12] देन लाइजन।
  Then liaison.

[15:14] लाइजन क्या है? बिल्डिंग ए नेटवर्क ऑफ़ कांटेक्ट आउटसाइड द वर्टिकल चेन ऑफ़ कमांड।
  What is liaison? Building a network of contacts outside the vertical chain of command.

[15:19] जब आप नेटवर्क करते हो क्या? लाइज।
  When you network, what? Liaison.

[15:21] लाइजन होता है एक ब्रिज जो गैप जो होता है ना, एक ब्रिज की तरह काम करता है।
  Liaison is a bridge that acts like a bridge for the gap.

[15:23] तो, ये क्या करता है? ये आउटसाइड
  So, what does it do? It outside

[15:26] लोगों से नेटवर्किंग करता है।
  It networks with people.

[15:28] ठीक है?
  Okay?

[15:28] जो वर्टिकल चेंज जैसे नेटवर्किंग वि द अदर डिपार्टमेंट ऑफ़ हेड एंड एक्सटर्नल इंडस्ट्री पियर्स बाहर के लोगों से हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट से।
  Which is vertical change, like networking with the other department of head and external industry peers, with people from outside, with the head of the department.

[15:34] ठीक है?
  Okay?

[15:34] तो ये हमारा लाइन का काम है।
  So this is our line of work.

[15:36] तो यस याद रखना इंटरपर्सनल में एफ एल एल होता है।
  So yes, remember that in interpersonal, there is FLL.

[15:38] देन इंफॉर्मेशनेशनल रूल।
  Then informational rule.

[15:41] तो ये इंटरपर्शनल हो गया।
  So this is interpersonal.

[15:42] जैसे रिलेशन कैसे डेवलप करने हैं।
  Like how to develop relationships.

[15:44] देन दूसरा आता है हमारा इनेशन।
  Then the second one that comes is our information.

[15:47] इनेशन में क्या है?
  What is in information?

[15:47] आप कैसे गैदर करते हो?
  How do you gather?

[15:49] कैसे रिसीव करते हो और कैसे ट्रांसपोर्ट करते हो इनेशन।
  How do you receive and how do you transport information.

[15:52] जैसे फर्स्ट हो गया हमारा मॉनिटर जो कि नर्व सेंटर है।
  For example, the first is our monitor, which is the nerve center.

[15:55] ये क्या करेगा?
  What will it do?

[15:55] पूरा स्कैनिंग करेगा इंटरनल और एक्सटर्नल इंफॉर्मेशनेशन को।
  It will scan the internal and external information completely.

[16:00] एग्जांपल आप इंडस्ट्री की रिपोर्ट पढ़ोगे फिर कांटेक्ट पढ़ोगे देन कंपटीिट क्या कर रहे हैं उनके मतलब पूरी पूरा स्कैनिंग कर लेगा कि क्या इंफॉर्मेशनेशन क्या हो रहा है हमारे सराउंडिंग में वो हो गया हमारा मॉनिटर।
  For example, you will read industry reports, then read contacts, then what the competitors are doing, meaning it will do a complete scan of what information is happening in our surroundings, that is our monitor.

[16:11] देन डिसमिनेटर क्या होगा कि वो क्या करेगा क्रिटिकल इनेशन इंटरनली टू सबोर्डिनेट जो मतलब जो मेनेंट इनेशन है वो क्या करेगा इंटरनली याद रखिएगा डिसिमिनेटर और स्पोक पर्सन में डिफरेंस डिसिमिनेट क्या करेगा इंटरनल ली जो विदिन
  Then what will be the disseminator, that it will do critical information internally to subordinates, meaning the main information, what will it do internally, remember the difference between disseminator and spokesperson, disseminator will do it internally, within

[16:27] ऑर्गेनाइजेशन के अंदर अपने सबोर्डिनेट को इनेशन देगा उनहीं वो इनेशन देगा जब भी वो एक्सेस कर सकते हैं।
  Inside the organization, they will give information to their subordinate, they will give that information whenever they can access it.

[16:33] ठीक है?
  Okay?

[16:33] वो तो हो गया डिसिमिनेटर।
  That is the disseminator.

[16:35] स्पोक पर्सन क्या होगा?
  What will be the spokesperson?

[16:37] जब आप इनेशन ट्रांसफर कर रहे हो एक्सटर्नल टू आउटसाइडर।
  When you are transferring information externally to outsiders.

[16:42] जैसे आपने प्रेस रिलीज़ करी स्पीक टू बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर ऑफ़ मीडिया से बात करी।
  For example, you issued a press release, spoke to the Board of Directors, spoke to the media.

[16:46] जब आप बाहर अपनी इंफॉर्मेशनेशन अपनी कंपनी की इनेशन बाहर दे रहे हो तो आप हो गए स्पोक पर्सन।
  When you are giving your company's information outside, then you are the spokesperson.

[16:48] जब विदिन दे रहे हो कंपनी के तो आप हो गए डिसिमिनेटर।
  When you are giving it within the company, then you are the disseminator.

[16:50] एंड मॉनिटर क्या होगा?
  And what will be the monitor?

[16:52] वो पूरा इनेशन को स्कैन करेगा।
  They will scan the entire information.

[16:55] इंटरनल एज वेल ऐज़ द एक्सटर्नल।
  Internal as well as external.

[16:58] तो ये हो गए हमारे इनेशन रोल मॉनिटर, डिसिमिनेटर एंड स्पोक पर्सन।
  So these are our information roles: monitor, disseminator, and spokesperson.

[17:01] देन कम टू द थर्ड डिसीजनल रोल।
  Then come to the third decisional role.

[17:03] डिसीजनल रोल क्या होता है?
  What is a decisional role?

[17:06] मेकिंग चॉइस इन सॉल्विंग प्रॉब्लम।
  Making choices in solving problems.

[17:07] मतलब तीन तो होने चाहिए।
  Meaning, there should be three.

[17:10] देन उसके अंदर चार कैटेगरी आती हैं।
  Then within that, four categories come.

[17:12] जो स्पेसिफिक रोल क्या होता है डिसीजन के अंदर?
  What is the specific role within decision-making?

[17:14] पहला होता है हमारा एंटरप्रेन्योर।
  The first is our entrepreneur.

[17:16] एंटरप्रेन्योर क्या होता है?
  What is an entrepreneur?

[17:18] जो इनिशिएट करे कोई चेंज।
  One who initiates any change.

[17:19] आपको पता है ना जब आप बिज़नेस सेटअप करते हो तो आप कौन होते हो?
  You know, when you set up a business, who are you?

[17:20] एंटरप्रेन्योर होते हो ना?
  You are an entrepreneur, right?

[17:22] तो आप क्या कर रहे हो?
  So what are you doing?

[17:22] इनिशिएट कर रहे हो।
  You are initiating.

[17:23] कोई भी इनोवेशन हो रहा है, कोई भी अपॉर्चुनिटी आ रही है, आप उसको सी कर रहे हो एंड कोई नया प्रोजेक्ट स्टार्ट कर रहे
  Any innovation is happening, any opportunity is coming, you are seeing it and starting a new project.

[17:27] हो।
  Yes.

[17:29] तो पहला तो यह डिसीजन लिया ना आपने बिज़नेस सेटअप करने का।
  So the first decision you made was to set up a business.

[17:30] इसलिए एंटरप्रेन्योर हो गए।
  That's why you became an entrepreneur.

[17:32] देन दूसरा है डिस्टरबेंस हैंडलर।
  Then the second is a disturbance handler.

[17:34] डिस्ट डिस्टरबेंस हैंडलिंग क्या होता है?
  What is disturbance handling?

[17:34] पुटिंग आउट फायर।
  Putting out fires.

[17:36] टेकिंग चार्ज व्हेन द ऑर्गेनाइजेशन फेस अनएक्सेक्टेड क्राइसिस।
  Taking charge when the organization faces unexpected crises.

[17:40] जैसे अब यहां पे क्या है?
  For example, what is it here?

[17:42] जब कोई डिस्टरबेंस हो जाता है किसी भी इंडस्ट्री में तब वो हैंडलर।
  When a disturbance occurs in any industry, then that handler.

[17:45] ठीक है?
  Okay?

[17:47] जैसे उन्होंने बोला कि स्ट्राइक हो गई या सडन पीआर स्कैंडल हो गया।
  Like they said a strike happened or a sudden PR scandal occurred.

[17:50] ठीक है?
  Okay?

[17:50] या फिर आपका बैंककरप्ट हो गए सप्लायर तब जो आएगा वो होगा डिस्टरबेंस हैंडलर जो रोल होगा कि उस चीज को कैसे स्टेबिलिट लेके आना है कैसे उसे शांति करना है
  Or if your supplier goes bankrupt, then the one who comes will be the disturbance handler, whose role will be to bring stability to that situation and how to calm it down.

[17:58] देन रिसोर्स एलोकेटर रिसोर्स एलोकेटर क्या करेगा
  Then the resource allocator, what will the resource allocator do?

[18:01] डिसाइड करेगा हु गेट व्हाइट किसको कितना मनी टाइम इक्विपमेंट पर्सनल डिपार्टमेंट में कितना-कितना मतलब रिसोर्सेज को डिस्ट्रीब्यूट कौन करेगा
  Decide who gets what, how much money, time, equipment, personnel in the department, how much, meaning who will distribute the resources.

[18:11] ठीक है ये भी मैनेजर का रोल है
  Okay, this is also the manager's role.

[18:13] देन नेगोशिएटर नेगोशिएटर क्या है
  Then the negotiator, what is a negotiator?

[18:16] रिप्रेजेंटिंग द ऑर्गेनाइजेशन मेजर नेगोशिएशन नेगोशिएशन विद द लेबर यूनियन फाइनलाइजिंग मैसिव कॉन्ट्रैक्ट विद अ वेंडर
  Representing the organization in major negotiations, negotiations with the labor union, finalizing a massive contract with a vendor.

[18:22] वो पूरा जो डीलिंग करते हो वो हमारा नेगोशिएटर हो गया।
  That whole dealing is done by our negotiator.

[18:24] तो याद रखना
  So remember.

[18:27] हमारे कितने रोल होते हैं?
  How many roles do we have?

[18:30] हमारे होते हैं तीन रोल।
  We have three roles.

[18:30] तीन के अंदर हमारे 10 आते हैं।
  Within the three, we have 10.

[18:33] तीन कैटेगरी होंगी।
  There will be three categories.

[18:35] पहली होगी इंफॉर्मेशनेशन देन हमारा पहला होगा इंटरपर्नल।
  The first will be informational, then our first will be interpersonal.

[18:37] कोई सा भी हो।
  Whichever it may be.

[18:39] आप इसमें कोई सिस्टमेटिकली नहीं है।
  There is nothing systematic about it.

[18:41] पहला इंटरपर्सनल है, देन हमारा इनेशनल है, देन डिसीजनल है।
  First is interpersonal, then ourational, then decisional.

[18:44] इसके अंदर हमारे तीन-तीन उनमें होते हैं।
  Within this, we have three each.

[18:46] देन चार हमारे इसमें होते हैं।
  Then we have four in this.

[18:48] क्या आपको ये क्लियर हुआ?
  Did you understand this?

[18:51] मींस वर्क 10 मैनेजर रूल्स।
  Meaning, work 10 manager roles.

[18:51] अगर क्लियर हुआ तो मुझे बताइएगा।
  If you understood, please tell me.

[18:55] ठीक है?
  Okay?

[18:55] अब हम पढ़ेंगे इवोल्यूशन ऑफ़ मैनेजमेंट थॉट्स।
  Now we will read about the evolution of management thoughts.

[18:57] पहले मुझे क्लियर हुआ तो बताओ।
  First, tell me if you understood.

[19:00] बताओ।
  Tell me.

[19:05] जल्दी बताओ तब मैं आगे बढूंगी।
  Tell me quickly, then I will proceed.

[19:09] मुझे कैसे पता चलेगा आप लोग का आ रहा है या नहीं?
  How will I know if you are getting it or not?

[19:16] क्लियर हुआ?
  Did you understand?

[19:16] देखो इंटरवर्शनल में याद रखना कि रिलेशनशिप डेवलप जैसे फिगर हेड हो गया आपका लीडर हो गए लाइन हो गया ना एफ एलएल हो गया।
  Look, in interpersonal, remember that relationship development, like figurehead, leader, liaison, right? FLL.

[19:24] जब एक का पता है देन इनेशन में आप क्या करोगे कि आपका मॉनिटर कोई इनेशन को
  When you know one, then in informational, what will you do? That you monitor any informational

[19:29] कैसे मॉनिटर कर रहा है?
  How is it monitoring?

[19:31] डिसिमिनेटर कैसे कर रहा है और स्पोक पर्सन है।
  How is the disseminator doing and there is a spokesperson.

[19:34] देन बचे हुए सारे हमारा डिसीजन मेकिंग में आ गए।
  Then all the remaining ones came into our decision making.

[19:35] क्लियर है सब बच्चों को?
  Is it clear to all the children?

[19:40] मुझे बताते जाओ ना मुझे पता कैसे चलेगा।
  Keep telling me, how will I know?

[19:42] क्लियर?
  Clear?

[19:45] ओके? अब पढ़ते हैं इवोल्यूशन ऑफ़ मैनेजमेंट थॉट्स।
  Okay? Now let's read the Evolution of Management Thoughts.

[19:47] ठीक है? देन कम टू द एरा।
  Okay? Then come to the era.

[19:50] इसे मैंने डिवाइड कर रखा है।
  I have divided this.

[19:53] देखो हमारा अगर हमारे जो सिलेबस में वह तो हमारा क्लासिक फेस से ही स्टार्ट है।
  Look, if in our syllabus, it starts from our classic phase.

[19:55] लेकिन वो एग्जाम वाला है ना वो हमें प्री साइंटिफिक एरा के बारे में भी क्वेश्चंस पूछ लेता है।
  But that exam one, it also asks us questions about the pre-scientific era.

[19:59] तो याद रखिएगा प्री साइंटिफिक फज़ जो है वो हमारा कहां से है?
  So remember, where is the pre-scientific phase from?

[20:04] बिफोर 8080 से है।
  It is from before 8080.

[20:07] ठीक है? बिफोर एटी80 से है और ये हमारा अर्ली मैनेजमेंट है।
  Okay? It is from before 8080 and this is our early management.

[20:09] अप्रोच जैसे बोले ना जैसे स्कूल हैं प्री साइंटिफिक क्लासिकल नियो क्लासिकल बिहेवियर देन मॉडर्न ये सारे स्कूल्स हैं।
  Approaches, as they say, like there are schools: pre-scientific, classical, neo-classical, behavioral, then modern, all these are schools.

[20:17] तो अब देखो प्रीसाइंटिफिक एरा में हम कौन-कौन से की थिंक हैं?
  So now look, in the pre-scientific era, who are the key thinkers?

[20:21] रॉबर्ट ऑर्न चार्ल्स बेबिज।
  Robert Orn, Charles Babbage.

[20:25] वो क्या करता है?
  What does he do?

[20:27] वो सबको सफल कर देगा।
  He will make everyone successful.

[20:27] कुछ क्लासिकल के मिला देगा।
  He will mix some classical ones.

[20:27] कुछ न्यू क्लासिकल के बाजार मिला देगा।
  He will mix some neo-classical ones.

[20:30] कुछ प्री साइंटिफिक फेजेस के मिक्स कर

[20:31] देगा। फिर आपसे पूछेगा कि इनमें से कौन सा

[20:33] क्लासिकल के हैं या कौन से प्री साइंटिफिक

[20:35] है? ए बी डी बी सी डी डी ए सी। ठीक है? इस

[20:38] तरीके से आपको पूछता है। आपको पता हो कि

[20:40] अगर आपने एग्जाम फर्स्ट टाइम दे रहे हो या

[20:42] फिर आप अगर दे चुके हो तो आपको अच्छे से

[20:43] पता होना चाहिए कि वो एग्जाम में कभी ये

[20:46] क्वेश्चन नहीं देता। वो बोलता है इनमें से

[20:47] कौन सा करेक्ट है? ए बी सी करेक्ट है। बी

[20:49] सी डी करेक्ट है। डी सी ए करेक्ट है या ए

[20:51] बी ए बी डी करेक्ट है। ठीक है? वो इस

[20:54] तरीके से पूछता है। अगर आपको ए बी बी पता

[20:56] है ना अगर आपको नहीं पता तब भी आप नहीं कर

[20:58] सकते हो। तो हमेशा क्वेश्चनिंग का लेवल

[20:59] थोड़ा सा हार्ड हो गया है। ठीक है? तो

[21:01] रॉबर्ट डॉन चार्ल्स बेबेज ये इन्होंने

[21:03] क्या किया? वर्कर के वेलफेयर पे ध्यान

[21:05] देते थे। डिवीजन ऑफ लेबर, बेसिक फैक्ट्री

[21:07] सिस्टम ये सारा था। लेकिन हमारा क्लासिकल

[21:09] फज़ आया। जैसे उसके अंदर हमारे कौन-कौन से

[21:12] हैं? साइंटिफिक मैनेजमेंट,

[21:13] एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजमेंट और

[21:15] ब्यूरोक्रेटिक मैनेजमेंट। साइंटिफिक

[21:17] मैनेजमेंट आपको पता है एफडब्ल्यू टेलर,

[21:19] गिलबर्थ जिसने मोशन दी थी एंड हेनरी गन।

[21:21] ये तीनों हमारे साइंटिफिक के अंदर आते

[21:24] हैं। ठीक है? जिन्होंने क्या बोला?

[21:25] सोफ्लोर एफिशिएंसी, प्रिंसिपल दिए

[21:27] साइंटिफिक मैनेजमेंट के। और उन्होंने अ

[21:30] टेक्निक्स दी कैसे काम करवाना है। ठीक है?

[21:33] देन एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजमेंट की बात

[21:35] करूं तो वो हेनरी फोर ने दिया था। देखो

[21:37] आपको ये भी याद रखना है कि कौन किसने

[21:39] दिया? देन उसने क्या दिया? उसने क्या

[21:41] किया? ये टॉप लेवल मैनेजमेंट के लिए है।

[21:43] ठीक है? उसमें 14 प्रिंसिपल दिए थे। देन

[21:45] पीओ ट्रिपल सी दी थी। देन ब्यूरोक्रेटिक

[21:48] मैनेजमेंट जो कि मैक्स वेबन ने दिया था।

[21:50] इन्होंने कहा कि स्ट्रिक्ट रूल क्लियर

[21:52] हरारकी, रेशनल लीगल अथॉरिटी मतलब पोजीशन

[21:54] की जो पावर होती है। ये हमारा क्लासिकल

[21:57] फेज में

[21:58] देन हमारा आया न्यू क्लासिकल। न्यू

[22:01] क्लासिकल की बात करूं तो इसमें हमारा आया

[22:04] पहला ह्यूमन रिलेशन मूवमेंट। देन बिहेवियर

[22:07] साइंस। देखो ह्यूमन रिलेशन मूवमेंट में

[22:09] उन्होंने बोला कि ये सब ऐसा नहीं कि आप

[22:11] उनको सिर्फ मेथड्स अच्छा दे दोगे।

[22:14] एनवायरमेंट अच्छा दे दोगे। वो ह्यूमन

[22:16] बीइंग हैं। ठीक है? तो आप उनको सिर्फ इसके

[22:18] बेसिस पे वो आपका अच्छा परफॉर्म नहीं कर

[22:20] सकते। देन ह्यूमन रिलेशन आया जिसके बेसिस

[22:22] पे आपको पता है अल्टन मायो रटलिसबर्गर एंड

[22:26] इसने होथरोन एक्सपेरिमेंट दिया। देन अब

[22:29] हमारा इसी के अंदर बिहेवियर सेंस अप्रोच

[22:31] आया कि उनके बिहेवियर के बेसिस पे भी

[22:32] डिपेंड करता है कि कौन कैसे प्रोडक्टिविटी

[22:35] करेगा। बिहेवियर के अंदर आपकी जितनी

[22:37] मोटिवेशन की थ्योरी हैं। ठीक है? जैसे

[22:39] आपका मेस्ट्रो हो गया, डेगलस हो गया,

[22:41] मैग्गरगर हो गया, हर्जबर्ग थ्योरी है। ये

[22:43] सारी हम ओबी में भी पढ़ेंगे। लेकिन ये सारी

[22:46] कहां के अंदर आती है? बिहेवियर साइंस

[22:47] अप्रोच के अंदर आती है क्योंकि आपको पता

[22:49] है कि ये हमारे सिलेबस में अप्रोच दिया

[22:51] हुआ है। इसलिए हमें इसे भी पढ़ना पड़ेगा।

[22:53] मोटिवेशनल लीडरशिप देन मॉडर्न फज़। मॉडर्न

[22:55] फज़ जो 1950 से अब तक चला जा रहा है।

[22:58] जिसमें हमारा क्वांटिटेटिव मैनेजमेंट

[22:59] सिस्टम अप्रोच और कंटिंजेंसी अप्रोच। देखो

[23:02] क्वांटिटेटिव में क्या है? ऑपरेशन रिसर्च

[23:04] टर्म जो वर्ल्ड वाज़ सेकंड हुआ था। उसके

[23:05] बाद हमारा क्वांटिटेटिव अप्रोच आया था।

[23:07] देन मैथ एंड स्टैटिक्स फ़ूले के बेसिस पे

[23:10] हम कैलकुलेट करते हैं। सिस्टम अप्रोच आया

[23:12] था। आपको पता होना चाहिए। चेस्टर बर्नार

[23:13] ने दिया था। उन्होंने बोला कि जो

[23:14] ऑर्गेनाइजेशन है एक सिस्टम है। मतलब सब

[23:16] लोग एक दूसरे के ऊपर डिपेंडेंट हैं। देन

[23:19] कंटिंजेंसी अप्रोच आया वो हमारा जॉन

[23:20] वुडबार्ड ने दिया था। फीड फेडरन

[23:22] कंटिंजेंसी अप्रोच होगा। देन ये हमारा

[23:24] बोला कि ये डिपेंड ऑन सिचुएशन। एक रूल

[23:27] जैसे साइंटिफिक ने बोला ना एक ये

[23:28] प्रिंसिपल है। इन्हें फॉलो करो तो सबके

[23:31] लिए एप्लीकेबल है। उन्होंने बोला नहीं इट

[23:32] डिपेंड ऑन सिचुएशन। ये आपकी कंपनी की क्या

[23:35] सिचुएशन है उसके बेसिस पे मैनेजर का

[23:37] डिसीजन रहेगा। यह हमारा सारा इवोल्यूशन है

[23:40] जिसको हम अब डिटेल में स्टडी करने वाले

[23:43] हैं।

[23:44] प्रीसाइंटिफिक जैसे मैंने आपको बताया कि

[23:46] वह पूछ लेता है कि देखो प्लीज कंफ्यूज मत

[23:49] होना। फादर ऑफ पर्सोनल मैनेजमेंट और फादर

[23:52] ऑफ ह्यूमन रिलेशन। मुझे ये बता दो फादर ऑफ़

[23:54] ह्यूमन रिलेशन कौन कहलाता है? ठीक है? ये

[23:56] आ रहे हैं क्वेश्चन। सारे क्वेश्चन देखो

[23:58] आप कुछ भी स्किप नहीं कर सकते। अभी रॉबर्ट

[24:00] ओन क्या कहलाता है? फादर ऑफ़ पर्सनल

[24:02] मैनेजमेंट कहलाता है। ये फर्स्ट था जिसने

[24:05] ये रियलाइज़ किया था कि वर्कर कोई मशीन

[24:06] नहीं है। और इन्होंने चाइल्ड लेबर का भी

[24:08] अपोज़ किया था। बेटर हाउसिंग वर्किंग आवर्स

[24:10] भी इन्हीं के चलते हमें आया था। और

[24:12] एजुकेशन ऑफ़ वर्कर के लिए था। ठीक है? देन

[24:15] चार्ल्स बेबेज। चार्ल्स बेबेज क्या था?

[24:17] कंसेप्ट ऑफ डिवीज़ लेवल। आपको पता है फादर

[24:19] ऑफ़ कंप्यूटर भी कहलाते हैं। ठीक है? तो ही

[24:22] बिलीव अप्लाई मैथमेटिक। उनको ये था कि अगर

[24:24] हम मैथमेटिक्स का एप्लीकेशन करेंगे या

[24:26] साइंटिफिक प्रिंसिपल मैनेजमेंट में करेंगे

[24:28] तो तो हमारा और अच्छे से मैनेजमेंट

[24:30] प्रोसेस चलेगा। ठीक है? तो ये हमारे फादर

[24:32] ऑफ़ कंप्यूटर हैं। देन अब हम आते हैं

[24:35] क्लासिकल अप्रोच। क्लासिकल अप्रोच क्या

[24:37] है? आपको पता है कि जो 1890 टू 1930 में

[24:40] इतना तो वो पूछता नहीं है लेकिन इसका

[24:42] अजम्शन आपको पता होना चाहिए क्या है रेशनल

[24:46] इकोनॉमिक मेन इन्होंने बोला क्लासिकल में

[24:49] कि ये रेशनल इकोनॉमिक मेन है। रेशनल

[24:51] इकोनॉमिक मेंस का मतलब ये होता है कि दे

[24:53] आर प्राइमरी मोटिवेटेड बाय मनी एंड

[24:56] इकोनॉमिक मेन। उनका खुद का रिलेशन खुद का

[24:58] सोशल सिस्टम कुछ नहीं है। रिकॉग्निशन से

[25:00] कोई मतलब नहीं है। उनको क्या करना है?

[25:02] उनको अगर आप पैसा अच्छा दोगे तो वो काम

[25:04] अच्छा करेंगे। द मेन गोल अप्रोच वाज़ टू

[25:07] फाइंड वन बेस्ट वे। अगर आपने क्लासिकल

[25:09] अप्रोच पढ़ा होगा कि देखो आपने हेनरी फल के

[25:11] प्रिंसिपल पढ़े, प्रिंसिपल ऑफ़ साइंटिफिक

[25:13] मैनेजमेंट पढ़े तो उन्होंने एक ही सारी

[25:15] कंपनी में एप्लीकेबल के लिया कि एक बेस्ट

[25:17] वे है इसे अगर आप फॉलो करोगे तो आपकी

[25:19] एफिशिएंसी आपकी प्रोडक्टिविटी बहुत अच्छी

[25:22] चलेगी। ठीक है? देन साइंटिफिक मैनेजमेंट

[25:25] में क्या-क्या हम कवर करने वाले हैं। अगर

[25:27] मुझे बता देना अगर ज्यादा फास्ट हो तो बता

[25:30] देना। अगर स्लो रखना है तो मुझे बता देना।

[25:34] और इतना अगर डिटेलिंग इस तरीके से

[25:36] डिटेलिंग चाहिए तो मुझे बता देना या फिर

[25:38] आप मुझे बता देना कि मैम सिर्फ ब्रीफिंग

[25:39] करनी है। ठीक है? आप मुझे सजेस्ट कर देना

[25:41] क्योंकि मुझे नहीं पता मेरे पास डिफरेंट

[25:43] ऑडियंस है। ठीक है? तो अपना फीडबैक देते

[25:45] रहना कि मैं ज्यादा फास्ट तो नहीं हूं।

[25:48] देखो साइंटिफिक मैनेजमेंट याद रखना सबसे

[25:50] अच्छी बात ये है कि आपको क्या रखना है?

[25:52] 100 फ्लोर लोअर लेवल है पहला देन और इसने

[25:56] इसका जो है कि इन्होंने बोला कि हमेशा हम

[25:59] लेवल लोअर लेवल पे हम इसे यूज़ करते हैं और

[26:01] ये इसका जो कह सकते हैं जो वेस्टेज ऑफ़

[26:04] टाइम जो हम जो वेस्टेज ऑफ़ टाइम को

[26:06] इलिमिनेट करना चाहते थे इसलिए उन्होंने

[26:08] साइंटिफिक मेथड्स फॉलो किए। देन इन्होंने

[26:10] मेंटल रिवॉल्यूशन किया। मेंटल रिवॉल्यूशन

[26:13] क्या है कि मैनेजर वर्कर्स शुड स्टॉप।

[26:15] क्योंकि उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होगा ना

[26:17] कि हम वो ये चाहते थे कि ये जो हमारे लेबर

[26:20] है और जो हमारा कंपनी का ओनर है वो आपस

[26:23] में फाइट नहीं कर रहे। तो हम इस तरीके से

[26:24] एटीट्यूड चेंज करें वर्कर का कि उन्हें ये

[26:27] लगे कि यस हम दोनों को एक दूसरे की नीड

[26:30] है। ठीक है? देन प्रिंसिपल कौन से हैं?

[26:32] साइंस इज़ नॉट अ रूल ऑफ़ थंब। प्लीज क्योंकि

[26:34] कोई भी डिसीजन है वो रूल ऑफ़ थंब के बेसिस

[26:37] पे नहीं है। एक साइंस है। मतलब हिट एंड

[26:38] ट्रायल के एरर पे नहीं है। तुक्का लगाना

[26:40] नहीं है। ठीक है? ऐसे याद रखो। बेस बेस

[26:43] डिसीजन ऑन डेटा मेज़मेंट इंट्यूशन नहीं कि

[26:45] मेरा मुझे ऐसा लग रहा है कि आज मेरा जैसे

[26:48] आप लोग एनटीए के एग्जाम में करो ना मुझे

[26:49] ऐसा ऐसा लग रहा है ए सही है बी सही है सी

[26:51] सही है तो आपको ऐसा लग रहा है मुझे बी सही

[26:53] है ठीक है ये नहीं है वो किसके बेसिस पे

[26:55] है डिसीजन ऑन द डेटा एंड मेज़रमेंट दूसरा

[26:58] हार्मोनी नॉट अ डिस्कॉर्ड मतलब हमेशा

[27:00] हमेशा क्या करना है म्यूचुअल ट्रस्ट है

[27:01] देखो एक कंपनी चलती है वो दोनों के ट्रस्ट

[27:03] के बेसिस पे चलती है तो आप जैसे एक फैमिली

[27:05] है ना अगर आप एक फैमिली में रहते हो तो

[27:07] आपको ना जितने भी फैमिली मेंबर हैं तो वो

[27:09] कैसे एटमॉस्फेयर कैसा होता है म्यूचुअल

[27:11] ट्रस्ट नहीं तो आपस फैमिली मेंबर में

[27:13] क्फ्लिक्ट होने लगेगा। ऐसी हमारी

[27:14] ऑर्गेनाइजेशन है। दूसरा है कोऑपरेशन नॉट अ

[27:17] इंडिविजुअल। जैसे आप अगर वर्क एक साथ करो

[27:20] ऑर्गेनाइजेशन के गोल को अचीव करने के लिए।

[27:22] और याद रखना कि अगर कोई अच्छा काम होता है

[27:24] तो प्लीज मैनेजर ये नहीं कहेगा कि यस जस्ट

[27:26] बिकॉज़ ऑफ़ मी वो ये कहेगा कि वर्कर ने भी

[27:29] मेहनत करी है इसलिए ये हमारा कंपनी में

[27:31] बहुत अच्छा प्रॉफिट हो रहा है। तो हमें

[27:33] सबको साथ लेके आगे बढ़ना है ना कि

[27:35] इंडिविजुअल में आगे बढ़ना है। तो आपने

[27:37] सिनर्जी का कांसेप्ट सुना है ना जब दो लोग

[27:39] जैसे आप अभी ग्रुप स्टडी कर रहे हो ना तो

[27:41] ये बेटर हो पा रही है। लेकिन इसमें लोगों

[27:42] के अलग-अलग क्वेश्चंस पूछ रहे हैं देन आप

[27:44] सबको आंसर मिल रहे हैं। लेकिन इंडिविजुअल

[27:46] पे नहीं कहना कि वर्कर एक डायरेक्शन में

[27:48] जा रहा है। मैनेजर एक डायरेक्शन में जा

[27:50] रहा है। अगर कुछ भी प्रॉफिट होता है तो

[27:52] मैनेजर क्रेडिट ले लेता है और कुछ भी गलत

[27:54] होता है तो वर्कर को ब्लेम डाल देता है।

[27:55] नहीं सबको साथ लेके चलना है। मैक्सिमम

[27:58] आउटपुट रिस्ट्रिक्ट आपको ना आउटपुट

[28:00] रिस्ट्रिक्शन नहीं करना। जैसे अगर आपने ये

[28:03] सोचा कि यस आप एक दिन में 90 यूनिट

[28:05] प्रोड्यूस करोगे तो अब आपको यही नहीं

[28:07] करना। आप जितना उसकी एफिशिएंसी है उतना आप

[28:11] कर सकते हो। जैसे फॉर एग्जांपल अगर मैं

[28:12] अपने आप को बाउंड कर लूं कि मुझे सिर्फ एक

[28:14] दिन में एक यूनिट पढ़ानी है। तो कहीं ना

[28:16] कहीं मेरा माइंड भी डायरेक्ट करेगा कि

[28:18] नहीं एक ही यूनिट पढ़ानी है। लेकिन मैंने

[28:20] अपने जो मेरा पोटेंशियल है मैंने उसको

[28:22] रिस्ट्रिक्ट नहीं कर रखा है। मैंने उसको

[28:24] मैक्सिमम कर रखा है। जितना मेरे अंदर

[28:25] पोटेंशियल है। मैंने आज यूनिट न का

[28:27] पीवाईक्यू भी आपके लिए अपलोड कर दिया है।

[28:29] मतलब 8:00 बजे आपका हो जाएगा। जिसमें 120

[28:32] मोस्ट रिपीटेड पीवाईक्यू है पीपल

[28:34] डेवलपमेंट एनवायरमेंट। क्योंकि बच्चे बोल

[28:36] रहे थे कि कन्वेंशन का भी बताना है।

[28:37] ट्रीटी का भी मैम करा दीजिए। तो मैंने

[28:39] सारा रिकॉर्डेड कर लिया। देन मैंने आज ये

[28:41] बनाया भी है तो अपने आप को प्लीज

[28:43] रिस्ट्रिक्ट मत करो। मैं तो अभी भी कह रही

[28:45] हूं कि आप अगर जेआरएफ की तैयारी हो तो

[28:46] आपको ये नहीं देखना कि मुझे 2 घंटे पढ़ने

[28:48] हैं। आपको ये देखना जितना हो सके आप उतना

[28:50] पढ़ सकते हो। तो हम ऐसे पता है रिलेट कर

[28:52] पा रही हूं मैं कि आपको इतनी अच्छी तरीके

[28:54] से मेहनत करनी है। और ये तो हमारा

[28:56] ऑर्गेनाइजेशन का है। तो ऑर्गेनाइजेशन क्या

[28:58] कह रहा है कि हमें रिस्ट्रिक्शन नहीं

[28:59] करनी। और मुझे इसके अलावा आप बताओ कौन से

[29:02] प्रिंसिपल हैं साइंटिफिक मैनेजमेंट के।

[29:04] ठीक है? अब हम पढ़ेंगे टेक्निक्स ऑफ

[29:06] साइंटिफिक मैनेजमेंट। यह भी एग्जाम में

[29:08] बहुत बार पूछते हैं। पहला याद रखिएगा।

[29:10] पहली टेक्निक है वर्क स्टडी। वर्क स्टडी

[29:13] में क्या है? मेथड वो डिफरेंस पूछ लेता है

[29:15] मेथड स्टडी में, टाइम स्टडी में, मोशन

[29:17] स्टडी में, फटीग स्टडी में। तो जो हमारा

[29:19] मेथड स्टडी है वो बेस्ट वे टू परफॉर्म अ

[29:22] जॉब कि कौन से तरीके से हम अच्छे से अच्छा

[29:25] काम को परफॉर्म कर सकते हैं। किस मेथड के

[29:28] थ्रू? वो मेथड्स हो गए। टाइम स्टडी मतलब

[29:30] एक टाइमिंग को एक टास्क को कितना टाइम

[29:33] लगेगा कंप्लीट होने में। और याद रखना

[29:40] लाइफ टाइम होती है। यूजीसी नीट के स्कोर

[29:43] की वैलिडिटी तो लाइफ टाइम होती है। ठीक

[29:45] है? जेआरएफ की 2 ईयर होती है। देखो अब ये

[29:49] टाइम स्टडी क्या है कि आपने अब ये कहना कि

[29:52] एक पर्टिकुलर काम कंप्लीट होने में कितना

[29:54] टाइम लगेगा? और याद रखना इसमें हम हाइली

[29:56] परफॉर्मेंसर नहीं लेते ना लोएस्ट

[29:58] परफॉर्मेंसर लेते। हमेशा हम एवरेज निकालते

[30:00] हैं। उसके बेसिस पे हम एक स्टैंडर्ड टाइम

[30:02] सेट करेंगे कि एक शर्ट को बनाने में अगर

[30:05] आपके 30 मिनट्स लगे हैं तो ऐसा नहीं है कि

[30:07] आप सबका एवरेज आपने 20 का सैंपल रखा, 20

[30:09] का एवरेज निकाला। देन आपने उसके बेसिस पर

[30:12] टाइम निकाल दिया कि यस एक शर्ट 20 मिनट्स

[30:14] में बन जाएगी। देन मोशन स्टडी। मोशन स्टडी

[30:16] होती है ऑब्ज़र्विंग द फिजिकल मूवमेंट ऑफ़

[30:18] वर्क। जैसे लिफ्टिंग हो गया, बेंडिंग हो

[30:20] गया, रीचिंग हो गई, आइडेंटिफाइड है। तो

[30:22] मोशन स्टडी क्या करती है? जो इलिमिनेट

[30:24] करती है अननेसेसरी वेस्टफुल मोशन। क्यों?

