# SQL Complete Course in One Video 🔥 | Beginner to Advanced (Full Roadmap + Projects)

https://www.youtube.com/watch?v=PA0vh74_xyk
Translation: en

[00:01] हे गाइस, वेलकम बैक टू माय चैनल।
  Hey guys, welcome back to my channel.

[00:05] अगर आप एसक्यूएल सीखना चाहते हो फ्रॉम जीरो टू एडवांस या फिर आप इंटरव्यू के लिए क्विक रिवीजन करना चाहते हो, तो यह वीडियो आपके लिए परफेक्ट है।
  If you want to learn SQL from zero to advanced, or if you want a quick revision for the interview, then this video is perfect for you.

[00:13] इस एक ही वीडियो में मैं आपको एसक्यूएल के सारे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट स्टेप बाय स्टेप समझाऊंगी।
  In this one video, I will explain all the important SQL concepts to you step by step.

[00:20] बेसिक से लेकर जॉइंट्स, एडवांस्ड क्वेरीज और इंटरव्यू क्वेश्चन तक।
  From basic to joints, advanced queries, and interview questions.

[00:25] और बेस्ट पार्ट है यह वीडियो कंप्लीटली बिगिनर फ्रेंडली है विद रियल एग्जांपल्स।
  And the best part is, this video is completely beginner-friendly with real examples.

[00:29] और एंड तक आप कॉन्फिडेंटली एसक्यूएल क्वेरीज़ लिख पाओगे।
  And by the end, you will be able to confidently write SQL queries.

[00:31] आगे बढ़ने से पहले वीडियो को लाइक करना, शेयर करना और अगर आप चैनल पर न्यू हो तो सब्सक्राइब करना मत भूलना।
  Before moving forward, don't forget to like the video, share it, and if you are new to the channel, subscribe.

[00:39] सबसे पहले हम समझते हैं व्हाट इज एसक्यूएल?
  First, let's understand what is SQL?

[00:42] एसक्यूएल स्टैंड्स फॉर स्ट्रक्चरर्ड क्यूरी लैंग्वेज इज़ अ स्पेशल लैंग्वेज यूज्ड टू टॉक टू डेटाबेस।
  SQL stands for Structured Query Language, which is a special language used to talk to databases.

[00:46] इट अलाउज़ यू टू स्टोर, फाइंड एंड अपडेट इनेशन लाइक स्टूडेंट रिकॉर्ड्स और बैंक बैलेंस इन अ वेरी ऑर्गेनाइज़्ड वे।
  It allows you to store, find, and update information like student records or bank balances in a very organized way.

[00:55] थिंक ऑफ इट एज द ब्रिज दैट कनेक्ट योर जावा कोड टू द डेटा स्टर्ड ऑन योर कंप्यूटर।
  Think of it as the bridge that connects your Java code to the data stored on your computer.

[01:00] एसक्यूएल स्पेशल
  SQL special

[01:02] ऑन योर कंप्यूटर।
  On your computer.

[01:04] एसक्यूएल स्पेशल लैंग्वेज जिसको हम यूज़ करते हैं डेटाबेस लैंग्वेज जिसको हम यूज़ करते हैं डेटाबेस से बात करने के लिए।
  SQL is a special language that we use, a language that we use to talk to the database.

[01:07] इसमें हम डेटा को से बात करने के लिए।
  In this, we can talk to the data.

[01:09] इसमें हम डेटा को स्टोर कर सकते हैं, फाइंड कर सकते हैं, स्टोर कर सकते हैं, फाइंड कर सकते हैं, अपडेट कर सकते हैं इंफॉर्मेशन को।
  In this, we can store data, find it, store it, find it, update the information.

[01:12] जैसे कि अपडेट कर सकते हैं इंफॉर्मेशन को।
  For example, we can update the information.

[01:13] जैसे कि हमने कोई स्टूडेंट रिकॉर्ड बनाया है।
  For example, we have created a student record.

[01:16] अब हमें कोई भी डिटेल स्टूडेंट की अपडेट करनी है या तो फिर डिलीट करनी है या हमें कोई स्टूडेंट ऐड करना है।
  Now, if we need to update any detail of the student, or delete it, or if we need to add a student.

[01:19] है या तो फिर डिलीट करनी है या हमें कोई स्टूडेंट ऐड करना है।
  Or delete it, or if we need to add a student.

[01:21] तो यह सब जो है वह हम डेटाबेस के थ्रू ही करते हैं।
  So, all of this is done through the database.

[01:24] डेटा हम डेटाबेस के थ्रू ही करते हैं।
  We do data through the database.

[01:26] डेटा इंसर्ट कराने से लेके डेटा फैच अपडेट डिलीट कराने में सभी के लिए एसक्यूएल जो है काम आता है।
  From inserting data to fetching, updating, and deleting data, SQL is useful for all of it.

[01:29] डिलीट कराने में सभी के लिए एसक्यूएल जो है काम आता है।
  SQL is useful for all of it, from deleting.

[01:32] व्हाट इज़ माय एesक्यूएल?
  What is MySQL?

[01:34] माय एसक्यूएल क्या होता है?
  What is MySQL?

[01:37] माय एसक्यूएल इज अ पॉपुलर फ्री सॉफ्टवेयर दैट एक्ट्स लाइक अ डिजिटल वेयर हाउस फॉर योर डाटा
  MySQL is a popular free software that acts like a digital warehouse for your data.

[01:40] व्हाइल एसक्यूएल इज अ लैंग्वेज यू यूज्ड
  While SQL is a language you used.

[01:42] टू स्पीक माय एसक्यूएल इज़ द एक्चुअल
  To speak, MySQL is the actual.

[01:45] सिस्टम और लाइब्रेरियन दैट लिसन टू यू एंड
  System or librarian that listens to you and.

[01:48] मैनेज द टेबल्स इट इज़ वाइडली यूज्ड बाय अ
  Manages the tables. It is widely used by.

[01:51] बिग कंपनीज़ लाइक Facebook Netflix बिकॉज़
  Big companies like Facebook, Netflix because.

[01:54] इट इज़ फ़स्ट सिक्योर एंड वर्क्स परफेक्टली
  It is fast, secure, and works perfectly.

[01:57] विथ Java.
  With Java.

[02:00] Myesl एक पॉपुलर और फ्री डेटाबेस सॉफ्टवेयर है जो हमारे डाटा को
  MySQL is a popular and free database software that our data.

[02:02] डेटाबेस सॉफ्टवेयर है जो हमारे डाटा को स्टोर करने का काम करता है।
  Database is software that works to store our data.

[02:05] अगर एसक्यूएल एक लैंग्वेज है जिससे हम डेटाबेस से बात करते हैं तो मायक्यूएल एक्चुअल सिस्टम है जो हमारी बात सुनता है और टेबल रो और कॉलम्स को मैनेज करता है।
  If SQL is a language with which we talk to the database, then MySQL is the actual system that listens to us and manages tables, rows, and columns.

[02:15] आप एसक्यूएल को एक लैंग्वेज समझ लो जैसे इंग्लिश या हिंदी और मायesक्यूएल को एक लाइब्रेरियन या सिस्टम समझ लो जो आपके कमांड को समझकर डेटा को स्टोर अपडेट या डिलीट करता है।
  Consider SQL as a language like English or Hindi, and MySQL as a librarian or system that understands your commands and stores, updates, or deletes data.

[02:26] अब आपके एक माइंड में क्वेश्चन आ रहा होगा व्हाई एसक्यूएल? व्हाई नॉट नो एसक्यूएल?
  Now a question might be arising in your mind: Why SQL? Why not NoSQL?

[02:34] यह क्वेश्चन बिल्कुल वैलिड है। लेकिन आंसर समझने के लिए हमें लर्निंग ऑर्डर समझना होगा।
  This question is completely valid. But to understand the answer, we need to understand the learning order.

[02:40] एसक्यूएल एक स्ट्रक्चर डेटाबेस होता है।
  SQL is a structured database.

[02:43] जिसमें डेटा, टेबल्स, रो एंड कॉलम के फॉर्म में स्टोर होता है।
  In which data is stored in the form of tables, rows, and columns.

[02:46] जब आप एसक्यूएल सीखते हो तो आपको क्लियरली समझ आता है डेटा कैसे स्टोर हो रहा है?
  When you learn SQL, you clearly understand how data is being stored.

[02:51] रिलेशन कैसे बनता है? प्राइमरी की, फॉरेन की क्या होता है?
  How are relations formed? What are primary keys and foreign keys?

[02:55] डेटा इंटीग्रिटी का मतलब क्या होता है? यह सब कांसेप्ट नो एसक्यूएल समझने के लिए भी बेस बनते हैं।
  What does data integrity mean? All these concepts also form the basis for understanding NoSQL.

[03:00] नो एसक्यूएल का यूज़ होता है डेटा बहुत ज्यादा अनस्ट्रक्चरर्ड
  NoSQL is used when data is very unstructured.

[03:02] होता है डेटा बहुत ज्यादा अनस्ट्रक्चरर्ड हो, रियल टाइम हाई ट्रैफिक हो, स्कीम
  There is a lot of unstructured data, real-time high traffic, the scheme

[03:05] हो, रियल टाइम हाई ट्रैफिक हो, स्कीम फ्लेक्सिबल चाहिए हो।
  there is real-time high traffic, the scheme needs to be flexible.

[03:07] जैसे कि चैट फ्लेक्सिबल चाहिए हो।
  For example, if you want to build a chat application

[03:09] जैसे कि चैट एप्लीकेशन बनाना हो आपको या फिर सोशल एप्लीकेशन बनाना हो आपको या फिर सोशल मीडिया फीड्स बनाना हो, रिकमेंडेशन सिस्टम
  or a social application, or social media feeds, a recommendation system

[03:12] मीडिया फीड्स बनाना हो, रिकमेंडेशन सिस्टम बनाना हो उसके लिए।
  needs to be built for that.

[03:14] लेकिन नो एसक्यूएल तब मीनिंगफुल होता है जब आपको पहले एसक्यूएल
  But NoSQL is meaningful only when you already know SQL.

[03:17] मीनिंगफुल होता है जब आपको पहले एसक्यूएल आता हो।
  it is meaningful when you know SQL first.

[03:19] तो, हम एसक्यूएल पढ़ेंगे। सबसे पहले हम एसक्यूएल का इंस्टॉलेशन प्रोसेस
  So, we will study SQL. First, we will look at the SQL installation process.

[03:22] पहले हम एसक्यूएल का इंस्टॉलेशन प्रोसेस देखेंगे।
  First, we will see the SQL installation process.

[03:25] मैंने ओपन किया Chrome अब सबसे पहले हम सर्च करेंगे मायसक्यूएल
  I opened Chrome, now first we will search for MySQL

[03:28] पहले हम सर्च करेंगे मायसक्यूएल सर्वर डाउनलोड।
  first we will search for MySQL Server download.

[03:31] सर्वर डाउनलोड।
  Server download.

[03:33] फर्स्ट वाली लिंक पे क्लिक करेंगे हम डाउनलोड माय एसक्यूएल इंस्टॉलर पर।
  We will click on the first link, Download MySQL Installer.

[03:35] डाउनलोड माय एसक्यूएल इंस्टॉलर पर।
  Download MySQL Installer.

[03:37] एंड देन यहां पे आपको वर्जन सेलेक्ट करना है और भी वर्जनंस हैं।
  And then here you have to select the version, there are other versions too.

[03:38] आप चाहे तो फाइव वाले के लिए कर सकते हैं।
  You can choose the five version if you want.

[03:40] मैं एट करंट वर्जन जो है उसी के लिए करूंगी डाउनलोड।
  I will download for the current version, which is eight.

[03:43] देन आपको यहां पे भी ऑप्शन दिया है Microsoft
  Then here you are also given the option for Microsoft

[03:44] यहां पे भी ऑप्शन दिया है Microsoft Windows के लिए एंड जो भी आपका ऑपरेटिंग
  Here is the option for Microsoft Windows and whatever your operating

[03:45] Windows के लिए एंड जो भी आपका ऑपरेटिंग सिस्टम है यहां से आप सेलेक्ट कर सकते
  For Windows and whatever your operating system is, you can select it from here.

[03:47] सिस्टम है यहां से आप सेलेक्ट कर सकते हैं।
  system is, you can select it from here.

[03:48] मेरे पास Windows है, मैं Windows पे सेलेक्ट कर रही हूं।
  I have Windows, I am selecting Windows.

[03:50] सेलेक्ट कर रही हूं। देन फिर यहां पे आपको इंस्टॉल करना है MSI इंस्टॉलर।
  I am selecting. Then here you have to install the MSI installer.

[03:53] आपको यह जो सेकंड वाला दिया है Windows 8632 बिट MSI
  This second one given, Windows 8632 bit MSI

[03:56] सेकंड वाला दिया है Windows 8632 बिट MSI इंस्टॉलर जो कि 556 MB का है।
  The second one given, Windows 8632 bit MSI installer which is 556 MB.

[03:58] इसको डाउनलोड करना है।
  You have to download this.

[04:00] डाउनलोड करना है। नो थिंग्स स्टार्ट माय डाउनलोडिंग।
  You have to download. No things start my downloading.

[04:01] डाउनलोडिंग। तो यहां पे डाउनलोडिंग स्टार्ट हो चुकी है।
  downloading. So downloading has started here.

[04:01] यहां पर आपके पास
  Here you have

[04:03] स्टार्ट हो चुकी है।
  It has started.

[04:03] यहां पर आपके पास ऑप्शन आएगा सर्वर ओनली क्लाइंट ओनली फुल ऑप्शन आएगा सर्वर ओनली क्लाइंट ओनली फुल एंड कस्टम पर।
  Here you will get the option Server Only, Client Only, Full Option Server Only, Client Only, Full and Custom.

[04:07] आपको कस्टम पे क्लिक करना है।
  You have to click on Custom.

[04:07] देन क्लिक करना है नेक्स्ट पर।
  Then click on Next.

[04:09] उसके बाद आपको यह माय सिक्व सर्वर के प्लस वाले आइकॉन पर क्लिक करना है।
  After that, you have to click on the plus icon of this My SQL Server.

[04:13] एंड देन इस पे क्लिक करना है।
  And then click on this.

[04:15] इस पर क्लिक करके फिर आपको इस पर क्लिक करना है।
  After clicking on this, then you have to click on this.

[04:18] एंड देन यहां पे क्लज़ कर देंगे।
  And then we will close it here.

[04:20] फिर आप एप्लीकेशनेशंस पे ओपन करेंगे एप्लीकेशन को।
  Then you will open the application on Applications.

[04:22] फिर यहां पर यह लिखा है माय एस वर्क रंच।
  Then here it is written My S Work Ranch.

[04:25] आपको इस पर ऐड पर क्लिक करना है।
  You have to click on Add on this.

[04:27] यहां पर क्लिक करना है।
  Click here.

[04:27] फर्स्ट वाले वर्जन पर क्लिक करना है।
  Click on the first version.

[04:28] एंड देन इसे क्लोज कर देना है।
  And then close it.

[04:31] जैसे-जैसे आप इनको सेलेक्ट करते जाएंगे वैसे-वैसे यहां पे जो इंस्टॉलेशन के लिए फाइल है वो यहां पे सेलेक्ट हो जाएंगी।
  As you keep selecting them, the files for installation will be selected here.

[04:35] इन दोनों को सेलेक्ट करने के बाद आपको जाना है नेक्स्ट पर एंड देन आपको करना है एग्जीक्यूट।
  After selecting both of these, you have to go to Next and then you have to Execute.

[04:41] जैसे ही हमने एग्जीक्यूट पे क्लिक किया तो ये दोनों वर्जन जो है वन बाय वन इंस्टॉल होना स्टार्ट हो गया।
  As soon as we clicked on Execute, both these versions started installing one by one.

[04:45] हमारा मायकल सर्वर जो है वो कंप्लीट हो गया इंस्टॉलेशन।
  Our MySQL server installation is complete.

[04:47] एनम टाइम है वर्क रेंज के इंस्टॉलेशन प्रोसेस का।
  The installation process for the Work Ranch is timed.

[04:51] आपको अगेन नेक्स्ट पे क्लिक करना है।
  You have to click Next again.

[04:54] यहां पर जो बाय डिफ़ॉल्ट पोर्ट है वो यहां पे306 है।
  The default port here is 306.

[04:56] आप चाहे तो पोर्ट चेंज भी कर सकते हैं।
  You can change the port if you want.

[04:58] मैं इसको ऐसे ही रहने दे रही हूं।
  I am leaving it as it is.

[05:00] देन आप नेक्स्ट करेंगे।
  Then you will click Next.

[05:00] देन फिर नेक्स्ट करेंगे।
  Then you will click Next again.

[05:02] यहां पर आपको पासवर्ड सेट करना
  Here you have to set the password

[05:04] करेंगे।
  Will do.

[05:04] यहां पर आपको पासवर्ड सेट करना है।
  Here you have to set a password.

[05:06] तो मैं यहां पर मेरा पासवर्ड सेट कर है।
  So I am setting my password here.

[05:06] तो मैं यहां पर मेरा पासवर्ड सेट कर दे रही हूं।
  So I am setting my password here.

[05:09] यहां पे भी सेम वही रिपीट दे रही हूं।
  Here too, I am repeating the same.

[05:09] यहां पे भी सेम वही रिपीट पासवर्ड।
  Here too, the same repeat password.

[05:11] इसके बाद मैं नेक्स्ट पे क्लिक पासवर्ड।
  After this, I click next password.

[05:11] इसके बाद मैं नेक्स्ट पे क्लिक कर रही हूं।
  After this, I am clicking next.

[05:13] इसके बाद आपके पास यहां पर ऑप्शन आएगा स्टैंडर्ड सिस्टम अकाउंट एंड
  After this, you will get the option here Standard System Account and

[05:14] ऑप्शन आएगा स्टैंडर्ड सिस्टम अकाउंट एंड कस्टम यूजर।
  Option will come Standard System Account and Custom User.

[05:16] इसको आपको ऐसे ही रहने देना है।
  You should leave this as it is.

[05:18] कोई छेड़छाड़ नहीं करनी है इसके साथ में।
  Do not tamper with it.

[05:18] एंड देन क्लिक करना है नेक्स्ट पर।
  And then click on next.

[05:20] इसके बाद भी आपको टेक्स्ट करना है।
  After this, you have to text.

[05:21] कुछ चेंज नहीं करना है यहां पे।
  Do not change anything here.

[05:23] इसके बाद में यहां पे आएगा अप्लाई कॉन्फ़िगरेशन।
  After this, Apply Configuration will come here.

[05:25] यहां पर आपको क्लिक करना है एग्जीक्यूट पर।
  Here you have to click on Execute.

[05:27] यहां पर एक-एक करके यहां पे जो सेटअप्स दिए
  Here, one by one, the setups given here

[05:29] हैं, कॉन्फ़िगरेशन दिए हैं, वो एक-एक करके
  configurations are given, they will one by one

[05:30] कंप्लीट हो जाएंगे और क्लिक करना है फिनिश
  be completed and click on Finish

[05:32] पर। उसके बाद आप यहां पे नेक्स्ट पे
  on. After that, you will go to Next here.

[05:34] जाएंगे। फिर यहां फिनिश पर क्लिक करेंगे।
  Will go. Then click on Finish here.

[05:36] यहां तक कि प्रोसेस कंप्लीट होने के बाद
  After the process is completed up to here

[05:38] आपको आपके कंप्यूटर सिस्टम में मायक्यूएल
  you will see MySQL in your computer system

[05:40] का वर्क बेंच यहां पे ओपन दिखेगा।
  Workbench open here.

[05:43] जैसे ही आप माय सीक्वल कनेक्शन के नीचे यह जो दिया
  As soon as you click on this given below the MySQL connection

[05:45] है इस पर आप क्लिक करेंगे लोकल इंस्टेंस
  you will click on Local Instance

[05:47] माय एसक्यूएल पर तो यहां पर आपने जो अभी
  MySQL, then here the one you just

[05:49] पासवर्ड बनाया था वह पासवर्ड डालना है।
  created password, you have to enter that password.

[05:50] यहां पर यूजर का नाम जो है वो रूट है एंड
  Here the username is root and

[05:52] पासवर्ड हम डाल देंगे।
  we will enter the password.

[05:54] जैसे ही हमने पासवर्ड डाला वैसे ही हमारे यहां पे
  As soon as we entered the password, our here

[05:55] एसक्यूएल वर्क बैच ओपन हो गया।
  SQL Workbench opened.

[05:58] सबसे पहले बात करते हैं डेटाबेस की।
  First of all, let's talk about the database.

[06:02] व्हाट इज़ डेटाबेस?
  What is database?

[06:02] सिंपल शब्दों में बोलूं तो
  If I say in simple words

[06:05] डेटाबेस? सिंपल शब्दों में बोलूं तो डेटाबेस एक डिजिटल लॉकर या स्टोर हाउस है।
  Database? In simple terms, a database is a digital locker or storehouse.

[06:08] डेटाबेस एक डिजिटल लॉकर या स्टोर हाउस है।
  A database is a digital locker or storehouse.

[06:08] जहां डेटा को ऑर्गेनाइज तरीके से रखा जाता है।
  Where data is kept in an organized manner.

[06:11] अ डेटाबेस इज़ एन ऑर्गेनाइज्ड कलेक्शन
  A database is an organized collection

[06:13] ऑफ़ रिलेटेड डेटा दैट इज़ स्टर्ड इन अ स्ट्रक्चरर्ड वे।
  of related data that is stored in a structured way.

[06:16] सो इट कैन बी इजीली एक्सेस्ड मैनेज्ड एंड अपडेटेड।
  So it can be easily accessed, managed, and updated.

[06:18] डेटाबेस जो है वो एक ऑर्गेनाइज्ड कलेक्शन ऑफ़ रिलेटेड डेटा है जिसको हम स्टोर करते हैं एक स्ट्रक्चरर्ड फॉर्म में ताकि इसको हम इजीली अपडेट कर सकें, मैनेज कर सके और एक्सेस कर सकें।
  The database is an organized collection of related data which we store in a structured form so that we can easily update, manage, and access it.

[06:21] सोचिए एक पुरानी लाइब्रेरी के बारे में।
  Think about an old library.

[06:24] अगर सारी बुक्स जमीन पर बिखरी हो तो क्या आप अपनी पसंद की बुक ढूंढ पाएंगे?
  If all the books were scattered on the ground, would you be able to find your favorite book?

[06:25] मुश्किल है।
  It's difficult.

[06:27] लेकिन अगर वही बुक्स रैंक में सब्जेक्ट के हिसाब से रखी हो तो काम आसान हो जाता है।
  But if the same books are arranged on shelves according to subject, the task becomes easier.

[06:30] वही ऑर्गेनाइज कलेक्शन डेटाबेस कहलाता है।
  That same organized collection is called a database.

[06:33] अब डेटाबेस तो बन गया पर उसे मैनेज कौन करेगा?
  Now the database is created, but who will manage it?

[06:35] डेटा डालना, पुराना डाटा डिलीट करना या कुछ सर्च करना।
  Adding data, deleting old data, or searching for something.

[06:38] इसके लिए हमें एक सॉफ्टवेयर चाहिए होता है।
  For this, we need a software.

[06:41] उस सॉफ्टवेयर को हम कहते हैं डीबीएमएस।
  That software we call DBMS.

[06:43] डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम।
  Database Management System.

[06:46] डीबीएमएस इज़ अ सॉफ्टवेयर यूज्ड टू स्टोर एंड मैनेज डेटा इन डेटाबेस।
  DBMS is a software used to store and manage data in a database.

[06:48] इसका हम
  We use it

[07:07] स्टोर एंड मैनेज डेटा इन डेटाबेस।
  Store and manage data in the database.

[07:10] इसका हम यूज़ करते हैं डेटा को स्टोर करने के लिए यूज़ करते हैं डेटा को स्टोर करने के लिए और मैनेज करने के लिए डेटाबेस में।
  We use this to store data, use it to store data, and to manage it in the database.

[07:12] और मैनेज करने के लिए डेटाबेस में।
  And to manage it in the database.

[07:15] इट अलाउ यूजर टू क्रिएट, रीड, अपडेट एंड डिलीट डेटा।
  It allows users to create, read, update, and delete data.

[07:18] इसी के थ्रू हम यूजर को अलाउ करते हैं कि वह क्रिएट करें, रीड करें, अपडेट करें या डिलीट करें डेटा को।
  Through this, we allow the user to create, read, update, or delete data.

[07:20] करते हैं कि वह क्रिएट करें, रीड करें, अपडेट करें या डिलीट करें डेटा को।
  To create, read, update, or delete data.

[07:22] अपडेट करें या डिलीट करें डेटा को।
  Update or delete data.

[07:24] डीवीएमएस प्रोवाइड्स सिक्योरिटी एंड कंट्रोल एक्सेस टू डेटा।
  DBMS provides security and control access to data.

[07:27] कंट्रोल एक्सेस टू डेटा।
  Control access to data.

[07:30] अगर डेटाबेस एक बैंक है तो डीबीएमएस वह बैंक मैनेजर या स्टाफ है जो आपका पैसा यानी डाटा जमा करता है और निकाल कर देता है।
  If the database is a bank, then the DBMS is that bank manager or staff who deposits your money, i.e., data, and withdraws it.

[07:34] स्टाफ है जो आपका पैसा यानी डाटा जमा करता है और निकाल कर देता है।
  Is the staff who deposits your money, i.e., data, and withdraws it.

[07:37] बिना डीबीएमएस के हम डेटाबेस से इंटरेक्ट नहीं कर सकते हैं।
  Without DBMS, we cannot interact with the database.

[07:40] हम डेटाबेस से इंटरेक्ट नहीं कर सकते हैं।
  We cannot interact with the database.

[07:42] अब आता है सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट आरडीबीएमएस
  Now comes the most important point, RDBMS.

[07:44] आरडीबीएमएस रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम।
  RDBMS, Relational Database Management System.

[07:47] आजकल 90% बड़ी कंपनीज़ आरडीबीएमएससी यूज करती है।
  Nowadays, 90% of big companies use RDBMS.

[07:50] है। इसमें डाटा टेबल्स रो और कॉलम्स में स्टोर होता है।
  In this, data is stored in tables, rows, and columns.

[07:53] इसमें डाटा टेबल्स रो और कॉलम्स में स्टोर होता है।
  Data is stored in tables, rows, and columns.

[07:55] सबसे खास बात यह है कि यहां टेबल एक दूसरे से रिलेटेड होते हैं।
  The most special thing is that here tables are related to each other.

[07:58] यहां टेबल एक दूसरे से रिलेटेड होते हैं।
  Tables are related to each other here.

[08:00] यह रिलेशनल डेटाबेस मैनुअल सिस्टम जो है वो एक टाइप का डीबीएमएस है जो स्टोर करता है डेटा को टेबल्स के फॉर्म में।
  This Relational Database Manual System is a type of DBMS that stores data in the form of tables.

[08:02] वो एक टाइप का डीबीएमएस है जो स्टोर करता है डेटा को टेबल्स के फॉर्म में।
  It is a type of DBMS that stores data in the form of tables.

[08:05] हर टेबल जो है उसमें रो और कॉलम होती है।
  Every table has rows and columns in it.

[08:08] जो है उसमें रो और कॉलम होती है।
  It has rows and columns.

[08:10] यह मेंटेन करता है रिलेशनशिप टेबल्स के बीच में यूजिंग की टू इंश्योर इंटीग्रिटी।
  It maintains relationships between tables using keys to ensure integrity.

[08:13] इसमें टेबल रो और कॉलम में स्टोर होता है।
  In this, the table is stored in rows and columns.

[08:17] इसमें टेबल रो और कॉलम में स्टोर होता है।
  In this, the table is stored in rows and columns.

[08:19] सबसे खास बात यहां की है कि टेबल एक दूसरे से रिलेटेड होते हैं।
  The most special thing here is that tables are related to each other.

[08:22] मान लीजिए एक टेबल में स्टूडेंट का नाम है और दूसरे में उसकी फीस है।
  Suppose one table has the student's name and the other has their fees.

[08:24] दोनों टेबल को एक आईडी के जरिए जोड़ा जा सकता है।
  Both tables can be joined using an ID.

[08:27] यही है आरडीबीएमएस।
  This is RDBMS.

[08:30] आरडीबीएमएस के एग्जांपल्स हैं माय एसक्यूएल, पोस्ट वेसक्यूएल, ओरेकल।
  Examples of RDBMS are MySQL, PostgreSQL, Oracle.

[08:32] यह सब आरडीबीएमएस है।
  All of these are RDBMS.

[08:35] और इन्हीं आरडीबीएमएस से बात करने के लिए हमें जो लैंग्वेज सीखना है वो है एसक्यूएल।
  And to talk to these RDBMS, the language we need to learn is SQL.

[08:38] एक टेबल के दो मेन पार्ट्स होते हैं।
  A table has two main parts.

[08:41] कॉलम जिसको हम फील्ड भी बोलते हैं।
  Columns, which we also call fields.

[08:44] रो जिसको हम रिकॉर्ड भी बोलते हैं।
  Rows, which we also call records.

[08:46] कॉलम जो होते हैं यह वर्टिकल होते हैं और कैटेगरी बताते हैं।
  Columns are vertical and indicate categories.

[08:49] जैसे कि नाम, एज, सिटी एक्सट्रा और रो जो होती है यह होती है हॉरिजॉन्टल।
  Such as name, age, city, etc., and rows are horizontal.

[08:52] एक रो एक इंसान का पूरा डाटा बताती है।
  One row tells the complete data of a person.

[08:55] चलिए अब कंप्यूटर को कमांड देते हैं।
  Now let's give commands to the computer.

[08:58] अब सबसे पहले हम चेक करेंगे हमारे सिस्टम में कितने डेटाबेस
  Now, first, we will check how many databases are in our system.

[09:09] करेंगे हमारे सिस्टम में कितने डेटाबेस हैं।
  How many databases are there in our system?

[09:09] उसके लिए होती है शो डेटाबेस।
  For that, there is 'show databases'.

[09:16] अब मैं क्लिक करूंगी इस पर।
  Now I will click on this.

[09:16] यह वाला जो
  This one which

[09:19] अब मैं क्लिक करूंगी इस पर।
  Now I will click on this.

[09:19] यह वाला जो होता है वो एग्जीक्यूट करता है वो लाइन को
  This one which is there executes that line

[09:22] होता है वो एग्जीक्यूट करता है वो लाइन को जहां पे कर्सर होता है।
  which is there executes that line where the cursor is.

[09:22] और यह वाला जो
  And this one which

[09:24] जहां पे कर्सर होता है।
  where the cursor is.

[09:24] और यह वाला जो होता है वह जितने भी कोड लिखा है उसको
  And this one which is there, it takes all the code that is written

[09:25] होता है वह जितने भी कोड लिखा है उसको पूरे को एग्जीक्यूट करता है।
  which is there, executes all of it.

[09:25] तो हमारे पास
  So, we have

[09:28] पूरे को एग्जीक्यूट करता है।
  executes all of it.

[09:28] तो हमारे पास में कौन-कौन से डेटाबेस हैं?
  So, which databases do we have?

[09:29] में कौन-कौन से डेटाबेस हैं?
  which databases are there?

[09:29] मैंने पहले जो बनाया था वो है एक इनेशन स्कीमासक्यूएल
  What I had created before was an information schema SQL

[09:32] जो बनाया था वो है एक इनेशन स्कीमासक्यूएल परफॉर्मेंस स्कीमा स्कूल एंड सिस्टम ये
  which was created was an information schema SQL, performance schema, school and system, these

[09:35] परफॉर्मेंस स्कीमा स्कूल एंड सिस्टम ये सारे स्कीमा हमारे पास में है।
  performance schema, school and system, all these schemas are with us.

[09:35] अभी हम
  Now we

[09:38] सारे स्कीमा हमारे पास में है।
  all schemas are with us.

[09:38] अभी हम नेक्स्ट थ्योरी लिखेंगे डेटाबेस को क्रिएट
  Now we will write the next theory to create a database

[09:41] नेक्स्ट थ्योरी लिखेंगे डेटाबेस को क्रिएट करने के लिए।
  will write the next theory to create a database.

[09:41] एक बात यह आपको याद रखना है
  One thing you have to remember is

[09:44] करने के लिए।
  to do.

[09:44] एक बात यह आपको याद रखना है कि सेमी कॉललन लगाना आपको नहीं भूलना है।
  One thing you have to remember is that you must not forget to put a semicolon.

[09:46] कि सेमी कॉललन लगाना आपको नहीं भूलना है।
  that you must not forget to put a semicolon.

[09:46] एसक्यूएल में सेमी कॉललन फुल स्टॉप की
  In SQL, a semicolon is like a full stop

[09:49] एसक्यूएल में सेमी कॉललन फुल स्टॉप की जैसे होता है।
  In SQL, a semicolon is like a full stop.

[09:49] अब बनाते हैं अपना पहला
  Now let's create our first

[09:52] जैसे होता है।
  like it is.

[09:52] अब बनाते हैं अपना पहला डेटाबेस।
  Now let's create our first database.

[09:54] डेटाबेस।
  database.

[09:54] डेटाबेस बनाने के लिए आपको लिखना पड़ता है
  To create a database, you have to write

[09:56] डेटाबेस बनाने के लिए आपको लिखना पड़ता है क्रिएट
  To create a database, you have to write 'create'

[09:58] क्रिएट डेटाबेस।
  create database.

[10:01] उसको हमने नाम दिया स्कूल डीबी।
  We named it 'school DB'.

[10:06] उसको हमने नाम दिया स्कूल डीबी।
  We named it 'school DB'.

[10:06] तो यहां पर डेटाबेस क्रिएट हो गया।
  So, the database has been created here.

[10:06] अब हम
  Now we

[10:09] तो यहां पर डेटाबेस क्रिएट हो गया।
  So the database has been created here.

[10:09] अब हम इस डेटाबेस को यूज़ करेंगे।
  Now we will use this database.

[10:12] यह सबसे जरूरी कमांड है।
  This is the most important command.

[10:14] इसको आप बोल सकते हो कि यह एक एंट्री गेट है।
  You can call this an entry gate.

[10:19] हम लिखेंगे यूज़ स्कूल डीबी।
  We will write USE SCHOOL DB.

[10:22] जब तक आप यूज़ नहीं करोगे एसक्यूएल को पता नहीं चलेगा कि आप किस डेटाबेस में टेबल बनाना चाहते हो।
  Until you use it, SQL will not know which database you want to create a table in.

[10:28] अब हम डेटाबेस के अंदर आ ही चुके हैं।
  Now we have already entered the database.

[10:30] तो नेक्स्ट लॉजिकल स्टेप है टेबल बनाना।
  So the next logical step is to create a table.

[10:32] लेकिन एक बात क्लियर कर देती हूं पहले कि अभी हम सिर्फ यह देख रहे हैं कि टेबल कैसे क्रिएट होता है?
  But let me clarify one thing first, right now we are just seeing how a table is created?

[10:37] सबसे पहले कौन सी टेबल होगी?
  What will be the first table?

[10:40] स्टूडेंट टेबल होगी।
  It will be the student table.

[10:42] ऑब्वियस सी बात है स्टूडेंट के बारे में क्या-क्या स्टोर करना चाहिए?
  Obviously, what should be stored about the student?

[10:44] आईडी, नेम, एज एंड क्लास।
  ID, Name, Age and Class.

[10:47] तो चलिए हम क्रिएट करते हैं स्टूडेंट टेबल को।
  So let's create the student table.

[10:50] उसके लिए आपको लिखना है क्रिएट टेबल।
  For that, you have to write CREATE TABLE.

[10:55] इसका नाम मैं दूंगी टेबल का स्टूडेंट एंड देन हम लेंगे इसमें आईडी।
  I will name the table 'student' and then we will take ID in it.

[11:02] आईडी जो है वह इंट में होगी।
  The ID will be in INT.

[11:04] हम डेटा टाइप के बारे में भी आगे पढ़ने वाले हैं।
  We are going to read about data types further.

[11:06] अभी आपको सिर्फ मैं एक डेमो दे रही हूं कि कैसे टेबल बनता है।
  Right now, I am just giving you a demo of how a table is created.

[11:09] नेम वेयर कैर 50 वर्ड्स का नेम हो
  Name VARCHAR 50 words name

[11:12] है।
  It is.

[11:12] नेम वेयर कैर 50 वर्ड्स का नेम हो सकता है।
  Name can be a name of 50 words of VARCHAR.

[11:12] यहां लगाना है आपको कॉमा।
  You have to put a comma here.

[11:16] सकता है।
  It can be.

[11:16] यहां लगाना है आपको कॉमा।
  You have to put a comma here.

[11:16] यहां लगाना है एंड में सेमी कॉललन।
  Put a semicolon at the end here.

[11:20] यहां लगाना है एंड में सेमी कॉललन।
  Put a semicolon at the end here.

[11:20] एंड देन एज यह भी इंटीजर फॉर्म में होगी।
  And then age will also be in integer form.

[11:24] एंड देन एज यह भी इंटीजर फॉर्म में होगी।
  And then age will also be in integer form.

[11:24] एंड एंड क्लास जो होगी वह होगी वेयर
  And the class will be VARCHAR

[11:29] एंड एंड क्लास जो होगी वह होगी वेयर 20 वर्ड्स की।
  And the class will be VARCHAR of 20 words.

[11:29] उसको कराते हैं हम
  We execute that.

[11:33] 20 वर्ड्स की।
  Of 20 words.

[11:33] उसको कराते हैं हम एग्जीक्यूट।
  We execute that.

[11:36] एग्जीक्यूट।
  Execute.

[11:36] तो इसने टेबल जो है वो क्रिएट कर दी है।
  So it has created the table.

[11:39] कर दी है।
  It has been done.

[11:39] अब हम करेंगे शो टेबल्स पर।
  Now we will do show tables.

[11:42] इसको मैं एग्जीक्यूट करूंगी।
  I will execute this.

[11:42] ओके।
  Okay.

[11:42] तो जैसे ही मैंने क्लिक किया शो टेबल पर तो यहां
  So as soon as I clicked on show table, here

[11:44] ही मैंने क्लिक किया शो टेबल पर तो यहां पे स्टूडेंट और एक स्टूडेंट टेबल जो था वह
  As soon as I clicked on show table, here student and a student table was

[11:47] पे स्टूडेंट और एक स्टूडेंट टेबल जो था वह दिख गया।
  Student and a student table was visible.

[11:47] यहां पे क्या हो रहा था?
  What was happening here?

[11:47] इसको हमने इसे अनकमेंट किया।
  We uncommented this.

[11:53] और अगर जब इसको हम क्लिक करेंगे तो यहां पर लिखा आ रहा है
  And if we click this, it says

[11:55] क्लिक करेंगे तो यहां पर लिखा आ रहा है क्रिएट टेबल स्टूडेंट डाटा और सारी
  If you click, it says create table student data and all

[11:57] क्रिएट टेबल स्टूडेंट डाटा और सारी इंफॉर्मेशन दी है वह ऑलरेडी एक्सिस्ट करता
  Create table student data and all the information given already exists.

[12:00] है।
  It does.

[12:00] बिकॉज़ यह वाला जो होता है वो पूरे कोड
  Because this one executes the entire code.

[12:02] को एग्जीक्यूट करता है।
  It executes.

[12:02] और अगर सिर्फ इसको
  And if only this

[12:05] क्लिक करते हैं हम तो ये सिंगल लाइन को
  We click, then it executes this single line.

[12:06] एग्जीक्यूट करता है।
  It executes.

[12:06] जैसे मैं इसको क्लिक
  Like I click this

[12:09] करती हूं और अब कराती हूं एग्जीक्यूट।
  And now I execute it.

[12:09] तो हमें टेबल मिल गया।
  So we got the table.

[12:12] स्टूडेंट भी मिल गया
  We also got the student.

[12:14] हमें टेबल मिल गया।
  We got the table.

[12:14] स्टूडेंट भी मिल गया और स्टूडेंट डेटा भी मिल गया।
  We got the student and we also got the student data.

[12:17] स्टूडेंट जो और स्टूडेंट डेटा भी मिल गया।
  The student and we also got the student data.

[12:19] स्टूडेंट जो पहले बनाया था हमने वो था स्टूडेंट डेटा पहले बनाया था हमने वो था स्टूडेंट डेटा जो है जो मैंने चेंज करके अभी उसको रीनेम किया था।
  The student that we made earlier was student data, that we made earlier was student data, which I changed and renamed.

[12:21] तो स्टूडेंट डेटा मिल गया हमें।
  So we got the student data.

[12:23] किया था।
  I did.

[12:23] तो स्टूडेंट डेटा मिल गया हमें।
  So we got the student data.

[12:25] अभी अगर आपको टेबल का स्ट्रक्चर देखना है तो उसके लिए आप यूज़ कर सकते हैं
  Now if you want to see the structure of the table, you can use for that

[12:28] तो उसके लिए आप यूज़ कर सकते हैं डिस्क्राइब
  So for that you can use describe

[12:32] स्टूडेंट
  student

[12:34] स्टूडेंट डेटा।
  student data.

[12:37] इसको क्लिक करूंगी और मैं एग्जीक्यूट
  I will click this and I will execute

[12:39] इसको क्लिक करूंगी और मैं एग्जीक्यूट करूंगी।
  I will click this and I will execute.

[12:41] करूंगी।
  I will do.

[12:41] तो यहां पर पूरा आ गया कि स्टूडेंट में
  So here it is all here that in student

[12:43] तो यहां पर पूरा आ गया कि स्टूडेंट में आईडी है, नेम है, एज है, क्लास है, यह
  So here it is all here that in student there is ID, name, age, class, this

[12:46] आईडी है, नेम है, एज है, क्लास है, यह इंटजर फॉर्म में है, यह वेयर केयर में है,
  ID, name, age, class, this is in integer form, this is in where care,

[12:48] इंटजर फॉर्म में है, यह वेयर केयर में है, यह इंट में और यह वेयर केयर में है। सारे
  this is in integer form, this is in where care, this is in int and this is in where care. All

[12:50] यह इंट में और यह वेयर केयर में है। सारे अभी नल है तो यहां पे यस आ गया। डिफॉल्ट
  this is in int and this is in where care. All are currently null so here yes has come. Default

[12:53] अभी नल है तो यहां पे यस आ गया। डिफॉल्ट भी नल ही है।
  is also null. Beginners often get scared by the word schema.

[12:56] बिगिनर्स अक्सर स्कीमा वर्ड से डर जाते हैं।
  Beginners often get scared by the word schema.

[12:56] सिंपल भाषा में स्कीमा जो
  In simple terms, schema is

[12:59] है वह ब्लूप्रिंट होता है।
  it is a blueprint.

[12:59] माय एसक्यूएल में स्कीमा और डेटाबेस ऑलमोस्ट सेम होते
  In MySQL, schema and database are almost the same.

[13:01] में स्कीमा और डेटाबेस ऑलमोस्ट सेम होते हैं।
  In MySQL, schema and database are almost the same.

[13:03] तो कंफ्यूज बिल्कुल मत होना।
  So don't get confused at all.

[13:03] स्कीमा बस यह बताता है कि आपके टेबल का स्ट्रक्चर
  Schema just tells you what your table structure will look like.

[13:05] बस यह बताता है कि आपके टेबल का स्ट्रक्चर कैसा दिखेगा।
  Schema just tells you what your table structure will look like.

[13:08] कैसा दिखेगा।
  will look like.

[13:08] अब हम एसक्यूएल डेटा टाइप को समझेंगे।
  Now we will understand SQL data types.

[13:11] एसक्यूएल में सिक्स टाइप के डेटा
  In SQL, there are six types of data

[13:14] समझेंगे।
  We will understand.

[13:14] एसक्यूएल में सिक्स टाइप के डेटा टाइप्स होते हैं।
  There are six types of data types in SQL.

[13:17] न्यूममेरिक कैरेक्टर टाइप्स होते हैं।
  Numeric character types exist.

[13:17] न्यूममेरिक कैरेक्टर स्ट्रिंग, यूनिकोड करैक्टर स्ट्रिंग,
  Numeric character string, Unicode character string,

[13:19] स्ट्रिंग, यूनिकोड करैक्टर स्ट्रिंग, बाइनरी, डेट एंड टाइम एंड मिसलेनियस।
  String, Unicode character string, binary, date and time, and miscellaneous.

[13:22] अब बाइनरी, डेट एंड टाइम एंड मिसलेनियस।
  Now binary, date and time, and miscellaneous.

[13:22] अब इन सभी को हम वन बाय वन पढ़ेंगे।
  Now we will read all of these one by one.

[13:26] सबसे पहले हम पढ़ेंगे नंबर्स के बारे में।
  First, we will read about numbers.

[13:28] मतलब न्यूममेरिक डेटा टाइप्स के बारे में।
  Meaning, about numeric data types.

[13:30] न्यूमैरिक डेटा टाइप्स जो होते हैं, उनका
  Numeric data types, which are,

[13:31] हम यूज़ करते हैं नंबर्स को स्टोर करने के
  we use to store numbers.

[13:34] लिए।
  For.

[13:34] इसे हम इंट या इंटीजर बोलते हैं।
  We call this INT or integer.

[13:37] यह स्टोर करता है होल नंबर्स को विदाउट
  It stores whole numbers without

[13:39] डेसिमल।
  decimals.

[13:39] नेक्स्ट आता है स्मॉल इंट।
  Next comes SMALLINT.

[13:42] स्टोर स्मॉलर होल वैल्यू नंबर्स सेव स्पेस।
  Stores smaller whole value numbers, saves space.

[13:45] स्मॉल इंट जो होता है वो स्पेस सेव करता है।
  SMALLINT saves space.

[13:47] यह भी होल नंबर स्टोर करता है।
  It also stores whole numbers.

[13:50] इसका हम यूज़ करते हैं अगर छोटी रेंज में हमें
  We use it if we need numbers in a small range.

[13:52] नंबर चाहिए हो तब।
  Then.

[13:52] नेक्स्ट आता है बिग इंट।
  Next comes BIGINT.

[13:55] बिग इंट जो होता है वो स्टोर करता है
  BIGINT stores

[13:57] वेरी लार्ज होल नंबर्स को।
  very large whole numbers.

[13:57] नेक्स्ट आता है डेसिमल या न्यूममेरिक।
  Next comes DECIMAL or NUMERIC.

[14:00] डेसिमल या न्यूममेरिक का यूज़ होता है एग्जैक्ट
  DECIMAL or NUMERIC is used for exact

[14:03] डेसिमल वैल्यू के लिए।
  decimal values.

[14:03] मोस्टली यह मनी रिलेटेड डाटा के लिए यूज़ होता है।
  Mostly it is used for money-related data.

[14:05] इसमें लिखा है P एंड S।
  It is written as P and S.

[14:07] तो यहां पे जैसे हमने लिया डेसिमल में सैलरी, डेसिमल, 10 और टू।
  So here, for example, we took salary in decimal, decimal, 10 and two.

[14:16] लिया डेसिमल में सैलरी, डेसिमल, 10 और टू।
  Salary in decimal, decimal, 10 and two.

[14:19] तो इसका मतलब यह होता है कि पहला वाला जो है वो डिजिट के लिए है।
  So this means that the first one is for digits.

[14:22] मतलब 10 डिजिट हो सकते हैं।
  Meaning it can have 10 digits.

[14:24] जिसमें S जो है वो होता है डेसिमल के लिए।
  In which S is for decimal.

[14:27] मतलब जिसमें दो डेसिमल के बाद तक वैल्यू आएगी।
  Meaning the value will come up to two decimals.

[14:29] तो जैसे आपको स्टोर कराना है 45000.75 तो वो इसमें स्टोर हो जाएगा।
  So if you want to store 45000.75, it will be stored in this.

[14:34] डिजिट में होगी 10 डिजिट एंड यहां पे आपको रखना है कौन से डेसिमल तक आपको वैल्यू चाहिए उसके लिए।
  It will be 10 digits in digits and here you have to put up to which decimal you want the value.

[14:39] इसमें राउंडिंग एरर नहीं होता है इसलिए फाइनेंस में इंपॉर्टेंट होता है।
  There is no rounding error in this, so it is important in finance.

[14:44] नेक्स्ट आता है फ्लोट।
  Next comes float.

[14:46] फ्लोट और डबल जो होता है वह एप्रोक्समेट डेसिमल वैल्यू स्टोर करता है।
  Float and double store approximate decimal values.

[14:49] साइंटिफिक या कैलकुलेशन बेस्ड डाटा के लिए यह यूज़ होता है।
  It is used for scientific or calculation-based data.

[14:54] यहां थोड़ा राउंडिंग हो सकता है इसलिए मनी के लिए रिकमेंडेड नहीं है।
  There might be some rounding here, so it is not recommended for money.

[14:59] डबल जो है वो भी फ्लोटिंग पॉइंट नंबर को स्टोर करता है।
  Double also stores floating-point numbers.

[15:01] बट यह थोड़ा सा हायर प्रसीजन के लिए यूज़ होता है।
  But it is used for slightly higher precision.

[15:04] नेक्स्ट आता है कैरेक्टर या फिर स्ट्रिंग डेटा टाइप्स।
  Next comes character or string data types.

[15:06] इसको हम यूज़ करते हैं स्टोर करने के लिए टेक्स्ट को।
  We use this to store text.

[15:09] सबसे पहला आता है कैर।
  First comes char.

[15:11] कैर एक फिक्स्ड लेंथ का टेक्स्ट होता है।
  Char is a fixed-length text.

[15:14] मतलब जितना साइज आप
  Meaning, whatever size you

[15:16] टेक्स्ट होता है।
  Text is.

[15:19] मतलब जितना साइज आप डिफाइन करते हो उतनी जगह हमेशा रिजर्व होती है।
  Meaning, however much size you define, that much space is always reserved.

[15:23] जैसे आपने लिया जेंडर कैर वन।
  For example, you took gender char one.

[15:25] तो यहां पे वन का मतलब है सिर्फ एक कररेक्टर की स्पेस है।
  So here, one means only a one-character space.

[15:28] अगर आप एम स्टोर कराते हो तो डेटाबेस पहले से ही वन करैक्टर की जगह रिजर्व कर चुका होता है।
  If you store 'M', the database has already reserved space for one character.

[15:30] अगर साइज ज्यादा होता है।
  If the size is more.

[15:33] मान लो कैर फाइव है और आप सिर्फ एम स्टोर कराते हो तो बाकी फोर स्पेस जो है वह ब्लैंक रहती है।
  Suppose it's char five and you only store 'M', then the remaining four spaces remain blank.

[15:39] इस वजह से कैर का एक्सेस थोड़ा फ़ास्ट होता है क्योंकि डेटाबेस को साइज़ कैलकुलेट नहीं करना पड़ता।
  Because of this, char access is a bit fast because the database doesn't have to calculate the size.

[15:46] लेकिन अगर आप गलत जगह कैर यूज करते हो तो स्पेस बेस्ड होता है।
  But if you use char in the wrong place, it becomes space-based.

[15:48] जब वैल्यू शॉर्ट और फिक्स्ड हो तो आप कैर का यूज कर सकते हैं।
  When the value is short and fixed, you can use char.

[15:53] जैसे कि जेंडर के लिए, कंट्री कोड के लिए या तो फिर यस और नो टाइप वैल्यूस के लिए।
  For example, for gender, for country code, or for yes and no type values.

[16:00] नेक्स्ट है वेयर।
  Next is where.

[16:02] वेयर कैर सबसे ज्यादा यूज़ होने वाला डेटा टाइप है।
  Where char is the most used data type.

[16:05] यह वेरिएबल लेंथ टेक्स्ट स्टोर करता है।
  It stores variable length text.

[16:08] फॉर एग्जांपल नेम वेयर 50।
  For example, name where 50.

[16:11] 50 का मतलब है मिनिमम 50 कररेक्टर तक यह जा सकता है।
  50 means it can go up to a minimum of 50 characters.

[16:15] अगर आप राहुल स्टोर करते हो तो डेटाबेस सिर्फ फाइव
  If you store Rahul, the database only five

[16:17] स्टोर करते हो तो डेटाबेस सिर्फ फाइव करैक्टर की जगह यूज करेगा।
  If you store, the database will only use space for five characters.

[16:19] बाकी एक्स्ट्रा करैक्टर की जगह यूज करेगा।
  It will use space for the remaining extra characters.

[16:19] बाकी एक्स्ट्रा स्पेस रिजर्व नहीं होती।
  The remaining extra space is not reserved.

[16:22] इस वजह से वेयर स्पेस रिजर्व नहीं होती।
  Because of this, where space is not reserved.

[16:22] इस वजह से वेयर कैर स्पेस एफिशिएंट होता है।
  Because of this, where char is space efficient.

[16:25] कैर स्पेस एफिशिएंट होता है।
  Char is space efficient.

[16:25] यही डिफरेंस है कैर और vयर में।
  This is the difference between char and varchar.

[16:27] कैर फिक्स्ड होता है और वेयर केयर जो है वह फ्लेक्सिबल होता है।
  Char is fixed, and varchar is flexible.

[16:29] और वेयर केयर जो है वह फ्लेक्सिबल होता है।
  And varchar is flexible.

[16:32] नेक्स्ट आता है टेक्स्ट।
  Next comes text.

[16:32] टेक्स्ट का यूज होता है जब डाटा बहुत ज्यादा लंबा होता है।
  Text is used when the data is very long.

[16:34] जैसे डिस्क्रिप्शन लिखना हो आपको तो आप उसके लिए टेक्स्ट का यूज कर सकते हैं।
  For example, if you have to write a description, you can use text for it.

[16:38] जब आपको पता ही नहीं होता है कि टेक्स्ट कितना बड़ा हो सकता है तब टेक्स्ट का यूज़ किया जाता है।
  When you don't know how big the text can be, then text is used.

[16:43] जैसे ब्लॉग का कंटेंट, प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन, यूजर कमेंट एक्सट्रा।
  For example, blog content, product descriptions, user comments, etc.

[16:47] नेक्स्ट आता है डेट एंड टाइम डेटा टाइप।
  Next comes the date and time data type.

[16:50] डेट सिर्फ डेट स्टोर करता है।
  Date only stores the date.

[16:53] इसमें टाइम इंक्लूड नहीं होता है।
  Time is not included in this.

[16:55] और टाइम जो होता है वह स्टोर करता है सिर्फ टाइम को।
  And time stores only the time.

[16:57] इसका फॉर्मेट भी दिया है।
  Its format is also given.

[17:00] पहले ईयर आता है, फिर मंथ आता है, देन डेट आती है।
  First comes the year, then the month, then the date.

[17:02] जैसे डेट ऑफ बर्थ, जॉइनिंग डेट।
  For example, date of birth, joining date.

[17:05] तो उसके लिए आप डेट का यूज़ कर सकते हैं।
  So you can use date for that.

[17:07] नेक्स्ट टाइम में सिर्फ टाइम स्टोर करता है।
  Next, time stores only the time.

[17:09] पहले आवर्स आते हैं, फिर मिनट आता है, देन सेकंड आता है।
  First come the hours, then the minutes, then the seconds.

[17:14] और डेट और टाइम में डेट एंड टाइम दोनों स्टोर होते हैं।
  And in date and time, both date and time are stored.

[17:16] जब आपको एग्जैक्ट डेट और एग्जैक्ट टाइम दोनों
  When you need both the exact date and the exact time

[17:18] एग्जैक्ट डेट और एग्जैक्ट टाइम दोनों चाहिए हो, तो आप डेट और टाइम का यूज़ कर सकते हैं।
  If you need both the exact date and exact time, you can use date and time.

[17:22] नेक्स्ट आता है टाइम स्टैंप। टाइम स्टैंप भी डेट और टाइम स्टोर करता है।
  Next comes timestamp. Timestamp also stores date and time.

[17:25] लेकिन यह टाइम जोन के साथ काम करता है।
  But it works with time zones.

[17:27] इसका यूज ज्यादातर सिस्टम ऑटोमेटिकली करता है।
  This is mostly used by the system automatically.

[17:30] इसका यूज़ है जैसे कि आपको देखना है कि रिकॉर्ड कब क्रिएट या अपडेट हुआ है तो यह ट्रैक करने के लिए यह यूज़ कर सकते हैं।
  Its use is, for example, if you want to see when a record was created or updated, you can use this to track it.

[17:38] नेक्स्ट आता है एयर। यह स्टोर करता है ईयर की वैल्यू को।
  Next comes year. It stores the value of the year. This means it only stores the year.

[17:44] मतलब यह सिर्फ ईयर को स्टोर करता है।
  This means it only stores the year.

[17:46] जब सिर्फ ईयर इंपॉर्टेंट हो, डेट इंपॉर्टेंट नहीं हो, तो आप ईयर का यूज कर सकते हैं।
  When only the year is important, and the date is not important, you can use the year.

[17:50] इसके बाद में फोर्थ आता है बुलियन डेटा टाइप।
  After this, fourth comes the boolean data type.

[17:53] यूज़्ड टू स्टोर ट्रू और फॉल्स वैल्यू।
  Used to store true and false values.

[17:55] यह सिर्फ दो ही वैल्यू स्टोर करता है।
  It stores only two values.

[17:57] ट्रू या तो फिर फॉल्स।
  True or false.

[18:00] मतलब यूजर एक्टिव है या नहीं है, इससे आप चेक कर सकते हो।
  This means you can check if the user is active or not.

[18:03] जब आपको वैल्यू ट्रू या फॉल्स में चाहिए हो, तो आप बुलियन का यूज़ करो।
  When you need the value in true or false, use boolean.

[18:05] नेक्स्ट आता है बाइनरी डेटा टाइप।
  Next comes binary data type.

[18:08] यूज़्ड टू स्टोर बाइनरी डाटा।
  Used to store binary data.

[18:10] फर्स्ट है बाइनरी फिक्स्ड लेंथ बाइनरी डाटा बाइनरी या बेर बाइनरी यह डाटा को बाइनरी फॉर्मेट में स्टोर करते हैं।
  First is binary fixed length binary data, binary or var binary. These store data in binary format.

[18:20] बाइनरी फॉर्मेट में स्टोर करते हैं।
  They are stored in binary format.

[18:23] यह मोस्टली सिस्टम लेवल या टेक्निकल यूज़ में आता है।
  This mostly comes in system-level or technical use.

[18:27] नेक्स्ट है ब्लॉब।
  Next is BLOB.

[18:27] ब्लॉब का मतलब होता है बाइनरी लार्ज ऑब्जेक्ट।
  BLOB stands for Binary Large Object.

[18:29] इसमें इमेजज़, ऑडियो, वीडियो जैसी फाइल्स स्टोर होती हैं।
  Files like images, audio, and video are stored in it.

[18:32] इसका हम यूज़ करते हैं जब फाइल साइज़ काफी बड़ा होता है तब।
  We use this when the file size is quite large.

[18:38] इसके बाद में आते हैं स्पेशल एडवांस डेटा टाइप्स।
  After this come special advanced data types.

[18:41] इसमें आते हैं ईनम, सेट, jसन, यूआईडी यह सभी।
  These include Enum, Set, JSON, UUID, all of them.

[18:45] इनम जो है वह एक फिक्स्ड लिस्ट देता है जिसमें सिर्फ एक वैल्यू अलाउड होती है।
  Enum provides a fixed list in which only one value is allowed.

[18:50] अगर लिस्ट के बाहर की वैल्यू डाली तो डेटाबेस अलाउड नहीं करेगा।
  If a value outside the list is entered, the database will not allow it.

[18:56] इससे डेटा सेफ रहता है।
  This keeps the data safe.

[19:00] इसके बाद में आता है सेट।
  After this comes Set.

[19:00] सेट में मल्टीपल वैल्यू स्टोर हो सकती हैं।
  Multiple values can be stored in Set.

[19:03] एक ही फील्ड में।
  In the same field.

[19:05] एक यूजर के पास मल्टीपल स्किल्स हो सकती हैं।
  A user can have multiple skills.

[19:07] तो उसके लिए आप सेट का यूज कर सकते हो।
  So you can use Set for that.

[19:10] नेक्स्ट आता है jसन।
  Next comes JSON.

[19:13] jसन मॉडर्न डेटाबेस में काफी पॉपुलर है।
  JSON is quite popular in modern databases.

[19:16] यह स्ट्रक्चरर्ड और फ्लेक्सिबल डेटा स्टोर करता है।
  It stores structured and flexible data.

[19:18] जैसे कि एपीआई के रिस्पांस या डायनेमिक डेटा के लिए यह परफेक्ट है।
  It is perfect for things like API responses or dynamic data.

[19:21] डायनेमिक डेटा के लिए यह परफेक्ट है।
  This is perfect for dynamic data.

[19:23] एंड आता है यूआईडी।
  And comes UID.

[19:23] यूआईडी एक यूनिक आइडेंटिफायर होता है।
  UID is a unique identifier.

[19:26] यह ग्लोबली यूनिक होता है।
  This is globally unique.

[19:28] डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम और लार्ज एप्स के लिए यह बेस्ट है।
  This is best for distributed systems and large apps.

[19:31] लास्ट है नल वैल्यू।
  Last is null value.

[19:34] यह रिप्रेजेंट करता है मिसिंग और अननोन डेटा को।
  This represents missing and unknown data.

[19:37] नल का मतलब जीरो भी नहीं होता है ना ही स्ट्रिंग एंप्टी होती है।
  Null does not mean zero, nor is it an empty string.

[19:39] जैसे कि आपने मिडिल नेम दिया ही नहीं है तो उसके लिए आप नल यूज़ कर सकते हो।
  For example, if you haven't provided a middle name, you can use null for it.

[19:44] सबसे पहले हम ओपन करेंगे माय एसक्यूएल वर्क बेंच।
  First, we will open MySQL Workbench.

[19:49] इसके बाद में यहां हम लिखेंगे क्यूरी।
  After this, we will write a query here.

[19:52] यहां से आप नया एसक्यूएल टैब जो है वो क्रिएट कर सकते हैं।
  From here you can create a new SQL tab.

[19:54] मैंने कर लिया है।
  I have done it.

[19:57] अभी सबसे पहले हम पढ़ने वाले हैं क्रिएट टेबल के बारे में।
  Now, first, we are going to read about CREATE TABLE.

[20:00] क्रिएट टेबल का मतलब क्या है?
  What does CREATE TABLE mean?

[20:03] वह हम देखेंगे।
  We will see that.

[20:03] बेसिकली क्रिएट टेबल का यूज हम तब करते हैं जब डेटाबेस के अंदर नया टेबल बनाना होता है तब।
  Basically, we use CREATE TABLE when we need to create a new table inside the database.

[20:11] इस स्टेप में हम डिसाइड करते हैं कि टेबल का नाम क्या होगा?
  In this step, we decide what the table name will be.

[20:14] कौन-कौन से कॉलम्स होंगे?
  Which columns will there be?

[20:14] उनका डेटा टाइप क्या होगा?
  What will be their data type?

[20:17] और उन पे कौन सा रूल्स कांस्टेंट्स लगेंगे।
  And which rules and constraints will be applied to them.

[20:17] मतलब
  Meaning

[20:21] पे कौन सा रूल्स कांस्टेंट्स लगेंगे। मतलब टेबल का ब्लूप्रिंट कैसा होता वह देखेंगे।

[20:24] टेबल का ब्लूप्रिंट कैसा होता वह देखेंगे। इसका बेसिक सिंटेक्स होता है क्रिएट टेबल

[20:28] इसका बेसिक सिंटेक्स होता है क्रिएट टेबल होता है। देन आपको लिखना पड़ता है

[20:32] होता है। देन आपको लिखना पड़ता है टेबल का नेम।

[20:35] टेबल का नेम। उसके बाद में आपको लगाने पड़ते हैं दो

[20:37] उसके बाद में आपको लगाने पड़ते हैं दो स्मॉल ब्रैकेट्स और इसके अंदर आपको लेना

[20:40] स्मॉल ब्रैकेट्स और इसके अंदर आपको लेना पड़ता है कॉलम वन का डेटा टाइप और कॉलम टू

[20:43] पड़ता है कॉलम वन का डेटा टाइप और कॉलम टू का डेटा टाइप। जो भी आपको लेना है वह

[20:47] का डेटा टाइप। जो भी आपको लेना है वह कॉलम वन

[20:49] कॉलम वन डेटा टाइप

[20:53] कॉमा

[20:56] कॉलम टू डेटा टाइप

[21:02] एंड लास्ट आपको लगाना होता है सेमी कॉललन

[21:05] एंड लास्ट आपको लगाना होता है सेमी कॉललन ये है सिंटेक्स टेबल क्रिएट करने का इस

[21:09] ये है सिंटेक्स टेबल क्रिएट करने का इस सिंटेक्स को रटना नहीं है लॉजिक समझो टेबल

[21:12] सिंटेक्स को रटना नहीं है लॉजिक समझो टेबल का नाम मतलब किस किस नाम का टेबल है वो

[21:14] का नाम मतलब किस किस नाम का टेबल है वो यहां पे हमें लिखना है। उसके बाद कॉलम वन

[21:17] यहां पे हमें लिखना है। उसके बाद कॉलम वन एंड कॉलम टू। कॉलम जो है वो क्या डेटा

[21:19] एंड कॉलम टू। कॉलम जो है वो क्या डेटा स्टोर होगा वो है और डेटा टाइप जो है वो

[21:22] स्टोर होगा वो है और डेटा टाइप जो है वो किस टाइप का डेटा है उसके लिए यूज़ होता

[21:24] किस टाइप का डेटा है उसके लिए यूज़ होता है। अब मैं इसे कमेंट कर देती हूं। ये

[21:27] है। अब मैं इसे कमेंट कर देती हूं। ये वाला सिंगल लाइन कमेंट है और ये वाला जो

[21:29] वाला सिंगल लाइन कमेंट है और ये वाला जो है वो मल्टीलाइन कमेंट है। अभी सबसे पहले

[21:32] है वो मल्टीलाइन कमेंट है। अभी सबसे पहले हम क्रिएट करते हैं एक टेबल स्टूडेंट के

[21:34] हम क्रिएट करते हैं एक टेबल स्टूडेंट के लिए। यहां लिखेंगे हम क्रिएट

[21:37] लिए। यहां लिखेंगे हम क्रिएट टेबल। टेबल का नाम देते हैं हम स्टूडेंट।

[21:41] टेबल। टेबल का नाम देते हैं हम स्टूडेंट। स्टूडेंट का हम लेंगे नेम आईडी आईडी जो

[21:44] स्टूडेंट का हम लेंगे नेम आईडी आईडी जो होगी वो होगी इंटीजर फॉर्म में इंट देन हम

[21:47] होगी वो होगी इंटीजर फॉर्म में इंट देन हम लेंगे नेम नेम जो होगा वो होगा वेयर कैर

[21:50] लेंगे नेम नेम जो होगा वो होगा वेयर कैर में इसमें हमने 50 इसलिए दिया है कि इसमें

[21:53] में इसमें हमने 50 इसलिए दिया है कि इसमें हम 50 तक वैल्यू स्टोर करा सकते हैं जैसे

[21:55] हम 50 तक वैल्यू स्टोर करा सकते हैं जैसे अगर मैं रुचि बोलूंगी तो रुचि में फाइव

[21:57] अगर मैं रुचि बोलूंगी तो रुचि में फाइव वर्ड्स है तो अगर हम वेयर का इसमें स्टोर

[21:59] वर्ड्स है तो अगर हम वेयर का इसमें स्टोर कराएंगे रुचि को तो वो इजीली स्टोर हो

[22:01] कराएंगे रुचि को तो वो इजीली स्टोर हो जाएगा देन हम लेंगे ऐज एज भी हम लेंगे इंट

[22:04] जाएगा देन हम लेंगे ऐज एज भी हम लेंगे इंट में आईडी स्टूडेंट का नंबर है नेम जो है

[22:06] में आईडी स्टूडेंट का नंबर है नेम जो है वो स्टूडेंट का नाम है और ऐज जो है वो

[22:08] वो स्टूडेंट का नाम है और ऐज जो है वो स्टूडेंट की ऐज है। अभी यह टेबल बन गया।

[22:11] स्टूडेंट की ऐज है। अभी यह टेबल बन गया। लेकिन इसमें रूल्स मिसिंग है और यहीं से

[22:14] लेकिन इसमें रूल्स मिसिंग है और यहीं से आते हैं कॉन्स्टेंट्स। सबसे पहला

[22:16] आते हैं कॉन्स्टेंट्स। सबसे पहला कॉन्स्टेंट आता है नॉट नल। अब नॉट नॉल का

[22:19] कॉन्स्टेंट आता है नॉट नल। अब नॉट नॉल का यूज़ क्यों करते हैं हम? सोचो अगर स्टूडेंट

[22:21] यूज़ क्यों करते हैं हम? सोचो अगर स्टूडेंट का नाम ही मिसिंग हो तो रिकॉर्ड का क्या

[22:24] का नाम ही मिसिंग हो तो रिकॉर्ड का क्या फायदा? नॉट नल इंश्योर कराता है कि कॉलम

[22:26] फायदा? नॉट नल इंश्योर कराता है कि कॉलम खाली नहीं रह सकता। यूजर को वैल्यू देनी

[22:29] खाली नहीं रह सकता। यूजर को वैल्यू देनी ही पड़ेगी। हम आईडी के आगे भी डाल देते

[22:31] ही पड़ेगी। हम आईडी के आगे भी डाल देते हैं नॉट नल।

[22:33] हैं नॉट नल। और नेम जो है वह भी नल नहीं होना चाहिए।

[22:37] और नेम जो है वह भी नल नहीं होना चाहिए। एज नल हो सकती है वह चलेगा लेकिन हमें नाम

[22:39] एज नल हो सकती है वह चलेगा लेकिन हमें नाम और आईडी का तो चाहिए ही चाहिए। वह नल नहीं

[22:42] और आईडी का तो चाहिए ही चाहिए। वह नल नहीं होना चाहिए। एज का ऑप्शनल है। अगर आपसे

[22:44] होना चाहिए। एज का ऑप्शनल है। अगर आपसे इंटरव्यू में पूछता है कि नॉट नल क्यों

[22:46] इंटरव्यू में पूछता है कि नॉट नल क्यों यूज़ करते हैं? तो आपको बताना है कि नॉट नल

[22:48] यूज़ करते हैं? तो आपको बताना है कि नॉट नल जो है वो इंश्योर करता है कि कॉलम के पास

[22:50] जो है वो इंश्योर करता है कि कॉलम के पास नल वैल्यूस नहीं हो सकती है। नेक्स्ट आता

[22:53] नल वैल्यूस नहीं हो सकती है। नेक्स्ट आता है यूनिक कांस्टेंट। यूनिक का रियल लाइफ

[22:55] है यूनिक कांस्टेंट। यूनिक का रियल लाइफ यूज़ होता है। जैसे कि ईमेल के लिए,

[22:58] यूज़ होता है। जैसे कि ईमेल के लिए, यूजरनेम के लिए, आधार कार्ड के लिए। ऐसी

[23:00] यूजरनेम के लिए, आधार कार्ड के लिए। ऐसी चीजें जो यूनिक होती है। आपका ईमेल यूनिक

[23:03] चीजें जो यूनिक होती है। आपका ईमेल यूनिक होता है। आपका फोन नंबर यूनिक होता है।

[23:05] होता है। आपका फोन नंबर यूनिक होता है। यूजरनेम यूनिक होना चाहिए। यह सब यूनिक

[23:07] यूजरनेम यूनिक होना चाहिए। यह सब यूनिक होते हैं। सेम नहीं हो सकते। यूनिक

[23:09] होते हैं। सेम नहीं हो सकते। यूनिक कांस्टेंट इंश्योर करता है कि डुप्लीकेट

[23:11] कांस्टेंट इंश्योर करता है कि डुप्लीकेट वैल्यू इंसर्ट ना हो पाए। जैसे हम

[23:14] वैल्यू इंसर्ट ना हो पाए। जैसे हम स्टूडेंट पर डाल देते हैं स्टूडेंट का

[23:16] स्टूडेंट पर डाल देते हैं स्टूडेंट का ईमेल भी। तो यहां पे लिखेंगे हम ईमेल।

[23:19] ईमेल भी। तो यहां पे लिखेंगे हम ईमेल। ईमेल होगा वेब केयर में। ईमेल हो सकता है

[23:22] ईमेल होगा वेब केयर में। ईमेल हो सकता है 100 वर्ड्स तक का और यह भी होना चाहिए

[23:26] 100 वर्ड्स तक का और यह भी होना चाहिए यूनिक।

[23:27] यूनिक। दो स्टूडेंट्स का ईमेल जो है वह सेम नहीं

[23:30] दो स्टूडेंट्स का ईमेल जो है वह सेम नहीं होगा। आप फोन नंबर भी ले सकते हैं ईमेल की

[23:33] होगा। आप फोन नंबर भी ले सकते हैं ईमेल की जगह। टेबल क्रिएट करने से पहले हमें बनाना

[23:35] जगह। टेबल क्रिएट करने से पहले हमें बनाना पड़ता है डेटाबेस। तो हम यहां बनाएंगे

[23:37] पड़ता है डेटाबेस। तो हम यहां बनाएंगे क्रिएट

[23:38] क्रिएट डेटाबेस। इसका नाम दिया स्टूडेंट डिटेल्स।

[23:42] डेटाबेस। इसका नाम दिया स्टूडेंट डिटेल्स। एंड देन यहां पे स्टूडेंट डिटेल्स नाम का

[23:45] एंड देन यहां पे स्टूडेंट डिटेल्स नाम का डेटाबेस जो है वो क्रिएट हो गया। अब इसको

[23:47] डेटाबेस जो है वो क्रिएट हो गया। अब इसको हमें यूज़ भी करना पड़ेगा। तो यहां पे हम

[23:49] हमें यूज़ भी करना पड़ेगा। तो यहां पे हम लिखेंगे

[23:52] लिखेंगे स्टूडेंट डिटेल्स। एंड देन क्रिएट कर दो

[23:56] स्टूडेंट डिटेल्स। एंड देन क्रिएट कर दो ये टेबल स्टूडेंट के लिए।

[24:02] तो यहां पर टेबल जो है वह क्रिएट हो गया।

[24:04] तो यहां पर टेबल जो है वह क्रिएट हो गया। अब जैसे मुझे देखना है कि मेरा टेबल

[24:06] अब जैसे मुझे देखना है कि मेरा टेबल क्रिएट कैसे हुआ है तो हम यहां पर करेंगे

[24:08] क्रिएट कैसे हुआ है तो हम यहां पर करेंगे शो टेबल्स पर। इसे क्लिक करना है। एंड देन

[24:12] शो टेबल्स पर। इसे क्लिक करना है। एंड देन यहां पे तो ये हमारा स्टूडेंट टेबल जो है

[24:15] यहां पे तो ये हमारा स्टूडेंट टेबल जो है वो आ गया। अब अगर मुझे देखना है कि

[24:17] वो आ गया। अब अगर मुझे देखना है कि कौन-कौन से कॉलम बने हैं। इसके अंदर

[24:19] कौन-कौन से कॉलम बने हैं। इसके अंदर कैसी-कसी रो बनी है। तो उसके लिए क्या

[24:21] कैसी-कसी रो बनी है। तो उसके लिए क्या करेंगे हम? उसके लिए हम लिखेंगे

[24:24] करेंगे हम? उसके लिए हम लिखेंगे डिस्क्राइब

[24:26] डिस्क्राइब स्टूडेंट

[24:28] स्टूडेंट स्टूडेंट्स।

[24:30] स्टूडेंट्स। तो इसने बता दिया कि हमारी फील्ड में

[24:32] तो इसने बता दिया कि हमारी फील्ड में क्या-क्या है। आईडी है, नेम है, ईमेल है

[24:35] क्या-क्या है। आईडी है, नेम है, ईमेल है और एज है। टाइप क्या-क्या है? आईडी इंट के

[24:38] और एज है। टाइप क्या-क्या है? आईडी इंट के फॉर्म में है। नेम जो वेर केयर है, ईमेल

[24:40] फॉर्म में है। नेम जो वेर केयर है, ईमेल भी वेर केयर है और एज है, इंट है। अभी

[24:42] भी वेर केयर है और एज है, इंट है। अभी इसके अंदर हमने कुछ भी वैल्यूज़ नहीं दी

[24:44] इसके अंदर हमने कुछ भी वैल्यूज़ नहीं दी हैं। इसे देते हैं क्लोज़। और हां, आपको एक

[24:48] हैं। इसे देते हैं क्लोज़। और हां, आपको एक चीज़ याद रखनी है कि यूनिक कॉलम जो होता

[24:50] चीज़ याद रखनी है कि यूनिक कॉलम जो होता है, वह नल वैल्यू अलाउ कर सकता है। यह

[24:54] है, वह नल वैल्यू अलाउ कर सकता है। यह डीबीएमएस पे डिपेंड करता है। नेक्स्ट आता

[24:57] डीबीएमएस पे डिपेंड करता है। नेक्स्ट आता है डिफ़ॉल्ट कॉन्स्टेंट। डिफॉल्ट का

[25:00] है डिफ़ॉल्ट कॉन्स्टेंट। डिफॉल्ट का कांसेप्ट सिंपल है। अगर यूजर कोई वैल्यू

[25:02] कांसेप्ट सिंपल है। अगर यूजर कोई वैल्यू ना दे तो डेटाबेस खुद से एक वैल्यू असाइन

[25:04] ना दे तो डेटाबेस खुद से एक वैल्यू असाइन कर देता है। जैसे हम ले लेते हैं स्कूल का

[25:08] कर देता है। जैसे हम ले लेते हैं स्कूल का नेम तो स्कूल में यह भी होगा वेयर केयर

[25:13] नेम तो स्कूल में यह भी होगा वेयर केयर में। यह हो सकता है 100 कैरेक्टर्स का।

[25:16] में। यह हो सकता है 100 कैरेक्टर्स का। अगर जो स्टूडेंट है वह नहीं देता है

[25:19] अगर जो स्टूडेंट है वह नहीं देता है वैल्यू तो यहां पे हमको डिफॉल्ट में देना

[25:22] वैल्यू तो यहां पे हमको डिफॉल्ट में देना है। x y z दे देती हूं मैं। कोई भी स्कूल

[25:25] है। x y z दे देती हूं मैं। कोई भी स्कूल का नाम जो भी आपका स्कूल है वहां पर आप

[25:27] का नाम जो भी आपका स्कूल है वहां पर आप डाल सकते हैं। डिफॉल्ट जो है वह असाइन

[25:29] डाल सकते हैं। डिफॉल्ट जो है वह असाइन करता है वैल्यू ऑटोमेटिकली जब कोई वैल्यू

[25:32] करता है वैल्यू ऑटोमेटिकली जब कोई वैल्यू उसे नहीं दी जाती है तब। इसके बाद में आता

[25:35] उसे नहीं दी जाती है तब। इसके बाद में आता है प्राइमरी की। प्राइमरी की हर रिकॉर्ड

[25:38] है प्राइमरी की। प्राइमरी की हर रिकॉर्ड को यूनिकली आइडेंटिफाई करती है। और इसके

[25:42] को यूनिकली आइडेंटिफाई करती है। और इसके दो गोल्डन रूल्स होते हैं। यूनिक और नॉट

[25:45] दो गोल्डन रूल्स होते हैं। यूनिक और नॉट नल। यह दोनों के साथ में यूज़ होती है।

[25:47] नल। यह दोनों के साथ में यूज़ होती है। यहां से हम इसमें दे देते हैं आईडी में

[25:50] यहां से हम इसमें दे देते हैं आईडी में प्राइमरी की नॉट नल को हटा के।

[25:56] इसका मतलब है कि आईडी डुप्लीकेट भी नहीं

[25:58] इसका मतलब है कि आईडी डुप्लीकेट भी नहीं हो सकती है और आईडी नल भी नहीं हो सकती

[26:00] हो सकती है और आईडी नल भी नहीं हो सकती है। दोनों का काम कर रहा है। यह अ टेबल

[26:02] है। दोनों का काम कर रहा है। यह अ टेबल कैन हैव ओनली वन प्राइमरी की बट इट कैन बी

[26:06] कैन हैव ओनली वन प्राइमरी की बट इट कैन बी कंपोजिट। नेक्स्ट आता है ऑटो इंक्रिमेंट।

[26:09] कंपोजिट। नेक्स्ट आता है ऑटो इंक्रिमेंट। ऑटो इंक्रिमेंट क्यों यूज़ होता है? हर बार

[26:11] ऑटो इंक्रिमेंट क्यों यूज़ होता है? हर बार आईडी देना बोरिंग है। एरर प्रोन है। ऑटो

[26:14] आईडी देना बोरिंग है। एरर प्रोन है। ऑटो इंक्रिमेंट जो होता है वो ऑटोमेटिकली नंबर

[26:17] इंक्रिमेंट जो होता है वो ऑटोमेटिकली नंबर जनरेट करता है जब न्यू रिकॉर्ड इंसर्ट

[26:19] जनरेट करता है जब न्यू रिकॉर्ड इंसर्ट होता है तब। तो जैसे इसमें हम दे देते हैं

[26:22] होता है तब। तो जैसे इसमें हम दे देते हैं आईडी में ऑटो इंक्रीमेंट तो यह ऑटोमेटिकली

[26:25] आईडी में ऑटो इंक्रीमेंट तो यह ऑटोमेटिकली आईडी दे देगा। अभी हम देखते हैं इसके अंदर

[26:28] आईडी दे देगा। अभी हम देखते हैं इसके अंदर वैल्यूस इंसर्ट करा के। यहां पे हम

[26:31] वैल्यूस इंसर्ट करा के। यहां पे हम लिखेंगे ऊपर मैं लिख भी देती हूं टेबल

[26:34] लिखेंगे ऊपर मैं लिख भी देती हूं टेबल क्रिएट

[26:36] क्रिएट और यहां पे हम करा रहे हैं वैल्यूज़

[26:40] और यहां पे हम करा रहे हैं वैल्यूज़ इंसर्ट।

[26:42] इंसर्ट। अब हम देखते हैं हम वैल्यू्यूज कैसे

[26:43] अब हम देखते हैं हम वैल्यू्यूज कैसे इंसर्ट कराते हैं। उसके लिए हम लिखते हैं

[26:45] इंसर्ट कराते हैं। उसके लिए हम लिखते हैं इंसर्ट

[26:47] इंसर्ट इन टेबल का नेम स्टूडेंट्स है। तो हमें

[26:52] इन टेबल का नेम स्टूडेंट्स है। तो हमें क्या-क्या इंसर्ट कराना है? सबसे पहले है

[26:55] क्या-क्या इंसर्ट कराना है? सबसे पहले है नेम देन है ईमेल। यहां पे हमने आईडी नहीं

[27:00] नेम देन है ईमेल। यहां पे हमने आईडी नहीं ली है। बिकॉज़ आईडी जो है वह ऑटो

[27:02] ली है। बिकॉज़ आईडी जो है वह ऑटो इंक्रीमेंट है। इसलिए हमने आईडी नहीं ली

[27:04] इंक्रीमेंट है। इसलिए हमने आईडी नहीं ली है। उसके बाद में है स्कूल नेम।

[27:09] देन है एज।

[27:13] देन है एज। अब आपको देनी है इनको वैल्यूस। तो हम सबसे

[27:16] अब आपको देनी है इनको वैल्यूस। तो हम सबसे पहले देंगे नेम में दे दिया हमने

[27:20] पहले देंगे नेम में दे दिया हमने ऋषि।

[27:23] ऋषि। ईमेल दे दिया हमने

[27:26] ईमेल दे दिया हमने ऋषि

[27:30] gmail.com

[27:32] gmail.com एंड स्कूल का नेम दे दिया हमने

[27:35] एंड स्कूल का नेम दे दिया हमने ज्ञान ज्योति

[27:38] ज्ञान ज्योति एंड एज दे दी हमने 20

[27:41] एंड एज दे दी हमने 20 एक और वैल्यू दे देते हैं हम राहुल

[27:46] राहुल@

[27:49] राहुल@ gmail.com

[27:51] gmail.com एंड स्कूल का नेम नहीं देते हैं हम। हम एज

[27:53] एंड स्कूल का नेम नहीं देते हैं हम। हम एज दे देते हैं 20 या 23 दे देते हैं इसको हम

[27:59] दे देते हैं 20 या 23 दे देते हैं इसको हम एक और ले लेते हैं वैल्यू रवि

[28:05] रवि का ईमेल है रवि वन

[28:11] रवि का ईमेल है रवि वन 2@

[28:13] 2@ gmailcom

[28:15] gmailcom एंड एज है

[28:18] एंड एज है 29

[28:20] 29 ठीक है अब इस थ्योरी को हम कराते हैं

[28:24] ठीक है अब इस थ्योरी को हम कराते हैं जस्ट एक काम करते हैं। हम स्कूल नेम हटा

[28:26] जस्ट एक काम करते हैं। हम स्कूल नेम हटा ही देते हैं। बिकॉज़ डिफ़ॉल्ट में हमने देके

[28:28] ही देते हैं। बिकॉज़ डिफ़ॉल्ट में हमने देके ही रखा है।

[28:32] को भी हटा देते हैं। यहां पे इनवर्टेड

[28:34] को भी हटा देते हैं। यहां पे इनवर्टेड कॉमा लग गया था इसलिए एरर आ रही थी। अब

[28:37] कॉमा लग गया था इसलिए एरर आ रही थी। अब कराते हैं इसको रन।

[28:41] कराते हैं इसको रन। टेबल जो है उसके अंदर डेटा इंसर्ट हो गया।

[28:44] टेबल जो है उसके अंदर डेटा इंसर्ट हो गया। अब अगर हमको देखना है कि टेबल बना है कि

[28:47] अब अगर हमको देखना है कि टेबल बना है कि नहीं बना है वैल्यू्यूज देखना है तो उसके

[28:49] नहीं बना है वैल्यू्यूज देखना है तो उसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट

[28:52] लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[28:54] स्टार फ्रॉम टेबल या फिर टेबल का नेम तो टेबल

[28:58] फ्रॉम टेबल या फिर टेबल का नेम तो टेबल क्या है हमारा स्टूडेंट्स है तो इस पे जब

[29:01] क्या है हमारा स्टूडेंट्स है तो इस पे जब हम क्लिक करेंगे तो यहां पे सबसे पहले

[29:04] हम क्लिक करेंगे तो यहां पे सबसे पहले मिला हमें ऋषि हमने इनको स्कूल नेम नहीं

[29:07] मिला हमें ऋषि हमने इनको स्कूल नेम नहीं दिया था तो यहां पे बाय डिफॉल्ट स्कूल नेम

[29:10] दिया था तो यहां पे बाय डिफॉल्ट स्कूल नेम एक्स वz आ गया ईमेल भी आ गया और ऐज भी आ

[29:12] एक्स वz आ गया ईमेल भी आ गया और ऐज भी आ गई ऐसे ही राहुल कि ईमेल आ गया, स्कूल नेम

[29:15] गई ऐसे ही राहुल कि ईमेल आ गया, स्कूल नेम आ गया और एज भी आ गई। रवि का भी स्कूल

[29:18] आ गया और एज भी आ गई। रवि का भी स्कूल नेम, ईमेल और एज तीनों आ गए। इंसर्ट डेटा

[29:22] नेम, ईमेल और एज तीनों आ गए। इंसर्ट डेटा इंटू टेबल। यानी डेटाबेस के अंदर डेटा

[29:24] इंटू टेबल। यानी डेटाबेस के अंदर डेटा कैसे डालते हैं? वो हम देखते हैं स्टेप

[29:27] कैसे डालते हैं? वो हम देखते हैं स्टेप बाय स्टेप। सबसे पहले समझते हैं इंसर्ट का

[29:30] बाय स्टेप। सबसे पहले समझते हैं इंसर्ट का मतलब क्या होता है? इंसर्ट का सिंपल मतलब

[29:32] मतलब क्या होता है? इंसर्ट का सिंपल मतलब होता है टेबल के अंदर न्यू रिकॉर्ड ऐड

[29:35] होता है टेबल के अंदर न्यू रिकॉर्ड ऐड करना। जब भी नया डेटा आता है, हम इंसर्ट

[29:37] करना। जब भी नया डेटा आता है, हम इंसर्ट का यूज़ करते हैं डेटा को टेबल में इंसर्ट

[29:40] का यूज़ करते हैं डेटा को टेबल में इंसर्ट कराने के लिए। यह हमने टेबल जो क्रिएट

[29:43] कराने के लिए। यह हमने टेबल जो क्रिएट किया था इसके लिए हम देखेंगे इंसर्ट को।

[29:46] किया था इसके लिए हम देखेंगे इंसर्ट को। यह बात आपको याद रखनी है कि आईडी जो है

[29:49] यह बात आपको याद रखनी है कि आईडी जो है अगर वह ऑटो इंक्रिमेंट होगी, तो वह खुद से

[29:51] अगर वह ऑटो इंक्रिमेंट होगी, तो वह खुद से जनरेट होगी। नेम जो है वो अगर नॉट नल होगा

[29:54] जनरेट होगी। नेम जो है वो अगर नॉट नल होगा तो हमें इसको देना ही पड़ेगा। यह कंपलसरी

[29:57] तो हमें इसको देना ही पड़ेगा। यह कंपलसरी होगा और स्कूल में अगर हमने डिफ़ॉल्ट दिया

[29:59] होगा और स्कूल में अगर हमने डिफ़ॉल्ट दिया है x y z इसका मतलब है कि अगर स्टूडेंट

[30:02] है x y z इसका मतलब है कि अगर स्टूडेंट स्कूल का नाम देना भूल भी जाता है तो

[30:04] स्कूल का नाम देना भूल भी जाता है तो डिफॉल्ट में x y z आएगा ही आएगा। अब हम

[30:06] डिफॉल्ट में x y z आएगा ही आएगा। अब हम बेसिक सा सिंटेक्स देखते हैं। इंसर्ट

[30:08] बेसिक सा सिंटेक्स देखते हैं। इंसर्ट कराने का इंसर्ट इन

[30:11] कराने का इंसर्ट इन फिर आपको लिखना पड़ता है टेबल का नेम

[30:15] फिर आपको लिखना पड़ता है टेबल का नेम देन क्या-क्या वैल्यू इंसर्ट करानी है

[30:18] देन क्या-क्या वैल्यू इंसर्ट करानी है उनका कॉलम वन एंड देन कॉलम टू जो भी कॉलम

[30:21] उनका कॉलम वन एंड देन कॉलम टू जो भी कॉलम की वैल्यू आपको लेनी है उसके लिए फिर आपको

[30:25] की वैल्यू आपको लेनी है उसके लिए फिर आपको लेनी है वैल्यूस वैल्यूस के अंदर हम

[30:27] लेनी है वैल्यूस वैल्यूस के अंदर हम वैल्यूस को इंसर्ट कराएंगे वैल्यू वन

[30:32] वैल्यूस को इंसर्ट कराएंगे वैल्यू वन वैल्यू टू

[30:35] वैल्यू टू पहले बताना है हमें कि कौन सा कॉलम है देन

[30:37] पहले बताना है हमें कि कौन सा कॉलम है देन उनकी वैल्यूस इंसर्ट कराना है

[30:41] उनकी वैल्यूस इंसर्ट कराना है अभी हम स्टूडेंट का नेम ईमेल एंटर कराते

[30:44] अभी हम स्टूडेंट का नेम ईमेल एंटर कराते हैं। इंसर्ट कराते हैं। यहां पर हम

[30:46] हैं। इंसर्ट कराते हैं। यहां पर हम लिखेंगे

[30:49] लिखेंगे इंसर्ट

[30:51] इंसर्ट इंटू

[30:53] इंटू टेबल का नेम हमारा है स्टूडेंट।

[30:57] टेबल का नेम हमारा है स्टूडेंट। स्टूडेंट्स

[31:01] क्या-क्या कराना है हमें इंसर्ट? कॉलम

[31:03] क्या-क्या कराना है हमें इंसर्ट? कॉलम कौन-कौन से कराने हैं? एक तो कराना है

[31:05] कौन-कौन से कराने हैं? एक तो कराना है हमें नेम। देन कराना है हमें ईमेल देन

[31:08] हमें नेम। देन कराना है हमें ईमेल देन स्कूल नेम।

[31:10] स्कूल नेम। स्कूल नेम तो हमने ऑलरेडी दे रखा है। बाय

[31:12] स्कूल नेम तो हमने ऑलरेडी दे रखा है। बाय डिफॉल्ट में एज ले लेते हैं। हम एज कराना

[31:16] डिफॉल्ट में एज ले लेते हैं। हम एज कराना है।

[31:18] है। देन हम देंगे इनकी वैल्यूज़।

[31:21] देन हम देंगे इनकी वैल्यूज़। वैल्यूज़ में हमने नेम में दे दिया रिदा

[31:26] वैल्यूज़ में हमने नेम में दे दिया रिदा एंड ईमेल में हमने दे दिया। ईमेल में हमने

[31:29] एंड ईमेल में हमने दे दिया। ईमेल में हमने दे दिया

[31:31] दे दिया रिदा 12@

[31:34] रिदा 12@ gmail.com

[31:36] gmail.com एंड एज हमने दे दी 16 इयर्स। आप चाहे तो

[31:41] एंड एज हमने दे दी 16 इयर्स। आप चाहे तो आप मल्टीपल वैल्यूज़ भी इंसर्ट करा सकते

[31:43] आप मल्टीपल वैल्यूज़ भी इंसर्ट करा सकते हैं। जैसे कि हमने एक और करा ली इंसर्ट।

[31:45] हैं। जैसे कि हमने एक और करा ली इंसर्ट। नेम दे दिया हमने

[31:49] नेम दे दिया हमने सिया एंड

[31:52] सिया एंड ईमेल दे दी हमने

[31:55] ईमेल दे दी हमने सिया@

[31:57] सिया@ gmail.com

[31:59] gmail.com एंड एज दे दी हमने कैपिटल में आ गया इसको

[32:03] एंड एज दे दी हमने कैपिटल में आ गया इसको स्मॉल में करते हैं। gmail.com एंड एज दे

[32:07] स्मॉल में करते हैं। gmail.com एंड एज दे दी हमने 20 इयर्स।

[32:11] दी हमने 20 इयर्स। तो हमने ये वैल्यूज़ इंसर्ट करा दी। अब

[32:14] तो हमने ये वैल्यूज़ इंसर्ट करा दी। अब यहां पे एरर क्यों आ रही है? यहां पे लिखा

[32:16] यहां पे एरर क्यों आ रही है? यहां पे लिखा है नो डेटाबेस सेलेक्टेड सेलेक्ट अ

[32:18] है नो डेटाबेस सेलेक्टेड सेलेक्ट अ डिफ़ॉल्ट डीवी टु यूज़्ड ब डबल क्लिकिंग

[32:22] डिफ़ॉल्ट डीवी टु यूज़्ड ब डबल क्लिकिंग इट्स नेम। मैंने आपको पहले भी बताया है कि

[32:25] इट्स नेम। मैंने आपको पहले भी बताया है कि जब भी आप कोई क्वरी लिखते हो, तो यूज़ का

[32:28] जब भी आप कोई क्वरी लिखते हो, तो यूज़ का यूज़ करना बहुत जरूरी है। डेटाबेस तो हम

[32:30] यूज़ करना बहुत जरूरी है। डेटाबेस तो हम क्रिएट कर चुके हैं, लेकिन हमने डेस्क को

[32:32] क्रिएट कर चुके हैं, लेकिन हमने डेस्क को यूज़ नहीं किया है। तो, इसे यहां पे क्लिक

[32:33] यूज़ नहीं किया है। तो, इसे यहां पे क्लिक करेंगे हम। इसको हम यूज़ कर रहे हैं। देन

[32:35] करेंगे हम। इसको हम यूज़ कर रहे हैं। देन हम जब यहां पे क्लिक करेंगे, तो ये इंसर्ट

[32:39] हम जब यहां पे क्लिक करेंगे, तो ये इंसर्ट हो गया टेबल के अंदर। अब यहां पे आईडी जो

[32:42] हो गया टेबल के अंदर। अब यहां पे आईडी जो है वह ऑटो जनरेट होगी। स्कूल का नेम जो है

[32:44] है वह ऑटो जनरेट होगी। स्कूल का नेम जो है वह डिफॉल्ट में एक्स वz होगा और हमने नेम

[32:47] वह डिफॉल्ट में एक्स वz होगा और हमने नेम तो दिया ही इसलिए कोई एरर नहीं आएगी। यही

[32:49] तो दिया ही इसलिए कोई एरर नहीं आएगी। यही सबसे सेफ और रिकमेंडेड वे है। जब भी कोई

[32:52] सबसे सेफ और रिकमेंडेड वे है। जब भी कोई कॉलम ऑटो इंक्रिमेंट होता है तो उसको हमें

[32:54] कॉलम ऑटो इंक्रिमेंट होता है तो उसको हमें इंसर्ट में ऐड नहीं करना चाहिए। अब इसको

[32:57] इंसर्ट में ऐड नहीं करना चाहिए। अब इसको हम देखते हैं कि टेबल सही से बना है कि

[32:59] हम देखते हैं कि टेबल सही से बना है कि नहीं। तो उस पे लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार

[33:03] नहीं। तो उस पे लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट।

[33:05] फ्रॉम स्टूडेंट। तो ये टेबल हमारा क्रिएट हो गया रेदा और

[33:08] तो ये टेबल हमारा क्रिएट हो गया रेदा और सिया के लिए। अभी सेलेक्ट और स्टार्ट यह

[33:10] सिया के लिए। अभी सेलेक्ट और स्टार्ट यह सब जो है इसके बारे में हम आगे पढ़ेंगे।

[33:12] सब जो है इसके बारे में हम आगे पढ़ेंगे। इसको देख के आप सोचिए मत कि हमने सेलेक्ट

[33:15] इसको देख के आप सोचिए मत कि हमने सेलेक्ट क्यों लिया, स्टार क्यों लिया, यह पूरा हम

[33:16] क्यों लिया, स्टार क्यों लिया, यह पूरा हम आगे जाके पढ़ने वाले हैं। अगर आप चाहते हो

[33:19] आगे जाके पढ़ने वाले हैं। अगर आप चाहते हो कि हमें सारे कॉलम्स की वैल्यू देना है

[33:21] कि हमें सारे कॉलम्स की वैल्यू देना है इंसर्ट के अंदर तो उसके लिए क्या करना

[33:23] इंसर्ट के अंदर तो उसके लिए क्या करना पड़ेगा आपको? यहां पे हम एक और ले लेते

[33:26] पड़ेगा आपको? यहां पे हम एक और ले लेते हैं वंश।

[33:28] हैं वंश। अभी वंश के लिए यहां पे हम स्कूल नेम भी

[33:31] अभी वंश के लिए यहां पे हम स्कूल नेम भी ले लेते हैं।

[33:34] ले लेते हैं। यहां पे हम एंटर कराएंगे वंश के लिए स्कूल

[33:36] यहां पे हम एंटर कराएंगे वंश के लिए स्कूल नेम। मैंने दे दिया जेएस एंड कॉमा ईमेल दे

[33:43] नेम। मैंने दे दिया जेएस एंड कॉमा ईमेल दे दिया हमने

[33:45] दिया हमने वंश@

[33:49] gmail.com

[33:51] gmail.com एंड

[33:53] एंड एज दे दी हमने 19 इयर्स। अब इसको कराते

[33:56] एज दे दी हमने 19 इयर्स। अब इसको कराते हैं इंसर्ट। इन दोनों को हम कमेंट कर देते

[33:59] हैं इंसर्ट। इन दोनों को हम कमेंट कर देते हैं रिदा और सिया को।

[34:05] नाउ वी विल रन इट।

[34:08] नाउ वी विल रन इट। एंड जब हम सेलेक्ट स्टार्ट फ्रॉम स्टूडेंट

[34:11] एंड जब हम सेलेक्ट स्टार्ट फ्रॉम स्टूडेंट पर क्लिक करके इसे कॉल करेंगे तो यहां पर

[34:14] पर क्लिक करके इसे कॉल करेंगे तो यहां पर वंश भी ऐड हो गया। रिदा और सिया के लिए

[34:17] वंश भी ऐड हो गया। रिदा और सिया के लिए हमने नहीं दी थी स्कूल की वैल्यू। तो

[34:19] हमने नहीं दी थी स्कूल की वैल्यू। तो डिफॉल्ट में x वz ही आया। लेकिन वंश के

[34:21] डिफॉल्ट में x वz ही आया। लेकिन वंश के लिए हमने जेएस दिया था। तो वंश के लिए जे

[34:24] लिए हमने जेएस दिया था। तो वंश के लिए जे जेएस आया। यहां डिफ़ॉल्ट अप्लाई नहीं होगा।

[34:27] जेएस आया। यहां डिफ़ॉल्ट अप्लाई नहीं होगा। हमें इन दोनों को कमेंट करना पड़ा। उसके

[34:29] हमें इन दोनों को कमेंट करना पड़ा। उसके बाद हमने वंश के स्कूल की वैल्यू एंटर

[34:31] बाद हमने वंश के स्कूल की वैल्यू एंटर कराई। अगर इसको हम ऐसे ही चला रहे थे, तो

[34:34] कराई। अगर इसको हम ऐसे ही चला रहे थे, तो हमें एरर मिल रही थी। क्या एरर मिल रही थी

[34:36] हमें एरर मिल रही थी। क्या एरर मिल रही थी कि एक कॉलम की वैल्यू आपने नहीं दी है।

[34:38] कि एक कॉलम की वैल्यू आपने नहीं दी है। स्कूल नेम की वैल्यू आपने इसमें नहीं एंटर

[34:41] स्कूल नेम की वैल्यू आपने इसमें नहीं एंटर कराई है। एक बात और याद रखना है आपको।

[34:43] कराई है। एक बात और याद रखना है आपको। इसमें दिया है कि नेम जो है वो नॉट नल है।

[34:46] इसमें दिया है कि नेम जो है वो नॉट नल है। मतलब नेम की वैल्यू आपको एंटर करानी ही

[34:49] मतलब नेम की वैल्यू आपको एंटर करानी ही है। अगर यहां से आप नेम हटा देते हो तो

[34:52] है। अगर यहां से आप नेम हटा देते हो तो एरर आएगा। तो इस चीज का आपको ध्यान रखना

[34:54] एरर आएगा। तो इस चीज का आपको ध्यान रखना है। और यह रूल याद रखना है कि ऑटो

[34:56] है। और यह रूल याद रखना है कि ऑटो इंक्रिमेंट डेटाबेस संभाल लेगा। डिफॉल्ट

[34:59] इंक्रिमेंट डेटाबेस संभाल लेगा। डिफॉल्ट में वैल्यू नहीं दी तो ऑटो लग जाएगा और

[35:02] में वैल्यू नहीं दी तो ऑटो लग जाएगा और नॉट नल वैल्यू देनी ही पड़ेगी। आज हम

[35:05] नॉट नल वैल्यू देनी ही पड़ेगी। आज हम देखने वाले हैं जो हमने डाटा इंसर्ट कराया

[35:07] देखने वाले हैं जो हमने डाटा इंसर्ट कराया था उसे हम कैसे देखते हैं। तो सबसे पहले

[35:09] था उसे हम कैसे देखते हैं। तो सबसे पहले हम बात करते हैं सेलेक्ट स्टार के बारे

[35:13] हम बात करते हैं सेलेक्ट स्टार के बारे में। मान लो हमारे पास एक टेबल है

[35:15] में। मान लो हमारे पास एक टेबल है स्टूडेंट। अगर मुझे टेबल का पूरा डेटा

[35:18] स्टूडेंट। अगर मुझे टेबल का पूरा डेटा देखना हो हर कॉलम और हर रो का तो हम लिखते

[35:21] देखना हो हर कॉलम और हर रो का तो हम लिखते हैं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट। अगर

[35:24] हैं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट। अगर मैं इसको कराऊंगी

[35:26] मैं इसको कराऊंगी क्लिक तो यहां पे हमें पूरा डेटा जो हमने

[35:28] क्लिक तो यहां पे हमें पूरा डेटा जो हमने पहले इंसर्ट कराया था वो मिल गया। सेलेक्ट

[35:31] पहले इंसर्ट कराया था वो मिल गया। सेलेक्ट का मतलब होता है कि हमें डेटा चाहिए।

[35:33] का मतलब होता है कि हमें डेटा चाहिए। स्टार का मतलब होता है कि हमें पूरा डाटा

[35:36] स्टार का मतलब होता है कि हमें पूरा डाटा चाहिए। मतलब आईडी भी चाहिए, नेम भी चाहिए,

[35:38] चाहिए। मतलब आईडी भी चाहिए, नेम भी चाहिए, ईमेल भी चाहिए, स्कूल नेम भी चाहिए और एज

[35:40] ईमेल भी चाहिए, स्कूल नेम भी चाहिए और एज भी चाहिए। टोटल डाटा चाहिए हमें। और फ्रॉम

[35:42] भी चाहिए। टोटल डाटा चाहिए हमें। और फ्रॉम का मतलब होता है कि किससे चाहिए? हमें

[35:44] का मतलब होता है कि किससे चाहिए? हमें स्टूडेंट से चाहिए। फ्रॉम स्टूडेंट मतलब

[35:46] स्टूडेंट से चाहिए। फ्रॉम स्टूडेंट मतलब हमें स्टूडेंट से चाहिए डेटा। उस कमांड से

[35:49] हमें स्टूडेंट से चाहिए डेटा। उस कमांड से स्टूडेंट टेबल का कंप्लीट डाटा आ जाता है।

[35:52] स्टूडेंट टेबल का कंप्लीट डाटा आ जाता है। लेकिन एक बात याद रखो रियल प्रोजेक्ट्स

[35:55] लेकिन एक बात याद रखो रियल प्रोजेक्ट्स में सेलेक्ट स्टार ज्यादा यूज नहीं करते

[35:57] में सेलेक्ट स्टार ज्यादा यूज नहीं करते हैं क्योंकि ये परफॉर्मेंस स्लो करता है।

[35:59] हैं क्योंकि ये परफॉर्मेंस स्लो करता है। अब मान लो मुझे स्टूडेंट का सिर्फ नाम और

[36:02] अब मान लो मुझे स्टूडेंट का सिर्फ नाम और ऐज चाहिए। पूरा डेटा नहीं चाहिए। तो उसके

[36:06] ऐज चाहिए। पूरा डेटा नहीं चाहिए। तो उसके लिए हम क्या लिखते हैं? उसके लिए हम लिखते

[36:08] लिए हम क्या लिखते हैं? उसके लिए हम लिखते हैं सेलेक्ट। हमें क्या चाहिए? नाम चाहिए

[36:12] हैं सेलेक्ट। हमें क्या चाहिए? नाम चाहिए और एज चाहिए। तो हम लिखेंगे यहां पे स्टार

[36:15] और एज चाहिए। तो हम लिखेंगे यहां पे स्टार की जगह पर नेम और ऐज। यहां पे हम स्टाइल

[36:18] की जगह पर नेम और ऐज। यहां पे हम स्टाइल ले रहे थे क्योंकि हमें पूरा डाटा चाहिए

[36:20] ले रहे थे क्योंकि हमें पूरा डाटा चाहिए था। पूरा टेबल चाहिए था। बट यहां पे हमें

[36:23] था। पूरा टेबल चाहिए था। बट यहां पे हमें सिर्फ नेम और एज ही चाहिए। तो उसके लिए हम

[36:25] सिर्फ नेम और एज ही चाहिए। तो उसके लिए हम लिखेंगे नेम और ऐज कहां से चाहिए? फ्रॉम

[36:28] लिखेंगे नेम और ऐज कहां से चाहिए? फ्रॉम स्टूडेंट। स्टूडेंट टेबल से चाहिए हमें।

[36:31] स्टूडेंट। स्टूडेंट टेबल से चाहिए हमें। तो हमें सिर्फ नेम और ऐज का कॉलम मिल गया।

[36:35] तो हमें सिर्फ नेम और ऐज का कॉलम मिल गया। इसका मतलब यह है कि सिर्फ नेम और ऐज कॉलम

[36:38] इसका मतलब यह है कि सिर्फ नेम और ऐज कॉलम शो होगा। बाकी कॉलम्स इग्नोर हो जाएंगे।

[36:41] शो होगा। बाकी कॉलम्स इग्नोर हो जाएंगे। यह अप्रोच ज्यादा प्रोफेशनल और एफिशिएंट

[36:43] यह अप्रोच ज्यादा प्रोफेशनल और एफिशिएंट होती है और इंडस्ट्री में भी इसी को

[36:45] होती है और इंडस्ट्री में भी इसी को प्रेफर किया जाता है। इसके बाद में

[36:48] प्रेफर किया जाता है। इसके बाद में नेक्स्ट आता है वेयर क्लॉज़। अगर मुझे

[36:50] नेक्स्ट आता है वेयर क्लॉज़। अगर मुझे कंडीशन के साथ लीडर चाहिए तो हम यूज़ करते

[36:53] कंडीशन के साथ लीडर चाहिए तो हम यूज़ करते हैं वेयर का। जैसे मुझे चाहिए कि जो

[36:55] हैं वेयर का। जैसे मुझे चाहिए कि जो स्टूडेंट की ऐज है वह 18 से कम ही होना

[36:58] स्टूडेंट की ऐज है वह 18 से कम ही होना चाहिए। 18 से ज्यादा वाले स्टूडेंट इसमें

[37:00] चाहिए। 18 से ज्यादा वाले स्टूडेंट इसमें नहीं आएंगे। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[37:04] नहीं आएंगे। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स टेबल का नेम वेयर एज जो है वह

[37:08] स्टूडेंट्स टेबल का नेम वेयर एज जो है वह 18 से कम होना चाहिए। उसके लिए हम

[37:12] 18 से कम होना चाहिए। उसके लिए हम इसको एग्जीक्यूट कराएंगे तो यहां पर सिर्फ

[37:14] इसको एग्जीक्यूट कराएंगे तो यहां पर सिर्फ रिदा जो है उसकी एज 16 थी जो कि 18 से कम

[37:17] रिदा जो है उसकी एज 16 थी जो कि 18 से कम था वह वाली रो प्रिंट हो गई। अब अगर मुझे

[37:20] था वह वाली रो प्रिंट हो गई। अब अगर मुझे 18 से ज्यादा वाले चाहिए तो मैं यहां पे

[37:22] 18 से ज्यादा वाले चाहिए तो मैं यहां पे हटा के ये लगा देती हूं ग्रेटर दैन का

[37:25] हटा के ये लगा देती हूं ग्रेटर दैन का साइन। तो यहां पे मुझे सिया और वंश मिल गए

[37:27] साइन। तो यहां पे मुझे सिया और वंश मिल गए क्योंकि इनकी ऐज 18 से ज्यादा थी। यहां पर

[37:30] क्योंकि इनकी ऐज 18 से ज्यादा थी। यहां पर वेयर क्लॉज़ जो है उसका काम होता है फ़िल्टर

[37:33] वेयर क्लॉज़ जो है उसका काम होता है फ़िल्टर करना। एसकेएल पहले पूरा टेबल देखेगा। फिर

[37:36] करना। एसकेएल पहले पूरा टेबल देखेगा। फिर सिर्फ वही रो दिखाई देंगी जो कंडीशन मैच

[37:39] सिर्फ वही रो दिखाई देंगी जो कंडीशन मैच करती है। बिना वेयर क्लॉज़ के एसक्यूएल

[37:42] करती है। बिना वेयर क्लॉज़ के एसक्यूएल सिर्फ डाटा दिखाता है और वेयर के साथ

[37:45] सिर्फ डाटा दिखाता है और वेयर के साथ एसक्यूएल स्मार्ट हो जाता है। इसके बाद

[37:47] एसक्यूएल स्मार्ट हो जाता है। इसके बाद में नेक्स्ट आता है एंड और और कंडीशन।

[37:51] में नेक्स्ट आता है एंड और और कंडीशन। उससे पहले हम देखेंगे एंड कंडीशन के बारे

[37:53] उससे पहले हम देखेंगे एंड कंडीशन के बारे में। इसको यहां से क्लोज कर देते हैं। अब

[37:56] में। इसको यहां से क्लोज कर देते हैं। अब मान लो एक कंडीशन काफी नहीं है। मुझे

[37:59] मान लो एक कंडीशन काफी नहीं है। मुझे चाहिए कि एज जो है वह 18 से ज्यादा हो और

[38:04] चाहिए कि एज जो है वह 18 से ज्यादा हो और एक काम करते हैं। यहां पे हम सिटी भी ले

[38:06] एक काम करते हैं। यहां पे हम सिटी भी ले लेते हैं। तो थोड़ा और इजी हो जाएगा। यहां

[38:09] लेते हैं। तो थोड़ा और इजी हो जाएगा। यहां पर देते स्कूल नेम के बाद में सिटी

[38:13] पर देते स्कूल नेम के बाद में सिटी सिटी होगी वेयर केयर में

[38:17] सिटी होगी वेयर केयर में और सिटी में बीबी अब 100 तक हो सकती है

[38:21] और सिटी में बीबी अब 100 तक हो सकती है यहां पे हम इंसर्ट भी करा देते हैं सिटी

[38:23] यहां पे हम इंसर्ट भी करा देते हैं सिटी को स्कूल नेम और सिटी

[38:26] को स्कूल नेम और सिटी सिटी कब है स्कूल नेम के बाद में है ना

[38:29] सिटी कब है स्कूल नेम के बाद में है ना हां स्कूल नेम के बाद सिटी

[38:34] अब मैं सिटी दे देती हूं

[38:38] स्कूल स्कूल नेम हटा देते हैं यहां से।

[38:41] स्कूल स्कूल नेम हटा देते हैं यहां से। जैसे मैंने रिया की सिटी दे दी मैंने

[38:45] जैसे मैंने रिया की सिटी दे दी मैंने मुंबई।

[38:46] मुंबई। और सिया की दे दी मैंने। रिदा की दे दी

[38:49] और सिया की दे दी मैंने। रिदा की दे दी मुंबई। एंड सिया की दे दी मैंने

[38:54] मुंबई। एंड सिया की दे दी मैंने पुणे। एंड वंश की दे दी मैंने दिल्ली। अब

[39:00] पुणे। एंड वंश की दे दी मैंने दिल्ली। अब अगर मुझे चाहिए कि स्टूडेंट जो है वह 18

[39:02] अगर मुझे चाहिए कि स्टूडेंट जो है वह 18 से ज्यादा होना चाहिए और सिटी है वो

[39:05] से ज्यादा होना चाहिए और सिटी है वो दिल्ली ही होना चाहिए। तो उसके लिए हमें

[39:08] दिल्ली ही होना चाहिए। तो उसके लिए हमें यूज करना पड़ता है एंड का। मैं यहां पर

[39:10] यूज करना पड़ता है एंड का। मैं यहां पर लिखती हूं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट

[39:14] लिखती हूं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट वेयर एज जो है वो 18 हो और

[39:17] वेयर एज जो है वो 18 हो और सिटी जो है वो किसके इक्वल हो? दिल्ली के

[39:20] सिटी जो है वो किसके इक्वल हो? दिल्ली के इक्वल हो।

[39:22] इक्वल हो। पहले तो इसे हम इंसर्ट करा लेते हैं।

[39:36] यहां पे मैंने पहले टेबल को ड्रॉप किया

[39:38] यहां पे मैंने पहले टेबल को ड्रॉप किया है। मैंने इसमें सिटी ऐड किया है। तो इसको

[39:40] है। मैंने इसमें सिटी ऐड किया है। तो इसको मैं अगर एग्जीक्यूट कराती हूं तो मुझे

[39:42] मैं अगर एग्जीक्यूट कराती हूं तो मुझे यहां पे एरर मिल रहा है। क्या एरर मिल रहा

[39:44] यहां पे एरर मिल रहा है। क्या एरर मिल रहा है कि स्टूडेंट जो है वह टेबल ऑलरेडी

[39:46] है कि स्टूडेंट जो है वह टेबल ऑलरेडी एग्ज़िस्ट करता है। आप उसके नाम का टेबल

[39:48] एग्ज़िस्ट करता है। आप उसके नाम का टेबल वापस से क्रिएट नहीं कर सकते हैं। आगे हम

[39:50] वापस से क्रिएट नहीं कर सकते हैं। आगे हम पढ़ेंगे ड्रॉप के बारे में भी। अभी आप समझ

[39:54] पढ़ेंगे ड्रॉप के बारे में भी। अभी आप समझ लीजिए कि ड्रॉप जो है उसका यूज़ होता है

[39:56] लीजिए कि ड्रॉप जो है उसका यूज़ होता है टेबल को डिलीट करने के लिए। इसमें मैंने

[39:58] टेबल को डिलीट करने के लिए। इसमें मैंने नेम भी दे दिया है। ईमेल दिया है। स्कूल

[40:00] नेम भी दे दिया है। ईमेल दिया है। स्कूल नेम एंड देन सिटी है। तो यहां पे नेम आएगा

[40:04] नेम एंड देन सिटी है। तो यहां पे नेम आएगा पहले तो फिर आएगा

[40:07] पहले तो फिर आएगा स्कूल। ईमेल के बाद में है सिटी। तो ईमेल

[40:10] स्कूल। ईमेल के बाद में है सिटी। तो ईमेल के बाद सिटी डालना है हमें। इसमें यहां पर

[40:13] के बाद सिटी डालना है हमें। इसमें यहां पर भी चेंज करना पड़ेगा मुंबई का।

[40:20] एंड सेम फॉर पुणे

[40:25] एंड सेम फॉर दिल्ली।

[40:30] ठीक है? अभी अब कराते हैं इसको हम इंसर्ट।

[40:36] अभी क्या एरर आ रही है? कॉलम काउंट डजंट

[40:40] अभी क्या एरर आ रही है? कॉलम काउंट डजंट मैच वैल्यू एट रो थ्री। ओके। ये हमने

[40:43] मैच वैल्यू एट रो थ्री। ओके। ये हमने स्कूल दे रखा है वंश केस में। तो इसको हम

[40:45] स्कूल दे रखा है वंश केस में। तो इसको हम हटा देते हैं यहां से। अब कराते हैं इसको

[40:47] हटा देते हैं यहां से। अब कराते हैं इसको एग्जीक्यूट।

[40:51] तो, यह टेबल बन गया। अब जैसे मैं सेलेक्ट

[40:54] तो, यह टेबल बन गया। अब जैसे मैं सेलेक्ट स्टार्ट फ्रॉम स्टूडेंट करती हूं, तो पूरा

[40:56] स्टार्ट फ्रॉम स्टूडेंट करती हूं, तो पूरा टेबल हमारा सिटी के साथ में क्रिएट हो

[40:58] टेबल हमारा सिटी के साथ में क्रिएट हो गया। अब मुझे क्या चाहिए? मुझे चाहिए था

[41:01] गया। अब मुझे क्या चाहिए? मुझे चाहिए था इसमें से कि सिर्फ वो स्टूडेंट आए जो 18

[41:04] इसमें से कि सिर्फ वो स्टूडेंट आए जो 18 से जिनकी ऐज ज्यादा चाहिए। मैं इसमें कम

[41:06] से जिनकी ऐज ज्यादा चाहिए। मैं इसमें कम कर दिया मैंने। इसको ग्रेटर कर देती हूं।

[41:08] कर दिया मैंने। इसको ग्रेटर कर देती हूं। जो जो 18 से बड़े हो और सिटी दिल्ली हो वो

[41:12] जो जो 18 से बड़े हो और सिटी दिल्ली हो वो स्टूडेंट चाहिए। तो उसके लिए मैं इसको

[41:13] स्टूडेंट चाहिए। तो उसके लिए मैं इसको एग्जीक्यूट कराती हूं। तो मुझे यहां पर

[41:16] एग्जीक्यूट कराती हूं। तो मुझे यहां पर वंश मिला जिसकी एज 18 से ज्यादा थी और

[41:19] वंश मिला जिसकी एज 18 से ज्यादा थी और सिटी जो है वह दिल्ली थी। यह देख लिया

[41:22] सिटी जो है वह दिल्ली थी। यह देख लिया हमने एंड क्लॉज़ के बारे में। एंड का सिंपल

[41:25] हमने एंड क्लॉज़ के बारे में। एंड का सिंपल रूल है। दोनों कंडीशन ट्रू होनी चाहिए।

[41:28] रूल है। दोनों कंडीशन ट्रू होनी चाहिए। अगर एज मैच हो बट सिटी मैच ना हो तो डाटा

[41:31] अगर एज मैच हो बट सिटी मैच ना हो तो डाटा नहीं आएगा। इसे कहते हैं हम एंड स्ट्रिप्ट

[41:34] नहीं आएगा। इसे कहते हैं हम एंड स्ट्रिप्ट कंडीशन जिसमें दोनों ही चीजें सेम होनी

[41:36] कंडीशन जिसमें दोनों ही चीजें सेम होनी चाहिए। मैच करनी चाहिए। अब एक और केस

[41:39] चाहिए। मैच करनी चाहिए। अब एक और केस समझते हैं। मुझे चाहिए या तो सिटी दिल्ली

[41:43] समझते हैं। मुझे चाहिए या तो सिटी दिल्ली हो या फिर मुंबई हो। तब हम लिखते हैं

[41:46] हो या फिर मुंबई हो। तब हम लिखते हैं सेलेक्ट स्टार

[41:49] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स।

[41:53] फ्रॉम स्टूडेंट्स। जहां पे सिटी क्या हो?

[41:57] जहां पे सिटी क्या हो? सब कैपिटल में आएगा। वेयर

[41:59] सब कैपिटल में आएगा। वेयर सिटी जो है वो या तो दिल्ली हो

[42:07] या फिर क्या हो सिटी इज इक्वल टू मुंबई

[42:13] या फिर क्या हो सिटी इज इक्वल टू मुंबई इसे कराते हैं एग्जीक्यूट

[42:16] इसे कराते हैं एग्जीक्यूट तो रिदा और वंश की सिटी मुंबई और दिल्ली

[42:19] तो रिदा और वंश की सिटी मुंबई और दिल्ली थी तो वो प्रिंट हो गया। अगर इसमें मैं ऐज

[42:21] थी तो वो प्रिंट हो गया। अगर इसमें मैं ऐज का क्लॉज़ भी डाल देती हूं। जहां पे ऐज जो

[42:23] का क्लॉज़ भी डाल देती हूं। जहां पे ऐज जो है वो कितनी होनी चाहिए? एज होनी चाहिए

[42:25] है वो कितनी होनी चाहिए? एज होनी चाहिए हमारी

[42:27] हमारी इज़ ग्रेटर देन 18 एंड

[42:34] इज़ ग्रेटर देन 18 एंड इसे हमें ब्रैकेट्स के अंदर लिखना पड़ेगा

[42:35] इसे हमें ब्रैकेट्स के अंदर लिखना पड़ेगा बिकॉज़ हमें इन दोनों में से एक कंडीशन

[42:38] बिकॉज़ हमें इन दोनों में से एक कंडीशन चाहिए और ऐज तो इतनी होनी ही चाहिए। या तो

[42:41] चाहिए और ऐज तो इतनी होनी ही चाहिए। या तो सिटी दिल्ली हो या तो फिर मुंबई हो और ऐज

[42:43] सिटी दिल्ली हो या तो फिर मुंबई हो और ऐज तो 18 से ज्यादा होनी चाहिए। तो इसमें वंश

[42:46] तो 18 से ज्यादा होनी चाहिए। तो इसमें वंश की ऐज 19 थी तो यहां पे 19 आया और सिटी जो

[42:51] की ऐज 19 थी तो यहां पे 19 आया और सिटी जो थी उसकी वह दिल्ली थी तो दिल्ली प्रिंट हो

[42:53] थी उसकी वह दिल्ली थी तो दिल्ली प्रिंट हो गया। आप एंड और और को साथ में भी यूज कर

[42:56] गया। आप एंड और और को साथ में भी यूज कर सकते हो। और का रूल है कोई एक कंडीशन ट्रू

[42:59] सकते हो। और का रूल है कोई एक कंडीशन ट्रू हो काफी होता है। आप इसे ऐसा याद रख सकते

[43:01] हो काफी होता है। आप इसे ऐसा याद रख सकते हो कि एंड में दोनों चाहिए और में कोई एक

[43:05] हो कि एंड में दोनों चाहिए और में कोई एक काफी है। इसके बाद में अब हम बात करते हैं

[43:09] काफी है। इसके बाद में अब हम बात करते हैं डिस्टिंक्ट की। मान लो स्टूडेंट टेबल में

[43:12] डिस्टिंक्ट की। मान लो स्टूडेंट टेबल में दिल्ली 10 बार है और मुंबई सेवन बार है और

[43:15] दिल्ली 10 बार है और मुंबई सेवन बार है और मुझे सिर्फ यूनिक सिटी चाहिए। इसके लिए हम

[43:17] मुझे सिर्फ यूनिक सिटी चाहिए। इसके लिए हम यूज़ करते हैं डिस्टिंक्ट का। इसमें हम

[43:19] यूज़ करते हैं डिस्टिंक्ट का। इसमें हम पहले और भी वैल्यू्यूज ऐड करा देते हैं।

[43:22] पहले और भी वैल्यू्यूज ऐड करा देते हैं। मैं ऐड करा देती हूं। इसमें

[43:26] मैं ऐड करा देती हूं। इसमें रेवा

[43:27] रेवा रेवा का Gmail

[43:29] रेवा का Gmail एंड सिटी दे दी मैंने इसमें भी मुंबई

[43:33] एंड सिटी दे दी मैंने इसमें भी मुंबई एंड एज दे दी इसकी 20

[43:38] एंड एज दे दी इसकी 20 एक और करा देते हैं हम

[43:41] एक और करा देते हैं हम इंसर्ट। इसको मैं दे देती हूं नाम

[43:45] इंसर्ट। इसको मैं दे देती हूं नाम रूही।

[43:47] रूही। इसकी भी सिटी है जो मुंबई है। अब मुझे

[43:50] इसकी भी सिटी है जो मुंबई है। अब मुझे सिर्फ डिस्टिंक्ट चाहिए। अब मैं लगाऊंगी

[43:52] सिर्फ डिस्टिंक्ट चाहिए। अब मैं लगाऊंगी इसमें डिस्टिंक्ट। मुझे सिर्फ इसमें यूनिक

[43:54] इसमें डिस्टिंक्ट। मुझे सिर्फ इसमें यूनिक सिटी चाहिए। तो मैं यहां पे लिखूंगी

[43:56] सिटी चाहिए। तो मैं यहां पे लिखूंगी सेलेक्ट

[43:58] सेलेक्ट डिस्टिंक्ट

[44:01] डिस्टिंक्ट सिटी फ्रॉम स्टूडेंट्स।

[44:06] सिटी फ्रॉम स्टूडेंट्स। एक्चुअली हमने इसे इंसर्ट नहीं करा है।

[44:08] एक्चुअली हमने इसे इंसर्ट नहीं करा है। पहले इसको इंसर्ट कराते हैं। उसके बाद में

[44:11] पहले इसको इंसर्ट कराते हैं। उसके बाद में डिस्टिंक्ट सिटी मांगेंगे। इसमें हम वंश

[44:14] डिस्टिंक्ट सिटी मांगेंगे। इसमें हम वंश को और इन सबको कमेंट कर देते हैं जो पहले

[44:17] को और इन सबको कमेंट कर देते हैं जो पहले इंसर्ट हो चुके हैं। फर्न डुप्लीकेट

[44:20] इंसर्ट हो चुके हैं। फर्न डुप्लीकेट एंट्रीज ऐड हो जाएंगी।

[44:26] नाउ इट इज करेक्ट। अब कराते हैं इसको

[44:28] नाउ इट इज करेक्ट। अब कराते हैं इसको इंसर्ट।

[44:30] इंसर्ट। तो ये इंसर्ट हो गया।

[44:34] तो ये इंसर्ट हो गया। अब इसे अनकमेंट कर देते हैं।

[44:41] एंड इसे भी अनकमेंड कर देते हैं। और इसे

[44:44] एंड इसे भी अनकमेंड कर देते हैं। और इसे भी अनकमेंड कर देते हैं। ठीक है? अभी हम

[44:47] भी अनकमेंड कर देते हैं। ठीक है? अभी हम कराते हैं पूरा टेबल प्रिंट।

[44:51] कराते हैं पूरा टेबल प्रिंट। तो पूरे टेबल में हमें मुंबई जो है वह एक,

[44:54] तो पूरे टेबल में हमें मुंबई जो है वह एक, दो एंड तीन बार आ रहा है। अब हमें चाहिए

[44:56] दो एंड तीन बार आ रहा है। अब हमें चाहिए कि डिस्टिंक्ट सिटी आए। तो उसके लिए हम

[44:58] कि डिस्टिंक्ट सिटी आए। तो उसके लिए हम इसको करेंगे एग्जीक्यूट।

[45:02] इसको करेंगे एग्जीक्यूट। तो यहां पर डिस्टिंक्ट सिटी में सिर्फ

[45:04] तो यहां पर डिस्टिंक्ट सिटी में सिर्फ मुंबई आ रहा है, पुणे आ रहा है और दिल्ली

[45:06] मुंबई आ रहा है, पुणे आ रहा है और दिल्ली आ रहा है। चाहे सिटी कितनी ही बार रिपीट

[45:08] आ रहा है। चाहे सिटी कितनी ही बार रिपीट हो डिस्टिंक्ट डुप्लीकेट हटा देता है।

[45:11] हो डिस्टिंक्ट डुप्लीकेट हटा देता है। इसको हम मेनली यूज़ करते हैं रिपोर्ट्स के

[45:13] इसको हम मेनली यूज़ करते हैं रिपोर्ट्स के लिए, डैशबोर्ड के लिए, एनालिसिस क्वरीज़ के

[45:16] लिए, डैशबोर्ड के लिए, एनालिसिस क्वरीज़ के लिए एक्सट्रा। चलिए एक बार फास्ट रिककैप

[45:19] लिए एक्सट्रा। चलिए एक बार फास्ट रिककैप कर लेते हैं। सेलेक्ट स्टार से पूरा डाटा

[45:22] कर लेते हैं। सेलेक्ट स्टार से पूरा डाटा आता है। और अगर आप कोई स्पेसिफिक कॉलम

[45:24] आता है। और अगर आप कोई स्पेसिफिक कॉलम सेलेक्ट करते हो जैसे कि नेम या फिर एज तो

[45:26] सेलेक्ट करते हो जैसे कि नेम या फिर एज तो उससे स्पेसिफिक डाटा आता है। अगर आप वेयर

[45:28] उससे स्पेसिफिक डाटा आता है। अगर आप वेयर क्लॉज़ का यूज़ करते हो तो उससे कंडीशन लगती

[45:31] क्लॉज़ का यूज़ करते हो तो उससे कंडीशन लगती है कि एज या तो इक्वल होना चाहिए 19 के या

[45:33] है कि एज या तो इक्वल होना चाहिए 19 के या तो फिर एज होनी चाहिए 18 से छोटी। तो उसके

[45:36] तो फिर एज होनी चाहिए 18 से छोटी। तो उसके लिए आप यूज़ करते हैं वेयर क्लॉज़ का। उसके

[45:38] लिए आप यूज़ करते हैं वेयर क्लॉज़ का। उसके बाद में आता है एंड। एंड में दोनों कंडीशन

[45:40] बाद में आता है एंड। एंड में दोनों कंडीशन ट्रू होनी चाहिए। देन आता है ऑर। ऑर में

[45:43] ट्रू होनी चाहिए। देन आता है ऑर। ऑर में कोई एक कंडीशन ट्रू होना चाहिए। देन आता

[45:46] कोई एक कंडीशन ट्रू होना चाहिए। देन आता है डिस्टिंक्ट। डिस्टिंक्ट जो है वह

[45:48] है डिस्टिंक्ट। डिस्टिंक्ट जो है वह डुप्लीकेट रिमूव करता है। अगर टेबल में

[45:50] डुप्लीकेट रिमूव करता है। अगर टेबल में 1000 रिकॉर्ड्स हो और मुझे सिर्फ कुछ

[45:52] 1000 रिकॉर्ड्स हो और मुझे सिर्फ कुछ स्पेसिफिक रिकॉर्ड देखने हो तो उसके लिए

[45:55] स्पेसिफिक रिकॉर्ड देखने हो तो उसके लिए क्या करना होगा? फॉर एग्जांपल मुझे सिर्फ

[45:57] क्या करना होगा? फॉर एग्जांपल मुझे सिर्फ वो एंप्लाइजस चाहिए जिनकी सैलरी 50,000 से

[46:00] वो एंप्लाइजस चाहिए जिनकी सैलरी 50,000 से ज्यादा हो या सिर्फ वो स्टूडेंट चाहिए

[46:02] ज्यादा हो या सिर्फ वो स्टूडेंट चाहिए जिनका डिपार्टमेंट आईटी हो। तो यह फ़्टरिंग

[46:05] जिनका डिपार्टमेंट आईटी हो। तो यह फ़्टरिंग का काम एसक्यूएल में वेयर क्लॉज़ और ऑपरेटर

[46:08] का काम एसक्यूएल में वेयर क्लॉज़ और ऑपरेटर की हेल्प से होता है। सबसे पहले समझते हैं

[46:11] की हेल्प से होता है। सबसे पहले समझते हैं कि एसक्यूएल ऑपरेटर एक्चुअली होते क्या

[46:13] कि एसक्यूएल ऑपरेटर एक्चुअली होते क्या है? ऑपरेटर का यूज़ डेटा कंपेयर करने या

[46:16] है? ऑपरेटर का यूज़ डेटा कंपेयर करने या फिल्टर करने के लिए होता है। मतलब हम

[46:18] फिल्टर करने के लिए होता है। मतलब हम डेटाबेस को बोलते हैं मुझे सिर्फ वो डाटा

[46:20] डेटाबेस को बोलते हैं मुझे सिर्फ वो डाटा दिखाओ जो इस कंडीशन को सेटिस्फाई करता हो।

[46:23] दिखाओ जो इस कंडीशन को सेटिस्फाई करता हो। अगर मैं बोलूं शो मी एंप्लॉय जिनकी सैलरी

[46:25] अगर मैं बोलूं शो मी एंप्लॉय जिनकी सैलरी 50,000 से ज्यादा है तो ये एक कंडीशन हो

[46:28] 50,000 से ज्यादा है तो ये एक कंडीशन हो गई और ये कंडीशन हम ऑपरेटर से लिखते हैं।

[46:30] गई और ये कंडीशन हम ऑपरेटर से लिखते हैं। सबसे पहले हम बात करते हैं कंपैरिजन

[46:32] सबसे पहले हम बात करते हैं कंपैरिजन ऑपरेटर की। यह ऑपरेटर वैल्यूस को कंपेयर

[46:35] ऑपरेटर की। यह ऑपरेटर वैल्यूस को कंपेयर करता है। तो चलिए हम ओपन करते हैं

[46:37] करता है। तो चलिए हम ओपन करते हैं मायसक्यूएल वर्क बैच और वहां पे हम देखते

[46:39] मायसक्यूएल वर्क बैच और वहां पे हम देखते हैं कि कैसे किस ऑपरेटर का यूज़ होता है।

[46:42] हैं कि कैसे किस ऑपरेटर का यूज़ होता है। मैंने ऑलरेडी टेबल क्रिएट और इंसर्ट करा

[46:44] मैंने ऑलरेडी टेबल क्रिएट और इंसर्ट करा के रखा है। अभी हम सबसे पहले देखेंगे

[46:45] के रखा है। अभी हम सबसे पहले देखेंगे इक्वल टू के बारे में। इक्वल ऑपरेटर का

[46:48] इक्वल टू के बारे में। इक्वल ऑपरेटर का यूज़ तब होता है जब हमें एग्जैक्ट मैच

[46:50] यूज़ तब होता है जब हमें एग्जैक्ट मैच चाहिए होता है। यहां पे हम लिखेंगे

[46:52] चाहिए होता है। यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम टेबल का नेम क्या है?

