Sultan Salahuddin Ayyubi [s02] Complete Bölüm 01 [ Urdu Dubbed ] 11 Oct 2025 - HUM TV
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[00:00] या।
[00:01] या।
[00:38] मैं बगदाद जाऊंगा।
[00:38] खलीफा-ए वक्त से मिलने।
[00:41] मैं बगदाद जाऊंगा।
[00:41] खलीफा-ए वक्त से मिलने।
[00:44] तैमूर अपने एतमाद के सारे आदमियों को फौरन जमा कर दो।
[00:46] नूरुद्दीन को बगदाद के रास्ते में कत्ल करना है।
[00:48] यही वक्त है उन पर हमला करने का।
[00:53] मजा मुसलमानों का है और कुफार के लिए
[00:56] मजा मुसलमानों का है और कुफार के लिए कब्रिस्तान अल्लाहहु अकबर।
[01:01] कब्रिस्तान अल्लाहहु अकबर आज रजा है कल खुदस होगा अल्लाहहु अकबर
[01:05] आज रजा है कल खुदस होगा अल्लाहहु अकबर क्यों ना कुदस फतह किया जाए
[01:06] क्यों ना कुदस फतह किया जाए हुक्म देता कि खुदस की फतह की तैयारियां
[01:08] हुक्म देता कि खुदस की फतह की तैयारियां शुरू कर
[01:09] शुरू कर हमें मुताहिद करने वाला ये दिन बुद्स की
[01:11] हमें मुताहिद करने वाला ये दिन बुद्स की फतह का दिन लेकर आएगा इंशा्लाह
[01:16] तलवारे बेनयाम परचम बुलंद है अब कोई भी
[01:19] तलवारे बेनयाम परचम बुलंद है अब कोई भी कुत सलाउद्दीन को खुद उसके रास्ते से हटा
[01:22] कुत सलाउद्दीन को खुद उसके रास्ते से हटा नहीं सकती।
[01:31] [संगीत]
[01:58] या रब
[02:04] ये फर्श भी तेरा
[02:07] ये फर्श भी तेरा तू वही मालिक है अर्श
[02:10] मेरी मुश्किलों को आसान कर दे यार रब।
[04:14] रुको।
[04:18] कौन हो तुम?
[04:18] कहाँ जा रहे हो?
[04:28] जाओ जाओ
[04:49] कौन हो तुम?
[04:51] कौन हो तुम?
[04:51] कहाँ जा रहे हो?
[05:38] अल्लाहू अकबर कबीरा ओम
[06:38] या अल्लाह तेरा शुक्र
[06:45] शुक्र है परवरदिगार
[07:31] अल्लाहू अकबर कबीरा
[07:34] अल्लाहू अकबर कबीरा बेशक अल्लाह सबसे बड़ा है।
[07:39] बेशक अल्लाह सबसे बड़ा है।
[08:27] मुझ पे करम कर दे मालिक
[08:30] मुझ पे करम कर दे मालिक खुल जा
[08:36] बेलियन
[08:38] बेलियन आ गए तुम
[08:41] आ गए तुम मेरे भाई मुझे यकीन था
[08:44] मेरे भाई मुझे यकीन था यूं बिस्तरे पे होने के बावजूद भी आप काफी चौकन्ने रहते हैं
[08:47] कौन दुख आप तो अब भी मुझसे ज्यादा फुर्तीले
[08:57] फ्रांस से यहां तुम्हें इन सब बातों के लिए नहीं बुलाया मैंने
[09:04] ये कला हमारे बाबा का था जो अब हमारे हो चुका है।
[09:07] उसके बावजूद तुम यहां चोरों की तरह आए क्योंकि मैं नहीं चाहता मेरी आमद का इल्म हो।
[09:14] वजह मैं फ्रांस वापस चला जाऊंगा।
[09:18] नहीं करोगे तुम ऐसा ऐसा ही होगा।
[09:31] पानी
[09:57] अतराफ में बहुत से लोग हैं जो इंतजार में
[10:01] अतराफ में बहुत से लोग हैं जो इंतजार में मेरी मौत की ओर यकीन रखते हैं कि तुम वापस
[10:04] मेरी मौत की ओर यकीन रखते हैं कि तुम वापस यहां कभी लौट कर नहीं आओगे।
[10:08] क्या तुम्हें अंदाजा है
[10:10] अंदाजा है कि अगर मैं मर गया और तुम भी वापस ना आए
[10:15] कि अगर मैं मर गया और तुम भी वापस ना आए तो वो ये जगह किसी और के सुपुर्द कर देंगे
[10:20] तो वो ये जगह किसी और के सुपुर्द कर देंगे और इबेलियन खानदान का नामोनिशान मिट
[10:23] और इबेलियन खानदान का नामोनिशान मिट जाएगा।
[10:24] शायद यही बेहतर हो।
[10:27] शायद यही बेहतर हो।
[10:29] इस तरह कुर्स में होने वाले मामलात पर ऐतराज करने वाले और उनकी कारवाइयों के
[10:32] ऐतराज करने वाले और उनकी कारवाइयों के बारे में आवाज उठाने वाला बचेगा ही नहीं
[10:33] बारे में आवाज उठाने वाला बचेगा ही नहीं कोई।
[10:36] अच्छा रहेगा उनके लिए।
[10:38] साथ ही ईसाइयों की हिफाजत के लिए निकलने
[10:40] वाले और यशु मसीह की मुकद्दर सर जमीन की हिफाजत
[10:43] और यशु मसीह की मुकद्दर सर जमीन की हिफाजत करने वाले उन सिपाहियों की मौत के बारे
[10:45] करने वाले उन सिपाहियों की मौत के बारे में भी नहीं सुनना पड़ेगा हमें बुजली दिखा
[10:48] में भी नहीं सुनना पड़ेगा हमें बुजली दिखा रहे हो हां यहां रहकर अपने अबाई गले की
[10:52] रहे हो हां यहां रहकर अपने अबाई गले की हिफाजत करने के बजाय
[10:55] हिफाजत करने के बजाय भाग रहे हो तुम
[10:58] भाग रहे हो तुम सल्तनत के साथ जुड़े ताल्लुकात को बेहतर
[11:01] सल्तनत के साथ जुड़े ताल्लुकात को बेहतर रखना है आज जिस तरह आपने उनकी ख्वाहिशात
[11:03] रखना है आज जिस तरह आपने उनकी ख्वाहिशात की तकमील करके अपने इलाके को महफूज
[11:09] मुझे आपसे कोई बहस नहीं करनी।
[11:13] मुझे आपसे कोई बहस नहीं करनी। सिर्फ देखने आया था आपको। सो अब जाना होगा
[11:16] सिर्फ देखने आया था आपको। सो अब जाना होगा मुझे। रुकने की कोई वजह नहीं।
[11:20] मुझे। रुकने की कोई वजह नहीं। [संगीत]
[11:35] [संगीत] ये आपके लिए लाया हूं मैं।
[11:39] ये आपके लिए लाया हूं मैं। [संगीत]
[11:50] रोशन हो आपका रास्ता।
[12:00] उसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं थी।
[12:03] उसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं थी।
[12:07] बाबा वाले मामले में तुम्हारे साथ नाइंसाफी हुई।
[12:20] आप यूं ही मेरी बात रद्द नहीं कर सकते।
[12:23] आप यूं ही मेरी बात रद्द नहीं कर सकते।
[12:25] मुझे सल्तनत के उसूलों की कोई परवाह नहीं।
[12:28] उन लोगों को मजहब बदलने हैं और यह इलाका छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जाएगा।
[12:31] अगर उन जालिमों की बात मान ली गई और इन मजलूम लोगों को इस इलाके से निकाल कर बाहर कर दिया गया तो याद रखिएगा कि मैं भी चला जाऊंगा यहां से।
[12:34] लोगों को इस इलाके से निकाल कर बाहर कर दिया गया तो याद रखिएगा कि मैं भी चला जाऊंगा यहां से।
[12:36] कि मैं भी चला जाऊंगा यहां से।
[12:49] खुदावन मुझे माफ कर दे। ये क्या कर दिया
[12:51] खुदावन मुझे माफ कर दे।
[12:51] ये क्या कर दिया मैंने?
[12:55] अगर बाबा आज जिंदा होते तो वो भी यही
[13:00] अगर बाबा आज जिंदा होते तो वो भी यही चाहते कि तुम यहां रहकर हक की खातिर लड़ो
[13:04] चाहते कि तुम यहां रहकर हक की खातिर लड़ो जैसे उन्होंने सिखाया
[13:06] जैसे उन्होंने सिखाया जैसे वो खुद लड़ते रहे
[13:09] जैसे वो खुद लड़ते रहे
[13:11] तुम्हारा मुंतजिर है ये कला
[13:15] तुम्हारा मुंतजिर है ये कला
[13:15] वो सल्तनत जो तुम्हारे तसवुरात में है उसे
[13:18] वो सल्तनत जो तुम्हारे तसवुरात में है उसे हकीकत में बदलना यह तुम्हारे हाथ में है
[13:24] और यही तुम्हारी किस्मत है।
[13:27] और यही तुम्हारी किस्मत है।
[13:34] बेलियन रुको
[13:36] बेलियन रुको बेलियन मैं तुम्हें कुछ और भी बताना चाहता
[13:39] बेलियन मैं तुम्हें कुछ और भी बताना चाहता हूं मेरे भाई।
[13:40] हूं मेरे भाई।
[13:46] बेलियन
[14:16] ये।
[14:41] पूरी रात गुजर चुकी है।
[14:42] आपने आराम नहीं फरमाया मेरे सुल्तान।
[14:45] आराम ना करने की वजह से कहीं खुदा ना खास्ता तबीयत ना बिगड़ जाए।
[14:55] जानती हूं यह वक्त बहुत मुश्किल है आपके लिए।
[14:59] और मैंने भी आपको मायूस किया।
[15:08] माफ कर दीजिए।
[15:08] माफ कर दीजिए।
[15:08] खुदा के लिए माफ कर दीजिए।
[15:21] सलूकों के सुल्तान और आपके बाबा की बहुत इज्जत करता हूं।
[15:26] इसीलिए आपके जुर्म को नजरअंदाज कर दिया और आप अभी तक महल में हैं।
[15:32] आप अभी तक महल में हैं।
[15:32] लेकिन जो पर्दा आपकी आंखों पर हायल था अब वो पर्दा हमारे बीच है।
[15:37] अब वो पर्दा हमारे बीच है।
[15:41] इसे अपने ज़हन में बिठा लीजिए।
[15:43] ऐसा मत कीजिए सुल्तान।
[15:49] इस्मत खातून और उनके नौ मौलूद बच्चे को आपके हसद और जुल्म से महफूज़ रखने के लिए हमने उन्हें महफूज़ मुकाम पर मुंतकिल कर दिया है।
[15:57] हमने उन्हें महफूज़ मुकाम पर मुंतकिल कर दिया है।
[16:03] लेकिन हम आपको कैसे बचाएं उस जुल्म से जो आपने अपने
[16:08] आपको कैसे बचाएं उस जुल्म से जो आपने अपने आप पर किया है खातून
[16:12] आप पर किया है खातून कैसे?
[16:17] आइए
[16:18] आइए
[16:25] मेरे सुल्तान दीवान आपकी आमद का मुंतजिर
[16:28] मेरे सुल्तान दीवान आपकी आमद का मुंतजिर है।
[17:07] अल मदद या रसूल अल्लाह
[17:10] अल मदद या रसूल अल्लाह
[17:11] अल मदद या हबीब अल्लाह
[17:16] अल मदद या हबीब अल्लाह मदत
[17:19] मदत
[17:33] मेरे सुल्तान फौज मुंतशिर है।
[17:36] मेरे सुल्तान फौज मुंतशिर है।
[17:36] अमीर सलाहाउद्दीन की गैर मौजूदगी से हमारे बढ़ते कदम रुक गए हैं।
[17:37] सलाहाउद्दीन की गैर मौजूदगी से हमारे बढ़ते कदम रुक गए हैं।
[17:37] ना ही हम खुद जा सके और ना ही मिस्र की तरफ बढ़ सके।
[17:39] बढ़ते कदम रुक गए हैं।
[17:39] ना ही हम खुद जा सके और ना ही मिस्र की तरफ बढ़ सके।
[17:42] सके और ना ही मिस्र की तरफ बढ़ सके।
[17:42] आवाम में इस बात की बहुत तशवीश है।
[17:44] में इस बात की बहुत तशवीश है।
[17:44] फौज को अपनी सिम का तायुन करने में मुश्किल दरपेश है।
[17:54] सलाहाउद्दीन
[17:56] सलाहाउद्दीन लापता है इस मामले को।
[17:59] लापता है इस मामले को।
[17:59] कितने दिन गुजर चुके शेर को?
[18:03] चुके शेर को?
[18:03] क्या इतने दिनों में कोई सुराग मिला?
[18:07] सुराग मिला?
[18:07] कोई नहीं।
[18:07] तुम्हारा भाई अय्यूब एक बेबुनियाद खबर के
[18:10] तुम्हारा भाई अय्यूब एक बेबुनियाद खबर के पीछे यमन जा पहुंचा है।
[18:15] वहां से कोई खबर नहीं।
[18:23] जो भी हमारी अब अगली मंजिल है उसका इल्म सिर्फ और सिर्फ अल्लाह के सिवा किसी को नहीं है।
[18:31] और सिर्फ अल्लाह के सिवा किसी को नहीं है।
[18:34] लेकिन एक बात वाज़ है कि सलाहाउद्दीन का मिलना जरूरी है।
[18:39] क्या यारकी को खबर भिजवा दी गई है?
[18:41] जी भिजवा दी गई थी और वो अन करीब महल पहुंचता ही होगा मेरे सुल्तान।
[19:16] ये मुझसे क्या हो गया?
[19:27] ये मुझसे क्या हो गया?
[19:27] ये क्या कर दिया मैंने?
[19:31] ये क्या कर दिया मैंने?
[19:31] खुदावन मुझे माफ कर दे।
[19:35] माफ कर दे मुझे।
[19:35] खुदावन मुझे माफ कर दे।
[19:35] माफ कर दे मुझे।
[20:23] दिस
[21:26] हो
[21:28] हो [संगीत]
[22:26] ओम
[22:37] [संगीत]
[22:41] हम्म
[22:45] [संगीत]
[23:03] [संगीत] क्या कोई है नीचे?
[23:05] क्या कोई है नीचे? [संगीत]
[23:10] क्या तुम्हें मेरी आवाज आ रही है?
[23:14] क्या तुम्हें मेरी आवाज आ रही है? मुझे निकालो यहां से।
[23:20] घबराओ मत। मैं मदद करता हूं तुम्हारी।
[23:25] रस्सी फेंक रहा हूं। इसे मजबूती से पकड़
[23:27] रस्सी फेंक रहा हूं। इसे मजबूती से पकड़ लो।
[23:33] तेरा शुक्र है मेरे रब।
[23:37] तेरा शुक्र है मेरे रब। शुक्र है तेरा।
[23:45] [संगीत]
[23:48] [संगीत] इसे पकड़ो।
[24:01] सुन रहे हो तो इस रस्सी को मजबूती से
[24:03] सुन रहे हो तो इस रस्सी को मजबूती से पकड़ना।
[24:09] [संगीत]
[24:14] हां ठीक है।
[24:22] [प्रशंसा]
[24:26] [संगीत]
[24:44] शुक्र करो कि रस्सी काफी मजबूत है।
[24:53] बस थोड़ी हिम्मत और
[25:01] [संगीत]
[25:28] आ जाओ
[25:39] मुझे लगा था ये काम बहुत आसान होगा। तुम
[25:42] मुझे लगा था ये काम बहुत आसान होगा। तुम ठीक हो ना?
[25:51] [संगीत]
[26:42] [संगीत] काफी बोझ डाल दिया मैंने तुम पे। माफ कर
[26:45] काफी बोझ डाल दिया मैंने तुम पे। माफ कर देना मेरे दोस्त। माफ कर देना।
[26:50] मैं शाम की फसील देख सकता हूं।
[26:54] मैं शाम की फसील देख सकता हूं। चलो बस थोड़ी हूं और शाबाश।
[26:59] चलो बस थोड़ी हूं और शाबाश। दौड़ते हुए घोड़ों के सुमों की कसम। सुबह
[27:03] दौड़ते हुए घोड़ों के सुमों की कसम। सुबह की पहली किरण बेदार करने वाले की कसम। इस
[27:06] की पहली किरण बेदार करने वाले की कसम। इस रोशनी में अल्लाह के नाम पर जिहाद करने
[27:09] रोशनी में अल्लाह के नाम पर जिहाद करने वालों की कसम। दीन हक की बका के लिए
[27:12] वालों की कसम। दीन हक की बका के लिए दुश्मन को रौंद देने वालों की कसम।
[27:14] दुश्मन को रौंद देने वालों की कसम। क्योंकि तुम बहुत मुबारक हो। इसीलिए रब्बे
[27:17] क्योंकि तुम बहुत मुबारक हो। इसीलिए रब्बे कायनात ने तुम्हारा जिक्र अपनी किताब में
[27:19] कायनात ने तुम्हारा जिक्र अपनी किताब में किया। कसम खाता हूं मैं।
[27:23] किया। कसम खाता हूं मैं। उन सब मार्गों की जो हमने लड़े
[27:26] उन सब मार्गों की जो हमने लड़े तुम्हारे साथ जिसने भी यह जुल्म किया उससे
[27:28] तुम्हारे साथ जिसने भी यह जुल्म किया उससे इंतकाम लिया जाएगा।
[27:31] इंतकाम लिया जाएगा। [प्रशंसा]
[27:38] सुनो इसकी चीखें।
[27:40] सुनो इसकी चीखें। ये अपनी मौत से खौफजदा है।
[27:44] ये अपनी मौत से खौफजदा है। लेकिन इसकी तकदीर नहीं बदल सकता कोई।
[27:49] लेकिन इसकी तकदीर नहीं बदल सकता कोई। ये घोड़े
[27:51] ये घोड़े हमारी औरतें और हथियारों को नुकसान
[27:54] हमारी औरतें और हथियारों को नुकसान पहुंचाने वाला बेरहमी से काट दिया जाएगा।
[28:00] बहादुर
[28:01] बहादुर मुझे मेरे खंजर दो।
[28:06] सरदार हम भी आपके साथ चलते हैं। हो सकता
[28:10] सरदार हम भी आपके साथ चलते हैं। हो सकता है कि अंदर और भी ग कीदड़ मौजूद हो।
[28:12] है कि अंदर और भी ग कीदड़ मौजूद हो। मेरे घोड़े पर हमला किया है उसने तो फिर
[28:15] मेरे घोड़े पर हमला किया है उसने तो फिर उससे इसका इंतकाम भी मैं ही लूंगा।
[28:17] उससे इसका इंतकाम भी मैं ही लूंगा। [संगीत]
[28:38] [प्रशंसा]
[28:41] [प्रशंसा] श्री
[28:55] [प्रशंसा]
[29:08] [संगीत]
[29:11] काश कि यह बात करने से पहले मेरी जुबान कट
[29:14] काश कि यह बात करने से पहले मेरी जुबान कट जाती मेरे सुल्तान।
[29:16] जाती मेरे सुल्तान। अमीर सलाहाउद्दीन की कोई खबर नहीं मिली।
[29:19] अमीर सलाहाउद्दीन की कोई खबर नहीं मिली। हर कोना छान मारा। हर तरफ ढूंढ लिया हमने।
[29:23] हर कोना छान मारा। हर तरफ ढूंढ लिया हमने। हर कबीले में हर इलाके में खबर भिजवा दी।
[29:26] हर कबीले में हर इलाके में खबर भिजवा दी। हमने अपने बेहतरीन सुराग रस्सा भेजे।
[29:29] हमने अपने बेहतरीन सुराग रस्सा भेजे। लेकिन ना कोई सुराग मिला ना कोई खबर।
[29:36] [संगीत]
[29:42] [संगीत] ये कैसा इम्तहान है मेरे रब
[29:45] ये कैसा इम्तहान है मेरे रब दिल खून के आंसू से लबरेज है किस हाल में
[29:49] दिल खून के आंसू से लबरेज है किस हाल में होगा वो जिंदा है ये बात तो जानता हूं
[29:53] होगा वो जिंदा है ये बात तो जानता हूं लेकिन
[29:58] बिल्कुल यही ख्याल हमारा भी है मेरे
[30:00] बिल्कुल यही ख्याल हमारा भी है मेरे सुल्तान मेरा दिल भी ये बात मानने को
[30:02] सुल्तान मेरा दिल भी ये बात मानने को तैयार नहीं मुझे पूरा यकीन है कि वो जिंदा
[30:05] तैयार नहीं मुझे पूरा यकीन है कि वो जिंदा है। हमारी दुआ है कि वो जहां कहीं भी है
[30:09] है। हमारी दुआ है कि वो जहां कहीं भी है खैरो आफियत के साथ हो।
[30:11] खैरो आफियत के साथ हो। इंशा्लाह
[30:13] इंशा्लाह इंशा्लाह तलाश और तेज कर दी जाए।
[30:17] इंशा्लाह तलाश और तेज कर दी जाए। [संगीत]
[30:18] [संगीत] जो हुक्म सुल्तान मुजम
[30:21] जो हुक्म सुल्तान मुजम मेरे सुल्तान मिस्र में आपके हामी और
[30:24] मेरे सुल्तान मिस्र में आपके हामी और दरगाम से मुखालफत रखने वाले उमरा की मदद
[30:26] दरगाम से मुखालफत रखने वाले उमरा की मदद से शाह की जानिब से आवाम पर किए जाने वाले
[30:29] से शाह की जानिब से आवाम पर किए जाने वाले जुल्म को रोका जा चुका है। लेकिन दरगाम भी
[30:32] जुल्म को रोका जा चुका है। लेकिन दरगाम भी उन लोगों के लिए नासूर है।
[30:34] उन लोगों के लिए नासूर है। मौसूल होने वाली खबरों के मुताबिक खासकर
[30:36] मौसूल होने वाली खबरों के मुताबिक खासकर सुन्नत की पैरवी करने वाले लोगों की जाने
[30:39] सुन्नत की पैरवी करने वाले लोगों की जाने अब भी खतरे में है सुल्तान मौसम
[30:47] [संगीत]
[30:51] मेरे सुल्तान
[31:00] शहंशाह अमालरिक ने अपनी ताजपशी की रस्म ने
[31:04] शहंशाह अमालरिक ने अपनी ताजपशी की रस्म ने आपको कुस मधु किया है मेरे सुल्तान
[31:07] आपको कुस मधु किया है मेरे सुल्तान [संगीत]
[31:14] उसकी चाहत ये है कि
[31:17] उसकी चाहत ये है कि सबको लगे कि हमने उसे कबूल कर लिया।
[31:26] [संगीत]
[31:45] [संगीत] याद रखना
[31:48] याद रखना अगर कोई हल के मुहाफिज अमीर जाूकी को
[31:50] अगर कोई हल के मुहाफिज अमीर जाूकी को ललकारेगा
[31:52] ललकारेगा अगर कोई मेरे प्यारों को तकलीफ देने की
[31:54] अगर कोई मेरे प्यारों को तकलीफ देने की कोशिश करेगा तो यही हाल होगा उसका। देख लो
[31:58] कोशिश करेगा तो यही हाल होगा उसका। देख लो सब
[32:00] सब मेरे जांबाज सिपाहियों,
[32:03] मेरे जांबाज सिपाहियों, मेरे मुजाहिदों
[32:06] मेरे मुजाहिदों देखो इसे
[32:08] देखो इसे और नश कर लो अपने ज़हनों पर। अगर एक बार
[32:12] और नश कर लो अपने ज़हनों पर। अगर एक बार शेर मैदान में आ गया तो कोई कीदर जिंदा
[32:16] शेर मैदान में आ गया तो कोई कीदर जिंदा नहीं बच पाता।
[32:19] नहीं बच पाता। [संगीत]
[33:39] [संगीत] कुएं की मानिद होती है गहरी नींद। लगता है
[33:42] कुएं की मानिद होती है गहरी नींद। लगता है नींद से बेदार नहीं हुए अब तक।
[33:58] ये पत्ते अरगवानी के हैं।
[34:01] ये पत्ते अरगवानी के हैं। इस मौसम में ये आसानी से मिल जाते हैं।
[34:06] इस मौसम में ये आसानी से मिल जाते हैं। तुम्हारे जख्मों के लिए
[34:17] [संगीत]
[34:24] [संगीत] तुम कौन हो?