[30:27] क्योंकि देखो अगर आप ज्यादा अननेसेसरी

[30:29] मोशन करोगे तो आपकी वो जो बॉडी है वो थक

[30:31] जाएगी। थक जाएगी तो आपकी प्रोडक्टिविटी

[30:35] अच्छे से नहीं होगी। तो इसी के बेसिस पे

[30:37] हमारा जो लिलीन गिलवर्थ ने 18 बेसिक हैंडन

[30:40] मोशन दिए थे जिसे हम क्या बोलते हैं? थर्ब

[30:43] लेक बोलते हैं। देन फटीग स्टडी। फटीग

[30:45] स्टडी ये है कि डिटरमाइन द अमाउंट ऑफ़

[30:47] फ्रीक्वेंसी ऑफ़ रेस्ट इंटरवल। कि अगर

[30:49] वर्कर की स्टेमिना को हम मेंटेन रखना है

[30:52] तो अब क्या करना पड़ेगा? तो हमें उन्हें

[30:55] क्या करना पड़ेगा? थोड़ा सा रेस्ट ट्रवल

[30:57] कितना देना है। ठीक है? जैसे हम देखते हैं

[30:59] ना अगर आप कंटीन्यूअस 5 घंटे से ज्यादा

[31:01] काम नहीं कर सकते। फैक्ट्री एक्ट में पड़ा

[31:02] हुआ एडल्ट का तो आपको मिनिमम आधा घंटे का

[31:05] ब्रेक देना पड़ेगा। देन चाइल्ड का पढ़ा कि

[31:07] 3 घंटे से ज्यादा नहीं कर सकते कंटीन्यूअस

[31:08] देन 3 घंटे बाद 1 घंटे का रेस्ट मैंडेटरी

[31:11] है। तो प्लीज इन सारी चीजों को डिफरेंस कर

[31:13] देना।

[31:17] देन कम टू द फंक्शनल फॉर्म। टेलर बिलीव

[31:20] दैट अ सिंगल सुपरवाइजर कुड नॉट बीन अ

[31:22] एक्सपर्ट इन ऑल एस्पेक्ट। अब देखो इनका ये

[31:24] कहना था कि एक मैनेजर सारी चीजें कैसे देख

[31:26] सकता है? तो उन्होंने ना आठ फॉर्म से मार

[31:29] दिया। ये एग्जाम में 100% कंफ्यूज करता है

[31:31] और आप लोग इसे गलत करके मत आना। उन्होंने

[31:33] फंक्शन फॉर्मेशन पर उन्होंने बोला कि एक

[31:35] सिंगल सुपरवाइजर हर चीज में एक्सपर्ट कैसे

[31:37] हो सकता है। ठीक है? तो अगर सपोज़ करो मैं

[31:39] सिंगल टीचर हर फील्ड में मैं आप ये सोचो

[31:42] मैं हिंदी भी पढ़ाऊं। ठीक है? इंग्लिश में

[31:44] भी पढ़ाऊं। नहीं हो सकती ना। मेरा जो कोर

[31:46] है कि पार्ट वन, पार्ट टू जो मैंने किया

[31:48] हुआ है। मैं उसी में तो एक्सपर्ट हो सकती

[31:50] हूं। तो इसका कहना था कि जो एक्सपर्ट है

[31:52] उसी के बेसिस पे उसकी पोजीशन देनी चाहिए।

[31:54] तो अब इन्होंने क्या बोला जो हनीफ ने

[31:56] यूनिटी ऑफ़ कमांड का कांसेप्ट दिया था

[31:58] इन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया था। अब

[32:00] उन्होंने एट कौन से फोरमैन है? उन्होंने

[32:02] दो बार में डिवाइड किया था। एक किया था

[32:04] हमारा प्लानिंग में और एक किया था आपका

[32:07] प्रोडक्शन में। अगर किसी बच्चे को पता

[32:08] होगा तो दो पार्ट्स में डिवाइड किया।

[32:10] प्लानिंग के लिए इन्होंने चार लोग रखे

[32:13] इंचार्ज। पहला है रूट क्लर्क प्लानिंग

[32:15] करने के लिए। डिसाइड करना एग्जैक्ट

[32:17] सीक्वेंस क्या है प्रोडक्शन का? देखो

[32:19] प्लानिंग कर रहे हैं ना प्लानिंग में भी

[32:21] चार है। देन इंस्ट्रक्शन कार्ड क्लर्क।

[32:23] इंस्ट्रक्शन कार्ड क्लर्क क्या होता है?

[32:24] जैसे आप कंपनी में काम करते हो ना जो

[32:26] वर्कर होता है उसके ऊपर ना वो पूरा एक

[32:28] पेस्ट कर देते हैं स्टेप बाय स्टेप। ठीक

[32:30] है? ये वो हो गया। टाइम एंड कॉस्ट क्ल

[32:33] डिटरमाइन व्हेन द वर्क शुड स्टार्ट एंड

[32:35] फिनिश एंड कैलकुलेट द कॉस्ट। देन

[32:37] डिसिप्लिनरियन इंश्योर रूल आर फॉललोड एंड

[32:39] मेंटेन द ऑर्डर। ये सारा प्लानिंग का है

[32:41] कि प्लानिंग में हमें चार इंचार्ज चाहिए।

[32:44] रूट में वो एग्जैक्ट सीक्वेंस बताएगा। ठीक

[32:46] है? है किस तरीके जैसे आप बोलते हैं ना

[32:47] रूट्स में जाना है तो किस तरीके से जाना

[32:49] है इंस्ट्रक्शन में पूरा डिटेल

[32:50] इंस्ट्रक्शन देगा कि आपको काम कैसे करना

[32:52] है देन टाइमिंग में देखेगा कि आपका काम कब

[32:54] से स्टार्ट होगा कब फिनिश होगा देन

[32:56] इंश्योर करो कि सारे जो भी आपने रूल

[32:58] रेगुलेशन बनाने हैं वो फॉलो होने चाहिए ये

[33:00] प्लानिंग के अब हम आते हैं प्रोडक्शन

[33:03] डिपार्टमेंट और कंफ्यूज मत होना प्रोडक्शन

[33:05] डिपार्टमेंट में हमारा एक होता है गैंग

[33:07] बॉस देन स्पीड बॉस देन रिपेयर बॉस देन

[33:10] इंस्पेक्टर गैंग बॉस क्या होता है कीप

[33:12] मशीन टूल मटेरियल रेडी फॉर द वर्कर सब चीज

[33:15] रेडी रखता होता है हमारा गैंग बॉस। ठीक

[33:18] है? देन

[33:20] स्पीड बॉस क्या है? इंश्यर्ड वर्क इज़

[33:22] कंप्लीटेड ऑन टाइम एट द रिक्वायर्ड पेस कि

[33:25] यस स्पीड बस स्पीड इंचार्ज बस यही देखेगा

[33:28] कि जितना टाइम गिवेन है कि आप उसी टाइम

[33:30] में कंप्लीट कर सको। गैंग बॉस सारा तैयारी

[33:33] करेगा। एक गैंग होता है ना उसका लीडर। ठीक

[33:35] है? तो वो सारी तैयारी करेगा। देन रिपेयर

[33:37] बॉस जो होगा वो मशीन टूल कोई खराब तो नहीं

[33:40] हो गया? प्रॉपर वर्किंग कंडीशन में। देखो

[33:42] ये बहुत इजी है। अगर आप इसमें कीवर्ड देखो

[33:43] रिपेयर मतलब मशीन को रिपेयर करना। ठीक है?

[33:46] स्पीड मतलब प्रोडक्ट की स्पीड देखना और

[33:48] गैंग बॉस मतलब सारी चीजों को प्रॉपर चेक

[33:50] करना। देन इंस्पेक्टर क्वालिटी ऑफ़ फाइनल

[33:52] प्रोडक्ट की चेक करना। प्लीज वो क्या करता

[33:55] है? प्लानिंग के और प्रोडक्शन के मिक्स कर

[33:57] देता है। फिर वो पूछता है इनमें से कौन सा

[33:59] प्लानिंग का नहीं है और कौन सा प्रोडक्शन

[34:01] का नहीं है। तो प्लीज इसको भी अच्छे से

[34:03] पढ़ लेना। अब एफडब्ल्यू टेलर ने एक

[34:06] कांसेप्ट और दिया था डिफरेंशियल पीस वेस

[34:08] सिस्टम। अब देखो डिफरेंशियल पीस वे सिस्टम

[34:10] इन्होंने क्या बोला था कि हम ना उन्होंने

[34:13] इस तरीके से वे सिस्टम डिजाइन किया था कि

[34:15] वर्कर को मोटिवेट करने के लिए हमने दो

[34:17] स्टैंड दो टारगेट सेट करे थे। एक हमारा

[34:20] हाईएस्ट और एक हमारा लो रेट डिफरेंट वेज़

[34:22] रेट थी। इसलिए ये डिफरेंशियल पीस बेस

[34:24] सिस्टम कहलाता है। तो इसमें क्या था?

[34:27] एफिशिएंट वर्कर है। सपोज़ करो किसी ने

[34:28] स्टैंडर्ड टाइम पे कंप्लीट कर दिया। तो

[34:30] क्या होगा? या मोर देन स्टैंडर्ड यूनिट दे

[34:33] दी तो उन्हें हायर रेट पर यूनिट मिलेगा।

[34:36] इनफिशिएंट वर्कर कौन हो गए? जो उन्होंने

[34:38] लेस देन स्टैंडर्ड टारगेट पे किया तो

[34:40] उन्हें पेनलाइज करना चाहिए। जैसे कोई भी

[34:42] अभी आपने वेज वाली थ्योरी पढ़ी होंगी तो

[34:44] कोई भी ऐसा नहीं था कि जो पेनलाइज कर रहा

[34:46] था। ये सिंगल ऐसा ऑथर है जिसने इसे

[34:49] पेनलाइज किया है। ठीक है? तो अगर एग्जांपल

[34:51] की बात करूं तो इन्होंने बोला सपोज आपको

[34:53] स्टैंडर्ड 10 यूनिट्स प्रोड्यूस करनी थी।

[34:56] ठीक है? स्टैंडर्ड इज़ अ 10 यूनिट। हाई रेट

[34:58] इज़ 5 यूनिट और लो रेट इज़ 4 यूनिट। तो अगर

[35:02] सपोज़ करो वर्कर मेकिंग 10 यूनिट्स। अगर

[35:04] वर्कर ने 10 यूनिट कर ली तो अब उसे क्या

[35:07] मिलेगा? ₹50 मिलेगा। अब वर्कर ने नाइन

[35:09] यूनिट कर ली तो अब उसे 50 नहीं मिलेगा।

[35:12] मतलब उसका कैलकुलेट कैसे करना है? पांच का

[35:14] था। जैसे आप सपोज़ एक यूनिट कर रहे हो तो

[35:16] अब उसकी एक यूनिट का पांच वैल्यू था। ठीक

[35:19] है? अगर आपने 10 यूनिट प्रोड्यूस करी तो

[35:21] आपको कितना मिला है? 50। अगर आपने 9 यूनिट

[35:24] करी है तो 9 * 5 = 45 नहीं मिलेगा। उसने

[35:27] क्या किया? उस रेट को भी कम कर दिया। अब

[35:29] आपको कितना मिलेगा? 9 * 4 = 36 मिलेगा।

[35:32] ठीक है?

[35:34] अब इन्होंने स्टैंडर्डाइजेशन भी किया था

[35:36] और सिंपलीफिकेशन किया था। तो उन्होंने

[35:38] बोला था कि हर एक बेंचमार्क सेट कर दिया

[35:41] हर बिजनेस एक्टिविटी के लिए कि यस ये

[35:43] बेंचमार्क है। इसे आप फॉलो करो तो आपका एक

[35:46] स्टैंडर्ड सेट हुआ और इसकी वजह से आप

[35:47] प्रोटेक्शन बहुत हाई करेंगे। अब अभी मुझे

[35:50] टेलर का बताओ कि टेलर ने डेफिनेशन का

[35:52] कीवर्ड क्या था? अभी मैंने टेलर का बताया

[35:54] था ना कि मैनेजमेंट की डेफिनेशन दी थी। तो

[35:56] उसका मुझे कमेंट में बताओ। इन्होंने बोला

[35:59] कि रॉ मटेरियल, मशीन, वर्किंग कंडीशन सब

[36:01] बेंचमार्क के बेसिस पे होना चाहिए। और एक

[36:03] सिंपलीफिकेशन का भी दिया था कि यस जो

[36:06] इलिमिनेट करो अननेसेसरी टाइप, साइज,

[36:08] वेरिएशन प्रोडक्ट है जिससे क्या होता है?

[36:10] हमारा कॉस्ट ऑफ़ मशीनरी सेव होती है, लेबर

[36:12] सेव होता है, इन्वेंटरी भी सेव होती है।

[36:14] तो मुझे टेलर की डेफिनेशन के कीवर्ड्स

[36:16] बताओ।

[36:18] देन कम टू द की क्रिटिसिज्म। अगर देखो अभी

[36:21] ये हमारा टेलर खत्म। अब उन्होंने बोला की

[36:23] क्रिटिस्मज क्या है? ये एक्सप्लइटेशन कर

[36:24] रहा था। क्योंकि इन्होंने कहां बोला कि

[36:26] इन्होंने बोला ट्रीट जो वर्कर है ना वो एज

[36:28] ए मशीन की तरह है। है ना? तो इन्होंने

[36:31] क्या किया हमेशा अगर आप काम कम करोगे तो

[36:33] आपको पैनलाइज़ करा जाएगा। तो कहीं ना कहीं

[36:35] एक तरह का एक्सप्लइटेशन है। देन लॉस ऑफ़

[36:38] इनिशिएटिव वर्कर टोल्ड एग्जैक्टली उसका

[36:40] खुद का माइंड खुद का कुछ नहीं है। जैसा

[36:43] साइंटिफिक मैनेजमेंट के थ्रू जैसे

[36:44] इंस्ट्रक्शन कार्ड क्लर्क दिए हुए हैं उसी

[36:46] के बेसिस पे उन्हें काम करना है। ठीक है?

[36:49] उनका खुद का क्रिएटिविटी कुछ भी नहीं है।

[36:50] देन कंफ्यूजन आपको पता है फंक्शनल

[36:52] फोरमैनशिप में आठ बॉस हैं। तो कहीं ना

[36:54] कहीं अथॉरिटी आपकी ओवरलैप हो रही है तो

[36:56] कंफ्यूज हो रहा है फैक्ट्री फ्लोर पे। देन

[36:58] स्ट्रिक्टली फिजियोलॉजिकल फोकस कंप्लीटली

[37:01] इसने जो साइकोलॉजिकल है आपका जो मोटिवेशन

[37:04] है उस सबको इग्नोर कर दिया। इसने सिर्फ

[37:06] केस कब भेजा कि यस अगर आप पैसा ज्यादा

[37:08] दोगे तो आपकी कंपनी की प्रोडक्टिविटी

[37:11] ज्यादा होगी। खत्म। समझ में आ गया टेलर?

[37:24] अगर देखो आपको अगर पॉज भी लेना है तो आप

[37:26] पॉज ले लेना ठीक है क्योंकि अब क्या है

[37:28] पहले क्या होता था अब मुझे कंटीन्यूअसली

[37:30] बोलना है पहले था पीवाईक्यू में कि आप लोग

[37:33] बोलते थे ओके अब देखो हम मैक्स वेवर

[37:37] ब्यूरोक्रेटिक मैनेजमेंट पढ़ेंगे इसके बारे

[37:39] में जितना भी है। ठीक है? देन फर्स्ट वेवर

[37:42] ने थ्री टाइप्स ऑफ अथॉरिटी दी थी। याद

[37:44] रखिएगा ये एग्जाम में पूछा जाता है।

[37:49] ये ब्रिटिश एरा का हां तो ये तो बहुत

[37:51] पुराना है। आपने देखा ना हम क्लासिकल

[37:54] अप्रोच में पढ़ रहे हैं।

[37:57] यस ब्रिटिश एरा के तो है ही ये प्रिंसिपल।

[37:59] देन अब आपको पता है ट्रेडिशनल अथॉरिटी,

[38:02] क्रिस्मेटिक अथॉरिटी एंड रीजनल लीगल

[38:04] अथॉरिटी। तीन अथॉरिटी दी थी बेवन ने। याद

[38:06] रखिएगा। यह हमारी अथॉरिटी एंड पावर होगा

[38:08] ना। वो भी से बहुत ज्यादा यहां पर आपका

[38:10] इजी हो जाएगा सारा कांसेप्ट। अब देखो

[38:13] ट्रेडिशनल अथॉरिटी क्या है? जो बेस्ड ऑन

[38:15] कस्टम ट्रेडिशन और बर्थ राइट पीपल ऑफ़ बी

[38:18] बिकॉज़ इट हैज़ ऑलवेज बीन दिस वे। जैसे जो

[38:21] राजा महाराजा होते हैं ना कि उनके पास

[38:22] पावर है।

[38:24] इनके पास पावर है। किंग है ट्राइबल चीफ हो

[38:27] गए। इनका हायर ऑफ़ फैमिली जो बिज़नेसेस है

[38:30] उनके वंशज हो गए। वो हो गए ट्रेडिशनल

[38:32] अथॉरिटी कि आपकी एक जैसे पहले के जो राजा

[38:33] राजा का बेटा के पास अथॉरिटी आ गई। तो ये

[38:35] हो गई हमारी ट्रेडिशनल अथॉरिटी। देन

[38:37] क्रिस्मेटिक अथॉरिटी हो गई बेस्ड ऑन

[38:39] एक्सेप्शनल पर्सन। आपके अंदर कोई ऐसा चाम

[38:42] है एक लीडर का जिसे आप लोग फॉलो कर रहे

[38:44] हैं। मैग्नेटिज्म में, हीरोइज़्म में,

[38:46] पर्सिव चा ऑफ़ लीडर है। तो, ये क्या होते

[38:48] हैं? कर्ट लीडर कहते हैं। हाई इंस्पायरिंग

[38:50] जो सीईओ होते हैं वो करिस्मेटिक लीडर हैं।

[38:53] एक अलग ही चीज़ जो आपको उनको अट्रैक्ट करती

[38:55] है। इसलिए आप उसका फॉलो करते हो। जैसे

[38:57] सीईओ वगैरह हो गए। देन रेशनल लीगल

[38:59] अथॉरिटी। रेशनल लीगल अथॉरिटी किसके बेसिस

[39:01] पे होती है? लॉ और रिटेन रूल के बेसिस पे

[39:04] होती है। फॉर्मल पोजीशन के बेसिस पे होती

[39:06] है। जो पोजीशन आपने होल्ड कर रखी है। जैसे

[39:08] एक असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की जो अथॉरिटी है

[39:11] वो सिर्फ असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की है। जैसे

[39:13] मैं अगर जब तक मैं पढ़ा रही हूं किसी

[39:14] यूनिवर्सिटी में जब तक मेरी अथॉरिटी है।

[39:16] जिस दिन मैंने उसको रिजाइन कर दिया,

[39:18] टर्मिनेट कर वहां से हो गई तो फिर मेरा

[39:20] कोई भी अथॉरिटी नहीं रहा। ये रेशनल लीगल

[39:22] अथॉरिटी है। जैसे सीईओ अपॉइंटंटेड बाय

[39:25] बोर्ड, ए प्रोजेक्ट पुलिस ऑफिसर और ए जज।

[39:27] ठीक है? पोजीशन की अथॉरिटी है। ये तीनों

[39:30] अथॉरिटी आप पढ़ लेना। पूछ लेता है वो

[39:31] एग्जाम में। देन ब्यूरोक्रेसी की अगर मैं

[39:34] बात करूं कररेक्टरिस्टिक तो मैं आपको एक

[39:36] सिंपल वे में बता देती हूं। इसे पढ़ने का

[39:38] इतना लंबा-लंबा जरूरत नहीं है। सबसे पहले

[39:40] स्ट्रिक्ट हरार्की ऑफ़ अथॉरिटी है। सपोज़

[39:42] आपका ये पता है कि इस तरीके से आपकी

[39:44] ऑर्गेनाइजेशन होती है। ठीक है? यहां पर

[39:45] टॉप होता है, यहां पे मिडिल होता है और

[39:47] यहां पे हमारा लोअर होता है। तो अब ये

[39:49] क्या है कि ये जो एवर जो लोअर एफिस जो

[39:53] इनको कौन कंट्रोल करेगा? देखो इसको जो टॉप

[39:55] लेवल को टॉप लेवल किसको कंट्रोल करेगा?

[39:57] मिडिल लेवल को इंस्ट्रक्शन देगा। देन

[39:58] मिडिल लेवल लोअर लेवल को देगा। तो यस वो

[40:01] लोग हरार्की फॉलो करते हैं। तो चेन ऑफ़

[40:04] कमांड इज़ अनब्रोकन। उसे तोड़ नहीं सकते।

[40:06] कंटीन्यूअस चेन में जा रहा है। देन दूसरा

[40:08] इसका है फॉर्मल रूल एंड रेगुलेशन। हर चीज़

[40:11] एक प्रॉपर कहते हैं ना रिटेन अह स्टैंडर्ड

[40:14] ऑपरेटिंग प्रोसीजर में डिसीजन है। इंश्योर

[40:17] करती है कि यूनिफॉर्मिटी रहे अक्रॉस

[40:19] ऑर्गेनाइज़। सारा रूल रेगुलेशन इसमें होता

[40:20] है। ब्यूरोक्रेटिक मतलब सारा रिटेन पेपर

[40:23] वर्क, रिकॉर्ड कीपिंग। इस तरीके से आप

[40:25] पढ़ो। इंपर्सनालिटी इंपर्सनालिटी इसका

[40:28] होलमार्क है। याद रखिएगा कि जो भी मैनेजर

[40:30] अगर डिसीजन ले रहा है तो बेस्ड ऑन रूल के

[40:33] बेसिस पे होना चाहिए ना कि पर्सनल इमोशंस

[40:35] और अटैचमेंट के बेसिस पे होना चाहिए। तो

[40:37] एवरीवन इज़ ट्रीटेड एग्जैक्टली द सेम। सपोज़

[40:40] करो कि यहां पे इतने सारे स्टूडेंट हैं।

[40:41] 16 स्टूडेंट है। ठीक है? अब मुझे किसी को

[40:44] यहां पे मेरे लिए सारे इक्वल स्टूडेंट

[40:46] हैं। तो मैं सबको एग्जैक्ट रिस्पांस देना

[40:48] चाहिए ना कि मैं कोई भी अगर ऐसा करूं कि

[40:51] किसी कोई जैसे आप यूनिवर्सिटी में जैसे हम

[40:53] पढ़ाते हैं थे तो वहां पे क्या था कि ऐसा

[40:55] नहीं है कि इतने सारे बच्चे हैं। अगर

[40:56] 30-40 स्टूडेंट हैं तो वहां पे ये नहीं कि

[40:58] किसी बच्चे का फेवरेट कोई बच्चा फॉलो कर

[41:00] रहा है तो उसके लिए आप अलग डिसीजन लोगे।

[41:02] उसको अच्छे स्कोरिंग कर लोगे। नहीं सारे

[41:04] बच्चों के लिए इक्वल रहना चाहिए। इंपर्सनल

[41:06] मतलब कोई भी इमोशनली इनवॉल्व नहीं होना

[41:08] है। देन डिवीज़ ऑफ़ लेबर। यस जो भी हमारे

[41:11] कॉम्प्लेक्स वर्क है ना उसे ब्रोकन करना

[41:13] चाहिए सिंपल रूटीन वेल डिफाइन टास्क में

[41:15] जो इससे क्या होता है जैसे फ़ॉर एग्ज़ांपल

[41:17] जो लेबर है तो उससे क्या है अगर सपोज़ करो

[41:20] आपकी एक कटिंग डिपार्टमेंट में अलग लेबर

[41:22] हो गया आपका स्टिचिंग मास्टर हो गया देन

[41:24] आपका फिनिशिंग हो गया देन पैकेजिंग हो गया

[41:26] ये क्या है ये डिवीज़न ऑफ़ लेबर है ना उसकी

[41:27] एक्सपर्टी के बेसिस पे उसकी स्किल के

[41:29] बेसिस पे हम करा रहे हैं देन टेक्निकल

[41:31] कंपिटेंसी यस हायरिंग फायरिंग या प्रमोशन

[41:35] किसके बेसिस पे होना चाहिए आपकी

[41:36] क्वालिफिकेशन एग् एग्ज़ामिनेशन एंड

[41:38] परफॉर्मेंस ठीक है? कभी भी पर्सनल कनेक्शन

[41:41] एंड फेवरेट के बेसिस पे नहीं होना चाहिए।

[41:43] तो इस चीज को तो आप मार्क कर लेना। ये

[41:45] बहुत बार-बार पूछा जाता है। ठीक है? देन

[41:47] सेपरेशन ऑफ़ ओनरशिप एंड मैनेजमेंट। देखो

[41:50] दोज़ पीपल हु रन द ऑर्गेनाइजेशन वो तो

[41:53] सैलरी मैनेजमेंट मैनेजर हो गए और नॉट द

[41:56] पीपल हु ओन इट। सो शेयरहोल्डर हो गए,

[41:58] गवर्नमेंट हो गए। तो यस सेपरेशन होना

[42:01] चाहिए ओनरशिप और मैनेज मैनेजमेंट पे।

[42:03] मैनेजर कौन हो गए? जो आपको सैलरी मिल रही

[42:06] है। ठीक है? जैसे सपोज मैं कहीं अगर

[42:08] मैनेजर हूं तो मुझे जो सैलरी मिल रही है

[42:10] तो मैं होगी मैनेजर मैनिशमेंट ओनर क्या

[42:12] होगा जिसका शेयर होल्डर है जिसने ये पूरा

[42:15] एंपायर क्रिएट किया हुआ है ठीक है

[42:18] देन क्रिटिसिज्म में क्या है रेड टेप है

[42:21] ये टर्मोलॉजी पूछ लेता है तो मैंने वही

[42:23] चीज़ रखा है रेड टिप मतलब एक्सेसिव पेपर

[42:25] वर्क स्ट्रिक्ट अडरेंस रूल एंड स्लो डाउन

[42:28] डिसीजन मेकिंग क्योंकि आपको पता है पहले

[42:29] टॉप देगा देन टॉप से मिडिल आएगा देन लोअर

[42:32] आएगा तो इससे बहुत ज्यादा डिसीजन मेकिंग

[42:33] में स्लो डाउन होती है देन गोल

[42:35] डिस्प्लेसमेंट अच्छा ये क्या टर्म है?

[42:37] क्योंकि देखो हम लोग क्या है कि जो ये

[42:39] कांसेप्ट है ना ब्यूरोक्रेसी वो हमेशा

[42:41] ऑब्वियस रहता है रूल रेगुलेशन फॉलो करना

[42:44] है। वो एक्चुअल गोल क्या है? ऑर्गेनाइजेशन

[42:46] को उसको अ याद ही नहीं रहता। तो इससे क्या

[42:49] होता है? गोल डिस्प्लेसमेंट होता है। मतलब

[42:50] गोल क्या होता है? हमारा चेंज हो जाता है।

[42:52] द रूल बिकम द एंड रेदर देन द मीन टू द

[42:55] एंड। तो आपको पता है कि जो हम रूल रूल को

[42:58] फॉलो करते रहते हैं गोल हमारा चेंज हो

[43:01] जाता है। जो मीन है वो हमारा एंड हो जाता

[43:03] है। देन रिजिडिटी इनफ्लेक्सिबिलिटी

[43:05] ब्यूरोक्रेटिक क्या है? स्ट्रगल करता है

[43:07] क्योंकि उसमें चेंजज़ आप इज़ली नहीं उसमें

[43:09] कर सकते जो एक्सटर्नल एनवायरमेंट में है।

[43:11] क्योंकि ये सारा किसके बेसिस पे है? रूल

[43:13] रेगुलेशन के बेसिस पे। आयरन केज वेव

[43:16] हिमसेल्फ वर्न दैट हाइली ब्यूरोक्रेटिक

[43:18] सिस्टम कैन बी बिकम अ आयरन केज। ट्रैप

[43:21] इंडिविजुअल क्योंकि सब लोग ना उसमें ट्रैप

[43:23] हो जाते हैं। एक आयरन केज में हो जाते

[43:24] हैं। इन सोलेस हाइपरल मशीन स्टेपिंग

[43:27] ह्यूमन क्रिएटिव इनिशिएटिव। तो यस ये

[43:31] हमारे क्रिटिसिज्म में है। देन कम टू द

[43:34] हेनरी फ्यूल एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजमेंट।

[43:37] आपको पता है हेनरी फ्यूल कौन थे? याद

[43:39] रखिएगा। ये एग्जाम में पूछ लिया जाता है।

[43:41] फ्रेंचिंग माइनिंग इंजीनियर थे। जिन्हें

[43:44] हम फादर ऑफ जनरल मैनेजमेंट एंड फादर ऑफ़

[43:47] एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजमेंट कहलाते हैं।

[43:49] देन एफडब्ल्यू टेलर किस पे फोकस कर रहे

[43:51] थे? हमारे सो फ्लोर पे। मतलब बॉटम पे कर

[43:52] रहे थे। जैसे ये है ये हमारा किस पे कर

[43:54] रहा है? बॉटम पे कर रहा है। ठीक है? देन

[43:59] या दैट्स व्हाई इंडियन ब्यूरोक्रेसी टर्न

[44:01] करप्ट। यस। तो आपको पता है जो हमारा जो

[44:04] जनरल मैनेजमेंट जो फादर था जो हमारा

[44:07] साइंटिफिक मैनेजमेंट है वो हमारा बॉटम को

[44:09] फोकस कर रहा था। लेकिन जो हमारा हेनरी

[44:11] फ्यूल का है वो हमारा टॉप लेवल का बता रहा

[44:13] है और इस बुक को बता देना 1960 में ये बुक

[44:16] आई थी जिसमें जनरल एंड इंडस्ट्रियल

[44:19] मैनेजमेंट इसी बुक के अंदर इन्होंने

[44:21] एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजमेंट दिया हुआ था।

[44:24] ठीक है?

[44:26] अब देखो इन्होंने बिजनेस एक्टिविटी को भी

[44:28] क्लासिफाई किया है। उन्होंने बोला कि

[44:30] हमारी जो बिजनेस एक्टिविटी है ना वो सिक्स

[44:32] कैटेगरी में डिवाइड होती है। या तो

[44:34] टेक्निकल देन कमर्शियल देन फाइनेंशियल देन

[44:38] सिक्योरिटी अकाउंटिंग मैनेजियर। तो अब वो

[44:42] कभी-कभी ना आपको सफल कर देगा। फाइनेंसियल

[44:44] की जगह आपको अकाउंटिंग डाल देगा। ठीक है?

[44:46] तो प्लीज़ मिक्स मत करना। टेक्निकल कितने

[44:49] मतलब बिज़नेस एक्टिविटी में ये बता रहा है

[44:51] कि कितनी तरह की होती है। छह। टेक्निकल

[44:52] में क्या होगा? जिन कंपनी में प्रोडक्शन

[44:54] मैन्युफैक्चर हो रहा है वो टेक्निकल हो

[44:56] गई। कमर्शियल मतलब जहां बाइंग सेलिंग

[44:58] एक्सचेंज कर रहे हैं। फाइनेंसियल में सर्च

[45:00] फॉर ऑप्टिमम यूज़ ऑफ़ कैपिटल वगैरह

[45:02] रिगार्डिंग करते हैं। देन सिक्योरिटी में

[45:04] प्रोटेक्शन ऑफ़ प्रॉपर्टी एंड पीपल का

[45:06] सिक्योरिटी। ठीक है? दोनों का देखते हैं।

[45:07] इस तरह का बिज़नेस हो गया। देन अकाउंटिंग

[45:09] में हमारा हो गया स्टॉक टेकिंग बैलेंस शीट

[45:13] स्टैटिस्टिक्स हो गए। और मैनेजियर में पोर

[45:15] फंक्शन ऑफ़ मैनेजर पीओ और ट्रपसी। ठीक है?

[45:18] ये हमारी सिक्स एक्टिविटी होती हैं।

[45:22] अब फाइव फंक्शन मैनेजमेंट जो पीओ ट्रिपल

[45:24] सी है वो क्या है? देखो प्लानिंग तो आपको

[45:26] सबको पता है फॉरकास्टिंग फ्यूचर ड्रॉ ऑफ़ द

[45:29] प्लान ऑफ़ एक्शन प्लान। ऑर्गेनाइजिंग उसके

[45:32] बेसिस पे हमें किस तरीके से ऑर्गेनाइज़

[45:34] करना है। प्लानिंग में आपने सबसे पहले

[45:35] एडवांस में करते ना उसमें कोई एग्जीक्यूशन

[45:37] नहीं होता। जो ब्लूप्रिंट होता है जो आप

[45:39] करने वाले होते हो फॉरकास्ट कर दिया।

[45:41] फ्यूचर में हमें क्या करना है? देन

[45:42] ऑर्गेनाइजिंग में क्या कर दिया? ऑर्गेनाइज़

[45:44] करा सारी चीज़ों को। बिल्डिंग ऑफ ड्यूल

[45:46] स्ट्रक्चर मटेरियल ह्यूमन क्या-क्या

[45:48] मटेरियल चाहिए क्या-क्या बिल्डिंग जैसे एक

[45:50] यूनिवर्सिटी अगर आप सेटअप कर रहे हो तो

[45:52] कैसी यूनिवर्सिटी होनी चाहिए कहां कौन से

[45:54] वो होने चाहिए हमारे कौन-कौन से ह्यूमन

[45:56] चाहिए फिजिक्स का चाहिए हेड कंप्यूटर का

[45:59] चाहिए मतलब इस तरीके से ऑर्गेनाइज़ कराना

[46:01] देन कमांडिंग कमांडिंग मेंटेन एक्टिविटी

[46:03] अमोंग द पर्सनल एंड डायरेक्टिंग देम यस अब

[46:06] क्या करो अब किसको कमांड करना है ठीक है

[46:07] ना डायरेक्टिंग करना उनको कि यस आपको क्या

[46:09] काम करना है देन कोऑर्डिनेटिंग अब सबको

[46:11] बाइंडिंग एक साथ करके रखना यूनिफाइंग करना

[46:14] हार्मोनाइज करना सारी एक्टिविटी और

[46:16] एफर्ट्स को क्योंकि देखो कोऑर्डिनेशन तो

[46:18] बहुत ही जरूरी है। दैट्स व्हाई इज़ कॉल्ड द

[46:20] सेंस ऑफ़ मैनेजमेंट। हर स्टेप में फंक्शन

[46:23] ऑफ़ मैनेजर में कोऑर्डिनेशन की जरूरत पड़ती

[46:25] है। देन कंट्रोलिंग। अब ये देखने के लिए

[46:27] कि जो हमने सब किया है, क्या हमारा फॉलो

[46:29] कर रहा है या जो हमने सेट किया था टारगेट,

[46:32] क्या हमारा वो अचीव हुआ है, उसके लिए हम

[46:34] कंट्रोलिंग टेक्निक यूज़ करते हैं। अब आ

[46:37] जाते हैं 14 प्रिंसिपल ऑफ़ मैनेजमेंट। देखो

[46:40] इनको आप कैसे याद करोगे? ये आप देख लेना।

[46:43] अभी मैंने इसके लिए एक टेबल भी लेके आई

[46:45] है। देखो डिवीजन ऑफ़ वर्क मतलब वर्क को

[46:47] हमें क्या करना है? छोटे-छोटे पार्ट्स में

[46:49] डिवाइड करना है। जिससे क्या होगा कि हमारी

[46:51] स्पेशलाइज टास्क की इनक्रीज होगी

[46:53] एफिशिएंसी। देखो अगर आप छोटे-छोटे में

[46:55] करोगे तो जो वर्कर है ना वो एक ही चीज को

[46:56] अच्छे से पढ़ेंगे। उसको अच्छे से सीखेंगे

[46:59] देन उसी चीज में मास्टर हो जाएंगे। दूसरा

[47:01] है अथॉरिटी एंड रिस्पांसिबिलिटी कि यस

[47:03] बैलेंस रहना चाहिए। बैलेंस रहना चाहिए

[47:06] दोनों पार्टी में अथॉरिटी में भी और

[47:08] रिस्पांसिबिलिटी में। अथॉरिटी क्या होती

[47:09] है? इज़ द राइट टू गिव अ पार्ट। सपोज़ मैंने

[47:12] अथॉरिटी दे दी। ठीक है? मुझे मेरे वीसी ने

[47:14] अथॉरिटी दी थी कि आप यह काम करो तो

[47:16] तुम्हें रिस्पांसिबिलिटी भी अच्छी रहेगी।

[47:18] लेकिन मुझे पावर नहीं दी। सिर्फ

[47:20] रिस्पांसिबिलिटी दे दी तो कौन मेरी बात

[47:22] मानेगा? ठीक है?

[47:25] अभी देखो अभी थोड़ी देर बाद देख लेना। अभी

[47:28] एटलीस्ट वन ऑवर का सेशन चल जाएगा। तो

[47:30] थोड़ा सा 5 मिनट्स का ब्रेक दे देंगे। ठीक

[47:32] है? उसके बाद अपना एडमिट कार्ड जाके चेक

[47:34] कर लेना। प्लीज अभी अभी कहीं मत जाओ

[47:36] क्योंकि आपको पता है कि पूरा मेरा जो फ्लो

[47:39] है पूरा क्लास है वो डिस्टर्ब हो जाएगा।

[47:40] देखो अथॉरिटी रिस्पांसिबिलिटी क्या है?

[47:42] बैलेंस करके रखना है कि अगर आप किसी को

[47:44] रिस्पांसिबिलिटी दे रहे हो तो उसको थोड़ी

[47:46] सी पावर भी दो। ठीक है? अगर आप पावर नहीं

[47:48] दोगे तो उसकी अथॉरिटी का कोई भी फायदा

[47:51] नहीं है। डिसिप्लिन, ओबिडियंस, एप्लीकेशन,

[47:54] एनर्जी जरूरी है फर्म और इसके एंप्लई के

[47:57] बीच में। अगर देखो प्रॉपर अगर किसी

[48:00] यूनिवर्सिटी या किसी भी इंडस्ट्री में कोई

[48:02] रूल रेगुलेशन नहीं होगा तो कहीं ना कहीं

[48:04] ये क्फ्लिक्ट अराइज़ होते हैं। देन यूनिटी

[48:06] ऑफ़ कमांड। यूनिटी ऑफ़ कमांड का मतलब है कि

[48:09] सिर्फ एक सुपीरियर होना चाहिए। वन बॉस

[48:11] होना चाहिए। सपोज़ करो मैं मेरे ऊपर दो बॉस

[48:14] हैं। है ना? तो मेरा जो माइंड होगा वो

[48:16] कंफ्यूज हो जाएगा। उन्होंने बोला कि हमेशा

[48:18] जो सीनियर होगा वो वन बॉस होना चाहिए। ये

[48:20] एक ही तरफ से कमांड आनी चाहिए। उसके बेसिस

[48:22] पे मैं फॉलो करूंगी। ठीक है? तो ये

[48:24] रिपोर्ट ओनली वन सुपीरियर। अगर सपोज़ करो

[48:26] आपके ऊपर अगर बहुत ज्यादा सुपीरियर बॉस है

[48:29] तो आपको पता ही नहीं चलेगा कि मैं किसकी

[48:30] बात मानूं? इसका मानू, इसका मानूं जिससे

[48:32] मेरी एफिशिएंसी क्या होगी? डाउन होती है।

[48:34] जैसे हम कहते हैं जब आप किसी चीज को फॉलो

[48:36] करते हो ना एक पर्टिकुलर को फॉलो करो। अगर

[48:38] डिफरेंट-डिफरेंट सोर्सर्सेस के थ्रू जाओगे

[48:40] अगर एक बुक लेनी हो तो आप इंडस्ट्री

[48:42] रिलेशन लेवल सिन्हा की बुक ले लो। ठीक है?