[46:55] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम टेबल का नेम क्या है? एंप्लॉय

[46:57] एंप्लॉय वेयर डिपार्टमेंट = IT। इस क्वरी का मतलब

[47:02] वेयर डिपार्टमेंट = IT। इस क्वरी का मतलब क्या है? एंप्लॉय टेबल में सिर्फ वह

[47:04] क्या है? एंप्लॉय टेबल में सिर्फ वह रिकॉर्ड दिखाओ जिनका डिपार्टमेंट आईटी है।

[47:07] रिकॉर्ड दिखाओ जिनका डिपार्टमेंट आईटी है। अगर टेबल में 100 एंप्लॉय है और सिर्फ 10

[47:09] अगर टेबल में 100 एंप्लॉय है और सिर्फ 10 आईडी डिपार्टमेंट के हैं तो सिर्फ 10 रो

[47:11] आईडी डिपार्टमेंट के हैं तो सिर्फ 10 रो शो होंगी। इसके बाद में दूसरा आता है नॉट

[47:14] शो होंगी। इसके बाद में दूसरा आता है नॉट इक्वल टू। इसको हम ऐसे लिखते हैं नॉट

[47:16] इक्वल टू। इसको हम ऐसे लिखते हैं नॉट इक्वल टू को। या तो इसे ऐसा लिखते हैं या

[47:20] इक्वल टू को। या तो इसे ऐसा लिखते हैं या फिर इसको ऐसा लिखते हैं। नॉट इक्वल टू

[47:22] फिर इसको ऐसा लिखते हैं। नॉट इक्वल टू ऑपरेटर का यूज़ तब होता है जब हमें कोई

[47:24] ऑपरेटर का यूज़ तब होता है जब हमें कोई वैल्यू एक्सक्लूड करनी हो। जैसे सेलेक्ट

[47:28] वैल्यू एक्सक्लूड करनी हो। जैसे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[47:32] स्टार फ्रॉम एमंप्लई

[47:35] वेयर

[47:37] वेयर डिपार्टमेंट इज नॉट इक्वल टू आईटी ले लेते

[47:40] डिपार्टमेंट इज नॉट इक्वल टू आईटी ले लेते हैं।

[47:41] हैं। इसका मतलब यह है कि यहां पे आईटी

[47:43] इसका मतलब यह है कि यहां पे आईटी डिपार्टमेंट को हटा के यहां पे सारे

[47:44] डिपार्टमेंट को हटा के यहां पे सारे एंप्लॉय दिखा दो। तो इसने आईटी को हटा के

[47:46] एंप्लॉय दिखा दो। तो इसने आईटी को हटा के सारे एचआर सेल्स टीचर सब दिखा दिया। इसके

[47:49] सारे एचआर सेल्स टीचर सब दिखा दिया। इसके बाद में नेक्स्ट आता है ग्रेटर दैन।

[47:50] बाद में नेक्स्ट आता है ग्रेटर दैन। ग्रेटर दैन ऑपरेटर का यूज़ तब होता है जब

[47:52] ग्रेटर दैन ऑपरेटर का यूज़ तब होता है जब हमें बड़ी वैल्यू चाहिए हो।

[47:55] हमें बड़ी वैल्यू चाहिए हो। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लई

[48:01] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लई वेयर

[48:03] वेयर सैलरी इज ग्रेटर देन 50000 जिनकी सैलरी

[48:08] सैलरी इज ग्रेटर देन 50000 जिनकी सैलरी 50,000 से ज्यादा है वो एंप्लॉय चाहिए।

[48:12] 50,000 से ज्यादा है वो एंप्लॉय चाहिए। सिर्फ वो एंप्लॉय शो होंगे जिनकी सैलरी

[48:14] सिर्फ वो एंप्लॉय शो होंगे जिनकी सैलरी 50,000 से ज्यादा है। इसके बाद में होता

[48:17] 50,000 से ज्यादा है। इसके बाद में होता है लेस दैन। लेस दैन का यूज़ हम करते हैं

[48:19] है लेस दैन। लेस दैन का यूज़ हम करते हैं जब हमें इससे कम सैलरी वाले चाहिए। तो

[48:21] जब हमें इससे कम सैलरी वाले चाहिए। तो इससे अगर मैं कम सैलरी वाले लोगों को

[48:23] इससे अगर मैं कम सैलरी वाले लोगों को डिस्प्ले कराऊंगी तो यहां पे 50,000 से कम

[48:26] डिस्प्ले कराऊंगी तो यहां पे 50,000 से कम सैलरी वाले एंप्लॉयज़ शो हो रहे हैं। इसके

[48:28] सैलरी वाले एंप्लॉयज़ शो हो रहे हैं। इसके बाद में नेक्स्ट होता है ग्रेटर दैन इक्वल

[48:30] बाद में नेक्स्ट होता है ग्रेटर दैन इक्वल टू यह क्वरी वह एंप्लॉय शो करेगी जिनकी

[48:33] टू यह क्वरी वह एंप्लॉय शो करेगी जिनकी सैलरी जैसे मैं लिखती हूं यहां पे सेलेक्ट

[48:36] सैलरी जैसे मैं लिखती हूं यहां पे सेलेक्ट स्टार फ़ एंप्लॉय

[48:40] स्टार फ़ एंप्लॉय वेयर

[48:42] वेयर सैलरी इज़ ग्रेटर और इक्वल टू 500000 तो ये

[48:46] सैलरी इज़ ग्रेटर और इक्वल टू 500000 तो ये क्वरी वो एंप्लॉय शो करेगी जिनकी सैलरी

[48:48] क्वरी वो एंप्लॉय शो करेगी जिनकी सैलरी 500000 या 500000 से ज्यादा है।

[48:51] 500000 या 500000 से ज्यादा है। नेक्स्ट आता है लेस दैन इक्वल टू

[48:58] लेस दैन इक्वल टू में हम लिखेंगे सेलेक्ट

[49:01] लेस दैन इक्वल टू में हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[49:03] स्टार फ्रॉम एंप्लॉय

[49:06] फ्रॉम एंप्लॉय वेयर सैलरी इज लेस दैन इक्वल टू 40

[49:11] वेयर सैलरी इज लेस दैन इक्वल टू 40 यहां पे वो एंप्लॉय शो करेंगे जिनकी सैलरी

[49:14] यहां पे वो एंप्लॉय शो करेंगे जिनकी सैलरी 40 या उससे कम होगी

[49:17] 40 या उससे कम होगी ये सारे एवरेज जिनकी सैलरी 40 या 40 से कम

[49:20] ये सारे एवरेज जिनकी सैलरी 40 या 40 से कम है या 40 40,000 के इक्वल है। नेक्स्ट आता

[49:23] है या 40 40,000 के इक्वल है। नेक्स्ट आता है बिटवीन ऑपरेटर। इसका यूज़ तब होता है जब

[49:26] है बिटवीन ऑपरेटर। इसका यूज़ तब होता है जब हमें रेंज के अंदर डेटा चाहिए हो। जैसे

[49:30] हमें रेंज के अंदर डेटा चाहिए हो। जैसे मैं लिखूंगी सेलेक्ट स्टार

[49:34] मैं लिखूंगी सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय

[49:38] फ्रॉम एंप्लॉय वेयर

[49:40] वेयर सैलरी

[49:42] सैलरी बिटवीन।

[49:45] कितनी सैलरी ले लेते हैं बिटवीन में हम?

[49:47] कितनी सैलरी ले लेते हैं बिटवीन में हम? 30,000 से ले लेते हैं

[49:49] 30,000 से ले लेते हैं या फिर हम ले लेते हैं हम 30,000 से ले

[49:53] या फिर हम ले लेते हैं हम 30,000 से ले लेते हैं। 30,000

[49:57] एंड

[50:00] एंड 6,000

[50:02] 6,000 तो यहां पर जिसकी सैलरी इस रेंज के बिटवीन

[50:04] तो यहां पर जिसकी सैलरी इस रेंज के बिटवीन में होगी वो सारे एंप्लाइजज़ प्रिंट हो

[50:07] में होगी वो सारे एंप्लाइजज़ प्रिंट हो जाएंगे।

[50:11] बिटवीन जो है वह स्टार्टिंग और एंडिंग

[50:14] बिटवीन जो है वह स्टार्टिंग और एंडिंग वैल्यू को इंक्लूड करता है। इसके बाद में

[50:17] वैल्यू को इंक्लूड करता है। इसके बाद में आता है इन ऑपरेटर। इन ऑपरेटर का यूज़ तब

[50:20] आता है इन ऑपरेटर। इन ऑपरेटर का यूज़ तब होता है जब हमें मल्टीपल वैल्यूस चेक करनी

[50:22] होता है जब हमें मल्टीपल वैल्यूस चेक करनी हो। फॉर एग्जांपल

[50:25] हो। फॉर एग्जांपल सेलेक्ट

[50:28] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय

[50:32] स्टार फ्रॉम एंप्लॉय वेयर

[50:35] वेयर वेयर डिपार्टमेंट इन

[50:38] वेयर डिपार्टमेंट इन यहां पर ले लेते हैं हम आईटी

[50:42] यहां पर ले लेते हैं हम आईटी सेल्स

[50:44] सेल्स और एचआर

[50:48] तो यह क्वरी सिर्फ वह एंप्लई शो करेगी। वह

[50:51] तो यह क्वरी सिर्फ वह एंप्लई शो करेगी। वह आईटी डिपार्टमेंट में है या एचआर

[50:53] आईटी डिपार्टमेंट में है या एचआर डिपार्टमेंट में है या सेल्स डिपार्टमेंट

[50:54] डिपार्टमेंट में है या सेल्स डिपार्टमेंट में है। तो यहां पे टीचर को छोड़कर जो भी

[50:57] में है। तो यहां पे टीचर को छोड़कर जो भी आईटी में थे, एचआर में थे, सेल्स में थे

[50:59] आईटी में थे, एचआर में थे, सेल्स में थे वो सारे आ गए। जैसे मैं यहां से सेल्स भी

[51:00] वो सारे आ गए। जैसे मैं यहां से सेल्स भी हटा देती हूं।

[51:03] हटा देती हूं। तो आईटी और एचआर प्रिंट हो जाएंगे।

[51:06] तो आईटी और एचआर प्रिंट हो जाएंगे। नेक्स्ट आता है नॉट ऑपरेटर। नॉट ऑपरेटर

[51:09] नेक्स्ट आता है नॉट ऑपरेटर। नॉट ऑपरेटर किसी कंडीशन को रिवर्स कर देता है। जैसे

[51:12] किसी कंडीशन को रिवर्स कर देता है। जैसे सेलेक्ट स्टार

[51:15] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[51:17] फ्रॉम एंप्लॉय

[51:20] एंप्लॉय वेयर

[51:22] वेयर डिपार्टमेंट

[51:24] डिपार्टमेंट नॉट इन एचआर।

[51:36] इसका मतलब एचआर डिपार्टमेंट के अलावा बाकी

[51:38] इसका मतलब एचआर डिपार्टमेंट के अलावा बाकी सब एंप्लॉयड शो कर दो। एंड ऑपरेटर एंड का

[51:41] सब एंप्लॉयड शो कर दो। एंड ऑपरेटर एंड का मतलब होता है दोनों कंडीशन ट्रू होनी

[51:43] मतलब होता है दोनों कंडीशन ट्रू होनी चाहिए। इसे मैं लिखती हूं सेलेक्ट स्टार

[51:46] चाहिए। इसे मैं लिखती हूं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लई

[51:50] फ्रॉम एंप्लई वेयर

[51:51] वेयर डिपार्टमेंट आईटी होना चाहिए

[51:57] एंड सैलरी जो है वो

[52:03] ज्यादा होना चाहिए 500000 से तो यहां पे

[52:06] ज्यादा होना चाहिए 500000 से तो यहां पे जिनका डिपार्टमेंट आईटी है और सैलरी

[52:07] जिनका डिपार्टमेंट आईटी है और सैलरी 50,000 से ज्यादा है वह सारे प्रिंट हो

[52:09] 50,000 से ज्यादा है वह सारे प्रिंट हो जाएंगे राहुल की सैलरी ज्यादा है 500000

[52:12] जाएंगे राहुल की सैलरी ज्यादा है 500000 से और डिपार्ट डिपार्टमेंट जो है वह आईटी

[52:14] से और डिपार्ट डिपार्टमेंट जो है वह आईटी है।

[52:16] है। इसके बाद होता है और अगर कोई भी एक कंडीशन

[52:19] इसके बाद होता है और अगर कोई भी एक कंडीशन ट्रू होती है तो यह रिकॉर्ड शो होता है।

[52:22] ट्रू होती है तो यह रिकॉर्ड शो होता है। सेलेक्ट

[52:26] स्टार फ्रॉम

[52:28] स्टार फ्रॉम एंप्लई

[52:30] एंप्लई वेयर

[52:34] डिपार्टमेंट क्या हो?

[52:36] डिपार्टमेंट क्या हो? आईटी हो या तो फिर डिपार्टमेंट हो और

[52:40] आईटी हो या तो फिर डिपार्टमेंट हो और डिपार्टमेंट

[52:43] डिपार्टमेंट = एचआर। यह क्वरी आईटी डिपार्टमेंट के

[52:46] = एचआर। यह क्वरी आईटी डिपार्टमेंट के एंप्लॉय या एचआर डिपार्टमेंट के एंप्लॉय

[52:48] एंप्लॉय या एचआर डिपार्टमेंट के एंप्लॉय शो करेगी। अब मैं आपको कुछ प्रैक्टिस

[52:51] शो करेगी। अब मैं आपको कुछ प्रैक्टिस क्वेश्चन दे रही हूं। वीडियो पॉज करके खुद

[52:53] क्वेश्चन दे रही हूं। वीडियो पॉज करके खुद से सॉल्व करने की कोशिश करना है आपको।

[52:55] से सॉल्व करने की कोशिश करना है आपको। सबसे पहला क्वेश्चन है। मैं यहां लिख भी

[52:57] सबसे पहला क्वेश्चन है। मैं यहां लिख भी देती हूं। यह सारे क्वेश्चंस आपको सॉल्व

[53:00] देती हूं। यह सारे क्वेश्चंस आपको सॉल्व करना है और कमेंट बॉक्स में कमेंट करना

[53:02] करना है और कमेंट बॉक्स में कमेंट करना है। मैंने पहले से डाटा इंसर्ट करा के रखा

[53:05] है। मैंने पहले से डाटा इंसर्ट करा के रखा है। टेबल बनाया है स्टूडेंट का जिसमें

[53:07] है। टेबल बनाया है स्टूडेंट का जिसमें आईडी है, नेम है, एज है, सिटी है और कोर्स

[53:10] आईडी है, नेम है, एज है, सिटी है और कोर्स है। और इस टेबल के अंदर मल्टीपल स्टूडेंट

[53:13] है। और इस टेबल के अंदर मल्टीपल स्टूडेंट का डेटा इंसर्ट करा के रखा है। अब हम

[53:16] का डेटा इंसर्ट करा के रखा है। अब हम सेलेक्ट क्वरी के आउटपुट को अच्छे ऑर्डर

[53:18] सेलेक्ट क्वरी के आउटपुट को अच्छे ऑर्डर में कम रो के साथ और स्मार्ट सर्च के साथ

[53:20] में कम रो के साथ और स्मार्ट सर्च के साथ देखना चाहते हैं। सबसे पहले हम पढ़ेंगे

[53:23] देखना चाहते हैं। सबसे पहले हम पढ़ेंगे ऑर्डर बाय के बारे में। ऑर्डर बाय का मतलब

[53:25] ऑर्डर बाय के बारे में। ऑर्डर बाय का मतलब होता है डेटा को शॉर्ट करना। जैसे एज के

[53:28] होता है डेटा को शॉर्ट करना। जैसे एज के हिसाब से, नेम के हिसाब से, सिटी के हिसाब

[53:30] हिसाब से, नेम के हिसाब से, सिटी के हिसाब से बिल्कुल वैसे-जैसे क्लास में रोल नंबर

[53:33] से बिल्कुल वैसे-जैसे क्लास में रोल नंबर के ऑर्डर में बैठते हैं। मान लो मुझे

[53:35] के ऑर्डर में बैठते हैं। मान लो मुझे स्टूडेंट को एज के ऑर्डर में दिखाना है।

[53:38] स्टूडेंट को एज के ऑर्डर में दिखाना है। तो उसके लिए हम क्या लिखेंगे?

[53:40] तो उसके लिए हम क्या लिखेंगे? यहां मैंने दूसरी फाइल बना ली है और उसमें

[53:43] यहां मैंने दूसरी फाइल बना ली है और उसमें मैंने यूज़ किया है स्टूडेंट्स को जो

[53:44] मैंने यूज़ किया है स्टूडेंट्स को जो डेटाबेस बनाया था वो। यहां हम लिखेंगे

[53:47] डेटाबेस बनाया था वो। यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट

[53:50] सेलेक्ट स्टार

[53:51] स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स।

[53:56] टेबल का नाम स्टूडेंट है। एक बार देख लेते

[53:58] टेबल का नाम स्टूडेंट है। एक बार देख लेते हैं। स्टूडेंट्स ही है।

[54:01] हैं। स्टूडेंट्स ही है। वेयर सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स

[54:04] वेयर सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स ऑर्डर बाय एज।

[54:14] तो यहां पर 18 19 20 से ले इसने प्रिंट

[54:19] तो यहां पर 18 19 20 से ले इसने प्रिंट करा दी है। यहां पे ऑर्डर बाय एज लिखने का

[54:21] करा दी है। यहां पे ऑर्डर बाय एज लिखने का मतलब है एज के अकॉर्डिंग शॉर्ट करना। और

[54:24] मतलब है एज के अकॉर्डिंग शॉर्ट करना। और अगर हम एएससी यानी असेंडिंग या डिसेंडिंग

[54:27] अगर हम एएससी यानी असेंडिंग या डिसेंडिंग कुछ नहीं लिखते हैं तो एसक्यूएल डिफ़ॉल्ट

[54:29] कुछ नहीं लिखते हैं तो एसक्यूएल डिफ़ॉल्ट में असेंडिंग ऑर्डर यूज़ करता है। असेंडिंग

[54:31] में असेंडिंग ऑर्डर यूज़ करता है। असेंडिंग का मतलब है छोटी वैल्यू पहले बड़ी वैल्यू

[54:34] का मतलब है छोटी वैल्यू पहले बड़ी वैल्यू बाद में।

[54:35] बाद में। अब अगर मुझे बड़ी एज वाले स्टूडेंट पहले

[54:38] अब अगर मुझे बड़ी एज वाले स्टूडेंट पहले चाहिए हो तो उसके लिए मैं क्या लिखूंगी?

[54:41] चाहिए हो तो उसके लिए मैं क्या लिखूंगी? इसको क्लोज कर देती हूं ना।

[54:45] इसको क्लोज कर देती हूं ना। उसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट

[54:50] उसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[54:53] स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स

[54:58] ऑर्डर बाय

[55:02] ऑर्डर बाय एज। आपको आगे लिखना है डिसेंडिंग डीएससी

[55:08] एज। आपको आगे लिखना है डिसेंडिंग डीएससी डीएससी का मतलब होता है डिसेंडिंग ऑर्डर

[55:10] डीएससी का मतलब होता है डिसेंडिंग ऑर्डर में तो यहां पे हमको सबसे पहले बड़ा

[55:13] में तो यहां पे हमको सबसे पहले बड़ा स्टूडेंट मिला उसके बाद फिर छोटा ऐसे करते

[55:16] स्टूडेंट मिला उसके बाद फिर छोटा ऐसे करते हुए हमें डिसेंडिंग ऑर्डर में स्टूडेंट की

[55:17] हुए हमें डिसेंडिंग ऑर्डर में स्टूडेंट की लिस्ट मिल गई। इसको आप हाईएस्ट मार्क्स,

[55:21] लिस्ट मिल गई। इसको आप हाईएस्ट मार्क्स, हाईएस्ट सैलरी एट टॉप परफॉर्मेंस के लिए

[55:23] हाईएस्ट सैलरी एट टॉप परफॉर्मेंस के लिए भी यूज़ कर सकते हैं। अभी हम देखेंगे ऑर्डर

[55:26] भी यूज़ कर सकते हैं। अभी हम देखेंगे ऑर्डर व को वियर के साथ में। ऑर्डर व को हम वियर

[55:29] व को वियर के साथ में। ऑर्डर व को हम वियर के साथ भी यूज़ कर सकते हैं। जैसे एग्जांपल

[55:33] के साथ भी यूज़ कर सकते हैं। जैसे एग्जांपल लेते हैं। हमें दिल्ली के स्टूडेंट चाहिए

[55:36] लेते हैं। हमें दिल्ली के स्टूडेंट चाहिए जिनकी एज डिसेंडिंग आर्डर में हो। तो उसके

[55:38] जिनकी एज डिसेंडिंग आर्डर में हो। तो उसके लिए हम लिखेंगे क्यूरी सेलेक्ट स्टार्ट

[55:43] लिए हम लिखेंगे क्यूरी सेलेक्ट स्टार्ट फ्रॉम स्टूडेंट्स।

[55:47] यहां पे लगाएंगे हम वेयर। सिटी जहां पे

[55:49] यहां पे लगाएंगे हम वेयर। सिटी जहां पे क्या हो? दिल्ली हो।

[55:55] एंड हमें चाहिए डिसेंडिंग ऑर्डर में। तो

[55:58] एंड हमें चाहिए डिसेंडिंग ऑर्डर में। तो यहां लिखेंगे हम ऑर्डर

[56:00] यहां लिखेंगे हम ऑर्डर बाय एज

[56:05] हमें चाहिए डिसेंडिंग ऑर्डर में। यहां पे

[56:08] हमें चाहिए डिसेंडिंग ऑर्डर में। यहां पे जितने भी स्टूडेंट थे दिल्ली के वो

[56:10] जितने भी स्टूडेंट थे दिल्ली के वो असेंडिंग ऑर्डर में प्रिंट हो गए। यहां पे

[56:12] असेंडिंग ऑर्डर में प्रिंट हो गए। यहां पे इतने सारे स्टूडेंट थे दिल्ली के थे,

[56:14] इतने सारे स्टूडेंट थे दिल्ली के थे, मुंबई के थे, पुणे के थे। तो इन सब में से

[56:17] मुंबई के थे, पुणे के थे। तो इन सब में से उसने जितने भी दिल्ली वाले स्टूडेंट थे,

[56:19] उसने जितने भी दिल्ली वाले स्टूडेंट थे, उनको फ़्टर कर दिया। बिकॉज़ हमें सिर्फ सिटी

[56:21] उनको फ़्टर कर दिया। बिकॉज़ हमें सिर्फ सिटी दिल्ली ही चाहिए थी और ऐज को डिसेंडिंग

[56:24] दिल्ली ही चाहिए थी और ऐज को डिसेंडिंग ऑर्डर में कर दिया। इसके बाद में हम

[56:27] ऑर्डर में कर दिया। इसके बाद में हम नेक्स्ट पढ़ेंगे लिमिट के बारे में। लिमिट

[56:30] नेक्स्ट पढ़ेंगे लिमिट के बारे में। लिमिट का काम होता है कितनी रो दिखानी है यह

[56:32] का काम होता है कितनी रो दिखानी है यह कंट्रोल करना। मान लो टेबल में 100

[56:35] कंट्रोल करना। मान लो टेबल में 100 स्टूडेंट है लेकिन मुझे सिर्फ फाइव रो

[56:36] स्टूडेंट है लेकिन मुझे सिर्फ फाइव रो देखनी है। तो उसके लिए हम यूज़ करते हैं

[56:38] देखनी है। तो उसके लिए हम यूज़ करते हैं लिमिट का। इसको हम क्लोज कर देते हैं। ये

[56:42] लिमिट का। इसको हम क्लोज कर देते हैं। ये हमने देखा था ऑर्डर Y के लिए।

[56:52] अब हम देख रहे हैं लिमिट के लिए।

[56:58] इसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट

[57:02] इसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार्ट फ्रॉम

[57:04] स्टार्ट फ्रॉम टेबल नेम स्टूडेंट्स।

[57:09] यहां पे हम लिमिट लेंगे फाइव।

[57:15] इसका मतलब क्या है? कि सिर्फ फाइव रो शो

[57:18] इसका मतलब क्या है? कि सिर्फ फाइव रो शो होंगी। बाकी रो इग्नोर हो जाएंगी। यहां पर

[57:21] होंगी। बाकी रो इग्नोर हो जाएंगी। यहां पर सबसे पहले अमन था, रिया था, अंकित था, देन

[57:24] सबसे पहले अमन था, रिया था, अंकित था, देन पूजा एंड नेहा। यह फाइव स्टूडेंट थे फ्रंट

[57:27] पूजा एंड नेहा। यह फाइव स्टूडेंट थे फ्रंट के। तो सिर्फ हमें पांच ही स्टूडेंट मिले।

[57:29] के। तो सिर्फ हमें पांच ही स्टूडेंट मिले। बाकी के स्टूडेंट जो थे वो इग्नोर हो गई।

[57:31] बाकी के स्टूडेंट जो थे वो इग्नोर हो गई। बाकी की जो रोज़ थी वो इग्नोर कर दी हमने

[57:33] बाकी की जो रोज़ थी वो इग्नोर कर दी हमने लिमिट का यूज़ करके। अभी हम ऑर्डर y और

[57:36] लिमिट का यूज़ करके। अभी हम ऑर्डर y और लिमिट को साथ में भी यूज़ कर सकते हैं।

[57:39] लिमिट को साथ में भी यूज़ कर सकते हैं। लिमिट ज्यादातर ऑर्डर y के साथ ही यूज़

[57:41] लिमिट ज्यादातर ऑर्डर y के साथ ही यूज़ होता है। अगर आपको टॉप थ्री सबसे ज्यादा

[57:44] होता है। अगर आपको टॉप थ्री सबसे ज्यादा एज वाले स्टूडेंट चाहिए तो उसके लिए आप

[57:47] एज वाले स्टूडेंट चाहिए तो उसके लिए आप लिमिट और ऑर्डर y का एक साथ यूज़ कर सकते

[57:50] लिमिट और ऑर्डर y का एक साथ यूज़ कर सकते हैं। सबसे ज्यादा एज मतलब डिसेंडिंग ऑर्डर

[57:53] हैं। सबसे ज्यादा एज मतलब डिसेंडिंग ऑर्डर में और टॉप थ्री स्टूडेंट चाहिए। मतलब हम

[57:56] में और टॉप थ्री स्टूडेंट चाहिए। मतलब हम लिमिट लगाएंगे थ्री। तो यहां पर लिखेंगे

[57:59] लिमिट लगाएंगे थ्री। तो यहां पर लिखेंगे हम सेलेक्ट

[58:03] स्टार्ट फ्रॉम स्टूडेंट्स

[58:08] ऑर्डर बाय

[58:12] डिसेंडिंग ऑर्डर

[58:18] एंड हमें टॉप थ्री स्टूडेंट चाहिए तो उसके

[58:19] एंड हमें टॉप थ्री स्टूडेंट चाहिए तो उसके लिए हम लगाएंगे लिमिट थ्री

[58:23] लिए हम लगाएंगे लिमिट थ्री ऑर्डर बाय एज भी लिखना है यहां पर एज को

[58:25] ऑर्डर बाय एज भी लिखना है यहां पर एज को करना है डिसेंडिंग ऑर्डर पर

[58:29] करना है डिसेंडिंग ऑर्डर पर तो यहां पर हमको तीन स्टूडेंट मिले जिनकी

[58:32] तो यहां पर हमको तीन स्टूडेंट मिले जिनकी एज सबसे ज्यादा थी। सबसे पहले मिला राहुल,

[58:34] एज सबसे ज्यादा थी। सबसे पहले मिला राहुल, करण एंड नेहा।

[58:37] करण एंड नेहा। यह हमारा टेबल था। इसमें राहुल की ऐज 25

[58:40] यह हमारा टेबल था। इसमें राहुल की ऐज 25 थी एंड करण की 24 थी एंड नेहा की 23 थी।

[58:44] थी एंड करण की 24 थी एंड नेहा की 23 थी। तो ये हमें तीन स्टूडेंट मिले जिनकी ऐज

[58:46] तो ये हमें तीन स्टूडेंट मिले जिनकी ऐज सबसे ज्यादा थी और हमने लिमिट दी थी थ्री।

[58:48] सबसे ज्यादा थी और हमने लिमिट दी थी थ्री। तो, हमें सिर्फ थ्री स्टूडेंट्स ही मिले।

[58:50] तो, हमें सिर्फ थ्री स्टूडेंट्स ही मिले। अभी आप लिमिट को वेयर के साथ भी यूज़ कर

[58:53] अभी आप लिमिट को वेयर के साथ भी यूज़ कर सकते हैं। मान लो सिर्फ मुंबई के दो

[58:55] सकते हैं। मान लो सिर्फ मुंबई के दो स्टूडेंट चाहिए। तो उसके लिए हम लिखेंगे

[58:58] स्टूडेंट चाहिए। तो उसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[59:00] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स

[59:03] फ्रॉम स्टूडेंट्स वेयर सिटी लेनी है हमें मुंबई

[59:12] एंड

[59:17] लिमिट लेनी है टू दो ही स्टूडेंट चाहिए

[59:20] लिमिट लेनी है टू दो ही स्टूडेंट चाहिए हमें

[59:22] हमें तो यहां पे मुंबई के हमें दो स्टूडेंट

[59:24] तो यहां पे मुंबई के हमें दो स्टूडेंट मिले रिया एंड नेहा

[59:26] मिले रिया एंड नेहा बाकी सारे इग्नोर हो गए क्योंकि हमें दो

[59:29] बाकी सारे इग्नोर हो गए क्योंकि हमें दो ही रो चाहिए थी।

[59:32] ही रो चाहिए थी। अभी नेक्स्ट आता है लाइक ऑपरेटर। लाइक

[59:34] अभी नेक्स्ट आता है लाइक ऑपरेटर। लाइक ऑपरेटर का यूज़ होता है जब हमें एग्जैक्ट

[59:37] ऑपरेटर का यूज़ होता है जब हमें एग्जैक्ट वैल्यू पता नहीं होती है। हम सिर्फ यह

[59:39] वैल्यू पता नहीं होती है। हम सिर्फ यह जानते हैं कि नाम किस लेटर से स्टार्ट

[59:41] जानते हैं कि नाम किस लेटर से स्टार्ट होता है या नाम के बीच में क्या आता है।

[59:43] होता है या नाम के बीच में क्या आता है। तब हम लाइक का यूज़ करते हैं। लाइक के साथ

[59:47] तब हम लाइक का यूज़ करते हैं। लाइक के साथ हम वाइल्ड कार्ड का यूज़ करते हैं। वाइल्ड

[59:50] हम वाइल्ड कार्ड का यूज़ करते हैं। वाइल्ड कार्ड मतलब परसेंटेज।

[59:52] कार्ड मतलब परसेंटेज। वाइल्ड कार्ड का मतलब कुछ भी हो सकता है,

[59:54] वाइल्ड कार्ड का मतलब कुछ भी हो सकता है, कितना भी लंबा हो सकता है। सबसे पहले हम

[59:57] कितना भी लंबा हो सकता है। सबसे पहले हम लगाएंगे लाइक को स्टूडेंट्स के लिए जिनका

[01:00:01] लगाएंगे लाइक को स्टूडेंट्स के लिए जिनका नेम स्टार्ट होता है ए से उसके लिए। यहां

[01:00:04] नेम स्टार्ट होता है ए से उसके लिए। यहां लिख देते हैं

[01:00:06] लिख देते हैं डिस्प्ले।

[01:00:09] डिस्प्ले। यह कमेंट नहीं होगा। इसको स्पेस देना

[01:00:10] यह कमेंट नहीं होगा। इसको स्पेस देना पड़ेगा। एक

[01:00:13] पड़ेगा। एक स्टूडेंट्स नेम

[01:00:16] स्टूडेंट्स नेम स्टार्ट्स विद ए

[01:00:21] तो उसके लिए सबसे पहले हम टेबल लेंगे।

[01:00:23] तो उसके लिए सबसे पहले हम टेबल लेंगे। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[01:00:29] टेबल का नेम हमारा था स्टूडेंट।

[01:00:33] टेबल का नेम हमारा था स्टूडेंट। क्या करना है हमें? डिस्प्ले कराना है। तो

[01:00:35] क्या करना है हमें? डिस्प्ले कराना है। तो स्टूडेंट का नेम यहां पे हम लिखेंगे वेयर

[01:00:39] स्टूडेंट का नेम यहां पे हम लिखेंगे वेयर नेम लाइक।

[01:00:43] नेम लाइक। अब लगाएंगे ए देन लगाएंगे परसेंटेज या

[01:00:46] अब लगाएंगे ए देन लगाएंगे परसेंटेज या वाइल्ड कार्ड।

[01:00:53] तो यहां पर जितने भी स्टूडेंट थे जिनका

[01:00:55] तो यहां पर जितने भी स्टूडेंट थे जिनका नेम ए से स्टार्ट होता है वह सारे ही

[01:00:57] नेम ए से स्टार्ट होता है वह सारे ही प्रिंट हो गए। जब हम वाइल्ड कार्ड एंड में

[01:00:59] प्रिंट हो गए। जब हम वाइल्ड कार्ड एंड में लगाते हैं तो मतलब हमें स्टूडेंट चाहिए

[01:01:01] लगाते हैं तो मतलब हमें स्टूडेंट चाहिए जिनका नेम स्टार्ट होता है ए से। लेकिन

[01:01:04] जिनका नेम स्टार्ट होता है ए से। लेकिन अगर इसको हम फ्रंट में लगाते हैं तो इसका

[01:01:06] अगर इसको हम फ्रंट में लगाते हैं तो इसका मतलब होता है कि हमें वो स्टूडेंट चाहिए

[01:01:08] मतलब होता है कि हमें वो स्टूडेंट चाहिए जिनका नेम एंड होता है ए से। सारे ही

[01:01:10] जिनका नेम एंड होता है ए से। सारे ही डिस्प्ले हो गए। अब नेक्स्ट हमें वह

[01:01:12] डिस्प्ले हो गए। अब नेक्स्ट हमें वह स्टूडेंट चाहिए जिनके नेम में एन आता हो।

[01:01:15] स्टूडेंट चाहिए जिनके नेम में एन आता हो। डिस्प्ले

[01:01:21] नेम

[01:01:23] नेम कंटेंट

[01:01:26] कंटेंट एन

[01:01:28] एन तो लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार

[01:01:34] फ्रॉम

[01:01:35] फ्रॉम स्टूडेंट्स

[01:01:37] स्टूडेंट्स वेयर

[01:01:39] वेयर नेम

[01:01:42] लाइक

[01:01:45] लाइक परसेंटेज फिल फिर लगाएंगे हम एन देन

[01:01:48] परसेंटेज फिल फिर लगाएंगे हम एन देन परसेंटेज

[01:01:52] तो यहां पे अमन में एन आता है। अंकित में

[01:01:54] तो यहां पे अमन में एन आता है। अंकित में एन आता है। सोहन में एन है। करन में है।

[01:01:57] एन आता है। सोहन में एन है। करन में है। तो ये सारे जिनमें एन आता है वो सारे ही

[01:01:59] तो ये सारे जिनमें एन आता है वो सारे ही नेम डिस्प्ले हो गए। मान लो नेम ए से

[01:02:02] नेम डिस्प्ले हो गए। मान लो नेम ए से स्टार्ट हो और सिटी दिल्ली हो। हमें सिर्फ

[01:02:03] स्टार्ट हो और सिटी दिल्ली हो। हमें सिर्फ वही स्टूडेंट चाहिए। तो उसके लिए हम एंड

[01:02:06] वही स्टूडेंट चाहिए। तो उसके लिए हम एंड को और लाइक को साथ में यूज़ कर सकते हैं।

[01:02:08] को और लाइक को साथ में यूज़ कर सकते हैं। लिखेंगे हम सेलेक्ट

[01:02:11] लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[01:02:13] स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स

[01:02:16] स्टूडेंट्स वेयर

[01:02:18] वेयर नेम लाइक एज

[01:02:23] लाइक

[01:02:25] लाइक नेम स्टार्ट हो ए से तो पहले ए आएगा देन

[01:02:28] नेम स्टार्ट हो ए से तो पहले ए आएगा देन आएगा वाइल कार्ड

[01:02:30] आएगा वाइल कार्ड एंड देन सिटी जो है वह होनी चाहिए दरी

[01:02:46] तो यहां पे वो स्टूडेंट प्रिंट होगा जिनकी

[01:02:48] तो यहां पे वो स्टूडेंट प्रिंट होगा जिनकी सिटी दिल्ली है और नेम स्टार्ट होता है ए

[01:02:50] सिटी दिल्ली है और नेम स्टार्ट होता है ए से। अभी कुछ कॉमन मिस्टेक्स हैं जो

[01:02:52] से। अभी कुछ कॉमन मिस्टेक्स हैं जो बिगिनर्स करते हैं। जैसे कि लाइक के साथ

[01:02:55] बिगिनर्स करते हैं। जैसे कि लाइक के साथ इक्वल टू लगा देना या फिर परसेंटेज लगाना

[01:02:58] इक्वल टू लगा देना या फिर परसेंटेज लगाना भूल जाना या फिर ऑर्डर वाई को वेयर से

[01:03:01] भूल जाना या फिर ऑर्डर वाई को वेयर से पहले लिखना हमेशा

[01:03:04] पहले लिखना हमेशा ऑर्डर व वेयर के बाद ही आता है। इसका

[01:03:07] ऑर्डर व वेयर के बाद ही आता है। इसका करेक्ट ऑर्डर होता है। सबसे पहले आता है

[01:03:09] करेक्ट ऑर्डर होता है। सबसे पहले आता है सेलेक्ट देन आता है फ्रॉम देन आता है वेयर

[01:03:12] सेलेक्ट देन आता है फ्रॉम देन आता है वेयर देन ऑर्डर व एंड लास्ट में आता है लिमिट।

[01:03:15] देन ऑर्डर व एंड लास्ट में आता है लिमिट। अब थ्योरी हो चुकी है। अब रियल लर्निंग

[01:03:18] अब थ्योरी हो चुकी है। अब रियल लर्निंग स्टार्ट होती है प्रैक्टिस से। अभी आपको

[01:03:20] स्टार्ट होती है प्रैक्टिस से। अभी आपको वीडियो पॉज करना है और खुद क्वरी लिखना

[01:03:22] वीडियो पॉज करना है और खुद क्वरी लिखना है। फिर सॉल्यूशन से कंपेयर करना है। तभी

[01:03:25] है। फिर सॉल्यूशन से कंपेयर करना है। तभी एसक्यूएल दिमाग में फिट होगी। अगर आप

[01:03:27] एसक्यूएल दिमाग में फिट होगी। अगर आप सिर्फ वीडियो देख ही रहे हो और प्रैक्टिस

[01:03:29] सिर्फ वीडियो देख ही रहे हो और प्रैक्टिस नहीं कर रहे हो तो आप बिल्कुल नहीं

[01:03:30] नहीं कर रहे हो तो आप बिल्कुल नहीं सीखोगे। इसलिए वीडियो पॉज करो और खुद

[01:03:32] सीखोगे। इसलिए वीडियो पॉज करो और खुद एसक्यूएल लिखने की आदत डालो। अभी ये कुछ

[01:03:35] एसक्यूएल लिखने की आदत डालो। अभी ये कुछ प्रैक्टिस सेट्स हैं जो हम सॉल्व करेंगे।

[01:03:37] प्रैक्टिस सेट्स हैं जो हम सॉल्व करेंगे। सबसे पहला वाला है डिस्प्ले एज ऑफ़

[01:03:38] सबसे पहला वाला है डिस्प्ले एज ऑफ़ स्टूडेंट वेयर सिटी इज़ इक्वल टू दिल्ली इन

[01:03:41] स्टूडेंट वेयर सिटी इज़ इक्वल टू दिल्ली इन असेंडिंग ऑर्डर। आपको यहां पे वीडियो पॉज

[01:03:43] असेंडिंग ऑर्डर। आपको यहां पे वीडियो पॉज करना है और पहले खुद से सॉल्व करने की

[01:03:44] करना है और पहले खुद से सॉल्व करने की कोशिश करनी है। देन आप सॉल्यूशन देख सकते

[01:03:47] कोशिश करनी है। देन आप सॉल्यूशन देख सकते हो। तो हमें यहां पर दिल्ली के स्टूडेंट

[01:03:49] हो। तो हमें यहां पर दिल्ली के स्टूडेंट को एज के असेंडिंग ऑर्डर में दिखाना है।

[01:03:51] को एज के असेंडिंग ऑर्डर में दिखाना है। एक नई फाइल ले लेती हूं मैं। यहां पर

[01:03:53] एक नई फाइल ले लेती हूं मैं। यहां पर लिखेंगे हम यूज़ स्टूडेंट। अभी क्या करना

[01:03:56] लिखेंगे हम यूज़ स्टूडेंट। अभी क्या करना है हमें? स्टूडेंट लेना है टेबल। सेलेक्ट

[01:03:59] है हमें? स्टूडेंट लेना है टेबल। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स। यहां सिटी क्या

[01:04:03] स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स। यहां सिटी क्या चाहिए हमें? दिल्ली चाहिए। यह मैंने आपको

[01:04:05] चाहिए हमें? दिल्ली चाहिए। यह मैंने आपको पहले ही बताया कि ऑर्डर क्या होना चाहिए?

[01:04:06] पहले ही बताया कि ऑर्डर क्या होना चाहिए? सेलेक्ट फ्रॉम वेयर ऑर्डर बाय लिमिट। तो,

[01:04:09] सेलेक्ट फ्रॉम वेयर ऑर्डर बाय लिमिट। तो, हमें वेयर भी यूज़ करना है। ऑर्डर बाय भी

[01:04:10] हमें वेयर भी यूज़ करना है। ऑर्डर बाय भी यूज़ करना है। तो, पहले हम वेयर लेंगे, देन

[01:04:12] यूज़ करना है। तो, पहले हम वेयर लेंगे, देन ऑर्डर बाय लेंगे। सिटी क्या है? वेयर सिटी

[01:04:16] ऑर्डर बाय लेंगे। सिटी क्या है? वेयर सिटी = दिल्ली

[01:04:20] एंड हमें चाहिए असेंडिंग ऑर्डर में तो हम

[01:04:23] एंड हमें चाहिए असेंडिंग ऑर्डर में तो हम लिखेंगे ऑर्डर

[01:04:26] लिखेंगे ऑर्डर बाय

[01:04:29] बाय ऑर्डर बाय एज जब भी आप ऑर्डर बाय लगाते हो

[01:04:32] ऑर्डर बाय एज जब भी आप ऑर्डर बाय लगाते हो और कोई भी ऑर्डर नहीं देते हो तो ये बाय

[01:04:34] और कोई भी ऑर्डर नहीं देते हो तो ये बाय डिफ़ॉल्ट असेंडिंग ऑर्डर में ही वैल्यू

[01:04:35] डिफ़ॉल्ट असेंडिंग ऑर्डर में ही वैल्यू डिस्प्ले कराता है। और अगर यहां पे आप दे

[01:04:37] डिस्प्ले कराता है। और अगर यहां पे आप दे देते हो डिसेंडिंग ऑर्डर तो वो डिसेंडिंग

[01:04:38] देते हो डिसेंडिंग ऑर्डर तो वो डिसेंडिंग ऑर्डर में डिस्प्ले कराता है। तो यहां पर

[01:04:40] ऑर्डर में डिस्प्ले कराता है। तो यहां पर सबसे छोटा है सोहन एंड देन सीता। सभी की

[01:04:44] सबसे छोटा है सोहन एंड देन सीता। सभी की एज प्रिंट हो गई असेंडिंग ऑर्डर में और

[01:04:46] एज प्रिंट हो गई असेंडिंग ऑर्डर में और जिसमें सिटी जो है वह तैली है। वह सारे

[01:04:48] जिसमें सिटी जो है वह तैली है। वह सारे स्टूडेंट आ गए। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है

[01:04:50] स्टूडेंट आ गए। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है डिस्प्ले फाइव यंगेस्ट स्टूडेंट्स। हमें

[01:04:53] डिस्प्ले फाइव यंगेस्ट स्टूडेंट्स। हमें टॉप फाइव यंगेस्ट स्टूडेंट दिखाना है।

[01:04:55] टॉप फाइव यंगेस्ट स्टूडेंट दिखाना है। उसके लिए हम क्योरी लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[01:04:58] उसके लिए हम क्योरी लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[01:05:01] फ्रॉम स्टूडेंट्स

[01:05:03] स्टूडेंट्स ऑर्डर बाय एज एंड फाइव चाहिए तो यहां पर

[01:05:07] ऑर्डर बाय एज एंड फाइव चाहिए तो यहां पर हम लगाएंगे लिमिट का 5।

[01:05:10] हम लगाएंगे लिमिट का 5। तो सिर्फ पांच ही रो प्रिंट हुई जिसमें

[01:05:12] तो सिर्फ पांच ही रो प्रिंट हुई जिसमें असेंडिंग ऑर्डर में एट प्रिंट हुई। सबसे

[01:05:14] असेंडिंग ऑर्डर में एट प्रिंट हुई। सबसे यंगेस्ट था सोहन। तो पहले सोहन आया देन

[01:05:16] यंगेस्ट था सोहन। तो पहले सोहन आया देन रिया, अनन्या, पूजा एंड रोहन। नेक्स्ट है

[01:05:19] रिया, अनन्या, पूजा एंड रोहन। नेक्स्ट है डिस्प्ले थ्री स्टूडेंट वेयर नेम स्टार्ट

[01:05:21] डिस्प्ले थ्री स्टूडेंट वेयर नेम स्टार्ट विद ए। आपको पॉज करना है। पहले खुद से

[01:05:23] विद ए। आपको पॉज करना है। पहले खुद से करने की कोशिश करना है। देन सॉल्यूशन

[01:05:25] करने की कोशिश करना है। देन सॉल्यूशन लिखना है। तो इसके लिए लिखेंगे हम सेलेक्ट

[01:05:28] लिखना है। तो इसके लिए लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार। पूरा टेबल ले रहा है इसलिए स्टार

[01:05:29] स्टार। पूरा टेबल ले रहा है इसलिए स्टार लिख रहे हैं हम। फ्रॉम स्टूडेंट

[01:05:33] लिख रहे हैं हम। फ्रॉम स्टूडेंट वेयर नेम

[01:05:36] वेयर नेम स्टार्ट विद। तो स्टार्ट के लिए लेंगे हम

[01:05:38] स्टार्ट विद। तो स्टार्ट के लिए लेंगे हम लाइक।

[01:05:40] लाइक। देन स्टार्ट करना है ए से तो पहले ए आएगा

[01:05:43] देन स्टार्ट करना है ए से तो पहले ए आएगा उसके बाद में आएगा वाइल कार्ड

[01:05:46] उसके बाद में आएगा वाइल कार्ड तीन ही चाहिए हमें लिमिट तो हम यहां पे

[01:05:48] तीन ही चाहिए हमें लिमिट तो हम यहां पे लिमिट लगाएंगे तीन तीन स्टूडेंट चाहिए

[01:05:49] लिमिट लगाएंगे तीन तीन स्टूडेंट चाहिए हमको यहां पे तीन स्टूडेंट प्रिंट हो गए

[01:05:51] हमको यहां पे तीन स्टूडेंट प्रिंट हो गए हैं अमन अंकित एंड आयशा

[01:05:54] हैं अमन अंकित एंड आयशा अगर हम लिमिट नहीं लगाते हैं

[01:05:58] तो सारे ही नेम प्रिंट हो गए जो ए से

[01:06:00] तो सारे ही नेम प्रिंट हो गए जो ए से स्टार्ट होते हैं। नेक्स्ट क्वेश्चन है

[01:06:03] स्टार्ट होते हैं। नेक्स्ट क्वेश्चन है डिस्प्ले टू ओल्डेस्ट स्टूडेंट फ्रॉम

[01:06:05] डिस्प्ले टू ओल्डेस्ट स्टूडेंट फ्रॉम मुंबई। मुंबई के सबसे ज्यादा एज वाले दो

[01:06:08] मुंबई। मुंबई के सबसे ज्यादा एज वाले दो स्टूडेंट डिस्प्ले कराने हैं। सेलेक्ट

[01:06:12] स्टूडेंट डिस्प्ले कराने हैं। सेलेक्ट स्टार

[01:06:14] स्टार फ्रॉम

[01:06:17] फ्रॉम स्टूडेंट्स

[01:06:19] स्टूडेंट्स वेयर सिटी जो है वो क्या हो? मुंबई हो।

[01:06:24] वेयर सिटी जो है वो क्या हो? मुंबई हो। एंड ऑर्डर बाय डिसेंडिंग ऑर्डर। बिकॉज़

[01:06:27] एंड ऑर्डर बाय डिसेंडिंग ऑर्डर। बिकॉज़ हमें सबसे ओल्डेस्ट चाहिए। यह सबसे ज्यादा

[01:06:29] हमें सबसे ओल्डेस्ट चाहिए। यह सबसे ज्यादा हो वह चाहिए। तो डिसेंडिंग ऑर्डर ले लेते

[01:06:31] हो वह चाहिए। तो डिसेंडिंग ऑर्डर ले लेते हैं यहां पे हम। दो ही चाहिए। तो लिमिट

[01:06:34] हैं यहां पे हम। दो ही चाहिए। तो लिमिट लगा देंगे टू की। सबसे पहले सेलेक्ट आया

[01:06:37] लगा देंगे टू की। सबसे पहले सेलेक्ट आया देन फ्रॉम आया वेयर आया ऑर्डर बाय आया फिर

[01:06:39] देन फ्रॉम आया वेयर आया ऑर्डर बाय आया फिर लिमिट आया

[01:06:42] लिमिट आया तो सबसे ओल्डेस्ट जो था वह करन था देन

[01:06:44] तो सबसे ओल्डेस्ट जो था वह करन था देन नेहा तो दोनों ही मुंबई से थे वो दोनों

[01:06:46] नेहा तो दोनों ही मुंबई से थे वो दोनों डिस्प्ले हो गए नेक्स्ट क्वेश्चन है

[01:06:47] डिस्प्ले हो गए नेक्स्ट क्वेश्चन है डिस्प्ले स्टूडेंट नेम हुस नेम हैव आर ए

[01:06:49] डिस्प्ले स्टूडेंट नेम हुस नेम हैव आर ए जिन स्टूडेंट के नाम में आर ए आता है उनको

[01:06:52] जिन स्टूडेंट के नाम में आर ए आता है उनको दिखाना है उसके लिए लिखेंगे हम सेलेक्ट

[01:06:55] दिखाना है उसके लिए लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स

[01:06:59] स्टार फ्रॉम स्टूडेंट्स वेयर नेम लाइक लेंगे देन हमें जिसके बीच

[01:07:04] वेयर नेम लाइक लेंगे देन हमें जिसके बीच में या फिर फ्रंट में कहीं लिविंग नेम में

[01:07:05] में या फिर फ्रंट में कहीं लिविंग नेम में आरे आता हो वो देखना है हमें तो उसके लिए

[01:07:07] आरे आता हो वो देखना है हमें तो उसके लिए लेंगे हम वाइल कार्ड एंड वाइल्ड कार्ड

[01:07:10] लेंगे हम वाइल कार्ड एंड वाइल्ड कार्ड उसके बीच में लिखेंगे हम आर ए

[01:07:16] करण सिमरन राहुल मीरा सब हो गए बट अगर

[01:07:18] करण सिमरन राहुल मीरा सब हो गए बट अगर यहां पे हम लिमिट लगा देते हैं कि हमें

[01:07:19] यहां पे हम लिमिट लगा देते हैं कि हमें सिर्फ दो ही चाहिए तो यहां पे सिर्फ दो

[01:07:22] सिर्फ दो ही चाहिए तो यहां पे सिर्फ दो स्टूडेंट डिस्प्ले होंगे जिनके नाम में आर

[01:07:24] स्टूडेंट डिस्प्ले होंगे जिनके नाम में आर ए आता है आप चाहे तो यहां ऑर्डर बाय भी

[01:07:26] ए आता है आप चाहे तो यहां ऑर्डर बाय भी लगा सकते हैं एज यहां लिखेंगे हम ऑर्डर

[01:07:29] लगा सकते हैं एज यहां लिखेंगे हम ऑर्डर बाय एज

[01:07:32] बाय एज तो जिनकी एज सबसे कम है मीरा और सिमिलर वो

[01:07:35] तो जिनकी एज सबसे कम है मीरा और सिमिलर वो दोनों प्रिंट हुई। हमने इसमें वेयर भी देख

[01:07:38] दोनों प्रिंट हुई। हमने इसमें वेयर भी देख लिया, ऑर्डर बाय भी देख लिया, लिमिट भी

[01:07:40] लिया, ऑर्डर बाय भी देख लिया, लिमिट भी देख लिया और लाइक भी देख लिया। अभी मैं

[01:07:42] देख लिया और लाइक भी देख लिया। अभी मैं यहां से एक फाइल ऐड कर लूंगी।

[01:07:45] यहां से एक फाइल ऐड कर लूंगी। सबसे पहले हम पढ़ेंगे अपडेट क्वरी के बारे

[01:07:47] सबसे पहले हम पढ़ेंगे अपडेट क्वरी के बारे में। अपडेट क्या करता है? अपडेट का यूज़

[01:07:50] में। अपडेट क्या करता है? अपडेट का यूज़ होता है एकिस्टिंग डेटा को मॉडिफाई करने

[01:07:52] होता है एकिस्टिंग डेटा को मॉडिफाई करने के लिए। जैसे मान लो एक एंप्लॉय है उसकी

[01:07:55] के लिए। जैसे मान लो एक एंप्लॉय है उसकी सैलरी में इंक्रीमेंट हो रहा है। तो उसके

[01:07:58] सैलरी में इंक्रीमेंट हो रहा है। तो उसके लिए सैलरी इंक्रीज़ कराने के लिए या फिर

[01:08:00] लिए सैलरी इंक्रीज़ कराने के लिए या फिर किसी का नेम करेक्शन करना है तो उसके लिए

[01:08:02] किसी का नेम करेक्शन करना है तो उसके लिए आप अपडेट का यूज़ कर सकते हो। स्टेटस चेंज

[01:08:05] आप अपडेट का यूज़ कर सकते हो। स्टेटस चेंज करने के लिए आप इसका यूज कर सकते हो। इसका

[01:08:07] करने के लिए आप इसका यूज कर सकते हो। इसका बेसिक सिंटेक्स होता है अपडेट।

[01:08:12] टेबल का नेम आता है। देन

[01:08:17] इसके बाद में आता है सेट

[01:08:21] इसके बाद में आता है सेट कॉलम का नेम।

[01:08:25] इसमें आप देते हो वैल्यू। एंड इसके बाद

[01:08:28] इसमें आप देते हो वैल्यू। एंड इसके बाद आता है पेयर। और आप लगाते हो यहां पे

[01:08:32] आता है पेयर। और आप लगाते हो यहां पे कंडीशन। अपडेट में आप टेबल को बताते हो कि

[01:08:35] कंडीशन। अपडेट में आप टेबल को बताते हो कि कौन सा डाटा चेंज करना है और सेट जो है वह

[01:08:38] कौन सा डाटा चेंज करना है और सेट जो है वह बता रहा है कि किस कॉलम की वैल्यू चेंज

[01:08:40] बता रहा है कि किस कॉलम की वैल्यू चेंज करनी है। देन हमने लगाई है वेयर कंडीशन।

[01:08:43] करनी है। देन हमने लगाई है वेयर कंडीशन। वेयर कंडीशन बता रही है कि कौन सी रो चेंज

[01:08:46] वेयर कंडीशन बता रही है कि कौन सी रो चेंज करना है। तो सबसे पहले मैं एक डेटाबेस बना

[01:08:48] करना है। तो सबसे पहले मैं एक डेटाबेस बना लेती हूं एंप्लॉय के लिए।

[01:08:51] लेती हूं एंप्लॉय के लिए। क्रिएट

[01:08:53] क्रिएट डेटाबेस

[01:08:56] डेटाबेस एंप्लॉय

[01:08:58] एंप्लॉय यूज़ एंप्लॉय।

[01:09:00] यूज़ एंप्लॉय। अब यहां पर हम बनाते हैं एक टेबल।

[01:09:04] अब यहां पर हम बनाते हैं एक टेबल। क्रिएट टेबल।

[01:09:07] क्रिएट टेबल। टेबल का नेम लेंगे हम एंप्लॉय डिटेल्स।

[01:09:13] सबसे पहले हम ले लेते हैं एंप्लॉय का नेम।

[01:09:16] सबसे पहले हम ले लेते हैं एंप्लॉय का नेम। तो पहले आईडी ले लेते हैं आईडी जो कि हमने

[01:09:19] तो पहले आईडी ले लेते हैं आईडी जो कि हमने ली इंट

[01:09:23] प्राइमरी की को दे देते हैं हम ऑटो

[01:09:25] प्राइमरी की को दे देते हैं हम ऑटो इंक्रीमेंट। आईडी के बाद में हम लेते हैं

[01:09:28] इंक्रीमेंट। आईडी के बाद में हम लेते हैं नेम। नेम जो कि होगा वेयर केयर में।

[01:09:32] नेम। नेम जो कि होगा वेयर केयर में। 100 का ले लेते हैं हम नेम

[01:09:35] 100 का ले लेते हैं हम नेम एंड नॉट नल।

[01:09:38] एंड नॉट नल। इसके बाद में हम दे देते हैं डिपार्टमेंट

[01:09:43] वायर केयर।

[01:09:46] वायर केयर। इसको भी दे देते हैं हम 100

[01:09:49] इसको भी दे देते हैं हम 100 एंड सैलरी।

[01:09:53] एंड सैलरी। यह हो गई इंट में।

[01:09:55] यह हो गई इंट में। बस इतना ही लेते हैं हम सैलरी तक। अब इसे

[01:09:58] बस इतना ही लेते हैं हम सैलरी तक। अब इसे कराते हैं एग्जीक्यूट। तो टेबल क्रिएट हो

[01:10:00] कराते हैं एग्जीक्यूट। तो टेबल क्रिएट हो गया। अब इसके अंदर हम डेटा टाइम इंसर्ट

[01:10:01] गया। अब इसके अंदर हम डेटा टाइम इंसर्ट कराएंगे।

[01:10:03] कराएंगे। इंसर्ट

[01:10:07] इन एंप्लॉय टेबल का नेम

[01:10:11] इन एंप्लॉय टेबल का नेम हम इसमें देंगे नेम आईडी तो ऑटो

[01:10:15] हम इसमें देंगे नेम आईडी तो ऑटो इंक्रीमेंट है तो वो लेना नहीं है देन

[01:10:17] इंक्रीमेंट है तो वो लेना नहीं है देन डिपार्टमेंट

[01:10:19] डिपार्टमेंट देन सैलरी

[01:10:26] वैल्यूस

[01:10:29] नेम दे दिया हमने इसमें राहुल

[01:10:34] डिपार्टमेंट दे दिया इसमें आईटी एंड सैलरी

[01:10:37] डिपार्टमेंट दे दिया इसमें आईटी एंड सैलरी दे दी हमने 40,000 इसके बाद हमने एक और

[01:10:40] दे दी हमने 40,000 इसके बाद हमने एक और बनाया इसमें नेम दे दिया हमने प्रिया

[01:10:43] बनाया इसमें नेम दे दिया हमने प्रिया डिपार्टमेंट दे दिया इसमें हमने एचआर

[01:10:47] डिपार्टमेंट दे दिया इसमें हमने एचआर सैलरी दे दी इसमें हमने 35000

[01:10:51] सैलरी दे दी इसमें हमने 35000 एक और ले लेते हैं अमित

[01:10:54] एक और ले लेते हैं अमित डिपार्टमेंट ले लिया इसका भी हमने आईटी

[01:10:58] डिपार्टमेंट ले लिया इसका भी हमने आईटी एंड सैलरी रिलीज की हमने 28000

[01:11:03] स्नेहा

[01:11:06] इसका डिपार्टमेंट है सेल्स का

[01:11:10] इसका डिपार्टमेंट है सेल्स का एंड सैलरी है 22000

[01:11:14] एंड सैलरी है 22000 इसको इंसर्ट करा लेते हैं।

[01:11:18] अभी देखते हैं टेबल कैसे क्रिएट हुआ है।

[01:11:22] अभी देखते हैं टेबल कैसे क्रिएट हुआ है। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[01:11:27] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम टेबल का नेम है एंप्लॉय डिटेल्स।

[01:11:36] यहां फोर एंप्लाइज के लिए टेबल क्रिएट हो

[01:11:39] यहां फोर एंप्लाइज के लिए टेबल क्रिएट हो गया। डिपार्टमेंट दिया है, नेम दिया है

[01:11:40] गया। डिपार्टमेंट दिया है, नेम दिया है एंड सैलरी दी है इसके लिए। अभी हम इसमें

[01:11:43] एंड सैलरी दी है इसके लिए। अभी हम इसमें लगाते हैं अपडेट का। जैसे हमें एंप्लॉय की

[01:11:47] लगाते हैं अपडेट का। जैसे हमें एंप्लॉय की सैलरी अपडेट करानी है। सबसे पहले हम सिंगल

[01:11:49] सैलरी अपडेट करानी है। सबसे पहले हम सिंगल कॉलम के लिए अपडेट देखेंगे।

[01:11:56] हम लिखेंगे अपडेट

[01:11:58] हम लिखेंगे अपडेट एंप्लई डिटेल्स। इसमें हमें सेट करना है

[01:12:02] एंप्लई डिटेल्स। इसमें हमें सेट करना है सैलरी कितनी? 50,000

[01:12:05] सैलरी कितनी? 50,000 किसकी करना है? जिसकी वेयर आईडी कितनी हो?

[01:12:09] किसकी करना है? जिसकी वेयर आईडी कितनी हो? थ्री हो। तो जिसकी आईडी थ्री होगी उसकी

[01:12:12] थ्री हो। तो जिसकी आईडी थ्री होगी उसकी सैलरी 50,000 सेट हो जाएगी। अब पूरा टेबल

[01:12:16] सैलरी 50,000 सेट हो जाएगी। अब पूरा टेबल देखते हैं हम। सैलरी सेट हुई है कि नहीं।

[01:12:18] देखते हैं हम। सैलरी सेट हुई है कि नहीं। तो इसमें थ्री पे था अमित। उसकी सैलरी

[01:12:20] तो इसमें थ्री पे था अमित। उसकी सैलरी पहले हमने दी थी 28,000 वो अपडेट हो के हो

[01:12:24] पहले हमने दी थी 28,000 वो अपडेट हो के हो गई 50,000 अभी नेक्स्ट आता है मल्टीपल

[01:12:27] गई 50,000 अभी नेक्स्ट आता है मल्टीपल कॉलम्स को अपडेट करना।

[01:12:31] कॉलम्स को अपडेट करना। हम एक ही क्वरी में मल्टीपल कॉलम्स को

[01:12:33] हम एक ही क्वरी में मल्टीपल कॉलम्स को अपडेट कर सकते हैं। जैसे कि हमें

[01:12:36] अपडेट कर सकते हैं। जैसे कि हमें डिपार्टमेंट भी चेंज करना है और सैलरी भी

[01:12:40] डिपार्टमेंट भी चेंज करना है और सैलरी भी चेंज करनी है। तो अभी हम लेते हैं टू वाली

[01:12:43] चेंज करनी है। तो अभी हम लेते हैं टू वाली आईडी के लिए। इसका नेम प्रिया है। अभी

[01:12:45] आईडी के लिए। इसका नेम प्रिया है। अभी डिपार्टमेंट एचआर है और सैलरी 60,000 है।

[01:12:48] डिपार्टमेंट एचआर है और सैलरी 60,000 है। इसको हम चेंज कराते हैं। अपडेट

[01:12:53] इसको हम चेंज कराते हैं। अपडेट एंप्लॉय डिटेल्स टेबल जिसमें हमें क्या

[01:12:55] एंप्लॉय डिटेल्स टेबल जिसमें हमें क्या करना है? सेट करना है सैलरी

[01:12:59] करना है? सेट करना है सैलरी 75,000

[01:13:04] एंड डिपार्टमेंट भी कर देते हैं हम अपडेट।

[01:13:06] एंड डिपार्टमेंट भी कर देते हैं हम अपडेट। आईपी कर देते हैं इसका डिपार्टमेंट एचआर

[01:13:08] आईपी कर देते हैं इसका डिपार्टमेंट एचआर से। और इसमें यहां पे आईडी कितनी होगी?

[01:13:12] से। और इसमें यहां पे आईडी कितनी होगी? वेयर आईडी = 2 उसके लिए

[01:13:17] वेयर आईडी = 2 उसके लिए पूरा टेबल देखते हैं सेलेक्ट करा के

[01:13:20] पूरा टेबल देखते हैं सेलेक्ट करा के तो यहां पे प्रिया की पहले एचआर

[01:13:23] तो यहां पे प्रिया की पहले एचआर डिपार्टमेंट था वो आईटी चेंज हुई और सैलरी

[01:13:24] डिपार्टमेंट था वो आईटी चेंज हुई और सैलरी हो गई 75000

[01:13:27] हो गई 75000 यहां पे एक ही क्वरी में मल्टीपल कॉलम

[01:13:29] यहां पे एक ही क्वरी में मल्टीपल कॉलम अपडेट हो गए। अभी आपको एक बात याद रखनी है

[01:13:32] अपडेट हो गए। अभी आपको एक बात याद रखनी है कि कभी भी जैसे कि आप अगर इसमें वेयर नहीं

[01:13:35] कि कभी भी जैसे कि आप अगर इसमें वेयर नहीं लगाते हो सिर्फ आप इतना ही लिखते हो कि

[01:13:37] लगाते हो सिर्फ आप इतना ही लिखते हो कि अपडेट एंप्लॉय डिटेल्स सेट सैलरी

[01:13:39] अपडेट एंप्लॉय डिटेल्स सेट सैलरी डिपार्टमेंट आईटी और ये वेयर हटा देते हो

[01:13:41] डिपार्टमेंट आईटी और ये वेयर हटा देते हो तो क्या होगा पूरे ही टेबल की वैल्यूज़

[01:13:44] तो क्या होगा पूरे ही टेबल की वैल्यूज़ चेंज हो जाएंगी और सैलरी सबकी 75000 हो

[01:13:46] चेंज हो जाएंगी और सैलरी सबकी 75000 हो जाएगी और डिपार्टमेंट सबका आईटी हो जाएगा।

[01:13:48] जाएगी और डिपार्टमेंट सबका आईटी हो जाएगा। यह बिगिनर्स की सबसे कॉमन मिस्टेक है।

[01:13:50] यह बिगिनर्स की सबसे कॉमन मिस्टेक है। ऑलवेज यूज़ वेयर अनलेस इंटेंशनली अपडेटिंग

[01:13:53] ऑलवेज यूज़ वेयर अनलेस इंटेंशनली अपडेटिंग ऑल रोज़। अब नेक्स्ट हम देखते हैं अपडेट

[01:13:56] ऑल रोज़। अब नेक्स्ट हम देखते हैं अपडेट यूजिंग कंडीशन।

[01:13:58] यूजिंग कंडीशन। यहां पर हमें अपडेट करना है एंप्लॉय टेबल

[01:14:01] यहां पर हमें अपडेट करना है एंप्लॉय टेबल को

[01:14:03] को एंड इसकी सैलरी सेट कर देते हैं हम सैलरी

[01:14:06] एंड इसकी सैलरी सेट कर देते हैं हम सैलरी प्लस 5000 सबकी सैलरी बढ़ा दो 5000 इनका

[01:14:10] प्लस 5000 सबकी सैलरी बढ़ा दो 5000 इनका डिपार्टमेंट आईटी हो वेयर डिपार्टमेंट इज

[01:14:12] डिपार्टमेंट आईटी हो वेयर डिपार्टमेंट इज इक्वल टू आईटी

[01:14:19] यहां पे हमें एरर मिल रहा है। क्या एरर आ

[01:14:22] यहां पे हमें एरर मिल रहा है। क्या एरर आ रहा है? अपडेट एंप्लॉय डिटेल्स सेट सैलरी

[01:14:25] रहा है? अपडेट एंप्लॉय डिटेल्स सेट सैलरी इज इक्वल टू यह जो टेबल है इसमें एरर आ

[01:14:27] इज इक्वल टू यह जो टेबल है इसमें एरर आ रही है। यू आर यूजिंग सेफ अपडेट मोड व्हेन

[01:14:29] रही है। यू आर यूजिंग सेफ अपडेट मोड व्हेन यू आर ट्राइंग टू अपडेट अ टेबल विदाउट अ

[01:14:32] यू आर ट्राइंग टू अपडेट अ टेबल विदाउट अ पेयर दैट यूजज़ आगे भी लिखा है इसका मतलब

[01:14:35] पेयर दैट यूजज़ आगे भी लिखा है इसका मतलब यह है कि हम इसमें एक सिंगल रो को अपडेट

[01:14:38] यह है कि हम इसमें एक सिंगल रो को अपडेट नहीं कर रहा है। पूरा टेबल ही अपडेट कर

[01:14:40] नहीं कर रहा है। पूरा टेबल ही अपडेट कर रहा है। तो इसमें सेफ अपडेट मोड ऑन होता

[01:14:42] रहा है। तो इसमें सेफ अपडेट मोड ऑन होता है बाय डिफ़ॉल्ट। अपडेट या डिलीट तभी चलेगा

[01:14:45] है बाय डिफ़ॉल्ट। अपडेट या डिलीट तभी चलेगा जब वेयर क्लॉज़ में प्राइमरी की या इंडेक्स

[01:14:47] जब वेयर क्लॉज़ में प्राइमरी की या इंडेक्स कॉलम हो। हमने वेयर में डिपार्टमेंट यूज

[01:14:50] कॉलम हो। हमने वेयर में डिपार्टमेंट यूज किया है। अगर डिपार्टमेंट कॉलम प्राइमरी

[01:14:53] किया है। अगर डिपार्टमेंट कॉलम प्राइमरी की या इंडेक्स नहीं है तो मायक्यूएल

[01:14:55] की या इंडेक्स नहीं है तो मायक्यूएल बोलेगा नॉट अलाउड। रीज़न यह है कि डेटाबेस

[01:14:58] बोलेगा नॉट अलाउड। रीज़न यह है कि डेटाबेस तो प्रोटेक्ट कर रहे हैं एक्सीडेंटली बल्क

[01:15:00] तो प्रोटेक्ट कर रहे हैं एक्सीडेंटली बल्क अपडेट से। अगर हम गलती से लिखते हैं सैलरी

[01:15:02] अपडेट से। अगर हम गलती से लिखते हैं सैलरी इज़ इक्वल टू ज़ीरो तो पूरे टेबल की सैलरी

[01:15:05] इज़ इक्वल टू ज़ीरो तो पूरे टेबल की सैलरी ज़ीरो हो जाएगी। इसलिए सेफ मोड रोकता है

[01:15:07] ज़ीरो हो जाएगी। इसलिए सेफ मोड रोकता है हमें पूरे टेबल की डिटेल्स अपडेट करने से

[01:15:09] हमें पूरे टेबल की डिटेल्स अपडेट करने से एक साथ। तो यहां पर हम सेट कर देते हैं

[01:15:12] एक साथ। तो यहां पर हम सेट कर देते हैं सेट

[01:15:13] सेट एसक्यूएल

[01:15:16] एसक्यूएल सेव

[01:15:18] सेव अपडेट्स

[01:15:22] इक्व Z

[01:15:26] अब इसको कराते हैं हम एग्जीक्यूट

[01:15:30] अब इसको कराते हैं हम एग्जीक्यूट एंड देन हम कराएंगे पूरा टेबल

[01:15:34] एंड देन हम कराएंगे पूरा टेबल डिस्प्ले। तो इसमें इसने जितनी भी सैलरी

[01:15:37] डिस्प्ले। तो इसमें इसने जितनी भी सैलरी थी सबकी सैलरी 5000 इंक्रीमेंट कर दी। यह

[01:15:40] थी सबकी सैलरी 5000 इंक्रीमेंट कर दी। यह हमने देखा था कि हम कैसे अपडेट करते हैं

[01:15:42] हमने देखा था कि हम कैसे अपडेट करते हैं यूजिंग कंडीशन। अब नेक्स्ट हम पढ़ेंगे

[01:15:44] यूजिंग कंडीशन। अब नेक्स्ट हम पढ़ेंगे डिलीट के बारे में। डिलीट क्या करता है?

[01:15:46] डिलीट के बारे में। डिलीट क्या करता है? डिलीट का यूज़ होता है रोज़ को रिमूव करने

[01:15:49] डिलीट का यूज़ होता है रोज़ को रिमूव करने के लिए। इसका बेसिक सिंटेक्स होता है

[01:15:54] के लिए। इसका बेसिक सिंटेक्स होता है डिलीट। इसका सिंटेक्स होता है बेसिक।

[01:15:59] सबसे पहले हम लिखते हैं डिलीट।

[01:16:04] फ्रॉम

[01:16:06] फ्रॉम देन टेबल का नेम।

[01:16:10] देन टेबल का नेम। उसके बाद में कंडीशन लगाते हैं। क्या

[01:16:13] उसके बाद में कंडीशन लगाते हैं। क्या डिलीट करना है और कैसे डिलीट करना है।

[01:16:20] डिलीट फ्रॉम टेबल का मतलब है टेबल से डाटा

[01:16:22] डिलीट फ्रॉम टेबल का मतलब है टेबल से डाटा रिमूव करो और वेयर का मतलब है कौन सी रो

[01:16:24] रिमूव करो और वेयर का मतलब है कौन सी रो डिलीट करना है। अगर हमें सिंगल रो डिलीट

[01:16:26] डिलीट करना है। अगर हमें सिंगल रो डिलीट करना है तो उसके लिए हम यूज़ करेंगे वेयर

[01:16:28] करना है तो उसके लिए हम यूज़ करेंगे वेयर का। हम यहां पे लिखेंगे

[01:16:31] का। हम यहां पे लिखेंगे डिलीट।

[01:16:34] डिलीट। यहां मैं डाल देती हूं। यह सिंगल रो के

[01:16:36] यहां मैं डाल देती हूं। यह सिंगल रो के लिए है।

[01:16:40] डिलीट

[01:16:42] डिलीट टेबल का नेम था हमारा एंप्लॉय डिटेल्स।

[01:16:50] फ्रॉम एमई डिटेल्स वेयर

[01:16:55] आईडी

[01:16:57] आईडी इज इक्वल टू टू सेकंड आईडी पे जो वैल्यू

[01:17:00] इज इक्वल टू टू सेकंड आईडी पे जो वैल्यू थी वो रिमूव हो जाएगी।

[01:17:05] सेकंड पे शायद प्रिया थी। हां सेकंड आईडी

[01:17:08] सेकंड पे शायद प्रिया थी। हां सेकंड आईडी पे जो हमने प्रिया इंसर्ट कराया था वो

[01:17:10] पे जो हमने प्रिया इंसर्ट कराया था वो रिमूव हो गया। अगर हम बिना वेयर के इसको

[01:17:13] रिमूव हो गया। अगर हम बिना वेयर के इसको लिखते हैं तो इससे क्या होगा? टेबल की

[01:17:15] लिखते हैं तो इससे क्या होगा? टेबल की सारी रो डिलीट हो जाएंगी। लेकिन ध्यान

[01:17:17] सारी रो डिलीट हो जाएंगी। लेकिन ध्यान रखें टेबल स्ट्रक्चर डिलीट नहीं होता है।

[01:17:19] रखें टेबल स्ट्रक्चर डिलीट नहीं होता है। सिर्फ डेटा डिलीट होता है। एसक्यूएल में

[01:17:21] सिर्फ डेटा डिलीट होता है। एसक्यूएल में डिलीट करने के तीन तरीके होते हैं। डिलीट,

[01:17:24] डिलीट करने के तीन तरीके होते हैं। डिलीट, ट्रंक एंड ड्रॉप। अभी हम डिलीट वर्सेस

[01:17:26] ट्रंक एंड ड्रॉप। अभी हम डिलीट वर्सेस ट्रंकट वर्सेस ड्रॉप को देखेंगे। यह पार्ट

[01:17:29] ट्रंकट वर्सेस ड्रॉप को देखेंगे। यह पार्ट इंटरव्यू में बहुत पूछा जाता है। सबसे

[01:17:31] इंटरव्यू में बहुत पूछा जाता है। सबसे पहले आता है डिलीट। डिलीट जो होता है वह

[01:17:33] पहले आता है डिलीट। डिलीट जो होता है वह रो को डिलीट करता है। यहां पे वेयर लग

[01:17:36] रो को डिलीट करता है। यहां पे वेयर लग सकता है और रोल बैक पॉसिबल है इन

[01:17:38] सकता है और रोल बैक पॉसिबल है इन ट्रांजैक्शंस। टेबल स्ट्रक्चर सेफ रहता

[01:17:40] ट्रांजैक्शंस। टेबल स्ट्रक्चर सेफ रहता है। डिलीट के बारे में हम देख ही चुके

[01:17:41] है। डिलीट के बारे में हम देख ही चुके हैं। अब हम देखते हैं ट्रंकिट के बारे

[01:17:43] हैं। अब हम देखते हैं ट्रंकिट के बारे में। ट्रंकिट क्या करता है? ट्रंकिट पूरी

[01:17:46] में। ट्रंकिट क्या करता है? ट्रंकिट पूरी टेबल का डेटा डिलीट कर देता है। इसमें हम

[01:17:48] टेबल का डेटा डिलीट कर देता है। इसमें हम वेयर यूज़ नहीं कर सकते हैं। यह फास्ट होता

[01:17:50] वेयर यूज़ नहीं कर सकते हैं। यह फास्ट होता है और ऑटो इंक्रिमेंट रिसेट हो जाता है।

[01:17:53] है और ऑटो इंक्रिमेंट रिसेट हो जाता है। मोस्टली इसमें रोल बैक पॉसिबल नहीं होता

[01:17:56] मोस्टली इसमें रोल बैक पॉसिबल नहीं होता है। इसमें जैसे हम पूरा डेटा डिलीट करते

[01:17:57] है। इसमें जैसे हम पूरा डेटा डिलीट करते हैं ट्रंकट का यूज़ करके।

[01:18:01] हैं ट्रंकट का यूज़ करके। यूजिंग टर्न

[01:18:06] लिखूंगी मैं ट्रंकट।

[01:18:09] लिखूंगी मैं ट्रंकट। फिर टेबल टेबल का नेम एंप्लई डिटेल्स

[01:18:22] इसको यहां करा देते हैं।

[01:18:27] तो अभी यहां पे कोई भी डाटा नहीं आ रहा

[01:18:29] तो अभी यहां पे कोई भी डाटा नहीं आ रहा बिकॉज़ हमने ट्रंप किट लगा दिया। ट्रम किट

[01:18:30] बिकॉज़ हमने ट्रंप किट लगा दिया। ट्रम किट ने सारा डाटा डिलीट कर दिया। अभी हम फिर

[01:18:34] ने सारा डाटा डिलीट कर दिया। अभी हम फिर से एक बार डाटा इंसर्ट करा लेते हैं।

[01:18:42] ट्रंकिट के बाद में हम पढ़ेंगे ड्रॉप के

[01:18:44] ट्रंकिट के बाद में हम पढ़ेंगे ड्रॉप के बारे में। ड्रॉप सबसे डेंजरस कमांड है। यह

[01:18:46] बारे में। ड्रॉप सबसे डेंजरस कमांड है। यह टेबल का डेटा डिलीट करता है। टेबल का

[01:18:48] टेबल का डेटा डिलीट करता है। टेबल का स्ट्रक्चर डिलीट करता है। टेबल परमानेंटली

[01:18:51] स्ट्रक्चर डिलीट करता है। टेबल परमानेंटली रिमूव हो जाता है। ड्रॉप के बाद टेबल

[01:18:53] रिमूव हो जाता है। ड्रॉप के बाद टेबल एक्सिस्ट नहीं करता है। इसका सिंटेक्स

[01:18:55] एक्सिस्ट नहीं करता है। इसका सिंटेक्स होता है ड्रॉप का ड्रॉप।

[01:19:00] होता है ड्रॉप का ड्रॉप। टेबल

[01:19:02] टेबल टेबल का नेम

[01:19:11] अब हम कराते हैं इसको एग्जीक्यूट। तो यहां

[01:19:13] अब हम कराते हैं इसको एग्जीक्यूट। तो यहां पे कोई भी टेबल नहीं आएगा। क्या लिखा आ

[01:19:14] पे कोई भी टेबल नहीं आएगा। क्या लिखा आ रहा है? सेलेक्ट ये जो टेबल है, टेबल

[01:19:16] रहा है? सेलेक्ट ये जो टेबल है, टेबल एंप्लॉयड टेबल डज़ंट एक्सिस्ट। यह टेबल

[01:19:19] एंप्लॉयड टेबल डज़ंट एक्सिस्ट। यह टेबल एक्सिस्ट ही नहीं करता है। डिलीट

[01:19:21] एक्सिस्ट ही नहीं करता है। डिलीट स्पेसिफिक रो के लिए होता है। ट्रंकेट

[01:19:23] स्पेसिफिक रो के लिए होता है। ट्रंकेट सारी रो के लिए होता है। और ड्रॉप टेबल ही

[01:19:26] सारी रो के लिए होता है। और ड्रॉप टेबल ही डिलीट कर देता है। अभी यहां पे आपको

[01:19:28] डिलीट कर देता है। अभी यहां पे आपको वीडियो पॉज़ करना है और मैं आपको कुछ

[01:19:30] वीडियो पॉज़ करना है और मैं आपको कुछ क्वेश्चंस दे रही हूं। वो आपको खुद से

[01:19:32] क्वेश्चंस दे रही हूं। वो आपको खुद से सॉल्व करना है। सबसे पहला क्वेश्चन है

[01:19:34] सॉल्व करना है। सबसे पहला क्वेश्चन है हमारा एंप्लॉय जिसका आईडी फोर है उसका

[01:19:36] हमारा एंप्लॉय जिसका आईडी फोर है उसका डिपार्टमेंट सेल्स कर दो। तो स्नेहा का

[01:19:38] डिपार्टमेंट सेल्स कर दो। तो स्नेहा का सेल्स तो ऑलरेडी है। इसको अब चेंज करके एक

[01:19:42] सेल्स तो ऑलरेडी है। इसको अब चेंज करके एक काम करते हैं हम सेल्स की जगह इसको एचआर

[01:19:44] काम करते हैं हम सेल्स की जगह इसको एचआर कर देते हैं स्नेहा को। यहां हम लिखेंगे

[01:19:48] कर देते हैं स्नेहा को। यहां हम लिखेंगे अपडेट

[01:19:49] अपडेट एंप्लॉय डिटेल्स।

[01:19:52] एंप्लॉय डिटेल्स। सेट करना है हमें डिपार्टमेंट

[01:19:57] सेट करना है हमें डिपार्टमेंट इक्वल टू एचआर। बिकॉज़ सेल्स उसने ऑलरेडी

[01:20:00] इक्वल टू एचआर। बिकॉज़ सेल्स उसने ऑलरेडी दे रखा है। तो एचआर कर देते हैं इसको हम

[01:20:02] दे रखा है। तो एचआर कर देते हैं इसको हम वेयर आईटी = 4

[01:20:09] तो इसने स्नेहा का सेल्स था पहले तो उसको

[01:20:11] तो इसने स्नेहा का सेल्स था पहले तो उसको चेंज करके एचआर कर दिया। अब सेकंड

[01:20:13] चेंज करके एचआर कर दिया। अब सेकंड क्वेश्चन है जितने भी एंप्लई की सैलरी

[01:20:15] क्वेश्चन है जितने भी एंप्लई की सैलरी 20,000 से कम है उन्हें डिलीट करना है। तो

[01:20:17] 20,000 से कम है उन्हें डिलीट करना है। तो यहां पे सबकी सैलरी 20,000 से ज्यादा है।

[01:20:19] यहां पे सबकी सैलरी 20,000 से ज्यादा है। तो हम एक एस्टीमेट ले लेते हैं। 30,000 से

[01:20:21] तो हम एक एस्टीमेट ले लेते हैं। 30,000 से जिनकी सैलरी कम है उनको हमें डिलीट करना

[01:20:23] जिनकी सैलरी कम है उनको हमें डिलीट करना है। यहां हम लिखेंगे

[01:20:25] है। यहां हम लिखेंगे डिलीट फ्रॉम टेबल का नेम।

[01:20:35] वेयर

[01:20:37] वेयर सैलरी इज़ ग्रेटर देन 30,000

[01:20:44] तो यहां पे जिनकी भी सैलरी 30,000 से कम

[01:20:46] तो यहां पे जिनकी भी सैलरी 30,000 से कम थी वो सारे ही एंप्लॉयज़ डिलीट हो गए।

[01:20:48] थी वो सारे ही एंप्लॉयज़ डिलीट हो गए। इंसर्ट करा देते हैं हम पूरा। अभी नेक्स्ट

[01:20:51] इंसर्ट करा देते हैं हम पूरा। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है पूरे एंप्लॉय टेबल्स का डाटा

[01:20:53] क्वेश्चन है पूरे एंप्लॉय टेबल्स का डाटा रिमूव करो बिना टेबल डिलीट किए हुए। यहां

[01:20:55] रिमूव करो बिना टेबल डिलीट किए हुए। यहां पे आपको पॉज करना है और पहले खुद से सॉल्व

[01:20:57] पे आपको पॉज करना है और पहले खुद से सॉल्व करने की कोशिश करनी है। उसके बाद सॉलशन

[01:20:59] करने की कोशिश करनी है। उसके बाद सॉलशन देखना है। तो मैंने आपको अभी बताया था कि

[01:21:01] देखना है। तो मैंने आपको अभी बताया था कि जब हमें पूरा टेबल का डेटा डिलीट करना है

[01:21:03] जब हमें पूरा टेबल का डेटा डिलीट करना है तो हम ट्रंकिट का यूज़ करते हैं। और जब

[01:21:04] तो हम ट्रंकिट का यूज़ करते हैं। और जब हमें पूरा टेबल भी डिलीट करना है मतलब

[01:21:06] हमें पूरा टेबल भी डिलीट करना है मतलब उसका स्ट्रक्चर भी डिलीट करना है तो हम

[01:21:08] उसका स्ट्रक्चर भी डिलीट करना है तो हम उसके लिए यूज़ करते हैं ड्रॉप का। तो यहां

[01:21:10] उसके लिए यूज़ करते हैं ड्रॉप का। तो यहां पे हम ट्रंक किट का यूज़ करेंगे। ये था

[01:21:13] पे हम ट्रंक किट का यूज़ करेंगे। ये था PR1।

[01:21:17] ये है PR2।

[01:21:20] ये है PR2। थर्ड वाला सॉल्व करेंगे हम।

[01:21:24] थर्ड वाला सॉल्व करेंगे हम। यहां पर हम लिखेंगे टंकिट टेबल

[01:21:30] एंप्लॉय डिटेल्स।

[01:21:36] अभी इस थ्योरी को हम एग्जीक्यूट कराएंगे।

[01:21:38] अभी इस थ्योरी को हम एग्जीक्यूट कराएंगे। तो यहां पे टेबल के अंदर कोई भी एंट्री

[01:21:39] तो यहां पे टेबल के अंदर कोई भी एंट्री नहीं आ रही है। बिकॉज़ ट्रंकित ने पूरा

[01:21:41] नहीं आ रही है। बिकॉज़ ट्रंकित ने पूरा टेबल का डेटा डिलीट कर दिया। अभी फिर से

[01:21:43] टेबल का डेटा डिलीट कर दिया। अभी फिर से हम इंसर्ट करा लेते हैं डेटा को एक बार।

[01:21:48] हम इंसर्ट करा लेते हैं डेटा को एक बार। पूरा डेटा शो हो रहा है अभी। अभी नेक्स्ट

[01:21:50] पूरा डेटा शो हो रहा है अभी। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है एंप्लॉयड टेबल परमानेंटली

[01:21:52] क्वेश्चन है एंप्लॉयड टेबल परमानेंटली डिलीट करो। तो मैंने आपको कुछ देर पहले ही

[01:21:54] डिलीट करो। तो मैंने आपको कुछ देर पहले ही बताया था कि जब हमें टेबल परमानेंटली

[01:21:56] बताया था कि जब हमें टेबल परमानेंटली डिलीट करना है मतलब उसका स्ट्रक्चर भी

[01:21:58] डिलीट करना है मतलब उसका स्ट्रक्चर भी डिलीट करना है तो उसके लिए हम ड्रॉप का

[01:22:00] डिलीट करना है तो उसके लिए हम ड्रॉप का यूज़ करते हैं। यहां पे हम लिखेंगे पीआर4

[01:22:02] यूज़ करते हैं। यहां पे हम लिखेंगे पीआर4 में ड्रॉप

[01:22:05] में ड्रॉप टेबल। टेबल का नेम है एंप्लॉय डिटेल्स।

[01:22:11] तो जब हमने इसको एग्जीक्यूट कराया सेलेक्ट

[01:22:13] तो जब हमने इसको एग्जीक्यूट कराया सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय डिटेल को तो इसने बोल

[01:22:15] स्टार फ्रॉम एंप्लॉय डिटेल को तो इसने बोल दिया टेबल एंप्लॉय डॉट एंप्लॉय डिटेल्स डज़

[01:22:17] दिया टेबल एंप्लॉय डॉट एंप्लॉय डिटेल्स डज़ एग्ज़िस्ट। एंप्लॉय डॉट इसलिए लिखा है कि

[01:22:19] एग्ज़िस्ट। एंप्लॉय डॉट इसलिए लिखा है कि यह हमारे डेटाबेस का नाम है और एंप्लॉय

[01:22:21] यह हमारे डेटाबेस का नाम है और एंप्लॉय डिटेल जो है वो हमारे टेबल का नाम है। यह

[01:22:22] डिटेल जो है वो हमारे टेबल का नाम है। यह एक्सिस्ट ही नहीं करता है क्योंकि हमने

[01:22:24] एक्सिस्ट ही नहीं करता है क्योंकि हमने इसमें ड्रॉप लगा दिया। ड्रॉप ने डेटाबेस

[01:22:26] इसमें ड्रॉप लगा दिया। ड्रॉप ने डेटाबेस को भी और टेबल दोनों को ही डिलीट कर दिया।

[01:22:29] को भी और टेबल दोनों को ही डिलीट कर दिया। अभी क्यूएल के फाइव इंपॉर्टेंट एग्रीगेट

[01:22:31] अभी क्यूएल के फाइव इंपॉर्टेंट एग्रीगेट फंक्शन सीखेंगे। सबसे पहले समझते हैं

[01:22:34] फंक्शन सीखेंगे। सबसे पहले समझते हैं व्हाट आर एग्रीगेट फंक्शनंस। सिंपल

[01:22:36] व्हाट आर एग्रीगेट फंक्शनंस। सिंपल लैंग्वेज में बोले तो एग्रीगेट फंक्शन का

[01:22:39] लैंग्वेज में बोले तो एग्रीगेट फंक्शन का यूज़ मल्टीपल रो के डेटा पर कैलकुलेशन करने

[01:22:41] यूज़ मल्टीपल रो के डेटा पर कैलकुलेशन करने के लिए होता है और रिजल्ट एक सिंगल वैल्यू

[01:22:44] के लिए होता है और रिजल्ट एक सिंगल वैल्यू में रिटर्न होता है। मतलब अगर टेबल में

[01:22:46] में रिटर्न होता है। मतलब अगर टेबल में 100 रो है तो एग्रीगेट फंक्शन उन सब पर

[01:22:49] 100 रो है तो एग्रीगेट फंक्शन उन सब पर कैलकुलेशन करके सिर्फ एक रिजल्ट देता है।

[01:22:52] कैलकुलेशन करके सिर्फ एक रिजल्ट देता है। एग्जांपल अगर हम टोटल एंप्लॉय काउंट करना

[01:22:54] एग्जांपल अगर हम टोटल एंप्लॉय काउंट करना चाहते हैं तो एसक्यूएल हमें एक ही नंबर

[01:22:57] चाहते हैं तो एसक्यूएल हमें एक ही नंबर रिटर्न करेगा। तो चलिए ओपन करते हैं

[01:22:59] रिटर्न करेगा। तो चलिए ओपन करते हैं मायसक्यूएल वर्क वेच और देखते हैं कि

[01:23:01] मायसक्यूएल वर्क वेच और देखते हैं कि कौन-कौन से एग्रीगेट फंक्शनंस होते हैं।

[01:23:04] कौन-कौन से एग्रीगेट फंक्शनंस होते हैं। मैंने ऑलरेडी टेबल बना के रखी है। समझने

[01:23:06] मैंने ऑलरेडी टेबल बना के रखी है। समझने के लिए मान लेते हैं हमारे पास एक टेबल है

[01:23:08] के लिए मान लेते हैं हमारे पास एक टेबल है जिसका नाम है कॉम ईएमपी मतलब कंपनी

[01:23:11] जिसका नाम है कॉम ईएमपी मतलब कंपनी एंप्लॉय।

[01:23:13] एंप्लॉय। टेबल के अंदर मैंने डेटा ऑलरेडी इंसर्ट

[01:23:16] टेबल के अंदर मैंने डेटा ऑलरेडी इंसर्ट करा के रखा है। यह एरर आ रहा था बिकॉज़

[01:23:18] करा के रखा है। यह एरर आ रहा था बिकॉज़ हमने उसको यूज़ नहीं किया था। जैसे ही हम

[01:23:20] हमने उसको यूज़ नहीं किया था। जैसे ही हम कोई भी क्योरी चलाते हैं, उसके पहले हमें

[01:23:23] कोई भी क्योरी चलाते हैं, उसके पहले हमें उस डेटाबेस को यूज करना पड़ता है। तो जैसे

[01:23:26] उस डेटाबेस को यूज करना पड़ता है। तो जैसे ही मैंने यूज़ वाली क्वरी चलाई एंड देन

[01:23:29] ही मैंने यूज़ वाली क्वरी चलाई एंड देन सेलेक्ट वाली क्वरी चलाई तो हमें पूरा

[01:23:31] सेलेक्ट वाली क्वरी चलाई तो हमें पूरा टेबल मिल गया। टेबल में एंट्रीज है राहुल

[01:23:34] टेबल मिल गया। टेबल में एंट्रीज है राहुल की, प्रिया की, अमित की और नेहा की। और

[01:23:37] की, प्रिया की, अमित की और नेहा की। और इसी टेबल पर हम लगाएंगे एग्रीगेट

[01:23:40] इसी टेबल पर हम लगाएंगे एग्रीगेट फंक्शनंस।

[01:23:41] फंक्शनंस। सबसे पहला एग्रीगेट फंक्शन होता है काउंट।

[01:23:44] सबसे पहला एग्रीगेट फंक्शन होता है काउंट। काउंट फंक्शन का यूज़ रो की टोटल नंबर

[01:23:47] काउंट फंक्शन का यूज़ रो की टोटल नंबर काउंट करने के लिए होता है। यहां पर मैं

[01:23:50] काउंट करने के लिए होता है। यहां पर मैं लिखूंगी

[01:23:52] लिखूंगी सेलेक्ट

[01:23:54] सेलेक्ट काउंट

[01:23:56] काउंट हम लगाएंगे स्टार

[01:24:00] हम लगाएंगे स्टार फ्रॉम

[01:24:01] फ्रॉम टेबल का नेम क्या है हमारा? कॉम ई एम पी।

[01:24:07] टेबल का नेम क्या है हमारा? कॉम ई एम पी। तो यहां पे हमको मिल गया फोर। यह क्वेरी

[01:24:10] तो यहां पे हमको मिल गया फोर। यह क्वेरी एंप्लाइजज़ टेबल के टोटल नंबर ऑफ़ रिकॉर्ड

[01:24:12] एंप्लाइजज़ टेबल के टोटल नंबर ऑफ़ रिकॉर्ड काउंट करेगी। अगर टेबल में फोर एंप्लॉय है

[01:24:16] काउंट करेगी। अगर टेबल में फोर एंप्लॉय है तो रिजल्ट फोर आएगा। अब आप सोच रहे होंगे

[01:24:20] तो रिजल्ट फोर आएगा। अब आप सोच रहे होंगे कि यहां पर इसे मैं क्लोज कर देती हूं।

[01:24:24] कि यहां पर इसे मैं क्लोज कर देती हूं। यहां पे सेलेक्ट काउंट स्टार का मतलब क्या

[01:24:26] यहां पे सेलेक्ट काउंट स्टार का मतलब क्या है? सेलेक्ट का मतलब आपको पता है कि कोई

[01:24:28] है? सेलेक्ट का मतलब आपको पता है कि कोई टेबल सेलेक्ट करना है। काउंट स्टार का

[01:24:30] टेबल सेलेक्ट करना है। काउंट स्टार का मतलब क्या होता है? काउंट स्टार का मतलब

[01:24:32] मतलब क्या होता है? काउंट स्टार का मतलब है कि टेबल की सभी रोज़ काउंट करो। अब

[01:24:35] है कि टेबल की सभी रोज़ काउंट करो। अब नेक्स्ट आता है सम फंक्शन। सम फंक्शन का

[01:24:39] नेक्स्ट आता है सम फंक्शन। सम फंक्शन का यूज़ किसी कॉलम की टोटल वैल्यू कैलकुलेट

[01:24:41] यूज़ किसी कॉलम की टोटल वैल्यू कैलकुलेट करने के लिए होता है।

[01:24:44] करने के लिए होता है। अब यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट सम हमें

[01:24:46] अब यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट सम हमें चाहिए सैलरी का समय लिखेंगे हम सैलरी

[01:24:52] चाहिए सैलरी का समय लिखेंगे हम सैलरी फ्रॉम

[01:24:55] फ्रॉम ऑन एएमपी

[01:24:59] यहां पे क्या हुआ सारे एंप्लई की सैलरी ऐड

[01:25:02] यहां पे क्या हुआ सारे एंप्लई की सैलरी ऐड हो गई यहां पे जो सारी सैलरी थी राहुल की

[01:25:04] हो गई यहां पे जो सारी सैलरी थी राहुल की प्रिया की अमित की नेहा की सबकी टोटल आ

[01:25:07] प्रिया की अमित की नेहा की सबकी टोटल आ गया मतलब सब एंप्लई की टोटल सैलरी है

[01:25:10] गया मतलब सब एंप्लई की टोटल सैलरी है 1995000

[01:25:12] 1995000 अब नेक्स्ट फंक्शन आता है एवरेज का। इसका

[01:25:15] अब नेक्स्ट फंक्शन आता है एवरेज का। इसका यूज़ किसी कॉलम की एवरेज वैल्यू कैलकुलेट

[01:25:18] यूज़ किसी कॉलम की एवरेज वैल्यू कैलकुलेट करने के लिए होता है। इसे क्लोज कर देते

[01:25:20] करने के लिए होता है। इसे क्लोज कर देते हैं। ए बी जी। यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट

[01:25:25] हैं। ए बी जी। यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट ए बी जी।

[01:25:31] जैसे हमें एवरेज सैलरी कैलकुलेट करनी है।

[01:25:33] जैसे हमें एवरेज सैलरी कैलकुलेट करनी है। तो उसके लिए हम लिखेंगे सैलरी फ्रॉम। फिर

[01:25:37] तो उसके लिए हम लिखेंगे सैलरी फ्रॉम। फिर लिखेंगे हम टेबल का नेम।

[01:25:41] लिखेंगे हम टेबल का नेम। तो यहां पर हमें एवरेज सैलरी जो है वह मिल

[01:25:43] तो यहां पर हमें एवरेज सैलरी जो है वह मिल गई 48750।

[01:25:45] गई 48750। यह सब सैलरी को ऐड करेगा और टोटल रिकॉर्ड

[01:25:48] यह सब सैलरी को ऐड करेगा और टोटल रिकॉर्ड से डिवाइड करेगा। उसका रिजल्ट होगा एवरेज

[01:25:51] से डिवाइड करेगा। उसका रिजल्ट होगा एवरेज सैलरी ऑफ़ एंप्लाइजज़। एवरेज फंक्शन मोस्टली

[01:25:54] सैलरी ऑफ़ एंप्लाइजज़। एवरेज फंक्शन मोस्टली सैलरी एनालिसिस या डेटा एनालिसिस में यूज़

[01:25:57] सैलरी एनालिसिस या डेटा एनालिसिस में यूज़ होता है। नेक्स्ट होता है मीन फंक्शन। मीन

[01:26:00] होता है। नेक्स्ट होता है मीन फंक्शन। मीन का यूज़ टेबल में स्मालेस्ट या लोएस्ट

[01:26:03] का यूज़ टेबल में स्मालेस्ट या लोएस्ट वैल्यू फाइंड करने के लिए होता है।

[01:26:11] यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट करना है

[01:26:14] यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट करना है इसको मिन

[01:26:17] इसको मिन सैलरी मिनिमम सैलरी चाहिए हमें

[01:26:22] सैलरी मिनिमम सैलरी चाहिए हमें फ्रॉम फिर टेबल का नेम सीओएम ईएमपी

[01:26:31] तो यहां से हमें मिनिमम सैलरी मिल गई 40

[01:26:33] तो यहां से हमें मिनिमम सैलरी मिल गई 40 क्योंकि सबसे कम सैलरी जो थी वह 40 ही थी

[01:26:37] क्योंकि सबसे कम सैलरी जो थी वह 40 ही थी यह क्वरी एंप्लाइज टेबल में सबसे कम सैलरी

[01:26:40] यह क्वरी एंप्लाइज टेबल में सबसे कम सैलरी रिटर्न करती है। ऐसे ही होता है मैक्स

[01:26:43] रिटर्न करती है। ऐसे ही होता है मैक्स फंक्शन में जिसमें हम मैक्सिमम सैलरी

[01:26:45] फंक्शन में जिसमें हम मैक्सिमम सैलरी फाइंड कर सकते हैं।

[01:26:49] फाइंड कर सकते हैं। मैक्स यहां लिखेंगे हम सेलेक्ट

[01:26:53] मैक्स यहां लिखेंगे हम सेलेक्ट मैक्स

[01:26:56] सैलरी

[01:26:58] सैलरी फ्रॉम

[01:27:00] फ्रॉम टेबल का नेम।

[01:27:04] तो जो मैक्सिमम सैलरी होगी वह प्रिंट

[01:27:07] तो जो मैक्सिमम सैलरी होगी वह प्रिंट होगी। तो मैक्सिमम सैलरी क्या है? 60000

[01:27:10] होगी। तो मैक्सिमम सैलरी क्या है? 60000 सबसे ज्यादा सैलरी 60,000 ही है। तो इसने

[01:27:13] सबसे ज्यादा सैलरी 60,000 ही है। तो इसने 60000 रिटर्न कर दी। मैक्सिमम मतलब होता

[01:27:16] 60000 रिटर्न कर दी। मैक्सिमम मतलब होता है एंप्लॉय में हाईएस्ट सैलरी कितनी है और

[01:27:18] है एंप्लॉय में हाईएस्ट सैलरी कितनी है और मिनिमम मतलब सबसे लोएस्ट सैलरी कितनी है।

[01:27:21] मिनिमम मतलब सबसे लोएस्ट सैलरी कितनी है। अभी हम देखेंगे एरीगेट फंक्शन को हम

[01:27:23] अभी हम देखेंगे एरीगेट फंक्शन को हम कंडीशन के साथ भी यूज़ कर सकते हैं। जैसे

[01:27:26] कंडीशन के साथ भी यूज़ कर सकते हैं। जैसे मुझे सिर्फ काउंट करना है आईटी

[01:27:29] मुझे सिर्फ काउंट करना है आईटी डिपार्टमेंट के एंप्लाइजस को। तो उसके लिए

[01:27:32] डिपार्टमेंट के एंप्लाइजस को। तो उसके लिए मैं लगाऊंगी सेलेक्ट।

[01:27:35] मैं लगाऊंगी सेलेक्ट। काउंट

[01:27:37] काउंट स्टार मतलब सभी को फ्रॉम कॉम एएमपी टेबल

[01:27:42] स्टार मतलब सभी को फ्रॉम कॉम एएमपी टेबल का नेम

[01:27:47] वेयर

[01:27:51] डिपार्टमेंट

[01:27:54] डिपार्टमेंट इज इक्वल टू

[01:27:56] इज इक्वल टू आईटी जहां पे आईटी डिपार्टमेंट हो वो सारे

[01:27:59] आईटी जहां पे आईटी डिपार्टमेंट हो वो सारे एंप्लाइजज़ काउंट कर लो।

[01:28:03] एंप्लाइजज़ काउंट कर लो। तो यहां पर सिर्फ दो ही एंप्लॉय हैं जिनका

[01:28:05] तो यहां पर सिर्फ दो ही एंप्लॉय हैं जिनका डिपार्टमेंट आईटी है। वह कौन-कौन है? वह

[01:28:09] डिपार्टमेंट आईटी है। वह कौन-कौन है? वह है अमित और राहुल। तो काउंट जो आ गया वो

[01:28:12] है अमित और राहुल। तो काउंट जो आ गया वो दो प्रिंट हो गया। यहां पे क्या हो रहा

[01:28:15] दो प्रिंट हो गया। यहां पे क्या हो रहा है? स्टेप बाय स्टेप समझते हैं। सबसे पहले

[01:28:18] है? स्टेप बाय स्टेप समझते हैं। सबसे पहले एसक्यूएल क्या करेगा? स्टेप वन पे जो टेबल

[01:28:21] एसक्यूएल क्या करेगा? स्टेप वन पे जो टेबल है हमारा कॉम ईएमपी उसको देखेगा। फिर

[01:28:24] है हमारा कॉम ईएमपी उसको देखेगा। फिर उसमें जो वेयर कंडीशन है उसे अप्लाई

[01:28:27] उसमें जो वेयर कंडीशन है उसे अप्लाई करेगा। जिसमें डिपार्टमेंट आईटी होना

[01:28:29] करेगा। जिसमें डिपार्टमेंट आईटी होना चाहिए। देन जो रिकॉर्ड्स कंडीशन सेटिस्फाई

[01:28:33] चाहिए। देन जो रिकॉर्ड्स कंडीशन सेटिस्फाई करते हैं उन्हें काउंट करेगा और फ़ाइनली

[01:28:35] करते हैं उन्हें काउंट करेगा और फ़ाइनली रिजल्ट रिटर्न करेगा। मतलब अगर आईटी

[01:28:37] रिजल्ट रिटर्न करेगा। मतलब अगर आईटी डिपार्टमेंट में दो एंप्लॉय हैं तो रिजल्ट

[01:28:39] डिपार्टमेंट में दो एंप्लॉय हैं तो रिजल्ट आएगा टू। वेयर क्लॉज़ डेटाबेस को फ़िल्टर

[01:28:42] आएगा टू। वेयर क्लॉज़ डेटाबेस को फ़िल्टर करता है और एग्रीगेट फंक्शन फ़्टर डेटा पर

[01:28:44] करता है और एग्रीगेट फंक्शन फ़्टर डेटा पर कैलकुलेशन करता है। ऐसे ही आप सैलरी का सम

[01:28:48] कैलकुलेशन करता है। ऐसे ही आप सैलरी का सम भी निकाल सकते हैं आईटी डिपार्टमेंट के

[01:28:50] भी निकाल सकते हैं आईटी डिपार्टमेंट के लिए। जैसे सेलेक्ट

[01:28:53] लिए। जैसे सेलेक्ट मुझे क्या चाहिए? सम चाहिए। किसका चाहिए?

[01:28:56] मुझे क्या चाहिए? सम चाहिए। किसका चाहिए? सैलरी का।

[01:29:01] फ्रॉम

[01:29:03] फ्रॉम कॉम

[01:29:05] कॉम एमपी टेबल

[01:29:11] वेयर

[01:29:13] वेयर डिपार्टमेंट

[01:29:15] डिपार्टमेंट इक्वल टू आईटी

[01:29:22] तो यहां पे दो हमारे एंप्लाइजज़ थे आईटी

[01:29:26] तो यहां पे दो हमारे एंप्लाइजज़ थे आईटी वाले दोनों की सैलरी का सम दे दिया। सबसे

[01:29:29] वाले दोनों की सैलरी का सम दे दिया। सबसे पहले एंप्लाइजज़ टेबल में सिर्फ आईआईटी

[01:29:31] पहले एंप्लाइजज़ टेबल में सिर्फ आईआईटी डिपार्टमेंट उनके एंप्लई सेलेक्ट करेगा और

[01:29:33] डिपार्टमेंट उनके एंप्लई सेलेक्ट करेगा और उसके बाद उनकी सैलरी को ऐड करेगा और

[01:29:36] उसके बाद उनकी सैलरी को ऐड करेगा और फाइनली टोटल सैलरी रिटर्न करेगा। यहां पे

[01:29:39] फाइनली टोटल सैलरी रिटर्न करेगा। यहां पे एक की सैलरी थी 50,000 और एक की सैलरी थी

[01:29:42] एक की सैलरी थी 50,000 और एक की सैलरी थी 60,000। तो यहां पे हमें सम मिला 11,000।

[01:29:45] 60,000। तो यहां पे हमें सम मिला 11,000। अब मान लीजिए कंपनी को पता करना है कि

[01:29:48] अब मान लीजिए कंपनी को पता करना है कि आईटी डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी क्या है?

[01:29:50] आईटी डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी क्या है? तो ऐसे ही आप एवरेज को भी यूज़ कर सकते हैं

[01:29:52] तो ऐसे ही आप एवरेज को भी यूज़ कर सकते हैं वेयर के साथ। सेलेक्ट

[01:29:57] एबीजी

[01:30:00] सैलरी

[01:30:06] फ्रॉम

[01:30:08] फ्रॉम कॉम ईएमपी

[01:30:11] कॉम ईएमपी वेयर

[01:30:15] डिपार्टमेंट

[01:30:17] डिपार्टमेंट = आईटी

[01:30:20] = आईटी तो यहां पे हमको एवरेज सैलरी मिल गई

[01:30:22] तो यहां पे हमको एवरेज सैलरी मिल गई 55,000

[01:30:23] 55,000 इसमें क्या हुआ? एसक्यूएल पहले आईटी

[01:30:25] इसमें क्या हुआ? एसक्यूएल पहले आईटी एंप्लाइजज़ को फ़्टर करेगा। फिर उनकी सैलरी

[01:30:28] एंप्लाइजज़ को फ़्टर करेगा। फिर उनकी सैलरी का एवरेज कैलकुलेट करेगा। देन फिर फ़ूला

[01:30:31] का एवरेज कैलकुलेट करेगा। देन फिर फ़ूला लगाएगा एवरेज का जो कि होता है टोटल सैलरी

[01:30:33] लगाएगा एवरेज का जो कि होता है टोटल सैलरी डिवाइडेड बाय नंबर ऑफ़ एंप्लॉय। तो टोटल

[01:30:36] डिवाइडेड बाय नंबर ऑफ़ एंप्लॉय। तो टोटल सैलरी कितनी थी हमारी? 11,000 उसको डिवाइड

[01:30:40] सैलरी कितनी थी हमारी? 11,000 उसको डिवाइड कर देगा वो टू से। तो हमें मिल जाएगा

[01:30:43] कर देगा वो टू से। तो हमें मिल जाएगा 55,000। ऐसे ही आप मैक्सिमम और मिनिमम के

[01:30:46] 55,000। ऐसे ही आप मैक्सिमम और मिनिमम के साथ भी यूज़ कर सकते हैं कंडीशन लगा के।

[01:30:49] साथ भी यूज़ कर सकते हैं कंडीशन लगा के। मैं आपको बता देती हूं मिनिमम का।

[01:30:51] मैं आपको बता देती हूं मिनिमम का। मैक्सिमम को आपको खुद से करना है।

[01:30:58] सेलेक्ट

[01:31:00] सेलेक्ट मीन क्या चाहिए? मिनिमम सैलरी चाहिए हमें।

[01:31:05] मीन क्या चाहिए? मिनिमम सैलरी चाहिए हमें। क्रॉम कॉम एएमपी

[01:31:10] वेयर

[01:31:12] वेयर डिपार्टमेंट

[01:31:14] डिपार्टमेंट इक्व आईटी

[01:31:21] हमें यहां पर आईटी डिपार्टमेंट की मिनिमम

[01:31:23] हमें यहां पर आईटी डिपार्टमेंट की मिनिमम सैलरी मिल गई 50,000। आपको यहां पर एक

[01:31:26] सैलरी मिल गई 50,000। आपको यहां पर एक इंपॉर्टेंट कांसेप्ट समझना बहुत जरूरी है

[01:31:28] इंपॉर्टेंट कांसेप्ट समझना बहुत जरूरी है कि एसपीएल में एग्जीक्यूशन ऑर्डर कुछ इस

[01:31:31] कि एसपीएल में एग्जीक्यूशन ऑर्डर कुछ इस तरह होता है। सबसे पहले स्टेप वन क्या

[01:31:33] तरह होता है। सबसे पहले स्टेप वन क्या होती है? फ्रॉम टेबल सेलेक्ट होती है। देन

[01:31:36] होती है? फ्रॉम टेबल सेलेक्ट होती है। देन होती है वेयर। रो फ़िल्टर होती है। इसके

[01:31:40] होती है वेयर। रो फ़िल्टर होती है। इसके बाद में आती है थर्ड स्टेप एग्रीगेट

[01:31:42] बाद में आती है थर्ड स्टेप एग्रीगेट फंक्शन कैलकुलेट करना। मतलब पहले

[01:31:44] फंक्शन कैलकुलेट करना। मतलब पहले फिल्टरिंग होती है उसके बाद कैलकुलेशन

[01:31:47] फिल्टरिंग होती है उसके बाद कैलकुलेशन होती है। समझो एक रियल लाइफ एग्जांपल के

[01:31:50] होती है। समझो एक रियल लाइफ एग्जांपल के थ्रू। अगर एक स्कूल में 500 स्टूडेंट हैं

[01:31:52] थ्रू। अगर एक स्कूल में 500 स्टूडेंट हैं और प्रिंसिपल सिर्फ 10थ क्लास के स्टूडेंट

[01:31:55] और प्रिंसिपल सिर्फ 10थ क्लास के स्टूडेंट का एवरेज मार्क्स कैलकुलेट करना चाहता है

[01:31:57] का एवरेज मार्क्स कैलकुलेट करना चाहता है तो वो क्या करेगा? सब स्टूडेंट का एवरेज

[01:32:00] तो वो क्या करेगा? सब स्टूडेंट का एवरेज नहीं निकालेंगे। पहले 10थ क्लास स्टूडेंट

[01:32:02] नहीं निकालेंगे। पहले 10थ क्लास स्टूडेंट को फ़्टर करेंगे। फिर उनका एवरेज कैलकुलेट

[01:32:05] को फ़्टर करेंगे। फिर उनका एवरेज कैलकुलेट करेंगे। एग्जैक्टली सेम काम एसक्यूएल में

[01:32:07] करेंगे। एग्जैक्टली सेम काम एसक्यूएल में वेयर प्लस एडिगेट फंक्शन करता है। अब मैं

[01:32:11] वेयर प्लस एडिगेट फंक्शन करता है। अब मैं आपको कुछ क्वेश्चंस देती हूं। आपको क्या

[01:32:13] आपको कुछ क्वेश्चंस देती हूं। आपको क्या करना है? वीडियो को पॉज करना है और पहले

[01:32:16] करना है? वीडियो को पॉज करना है और पहले ट्राई करना है उन क्वेश्चंस को सॉल्व करने

[01:32:18] ट्राई करना है उन क्वेश्चंस को सॉल्व करने का और अगर आप सॉल्व नहीं कर पाते हैं तो

[01:32:20] का और अगर आप सॉल्व नहीं कर पाते हैं तो उसके बाद में आप सॉल्यूशन देख सकते हैं।

[01:32:23] उसके बाद में आप सॉल्यूशन देख सकते हैं। सबसे पहला क्वेश्चन है अगर हमें एचआर

[01:32:26] सबसे पहला क्वेश्चन है अगर हमें एचआर डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी फाइंड करनी हो

[01:32:29] डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी फाइंड करनी हो तो क्वेरी क्या होगी? यहां पे आपको वीडियो

[01:32:32] तो क्वेरी क्या होगी? यहां पे आपको वीडियो पॉज करना है और ट्राई करना है। यहां पे

[01:32:36] पॉज करना है और ट्राई करना है। यहां पे मैं और एंप्लॉय ऐड कर देती हूं। अब इसका

[01:32:38] मैं और एंप्लॉय ऐड कर देती हूं। अब इसका सॉल्यूशन हम देखते हैं। हमें क्या करना

[01:32:40] सॉल्यूशन हम देखते हैं। हमें क्या करना था? एचआर डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी फाइंड

[01:32:43] था? एचआर डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी फाइंड करनी थी। तो उसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट

[01:32:45] करनी थी। तो उसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट टोटल सैलरी चाहिए तो हम क्या लगाएंगे? हम

[01:32:47] टोटल सैलरी चाहिए तो हम क्या लगाएंगे? हम सम लगाएंगे। सम किसका सम चाहिए हमें?

[01:32:51] सम लगाएंगे। सम किसका सम चाहिए हमें? सैलरी का सम चाहिए।

[01:32:55] सैलरी का सम चाहिए। फ्रॉम फ्रॉम के बाद हम लिखेंगे टेबल का

[01:32:58] फ्रॉम फ्रॉम के बाद हम लिखेंगे टेबल का नेम।

[01:33:00] नेम। देन हम लगाएंगे वेयर। कहां से चाहिए हमें?