[34:27] पूछना तो मुझे चाहिए था कि तुम कौन हो और
[34:29] पूछना तो मुझे चाहिए था कि तुम कौन हो और यहां कैसे आए?
[34:33] मुसाफिर हूं मैं। अजनबी हूं यहां।
[34:38] मुसाफिर हूं मैं। अजनबी हूं यहां। अजनबी हो के भी तुम्हें इस जंगल में जड़ी
[34:41] अजनबी हो के भी तुम्हें इस जंगल में जड़ी बूटियों का इल्म है।
[34:44] बूटियों का इल्म है। अजनबी तो हूं लेकिन जड़ी बूटियों का इल्म
[34:47] अजनबी तो हूं लेकिन जड़ी बूटियों का इल्म है मुझे।
[34:50] है मुझे। शक करना बंद करो और इसे जख्मों पे लगाओ।
[34:58] तुम कब गिरे और कैसे गिरे याद है कुछ?
[35:06] जेहन में बहुत सी चीजें धुंधली सी है।
[35:09] जेहन में बहुत सी चीजें धुंधली सी है। अपना नाम भी याद है या भूल बैठे?
[35:13] मेरा नाम यूनुस है।
[35:19] [संगीत]
[35:26] नाम तो तुम्हें भी मुश्किल से याद आया।
[35:35] [संगीत]
[35:36] [संगीत] यूसुफ
[35:40] हजरत याकूब के बेटे हजरत युसुफ की तरह
[35:42] हजरत याकूब के बेटे हजरत युसुफ की तरह खुशकिस्मत हो लेकिन मैं नहीं हूं ताजों का
[35:45] खुशकिस्मत हो लेकिन मैं नहीं हूं ताजों का गुलाम।
[35:53] [संगीत]
[36:08] [संगीत] आ जाओ आ जाओ जल्दी करो जल्दी करो आ जाओ
[36:12] आ जाओ आ जाओ जल्दी करो जल्दी करो आ जाओ इनमें से चंद एक के अलावा कोई हमारे काम
[36:14] इनमें से चंद एक के अलावा कोई हमारे काम का नहीं बाकी सिर्फ बोझ है हमारे लिए
[36:17] का नहीं बाकी सिर्फ बोझ है हमारे लिए मगर जनाब अलीसाहब
[36:18] मगर जनाब अलीसाहब देखो मैं दोहराना नहीं चाहता कि आखिर वो
[36:20] देखो मैं दोहराना नहीं चाहता कि आखिर वो तीन कैदी तुम्हारे पहरे से बचके भाग कैसे
[36:22] तीन कैदी तुम्हारे पहरे से बचके भाग कैसे गए होना तो यह चाहिए कि उनकी जगह तुम्हें
[36:25] गए होना तो यह चाहिए कि उनकी जगह तुम्हें कैद कर दूं
[36:28] [संगीत]
[36:33] [संगीत] [प्रशंसा]
[36:35] [प्रशंसा] वो जिससे मैंने पूछा था उसके बाद
[36:45] [संगीत]
[36:46] [संगीत] ये देखो ये देखो ये देखने नहीं है
[36:49] ये देखो ये देखो ये देखने नहीं है हजरत वजीर
[36:51] हजरत वजीर हमारी खुशनसीबी है कि आपकी रिजारारत की
[36:54] हमारी खुशनसीबी है कि आपकी रिजारारत की खुशी के साथ हम सालाना तकरीब की खुशी भी
[36:56] खुशी के साथ हम सालाना तकरीब की खुशी भी मनाएंगे जब दरिया नील का पानी हमारी
[36:59] मनाएंगे जब दरिया नील का पानी हमारी सरहदों से आ मिलेगा सच कहता हूं कि आवाम
[37:02] सरहदों से आ मिलेगा सच कहता हूं कि आवाम में फैली बेचैनी खत्म हो जाएगी यकीन कीजिए
[37:05] में फैली बेचैनी खत्म हो जाएगी यकीन कीजिए और तब दोस्त हो या दुश्मन हर एक आपकी ताकत
[37:09] और तब दोस्त हो या दुश्मन हर एक आपकी ताकत खूब जान लेगा
[37:12] खूब जान लेगा मिस्र पे हुक्मरानी के लिए उसूल हमेशा राय
[37:15] मिस्र पे हुक्मरानी के लिए उसूल हमेशा राय जवाब नील की पुश्त पे जो भी होगा हारेगा
[37:18] जवाब नील की पुश्त पे जो भी होगा हारेगा नहीं कभी
[37:21] नहीं कभी तकरीब की तैयारियों में कोई कमी नहीं होनी
[37:24] तकरीब की तैयारियों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए ध्यान रखना। मोहतरम
[37:27] चाहिए ध्यान रखना। मोहतरम एक मसला है। काजी फाजिल की कोई इतला मौसूल
[37:31] एक मसला है। काजी फाजिल की कोई इतला मौसूल नहीं हुई। दीवान के सरबरा कातिब का ओहदा
[37:34] नहीं हुई। दीवान के सरबरा कातिब का ओहदा कई सालों से उन्हीं के पास है। इस वजह से
[37:37] कई सालों से उन्हीं के पास है। इस वजह से जिन तीन लोगों को तायनात किया है वो
[37:39] जिन तीन लोगों को तायनात किया है वो मामलात नहीं संभाल पा रहे। मगर अभी आप इस
[37:41] मामलात नहीं संभाल पा रहे। मगर अभी आप इस बात से बिल्कुल परेशान ना हो जनाब। उधर
[37:44] बात से बिल्कुल परेशान ना हो जनाब। उधर मरकजी मैदान आपके हुक्म के मुताबिक
[37:46] मरकजी मैदान आपके हुक्म के मुताबिक मुकाबलेबाजी के लिए तैयार है। शहर मिस्र
[37:49] मुकाबलेबाजी के लिए तैयार है। शहर मिस्र के चारों अतराफ से बेहतरीन जंगू इस
[37:51] के चारों अतराफ से बेहतरीन जंगू इस मुकाबले में शामिल होंगे।
[37:53] मुकाबले में शामिल होंगे। [संगीत]
[38:01] [संगीत] रुको रुको रुको
[38:04] रुको रुको रुको अरे रुक जाओ
[38:07] अरे रुक जाओ इनकी काबिलियत का इम्तिहान लेंगे हम
[38:10] इनकी काबिलियत का इम्तिहान लेंगे हम हुजूर की सवारी नीचे उतारी जाए
[38:13] हुजूर की सवारी नीचे उतारी जाए [संगीत]
[38:40] दिखाओ अपना जहार।
[38:42] दिखाओ अपना जहार। मोहतरम वज़र दीगाम मेरी तलवार आप पर कैसे
[38:45] मोहतरम वज़र दीगाम मेरी तलवार आप पर कैसे उठ सकती है?
[38:46] उठ सकती है? लड़ाई का एक उसूल है। मैदान में जो उतर
[38:50] लड़ाई का एक उसूल है। मैदान में जो उतर गया उसे अपनी हरीफ की ललकार पर पीछे नहीं
[38:52] गया उसे अपनी हरीफ की ललकार पर पीछे नहीं हटना चाहिए। आगे बढ़ो।
[38:56] हटना चाहिए। आगे बढ़ो। उठाओ तलवार।
[38:58] उठाओ तलवार। [संगीत]
[39:08] [संगीत] उठो
[39:14] [संगीत]
[39:22] ये सब हमें शर्मिंदा करवाएंगे।
[39:25] ये सब हमें शर्मिंदा करवाएंगे। किसी काम के नहीं है।
[39:28] किसी काम के नहीं है। अब हर त्यौहार में मेरे हुकुम के मुताबिक
[39:31] अब हर त्यौहार में मेरे हुकुम के मुताबिक अदामाद किए जाएंगे।
[39:34] अदामाद किए जाएंगे। मुझे और ज्यादा बहादुर और माहिर जंगदू
[39:37] मुझे और ज्यादा बहादुर और माहिर जंगदू चाहिए।
[39:52] निकलो।
[39:58] [संगीत]
[40:19] लगता है खलीफा के महल में तकरीब का आगाज
[40:22] लगता है खलीफा के महल में तकरीब का आगाज तो पहले ही हो चुका है। जनाब ये शमसा है।
[40:26] तो पहले ही हो चुका है। जनाब ये शमसा है। आप जानते हैं ये किसी का कहा नहीं सुनती।
[40:29] आप जानते हैं ये किसी का कहा नहीं सुनती। खलीफा की ज़ौजा ने याद किया होगा ये वहीं
[40:31] खलीफा की ज़ौजा ने याद किया होगा ये वहीं जा रही है।
[40:33] जा रही है। वो अभी तक अपनी कैद से बेखबर है।
[40:36] वो अभी तक अपनी कैद से बेखबर है। मेरी इन आंखों ने
[40:39] मेरी इन आंखों ने आज तक इतना आजाद कैदी नहीं देखा।
[40:44] [संगीत]
[40:57] खुशामदीद जनाब
[40:59] खुशामदीद जनाब [संगीत]
[41:06] खुशामदीद
[41:08] खुशामदीद खुशामदीद
[41:24] शहंशाह-ए-मज़्ज़म
[41:28] [संगीत]
[41:33] विलियम
[41:38] मैं तुम्हारा ही मुंतज़र था।
[41:40] मैं तुम्हारा ही मुंतज़र था। जनाब आपकी रस्म ताजपशी की दावत सुल्तान
[41:44] जनाब आपकी रस्म ताजपशी की दावत सुल्तान नूरुद्दीन को पहुंचा दी गई है।
[41:47] नूरुद्दीन को पहुंचा दी गई है। लुजियान से लॉर्ड गाय भी आपकी खिदमत में
[41:49] लुजियान से लॉर्ड गाय भी आपकी खिदमत में तकरीब से पहले पेश हो जाएंगे।
[41:52] तकरीब से पहले पेश हो जाएंगे। [संगीत]
[41:54] [संगीत] आप तो जानते ही हैं कि पापा एआम की
[41:56] आप तो जानते ही हैं कि पापा एआम की दरख्वास्त पर वो अब यरूशलेम में ही कयाम
[41:59] दरख्वास्त पर वो अब यरूशलेम में ही कयाम करेगा।
[42:00] करेगा। हां, यकीनन पापा आजम कुछ जानते हैं। मगर
[42:04] हां, यकीनन पापा आजम कुछ जानते हैं। मगर मेरे मुशीरे खास और पादरी आला विलियम भी
[42:07] मेरे मुशीरे खास और पादरी आला विलियम भी वो बात जानते होंगे जरूर।
[42:10] वो बात जानते होंगे जरूर। शायद मैं जानता हूं शहंशाह
[42:14] शायद मैं जानता हूं शहंशाह अपने बाप और भाई की बनाई गई इज्जत की वजह
[42:16] अपने बाप और भाई की बनाई गई इज्जत की वजह से लॉर्ड गाई सलेबी जंगजुओं पर अपना अस्रो
[42:19] से लॉर्ड गाई सलेबी जंगजुओं पर अपना अस्रो रसूख रखता है।
[42:22] रसूख रखता है। पापा आजम ने इन्हीं वजूहात पर उसका इंतखाब
[42:24] पापा आजम ने इन्हीं वजूहात पर उसका इंतखाब किया हो।
[42:25] किया हो। हां ऐसा ही होगा। बाबा एआम हर एक को यह
[42:30] हां ऐसा ही होगा। बाबा एआम हर एक को यह याद दिलाना चाहते हैं कि सलेबी जंजुमात है
[42:32] याद दिलाना चाहते हैं कि सलेबी जंजुमात है उनके। खुसूसन उसे जो इस मुकद्दस कुस का
[42:35] उनके। खुसूसन उसे जो इस मुकद्दस कुस का तख्त संभालता है।
[42:36] तख्त संभालता है। जब हमें मौका मिलेगा तो हम भी उन्हें यह
[42:39] जब हमें मौका मिलेगा तो हम भी उन्हें यह बात बावर करवाएंगे कि हमें याद है जनाबे
[42:42] बात बावर करवाएंगे कि हमें याद है जनाबे अली
[42:44] अली विलियम
[42:46] विलियम विलियम फॉल
[42:48] विलियम फॉल खुशकिस्मत हूं जो तुम साथ हो मेरे।
[42:50] खुशकिस्मत हूं जो तुम साथ हो मेरे। उम्मीद करता हूं के मिस्र में भी आपकी
[42:53] उम्मीद करता हूं के मिस्र में भी आपकी किस्मत आपका साथ दे।
[42:56] किस्मत आपका साथ दे। इस वक्त क्या सुरते हाल है वहां? क्या
[42:58] इस वक्त क्या सुरते हाल है वहां? क्या दरगाहम अब भी हमारे साथ खुफिया इत्तहाद
[43:00] दरगाहम अब भी हमारे साथ खुफिया इत्तहाद कायम रखना चाहता है?
[43:02] कायम रखना चाहता है? दर हकीकत वो ऐसा चाहता तो नहीं लेकिन फिर
[43:05] दर हकीकत वो ऐसा चाहता तो नहीं लेकिन फिर भी करेगा क्योंकि मिस्र में दरअंदाजी के
[43:07] भी करेगा क्योंकि मिस्र में दरअंदाजी के लिए दरार तलाश करना आसान काम नहीं था। कोई
[43:10] लिए दरार तलाश करना आसान काम नहीं था। कोई हम यह मौका जाने नहीं देंगे।
[43:15] बाबा
[43:20] आइए
[43:21] आइए सल्तनत कुत्स का अगला वारिस
[43:24] सल्तनत कुत्स का अगला वारिस शहजादा बाल्विन
[43:27] शहजादा बाल्विन शहंशाह यरूशलम आपने मुझे याद किया?
[43:31] शहंशाह यरूशलम आपने मुझे याद किया? हां अब से तुम्हारी खुसूसी तरबियत के लिए
[43:36] हां अब से तुम्हारी खुसूसी तरबियत के लिए हमने पादरी आला विलियम को जिम्मेदारी सौंप
[43:39] हमने पादरी आला विलियम को जिम्मेदारी सौंप दी है।
[43:48] एक अकलमंद शहंशाह बनने के लिए इनकी हर बात
[43:51] एक अकलमंद शहंशाह बनने के लिए इनकी हर बात तवज्जो से सुनना।
[43:55] [संगीत]
[44:04] [संगीत] [प्रशंसा]
[44:14] [प्रशंसा] [संगीत]
[44:22] तुम्हारी हालत अभी इस काबिल नहीं है।
[44:26] तुम्हारी हालत अभी इस काबिल नहीं है। मुझे जल्द से जल्द शाम पहुंचना है। तुम
[44:29] मुझे जल्द से जल्द शाम पहुंचना है। तुम शाम से हो क्या?
[44:34] तुम इस हाल में कहीं नहीं जा सकोगे।
[44:37] तुम इस हाल में कहीं नहीं जा सकोगे। तुम्हारी वजह से मेरा रास्ता तो लंबा
[44:39] तुम्हारी वजह से मेरा रास्ता तो लंबा होगा। अगर चाहो तो मैं तुम्हें रास्ते में
[44:42] होगा। अगर चाहो तो मैं तुम्हें रास्ते में अपने घोड़े पर कहीं छोड़ सकता हूं।
[44:47] ऐसा लगता है भागना चाहते हो तुम यहां से।
[44:51] ऐसा लगता है भागना चाहते हो तुम यहां से। तुम्हें ऐसा क्यों लगा? मालूम नहीं मुझे।
[44:55] तुम्हें ऐसा क्यों लगा? मालूम नहीं मुझे। महसूस हुआ ऐसा।
[45:00] शायद इसकी वजह तुम्हारा नाम है
[45:04] शायद इसकी वजह तुम्हारा नाम है यूनुस।
[45:08] कुरान करीम में हजरत यूनुस अल सलाम का
[45:10] कुरान करीम में हजरत यूनुस अल सलाम का किस्सा मौजूद है।
[45:13] किस्सा मौजूद है। जब उनकी कौम ने उनकी बात नहीं मानी तो वो
[45:16] जब उनकी कौम ने उनकी बात नहीं मानी तो वो उस कौम को उनकी हालत में छोड़ के चले गए।
[45:21] उस कौम को उनकी हालत में छोड़ के चले गए। तुम बताओ
[45:23] तुम बताओ ऐसी क्या वजह है जो तुम भाग रहे हो? हां।
[45:27] ऐसी क्या वजह है जो तुम भाग रहे हो? हां। नहीं मालूम।
[45:29] नहीं मालूम। मुझे मछली के पेट में जाना पड़ेगा यूनुस
[45:31] मुझे मछली के पेट में जाना पड़ेगा यूनुस की तरह वजह जानने के लिए।
[45:36] [संगीत]
[45:40] आजा
[45:43] आजा [संगीत]
[46:12] शुक्र शुक्र मेरे रब
[46:15] शुक्र शुक्र मेरे रब [संगीत]
[46:26] अस्सलाम वालेकुम।
[46:27] अस्सलाम वालेकुम। वालेकुम सलाम।
[46:28] वालेकुम सलाम। मुझे सुल्तान मुअजम से मुलाकात करनी है
[46:31] मुझे सुल्तान मुअजम से मुलाकात करनी है फरी तौर पर। मगर उससे पहले एक मामला बहुत
[46:35] फरी तौर पर। मगर उससे पहले एक मामला बहुत आम है। मेरे इस घोड़े ने तवील सफर तय करके
[46:38] आम है। मेरे इस घोड़े ने तवील सफर तय करके मुझे यहां पहुंचाया है। इसे फौरन पानी
[46:41] मुझे यहां पहुंचाया है। इसे फौरन पानी पिलाना है।
[46:44] पिलाना है। कौन है जो सुल्तान से मिलने का ख्वाहिशमंद
[46:46] कौन है जो सुल्तान से मिलने का ख्वाहिशमंद है?
[46:47] है? क्या ये काजिम फाजिल आए हैं?
[46:52] [संगीत]
[46:56] इस बार हम अपनी मंजिल के बहुत करीब पहुंच
[46:59] इस बार हम अपनी मंजिल के बहुत करीब पहुंच चुके थे। तमाम कबाइल को जमा करके इत्तहाद
[47:02] चुके थे। तमाम कबाइल को जमा करके इत्तहाद भी कायम किया जा चुका था। कुस के दरवाजे
[47:04] भी कायम किया जा चुका था। कुस के दरवाजे से वापस आना पड़ा फौज को।
[47:10] सलाहाउद्दीन गायब है। मिस्र की सुरते हाल
[47:13] सलाहाउद्दीन गायब है। मिस्र की सुरते हाल भी वाज़ है।
[47:18] भरपूर ताकत के बावजूद हमें लाचारी का
[47:20] भरपूर ताकत के बावजूद हमें लाचारी का सामना क्यों है? समझ से बाहर है यह बात।
[47:24] सामना क्यों है? समझ से बाहर है यह बात। क्या मुझसे कोई गलती हुई है जिसकी वजह से
[47:28] क्या मुझसे कोई गलती हुई है जिसकी वजह से मेरे साथ यह सब कुछ हो रहा है? बताइए
[47:30] मेरे साथ यह सब कुछ हो रहा है? बताइए मुझे।
[47:32] मुझे। कोताहियां तो हम सब में है मेरे सुल्तान।
[47:36] कोताहियां तो हम सब में है मेरे सुल्तान। इस राह पर खुद को कामिल समझने वाला गलत
[47:39] इस राह पर खुद को कामिल समझने वाला गलत है। लेकिन यह बात भी हकीकत है कि जो कुछ
[47:44] है। लेकिन यह बात भी हकीकत है कि जो कुछ भी हो रहा है सब तकदीर इलाही है। और जब
[47:47] भी हो रहा है सब तकदीर इलाही है। और जब सही वक्त आएगा तो जिस रास्ते की आपको तलाश
[47:51] सही वक्त आएगा तो जिस रास्ते की आपको तलाश है आपके सामने आ जाएगा इंशा्लाह।
[47:56] है आपके सामने आ जाएगा इंशा्लाह। [संगीत]
[48:06] मेरे सुल्तान मिस्र से खास मेहमान आपकी
[48:09] मेरे सुल्तान मिस्र से खास मेहमान आपकी खिदमत में हाजिर हुआ है। काजी फाजिल तशरीफ
[48:11] खिदमत में हाजिर हुआ है। काजी फाजिल तशरीफ लाए हैं। वो आपसे मुलाकात के ख्वाहिशमंद
[48:14] लाए हैं। वो आपसे मुलाकात के ख्वाहिशमंद है।
[48:17] वो मशहूर खतदार काजी फाजिल जो दीवान कातिब
[48:22] वो मशहूर खतदार काजी फाजिल जो दीवान कातिब के सरबरा भी हैं।
[48:23] के सरबरा भी हैं। जी सुल्तान मोजम उनकी साख हमें मालूम है।
[48:26] जी सुल्तान मोजम उनकी साख हमें मालूम है। नौजवान होने के साथ वो एक तजुर्बकार
[48:28] नौजवान होने के साथ वो एक तजुर्बकार रियासती ओदेदार हैं। कानून की नजर में
[48:30] रियासती ओदेदार हैं। कानून की नजर में उनके लफ्जों की अहमियत है बहुत।
[48:32] उनके लफ्जों की अहमियत है बहुत। [संगीत]
[48:34] [संगीत] क्या नए वजीर के एलची की हैसियत से आए हैं
[48:36] क्या नए वजीर के एलची की हैसियत से आए हैं यहां वो?