[48:44] आप फिजिकल टेक्स्ट ले लो। देन आपने

[48:46] ट्रूमैन के पीवाई क्यू के लिए ले लो। देन

[48:48] आप ऑनलाइन में क्या आप डेट पढ़ रहे हो तो

[48:50] एक चैनल ले लो। ठीक है? ऐसे हम चार

[48:52] कैटेगरी आप अगर एक की जगह आप 20-20 जगह

[48:54] सर्च कर रहे हो तो आपके जो वो है ना आप

[48:56] गैदर ही नहीं कर सकते हो इनेशन। तो यस जो

[48:58] भी आपका है तो यूनिटी ऑफ़ कमांड हमारा एक

[49:01] बॉस होना चाहिए। उसी को हमें फॉलो करना

[49:03] चाहिए। देन आपका यूनिटी ऑफ़ डायरेक्शन यस

[49:06] जो डायरेक्शन में एक ही डायरेक्शन में

[49:08] सारे जो ग्रुप ऑफ़ पीपल हैं उनका सेम

[49:10] ऑब्जेक्टिव होना चाहिए। एक कंपनी में

[49:11] जितने भी लोग हैं उनका ऑब्जेक्टिव कैसा

[49:13] होना चाहिए? सेम होना चाहिए। अगर आपका सेम

[49:15] नहीं होगा तो कहीं ना कहीं क्फ्लिक्ट

[49:17] अराइज़ज़ होंगे। तो यस वन हेड पर वन प्लान

[49:20] फॉर अ ग्रुप एक्टिविटी हैविंग द सेम

[49:22] ऑब्जेक्टिव। यूनिटी ऑफ़ कमांड प्रिवेंट द

[49:24] ड्यूल रिपोर्टिंग। अब आपको ड्यूल

[49:26] रिपोर्टिंग नहीं करनी पड़ती। और यूनिटी ऑफ़

[49:28] डायरेक्शन आपको किससे बचाती है? प्रिवेंट

[49:30] ओवरलैपिंग द एफर्ट्स को। ठीक है? देन

[49:34] सबोर्डिनेशन ऑफ़ इंडिविजुअल इंटरेस्ट टू

[49:36] जनरल इंटरेस्ट। देखो ऐसा गोल होना चाहिए

[49:38] ऑर्गेनाइजेशन का जो इंसान अपनी प्रायोरिटी

[49:41] जो पर्सनल गोल की बजाय वो ऑर्गेनाइजेशन के

[49:43] गोल को प्रायोरिटी दे। फॉर एग्जांपल सपोज़

[49:46] करो मेरा पर्सनल गोल है कि सपोज़ मुझे मेरा

[49:48] मन नहीं कर रहा आपको पढ़ाने का। लेकिन अगर

[49:50] मेरे अंदर ये है कि नहीं मुझे बच्चों को

[49:53] पढ़ाना है तो ये क्या हो गया? मेरी ओवर द

[49:55] प्रायोरिटी पर्सनल गोल हो गया। ठीक है?

[49:57] ऑर्गेनाइज़ेशन को। तो ऐसे ही हमें

[49:58] ऑर्गेनाइजेशन में डेवलप करना है कि उन

[50:00] इंडिविजुअल जो उनका इंटरेस्ट है उसे जनरल

[50:02] इंटरेस्ट में चेंज करना है। देन रिमरेशन

[50:04] ऑफ़ पर्सनल यस पे मस्ट बी फेयर एंड

[50:07] प्रोवाइड मैक्सिमम पॉसिबल सेटिस्फेक्शन टू

[50:09] बोथ एंप्लयर एंड एंप्लई। देखो यस ये बात

[50:12] तो 100% ट्रू है कि विदाउट मॉनिटरी

[50:15] बेनिफिट आपको कोई भी मोटिवेशन नहीं आता।

[50:18] सपोज़ अभी मैं चलो मेरा एक कॉज़ है कि हां

[50:21] ठीक है मैं आपको पढ़ा रही हूं। लेकिन जब तक

[50:23] मुझे अह मॉनिटरी नहीं होगा या या जब तक

[50:26] मुझे मनी नहीं आएगा तो कहीं ना कहीं मुझे

[50:28] सेटिस्फैक्शन नहीं होगा। ठीक है? तो यस आप

[50:30] उनको जितना वो काम कर रहे हैं जितना मैं

[50:32] अपना टाइम एनर्जी एक्सपीरियंस दे रही हूं

[50:34] तो उसके रिगार्डिंग में मुझे उतना फेयर

[50:36] प्राइसेस तो मिलना चाहिए। ठीक है?

[50:39] सेंट्रलाइजेशन एंड डिसेंट्रलाइजेशन देयर

[50:41] मस्ट बी प्रॉपर बैलेंस होना चाहिए।

[50:42] सेंट्रलाइजेशन का मतलब पता है ना आप एक

[50:44] इंसान के पास अथॉरिटी होती है वही सारा

[50:47] अप्रूव करता है। डिसेंट्रलाइजेशन क्या

[50:49] करता है कि आप जो पावर है उसको

[50:51] डिस्ट्रीब्यूट कर देते हो। ठीक है? नीचे

[50:53] की एरिया में जिसे डाउन हरार्की में पुश

[50:55] कर देते हो जिससे कि बैलेंस बना रहना

[50:57] चाहिए साइज और नेचर और पिचनेस का। दे यानी

[50:59] स्केलर चेन क्या है कि स्केलर चेन होती है

[51:02] फॉर्मल अनब्रोकन लाइन ऑफ़ अथॉरिटी। जैसे

[51:04] अगर आपका कम्युनिकेशन है तो इस डायरेक्शन

[51:07] में आपका कम्युनिकेशन हो रहा है हाईएस्ट

[51:09] टू लोएस्ट। लेकिन यहीं पे एक टर्म आता है

[51:12] गैंग प्लैंक। इसको नोट डाउन कर दो। कितने

[51:15] लोग हैं जो पेन और कॉपी लेके बैठे हुए

[51:17] हैं। मुझे कमेंट में बताना जो नोट कर रहे

[51:19] हैं। गैंग प्ल गैंग प्लैंक एक कांसेप्ट

[51:21] आता है। उन्होंने बोला कि यस एक्सेप्शन दे

[51:24] दिया कि आप डायरेक्ट कम्युनिकेशन किसी भी

[51:26] कोई इमरजेंसी हो गई या फिर कोई डिले हो

[51:29] रहा है उसको रोकने के लिए आप इस चेन को

[51:31] ब्रोक करके किसी भी डिपार्टमेंट के साथ

[51:33] कम्युनिकेट कर सकते हो। स्ट्रिक्टली अप

[51:36] एंड डाउन चेन। ऊपर से नीचे, नीचे से ऊपर

[51:38] आपको प्रॉपर चेन हरार्की फॉलो करने की

[51:40] जरूरत नहीं है।

[51:43] देन ऑर्डर ऑर्डर क्या है? मस्ट बी

[51:45] स्पेसिफिक प्लेस फॉर एवरीथिंग एंड एवरीवन।

[51:48] यस आपको पता है सब कुछ प्रॉपर अरेंजमेंट

[51:50] में होना चाहिए। अपनी अपनी जगह पे होना

[51:51] चाहिए। जैसे मटेरियल ऑर्डर है तो हर चीज़

[51:53] के लिए। जैसे आपने अगर टेक्सटाइल का मैं

[51:55] एग्जांपल देती हूं कि रॉ मटेरियल के लिए

[51:57] स्टोर डिपार्टमेंट है। देन स्टोर

[51:58] डिपार्टमेंट में भी आपका अह जो आपके

[52:01] क्लॉथ्स हैं वो हैं। देन आपका उसके बाद

[52:03] क्लॉथ्स के बेसिस पे है। देन उसके बाद

[52:05] आपका अह धागे के लिए अलग से सेपरेट

[52:08] डिपार्टमेंट होगा। ठीक है? और देन सोशल

[52:10] ऑर्डर क्या होगा? प्लेस फॉर एवरीवन एवरी

[52:12] देयर इन अपॉइंटंटेड प्लेस। राइट पर्सन फॉर

[52:14] द राइट। ये सोशल भी होना चाहिए, मटेरियल

[52:16] ऑर्डर भी होना चाहिए कि अगर मैं एचआर की

[52:18] टीचर हूं तो मैं एचआर ही पढ़ाऊं। देन

[52:19] इक्विटी हमेशा मैनेजर्स शुड ट्रीट देयर

[52:22] सबोर्डिनेट विद द काइंडनेस जस्टिस

[52:24] फेयरनेस। देखो हम अगर आप अगर आप कभी हाई

[52:27] पोजीशन पे देखते हो तो उतना ही लोगों में

[52:28] काइंडनेस आती है कि जो आपके सबोर्डिनेट है

[52:32] उनके साथ हमेशा आपको कैसा करना है? इक्वली

[52:34] ट्रीट करना है। जस्टिस के साथ करना है और

[52:36] उनके साथ डिफरेंशिएट नहीं करना है। ठीक

[52:39] है? देन स्टेबिलिटी ऑफ़ टेन्योर पर्सोनल।

[52:42] यस। अगर देखो स्टेबिलिटी देना है उनका जो

[52:45] पीरियड है ना पर्सनल का उसमें स्टेबिलिटी

[52:48] क्रिएट करनी है। अगर हाई एंप्लई टर्नओवर

[52:50] है सपोज़ करो हाई एंप्लई आपके छोड़-छोड़ के

[52:53] ऑर्गेनाइजेशन को एग्जिट कर रहे हैं तो

[52:54] आपको क्या हो गया? इसका मतलब आप इनफिशिएंट

[52:56] हो। एंप्लई को क्या करना है? उनको सेटल

[52:58] डाउन करना है। उनको मोटिवेट कराना है।

[53:00] उनको फीलिंग सिक्योर कराना है कि यस आप

[53:02] हमारी ऑर्गेनाइज़ेशन में रहो। हम आपको

[53:04] सिक्योरिटी देंगे लॉन्ग टर्म के लिए और हम

[53:06] आपको कभी भी अगर कोई ऐसा एक्सेप्शन आता है

[53:09] तो हम आपको जॉब से नहीं निकालेंगे। ठीक

[53:11] है? देन इनिशिएटिव। इनिशिएटिव का मतलब

[53:13] एंप्लई को इतना मोटिवेट करो कि यस वो अपना

[53:16] इनिशिएट करें। मतलब ओरिजिनल प्लान को

[53:18] एग्जीक्यूट कर सके। इवन इफ दे आर मिस्टेक

[53:21] फिर भी आप उनको इनिश जैसे हम बोल रहे ना

[53:23] इनिशिएट मैं पूछती हूं ये बच्चा कौन-कौन

[53:24] कॉपी में नोट डाउन कर रहा है। तो सिर्फ एक

[53:26] बच्चे का है। इट मींस दिस पर्सन हैव अ

[53:29] इनिशिएटिव क्वालिटी। ठीक है? देन स्प्लिट

[53:31] द कॉप्स। स्पिरिट द कॉप्स क्या होता है कि

[53:33] आपको पता है यूनियन इज़ स्ट्रेंथ। हमेशा

[53:35] याद रखना टीम वर्क में ही काम करते हैं

[53:38] हार्मोनी में म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग में।

[53:40] तो हमारा बहुत अच्छा प्रोडक्टिविटी होती

[53:43] है।

[53:44] अब आप इसका स्क्रीनशॉट ले लेना। मैंने

[53:47] आपको बताया था कीवर्ड कैसे याद रख सकते

[53:49] हो। देखो डिवीज़ ऑफ़ वर्क के लिए

[53:51] स्पेशलाइज़ेशन अथॉरिटी रिस्पांसिबिलिटी के

[53:53] लिए बैलेंस होना चाहिए दोनों को। देन

[53:55] डिसिप्लिन में ओबिडियंस रूल है। यूनिटी ऑफ़

[53:57] कमांड में वन बॉस है। यूनिटी ऑफ़ डायरेक्शन

[53:59] में वन हेड वन प्लान है। सबोर्डिनेशन में

[54:02] कंपनी फर्स्ट है। रमरेशन में फेयर पे है।

[54:05] देन सेंट्रल डिसेंट्रलाइज़ेशन में

[54:07] बैलेंसिंग ऑफ़ पावर है। स्केलर चेन में चेन

[54:09] ऑफ़ कमांड है। ऑर्डर में राइट प्लेस पर

[54:11] होनी चाहिए। सारी चीज़ इक्विटी में

[54:13] काइंडनेस जस्टिस पर होनी चाहिए। देन

[54:15] स्टेबिलिटी ऑफ़ अह टेन्योर में लो टर्नओवर

[54:17] होना चाहिए। इनिशिएट में एंप्लई के आईडिया

[54:19] को मोटिवेट करना चाहिए। एनकरेज करना

[54:21] चाहिए। स्पिरिट डेकोप्स में टीम स्पिरिट

[54:24] होना चाहिए। ठीक है? खत्म।

[54:27] समझ में आया? अब हम क्लासिकल देखो प्री

[54:30] साइंटिफिक फज़ हमारा कंप्लीट हो गया।

[54:32] क्लासिकल फज़ कंप्लीट हो गया। अब हम आएंगे

[54:34] नियो क्लासिकल पे। ठीक है? समझ में आ रहा

[54:37] है ना?

[54:41] अगर आपको रेस्ट लेना है तो 5 मिनट का पॉज

[54:44] ले सकते हो। ठीक है?

[54:51] देखो अब हम आते हैं न्यू क्लासिकल फेस जो

[54:54] कि आपका 1930 से 1950 में था। यह भी हमारा

[54:57] उसी टाइम का है ब्रिटिश सेरा का। ठीक है?

[55:00] इन्होंने क्या किया कि इन्होंने जो

[55:02] शिफ्टेड द फोकस इन्होंने एंटायरली ह्यूमन

[55:04] एलिमेंट पे लिया। वहां पे क्या था? रीजनल

[55:05] इकोनॉमिक मेन है। देखो गैंग प्लांक क्या

[55:08] होता है? मैं आपको ऐसे बता देती हूं। जैसे

[55:10] सपोज़ करो आपका हरारकी है। उन्होंने बोला

[55:13] है स्केलर चेन में होना चाहिए। स्केलर चेन

[55:15] क्या होता है? कि टॉप लेवल ने कम्युनिकेशन

[55:17] दिया मिडिल लेवल को देन मिडिल लेवल ने

[55:19] दिया उसके नीचे लेवल को देन उसके नीचे

[55:21] लेवल ने दिया उसके नीचे लेवल को मतलब

[55:23] स्केलर चेन में ऐसे आता है टॉप टू डाउन

[55:25] कम्युनिकेशन होता है लेकिन गैंग प्लग क्या

[55:27] हो गया कि अगर सपोज कोई इमरजेंसी आ गई तो

[55:30] आपको स्केलर चेन में जाने की जरूरत नहीं

[55:32] है। आप कहीं से भी किसी से भी कम्युनिकेट

[55:35] कर सकते हैं। समझ में आ गया? ईजी है।

[55:44] ठीक है?

[55:46] आप दूसरे डिपार्टमेंट से ऊपर वाला आपको

[55:48] डायरेक्ट नीचे से कम्युनिकेट कर सकता है।

[55:50] आपको मिडिल लेवल को फॉलो करने की जरूरत

[55:52] नहीं है। ठीक है? तो आपको स्कैटर चेंज

[55:54] फॉलो करने की जरूरत नहीं है। अगर आपको लग

[55:57] रहा है कि कोई आपका प्रोडक्शन डिले हो रहा

[55:59] है तो आपको वेट नहीं करना। आप डायरेक्ट

[56:01] जाके कम्युनिकेट कर सकते हो। ठीक है? अब आ

[56:04] जाओ नियो क्लासिकल फसेस पे। न्यू क्लासिकल

[56:06] फसेस क्या है? इस ये पूरा एंटायरली ह्यूमन

[56:08] एलिमेंट पे फोकस कर रहा है। और ये जो

[56:10] क्लासिकल थिंकिंग थे। ठीक है? देन हमारे

[56:13] जो टेलर थे हमारे फ्यूल थे ये वर्कर को एज

[56:16] अ कॉक की तरह ट्रीट करते थे ना कॉग इन अ

[56:19] मशीन ठीक है तो इस फज़ ने ये प्रूव किया कि

[56:21] प्रोडक्टिविटी सिर्फ रूल रेगुलेशन फिजिकल

[56:24] कंडीशन की नहीं है बट ये किसके बेसिस पे

[56:26] है ये हमारी साइकोलॉजिकल सोशल नीड ऑफ़

[56:30] वर्कर के बेसिस पे

[56:32] देन ह्यूमन रिलेशन मूवमेंट अब आ जाओ

[56:35] अल्टरमायो ने याद रखिएगा क्या फिलॉसफी थी

[56:38] ह्यूमन रिलेशन ये फादर ऑफ़ ह्यूमन रिलेशन

[56:40] कौन कहलाता है याद रखना अल्टरमायो और फादर

[56:42] ऑफ़ पर्सोनल मैनेजमेंट कौन कहलाता है? मुझे

[56:45] कमेंट में बताओ। ठीक है? कंफ्यूज नहीं

[56:47] होना एग्जाम में।

[56:49] ए वर्कर इज़ अ सोशल एनिमल नॉट अ इकोनमिक

[56:52] एनिमल। तो वर्कर क्या है? एक सोशल एनिमल

[56:54] है। वो इकोनॉमिक नहीं है। आप सिर्फ उन्हें

[56:56] मॉनिटरी के बेसिस पे आप उन्हें मोटिवेट

[56:59] नहीं कर सकते हो।

[57:02] देन इनफॉर्मल ऑर्गेनाइजेशन। उन्होंने बोला

[57:04] विद इन एव्री फॉर्मल कंपनी स्ट्रक्चर

[57:06] वर्कर क्रिएट देयर इनफॉर्मल मतलब कितना भी

[57:09] फॉर्मल सेटअप हो लेकिन वर्कर कैसा करते

[57:12] हैं? इनफॉर्मल हो ही सकते हैं। सपोज हम

[57:13] अपना टीचिंग एनवायरमेंट होता है। एक

[57:15] फॉर्मल सेटअप है। लेकिन फिर भी हम अपार्ट

[57:17] फ्रॉम यूनिवर्सिटी पॉलिसी हम अपना पर्सनल

[57:20] अपना चैट भी करते हैं। ठीक है? अपना

[57:23] सोशलाइजिंग भी करते हैं। दूसरा

[57:25] पार्टिसिपेटिव मैनेजमेंट। अलव वर्कर ट

[57:27] वॉइस इन डिसीजन मेकिंग। यस। वर्कर डिसीजन

[57:30] मेकिंग को अलव करो। है ना? दैट और आपका

[57:33] हॉथर्रोन इफेक्ट एंप्लई ने आपने देखा होगा

[57:36] एंप्लई नेचुरली इंप्रूव देर परफॉर्मेंस

[57:38] व्हेन दे फील मैनेजमेंट इज़ पेइंग स्पेशल

[57:40] अटेंशन टू देम केयर अबाउट देयर वेलफेयर तो

[57:43] ये यस सबका आंसर सही है सबका नहीं है जैसे

[57:46] दो बच्चों ने दिया है रॉबर्ट ने यस फादर

[57:48] ऑफ़ पर्स देखो ऐसे ही क्वेश्चंस आते हैं

[57:51] ठीक है

[57:53] देन फोर फेजेस ऑफ़ एक्सपेरिमेंट हम

[57:55] जल्दी-जल्दी स्टडी करते हैं सबसे पहले

[57:57] आपको क्या करना है कभी-कभी वो पूछ लेगा

[57:58] असेंडिंग ऑर्डर में लगाओ डिसेंडिंग ऑर्डर

[58:00] में लगाओ देन वो ई ईयर के बेसिस पे आपसे

[58:02] पूछ लेगा कौन सी ईयर में कौन सा हुआ था।

[58:05] प्लीज इसको अच्छे से पढ़ना। पहला फज़ है

[58:07] इलुमिनेशन एक्सपेरिमेंट जो कि आया हमारा

[58:09] 1924 टू 1927। इसका फोकस किस पे था?

[58:12] फिजिकल लाइटिंग पे। उन्होंने बोला क्या?

[58:14] उन्होंने क्या किया कि दो वर्कर को दो

[58:17] ग्रुप में बांट दिया था। वर्कर को मैं ऐसे

[58:18] बता देती हूं जिसमें एक को तो आपने लाइट

[58:20] प्रॉपर लाइट दी थी। मतलब अच्छी लाइट दी

[58:22] थी। एक को सिर्फ मिनिमम वेयरबल लाइट दी थी

[58:24] कि बस वो देख सके। ठीक है? एक मतलब

[58:27] कंट्रोल ग्रुप जहां पे लाइटिंग वाज़

[58:29] कांस्टेंट थी। और एक जो ग्रुप था वहां पे

[58:31] लाइटिंग वाइज वैड थी। दो ग्रुप के बेसिस

[58:33] पे एक्सपेरिमेंट किया। तो अब उन्होंने

[58:35] प्रोडक्टिविटी देखी तो दोनों ग्रुप की

[58:37] इंक्रीज हुई। ठीक है? तो इसका मतलब ये है

[58:40] कि फिर उन्होंने क्या किया? व्हेन लाइटिंग

[58:42] फॉर द टेस्ट ग्रुप वाज़ रिड्यूस्ड टू

[58:44] मूनलाइट लेवल। उन्होंने इवन उनकी जो

[58:46] लाइटिंग थी ना उसको रिड्यूस कर दिया था।

[58:48] इवन फिर भी आपकी प्रोडक्टिविटी बढ़ ही रही

[58:50] थी। इसका मतलब ये है कि फिजिकल कंडीशन डू

[58:53] नॉट सोले डिटरमाइन द प्रोडक्टिविटी

[58:55] साइकोलॉजिकल फैक्टर आर एट प्ले। तो जैसे

[58:57] अगर आपने देखा होगा कि अगर आपके घर में

[58:59] फैसिलिटी नहीं है लेकिन आप अंदर से

[59:01] मोटिवेटेड हो तब भी आप पढ़ लोगे। ठीक है?

[59:03] जिनके पास फैसिलिटी है अगर फिर भी वो पढ़

[59:06] रहे हैं और जिनके पास नहीं है इसका मतलब

[59:08] आपका जो फिजियोलॉजिकल एक्टिविटी से कोई

[59:10] मतलब नहीं है। आपका साइकोलॉजिकल हाइली

[59:12] इंटिसिक मोटिवेशन होना चाहिए। तो ये हमारा

[59:15] फर्स्ट था। लाइट इलुमिनेशन से याद रखना

[59:17] लाइट का एक्सपेरिमेंट हुआ था। देन कम टू द

[59:20] इसमें एक सेकंड रुको। इसमें फेस ट्रू

[59:23] आएगा। एक सेकंड एक अह क्विक हो गया है। अह

[59:26] देन मैं आपको फ़ज़ टू पढ़ा रही हूं ना। देन

[59:28] फ़ज़ थ्री पे जाएंगे। फ़ज़ टू में आ गया हमारा

[59:30] रिलेट असेंबली टेस्ट रूम जो कि 1927 से

[59:33] 1928 हुआ था। ये देख रहा था कि इंपैक्ट

[59:35] क्या पड़ेगा अगर हम किसी को वर्किंग आवर्स

[59:38] चेंज करें या उनको रेस्ट वॉच दें या हम

[59:40] उनका फ्रेंडली सुपरविज़न करें तो। तो

[59:42] इन्होंने क्या किया कि छह वुमेन को एक

[59:45] सेपरेट रूम में प्लेस कर दिया। ठीक है?

[59:47] रिस्चर ने उनको कॉफी ब्रेक दिया, सॉर्ट्स

[59:50] आर दिए, फ्री लंच दिया। तो और उन्होंने

[59:53] फ्रेंडली सुपरवाइज भी किया। कोई

[59:55] अथॉरिटेटिव नहीं था। कोई प्रोड्यूटिव नहीं

[59:57] था। इससे क्या हुआ? उनकी प्रोडक्टिविटी

[59:59] राइज हो गई। ठीक है? क प्रोडक्टिविटी क्या

[01:00:02] हो गई? उनकी राइज हो गई। कंडीशन वाइज़

[01:00:04] इंप्रूव्ड और पर्सन। उससे कोई मतलब नहीं

[01:00:07] कंडीशन क्या थी? लेकिन प्रोडक्टिविटी उनकी

[01:00:09] कंसीड क्योंकि उन्होंने क्या किया? थोड़ा

[01:00:10] सा उन्होंने फ्लेक्सिबिलिटी प्रोवाइड दी।

[01:00:12] उनको फ्री कॉफ़ी ब्रेक दे दिया। उनको कॉफ़ी

[01:00:14] प्रोवाइड करा दी। इससे क्या हुआ? कंक्लूजन

[01:00:17] क्या हुआ? वूमेन को लगा कि यस वो फील्ड

[01:00:20] स्पेशल। देन वी चूज़न फॉर द एक्सपेरिमेंट

[01:00:22] कंसल्टेट अबाउट द चेंज द सेंस ऑफ़ेंस ग्रुप

[01:00:24] क्वेश्चन इंक्रीज़ द आउटपुट फिनोमना नाउन

[01:00:27] ऐज़ अ होथरोन इफ़ेक्ट तो यस जब आप ग्रुप में

[01:00:29] काम कर रहे हो जब आपने उनको आवर्स चेंज कर

[01:00:32] देखो अगर डिटेल में आपको होथरोन

[01:00:33] एक्सपेरिमेंट पढ़ना है तो आप जाके वीडियो

[01:00:35] में एडनमाओ का एक्सपेरिमेंट वीडियो पे पढ़

[01:00:37] लेना लेकिन इनका यही कहना था कि जब आप

[01:00:39] ब्रेक दे रहे हो अगर आपने 5-प मिनट का

[01:00:42] ब्रेक दे रहे हो तो उनकी प्रोडक्टिविटी

[01:00:43] थोड़ी सी कम हो रही थी लेकिन आपने 10 मिनट

[01:00:45] का ब्रेक दिया था तो उनकी प्रोडक्टिविटी

[01:00:47] बढ़ रही आपने ट्री ब्रेक दिया तो

[01:00:49] प्रोडक्टिविटी बढ़ी। जब आपने मील दिया तब

[01:00:51] भी प्रोडक्टिविटी बढ़ी। लेकिन आपने उनके

[01:00:53] टाइमिंग में फ्लेक्सिबिलिटी दी। जैसे आपने

[01:00:55] जैसे न टू फाइव है न टू फाइव है। उन्होंने

[01:00:57] बोला कि यस आप 10 टू सिक्स भी कर सकते हो

[01:00:59] तो और अच्छी प्रोडक्टिविटी बढ़ी। ठीक है?

[01:01:01] तो यस ये था हमारा रिलेशबिलिटी टेस्ट रूम।

[01:01:04] देन अब हमारा थर्ड है हमारा मास इंटरव्यू

[01:01:07] प्रोग्रामिंग जो कि आया था हमारा 1928 टू

[01:01:10] 1931। ये एंप्लई को ये इस जो इस

[01:01:13] एक्सपेरिमेंट का जो मेन ऑब्जेक्टिव था वो

[01:01:15] क्या था? अंडरस्टैंडिंग एंप्लई एटीट्यूड

[01:01:17] एंड फीलिंग। ठीक है? समझने के लिए। अब

[01:01:20] इसने क्या किया था? ओवर 21,000 देखो

[01:01:22] एग्जाम में पूछ लिया जाता है कितने लोगों

[01:01:23] पे एक्सपेरिमेंट किया? तो 21,000 एंप्लई

[01:01:26] का इंटरव्यू लिया। एंड उन्होंने डायरेक्ट

[01:01:28] क्वेश्चनिंग से स्टार्ट किया। देन

[01:01:29] धीरे-धीरे उन्होंने क्या किया? नॉन

[01:01:31] डायरेक्टिंग क्वेश्चंस में आ गए

[01:01:32] इनडायरेक्ट क्वेश्चंस पे। और धीरे-धीरे

[01:01:34] वर्कर को अलाउड किया कि यस आप बात कर सकते

[01:01:37] हो। और जो एक्सपेरिमेंट ले रहा था

[01:01:39] इंटरव्यू वो सिर्फ उनको सुन रहा था। तो

[01:01:41] उन्होंने ये रिजल्ट आया कि वर्कर डिडंट

[01:01:44] जस्ट स्टेट द फैक्ट। दे एक्सप्रेस डीप

[01:01:45] सीटेड साइकोलॉजिकल सोशल फ्रस्ट्रेशन। जैसे

[01:01:48] फॉर एग्जांपल उन्होंने कंप्लेन करी। ठीक

[01:01:51] है? तो यस यहां पे ये फैसिलिटी नहीं आई।

[01:01:53] इवन उन्होंने घर के बारे में डिस्कस किया।

[01:01:55] तो ऐसा नहीं कि वो सिर्फ फैक्ट्स पे बात

[01:01:57] कर रहे हैं। वो अपनी साइकोलॉजिकल सोशल

[01:01:59] फ्रस्ट्रेशन के बारे में भी डिस्कस कर रहे

[01:02:01] हैं। तो मेयरली गिविंग वर्कर टू चांस टू

[01:02:03] वेंट और कंप्लेन इंप्रूव देयर मोरल इट

[01:02:05] प्रूव्ड दैट वर्कर पर्सनल लाइफ। सोशल

[01:02:07] स्टेटस डीपली अफेक्टेड द फैक्ट्री वर्क।

[01:02:10] यस। ऐसा नहीं है। आप जहां काम कर रहे हो

[01:02:12] उससे भी आपकी पर्सनल आईपी अफेक्ट होती है।

[01:02:15] देन आपका आया फज़ फोर बैंक वायरिंग

[01:02:18] ऑब्जरवेशन रूम। और देखो ये एकदम अलग ही

[01:02:21] आया था। ये जो आया था वो आपका 1931 टू

[01:02:24] 1932 आया था। इन्होंने बोला कि कैसे हमारा

[01:02:26] फाइनेंसियल इंसेंटिव अगर हम किसी ग्रुप को

[01:02:29] बिहेवियर को चेंज करते हैं। तो इन्होंने

[01:02:31] क्या किया? एक मेथड लिया जिसमें आपने चार

[01:02:34] जो 14 मेंस को रखा बैंक वायरिंग में। ठीक

[01:02:37] है? ग्रुप इंसेंटिव प्लान था कि अगर आप

[01:02:39] ज्यादा काम करोगे तो आपको ज्यादा पैसा

[01:02:41] मिलेगा। ठीक है? इसके रिजल्ट में क्या हुआ

[01:02:43] कि आउटपुट डिड नॉट इंक्रीस। द वर्कर

[01:02:46] डेलीबेटरी रिस्ट्रिक्टेड देयर प्रोडक्शन

[01:02:48] टू लेवल देयर म्यूचुअली एग्रीड अपॉन

[01:02:50] इग्नोरिंग द मैनेजमेंट फाइनेंसियल

[01:02:52] इंसेंटिव। देखो उन्होंने ये बोला ना कि

[01:02:54] आपको अगर आप काम करोगे तो आपको इंसेंटिव

[01:02:57] मिलेगा। तो उन्होंने क्या किया? वो काम

[01:02:58] आउटपुट को अपना बढ़ाया नहीं। उन्होंने

[01:03:01] जानबूझ के अपने प्रोडक्शन को डाउन कर दिया

[01:03:03] क्योंकि उन्हें पता है कि अगर आज वो एग्री

[01:03:05] हो गए तो नेक्स्ट टाइम वो उसका टारगेट

[01:03:07] ज्यादा बढ़ा देंगे। तो उन्होंने

[01:03:08] फाइनेंसियल जो इंसेंटिव भी मिला था सोचो

[01:03:10] उसको भी इग्नोर कर दिया जस्ट बिकॉज़ अपने

[01:03:13] ग्रुपिंग में रहने के लिए। तो यस इनफॉर्मल

[01:03:15] सोशल ग्रुप विल इमस पावर दे क्रिएट अ ओन

[01:03:18] नॉर्म्स प्रोटेक्ट ग्रुप मेंबर फ्रॉम

[01:03:20] मैनेजमेंट प्रेशर टू जॉब। क्योंकि अगर

[01:03:22] उसने बोला कि अगर मैंने ज्यादा काम किया।

[01:03:25] ठीक है? तो मुझे तो इंसेंटिव मिल जाएगा।

[01:03:27] लेकिन जो मेरा दूसरा कलीग है उस उसको कहीं

[01:03:29] ना कहीं ये लोग फायर कर देंगे या इसका

[01:03:32] वेजेस डिडक्ट हो जाएगा। तो कहीं ना कहीं

[01:03:34] आप पैसे से बढ़कर हमारी कह सकते हैं ना

[01:03:36] फ्रेंड हो गए। हमारा ग्रुप हो गया। देखो

[01:03:40] इसका स्क्रीनशॉट ले लेना। ठीक है? फज़ वन

[01:03:43] में इलुमिनेशन एक्सपेरिमेंट था। लाइटिंग

[01:03:45] ऑन वर्कर प्रोडक्टिविटी। तो आपने देखा कि

[01:03:47] इंक्रीज हो रही है। लाइटिंग चेंज हो या ना

[01:03:50] हो आपकी प्रोडक्टिविटी इंक्रीज़ हो रही है।

[01:03:52] इसका मतलब साइकोलॉजी का फैक्टर मैटर मोर

[01:03:54] देन द फिजिकल कंडीशन। देन फज़ टू में रिले

[01:03:57] असेंबली आया। आपने रेस्ट फॉर्च दिया,

[01:03:59] शॉर्टर आर्च दिए, फ्रेंडली सुपरविज़न दिया।

[01:04:01] तो आपकी कहीं ना कहीं प्रोडक्टिविटी बढ़ी

[01:04:03] है। क्योंकि आपने उनको अटेंशन दिया है।

[01:04:05] ठीक है? यहीं से होथोन इफ़ेक्ट आया। देन फ़ज़

[01:04:08] थ्री में मास इंटरव्यू प्रोग्रामिंग आपने

[01:04:10] उनको एंप्लई के एटीट्यूड को समझा, फीलिंग

[01:04:12] को समझ रहे हो, ग्रिवेंस को देख रहे हो,

[01:04:14] तो उन्होंने जब आप उनको अच्छी तरीके से

[01:04:16] सुन रहे हो, तो उन्होंने देखा कि यस

[01:04:17] इमोशनल वेंटिंग इंप्रूव मोरल। जब आप किसी

[01:04:20] को सुनते हो ना, तो बेचारे का फ्रस्ट्रेशन

[01:04:22] थोड़ा कम हो जाता है। देन फज़ फोर, पेंक

[01:04:24] वायरिंग आया। इफेक्ट ऑफ फाइनेंसियल पीस

[01:04:26] रेट इंसेंटिव ऑन ग्रुप बिहेवियर। जैसे एक

[01:04:29] ग्रुप में काम कर रहे हैं। अगर मैं उस

[01:04:30] ग्रुप में पीस रेट के सिस्टम पे काम करूं।

[01:04:33] सपोज मैंने टारगेट दे दिया कि अगर आप एक

[01:04:35] एक दिन में 10 यूनिट प्रोड्यूस करनी है तो

[01:04:37] जो अच्छा भी कर रहा है ना वो भी नहीं

[01:04:39] करेगा। क्योंकि उसको पता है उसका जो साइड

[01:04:41] वाला है वो इतना काम नहीं कर पाएगा। तो

[01:04:44] उसको कहीं ना कहीं पेनल्टी फेस करनी

[01:04:45] पड़ेगी। ठीक है? तो इनफॉर्मल ग्रुप सोशल

[01:04:48] नॉर्म्स ज्यादा स्ट्रांगर देन अ मनी।

[01:04:52] अब देखो ये चीज़ पढ़ लेना। स्क्रीनशॉट ले लो

[01:04:55] पहले तो इसका

[01:04:59] देखो क्या है हमारा हाई ईल्ड वोकैबलरी है

[01:05:01] यह पूछा जाता है बैंक वायरिंग से पहला है

[01:05:03] इनफॉर्मल ऑर्गेनाइजेशन सबको पता है

[01:05:05] इनफॉर्मल ऑर्गेनाइजेशन क्या होती है

[01:05:06] स्पॉनटेनियस अनप्लान सोशल नेटवर्क दे दैट

[01:05:09] नेचुरली फ्रॉम द अमोंग वर्कर जब वर्कर एक

[01:05:11] साथ काम करते हैं तो धीरे-धीरे हम क्या

[01:05:13] करते हैं इनफॉर्मल बन जाते हैं जैसे अभी

[01:05:15] आप इतने सारे ग्रुप में बात कर रहे हैं या

[01:05:17] ग्रुप है तो कहीं ना कहीं कुछ टाइम पे

[01:05:19] देखना इनमें से भी इनफॉर्मल ग्रुप बन

[01:05:21] जाएगा कि पेपर में क्या आया है कैसे करना

[01:05:23] है एक हो ही जाता है दैट रेट बस्टर क्या

[01:05:25] होता है?

[01:05:27] रेट बस्टर होता है ए वर्कर हु प्रोड्यूस

[01:05:29] टू मच जब एक वर्कर एक ग्रुप में एक वर्कर

[01:05:33] बहुत ज्यादा प्रोड्यूस कर रहा है क्योंकि

[01:05:34] कहीं ना कहीं वो क्या कर रहा है? ग्रुप

[01:05:36] नॉर्म्स को वलिट कर रहा है और मैनेजमेंट

[01:05:38] को खुश रखना है। आप अपनी ऑर्गेनाइजेशन में

[01:05:40] देखिएगा एक दो जो कलीग होंगे वो बहुत काम

[01:05:42] करते हैं क्योंकि उनको क्या करना है?

[01:05:44] मैनेजमेंट को इंप्रेस करना है। और ग्रुप

[01:05:46] के भी जो टारगेट है ना उससे भी क्रॉस चले

[01:05:48] जाते हैं। कौन-कौन सी ऑर्गेनाइज़ेशन में

[01:05:50] आपके साथ कोई रेट बस्टर है या नहीं है

[01:05:52] मुझे बताना। देन चीस्टर होता है। चीस्टर

[01:05:55] क्या होता है? जो वर्कर हु प्रोड्यूस टू

[01:05:56] लिटल। ठीक है? तो वो क्या करते हैं? कुछ

[01:05:59] लोग होते हैं बहुत कम काम करते हैं। ये भी

[01:06:02] मुझे बताना है। इनमें से कौन सी कैटेगरी

[01:06:03] की आपकी ऑर्गेनाइजेशन में है? फोर्सिंग द

[01:06:05] रेस्ट ऑफ़ द ग्रुप टू कैरी देयर वेट। तो अब

[01:06:07] वो क्या कर रहे हैं? कहीं ना कहीं उनका

[01:06:09] काम दूसरे ग्रुप मेंबर को करना पड़ रहा

[01:06:10] है। देन स्कूलर स्कूलर क्या होते हैं? ए

[01:06:13] वर्कर हु रिपोर्ट ग्रुप सीक्रेट टू रूल

[01:06:15] ब्रेकिंग टू द सुपरवाइजर। जो अपने ग्रुप

[01:06:17] की बात है। अपने सुपरवाइजर को बता देते

[01:06:19] हैं वो हमारे हो गए स्कूलर। देन बिंगिंग

[01:06:22] कौन हो गए? फिजिकल गेम।

[01:06:25] फिजिकल गेम है। फिटिंग ईच अदर ऑन द अपर

[01:06:28] आर्म यूज्ड बाय वर्कर टू पनिश दोज़ हु

[01:06:30] ब्रोक ग्रुप नो। तो अब हम बिंगिंग में

[01:06:32] क्या कर दिया? कि अगर कोई भी वर्कर उसको

[01:06:34] पनिश देगा जो हमारे ग्रुप नॉर्म्स को

[01:06:37] तोड़ेगा। जैसे लाइक लाइक लाइक अ रेट वस्टर।

[01:06:40] तो आप क्या करें? एक फिजिकल हिट हिटिंग ईच

[01:06:42] अदर अपर आर्म्स। मतलब आप अपर आर्म्स पे

[01:06:44] हिट करोगे। अगर आपने ग्रुप नॉर्म्स को

[01:06:46] ब्रेक किया। तो अब मुझे बताओ कि आपकी

[01:06:48] ऑर्गेनाइजेशन में कौन सी कोई ऐसी कैटेगरी

[01:06:51] के लोग हैं इनमें से कौन से हैं?