[01:33:03] देन हम लगाएंगे वेयर। कहां से चाहिए हमें? कौन से डिपार्टमेंट से चाहिए हमें? हमें

[01:33:05] कौन से डिपार्टमेंट से चाहिए हमें? हमें चाहिए एचआर डिपार्टमेंट से। तो यहां हम

[01:33:07] चाहिए एचआर डिपार्टमेंट से। तो यहां हम लिखेंगे डिपार्टमेंट = एचआर

[01:33:12] लिखेंगे डिपार्टमेंट = एचआर तो यह क्या करेगा? यह टोटल सैलरी एचआर

[01:33:15] तो यह क्या करेगा? यह टोटल सैलरी एचआर डिपार्टमेंट की ऐड कर देगा। सबसे पहला

[01:33:18] डिपार्टमेंट की ऐड कर देगा। सबसे पहला हमारा क्वेश्चन है फाइंड द टोटल नंबर ऑफ़

[01:33:20] हमारा क्वेश्चन है फाइंड द टोटल नंबर ऑफ़ एंप्लॉय हुस सैलरी इज़ ग्रेटर दैन 40,000

[01:33:23] एंप्लॉय हुस सैलरी इज़ ग्रेटर दैन 40,000 स्टूडेंट नीड टू यूज़ काउंट देन वेयर एंड

[01:33:26] स्टूडेंट नीड टू यूज़ काउंट देन वेयर एंड देन कंपैरिजन ऑपरेटर। तो चलिए सशन देखते

[01:33:29] देन कंपैरिजन ऑपरेटर। तो चलिए सशन देखते हैं इसका। यहां लिख देती हूं मैं PR1।

[01:33:30] हैं इसका। यहां लिख देती हूं मैं PR1। सबसे पहले हम क्या करेंगे? सेलेक्ट

[01:33:33] सबसे पहले हम क्या करेंगे? सेलेक्ट करेंगे। यहां लिखेंगे काउंट स्टार।

[01:33:38] हमें क्या चाहिए? टोटल नंबर ऑफ एंप्लॉय

[01:33:40] हमें क्या चाहिए? टोटल नंबर ऑफ एंप्लॉय चाहिए जिनकी सैलरी 40,000 से ज्यादा है।

[01:33:43] चाहिए जिनकी सैलरी 40,000 से ज्यादा है। तो उसके लिए हमने क्या किया है? काउंट

[01:33:44] तो उसके लिए हमने क्या किया है? काउंट लगाया है। काउंट करने के लिए फ्रॉम टेबल

[01:33:47] लगाया है। काउंट करने के लिए फ्रॉम टेबल का नेम लेंगे कॉम ईएमपी।

[01:33:50] का नेम लेंगे कॉम ईएमपी। देन कंडीशन क्या लगानी है? वेयर सैलरी

[01:33:55] देन कंडीशन क्या लगानी है? वेयर सैलरी इज़ ग्रेटर दन 40,000।

[01:34:01] और यहां पर चार एंप्लॉय हैं जिनकी सैलरी

[01:34:03] और यहां पर चार एंप्लॉय हैं जिनकी सैलरी 40,000 से ज्यादा है। अभी मूव करते हैं

[01:34:06] 40,000 से ज्यादा है। अभी मूव करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। फाइंड द टोटल

[01:34:07] नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। फाइंड द टोटल सैलरी ऑफ़ एंप्लाइजज़ हु वर्क्स इन आईटी और

[01:34:10] सैलरी ऑफ़ एंप्लाइजज़ हु वर्क्स इन आईटी और एचआर डिपार्टमेंट। हमें टोटल सैलरी फाइंड

[01:34:12] एचआर डिपार्टमेंट। हमें टोटल सैलरी फाइंड करनी है उन एंप्लई की जो आईटी और एचआर

[01:34:14] करनी है उन एंप्लई की जो आईटी और एचआर डिपार्टमेंट में काम करते हैं। आपको इसमें

[01:34:16] डिपार्टमेंट में काम करते हैं। आपको इसमें यूज़ करना है सम का, वेयर का और इनऑपरेटर

[01:34:18] यूज़ करना है सम का, वेयर का और इनऑपरेटर का। तो चलिए देखते हैं इसका सॉल्यूशन।

[01:34:20] का। तो चलिए देखते हैं इसका सॉल्यूशन। यहां पे मैं लिखूंगी पीआर टू। सेलेक्ट

[01:34:23] यहां पे मैं लिखूंगी पीआर टू। सेलेक्ट टोटल सैलरी चाहिए तो हम सम का यूज़ करेंगे।

[01:34:26] टोटल सैलरी चाहिए तो हम सम का यूज़ करेंगे। सम

[01:34:27] सम सैलरी चाहिए तो सैलरी को सम कराएंगे हम।

[01:34:30] सैलरी चाहिए तो सैलरी को सम कराएंगे हम। किस-किस की सैलरी चाहिए हमें? एचआर की और

[01:34:32] किस-किस की सैलरी चाहिए हमें? एचआर की और आईटी वालों की। फ्रॉम

[01:34:35] आईटी वालों की। फ्रॉम कॉम ईएमपी टेबल का नेम वेयर

[01:34:39] कॉम ईएमपी टेबल का नेम वेयर डिपार्टमेंट

[01:34:41] डिपार्टमेंट इन डिपार्टमेंट आईटी होना चाहिए और होना

[01:34:45] इन डिपार्टमेंट आईटी होना चाहिए और होना चाहिए एचआर।

[01:34:50] तो यहां पर आईटी और एचआर डिपार्टमेंट की

[01:34:52] तो यहां पर आईटी और एचआर डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी हमें मिल गई ₹35,000।

[01:34:55] टोटल सैलरी हमें मिल गई ₹35,000। अभी मूव करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की

[01:34:57] अभी मूव करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। फाइंड द एवरेज सैलरी ऑफ़ एंप्लाइजज़

[01:34:59] तरफ। फाइंड द एवरेज सैलरी ऑफ़ एंप्लाइजज़ हुस सैलरी इज़ बिटवीन 30,000 एंड 6,000।

[01:35:03] हुस सैलरी इज़ बिटवीन 30,000 एंड 6,000। आपको इसमें यूज़ करना है एवरेज का और

[01:35:04] आपको इसमें यूज़ करना है एवरेज का और बिटवीन का। एवरेज सैलरी फाइंड करनी है

[01:35:06] बिटवीन का। एवरेज सैलरी फाइंड करनी है एंप्लॉय की बिटवीन 30,000 एंड 6,000। यह

[01:35:09] एंप्लॉय की बिटवीन 30,000 एंड 6,000। यह है हमारा PR3।

[01:35:12] है हमारा PR3। यहां पर हम लेंगे सेलेक्ट

[01:35:14] यहां पर हम लेंगे सेलेक्ट एबीj एवरेज सैलरी के लिए।

[01:35:18] एबीj एवरेज सैलरी के लिए। फ्रॉम

[01:35:20] फ्रॉम कॉम एनपी देन हम लेंगे वेयर

[01:35:24] कॉम एनपी देन हम लेंगे वेयर सैलरी

[01:35:28] बिटवीन

[01:35:31] बिटवीन 30000

[01:35:33] 30000 एंड 60000

[01:35:39] तो एवरेज सैलरी आई 45800 एंड 33.33 बिटवीन

[01:35:44] तो एवरेज सैलरी आई 45800 एंड 33.33 बिटवीन फ़िल्टर्स सैलरीज़ विद इन द रेंज ऑफ़ 30,000

[01:35:46] फ़िल्टर्स सैलरीज़ विद इन द रेंज ऑफ़ 30,000 टू 60,000 एंड एवरेज जो है कैलकुलेट करता

[01:35:48] टू 60,000 एंड एवरेज जो है कैलकुलेट करता है एवरेज को। इसके बाद नेक्स्ट क्वेश्चन

[01:35:50] है एवरेज को। इसके बाद नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड द हाईएस्ट सैलरी अमंग एंप्लाइजज़

[01:35:53] है फाइंड द हाईएस्ट सैलरी अमंग एंप्लाइजज़ हु आर नॉट इन द एचआर डिपार्टमेंट। आपको

[01:35:55] हु आर नॉट इन द एचआर डिपार्टमेंट। आपको हाईएस्ट सैलरी भी फाइंड करनी है एंप्लाइजज़

[01:35:56] हाईएस्ट सैलरी भी फाइंड करनी है एंप्लाइजज़ की जो एचआर डिपार्टमेंट में नहीं है उनकी।

[01:35:58] की जो एचआर डिपार्टमेंट में नहीं है उनकी। इसमें आपको यूज़ करना है मैक्स का, नॉट का

[01:36:00] इसमें आपको यूज़ करना है मैक्स का, नॉट का और वेयर का। यह है हमारा पीआर फोर।

[01:36:06] और वेयर का। यह है हमारा पीआर फोर। सेलेक्ट

[01:36:08] सेलेक्ट मैक्सिमम चाहिए तो हम मैक्स का यूज़

[01:36:10] मैक्सिमम चाहिए तो हम मैक्स का यूज़ करेंगे।

[01:36:11] करेंगे। सैलरी

[01:36:14] सैलरी फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है कॉम ईएमपी

[01:36:17] फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है कॉम ईएमपी वेयर

[01:36:19] वेयर डिपार्टमेंट इज नॉट इक्वल टू एचआर

[01:36:26] तो मैक्सिमम सैलरी हमें मिली 60

[01:36:29] तो मैक्सिमम सैलरी हमें मिली 60 नॉट इक्वल टू एचआर एक्सक्लूड कर देता है

[01:36:31] नॉट इक्वल टू एचआर एक्सक्लूड कर देता है एचआर के एंप्लाइजज़ को और मैक्स फंक्शन जो

[01:36:34] एचआर के एंप्लाइजज़ को और मैक्स फंक्शन जो रिटर्न करता है हाईएस्ट सैलरी फ्रॉम द

[01:36:36] रिटर्न करता है हाईएस्ट सैलरी फ्रॉम द रिमेनिंग एंप्लाइज़। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन

[01:36:38] रिमेनिंग एंप्लाइज़। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड द लोएस्ट सैलरी ऑफ एंप्लाइजस हु

[01:36:40] है फाइंड द लोएस्ट सैलरी ऑफ एंप्लाइजस हु वर्क्स इन द आईटी डिपार्टमेंट एंड हुस

[01:36:41] वर्क्स इन द आईटी डिपार्टमेंट एंड हुस सैलरी इज ग्रेटर देन 35000 आपको लोएस्ट

[01:36:44] सैलरी इज ग्रेटर देन 35000 आपको लोएस्ट सैलरी निकालनी है उन एम्प्लाइजस की जो

[01:36:45] सैलरी निकालनी है उन एम्प्लाइजस की जो आईटी डिपार्टमेंट में वर्क करते हैं लेकिन

[01:36:47] आईटी डिपार्टमेंट में वर्क करते हैं लेकिन उनकी सैलरी जो है वो ज्यादा होनी चाहिए

[01:36:49] उनकी सैलरी जो है वो ज्यादा होनी चाहिए 35000 से इसमें आपको मिनिमम वेयर एंड का

[01:36:52] 35000 से इसमें आपको मिनिमम वेयर एंड का यूज़ करना है यह है हमारा पीआर5 लास्ट

[01:36:55] यूज़ करना है यह है हमारा पीआर5 लास्ट वाला प्रैक्टिस सेट है हमारा यह तो यहां

[01:36:57] वाला प्रैक्टिस सेट है हमारा यह तो यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट मिन

[01:37:00] पे हम लिखेंगे सेलेक्ट मिन सैलरी मिनिमम सैलरी चाहिए हमें फ्रॉम

[01:37:05] सैलरी मिनिमम सैलरी चाहिए हमें फ्रॉम कॉम ईएमपी

[01:37:07] कॉम ईएमपी वेयर

[01:37:09] वेयर डिपार्टमेंट क्या हो

[01:37:13] = आईटी

[01:37:17] एंड सैलरी

[01:37:20] एंड सैलरी शुड बी

[01:37:22] शुड बी सैलरी लेकिन बड़ी होनी चाहिए 35000 से

[01:37:30] तो यहां पे आईटी में सभी की सैलरी 35,000

[01:37:34] तो यहां पे आईटी में सभी की सैलरी 35,000 से ऊपर ही होगी। तो यहां हमें मिली मिनिमम

[01:37:36] से ऊपर ही होगी। तो यहां हमें मिली मिनिमम सैलरी 50,000 आईटी डिपार्टमेंट की। सबसे

[01:37:39] सैलरी 50,000 आईटी डिपार्टमेंट की। सबसे पहले क्या होगा जो क्वेरी है फिल्टर करेगी

[01:37:41] पहले क्या होगा जो क्वेरी है फिल्टर करेगी आईटी डिपार्टमेंट के एंप्लॉय को देन जिनकी

[01:37:43] आईटी डिपार्टमेंट के एंप्लॉय को देन जिनकी भी सैलरी 35,000 से बड़ी होगी उन्हें फिर

[01:37:46] भी सैलरी 35,000 से बड़ी होगी उन्हें फिर उसके बाद में वो रिटर्न करेगी मिनिमम मतलब

[01:37:48] उसके बाद में वो रिटर्न करेगी मिनिमम मतलब जो भी लोएस्ट सैलरी होगी उसको रिटर्न

[01:37:50] जो भी लोएस्ट सैलरी होगी उसको रिटर्न करेगी। तो ये थे हमारे प्रैक्टिस सेट्स

[01:37:52] करेगी। तो ये थे हमारे प्रैक्टिस सेट्स सेलेक्ट स्टाफ

[01:37:54] सेलेक्ट स्टाफ फ्रॉम

[01:37:56] फ्रॉम कॉम एफपी।

[01:38:01] तो आपके सामने यह टेबल दिख रहा है जिसमें

[01:38:03] तो आपके सामने यह टेबल दिख रहा है जिसमें आईडी है, नेम है, डिपार्टमेंट है और सैलरी

[01:38:05] आईडी है, नेम है, डिपार्टमेंट है और सैलरी है। यह एक एंप्लॉय टेबल है जिसमें हर

[01:38:07] है। यह एक एंप्लॉय टेबल है जिसमें हर एंप्लॉय के डिपार्टमेंट है और हर एंप्लॉय

[01:38:09] एंप्लॉय के डिपार्टमेंट है और हर एंप्लॉय की सैलरी है। अब अगर हम लगाते हैं एवरेज

[01:38:13] की सैलरी है। अब अगर हम लगाते हैं एवरेज फंक्शन तो यहां पे लिखेंगे हम सेलेक्ट एवी

[01:38:16] फंक्शन तो यहां पे लिखेंगे हम सेलेक्ट एवी जे हम लगाते हैं एवरेज सैलरी के लिए

[01:38:21] जे हम लगाते हैं एवरेज सैलरी के लिए फ्रॉम

[01:38:27] फ्रॉम ईएमआई

[01:38:31] तो यहां पर क्या हो रहा है? सबसे पहले

[01:38:34] तो यहां पर क्या हो रहा है? सबसे पहले एसक्यूएल पूरी टेबल से सैलरी कॉलम उठाता

[01:38:37] एसक्यूएल पूरी टेबल से सैलरी कॉलम उठाता है। देन सब सैलरीज को ऐड करता है। फिर उसे

[01:38:40] है। देन सब सैलरीज को ऐड करता है। फिर उसे टोटल एंप्लॉय से डिवाइड करता है। इसका

[01:38:43] टोटल एंप्लॉय से डिवाइड करता है। इसका रिजल्ट होता है एवरेज ऑफ़ ऑल एंप्लाइजज़। इस

[01:38:46] रिजल्ट होता है एवरेज ऑफ़ ऑल एंप्लाइजज़। इस क्वरी में हमें सिर्फ एक ही रिजल्ट मिलता

[01:38:49] क्वरी में हमें सिर्फ एक ही रिजल्ट मिलता है क्योंकि एसक्यूएल पूरी टेबल को एक ही

[01:38:51] है क्योंकि एसक्यूएल पूरी टेबल को एक ही ग्रुप मान रहा है। लेकिन रियल कंपनीज़ में

[01:38:54] ग्रुप मान रहा है। लेकिन रियल कंपनीज़ में हमें ऐसे रिजल्ट चाहिए होता है जैसे आईटी

[01:38:57] हमें ऐसे रिजल्ट चाहिए होता है जैसे आईटी डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी दो, एचआर

[01:38:59] डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी दो, एचआर डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी दो या फिर

[01:39:01] डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी दो या फिर सेल्स डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी दो।

[01:39:03] सेल्स डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी दो। इसके लिए एसक्यूएल को बोलना पड़ेगा पहले

[01:39:06] इसके लिए एसक्यूएल को बोलना पड़ेगा पहले डिपार्टमेंट के ग्रुप्स बना दो। यही काम

[01:39:08] डिपार्टमेंट के ग्रुप्स बना दो। यही काम करता है ग्रुप बाय। प्रूफ पाई का सिंटेक्स

[01:39:11] करता है ग्रुप बाय। प्रूफ पाई का सिंटेक्स होता है।

[01:39:14] होता है। सबसे पहले आता है सेलेक्ट

[01:39:17] सबसे पहले आता है सेलेक्ट देन आता है कॉलम का नेम

[01:39:22] कॉमा जो भी आपको फंक्शन लगाना है एग्रिगेट

[01:39:26] कॉमा जो भी आपको फंक्शन लगाना है एग्रिगेट फंक्शन।

[01:39:33] इसके बाद में इसके अंदर आएगा कॉलम का नेम।

[01:39:38] इसके बाद में इसके अंदर आएगा कॉलम का नेम। जिस कॉलम पर आपको फंक्शन लगाना है उसका

[01:39:40] जिस कॉलम पर आपको फंक्शन लगाना है उसका नेम देन हम लगाएंगे फ्रॉम टेबल का नेम

[01:39:46] नेम देन हम लगाएंगे फ्रॉम टेबल का नेम देन लगाएंगे हम ग्रुप बाय

[01:39:50] देन लगाएंगे हम ग्रुप बाय कॉलम नेम जिस कॉलम के थ्रू आपको ग्रुप बाय

[01:39:53] कॉलम नेम जिस कॉलम के थ्रू आपको ग्रुप बाय करना है उस कॉलम का नेम

[01:39:56] करना है उस कॉलम का नेम देन सेमी कॉललन

[01:40:00] हम कॉलम ले रहे हैं डिपार्टमेंट

[01:40:11] सर डिपार्टमेंट जो है यहां हम डिपार्टमेंट

[01:40:13] सर डिपार्टमेंट जो है यहां हम डिपार्टमेंट सेलेक्ट कर रहे हैं क्योंकि हमें पता करना

[01:40:15] सेलेक्ट कर रहे हैं क्योंकि हमें पता करना है किस डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी क्या

[01:40:18] है किस डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी क्या है। इसके बाद हम लगाएंगे कॉमा एंड लिखेंगे

[01:40:20] है। इसके बाद हम लगाएंगे कॉमा एंड लिखेंगे ए वीजे

[01:40:22] ए वीजे सैलरी।

[01:40:27] एबीजे सैलरी जो है यहां हम बोल रहे हैं कि

[01:40:30] एबीजे सैलरी जो है यहां हम बोल रहे हैं कि हर ग्रुप के अंदर सैलरी का एवरेज निकालो।

[01:40:33] हर ग्रुप के अंदर सैलरी का एवरेज निकालो। देन हम लिखेंगे

[01:40:36] देन हम लिखेंगे फ्रॉम हमारा टेबल का नेम है कॉम पीएमपी

[01:40:43] ग्रुप बाय

[01:40:46] ग्रुप बाय डिपार्टमेंट

[01:40:49] ग्रुप बाय डिपार्टमेंट जो है यह एसक्यूएल

[01:40:51] ग्रुप बाय डिपार्टमेंट जो है यह एसक्यूएल को बोलता है टेबल के रोज़ को डिपार्टमेंट

[01:40:54] को बोलता है टेबल के रोज़ को डिपार्टमेंट के बेसिस पर ग्रुप्स में डिवाइड करो।

[01:40:58] के बेसिस पर ग्रुप्स में डिवाइड करो। अब इसे हम एग्जीक्यूट कराते हैं। तो यहां

[01:41:01] अब इसे हम एग्जीक्यूट कराते हैं। तो यहां पर हमें आईटी की एवरेज सैलरी, एचआर की

[01:41:04] पर हमें आईटी की एवरेज सैलरी, एचआर की एवरेज सैलरी और सीरीज की एवरेज सैलरी

[01:41:06] एवरेज सैलरी और सीरीज की एवरेज सैलरी डिस्प्ले हो रही है। तो इंटरनली एसक्यूएल

[01:41:10] डिस्प्ले हो रही है। तो इंटरनली एसक्यूएल क्या करता है? सबसे पहले टेबल रीड करता

[01:41:12] क्या करता है? सबसे पहले टेबल रीड करता है। सारे डिपार्टमेंट देखेगा और सारी

[01:41:16] है। सारे डिपार्टमेंट देखेगा और सारी सैलरी देखेगा। फिर क्या करेगा? ग्रुप बॉय

[01:41:20] सैलरी देखेगा। फिर क्या करेगा? ग्रुप बॉय डिपार्टमेंट जो है वह एसक्यूएल ग्रुप्स

[01:41:22] डिपार्टमेंट जो है वह एसक्यूएल ग्रुप्स बनाता है। जैसे आईटी का ग्रुप बनाएगा। फिर

[01:41:26] बनाता है। जैसे आईटी का ग्रुप बनाएगा। फिर बनाएगा एचआर का ग्रुप एंड देन सेल्स का

[01:41:28] बनाएगा एचआर का ग्रुप एंड देन सेल्स का ग्रुप जिसमें सेल्स की सैलरी होगी। आईटी

[01:41:30] ग्रुप जिसमें सेल्स की सैलरी होगी। आईटी में आईटी की सैलरी होंगी सारी। एचआर में

[01:41:32] में आईटी की सैलरी होंगी सारी। एचआर में एचआर की सैलरी होंगी सारी। फिर स्टेप थ्री

[01:41:35] एचआर की सैलरी होंगी सारी। फिर स्टेप थ्री होता है एबीजे कैलकुलेशन एवरेज कैलकुलेशन।

[01:41:38] होता है एबीजे कैलकुलेशन एवरेज कैलकुलेशन। वो क्या करेगा? सबसे पहले आईटी के लिए

[01:41:41] वो क्या करेगा? सबसे पहले आईटी के लिए एवरेज कैलकुलेट करेगा। टोटल सैलरी डिवाइड

[01:41:44] एवरेज कैलकुलेट करेगा। टोटल सैलरी डिवाइड बाय टोटल नंबर ऑफ़ एंप्लाइजज़। ऐसे ही एचआर

[01:41:47] बाय टोटल नंबर ऑफ़ एंप्लाइजज़। ऐसे ही एचआर के लिए करेगा और ऐसे ही सेल्स के लिए

[01:41:49] के लिए करेगा और ऐसे ही सेल्स के लिए करेगा। फिर फाइनल रिजल्ट क्या होगा?

[01:41:51] करेगा। फिर फाइनल रिजल्ट क्या होगा? डिपार्टमेंट वाइज़ ये एवरेज सैलरी देगा।

[01:41:54] डिपार्टमेंट वाइज़ ये एवरेज सैलरी देगा। जैसे आईटी के लिए देगा यह, एचआर के लिए

[01:41:56] जैसे आईटी के लिए देगा यह, एचआर के लिए देगा यह, एनसीएस के लिए देगा यह। इसलिए हम

[01:42:00] देगा यह, एनसीएस के लिए देगा यह। इसलिए हम यहां पे क्योरिंग या डिपार्टमेंट और एवरेज

[01:42:01] यहां पे क्योरिंग या डिपार्टमेंट और एवरेज सैलरी दोनों लिखते हैं। डिपार्टमेंट बताता

[01:42:04] सैलरी दोनों लिखते हैं। डिपार्टमेंट बताता है कौन सा ग्रुप है और एवरेज सैलरी जो है

[01:42:07] है कौन सा ग्रुप है और एवरेज सैलरी जो है वह बताता है उस ग्रुप का एवरेज सैलरी। हम

[01:42:11] वह बताता है उस ग्रुप का एवरेज सैलरी। हम एक और एग्जांपल देखते हैं। काउंट के लिए।

[01:42:14] एक और एग्जांपल देखते हैं। काउंट के लिए। काउंट एंप्लाइजज़ पर डिपार्टमेंट। हमें हर

[01:42:17] काउंट एंप्लाइजज़ पर डिपार्टमेंट। हमें हर डिपार्टमेंट के लिए एंप्लाइजज़ को काउंट

[01:42:19] डिपार्टमेंट के लिए एंप्लाइजज़ को काउंट करना है। यहां लिखेंगे हम सेलेक्ट

[01:42:23] करना है। यहां लिखेंगे हम सेलेक्ट काउंट स्टार। अब इसके पहले हमें क्या

[01:42:26] काउंट स्टार। अब इसके पहले हमें क्या लिखना है? कॉलम का नेम।

[01:42:29] लिखना है? कॉलम का नेम। क्या लिखेंगे हम? डिपार्टमेंट।

[01:42:33] क्या लिखेंगे हम? डिपार्टमेंट। देन हम लगाएंगे फ्रॉम

[01:42:35] देन हम लगाएंगे फ्रॉम टेबल का नेम कॉम एएमपी एंड देन

[01:42:40] टेबल का नेम कॉम एएमपी एंड देन ग्रुप बाय डिपार्टमेंट।

[01:42:50] तो यह बता रहा है आईटी में दो एंप्लॉय,

[01:42:52] तो यह बता रहा है आईटी में दो एंप्लॉय, एचआर में तीन एंप्लॉय और सेल्स में वन

[01:42:55] एचआर में तीन एंप्लॉय और सेल्स में वन एंप्लॉय है। काउंट स्टार जो है वह क्या

[01:42:57] एंप्लॉय है। काउंट स्टार जो है वह क्या करेगा? एंप्लॉय को काउंट करेगा हर ग्रुप

[01:43:00] करेगा? एंप्लॉय को काउंट करेगा हर ग्रुप के अंदर। अभी नेक्स्ट पढ़ेंगे हम हैविंग

[01:43:03] के अंदर। अभी नेक्स्ट पढ़ेंगे हम हैविंग क्लॉज़ के बारे में। ग्रुप पाई के बाद

[01:43:05] क्लॉज़ के बारे में। ग्रुप पाई के बाद कभी-कभी हमें ग्रुप्स को फिल्टर भी करना

[01:43:08] कभी-कभी हमें ग्रुप्स को फिल्टर भी करना पड़ता है। जैसे हमें शो करना है सिर्फ

[01:43:12] पड़ता है। जैसे हमें शो करना है सिर्फ डिपार्टमेंट को जहां पे एवरेज सैलरी जो है

[01:43:14] डिपार्टमेंट को जहां पे एवरेज सैलरी जो है वो 45,000 से ज्यादा हो। तो उसके लिए हम

[01:43:18] वो 45,000 से ज्यादा हो। तो उसके लिए हम यूज़ करेंगे हैविंग का। यहां लिखेंगे हम

[01:43:21] यूज़ करेंगे हैविंग का। यहां लिखेंगे हम सेलेक्ट डिपार्टमेंट।

[01:43:25] सेलेक्ट डिपार्टमेंट। क्या चाहिए? हमें एवरेज सैलरी चाहिए। तो

[01:43:27] क्या चाहिए? हमें एवरेज सैलरी चाहिए। तो हम लिखेंगे एबीj एंड देन सैलरी।

[01:43:35] फ्रॉम टेबल का नेम लिखेंगे हम कॉम ईएमपी

[01:43:40] फ्रॉम टेबल का नेम लिखेंगे हम कॉम ईएमपी ग्रुप बाय

[01:43:45] डिपार्टमेंट

[01:43:48] डिपार्टमेंट हैविंग

[01:43:51] एवरेज सैलरी ऑफ

[01:43:57] एवरेज सैलरी इज ग्रेटर देन 45000

[01:44:06] तो यहां पर सबसे पहले स्टेप होती है

[01:44:09] तो यहां पर सबसे पहले स्टेप होती है ग्रुप्स क्रिएट करना। सबसे पहले यहां पे

[01:44:12] ग्रुप्स क्रिएट करना। सबसे पहले यहां पे ग्रुप्स क्रिएट होते हैं। उसके बाद में

[01:44:14] ग्रुप्स क्रिएट होते हैं। उसके बाद में एवरेज कैलकुलेट होता है। देन हैविंग

[01:44:18] एवरेज कैलकुलेट होता है। देन हैविंग कंडीशन चेक होती है। जो भी मैचिंग ग्रुप

[01:44:21] कंडीशन चेक होती है। जो भी मैचिंग ग्रुप होते हैं सिर्फ वही शो होते हैं। तो यहां

[01:44:24] होते हैं सिर्फ वही शो होते हैं। तो यहां पे हमें क्या चाहिए था? ग्रुप कर दो

[01:44:26] पे हमें क्या चाहिए था? ग्रुप कर दो डिपार्टमेंट को जिनकी सैलरी 45,000 से

[01:44:29] डिपार्टमेंट को जिनकी सैलरी 45,000 से ज्यादा हो। तो यहां पे हम देखेंगे

[01:44:34] यहां पे सेल्स की सैलरी भी 45,000 से कम

[01:44:37] यहां पे सेल्स की सैलरी भी 45,000 से कम है और एचआर की भी 45,000 से कम है। यहां

[01:44:41] है और एचआर की भी 45,000 से कम है। यहां पे क्या करेगा यह? सबसे पहले स्टेप वन

[01:44:43] पे क्या करेगा यह? सबसे पहले स्टेप वन रहेगा कि एंप्लॉय टेबल को रीड करो और उसके

[01:44:47] रहेगा कि एंप्लॉय टेबल को रीड करो और उसके सारे रोज़ को प्रोसेस करने के लिए रेडी

[01:44:49] सारे रोज़ को प्रोसेस करने के लिए रेडी करो। उसके बाद में स्टेप टू रहेगा। जो

[01:44:53] करो। उसके बाद में स्टेप टू रहेगा। जो एंप्लॉय सेम डिपार्टमेंट में है उनको एक

[01:44:55] एंप्लॉय सेम डिपार्टमेंट में है उनको एक ग्रुप में डाल दिया जाता है। आईटी के लिए

[01:44:58] ग्रुप में डाल दिया जाता है। आईटी के लिए अलग, एचआर के लिए अलग और सेल्स के लिए

[01:45:00] अलग, एचआर के लिए अलग और सेल्स के लिए अलग। ग्रुप व का काम है रोज़ को कैटेगरीज़

[01:45:03] अलग। ग्रुप व का काम है रोज़ को कैटेगरीज़ में डिवाइड करना। इसके बाद स्टेप थ्री

[01:45:05] में डिवाइड करना। इसके बाद स्टेप थ्री रहती है। नाउ कैलकुलेट एवरेज सैलरी इनसाइड

[01:45:08] रहती है। नाउ कैलकुलेट एवरेज सैलरी इनसाइड ईच ग्रुप। यह सारे ग्रुप के अंदर एवरेज

[01:45:10] ईच ग्रुप। यह सारे ग्रुप के अंदर एवरेज सैलरी कैलकुलेट करेगा। तो, यहां पे आईटी

[01:45:12] सैलरी कैलकुलेट करेगा। तो, यहां पे आईटी की एवरेज सैलरी है 55,000

[01:45:14] की एवरेज सैलरी है 55,000 एंड एचआर की जो भी होगी एंड सेल्स की जो

[01:45:19] एंड एचआर की जो भी होगी एंड सेल्स की जो भी होगी तो हमें मिल जाएगा सारे

[01:45:21] भी होगी तो हमें मिल जाएगा सारे डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी मिल जाएगी।

[01:45:24] डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी मिल जाएगी। फिर क्या होगा? यहां पर लिखा है एवरेज

[01:45:26] फिर क्या होगा? यहां पर लिखा है एवरेज सैलरी शुड बी ग्रेटर दन 45,000। इसका मतलब

[01:45:29] सैलरी शुड बी ग्रेटर दन 45,000। इसका मतलब है एवरेज सैलरी का कि हर ग्रुप के अंदर

[01:45:32] है एवरेज सैलरी का कि हर ग्रुप के अंदर एवरेज सैलरी का एवरेज कैलकुलेट करो। फिर

[01:45:35] एवरेज सैलरी का एवरेज कैलकुलेट करो। फिर उसके बाद में एसक्यूएल जो है वह फ़्टर करता

[01:45:38] उसके बाद में एसक्यूएल जो है वह फ़्टर करता है उन ग्रुप्स को जहां पे यह कंडीशन लगती

[01:45:41] है उन ग्रुप्स को जहां पे यह कंडीशन लगती है कि एवरेज सैलरी जो है 45,000 से ज्यादा

[01:45:44] है कि एवरेज सैलरी जो है 45,000 से ज्यादा होना चाहिए। तो फिर क्या करेगा? यह चेक

[01:45:46] होना चाहिए। तो फिर क्या करेगा? यह चेक करेगा। तो यहां पर सेल्स का सिर्फ 40,000

[01:45:49] करेगा। तो यहां पर सेल्स का सिर्फ 40,000 ही है। एंड एचआर की एवरेज सैलरी भी 45,000

[01:45:54] ही है। एंड एचआर की एवरेज सैलरी भी 45,000 से कम हो रही है। तो यहां पे आया सिर्फ

[01:45:56] से कम हो रही है। तो यहां पे आया सिर्फ आईटी बिकॉज़ आईटी डिपार्टमेंट की सैलरी जो

[01:45:58] आईटी बिकॉज़ आईटी डिपार्टमेंट की सैलरी जो है वह 45,000 से ज्यादा है। तो एचआर भी

[01:46:02] है वह 45,000 से ज्यादा है। तो एचआर भी रिमूव हो जाएगा और सेल्स भी रिमूव हो

[01:46:04] रिमूव हो जाएगा और सेल्स भी रिमूव हो जाएगा। फाइनल रिजल्ट में हमें आईटी मिल

[01:46:06] जाएगा। फाइनल रिजल्ट में हमें आईटी मिल गया। अभी हम समझते हैं हैविंग वर्सेस वेयर

[01:46:10] गया। अभी हम समझते हैं हैविंग वर्सेस वेयर में डिफरेंस। बियर जो होता है वह रो

[01:46:14] में डिफरेंस। बियर जो होता है वह रो फिल्टरिंग के लिए होता है। जैसे मैं

[01:46:16] फिल्टरिंग के लिए होता है। जैसे मैं लगाऊंगी सेलेक्ट स्टार फ्रॉम कॉम एएमपी

[01:46:23] लगाऊंगी सेलेक्ट स्टार फ्रॉम कॉम एएमपी वेयर

[01:46:25] वेयर सैलरी

[01:46:28] सैलरी इज ग्रेटर देन 45000

[01:46:32] इज ग्रेटर देन 45000 तो यहां पे हमें वह सारे एंप्लॉय मिल

[01:46:35] तो यहां पे हमें वह सारे एंप्लॉय मिल जाएंगे जिनकी सैलरी 45000 से ज़्यादा है।

[01:46:38] जाएंगे जिनकी सैलरी 45000 से ज़्यादा है। यह क्या करता है? यह इंडिविजुअल रो फ़्टर

[01:46:41] यह क्या करता है? यह इंडिविजुअल रो फ़्टर करता है और ग्रुप बाय जो है वह फ़्टर करता

[01:46:44] करता है और ग्रुप बाय जो है वह फ़्टर करता है। जैसे हमने यह वाला एग्जांपल लगाया

[01:46:48] है। जैसे हमने यह वाला एग्जांपल लगाया तो हमें आईटी मिला। हैविंग जो है फ़िल्टर

[01:46:51] तो हमें आईटी मिला। हैविंग जो है फ़िल्टर करता है ग्रुप्स को इसे हम क्रिएट करते

[01:46:53] करता है ग्रुप्स को इसे हम क्रिएट करते हैं बाय ग्रुप बाय। ग्रुप बाय का काम है

[01:46:56] हैं बाय ग्रुप बाय। ग्रुप बाय का काम है डेटा को ग्रुप में डिवाइड करना। सपोज़ करो

[01:46:59] डेटा को ग्रुप में डिवाइड करना। सपोज़ करो एक कंपनी है जिसको जानना है कि

[01:47:01] एक कंपनी है जिसको जानना है कि डिपार्टमेंट वाइज़ एवरेज सैलरी क्या है? बट

[01:47:04] डिपार्टमेंट वाइज़ एवरेज सैलरी क्या है? बट शो करना है डिपार्टमेंट जहां की एवरेज

[01:47:06] शो करना है डिपार्टमेंट जहां की एवरेज सैलरी जो है 45,000 से ज्यादा है। जैसे

[01:47:09] सैलरी जो है 45,000 से ज्यादा है। जैसे हमने इस एग्जांपल में लिया था। तो क्या

[01:47:10] हमने इस एग्जांपल में लिया था। तो क्या करेगा? सबसे पहले वो क्रिएट करेगा

[01:47:13] करेगा? सबसे पहले वो क्रिएट करेगा डिपार्टमेंट को ग्रुप बाय के थ्रू। देन

[01:47:15] डिपार्टमेंट को ग्रुप बाय के थ्रू। देन क्या करेगा? चेक करेगा एवरेज सैलरी कंडीशन

[01:47:18] क्या करेगा? चेक करेगा एवरेज सैलरी कंडीशन हैविंग का यूज़ करके। बोथ वेयर एंड हैविंग

[01:47:22] हैविंग का यूज़ करके। बोथ वेयर एंड हैविंग का यूज़ हम करते हैं कंडीशन सप्लाई करने के

[01:47:24] का यूज़ हम करते हैं कंडीशन सप्लाई करने के लिए। लेकिन यह वर्क करते हैं डिफरेंट

[01:47:26] लिए। लेकिन यह वर्क करते हैं डिफरेंट स्टेजेस में क्यूरी की। वेयर का यूज़ हम

[01:47:30] स्टेजेस में क्यूरी की। वेयर का यूज़ हम इंडिविजुअल रूम को फिल्टर करने के लिए

[01:47:32] इंडिविजुअल रूम को फिल्टर करने के लिए करते हैं। लेकिन हैविंग जो होता है उसका

[01:47:35] करते हैं। लेकिन हैविंग जो होता है उसका यूज़ कम करते हैं। ग्रुप्स को फिल्टर करने

[01:47:37] यूज़ कम करते हैं। ग्रुप्स को फिल्टर करने के लिए। अगर जैसे कि मैं लिखती हूं

[01:47:40] के लिए। अगर जैसे कि मैं लिखती हूं सेलेक्ट

[01:47:46] डिपार्टमेंट

[01:47:48] डिपार्टमेंट कॉमा एवीj सैलरी

[01:47:56] फ्रॉम टेबल का नेम

[01:48:00] फ्रॉम टेबल का नेम ग्रुप बाय

[01:48:04] डिपार्टमेंट

[01:48:10] तो यहां हमें हर डिपार्टमेंट की एवरेज

[01:48:12] तो यहां हमें हर डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी मिल जाएगी।

[01:48:14] सैलरी मिल जाएगी। लेकिन यहां अगर मैं नेम भी ऐड कर देती हूं

[01:48:19] लेकिन यहां अगर मैं नेम भी ऐड कर देती हूं तो क्या हो रहा है? यहां पे हमें एरर मिल

[01:48:21] तो क्या हो रहा है? यहां पे हमें एरर मिल रहा है।

[01:48:23] रहा है। यहां पे नेम ग्रुप नहीं हुआ है और

[01:48:26] यहां पे नेम ग्रुप नहीं हुआ है और एग्रीगेट फंक्शन भी नहीं है। इसलिए

[01:48:28] एग्रीगेट फंक्शन भी नहीं है। इसलिए एसक्यूएल कंफ्यूज हो जाएगा और किसी

[01:48:30] एसक्यूएल कंफ्यूज हो जाएगा और किसी एंप्लॉय का नाम शो नहीं करेगा। हमें एरर

[01:48:34] एंप्लॉय का नाम शो नहीं करेगा। हमें एरर मिल जाएंगे। इस क्वेरी में हम एसक्यूएल से

[01:48:37] मिल जाएंगे। इस क्वेरी में हम एसक्यूएल से बोल रहे हैं कि डिपार्टमेंट दिखाओ, सर्च

[01:48:40] बोल रहे हैं कि डिपार्टमेंट दिखाओ, सर्च में नेम भी दिखाओ एंड देन उनकी एवरेज

[01:48:42] में नेम भी दिखाओ एंड देन उनकी एवरेज सैलरी निकालो और डिपार्टमेंट के बेसिस पे

[01:48:45] सैलरी निकालो और डिपार्टमेंट के बेसिस पे ग्रुपिंग करो। लेकिन यहां एक प्रॉब्लम है।

[01:48:47] ग्रुपिंग करो। लेकिन यहां एक प्रॉब्लम है। क्या प्रॉब्लम है? यहां पे ग्रुप बाय क्या

[01:48:50] क्या प्रॉब्लम है? यहां पे ग्रुप बाय क्या कर रहा है? जब हम लिखते हैं ग्रुप बाय

[01:48:52] कर रहा है? जब हम लिखते हैं ग्रुप बाय डिपार्टमेंट तो एसक्यूएल टेबल के डाटा को

[01:48:55] डिपार्टमेंट तो एसक्यूएल टेबल के डाटा को डिपार्टमेंट के अकॉर्डिंग से ग्रुप में

[01:48:57] डिपार्टमेंट के अकॉर्डिंग से ग्रुप में डिवाइड कर देता है। मान लो एंप्लॉय टेबल

[01:49:00] डिवाइड कर देता है। मान लो एंप्लॉय टेबल है कुछ ऐसा तो अब एसक्यूएल डिपार्टमेंट के

[01:49:03] है कुछ ऐसा तो अब एसक्यूएल डिपार्टमेंट के बेसिस पर ग्रुप बनाएगा तो फिर आईटी में

[01:49:06] बेसिस पर ग्रुप बनाएगा तो फिर आईटी में क्या होगा? रिया आएंगे और राहुल आएंगे।

[01:49:10] क्या होगा? रिया आएंगे और राहुल आएंगे। जितने भी हैं आईटी वाले वह आएंगे। फिर

[01:49:12] जितने भी हैं आईटी वाले वह आएंगे। फिर एचआर में जितने भी नेम्स हैं वह सारे

[01:49:15] एचआर में जितने भी नेम्स हैं वह सारे आएंगे। अब एसक्यूएल हर ग्रुप के अंदर

[01:49:17] आएंगे। अब एसक्यूएल हर ग्रुप के अंदर सैलरी का एवरेज निकालेगा। जैसे आईटी

[01:49:20] सैलरी का एवरेज निकालेगा। जैसे आईटी डिपार्टमेंट में देन एचआर डिपार्टमेंट में

[01:49:23] डिपार्टमेंट में देन एचआर डिपार्टमेंट में प्रॉब्लम कहां आती है अब वह आप ध्यान से

[01:49:25] प्रॉब्लम कहां आती है अब वह आप ध्यान से देखिए। जब आप लिखते हैं सेलेक्ट

[01:49:28] देखिए। जब आप लिखते हैं सेलेक्ट डिपार्टमेंट नेम और एवीजे सैलरी तो क्या

[01:49:31] डिपार्टमेंट नेम और एवीजे सैलरी तो क्या होता है? आईटी में दो ग्रुप बनेंगे। जितने

[01:49:34] होता है? आईटी में दो ग्रुप बनेंगे। जितने भी आईटी डिपार्टमेंट के एंप्लाइजज़ हैं

[01:49:36] भी आईटी डिपार्टमेंट के एंप्लाइजज़ हैं उनके अलग-अलग ग्रुप्स बनेंगे। तो एसक्यूएल

[01:49:38] उनके अलग-अलग ग्रुप्स बनेंगे। तो एसक्यूएल कंफ्यूज हो जाता है कि कौन सा नाम दिखाया

[01:49:40] कंफ्यूज हो जाता है कि कौन सा नाम दिखाया जाए। एसक्यूएल को पता नहीं चलता कि किस

[01:49:43] जाए। एसक्यूएल को पता नहीं चलता कि किस एंप्लॉय का नेम सेलेक्ट करना है। इसलिए यह

[01:49:45] एंप्लॉय का नेम सेलेक्ट करना है। इसलिए यह क्वेरी गलत होती है और हमें एरर मिल जाती

[01:49:48] क्वेरी गलत होती है और हमें एरर मिल जाती है। एरर क्यों आती है? क्योंकि जब भी हम

[01:49:51] है। एरर क्यों आती है? क्योंकि जब भी हम ग्रुप बाय यूज़ करते हैं, तब सेलेक्ट में

[01:49:53] ग्रुप बाय यूज़ करते हैं, तब सेलेक्ट में आने वाले कॉलम्स को या तो ग्रुप बाय में

[01:49:56] आने वाले कॉलम्स को या तो ग्रुप बाय में होना चाहिए या फिर एगेट फंक्शन में होना

[01:49:58] होना चाहिए या फिर एगेट फंक्शन में होना चाहिए। इसीलिए करेक्ट क्योरी क्या है कि

[01:50:01] चाहिए। इसीलिए करेक्ट क्योरी क्या है कि आप यहां से नेम को हटाइए एंड देन इसको रन

[01:50:04] आप यहां से नेम को हटाइए एंड देन इसको रन कराओ।

[01:50:06] कराओ। अभी हमें एरर नहीं मिली और सारे

[01:50:09] अभी हमें एरर नहीं मिली और सारे डिपार्टमेंट के बेसिस पे इसने एवरेज सैलरी

[01:50:11] डिपार्टमेंट के बेसिस पे इसने एवरेज सैलरी को डिस्प्ले करा दिया। अभी यहां पे कुछ

[01:50:13] को डिस्प्ले करा दिया। अभी यहां पे कुछ प्रैक्टिस सेट्स दिख रहे हैं आपको। आपको

[01:50:15] प्रैक्टिस सेट्स दिख रहे हैं आपको। आपको यहां पे क्या करना है? वीडियो पॉज़ करना है

[01:50:17] यहां पे क्या करना है? वीडियो पॉज़ करना है और वन बाय वन सारे क्वेश्चंस को सॉल्व

[01:50:19] और वन बाय वन सारे क्वेश्चंस को सॉल्व करने की कोशिश करना है। देन आपको सॉल्यूशन

[01:50:21] करने की कोशिश करना है। देन आपको सॉल्यूशन देखना है। सबसे पहला क्वेश्चन है हमारा

[01:50:23] देखना है। सबसे पहला क्वेश्चन है हमारा फाइंड टोटल सैलरी ऑफ़ ईच डिपार्टमेंट। हमको

[01:50:25] फाइंड टोटल सैलरी ऑफ़ ईच डिपार्टमेंट। हमको ईच डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी निकालनी है।

[01:50:27] ईच डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी निकालनी है। ये है हमारा पीआर वन। यहां हम लिखेंगे

[01:50:29] ये है हमारा पीआर वन। यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट डिपार्टमेंट।

[01:50:33] सेलेक्ट डिपार्टमेंट। कॉमा हमें क्या चाहिए? सम चाहिए सैलरी का

[01:50:40] फ्रॉम टेबल का नेम लिखेंगे।

[01:50:44] ग्रुप बाय डिपार्टमेंट।

[01:50:49] तो, यह क्या करेगा? हमें सारे डिपार्टमेंट

[01:50:50] तो, यह क्या करेगा? हमें सारे डिपार्टमेंट की सैलरी का सम देगा।

[01:50:54] की सैलरी का सम देगा। सम सैलरी जो है, वह क्या कर रहा है? हर

[01:50:56] सम सैलरी जो है, वह क्या कर रहा है? हर डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी दे रहा है। तो,

[01:50:58] डिपार्टमेंट की टोटल सैलरी दे रहा है। तो, हमें यहां पे आईटी की टोटल सैलरी, एचआर की

[01:51:00] हमें यहां पे आईटी की टोटल सैलरी, एचआर की टोटल सैलरी एंड देन सीज़ की टोटल सैलरी मिल

[01:51:03] टोटल सैलरी एंड देन सीज़ की टोटल सैलरी मिल गई। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है, फाइंड नंबर

[01:51:05] गई। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है, फाइंड नंबर ऑफ़ एंप्लाइजज़ इन ईच डिपार्टमेंट। हमें हर

[01:51:07] ऑफ़ एंप्लाइजज़ इन ईच डिपार्टमेंट। हमें हर डिपार्टमेंट के लिए नंबर ऑफ एंप्लॉय फाइंड

[01:51:09] डिपार्टमेंट के लिए नंबर ऑफ एंप्लॉय फाइंड करने हैं। मतलब काउंट करना है। ये है

[01:51:11] करने हैं। मतलब काउंट करना है। ये है हमारा पीआर टू।

[01:51:15] हमारा पीआर टू। यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट

[01:51:20] डिपार्टमेंट।

[01:51:25] हमें क्या करना है? हमें काउंट करना है

[01:51:28] हमें क्या करना है? हमें काउंट करना है किसको? स्टारको

[01:51:31] किसको? स्टारको फ्रॉम

[01:51:33] फ्रॉम को ईएमपी ग्रुप बाय डिपार्टमेंट

[01:51:41] यहां पे क्या एरर आ रही है? डिपार्टमेंट

[01:51:42] यहां पे क्या एरर आ रही है? डिपार्टमेंट की स्पेलिंग गलत लिखी है मैंने शायद।

[01:51:47] यहां पे क्या कर रहा है? काउंट स्टार जो

[01:51:49] यहां पे क्या कर रहा है? काउंट स्टार जो है वह हर डिपार्टमेंट के एंप्लाइजज़ को

[01:51:50] है वह हर डिपार्टमेंट के एंप्लाइजज़ को काउंट कर रहा है। आईटी में सिक्स एंप्लॉय

[01:51:52] काउंट कर रहा है। आईटी में सिक्स एंप्लॉय हैं। एचआर में 11 है और सीएस में थ्री

[01:51:54] हैं। एचआर में 11 है और सीएस में थ्री एंप्लॉयज़ हैं। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है

[01:51:55] एंप्लॉयज़ हैं। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड मिनिमम सैलरी इन ईच डिपार्टमेंट।

[01:51:57] फाइंड मिनिमम सैलरी इन ईच डिपार्टमेंट। हमें हर डिपार्टमेंट के लिए मिनिमम सैलरी

[01:51:59] हमें हर डिपार्टमेंट के लिए मिनिमम सैलरी फाइंड करनी है। अभी हम लिखेंगे पीआर

[01:52:03] फाइंड करनी है। अभी हम लिखेंगे पीआर थ्री सेलेक्ट

[01:52:06] थ्री सेलेक्ट डिपार्टमेंट

[01:52:08] डिपार्टमेंट कॉमा क्या चाहिए? मिनिमम सैलरी चाहिए हमें

[01:52:11] कॉमा क्या चाहिए? मिनिमम सैलरी चाहिए हमें फ्रॉम टेबल का नेम

[01:52:15] फ्रॉम टेबल का नेम ग्रुप बाय

[01:52:17] ग्रुप बाय डिपार्टमेंट

[01:52:22] मीन सैलरी जो है वह हर डिपार्टमेंट की

[01:52:24] मीन सैलरी जो है वह हर डिपार्टमेंट की लोएस्ट सैलरी डिस्प्ले करा देगी। आईटी की

[01:52:26] लोएस्ट सैलरी डिस्प्ले करा देगी। आईटी की लोएस्ट सैलरी 50000 एचआर की 3000 और सीएस

[01:52:28] लोएस्ट सैलरी 50000 एचआर की 3000 और सीएस की लोएस्ट सैलरी 40 अभी नेक्स्ट क्वेश्चन

[01:52:30] की लोएस्ट सैलरी 40 अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है शो डिपार्टमेंट्स वेयर टोटल सैलरी शुड

[01:52:32] है शो डिपार्टमेंट्स वेयर टोटल सैलरी शुड बी ग्रेटर देन 1 लाख हमें डिपार्टमेंट शो

[01:52:35] बी ग्रेटर देन 1 लाख हमें डिपार्टमेंट शो करना है जहां की टोटल सैलरी 1 लाख से ऊपर

[01:52:37] करना है जहां की टोटल सैलरी 1 लाख से ऊपर हो यह है हमारा पीआर फोर

[01:52:41] हो यह है हमारा पीआर फोर सेलेक्ट

[01:52:43] सेलेक्ट डिपार्टमेंट कॉमा काउंट काउंट नहीं सम

[01:52:47] डिपार्टमेंट कॉमा काउंट काउंट नहीं सम लगेगा यहां पे सम करना है ना हमें क्योंकि

[01:52:50] लगेगा यहां पे सम करना है ना हमें क्योंकि सम करना है हमें सैलरी का

[01:52:54] सम करना है हमें सैलरी का फ्रॉम

[01:52:56] फ्रॉम कॉम ईएमपी

[01:52:59] कॉम ईएमपी ग्रुप बाय डिपार्टमेंट

[01:53:02] ग्रुप बाय डिपार्टमेंट हैविंग लगाएंगे क्योंकि हमें यहां पे

[01:53:04] हैविंग लगाएंगे क्योंकि हमें यहां पे कंडीशन डालनी है। क्या कंडीशन डालनी है?

[01:53:05] कंडीशन डालनी है। क्या कंडीशन डालनी है? हैविंग सम सैलरी जो है वो ज्यादा होना

[01:53:09] हैविंग सम सैलरी जो है वो ज्यादा होना चाहिए 1 लाख से।

[01:53:14] तो यहां पे हमें आईपी मिला। उसकी टोटल

[01:53:17] तो यहां पे हमें आईपी मिला। उसकी टोटल सैलरी 1 लाख से ज्यादा है। देन हमें मिला

[01:53:20] सैलरी 1 लाख से ज्यादा है। देन हमें मिला एचआर एंड देन हमें मिला सेल्स। हेयरिंग जो

[01:53:23] एचआर एंड देन हमें मिला सेल्स। हेयरिंग जो है वो क्या कर है वो ग्रुप्स को फिल्टर कर

[01:53:25] है वो क्या कर है वो ग्रुप्स को फिल्टर कर रहा है। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है शो

[01:53:26] रहा है। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है शो डिपार्टमेंट्स वेयर एवरेज सैलरी शुड बी

[01:53:28] डिपार्टमेंट्स वेयर एवरेज सैलरी शुड बी ग्रेटर देन 45,000 हमें डिपार्टमेंट शो

[01:53:31] ग्रेटर देन 45,000 हमें डिपार्टमेंट शो करना है जहां की एवरेज सैलरी जो है 45,000

[01:53:33] करना है जहां की एवरेज सैलरी जो है 45,000 से ज्यादा हो। यह है पीआर5

[01:53:38] से ज्यादा हो। यह है पीआर5 सेलेक्ट डिपार्टमेंट कॉमा एबीजे सैलरी

[01:53:42] सेलेक्ट डिपार्टमेंट कॉमा एबीजे सैलरी एवरेज सैलरी फ्रॉम टेबल का नेम ग्रुप बाय

[01:53:47] एवरेज सैलरी फ्रॉम टेबल का नेम ग्रुप बाय डिपार्टमेंट

[01:53:49] डिपार्टमेंट हैविंग

[01:53:53] एवरेज सैलरी

[01:53:58] ग्रेटर देन 45,000

[01:54:03] यहां पे सिर्फ आईटी है जिसकी एवरेज सैलरी

[01:54:04] यहां पे सिर्फ आईटी है जिसकी एवरेज सैलरी जो है 45,000 से ज्यादा है। सिर्फ वेल

[01:54:07] जो है 45,000 से ज्यादा है। सिर्फ वेल डिपार्टमेंट शो होगा जिनकी सैलरी 45,000

[01:54:09] डिपार्टमेंट शो होगा जिनकी सैलरी 45,000 से ज्यादा होगी। अब कभी-कभी हमें क्वरी के

[01:54:12] से ज्यादा होगी। अब कभी-कभी हमें क्वरी के अंदर भी एक क्वरी लिखनी पड़ती है। इसे

[01:54:14] अंदर भी एक क्वरी लिखनी पड़ती है। इसे एसक्यूएल में हम कहते हैं सब क्वरी या फिर

[01:54:16] एसक्यूएल में हम कहते हैं सब क्वरी या फिर नेस्टेड क्वरी। सिंपल लैंग्वेज में बोले

[01:54:19] नेस्टेड क्वरी। सिंपल लैंग्वेज में बोले तो जब हम एक एसक्यूएल क्वरी के अंदर दूसरी

[01:54:21] तो जब हम एक एसक्यूएल क्वरी के अंदर दूसरी एसक्यूएल क्वरी लिखते हैं तो उसे हम सब

[01:54:23] एसक्यूएल क्वरी लिखते हैं तो उसे हम सब क्वरी बोलते हैं। जैसे मान लीजिए आपको

[01:54:26] क्वरी बोलते हैं। जैसे मान लीजिए आपको एंप्लॉय टेबल में से फाइंड करना है

[01:54:28] एंप्लॉय टेबल में से फाइंड करना है एंप्लाइजज़ जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से

[01:54:31] एंप्लाइजज़ जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से ज्यादा हो। तो उसके लिए क्या लिखेंगे?

[01:54:33] ज्यादा हो। तो उसके लिए क्या लिखेंगे? सबसे पहले हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम कॉमा

[01:54:38] सबसे पहले हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी

[01:54:39] सैलरी फ्रॉम

[01:54:41] फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है कॉम ईएमपी वेयर जहां

[01:54:46] टेबल का नेम हमारा है कॉम ईएमपी वेयर जहां पे सैलरी जो है वो ज्यादा होनी चाहिए

[01:54:48] पे सैलरी जो है वो ज्यादा होनी चाहिए किससेलेक्ट

[01:54:51] ए वीवी जे

[01:54:54] ए वीवी जे सैलरी

[01:54:56] सैलरी फ्रॉम एंप्लॉय कॉमी एमपी

[01:55:01] फ्रॉम एंप्लॉय कॉमी एमपी यहां पे सैलरी ड्राइवर एवर सैलरी से

[01:55:03] यहां पे सैलरी ड्राइवर एवर सैलरी से ज्यादा होना चाहिए। तो यह हमने लिखी है

[01:55:04] ज्यादा होना चाहिए। तो यह हमने लिखी है इनर क्यूरी। तो यहां पे हमें मिल गई एवरेज

[01:55:07] इनर क्यूरी। तो यहां पे हमें मिल गई एवरेज सैलरी से ज्यादा वाली सैलरी। सबसे पहले जो

[01:55:10] सैलरी से ज्यादा वाली सैलरी। सबसे पहले जो है वो इनर क्वरी रन होगी। जो भी ब्रैकेट

[01:55:12] है वो इनर क्वरी रन होगी। जो भी ब्रैकेट के अंदर हमने क्वरी लिखी है वो सबसे पहले

[01:55:14] के अंदर हमने क्वरी लिखी है वो सबसे पहले रन होगी। यह क्या करेगा? पूरे टेबल की

[01:55:16] रन होगी। यह क्या करेगा? पूरे टेबल की एवरेज सैलरी निकाल देगी। देन फिर आउटर

[01:55:18] एवरेज सैलरी निकाल देगी। देन फिर आउटर क्वरी रन होगी। अब एसक्यूएल आउटर क्वरी रन

[01:55:21] क्वरी रन होगी। अब एसक्यूएल आउटर क्वरी रन करेगा। अब एसक्यूएल उन एंप्लॉय को दिखाएगा

[01:55:23] करेगा। अब एसक्यूएल उन एंप्लॉय को दिखाएगा जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से ज्यादा है।

[01:55:25] जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से ज्यादा है। सबसेेंट पॉइंट यह है कि सब क्वरी हमेशा

[01:55:27] सबसेेंट पॉइंट यह है कि सब क्वरी हमेशा ब्रैकेट्स के अंदर ही लिखी जाती है और इनर

[01:55:29] ब्रैकेट्स के अंदर ही लिखी जाती है और इनर क्वरी पहले रन होती है। फिर आउटर क्वरी रन

[01:55:31] क्वरी पहले रन होती है। फिर आउटर क्वरी रन होती है। आप ऐसा बोल सकते हैं कि सब क्वरी

[01:55:33] होती है। आप ऐसा बोल सकते हैं कि सब क्वरी एसक्यूएल का बहुत ही पावरफुल कांसेप्ट है।

[01:55:35] एसक्यूएल का बहुत ही पावरफुल कांसेप्ट है। आज का जो टॉपिक है वह एसक्यूएल का एक बहुत

[01:55:38] आज का जो टॉपिक है वह एसक्यूएल का एक बहुत पावरफुल कांसेप्ट है। सब क्वेरी। सब

[01:55:41] पावरफुल कांसेप्ट है। सब क्वेरी। सब क्वेरी का सिंपल मतलब होता है क्वेरी के

[01:55:44] क्वेरी का सिंपल मतलब होता है क्वेरी के अंदर एक और क्वेरी। इसलिए इसे नेस्टेड

[01:55:47] अंदर एक और क्वेरी। इसलिए इसे नेस्टेड क्वरी भी कहा जाता है। आज के वीडियो में

[01:55:49] क्वरी भी कहा जाता है। आज के वीडियो में हम सीखेंगे सब क्वरी क्या होती है? सब

[01:55:52] हम सीखेंगे सब क्वरी क्या होती है? सब क्वरी का सिंटेक्स कैसा होता है? सब क्वरी

[01:55:55] क्वरी का सिंटेक्स कैसा होता है? सब क्वरी यूज़ कहां होती है? और इसके डिफरेंट टाइप्स

[01:55:57] यूज़ कहां होती है? और इसके डिफरेंट टाइप्स भी देखेंगे विद प्रैक्टिकल एग्जांपल्स।

[01:56:00] भी देखेंगे विद प्रैक्टिकल एग्जांपल्स। चलिए स्टार्ट करते हैं। ओपन करते हैं

[01:56:03] चलिए स्टार्ट करते हैं। ओपन करते हैं मायसक्यूएल वर्कबच। सबसे पहला सवाल व्हाट

[01:56:06] मायसक्यूएल वर्कबच। सबसे पहला सवाल व्हाट इज सब क्वरी? सब क्वरी का मतलब क्या है?

[01:56:09] इज सब क्वरी? सब क्वरी का मतलब क्या है? एक क्वेरी जो किसी दूसरी क्वरी के अंदर

[01:56:12] एक क्वेरी जो किसी दूसरी क्वरी के अंदर लिखी जाती है उसे हम बोलते हैं सब क्वरी।

[01:56:15] लिखी जाती है उसे हम बोलते हैं सब क्वरी। सिंपल वर्ड्स में बोले तो क्वरी इंसाइड

[01:56:17] सिंपल वर्ड्स में बोले तो क्वरी इंसाइड अनदर क्वरी। इसका यूज तब होता है जब हमें

[01:56:21] अनदर क्वरी। इसका यूज तब होता है जब हमें पहले एक रिजल्ट निकालना होता है और फिर उस

[01:56:24] पहले एक रिजल्ट निकालना होता है और फिर उस रिजल्ट को मेन क्वरी में यूज करना होता

[01:56:27] रिजल्ट को मेन क्वरी में यूज करना होता है। फॉर एग्जांपल मैं यूज़ कर रही हूं

[01:56:30] है। फॉर एग्जांपल मैं यूज़ कर रही हूं डीटाबी एक्सप्लॉयड डिटेल्स को। फिर जब मैं

[01:56:32] डीटाबी एक्सप्लॉयड डिटेल्स को। फिर जब मैं ये वाली क्वरी चलाती हूं सेलेक्ट स्टार

[01:56:34] ये वाली क्वरी चलाती हूं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइजज़ तो आपके सामने पूरा टेबल

[01:56:36] फ्रॉम एंप्लाइजज़ तो आपके सामने पूरा टेबल आ रहा है जिसमें आईडी है, नेम है,

[01:56:39] आ रहा है जिसमें आईडी है, नेम है, डिपार्टमेंट है और सैलरी है। तो, चलिए, हम

[01:56:41] डिपार्टमेंट है और सैलरी है। तो, चलिए, हम एग्जांपल देखते हैं बिना सब क्वेरी की।

[01:56:44] एग्जांपल देखते हैं बिना सब क्वेरी की। सपोज़ मुझे फाइंड करना है एंप्लाइजज़ जिनकी

[01:56:46] सपोज़ मुझे फाइंड करना है एंप्लाइजज़ जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से ज्यादा है। सबसे

[01:56:50] सैलरी एवरेज सैलरी से ज्यादा है। सबसे पहले हम क्या लिखेंगे? उसके लिए सबसे पहले

[01:56:52] पहले हम क्या लिखेंगे? उसके लिए सबसे पहले हमें एवरेज सैलरी निकालनी पड़ेगी। तो हम

[01:56:54] हमें एवरेज सैलरी निकालनी पड़ेगी। तो हम यहां पे लिखेंगे सेलेक्ट

[01:56:59] एबीजे

[01:57:02] एबीजे सैलरी

[01:57:04] सैलरी फ्रॉम एंप्लाइज

[01:57:15] तो इससे हमें एवरेज सैलरी मिल गई। अब हमें

[01:57:18] तो इससे हमें एवरेज सैलरी मिल गई। अब हमें चाहिए वो एंप्लाइजज़ जिनकी सैलरी एवरेज

[01:57:20] चाहिए वो एंप्लाइजज़ जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से ज्यादा हो। तो उसके लिए हम अभी

[01:57:23] सैलरी से ज्यादा हो। तो उसके लिए हम अभी एक और क्योरी लिखेंगे। सेलेक्ट स्टार

[01:57:28] फ्रॉम एंप्लाइज

[01:57:35] पे

[01:57:37] पे सैलरी शुड बी

[01:57:40] सैलरी शुड बी ग्रेटर देन 54000

[01:57:52] तो यहां पे हमें दो मिले राहुल और अमित

[01:57:55] तो यहां पे हमें दो मिले राहुल और अमित जिनकी सैलरी 54,000 से ज्यादा है। यहां पे

[01:57:59] जिनकी सैलरी 54,000 से ज्यादा है। यहां पे हमें ये सारी प्रोसेस को दो स्टेप में

[01:58:02] हमें ये सारी प्रोसेस को दो स्टेप में लिखना पड़ा। सबसे पहले हमने एवरेज सैलरी

[01:58:04] लिखना पड़ा। सबसे पहले हमने एवरेज सैलरी निकाली एंड देन फिर उसे कंपेयर कराया

[01:58:07] निकाली एंड देन फिर उसे कंपेयर कराया सैलरी से। अब इसी सेम क्वरी को हम लिखते

[01:58:10] सैलरी से। अब इसी सेम क्वरी को हम लिखते हैं यूजिंग सब क्वरी सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[01:58:14] हैं यूजिंग सब क्वरी सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय

[01:58:18] वेयर

[01:58:20] वेयर सैलरी शुड बी ग्रेटर देन अभी हम लिखेंगे

[01:58:26] सैलरी शुड बी ग्रेटर देन अभी हम लिखेंगे सब क्वेरी

[01:58:28] सब क्वेरी सेलेक्ट एवरेज सैलरी

[01:58:35] फ्रॉम एम्प्लाइज

[01:58:45] तो यह भी सेम ही काम कर रही है। इसने भी

[01:58:48] तो यह भी सेम ही काम कर रही है। इसने भी हमें वो सारे एंप्लाइजज़ दिए जिनकी सैलरी

[01:58:50] हमें वो सारे एंप्लाइजज़ दिए जिनकी सैलरी 54,000 से ज्यादा थी। मतलब एवरेज सैलरी से

[01:58:54] 54,000 से ज्यादा थी। मतलब एवरेज सैलरी से उनकी सैलरी ज्यादा थी। यहां पे क्या हो

[01:58:56] उनकी सैलरी ज्यादा थी। यहां पे क्या हो रहा है? सबसे पहले यहां पर इंसाइड क्वरी

[01:58:59] रहा है? सबसे पहले यहां पर इंसाइड क्वरी रन होगी। मतलब यह जो लिखा है हमने सेलेक्ट

[01:59:01] रन होगी। मतलब यह जो लिखा है हमने सेलेक्ट एवरेज सैलरी फ्रॉम एंप्लॉय सबसे पहले यह

[01:59:04] एवरेज सैलरी फ्रॉम एंप्लॉय सबसे पहले यह चलेगा। उसके बाद में इसका रिजल्ट मेन

[01:59:07] चलेगा। उसके बाद में इसका रिजल्ट मेन क्वेरी में यूज होगा। इसीलिए इसको हम

[01:59:10] क्वेरी में यूज होगा। इसीलिए इसको हम बोलते हैं सब क्वेरी।

[01:59:14] बोलते हैं सब क्वेरी। सब क्वेरी का सिंटेक्स होता है

[01:59:23] सबसे पहले आता है कॉलम। सेलेक्ट

[01:59:28] सबसे पहले आता है कॉलम। सेलेक्ट कॉलम

[01:59:30] कॉलम देन आता है फ्रॉम टेबल।

[01:59:35] देन आता है फ्रॉम टेबल। इसके बाद में वेयर

[01:59:38] इसके बाद में वेयर कॉलम ऑपरेटर

[01:59:43] एंड देन हम लगाते हैं सब क्वेरी सेलेक्ट

[01:59:47] एंड देन हम लगाते हैं सब क्वेरी सेलेक्ट कॉलम

[01:59:49] कॉलम एंड फ्रॉम

[01:59:52] एंड फ्रॉम टेबल का नेम।

[01:59:57] तो यह पूरा है सब क्वेरी का सिंटेक्स।

[02:00:01] तो यह पूरा है सब क्वेरी का सिंटेक्स। यहां पर जो आउटर क्वेरी है वो मेन क्वेरी

[02:00:04] यहां पर जो आउटर क्वेरी है वो मेन क्वेरी है एंड जो इनर क्वेरी है वो सब क्वेरी है।

[02:00:07] है एंड जो इनर क्वेरी है वो सब क्वेरी है। सब क्वेरी लिखते वक्त कुछ इंपॉर्टेंट

[02:00:09] सब क्वेरी लिखते वक्त कुछ इंपॉर्टेंट रूल्स होते हैं। सबसे पहला कि सब क्वरी

[02:00:12] रूल्स होते हैं। सबसे पहला कि सब क्वरी पैरेंथेसिस के अंदर ही लिखी जाती है। ये

[02:00:15] पैरेंथेसिस के अंदर ही लिखी जाती है। ये जो स्मॉल ब्रैकेट्स हैं इन्हें हम

[02:00:16] जो स्मॉल ब्रैकेट्स हैं इन्हें हम पैरेंथेसिस बोलते हैं। इन्हीं के अंदर ये

[02:00:18] पैरेंथेसिस बोलते हैं। इन्हीं के अंदर ये लिखी जाती है। सब क्वरी पहले एग्जीक्यूट

[02:00:21] लिखी जाती है। सब क्वरी पहले एग्जीक्यूट होती है। आफ्टर दैट मेन क्वरी एग्जीक्यूट

[02:00:23] होती है। आफ्टर दैट मेन क्वरी एग्जीक्यूट होती है। जो सब क्वेरी एग्जीक्यूट हो रही

[02:00:25] होती है। जो सब क्वेरी एग्जीक्यूट हो रही है, उसका ही रिजल्ट मेन क्वरी में यूज़

[02:00:27] है, उसका ही रिजल्ट मेन क्वरी में यूज़ होगा। अभी हम सब क्वेरी के टाइप्स

[02:00:30] होगा। अभी हम सब क्वेरी के टाइप्स देखेंगे। सबसे पहला टाइप होता है सिंगल रो

[02:00:33] देखेंगे। सबसे पहला टाइप होता है सिंगल रो सब क्वेरी देन मल्टीपल रो सब क्वेरी एंड

[02:00:36] सब क्वेरी देन मल्टीपल रो सब क्वेरी एंड कोरिलेटेड सब क्वेरी। अब इनको एग्जांपल के

[02:00:38] कोरिलेटेड सब क्वेरी। अब इनको एग्जांपल के साथ समझते हैं। सबसे पहले हम समझते हैं

[02:00:41] साथ समझते हैं। सबसे पहले हम समझते हैं सिंगल रो सब क्वेरी। सिंगल रो सब क्वेरी

[02:00:44] सिंगल रो सब क्वेरी। सिंगल रो सब क्वेरी वो होती है जो सिर्फ एक वैल्यू रिटर्न

[02:00:47] वो होती है जो सिर्फ एक वैल्यू रिटर्न करती है। जैसे हमें फाइंड करना है एंप्लॉय

[02:00:50] करती है। जैसे हमें फाइंड करना है एंप्लॉय जिनकी सैलरी मैक्सिमम सैलरी के बराबर हो।

[02:00:53] जिनकी सैलरी मैक्सिमम सैलरी के बराबर हो। यहां लिख लेती हूं मैं फाइंड एंप्लाइज

[02:00:58] हो सैलरी

[02:01:04] इक्व टू

[02:01:07] इक्व टू मैक्सिमम सैलरी।

[02:01:12] सबसे पहले हम क्या करेंगे? सबसे पहले हम

[02:01:14] सबसे पहले हम क्या करेंगे? सबसे पहले हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[02:01:19] लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[02:01:21] फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है एंप्लॉय

[02:01:25] टेबल का नेम हमारा है एंप्लॉय वेयर

[02:01:27] वेयर सैलरी इक्वल टू

[02:01:30] सैलरी इक्वल टू होना चाहिए मैक्सिमम सैलरी के। यहां पर हम

[02:01:33] होना चाहिए मैक्सिमम सैलरी के। यहां पर हम फाइंड करेंगे मैक्सिमम सैलरी। तो उसके लिए

[02:01:36] फाइंड करेंगे मैक्सिमम सैलरी। तो उसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट मैक्स सैलरी

[02:01:43] फ्रॉम एंप्लॉय।

[02:01:49] तो, यह क्या करेगा? यह हमें सबसे पहले

[02:01:51] तो, यह क्या करेगा? यह हमें सबसे पहले मैक्स सैलरी फाइंड करके देगा एंड देन इसको

[02:01:54] मैक्स सैलरी फाइंड करके देगा एंड देन इसको कंपेयर कराएगा सैलरी से। फिर जिसकी सैलरी

[02:01:56] कंपेयर कराएगा सैलरी से। फिर जिसकी सैलरी मैक्स सैलरी से इक्वल होगी वह वाले

[02:01:59] मैक्स सैलरी से इक्वल होगी वह वाले एंप्लॉय प्रिंट हो जाएंगे। तो यहां पे

[02:02:00] एंप्लॉय प्रिंट हो जाएंगे। तो यहां पे अमित की सैलरी मैक्स सैलरी से इक्वल है तो

[02:02:03] अमित की सैलरी मैक्स सैलरी से इक्वल है तो वो प्रिंट हो गई। यहां पे यह जो लिखा है

[02:02:06] वो प्रिंट हो गई। यहां पे यह जो लिखा है हमने यह इनर क्वेरी है एंड यह जो है वो

[02:02:08] हमने यह इनर क्वेरी है एंड यह जो है वो आउटर क्वेरी है। यह थी सिंगल रो सब

[02:02:10] आउटर क्वेरी है। यह थी सिंगल रो सब क्वेरी। ऐसे ही एक और होती है मल्टीपल रो

[02:02:13] क्वेरी। ऐसे ही एक और होती है मल्टीपल रो सब क्वेरी।

[02:02:21] मल्टीपल टू सब क्वेरी वह होती है जो एक से

[02:02:24] मल्टीपल टू सब क्वेरी वह होती है जो एक से ज्यादा वैल्यू्यूज रिटर्न करती है। इस

[02:02:26] ज्यादा वैल्यू्यूज रिटर्न करती है। इस टाइप की सब क्वेरी में हम कंपैरिजन ऑपरेटर

[02:02:29] टाइप की सब क्वेरी में हम कंपैरिजन ऑपरेटर जैसे कि इक्वल्स टू ग्रेटर दैन या स्मॉलर

[02:02:31] जैसे कि इक्वल्स टू ग्रेटर दैन या स्मॉलर दैन यूज़ नहीं कर सकते हैं डायरेक्टली

[02:02:34] दैन यूज़ नहीं कर सकते हैं डायरेक्टली क्योंकि रिजल्ट एक से ज्यादा वैल्यू होता

[02:02:36] क्योंकि रिजल्ट एक से ज्यादा वैल्यू होता है। इसलिए यहां जनरली ऑपरेटर्स यूज़ होते

[02:02:39] है। इसलिए यहां जनरली ऑपरेटर्स यूज़ होते हैं जैसे कि इन, एनी या फिर ऑल। अब इसको

[02:02:43] हैं जैसे कि इन, एनी या फिर ऑल। अब इसको हम एग्जांपल से समझते हैं। जैसे हमें

[02:02:45] हम एग्जांपल से समझते हैं। जैसे हमें फाइंड करनी है एंप्लाइजस जो आईटी

[02:02:48] फाइंड करनी है एंप्लाइजस जो आईटी डिपार्टमेंट में काम करते हैं। तो उसके

[02:02:50] डिपार्टमेंट में काम करते हैं। तो उसके लिए हम क्वेरी लिखेंगे। सेलेक्ट

[02:02:55] लिए हम क्वेरी लिखेंगे। सेलेक्ट स्टार

[02:02:57] स्टार फ्रॉम

[02:02:59] फ्रॉम एंप्लई टेबल वेयर

[02:03:02] एंप्लई टेबल वेयर आईडी इन

[02:03:05] आईडी इन यहां पे हम लिखेंगे सब क्वेरी

[02:03:08] यहां पे हम लिखेंगे सब क्वेरी सेलेक्ट

[02:03:11] सेलेक्ट आईडी

[02:03:13] आईडी फ्रॉम एंप्लई टेबल

[02:03:16] फ्रॉम एंप्लई टेबल वेयर

[02:03:20] डिपार्टमेंट = IT

[02:03:32] तो यहां पे क्या हो रहा है? सबसे पहले इनर

[02:03:35] तो यहां पे क्या हो रहा है? सबसे पहले इनर क्वेरी एग्जीक्यूट होती है। सबसे पहले यह

[02:03:38] क्वेरी एग्जीक्यूट होती है। सबसे पहले यह वाली लाइन रन होंगी। सेलेक्ट आईडी फ्रॉम

[02:03:41] वाली लाइन रन होंगी। सेलेक्ट आईडी फ्रॉम एंप्लॉय वेयर डिपार्टमेंट = आईटी। यह

[02:03:44] एंप्लॉय वेयर डिपार्टमेंट = आईटी। यह क्वेरी एंप्लॉय टेबल में चेक करेगी

[02:03:46] क्वेरी एंप्लॉय टेबल में चेक करेगी डिपार्टमेंट आईटी के लिए। जैसे कि हमारा

[02:03:49] डिपार्टमेंट आईटी के लिए। जैसे कि हमारा टेबल क्या था?

[02:03:52] यह हमारा टेबल था जिसमें आईडी है, नेम है,

[02:03:56] यह हमारा टेबल था जिसमें आईडी है, नेम है, डिपार्टमेंट है एंड सैलरी है। अगर हमारा

[02:03:58] डिपार्टमेंट है एंड सैलरी है। अगर हमारा टेबल डाटा सारे एंप्लाइजज़ के लिए यह है तो

[02:04:02] टेबल डाटा सारे एंप्लाइजज़ के लिए यह है तो हमारा रिजल्ट होगा

[02:04:05] हमारा रिजल्ट होगा यह जिसमें कि सारे वो एंप्लॉय होंगे जिनका

[02:04:08] यह जिसमें कि सारे वो एंप्लॉय होंगे जिनका डिपार्टमेंट आईटी होगा। यह इनर क्वेरी का

[02:04:11] डिपार्टमेंट आईटी होगा। यह इनर क्वेरी का रिजल्ट होगा। मतलब आईटी डिपार्टमेंट में

[02:04:13] रिजल्ट होगा। मतलब आईटी डिपार्टमेंट में एंप्लई की आईडी है वन और फोर। स्टेप टू

[02:04:16] एंप्लई की आईडी है वन और फोर। स्टेप टू में आउटर क्वरी एग्जीक्यूट होती है। अब

[02:04:19] में आउटर क्वरी एग्जीक्यूट होती है। अब आउटर क्वरी रन होगी। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[02:04:22] आउटर क्वरी रन होगी। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय वेयर आईडी इन वन और फोर। यहां इन

[02:04:26] एंप्लॉय वेयर आईडी इन वन और फोर। यहां इन ऑपरेटर का मतलब होता है वैल्यू लिस्ट के

[02:04:29] ऑपरेटर का मतलब होता है वैल्यू लिस्ट के अंदर एग्ज़िस्ट करती हो। तो एसक्यूएल चेक

[02:04:32] अंदर एग्ज़िस्ट करती हो। तो एसक्यूएल चेक करेगा कि आईडी वन, आईडी फोर है या नहीं

[02:04:35] करेगा कि आईडी वन, आईडी फोर है या नहीं है। देन हमें यह फाइनल रिजल्ट मिल जाएगा।

[02:04:39] है। देन हमें यह फाइनल रिजल्ट मिल जाएगा। अभी नेक्स्ट हम देखते हैं सब क्वेरी विद

[02:04:42] अभी नेक्स्ट हम देखते हैं सब क्वेरी विद एनी। एनी ऑपरेटर का यूज़ तब होता है जब

[02:04:44] एनी। एनी ऑपरेटर का यूज़ तब होता है जब हमें जब हमें कंपेयर करना होता है मल्टीपल

[02:04:47] हमें जब हमें कंपेयर करना होता है मल्टीपल वैल्यूस के साथ। एनी का मतलब होता है अगर

[02:04:49] वैल्यूस के साथ। एनी का मतलब होता है अगर कंडीशन किसी भी एक वैल्यू के लिए ट्रू हो

[02:04:52] कंडीशन किसी भी एक वैल्यू के लिए ट्रू हो जाए। जैसे हमें फाइंड करना है एंप्लाइजज़

[02:04:54] जाए। जैसे हमें फाइंड करना है एंप्लाइजज़ जिनकी सैलरी आईडी डिपार्टमेंट के किसी भी

[02:04:56] जिनकी सैलरी आईडी डिपार्टमेंट के किसी भी एंप्लॉय से ज्यादा है। तो उसके लिए हम यूज़

[02:05:00] एंप्लॉय से ज्यादा है। तो उसके लिए हम यूज़ करेंगे एनी का। ये था इन के लिए। अब हम

[02:05:04] करेंगे एनी का। ये था इन के लिए। अब हम देखेंगे एनी के लिए। लिखेंगे सेलेक्ट

[02:05:07] देखेंगे एनी के लिए। लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[02:05:09] स्टार फ्रॉम टेबल का नेम एंप्लॉय

[02:05:13] फ्रॉम टेबल का नेम एंप्लॉय वेयर

[02:05:16] वेयर सैलरी इज़ ग्रेटर दन एनी

[02:05:20] सैलरी इज़ ग्रेटर दन एनी एंड देन हम सब क्वेरी लिखेंगे

[02:05:24] एंड देन हम सब क्वेरी लिखेंगे सेलेक्ट सैलरी

[02:05:28] सेलेक्ट सैलरी फ्रॉम

[02:05:30] फ्रॉम एंप्लॉय

[02:05:32] एंप्लॉय वेयर

[02:05:34] वेयर डिपार्टमेंट इज़ इक्वल टू आईटी

[02:05:38] डिपार्टमेंट इज़ इक्वल टू आईटी तो यहां पे सबसे पहले सब क्वेरी चलने की

[02:05:40] तो यहां पे सबसे पहले सब क्वेरी चलने की क्या होगा इनर क्वेरी में यहां पे लिखा है

[02:05:42] क्या होगा इनर क्वेरी में यहां पे लिखा है सेलेक्ट सैलरी फ्रॉम एंप्लॉय वेयर

[02:05:44] सेलेक्ट सैलरी फ्रॉम एंप्लॉय वेयर डिपार्टमेंट = IP मतलब अगर हम सिर्फ ये

[02:05:48] डिपार्टमेंट = IP मतलब अगर हम सिर्फ ये वाली क्वेरी चलाते हैं। इसको अलग से लिख

[02:05:51] वाली क्वेरी चलाते हैं। इसको अलग से लिख के चलाती हूं मैं।

[02:06:00] तो यहां पर सिर्फ हमें सैलरी मिल रही है।

[02:06:05] तो यहां पर सिर्फ हमें सैलरी मिल रही है। देन हम चलाते हैं आउटर वाली क्वरी जिसमें

[02:06:08] देन हम चलाते हैं आउटर वाली क्वरी जिसमें कंडीशन है कि जो सैलरी है इसको मैं कमेंट

[02:06:12] कंडीशन है कि जो सैलरी है इसको मैं कमेंट कर देती हूं।

[02:06:15] तो यहां पे क्या लिखा होगा यहां पे ऐसा

[02:06:17] तो यहां पे क्या लिखा होगा यहां पे ऐसा लिखा होगा कि सैलरी

[02:06:20] लिखा होगा कि सैलरी जो है वो ग्रेटर होना चाहिए

[02:06:24] जो है वो ग्रेटर होना चाहिए फ्रॉम एनी एनी में टैग आएगा एक तो आएगी

[02:06:28] फ्रॉम एनी एनी में टैग आएगा एक तो आएगी 80000

[02:06:30] 80000 देन 22000

[02:06:34] इसमें एनी का मतलब है अगर सैलरी इनमें से

[02:06:37] इसमें एनी का मतलब है अगर सैलरी इनमें से किसी एक से भी ज्यादा है। फॉर एग्जांपल

[02:06:40] किसी एक से भी ज्यादा है। फॉर एग्जांपल अगर सैलरी इक्व 55,000 है तो ये चेक करेगा

[02:06:43] अगर सैलरी इक्व 55,000 है तो ये चेक करेगा क्या 55,000 जो है वो बड़ा है सैलरी से।

[02:06:48] क्या 55,000 जो है वो बड़ा है सैलरी से। अगर बड़ा है तो कंडीशन ट्रू हो गई और अगर

[02:06:51] अगर बड़ा है तो कंडीशन ट्रू हो गई और अगर नहीं तो कंडीशन रॉन्ग हो जाएगी। एक भी

[02:06:54] नहीं तो कंडीशन रॉन्ग हो जाएगी। एक भी कंडीशन ट्रू हो गई इसीलिए रिजल्ट में आ

[02:06:57] कंडीशन ट्रू हो गई इसीलिए रिजल्ट में आ जाएगा।

[02:06:58] जाएगा। इसको मैं रन कराती हूं।

[02:07:02] इसको मैं रन कराती हूं। तो यहां पर हमें फाइव एंप्लाइज मिले जिनकी

[02:07:04] तो यहां पर हमें फाइव एंप्लाइज मिले जिनकी सैलरी जो है वह आईटी डिपार्टमेंट के किसी

[02:07:07] सैलरी जो है वह आईटी डिपार्टमेंट के किसी भी एंप्लई से ज्यादा है। आईटी में दो थे

[02:07:10] भी एंप्लई से ज्यादा है। आईटी में दो थे राहुल और स्नेहा। राहुल की सैलरी थी

[02:07:12] राहुल और स्नेहा। राहुल की सैलरी थी 80,000 और स्नेहा की सैलरी थी 22,000।

[02:07:15] 80,000 और स्नेहा की सैलरी थी 22,000। तो जब हमने इस क्वेरी को रन कराया तो यहां

[02:07:18] तो जब हमने इस क्वेरी को रन कराया तो यहां पे हमें राहुल तो मिल रहा है। राहुल क्यों

[02:07:20] पे हमें राहुल तो मिल रहा है। राहुल क्यों मिल रहा है? कि राहुल की सैलरी स्नेहा से

[02:07:22] मिल रहा है? कि राहुल की सैलरी स्नेहा से ज्यादा है इसलिए यह आ रहा है। बाकी सारे

[02:07:24] ज्यादा है इसलिए यह आ रहा है। बाकी सारे जो अह जिनकी सैलरी आईडी से ज़्यादा है वो

[02:07:27] जो अह जिनकी सैलरी आईडी से ज़्यादा है वो सारे प्रिंट हो रहे हैं। अभी हम देखेंगे

[02:07:29] सारे प्रिंट हो रहे हैं। अभी हम देखेंगे सब क्वेरी इन ऑल।

[02:07:32] सब क्वेरी इन ऑल। सब क्वेरी इन ऑल में क्या होता है? ऑल

[02:07:35] सब क्वेरी इन ऑल में क्या होता है? ऑल ऑपरेटर का मतलब होता है कंडीशन सभी वैल्यू

[02:07:37] ऑपरेटर का मतलब होता है कंडीशन सभी वैल्यू के लिए ट्रू होनी चाहिए। यहां पे एनी का

[02:07:40] के लिए ट्रू होनी चाहिए। यहां पे एनी का मतलब क्या था? कि अगर किसी भी कंडीशन की

[02:07:42] मतलब क्या था? कि अगर किसी भी कंडीशन की एक वैल्यू ट्रू हो जाए तो उसके लिए हम एनी

[02:07:45] एक वैल्यू ट्रू हो जाए तो उसके लिए हम एनी यूज़ कर रहे थे। और ऑल का मतलब क्या है?

[02:07:47] यूज़ कर रहे थे। और ऑल का मतलब क्या है? कंडीशन सभी वैल्यूज़ के लिए ट्रू होनी

[02:07:49] कंडीशन सभी वैल्यूज़ के लिए ट्रू होनी चाहिए। फॉर एग्जांपल हमें फाइंड करना है

[02:07:51] चाहिए। फॉर एग्जांपल हमें फाइंड करना है एंप्लॉय जिनकी सैलरी आईटी डिपार्टमेंट के

[02:07:53] एंप्लॉय जिनकी सैलरी आईटी डिपार्टमेंट के सभी एंप्लॉय से ज्यादा है। तो हम यहां पे

[02:07:56] सभी एंप्लॉय से ज्यादा है। तो हम यहां पे सेम यही लिखेंगे और इसमें एनी की जगह ऑल

[02:08:00] सेम यही लिखेंगे और इसमें एनी की जगह ऑल कर देंगे।

[02:08:09] तो यहां पे सिर्फ एक अमित ही है जिसकी

[02:08:11] तो यहां पे सिर्फ एक अमित ही है जिसकी सैलरी आईटी डिपार्टमेंट के सारे एंप्लॉय

[02:08:13] सैलरी आईटी डिपार्टमेंट के सारे एंप्लॉय से ज्यादा है। इसमें 80,000 वाला भी आएगा

[02:08:16] से ज्यादा है। इसमें 80,000 वाला भी आएगा और 22,000 वाला भी आएगा।

[02:08:18] और 22,000 वाला भी आएगा। सबसे पहले इसमें इनर क्वेरी चल रही है। जब

[02:08:21] सबसे पहले इसमें इनर क्वेरी चल रही है। जब यह वाली क्वेरी चलती है तो सारे एंप्लॉय आ

[02:08:23] यह वाली क्वेरी चलती है तो सारे एंप्लॉय आ जाते हैं जो आईटी डिपार्टमेंट में है।

[02:08:25] जाते हैं जो आईटी डिपार्टमेंट में है। आईटी डिपार्टमेंट की हाईएस्ट सैलरी थी

[02:08:28] आईटी डिपार्टमेंट की हाईएस्ट सैलरी थी 80,000 तो उससे ज्यादा सैलरी जो है वह

[02:08:30] 80,000 तो उससे ज्यादा सैलरी जो है वह अमित की है। इसलिए यह डिस्प्ले हो गया।

[02:08:34] अमित की है। इसलिए यह डिस्प्ले हो गया। नेक्स्ट होती है सब क्वेरी विद एग्ज़िस्ट।

[02:08:37] नेक्स्ट होती है सब क्वेरी विद एग्ज़िस्ट। एग्ज़िस्ट ऑपरेटर चेक करता है कि सब क्वेरी

[02:08:39] एग्ज़िस्ट ऑपरेटर चेक करता है कि सब क्वेरी कोई रिजल्ट रिटर्न कर रही है या नहीं। अगर

[02:08:42] कोई रिजल्ट रिटर्न कर रही है या नहीं। अगर सब क्वेरी में कम से कम एक भी रो मिल जाए

[02:08:45] सब क्वेरी में कम से कम एक भी रो मिल जाए तो एक्सिस्ट ट्रू रिटर्न करता है। लिखेंगे

[02:08:47] तो एक्सिस्ट ट्रू रिटर्न करता है। लिखेंगे यहां पे हम सेलेक्ट नेम

[02:08:51] यहां पे हम सेलेक्ट नेम फ्रॉम

[02:08:55] एंप्लॉय

[02:08:58] ई पेयर

[02:09:02] एकिस्ट

[02:09:06] सेलेक्ट

[02:09:08] सेलेक्ट तार

[02:09:10] तार फ्रॉम

[02:09:13] फ्रॉम एंप्लॉय

[02:09:16] एंप्लॉय वेयर

[02:09:18] वेयर डिपार्टमेंट

[02:09:22] इक्व आईटी

[02:09:33] सबसे पहले इसमें इनर क्वेरी चलेगी। अगर

[02:09:35] सबसे पहले इसमें इनर क्वेरी चलेगी। अगर आईटी डिपार्टमेंट में एक भी एंप्लॉय

[02:09:37] आईटी डिपार्टमेंट में एक भी एंप्लॉय एग्ज़िस्ट करता है तो एग्ज़िस्ट ट्रू हो

[02:09:39] एग्ज़िस्ट करता है तो एग्ज़िस्ट ट्रू हो जाएगा और आउटर क्वेरी रन होगी। इसलिए सभी

[02:09:42] जाएगा और आउटर क्वेरी रन होगी। इसलिए सभी एंप्लॉय नेम डिस्प्ले हो जाएंगे। यहां पर

[02:09:45] एंप्लॉय नेम डिस्प्ले हो जाएंगे। यहां पर हमने लिखा है फ्रॉम एंप्लॉय ई ई जो है वह

[02:09:48] हमने लिखा है फ्रॉम एंप्लॉय ई ई जो है वह एक एलियास है मतलब टेंपरेरी नेम है टेबल

[02:09:51] एक एलियास है मतलब टेंपरेरी नेम है टेबल के लिए

[02:09:53] के लिए यहां पे टेबल का नेम एंप्लॉय है और ई जो

[02:09:55] यहां पे टेबल का नेम एंप्लॉय है और ई जो है वो एलियस है सो इनसाइड द क्वेरी यू कैन

[02:09:58] है वो एलियस है सो इनसाइड द क्वेरी यू कैन रेफर टू द टेबल एज ई

[02:10:01] रेफर टू द टेबल एज ई नेक्स्ट होती है सब क्वेरी इन सेलेक्ट

[02:10:07] नेक्स्ट होती है सब क्वेरी इन सेलेक्ट सब क्वेरी सिर्फ वेयर क्लॉज़ में ही नहीं

[02:10:09] सब क्वेरी सिर्फ वेयर क्लॉज़ में ही नहीं होती है। हम सब क्वेरी सेलेक्ट क्लॉज़ के

[02:10:11] होती है। हम सब क्वेरी सेलेक्ट क्लॉज़ के अंदर भी यूज़ कर सकते हैं। जैसे सेलेक्ट

[02:10:17] अंदर भी यूज़ कर सकते हैं। जैसे सेलेक्ट नेम कॉर्नर

[02:10:21] सेलेक्ट ए बी जे एवरेज सैलरी

[02:10:28] फ्रॉम

[02:10:31] फ्रॉम एंप्लॉय

[02:10:37] एस एवरेज सैड

[02:10:44] फ्रॉम

[02:10:46] फ्रॉम एंप्लॉय

[02:10:49] एंप्लॉय इस क्वेरी में दो पार्ट हैं आउटर और इनर।

[02:10:53] इस क्वेरी में दो पार्ट हैं आउटर और इनर। आउटर क्वरी में है सेलेक्ट नेम फ्रॉम

[02:10:55] आउटर क्वरी में है सेलेक्ट नेम फ्रॉम एंप्लॉय एंड सब क्वेरी में है सेलेक्ट

[02:10:57] एंप्लॉय एंड सब क्वेरी में है सेलेक्ट एवरेज सैलरी फ्रॉम एंप्लॉयर। यहां पे हमने

[02:11:00] एवरेज सैलरी फ्रॉम एंप्लॉयर। यहां पे हमने लिखा है एस ए वीवी जे सैलरी। एस का यूज़

[02:11:04] लिखा है एस ए वीवी जे सैलरी। एस का यूज़ एसक्यूएल में एलियस देने के लिए यूज होता

[02:11:06] एसक्यूएल में एलियस देने के लिए यूज होता है। एलियस का मतलब होता है टेंपरेरी नाम

[02:11:09] है। एलियस का मतलब होता है टेंपरेरी नाम देना किसी कॉलम या टेबल को। सिंपल वर्ड

[02:11:12] देना किसी कॉलम या टेबल को। सिंपल वर्ड में बोले तो एस जो है वो क्या है? रिनेम अ

[02:11:15] में बोले तो एस जो है वो क्या है? रिनेम अ कॉलम और टेबल इन अ आउटपुट। इसको जैसे हम

[02:11:18] कॉलम और टेबल इन अ आउटपुट। इसको जैसे हम एग्जीक्यूट कराएंगे तो यहां पे टेबल का

[02:11:21] एग्जीक्यूट कराएंगे तो यहां पे टेबल का नेम जो है वो इसको हमने टेंपरेरी नेम दे

[02:11:25] नेम जो है वो इसको हमने टेंपरेरी नेम दे दिया है एवीजे सैलरी। तो यहां पे सारे

[02:11:28] दिया है एवीजे सैलरी। तो यहां पे सारे एंप्लॉय आ गए और उनकी एवरेज सैलरी आ गई।

[02:11:31] एंप्लॉय आ गए और उनकी एवरेज सैलरी आ गई। नेक्स्ट होती है सब क्वेरी इन फ़। सबरी को

[02:11:35] नेक्स्ट होती है सब क्वेरी इन फ़। सबरी को टेंपरेरी टेबल या वर्चुअल टेबल की तरह भी

[02:11:38] टेंपरेरी टेबल या वर्चुअल टेबल की तरह भी यूज किया जा सकता है। सेलेक्ट

[02:11:44] डिपार्टमेंट

[02:11:49] कॉमा

[02:11:50] कॉमा एवरेज सैलरी

[02:11:56] फ्रॉम

[02:12:04] सेलेक्ट

[02:12:06] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[02:12:09] स्टार फ्रॉम एंप्लॉय

[02:12:14] एस टेम टेम हमने टेंपरेरी नाम दे दिया है

[02:12:18] एस टेम टेम हमने टेंपरेरी नाम दे दिया है ग्रुप बाय डिपार्टमेंट

[02:12:27] यहां पर इनर क्वेरी जो है वह एक टेंपरेरी

[02:12:30] यहां पर इनर क्वेरी जो है वह एक टेंपरेरी टेबल क्रिएट कर रही है जिसका नाम हमने

[02:12:34] टेबल क्रिएट कर रही है जिसका नाम हमने दिया है टेम। फिर आउटर क्वरी इस टेबल पर

[02:12:38] दिया है टेम। फिर आउटर क्वरी इस टेबल पर ग्रुप बाय अप्लाई कर रही है। मैंने इसको

[02:12:40] ग्रुप बाय अप्लाई कर रही है। मैंने इसको एग्जीक्यूट कराया तो हमें यहां पर

[02:12:44] एग्जीक्यूट कराया तो हमें यहां पर सारे डिपार्टमेंट मिल गए और उनकी एवरेज

[02:12:46] सारे डिपार्टमेंट मिल गए और उनकी एवरेज सैलरी मिल गई। अभी इंटरव्यू में एक

[02:12:49] सैलरी मिल गई। अभी इंटरव्यू में एक क्वेश्चन बहुत पूछा जाता है कि फाइंड

[02:12:51] क्वेश्चन बहुत पूछा जाता है कि फाइंड सेकंड हाईएस्ट सैलरी। इसको आपको खुद से

[02:12:54] सेकंड हाईएस्ट सैलरी। इसको आपको खुद से सॉल्व करना है पहले। देन आपको सॉल्यूशन

[02:12:56] सॉल्व करना है पहले। देन आपको सॉल्यूशन देखना है। प्रॉब्लम क्या है? फाइंड

[02:13:01] देखना है। प्रॉब्लम क्या है? फाइंड सेकंड

[02:13:03] सेकंड हाईएस्ट सैलरी। इसको आपको सब क्वेरी की

[02:13:07] हाईएस्ट सैलरी। इसको आपको सब क्वेरी की हेल्प से सॉल्व करना है। तो यहां पे हम

[02:13:10] हेल्प से सॉल्व करना है। तो यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट मैक्स

[02:13:13] लिखेंगे सेलेक्ट मैक्स सैलरी। सबसे पहले हम यहां पे मैक्सिमम

[02:13:17] सैलरी। सबसे पहले हम यहां पे मैक्सिमम सैलरी देंगे।

[02:13:20] सैलरी देंगे। देन कहां से? फ्रॉम एंप्लॉय टेबल।

[02:13:30] वेयर सैलरी शुड बी लेस देन सेलेक्ट

[02:13:34] वेयर सैलरी शुड बी लेस देन सेलेक्ट मैक्स

[02:13:38] सैलरी

[02:13:42] एंप्लॉय

[02:13:47] यह सेटिंग है। यह सैलरी फाइंड करती है।

[02:13:50] यह सेटिंग है। यह सैलरी फाइंड करती है। सबसे पहले इसमें इनर क्वेरी चलेगी।

[02:13:52] सबसे पहले इसमें इनर क्वेरी चलेगी। सेलेक्ट मैक्स सैलरी फ्रॉम एंप्लयर।

[02:13:56] सेलेक्ट मैक्स सैलरी फ्रॉम एंप्लयर। यह क्या करेगा जो हाईएस्ट सैलरी है टेबल

[02:13:58] यह क्या करेगा जो हाईएस्ट सैलरी है टेबल में उसको फाइंड करेगा। जैसे मैं करती हूं

[02:14:01] में उसको फाइंड करेगा। जैसे मैं करती हूं सेलेक्ट

[02:14:03] सेलेक्ट फ्रॉम एंप्लॉय।

[02:14:06] तो एंप्लॉय टेबल में सबसे हाईएस्ट सैलरी

[02:14:09] तो एंप्लॉय टेबल में सबसे हाईएस्ट सैलरी जो है वो अमित की है। यह फर्स्ट हाईएस्ट

[02:14:12] जो है वो अमित की है। यह फर्स्ट हाईएस्ट सैलरी है और सेकंड हाईएस्ट सैलरी जो है वह

[02:14:15] सैलरी है और सेकंड हाईएस्ट सैलरी जो है वह है राहुल की। तो हमें राहुल मिलना चाहिए

[02:14:18] है राहुल की। तो हमें राहुल मिलना चाहिए आउटपुट में। हमें मैक्स सैलरी मिली 80,000

[02:14:23] आउटपुट में। हमें मैक्स सैलरी मिली 80,000 और हमने यहां पर आउटर क्वेरी लिखी है।

[02:14:25] और हमने यहां पर आउटर क्वेरी लिखी है। सेलेक्ट मैक्स सैलरी फ्रॉम एंप्लयर वेयर

[02:14:28] सेलेक्ट मैक्स सैलरी फ्रॉम एंप्लयर वेयर सैलरी शुड बी लेस देन मैक्स सैलरी। मतलब

[02:14:31] सैलरी शुड बी लेस देन मैक्स सैलरी। मतलब यहां पे हम फ़्टर करेंगे सैलरी को जो कि कम

[02:14:35] यहां पे हम फ़्टर करेंगे सैलरी को जो कि कम होंगी हाईएस्ट सैलरी से। तो इसकी जगह आप

[02:14:38] होंगी हाईएस्ट सैलरी से। तो इसकी जगह आप मान लो यहां पे लिखा है 10,000 10,000

[02:14:41] मान लो यहां पे लिखा है 10,000 10,000 नहीं 1 लाख क्योंकि 1 लाख है ना उससे

[02:14:43] नहीं 1 लाख क्योंकि 1 लाख है ना उससे हाईएस्ट सैलरी हां 188,000

[02:14:49] तो यह हमारी फर्स्ट हाईएस्ट सैलरी है। अभी

[02:14:51] तो यह हमारी फर्स्ट हाईएस्ट सैलरी है। अभी सेकंड हाईएस्ट सैलरी जो हुई हमारी वह होगी

[02:14:53] सेकंड हाईएस्ट सैलरी जो हुई हमारी वह होगी 80000। तो यहां पर क्या होगा? यह पूरी

[02:14:55] 80000। तो यहां पर क्या होगा? यह पूरी क्वेरी होगी। अब इसको हमें कंपेयर करना है

[02:14:59] क्वेरी होगी। अब इसको हमें कंपेयर करना है ₹18,000

[02:15:00] ₹18,000 से। तो बची हुई वैल्यू क्या-क्या बची हैं?

[02:15:04] से। तो बची हुई वैल्यू क्या-क्या बची हैं? एक राहुल बचा है और प्रिया बची है, स्नेहा

[02:15:06] एक राहुल बचा है और प्रिया बची है, स्नेहा बची है, अभी और रेवा बची है। इन सबकी

[02:15:09] बची है, अभी और रेवा बची है। इन सबकी सैलरी इससे कंपेयर होंगी। फिर यह क्या

[02:15:11] सैलरी इससे कंपेयर होंगी। फिर यह क्या करेगा? बचे हुए से मैक्सिमम सैलरी

[02:15:14] करेगा? बचे हुए से मैक्सिमम सैलरी निकालेगा। तो इनमें से मैक्सिमम सैलरी आ

[02:15:16] निकालेगा। तो इनमें से मैक्सिमम सैलरी आ गई 80,000।

[02:15:18] गई 80,000। तो 80,000 जो आ गई वह आ गई सेकंड हाईएस्ट

[02:15:20] तो 80,000 जो आ गई वह आ गई सेकंड हाईएस्ट वैल्यू। पहले हम हाईएस्ट सैलरी निकालते

[02:15:22] वैल्यू। पहले हम हाईएस्ट सैलरी निकालते हैं यूजिंग मैक्स। फिर उस हाईएस्ट सैलरी

[02:15:25] हैं यूजिंग मैक्स। फिर उस हाईएस्ट सैलरी से छोटी सैलरी को फ़्टर कराते हैं। और

[02:15:27] से छोटी सैलरी को फ़्टर कराते हैं। और उनमें से मैक्स निकालते हैं। इस तरह हमें

[02:15:30] उनमें से मैक्स निकालते हैं। इस तरह हमें सेकंड हाईएस्ट सैलरी मिल जाती है।

[02:15:32] सेकंड हाईएस्ट सैलरी मिल जाती है। एग्जीक्यूशन का ऑर्डर होता है। सबसे पहले

[02:15:34] एग्जीक्यूशन का ऑर्डर होता है। सबसे पहले सब क्वेरी रन होती है। देन रिजल्ट रिटर्न

[02:15:37] सब क्वेरी रन होती है। देन रिजल्ट रिटर्न होता है। फिर मेन क्वेरी रन होती है। अभी

[02:15:40] होता है। फिर मेन क्वेरी रन होती है। अभी हम कुछ प्रैक्टिस सेट्स के क्वेश्चंस

[02:15:42] हम कुछ प्रैक्टिस सेट्स के क्वेश्चंस सॉल्व करेंगे। सबसे पहला क्वेश्चन है पाइड

[02:15:45] सॉल्व करेंगे। सबसे पहला क्वेश्चन है पाइड एंप्लाइज हुस सैलरी इज क्रेटर देन द सैलरी

[02:15:48] एंप्लाइज हुस सैलरी इज क्रेटर देन द सैलरी ऑफ एंप्लॉय। कौन-कौन से एंप्लॉय हैं? तो

[02:15:51] ऑफ एंप्लॉय। कौन-कौन से एंप्लॉय हैं? तो हम ले लेते हैं

[02:15:55] रीवा को।

[02:15:58] रीवा को। यहां पर हम लिखेंगे फाइंड

[02:16:02] यहां पर हम लिखेंगे फाइंड एंप्लॉय

[02:16:05] सैलरी

[02:16:07] सैलरी इज

[02:16:12] लेबर देन द

[02:16:18] सैलरी ऑफ एंप्लॉय

[02:16:23] सैलरी ऑफ एंप्लॉय रेबा

[02:16:28] सबसे पहले हम लिखेंगे सेलेक्ट

[02:16:31] सबसे पहले हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[02:16:33] स्टार फ्रॉम एंप्लॉय

[02:16:36] फ्रॉम एंप्लॉय वेयर

[02:16:40] सैलरी शुड बी ग्रेटर देन

[02:16:47] फिर हम सब क्वेरी लिखेंगे

[02:16:50] फिर हम सब क्वेरी लिखेंगे सेलेक्ट

[02:16:53] सेलेक्ट सैलरी

[02:16:57] फ्रॉम एंप्लॉय

[02:17:01] फ्रॉम एंप्लॉय वेयर

[02:17:04] वेयर नेम इज इक्वल टू रेवा। तो यहां पे वो सारे

[02:17:08] नेम इज इक्वल टू रेवा। तो यहां पे वो सारे एंप्लॉय आ गए जिनकी सैलरी रेवा से ज्यादा

[02:17:11] एंप्लॉय आ गए जिनकी सैलरी रेवा से ज्यादा थी। सबसे पहले इसमें इनर कॉइन चली। सबसे

[02:17:13] थी। सबसे पहले इसमें इनर कॉइन चली। सबसे पहले इसने क्या करा? सैलरी निकाली रेवा

[02:17:15] पहले इसने क्या करा? सैलरी निकाली रेवा की। उसके बाद में इसने उसे कंपेयर किया

[02:17:18] की। उसके बाद में इसने उसे कंपेयर किया सारे एंप्लाइजज़ के साथ में। जिनकी भी

[02:17:20] सारे एंप्लाइजज़ के साथ में। जिनकी भी सैलरी इससे ज्यादा थी वो सारे एंप्लाइजज़ आ

[02:17:22] सैलरी इससे ज्यादा थी वो सारे एंप्लाइजज़ आ गए। नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड एंप्लाइज

[02:17:26] गए। नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड एंप्लाइज हु वर्क्स इन द सेम डिपार्टमेंट एस अमित

[02:17:30] हु वर्क्स इन द सेम डिपार्टमेंट एस अमित फाइंड एंप्लाइज

[02:17:33] फाइंड एंप्लाइज हु वर्क्स

[02:17:37] इन द

[02:17:39] इन द सेम डिपार्टमेंट

[02:17:43] एज अमित

[02:17:45] एज अमित सबसे पहले हम लिखेंगे सेलेक्ट

[02:17:52] आर फ्रॉम

[02:17:55] आर फ्रॉम एंप्लॉय

[02:17:58] वेयर

[02:18:01] डिपार्टमेंट

[02:18:04] डिपार्टमेंट इज़ इक्वल टू सेम डिपार्टमेंट होना चाहिए

[02:18:07] इज़ इक्वल टू सेम डिपार्टमेंट होना चाहिए अमित के जैसे ही तो हम निकालेंगे अमित का

[02:18:09] अमित के जैसे ही तो हम निकालेंगे अमित का डिपार्टमेंट सेलेक्ट

[02:18:12] डिपार्टमेंट सेलेक्ट डिपार्टमेंट

[02:18:16] फ्रॉम टेबल का नेम

[02:18:19] फ्रॉम टेबल का नेम वेयर नेम इज इक्वल टू अमित

[02:18:32] तो शायद यहां पे सेल्स का एक ही

[02:18:34] तो शायद यहां पे सेल्स का एक ही डिपार्टमेंट था। पूरा टेबल देखते हैं हम

[02:18:35] डिपार्टमेंट था। पूरा टेबल देखते हैं हम एक बार फिर से।

[02:18:42] हां, सेल्स का बस अमित ही था। तो यहां पे

[02:18:44] हां, सेल्स का बस अमित ही था। तो यहां पे सिर्फ एक ही आया है। जैसे हमारा दूसरा

[02:18:46] सिर्फ एक ही आया है। जैसे हमारा दूसरा लेते हैं। अभी ले लेते हैं।

[02:18:52] तो अभी के साथ में यहां पर प्रिया भी थी

[02:18:55] तो अभी के साथ में यहां पर प्रिया भी थी तो दोनों एचआर वाले प्रिंट हो गए। सबसे

[02:18:58] तो दोनों एचआर वाले प्रिंट हो गए। सबसे पहले सब क्वेरी चली। इसने क्या किया?

[02:19:00] पहले सब क्वेरी चली। इसने क्या किया? डिपार्टमेंट निकाला पहले अभी के लिए। उसके

[02:19:02] डिपार्टमेंट निकाला पहले अभी के लिए। उसके बाद में इसने उसे कंपेयर किया बाकी के

[02:19:05] बाद में इसने उसे कंपेयर किया बाकी के एंप्लाइजज़ से। जिनका डिपार्टमेंट अभी के

[02:19:07] एंप्लाइजज़ से। जिनका डिपार्टमेंट अभी के डिपार्टमेंट से इक्वल होगा वो वाले

[02:19:08] डिपार्टमेंट से इक्वल होगा वो वाले एंप्लाइजज़ डिस्प्ले हो जाएंगे।

[02:19:12] एंप्लाइजज़ डिस्प्ले हो जाएंगे। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है। फाइंड एंप्लाइजज़

[02:19:14] अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है। फाइंड एंप्लाइजज़ हुस सैलरी इज ग्रेटर देन द एवरेज सैलरी ऑफ

[02:19:17] हुस सैलरी इज ग्रेटर देन द एवरेज सैलरी ऑफ द कंपनी। पॉइंट

[02:19:19] द कंपनी। पॉइंट एमंप्लॉय

[02:19:22] एमंप्लॉय उस

[02:19:24] उस सैलरी इज

[02:19:26] सैलरी इज ग्रेटर

[02:19:29] देन द

[02:19:33] देन द एवरेज

[02:19:35] एवरेज सैलरी ऑफ

[02:19:38] सैलरी ऑफ द कंपनी

[02:19:42] सबसे पहले लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[02:19:47] सबसे पहले लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय टेबल

[02:19:50] एंप्लॉय टेबल वेयर

[02:19:54] सैलरी

[02:19:58] बड़ी होनी चाहिए एवरेज सैलरी से। तो एवरेज

[02:20:01] बड़ी होनी चाहिए एवरेज सैलरी से। तो एवरेज सैलरी के लिए हम लिखेंगे क्वरी

[02:20:07] सेलेक्ट एवरेज सैलरी

[02:20:14] फ्रॉम एंप्लॉय

[02:20:19] तो यह कंपेयर करेगा एवरेज सैलरी से सैलरी

[02:20:23] तो यह कंपेयर करेगा एवरेज सैलरी से सैलरी को देन जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से ज्यादा

[02:20:26] को देन जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से ज्यादा होगी वो सारे एंप्लाइजज़ डिस्प्ले हो

[02:20:28] होगी वो सारे एंप्लाइजज़ डिस्प्ले हो जाएंगे। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड

[02:20:31] जाएंगे। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड एंप्लाइजज़ हुस सैलरी इज़ ग्रेटर देन द

[02:20:33] एंप्लाइजज़ हुस सैलरी इज़ ग्रेटर देन द एवरेज सैलरी ऑफ देयर ओन डिपार्टमेंट। ये

[02:20:35] एवरेज सैलरी ऑफ देयर ओन डिपार्टमेंट। ये थोड़ा हार्ड क्वेश्चन है।

[02:20:39] थोड़ा हार्ड क्वेश्चन है। फाइंड एंप्लॉय

[02:20:42] फाइंड एंप्लॉय हुज़ सैलरी

[02:20:44] हुज़ सैलरी इज़

[02:20:46] इज़ ग्रेटर देन

[02:20:50] दी एवरेज

[02:20:52] दी एवरेज सैलरी ऑफ

[02:20:55] सैलरी ऑफ देयर ओन डिपार्टमेंट

[02:21:00] लिखेंगे हम सेलेक्ट

[02:21:04] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय

[02:21:09] वेयर

[02:21:11] वेयर सैलरी शुड बी ग्रेटर देन यहां पर हम नाम

[02:21:15] सैलरी शुड बी ग्रेटर देन यहां पर हम नाम दे देते हैं एंप्लॉय e1

[02:21:20] इसको हम टेंपरेरी नाम दे रहे हैं इवन

[02:21:23] इसको हम टेंपरेरी नाम दे रहे हैं इवन सैलरी बड़ी होनी चाहिए किससेक्ट

[02:21:28] एवरेज सैलरी

[02:21:34] फ्रॉम

[02:21:37] एंप्लॉय E2

[02:21:42] वेयर

[02:21:44] वेयर E1 डॉट

[02:21:46] E1 डॉट डिपार्टमेंट

[02:21:49] डिपार्टमेंट = E2 डॉट डिपार्टमेंट

[02:21:55] = E2 डॉट डिपार्टमेंट हमें क्या करना है? हमें बाइंड करना है

[02:21:56] हमें क्या करना है? हमें बाइंड करना है एंप्लॉयज़ जिनकी सैलरी ज्यादा हो एवरेज

[02:22:00] एंप्लॉयज़ जिनकी सैलरी ज्यादा हो एवरेज सैलरी से उनके खुद के डिपार्टमेंट की।

[02:22:02] सैलरी से उनके खुद के डिपार्टमेंट की। सबसे पहले क्या होगा? इनर क्वेरी चलेगी।

[02:22:04] सबसे पहले क्या होगा? इनर क्वेरी चलेगी। ये हमने टेंपरेरी नाम दिया इसको E1 एंड

[02:22:06] ये हमने टेंपरेरी नाम दिया इसको E1 एंड इसको E2 यह कोरिलेटेड सब क्वेरी है। मतलब

[02:22:09] इसको E2 यह कोरिलेटेड सब क्वेरी है। मतलब इनर क्वेरी आउटर क्वेरी के डेटा पर डिपेंड

[02:22:12] इनर क्वेरी आउटर क्वेरी के डेटा पर डिपेंड करती है। आउटर क्वरी एक एंप्लॉय पिक

[02:22:15] करती है। आउटर क्वरी एक एंप्लॉय पिक करेगी। जैसे हमने एक सबसे पहला वाला

[02:22:17] करेगी। जैसे हमने एक सबसे पहला वाला एंप्लॉय लिया हमने राहुल लिया हमने जैसे

[02:22:19] एंप्लॉय लिया हमने राहुल लिया हमने जैसे कि तो फिर क्या करेगी यह? इसका

[02:22:22] कि तो फिर क्या करेगी यह? इसका डिपार्टमेंट क्या है? आईटी है। तो इनर

[02:22:25] डिपार्टमेंट क्या है? आईटी है। तो इनर क्वेरी जो है वो रन करेगी। सपोज़ आईटी

[02:22:28] क्वेरी जो है वो रन करेगी। सपोज़ आईटी डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी है 54,000। तो

[02:22:33] डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी है 54,000। तो अब एसक्यूएल चेक करेगा क्या राहुल की

[02:22:35] अब एसक्यूएल चेक करेगा क्या राहुल की सैलरी जो है वह ज्यादा है 54000 से अगर यह

[02:22:38] सैलरी जो है वह ज्यादा है 54000 से अगर यह एवरेज सैलरी से ज्यादा है तो राहुल रिजल्ट

[02:22:41] एवरेज सैलरी से ज्यादा है तो राहुल रिजल्ट में आएगा और अगर नहीं तो रिजल्ट में नहीं

[02:22:43] में आएगा और अगर नहीं तो रिजल्ट में नहीं आएगा तो यहां पे राहुल की एवरेज सैलरी जो

[02:22:46] आएगा तो यहां पे राहुल की एवरेज सैलरी जो है आईटी डिपार्टमेंट की वह ज्यादा है तो

[02:22:49] है आईटी डिपार्टमेंट की वह ज्यादा है तो यह यहां पे प्रिंट हो गया। सेम प्रिया के

[02:22:51] यह यहां पे प्रिंट हो गया। सेम प्रिया के लिए भी है कि प्रिया के डिपार्टमेंट की

[02:22:53] लिए भी है कि प्रिया के डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी जो है उससे ज्यादा है प्रिया

[02:22:55] एवरेज सैलरी जो है उससे ज्यादा है प्रिया की सैलरी। तो यहां पे प्रिया भी डिस्प्ले

[02:22:57] की सैलरी। तो यहां पे प्रिया भी डिस्प्ले हो गई। अब तक हमने एसक्यूएल में टेबल

[02:23:00] हो गई। अब तक हमने एसक्यूएल में टेबल क्रिएट करना, डाटा इंसर्ट करना और क्वरीज

[02:23:02] क्रिएट करना, डाटा इंसर्ट करना और क्वरीज लिखना सीख लिया है। लेकिन रियल वर्ल्ड

[02:23:05] लिखना सीख लिया है। लेकिन रियल वर्ल्ड डेटाबेस में सिर्फ एक टेबल काफी नहीं होता

[02:23:07] डेटाबेस में सिर्फ एक टेबल काफी नहीं होता है। फॉर एग्जांपल जैसे एक यूजर की टेबल

[02:23:10] है। फॉर एग्जांपल जैसे एक यूजर की टेबल है, एक ऑर्डर की टेबल है और एक पेमेंट की

[02:23:12] है, एक ऑर्डर की टेबल है और एक पेमेंट की टेबल है। तो क्वेश्चन यह है कि ये टेबल एक

[02:23:15] टेबल है। तो क्वेश्चन यह है कि ये टेबल एक दूसरे से कनेक्ट कैसे होती है? और इसी

[02:23:17] दूसरे से कनेक्ट कैसे होती है? और इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए मतलब टेबल

[02:23:20] प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए मतलब टेबल को कनेक्ट करने के लिए आता है प्राइमरी की

[02:23:22] को कनेक्ट करने के लिए आता है प्राइमरी की एंड फॉरेन की। और इन्हीं से बनते हैं टेबल

[02:23:25] एंड फॉरेन की। और इन्हीं से बनते हैं टेबल रिलेशनशिप्स। आज हम कवर करेंगे प्राइमरी

[02:23:27] रिलेशनशिप्स। आज हम कवर करेंगे प्राइमरी की, फॉरेन की एंड टेबल रिलेशनशिप्स के

[02:23:30] की, फॉरेन की एंड टेबल रिलेशनशिप्स के बारे में जिसके अंदर आएगा वन टू वन

[02:23:32] बारे में जिसके अंदर आएगा वन टू वन रिलेशनशिप, वन टू मेनी रिलेशनशिप एंड मेनी

[02:23:34] रिलेशनशिप, वन टू मेनी रिलेशनशिप एंड मेनी टू मेनी रिलेशनशिप। सबसे पहले हम ओपन करते

[02:23:37] टू मेनी रिलेशनशिप। सबसे पहले हम ओपन करते हैं मायक्यूएल वर्क बेंच। सबसे पहले हम

[02:23:39] हैं मायक्यूएल वर्क बेंच। सबसे पहले हम पढ़ने वाले हैं प्राइमरी की के बारे में।

[02:23:42] पढ़ने वाले हैं प्राइमरी की के बारे में। प्राइमरी की किसी भी टेबल का यूनिक

[02:23:44] प्राइमरी की किसी भी टेबल का यूनिक आइडेंटिफायर होता है। मतलब टेबल के हर

[02:23:46] आइडेंटिफायर होता है। मतलब टेबल के हर रिकॉर्ड को यूनिकली आइडेंटिफाई करता है।

[02:23:49] रिकॉर्ड को यूनिकली आइडेंटिफाई करता है। प्राइमरी की की दो इंपॉर्टेंट प्रॉपर्टीज

[02:23:51] प्राइमरी की की दो इंपॉर्टेंट प्रॉपर्टीज होती हैं। सबसे पहले कि प्राइमरी की जो है

[02:23:55] होती हैं। सबसे पहले कि प्राइमरी की जो है वो यूनिक होना चाहिए। सेकंड इज़ प्राइमरी

[02:23:58] वो यूनिक होना चाहिए। सेकंड इज़ प्राइमरी की नल नहीं हो सकता। फॉर एग्जांपल हमने

[02:24:01] की नल नहीं हो सकता। फॉर एग्जांपल हमने टेबल पहले से क्रिएट करके रखा है और डाटा

[02:24:04] टेबल पहले से क्रिएट करके रखा है और डाटा भी उसके अंदर इंसर्ट करा के रखा है। तो यह

[02:24:07] भी उसके अंदर इंसर्ट करा के रखा है। तो यह वाली क्वरी चलाते हैं हम। तो यह पूरा टेबल

[02:24:09] वाली क्वरी चलाते हैं हम। तो यह पूरा टेबल हमारे सामने डिस्प्ले हो गया। टेबल का नाम

[02:24:12] हमारे सामने डिस्प्ले हो गया। टेबल का नाम जो है वो यूजर है। यहां पे यूजर आईडी जो

[02:24:15] जो है वो यूजर है। यहां पे यूजर आईडी जो है वो हर यूजर के लिए यूनिक है। इसीलिए यह

[02:24:19] है वो हर यूजर के लिए यूनिक है। इसीलिए यह प्राइमरी की बन सकती है। हमने पहले भी

[02:24:22] प्राइमरी की बन सकती है। हमने पहले भी प्राइमरी की का यूज़ किया है। जैसे मैंने

[02:24:24] प्राइमरी की का यूज़ किया है। जैसे मैंने यहां पे लिखा है यूजर आईडी इंट प्राइमरी

[02:24:27] यहां पे लिखा है यूजर आईडी इंट प्राइमरी की। मतलब यूजर आईडी जो है वह प्राइमरी की

[02:24:29] की। मतलब यूजर आईडी जो है वह प्राइमरी की होना चाहिए। मतलब यह नल भी नहीं होगी और

[02:24:32] होना चाहिए। मतलब यह नल भी नहीं होगी और साथ ही यह यूनिक होना चाहिए। सेम नहीं हो

[02:24:35] साथ ही यह यूनिक होना चाहिए। सेम नहीं हो सकती। दूसरा आता है फॉरेन की। फॉरेन की एक

[02:24:38] सकती। दूसरा आता है फॉरेन की। फॉरेन की एक कॉलम होता है जो किसी दूसरे टेबल की

[02:24:41] कॉलम होता है जो किसी दूसरे टेबल की प्राइमरी की को रिफरेंस करता है। इसका मेन

[02:24:44] प्राइमरी की को रिफरेंस करता है। इसका मेन पर्पस होता है टेबल्स को कनेक्ट करना।

[02:24:47] पर्पस होता है टेबल्स को कनेक्ट करना। जैसे

[02:24:49] जैसे यहां पे यह जो यूजर आईडी है जो कि

[02:24:52] यहां पे यह जो यूजर आईडी है जो कि प्राइमरी की है इस टेबल का। यह क्या होगा?