[48:37] यहां वो? मेरे सुल्तान मुझे लगता तो यही है लेकिन
[48:39] मेरे सुल्तान मुझे लगता तो यही है लेकिन शाम और मिसल की सलामती यहां आने का मकसद
[48:42] शाम और मिसल की सलामती यहां आने का मकसद बताया उन्होंने।
[48:44] बताया उन्होंने। परेशानी चेहरे से आया है उनके। मुलाकात की
[48:46] परेशानी चेहरे से आया है उनके। मुलाकात की इजाजत के मुंतज़िर है।
[48:51] ले आइए।
[48:56] [संगीत]
[49:19] [संगीत] ऐसे मुश्किल वक्त में आपकी यहां मौजूदगी
[49:21] ऐसे मुश्किल वक्त में आपकी यहां मौजूदगी तशवीशनाक है। इस मुलाकात के पीछे कोई तो
[49:26] तशवीशनाक है। इस मुलाकात के पीछे कोई तो हिकमत है।
[49:28] हिकमत है। सबसे पहले आप मुझे मिस्र के हालात से आगाह
[49:30] सबसे पहले आप मुझे मिस्र के हालात से आगाह कीजिए।
[49:32] कीजिए। सुल्तान मौजम मैं ना अजीज काजी फाजिल
[49:36] सुल्तान मौजम मैं ना अजीज काजी फाजिल हुजूर इस वक्त अपने तमाम औरतों से मुवरा
[49:39] हुजूर इस वक्त अपने तमाम औरतों से मुवरा होकर मैं
[49:41] होकर मैं मिस्र के एक बेनामो निशा बेटे की हैसियत
[49:43] मिस्र के एक बेनामो निशा बेटे की हैसियत से आपकी खिदमत में हाजिर हुआ हूं। मेरे
[49:44] से आपकी खिदमत में हाजिर हुआ हूं। मेरे सुल्तान
[49:47] सुल्तान मिस्र में लोगों की एक आदत है मेरे
[49:49] मिस्र में लोगों की एक आदत है मेरे सुल्तान। जितनी भी मुश्किलें और आफतें
[49:52] सुल्तान। जितनी भी मुश्किलें और आफतें उनके हुक्मरान उन पर डालें बेहसी दिखाते
[49:55] उनके हुक्मरान उन पर डालें बेहसी दिखाते हैं उस पे। उनकी बेहसी का आलम तो यह है कि
[49:59] हैं उस पे। उनकी बेहसी का आलम तो यह है कि वो समझते हैं जिस सर जमीन पर वो रह रहे
[50:02] वो समझते हैं जिस सर जमीन पर वो रह रहे हैं उसके असल मालिक भी वो ही हैं। इसलिए
[50:05] हैं उसके असल मालिक भी वो ही हैं। इसलिए कोई बात उन्हें परेशान नहीं करती। उन्हें
[50:08] कोई बात उन्हें परेशान नहीं करती। उन्हें लगता है कि हुकूमत की मोहर एक गेंद की तरह
[50:11] लगता है कि हुकूमत की मोहर एक गेंद की तरह एक हाथ से दूसरे हाथ में जाती रहेगी।
[50:15] एक हाथ से दूसरे हाथ में जाती रहेगी। मगर वो लोग यहां हमेशा इसी तरह रहेंगे।
[50:20] मगर वो लोग यहां हमेशा इसी तरह रहेंगे। लेकिन साथ ही उनका यह भी मानना है कि
[50:25] लेकिन साथ ही उनका यह भी मानना है कि अगर वो यतीम हो जाते हैं
[50:28] अगर वो यतीम हो जाते हैं तो सल्तनत शाम एक बाप की तरह उनकी
[50:30] तो सल्तनत शाम एक बाप की तरह उनकी सरपरस्ती करेगी।
[50:34] मेरी दरख्वास्त है कि आप मुझे अपना बेटा
[50:35] मेरी दरख्वास्त है कि आप मुझे अपना बेटा समझ कर मेरी बात सुने सुल्तान।
[50:38] समझ कर मेरी बात सुने सुल्तान। [संगीत]
[50:43] कलम के माहिर हैं। ये तो सुना था हमने।
[50:46] कलम के माहिर हैं। ये तो सुना था हमने। लेकिन हम देख रहे हैं कि खिताबत में भी
[50:49] लेकिन हम देख रहे हैं कि खिताबत में भी काफी माहिर है आप।
[50:52] काफी माहिर है आप। खुलकर बात करो। मैं सुन रहा हूं फरज। बाप
[50:54] खुलकर बात करो। मैं सुन रहा हूं फरज। बाप बेटे के दरमियान बहुत से निजी मामलात होते
[50:56] बेटे के दरमियान बहुत से निजी मामलात होते हैं। तन्हाई में बात करना मुनासिब रहेगा।
[51:05] इजाजत दीजिए मेरे सुल्तान।
[51:08] इजाजत दीजिए मेरे सुल्तान। [संगीत]
[51:30] हो सकता है करीब में कोई सराया मिल जाए
[51:32] हो सकता है करीब में कोई सराया मिल जाए वहीं आराम कर लेंगे।
[51:42] बर्दाश्त कर पाओगे तुम?
[51:47] [संगीत]
[51:59] [संगीत] दरगाम ने अपनी सियासत में एक बहुत बड़ी
[52:01] दरगाम ने अपनी सियासत में एक बहुत बड़ी गलती की है मेरे सुल्तान। शायद उसका जमीर
[52:03] गलती की है मेरे सुल्तान। शायद उसका जमीर मुतमाइन ना हो। मगर वो सलीबियों के आगे
[52:06] मुतमाइन ना हो। मगर वो सलीबियों के आगे झुक गया। अगर सलीबी कायहिरा में आबाद हो
[52:10] झुक गया। अगर सलीबी कायहिरा में आबाद हो जाते हैं तो यह एक ऐसी तबाही का पेशमा
[52:13] जाते हैं तो यह एक ऐसी तबाही का पेशमा होंगे जिसे रोकना सदियों तक नामुमकिन है।
[52:16] होंगे जिसे रोकना सदियों तक नामुमकिन है। शहंशाह मारलिक के और वज़र दिलगाम के मां
[52:20] शहंशाह मारलिक के और वज़र दिलगाम के मां बैन इस इत्तहाद का कोई सबूत है तुम्हारे
[52:23] बैन इस इत्तहाद का कोई सबूत है तुम्हारे पास बेटा।
[52:23] पास बेटा। सबूत तो कोई नहीं। मगर मैं इतना जरूर
[52:26] सबूत तो कोई नहीं। मगर मैं इतना जरूर जानता हूं कि वो आएंगे। दाखिले का रास्ता
[52:29] जानता हूं कि वो आएंगे। दाखिले का रास्ता उन्हें मिल चुका है। और यह मौका वो जाने
[52:32] उन्हें मिल चुका है। और यह मौका वो जाने नहीं देंगे।
[52:34] नहीं देंगे। मैं अपनी
[52:36] मैं अपनी सिपा को खतरे में डालकर आप लोगों की मदद
[52:38] सिपा को खतरे में डालकर आप लोगों की मदद करूं। ये चाहते हैं
[52:41] करूं। ये चाहते हैं तो अब ये बताइए मुझे कि मैं शाहवार की मदद
[52:45] तो अब ये बताइए मुझे कि मैं शाहवार की मदद क्यों करूं आखिर हो सकता है कल वो अपने
[52:48] क्यों करूं आखिर हो सकता है कल वो अपने मफाद की खातिर हमसे गद्दारी करे क्या
[52:50] मफाद की खातिर हमसे गद्दारी करे क्या मालूम
[52:53] मालूम एक ऐसा खलीफा जो बजाहिर इतना कमजोर दिखाई
[52:56] एक ऐसा खलीफा जो बजाहिर इतना कमजोर दिखाई देता है मेरी पुश्तनाही करेगा कभी
[52:59] देता है मेरी पुश्तनाही करेगा कभी काहिरा में कौन करेगा मेरी नुमाइंदगी
[53:02] काहिरा में कौन करेगा मेरी नुमाइंदगी मैं इसीलिए आपकी खिदमत में हाजिर हुआ हूं
[53:05] मैं इसीलिए आपकी खिदमत में हाजिर हुआ हूं जनाब मैं मिस्र की आवाम की जिम्मेदारी
[53:08] जनाब मैं मिस्र की आवाम की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं। अगर आप हमारी तरफ
[53:12] लेने के लिए तैयार हूं। अगर आप हमारी तरफ मदद का हाथ बढ़ाते हैं।
[53:23] [संगीत]
[53:28] वादा
[53:30] वादा एक जादू होता है। फाजिल
[53:33] एक जादू होता है। फाजिल इंसान अपनी गुफ्तगू से सामने वाले को शहर
[53:35] इंसान अपनी गुफ्तगू से सामने वाले को शहर में मुब्तला कर सकता है।
[53:38] में मुब्तला कर सकता है। मगर इन हालात से हमें गुजरे हुए एक जमाना
[53:43] मगर इन हालात से हमें गुजरे हुए एक जमाना हुआ।
[53:50] मेरा जहन
[53:52] मेरा जहन इस बात को भूलने के लिए तैयार ही नहीं कि
[53:54] इस बात को भूलने के लिए तैयार ही नहीं कि वो फातिमी थे जिन्होंने कु्स को सलेबियों
[53:57] वो फातिमी थे जिन्होंने कु्स को सलेबियों के हवाले कर दिया था। अगर आज आलम इस्लाम
[54:00] के हवाले कर दिया था। अगर आज आलम इस्लाम मसाइल से दोचार है तो इसकी वजह वही फातिमी
[54:03] मसाइल से दोचार है तो इसकी वजह वही फातिमी है काजी फाजिल।
[54:05] है काजी फाजिल। वो काफिरों पर भरोसा करके यह समझते रहे कि
[54:09] वो काफिरों पर भरोसा करके यह समझते रहे कि यह आफत उन्हें कभी नहीं छू पाएगी और वो
[54:11] यह आफत उन्हें कभी नहीं छू पाएगी और वो हमेशा महफूज़ रहेंगे। उन्होंने तो इस आफत
[54:15] हमेशा महफूज़ रहेंगे। उन्होंने तो इस आफत को खुद आगे बढ़कर गले लगाया है।
[54:19] को खुद आगे बढ़कर गले लगाया है। मैं मैं यकीनन मिस्र जाऊंगा।
[54:23] मैं मैं यकीनन मिस्र जाऊंगा। लेकिन सलेबियों की चालों से बिगड़े हुए
[54:26] लेकिन सलेबियों की चालों से बिगड़े हुए निजाम को दुरुस्त करने नहीं बल्कि
[54:28] निजाम को दुरुस्त करने नहीं बल्कि फातिम्मियों की रियासत को नीसोनाबूद करने
[54:31] फातिम्मियों की रियासत को नीसोनाबूद करने के लिए मिस्र जाऊंगा।
[54:33] के लिए मिस्र जाऊंगा। वो वक्त भी बहुत जल्द आ जाएगा मेरे
[54:35] वो वक्त भी बहुत जल्द आ जाएगा मेरे सुल्तान।
[54:37] सुल्तान। आप ही इस पूरे आलम इस्लाम में वो वाहिद
[54:42] आप ही इस पूरे आलम इस्लाम में वो वाहिद हुक्मरान है जो इस मकसद को हासिल कर सकते
[54:44] हुक्मरान है जो इस मकसद को हासिल कर सकते हैं। लेकिन अगर आप मिस्र तशरीफ नहीं लाए।
[54:52] यह मसला बहुत अरसे से ज़हर गौर था।
[54:56] यह मसला बहुत अरसे से ज़हर गौर था। और आखिरकार हमने फैसला कर लिया है।
[55:00] और आखिरकार हमने फैसला कर लिया है। अमीर सलाहाउद्दीन लापता है। इसलिए हमारा
[55:04] अमीर सलाहाउद्दीन लापता है। इसलिए हमारा मिस्र से ताल्लुक नहीं कोई।
[55:16] [संगीत]
[55:30] अपने जख्म का क्यों नहीं बताया तुमने?
[55:35] ये तो शाम का रास्ता नहीं है। आखिर कौन हो
[55:39] ये तो शाम का रास्ता नहीं है। आखिर कौन हो तुम? घबराने की जरूरत नहीं।
[55:43] तुम? घबराने की जरूरत नहीं। कुएं से तुम्हें पहाड़ से दोबारा नीचे
[55:45] कुएं से तुम्हें पहाड़ से दोबारा नीचे फेंकने के लिए नहीं निकाला मैंने। उस
[55:47] फेंकने के लिए नहीं निकाला मैंने। उस रास्ते पर मुझे सलीबी सिपाहियों का ग्रो
[55:49] रास्ते पर मुझे सलीबी सिपाहियों का ग्रो दिखाई दिया। तो मैंने अपना रास्ता तब्दील
[55:51] दिखाई दिया। तो मैंने अपना रास्ता तब्दील कर लिया।
[56:02] ये
[56:26] क्यों किया तुमने ऐसा?
[56:30] क्यों किया तुमने ऐसा? ताकि तुम्हें तुम्हारी मां से मिलवा सकूं
[56:31] ताकि तुम्हें तुम्हारी मां से मिलवा सकूं मैं। यूं तो इस सर जमीन पर ईसाइयों की
[56:34] मैं। यूं तो इस सर जमीन पर ईसाइयों की हिफाजत करते बहुत से मुसलमान देखे।
[56:39] लेकिन एक मुसलमान की हिफाजत किसी ईसाई का
[56:41] लेकिन एक मुसलमान की हिफाजत किसी ईसाई का करना
[56:42] करना हो सकता है कि इसके बदले तुम्हारी बख्शीश
[56:45] हो सकता है कि इसके बदले तुम्हारी बख्शीश हो जाए।
[56:50] आपके फैसले के आगे मैं सर तस्लीम खम करता
[56:54] आपके फैसले के आगे मैं सर तस्लीम खम करता हूं मेरे सुल्तान।
[56:57] हूं मेरे सुल्तान। मगर जाने से पहले आपकी खिदमत में आपकी
[57:01] मगर जाने से पहले आपकी खिदमत में आपकी इजाजत से
[57:03] इजाजत से [संगीत]
[57:07] पेश करना चाहूंगा।
[57:15] [संगीत]
[57:36] हम भी दस्तकारी के फन से वाकिफ हैं। और ये
[57:41] हम भी दस्तकारी के फन से वाकिफ हैं। और ये मदीने के किसी पुराने कारीगर की बनाई हुई
[57:43] मदीने के किसी पुराने कारीगर की बनाई हुई अंगूठी लगती है। आपने दुरुस्त फरमाया मेरे
[57:46] अंगूठी लगती है। आपने दुरुस्त फरमाया मेरे सुल्तान खुद पर हुकूमत करने वाली मुसलमान
[57:49] सुल्तान खुद पर हुकूमत करने वाली मुसलमान कुतों की यह एक कीमती निशानी है। जब
[57:53] कुतों की यह एक कीमती निशानी है। जब सलीबियों ने हमला किया तो एक मिस्री
[57:56] सलीबियों ने हमला किया तो एक मिस्री खानदान ने इसकी हिफाजत की और इसे बचा
[57:58] खानदान ने इसकी हिफाजत की और इसे बचा लिया। फिर कई साल छुपाए रखा।
[58:01] लिया। फिर कई साल छुपाए रखा। मेरे सुल्तान आप इस अंगूठी को पहन लीजिए।
[58:05] मेरे सुल्तान आप इस अंगूठी को पहन लीजिए। इसे देखकर कुस की फतह के लिए की जाने वाली
[58:07] इसे देखकर कुस की फतह के लिए की जाने वाली दुआएं आपको याद रहेंग इंशा्लाह।
[58:11] दुआएं आपको याद रहेंग इंशा्लाह। [संगीत]
[58:17] [संगीत] फाजिल
[58:24] यहां आओ
[58:29] [संगीत]
[01:01:23] [प्रशंसा]
[01:01:38] [प्रशंसा] सुना है कि जब से वजीर दरगाम ने वजीर
[01:01:40] सुना है कि जब से वजीर दरगाम ने वजीर शाहवार की हुकूमत का तख्ता पलट कर इ्तेदार
[01:01:43] शाहवार की हुकूमत का तख्ता पलट कर इ्तेदार संभाला है तब से किसी ने तुम्हारी सुरीली
[01:01:45] संभाला है तब से किसी ने तुम्हारी सुरीली आवाज नहीं सुनी शमसा
[01:01:48] आवाज नहीं सुनी शमसा [संगीत]
[01:01:49] [संगीत] क्या हमारे लिए भी कोई गाना नहीं गाओगी
[01:01:52] क्या हमारे लिए भी कोई गाना नहीं गाओगी आखिर कब यह बुलबुल इस सुनहरे कैद से आजाद
[01:01:54] आखिर कब यह बुलबुल इस सुनहरे कैद से आजाद होकर हमारे कानों पर पड़ी यह गर्द हटाएगी।
[01:01:57] होकर हमारे कानों पर पड़ी यह गर्द हटाएगी। कानों से बढ़कर आवाज का कोई ठिकाना नहीं।
[01:02:00] कानों से बढ़कर आवाज का कोई ठिकाना नहीं। वक्त आने पर ही अपने आशियाने में लौट
[01:02:02] वक्त आने पर ही अपने आशियाने में लौट आएगी।
[01:02:04] आएगी। लेकिन जब तक वजीर दरगाम शाहवार से किया
[01:02:06] लेकिन जब तक वजीर दरगाम शाहवार से किया हुआ वादा पूरा करके मुझे आजाद नहीं कर
[01:02:08] हुआ वादा पूरा करके मुझे आजाद नहीं कर देते तब तक अपनी कसम नहीं तोडूंगी।
[01:02:13] देते तब तक अपनी कसम नहीं तोडूंगी। मेरी आवाज एक वादे की असीर है। दरगाम की
[01:02:16] मेरी आवाज एक वादे की असीर है। दरगाम की नहीं।
[01:02:17] नहीं। [संगीत]
[01:02:23] वरना खलीफा वक्त के ज़ौजा मोहतरमा के हुकुम
[01:02:26] वरना खलीफा वक्त के ज़ौजा मोहतरमा के हुकुम को रद्द करना मेरे तसवुर में भी नहीं आता
[01:02:28] को रद्द करना मेरे तसवुर में भी नहीं आता कभी।
[01:02:29] कभी। कहते हैं कि तुमने एक मां और बेटे की
[01:02:31] कहते हैं कि तुमने एक मां और बेटे की खातिर खुद को शवार की कैद भी दे दिया। साथ
[01:02:33] खातिर खुद को शवार की कैद भी दे दिया। साथ ही अपनी आवाज भी जजीरो बेच कर ली। क्यों?
[01:02:36] ही अपनी आवाज भी जजीरो बेच कर ली। क्यों? यह कैद किस चीज की कीमत है?