[01:06:55] स्क्वेलर ओके

[01:06:59] स्क्वेलर तो हर जगह हैं। ठीक है? हर जगह

[01:07:02] हैं। आप आपकी आप क्लास में भी पढ़ते होंगे

[01:07:04] ना तो एक बच्चा तो ऐसा होता होगा जो आपकी

[01:07:06] सारी बातें टीचर्स को बोलता होगा। मुझे

[01:07:08] ऐसा लगता है कि हर स्कलर तो हर जगह है। आप

[01:07:11] पढ़ते होंगे देखे होंगे आपने तो कोई ना

[01:07:13] कोई टीचर्स को सारी बातें पता चल जाती

[01:07:14] हैं। ठीक है? अब हम आते हैं। अब हमारा

[01:07:17] ह्यूमन वाला कंप्लीट हो गया। अब बिहेवियर

[01:07:19] साइंस अप्रोचेस पे आते हैं। ठीक है? ये भी

[01:07:21] न्यू क्लासिकल का एग्जांपल है। देखो

[01:07:24] व्हाइल द ह्यूमन रिलेशन मूवमेंट फोकस्ड ऑन

[01:07:26] द ग्रुप। अब हमने ह्यूमन रिलेशन जो

[01:07:28] मूवमेंट था वो किस पे फोकस कर रहा था?

[01:07:30] ग्रुप पे। अब वेरियस जो साइंस अप्रोच है

[01:07:33] वो एक इसको और ज्यादा साइंटिफिक रूट की

[01:07:35] तरफ लेके गया। जैसे साइकोलॉजी हो गया,

[01:07:37] सोशलॉजी हो गया, एंथ्रोपोलॉजी हो गया।

[01:07:39] उसको एनालिसिस किया। मोटिवेशन, लीडरशिप,

[01:07:41] ग्रुप, डायनामिक। ये सारा बिहेवियस साइंस

[01:07:43] अप्रोच में आएगा। मैं आपको अभी भी बता रही

[01:07:45] हूं। अगर आपको कोई पर्टिकुलर टॉपिक स्टडी

[01:07:47] करनी है तो प्लीज वीडियो में जाओ और डिटेल

[01:07:50] में देखो। मेरी सारी वीडियो करा रखी है।

[01:07:52] वो भी में मिल जाएगा सिलेबस में। वहां

[01:07:54] जाके आप डिटेल में कर लेना। ठीक है? रेड

[01:07:58] बस्टर। ठीक है? हर जगह मिलेंगे आपको। देखो

[01:08:04] ठीक है?

[01:08:06] होता है ना हर हर कॉलेज या यूनिवर्सिटी

[01:08:08] में एक बच्चा ऐसा होता है कि सारी बातें

[01:08:10] टीचर्स को बताएं। एचआर वर्क एज स्क्वेरल

[01:08:13] यस

[01:08:16] ठीक है देखो अब आते हैं हम अब्राहम की तरफ

[01:08:20] यार आप मुझे बताओ आपको थोड़ा सा ब्रेक

[01:08:22] चाहिए

[01:08:25] ठीक है आप ना अभी 2 मिनट का ब्रेक लो मैं

[01:08:27] अभी आती हूं ओके आप थोड़ा सा रेस्ट करो

[01:08:30] अभी क्योंकि मैं मुझे अभी एक घंटा हो गया

[01:08:32] कंटीन्यूअस बोलते बोलते मेरी आवाज भी

[01:08:34] राउंड हो गई

[01:09:56] हम ठीक है। चलो स्टार्ट करते हैं। आपको

[01:10:00] नहीं पता मैं एक आज मैंने यूनिट नाइन का

[01:10:02] भी पीवाईक्यू रिकॉर्ड सेशन किया है 120

[01:10:05] क्वेश्चंस का। देन मैंने ये बनाया भी है

[01:10:08] क्योंकि मुझे समझ में नहीं आ रहा था मैं

[01:10:09] आपको कैसे पढ़ाऊं कैसे कितना इजी वे में

[01:10:11] करके लाऊं। ठीक है? हां। अब एडमिट कार्ड आ

[01:10:15] गया होगा तो आप चेक कर लेना। ओके? मुझे भी

[01:10:17] बता देना किसी का कहां सेंटर है। और मुझे

[01:10:21] फीडबैक जरूर देना। ठीक है? क्योंकि पेपर

[01:10:23] टू का जैसे ही आपका पेपर हो जाएगा तो ये

[01:10:24] क्लास तो आपकी एंड हो जाएगी। ठीक है? तो

[01:10:26] मुझे बताना जरूर कि आप लोग का एग्जाम कैसे

[01:10:28] हुआ।

[01:10:31] 15 को आएगी। चलो हो गया अब डिस्कशन।

[01:10:37] इंटिमेशन आया है और वो तो बहुत दिन का आ

[01:10:40] गया।

[01:10:43] अब हम आ जाते हैं। आ जाओ बैक टू वर्क आओ।

[01:10:46] ऐसा लग रहा है मुझे पनिशमेंट मिला हुआ है

[01:10:49] पढ़ाने का। ठीक है? चलो

[01:10:53] आ जाओ। अब्राहम मेस््रो अगर आपको इनका

[01:10:55] डिटेल वीडियो देखना है तो आप जाके देख

[01:10:57] लेना। मैं अभी यहां पे शॉर्ट पढ़ाऊंगी

[01:10:59] आपको। अब्राहम मेस््रो ने कौन सी दी थी?

[01:11:01] नीड हैरार्की थ्योरी दी थी। उन्होंने बोला

[01:11:03] था कि कोई भी नीड है ना एक स्टेप्स में

[01:11:05] चलती है। एक पिरामिड है फाइव स्टेप का।

[01:11:07] जैसे फर्स्ट है हमारा फिजियोलॉजिकल। जब तक

[01:11:09] आपकी हंगर जो नीड है अगर वो कंप्लीट नहीं

[01:11:13] होगी जब तक आप कहां नहीं जा सकते हो?

[01:11:14] सेफ्टी नीड पे नहीं जाना सकते हो। दूसरी

[01:11:16] है आपकी सेफ्टी नीड। देन आपकी कौन सी है?

[01:11:18] सोशल देन आपका है स्ट्रीम। देन आपका है

[01:11:21] सेल्फ एक्चुअलाइजेशन। ठीक है? तो ये नीड

[01:11:23] है। और ये नीड हमेशा कैसे चलती है?

[01:11:25] अपवर्ड। पहले आपको लोएस्ट लेवल नीड कभी वो

[01:11:27] पूछ लेगा। तो फिजियोलॉजिकल होती है।

[01:11:29] हाईएस्ट लेवल नीड क्या होती है? सेल्फ

[01:11:32] एक्चुअलाइजेशन

[01:11:35] मेहनत करी है। अब मुझे समझ में नहीं आ

[01:11:37] रहा। मुझे खुद नहीं पता चला मैं इतना

[01:11:38] क्यों कर रही हूं। मतलब मुझे ये नहीं पता

[01:11:40] मुझे मोटिवेशन कहां से आ रहा है कि मैं

[01:11:42] इतना कर क्यों रही हूं। वो भी आपको पता है

[01:11:44] मेरा पूरा जो मेरा पूरा हार्मोनल

[01:11:46] डिसबैलेंस हो चुका है। पर मुझे ये समझ में

[01:11:48] नहीं आ रहा कि इसको एग्जीक्यूट कैसे करना

[01:11:50] है। चलो ठीक है। अगर आप लोगों का एग्जाम

[01:11:52] निकल जाएगा तो यही मेरे लिए सपोर्ट है।

[01:11:55] बच्चे ठीक है।

[01:11:57] ओके थैंक यू सो मच। अब आ जाओ बैक टू बर्क

[01:12:00] आओ क्योंकि अभी एक घंटा हो गया अभी हमारे

[01:12:02] पास बहुत ज्यादा पड़ा हुआ है जल्दी आओ हो

[01:12:05] गया बस इतना ही बहुत है अब्राहम आस्लो ने

[01:12:09] हमारी फाइव लेवल नीड दी थी सब बच्चों को

[01:12:11] पता है सबसे लोएस्ट याद रखना कि सेल्फ

[01:12:14] एक्चुअराइजेशन हाईएस्ट होती है

[01:12:15] फिजियोलॉजिकल लोएस्ट होती है देन डॉगलेस

[01:12:17] मेगरगगर ने कौन सी थ्योरी दी थी थ्योरी

[01:12:20] एक्स थ्योरी व थ्योरी एक्स क्या कहती है

[01:12:22] अज्यूम वर्कर आर लेजी एंड डिस्ट्रिक्ट

[01:12:24] कंट्रोल थ्रेट्स देन है ना थ्योरी व क्या

[01:12:27] है अज्यूम वर्कर आर सेल्फ सेल्फ

[01:12:28] मोटिवेटेड। याद रखना हम सब लोग कौन से

[01:12:30] हैं? थ्योरी बाय हैं। हम सेल्फ मोटिवेटेड

[01:12:33] हैं। हमें किसी का ऑर्डर की किसी के उसकी

[01:12:35] जरूरत नहीं है। हमें हमें ऑटोनोमी चाहिए।

[01:12:38] अपने हिसाब से अपना मटेरियल डिजाइन करना

[01:12:40] है। देन वो हो गए थ्योरी बाय। थ्योरी एक्स

[01:12:42] कौन होते हैं? जो लेडी लेडीज़ होते हैं जो

[01:12:44] हमेशा डिले करते हैं। अरे आज नहीं पढ़ रहे

[01:12:45] हैं। हम यूनिट नेक्स्ट डे से स्टार्ट

[01:12:47] करेंगे। अरे अभी तो 10 दिन है बहुत है। हम

[01:12:49] 5 दिन पहले स्टार्ट करेंगे। तो ये थ्योरी

[01:12:52] X कहते हैं ना जो X से याद रखना हमेशा

[01:12:54] नेगेटिव। बाई हमेशा पॉजिटिव है। इसके बाद

[01:12:57] भी याद रखना थ्योरी Z आई है जो उसमें

[01:13:01] दोनों का है कमिटमेंट के बेसिस पे। ठीक

[01:13:03] है? तो थ्योरी Z भी आई है जो जापान से आई

[01:13:05] हुई है उसको याद रखना। ऊची ने उसे

[01:13:07] डिटरमाइन किया है। देन फील्ड वर्क

[01:13:08] हरिजवर्क थ्योरी जो कि टू फैक्टर थ्योरी

[01:13:10] है जिसमें बताया कि दो फैक्टर होते हैं।

[01:13:12] एक हजीन फैक्टर होता है, एक मोटिवेशन

[01:13:14] फैक्टर होता है। हजीन फैक्टर क्या होता

[01:13:16] है? कि प्रिवेंट डिसटिस्फैक्शन। पर आपको

[01:13:20] मोटिवेशन नहीं कहता। फॉर एग्जांपल मैं ऐसे

[01:13:22] बताती हूं आपको कि एक रूम है। ठीक है?

[01:13:24] आपको सारी फैसिलिटी दे दी तो वो कौन सी हो

[01:13:27] गई? हाइजीन फैक्टर हो गए। ऐसे एक कंपनी है

[01:13:29] जिसमें सारी फैसिलिटी है। फर्नीचर प्रॉपर

[01:13:31] है। तो उसका मतलब हजीन फैक्टर है उसका। तो

[01:13:34] हजीन फैक्टर क्या करता है? आपको

[01:13:35] डिसटिस्फेक्शन से बचाता है। लेकिन कभी

[01:13:38] आपको मोटिवेशन नहीं देता। मोटिवेशन हमेशा

[01:13:40] कहां से आता है? रिकॉग्निशन से, ग्रोथ से,

[01:13:42] अचीवमेंट से। मेरे पास कोई फैसिलिटी नहीं

[01:13:44] है। बच्चे कह रहे हैं कोई बच्चे कह रहे

[01:13:46] हैं कि मैम आपका ना टेक्स्ट बंद हो जाता

[01:13:49] है। भाई एक बात बताओ मैं बोर्ड मैं तो

[01:13:50] बोर्ड यहीं से लूंगी ना। अब मैं इसके लिए

[01:13:52] मैं इतना कर सकती हूं कि बिना कॉस्ट कम से

[01:13:55] कम कॉस्ट मैं आपको पढ़ा सकती हूं। लेकिन

[01:13:56] आपका बोर्ड आपका जो प्रोजेक्ट बोर्ड है जो

[01:13:58] स्मार्ट बोर्ड है उसे पढ़ाने के लिए तो

[01:14:00] मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं है। मैं कहां से

[01:14:02] स्मार्ट बोर्ड खरीदूं। ठीक है? तो जितना

[01:14:04] हमारे पास है मोटिवेशन है सिर्फ ये मेरा

[01:14:07] कि मैं आपको पढ़ा रही हूं। ठीक है? लेकिन

[01:14:09] हजीन फैक्टर हो गया कि सारी फैसिलिटी होती

[01:14:12] है। मेरे पास स्मार्ट बोर्ड भी होता। मेरे

[01:14:13] पास सारी टेक्निकल अवेलेबिलिटी होती और तब

[01:14:16] भी जरूरी नहीं है मैं मोटिवेट होती आपका

[01:14:17] इतना अच्छा पढ़ाने के लिए। तो याद रखिएगा

[01:14:20] हजीन। इसमें दो टर्म आते हैं। एक

[01:14:21] सेटिस्फैक्शन और एक आता है आपका

[01:14:23] डिसटिस्फैक्शन। डिसटिस्फैक्शन अगर अगर

[01:14:26] हजीन फैक्टर आपके पास होंगे तो इसका मतलब

[01:14:28] आपको डिसटिस्फैक्शन नहीं होगा। मोटिवेशन

[01:14:31] फैक्टर अगर आपके पास नहीं होंगे तो आपको

[01:14:33] सेटिस्फैक्शन नहीं होगा। प्लीज ये दो

[01:14:35] टर्मोलॉजी को अच्छे से पढ़ लेना। मतलब तो

[01:14:37] सबका सेम है। लेकिन डिसटिस्फैक्शन हमारा

[01:14:40] हजीन फैक्टर से और मोटिवेशन फैक्टर से

[01:14:43] सैटिस्फैक्शन है। ठीक है? और हमारे हाइजीन

[01:14:45] में क्या आता है? सैलरी, जॉब सिक्योरिटी

[01:14:47] एंड मोटिवेशन में आता है रिकॉग्निशन,

[01:14:49] ग्रोथ अचीवमेंट। देन क्रिस साइग्रिस जो

[01:14:51] इसने दिया था इमैच्योरिटी।

[01:14:56] ठीक है? अब हमारा आता है इमैच्योरिटी एंड

[01:14:58] मैच्योरिटी थ्योरी। अब देखो इमैच्योरिटी

[01:15:00] और मैच्योरिटी थ्योरी में क्या है कि

[01:15:02] हेल्थी ऑर्गेनाइजेशन हमेशा हमें क्या करना

[01:15:04] है? हेल्थी ऑर्गेनाइजेशन कौन होती है? जो

[01:15:06] आपको हेल्प करें एंप्लई को डेवलप करने

[01:15:08] में। जो जैसे एक होता है ना जैसे

[01:15:10] इनफ्लुएंसी होता है। एक बच्चा होता है जो

[01:15:11] डिपेंडेंट होता है। ठीक है? उससे एडल्टहुड

[01:15:14] बनाने में। ऐसे ऑर्गेनाइज़ेशन में जो हमारे

[01:15:16] वर्कर होते हैं तो स्टार्टिंग में क्या

[01:15:17] होता है? वो डिपेंडेंट्स होते हैं। उनको

[01:15:19] इतनी अच्छी तरीके से हमें उनको एक्सप्लेन

[01:15:22] करना चाहिए जिससे कि वो कहां हो? एडल्टहुड

[01:15:24] में मतलब इंडिपेंडेंस हो जाए।

[01:15:25] इंडिपेंडेंटली हो। तो मैच्योरिटी टू

[01:15:28] इमच्योरिटी टू मैच्योरिटी होना चाहिए। देन

[01:15:30] रेंसिस क्लिककर ने फोर सिस्टम दिए थे

[01:15:32] हमारे। उन्होंने चार लीडरशिप स्टाइल थी।

[01:15:34] एक्सप्लइटेटिव जो कि आपकी प्योर

[01:15:36] अथॉरिटेटिव में जो पूरा एक ही लीडर होगा

[01:15:39] उसकी बात आपको माननी पड़ेगी। देन

[01:15:41] बेनोवलेंट अथॉरिटेटिव होगा। ठीक है? देन

[01:15:45] वो क्या हो गया आपका कि उसके बेसिस पे

[01:15:47] मतलब अथॉरिटी तो आपकी है लेकिन कहीं ना

[01:15:49] कहीं आप उनका सुन रहे हो। देन कंसल्टेटिव

[01:15:52] हो गया कि आपने उनसे परमिशन ले ली। ठीक

[01:15:54] है? देन अब पार्टिसिपेटिव हो गया कि आपने

[01:15:57] उसको पार्टिसिपेट कर दिया डिसीजन मेकिंग

[01:16:00] में। तो अथॉरिटेटिव में क्या होगा कि फियर

[01:16:02] की वजह से लोग उसे फॉलो करें। जैसे लीडर

[01:16:04] होता है ना ऑटोक्रेटिक वो हो गया

[01:16:06] अथॉरिटेटिव। बेनोबलेंट में क्या होगा? बस

[01:16:08] आप ये बता सकते हो कि यस अ मेरा तबीयत

[01:16:11] खराब है या कुछ मतलब अपनी जेन्युइन चीज़ कह

[01:16:13] सकते हो। कंसल्टेटिव में आपने उनसे कंसल्ट

[01:16:15] किया लेकिन फाइनल डिसीजन हमारा लीडर का ही

[01:16:18] होगा। देन पार्टिसिपेटिव में दोनों ने

[01:16:20] मिलके काम किया। ठीक है? अब हमारा

[01:16:22] क्लासिकल न्यू क्लासिकल कंप्लीट हो गया।

[01:16:24] देन आपका प्राइमरी फोकस करूं तो हमारा जो

[01:16:27] क्लासिकल अप्रोच है वो किसके बेसिस पे है?

[01:16:28] वो हमारा रूल और टास्क एफिशिएंसी के बेसिस

[01:16:31] पे है। और न्यू क्लासिकल हमारा ह्यूमन

[01:16:33] रिलेशन मोटिवेशन मोरल के बेसिस पे। वर्कर

[01:16:36] यहां पे इकोनॉमिक मैन की तरह देखा गया।

[01:16:38] मोटिवेटेड बाय मनी यहां पे सोशल मैन की

[01:16:40] तरह देखा गया। ऑर्गेनाइजेशन ये हमेशा

[01:16:42] फॉर्मर ऑर्गेनाइजेशन के लिए स्ट्रिक्ट

[01:16:43] हरारकी थी। देन इनफॉर्मल ऑर्गेनाइजेशन के

[01:16:46] लिए सोशल डायनेमिक है। देन कम्युनिकेशन

[01:16:48] में टॉप डाउन है। हमेशा याद रखना ऐसे आता

[01:16:50] है और न्यू क्लासिकल में टू वे है। फीडबैक

[01:16:52] भी अगर मैं आपसे पूछूं कि क्या है? तो मैं

[01:16:54] अगर आपका फीडबैक भी अप्रिशिएट कर रही हूं।

[01:16:57] ठीक है? डिसिप्लिन में उसमें स्ट्रिक्ट

[01:16:59] एक्सटर्नल ड्राइवर बाय सुपरवाइजर है और

[01:17:01] यहां पे सेल्फ डिसिप्लिन है। जैसे आप सारे

[01:17:03] लोग सेल्फ डिसिप्लिन हो। ठीक है?

[01:17:06] अब हम आते हैं मॉडर्न फ़ज़ पे। ठीक है? अब

[01:17:09] मॉडर्न फ़ज़ में हम तीन आते हैं हमारा

[01:17:11] क्वांटिटेटिव सिस्टमैटिक अप्रोच एंड

[01:17:14] कंटिंजेंसी अप्रोच। देखो जो क्वांटिटेटिव

[01:17:16] मैनेजमेंट्स जो आया था वो हमारा पोस्ट

[01:17:18] बर्ड वायर सेकंड मिलिट्री टर्म्स में आया

[01:17:19] था। वहां पे हमने मेन स्टैटिक्स कंप्यूटर

[01:17:22] मॉडल को यूज़ करे थे कॉम्प्लेक्स मैनेजर

[01:17:24] प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए। जो सिस्टम

[01:17:25] अप्रोच आया था वो चेस्टर बर्न ए केनेट

[01:17:28] बोर्डन ने दिया था। ये ऑर्गेनाइजेशन एक

[01:17:30] सिंगल है। उन्होंने बोला कि जैसे ह्यूमन

[01:17:31] बॉडी एक सिस्टम है ना एक सिस्टम है। ठीक

[01:17:33] है? जैसे आप अगर एक भी बॉडी का ऑर्गन अगर

[01:17:36] खराब हो जाता है तो वो अच्छे से काम नहीं

[01:17:37] करती है। जैसे उन्होंने बोला ऑर्गेनाइजेशन

[01:17:39] है। ये सारी चीजें एक इंटरकनेक्टेड है।

[01:17:41] देन कंटिंजेंसी में आपने बोला कि डिपेंड

[01:17:44] ऑन द सिचुएशन। कोई भी यूनिवर्सल बेस्ट वे

[01:17:47] नहीं है मैनेज करने का। ये सिचुएशन के

[01:17:49] बेसिस पे चेंज हो जाता है। देन सिस्टम

[01:17:51] अप्रोच को अब हम थोड़ा सा डिटेल में

[01:17:52] पढ़ेंगे कि देखो सिस्टम अप्रोच क्या होता

[01:17:55] है? ये ऑर्गेनाइजेशन जस्ट लाइक अ ह्यूमन

[01:17:56] बॉडी है। हार्ट, लंग, ब्रेन, बस्ट वर्क

[01:17:58] टुगेदर फॉर बॉडी टू सर्वाइव। ऐसे हमारे

[01:18:01] ऑर्गेनाइजेशन में फाइनेंस एचआर

[01:18:02] डिपार्टमेंट है। एक साथ काम करते हैं जिसे

[01:18:05] सर्वाइव करने के लिए। मैं एक एग्जांपल

[01:18:07] देती हूं आपका कार का। अगर कार में इतने

[01:18:09] सारे पार्ट हैं। सब सिस्टम है। ठीक? तो

[01:18:11] कार एक पूरा एक होल सिस्टम है। अगर कार का

[01:18:13] एक पहिया भी निकाल दोगे ना तो वो काम नहीं

[01:18:15] करेगा। ऐसी हमारी ऑर्गेनाइजेशन है। तो

[01:18:17] देखो ओपन सिस्टम क्या होता है?

[01:18:20] क्योंकि ऑर्गेनाइजेशन ओपन सिस्टम क्यों?

[01:18:22] क्योंकि इंटैक्ट करती है एक्सटर्नल

[01:18:24] एनवायरमेंट से। क्योंकि हम रॉ मटेरियल

[01:18:25] बाहर से लेते हैं। फिनिशिंग गुड्स देते

[01:18:27] हैं। देन गवर्नमेंट पॉलिसी को फॉलो करते

[01:18:30] हैं। दैट्स व्हाई इज़ कॉल्ड द ओपन सिस्टम।

[01:18:32] इनपुट प्रोसेस आउटपुट क्यों है? क्योंकि

[01:18:34] सिस्टम टेक इनपुट। क्योंकि कहीं ना कहीं

[01:18:36] मनी मेन मटेरियल इनपुट ले रही है। देन

[01:18:38] प्रोसेस कर रही है। देन उसको क्या कर रही

[01:18:40] है? मैन्युफैक्चरिंग करके प्रोड्यूस कर

[01:18:41] रही है आउटपुट में। ठीक है? तो दैट्स

[01:18:43] व्हाई इज़ कॉल्ड द इनपुट वर्सेस आउटपुट।

[01:18:46] देन एग्जाम वोकैबलरी में अगर आपको पूछा

[01:18:48] जाए सब सिस्टम क्या होता है? याद रखिएगा

[01:18:50] जो वोल सिस्टम को छोटे-छोटे पार्ट्स जैसे

[01:18:52] एक गाड़ी है ना उसका पहिया हो गया। उसका

[01:18:54] एक्सलरेटर हो गया, उसकी सीड्स हो गई, सब

[01:18:56] चीज़ों से मिलती है। उसे हम सब सिस्टम

[01:18:58] बोलते हैं। जैसे अगर मैं बात दूं

[01:19:00] मार्केटिंग डिपार्टमेंट भी सब सिस्टम है।

[01:19:02] कंपनी कंपनी एक होल है। उसका एचआर,

[01:19:04] मार्केटिंग, फाइनेंस ये सब सब सिस्टम है।

[01:19:06] सिनर्जी क्या होती है? सिनर्जी होती है।

[01:19:08] होल इज़ ग्रेटर दैन द सम ऑफ़ इट्स पार्ट। 2

[01:19:10] + 2 = 5 जब डिपार्टमेंट सब मिलके काम करते

[01:19:14] हैं, तो अच्छी प्रोडक्टिविटी देते हैं।

[01:19:16] रेदर दैन द इंडिविजुअली। जब आप टीम में

[01:19:18] ग्रुप स्टडी करते हो, तो आपने देखा होगा

[01:19:20] आप एक ही जैसे अभी आप पढ़ रहे हो तो ठीक

[01:19:22] है? आप कंटीन्यूअस पढ़ सकते हो। लेकिन अगर

[01:19:23] आप इंडिविजुअल पढ़ने बैठोगे ना मुझे मैं

[01:19:25] गारंटी दे रही हूं विद इन 30 मिनट्स विद

[01:19:27] इन वन आवर्स आप मोबाइल स्क्रॉल करने लग

[01:19:29] जाओगे इंस्टा देखने लग जाओगे Facebook

[01:19:31] देखने लग जाओगे देन आपको पता ही नहीं

[01:19:32] चलेगा आपका 20 मिनट्स कब वेस्ट हो गया ठीक

[01:19:35] है तो ये क्या होता है जब आप एक साथ ग्रुप

[01:19:37] स्टडी करते हो तो हमारी सिनर्जी क्रिएट

[01:19:38] होती है एंट्रॉपी ये पूछ लिया जाता है

[01:19:40] एंट्रॉपी क्या होता है नेचुरल टेंडेंसी ऑफ़

[01:19:42] प्रो सिस्टम होता है डिक और डाई आउट द

[01:19:45] ओवरटाइम ओपन सिस्टम प्रिवेंट करता है

[01:19:47] एंट्रॉपी बाय ब्रिंगिंग इन अ फ्रेश एनर्जी

[01:19:50] फ्रॉम द आउटसाइड तो यस एंट्रॉपी क्या हो

[01:19:53] है एक क्लोज्ड सिस्टम है। ठीक है?

[01:19:57] डिक्योर्ड आई मतलब ओवरटाइ के बाद ये होता

[01:19:59] है। और ओपन सिस्टम हमेशा एंट्रॉपी को

[01:20:01] प्रिवेंट करता है। क्योंकि देखो ये क्या

[01:20:03] करता है? कहीं ना कहीं फ्रेश एनर्जी

[01:20:04] आइडिया फ्रॉम द आउटसाइड से आते हैं। ठीक

[01:20:06] है? अब देखो मैं इसके लिए सेस्टर के लिए

[01:20:10] थोड़ा सा ये लेके आई हूं कि जो सिस्टम

[01:20:12] अप्रोच था वो किस-किस ने दिया था? तो

[01:20:14] कभी-कभी पूछ लिया जाता है कि यस लु ये

[01:20:17] देखो ये एग्जाम में आया हुआ था इसलिए

[01:20:18] मैंने इसको कंसीडर किया। जो लुडविंग

[01:20:21] बॉर्डन मुझे तो इसका नाम भी नहीं आ रहा।

[01:20:23] बर्टलिन फी है उन्होंने क्या बोला? नोन एज

[01:20:25] अ ये क्या कहलाते हैं? फादर ऑफ जेंडर

[01:20:27] सिस्टम थ्योरी होते हैं। ये फर्स्ट

[01:20:28] इंट्रोड्यूस आईडिया किया था इन्होंने

[01:20:30] सिस्टम का। ठीक है? पहले ऐसे थे जिन्होंने

[01:20:32] सिस्टम का आईडिया जनरेट किया था। ठीक है?

[01:20:34] इसे पढ़ लेना। देन इन्होंने बताया था कि

[01:20:37] यस यस हमारी जो ह्यूमन बॉडी है वो

[01:20:38] इंटरकनेक्टेड पार्ट है। देन कम टू द

[01:20:41] चेस्टर बंडार। चेस्टर बंडार हमारे मेजर

[01:20:43] फर्स्ट मेजर ऐसे थिंकर थे जो इसे

[01:20:45] मैनेजमेंट में लेके आए। याद रखिएगा। ये

[01:20:48] टर्म किसने दिया था? था लुडविंग वन

[01:20:50] इन्होंने दिया था और जो इसे मैनेजमेंट के

[01:20:52] पर्सपेक्टिव में लेके उन्होंने ह्यूमन

[01:20:53] बॉडी के बारे में बताया था। लेकिन चेस्टर

[01:20:55] बर्नर ने क्या किया जो इनकी बुक थी 1938

[01:20:58] बुक में आई थी फंक्शन ऑफ़ एग्जीक्यूटिव

[01:21:00] उन्होंने यहां पे ऐसे डिफाइन किया था

[01:21:02] कोऑपरेटिव सिस्टम को। ठीक है? देन कैनिट

[01:21:05] बोर्डिंग आया। इन्होंने हरार्की ऑफ़ सिस्टम

[01:21:07] जनरेट करी थी कि इन्होंने बोला यस

[01:21:09] यूनिवर्स के डिफरेंट लेवल ऑफ़ सिस्टम होते

[01:21:11] हैं। और ये सिंपल से कॉम्प्लेक्स है। तो

[01:21:13] आपको क्या याद करना है? आपको सिर्फ ये

[01:21:15] दोनों याद करना है। ठीक है? मैं तो सारा

[01:21:17] लिख के आई हूं। आपको सिर्फ ये दोनों याद

[01:21:18] रखो। लेड विंग ने इसको वो किया है कॉइन

[01:21:21] किया है और द चेस्टर बनाने इसे मैनेजमेंट

[01:21:23] में लेके आए। देन हमारा ये कास्ट जॉनसन

[01:21:26] है। इन्होंने जनरल सिस्टम थ्योरी। ठीक है?

[01:21:30] उसको क्रेडिट किया था ऑफिशियली बिज़नेस

[01:21:32] मैनेजमेंट कॉर्पोरेट रेग्नाइजेशन और इसे

[01:21:35] बहुत पॉपुलर बनाया हुआ है। अब हम आते हैं

[01:21:38] क्वांटिटेटिव अप्रोच। क्वांटिटेटिव अप्रोच

[01:21:41] की बात करूं तो यस ये क्या कहलाता है?

[01:21:42] हमारा मैनेजमेंट साइंस अप्रोच कहलाता है।

[01:21:44] ये मैथमेटिकल डेटा टर्मिन के बेसिस पर

[01:21:47] मॉडर्न फज़ में आता है। तो याद रखिए

[01:21:48] क्लासिकल अप्रोच किस पे फोकस कर रहा था?

[01:21:50] रूल पे। बिहेवियर अप्रोच फोकस कर रहा था

[01:21:53] पीपल पे। और क्वांटिटेटिव अप्रोच किस पे

[01:21:55] फोकस कर रहा है? नंबर, डेटा एंड

[01:21:56] ऑप्टिमाइजेशन पे। देन ओरिजिन की बात करूं

[01:21:59] तो ये कब आया? वर्ल्ड वाइज़ सेकंड के बाद

[01:22:01] आया। जो ब्रिटिश अमेरिकन मिलिट्री फॉर्मर

[01:22:03] टीम ऑफ़ साइंटिस्ट, मैथमेटिशियन, इंजीनियर

[01:22:06] जो हमारे ऑपरेशन रिसर्च टीम कहलाती थी। वो

[01:22:08] ये क्या करते थे? जो सॉल्व करते थे

[01:22:10] कॉम्प्लेक्स लॉजिस्टिक प्रॉब्लम को। जैसे

[01:22:12] हाउ टू बेस्ट डिप्लॉय लिमिटेड रडार सिस्टम

[01:22:14] ऑप्टिमाइज समराइन हंटिंग आफ्टर द वर्ल्ड

[01:22:17] वर्ल्ड वार सेकंड दीज़ मैथमेटिकल टेक्निक्स

[01:22:20] वर अडप्टेड इन लार्ज बिज़नेस कॉपरेशन ठीक

[01:22:22] है बाद में ये लार्ज बिज़नेस में अडप्ट कर

[01:22:24] दी गई थी इसकी फिलॉसफी क्या है जो

[01:22:26] कॉम्प्लेक्स मैनेजमेंट प्रॉब्लम है हम इसे

[01:22:28] सॉल्व कर सकते हैं किसके थ्रू मैथमेटिकल

[01:22:31] मॉडल के थ्रू ठीक है अब देखो थ्री मेन

[01:22:34] ब्रांच थी इसकी ऑपरेशन रिसर्च ऑपरेशन

[01:22:37] मैनेजमेंट एंड मैनेजमेंट इनेशन सिस्टम और

[01:22:41] ऑपरेशन रिसर्च क्या है? यह क्वांटिटेटिव

[01:22:43] अप्रोच है। ठीक है? ईड रिवॉल्व बिल्डिंग

[01:22:45] मैथमेटिकल मॉडल यह क्या करेगा? एक

[01:22:47] मैथमेटिकल मॉडल बनाएंगे। देन उसमें

[01:22:49] रिसोर्स एलोकेटेड करेंगे। कॉस्ट कम होनी

[01:22:51] चाहिए और एफिशिएंसी को इंप्रूव करने के

[01:22:53] लिए हम ऑपरेशन रिसर्च करते हैं। आपने एक

[01:22:55] सब्जेक्ट भी पढ़ा होगा। ऑपरेशन मैनेजमेंट

[01:22:57] ये क्वांटिटेटिव टेक्निक अप्लाई करते हैं।

[01:22:59] कहां पे? प्रोडक्शन एंड डिलीवरी ऑफ़ फिजिकल

[01:23:01] गुड्स एंड सर्विसेस के लिए। क्या करते हैं

[01:23:03] इसमें? ऑपरेशन मैनेजमेंट भी पढ़ा होगा।

[01:23:05] अगर आपने मार्केटिंग अगर आपका मेजर रहा

[01:23:07] होगा तो इन्वेंटरी कंट्रोल क्वालिटी

[01:23:09] इंश्योरेंस ये सारा हम इसमें देखते हैं।

[01:23:10] देन एमआईएस एमआईएस आपको पता है कंप्यूटर

[01:23:13] बेस सिस्टम होता है जो सारा डेटा को

[01:23:15] कलेक्ट करता है। देन उसके बेसिस पे इनेशन

[01:23:17] मैनेजर को प्रोवाइड करता है जिससे हम

[01:23:19] डिसीजन ले सकें।

[01:23:22] अब कौन-कौन सी टेक्निक्स हैं? एक होती है

[01:23:24] देखो ये टेक्निक्स आप पढ़ लो थोड़ा सा। देखो

[01:23:27] पहली होती है हमारी लीनियर प्रोग्रामिंग

[01:23:28] टेक्निक। लीनियर प्रोग्रामिंग टेक्निक

[01:23:30] क्या होती है? जो कि यूज टू फाइंड द बेस्ट

[01:23:33] वे टू एलोकेट लिमिटेड रिसोर्सेज। अगर आपके

[01:23:35] पास टाइम, मनी, मटेरियल लिमिटेड है तो

[01:23:39] लीनिंग प्रोग्रामिंग क्या होगी कि ऐसी कोई

[01:23:41] टेक्निक फाइंड करना जिससे हमें मैक्सिमम

[01:23:43] प्रॉफिट हो, मिनिमाइज कॉस्ट हो। देन क्वीन

[01:23:46] थ्योरी वेटिंग लाइन थ्योरी। ठीक है? यूज्ड

[01:23:48] टू ऑप्टिमाइज सर्विस पॉइंट, मिनिमाइज बॉटल

[01:23:51] नेक्स। हम इसमें क्या करते हैं कि

[01:23:53] ऑप्टिमाइज करते हैं कि यस ये सर्विस पॉइंट

[01:23:55] है और जो बॉटल नेक्स हैं। वाटर नेक्स क्या

[01:23:57] होता है कि जैसे इसके बाद आप कुछ नहीं कर

[01:23:59] सकते। डेंजरस ज़ोन होते हैं ना। तो जैसे

[01:24:01] आपने देखा हाउ मेनी टॉल बूथ टू ओपन द

[01:24:04] प्रिवेंट ट्रैफिक जाम हाउ मेनी बैंक

[01:24:06] ट्रेलर आर नीडेड। तो हम उसमें वो

[01:24:08] आइडेंटिफाई करते हैं कि यस जो आगे बढ़ने से

[01:24:11] जो रोकते हैं जैसे एक बोतल है। ठीक है?