[02:24:55] प्राइमरी की है इस टेबल का। यह क्या होगा? फॉरेन की होगा। दूसरे टेबल का जैसे कि मैं

[02:24:59] फॉरेन की होगा। दूसरे टेबल का जैसे कि मैं एक और टेबल बनाती हूं ऑर्डर के लिए ए1

[02:25:03] एक और टेबल बनाती हूं ऑर्डर के लिए ए1 इसका नाम दिया हमने ऑर्डर्स

[02:25:08] सबसे पहले हम इसके अंदर लेंगे ऑर्डर आईडी

[02:25:14] जो कि होगी इन प्राइमरी की।

[02:25:20] इसके बाद में हम लेंगे यूजर आईडी

[02:25:24] इसके बाद में हम लेंगे यूजर आईडी जो कि होगी इंटीजर में एंड देन इसके बाद

[02:25:28] जो कि होगी इंटीजर में एंड देन इसके बाद में हम लेंगे प्रोडक्ट

[02:25:31] में हम लेंगे प्रोडक्ट जो कि होगा वेयर केयर

[02:25:34] जो कि होगा वेयर केयर 100 कैरेक्टर स्टोर करा आ सकता है। यह

[02:25:36] 100 कैरेक्टर स्टोर करा आ सकता है। यह फॉरेन की जो है वो प्राइमरी की है यह वाले

[02:25:40] फॉरेन की जो है वो प्राइमरी की है यह वाले टेबल की।

[02:25:43] टेबल की। यहां पर हमने नाम भी दिया यूजर आईडी

[02:25:46] यहां पर हमने नाम भी दिया यूजर आईडी देन हम लिखेंगे

[02:25:50] देन हम लिखेंगे रेफरेंसेस

[02:25:57] यूज़र्स इन द

[02:26:00] यूज़र्स इन द यूजर आईडी।

[02:26:03] इसका मतलब क्या है? कि ऑर्डर टेबल का यूजर

[02:26:07] इसका मतलब क्या है? कि ऑर्डर टेबल का यूजर आईडी कॉलम यूजर टेबल के यानी कि यह वाले

[02:26:10] आईडी कॉलम यूजर टेबल के यानी कि यह वाले टेबल के यूजर आईडी कॉलम से कनेक्टेड है।

[02:26:13] टेबल के यूजर आईडी कॉलम से कनेक्टेड है। यहां पे हमने जो ऑर्डर आईडी लिया है वो

[02:26:15] यहां पे हमने जो ऑर्डर आईडी लिया है वो इंट प्राइमरी की है। ऑर्डर आईडी कॉलम का

[02:26:18] इंट प्राइमरी की है। ऑर्डर आईडी कॉलम का नेम है। इंट डेटा टाइप है और प्राइमरी की

[02:26:20] नेम है। इंट डेटा टाइप है और प्राइमरी की मतलब यूनिक आइडेंटिफायर। ये यूनिक होना

[02:26:23] मतलब यूनिक आइडेंटिफायर। ये यूनिक होना चाहिए और नल नहीं होना चाहिए। देन हमने

[02:26:25] चाहिए और नल नहीं होना चाहिए। देन हमने लिया है यूजर आईडी इंटीजर में। यह कॉलम जो

[02:26:28] लिया है यूजर आईडी इंटीजर में। यह कॉलम जो है वह स्टोर करेगा आईडी को यूजर की जो कि

[02:26:31] है वह स्टोर करेगा आईडी को यूजर की जो कि प्लेस कर रहे हैं ऑर्डर को। मतलब अगर यूजर

[02:26:34] प्लेस कर रहे हैं ऑर्डर को। मतलब अगर यूजर वन ने प्लेस किए दो ऑर्डर और यूजर टू ने

[02:26:36] वन ने प्लेस किए दो ऑर्डर और यूजर टू ने प्लेस किया एक ऑर्डर। बट अभी तक डेटाबेस

[02:26:39] प्लेस किया एक ऑर्डर। बट अभी तक डेटाबेस को यह नहीं पता कि यूजर आईडी किस टेबल से

[02:26:41] को यह नहीं पता कि यूजर आईडी किस टेबल से आ रही है। इसलिए नेक्स्ट लाइन इंपॉर्टेंट

[02:26:44] आ रही है। इसलिए नेक्स्ट लाइन इंपॉर्टेंट है। यहां हमने लिखा है प्रोडक्ट वेयर

[02:26:47] है। यहां हमने लिखा है प्रोडक्ट वेयर केयर। यह कॉलम जो है वह स्टोर करता है

[02:26:49] केयर। यह कॉलम जो है वह स्टोर करता है प्रोडक्ट के नेम को। वेयर केयर 100 का

[02:26:52] प्रोडक्ट के नेम को। वेयर केयर 100 का मतलब क्या है? कि यह टेक्स्ट स्टोर कर

[02:26:53] मतलब क्या है? कि यह टेक्स्ट स्टोर कर सकता है मैक्सिमम 100 कररेक्टर्स तक। देन

[02:26:56] सकता है मैक्सिमम 100 कररेक्टर्स तक। देन लिखा है हमने फॉरेन की यूजर आईडी रेफरेंस

[02:26:59] लिखा है हमने फॉरेन की यूजर आईडी रेफरेंस यूजर यूज़र्स यूजर आईडी। यह बहुत

[02:27:02] यूजर यूज़र्स यूजर आईडी। यह बहुत इंपॉर्टेंट लाइन है। लेट्स ब्रेक इट।

[02:27:04] इंपॉर्टेंट लाइन है। लेट्स ब्रेक इट। ऑर्डर्स टेबल का यूजर आईडी कॉलम जो है वह

[02:27:08] ऑर्डर्स टेबल का यूजर आईडी कॉलम जो है वह फॉरेन की है। रिफरेंसेस यूज़र्स यूजर आईडी

[02:27:11] फॉरेन की है। रिफरेंसेस यूज़र्स यूजर आईडी का मतलब है यह कॉलम यूजर टेबल के यूजर

[02:27:15] का मतलब है यह कॉलम यूजर टेबल के यूजर आईडी कॉलम को रिफरेंस करता है। जैसे हमने

[02:27:17] आईडी कॉलम को रिफरेंस करता है। जैसे हमने यहां पे ये जो बनाया था यूजर आईडी इसको ये

[02:27:19] यहां पे ये जो बनाया था यूजर आईडी इसको ये रिफरेंस कर रहा है। सो रिलेशनशिप क्या बन

[02:27:22] रिफरेंस कर रहा है। सो रिलेशनशिप क्या बन जाएगा? यूजर टेबल और ऑर्डर टेबल के बीच

[02:27:24] जाएगा? यूजर टेबल और ऑर्डर टेबल के बीच में यूजर आईडी सेम होगी। जैसे हम इसको

[02:27:27] में यूजर आईडी सेम होगी। जैसे हम इसको चलाते हैं यूजर टेबल को तो हमें पूरा डाटा

[02:27:31] चलाते हैं यूजर टेबल को तो हमें पूरा डाटा मिल रहा है। यह यूजर आईडी जो है वह यूजर

[02:27:34] मिल रहा है। यह यूजर आईडी जो है वह यूजर टेबल की प्राइमरी की है। लेकिन जब हम

[02:27:36] टेबल की प्राइमरी की है। लेकिन जब हम इसमें डेटा इंसर्ट कराते हैं, पहले इसमें

[02:27:37] इसमें डेटा इंसर्ट कराते हैं, पहले इसमें हम इंसर्ट कराते हैं। फिर मैं बताती हूं

[02:27:39] हम इंसर्ट कराते हैं। फिर मैं बताती हूं आपको। यहां पे हम लिखेंगे इंसर्ट

[02:27:43] आपको। यहां पे हम लिखेंगे इंसर्ट इंटू टेबल का नेम हमारा है ऑर्डर्स

[02:27:47] इंटू टेबल का नेम हमारा है ऑर्डर्स वैल्यूज़।

[02:27:50] वैल्यूज़। सबसे पहले हम देंगे इसमें ऑर्डर आईडी जो

[02:27:53] सबसे पहले हम देंगे इसमें ऑर्डर आईडी जो कि है 1001

[02:27:57] लैपटॉप

[02:28:04] देन हमने दिया

[02:28:07] देन हमने दिया 102

[02:28:09] 102 1

[02:28:11] 1 यह वन जो लिख रहा है यह यूजर आईडी है

[02:28:16] यह वन जो लिख रहा है यह यूजर आईडी है मोबाइल

[02:28:21] एक और करा लेते हैं हम 103

[02:28:25] एक और करा लेते हैं हम 103 2 कीबोर्ड

[02:28:31] एंड लास्ट कराते हैं हम 104

[02:28:35] एंड लास्ट कराते हैं हम 104 कॉमा 3 कॉमा हेडफोनस

[02:28:45] इसे चलाते हैं यह वाली क्योरी

[02:28:47] इसे चलाते हैं यह वाली क्योरी इसे मैं कॉपी करूंगी। यहां पेस्ट कर कर

[02:28:50] इसे मैं कॉपी करूंगी। यहां पेस्ट कर कर दूंगी। एंड यूजर की जगह पे यहां लिख दूंगी

[02:28:52] दूंगी। एंड यूजर की जगह पे यहां लिख दूंगी मैं ऑर्डर्स।

[02:28:58] तो यहां पे आपको यह टेबल देखने को मिल रहा

[02:29:01] तो यहां पे आपको यह टेबल देखने को मिल रहा है। यहां पे सबसे पहले लिखा है ऑर्डर

[02:29:03] है। यहां पे सबसे पहले लिखा है ऑर्डर आईडी। जो हमने ऑर्डर आईडी इंसर्ट कराई है

[02:29:06] आईडी। जो हमने ऑर्डर आईडी इंसर्ट कराई है वो आई है। देन आई है यहां पे यूजर आईडी।

[02:29:09] वो आई है। देन आई है यहां पे यूजर आईडी। यूजर आईडी क्या है? जो हमने यहां से जो

[02:29:12] यूजर आईडी क्या है? जो हमने यहां से जो यूजर आईडी मिल रही थी हमें वही यूजर आईडी

[02:29:14] यूजर आईडी मिल रही थी हमें वही यूजर आईडी है यह। देन यहां पर आ रहा है प्रोडक्ट

[02:29:17] है यह। देन यहां पर आ रहा है प्रोडक्ट मतलब जो भी प्रोडक्ट आप ऑर्डर कर रहे हो

[02:29:19] मतलब जो भी प्रोडक्ट आप ऑर्डर कर रहे हो वह आ रहा है। यह हमारा जो था इसको मैं

[02:29:22] वह आ रहा है। यह हमारा जो था इसको मैं नीचे ही लिख लेती हूं तो

[02:29:25] नीचे ही लिख लेती हूं तो इसको एग्जीक्यूट कराने में आसानी होगी।

[02:29:29] इसको एग्जीक्यूट कराने में आसानी होगी। यह हमारा जो है वो है यूजर टेबल और यह

[02:29:32] यह हमारा जो है वो है यूजर टेबल और यह हमारा जो है वो है ऑर्डर टेबल। अब आप सोच

[02:29:36] हमारा जो है वो है ऑर्डर टेबल। अब आप सोच रहे हैं व्हाई फॉरेन की इज़ेंट? फॉरेन की

[02:29:40] रहे हैं व्हाई फॉरेन की इज़ेंट? फॉरेन की जो होती है वह प्रिवेंट करती है इनवैलिड

[02:29:42] जो होती है वह प्रिवेंट करती है इनवैलिड डेटा से। फॉर एग्जांपल अगर यूजर एग्ज़िस्ट

[02:29:45] डेटा से। फॉर एग्जांपल अगर यूजर एग्ज़िस्ट ही नहीं करता है। जैसे मैं यहां पे इंसर्ट

[02:29:47] ही नहीं करता है। जैसे मैं यहां पे इंसर्ट कराती हूं

[02:29:53] 105 पे

[02:29:56] 105 पे फोर्थ वाले यूजर को जो एक्सिस्ट ही नहीं

[02:29:58] फोर्थ वाले यूजर को जो एक्सिस्ट ही नहीं करता है। हमने कितने थ्री कराए थे इंसर्ट

[02:29:59] करता है। हमने कितने थ्री कराए थे इंसर्ट शायद। हां, थ्री कराए थे हमने इंसर्ट जो

[02:30:02] शायद। हां, थ्री कराए थे हमने इंसर्ट जो ऑर्डर कर रहा है माउस।

[02:30:08] अब यह तो एग्ज़िस्ट ही नहीं करता है। तो

[02:30:11] अब यह तो एग्ज़िस्ट ही नहीं करता है। तो देखते हैं। हमें एरर मिलती है। यह यह वाली

[02:30:14] देखते हैं। हमें एरर मिलती है। यह यह वाली क्वरी एग्जीक्यूट हो जाती है। यहां पर

[02:30:17] क्वरी एग्जीक्यूट हो जाती है। यहां पर हमें एरर मिली। क्या एरर मिली? कैन नॉट ऐड

[02:30:20] हमें एरर मिली। क्या एरर मिली? कैन नॉट ऐड और अपडेट अ चाइल्ड रो अ फॉरेन की

[02:30:23] और अपडेट अ चाइल्ड रो अ फॉरेन की कॉन्स्टेंट फेल। यह इसलिए हो रहा है

[02:30:26] कॉन्स्टेंट फेल। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि यूजर आईडी फोर जो है वो एग्ज़िस्ट

[02:30:28] क्योंकि यूजर आईडी फोर जो है वो एग्ज़िस्ट ही नहीं करता है यूजर टेबल में। हमारे पास

[02:30:31] ही नहीं करता है यूजर टेबल में। हमारे पास यूजर टेबल में सिर्फ

[02:30:33] यूजर टेबल में सिर्फ तीन ही यूजर आईडी थी। लेकिन हम इसको फोर

[02:30:36] तीन ही यूजर आईडी थी। लेकिन हम इसको फोर वाली को एक्सेस कराने की कोशिश कर रहे हैं

[02:30:38] वाली को एक्सेस कराने की कोशिश कर रहे हैं जो कि एग्ज़िस्ट ही नहीं करती है टेबल में।

[02:30:40] जो कि एग्ज़िस्ट ही नहीं करती है टेबल में। इसलिए हमें यहां पर एरर मिली। तो फॉरेन की

[02:30:42] इसलिए हमें यहां पर एरर मिली। तो फॉरेन की जो होती है वो मेंटेन करती रहता है

[02:30:44] जो होती है वो मेंटेन करती रहता है इंटग्रिटी को। तो आपको यह याद रखना है

[02:30:46] इंटग्रिटी को। तो आपको यह याद रखना है फॉरेन की एक कॉलम होता है जो किसी दूसरे

[02:30:49] फॉरेन की एक कॉलम होता है जो किसी दूसरे टेबल की प्राइमरी की को रिफरेंस करता है।

[02:30:52] टेबल की प्राइमरी की को रिफरेंस करता है। इसका मेन पर्पस होता है टेबल को कनेक्ट

[02:30:54] इसका मेन पर्पस होता है टेबल को कनेक्ट कराना। नेक्स्ट हम पढ़ेंगे टेबल

[02:30:56] कराना। नेक्स्ट हम पढ़ेंगे टेबल रिलेशनशिप्स के बारे में। प्राइमरी की और

[02:30:59] रिलेशनशिप्स के बारे में। प्राइमरी की और फॉरेन की मिलकर डेटाबेस में रिलेशनशिप

[02:31:02] फॉरेन की मिलकर डेटाबेस में रिलेशनशिप क्रिएट करते हैं। मेनली थ्री टाइप के

[02:31:04] क्रिएट करते हैं। मेनली थ्री टाइप के रिलेशनशिप होते हैं। सबसे पहले होता है वन

[02:31:07] रिलेशनशिप होते हैं। सबसे पहले होता है वन टू वन रिलेशनशिप। सेकंड होता है वन टू

[02:31:10] टू वन रिलेशनशिप। सेकंड होता है वन टू मेनी एंड थर्ड होता है मेनी टू मेनी

[02:31:12] मेनी एंड थर्ड होता है मेनी टू मेनी रिलेशनशिप। सबसे पहले हम पढ़ने वाले हैं

[02:31:14] रिलेशनशिप। सबसे पहले हम पढ़ने वाले हैं वन टू वन रिलेशनशिप के बारे में। वन टू वन

[02:31:17] वन टू वन रिलेशनशिप के बारे में। वन टू वन रिलेशनशिप का मतलब होता है कि एक रिकॉर्ड

[02:31:20] रिलेशनशिप का मतलब होता है कि एक रिकॉर्ड सिर्फ एक ही रिकॉर्ड से कनेक्टेड होता है।

[02:31:22] सिर्फ एक ही रिकॉर्ड से कनेक्टेड होता है। जैसे यहां पे जो यूजर टेबल है, इसमें

[02:31:25] जैसे यहां पे जो यूजर टेबल है, इसमें क्या-क्या है? इसमें यूजर आईडी है, नेम है

[02:31:27] क्या-क्या है? इसमें यूजर आईडी है, नेम है और ईमेल है। अभी हम एक और टेबल क्रिएट

[02:31:31] और ईमेल है। अभी हम एक और टेबल क्रिएट करते हैं पासपोर्ट के लिए।

[02:31:35] करते हैं पासपोर्ट के लिए। यहां पे हम लिखेंगे

[02:31:38] क्रिएट

[02:31:40] क्रिएट टेबल इसका नेम हमने दिया

[02:31:44] टेबल इसका नेम हमने दिया पासपोर्ट

[02:31:51] पासपोर्ट के अंदर क्या हो सकता है? सबसे

[02:31:53] पासपोर्ट के अंदर क्या हो सकता है? सबसे पहले होगी पासपोर्ट आईडी

[02:31:56] पहले होगी पासपोर्ट आईडी जो कि होगी एंथ प्राइमरी की

[02:32:04] देन होगी यूजर आईडी

[02:32:08] देन होगी यूजर आईडी जो कि होगी इंट में एंड इट शुड बी यूनिक

[02:32:15] देन हम ले लेते हैं कंट्री

[02:32:19] वेयर कैर 50 कैरेक्टर्स इसके अंदर आ सकते

[02:32:23] वेयर कैर 50 कैरेक्टर्स इसके अंदर आ सकते हैं।

[02:32:25] हैं। देन हम लगाते हैं फॉरेन की रेफरेंस

[02:32:33] किससे यूजर आईडी

[02:32:40] रेफरेंसेस

[02:32:42] रेफरेंसेस यूजर यूजर आईडी

[02:32:52] यहां पे हम जो यूज़र्स लिख रहे हैं ये टेबल

[02:32:55] यहां पे हम जो यूज़र्स लिख रहे हैं ये टेबल है जो हमने ऊपर बनाया था यूज़र्स टेबल वही

[02:32:58] है जो हमने ऊपर बनाया था यूज़र्स टेबल वही है टेबल और उस टेबल का यूजर आईडी कॉलम से

[02:33:02] है टेबल और उस टेबल का यूजर आईडी कॉलम से डिफरेंस हो रहा है एक यूजर के पास सिर्फ

[02:33:05] डिफरेंस हो रहा है एक यूजर के पास सिर्फ एक ही पास पासपोर्ट होता है और एक

[02:33:07] एक ही पास पासपोर्ट होता है और एक पासपोर्ट सिर्फ एक यूजर का होता है। इसलिए

[02:33:10] पासपोर्ट सिर्फ एक यूजर का होता है। इसलिए यहां पर आता है वन टू वन रिलेशनशिप। हमने

[02:33:13] यहां पर आता है वन टू वन रिलेशनशिप। हमने टेबल क्रिएट किया पासपोर्ट के लिए। यूजर

[02:33:15] टेबल क्रिएट किया पासपोर्ट के लिए। यूजर के लिए हमने ऑलरेडी क्रिएट करके रखा था

[02:33:17] के लिए हमने ऑलरेडी क्रिएट करके रखा था पहले से ही। यूजर टेबल में हमने लिया था

[02:33:19] पहले से ही। यूजर टेबल में हमने लिया था यूजर आईडी जो कि प्राइमरी की थी, नेम लिया

[02:33:21] यूजर आईडी जो कि प्राइमरी की थी, नेम लिया एंड ईमेल लिया। फिर हमने बनाया पासपोर्ट

[02:33:24] एंड ईमेल लिया। फिर हमने बनाया पासपोर्ट टेबल। पासपोर्ट टेबल में हमने लिया

[02:33:26] टेबल। पासपोर्ट टेबल में हमने लिया पासपोर्ट आईडी जो कि इंट प्राइमरी की है।

[02:33:29] पासपोर्ट आईडी जो कि इंट प्राइमरी की है। एंड पासपोर्ट का आईडी जो है वह यूनिक होना

[02:33:32] एंड पासपोर्ट का आईडी जो है वह यूनिक होना चाहिए। एंड देन हमने लिया यूजर आईडी इंट

[02:33:34] चाहिए। एंड देन हमने लिया यूजर आईडी इंट यूनिक। यह कॉलम स्टोर करेगा किस यूजर का

[02:33:36] यूनिक। यह कॉलम स्टोर करेगा किस यूजर का पासपोर्ट है। यूनिक का मतलब है कि एक यूजर

[02:33:40] पासपोर्ट है। यूनिक का मतलब है कि एक यूजर का सिर्फ एक पासपोर्ट हो सकता है। देन

[02:33:42] का सिर्फ एक पासपोर्ट हो सकता है। देन हमने लगाई है फॉरेन की यूजर आईडी

[02:33:44] हमने लगाई है फॉरेन की यूजर आईडी रिफरेंसेस यूज़र्स यूजर आईडी। इसका मतलब है

[02:33:47] रिफरेंसेस यूज़र्स यूजर आईडी। इसका मतलब है पासपोर्ट टेबल का यूजर आईडी कॉलम जो है वो

[02:33:50] पासपोर्ट टेबल का यूजर आईडी कॉलम जो है वो यूज़र्स टेबल का यूजर आईडी कॉलम को रिफरेंस

[02:33:54] यूज़र्स टेबल का यूजर आईडी कॉलम को रिफरेंस करता है। मतलब जो हमने इसका यूजर आईडी

[02:33:56] करता है। मतलब जो हमने इसका यूजर आईडी बनाया है यह हमारे यूजर टेबल के यूजर आईडी

[02:34:01] बनाया है यह हमारे यूजर टेबल के यूजर आईडी को रिफरेंस कर रहा है। अभी हम इसमें डेटा

[02:34:04] को रिफरेंस कर रहा है। अभी हम इसमें डेटा इंसर्ट कराते हैं। यहां लिखेंगे हम इंसर्ट

[02:34:07] इंसर्ट कराते हैं। यहां लिखेंगे हम इंसर्ट इंटू टेबल का नेम हमारा है पासपोर्ट्स

[02:34:12] इंटू टेबल का नेम हमारा है पासपोर्ट्स पासपोर्ट

[02:34:14] पासपोर्ट एंड वैल्यूस

[02:34:21] सबसे पहले हम लेंगे 1001 1 इंडिया

[02:34:31] देन

[02:34:37] 102

[02:34:42] इंडिया

[02:34:44] इंडिया एंड

[02:34:47] एंड 103

[02:34:50] 103 कॉमा इंडिया हमने पहले ऐसे डेटा इंसर्ट

[02:34:53] कॉमा इंडिया हमने पहले ऐसे डेटा इंसर्ट कराया था। जैसे इंसर्ट इंटू यूजर फिर हमने

[02:34:55] कराया था। जैसे इंसर्ट इंटू यूजर फिर हमने यहां पे कॉलम के नेम्स दिए थे। देन हमने

[02:34:57] यहां पे कॉलम के नेम्स दिए थे। देन हमने वैल्यू इंसर्ट कराई थी। लेकिन कॉलम्स का

[02:35:00] वैल्यू इंसर्ट कराई थी। लेकिन कॉलम्स का नेम लिखना रिकमेंडेड है। लेकिन आप इसे ऐसे

[02:35:02] नेम लिखना रिकमेंडेड है। लेकिन आप इसे ऐसे भी लिख सकते हैं। जब आप इसको ऐसे लिखते

[02:35:04] भी लिख सकते हैं। जब आप इसको ऐसे लिखते हैं बिना कॉलम के नेम को ऐड करके तो

[02:35:07] हैं बिना कॉलम के नेम को ऐड करके तो डेटाबेस अस्यूम करेगा कि वैल्यू टेबल के

[02:35:10] डेटाबेस अस्यूम करेगा कि वैल्यू टेबल के कॉलम ऑर्डर के अकॉर्डिंग जाएगी। इसलिए

[02:35:13] कॉलम ऑर्डर के अकॉर्डिंग जाएगी। इसलिए यहां पर हमने कॉलम्स का नेम नहीं लिखा है।

[02:35:15] यहां पर हमने कॉलम्स का नेम नहीं लिखा है। अगर टेबल में थ्री कॉलम है जैसे यूजर

[02:35:17] अगर टेबल में थ्री कॉलम है जैसे यूजर आईडी, नेम और ईमेल और आपको सिर्फ दो

[02:35:20] आईडी, नेम और ईमेल और आपको सिर्फ दो वैल्यू इंसर्ट कराना है तो आपको कॉलम नेम

[02:35:22] वैल्यू इंसर्ट कराना है तो आपको कॉलम नेम लिखना पड़ेगा। जैसे अगर यहां पे मुझे

[02:35:24] लिखना पड़ेगा। जैसे अगर यहां पे मुझे सिर्फ दो ही वैल्यू इंसर्ट करानी है तो

[02:35:26] सिर्फ दो ही वैल्यू इंसर्ट करानी है तो मुझे इसके बाद में फिर यहां पे

[02:35:29] मुझे इसके बाद में फिर यहां पे कॉलम का नेम लिखना पड़ेगा।

[02:35:31] कॉलम का नेम लिखना पड़ेगा। वैसे मुझे सिर्फ यहां पर चाहिए यूजर आईडी

[02:35:34] वैसे मुझे सिर्फ यहां पर चाहिए यूजर आईडी चाहिए और कंट्री चाहिए। तो फिर मुझे यहां

[02:35:36] चाहिए और कंट्री चाहिए। तो फिर मुझे यहां पर लिखना पड़ेगा कॉलम का नेम। और अगर यहां

[02:35:38] पर लिखना पड़ेगा कॉलम का नेम। और अगर यहां पे मैं कॉलम नेम नहीं लिखती हूं और सिर्फ

[02:35:40] पे मैं कॉलम नेम नहीं लिखती हूं और सिर्फ दो वैल्यू इंसर्ट कराती हूं तो मुझे फिर

[02:35:42] दो वैल्यू इंसर्ट कराती हूं तो मुझे फिर एरर मिलेगा। कॉलम काउंट डजंट मैच वैल्यू

[02:35:45] एरर मिलेगा। कॉलम काउंट डजंट मैच वैल्यू काउंट। इन शॉर्ट बोलूं तो मैं कॉलम नेम

[02:35:47] काउंट। इन शॉर्ट बोलूं तो मैं कॉलम नेम लिखना मैंडेटरी नहीं होता है। अगर आप सारे

[02:35:49] लिखना मैंडेटरी नहीं होता है। अगर आप सारे कॉलम के वैल्यू सेम ऑर्डर में दे रहे हैं।

[02:35:52] कॉलम के वैल्यू सेम ऑर्डर में दे रहे हैं। लेकिन विडिएबिलिटी और सेफ्टी के लिए कॉलम

[02:35:54] लेकिन विडिएबिलिटी और सेफ्टी के लिए कॉलम नेम्स लिखना बेस्ट प्रैक्टिस होता है। तो

[02:35:56] नेम्स लिखना बेस्ट प्रैक्टिस होता है। तो यहां पे हमने डेटा इंसर्ट करा दिया

[02:35:57] यहां पे हमने डेटा इंसर्ट करा दिया पासपोर्ट के अंदर भी।

[02:36:00] पासपोर्ट के अंदर भी। क्या एरर आ रही है? इंसर्ट इंटू पासपोर्ट।

[02:36:02] क्या एरर आ रही है? इंसर्ट इंटू पासपोर्ट। टेबल डज़ंट एक्सेस। ओके? यहां हमने टेबल

[02:36:07] टेबल डज़ंट एक्सेस। ओके? यहां हमने टेबल क्रिएट तो किया बट इसको एग्जीक्यूट नहीं

[02:36:08] क्रिएट तो किया बट इसको एग्जीक्यूट नहीं कराया। सही है। अभी इसे एग्जीक्यूट कराते

[02:36:11] कराया। सही है। अभी इसे एग्जीक्यूट कराते हैं। तो यहां पर डाटा इंसर्ट हो गया है।

[02:36:16] हैं। तो यहां पर डाटा इंसर्ट हो गया है। अभी हम करते हैं सेलेक्ट स्टार

[02:36:19] अभी हम करते हैं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम पासपोर्ट। तो इसने हमें पासपोर्ट

[02:36:22] फ्रॉम पासपोर्ट। तो इसने हमें पासपोर्ट आईडी दे दी, यूजर आईडी दे दी और कंट्री दे

[02:36:24] आईडी दे दी, यूजर आईडी दे दी और कंट्री दे दी। यहां पे यूजर आईडी जो है वह किसके लिए

[02:36:26] दी। यहां पे यूजर आईडी जो है वह किसके लिए था? वो रिया के लिए था। सबसे पहले हमने

[02:36:28] था? वो रिया के लिए था। सबसे पहले हमने रिया इंसर्ट कराया था। इसकी पासपोर्ट आईडी

[02:36:31] रिया इंसर्ट कराया था। इसकी पासपोर्ट आईडी है 1001 और कंट्री है इंडिया। ऐसे ही सेम

[02:36:35] है 1001 और कंट्री है इंडिया। ऐसे ही सेम अमन के लिए और राहुल के लिए। यहां

[02:36:37] अमन के लिए और राहुल के लिए। यहां पासपोर्ट टेबल का यूजर आईडी कॉलम यूजर

[02:36:40] पासपोर्ट टेबल का यूजर आईडी कॉलम यूजर टेबल के यूजर आईडी कॉलम को रिफरेंस करता

[02:36:42] टेबल के यूजर आईडी कॉलम को रिफरेंस करता है। इसलिए यह फॉरेन की है और इसकी वजह से

[02:36:44] है। इसलिए यह फॉरेन की है और इसकी वजह से एक यूजर का सिर्फ एक पासपोर्ट हो सकता है।

[02:36:47] एक यूजर का सिर्फ एक पासपोर्ट हो सकता है। तो यह हमने देख लिया वन टू वन रिलेशनशिप

[02:36:50] तो यह हमने देख लिया वन टू वन रिलेशनशिप मतलब एक रिकॉर्ड सिर्फ एक ही रिकॉर्ड से

[02:36:52] मतलब एक रिकॉर्ड सिर्फ एक ही रिकॉर्ड से कनेक्टेड होता है। नेक्स्ट है वन टू मेनी

[02:36:54] कनेक्टेड होता है। नेक्स्ट है वन टू मेनी रिलेशनशिप। जब एक टेबल का एक रिकॉर्ड

[02:36:57] रिलेशनशिप। जब एक टेबल का एक रिकॉर्ड दूसरे टेबल के मल्टीपल रिकॉर्ड से

[02:36:59] दूसरे टेबल के मल्टीपल रिकॉर्ड से कनेक्टेड हो तो उसे हम वन टू मेनी

[02:37:01] कनेक्टेड हो तो उसे हम वन टू मेनी रिलेशनशिप कहते हैं। एक रिकॉर्ड और उसके

[02:37:05] रिलेशनशिप कहते हैं। एक रिकॉर्ड और उसके मेनी रिकॉर्ड्स। जैसे यहां पर हमने टेबल

[02:37:08] मेनी रिकॉर्ड्स। जैसे यहां पर हमने टेबल बनाया था यूजर और ऑर्डर। तो यूजर और ऑर्डर

[02:37:11] बनाया था यूजर और ऑर्डर। तो यूजर और ऑर्डर का वन टू मनी रिलेशनशिप हो सकता है। बिकॉज़

[02:37:13] का वन टू मनी रिलेशनशिप हो सकता है। बिकॉज़ एक यूजर जो है वह मल्टीपल ऑर्डर प्लेस कर

[02:37:16] एक यूजर जो है वह मल्टीपल ऑर्डर प्लेस कर सकता है। हर ऑर्डर एक यूजर का होता है।

[02:37:19] सकता है। हर ऑर्डर एक यूजर का होता है। यूजर कैन हैव मेनी ऑर्डर्स। जैसे मैं

[02:37:22] यूजर कैन हैव मेनी ऑर्डर्स। जैसे मैं चलाती हूं ऑर्डर वाला। तो यहां पे आपको

[02:37:24] चलाती हूं ऑर्डर वाला। तो यहां पे आपको दिख रहा है कि यूजर आईडी वन ने लैपटॉप भी

[02:37:28] दिख रहा है कि यूजर आईडी वन ने लैपटॉप भी ऑर्डर किया है और मोबाइल भी ऑर्डर किया

[02:37:30] ऑर्डर किया है और मोबाइल भी ऑर्डर किया है। इनकी ऑर्डर आईडी डिफरेंट है लेकिन

[02:37:32] है। इनकी ऑर्डर आईडी डिफरेंट है लेकिन प्रोडक्ट जो है वो सेम ही ऑर्डर किया है।

[02:37:34] प्रोडक्ट जो है वो सेम ही ऑर्डर किया है। इसका मतलब क्या है? है कि एक यूजर जो है

[02:37:36] इसका मतलब क्या है? है कि एक यूजर जो है वह मल्टीपल प्रोडक्ट ऑर्डर कर सकता है। तो

[02:37:39] वह मल्टीपल प्रोडक्ट ऑर्डर कर सकता है। तो यह था वन टू मेनी रिलेशनशिप। इसके बाद में

[02:37:41] यह था वन टू मेनी रिलेशनशिप। इसके बाद में होता है मेनी टू मेनी रिलेशनशिप। जब एक

[02:37:44] होता है मेनी टू मेनी रिलेशनशिप। जब एक टेबल के मल्टीपल रिकॉर्ड्स दूसरे टेबल के

[02:37:46] टेबल के मल्टीपल रिकॉर्ड्स दूसरे टेबल के मल्टीपल रिकॉर्ड्स कनेक्टेड हो, तो उसे हम

[02:37:48] मल्टीपल रिकॉर्ड्स कनेक्टेड हो, तो उसे हम मेनी टू मेनी रिलेशनशिप कहते हैं। जैसे

[02:37:51] मेनी टू मेनी रिलेशनशिप कहते हैं। जैसे स्टूडेंट और कोर्सेज।

[02:37:53] स्टूडेंट और कोर्सेज। एक स्टूडेंट मल्टीपल कोर्सेज ले सकता है

[02:37:56] एक स्टूडेंट मल्टीपल कोर्सेज ले सकता है और एक कोर्स को मल्टीपल स्टूडेंट ले सकते

[02:37:59] और एक कोर्स को मल्टीपल स्टूडेंट ले सकते हैं। तो, यह है मेनी टू मेनी रिलेशनशिप।

[02:38:02] हैं। तो, यह है मेनी टू मेनी रिलेशनशिप। जैसे एक स्टूडेंट है रवि जिसने एनरोल

[02:38:05] जैसे एक स्टूडेंट है रवि जिसने एनरोल कराया है जावा के लिए भी और एसक्यूएल के

[02:38:07] कराया है जावा के लिए भी और एसक्यूएल के लिए भी। लेकिन एक और स्टूडेंट है अंजलि

[02:38:10] लिए भी। लेकिन एक और स्टूडेंट है अंजलि जिसने एनरोल कराया है एसक्यूएल के लिए। तो

[02:38:12] जिसने एनरोल कराया है एसक्यूएल के लिए। तो इसमें मल्टीपल कोर्सेज को मल्टीपल

[02:38:15] इसमें मल्टीपल कोर्सेज को मल्टीपल स्टूडेंट ले सकते हैं और मल्टीपल स्टूडेंट

[02:38:17] स्टूडेंट ले सकते हैं और मल्टीपल स्टूडेंट एक कोर्स को ले सकते हैं। यहां पे

[02:38:19] एक कोर्स को ले सकते हैं। यहां पे एसक्यूएल कोर्स को रवि ने भी लिया है और

[02:38:22] एसक्यूएल कोर्स को रवि ने भी लिया है और अंजलि ने भी लिया है और रवि ने दो

[02:38:25] अंजलि ने भी लिया है और रवि ने दो कोर्सर्सेस लिए हैं। जावा भी लिया है और

[02:38:26] कोर्सर्सेस लिए हैं। जावा भी लिया है और एसक्यूएल भी लिया है। अब यहां पर मैं टेबल

[02:38:29] एसक्यूएल भी लिया है। अब यहां पर मैं टेबल क्रिएट कर लेती हूं स्टूडेंट के लिए और

[02:38:32] क्रिएट कर लेती हूं स्टूडेंट के लिए और कोर्सेज के लिए जिसमें होगा स्टूडेंट आईडी

[02:38:35] कोर्सेज के लिए जिसमें होगा स्टूडेंट आईडी इंट प्राइमरी की एंड नेम वेयर केयर 100

[02:38:39] इंट प्राइमरी की एंड नेम वेयर केयर 100 कररेक्टर्स का हो सकता है जो कि इसके बाद

[02:38:42] कररेक्टर्स का हो सकता है जो कि इसके बाद में हम इंसर्ट कराते हैं इंसर्ट इंटू टेबल

[02:38:45] में हम इंसर्ट कराते हैं इंसर्ट इंटू टेबल का नेम क्या है स्टूडेंट्स वैल्यूस मैंने

[02:38:48] का नेम क्या है स्टूडेंट्स वैल्यूस मैंने इसको आईडी दी है 1 कॉमा नेम दिया रवि कॉमा

[02:38:53] इसको आईडी दी है 1 कॉमा नेम दिया रवि कॉमा एक और बना लेते हैं हम 102 इसको नेम दिया

[02:38:56] एक और बना लेते हैं हम 102 इसको नेम दिया हमने

[02:38:58] हमने नीता एंड एक और बनाया हमने 103 इसको नाम

[02:39:03] नीता एंड एक और बनाया हमने 103 इसको नाम दिया हमने

[02:39:05] दिया हमने आशी

[02:39:12] एक और टेबल बनाते हैं हम क्रिएट टेबल्स और

[02:39:16] एक और टेबल बनाते हैं हम क्रिएट टेबल्स और स्टूडेंट कोर्सेज या कोर्सेज सबसे पहले

[02:39:19] स्टूडेंट कोर्सेज या कोर्सेज सबसे पहले इसमें होगा स्टूडेंट आईडी

[02:39:24] इंटीजर में कॉमा

[02:39:28] इंटीजर में कॉमा कोर्स आईडी

[02:39:32] यह भी होगा में

[02:39:35] यह भी होगा में देन फॉरेन की

[02:39:38] देन फॉरेन की लेंगे हम स्टूडेंट आईडी को रिफरेंसेस

[02:39:41] लेंगे हम स्टूडेंट आईडी को रिफरेंसेस स्टूडेंट्स टेबल का नाम हमारा स्टूडेंट्स

[02:39:43] स्टूडेंट्स टेबल का नाम हमारा स्टूडेंट्स था इसका हम ले रहे हैं स्टूडेंट आईडी

[02:39:47] था इसका हम ले रहे हैं स्टूडेंट आईडी ऐसे ही सेम हम लेंगे

[02:39:56] फॉरेन की

[02:40:00] कोर्स आईडी रेफरेंसेस कोर्सेज

[02:40:06] कोर्स आईडी रेफरेंसेस कोर्सेज कोर्स आईडी

[02:40:11] इसको हम नाम दे देते हैं स्टूडेंट कोर्सेज

[02:40:15] इसको हम नाम दे देते हैं स्टूडेंट कोर्सेज अभी एक और टेबल बनाती हूं मैं कोर्स के

[02:40:17] अभी एक और टेबल बनाती हूं मैं कोर्स के लिए पेवर्स

[02:40:20] कोर्सेज

[02:40:27] कोर्स आईडी होगी इसके अंदर

[02:40:31] कोर्स आईडी होगी इसके अंदर प्राइमरी की एंड कोर्स नेम जब ये होगा

[02:40:34] प्राइमरी की एंड कोर्स नेम जब ये होगा वेयर

[02:40:36] वेयर 50 अब यहां पे हम इंसर्ट कराते हैं

[02:40:38] 50 अब यहां पे हम इंसर्ट कराते हैं वैल्यूज़ को इंसर्ट इंटू कोर्सेज वैल्यूज़

[02:40:47] उसको हमने कोर्स आईडी दी वन नेम दिया जावा

[02:40:51] उसको हमने कोर्स आईडी दी वन नेम दिया जावा एंड एक और कोर्स ले लेते हैं

[02:40:53] एंड एक और कोर्स ले लेते हैं टू जिसको हमने नाम दिया एसक्यूएल

[02:40:58] टू जिसको हमने नाम दिया एसक्यूएल एंड एक और ले लिया हमने पython

[02:41:04] अभी इसके अंदर भी हम इंसर्ट करा लेते हैं

[02:41:08] अभी इसके अंदर भी हम इंसर्ट करा लेते हैं एंड इसको भी एग्जीक्यूट करा देती हूं एंड

[02:41:10] एंड इसको भी एग्जीक्यूट करा देती हूं एंड एक और बार हम इंसर्ट करा लेते हैं इसके

[02:41:12] एक और बार हम इंसर्ट करा लेते हैं इसके लिए इंसर्ट इंटू

[02:41:17] स्टूडेंट

[02:41:22] नाम क्या है? कोर्सर्सेस वैल्यूज़

[02:41:26] नाम क्या है? कोर्सर्सेस वैल्यूज़ सबसे पहले मैंने यहां पे लिया वन आईडी ली

[02:41:30] सबसे पहले मैंने यहां पे लिया वन आईडी ली है एंड या 1

[02:41:35] एंड दूसरी क्या थी हमारी आईडी? 102 एंड 12

[02:41:43] 2 एंड थ्री वाला है।

[02:41:47] 2 एंड थ्री वाला है। एक और ले लेते हैं कि 1001 ने टू वाला

[02:41:50] एक और ले लेते हैं कि 1001 ने टू वाला कोर्स लिया है। एंड एक और ले लेते हैं हम।

[02:41:54] कोर्स लिया है। एंड एक और ले लेते हैं हम। 1001 ने थ्री वाला कोर्स पे लिया है। मतलब

[02:41:57] 1001 ने थ्री वाला कोर्स पे लिया है। मतलब Python भी लिया है।

[02:42:00] Python भी लिया है। एंड

[02:42:02] एंड 1003 लिया है। थ्री वाला कोर्स बस। तो

[02:42:06] 1003 लिया है। थ्री वाला कोर्स बस। तो यहां पे मैंने क्या किया है? सबसे पहले

[02:42:07] यहां पे मैंने क्या किया है? सबसे पहले मैंने यहां पे एक टेबल बनाई है स्टूडेंट

[02:42:10] मैंने यहां पे एक टेबल बनाई है स्टूडेंट के लिए यह वाली टेबल इसमें हमने क्रिएट

[02:42:12] के लिए यह वाली टेबल इसमें हमने क्रिएट किया एंड देन डेटा इंसर्ट कराया। उसके बाद

[02:42:14] किया एंड देन डेटा इंसर्ट कराया। उसके बाद में हमने एक टेबल बनाई है कोर्सेज के लिए।

[02:42:17] में हमने एक टेबल बनाई है कोर्सेज के लिए। कोर्सर्सेस टेबल में हमने आईडी दी है

[02:42:18] कोर्सर्सेस टेबल में हमने आईडी दी है कोर्स की और कोर्स का नेम दिया है एंड

[02:42:21] कोर्स की और कोर्स का नेम दिया है एंड उसमें डेटा इंसर्ट कराया है। इसके बाद में

[02:42:23] उसमें डेटा इंसर्ट कराया है। इसके बाद में हमने टिक और टेबल बनाई है स्टूडेंट

[02:42:25] हमने टिक और टेबल बनाई है स्टूडेंट कोर्सेज के लिए जिसमें हमने कोर्सेज की

[02:42:28] कोर्सेज के लिए जिसमें हमने कोर्सेज की आईडी दी है और स्टूडेंट की आईडी दी है।

[02:42:30] आईडी दी है और स्टूडेंट की आईडी दी है। इससे पहले मैं इसको एग्जीक्यूट कराती हूं।

[02:42:32] इससे पहले मैं इसको एग्जीक्यूट कराती हूं। तो यहां पे स्टूडेंट आईडी और नेम आ गया

[02:42:34] तो यहां पे स्टूडेंट आईडी और नेम आ गया हमारे पास में। जैसे ही हमने कोर्सर्सेस

[02:42:36] हमारे पास में। जैसे ही हमने कोर्सर्सेस को एग्जीक्यूट कराया तो यहां पे हमारे पास

[02:42:38] को एग्जीक्यूट कराया तो यहां पे हमारे पास सारे कोर्सर्सेस आ गए। अब यहां पे

[02:42:40] सारे कोर्सर्सेस आ गए। अब यहां पे प्रॉब्लम क्या हो रही है? अगर एक स्टूडेंट

[02:42:43] प्रॉब्लम क्या हो रही है? अगर एक स्टूडेंट मल्टीपल कोर्सर्सेस को लेता है। वैसे यहां

[02:42:46] मल्टीपल कोर्सर्सेस को लेता है। वैसे यहां पे स्टूडेंट कोर्सर्सेस को हमने जब

[02:42:48] पे स्टूडेंट कोर्सर्सेस को हमने जब एग्जीक्यूट कराया तो यहां पे क्या हो रहा

[02:42:50] एग्जीक्यूट कराया तो यहां पे क्या हो रहा है? 1001। 1001 पे कौन है? 1001 पे है

[02:42:54] है? 1001। 1001 पे कौन है? 1001 पे है रवि। तो रवि जो है वह थर्ड वाला कोर्स।

[02:42:58] रवि। तो रवि जो है वह थर्ड वाला कोर्स। थर्ड वाला कोर्स मतलब Python भी ले रहा है

[02:43:00] थर्ड वाला कोर्स मतलब Python भी ले रहा है और फर्स्ट वाला मतलब जावा भी पढ़ रहा है।

[02:43:03] और फर्स्ट वाला मतलब जावा भी पढ़ रहा है। तो यहां पे क्या हो रहा है? इसमें

[02:43:05] तो यहां पे क्या हो रहा है? इसमें स्टूडेंट टेबल में कोर्स आईडी एक ही कॉलम

[02:43:07] स्टूडेंट टेबल में कोर्स आईडी एक ही कॉलम में कैसे स्टोर होगी? इसलिए डायरेक्ट

[02:43:10] में कैसे स्टोर होगी? इसलिए डायरेक्ट रिलेशनशिप पॉसिबल नहीं होता है। ऐसे ही

[02:43:12] रिलेशनशिप पॉसिबल नहीं होता है। ऐसे ही सेम स्टूडेंट टेबल के लिए भी हो रहा था।

[02:43:14] सेम स्टूडेंट टेबल के लिए भी हो रहा था। जैसे इसको हम एग्जीक्यूट कराते हैं, तो

[02:43:15] जैसे इसको हम एग्जीक्यूट कराते हैं, तो यहां पे स्टूडेंट आईडी और सिर्फ़ नेम ही आ

[02:43:18] यहां पे स्टूडेंट आईडी और सिर्फ़ नेम ही आ रहा था। यहां पे भी अगर एक कोर्स एक कोर्स

[02:43:20] रहा था। यहां पे भी अगर एक कोर्स एक कोर्स को मल्टीपल स्टूडेंट लेते हैं। तो, यहां

[02:43:23] को मल्टीपल स्टूडेंट लेते हैं। तो, यहां पे भी वही प्रॉब्लम हो रही थी कि अब अगर

[02:43:25] पे भी वही प्रॉब्लम हो रही थी कि अब अगर यहां पे सिर्फ़ हम दो ही टेबल बनाएं। हम

[02:43:26] यहां पे सिर्फ़ हम दो ही टेबल बनाएं। हम नहीं बनाते हैं थर्ड वाला टेबल तो

[02:43:28] नहीं बनाते हैं थर्ड वाला टेबल तो प्रॉब्लम क्या होती है यहां पे रवि जो है

[02:43:31] प्रॉब्लम क्या होती है यहां पे रवि जो है वो रवि की आईडी क्या है 1001 वो तीन

[02:43:34] वो रवि की आईडी क्या है 1001 वो तीन कोर्सर्सेस ले रहा है वन वाला भी ले रहा

[02:43:36] कोर्सर्सेस ले रहा है वन वाला भी ले रहा है टू वाला भी ले रहा है और थ्री वाला भी

[02:43:38] है टू वाला भी ले रहा है और थ्री वाला भी ले रहा है मतलब जावा भी ले रहा है पython

[02:43:40] ले रहा है मतलब जावा भी ले रहा है पython भी ले रहा है एसक्यूएल भी ले रहा है तो

[02:43:42] भी ले रहा है एसक्यूएल भी ले रहा है तो प्रॉब्लम ये है कि अगर रवि तीन कोर्सेस ले

[02:43:46] प्रॉब्लम ये है कि अगर रवि तीन कोर्सेस ले रहा है तो स्टूडेंट टेबल में कोर्स कैसे

[02:43:48] रहा है तो स्टूडेंट टेबल में कोर्स कैसे स्टोर करें अगर हम लिखें स्टूडेंट आईडी

[02:43:50] स्टोर करें अगर हम लिखें स्टूडेंट आईडी नेम एंड यहां पे लगाए कोर्स और आगे दो

[02:43:52] नेम एंड यहां पे लगाए कोर्स और आगे दो कोर्सेस कॉमा लगा के लिखें तो यह रॉन्ग वे

[02:43:55] कोर्सेस कॉमा लगा के लिखें तो यह रॉन्ग वे है डेटाबेस मल्टीपल वैल्यू एक कॉलम में

[02:43:57] है डेटाबेस मल्टीपल वैल्यू एक कॉलम में स्टोर नहीं करते हैं। इसलिए इसका सॉल्यूशन

[02:43:59] स्टोर नहीं करते हैं। इसलिए इसका सॉल्यूशन है जंक्शन टेबल। जंक्शन टेबल क्या होती

[02:44:02] है जंक्शन टेबल। जंक्शन टेबल क्या होती है? जंक्शन टेबल एक ब्रिज टेबल होती है जो

[02:44:04] है? जंक्शन टेबल एक ब्रिज टेबल होती है जो दो टेबल्स को कनेक्ट करती है। ये दोनों

[02:44:07] दो टेबल्स को कनेक्ट करती है। ये दोनों टेबल के प्राइमरी की को स्टोर करती है।

[02:44:09] टेबल के प्राइमरी की को स्टोर करती है। जैसे हमने यहां पे जो बनाया था ये टेबल

[02:44:11] जैसे हमने यहां पे जो बनाया था ये टेबल थर्ड वाला टेबल। यहां पे हमने दोनों टेबल

[02:44:14] थर्ड वाला टेबल। यहां पे हमने दोनों टेबल के प्राइमरी की को स्टोर कराया है। यह

[02:44:17] के प्राइमरी की को स्टोर कराया है। यह स्टूडेंट आईडी है और यह कोर्स आईडी है। यह

[02:44:19] स्टूडेंट आईडी है और यह कोर्स आईडी है। यह टेबल सिर्फ रिलेशन स्टोर करता है। तो यहां

[02:44:22] टेबल सिर्फ रिलेशन स्टोर करता है। तो यहां अगर उसको एग्जीक्यूट कराते हैं स्टूडेंट

[02:44:24] अगर उसको एग्जीक्यूट कराते हैं स्टूडेंट कोर्सेज को

[02:44:29] तो यहां पर 1001 ने जितने भी कोर्सेज लिए

[02:44:32] तो यहां पर 1001 ने जितने भी कोर्सेज लिए हैं, वह सारे दिख रहे हैं हमें। और एक

[02:44:34] हैं, वह सारे दिख रहे हैं हमें। और एक कोर्स को जितने भी स्टूडेंट्स ने लिया है,

[02:44:37] कोर्स को जितने भी स्टूडेंट्स ने लिया है, वह भी दिख रहा है हमें। इसका मतलब यह है

[02:44:39] वह भी दिख रहा है हमें। इसका मतलब यह है कि मेनी टू मेनी में हमें तीन टेबल बनाने

[02:44:41] कि मेनी टू मेनी में हमें तीन टेबल बनाने पड़ते हैं। मतलब हमें जंक्शन टेबल की नीड

[02:44:44] पड़ते हैं। मतलब हमें जंक्शन टेबल की नीड होती है। जंक्शन टेबल एक ब्रिज टेबल होती

[02:44:47] होती है। जंक्शन टेबल एक ब्रिज टेबल होती है जो दो टेबल्स की मेनी टू मेनी

[02:44:48] है जो दो टेबल्स की मेनी टू मेनी रिलेशनशिप को मैनेज करती है बाय स्टोरिंग

[02:44:51] रिलेशनशिप को मैनेज करती है बाय स्टोरिंग देयर फॉरेन कीज़। इन ड्यू डाटाबेस सबसे

[02:44:54] देयर फॉरेन कीज़। इन ड्यू डाटाबेस सबसे ज्यादा हम वन टू मनी रिलेशनशिप का यूज

[02:44:56] ज्यादा हम वन टू मनी रिलेशनशिप का यूज करते हैं। फॉर एग्जांपल यूजर का ऑर्डर से

[02:44:59] करते हैं। फॉर एग्जांपल यूजर का ऑर्डर से रिलेशनशिप, कस्टमर का ट्रांजैक्शन से

[02:45:01] रिलेशनशिप, कस्टमर का ट्रांजैक्शन से रिलेशनशिप, डिपार्टमेंट का एंप्लॉय से और

[02:45:04] रिलेशनशिप, डिपार्टमेंट का एंप्लॉय से और टीचर का स्टूडेंट से। अब हमें पता चल गया

[02:45:06] टीचर का स्टूडेंट से। अब हमें पता चल गया है कि टेबल एक दूसरे से कैसे कनेक्ट होते

[02:45:08] है कि टेबल एक दूसरे से कैसे कनेक्ट होते हैं। लेकिन अगर हमें मल्टीपल टेबल से

[02:45:10] हैं। लेकिन अगर हमें मल्टीपल टेबल से देवता एक साथ निकालना हो तो उसके लिए हम

[02:45:13] देवता एक साथ निकालना हो तो उसके लिए हम यूज़ करते हैं एसक्यूएल जॉइंस का। तो यहां

[02:45:15] यूज़ करते हैं एसक्यूएल जॉइंस का। तो यहां पर आपको वीडियो पॉज करना है और प्रैक्टिस

[02:45:17] पर आपको वीडियो पॉज करना है और प्रैक्टिस सेट्स सॉल्व करना है। सबसे पहला क्वेश्चन

[02:45:19] सेट्स सॉल्व करना है। सबसे पहला क्वेश्चन है कि आपको क्रिएट करना है एक कस्टमर

[02:45:22] है कि आपको क्रिएट करना है एक कस्टमर टेबल। क्या क्रिएट करना है आपको? कस्टमर

[02:45:25] टेबल। क्या क्रिएट करना है आपको? कस्टमर टेबल में कस्टमर की आईडी होगी जो कि

[02:45:28] टेबल में कस्टमर की आईडी होगी जो कि प्राइमरी की होगी एंड नेम एंड ईमेल होगी।

[02:45:31] प्राइमरी की होगी एंड नेम एंड ईमेल होगी। कस्टमर की

[02:45:33] कस्टमर की आईडी होगी जो होगी प्राइमरी की

[02:45:39] आईडी होगी जो होगी प्राइमरी की एंड नेम होगा एंड ईमेल होगी। यह वाला

[02:45:43] एंड नेम होगा एंड ईमेल होगी। यह वाला क्वेश्चन आपको खुद से सॉल्व करना है। यह

[02:45:46] क्वेश्चन आपको खुद से सॉल्व करना है। यह है हमारा पीआर वन। इसके बाद में पीआर टू

[02:45:49] है हमारा पीआर वन। इसके बाद में पीआर टू है कि आपको क्रिएट करना है एक और टेबल

[02:45:52] है कि आपको क्रिएट करना है एक और टेबल ऑर्डर। ऑर्डर्स टेबल में ऑर्डर आईडी होना

[02:45:55] ऑर्डर। ऑर्डर्स टेबल में ऑर्डर आईडी होना चाहिए जो कि होगी प्राइमरी की और साथ में

[02:45:58] चाहिए जो कि होगी प्राइमरी की और साथ में इसमें होना चाहिए एक कस्टमर आईडी। जो कि

[02:46:01] इसमें होना चाहिए एक कस्टमर आईडी। जो कि होगी फॉरेन रिफरेंस कर रही है कस्टमर टेबल

[02:46:05] होगी फॉरेन रिफरेंस कर रही है कस्टमर टेबल को। रिफरेंसिंग

[02:46:07] को। रिफरेंसिंग कस्टमर्स टेबल।

[02:46:10] कस्टमर्स टेबल। यह दोनों प्रैक्टिस सेट्स आपको खुद से

[02:46:11] यह दोनों प्रैक्टिस सेट्स आपको खुद से सॉल्व करना है। एंड थर्ड क्वेश्चन है आपको

[02:46:14] सॉल्व करना है। एंड थर्ड क्वेश्चन है आपको आइडेंटिफाई करना है रिलेशनशिप विद यूजर टू

[02:46:20] आइडेंटिफाई करना है रिलेशनशिप विद यूजर टू ऑर्डर्स। यूजर का ऑर्डर से क्या रिलेशनशिप

[02:46:23] ऑर्डर्स। यूजर का ऑर्डर से क्या रिलेशनशिप है वो बताना है। एक और देरियों में आपको

[02:46:25] है वो बताना है। एक और देरियों में आपको आपको एक डॉक्टर टेबल बनाना है और एक बनाना

[02:46:27] आपको एक डॉक्टर टेबल बनाना है और एक बनाना है पेशेंट का। एक डॉक्टर मल्टीपल पेशेंट्स

[02:46:30] है पेशेंट का। एक डॉक्टर मल्टीपल पेशेंट्स ट्रीट कर सकता है और एक पेशेंट मल्टीपल

[02:46:32] ट्रीट कर सकता है और एक पेशेंट मल्टीपल डॉक्टर्स को विजिट कर सकता है। डॉक्टर कैन

[02:46:35] डॉक्टर्स को विजिट कर सकता है। डॉक्टर कैन ट्रीट

[02:46:39] मल्टीपल पेशेंट

[02:46:42] मल्टीपल पेशेंट एंड सेम पेशेंट कैन विजिट

[02:46:47] एंड सेम पेशेंट कैन विजिट मल्टीपल डॉक्टर्स।

[02:46:50] मल्टीपल डॉक्टर्स। यहां पे क्या करना है? आपको एक टेबल बनानी

[02:46:52] यहां पे क्या करना है? आपको एक टेबल बनानी है। सबसे पहली होगी किसकी? डॉक्टर्स की।

[02:46:54] है। सबसे पहली होगी किसकी? डॉक्टर्स की। देन होगी सेकंड वाली पेशेंट्स की।

[02:46:59] देन होगी सेकंड वाली पेशेंट्स की। देन होगी थर्ड वाली डॉक्टर पेशेंट की। साथ

[02:47:01] देन होगी थर्ड वाली डॉक्टर पेशेंट की। साथ ही आपको बताना है कि यह कौन सा रिलेशनशिप

[02:47:03] ही आपको बताना है कि यह कौन सा रिलेशनशिप है। अगर आप डेटाबेस में काम करते हो तो एक

[02:47:06] है। अगर आप डेटाबेस में काम करते हो तो एक प्रॉब्लम बहुत कॉमन होती है। डेटा एक टेबल

[02:47:09] प्रॉब्लम बहुत कॉमन होती है। डेटा एक टेबल में नहीं होता। मल्टीपल टेबल्स में होता

[02:47:11] में नहीं होता। मल्टीपल टेबल्स में होता है। यूजर का डाटा यूजर टेबल में होगा।

[02:47:14] है। यूजर का डाटा यूजर टेबल में होगा। ऑर्डर का डाटा ऑर्डर टेबल में होगा। अब

[02:47:16] ऑर्डर का डाटा ऑर्डर टेबल में होगा। अब अगर हमें यह पता करना हो व्हिच यूजर

[02:47:19] अगर हमें यह पता करना हो व्हिच यूजर प्लेस्ड व्हिच ऑर्डर तो हमें टेबल्स को

[02:47:21] प्लेस्ड व्हिच ऑर्डर तो हमें टेबल्स को कंबाइन करना पड़ेगा। और इसी का सॉल्यूशन

[02:47:23] कंबाइन करना पड़ेगा। और इसी का सॉल्यूशन है एसक्यूएल जॉइंट्स। सबसे पहला हम समझते

[02:47:26] है एसक्यूएल जॉइंट्स। सबसे पहला हम समझते हैं व्हाट इज एसक्यूएल जॉइंट। एसक्यूएल

[02:47:29] हैं व्हाट इज एसक्यूएल जॉइंट। एसक्यूएल जॉइन का यूज़ टू या मोर टेबल को कंबाइन

[02:47:32] जॉइन का यूज़ टू या मोर टेबल को कंबाइन करने के लिए होता है। जब टेबल के बीच में

[02:47:34] करने के लिए होता है। जब टेबल के बीच में रिलेशनशिप हो तब हम जॉइंट्स यूज़ करते हैं।

[02:47:39] रिलेशनशिप हो तब हम जॉइंट्स यूज़ करते हैं। जैसे मैं डेटाबेस बनाती हूं। ये

[02:47:47] डेटाबेस

[02:47:49] डेटाबेस यूजर ऑर्डर।

[02:47:54] अब इसे हम यूज करते हैं यूज यूजर ऑर्डर।

[02:48:03] अब मैं बना लेती हूं एक टेबल यूजर के लिए

[02:48:05] अब मैं बना लेती हूं एक टेबल यूजर के लिए और एक टेबल ऑर्डर के लिए।

[02:48:09] और एक टेबल ऑर्डर के लिए। यूजर टेबल

[02:48:11] यूजर टेबल एंड ऑर्डर टेबल।

[02:48:18] क्रिएट

[02:48:20] क्रिएट टेबल

[02:48:22] टेबल इसका नेम हम देंगे

[02:48:24] इसका नेम हम देंगे यूजर

[02:48:30] जिसमें होगी

[02:48:33] जिसमें होगी यूजर आईडी

[02:48:36] यूजर आईडी एंथ

[02:48:38] एंथ प्राइमरी की

[02:48:40] प्राइमरी की और होगी नेम

[02:48:44] वेयर कैट 100 का

[02:48:49] इसमें हम इंसर्ट भी करा लेते हैं। इंसर्ट

[02:48:51] इसमें हम इंसर्ट भी करा लेते हैं। इंसर्ट इंटू टेबल का नेम हमारा है यूजर

[02:48:58] वैल्यू सीरीज में हमने

[02:49:01] वैल्यू सीरीज में हमने सबसे पहले हमने दे दिया वन पे राहुल

[02:49:11] एंड एक और दे दिया हमने टू पे

[02:49:19] नेहा

[02:49:21] नेहा एंड एक और दे दिया हमने

[02:49:32] थ्री पे अमित

[02:49:37] ये हमने करा दिया एंड देन हमने इसको

[02:49:40] ये हमने करा दिया एंड देन हमने इसको इंसर्ट करा दिया।

[02:49:43] इंसर्ट करा दिया। अब एक बना लेते हैं ऐसे ही हम ऑर्डर के

[02:49:45] अब एक बना लेते हैं ऐसे ही हम ऑर्डर के लिए टेबल।

[02:49:48] इसको नाम दे दिया हमने ऑर्डर।

[02:49:53] इसके अंदर होगी ऑर्डर आईडी

[02:49:58] एंड यूजर आईडी

[02:50:10] यूजर आईडी होगा इंट में। देन हम लेंगे

[02:50:14] यूजर आईडी होगा इंट में। देन हम लेंगे अमाउंट

[02:50:16] अमाउंट जो कि होगा इंट में

[02:50:19] जो कि होगा इंट में एंड एंड में हम लगाएंगे फॉरेन की

[02:50:22] एंड एंड में हम लगाएंगे फॉरेन की कांस्टेंट

[02:50:28] मोरल के

[02:50:31] मोरल के यूजर आईडी

[02:50:35] रिफरेंसेस

[02:50:41] यूज़र्स र्स

[02:50:44] यूज़र्स र्स यूजर आईडी

[02:50:47] यूजर आईडी यहां पे हमने ऑर्डर आईडी जो दी है वो

[02:50:49] यहां पे हमने ऑर्डर आईडी जो दी है वो प्राइमरी की दी है कि यहां पे आ गया इसको

[02:50:51] प्राइमरी की दी है कि यहां पे आ गया इसको हटा की

[02:50:56] तो ये टेबल हमारा क्रिएट हो गया। यहां पर

[02:50:58] तो ये टेबल हमारा क्रिएट हो गया। यहां पर ऑर्डर आईडी जो है वो प्राइमरी की है। यूजर

[02:51:01] ऑर्डर आईडी जो है वो प्राइमरी की है। यूजर आईडी जो है वो फॉरेन की है जो यूजर टेबल

[02:51:03] आईडी जो है वो फॉरेन की है जो यूजर टेबल को रिफरेंस कर रही है। मतलब ऑर्डर किस

[02:51:05] को रिफरेंस कर रही है। मतलब ऑर्डर किस यूजर ने प्लेस किया है। अब इसके अंदर हम

[02:51:07] यूजर ने प्लेस किया है। अब इसके अंदर हम डेटा इंसर्ट कराते हैं। इंसर्ट इंटू टेबल

[02:51:11] डेटा इंसर्ट कराते हैं। इंसर्ट इंटू टेबल का नेम हमारा है ऑर्डर्स वैल्यूज़ देंगे

[02:51:14] का नेम हमारा है ऑर्डर्स वैल्यूज़ देंगे इसमें हम।

[02:51:16] इसमें हम। आईडी दे दी इसमें हमने ऑर्डर की 1001 एंड

[02:51:19] आईडी दे दी इसमें हमने ऑर्डर की 1001 एंड यूजर की आईडी वन एंड अमाउंट दे दिया 500।

[02:51:23] यूजर की आईडी वन एंड अमाउंट दे दिया 500। देन आईडी दे दी हमने 102

[02:51:27] देन आईडी दे दी हमने 102 700 अमाउंट।

[02:51:34] तो ये दोनों टेबल हमने बना लिए। यहां

[02:51:37] तो ये दोनों टेबल हमने बना लिए। यहां नोटिस करो यूजर आईडी जो है वो कॉमन कॉलम

[02:51:40] नोटिस करो यूजर आईडी जो है वो कॉमन कॉलम है। इसमें भी और इसमें भी। जैसे मैं करती

[02:51:43] है। इसमें भी और इसमें भी। जैसे मैं करती हूं सेलेक्ट स्टार

[02:51:47] फ्रॉम

[02:51:51] यूजर

[02:51:54] एंड सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[02:51:58] एंड सेलेक्ट स्टार फ्रॉम ऑर्डर्स।

[02:52:03] इसमें भी यूजर आईडी है और ऑर्डर्स में भी

[02:52:05] इसमें भी यूजर आईडी है और ऑर्डर्स में भी यूजर आईडी है। इसमें यूजर आईडी वाला जो है

[02:52:07] यूजर आईडी है। इसमें यूजर आईडी वाला जो है वो कॉमन कॉलम है। इस कॉलम की हेल्प से

[02:52:11] वो कॉमन कॉलम है। इस कॉलम की हेल्प से टेबल जॉइन होंगे। सबसे पहले हम पढ़ने वाले

[02:52:14] टेबल जॉइन होंगे। सबसे पहले हम पढ़ने वाले हैं इनर जॉइन के बारे में। इनर जॉइ सिर्फ

[02:52:18] हैं इनर जॉइन के बारे में। इनर जॉइ सिर्फ मैचिंग रिकॉर्ड रिटर्न करता है। कैसे आपको

[02:52:20] मैचिंग रिकॉर्ड रिटर्न करता है। कैसे आपको दिख रहा है डायग्राम में? एक यूजर है, एक

[02:52:23] दिख रहा है डायग्राम में? एक यूजर है, एक ऑर्डर है। यहां पर सिर्फ वही रो आती है

[02:52:25] ऑर्डर है। यहां पर सिर्फ वही रो आती है इनर जॉइन में जो दोनों टेबल्स में मैच

[02:52:28] इनर जॉइन में जो दोनों टेबल्स में मैच होती है। मतलब यहां पे यूजर में और ऑर्डर

[02:52:30] होती है। मतलब यहां पे यूजर में और ऑर्डर में जो रिकॉर्ड्स या कॉलम मैच होंगे सिर्फ

[02:52:34] में जो रिकॉर्ड्स या कॉलम मैच होंगे सिर्फ वही आएंगे। अब इसके लिए हम क्वरी लिखते

[02:52:36] वही आएंगे। अब इसके लिए हम क्वरी लिखते हैं। अब यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट

[02:52:40] हैं। अब यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट यूजर डॉट नेम कॉमा

[02:52:46] यूजर डॉट नेम कॉमा ऑर्डर्स डॉट अमाउंट

[02:52:50] ऑर्डर्स डॉट अमाउंट फ्रॉम

[02:52:52] फ्रॉम यूजर।

[02:52:53] यूजर। इसमें हम लगा रहे हैं इनर जॉइंट

[02:52:58] इसमें हम लगा रहे हैं इनर जॉइंट ऑर्डर्स

[02:53:00] ऑर्डर्स ऑन

[02:53:02] ऑन यूजर डॉट

[02:53:05] यूजर डॉट यूजर आईडी इक्व

[02:53:10] यूजर आईडी इक्व ऑर्डर्स डॉट यूजर

[02:53:13] ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी।

[02:53:17] तो यहां पे हमें नेम का कॉलम और अमाउंट का

[02:53:20] तो यहां पे हमें नेम का कॉलम और अमाउंट का कॉलम मिल गया। इसमें हमने क्या किया? सबसे

[02:53:23] कॉलम मिल गया। इसमें हमने क्या किया? सबसे पहले हमने लिखा है सेलेक्ट यूजर डॉट नेम

[02:53:26] पहले हमने लिखा है सेलेक्ट यूजर डॉट नेम ऑर्डर्स डॉट अमाउंट। ये दोनों टेबल से

[02:53:29] ऑर्डर्स डॉट अमाउंट। ये दोनों टेबल से कॉलम सेलेक्ट कर रहे हैं हम। इसके बाद में

[02:53:32] कॉलम सेलेक्ट कर रहे हैं हम। इसके बाद में क्या किया? हमने फ्रॉम यूजर लिखा मतलब

[02:53:34] क्या किया? हमने फ्रॉम यूजर लिखा मतलब यूजर जो है वह प्राइमरी टेबल है। फिर क्या

[02:53:37] यूजर जो है वह प्राइमरी टेबल है। फिर क्या कर रहे हैं हम? इनर जॉइ ऑर्डर्स मतलब

[02:53:39] कर रहे हैं हम? इनर जॉइ ऑर्डर्स मतलब ऑर्डर्स टेबल को जॉइ कर रहे हैं। ऑन

[02:53:42] ऑर्डर्स टेबल को जॉइ कर रहे हैं। ऑन यूज़र्स यूजर डॉट यूजर आईडी इक्वल टू

[02:53:45] यूज़र्स यूजर डॉट यूजर आईडी इक्वल टू ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी। यहां पे क्या है?

[02:53:48] ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी। यहां पे क्या है? यह जो है यह जॉइन की कंडीशन है। इसका

[02:53:50] यह जो है यह जॉइन की कंडीशन है। इसका रिजल्ट क्या मिला हमें? हमें नेम मिली एंड

[02:53:53] रिजल्ट क्या मिला हमें? हमें नेम मिली एंड अमाउंट मिला। यहां पे राहुल ने ऑर्डर दिया

[02:53:55] अमाउंट मिला। यहां पे राहुल ने ऑर्डर दिया है। नेहा ने ऑर्डर दिया है। अमित ने नहीं

[02:53:57] है। नेहा ने ऑर्डर दिया है। अमित ने नहीं दिया तो हमें अमित नहीं मिला। वैसे मैंने

[02:54:00] दिया तो हमें अमित नहीं मिला। वैसे मैंने यूजर आईडी चलाया है तो इसमें हमने आईडी दी

[02:54:02] यूजर आईडी चलाया है तो इसमें हमने आईडी दी है और नेम दिया है। और जैसे ही हमने

[02:54:04] है और नेम दिया है। और जैसे ही हमने ऑर्डर्स को चलाया तो इसमें हमें ऑर्डर

[02:54:05] ऑर्डर्स को चलाया तो इसमें हमें ऑर्डर आईडी दी है। यूजर आईडी दिया है और अमाउंट

[02:54:07] आईडी दी है। यूजर आईडी दिया है और अमाउंट दिया है। तो इसमें हमने सिर्फ दो ही ऑर्डर

[02:54:10] दिया है। तो इसमें हमने सिर्फ दो ही ऑर्डर दिए हैं वन एंड टू। इसीलिए हमें इसमें

[02:54:12] दिए हैं वन एंड टू। इसीलिए हमें इसमें अमित नहीं मिला। सिर्फ वन एंड टू मतलब

[02:54:15] अमित नहीं मिला। सिर्फ वन एंड टू मतलब राहुल एंड नेहा ही मिले। इसके बाद में

[02:54:17] राहुल एंड नेहा ही मिले। इसके बाद में नेक्स्ट आता है लेफ्ट जॉइन। लेफ्ट जॉइन का

[02:54:20] नेक्स्ट आता है लेफ्ट जॉइन। लेफ्ट जॉइन का मतलब होता है लेफ्ट टेबल का कंप्लीट डेटा

[02:54:23] मतलब होता है लेफ्ट टेबल का कंप्लीट डेटा रिटर्न करो। इवन अगर मैच ना मिले तब भी

[02:54:27] रिटर्न करो। इवन अगर मैच ना मिले तब भी रिकॉर्ड आएगा। यह था हमारा इनर जॉइंट।

[02:54:33] अब देख रहे हैं हम लेफ्ट जॉइंट।

[02:54:39] लेफ्ट जॉइन में लेफ्ट टेबल का पूरा डेटा

[02:54:42] लेफ्ट जॉइन में लेफ्ट टेबल का पूरा डेटा आएगा। एंड देन राइट टेबल का जो डेटा लेफ्ट

[02:54:45] आएगा। एंड देन राइट टेबल का जो डेटा लेफ्ट और राइट में दोनों में कॉमन होगा वो आएगा।

[02:54:48] और राइट में दोनों में कॉमन होगा वो आएगा। यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट

[02:54:53] यूजर डॉट नेम। नेम चाहिए और क्या चाहिए

[02:54:56] यूजर डॉट नेम। नेम चाहिए और क्या चाहिए हमें?

[02:54:57] हमें? ऑर्डर्स डॉट अमाउंट ऑर्डर्स की हमें चाहिए

[02:55:02] ऑर्डर्स डॉट अमाउंट ऑर्डर्स की हमें चाहिए अमाउंट। नेम और अमाउंट दोनों ले रहे हैं

[02:55:04] अमाउंट। नेम और अमाउंट दोनों ले रहे हैं हम। फ्रॉम यूजर यूजर जो है वो हमारा

[02:55:07] हम। फ्रॉम यूजर यूजर जो है वो हमारा प्राइमरी टेबल है। फिर क्या लगा रहे हैं

[02:55:10] प्राइमरी टेबल है। फिर क्या लगा रहे हैं हम? हम लगा रहे हैं लेफ्ट जॉइ ऑर्डर्स।

[02:55:14] हम? हम लगा रहे हैं लेफ्ट जॉइ ऑर्डर्स। यहां पे हमने लिखा है ना लेफ्ट जॉइन

[02:55:15] यहां पे हमने लिखा है ना लेफ्ट जॉइन ऑर्डर्स। तो यहां पर हम लेफ्ट टाइम लगा

[02:55:17] ऑर्डर्स। तो यहां पर हम लेफ्ट टाइम लगा रहे हैं ऑर्डर्स पर ऑन

[02:55:22] रहे हैं ऑर्डर्स पर ऑन यूजर डॉट यूजर आईडी इज इक्वल टू ऑर्डर्स

[02:55:28] यूजर डॉट यूजर आईडी इज इक्वल टू ऑर्डर्स डॉट

[02:55:30] डॉट यूजर आईडी

[02:55:37] तो यहां पे हमें अमित में कोई वैल्यू नहीं

[02:55:39] तो यहां पे हमें अमित में कोई वैल्यू नहीं मिली। हमें सिर्फ राहुल की मिली और नेहा

[02:55:42] मिली। हमें सिर्फ राहुल की मिली और नेहा की मिली। इसमें क्या हुआ? इसमें जो लेफ्ट

[02:55:45] की मिली। इसमें क्या हुआ? इसमें जो लेफ्ट टेबल था हमारा उसका सारा डेटा आ गया। चाहे

[02:55:47] टेबल था हमारा उसका सारा डेटा आ गया। चाहे मैच हो या ना हो। हमने तीन नेम एंटर कराए

[02:55:50] मैच हो या ना हो। हमने तीन नेम एंटर कराए थे यूजर में राहुल, नेहा और अमित तो तीनों

[02:55:52] थे यूजर में राहुल, नेहा और अमित तो तीनों मिले इसमें हमें और ऑर्डर टेबल में हमने

[02:55:55] मिले इसमें हमें और ऑर्डर टेबल में हमने सिर्फ दो ही ऑर्डर दिए थे। वन एंड टू तो

[02:55:57] सिर्फ दो ही ऑर्डर दिए थे। वन एंड टू तो सिर्फ दो ही ऑर्डर आ रहे हैं। लेकिन

[02:55:59] सिर्फ दो ही ऑर्डर आ रहे हैं। लेकिन क्योंकि हमने लेफ्ट जॉइन लगाया है तो तो

[02:56:01] क्योंकि हमने लेफ्ट जॉइन लगाया है तो तो लेफ्ट टेबल का मतलब यूजर टेबल का पूरा

[02:56:04] लेफ्ट टेबल का मतलब यूजर टेबल का पूरा डेटा आएगा। और ऑर्डर्स का डेटा वो आएगा जो

[02:56:06] डेटा आएगा। और ऑर्डर्स का डेटा वो आएगा जो यूजर और ऑर्डर में कॉमन है। तो हमने तो

[02:56:09] यूजर और ऑर्डर में कॉमन है। तो हमने तो हमने दोनों के लिए दिए थी वैल्यूज़ ऑर्डर

[02:56:11] हमने दोनों के लिए दिए थी वैल्यूज़ ऑर्डर की। तो हमने सिर्फ दो ही ऑर्डर दिए थे जो

[02:56:13] की। तो हमने सिर्फ दो ही ऑर्डर दिए थे जो कॉमन थे। इसलिए सिर्फ दो ही ऑर्डर की

[02:56:15] कॉमन थे। इसलिए सिर्फ दो ही ऑर्डर की अमाउंट आया। राहुल का मैच फाउंड हुआ 500

[02:56:18] अमाउंट आया। राहुल का मैच फाउंड हुआ 500 एंड रो टू का मैच फाउंड हुआ 700। रो थ्री

[02:56:21] एंड रो टू का मैच फाउंड हुआ 700। रो थ्री अमित मैच नहीं मिला। इसलिए एसक्यूएल ने नल

[02:56:24] अमित मैच नहीं मिला। इसलिए एसक्यूएल ने नल इंसर्ट कर दिया। नल का मतलब है डेटा

[02:56:26] इंसर्ट कर दिया। नल का मतलब है डेटा अवेलेबल नहीं है। इसके बाद में आता है

[02:56:28] अवेलेबल नहीं है। इसके बाद में आता है राइट जॉइन। राइट जॉइन में क्या होता है?

[02:56:31] राइट जॉइन। राइट जॉइन में क्या होता है? राइट टेबल का सारा डेट रिटर्न करता है।

[02:56:34] राइट टेबल का सारा डेट रिटर्न करता है। इसको हम देखते हैं क्वरी की हेल्प से राइट

[02:56:37] इसको हम देखते हैं क्वरी की हेल्प से राइट जॉइन।

[02:56:40] यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट यूजर डॉट नेम और

[02:56:45] यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट यूजर डॉट नेम और क्या चाहिए हमें ऑर्डर का अमाउंट चाहिए

[02:56:48] क्या चाहिए हमें ऑर्डर का अमाउंट चाहिए ऑर्डर्स

[02:56:50] ऑर्डर्स डॉट अमाउंट

[02:56:53] डॉट अमाउंट फ्रॉम

[02:56:54] फ्रॉम यूजर

[02:56:56] यूजर राइट ड्राइंग लगा रहे हैं हम

[02:57:00] राइट ड्राइंग लगा रहे हैं हम ऑर्डर्स देन हम लिखेंगे ऑन

[02:57:05] ऑर्डर्स देन हम लिखेंगे ऑन यूजर डॉट यूजर आईडी पर इज इक्वल टू मतलब

[02:57:11] यूजर डॉट यूजर आईडी पर इज इक्वल टू मतलब यूजर डॉट यूजर आईडी जो है वह इक्वल टू

[02:57:12] यूजर डॉट यूजर आईडी जो है वह इक्वल टू होना चाहिए ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी के

[02:57:19] ये हमने कंडीशन लगाई है तो यहां पे हमें

[02:57:23] ये हमने कंडीशन लगाई है तो यहां पे हमें राइट जॉइन में जितना भी राइट का डाटा था

[02:57:26] राइट जॉइन में जितना भी राइट का डाटा था राइट में हमने क्या-क्या था राइट में

[02:57:27] राइट में हमने क्या-क्या था राइट में सिर्फ दो ही अमाउंट थी 500 और 700 तो

[02:57:29] सिर्फ दो ही अमाउंट थी 500 और 700 तो सिर्फ वही मिली हमें इसे को एक बार और

[02:57:31] सिर्फ वही मिली हमें इसे को एक बार और दिखा देती हूं राइट में क्या डाटा था और

[02:57:33] दिखा देती हूं राइट में क्या डाटा था और लेफ्ट में क्या डाटा था सो मैंने यूज़र्स

[02:57:36] लेफ्ट में क्या डाटा था सो मैंने यूज़र्स को चलाया तो इसमें में राहुल था, निहा और

[02:57:39] को चलाया तो इसमें में राहुल था, निहा और अमित थी। और ऑर्डर्स में सिर्फ दो ही

[02:57:41] अमित थी। और ऑर्डर्स में सिर्फ दो ही ऑर्डर थे। वन एंड टू। वन आईडी के लिए और

[02:57:43] ऑर्डर थे। वन एंड टू। वन आईडी के लिए और टू आईडी के लिए जो कि थे 500 और 700। तो

[02:57:47] टू आईडी के लिए जो कि थे 500 और 700। तो यहां पे जब हमने चलाया राइट जॉइ तो हमें

[02:57:49] यहां पे जब हमने चलाया राइट जॉइ तो हमें सिर्फ राइट वाले जो थे यानी 500 और 700

[02:57:52] सिर्फ राइट वाले जो थे यानी 500 और 700 आईडी थी वन एंड टू। तो सिर्फ वही मिले।

[02:57:55] आईडी थी वन एंड टू। तो सिर्फ वही मिले। इसमें ऑर्डर्स टेबल जो था ये ऑर्डर्स टेबल

[02:57:58] इसमें ऑर्डर्स टेबल जो था ये ऑर्डर्स टेबल इसकी सारी रो रिजल्ट में आएंगी। और यूजर

[02:58:01] इसकी सारी रो रिजल्ट में आएंगी। और यूजर की वही आएंगी जो यूजर और ऑर्डर में कॉमन

[02:58:03] की वही आएंगी जो यूजर और ऑर्डर में कॉमन होंगी। अब एक काम करते हैं हम। इसमें हम

[02:58:06] होंगी। अब एक काम करते हैं हम। इसमें हम ऑर्डर्स में एक और वैल्यू इंसर्ट करा देते

[02:58:08] ऑर्डर्स में एक और वैल्यू इंसर्ट करा देते हैं। यहां हम लिखते हैं

[02:58:12] हैं। यहां हम लिखते हैं 103

[02:58:14] 103 4 900

[02:58:18] 4 900 इसको मैं दोनों को कमेंट कर देती हूं।

[02:58:19] इसको मैं दोनों को कमेंट कर देती हूं। वरना ये अगेन इंसर्ट हो जाएगा।

[02:58:31] अभी मैंने क्या किया है? मैंने यहां पे एक

[02:58:33] अभी मैंने क्या किया है? मैंने यहां पे एक और वैल्यू इंसर्ट करा दी है। 103 ऑर्डर

[02:58:36] और वैल्यू इंसर्ट करा दी है। 103 ऑर्डर आईडी पे। इसकी यूजर आईडी है फोर एंड

[02:58:39] आईडी पे। इसकी यूजर आईडी है फोर एंड अमाउंट है 900।

[02:58:42] अमाउंट है 900। अभी जस्ट बिकॉज़ यहां पे हमने फॉरेन की

[02:58:45] अभी जस्ट बिकॉज़ यहां पे हमने फॉरेन की कांस्टेंट लगा था। तो यहां पे वैल्यू

[02:58:46] कांस्टेंट लगा था। तो यहां पे वैल्यू इंसर्ट नहीं हो रही थी। उसके लिए एक

[02:58:48] इंसर्ट नहीं हो रही थी। उसके लिए एक क्वेरी होती है ऑल्टर टेबल ऑर्डर्स। आपको

[02:58:52] क्वेरी होती है ऑल्टर टेबल ऑर्डर्स। आपको ऐसा लिखना है। देन लिखना है ड्रॉप फॉरेन

[02:58:54] ऐसा लिखना है। देन लिखना है ड्रॉप फॉरेन की फॉर ऑर्डर्स आईबीएफ के वन। यहां पर

[02:58:58] की फॉर ऑर्डर्स आईबीएफ के वन। यहां पर हमने लिखा है ऑल्टर टेबल ऑर्डर्स ड्रॉप

[02:59:01] हमने लिखा है ऑल्टर टेबल ऑर्डर्स ड्रॉप फॉरेन की ऑर्डर्स आईबीएफ के वन यहां पर हम

[02:59:05] फॉरेन की ऑर्डर्स आईबीएफ के वन यहां पर हम टेबल में कुछ चेंजेस कर रहे हैं ऑर्डर में

[02:59:07] टेबल में कुछ चेंजेस कर रहे हैं ऑर्डर में ड्रॉप कर रहा है फॉरेन की को ऑर्डर्स

[02:59:10] ड्रॉप कर रहा है फॉरेन की को ऑर्डर्स ऑर्डर्स जो है वो टेबल का नाम है और

[02:59:11] ऑर्डर्स जो है वो टेबल का नाम है और आईबीएफ के जो है वो इनो डीवी फॉरेन की है

[02:59:14] आईबीएफ के जो है वो इनो डीवी फॉरेन की है और वन जो है वो क्या है फर्स्ट फॉरेन की

[02:59:16] और वन जो है वो क्या है फर्स्ट फॉरेन की है टेबल की मतलब ऑर्डर्स आईबीएफ की वन इज़

[02:59:20] है टेबल की मतलब ऑर्डर्स आईबीएफ की वन इज़ इक्वल टू ऑर्डर टेबल का फर्स्ट फॉरेन की

[02:59:23] इक्वल टू ऑर्डर टेबल का फर्स्ट फॉरेन की कांस्टेंट अगर इसमें एक और फॉरेन की होती

[02:59:25] कांस्टेंट अगर इसमें एक और फॉरेन की होती तो हमें यहां पे ऑर्डर्स आईबीएफ एफ के टू

[02:59:28] तो हमें यहां पे ऑर्डर्स आईबीएफ एफ के टू भी लिखना पड़ता वन के बाद फर्स्ट फॉरेन की

[02:59:30] भी लिखना पड़ता वन के बाद फर्स्ट फॉरेन की एंड सेकंड फॉरेन की जब हम फॉरेन की का नेम

[02:59:33] एंड सेकंड फॉरेन की जब हम फॉरेन की का नेम मैनुअली स्पेसिफाई नहीं करते हैं तब

[02:59:35] मैनुअली स्पेसिफाई नहीं करते हैं तब मायसक्यूएल ऑटोमेटिकली इसका नेम जनरेट कर

[02:59:38] मायसक्यूएल ऑटोमेटिकली इसका नेम जनरेट कर देता है क्योंकि हमने नाम नहीं दिया है

[02:59:41] देता है क्योंकि हमने नाम नहीं दिया है माय एसक्यूएल ऑटोमेटिकली बना देता है अगर

[02:59:43] माय एसक्यूएल ऑटोमेटिकली बना देता है अगर तुम खुद नाम देना चाहो तो बेटर प्रैक्टिस

[02:59:45] तुम खुद नाम देना चाहो तो बेटर प्रैक्टिस होती है कस्टम नाम देना अगर आपको नाम देना

[02:59:47] होती है कस्टम नाम देना अगर आपको नाम देना है तो आप यहां पे जो फॉरेन लिखा है हमने

[02:59:50] है तो आप यहां पे जो फॉरेन लिखा है हमने यहां पे फॉरेन की के ऊपर कांस्टेंट डाल के

[02:59:52] यहां पे फॉरेन की के ऊपर कांस्टेंट डाल के नाम ले सकते हैं जो रीडेबल भी और मेंटेन

[02:59:55] नाम ले सकते हैं जो रीडेबल भी और मेंटेन करना इजी होता है तो मैंने मैंने जब इसको

[02:59:57] करना इजी होता है तो मैंने मैंने जब इसको एग्जीक्यूट कराया तो इसमें फॉरेन की

[02:59:59] एग्जीक्यूट कराया तो इसमें फॉरेन की कांस्टेंट को हटा दिया और मैंने इजीली

[03:00:01] कांस्टेंट को हटा दिया और मैंने इजीली वैल्यू इंसर्ट करा दी। अब इसको मैं यहां

[03:00:03] वैल्यू इंसर्ट करा दी। अब इसको मैं यहां से कमेंट कर देती हूं या रिमूव भी कर देती

[03:00:06] से कमेंट कर देती हूं या रिमूव भी कर देती हूं। जरूरत नहीं है इसके अंदर। तो हमने

[03:00:07] हूं। जरूरत नहीं है इसके अंदर। तो हमने क्या किया? हमने एक और वैल्यू इंसर्ट करा

[03:00:09] क्या किया? हमने एक और वैल्यू इंसर्ट करा ली है ऑर्डर में। उसकी आईडी है 103 और

[03:00:14] ली है ऑर्डर में। उसकी आईडी है 103 और यहां पे हमने यूजर आईडी दी है फोर और 900

[03:00:16] यहां पे हमने यूजर आईडी दी है फोर और 900 अमाउंट दिया है। अब यहां पे क्या है?

[03:00:18] अमाउंट दिया है। अब यहां पे क्या है? क्योंकि फोर तो कोई यूजर आईडी हमने इंसर्ट

[03:00:20] क्योंकि फोर तो कोई यूजर आईडी हमने इंसर्ट कराई नहीं है। तो अभी देखते हैं क्या इशू

[03:00:23] कराई नहीं है। तो अभी देखते हैं क्या इशू आता है। अब यहां पर आप नोटिस कर रहे होंगे

[03:00:25] आता है। अब यहां पर आप नोटिस कर रहे होंगे कि फोर यूजर आईडी जो है वो एग्जिस्ट ही

[03:00:27] कि फोर यूजर आईडी जो है वो एग्जिस्ट ही नहीं करती है। अब अगर हम राइट जॉइन रन

[03:00:30] नहीं करती है। अब अगर हम राइट जॉइन रन कराते हैं तो देखते हैं क्या होता है।

[03:00:35] हमें क्या मिला? हमें अमाउंट तो मिला

[03:00:38] हमें क्या मिला? हमें अमाउंट तो मिला लेकिन जो नेम था वो नहीं मिला। क्योंकि

[03:00:41] लेकिन जो नेम था वो नहीं मिला। क्योंकि राहुल ने ऑर्डर प्लेस किया तो राहुल आया।

[03:00:43] राहुल ने ऑर्डर प्लेस किया तो राहुल आया। नेहा ने किया तो नेहा आया क्योंकि राहुल

[03:00:45] नेहा ने किया तो नेहा आया क्योंकि राहुल और नेहा दोनों की यूजर आईडी और राइट जॉइन

[03:00:49] और नेहा दोनों की यूजर आईडी और राइट जॉइन की यूजर आईडी दोनों की यूजर आईडी कॉमन थी।

[03:00:50] की यूजर आईडी दोनों की यूजर आईडी कॉमन थी। बिकॉज़ हम राइट जॉइन लगा रहे हैं तो राइट

[03:00:52] बिकॉज़ हम राइट जॉइन लगा रहे हैं तो राइट की सारी वैल्यू आएंगी और जो वैल्यू कॉमन

[03:00:54] की सारी वैल्यू आएंगी और जो वैल्यू कॉमन होंगी वो आएंगी। तो इसमें राहुल और नेहा

[03:00:56] होंगी वो आएंगी। तो इसमें राहुल और नेहा आया। लेकिन हमारे पास यूजर जो फोर कराया

[03:00:59] आया। लेकिन हमारे पास यूजर जो फोर कराया था हमने फोर ही है ना था फोर वो एग्ज़िस्ट

[03:01:02] था हमने फोर ही है ना था फोर वो एग्ज़िस्ट ही नहीं करता इसलिए फोर वाला नहीं आया।

[03:01:04] ही नहीं करता इसलिए फोर वाला नहीं आया। यहां पे हमें ऑर्डर का अमाउंट तो मिला है

[03:01:06] यहां पे हमें ऑर्डर का अमाउंट तो मिला है लेकिन उसका यूजर नहीं मिला है। क्योंकि

[03:01:09] लेकिन उसका यूजर नहीं मिला है। क्योंकि यूजर एग्ज़िस्ट ही नहीं करता इसलिए यूजर

[03:01:11] यूजर एग्ज़िस्ट ही नहीं करता इसलिए यूजर कॉलम में नल आ गया। रियल डेटाबेस में ऐसी

[03:01:13] कॉलम में नल आ गया। रियल डेटाबेस में ऐसी प्रॉब्लम डिटेक्ट करने के लिए हम जॉइन यूज़

[03:01:16] प्रॉब्लम डिटेक्ट करने के लिए हम जॉइन यूज़ करते हैं। इसके बाद में नेक्स्ट आता है

[03:01:18] करते हैं। इसके बाद में नेक्स्ट आता है कोल जॉइन। पोल जॉइन में क्या होता है?

[03:01:21] कोल जॉइन। पोल जॉइन में क्या होता है? लेफ्ट टेबल का डेटा प्लस राइट टेबल का

[03:01:23] लेफ्ट टेबल का डेटा प्लस राइट टेबल का डेटा मतलब मैचिंग रोज़, लेफ्ट साइड

[03:01:26] डेटा मतलब मैचिंग रोज़, लेफ्ट साइड एक्स्ट्रा रोज़, राइट साइड एक्स्ट्रा रोज़।

[03:01:28] एक्स्ट्रा रोज़, राइट साइड एक्स्ट्रा रोज़। सिंपल वर्ड से होने दो एवरीथिंग फ्रॉम बोथ

[03:01:30] सिंपल वर्ड से होने दो एवरीथिंग फ्रॉम बोथ टेबल्स। माय एसक्यूएल में फुल जॉइन

[03:01:32] टेबल्स। माय एसक्यूएल में फुल जॉइन डायरेक्टली सपोर्ट नहीं होता है। इसको

[03:01:34] डायरेक्टली सपोर्ट नहीं होता है। इसको यूजली हम लेफ्ट जॉइंट प्लस राइट जॉइंट

[03:01:36] यूजली हम लेफ्ट जॉइंट प्लस राइट जॉइंट प्लस यूनियन से अचीव करते हैं। अभी हम

[03:01:38] प्लस यूनियन से अचीव करते हैं। अभी हम देखते हैं फुल जॉइ।

[03:01:44] यहां लिखेंगे हम सेलेक्ट

[03:01:46] यहां लिखेंगे हम सेलेक्ट यूजर डॉट नेम कॉमा ऑर्डर्स

[03:01:53] यूजर डॉट नेम कॉमा ऑर्डर्स डॉट अमाउंट

[03:01:57] फ्रॉम

[03:01:59] फ्रॉम यूजर

[03:02:01] यूजर लेफ्ट जॉइ

[03:02:05] ऑर्डर्स

[03:02:07] ऑर्डर्स ऑन

[03:02:08] ऑन यूजर डॉट

[03:02:10] यूजर डॉट यूजर आईडी =

[03:02:14] यूजर आईडी = ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी

[03:02:18] ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी देन हम लगाएंगे यूनियन बिकॉज़ माय एसक्यूएल

[03:02:22] देन हम लगाएंगे यूनियन बिकॉज़ माय एसक्यूएल सपोर्ट नहीं करता है फुल जॉइन को

[03:02:27] सपोर्ट नहीं करता है फुल जॉइन को यूनियन

[03:02:28] यूनियन सेलेक्ट

[03:02:30] सेलेक्ट यूजर डॉट नेम सेम लिखेंगे हम ऑर्डर्स डॉट

[03:02:36] यूजर डॉट नेम सेम लिखेंगे हम ऑर्डर्स डॉट अमाउंट

[03:02:37] अमाउंट फ्रॉम

[03:02:39] फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है यूजर राइट जॉइन

[03:02:45] ऑर्डर्स

[03:02:47] ऑर्डर्स ऑन

[03:02:49] ऑन यूजर डॉट यूजर आईडी इज इक्वल टू ऑर्डर्स

[03:02:54] यूजर डॉट यूजर आईडी इज इक्वल टू ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी

[03:03:02] इनर जॉइन से क्या हो रहा है यहां पे ओनली

[03:03:04] इनर जॉइन से क्या हो रहा है यहां पे ओनली मैचिंग रिकॉर्ड्स आ रहे हैं। लेफ्ट जॉइन

[03:03:06] मैचिंग रिकॉर्ड्स आ रहे हैं। लेफ्ट जॉइन से क्या हो रहा है? लेफ्ट टेबल का कंप्लीट

[03:03:08] से क्या हो रहा है? लेफ्ट टेबल का कंप्लीट डाटा आ रहा है। और राइट जॉइन से क्या हो

[03:03:09] डाटा आ रहा है। और राइट जॉइन से क्या हो रहा है? राइट टेबल का कंप्लीट डाटा आ रहा

[03:03:11] रहा है? राइट टेबल का कंप्लीट डाटा आ रहा है। दैट इज फुल जॉइन। दोनों टेबल का

[03:03:13] है। दैट इज फुल जॉइन। दोनों टेबल का कंप्लीट डाटा। यहां पे हमने लगाया है

[03:03:15] कंप्लीट डाटा। यहां पे हमने लगाया है यूनियन। यूनियन क्यों यूज़ किया? माय

[03:03:17] यूनियन। यूनियन क्यों यूज़ किया? माय एसक्यूएल में फुल जॉइन डायरेक्टली सपोर्ट

[03:03:19] एसक्यूएल में फुल जॉइन डायरेक्टली सपोर्ट नहीं होता है। फुल जॉइन का मतलब होता है

[03:03:21] नहीं होता है। फुल जॉइन का मतलब होता है लेफ्ट टेबल का डेटा प्लस राइट टेबल का

[03:03:23] लेफ्ट टेबल का डेटा प्लस राइट टेबल का डेटा। इसलिए हम दो क्वेरीज़ रन कराते हैं।

[03:03:26] डेटा। इसलिए हम दो क्वेरीज़ रन कराते हैं। एक लेफ्ट जॉइन के लिए हमने ये लिखी। फिर

[03:03:28] एक लेफ्ट जॉइन के लिए हमने ये लिखी। फिर लिखी हमने राइट जॉइन के लिए। लेफ्ट वाली

[03:03:30] लिखी हमने राइट जॉइन के लिए। लेफ्ट वाली लेफ्ट टेबल का सारा डेटा, राइट वाली राइट

[03:03:32] लेफ्ट टेबल का सारा डेटा, राइट वाली राइट टेबल का सारा डेटा। फिर दोनों रिजल्ट को

[03:03:34] टेबल का सारा डेटा। फिर दोनों रिजल्ट को कंबाइन कर देते हैं यूजिंग यूनियन। इसलिए

[03:03:37] कंबाइन कर देते हैं यूजिंग यूनियन। इसलिए हमने यहां पे यूनियन लगाया है। अभी कुछ

[03:03:39] हमने यहां पे यूनियन लगाया है। अभी कुछ प्रैक्टिस सेट्स देखते हैं हम। सबसे पहला

[03:03:41] प्रैक्टिस सेट्स देखते हैं हम। सबसे पहला क्वेश्चन है फाइंड ऑल यूजर विद देयर

[03:03:43] क्वेश्चन है फाइंड ऑल यूजर विद देयर ऑर्डर्स। इसे सॉल्व करते हैं हम। लिखेंगे

[03:03:46] ऑर्डर्स। इसे सॉल्व करते हैं हम। लिखेंगे हम यहां पे सेलेक्ट

[03:03:49] हम यहां पे सेलेक्ट यूजर डॉट

[03:03:53] यूजर डॉट यूजर आईडी कॉमा। यहां पे क्या करना है

[03:03:56] यूजर आईडी कॉमा। यहां पे क्या करना है हमें? फाइंड ऑल यूजर विद देयर ऑर्डर्स। तो

[03:03:58] हमें? फाइंड ऑल यूजर विद देयर ऑर्डर्स। तो यहां पर हम लेंगे यूजर आईडी

[03:04:01] यहां पर हम लेंगे यूजर आईडी एंड यूजर डॉट नेम भी ले रहे हैं इसमें हम

[03:04:04] एंड यूजर डॉट नेम भी ले रहे हैं इसमें हम कॉमा ऑर्डर्स डॉट ऑर्डर आईडी

[03:04:09] कॉमा ऑर्डर्स डॉट ऑर्डर आईडी एंड अमाउंट भी ले लेते हैं

[03:04:14] ऑर्डर

[03:04:16] ऑर्डर डॉट अमाउंट

[03:04:22] फ्रॉम यूजर लेफ्ट साइन लगाना है इसमें

[03:04:25] फ्रॉम यूजर लेफ्ट साइन लगाना है इसमें हमें ऑर्डर्स

[03:04:28] हमें ऑर्डर्स ऑन

[03:04:30] ऑन यूजर डॉट यूजर आईडी = ऑर्डर ऑर्डर्स डॉट

[03:04:35] यूजर डॉट यूजर आईडी = ऑर्डर ऑर्डर्स डॉट यूजर आई।

[03:04:41] तो यहां पे हमको फुल टेबल मिल गया। सारे

[03:04:43] तो यहां पे हमको फुल टेबल मिल गया। सारे यूजर भी मिल गए और सारे ऑर्डर्स भी मिल

[03:04:45] यूजर भी मिल गए और सारे ऑर्डर्स भी मिल गए। इसमें हमें लेफ्ट जॉइंट टेबल यूजर का

[03:04:48] गए। इसमें हमें लेफ्ट जॉइंट टेबल यूजर का सारा डाटा मिला। इसीलिए इसमें अमित भी

[03:04:51] सारा डाटा मिला। इसीलिए इसमें अमित भी प्रिंट हुआ और जो ऑर्डर थे और अमाउंट थे

[03:04:53] प्रिंट हुआ और जो ऑर्डर थे और अमाउंट थे वह प्रिंट नहीं हुआ। बिकॉज़ ऑर्डर आईडी

[03:04:56] वह प्रिंट नहीं हुआ। बिकॉज़ ऑर्डर आईडी हमने नहीं दी थी। हमने सिर्फ दो ही ऑर्डर

[03:04:58] हमने नहीं दी थी। हमने सिर्फ दो ही ऑर्डर आईडी दी थी और अमाउंट भी सिर्फ दो ही दी

[03:04:59] आईडी दी थी और अमाउंट भी सिर्फ दो ही दी थी हमने। और इसमें हमने जो एक और ऑर्डर

[03:05:01] थी हमने। और इसमें हमने जो एक और ऑर्डर दिया था वह प्रिंट नहीं हुआ। फोर वाला जो

[03:05:03] दिया था वह प्रिंट नहीं हुआ। फोर वाला जो यूजर था जो एग्िस्ट ही नहीं करता था वो

[03:05:05] यूजर था जो एग्िस्ट ही नहीं करता था वो वाला नहीं आया। जो ये फोर हमने करवाया था

[03:05:07] वाला नहीं आया। जो ये फोर हमने करवाया था बाद में ये वाला हमको नहीं मिला। बिकॉज़

[03:05:09] बाद में ये वाला हमको नहीं मिला। बिकॉज़ हमने लेफ्ट जॉइन लगाया था। लेफ्ट की सारी

[03:05:11] हमने लेफ्ट जॉइन लगाया था। लेफ्ट की सारी वैल्यू्यूज आई। राइट की वैल्यूज़ नहीं आई।

[03:05:13] वैल्यू्यूज आई। राइट की वैल्यूज़ नहीं आई। अब नेक्स्ट क्वेश्चन क्या है? फाइंड

[03:05:14] अब नेक्स्ट क्वेश्चन क्या है? फाइंड यूज़र्स हु प्लेस्ड ऑर्डर। उसके लिए हम

[03:05:17] यूज़र्स हु प्लेस्ड ऑर्डर। उसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट यूजर डॉट नेम कॉमा

[03:05:22] लिखेंगे सेलेक्ट यूजर डॉट नेम कॉमा ऑर्डर्स डॉट ऑर्डर आईडी।

[03:05:25] ऑर्डर्स डॉट ऑर्डर आईडी। कॉमर ऑर्डर्स डॉट अमाउंट लॉन्ग यूजर

[03:05:32] कॉमर ऑर्डर्स डॉट अमाउंट लॉन्ग यूजर लगा रहे हैं इनर जॉइन

[03:05:34] लगा रहे हैं इनर जॉइन ऑर्डर्स

[03:05:37] ऑर्डर्स और यूजर डॉट यूजर आईडी इक्वल टू

[03:05:44] ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी

[03:05:50] इसमें हमें राहुल मिला और नेहा मिला इन

[03:05:52] इसमें हमें राहुल मिला और नेहा मिला इन जॉइन में सिर्फ मैचिंग रिकॉर्ड्स आते है।

[03:05:54] जॉइन में सिर्फ मैचिंग रिकॉर्ड्स आते है। नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइल यूज़र्स हु नेवर

[03:05:56] नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइल यूज़र्स हु नेवर प्लेस एनी ऑर्डर। इसमें हम लिखेंगे

[03:05:59] प्लेस एनी ऑर्डर। इसमें हम लिखेंगे सेलेक्ट

[03:06:01] सेलेक्ट यूजर डॉट नेमल

[03:06:05] यूजर डॉट नेमल फ्रॉम यूजर

[03:06:08] फ्रॉम यूजर लगा रहे हैं लेफ्ट जाइन

[03:06:11] लगा रहे हैं लेफ्ट जाइन ऑर्डर्स पे और

[03:06:15] ऑर्डर्स पे और यूजर डॉट यूजर आईडी

[03:06:18] यूजर डॉट यूजर आईडी इक्वल ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी

[03:06:23] इक्वल ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी वेयर कंडीशन क्या है यहां पर वेयर ऑर्डर्स

[03:06:26] वेयर कंडीशन क्या है यहां पर वेयर ऑर्डर्स डॉट ऑर्डर आईडी

[03:06:29] डॉट ऑर्डर आईडी इज

[03:06:32] इज नल

[03:06:38] यहां पे हमको मिला अमित बिकॉज़ अमित ने कोई

[03:06:40] यहां पे हमको मिला अमित बिकॉज़ अमित ने कोई भी ऑर्डर प्लेस नहीं किया था। अगर ऑर्डर

[03:06:42] भी ऑर्डर प्लेस नहीं किया था। अगर ऑर्डर कॉलम नल है मतलब यूजर ने कोई भी ऑर्डर

[03:06:44] कॉलम नल है मतलब यूजर ने कोई भी ऑर्डर नहीं किया है। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है

[03:06:46] नहीं किया है। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड ऑर्डर्स वेयर यूजर डजंट एक्सिस्ट।

[03:06:48] फाइंड ऑर्डर्स वेयर यूजर डजंट एक्सिस्ट। इसलिए हमें फोर वाला मिलना चाहिए। सेलेक्ट

[03:06:52] इसलिए हमें फोर वाला मिलना चाहिए। सेलेक्ट ऑर्डर्स डॉट ऑर्डर आईडी कॉमा

[03:06:57] ऑर्डर्स डॉट ऑर्डर आईडी कॉमा ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी

[03:07:01] ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी कॉमा ऑर्डर्स डॉट अमाउंट

[03:07:05] कॉमा ऑर्डर्स डॉट अमाउंट फ्रॉम

[03:07:08] फ्रॉम यूजर

[03:07:09] यूजर लगा रहे हैं राइट ड्राइंग

[03:07:12] लगा रहे हैं राइट ड्राइंग ऑर्डर्स

[03:07:14] ऑर्डर्स और यूजर डॉट यूजर आईडी

[03:07:18] और यूजर डॉट यूजर आईडी इक्व

[03:07:20] इक्व और एस डॉट यूजर आई

[03:07:23] और एस डॉट यूजर आई कंडीशन क्या है यहां पे वेयर यूजर डॉट

[03:07:28] कंडीशन क्या है यहां पे वेयर यूजर डॉट यूजर आईडी इज़ नल तो यहां पे हमने लगाया

[03:07:32] यूजर आईडी इज़ नल तो यहां पे हमने लगाया राइट जॉइन तो यहां पे यूजर आईडी जो थी फोर

[03:07:36] राइट जॉइन तो यहां पे यूजर आईडी जो थी फोर वो यूजर टेबल में एक्सिस्ट नहीं करती है

[03:07:38] वो यूजर टेबल में एक्सिस्ट नहीं करती है इसलिए ये इनवैलिड ऑर्डर है इसलिए सिर्फ

[03:07:40] इसलिए ये इनवैलिड ऑर्डर है इसलिए सिर्फ यही आया नेक्स्ट है फाइंड टूट ऑर्डर

[03:07:42] यही आया नेक्स्ट है फाइंड टूट ऑर्डर अमाउंट फॉर ईच यूजर इसमें हम लिखेंगे

[03:07:44] अमाउंट फॉर ईच यूजर इसमें हम लिखेंगे सेलेक्ट यूजर डॉट नेम कॉमा और सम ऊपर

[03:07:50] सेलेक्ट यूजर डॉट नेम कॉमा और सम ऊपर चाहिए बिकॉज़ हमें सम लगाया हमने यहां पे

[03:07:53] चाहिए बिकॉज़ हमें सम लगाया हमने यहां पे ऑर्डर्स डॉट अमाउंट

[03:07:56] ऑर्डर्स डॉट अमाउंट एज

[03:07:58] एज टोटल अमाउंट

[03:08:00] टोटल अमाउंट एज मतलब क्या है? एलियस इसको नाम दिया है

[03:08:02] एज मतलब क्या है? एलियस इसको नाम दिया है हमने फ्रॉम यूजर इसमें लगेगा इनर जॉइन

[03:08:08] हमने फ्रॉम यूजर इसमें लगेगा इनर जॉइन ऑर्डर्स

[03:08:09] ऑर्डर्स ऑन यूजर डॉट यूजर आईडी इक्व ऑर्डर्स डॉट

[03:08:15] ऑन यूजर डॉट यूजर आईडी इक्व ऑर्डर्स डॉट यूजर आईडी

[03:08:17] यूजर आईडी ग्रुप बाय

[03:08:20] ग्रुप बाय यूजर डॉट नेम

[03:08:23] यूजर डॉट नेम यहां पर हमको राहुल और नेहा दोनों का टोटल

[03:08:25] यहां पर हमको राहुल और नेहा दोनों का टोटल जो ऑर्डर अमाउंट था वह मिल गया। यहां पर

[03:08:26] जो ऑर्डर अमाउंट था वह मिल गया। यहां पर हमने लगाया था इनर जॉइन। अब एक क्वेश्चन

[03:08:29] हमने लगाया था इनर जॉइन। अब एक क्वेश्चन मैं दे रही हूं जो आपको करना है। फाइंड

[03:08:32] मैं दे रही हूं जो आपको करना है। फाइंड यूज़र्स हु प्लेस्ड मोर देन कॉइन ऑर्डर।

[03:08:38] यूज़र्स हु प्लेस्ड मोर देन कॉइन ऑर्डर। आपको इसमें और वैल्यू इंसर्ट करानी है एंड

[03:08:40] आपको इसमें और वैल्यू इंसर्ट करानी है एंड देन इसको सॉल्व करना है।

[03:08:43] देन इसको सॉल्व करना है। ड्राइंग सिर्फ टेबल कंबाइन करने के लिए

[03:08:44] ड्राइंग सिर्फ टेबल कंबाइन करने के लिए नहीं होता है बल्कि डेटा कॉलम डिटेक्ट

[03:08:46] नहीं होता है बल्कि डेटा कॉलम डिटेक्ट करने के लिए भी यूज़ होता है। आज हम पढ़ने

[03:08:49] करने के लिए भी यूज़ होता है। आज हम पढ़ने वाले हैं सेल्फ जॉइ के बारे में और यूनियन

[03:08:52] वाले हैं सेल्फ जॉइ के बारे में और यूनियन वर्सेस यूनियन ऑल के बारे में। यह दोनों

[03:08:54] वर्सेस यूनियन ऑल के बारे में। यह दोनों कांसेप्ट इंटरव्यू में भी पूछे जाते हैं

[03:08:56] कांसेप्ट इंटरव्यू में भी पूछे जाते हैं और रियल प्रोजेक्ट्स में भी यूज़ होते

[03:08:58] और रियल प्रोजेक्ट्स में भी यूज़ होते हैं। अभी सबसे पहले हम समझेंगे सेल्फ

[03:09:00] हैं। अभी सबसे पहले हम समझेंगे सेल्फ जॉइंट को। सेल्फ जॉइंट क्या होता है?

[03:09:03] जॉइंट को। सेल्फ जॉइंट क्या होता है? नॉर्मली जब हम जॉइ करते हैं तो दो अलग

[03:09:07] नॉर्मली जब हम जॉइ करते हैं तो दो अलग टेबल्स को जॉइ करते हैं। लेकिन कभी-कभी

[03:09:09] टेबल्स को जॉइ करते हैं। लेकिन कभी-कभी सिचुएशन ऐसी होती है जहां एक ही टेबल को

[03:09:12] सिचुएशन ऐसी होती है जहां एक ही टेबल को खुद के साथ जॉइ करना पड़ता है। इसी को हम

[03:09:15] खुद के साथ जॉइ करना पड़ता है। इसी को हम सेल्फ जॉइन कहते हैं। इसको एक हम सिंपल

[03:09:18] सेल्फ जॉइन कहते हैं। इसको एक हम सिंपल एग्जांपल से समझते हैं। मान लो एक एंप्लॉय

[03:09:21] एग्जांपल से समझते हैं। मान लो एक एंप्लॉय टेबल है जिसमें एंप्लॉय का नाम है और

[03:09:23] टेबल है जिसमें एंप्लॉय का नाम है और एंप्लॉय का एक मैनेजर भी है। अब मैनेजर भी

[03:09:26] एंप्लॉय का एक मैनेजर भी है। अब मैनेजर भी एक्चुअली एंप्लॉय ही होता है। इसलिए

[03:09:28] एक्चुअली एंप्लॉय ही होता है। इसलिए मैनेजर का डाटा भी सेम टेबल में स्टोर

[03:09:30] मैनेजर का डाटा भी सेम टेबल में स्टोर होता है। सबसे पहले इसके लिए हम क्रिएट

[03:09:33] होता है। सबसे पहले इसके लिए हम क्रिएट करते हैं डेटाबेस। देन हम क्रिएट करेंगे

[03:09:36] करते हैं डेटाबेस। देन हम क्रिएट करेंगे टेबल।

[03:09:39] टेबल। क्रिएट

[03:09:41] क्रिएट डेटाबेस। इसको हमने नाम दिया एंप्लॉय।

[03:09:54] इसको हम देते हैं एंप्लॉय डीवी। बस

[03:09:58] इसको हम देते हैं एंप्लॉय डीवी। बस एंप्लॉय जो है वह ऑलरेडी एक्सिस्ट करता

[03:10:00] एंप्लॉय जो है वह ऑलरेडी एक्सिस्ट करता है।

[03:10:02] है। अब इसको हम यूज कर लेते हैं।

[03:10:05] अब इसको हम यूज कर लेते हैं। यूज़

[03:10:07] यूज़ एंप्लॉय

[03:10:09] एंप्लॉय डीबी

[03:10:15] अभी हम क्रिएट करेंगे एक टेबल एंप्लॉय के

[03:10:17] अभी हम क्रिएट करेंगे एक टेबल एंप्लॉय के लिए क्रिएट

[03:10:20] लिए क्रिएट टेबल। उसका नाम है एंप्लॉय।

[03:10:24] टेबल। उसका नाम है एंप्लॉय। इसमें हम देंगे सबसे पहले आईडी जो कि होगी

[03:10:26] इसमें हम देंगे सबसे पहले आईडी जो कि होगी इंटीजर में। देन हम देंगे नेम जो कि होगा

[03:10:31] इंटीजर में। देन हम देंगे नेम जो कि होगा वेयर कैप में 50 वर्ड्स का नेम एंड देन हम

[03:10:36] वेयर कैप में 50 वर्ड्स का नेम एंड देन हम देंगे मैनेजर आईडी

[03:10:42] जो कि होगी इंटीजर में

[03:10:48] अभी हम टेबल क्रिएट कर लेते हैं।

[03:10:53] अभी हम टेबल क्रिएट कर लेते हैं। टेबल सक्सेसफुली क्रिएट हो गया है। यहां

[03:10:56] टेबल सक्सेसफुली क्रिएट हो गया है। यहां पर आईडी जो है वह एंप्लॉय की आईडी है। नेम

[03:10:58] पर आईडी जो है वह एंप्लॉय की आईडी है। नेम जो है वह एंप्लॉय का नेम है और मैनेजर

[03:11:00] जो है वह एंप्लॉय का नेम है और मैनेजर आईडी जो है वह उस एंप्लॉय का मैनेजर है।

[03:11:04] आईडी जो है वह उस एंप्लॉय का मैनेजर है। अभी इसमें हम डेटा इंसर्ट कराते हैं।

[03:11:09] इंसर्ट इंटू टेबल का नाम क्या है? एंप्लॉय

[03:11:14] इंसर्ट इंटू टेबल का नाम क्या है? एंप्लॉय वैल्यूज़ देंगे इसमें हम।

[03:11:21] सबसे पहले हमने आईडी दी वन देन नेम दिया

[03:11:24] सबसे पहले हमने आईडी दी वन देन नेम दिया इसमें हमने रवि

[03:11:28] इसमें हमने रवि एंड इसमें हमने मैनेजर आईडी दी नल

[03:11:34] एक और ले लिया हमने टू इसमें हमने नाम

[03:11:38] एक और ले लिया हमने टू इसमें हमने नाम दिया अमित

[03:11:41] दिया अमित कॉमा आईडी दी इसमें हमने वन

[03:11:51] एक और ले लिया इसमें थ्री एंप्लॉय आईडी

[03:11:55] एक और ले लिया इसमें थ्री एंप्लॉय आईडी थ्री है नाम है नेहा

[03:11:58] थ्री है नाम है नेहा और

[03:12:00] और मैनेजर आईडी है वन देन फोर कॉमा नाम दे

[03:12:05] मैनेजर आईडी है वन देन फोर कॉमा नाम दे दिया इसमें हमने राहुल और मैनेजर आईडी है

[03:12:08] दिया इसमें हमने राहुल और मैनेजर आईडी है इसमें

[03:12:10] इसमें टू

[03:12:13] अभी डाटा हम इंसर्ट करा लेते

[03:12:16] अभी डाटा हम इंसर्ट करा लेते डेटा भी सक्सेसफुली इंसर्ट हो चुका है।

[03:12:18] डेटा भी सक्सेसफुली इंसर्ट हो चुका है। रवि का मैनेजर नहीं है। यहां पर हमने नल

[03:12:21] रवि का मैनेजर नहीं है। यहां पर हमने नल दिया है। यहां पर हमने क्या दिया है?

[03:12:23] दिया है। यहां पर हमने क्या दिया है? मैनेजर आईडी इंट दी है। अब यहां पे अमित

[03:12:25] मैनेजर आईडी इंट दी है। अब यहां पे अमित और नेहा इन दोनों का मैनेजर कौन है? वन वन

[03:12:28] और नेहा इन दोनों का मैनेजर कौन है? वन वन दिया है। वन वन आईडी किसकी है? रवि की है।

[03:12:30] दिया है। वन वन आईडी किसकी है? रवि की है। तो रवि इन दोनों का मैनेजर है। देन राहुल

[03:12:34] तो रवि इन दोनों का मैनेजर है। देन राहुल जो है उसके आगे हमने टू लिखा है। तो टू

[03:12:36] जो है उसके आगे हमने टू लिखा है। तो टू कौन है? अमित है। मतलब राहुल का मैनेजर है

[03:12:38] कौन है? अमित है। मतलब राहुल का मैनेजर है अमित। अब हम सेल्फ जॉइ क्वरी लिखते हैं।

[03:12:43] अमित। अब हम सेल्फ जॉइ क्वरी लिखते हैं। यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट

[03:12:46] यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट ई डॉट नेम

[03:12:50] ई डॉट नेम एस एंप्लॉय

[03:12:54] कॉमा एम डॉट नेम एस मैनेजर

[03:13:03] फ्रॉम

[03:13:05] फ्रॉम एंप्लॉय

[03:13:06] एंप्लॉय ई

[03:13:08] ई इसमें हम लगाएंगे

[03:13:11] इसमें हम लगाएंगे लेफ्ट जॉइ

[03:13:16] एंप्लॉय

[03:13:20] एम एंड देन ऑन

[03:13:24] एम एंड देन ऑन ई डॉट मैनेजर आईडी

[03:13:28] इज़ इक्वल टू

[03:13:31] इज़ इक्वल टू एम डॉट आईडी

[03:13:38] यहां ध्यान देने वाली चीज है टेबल एलियस

[03:13:42] यहां ध्यान देने वाली चीज है टेबल एलियस यहां पे हमने जो लिखा है ई ये क्या है?

[03:13:45] यहां पे हमने जो लिखा है ई ये क्या है? एंप्लॉय टेबल है और एम जो है वो है मैनेजर

[03:13:48] एंप्लॉय टेबल है और एम जो है वो है मैनेजर टेबल। लेकिन एक्चुअली दोनों सेम टेबल है।

[03:13:50] टेबल। लेकिन एक्चुअली दोनों सेम टेबल है। बस एसक्यूएल को समझाने के लिए हमने उन्हें

[03:13:53] बस एसक्यूएल को समझाने के लिए हमने उन्हें अलग-अलग नाम दिए हैं। इसका आउटपुट हमें

[03:13:55] अलग-अलग नाम दिए हैं। इसका आउटपुट हमें मिला रवि नल। अमित के आगे मिला हमें

[03:13:58] मिला रवि नल। अमित के आगे मिला हमें मैनेजर रवि। नेहा के आगे मैनेजर मिला रवि

[03:14:01] मैनेजर रवि। नेहा के आगे मैनेजर मिला रवि एंड राहुल के आगे मैनेजर मिला अमित। यहां

[03:14:04] एंड राहुल के आगे मैनेजर मिला अमित। यहां पे हम क्या कर रहे हैं? हमने लिखा है ई

[03:14:06] पे हम क्या कर रहे हैं? हमने लिखा है ई डॉट नेम ऐज़ एंप्लॉय। ई डॉट नेम ऐज़

[03:14:08] डॉट नेम ऐज़ एंप्लॉय। ई डॉट नेम ऐज़ एंप्लॉयड। ई एक्चुअली क्या है? एंप्लॉय

[03:14:10] एंप्लॉयड। ई एक्चुअली क्या है? एंप्लॉय टेबल का एलियस है। हमने यहां पे क्योरी

[03:14:13] टेबल का एलियस है। हमने यहां पे क्योरी लिखी है फ्रॉम ई। इसका मतलब है कि एंप्लॉय

[03:14:16] लिखी है फ्रॉम ई। इसका मतलब है कि एंप्लॉय टेबल को हम शॉर्ट में ई नाम से रिफर

[03:14:18] टेबल को हम शॉर्ट में ई नाम से रिफर करेंगे। इसलिए जब हम लिखते हैं ई डॉट नेम

[03:14:21] करेंगे। इसलिए जब हम लिखते हैं ई डॉट नेम इसका मतलब होता है कि एंप्लॉय टेबल का नेम

[03:14:24] इसका मतलब होता है कि एंप्लॉय टेबल का नेम कॉलम। अब आता है एज़ एंप्लॉय। एस कीवर्ड का

[03:14:28] कॉलम। अब आता है एज़ एंप्लॉय। एस कीवर्ड का यूज कॉलम को एक रीडेबल नाम देने के लिए

[03:14:31] यूज कॉलम को एक रीडेबल नाम देने के लिए होता है। यहां हम रिजल्ट में कॉलम का नाम

[03:14:34] होता है। यहां हम रिजल्ट में कॉलम का नाम एंप्लॉय रखना चाहते हैं। जैसे यहां

[03:14:35] एंप्लॉय रखना चाहते हैं। जैसे यहां एंप्लॉय लिखा है। तो हमने लिखा है ई डॉट

[03:14:38] एंप्लॉय लिखा है। तो हमने लिखा है ई डॉट नेम ऐज़ एंप्लॉय एंड M डॉट नेम ऐज़ मैनेजर

[03:14:41] नेम ऐज़ एंप्लॉय एंड M डॉट नेम ऐज़ मैनेजर मतलब एंप्लॉय टेबल का नाम कॉलम शो करो और

[03:14:44] मतलब एंप्लॉय टेबल का नाम कॉलम शो करो और आउटपुट में कॉलम का नाम एंप्लॉय रखो।

[03:14:47] आउटपुट में कॉलम का नाम एंप्लॉय रखो। इसलिए हमें क्वरी का रिजल्ट क्या मिला?

[03:14:49] इसलिए हमें क्वरी का रिजल्ट क्या मिला? एंप्लॉय एंड मैनेजर नेम मिला हमें और उसके

[03:14:51] एंप्लॉय एंड मैनेजर नेम मिला हमें और उसके अंदर सारे एंप्लॉय के अंदर एंप्लॉय आ गए

[03:14:53] अंदर सारे एंप्लॉय के अंदर एंप्लॉय आ गए और मैनेजर के अंदर मैनेजर आ गए। शॉर्ट में

[03:14:55] और मैनेजर के अंदर मैनेजर आ गए। शॉर्ट में बोले तो ई डॉट नेम एस एंप्लॉय का मतलब है

[03:14:58] बोले तो ई डॉट नेम एस एंप्लॉय का मतलब है एंप्लॉय टेबल का नेम कॉलम को सेलेक्ट करो

[03:15:01] एंप्लॉय टेबल का नेम कॉलम को सेलेक्ट करो और रिजल्ट में उस कॉलम का नाम एंप्लॉय

[03:15:03] और रिजल्ट में उस कॉलम का नाम एंप्लॉय दिखाओ। एज लिखना ऑप्शनल होता है। जरूरी

[03:15:06] दिखाओ। एज लिखना ऑप्शनल होता है। जरूरी नहीं है। अगर आप एस नहीं लिखेंगे तो भी यह

[03:15:08] नहीं है। अगर आप एस नहीं लिखेंगे तो भी यह सेम आउटपुट दे देगा। अभी हम नेक्स्ट

[03:15:10] सेम आउटपुट दे देगा। अभी हम नेक्स्ट पढ़ेंगे यूनियन वर्सेस यूनियन ऑल के बारे

[03:15:13] पढ़ेंगे यूनियन वर्सेस यूनियन ऑल के बारे में। कभी-कभी हमें मल्टीपल सेलेक्ट क्वरी

[03:15:16] में। कभी-कभी हमें मल्टीपल सेलेक्ट क्वरी का रिजल्ट कंबाइन करना होता है। उसके लिए

[03:15:19] का रिजल्ट कंबाइन करना होता है। उसके लिए एसक्यूएल में यूनियन यूज किया जाता है।

[03:15:21] एसक्यूएल में यूनियन यूज किया जाता है। अभी यूनियन को हम एक स्टूडेंट के एग्जांपल

[03:15:24] अभी यूनियन को हम एक स्टूडेंट के एग्जांपल से समझते हैं। उसके लिए हम क्रिएट करेंगे

[03:15:26] से समझते हैं। उसके लिए हम क्रिएट करेंगे एक टेबल स्टूडेंट के लिए।

[03:15:30] एक टेबल स्टूडेंट के लिए। क्रिएट टेबल स्टूडेंट।

[03:15:40] इसमें हम देंगे इन आईडी एंड कॉमा नेम वेयर

[03:15:47] इसमें हम देंगे इन आईडी एंड कॉमा नेम वेयर कैर

[03:15:50] अब इसमें हम डेटा इंसर्ट करा लेते हैं।

[03:15:54] अब इसमें हम डेटा इंसर्ट करा लेते हैं। इंसर्ट इंटू

[03:15:59] टेबल का नेम क्या है? स्टूडेंट्स

[03:16:04] वैल्यूस

[03:16:11] वन पे हमने दे दिया अमित कॉमा

[03:16:16] वन पे हमने दे दिया अमित कॉमा टू पे हमने दे दिया नेहा

[03:16:21] एंड थ्री पर हमने दे दिया

[03:16:24] एंड थ्री पर हमने दे दिया रोहित

[03:16:33] अभी हम सेम ऐसे ही टेबल टीचर के लिए भी

[03:16:36] अभी हम सेम ऐसे ही टेबल टीचर के लिए भी क्रिएट कर लेते हैं। इसे मैं कॉपी कर लेती

[03:16:39] क्रिएट कर लेते हैं। इसे मैं कॉपी कर लेती हूं।

[03:16:41] हूं। एंड बस यहां पे नेम चेंज करके टीचर डाल

[03:16:44] एंड बस यहां पे नेम चेंज करके टीचर डाल देती हूं।

[03:16:50] मैंने क्या किया था? यहां पे क्योरी

[03:16:52] मैंने क्या किया था? यहां पे क्योरी एग्जीक्यूट ही नहीं कराई थी क्रिएट वाली।

[03:16:54] एग्जीक्यूट ही नहीं कराई थी क्रिएट वाली। तो यहां पे लिखा आ रहा है ना टेबल डज़ंट

[03:16:56] तो यहां पे लिखा आ रहा है ना टेबल डज़ंट एग्ज़िस्ट। जब हमने इंसर्ट कराया तब तो

[03:16:58] एग्ज़िस्ट। जब हमने इंसर्ट कराया तब तो टीचर का टेबल क्रिएट हो गया है

[03:16:59] टीचर का टेबल क्रिएट हो गया है सक्सेसफुली।

[03:17:03] अभी हम इसके अंदर डाटा इंसर्ट करा लेते

[03:17:05] अभी हम इसके अंदर डाटा इंसर्ट करा लेते हैं।

[03:17:06] हैं। यही वाला मैं कॉपी कर लेती हूं।

[03:17:13] इसमें नाम चेंज कर देती हूं। बस नाम हमने

[03:17:15] इसमें नाम चेंज कर देती हूं। बस नाम हमने दे दिया

[03:17:19] प्रिया।

[03:17:24] टू पर दे दिया हमने राहुल

[03:17:28] और थ्री पर हमने दे दिया

[03:17:33] योग्यता

[03:17:41] यहां पे हमने सक्सेसफुली टेबल क्रिएट भी

[03:17:43] यहां पे हमने सक्सेसफुली टेबल क्रिएट भी कर लिया और डेटा इंसर्ट भी करा लिया है।

[03:17:46] कर लिया और डेटा इंसर्ट भी करा लिया है। अभी हम लिखते हैं यूनियन के लिए क्वेरी।

[03:17:51] अभी हम लिखते हैं यूनियन के लिए क्वेरी। यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम

[03:17:55] यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम फ्रॉम स्टूडेंट्स

[03:18:00] यूनियन लगाएंगे एंड लिखेंगे सेलेक्ट

[03:18:05] यूनियन लगाएंगे एंड लिखेंगे सेलेक्ट नेम फ्रॉम टीचर्स

[03:18:19] तो इस क्वेरी का रिजल्ट होगा स्टूडेंट और

[03:18:22] तो इस क्वेरी का रिजल्ट होगा स्टूडेंट और टीचर दोनों के नाम एक ही लिस्ट में। यहां

[03:18:24] टीचर दोनों के नाम एक ही लिस्ट में। यहां पर हमें स्टूडेंट और टीचर दोनों के नाम एक

[03:18:26] पर हमें स्टूडेंट और टीचर दोनों के नाम एक ही लिस्ट में मिल गए।

[03:18:32] अब जैसे मैं एक और वैल्यू इंसर्ट करा देती

[03:18:34] अब जैसे मैं एक और वैल्यू इंसर्ट करा देती हूं उसमें

[03:18:38] फोर पे जिसका नाम सेम होगा रोहित।

[03:18:50] और अब जब इस क्वरी को हम चलाएंगे अगेन

[03:18:53] और अब जब इस क्वरी को हम चलाएंगे अगेन यूनियन वाली को तो यहां पे क्या हुआ रोहित

[03:18:56] यूनियन वाली को तो यहां पे क्या हुआ रोहित हम लोग दो बार इंसर्ट कराए योगिता भी दो

[03:18:58] हम लोग दो बार इंसर्ट कराए योगिता भी दो बार इंसर्ट कराए क्योंकि हमने इंसर्ट वाली

[03:19:00] बार इंसर्ट कराए क्योंकि हमने इंसर्ट वाली क्यूरी डबल से चलाई थी लेकिन इसमें सारी

[03:19:02] क्यूरी डबल से चलाई थी लेकिन इसमें सारी चीजें जो है वो एक-एक बारी आ रही है

[03:19:05] चीजें जो है वो एक-एक बारी आ रही है यूनियन क्या करता है यूनियन डुप्लीकेट

[03:19:07] यूनियन क्या करता है यूनियन डुप्लीकेट वैल्यूज़ को ऑटोमेटिकली रिमूव कर देता है

[03:19:10] वैल्यूज़ को ऑटोमेटिकली रिमूव कर देता है इसलिए हमको स्टूडेंट में क्या-क्या थी

[03:19:12] इसलिए हमको स्टूडेंट में क्या-क्या थी स्टूडेंट में थे अमित नेहा रोहित अमित

[03:19:14] स्टूडेंट में थे अमित नेहा रोहित अमित नेहा रोहित मिले और टीचर में क्या-क्या

[03:19:17] नेहा रोहित मिले और टीचर में क्या-क्या थे? प्रिया, राहुल, योगिता और रोहित। तो

[03:19:21] थे? प्रिया, राहुल, योगिता और रोहित। तो इसने इन सबका यूनियन हमें दे दिया। अमित,

[03:19:23] इसने इन सबका यूनियन हमें दे दिया। अमित, नेहा, रोहित, प्रिया, राहुल और योगिता।

[03:19:26] नेहा, रोहित, प्रिया, राहुल और योगिता। इसने रोहित का नाम डबल बार रिपीट नहीं

[03:19:28] इसने रोहित का नाम डबल बार रिपीट नहीं किया। और हमने क्योंकि टीचर वाली क्योरी

[03:19:30] किया। और हमने क्योंकि टीचर वाली क्योरी डबल से चलाई थी। तो उसमें क्या हुआ? टीचर

[03:19:32] डबल से चलाई थी। तो उसमें क्या हुआ? टीचर वाली क्योरी डबल से चलाने के बाद भी

[03:19:39] यहां पे मैंने स्टूडेंट लिख दिया। यहां पे

[03:19:41] यहां पे मैंने स्टूडेंट लिख दिया। यहां पे टीचर लिखना है हमें।

[03:19:44] टीचर लिखना है हमें। नाउ करेक्ट। अब इसे कराते हैं इंसर्ट।

[03:19:48] नाउ करेक्ट। अब इसे कराते हैं इंसर्ट। अब अगेन चलाते हैं हम।

[03:19:52] अब अगेन चलाते हैं हम। तो भी हमें वैसा ही मिला। हमें नाम जो है

[03:19:55] तो भी हमें वैसा ही मिला। हमें नाम जो है वो रिपीट नहीं हो रहे हैं। सिर्फ एक-एक

[03:19:57] वो रिपीट नहीं हो रहे हैं। सिर्फ एक-एक बार सारे नाम क्योंकि यूनियन जो है वो

[03:20:00] बार सारे नाम क्योंकि यूनियन जो है वो डुप्लीकेट्स को रिमूव कर देता है।

[03:20:03] डुप्लीकेट्स को रिमूव कर देता है। यहां पे मैंने गलती से जब मैं इंसर्ट करा

[03:20:05] यहां पे मैंने गलती से जब मैं इंसर्ट करा रही थी टीचर के लिए तो मैंने यहां पे

[03:20:07] रही थी टीचर के लिए तो मैंने यहां पे स्टूडेंट दे दिया था।

[03:20:10] स्टूडेंट दे दिया था। यहां पे टीचर लिखना था। बाकी अब सही है।

[03:20:12] यहां पे टीचर लिखना था। बाकी अब सही है। अब नेक्स्ट पढ़ेंगे हम यूनियन ऑल के बारे

[03:20:15] अब नेक्स्ट पढ़ेंगे हम यूनियन ऑल के बारे में। यूनियन ऑल भी मल्टीपल क्वेरीज को

[03:20:18] में। यूनियन ऑल भी मल्टीपल क्वेरीज को कंबाइन करता है। लेकिन डिफरेंस यह है कि

[03:20:21] कंबाइन करता है। लेकिन डिफरेंस यह है कि यूनियन ऑल डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं करता

[03:20:23] यूनियन ऑल डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं करता है। अगर मैं यही सेम क्वेरी चलाती हूं

[03:20:26] है। अगर मैं यही सेम क्वेरी चलाती हूं यूनियन ऑल के लिए।

[03:20:38] तो यहां पे क्या हो रहा है? यहां पे हमें

[03:20:40] तो यहां पे क्या हो रहा है? यहां पे हमें नेम्स रिपीट होते हुए दिख रहा है। जैसे

[03:20:42] नेम्स रिपीट होते हुए दिख रहा है। जैसे अमित जो है अमित एक ही बार है प्रिया दो

[03:20:46] अमित जो है अमित एक ही बार है प्रिया दो बार है। तीन बार है प्रिया। 1 2 3 तीन बार

[03:20:50] बार है। तीन बार है प्रिया। 1 2 3 तीन बार क्यों है? बिकॉज़ ये हमने क्या किया था?