[01:02:38] यह कैद किस चीज की कीमत है? ऐसी कोई जंजीर नहीं जो इंसान की असल कैद
[01:02:40] ऐसी कोई जंजीर नहीं जो इंसान की असल कैद कर सके।
[01:02:42] कर सके। लेकिन मुझे अफसोस होता है उन पे जो हाथ
[01:02:44] लेकिन मुझे अफसोस होता है उन पे जो हाथ बंधे होने पर खुद को कैदी समझते हैं।
[01:02:47] बंधे होने पर खुद को कैदी समझते हैं। तुम्हारी वसीरत भी निगाहों की तरह शफाफ
[01:02:50] तुम्हारी वसीरत भी निगाहों की तरह शफाफ है।
[01:02:52] है। उम्मीद करती हूं तुम्हारा मुस्तकबिल भी
[01:02:54] उम्मीद करती हूं तुम्हारा मुस्तकबिल भी रोशन हो। तुम्हारे हुनर की तरह जिस्म भी
[01:02:57] रोशन हो। तुम्हारे हुनर की तरह जिस्म भी आजाद हो तुम्हारा।
[01:02:59] आजाद हो तुम्हारा। [संगीत]
[01:03:01] [संगीत] खलीफा वक्त की पुरानी अजमत अगर बाकी होती
[01:03:04] खलीफा वक्त की पुरानी अजमत अगर बाकी होती तो मेरे लिए इन जंजीरों को तोड़ना कोई
[01:03:07] तो मेरे लिए इन जंजीरों को तोड़ना कोई मुश्किल नहीं था।
[01:03:10] मुश्किल नहीं था। लेकिन वजीरों को कोई बात समझाना
[01:03:14] लेकिन वजीरों को कोई बात समझाना ऊंट को कुएं में उतारने के बराबर है।
[01:03:17] ऊंट को कुएं में उतारने के बराबर है। हमारी दावत कबूल करने और खलीफा के महल को
[01:03:19] हमारी दावत कबूल करने और खलीफा के महल को अपनी आमद से मुशर्रफ करने पर हम तुम्हारे
[01:03:21] अपनी आमद से मुशर्रफ करने पर हम तुम्हारे शुक्रगुजार हैं। शमसा
[01:03:24] शुक्रगुजार हैं। शमसा जब आप चाहेंगी हाजिर हो जाऊंगी।
[01:03:28] [संगीत]
[01:03:42] शेर को जल्दी खुसूसी दस्ता तैयार किया
[01:03:45] शेर को जल्दी खुसूसी दस्ता तैयार किया जाए। काजी फाजिल के साथ वो दस्ता और तुम
[01:03:47] जाए। काजी फाजिल के साथ वो दस्ता और तुम मिस्र रवाना हो गए।
[01:03:49] मिस्र रवाना हो गए। जो हुकुम मेरे सुल्तान
[01:03:52] जो हुकुम मेरे सुल्तान मौदूद तुम हमारे साथ कुद्स के लिए रवाना
[01:03:55] मौदूद तुम हमारे साथ कुद्स के लिए रवाना हो गए।
[01:03:56] हो गए। कुदस के लिए
[01:03:58] कुदस के लिए ये दावत आपने मुस्तरद कर दी थी। सुल्तान
[01:04:00] ये दावत आपने मुस्तरद कर दी थी। सुल्तान सलाहाउद्दीन के लिए जाएंगे।
[01:04:04] सलाहाउद्दीन के लिए जाएंगे। और वो भी पूरी फौज के साथ।
[01:04:06] और वो भी पूरी फौज के साथ। [संगीत]
[01:04:38] पैगाम मिलते ही बर्ग रिफ्तारी से यहां
[01:04:40] पैगाम मिलते ही बर्ग रिफ्तारी से यहां पहुंचा। अब हुकुम का मुंतजिर हो मेरे
[01:04:42] पहुंचा। अब हुकुम का मुंतजिर हो मेरे सुल्तान।
[01:04:46] अल्लाह तुम्हारी शमशीर की धार तेज रखे।
[01:04:49] अल्लाह तुम्हारी शमशीर की धार तेज रखे। शाम में चारों तरफ तुम्हारे और तुम्हारे
[01:04:51] शाम में चारों तरफ तुम्हारे और तुम्हारे मुजाहदीन के कसीदे सुनाए जाते हैं।
[01:04:55] मुजाहदीन के कसीदे सुनाए जाते हैं। यह बहादुरी और जिहाद का हौसला हमें आपसे
[01:04:57] यह बहादुरी और जिहाद का हौसला हमें आपसे ही मिला है। आपका साया सलामत रहे।
[01:05:02] एन वक्त पर आए हो यहां।
[01:05:05] एन वक्त पर आए हो यहां। तुम और तुम्हारे मुजाहदीन शिरकू की कमान
[01:05:08] तुम और तुम्हारे मुजाहदीन शिरकू की कमान में मिस्र की तरफ रवाना हो जाएंगे।
[01:05:11] में मिस्र की तरफ रवाना हो जाएंगे। जो आपका हुकुम मिले सुल्तान।
[01:05:14] जो आपका हुकुम मिले सुल्तान। हम उन सफीरों को हरगज़ नहीं भूले जिन्हें
[01:05:16] हम उन सफीरों को हरगज़ नहीं भूले जिन्हें तुमने बिला वजह कत्ल किया था यारों की।
[01:05:18] तुमने बिला वजह कत्ल किया था यारों की। उम्मीद है पुलिस की जंग में शामिल ना किए
[01:05:20] उम्मीद है पुलिस की जंग में शामिल ना किए जाने पर कुछ सबक सीखोगे। मैंने कोई
[01:05:23] जाने पर कुछ सबक सीखोगे। मैंने कोई नाइंसाफी नहीं की। माना सफीर को नुकसान
[01:05:25] नाइंसाफी नहीं की। माना सफीर को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। लेकिन किसी को भी
[01:05:27] नहीं पहुंचाया जा सकता। लेकिन किसी को भी सुल्तान वक्त की तौहीन करने की इजाजत
[01:05:30] सुल्तान वक्त की तौहीन करने की इजाजत हरगिज़ नहीं दी जा सकती। अगर दोबारा हुआ तो
[01:05:33] हरगिज़ नहीं दी जा सकती। अगर दोबारा हुआ तो यही करूंगा। पुराने किस्सों को दोहराना ला
[01:05:36] यही करूंगा। पुराने किस्सों को दोहराना ला हासिल है।
[01:05:40] मैं चाहता हूं कि तुम सिर्फ पैसा लाल
[01:05:42] मैं चाहता हूं कि तुम सिर्फ पैसा लाल शेकों की कामिल अतात करो यारों की।
[01:05:47] शेकों की कामिल अतात करो यारों की। वो मेरी शमशीर जनी के उस्ताद हैं। एतराम
[01:05:50] वो मेरी शमशीर जनी के उस्ताद हैं। एतराम में कोई कमी नहीं होगी।
[01:05:53] में कोई कमी नहीं होगी। मेरा मसला इनसे नहीं इनके भतीजे
[01:05:55] मेरा मसला इनसे नहीं इनके भतीजे सलाहाउद्दीन से था।
[01:06:00] अगर कोई सलाहााउद्दीन से लड़ना चाहता है।
[01:06:03] अगर कोई सलाहााउद्दीन से लड़ना चाहता है। गोया मुझसे लड़ना चाहता है। वो क्या इस
[01:06:05] गोया मुझसे लड़ना चाहता है। वो क्या इस बात से अनजान हो तुम?
[01:06:10] ये वक्त एक दूसरे से लड़ने का नहीं है।
[01:06:12] ये वक्त एक दूसरे से लड़ने का नहीं है। सलाहाउद्दीन लापताना है।
[01:06:16] सलाहाउद्दीन लापताना है। वहां पहुंचकर उसे बाहिफाजत वहां से
[01:06:19] वहां पहुंचकर उसे बाहिफाजत वहां से निकालना है और इस मुश्किल वक्त का हम सब
[01:06:21] निकालना है और इस मुश्किल वक्त का हम सब ने मिलकर मुकाबला करना है।
[01:06:25] ने मिलकर मुकाबला करना है। अब जाओ
[01:06:28] अब जाओ कामयाबी जरूर हमारा मुकद्दर बनेगी।
[01:06:35] [संगीत]
[01:07:06] जुदा होने का वक्त आ गया।
[01:07:09] जुदा होने का वक्त आ गया। [संगीत]
[01:07:11] [संगीत] तुम्हारा शुक्रिया।
[01:07:13] तुम्हारा शुक्रिया। तुम्हारा एहसान भूलूंगा नहीं।
[01:07:16] तुम्हारा एहसान भूलूंगा नहीं। [संगीत]
[01:07:21] [संगीत] ये तुम्हारे रास्ते में काम आएगा।
[01:07:25] ये तुम्हारे रास्ते में काम आएगा। [संगीत]
[01:07:32] [संगीत] इंसान तो अलविदा कह देता है।
[01:07:36] इंसान तो अलविदा कह देता है। मगर जुदाई का वक्त तकदीर तय करती है।
[01:07:40] मगर जुदाई का वक्त तकदीर तय करती है। कौन जाने जिंदगी में फिर मुलाकात हो जाए।
[01:07:43] कौन जाने जिंदगी में फिर मुलाकात हो जाए। हो सकता है।
[01:07:48] मौका मिले तो मुझे मुश्किल से आजाद करवा
[01:07:50] मौका मिले तो मुझे मुश्किल से आजाद करवा देना।
[01:07:52] देना। [संगीत]
[01:08:33] राम
[01:08:47] [संगीत]
[01:09:01] गो
[01:09:04] [संगीत]
[01:09:09] या
[01:09:10] या [संगीत]
[01:09:15] [संगीत] क्या
[01:09:18] [संगीत]
[01:09:54] [संगीत] जिंदा जिंदा रखना चाहते हैं तुम्हें।
[01:09:56] जिंदा जिंदा रखना चाहते हैं तुम्हें। अदामत से कोई फायदा नहीं।
[01:10:00] अदामत से कोई फायदा नहीं। [संगीत]
[01:10:06] [संगीत] कुछ बाकी तो नहीं रह गया।
[01:10:09] कुछ बाकी तो नहीं रह गया। एक घोड़े का इजाफा तो हो गया है और साथ ही
[01:10:12] एक घोड़े का इजाफा तो हो गया है और साथ ही ये लड़ने की महारत भी रखते हैं।
[01:10:15] ये लड़ने की महारत भी रखते हैं। अब यह देखिए।
[01:10:25] ये तो खसानायाब हथियार है। ये दोबारा मेरे
[01:10:29] ये तो खसानायाब हथियार है। ये दोबारा मेरे हाथ में आई तो तुम्हारे टुकड़े भी खास
[01:10:30] हाथ में आई तो तुम्हारे टुकड़े भी खास तरीके से होंगे। आखिर कौन हो तुम? और क्या
[01:10:33] तरीके से होंगे। आखिर कौन हो तुम? और क्या चाहिए तुम्हें?
[01:10:36] चाहिए तुम्हें? तुम्हारी जात
[01:10:43] ले चलो इन्हें।
[01:10:47] हरि बोल
[01:11:07] [संगीत]
[01:11:32] [संगीत] [प्रशंसा]
[01:11:34] [प्रशंसा] [संगीत]
[01:11:40] खुशकिस्मत हो कि अब तुम्हें एक रहम दिल
[01:11:42] खुशकिस्मत हो कि अब तुम्हें एक रहम दिल मालिक मिला है। तुम लोग लड़ने से पहले
[01:11:44] मालिक मिला है। तुम लोग लड़ने से पहले बेहतर हो जाओगे।
[01:11:47] बेहतर हो जाओगे। तुम किस लड़ाई की बात कर रहे हो? जो मेला
[01:11:50] तुम किस लड़ाई की बात कर रहे हो? जो मेला मिस्र में सजा है उसमें लड़ोगे
[01:11:52] मिस्र में सजा है उसमें लड़ोगे और तुम हमसे खूब माल बनाओगे। तुम जैसे
[01:11:55] और तुम हमसे खूब माल बनाओगे। तुम जैसे खूनी दरिंदों को अच्छी तरह जानता हूं मैं।
[01:11:57] खूनी दरिंदों को अच्छी तरह जानता हूं मैं। तुम बिल्कुल गलत हो नौजवान। इंसान दुनिया
[01:12:00] तुम बिल्कुल गलत हो नौजवान। इंसान दुनिया की अजायबात पर इतनी तवज्जो नहीं देता
[01:12:03] की अजायबात पर इतनी तवज्जो नहीं देता जितनी तवज्जा वो मैदान में होने वाली दो
[01:12:06] जितनी तवज्जा वो मैदान में होने वाली दो मुर्गों की लड़ाई को देता है। मैं तो बस
[01:12:09] मुर्गों की लड़ाई को देता है। मैं तो बस उन लोगों की चाहत पूरी करता हूं।
[01:12:10] उन लोगों की चाहत पूरी करता हूं। हमें कैदी बनाकर जो मुसीबत मोल ली है उसका
[01:12:13] हमें कैदी बनाकर जो मुसीबत मोल ली है उसका अंदाजा नहीं तुम्हें।
[01:12:14] अंदाजा नहीं तुम्हें। क्या वाकई
[01:12:16] क्या वाकई तो बताओ हमें ताकि हम भी जान सके कि कितने
[01:12:19] तो बताओ हमें ताकि हम भी जान सके कि कितने अहम हो तुम।
[01:12:25] वापस दो मेरी तलवार।
[01:12:29] वापस दो मेरी तलवार। अगर मुझे बता दो कि एक मुसलमान जंगजुए एक
[01:12:31] अगर मुझे बता दो कि एक मुसलमान जंगजुए एक ईसाई के साथ इस बयाबान में क्या कर रहा है
[01:12:33] ईसाई के साथ इस बयाबान में क्या कर रहा है तो शायद मिल जाए।
[01:12:37] तो शायद मिल जाए। जवाब दो ना। किसके सिपाही हो?
[01:12:44] पहले भी बता चुके हैं ना ही हम कोई सिपाही
[01:12:46] पहले भी बता चुके हैं ना ही हम कोई सिपाही हैं और ना ही जंगजू। सुन लिया जवाब तो अब
[01:12:48] हैं और ना ही जंगजू। सुन लिया जवाब तो अब तलवार वापस दो।
[01:12:55] [संगीत]
[01:12:59] [संगीत] ये भी मिला है।
[01:13:02] ये भी मिला है। [संगीत]
[01:13:04] [संगीत] दे दो इसे।
[01:13:19] कैसा लगा आपको?
[01:13:22] चाहे पैसे ले लो लेकिन तलवार वापस दो
[01:13:24] चाहे पैसे ले लो लेकिन तलवार वापस दो मुझे। तीन गुना ज्यादा कीमत दूंगा।
[01:13:28] मुझे। तीन गुना ज्यादा कीमत दूंगा। नौजवान शायद तुम्हें अभी तक एहसास नहीं
[01:13:30] नौजवान शायद तुम्हें अभी तक एहसास नहीं हुआ। अब तुम में और तुम्हारी तलवार में
[01:13:33] हुआ। अब तुम में और तुम्हारी तलवार में फर्क नहीं कोई क्योंकि दोनों ही मेरे
[01:13:35] फर्क नहीं कोई क्योंकि दोनों ही मेरे कब्जे में है।
[01:13:43] [संगीत]
[01:13:57] क्या तुम्हारा मालिक दरगाम के लिए काम
[01:13:59] क्या तुम्हारा मालिक दरगाम के लिए काम करता है?
[01:14:01] करता है? एक गुलाम को इतना तेजस नहीं करना चाहिए।
[01:14:06] शाहवार का क्या हुआ?
[01:14:09] शाहवार का क्या हुआ? नाम भी मत लो उस सांप का। मिस्र में जिसको
[01:14:12] नाम भी मत लो उस सांप का। मिस्र में जिसको उसने नहीं डसा बस वही बचा है। नूरुद्दीन
[01:14:15] उसने नहीं डसा बस वही बचा है। नूरुद्दीन जंगी ने अगर मदद ना भेजी तो उसके सारे
[01:14:17] जंगी ने अगर मदद ना भेजी तो उसके सारे ख्वाब टूट जाएंगे। और दुर्गाम
[01:14:23] एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। शाहबार और
[01:14:26] एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। शाहबार और दरगाम में कोई फर्क नहीं है। शहंशाह
[01:14:29] दरगाम में कोई फर्क नहीं है। शहंशाह मालविक की पुशपनाही की वजह से वो तख्त पर
[01:14:31] मालविक की पुशपनाही की वजह से वो तख्त पर बैठा है।
[01:14:31] बैठा है। अमालरिक कौन?
[01:14:33] अमालरिक कौन? ओ हो इसे दुनिया की कोई खबर नहीं।
[01:14:36] ओ हो इसे दुनिया की कोई खबर नहीं। शर्मा
[01:14:38] शर्मा यहां हो
[01:14:40] यहां हो चलो चलो जल्दी करो चलो
[01:14:42] चलो चलो जल्दी करो चलो अभी बहन को कत्ल करके तख्त पे कब्जा किया
[01:14:44] अभी बहन को कत्ल करके तख्त पे कब्जा किया है उसने खुद का नया बादशाह है वो
[01:14:51] [संगीत]
[01:15:23] बाबा दिरगाम तो जैसे खुशी से पागल हो गया
[01:15:26] बाबा दिरगाम तो जैसे खुशी से पागल हो गया है। जश्न की तैयारियां पूरे शहर में की जा
[01:15:29] है। जश्न की तैयारियां पूरे शहर में की जा रही है।
[01:15:30] रही है। बदबख्त
[01:15:33] बदबख्त उसे लगता है कि ऐसा करने से वो शहर पर
[01:15:35] उसे लगता है कि ऐसा करने से वो शहर पर हकमियत हासिल कर लेगा। मैं उसे ऐसा नहीं
[01:15:38] हकमियत हासिल कर लेगा। मैं उसे ऐसा नहीं करने दूंगा।
[01:15:44] लेकिन मैं कर भी क्या सकता हूं।
[01:15:47] लेकिन मैं कर भी क्या सकता हूं। तन्हा छोड़ दिया हर एक ने मुझे। शानो शौकत
[01:15:50] तन्हा छोड़ दिया हर एक ने मुझे। शानो शौकत की जिंदगी गुजारने वाला वजीर शाहबाज देखो
[01:15:53] की जिंदगी गुजारने वाला वजीर शाहबाज देखो किस हाल में आ पहुंचा।
[01:15:57] बाबा काफिला है ये तो काफी तादाद में है
[01:16:01] बाबा काफिला है ये तो काफी तादाद में है ये लोग
[01:16:13] काजी फाजिल
[01:16:15] काजी फाजिल आ गए वो लगता है कामयाब लौटे
[01:16:18] आ गए वो लगता है कामयाब लौटे मिस्र का शेर
[01:16:21] मिस्र का शेर जंगियों को हमारी हिमायत करने पर कायल
[01:16:23] जंगियों को हमारी हिमायत करने पर कायल करके कामयाब लौटा है
[01:16:26] करके कामयाब लौटा है शामिल
[01:16:28] शामिल काफिले में शामिल हर एक शख्स बहुत अहमियत
[01:16:31] काफिले में शामिल हर एक शख्स बहुत अहमियत का हामिल है। अगर खुद भी उनकी खिदमत में
[01:16:34] का हामिल है। अगर खुद भी उनकी खिदमत में पेश होना पड़े तो पीछे मत हटना
[01:16:36] पेश होना पड़े तो पीछे मत हटना [संगीत]
[01:16:38] [संगीत] क्योंकि आने वाला ये काफिला
[01:16:40] क्योंकि आने वाला ये काफिला मिस्र में हमें हमारा मकाम वापस दिलाने का
[01:16:43] मिस्र में हमें हमारा मकाम वापस दिलाने का वाहिद जरिया है।
[01:16:48] [संगीत]
[01:17:56] ठीक
[01:18:01] री रा
[01:18:20] क्यों घूर रहे हो मुझे ऐसे क्या गाना पसंद
[01:18:22] क्यों घूर रहे हो मुझे ऐसे क्या गाना पसंद नहीं आया तुम्हें लगता है किसी पिंजरे में
[01:18:25] नहीं आया तुम्हें लगता है किसी पिंजरे में नहीं बल्कि पाल में जा रहे हो। बहुत खुश
[01:18:27] नहीं बल्कि पाल में जा रहे हो। बहुत खुश हो तुम यहां। इससे कई ज्यादा बदतर हालात
[01:18:29] हो तुम यहां। इससे कई ज्यादा बदतर हालात देख चुका हूं। खतरा मोहल्ले के इस रास्ते
[01:18:31] देख चुका हूं। खतरा मोहल्ले के इस रास्ते पर निकला था। इसलिए मुझे कोई फर्क नहीं
[01:18:33] पर निकला था। इसलिए मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
[01:18:52] [संगीत]
[01:18:59] हमला हो गया। जल्दी से अपनीप तलवारें
[01:19:01] हमला हो गया। जल्दी से अपनीप तलवारें निकालो।
[01:19:04] निकालो। [संगीत]
[01:19:22] बहुत हुआ फौरन तब्दील कर लो रास्ता।
[01:19:27] बहुत हुआ फौरन तब्दील कर लो रास्ता। यह काफिला मिस्र के खलीफा वजीर तिरगाम के
[01:19:32] यह काफिला मिस्र के खलीफा वजीर तिरगाम के ताबे है। अगर एक घोड़े के कान को भी
[01:19:34] ताबे है। अगर एक घोड़े के कान को भी तुम्हारी तलवार छू गई तो बदले में तन से
[01:19:38] तुम्हारी तलवार छू गई तो बदले में तन से जुदा कर दिया जाएगा तुम्हारा सर।
[01:19:40] जुदा कर दिया जाएगा तुम्हारा सर। ना तो तुम्हारे मिस्र के वजीरों से और ना
[01:19:42] ना तो तुम्हारे मिस्र के वजीरों से और ना ही तुम्हारे मोमिनों से सरोकार है कोई।
[01:19:45] ही तुम्हारे मोमिनों से सरोकार है कोई। हमें तुम्हारा माल भी नहीं चाहिए। हमें
[01:19:47] हमें तुम्हारा माल भी नहीं चाहिए। हमें चाहिए बस वो काले लिबास वाला।
[01:19:51] चाहिए बस वो काले लिबास वाला। उसे हमारे हवाले कर दो।
[01:19:58] इस आदमी ने हमारे कबीले पर हमला किया।
[01:20:01] इस आदमी ने हमारे कबीले पर हमला किया। कत्लो गारत की। इसे हिसाब चुकाना होगा।
[01:20:03] कत्लो गारत की। इसे हिसाब चुकाना होगा। अपना माल बचा लो और इसे हमारे हवाले कर
[01:20:05] अपना माल बचा लो और इसे हमारे हवाले कर दो।
[01:20:10] इसी काफिले का हिस्सा है ये आदमी भी। और
[01:20:13] इसी काफिले का हिस्सा है ये आदमी भी। और यह मेरा है। किसी को नहीं दूंगा मैं।
[01:20:17] यह मेरा है। किसी को नहीं दूंगा मैं। तो फिर हम छीनना भी जानते हैं। हमला करो।
[01:20:32] [संगीत]
[01:20:37] उसी वक्त पूरे कबीले को मार देना चाहिए
[01:20:39] उसी वक्त पूरे कबीले को मार देना चाहिए था। मेरे हाथ खोलो। मुझे तलवार दो। मैं
[01:20:42] था। मेरे हाथ खोलो। मुझे तलवार दो। मैं तुम्हारी मदद करता हूं।
[01:20:43] तुम्हारी मदद करता हूं। कोई जरूरत नहीं। तुम आराम करो।
[01:21:03] [संगीत]
[01:22:05] [प्रशंसा]
[01:22:13] [संगीत]
[01:22:20] राम
[01:22:23] [संगीत]
[01:23:05] [संगीत] क्या
[01:23:26] लगा
[01:23:50] [संगीत]
[01:24:00] देख लिया
[01:24:03] देख लिया ये तो सभी मारे गए।
[01:24:05] ये तो सभी मारे गए। [संगीत]
[01:24:14] चलो साथियों आगे बढ़ते हैं। आ जाओ जल्दी
[01:24:18] चलो साथियों आगे बढ़ते हैं। आ जाओ जल्दी हम निकल रहे हैं।
[01:24:20] हम निकल रहे हैं। जल्दी
[01:24:20] जल्दी चलो आ जाओ साथियों।
[01:24:23] चलो आ जाओ साथियों। जल्दी करो जल्दी चलो चलो।
[01:24:25] जल्दी करो जल्दी चलो चलो। चलो जल्दी शाबाश।
[01:24:26] चलो जल्दी शाबाश। हां जल्दी करो जल्दी। बहुत बहुत कम है
[01:24:28] हां जल्दी करो जल्दी। बहुत बहुत कम है हमारे पास। चलो जल्दी जल्दी।
[01:24:32] हमारे पास। चलो जल्दी जल्दी। कहां गई? या मेरे अल्लाह।
[01:24:38] कहां रख दी मैंने?
[01:24:42] कहां रख दी मैंने? यही तो रखी थी। कहां चली गई? मिल क्यों
[01:24:44] यही तो रखी थी। कहां चली गई? मिल क्यों नहीं रही?
[01:24:46] नहीं रही? [संगीत]
[01:24:57] मिस्र की तितली थी ये।
[01:24:59] मिस्र की तितली थी ये। hmm बहुत लंबी उड़ान होती है इसकी।
[01:25:04] और यह है एक ऐसी खुशबू जिसे लगाते ही
[01:25:08] और यह है एक ऐसी खुशबू जिसे लगाते ही आसपास मौजूद हर शय महक उठती है। इसका सहर
[01:25:12] आसपास मौजूद हर शय महक उठती है। इसका सहर हर चीज पर अपना असर छोड़ जाता है मोहतरमा।
[01:25:17] हर चीज पर अपना असर छोड़ जाता है मोहतरमा। खैर इसके अलावा मेरे पास
[01:25:21] खैर इसके अलावा मेरे पास हम
[01:25:27] बाहर की तरह महकती हुई खुशबू मनीषा।
[01:25:31] बाहर की तरह महकती हुई खुशबू मनीषा। पुर उम्मीद और जिंदा दिल की अलामत है।
[01:25:37] खुदा का मोजजा है ये। इसकी खुशबू से इंसान
[01:25:41] खुदा का मोजजा है ये। इसकी खुशबू से इंसान के अंदर जीने की एक उम्मीद पैदा होती है।
[01:25:43] के अंदर जीने की एक उम्मीद पैदा होती है। बहुत खास दरख्तों से हासिल होती है।
[01:25:47] बहुत खास दरख्तों से हासिल होती है। बिल्कुल सही कहते हो तुम जमशेद।
[01:25:51] बिल्कुल सही कहते हो तुम जमशेद। जिंदगी रंगों से भरी होनी चाहिए।
[01:25:55] जिंदगी रंगों से भरी होनी चाहिए। क्योंकि जिंदगी जिंदा दिल वाले ही जीते
[01:25:57] क्योंकि जिंदगी जिंदा दिल वाले ही जीते हैं। है ना जमशेद?