[01:24:13] ऊपर उसका ढक्कन है तो उसमें से चीजें नहीं

[01:24:14] निकलती ना तो उस बॉटल नेक को हम क्या करते

[01:24:17] हैं? मिनिमाइज़ करते हैं कि जो भी हमारी

[01:24:19] प्रॉब्लम है वो ईज़ली सॉल्व हो जाए। ठीक

[01:24:21] है? उन चीजों को आइडेंटिफाई करते हैं। देन

[01:24:23] गेम थ्योरी। गेम थ्योरी ये होती है हमारी

[01:24:26] यूज़्ड फॉर डिसीज़ मेकिंग इन कंपिटिटिव

[01:24:28] सिचुएशन। ये मैथमेटिकल प्रेडिक्ट करता है

[01:24:31] मूव ऑफ कंपटीिटर्स प्राइसिंग स्ट्रेटजी

[01:24:33] बिटवीन राइवल कंपनी लाइक अ पेप्सी एंड

[01:24:36] कोका कोला। तो ये डिसीजन मेकिंग होती है

[01:24:38] हमारी एक कंपिटिटिव सिचुएशन के लिए हम यूज़

[01:24:40] करते हैं कि यस आप उसमें सारा देखोगे कि

[01:24:42] क्या कोलाa पेप्सी में क्या उनका

[01:24:44] स्ट्रेटजी है। देन समुलेशन सेमलेशन क्या

[01:24:48] होता है? क्रिएटिंग अ कंप्यूटर मॉडल ऑफ़

[01:24:49] रियल वर्ल्ड सिस्टम टू टेस्ट अ डिफरेंट

[01:24:51] सिनेरियो विदाउट द रिस्क ऑफ़ रियल वर्ल्ड।

[01:24:53] जब आप एक बिलकुल सेम एनवायरमेंट क्रिएट कर

[01:24:55] देते हो किसी चीज़ के लिए। जैसे आपने ऑफ द

[01:24:58] ट्रेनिंग मेथड्स पढ़ा होगा तो सैमुलेशन पढ़ा

[01:25:00] होगा। ठीक है? तो सेमुलेशन क्या होता है

[01:25:02] कि जैसे आपने आर्मी के लिए देखा होगा तो

[01:25:04] आर्मी को अगर हमें उनके लिए सेम

[01:25:06] एनवायरमेंट कर देंगे। कोई भी वॉर होगा ऐसा

[01:25:08] क्रिएट कर देंगे क्योंकि उनको पता है कि

[01:25:09] वहां पे एक्चुअल में वो उनको प्रॉब्लम

[01:25:12] एक्चुअल में तो वो कर नहीं सकते ना बहुत

[01:25:13] ज्यादा लॉस होगा। तो यस यही एक सेमुलेशन

[01:25:16] होता है कि सेम एनवायरमेंट डिफरेंट

[01:25:18] सिनेरियो को चेक करने के लिए करते हैं।

[01:25:20] देन नेटवर्क एनालिसिस पल्ट एंड सीपीएम

[01:25:23] प्लीज इसको अच्छे से पढ़ लेना। ये क्या

[01:25:25] करते हैं? ये यूज्ड फॉर शेड्यूलिंग

[01:25:27] मैनेजिंग लार्ज कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट। जब

[01:25:29] बड़े-बड़े प्रोजेक्ट होते हैं तो उनको मैनेज

[01:25:31] करने के लिए हम यूज़ करते हैं। ये हेल्प

[01:25:33] करते हैं फास्टेस्ट एंड मोस्ट इफेक्टिव

[01:25:35] पार्ट टू कंप्लीट अ प्रोजेक्ट। देन

[01:25:37] इन्वेंटरी मॉडलिंग। इन्वेंटरी मॉडलिंग

[01:25:39] क्या होती है? इन्वेंटरी इकोनॉमिक ऑर्डर

[01:25:41] क्वांटिटी। ये कैलकुलेट करती है एग्जैक्ट

[01:25:43] अमाउंट ऑफ़ रॉ मटेरियल टू ऑर्डर टू

[01:25:45] मिनिमाइज स्टोरेज। मतलब कितना हमें चाहिए

[01:25:47] अमाउंट में जिससे कि हम स्टोरेज कम से कम

[01:25:50] रख सकें। ठीक है?

[01:25:53] देन हम आते हैं कंटिंजेंसी पे। देखो

[01:25:55] कंटिंजेंसी अप्रोच की अगर बात करूं तो

[01:25:57] कंटिंजेंसी क्या होता है? सिचुएशन के

[01:25:58] बेसिस पे। इन्होंने बोला किसी चीज का

[01:26:00] बेस्ट वे हो नहीं सकता। ये डिपेंड ऑन

[01:26:02] सिचुएशन करता है कि आपको कैसा डीलर होना

[01:26:04] चाहिए, कैसा मैनेजर होना चाहिए। ठीक है?

[01:26:06] तो हमारा पहला था जॉन वुडवार्स। ठीक है?

[01:26:08] इसने एक स्पेसिफिक टेक्नोलॉजिकल

[01:26:10] कंटिंजेंसी दी थी। तो इसका अगर याद रखना

[01:26:12] है तो फाउंडेड द कंपनी कंपनी स्ट्रक्चर

[01:26:14] डिपेंड ऑन ह टेक्नोलॉजी। तो जो आपका कम

[01:26:17] उसके टेक्नोलॉजी के डिपेंड के बेसिस पे आप

[01:26:20] कंपनी स्ट्रक्चर फाउंड करना चाहिए। जैसे

[01:26:21] यूनिट प्रोडक्शन, मास प्रोडक्शन,

[01:26:23] कंटीन्यूअस प्रोसेस किसके बेसिस पे?

[01:26:24] टेक्नोलॉजी के बेसिस पे फ्रीड फील्डर हमने

[01:26:27] कंटिंजेंसी मॉडल पढ़ा हुआ है ओबी में ढंग

[01:26:29] से तो आपको पता है यह जो कंटिंजेंसी मॉडल

[01:26:31] है वो किसके बेसिस पे लीडरशिप के बेसिस पे

[01:26:33] उन्होंने बोला कि जो हमारी लीडरशिप

[01:26:35] इफेक्टिवनेस है वो सिचुएशन पे डिपेंड करती

[01:26:37] है वो क्या पैरामीटर था लीस्ट प्रेफर

[01:26:39] कोवर्कर स्किल कि आप टास्क ओरिएंटेड हो या

[01:26:43] रिलेशनशिप ओरिएंटेड हो ठीक है इसके बेसिस

[01:26:46] पे देन टॉम बंस जीएम स्ट्रोकर आया

[01:26:48] उन्होंने एनवायरमेंट स्ट्रक्चर की

[01:26:50] स्टेबिलिटी के बेसिस पे देखा कि उन्होंने

[01:26:52] बोला कि इनस्टेबल एनवायरमेंट अगर स्टेबल

[01:26:55] एनवायरमेंट है तो जो हमारा मैकेनिस्ट जो

[01:26:57] मैकेनिस्टिक स्ट्रक्चर है जो

[01:26:58] ब्यूरोक्रेटिक स्ट्रक्चर है वो सबसे अच्छा

[01:27:00] काम करेगा। ठीक है? और चेंजिंग एनवायरमेंट

[01:27:02] में कौन सा करेगा? हमारा फ्लैक्सिबल

[01:27:04] स्ट्रक्चर काम करेगा। देन पॉल लेवन सेंट

[01:27:07] जेल और साया उन्होंने डिफरेंशिएशन

[01:27:09] इंटीग्रेशन का कांसेप्ट दिया था। उन्होंने

[01:27:11] बोला द मोर कॉम्प्लेक्स अनसर्टेन द

[01:27:13] एक्सटर्नल एनवायरमेंट द मोर कंपनी नीड द

[01:27:15] हाइली डिेंशिएट डिपार्टमेंट। जितना

[01:27:16] कॉम्प्लेक्स अनसर्टेन एक्सटर्नल

[01:27:18] एनवायरमेंट है उसी के लिए हमारी कंपनी को

[01:27:20] कैसे चाहिए? हाईली डिफरेंसी डिपार्टमेंट

[01:27:22] चाहिए जो कि हमारे इंटीग्रेटेड हो। ठीक

[01:27:25] है?

[01:27:26] अब कंटिंजेंसी वेरिएबल क्या होते हैं कि

[01:27:28] कौन-कौन से कंटिंजेंसी वेरिएबल होंगे? तो

[01:27:30] पहला हमारा होगा ऑर्गेनाइजेशन साइज देन

[01:27:33] रूट रूट रूटीनफुलनेस ऑफ़ टास्क टेक्नोलॉजी,

[01:27:36] एनवायरमेंट अनसर्टेनिटी एंड इंडिविजुअल

[01:27:39] डिफरेंस। तो आपको पता है कि जो हमारा

[01:27:41] ऑर्गेनाइजेशन साइज़ है सपोज़ करो कोई कंपनी

[01:27:44] है जिसमें 10 एंप्लई हैं और एक कंपनी है

[01:27:46] जिसमें 10,000 है तो आपको डिफरेंट

[01:27:48] मैनेजमेंट स्ट्रक्चर चाहिएगा। ठीक है?

[01:27:50] साइज के बेसिस पे आपको सिचुएशन अगर छोटी

[01:27:53] सी कंपनी आपको इजीली मैनेज हो जाएगा। तो

[01:27:55] ये पहला हो गया हमारा ऑर्गेनाइजेशन साइजज़

[01:27:58] के बेसिस पे। रूटफुलनेस रूटीनफुलनेस का

[01:28:00] क्या है? अगर आर अगर कहीं वर्कर सेम

[01:28:02] रिपीिटेटिव काम कर रहे हैं। ठीक है? रूटीन

[01:28:04] जैसे असेंबली लाइन है जैसे टेक्सटाइल

[01:28:06] इंडस्ट्री है। ठीक है? और कहीं पे क्या

[01:28:09] है? नॉन रूटीन टास्क है। लाइक अ सॉफ्टवेयर

[01:28:11] रिस्चर लेवल है। तो हमें उनके लिए अह

[01:28:14] अलग-अलग बेसिस पे अह सिचुएशन चाहिए। देन

[01:28:17] तीसरा है एनवायरमेंट अनसर्टेनिटी। अगर

[01:28:19] आपकी मार्केट स्टेबल है जस्ट लाइक अ शॉर्ट

[01:28:21] इंडस्ट्री या फिर आपकी मार्केट कैसी है

[01:28:24] चेंज हो रही है अनप्रिडिक्टेबल है तो इसके

[01:28:26] बेसिस पे हमारा कंटिंजेंसी मतलब सिचुएशन

[01:28:28] के बेसिस पे आपका सिनेरियो बदलता है देन

[01:28:30] इंडिविजुअल डिफरेंस मैनेजिंग हाइली

[01:28:32] एक्सपीरियंस सेल्फ मोटिवेटेड साइंटिस्ट

[01:28:34] रिक्वायर अ डिफरेंट अप्रोच देन मैनेजिंग

[01:28:36] अनस्किल अब आपको पता है जो मैनेजर बहुत

[01:28:38] ज्यादा हाइली एक्सपीरियंस सेल्फ मोटिवेटेड

[01:28:40] है वो अपना अलग अप्रोच फॉलो करेगा जो

[01:28:42] अनस्किल है टेंपरेरी लेबर है उनके लिए अलग

[01:28:45] अप्रोच है तो कंटिंजेंसी वेरिएबल है ये

[01:28:46] इनके डिपेंड के बेसिस पे हम डिफाइन करते

[01:28:49] हैं कि हमारा कैसा ऑर्गेनाइजेशन का

[01:28:51] स्ट्रक्चर रहेगा, कैसा लीडर रहेगा,

[01:28:53] टेक्नोलॉजी के बेसिस पे कैसा रहेगा, ये

[01:28:55] सारी चीजें। अब हम आते हैं मैरी पाकर फडे।

[01:28:58] आपको पता है ये मोस्ट यूनिक एंडेंट फिगर

[01:29:01] है मैनेजमेंट हिस्ट्री में क्योंकि ये

[01:29:03] हमारी मदद ऑफ़ मॉडर्न मैनेजमेंट कहलाती है।

[01:29:05] ठीक है? प्रॉफेट ऑफ़ मैनेजमेंट। ये फिट

[01:29:07] नहीं बैठती। किसी भी क्लासिकल न्यू

[01:29:09] क्लासिकल स्कूल में ये इनका काम नहीं आता।

[01:29:12] देन अब इन्होंने क्या दिया था? इन्होंने

[01:29:14] दिया था कंस्ट्रक्टिव कॉन्फ्लिक्ट। यह आता

[01:29:16] है। तो देखो तीन बताए थे डोमिनेशन,

[01:29:19] कॉम्प्रोमाइज़िंग एंड इंटीग्रेशन। अगर कोई

[01:29:22] कॉन्फ़्लिक्ट हो रहा है, तो हम उसको कैसे

[01:29:23] सॉल्व कर सकते हैं? तो पैरा डोमिनेशन में

[01:29:25] क्या है कि वन साइड कंप्लीटली क्रश द अदर

[01:29:28] विन लूज़। सपोज़ कोई क्फ्लिक्ट हुआ तो

[01:29:30] एंप्लयर की बात मान लीन आपका

[01:29:34] जो वर्कर है उसको आपने एक ही साइड जीतेगी।

[01:29:36] विन और लूज़। जैसे हम कलेक्टिव बारिंग देते

[01:29:38] वो डोमिनेट। एक पार्टी डोमिनेट कर जाएगी,

[01:29:40] दूसरी पार्टी लूज़ कर जाएगी। तो फॉरेट क्या

[01:29:43] कहती थी कि ये इनक्टिव है। अगर आप

[01:29:46] कॉन्फ्लिक्ट को सॉल्व कर रहे हो तो

[01:29:47] इनक्टिव है। उन्होंने कहा इससे क्या होगा

[01:29:49] कि बाद में कुछ दिन बाद फिर से क्फ्लिक्ट

[01:29:51] अराइज़ होगा। देन कॉम्प्रोमाइजिंग क्या है?

[01:29:54] बोथ साइड गिव अस समथिंग। कॉम्प्रोमाइजिंग

[01:29:56] थोड़े दोनों पार्टी को जब कॉन्फ्लिक्ट

[01:29:58] अराइज़ हो रहा है दोनों पार्टी को थोड़ा सा

[01:29:59] गिव अप करना पड़ेगा। मतलब लूज़ लूज़ सिचुएशन।

[01:30:02] तो फेलेट ने इसका कहना क्या था कि

[01:30:04] टेंपरेरी है क्योंकि देखो कोई भी साइड

[01:30:07] ट्रूली हैप्पी तो नहीं होगी अगर गिव अप

[01:30:09] किया है। ठीक है? तो रूट कॉज़ रिमेन

[01:30:11] अनसॉल्व। तो जो प्रॉब्लम है वो तो अभी तक

[01:30:12] सॉल्व नहीं हुई। देख उन्होंने एक नया

[01:30:14] कांसेप्ट लिखा है इंटीग्रेशन। उन्होंने

[01:30:16] बोला कि यस हमें क्या करना है कि फाइंडिंग

[01:30:19] अ कंप्लीटली न्यू क्रिएटिव सॉल्यूशन जब

[01:30:21] दोनों साइड हमारी विन विन सिचुएशन में हो।

[01:30:24] मतलब दोनों साइड बिना सैक्रिफाइस करे और

[01:30:26] जो चाहती है वो मिल जाए तो वो हमारा फोलेट

[01:30:29] इसी चीज पे बोलती थी कि यही यही है

[01:30:31] कंस्ट्रक्टिव क्फ्लिक्ट। उन्होंने बोला दे

[01:30:33] क्रिएटिंग अ लास्ट पीस ड्राइव अ इनोवेशन।

[01:30:36] तो याद रखिएगा मैरी वाकर फोलेट ने

[01:30:38] इंटीग्रेशन को सपोर्ट किया था। देन लॉ ऑफ़

[01:30:41] द सिचुएशन उन्होंने बोला कि इस जो

[01:30:43] उन्होंने स्ट्रोंगली क्रिटिसाइज़ किया था

[01:30:45] ट्रेडिशनल बॉस सबोर्डिनेट रिलेशनशिप को जो

[01:30:47] है ना बॉस सबोर्डिनेट को ऑर्डर देगा देन

[01:30:50] ऑर्डर उसको फिर नीचे जाएगा तो उन्होंने

[01:30:52] कहा ऑर्डर आर बार्क्ड डाउन द चेन ऑफ़ कमांड

[01:30:55] ठीक है उन्होंने डीपर्स ऑर्डर बोला कि सी

[01:30:59] आर गुड एट पीपल नेचुरली सेंड टेकिंग ऑर्डर

[01:31:01] फ्रॉम द एंड ऑफ़ द पर्सन जस्ट बिकॉज़ ऑफ़

[01:31:03] देयर रिंग। तो उन्होंने बोला कि जो हमारा

[01:31:05] जो लोग हैं ना वो नेचुरली दूसरे पर्सन से

[01:31:08] ऑर्डर लेते हैं। यस मैम लूज विन लूज विन

[01:31:10] में क्या होता है? डोमिनेंस होता है कि दो

[01:31:12] पार्टी हैं। ठीक है? दोनों पार्टी में

[01:31:14] लड़ाई हुई। ठीक है? जैसे हमारा वर्कर और

[01:31:16] एंप्लयर है। तो अगर एक पार्टी को जीतना

[01:31:19] है। जैसे आप सपोज़ करो आपके पास 100% है।

[01:31:21] तो एक अगर 100 ही% है ना? तो अगर एक

[01:31:24] पार्टी ने 70 लिया। दोनों पार्टी चाहती है

[01:31:26] कि मुझे 70-70% चाहिए। तो देखो 70-70% तो

[01:31:29] नहीं मिल सकता 100% में। तो एक पार्टी 70

[01:31:32] लेगी तो दूसरी पार्टी के पास सिर्फ 30% रह

[01:31:34] जाएगा। यह होती है हमारी लूज और विन

[01:31:37] सिचुएशन। ठीक है? समझ में आ गई कि एक

[01:31:40] पार्टी को गिव अप करना ही पड़ता है एक

[01:31:44] पार्टी जीतने के लिए। जैसे आपने देखा

[01:31:45] इलेक्शन होते हैं तो कितना भी हो तो एक

[01:31:48] पार्टी हारती है, एक पार्टी जीतती है। यह

[01:31:50] है रोज विन।

[01:31:57] कोई बच्चा मुझे यह बताएगा कि कितने बच्चे

[01:32:00] हैं टोटल।

[01:32:02] लॉ ऑफ सिचुएशन में मैंने बताया डी

[01:32:04] पर्सनाइजिंग ऑर्डर। उन्होंने बोला कि जो

[01:32:06] आर पीपल नेचुरली सेंट टेकिंग ऑर्डर फ्रॉम

[01:32:09] अनदर पर्सन जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ देयर रैंक। उसकी

[01:32:11] रैंक की वजह से वो ऑर्डर ले लेते हैं। ठीक

[01:32:13] है? तो ये कॉनंसेप्ट क्या है? इंस्टेड ऑफ़

[01:32:15] वन पर्सन गिविंग अ ऑर्डर टू अनदर। बोथ द

[01:32:17] बॉस वर्कर्स शुड बी एनालाइज़ द सिचुएशन टू।

[01:32:19] हमें एक दूसरे को यस फिक्स बाई अप्रोच

[01:32:22] होता है विल लूज़ वाला। और जो हमारा जो दूध

[01:32:25] विनविन वाला है वो हमें एक्सप्लेन कर देते

[01:32:27] हैं पाई को।

[01:32:28] तो अब इन्होंने जो डीपस्टराइजेशन ऑर्डर

[01:32:31] क्या था मैं आपको पढ़ा दूं 12 बच्चे हैं।

[01:32:33] ओके सब हैं या नहीं है? कोई सो तो नहीं

[01:32:36] गया पढ़ते-पढ़ते। अब देखो डीपर्स क्या

[01:32:39] होता है कि हमें एक हैरार्की में नहीं

[01:32:41] चलना कि एक पर्सन हमें ऑर्डर देगा दूसरे

[01:32:43] पर्सन को। हमें क्या करना है? दोनों लोगों

[01:32:46] को मिलके बॉस और वर्कर को मिलके सिचुएशन

[01:32:48] को एनालिसिस करना चाहिए। और हमारा

[01:32:50] ऑटोमेटिकली ऑर्डर नेचुरली इमर्ज हो जाएगा।

[01:32:53] जिसे कहते हैं लॉ ऑफ़ सिचुएशन। याद रहे

[01:32:56] क्योंकि पहले क्या आ रहा था? एक पोजीशन से

[01:32:57] दूसरी पोजीशन तक आ रहा था। इनका कहना था

[01:32:59] कि दोनों को आपस में मिलके काम करना चाहिए

[01:33:01] और सिचुएशन के बेसिस पे वो आईडिया दे सकते

[01:33:04] हैं। सपोज़ करो ए मैनेजर स्टूडेंट से क्लीन

[01:33:06] द मशीन बिकॉज़ आई एम अ बॉस। दे शुड से द

[01:33:09] मशीन इज़ जैमिंग बिकॉज़ ऑफ़ डस्ट। द सिचुएशन

[01:33:12] रिक्वायर अस टू द क्लीन इज़ द सिचुएशन

[01:33:14] डिक्टेड एक्शन नॉट अ मैनेजर ईगो। तो मतलब

[01:33:16] यस आप किसी भी चीज को ऐसे इस तरीके से

[01:33:19] बोलो कि वो उसको भी बुरा ना लगे।

[01:33:23] अब पावर ऑफ अथॉरिटी का भी दिया था मैरी

[01:33:25] पावर फट। देखो मैरी पावर फोलेट के

[01:33:27] कंट्रीब्यूशन पढ़ा रही हूं। ठीक है? पहला

[01:33:28] है पावर ओवर। दूसरा है पावर विद देन

[01:33:31] अथॉरिटी वर्सेस नॉलेज। तो पावर ओवर क्या

[01:33:33] हो गई? कोर्सिव पावर जो ट्रेडिशनल पावर

[01:33:36] होती है कि एक इंसान के पास पावर होती है

[01:33:37] जो कि फॉर्स होता है। देन पावर विद क्या

[01:33:40] होती है? कोए। मॉडर्न और कोलेक्टिव

[01:33:42] अप्रोचेस वेयर पावर इज़ शेयर। मैनेजमेंट और

[01:33:44] वर्कर दोनों मिलके पावर मतलब प्रॉब्लम को

[01:33:47] सॉल्व करते हैं। ठीक है? देन हमारा

[01:33:49] अथॉरिटी वर्सेस नॉलेज। शी स्टेडियन

[01:33:52] अथॉरिटी शुड नॉट बी बेस्ड ऑन योर टाइटल।

[01:33:54] टाइटल के बेसिस पे अथॉरिटी नहीं होनी

[01:33:55] चाहिए। बट आपकी नॉलेज और एक्सपर्टीज के

[01:33:58] बेसिस पर अथॉरिटी होनी चाहिए। अब फोर

[01:34:01] प्रिंसिपल ऑफ़ कोऑर्डिनेशन दिए थे। देखो

[01:34:03] कितना सारा दिया हुआ है। मुझे ऐसा लग रहा

[01:34:05] है मुझे अपना सेशन अगर आप चाहो तो पर आप

[01:34:08] लोगों के पास टाइम भी तो नहीं है। फोर

[01:34:09] प्रिंसिपल ऑफ़ कोऑर्डिनेशन है। याद रखिएगा।

[01:34:11] पहला है हमारा डायरेक्ट कांटेक्ट। देन

[01:34:13] अर्ली स्टेज, रेसिप्रोकल रिलेशनशिप एंड

[01:34:15] कंटीन्यूअस प्रोसेस। तो डायरेक्ट कांटेक्ट

[01:34:17] क्या है? तो उन्होंने बोला कि मैनेजर

[01:34:19] वर्कर को कम्युनिकेट डायरेक्टली करना

[01:34:20] चाहिए फेस टू फेस। कोई फॉर्मल हैरार्की

[01:34:23] करोगे तो कहीं ना कहीं क्फ्लिक्ट आ जाएगा।

[01:34:25] अर्ली स्टेज कि हमेशा कोऑर्डिनेशन फर्स्ट

[01:34:28] स्टेज से स्टार्ट कर दो प्लानिंग प्रोसेस

[01:34:30] से। ठीक है? अह ऐसा नहीं प्रॉब्लम आ रही

[01:34:33] है। जब आप कोऑर्डिनेशन कर रहे हो। आप पहले

[01:34:35] से ही करो जिससे कि अच्छे से कम्युनिकेशन

[01:34:37] होगा। देन रेसिप्रोकल रिलेशनशिप ऑल फैक्टर

[01:34:40] इन सिचुएशन आर इंटरकनेक्टेड। अगर एक चीज

[01:34:42] में भी चेंज हुआ तो रेसिपो के लिए सारे

[01:34:45] डिपार्टमेंट में चेंजेस आ जाएंगे। देखो

[01:34:47] कैसे

[01:34:49] ठीक है? तो ये सारे गए सारे फैक्टर हैं।

[01:34:52] सिचुएशन सब इंटरकनेक्टेड है। जैसे आपका

[01:34:54] कटिंग का आपका रॉ मटेरियल स्टोर का कटिंग

[01:34:56] से, कटिंग का स्विंग से, स्विंग का

[01:34:58] फिनिशिंग से, फिनिशिंग का पैकेजिंग से

[01:35:00] सारा कंटीन्यूअस प्रोसेस है। उन्होंने

[01:35:02] बोला कोऑर्डिनेशन कोई वन टाइम टास्क नहीं

[01:35:04] है। ये नेवर एंडिंग कंटीन्यूअस प्रोसेस

[01:35:06] है। ठीक है? अब आपको कभी भी चार्ट पेपर

[01:35:09] में किसी भी एम्स पीवाईक्यू में या एनटीए

[01:35:12] के पेपर में इंटीग्रेशन दिख जाए, लॉ ऑफ़

[01:35:14] सिचुएशन दिख जाए, पावर विद वर्सेस पावर

[01:35:16] ओवर दिख जाए, डीपर्स ऑफ़ प्रोडक्ट दिख जाए,

[01:35:19] प्रॉफिट ऑफ़ मैनेजमेंट दिख जाए, सबका आंख

[01:35:21] बंद करके मैरी पाकर फॉलेट लगा देना। ठीक

[01:35:24] है?

[01:35:26] खत्म। मैरी पाकर

[01:35:40] अब हम चेस्टर बनार पे आ गए। ठीक है?

[01:35:44] चेस्टर बर्नार कौन है? आपको पता है कि

[01:35:47] फाउंडेशन फॉर बोथ सिस्टम अप्रोच एंड

[01:35:49] बिहेवियर सिस्टम अप्रोच स्कूल थॉट्स के

[01:35:51] थे। इन्होंने सिर्फ थ्योरिस्ट नहीं थे। ये

[01:35:53] प्रेसिडेंट ऑफ़ न्यू जर्सी बेल टेलीफ़ोन

[01:35:55] कंपनी के थे। तो याद रखिएगा इनकी जो बुक

[01:35:58] का नाम था वो क्या था? फंक्शन ऑफ़

[01:35:59] एग्ज़क्यूटिव पब्लिश इन 1938। प्लीज इसको

[01:36:02] मेंशन कर देना। इनकी सिग्निफिकेंस क्या

[01:36:04] थी? इनकी कंसीडर वन ऑफ़ मोस्ट

[01:36:05] इन्फ्लुएंशियल मैनेजमेंट बुक थी 20

[01:36:07] सेंचुरी में। अगर आप इस बुक को देखोगे तो

[01:36:10] प्लीज ये जो बुक का नाम है इसको मैच द

[01:36:12] फॉलोइंग में लगा देना। देन और कॉनंसेप्ट

[01:36:16] इन्होंने बोला कि ऑर्गेनाइजेशन क्या है?

[01:36:17] इज़ कॉपरेट सिस्टम था। अभी मैंने आपको

[01:36:19] बताया ना कॉइन किया था। तो बर्ना ने

[01:36:21] रिजेक्ट कर दिया क्लासिकल आईडिया कि

[01:36:22] ऑर्गेनाइजेशन जस्ट अ मशीन मेकिंग मनी है।

[01:36:25] उन्होंने बोला ये कोपरेटिव सिस्टम है।

[01:36:26] उन्होंने बोला सिस्टम कंसिस्टली क्या है?

[01:36:28] कोऑर्डिनेट करता है कि यस एक्टिविटी ऑफ़

[01:36:30] फोर्सज़ टू और मोर पर्सन। तो जहां पे आपको

[01:36:33] कहीं दिखा है कोऑपरेटिव सिस्टम तो वहां पे

[01:36:35] आप चेस्टर बनना टिक कर देना। देन इन्होंने

[01:36:38] एक थ्योरी दी थी एक्सेप्टेंस थ्योरी ऑफ़

[01:36:40] अथॉरिटी। इसे अच्छे से पढ़ लेना। ठीक है?

[01:36:42] इन्होंने बोला कि सब लोग ये कहते थे कि जो

[01:36:45] अथॉरिटी है वो ऊपर से आती है। सब लोगों का

[01:36:47] यही मानना था कि जो अथॉरिटी है वो हमेशा

[01:36:49] से ऊपर से आती है। लेकिन बॉटम जो चेस्टर्ड

[01:36:52] ने उन्होंने बोला कि अथॉरिटी जो होती है

[01:36:53] हमारी बॉटम अप्रोच है। नीचे से ऊपर जाती

[01:36:56] है। सपोज़ करो

[01:37:01] दिसंबर के लिए हां दिसंबर के लिए है पर

[01:37:04] अभी जून के लिए कोई ऑनलाइन कोर्सेस नहीं

[01:37:06] है। ठीक है? दिसंबर जो नेक्स्ट होगा उसके

[01:37:09] लिए ऑनलाइन कोर्सर्सेस है। अभी नहीं है।

[01:37:11] अभी सब ऐसे ही है। YouTube पे ही है। तो

[01:37:14] मैं आपको प्रॉपर इन्फॉर्म कर दूंगी। ठीक

[01:37:16] है?

[01:37:18] देखो एक्सेप्टेंस थ्योरी ऑफ़ अथॉरिटी क्या

[01:37:21] है? अह याद रखिएगा कि उनका यह कहना था कि

[01:37:23] जब तक आपके सबोर्डिनेट्स आपके एक्सेप्ट

[01:37:25] नहीं कर देंगे ऑर्डर का जब तक आपकी

[01:37:27] अथॉरिटी ज़ीरो होगी। मतलब सपोज़ मैंने आपसे

[01:37:29] बोला मैंने अपने वर्कर से बोला कि आप ये

[01:37:32] काम करो। अगर उन्होंने डिनाई कर दिया इसका

[01:37:33] मतलब मेरी अथॉरिटी हो गई ज़ीरो। ठीक है? ये

[01:37:36] है कि एक्सेप्ट कर होनी चाहिए अथॉरिटी बाय

[01:37:38] द बॉटम अप्रोच। देन ज़ोन ऑफ़ इनडफरेंस क्या

[01:37:41] होता है? ये भी एग्जाम में पूछा गया है

[01:37:43] क्योंकि अभी आपने पीवाईक्यू करे होंगे।

[01:37:45] आपको पता चल गया होगा पेपर वन का यूनिट वन

[01:37:47] का। बन्ना ने इंट्रोड्यूस किया था

[01:37:48] साइकोलॉजिकल कॉन्सेप्ट। जॉन ऑफ़ इनडिफरेंस।

[01:37:51] उन्होंने बोला जॉन ऑफ़ इंडफेंस क्या होता

[01:37:52] है? जब मेरे जूनियर्स मेरे बिना किसी

[01:37:55] क्वेश्चनिंग के मेरे कि बिना किसी अह

[01:37:58] क्वेश्चनिंग के और मेरी सारी बातें मान

[01:38:00] लें। ठीक है? ये कहलाता है जोन ऑफ़

[01:38:02] इनडफरेंस। मतलब मैनेजर का ऑर्डर है वो

[01:38:05] विदिन ज़ोन में होना चाहिए कि अथॉरिटी वो

[01:38:07] बिना किसी क्वेश्चनिंग के आपको फॉलो करें।

[01:38:09] तो ये होता है ज़ॉन ऑफ़ इनडफरेंसेस। ठीक है?

[01:38:12] देन कंट्रीब्यूशन सेटिस्फैक्शन

[01:38:15] इक्विलिब्रियम। इन्होंने क्या किया?

[01:38:16] इक्विलिब्रियम का भी कांसेप्ट लिया था।

[01:38:17] इन्होंने बोला एंप्लई विल ओनली स्टे विद द

[01:38:20] कंपनी एज़ लॉन्ग एज द इंड्यूसमेंट सैलरी

[01:38:23] रिस्पेक्ट स्टेटस गिवेन बाय द कंपनी आर

[01:38:25] इक्वल टू ग्रेटर देन द कंट्रीब्यूशन टाइम

[01:38:27] एनर्जी हार्ड वर्क एंड एक्सपेक्टेड टू द

[01:38:29] एंप्लई तो उन्होंने बोला कि यस बैलेंस बना

[01:38:32] के रखना है अगर कोई एंप्लई आपकी कंपनी में

[01:38:34] रह रहा है ठीक है आप उसको सैलरी रिस्पेक्ट

[01:38:37] स्टेटस दे रहे हो क्यों क्योंकि वो उससे

[01:38:39] इक्वल या ग्रेटर होना चाहिए जितना जैसे

[01:38:41] मैं आपको पढ़ा रही हूं अगर मैं कहीं पढ़ा

[01:38:43] रही हूं तो जो मेरा टाइम एनर्जी हार्ड

[01:38:44] वर्क मिल रहा है उसके रिगार्डिंग मुझे

[01:38:47] उतना सैल सैलरी रिस्पेक्ट स्टेटस मिलना

[01:38:49] चाहिए। देन फॉर्मल वर्सेस इनफॉर्मल

[01:38:53] ऑर्गेनाइजेशन। तो आपको पता है जो अल्टन

[01:38:55] मायो ने डिस्कवर किया था इनफॉर्मल

[01:38:56] ऑर्गेनाइजेशन। ठीक है? वर्नर ने उसे

[01:38:59] एक्सप्लेन किया कि किस तरीके से हमारा

[01:39:01] फॉर्मल इनफॉर्मल एक दूसरे के ऊपर डिपेंड

[01:39:04] करता है। उन्होंने बोला कि जो इनफॉर्मल

[01:39:06] ऑर्गेनाइजेशन है जैसे फ्रेंडशिप हो गई,

[01:39:07] ग्रुप हो गई, गसिप हो गया। ये नेचुरली

[01:39:09] अराइज़ कहां से होते हैं? फॉर्मल

[01:39:10] ऑर्गेनाइजेशन पे। फॉर एग्जांपल मैं बोलूं

[01:39:12] कि मैं यूनिवर्सिटी में जैसे हम लोग हैं

[01:39:14] तो हमारा जो फॉर्मल ग्रुप है कोई एचआर का

[01:39:16] टीचर है कोई हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट फाइनेंस

[01:39:18] का है ऐसा रहा है ना तो सब फॉर्मल है

[01:39:20] लेकिन धीरे-धीरे क्या हो गया हमारा

[01:39:22] ग्रुपिंग डेवलप हुआ है सर्किल डेवलप हुआ

[01:39:24] तो ये हो गया फॉर्मल ऑर्गेनाइजेशन के अंदर

[01:39:27] इनफॉर्मल तो यस ठीक है इस तरीके से पढ़

[01:39:30] लेना थ्री फंक्शनंस ऑफ़ एग्जीक्यूटिव याद

[01:39:32] रखना इसने बुक भी दी थी उन्होंने बोला कि

[01:39:34] यस बरना ने बोला था कि टॉप एग्जीक्यूटिव

[01:39:36] डज़ नॉट द एक्चुअल ग्राउंड वर्क क्योंकि जो

[01:39:38] टॉप है उसे क्या पता है एक्चुअलिटी में

[01:39:40] क्या हो रहा है अगर हमें मेंटेन करके रखना

[01:39:42] है सिस्टम को। तो तीन फंक्शन एग्जीक्यूट

[01:39:44] को फॉलो करना है। पहला टू एस्टैब्लिश एंड

[01:39:46] मेंटेन अ सिस्टम ऑफ़ कम्युनिकेशन। हमें

[01:39:49] सबसे पहले क्या करना है? इस्टैब्लिश करना

[01:39:50] है, मेंटेन करना है कम्युनिकेशन का

[01:39:52] सिस्टम। ऑर्गेनाइजेशन का स्ट्रक्चर क्रिएट

[01:39:54] करो। देन सेलेक्टिंग राइट पीपल करो। देन

[01:39:56] सेकंड है टू सिक्योर एसेंशियल सर्विस

[01:39:58] फ्रॉम इंडिविजुअल। यस। अब आपको क्या करना

[01:40:00] है? एसेंशियल सर्विसेस सिक्योर करनी है।

[01:40:03] इंडिविजुअल से। उनको मोटिवेट करना है।

[01:40:05] उनको ट्राई करना है कि यस आप अच्छा एफर्ट

[01:40:07] करो। देन फॉर्मुलेट ऑर्गेनाइजेशन पर्पस

[01:40:10] एंड ऑब्जेक्टिव उनके मिशन गोल ऑफ कंपनी के

[01:40:13] डिफाइन होने चाहिए। तो तीन फंक्शन है।

[01:40:15] सबसे पहले मेंटेन इस्टैब्लिश करना है।

[01:40:17] कम्युनिकेशन का सिस्टम देन सिक्योर करना

[01:40:19] है। देन फॉर्मुलेट करना है। अच्छा चीट शीट

[01:40:23] है। ये चीटशीट है। ये इतना हमारा चेस्ट

[01:40:26] वर्ड इसका स्क्रीनशॉट ले लो।

[01:40:30] देखो जो ज़ॉन ऑफ़ इनडफरेंस है मतलब रेंज ऑफ़

[01:40:33] ऑर्डर ऑफ़ एंप्लई विल एक्सेप्ट ऑटोमेटिकली

[01:40:35] विदाउट द क्वेश्चनिंग द बॉस। एक्सेप्टेंस

[01:40:37] थ्योरी ऑफ़ अथॉरिटी क्या कहती है? अथॉरिटी

[01:40:39] फ्लो बॉटम अप। ठीक है? अ बॉस ओनली हैज़ अ

[01:40:42] पावर इज़ सबोर्डिनेट एक्सेप्ट द ऑर्डर।

[01:40:44] ऑर्गेनाइजेशन इज़ अ कॉर्पोरेट सिस्टम। हज़

[01:40:46] बिलीव दैट एन ऑर्गेनाइजेशन इज़ अ सोशल

[01:40:48] सिस्टम वेयर टू और मोर पीपल कॉन्शियसली

[01:40:51] कोऑर्डिनेट देयर एक्टिविटीज़। ठीक है?

[01:40:53] उन्होंने बोला कि सोशल सिस्टम कब है? जब

[01:40:55] दोनों एक दूसरे से कोऑर्डिनेट कर रहे हैं।

[01:40:57] देन कंट्रीब्यूशन सेटिस्फैक्शन मतलब जितना

[01:40:59] आप मेहनत कर रहे हो उतना आपको

[01:41:01] सेटिस्फैक्शन भी होना चाहिए। ठीक है? और

[01:41:03] फंक्शन ऑफ़ एग्ज़क्यूटिव इनकी बुक थी। यह

[01:41:06] सारा चेस्टर भंडार का है। अब हम

[01:41:12] फंक्शनंस ऑफ मैनेजमेंट पढ़ेंगे। क्या

[01:41:15] अब हम फंक्शनंस ऑफ मैनेजमेंट पढ़ेंगे। क्या

[01:41:15] आज के लिए इतना बहुत है कि आपको आज मतलब

[01:41:18] एक बात बताओ अगर आप बोर हो रहे हो तो मुझे

[01:41:20] फीडबैक दे दो तो मैं स्टॉप कर दूंगी। अगर

[01:41:22] आपको लग रहा है कि नहीं मैम आज हमें

[01:41:24] कंटिन्यू फिनिश करनी है यूनिट वन तो मुझे

[01:41:26] बता दो। ठीक है? मुझे आंसर दो।

[01:41:40] आंसर दो मुझे

[01:41:43] और जितने भी बच्चे आए हैं प्लीज उसको

[01:41:57] बताओ मुझे आगे कराना है या नहीं?