[03:20:51] क्यों है? बिकॉज़ ये हमने क्या किया था? स्टूडेंट का टेबल अगेन बना दिया था टीचर

[03:20:54] स्टूडेंट का टेबल अगेन बना दिया था टीचर वाले टेबल की प्लेस पर। तो नाम जो

[03:20:56] वाले टेबल की प्लेस पर। तो नाम जो स्टूडेंट में है वो ये सारे नाम भी

[03:20:58] स्टूडेंट में है वो ये सारे नाम भी स्टूडेंट में भी ऐड हो गए। और फिर जब टीचर

[03:21:00] स्टूडेंट में भी ऐड हो गए। और फिर जब टीचर का कराया वैल्यू उनसे तो टीचर में भी ऐड

[03:21:02] का कराया वैल्यू उनसे तो टीचर में भी ऐड हो गए। तो यहां पे सारी वैल्यू जो हमने

[03:21:04] हो गए। तो यहां पे सारी वैल्यू जो हमने डबल बार इंसर्ट कराई है वो दो बार दिख रही

[03:21:06] डबल बार इंसर्ट कराई है वो दो बार दिख रही हैं हमें। यूनियन में क्या होता है? है

[03:21:08] हैं हमें। यूनियन में क्या होता है? है डुप्लीकेट्स रिमूव करता है यूनियन और

[03:21:11] डुप्लीकेट्स रिमूव करता है यूनियन और थोड़ा स्लो होता है। यूनियन ऑल जो होता है

[03:21:13] थोड़ा स्लो होता है। यूनियन ऑल जो होता है वह डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं करता है और यह

[03:21:15] वह डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं करता है और यह फास्टर होता है। कुछ इंपॉर्टेंट रूल्स हैं

[03:21:17] फास्टर होता है। कुछ इंपॉर्टेंट रूल्स हैं जो आपको यूनियन यूज़ करते वक्त फॉलो करना

[03:21:20] जो आपको यूनियन यूज़ करते वक्त फॉलो करना पड़ता है। सबसे पहला रूल क्या है? कि कॉलम

[03:21:23] पड़ता है। सबसे पहला रूल क्या है? कि कॉलम का नंबर सेम होना चाहिए। दूसरा रूल क्या

[03:21:25] का नंबर सेम होना चाहिए। दूसरा रूल क्या है? कॉलम का डेटा टाइप कंपैटिबल होना

[03:21:28] है? कॉलम का डेटा टाइप कंपैटिबल होना चाहिए। एंड थर्ड वन इज़ कॉलम का आर्डर सेम

[03:21:31] चाहिए। एंड थर्ड वन इज़ कॉलम का आर्डर सेम होना चाहिए। फॉर एग्जांपल सेलेक्ट

[03:21:35] होना चाहिए। फॉर एग्जांपल सेलेक्ट आईडी कॉमा नेम।

[03:21:39] आईडी कॉमा नेम। फ्रॉम

[03:21:41] फ्रॉम स्टूडेंट्स।

[03:21:43] स्टूडेंट्स। इसमें हम लगाएंगे यूनियन एंड लिखेंगे

[03:21:45] इसमें हम लगाएंगे यूनियन एंड लिखेंगे सेलेक्ट

[03:21:47] सेलेक्ट आईडी कॉमा नेम

[03:21:50] आईडी कॉमा नेम फ्रॉम टीचर्स।

[03:21:57] यूनियन का यूज़ यहां पे मल्टीपल सेलेक्ट

[03:21:59] यूनियन का यूज़ यहां पे मल्टीपल सेलेक्ट क्योरी के रिजल्ट को कंबाइन करने के लिए

[03:22:01] क्योरी के रिजल्ट को कंबाइन करने के लिए होता है। इस क्वरी में दो सेलेक्ट

[03:22:03] होता है। इस क्वरी में दो सेलेक्ट स्टेटमेंट दिख रहे हैं आपको। सबसे पहली

[03:22:05] स्टेटमेंट दिख रहे हैं आपको। सबसे पहली वाली जो लिखी है हमने सेलेक्ट आईडी नेम

[03:22:07] वाली जो लिखी है हमने सेलेक्ट आईडी नेम फ्रॉम स्टूडेंट यह स्टूडेंट के आईडी और

[03:22:09] फ्रॉम स्टूडेंट यह स्टूडेंट के आईडी और नेम को फैच करेगी और दूसरी वाली जो लिखी

[03:22:12] नेम को फैच करेगी और दूसरी वाली जो लिखी है हमने सेलेक्ट आईडी एंड नेम फ्रॉम टीचर

[03:22:15] है हमने सेलेक्ट आईडी एंड नेम फ्रॉम टीचर ये टीचर के नेम को और आईडी को फैच करेगी।

[03:22:18] ये टीचर के नेम को और आईडी को फैच करेगी। यूनियन ने क्या किया? ये दोनों की क्वरी

[03:22:20] यूनियन ने क्या किया? ये दोनों की क्वरी के नेम को और आईडी को कंबाइन करके

[03:22:22] के नेम को और आईडी को कंबाइन करके डुप्लीकेट्स रिमूव करके रिजल्ट दे दिया

[03:22:25] डुप्लीकेट्स रिमूव करके रिजल्ट दे दिया हमें। यहां पे मैंने आपको बताए थे कुछ

[03:22:27] हमें। यहां पे मैंने आपको बताए थे कुछ रूल्स होते हैं यूनियन के लिए। जैसे दोनों

[03:22:29] रूल्स होते हैं यूनियन के लिए। जैसे दोनों क्वरीज़ में कॉलम का नंबर सेम होना चाहिए।

[03:22:32] क्वरीज़ में कॉलम का नंबर सेम होना चाहिए। कॉलम का डेटा टाइप कंपैटिबल होना चाहिए।

[03:22:34] कॉलम का डेटा टाइप कंपैटिबल होना चाहिए। कॉलम का आर्डर सेम होना चाहिए। इसलिए हमने

[03:22:38] कॉलम का आर्डर सेम होना चाहिए। इसलिए हमने दोनों क्वरीज में आईडी नेम लिखा है। इसमें

[03:22:40] दोनों क्वरीज में आईडी नेम लिखा है। इसमें भी हमने आईडी और नेम लिया है। और इसमें भी

[03:22:42] भी हमने आईडी और नेम लिया है। और इसमें भी हमने आईडी और नेम लिया है। इन शॉर्ट बोलें

[03:22:44] हमने आईडी और नेम लिया है। इन शॉर्ट बोलें तो यूनियन मल्टीपल सेलेक्ट क्वरी के

[03:22:46] तो यूनियन मल्टीपल सेलेक्ट क्वरी के रिजल्ट को कंबाइन करता है और डुप्लीकेट्स

[03:22:48] रिजल्ट को कंबाइन करता है और डुप्लीकेट्स रो को रिमूव कर देता है। और अगर आपको

[03:22:51] रो को रिमूव कर देता है। और अगर आपको डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं करना है तो आप

[03:22:53] डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं करना है तो आप यूनियन ऑल का यूज़ कर सकते हैं। अगर आपसे

[03:22:55] यूनियन ऑल का यूज़ कर सकते हैं। अगर आपसे इंटरव्यू में कॉमन क्वेश्चन पूछा जाता है

[03:22:57] इंटरव्यू में कॉमन क्वेश्चन पूछा जाता है कि यूनियन और यूनियन ऑल में डिफरेंस क्या

[03:22:59] कि यूनियन और यूनियन ऑल में डिफरेंस क्या है? तो आपको सिंपल आंसर देना है। यूनियन

[03:23:02] है? तो आपको सिंपल आंसर देना है। यूनियन जो है वह डुप्लीकेट्स रिमूव करता है और

[03:23:04] जो है वह डुप्लीकेट्स रिमूव करता है और यूनियन ऑयल जो है वह डुप्लीकेट्स रिमूव

[03:23:06] यूनियन ऑयल जो है वह डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं करता है और यह फ़ास्टर होता है। देन

[03:23:09] नहीं करता है और यह फ़ास्टर होता है। देन यूनियन यूनियन यूनियन ऑल के कंपैरिजन में

[03:23:11] यूनियन यूनियन यूनियन ऑल के कंपैरिजन में स्लो होता है।

[03:23:14] स्लो होता है। यह कुछ प्रैक्टिस सेट्स हैं जिन्हें हम

[03:23:16] यह कुछ प्रैक्टिस सेट्स हैं जिन्हें हम सॉल्व करेंगे।

[03:23:19] सॉल्व करेंगे। सबसे पहला है फाइंड एंप्लई नेम एंड देयर

[03:23:22] सबसे पहला है फाइंड एंप्लई नेम एंड देयर मैनेजर नेम। यहां आपको वीडियो पॉज करना है

[03:23:25] मैनेजर नेम। यहां आपको वीडियो पॉज करना है और पहले खुद से ट्राई करने की कोशिश करना

[03:23:26] और पहले खुद से ट्राई करने की कोशिश करना है। यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट

[03:23:31] है। यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट ई डॉट नेम

[03:23:34] ई डॉट नेम एस एंप्लॉय

[03:23:37] एस एंप्लॉय और एम डॉट नेम एस मैनेजर

[03:23:42] और एम डॉट नेम एस मैनेजर यहां हमने इनको नाम दे दिया है फ्रॉम

[03:23:46] यहां हमने इनको नाम दे दिया है फ्रॉम एंप्लॉय

[03:23:48] एंप्लॉय एस ई

[03:23:51] एस ई लेफ्ट

[03:23:53] लेफ्ट जॉइ

[03:23:56] जॉइ एंप्लॉय

[03:23:58] एंप्लॉय एम एम

[03:24:00] एम एम ऑन ई डॉट मैनेजर

[03:24:04] ऑन ई डॉट मैनेजर आईडी = m डॉट आईडी अभी चलाते हैं ये क्वरी

[03:24:09] आईडी = m डॉट आईडी अभी चलाते हैं ये क्वरी तो हमें सारे एंप्लॉय और मैनेजर के नाम

[03:24:11] तो हमें सारे एंप्लॉय और मैनेजर के नाम मिल गए यहां पे रली का कोई मैनेजर नहीं था

[03:24:13] मिल गए यहां पे रली का कोई मैनेजर नहीं था तो हमें नल मिला ए जो है वह एंप्लॉय है एम

[03:24:16] तो हमें नल मिला ए जो है वह एंप्लॉय है एम जो है मैनेजर है सेम टेबल का और मैनेजर

[03:24:18] जो है मैनेजर है सेम टेबल का और मैनेजर आईडी जो है मैनेजर की आईडी को रिफ्रेंस

[03:24:20] आईडी जो है मैनेजर की आईडी को रिफ्रेंस करता है। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड

[03:24:22] करता है। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड एंप्लॉय हु डोंट हैव मैनेजर। यहां पर हम

[03:24:24] एंप्लॉय हु डोंट हैव मैनेजर। यहां पर हम लिखेंगे

[03:24:26] लिखेंगे सेलेक्ट

[03:24:28] सेलेक्ट नेम फ्रॉम एम्प्लाइज

[03:24:33] नेम फ्रॉम एम्प्लाइज वेयर

[03:24:35] वेयर मैनेजर

[03:24:38] मैनेजर आईडी इज नल।

[03:24:47] तो यहां पे सिर्फ रवि का मैनेजर नहीं था।

[03:24:49] तो यहां पे सिर्फ रवि का मैनेजर नहीं था। उसके आगे नल लिखा था। तो हमें रवि का नाम

[03:24:51] उसके आगे नल लिखा था। तो हमें रवि का नाम मिल गया। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड

[03:24:54] मिल गया। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड एंप्लाइज हुस मैनेजर इज रवि। सेलेक्ट e

[03:24:58] एंप्लाइज हुस मैनेजर इज रवि। सेलेक्ट e डॉट नेम फ्रॉम एंप्लॉय

[03:25:03] डॉट नेम फ्रॉम एंप्लॉय ई जॉइन लगाएंगे इसमें हम

[03:25:08] जॉइन

[03:25:10] जॉइन एंप्लॉय एम ऑन ई डॉट मैनेजर आईडी = m डॉट

[03:25:17] एंप्लॉय एम ऑन ई डॉट मैनेजर आईडी = m डॉट आईडी वेयर m डॉट नेम = रवि रवि

[03:25:29] यहां पर अमित और नेहा का मैनेजर रवि था तो

[03:25:31] यहां पर अमित और नेहा का मैनेजर रवि था तो हमें अमित और नेहा मिल गए। यहां पर क्या

[03:25:33] हमें अमित और नेहा मिल गए। यहां पर क्या हो रहा है? यहां पे हम एंप्लॉय टेबल को

[03:25:35] हो रहा है? यहां पे हम एंप्लॉय टेबल को सेल्फ जॉइन कर रहे हैं। देन हमने मैनेजर

[03:25:37] सेल्फ जॉइन कर रहे हैं। देन हमने मैनेजर का नाम फ़िल्टर किया जो हमने लिखा है जॉइन

[03:25:39] का नाम फ़िल्टर किया जो हमने लिखा है जॉइन एंप्लॉय एम। यहां पे हम क्या कर रहे हैं?

[03:25:41] एंप्लॉय एम। यहां पे हम क्या कर रहे हैं? यहां पे हम सेम टेबल को दोबारा जॉइन कर

[03:25:43] यहां पे हम सेम टेबल को दोबारा जॉइन कर रहे हैं। इस बार एलएस दिया है हमने एम। एम

[03:25:45] रहे हैं। इस बार एलएस दिया है हमने एम। एम जो है वह मैनेजर है। टेबल सेम है लेकिन

[03:25:47] जो है वह मैनेजर है। टेबल सेम है लेकिन रोल अलग-अलग है। एंप्लॉय है, एम मैनेजर

[03:25:49] रोल अलग-अलग है। एंप्लॉय है, एम मैनेजर है। इसको स्वर्ग जॉइन कहते हैं। देन हमने

[03:25:52] है। इसको स्वर्ग जॉइन कहते हैं। देन हमने लिखा है ऑन ई डॉट मैनेजर आईडी = m डॉट

[03:25:55] लिखा है ऑन ई डॉट मैनेजर आईडी = m डॉट आईडी। ये जॉइन कंडीशन है। मतलब एंप्लॉय का

[03:25:58] आईडी। ये जॉइन कंडीशन है। मतलब एंप्लॉय का मैनेजर आईडी मैच करेगा मैनेजर के आईडी से।

[03:26:01] मैनेजर आईडी मैच करेगा मैनेजर के आईडी से। देन हमने लिखा है वेयर m डॉट नेम इक्वल टू

[03:26:03] देन हमने लिखा है वेयर m डॉट नेम इक्वल टू रवि। मतलब सिर्फ उन एंप्लॉय को शो करो

[03:26:05] रवि। मतलब सिर्फ उन एंप्लॉय को शो करो जिनका मैनेजर रवि है। तो यहां पे फ़िल्टर

[03:26:07] जिनका मैनेजर रवि है। तो यहां पे फ़िल्टर के बाद हमें टेबल मिल गया अमित और नेहा

[03:26:09] के बाद हमें टेबल मिल गया अमित और नेहा जिनका मैनेजर कौन था? रवि था। यहां पे

[03:26:10] जिनका मैनेजर कौन था? रवि था। यहां पे हमने लिखा था e डॉट नेम। इसका मतलब क्या

[03:26:12] हमने लिखा था e डॉट नेम। इसका मतलब क्या है? हमें सिर्फ नेम ही चाहिए। हमें आउटपुट

[03:26:15] है? हमें सिर्फ नेम ही चाहिए। हमें आउटपुट में अमित और नेहा मिलेगी। अभी नेक्स्ट

[03:26:16] में अमित और नेहा मिलेगी। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है शो ऑल नेम्स फ्रॉम स्टूडेंट

[03:26:19] क्वेश्चन है शो ऑल नेम्स फ्रॉम स्टूडेंट एंड टीचर विदाउट डुप्लीकेट्स। यहां पर हम

[03:26:21] एंड टीचर विदाउट डुप्लीकेट्स। यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट

[03:26:23] लिखेंगे सेलेक्ट नेम

[03:26:25] नेम फ्रॉम स्टूडेंट्स

[03:26:29] यूनियन

[03:26:31] यूनियन सेलेक्ट

[03:26:34] नेम फ्रॉम टीचर

[03:26:43] यूनियन डुप्लीकेट्स रिमूव करता है। यहां

[03:26:44] यूनियन डुप्लीकेट्स रिमूव करता है। यहां पे हमको सारे नेम मिल गए। अभी नेक्स्ट

[03:26:46] पे हमको सारे नेम मिल गए। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है शो ऑल नेम्स इंक्लूडिंग

[03:26:49] क्वेश्चन है शो ऑल नेम्स इंक्लूडिंग डुप्लीकेट्स सेलेक्ट नेम फ्रॉम स्टूडेंट्स

[03:26:56] डुप्लीकेट्स सेलेक्ट नेम फ्रॉम स्टूडेंट्स यूनियन ऑल

[03:26:58] यूनियन ऑल सेलेक्ट नेम फ्रॉम टीचर

[03:27:06] यहां पे यूनियन ऑल डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं

[03:27:09] यहां पे यूनियन ऑल डुप्लीकेट्स रिमूव नहीं कर रहा है। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है।

[03:27:12] कर रहा है। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है। ये इंटरव्यू लेवल का क्वेश्चन है। शो ऑल

[03:27:14] ये इंटरव्यू लेवल का क्वेश्चन है। शो ऑल आईडीस एंड नेम्स फ्रॉम बोथ टेबल्स।

[03:27:16] आईडीस एंड नेम्स फ्रॉम बोथ टेबल्स। सेलेक्ट आईडी कॉमा नेम फ्रॉम

[03:27:21] सेलेक्ट आईडी कॉमा नेम फ्रॉम स्टूडेंट्स

[03:27:23] स्टूडेंट्स यूनियन

[03:27:25] यूनियन सेलेक्ट

[03:27:27] सेलेक्ट आईडी कॉमा नेम फ्रॉम टीचर्स।

[03:27:34] दोनों टेबल के आईडी और नेम मिल गए। टीचर

[03:27:37] दोनों टेबल के आईडी और नेम मिल गए। टीचर के टेबल का भी और स्टूडेंट के टेबल का भी।

[03:27:39] के टेबल का भी और स्टूडेंट के टेबल का भी। यहां पर यूनियन तभी काम करेगा जब कॉलम का

[03:27:41] यहां पर यूनियन तभी काम करेगा जब कॉलम का नंबर सेम हो और डेटा टाइप कंपैटिबल हो और

[03:27:44] नंबर सेम हो और डेटा टाइप कंपैटिबल हो और आर्डर सेम हो। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है

[03:27:46] आर्डर सेम हो। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड ऑल पीपल फ्रॉम बोथ टेबल्स हुस नेम

[03:27:49] फाइंड ऑल पीपल फ्रॉम बोथ टेबल्स हुस नेम स्टार्ट विद आर

[03:27:53] सेलेक्ट

[03:27:58] नेम

[03:27:59] नेम फ्रॉम

[03:28:01] फ्रॉम स्टूडेंट्स

[03:28:06] वेयर

[03:28:08] वेयर नेम अभी यहां पे हम लाइक का यूज़ करेंगे

[03:28:11] नेम अभी यहां पे हम लाइक का यूज़ करेंगे बिकॉज़ हमें क्या कंडीशन दी है जहां पे नेम

[03:28:13] बिकॉज़ हमें क्या कंडीशन दी है जहां पे नेम जो है वो स्टार्ट होना चाहिए आर से तो

[03:28:15] जो है वो स्टार्ट होना चाहिए आर से तो यहां पे लिखेंगे हम लाइक

[03:28:19] यहां पे लिखेंगे हम लाइक परसेंटेज आर

[03:28:22] परसेंटेज आर देन यूनियन

[03:28:24] देन यूनियन सेलेक्ट नेम

[03:28:27] सेलेक्ट नेम फ्रॉम

[03:28:32] टीचर

[03:28:34] टीचर वेयर नेम लाइफ आई

[03:28:45] ओके। हमने यहां पर परसेंटेज आगे लगा दिया।

[03:28:47] ओके। हमने यहां पर परसेंटेज आगे लगा दिया। यह एंड में आएगा।

[03:28:49] यह एंड में आएगा। बिकॉज़ नेम स्टार्ट्स विद लगा रहे हैं हम।

[03:28:52] बिकॉज़ नेम स्टार्ट्स विद लगा रहे हैं हम। यहां पे एंड में आर आ गया। वो प्रिंट हो

[03:28:54] यहां पे एंड में आर आ गया। वो प्रिंट हो जाते। तो ऑब्वियसली कुछ भी प्रिंट नहीं हो

[03:28:56] जाते। तो ऑब्वियसली कुछ भी प्रिंट नहीं हो रहा था। यहां पे रोहित और राहुल प्रिंट

[03:28:57] रहा था। यहां पे रोहित और राहुल प्रिंट हुआ। बिकॉज़ यहां पे दो नेम थे जो आर से

[03:29:00] हुआ। बिकॉज़ यहां पे दो नेम थे जो आर से स्टार्ट हो रहे थे। और क्योंकि हमने लगाया

[03:29:01] स्टार्ट हो रहे थे। और क्योंकि हमने लगाया है यूनियन। तो यूनियन जो है वो

[03:29:02] है यूनियन। तो यूनियन जो है वो डुप्लीकेट्स को रिमूव करता है। पहले मैंने

[03:29:04] डुप्लीकेट्स को रिमूव करता है। पहले मैंने क्या किया था? यहां पे स्टार्टिंग में लगा

[03:29:05] क्या किया था? यहां पे स्टार्टिंग में लगा दिया था परसेंटेज। इसका मतलब क्या होता है

[03:29:07] दिया था परसेंटेज। इसका मतलब क्या होता है कि जब भी किसी भी नेम के एंड में आर आता

[03:29:11] कि जब भी किसी भी नेम के एंड में आर आता है वो प्रिंट करो। तो यहां पे कोई भी नाम

[03:29:12] है वो प्रिंट करो। तो यहां पे कोई भी नाम लिखा जिसके एंड में आर आ रहा था। इसलिए

[03:29:14] लिखा जिसके एंड में आर आ रहा था। इसलिए यहां पे हमें कुछ भी नहीं मिल रहा था।

[03:29:16] यहां पे हमें कुछ भी नहीं मिल रहा था। स्टार्ट्स विद में हम परसेंटेज एंड में

[03:29:18] स्टार्ट्स विद में हम परसेंटेज एंड में लगाते हैं। और जो भी कररेक्टर से हमें

[03:29:19] लगाते हैं। और जो भी कररेक्टर से हमें स्टार्ट करना है वो फर्स्ट में लगाते हैं।

[03:29:21] स्टार्ट करना है वो फर्स्ट में लगाते हैं। सो ये थे हमारे प्रैक्टिस सेट्स। और आज हम

[03:29:24] सो ये थे हमारे प्रैक्टिस सेट्स। और आज हम दो पावरफुल एसक्यूएल कांसेप्ट कवर करेंगे।

[03:29:27] दो पावरफुल एसक्यूएल कांसेप्ट कवर करेंगे। दैट इज़ व्यूज एंड इंडेक्सेस।

[03:29:30] दैट इज़ व्यूज एंड इंडेक्सेस। व्यू का यूज़ होता है डेटा को सिंपलीफाई और

[03:29:33] व्यू का यूज़ होता है डेटा को सिंपलीफाई और सिक्योर करने के लिए। और इंडेक्सेस का यूज़

[03:29:35] सिक्योर करने के लिए। और इंडेक्सेस का यूज़ होता है डेटाबेस क्वरीज़ को फास्ट बनाने के

[03:29:38] होता है डेटाबेस क्वरीज़ को फास्ट बनाने के लिए। सबसे पहले हम समझते हैं व्यू क्या

[03:29:41] लिए। सबसे पहले हम समझते हैं व्यू क्या होता है? व्यू बेसिकली एक वर्चुअल टेबल

[03:29:44] होता है? व्यू बेसिकली एक वर्चुअल टेबल होता है। इसका मतलब यह है व्यू एक्चुअली

[03:29:47] होता है। इसका मतलब यह है व्यू एक्चुअली डेटा स्टोर नहीं करता है बल्कि एक

[03:29:49] डेटा स्टोर नहीं करता है बल्कि एक एसक्यूएल क्वेरी के रिजल्ट को शो करता है।

[03:29:53] एसक्यूएल क्वेरी के रिजल्ट को शो करता है। मतलब व्यू एक सेव्ड क्वेरी होता है। जैसे

[03:29:56] मतलब व्यू एक सेव्ड क्वेरी होता है। जैसे हमारे पास एक टेबल है एंप्लॉय का। मैंने

[03:29:59] हमारे पास एक टेबल है एंप्लॉय का। मैंने ऑलरेडी टेबल बना के रखा है जिसमें आईडी

[03:30:01] ऑलरेडी टेबल बना के रखा है जिसमें आईडी है, नेम है, डिपार्टमेंट है और सैलरी है।

[03:30:04] है, नेम है, डिपार्टमेंट है और सैलरी है। और उसमें हमने वैल्यूज़ भी इंसर्ट करा के

[03:30:06] और उसमें हमने वैल्यूज़ भी इंसर्ट करा के रखी हैं। हमने आईडी इंसर्ट करा के रखी है,

[03:30:09] रखी हैं। हमने आईडी इंसर्ट करा के रखी है, नेम इंसर्ट करा के रखा है, डिपार्टमेंट

[03:30:10] नेम इंसर्ट करा के रखा है, डिपार्टमेंट इंसर्ट करा के रखा है और सैलरी भी इंसर्ट

[03:30:13] इंसर्ट करा के रखा है और सैलरी भी इंसर्ट करा के रखा है। अब मान लो हम सिर्फ आईटी

[03:30:16] करा के रखा है। अब मान लो हम सिर्फ आईटी डिपार्टमेंट के एंप्लॉय दिखाना है। हर बार

[03:30:18] डिपार्टमेंट के एंप्लॉय दिखाना है। हर बार क्वेरी लिखने की वजह हम व्यू क्रिएट कर

[03:30:21] क्वेरी लिखने की वजह हम व्यू क्रिएट कर सकते हैं। यहां पे हम लिखेंगे

[03:30:25] सकते हैं। यहां पे हम लिखेंगे क्रिएट

[03:30:28] क्रिएट व्यू

[03:30:30] व्यू आईटी एंप्लाइज

[03:30:38] एस

[03:30:42] सेलेक्ट

[03:30:46] नेम कॉमा

[03:30:48] नेम कॉमा सैलरी

[03:30:50] सैलरी फ्रॉम टेबल का नाम हमारा है एंप्लॉय

[03:30:57] वेयर

[03:31:01] डिपार्टमेंट इज इक्वल टू आईटी।

[03:31:04] डिपार्टमेंट इज इक्वल टू आईटी। अब जब भी हमें आईटी एंप्लॉय का डेटा चाहिए

[03:31:07] अब जब भी हमें आईटी एंप्लॉय का डेटा चाहिए होगा हमें सिर्फ व्यू को क्वेरी करना है।

[03:31:10] होगा हमें सिर्फ व्यू को क्वेरी करना है। यहां पे हम लिखेंगे अब सेलेक्ट

[03:31:14] यहां पे हम लिखेंगे अब सेलेक्ट स्टार

[03:31:15] स्टार फ्रॉम

[03:31:17] फ्रॉम आईडी एंप्लॉय। तो यहां पर जब हमने क्लिक

[03:31:20] आईडी एंप्लॉय। तो यहां पर जब हमने क्लिक किया सेलेक्ट स्टार फ्रॉम आईटी एंप्लाइज

[03:31:23] किया सेलेक्ट स्टार फ्रॉम आईटी एंप्लाइज पर तो हमें पूरा टेबल मिल गया जिसमें नेम

[03:31:26] पर तो हमें पूरा टेबल मिल गया जिसमें नेम थे और सैलरी थी। यह सारे आईटी डिपार्टमेंट

[03:31:30] थे और सैलरी थी। यह सारे आईटी डिपार्टमेंट के एंप्लाइजज़ थे। व्यू जो है वो एक

[03:31:33] के एंप्लाइजज़ थे। व्यू जो है वो एक वर्चुअल टेबल होता है जो एक सेव्ड क्वेरी

[03:31:36] वर्चुअल टेबल होता है जो एक सेव्ड क्वेरी पर बेस्ड होता है। अभी हम देखेंगे

[03:31:38] पर बेस्ड होता है। अभी हम देखेंगे एडवांटेजेस ऑफ़ व्यूज़। व्यूज जो है वह

[03:31:41] एडवांटेजेस ऑफ़ व्यूज़। व्यूज जो है वह कॉम्प्लेक्स क्वेरी को सिंपल बना देता है।

[03:31:43] कॉम्प्लेक्स क्वेरी को सिंपल बना देता है। सेंसिटिव डाटा हाइड कर सकता है और इससे

[03:31:46] सेंसिटिव डाटा हाइड कर सकता है और इससे कोड रयूज हो जाता है। अगर सैलरी हाइड करनी

[03:31:48] कोड रयूज हो जाता है। अगर सैलरी हाइड करनी हो तो व्यू में सैलरी इंक्लूड ही मत करो।

[03:31:51] हो तो व्यू में सैलरी इंक्लूड ही मत करो। नेक्स्ट आता है इंडेक्स।

[03:31:54] नेक्स्ट आता है इंडेक्स। डेटाबेस में जब टेबल बहुत बड़ा हो जाता है

[03:31:56] डेटाबेस में जब टेबल बहुत बड़ा हो जाता है तो क्वेरी स्लो हो जाती है। इसी प्रॉब्लम

[03:31:59] तो क्वेरी स्लो हो जाती है। इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए इंडेक्स यूज किया

[03:32:01] को सॉल्व करने के लिए इंडेक्स यूज किया जाता है। इंडेक्स को समझने के लिए एक बुक

[03:32:04] जाता है। इंडेक्स को समझने के लिए एक बुक का एग्जांपल लेते हैं। बुक के लास्ट में

[03:32:07] का एग्जांपल लेते हैं। बुक के लास्ट में इंडेक्स पेज होता है जिसमें टॉपिक और पेज

[03:32:10] इंडेक्स पेज होता है जिसमें टॉपिक और पेज नंबर लिखा होता है। अगर आपको कोई टॉपिक

[03:32:12] नंबर लिखा होता है। अगर आपको कोई टॉपिक ढूंढना हो तो पूरी बुक रीड नहीं करना

[03:32:14] ढूंढना हो तो पूरी बुक रीड नहीं करना पड़ता है। सीधे इंडेक्स यूज़ करते हैं।

[03:32:18] पड़ता है। सीधे इंडेक्स यूज़ करते हैं। डेटाबेस में भी इंडेक्स सर्च को फास्ट बना

[03:32:21] डेटाबेस में भी इंडेक्स सर्च को फास्ट बना देता है। यहां पे हम क्रिएट करते हैं

[03:32:23] देता है। यहां पे हम क्रिएट करते हैं इंडेक्स

[03:32:26] इंडेक्स क्रिएट

[03:32:28] क्रिएट इंडेक्स आईडीएक्स

[03:32:31] इंडेक्स आईडीएक्स एंप्लॉय

[03:32:34] नेम

[03:32:38] यह हमने इंडेक्स का नाम दिया है

[03:32:42] यह हमने इंडेक्स का नाम दिया है ऑन

[03:32:46] एंप्लॉय

[03:32:50] नेम

[03:32:58] यह नाम कॉलम पर इंडेक्स क्रिएट करेगा। अब

[03:33:02] यह नाम कॉलम पर इंडेक्स क्रिएट करेगा। अब जब भी हम नेम पर सर्च करेंगे डेटाबेस

[03:33:05] जब भी हम नेम पर सर्च करेंगे डेटाबेस फास्ट रिजल्ट देगा।

[03:33:08] फास्ट रिजल्ट देगा। मैं लिखूंगी सेलेक्ट

[03:33:10] मैं लिखूंगी सेलेक्ट स्टार

[03:33:12] स्टार फ्रॉम एंप्लॉय

[03:33:17] वेयर नेम इज इक्वल टू अमित।

[03:33:26] तो यहां पे हमको मिल गया अमित का आईडी

[03:33:29] तो यहां पे हमको मिल गया अमित का आईडी डिपार्टमेंट और सैलरी। इससे क्या होता है?

[03:33:32] डिपार्टमेंट और सैलरी। इससे क्या होता है? इंडेक्स जो होता है वह सर्च फास्ट कर देता

[03:33:34] इंडेक्स जो होता है वह सर्च फास्ट कर देता है। लेकिन इससे इंसर्ट और अपडेट ऑपरेशन

[03:33:37] है। लेकिन इससे इंसर्ट और अपडेट ऑपरेशन थोड़ा स्लो हो सकता है। क्योंकि डेटाबेस

[03:33:40] थोड़ा स्लो हो सकता है। क्योंकि डेटाबेस को इंडेक्स भी अपडेट करना पड़ता है। व्यू

[03:33:43] को इंडेक्स भी अपडेट करना पड़ता है। व्यू जो होता है वह वर्चुअल टेबल होता है।

[03:33:44] जो होता है वह वर्चुअल टेबल होता है। क्वेरी को सिंपलीफाई करता है और डेटा

[03:33:47] क्वेरी को सिंपलीफाई करता है और डेटा स्टोर नहीं करता। इंडेक्स जो होता है वह

[03:33:49] स्टोर नहीं करता। इंडेक्स जो होता है वह सर्च को फास्ट करता है। इससे परफॉर्मेंस

[03:33:52] सर्च को फास्ट करता है। इससे परफॉर्मेंस इंप्रूव होता है। इंटरव्यू में एक कॉमन

[03:33:54] इंप्रूव होता है। इंटरव्यू में एक कॉमन क्वेश्चन पूछा जाता है। व्यू क्या होता

[03:33:57] क्वेश्चन पूछा जाता है। व्यू क्या होता है? तो आपको सिंपल आंसर करना है। व्यू एक

[03:33:59] है? तो आपको सिंपल आंसर करना है। व्यू एक वर्चुअल टेबल होता है जो एक एसक्यूएल

[03:34:01] वर्चुअल टेबल होता है जो एक एसक्यूएल क्वरी के रिजल्ट पर बेस्ड होता है। और

[03:34:04] क्वरी के रिजल्ट पर बेस्ड होता है। और इंडेक्स क्या करता है? इंडेक्स डेटाबेस

[03:34:07] इंडेक्स क्या करता है? इंडेक्स डेटाबेस क्वरी की परफॉर्मेंस इंप्रूव करता है। अभी

[03:34:10] क्वरी की परफॉर्मेंस इंप्रूव करता है। अभी हम कुछ प्रैक्टिस सेट्स देखते हैं ताकि

[03:34:12] हम कुछ प्रैक्टिस सेट्स देखते हैं ताकि आपको व्यूज और इंडेक्स और क्लियर हो जाए।

[03:34:15] आपको व्यूज और इंडेक्स और क्लियर हो जाए। सबसे पहला क्वेश्चन है एचआर डिपार्टमेंट

[03:34:17] सबसे पहला क्वेश्चन है एचआर डिपार्टमेंट के एंप्लई के लिए एक व्यू क्रिएट करो।

[03:34:20] के एंप्लई के लिए एक व्यू क्रिएट करो। इसको हमको सेम करना है। जैसे हमने आईटी के

[03:34:22] इसको हमको सेम करना है। जैसे हमने आईटी के लिए किया था। यहां पे हम लिखेंगे क्रिएट

[03:34:25] लिए किया था। यहां पे हम लिखेंगे क्रिएट व्यू नाम दे देंगे इसको हम एचआर एंप्लॉय

[03:34:29] व्यू नाम दे देंगे इसको हम एचआर एंप्लॉय एस

[03:34:31] एस सेलेक्ट नेम लेना है और सैलरी लेना है

[03:34:36] सेलेक्ट नेम लेना है और सैलरी लेना है फ्रॉम

[03:34:37] फ्रॉम एंप्लॉय

[03:34:39] एंप्लॉय वेयर

[03:34:41] वेयर डिपार्टमेंट इक्वल टू एचआर

[03:34:47] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[03:34:51] एचआर एएमपी

[03:34:56] तो यहां पे हमको सारे एचआर डिपार्टमेंट के

[03:34:58] तो यहां पे हमको सारे एचआर डिपार्टमेंट के नेम और सैलरी मिल गई। इस व्यू में सिर्फ

[03:35:01] नेम और सैलरी मिल गई। इस व्यू में सिर्फ एचआर डिपार्टमेंट का डेटा स्टोर नहीं होता

[03:35:02] एचआर डिपार्टमेंट का डेटा स्टोर नहीं होता बल्कि जब भी हम इस व्यू को कॉल करेंगे तो

[03:35:04] बल्कि जब भी हम इस व्यू को कॉल करेंगे तो क्वेरी एग्जीक्यूट होती है। नेक्स्ट है

[03:35:07] क्वेरी एग्जीक्यूट होती है। नेक्स्ट है हमें क्या करना है? आईटी एंप्लॉय का डाटा

[03:35:09] हमें क्या करना है? आईटी एंप्लॉय का डाटा व्यू से शो करना है। यहां पे हम सिंपल

[03:35:11] व्यू से शो करना है। यहां पे हम सिंपल क्वेरी लिखेंगे। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम टेबल

[03:35:16] क्वेरी लिखेंगे। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम टेबल का नाम हमारा क्या था? आईटी एम्प्लाइज।

[03:35:23] फिर इसने पूरा टेबल शो कर दिया।

[03:35:28] फिर इसने पूरा टेबल शो कर दिया। यहां हम डायरेक्टली व्यू को क्वरी कर रहे

[03:35:30] यहां हम डायरेक्टली व्यू को क्वरी कर रहे हैं टेबल को नहीं। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है

[03:35:32] हैं टेबल को नहीं। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है हमारा डिपार्टमेंट कॉलम पर इंडेक्स क्रिएट

[03:35:34] हमारा डिपार्टमेंट कॉलम पर इंडेक्स क्रिएट करना है। लिखेंगे यहां पे हम क्रिएट

[03:35:37] करना है। लिखेंगे यहां पे हम क्रिएट इंडेक्स आईडीएक्स

[03:35:40] इंडेक्स आईडीएक्स डिपार्टमेंट

[03:35:42] डिपार्टमेंट ऑन

[03:35:44] ऑन एंप्लॉय

[03:35:46] एंप्लॉय डिपार्टमेंट

[03:35:53] अब जब डिपार्टमेंट पर सर्च होगा तो क्वेरी

[03:35:55] अब जब डिपार्टमेंट पर सर्च होगा तो क्वेरी फास्ट एग्जीक्यूट होगी। अब हम लिखते हैं

[03:35:57] फास्ट एग्जीक्यूट होगी। अब हम लिखते हैं यहां पे सेलेक्ट

[03:35:59] यहां पे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है एंप्लॉय

[03:36:04] स्टार फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है एंप्लॉय वेयर

[03:36:06] वेयर डिपार्टमेंट इज़ इक्वल टू आईटी। यहां हम

[03:36:09] डिपार्टमेंट इज़ इक्वल टू आईटी। यहां हम एंप्लॉइस टेबल से डेटा फैच कर रहे हैं।

[03:36:11] एंप्लॉइस टेबल से डेटा फैच कर रहे हैं। जहां डिपार्टमेंट आईटी है। क्योंकि हमने

[03:36:14] जहां डिपार्टमेंट आईटी है। क्योंकि हमने डिपार्टमेंट कॉलम पर इंडेक्स क्रिएट किया

[03:36:15] डिपार्टमेंट कॉलम पर इंडेक्स क्रिएट किया है। इसीलिए जब डेटाबेस डिपार्टमेंट कॉलम

[03:36:18] है। इसीलिए जब डेटाबेस डिपार्टमेंट कॉलम पर सर्च करेगा तो वो पूरा टेबल स्कैन नहीं

[03:36:19] पर सर्च करेगा तो वो पूरा टेबल स्कैन नहीं करेगा बल्कि इंडेक्स का यूज़ करके

[03:36:21] करेगा बल्कि इंडेक्स का यूज़ करके डायरेक्टली मैचिंग रो फाइंड करेगा। इससे

[03:36:23] डायरेक्टली मैचिंग रो फाइंड करेगा। इससे क्वेरी फास्ट एग्जीक्यूट होती है। इंडेक्स

[03:36:26] क्वेरी फास्ट एग्जीक्यूट होती है। इंडेक्स का यूज़ तब होता है जब हम वेयर क्लॉज़ में

[03:36:28] का यूज़ तब होता है जब हम वेयर क्लॉज़ में इंडेक्स कॉलम पर सर्च कराते हैं। चेक

[03:36:31] इंडेक्स कॉलम पर सर्च कराते हैं। चेक कांस्टेंट कंडीशन अप्लाई करता है। यहां पर

[03:36:34] कांस्टेंट कंडीशन अप्लाई करता है। यहां पर हम क्रिएट करेंगे टेबल। क्रिएट टेबल

[03:36:40] हम क्रिएट करेंगे टेबल। क्रिएट टेबल नाम दिया इसको हमने एंप्लाइज

[03:36:43] नाम दिया इसको हमने एंप्लाइज इसके अंदर हम दे देते हैं आईडी

[03:36:47] इसके अंदर हम दे देते हैं आईडी इंट में

[03:36:49] इंट में कॉमा एज दे देते हैं इंट में जो कि चेक

[03:36:54] कॉमा एज दे देते हैं इंट में जो कि चेक करेगा

[03:36:58] ऐज जो है वह 18 से ज़्यादा होनी चाहिए या

[03:37:02] ऐज जो है वह 18 से ज़्यादा होनी चाहिए या फिर 18 के इक्वल होना चाहिए। यहां पे हमने

[03:37:05] फिर 18 के इक्वल होना चाहिए। यहां पे हमने कंडीशन लगा दी। चेक कंडीशन चेक करता है।

[03:37:09] कंडीशन लगा दी। चेक कंडीशन चेक करता है। यह क्रिएट हो गया। अब हम इसमें इंसर्ट

[03:37:11] यह क्रिएट हो गया। अब हम इसमें इंसर्ट कराते हैं। लिखते हैं इंसर्ट

[03:37:14] कराते हैं। लिखते हैं इंसर्ट इंटू एंप्लाइजस

[03:37:19] वैल्यूस

[03:37:21] वैल्यूस आईडी दे दी वन। एज दे दिया इसमें हमने

[03:37:24] आईडी दे दी वन। एज दे दिया इसमें हमने 12थ्स।

[03:37:26] 12थ्स। एज तो 18 से कम है। तो क्या ये इंसर्ट

[03:37:29] एज तो 18 से कम है। तो क्या ये इंसर्ट होगा? नहीं इंसर्ट हुआ। यहां पे चेक

[03:37:32] होगा? नहीं इंसर्ट हुआ। यहां पे चेक कांस्टेंट फेल हो गया। क्योंकि हमने यहां

[03:37:34] कांस्टेंट फेल हो गया। क्योंकि हमने यहां पे ऐज़ जो है वह कम दे दी 18 से। यहां पे

[03:37:37] पे ऐज़ जो है वह कम दे दी 18 से। यहां पे अगर 18 देते हैं तो यह

[03:37:40] अगर 18 देते हैं तो यह सक्सेसफुली इंसर्ट हो गया। और अगर यहां पे

[03:37:42] सक्सेसफुली इंसर्ट हो गया। और अगर यहां पे 18 से बड़ा देते हैं हम दे देते हैं इसको

[03:37:44] 18 से बड़ा देते हैं हम दे देते हैं इसको आईडी न और एज दे देते हैं 28।

[03:37:48] आईडी न और एज दे देते हैं 28। तो ये सक्सेसफुल हो गया। आप चाहे तो यहां

[03:37:51] तो ये सक्सेसफुल हो गया। आप चाहे तो यहां पे एक और कंडीशन डाल सकते हैं। सबसे पहले

[03:37:54] पे एक और कंडीशन डाल सकते हैं। सबसे पहले हम ड्रॉप लगा देते हैं ताकि वापस से इस

[03:37:56] हम ड्रॉप लगा देते हैं ताकि वापस से इस टेबल में हम चेंजेस करा सकें। ड्रॉ टेबल

[03:38:00] टेबल में हम चेंजेस करा सकें। ड्रॉ टेबल एम्प्लाइज

[03:38:05] अब हम इसको कंडीशन डालते हैं कि एज जो है

[03:38:08] अब हम इसको कंडीशन डालते हैं कि एज जो है वह 18 से ज्यादा होना चाहिए या फिर 18 के

[03:38:11] वह 18 से ज्यादा होना चाहिए या फिर 18 के इक्वल होना चाहिए और एज जो है वो 60 से कम

[03:38:14] इक्वल होना चाहिए और एज जो है वो 60 से कम होना चाहिए।

[03:38:20] तो अब अगर मैं इसमें एज देती हूं 208 तो

[03:38:23] तो अब अगर मैं इसमें एज देती हूं 208 तो क्या ये इंसर्ट होगा?

[03:38:25] क्या ये इंसर्ट होगा? नहीं।

[03:38:27] नहीं। क्योंकि वैसे तो पॉसिबल है नहीं। कोई

[03:38:30] क्योंकि वैसे तो पॉसिबल है नहीं। कोई एंप्लई इतनी ऐज का होगा। बाकी अगर 78 लेते

[03:38:33] एंप्लई इतनी ऐज का होगा। बाकी अगर 78 लेते हैं हम क्या 78 एज का एंप्लॉय इंसर्ट हो

[03:38:36] हैं हम क्या 78 एज का एंप्लॉय इंसर्ट हो सकता है तो नहीं

[03:38:39] सकता है तो नहीं 60 का हो सकता है क्या हां

[03:38:42] 60 का हो सकता है क्या हां 60 का एंप्लॉय इंसर्ट हो सकता है

[03:38:48] तो ये हमने देख लिया चेक के बारे में चेक

[03:38:51] तो ये हमने देख लिया चेक के बारे में चेक जो है वो कॉन्स्टेंट कंडीशन अप्लाई करता

[03:38:54] जो है वो कॉन्स्टेंट कंडीशन अप्लाई करता है। आज की वीडियो में हम बात करने वाले

[03:38:56] है। आज की वीडियो में हम बात करने वाले हैं एसक्यूएल कंडीशनल स्टेटमेंट्स के बारे

[03:38:58] हैं एसक्यूएल कंडीशनल स्टेटमेंट्स के बारे में। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे जावा,

[03:39:00] में। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे जावा, जावास्क्रिप्ट या Python में हम इफ एल्स

[03:39:03] जावास्क्रिप्ट या Python में हम इफ एल्स कंडीशन यूज़ करते हैं। सिमिलरली एसक्यूएल

[03:39:06] कंडीशन यूज़ करते हैं। सिमिलरली एसक्यूएल में भी कुछ स्टेटमेंट होते हैं जो कंडीशन

[03:39:08] में भी कुछ स्टेटमेंट होते हैं जो कंडीशन अप्लाई करने में हेल्प करते हैं। आज हम

[03:39:10] अप्लाई करने में हेल्प करते हैं। आज हम स्पेशली फोर इंपॉर्टेंट कंडीशनल फंक्शनंस

[03:39:12] स्पेशली फोर इंपॉर्टेंट कंडीशनल फंक्शनंस समझेंगे। सबसे पहले हम बात करेंगे केस

[03:39:14] समझेंगे। सबसे पहले हम बात करेंगे केस स्टेटमेंट के बारे में। उसके बाद में हम

[03:39:16] स्टेटमेंट के बारे में। उसके बाद में हम बात करेंगे इफ फंक्शन के बारे में। देन

[03:39:19] बात करेंगे इफ फंक्शन के बारे में। देन कोस फंक्शन के बारे में एंड देन एंड में

[03:39:21] कोस फंक्शन के बारे में एंड देन एंड में हम पढ़ेंगे नल इफ़ फंक्शन के बारे में। और

[03:39:23] हम पढ़ेंगे नल इफ़ फंक्शन के बारे में। और हर कॉन्सेप्ट को हम सिंपल एग्ज़ांपल के साथ

[03:39:25] हर कॉन्सेप्ट को हम सिंपल एग्ज़ांपल के साथ समझेंगे। सबसे पहले हम समझते हैं केस

[03:39:28] समझेंगे। सबसे पहले हम समझते हैं केस स्टेटमेंट क्या होता? सबसे इंपॉर्टेंट

[03:39:30] स्टेटमेंट क्या होता? सबसे इंपॉर्टेंट कंडीशनल स्टेटमेंट एसक्यूएल में होता है

[03:39:33] कंडीशनल स्टेटमेंट एसक्यूएल में होता है केस। केस बेसिकली एसक्यूएल का इफ एस लॉजिक

[03:39:36] केस। केस बेसिकली एसक्यूएल का इफ एस लॉजिक होता है। इसका यूज़ हम तब करते हैं जब हमें

[03:39:40] होता है। इसका यूज़ हम तब करते हैं जब हमें डिफरेंट कंडीशन के बेसिस पर डिफरेंट

[03:39:42] डिफरेंट कंडीशन के बेसिस पर डिफरेंट आउटपुट चाहिए होता है। हम यहां से एक नई

[03:39:44] आउटपुट चाहिए होता है। हम यहां से एक नई फाइल क्रिएट कर लेते हैं। यहां पे हम

[03:39:47] फाइल क्रिएट कर लेते हैं। यहां पे हम क्रिएट करते हैं डेटाबेस जिसका हमने नाम

[03:39:49] क्रिएट करते हैं डेटाबेस जिसका हमने नाम दिया है कंडीशनल स्टेटमेंट। एंड देन इसको

[03:39:51] दिया है कंडीशनल स्टेटमेंट। एंड देन इसको हम यूज़ करेंगे।

[03:39:53] हम यूज़ करेंगे। देन हम क्रिएट करेंगे एक एंप्लॉय

[03:39:57] देन हम क्रिएट करेंगे एक एंप्लॉय जिसकी आईडी होगी, नेम होगी, सैलरी होगी और

[03:40:00] जिसकी आईडी होगी, नेम होगी, सैलरी होगी और फिर इसमें हम इंसर्ट कराएंगे डेटा।

[03:40:04] फिर इसमें हम इंसर्ट कराएंगे डेटा। सपोज़ हमारे पास एक एंप्लॉयड टेबल है

[03:40:07] सपोज़ हमारे पास एक एंप्लॉयड टेबल है जिसमें सैलरी स्टर्ड है और हमें सैलरी को

[03:40:10] जिसमें सैलरी स्टर्ड है और हमें सैलरी को कैटेगरीज़ में डिवाइड करना है। तो हम क्या

[03:40:13] कैटेगरीज़ में डिवाइड करना है। तो हम क्या करेंगे? सेलेक्ट

[03:40:16] करेंगे? सेलेक्ट नेम कॉमा

[03:40:20] सैलरी रील कॉमा

[03:40:24] सैलरी रील कॉमा हम लिखेंगे केस

[03:40:28] व्हेन

[03:40:33] सैलरी इज़ ग्रेटर देन 50000

[03:40:39] सैलरी इज़ ग्रेटर देन 50000 देन क्या करना है आपको लिखना है हाई सैलरी

[03:40:42] देन क्या करना है आपको लिखना है हाई सैलरी है

[03:40:48] एंड व्हेन

[03:40:51] एंड व्हेन सैलरी इज

[03:40:53] सैलरी इज ग्रेटर देन 30000

[03:40:56] ग्रेटर देन 30000 तो क्या करना है आपको लिखना है मीडियम

[03:41:05] सैलरी

[03:41:11] एल्स

[03:41:14] आपको देना है

[03:41:17] आपको देना है लो सैलरी

[03:41:21] एंड एंड एस

[03:41:26] सैलरी

[03:41:29] सैलरी कैटेगरी

[03:41:32] कैटेगरी फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है एंप्लॉय

[03:41:43] यहां पे क्या हो रहा है? सबसे पहले हमने

[03:41:45] यहां पे क्या हो रहा है? सबसे पहले हमने सेलेक्ट किया नेम को और सैलरी को। फिर देन

[03:41:48] सेलेक्ट किया नेम को और सैलरी को। फिर देन हमने क्या कंडीशन लगाई? देन जब सैलरी

[03:41:50] हमने क्या कंडीशन लगाई? देन जब सैलरी 50,000 से ज्यादा होगी तो क्या करना है?

[03:41:53] 50,000 से ज्यादा होगी तो क्या करना है? आपको देना है कि सैलरी हाई है। अगर सैलरी

[03:41:57] आपको देना है कि सैलरी हाई है। अगर सैलरी 30,000 से ज्यादा है तो आउटपुट आएगा

[03:41:59] 30,000 से ज्यादा है तो आउटपुट आएगा मीडियम सैलरी और और अगर कोई भी कंडीशन मैच

[03:42:02] मीडियम सैलरी और और अगर कोई भी कंडीशन मैच नहीं होती है तो लो सैलरी शो होगा। तो

[03:42:06] नहीं होती है तो लो सैलरी शो होगा। तो सिंपल वर्ड में केस एसक्यूएल का इफ एज़

[03:42:09] सिंपल वर्ड में केस एसक्यूएल का इफ एज़ लेडर होता है। यहां पे हमने दिया है एंड

[03:42:13] लेडर होता है। यहां पे हमने दिया है एंड एस सैलरी कैटेगरी। यहां पे हमने लिखा है

[03:42:15] एस सैलरी कैटेगरी। यहां पे हमने लिखा है एंड। एंड का मतलब है कि यहां पर केस जो है

[03:42:19] एंड। एंड का मतलब है कि यहां पर केस जो है वह खत्म हो गया है। एज मतलब हमने इसको नाम

[03:42:22] वह खत्म हो गया है। एज मतलब हमने इसको नाम दिया है एल सैलरी कैटेगरी। तो यहां पर

[03:42:24] दिया है एल सैलरी कैटेगरी। तो यहां पर सैलरी कैटेगरी आपको नाम दिख रहा है इसका

[03:42:26] सैलरी कैटेगरी आपको नाम दिख रहा है इसका और यहां पे इसने डिस्क्राइब किया अगर

[03:42:28] और यहां पे इसने डिस्क्राइब किया अगर सैलरी 50,000 से ज्यादा है तो इसने हाई

[03:42:31] सैलरी 50,000 से ज्यादा है तो इसने हाई सैलरी भी दिया है। 30,000 से ज्यादा है तो

[03:42:33] सैलरी भी दिया है। 30,000 से ज्यादा है तो मीडियम सैलरी दिया है। और अगर इनमें से

[03:42:36] मीडियम सैलरी दिया है। और अगर इनमें से कोई भी कंडीशन फॉलो नहीं कर पाया तो यह लो

[03:42:38] कोई भी कंडीशन फॉलो नहीं कर पाया तो यह लो सैलरी आ जाएगा।

[03:42:40] सैलरी आ जाएगा। एंड एंड में हमने दे दिया फ्रॉम एंप्लॉय

[03:42:43] एंड एंड में हमने दे दिया फ्रॉम एंप्लॉय मतलब यह सारी डिटेल्स हमें एंप्लॉय टेबल

[03:42:45] मतलब यह सारी डिटेल्स हमें एंप्लॉय टेबल में से लेनी है। अभी नेक्स्ट हम समझेंगे

[03:42:48] में से लेनी है। अभी नेक्स्ट हम समझेंगे इफ फंक्शन के बारे में। इफ फंक्शन का

[03:42:50] इफ फंक्शन के बारे में। इफ फंक्शन का सिंटेक्स सिंपल होता है। कंडीशन ट्रू हो

[03:42:53] सिंटेक्स सिंपल होता है। कंडीशन ट्रू हो तो फर्स्ट वैल्यू रिटर्न होती है। कंडीशन

[03:42:55] तो फर्स्ट वैल्यू रिटर्न होती है। कंडीशन फॉल्स हो तो सेकंड वैल्यू रिटर्न होती है।

[03:42:58] फॉल्स हो तो सेकंड वैल्यू रिटर्न होती है। सेलेक्ट

[03:43:01] मी कॉर्नर सैलरी और मोर इफ सैलरी जो है वो

[03:43:08] मी कॉर्नर सैलरी और मोर इफ सैलरी जो है वो 40,000 से ज्यादा होगी।

[03:43:16] आपको देना है गुड सैलरी।

[03:43:24] कॉमर ऐसा नहीं है तो आपको देना है एवरेज

[03:43:27] कॉमर ऐसा नहीं है तो आपको देना है एवरेज सैलरी

[03:43:32] एस इसको हम नाम दे देते हैं

[03:43:35] एस इसको हम नाम दे देते हैं सैलरी स्टेटस

[03:43:40] देन टेबल का नेम फ्रॉम एंप्लॉय

[03:43:49] अब यहां पर क्या हो रहा है? सबसे पहले

[03:43:50] अब यहां पर क्या हो रहा है? सबसे पहले हमने सेलेक्ट कर लिया नेम को और सैलरी को।

[03:43:54] हमने सेलेक्ट कर लिया नेम को और सैलरी को। फिर देन यहां पर हमने कंडीशन लगा दी कि

[03:43:56] फिर देन यहां पर हमने कंडीशन लगा दी कि अगर सैलरी जो है 40,000 से ज्यादा होती है

[03:43:59] अगर सैलरी जो है 40,000 से ज्यादा होती है तो आउटपुट में आएगा गुड सैलरी। अगर कंडीशन

[03:44:02] तो आउटपुट में आएगा गुड सैलरी। अगर कंडीशन फॉल्स होती है तो आउटपुट में आएगा एवरेज

[03:44:04] फॉल्स होती है तो आउटपुट में आएगा एवरेज सैलरी।

[03:44:05] सैलरी। वैसे हम जावा में लगाते हैं ना इफ एल्स ये

[03:44:08] वैसे हम जावा में लगाते हैं ना इफ एल्स ये वैसे ही काम कर रहा है। यहां पे हमने इफ

[03:44:10] वैसे ही काम कर रहा है। यहां पे हमने इफ दिया है। यहां पे हमने एल्स ना देके बस

[03:44:12] दिया है। यहां पे हमने एल्स ना देके बस कॉमा लगा के वैल्यू दे दी है जो हमें तब

[03:44:15] कॉमा लगा के वैल्यू दे दी है जो हमें तब मिलेगी जब कंडीशन फॉल्स होगी। अगर कंडीशन

[03:44:18] मिलेगी जब कंडीशन फॉल्स होगी। अगर कंडीशन ट्रू होगी तो हमें फर्स्ट वाली वैल्यू

[03:44:19] ट्रू होगी तो हमें फर्स्ट वाली वैल्यू मिलेगी। अगर कंडीशन फॉल्स होगी तो सेकंड

[03:44:22] मिलेगी। अगर कंडीशन फॉल्स होगी तो सेकंड वाली वैल्यू मिलेगी। यहां पे आपको दिख भी

[03:44:24] वाली वैल्यू मिलेगी। यहां पे आपको दिख भी रहा है जिसकी सैलरी 40,000 से ज्यादा है

[03:44:26] रहा है जिसकी सैलरी 40,000 से ज्यादा है उसकी गुड सैलरी आ रहा है और जिसकी कम है

[03:44:28] उसकी गुड सैलरी आ रहा है और जिसकी कम है उसमें एवरेज सैलरी आ रहा है। अब नेक्स्ट

[03:44:31] उसमें एवरेज सैलरी आ रहा है। अब नेक्स्ट फंक्शन है कोलस्क। कोलस्क का यूज़ हम तब

[03:44:34] फंक्शन है कोलस्क। कोलस्क का यूज़ हम तब करते हैं जब टेबल में नल वैल्यूज़ हो। यह

[03:44:38] करते हैं जब टेबल में नल वैल्यूज़ हो। यह फंक्शन फर्स्ट नॉन नल वैल्यू रिटर्न करता

[03:44:41] फंक्शन फर्स्ट नॉन नल वैल्यू रिटर्न करता है। कोलाइज़ को समझ लीजिए। अपन टेबल क्रिएट

[03:44:44] है। कोलाइज़ को समझ लीजिए। अपन टेबल क्रिएट कर लेते हैं। कस्टमर कांटेक्ट जिसमें आईडी

[03:44:46] कर लेते हैं। कस्टमर कांटेक्ट जिसमें आईडी होगी, नेम होगी, फोन होगा और ई नेम होगा।

[03:44:50] होगी, नेम होगी, फोन होगा और ई नेम होगा। इसे क्रिएट करते हैं। देन हम डेटा इंसर्ट

[03:44:53] इसे क्रिएट करते हैं। देन हम डेटा इंसर्ट करा देते हैं। यहां पर डेटा इंसर्ट भी हो

[03:44:55] करा देते हैं। यहां पर डेटा इंसर्ट भी हो गया। अभी यहां पर हम क्वेरी लिखते हैं।

[03:44:58] गया। अभी यहां पर हम क्वेरी लिखते हैं। सेलेक्ट

[03:45:00] सेलेक्ट नेम कॉमा

[03:45:03] नेम कॉमा कोस्क

[03:45:06] फॉर

[03:45:09] फॉर चाहिए हमें। पे चाहिए ईमेल देन नो

[03:45:12] चाहिए हमें। पे चाहिए ईमेल देन नो कांटेक्ट

[03:45:18] फ्रॉम कस्टमर्स।

[03:45:23] यहां पे अगर फोन नंबर अवेलेबल होगा तो फोन

[03:45:26] यहां पे अगर फोन नंबर अवेलेबल होगा तो फोन नंबर शो होगा। अगर फोन नंबर नल होगा तो

[03:45:30] नंबर शो होगा। अगर फोन नंबर नल होगा तो ईमेल शो होगा। और अगर दोनों ही नल है तो

[03:45:33] ईमेल शो होगा। और अगर दोनों ही नल है तो नो कांटेक्ट शो होगा। कि कोलेस्ट का यूज़

[03:45:36] नो कांटेक्ट शो होगा। कि कोलेस्ट का यूज़ हम तब करते हैं जब टेबल में नल वैल्यूस

[03:45:38] हम तब करते हैं जब टेबल में नल वैल्यूस होती हैं। टेबल का नेम है कस्टमर

[03:45:40] होती हैं। टेबल का नेम है कस्टमर कांटेक्ट।

[03:45:48] इसे एग्जीक्यूट कराते हैं। अभी क्या

[03:45:51] इसे एग्जीक्यूट कराते हैं। अभी क्या करेगा? सबसे पहले अमित जाएगा। अमित आ गया

[03:45:54] करेगा? सबसे पहले अमित जाएगा। अमित आ गया नेम में। फिर क्या करेगा? चेक करेगा कि

[03:45:56] नेम में। फिर क्या करेगा? चेक करेगा कि फोन नंबर अवेलेबल है कि नहीं। अगर फ़ नंबर

[03:45:58] फोन नंबर अवेलेबल है कि नहीं। अगर फ़ नंबर अवेलेबल है तो यह ईमेल के लिए चेक नहीं

[03:46:01] अवेलेबल है तो यह ईमेल के लिए चेक नहीं करेगा। फोन नंबर डिस्प्ले करा देगा। देन

[03:46:03] करेगा। फोन नंबर डिस्प्ले करा देगा। देन हम जब मूव करेंगे नेहा के ऊपर तो नेहा का

[03:46:06] हम जब मूव करेंगे नेहा के ऊपर तो नेहा का फ़ नंबर तो नल दिख रहा है यहां पे तो फिर

[03:46:09] फ़ नंबर तो नल दिख रहा है यहां पे तो फिर उसने मूव किया नेक्स्ट पे ईमेल है तो यहां

[03:46:11] उसने मूव किया नेक्स्ट पे ईमेल है तो यहां पे ईमेल प्रिंट हो गया ऐसे ही हुआ राहुल

[03:46:15] पे ईमेल प्रिंट हो गया ऐसे ही हुआ राहुल के लिए फोन नंबर अवेलेबल है इसलिए कॉलेक्स

[03:46:17] के लिए फोन नंबर अवेलेबल है इसलिए कॉलेक्स वही रिटर्न करेगा ईमेल चेक करने की जरूरत

[03:46:20] वही रिटर्न करेगा ईमेल चेक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी फिर देन प्रिया के लिए भी

[03:46:23] नहीं पड़ेगी फिर देन प्रिया के लिए भी क्या हुआ यहां पे अह फ़ नंबर भी नहीं है और

[03:46:28] क्या हुआ यहां पे अह फ़ नंबर भी नहीं है और ईमेल भी नहीं है तो यहां पे लिखा आ रहा है

[03:46:30] ईमेल भी नहीं है तो यहां पे लिखा आ रहा है नो कांटेक्ट कोलेक्स जो होता है वह रिटर्न

[03:46:32] नो कांटेक्ट कोलेक्स जो होता है वह रिटर्न करता है द फर्स्ट नॉन नॉन नल वैल्यू फ्रॉम

[03:46:34] करता है द फर्स्ट नॉन नॉन नल वैल्यू फ्रॉम द गिवन लिस्ट कोलेक्स लेफ्ट से राइट तक

[03:46:37] द गिवन लिस्ट कोलेक्स लेफ्ट से राइट तक चेक करता है और फर्स्ट नॉन नल वैल्यू

[03:46:40] चेक करता है और फर्स्ट नॉन नल वैल्यू रिटर्न करता है।

[03:46:43] रिटर्न करता है। अब आपको बताना है कि अगर क्वेरी हो कोस्क

[03:46:50] नल कॉमा नल कॉमा 50 100 तो आउटपुट क्या

[03:46:57] नल कॉमा नल कॉमा 50 100 तो आउटपुट क्या होगा? अभी नेक्स्ट हम पढ़ेंगे नल इफ के

[03:47:00] होगा? अभी नेक्स्ट हम पढ़ेंगे नल इफ के बारे में। नल इफ दो वैल्यू कंपेयर करता

[03:47:03] बारे में। नल इफ दो वैल्यू कंपेयर करता है। अगर दोनों वैल्यू सेम होती है तो

[03:47:05] है। अगर दोनों वैल्यू सेम होती है तो रिजल्ट नल होता है। यहां पर हम लिखेंगे

[03:47:07] रिजल्ट नल होता है। यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट

[03:47:10] सेलेक्ट नल इफ

[03:47:15] 10

[03:47:21] यहां पर क्या है? दोनों वैल्यू सेम है 10

[03:47:23] यहां पर क्या है? दोनों वैल्यू सेम है 10 10 तो इसने रिटर्न किया नल। अगर जैसे मैं

[03:47:27] 10 तो इसने रिटर्न किया नल। अगर जैसे मैं यहां पर कर देती हूं 10 और 20

[03:47:33] तो इसने रिटर्न किया 10

[03:47:36] तो इसने रिटर्न किया 10 बिकॉज़ 10 और 20 इक्वल नहीं है। इसलिए एसएल

[03:47:40] बिकॉज़ 10 और 20 इक्वल नहीं है। इसलिए एसएल फर्स्ट वैल्यू रिटर्न करेगा जो कि है 10

[03:47:42] फर्स्ट वैल्यू रिटर्न करेगा जो कि है 10 जैसे हम सेलेक्ट करते हैं एंप्लॉय सेलेक्ट

[03:47:47] जैसे हम सेलेक्ट करते हैं एंप्लॉय सेलेक्ट नेम कॉमा

[03:47:50] नेम कॉमा न इफ

[03:47:53] बोनस

[03:47:57] 0

[03:48:00] एंप्लई

[03:48:04] एक काम करते हैं। इसमें हम बोनस भी ऐड कर

[03:48:07] एक काम करते हैं। इसमें हम बोनस भी ऐड कर लेते हैं। अभी तो बोनस ऐड किया नहीं है

[03:48:09] लेते हैं। अभी तो बोनस ऐड किया नहीं है हमने। यहां पे हम लिखेंगे ऑल्टर टेबल

[03:48:14] हमने। यहां पे हम लिखेंगे ऑल्टर टेबल एंप्लॉय ऐड बोनस।

[03:48:19] तो यहां पर बोनस वाला कॉलम ऐड हो गया। फिर

[03:48:22] तो यहां पर बोनस वाला कॉलम ऐड हो गया। फिर यहां पे हम लिखेंगे

[03:48:25] यहां पे हम लिखेंगे अपी

[03:48:28] अपी एमंप्लॉय

[03:48:30] एमंप्लॉय हमें करना है सेट

[03:48:33] हमें करना है सेट बोनस इक्वल टू यहां हम लगाएंगे गेस व्हेन

[03:48:39] बोनस इक्वल टू यहां हम लगाएंगे गेस व्हेन सैलरी इज

[03:48:41] सैलरी इज ग्रेटर देन 50000

[03:48:47] देन

[03:48:50] देन क्या करना है आपको बोनस देना है 100000 का

[03:48:58] एंड व्हेन

[03:49:00] एंड व्हेन सैलरी इज ग्रेटर देन 40000

[03:49:06] देन आपको बोनस देना है 5000 का एल्स आपको

[03:49:10] देन आपको बोनस देना है 5000 का एल्स आपको बोनस देना है 2000 का यहां पे इसे हम कर

[03:49:12] बोनस देना है 2000 का यहां पे इसे हम कर देते हैं एंड

[03:49:23] यहां पे लिखा आ रहा है यू आर यूजिंग सेव

[03:49:25] यहां पे लिखा आ रहा है यू आर यूजिंग सेव अपडेट वेल एंड यू ट्राई टू अपडेट अ टेबल

[03:49:27] अपडेट वेल एंड यू ट्राई टू अपडेट अ टेबल विदाउट

[03:49:28] विदाउट वेयर दैट यूज़ अ की क्लॉनम हमें डिसेबल

[03:49:32] वेयर दैट यूज़ अ की क्लॉनम हमें डिसेबल करना पड़ेगा सेफ मोड को

[03:49:34] करना पड़ेगा सेफ मोड को एसक्यूएल

[03:49:37] एसक्यूएल सेफ

[03:49:41] अपडेट्स = 0

[03:49:46] अपडेट्स = 0 अब देन इसको जब कराएंगे हम एग्जीक्यूट तो

[03:49:48] अब देन इसको जब कराएंगे हम एग्जीक्यूट तो यह एग्जीक्यूट हो जाएगी। तो हमारा टेबल जो

[03:49:51] यह एग्जीक्यूट हो जाएगी। तो हमारा टेबल जो है वह अपडेट हो चुका है। अब जब हम चलाएंगे

[03:49:54] है वह अपडेट हो चुका है। अब जब हम चलाएंगे सेलेक्ट नेम नल इफ बोनस 0 फ्रॉम एंप्लॉयड

[03:49:58] सेलेक्ट नेम नल इफ बोनस 0 फ्रॉम एंप्लॉयड तो यह चल जाएगा।

[03:50:05] तो यहां पे क्या होगा? अगर बोनस ज़ीरो है

[03:50:07] तो यहां पे क्या होगा? अगर बोनस ज़ीरो है तो एसक्यूएल उनको नल बना देगा और अगर बोनस

[03:50:10] तो एसक्यूएल उनको नल बना देगा और अगर बोनस ज़ीरो नहीं है तो बोनस प्रिंट करा देगा।

[03:50:13] ज़ीरो नहीं है तो बोनस प्रिंट करा देगा। किसको कितना बोनस मिला है। इसका यूज़ तब

[03:50:16] किसको कितना बोनस मिला है। इसका यूज़ तब होता है जब हम ज़ीरो वैल्यू को इग्नोर करना

[03:50:19] होता है जब हम ज़ीरो वैल्यू को इग्नोर करना चाहते हो। नल इफ जो होता है वह रिटर्न

[03:50:21] चाहते हो। नल इफ जो होता है वह रिटर्न करता है नल इफ बोथ वैल्यूज़ आर इक्वल।

[03:50:24] करता है नल इफ बोथ वैल्यूज़ आर इक्वल। अदरवाइज़ यह रिटर्न करता है फर्स्ट वैल्यू

[03:50:27] अदरवाइज़ यह रिटर्न करता है फर्स्ट वैल्यू को। अब आपको एक क्वेश्चन ट्राई करना है।

[03:50:29] को। अब आपको एक क्वेश्चन ट्राई करना है। अगर यह क्वेरी हो सेलेक्ट नल इफ 50 30 तो

[03:50:36] अगर यह क्वेरी हो सेलेक्ट नल इफ 50 30 तो इसका आउटपुट क्या होगा? सबसे पहला

[03:50:38] इसका आउटपुट क्या होगा? सबसे पहला क्वेश्चन है हमारा आपको एंप्लई को सैलरी

[03:50:42] क्वेश्चन है हमारा आपको एंप्लई को सैलरी के बेसिस पर कैटेगराइज करना है। सबसे पहले

[03:50:45] के बेसिस पर कैटेगराइज करना है। सबसे पहले क्या कंडीशन है कि सैलरी जो है अगर वह

[03:50:50] क्या कंडीशन है कि सैलरी जो है अगर वह ज्यादा होगी 60,000 से तो वह होगी हाई।

[03:50:54] ज्यादा होगी 60,000 से तो वह होगी हाई। ऐसे ही अगर सैलरी ज्यादा होगी 40,000 से

[03:50:58] ऐसे ही अगर सैलरी ज्यादा होगी 40,000 से तो सैलरी होगी मीडियम। अदरवाइज आपको देना

[03:51:02] तो सैलरी होगी मीडियम। अदरवाइज आपको देना है लो।

[03:51:04] है लो। आपको इसमें यूज़ करना है केस स्टेटमेंट का।

[03:51:08] आपको इसमें यूज़ करना है केस स्टेटमेंट का। यहां डाल देती हूं मैं हिंट में यूज़

[03:51:12] यहां डाल देती हूं मैं हिंट में यूज़ केस स्टेटमेंट। तो चलिए इसको सॉल्व करते

[03:51:14] केस स्टेटमेंट। तो चलिए इसको सॉल्व करते हैं। यहां हम लिखेंगे

[03:51:17] हैं। यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम। वैसे तो आपको यह बन जाना

[03:51:19] सेलेक्ट नेम। वैसे तो आपको यह बन जाना चाहिए क्योंकि हम पहले सेम क्वेश्चन कर

[03:51:21] चाहिए क्योंकि हम पहले सेम क्वेश्चन कर चुके हैं। कॉमा सैलरी

[03:51:25] चुके हैं। कॉमा सैलरी एस लगाएंगे इसमें व्हेन सैलरी इज़ ग्रेटर

[03:51:29] एस लगाएंगे इसमें व्हेन सैलरी इज़ ग्रेटर दैन 60

[03:51:31] दैन 60 देन आपको देना है हाई

[03:51:34] देन आपको देना है हाई व्हेन सैलरी इज़ ग्रेटर दैन 40

[03:51:39] व्हेन सैलरी इज़ ग्रेटर दैन 40 देन आपको देना है मीडियम

[03:51:44] अदरवाइज आपको देना है एस लो देन इसको एंड

[03:51:47] अदरवाइज आपको देना है एस लो देन इसको एंड करना है और इसको नाम देना है एस सैलरी

[03:51:50] करना है और इसको नाम देना है एस सैलरी कैटेगरी

[03:51:53] फ्रॉम एंप्लॉय

[03:51:57] यहां पर कॉमा आएगा।

[03:52:00] यहां पर कॉमा आएगा। यहां हम केस स्टेटमेंट यूज़ करके सैलरी को

[03:52:02] यहां हम केस स्टेटमेंट यूज़ करके सैलरी को कैटेगरी में कन्वर्ट कर रहे हैं। तो हमें

[03:52:04] कैटेगरी में कन्वर्ट कर रहे हैं। तो हमें सारी सैलरी की कैटेगरी मिल गई हाई, मीडियम

[03:52:06] सारी सैलरी की कैटेगरी मिल गई हाई, मीडियम एंड लो। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है अगर

[03:52:09] एंड लो। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है अगर एंप्लॉय की सैलरी 50,000 से ज्यादा होगी

[03:52:12] एंप्लॉय की सैलरी 50,000 से ज्यादा होगी तो शो करना है बोनस एलिजिबल है। वरना आपको

[03:52:14] तो शो करना है बोनस एलिजिबल है। वरना आपको शो करना है नो बोनस। यहां पे आपको यूज़

[03:52:16] शो करना है नो बोनस। यहां पे आपको यूज़ करना है इफ फंक्शन का। एमंप्लॉय सैलरी इज

[03:52:20] करना है इफ फंक्शन का। एमंप्लॉय सैलरी इज ग्रेटर देन

[03:52:23] ग्रेटर देन 50000

[03:52:26] 50000 तो आपको शो करना है देन शो

[03:52:30] तो आपको शो करना है देन शो बोनस

[03:52:32] बोनस एलिजिबल

[03:52:34] एलिजिबल अदरवाइज आपको शो करना है नो बोनस अदरवाइज

[03:52:38] अदरवाइज आपको शो करना है नो बोनस अदरवाइज नो बोनस

[03:52:40] नो बोनस इसका हिंट है आपको यूज़ करना है

[03:52:45] इसका हिंट है आपको यूज़ करना है इफ फंक्शन का

[03:52:50] यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी

[03:52:54] यहां हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी कॉमा इफ अगर सैलरी जो है वो ज्यादा होगी

[03:53:00] कॉमा इफ अगर सैलरी जो है वो ज्यादा होगी 50000 से तो बोनस एलिजिबल होगा।

[03:53:07] अगर ऐसा नहीं होगा तो आपको लिखना है नो

[03:53:09] अगर ऐसा नहीं होगा तो आपको लिखना है नो बोनस।

[03:53:12] बोनस। इसको नाम देंगे हम एस बोनस स्टेटस।

[03:53:19] फ्रॉम एंप्लॉय।

[03:53:24] तो यहां पर जिनका भी बोनस एलिजिबल था उनके

[03:53:26] तो यहां पर जिनका भी बोनस एलिजिबल था उनके आगे लिखा आ गया बोनस एलिजिबल। और जिनके

[03:53:28] आगे लिखा आ गया बोनस एलिजिबल। और जिनके लिए बोनस एलिजिबल नहीं था उनके आगे लिखा आ

[03:53:30] लिए बोनस एलिजिबल नहीं था उनके आगे लिखा आ गया नो बोनस। जिनकी भी सैलरी 50,000 से

[03:53:33] गया नो बोनस। जिनकी भी सैलरी 50,000 से ज्यादा होगी उसके आगे लिखा होगा बोनस

[03:53:35] ज्यादा होगी उसके आगे लिखा होगा बोनस एलिजिबल। और जिनकी सैलरी 50,000 से कम

[03:53:38] एलिजिबल। और जिनकी सैलरी 50,000 से कम होगी उसके आगे लिखा होगा नो बोनस। अभी एक

[03:53:40] होगी उसके आगे लिखा होगा नो बोनस। अभी एक क्वेश्चन मैं आपको दे रही हूं जो आपको खुद

[03:53:42] क्वेश्चन मैं आपको दे रही हूं जो आपको खुद से सॉल्व करना है। उसका सॉल्यूशन मैं आपको

[03:53:44] से सॉल्व करना है। उसका सॉल्यूशन मैं आपको नहीं बताऊंगी। आपको क्या करना है? आपको

[03:53:46] नहीं बताऊंगी। आपको क्या करना है? आपको एमंप्लई की सैलरी के बेसिस पर कैटेगरी शो

[03:53:48] एमंप्लई की सैलरी के बेसिस पर कैटेगरी शो करना है। अगर सैलरी इक्वल होगी या फिर बड़ी

[03:53:51] करना है। अगर सैलरी इक्वल होगी या फिर बड़ी होगी 70,000 के तो वह सीनियर होना चाहिए।

[03:53:52] होगी 70,000 के तो वह सीनियर होना चाहिए। और अगर सैलरी जो होगी वो ज्यादा होगी या

[03:53:54] और अगर सैलरी जो होगी वो ज्यादा होगी या इक्वल होगी 40,000 की तो वो मिड लेवल पर

[03:53:56] इक्वल होगी 40,000 की तो वो मिड लेवल पर आना चाहिए। अदरवाइज वो आना चाहिए जूनियर।

[03:53:59] आना चाहिए। अदरवाइज वो आना चाहिए जूनियर। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है। आपको शो करना है

[03:54:01] अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है। आपको शो करना है कस्टमर का बेस्ट अवेलेबल कांटेक्ट।

[03:54:05] कस्टमर का बेस्ट अवेलेबल कांटेक्ट। शो कस्टमर बेस्ट अवेलेबल

[03:54:11] शो कस्टमर बेस्ट अवेलेबल कांटेक्ट।

[03:54:13] कांटेक्ट। प्रायोरिटी है इसमें

[03:54:16] प्रायोरिटी है इसमें होना चाहिए फोन

[03:54:19] होना चाहिए फोन होना चाहिए इसमें ईमेल और होना चाहिए

[03:54:22] होना चाहिए इसमें ईमेल और होना चाहिए इसमें एड्रेस

[03:54:25] इसमें एड्रेस अदरवाइज लेना है आपको

[03:54:28] अदरवाइज लेना है आपको नो कांटेक्ट

[03:54:33] ऐसा सेम हम पहले कर चुके हैं तो मैं इसको

[03:54:35] ऐसा सेम हम पहले कर चुके हैं तो मैं इसको सॉल्व नहीं कराऊंगी। आपको खुद से सॉल्व

[03:54:36] सॉल्व नहीं कराऊंगी। आपको खुद से सॉल्व करना है। फोर्थ क्वेश्चन है। आपको इसमें

[03:54:38] करना है। फोर्थ क्वेश्चन है। आपको इसमें क्या करना है? आपको अगर प्रोडक्ट का

[03:54:40] क्या करना है? आपको अगर प्रोडक्ट का प्राइस जीरो है तो उसको मेल बनाना है। इफ

[03:54:45] प्राइस जीरो है तो उसको मेल बनाना है। इफ प्रोडक्ट

[03:54:47] प्रोडक्ट प्राइस

[03:54:48] प्राइस इज़ ज़ीरो देन मेक इट नल।

[03:54:56] यहां पे क्या करना है? आपको एक टेबल

[03:54:57] यहां पे क्या करना है? आपको एक टेबल क्रिएट करना है। प्रोडक्ट। इस टेबल में हम

[03:54:59] क्रिएट करना है। प्रोडक्ट। इस टेबल में हम प्रोडक्ट का नाम और उसकी प्राइस स्टोर

[03:55:01] प्रोडक्ट का नाम और उसकी प्राइस स्टोर करेंगे। कभी-कभी डेटाबेस में जीरो स्ट

[03:55:04] करेंगे। कभी-कभी डेटाबेस में जीरो स्ट होता है। लेकिन प्रैक्टिकल सिनेरियोस में

[03:55:05] होता है। लेकिन प्रैक्टिकल सिनेरियोस में हम उसको नल ट्रीट करना चाहते हैं। इसलिए

[03:55:07] हम उसको नल ट्रीट करना चाहते हैं। इसलिए हम नल फंक्शन यूज़ करेंगे। आपको टेबल

[03:55:09] हम नल फंक्शन यूज़ करेंगे। आपको टेबल क्रिएट करना है। प्रोडक्ट जिसमें आईडी

[03:55:11] क्रिएट करना है। प्रोडक्ट जिसमें आईडी होगी, नेम होगी और प्राइस होगी। देन उसमें

[03:55:13] होगी, नेम होगी और प्राइस होगी। देन उसमें डेटा इंसर्ट कराना है। देन आपको क्योरी

[03:55:15] डेटा इंसर्ट कराना है। देन आपको क्योरी लिखना है जिसमें अगर प्राइस ज़ीरो हो तो

[03:55:17] लिखना है जिसमें अगर प्राइस ज़ीरो हो तो उसको नल बना दिया जाए। यह आपको खुद से

[03:55:18] उसको नल बना दिया जाए। यह आपको खुद से करना है। देन नेक्स्ट क्वेश्चन है। आपको

[03:55:20] करना है। देन नेक्स्ट क्वेश्चन है। आपको स्टूडेंट मार्क्स के बेसिस पर ग्रेड शो

[03:55:23] स्टूडेंट मार्क्स के बेसिस पर ग्रेड शो करना है। शो ग्रेड्स

[03:55:26] करना है। शो ग्रेड्स ऑन द बेसिस ऑफ स्टूडेंट मार्क्स। मार्क्स।

[03:55:34] ऑन द बेसिस ऑफ स्टूडेंट मार्क्स। मार्क्स। सबसे पहला क्या है? अगर मार्क्स जो हैं वो

[03:55:36] सबसे पहला क्या है? अगर मार्क्स जो हैं वो ग्रेटर और इक्वल टू होंगे 90 के तो आपको

[03:55:39] ग्रेटर और इक्वल टू होंगे 90 के तो आपको उसको देना है ए ग्रेड। दूसरी कंडीशन क्या

[03:55:42] उसको देना है ए ग्रेड। दूसरी कंडीशन क्या है? अगर मार्क्स जो हैं वो ग्रेटर और

[03:55:45] है? अगर मार्क्स जो हैं वो ग्रेटर और इक्वल टू होंगे 75 के। तो उसको आपको देना

[03:55:47] इक्वल टू होंगे 75 के। तो उसको आपको देना है बी। तीसरी कंडीशन क्या है? अगर मार्क्स

[03:55:50] है बी। तीसरी कंडीशन क्या है? अगर मार्क्स जो है वह ग्रेटर और इक्वल टू होंगे 50 के

[03:55:53] जो है वह ग्रेटर और इक्वल टू होंगे 50 के तो उसको आपको देना है ग्रेड

[03:55:56] तो उसको आपको देना है ग्रेड सी।

[03:55:59] अदरवाइज

[03:56:03] आपको देना है फेल।

[03:56:07] यह वाला भी आपको खुद से करना है। इसमें

[03:56:09] यह वाला भी आपको खुद से करना है। इसमें क्या करना है? आपको एक टेबल बनाना है

[03:56:11] क्या करना है? आपको एक टेबल बनाना है स्टूडेंट जिसके अंदर होगी आईडी, नेम और

[03:56:14] स्टूडेंट जिसके अंदर होगी आईडी, नेम और मार्क्स। देन आपको डाटा इंसर्ट कराना है।

[03:56:17] मार्क्स। देन आपको डाटा इंसर्ट कराना है। फिर अगर स्टूडेंट के मार्क्स 90 से ज्यादा

[03:56:20] फिर अगर स्टूडेंट के मार्क्स 90 से ज्यादा होंगे और इक्वल होंगे तो आपको ग्रेड ए

[03:56:22] होंगे और इक्वल होंगे तो आपको ग्रेड ए देना है। अगर मार्क्स 75 से ज्यादा होंगे

[03:56:24] देना है। अगर मार्क्स 75 से ज्यादा होंगे या तो फिर इक्वल होंगे तो आपको ग्रेड बी

[03:56:25] या तो फिर इक्वल होंगे तो आपको ग्रेड बी देना है। अगर मार्क्स 50 से ज्यादा होंगे

[03:56:27] देना है। अगर मार्क्स 50 से ज्यादा होंगे या इक्वल होंगे तो आपको ग्रेड सी देना है।

[03:56:29] या इक्वल होंगे तो आपको ग्रेड सी देना है। अदरवाइज आपको फेल करना है। इसको आपको करना

[03:56:31] अदरवाइज आपको फेल करना है। इसको आपको करना है केस की हेल्प से। मैं आपको रिकमेंड

[03:56:33] है केस की हेल्प से। मैं आपको रिकमेंड करूंगी कि आप यह टेबल्स खुद क्रिएट करें

[03:56:34] करूंगी कि आप यह टेबल्स खुद क्रिएट करें और क्वेरीज रन करें। तभी आपको एसक्यूएल

[03:56:36] और क्वेरीज रन करें। तभी आपको एसक्यूएल कंडीशन स्टेटमेंट प्रॉपर्ली समझ आएगा।

[03:56:38] कंडीशन स्टेटमेंट प्रॉपर्ली समझ आएगा। सपोज करो आप एक कंपनी का डेटाबेस मैनेज कर

[03:56:42] सपोज करो आप एक कंपनी का डेटाबेस मैनेज कर रहे हो और एक एंप्लॉय का एड्रेस चेंज होता

[03:56:45] रहे हो और एक एंप्लॉय का एड्रेस चेंज होता है। आपको वह एड्रेस 15 जगह अपडेट करना

[03:56:48] है। आपको वह एड्रेस 15 जगह अपडेट करना पड़ता है और अगर एक जगह मिस हो गया तो

[03:56:51] पड़ता है और अगर एक जगह मिस हो गया तो डेटा एंड कंसिस्टेंसी आती है। इस प्रॉब्लम

[03:56:53] डेटा एंड कंसिस्टेंसी आती है। इस प्रॉब्लम को सॉल्व करता है नॉर्मलाइजेशन। आज हम

[03:56:56] को सॉल्व करता है नॉर्मलाइजेशन। आज हम नॉर्मलाइजेशन को समझेंगे। सो व्हाट इज़

[03:56:59] नॉर्मलाइजेशन को समझेंगे। सो व्हाट इज़ नॉर्मलाइजेशन?

[03:57:00] नॉर्मलाइजेशन? नॉर्मलाइजेशन इज द प्रोसेस ऑफ

[03:57:03] नॉर्मलाइजेशन इज द प्रोसेस ऑफ ऑर्गेनाइजिंग डाटा इन अ डेटाबेस टू

[03:57:05] ऑर्गेनाइजिंग डाटा इन अ डेटाबेस टू रिड्यूस रिडंडेंसी एंड इंप्रूव डाटा

[03:57:08] रिड्यूस रिडंडेंसी एंड इंप्रूव डाटा इंटीग्रिटी। नॉर्मलाइजेशन एक डेटाबेस

[03:57:10] इंटीग्रिटी। नॉर्मलाइजेशन एक डेटाबेस डिजाइन टेक्निक है जिसका मेन गोल होता है

[03:57:14] डिजाइन टेक्निक है जिसका मेन गोल होता है डेटा रिडंडेंसी मतलब डुप्लीकेट डेटा को

[03:57:17] डेटा रिडंडेंसी मतलब डुप्लीकेट डेटा को रिमूव करना।

[03:57:19] रिमूव करना। एलिमिनेट डुप्लीकेट डाटा इंश्योर

[03:57:23] एलिमिनेट डुप्लीकेट डाटा इंश्योर कंसिस्टेंसी

[03:57:24] कंसिस्टेंसी डाटा कंसिस्टेंसी मेंटेन करना और इंप्रूव

[03:57:28] डाटा कंसिस्टेंसी मेंटेन करना और इंप्रूव करना डेटाबेस के स्ट्रक्चर को मतलब

[03:57:31] करना डेटाबेस के स्ट्रक्चर को मतलब डेटाबेस को लॉजिकली ऑर्गेनाइज करना सिंपल

[03:57:34] डेटाबेस को लॉजिकली ऑर्गेनाइज करना सिंपल लाइन में बोले तो राइट डेटा को राइट प्लेस

[03:57:37] लाइन में बोले तो राइट डेटा को राइट प्लेस पर स्टोर कराना ही नॉर्मलाइजेशन है। अगर

[03:57:40] पर स्टोर कराना ही नॉर्मलाइजेशन है। अगर मैं एक लाइन में बोलूं तो नॉर्मलाइजेशन एक

[03:57:42] मैं एक लाइन में बोलूं तो नॉर्मलाइजेशन एक प्रोसेस है जिसमें हम अपने डेटाबेस को

[03:57:45] प्रोसेस है जिसमें हम अपने डेटाबेस को प्रॉपर्ली ऑर्गेनाइज करते हैं। इसका मेन

[03:57:48] प्रॉपर्ली ऑर्गेनाइज करते हैं। इसका मेन गोल होता है डुप्लीकेट डाटा को रिड्यूस

[03:57:51] गोल होता है डुप्लीकेट डाटा को रिड्यूस करना और डाटा को कंसिस्टेंट रखना। मतलब

[03:57:54] करना और डाटा को कंसिस्टेंट रखना। मतलब सेम डाटा बार-बार स्टोर ना हो और अगर चेंज

[03:57:57] सेम डाटा बार-बार स्टोर ना हो और अगर चेंज करें तो एक ही जगह से हो। यही प्रोसेस

[03:57:59] करें तो एक ही जगह से हो। यही प्रोसेस होती है नॉर्मलाइजेशन। अब सबसे पहले हम

[03:58:02] होती है नॉर्मलाइजेशन। अब सबसे पहले हम समझते हैं डेटा रिडंडेंसी को। रिडंडेंसी

[03:58:06] समझते हैं डेटा रिडंडेंसी को। रिडंडेंसी का मतलब होता है

[03:58:10] डेटा रिडंडेंसी ऑकर व्हेन द सेम डेटा इज़

[03:58:13] डेटा रिडंडेंसी ऑकर व्हेन द सेम डेटा इज़ स्टोर इन मल्टीपल प्लेसेस इन अ डेटाबेस।

[03:58:16] स्टोर इन मल्टीपल प्लेसेस इन अ डेटाबेस। रिडंडेंसी का मतलब होता है सेम डाटा का

[03:58:19] रिडंडेंसी का मतलब होता है सेम डाटा का मल्टीपल प्लेस पर रिपीट होना। फॉर

[03:58:21] मल्टीपल प्लेस पर रिपीट होना। फॉर एग्जांपल अगर एक स्टूडेंट का नाम फाइव

[03:58:24] एग्जांपल अगर एक स्टूडेंट का नाम फाइव प्लेसेस पर स्टर्ड है तो प्रॉब्लम क्या

[03:58:26] प्लेसेस पर स्टर्ड है तो प्रॉब्लम क्या होगी? स्टोरेज बेस्ड होगा और अगर अपडेट

[03:58:29] होगी? स्टोरेज बेस्ड होगा और अगर अपडेट करना हुआ तो फाइव प्लेसेस से हमें उसे

[03:58:31] करना हुआ तो फाइव प्लेसेस से हमें उसे चेंज करना पड़ेगा। इसी प्रॉब्लम को सॉल्व

[03:58:34] चेंज करना पड़ेगा। इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करता है नॉर्मलाइजेशन। अब एनॉमलीज़ क्या

[03:58:37] करता है नॉर्मलाइजेशन। अब एनॉमलीज़ क्या होता है? एनॉमलीज़ आर प्रॉब्लम्स दैट ऑकर

[03:58:40] होता है? एनॉमलीज़ आर प्रॉब्लम्स दैट ऑकर इन अ डेटाबेस ड्यू टू पुअर डिज़ एंड डेटा

[03:58:43] इन अ डेटाबेस ड्यू टू पुअर डिज़ एंड डेटा रिडंडेंसी। यह बेसिकली प्रॉब्लम होती है

[03:58:47] रिडंडेंसी। यह बेसिकली प्रॉब्लम होती है जो डेटाबेस में आती है जब डिजाइन सही नहीं

[03:58:50] जो डेटाबेस में आती है जब डिजाइन सही नहीं होता है। एनॉमलीस के भी टाइप्स होते हैं।

[03:58:53] होता है। एनॉमलीस के भी टाइप्स होते हैं। सबसे पहला होता है इंसर्ट एनोमली। इंसर्ट

[03:58:57] सबसे पहला होता है इंसर्ट एनोमली। इंसर्ट एनोमली का मतलब आप डेटा इंसर्ट ही नहीं कर

[03:59:00] एनोमली का मतलब आप डेटा इंसर्ट ही नहीं कर पा रहे हैं प्रॉपर्ली। क्योंकि कुछ

[03:59:02] पा रहे हैं प्रॉपर्ली। क्योंकि कुछ अननेसेसरी डेटा भी रिक्वायर्ड हो रहा है।

[03:59:06] अननेसेसरी डेटा भी रिक्वायर्ड हो रहा है। इनएबिलिटी टू इंसर्ट डेटा विदाउट अदर

[03:59:08] इनएबिलिटी टू इंसर्ट डेटा विदाउट अदर अननेसेसरी डेटा। सेकंड होता है अपडेट

[03:59:11] अननेसेसरी डेटा। सेकंड होता है अपडेट एनॉमली। इसमें क्या होता है? सेम डेटा

[03:59:13] एनॉमली। इसमें क्या होता है? सेम डेटा मस्ट बी अपडेटेड इन मल्टीपल प्लेसेस।

[03:59:16] मस्ट बी अपडेटेड इन मल्टीपल प्लेसेस। इसमें सेम डेटा मल्टीपल जगह अपडेट करना

[03:59:19] इसमें सेम डेटा मल्टीपल जगह अपडेट करना पड़ता है। और अगर एक जगह मिस हो गया तो

[03:59:22] पड़ता है। और अगर एक जगह मिस हो गया तो डेटा इनकंसिस्टेंस हो जाएगा। थर्ड वन इज़

[03:59:25] डेटा इनकंसिस्टेंस हो जाएगा। थर्ड वन इज़ डिलीट एनोमली। डिलीटिंग डेटा अनइटेंशनरी

[03:59:29] डिलीट एनोमली। डिलीटिंग डेटा अनइटेंशनरी रिमूव्स अदर इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन।

[03:59:32] रिमूव्स अदर इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन। डिलीट एनोमली का मतलब होता है आप एक डेटा

[03:59:35] डिलीट एनोमली का मतलब होता है आप एक डेटा डिलीट करते हो और एक्सीडेंटली इंपॉर्टेंट

[03:59:38] डिलीट करते हो और एक्सीडेंटली इंपॉर्टेंट डेटा भी डिलीट हो जाता है। दैट इज़ डिलीट

[03:59:41] डेटा भी डिलीट हो जाता है। दैट इज़ डिलीट एनोमली। अभी हम पढ़ेंगे नॉर्मलाइजेशन के

[03:59:44] एनोमली। अभी हम पढ़ेंगे नॉर्मलाइजेशन के फॉर्म को। सबसे पहले हम पढ़ेंगे फर्स्ट

[03:59:47] फॉर्म को। सबसे पहले हम पढ़ेंगे फर्स्ट नॉर्मल फॉर्म को। इसको वन एनएफ भी बोलते

[03:59:50] नॉर्मल फॉर्म को। इसको वन एनएफ भी बोलते हैं।

[03:59:52] हैं। अ टेबल इज़ इन फर्स्ट नॉर्मल फॉर्म इफ ऑल

[03:59:56] अ टेबल इज़ इन फर्स्ट नॉर्मल फॉर्म इफ ऑल कॉलम्स कंटेन एटॉमिक मतलब सिंगल वैल्यूज़।

[03:59:59] कॉलम्स कंटेन एटॉमिक मतलब सिंगल वैल्यूज़। नो रिपीटिंग ग्रुप और मल्टीपल वैल्यूज़ इन

[04:00:01] नो रिपीटिंग ग्रुप और मल्टीपल वैल्यूज़ इन अ कॉलम। वन एनf जो है वो सबसे पहला फर्स्ट

[04:00:05] अ कॉलम। वन एनf जो है वो सबसे पहला फर्स्ट नॉर्मल फॉर्म है। इसका रूल बहुत ही सिंपल

[04:00:08] नॉर्मल फॉर्म है। इसका रूल बहुत ही सिंपल है। हर कॉलम में सिर्फ सिंगल वैल्यू होनी

[04:00:10] है। हर कॉलम में सिर्फ सिंगल वैल्यू होनी चाहिए। मतलब एक सेल एक सेल में मल्टीपल

[04:00:14] चाहिए। मतलब एक सेल एक सेल में मल्टीपल वैल्यूस अलाउड नहीं है। अगर एक कॉलम में

[04:00:17] वैल्यूस अलाउड नहीं है। अगर एक कॉलम में मैथ साइंस लिखा है तो यह गलत हो जाएगा।

[04:00:21] मैथ साइंस लिखा है तो यह गलत हो जाएगा। हमें इसे ब्रेक करना पड़ेगा। मतलब एक रो

[04:00:23] हमें इसे ब्रेक करना पड़ेगा। मतलब एक रो में मैथ्स आएगा, एक रो में साइंस आएगा। एक

[04:00:26] में मैथ्स आएगा, एक रो में साइंस आएगा। एक रो में एक ही सब्जेक्ट आएगा। आप मैथ्स और

[04:00:28] रो में एक ही सब्जेक्ट आएगा। आप मैथ्स और साइंस को एक ही कॉलम में नहीं लिख सकते।

[04:00:31] साइंस को एक ही कॉलम में नहीं लिख सकते। दैट इज़ वन एनs। इसके रूल्स होते हैं। नो

[04:00:34] दैट इज़ वन एनs। इसके रूल्स होते हैं। नो मल्टीपल वैल्यूज़ इन वन कॉलम। आप मल्टीपल

[04:00:37] मल्टीपल वैल्यूज़ इन वन कॉलम। आप मल्टीपल वैल्यूज़ को एक कॉलम में नहीं रख सकते। नो

[04:00:39] वैल्यूज़ को एक कॉलम में नहीं रख सकते। नो रिपीटिंग ग्रुप्स। आप ग्रुप्स को रिपीट

[04:00:41] रिपीटिंग ग्रुप्स। आप ग्रुप्स को रिपीट नहीं कर सकते। ईच फील्ड इज इक्वल टू

[04:00:44] नहीं कर सकते। ईच फील्ड इज इक्वल टू एटॉमिक वैल्यू। मतलब हर फील्ड के लिए आपको

[04:00:46] एटॉमिक वैल्यू। मतलब हर फील्ड के लिए आपको सिंगल वैल्यू देनी है। ईच फील्ड इज़ इक्वल

[04:00:49] सिंगल वैल्यू देनी है। ईच फील्ड इज़ इक्वल टू एटॉमिक वैल्यू मतलब सिंगल वैल्यू। जब

[04:00:52] टू एटॉमिक वैल्यू मतलब सिंगल वैल्यू। जब आप ऐसा करते हैं कि जैसे आपने एक टेबल

[04:00:54] आप ऐसा करते हैं कि जैसे आपने एक टेबल बनाया उसमें स्टूडेंट आईडी है, नेम है और

[04:00:57] बनाया उसमें स्टूडेंट आईडी है, नेम है और सब्जेक्ट्स है। आपने तीन कॉलम बनाए। उसमें

[04:01:00] सब्जेक्ट्स है। आपने तीन कॉलम बनाए। उसमें फर्स्ट रो में आपने फर्स्ट कॉलम में आईडी

[04:01:03] फर्स्ट रो में आपने फर्स्ट कॉलम में आईडी दी है वन। नेम दे दिया रिया और सब्जेक्ट्स

[04:01:05] दी है वन। नेम दे दिया रिया और सब्जेक्ट्स दोनों दे दिए। मैथ्स भी दे दिया और साइंस

[04:01:07] दोनों दे दिए। मैथ्स भी दे दिया और साइंस भी दे दिया। दोनों एक ही में दे दिए। तो

[04:01:09] भी दे दिया। दोनों एक ही में दे दिए। तो इसमें प्रॉब्लम क्या होती है? इसमें

[04:01:11] इसमें प्रॉब्लम क्या होती है? इसमें प्रॉब्लम आती है कि मल्टीपल वैल्यू है एक

[04:01:14] प्रॉब्लम आती है कि मल्टीपल वैल्यू है एक कॉलम में। सर्चिंग डिफिकल्ट हो जाती है और

[04:01:16] कॉलम में। सर्चिंग डिफिकल्ट हो जाती है और फ़िल्टरिंग भी इंपॉसिबल हो जाती है। इससे

[04:01:19] फ़िल्टरिंग भी इंपॉसिबल हो जाती है। इससे अच्छा आप क्या करें? स्टूडेंट आईडी, नेम,

[04:01:22] अच्छा आप क्या करें? स्टूडेंट आईडी, नेम, सब्जेक्ट सेम तीन कॉलम बनाएं लेकिन रो जो

[04:01:24] सब्जेक्ट सेम तीन कॉलम बनाएं लेकिन रो जो है वो अलग-अलग कर दें। मतलब फर्स्ट वाली

[04:01:27] है वो अलग-अलग कर दें। मतलब फर्स्ट वाली रो में आप फ़ आईडी देंगे वन एंड देन नेम

[04:01:30] रो में आप फ़ आईडी देंगे वन एंड देन नेम देंगे रिया। सब्जेक्ट दे देंगे मैथ्स। देन

[04:01:32] देंगे रिया। सब्जेक्ट दे देंगे मैथ्स। देन आप सेकंड रो में देंगे रिया अगेन एंड उसको

[04:01:35] आप सेकंड रो में देंगे रिया अगेन एंड उसको सब्जेक्ट देंगे साइंस। मतलब आप एक ही कॉलम

[04:01:38] सब्जेक्ट देंगे साइंस। मतलब आप एक ही कॉलम में दो वैल्यू्यूस नहीं दे सकते या एक ही

[04:01:40] में दो वैल्यू्यूस नहीं दे सकते या एक ही रो में दो वैल्यू्यूस नहीं दे सकते। मतलब

[04:01:43] रो में दो वैल्यू्यूस नहीं दे सकते। मतलब वन सेल = वन वैल्यू। ये रूल फॉलो करो। अभी

[04:01:48] वन सेल = वन वैल्यू। ये रूल फॉलो करो। अभी हम मूव करते हैं सेकंड नॉर्मल फॉर्म पे।

[04:01:51] हम मूव करते हैं सेकंड नॉर्मल फॉर्म पे। इसको हम 2 एनएफ भी बोलते हैं। इसका रूल है

[04:01:54] इसको हम 2 एनएफ भी बोलते हैं। इसका रूल है टेबल ऑलरेडी वन एनएफ में होना चाहिए और

[04:01:57] टेबल ऑलरेडी वन एनएफ में होना चाहिए और कोई पार्शियल डिपेंडेंसी नहीं होनी चाहिए।

[04:02:00] कोई पार्शियल डिपेंडेंसी नहीं होनी चाहिए। सिंपल लैंग्वेज में बोलूं तो कॉलम को

[04:02:02] सिंपल लैंग्वेज में बोलूं तो कॉलम को प्राइमरी की के पूरे पार्ट पर डिपेंड होना

[04:02:05] प्राइमरी की के पूरे पार्ट पर डिपेंड होना चाहिए। अगर सिर्फ आधी की पर डिपेंड कर रहा

[04:02:08] चाहिए। अगर सिर्फ आधी की पर डिपेंड कर रहा है तो वह गलत है। अ टेबल इज़ इन सेकंड

[04:02:11] है तो वह गलत है। अ टेबल इज़ इन सेकंड एनएफ।

[04:02:13] एनएफ। इफ इट इज़ ऑलरेडी इन वन एनएफ ऑल नॉन की

[04:02:16] इफ इट इज़ ऑलरेडी इन वन एनएफ ऑल नॉन की एट्रिब्यूट आर फुली डिपेंडेंट ऑन द एंटायर

[04:02:18] एट्रिब्यूट आर फुली डिपेंडेंट ऑन द एंटायर प्राइमरी की। सेकंड एनएफ का रूल होता है

[04:02:21] प्राइमरी की। सेकंड एनएफ का रूल होता है कि मस्ट बी इन वन एनएफ। सेकंड एनएफ को वन

[04:02:24] कि मस्ट बी इन वन एनएफ। सेकंड एनएफ को वन एनएफ होना चाहिए। और इसमें कोई भी

[04:02:26] एनएफ होना चाहिए। और इसमें कोई भी पार्शियल डिपेंडेंसी नहीं होना चाहिए। अब

[04:02:29] पार्शियल डिपेंडेंसी नहीं होना चाहिए। अब पार्शियल डिपेंडेंसी क्या होता है?

[04:02:31] पार्शियल डिपेंडेंसी क्या होता है? पार्शियल डिपेंडेंसी ऑकर व्हेन अ नॉन की

[04:02:33] पार्शियल डिपेंडेंसी ऑकर व्हेन अ नॉन की एट्रिब्यूट डिपेंड्स ऑन ओनली अ पार्ट ऑफ अ

[04:02:36] एट्रिब्यूट डिपेंड्स ऑन ओनली अ पार्ट ऑफ अ कंपोजिट प्राइमरी की।

[04:02:38] कंपोजिट प्राइमरी की। जब कोई कॉलम प्राइमरी की के सिर्फ एक

[04:02:41] जब कोई कॉलम प्राइमरी की के सिर्फ एक पार्ट पर डिपेंड करता है तो उसे हम बोलते

[04:02:43] पार्ट पर डिपेंड करता है तो उसे हम बोलते हैं पार्शियल डिपेंडेंसी। फॉर एग्जांपल

[04:02:46] हैं पार्शियल डिपेंडेंसी। फॉर एग्जांपल अगर प्राइमरी की है, स्टूडेंट आईडी है

[04:02:49] अगर प्राइमरी की है, स्टूडेंट आईडी है प्लस सब्जेक्ट है और नेम सिर्फ स्टूडेंट

[04:02:51] प्लस सब्जेक्ट है और नेम सिर्फ स्टूडेंट आईडी पर ही डिपेंड करता है। तो यह

[04:02:53] आईडी पर ही डिपेंड करता है। तो यह पार्शियल डिपेंडेंसी हुई। इसको फिक्स करने

[04:02:56] पार्शियल डिपेंडेंसी हुई। इसको फिक्स करने के लिए हमें टेबल्स स्प्लिट करना पड़ता

[04:02:58] के लिए हमें टेबल्स स्प्लिट करना पड़ता है। पार्शियल डिपेंडेंसी का मतलब ही होता

[04:03:00] है। पार्शियल डिपेंडेंसी का मतलब ही होता है कि जब कोई कॉलम कंपोजिट की के सिर्फ एक

[04:03:04] है कि जब कोई कॉलम कंपोजिट की के सिर्फ एक पार्ट पर डिपेंड करे तो वो होती है

[04:03:06] पार्ट पर डिपेंड करे तो वो होती है पार्शियल डिपेंडेंसी। फॉर एग्जांपल आपने

[04:03:08] पार्शियल डिपेंडेंसी। फॉर एग्जांपल आपने एक कॉलम बनाया है स्टूडेंट आईडी का,

[04:03:10] एक कॉलम बनाया है स्टूडेंट आईडी का, सब्जेक्ट का और स्टूडेंट नेम का। इसमें

[04:03:13] सब्जेक्ट का और स्टूडेंट नेम का। इसमें प्राइमरी की क्या-क्या होगी? स्टूडेंट

[04:03:14] प्राइमरी की क्या-क्या होगी? स्टूडेंट आईडी प्लस सब्जेक्ट। स्टूडेंट नेम जो है

[04:03:17] आईडी प्लस सब्जेक्ट। स्टूडेंट नेम जो है अगर वो सिर्फ डिपेंड करता है स्टूडेंट

[04:03:20] अगर वो सिर्फ डिपेंड करता है स्टूडेंट आईडी पर तो वो होगी पार्शियल डिपेंडेंसी।

[04:03:23] आईडी पर तो वो होगी पार्शियल डिपेंडेंसी। तो यहां पर पार्शियल डिपेंडेंसी नहीं

[04:03:25] तो यहां पर पार्शियल डिपेंडेंसी नहीं चाहिए हमें। उसके लिए क्या कर सकते हैं

[04:03:27] चाहिए हमें। उसके लिए क्या कर सकते हैं आप? आप एक टेबल बनाइए स्टूडेंट के लिए, एक

[04:03:29] आप? आप एक टेबल बनाइए स्टूडेंट के लिए, एक टेबल बनाइए सब्जेक्ट के लिए। स्टूडेंट

[04:03:32] टेबल बनाइए सब्जेक्ट के लिए। स्टूडेंट वाले में आप स्टूडेंट आईडी दे दो और नेम

[04:03:34] वाले में आप स्टूडेंट आईडी दे दो और नेम दे दो। एंड सब्जेक्ट वाले में आप स्टूडेंट

[04:03:36] दे दो। एंड सब्जेक्ट वाले में आप स्टूडेंट आईडी दे दो और सब्जेक्ट दे दो। इसमें कॉलम

[04:03:39] आईडी दे दो और सब्जेक्ट दे दो। इसमें कॉलम जो है उसको पूरा डिपेंड होना चाहिए फुल

[04:03:42] जो है उसको पूरा डिपेंड होना चाहिए फुल प्राइमरी की पर। इन सेकंड एनएफ कॉलम शुड

[04:03:45] प्राइमरी की पर। इन सेकंड एनएफ कॉलम शुड बी डिपेंड ऑन फुल प्राइमरी की। नेक्स्ट है

[04:03:48] बी डिपेंड ऑन फुल प्राइमरी की। नेक्स्ट है थर्ड नॉर्मल फॉर्म। 3nf अ टेबल इज़ इन थर्ड

[04:03:52] थर्ड नॉर्मल फॉर्म। 3nf अ टेबल इज़ इन थर्ड नॉर्मल फॉर्म इफ इट इज़ इन 2 एनf वह 2 एनf

[04:03:55] नॉर्मल फॉर्म इफ इट इज़ इन 2 एनf वह 2 एनf होना चाहिए देयर इज़ नो ट्रांजिटिव

[04:03:58] होना चाहिए देयर इज़ नो ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी इसका रूल होता है कि टेबल जो

[04:04:00] डिपेंडेंसी इसका रूल होता है कि टेबल जो है वो 2 एनf में होना चाहिए और ट्रांजिटिव

[04:04:03] है वो 2 एनf में होना चाहिए और ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी नहीं होनी चाहिए मतलब कोई कॉलम

[04:04:06] डिपेंडेंसी नहीं होनी चाहिए मतलब कोई कॉलम इनडायरेक्टली डिपेंड नहीं होना चाहिए। अब

[04:04:09] इनडायरेक्टली डिपेंड नहीं होना चाहिए। अब ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी क्या होती है?

[04:04:11] ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी क्या होती है? ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी अकर व्हेन अ नॉन की

[04:04:14] ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी अकर व्हेन अ नॉन की एट्रिब्यूट डिपेंड्स ऑन अनदर नॉन की

[04:04:16] एट्रिब्यूट डिपेंड्स ऑन अनदर नॉन की एट्रिब्यूट इंस्टेड ऑफ दी प्राइमरी की।

[04:04:19] एट्रिब्यूट इंस्टेड ऑफ दी प्राइमरी की। ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी का मतलब होता है

[04:04:21] ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी का मतलब होता है जैसे A डिपेंड है B पर और B डिपेंड है C

[04:04:25] जैसे A डिपेंड है B पर और B डिपेंड है C पर। तो इनडायरेक्टली A डिपेंड है C पर।

[04:04:28] पर। तो इनडायरेक्टली A डिपेंड है C पर। फॉर एग्जांपल डिपार्टमेंट का नेम जो है वो

[04:04:31] फॉर एग्जांपल डिपार्टमेंट का नेम जो है वो डिपेंड होता है डिपार्टमेंट की आईडी पर और

[04:04:34] डिपेंड होता है डिपार्टमेंट की आईडी पर और डिपार्टमेंट की आईडी जो होती है वो डिपेंड

[04:04:37] डिपार्टमेंट की आईडी जो होती है वो डिपेंड होती है स्टूडेंट पर।

[04:04:39] होती है स्टूडेंट पर। यह इनडायरेक्ट डिपेंडेंसी है। इसको रिमूव

[04:04:42] यह इनडायरेक्ट डिपेंडेंसी है। इसको रिमूव करने के लिए हमें अलग टेबल बनाना पड़ता

[04:04:45] करने के लिए हमें अलग टेबल बनाना पड़ता है। थ्री एनएफ का रूल होता है कि ये टू

[04:04:48] है। थ्री एनएफ का रूल होता है कि ये टू एनएफ होना चाहिए और ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी

[04:04:51] एनएफ होना चाहिए और ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी नहीं होना चाहिए। तो इसके लिए क्या

[04:04:53] नहीं होना चाहिए। तो इसके लिए क्या करेंगे? हम दो टेबल बनाएंगे। एक बनाएंगे

[04:04:55] करेंगे? हम दो टेबल बनाएंगे। एक बनाएंगे स्टूडेंट के लिए जिसमें होगा स्टूडेंट का

[04:04:57] स्टूडेंट के लिए जिसमें होगा स्टूडेंट का आईडी और डिपार्टमेंट आईडी एंड एक अलग टेबल

[04:05:00] आईडी और डिपार्टमेंट आईडी एंड एक अलग टेबल बनाएंगे डिपार्टमेंट्स के लिए जिसमें होगा

[04:05:03] बनाएंगे डिपार्टमेंट्स के लिए जिसमें होगा डिपार्टमेंट आईडी और डिपार्टमेंट का नेम।

[04:05:06] डिपार्टमेंट आईडी और डिपार्टमेंट का नेम। आपको यह रूल याद रखना है कि कॉलम शुड

[04:05:09] आपको यह रूल याद रखना है कि कॉलम शुड डिपेंड ओनली ऑन प्राइमरी की। जैसे आप

[04:05:12] डिपेंड ओनली ऑन प्राइमरी की। जैसे आप Amazon से कपड़े ऑर्डर करते हो या या कुछ

[04:05:14] Amazon से कपड़े ऑर्डर करते हो या या कुछ भी ग्रोसरीज ऑर्डर करते हो, Flipkart से

[04:05:17] भी ग्रोसरीज ऑर्डर करते हो, Flipkart से आप ऑर्डर करते हो। उसमें क्या होता है?

[04:05:19] आप ऑर्डर करते हो। उसमें क्या होता है? कस्टमर टेबल अलग होता है, ऑर्डर का टेबल

[04:05:22] कस्टमर टेबल अलग होता है, ऑर्डर का टेबल अलग होता है, प्रोडक्ट का टेबल अलग होता

[04:05:24] अलग होता है, प्रोडक्ट का टेबल अलग होता है। सब अलग-अलग होते हैं। और यही

[04:05:26] है। सब अलग-अलग होते हैं। और यही नॉर्मलाइजेशन है। अभी हम देखेंगे

[04:05:28] नॉर्मलाइजेशन है। अभी हम देखेंगे एडवांटेजेस ऑफ नॉर्मलाइजेशन।

[04:05:32] एडवांटेजेस ऑफ नॉर्मलाइजेशन। यह क्या करता है? रिड्यूस करता है डेटा की

[04:05:34] यह क्या करता है? रिड्यूस करता है डेटा की रिडंडेंसी को। इंप्रूव करता है डेटा की

[04:05:37] रिडंडेंसी को। इंप्रूव करता है डेटा की कंसिस्टेंसी को। मेक्स डेटाबेस इज़ियर टू

[04:05:39] कंसिस्टेंसी को। मेक्स डेटाबेस इज़ियर टू मेंटेन ऑप्टिमाइज स्टोरेज यूजज़। मतलब डेटा

[04:05:43] मेंटेन ऑप्टिमाइज स्टोरेज यूजज़। मतलब डेटा डुप्लीकेट नहीं होता। कंसिस्टेंसी मेंटेन

[04:05:46] डुप्लीकेट नहीं होता। कंसिस्टेंसी मेंटेन होती है। अपडेट करना इजी हो जाता है और

[04:05:49] होती है। अपडेट करना इजी हो जाता है और स्टोरेज भी सेव होती है। मतलब ओवरऑल

[04:05:51] स्टोरेज भी सेव होती है। मतलब ओवरऑल डेटाबेस क्लीन और एफिशिएंट हो जाता है। अब

[04:05:54] डेटाबेस क्लीन और एफिशिएंट हो जाता है। अब इसके कुछ डिसएडवांटेजेस भी हैं। क्या

[04:05:57] इसके कुछ डिसएडवांटेजेस भी हैं। क्या डिसएडवांटेजेस है नॉर्मलाइजेशन के?

[04:05:59] डिसएडवांटेजेस है नॉर्मलाइजेशन के? इंक्रीसेस नंबर ऑफ टेबल्स रिक्वायर्स मोर

[04:06:02] इंक्रीसेस नंबर ऑफ टेबल्स रिक्वायर्स मोर जॉइ ऑपरेशंस। क्वेरीज कैन बिकम

[04:06:04] जॉइ ऑपरेशंस। क्वेरीज कैन बिकम कॉम्प्लेक्स। सबसे पहला कि आपको ज्यादा

[04:06:07] कॉम्प्लेक्स। सबसे पहला कि आपको ज्यादा टेबल बनाने पड़ते हैं। टेबल ज्यादा होती

[04:06:10] टेबल बनाने पड़ते हैं। टेबल ज्यादा होती है। जॉइन ऑपरेशन ज्यादा लगते हैं और

[04:06:12] है। जॉइन ऑपरेशन ज्यादा लगते हैं और क्वरीज़ थोड़ी कॉम्प्लेक्स हो जाती है। चलो

[04:06:15] क्वरीज़ थोड़ी कॉम्प्लेक्स हो जाती है। चलो एक क्विक रिवीज़ कर लेते हैं। वन एनएफ जो

[04:06:18] एक क्विक रिवीज़ कर लेते हैं। वन एनएफ जो होता है उसमें क्या होता है? एटॉमिक

[04:06:19] होता है उसमें क्या होता है? एटॉमिक वैल्यू होती हैं। नो मल्टीपल वैल्यूज़। एक

[04:06:22] वैल्यू होती हैं। नो मल्टीपल वैल्यूज़। एक सेल में एक ही वैल्यू आती है। 2 एनf में

[04:06:25] सेल में एक ही वैल्यू आती है। 2 एनf में क्या होता है? नो पार्शियल डिपेंडेंसी।

[04:06:27] क्या होता है? नो पार्शियल डिपेंडेंसी। फुल डिपेंडेंसी होना चाहिए। सीएनएफ में

[04:06:30] फुल डिपेंडेंसी होना चाहिए। सीएनएफ में क्या होता है? नो ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी।

[04:06:32] क्या होता है? नो ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी। कोई इनडायरेक्ट डिपेंडेंसी नहीं होनी

[04:06:34] कोई इनडायरेक्ट डिपेंडेंसी नहीं होनी चाहिए। अगर यह तीन चीजें समझ आ गई तो

[04:06:37] चाहिए। अगर यह तीन चीजें समझ आ गई तो नॉर्मलाइजेशन कंप्लीट समझो। अब आप इजीली

[04:06:40] नॉर्मलाइजेशन कंप्लीट समझो। अब आप इजीली आइडेंटिफाई कर सकते हो कि टेबल प्रॉपर्टी

[04:06:43] आइडेंटिफाई कर सकते हो कि टेबल प्रॉपर्टी डिज़ाइन है या नहीं। अभी हम कुछ प्रैक्टिस

[04:06:46] डिज़ाइन है या नहीं। अभी हम कुछ प्रैक्टिस सेट सॉल्व करेंगे। सबसे पहले हम एमसीक्यू

[04:06:48] सेट सॉल्व करेंगे। सबसे पहले हम एमसीक्यू देखेंगे। देन हम प्रैक्टिस सेट्स देखेंगे।

[04:06:51] देखेंगे। देन हम प्रैक्टिस सेट्स देखेंगे। सबसे पहला क्वेश्चन है व्हाट इज

[04:06:52] सबसे पहला क्वेश्चन है व्हाट इज नॉर्मलाइजेशन? आपके पास 5 सेकंड्स हैं।

[04:06:54] नॉर्मलाइजेशन? आपके पास 5 सेकंड्स हैं। आपको बताना है इसका आंसर क्या है? टाइम

[04:06:58] आपको बताना है इसका आंसर क्या है? टाइम शुरू होता है अब।

[04:07:03] इसका आंसर है ऑर्गेनाइजिंग डेटा टू

[04:07:06] इसका आंसर है ऑर्गेनाइजिंग डेटा टू रिड्यूस रिडंडेंसी। नेक्स्ट क्वेश्चन है

[04:07:07] रिड्यूस रिडंडेंसी। नेक्स्ट क्वेश्चन है व्हिच नॉर्मल फॉर्म रिमूव्स रिपीटेटिंग

[04:07:10] व्हिच नॉर्मल फॉर्म रिमूव्स रिपीटेटिंग ग्रुप्स। आपका टाइम शुरू होता है अब।

[04:07:15] इसका आंसर है

[04:07:17] इसका आंसर है ए

[04:07:19] ए वन एनएस। नेक्स्ट क्वेश्चन है पार्शियल

[04:07:21] वन एनएस। नेक्स्ट क्वेश्चन है पार्शियल डिपेंडेंसी ऑकर्स इन

[04:07:28] आंसर इज बी 2nf

[04:07:32] आंसर इज बी 2nf नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ ट्रांजिटिव

[04:07:34] नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी इज़ रिमूव्ड इन

[04:07:43] सी 3F

[04:07:49] इज नॉट एन एनोमली।

[04:07:52] इज नॉट एन एनोमली। आपको सारे आंसर्स कमेंट बॉक्स में मेंशन

[04:07:56] आपको सारे आंसर्स कमेंट बॉक्स में मेंशन करना है। इसका आंसर है डी दैट इज सेलेक्ट।

[04:08:01] करना है। इसका आंसर है डी दैट इज सेलेक्ट। इसके बाद में हम मूव करेंगे पार्ट टू पर

[04:08:03] इसके बाद में हम मूव करेंगे पार्ट टू पर जहां पर हम प्रैक्टिस क्वेश्चंस सॉल्व

[04:08:05] जहां पर हम प्रैक्टिस क्वेश्चंस सॉल्व करेंगे। सबसे पहला क्वेश्चन है आपको इसको

[04:08:08] करेंगे। सबसे पहला क्वेश्चन है आपको इसको कन्वर्ट करना है वन एनएफ में। कन्वर्ट द

[04:08:11] कन्वर्ट करना है वन एनएफ में। कन्वर्ट द अबव टेबल इंटू फर्स्ट नॉर्मल फॉर्म। सबसे

[04:08:13] अबव टेबल इंटू फर्स्ट नॉर्मल फॉर्म। सबसे पहले हम क्या करेंगे इसमें? वन एनf का रूल

[04:08:16] पहले हम क्या करेंगे इसमें? वन एनf का रूल क्या होता है? वन सेल = 1 वन वैल्यू। तो

[04:08:18] क्या होता है? वन सेल = 1 वन वैल्यू। तो हमें क्या करना है? इसको ब्रेक करना है

[04:08:19] हमें क्या करना है? इसको ब्रेक करना है इनू मल्टीपल रोज़। मतलब हम रिया के लिए दो

[04:08:23] इनू मल्टीपल रोज़। मतलब हम रिया के लिए दो रो बनाएंगे। एक बनाएंगे डांसिंग के लिए,

[04:08:25] रो बनाएंगे। एक बनाएंगे डांसिंग के लिए, एक सिंगिंग के लिए बनाएंगे। ऐसे ही सेम

[04:08:26] एक सिंगिंग के लिए बनाएंगे। ऐसे ही सेम बनाएंगे हम अमन के लिए, एक क्रिकेट के लिए

[04:08:28] बनाएंगे हम अमन के लिए, एक क्रिकेट के लिए और एक फुटबॉल के लिए। अब हर सेल में सिंगल

[04:08:32] और एक फुटबॉल के लिए। अब हर सेल में सिंगल वैल्यू होंगी। सो दैट इज़ वन एनएफ। नेक्स्ट

[04:08:34] वैल्यू होंगी। सो दैट इज़ वन एनएफ। नेक्स्ट क्वेश्चन है आइडेंटिफाई द प्रॉब्लम।

[04:08:36] क्वेश्चन है आइडेंटिफाई द प्रॉब्लम। आइडेंटिफाई वेदर दिस टेबल हैज़ एनी

[04:08:37] आइडेंटिफाई वेदर दिस टेबल हैज़ एनी डिपेंडेंसी इशू इफ यस नेम द टाइप ऑफ़

[04:08:40] डिपेंडेंसी इशू इफ यस नेम द टाइप ऑफ़ डिपेंडेंसी।

[04:08:41] डिपेंडेंसी। A1 है जिसमें ऑर्डर आईडी है, प्रोडक्ट है,

[04:08:43] A1 है जिसमें ऑर्डर आईडी है, प्रोडक्ट है, प्रोडक्ट नेम है।

[04:08:45] प्रोडक्ट नेम है। अब डिपेंडेंसी समझते हैं। प्रोडक्ट नेम

[04:08:47] अब डिपेंडेंसी समझते हैं। प्रोडक्ट नेम किस पर डिपेंड करता है? प्रोडक्ट आईडी पर।

[04:08:51] किस पर डिपेंड करता है? प्रोडक्ट आईडी पर। बट प्राइमरी की क्या होगी? प्रोडक्ट आईडी

[04:08:53] बट प्राइमरी की क्या होगी? प्रोडक्ट आईडी या ऑर्डर आईडी? तो, प्रॉब्लम क्या है?

[04:08:55] या ऑर्डर आईडी? तो, प्रॉब्लम क्या है? प्रोडक्ट नेम सिर्फ प्रोडक्ट आईडी पर ही

[04:08:57] प्रोडक्ट नेम सिर्फ प्रोडक्ट आईडी पर ही डिपेंड कर रहा है। दिस इज़ कॉल्ड पार्शियल

[04:08:59] डिपेंड कर रहा है। दिस इज़ कॉल्ड पार्शियल डिपेंडेंसी। इसलिए ये 2 एनएफ में नहीं है।

[04:09:04] डिपेंडेंसी। इसलिए ये 2 एनएफ में नहीं है। थर्ड क्वेश्चन है कन्वर्ट इंटू 2 एनएस

[04:09:07] थर्ड क्वेश्चन है कन्वर्ट इंटू 2 एनएस टेबल है। इसमें स्टूडेंट आईडी है,

[04:09:09] टेबल है। इसमें स्टूडेंट आईडी है, सब्जेक्ट है और टीचर नेम है। इसको आपको

[04:09:11] सब्जेक्ट है और टीचर नेम है। इसको आपको कन्वर्ट करना है इंटू सेकंड एनS। टीचर नेम

[04:09:14] कन्वर्ट करना है इंटू सेकंड एनS। टीचर नेम जो है वो किस पर डिपेंड करता है? सब्जेक्ट

[04:09:17] जो है वो किस पर डिपेंड करता है? सब्जेक्ट पर। पर प्राइमरी की है सब्जेक्ट आईडी प्लस

[04:09:21] पर। पर प्राइमरी की है सब्जेक्ट आईडी प्लस सब्जेक्ट। सो टीचर नेम फुल की पे डिपेंड

[04:09:24] सब्जेक्ट। सो टीचर नेम फुल की पे डिपेंड नहीं करता है। तो हमें क्या करना है? टेबल

[04:09:26] नहीं करता है। तो हमें क्या करना है? टेबल स्प्लिट करना पड़ेगा। सबसे पहले हम

[04:09:27] स्प्लिट करना पड़ेगा। सबसे पहले हम बनाएंगे एक टेबल स्टूडेंट आईडी के लिए और

[04:09:29] बनाएंगे एक टेबल स्टूडेंट आईडी के लिए और सब्जेक्ट के लिए एंड सेकंड टेबल बनाएंगे

[04:09:31] सब्जेक्ट के लिए एंड सेकंड टेबल बनाएंगे हम स्टूडेंट के लिए और टीचर नेम के लिए।

[04:09:33] हम स्टूडेंट के लिए और टीचर नेम के लिए। अब डिपेंडेंसी करेक्ट हो गई है। दैट इज़ टू

[04:09:35] अब डिपेंडेंसी करेक्ट हो गई है। दैट इज़ टू एनएफ। नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड द एरर।

[04:09:38] एनएफ। नेक्स्ट क्वेश्चन है फाइंड द एरर। आपको इस टेबल में आइडेंटिफाई करना है टाइप

[04:09:41] आपको इस टेबल में आइडेंटिफाई करना है टाइप ऑफ डिपेंडेंसी। आइडेंटिफाई द टाइप ऑफ़

[04:09:43] ऑफ डिपेंडेंसी। आइडेंटिफाई द टाइप ऑफ़ डिपेंडेंसी इन दिस टेबल इज़ इट वैलिड ऑ

[04:09:45] डिपेंडेंसी इन दिस टेबल इज़ इट वैलिड ऑ नॉट। तो यहां कॉलम है एंप्लॉय आईडी,

[04:09:48] नॉट। तो यहां कॉलम है एंप्लॉय आईडी, डिपार्टमेंट आईडी और डिपार्टमेंट नेम।

[04:09:49] डिपार्टमेंट आईडी और डिपार्टमेंट नेम। डिपार्टमेंट नेम किस पर डिपेंड करता है?