[01:26:01] कौनस मेला
[01:26:04] कौनस मेला बहुत मुतासिर किया आपकी बात ने
[01:26:07] बहुत मुतासिर किया आपकी बात ने क्योंकि कोई भी आज से पहले इस खुशबू को
[01:26:10] क्योंकि कोई भी आज से पहले इस खुशबू को ऐसे बयां नहीं कर सका और ना ही कर पाएगा
[01:26:13] ऐसे बयां नहीं कर सका और ना ही कर पाएगा तो आज से मैं इस खुशबू को जिंदगी की उमंग
[01:26:16] तो आज से मैं इस खुशबू को जिंदगी की उमंग कहूंगा
[01:26:18] कहूंगा जो खुशबू तुमने दिखाई वो काफी है जमशेद
[01:26:22] जो खुशबू तुमने दिखाई वो काफी है जमशेद [संगीत]
[01:26:30] काफी लंबा सफर तय कर गया है। थक गए होगे।
[01:26:33] काफी लंबा सफर तय कर गया है। थक गए होगे। ये तुम्हारा इनाम।
[01:26:34] ये तुम्हारा इनाम। हर लम्हा आपकी खिदमत में हाजिर हूं।
[01:26:38] हर लम्हा आपकी खिदमत में हाजिर हूं। हम
[01:26:50] जमशेद
[01:26:52] जमशेद जनाबे अली जन्नत का बाग बना दिया यहां
[01:26:55] जनाबे अली जन्नत का बाग बना दिया यहां तुमने अपनी खुशबुओं से
[01:26:57] तुमने अपनी खुशबुओं से हुजूर आला जितने एहसानात आप लोगों ने मुझ
[01:27:01] हुजूर आला जितने एहसानात आप लोगों ने मुझ पे किए हैं उसके बदले में तो यह कुछ भी
[01:27:03] पे किए हैं उसके बदले में तो यह कुछ भी नहीं है जनाबे अली अगर उस दिन आप तशरीफ़ ना
[01:27:06] नहीं है जनाबे अली अगर उस दिन आप तशरीफ़ ना लाते
[01:27:09] लाते तो मेरे काफिले को वहां लूट लिया गया
[01:27:11] तो मेरे काफिले को वहां लूट लिया गया होता। मेरी और मेरे साथियों की वो जान ले
[01:27:14] होता। मेरी और मेरे साथियों की वो जान ले चुके होते। शुक्रिया आपका।
[01:27:18] चुके होते। शुक्रिया आपका। बहुत अरसा हो चुका है जमशेद। वो सब करने
[01:27:21] बहुत अरसा हो चुका है जमशेद। वो सब करने की वजह बस यही है कि वो मेरा फर्ज था और
[01:27:24] की वजह बस यही है कि वो मेरा फर्ज था और कुछ नहीं। अब भूल भी जाओ उस बात को।
[01:27:26] कुछ नहीं। अब भूल भी जाओ उस बात को। कैसे भूल जाऊं?
[01:27:30] हुजूर मैंने यह अहद किया है कि सारी
[01:27:33] हुजूर मैंने यह अहद किया है कि सारी जिंदगी आपकी और आपके खानदान की खिदमत
[01:27:35] जिंदगी आपकी और आपके खानदान की खिदमत करूंगा मैं।
[01:27:39] करूंगा मैं। जब भी मेरी जरूरत हो याद फरमा लीजिएगा।
[01:27:42] जब भी मेरी जरूरत हो याद फरमा लीजिएगा। [संगीत]
[01:27:58] मैं
[01:28:01] मेरे ख्याल से मुझे चलना चाहिए।
[01:28:04] मेरे ख्याल से मुझे चलना चाहिए। ये अपनी चीजें भी उठा लेता हूं।
[01:28:09] मिस्र का माल है। बहुत कीमती है।
[01:28:15] चलता हूं मैं।
[01:28:21] कौन मायल्स
[01:28:25] तुम्हारी खुशबू से अब से मुनफरीद है मेरा
[01:28:28] तुम्हारी खुशबू से अब से मुनफरीद है मेरा शहजादा मालिक की ताजपशी की रस्म में हमें
[01:28:30] शहजादा मालिक की ताजपशी की रस्म में हमें कुछ रवाना होना है
[01:28:33] कुछ रवाना होना है मैं माज़रत चाहती हूं इसके लिए मैं तबीयत
[01:28:36] मैं माज़रत चाहती हूं इसके लिए मैं तबीयत कुछ नासाज महसूस कर रही हूं मुझे लगता है
[01:28:38] कुछ नासाज महसूस कर रही हूं मुझे लगता है कि मैं आपके इस सफर में आपका साथ नहीं दे
[01:28:41] कि मैं आपके इस सफर में आपका साथ नहीं दे पाऊंगी
[01:28:41] पाऊंगी मिस्र जाने वाले खुफिया रिश्ते की सरबराही
[01:28:44] मिस्र जाने वाले खुफिया रिश्ते की सरबराही मुझे सौंपी गई है
[01:28:47] मुझे सौंपी गई है ये दूरी दूरी तुम्हारी जुदाई की तड़प को
[01:28:48] ये दूरी दूरी तुम्हारी जुदाई की तड़प को और गहरा कर देगी।
[01:28:52] और गहरा कर देगी। एक शानदार कामयाबी के साथ वापसी की
[01:28:54] एक शानदार कामयाबी के साथ वापसी की मुंतसिर रहूंगी मैं।
[01:29:02] [संगीत]
[01:29:12] ये खुशबू
[01:29:16] मेरी खास खुशबू
[01:29:20] मेरी खास खुशबू इससे आपकी उदासी कम होगी या नहीं मुझे
[01:29:22] इससे आपकी उदासी कम होगी या नहीं मुझे नहीं मालूम लेकिन यह आपके साथ रहेगी।
[01:29:30] [संगीत]
[01:29:40] मैं माज़रत चाहता हूं जनाब।
[01:29:44] [संगीत]
[01:29:52] यही है इस शहर का सबसे कमजोर दीफाई मकाम।
[01:29:55] यही है इस शहर का सबसे कमजोर दीफाई मकाम। दरगाम जानता है कि जरबाई तो यहीं से आएगी
[01:29:57] दरगाम जानता है कि जरबाई तो यहीं से आएगी इसलिए दीवाना वार किलाबंदियां करवा रहा
[01:29:59] इसलिए दीवाना वार किलाबंदियां करवा रहा है।
[01:30:00] है। तो हमारी चाल यहीं से शुरू होगी। हम अपनी
[01:30:02] तो हमारी चाल यहीं से शुरू होगी। हम अपनी फौज का एक बड़ा हिस्सा यहां तायनात करेंगे
[01:30:05] फौज का एक बड़ा हिस्सा यहां तायनात करेंगे ताकि वो अपने अंदे को सच माने और गलतफहमी
[01:30:08] ताकि वो अपने अंदे को सच माने और गलतफहमी का शिकार रहे। और जब वो बेफिक्र हो जाएगा
[01:30:10] का शिकार रहे। और जब वो बेफिक्र हो जाएगा तो हम वहां से हमला करेंगे जहां से वो खुद
[01:30:13] तो हम वहां से हमला करेंगे जहां से वो खुद को नाकाबिले शिकस्त समझता है।
[01:30:17] को नाकाबिले शिकस्त समझता है। क्या इस दरवाजे का मुहाफिज
[01:30:20] क्या इस दरवाजे का मुहाफिज वाकई तुम्हारा वफादार है? इसमें कोई शक
[01:30:22] वाकई तुम्हारा वफादार है? इसमें कोई शक नहीं है। वो वहां मेरा सबसे वफादार आदमी
[01:30:24] नहीं है। वो वहां मेरा सबसे वफादार आदमी है। उन्हीं वफादारों की गद्दारी ने
[01:30:26] है। उन्हीं वफादारों की गद्दारी ने तुम्हें यहां पहुंचा दिया है। पूरा लश्कर
[01:30:29] तुम्हें यहां पहुंचा दिया है। पूरा लश्कर उस एक आदमी के कांधों पर नहीं रखा जा सकता
[01:30:31] उस एक आदमी के कांधों पर नहीं रखा जा सकता जो मौत की आहट सुनकर अपना रास्ता बदल ले।
[01:30:34] जो मौत की आहट सुनकर अपना रास्ता बदल ले। यह नौजवान जुबान का बहुत बेबाक है।
[01:30:36] यह नौजवान जुबान का बहुत बेबाक है। माशा्लाह।
[01:30:38] माशा्लाह। तो फिर बताओ क्या करना चाहिए हमें?
[01:30:40] तो फिर बताओ क्या करना चाहिए हमें? अंदरूनी मदद के बगैर कामयाब नहीं हो सकते।
[01:30:42] अंदरूनी मदद के बगैर कामयाब नहीं हो सकते। शहर के अंदर रसाई हासिल करनी होगी। यारुकी
[01:30:45] शहर के अंदर रसाई हासिल करनी होगी। यारुकी ने सही कहा। किसी को तो शहर के अंदर होना
[01:30:48] ने सही कहा। किसी को तो शहर के अंदर होना ही चाहिए।
[01:30:49] ही चाहिए। ताकि मंसूबे की निगरानी की जाए।
[01:30:54] काजी फाजिल
[01:30:56] काजी फाजिल तुम्हारे अलावा यह काम और कोई नहीं कर
[01:30:58] तुम्हारे अलावा यह काम और कोई नहीं कर सकता।
[01:31:00] सकता। नामुमकिन
[01:31:02] नामुमकिन ये तो खतरनाक है। हम काजी फाजिल को खतरे
[01:31:04] ये तो खतरनाक है। हम काजी फाजिल को खतरे में नहीं डाल सकते। दरगाहम इन्हें हर जगह
[01:31:06] में नहीं डाल सकते। दरगाहम इन्हें हर जगह तलाश कर रहा है।
[01:31:08] तलाश कर रहा है। जिंदगी अगर एक रियासत होती तो भी मैं इसे
[01:31:11] जिंदगी अगर एक रियासत होती तो भी मैं इसे मिस्र के लिए कुर्बान कर देता।
[01:31:17] मैं वापस जाऊंगा।
[01:31:31] [संगीत]
[01:31:40] [संगीत] क्या अमीर शर्कों की कोई खबर है?
[01:31:46] कारातेगी गिनना आ गया।
[01:31:49] कारातेगी गिनना आ गया। मगर ना कोई खैर मकदम हुआ, ना कोई नारे
[01:31:52] मगर ना कोई खैर मकदम हुआ, ना कोई नारे लगे, ना कोई जश्न हुआ, पूरा महल सन्नाटे
[01:31:55] लगे, ना कोई जश्न हुआ, पूरा महल सन्नाटे में घूम है। माजरा क्या है? बस मेरे ही
[01:31:58] में घूम है। माजरा क्या है? बस मेरे ही कदमों की गूंज सुनाई दे रही है। कहां है
[01:32:00] कदमों की गूंज सुनाई दे रही है। कहां है सब? ह एक भी जीरो दिखाई नहीं दिया। क्या
[01:32:05] सब? ह एक भी जीरो दिखाई नहीं दिया। क्या जंगी सल्तनत खत्म हो गई और मुझे खबर भी
[01:32:08] जंगी सल्तनत खत्म हो गई और मुझे खबर भी नहीं हुई। अल्लाह ना करे जबान संभालो
[01:32:10] नहीं हुई। अल्लाह ना करे जबान संभालो करतगिन। ये क्या कह रहे हो तुम?
[01:32:12] करतगिन। ये क्या कह रहे हो तुम? तो फिर ये सब क्या हो रहा है? आपा खातून
[01:32:15] तो फिर ये सब क्या हो रहा है? आपा खातून को मैं मूसा छोड़ने गया और वापस आया। तो
[01:32:17] को मैं मूसा छोड़ने गया और वापस आया। तो यहां कोई भी नहीं। सुल्तान नूरुद्दीन कहां
[01:32:20] यहां कोई भी नहीं। सुल्तान नूरुद्दीन कहां है? शिरकू कहां है?
[01:32:22] है? शिरकू कहां है? सुल्तान मुआजम कुस गए।
[01:32:26] सुल्तान मुआजम कुस गए। देखो जरा सुल्तान नूरुद्दीन
[01:32:30] देखो जरा सुल्तान नूरुद्दीन मुझे गुस्सा दिला रहे हैं। मेरे बहनोई
[01:32:33] मुझे गुस्सा दिला रहे हैं। मेरे बहनोई सुल्तान कारकिन से पूछे बगैर सफर पे निकल
[01:32:37] सुल्तान कारकिन से पूछे बगैर सफर पे निकल गए।
[01:32:38] गए। वो तुमसे क्यों पूछेंगे?
[01:32:40] वो तुमसे क्यों पूछेंगे? सलाहाउद्दीन
[01:32:42] सलाहाउद्दीन सलाहाउद्दीन
[01:32:44] सलाहाउद्दीन क्या हुआ दरवेश चाचा? बहुत जल्दी भूल गए
[01:32:47] क्या हुआ दरवेश चाचा? बहुत जल्दी भूल गए आप मुझे। मेरे कान और आंख हर जगह लगे रहते
[01:32:50] आप मुझे। मेरे कान और आंख हर जगह लगे रहते हैं। कहना क्या चाहते हो तुम? साफ-साफ कहो
[01:32:52] हैं। कहना क्या चाहते हो तुम? साफ-साफ कहो ना। अमीर सलाहाउद्दीन कहां है? मुझे मालूम
[01:32:56] ना। अमीर सलाहाउद्दीन कहां है? मुझे मालूम है। क्या तुम वाकई जानते हो कि अमीर
[01:32:59] है। क्या तुम वाकई जानते हो कि अमीर सलाहाउद्दीन कहां है? मिस्र के रास्ते पे।
[01:33:02] सलाहाउद्दीन कहां है? मिस्र के रास्ते पे। मगर
[01:33:04] मगर वो अपने घोड़े पर नहीं है। एक सिया पिंजरे
[01:33:08] वो अपने घोड़े पर नहीं है। एक सिया पिंजरे में कैद है। उन जालिमों ने अमीर
[01:33:11] में कैद है। उन जालिमों ने अमीर सलाहाउद्दीन को अपना गुलाम बना लिया।
[01:33:14] सलाहाउद्दीन को अपना गुलाम बना लिया। यानी कैदी? ऐ काहिरा के रास्ते में जो
[01:33:17] यानी कैदी? ऐ काहिरा के रास्ते में जो मेरे दोस्त मौजूद हैं उन्होंने ग़ुलामों का
[01:33:20] मेरे दोस्त मौजूद हैं उन्होंने ग़ुलामों का एक काफिला देखा तो उन पर हमला कर दिया। जब
[01:33:23] एक काफिला देखा तो उन पर हमला कर दिया। जब अमीर सलाहाउद्दीन उन्हें उस पिंजरे में
[01:33:25] अमीर सलाहाउद्दीन उन्हें उस पिंजरे में दिखा तो उन्होंने पहचान लिया और पहचानने
[01:33:28] दिखा तो उन्होंने पहचान लिया और पहचानने के बाद उन्होंने कहा कि हम सलाहाउद्दीन की
[01:33:30] के बाद उन्होंने कहा कि हम सलाहाउद्दीन की मदद करते हैं मगर ना हो सका।
[01:33:33] मदद करते हैं मगर ना हो सका। क्योंकि वो ताजिर बहुत जिद्दी है।
[01:33:36] क्योंकि वो ताजिर बहुत जिद्दी है। हो सकता है वो गलत हो। उन्हें पहचानने में
[01:33:39] हो सकता है वो गलत हो। उन्हें पहचानने में कोई गलती हुई होगी।
[01:33:40] कोई गलती हुई होगी। अगर ऐसा होता तो वो अपनी जाने ना देते।
[01:33:43] अगर ऐसा होता तो वो अपनी जाने ना देते। सलाहाउद्दीन को बचाने में मारे गए वो। उन
[01:33:47] सलाहाउद्दीन को बचाने में मारे गए वो। उन सब लोगों में से बस एक ही बच पाया है और
[01:33:49] सब लोगों में से बस एक ही बच पाया है और वो जख्मी है। उसी ने मुझे इत्तला दी। हमें
[01:33:52] वो जख्मी है। उसी ने मुझे इत्तला दी। हमें फरी तौर पर मिस्र में अमीर शरकों को पैगाम
[01:33:55] फरी तौर पर मिस्र में अमीर शरकों को पैगाम भेजकर इत्तला देनी चाहिए।
[01:33:56] भेजकर इत्तला देनी चाहिए। उससे पहले हमें फातिमा खातून और नजमुद्दीन
[01:33:59] उससे पहले हमें फातिमा खातून और नजमुद्दीन अय्यूब को खबर करनी होगी।
[01:34:02] अय्यूब को खबर करनी होगी। नजमुद्दीन अय्यूब वो अपने बेटे की तलाश
[01:34:04] नजमुद्दीन अय्यूब वो अपने बेटे की तलाश में सुल्तान का हुकुम ना मानते हुए यमन
[01:34:06] में सुल्तान का हुकुम ना मानते हुए यमन चलेगा। जहां से वापसी मुमकिन नहीं। क्या
[01:34:09] चलेगा। जहां से वापसी मुमकिन नहीं। क्या अपने भाई शको भी उन्होंने ही भेजा है
[01:34:10] अपने भाई शको भी उन्होंने ही भेजा है मैसेज?
[01:34:11] मैसेज? नहीं।
[01:34:13] नहीं। वो अमीर यारुकी के हमरा किसी और मकसद के
[01:34:16] वो अमीर यारुकी के हमरा किसी और मकसद के लिए रवाना हुए हैं। तुम्हें भी उनके साथ
[01:34:19] लिए रवाना हुए हैं। तुम्हें भी उनके साथ होना चाहिए। कारगिन क्या बात कर रहे हैं?
[01:34:21] होना चाहिए। कारगिन क्या बात कर रहे हैं? इससे पहले कि वो कोई कदम उठाएं। उन्हें
[01:34:23] इससे पहले कि वो कोई कदम उठाएं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि अमीर सलाहाउद्दीन भी
[01:34:25] मालूम होना चाहिए कि अमीर सलाहाउद्दीन भी मिस्र में है।
[01:34:27] मिस्र में है। अरे दरवेश चाचा मैं पहले ही बहुत लंबा सफर
[01:34:30] अरे दरवेश चाचा मैं पहले ही बहुत लंबा सफर करके आया हूं।
[01:34:30] करके आया हूं। अब कहीं नहीं जाऊंगा।
[01:34:32] अब कहीं नहीं जाऊंगा। मुझे भूख लगी है। मुझे छोड़ किसी और को
[01:34:34] मुझे भूख लगी है। मुझे छोड़ किसी और को भेजें।
[01:34:35] भेजें। वजीर बिल्कुल ठीक कह रहा है। कोई कासिद
[01:34:37] वजीर बिल्कुल ठीक कह रहा है। कोई कासिद भेजें।
[01:34:37] भेजें। सिर्फ कासिद नहीं।
[01:34:39] सिर्फ कासिद नहीं। उन्हें तुम्हारी जरूरत है कार लेकिन
[01:34:43] उन्हें तुम्हारी जरूरत है कार लेकिन [संगीत]
[01:34:48] उन्हें मेरी जरूरत है।
[01:34:55] मेरे बगैर वो कुछ नहीं कर सकते।
[01:34:59] मेरे बगैर वो कुछ नहीं कर सकते। चलो ठीक है। एक बकरे का सर भून देना। बाकी
[01:35:04] चलो ठीक है। एक बकरे का सर भून देना। बाकी मैं संभाल लूंगा।
[01:35:07] मैं संभाल लूंगा। ला हला वला कुता इल्ला बिल्ला अली उल अज़म
[01:35:16] चलो चलो जल्दी
[01:35:22] हम रात यहीं गुजारेंगे चलो जल्दी करो
[01:35:25] हम रात यहीं गुजारेंगे चलो जल्दी करो चलो
[01:35:26] चलो चलो चलो नीचे उतरो
[01:35:31] सुना नहीं मैंने क्या कहा नीचे उतरो
[01:35:35] सुना नहीं मैंने क्या कहा नीचे उतरो क्या हुआ है यहां बे।
[01:35:37] क्या हुआ है यहां बे। यहां पर एक मदरसा था। साबिक वजीर शाहवार
[01:35:40] यहां पर एक मदरसा था। साबिक वजीर शाहवार ने बनवाया।
[01:35:41] ने बनवाया। बंद करो और खामोश हो जाओ।
[01:35:42] बंद करो और खामोश हो जाओ। नए वजीर दिलरगाम का कहना था ये जासूसों से
[01:35:44] नए वजीर दिलरगाम का कहना था ये जासूसों से भरा हुआ है इसलिए इसे जला दिया।
[01:35:45] भरा हुआ है इसलिए इसे जला दिया। सुना नहीं। क्या कहा मैंने?