[01:42:06] ठीक है? तो फंक्शनंस ऑफ मैनेजमेंट हम कल

[01:42:09] करेंगे। ठीक है? अब आप लोग कोई कंटिन्यू

[01:42:12] देखो आप लोग के ऊपर डिपेंड करता है। प्लीज

[01:42:14] मुझे जल्दी से बताओ क्योंकि अब हमारे अ छह

[01:42:17] फंक्शनंस रह गए हैं। ठीक है? उनको हमें

[01:42:19] करना है तो प्लीज नहीं नहीं आप मुझे अपना

[01:42:22] बताओ ना क्योंकि हमारे पास 10 डे रूल बचा

[01:42:24] हुआ है क्योंकि अगर आपको लग रहा है

[01:42:27] कंटिन्यू। ओके? तो वो कर लेते हैं। थोड़ा

[01:42:30] सा और डेडिकेशन चाहिए इसको। थोड़ा सा

[01:42:32] मोटिवेशन चाहिए। ठीक है? यूनिट टू तो अभी

[01:42:35] मैंने प्रिपेयर भी नहीं करी है। अब मुझे

[01:42:37] यूनिट टू प्रिपेयर कर मतलब यूनिट टू है पर

[01:42:39] उसको मर्ज नहीं किया हुआ है। ठीक है? तो

[01:42:41] उसमें भी टाइम लगेगा। कोई बात नहीं। आप

[01:42:43] यूनिट टू की टेंशन मत लो अभी। वो मैं बता

[01:42:45] दूंगी। अगर मुझसे हो जाएगी तो मैं कल

[01:42:46] करूंगी नहीं तो नेक्स्ट करूंगी। चलो

[01:42:48] कंटिन्यू करते हैं। सबसे पहले आ जाओ।

[01:42:51] मैनेजर फंक्शनंस की बात करूं। तो जैसा कि

[01:42:53] मैंने आपको बताया था लूथर ग्लिक ने हमारा

[01:42:55] पीओ एस टी सी ओआरबी दिया था। जैसे

[01:42:58] प्लानिंग, ऑर्गेनाइजिंग, स्टाफिंग,

[01:43:00] डायरेक्टिंग, कोऑर्डिनेटिंग, रिपोर्टिंग

[01:43:02] एंड बजटिंग। ठीक है? और प्लीज इस चैनल को

[01:43:04] शेयर करो। कम से कम कम से कम अभी तो इसका

[01:43:07] मोनेटाइजेशन का पता ही नहीं है। मतलब हम

[01:43:09] बेसिक लेवल पे चल रहे हैं। ठीक है? तो अगर

[01:43:11] आप ये तो हमारा कोड 17 में भी है। आपका

[01:43:14] कॉमर्स वाले बच्चों के लिए भी है। अगर

[01:43:16] आपको लगता है तो आप शेयर करो, लाइक करो,

[01:43:18] सब्सक्राइब करो। कुछ तो करो। ठीक है? अगर

[01:43:21] करना है। अगर पसंद आ रही हो तो ही करना।

[01:43:22] अगर नहीं पसंद आ रही हो तो कुछ मत करना।

[01:43:24] बस सिर्फ पढ़ते रहना। देखो अब हमारा क्या

[01:43:27] है? अब हमने पढ़ा लूथर ग्रीक ने। अभी हमने

[01:43:29] जस्ट बताया था। पहले ही बता दिया था

[01:43:30] फंडामेंटल में फंक्शन में प्लानिंग,

[01:43:32] ऑर्गेनाइजिंग, स्टाफिंग, डायरेक्टिंग,

[01:43:34] कोऑर्डिनेटिंग, रिपोर्टिंग

[01:43:37] एंड बजटिंग। ठीक है? हेनरी फोल्ड का मैं

[01:43:40] पेपर वन पीवाईक्यू मैंने कल टीचिंग

[01:43:42] ऐपटीट्यूड का किया। मैं कल रिकॉर्डेड सेशन

[01:43:44] डाल दूंगी। ठीक है? आप लोग टेंशन मत लो।

[01:43:46] यूनिट नाइन का रिकॉर्डिंग सेशन मैं डाल

[01:43:48] दूंगी सुबह 8:00 बजे। ठीक है? रिकॉर्डेड

[01:43:52] से देख लेना क्योंकि इतना नहीं हो पाएगा।

[01:43:56] ओके तो देखो प्लानिंग ऑ्गेनाइजिंग

[01:43:58] स्टाफिंग डायरेक्टिंग कोऑर्डिनेटिंग

[01:43:59] रिपोर्टिंग बजटिंग हेनरी फल क्या है पीओ

[01:44:01] ट्रिपल सी प्लानिंग ऑर्गेनाइजिंग कमांडिंग

[01:44:04] कोऑर्डिनेटिंग कंट्रोल जो कि हेनरी फल ने

[01:44:06] दिया था ठीक है करो कुछ तो करो मुझे तो

[01:44:09] मोटिवेशन मुझे ये नहीं पता मुझे मोटिवेशन

[01:44:10] कहां से आ रहा है कहीं भी कुछ भी नहीं है

[01:44:13] ठीक है सब बोल रहे हैं कि मैम आप इतना

[01:44:15] फ्री ऑफ कोर्स क्यों पढ़ा रहे हो देखो अभी

[01:44:19] मैं मन कर रहा है इसलिए पढ़ा रही हूं

[01:44:24] ठीक ठीक है? कंटिन्यू कर रहे हैं।

[01:44:25] कंटिन्यू कर रहे हैं। डोंट वरी। हमारे पास

[01:44:27] टाइम नहीं है ना इसलिए पीटरपसी प्लानिंग,

[01:44:30] ऑर्गेनाइजिंग, कमांडिंग, कोऑर्डिनेटिंग,

[01:44:32] कंट्रोलिंग, कुंज एंड ओ डोनर 10 कुंज डोनर

[01:44:35] ने फाइव फोर फंक्शन दिए थे। प्लीज इनको

[01:44:37] स्क्रीनशॉट ले लेना। प्लानिंग,

[01:44:38] ऑर्गेनाइजिंग, स्टाफिंग, डायरेक्टिंग,

[01:44:40] कंट्रोलिंग जो कि हम इन सबको डिटेलिंग में

[01:44:42] हमारे सिलेबस में दे रखे हैं। ठीक है?

[01:44:48] प्लानिंग क्या है? सबको पता ही है।

[01:44:49] प्राइमरी फंडामेंटल फंक्शन है मैनेजमेंट

[01:44:52] का। ये हमारा एडवांस में बताता है कि हमें

[01:44:54] क्या करना है। व्हाट टू डू, हाउ टू डू,

[01:44:56] व्हेन टू डू एंड वो इस टू डू कौन करेगा।

[01:44:59] ठीक है? तो यस ये ब्रिज जो गैप है ना वेयर

[01:45:02] द ऑर्गेनाइजेशन इज़ वेयर एंड इट वांट टू

[01:45:04] गो। कहां जाना चाहती है, कहां है? उसके

[01:45:06] गैप को बताता है। देन प्लानिंग प्रोसेस

[01:45:09] प्लीज़ पढ़ लेना कि ये पूछ लेता है आपको

[01:45:12] अरेंजमेंट क्रोनोलॉजिकल में। सबसे पहले हम

[01:45:15] कोई भी प्रोसेस स्टार्ट करते हैं तो

[01:45:17] ऑब्जेक्टिव इस्टैब्लिश करते हैं जिसमें

[01:45:18] आपका क्लियर मेज़रेबल गोल होना चाहिए

[01:45:20] एंटायर ऑर्गेनाइज़ेशन का। देन आप फिर उसको

[01:45:23] ई सबोर्डिनेट डिपार्टमेंट में भेजो। देन

[01:45:25] डेवलपिंग प्रमाइससेस। प्रमाइसेस मतलब

[01:45:27] फ्यूचर एनवायरमेंट क्या होगा?

[01:45:28] फॉरकास्टिंग। मार्केट ट्रेंड्स हो गए,

[01:45:30] गवर्नमेंट पॉलिसी हो गई, कंप्यूटर एक्शन

[01:45:32] हो गए। ठीक है? व्हिच प्लान द ऑपरेट देन

[01:45:35] आइडेंटिफाई अल्टरनेटिव कोर्सेस ऑफ़ एक्शन।

[01:45:37] अब क्या? लिस्ट ऑल पॉसिबल वे टू अचीव द

[01:45:39] सेट ऑब्जेक्टिव। एग्जांपल टू इंक्री सेल्स

[01:45:42] अल्टरनेटिव कुड बी ड्राइविंग।

[01:45:47] नहीं पेड में भी होता है। एक्चुअली मैं

[01:45:50] YouTube में फर्स्ट टाइम पढ़ाने आई हूं।

[01:45:52] तो मुझे मतलब कहते हैं ना कि हमारा एज अ

[01:45:55] तो एक्सपीरियंस हमने पेरी है। लेकिन अभी

[01:45:57] हमारे YouTube पे फर्स्ट एक्सपीरियंस है।

[01:45:59] तो मैं ये देखना चाह रही थी कि किस तरीके

[01:46:01] से मतलब थोड़ा सा एक्सपीरियंस लेना चाह

[01:46:03] रही थी। वैसे तो हमारा यूनिवर्सिटी में तो

[01:46:05] है। ठीक है?

[01:46:08] पेड में भी पेड में इससे ज्यादा डेडिकेशन

[01:46:10] होगा ना। अभी कहां से डेडिकेशन? हमारे पास

[01:46:12] तो कुछ इक्विटी तो आ नहीं रही है हमारे

[01:46:15] पास। ठीक है? हम तो सिर्फ पढ़ा रहे हैं।

[01:46:17] कुछ शेयर तो हमें मिल नहीं रहा। तो अगर

[01:46:18] पेड होगा तो मुझे लग रहा है इससे ज्यादा

[01:46:20] डेडिकेशन होगा। पर मैं अभी कह नहीं सकती

[01:46:22] हूं। गारंटी नहीं ले सकती क्योंकि अभी

[01:46:24] मैंने अभी पेड कोर्स चलाया नहीं है। सब

[01:46:26] फ्री है अभी इस सेशन के लिए। इस्टैब्लिश

[01:46:29] ऑब्जेक्टिव। याद रखना हमेशा ऑब्जेक्टिव

[01:46:31] होता है। देन आप प्रमाइसेस डेवलप करते हो।

[01:46:32] देन अल्टरनेटिव कोर्स ऑफ़ एक्शन। कभी भी एक

[01:46:35] प्लान नहीं बनाते। हमेशा उसके अह एक दूसरा

[01:46:38] पॉसिबल वे भी निकालते हैं। ठीक है? देन अ

[01:46:41] लिस्ट ऑल पॉसिबल वे टू अचीव एंड सेट

[01:46:44] ऑब्जेक्टिव्स जैसे इनक्रीज सेल अल्टरनेट

[01:46:45] कुड बी ड्रॉपिंग प्राइसेस इंक्रीज एड्स अ

[01:46:48] एड्स एंड लॉन्चिंग अ न्यू प्रोडक्ट्स मतलब

[01:46:50] ऑल पॉसिबल वेट देख सकते हैं कि इस

[01:46:52] ऑब्जेक्टिव को कैसे हम अचीव कर सकते हैं।

[01:46:54] देन इवैलुएट अल्टरनेटिव सपोज़ करो आपने

[01:46:56] प्लानिंग करी। आपने ऑब्जेक्टिव सेट किया।

[01:46:58] मैं ऐसे बताती हूं। आपने प्लानिंग की आपने

[01:47:00] ऑब्जेक्टिव बनाया। देन आपने उसके लिए

[01:47:02] प्रमाइसेस सेट कर दिया कि फ्यूचर में

[01:47:03] क्या-क्या कैसे-कैसे करना है, कहां करना

[01:47:05] है, क्या मार्केटिंग होगा। अह देन उसके

[01:47:09] बाद हमारा अल्टरनेटिव फोर्स ऑफ़ एक्शन फिर

[01:47:12] जो अल्टरनेटिव ऑप्शन थे उनके लिए हमने

[01:47:14] प्रॉपर कोर्स किया। देन हमारा

[01:47:16] इवैल्यूएटिंग अल्टरनेटिव है। ठीक है? तो

[01:47:19] इवैलुएटिंग अल्टरनेटिव जो हमारे पास दो

[01:47:21] ऑप्शन है ना उसको हम इवैलुएट करते हैं कि

[01:47:23] कौन सा ऑप्शन बेटर है। व्हाट बेटर? ए

[01:47:26] ऑप्शन है या बी है। एक एग्जांपल बता दूं।

[01:47:28] जैसे कि हमने एक प्रमाइसेस देखी। अब हमारे

[01:47:30] माइंड में ऑब्जेक्टिव बनाया कि हमें अपना

[01:47:32] बिज़नेस चलाना है। ये ऑब्जेक्टिव हो गया।

[01:47:33] ठीक है? एजुकेशन सेक्टर का। देन आपने देखा

[01:47:36] प्रमाइसेस डेवलप देखा कि लोकेशन देखी कि

[01:47:38] यहां का पॉलिसी क्या है? कंपटीटर कैसा है?

[01:47:40] अब आपके पास दो ऑप्शन थे एजुकेशन का और

[01:47:43] मॉल का। ठीक है? अब आपने देखा यहां पे मॉल

[01:47:45] भी चल सकता है और एजुकेशन भी चल सकता है।

[01:47:47] देन हमने देखा कि एजुकेशन के मॉल देखेंगे

[01:47:50] तो हम रूलर एरिया में मॉल खोलेंगे तो वहां

[01:47:52] पे हमारा ज्यादा प्रॉफिट नहीं होगा। तो

[01:47:54] हमने क्या किया? उसको इवैल्यूएट कर रहे

[01:47:55] हैं। एजुकेशन को देखा कि रूरल एरिया में

[01:47:58] बच्चे तो सभी पढ़ते हैं। तो इस तरीके से

[01:48:00] हम प्लानिंग कर सकते हैं किसी भी चीज का।

[01:48:02] हमेशा याद रखना एग्जीक्यूट नहीं होता। ठीक

[01:48:04] है? एग्जीक्यूशन नहीं होता इसमें।

[01:48:07] देन क्वेश्चन ऑप्शन अब हमारा इवैलुएट कर

[01:48:10] दिया अल्टरनेटिव को। अब सेलेक्ट बेस्ट

[01:48:12] अल्टरनेटिव जो आपको बेस्ट लगा उसके बेसिस

[01:48:14] पे आपने उसको फिजिबली प्लान बनाया जो

[01:48:17] ऑफिशियली आपको डेप्ट करना है। जैसे

[01:48:18] यूनिवर्सिटी बना रही है तो आपने उस प्लान

[01:48:20] को यूनिवर्सिटी वाला ऑप्शन कलेक्ट किया।

[01:48:23] देन फ़ूलेट डेबिट डेरिवेटिव प्लान।

[01:48:25] डेरिवेटिव प्लानिंग क्या होते हैं?

[01:48:26] क्रिएटिव स्मॉल सपोर्टिंग प्लान। जैसे

[01:48:28] एचआर हो गया, फाइनेंस हो गया, प्रोडक्शन

[01:48:30] हो गया जो कि हमारे बैकअप होते हैं मेन

[01:48:32] ऑर्गेनाइज़ेशन प्लान के। देन उसके बाद

[01:48:34] हमारा आता है रिव्य्यू एंड फॉलो अप।

[01:48:36] रिव्यू एंड फॉलो अप क्या होता है?

[01:48:37] कंटीन्यूअसली मॉनिटर द प्लान

[01:48:38] इंप्लीमेंटेशन टू इंस्ट जो भी आपने प्लान

[01:48:41] बनाया याद रखना इसमें अभी कुछ एग्जीक्यूट

[01:48:44] नहीं हुआ। इसमें प्लान को ही रिव्यू कर

[01:48:46] रहा है वो कि यस अगर कुछ एनवायरमेंट चेंज

[01:48:49] हुए तो आप एडजस्ट कर सकते हो। ठीक है? अब

[01:48:52] आपको ये टाइप्स ऑफ़ प्लान बहुत अच्छे से

[01:48:54] पढ़ना है। स्क्रीनशॉट ले लेना इसका।

[01:49:01] ठीक है? देखो ऑब्जेक्टिव जो हमारा है याद

[01:49:04] रखिएगा पहला ऑब्जेक्टिव जो प्लान बनाते

[01:49:06] हैं तो ऑब्जेक्टिव हमारे देखो दो तरह के

[01:49:08] प्लान होते हैं। अगर आपने पढ़ा होगा एक

[01:49:09] स्टैंडिंग होता है एक सिंगल यूज़ प्लान

[01:49:11] होता है। ये जो स्टैंडिंग होता है वो

[01:49:13] हमारा होता है लॉन्ग टर्म जैसे पॉलिसी हो

[01:49:15] गई प्रोसीजर हो गया मेथड्स हो गए रूल्स हो

[01:49:18] गए जो एक बार बनाते हैं बार-बार उसे हम

[01:49:20] फॉलो करते हैं। जैसे यूनिवर्सिटी में एक

[01:49:22] बार रूल हो गया 10 टू फोर। तो वो चेंज है।

[01:49:25] वो हमारा कौन सा स्टैंडिंग प्लान हमेशा

[01:49:26] याद रखना एक बार प्लान बनाया उसी को हम

[01:49:29] रिपीटेडली यूज़ करते हैं। सिंगल यूज़ प्लान

[01:49:32] क्या होता है? एक चीज के लिए एक बार प्लान

[01:49:34] बनाते हैं। लेकिन जैसे ही वो प्लान हमारा

[01:49:36] वो प्रोजेक्ट हमारा कंप्लीट हो जाता है

[01:49:38] देन फिर हम अलग से नया प्लान बनाते हैं।

[01:49:40] ठीक है? तो ये होते हैं हमारे सिंगल यूज़।

[01:49:42] तो अब हम पढ़ेंगे ऑब्जेक्टिव क्या होता है?

[01:49:44] ऑब्जेक्टिव क्या होता है हमारा? एंड पॉइंट

[01:49:46] और गोल टुवर्ड्स द व्हिच ऑल एक्टिविटीज़ आर

[01:49:49] डायरेक्टेड। तो एंड पॉइंट और जो गोल्स

[01:49:51] होते हैं जिसके थ्रू हमने अचीव करना है।

[01:49:54] हमें क्या अचीव करना जैसे हमारा

[01:49:55] ऑब्जेक्टिव अभी आपका ऑब्जेक्टिव क्या है?

[01:49:57] जेआरएफ क्वालीफाई करना। तो ये क्या है?

[01:49:59] आपका एंड पॉइंट है। तो अभी इसका कोई

[01:50:01] कैटेगरी नहीं था। स्ट्रेटजी। अब उसके

[01:50:03] बेसिस पे आपने क्या की? स्ट्रेटजी बनाई।

[01:50:05] लॉन्ग टर्म प्लान की आप फोर फाइव मंथ से

[01:50:07] स्टडी कर रहे हो या 2 मंथ से स्टडी कर रहे

[01:50:09] हो। ठीक है? स्ट्रेटजी बनाई और उसको

[01:50:12] कंपटीिट के बेसिस पे और एक्सटर्नल जैसे

[01:50:14] कंपनी है। कंपनी में तो स्ट्रेटजी बनाओगे।

[01:50:16] तो वो हम किसी के बेसिस पे कंपिटिट कौन

[01:50:18] है? एक्सटर्नल एनवायरमेंट क्या है? देन

[01:50:20] उसके बाद हमने क्या किया? पॉलिसी। अब देखो

[01:50:23] एग्जाम में क्या पूछा जाता है? पॉलिसी

[01:50:25] प्रोसीजर मेथड्स मैच द फॉलोइंग। अब आपको

[01:50:28] पता ही नहीं है पॉलिसी क्या होती है?

[01:50:29] प्रोसीजर क्या होता है? मेथड्स क्या होते

[01:50:30] हैं? पता तो है लेकिन आइडेंटिफाई नहीं कर

[01:50:32] पा रहे हो। तो पॉलिसी क्या है? सबसे याद

[01:50:34] रखना स्टैंडिंग मतलब एक बार बनती है

[01:50:36] बार-बार चेंज नहीं होती। उसे हम बार-बार

[01:50:38] रिपीट करते हैं। ये क्या होती है? पॉलिसी

[01:50:40] को जनरल गाइडलाइन होती है। याद रखना। इस

[01:50:43] कीवर्ड को आंख बंद करके कर दो। ठीक है?

[01:50:46] जनरल गाइडलाइन होती है जो कि थिंकिंग फॉर

[01:50:48] द डिसीजन मेकिंग। जैसे वी ओनली हायर पोस्ट

[01:50:50] ग्रेजुएशन। नो क्वेश्चन आस्क रिटन पॉलिसी।

[01:50:53] एक जनरल गाइडलाइन कर दी कि अगर आपको

[01:50:55] टीचिंग के लिए एलिजिबल है तो हमें नेट और

[01:50:57] पीजी चाहिए। ठीक है? ये हो गई जनरल

[01:50:59] गाइडलाइन। देन प्रोसीजर क्या हो गया

[01:51:01] हमारा? स्टेप बाय स्टेप क्रोनोलॉजिकल

[01:51:03] सीक्वेंस हैंडलिंग रूटीन एक्टिविटी। मतलब

[01:51:05] जो आपको एक प्रोसीजर है हमारा एक प्रोसीजर

[01:51:08] है। अगर आपको हमें हायर भी करना है या

[01:51:10] आपको रिजाइन भी देना है तो आपने देखा 30

[01:51:12] डे नोटिस पीरियड होता है। तो ये होगा

[01:51:14] प्रोसीजर स्टेप बाय स्टेप। देन मेथड्स

[01:51:16] क्या होगा? एक ही सिंगल स्टेप के

[01:51:19] स्पेसिफिक वो जैसे प्रोसीजर हमारा बड़ा

[01:51:21] हुआ है। अब उस प्रोसीजर में एक स्टेप है।

[01:51:23] फॉर एग्जांपल

[01:51:27] मैम पॉलिसी प्रोसीजर स्ट्रेटजी यस

[01:51:29] स्टैंडिंग प्लान में आएगा। क्योंकि देखो

[01:51:31] बार-बार थोड़ी ना आप प्रोसीजर और पॉलिसी

[01:51:33] चेंज करते हो। स्टैंडिंग प्लान का मतलब

[01:51:35] होता है एक बार आपने प्लान बनाया फिर उसको

[01:51:37] रिपीटेड फॉलो कर रहे हो। ठीक है? तो अब

[01:51:39] आपने क्या देखा कि जो आपका रूल मेथड्स है

[01:51:43] अब स्पेसिफिक वे टू वन सिंगल स्टेप ऑफ

[01:51:45] प्रोसीजर शुड बी एक प्रोसीजर है जैसे आपको

[01:51:47] क्या करना है आपको रिजनरेशन के लिए ट्राई

[01:51:49] करना है तो एक प्रोसीजर बता दिया अब उसका

[01:51:51] एक स्टेप उसे कैसे अचीव करना है जैसे आपको

[01:51:54] 30 डेज का जो नोटिस पीरियड है वो कैसे

[01:51:56] लिखना है उसका मेथड्स क्या है वो हो गया

[01:51:58] छोटा होता है प्रोसीजर्स का भी एक जैसे

[01:52:00] मैं आपको बताती हूं कोडिंग अगर आप कोडिंग

[01:52:02] कर रहे हो ठीक है तो कोडिंग का प्रोसीजर

[01:52:04] हो गया जब उसका एक सिंगल कोडिंग करते हो

[01:52:06] तो वो आपका मेथड्स हो गया देन आते हैं रूल

[01:52:08] रूल रूल याद रखना स्ट्रिक्टली रिजिड

[01:52:11] स्टेटमेंट होते हैं। व्हाट मस्ट और नॉट बी

[01:52:13] डन हमेशा यस और नो में होते हैं। अगर आपने

[01:52:16] फॉलो नहीं किया है तो आपको पेनलाइज़ किया

[01:52:18] जाएगा। जैसे स्पिटन है फैक्ट्री में ₹5 का

[01:52:21] फाइन है तो ये रूल है। ठीक है? ये भी

[01:52:23] स्टैंडिंग में आता है। तो यस नो स्मोकिंग

[01:52:26] मतलब अगर स्मोकिंग करी तो आपको पेनल्टी

[01:52:29] मिलेगी। स्ट्रिक्टली होता है। देन

[01:52:30] प्रोग्रामिंग और बजट प्रोग्राम जो होता है

[01:52:32] हमारे सिंगल यूज़ है। कोई एक जो प्रोजेक्ट

[01:52:36] आया उसके लिए आपने अलग से प्रोग्रामिंग

[01:52:38] की। फिर जैसे ही वो प्रोजेक्ट खत्म होगा

[01:52:41] वैसे ही आपका प्लानिंग उसकी खत्म होगी। अब

[01:52:43] नए प्रोग्राम के लिए नई प्लानिंग करोगे।

[01:52:45] ठीक है? जैसे देखो लार्ज कॉम्प्लेक्स

[01:52:47] कॉम्बिनेशन ऑफ़ पॉलिसी रूल टास्क असाइनमेंट

[01:52:50] फॉर अ स्पेसिफिक प्रोजेक्ट देन उसके बेसिस

[01:52:52] पे करोगे। जैसे ही वो प्रोजेक्ट कंप्लीट

[01:52:54] हुआ देन आपका प्रोग्रामिंग भी कंप्लीट

[01:52:56] होगी। देन बजट बजट भी सिंगल यूज़ है। जैसे

[01:52:58] आपने एक प्लान एक्सप्रेस किया कि एंटायरली

[01:53:00] न्यूमेरिकल फाइनेंस टर्म है कि कोई आप यूज़

[01:53:03] कर रहे हो वो 5 लाख का है। जैसे ही वो बजट

[01:53:04] कंप्लीट हो जाएगा वो प्रोजेक्ट कंप्लीट हो

[01:53:06] जाएगा देन आप फिर से नेक्स्ट बजट आता है।

[01:53:08] तो आप इंडिया का बजट देख लेना हर साल

[01:53:10] बजटिंग आती है। तो ये कौन सा है? सिंगल

[01:53:13] यूज़ प्लान है। ठीक है? अब कुछ प्लानिंग

[01:53:16] थ्योरी का मैं बता देती हूं। मैनेजमेंट

[01:53:18] बाय ऑब्जेक्टिव जो कि आपको पता है किसने

[01:53:20] दी थी? हमारे पीटर एड्रेकर ने दी थी। जो

[01:53:23] इनकी बुक थी द प्रैक्टिससेस ऑफ़ मैनेजमेंट।

[01:53:25] कितने बहुत बच्चों ने पढ़ी होगी एमपीए

[01:53:26] में। ठीक है? उन्होंने इस बुक में दिया

[01:53:28] था। इनका फोर कॉन्सेप्ट था। क्या था कि जो

[01:53:30] ट्रेडिशनल प्लानिंग थी वह टॉप डाउन थी।

[01:53:32] बॉस टारगेट बताएगा उसको फॉलो करेगा। लेकिन

[01:53:35] जो मैनेजमेंट का ही ऑब्जेक्टिव है इसकी

[01:53:37] फुल फॉर्म भी पूछ लेता है वो। वो क्या है?

[01:53:39] पार्टिसिपेटिव अप्रोच है। जहां पे

[01:53:41] सुपीरियर सबोर्डिनेट एक साथ बैठते हैं।

[01:53:43] गोल को डिफाइन करते हैं। देन उस गोल को

[01:53:46] एक्सेस असेस द सबोर्डिनेट परफॉर्मेंस। उस

[01:53:48] गोल को मैच करते हैं। तो मतलब हम गोल के

[01:53:50] बेसिस पे अपनी प्रोडक्टिविटी को कंप्लीट

[01:53:53] करते हो। एग्जाम कीबोर्ड में आपका जॉइंट

[01:53:56] गोल सेटिंग आ जाए, पार्टिसिपेटिव गोल

[01:53:57] सेटिंग आ जाए, सेल्फ कंट्रोल आ जाए। ठीक

[01:53:59] है? तो आपका आंसर हो जाएगा एमबीओ। देन अभी

[01:54:03] हमने टाइप्स ऑफ प्लानिंग पढ़ ली। अब

[01:54:05] लेवल्स ऑफ प्लानिंग क्या पढ़ते हैं? कि

[01:54:07] देखो स्ट्रेटेजिक प्लानिंग कौन करेगा? टॉप

[01:54:09] मैनेजमेंट देखेगा। सीईओ बोर्ड होंगे जो

[01:54:11] स्ट्रेटजिक प्लान होगी वो हमारी लॉन्ग

[01:54:13] टर्म कहलाएगी। फाइव टू 10 इयर्स। एग्जाम

[01:54:15] में आते हैं कि इसमें हम विज़न, मिशन,

[01:54:17] गोल्स वगैरह पूरे ऑर्गेनाइजेशन के सेट

[01:54:20] करते हैं। देन टैिकल प्लानिंग जो होती है

[01:54:21] वो मिडिल मैनेजमेंट दिखता है जो

[01:54:23] डिपार्टमेंट हेड होते हैं। ये हमारा वन टू

[01:54:25] फाइव इयर्स होते हैं। ये हमारे जो

[01:54:27] स्ट्रेटेजिक प्लान है उन्हें स्पेसिफिक

[01:54:28] एक्सटनेबल गोल में डिवाइड कर देते हैं।

[01:54:31] ठीक है? जैसे मार्केटिंग, एचआर स्ट्रेटजी।

[01:54:33] ठीक है? सेल्स स्ट्रेटजी देन ऑपरेशनल

[01:54:36] प्लानिंग। ये हमारे सबसे लोअर मैनेजमेंट

[01:54:38] सुपरवाइजर होते हैं। ये डेली वीकली मंथली

[01:54:40] के बेसिस पे बनते हैं। जो कि हमारा रूट

[01:54:43] रूटीन प्लानिंग फॉर डे टू डे ऑपरेशन

[01:54:45] स्पेसिफिक टास्क एग्जीक्यूशन ऑफ सॉफ्ट

[01:54:47] फ्लोर। प्लीज इसको पढ़ लेना।

[01:54:50] अब देखो हमारे सिलेबस में डिसीजन मेकिंग

[01:54:52] तो है नहीं। लेकिन डिसीजन मेकिंग के भी

[01:54:55] क्वेश्चंस आते हैं। अब देखो डिसीजन मेकिंग

[01:54:57] का अगर मैं आपको बताऊं तो आपको ज्यादा

[01:54:59] नहीं पढ़ना। सिर्फ जितना मैं बोलूं उतना

[01:55:01] पढ़ो। हरबर्ट ए सिम ने दिया था। डिसीजन

[01:55:04] मेकिंग यह आता है एग्जाम में क्योंकि

[01:55:06] प्लानिंग से रिलेटेड है ना देन वन द नोबेल

[01:55:08] प्राइज इन इकोनॉमिक्स प्रॉब्लम क्या थी जो

[01:55:10] क्लासिकल इकोनॉमिक थ्योरी थी वो ये मान के

[01:55:13] चलती थी कि जो हमारे मैनेजर है ना उनके

[01:55:15] पास रेशनल और पूरी इनेशन अवेलेबल है ठीक

[01:55:18] है तो वुड ऑलवेज फाइंड द मैथमेटिकल

[01:55:20] परफेक्ट सॉल्यूशन टू मैक्सिमाइज प्रॉफिट

[01:55:22] मतलब इकोनॉमिक मैन है लेकिन रियलिटी क्या

[01:55:24] है बाउंडेड रेशनलिटी क्या बोलती है वो

[01:55:26] बोलती है ह्यूमन रशनलिटी बाउंडेड है

[01:55:28] लिमिटेड है देखो हर किसी के पास पूरा मैं

[01:55:31] इस वर्ड में अगर मैं कोड 55 पढ़ा पढ़ा लूं

[01:55:34] तो मैं ये नहीं कह सकती कि मुझे पूरा कोड

[01:55:36] 55 का एंटायर नॉलेज है। ठीक है? क्योंकि

[01:55:39] मेरे कहीं ना कहीं रिसोर्सेज़ लिमिटेड

[01:55:41] होंगे। ठीक है? लिमिटेड टाइम है मेरे पास।

[01:55:43] लिमिटेड कॉग्निटिंग प्रोसेस ऑफ़ पावर है।

[01:55:45] ओके? तो मैं डिसीजन लूंगी। मैं अपने उसके

[01:55:48] बेसिस पे लूंगी ना कि मैं वर्ल्ड में जो

[01:55:50] बेस्ट है उसके बेसिस पे लूंगी।

[01:55:51] सेटिस्फाइंग उन्होंने बोला कि मैनेजर के

[01:55:54] पास इतना टाइम नहीं होता कि हर वो इवैलुएट

[01:55:56] करे हर सिंगल पॉसिबल अल्टरनेटिव यूनिवर्स

[01:55:58] में। तो वो क्या करता है? जैसे ही उसे

[01:56:01] फर्स्ट ऑप्शन मिल जाता है कि यस इससे मेरी

[01:56:03] प्रॉब्लम सॉल्व हो सकती है तो वो क्या कर

[01:56:05] देता है फिर वो सर्च करना बंद कर देता है

[01:56:07] मतलब सिमन कंबाइन द वर्ल्ड याद रखना इससे

[01:56:10] सेटिस्फाइिंग मतलब सेटिस्फाइड हो जाए और

[01:56:12] सफिशिएंट हो जाए तो वो बंद हो जाता है तो

[01:56:15] यार बाउंडेड रीडिशनलिटी मतलब एक बाउंड्री

[01:56:17] है कि मैनेजर सिर्फ इतना ही सोच सकता है

[01:56:19] उसके पास इतना नहीं है कि वो पूरा ग्लोबल

[01:56:21] लेवल का अह एनालिसिस करेगा कौन सा ऑप्शन

[01:56:23] बेस्ट है जब डिसीजन लेगा जितना उसके पास

[01:56:26] इनेशन है जिनका उसके पास लिमिटेड

[01:56:28] रिसोर्सेज हैं जितना उसके पास टाइम उसके

[01:56:30] बेसिस पे

[01:56:32] अब देखो दो तरह के हमारे डिसीजन है।

[01:56:35] प्रोग्राम डिसीजन एंड नॉन प्रोग्राम

[01:56:37] डिसीजन। देखो प्रोग्राम डिसीजन क्या होते

[01:56:39] हैं? रूटीन रिपीटेटिव एज वेल वेल

[01:56:41] स्ट्रक्चर होते हैं। जैसे मैं अगर आपको

[01:56:43] बोलूं कि ये जो हमारे हो गए कौन से हो गए?

[01:56:46] आप मुझे बताना स्टैंडिंग और सिंगल यूज़ को

[01:56:49] किसके अंदर आएगा ये? ठीक है? मुझे एक बार

[01:56:51] बताना। और जो नॉन प्रोग्राम डिसीजन होते

[01:56:53] हैं वो नोबल कॉम्प्लेक्स अनस्ट्रक्चर होते

[01:56:55] हैं। ठीक है? देन कैसे सॉल्व करते हैं? जो

[01:56:58] हमारे पहले से रूल रेगुलेशन पॉलिसी होती

[01:57:00] हैं उनके बेसिस पर हम डिसीजन ले लेते हैं।

[01:57:02] प्रोग्रामिंग मतलब पहले से आपने

[01:57:03] प्रोग्रामिंग सेट कर दी। अब आप सारा

[01:57:05] सॉल्यूशन कर दो। आपको बार-बार

[01:57:06] प्रोग्रामिंग करने की जरूरत नहीं है। और

[01:57:08] इसके लिए क्या करते हो? आपको हाई लेवल

[01:57:10] जजमेंट, क्रिएटिविटी जो टॉप लेवल

[01:57:12] मैनेजमेंट करता है ना? कोई नया

[01:57:13] एग्जीक्यूशन करना है, एक्विज़िशन करना है,

[01:57:15] मर्जर करना है, विज़न बनाना है, स्ट्रेटजी

[01:57:17] बनानी है। ये नॉन प्रोग्रामिंग डिसीजन है।

[01:57:19] कौन बनाता है? लोअर मिडिल लेवल बनाता है।

[01:57:21] ये टॉप लेवल बनाता है। एग्जांपल याद रखना।

[01:57:23] प्रोसेस वर्कर लीव रिक्वेस्ट। तो ठीक है?

[01:57:26] आपको पता है कि सेम कैसा है और आपको नया

[01:57:28] प्रोडक्ट लाइन ल्च करना है वो नॉन

[01:57:29] प्रोग्रामिंग है। अब हमने मॉडल ऑफ़ डिसीजन

[01:57:33] मेकिंग पढ़ेंगे। जैसे आपको पता है सिंगल इज़

[01:57:36] नॉन प्रोग्रामिंग। देखो सिंगल यूज़ यस।

[01:57:42] अब देखो रेशनल इकोनॉमिक मॉडल है जो हमने

[01:57:44] पहले बताया वो क्या बोला था कि हर मैनेजर

[01:57:47] के पास परफेक्ट इनेशन है। इनफाइनाइट टाइम

[01:57:49] है, सुपर कंप्यूटर ब्रेन है तो वो हमेशा

[01:57:51] बेस्ट ऑप्शन चूज़ करेगा। लेकिन रियलिटी में

[01:57:54] ऐसा नहीं होता। फिर आया बाउंडेड रशनलिटी

[01:57:56] हरबर्ट सिमरन ने दी थी। उन्होंने रशन मॉडल

[01:57:58] को डिसटिस्फेक्शन। उन्होंने कहा नहीं

[01:58:00] हमारे पास लिमिटेड टाइम और लिमिटेड ब्रेन

[01:58:02] पावर है। तो हमें जो हमारा फर्स्ट गुड इनफ

[01:58:05] ऑप्शन लगेगा उसको हम सेलेक्ट करेंगे। देन

[01:58:07] इंक्रीमेंटल मॉडल आया जो चार्ल्स लिंडबर्ड

[01:58:10] ने दिया था। उन्होंने बोला मैनेजर डोंट

[01:58:12] मेक अ मार्सिव स्वीपिंग डिसीजन। वो क्या

[01:58:14] करते हैं? स्मॉल स्टेप बाय स्टेप सक्सेसिव

[01:58:16] चेंज करते हैं। जिसे हम बोलते हैं मलिंग

[01:58:19] थ्रू। मतलब इंक्रीमेंटल मॉडल। धीरे-धीरे

[01:58:21] धीरे-धीरे हम डिसीजन बनाते हैं। देन

[01:58:24] गार्बेज गैन मॉडल। गार्बेज गैन मॉडल क्या

[01:58:27] होता है? कोन मार्श ने दिया था। उन्होंने

[01:58:28] बोला यूज़ इन हाइली अनसर्टेन ऑर्गेनाइजेशन।

[01:58:31] जो हाइली अनसर्टेन ऑर्गेनाइजेशन है ना

[01:58:33] जिसमें प्रॉब्लम, सॉल्यूशन, डिसीजन मेकर्स

[01:58:36] सब रैंडमली टॉस्ड है। गार्बेज के मतलब सब

[01:58:38] एक जगह पे है। ठीक है? तो यहां पे डिसीज़

[01:58:40] जो हैपन बाय चांस है। सपोज़ करो अह

[01:58:43] प्रॉब्लम और सॉल्यूशन रैंडमली कोलाइड हो

[01:58:45] गई। तो डिसीज़ निकल आया। तो वो कहलाती है

[01:58:47] गार्बेज। मतलब आपने कोई प्लानिंग प्रॉटिंग

[01:58:48] नहीं करी। अचानक से जब प्रॉब्लम आई तो कोई

[01:58:51] डिसीजन निकल आया उसे गार्बेज कैन मॉडल

[01:58:53] बोलते हैं।

[01:58:55] अब डिसीजन मेकिंग के कॉग्निटिव वसेस पढ़ते

[01:58:58] हैं। पहला स्केलेशन ऑफ़ कमिटमेंट। ठीक है?