[04:09:51] डिपार्टमेंट नेम किस पर डिपेंड करता है? डिपार्टमेंट आईडी पर। और डिपार्टमेंट आईडी

[04:09:53] डिपार्टमेंट आईडी पर। और डिपार्टमेंट आईडी किस पर डिपेंड करता है? एंप्लॉय आईडी पर।

[04:09:55] किस पर डिपेंड करता है? एंप्लॉय आईडी पर। मतलब इनडायरेक्ट डिपेंडेंसी है। दिस इज़

[04:09:57] मतलब इनडायरेक्ट डिपेंडेंसी है। दिस इज़ कॉल्ड ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी। नेक्स्ट

[04:10:00] कॉल्ड ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी। नेक्स्ट क्वेश्चन है कन्वर्ट इनू 3 एनएफ।

[04:10:02] क्वेश्चन है कन्वर्ट इनू 3 एनएफ। नॉर्मलाइज़ द टेबल इनू द थर्ड नॉर्मल

[04:10:03] नॉर्मलाइज़ द टेबल इनू द थर्ड नॉर्मल फॉर्म। अब इसको फिक्स करते हैं। प्रॉब्लम

[04:10:06] फॉर्म। अब इसको फिक्स करते हैं। प्रॉब्लम था ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी। इसका सॉल्यूशन

[04:10:09] था ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी। इसका सॉल्यूशन क्या है? टेबल्स सेपरेट कर दो। सबसे पहले

[04:10:11] क्या है? टेबल्स सेपरेट कर दो। सबसे पहले टेबल में बना दो एंप्लॉय आईडी और

[04:10:12] टेबल में बना दो एंप्लॉय आईडी और डिपार्टमेंट आईडी एंड देन डिपार्टमेंट

[04:10:14] डिपार्टमेंट आईडी एंड देन डिपार्टमेंट आईडी एंड डिपार्टमेंट नेम फॉर टेबल टू। अब

[04:10:17] आईडी एंड डिपार्टमेंट नेम फॉर टेबल टू। अब डिपार्टमेंट नेम डायरेक्टली डिपार्टमेंट

[04:10:18] डिपार्टमेंट नेम डायरेक्टली डिपार्टमेंट आईडी पर डिपेंड करता है। नो इनडायरेक्ट

[04:10:20] आईडी पर डिपेंड करता है। नो इनडायरेक्ट डिपेंडेंसी। दिस इज़ थ्री एनएफ। नेक्स्ट

[04:10:22] डिपेंडेंसी। दिस इज़ थ्री एनएफ। नेक्स्ट क्वेश्चन है मल्टीस्टेप नॉर्मलाइजेशन।

[04:10:24] क्वेश्चन है मल्टीस्टेप नॉर्मलाइजेशन। इसमें आपको टेबल दिया है। यह थोड़ा एडवांस

[04:10:27] इसमें आपको टेबल दिया है। यह थोड़ा एडवांस है। इसमें कॉलम्स हैं स्टूडेंट आईडी,

[04:10:30] है। इसमें कॉलम्स हैं स्टूडेंट आईडी, कोर्स आईडी, कोर्स नेम और इंस्ट्रक्टर।

[04:10:32] कोर्स आईडी, कोर्स नेम और इंस्ट्रक्टर। कोर्स नेम और इंस्ट्रक्टर किसी पर डिपेंड

[04:10:34] कोर्स नेम और इंस्ट्रक्टर किसी पर डिपेंड नहीं करते हैं। कोर्स नेम और इंस्ट्रक्टर

[04:10:36] नहीं करते हैं। कोर्स नेम और इंस्ट्रक्टर किस पर डिपेंड करते हैं? कोर्स आईडी पर।

[04:10:38] किस पर डिपेंड करते हैं? कोर्स आईडी पर। सो डिपेंडेंसी इशू है। इसका सॉल्यूशन क्या

[04:10:40] सो डिपेंडेंसी इशू है। इसका सॉल्यूशन क्या है? हम टेबल को स्प्लिट कर देंगे। सबसे

[04:10:42] है? हम टेबल को स्प्लिट कर देंगे। सबसे पहला टेबल बनाएंगे हम स्टूडेंट आईडी का और

[04:10:44] पहला टेबल बनाएंगे हम स्टूडेंट आईडी का और कोर्स आईडी का। देन हम टेबल टू बनाएंगे

[04:10:47] कोर्स आईडी का। देन हम टेबल टू बनाएंगे कोर्स आईडी का एंड कोर्स नेम का और

[04:10:49] कोर्स आईडी का एंड कोर्स नेम का और इंस्ट्रक्टर का। अब सब करेक्ट है।

[04:10:51] इंस्ट्रक्टर का। अब सब करेक्ट है। डिपेंडेंसी फॉलो कर रहा है। एंड दिस इज़ 3

[04:10:53] डिपेंडेंसी फॉलो कर रहा है। एंड दिस इज़ 3 एनएफ। नेक्स्ट क्वेश्चन है रियल लाइफ

[04:10:55] एनएफ। नेक्स्ट क्वेश्चन है रियल लाइफ सारियो। यहां क्लियरली रिडंडेंसी है। सेम

[04:10:58] सारियो। यहां क्लियरली रिडंडेंसी है। सेम कस्टमर नेम बार-बार रिपीट हो रहा होगा।

[04:11:00] कस्टमर नेम बार-बार रिपीट हो रहा होगा। सेम प्रोडक्ट नेम भी रिपीट हो रहा होगा।

[04:11:02] सेम प्रोडक्ट नेम भी रिपीट हो रहा होगा। दिस इज़ बैड डिसीजन। इसका सॉल्यूशन क्या

[04:11:04] दिस इज़ बैड डिसीजन। इसका सॉल्यूशन क्या है? सेपरेट करो टेबल को। एक बनाओ कस्टमर

[04:11:06] है? सेपरेट करो टेबल को। एक बनाओ कस्टमर के लिए जिसमें कस्टमर आईडी आएगी, कस्टमर

[04:11:08] के लिए जिसमें कस्टमर आईडी आएगी, कस्टमर नेम आएगा एंड एक बनाओ ऑर्डर के लिए जिसमें

[04:11:10] नेम आएगा एंड एक बनाओ ऑर्डर के लिए जिसमें ऑर्डर आईडी आएगी और कस्टमर आईडी आएगी। एंड

[04:11:13] ऑर्डर आईडी आएगी और कस्टमर आईडी आएगी। एंड बनाओ प्रोडक्ट के लिए जिसमें प्रोडक्ट नेम

[04:11:14] बनाओ प्रोडक्ट के लिए जिसमें प्रोडक्ट नेम आएगा। अब डुप्लीकेट रिमूव हो गया और

[04:11:17] आएगा। अब डुप्लीकेट रिमूव हो गया और डेटाबेस क्लीन हो गया। यह क्वेश्चन एडवांस

[04:11:19] डेटाबेस क्लीन हो गया। यह क्वेश्चन एडवांस लेवल का है। टास्क क्या है? कन्वर्ट करना

[04:11:21] लेवल का है। टास्क क्या है? कन्वर्ट करना है टेबल को इनू 3 एनएफ बाय रिमूविंग ऑल

[04:11:23] है टेबल को इनू 3 एनएफ बाय रिमूविंग ऑल डिपेंडेंसीज़। यह रियल वर्ल्ड लेवल

[04:11:25] डिपेंडेंसीज़। यह रियल वर्ल्ड लेवल क्वेश्चन है। यहां पर कस्टमर नेम जो है वो

[04:11:27] क्वेश्चन है। यहां पर कस्टमर नेम जो है वो डिपेंड करता है ऑर्डर आईडी पर। प्रोडक्ट

[04:11:30] डिपेंड करता है ऑर्डर आईडी पर। प्रोडक्ट नेम और प्राइस जो है वो डिपेंड करता है

[04:11:31] नेम और प्राइस जो है वो डिपेंड करता है प्रोडक्ट आईडी पर। सो मल्टीपल डिपेंडेंसीज़

[04:11:34] प्रोडक्ट आईडी पर। सो मल्टीपल डिपेंडेंसीज़ हैं। इसका सॉलशन क्या है? हम ब्रेक करेंगे

[04:11:35] हैं। इसका सॉलशन क्या है? हम ब्रेक करेंगे इसको टेबल्स में। सबसे पहले हम बनाएंगे एक

[04:11:38] इसको टेबल्स में। सबसे पहले हम बनाएंगे एक टेबल ऑर्डर के लिए। ऑर्डर में आएगी ऑर्डर

[04:11:40] टेबल ऑर्डर के लिए। ऑर्डर में आएगी ऑर्डर आईडी, कस्टमर नेम एंड एक बनाएंगे प्रोडक्ट

[04:11:43] आईडी, कस्टमर नेम एंड एक बनाएंगे प्रोडक्ट के लिए जिसमें आएगा प्रोडक्ट आईडी,

[04:11:45] के लिए जिसमें आएगा प्रोडक्ट आईडी, प्रोडक्ट का नेम और प्राइस। एंड थर्ड टेबल

[04:11:47] प्रोडक्ट का नेम और प्राइस। एंड थर्ड टेबल बनाएंगे हम ऑर्डर डिटेल्स के लिए जिसमें

[04:11:49] बनाएंगे हम ऑर्डर डिटेल्स के लिए जिसमें आएगा ऑर्डर आईडी और प्रोडक्ट आईडी। अब सब

[04:11:52] आएगा ऑर्डर आईडी और प्रोडक्ट आईडी। अब सब प्रॉपर्ली स्ट्रक्चरर्ड हैं। दिस इज 3

[04:11:54] प्रॉपर्ली स्ट्रक्चरर्ड हैं। दिस इज 3 एनएफ। आज हम एक ऐसा कांसेप्ट को समझने

[04:11:57] एनएफ। आज हम एक ऐसा कांसेप्ट को समझने वाले हैं जो हर डेटाबेस सिस्टम का बैकबोन

[04:12:00] वाले हैं जो हर डेटाबेस सिस्टम का बैकबोन होता है। दैट इज़

[04:12:03] होता है। दैट इज़ एसेट प्रॉपर्टीज।

[04:12:05] एसेट प्रॉपर्टीज। अगर आप बैक एंड डेवलपर बनना चाहते हो या

[04:12:08] अगर आप बैक एंड डेवलपर बनना चाहते हो या डेटा एनालिस्ट या इंटरव्यू क्रैक करना

[04:12:10] डेटा एनालिस्ट या इंटरव्यू क्रैक करना चाहते हो तो यह टॉपिक आपको बाय हार्ट आना

[04:12:13] चाहते हो तो यह टॉपिक आपको बाय हार्ट आना चाहिए। और आज मैं आपको ऐसे ऐसे समझाऊंगी

[04:12:16] चाहिए। और आज मैं आपको ऐसे ऐसे समझाऊंगी कि आप कभी नहीं भूलोगे। चलो एक रियल लाइफ

[04:12:19] कि आप कभी नहीं भूलोगे। चलो एक रियल लाइफ सिचुएशन इमेजिन करते हैं। आपने ₹1000 किसी

[04:12:22] सिचुएशन इमेजिन करते हैं। आपने ₹1000 किसी को ट्रांसफर किए आपके अकाउंट से। आपके

[04:12:25] को ट्रांसफर किए आपके अकाउंट से। आपके अकाउंट से पैसा कट हो गया लेकिन दूसरे

[04:12:27] अकाउंट से पैसा कट हो गया लेकिन दूसरे अकाउंट में ऐड नहीं हुआ या फिर सेम मूवी

[04:12:30] अकाउंट में ऐड नहीं हुआ या फिर सेम मूवी सीट दो लोगों ने बुक कर ली। अगर ऐसा इशू

[04:12:33] सीट दो लोगों ने बुक कर ली। अगर ऐसा इशू रियल लाइफ में होने लगा तो सिस्टम पर

[04:12:35] रियल लाइफ में होने लगा तो सिस्टम पर ट्रस्ट खत्म हो जाएगा। तो डेटाबेस इंश्योर

[04:12:37] ट्रस्ट खत्म हो जाएगा। तो डेटाबेस इंश्योर करता है कि ऐसा कभी ना हो। व्हाट इज़ एसेट?

[04:12:41] करता है कि ऐसा कभी ना हो। व्हाट इज़ एसेट? एसेट इज अ सेट ऑफ फोर प्रॉपर्टीज दैट

[04:12:43] एसेट इज अ सेट ऑफ फोर प्रॉपर्टीज दैट इंश्योर डेटाबेस ट्रांजैक्शंस आर

[04:12:45] इंश्योर डेटाबेस ट्रांजैक्शंस आर प्रोसेस्ड रिलायबली एक्यूरेटली एंड सेफली

[04:12:48] प्रोसेस्ड रिलायबली एक्यूरेटली एंड सेफली इवन इन द केस ऑफ एरर्स सिस्टम फेलियर्स और

[04:12:51] इवन इन द केस ऑफ एरर्स सिस्टम फेलियर्स और मल्टीपल यूजर एक्सेसिंग द डेटा एट द सेम

[04:12:53] मल्टीपल यूजर एक्सेसिंग द डेटा एट द सेम टाइम। एसेट एक फोर सेट ऑफ प्रॉपर्टीज होता

[04:12:56] टाइम। एसेट एक फोर सेट ऑफ प्रॉपर्टीज होता है जो इंश्योर करता है कि डेटा सेफ रहे।

[04:12:58] है जो इंश्योर करता है कि डेटा सेफ रहे। एरर ना आए और सिस्टम रिलायबल हो। एसेट में

[04:13:02] एरर ना आए और सिस्टम रिलायबल हो। एसेट में ए का मतलब होता है एटॉमिसिटी।

[04:13:05] ए का मतलब होता है एटॉमिसिटी। सी का मतलब होता है कंसिस्टेंसी। आई का

[04:13:08] सी का मतलब होता है कंसिस्टेंसी। आई का मतलब होता है आइसोलेशन। एंड डी का मतलब

[04:13:10] मतलब होता है आइसोलेशन। एंड डी का मतलब होता है ड्यूरेबिलिटी। हम वन बाय वन

[04:13:13] होता है ड्यूरेबिलिटी। हम वन बाय वन एटॉमिसिटी, कंसिस्टेंसी, आइसोलेशन और

[04:13:15] एटॉमिसिटी, कंसिस्टेंसी, आइसोलेशन और ड्यूरेबिलिटी को कवर करेंगे। सबसे पहले हम

[04:13:18] ड्यूरेबिलिटी को कवर करेंगे। सबसे पहले हम समझेंगे एटॉमिसिटी क्या होता है?

[04:13:22] समझेंगे एटॉमिसिटी क्या होता है? एटॉमिसिटी इंश्योरर्स दैट द ट्रांजैक्शन

[04:13:25] एटॉमिसिटी इंश्योरर्स दैट द ट्रांजैक्शन इज़ ट्रीटेड एज़ अ सिंगल इंडिविजुअल यूनिट।

[04:13:27] इज़ ट्रीटेड एज़ अ सिंगल इंडिविजुअल यूनिट। दिस मींस दैट इदर ऑल ऑपरेशन इन द

[04:13:29] दिस मींस दैट इदर ऑल ऑपरेशन इन द ट्रांजैक्शन आर कंप्लीटेड सक्सेसफुली ऑर

[04:13:31] ट्रांजैक्शन आर कंप्लीटेड सक्सेसफुली ऑर नन ऑफ़ देम आर अप्लाइड। इफ एनी पार्ट ऑफ द

[04:13:34] नन ऑफ़ देम आर अप्लाइड। इफ एनी पार्ट ऑफ द ट्रांजक्शन फील्ड्स डेटाबेस विल

[04:13:36] ट्रांजक्शन फील्ड्स डेटाबेस विल ऑटोमेटिकली रोल बैक और प्रीवियस ऑपरेशन टू

[04:13:39] ऑटोमेटिकली रोल बैक और प्रीवियस ऑपरेशन टू मेंटेन करेक्टनेस। एटॉमिसिटी का मतलब होता

[04:13:42] मेंटेन करेक्टनेस। एटॉमिसिटी का मतलब होता है ऑल और नथिंग। डेटाबेस के लिए एक

[04:13:46] है ऑल और नथिंग। डेटाबेस के लिए एक ट्रांजैक्शन एक सिंगल यूनिट होता है। चाहे

[04:13:48] ट्रांजैक्शन एक सिंगल यूनिट होता है। चाहे उसमें एक क्वेरी हो या 10 क्वेरीज हो। या

[04:13:51] उसमें एक क्वेरी हो या 10 क्वेरीज हो। या तो सब एग्जीक्यूट होंगे या एक भी नहीं

[04:13:53] तो सब एग्जीक्यूट होंगे या एक भी नहीं होंगी। हम एक मनी ट्रांसफर के एग्जांपल से

[04:13:56] होंगी। हम एक मनी ट्रांसफर के एग्जांपल से इसको समझते हैं। A के अकाउंट से ₹1000 कट

[04:13:59] इसको समझते हैं। A के अकाउंट से ₹1000 कट हो गए और B के अकाउंट में ऐड हो गए। अगर

[04:14:02] हो गए और B के अकाउंट में ऐड हो गए। अगर स्टेप टू फ़ेल हो जाए मतलब B के अकाउंट में

[04:14:04] स्टेप टू फ़ेल हो जाए मतलब B के अकाउंट में पैसे ही ऐड ना हो। A ने तो अपने अकाउंट से

[04:14:07] पैसे ही ऐड ना हो। A ने तो अपने अकाउंट से पैसे दे दिए हैं लेकिन B के अकाउंट में

[04:14:09] पैसे दे दिए हैं लेकिन B के अकाउंट में नहीं आए हैं। तो एटॉमसिटी जो है वह

[04:14:12] नहीं आए हैं। तो एटॉमसिटी जो है वह इंश्योर करता है कि स्टेप वन भी अनडू हो

[04:14:15] इंश्योर करता है कि स्टेप वन भी अनडू हो जाए। अगर B के अकाउंट में पैसे नहीं आए तो

[04:14:17] जाए। अगर B के अकाउंट में पैसे नहीं आए तो A के अकाउंट से पैसे जो कटे थे वह अनडू हो

[04:14:20] A के अकाउंट से पैसे जो कटे थे वह अनडू हो जाएंगे। मतलब उसका मनी वापस उसके अकाउंट

[04:14:22] जाएंगे। मतलब उसका मनी वापस उसके अकाउंट में आ जाएगा। बिना एटॉमसिटी के क्या होगा?

[04:14:24] में आ जाएगा। बिना एटॉमसिटी के क्या होगा? पैसा कट हो गया और ऐड नहीं हुआ तो डाटा

[04:14:27] पैसा कट हो गया और ऐड नहीं हुआ तो डाटा करप्शन हो सकता है। एटॉमिक जो है वो क्या

[04:14:30] करप्शन हो सकता है। एटॉमिक जो है वो क्या होता है? एटम मतलब स्मालेस्ट यूनिट जो

[04:14:32] होता है? एटम मतलब स्मालेस्ट यूनिट जो ब्रेक नहीं होती है। सेकंड हम पढ़ेंगे

[04:14:36] ब्रेक नहीं होती है। सेकंड हम पढ़ेंगे कंसिस्टेंसी के बारे में। कंसिस्टेंसी

[04:14:38] कंसिस्टेंसी के बारे में। कंसिस्टेंसी इंश्यर्स दैट द डेटाबेस ऑलवेज रिमेन इन अ

[04:14:41] इंश्यर्स दैट द डेटाबेस ऑलवेज रिमेन इन अ वैलिड एंड करेक्ट स्टेट बिफोर एंड आफ्टर अ

[04:14:44] वैलिड एंड करेक्ट स्टेट बिफोर एंड आफ्टर अ ट्रांजैक्शन इट गारंटीज़ दैट ऑल रूल्स

[04:14:47] ट्रांजैक्शन इट गारंटीज़ दैट ऑल रूल्स कॉन्स्टेंट रिलेशनशिप्स एंड डेटा

[04:14:49] कॉन्स्टेंट रिलेशनशिप्स एंड डेटा इंटीग्रिटी कंडीशन आर प्रिज़र्व्ड इफ अ

[04:14:51] इंटीग्रिटी कंडीशन आर प्रिज़र्व्ड इफ अ ट्रांजैक्शन वायलेट्स एनी रूल इट विल बी

[04:14:54] ट्रांजैक्शन वायलेट्स एनी रूल इट विल बी रिजेक्टेड।

[04:14:56] रिजेक्टेड। कंसिस्टेंसी का मतलब होता है डेटाबेस

[04:14:58] कंसिस्टेंसी का मतलब होता है डेटाबेस हमेशा वैलिड स्टेट में रहे। मतलब

[04:15:03] हमेशा वैलिड स्टेट में रहे। मतलब डेटाबेस जो होता है उसमें रूल्स होते हैं

[04:15:05] डेटाबेस जो होता है उसमें रूल्स होते हैं कांस्टेंट्स, डेटा टाइप्स और रिलेशनशिप्स।

[04:15:07] कांस्टेंट्स, डेटा टाइप्स और रिलेशनशिप्स। ट्रांजैक्शन के बाद भी यह सब रूल्स फॉलो

[04:15:10] ट्रांजैक्शन के बाद भी यह सब रूल्स फॉलो होना चाहिए। फॉर एग्जांपल आपका जो अकाउंट

[04:15:13] होना चाहिए। फॉर एग्जांपल आपका जो अकाउंट बैलेंस होता है, वह कभी नेगेटिव नहीं होना

[04:15:16] बैलेंस होता है, वह कभी नेगेटिव नहीं होना चाहिए। अगर ट्रांजैक्शन के बाद आपका

[04:15:18] चाहिए। अगर ट्रांजैक्शन के बाद आपका बैलेंस हो -500 मतलब आपके अकाउंट में जीरो

[04:15:22] बैलेंस हो -500 मतलब आपके अकाउंट में जीरो बैलेंस है और आपको ₹500 ट्रांसफर करना है

[04:15:25] बैलेंस है और आपको ₹500 ट्रांसफर करना है किसी दूसरे को तो आपने अपने अकाउंट से

[04:15:29] किसी दूसरे को तो आपने अपने अकाउंट से ₹500 ट्रांसफर कर दिए और आपका बैलेंस हो

[04:15:31] ₹500 ट्रांसफर कर दिए और आपका बैलेंस हो गया -500 में तो यह सिस्टम अलाउ नहीं करता

[04:15:36] गया -500 में तो यह सिस्टम अलाउ नहीं करता है।

[04:15:38] है। अगर आपके अकाउंट में 500 होंगे तो ही आप

[04:15:40] अगर आपके अकाउंट में 500 होंगे तो ही आप दूसरे के अकाउंट में ट्रांसफर कर पाओगे।

[04:15:44] दूसरे के अकाउंट में ट्रांसफर कर पाओगे। आपको याद है हमने कांस्टेंट्स पढ़े थे।

[04:15:46] आपको याद है हमने कांस्टेंट्स पढ़े थे। कंसिस्टेंसी उन्हीं रूल्स को मेंटेन करता

[04:15:49] कंसिस्टेंसी उन्हीं रूल्स को मेंटेन करता है। इसमें बिफोर ट्रांजैक्शन भी डाटा

[04:15:52] है। इसमें बिफोर ट्रांजैक्शन भी डाटा वैलिड होना चाहिए और आफ्टर ट्रांजैक्शन भी

[04:15:54] वैलिड होना चाहिए और आफ्टर ट्रांजैक्शन भी डेटा वैलिड रहना चाहिए। अगर वैलिड नहीं है

[04:15:57] डेटा वैलिड रहना चाहिए। अगर वैलिड नहीं है तो ट्रांजैक्शन फेल हो जाएगा। कंसिस्टेंसी

[04:16:00] तो ट्रांजैक्शन फेल हो जाएगा। कंसिस्टेंसी का सिंपल रूल है। डेटाबेस कभी भी इनवैलिड

[04:16:03] का सिंपल रूल है। डेटाबेस कभी भी इनवैलिड स्टेट में नहीं जाना चाहिए। चाहे

[04:16:04] स्टेट में नहीं जाना चाहिए। चाहे ट्रांजैक्शन स्टार्ट होने से पहले हो या

[04:16:07] ट्रांजैक्शन स्टार्ट होने से पहले हो या कंप्लीट होने के बाद हो। अगर ट्रांजैक्शन

[04:16:09] कंप्लीट होने के बाद हो। अगर ट्रांजैक्शन के पहले बैलेंस जो है वह 1000 था तो यह

[04:16:13] के पहले बैलेंस जो है वह 1000 था तो यह वैलिड है और अगर ट्रांजैक्शन के बाद

[04:16:15] वैलिड है और अगर ट्रांजैक्शन के बाद बैलेंस -500 होगा तो यह इनवैलिड होगा। तो

[04:16:19] बैलेंस -500 होगा तो यह इनवैलिड होगा। तो सिस्टम क्या करेगा? ट्रांजैक्शन को अलऊ

[04:16:21] सिस्टम क्या करेगा? ट्रांजैक्शन को अलऊ नहीं करेगा। कंसिस्टेंसी इंश्योर करती है

[04:16:24] नहीं करेगा। कंसिस्टेंसी इंश्योर करती है कि डेटाबेस कभी भी गलत या इनवैलिड स्टेट

[04:16:26] कि डेटाबेस कभी भी गलत या इनवैलिड स्टेट में एंटर ही ना करे। अभी नेक्स्ट आता है

[04:16:29] में एंटर ही ना करे। अभी नेक्स्ट आता है आइसोलेशन। आइसोलेशन इंश्योर्स दैट मल्टीपल

[04:16:32] आइसोलेशन। आइसोलेशन इंश्योर्स दैट मल्टीपल ट्रांजैक्शंस एग्ज़क्यूटिंग एट द सेम टाइम

[04:16:35] ट्रांजैक्शंस एग्ज़क्यूटिंग एट द सेम टाइम डू नॉट इंटरफेयर विथ ईच अदर। ईच

[04:16:37] डू नॉट इंटरफेयर विथ ईच अदर। ईच ट्रांजक्शन वर्क्स एज इफ इट इज रनिंग

[04:16:39] ट्रांजक्शन वर्क्स एज इफ इट इज रनिंग इंडिपेंडेंटली प्रिवेंटिंग इशूज़ लाइक

[04:16:42] इंडिपेंडेंटली प्रिवेंटिंग इशूज़ लाइक डर्टी रेट्स, लॉस्ट अपडेट एंड

[04:16:44] डर्टी रेट्स, लॉस्ट अपडेट एंड इनकंसिस्टेंट डाटा। आइसोलेशन का मतलब होता

[04:16:48] इनकंसिस्टेंट डाटा। आइसोलेशन का मतलब होता है मल्टीपल ट्रांजैक्शंस एक साथ चल सकते

[04:16:51] है मल्टीपल ट्रांजैक्शंस एक साथ चल सकते हैं। लेकिन एक दूसरे को डिस्टर्ब नहीं

[04:16:53] हैं। लेकिन एक दूसरे को डिस्टर्ब नहीं करेंगे।

[04:16:55] करेंगे। बिना आइसोलेशन के डर्टी रीड्स हो सकते

[04:16:58] बिना आइसोलेशन के डर्टी रीड्स हो सकते हैं। लॉस्ट अपडेट हो सकती है या फिर

[04:16:59] हैं। लॉस्ट अपडेट हो सकती है या फिर कंफ्यूजन क्रिएट हो सकता है। जैसे अगर

[04:17:02] कंफ्यूजन क्रिएट हो सकता है। जैसे अगर थाउजेंड ऑफ यूज़र्स एक ही टाइम पर डेटाबेस

[04:17:05] थाउजेंड ऑफ यूज़र्स एक ही टाइम पर डेटाबेस यूज़ कर रहे हो तो अगर आइसोलेशन ना हो तो

[04:17:08] यूज़ कर रहे हो तो अगर आइसोलेशन ना हो तो क्या होगा? डेटा मिक्स हो जाएगा। रॉन्ग

[04:17:10] क्या होगा? डेटा मिक्स हो जाएगा। रॉन्ग रिजल्ट आएगा या फिर सिस्टम अनरिलायबल हो

[04:17:13] रिजल्ट आएगा या फिर सिस्टम अनरिलायबल हो जाएगा। सपोज आप मूवी टिकट बुक कर रहे हो

[04:17:17] जाएगा। सपोज आप मूवी टिकट बुक कर रहे हो तो इमेजिन करो कि सिर्फ एक सीट बची है और

[04:17:20] तो इमेजिन करो कि सिर्फ एक सीट बची है और दो यूजर सेम टाइम पर बुक नाउ पे क्लिक

[04:17:23] दो यूजर सेम टाइम पर बुक नाउ पे क्लिक करते हैं। यूजर वन सीट चेक करता है कि

[04:17:25] करते हैं। यूजर वन सीट चेक करता है कि अवेलेबल है। यूजर टू भी सेम टाइम पे चेक

[04:17:28] अवेलेबल है। यूजर टू भी सेम टाइम पे चेक करता है कि सीट अवेलेबल है। इसका रिजल्ट

[04:17:30] करता है कि सीट अवेलेबल है। इसका रिजल्ट क्या होता है? दोनों सीट बुक कर लेते हैं।

[04:17:34] क्या होता है? दोनों सीट बुक कर लेते हैं। दैट इज़ डबल बुकिंग। यह होता है बिना

[04:17:36] दैट इज़ डबल बुकिंग। यह होता है बिना आइसोलेशन के। बिना आइसोलेशन के क्या होता

[04:17:38] आइसोलेशन के। बिना आइसोलेशन के क्या होता है? सिस्टम क्या करेगा? यूजर वन का

[04:17:41] है? सिस्टम क्या करेगा? यूजर वन का ट्रांजैक्शन लॉक करेगा और यूजर टू वेट

[04:17:43] ट्रांजैक्शन लॉक करेगा और यूजर टू वेट करेगा। इसका रिजल्ट क्या होगा कि सिर्फ एक

[04:17:46] करेगा। इसका रिजल्ट क्या होगा कि सिर्फ एक बुकिंग सक्सेसफुल होगी और दूसरे को सीट

[04:17:48] बुकिंग सक्सेसफुल होगी और दूसरे को सीट नॉट अवेलेबल शो होगी। आइसोलेशन इंश्योर

[04:17:51] नॉट अवेलेबल शो होगी। आइसोलेशन इंश्योर करता है कि कॉनकरेंट ट्रांजैक्शन एक दूसरे

[04:17:53] करता है कि कॉनकरेंट ट्रांजैक्शन एक दूसरे के बीच में इंटरफेयर ना करें। आइसोलेशन का

[04:17:57] के बीच में इंटरफेयर ना करें। आइसोलेशन का रिलेशन होता है कॉनकरेंसी कंट्रोल से।

[04:18:00] रिलेशन होता है कॉनकरेंसी कंट्रोल से। कॉन्करेंसी का मतलब होता है मल्टीपल यूजर

[04:18:02] कॉन्करेंसी का मतलब होता है मल्टीपल यूजर या मल्टीपल ट्रांजैक्शन का सेम टाइम पे

[04:18:05] या मल्टीपल ट्रांजैक्शन का सेम टाइम पे डेटाबेस को एक्सेस करना। जब एक ही टाइम पर

[04:18:07] डेटाबेस को एक्सेस करना। जब एक ही टाइम पर बहुत सारे लोग डेटाबेस पर काम कर रहे होते

[04:18:09] बहुत सारे लोग डेटाबेस पर काम कर रहे होते हैं। उस सिचुएशन को कॉनकरेंसी कहते हैं।

[04:18:12] हैं। उस सिचुएशन को कॉनकरेंसी कहते हैं। अब क्या-क्या प्रॉब्लम हो सकती हैं बिना

[04:18:14] अब क्या-क्या प्रॉब्लम हो सकती हैं बिना आइसोलेशन के? सबसे पहला डर्टी रीड्स। मतलब

[04:18:18] आइसोलेशन के? सबसे पहला डर्टी रीड्स। मतलब डर्टी रीड क्या होता है? जब एक

[04:18:20] डर्टी रीड क्या होता है? जब एक ट्रांजैक्शन दूसरे ट्रांजैक्शन का

[04:18:21] ट्रांजैक्शन दूसरे ट्रांजैक्शन का अनकमिटेड मतलब टेंपरेरी डाटा रीड कर लेता

[04:18:24] अनकमिटेड मतलब टेंपरेरी डाटा रीड कर लेता है। जैसे ए ने ट्रांजैक्शन किया। इमेजिन

[04:18:28] है। जैसे ए ने ट्रांजैक्शन किया। इमेजिन करो मैं अपना बैलेंस अपडेट कर रही हूं।

[04:18:31] करो मैं अपना बैलेंस अपडेट कर रही हूं। लेकिन अभी मेरा ट्रांजैक्शन कंप्लीट नहीं

[04:18:33] लेकिन अभी मेरा ट्रांजैक्शन कंप्लीट नहीं हुआ है। तभी आप मेरा बैलेंस चेक कर लेते

[04:18:36] हुआ है। तभी आप मेरा बैलेंस चेक कर लेते हो। आपको अपडेट वैल्यू दिखती है। लेकिन

[04:18:38] हो। आपको अपडेट वैल्यू दिखती है। लेकिन मेरा ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। मतलब

[04:18:40] मेरा ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। मतलब आपने ऐसा डेटा देख लिया जो एक्चुअली

[04:18:42] आपने ऐसा डेटा देख लिया जो एक्चुअली एग्ज़िस्ट ही नहीं करता है। इसको बोलते हैं

[04:18:44] एग्ज़िस्ट ही नहीं करता है। इसको बोलते हैं डर्टी रीड। जब हम टेंपरेरी ये कलर डेटा

[04:18:47] डर्टी रीड। जब हम टेंपरेरी ये कलर डेटा देख लेते हैं। अब सेकंड सिचुएशन देखो।

[04:18:50] देख लेते हैं। अब सेकंड सिचुएशन देखो। आपने एक बार डेटा देखा। फिर थोड़ी देर बाद

[04:18:53] आपने एक बार डेटा देखा। फिर थोड़ी देर बाद दोबारा देखा और वैल्यू चेंज हो गई। आप

[04:18:56] दोबारा देखा और वैल्यू चेंज हो गई। आप सोचोगे अभी तो कुछ और था। अब क्या हो गया?

[04:18:58] सोचोगे अभी तो कुछ और था। अब क्या हो गया? सेम डाटा, सेम यूजर बट डिफरेंट रिजल्ट।

[04:19:01] सेम डाटा, सेम यूजर बट डिफरेंट रिजल्ट। दिस इज नॉन रिपीटेबल रीड। अब सबसे

[04:19:04] दिस इज नॉन रिपीटेबल रीड। अब सबसे इंटरेस्टिंग आपने एक लिस्ट देखी। मान लो

[04:19:06] इंटरेस्टिंग आपने एक लिस्ट देखी। मान लो फाइव रिकॉर्ड्स हैं। थोड़ी देर बाद दोबारा

[04:19:09] फाइव रिकॉर्ड्स हैं। थोड़ी देर बाद दोबारा चेक किया तो सिक्स रिकॉर्ड हो गए। आप

[04:19:11] चेक किया तो सिक्स रिकॉर्ड हो गए। आप सोचेंगे यह एक्स्ट्रा कहां से आ गया? इसको

[04:19:13] सोचेंगे यह एक्स्ट्रा कहां से आ गया? इसको कहते हैं फैंटम बीड। जब डेटा गोस्ट की तरह

[04:19:16] कहते हैं फैंटम बीड। जब डेटा गोस्ट की तरह सडनली अपीयर हो जाता है। अब आप सोच रहे

[04:19:19] सडनली अपीयर हो जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि इतनी प्रॉब्लम्स आ रही हैं। तो

[04:19:21] होंगे कि इतनी प्रॉब्लम्स आ रही हैं। तो सिस्टम कैसे हैंडल करता है? यही काम करता

[04:19:23] सिस्टम कैसे हैंडल करता है? यही काम करता है आइसोलेशन। आइसोलेशन इंश्योर करता है कि

[04:19:26] है आइसोलेशन। आइसोलेशन इंश्योर करता है कि आपको करेक्ट डाटा मिले, स्टेबल डाटा मिले

[04:19:29] आपको करेक्ट डाटा मिले, स्टेबल डाटा मिले और कोई दूसरा यूजर आपके रिजल्ट को

[04:19:32] और कोई दूसरा यूजर आपके रिजल्ट को डिस्टर्ब ना करें। इसीलिए बोलते हैं रीड्स

[04:19:34] डिस्टर्ब ना करें। इसीलिए बोलते हैं रीड्स सिंपल लगते हैं। लेकिन अगर कंट्रोल ना हो

[04:19:36] सिंपल लगते हैं। लेकिन अगर कंट्रोल ना हो तो डेटाबेस में सबसे ज्यादा प्रॉब्लम्स

[04:19:38] तो डेटाबेस में सबसे ज्यादा प्रॉब्लम्स यही क्रिएट करते हैं। अभी नेक्स्ट हम

[04:19:40] यही क्रिएट करते हैं। अभी नेक्स्ट हम समझेंगे ड्यूरेबिलिटी के बारे में।

[04:19:43] समझेंगे ड्यूरेबिलिटी के बारे में। ड्यूरेबिलिटी इंश्यर्स दैट वंस अ

[04:19:45] ड्यूरेबिलिटी इंश्यर्स दैट वंस अ ट्रांजैक्शन इज़ सक्सेसफुली कमिटेड इट्स

[04:19:47] ट्रांजैक्शन इज़ सक्सेसफुली कमिटेड इट्स चेंजेस आर परमानेंटली स्टर्ड इन द डेटाबेस

[04:19:50] चेंजेस आर परमानेंटली स्टर्ड इन द डेटाबेस इवन इन द केस ऑफ़ सिस्टम कैशेस, पावरफुल

[04:19:52] इवन इन द केस ऑफ़ सिस्टम कैशेस, पावरफुल फेलियर्स और एरर्स। द कमिटेड डेटा विल नॉट

[04:19:55] फेलियर्स और एरर्स। द कमिटेड डेटा विल नॉट बी लॉस्ट। ड्यूरेबिलिटी का मतलब होता है

[04:19:58] बी लॉस्ट। ड्यूरेबिलिटी का मतलब होता है वंस ट्रांजैक्शन कमिट हो गया डेटा

[04:20:01] वंस ट्रांजैक्शन कमिट हो गया डेटा परमानेंट हो जाएगा। यह इंश्योर करता है कि

[04:20:04] परमानेंट हो जाएगा। यह इंश्योर करता है कि आपका डाटा कभी लॉस्ट ना हो। इसमें जब आपका

[04:20:07] आपका डाटा कभी लॉस्ट ना हो। इसमें जब आपका ट्रांजैक्शन एक बार सक्सेसफुल हो जाता है

[04:20:10] ट्रांजैक्शन एक बार सक्सेसफुल हो जाता है तो मतलब वह कमिट हो गया। तो डाटा

[04:20:12] तो मतलब वह कमिट हो गया। तो डाटा परमानेंटली सेव हो जाता है। चाहे सिस्टम

[04:20:14] परमानेंटली सेव हो जाता है। चाहे सिस्टम क्रैश हो जाए। इमेजिन करो आपने ऑनलाइन

[04:20:17] क्रैश हो जाए। इमेजिन करो आपने ऑनलाइन पेमेंट किया। पेमेंट सक्सेसफुल दिखा और

[04:20:19] पेमेंट किया। पेमेंट सक्सेसफुल दिखा और उसके तुरंत बाद ही सिस्टम क्रैश हो गया।

[04:20:22] उसके तुरंत बाद ही सिस्टम क्रैश हो गया। तो क्या पैसा गया या सेफ है? ड्यूरेबिलिटी

[04:20:27] तो क्या पैसा गया या सेफ है? ड्यूरेबिलिटी इंश्योर करता है अगर ट्रांजैक्शन कमिट हो

[04:20:29] इंश्योर करता है अगर ट्रांजैक्शन कमिट हो गया है तो डाटा परमानेंटली स्टोर हो चुका

[04:20:31] गया है तो डाटा परमानेंटली स्टोर हो चुका है। सिस्टम क्रैश भी हो जाए तो डेटा लॉस्ट

[04:20:34] है। सिस्टम क्रैश भी हो जाए तो डेटा लॉस्ट नहीं होगा। डेटाबेस सिर्फ फ्रेम टेंपरेरी

[04:20:37] नहीं होगा। डेटाबेस सिर्फ फ्रेम टेंपरेरी मेमोरी में डेटा स्टोर नहीं करता। वह डेटा

[04:20:40] मेमोरी में डेटा स्टोर नहीं करता। वह डेटा को डिस्क परमानेंट स्टोरेज में सेव करता

[04:20:42] को डिस्क परमानेंट स्टोरेज में सेव करता है। इसीलिए सिस्टम बंद होने के बाद भी

[04:20:45] है। इसीलिए सिस्टम बंद होने के बाद भी डेटा सेफ रहता है। ड्यूरेबिलिटी को ऐसा

[04:20:47] डेटा सेफ रहता है। ड्यूरेबिलिटी को ऐसा समझो जैसे आपने एग्जाम सबमिट कर दिया।

[04:20:50] समझो जैसे आपने एग्जाम सबमिट कर दिया। सबमिट होने के बाद आपका पेपर सेफ है। चाहे

[04:20:52] सबमिट होने के बाद आपका पेपर सेफ है। चाहे सिस्टम बंद हो जाए, मार्क्स कैलकुलेट हो

[04:20:55] सिस्टम बंद हो जाए, मार्क्स कैलकुलेट हो जाएंगे। इमेजिन करो अगर ड्यूरेबिलिटी ना

[04:20:58] जाएंगे। इमेजिन करो अगर ड्यूरेबिलिटी ना होती, पेमेंट सक्सेसफुल दिखा, सिस्टम

[04:21:00] होती, पेमेंट सक्सेसफुल दिखा, सिस्टम क्रैश हो गया तो क्या होगा? डाटा लॉस्ट हो

[04:21:02] क्रैश हो गया तो क्या होगा? डाटा लॉस्ट हो सकता है, पैसा गया और यूजर का ट्रस्ट भी

[04:21:05] सकता है, पैसा गया और यूजर का ट्रस्ट भी खत्म हो जाएगा। इसीलिए ड्यूरेबिलिटी जो है

[04:21:07] खत्म हो जाएगा। इसीलिए ड्यूरेबिलिटी जो है वह बहुत इंपॉर्टेंट है। कमिट का मतलब होता

[04:21:10] वह बहुत इंपॉर्टेंट है। कमिट का मतलब होता है डेटाबेस ने प्रॉमिस कर दिया। एंड वंस

[04:21:13] है डेटाबेस ने प्रॉमिस कर दिया। एंड वंस कमिटेड ऑलवेज सेव्ड। क्रैश के बाद भी डाटा

[04:21:16] कमिटेड ऑलवेज सेव्ड। क्रैश के बाद भी डाटा सेफ रहे। दैट इज़ ड्यूरेबिलिटी। एटॉमिसिटी

[04:21:19] सेफ रहे। दैट इज़ ड्यूरेबिलिटी। एटॉमिसिटी इंश्योर करता है कंप्लीट हो या ना हो।

[04:21:21] इंश्योर करता है कंप्लीट हो या ना हो। कंसिस्टेंसी इंश्योर करता है डाटा करेक्ट

[04:21:24] कंसिस्टेंसी इंश्योर करता है डाटा करेक्ट हो। आइसोलेशन इंश्योर करता है कॉन्फ्लिक्ट

[04:21:26] हो। आइसोलेशन इंश्योर करता है कॉन्फ्लिक्ट ना हो। और ड्यूरेबिलिटी इंश्योर करता है

[04:21:28] ना हो। और ड्यूरेबिलिटी इंश्योर करता है जो हो गया है वह कभी लॉस्ट ना हो।

[04:21:31] जो हो गया है वह कभी लॉस्ट ना हो। ड्यूरेबिलिटी इंश्योर करती है कि आपका

[04:21:33] ड्यूरेबिलिटी इंश्योर करती है कि आपका डाटा सिर्फ सेव नहीं हो रहा है।

[04:21:34] डाटा सिर्फ सेव नहीं हो रहा है। परमानेंटली सेव हो जाता है। अगर पेमेंट

[04:21:37] परमानेंटली सेव हो जाता है। अगर पेमेंट सक्सेसफुल होने के बाद डाटा डिलीट हो जाए

[04:21:39] सक्सेसफुल होने के बाद डाटा डिलीट हो जाए तो क्या होगा? प्रॉब्लम हो जाएगी। दैट्स

[04:21:42] तो क्या होगा? प्रॉब्लम हो जाएगी। दैट्स व्हाई वी नीड ड्यूरेबिलिटी। अब एक

[04:21:44] व्हाई वी नीड ड्यूरेबिलिटी। अब एक इंपॉर्टेंट बात समझो। एसेट खुद कुछ करता

[04:21:47] इंपॉर्टेंट बात समझो। एसेट खुद कुछ करता नहीं है। यह सिर्फ रूल्स होते हैं। इन

[04:21:49] नहीं है। यह सिर्फ रूल्स होते हैं। इन रूल्स को इंप्लीमेंट करता है ट्रांजैक्शन

[04:21:51] रूल्स को इंप्लीमेंट करता है ट्रांजैक्शन जो हम नेक्स्ट वीडियो में डिटेल में

[04:21:53] जो हम नेक्स्ट वीडियो में डिटेल में पढ़ेंगे। अगर आपको एसेट समझ आ गया तो

[04:21:55] पढ़ेंगे। अगर आपको एसेट समझ आ गया तो बिलीव मी आप डेटाबेस का कोर्स समझ गए।

[04:21:58] बिलीव मी आप डेटाबेस का कोर्स समझ गए। पिछले वीडियो में हमने एसेट प्रॉपर्टीज

[04:22:00] पिछले वीडियो में हमने एसेट प्रॉपर्टीज समझी थी जो इंश्योर कराती हैं कि डेटाबेस

[04:22:03] समझी थी जो इंश्योर कराती हैं कि डेटाबेस सेफ और रिलायबल रहे। लेकिन एक इंपॉर्टेंट

[04:22:06] सेफ और रिलायबल रहे। लेकिन एक इंपॉर्टेंट क्वेश्चन रह गया था। इन एसिड रूल्स को

[04:22:09] क्वेश्चन रह गया था। इन एसिड रूल्स को एक्चुअली इंप्लीमेंट कौन करता है? इसका

[04:22:11] एक्चुअली इंप्लीमेंट कौन करता है? इसका आंसर है ट्रांजैक्शंस इन एसक्यूएल। आज हम

[04:22:15] आंसर है ट्रांजैक्शंस इन एसक्यूएल। आज हम ट्रांजैक्शन को इतनी डेप्थ में समझेंगे कि

[04:22:17] ट्रांजैक्शन को इतनी डेप्थ में समझेंगे कि आप रियल प्रोजेक्शन कॉन्फिडेंटली यूज़ कर

[04:22:20] आप रियल प्रोजेक्शन कॉन्फिडेंटली यूज़ कर पाओगे। सबसे पहले हम समझते हैं

[04:22:23] पाओगे। सबसे पहले हम समझते हैं ट्रांजैक्शन का मतलब क्या होता है?

[04:22:26] ट्रांजैक्शन का मतलब क्या होता है? ट्रांजैक्शन का मतलब होता है एक ग्रुप ऑफ

[04:22:28] ट्रांजैक्शन का मतलब होता है एक ग्रुप ऑफ एसक्यूएल ऑपरेशन जो एक यूनिट की तरह काम

[04:22:32] एसक्यूएल ऑपरेशन जो एक यूनिट की तरह काम करते हैं। या तो सब क्वेरीज एग्जीक्यूट

[04:22:34] करते हैं। या तो सब क्वेरीज एग्जीक्यूट होंगी या एक भी नहीं होगी। जैसे बैंक

[04:22:37] होंगी या एक भी नहीं होगी। जैसे बैंक ट्रांसफर में दो क्वेरीज होती हैं। बैलेंस

[04:22:40] ट्रांसफर में दो क्वेरीज होती हैं। बैलेंस डिडक्ट बैलेंस ऐड दोनों मिलके एक

[04:22:42] डिडक्ट बैलेंस ऐड दोनों मिलके एक ट्रांजैक्शन बनाती है। याद है एसेट

[04:22:45] ट्रांजैक्शन बनाती है। याद है एसेट ट्रांजैक्शन ही वो मैकेनिज्म है जो

[04:22:47] ट्रांजैक्शन ही वो मैकेनिज्म है जो एटोमिसिटी, कंसिस्टेंसी, आइसोलेशन,

[04:22:50] एटोमिसिटी, कंसिस्टेंसी, आइसोलेशन, ड्यूरेबिलिटी इन सबको प्रैक्टिकली अप्लाई

[04:22:53] ड्यूरेबिलिटी इन सबको प्रैक्टिकली अप्लाई करता है। सबसे पहले आता है स्टार्ट

[04:22:56] करता है। सबसे पहले आता है स्टार्ट ट्रांजैक्शन। यह बताता है कि अब हम एक

[04:22:59] ट्रांजैक्शन। यह बताता है कि अब हम एक ट्रांजैक्शन स्टार्ट कर रहे हैं। देन

[04:23:02] ट्रांजैक्शन स्टार्ट कर रहे हैं। देन सेकंड आता है कमिट। कमिट का मतलब होता है

[04:23:05] सेकंड आता है कमिट। कमिट का मतलब होता है कि सब चेंजेस परमानेंटली सेव हो जाते हैं।

[04:23:08] कि सब चेंजेस परमानेंटली सेव हो जाते हैं। इसका रियल मीनिंग होता है यस एवरीथिंग इज

[04:23:11] इसका रियल मीनिंग होता है यस एवरीथिंग इज करेक्ट सेव इट। थर्ड होता है रोल बैक। रोल

[04:23:15] करेक्ट सेव इट। थर्ड होता है रोल बैक। रोल बैक का मतलब होता है सब चेंजेस अनडू हो

[04:23:18] बैक का मतलब होता है सब चेंजेस अनडू हो जाते हैं। इसका रियल मीनिंग होता है इफ

[04:23:20] जाते हैं। इसका रियल मीनिंग होता है इफ समथिंग वेंट रॉन्ग रिवर्ट एवरीथिंग। सब

[04:23:23] समथिंग वेंट रॉन्ग रिवर्ट एवरीथिंग। सब कुछ अनडू कर दो। फोर्थ होता है सेफ पॉइंट

[04:23:27] कुछ अनडू कर दो। फोर्थ होता है सेफ पॉइंट sp1। ट्रांजैक्शन के बीच में एक चेक पॉइंट

[04:23:30] sp1। ट्रांजैक्शन के बीच में एक चेक पॉइंट क्रिएट करता है। सेफ पॉइंट एक चेक पॉइंट

[04:23:34] क्रिएट करता है। सेफ पॉइंट एक चेक पॉइंट होता है ट्रांजैक्शन के अंदर। जहां तक का

[04:23:36] होता है ट्रांजैक्शन के अंदर। जहां तक का काम सेफ है उसके बाद का काम हम अनडू कर

[04:23:40] काम सेफ है उसके बाद का काम हम अनडू कर सकते हैं। सेफ पॉइंट अलव करता है पार्शियल

[04:23:43] सकते हैं। सेफ पॉइंट अलव करता है पार्शियल रोल बैक को इंसाइड अ ट्रांजैक्शन। इमेजिन

[04:23:45] रोल बैक को इंसाइड अ ट्रांजैक्शन। इमेजिन करो आप शॉपिंग कर रहे हो। प्रोडक्ट A ऐड

[04:23:48] करो आप शॉपिंग कर रहे हो। प्रोडक्ट A ऐड किया, प्रोडक्ट B ऐड किया, प्रोडक्ट C ऐड

[04:23:50] किया, प्रोडक्ट B ऐड किया, प्रोडक्ट C ऐड किया। अब आपको प्रोडक्ट C पसंद नहीं आया

[04:23:53] किया। अब आपको प्रोडक्ट C पसंद नहीं आया तो आप क्या करोगे? क्या पूरा ऑर्डर कैंसिल

[04:23:56] तो आप क्या करोगे? क्या पूरा ऑर्डर कैंसिल कर दोगे? A B C सबको रिमूव कर दोगे नहीं।

[04:24:01] कर दोगे? A B C सबको रिमूव कर दोगे नहीं। और विद सेफ पॉइंट क्या होता है? सिस्टम

[04:24:03] और विद सेफ पॉइंट क्या होता है? सिस्टम क्या करेगा? A ऐड करेगा। सेफ पॉइंट SP1 B

[04:24:07] क्या करेगा? A ऐड करेगा। सेफ पॉइंट SP1 B ऐड करेगा। सेफ पॉइंट SP2 एंड C ऐड करेगा।

[04:24:11] ऐड करेगा। सेफ पॉइंट SP2 एंड C ऐड करेगा। अब आप बोलो मुझे C हटाना है। तो सिस्टम

[04:24:14] अब आप बोलो मुझे C हटाना है। तो सिस्टम रोल बैक करेगा SP2 तक। उसका रिजल्ट होगा

[04:24:17] रोल बैक करेगा SP2 तक। उसका रिजल्ट होगा A, B और C को हटा देगा। सेफ पॉइंट हमें

[04:24:21] A, B और C को हटा देगा। सेफ पॉइंट हमें पूरा ट्रांजैक्शन कैंसिल करने की वजह

[04:24:23] पूरा ट्रांजैक्शन कैंसिल करने की वजह सिर्फ एक पार्ट को अनडू करने की पावर देता

[04:24:26] सिर्फ एक पार्ट को अनडू करने की पावर देता है। यहां पर ST1 जो है वह कोई कीवर्ड नहीं

[04:24:29] है। यहां पर ST1 जो है वह कोई कीवर्ड नहीं है। यह सिर्फ एक नाम है जो हम सेफ पॉइंट

[04:24:32] है। यह सिर्फ एक नाम है जो हम सेफ पॉइंट को देते हैं। जब हम सेफ पॉइंट बनाते हैं

[04:24:35] को देते हैं। जब हम सेफ पॉइंट बनाते हैं तो हमें उसे एक नाम देना पड़ता है ताकि

[04:24:37] तो हमें उसे एक नाम देना पड़ता है ताकि बाद में हम बोल सकते हैं मुझे यहां तक

[04:24:40] बाद में हम बोल सकते हैं मुझे यहां तक वापस जाना है। नेक्स्ट आता है रोल बैक। अब

[04:24:44] वापस जाना है। नेक्स्ट आता है रोल बैक। अब तक हमने कमिट मतलब सेव कर लिया। लेकिन अगर

[04:24:48] तक हमने कमिट मतलब सेव कर लिया। लेकिन अगर कुछ गलत हो जाए तो गलत डाटा इंसर्ट हो

[04:24:51] कुछ गलत हो जाए तो गलत डाटा इंसर्ट हो गया। रॉन्ग अमाउंट ट्रांसफर हो गया। तब हम

[04:24:54] गया। रॉन्ग अमाउंट ट्रांसफर हो गया। तब हम क्या करेंगे? यही यूज होता है रोल बैक का।

[04:24:58] क्या करेंगे? यही यूज होता है रोल बैक का। रोल बैक का मतलब होता है जो भी चेंजेस किए

[04:25:01] रोल बैक का मतलब होता है जो भी चेंजेस किए हैं उनको अनडू कर दो। रोल बैक टेक्स अ

[04:25:04] हैं उनको अनडू कर दो। रोल बैक टेक्स अ डेटाबेस बैक टू इट्स प्रीवियस सेफ स्टेट।

[04:25:06] डेटाबेस बैक टू इट्स प्रीवियस सेफ स्टेट। इमेजिन करो आप ₹1000 ट्रांसफर कर रहे हो।

[04:25:10] इमेजिन करो आप ₹1000 ट्रांसफर कर रहे हो। स्टेप वन क्या है? पैसा A से कट हो गया

[04:25:13] स्टेप वन क्या है? पैसा A से कट हो गया एंड पैसा B में ऐड होना था। लेकिन यह फेल

[04:25:17] एंड पैसा B में ऐड होना था। लेकिन यह फेल हो गया। तो अब सिस्टम क्या करेगा? सिस्टम

[04:25:20] हो गया। तो अब सिस्टम क्या करेगा? सिस्टम बोलेगा ट्रांजैक्शन फेल हो गया है। और

[04:25:22] बोलेगा ट्रांजैक्शन फेल हो गया है। और क्या करेगा? ए में पैसा वापस डाल देगा।

[04:25:25] क्या करेगा? ए में पैसा वापस डाल देगा। रोल बैकक इंश्योर करता है कि गलती होने पर

[04:25:28] रोल बैकक इंश्योर करता है कि गलती होने पर सिस्टम अपनी पुरानी सेव स्टेट में वापस आ

[04:25:31] सिस्टम अपनी पुरानी सेव स्टेट में वापस आ जाए। ट्रांजैक्शन के अंदर जितने भी चेंजेस

[04:25:34] जाए। ट्रांजैक्शन के अंदर जितने भी चेंजेस होते हैं जब तक कमिट नहीं होता तब तक वह

[04:25:37] होते हैं जब तक कमिट नहीं होता तब तक वह परमानेंट नहीं होते हैं। रूल बैकक उन सब

[04:25:40] परमानेंट नहीं होते हैं। रूल बैकक उन सब टेंपरेरी चेंजेस को हटा देता है। अगर आप

[04:25:44] टेंपरेरी चेंजेस को हटा देता है। अगर आप पूरा रूलबैक नहीं करना चाहते हो और सिर्फ

[04:25:46] पूरा रूलबैक नहीं करना चाहते हो और सिर्फ एक पार्ट अनडू करना चाहते हो तो आप यूज़ कर

[04:25:49] एक पार्ट अनडू करना चाहते हो तो आप यूज़ कर सकते हो सेफ पॉइंट का। रोल बैक को आप ऐसा

[04:25:52] सकते हो सेफ पॉइंट का। रोल बैक को आप ऐसा समझो कि जैसे आप एग्जाम में आंसर लिख रहे

[04:25:55] समझो कि जैसे आप एग्जाम में आंसर लिख रहे हो और अगर गलत लिख दिया तो इरेस करके वापस

[04:25:58] हो और अगर गलत लिख दिया तो इरेस करके वापस सही लिख सकते हो। यही रोल बैकक है। रोल

[04:26:00] सही लिख सकते हो। यही रोल बैकक है। रोल बैक इज़ इक्वल टू अनडू बटन ऑफ़ डेटाबेस।

[04:26:03] बैक इज़ इक्वल टू अनडू बटन ऑफ़ डेटाबेस। गलती हुई रोल बैक करो। नो कमिट नो

[04:26:06] गलती हुई रोल बैक करो। नो कमिट नो प्रॉब्लम। रोल बैक पॉसिबल।

[04:26:09] प्रॉब्लम। रोल बैक पॉसिबल। अब चलो एक रियल बैंकिंग एग्जांपल को

[04:26:11] अब चलो एक रियल बैंकिंग एग्जांपल को एसक्यूएल में इंप्लीमेंट कराते हैं। मैंने

[04:26:14] एसक्यूएल में इंप्लीमेंट कराते हैं। मैंने यहां पे डेटाबेस क्रिएट किया है बैंक। देन

[04:26:16] यहां पे डेटाबेस क्रिएट किया है बैंक। देन उसको यूज़ कर लिया है। फिर क्रिएट किया है

[04:26:19] उसको यूज़ कर लिया है। फिर क्रिएट किया है एक टेबल अकाउंट्स। इसके अंदर आईडी है, नेम

[04:26:22] एक टेबल अकाउंट्स। इसके अंदर आईडी है, नेम है और बैलेंस है। देन मैंने इसके अंदर

[04:26:25] है और बैलेंस है। देन मैंने इसके अंदर डाटा इंसर्ट कराया है।

[04:26:28] डाटा इंसर्ट कराया है। तो हमारे पास क्या-क्या है? नेम है और

[04:26:30] तो हमारे पास क्या-क्या है? नेम है और बैलेंस है। अब हम देखते हैं कि रियल लाइफ

[04:26:33] बैलेंस है। अब हम देखते हैं कि रियल लाइफ में ट्रांजैक्शन कैसे काम करता है? और

[04:26:35] में ट्रांजैक्शन कैसे काम करता है? और इसको हम एक बैंक ट्रांसफर एग्जांपल से

[04:26:37] इसको हम एक बैंक ट्रांसफर एग्जांपल से समझेंगे।

[04:26:39] समझेंगे। आप अकाउंट वन मतलब रुचि के अकाउंट से

[04:26:42] आप अकाउंट वन मतलब रुचि के अकाउंट से अकाउंट टू मतलब अमन के अकाउंट में ₹1000

[04:26:45] अकाउंट टू मतलब अमन के अकाउंट में ₹1000 ट्रांसफर कर रहे हो तो सबसे पहले क्या

[04:26:49] ट्रांसफर कर रहे हो तो सबसे पहले क्या होगा? ट्रांजैक्शन स्टार्ट होगा।

[04:26:52] होगा? ट्रांजैक्शन स्टार्ट होगा। तो यहां पे हम लिखेंगे स्टार्ट

[04:26:54] तो यहां पे हम लिखेंगे स्टार्ट ट्रांजैक्शन।

[04:27:05] इसका मतलब है अब जो भी चेंजेस होंगे वह

[04:27:08] इसका मतलब है अब जो भी चेंजेस होंगे वह टेंपरेरी होंगे जब तक हम कमिट नहीं करते

[04:27:11] टेंपरेरी होंगे जब तक हम कमिट नहीं करते हैं। अब क्या करेंगे हम? अपडेट करेंगे

[04:27:13] हैं। अब क्या करेंगे हम? अपडेट करेंगे अकाउंट को।

[04:27:20] यहां पर हम सेट करेंगे

[04:27:23] यहां पर हम सेट करेंगे बैलेंस =

[04:27:27] बैलेंस = बैलेंस माइनस

[04:27:30] बैलेंस माइनस 1000 वेयर

[04:27:33] 1000 वेयर आईडी = 1

[04:27:38] एंड देन क्या करेंगे? अपडेट करेंगे

[04:27:42] एंड देन क्या करेंगे? अपडेट करेंगे अकाउंट को।

[04:27:45] अकाउंट को। अकाउंट्स

[04:27:47] अकाउंट्स देन सेट करेंगे

[04:27:49] देन सेट करेंगे बैलेंस =

[04:27:52] बैलेंस = बैलेंस प्लस 1000 वेयर आईडी = 2

[04:28:00] बैलेंस प्लस 1000 वेयर आईडी = 2 एंड देन करेंगे सबमिट

[04:28:08] ट्रांजैक्शन स्टार्ट हो गया। अब हम एक

[04:28:10] ट्रांजैक्शन स्टार्ट हो गया। अब हम एक अकाउंट से ₹1000 डिडक्ट कर रहे हैं। इस

[04:28:13] अकाउंट से ₹1000 डिडक्ट कर रहे हैं। इस स्टेप के बाद पैसा कट हो गया लेकिन अभी

[04:28:16] स्टेप के बाद पैसा कट हो गया लेकिन अभी परमानेंट में ही हुआ है। अभी क्या करेंगे?

[04:28:19] परमानेंट में ही हुआ है। अभी क्या करेंगे? हम अकाउंट टू मतलब हमने अमन के अकाउंट में

[04:28:23] हम अकाउंट टू मतलब हमने अमन के अकाउंट में ₹1000 ऐड करा दिए हैं। अब ट्रांसफर

[04:28:26] ₹1000 ऐड करा दिए हैं। अब ट्रांसफर कंप्लीट हो गया है लॉजिकली। फाइनली हम

[04:28:29] कंप्लीट हो गया है लॉजिकली। फाइनली हम कमिट करते हैं। अब सब चेंजेस परमानेंटली

[04:28:32] कमिट करते हैं। अब सब चेंजेस परमानेंटली सेव हो जाएंगे। अब रोल बैक पॉसिबल नहीं

[04:28:35] सेव हो जाएंगे। अब रोल बैक पॉसिबल नहीं है। ट्रांजैक्शन के अंदर सब कुछ टेंपरेरी

[04:28:38] है। ट्रांजैक्शन के अंदर सब कुछ टेंपरेरी होता है। कमिट के बाद ही परमानेंट होता

[04:28:41] होता है। कमिट के बाद ही परमानेंट होता है। तो यहां पे रुचि के अकाउंट में ₹5000

[04:28:44] है। तो यहां पे रुचि के अकाउंट में ₹5000 थे तो ₹4000 हो गए। अमन के अकाउंट में

[04:28:47] थे तो ₹4000 हो गए। अमन के अकाउंट में ₹3000 थे तो वह ₹4000 हो गए। अब मान लो

[04:28:50] ₹3000 थे तो वह ₹4000 हो गए। अब मान लो प्रॉब्लम आ गई। फर्स्ट स्टेप हो गया।

[04:28:53] प्रॉब्लम आ गई। फर्स्ट स्टेप हो गया। सेकंड स्टेप फेल हो गया। तो क्या होगा?

[04:28:56] सेकंड स्टेप फेल हो गया। तो क्या होगा? अकाउंट वन से पैसा कट हो गया लेकिन अकाउंट

[04:28:59] अकाउंट वन से पैसा कट हो गया लेकिन अकाउंट टू में ऐड नहीं हुआ। यह डेंजरस सिचुएशन

[04:29:02] टू में ऐड नहीं हुआ। यह डेंजरस सिचुएशन है। इसका सॉल्यूशन है रोल बैकक। सिस्टम

[04:29:05] है। इसका सॉल्यूशन है रोल बैकक। सिस्टम तुरंत रोल बैक करेगा। रोल बैक का मतलब है

[04:29:08] तुरंत रोल बैक करेगा। रोल बैक का मतलब है जो भी चेंजेस हुए थे उनको अनडू कर दो।

[04:29:11] जो भी चेंजेस हुए थे उनको अनडू कर दो। ट्रांजैक्शन हो गया लेकिन उसके बाद में

[04:29:14] ट्रांजैक्शन हो गया लेकिन उसके बाद में अकाउंट बी में आया नहीं। तो यहां पे हम

[04:29:16] अकाउंट बी में आया नहीं। तो यहां पे हम क्या करेंगे? यहां पे हम करेंगे रोल बैक।

[04:29:28] रोल बैक। अब जैसे क्या हुआ? इसके से हमने वैल्यू तो

[04:29:32] अब जैसे क्या हुआ? इसके से हमने वैल्यू तो कट हो चुकी है लेकिन टू वाले अकाउंट में

[04:29:35] कट हो चुकी है लेकिन टू वाले अकाउंट में वैल्यू नहीं आई। तो जैसे हम अब प्रिंट

[04:29:38] वैल्यू नहीं आई। तो जैसे हम अब प्रिंट कराते हैं अकाउंट्स को तो क्या हुआ? रुचि

[04:29:42] कराते हैं अकाउंट्स को तो क्या हुआ? रुचि के अकाउंट में 5000 थे लेकिन मनी डिडक्ट

[04:29:45] के अकाउंट में 5000 थे लेकिन मनी डिडक्ट हो चुकी है और अमन के अकाउंट में नहीं आई

[04:29:48] हो चुकी है और अमन के अकाउंट में नहीं आई है। तो अभी यहां से हम क्या कर देंगे?

[04:29:50] है। तो अभी यहां से हम क्या कर देंगे? यहां से हम कर देंगे रोल बैक। जैसे ही

[04:29:53] यहां से हम कर देंगे रोल बैक। जैसे ही हमने रोल बैक किया डिक्ट अमाउंट वापस आ

[04:29:57] हमने रोल बैक किया डिक्ट अमाउंट वापस आ जाएगा। अगर एक बार कमिट हो गया तो फिर कुछ

[04:29:59] जाएगा। अगर एक बार कमिट हो गया तो फिर कुछ नहीं हो सकता क्योंकि वैल्यू परमानेंट हो

[04:30:02] नहीं हो सकता क्योंकि वैल्यू परमानेंट हो जाएगी।

[04:30:04] जाएगी। रोल बैक जो है वो डेटाबेस का अनडू बटन

[04:30:07] रोल बैक जो है वो डेटाबेस का अनडू बटन होता है। अब एक इंटरेस्टिंग सिचुएशन देखते

[04:30:09] होता है। अब एक इंटरेस्टिंग सिचुएशन देखते हैं। क्या होगा? अगर मुझे पूरा रोल बैक

[04:30:12] हैं। क्या होगा? अगर मुझे पूरा रोल बैक नहीं करना है। सिर्फ एक पार्ट अनडू करना

[04:30:14] नहीं करना है। सिर्फ एक पार्ट अनडू करना हो। तो यहां पे यूज़ होता है सेफ पॉइंट का।

[04:30:19] हो। तो यहां पे यूज़ होता है सेफ पॉइंट का। और सबसे पहले क्या करेंगे? हम स्टार्ट

[04:30:21] और सबसे पहले क्या करेंगे? हम स्टार्ट करेंगे ट्रांजैक्शन को।

[04:30:28] देन हम क्या करेंगे? अपडेट करेंगे

[04:30:32] देन हम क्या करेंगे? अपडेट करेंगे अकाउंट को

[04:30:36] सेट

[04:30:39] सेट बैलेंस =

[04:30:42] बैलेंस = बैलेंस माइनस 1000 वेयर

[04:30:47] बैलेंस माइनस 1000 वेयर idडी = y

[04:30:50] idडी = y यहां पर हम लगाएंगे सेफ पॉइंट।

[04:30:57] इसको मैं नाम दे रही हूं SP1।

[04:31:04] इसको चला लेते हैं। फिर इसको चला लेते

[04:31:08] इसको चला लेते हैं। फिर इसको चला लेते हैं।

[04:31:12] फिर हम लिखेंगे अपडेट

[04:31:16] अकाउंट्स।

[04:31:19] सेट

[04:31:24] बैलेंस इक्व

[04:31:27] बैलेंस इक्व बैलेंस + ₹1000

[04:31:32] वेयर आईडी = 2 स्टेप वन क्या हुआ? मनी

[04:31:37] वेयर आईडी = 2 स्टेप वन क्या हुआ? मनी डिडक्ट हो गया। ₹1000 डिडक्ट हो गए। फिर

[04:31:40] डिडक्ट हो गया। ₹1000 डिडक्ट हो गए। फिर क्या हुआ? हमने लगाया है सेव पॉइंट SP1।

[04:31:43] क्या हुआ? हमने लगाया है सेव पॉइंट SP1। यहां पे हम एक चेक पॉइंट बना देते हैं

[04:31:45] यहां पे हम एक चेक पॉइंट बना देते हैं SP1। इसका मतलब है यहां तक सब सेफ है। याद

[04:31:49] SP1। इसका मतलब है यहां तक सब सेफ है। याद रख लो। अब हमने अकाउंट टू में ₹1000 ऐड

[04:31:54] रख लो। अब हमने अकाउंट टू में ₹1000 ऐड करने की कोशिश की है। सोचो यहां पे एरर आ

[04:31:57] करने की कोशिश की है। सोचो यहां पे एरर आ गया तो क्या होगा? हम बोलते हैं रोल बैक

[04:32:00] गया तो क्या होगा? हम बोलते हैं रोल बैक टू एसल।

[04:32:13] अभी क्या होता है? माय एसक्यूएल में ऑटो

[04:32:15] अभी क्या होता है? माय एसक्यूएल में ऑटो कमिट जो होता है वह ऑन होता है। इसके कारण

[04:32:19] कमिट जो होता है वह ऑन होता है। इसके कारण पर कोई भी हम रोल बैक कर रहे हैं तो मनी

[04:32:22] पर कोई भी हम रोल बैक कर रहे हैं तो मनी वापस नहीं जा रहा है। इसके लिए हम क्या

[04:32:24] वापस नहीं जा रहा है। इसके लिए हम क्या करते हैं? यहां पे हम एक क्वेरी लिखेंगे।

[04:32:26] करते हैं? यहां पे हम एक क्वेरी लिखेंगे। सेट ऑटो कमिट

[04:32:31] सेट ऑटो कमिट = 0। अब क्या करेंगे हम? अगेन स्टार्ट

[04:32:35] = 0। अब क्या करेंगे हम? अगेन स्टार्ट करेंगे ट्रांजैक्शन को। अभी तो यहां पर

[04:32:38] करेंगे ट्रांजैक्शन को। अभी तो यहां पर हमारी मनी 5000 दिख रही है और 3000 दिख

[04:32:41] हमारी मनी 5000 दिख रही है और 3000 दिख रही है। अब जैसे मैंने फिर से शुरू किया

[04:32:44] रही है। अब जैसे मैंने फिर से शुरू किया ट्रांजैक्शन को एंड देन अपडेट पर क्लिक

[04:32:48] ट्रांजैक्शन को एंड देन अपडेट पर क्लिक किया तो यहां पे मनी जो है वह डिडक्ट हो

[04:32:50] किया तो यहां पे मनी जो है वह डिडक्ट हो गई। 4000 एंड 3000 हमने अब एक मिस्टेक कर

[04:32:54] गई। 4000 एंड 3000 हमने अब एक मिस्टेक कर रहे हैं। हमने ऑटो कॉमेट को सबसे एंड में

[04:32:56] रहे हैं। हमने ऑटो कॉमेट को सबसे एंड में लिख दिया। इसको हमें टॉप पर लिखना है।

[04:33:08] एंड जब हम क्लिक कराएंगे सेव पॉइंट एसटी1

[04:33:11] एंड जब हम क्लिक कराएंगे सेव पॉइंट एसटी1 पर तो क्या आएगा देखते हैं

[04:33:17] तो अभी क्या है यहां पे रुचि के अकाउंट

[04:33:20] तो अभी क्या है यहां पे रुचि के अकाउंट में कितने पैसे हैं

[04:33:22] में कितने पैसे हैं 4000 है मतलब मनी डिडक्ट हो चुका है और

[04:33:26] 4000 है मतलब मनी डिडक्ट हो चुका है और अमन के अकाउंट में हमें ऐड करना है तो

[04:33:29] अमन के अकाउंट में हमें ऐड करना है तो यहां पर हम यह वाली क्वरी चलाएंगे

[04:33:32] यहां पर हम यह वाली क्वरी चलाएंगे पहले सेफ पॉइंट बनाएंगे देन यह वाली क्वरी

[04:33:35] पहले सेफ पॉइंट बनाएंगे देन यह वाली क्वरी चलाएंगे। तो अभी क्या होगा? अमन के अकाउंट

[04:33:38] चलाएंगे। तो अभी क्या होगा? अमन के अकाउंट में मनी ऐड हो गई। अब हम चलाएंगे रोल बैक

[04:33:43] में मनी ऐड हो गई। अब हम चलाएंगे रोल बैक टू sp1

[04:33:47] तो अमन के अकाउंट में वापस 3000 आ गए।

[04:33:50] तो अमन के अकाउंट में वापस 3000 आ गए। मतलब मनी अनडू हो गया। रोलबक जो होता है

[04:33:54] मतलब मनी अनडू हो गया। रोलबक जो होता है वह सिर्फ सेफ कॉइन के बाद वाली वैल्यूस को

[04:33:58] वह सिर्फ सेफ कॉइन के बाद वाली वैल्यूस को अनडू कर देता है। तो रुचि के अकाउंट से तो

[04:34:00] अनडू कर देता है। तो रुचि के अकाउंट से तो पहले ही मनी डिडक्ट हो चुका था। तो वह तो

[04:34:03] पहले ही मनी डिडक्ट हो चुका था। तो वह तो सेम दिख रहा है हमको। 4000 दिख रहा है।

[04:34:06] सेम दिख रहा है हमको। 4000 दिख रहा है। 5000 की जगह 4000 दिख रहा है। लेकिन जो

[04:34:08] 5000 की जगह 4000 दिख रहा है। लेकिन जो मनी ऐड हुआ था अमन के अकाउंट में वह रोल

[04:34:11] मनी ऐड हुआ था अमन के अकाउंट में वह रोल बैक हो गया। सबसे पहले अपडेट सक्सेसफुल

[04:34:14] बैक हो गया। सबसे पहले अपडेट सक्सेसफुल हुआ। सेफ पॉइंट क्रिएट हुआ। देन सेकंड

[04:34:16] हुआ। सेफ पॉइंट क्रिएट हुआ। देन सेकंड अपडेट फेल हो गया। रोल बैक टू sp1 मतलब

[04:34:19] अपडेट फेल हो गया। रोल बैक टू sp1 मतलब सेकंड स्टेप अनडू करके फर्स्ट स्टेप सेम

[04:34:22] सेकंड स्टेप अनडू करके फर्स्ट स्टेप सेम रहेगा। ट्रांजैक्शन तब यूज़ करो जब मल्टीपल

[04:34:25] रहेगा। ट्रांजैक्शन तब यूज़ करो जब मल्टीपल रिलेटेड क्वेरीज़ हो। डेटा कंसिस्टेंसी

[04:34:28] रिलेटेड क्वेरीज़ हो। डेटा कंसिस्टेंसी इंपॉर्टेंट हो। इसे हम रियल वर्ल्ड में

[04:34:30] इंपॉर्टेंट हो। इसे हम रियल वर्ल्ड में यूज़ करते हैं। बैंक टूल सिस्टम में,

[04:34:32] यूज़ करते हैं। बैंक टूल सिस्टम में, बुकिंग सिस्टम में या फिर ई-कॉमर्स ऑर्डर

[04:34:35] बुकिंग सिस्टम में या फिर ई-कॉमर्स ऑर्डर में। लोग क्या करते हैं? क्वेरी रन कर

[04:34:37] में। लोग क्या करते हैं? क्वेरी रन कर देते हैं। कमिट नहीं करते हैं। तो चेंजेस

[04:34:40] देते हैं। कमिट नहीं करते हैं। तो चेंजेस टेंपरेरी रहते हैं। अगर कमिट नहीं करोगे

[04:34:42] टेंपरेरी रहते हैं। अगर कमिट नहीं करोगे तो चेंजेस परमानेंट नहीं होंगे। कमिट के

[04:34:45] तो चेंजेस परमानेंट नहीं होंगे। कमिट के बाद रोल बैक पॉसिबल नहीं है। अगर आप यहां

[04:34:47] बाद रोल बैक पॉसिबल नहीं है। अगर आप यहां पर कमिट कर देते हैं।

[04:34:50] पर कमिट कर देते हैं। मैंने यहां पर जैसे कमिट कर दिया।

[04:34:53] मैंने यहां पर जैसे कमिट कर दिया। अब हम फिर से मनी डिडक्ट करते हैं रुचि के

[04:34:56] अब हम फिर से मनी डिडक्ट करते हैं रुचि के अकाउंट में से और ऐड करते हैं

[04:35:02] अमन के अकाउंट में। ठीक है? फिर हम क्या

[04:35:05] अमन के अकाउंट में। ठीक है? फिर हम क्या करते हैं? चेक करते हैं। तो क्या दिख रहा

[04:35:07] करते हैं? चेक करते हैं। तो क्या दिख रहा है? 4000 दिख रहा है और 3000 दिख रहा है

[04:35:09] है? 4000 दिख रहा है और 3000 दिख रहा है रुची के अकाउंट में। अब इसको हम कमिट कर

[04:35:11] रुची के अकाउंट में। अब इसको हम कमिट कर देते हैं।

[04:35:15] अब जैसे हम रोल बैक करेंगे मनी को और अगेन

[04:35:18] अब जैसे हम रोल बैक करेंगे मनी को और अगेन चेक करेंगे तो आपको मनी वापस से रोल बैक

[04:35:23] चेक करेंगे तो आपको मनी वापस से रोल बैक नहीं हो रहा है। अनडू नहीं हो रहा है

[04:35:25] नहीं हो रहा है। अनडू नहीं हो रहा है चेंजेस क्योंकि कमिट के बाद में रोल

[04:35:28] चेंजेस क्योंकि कमिट के बाद में रोल पॉसिबल नहीं होता है। रोल बैकक सिर्फ तब

[04:35:31] पॉसिबल नहीं होता है। रोल बैकक सिर्फ तब काम करता है जब ट्रांजैक्शन एक्टिव हो।

[04:35:33] काम करता है जब ट्रांजैक्शन एक्टिव हो। जहां भी मल्टीपल स्टेप्स हो और डाटा सेफ

[04:35:36] जहां भी मल्टीपल स्टेप्स हो और डाटा सेफ रखना हो वहां पर हम ट्रांजैक्शंस का यूज

[04:35:38] रखना हो वहां पर हम ट्रांजैक्शंस का यूज करते हैं। बैंकिंग सिस्टम में, टिकट

[04:35:40] करते हैं। बैंकिंग सिस्टम में, टिकट बुकिंग में, ई-कॉमर्स ऑर्डर्स में

[04:35:42] बुकिंग में, ई-कॉमर्स ऑर्डर्स में एक्सट्रा

[04:35:44] एक्सट्रा एसेट क्या है? रूल्स हैं। ट्रांजैक्शन

[04:35:46] एसेट क्या है? रूल्स हैं। ट्रांजैक्शन क्या है? इंप्लीमेंटेशन है। अगर

[04:35:48] क्या है? इंप्लीमेंटेशन है। अगर ट्रांजैक्शन नहीं होंगे तो एसेट सिर्फ

[04:35:50] ट्रांजैक्शन नहीं होंगे तो एसेट सिर्फ थ्योरी बनकर रह जाएगा। रियल वर्ल्ड में

[04:35:52] थ्योरी बनकर रह जाएगा। रियल वर्ल्ड में एसेट को इंप्लीमेंट करता है ट्रांजैक्शन।

[04:35:55] एसेट को इंप्लीमेंट करता है ट्रांजैक्शन। जब भी आप डेटाबेस में मल्टीपल इंपॉर्टेंट

[04:35:57] जब भी आप डेटाबेस में मल्टीपल इंपॉर्टेंट ऑपरेशंस कर रहे हो ऑलवेज रिमेंबर स्टार्ट

[04:36:00] ऑपरेशंस कर रहे हो ऑलवेज रिमेंबर स्टार्ट ट्रांजैक्शन हैंडल एरर्स कमिट ओनली व्हेन

[04:36:03] ट्रांजैक्शन हैंडल एरर्स कमिट ओनली व्हेन एवरीथिंग इज़ करेक्ट तभी आपका डेटा सेफ

[04:36:06] एवरीथिंग इज़ करेक्ट तभी आपका डेटा सेफ रहेगा। सपोज़ आपके पास एंप्लॉय डाटा है और

[04:36:09] रहेगा। सपोज़ आपके पास एंप्लॉय डाटा है और आपको फाइंड करना है टॉप थ्री हाईएस्ट

[04:36:12] आपको फाइंड करना है टॉप थ्री हाईएस्ट सैलरीज़ या फिर हर डिपार्टमेंट का हाईएस्ट

[04:36:15] सैलरीज़ या फिर हर डिपार्टमेंट का हाईएस्ट पेड एंप्लॉय या फिर रैंकिंग जनरेट करनी

[04:36:18] पेड एंप्लॉय या फिर रैंकिंग जनरेट करनी है। अगर आप ग्रुप बाय यूज़ करोगे तो डाटा

[04:36:21] है। अगर आप ग्रुप बाय यूज़ करोगे तो डाटा कोलैप्स हो जाएगा। तो उसका सॉल्यूशन क्या

[04:36:23] कोलैप्स हो जाएगा। तो उसका सॉल्यूशन क्या है? इसका सॉल्यूशन है विंडो फंक्शन। विंडो

[04:36:27] है? इसका सॉल्यूशन है विंडो फंक्शन। विंडो फंक्शन जो इंटरन का फेवरेट टॉपिक है। आज

[04:36:30] फंक्शन जो इंटरन का फेवरेट टॉपिक है। आज हम डीप में कवर करेंगे प्रिंटो फंक्शन

[04:36:33] हम डीप में कवर करेंगे प्रिंटो फंक्शन क्या होता है? ओवरक्लॉस का मैजिक रो नंबर

[04:36:36] क्या होता है? ओवरक्लॉस का मैजिक रो नंबर फंक्शन के बारे में, रैंक फंक्शन के बारे

[04:36:38] फंक्शन के बारे में, रैंक फंक्शन के बारे में, डेंस रैंक फंक्शन के बारे में। और हम

[04:36:41] में, डेंस रैंक फंक्शन के बारे में। और हम कुछ क्लियर इंटरव्यू क्वेश्चंस देखेंगे।

[04:36:43] कुछ क्लियर इंटरव्यू क्वेश्चंस देखेंगे। सबसे पहले हम समझते हैं व्हाट इज़ विंडो

[04:36:46] सबसे पहले हम समझते हैं व्हाट इज़ विंडो फंक्शन? अ विंडो फंक्शन परफॉर्म्स अ

[04:36:49] फंक्शन? अ विंडो फंक्शन परफॉर्म्स अ कैलकुलेशन अक्रॉस अ सेट ऑफ टेबल रोज़ व

[04:36:52] कैलकुलेशन अक्रॉस अ सेट ऑफ टेबल रोज़ व कीपिंग ईच रो इंटक्ट नो ग्रुपिंग और

[04:36:55] कीपिंग ईच रो इंटक्ट नो ग्रुपिंग और कोलप्सिंग इट एड्स अ न्यू कैलकुलेटेड कॉलम

[04:36:57] कोलप्सिंग इट एड्स अ न्यू कैलकुलेटेड कॉलम बेस्ड ऑन रिलेटेड रोज़। विंडो फंक्शन जो

[04:37:00] बेस्ड ऑन रिलेटेड रोज़। विंडो फंक्शन जो होता है वो एक ऐसा एसक्यूएल फीचर है जो

[04:37:04] होता है वो एक ऐसा एसक्यूएल फीचर है जो टेबल के रोज़ कोलैप्स नहीं करता बल्कि हर

[04:37:07] टेबल के रोज़ कोलैप्स नहीं करता बल्कि हर रो के ऊपर कैलकुलेशन परफॉर्म करता है।

[04:37:10] रो के ऊपर कैलकुलेशन परफॉर्म करता है। सोचो आपके पास एक क्लास है और आपको हर

[04:37:13] सोचो आपके पास एक क्लास है और आपको हर स्टूडेंट का रैंक निकालना है या फिर टॉप

[04:37:15] स्टूडेंट का रैंक निकालना है या फिर टॉप थ्री स्टूडेंट आइडेंटिफाई करना है या फिर

[04:37:19] थ्री स्टूडेंट आइडेंटिफाई करना है या फिर रनिंग टोटल कैलकुलेट करना है। अगर आप

[04:37:21] रनिंग टोटल कैलकुलेट करना है। अगर आप गुरुबा यूज़ करोगे तो सिर्फ समरी मिलेगी।

[04:37:24] गुरुबा यूज़ करोगे तो सिर्फ समरी मिलेगी। डिटेल डाटा लॉस्ट हो जाएगा। लेकिन अगर आप

[04:37:27] डिटेल डाटा लॉस्ट हो जाएगा। लेकिन अगर आप विंडो फंक्शन यूज़ करते हो तो हर स्टूडेंट

[04:37:29] विंडो फंक्शन यूज़ करते हो तो हर स्टूडेंट का डेटा भी दिखेगा और उसका रैंक भी शो

[04:37:32] का डेटा भी दिखेगा और उसका रैंक भी शो होगा। वन लाइन में बोले तो विंडो फंक्शन

[04:37:35] होगा। वन लाइन में बोले तो विंडो फंक्शन परफॉर्म कैलकुलेशन अक्रॉस अ सेट ऑफ़ टेबल

[04:37:38] परफॉर्म कैलकुलेशन अक्रॉस अ सेट ऑफ़ टेबल रोज़ बाय कीपिंग इंडिविजुअल रो इंटैक्ट।

[04:37:41] रोज़ बाय कीपिंग इंडिविजुअल रो इंटैक्ट। ग्रुप बाय जो होता है वह डाटा को रिड्यूस

[04:37:44] ग्रुप बाय जो होता है वह डाटा को रिड्यूस करता है और एक समरी रिजल्ट देता है। विंडो

[04:37:46] करता है और एक समरी रिजल्ट देता है। विंडो फंक्शन जो होता है वह डाटा सेम रखता है और

[04:37:49] फंक्शन जो होता है वह डाटा सेम रखता है और हर रो के साथ एक्स्ट्रा कैलकुलेटेड वैल्यू

[04:37:51] हर रो के साथ एक्स्ट्रा कैलकुलेटेड वैल्यू ऐड कर देता है। ग्रुप व रो रिड्यूस करता

[04:37:55] ऐड कर देता है। ग्रुप व रो रिड्यूस करता है और एग्रीगेटेड रिजल्ट देता है। इसमें

[04:37:58] है और एग्रीगेटेड रिजल्ट देता है। इसमें डिटेल डेटा लॉस्ट हो जाता है। और विंडो

[04:38:01] डिटेल डेटा लॉस्ट हो जाता है। और विंडो फंक्शन में रो सेम रहती है। रो वाइज़

[04:38:03] फंक्शन में रो सेम रहती है। रो वाइज़ कैलकुलेशन देता है और डिटेल डेटा प्रिज़र्व

[04:38:06] कैलकुलेशन देता है और डिटेल डेटा प्रिज़र्व रहता है। अभी इसका हम सिंटेक्स देखते हैं।

[04:38:10] रहता है। अभी इसका हम सिंटेक्स देखते हैं। सबसे पहले लिखा है सेलेक्ट कॉलम। यहां से

[04:38:12] सबसे पहले लिखा है सेलेक्ट कॉलम। यहां से आप कॉलम सेलेक्ट करते हैं। देन लिखा है

[04:38:14] आप कॉलम सेलेक्ट करते हैं। देन लिखा है फंक्शन नेम। फंक्शन नेम में आपको कोई भी

[04:38:17] फंक्शन नेम। फंक्शन नेम में आपको कोई भी फंक्शन लगाना है। जैसे कि रो नंबर लगा

[04:38:20] फंक्शन लगाना है। जैसे कि रो नंबर लगा सकते हो। अपर रैंक लगा सकते हो एक्सट्रा।

[04:38:22] सकते हो। अपर रैंक लगा सकते हो एक्सट्रा। देन आपको ओवर लगाना है। ओवर क्या होता है?

[04:38:25] देन आपको ओवर लगाना है। ओवर क्या होता है? ओवर जो है वही विंडो डिफाइन करता है। यानी

[04:38:28] ओवर जो है वही विंडो डिफाइन करता है। यानी कैलकुलेशन किस सेट ऑफ रो पे होगा यह बताता

[04:38:31] कैलकुलेशन किस सेट ऑफ रो पे होगा यह बताता है। फिर हमने लिखा है पार्टीशन बाय।

[04:38:35] है। फिर हमने लिखा है पार्टीशन बाय। पार्टीशन बाय जो है वह डिवाइड करता है

[04:38:38] पार्टीशन बाय जो है वह डिवाइड करता है डेटा को ग्रुप्स में। फॉर एग्जांपल जैसे

[04:38:41] डेटा को ग्रुप्स में। फॉर एग्जांपल जैसे आपको डिपार्टमेंट वाइज डिवाइड करना हो तो

[04:38:43] आपको डिपार्टमेंट वाइज डिवाइड करना हो तो आप पार्टीशन का यूज़ कर सकते हो। पार्टीशन

[04:38:45] आप पार्टीशन का यूज़ कर सकते हो। पार्टीशन का यूज़ ऑप्शनल होता है। आप चाहे तो इसका

[04:38:48] का यूज़ ऑप्शनल होता है। आप चाहे तो इसका यूज़ कर सकते हैं। फिर लिखा है ऑर्डर बाय।

[04:38:51] यूज़ कर सकते हैं। फिर लिखा है ऑर्डर बाय। ऑर्डर बाय जो होता है वो ऑर्डर डिफाइन

[04:38:53] ऑर्डर बाय जो होता है वो ऑर्डर डिफाइन करता है। जैसे कि रैंकिंग में या फिर आपको

[04:38:56] करता है। जैसे कि रैंकिंग में या फिर आपको रनिंग टोटल फाइंड करना है तो उसके लिए यह

[04:38:59] रनिंग टोटल फाइंड करना है तो उसके लिए यह इंपॉर्टेंट होता है। अभी मैं ओपन करूंगी

[04:39:02] इंपॉर्टेंट होता है। अभी मैं ओपन करूंगी मायक्यूएल वर्क बैच। अभी हम समझते हैं

[04:39:05] मायक्यूएल वर्क बैच। अभी हम समझते हैं सबसे पहले रो नंबर के बारे में। यहां पर

[04:39:08] सबसे पहले रो नंबर के बारे में। यहां पर अपन ने टेबल क्रिएट करके रखा है। डाटाबेस

[04:39:10] अपन ने टेबल क्रिएट करके रखा है। डाटाबेस क्रिएट किया है। कंपनी डीवी देन हमने

[04:39:12] क्रिएट किया है। कंपनी डीवी देन हमने क्रिएट किया है टेबल एंप्लयर एंड डाटा

[04:39:14] क्रिएट किया है टेबल एंप्लयर एंड डाटा इंसर्ट कराया है। आपको सारे एंप्लॉयस का

[04:39:17] इंसर्ट कराया है। आपको सारे एंप्लॉयस का डाटा यहां पे डिस्प्ले हो रहा होगा। अभी

[04:39:19] डाटा यहां पे डिस्प्ले हो रहा होगा। अभी सबसे पहले हम पढ़ेंगे रो नंबर के बारे में।

[04:39:23] सबसे पहले हम पढ़ेंगे रो नंबर के बारे में। रो नंबर जो होता है वही बिलों कंक्शन है

[04:39:26] रो नंबर जो होता है वही बिलों कंक्शन है जो हर रो को यूनिक सीक्वेंशियल नंबर असाइन

[04:39:29] जो हर रो को यूनिक सीक्वेंशियल नंबर असाइन करता है। इसमें नंबर वन से स्टार्ट होता

[04:39:32] करता है। इसमें नंबर वन से स्टार्ट होता है और हर रो का नंबर डिफरेंट रो। इवन अगर

[04:39:35] है और हर रो का नंबर डिफरेंट रो। इवन अगर वैल्यू सेव हुई तब भी इन्हें रिपीट नहीं

[04:39:38] वैल्यू सेव हुई तब भी इन्हें रिपीट नहीं होता।

[04:39:39] होता। रो नंबर असाइन अ यूनिक नंबर टू ईच रो

[04:39:42] रो नंबर असाइन अ यूनिक नंबर टू ईच रो बेस्ड ऑन अ डिफाइन ऑर्डर। इसका सिंटेक्स

[04:39:45] बेस्ड ऑन अ डिफाइन ऑर्डर। इसका सिंटेक्स होता है सबसे पहले लिखते हैं हम रो नंबर।

[04:39:50] होता है सबसे पहले लिखते हैं हम रो नंबर। देन हम लगाते हैं ओमबर। एंड इसके अंदर हम

[04:39:53] देन हम लगाते हैं ओमबर। एंड इसके अंदर हम लिखते हैं

[04:39:56] लिखते हैं पार्टीशन बाय कॉलम का नेम एंड ऑर्डर बाय

[04:40:01] पार्टीशन बाय कॉलम का नेम एंड ऑर्डर बाय कॉलम का नेम।

[04:40:04] कॉलम का नेम। अब इसको बिगिनर लेवल पर समझते हैं। रो

[04:40:07] अब इसको बिगिनर लेवल पर समझते हैं। रो नंबर जो है वह क्या है? यह एक फंक्शन है।

[04:40:09] नंबर जो है वह क्या है? यह एक फंक्शन है। नंबरिंग जनरेट करता है। हर रो को यूनिक

[04:40:13] नंबरिंग जनरेट करता है। हर रो को यूनिक पोजीशन देता है। फिर हमने लगाया है ओवर।

[04:40:15] पोजीशन देता है। फिर हमने लगाया है ओवर। यह मैंडेटरी होता है। अगर आप ओवर नहीं

[04:40:17] यह मैंडेटरी होता है। अगर आप ओवर नहीं लगाएंगे, तो आपको एरर मिलेगा। यह बताता है

[04:40:21] लगाएंगे, तो आपको एरर मिलेगा। यह बताता है किस सेट ऑफ रो पर नंबरिंग अप्लाई होगी।

[04:40:24] किस सेट ऑफ रो पर नंबरिंग अप्लाई होगी। फिर हमने लगाया है पार्टीशन बाय कॉलम।

[04:40:27] फिर हमने लगाया है पार्टीशन बाय कॉलम। पार्टीशन बाय जो है वह डाटा को ग्रुप में

[04:40:29] पार्टीशन बाय जो है वह डाटा को ग्रुप में डिवाइड करता है। जैसे आप लगाते हो

[04:40:31] डिवाइड करता है। जैसे आप लगाते हो पार्टीशन बाय डिपार्टमेंट तो यह क्या

[04:40:33] पार्टीशन बाय डिपार्टमेंट तो यह क्या करेगा? आईटी डिपार्टमेंट की अलग नंबरिंग

[04:40:35] करेगा? आईटी डिपार्टमेंट की अलग नंबरिंग करेगा और एचआर डिपार्टमेंट की अलग नंबरिंग

[04:40:37] करेगा और एचआर डिपार्टमेंट की अलग नंबरिंग करेगा। हर ग्रुप के अंदर नंबरिंग रिसेट हो

[04:40:40] करेगा। हर ग्रुप के अंदर नंबरिंग रिसेट हो जाती है। फिर हमने लिखा है ऑर्डर बाय।

[04:40:43] जाती है। फिर हमने लिखा है ऑर्डर बाय। ऑर्डर बाय जो होता है वो बहुत इंपॉर्टेंट

[04:40:46] ऑर्डर बाय जो होता है वो बहुत इंपॉर्टेंट है। यह डिसाइड करता है नंबरिंग का ऑर्डर

[04:40:49] है। यह डिसाइड करता है नंबरिंग का ऑर्डर क्या होगा? जैसे कि आर्डर बाय सैलरी इन

[04:40:52] क्या होगा? जैसे कि आर्डर बाय सैलरी इन डिसेंडिंग ऑर्डर मतलब हाईएस्ट सैलरी का रो

[04:40:55] डिसेंडिंग ऑर्डर मतलब हाईएस्ट सैलरी का रो नंबर वन होगा और लोएस्ट सैलरी का रो नंबर

[04:40:58] नंबर वन होगा और लोएस्ट सैलरी का रो नंबर लास्ट नंबर होगा। अब यहां पे हम रो नंबर

[04:41:02] लास्ट नंबर होगा। अब यहां पे हम रो नंबर की क्वेरी लिखते हैं। यहां पे हम लिखेंगे

[04:41:04] की क्वेरी लिखते हैं। यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम कॉलम सेलेक्ट किया हमने और

[04:41:07] सेलेक्ट नेम कॉलम सेलेक्ट किया हमने और सैलरी सेलेक्ट किया। देन हम लिखेंगे रो

[04:41:11] सैलरी सेलेक्ट किया। देन हम लिखेंगे रो नंबर

[04:41:14] नंबर फंक्शन

[04:41:15] फंक्शन ओवर

[04:41:21] फिर लिखेंगे हम ऑर्डर बाय सैलरी इन

[04:41:25] फिर लिखेंगे हम ऑर्डर बाय सैलरी इन डिसेंडिंग ऑर्डर। इसको हम नाम दे देते हैं

[04:41:29] डिसेंडिंग ऑर्डर। इसको हम नाम दे देते हैं एस रूनम।

[04:41:31] एस रूनम। एस जो है वो एलियस है।

[04:41:37] फ्रॉम इंप्लॉक्स

[04:41:40] फ्रॉम इंप्लॉक्स इसमें क्या होगा? सबसे पहले जो है वह यह

[04:41:43] इसमें क्या होगा? सबसे पहले जो है वह यह क्या करेगा? ऑर्डर बाय सैलरी एंड

[04:41:45] क्या करेगा? ऑर्डर बाय सैलरी एंड डिसेंडिंग ऑर्डर। सैलरी को डिसेंडिंग

[04:41:47] डिसेंडिंग ऑर्डर। सैलरी को डिसेंडिंग ऑर्डर में

[04:41:49] ऑर्डर में ऑर्डर करेगा। देन क्या करेगा? यह रूल नंबर

[04:41:53] ऑर्डर करेगा। देन क्या करेगा? यह रूल नंबर असाइन करेगा। 1 2 3 4 एंड 5 यहां पे आप

[04:41:56] असाइन करेगा। 1 2 3 4 एंड 5 यहां पे आप देख रहे हैं रोहित एंड टीआर के सैलरी सेम

[04:41:58] देख रहे हैं रोहित एंड टीआर के सैलरी सेम है। लेकिन उसके बाद भी इसने दोनों को अलग

[04:42:01] है। लेकिन उसके बाद भी इसने दोनों को अलग नंबर दिए हैं। फोर एंड फाइव। रो नंबर जो

[04:42:05] नंबर दिए हैं। फोर एंड फाइव। रो नंबर जो होता है वह हमेशा यूनिक नंबर देता है।

[04:42:08] होता है वह हमेशा यूनिक नंबर देता है। इसमें ही आप चाहे तो पार्टीशन भी लगा सकते

[04:42:10] इसमें ही आप चाहे तो पार्टीशन भी लगा सकते हैं। अगर आपको डिपार्टमेंट वाइज चाहिए दो

[04:42:13] हैं। अगर आपको डिपार्टमेंट वाइज चाहिए दो नंबर तो यहां पर आप लिख सकते हैं

[04:42:16] नंबर तो यहां पर आप लिख सकते हैं पार्टीशन बाय

[04:42:18] पार्टीशन बाय डिपार्टमेंट ऑर्डर बाय सेल के

[04:42:23] डिपार्टमेंट ऑर्डर बाय सेल के यहां पर हमें डिपार्टमेंट भी लेना है।

[04:42:27] यहां पर हमें डिपार्टमेंट भी लेना है। तो यहां पे हमको क्या मिला? एचआर

[04:42:28] तो यहां पे हमको क्या मिला? एचआर डिपार्टमेंट के अलग मिल गए और आईटी

[04:42:31] डिपार्टमेंट के अलग मिल गए और आईटी डिपार्टमेंट के अलग मिल रहा है। इसने

[04:42:33] डिपार्टमेंट के अलग मिल रहा है। इसने पुरोहित और प्रिया की सैलरी सेम है। फिर

[04:42:35] पुरोहित और प्रिया की सैलरी सेम है। फिर भी दोनों को नंबर अलग दिया है। फिर क्या

[04:42:37] भी दोनों को नंबर अलग दिया है। फिर क्या किया है? आईटी के लिए अलग से नंबरिंग

[04:42:39] किया है? आईटी के लिए अलग से नंबरिंग स्टार्ट की है। 1 2 एंड थ्री। पार्टीशन

[04:42:42] स्टार्ट की है। 1 2 एंड थ्री। पार्टीशन बाय लगाने से हर ग्रुप में नंबरिंग पी

[04:42:44] बाय लगाने से हर ग्रुप में नंबरिंग पी स्टार्ट हो जाती है। पहले यहां वन से

[04:42:46] स्टार्ट हो जाती है। पहले यहां वन से स्टार्ट हुआ। देन इसलिए जैसे ही नया ग्रुप

[04:42:48] स्टार्ट हुआ। देन इसलिए जैसे ही नया ग्रुप चालू हुआ इसने वन से नंबरिंग स्टार्ट कर

[04:42:51] चालू हुआ इसने वन से नंबरिंग स्टार्ट कर दे। जैसे आपको टॉप थ्री हाईएस्ट सैलरी

[04:42:55] दे। जैसे आपको टॉप थ्री हाईएस्ट सैलरी निकालनी है तो इसका आप यूज़ कर सकते हो।

[04:42:57] निकालनी है तो इसका आप यूज़ कर सकते हो। कैसे निकालेंगे? देखते हैं टॉप थ्री

[04:43:02] कैसे निकालेंगे? देखते हैं टॉप थ्री हाईएस्ट सैलरी।

[04:43:05] हाईएस्ट सैलरी। अगर आप आपको यह समझ में आया है तो यहां पे

[04:43:08] अगर आप आपको यह समझ में आया है तो यहां पे आप पॉज कर सकते हैं और खुद से सॉल्व करने

[04:43:11] आप पॉज कर सकते हैं और खुद से सॉल्व करने की कोशिश कर सकते हैं। यहां पर हम लिखेंगे

[04:43:13] की कोशिश कर सकते हैं। यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट। इसमें हम

[04:43:16] सेलेक्ट। इसमें हम इनर क्वरी का यूज करेंगे। स्टार

[04:43:20] इनर क्वरी का यूज करेंगे। स्टार यहां पर हम इनर क्वरी का यूज करेंगे। यहां

[04:43:22] यहां पर हम इनर क्वरी का यूज करेंगे। यहां लिखेंगे हम सेलेक्ट

[04:43:25] लिखेंगे हम सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी कॉमा

[04:43:31] रो नंबर

[04:43:36] ओवर

[04:43:38] ओवर लिखना है ऑर्डर बाय

[04:43:41] लिखना है ऑर्डर बाय डिसेंडिंग ऑर्डर चाहिए हमें।

[04:43:46] इसको हमने नाम दे दिया एस आर

[04:43:50] इसको हमने नाम दे दिया एस आर फ्रॉम टेबल का नेम क्या है? एंप्लॉय टेबल

[04:43:53] फ्रॉम टेबल का नेम क्या है? एंप्लॉय टेबल से चाहिए हमें सारी डिटेल्स ये।

[04:43:57] से चाहिए हमें सारी डिटेल्स ये। फिर हम क्या करेंगे? यहां पे टी देंगे। यह

[04:43:59] फिर हम क्या करेंगे? यहां पे टी देंगे। यह हमने सब क्वरी को नाम दिया है। वेयर rn इज़

[04:44:04] हमने सब क्वरी को नाम दिया है। वेयर rn इज़ ग्रेटर और इज़ = 3।

[04:44:08] ग्रेटर और इज़ = 3। यहां पे हमने टी क्यों लगाया है?

[04:44:12] यहां पे हमने टी क्यों लगाया है? यहां पे हमने एक सब क्वेरी मतलब इनर

[04:44:15] यहां पे हमने एक सब क्वेरी मतलब इनर क्वेरी यूज हुई है और उस सब क्वेरी को

[04:44:18] क्वेरी यूज हुई है और उस सब क्वेरी को हमने नाम दिया है टी। डी एक एलियस है।

[04:44:21] हमने नाम दिया है टी। डी एक एलियस है। टेंपरेरी नाम है। सिंपल लैंग्वेज में सब

[04:44:23] टेंपरेरी नाम है। सिंपल लैंग्वेज में सब क्वेरी का नाम है टी। एसक्यूएल में रूल है

[04:44:26] क्वेरी का नाम है टी। एसक्यूएल में रूल है हर सब क्वेरी को एक नाम देना जरूरी होता

[04:44:29] हर सब क्वेरी को एक नाम देना जरूरी होता है। उस नाम के थ्रू ही हम आउटर क्वेरी में

[04:44:31] है। उस नाम के थ्रू ही हम आउटर क्वेरी में उस डेटा को एक्सेस करते हैं। इसलिए हमने

[04:44:34] उस डेटा को एक्सेस करते हैं। इसलिए हमने यहां पे नाम दिया है टी।

[04:44:38] यहां पे नाम दिया है टी। जैसे ही इसको हमने रन कराया हमें

[04:44:42] जैसे ही इसको हमने रन कराया हमें टॉप थ्री हाईएस्ट सैलरी वाले एंप्लाइजज़

[04:44:46] टॉप थ्री हाईएस्ट सैलरी वाले एंप्लाइजज़ मिल गए।

[04:44:48] मिल गए। यहां पे क्या किया? सबसे पहले हमने लिखा

[04:44:50] यहां पे क्या किया? सबसे पहले हमने लिखा है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम ने हमने सब क्वेरी

[04:44:53] है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम ने हमने सब क्वेरी लिखी है। सब क्वेरी में क्या लिखा है?

[04:44:54] लिखी है। सब क्वेरी में क्या लिखा है? हमने सेलेक्ट लिया है, नेम लिया है, सैलरी

[04:44:57] हमने सेलेक्ट लिया है, नेम लिया है, सैलरी ली है। फिर हम क्या कर रहे हैं? रो नंबर

[04:44:59] ली है। फिर हम क्या कर रहे हैं? रो नंबर लगा रहे हैं। फंक्शन ओवर ऑर्डर बाय सैलरी।

[04:45:01] लगा रहे हैं। फंक्शन ओवर ऑर्डर बाय सैलरी। सैलरी को डिसेंडिंग ऑर्डर में करेला। इसको

[04:45:04] सैलरी को डिसेंडिंग ऑर्डर में करेला। इसको हमने नाम दिया है आरएल। सारी डिटेल जो आ

[04:45:07] हमने नाम दिया है आरएल। सारी डिटेल जो आ रही है वह एंप्लॉयड डिग से आ रही है। इतना

[04:45:10] रही है वह एंप्लॉयड डिग से आ रही है। इतना करने के बाद में क्या करेगा यह? फिर हमें

[04:45:12] करने के बाद में क्या करेगा यह? फिर हमें सिर्फ टॉप थ्री चाहिए। तो हमने यहां पे

[04:45:14] सिर्फ टॉप थ्री चाहिए। तो हमने यहां पे लगा दिया है जब तक रो की वैल्यू जो है ये

[04:45:16] लगा दिया है जब तक रो की वैल्यू जो है ये वाली जो वैल्यूज़ है वो थ्री के इक्वल हो

[04:45:18] वाली जो वैल्यूज़ है वो थ्री के इक्वल हो या थ्री से छोटी हो तब तक की वैल्यू चाहिए

[04:45:22] या थ्री से छोटी हो तब तक की वैल्यू चाहिए हमें। फिर ये एंड में जो भी क्वेरी चलती

[04:45:24] हमें। फिर ये एंड में जो भी क्वेरी चलती है आउटर क्वरी सेलेक्ट स्टार फ्रॉम टी

[04:45:27] है आउटर क्वरी सेलेक्ट स्टार फ्रॉम टी वेयर आर एन एस प्लेटफ = 3 तो ये सारे तीन

[04:45:30] वेयर आर एन एस प्लेटफ = 3 तो ये सारे तीन एंप्लॉयर आ जाएंगे।

[04:45:34] एंप्लॉयर आ जाएंगे। ऐसे ही आप चाहे तो जब हमें डुप्लीकेट्स

[04:45:37] ऐसे ही आप चाहे तो जब हमें डुप्लीकेट्स रिमूव करना है उसके लिए कर सकते हैं।

[04:45:39] रिमूव करना है उसके लिए कर सकते हैं। डुप्लीकेट्स रिमूव वाला आपको करना है।

[04:45:41] डुप्लीकेट्स रिमूव वाला आपको करना है। रिमूव डुप्लीकेट्स

[04:45:43] रिमूव डुप्लीकेट्स ये आपको ट्राई करना है। अभी ऐसे ही आप पेज

[04:45:47] ये आपको ट्राई करना है। अभी ऐसे ही आप पेज रिलेशन के लिए भी कर सकते हैं। जैसे कि

[04:45:49] रिलेशन के लिए भी कर सकते हैं। जैसे कि पेज वाइज़ डेटा फैच करना हो तो उसके लिए भी

[04:45:51] पेज वाइज़ डेटा फैच करना हो तो उसके लिए भी यूज़ कर सकते हो। पेज रिलेशन का मैं बता

[04:45:53] यूज़ कर सकते हो। पेज रिलेशन का मैं बता देती हूं आपको। इसके लिए हम लिखेंगे

[04:45:55] देती हूं आपको। इसके लिए हम लिखेंगे सेलेक्ट

[04:45:57] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम। इसमें भी हम सब क्वेरी

[04:46:00] स्टार फ्रॉम। इसमें भी हम सब क्वेरी लगाएंगे।

[04:46:04] हम सेलेक्ट तार कॉमा फिर लिखेंगे हम दो

[04:46:08] हम सेलेक्ट तार कॉमा फिर लिखेंगे हम दो नफर

[04:46:11] नफर ओवर

[04:46:16] ऑर्डर बाय

[04:46:19] ऑर्डर बाय आईडी

[04:46:20] आईडी इसको हमने नाम दिया है एस आर

[04:46:25] इसको हमने नाम दिया है एस आर फ्रॉम एंप्लॉय

[04:46:29] फ्रॉम एंप्लॉय इस सबरी को नाम दे देते हैं हम वी वेयर आई

[04:46:33] इस सबरी को नाम दे देते हैं हम वी वेयर आई एम बिटवीन

[04:46:38] वन एंड फाइव मतलब फाइव और वन के बीच की

[04:46:43] वन एंड फाइव मतलब फाइव और वन के बीच की वैल्यूज़ आ जाएंगी। इसमें वन और फाइव के

[04:46:45] वैल्यूज़ आ जाएंगी। इसमें वन और फाइव के इंक्लूडेड रहेंगे। सबसे पहले इसमें सब

[04:46:48] इंक्लूडेड रहेंगे। सबसे पहले इसमें सब क्वेरी चलाई। सब क्वेरी में क्या था?

[04:46:50] क्वेरी चलाई। सब क्वेरी में क्या था? सेलेक्ट स्टार सारे कॉलम सेलेक्ट कर लो।

[04:46:52] सेलेक्ट स्टार सारे कॉलम सेलेक्ट कर लो। फिर लगाओ रो नंबर मतलब वन से लेके फाइव तक

[04:46:55] फिर लगाओ रो नंबर मतलब वन से लेके फाइव तक नंबर दे दो। ओवर ऑर्डर बाय आईडी। आईडी के

[04:46:59] नंबर दे दो। ओवर ऑर्डर बाय आईडी। आईडी के बेसिस पर इसने इन्हें ऑर्डर किया है। 1 2

[04:47:01] बेसिस पर इसने इन्हें ऑर्डर किया है। 1 2 3 4 एंड 5 एस आर एन मतलब इसने इस कॉलम को

[04:47:06] 3 4 एंड 5 एस आर एन मतलब इसने इस कॉलम को नाम दे दिया है। आई फ्रॉम एंप्लाइजज़ सारी

[04:47:08] नाम दे दिया है। आई फ्रॉम एंप्लाइजज़ सारी सारी डिटेल्स जो है वो हमें एंप्लाइजज़

[04:47:10] सारी डिटेल्स जो है वो हमें एंप्लाइजज़ टेबल से चाहिए। फिर सबरी को हमने नाम दिया

[04:47:13] टेबल से चाहिए। फिर सबरी को हमने नाम दिया है डी। फिर क्या कर रहे हैं हमें? एंप्लॉय

[04:47:16] है डी। फिर क्या कर रहे हैं हमें? एंप्लॉय चाहिए वन और फाइव के बीच में। ये सारे

[04:47:18] चाहिए वन और फाइव के बीच में। ये सारे एंप्लॉय चाहिए वन और थ्री के बीच में।

[04:47:22] एंप्लॉय चाहिए वन और थ्री के बीच में। फिर क्या करेगा? सारे एंप्लॉय वन और थ्री

[04:47:24] फिर क्या करेगा? सारे एंप्लॉय वन और थ्री के बीच के मिल जाएंगे हमें। यहां पर हम

[04:47:27] के बीच के मिल जाएंगे हमें। यहां पर हम ऑर्डर बाय कर रहे हैं आईडी के बेसिस पर।

[04:47:29] ऑर्डर बाय कर रहे हैं आईडी के बेसिस पर। यहां पर हमने क्या किया? ऑर्डर बाय किया

[04:47:31] यहां पर हमने क्या किया? ऑर्डर बाय किया है आईडी। तो हमें सारे एंप्लाइज मिल गए।

[04:47:37] है आईडी। तो हमें सारे एंप्लाइज मिल गए। यहां पे हमने लगाया ऑर्डर बाय आईडी। मतलब

[04:47:39] यहां पे हमने लगाया ऑर्डर बाय आईडी। मतलब यहां पे ऑर्डर बाय के बेसिस पे नंबरिंग

[04:47:41] यहां पे ऑर्डर बाय के बेसिस पे नंबरिंग होगी।

[04:47:44] होगी। यह हमने देख लिया टो नंबर के बारे में। अब

[04:47:47] यह हमने देख लिया टो नंबर के बारे में। अब नेक्स्ट हम समझेंगे रैंक के बारे में।

[04:47:50] नेक्स्ट हम समझेंगे रैंक के बारे में। रैंक एक विंडो फंक्शन है जो रोज़ को

[04:47:52] रैंक एक विंडो फंक्शन है जो रोज़ को रैंकिंग असाइन करता है बेस्ड ऑन सेम

[04:47:55] रैंकिंग असाइन करता है बेस्ड ऑन सेम ऑर्डर। अगर सेम वैल्यू है तो सेम रैंक

[04:47:58] ऑर्डर। अगर सेम वैल्यू है तो सेम रैंक रहेगी और अगर सेम वैल्यू रहेगी और सेम

[04:48:02] रहेगी और अगर सेम वैल्यू रहेगी और सेम रैंक रहेगी तो नेक्स्ट वैल्यू जो है वह

[04:48:04] रैंक रहेगी तो नेक्स्ट वैल्यू जो है वह स्किप हो जाती है। रैंक फंक्शन जो है

[04:48:07] स्किप हो जाती है। रैंक फंक्शन जो है असाइन करता है सेम रैंक टू इक्वल वैल्यूज़

[04:48:09] असाइन करता है सेम रैंक टू इक्वल वैल्यूज़ एंड स्किप द नेक्स्ट रैंक। इसका सिंटेक्स

[04:48:12] एंड स्किप द नेक्स्ट रैंक। इसका सिंटेक्स होता है सबसे पहले हम रैंक।

[04:48:18] फिर लगाते हैं ओवर।

[04:48:20] फिर लगाते हैं ओवर। ओवर मैंडेटरी होता है।

[04:48:25] लिखते हैं पार्टीशन

[04:48:27] लिखते हैं पार्टीशन बाय कॉन पार्टीशन ऑप्शनल है ऑर्डर बाय ऑल

[04:48:36] बाय कॉन पार्टीशन ऑप्शनल है ऑर्डर बाय ऑल यहां पे रैंक जो है ये फंक्शन रैंकिंग

[04:48:38] यहां पे रैंक जो है ये फंक्शन रैंकिंग जनरेट करता है। ओवर जो है ये डिफाइन करता

[04:48:40] जनरेट करता है। ओवर जो है ये डिफाइन करता है डेटा पे रैंक अप्लाई होगी। देन लिखा है

[04:48:43] है डेटा पे रैंक अप्लाई होगी। देन लिखा है पार्टीशन बाय यह डाटा को ग्रुप में डिवाइड

[04:48:46] पार्टीशन बाय यह डाटा को ग्रुप में डिवाइड करता है। मतलब हर डिपार्टमेंट के अंदर

[04:48:48] करता है। मतलब हर डिपार्टमेंट के अंदर अलग-अलग देन लिखा है ऑर्डर बाय यह डिसाइड

[04:48:51] अलग-अलग देन लिखा है ऑर्डर बाय यह डिसाइड करता है किस बेसिस पे मिलेगी। हाईएस्ट

[04:48:54] करता है किस बेसिस पे मिलेगी। हाईएस्ट सैलरी है तो रैंक वन होगी। ओएस्ट सैलरी है

[04:48:57] सैलरी है तो रैंक वन होगी। ओएस्ट सैलरी है तो लास्ट रैंक होगी। अब इसके लिए हम

[04:48:59] तो लास्ट रैंक होगी। अब इसके लिए हम क्वेरी लिखते हैं।

[04:49:02] क्वेरी लिखते हैं। हम लिखेंगे सेलेक्ट

[04:49:05] हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी

[04:49:09] नेम कॉमा सैलरी कॉमा

[04:49:11] कॉमा रैंक

[04:49:13] रैंक ओवर

[04:49:16] ओवर ऑर्डर्ड बाय

[04:49:18] ऑर्डर्ड बाय सैलरी

[04:49:20] सैलरी डिसेंडिंग ऑर्डर में इसको हम नाम दे देते

[04:49:23] डिसेंडिंग ऑर्डर में इसको हम नाम दे देते हैं एस आर एन एंड फ्रॉम एंप्लॉय

[04:49:29] हैं एस आर एन एंड फ्रॉम एंप्लॉय तो यहां पे सबसे पहले क्या होगा ऑर्डर बाय

[04:49:31] तो यहां पे सबसे पहले क्या होगा ऑर्डर बाय सैलरी डिसेंडिंग ऑर्डर सबसे पहले यह सैलरी

[04:49:34] सैलरी डिसेंडिंग ऑर्डर सबसे पहले यह सैलरी को डिसेंडिंग ऑर्डर में सेट करेगा देन फिर

[04:49:37] को डिसेंडिंग ऑर्डर में सेट करेगा देन फिर क्या होगा स्टेप टू में यह रैंक असाइन

[04:49:41] क्या होगा स्टेप टू में यह रैंक असाइन करेगा

[04:49:42] करेगा जैसे कि यहां पर रोहित और प्रिया की सैलरी

[04:49:45] जैसे कि यहां पर रोहित और प्रिया की सैलरी जो है वह सेम ही है। तो इसने दोनों को सेम

[04:49:47] जो है वह सेम ही है। तो इसने दोनों को सेम रैंक दी है। यहां पर नेक्स्ट रैंक क्या

[04:49:50] रैंक दी है। यहां पर नेक्स्ट रैंक क्या होगा? अगर एक और एंप्लॉय है तो नेक्स्ट

[04:49:51] होगा? अगर एक और एंप्लॉय है तो नेक्स्ट रैंक सिक्स होगा। क्यों यहां पे? क्योंकि

[04:49:54] रैंक सिक्स होगा। क्यों यहां पे? क्योंकि फाइव वाली रैंक जो है वो स्किप हो गई।

[04:49:56] फाइव वाली रैंक जो है वो स्किप हो गई। दोनों की सेम वैल्यू थी तो इसने दोनों को

[04:49:58] दोनों की सेम वैल्यू थी तो इसने दोनों को सेम रैंक दी।

[04:50:01] सेम रैंक दी। रैंक जो है वह गैप्स क्रिएट करता है। इसको

[04:50:05] रैंक जो है वह गैप्स क्रिएट करता है। इसको भी आप सेम पार्टीशन बाय के लिए कर सकते

[04:50:07] भी आप सेम पार्टीशन बाय के लिए कर सकते हैं। जैसे हमने पहले देखा था वैसे ही

[04:50:10] हैं। जैसे हमने पहले देखा था वैसे ही इसमें भी जैसे अगर आप यहां पे लगा देते

[04:50:12] इसमें भी जैसे अगर आप यहां पे लगा देते हैं पार्टीशन बाय पर डिपार्टमेंट भी ले

[04:50:14] हैं पार्टीशन बाय पर डिपार्टमेंट भी ले लेते हैं।

[04:50:16] लेते हैं। तो ये डिपार्टमेंट के बेसिस पे पार्टीशन

[04:50:20] तो ये डिपार्टमेंट के बेसिस पे पार्टीशन कर देगा।

[04:50:23] कर देगा। जैसे यहां पे रोहित और प्रिया की सेम

[04:50:25] जैसे यहां पे रोहित और प्रिया की सेम सैलरी दोनों को सेम रैंक दी। देन क्योंकि

[04:50:27] सैलरी दोनों को सेम रैंक दी। देन क्योंकि पार्टीशन में क्या होता है? नंबरिंग

[04:50:30] पार्टीशन में क्या होता है? नंबरिंग रिस्टार्ट होती है। तो ऐसे फिर से

[04:50:31] रिस्टार्ट होती है। तो ऐसे फिर से रिस्टार्ट हुई नंबरिंग 1 टू एंड थ्री।

[04:50:36] रिस्टार्ट हुई नंबरिंग 1 टू एंड थ्री। अभी नेक्स्ट आता है

[04:50:39] अभी नेक्स्ट आता है डेंस रैंक।

[04:50:41] डेंस रैंक। डेंस रैंक एक विंडो फंक्शन है जो रो को

[04:50:44] डेंस रैंक एक विंडो फंक्शन है जो रो को रैंकिंग देता है। अगर वैल्यू सेम है तो

[04:50:46] रैंकिंग देता है। अगर वैल्यू सेम है तो सेम रैंक मिलेगा और कोई रैंक स्किप नहीं

[04:50:49] सेम रैंक मिलेगा और कोई रैंक स्किप नहीं होता है। डेंस रैंक असाइन सेम रैंक टू सेम

[04:50:52] होता है। डेंस रैंक असाइन सेम रैंक टू सेम वैल्यू विदाउट स्किपिंग एनी रैंक। इसमें

[04:50:55] वैल्यू विदाउट स्किपिंग एनी रैंक। इसमें सबसे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट क्या है कि

[04:50:57] सबसे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट क्या है कि इसमें रैंक स्किप नहीं होती है। इसमें गैप

[04:51:00] इसमें रैंक स्किप नहीं होती है। इसमें गैप नहीं होता है। रैंक में गैप होता है लेकिन

[04:51:03] नहीं होता है। रैंक में गैप होता है लेकिन इसमें इसमें गैप नहीं होता है। अगर आपसे

[04:51:07] इसमें इसमें गैप नहीं होता है। अगर आपसे कोई पूछे डिफरेंस क्या है? रैंक और डांस

[04:51:09] कोई पूछे डिफरेंस क्या है? रैंक और डांस रैंक में तो आपको बताना है कि

[04:51:12] रैंक में तो आपको बताना है कि रैंक में गैप होता है और डांस रैंक में

[04:51:15] रैंक में गैप होता है और डांस रैंक में गैप नहीं होता है। इसका सिंटेक्स होता है

[04:51:20] गैप नहीं होता है। इसका सिंटेक्स होता है यहां पे आपको लिखना है डांस रैंक।

[04:51:23] यहां पे आपको लिखना है डांस रैंक। देन लगाना है ओवर

[04:51:26] देन लगाना है ओवर फिर यहां पर लिखना है पार्टीशन बाय

[04:51:31] कॉलम का नेम एंड ऑर्डर बाय कॉलम का नेम

[04:51:37] कॉलम का नेम एंड ऑर्डर बाय कॉलम का नेम डेंस रैंक जो है यह रैंकिंग जनरेट करता

[04:51:40] डेंस रैंक जो है यह रैंकिंग जनरेट करता है। फिर ओवर जो है वह बताता है कि किस

[04:51:44] है। फिर ओवर जो है वह बताता है कि किस डेटा पे फंक्शन अप्लाई होगा एंड पार्टीशन

[04:51:46] डेटा पे फंक्शन अप्लाई होगा एंड पार्टीशन बाय डेटा को ग्रुप्स में डिवाइड करता है।

[04:51:48] बाय डेटा को ग्रुप्स में डिवाइड करता है। हर डिपार्टमेंट में रैंकिंग अलग से

[04:51:51] हर डिपार्टमेंट में रैंकिंग अलग से स्टार्ट होती है। फिर लिखा है ऑर्डर बाय

[04:51:53] स्टार्ट होती है। फिर लिखा है ऑर्डर बाय कॉलम। यह क्या करता है? हाईएस्ट सैलरी।

[04:51:56] कॉलम। यह क्या करता है? हाईएस्ट सैलरी। जैसे कि जो हाईएस्ट सैलरी होगी उसको रैंक

[04:51:59] जैसे कि जो हाईएस्ट सैलरी होगी उसको रैंक वन देगा। जैसे कि हम करते हैं ऑर्डर बाय

[04:52:01] वन देगा। जैसे कि हम करते हैं ऑर्डर बाय सैलरी एंड डिसेंडिंग ऑर्डर। तो क्या होगा?