[01:35:51] [संगीत]
[01:35:53] [संगीत] चलो चलो। आगे बढ़ो।
[01:35:56] चलो चलो। आगे बढ़ो। इसे पानी पिलाओ।
[01:35:59] इसे पानी पिलाओ। ये लो पियो। पियो इसे।
[01:36:04] पियो। बाबा का जोन वादा
[01:36:08] पियो। बाबा का जोन वादा बहुत ही सुस्त और काहि
[01:36:11] बहुत ही सुस्त और काहि चलो जल्दी करो चलो
[01:36:13] चलो जल्दी करो चलो चलो
[01:36:14] चलो जल्दी
[01:36:15] जल्दी जल्दी चलो
[01:36:15] जल्दी चलो चलो
[01:36:16] चलो चलो चलो तेज तेज कदम बढ़ाओ आगे बढ़ो
[01:36:22] रास्ते से हटो मेरे
[01:36:24] रास्ते से हटो मेरे तलवार को घूरना बंद कर दो अलीसा की दो
[01:36:27] तलवार को घूरना बंद कर दो अलीसा की दो आंखें आगे और दो आंखें पीछे लगी हुई है
[01:36:31] आंखें आगे और दो आंखें पीछे लगी हुई है तुम्हारी तलवार मेरे पास अमानत है
[01:36:33] तुम्हारी तलवार मेरे पास अमानत है शाबाश शाबाश
[01:36:34] शाबाश शाबाश जो लड़ाईयां तुमने ने अभी लड़नी है। अगर
[01:36:36] जो लड़ाईयां तुमने ने अभी लड़नी है। अगर उनमें तुम्हारा सर सलामत रहा तो तुम्हें
[01:36:39] उनमें तुम्हारा सर सलामत रहा तो तुम्हें तलवार वापस मिल जाएगी।
[01:36:41] तलवार वापस मिल जाएगी। उससे पहले नामुमकिन है।
[01:36:44] उससे पहले नामुमकिन है। सेराए में जाकर पेट भर कर खाना खाओ। आराम
[01:36:47] सेराए में जाकर पेट भर कर खाना खाओ। आराम करो तैयारी करो।
[01:36:48] करो तैयारी करो। इस तरफ ले आओ।
[01:36:50] इस तरफ ले आओ। क्योंकि कल तुम लड़ोगे।
[01:36:52] क्योंकि कल तुम लड़ोगे। हां इधर इधर इधर।
[01:36:55] हां इधर इधर इधर। चलो।
[01:36:56] चलो। चलो जल्दी करो।
[01:36:59] चलो जल्दी करो। सुस्त और काहे।
[01:37:00] सुस्त और काहे। चलो जल्दी करो।
[01:37:01] चलो जल्दी करो। चलो चलो जल्दी चलो।
[01:37:02] चलो चलो जल्दी चलो। ज्यादा जल्दी मत करो। फिर से चलो।
[01:37:04] ज्यादा जल्दी मत करो। फिर से चलो। ये यहां से निकलने का रास्ता नहीं। वो जो
[01:37:07] ये यहां से निकलने का रास्ता नहीं। वो जो कागज का टुकड़ा तुम्हें मिला है क्या वो
[01:37:09] कागज का टुकड़ा तुम्हें मिला है क्या वो यहां से निकलने का रास्ता है?
[01:37:10] यहां से निकलने का रास्ता है? जल्दी जल्दी जल्दी।
[01:37:11] जल्दी जल्दी जल्दी। मेरे लिए तो है।
[01:37:12] मेरे लिए तो है। चलो चलो जल्दी कदम बढ़ाओ। जल्दी जल्दी।
[01:37:17] चलो चलो जल्दी कदम बढ़ाओ। जल्दी जल्दी। [संगीत]
[01:37:31] आपने एक बार फिर से मुझे याद किया।
[01:37:36] आपने एक बार फिर से मुझे याद किया। [संगीत]
[01:37:39] [संगीत] अपनी बात की बहुत पक्की साबित हुई तुम।
[01:37:42] अपनी बात की बहुत पक्की साबित हुई तुम। यहां तक कि खलीफा की ज़ौजा भी तुम्हारी
[01:37:45] यहां तक कि खलीफा की ज़ौजा भी तुम्हारी सुरीली आवाज सुनने से कासिर रही।
[01:37:47] सुरीली आवाज सुनने से कासिर रही। क्योंकि अब जबकि मैं आजाद हूं। उसके
[01:37:49] क्योंकि अब जबकि मैं आजाद हूं। उसके बावजूद भी मुझसे कैदियों जैसा सुलक किया
[01:37:52] बावजूद भी मुझसे कैदियों जैसा सुलक किया जा रहा है।
[01:37:52] जा रहा है। बता चुका हूं। मुयदा वज़र शाहार के साथ हुआ
[01:37:56] बता चुका हूं। मुयदा वज़र शाहार के साथ हुआ था। मेरे साथ नहीं। वो अब नहीं रहा।
[01:38:02] था। मेरे साथ नहीं। वो अब नहीं रहा। फिर मुयदा भी नहीं रहा कोई
[01:38:05] फिर मुयदा भी नहीं रहा कोई किस्मत
[01:38:06] किस्मत [हंसी]
[01:38:11] [संगीत]
[01:38:15] [संगीत] तुम्हें आजादी के साथ महल में
[01:38:17] तुम्हें आजादी के साथ महल में जिम्मेदारियों को पूरा करने का मौका दे
[01:38:19] जिम्मेदारियों को पूरा करने का मौका दे रहा हूं।
[01:38:21] रहा हूं। और इसके बदले
[01:38:23] और इसके बदले मेरी चाहत के मुताबिक अपनी सुनीली आवाज
[01:38:26] मेरी चाहत के मुताबिक अपनी सुनीली आवाज में मौसी सुनाओगी।
[01:38:28] में मौसी सुनाओगी। ऐसा नहीं हो सकता।
[01:38:30] ऐसा नहीं हो सकता। यहां मौजूद होने का सबब सिर्फ एक ही है।
[01:38:33] यहां मौजूद होने का सबब सिर्फ एक ही है। मैं नहीं चाहती कि आप उस मासूम बच्चे की
[01:38:36] मैं नहीं चाहती कि आप उस मासूम बच्चे की जान ले लें। यह सर कभी किसी जाबिर के आगे
[01:38:40] जान ले लें। यह सर कभी किसी जाबिर के आगे नहीं झुका। लेकिन यह भी मालूम है कि अपनी
[01:38:43] नहीं झुका। लेकिन यह भी मालूम है कि अपनी जालिमाना रविश को कायम रखते हुए आप कोई भी
[01:38:46] जालिमाना रविश को कायम रखते हुए आप कोई भी हुकुम जारी कर सकते हैं।
[01:39:09] पियो इसे
[01:39:15] ताकि तुम्हारी ये जहरीली जुबान मीठी हो
[01:39:18] ताकि तुम्हारी ये जहरीली जुबान मीठी हो जाए।
[01:39:23] मैंने मशरूफ पेश किया इंकार कर दिया तुमने
[01:39:27] मैंने मशरूफ पेश किया इंकार कर दिया तुमने उस आलीशान तकरीब में अपनी सुरीली आवाज
[01:39:29] उस आलीशान तकरीब में अपनी सुरीली आवाज नहीं सुनाई अब भी अपनी मनमानी कर रही हो
[01:39:34] नहीं सुनाई अब भी अपनी मनमानी कर रही हो क्या समझती हो मुझे बर्दाश्त करता ये सब
[01:39:42] किस्मत
[01:39:44] किस्मत मौजूदा वजीर-ए-मिस्र
[01:39:46] मौजूदा वजीर-ए-मिस्र खुद को इतना बेबस महसूस कर रहा है कि एक
[01:39:48] खुद को इतना बेबस महसूस कर रहा है कि एक तन्हा औरत के सामने चिल्ला कर अपनी ताकत
[01:39:52] तन्हा औरत के सामने चिल्ला कर अपनी ताकत जाहिर कर रहा है। नहीं गाऊंगी मैं। मेरी
[01:39:55] जाहिर कर रहा है। नहीं गाऊंगी मैं। मेरी आवाज कोई कैद नहीं कर सकता। मालिक हूं मैं
[01:39:58] आवाज कोई कैद नहीं कर सकता। मालिक हूं मैं इसकी।
[01:40:02] [संगीत]
[01:40:33] क्या हुआ सुल्तान मोज़म चेहरे पे ये उदासी
[01:40:36] क्या हुआ सुल्तान मोज़म चेहरे पे ये उदासी कैसे? क्या वजह है इस परेशानी की?
[01:40:39] कैसे? क्या वजह है इस परेशानी की? हम खुद फतह करने नहीं।
[01:40:42] हम खुद फतह करने नहीं। नए बादशाह से मुलाकात के लिए जा रहे हैं।
[01:40:45] नए बादशाह से मुलाकात के लिए जा रहे हैं। इस उम्मीद पर कि हमें कोई निशानी मिल जाए
[01:40:48] इस उम्मीद पर कि हमें कोई निशानी मिल जाए सरद्दीन की। जो अब तक हमें नहीं मिला।
[01:40:54] सरद्दीन की। जो अब तक हमें नहीं मिला। क्या ये वजह काफी नहीं?
[01:40:56] क्या ये वजह काफी नहीं? काफी है।
[01:41:11] विलियम
[01:41:13] विलियम खुशामदीद मस शहंशाह मुअज्जम आपकी दावत
[01:41:17] खुशामदीद मस शहंशाह मुअज्जम आपकी दावत मेरे लबाई से इज्जत है।
[01:41:19] मेरे लबाई से इज्जत है। अपने पुराने साथी की रस्म ताजपशी में
[01:41:21] अपने पुराने साथी की रस्म ताजपशी में शामिल होना इससे बढ़कर और खुशी की बात
[01:41:24] शामिल होना इससे बढ़कर और खुशी की बात क्या होगी?
[01:41:25] क्या होगी? तुम सिर्फ मेरे एक साथी ही नहीं बल्कि एक
[01:41:29] तुम सिर्फ मेरे एक साथी ही नहीं बल्कि एक ऐसे मुखलिस दोस्त हो जो हमेशा मेरे रास्ते
[01:41:31] ऐसे मुखलिस दोस्त हो जो हमेशा मेरे रास्ते में आने वाली रुकावटों के आगे अड़ा रहा।
[01:41:33] में आने वाली रुकावटों के आगे अड़ा रहा। माइल्स।
[01:41:34] माइल्स। मैंने सिर्फ अपना फर्ज अदा किया मेरे
[01:41:35] मैंने सिर्फ अपना फर्ज अदा किया मेरे शहंशाह। मैंने विलियम से भी अभी यही कहा।
[01:41:38] शहंशाह। मैंने विलियम से भी अभी यही कहा। मेरे लिए फर्ज एक मुकद्दस चीज है। मुझे
[01:41:40] मेरे लिए फर्ज एक मुकद्दस चीज है। मुझे मालूम है और इसीलिए मैं चाहता हूं कि तुम
[01:41:44] मालूम है और इसीलिए मैं चाहता हूं कि तुम मेरी ताजपशी से पहले सफर पर रवाना हो जाओ।
[01:41:47] मेरी ताजपशी से पहले सफर पर रवाना हो जाओ। मिसिर के लिए मेरे ताज की सलामती तुम पर
[01:41:50] मिसिर के लिए मेरे ताज की सलामती तुम पर मुनसर है। माइल्स वजीर दरगाहम इत्तहाद पर
[01:41:54] मुनसर है। माइल्स वजीर दरगाहम इत्तहाद पर अपना फैसला बदलने उससे पहले तुम्हें वहां
[01:41:56] अपना फैसला बदलने उससे पहले तुम्हें वहां जाना है। ठीक है। शहंशाह मोज़म।
[01:42:02] इस काम का सबसे मुश्किल हिस्सा यह है कि
[01:42:04] इस काम का सबसे मुश्किल हिस्सा यह है कि जंगी सल्तनत से जो वक्त सुलह हुई है उसे
[01:42:08] जंगी सल्तनत से जो वक्त सुलह हुई है उसे किसी खतरे में डाले बगैर कायम रखोगे।
[01:42:11] किसी खतरे में डाले बगैर कायम रखोगे। क्योंकि इस वक्त
[01:42:13] क्योंकि इस वक्त मैं सुल्तान नूरुद्दीन से नाराजगी मोल
[01:42:15] मैं सुल्तान नूरुद्दीन से नाराजगी मोल नहीं लेना चाहता। मैं समझ गया शहंशाह मौसम
[01:42:19] नहीं लेना चाहता। मैं समझ गया शहंशाह मौसम जो एतमाद किया है उस पर पूरा उतरूंगा।
[01:42:24] खुदा तुम्हारी मदद करे।
[01:42:27] खुदा तुम्हारी मदद करे। [संगीत]
[01:42:57] [प्रशंसा]
[01:43:04] [संगीत]
[01:43:10] [प्रशंसा]
[01:43:49] [संगीत]
[01:43:59] [संगीत] [प्रशंसा]
[01:44:01] [प्रशंसा] [संगीत]
[01:44:10] [संगीत] तुम पहले ऐसे मुकाबले में शरीक हुए कभी?
[01:44:14] तुम पहले ऐसे मुकाबले में शरीक हुए कभी? एलिसा हमें किसके खिलाफ लड़ना होगा?
[01:44:18] एलिसा हमें किसके खिलाफ लड़ना होगा? [संगीत]
[01:44:31] [संगीत] उन नाजुक मिजाज सिपाहियों से
[01:44:35] उन नाजुक मिजाज सिपाहियों से [प्रशंसा]
[01:44:40] [संगीत]
[01:44:42] [संगीत] इनकी हरकात से धोखा मत खाना।
[01:44:45] इनकी हरकात से धोखा मत खाना। ये सिर्फ एक दिखावा है और कुछ नहीं।
[01:44:48] ये सिर्फ एक दिखावा है और कुछ नहीं। [संगीत]
[01:44:50] [संगीत] [प्रशंसा]
[01:44:52] [प्रशंसा] [संगीत]
[01:45:16] शहंशाह मौजम हुक्म के मुताबिक तमाम गिरजा
[01:45:19] शहंशाह मौजम हुक्म के मुताबिक तमाम गिरजा घरों में तैयारियां मुकम्मल हो चुकी है और
[01:45:21] घरों में तैयारियां मुकम्मल हो चुकी है और लुजियान के लॉर्ड गाई भी अपने जांबाज
[01:45:24] लुजियान के लॉर्ड गाई भी अपने जांबाज सिपाहियों के साथ यहां पहुंच चुके हैं।
[01:45:26] सिपाहियों के साथ यहां पहुंच चुके हैं। बहुत बेताब है आपसे मिलने के लिए वो
[01:45:28] बहुत बेताब है आपसे मिलने के लिए वो आने दीजिए।
[01:45:31] आने दीजिए। बाबा लॉर्ड गाई के बारे में मशहूर वाक्यात
[01:45:34] बाबा लॉर्ड गाई के बारे में मशहूर वाक्यात हकीकत पर मबनी है क्या?
[01:45:35] हकीकत पर मबनी है क्या? कैसे वाक्यात?
[01:45:37] कैसे वाक्यात? जैसे वो मैदान जंग में 100 आदमियों से
[01:45:39] जैसे वो मैदान जंग में 100 आदमियों से अकेले ही लड़ पड़े। इस तरह के और भी
[01:45:41] अकेले ही लड़ पड़े। इस तरह के और भी वाक्यात क्या ये सब सच है?
[01:45:44] वाक्यात क्या ये सब सच है? नहीं मालूम
[01:45:46] नहीं मालूम लेकिन मालूम हो जाएगा। हां।
[01:46:09] शहंशाह
[01:46:11] शहंशाह लॉर्ड गाय खुशामदीद
[01:46:15] लॉर्ड गाय खुशामदीद आपकी खिदमत में पोप का सलाम लेकर हाजिर
[01:46:17] आपकी खिदमत में पोप का सलाम लेकर हाजिर हुआ हूं। हम पोप के शुक्रगुजार हैं जो
[01:46:20] हुआ हूं। हम पोप के शुक्रगुजार हैं जो उन्होंने हमारे लिए नेक ख्वाहिशात का
[01:46:21] उन्होंने हमारे लिए नेक ख्वाहिशात का इजहार किया।
[01:46:23] इजहार किया। पोप का खिदमतगार होने के तौर पर बु्स की
[01:46:26] पोप का खिदमतगार होने के तौर पर बु्स की खिदमत करना मेरे लिए बायस शर्फ होगा।
[01:46:32] शंशाह मोजम
[01:46:33] शंशाह मोजम क्या बात है तुम्हारी आमद बता रही है कि
[01:46:36] क्या बात है तुम्हारी आमद बता रही है कि यह मुलाकात ज्यादा देर नहीं चलेगी।
[01:46:38] यह मुलाकात ज्यादा देर नहीं चलेगी। नूरुद्दीन जंगी गुत्स के जानबारा है वो।
[01:46:42] नूरुद्दीन जंगी गुत्स के जानबारा है वो। बहुत आला। वो ताशपशी की तकरीब में शामिल
[01:46:45] बहुत आला। वो ताशपशी की तकरीब में शामिल होने आ रहा है। सिपाहियों के साथ शहर से
[01:46:47] होने आ रहा है। सिपाहियों के साथ शहर से बाहर जाकर उनका इस्तकबाल किया जाए।
[01:46:53] [प्रशंसा]
[01:47:04] [संगीत]
[01:47:09] [संगीत] मोहतरम जनाबे वजीर
[01:47:14] मालूम हुआ कि आप मुझे तलाश कर रहे हैं तो
[01:47:16] मालूम हुआ कि आप मुझे तलाश कर रहे हैं तो सोचा खुद ही हाजिर हो जाऊं। हुजूर आपका
[01:47:19] सोचा खुद ही हाजिर हो जाऊं। हुजूर आपका तलब करना बाईसे शर्फ है मेरे लिए।
[01:47:28] [संगीत]
[01:47:30] [संगीत] अगर इल्म होता कि आप कहां है तो बुलवा
[01:47:32] अगर इल्म होता कि आप कहां है तो बुलवा लेते।
[01:47:34] लेते। मालूम ना था तो तलाश करवाया।
[01:47:38] मालूम ना था तो तलाश करवाया। कहां गए थे?
[01:47:40] कहां गए थे? जंगियों की सरजमी।
[01:47:44] जंगियों की सरजमी। मुझसे इजाजत लिए बगैर अपनी मर्जी करोगे
[01:47:47] मुझसे इजाजत लिए बगैर अपनी मर्जी करोगे काजी फाजिल। जनाबे वजीर ऐसा बिल्कुल नहीं
[01:47:49] काजी फाजिल। जनाबे वजीर ऐसा बिल्कुल नहीं है। जंगी मिस्र के मामलात में मदाखलत ना
[01:47:52] है। जंगी मिस्र के मामलात में मदाखलत ना करें। इस बात को यकीनी बनाने गया था मैं।
[01:47:55] करें। इस बात को यकीनी बनाने गया था मैं। अल्लाह के करम से मैं कामयाब हो गया हूं।
[01:48:00] अल्लाह के करम से मैं कामयाब हो गया हूं। जंगियों को इस वक्त बहुत मुश्किलों का
[01:48:02] जंगियों को इस वक्त बहुत मुश्किलों का सामना है। वजीर तिरकाम अमीर सलाहाउद्दीन
[01:48:05] सामना है। वजीर तिरकाम अमीर सलाहाउद्दीन लापता है। जंगियों की सारी तवज्जो वही है।
[01:48:10] लापता है। जंगियों की सारी तवज्जो वही है। यानी मिस्र के मामलात में मुदाखलत करने की
[01:48:15] यानी मिस्र के मामलात में मुदाखलत करने की उनके पास ना ही हिम्मत है और ना ही ताकत।
[01:48:19] उनके पास ना ही हिम्मत है और ना ही ताकत। तुम्हारा कहा सच है? कैसे मान लूं मैं? वो
[01:48:22] तुम्हारा कहा सच है? कैसे मान लूं मैं? वो जासूस जो शहर की फसीलों पर आपको हर एक पल
[01:48:25] जासूस जो शहर की फसीलों पर आपको हर एक पल की खबर देते हैं। जब उन्हें कोई फौज कायरा
[01:48:28] की खबर देते हैं। जब उन्हें कोई फौज कायरा के आसपास नहीं दिखेगी तो समझ आ जाएगा। हम
[01:48:32] के आसपास नहीं दिखेगी तो समझ आ जाएगा। हम ये खुशखबरी तो बहुत मायने रखती है।
[01:48:37] जंगी अपनी मुदाखलत से यहां सब कुछ बर्बाद
[01:48:41] जंगी अपनी मुदाखलत से यहां सब कुछ बर्बाद करके रख देते।
[01:48:43] करके रख देते। माना कि वो इस वक्त कुछ भी करने के काबिल
[01:48:46] माना कि वो इस वक्त कुछ भी करने के काबिल नहीं है। लेकिन क्या खुद आप
[01:48:51] नहीं है। लेकिन क्या खुद आप अपने आप को दीवान की जिम्मेदारियां पूरी
[01:48:53] अपने आप को दीवान की जिम्मेदारियां पूरी करने के काबिल समझते हो? काजी फाजिल
[01:48:58] करने के काबिल समझते हो? काजी फाजिल मुझ पर भरोसा रखिए।
[01:49:00] मुझ पर भरोसा रखिए। क्योंकि
[01:49:02] क्योंकि अगर मुझे कोई जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं
[01:49:05] अगर मुझे कोई जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं तो यह बहुत जरूरी है कि आप मुझ पर मुकम्मल
[01:49:08] तो यह बहुत जरूरी है कि आप मुझ पर मुकम्मल एतमाद करें।
[01:49:13] आपके हुक्म की तामील की जाएगी। मोहतरम वज़र
[01:49:16] आपके हुक्म की तामील की जाएगी। मोहतरम वज़र तिरगाह।
[01:49:28] [संगीत]
[01:49:32] इसको अकेला मत छोड़ना।
[01:49:34] इसको अकेला मत छोड़ना। साए की तरह एक बंदा इसके साथ रहे। पल-पल
[01:49:38] साए की तरह एक बंदा इसके साथ रहे। पल-पल की खबर चाहिए मुझे इसकी।
[01:49:41] की खबर चाहिए मुझे इसकी। जैसा इसने बताया
[01:49:43] जैसा इसने बताया अगर वैसा ही हुआ और दीवान कायम हो गया
[01:49:48] अगर वैसा ही हुआ और दीवान कायम हो गया तो काजी फाजिल की कोई जरूरत नहीं
[01:49:52] तो काजी फाजिल की कोई जरूरत नहीं जो आपका हुक्म जनाबे वज़र
[01:49:57] [प्रशंसा]
[01:50:10] बहुत अच्छे
[01:50:15] बहुत अच्छे बहुत अच्छे ऐसे डरते रहो मिस्र
[01:50:19] बहुत अच्छे बहुत अच्छे ऐसे डरते रहो मिस्र के वज़र दिलगाम बिन आमिर मैदान में तशरीफ
[01:50:24] के वज़र दिलगाम बिन आमिर मैदान में तशरीफ ला रहे हैं।
[01:50:28] [संगीत]
[01:50:30] [संगीत] जिंदाबाद
[01:50:38] [संगीत]
[01:51:17] [संगीत] आखिरकार हम रूबरू आ ही गए।
[01:51:21] आखिरकार हम रूबरू आ ही गए। हम मैदान जंग में एक दूसरे का सामना करते
[01:51:24] हम मैदान जंग में एक दूसरे का सामना करते थक चुके हैं। मैं नेक नियति के तौर पर
[01:51:27] थक चुके हैं। मैं नेक नियति के तौर पर आपका इस्तकबाल यहां करना चाहता था। उसी
[01:51:29] आपका इस्तकबाल यहां करना चाहता था। उसी दरवाजे पर जहां खलीफा हजरत उमर का
[01:51:31] दरवाजे पर जहां खलीफा हजरत उमर का इस्तकबाल पादरी सोफर्नियोस ने किया था।
[01:51:35] इस्तकबाल पादरी सोफर्नियोस ने किया था। कुद्स में हमारे शहर में खुशामदीद सुल्तान
[01:51:38] कुद्स में हमारे शहर में खुशामदीद सुल्तान नूरुद्दीन
[01:51:41] नूरुद्दीन भूल है कि यह शहर तुम्हारा है।
[01:51:45] भूल है कि यह शहर तुम्हारा है। तुम्हारा यहां कयाम
[01:51:48] तुम्हारा यहां कयाम आरजी है। मुख्तसर मुद्दत के लिए है।
[01:51:53] आरजी है। मुख्तसर मुद्दत के लिए है। क्योंकि यहीं से मेराज का सफर शुरू हुआ।
[01:51:56] क्योंकि यहीं से मेराज का सफर शुरू हुआ। मैं उन पर और उनकी आल पर दुद भेजता हूं।
[01:51:58] मैं उन पर और उनकी आल पर दुद भेजता हूं। हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वही
[01:52:01] हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वही वसल्लम और यहीं पर वो तमाम अंबिया इकराम
[01:52:05] वसल्लम और यहीं पर वो तमाम अंबिया इकराम के इमाम बने और उनकी नमाज की इमामत की। यह
[01:52:08] के इमाम बने और उनकी नमाज की इमामत की। यह कुद्स हमारा है और हम कुद्स के एक और बात
[01:52:15] कुद्स हमारा है और हम कुद्स के एक और बात हजरत उमर रज़ अल्लाह ताला अनो यहां इस शहर
[01:52:19] हजरत उमर रज़ अल्लाह ताला अनो यहां इस शहर को फतह करने के लिए तशरीफ लाए।
[01:52:25] मैं यह शहर आपके हवाले कभी नहीं करूंगा।
[01:52:28] मैं यह शहर आपके हवाले कभी नहीं करूंगा। लेकिन खलीफा हजरत उमर की तरह मैं यरूशलम
[01:52:31] लेकिन खलीफा हजरत उमर की तरह मैं यरूशलम में यह यकीनी बनाऊंगा कि यहां रहने वाला
[01:52:33] में यह यकीनी बनाऊंगा कि यहां रहने वाला हर मोमिन अमन से रह सके। अगर आप मेरा साथ
[01:52:36] हर मोमिन अमन से रह सके। अगर आप मेरा साथ दें तो मुझे यकीन है हम यह कर सकते हैं।
[01:52:40] दें तो मुझे यकीन है हम यह कर सकते हैं। मेरी रस्म ताजपशी में शिरकत करके आपने
[01:52:42] मेरी रस्म ताजपशी में शिरकत करके आपने मुझे इज्जत बखशी। सुल्तान नूरुद्दीन।
[01:52:45] मुझे इज्जत बखशी। सुल्तान नूरुद्दीन। अपना ताज और अपना तख्त अपने पास रखो। अमाल
[01:52:48] अपना ताज और अपना तख्त अपने पास रखो। अमाल रिक।
[01:52:50] रिक। मैं यहां तुम्हारी ताजपशी के लिए नहीं
[01:52:51] मैं यहां तुम्हारी ताजपशी के लिए नहीं आया।
[01:52:53] आया। मेरी फौज मौजूद है शहर की फसीलों पर।
[01:52:59] मेरी फौज मौजूद है शहर की फसीलों पर। [संगीत]
[01:53:02] [संगीत] मैं यहां अमीर सलाहाउद्दीन का हिसाब लेने
[01:53:06] मैं यहां अमीर सलाहाउद्दीन का हिसाब लेने के लिए आया हूं।
[01:53:08] के लिए आया हूं। तो फिर आप गलत जगह तशरीफ लाए सुल्तान
[01:53:10] तो फिर आप गलत जगह तशरीफ लाए सुल्तान नूरुद्दीन।
[01:53:12] नूरुद्दीन। हमने सुना है कि लापता है वो। लेकिन मेरी
[01:53:15] हमने सुना है कि लापता है वो। लेकिन मेरी सल्तनत का इससे लेना देना नहीं कोई।
[01:53:20] समझ नहीं आता कि आपको मुझ पर शक क्यों है।
[01:53:24] समझ नहीं आता कि आपको मुझ पर शक क्यों है। मेरे हाथों पर मेरी बहन का खून है।
[01:53:26] मेरे हाथों पर मेरी बहन का खून है। सुल्तान नूरुद्दीन। क्या आपको लगता है एक
[01:53:29] सुल्तान नूरुद्दीन। क्या आपको लगता है एक बादशाह जो अमन के लिए अपनी बहन को मार
[01:53:31] बादशाह जो अमन के लिए अपनी बहन को मार सकता है? क्या वो वाकई ऐसा कुछ कर सकता
[01:53:34] सकता है? क्या वो वाकई ऐसा कुछ कर सकता है? क्या शहंशाह सच बोल रहे हैं?