[01:59:01] ये क्या होता है? कंटिन्यू टू इन्वेस्ट

[01:59:03] टाइम एंड मनी इनटू फेलिंग प्रोजेक्ट जस्ट

[01:59:05] बिकॉज़ यू हैव ऑलरेडी इन्वेस्टेड सो मच इन

[01:59:07] इंटू इट द। देखो ये एग्ज़ाम में पूछा जाता

[01:59:10] है। ये क्या होता है? सपोज़ करो आपका आप

[01:59:13] कंटिन्यू एक ऐसा ख़राब प्रोजेक्ट है ना आप

[01:59:15] कंटीन्यूअस में उसमें टाइम और मनी वेस्ट

[01:59:17] कर ही जा रहे हो। करी जा रहे हो। आपको पता

[01:59:19] है कि वो ऑलरेडी आप उसमें बहुत ज्यादा

[01:59:21] इन्वेस्ट कर चुके हो। लेकिन प्रोजेक्ट फेल

[01:59:24] होने के बाद आप अपनी इमेज को खराब नहीं

[01:59:26] करना चाहते हो। इसलिए आप उसमें कंटीन्यूअस

[01:59:28] टाइम और मनी निकाले जा रहे हो। ठीक है? तो

[01:59:30] थ्रोइंग गुड मनी आफ्टर बैड। बैड प्रोजेक्ट

[01:59:33] है फिर भी आप उसमें अपना मनी वेस्ट कर रहे

[01:59:36] हो। तो इसे बोलते हैं स्केलेशन। मतलब उसको

[01:59:38] बहुत ज्यादा अह जो कमिटमेंट आपने दिया था

[01:59:40] उसको बहुत ज्यादा प्रूफ करने के चक्कर में

[01:59:42] आप ज्यादा उसमें इन्वेस्ट कर रहे हो। देन

[01:59:44] हरिस्टिक। हरिस्टिक क्या होता है? यूजिंग

[01:59:46] मेंटल शॉर्टकट रूल ऑफ़ थंब। तो आपने क्विक

[01:59:49] डिसीजन ले लिया, सेफ टाइम कर दिया रूल ऑफ

[01:59:51] थम के बेसिस पर। ठीक है? जैसे आपको पता है

[01:59:53] कहीं ना कहीं स्टीरोटाइप को भी बढ़ावा

[01:59:56] देता है। देन कंफर्मेशन बायसेस सीकिंग आउट

[01:59:58] ओनली इनफेशन दैट प्रूव योर डिसीजन। आपने

[02:00:00] सिर्फ वही इनेशन दी जो आपके डिसीजन को

[02:00:02] प्रूव करती है। ठीक है? और सारी इनेशन

[02:00:05] आपने क्या कर दी? उसको इग्नोर कर दिया।

[02:00:07] देन हेलो इफ़ेक्ट। हेलो इफ़ेक्ट क्या होता

[02:00:09] है? एक सिंगल पॉजिटिव ट्रेड्स के बेसिस पे

[02:00:11] आपने उसके सारे नेगेटिव फ्रेट्स को इग्नोर

[02:00:15] कर दिया। ठीक है? अजमिंग एंप्लई इज़ अ

[02:00:17] ग्रेट मैनेजर जस्ट बिकॉज़ दे ड्रेस वेरी

[02:00:19] वेल। देन एंकरिंग बायसेस क्या हुआ? गिविंग

[02:00:22] टू मच वेट टू द वेरी फर्स्ट पीस ऑफ़ इनेशन।

[02:00:25] यू रिसीव द एंकर कॉमनली यूज़ सैलरी

[02:00:27] नेगोशिएशन। आपने क्या किया? जो पहली जो

[02:00:30] इनेशन दी उसको बहुत ज्यादा उसको वेटेज

[02:00:33] दिया। तो एंकरिंग वइसेस हो गई कि जैसे

[02:00:35] आपने सैडली नेगोशिएशन किया। तो अगर

[02:00:39] आपने जो पहला पॉइंट बोला ना उसी को आप

[02:00:41] ड्रैग करे जा रहे हो। अब ग्रुप ग्रुप

[02:00:44] डिसीजन मेकिंग टेक्निक्स हो गई हमारी।

[02:00:45] ब्रेन स्ट्रोमिंग है। याद रखना ये किसने

[02:00:47] दी थी? हमारी एलेक्स बोसम ने दी थी। ये

[02:00:50] क्वांटिटी ओवर द क्वालिटी। कोई भी

[02:00:52] क्रिटिसिज्म नहीं है। कोई भी जजमेंट नहीं

[02:00:53] है। इसमें बस आपको आईडिया जनरेट करने हैं।

[02:00:55] देन नमिनल ग्रुप टेक्निक जो दी थी वो

[02:00:58] डेलबेक एंड वटीव ने दी थी। ये साइलेंट

[02:01:00] जनरेशन हॉर्न इफ़ेक्ट नेगेटिव फ्रेट्स हैं।

[02:01:03] यस वेरी गुड। साइलेंट जनरेशन एंड वोटिंग

[02:01:05] के बेसिस पे। यहां पे क्या होता है? वर्क

[02:01:07] अह जो लोगों को बिठा दिया जाता है। फिर

[02:01:09] उनसे लिख बोला जाता है कि यस आप अपने

[02:01:11] आईडिया राइट डाउन करो साइलेंटली। देन उनके

[02:01:13] आईडिया हम डिस्कस करते हैं कि किसका सबसे

[02:01:15] रैंकिंग के बेसिस पे देते हैं कि किसने

[02:01:17] सबसे किसका हाई रैंक है ग्रुप का किसका

[02:01:19] लोअर रैंक है। ठीक है? देन डेलफी टेक्निक।

[02:01:22] डेलफी टेक्निक आपको पता है ये अनोनिमियस

[02:01:25] जिसमें फिजिकल लोकेशन के बेसिस पे नहीं

[02:01:27] होता। सब अपने अलग-अलग प्लेस पे बैठे रहते

[02:01:29] हैं। वो इस चीज़ के एक्सपर्ट होते हैं। और

[02:01:31] यहां पे हम क्या करते हैं? हम सीरीज़ ऑफ़

[02:01:34] क्वेश्चन आर्ट भेजते हैं। जिसके बेसिस पे

[02:01:36] वो जब तक वो एक एग्रीमेंट पे नहीं आ जाते

[02:01:38] जब तक हम कंटीन्यूअस ये सेशन करते रहते

[02:01:41] हैं। ठीक है? अब हम आते हैं ऑर्गेनाइजिंग

[02:01:43] पे। ऑर्गेनाइजिंग क्या होती है? आपको पता

[02:01:44] है सेकंड कोर फंक्शन है जब प्लान क्रिएट

[02:01:47] हो जाता है। अब हमें क्या करना है?

[02:01:48] ऑर्गेनाइज करना है। जैसे बिल्डिंग

[02:01:49] स्ट्रक्चर, ग्रुपिंग, टास्क, असाइनिंग,

[02:01:51] ड्यूटी, एलोके मतलब सारी चीज़ जैसे एक

[02:01:53] कवर्ड होता है ना इसमें कपड़े सारे ऐसे पड़े

[02:01:55] होते हैं। तो वो जल्दी फुल अप हो जाता है।

[02:01:57] लेकिन उसको प्रॉपर अगर ऑर्गेनाइज़ वे से

[02:01:58] रखोगे तो उसमें बहुत सारी चीजें आ सकती

[02:02:00] है। मतलब मैक्सिमम स्पेस का यूटिलाइज़

[02:02:02] करना। ठीक है? अब ऑर्गेनाइज़ेशन प्रोसेस

[02:02:05] प्लीज़ पढ़ लेना। सबसे पहले हम क्या करते

[02:02:07] हैं? ऑर्गेनाइज़ेशन में डिवीज़न ऑफ़ वर्क

[02:02:09] करते हैं। ब्रेकिंग डाउन करेंगे।

[02:02:10] स्पेसिफिक मैनेजेबल जॉब्स को देन हम क्या

[02:02:13] करेंगे? डिपार्टमेंटलाइजेशन करेंगे। जैसे

[02:02:15] मैं एक यूनिवर्सिटी का एग्जांपल लूं तो

[02:02:16] सबसे पहले हमने डिवीज़ वर्क कर दिया। ठीक

[02:02:19] है? ये क्लर्क का काम है। ये हमारा पूरा

[02:02:21] एग्जामिनर ऑफ़ कंट्रोल है। देन ये होस्टर

[02:02:23] देगा। देन ये हमारा एकेडमिक होंगे। ठीक

[02:02:26] है? ये सारा हमने डिवीज़ ऑफ़ वर्क दे दिया।

[02:02:28] एक मैनेजेबल जॉब दे दी स्पेशलाइज़ेशन के

[02:02:30] लिए। दे यानी उसमें हमें

[02:02:31] डिपार्टमेंटलाइज़ेशन दे दिया। जैसे

[02:02:32] कंप्यूटर का डिपार्टमेंट हो गया। फाइनेंस

[02:02:34] का कंप्यूटर का डिपार्टमेंट हो गया। आपका

[02:02:35] मैनेजमेंट का डिपार्टमेंट हो गया। हिंदी

[02:02:37] डिपार्टमेंट हो गया। और आपका जी अह और

[02:02:40] कौन-कौन से होते हैं? आर्ट्स है ना? ये

[02:02:42] सारे डिपार्टमेंट में आपने स्पेशलाइज़ेशन

[02:02:44] दे दिया। ठीक है? स्पेशलाइज़ेशन के बेसिस

[02:02:46] पे आपने ड्यूटी असाइन कर दी। जैसे अब

[02:02:48] मैनेजमेंट डिपार्टमेंट में भी आपने एचआर

[02:02:50] के एचआर को दिया मार्केटिंग का।

[02:02:52] मार्केटिंग को दिया। फाइनेंस को फाइनेंस

[02:02:53] का दिया। देन अब अब आपने क्या किया? स्टेप

[02:02:56] स्टेपिंग रिपोर्टिंग रिलेशनशिप। कैसे?

[02:02:58] सपोज़ असिस्टेंट प्रोफ़ेसर किसको रिपोर्ट

[02:03:00] करेगा? एचओडी को करेगा। एचओडी किसको

[02:03:02] करेगा? रजिस्ट्रा को करेगा। रजिस्ट्रा

[02:03:04] किसको करेगा? वाइस चांसलर को करेगा। तो ये

[02:03:06] एक ऑर्गेनाइजिंग प्रोसेस होता है। अब

[02:03:09] स्पैन ऑफ कंट्रोल ये एग्जाम में पूछा जाता

[02:03:11] है कि दो तरह का होता है नैरो स्पैन और

[02:03:14] वाइड स्पैन। तो स्पैन कंट्रोल क्या होता

[02:03:16] है? नंबर ऑफ़ सबोर्डिनेट मैनेजर कैन

[02:03:18] इफेक्टिवली सुपरवाइज। कितने सबोर्डिनेट को

[02:03:20] मैनेजर सुपरवाइज कर सकता है। तो नैरो

[02:03:22] स्पैन याद रखना कि जो मैनेजर है ना उसके

[02:03:25] पास बहुत कम एंप्लई होते हैं। ठीक है?

[02:03:27] जैसे ये मैनेजर है तो इसके पास बहुत कम

[02:03:29] है। इस इसलिए ये क्या कहलाता है? टॉल

[02:03:31] कहलाता है। इसमें बहुत सारे लेवल्स होंगे।

[02:03:34] मेनी लेवल देखिए मैनेजर यहां पर आया देन

[02:03:36] इसने इसको बोला देन इसको इसने बोला लेकिन

[02:03:38] कम कम होते हैं वाइड स्पिन में क्या होता

[02:03:40] है कि मेनी एंप्लई होते हैं इसलिए ये

[02:03:42] फ्लैट कहलाता है जैसे इस एक इंसान हमारे

[02:03:45] बहुत सारे एंप्लई को मैनेज कर रहा है ठीक

[02:03:48] है देन रिग्रेसनेस फ़ूला प्लीज इसको मतलब

[02:03:51] इसको आप पढ़ लेना एग्जाम में पूछ लेता है

[02:03:53] कैलकुलेशन करने के लिए पूछा जाता है ये जो

[02:03:55] उठाया था ये ये बताता है कि नंबर ऑफ़

[02:03:58] रिलेशनशिप मैनेजर हैज़ एंड इंक्रीज़ द

[02:04:00] एक्सपोनशेंटली ठीक है कितना अह रिलेशनशिप

[02:04:03] बताता है कि इन्होंने तीन टाइप के

[02:04:05] रिलेशनशिप को आइडेंटिफाई किया था। अह

[02:04:07] डायरेक्ट सिंगल रिलेशनशिप देन हमारा

[02:04:09] डायरेक्ट ग्रुप रिलेशनशिप देन हमारा क्रॉस

[02:04:12] रिलेशनशिप। तो देखो डायरेक्ट सिंगल क्या

[02:04:14] होगा? मैनेजर डायरेक्ट सबोर्डिनेट को

[02:04:15] सुपरवाइज़ कर रहा है। देन हां यस टॉल हो

[02:04:19] गया हमारा वर्टिकल हॉरिजॉन्टल हो गया

[02:04:20] हमारा वाइट। वेरी गुड।

[02:04:23] देखो डायरेक्ट सिंगल जो रिलेशनशिप है वो

[02:04:25] मैनेजर सिर्फ इंडिविजुअल सबोर्डिनेट के

[02:04:28] साथ है। डायरेक्ट ग्रुप रिलेशनशिप है जो

[02:04:30] मैनेजर क्या कर रहा है? टू अ ग्रुप ऑफ़

[02:04:32] सबोर्डिनेट इंटक्ट टुगेदर। मतलब वह एक

[02:04:34] मैनेजर एक ग्रुप के साथ इंटैक्ट कर रहा

[02:04:36] है। ठीक है? क्रॉस रिलेशनशिप क्या है? कि

[02:04:38] सबोर्डिनेट इंटैक्ट विद जब सबोर्डिनेट भी

[02:04:40] आपस में इंटैक्ट कर रहे हैं एक दूसरे से

[02:04:42] तो वो क्रॉस रिलेशनशिप है। तो हम यहां पे

[02:04:44] क्या करते हैं? टोटल नंबर ऑफ़ रिलेशनशिप

[02:04:46] कैलकुलेट करते हैं। तो प्लीज इस फ़ूले को

[02:04:48] याद रख लेना कि ये क्या है कि r मतलब

[02:04:52] रिलेशन रिलेशन = n पे पावर। ठीक है? 2 में

[02:04:58] n - 1 + n - 1 ठीक है? टोटल रिलेशनशिप

[02:05:02] नंबर ऑफ सबोर्डिनेशन। तो इस फार्मूले को

[02:05:05] आप याद कर लेना। वो कैलकुलेशन में आपको

[02:05:06] पूछ लिया जाता है। तो अगर आपको याद हो तो

[02:05:09] n हो गया। देन 2 पे पावर n - 1 + n - 1

[02:05:14] ठीक है? अब हमें ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर

[02:05:16] देखो तीन तरह के होते हैं हमारे। लाइन

[02:05:18] ऑर्गेनाइजेशन होती है। देन हमारा लाइन एंड

[02:05:21] स्टाफ ऑर्गेनाइजेशन होता है। देन हमारा

[02:05:23] फंक्शनल ऑर्गेनाइजेशन होता है। अब लाइन

[02:05:25] ऑर्गेनाइजेशन सबसे सिंपलेस्ट है। अथॉरिटी

[02:05:27] हमारी टॉप टू बॉटम होती है। जैसे मैंने

[02:05:29] आपको बता दिया ये हमारा स्ट्रक्चर होता

[02:05:32] है। तो ये हमारा इस तरीके से लाइन

[02:05:33] ऑर्गेनाइजेशन काम करती है। जिसे हम

[02:05:35] मिलिट्री और स्केलर स्ट्रक्चर बोलते हैं

[02:05:37] जो बहुत रिजिड है। लाइन एंड स्टाफ क्या

[02:05:39] होता है? जब इस लाइन ऑर्गेनाइज़ेशन में आप

[02:05:41] अह एक्सपर्ट ऐड कर देते हो। जैसे फॉर

[02:05:43] एग्ज़ांपल कि लाइन प्रॉपर काम हो रहा है।

[02:05:45] लेकिन आपने क्या किया? स्टाफ ऑर्गेनाइजेशन

[02:05:47] होती थी कि वो क्या करेंगे? आपको एडवाइस

[02:05:49] देंगे कि यस आप इस काम को बहुत अच्छे से

[02:05:51] कर सकते हो। लेकिन डिसीजन किसका रहेगा?

[02:05:53] लाइन मैनेजर का रहेगा। ठीक है?

[02:05:56] लाइन हैज़ अथॉरिटी दे डू द वर्क, स्टाफ हैज़

[02:05:59] अ एडवाइज़री पावर, थिंक एंड एडवाइस। ठीक

[02:06:01] है? देन फंक्शनल ऑर्गेनाइज़ेशन। फंक्शनल

[02:06:03] ऑर्गेनाइज़ेशन क्या होती है? कि

[02:06:04] डिपार्टमेंट स्पेशलाइज़ेशन के बेसिस पर

[02:06:06] क्रिएट करते हैं। जैसे एचआर हो गया,

[02:06:08] मार्केटिंग हो गया, प्रोडक्शन हो गया। ठीक

[02:06:10] है? तो ये क्या करता है? ये प्रमोट करता

[02:06:12] है डीप स्पेशलाइज़ेशन कैन लीड टू स्लो

[02:06:15] मेंटालिटी। स्लो मेंटालिटी क्या होती है

[02:06:17] कि जो एचआर डिपार्टमेंट है ना वो फाइनेंस

[02:06:19] से बात नहीं करेगा। उसे ऐसा लगेगा कि मेरी

[02:06:21] इनेशन उसके पास चली जाएगी। तो याद रखना इस

[02:06:24] टर्मोलॉजी को।

[02:06:27] अब हम आते हैं अ मैट्रिक्स ऑर्गेनाइजेशन।

[02:06:30] तीन हमने पढ़ लिए। देन नेक्स्ट है हमारा

[02:06:32] मैट्रिक्स। मैट्रिक्स क्या कहता है? हमारा

[02:06:35] कंबाइन फंक्शनल और प्रोजेक्ट स्ट्रक्चर।

[02:06:37] जब एक साथ फंक्शन और प्रोजेक्ट स्ट्रक्चर

[02:06:39] हो जाते हैं तब ये हमारा मैट्रिक्स

[02:06:41] ऑर्गेनाइजेशन बन जाता है। एन एंप्लई

[02:06:43] बिलोंग टू द परमानेंट फंक्शन डिपार्टमेंट

[02:06:44] बट असाइन अ टेंपरेरी। देखो ऑलरेडी हमारे

[02:06:47] फंक्शन डिपार्टमेंट है मार्केटिंग एचआरएम

[02:06:49] फाइनेंस लेकिन उसके साथ हमने क्या किया?

[02:06:51] टेंपरेरी प्रोजेक्ट भी असाइन कर दिए। तो

[02:06:53] उसे बोलेंगे मैट्रिक्स। ठीक है? ये वॉलेट

[02:06:55] फॉइल करता है जो हमारा हैंडी का यूनिटी ऑफ़

[02:06:58] कमांड था। इसने इसको रिजेक्ट कर दिया।

[02:07:00] क्योंकि एंप्लई के पास दो बॉस हो गए। एक

[02:07:02] तो फंक्शनल हेड हो गया, एक प्रोजेक्ट

[02:07:04] मैनेजर हो गया। ठीक है? देन नेटवर्क

[02:07:06] वर्चुअल ऑर्गेनाइजेशन स्मॉल कोर

[02:07:08] ऑर्गेनाइजेशन होती है जो आउटसोर्स मेजर

[02:07:10] बिज़नेस फंक्शन ठीक है तो ये स्मॉल कोर

[02:07:12] ऑर्गेनाइज़ आउटसोर्स करती है मेजर बिज़नेस

[02:07:14] फंक्शन को जैसे मनी हो गया अकाउंटिंग हो

[02:07:17] गया टू द एक्सटर्नल एजेंसी बाहर से करती

[02:07:20] है तो ये क्या है हमारी बाउंड्री लेस

[02:07:21] स्ट्रक्चर है हाईली फ्लेक्सिबल है ये

[02:07:23] हमारी आईटी पे डिपेंड है अब देखो डेलीगेशन

[02:07:27] वर्सेस डिसेंट्रलाइजेशन क्या होता है याद

[02:07:29] रखना हमारा जो डेलीगेशन है वो क्या है तीन

[02:07:32] तरह की तीन एलिमेंट होते हैं अथॉरिटी मतलब

[02:07:34] पावर है कि यस वो डिसीजन बना सकता है,

[02:07:36] ऑर्डर दे सकता है। तो अथॉरिटी को हम

[02:07:38] डेलीगेट कर सकते हैं। ठीक है? देन

[02:07:41] रिस्पांसिबिलिटी ऑब्लिगेशन है जो आपको

[02:07:43] टास्क मिला हुआ है उसको कंप्लीट कर सकते

[02:07:45] हैं। इसे हम डेलीगेट कर सकते हैं। बट द

[02:07:48] मैनेजर शेयर इट। पर मैनेजर इसको बोलेगा।

[02:07:51] देन अकाउंटेबिलिटी बीइंग आंसरेबल जो आपका

[02:07:54] फार्मर आउटकम हुआ वो आंसरेबल होना चाहिए।

[02:07:56] इसको हम डेलीगेट नहीं कर सकते। मतलब अब

[02:07:58] इसको हम ट्रांसफर नहीं कर सकते। इफ इवन इफ

[02:08:01] अ मैनेजर डेलीगेट वर्क टू सबोर्डिनेट।

[02:08:03] सपोज़ करो मैंने कोई काम दिया आपको है ना

[02:08:06] वर्क दे दिया अगर सबोर्डिनेट फेल हो गया

[02:08:08] तो मैनेजर मैं ही 100% अकाउंटेबल हूं बॉस

[02:08:12] को रिपोर्ट करने के लिए सबोर्डिनेट नहीं

[02:08:14] है तो याद रखना अकाउंटेबिलिटी डेलीगेट

[02:08:16] नहीं होती अथॉरिटी रिस्पांसिबिलिटी हमारी

[02:08:19] हो जाती है

[02:08:21] बता दिया डेलीगेशन डिसेंट्रलाइजेशन में

[02:08:23] डिफरेंस क्या होगा पासिंग अथॉरिटी फ्रॉम

[02:08:25] सुपीरियर टू इमीडिएट सबोर्डिनेटेड

[02:08:27] डिसेंट्रलाइजेशन क्या होता है सिस्टमेटिक

[02:08:29] कंपनी वाइड डिस्पर्स अथॉरिटी लोएस्ट

[02:08:31] पॉसिबल लेवल हम यहां पे क्या होते हैं

[02:08:33] हमने क्या कर दिया कि अथॉरिटी को यहां पे

[02:08:35] तो हमने सिर्फ अपने इमीडिएट सबोर्डिनेट को

[02:08:38] दिया है मुझसे नीचे वाले को लेकिन

[02:08:40] डिसेंट्रलाइजेशन भी क्या करते हैं? हम

[02:08:41] पूरी अथॉरिटी को लोएस्ट पॉसिबल लेवल पे

[02:08:44] डिस्पर्स कर देते हैं। ये कंपलसरी एक्ट

[02:08:46] होता है। मैनेजर कैन डू ऑल वर्क अलोन। ठीक

[02:08:49] है?

[02:08:50] डेलीगेशन यह ऑप्शनल पॉलिसी है कि उसे

[02:08:52] डिसीजन लेना है टॉप मैनेजमेंट को

[02:08:54] डिसेंट्रलाइज करना है या नहीं करना है

[02:08:56] इसको यह नैरो है क्योंकि ये दो लोगों के

[02:08:59] बीच में होती है ये वाइड है क्योंकि पूरी

[02:09:00] ऑर्गेनाइजेशन के बीच में होती है इस

[02:09:02] सुपीरियर रिटेन मैक्सिमम कंट्रोल यहां पे

[02:09:04] मैक्सिमम कंट्रोल रहता है या लोअर लेवल

[02:09:05] गेट अ हाई ऑटोनोमी और मैनेजर ओनली चेक द

[02:09:08] ओवरऑल रिजल्ट तो डिसेंट्रलाइज़ेशन को क्या

[02:09:10] होगा मैंने अथॉरिटी दे दी बॉटम लेवल पे हर

[02:09:13] चीज़ को बॉस जो ओनर है ना वो सारी चीज़ों को

[02:09:15] नहीं मैनेज कर सकता ठीक है

[02:09:18] फॉर्मल इनफ इनफॉर्मल की बात करूं तो

[02:09:20] फॉर्मल क्या हो गया? आपको पता है कि एक

[02:09:22] मैनेज एक गोल होता है। रूल ऑफिशियल

[02:09:25] अथॉरिटी होती है। स्कैलर चेन होती है।

[02:09:27] इनफॉर्मल ऑर्गेनाइजेशन क्या होता है? जब

[02:09:29] आप सोशल इंटरेक्शन करते हो एंप्लई के साथ

[02:09:31] जैसे ऑथर ने स्टडी में बोला था कोई भी

[02:09:33] रिटन रेगुलेशन नहीं होता। ये ग्रेबाइन

[02:09:35] होता है। तो एग्जाम में पूछ लिया जाता है।

[02:09:36] ग्रेबाइन क्या है? इनफॉर्मल कम्युनिकेशन

[02:09:39] है। देन स्टाफिंग। स्टाफिंग क्या है? आपको

[02:09:41] पता है? ह्यूमन रिसोर्स फंक्शन ऑफ़

[02:09:43] मैनेजमेंट है। ये क्या करता है? प्रोसेस

[02:09:45] ऑफ़ फीलिंग। जो हमने पूरा ऑर्गेनाइज़ करा है

[02:09:47] ना अब हमें एक्चुअल पर्सन वहां पे फिल

[02:09:49] करने हैं। जैसे मार्केटिंग के लिए, टीचर,

[02:09:51] फाइनेंस के लिए, एचआर के लिए। तो याद रखना

[02:09:54] राइट पर्सन फॉर द राइट जॉब विद द राइट

[02:09:56] क्वालिफिकेशन एट द राइट टाइम। तो

[02:09:58] स्टार्टिंग प्रोसेस में हम क्या करते हैं?

[02:10:00] ह्यूमन रिसोर्स प्लानिंग करते हैं। जितना

[02:10:02] भी एचआर है वो हम करते हैं। रिक्रूटमेंट

[02:10:04] करते हैं। देन सिलेक्शन करते हैं। तो हाउ

[02:10:06] मेनी एंप्लई आर नीडेड? व्हाट टाइप ऑफ़

[02:10:07] स्किल? ये मेन पावर प्लानिंग हो गई।

[02:10:09] रिक्रूटमेंट में प्रिस्पेक्टिव सर्च ऑफ़

[02:10:11] प्रिस्पेक्टिव पूल ऑफ़ कैंडिडेट जो अप्लाई

[02:10:13] करते हैं वो रिक्रूटमेंट है। सिलेक्शन

[02:10:15] क्या है? बेस्ट कैंडिडेट को चूज़ करना पूल

[02:10:17] ऑफ़ अपेंट से और रिजेक्ट करना अनसूटेबल वन

[02:10:19] को। देन प्लेसमेंट और ओरिएंटेशन। अब हम

[02:10:22] क्या करते हैं कि जैसे ही हमने सेलेक्ट कर

[02:10:24] दिया। अब हम उन्हें सिलेक्टेड पर्सन को

[02:10:26] प्लेस करेंगे। देन इंट्रोडक्शन करेंगे

[02:10:28] अपने कल्चर के बारे में, अपने रूल्स के

[02:10:29] बारे में, अपने कलीग्स के बारे में। ठीक

[02:10:32] है? देन ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट।

[02:10:34] इंप्रूविंग द एंप्लई करंट स्किल। और

[02:10:36] ट्रेनिंग के थ्रू हम इंप्रूव करेंगे। देन

[02:10:38] फ्यूचर के लिए उनका डेवलपमेंट करेंगे। देन

[02:10:40] परफॉर्मेंस अप्रोच और हम उनकी परफॉर्मेंस

[02:10:43] भी चेक करेंगे उसके बेसिस पे कि जो हमने

[02:10:45] एक्चुअल परफॉर्मेंस क्या है जो हमने

[02:10:47] स्टैंडर्ड सेट किया है। ठीक है? अब

[02:10:49] रिक्रूटमेंट और ये एग्जाम में पूछ लिया

[02:10:51] जाता है वैसे तो एचआरएम में है लेकिन आप

[02:10:52] यहां पर पढ़ लो कि देखो रिक्रूटमेंट याद

[02:10:55] रखना पॉजिटिव प्रोसेस है क्योंकि यहां पे

[02:10:56] बहुत सारे कैंडिडेट अप्लाई कर रहे हैं।

[02:10:58] सिलेक्शन क्या है? नेगेटिव प्रोसेस है

[02:10:59] क्योंकि यहां पे क्या करो? रिजेक्ट कर रहे

[02:11:00] हो अनक्वालीफाइड कैंडिडेट को। यह हमारा

[02:11:03] फर्स्ट आता है कम फर्स्ट देन इसके बाद ही

[02:11:06] हमारा सिलेक्शन आता है। इसमें कोई

[02:11:07] रिस्ट्रिक्शन नहीं होता। कोई भी अप्लाई कर

[02:11:09] सकता है। यह हाईली रिस्ट्रिक्शन होते हैं।

[02:11:10] इसमें फिल्टर आउट करते हैं। हर सिक्स

[02:11:12] स्टेप है। देन टाइप ऑफ़ सिलेक्शन अगर आप

[02:11:14] बात करूं कौन से टेस्ट हैं? तो याद रखना

[02:11:16] इंटेलिजेंट टेस्ट है जो आपके आईक्यू

[02:11:18] रीजनिंग एबिलिटी जनरल मेंटल कैपेसिटी को

[02:11:20] देखता है। ऐपटीट्यूड टेस्ट जो आपके

[02:11:22] पोटेंशियल टू लर्न न्यू स्किल एंड फ्यूचर

[02:11:24] को देखता है। ट्रेड एंड अचीवमेंट टेस्ट जो

[02:11:26] आपके मेजर करता है आपकी स्किल नॉलेज जो

[02:11:29] आपके पास ऑलरेडी है। देन पर्सनालिटी टेस्ट

[02:11:31] आपके इमोशनल मैच्योरिटी वैल्यू को देखता

[02:11:33] है। देन ट्रेनिंग ये सारा हमारे स्टाफिंग

[02:11:36] के अंदर है ना सारे फंक्शन। तो ट्रेनिंग

[02:11:38] के अंदर अगर हम बात करें ऑन द जॉब। ऑन द

[02:11:40] जॉब क्या होता जब आप कंपनी में रहते हुए

[02:11:42] कोई ट्रेनिंग ले रहे हो तो उसे ऑन द जॉब

[02:11:44] बोलते हैं। जब कंपनी में बाहर करते हो तो

[02:11:46] उसे ऑफ द जॉब बोलते हैं। लर्निंग व्हाइल

[02:11:48] डूइंग ठीक है? एंप्लई ट्रेन एक्चुअल वर्क

[02:11:50] प्लेस तो अप्रेंटिसशिप हो गई। ठीक है?

[02:11:52] मास्टर वर्कर के अंदर जैसे प्लंबर हो गया,

[02:11:54] अप्रेंट इलेक्ट्रिशियन हो गया, जॉब रोटेशन

[02:11:56] हो गई। जब आप एंप्लई एक डिपार्टमेंट से

[02:11:58] दूसरे पार्ट पे रूल कर रहा है। अंडरस्टडी

[02:12:00] हो गई कि ट्रेनिंग अ सबोर्डिनेट टू

[02:12:02] टेंपरेरी टास्क टेक ओवर द बॉस शॉप। तो हम

[02:12:05] अंडरस्टडी क्यों करते हैं? जब हमें लगता

[02:12:07] है कि अपने सबोर्डिनेट है उसको हम

[02:12:09] ट्रेनिंग ही करते हैं टेंपरेरी कि अगर

[02:12:10] सपोज़ करो बॉस की जॉब ओवर हो जाए। ठीक है?

[02:12:14] उसको करने के लिए तो हम अंडरस्टडी करते

[02:12:16] हैं। देन ऑफ द जॉब में वेस्ट वर्ल्ड

[02:12:18] ट्रेनिंग मतलब सेम एनवायरमेंट क्रिएट करते

[02:12:20] हैं। और कोई ऐसी चीज़ बिलकुल सेम करते हैं।

[02:12:23] लेकिन एक्चुअल प्लेस नहीं होती है। ठीक

[02:12:24] है? देन रोल प्लेइंग हम रियल वर्ल्ड वर्क

[02:12:27] प्लेस सिनेरियो क्रिएट करते हैं। देन हम

[02:12:28] रोल प्ले करते हैं। असेसमेंट सेंटर होते

[02:12:30] हैं। देन केस स्टडी पास्ट बिज़नेस प्रॉब्लम

[02:12:32] के बेसिस पे हम एनालिसिस करते हैं। देन

[02:12:34] परफॉर्मेंस अप्रजल की बात करूं मैं तो

[02:12:36] आपको पता है कौन-कौन सी परफॉर्मेंस अप्रजल

[02:12:38] होती है। हमारा पेयर्ड कंपैरिजन जब हम एक

[02:12:41] एंप्लई को कंपेयर करते हैं अदर एंप्लई को

[02:12:43] ग्रुप में या वन बाय वन में। ठीक है? ये

[02:12:45] ट्रेडिशनल फ़ डिस्ट्रीब्यूशन आपने फिक्स कर

[02:12:47] दिया कि 10 बच्चों 10 वर्कर को एक्सीडेंट

[02:12:49] देना है, 80% को एवरेज देना है, 10% को

[02:12:52] पुअर करना है। ठीक है? तो इस तरीके का ये

[02:12:54] कर्व होता है। अगर आपको याद हो तो फोर्स

[02:12:56] में मतलब इस तरीके से जाएगा। ठीक है?

[02:12:59] ग्राफिक रेटिंग स्किल ओल्ड एंड मोस्ट कॉमन

[02:13:02] मेथड है। रेटिंग एंप्लई ऑन प्रिंटेड

[02:13:03] ट्रेड्स लाइक अ पंचुअलिटी टीम ब्रेक तो

[02:13:06] स्किल हम वन टू फाइव देते हैं। देन

[02:13:08] क्रिटिकल इंसिडेंट मेथड मैनेजर ओनली

[02:13:10] रिकॉर्ड क्रिटिकल जो हाइली पॉजिटिव या

[02:13:11] हाईली नेगेटिव बिहेवियर को रिकॉर्ड करता

[02:13:13] है और सारे रिटन वर्क को इग्नोर कर देता

[02:13:16] है। देन मॉडर्न की बात करूं तो 360° है।

[02:13:19] ठीक है? 360° क्या होता है? जो हम हर किसी

[02:13:21] से फीडबैक लेते हैं। बहुत सबोर्डिनेटेड

[02:13:23] पीियर्स कस्टमर इवन सेल्फ अप्रेज़। बार्स

[02:13:26] क्या होता है? बिहेवियर एंकर रेटिंग

[02:13:28] स्किल। फुल फॉर्म पूछ लेता है। ये

[02:13:30] साइंटिफिक है जो ग्राफिक रेटिंग स्किल और

[02:13:32] क्रिटिकल इंसिडेंट मेथड को मिलाके बनती

[02:13:35] है। जब आप किसी रेट रीड करते हो एंप्लई को

[02:13:37] स्पेसिफिक ऑब्ज़रवरे बिहेवियर के बेसिस पे।

[02:13:39] देन एमबीओ मैनेजमेंट बाय ऑब्जेक्टिव जो कि

[02:13:42] हमारी पीटर ड्रकन ने दी थी। एंड अप्रेज़ल

[02:13:44] इज़ स्ट्रिक्टली बेस्ड ऑन द वेदर एंप्लई

[02:13:46] अचीव द गोल दे जॉइंटली सेड विथ द मैनेजर।

[02:13:48] देन असेसमेंट सेंटर यह मोस्ट फॉर द

[02:13:51] एग्जीक्यूटिव प्रमोशन के लिए होता है।

[02:13:52] मैनेजर क्या करते हैं? एक ग्रुप डिस्कशन

[02:13:54] हो गए, बिज़नेस को गेम्स हो गए,

[02:13:56] साइकोलॉजिकल टेस्ट लेते हैं। टू टू थ्री

[02:13:58] डे व्हाइल बीइंग ऑब्ज़र्व बाय एक्सपर्ट

[02:13:59] साइक्लो। वहां पे बहुत सारे एक्सपर्ट होते

[02:14:01] हैं। फिर उनसे ये सारी चीज़ करवाते हैं।

[02:14:03] उनके बेसिस पे उन्हें देखते हैं कि इनमें

[02:14:04] किसमें फ्यूचर पोटेंशियल है। अब कोई बच्चा

[02:14:07] मुझे बताएगा 70 720° फीडबैक क्या होता है?