[04:52:03] सैलरी एंड डिसेंडिंग ऑर्डर। तो क्या होगा? हाईएस्ट सैलरी होगी उसकी रैंक वन होगी।

[04:52:06] हाईएस्ट सैलरी होगी उसकी रैंक वन होगी। अब इसका हम क्वरी लिखते हैं। सेलेक्ट हमने

[04:52:11] अब इसका हम क्वरी लिखते हैं। सेलेक्ट हमने लिया नेम कॉमा सैलरी कॉमा

[04:52:16] लिया नेम कॉमा सैलरी कॉमा डेंस

[04:52:18] डेंस रैंक।

[04:52:20] रैंक। फिर हम लगाएंगे ओवर।

[04:52:23] फिर हम लगाएंगे ओवर। क्या लिखेंगे? इसके अंदर हम लिखेंगे ऑर्डर

[04:52:25] क्या लिखेंगे? इसके अंदर हम लिखेंगे ऑर्डर बाय सैलरी इन डिसेंडिंग ऑर्डर।

[04:52:31] बाय सैलरी इन डिसेंडिंग ऑर्डर। इसको हम नाम दे देते हैं एस

[04:52:34] इसको हम नाम दे देते हैं एस आर।

[04:52:36] आर। फ्रॉम

[04:52:46] सबसे पहली स्टेप क्या होगी? ये सैलरी को

[04:52:49] सबसे पहली स्टेप क्या होगी? ये सैलरी को शॉर्ट करेगा डिसेंडिंग ऑर्डर में। फिर

[04:52:53] शॉर्ट करेगा डिसेंडिंग ऑर्डर में। फिर उसके बाद में स्टेप टू क्या होगी? यह रैंक

[04:52:56] उसके बाद में स्टेप टू क्या होगी? यह रैंक असाइन करेगा। सबसे पहले इसने वन की, टू

[04:52:59] असाइन करेगा। सबसे पहले इसने वन की, टू की, थ्री की, फोर एंड फोर। जैसे अगर यहां

[04:53:01] की, थ्री की, फोर एंड फोर। जैसे अगर यहां पे एक और एंप्लई हम ऐड करा देते हैं, तो

[04:53:03] पे एक और एंप्लई हम ऐड करा देते हैं, तो यहां पर क्या होगा? रैंक स्किप नहीं होगी।

[04:53:07] यहां पर क्या होगा? रैंक स्किप नहीं होगी। नेक्स्ट एंप्लॉय जो होगा उसकी रैंक जो

[04:53:09] नेक्स्ट एंप्लॉय जो होगा उसकी रैंक जो होगी वह फाइव होगी। यह कंटीन्यूअस होता

[04:53:12] होगी वह फाइव होगी। यह कंटीन्यूअस होता है। इसमें कोई गैप नहीं होता है। इसको आप

[04:53:15] है। इसमें कोई गैप नहीं होता है। इसको आप पार्टीशन बाय के लिए कर सकते हैं। वह आपको

[04:53:17] पार्टीशन बाय के लिए कर सकते हैं। वह आपको खुद से करना है क्योंकि मैंने पहले दो का

[04:53:19] खुद से करना है क्योंकि मैंने पहले दो का बता चुकी हूं। इसका आपको खुद से करना है

[04:53:21] बता चुकी हूं। इसका आपको खुद से करना है पार्टीशन।

[04:53:23] पार्टीशन। डेंस जो होता है वह पैक्ड होता है या फिर

[04:53:25] डेंस जो होता है वह पैक्ड होता है या फिर कंटीन्यूस होता है। इसलिए इसमें गैप नहीं

[04:53:28] कंटीन्यूस होता है। इसलिए इसमें गैप नहीं होते हैं।

[04:53:30] होते हैं। सिंपल वर्ड्स में बोले तो अगर आपको

[04:53:32] सिंपल वर्ड्स में बोले तो अगर आपको रैंकिंग चाहिए बिना गैप्स के तो आप डांस

[04:53:35] रैंकिंग चाहिए बिना गैप्स के तो आप डांस रैंक का यूज कर सकते हैं। तो गाइस हमने रो

[04:53:38] रैंक का यूज कर सकते हैं। तो गाइस हमने रो नंबर, रैंक और डांस रैंक तीनों को देख

[04:53:40] नंबर, रैंक और डांस रैंक तीनों को देख लिया है। रो नंबर जो होता है उसमें

[04:53:43] लिया है। रो नंबर जो होता है उसमें डुप्लीकेट रैंक नहीं होती है। गैप भी नहीं

[04:53:46] डुप्लीकेट रैंक नहीं होती है। गैप भी नहीं होता है। रैंक में क्या होता है?

[04:53:48] होता है। रैंक में क्या होता है? डुप्लीकेट रैंक भी होती है और गैप भी होता

[04:53:50] डुप्लीकेट रैंक भी होती है और गैप भी होता है। डेंस रैंक में डुप्लीकेट रैंक भी होती

[04:53:53] है। डेंस रैंक में डुप्लीकेट रैंक भी होती है लेकिन गैप नहीं होता है। अभी मैं आपको

[04:53:56] है लेकिन गैप नहीं होता है। अभी मैं आपको कुछ क्वेश्चंस दे रही हूं जिनको आपको

[04:53:58] कुछ क्वेश्चंस दे रही हूं जिनको आपको सॉल्व करना है। सबसे पहला क्वेश्चन है

[04:54:01] सॉल्व करना है। सबसे पहला क्वेश्चन है आपको निकालना है

[04:54:03] आपको निकालना है टॉप थ्री हाईएस्ट सैलरी।

[04:54:07] टॉप थ्री हाईएस्ट सैलरी। देन आपको निकालना है हाईएस्ट सैलरी

[04:54:11] देन आपको निकालना है हाईएस्ट सैलरी इन ईच डिपार्टमेंट।

[04:54:16] देन थर्ड क्वेश्चन है

[04:54:19] देन थर्ड क्वेश्चन है रिमूव डुप्लीकेट्स।

[04:54:22] रिमूव डुप्लीकेट्स। यहां पर आपको वीडियो पॉज करना है और पहले

[04:54:24] यहां पर आपको वीडियो पॉज करना है और पहले खुद से सॉल्व करने की कोशिश करना है। देन

[04:54:26] खुद से सॉल्व करने की कोशिश करना है। देन फिर सॉल्यूशन देखना है। सबसे पहला

[04:54:28] फिर सॉल्यूशन देखना है। सबसे पहला क्वेश्चन करते हैं हम। सबसे पहले हम

[04:54:30] क्वेश्चन करते हैं हम। सबसे पहले हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम देन सब

[04:54:34] लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम देन सब क्वेरी लिखेंगे हम। सेलेक्ट ने कॉमा

[04:54:38] क्वेरी लिखेंगे हम। सेलेक्ट ने कॉमा सेलवे कॉमा डेंस रैंक

[04:54:45] ओवर

[04:54:47] ओवर यहां पर हमने डेंस रैंक लगाया है। मतलब

[04:54:51] यहां पर हमने डेंस रैंक लगाया है। मतलब यहां पे अगर दो सेम सैलरी होंगी तब भी

[04:54:53] यहां पे अगर दो सेम सैलरी होंगी तब भी रैंक जो है वो स्किप नहीं होगा। अगर फोर

[04:54:56] रैंक जो है वो स्किप नहीं होगा। अगर फोर फोर है तो रैंक नेक्स्ट रैंक जो होगा वो

[04:54:58] फोर है तो रैंक नेक्स्ट रैंक जो होगा वो फाइव होगा। सैलरी डिसेंडिंग ऑर्डर इसको

[04:55:01] फाइव होगा। सैलरी डिसेंडिंग ऑर्डर इसको नाम दे देते हैं हम एस रैंक एंड फ्रॉम

[04:55:04] नाम दे देते हैं हम एस रैंक एंड फ्रॉम एंप्लाइजज़।

[04:55:10] इसको सब को नाम दे दिया हमने T या फिर सब

[04:55:13] इसको सब को नाम दे दिया हमने T या फिर सब नाम दे देते हैं इसको हम

[04:55:16] नाम दे देते हैं इसको हम वेयर

[04:55:18] वेयर रैंक जो है वो ग्रेटर हो और इक्वल टू हो 3

[04:55:21] रैंक जो है वो ग्रेटर हो और इक्वल टू हो 3 के। तो यहां से हमें टॉप थ्री एंप्लाइजज़

[04:55:25] के। तो यहां से हमें टॉप थ्री एंप्लाइजज़ मिल जाएंगे। हाईएस्ट सैलरी वाले एंप्लॉय

[04:55:27] मिल जाएंगे। हाईएस्ट सैलरी वाले एंप्लॉय मिल जाएंगे। नेक्स्ट क्वेश्चन था

[04:55:29] मिल जाएंगे। नेक्स्ट क्वेश्चन था हाईएस्ट सैलरी निकालनी है हर डिपार्टमेंट

[04:55:31] हाईएस्ट सैलरी निकालनी है हर डिपार्टमेंट की। यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट

[04:55:37] स्टार

[04:55:39] स्टार प्रॉम

[04:55:41] प्रॉम सब क्वरी लिखेंगे। इसमें भी हम सेलेक्ट

[04:55:44] सब क्वरी लिखेंगे। इसमें भी हम सेलेक्ट स्टार कॉमा

[04:55:46] स्टार कॉमा रैंक

[04:55:47] रैंक ओवर

[04:55:50] ओवर इसके अंदर हम लिखेंगे

[04:55:55] पार्टीशन बाय डिपार्टमेंट

[04:55:59] पार्टीशन बाय डिपार्टमेंट ऑर्डर बाय

[04:56:01] ऑर्डर बाय सैलरी इन डिसेंडर ऑर्डर।

[04:56:10] उसको नाम दे दिया हमने एस रैंक

[04:56:15] उसको नाम दे दिया हमने एस रैंक एंड सब क्वरी को नाम दे दिया हमने सब

[04:56:18] एंड सब क्वरी को नाम दे दिया हमने सब वेयर

[04:56:19] वेयर रैंक जो है वो इक्वल हो वन थी हमें क्या

[04:56:22] रैंक जो है वो इक्वल हो वन थी हमें क्या चाहिए था इसमें हर डिपार्टमेंट से हाईएस्ट

[04:56:24] चाहिए था इसमें हर डिपार्टमेंट से हाईएस्ट सैलरी चाहिए थी तो हमने यहां पे रैंक दे

[04:56:26] सैलरी चाहिए थी तो हमने यहां पे रैंक दे दी जहां पे वन हो और डिपार्टमेंट के बेसिस

[04:56:28] दी जहां पे वन हो और डिपार्टमेंट के बेसिस पे पार्टीशन कर दिया

[04:56:32] पे पार्टीशन कर दिया यहां पे लिखा है फ्रॉम एंप्लॉय टेबल तो

[04:56:33] यहां पे लिखा है फ्रॉम एंप्लॉय टेबल तो सेलेक्ट ही नहीं किया हमने

[04:56:38] तो यहां पे हमको सारे डिपार्टमेंट की

[04:56:40] तो यहां पे हमको सारे डिपार्टमेंट की हाईएस्ट सैलरी मिल गई। बिकॉज़ यहां पे

[04:56:42] हाईएस्ट सैलरी मिल गई। बिकॉज़ यहां पे दोनों डिपार्टमेंट में क्योंकि एचआर में

[04:56:44] दोनों डिपार्टमेंट में क्योंकि एचआर में यहां पे दो ही सैलरी थी। दोनों की सैलरी

[04:56:46] यहां पे दो ही सैलरी थी। दोनों की सैलरी सेम थी तो हमें दोनों की सैलरी मिली। अब

[04:56:48] सेम थी तो हमें दोनों की सैलरी मिली। अब नेक्स्ट क्वेश्चन का हमें डुप्लीकेट्स कर

[04:56:50] नेक्स्ट क्वेश्चन का हमें डुप्लीकेट्स कर लेते हैं। इसमें हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[04:56:55] लेते हैं। इसमें हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[04:56:57] फ्रॉम सब लिखेंगे हम सेलेक्ट

[04:57:02] सब लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार कॉमा

[04:57:05] स्टार कॉमा रो नंबर

[04:57:08] रो नंबर फंक्शन ओवर

[04:57:11] फंक्शन ओवर इसमें हम पार्टीशन बाय करेंगे

[04:57:15] इसमें हम पार्टीशन बाय करेंगे पार्टीशन बाय सैलरी करेंगे इसलिए हम ऑर्डर

[04:57:18] पार्टीशन बाय सैलरी करेंगे इसलिए हम ऑर्डर बाय आईडी क्योंकि हमने अभी पार्टीशन बाय

[04:57:21] बाय आईडी क्योंकि हमने अभी पार्टीशन बाय किया है सैलरी तो यहां पे डुप्लीकेट्स

[04:57:23] किया है सैलरी तो यहां पे डुप्लीकेट्स नहीं रहेंगे नाम दे दिया हमने आर एम फ्रॉम

[04:57:28] नहीं रहेंगे नाम दे दिया हमने आर एम फ्रॉम एंप्लॉय

[04:57:31] एंप्लॉय इस सब को नाम हमने दे दिया टी वेयर

[04:57:34] इस सब को नाम हमने दे दिया टी वेयर rn = 1 यहां पर इसने क्या किया?

[04:57:38] rn = 1 यहां पर इसने क्या किया? डुप्लीकेट्स रिमूव कर दिए। जब भी आपको

[04:57:41] डुप्लीकेट्स रिमूव कर दिए। जब भी आपको यूनिक नंबरिंग देना हो तो आप रो नंबर का

[04:57:43] यूनिक नंबरिंग देना हो तो आप रो नंबर का यूज़ करो। और जब भी आपको कंपटीशन रैंकिंग

[04:57:45] यूज़ करो। और जब भी आपको कंपटीशन रैंकिंग देना हो तो रैंक का यूज़ करो। और अगर आपको

[04:57:48] देना हो तो रैंक का यूज़ करो। और अगर आपको क्लीन रैंकिंग देना हो तो डेंस रैंक का

[04:57:50] क्लीन रैंकिंग देना हो तो डेंस रैंक का यूज़ करो। आज हम पढ़ने वाले हैं सीटीई दैट

[04:57:53] यूज़ करो। आज हम पढ़ने वाले हैं सीटीई दैट इज़ कॉमन टेवर एक्सप्रेशन।

[04:57:56] इज़ कॉमन टेवर एक्सप्रेशन। सो व्हाट इज़ सीटीई? से का मतलब होता है एक

[04:58:00] सो व्हाट इज़ सीटीई? से का मतलब होता है एक टेंपरेरी रिजल्ट सेट जो आप क्वेरी के अंदर

[04:58:03] टेंपरेरी रिजल्ट सेट जो आप क्वेरी के अंदर डिफाइन करते हो। सिंपल वर्ड में बोले तो

[04:58:05] डिफाइन करते हो। सिंपल वर्ड में बोले तो एक नाम दे दो अपनी क्वेरी को और फिर उसे

[04:58:08] एक नाम दे दो अपनी क्वेरी को और फिर उसे रयूज करो। एग्जैक्टली लाइक प्रोग्रामिंग

[04:58:10] रयूज करो। एग्जैक्टली लाइक प्रोग्रामिंग में वेरिएबल्स या फंक्शनंस होते हैं उसी

[04:58:12] में वेरिएबल्स या फंक्शनंस होते हैं उसी की तरह। अभी हम सिंटेक्स देखते हैं इसका।

[04:58:15] की तरह। अभी हम सिंटेक्स देखते हैं इसका। सबसे पहले लिखा है विद सीटीई नेम एस

[04:58:18] सबसे पहले लिखा है विद सीटीई नेम एस सेलेक्ट कॉलम वन कॉलम टू फ्रॉम टेबल नेम।

[04:58:22] सेलेक्ट कॉलम वन कॉलम टू फ्रॉम टेबल नेम। देन लिखा है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम सीटीई

[04:58:24] देन लिखा है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम सीटीई नेम।

[04:58:25] नेम। यहां पर विद कीवर्ड यूज होता है। सीटीई

[04:58:29] यहां पर विद कीवर्ड यूज होता है। सीटीई नेम जो है यह टेंपरेरी टेबल जैसा बिहेव

[04:58:32] नेम जो है यह टेंपरेरी टेबल जैसा बिहेव करता है और नीचे हम उसको डायरेक्टली यूज़

[04:58:34] करता है और नीचे हम उसको डायरेक्टली यूज़ कर सकते हैं। जैसे हमने यहां पे यूज़ किया

[04:58:37] कर सकते हैं। जैसे हमने यहां पे यूज़ किया है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम CTE। अभी हम ओपन

[04:58:40] है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम CTE। अभी हम ओपन करते हैं मायसक्यूएल वर्क बेंच को और यहां

[04:58:43] करते हैं मायसक्यूएल वर्क बेंच को और यहां पे अपना पासवर्ड एंटर करते हैं। यहां पे

[04:58:46] पे अपना पासवर्ड एंटर करते हैं। यहां पे हम यूज़ कर लेते हैं कंपनी डीवी को।

[04:58:50] हम यूज़ कर लेते हैं कंपनी डीवी को। यह वही क्वेरी है जो हमने लास्ट वीडियो

[04:58:52] यह वही क्वेरी है जो हमने लास्ट वीडियो में देखी थी विंडो फंक्शन के लिए। यहां पर

[04:58:56] में देखी थी विंडो फंक्शन के लिए। यहां पर हम लिखेंगे वि

[04:58:59] हम लिखेंगे वि एंप्लॉय

[04:59:01] एंप्लॉय सीपीई

[04:59:02] सीपीई एस

[04:59:09] लिखेंगे फिर सेलेक्ट

[04:59:11] लिखेंगे फिर सेलेक्ट नेम कॉमा

[04:59:14] नेम कॉमा सैलरी

[04:59:15] सैलरी फ्रॉम

[04:59:17] फ्रॉम एंप्लाइज

[04:59:24] देन लिखेंगे हम सेलेक्ट

[04:59:28] देन लिखेंगे हम सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय सिटी।

[04:59:40] सारे एंप्लाइजज़ का नेम और सैलरी मिल गई

[04:59:42] सारे एंप्लाइजज़ का नेम और सैलरी मिल गई हमें। यहां पे हमने एंप्लॉय टेबल का एक

[04:59:45] हमें। यहां पे हमने एंप्लॉय टेबल का एक सिंपलीफाइड वर्जन बना दिया। और उसको हमने

[04:59:47] सिंपलीफाइड वर्जन बना दिया। और उसको हमने नाम दे दिया एंप्लॉय सी। अब हम इसको

[04:59:51] नाम दे दिया एंप्लॉय सी। अब हम इसको मल्टीपल टाइम यूज कर सकते हैं। यह जो हमने

[04:59:54] मल्टीपल टाइम यूज कर सकते हैं। यह जो हमने काम किया है, इसी सेम काम को हम सब क्वेरी

[04:59:56] काम किया है, इसी सेम काम को हम सब क्वेरी से भी कर सकते हैं। वो कैसे करेंगे वो देख

[04:59:59] से भी कर सकते हैं। वो कैसे करेंगे वो देख लेते हैं हम। उसके लिए हमें लिखना पड़ता

[05:00:02] लेते हैं हम। उसके लिए हमें लिखना पड़ता है सेलेक्ट

[05:00:04] है सेलेक्ट स्टार

[05:00:06] स्टार क्रॉम।

[05:00:07] क्रॉम। इधर हम लगाएंगे ब्रैकेट्स और इसके अंदर

[05:00:10] इधर हम लगाएंगे ब्रैकेट्स और इसके अंदर लिखेंगे हम सेलेक्ट नेम कॉमा

[05:00:14] लिखेंगे हम सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी।

[05:00:17] सैलरी। फ्रॉम एंप्लाइज

[05:00:22] और इस सब क्वेरी को हमने नाम दे दिया यहां

[05:00:25] और इस सब क्वेरी को हमने नाम दे दिया यहां पे T

[05:00:29] इससे भी हमको सेम रिजल्ट मिला है। अभी

[05:00:33] इससे भी हमको सेम रिजल्ट मिला है। अभी यहां पे डिफरेंस क्या है? सब क्वेरी जो है

[05:00:35] यहां पे डिफरेंस क्या है? सब क्वेरी जो है वो थोड़ा मैसी हो जाता है और सीटीई जो है

[05:00:38] वो थोड़ा मैसी हो जाता है और सीटीई जो है वह क्लीन भी है और रीडेबल भी है। अगर

[05:00:42] वह क्लीन भी है और रीडेबल भी है। अगर इंटरव्यूअर को इंप्रेस करना है तो यूज़

[05:00:44] इंटरव्यूअर को इंप्रेस करना है तो यूज़ सीटीई। अब मान लो हमने हर डिपार्टमेंट का

[05:00:48] सीटीई। अब मान लो हमने हर डिपार्टमेंट का हाईएस्ट सैलरी एंप्लॉय फाइंड करना है।

[05:00:52] हाईएस्ट सैलरी एंप्लॉय फाइंड करना है। चलिए इसको हम देखते हैं विद विंडो फंक्शन

[05:00:55] चलिए इसको हम देखते हैं विद विंडो फंक्शन एंड सीटीई।

[05:00:58] एंड सीटीई। यहां पे हम लिखेंगे विद

[05:01:02] यहां पे हम लिखेंगे विद इसको हमने नाम दे दिया रैंक एंप्लॉय।

[05:01:06] इसको हमने नाम दे दिया रैंक एंप्लॉय। एस

[05:01:09] यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार्ट कॉमा

[05:01:14] यहां पर हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार्ट कॉमा लगाएंगे हम रो नंबर

[05:01:21] ओवर

[05:01:24] इसमें हम लगाएंगे पार्टीशन

[05:01:27] इसमें हम लगाएंगे पार्टीशन क्योंकि हमें हर डिपार्टमेंट का चाहिए तो

[05:01:30] क्योंकि हमें हर डिपार्टमेंट का चाहिए तो हमने यहां पे पार्टीशन लगा दिया बाय

[05:01:33] हमने यहां पे पार्टीशन लगा दिया बाय डिपार्टमेंट एन आर्डर बाय

[05:01:37] डिपार्टमेंट एन आर्डर बाय सैलरी इन डिसेंडिंग ऑर्डर।

[05:01:42] सैलरी इन डिसेंडिंग ऑर्डर। इसको हम नाम दे देते हैं एस आरएल

[05:01:46] इसको हम नाम दे देते हैं एस आरएल फ्रॉम एंप्लॉय टेबल से

[05:01:52] एंड यहां पे हम लिख देंगे सेलेक्ट

[05:01:56] एंड यहां पे हम लिख देंगे सेलेक्ट स्टार

[05:01:59] प्रॉम रैंक ईएमपी

[05:02:05] वेयर

[05:02:08] rn = 1

[05:02:14] तो यहां पर हमें एचआर डिपार्टमेंट का रैंक

[05:02:16] तो यहां पर हमें एचआर डिपार्टमेंट का रैंक एंप्लॉय और आईटी डिपार्टमेंट का रैंक

[05:02:18] एंप्लॉय और आईटी डिपार्टमेंट का रैंक एंप्लॉय मिल गया जिसकी सैलरी सबसे ज्यादा

[05:02:22] एंप्लॉय मिल गया जिसकी सैलरी सबसे ज्यादा थी। यहां पे क्या हुआ? यहां हमने प्रो

[05:02:24] थी। यहां पे क्या हुआ? यहां हमने प्रो नंबर यूज़ किया है। डिपार्टमेंट वाइज़

[05:02:27] नंबर यूज़ किया है। डिपार्टमेंट वाइज़ रैंकिंग हो रही है। देन हाईएस्ट सैलरी को

[05:02:30] रैंकिंग हो रही है। देन हाईएस्ट सैलरी को मिलेगा RN = 1। आउटर क्वेरी में सिर्फ RN

[05:02:33] मिलेगा RN = 1। आउटर क्वेरी में सिर्फ RN = 1 फ़िल्टर कर दिया। देखा आपने अगर सीटी

[05:02:37] = 1 फ़िल्टर कर दिया। देखा आपने अगर सीटी नहीं होगा तो यह क्वेरी कितनी मैसी हो

[05:02:40] नहीं होगा तो यह क्वेरी कितनी मैसी हो जाएगी। सीटी यूज करने के थ्री मेजर

[05:02:43] जाएगी। सीटी यूज करने के थ्री मेजर बेनिफिट्स होते हैं। सबसे पहला रीडेबिलिटी

[05:02:46] बेनिफिट्स होते हैं। सबसे पहला रीडेबिलिटी इंप्रूव होती है। सेकंड वन इज़ कॉम्प्लेक्स

[05:02:49] इंप्रूव होती है। सेकंड वन इज़ कॉम्प्लेक्स लॉजिक भी कर सकते हो। एंड थर्ड वन इज़

[05:02:51] लॉजिक भी कर सकते हो। एंड थर्ड वन इज़ प्रयूज़बिलिटी मिलती है। सीटीई टेंपरेरी

[05:02:54] प्रयूज़बिलिटी मिलती है। सीटीई टेंपरेरी होता है। यह सिर्फ़ उस क्वेरी के

[05:02:56] होता है। यह सिर्फ़ उस क्वेरी के एग्ज़क्यूशन तक ही एग्ज़िस्ट करता है।

[05:02:58] एग्ज़क्यूशन तक ही एग्ज़िस्ट करता है। एडवांस लेवल पर सीटीई का एक और टाइप होता

[05:03:01] एडवांस लेवल पर सीटीई का एक और टाइप होता है जिसको हम बोलते हैं रिकर्सिव सीटीई जो

[05:03:04] है जिसको हम बोलते हैं रिकर्सिव सीटीई जो हायरार्की जैसे कि मैनेजर टू एंप्लाइज़

[05:03:07] हायरार्की जैसे कि मैनेजर टू एंप्लाइज़ जैसे प्रॉब्लम्स सॉल्व करता है। बट हम

[05:03:09] जैसे प्रॉब्लम्स सॉल्व करता है। बट हम सिर्फ सीटीई के बारे में ही पढ़ेंगे। आप

[05:03:12] सिर्फ सीटीई के बारे में ही पढ़ेंगे। आप इसको ऐसे भी समझ सकते हो कि सीटी जो है वो

[05:03:15] इसको ऐसे भी समझ सकते हो कि सीटी जो है वो एक वर्चुअल टेबल है जो सिर्फ क्वेरी के

[05:03:17] एक वर्चुअल टेबल है जो सिर्फ क्वेरी के अंदर एग्जिस्ट करता है। अभी हम एक और

[05:03:20] अंदर एग्जिस्ट करता है। अभी हम एक और एग्जांपल देखते हैं। जैसे हमें फ़्टर करना

[05:03:23] एग्जांपल देखते हैं। जैसे हमें फ़्टर करना है एंप्लाइजज़ जिनकी सैलरी जो है वो 50,000

[05:03:26] है एंप्लाइजज़ जिनकी सैलरी जो है वो 50,000 से कम है। फाइंड

[05:03:29] से कम है। फाइंड एंप्लॉय

[05:03:32] एंप्लॉय विद सैलरी

[05:03:35] विद सैलरी लेस देन

[05:03:37] लेस देन 50,000। जैसे हमें फिल्टर करना है

[05:03:39] 50,000। जैसे हमें फिल्टर करना है एंप्लाइज जिनकी सैलरी 50,000 से ज्यादा

[05:03:42] एंप्लाइज जिनकी सैलरी 50,000 से ज्यादा हो। उसके लिए हम क्या लिखेंगे? हम लिखेंगे

[05:03:44] हो। उसके लिए हम क्या लिखेंगे? हम लिखेंगे विद। इसको हम नाम देंगे हाई सैलरी

[05:03:51] एस।

[05:03:53] एस। देन हम यहां पे लिखेंगे सेलेक्ट

[05:03:56] देन हम यहां पे लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइज

[05:04:03] वेयर सैलरी इज ग्रेटर देन 50000

[05:04:10] फिर करेंगे हम सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी

[05:04:15] फिर करेंगे हम सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी फ्रॉम यहां क्या था हमारा हाई सैलरी

[05:04:26] यहां पे हमको जिनकी भी सैलरी 50,000 से

[05:04:29] यहां पे हमको जिनकी भी सैलरी 50,000 से ज्यादा थी वो सारे एंप्लाइजज़ मिल गए। यहां

[05:04:31] ज्यादा थी वो सारे एंप्लाइजज़ मिल गए। यहां पे हमको मिला नेहा एंड अंकित जिनकी सैलरी

[05:04:35] पे हमको मिला नेहा एंड अंकित जिनकी सैलरी 50,000 से ज्यादा थी। इसने क्या किया?

[05:04:37] 50,000 से ज्यादा थी। इसने क्या किया? पहले फिल्टर किया। देन फिर हमें क्लीन

[05:04:40] पहले फिल्टर किया। देन फिर हमें क्लीन आउटपुट दिया। अभी हम एक एग्जांपल देखते

[05:04:43] आउटपुट दिया। अभी हम एक एग्जांपल देखते हैं विद मल्टीपल सीटीई। यहां पे क्या हो

[05:04:46] हैं विद मल्टीपल सीटीई। यहां पे क्या हो रहा है? सबसे पहले हमने एक सीटीई बनाया

[05:04:49] रहा है? सबसे पहले हमने एक सीटीई बनाया जिसका नाम दिया हमने हाई सैलरी। यह क्या

[05:04:51] जिसका नाम दिया हमने हाई सैलरी। यह क्या कर रहा है? यह एंप्लॉयड टेबल से डाटा ले

[05:04:54] कर रहा है? यह एंप्लॉयड टेबल से डाटा ले रहा है। सिर्फ उनको फ़िल्टर कर रहा है

[05:04:56] रहा है। सिर्फ उनको फ़िल्टर कर रहा है जिनकी सैलरी 50,000 से ज़्यादा है। अब यह

[05:04:59] जिनकी सैलरी 50,000 से ज़्यादा है। अब यह रिजल्ट एक टेंपरेरी टेबल जैसा बन गया। फिर

[05:05:02] रिजल्ट एक टेंपरेरी टेबल जैसा बन गया। फिर हमने क्या किया? आउटर क्वरी में बस उस

[05:05:05] हमने क्या किया? आउटर क्वरी में बस उस सीटीई से डाटा निकला लिया। मतलब पहले

[05:05:08] सीटीई से डाटा निकला लिया। मतलब पहले फ़िल्टर किया फिर क्लीन आउटपुट लिया। सेम

[05:05:11] फ़िल्टर किया फिर क्लीन आउटपुट लिया। सेम काम डायरेक्ट भी कर सकते थे। बट सीटीई से

[05:05:13] काम डायरेक्ट भी कर सकते थे। बट सीटीई से क्वरी रीडेबल हो गई। अभी हम नेक्स्ट

[05:05:16] क्वरी रीडेबल हो गई। अभी हम नेक्स्ट एग्जांपल देखते हैं जिसमें हम मल्टीपल

[05:05:18] एग्जांपल देखते हैं जिसमें हम मल्टीपल सीटीई का यूज़ करेंगे। यहां पे हम लिखेंगे

[05:05:21] सीटीई का यूज़ करेंगे। यहां पे हम लिखेंगे विद

[05:05:24] विद इसको हम नाम देंगे डिपार्टमेंट एवरेज

[05:05:28] इसको हम नाम देंगे डिपार्टमेंट एवरेज एस

[05:05:32] सेलर।

[05:05:34] सेलर। डिपार्टमेंट लेंगे हम कॉमा एवरेज सैलरी

[05:05:42] एस

[05:05:44] एस इसको नाम देते हैं हम ए बीजे सैलरी

[05:05:50] फ्रॉम

[05:05:52] फ्रॉम एंप्लॉय

[05:05:59] ग्रुप बाय डिपार्टमेंट

[05:06:03] ग्रुप बाय डिपार्टमेंट कॉमा

[05:06:04] कॉमा यहां पर हम लेंगे हाई पे

[05:06:09] एस

[05:06:15] यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट

[05:06:18] यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट e डॉट नेम कॉमा ई डॉट सैलरी

[05:06:22] e डॉट नेम कॉमा ई डॉट सैलरी कॉमा ई डॉट डिपार्टमेंट

[05:06:26] कॉमा ई डॉट डिपार्टमेंट फ्रॉम

[05:06:29] फ्रॉम एंप्लॉय

[05:06:31] एंप्लॉय A इसको हमने नाम दे दिया है A फिर यहां पर

[05:06:35] A इसको हमने नाम दे दिया है A फिर यहां पर लगाएंगे हम एक जॉइंट

[05:06:38] लगाएंगे हम एक जॉइंट डिपार्टमेंट एवरेज

[05:06:44] ऑल E डॉट डिपार्टमेंट

[05:06:48] ऑल E डॉट डिपार्टमेंट इक्वल D डॉट डिपार्टमेंट

[05:06:52] इक्वल D डॉट डिपार्टमेंट वेयर E डॉट सैलरी इज़ ग्रेटर दन D डॉट

[05:06:59] वेयर E डॉट सैलरी इज़ ग्रेटर दन D डॉट एवरेज सैलरी

[05:07:01] एवरेज सैलरी देन हम लिखेंगे सेलेक्ट स्टार रफी

[05:07:09] अब समझते हैं यहां पे एक्चुअली हो क्या

[05:07:11] अब समझते हैं यहां पे एक्चुअली हो क्या रहा है सबसे पहले यहां पे हम दो सीटीई यूज़

[05:07:16] रहा है सबसे पहले यहां पे हम दो सीटीई यूज़ कर रहे हैं फर्स्ट सीटीई में क्या हो रहा

[05:07:19] कर रहे हैं फर्स्ट सीटीई में क्या हो रहा है डिपार्टमेंट का एवरेज निकल रहा है हर

[05:07:22] है डिपार्टमेंट का एवरेज निकल रहा है हर डिपार्टमेंट का एवरेज सेल ने कैलकुलेट

[05:07:24] डिपार्टमेंट का एवरेज सेल ने कैलकुलेट किया है यहां पे

[05:07:27] किया है यहां पे या फिर हमने एंप्लॉय लिया एंप्लाइजज़ आएगा

[05:07:30] या फिर हमने एंप्लॉय लिया एंप्लाइजज़ आएगा यहां पे भी एंप्लाइजज़ आएगा।

[05:07:33] यहां पे भी एंप्लाइजज़ आएगा। इसको चलाते हैं हम। यहां पे हमको मिला

[05:07:36] इसको चलाते हैं हम। यहां पे हमको मिला नेहा। सबसे पहले ये क्या करेगा? ये हर

[05:07:38] नेहा। सबसे पहले ये क्या करेगा? ये हर डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी कैलकुलेट

[05:07:41] डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी कैलकुलेट करेगा। यहां पे हमें वो एंप्लॉय चाहिए।

[05:07:44] करेगा। यहां पे हमें वो एंप्लॉय चाहिए। मतलब पूरी क्वेरी का सेंस यह है कि वो

[05:07:46] मतलब पूरी क्वेरी का सेंस यह है कि वो एंप्लॉय चाहिए जिनकी जिनकी सैलरी एवरेज

[05:07:49] एंप्लॉय चाहिए जिनकी जिनकी सैलरी एवरेज सैलरी से मतलब उनके डिपार्टमेंट की जो

[05:07:51] सैलरी से मतलब उनके डिपार्टमेंट की जो एवरेज सैलरी है उससे ज्यादा सैलरी होगी तो

[05:07:53] एवरेज सैलरी है उससे ज्यादा सैलरी होगी तो वो प्रिंट करा दो। तो यहां पे सबसे पहले

[05:07:56] वो प्रिंट करा दो। तो यहां पे सबसे पहले हमने लगाया है क्वरी चलाई है डिपार्टमेंट

[05:07:59] हमने लगाया है क्वरी चलाई है डिपार्टमेंट के एवरेज के लिए। यह क्या करेगा? आईटी और

[05:08:01] के एवरेज के लिए। यह क्या करेगा? आईटी और एचआर का एवरेज निकालेगा। जैसे आईटी का

[05:08:04] एचआर का एवरेज निकालेगा। जैसे आईटी का 60,000 है तो एचआर का 40,000 एवरेज सैलरी।

[05:08:08] 60,000 है तो एचआर का 40,000 एवरेज सैलरी। फिर क्या रहेगा? सेकंड सीटीई में क्या हो

[05:08:10] फिर क्या रहेगा? सेकंड सीटीई में क्या हो रहा है? सेकंड वाली में हाई पेड निकाल रहे

[05:08:12] रहा है? सेकंड वाली में हाई पेड निकाल रहे हैं। यहां पे एंप्लॉयर टेबल को

[05:08:14] हैं। यहां पे एंप्लॉयर टेबल को डिपार्टमेंट एवरेज के साथ जॉइन किया है

[05:08:17] डिपार्टमेंट एवरेज के साथ जॉइन किया है हमने। इसको हमने कंपेयर किया है। अगर

[05:08:19] हमने। इसको हमने कंपेयर किया है। अगर एंप्लॉय की सैलरी जो है वो ज्यादा होगी

[05:08:22] एंप्लॉय की सैलरी जो है वो ज्यादा होगी डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी से तो आपको वो

[05:08:25] डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी से तो आपको वो एंप्लॉय का नेम प्रिंट कराना है। फाइनल

[05:08:28] एंप्लॉय का नेम प्रिंट कराना है। फाइनल आउटपुट पे वही एंप्लॉय आए जो अपने

[05:08:30] आउटपुट पे वही एंप्लॉय आए जो अपने डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी से ज्यादा कमा

[05:08:33] डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी से ज्यादा कमा रहे हैं। तो यहां पे हमको आउटपुट में मिल

[05:08:35] रहे हैं। तो यहां पे हमको आउटपुट में मिल गया नेहा। नेहा क्योंकि अपने डिपार्टमेंट

[05:08:39] गया नेहा। नेहा क्योंकि अपने डिपार्टमेंट की एवरेज सैलरी से ज्यादा कमा रही थी।

[05:08:42] की एवरेज सैलरी से ज्यादा कमा रही थी। यहां पर हमने चेंजिंग देखी है। मतलब एक

[05:08:44] यहां पर हमने चेंजिंग देखी है। मतलब एक सीटी दूसरी सीपीई को यूज कर रही है। यह

[05:08:46] सीटी दूसरी सीपीई को यूज कर रही है। यह चेंजिंग का कांसेप्ट है और यह बहुत

[05:08:48] चेंजिंग का कांसेप्ट है और यह बहुत इंपॉर्टेंट है इंटरव्यू के लिए। अभी हम एक

[05:08:51] इंपॉर्टेंट है इंटरव्यू के लिए। अभी हम एक और एग्जांपल देखेंगे एरीगेशन से। यहां पे

[05:08:55] और एग्जांपल देखेंगे एरीगेशन से। यहां पे हम लिखेंगे इसको मैं दे देती हूं

[05:08:57] हम लिखेंगे इसको मैं दे देती हूं एग्जांपल। यहां पर हमें वह एंप्लॉय चाहिए

[05:08:59] एग्जांपल। यहां पर हमें वह एंप्लॉय चाहिए जिनकी एवरेज सैलरी 60,000 से ज्यादा होगी।

[05:09:04] जिनकी एवरेज सैलरी 60,000 से ज्यादा होगी। तो यहां पर हम लिखेंगे विद

[05:09:09] तो यहां पर हम लिखेंगे विद एवरेज सैलरी

[05:09:13] सी

[05:09:15] सी एस

[05:09:19] सेलेक्ट करना है हमें डिपार्टमेंट चाहिए

[05:09:21] सेलेक्ट करना है हमें डिपार्टमेंट चाहिए और क्या चाहिए एवरेज सैलरी चाहिए एस

[05:09:26] और क्या चाहिए एवरेज सैलरी चाहिए एस तो नाम दे दिया हमने एवरेज सैलरी

[05:09:30] तो नाम दे दिया हमने एवरेज सैलरी फ्रॉम एंप्लॉय टेबल से चाहिए हमें सारा

[05:09:32] फ्रॉम एंप्लॉय टेबल से चाहिए हमें सारा डेटा

[05:09:34] डेटा ग्रुप बाय डिपार्टमेंट

[05:09:40] देन हम लिखेंगे

[05:09:43] देन हम लिखेंगे सेलेक्ट

[05:09:45] सेलेक्ट स्टार

[05:09:47] स्टार फ्रॉम

[05:09:49] फ्रॉम एबीजे सैलरी

[05:09:54] सिटी

[05:09:56] सिटी वेयर जहां पे एवरेज सैलरी जो है वो क्या

[05:10:00] वेयर जहां पे एवरेज सैलरी जो है वो क्या हो

[05:10:02] हो बड़ी हो 60000 से

[05:10:09] यहां पे किसी भी डिपार्टमेंट की सैलरी

[05:10:11] यहां पे किसी भी डिपार्टमेंट की सैलरी 60,000 से ज्यादा नहीं थी। इसको हम कम कर

[05:10:14] 60,000 से ज्यादा नहीं थी। इसको हम कम कर देते हैं। इसको हम कर देते हैं 30,000।

[05:10:18] देते हैं। इसको हम कर देते हैं 30,000। तो यहां पे हमको आईआईटी भी मिल गई और एचआर

[05:10:20] तो यहां पे हमको आईआईटी भी मिल गई और एचआर भी मिल गया। क्योंकि आईआईटी की एवरेज

[05:10:22] भी मिल गया। क्योंकि आईआईटी की एवरेज सैलरी थी 60,000 और एचआर की एवरेज सैलरी

[05:10:25] सैलरी थी 60,000 और एचआर की एवरेज सैलरी थी 40,000। यहां पे एक सीटीई में हर

[05:10:29] थी 40,000। यहां पे एक सीटीई में हर डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी निकाला। फिर

[05:10:32] डिपार्टमेंट का एवरेज सैलरी निकाला। फिर आउटर क्वेरी में फ़िल्टर लगा दिया। सिर्फ

[05:10:34] आउटर क्वेरी में फ़िल्टर लगा दिया। सिर्फ वह डिपार्टमेंट जिनका एवरेज सैलरी 60,000

[05:10:38] वह डिपार्टमेंट जिनका एवरेज सैलरी 60,000 से ज़्यादा है, वह प्रिंट हुए। अगर यह

[05:10:41] से ज़्यादा है, वह प्रिंट हुए। अगर यह डायरेक्ट लिखते, तो डस्टेड क्वेरी होती।

[05:10:43] डायरेक्ट लिखते, तो डस्टेड क्वेरी होती। सीटीसीए क्लीन हो गया। अगर आपको एचटीएमएल

[05:10:47] सीटीसीए क्लीन हो गया। अगर आपको एचटीएमएल कॉम्प्लेक्स क्वेरी लिखनी है, तो सीटीई

[05:10:49] कॉम्प्लेक्स क्वेरी लिखनी है, तो सीटीई आपका बेस्ट फ्रेंड है। अभी मैं आपको कुछ

[05:10:51] आपका बेस्ट फ्रेंड है। अभी मैं आपको कुछ प्रैक्टिस सेट्स दे रही हूं जो आपको खुद

[05:10:53] प्रैक्टिस सेट्स दे रही हूं जो आपको खुद से सॉल्व करना है। अगर ये सारे क्वेश्चंस

[05:10:55] से सॉल्व करना है। अगर ये सारे क्वेश्चंस सॉल्व कर लिए आपने तो आपको सीटीई अच्छे से

[05:10:58] सॉल्व कर लिए आपने तो आपको सीटीई अच्छे से समझ में आ गया। अब एक सिंपल सा क्वेश्चन।

[05:11:02] समझ में आ गया। अब एक सिंपल सा क्वेश्चन। अगर आपको एक ही एसक्यूएल क्वेरी बार-बार

[05:11:04] अगर आपको एक ही एसक्यूएल क्वेरी बार-बार लिखनी पड़े तो क्या आप हर बार मैनुअली

[05:11:07] लिखनी पड़े तो क्या आप हर बार मैनुअली लिखोगे? ऑब्वियसली नहीं। राइट? तो इसी

[05:11:10] लिखोगे? ऑब्वियसली नहीं। राइट? तो इसी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है स्टर्ड प्रोसीडर।

[05:11:13] प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है स्टर्ड प्रोसीडर। जैसे आपको एक क्वेरी 50 बार रन करानी है।

[05:11:16] जैसे आपको एक क्वेरी 50 बार रन करानी है। तो क्या 50 बार लिखोगे या फिर कोई ऐसा

[05:11:19] तो क्या 50 बार लिखोगे या फिर कोई ऐसा तरीका हो जो आप एक बार लिखो और बार-बार

[05:11:22] तरीका हो जो आप एक बार लिखो और बार-बार यूज़ करो। यही काम करता है स्टॉर्ट

[05:11:24] यूज़ करो। यही काम करता है स्टॉर्ट प्रोसीडर। आज के वीडियो में हम स्टॉर्ट

[05:11:26] प्रोसीडर। आज के वीडियो में हम स्टॉर्ट प्रोसीडर को जीरो से लेकर एडवांस लेवल तक

[05:11:29] प्रोसीडर को जीरो से लेकर एडवांस लेवल तक समझेंगे विद प्रॉपर एक्सप्लेनेशन। सबसे

[05:11:32] समझेंगे विद प्रॉपर एक्सप्लेनेशन। सबसे पहले हम समझते हैं व्हाट इज स्टर्ड

[05:11:34] पहले हम समझते हैं व्हाट इज स्टर्ड प्रोसीजर। अ स्टर्ड प्रोसीजर इज अ डेटाबेस

[05:11:37] प्रोसीजर। अ स्टर्ड प्रोसीजर इज अ डेटाबेस ऑब्जेक्ट दैट कंटेन अ ग्रुप ऑफ एसक्यूएल

[05:11:40] ऑब्जेक्ट दैट कंटेन अ ग्रुप ऑफ एसक्यूएल क्वेरीज़ व्हिच कैन बी रयूज्ड मल्टीपल

[05:11:43] क्वेरीज़ व्हिच कैन बी रयूज्ड मल्टीपल टाइप्स एंड मे एक्सेप्ट इनपुट पैराटर्स

[05:11:45] टाइप्स एंड मे एक्सेप्ट इनपुट पैराटर्स एंड रिटर्न आउटपुट। स्टर्ड प्रोसीडर जो है

[05:11:49] एंड रिटर्न आउटपुट। स्टर्ड प्रोसीडर जो है वो एक प्रीरिटन एसक्यूएल कोड का ब्लॉक

[05:11:52] वो एक प्रीरिटन एसक्यूएल कोड का ब्लॉक होता है जो डेटाबेस के अंदर सेव होता है।

[05:11:54] होता है जो डेटाबेस के अंदर सेव होता है। स्टर्ड मतलब डेटाबेस में सेव और प्रोसीजर

[05:11:57] स्टर्ड मतलब डेटाबेस में सेव और प्रोसीजर मतलब स्टेप्स या इंस्ट्रक्शंस।

[05:12:00] मतलब स्टेप्स या इंस्ट्रक्शंस। मतलब एसक्यूएल इंस्ट्रक्शंस का एक ग्रुप

[05:12:03] मतलब एसक्यूएल इंस्ट्रक्शंस का एक ग्रुप जो हम बार-बार यूज कर सकते हैं। जैसे जावा

[05:12:07] जो हम बार-बार यूज कर सकते हैं। जैसे जावा में फंक्शनंस बनाते हो और उसे रयूज करते

[05:12:10] में फंक्शनंस बनाते हो और उसे रयूज करते हो वैसे ही एसक्यूएल में स्ट प्रोसीजर

[05:12:13] हो वैसे ही एसक्यूएल में स्ट प्रोसीजर बनते हैं। अब इसका हम सिंटेक्स देखते हैं।

[05:12:17] बनते हैं। अब इसका हम सिंटेक्स देखते हैं। यहां पे लिखा है डेलीमीटर डॉलर डॉलर

[05:12:21] यहां पे लिखा है डेलीमीटर डॉलर डॉलर क्रिएट प्रोसीजर

[05:12:23] क्रिएट प्रोसीजर प्रोसीडर नेम बिगिन देन यहां पे कोई

[05:12:26] प्रोसीडर नेम बिगिन देन यहां पे कोई स्टेटमेंट डाल सकते हो आप। देन लिखा है

[05:12:28] स्टेटमेंट डाल सकते हो आप। देन लिखा है एंड डॉलर डॉलर डिफ़ॉल्ट डेलीमीटर इन

[05:12:31] एंड डॉलर डॉलर डिफ़ॉल्ट डेलीमीटर इन एसक्यूएल इज़ इक्वल टु सेमी कॉललन प्रॉब्लम

[05:12:34] एसक्यूएल इज़ इक्वल टु सेमी कॉललन प्रॉब्लम क्या है? माय एसक्यूएल जो है वह यूज़ करता

[05:12:37] क्या है? माय एसक्यूएल जो है वह यूज़ करता है सेमी कॉललन का टू अंडरस्टैंड

[05:12:39] है सेमी कॉललन का टू अंडरस्टैंड स्टेटमेंट्स एंड हियर बट इनसाइड अ स्टर्ड

[05:12:42] स्टेटमेंट्स एंड हियर बट इनसाइड अ स्टर्ड प्रोसीजर वी यूज़ मल्टीपल सेमी कॉलंस। जैसे

[05:12:45] प्रोसीजर वी यूज़ मल्टीपल सेमी कॉलंस। जैसे अगर हमें लिखना है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[05:12:47] अगर हमें लिखना है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइज़ और अपडेट करना है एंप्लॉय को एंड

[05:12:50] एंप्लाइज़ और अपडेट करना है एंप्लॉय को एंड सेट करना है सैलरी 50,000। तो यहां पे इशू

[05:12:53] सेट करना है सैलरी 50,000। तो यहां पे इशू क्या है? बायसक्यूएल सोचता है कि प्रोसीजर

[05:12:56] क्या है? बायसक्यूएल सोचता है कि प्रोसीजर एंड्स आफ्टर फर्स्ट सेमी कॉललन जैसे अगर

[05:12:59] एंड्स आफ्टर फर्स्ट सेमी कॉललन जैसे अगर मैं लिखती हूं सेलेक्ट

[05:13:03] मैं लिखती हूं सेलेक्ट स्टार

[05:13:07] फ्रॉम एंप्लाइज

[05:13:14] एंड फिर लिखती हूं अपडेट

[05:13:18] एंड फिर लिखती हूं अपडेट एंप्लाइज

[05:13:21] सेट

[05:13:24] सेट सैलरी =

[05:13:26] सैलरी = 5000 यहां पर माय एसक्यूएल सोचता है कि

[05:13:29] 5000 यहां पर माय एसक्यूएल सोचता है कि प्रोसीजर यहीं पर खत्म हो गया आफ्टर

[05:13:31] प्रोसीजर यहीं पर खत्म हो गया आफ्टर फर्स्ट सेमी कॉललन इसीलिए इसको हमने चेंज

[05:13:34] फर्स्ट सेमी कॉललन इसीलिए इसको हमने चेंज किया डेलीमीटर से टेंपरेरी डेलीमीटर डॉलर

[05:13:38] किया डेलीमीटर से टेंपरेरी डेलीमीटर डॉलर डॉलर जो है उसको माय एसक्यूएल अभी ट्रीट

[05:13:41] डॉलर जो है उसको माय एसक्यूएल अभी ट्रीट करेगा एस एंड ऑफ कंप्लीट प्रोसीजर सो

[05:13:45] करेगा एस एंड ऑफ कंप्लीट प्रोसीजर सो इसीलिए सेमी कॉलन इंसाइड ब्लॉक विल वर्क

[05:13:49] इसीलिए सेमी कॉलन इंसाइड ब्लॉक विल वर्क नॉर्मली यहां पे लिखा है क्रिएट प्रोसीजर

[05:13:52] नॉर्मली यहां पे लिखा है क्रिएट प्रोसीजर प्रोसीजर नेमक एंड ब्रैकेट्स लगे हैं। इस

[05:13:55] प्रोसीजर नेमक एंड ब्रैकेट्स लगे हैं। इस लाइन का यूज़ होता है स्ट प्रोसीजर बनाने

[05:13:58] लाइन का यूज़ होता है स्ट प्रोसीजर बनाने के लिए। यहां पे लिखा है क्रिएट प्रोसीजर।

[05:14:01] के लिए। यहां पे लिखा है क्रिएट प्रोसीजर। यह प्रोसीजर क्रिएट करने का कमांड है। फिर

[05:14:04] यह प्रोसीजर क्रिएट करने का कमांड है। फिर लिखा है प्रोसीजर नेम। यह प्रोसीजर का नाम

[05:14:07] लिखा है प्रोसीजर नेम। यह प्रोसीजर का नाम है। देन लगाया है हमने ब्रैकेट्स। यह

[05:14:10] है। देन लगाया है हमने ब्रैकेट्स। यह पैराटर्स के लिए है। लेकिन अब यह एंप्टी

[05:14:12] पैराटर्स के लिए है। लेकिन अब यह एंप्टी है। फिर हमने लिखा है बिगिन। बिगिन जो है

[05:14:16] है। फिर हमने लिखा है बिगिन। बिगिन जो है यह बताता है कि यहां से प्रोसीजर का कोड

[05:14:18] यह बताता है कि यहां से प्रोसीजर का कोड स्टार्ट हो रहा है। सिंपल लैंग्वेज में

[05:14:21] स्टार्ट हो रहा है। सिंपल लैंग्वेज में बोले तो यहां से मेरा लॉजिक शुरू हो रहा

[05:14:23] बोले तो यहां से मेरा लॉजिक शुरू हो रहा है। फिर हमने लिखा है एसक्यूएल

[05:14:25] है। फिर हमने लिखा है एसक्यूएल स्टेटमेंट्स। यहां हम अपनी एक्चुअल

[05:14:28] स्टेटमेंट्स। यहां हम अपनी एक्चुअल एसक्यूएल क्वरीज़ लिखते हैं। जैसे कि हमने

[05:14:30] एसक्यूएल क्वरीज़ लिखते हैं। जैसे कि हमने लिखना है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइज़

[05:14:32] लिखना है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइज़ डिलीट फ्रॉम एंप्लॉयज़ वेयर आईडी इक्वल टू

[05:14:34] डिलीट फ्रॉम एंप्लॉयज़ वेयर आईडी इक्वल टू फाइव जो भी देना है हमें यहीं पे देंगे

[05:14:37] फाइव जो भी देना है हमें यहीं पे देंगे हम। यहां पे हम एक से ज्यादा क्वेरी लिख

[05:14:39] हम। यहां पे हम एक से ज्यादा क्वेरी लिख सकते हैं। फिर हमने लिखा है एंड डॉलर

[05:14:43] सकते हैं। फिर हमने लिखा है एंड डॉलर डॉलर। यह प्रोसीजर का एंडिंग पॉइंट है।

[05:14:46] डॉलर। यह प्रोसीजर का एंडिंग पॉइंट है। एंड जो है वह ब्लॉक क्लज़ है। एंड डॉलर जो

[05:14:50] एंड जो है वह ब्लॉक क्लज़ है। एंड डॉलर जो है वह मायesक्यूएल को सिग्नल देता है। अब

[05:14:52] है वह मायesक्यूएल को सिग्नल देता है। अब प्रोसीजर कंप्लीट हो गया। फिर हमने एंड

[05:14:54] प्रोसीजर कंप्लीट हो गया। फिर हमने एंड में लिखा है डेलीमीटर एंड सेमी कॉललन। अब

[05:14:57] में लिखा है डेलीमीटर एंड सेमी कॉललन। अब हम डेलीमीटर वापस नॉर्मल सेमी कॉललन कर

[05:15:00] हम डेलीमीटर वापस नॉर्मल सेमी कॉललन कर देते हैं। ये इंपॉर्टेंट है ताकि बाकी

[05:15:02] देते हैं। ये इंपॉर्टेंट है ताकि बाकी क्वेरीज़ प्रॉपर्ली चलें। स्टर्ड प्रोसीजर

[05:15:06] क्वेरीज़ प्रॉपर्ली चलें। स्टर्ड प्रोसीजर के अंदर मल्टीपल सेमी कॉललंस होते हैं।

[05:15:08] के अंदर मल्टीपल सेमी कॉललंस होते हैं। इसीलिए माय एसक्यूएल कंफ्यूज ना हो। हम

[05:15:10] इसीलिए माय एसक्यूएल कंफ्यूज ना हो। हम डेलीमीटर टेंपरेरी चेंज कर देते हैं। और

[05:15:13] डेलीमीटर टेंपरेरी चेंज कर देते हैं। और डेलीमीटर क्या है? यह एक सिंबल होता है जो

[05:15:15] डेलीमीटर क्या है? यह एक सिंबल होता है जो एसक्यूएल को बताता है कि कमांड कहां खत्म

[05:15:17] एसक्यूएल को बताता है कि कमांड कहां खत्म हो रही है। डेलीमीटर वो साइन होता है जो

[05:15:21] हो रही है। डेलीमीटर वो साइन होता है जो बताता है कि एसक्यूएल स्टेटमेंट यहां एंड

[05:15:23] बताता है कि एसक्यूएल स्टेटमेंट यहां एंड हो गया। जैसे कि हम पहले यूज़ करते थे।

[05:15:25] हो गया। जैसे कि हम पहले यूज़ करते थे। यहां पे हमने इसे लगाया है सेमी कॉललन। तो

[05:15:27] यहां पे हमने इसे लगाया है सेमी कॉललन। तो यहां पे एसक्यूएल समझ जाएगा कि ये वाला

[05:15:29] यहां पे एसक्यूएल समझ जाएगा कि ये वाला स्टेटमेंट यहीं खत्म हो रहा है। एंड स्ट

[05:15:32] स्टेटमेंट यहीं खत्म हो रहा है। एंड स्ट प्रोसीजर के अंदर मल्टीपल क्वेरीज़ होती

[05:15:34] प्रोसीजर के अंदर मल्टीपल क्वेरीज़ होती हैं। माय एसक्यूएल कंफ्यूज ना हो जाए और

[05:15:37] हैं। माय एसक्यूएल कंफ्यूज ना हो जाए और पहले सेमी कॉललन पर ही ना रुक जाए। इसलिए

[05:15:39] पहले सेमी कॉललन पर ही ना रुक जाए। इसलिए हम यूज़ करते हैं डेलीमीटर का। माय

[05:15:41] हम यूज़ करते हैं डेलीमीटर का। माय एसक्यूएल कंफ्यूज हो जाए और पहले सेमी

[05:15:43] एसक्यूएल कंफ्यूज हो जाए और पहले सेमी कॉललन पर ही रुक जाए और सोचे प्रोसीजर

[05:15:46] कॉललन पर ही रुक जाए और सोचे प्रोसीजर खत्म हो गया है। इसका सॉल्यूशन है

[05:15:48] खत्म हो गया है। इसका सॉल्यूशन है डेलीमीटर। हम डेलीमीटर चेंज कर देते हैं।

[05:15:51] डेलीमीटर। हम डेलीमीटर चेंज कर देते हैं। अब एमआईएसएल समझेगा कि सेमी कॉललन जो है

[05:15:54] अब एमआईएसएल समझेगा कि सेमी कॉललन जो है वो नॉर्मल स्टेटमेंट के लिए है और डॉलर

[05:15:56] वो नॉर्मल स्टेटमेंट के लिए है और डॉलर डॉलर जो है वो पूरा प्रोसीजर खत्म हो गया।

[05:15:59] डॉलर जो है वो पूरा प्रोसीजर खत्म हो गया। अभी हम यहां पर लिखते हैं टेलीमीटर

[05:16:08] डॉलर डॉलर देन हम लिखेंगे

[05:16:12] डॉलर डॉलर देन हम लिखेंगे क्रिएट

[05:16:16] प्रोसीजर

[05:16:21] गेट एंप्लाइजस

[05:16:28] बिगिन

[05:16:33] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइजज़

[05:16:39] एंड देन हम इसको यहां पे एंड कर देंगे।

[05:16:41] एंड देन हम इसको यहां पे एंड कर देंगे। एंड डॉलर डॉलर यह हमने अपनी पहली क्वरी

[05:16:45] एंड डॉलर डॉलर यह हमने अपनी पहली क्वरी लिखी। फिर लिखेंगे हम डेलीमीटर।

[05:16:53] यहां पर हमने स्पेस नहीं दिया था इसलिए

[05:16:55] यहां पर हमने स्पेस नहीं दिया था इसलिए यहां पर एरर आ रही थी। अब यह करेक्ट है।

[05:16:59] यहां पर एरर आ रही थी। अब यह करेक्ट है। यहां पे हमने लिखा है डेलीमीटर डॉलर डॉलर

[05:17:02] यहां पे हमने लिखा है डेलीमीटर डॉलर डॉलर ये मैंने बताया जैसे आपको ये डिफॉल्ट

[05:17:05] ये मैंने बताया जैसे आपको ये डिफॉल्ट डेमीटर है जो कि सेमी कॉललन है। लेकिन

[05:17:07] डेमीटर है जो कि सेमी कॉललन है। लेकिन प्रॉब्लम क्या है? प्रोसीजर के अंदर हम

[05:17:09] प्रॉब्लम क्या है? प्रोसीजर के अंदर हम मल्टीपल स्टेटमेंट लिखते हैं और हर

[05:17:11] मल्टीपल स्टेटमेंट लिखते हैं और हर स्टेटमेंट के एंड में सेमी कॉललन होता है।

[05:17:13] स्टेटमेंट के एंड में सेमी कॉललन होता है। जैसे हमने यहां पर लिखा है सेलेक्ट स्टार

[05:17:15] जैसे हमने यहां पर लिखा है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइज।

[05:17:17] फ्रॉम एंप्लाइज। एंड फिर हम लिखते हैं अपडेट

[05:17:21] एंड फिर हम लिखते हैं अपडेट एंप्लॉय सेट सैलरी = 50000 तो मायसक्यूएल

[05:17:25] एंप्लॉय सेट सैलरी = 50000 तो मायसक्यूएल कंफ्यूज हो जाता है। उसको लगता है कि सेमी

[05:17:27] कंफ्यूज हो जाता है। उसको लगता है कि सेमी कॉललन मतलब कमांड एंड हो जाती है और हम

[05:17:30] कॉललन मतलब कमांड एंड हो जाती है और हम डेलीमीटर चेंज कर देते हैं टेंपरेरी।

[05:17:32] डेलीमीटर चेंज कर देते हैं टेंपरेरी। इसीलिए हमने डेलीमीटर को चेंज कर दिया है

[05:17:35] इसीलिए हमने डेलीमीटर को चेंज कर दिया है टेंपरेरी। डेलीमीटर डॉलर का मतलब है

[05:17:38] टेंपरेरी। डेलीमीटर डॉलर का मतलब है अपयसक्यूएल कमांड एंड तब समझेगा जब डॉलर

[05:17:42] अपयसक्यूएल कमांड एंड तब समझेगा जब डॉलर डॉलर आएगा। फिर हमने यहां पर लिखा है

[05:17:44] डॉलर आएगा। फिर हमने यहां पर लिखा है क्रिएट प्रोसीजर मतलब हम एक नया प्रोसीजर

[05:17:46] क्रिएट प्रोसीजर मतलब हम एक नया प्रोसीजर बना रहे हैं। गेट एंप्लाइज जो है वह

[05:17:48] बना रहे हैं। गेट एंप्लाइज जो है वह प्रोसीजर का नाम है और यह क्या है?

[05:17:51] प्रोसीजर का नाम है और यह क्या है? पैराटर्स के लिए है। अभी ये एंप्टी है।

[05:17:54] पैराटर्स के लिए है। अभी ये एंप्टी है। फिर हमने लगाया है बिगिन। यह स्टार्ट

[05:17:56] फिर हमने लगाया है बिगिन। यह स्टार्ट ब्लॉक है। यहां से हम अपना लॉजिक लिखना

[05:17:58] ब्लॉक है। यहां से हम अपना लॉजिक लिखना स्टार्ट करते हैं। फिर हमने लिखा है

[05:18:00] स्टार्ट करते हैं। फिर हमने लिखा है सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय। यह एक्चुअल

[05:18:03] सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय। यह एक्चुअल एसक्यूएल लॉजिक है जो हम नॉर्मली भी लिखते

[05:18:06] एसक्यूएल लॉजिक है जो हम नॉर्मली भी लिखते हैं। फिर हमने लगाया है एंड डॉलर डॉलर। यह

[05:18:08] हैं। फिर हमने लगाया है एंड डॉलर डॉलर। यह ब्लॉक का एंड है। डॉलर डॉलर जो है वो

[05:18:10] ब्लॉक का एंड है। डॉलर डॉलर जो है वो मायक्यूएल को बताता है कि प्रोसीजर यहां

[05:18:13] मायक्यूएल को बताता है कि प्रोसीजर यहां खत्म हो गया है। देन हमने लिखा है

[05:18:14] खत्म हो गया है। देन हमने लिखा है डेलीमीटर सेमी कॉललन। आपको डेलीमीटर और

[05:18:17] डेलीमीटर सेमी कॉललन। आपको डेलीमीटर और सेमी कॉललन के बीच में एक स्पेस देना है

[05:18:20] सेमी कॉललन के बीच में एक स्पेस देना है यहां पे। अब हम डेलीमीटर वापस नॉर्मल कर

[05:18:22] यहां पे। अब हम डेलीमीटर वापस नॉर्मल कर देते हैं। फिर हम यहां पे लिखेंगे

[05:18:26] देते हैं। फिर हम यहां पे लिखेंगे कॉल

[05:18:28] कॉल गेट एंप्लाइजज़।

[05:18:36] अभी हमें यहां पर सारे एंप्लाइज मिल गए।

[05:18:39] अभी हमें यहां पर सारे एंप्लाइज मिल गए। कॉल गेट एंप्लाइज में कॉल प्रोसीजर रन

[05:18:42] कॉल गेट एंप्लाइज में कॉल प्रोसीजर रन कराने के लिए है और गेट एंप्लॉय फंक्शन जो

[05:18:44] कराने के लिए है और गेट एंप्लॉय फंक्शन जो है यह प्रोसीजर का नाम है। तो हमें आउटपुट

[05:18:47] है यह प्रोसीजर का नाम है। तो हमें आउटपुट में एंप्लॉय टेबल का पूरा डेटा शो होगा।

[05:18:50] में एंप्लॉय टेबल का पूरा डेटा शो होगा। अभी ये तो हमने देखा प्रोसीजर विदाउट

[05:18:53] अभी ये तो हमने देखा प्रोसीजर विदाउट पैराटर्स। अब हम देखते हैं विद पैराटर्स।

[05:18:56] पैराटर्स। अब हम देखते हैं विद पैराटर्स। हमने जो प्रोसीजर बनाया था वह स्टैटिक था।

[05:18:59] हमने जो प्रोसीजर बनाया था वह स्टैटिक था। अब अगर मुझे सिर्फ एक स्पेसिफिक एंप्लॉय

[05:19:01] अब अगर मुझे सिर्फ एक स्पेसिफिक एंप्लॉय का डाटा चाहिए हो तो हर बार क्वेरी चेंज

[05:19:05] का डाटा चाहिए हो तो हर बार क्वेरी चेंज करनी पड़ेगी। इसका सॉल्यूशन है पैराटर्स।

[05:19:08] करनी पड़ेगी। इसका सॉल्यूशन है पैराटर्स। पैराटर्स का यूज़ करके हम प्रोसीजर को

[05:19:10] पैराटर्स का यूज़ करके हम प्रोसीजर को डायनेमिक बना सकते हैं। मतलब हर बार

[05:19:13] डायनेमिक बना सकते हैं। मतलब हर बार डिफरेंट वैल्यू पास कर सकते हैं। तीन टाइप

[05:19:15] डिफरेंट वैल्यू पास कर सकते हैं। तीन टाइप के पैरामीटर्स होते हैं। फर्स्ट वन इज़ इन,

[05:19:21] के पैरामीटर्स होते हैं। फर्स्ट वन इज़ इन, सेकंड वन इज़ आउट।

[05:19:28] एंड थर्ड वन इज इन आउट।

[05:19:34] इन जो होता है यह इनपुट लेने के लिए होता

[05:19:37] इन जो होता है यह इनपुट लेने के लिए होता है।

[05:19:42] आउट जो होता है यह आउटपुट देने के लिए

[05:19:45] आउट जो होता है यह आउटपुट देने के लिए होता है।

[05:19:47] होता है। एंड इन आउट जो होता है यह दोनों काम करता

[05:19:50] एंड इन आउट जो होता है यह दोनों काम करता है। इनपुट भी लेता है एंड आउटपुट भी देता

[05:19:53] है। इनपुट भी लेता है एंड आउटपुट भी देता है।

[05:19:58] अभी सबसे पहले हम समझेंगे इन पैरामीटर के

[05:20:01] अभी सबसे पहले हम समझेंगे इन पैरामीटर के बारे में।

[05:20:04] बारे में। हम लिखेंगे इसके लिए डेलीमीटर

[05:20:09] डॉलर डॉलर

[05:20:12] डॉलर डॉलर देन हम यहां पे लगाएंगे क्रिएट

[05:20:17] प्रोसीजर

[05:20:20] गेट एंप्लॉय

[05:20:26] बाय आईडी

[05:20:32] इन

[05:20:34] इन एंप्लॉय आईडी

[05:20:37] एंप्लॉय आईडी इंट

[05:20:41] फिर हम यहां पे लिखेंगे बिगिन

[05:20:48] देन लिखेंगे हम सेलेक्ट

[05:20:52] स्टार फ्रॉम

[05:20:56] स्टार फ्रॉम एंप्लाइज

[05:20:58] एंप्लाइज वेयर

[05:21:04] आईडी =

[05:21:07] आईडी = ईएमपी आईडी

[05:21:10] ईएमपी आईडी एंड देन हमें इसको एंड करना है

[05:21:19] और एंड में वापस चेंज कर देना है डायलमीटर

[05:21:22] और एंड में वापस चेंज कर देना है डायलमीटर को सेमी कॉललन में

[05:21:32] यहां पर क्या हो रहा है? हम समझते हैं

[05:21:34] यहां पर क्या हो रहा है? हम समझते हैं लाइन बाय लाइन। सबसे पहले हम समझते हैं इन

[05:21:38] लाइन बाय लाइन। सबसे पहले हम समझते हैं इन एंप्लॉय आईडी इंट को। यहां पे इन जो है यह

[05:21:41] एंप्लॉय आईडी इंट को। यहां पे इन जो है यह बताता है कि वैल्यू बाहर से आएगी। फिर

[05:21:44] बताता है कि वैल्यू बाहर से आएगी। फिर हमने लिखा है एंप्लॉय आईडी। यह वेरिएबल का

[05:21:47] हमने लिखा है एंप्लॉय आईडी। यह वेरिएबल का नेम है और इंट जो है वो डेटा टाइप है। जब

[05:21:50] नेम है और इंट जो है वो डेटा टाइप है। जब हम प्रोसीजर कॉल करेंगे तब ये वैल्यू पास

[05:21:53] हम प्रोसीजर कॉल करेंगे तब ये वैल्यू पास होगी। फिर हमने लिखा है वेयर आईडी =

[05:21:56] होगी। फिर हमने लिखा है वेयर आईडी = एंप्लॉय आईडी। अब यह फिक्स्ड वैल्यू नहीं

[05:21:59] एंप्लॉय आईडी। अब यह फिक्स्ड वैल्यू नहीं है। यह डायनेमिक हो गया है। जैसे अगर यहां

[05:22:02] है। यह डायनेमिक हो गया है। जैसे अगर यहां पे हम लिखते हैं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[05:22:04] पे हम लिखते हैं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय वेयर आईडी = टू या कोई भी देते

[05:22:06] एंप्लॉय वेयर आईडी = टू या कोई भी देते हैं आईडी थ्री दे देते हैं हम। तो यहां पे

[05:22:09] हैं आईडी थ्री दे देते हैं हम। तो यहां पे टू या थ्री जो देंगे हम वो फिक्स है। अगर

[05:22:12] टू या थ्री जो देंगे हम वो फिक्स है। अगर हर बार अलग एंप्लॉय चाहिए तो क्वेरी चेंज

[05:22:14] हर बार अलग एंप्लॉय चाहिए तो क्वेरी चेंज करनी पड़ेगी। जैसे अगर हमको थ्री के लिए

[05:22:16] करनी पड़ेगी। जैसे अगर हमको थ्री के लिए चाहिए तो हमें यहां पे थ्री डालना पड़ेगा।

[05:22:18] चाहिए तो हमें यहां पे थ्री डालना पड़ेगा। देन फिर को डालना पड़ेगा। क्वेरी बार-बार

[05:22:21] देन फिर को डालना पड़ेगा। क्वेरी बार-बार लिखनी पड़ेगी। टाइम वेस्ट होगा। प्लस

[05:22:23] लिखनी पड़ेगी। टाइम वेस्ट होगा। प्लस रिपीटेशन होगा। इसीलिए अब स्टोर प्रोसीजर

[05:22:26] रिपीटेशन होगा। इसीलिए अब स्टोर प्रोसीजर में क्या चेंज होगा? सिर्फ हम यहां पे लिख

[05:22:28] में क्या चेंज होगा? सिर्फ हम यहां पे लिख देंगे एंप्लॉय आईडी। यहां एंप्लॉय आईडी एक

[05:22:31] देंगे एंप्लॉय आईडी। यहां एंप्लॉय आईडी एक वेरिएबल है। फिक्स्ड वैल्यू नहीं है।

[05:22:34] वेरिएबल है। फिक्स्ड वैल्यू नहीं है। डायनेमिक का मतलब होता है वैल्यू फिक्स

[05:22:36] डायनेमिक का मतलब होता है वैल्यू फिक्स नहीं है। रन टाइम पर चेंज हो सकती है।

[05:22:39] नहीं है। रन टाइम पर चेंज हो सकती है। यहां पे प्रोसीजर क्रिएट हुआ एंप्लॉय गेट

[05:22:41] यहां पे प्रोसीजर क्रिएट हुआ एंप्लॉय गेट एंप्लॉय बाय आईडी इन एंप्लॉय आईडी इंट।

[05:22:45] एंप्लॉय बाय आईडी इन एंप्लॉय आईडी इंट। मतलब फ्यूचर में कोई भी वैल्यू आ सकती है।

[05:22:48] मतलब फ्यूचर में कोई भी वैल्यू आ सकती है। फिर इसको हम कॉल करेंगे। जब हम यहां पर

[05:22:50] फिर इसको हम कॉल करेंगे। जब हम यहां पर कॉल करेंगे कॉल गेट

[05:22:56] कॉल करेंगे कॉल गेट एंप्लॉय बाय आईडी।

[05:22:59] एंप्लॉय बाय आईडी। तो इसके अंदर हमें जो आईडी चाहिए वो हम दे

[05:23:02] तो इसके अंदर हमें जो आईडी चाहिए वो हम दे सकते हैं। अगर हमें फाइव के लिए चाहिए तो

[05:23:03] सकते हैं। अगर हमें फाइव के लिए चाहिए तो हम फाइव के लिए कॉल कर लेंगे।

[05:23:08] अब मुझे चाहिए 10 के लिए। तो मैं यहां पे

[05:23:10] अब मुझे चाहिए 10 के लिए। तो मैं यहां पे 10 लिख सकती हूं। 10 वाली एंप्लॉय आईडी आ

[05:23:13] 10 लिख सकती हूं। 10 वाली एंप्लॉय आईडी आ जाएगी। तो यहां पे हम चेंज कर सकते हैं।

[05:23:16] जाएगी। तो यहां पे हम चेंज कर सकते हैं। ये डायनेमिक हो गया। स्टैटिक नहीं रहा।

[05:23:20] ये डायनेमिक हो गया। स्टैटिक नहीं रहा। यहां पर एंप्लॉय आईडी एक प्लेस होल्डर की

[05:23:23] यहां पर एंप्लॉय आईडी एक प्लेस होल्डर की तरह काम कर रही है। जो वैल्यू हम कॉल के

[05:23:25] तरह काम कर रही है। जो वैल्यू हम कॉल के टाइम पर देंगे वह यहां पर रिप्लेस हो

[05:23:27] टाइम पर देंगे वह यहां पर रिप्लेस हो जाएगी। तो यहां पे हमें आउटपुट में सिर्फ

[05:23:30] जाएगी। तो यहां पे हमें आउटपुट में सिर्फ 10 आईडी वाला एंप्लॉय मिला। इन पैरामीटर

[05:23:34] 10 आईडी वाला एंप्लॉय मिला। इन पैरामीटर का यूज़ हम इनपुट देने के लिए करते हैं।

[05:23:36] का यूज़ हम इनपुट देने के लिए करते हैं। जिससे प्रोसीजर डायनेमिक बन जाता है।

[05:23:39] जिससे प्रोसीजर डायनेमिक बन जाता है। नेक्स्ट हम पढ़ेंगे आउट के बारे में। आउट

[05:23:42] नेक्स्ट हम पढ़ेंगे आउट के बारे में। आउट आउटपुट रिटर्न करता है। यहां पर हम

[05:23:44] आउटपुट रिटर्न करता है। यहां पर हम लिखेंगे

[05:23:48] टेलीमीटर

[05:23:52] प्रोसीजर

[05:23:56] गेट एंप्लॉय

[05:24:00] काउंट

[05:24:03] काउंट यहां पे हम पैरामीटर लेंगे आउट टोटल इंट

[05:24:08] यहां पे हम पैरामीटर लेंगे आउट टोटल इंट यहां पे हम एंप्लॉय काउंट कर रहे हैं। फिर

[05:24:10] यहां पे हम एंप्लॉय काउंट कर रहे हैं। फिर लिखेंगे यहां पे हम बिगिन

[05:24:12] लिखेंगे यहां पे हम बिगिन देन हम लिखेंगे सेलेक्ट

[05:24:16] देन हम लिखेंगे सेलेक्ट काउंट

[05:24:18] काउंट टोटल काउंट करना है तो यहां पे हमने काउंट

[05:24:20] टोटल काउंट करना है तो यहां पे हमने काउंट लिखा देन लिखा स्टार इंटू टोटल इज इक्वल

[05:24:25] लिखा देन लिखा स्टार इंटू टोटल इज इक्वल टू

[05:24:27] टू टोटल फ्रॉम एंप्लाइज टोटल चाहिए हमें

[05:24:32] टोटल फ्रॉम एंप्लाइज टोटल चाहिए हमें एंप्लाइज से देन हम यहां पर लगा देंगे एंड

[05:24:36] एंप्लाइज से देन हम यहां पर लगा देंगे एंड डॉलर डॉलर देन

[05:24:42] टेलीमीटर

[05:24:43] टेलीमीटर एंड कर दिया।

[05:24:50] यहां पे मैंने डालीमीटर स्टार्ट नहीं किया

[05:24:52] यहां पे मैंने डालीमीटर स्टार्ट नहीं किया था। इसीलिए यहां पे ये बार-बार वही वाली

[05:24:54] था। इसीलिए यहां पे ये बार-बार वही वाली आईडी कॉल हो रही है। कहेंगे डॉलर डॉलर या

[05:24:58] आईडी कॉल हो रही है। कहेंगे डॉलर डॉलर या अब सही है।

[05:25:05] तो ये प्रोसीजर क्रिएट हो गया। यहां पर

[05:25:08] तो ये प्रोसीजर क्रिएट हो गया। यहां पर हमने दिया है आउट टोटल इंट। यह आउटपुट

[05:25:11] हमने दिया है आउट टोटल इंट। यह आउटपुट वेरिएबल है। इसमें रिजल्ट स्टोर होगा।

[05:25:15] वेरिएबल है। इसमें रिजल्ट स्टोर होगा। टोटल वेरिएबल का नाम है एंड इंट जो है वो

[05:25:19] टोटल वेरिएबल का नाम है एंड इंट जो है वो डेटा टाइप है। और यहां पे आउट जो है यह

[05:25:22] डेटा टाइप है। और यहां पे आउट जो है यह आउटपुट वेरिएबल है। रिजल्ट इसमें स्टोर

[05:25:25] आउटपुट वेरिएबल है। रिजल्ट इसमें स्टोर होगा। काउंट का रिजल्ट टोटल में स्टोर हो

[05:25:30] होगा। काउंट का रिजल्ट टोटल में स्टोर हो रहा है। अब इसको हम कॉल करते हैं। यहां पे

[05:25:32] रहा है। अब इसको हम कॉल करते हैं। यहां पे हम लिखेंगे कॉल

[05:25:35] हम लिखेंगे कॉल गेट। मैं इसे कॉपी कर लेती हूं मैं पूरा

[05:25:38] गेट। मैं इसे कॉपी कर लेती हूं मैं पूरा नाम

[05:25:43] गेट एंप्लॉय अकाउंट

[05:25:45] गेट एंप्लॉय अकाउंट एंड देन यहां पे हम लगाएंगे @

[05:25:49] एंड देन यहां पे हम लगाएंगे @ रिजल्ट

[05:25:52] एंड देन सेलेक्ट

[05:25:56] एंड देन सेलेक्ट @

[05:25:58] @ रिजल्ट

[05:26:02] यहां पे हम आउट पैरामीटर यूज़ कर रहे हैं

[05:26:05] यहां पे हम आउट पैरामीटर यूज़ कर रहे हैं स्टोर प्रोसीजर डायरेक्ट वैल्यू प्रिंट

[05:26:07] स्टोर प्रोसीजर डायरेक्ट वैल्यू प्रिंट नहीं करता है। वह वैल्यू को एक वेरिएबल

[05:26:10] नहीं करता है। वह वैल्यू को एक वेरिएबल में स्टोर करता है। सेलेक्ट काउंट स्टार

[05:26:12] में स्टोर करता है। सेलेक्ट काउंट स्टार इनू टोटल फ्रॉम एंप्लाइजज़। यह एंप्लॉय यह

[05:26:14] इनू टोटल फ्रॉम एंप्लाइजज़। यह एंप्लॉय यह टोटल काउंट निकाल रहा है और उस रिजल्ट को

[05:26:18] टोटल काउंट निकाल रहा है और उस रिजल्ट को टोटल वेरिएबल में स्टोर कर रहा है। टोटल

[05:26:20] टोटल वेरिएबल में स्टोर कर रहा है। टोटल इज़ इक्वल टू आउट पैरामीटर। फिर हमने कॉल

[05:26:23] इज़ इक्वल टू आउट पैरामीटर। फिर हमने कॉल किया है गेट एंप्लॉय काउंट @ रिजल्ट। कॉल

[05:26:27] किया है गेट एंप्लॉय काउंट @ रिजल्ट। कॉल प्रोसीजर रन कराने के लिए है। गेट एंप्लई

[05:26:30] प्रोसीजर रन कराने के लिए है। गेट एंप्लई अकाउंट प्रोसीजर का नेम है और @ रिजल्ट जो

[05:26:33] अकाउंट प्रोसीजर का नेम है और @ रिजल्ट जो है यह एक यूजर डिफाइंड वेरिएबल है। अब @

[05:26:37] है यह एक यूजर डिफाइंड वेरिएबल है। अब @ रिजल्ट क्या है? यह एक वेरिएबल है जो माय

[05:26:40] रिजल्ट क्या है? यह एक वेरिएबल है जो माय एसक्यूएल के अंदर टेंपरेरी वैल्यू स्टोर

[05:26:42] एसक्यूएल के अंदर टेंपरेरी वैल्यू स्टोर कराता है। आउट पैरामीटर की वैल्यू रिसीव

[05:26:46] कराता है। आउट पैरामीटर की वैल्यू रिसीव करता है। इसमें प्रोसीजर इंटरनली क्या

[05:26:48] करता है। इसमें प्रोसीजर इंटरनली क्या करता है? इंटरनली इसमें होता है टोटल इक्व

[05:26:53] करता है? इंटरनली इसमें होता है टोटल इक्व काउंट

[05:26:57] स्टार

[05:26:59] स्टार यह इसमें इंटरनली हो रहा है। फिर टोटल की

[05:27:03] यह इसमें इंटरनली हो रहा है। फिर टोटल की वैल्यू जो है वो रिजल्ट में स्टोर हो जाती

[05:27:06] वैल्यू जो है वो रिजल्ट में स्टोर हो जाती है। देन हमने आउटपुट देखने के लिए किया है

[05:27:08] है। देन हमने आउटपुट देखने के लिए किया है सेलेक्ट @ रिजल्ट। इसे कॉल करते हैं पहले।

[05:27:11] सेलेक्ट @ रिजल्ट। इसे कॉल करते हैं पहले। देन हम इसे करते हैं। तो हमें यहां पे

[05:27:14] देन हम इसे करते हैं। तो हमें यहां पे मिला रिजल्ट 40 में।

[05:27:17] मिला रिजल्ट 40 में। टोटल इसने एंप्लॉय काउंट करके हमको दे दिए

[05:27:19] टोटल इसने एंप्लॉय काउंट करके हमको दे दिए 40। सेलेक्ट @ रिजल्ट जो है यह वेरिएबल की

[05:27:23] 40। सेलेक्ट @ रिजल्ट जो है यह वेरिएबल की वैल्यू शो करता है। सबसे पहले प्रोसीजर रन

[05:27:27] वैल्यू शो करता है। सबसे पहले प्रोसीजर रन हुआ देन काउंट निकला। फिर वैल्यू @ रिजल्ट

[05:27:30] हुआ देन काउंट निकला। फिर वैल्यू @ रिजल्ट इसमें स्टोर हुई। देन सेलेक्ट से आउटपुट

[05:27:33] इसमें स्टोर हुई। देन सेलेक्ट से आउटपुट डिस्प्ले हुआ। सपोज़ अगर एंप्लॉयर 10 है तो

[05:27:36] डिस्प्ले हुआ। सपोज़ अगर एंप्लॉयर 10 है तो टोटल इज़ इक्वल टू यहां पे हो जाएगा 10।

[05:27:38] टोटल इज़ इक्वल टू यहां पे हो जाएगा 10। देन देन @ रिजल्ट इज़ इक्वल टू हो जाएगा

[05:27:41] देन देन @ रिजल्ट इज़ इक्वल टू हो जाएगा 10। फिर सेलेक्ट रिजल्ट जैसे ही हम करेंगे

[05:27:43] 10। फिर सेलेक्ट रिजल्ट जैसे ही हम करेंगे हमें आउटपुट मिल जाएगा। स्टर्ड प्रोसीजर

[05:27:45] हमें आउटपुट मिल जाएगा। स्टर्ड प्रोसीजर डायरेक्टली वैल्यू प्रिंट नहीं करता है।

[05:27:47] डायरेक्टली वैल्यू प्रिंट नहीं करता है। वह वैल्यू को एक वेरिएबल में स्टोर करता

[05:27:49] वह वैल्यू को एक वेरिएबल में स्टोर करता है और फिर हम उस वेरिएबल को सेलेक्ट करके

[05:27:52] है और फिर हम उस वेरिएबल को सेलेक्ट करके आउटपुट देखते हैं। तो यहां पे हमने देख

[05:27:54] आउटपुट देखते हैं। तो यहां पे हमने देख लिया आउट पैरामीटर को। आउट पैरामीटर का

[05:27:56] लिया आउट पैरामीटर को। आउट पैरामीटर का यूज़ हम रिजल्ट रिटर्न कराने के लिए करते

[05:27:58] यूज़ हम रिजल्ट रिटर्न कराने के लिए करते हैं। अभी नेक्स्ट पढ़ेंगे हम इनआउट

[05:28:00] हैं। अभी नेक्स्ट पढ़ेंगे हम इनआउट पैरामीटर के लिए। इन आउट का मतलब है इनपुट

[05:28:04] पैरामीटर के लिए। इन आउट का मतलब है इनपुट भी लेगा और आउटपुट भी देगा। मतलब हम

[05:28:06] भी लेगा और आउटपुट भी देगा। मतलब हम वैल्यू भेजते भी हैं और अपडेट वैल्यू वापस

[05:28:09] वैल्यू भेजते भी हैं और अपडेट वैल्यू वापस भी लेते हैं। इन आउट पैरामीटर एक ऐसा

[05:28:12] भी लेते हैं। इन आउट पैरामीटर एक ऐसा पैरामीटर है जो इनपुट भी लेता है और

[05:28:13] पैरामीटर है जो इनपुट भी लेता है और अपडेटेड आउटपुट भी रिटर्न करता है। इन में

[05:28:16] अपडेटेड आउटपुट भी रिटर्न करता है। इन में हम सिर्फ इनपुट ले रहे थे। आउट में हम

[05:28:18] हम सिर्फ इनपुट ले रहे थे। आउट में हम सिर्फ आउटपुट ले रहे थे और इन आउट में हम

[05:28:20] सिर्फ आउटपुट ले रहे थे और इन आउट में हम इनपुट भी लेते हैं और आउटपुट भी देते हैं।

[05:28:22] इनपुट भी लेते हैं और आउटपुट भी देते हैं। इसमें हम लिखेंगे डेलीमीटर डॉलर डॉलर देन

[05:28:27] इसमें हम लिखेंगे डेलीमीटर डॉलर डॉलर देन क्रिएट

[05:28:29] क्रिएट प्रोसीजर

[05:28:36] नाम देंगे इसमें हम अपडेट

[05:28:40] नाम देंगे इसमें हम अपडेट वैल्यू

[05:28:44] लगा रहे हैं इसमें हम इन आउट

[05:28:47] लगा रहे हैं इसमें हम इन आउट नम वेरिएबल का नेम दिया है एंड इंट दिया

[05:28:50] नम वेरिएबल का नेम दिया है एंड इंट दिया है डेटा टाइप देन हम क्वरी बिगिन करेंगे

[05:28:54] है डेटा टाइप देन हम क्वरी बिगिन करेंगे फिर लिखेंगे

[05:28:56] फिर लिखेंगे हमें सेट करना है नम =

[05:29:00] हमें सेट करना है नम = नम + 10

[05:29:05] नम + 10 देन हमें एंड कर देना है इसको फिर लिखना

[05:29:09] देन हमें एंड कर देना है इसको फिर लिखना है डेलीमीटर

[05:29:13] सेमी कॉललन

[05:29:19] यहां पे क्या हुआ इन आउट नम इंट जो है यह

[05:29:22] यहां पे क्या हुआ इन आउट नम इंट जो है यह इसमें इन आउट आउटपुट और इनपुट के लिए है

[05:29:24] इसमें इन आउट आउटपुट और इनपुट के लिए है नम वेरिएबल है और इंट डेटा टाइप है यहां

[05:29:27] नम वेरिएबल है और इंट डेटा टाइप है यहां जो वैल्यू आएगी उसको चेंज भी करेंगे और

[05:29:30] जो वैल्यू आएगी उसको चेंज भी करेंगे और वापस भी भेजेंगे हमने लिखा है सेट नम = नम

[05:29:33] वापस भी भेजेंगे हमने लिखा है सेट नम = नम + 10 अब जो वैल्यू आई है उसमें 10 ऐड कर

[05:29:37] + 10 अब जो वैल्यू आई है उसमें 10 ऐड कर दो और अपडेटेड वैल्यू स्टोर करो। फिर हम

[05:29:40] दो और अपडेटेड वैल्यू स्टोर करो। फिर हम लिखेंगे यहां पे सेट

[05:29:43] लिखेंगे यहां पे सेट @

[05:29:45] @ वैल्यू

[05:29:48] = 5 एंड कॉल करेंगे हम अपडेट वैल्यू

[05:29:57] एंड देन ब्रैकेट में@ वैल्यू

[05:30:02] फिर करेंगे हम सेलेक्ट

[05:30:06] फिर करेंगे हम सेलेक्ट वैल्यू को।

[05:30:11] पहले ये वाला स्टेटमेंट चलाएंगे। फिर ये

[05:30:14] पहले ये वाला स्टेटमेंट चलाएंगे। फिर ये वाला स्टेटमेंट चलाएंगे। देन एंड में

[05:30:16] वाला स्टेटमेंट चलाएंगे। देन एंड में सेलेक्ट वैल्यू करेंगे। तो इसमें 10 में

[05:30:18] सेलेक्ट वैल्यू करेंगे। तो इसमें 10 में फाइव ऐड कर दिया और हमें 15 दे दिया। सेट

[05:30:22] फाइव ऐड कर दिया और हमें 15 दे दिया। सेट वैल्यू इज़ इक्वल टू फाइव आया। यहां पे एक

[05:30:24] वैल्यू इज़ इक्वल टू फाइव आया। यहां पे एक वेरिएबल बना। इसको वैल्यू मिली फाइव। फिर

[05:30:27] वेरिएबल बना। इसको वैल्यू मिली फाइव। फिर स्टेप टू में क्या हुआ? हमने कॉल किया

[05:30:28] स्टेप टू में क्या हुआ? हमने कॉल किया अपडेट वैल्यू @ वैल्यू को @ वैल्यू

[05:30:32] अपडेट वैल्यू @ वैल्यू को @ वैल्यू प्रोसीजर के नम में गया। फिर इनसाइड

[05:30:34] प्रोसीजर के नम में गया। फिर इनसाइड प्रोसीजर क्या हो रहा है? नम इज़ = 5 मिल

[05:30:37] प्रोसीजर क्या हो रहा है? नम इज़ = 5 मिल रहा है। देन नम इज़ इक्वल टू इसने नम + 10

[05:30:40] रहा है। देन नम इज़ इक्वल टू इसने नम + 10 कर दिया। नम की वैल्यू थी फाइव। तो यहां

[05:30:42] कर दिया। नम की वैल्यू थी फाइव। तो यहां पर 5 + 10 हो गया। फिर अपडेटेड वैल्यू

[05:30:45] पर 5 + 10 हो गया। फिर अपडेटेड वैल्यू वापस @ वैल्यू में स्टोर हो गई। जैसे ही

[05:30:48] वापस @ वैल्यू में स्टोर हो गई। जैसे ही हमने किया सेलेक्ट वैल्यू यहां पे हमको

[05:30:51] हमने किया सेलेक्ट वैल्यू यहां पे हमको आउटपुट मिल गया। अब आपके मन में सवाल आ

[05:30:53] आउटपुट मिल गया। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि हम यहां पे @ क्यों यूज़ कर

[05:30:56] रहा होगा कि हम यहां पे @ क्यों यूज़ कर रहे हैं? @ का यूज़ हम यूजर डिफाइन वेरिएबल

[05:30:59] रहे हैं? @ का यूज़ हम यूजर डिफाइन वेरिएबल बनाने के लिए करते हैं। @ का यूज़ माय

[05:31:01] बनाने के लिए करते हैं। @ का यूज़ माय एसक्यूएल में एक वेरिएबल बनाने के लिए

[05:31:03] एसक्यूएल में एक वेरिएबल बनाने के लिए होता है जो टेंपरेरी वैल्यू स्टोर करता

[05:31:05] होता है जो टेंपरेरी वैल्यू स्टोर करता है। जैसे हमने यहां पे लिखा है @ वैल्यू =

[05:31:08] है। जैसे हमने यहां पे लिखा है @ वैल्यू = 5 एंड देन किया है सेलेक्ट @ वैल्यू। यहां

[05:31:12] 5 एंड देन किया है सेलेक्ट @ वैल्यू। यहां पर @ वैल्यू एक वेरिएबल है जो वैल्यू

[05:31:15] पर @ वैल्यू एक वेरिएबल है जो वैल्यू स्टोर कर रहा है। जब हम आउट या इनआउट

[05:31:18] स्टोर कर रहा है। जब हम आउट या इनआउट पैरामीटर यूज़ करते हैं तो स्टोर प्रोसीजर

[05:31:20] पैरामीटर यूज़ करते हैं तो स्टोर प्रोसीजर डायरेक्टली वैल्यू प्रिंट नहीं करता है।

[05:31:22] डायरेक्टली वैल्यू प्रिंट नहीं करता है। वह वैल्यू किसी वेरिएबल में स्टोर करता है

[05:31:24] वह वैल्यू किसी वेरिएबल में स्टोर करता है और उस वेरिएबल को हम @ से डिफाइन करते

[05:31:27] और उस वेरिएबल को हम @ से डिफाइन करते हैं। जैसे आपको अकाउंट नंबर देना है तो आप

[05:31:30] हैं। जैसे आपको अकाउंट नंबर देना है तो आप इन का यूज़ करते हो। बैलेंस देखना है तो

[05:31:33] इन का यूज़ करते हो। बैलेंस देखना है तो आउट का यूज़ करोगे। और इन आउट का कब करोगे?

[05:31:35] आउट का यूज़ करोगे। और इन आउट का कब करोगे? जब आपको बैलेंस अपडेट करना है। स्ट

[05:31:37] जब आपको बैलेंस अपडेट करना है। स्ट प्रोसीडर और फंक्शन दोनों सिमिलर लगते

[05:31:40] प्रोसीडर और फंक्शन दोनों सिमिलर लगते हैं। लेकिन एक बेसिक डिफरेंस समझ लो।

[05:31:42] हैं। लेकिन एक बेसिक डिफरेंस समझ लो। स्टोर प्रोसीडर में रिटर्न वैल्यू ऑप्शनल

[05:31:44] स्टोर प्रोसीडर में रिटर्न वैल्यू ऑप्शनल होती है। जबकि फंक्शन हमेशा एक वैल्यू

[05:31:48] होती है। जबकि फंक्शन हमेशा एक वैल्यू रिटर्न करता है। और एक डिफरेंस यह भी है

[05:31:50] रिटर्न करता है। और एक डिफरेंस यह भी है कि प्रोसीजर को कॉल से रन करा सकते हैं।

[05:31:54] कि प्रोसीजर को कॉल से रन करा सकते हैं। जबकि फंक्शनंस को सेलेक्ट के साथ यूज़ करते

[05:31:57] जबकि फंक्शनंस को सेलेक्ट के साथ यूज़ करते हैं। बाकी डिटेल डिफरेंस हम नेक्स्ट

[05:31:59] हैं। बाकी डिटेल डिफरेंस हम नेक्स्ट वीडियो में कवर करेंगे। जहां हम फंक्शन को

[05:32:01] वीडियो में कवर करेंगे। जहां हम फंक्शन को डीपली समझेंगे। अब आप सोच रहे होंगे व्हाई

[05:32:04] डीपली समझेंगे। अब आप सोच रहे होंगे व्हाई यूज़ स्ट प्रोसीजर? इसका रियल रीज़न है कि

[05:32:07] यूज़ स्ट प्रोसीजर? इसका रियल रीज़न है कि आपको कोड बार-बार लिखने की नीड नहीं है।

[05:32:09] आपको कोड बार-बार लिखने की नीड नहीं है। फास्ट एग्जीक्यूशन होता है, सिक्योर होता

[05:32:12] फास्ट एग्जीक्यूशन होता है, सिक्योर होता है और कोड क्लीन रहता है। अभी कुछ कॉमन

[05:32:14] है और कोड क्लीन रहता है। अभी कुछ कॉमन मिस्टेक्स होती हैं जो स्टूडेंट्स करते

[05:32:16] मिस्टेक्स होती हैं जो स्टूडेंट्स करते हैं। जैसे डेलीमीटर को स्किप कर देना।

[05:32:18] हैं। जैसे डेलीमीटर को स्किप कर देना। इससे क्या होगा? मायक्यूएल एरर देगा।

[05:32:21] इससे क्या होगा? मायक्यूएल एरर देगा। बिगिन एंड मिसिंग होना। इससे क्या होगा?

[05:32:23] बिगिन एंड मिसिंग होना। इससे क्या होगा? मल्टीपल क्वेरीज़ लिख नहीं पाओगे या फिर

[05:32:26] मल्टीपल क्वेरीज़ लिख नहीं पाओगे या फिर कॉल यूज़ नहीं करना। इससे प्रोसीजर रन ही

[05:32:29] कॉल यूज़ नहीं करना। इससे प्रोसीजर रन ही नहीं होगा। और अगर पैरामीटर कंफ्यूजन होगा

[05:32:32] नहीं होगा। और अगर पैरामीटर कंफ्यूजन होगा तो आपको रॉन्ग आउटपुट मिलेगा। अब अभी हम

[05:32:34] तो आपको रॉन्ग आउटपुट मिलेगा। अब अभी हम कुछ प्रैक्टिस सेट देखेंगे। अभी सबसे पहला

[05:32:37] कुछ प्रैक्टिस सेट देखेंगे। अभी सबसे पहला क्वेश्चन है। यह बेसिक लेवल का क्वेश्चन

[05:32:38] क्वेश्चन है। यह बेसिक लेवल का क्वेश्चन है। आपको क्या करना है? क्रिएट करना है

[05:32:40] है। आपको क्या करना है? क्रिएट करना है प्रोसीजर। क्रिएट प्रोसीजर टू शो ऑल

[05:32:44] प्रोसीजर। क्रिएट प्रोसीजर टू शो ऑल कस्टमर्स। एंड देन क्या करना है आपको?

[05:32:47] कस्टमर्स। एंड देन क्या करना है आपको? आपको क्रिएट करना है प्रोसीजर टू शो ऑल

[05:32:51] आपको क्रिएट करना है प्रोसीजर टू शो ऑल प्रोडक्ट्स। मैंने टेबल पहले से बना के

[05:32:53] प्रोडक्ट्स। मैंने टेबल पहले से बना के रखा है। आपको इसके लिए टेबल क्रिएट करना

[05:32:55] रखा है। आपको इसके लिए टेबल क्रिएट करना है। यह है बेसिक लेवल का क्वेश्चन। इसके

[05:32:58] है। यह है बेसिक लेवल का क्वेश्चन। इसके बाद में एक क्वेश्चन है इंटरमीडिएट लेवल

[05:33:00] बाद में एक क्वेश्चन है इंटरमीडिएट लेवल का।

[05:33:02] का। इसमें क्या है? आपको क्रिएट करना है

[05:33:03] इसमें क्या है? आपको क्रिएट करना है प्रोसीजर टू गेट ऑर्डर्स

[05:33:07] प्रोसीजर टू गेट ऑर्डर्स बाय यूजर आईडी

[05:33:10] बाय यूजर आईडी एंड दूसरा क्वेश्चन है इसका क्रिएट

[05:33:13] एंड दूसरा क्वेश्चन है इसका क्रिएट प्रोसीजर टू गेट

[05:33:16] प्रोसीजर टू गेट एंप्लाइज बाय नेम

[05:33:21] अभी क्वेश्चन है एडवांस लेवल का इसमें

[05:33:23] अभी क्वेश्चन है एडवांस लेवल का इसमें पहला क्वेश्चन क्या है आपको क्रिएट करना

[05:33:25] पहला क्वेश्चन क्या है आपको क्रिएट करना है प्रोसीजर टू काउंट

[05:33:28] है प्रोसीजर टू काउंट पोर्टल

[05:33:30] पोर्टल यूर्स

[05:33:32] यूर्स दूसरा क्या है? आपको क्रिएट करना है

[05:33:34] दूसरा क्या है? आपको क्रिएट करना है प्रोसीजर टू अपडेट

[05:33:37] प्रोसीजर टू अपडेट सैलरी

[05:33:39] सैलरी बाय आईडी। एंड थर्ड क्वेश्चन इज़ क्रिएट

[05:33:43] बाय आईडी। एंड थर्ड क्वेश्चन इज़ क्रिएट प्रोसीजर

[05:33:46] टू

[05:33:49] टू डिलीट अ रिकॉर्ड

[05:33:51] डिलीट अ रिकॉर्ड यूजिंग आईडी। सबसे पहला क्वेश्चन सॉल्व

[05:33:54] यूजिंग आईडी। सबसे पहला क्वेश्चन सॉल्व करते हैं। अब क्रिएट प्रोसीजर टू शो ऑल

[05:33:56] करते हैं। अब क्रिएट प्रोसीजर टू शो ऑल कस्टमर्स।

[05:33:57] कस्टमर्स। यहां पर हम लिखेंगे डेनमीटर

[05:34:01] यहां पर हम लिखेंगे डेनमीटर डॉलर डॉलर देन लिखेंगे क्रिएट

[05:34:06] डॉलर डॉलर देन लिखेंगे क्रिएट प्रोसीजर इसको नाम देंगे हम गेट ऑल

[05:34:10] प्रोसीजर इसको नाम देंगे हम गेट ऑल कस्टमर्स

[05:34:14] देन बिगिन

[05:34:19] लिखेंगे सेलेक्ट स्टार

[05:34:23] लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम कस्टमर्स

[05:34:27] देन इसको हम एंड कर देंगे डॉलर डॉलर फिर

[05:34:31] देन इसको हम एंड कर देंगे डॉलर डॉलर फिर लगाएंगे

[05:34:32] लगाएंगे डेलीमीटर सेलिंग कॉल्स

[05:34:36] डेलीमीटर सेलिंग कॉल्स इसको कॉल करते हैं हम

[05:34:39] इसको कॉल करते हैं हम कॉल

[05:34:41] कॉल गेट ऑल

[05:34:44] गेट ऑल कस्टमर्स

[05:34:51] तो इसने हमें सारे कस्टमर दे दिए हमें

[05:34:53] तो इसने हमें सारे कस्टमर दे दिए हमें कस्टमर की आईडी मिली नेम मिल गया और सिड

[05:34:55] कस्टमर की आईडी मिली नेम मिल गया और सिड नेम मिल अभी नेक्स्ट क्वेश्चन क्या है?

[05:34:57] नेम मिल अभी नेक्स्ट क्वेश्चन क्या है? हमें क्रिएट करना है प्रोसीजर टू शो ऑल

[05:34:59] हमें क्रिएट करना है प्रोसीजर टू शो ऑल प्रोडक्ट्स। इसमें हम मैं इसको कॉपी कर

[05:35:01] प्रोडक्ट्स। इसमें हम मैं इसको कॉपी कर लेती हूं।

[05:35:08] डेट ऑल प्रोडक्ट्स कर देते हैं कस्टमर की

[05:35:10] डेट ऑल प्रोडक्ट्स कर देते हैं कस्टमर की जगह पर।

[05:35:14] एंड बिगिन वो नाम दे देते हैं फ्रॉम

[05:35:17] एंड बिगिन वो नाम दे देते हैं फ्रॉम प्रोडक्ट्स।

[05:35:21] अब कॉल भी करना है हमें गेट ऑल प्रोडक्ट्स

[05:35:24] अब कॉल भी करना है हमें गेट ऑल प्रोडक्ट्स को।

[05:35:31] यहां पर हमको सारे प्रोडक्ट मिल गए।

[05:35:32] यहां पर हमको सारे प्रोडक्ट मिल गए। लैपटॉप एंड मोबाइल और उनका प्राइस भी मिल

[05:35:34] लैपटॉप एंड मोबाइल और उनका प्राइस भी मिल गया। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है क्रिएट

[05:35:37] गया। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है क्रिएट प्रोसीजर टू गेट ऑर्डर बाय यूजर आईडी।

[05:35:41] प्रोसीजर टू गेट ऑर्डर बाय यूजर आईडी। इसका सशन है। सबसे पहले हम लिखेंगे यहां

[05:35:43] इसका सशन है। सबसे पहले हम लिखेंगे यहां पे।

[05:35:44] पे। मैं वही वाला कोड यहां पे कॉपी कर देती

[05:35:46] मैं वही वाला कोड यहां पे कॉपी कर देती हूं।

[05:35:49] एंड इसको हम नाम दे देते हैं गेट ऑर्डर

[05:35:52] एंड इसको हम नाम दे देते हैं गेट ऑर्डर बाय यूजर। गेट ऑर्डर

[05:35:57] बाय यूजर। गेट ऑर्डर बाय यूजर

[05:36:00] बाय यूजर इसमें हम पैरामीटर ले लेंगे इन

[05:36:02] इसमें हम पैरामीटर ले लेंगे इन यूजर आईडी और डेटा टाइप दिया इसमें हमने

[05:36:05] यूजर आईडी और डेटा टाइप दिया इसमें हमने इन यहां बिगिन किया सेलेक्ट फ्रॉम ऑर्डर्स

[05:36:11] वेयर

[05:36:13] वेयर आईडी इक्वल टू

[05:36:16] आईडी इक्वल टू वेयर यूजर आईडी = यूआईडी ऐसा सेम क्वेश्चन

[05:36:21] वेयर यूजर आईडी = यूआईडी ऐसा सेम क्वेश्चन हमने किया था एम्प्लाइज के लिए और फिर कॉल

[05:36:23] हमने किया था एम्प्लाइज के लिए और फिर कॉल भी करना है हमें

[05:36:28] गेट ऑर्डर्स बाय यूजर को

[05:36:31] गेट ऑर्डर्स बाय यूजर को आईडी दे देंगे इसमें हम वन वन आईडी वाले

[05:36:33] आईडी दे देंगे इसमें हम वन वन आईडी वाले यूजर को कॉल करना है

[05:36:42] तो यहां पे यूजर आईडी वन का हमें दोनों

[05:36:45] तो यहां पे यूजर आईडी वन का हमें दोनों ऑर्डर्स मिल रहा है। एक का अमाउंट 1000

[05:36:47] ऑर्डर्स मिल रहा है। एक का अमाउंट 1000 है, एक का अमाउंट 2000 है। यहां पे यूआईडी

[05:36:49] है, एक का अमाउंट 2000 है। यहां पे यूआईडी पैरामीटर में वैल्यू आएगी। देन क्वरी

[05:36:51] पैरामीटर में वैल्यू आएगी। देन क्वरी फिल्टर करेगी एंड स्पेसिफिक यूजर का आर्डर

[05:36:53] फिल्टर करेगी एंड स्पेसिफिक यूजर का आर्डर मिल जाएगा। नेक्स्ट क्वेश्चन है क्रिएट

[05:36:55] मिल जाएगा। नेक्स्ट क्वेश्चन है क्रिएट प्रोसीजर टू गेट एंप्लॉय बाय नेम। इसमें

[05:36:59] प्रोसीजर टू गेट एंप्लॉय बाय नेम। इसमें मैं इसको कॉपी कर लेती हूं।

[05:37:07] गेट एंप्लॉय बाय नेम। तो यहां पे हम

[05:37:09] गेट एंप्लॉय बाय नेम। तो यहां पे हम लिखेंगे गेट एंप्लॉय बाय

[05:37:14] लिखेंगे गेट एंप्लॉय बाय नेम।

[05:37:16] नेम। इसमें भी हम ले लेंगे इनको एंप्लॉय नेम

[05:37:19] इसमें भी हम ले लेंगे इनको एंप्लॉय नेम चेंज करके कर देती हूं एंप्लॉय नेम एंड

[05:37:22] चेंज करके कर देती हूं एंप्लॉय नेम एंड नेम चाहिए तो यह वेयर में होगा

[05:37:25] नेम चाहिए तो यह वेयर में होगा वेयर 50 कररेक्टर्स का नेम

[05:37:29] वेयर 50 कररेक्टर्स का नेम दे कैन सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइजस

[05:37:33] वेयर

[05:37:36] वेयर नेम इज़ इक्वल टू

[05:37:38] नेम इज़ इक्वल टू एंप्लॉय

[05:37:42] एंड इसको भी चेंज करके हम कर देते हैं गेट

[05:37:44] एंड इसको भी चेंज करके हम कर देते हैं गेट एंप्लॉय बाय नेम

[05:37:50] जैसे मुझे चाहिए रुचिका का मैं लिखूंगी

[05:37:53] जैसे मुझे चाहिए रुचिका का मैं लिखूंगी रुचि

[05:37:55] रुचि पहले इसको चलाऊंगी मैं एंड देन ये वाले

[05:37:57] पहले इसको चलाऊंगी मैं एंड देन ये वाले स्टेटमेंट को चलाऊंगी

[05:38:03] तब हमको रुचि का नेम मिल गया डिपार्टमेंट

[05:38:05] तब हमको रुचि का नेम मिल गया डिपार्टमेंट मिल गया और सैलरी मिल गई

[05:38:08] मिल गया और सैलरी मिल गई अब नेक्स्ट क्वेश्चन क्या है यह क्वेश्चन

[05:38:10] अब नेक्स्ट क्वेश्चन क्या है यह क्वेश्चन एडवांस लेवल का है लीड प्रोसीजर टू काउंट

[05:38:13] एडवांस लेवल का है लीड प्रोसीजर टू काउंट टोटल यूजर प्रोसीजर क्रिएट करना है टोटल

[05:38:15] टोटल यूजर प्रोसीजर क्रिएट करना है टोटल यूजर फाइंड करने के लिए। इसी को मैं कॉपी

[05:38:18] यूजर फाइंड करने के लिए। इसी को मैं कॉपी कर लूंगी।

[05:38:26] क्या करना है हमें? काउंट करना है टोटल

[05:38:28] क्या करना है हमें? काउंट करना है टोटल यूजर को। तो यहां पे हम करेंगे गेट यूजर

[05:38:31] यूजर को। तो यहां पे हम करेंगे गेट यूजर काउंट।

[05:38:35] आउटपुट चाहिए हमें। यहां पे हम लेंगे आउट

[05:38:40] आउटपुट चाहिए हमें। यहां पे हम लेंगे आउट एंड टोटल

[05:38:43] ये होगा इंटीजर में

[05:38:48] सेलेक्ट काउंट

[05:38:51] सेलेक्ट काउंट टोटल चाहिए तो हमने यहां पे काउंट लगाया

[05:38:54] टोटल चाहिए तो हमने यहां पे काउंट लगाया इसको हटा देते हैं काउंट इन

[05:38:59] इसको हटा देते हैं काउंट इन टोटल

[05:39:01] टोटल फ्रॉम

[05:39:03] फ्रॉम यूर्स

[05:39:10] वो जीरो कैसे आ गया या करेक्ट फिर हमें

[05:39:14] वो जीरो कैसे आ गया या करेक्ट फिर हमें गेट यूजर काउंट चाहिए तो यहां पे हम उसको

[05:39:16] गेट यूजर काउंट चाहिए तो यहां पे हम उसको चेंज करके कर देते हैं कैट यूजर काउंट

[05:39:25] यहां पे हमको रिजल्ट लगाना है हम लिखेंगे

[05:39:27] यहां पे हमको रिजल्ट लगाना है हम लिखेंगे यहां पे @

[05:39:30] यहां पे @ यह हमने बनाया यूजर डिफाइंड वेरिएबल देन

[05:39:32] यह हमने बनाया यूजर डिफाइंड वेरिएबल देन हम तो यहां पे लिखेंगे सेलेक्ट

[05:39:34] हम तो यहां पे लिखेंगे सेलेक्ट रिजल्ट

[05:39:37] तो यह आपको सारे यूजर को काउंट करके दे

[05:39:39] तो यह आपको सारे यूजर को काउंट करके दे देगा। हमारे पास टू यूजर हैं। तो इसको

[05:39:41] देगा। हमारे पास टू यूजर हैं। तो इसको काउंट करके दे दिया। सबसे पहले काउंट

[05:39:43] काउंट करके दे दिया। सबसे पहले काउंट रिजल्ट जो है वो टोटल में आएगा। फिर

[05:39:44] रिजल्ट जो है वो टोटल में आएगा। फिर रिजल्ट में स्टोर होगा। देन फिर सेलेक्ट

[05:39:46] रिजल्ट में स्टोर होगा। देन फिर सेलेक्ट होगा। सेकंड क्वेश्चन है क्रिएट प्रोसीजर

[05:39:48] होगा। सेकंड क्वेश्चन है क्रिएट प्रोसीजर टू अपडेट सैलरी बाय आईडी। हमें सैलरी

[05:39:50] टू अपडेट सैलरी बाय आईडी। हमें सैलरी अपडेट करना है बाय आईडी। अपडेट सैलरी भी

[05:39:54] अपडेट करना है बाय आईडी। अपडेट सैलरी भी कर देंगे। इसको गेट यूजर की जगह हम अपडेट

[05:39:58] कर देंगे। इसको गेट यूजर की जगह हम अपडेट सैलरी।

[05:39:59] सैलरी। इसमें हम लगाएंगे इन

[05:40:06] एंप्लॉय आईडी

[05:40:09] एंप्लॉय आईडी इंट में होगी कॉमा में इन न्यू सैलरी वो

[05:40:13] इंट में होगी कॉमा में इन न्यू सैलरी वो न्यू सैलरी देंगे

[05:40:17] न्यू सैलरी देंगे यह होगी इंट में

[05:40:22] यहां पे हम लिखेंगे अपडेट

[05:40:24] यहां पे हम लिखेंगे अपडेट एम्प्लाइज

[05:40:35] दैट सैलरी इक्वल टू न्यू

[05:40:40] दैट सैलरी इक्वल टू न्यू सैलरी वेयर आईडी इक्वल टू एंप्लॉय आईडी

[05:40:47] एंड करेंगे। फिर कॉल करेंगे एंड

[05:40:53] अपडेट सैलरी को।

[05:40:56] अपडेट सैलरी को। इसमें हमने आईडी दे दी वन एंड सैलरी दे दी

[05:40:58] इसमें हमने आईडी दे दी वन एंड सैलरी दे दी 50,000

[05:41:08] ड्रॉप करना पड़ेगा। ये नेम गलत हो गया था।

[05:41:10] ड्रॉप करना पड़ेगा। ये नेम गलत हो गया था। ड्रॉप

[05:41:12] ड्रॉप अपडेट से

[05:41:23] अगेन क्रिएट करेंगे प्रोसीजर को एंड फिर

[05:41:26] अगेन क्रिएट करेंगे प्रोसीजर को एंड फिर अगेन कराएंगे अपडेट सैलरी।

[05:41:29] अगेन कराएंगे अपडेट सैलरी। तो यहां से सैलरी अपडेट हो गई।

[05:41:32] तो यहां से सैलरी अपडेट हो गई। तो मैं करती हूं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[05:41:36] तो मैं करती हूं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एम्प्लाइज

[05:41:38] एम्प्लाइज यहां पर वन वाले एंप्लई की सैलरी सेट हो

[05:41:40] यहां पर वन वाले एंप्लई की सैलरी सेट हो गई 50,000

[05:41:44] इसमें हमने दो पैरामीटर दिए हैं। एंप्लॉय

[05:41:46] इसमें हमने दो पैरामीटर दिए हैं। एंप्लॉय आईडी दिया है एक हमने और एक दिया है हमने

[05:41:48] आईडी दिया है एक हमने और एक दिया है हमने न्यू सैलरी। तो इससे क्या होगा? स्पेसिफिक

[05:41:51] न्यू सैलरी। तो इससे क्या होगा? स्पेसिफिक एंप्लॉय अपडेट होगा। नाउ लास्ट क्वेश्चन

[05:41:53] एंप्लॉय अपडेट होगा। नाउ लास्ट क्वेश्चन इज़ क्रिएट प्रोसीजर टू डिलीट अ रिकॉर्ड

[05:41:55] इज़ क्रिएट प्रोसीजर टू डिलीट अ रिकॉर्ड यूजिंग आई। तो कॉपी कर लेती हूं मैं सेम

[05:41:57] यूजिंग आई। तो कॉपी कर लेती हूं मैं सेम एंड जैसे

[05:42:04] क्या करना है हमको? डिलीट करना है। तो

[05:42:05] क्या करना है हमको? डिलीट करना है। तो यहां पर हम लिखेंगे डिलीट एंप्लॉय

[05:42:13] बिगिन करेंगे। यहां पे हम लगाएंगे अपडेट

[05:42:15] बिगिन करेंगे। यहां पे हम लगाएंगे अपडेट की जगह डिलीट

[05:42:18] की जगह डिलीट एंप्लाइज

[05:42:20] एंप्लाइज फ्रॉम लगाइए। डिलीट फ्रॉम

[05:42:23] फ्रॉम लगाइए। डिलीट फ्रॉम एंप्लाइज

[05:42:25] एंप्लाइज वेयर आईडी इक्व एम्प्लॉय आईडी

[05:42:31] देन इसको एंड कर देंगे।

[05:42:37] कॉल करेंगे एंड कॉल

[05:42:40] कॉल करेंगे एंड कॉल डिलीट

[05:42:42] डिलीट एंप्लॉय इसमें आईडी दे दी हमने वन।

[05:42:47] फिर अब करेंगे हम सनलेट

[05:42:52] स्टार फ्रॉम एंप्लाइजज़।

[05:42:57] तो इसने फर्स्ट वाले आईडी वाले एंप्लई को

[05:43:00] तो इसने फर्स्ट वाले आईडी वाले एंप्लई को डिलीट कर दिया।

[05:43:02] डिलीट कर दिया। अब तक हमने एसक्यूएल में स्ट प्रोसीजर

[05:43:05] अब तक हमने एसक्यूएल में स्ट प्रोसीजर देखे लेकिन एक और पावरफुल कांसेप्ट है जो

[05:43:08] देखे लेकिन एक और पावरफुल कांसेप्ट है जो इंटरव्यू में बहुत पूछा जाता है। दैट इज़

[05:43:11] इंटरव्यू में बहुत पूछा जाता है। दैट इज़ फंक्शनंस इन एसक्यूएल। इमेजिन करो आप एक

[05:43:14] फंक्शनंस इन एसक्यूएल। इमेजिन करो आप एक लॉजिक बार-बार यूज कर रहे हो और हर बार

[05:43:17] लॉजिक बार-बार यूज कर रहे हो और हर बार लिखना पड़ रहा है। फंक्शन आपका यह काम इजी

[05:43:21] लिखना पड़ रहा है। फंक्शन आपका यह काम इजी कर देता है। जब भी हमें एसक्यूएल में

[05:43:23] कर देता है। जब भी हमें एसक्यूएल में बार-बार सेम लॉजिक यूज़ करना पड़ता है तब

[05:43:26] बार-बार सेम लॉजिक यूज़ करना पड़ता है तब हम उसे एक रयूजेबल ब्लॉक में कन्वर्ट कर

[05:43:28] हम उसे एक रयूजेबल ब्लॉक में कन्वर्ट कर देते हैं और उसे कहते हैं फंक्शनंस।

[05:43:31] देते हैं और उसे कहते हैं फंक्शनंस। फंक्शन इन एसक्यूएल इज अ रयूजेबल ब्लॉक ऑफ

[05:43:33] फंक्शन इन एसक्यूएल इज अ रयूजेबल ब्लॉक ऑफ कोड दैट परफॉर्म्स अ स्पेसिफिक टास्क एंड

[05:43:36] कोड दैट परफॉर्म्स अ स्पेसिफिक टास्क एंड ऑलवेज रिटर्न अ वैल्यू। फंक्शन एक रयूजेबल

[05:43:38] ऑलवेज रिटर्न अ वैल्यू। फंक्शन एक रयूजेबल कोड ब्लॉक होता है जो एक स्पेसिफिक काम

[05:43:41] कोड ब्लॉक होता है जो एक स्पेसिफिक काम करता है और हमेशा एक वैल्यू रिटर्न करता

[05:43:43] करता है और हमेशा एक वैल्यू रिटर्न करता है। जैसे कैलकुलेटर में स्क्वायर रूट का

[05:43:46] है। जैसे कैलकुलेटर में स्क्वायर रूट का फंक्शन होता है वैसे ही एसक्यूएल में भी

[05:43:48] फंक्शन होता है वैसे ही एसक्यूएल में भी हम अपना कस्टम फंक्शन बना सकते हैं। अभी

[05:43:52] हम अपना कस्टम फंक्शन बना सकते हैं। अभी दो टाइप के फंक्शनंस होते हैं। पहला होता

[05:43:54] दो टाइप के फंक्शनंस होते हैं। पहला होता है बिल्ट इन फंक्शन। दूसरा होता है यूजर

[05:43:56] है बिल्ट इन फंक्शन। दूसरा होता है यूजर डिफाइंड फंक्शन। और यूजर डिफाइंड फंक्शन

[05:43:58] डिफाइंड फंक्शन। और यूजर डिफाइंड फंक्शन जो होता है यह वह फंक्शन होते हैं जो हम

[05:44:01] जो होता है यह वह फंक्शन होते हैं जो हम खुद बनाते हैं। बिल्ट इन फंक्शनंस में आते

[05:44:04] खुद बनाते हैं। बिल्ट इन फंक्शनंस में आते हैं काउंट, सम, एवरेज, अपर। ये वो फंक्शन

[05:44:08] हैं काउंट, सम, एवरेज, अपर। ये वो फंक्शन होते हैं जो एसक्यूएल ने ऑलरेडी हमें दिए

[05:44:11] होते हैं जो एसक्यूएल ने ऑलरेडी हमें दिए हैं। और यूजर डिफाइन फंक्शनंस वो फंक्शन

[05:44:14] हैं। और यूजर डिफाइन फंक्शनंस वो फंक्शन होते हैं जो हम खुद क्रिएट करते हैं। इसका

[05:44:17] होते हैं जो हम खुद क्रिएट करते हैं। इसका सिंटेक्स देख लेते हैं। यहां पे लिखा है

[05:44:20] सिंटेक्स देख लेते हैं। यहां पे लिखा है क्रिएट फंक्शन फंक्शन का नेम, पैरामीटर,

[05:44:23] क्रिएट फंक्शन फंक्शन का नेम, पैरामीटर, डेटा टाइप। क्रिएट फंक्शन फंक्शन नेम जो

[05:44:26] डेटा टाइप। क्रिएट फंक्शन फंक्शन नेम जो है यह फंक्शन क्रिएट कर रहा है विद नेम।

[05:44:29] है यह फंक्शन क्रिएट कर रहा है विद नेम। फिर उन्होंने ब्रैकेट्स में लिखा है

[05:44:30] फिर उन्होंने ब्रैकेट्स में लिखा है पैरामीटर डेटा टाइप। यहां पे आपको इनपुट

[05:44:33] पैरामीटर डेटा टाइप। यहां पे आपको इनपुट लेना है। यह ऑप्शनल है बट यूज़फुल है। देन

[05:44:36] लेना है। यह ऑप्शनल है बट यूज़फुल है। देन यहां पे लिखा है रिटर्न्स डेटा टाइप। यह

[05:44:40] यहां पे लिखा है रिटर्न्स डेटा टाइप। यह रिटर्न करता है कि फंक्शन क्या रिटर्न

[05:44:42] रिटर्न करता है कि फंक्शन क्या रिटर्न करेगा। और यह लिखना मैंडेटरी है। फिर लिखा

[05:44:45] करेगा। और यह लिखना मैंडेटरी है। फिर लिखा है डिटरमिनिस्टिक। सेम इनपुट है तो सेम

[05:44:48] है डिटरमिनिस्टिक। सेम इनपुट है तो सेम आउटपुट आएगा। फिर लिखा है बिगिव और ऐड। यह

[05:44:53] आउटपुट आएगा। फिर लिखा है बिगिव और ऐड। यह फंक्शन का बॉडी है। तो, यहां पर अपना

[05:44:56] फंक्शन का बॉडी है। तो, यहां पर अपना लॉजिक लिखेंगे एंड देन रिटर्न करेंगे

[05:44:59] लॉजिक लिखेंगे एंड देन रिटर्न करेंगे वैल्यू को। यहां पर फाइनल रिजल्ट रिटर्न

[05:45:01] वैल्यू को। यहां पर फाइनल रिजल्ट रिटर्न होगा। मैंने यहां पहले से कंपनी एंप्लॉय

[05:45:03] होगा। मैंने यहां पहले से कंपनी एंप्लॉय एक डाटाबेस क्रिएट करके रखा है। उसको यूज

[05:45:06] एक डाटाबेस क्रिएट करके रखा है। उसको यूज भी कर लिया है और इसमें डाटा इंसर्ट भी

[05:45:08] भी कर लिया है और इसमें डाटा इंसर्ट भी करा दिया है।

[05:45:11] करा दिया है। अब हम एक सिनेरियो देखते हैं। जैसे हम एक

[05:45:14] अब हम एक सिनेरियो देखते हैं। जैसे हम एक एंप्लॉय है और उसकी सैलरी में हमें 10%

[05:45:17] एंप्लॉय है और उसकी सैलरी में हमें 10% बोनस ऐड करना है। उसके लिए हम एक फंक्शन

[05:45:21] बोनस ऐड करना है। उसके लिए हम एक फंक्शन बनाते हैं। बिल्ट इन फंक्शन के बारे में

[05:45:22] बनाते हैं। बिल्ट इन फंक्शन के बारे में हम पहले पढ़ चुके हैं। इसीलिए आज के

[05:45:25] हम पहले पढ़ चुके हैं। इसीलिए आज के वीडियो का मेन फोकस जो होगा वो होगा यूजर

[05:45:29] वीडियो का मेन फोकस जो होगा वो होगा यूजर डिफाइन फंक्शन। यहां पर हम लिखेंगे क्रिएट

[05:45:34] फंक्शन।

[05:45:40] फंक्शन का नेम लिख देते हैं हम। कैलकुलेट

[05:45:46] बोनस।

[05:45:51] इसमें हम सैलरी लेंगे पैरामीटर में जो कि

[05:45:54] इसमें हम सैलरी लेंगे पैरामीटर में जो कि होगी इंट में।

[05:45:57] होगी इंट में। फिर हम रिटर्न करेंगे।

[05:46:03] इंट को

[05:46:09] डिटरमिनिस्टिक

[05:46:13] देन बिगिन

[05:46:16] एंड

[05:46:19] एंड डॉलर डॉलर

[05:46:21] डॉलर डॉलर डेलीमीटर

[05:46:38] अब इसके बीच में हम यहां पे रिटर्न

[05:46:40] अब इसके बीच में हम यहां पे रिटर्न कराएंगे। रिटर्न कर दो सैलरी

[05:46:44] कराएंगे। रिटर्न कर दो सैलरी प्लस

[05:46:52] सैलरी इन

[05:46:56] 10 बार 100 दैट इज 0.10

[05:47:03] अब यहां पे हमने लिखा है क्रिएट फंक्शन

[05:47:06] अब यहां पे हमने लिखा है क्रिएट फंक्शन कैलकुलेट बोनस सैलरी इन इंट यहां हम

[05:47:09] कैलकुलेट बोनस सैलरी इन इंट यहां हम फंक्शन क्रिएट कर रहे हैं और फंक्शन का

[05:47:11] फंक्शन क्रिएट कर रहे हैं और फंक्शन का नाम है कैलकुलेट बोनस और सैलरी इंट जो है

[05:47:15] नाम है कैलकुलेट बोनस और सैलरी इंट जो है यह इनपुट पैरामीटर है मतलब फंक्शन सैलरी

[05:47:18] यह इनपुट पैरामीटर है मतलब फंक्शन सैलरी लेगा एस इनपुट फंक्शन को सैलरी दो वह बोनस

[05:47:22] लेगा एस इनपुट फंक्शन को सैलरी दो वह बोनस कैलकुलेट करेगा ये लाइन ये बोल रही है।

[05:47:25] कैलकुलेट करेगा ये लाइन ये बोल रही है। देन सेकंड लिखा है रिटर्न इंट।

[05:47:29] देन सेकंड लिखा है रिटर्न इंट। रिटर्न्स इंट फंक्शन का आउटपुट टाइप

[05:47:32] रिटर्न्स इंट फंक्शन का आउटपुट टाइप डिफाइन करता है। यहां फंक्शन इंटीजर

[05:47:34] डिफाइन करता है। यहां फंक्शन इंटीजर वैल्यू रिटर्न करेगा।

[05:47:36] वैल्यू रिटर्न करेगा। जैसे अगर सैलरी है 50000 तो हमें आउटपुट

[05:47:40] जैसे अगर सैलरी है 50000 तो हमें आउटपुट मिलना चाहिए 55,000।

[05:47:42] मिलना चाहिए 55,000। फिर लिखा है डिटरमिनिस्टिक। इसका मतलब है

[05:47:45] फिर लिखा है डिटरमिनिस्टिक। इसका मतलब है सेम इनपुट सेम आउटपुट। डिटरमिनिस्टिक

[05:47:48] सेम इनपुट सेम आउटपुट। डिटरमिनिस्टिक फंक्शन वो होता है जो हर बार सेम इनपुट

[05:47:51] फंक्शन वो होता है जो हर बार सेम इनपुट देने पर सेम रिजल्ट देता है। और नॉन

[05:47:54] देने पर सेम रिजल्ट देता है। और नॉन डिटरर्मिनिस्टिक क्या होता है कि सेम

[05:47:57] डिटरर्मिनिस्टिक क्या होता है कि सेम इनपुट देने पर हर बार हमें डिफरेंट आउटपुट

[05:48:00] इनपुट देने पर हर बार हमें डिफरेंट आउटपुट मिले। अगर हर बार हमें सेम इनपुट देने पर

[05:48:02] मिले। अगर हर बार हमें सेम इनपुट देने पर सेम आउटपुट मिलता है तो वो है

[05:48:04] सेम आउटपुट मिलता है तो वो है डिटरर्मिनिस्टिक। और अगर हमें हर बार सेम

[05:48:07] डिटरर्मिनिस्टिक। और अगर हमें हर बार सेम इनपुट देने पर डिफरेंट आउटपुट मिलता है तो

[05:48:09] इनपुट देने पर डिफरेंट आउटपुट मिलता है तो वो है नॉन डिटरमिनिस्टिक।

[05:48:12] वो है नॉन डिटरमिनिस्टिक। फिर लिखा है बिगिन

[05:48:15] फिर लिखा है बिगिन एंड यह फंक्शन का बॉडी है। इसके अंदर हम

[05:48:18] एंड यह फंक्शन का बॉडी है। इसके अंदर हम लॉजिक लिखते हैं। देन रिटर्न सैलरी प्लस

[05:48:21] लॉजिक लिखते हैं। देन रिटर्न सैलरी प्लस सैलरी * 0.10 ये सबसे इंपॉर्टेंट लाइन है।

[05:48:27] सैलरी * 0.10 ये सबसे इंपॉर्टेंट लाइन है। यहां पे क्या हो रहा है? ये लाइन जो है वो

[05:48:29] यहां पे क्या हो रहा है? ये लाइन जो है वो क्या कर रही है? सैलरी का 10% कैलकुलेट

[05:48:32] क्या कर रही है? सैलरी का 10% कैलकुलेट करके फिर उसे ओरिजिनल सैलरी में ऐड कर रही

[05:48:35] करके फिर उसे ओरिजिनल सैलरी में ऐड कर रही है। एंड देन लिखा है एंड डॉलर डॉलर। यह

[05:48:38] है। एंड देन लिखा है एंड डॉलर डॉलर। यह फंक्शन का ऐड है। डॉलर डॉलर डेलीमीटर का

[05:48:42] फंक्शन का ऐड है। डॉलर डॉलर डेलीमीटर का पार्ट है फंक्शन क्लोज करने के लिए। देन

[05:48:45] पार्ट है फंक्शन क्लोज करने के लिए। देन लिखा है हमें डेलीमीटर सेमी कॉललन। यहां

[05:48:47] लिखा है हमें डेलीमीटर सेमी कॉललन। यहां पे बाय डिफ़ॉल्ट डेलीमीटर वापस सेमी कॉललन

[05:48:50] पे बाय डिफ़ॉल्ट डेलीमीटर वापस सेमी कॉललन कर दिया। अब सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट है कि

[05:48:53] कर दिया। अब सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट है कि इस फंक्शन को हम कॉल कैसे करते हैं?