[01:53:37] है? क्या शहंशाह सच बोल रहे हैं? शहंशाह कभी झूठ नहीं बोलते।
[01:53:41] शहंशाह कभी झूठ नहीं बोलते। हम और उसके मुशीर
[01:53:44] हम और उसके मुशीर [संगीत]
[01:53:47] इसके लिए तुमने किसको कुर्बान किया
[01:53:53] ये काम दिखने में नामुमकिन लग रहा था कौन
[01:53:55] ये काम दिखने में नामुमकिन लग रहा था कौन तुम लेकिन तुमने बखूबी अंजाम दिया अमीर
[01:54:00] तुम लेकिन तुमने बखूबी अंजाम दिया अमीर सलाहाउद्दीन को एक कुएं में फेंक डाला
[01:54:02] सलाहाउद्दीन को एक कुएं में फेंक डाला मुझे तुम पर वाकई फक्र है।
[01:54:05] मुझे तुम पर वाकई फक्र है। मेरे लिए मेरा फर्ज मुकद्दस है विलियम मगर
[01:54:09] मेरे लिए मेरा फर्ज मुकद्दस है विलियम मगर कुस के बादशाह के पीछे जाना यकीन जानो
[01:54:12] कुस के बादशाह के पीछे जाना यकीन जानो मेरे लिए बहुत तकलीफ देता है।
[01:54:14] मेरे लिए बहुत तकलीफ देता है। परेशान मत हो कात माइल्स। तुमने जो कुछ भी
[01:54:18] परेशान मत हो कात माइल्स। तुमने जो कुछ भी किया हमारे बादशाह के लिए किया।
[01:54:24] मलिका विक्टोरिया को तुमने अपने इख्तेदार
[01:54:27] मलिका विक्टोरिया को तुमने अपने इख्तेदार की हवस में नहीं मारा। इसका पता जल्दी अब
[01:54:30] की हवस में नहीं मारा। इसका पता जल्दी अब बदेर चल ही जाएगा।
[01:54:33] बदेर चल ही जाएगा। सलाहाउद्दीन के लिए जो जाल बुना गया वो आज
[01:54:37] सलाहाउद्दीन के लिए जो जाल बुना गया वो आज या कल में बेनकाब हो जाएगा। दुआ करें कि
[01:54:42] या कल में बेनकाब हो जाएगा। दुआ करें कि इस साजिश के पीछे हमें आपका हाथ नजर ना
[01:54:44] इस साजिश के पीछे हमें आपका हाथ नजर ना आए। उम्मीद करता हूं वो जल्द मिल जाए
[01:54:47] आए। उम्मीद करता हूं वो जल्द मिल जाए आपको।
[01:54:49] आपको। अगर मुझे इस बारे में कोई इत्तला मिली तो
[01:54:51] अगर मुझे इस बारे में कोई इत्तला मिली तो मैं आपको जरूर खबर भिजवाऊंगा।
[01:54:55] मैं आपको जरूर खबर भिजवाऊंगा। यह सर जमीन अमन की मुकाजी है सुल्तान
[01:54:58] यह सर जमीन अमन की मुकाजी है सुल्तान नूरुद्दीन और हम वो अमन मिलकर कायम कर
[01:55:01] नूरुद्दीन और हम वो अमन मिलकर कायम कर सकते हैं। तुम्हारे जंगजू मस्जिद अक्सा को
[01:55:04] सकते हैं। तुम्हारे जंगजू मस्जिद अक्सा को अस्तबल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
[01:55:07] अस्तबल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या यही तरीका है तुम्हारा अमन कायम करने
[01:55:09] क्या यही तरीका है तुम्हारा अमन कायम करने का?
[01:55:09] का? अमीर मौजदूद दुरुस्त कहते हैं आपको यहां
[01:55:14] अमीर मौजदूद दुरुस्त कहते हैं आपको यहां सोफ्रोनियोस के उसूलों पर अमल करने के
[01:55:17] सोफ्रोनियोस के उसूलों पर अमल करने के बजाय हजरत उमर के किरदार को अपने लिए
[01:55:21] बजाय हजरत उमर के किरदार को अपने लिए नमूना बना लेना चाहिए।
[01:55:25] खलीफा को जहां तुम यह खून आलू ताज पहनने
[01:55:29] खलीफा को जहां तुम यह खून आलू ताज पहनने वाले हो। इस गिरजा घर में नमाज अदा करने
[01:55:32] वाले हो। इस गिरजा घर में नमाज अदा करने की पेशकश की गई थी। तो उन्होंने कहा कि
[01:55:35] की पेशकश की गई थी। तो उन्होंने कहा कि अगर मैं यहां नमाज पढूंगा
[01:55:37] अगर मैं यहां नमाज पढूंगा तो मुसलमान इसे मस्जिद बना देंगे।
[01:55:41] तो मुसलमान इसे मस्जिद बना देंगे। और अगर हमने ऐसा किया तो यह हमारे मुहायदे
[01:55:44] और अगर हमने ऐसा किया तो यह हमारे मुहायदे के खिलाफ होगा।
[01:55:48] लेकिन आपने
[01:55:50] लेकिन आपने नहीं इस मुहायदे की पासदारी की और
[01:55:53] नहीं इस मुहायदे की पासदारी की और ना हमारे लफ्जों की।
[01:56:01] यकीन करें मैं जो जरूरी होगा वो करूंगा।
[01:56:06] वक्त करीब आ चुका है। ताजपोशी की रस्म की
[01:56:10] वक्त करीब आ चुका है। ताजपोशी की रस्म की तरफ चलिए। दोस्त और दुश्मन देख लें कि
[01:56:13] तरफ चलिए। दोस्त और दुश्मन देख लें कि सुल्तान और बादशाह यरूशलम की गलियों में
[01:56:16] सुल्तान और बादशाह यरूशलम की गलियों में अमन से चल रहे हैं दोनों।
[01:56:19] अमन से चल रहे हैं दोनों। वो ताज जो जल्द तुम अपने सर पर सजाओगे। अब
[01:56:24] वो ताज जो जल्द तुम अपने सर पर सजाओगे। अब से 65 साल पहले लोगों का कत्लेआम करने
[01:56:27] से 65 साल पहले लोगों का कत्लेआम करने वाले यरूशलम पर कब्जा करने वाले गॉड फ्रे
[01:56:30] वाले यरूशलम पर कब्जा करने वाले गॉड फ्रे का है। जो तलवार तुम बांधने जा रहे हो वो
[01:56:34] का है। जो तलवार तुम बांधने जा रहे हो वो भी उसी की है।
[01:56:37] भी उसी की है। चाहे दो टुकड़े कर दिए जाए मेरे जिस्म के
[01:56:40] चाहे दो टुकड़े कर दिए जाए मेरे जिस्म के तो भी उस ताज के आगे कभी नहीं झुकूंगा
[01:56:43] तो भी उस ताज के आगे कभी नहीं झुकूंगा मैं।
[01:56:46] नूरुद्दीन सिमकी
[01:56:49] नूरुद्दीन सिमकी उन मजलूमों का इंतकाम जरूर लेगा और फक्र
[01:56:52] उन मजलूमों का इंतकाम जरूर लेगा और फक्र से घूमेगा यरूशलम में।
[01:56:56] से घूमेगा यरूशलम में। मेरा मतलब यह है कि अपने ताज पर और अपने
[01:57:00] मेरा मतलब यह है कि अपने ताज पर और अपने तख्त पर फक्र करना छोड़ दो। अमालविक
[01:57:05] तख्त पर फक्र करना छोड़ दो। अमालविक क्योंकि तुम ये ताज ज्यादा देर तक संभाल
[01:57:08] क्योंकि तुम ये ताज ज्यादा देर तक संभाल नहीं पाओगे।
[01:57:11] नहीं पाओगे। [संगीत]
[01:57:41] ये जुदाई जो आज हम महसूस कर रहे हैं बहुत
[01:57:44] ये जुदाई जो आज हम महसूस कर रहे हैं बहुत जल्द अपने अंजाम को पहुंचेगी।
[01:57:49] [संगीत]
[01:58:20] [संगीत] खलील पहले तुम बाहर जाओगे तैयार हो चलो आ
[01:58:24] खलील पहले तुम बाहर जाओगे तैयार हो चलो आ जाओ
[01:58:26] जाओ [संगीत]
[01:58:29] [संगीत] क्या तुम अकेले लड़ोगे उनसे?
[01:58:31] क्या तुम अकेले लड़ोगे उनसे? वहां लड़ने नहीं रक्स करने जा रहा हूं।
[01:58:34] वहां लड़ने नहीं रक्स करने जा रहा हूं। रक्स कर लें?
[01:58:36] रक्स कर लें? हां, वो काफिर मुझे लड़ने नहीं देते बल्कि
[01:58:39] हां, वो काफिर मुझे लड़ने नहीं देते बल्कि मुझे लड़ाई से पहले रक्स करने के लिए
[01:58:41] मुझे लड़ाई से पहले रक्स करने के लिए भेजते हैं।
[01:58:43] भेजते हैं। कौन सा रक्स?
[01:58:45] कौन सा रक्स? हमारे खास इलाका रक्स।
[01:58:50] असल में इस धुन पर अकेले रक्स नहीं होता।
[01:58:53] असल में इस धुन पर अकेले रक्स नहीं होता। एक खातून की जरूरत भी होती है।
[01:58:55] एक खातून की जरूरत भी होती है। खलील चलो जल्दी।
[01:58:59] खलील चलो जल्दी। तुम लोग भी तैयार रहो। इसके बाद तुम्हारी
[01:59:01] तुम लोग भी तैयार रहो। इसके बाद तुम्हारी बारी है। ठीक है।
[01:59:05] [संगीत]
[01:59:12] [संगीत] काजी फाजिल की कोई खबर नहीं मिली।
[01:59:15] काजी फाजिल की कोई खबर नहीं मिली। उम्मीद है उन्होंने दरगाम को कायल कर लिया
[01:59:17] उम्मीद है उन्होंने दरगाम को कायल कर लिया हो और दोबारा अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली
[01:59:18] हो और दोबारा अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हो।
[01:59:21] हो। अगर नहीं तो फिर वो उन्हें मार चुके
[01:59:23] अगर नहीं तो फिर वो उन्हें मार चुके होंगे। अल्लाह ना करे कि ऐसा हो क्योंकि
[01:59:27] होंगे। अल्लाह ना करे कि ऐसा हो क्योंकि उन्हीं से मिलने वाली खबर पे हम कायरा के
[01:59:30] उन्हीं से मिलने वाली खबर पे हम कायरा के मरकज में दाखिले का फैसला करेंगे।
[01:59:33] मरकज में दाखिले का फैसला करेंगे। चलो आगे बढ़ो।
[01:59:37] [संगीत]
[01:59:41] सोच समझ कर फैसला करना। सिपा सालार काराते
[01:59:45] सोच समझ कर फैसला करना। सिपा सालार काराते गिन के बगैर इस दीवान में कोई फैसला नहीं
[01:59:48] गिन के बगैर इस दीवान में कोई फैसला नहीं किया जा सकता।
[01:59:52] तुम यहां पर क्या कर रहे हो? हां
[01:59:57] तुम यहां पर क्या कर रहे हो? हां मैंने सोचा महफिल अधूरी होगी मेरे बगैर
[01:59:59] मैंने सोचा महफिल अधूरी होगी मेरे बगैर इसलिए आ गया मैं।
[02:00:01] इसलिए आ गया मैं। ऐ शख्स तुम हो कौन?
[02:00:03] ऐ शख्स तुम हो कौन? और अंदर कैसे आ गए तुम आखिर?
[02:00:05] और अंदर कैसे आ गए तुम आखिर? बस बहुत हो गया। गिरे हुए वजीर।
[02:00:10] बस बहुत हो गया। गिरे हुए वजीर। तुम्हें तुम्हारा तख्त वापस दिलवाने आया
[02:00:12] तुम्हें तुम्हारा तख्त वापस दिलवाने आया हूं मैं यहां। बहुत दूर से आ रहा हूं मैं।
[02:00:15] हूं मैं यहां। बहुत दूर से आ रहा हूं मैं। पूरा जिस्म दुख रहा है। सर में भी दर्द है
[02:00:18] पूरा जिस्म दुख रहा है। सर में भी दर्द है मेरे।
[02:00:21] क्या क्या घूर रहे हो ऐसे पहचाना नहीं
[02:00:25] क्या क्या घूर रहे हो ऐसे पहचाना नहीं क्या हैं ये आंखें कमजोर हो गई है
[02:00:29] क्या हैं ये आंखें कमजोर हो गई है तुम्हारी मेरा नाम है कारा तेगिन
[02:00:35] तुम्हारी मेरा नाम है कारा तेगिन बोलू का सरदार आज बहुत अरसे बाद तुम्हें
[02:00:38] बोलू का सरदार आज बहुत अरसे बाद तुम्हें देखा है कारा तेगिन सरदार कब बने
[02:00:43] देखा है कारा तेगिन सरदार कब बने ला
[02:00:46] [संगीत]
[02:00:53] या रुके
[02:00:57] तुम्हें लगता है कि लुकअप सिर्फ तुम्हें
[02:01:00] तुम्हें लगता है कि लुकअप सिर्फ तुम्हें ही मिला है। जिस वक्त तुम हलब के पहाड़ों
[02:01:03] ही मिला है। जिस वक्त तुम हलब के पहाड़ों में घोड़े दौड़ा रहे थे। तब मैं क्या यहां
[02:01:07] में घोड़े दौड़ा रहे थे। तब मैं क्या यहां पर धूल पाक रहा था। मैं एक सरदार का बेटा
[02:01:11] पर धूल पाक रहा था। मैं एक सरदार का बेटा हूं। और अब मैं खुद
[02:01:15] हूं। और अब मैं खुद बोरू सरदार हूं।
[02:01:21] यकीनन किसी मकसद के तहत आए हो। बताओ हमें
[02:01:24] यकीनन किसी मकसद के तहत आए हो। बताओ हमें क्या खबर है?
[02:01:29] चलो कुछ जरूरी बातें भी कर लें।
[02:01:32] चलो कुछ जरूरी बातें भी कर लें। [संगीत]
[02:01:34] [संगीत] अब मेरी बात गौर से सुनिए। मेरे आने से
[02:01:37] अब मेरी बात गौर से सुनिए। मेरे आने से पहले यहां जो भी बात हुई है, हर बात मेरे
[02:01:40] पहले यहां जो भी बात हुई है, हर बात मेरे सामने दोबारा दोहराओगे।
[02:01:45] नूरुद्दीन संगी के बहुत कीमती अमीर का
[02:01:48] नूरुद्दीन संगी के बहुत कीमती अमीर का सुराग लगा लिया है मां ने
[02:01:52] सुराग लगा लिया है मां ने सलाहाउद्दीन
[02:01:56] [संगीत]
[02:01:58] [संगीत] कायरा में है
[02:02:00] कायरा में है [संगीत]
[02:02:16] [प्रशंसा]
[02:02:19] [प्रशंसा] [संगीत]
[02:02:23] [संगीत] [प्रशंसा]
[02:02:32] [प्रशंसा] सब तैयारी मुकम्मल है।
[02:02:37] [प्रशंसा]
[02:02:53] [प्रशंसा] [संगीत]
[02:02:54] [संगीत] [प्रशंसा]
[02:02:57] [संगीत]
[02:03:00] [संगीत] [प्रशंसा]
[02:03:00] [प्रशंसा] [संगीत]
[02:03:29] [संगीत] मौजिस वजर
[02:03:32] मौजिस वजर कंट माइल्स
[02:03:37] हमारी फौज की उड़ती तुम पे बहुत जच कंट
[02:03:40] हमारी फौज की उड़ती तुम पे बहुत जच कंट माइल्स
[02:03:42] माइल्स मुझे इसकी आदत नहीं जिंदगी में पहली बार
[02:03:45] मुझे इसकी आदत नहीं जिंदगी में पहली बार शरीफ उतारी है गले से उसे खुद से अलग करना
[02:03:48] शरीफ उतारी है गले से उसे खुद से अलग करना बहुत मुश्किल है।
[02:03:50] बहुत मुश्किल है। यकीन करो मेरा। अगर तुम यह जान लो कि
[02:03:54] यकीन करो मेरा। अगर तुम यह जान लो कि कायरा की गलियों में तुम्हारे साथ क्या हो
[02:03:56] कायरा की गलियों में तुम्हारे साथ क्या हो सकता है तो तुम यहां फकीर बनकर घूमोगे
[02:04:00] सकता है तो तुम यहां फकीर बनकर घूमोगे और सलेब उतारने का गम भी नहीं होगा।
[02:04:04] और सलेब उतारने का गम भी नहीं होगा। तुम्हें जिंदा देखना चाहते हैं हम।
[02:04:09] बिल्कुल सही।
[02:04:11] बिल्कुल सही। जिंदगी की हिफाजत के लिए उसकी कीमत देनी
[02:04:14] जिंदगी की हिफाजत के लिए उसकी कीमत देनी पड़ती है। यह बात सच है ना वजीर मोहतरम?