[02:14:11] प्लीज़ बताना कोई।

[02:14:14] 720° अप्रेज़ल क्या होता है? नया आया है

[02:14:17] ना? पूछ सकता है। देन डायरेक्टिंग आए। अगर

[02:14:20] आपको डायरेक्टिंग पता हो तो यह फ़ोर्थ मेजर

[02:14:22] फंक्शन मैनेजमेंट है और यह हार्ट कहलाता

[02:14:24] है। क्योंकि अब यहां से एक्चुअल काम

[02:14:26] स्टार्ट हो रहा है। ठीक है? एक्चुअल में

[02:14:29] यहां से स्टार्ट हो रहा है। तो प्लानिंग

[02:14:30] ऑर्गेनाइजिंग ये सब प्रिपरेशन है।

[02:14:32] डायरेक्टिंग क्या है? एक्चुअल एक्शन

[02:14:33] बिगेन। देन आप ये आप अच्छे से याद कर

[02:14:36] लेना। सुपरविज़न, मोटिवेशन, लीडरशिप एंड

[02:14:39] कम्युनिकेशन। तो सुपरविज़न क्या है? जो

[02:14:41] इंश्योर करते हैं कि वर्किंग अकॉर्डिंग टू

[02:14:43] प्लांस हो रहा है या नहीं। देन मोटिवेशन

[02:14:45] क्या है हमारा? स्टिमुलेटिंग इंस्पायरिंग

[02:14:47] पीपल टू परफॉर्म देयर बेस्ट कैपेसिटी देन

[02:14:49] लीडर लीडरशिप क्या होगा? इन्फ्लुएंसिंग द

[02:14:51] बिहेवियर टू टाइम 360° करेक्ट। और कोई

[02:14:55] बच्चा एक्सप्लेन करो। यस यस देखो यस यस

[02:15:00] वेरी गुड। हम एक बार 360° फेडबिक कर दिया।

[02:15:03] तो कुछ दिन बाद हम फिर से करेंगे कि हम ये

[02:15:05] देखेंगे कि कंसिस्टेंसी है या नहीं है।

[02:15:08] वेरी गुड।

[02:15:11] चार एलिमेंट अच्छे से याद कर लेना। ठीक

[02:15:13] है? अब हम लीडरशिप का भी पढ़ेंगे। ये देखो

[02:15:15] ओबी में हम सारा पढ़ेंगे लेकिन हमें पता

[02:15:17] नहीं है ना कितना किस बेसिस पे हमारा टाइम

[02:15:20] फज़ चल रहा है। कभी तबीयत कभी एक्सेप्शन भी

[02:15:22] हो जाता है। तो आप यहां पढ़ लो। ठीक है?

[02:15:24] 720 में टू टाइम्स इवैल्यूएशन होता है।

[02:15:26] 360° फिर कुछ टाइम बाद फिर 360° करते हैं।

[02:15:30] ठीक है? प्लीज ऐसे मत करना कि उसको डबल कर

[02:15:32] दो। एक टाइम ड्यूरेशन के बाद करते हैं।

[02:15:35] 360° ही है वो। ठीक है?

[02:15:38] कंसिस्टेंसी चेक करने के लिए। ऑटोक्रेटिक

[02:15:41] कौन होता है? जो बहुत सारे डिसीजन लेता

[02:15:43] है। ठीक है? ठीक है? वन वे कम्युनिकेशन

[02:15:45] होता है। डेमोक्रेटिक क्या होगा? कि बॉस

[02:15:47] रिजल्ट सबोर्डिनेट बिफोर कुछ भी डिसीजन

[02:15:50] मतलब उनसे डिसीजन लेने से पहले वो कंसल्ट

[02:15:52] करेगा। ठीक है? देन ये टू वे कम्युनिकेशन

[02:15:55] होता है। देन लेजिस्फियर क्या होता है?

[02:15:56] फ्री रेन। बॉस पूरी कंप्लीट फ्रीडम दे

[02:15:58] देता है सबोर्डिनेट को कि यस आप डिसीजन

[02:16:01] लो। ठीक है? और वो सिर्फ उसे क्योंकि

[02:16:04] उन्हें पता है कि उनके जो वर्कर हैं वो

[02:16:06] हाइली स्केलेबल है। देखो यहां पे इलिटरेट

[02:16:08] वर्कर होंगे तब ऑटोक्रेटिक चाहिए। यहां पर

[02:16:10] बहुत हाईली स्किल होंगे, सेल्फ मोटिवेटेड

[02:16:12] होंगे तो फ्री रेंज चल जाएगा।

[02:16:14] पैटर्नलिस्टिक बॉस्ट एक्ट लाइक अ फादर

[02:16:16] फिगर टेक केयर ऑफ़ एंप्लई नीड बट रिटेन

[02:16:18] फाइनल डिसीजन मेकिंग पावर। ठीक है? तो

[02:16:21] फादर फिगर की तरह काम करता है। देन ब्लैक

[02:16:23] एंड माउंटेन ये हम पढ़ेंगे लेकिन अभी भी पढ़

[02:16:26] लो या आपने पढ़ चुके होंगे। ये बार-बार

[02:16:28] पूछता है। ओनली बॉस कैन डिसीजन। यस

[02:16:30] ऑटोक्रेटिक में बॉस लेता है। देखो वन वन

[02:16:33] वन है। जैसे आपने ग्रेड पढ़ा होगा अगर

[02:16:35] मैनेज में उसका नाइन जो ग्रेड होता है इस

[02:16:38] तरीके से चलता है। ठीक है? तो जो हमारा वन

[02:16:40] वन है ये जो वन वन है ये हमारा क्या है

[02:16:43] इंप्रोवाइज मैनेजमेंट ना तो ये काम के लिए

[02:16:45] सीरियस है ना रिलेशनशिप के लिए सीरियस है

[02:16:48] ठीक है देन हमारा आता है वन 1 / 9 ठीक है

[02:16:53] जो 1 / 9 क्या होता है टास्क जो काम के

[02:16:55] लिए तो बहुत सीरियस है ठीक है

[02:16:59] 3 720 जो 720 20 होता है ना उसमें हम दो

[02:17:04] बार करते हैं 360

[02:17:06] ठीक है एक टाइम जैसे आपने एक बार कर दिया

[02:17:10] देन आप फिर कुछ टाइम बाद करोगे क्योंकि

[02:17:12] कंसिस्टेंसी को देखने के लिए कि जो आप

[02:17:14] फीडबैक दिया है वह प्रॉपर दिया है या नहीं

[02:17:16] दिया है। ओके

[02:17:19] देन आपका नाइन वन आ गया टास्क जो हाइली

[02:17:22] वर्क फोकस बेस्ड है। कंट्री क्लब यहां पे

[02:17:24] हो गए। देन कलंटी क्लब क्या होते हैं जो

[02:17:26] रिलेशनशिप को ज्यादा प्रायोरिटी देते हैं

[02:17:27] लेकिन वर्क को नहीं देते हैं। मिडिल रोड

[02:17:29] रोड ऑफ़ मैनेजमेंट हो गया आपका जो कंसर्न

[02:17:31] दोनों के लिए है। कॉम्प्रोमाइजिंग स्टाइल

[02:17:33] है और सबसे अच्छा रहता है हमारा 9/9 जो कि

[02:17:36] टीम मैनेजमेंट है मैक्सिमम कंसर्न फॉर बोथ

[02:17:38] प्रोडक्शन एंड पीपल। देन अब हम मैटिवेशन

[02:17:41] थ्योरी एडवांस पढ़े। अभी हमने पढ़ ली थी

[02:17:43] बिहेवियर साइंस अप्रोच में। अगर और भी

[02:17:45] पढ़ोगे तो विक्टर ब्रूम ने कौन सी दी थी?

[02:17:47] एक्सपेक्टेंसी थ्योरी दी थी। आपको पता है

[02:17:49] कि तीन चीजें होती हैं। वेलेंस,

[02:17:52] इंस्ट्रूमेंटलिटी एंड एक्सपेंडेंसी। अगर

[02:17:54] इनमें से कोई सी भी जीरो हो जाएगा तो आपका

[02:17:56] मोटिवेशन जीरो होगा। वेलेंस क्या है? हाउ

[02:17:59] मच यू वांट रिवॉर्ड। ठीक है?

[02:18:01] इंस्ट्रूमेंटली क्या है? बिलीव करना है कि

[02:18:02] अगर मैं परफॉर्मेंस अच्छा होगा तो मुझे

[02:18:04] रिवॉर्ड मिलेगा। और एक्सपेक्टेंसी क्या

[02:18:07] है? बिलीव दैट एफर्ट्स जो मेरा एफर्ट्स है

[02:18:09] उससे मेरी परफॉर्मेंस अच्छी आएगी। ठीक है?

[02:18:11] क्लेटर एडरफ ने ईआरजी थ्योरी दी थी। याद

[02:18:13] रखना जो मैस्रो हरार्की नीड थ्योरी है

[02:18:15] उसको ही तीन कैटेगरी में बांट दिया था।

[02:18:18] एग्जिस्टेंस, रिलेटिवनेस और ग्रोथ। पर जो

[02:18:21] हमारा मैसो था ना उसने ये बोला था कि

[02:18:23] हमेशा जो हमारी मोटिवेशन है हमेशा ऐसे

[02:18:26] जाता है। इस तरीके से जाता है।

[02:18:33] ठीक है? वो तो वक्त बताएगा। ठीक है? हम भी

[02:18:35] ह्यूमन बीइंग है ना? तो देखो अभी

[02:18:38] स्टार्टिंग मोटिवेशन तो यही है कि करना

[02:18:40] है। अब देखो हमारे एज ए फैमिली मेंबर होने

[02:18:43] के साथ मैनेज करना ना एज ए वुमेन को बहुत

[02:18:46] डिफिकल्ट होता है। ठीक है? यह जब सब सारा

[02:18:49] कंप्लीट वर्क हो जाता है जब मैं यहां पे

[02:18:51] अब अपना जो कहते है ना स्लीपिंग नाइट को

[02:18:53] डिस्टर्ब करके मैं यहां पर पढ़ाने आती

[02:18:55] हूं। तो देखो एग्जिस्टेंस रिलेटिवनेस

[02:18:59] ग्रोथ तो आपको पता है इसमें क्या होता है

[02:19:00] कि सिर्फ उसमें ये था कि हमारी हमेशा नीड

[02:19:03] ऐसे जाती है लोएस्ट टू हाईएस्ट। लेकिन

[02:19:05] ईआरजी ने क्या बोला कि नहीं ये हमारा

[02:19:07] फ्रस्ट्रेशन रिग्रेशन प्रिंसिपल है। अगर

[02:19:09] हायर नीड आपकी ब्लॉक हो गई तो अब आप क्या

[02:19:11] करोगे? लोअर नीड पे आ जाओगे। सपोज़ करो अगर

[02:19:14] आपकी सेल्फस्टीम नहीं हुई तो आप क्या

[02:19:16] करोगे? सोशल नीड पे बैक टू लाइफ पैदा हुए।

[02:19:18] देन डेविड मैकलैंड की थ्योरी थी। उन्होंने

[02:19:21] टीम दी थी। नीड फॉर अचीवमेंट, नीड फॉर

[02:19:23] पावर एंड नीड फॉर अफिलिएशन। मुझे ये तो

[02:19:25] बता दो कितने टोटल स्टूडेंट हैं यहां पे।

[02:19:33] ठीक है?

[02:19:39] एक सेकंड।

[02:19:49] ठीक है। देन डेविड मैकलैंडो आया था।

[02:19:52] मैकलैंड आया था। उन्होंने तीन थ्योरी दी

[02:19:53] थी। याद रखिए। नीड ऑफ़ अचीवमेंट, नीड ऑफ़

[02:19:55] पावर, नीड ऑफ़ अिलिएशन। प्लीज जाके डिटेल

[02:19:57] में पढ़ सकते हो कि इन्होंने बोला कि यस

[02:20:00] तीन है। एक तो अचीवमेंट आप हाईली बहुत

[02:20:02] ज्यादा अह अपने गोल को अचीव करने के लिए

[02:20:04] हैं। देन पावर के बेसिस पे आप मोटिवेट हो

[02:20:06] सकते हो क्योंकि आपके पास पावर है। देन

[02:20:08] रिलेशनशिप के बेसिस पे। देन जे स्टेकी

[02:20:10] एडमम्स ने इक्विटी थ्योरी दी थी। उन्होंने

[02:20:12] बोला कि जो एंप्लई होते हैं वो अपने इनपुट

[02:20:14] वर्सेस आउटपुट को कंपेयर करते हैं दूसरों

[02:20:16] के साथ। अगर उनको ऐसा लगेगा कि उन्हें

[02:20:17] अंडर पेड मिल रहा है या कंपेयर टू द को

[02:20:20] वर्कर डूइंग द एग्जैक्ट सेम जॉब तो वो

[02:20:21] अपना मोटिवेशन लूज़ कर देंगे। देन

[02:20:23] कम्युनिकेशन मैं ऑलरेडी बहुत डिटेल में

[02:20:26] पेपर वन में पढ़ा चुकी हूं। पेपर टू में

[02:20:28] पढ़ा चुकी हूं। जाके देख लेना। कम्युनिकेशन

[02:20:30] जो होता है वो हमारा अह क्या होता है?

[02:20:32] फॉर्मल एंड इनफॉर्मल कम्युनिकेशन है। ठीक

[02:20:34] है? फॉर्मल कम्युनिकेशन हमेशा याद रखना जो

[02:20:36] ऑफिशियल चैनल के थ्रू आता है। स्केलर चैनल

[02:20:38] के थ्रू आता है। जैसे ये है हमारा एक

[02:20:41] स्ट्रक्चर तो फॉर्मल कम्युनिकेशन होगा

[02:20:43] हमारा अपवर्ड।

[02:20:45] एक तो अपवर्ड हो गया। ठीक है? देन हमारा

[02:20:48] हॉरिजॉन्टल और डायगोनल तीन तरह के

[02:20:50] कम्युनिकेशन होते हैं। तो फॉर वर्टिकल

[02:20:52] कम्युनिकेशन क्या हो गया? जो आपका ऊपर से

[02:20:54] नीचे जा रहा है उसे क्या बोलेंगे? हम ऊपर

[02:20:57] से नीचे जा रहा है उसे हम टॉप डाउन

[02:20:59] बोलेंगे। और अप डाउन अपवर्ड किसे बोलेंगे?

[02:21:02] जो हमारा नीचे से ऊपर जा रहा है। ठीक है?

[02:21:04] तो प्लीज इसको अच्छे से पढ़ लेना। ओके?

[02:21:09] अच्छा ये बताओ फॉर्मल कम्युनिकेशन का

[02:21:11] कांसेप्ट अ क्लियर है?

[02:21:18] देखो मैं आपको एज ए डायग्राम के थ्रू बता

[02:21:20] देती हूं एक ही लाइन में। जैसे ये हमारा

[02:21:22] एक स्ट्रक्चर है। तो देखो फॉर्मल

[02:21:24] कम्युनिकेशन क्या होता है? हमारा तीन तरह

[02:21:26] का होता है। एक वर्टिकल कम्युनिकेशन होता

[02:21:28] है। एक हमारा हॉरिजॉन्टल होता है। एक

[02:21:30] हमारा डाउनवर्ड होता है। ठीक है? तो

[02:21:33] वर्टिकल में ही दो होते हैं। वर्टिकल में

[02:21:35] आपके दो हो गए। एक अपवर्ड है। ठीक है? यस

[02:21:37] टॉप डाउन बॉटम है। यस करेक्ट। तो अगर

[02:21:39] वर्टिकल है तो उसमें दो होंगे कि यस आपका

[02:21:42] एक ऊपर की तरफ जाएगा, एक आपका नीचे की तरफ

[02:21:44] जाएगा। ठीक है? वो वर्टिकल हो गया। और

[02:21:46] हॉरिजॉन्टल में आपका सेम लेवल डिपार्टमेंट

[02:21:48] होगा और डायगोनल में आपका क्रॉस होगा। ठीक

[02:21:50] है? तो ये आपका इनफॉर्मल कम्युनिकेशन क्या

[02:21:52] होता है? ग्रेव वाइन कम्युनिकेशन होता है।

[02:21:54] जो अनऑफिशियल कम्युनिकेशन के बेसिस पे

[02:21:56] सिसर्स के बेसिस पे ये जैसे रमर्स होते

[02:21:59] हैं। ठीक है? देन अब हम बैरियर्स देखो तो

[02:22:02] सिमेंटिक बैरियर्स का देखना कि लैंग्वेज

[02:22:04] रिलेटेड जो प्रॉब्लम आती है उसे सिमेंटिक

[02:22:05] बैरियर कहते हैं। साइकोलॉजिकल बैरियर्स

[02:22:07] होते हैं जो मेंटल इमोशनल जो आपके ब्लॉक

[02:22:09] करते हैं। ठीक है?

[02:22:16] देन ऑर्गेनाइजेशनल बैरियर। थैंक

[02:22:19] ठीक है? देन ऑर्गेनाइजेशनल बैरियर। थैंक

[02:22:19] यू सो मच। ठीक है? आई होप आप आपका भी जो

[02:22:22] गोल है वो अचीव हो जाए। जो आप मेहनत कर

[02:22:24] रहे हो ना वो अपना भी सब लोग जेआरएफ क्रैक

[02:22:27] कर लो। ठीक है? ठीक है? ऑर्गेनाइजेशन

[02:22:28] बैरियर्स क्या है? प्रॉब्लम अराइजिंग

[02:22:30] फ्रॉम द कंपनी स्ट्रक्चर रूल्स। जो

[02:22:32] ऑर्गेनाइजेशन जो आपकी प्रॉब्लम आ रही है

[02:22:33] आपके स्ट्रक्चर फेवरेबल नहीं है। देन

[02:22:35] पर्सनल बैरियर्स क्या हो गए? जो आपका

[02:22:37] एटीट्यूड है, जो आपका ईगो आ रहा है, जो आप

[02:22:39] में ट्रस्ट डेवलप नहीं कर पा रहा है। तो

[02:22:41] ये सारा हमारा क्या आता है? बैरियर्स ऑफ़

[02:22:43] कम्युनिकेशन। मतलब कम्युनिकेशन को करने

[02:22:45] में जो ब्रेकेज आते हैं वो ये हो गया। देन

[02:22:48] अब आते हैं हम कंट्रोलिंग पे। कंट्रोलिंग

[02:22:50] क्या है? फाइनल कोर फंक्शन है मैनेजमेंट

[02:22:51] का। जो एक्चुअल एक्टिविटी जो हम कर रहे

[02:22:54] हैं वो हमने जो प्लान किया था उससे हम मैच

[02:22:56] करते हैं। तो देखो इसका प्रोसेस याद रख

[02:22:59] लेना कि ये क्या है? सेटिंग परफॉर्मेंस

[02:23:01] स्टैंडर्ड। सबसे पहले क्या करते हैं कि हम

[02:23:03] क्या करते हैं? टारगेट अगेंस्ट जो हमने

[02:23:05] एक्चुअल परफॉर्म जो पहले आपने एक

[02:23:06] स्टैंडर्ड टारगेट सेट किया। सपोज़ करो आप

[02:23:09] सब लोगों ने मैं आप ही का एग्जांपल लेके

[02:23:10] कंट्रोलिंग पढ़ा देती हूं। आप लोगों ने

[02:23:12] टारगेट किया है कि मुझे अपना जीआरएफ क्रॉ

[02:23:15] क्रैक करना है। तो जीआरएफ क्रैक करने के

[02:23:17] लिए आपने एक टारगेट सेट किया कि मुझे

[02:23:19] कितना लेके आना है? मुझे 99%ाइल लेके आने

[02:23:22] हैं। ठीक है? यह आपने एक टारगेट सेट किया।

[02:23:24] अब आपने उसके बेसिस पे अब आप क्या करोगे?

[02:23:29] गोल बनाओगे ना? सेटिंग करोगे ना? देन उसको

[02:23:32] क्या करोगे? मेजर। अच्छा एक सेकंड ये मेरा

[02:23:35] कंप्लीट नहीं है। ठीक है? तो अब आपने

[02:23:37] टारगेट किसके बेसिस पे किया? जो आपने

[02:23:39] टारगेट बनाया अब उसे एक्चुअल परफॉर्मेंस

[02:23:41] से मैच करोगे। जैसे अभी मैंने आपको बताया

[02:23:42] आपने गोल बनाया कि जेआरएफ का जो आपको 99%

[02:23:46] लेके आने हैं तो एक बेंचमार्क था और उसके

[02:23:48] बेसिस पे अब आपने क्या किया उसकी तैयारी

[02:23:50] करी देन तैयारी करी देन आप एक्चुअल में

[02:23:53] जेआरएफ का पेपर देके आए एनटीए का देन एनtए

[02:23:55] का पेपर देके आए जो रिजल्ट आया देन आपने

[02:23:58] उसको मेजर किया कि आपने प्लान किया था

[02:24:00] 99%ाइल का अब आपका आया 90 किसी का आया

[02:24:03] 80%ाइल का किसी का आया 100 ठीक है फिर आप

[02:24:06] उसमें क्या करोगे डेविएशन फाइंड आउट करोगे

[02:24:08] कि मेरा इतना कम क्यों आया ठीक ठीक है?

[02:24:11] फिर उसके बेसिस पर देखोगे मेरी कहां कमी

[02:24:13] रह गई थी। मैंने पढ़ाई अच्छे से नहीं करी

[02:24:15] या मैंने सेल्फ स्टडी नहीं करी या मैंने

[02:24:17] रिवीजन नहीं किया या मैंने पीवाई क्यू

[02:24:19] नहीं किया। देन आप उसमें जो गैप है उसको

[02:24:21] आइडेंटिफाई करोगे। देन फिर से आप जाओगे।

[02:24:24] फिर से प्लानिंग करोगे। फिर से कंट्रोलिंग

[02:24:26] तक आओगे। मतलब नेक्स्ट सेमेस्टर का एग्जाम

[02:24:28] दोगे। ये होती है हमारी कंट्रोलिंग

[02:24:30] टेक्निक।

[02:24:33] ठीक है?

[02:24:35] देखो मैं कोई पेपर सेटर तो हूं नहीं। मैं

[02:24:38] रियलिटी बता दूं। मैं फैक्ट पे बेसिस पे

[02:24:40] बात कर रही हूं। तो अब कंट्रोलिंग में

[02:24:41] आपको कुछ भी नहीं करना। मैं आपको बता देती

[02:24:42] हूं प्रोसेस पढ़ना है। देन इसके बेस पे

[02:24:46] कंपेयर कर ली एक्चुअल परफॉर्मेंस विद

[02:24:47] स्टैंडर्ड। मतलब आपका आ गया रिजल्ट आ गया।

[02:24:50] अब आपने देखा कि मैंने ये प्लान किया था

[02:24:52] और मेरा तो इतना ही आया। देन अब आपने किया

[02:24:54] एनालिसिस किया। एनालिसिस में दो पॉइंट

[02:24:56] होते हैं। क्रिटिकल पॉइंट कंट्रोल एंड

[02:24:57] मैनेजमेंट बाय एक्सेप्शन। तो आपने सिर्फ

[02:25:00] क्या किया? की रिजल्ट एरिया पे फोकस किया

[02:25:02] और उनके बेसिस पे उनको अह पूरे माइनर

[02:25:05] डिटेल को कंट्रोल नहीं किया। सिर्फ की

[02:25:06] एरिया मेन काम मैंने कौन सी यूनिट अच्छे

[02:25:08] से नहीं पढ़ी अच्छा मैंने लेवल रेजिलेशन

[02:25:10] अच्छे से नहीं पढ़ा उसकी वजह से मेरा

[02:25:12] जेआरएफ नहीं हुआ और दूसरा है मैनेजमेंट

[02:25:14] बाय एक्सेप्शन आपने क्या किया ओनली जो

[02:25:16] सिग्निफिकेंट डेविसिएशन है वही टॉप

[02:25:18] मैनेजमेंट अटेंशन तक गए और जैसे फॉर

[02:25:21] एग्जांपल आपने देखा मैं इस मैनेजमेंट है

[02:25:23] ऑप्शन का जैसे कोई एंप्लई लेट आया तो आपने

[02:25:26] देखा होगा जो आपका मैनेजर है ना वो इग्नोर

[02:25:28] कर देगा ठीक है 2% जो अफेक्ट होता है उनको

[02:25:31] सुपरवाइज़री हैंडल करता है लेकिन आपने देखा

[02:25:34] कि कोई इंसान बार-बार लेट आ रहा है तब आप

[02:25:36] उसको कंट्रोल करोगे तो मतलब सिर्फ सिग्न

[02:25:38] सिग्निफिडेंट डेविएशन को ही टॉप मैनेजमेंट

[02:25:41] ध्यान देता है। छोटे-मोटे जो डिस्टरबेंस

[02:25:43] होता है उनको वो इग्नोर कर देता है। देन

[02:25:45] उसके बाद आपने क्या किया? टेकिंग करेक्टिव

[02:25:46] एक्शन। अब आपने फाइन रूट कॉज निकाल लिया।

[02:25:48] अब आप दोबारा से मेहनत करोगे देन दोबारा

[02:25:51] पेपर क्वालीफाई करोगे। ठीक है? अब

[02:25:53] प्लानिंग कंट्रोलिंग याद रखना कि प्लानिंग

[02:25:55] के बिना प्लानिंग कंट्रोल एक दूसरे को आप

[02:25:58] अलग नहीं कर सकते। प्लानिंग बनाई है उसी

[02:26:00] को मेजर करने के लिए हम कंट्रोलिंग करते

[02:26:02] हैं। ठीक है? अगर

[02:26:05] ठीक है? देन अब देखो दो तरह के होते हैं

[02:26:08] बैकवर्ड लुकिंग एंड फॉरवर्ड लुकिंग। याद

[02:26:10] रखना जो प्लानिंग क्या है? हमारी फॉरवर्ड

[02:26:12] लुकिंग है। क्योंकि फ्यूचर को एंसिपेट कर

[02:26:14] रही है और कंट्रोल क्या है? बैकवर्ड

[02:26:15] लुकिंग है। चेक कर रही है पास्ट

[02:26:17] परफॉर्मेंस को। ठीक है? बट इज़ आल्सो

[02:26:19] फॉरवर्ड लुकिंग। क्योंकि आपको पता है ये

[02:26:21] करेक्टिव एक्शन ले रही है आपकी फ्यूचर

[02:26:23] प्लानिंग के लिए। देन अब आपके देखो इसके

[02:26:26] बाद मैंने एक टॉपिक को इनवॉल्व करना भूल

[02:26:28] गई हूं। प्लीज सारे बच्चे टाइप ऑफ़ कंट्रोल

[02:26:30] भी पढ़ लेना। कनकरेंट कंट्रोल जो होते हैं

[02:26:32] हमारे फीड फीड फॉरवर्ड कंट्रोल होते हैं

[02:26:35] और हमारा अ फीडबैक होता है ना सारे बच्चे

[02:26:38] मुझे टाइप्स ऑफ कंट्रोल के नाम बता दो अगर

[02:26:41] आपको पता है तो ठीक है

[02:26:45] टाइप ऑफ कंट्रोलिंग के नाम बताना टेक्निक

[02:26:47] ऑफ़ कंट्रोल में देखो हम पर्सनल ऑब्जरवेशन

[02:26:49] के थ्रू कर सकते हैं स्टैटिकल रिपोर्ट्स

[02:26:50] के थ्रू कर सकते हैं ब्रेक इवन एनालिसिस

[02:26:52] के थ्रू कर सकते हैं और बजट फ्री कंट्रोल

[02:26:54] के थ्रू कर सकते हैं मॉडर्न टेक्निक क्या

[02:26:56] है आरओआई है कि जो आपने जितना इन्वेस्ट

[02:26:58] किया उसका रिटर्न क्या आ रहा है देन

[02:27:00] मैनेजमेंट ऑडिट है सिस्टेटिक रिव्यु करो

[02:27:02] सारी एफिशिएंसी को मैनेजमेंट टीम को देन

[02:27:04] ज़ीरो बेस्ड बजट यह किसने दिया था इसका नाम

[02:27:07] याद रखना हर ईयर हम बजटिंग किससे स्टार्ट

[02:27:10] करते हैं ज़ीरो से करते हैं द मैनेजर मस्ट

[02:27:12] जस्टिफाई एव्री सिंगल एक्सपेंस फ्रॉम द

[02:27:14] स्क्रच रिगार्डलेस ऑफ़ पास्ट पास्ट बदल से

[02:27:16] उसे कोई लेना देना नहीं है स्टार्टिंग से

[02:27:18] ही हम हमेशा करते हैं पर्ट और सीपीएम

[02:27:21] इन्हें अच्छे से कर लेना ये प्लानिंग जो

[02:27:23] कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट है उनको शेड्यूल

[02:27:25] करने के लिए हम इसे यूज़ करते हैं ठीक है

[02:27:28] तो पर्ट में अगर हो तो इसकी फुल फॉर्म

[02:27:30] आपको पता पता होनी चाहिए। एग्जाम में पूछा

[02:27:31] गया है। प्रोग्राम इवैल्यूएशन, रिव्य्यू

[02:27:33] टेक्निक और क्रिटिकल पाथ मेथड्स। ये क्या

[02:27:35] है? यूज़्ड फॉर अनप्रिडिक्टेबल। नॉन रूटीन

[02:27:37] प्रोजेक्ट के लिए होता है। जैसे यहां पे

[02:27:39] टाइम अनसर्टेन है। जैसे स्पेस रिसर्च हो

[02:27:41] गई, आरएडी हो गई। ये प्रेडिक्टेबल के लिए

[02:27:43] जैसे कंस्ट्रक्शन ऑफ़ बिल्डिंग। ठीक है?

[02:27:44] इसमें थ्री टाइम हम थ्री टाइम एस्टिमेट

[02:27:46] करते हैं। ऑप्टिमिस्टिक, पिसिस्मिस्टिक और

[02:27:49] मोस्ट लाइकलीिलिटी प्रोबेबिलिटी है ना?

[02:27:50] क्योंकि ये अनसर्टेन है ना यहां पर टाइम।

[02:27:52] तो हम तीन तीन टाइम का इसका एस्टीमेट

[02:27:55] निकालते हैं और यह सिर्फ सिंगल टाइम

[02:27:56] एस्टीमेट होता है। यह इवेंट ओरिएंटेड होता

[02:27:59] है। यह एक्टिविटी ओरिएंटेड होता है। ठीक

[02:28:00] है? यह लॉन्गेस्ट पाथ होता है थ्रू द

[02:28:02] नेटवर्क। और ये क्या है? आइडेंटिफाई द वोट

[02:28:05] नेक्स्ट निकालेंगे। क्रिटिकल पाथ

[02:28:06] निकालेंगे जिसकी वजह से आपका प्रोजेक्ट

[02:28:07] डिले हो रहा है। देन उसको हम हटाएंगे। देन

[02:28:09] फिर से हम उसको स्टार्ट कर देंगे। अब आते

[02:28:13] हैं हम कोऑर्डिनेशन पे। कोऑर्डिनेशन क्या

[02:28:15] है? आपको पता है ये इंडिविजुअल थ्रेड है।

[02:28:17] मतलब ऐसा थ्रेड है जो सारे फंक्शनंस ऑफ़

[02:28:19] मैनेजमेंट को बांध के रखता है। तो आपको

[02:28:21] पता है जो लूथर ग्लिक जो लूथरिक गुलिक थे

[02:28:24] उन्होंने एक सेपरेट फंक्शन दिया था

[02:28:26] कोऑर्डिनेशन को। मॉडर्न मैनेजमेंट ने इसको

[02:28:29] आर्ग्यू किया कि कोआर्डिनेशन कोई सेपरेट

[02:28:30] फंक्शन मैनेजमेंट नहीं है। बल्कि ये क्या

[02:28:32] है? सेंस ऑफ़ मैनेजमेंट है। ठीक है? अब ये

[02:28:35] सेंस क्यों कहलाता है? याद रखना। क्योंकि

[02:28:37] इसे प्लानिंग में भी यूज़ करते हैं,

[02:28:38] ऑर्गेनाइजिंग में भी यूज़ करते हैं,

[02:28:39] स्टाफिंग में भी करते हैं, डायरेक्टिंग

[02:28:41] में भी करते हैं और कंट्रोलिंग में भी

[02:28:43] करते हैं। देन कोऑर्डिनेशन और कोपरेशन में

[02:28:46] क्या डिफरेंस है? कोऑर्डिनेशन क्या करता

[02:28:48] है? सिंक्रोनाइज़ करता है, लिंक करता है

[02:28:50] सारी एक्टिविटी को जिससे कि हमारा जो गोल

[02:28:52] है वो अचीव हो जाए। और कोऑपरेशन क्या होता

[02:28:54] है? पीपल विलिंगली हेल्प ईच अदर आउट ऑफ़

[02:28:57] म्यूचुअल गुड गोल। मतलब जो विलिंगली कर

[02:28:59] रहे हैं वो कोऑपरेशन है। लेकिन

[02:29:00] कोऑर्डिनेशन क्या होता है? हमारा मैंडेटरी

[02:29:02] होता है ना? कि सारे एक्टिविटी को इस

[02:29:04] तरीके से करो। गोल अचीव कर सको। ये

[02:29:06] डेलीबेट एंड फॉर्मल होता है। ये कोऑपरेशन

[02:29:08] हमारा वॉलंटरी इनफॉर्मल हो रहा है। सपोज

[02:29:10] मुझे प्रॉब्लम हो रही है तो कोई कलीग आके

[02:29:12] मुझे हेल्प कर दे वो कोपरेशन है। लेकिन

[02:29:14] ऑर्गेनाइजेशन लेवल पे जो हम करते हैं वो

[02:29:16] हमारा कोऑर्डिनेशन होता है। स्कोप क्या

[02:29:18] है? ये ब्रॉडर है। इसमें फॉर्मल स्ट्रक्चर

[02:29:20] होता है। इंटरपर्सनल रिलेशन होते हैं और

[02:29:22] ये हमारा नैरो है। देन रिक्वायरमेंट

[02:29:24] एसेंशियल फॉर ऑर्गेनाइज़ेशन सर्वाइवल के

[02:29:26] लिए ज़रूरी है। ठीक है? और ये हमारा

[02:29:28] ऑर्गेनाइज़ेशन कैन टेक्निकल फंक्शन विदाउट

[02:29:30] इट। इसके लिए आपको जरूरत नहीं है। अब

[02:29:33] प्रिंसिपल ऑफ़ कोऑर्डिनेशन मैंने अभी जस्ट

[02:29:35] आपको मैरी पाकर फॉलेट का बताया है। अभी

[02:29:37] तुरंत रिवाइज़ तो बस आप यहां पे रिवाइज़ कर

[02:29:39] लो कि ये डायरेक्ट कांटेक्ट है कि

[02:29:41] कम्युनिकेशन होना चाहिए। कोऑर्डिनेशन

[02:29:43] स्टार्टिंग से रखना चाहिए और रेसिप्रोकल

[02:29:45] मतलब रिलेशन है कि सारे एक भी चीज में

[02:29:48] चेंज हुआ तो सारी प्रोडक्शन फाइनेंस

[02:29:50] डिपार्टमेंट में इंपैक्ट होगा। देन

[02:29:51] कंटीन्यूअस प्रोसेस है। देन टाइप्स ऑफ़

[02:29:53] कोऑर्डिनेशन की बात करें तो इंटरनल और

[02:29:56] एक्सटर्नल है। इंटरनल क्या होगा? जो

[02:29:57] इनसाइड ऑफ कंपनी अगर आप सिंक्रोनाइज करते

[02:29:59] हो जैसे मार्केटिंग वर्किंग विद फाइनेंस

[02:30:01] तो वो इंटरनल हो गया। एक्सटर्नल क्या

[02:30:03] होगा? सिंक्रोनाइज द कंपनी विद द आउटसाइड

[02:30:05] फ़ जो आप गवर्नमेंट रेगुलेशन अलायंस सप्लाई

[02:30:08] कस्टमर के साथ करते हैं तो उसके साथ होता

[02:30:10] है। देन वर्टिकल वर्सेस हॉरिजॉन्टल

[02:30:12] कोआर्डिनेशन। वर्टिकल क्या होता है?

[02:30:13] कोऑर्डिनेशन बिटवीन डिफरेंट लेवल ऑफ़

[02:30:15] हरार्की। ठीक है? कि जब हम डिफरेंट लेवल

[02:30:17] ऑफ़ हरारकी के साथ जैसे कि टॉप मैनेजर

[02:30:19] हमारा मार्केटिंग मैनेजर के साथ कर रहा

[02:30:21] है। सीईओ हमारा मिडिल मैनेजर के साथ कर

[02:30:23] रहा है। मिडिल मैनेजर हमारा लोअर लेवल

[02:30:25] मैनेजर के साथ कर रहा है। तो ये वर्टिकल

[02:30:27] होगा। हॉरिजॉन्टल क्या होगा? सेम लेवल ऑफ़

[02:30:29] डिपार्टमेंट हो गया। थैंक यू। आज आपका

[02:30:32] सेशन कंप्लीट हो गया। थैंक यू सो मच। बस

[02:30:34] खत्म।

[02:30:37] आपको सेशन कैसा लगा? मुझे बताओ।

[02:30:44] सेशन कैसा लगा आपको? हो गया। यूनिट फर्स्ट

[02:30:48] कंप्लीट।

[02:30:52] ठीक है?

[02:30:54] बस।

[02:31:01] किसी की कोई क्वेरी हो पेपर देखो यूनिट वन

[02:31:03] का हमने पीवाईक्यू मैराथन भी कर दिया।

[02:31:05] यूनिट वन का हमने डिटेल टॉपिक वाइज़ भी कर

[02:31:08] दिया। आप देखो पीवाईक्यू मैंने बना रखी

[02:31:10] हैं। एक पीवाईक्यू है आपका यूनिट वन

[02:31:12] प्रिंसिपल प्रैक्टिस मैनेजमेंट। उसमें

[02:31:14] आपका सारा कंप्लीट हो गया। देन उसके बाद

[02:31:16] मैंने यूनिट वाइज़ पीवाईक्यू मैराथन बना

[02:31:18] रखी हैं। ठीक है? उसमें आप पीवाईक्यू जाके

[02:31:20] 200 क्वेश्चंस चेक कर सकते हैं। उसके बाद

[02:31:22] भी आप मैंने आपको यूनिट वाइज़ रिवीजन करा

[02:31:25] रखा है। तो अब आज आपका जो अपना पहला जो

[02:31:28] किया है आपका फर्स्ट यूनिट कवर हुआ है।

[02:31:31] ठीक है? आई होप आप सब लोगों का यह काम

[02:31:33] आएगा एग्जाम में। थैंक यू सो मच।

[02:31:36] ठीक है?

[02:31:38] थैंक यू वेलकम सबका वेलकम पढ़ो जाके और

[02:31:43] जाकर रेस्ट कर लेना देन कल मैं कम्युनिटी

[02:31:46] पोस्ट कर दूंगी ठीक है अगर मुझे हो जाएगा

[02:31:49] तो मैं बता दूंगी नहीं होगा तो कोई बात

[02:31:51] नहीं कर ही लेंगे हां 10 दिन में आपका 10

[02:31:53] यूनिट मैं करा दूंगी कैसे भी

[02:31:57] ठीक है

[02:31:59] वो एक देखो एक एक स्ट्रेटजी होती है एक

[02:32:02] सिस्टमेटिकली आ रहा है ना अगर मैं ऐसे

[02:32:04] रैंडमली जैसे मेरा एक फ्लो था कि मैंने

[02:32:06] पहले सारा डिटेल फेल कराया। फिर आपको सारा

[02:32:08] पीवाईक्यू कराया और देन आप सबका यूनिट

[02:32:10] वाइज़ मैराथन कराऊंगी। ठीक है? थैंक यू

[02:32:12] एवरीवन। ओके। वेलकम। जाओ मेहनत करो।