[02:04:19] पड़ती है। यह बात सच है ना वजीर मोहतरम? हां बिल्कुल।
[02:04:21] हां बिल्कुल। यकीनन हम तुम्हें असकरी दस्ते फराम करने
[02:04:24] यकीनन हम तुम्हें असकरी दस्ते फराम करने की कीमत जरूर अदा करेंगे।
[02:04:28] की कीमत जरूर अदा करेंगे। कीमत इतनी हो कि वर्दी पहनने का हक अदा हो
[02:04:30] कीमत इतनी हो कि वर्दी पहनने का हक अदा हो जाए।
[02:04:35] [संगीत]
[02:04:44] [संगीत] अब हम ये कह सकते हैं कि जंगियों का खतरा
[02:04:49] अब हम ये कह सकते हैं कि जंगियों का खतरा अब हमारे सर से टल चुका है।
[02:04:52] अब हमारे सर से टल चुका है। उदस के हालात बदल रहे हैं और अमीर
[02:04:56] उदस के हालात बदल रहे हैं और अमीर सलाहााउद्दीन क्योंकि अब तक लापता है
[02:04:59] सलाहााउद्दीन क्योंकि अब तक लापता है इसलिए शावर की मदद की दरखास्त मुस्तरद कर
[02:05:02] इसलिए शावर की मदद की दरखास्त मुस्तरद कर दी।
[02:05:04] दी। मेरा नहीं ख्याल कि अब तुम्हें ज्यादा कुछ
[02:05:07] मेरा नहीं ख्याल कि अब तुम्हें ज्यादा कुछ करने की जरूरत हो।
[02:05:19] [संगीत]
[02:05:31] वो अब तक सलाउद्दीन को ढूंढ ना सके।
[02:05:36] [प्रशंसा]
[02:06:43] तुम कुएं से निकले और आकर इस मुसीबत में
[02:06:45] तुम कुएं से निकले और आकर इस मुसीबत में फंस गए।
[02:06:48] फंस गए। मुझे तुम्हें निकालना ही नहीं चाहिए था।
[02:07:06] कंट माइल्स जिन मकामात पर मैं चाहता हूं
[02:07:09] कंट माइल्स जिन मकामात पर मैं चाहता हूं कि तुम्हारे सिपाही तायनात हो और वहां
[02:07:12] कि तुम्हारे सिपाही तायनात हो और वहां कैसे बगैर तवज्जा के तायनात ही की जाएगी
[02:07:16] कैसे बगैर तवज्जा के तायनात ही की जाएगी इस बारे में मैं खुद तुम्हें बताऊंगा।
[02:07:22] चलो जल्दी शुरू करो। मुकाबला शुरू करो।
[02:07:36] तुम मेरी तवकको से पहले ही पहुंच गए।
[02:07:41] तुम मेरी तवकको से पहले ही पहुंच गए। एक नई मंसूबाबंदी के लिए मुझे थोड़ा वक्त
[02:07:43] एक नई मंसूबाबंदी के लिए मुझे थोड़ा वक्त दरकार होगा।
[02:07:45] दरकार होगा। [संगीत]
[02:07:47] [संगीत] जौहर
[02:07:49] जौहर [संगीत]
[02:07:50] [संगीत] कंट माइल्स की मेहमान नवाजी मेहमान खाने
[02:07:52] कंट माइल्स की मेहमान नवाजी मेहमान खाने में की जाए। जो लवाजमात तुमने तैयार किए
[02:07:55] में की जाए। जो लवाजमात तुमने तैयार किए हैं वो पों माइल्स के सिपाहियों को पेश
[02:07:58] हैं वो पों माइल्स के सिपाहियों को पेश करो और हां याद रहे ये सब बहुत राजदारी से
[02:08:03] करो और हां याद रहे ये सब बहुत राजदारी से होगा
[02:08:04] होगा जो आपका हुक्म मोहतरम वजीर
[02:08:10] तो फिर मैं आपकी खबर का मुंतजिर हूं।
[02:08:12] तो फिर मैं आपकी खबर का मुंतजिर हूं। मोहतरम वजीर
[02:08:17] काश मैं जान पाता कि तुम्हारे गंदे दिमाग
[02:08:19] काश मैं जान पाता कि तुम्हारे गंदे दिमाग में क्या चल रहा है।
[02:08:24] [संगीत]
[02:08:35] उस तलवार चोर ने कहा था कि ये सब एक तमाशा
[02:08:38] उस तलवार चोर ने कहा था कि ये सब एक तमाशा है। हम वाता रखेंगे। मैं तुम्हें बचाऊंगा
[02:08:41] है। हम वाता रखेंगे। मैं तुम्हें बचाऊंगा और तुम मुझे।
[02:08:44] और तुम मुझे। [संगीत]
[02:09:03] जिसका इंतजार है मार दो इसे। खत्म कर दो।
[02:09:16] जनाब
[02:09:17] जनाब दो लोग आपसे मिलना चाहते हैं
[02:09:22] दो लोग आपसे मिलना चाहते हैं अगर उनमें कारोगिन का सामना करने की
[02:09:24] अगर उनमें कारोगिन का सामना करने की हिम्मत है तो अंजाम भी भुगतना पड़ेगा
[02:09:26] हिम्मत है तो अंजाम भी भुगतना पड़ेगा उन्हें ऐसे मैंने सबको अपना ताबा कर दिया
[02:09:30] उन्हें ऐसे मैंने सबको अपना ताबा कर दिया लाशों का ढेर लगा दिया जो कुछ भी उनके पास
[02:09:33] लाशों का ढेर लगा दिया जो कुछ भी उनके पास था सब छीन लिया मैंने
[02:09:37] [संगीत]
[02:09:40] [संगीत] कैसा के साथ
[02:09:48] इंतजार करते-करते आ गया हूं मैं।
[02:09:52] इंतजार करते-करते आ गया हूं मैं। चलो अब तुम बताओ अपनी पूरी जिंदगी के बारे
[02:09:55] चलो अब तुम बताओ अपनी पूरी जिंदगी के बारे में। जो दिल करे बताओ बताओ सुन रहा हूं
[02:09:58] में। जो दिल करे बताओ बताओ सुन रहा हूं मैं। जरा हम भी तो जाने तुम्हारे लिए।
[02:10:04] मैं। जरा हम भी तो जाने तुम्हारे लिए। जैसा लोगों ने कहा मगर मुझे यकीन नहीं आया
[02:10:09] जैसा लोगों ने कहा मगर मुझे यकीन नहीं आया कि तुमने एक बदनाम और सजायाफ्ता कातिल जो
[02:10:14] कि तुमने एक बदनाम और सजायाफ्ता कातिल जो सबसे खतरनाक था उसे उस तरह दिया और मैदान
[02:10:18] सबसे खतरनाक था उसे उस तरह दिया और मैदान में उसे अपनी गद बनवाएंगे
[02:10:24] में उसे अपनी गद बनवाएंगे बताओ ना क्या ये सच है या फिर एक अफसाना
[02:10:28] बताओ ना क्या ये सच है या फिर एक अफसाना है बस
[02:10:33] या रुक की बताओ ना। अरे बताओ भी दो।
[02:10:37] या रुक की बताओ ना। अरे बताओ भी दो। घबराते क्यों हो? अरे बता दो ना मुझे। राज
[02:10:41] घबराते क्यों हो? अरे बता दो ना मुझे। राज रखूंगा मैं।
[02:10:44] रखूंगा मैं। क्या तुम्हें इस बात का खौफ नहीं आया कि
[02:10:48] क्या तुम्हें इस बात का खौफ नहीं आया कि मैदान के बीचोंबीच वो पागल तुम्हें ना
[02:10:50] मैदान के बीचोंबीच वो पागल तुम्हें ना काटे। अगर तुमने अपना मुंह बंद ना किया तो
[02:10:53] काटे। अगर तुमने अपना मुंह बंद ना किया तो मैं तुम्हारा दिल चीर के निकाल दूंगा।
[02:10:54] मैं तुम्हारा दिल चीर के निकाल दूंगा। कारतगिन।
[02:10:58] अमीर यारों की और मैं कारातेगन।
[02:11:06] करतगन
[02:11:09] करतगन सुल्तान नूरुद्दीन
[02:11:11] सुल्तान नूरुद्दीन बनो यमरा
[02:11:15] क्या हुआ यहां क्यों आए हैं क्या कोई मसला
[02:11:19] क्या हुआ यहां क्यों आए हैं क्या कोई मसला है
[02:11:19] है सलाहाउद्दीन वो इस वक्त काहेरा में है
[02:11:23] सलाहाउद्दीन वो इस वक्त काहेरा में है कैसे और कहां है गुलामों के काफिले के
[02:11:26] कैसे और कहां है गुलामों के काफिले के हमरा अभी हमें सिर्फ यही मालूम है जल्द हम
[02:11:29] हमरा अभी हमें सिर्फ यही मालूम है जल्द हम जान जाएंगे कि वो कहां है
[02:11:31] जान जाएंगे कि वो कहां है शहर में आखिरी आने वाला
[02:11:33] शहर में आखिरी आने वाला अलीसा का काफिला था। उसने उन्हें उन्हीं
[02:11:36] अलीसा का काफिला था। उसने उन्हें उन्हीं गुलामों में रखा होगा। अगर सलाहाउद्दीन को
[02:11:39] गुलामों में रखा होगा। अगर सलाहाउद्दीन को कुछ हो गया तो सुल्तान हमें जिंदा नहीं
[02:11:42] कुछ हो गया तो सुल्तान हमें जिंदा नहीं छोड़ेंगे।
[02:11:43] छोड़ेंगे। अल्लाह
[02:11:45] अल्लाह फिक्र की जरूरत नहीं। भरोसा रखो मुझ पर।
[02:11:49] फिक्र की जरूरत नहीं। भरोसा रखो मुझ पर। मेरे पास तोहफा है। आसमानी देवता डंगरी
[02:11:54] मेरे पास तोहफा है। आसमानी देवता डंगरी जैसे मेरी हिफाजत करता है। सलाहाउद्दीन पर
[02:11:57] जैसे मेरी हिफाजत करता है। सलाहाउद्दीन पर भी वैसे ही मेहरबान। कई बार मौत का शिकस्त
[02:12:00] भी वैसे ही मेहरबान। कई बार मौत का शिकस्त दे चुका है वो।
[02:12:03] दे चुका है वो। फिक्र मत कीजिए। सलाहाउद्दीन को कुछ नहीं
[02:12:06] फिक्र मत कीजिए। सलाहाउद्दीन को कुछ नहीं होगा।
[02:12:26] [संगीत]
[02:12:53] सिबिल्ला कहां रह गई वो?
[02:12:56] सिबिल्ला कहां रह गई वो? वहां आ गई वो।
[02:13:08] [संगीत]
[02:13:34] [संगीत] [प्रशंसा]
[02:13:36] [प्रशंसा] [संगीत]
[02:13:44] [संगीत] आय
[02:13:46] आय बहुत देर लगा दी आने में।
[02:13:48] बहुत देर लगा दी आने में। अरे वक्त पर पहुंच तो गई मैं। चलो आओ।
[02:13:56] शहंशाह मौसम
[02:13:58] शहंशाह मौसम बेटी
[02:13:59] बेटी बाबा
[02:14:01] बाबा [संगीत]
[02:14:04] [संगीत] आ गया वो दिन जिसका मैंने ख्वाब देखा था।
[02:14:08] आ गया वो दिन जिसका मैंने ख्वाब देखा था। लॉर्ड गाय भी यहां है जानती हो?
[02:14:14] [संगीत]
[02:14:24] [संगीत] आपकी कमी शिद्दत से महसूस हुई। शहजादी
[02:14:27] आपकी कमी शिद्दत से महसूस हुई। शहजादी [संगीत]
[02:14:28] [संगीत] आपको दोबारा देखकर खुशी हुई। बहुत
[02:14:31] आपको दोबारा देखकर खुशी हुई। बहुत शुक्रिया लॉर्ड गाय।
[02:14:36] पूरा यूरोप आपके भाई की खिदमत का जिक्र
[02:14:38] पूरा यूरोप आपके भाई की खिदमत का जिक्र करता है। लेकिन आपकी शोहरत उन सबको पीछे
[02:14:41] करता है। लेकिन आपकी शोहरत उन सबको पीछे छोड़ देगी। आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई।
[02:14:44] छोड़ देगी। आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई। मुझे भी खुशी हुई।
[02:14:50] शहंशाह मौजम अगर आप चाहे तो हम गिरजा घर
[02:14:53] शहंशाह मौजम अगर आप चाहे तो हम गिरजा घर की तरफ चलते हैं।
[02:14:59] [संगीत]
[02:15:44] उम्मीद है कोई अच्छी खबर होगी।
[02:15:46] उम्मीद है कोई अच्छी खबर होगी। खुशखबरी है मेरे सुल्तान। एक अच्छी खबर
[02:15:49] खुशखबरी है मेरे सुल्तान। एक अच्छी खबर है। अल्लाह का शुक्र है कि सलाहाउद्दीन का
[02:15:52] है। अल्लाह का शुक्र है कि सलाहाउद्दीन का सुराग मिल गया। दिल को कुछ राहत मिली है।
[02:15:56] सुराग मिल गया। दिल को कुछ राहत मिली है। लेकिन एक असीर फ्रोश अपने साथ ले गया है
[02:16:00] लेकिन एक असीर फ्रोश अपने साथ ले गया है उसे। वो कायरा में है मेरे सुल्तान।
[02:16:06] कायरा में है। हम
[02:16:09] कायरा में है। हम शरको क्या शरकू को इत्तला पहुंचा दी गई
[02:16:12] शरको क्या शरकू को इत्तला पहुंचा दी गई है?
[02:16:13] है? जी हां मेरे सुल्तान। हमने पैगाम लेकर
[02:16:15] जी हां मेरे सुल्तान। हमने पैगाम लेकर कारा देगिन को रवाना कर दिया है। उसी ने
[02:16:17] कारा देगिन को रवाना कर दिया है। उसी ने यह खबर दी।
[02:16:17] यह खबर दी। क्या यह खबर कारा ते देगीन ने तुम्हें दी
[02:16:19] क्या यह खबर कारा ते देगीन ने तुम्हें दी है?
[02:16:21] है? अय्यूब
[02:16:23] अय्यूब फिक्र मत कीजिए। खासी दुराना हो गया है।
[02:16:26] फिक्र मत कीजिए। खासी दुराना हो गया है। मुबारक हो मेरे सुल्तान। सलाहााउद्दीन हम
[02:16:30] मुबारक हो मेरे सुल्तान। सलाहााउद्दीन हम सबसे पहले ही मिस्र जा पहुंचा है।
[02:16:32] सबसे पहले ही मिस्र जा पहुंचा है। दिल चाहता है अभी उड़कर पहुंच जाऊं। मिसर
[02:16:36] दिल चाहता है अभी उड़कर पहुंच जाऊं। मिसर लेकिन दीर्घाम और शावर के हालात वाजे हैं।
[02:16:39] लेकिन दीर्घाम और शावर के हालात वाजे हैं। [संगीत]
[02:16:40] [संगीत] वो अगर उसे ना ढूंढ पाए या फिर अगर उसे
[02:16:44] वो अगर उसे ना ढूंढ पाए या फिर अगर उसे कुछ हो गया।
[02:16:46] कुछ हो गया। मेरे सुल्तान अब सब्र के सिवा कोई चारा
[02:16:48] मेरे सुल्तान अब सब्र के सिवा कोई चारा नहीं। थोड़ा सब्र रखिए।
[02:16:53] [संगीत]
[02:16:59] चलो चलो मारो मारो।
[02:17:04] ऐसे ही लड़ते रहो। वाह क्या बात है। मजा आ
[02:17:08] ऐसे ही लड़ते रहो। वाह क्या बात है। मजा आ गया। बहुत जबरदस्त।
[02:17:12] गया। बहुत जबरदस्त। [संगीत]
[02:17:16] मैंने कहा था ना हमें चमड़े का लिबास
[02:17:19] मैंने कहा था ना हमें चमड़े का लिबास पहनना चाहिए। देखो जरा मुझे। मुझे औरतों
[02:17:22] पहनना चाहिए। देखो जरा मुझे। मुझे औरतों की तरह रेशम का लिबास पहना दिया।
[02:17:25] की तरह रेशम का लिबास पहना दिया। बताओ तो जरा कैसा लग रहा होगा? जैसे बदुओं
[02:17:28] बताओ तो जरा कैसा लग रहा होगा? जैसे बदुओं के पास नया-नया पैसा आता है।
[02:17:32] के पास नया-नया पैसा आता है। खामोश रहो। दिल काम के आदमी हर जगह मौजूद
[02:17:35] खामोश रहो। दिल काम के आदमी हर जगह मौजूद है यहां।
[02:17:39] [संगीत]
[02:18:11] वो वहां है सलाद्दीन। इनमें से कौन सा है?
[02:18:14] वो वहां है सलाद्दीन। इनमें से कौन सा है? अरे वो जो सफेद डिपॉसर है सोम लोन
[02:18:23] मैदान में सबसे बेहतरीन लड़ने वाला
[02:18:27] मैदान में सबसे बेहतरीन लड़ने वाला हर किसी की नजर उसी पे है। किसी भी तरह
[02:18:29] हर किसी की नजर उसी पे है। किसी भी तरह उसे वहां से निकालना होगा।
[02:18:32] उसे वहां से निकालना होगा। अगर हालात बिगड़ गए और अगर सलाउद्दीन थक
[02:18:36] अगर हालात बिगड़ गए और अगर सलाउद्दीन थक गया कुछ मत करना।
[02:18:40] अगर इसकी पहचान जाहिर होगी तो हम भी खत्म
[02:18:43] अगर इसकी पहचान जाहिर होगी तो हम भी खत्म हो जाएंगे। मुझे कोई परवाह नहीं। सुल्तान
[02:18:46] हो जाएंगे। मुझे कोई परवाह नहीं। सुल्तान नूरुद्दीन को जवाब देना है मुझे।
[02:18:48] नूरुद्दीन को जवाब देना है मुझे। सलााउद्दीन को खतरे में नहीं डाल सकता।
[02:18:59] राम
[02:19:24] आगे बढ़ोगे
[02:19:26] आगे बढ़ोगे जब तक मैं ना हूं कहीं मत जाना बस इंतजार
[02:19:29] जब तक मैं ना हूं कहीं मत जाना बस इंतजार करना और कुछ नहीं
[02:19:32] करना और कुछ नहीं [संगीत]
[02:19:35] [संगीत] मारो
[02:19:40] [संगीत]
[02:19:49] [संगीत] बाबा आगे बढ़ो
[02:19:53] बाबा आगे बढ़ो [संगीत]
[02:20:11] कीमती जानों का सिया इसके अलावा कुछ नहीं।
[02:20:22] [संगीत]
[02:20:28] [प्रशंसा]
[02:20:30] [प्रशंसा] हमारे गले का बहादुर जवान तो अब आया है।
[02:20:33] हमारे गले का बहादुर जवान तो अब आया है। अब मजा आएगा मुकाबला देख।
[02:20:35] अब मजा आएगा मुकाबला देख। [प्रशंसा]
[02:21:05] [संगीत]
[02:21:41] इस
[02:21:44] इस [संगीत]
[02:21:47] [संगीत] वक्त
[02:21:49] वक्त जब इस वक्त
[02:21:53] [संगीत]
[02:21:56] [संगीत] कहना तो चाहिए कि लुत्फ उठाओ लेकिन मैं
[02:21:58] कहना तो चाहिए कि लुत्फ उठाओ लेकिन मैं जानता हूं कि तुम्हें ये चीजें पसंद नहीं।
[02:22:00] जानता हूं कि तुम्हें ये चीजें पसंद नहीं। काजी फाजिल
[02:22:01] काजी फाजिल शाबाश शाबाश जवानों शाबाश इतनी जल्दी हार
[02:22:04] शाबाश शाबाश जवानों शाबाश इतनी जल्दी हार गई।
[02:22:05] गई। मैंने आपको बहुत तलाश किया मगर मैं दरगाम
[02:22:08] मैंने आपको बहुत तलाश किया मगर मैं दरगाम के हाथों फंस गई।
[02:22:11] के हाथों फंस गई। और मुझे यहां आना पड़ा।
[02:22:13] और मुझे यहां आना पड़ा। तुम्हें मुकाबला करना है। शाबाश मारो
[02:22:17] तुम्हें मुकाबला करना है। शाबाश मारो मारो।
[02:22:19] मारो। नहीं छोड़ना।
[02:22:22] [संगीत]
[02:22:28] मेरे हाथ बंधे हुए हैं। और मिस्र की भलाई
[02:22:32] मेरे हाथ बंधे हुए हैं। और मिस्र की भलाई के लिए मुझे यहां से दूर जाना पड़ा। तुम
[02:22:35] के लिए मुझे यहां से दूर जाना पड़ा। तुम कैसी हो? और महल के हालात कैसे हैं?
[02:22:38] कैसी हो? और महल के हालात कैसे हैं? मेरा गुस्सा शाहवार पे था। यह उससे भी
[02:22:42] मेरा गुस्सा शाहवार पे था। यह उससे भी बदतर है।
[02:22:44] बदतर है। [संगीत]
[02:22:47] [संगीत] उसने मेरी आंखों में देखा और कहा कि
[02:22:50] उसने मेरी आंखों में देखा और कहा कि शाहवार के साथ किए गए तुम्हारे मुआयएदे की
[02:22:52] शाहवार के साथ किए गए तुम्हारे मुआयएदे की कोई अहमियत नहीं। अब तुम मेरी गुलाम हो।
[02:22:56] कोई अहमियत नहीं। अब तुम मेरी गुलाम हो। उसने मेरी शागिर्दों को मारने की धमकी दी
[02:22:58] उसने मेरी शागिर्दों को मारने की धमकी दी है। उसका गुस्सा उरूज पर है।
[02:23:02] है। उसका गुस्सा उरूज पर है। सुनने में आया है कि तुमने मौसिकी सुनाने
[02:23:05] सुनने में आया है कि तुमने मौसिकी सुनाने से इंकार किया।
[02:23:06] से इंकार किया। बिल्कुल इंकार किया मैंने। क्योंकि मैं
[02:23:08] बिल्कुल इंकार किया मैंने। क्योंकि मैं नहीं गाऊंगी। मैंने कसम खाई है। इसकी
[02:23:12] नहीं गाऊंगी। मैंने कसम खाई है। इसकी तारीफ नहीं करूंगी मैं अपनी आवाज में।
[02:23:14] तारीफ नहीं करूंगी मैं अपनी आवाज में। चाहत पूरी होने तक वो रुकेगा नहीं।
[02:23:17] चाहत पूरी होने तक वो रुकेगा नहीं। मैं भी खुदा की कसम खाती हूं। मैं भी नहीं
[02:23:20] मैं भी खुदा की कसम खाती हूं। मैं भी नहीं रुकूंगी यहां।
[02:23:33] महाकाल
[02:23:38] [संगीत]
[02:23:51] अरे वाह वाह वाह
[02:23:55] अरे वाह वाह वाह लड़ाई की लड़ो
[02:23:58] लड़ाई की लड़ो और लड़ो
[02:24:03] हां ऐसे ही लड़ते रहो
[02:24:09] हमें
[02:24:12] हमें शाबाश और लड़ो लड़ते रहो
[02:24:16] शाबाश और लड़ो लड़ते रहो [संगीत]
[02:24:20] चलो चलो काट दो काट दो इसका गला काटो
[02:24:32] [संगीत]