[05:48:55] इस फंक्शन को हम कॉल कैसे करते हैं? फंक्शन को कॉल करने का मतलब है उसे यूज़

[05:48:58] फंक्शन को कॉल करने का मतलब है उसे यूज़ करना और आउटपुट लेना।

[05:49:01] करना और आउटपुट लेना। सबसे पहला होता है डायरेक्ट फंक्शन कॉल।

[05:49:04] सबसे पहला होता है डायरेक्ट फंक्शन कॉल। अगर हम सिर्फ फंक्शन का रिजल्ट देखना

[05:49:06] अगर हम सिर्फ फंक्शन का रिजल्ट देखना चाहते हैं तो हम लिखेंगे यहां पर सेलेक्ट

[05:49:11] चाहते हैं तो हम लिखेंगे यहां पर सेलेक्ट नाम इसका है कैलकुलेट

[05:49:14] नाम इसका है कैलकुलेट बोनस

[05:49:17] यहां पे हमने सैलरी दे दी 50000

[05:49:22] यहां पे हमने सैलरी दे दी 50000 तो यहां पे इसने 10% बोनस ऐड करके सैलरी

[05:49:25] तो यहां पे इसने 10% बोनस ऐड करके सैलरी कर दी 55000

[05:49:30] यह था डायरेक्ट फंक्शन कॉल एक होता है

[05:49:34] यह था डायरेक्ट फंक्शन कॉल एक होता है टेबल के साथ फंक्शन कॉल यह सबसे कॉमन है

[05:49:37] टेबल के साथ फंक्शन कॉल यह सबसे कॉमन है और यह रियल प्रोजेक्ट्स में यूज होता है।

[05:49:41] और यह रियल प्रोजेक्ट्स में यूज होता है। यहां लिख देती हूं मैं। यह था

[05:49:44] यहां लिख देती हूं मैं। यह था डायरेक्ट

[05:49:47] डायरेक्ट फंक्शन कॉल।

[05:49:55] अब नेक्स्ट है टेबल

[05:50:00] अब नेक्स्ट है टेबल फंक्शन कॉल

[05:50:02] फंक्शन कॉल विद टेबल।

[05:50:06] इसमें हम लिखेंगे सेलेक्ट

[05:50:10] इसमें हम लिखेंगे सेलेक्ट नेम चाहिए हमें। सैलरी चाहिए

[05:50:14] नेम चाहिए हमें। सैलरी चाहिए एंड क्या करना है? कैलकुलेट करना है।

[05:50:22] बोनस

[05:50:25] बोनस इसमें हम देंगे ब्रैकेट में सैलरी

[05:50:29] इसमें हम देंगे ब्रैकेट में सैलरी एज

[05:50:31] एज न्यू सैलरी

[05:50:35] फ्रॉम एंप्लॉय

[05:50:41] यहां पे जो दिया है एज न्यू सैलरी है हमने

[05:50:43] यहां पे जो दिया है एज न्यू सैलरी है हमने नए वाले कॉलम का नाम दे दिया है। अब ये

[05:50:45] नए वाले कॉलम का नाम दे दिया है। अब ये क्या करेगा? सारे एंप्लाइजज़ की सैलरी में

[05:50:47] क्या करेगा? सारे एंप्लाइजज़ की सैलरी में 10% बोनस ऐड करके उन्हें एक अलग से न्यू

[05:50:50] 10% बोनस ऐड करके उन्हें एक अलग से न्यू सैलरी का कॉलम बना के सारी सैलरी प्रिंट

[05:50:53] सैलरी का कॉलम बना के सारी सैलरी प्रिंट करा देगा। तो इसने रुचि, अमन और नेहा

[05:50:55] करा देगा। तो इसने रुचि, अमन और नेहा तीनों की सैलरी में बोनस ऐड करके डिस्प्ले

[05:50:58] तीनों की सैलरी में बोनस ऐड करके डिस्प्ले करा दिया।

[05:51:01] करा दिया। कैलकुलेट बोनस सैलरी हर रो के सैलरी पे

[05:51:04] कैलकुलेट बोनस सैलरी हर रो के सैलरी पे फंक्शन अप्लाई करेगा। एंड एज न्यू सैलरी

[05:51:07] फंक्शन अप्लाई करेगा। एंड एज न्यू सैलरी इससे न्यू कॉलम क्रिएट हो जाएगा।

[05:51:12] इससे न्यू कॉलम क्रिएट हो जाएगा। एक होता है फंक्शन कॉल विद वेयर।

[05:51:23] इसमें हम कंडीशन यूज़ कर सकते हैं। जैसे हम

[05:51:26] इसमें हम कंडीशन यूज़ कर सकते हैं। जैसे हम इसमें लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम

[05:51:31] इसमें लिखेंगे सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लाइज

[05:51:34] वेयर

[05:51:36] वेयर कैलकुलेट बोनस

[05:51:42] सैलरी

[05:51:46] इज ग्रेटर देन 50000

[05:51:51] तो यहां पे सिर्फ वो वाले एंप्लाइजज़ आएंगे

[05:51:54] तो यहां पे सिर्फ वो वाले एंप्लाइजज़ आएंगे जिनकी बोनस सैलरी 50000 से ज्यादा हो। एक

[05:52:00] जिनकी बोनस सैलरी 50000 से ज्यादा हो। एक और होता है ऑर्डर बाय मी फंक्शन कॉल।

[05:52:05] और होता है ऑर्डर बाय मी फंक्शन कॉल। इसमें हम लिखते हैं सेलेक्ट

[05:52:08] इसमें हम लिखते हैं सेलेक्ट नेम

[05:52:10] नेम कॉमा सैलरी

[05:52:12] कॉमा सैलरी फ्रॉम

[05:52:14] फ्रॉम एमंप्लाइज

[05:52:19] ऑर्डर बाय

[05:52:23] कैलकुलेट बोनस

[05:52:28] सैलरी

[05:52:31] सैलरी इन डिसेंडिंग ऑर्डर

[05:52:42] यहां पर बोनस के बेसिस पर सॉर्टिंग हो गई।

[05:52:46] यहां पर बोनस के बेसिस पर सॉर्टिंग हो गई। फंक्शन को सेलेक्ट में यूज कर सकते हो। हर

[05:52:49] फंक्शन को सेलेक्ट में यूज कर सकते हो। हर रो पे पर ऑटोमेटिकली अप्लाई होता है।

[05:52:52] रो पे पर ऑटोमेटिकली अप्लाई होता है। लेकिन फंक्शन डायरेक्टली डेटा अपडेट नहीं

[05:52:54] लेकिन फंक्शन डायरेक्टली डेटा अपडेट नहीं करता है। फंक्शन को कॉल करने के लिए

[05:52:57] करता है। फंक्शन को कॉल करने के लिए सिंपली उसका नाम लिखते हैं और पैरेंथेसिस

[05:52:59] सिंपली उसका नाम लिखते हैं और पैरेंथेसिस में इनपुट देते हैं। अभी कुछ रूल्स होते

[05:53:02] में इनपुट देते हैं। अभी कुछ रूल्स होते हैं फंक्शन के। जैसे कि फंक्शन मस्ट

[05:53:05] हैं फंक्शन के। जैसे कि फंक्शन मस्ट रिटर्न अ वैल्यू

[05:53:07] रिटर्न अ वैल्यू और रिटर्न कीवर्ड जो है वह कंपलसरी होता

[05:53:10] और रिटर्न कीवर्ड जो है वह कंपलसरी होता है।

[05:53:13] है। फंक्शन सेलेक्ट में यूज होता है और इसमें

[05:53:16] फंक्शन सेलेक्ट में यूज होता है और इसमें कोई भी डायरेक्ट इंसर्ट या अपडेट नहीं

[05:53:20] कोई भी डायरेक्ट इंसर्ट या अपडेट नहीं होता है।

[05:53:22] होता है। अभी हम डिफरेंस देखते हैं फंक्शन और

[05:53:24] अभी हम डिफरेंस देखते हैं फंक्शन और प्रोसीजर में। फंक्शन जो होता है वो

[05:53:26] प्रोसीजर में। फंक्शन जो होता है वो वैल्यू रिटर्न करता है और प्रोसीजर जो

[05:53:29] वैल्यू रिटर्न करता है और प्रोसीजर जो होता है वो टास्क परफॉर्म करता है। इसमें

[05:53:31] होता है वो टास्क परफॉर्म करता है। इसमें रिटर्न ऑप्शनल होता है।

[05:53:35] रिटर्न ऑप्शनल होता है। फंक्शन को हम यूज़ करते हैं सेलेक्ट के साथ

[05:53:37] फंक्शन को हम यूज़ करते हैं सेलेक्ट के साथ में। लेकिन प्रोसीजर को हम यूज़ नहीं करते

[05:53:39] में। लेकिन प्रोसीजर को हम यूज़ नहीं करते हैं सेलेक्ट के साथ में। फंक्शन को हम कॉल

[05:53:42] हैं सेलेक्ट के साथ में। फंक्शन को हम कॉल करते हैं सेलेक्ट में और प्रोसीजर को हम

[05:53:45] करते हैं सेलेक्ट में और प्रोसीजर को हम कॉल कीवर्ड से कॉल करते हैं। फंक्शन का

[05:53:49] कॉल कीवर्ड से कॉल करते हैं। फंक्शन का डेटा जनरली मॉडिफाई नहीं होता है लेकिन

[05:53:52] डेटा जनरली मॉडिफाई नहीं होता है लेकिन प्रोसीजर का डेटा मॉडिफाई हो जाता है।

[05:53:55] प्रोसीजर का डेटा मॉडिफाई हो जाता है। फंक्शन का हम यूज़ करते हैं कैलकुलेशन के

[05:53:57] फंक्शन का हम यूज़ करते हैं कैलकुलेशन के लिए और प्रोसीजर का हम यूज़ करते हैं

[05:53:59] लिए और प्रोसीजर का हम यूज़ करते हैं ऑपरेशन या लॉजिक के लिए। तो आज हमने पढ़ा

[05:54:02] ऑपरेशन या लॉजिक के लिए। तो आज हमने पढ़ा फंक्शन के बारे में। फंक्शन क्या होते

[05:54:04] फंक्शन के बारे में। फंक्शन क्या होते हैं? एसक्यूएम में फंक्शन कैसे यूज़ किए

[05:54:07] हैं? एसक्यूएम में फंक्शन कैसे यूज़ किए जाते हैं? और फंक्शन के टाइप्स देखे। यूजर

[05:54:10] जाते हैं? और फंक्शन के टाइप्स देखे। यूजर डिफाइन फंक्शन और बिल्ट इन फंक्शनंस।

[05:54:12] डिफाइन फंक्शन और बिल्ट इन फंक्शनंस। फंक्शन एक रयूजेबल ब्लॉक है जो इनपुट लेता

[05:54:15] फंक्शन एक रयूजेबल ब्लॉक है जो इनपुट लेता है और आउटपुट देता है। मोस्टली कैलकुलेशन

[05:54:17] है और आउटपुट देता है। मोस्टली कैलकुलेशन के लिए यूज़ होता है और सेलेक्ट के अंदर

[05:54:20] के लिए यूज़ होता है और सेलेक्ट के अंदर यूज़ होता है। अभी हम फंक्शन के कुछ

[05:54:22] यूज़ होता है। अभी हम फंक्शन के कुछ प्रैक्टिस सेट्स सीखेंगे। आपको एक फंक्शन

[05:54:24] प्रैक्टिस सेट्स सीखेंगे। आपको एक फंक्शन बनाना है ऐड करने के लिए दो नंबर्स को।

[05:54:26] बनाना है ऐड करने के लिए दो नंबर्स को। फंक्शन टू ऐड टू नंबर्स। सेकंड क्वेश्चन

[05:54:29] फंक्शन टू ऐड टू नंबर्स। सेकंड क्वेश्चन है फंक्शन टू कन्वर्ट डिस्ट्रिंक्टिंग टू

[05:54:31] है फंक्शन टू कन्वर्ट डिस्ट्रिंक्टिंग टू अपपर केस। थर्ड क्वेश्चन है फंक्शन टू चेक

[05:54:34] अपपर केस। थर्ड क्वेश्चन है फंक्शन टू चेक इवन ऑड। एंड लास्ट क्वेश्चन है फंक्शन टू

[05:54:36] इवन ऑड। एंड लास्ट क्वेश्चन है फंक्शन टू कैलकुलेट डिस्काउंट। इसमें अगर प्राइस

[05:54:39] कैलकुलेट डिस्काउंट। इसमें अगर प्राइस ₹1000 से ज्यादा होगी तो आपको डिस्काउंट

[05:54:42] ₹1000 से ज्यादा होगी तो आपको डिस्काउंट देना है 15% का। एल्स अगर प्राइस 1000 से

[05:54:46] देना है 15% का। एल्स अगर प्राइस 1000 से कम है तो आपको डिस्काउंट देना है 5%। सबसे

[05:54:48] कम है तो आपको डिस्काउंट देना है 5%। सबसे पहले हम फर्स्ट क्वेश्चन सॉल्व करते हैं।

[05:54:50] पहले हम फर्स्ट क्वेश्चन सॉल्व करते हैं। फंक्शन टू ऐड टू नंबर्स। मैं ये वाली

[05:54:52] फंक्शन टू ऐड टू नंबर्स। मैं ये वाली क्वेरी को कॉपी कर लेती हूं यहां से।

[05:54:58] यह है हमारा पीआर वन।

[05:55:02] इसमें हम एक फंक्शन क्रिएट करेंगे दो

[05:55:04] इसमें हम एक फंक्शन क्रिएट करेंगे दो नंबर्स को ऐड करने के लिए। ऐड नंबर्स।

[05:55:09] नंबर्स को ऐड करने के लिए। ऐड नंबर्स। इसमें हम दो पैरामीटर लेंगे। एक लेंगे हम

[05:55:13] इसमें हम दो पैरामीटर लेंगे। एक लेंगे हम A इंट में एंड लेंगे B। यह भी होगा इंटजर

[05:55:17] A इंट में एंड लेंगे B। यह भी होगा इंटजर में।

[05:55:19] में। फिर इसके बाद रिटर्न कराएंगे इंट एंड

[05:55:21] फिर इसके बाद रिटर्न कराएंगे इंट एंड रिटर्न एन स्ट्रिक्ट बिगिन। हमें रिटर्न

[05:55:23] रिटर्न एन स्ट्रिक्ट बिगिन। हमें रिटर्न कराना है A + B को।

[05:55:32] अब इसको हम कॉल करते हैं। यहां पे हम

[05:55:34] अब इसको हम कॉल करते हैं। यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट।

[05:55:36] लिखेंगे सेलेक्ट। फंक्शन का नेम हमारा है ऐड नम एंड

[05:55:39] फंक्शन का नेम हमारा है ऐड नम एंड पैरामीटर हमें देने हैं a एंड तो इसमें

[05:55:41] पैरामीटर हमें देने हैं a एंड तो इसमें हमें दिया 12 और 23

[05:55:46] हमें दिया 12 और 23 तो यहां पर हमें इन दोनों का सम मिल गया

[05:55:49] तो यहां पर हमें इन दोनों का सम मिल गया 35

[05:55:50] 35 नेक्स्ट क्वेश्चन है आपको फंक्शन क्रिएट

[05:55:53] नेक्स्ट क्वेश्चन है आपको फंक्शन क्रिएट करना है स्ट्रिंग को कन्वर्ट करने के लिए

[05:55:55] करना है स्ट्रिंग को कन्वर्ट करने के लिए अपर केस में उसके लिए हम करेंगे

[05:55:59] अपर केस में उसके लिए हम करेंगे सेम यह वाला कोड कॉपी कर लेंगे यह PR2 है

[05:56:06] उसको मैं नाम दे देती हूं स्ट्रिंग टू

[05:56:08] उसको मैं नाम दे देती हूं स्ट्रिंग टू अपपर केस।

[05:56:18] इसमें हम यहां पर लेंगे

[05:56:21] इसमें हम यहां पर लेंगे स्ट्रिंग

[05:56:23] स्ट्रिंग एसटीआर। यह होगी वेयर कैर में 50

[05:56:27] एसटीआर। यह होगी वेयर कैर में 50 कररेक्टर्स की।

[05:56:32] यहां पर हम इन को चेंज करके कर देंगे वेयर

[05:56:35] यहां पर हम इन को चेंज करके कर देंगे वेयर केयर

[05:56:38] केयर 50 कररेक्टर्स का

[05:56:40] 50 कररेक्टर्स का डिटरर्मिनिस्टिक बिगिन रिटर्न हमें रिटर्न

[05:56:43] डिटरर्मिनिस्टिक बिगिन रिटर्न हमें रिटर्न कराना है अपर केस में तो यहां पे हम

[05:56:45] कराना है अपर केस में तो यहां पे हम लगाएंगे फंक्शन अपर का एसटीआर

[05:56:55] जैसे हमने जावा में पढ़े थे फंक्शन यह वैसा

[05:56:57] जैसे हमने जावा में पढ़े थे फंक्शन यह वैसा ही है। थोड़ा बहुत ही चेंज है बस कोड में।

[05:57:00] ही है। थोड़ा बहुत ही चेंज है बस कोड में। अब इसको कॉल करते हैं हम। यहां पर मिटिंग

[05:57:02] अब इसको कॉल करते हैं हम। यहां पर मिटिंग सेलेक्ट। फंक्शन का नेम हमारा क्या है?

[05:57:05] सेलेक्ट। फंक्शन का नेम हमारा क्या है? स्ट्रिंग टू अपर केस।

[05:57:08] स्ट्रिंग टू अपर केस। एंड देन मैं एक स्ट्रिंग दे दूंगी। मैं दे

[05:57:10] एंड देन मैं एक स्ट्रिंग दे दूंगी। मैं दे देती हूं हेलो। हाउ आर यू?

[05:57:23] तो यहां पे इसने स्प्रिंग को चेंज कर दिया

[05:57:25] तो यहां पे इसने स्प्रिंग को चेंज कर दिया अपर केस में।

[05:57:27] अपर केस में। अभी हमारा थर्ड क्वेश्चन है फंक्शन टू चेक

[05:57:30] अभी हमारा थर्ड क्वेश्चन है फंक्शन टू चेक इवन ऑड। इसमें हमें एक फंक्शन लिखना है और

[05:57:33] इवन ऑड। इसमें हमें एक फंक्शन लिखना है और चेक करना है वेदर अ नंबर इज इवन और ऑड।

[05:57:38] चेक करना है वेदर अ नंबर इज इवन और ऑड। PR3

[05:57:41] मैं यही वाला कोड कॉपी कर लेती हूं।

[05:57:46] एंड इसको चेंज करके कर देती हूं मैं। इवन

[05:57:49] एंड इसको चेंज करके कर देती हूं मैं। इवन ऑल।

[05:57:54] उसमें हम लेंगे इंटजर

[05:57:58] उसमें हम लेंगे इंटजर लम ले लिया इसमें हमने इंट और फिर हम यहां

[05:58:01] लम ले लिया इसमें हमने इंट और फिर हम यहां पे रिटर्न कराएंगे वेयर कैन 10 करैक्टर का

[05:58:06] पे रिटर्न कराएंगे वेयर कैन 10 करैक्टर का यहां पे हम एक कंडीशन ले लेते हैं इफ

[05:58:09] यहां पे हम एक कंडीशन ले लेते हैं इफ इफ n मॉड्यूल 2 = 0 तो क्या करना है आपको

[05:58:13] इफ n मॉड्यूल 2 = 0 तो क्या करना है आपको रिटर्न कराना है इवन नंबर

[05:58:21] एल्स

[05:58:24] आपको रिटर्न कराना है ऑड है नंबर

[05:58:31] एंड देन एंड में लगाना है आपको एंड इफ

[05:58:40] यहां पे जरूरी नहीं है डॉलर लेना अब यहां

[05:58:42] यहां पे जरूरी नहीं है डॉलर लेना अब यहां पे बैक स्लैश भी ले सकते हैं

[05:58:46] तब भी यह वैसा ही काम करेगा अब इसको हम

[05:58:49] तब भी यह वैसा ही काम करेगा अब इसको हम कॉल करते हैं यहां पे हम लिखेंगे

[05:58:51] कॉल करते हैं यहां पे हम लिखेंगे सेलेक्ट

[05:58:53] सेलेक्ट इवन ऑड

[05:58:55] इवन ऑड एंड मैंने नंबर दे दिया 10 चेक करते हैं

[05:58:58] एंड मैंने नंबर दे दिया 10 चेक करते हैं 10 इवन है कि ऑड है।

[05:59:04] यहां पे हमने नम लिया है और यहां पे n दे

[05:59:06] यहां पे हमने नम लिया है और यहां पे n दे दिया इसलिए यहां पे एरर आ रही थी। अभी ये

[05:59:08] दिया इसलिए यहां पे एरर आ रही थी। अभी ये एरर नहीं आएगी।

[05:59:11] एरर नहीं आएगी। इसको हमें ड्रॉप करना पड़ेगा। यहां पे हम

[05:59:13] इसको हमें ड्रॉप करना पड़ेगा। यहां पे हम लिखेंगे ड्रॉप

[05:59:15] लिखेंगे ड्रॉप फंक्शन।

[05:59:18] फंक्शन का नेम है इवन ऑफ

[05:59:23] एंड अगेन इसको क्रिएट करते हैं। अब कॉल

[05:59:26] एंड अगेन इसको क्रिएट करते हैं। अब कॉल करते हैं इसको।

[05:59:28] करते हैं इसको। यहां पर इसने बता दिया कि 10 इवन नंबर है।

[05:59:30] यहां पर इसने बता दिया कि 10 इवन नंबर है। अब मैं देती हूं 13। तो 13 इवन है कि ऑड

[05:59:33] अब मैं देती हूं 13। तो 13 इवन है कि ऑड है? तो 13 जो है वो ऑड नंबर है। हमने इसे

[05:59:36] है? तो 13 जो है वो ऑड नंबर है। हमने इसे इवन ऑड भी निकाल लिया। अब नेक्स्ट

[05:59:37] इवन ऑड भी निकाल लिया। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है। आपको एक फंक्शन लिखना है

[05:59:39] क्वेश्चन है। आपको एक फंक्शन लिखना है डिस्काउंट कैलकुलेट करने के लिए। अगर

[05:59:41] डिस्काउंट कैलकुलेट करने के लिए। अगर प्राइस 1000 से ज्यादा है 15% डिस्काउंट

[05:59:43] प्राइस 1000 से ज्यादा है 15% डिस्काउंट देना है। और अगर प्राइस 1000 से कम है तो

[05:59:45] देना है। और अगर प्राइस 1000 से कम है तो आपको 5% डिस्काउंट देना है। यह है पीआर

[05:59:48] आपको 5% डिस्काउंट देना है। यह है पीआर को।

[05:59:50] को। इसको हम नाम दे देते हैं इस फंक्शन को

[05:59:53] इसको हम नाम दे देते हैं इस फंक्शन को कैलकुलेट डिस्काउंट।

[05:59:57] कैलकुलेट डिस्काउंट। इसमें हम ले लेते हैं स्ट्रिंग की जगह

[06:00:01] इसमें हम ले लेते हैं स्ट्रिंग की जगह राइस

[06:00:04] राइस इंट में। और हमें रिटर्न भी कराना है इंट।

[06:00:07] इंट में। और हमें रिटर्न भी कराना है इंट। तो यहां पे हम इंट ले लेंगे।

[06:00:11] तो यहां पे हम इंट ले लेंगे। यहां पे इस वाले में हम रिटर्न करा रहे थे

[06:00:14] यहां पे इस वाले में हम रिटर्न करा रहे थे वेयर कैर इवन या आउट। इसलिए हमने यहां पे

[06:00:16] वेयर कैर इवन या आउट। इसलिए हमने यहां पे वेयर कैर लिया था। और इसके पहले हम रिटर्न

[06:00:18] वेयर कैर लिया था। और इसके पहले हम रिटर्न करा रहे थे

[06:00:21] करा रहे थे इंट नंबर ही चाहिए था हमें इसलिए हमने

[06:00:23] इंट नंबर ही चाहिए था हमें इसलिए हमने यहां पे इंट लिया था। हम जो डेटा टाइप

[06:00:25] यहां पे इंट लिया था। हम जो डेटा टाइप रिटर्न कराते हैं वो यहां पर हम लेते हैं।

[06:00:27] रिटर्न कराते हैं वो यहां पर हम लेते हैं। देन रिटर्न मिस्टेक के बाद लिखा है बिगेन

[06:00:29] देन रिटर्न मिस्टेक के बाद लिखा है बिगेन रिटर्न इसको हटा देते हैं और यहां पे

[06:00:32] रिटर्न इसको हटा देते हैं और यहां पे लगाते हैं हम कंडीशन। क्या कंडीशन लगानी

[06:00:34] लगाते हैं हम कंडीशन। क्या कंडीशन लगानी है? इफ अगर प्राइस ज्यादा होगा 1000 से

[06:00:38] है? इफ अगर प्राइस ज्यादा होगा 1000 से देन आपको रिटर्न कराना है प्राइस

[06:00:44] देन आपको रिटर्न कराना है प्राइस माइनस

[06:00:48] प्राइस * 0.15

[06:00:53] एस आपको रिटर्न कराना है

[06:00:59] प्राइस माइनस

[06:01:03] प्राइस * 0.05

[06:01:08] एंड एंड में लगाना है आपको एंड

[06:01:20] इसको कॉल करते हैं। सेलेक्ट

[06:01:23] इसको कॉल करते हैं। सेलेक्ट कैल डिस्काउंट

[06:01:27] हमने प्राइस दे दिया 1300।

[06:01:34] तो यहां पे हमें कितने का डिस्काउंट मिल

[06:01:35] तो यहां पे हमें कितने का डिस्काउंट मिल गया? यहां पे इसने प्राइस में से जो

[06:01:37] गया? यहां पे इसने प्राइस में से जो डिस्काउंट था उसको माइनस करके यहां पे

[06:01:39] डिस्काउंट था उसको माइनस करके यहां पे हमें डिस्काउंट मिला 15% का। बिकॉज़ प्राइस

[06:01:42] हमें डिस्काउंट मिला 15% का। बिकॉज़ प्राइस जो है वो 1000 से ज्यादा है। अगर इसकी

[06:01:44] जो है वो 1000 से ज्यादा है। अगर इसकी प्राइस ₹100 है तो इससे हमें 5% डिस्काउंट

[06:01:46] प्राइस ₹100 है तो इससे हमें 5% डिस्काउंट मिलेगा। तो ₹100 का आइटम हमें पड़ा ₹95 में

[06:01:50] मिलेगा। तो ₹100 का आइटम हमें पड़ा ₹95 में आफ्टर डिस्काउंट। मैंने आपको ये क्वेश्चन

[06:01:52] आफ्टर डिस्काउंट। मैंने आपको ये क्वेश्चन सॉल्व करा दिए हैं। अब मैं आपको कुछ और

[06:01:54] सॉल्व करा दिए हैं। अब मैं आपको कुछ और क्वेश्चंस दे रही हूं। उनका सॉलशन आपको

[06:01:55] क्वेश्चंस दे रही हूं। उनका सॉलशन आपको खुद से करना है।

[06:01:59] इमेजिन करो आपने डेटाबेस में एक रिकॉर्ड

[06:02:03] इमेजिन करो आपने डेटाबेस में एक रिकॉर्ड इंसर्ट की और ऑटोमेटिकली एक और टेबल में

[06:02:06] इंसर्ट की और ऑटोमेटिकली एक और टेबल में उसका लॉक सेव हो गया। आपने कुछ एक्स्ट्रा

[06:02:08] उसका लॉक सेव हो गया। आपने कुछ एक्स्ट्रा कोड भी नहीं लिखा। यही मैजिक करता है

[06:02:12] कोड भी नहीं लिखा। यही मैजिक करता है ट्रिगरर्स। सबसे पहले हम समझते हैं ट्रिगर

[06:02:15] ट्रिगरर्स। सबसे पहले हम समझते हैं ट्रिगर क्या होता है? अ ट्रिगर इज एन ऑटोमेटिक

[06:02:17] क्या होता है? अ ट्रिगर इज एन ऑटोमेटिक मैकेनिज्म इन एसक्यूएल दैट इज़

[06:02:19] मैकेनिज्म इन एसक्यूएल दैट इज़ एग्जीक्यूटेड बाय द डेटाबेस व्हेन अ

[06:02:21] एग्जीक्यूटेड बाय द डेटाबेस व्हेन अ स्पेसिफाइड इवेंट ऑकर्स ऑन अ टेबल सच ऐ

[06:02:25] स्पेसिफाइड इवेंट ऑकर्स ऑन अ टेबल सच ऐ इंसर्टिंग, अपडेटिंग और डिलीटिंग डेटा।

[06:02:28] इंसर्टिंग, अपडेटिंग और डिलीटिंग डेटा। ट्रिगर इज़ इक्वल टू ऑटोमेटिक एक्शन

[06:02:30] ट्रिगर इज़ इक्वल टू ऑटोमेटिक एक्शन परफॉर्म बाय द डेटाबेस ऑन एन इवेंट।

[06:02:32] परफॉर्म बाय द डेटाबेस ऑन एन इवेंट। ट्रिगर एक ऑटोमेटिक एक्शन होता है जो

[06:02:35] ट्रिगर एक ऑटोमेटिक एक्शन होता है जो डेटाबेस खुद परफॉर्म करता है। जब कोई

[06:02:37] डेटाबेस खुद परफॉर्म करता है। जब कोई इवेंट होता है जैसे हम जब इंसर्ट कराते

[06:02:39] इवेंट होता है जैसे हम जब इंसर्ट कराते हैं, अपडेट कराते हैं या डिलीट कराते हैं

[06:02:41] हैं, अपडेट कराते हैं या डिलीट कराते हैं तब मतलब आप मैनुअली फंक्शन कॉल नहीं करते

[06:02:45] तब मतलब आप मैनुअली फंक्शन कॉल नहीं करते हैं। डेटाबेस खुद रिएक्ट करता है।

[06:02:49] हैं। डेटाबेस खुद रिएक्ट करता है। अब ट्रिगर को समझने के लिए एक सिंपल

[06:02:51] अब ट्रिगर को समझने के लिए एक सिंपल एग्जांपल देखते हैं। जब भी आप Instagram

[06:02:54] एग्जांपल देखते हैं। जब भी आप Instagram पे पोस्ट डालते हो, तुरंत नोटिफिकेशन चला

[06:02:56] पे पोस्ट डालते हो, तुरंत नोटिफिकेशन चला जाता है आपके फॉलोअर्स को कि आपने नई

[06:03:00] जाता है आपके फॉलोअर्स को कि आपने नई पोस्ट डाली है।

[06:03:03] पोस्ट डाली है। आप मैनुअली नोटिफिकेशन नहीं भेजते हैं।

[06:03:06] आप मैनुअली नोटिफिकेशन नहीं भेजते हैं। सिस्टम ऑटोमेटिकली करता है। एग्जैक्टली

[06:03:09] सिस्टम ऑटोमेटिकली करता है। एग्जैक्टली सेम होता है एसक्यूएल में ट्रिगर्स में।

[06:03:12] सेम होता है एसक्यूएल में ट्रिगर्स में। अभी हम ट्रिगर्स के टाइप्स देखेंगे।

[06:03:15] अभी हम ट्रिगर्स के टाइप्स देखेंगे। ट्रिगर्स के दो टाइप्स होते हैं। एक होता

[06:03:18] ट्रिगर्स के दो टाइप्स होते हैं। एक होता है बिफोर ट्रिगर और एक होता है आफ्टर

[06:03:20] है बिफोर ट्रिगर और एक होता है आफ्टर ट्रिगर। सबसे पहले हम बात करते हैं बिफोर

[06:03:24] ट्रिगर। सबसे पहले हम बात करते हैं बिफोर ट्रिगर की। अ बिफोर ट्रिगर इज़ अ टाइप ऑफ

[06:03:26] ट्रिगर की। अ बिफोर ट्रिगर इज़ अ टाइप ऑफ ट्रिगर दैट एग्जीक्यूट्स ऑटोमेटिकली बिफोर

[06:03:29] ट्रिगर दैट एग्जीक्यूट्स ऑटोमेटिकली बिफोर एन इंसर्ट अपडेट और डिलीट ऑपरेशन इज़

[06:03:32] एन इंसर्ट अपडेट और डिलीट ऑपरेशन इज़ परफॉर्म्ड ऑन अ टेबल। इट इज़ मेनली यूज़्ड

[06:03:34] परफॉर्म्ड ऑन अ टेबल। इट इज़ मेनली यूज़्ड फॉर वैलिडेशन और मॉडिफाइंग डेटा बिफोर इट

[06:03:37] फॉर वैलिडेशन और मॉडिफाइंग डेटा बिफोर इट इज़ सेव्ड। बिफोर ट्रिगर एक ऐसा ट्रिगर

[06:03:40] इज़ सेव्ड। बिफोर ट्रिगर एक ऐसा ट्रिगर होता है जो टेबल में डाटा इंसर्ट अपडेट या

[06:03:43] होता है जो टेबल में डाटा इंसर्ट अपडेट या डिलीट होने से पहले रन होता है। बिफोर

[06:03:47] डिलीट होने से पहले रन होता है। बिफोर ट्रिगर डेटा चेंज होने से पहले एग्जीक्यूट

[06:03:50] ट्रिगर डेटा चेंज होने से पहले एग्जीक्यूट होता है।

[06:03:52] होता है। सोचो आप एयरपोर्ट जा रहे हो और प्लेन में

[06:03:56] सोचो आप एयरपोर्ट जा रहे हो और प्लेन में चढ़ने से पहले आपकी आईडी चेक होती है।

[06:03:58] चढ़ने से पहले आपकी आईडी चेक होती है। लगेज चेक होता है। अगर सब सही है तो आप

[06:04:01] लगेज चेक होता है। अगर सब सही है तो आप आगे बढ़ जाते हो। और अगर कुछ गलत हो तो

[06:04:04] आगे बढ़ जाते हो। और अगर कुछ गलत हो तो आपकी एंट्री टोक दी जाती है। सेम एसक्यूएल

[06:04:07] आपकी एंट्री टोक दी जाती है। सेम एसक्यूएल में होता है। बिफोर ट्रिगर डेटा को चेक या

[06:04:09] में होता है। बिफोर ट्रिगर डेटा को चेक या मॉडिफाई करता है बिफोर सेव।

[06:04:14] मॉडिफाई करता है बिफोर सेव। यह इसका सिंटेक्स होता है। सबसे पहले लिखा

[06:04:16] यह इसका सिंटेक्स होता है। सबसे पहले लिखा आता है क्रिएट ट्रिगर। ट्रिगर का नेम आपको

[06:04:18] आता है क्रिएट ट्रिगर। ट्रिगर का नेम आपको यहां पे देना है। देन

[06:04:21] यहां पे देना है। देन बिफोर इंसर्ट, अपडेट या डिलीट ऑन टेबल का

[06:04:24] बिफोर इंसर्ट, अपडेट या डिलीट ऑन टेबल का नेम फॉर ईच रो बिगिन। एंड यहां पे आपको

[06:04:27] नेम फॉर ईच रो बिगिन। एंड यहां पे आपको अपने एसक्यूएल स्टेटमेंट्स देना है। एंड

[06:04:29] अपने एसक्यूएल स्टेटमेंट्स देना है। एंड देन एंड लिखना है।

[06:04:32] देन एंड लिखना है। ऐसे ही होता है आफ्टर ट्रिगर। एन आफ्टर

[06:04:36] ऐसे ही होता है आफ्टर ट्रिगर। एन आफ्टर ट्रिगर इज अ टाइप ऑफ ट्रिगर दैट

[06:04:38] ट्रिगर इज अ टाइप ऑफ ट्रिगर दैट एग्जीक्यूट ऑटोमेटिकली।

[06:04:41] एग्जीक्यूट ऑटोमेटिकली। आफ्टर एन इंसर्ट, अपडेट और डिलीट। ऑपरेशन

[06:04:44] आफ्टर एन इंसर्ट, अपडेट और डिलीट। ऑपरेशन हैज़ बीन कंप्लीटेड ऑन अ टेबल। इट इज़

[06:04:46] हैज़ बीन कंप्लीटेड ऑन अ टेबल। इट इज़ कॉमनली यूज़्ड फॉर लॉगिन, ऑडिटिंग और

[06:04:49] कॉमनली यूज़्ड फॉर लॉगिन, ऑडिटिंग और परफॉर्मिंग एडिशनल एकशंस। आफ्टर ट्रिगर एक

[06:04:52] परफॉर्मिंग एडिशनल एकशंस। आफ्टर ट्रिगर एक ऐसा ट्रिगर होता है जो टेबल में इंसर्ट,

[06:04:55] ऐसा ट्रिगर होता है जो टेबल में इंसर्ट, अपडेट या डिलीट होने के बाद रन होता है।

[06:04:59] अपडेट या डिलीट होने के बाद रन होता है। आफ्टर ट्रिगर डाटा चेंज होने के बाद

[06:05:01] आफ्टर ट्रिगर डाटा चेंज होने के बाद एग्जीक्यूट होता है। सोचो आपने ऑनलाइन

[06:05:04] एग्जीक्यूट होता है। सोचो आपने ऑनलाइन ऑर्डर किया। ऑर्डर प्लेस होने के बाद

[06:05:06] ऑर्डर किया। ऑर्डर प्लेस होने के बाद इनवॉइस जनरेट होता है। एसएमएस ईमेल आता

[06:05:09] इनवॉइस जनरेट होता है। एसएमएस ईमेल आता है। ऑर्डर हिस्ट्री अपडेट होती है। यह सब

[06:05:12] है। ऑर्डर हिस्ट्री अपडेट होती है। यह सब बाद में होता है। सेम एसक्यूएल में आफ्टर

[06:05:14] बाद में होता है। सेम एसक्यूएल में आफ्टर ट्रिगर डेटा चेंज होने के बाद काम करता

[06:05:17] ट्रिगर डेटा चेंज होने के बाद काम करता है। ये इसका सिंटेक्स होता है। यह इसमें

[06:05:20] है। ये इसका सिंटेक्स होता है। यह इसमें भी होता है। क्रिएट टेबल ट्रिगर का नेम

[06:05:22] भी होता है। क्रिएट टेबल ट्रिगर का नेम देना है। देन आफ्टर इंसर्ट अपडेट या डिलीट

[06:05:25] देना है। देन आफ्टर इंसर्ट अपडेट या डिलीट ऑन टेबल का नेम फॉर ईच रो। देन बिगिन करना

[06:05:28] ऑन टेबल का नेम फॉर ईच रो। देन बिगिन करना है और यहां पर अपना एसक्यूएल स्टेटमेंट

[06:05:30] है और यहां पर अपना एसक्यूएल स्टेटमेंट लिखना है एंड देन एंड अभी मैंने माय

[06:05:33] लिखना है एंड देन एंड अभी मैंने माय एसक्यूएल वर्क बेंच ओपन कर लिया है। अब

[06:05:35] एसक्यूएल वर्क बेंच ओपन कर लिया है। अब यहां पर हम और डिटेल में समझेंगे कि

[06:05:38] यहां पर हम और डिटेल में समझेंगे कि ट्रिगर्स क्या होता है बिफोर ट्रिगर और

[06:05:40] ट्रिगर्स क्या होता है बिफोर ट्रिगर और आफ्टर ट्रिगर में क्या डिफरेंस है।

[06:05:44] आफ्टर ट्रिगर में क्या डिफरेंस है। सिंटेक्स हमने देख ही लिया है दोनों का।

[06:05:47] सिंटेक्स हमने देख ही लिया है दोनों का। अब एक सिनेरियो देखते हैं। जब भी कोई न्यू

[06:05:50] अब एक सिनेरियो देखते हैं। जब भी कोई न्यू एंप्लॉय ऐड हो तो ऑटोमेटिकली एक लॉक टेबल

[06:05:54] एंप्लॉय ऐड हो तो ऑटोमेटिकली एक लॉक टेबल में एंट्री हो जाए। यहां पर हम क्रिएट कर

[06:05:57] में एंट्री हो जाए। यहां पर हम क्रिएट कर लेते हैं एक डेटाबेस

[06:06:02] कंपनी

[06:06:04] कंपनी एंप्लॉय

[06:06:09] एंड देन इसको यूज़ कर लेते हैं।

[06:06:18] अभी हम एक टेबल क्रिएट करते हैं।

[06:06:21] अभी हम एक टेबल क्रिएट करते हैं। क्रिएट

[06:06:23] क्रिएट टेबल

[06:06:26] टेबल का नाम है एंप्लॉय।

[06:06:37] इसके अंदर सबसे पहले होगी आईडी इंट में

[06:06:41] इसके अंदर सबसे पहले होगी आईडी इंट में कॉमा नेम होगा वेयर केयर में 50

[06:06:46] कॉमा नेम होगा वेयर केयर में 50 कररेक्टर्स का ले लेते हैं हम नेम एंड देन

[06:06:48] कररेक्टर्स का ले लेते हैं हम नेम एंड देन होगी सैलरी इंट में।

[06:06:54] अब इसके लिए एक हम लॉक टेबल क्रिएट करते

[06:06:57] अब इसके लिए एक हम लॉक टेबल क्रिएट करते हैं। यहां पर हम लिखेंगे

[06:07:01] हैं। यहां पर हम लिखेंगे क्रिएट टेबल

[06:07:05] क्रिएट टेबल एंप्लॉय लॉक।

[06:07:12] फिर यहां पर हम लिखेंगे लॉग आईडी

[06:07:19] इंट

[06:07:22] इंट ऑटो इंक्रीमेंट

[06:07:30] प्राइमरी

[06:07:32] प्राइमरी की

[06:07:37] देन यहां पे हम देंगे मैसेज

[06:07:42] वेयर कैप

[06:07:46] इसको हमने दे दिया 255 कैरेक्टर्स का एंड

[06:07:50] इसको हमने दे दिया 255 कैरेक्टर्स का एंड देन एंड में हमने इसे क्लोज कर दिया।

[06:08:06] अभी हमने यहां पर दो टेबल क्रिएट किए हैं।

[06:08:08] अभी हमने यहां पर दो टेबल क्रिएट किए हैं। एक किया है एंप्लॉय के लिए और एक किया है

[06:08:10] एक किया है एंप्लॉय के लिए और एक किया है हमने एंप्लॉय लॉक के लिए। अब हम ट्रिगर

[06:08:15] हमने एंप्लॉय लॉक के लिए। अब हम ट्रिगर क्रिएट करेंगे।

[06:08:19] यहां पर हम लिखेंगे क्रिएट

[06:08:24] ट्रिगर

[06:08:28] आफ्टर

[06:08:31] एंप्लॉय इंसर्ट

[06:08:36] देन हम यहां पे लिखेंगे आफ्टर

[06:08:39] देन हम यहां पे लिखेंगे आफ्टर इंसर्ट

[06:08:42] फिर लिखेंगे ऑन एंप्लॉय

[06:08:47] फॉर

[06:08:50] ईच रोज

[06:08:54] ईच रोज बिगिन

[06:08:59] इंसर्ट इंटू टेबल का नेम हमारा है एंप्लॉय

[06:09:04] इंसर्ट इंटू टेबल का नेम हमारा है एंप्लॉय लॉ

[06:09:08] मैसेज

[06:09:15] वैल्यूज़

[06:09:17] वैल्यूज़ कॉनकट

[06:09:23] न्यू एंप्लॉय

[06:09:27] एडेड

[06:09:32] कॉमा न्यू

[06:09:34] कॉमा न्यू डॉट नेम

[06:09:40] उसको यहां पे हम एंड कर देंगे

[06:09:45] यहां पे हमने लिखा है क्रिएट ट्रिगर आफ्टर

[06:09:48] यहां पे हमने लिखा है क्रिएट ट्रिगर आफ्टर एंप्लॉय इंसर्ट। यहां हम ट्रिगर बना रहे

[06:09:51] एंप्लॉय इंसर्ट। यहां हम ट्रिगर बना रहे हैं। क्रिएट ट्रिगर ट्रिगर क्रिएट करने का

[06:09:54] हैं। क्रिएट ट्रिगर ट्रिगर क्रिएट करने का कीवर्ड है। फिर हमने लिखा है आफ्टर

[06:09:56] कीवर्ड है। फिर हमने लिखा है आफ्टर एंप्लॉय इंसर्ट। यह ट्रिगर का नेम है। नेम

[06:10:00] एंप्लॉय इंसर्ट। यह ट्रिगर का नेम है। नेम जनरली मीनिंगफुल रखते हैं। इसलिए हमने

[06:10:02] जनरली मीनिंगफुल रखते हैं। इसलिए हमने यहां पे लिया है आफ्टर एंप्लॉय ट्रिगर।

[06:10:04] यहां पे लिया है आफ्टर एंप्लॉय ट्रिगर। उसमें आफ्टर प्लस टेबल प्लस एक्शन। यह

[06:10:07] उसमें आफ्टर प्लस टेबल प्लस एक्शन। यह आफ्टर टेबल है एक्शन के बाद वाला। फिर हम

[06:10:11] आफ्टर टेबल है एक्शन के बाद वाला। फिर हम क्या कर रहे हैं? आफ्टर इंसर्ट यानी

[06:10:12] क्या कर रहे हैं? आफ्टर इंसर्ट यानी इंसर्ट के बाद होगा। ए क्या होगा? आफ्टर

[06:10:15] इंसर्ट के बाद होगा। ए क्या होगा? आफ्टर जो है वो ऑपरेशन के बाद होगा। इंसर्ट जो

[06:10:18] जो है वो ऑपरेशन के बाद होगा। इंसर्ट जो है जब नया डेटा इंसर्ट होगा तब मतलब जब भी

[06:10:21] है जब नया डेटा इंसर्ट होगा तब मतलब जब भी एंप्लॉय टेबल में न्यू रिकॉर्ड ऐड होगा तब

[06:10:23] एंप्लॉय टेबल में न्यू रिकॉर्ड ऐड होगा तब ये ट्रिगर चलेगा। फिर हमने लिखा है ऑन

[06:10:26] ये ट्रिगर चलेगा। फिर हमने लिखा है ऑन एंप्लाइजज़। किस टेबल पर ट्रिगर अप्लाई

[06:10:28] एंप्लाइजज़। किस टेबल पर ट्रिगर अप्लाई होगा? एंप्लाइजज़ पर। यह टारगेट टेबल है।

[06:10:32] होगा? एंप्लाइजज़ पर। यह टारगेट टेबल है। मतलब एंप्लॉय टेबल में इंसर्ट होने के बाद

[06:10:34] मतलब एंप्लॉय टेबल में इंसर्ट होने के बाद ट्रिगर रन होगा। फिर हमने लिखा है फॉर ईच

[06:10:38] ट्रिगर रन होगा। फिर हमने लिखा है फॉर ईच रो। यह बहुत इंपॉर्टेंट है। मतलब हर एक

[06:10:41] रो। यह बहुत इंपॉर्टेंट है। मतलब हर एक इंसर्टेड रो के लिए ट्रिगर अलग से

[06:10:43] इंसर्टेड रो के लिए ट्रिगर अलग से एग्जीक्यूट होगा। फॉर एग्जांपल अगर थ्री

[06:10:46] एग्जीक्यूट होगा। फॉर एग्जांपल अगर थ्री रो इंसर्ट हुई है तो ट्रिगर थ्री बार

[06:10:48] रो इंसर्ट हुई है तो ट्रिगर थ्री बार चलेगा।

[06:10:52] और बिगिन और एंड जो है ये और ये ये ब्लॉक

[06:10:56] और बिगिन और एंड जो है ये और ये ये ब्लॉक है जिसमें हम अपनी लॉजिक लिखते हैं।

[06:11:00] है जिसमें हम अपनी लॉजिक लिखते हैं। इसके अंदर जो भी कोड लिखा होगा वही ट्रिगर

[06:11:03] इसके अंदर जो भी कोड लिखा होगा वही ट्रिगर एग्जीक्यूट करेगा। इसके अंदर हमने लिखा है

[06:11:05] एग्जीक्यूट करेगा। इसके अंदर हमने लिखा है इंसर्ट इनू एंप्लॉय लॉग मैसेज। यहां हम एक

[06:11:08] इंसर्ट इनू एंप्लॉय लॉग मैसेज। यहां हम एक दूसरी टेबल में डाटा इंसर्ट करा रहे हैं।

[06:11:11] दूसरी टेबल में डाटा इंसर्ट करा रहे हैं। टेबल का नेम है एंप्लॉय लॉक। यह लॉक टेबल

[06:11:14] टेबल का नेम है एंप्लॉय लॉक। यह लॉक टेबल क्रिएट करेगा और मैसेज जो है वो कॉलम

[06:11:17] क्रिएट करेगा और मैसेज जो है वो कॉलम रहेगा। मतलब जब एंप्लॉय ऐड होगा उसका लॉक

[06:11:20] रहेगा। मतलब जब एंप्लॉय ऐड होगा उसका लॉक स्टोर होगा। वेल यूज़ कॉनकट न्यू एंप्लॉय

[06:11:24] स्टोर होगा। वेल यूज़ कॉनकट न्यू एंप्लॉय एडेड न्यूम। यह सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट है।

[06:11:27] एडेड न्यूम। यह सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट है। कॉनकैट जो होता है वह स्ट्रिंग को जॉइ

[06:11:30] कॉनकैट जो होता है वह स्ट्रिंग को जॉइ करता है। यहां पे हमने मैसेज दिया है न्यू

[06:11:32] करता है। यहां पे हमने मैसेज दिया है न्यू एंप्लॉय एडेड। यह स्टैटिक मैसेजर फिर हमने

[06:11:35] एंप्लॉय एडेड। यह स्टैटिक मैसेजर फिर हमने दिया है न्यू डॉट मी जो नया एंप्लॉय

[06:11:37] दिया है न्यू डॉट मी जो नया एंप्लॉय इंसर्ट हुआ है उसका नाम देन हमें फाइनल

[06:11:40] इंसर्ट हुआ है उसका नाम देन हमें फाइनल आउटपुट मिलेगा न्यू एंप्लॉय एडेड जो भी

[06:11:42] आउटपुट मिलेगा न्यू एंप्लॉय एडेड जो भी नाम हम ऐड कर रहे हैं वो नेम न्यू का मतलब

[06:11:45] नाम हम ऐड कर रहे हैं वो नेम न्यू का मतलब क्या है न्यू का मतलब है जो नया डेटा

[06:11:48] क्या है न्यू का मतलब है जो नया डेटा इंसर्ट हुआ है उसका रेफरेंस न्यू डॉट नेम

[06:11:51] इंसर्ट हुआ है उसका रेफरेंस न्यू डॉट नेम न्यू एंप्लॉय का नाम होगा और न्यू डॉट

[06:11:53] न्यू एंप्लॉय का नाम होगा और न्यू डॉट आईडी एंप्लॉय का आईडी होगा सबसे पहले

[06:11:56] आईडी एंप्लॉय का आईडी होगा सबसे पहले एंप्लॉय इंसर्ट होगा फिर इंसर्ट कंप्लीट

[06:11:58] एंप्लॉय इंसर्ट होगा फिर इंसर्ट कंप्लीट होगा ट्रिगर ऑटोमेटिकली रन होगा और लॉक

[06:12:01] होगा ट्रिगर ऑटोमेटिकली रन होगा और लॉक टेबल में मैसेज सेव होगा। अभी यहां पे एरर

[06:12:04] टेबल में मैसेज सेव होगा। अभी यहां पे एरर क्यों आ रही है? क्या एरर आ रही है?

[06:12:12] एंड इज़ नॉट वैलिड। ओके। क्या क्या दिक्कत

[06:12:15] एंड इज़ नॉट वैलिड। ओके। क्या क्या दिक्कत आ रही है? यहां हमें डेलीमीटर नहीं लगाया

[06:12:17] आ रही है? यहां हमें डेलीमीटर नहीं लगाया है इसलिए एरर आ रहा है। यहां लगाएंगे हम

[06:12:21] है इसलिए एरर आ रहा है। यहां लगाएंगे हम डेलीमीटर

[06:12:23] डेलीमीटर एंड देन एंड में कर देंगे हम डॉलर डॉलर

[06:12:28] एंड देन एंड में कर देंगे हम डॉलर डॉलर एंड टेलीमीटर।

[06:12:31] एंड टेलीमीटर। अब यह क्वरी सही है।

[06:12:35] अब यह क्वरी सही है। यह सही से एग्जीक्यूट हो गई।

[06:12:38] यह सही से एग्जीक्यूट हो गई। अब हम इंसर्ट कराते हैं। इसको टेस्ट करते

[06:12:40] अब हम इंसर्ट कराते हैं। इसको टेस्ट करते हैं।

[06:12:43] हैं। यहां पर हम लिखेंगे इंसर्ट

[06:12:45] यहां पर हम लिखेंगे इंसर्ट इंटू एंप्लाइजज़

[06:12:51] वैल्यूस देंगे इसको।

[06:12:54] वैल्यूस देंगे इसको। मैंने वैल्यू दे दी वन। कॉमा नेम दे दिया

[06:12:58] मैंने वैल्यू दे दी वन। कॉमा नेम दे दिया मैंने इसमें रुचि।

[06:13:00] मैंने इसमें रुचि। कॉमा इसमें सैलरी दे दी मैंने 50000

[06:13:08] इसमें नया एंप्लई ऐड हो गया।

[06:13:12] इसमें नया एंप्लई ऐड हो गया। अब हम करते हैं सेलेक्ट

[06:13:15] अब हम करते हैं सेलेक्ट स्टार

[06:13:22] फ्रॉम

[06:13:24] फ्रॉम एंप्लॉय लॉ

[06:13:32] तो यहां पर लिखा आ गया एमंप्लॉय ऐड होगा

[06:13:35] तो यहां पर लिखा आ गया एमंप्लॉय ऐड होगा जिसका नाम है रुचि।

[06:13:41] यह तो था आफ्टर ट्रिगर। ऐसे ही हम सैलरी

[06:13:44] यह तो था आफ्टर ट्रिगर। ऐसे ही हम सैलरी अपडेट होने पर लॉक क्रिएट कर सकते हैं।

[06:13:48] अपडेट होने पर लॉक क्रिएट कर सकते हैं। उसके लिए क्या करेंगे? उसके लिए हम सेम यह

[06:13:52] उसके लिए क्या करेंगे? उसके लिए हम सेम यह जो था वह हम क्या कर रहे थे? इंसर्ट करा

[06:13:54] जो था वह हम क्या कर रहे थे? इंसर्ट करा रहे थे।

[06:13:57] ऐसे हम सैलरी अपडेट करने के लिए भी कर

[06:14:00] ऐसे हम सैलरी अपडेट करने के लिए भी कर सकते हैं। यहां पर लिख देती हूं मैं

[06:14:02] सकते हैं। यहां पर लिख देती हूं मैं ट्रिगर

[06:14:04] ट्रिगर फॉर अपडेट।

[06:14:09] मैं यही वाला कोड कॉपी कर लेती हूं।

[06:14:17] एंड इसमें मैं इंसर्ट की जगह अपडेट कर

[06:14:21] एंड इसमें मैं इंसर्ट की जगह अपडेट कर देती हूं। आफ्टर अपडेट। और इसका नाम भी हम

[06:14:25] देती हूं। आफ्टर अपडेट। और इसका नाम भी हम चेंज कर देते हैं। यहां पर हम दे देते हैं

[06:14:27] चेंज कर देते हैं। यहां पर हम दे देते हैं आफ्टर सैलरी अपडेट।

[06:14:34] सी

[06:14:36] सी ऑन एंप्लाइजज़ फॉर ईच रोज़ बिगिन रिसर्च इनू

[06:14:39] ऑन एंप्लाइजज़ फॉर ईच रोज़ बिगिन रिसर्च इनू एंप्लॉय ल मैसेज वैल्यूज़ कॉनकटिनेट सैलरी

[06:14:43] एंप्लॉय ल मैसेज वैल्यूज़ कॉनकटिनेट सैलरी अपडेटेड फॉर

[06:14:46] अपडेटेड फॉर सैलरी

[06:14:48] सैलरी अपडेटेड

[06:14:49] अपडेटेड फॉर यहां पर एंप्लॉय का नेम आ जाएगा।

[06:14:56] इसको एग्जीक्यूट कराते हैं हम। यहां पर जब

[06:14:59] इसको एग्जीक्यूट कराते हैं हम। यहां पर जब भी एंप्लॉय टेबल में सैलरी अपडेट होगी तब

[06:15:02] भी एंप्लॉय टेबल में सैलरी अपडेट होगी तब एंप्लॉय लॉक टेबल में एक मैसेज स्टोर

[06:15:04] एंप्लॉय लॉक टेबल में एक मैसेज स्टोर होगा। जैसे मैं यहां पे क्वेरी लिखती हूं।

[06:15:06] होगा। जैसे मैं यहां पे क्वेरी लिखती हूं। अपडेट

[06:15:09] एंप्लाइज

[06:15:15] सेट सैलरी इक्वल टू

[06:15:19] सेट सैलरी इक्वल टू मैं इसको कर देती हूं 90000

[06:15:25] वेयर नेम =

[06:15:31] अभी यहां पे हम कुछ चेंजेस करते हैं। यहां

[06:15:33] अभी यहां पे हम कुछ चेंजेस करते हैं। यहां पे हम नेम की जगह आईडी कर देते हैं इसको।

[06:15:38] पे हम नेम की जगह आईडी कर देते हैं इसको। आईडी में और अच्छा रहेगा क्योंकि नेम में

[06:15:40] आईडी में और अच्छा रहेगा क्योंकि नेम में केस इशू हो जाता है। इसलिए इसमें हम आईडी

[06:15:43] केस इशू हो जाता है। इसलिए इसमें हम आईडी दे देते हैं यहां पे। इसको भी हम यहां पे

[06:15:45] दे देते हैं यहां पे। इसको भी हम यहां पे कर देंगे। वेयर आईडी = 1

[06:15:54] अब पहले हमको ट्रिगर को ड्रॉप करना पड़ेगा

[06:15:56] अब पहले हमको ट्रिगर को ड्रॉप करना पड़ेगा तभी एग्जीक्यूट होगा। हम यहां पर लिखेंगे

[06:15:58] तभी एग्जीक्यूट होगा। हम यहां पर लिखेंगे ड्रॉ ट्रिगर। ट्रिगर का नेम क्या है? ऑफ

[06:16:02] ड्रॉ ट्रिगर। ट्रिगर का नेम क्या है? ऑफ सैलरी अपडेट

[06:16:09] ड्रॉ किया। अगेन क्रिएट किया ट्रिगर एंड

[06:16:12] ड्रॉ किया। अगेन क्रिएट किया ट्रिगर एंड देन अगेन अपडेटे किया इसको। अब यहां पे

[06:16:15] देन अगेन अपडेटे किया इसको। अब यहां पे लॉक शो हो रहा है। सैंडली अपडेटेड फॉर वन।

[06:16:18] लॉक शो हो रहा है। सैंडली अपडेटेड फॉर वन। वन आईडी उसकी थी रुचि की थी। उसकी सैलरी

[06:16:20] वन आईडी उसकी थी रुचि की थी। उसकी सैलरी अपडेट हो गई। सैलरी अपडेट हो गई। कितनी हो

[06:16:23] अपडेट हो गई। सैलरी अपडेट हो गई। कितनी हो गई वह भी देख सकते हैं हम।

[06:16:26] गई वह भी देख सकते हैं हम। यहां करेंगे हम सेलेक्ट

[06:16:29] यहां करेंगे हम सेलेक्ट सैलरी

[06:16:30] सैलरी फ्रॉम टेबल का नेम हमारा है एंप्लाइजज़।

[06:16:37] यहां पे सैलरी आ गई 90,000।

[06:16:42] यहां पे सैलरी आ गई 90,000। अब इसमें हम एक एक और चेंज कर सकते हैं।

[06:16:44] अब इसमें हम एक एक और चेंज कर सकते हैं। यहां पर हम एक और स्टेटमेंट डाल सकते हैं।

[06:16:46] यहां पर हम एक और स्टेटमेंट डाल सकते हैं। पहले इसको ड्रॉ करना पड़ेगा उसके लिए।

[06:16:49] पहले इसको ड्रॉ करना पड़ेगा उसके लिए। क्या बिगिन के बाद में आप यहां पर कर सकते

[06:16:52] क्या बिगिन के बाद में आप यहां पर कर सकते हैं इफ

[06:16:54] हैं इफ ओल्ड सैलरी इज नॉट इक्वल टू ये नॉट इक्वल

[06:16:58] ओल्ड सैलरी इज नॉट इक्वल टू ये नॉट इक्वल टू का साइन है। इसे ऐसे भी लिखते हैं।

[06:17:00] टू का साइन है। इसे ऐसे भी लिखते हैं। न्यू डॉट सैलरी

[06:17:04] देन आपको करना है इंसर्ट इंटू मैसेज

[06:17:08] देन आपको करना है इंसर्ट इंटू मैसेज एंप्लॉय लॉक मैसेज वैल्यूज़ एंड देन एंड

[06:17:12] एंप्लॉय लॉक मैसेज वैल्यूज़ एंड देन एंड एंड देन यहां पे हम एंड में लिखेंगे एंड

[06:17:16] एंड देन यहां पे हम एंड में लिखेंगे एंड इफ

[06:17:19] ओल्ड डॉट सैलरी अपडेट से पहले वाली सैलरी

[06:17:23] ओल्ड डॉट सैलरी अपडेट से पहले वाली सैलरी है एंड न्यू डॉट सैलरी अपडेट के बाद वाली

[06:17:25] है एंड न्यू डॉट सैलरी अपडेट के बाद वाली सैलरी है। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब

[06:17:28] सैलरी है। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है कि नॉट इक्वल टू जब ओल्ड सैलरी नहीं

[06:17:31] है कि नॉट इक्वल टू जब ओल्ड सैलरी नहीं इक्वल होगी न्यू सैलरी के अगर सैलरी चेंज

[06:17:34] इक्वल होगी न्यू सैलरी के अगर सैलरी चेंज हुई है तो ही आगे कोड चलाओ। जैसे ही हम

[06:17:38] हुई है तो ही आगे कोड चलाओ। जैसे ही हम इंसर्ट कराएंगे वैसे ही एंप्लॉय टेबल में

[06:17:41] इंसर्ट कराएंगे वैसे ही एंप्लॉय टेबल में नया लॉक रिकॉर्ड ऐड करो। अगर सैलरी सेम

[06:17:44] नया लॉक रिकॉर्ड ऐड करो। अगर सैलरी सेम होगी तो लॉक नहीं चलेगा। तो इसको चलाते

[06:17:47] होगी तो लॉक नहीं चलेगा। तो इसको चलाते हैं। पहले ड्रॉप करते हैं फिर से।

[06:17:55] तो यहां पे आ गया सैलरी अपडेटेड फॉर वन।

[06:17:59] तो यहां पे आ गया सैलरी अपडेटेड फॉर वन। ओल्ड और न्यू का यूज़ करके हम कंपेयर कर

[06:18:01] ओल्ड और न्यू का यूज़ करके हम कंपेयर कर सकते हैं कि डेटा में एक्चुअल चेंज हुआ है

[06:18:04] सकते हैं कि डेटा में एक्चुअल चेंज हुआ है या नहीं। और उस बेसिस पर ट्रिगर लॉजिक

[06:18:07] या नहीं। और उस बेसिस पर ट्रिगर लॉजिक एग्जीक्यूट कर सकता है। अब एक और एग्जांपल

[06:18:10] एग्जीक्यूट कर सकता है। अब एक और एग्जांपल देखते हैं हम डिलीट का बिफोर ट्रिगर से।

[06:18:14] देखते हैं हम डिलीट का बिफोर ट्रिगर से। सिंटेक्स सेम है। बस आफ्टर की जगह हमें

[06:18:16] सिंटेक्स सेम है। बस आफ्टर की जगह हमें बिफोर लगाना है। यहां पर हम लिखेंगे

[06:18:18] बिफोर लगाना है। यहां पर हम लिखेंगे क्रिएट ट्रिगर।

[06:18:21] क्रिएट ट्रिगर। इसका नाम देते हैं हम बिफोर

[06:18:25] एंप्लयडी।

[06:18:34] फिर लिखेंगे हम बिफोर

[06:18:39] डिलीट।

[06:18:41] डिलीट। पर टेलीमीटर भी लगा देते हैं

[06:18:50] ऑल

[06:18:52] ऑल एंप्लाइज

[06:18:54] एंप्लाइज फॉर ईच रो

[06:19:01] बिगिन

[06:19:04] बिगिन इंसर्ट इन

[06:19:07] इंसर्ट इन एम्प्लॉय लॉग

[06:19:14] मैसेज

[06:19:19] वैल्यूस

[06:19:22] कॉनकट

[06:19:27] एंप्लयर डिलीटेड

[06:19:47] कॉमा ओल्ड डॉट नेम जो एंप्लॉयड लीड हुआ

[06:19:52] कॉमा ओल्ड डॉट नेम जो एंप्लॉयड लीड हुआ उसका यहां पे नेम आ जाएगा।

[06:19:57] यहां पर हम करेंगे एंड

[06:20:00] यहां पर हम करेंगे एंड टेली मीटर।

[06:20:08] एंड डॉलर डॉलर 10 डेरीमीटर इसको

[06:20:12] एंड डॉलर डॉलर 10 डेरीमीटर इसको एग्जीक्यूट कराते हैं

[06:20:15] एग्जीक्यूट कराते हैं फिर यहां पे लिखते हैं डिलीट

[06:20:18] फिर यहां पे लिखते हैं डिलीट एंप्लाइज

[06:20:21] वेयर

[06:20:24] आईडी = फ्रॉम भी लगाना है इसको हम बिलीव

[06:20:28] आईडी = फ्रॉम भी लगाना है इसको हम बिलीव करते हैं यहां पे

[06:20:32] करते हैं यहां पे एंड हम करेंगे फिर सेलेक्ट

[06:20:34] एंड हम करेंगे फिर सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय लॉक। तो यहां पर एक

[06:20:37] स्टार फ्रॉम एंप्लॉय लॉक। तो यहां पर एक लॉक क्रिएट हो गया कि एंप्लॉय डिलीट हो

[06:20:40] लॉक क्रिएट हो गया कि एंप्लॉय डिलीट हो गया जिसका नाम था रुचि। सबसे पहले क्या

[06:20:43] गया जिसका नाम था रुचि। सबसे पहले क्या किया? हमने डिलीट क्वरी रन करी।

[06:20:46] किया? हमने डिलीट क्वरी रन करी। फिर डिलीट होने से पहले ट्रिगर रन होता

[06:20:49] फिर डिलीट होने से पहले ट्रिगर रन होता है। देन ओल्ड डॉट नेम से एंप्लॉय का नाम

[06:20:53] है। देन ओल्ड डॉट नेम से एंप्लॉय का नाम लेता है। फिर एंप्लॉय लॉक टेबल में मैसेज

[06:20:55] लेता है। फिर एंप्लॉय लॉक टेबल में मैसेज इंसर्ट होता है। इसके बाद एंप्लॉय डिलीट

[06:20:58] इंसर्ट होता है। इसके बाद एंप्लॉय डिलीट हो जाता है। ओल्ड डॉट नेम यूज़ हो रहा है

[06:21:01] हो जाता है। ओल्ड डॉट नेम यूज़ हो रहा है क्योंकि डिलीट में न्यू वैल्यू होती ही

[06:21:03] क्योंकि डिलीट में न्यू वैल्यू होती ही नहीं है। सिर्फ पुराना डाटा अवेलेबल होता

[06:21:06] नहीं है। सिर्फ पुराना डाटा अवेलेबल होता है। बिफोर डिलीट ट्रिगर डिलीट होने से

[06:21:10] है। बिफोर डिलीट ट्रिगर डिलीट होने से पहले एग्जीक्यूट होता है और ओल्ड वैल्यू

[06:21:12] पहले एग्जीक्यूट होता है और ओल्ड वैल्यू का यूज करके लॉगिन या वैलिडेशन की जा सकती

[06:21:16] का यूज करके लॉगिन या वैलिडेशन की जा सकती है। डिलीट के केस में न्यू नहीं होता

[06:21:18] है। डिलीट के केस में न्यू नहीं होता सिर्फ ओल्ड होता है क्योंकि डेटा जा रहा

[06:21:21] सिर्फ ओल्ड होता है क्योंकि डेटा जा रहा है आ नहीं रहा है। ओल्ड का मतलब है जो

[06:21:24] है आ नहीं रहा है। ओल्ड का मतलब है जो डेटा डिलीट या अपडेट होने वाला है। लेट्स

[06:21:27] डेटा डिलीट या अपडेट होने वाला है। लेट्स सी डिफरेंस बिटवीन ट्रिगर एंड स्ट

[06:21:30] सी डिफरेंस बिटवीन ट्रिगर एंड स्ट प्रोसीडर। ट्रिगर का एग्जीक्यूशन ऑटोमेटिक

[06:21:33] प्रोसीडर। ट्रिगर का एग्जीक्यूशन ऑटोमेटिक होता है और स्ट प्रोसीजर का एग्जीक्यूशन

[06:21:35] होता है और स्ट प्रोसीजर का एग्जीक्यूशन मैनुअल होता है। ट्रिगर को कॉल करने की

[06:21:37] मैनुअल होता है। ट्रिगर को कॉल करने की जरूरत नहीं होती है और स्ट प्रोसीजर को

[06:21:41] जरूरत नहीं होती है और स्ट प्रोसीजर को एक्सक्लूसिवली कॉल करना पड़ता है। इसका

[06:21:44] एक्सक्लूसिवली कॉल करना पड़ता है। इसका यूज़ केस है इवेंट बेस्ड एंड इसका यूज़्ड

[06:21:46] यूज़ केस है इवेंट बेस्ड एंड इसका यूज़्ड केस है बिनेस बेस्ड। ट्रिगर डेवलपर के

[06:21:49] केस है बिनेस बेस्ड। ट्रिगर डेवलपर के कंट्रोल में नहीं होता। यह ऑटो रन होता है

[06:21:52] कंट्रोल में नहीं होता। यह ऑटो रन होता है और स्टोर प्रोसीडर फुल कंट्रोल होता है।

[06:21:54] और स्टोर प्रोसीडर फुल कंट्रोल होता है। जब चाह चाहे कॉल करो। ट्रिगर ऑडिट

[06:21:58] जब चाह चाहे कॉल करो। ट्रिगर ऑडिट वैलिडेशन या ऑटोमेशन के लिए यूज होता है

[06:22:00] वैलिडेशन या ऑटोमेशन के लिए यूज होता है और स्ट प्रोसीजर बिजनेस लॉजिक या

[06:22:02] और स्ट प्रोसीजर बिजनेस लॉजिक या रिपोर्ट्स के लिए यूज होता है। ट्रिगर

[06:22:05] रिपोर्ट्स के लिए यूज होता है। ट्रिगर डायरेक्ट वैल्यू रिटर्न नहीं करता है। एंड

[06:22:08] डायरेक्ट वैल्यू रिटर्न नहीं करता है। एंड स्टोर प्रोसीजर रिटर्न वैल्यू दे सकता है।

[06:22:11] स्टोर प्रोसीजर रिटर्न वैल्यू दे सकता है। ट्रिगर ऑटोमेटिकली डेटाबेस इवेंट्स पर

[06:22:13] ट्रिगर ऑटोमेटिकली डेटाबेस इवेंट्स पर एग्जीक्यूट होता है। जबकि स्टोर प्रोसीडर

[06:22:15] एग्जीक्यूट होता है। जबकि स्टोर प्रोसीडर को मैनुअली कॉल करना पड़ता है। ट्रिगर

[06:22:18] को मैनुअली कॉल करना पड़ता है। ट्रिगर जैसे एटीएम से पैसे निकालते ही एसएमएस आ

[06:22:21] जैसे एटीएम से पैसे निकालते ही एसएमएस आ जाता है। आपने कुछ नहीं किया। ऑटोमेटिकली

[06:22:24] जाता है। आपने कुछ नहीं किया। ऑटोमेटिकली आया और स्टूड प्रोसीडर जैसे आप खुद बैंक

[06:22:27] आया और स्टूड प्रोसीडर जैसे आप खुद बैंक जाके स्टेटमेंट निकालते हो उसके लिए आपको

[06:22:29] जाके स्टेटमेंट निकालते हो उसके लिए आपको रिक्वेस्ट करनी पड़ती है। अभी क्वेश्चन इज़

[06:22:32] रिक्वेस्ट करनी पड़ती है। अभी क्वेश्चन इज़ व्हेन टू यूज़ ट्रिगर। सबसे पहले ऑडिट लॉक

[06:22:35] व्हेन टू यूज़ ट्रिगर। सबसे पहले ऑडिट लॉक के लिए जैसे हर चेंज का रिकॉर्ड रखना या

[06:22:38] के लिए जैसे हर चेंज का रिकॉर्ड रखना या फिर सैलरी अपडेट का लॉग स्टोर करना, डिलीट

[06:22:41] फिर सैलरी अपडेट का लॉग स्टोर करना, डिलीट का बैकअप रिकॉर्ड रखना, डेटा वैलिडेशन के

[06:22:44] का बैकअप रिकॉर्ड रखना, डेटा वैलिडेशन के लिए, ऑटोमेटिक कैलकुलेशन के लिए या फिर

[06:22:46] लिए, ऑटोमेटिक कैलकुलेशन के लिए या फिर हिस्ट्री मेंटेन करने के लिए। ट्रिगर एक

[06:22:49] हिस्ट्री मेंटेन करने के लिए। ट्रिगर एक ऑटोमेटिक फंक्शन है जो डेटाबेस के इवेंट्स

[06:22:51] ऑटोमेटिक फंक्शन है जो डेटाबेस के इवेंट्स पर रिएक्ट करता है। इंसर्ट, अपडेट या

[06:22:53] पर रिएक्ट करता है। इंसर्ट, अपडेट या डिलीट पर और रियल वर्ल्ड में इसका यूज़

[06:22:56] डिलीट पर और रियल वर्ल्ड में इसका यूज़ होता है ऑटोमेशन प्लस डेटा सेफ्टी के लिए।

[06:22:59] होता है ऑटोमेशन प्लस डेटा सेफ्टी के लिए। अभी हम ट्रिगर के कुछ प्रैक्टिस सेट्स

[06:23:01] अभी हम ट्रिगर के कुछ प्रैक्टिस सेट्स देखते हैं। अब सबसे पहले हम फर्स्ट

[06:23:03] देखते हैं। अब सबसे पहले हम फर्स्ट क्वेश्चन सॉल्व करते हैं। क्रिएट बिफोर

[06:23:05] क्वेश्चन सॉल्व करते हैं। क्रिएट बिफोर ट्रिगर इफ सैलरी इज़ लेस दैन 10,000 सेट इट

[06:23:08] ट्रिगर इफ सैलरी इज़ लेस दैन 10,000 सेट इट ऑटोमेटिकली थ्रू 10,000। इसमें हम लिखेंगे

[06:23:11] ऑटोमेटिकली थ्रू 10,000। इसमें हम लिखेंगे क्रिएट ट्रिगर।

[06:23:18] बिफोर एंप्लॉय इंसर्ट

[06:23:24] ऊपर लगा लेते हैं हम डेलीमीटर

[06:23:27] ऊपर लगा लेते हैं हम डेलीमीटर डॉलर डॉलर फिर यहां पे हम लिखेंगे बिफोर

[06:23:32] डॉलर डॉलर फिर यहां पे हम लिखेंगे बिफोर इंसर्ट

[06:23:34] इंसर्ट ऑन

[06:23:36] ऑन एंप्लाइज़

[06:23:38] एंप्लाइज़ फॉर ईच रो

[06:23:41] फॉर ईच रो बिगेन

[06:23:44] इफ़ इफ

[06:23:46] इफ़ इफ न्यू डॉट सैलरी

[06:23:49] न्यू डॉट सैलरी इज़

[06:23:52] इज़ लेस देन 10,000 देन क्या करना है आपको?

[06:23:54] लेस देन 10,000 देन क्या करना है आपको? सेट करना है उसको म्यू डॉट सैलरी = 10,000

[06:24:03] फिर एंड कर देना है एंड इफ देन लिखना है

[06:24:07] फिर एंड कर देना है एंड इफ देन लिखना है यहां पे एंड

[06:24:08] यहां पे एंड डेलीमीटर एंड डॉलर डॉलर

[06:24:13] डेलीमीटर एंड डॉलर डॉलर डेलीमीटर एंड देन सेमी कॉलन

[06:24:17] डेलीमीटर एंड देन सेमी कॉलन इंसर्ट होने से पहले ट्रेडर रन होगा एंड

[06:24:19] इंसर्ट होने से पहले ट्रेडर रन होगा एंड अगर सैलरी 10,000 से कम होगी तो उसको

[06:24:21] अगर सैलरी 10,000 से कम होगी तो उसको मॉडिफाई कर देगा और डेटाबेस में कनेक्ट

[06:24:24] मॉडिफाई कर देगा और डेटाबेस में कनेक्ट फॉर्म में स्टोर कर देगा। यहां से मैं

[06:24:26] फॉर्म में स्टोर कर देगा। यहां से मैं इंसर्ट कराती हूं। एक सैलरी रुचि की सैलरी

[06:24:29] इंसर्ट कराती हूं। एक सैलरी रुचि की सैलरी है 10,000

[06:24:33] एंड एक और करा लेती हूं मैं इंसर्ट

[06:24:39] रिया उसकी सैलरी है

[06:24:42] रिया उसकी सैलरी है 5000।

[06:24:47] तो यहां पे लिखा आ गया न्यू एंप्लॉय ऐड

[06:24:49] तो यहां पे लिखा आ गया न्यू एंप्लॉय ऐड हुआ है रुचि एंड देन ऐड हुई है रिया। फिर

[06:24:51] हुआ है रुचि एंड देन ऐड हुई है रिया। फिर हम क्या कर रहे हैं? सैलरी चेंज कर रहे

[06:24:54] हम क्या कर रहे हैं? सैलरी चेंज कर रहे हैं।

[06:24:57] तो यहां पे रिया की सैलरी 5000 थी जो कि

[06:24:59] तो यहां पे रिया की सैलरी 5000 थी जो कि चेंज हो के हो गई 10,000। नेक्स्ट

[06:25:01] चेंज हो के हो गई 10,000। नेक्स्ट क्वेश्चन था डिट बिफोर डिलीट ट्रिगर। इफ

[06:25:03] क्वेश्चन था डिट बिफोर डिलीट ट्रिगर। इफ एंप्लॉय रोल इज़ एडमिन। इफ एडमिन देन स्टॉप

[06:25:06] एंप्लॉय रोल इज़ एडमिन। इफ एडमिन देन स्टॉप इट फॉर डिलीटिंग एंड थ्रो एरर। देन हम

[06:25:09] इट फॉर डिलीटिंग एंड थ्रो एरर। देन हम लिखेंगे क्रिएट

[06:25:11] लिखेंगे क्रिएट ट्रिगर।

[06:25:14] ट्रिगर। बिफोर

[06:25:15] बिफोर एक काम करती हूं। मैं इसको कॉपी कर लेती

[06:25:17] एक काम करती हूं। मैं इसको कॉपी कर लेती हूं लास्ट वाले को और चेंजेस कर देंगे

[06:25:18] हूं लास्ट वाले को और चेंजेस कर देंगे इसमें हम।

[06:25:28] इसमें हम बिफोर एंप्लॉय डिलीट है। ठीक है?

[06:25:30] इसमें हम बिफोर एंप्लॉय डिलीट है। ठीक है? एंड बिफोर डिलीट ऑन एंप्लाइजज़ फॉर एज लो

[06:25:33] एंड बिफोर डिलीट ऑन एंप्लाइजज़ फॉर एज लो बिगिन ये क्वेरी चेंज करनी है। क्या करना

[06:25:35] बिगिन ये क्वेरी चेंज करनी है। क्या करना है इसमें हमें?

[06:25:40] यहां लिखना है बिगिन के बाद इफ ओल्ड डॉट

[06:25:45] यहां लिखना है बिगिन के बाद इफ ओल्ड डॉट रोल इक्व एडमिन।

[06:25:50] देन क्या करना है?

[06:25:54] देन क्या करना है? सिग्नल देना है आपको इसका

[06:25:57] सिग्नल देना है आपको इसका एसक्यूएल स्टेट

[06:26:02] 45000

[06:26:06] सेट

[06:26:08] सेट मैसेज

[06:26:11] टेक्स्ट

[06:26:13] टेक्स्ट इज़ इक्वल टू एडमिन एंड नॉट बी डिलीटेड

[06:26:22] एंड एंड

[06:26:26] डिलीट होने से पहले चेक लग रहा है। अगर

[06:26:28] डिलीट होने से पहले चेक लग रहा है। अगर रोल एडमिन हुआ तो एरर थ्रो होगी

[06:26:32] रोल एडमिन हुआ तो एरर थ्रो होगी और डिलीट ऑपरेशन स्टॉप हो जाएगा।

[06:26:36] और डिलीट ऑपरेशन स्टॉप हो जाएगा। यहां पे हमने लिखा है सिग्नल एस विल स्टेट

[06:26:37] यहां पे हमने लिखा है सिग्नल एस विल स्टेट 45,000 ये सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट है। इसका

[06:26:40] 45,000 ये सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट है। इसका मतलब है कस्टम एरर थ्रो करो। 45,000

[06:26:42] मतलब है कस्टम एरर थ्रो करो। 45,000 जेनेरिक एरर कोड है यूजर डिफाइंड एरर के

[06:26:45] जेनेरिक एरर कोड है यूजर डिफाइंड एरर के लिए। फिर हमने किया है सेट मैसेज टेक्स्ट

[06:26:47] लिए। फिर हमने किया है सेट मैसेज टेक्स्ट एडमिन कैन नॉट बी डिलीटेड। एरर का मैसेज

[06:26:49] एडमिन कैन नॉट बी डिलीटेड। एरर का मैसेज डिफाइन कर रहे हैं। जब ट्रिगर फायर होगा

[06:26:51] डिफाइन कर रहे हैं। जब ट्रिगर फायर होगा तो यहां पे आएगा एडमिन कैन नॉट बी

[06:26:53] तो यहां पे आएगा एडमिन कैन नॉट बी डिलीटेड। जब आप डिलीट क्वरी रन करते हो तो

[06:26:55] डिलीटेड। जब आप डिलीट क्वरी रन करते हो तो ट्रिगर बिफोर डिलीट रन होता है। चेक करता

[06:26:56] ट्रिगर बिफोर डिलीट रन होता है। चेक करता है रोल एडमिन है या नहीं। अगर एडमिन है तो

[06:26:59] है रोल एडमिन है या नहीं। अगर एडमिन है तो एरर थ्रो होगा और डिलीट कैंसिल हो जाता

[06:27:01] एरर थ्रो होगा और डिलीट कैंसिल हो जाता है। अगर एडमिन नहीं है तो डिलीट

[06:27:02] है। अगर एडमिन नहीं है तो डिलीट सक्सेसफुली हो जाता है। अभी नेक्स्ट

[06:27:05] सक्सेसफुली हो जाता है। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है क्रिएट आफ्टर अपडेट ट्रिगर

[06:27:07] क्वेश्चन है क्रिएट आफ्टर अपडेट ट्रिगर व्हेन सैलरी अपडेटेड स्टोर इन सैलरी स्टेट

[06:27:09] व्हेन सैलरी अपडेटेड स्टोर इन सैलरी स्टेट टेबल एंप्लॉय आईडी ओल्ड सैलरी न्यू सैलरी

[06:27:11] टेबल एंप्लॉय आईडी ओल्ड सैलरी न्यू सैलरी और अपडेटेड टाइम। इसके लिए भी मैं सेम

[06:27:13] और अपडेटेड टाइम। इसके लिए भी मैं सेम क्वेरी को कॉपी से यहां पे पेस्ट कर

[06:27:15] क्वेरी को कॉपी से यहां पे पेस्ट कर दूंगी।

[06:27:17] दूंगी। इसको नेम चेंज करके हम दे देते हैं

[06:27:20] इसको नेम चेंज करके हम दे देते हैं आफ्टर

[06:27:22] आफ्टर सैलरी अपडेट

[06:27:25] सैलरी अपडेट हिस्ट्री

[06:27:28] हिस्ट्री यहां पे हम लगा रहे हैं आफ्टर अपडेट

[06:27:36] ऑन एंप्लाइज फॉर ईच रो बिगिन

[06:27:40] ऑन एंप्लाइज फॉर ईच रो बिगिन यहां पर लिखना है इफ ओल्ड डॉट

[06:27:44] यहां पर लिखना है इफ ओल्ड डॉट सैलरी

[06:27:49] इक्वल नहीं होगी न्यू डॉट सैलरी के देन

[06:27:54] इक्वल नहीं होगी न्यू डॉट सैलरी के देन क्या करना है आपको इंसर्ट इंटू

[06:27:58] क्या करना है आपको इंसर्ट इंटू सैलरी हिस्ट्री इंसर्ट करना है एंप्लॉय

[06:28:01] सैलरी हिस्ट्री इंसर्ट करना है एंप्लॉय आईडी

[06:28:04] आईडी कॉमा ओल्ड सैलरी

[06:28:07] कॉमा ओल्ड सैलरी कॉमा न्यू सैलरी

[06:28:11] कॉमा न्यू सैलरी कॉमा अपडेट टाइम

[06:28:16] वैल्यूस

[06:28:21] डॉट आईडी इसका टेबल आपको खुद से क्रिएट

[06:28:24] डॉट आईडी इसका टेबल आपको खुद से क्रिएट करना है। मैं टेबल बनाना नहीं बता रही

[06:28:26] करना है। मैं टेबल बनाना नहीं बता रही हूं। वो आप खुद क्रिएट करना। ओल्ड डॉट

[06:28:27] हूं। वो आप खुद क्रिएट करना। ओल्ड डॉट सैलरी

[06:28:30] सैलरी कॉमा न्यू डॉट

[06:28:33] कॉमा न्यू डॉट सैलरी कॉमा नाउ

[06:28:39] देन लगाना है एंड

[06:28:42] देन लगाना है एंड एक क्वरी चलाते हैं जब भी एंप्लई की सैलरी

[06:28:45] एक क्वरी चलाते हैं जब भी एंप्लई की सैलरी अपडेट होगी उसका पुराना और नया सैलरी

[06:28:47] अपडेट होगी उसका पुराना और नया सैलरी रिकॉर्ड हिस्ट्री टेबल में स्टोर होगा।

[06:28:48] रिकॉर्ड हिस्ट्री टेबल में स्टोर होगा। यहां पे मैंने अभी टेबल नहीं बनाया है

[06:28:50] यहां पे मैंने अभी टेबल नहीं बनाया है हिस्ट्री टेबल। आपको यह टेबल बनाना है।

[06:28:51] हिस्ट्री टेबल। आपको यह टेबल बनाना है। उसके बाद में थ्योरी एग्जीक्यूट करानी है।

[06:28:54] उसके बाद में थ्योरी एग्जीक्यूट करानी है। सबसे पहले लिखा है हमें क्रिएट आफ्टर

[06:28:56] सबसे पहले लिखा है हमें क्रिएट आफ्टर सैलरी अपडेट ट्रिगर। यहां ट्रिगर का नाम

[06:28:58] सैलरी अपडेट ट्रिगर। यहां ट्रिगर का नाम डिफाइन हो रहा है। आफ्टर सैलरी अपडेट

[06:29:01] डिफाइन हो रहा है। आफ्टर सैलरी अपडेट ट्रिगर एक मीनिंगफुल नाम है। आपको ऐसे ही

[06:29:02] ट्रिगर एक मीनिंगफुल नाम है। आपको ऐसे ही मीनिंगफुल नाम देना है। फिर लिखा है आफ्टर

[06:29:04] मीनिंगफुल नाम देना है। फिर लिखा है आफ्टर अपडेट ट्रिगर कब रन होगा? आफ्टर अपडेट।

[06:29:07] अपडेट ट्रिगर कब रन होगा? आफ्टर अपडेट। अपडेट होने के बाद जब डेटा चेंज होगा तब।

[06:29:10] अपडेट होने के बाद जब डेटा चेंज होगा तब। मतलब सैलरी अपडेट होने के बाद ट्रिगर

[06:29:12] मतलब सैलरी अपडेट होने के बाद ट्रिगर चलेगा। ऑन एंप्लाइजज़ एंप्लॉय टेबल पर फॉर

[06:29:14] चलेगा। ऑन एंप्लाइजज़ एंप्लॉय टेबल पर फॉर ईच रो हर अपडेटेड रो पे यह ट्रिगर रन

[06:29:18] ईच रो हर अपडेटेड रो पे यह ट्रिगर रन होगा। इफ ओल्ड डॉट सैलरी इज नॉट इक्वल टू

[06:29:21] होगा। इफ ओल्ड डॉट सैलरी इज नॉट इक्वल टू न्यू डॉट सैलरी। तो क्या करना है? यहां पर

[06:29:22] न्यू डॉट सैलरी। तो क्या करना है? यहां पर कंडीशन चेक हो रही है। अगर अपडेट से पहले

[06:29:24] कंडीशन चेक हो रही है। अगर अपडेट से पहले की सैलरी अपडेट के बाद वाली सैलरी के

[06:29:25] की सैलरी अपडेट के बाद वाली सैलरी के इक्वल नहीं है तो क्या करना है आपको?

[06:29:27] इक्वल नहीं है तो क्या करना है आपको? सिर्फ ट्रिगर का काम करो जब सैलरी

[06:29:28] सिर्फ ट्रिगर का काम करो जब सैलरी एक्चुअली चेंज हुई हो। इससे अननेसेसरी

[06:29:31] एक्चुअली चेंज हुई हो। इससे अननेसेसरी लॉन्ग अवॉयड होते हैं। फिर हमने लिखा है

[06:29:33] लॉन्ग अवॉयड होते हैं। फिर हमने लिखा है इंसर्ट इंटू सैलरी हिस्ट्री। यहां हम

[06:29:34] इंसर्ट इंटू सैलरी हिस्ट्री। यहां हम हिस्ट्री टेबल में डेटा स्टोर कर रहे हैं।

[06:29:36] हिस्ट्री टेबल में डेटा स्टोर कर रहे हैं। सैलरी हिस्ट्री हिस्ट्री टेबल है। ये आपको

[06:29:40] सैलरी हिस्ट्री हिस्ट्री टेबल है। ये आपको बनाना है। फिर यहां पे कॉलम्स हैं।

[06:29:42] बनाना है। फिर यहां पे कॉलम्स हैं। एंप्लॉय आईडी, ओल्ड सैलरी, न्यू सैलरी,

[06:29:44] एंप्लॉय आईडी, ओल्ड सैलरी, न्यू सैलरी, अपडेटेड टाइम, अपडेट टाइम। वैल्यू्यूज करा

[06:29:46] अपडेटेड टाइम, अपडेट टाइम। वैल्यू्यूज करा रहे हैं इसमें ओल्ड आईडी ओल्ड डॉट सैलरी

[06:29:48] रहे हैं इसमें ओल्ड आईडी ओल्ड डॉट सैलरी न्यू डॉट सैलरी एंड नाउ ओल्ड आईडी जो है

[06:29:51] न्यू डॉट सैलरी एंड नाउ ओल्ड आईडी जो है वह एंप्लई का आईडी है ओल्ड डॉट सैलरी है

[06:29:53] वह एंप्लई का आईडी है ओल्ड डॉट सैलरी है पुरानी सैलरी न्यू डॉट सैलरी है अपडेटेड

[06:29:55] पुरानी सैलरी न्यू डॉट सैलरी है अपडेटेड सैलरी एंड नाउ जो है वो करंट डेट प्लस

[06:29:57] सैलरी एंड नाउ जो है वो करंट डेट प्लस टाइम है सबसे पहले आपने अपडेट क्वेरी रन

[06:30:00] टाइम है सबसे पहले आपने अपडेट क्वेरी रन करी फिर सैलरी अपडेट होती है एंड देन

[06:30:02] करी फिर सैलरी अपडेट होती है एंड देन ट्रिगर ऑटोमेटिकली रन होता है चेक होता है

[06:30:04] ट्रिगर ऑटोमेटिकली रन होता है चेक होता है सैलरी चेंज हुई है या नहीं अगर चेंज हुई

[06:30:05] सैलरी चेंज हुई है या नहीं अगर चेंज हुई है तो हिस्ट्री टेबल में रिकॉर्ड स्टोर हो

[06:30:07] है तो हिस्ट्री टेबल में रिकॉर्ड स्टोर हो जाता है आफ्टर अपडेट ट्रिगर का यूज़

[06:30:10] जाता है आफ्टर अपडेट ट्रिगर का यूज़ हिस्ट्री मेंटेन करने के लिए होता है जहां

[06:30:12] हिस्ट्री मेंटेन करने के लिए होता है जहां ओल्ड और न्यू वैल्यूज़ को कंपेयर करके चेंज

[06:30:14] ओल्ड और न्यू वैल्यूज़ को कंपेयर करके चेंज ट्रैक किए जाते है। आज के इस वीडियो में

[06:30:17] ट्रैक किए जाते है। आज के इस वीडियो में हम पढ़ने वाले हैं कर्सर के बारे में।

[06:30:20] हम पढ़ने वाले हैं कर्सर के बारे में। एसक्यूएल में एक ऐसा कांसेप्ट होता है जो

[06:30:22] एसक्यूएल में एक ऐसा कांसेप्ट होता है जो थोड़ा कंफ्यूजिंग भी है और पावरफुल भी।

[06:30:25] थोड़ा कंफ्यूजिंग भी है और पावरफुल भी। नॉर्मली एसक्यूएल एक साथ मल्टीपल रो पर

[06:30:28] नॉर्मली एसक्यूएल एक साथ मल्टीपल रो पर काम करता है। बट क्या हो अगर हमें रो बाय

[06:30:32] काम करता है। बट क्या हो अगर हमें रो बाय रो प्रोसेसिंग करनी हो। तब आता है कर्सर।

[06:30:36] रो प्रोसेसिंग करनी हो। तब आता है कर्सर। सबसे पहले हम समझते हैं कर्सर क्या होता

[06:30:39] सबसे पहले हम समझते हैं कर्सर क्या होता है? कर्सर एसक्यूएल का एक ऑब्जेक्ट है। अ

[06:30:44] है? कर्सर एसक्यूएल का एक ऑब्जेक्ट है। अ कर्सर इन एसक्यूएल इज़ अ डेटाबेस ऑब्जेक्ट

[06:30:46] कर्सर इन एसक्यूएल इज़ अ डेटाबेस ऑब्जेक्ट यूज्ड टू रिट्राइव डेटा रो बाय रो फ्रॉम अ

[06:30:49] यूज्ड टू रिट्राइव डेटा रो बाय रो फ्रॉम अ रिजल्ट सेट अलंग यू टू प्रोसेस ईच रिकॉर्ड

[06:30:53] रिजल्ट सेट अलंग यू टू प्रोसेस ईच रिकॉर्ड इंडिविजुअली। कर्सर एसक्यूएल का एक

[06:30:55] इंडिविजुअली। कर्सर एसक्यूएल का एक ऑब्जेक्ट है जो रिजल्ट सेट की रोज़ को

[06:30:57] ऑब्जेक्ट है जो रिजल्ट सेट की रोज़ को एक-एक करके प्रोसेस करने के लिए यूज होता

[06:31:00] एक-एक करके प्रोसेस करने के लिए यूज होता है। नॉर्मली एसक्यूएल एक साथ सारी रो पर

[06:31:03] है। नॉर्मली एसक्यूएल एक साथ सारी रो पर काम करता है सेट बेस्ड बट कर्सर रो बाय रो

[06:31:07] काम करता है सेट बेस्ड बट कर्सर रो बाय रो प्रोसेसिंग करता है। सोचो आपके पास एक

[06:31:10] प्रोसेसिंग करता है। सोचो आपके पास एक लिस्ट है स्टूडेंट की लिस्ट। इंस्टेड ऑफ

[06:31:13] लिस्ट है स्टूडेंट की लिस्ट। इंस्टेड ऑफ सबको एक साथ देखना। आप एक-एक स्टूडेंट का

[06:31:16] सबको एक साथ देखना। आप एक-एक स्टूडेंट का नाम पढ़ रहे हो। यही कर्सर करता है। नो

[06:31:19] नाम पढ़ रहे हो। यही कर्सर करता है। नो बैरो प्रोसेसिंग। अब नाउ यू आर थिंकिंग

[06:31:22] बैरो प्रोसेसिंग। अब नाउ यू आर थिंकिंग वेयर कर्सर इज यूज्ड। कर्सर तब यूज होता

[06:31:25] वेयर कर्सर इज यूज्ड। कर्सर तब यूज होता है जब रो बाय रो लॉजिक लगाना हो।

[06:31:28] है जब रो बाय रो लॉजिक लगाना हो। कॉम्प्लेक्स कैलकुलेशन हो। कंडीशनल

[06:31:31] कॉम्प्लेक्स कैलकुलेशन हो। कंडीशनल प्रोसेसिंग हो हर रो के लिए। स्टर्ड

[06:31:34] प्रोसेसिंग हो हर रो के लिए। स्टर्ड प्रोसीडर में लूपिंग चाहिए हो। तब हम यूज़

[06:31:37] प्रोसीडर में लूपिंग चाहिए हो। तब हम यूज़ करते हैं कर्सर का।

[06:31:40] करते हैं कर्सर का। कर्सर थोड़ा स्लो होता है एज़ कंपेयर टू

[06:31:43] कर्सर थोड़ा स्लो होता है एज़ कंपेयर टू नॉर्मल एसक्यूएल क्वरीज़। इसीलिए जब जरूरत

[06:31:46] नॉर्मल एसक्यूएल क्वरीज़। इसीलिए जब जरूरत हो इसे तभी यूज़ करो। सिंपल वर्ड में बोले

[06:31:49] हो इसे तभी यूज़ करो। सिंपल वर्ड में बोले तो कर्सर = लूप इन एसक्यूएल। जैसे

[06:31:53] तो कर्सर = लूप इन एसक्यूएल। जैसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लूप होता है

[06:31:55] प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लूप होता है फॉर लूप फाइल लूप वैसे ही एसक्यूएल में

[06:31:58] फॉर लूप फाइल लूप वैसे ही एसक्यूएल में कर्सर यूज़ होता है।

[06:32:02] कर्सर यूज़ होता है। कर्सर एक सेट बेस्ड लैंग्वेज है। मतलब

[06:32:04] कर्सर एक सेट बेस्ड लैंग्वेज है। मतलब नॉर्मल क्वेरीज़ एक ही बार में मल्टीपल रो

[06:32:07] नॉर्मल क्वेरीज़ एक ही बार में मल्टीपल रो पे प्रोसेस करती है। आपको कर्सर को यूज़

[06:32:10] पे प्रोसेस करती है। आपको कर्सर को यूज़ करना है जब आपको रो बाय रो कैलकुलेशन की

[06:32:13] करना है जब आपको रो बाय रो कैलकुलेशन की जरूरत हो या फिर कॉम्प्लेक्स लॉजिक अप्लाई

[06:32:15] जरूरत हो या फिर कॉम्प्लेक्स लॉजिक अप्लाई करना हो या स्टोर प्रोसीजर में प्रोसेसिंग

[06:32:18] करना हो या स्टोर प्रोसीजर में प्रोसेसिंग करना हो। एंड आपको अवॉइड करना है कर्सर को

[06:32:20] करना हो। एंड आपको अवॉइड करना है कर्सर को जब आपका सिंपल अपडेट या फिर सेलेक्ट से

[06:32:23] जब आपका सिंपल अपडेट या फिर सेलेक्ट से काम हो जाए तब।

[06:32:25] काम हो जाए तब। अभी हम कर्सर का सिंटेक्स देखते हैं।

[06:32:30] अभी हम कर्सर का सिंटेक्स देखते हैं। यहां पे लिखा है डिक्लेअ कर्सर नेम कर्सर

[06:32:33] यहां पे लिखा है डिक्लेअ कर्सर नेम कर्सर फॉर सेलेक्ट कॉलम नेम फ्रॉम टेबल नेम। यह

[06:32:37] फॉर सेलेक्ट कॉलम नेम फ्रॉम टेबल नेम। यह कर्सर डिफाइन करता है। मतलब डेटा सेलेक्ट

[06:32:40] कर्सर डिफाइन करता है। मतलब डेटा सेलेक्ट करता है। सबसे पहले स्टेप वन क्या होती

[06:32:42] करता है। सबसे पहले स्टेप वन क्या होती है? डिक्लेअ कर्सर।

[06:32:45] है? डिक्लेअ कर्सर। डिक्लेअर हमने यहां पर दे दिया कर्सर नेम

[06:32:48] डिक्लेअर हमने यहां पर दे दिया कर्सर नेम में एंप्लॉय कर्सर

[06:32:51] में एंप्लॉय कर्सर एंड देन कर्सर फॉर सेलेक्ट कॉलम जो भी

[06:32:54] एंड देन कर्सर फॉर सेलेक्ट कॉलम जो भी सेलेक्ट करना है वो सेलेक्ट कर सकते हो

[06:32:56] सेलेक्ट करना है वो सेलेक्ट कर सकते हो फ्रॉम टेबल का नेम दे सकते हो कर्सर का

[06:32:59] फ्रॉम टेबल का नेम दे सकते हो कर्सर का काम क्या होता है रिजल्ट सेट को एक-एक रो

[06:33:03] काम क्या होता है रिजल्ट सेट को एक-एक रो में तोड़कर प्रोसेस करना नॉर्मल एसक्यूएल

[06:33:06] में तोड़कर प्रोसेस करना नॉर्मल एसक्यूएल क्वरीज़ में एक-एक क्वरी सब रो पर अप्लाई

[06:33:08] क्वरीज़ में एक-एक क्वरी सब रो पर अप्लाई होती है। लेकिन कर्सर में लूप लगा के हर

[06:33:11] होती है। लेकिन कर्सर में लूप लगा के हर रो पे अलग काम होता है।

[06:33:14] रो पे अलग काम होता है। अभी हम ओपन करते हैं मायसक्यूएल वर्क बेंच

[06:33:17] अभी हम ओपन करते हैं मायसक्यूएल वर्क बेंच और देखते हैं कि कर्सर कैसे काम करता है।

[06:33:22] और देखते हैं कि कर्सर कैसे काम करता है। अब यहां पर हम ओल्ड डेटाबेस कंपनी डीवी को

[06:33:25] अब यहां पर हम ओल्ड डेटाबेस कंपनी डीवी को ही यूज़ करेंगे। तो यहां पर मैं लिख देती

[06:33:27] ही यूज़ करेंगे। तो यहां पर मैं लिख देती हूं यूज़

[06:33:30] कंपनी

[06:33:32] कंपनी डीवी

[06:33:40] अभी स्टेप वन क्या है? हमें डिक्लेअ करना

[06:33:43] अभी स्टेप वन क्या है? हमें डिक्लेअ करना है कर्सर को।

[06:33:52] इसके लिए हम लिखेंगे डिक्लेअ

[06:33:56] इसके लिए हम लिखेंगे डिक्लेअ एंप्लॉय

[06:33:58] एंप्लॉय कर्सर। यह हमने इसको नाम दिया है।

[06:34:03] कर्सर। यह हमने इसको नाम दिया है। कर्सर फॉर

[06:34:06] कर्सर फॉर सेलेक्ट कॉलम सेलेक्ट कर रहे हैं हम नेम

[06:34:09] सेलेक्ट कॉलम सेलेक्ट कर रहे हैं हम नेम कॉमा सैलरी

[06:34:12] कॉमा सैलरी फ्रॉम एंप्लॉय टेबल।

[06:34:20] यहां हम कर्सर को डिफाइन कर रहे हैं।

[06:34:23] यहां हम कर्सर को डिफाइन कर रहे हैं। एएमपी कर्सर कर्सर का नेम है। फिर लिखा है

[06:34:27] एएमपी कर्सर कर्सर का नेम है। फिर लिखा है हमने कर्सर फॉर सेलेक्ट नेम लिया है।

[06:34:29] हमने कर्सर फॉर सेलेक्ट नेम लिया है। सैलरी ली है फ्रॉम एंप्लाइजज़। यह वो डेटा

[06:34:32] सैलरी ली है फ्रॉम एंप्लाइजज़। यह वो डेटा है जो कर्सर हैंडल करेगा। इस स्टेप में

[06:34:35] है जो कर्सर हैंडल करेगा। इस स्टेप में डेटा फैच नहीं होता है। सिर्फ एक पॉइंटर

[06:34:37] डेटा फैच नहीं होता है। सिर्फ एक पॉइंटर क्रिएट होता है जो रिजल्ट सेट को रेफर

[06:34:40] क्रिएट होता है जो रिजल्ट सेट को रेफर करता है। यह स्टेप बस बताता है कर्सर को

[06:34:43] करता है। यह स्टेप बस बताता है कर्सर को कि कौन सा डेटा यूज करना है। इसके बाद

[06:34:46] कि कौन सा डेटा यूज करना है। इसके बाद स्टेप टू होती है।

[06:34:49] स्टेप टू होती है। यह थी स्टेप वन।

[06:34:56] इसके बाद स्टेप टू होता है ओपन कर्सर।

[06:35:05] ओपन कर्सर में हम लिखते हैं ओपन

[06:35:10] ओपन कर्सर में हम लिखते हैं ओपन ईएमपी कर्सर।

[06:35:12] ईएमपी कर्सर। यह जो नेम था वह कर्सर का नेम वही आता है।

[06:35:17] यह जो नेम था वह कर्सर का नेम वही आता है। अब कर्सर को एक्टिव किया जाता है। इंटरनली

[06:35:19] अब कर्सर को एक्टिव किया जाता है। इंटरनली क्या होता है? एसक्यूएल क्वरी रन होती है।

[06:35:22] क्या होता है? एसक्यूएल क्वरी रन होती है। रिजल्ट मेमोरी में लोड होता है और कर्सर

[06:35:25] रिजल्ट मेमोरी में लोड होता है और कर्सर पॉइंटर फर्स्ट रो पे आ जाता है। ओपन के

[06:35:28] पॉइंटर फर्स्ट रो पे आ जाता है। ओपन के बाद ही कर्सर का डेटा रेडी होता है। देन

[06:35:32] बाद ही कर्सर का डेटा रेडी होता है। देन स्टेप थ्री होती है फैच डेटा।

[06:35:37] स्टेप थ्री फैच डेटा।

[06:35:42] यहां पर हम लिखते हैं

[06:35:44] यहां पर हम लिखते हैं फच एएमपी कर्सर

[06:35:49] फच एएमपी कर्सर इन

[06:35:51] इन ईएमपी नेम

[06:35:57] कॉमा

[06:35:59] कॉमा एंप्लॉयड सैलरी।

[06:36:03] यह सबसे इंपॉर्टेंट स्टेप है। कर्सर एक रो

[06:36:07] यह सबसे इंपॉर्टेंट स्टेप है। कर्सर एक रो उठाता है और वेरिएबल में स्टोर कराता है।

[06:36:09] उठाता है और वेरिएबल में स्टोर कराता है। यहां पर हमने लिया है ईएमपी नेम। यह क्या

[06:36:12] यहां पर हमने लिया है ईएमपी नेम। यह क्या करेगा? नेम कॉलम को स्टोर करेगा। फिर हमने

[06:36:14] करेगा? नेम कॉलम को स्टोर करेगा। फिर हमने लिखा है ईएमपी सैलरी। ये सैलरी कॉलम को

[06:36:17] लिखा है ईएमपी सैलरी। ये सैलरी कॉलम को स्टोर करेगा। इंटरनली क्या होता है?

[06:36:20] स्टोर करेगा। इंटरनली क्या होता है? फर्स्ट फैच में फर्स्ट रो आती है। नेक्स्ट

[06:36:22] फर्स्ट फैच में फर्स्ट रो आती है। नेक्स्ट फैच में सेकंड रो एंड नेक्स्ट फैच में

[06:36:25] फैच में सेकंड रो एंड नेक्स्ट फैच में थर्ड रो आती है। और ऐसे ही कंटीन्यूअस

[06:36:27] थर्ड रो आती है। और ऐसे ही कंटीन्यूअस चलता रहता है। कर्सर पॉइंटर हर फैच के बाद

[06:36:30] चलता रहता है। कर्सर पॉइंटर हर फैच के बाद नेक्स्ट रो पर मूव करता है। रियल यूज़ में

[06:36:33] नेक्स्ट रो पर मूव करता है। रियल यूज़ में हम फैच को लूप में यूज़ करते हैं। वो कैसे

[06:36:36] हम फैच को लूप में यूज़ करते हैं। वो कैसे करते हैं? हम लिखते हैं लूप

[06:36:42] फैच ईएमपी कर्सर

[06:36:46] फैच ईएमपी कर्सर इंटू

[06:36:48] इंटू एंप्लॉय नेम

[06:36:50] एंप्लॉय नेम कॉमा

[06:36:52] कॉमा एंप्लॉयड सैलरी

[06:36:56] एंप्लॉयड सैलरी एंड देन एंड में हम लिखते हैं एंड लूप्स।

[06:37:02] क्यों? क्योंकि हमें सारी रोज़ प्रोसेस

[06:37:05] क्यों? क्योंकि हमें सारी रोज़ प्रोसेस करनी होती है। इसलिए हम यूज करते हैं लूप

[06:37:08] करनी होती है। इसलिए हम यूज करते हैं लूप का। जब डाटा खत्म हो जाता है तो एरर आती

[06:37:12] का। जब डाटा खत्म हो जाता है तो एरर आती है। इसलिए हम यूज़ करते हैं डिक्लेअर

[06:37:19] कंटिन्यू कैंडलर का

[06:37:23] कंटिन्यू कैंडलर का फॉर नॉट फाउंड

[06:37:28] फॉर नॉट फाउंड को आपको सेट करना है डन = 1

[06:37:36] मतलब जब रो खत्म हो जाए तो डन = 1 कर दो

[06:37:40] मतलब जब रो खत्म हो जाए तो डन = 1 कर दो और लूप को स्टॉप कर दो। फिर एंड में स्टेप

[06:37:43] और लूप को स्टॉप कर दो। फिर एंड में स्टेप फोर क्या होती है?

[06:37:47] आपको यहां पे क्लोज करना है। क्लोज ईएमपी

[06:37:51] आपको यहां पे क्लोज करना है। क्लोज ईएमपी कर्सर।

[06:37:54] कर्सर। यहां पे हमने कर्सर को क्लोज कर दिया।

[06:37:56] यहां पे हमने कर्सर को क्लोज कर दिया। कर्सर को प्रॉपर्ली बंद करना जरूरी है।

[06:37:59] कर्सर को प्रॉपर्ली बंद करना जरूरी है। इससे क्या होता है? इंटरनली मेमोरी फ्री

[06:38:01] इससे क्या होता है? इंटरनली मेमोरी फ्री हो जाती है और रिसोर्सेज रिलीज़ हो जाती

[06:38:03] हो जाती है और रिसोर्सेज रिलीज़ हो जाती हैं। क्योंकि ओपन किया है तो क्लोज करना

[06:38:06] हैं। क्योंकि ओपन किया है तो क्लोज करना मैंडेटरी होता है। सबसे पहले हमने क्या

[06:38:09] मैंडेटरी होता है। सबसे पहले हमने क्या किया? स्टेप वन में हमने डिक्लेअ किया।

[06:38:12] किया? स्टेप वन में हमने डिक्लेअ किया। यहां पे हमने कर्सर बनाया। स्टेप टू में

[06:38:14] यहां पे हमने कर्सर बनाया। स्टेप टू में क्या किया हमने? ओपन किया मतलब डेटा लोड

[06:38:17] क्या किया हमने? ओपन किया मतलब डेटा लोड हुआ। फिर स्टेप थ्री में हमने किया फैच

[06:38:19] हुआ। फिर स्टेप थ्री में हमने किया फैच डेटा। मतलब रो बैरो डेटा निकाला। फिर हमने

[06:38:23] डेटा। मतलब रो बैरो डेटा निकाला। फिर हमने लगाया लूप। लूप हर रो पर प्रोसेस करेगा।

[06:38:27] लगाया लूप। लूप हर रो पर प्रोसेस करेगा। देन हमने किया इसको क्लोज कर्सर को बंद कर

[06:38:30] देन हमने किया इसको क्लोज कर्सर को बंद कर दिया। सोचो एक बुक है। बुक में क्या किया?

[06:38:35] दिया। सोचो एक बुक है। बुक में क्या किया? डिक्लेअ में हमने बुक सेलेक्ट करी। ओपन

[06:38:37] डिक्लेअ में हमने बुक सेलेक्ट करी। ओपन में हमने बुक को ओपन किया और फेच में हमने

[06:38:40] में हमने बुक को ओपन किया और फेच में हमने एक-एक पेज पढ़ा। देन लूप में हमने सारे

[06:38:44] एक-एक पेज पढ़ा। देन लूप में हमने सारे पेजेस पढ़े। एंड देन क्लोज मतलब बुक को

[06:38:47] पेजेस पढ़े। एंड देन क्लोज मतलब बुक को बंद कर दिया। फच में हमने एक-एक पेज पढ़े

[06:38:51] बंद कर दिया। फच में हमने एक-एक पेज पढ़े और लूप में हमने सारे पेजेस पढ़े। यह तो

[06:38:54] और लूप में हमने सारे पेजेस पढ़े। यह तो हमने देख लिया कि कर्सर को हम कैसे ओपन

[06:38:56] हमने देख लिया कि कर्सर को हम कैसे ओपन करते हैं, कैसे डिक्लेअ करते हैं। अब इसको

[06:38:58] करते हैं, कैसे डिक्लेअ करते हैं। अब इसको हम एक रियल एग्जांपल के थ्रू समझते हैं।

[06:39:01] हम एक रियल एग्जांपल के थ्रू समझते हैं। लेट्स से हमें हर एंप्लई की सैलरी प्रिंट

[06:39:04] लेट्स से हमें हर एंप्लई की सैलरी प्रिंट कराना है वन बाय वन।

[06:39:07] कराना है वन बाय वन। उसके लिए हम क्या करें? इसको मैं कमेंट कर

[06:39:09] उसके लिए हम क्या करें? इसको मैं कमेंट कर देती हूं सारे बोर्ड को। बिकॉज़ यह सिर्फ

[06:39:12] देती हूं सारे बोर्ड को। बिकॉज़ यह सिर्फ समझाने के लिए लिखा था मैंने आपको।

[06:39:20] अभी क्या करना है हमें? हर एंप्लई की

[06:39:22] अभी क्या करना है हमें? हर एंप्लई की सैलरी प्रिंट कराना है वन बाय वन। तो यहां

[06:39:24] सैलरी प्रिंट कराना है वन बाय वन। तो यहां पे हम क्या करेंगे? सबसे पहले हम लिखेंगे

[06:39:27] पे हम क्या करेंगे? सबसे पहले हम लिखेंगे डेलीमीटर

[06:39:33] पैक स्लैश ले लेते हैं इसमें हम।

[06:39:36] पैक स्लैश ले लेते हैं इसमें हम। फिर लिखेंगे हम क्रिएट प्रोसीडर प्रिंट

[06:39:40] फिर लिखेंगे हम क्रिएट प्रोसीडर प्रिंट एंप्लॉय।

[06:39:45] क्रिएट प्रोसीडर इसका नाम हमने दिया है

[06:39:48] क्रिएट प्रोसीडर इसका नाम हमने दिया है प्रिंट

[06:39:50] प्रिंट एंप्लॉय

[06:39:55] इसे हम बिगिन करेंगे

[06:39:58] इसे हम बिगिन करेंगे देन हम

[06:40:00] देन हम यहां पे लिखेंगे

[06:40:03] यहां पे लिखेंगे डिक्लेअर डन इंट डिफॉल्ट

[06:40:09] डिक्लेअर डन इंट डिफॉल्ट ज़ीरो

[06:40:11] ज़ीरो फिर लिखेंगे हम डिक्लेअ

[06:40:16] एंप्लॉय नेम

[06:40:19] एंप्लॉय नेम वेयर केयर 50 कररेक्टर्स का नेम होगा।

[06:40:27] नेम के बाद होगी सैलरी। अब मेंबर डिक्लेअ

[06:40:29] नेम के बाद होगी सैलरी। अब मेंबर डिक्लेअ करेंगे सैलरी

[06:40:35] इंट में। सबसे पहले स्टेप वन क्या थी?

[06:40:38] इंट में। सबसे पहले स्टेप वन क्या थी? डिक्लेअ करना। तो यहां पे हम डिक्लेअ कर

[06:40:40] डिक्लेअ करना। तो यहां पे हम डिक्लेअ कर रहे हैं। तो यहां हम लिखेंगे

[06:40:45] डिक्लेअ एंप्लॉय कर्सर

[06:40:50] कर्सर फॉर

[06:40:54] फिर सेलेक्ट कर रहे हैं हम नेम को कॉमा

[06:40:58] फिर सेलेक्ट कर रहे हैं हम नेम को कॉमा सैलरी को। फ्रॉम एंप्लई टेबल

[06:41:08] फिर लिखेंगे हम डिक्लेअ

[06:41:12] फिर लिखेंगे हम डिक्लेअ कंटिन्यू

[06:41:15] कंटिन्यू हैंडलर

[06:41:18] फॉर

[06:41:19] फॉर नॉट फाउंड सेट

[06:41:24] नॉट फाउंड सेट डन इज इक्वल टू वन सबसे पहले हम डेलीमीटर

[06:41:28] डन इज इक्वल टू वन सबसे पहले हम डेलीमीटर चेंज कर रहे है। मायसक्यूएल नॉर्मली सेमी

[06:41:31] चेंज कर रहे है। मायसक्यूएल नॉर्मली सेमी कॉललन को एंड मानता है। लेकिन यहां

[06:41:33] कॉललन को एंड मानता है। लेकिन यहां मल्टीपल स्टेटमेंट है इसलिए हम बैक स्लैश

[06:41:36] मल्टीपल स्टेटमेंट है इसलिए हम बैक स्लैश यूज़ कर रहे हैं। फिर हमने लिखा है क्रिएट

[06:41:39] यूज़ कर रहे हैं। फिर हमने लिखा है क्रिएट प्रोसीडर प्रिंट एंप्लॉय। यहां हम एक

[06:41:42] प्रोसीडर प्रिंट एंप्लॉय। यहां हम एक स्टूड प्रोसीडर बना रहे हैं जिसका नाम है

[06:41:44] स्टूड प्रोसीडर बना रहे हैं जिसका नाम है प्रिंट एंप्लॉय। प्रिंट ईएमपी लिखा है

[06:41:47] प्रिंट एंप्लॉय। प्रिंट ईएमपी लिखा है मैंने शॉर्ट एंप्लाइजज़ के लिए। इस

[06:41:49] मैंने शॉर्ट एंप्लाइजज़ के लिए। इस प्रोसीजर को कॉल करने पर कर्सर एग्जीक्यूट

[06:41:52] प्रोसीजर को कॉल करने पर कर्सर एग्जीक्यूट होगा। देन हमने लिखा है बिगिन। बिगिन

[06:41:54] होगा। देन हमने लिखा है बिगिन। बिगिन ब्लॉक के अंदर हम सारा लॉजिक लिखेंगे। तो

[06:41:58] ब्लॉक के अंदर हम सारा लॉजिक लिखेंगे। तो यहां पर हमने डिक्लेअ कराया है। हमने लिखा

[06:42:00] यहां पर हमने डिक्लेअ कराया है। हमने लिखा है डिक्लेअ डन इंट डिफॉल्ट = 0 यहां पर हम

[06:42:04] है डिक्लेअ डन इंट डिफॉल्ट = 0 यहां पर हम वेरिएबल्स डिक्लेअ कर रहे हैं। डन जो है

[06:42:08] वेरिएबल्स डिक्लेअ कर रहे हैं। डन जो है यह लूप स्टॉप करने के लिए फ्लैग है और

[06:42:11] यह लूप स्टॉप करने के लिए फ्लैग है और ईएमपी नेम यह एंप्लॉय का नेम स्टोर करेगा।

[06:42:14] ईएमपी नेम यह एंप्लॉय का नेम स्टोर करेगा। ईएमपी सैलरी एंप्लई की सैलरी स्टोर करेगा।

[06:42:17] ईएमपी सैलरी एंप्लई की सैलरी स्टोर करेगा। फिर इनिशियली डन इज़ इक्वल टू हमने ज़ीरो

[06:42:20] फिर इनिशियली डन इज़ इक्वल टू हमने ज़ीरो है। मतलब लूप चलेगा।

[06:42:23] है। मतलब लूप चलेगा। फिर लिखा है डिक्लेअर ईएमपी कर्सर। कर्सर

[06:42:27] फिर लिखा है डिक्लेअर ईएमपी कर्सर। कर्सर फॉर सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी फ्रॉम

[06:42:29] फॉर सेलेक्ट नेम कॉमा सैलरी फ्रॉम एंप्लाइजस। यहां हम कर्सर डिक्लेअ कर रहे

[06:42:32] एंप्लाइजस। यहां हम कर्सर डिक्लेअ कर रहे हैं। ये एंप्लॉय टेबल से नेम और सैलरी

[06:42:34] हैं। ये एंप्लॉय टेबल से नेम और सैलरी उठाएगा। इस स्टेप में डेटा फैच नहीं होता

[06:42:37] उठाएगा। इस स्टेप में डेटा फैच नहीं होता है। सिर्फ कर्सर डिफाइन होता है। फिर हमने

[06:42:40] है। सिर्फ कर्सर डिफाइन होता है। फिर हमने लिखा है डिक्लेअर कंटिन्यू हैंडलर फॉर नॉट

[06:42:43] लिखा है डिक्लेअर कंटिन्यू हैंडलर फॉर नॉट फाउंड सेट डन इज इक्वल टू वन। जब कर्सर के

[06:42:47] फाउंड सेट डन इज इक्वल टू वन। जब कर्सर के पास और रोज़ नहीं होती है, तब यह हैंडलर

[06:42:50] पास और रोज़ नहीं होती है, तब यह हैंडलर एग्जीक्यूट होता है और डन वैल्यू को वन कर

[06:42:53] एग्जीक्यूट होता है और डन वैल्यू को वन कर देता है। इससे हमें पता चलता है लूप स्टॉप

[06:42:56] देता है। इससे हमें पता चलता है लूप स्टॉप करना है। देन इसके बाद में हम कर्सर ओपन

[06:42:58] करना है। देन इसके बाद में हम कर्सर ओपन करेंगे। हम लिखेंगे ओपन

[06:43:02] करेंगे। हम लिखेंगे ओपन ईएमपी

[06:43:04] ईएमपी कर्सर।

[06:43:09] यहां हम कर्सर को ओपन करते हैं। क्वरी रन

[06:43:12] यहां हम कर्सर को ओपन करते हैं। क्वरी रन होती है और कर्सर पॉइंटर फर्स्ट रो पर आ

[06:43:15] होती है और कर्सर पॉइंटर फर्स्ट रो पर आ जाता है। ओपन कर्सर के बाद हम लिखेंगे रीड

[06:43:20] जाता है। ओपन कर्सर के बाद हम लिखेंगे रीड लूप

[06:43:22] लूप लूप।

[06:43:25] लूप। यहां हम लूप स्टार्ट कर रहे हैं जो हर रो

[06:43:28] यहां हम लूप स्टार्ट कर रहे हैं जो हर रो को क्रॉसेस करेगा। रीड लूप एक लेबल है

[06:43:31] को क्रॉसेस करेगा। रीड लूप एक लेबल है जिसे हम ब्रेक करने के लिए यूज करेंगे फैच

[06:43:35] जिसे हम ब्रेक करने के लिए यूज करेंगे फैच डेटा। हम लिखेंगे फैच

[06:43:39] डेटा। हम लिखेंगे फैच एएमपी कर्सर

[06:43:43] इन

[06:43:45] इन ईएमपी नेम

[06:43:47] ईएमपी नेम कॉमा एएमपी सैलरी। कर्सर एक रो उठाता है

[06:43:52] कॉमा एएमपी सैलरी। कर्सर एक रो उठाता है और वेरिएबल में स्टोर करता है। हर फैच के

[06:43:55] और वेरिएबल में स्टोर करता है। हर फैच के बाद कर्सर नेक्स्ट रो पर मूव करता है।

[06:43:58] बाद कर्सर नेक्स्ट रो पर मूव करता है। इसके बाद हम एग्जिट के लिए कंडीशन

[06:44:00] इसके बाद हम एग्जिट के लिए कंडीशन लिखेंगे। इफ

[06:44:03] लिखेंगे। इफ डन तो आपको इसको वन देना है और देन

[06:44:09] डन तो आपको इसको वन देना है और देन लीव

[06:44:11] लीव रीड लूप

[06:44:15] एंड इफ

[06:44:20] अगर डन इज़ इक्वल टू वन हो जाता है। इसका

[06:44:23] अगर डन इज़ इक्वल टू वन हो जाता है। इसका मतलब डेटा खत्म हो गया है। फिर हम लूप से

[06:44:25] मतलब डेटा खत्म हो गया है। फिर हम लूप से बाहर निकल जाते हैं। अब हम लिखेंगे

[06:44:28] बाहर निकल जाते हैं। अब हम लिखेंगे सेलेक्ट

[06:44:32] एएमपी नेम

[06:44:34] एएमपी नेम कॉमा एएमपी सैलरी

[06:44:40] यहां हम पैच्ड डेटा को प्रिंट करा रहे

[06:44:43] यहां हम पैच्ड डेटा को प्रिंट करा रहे हैं। इस स्टेप में आप कोई भी लॉजिक लगा

[06:44:45] हैं। इस स्टेप में आप कोई भी लॉजिक लगा सकते हो। अपडेट, इंसर्ट, कैलकुलेशन

[06:44:48] सकते हो। अपडेट, इंसर्ट, कैलकुलेशन एक्सट्रा। फिर हम लूप को एंड कर देंगे।

[06:44:50] एक्सट्रा। फिर हम लूप को एंड कर देंगे। एंड लूप

[06:44:53] एंड लूप लूप यहां पर एंड हो जाता है और फिर

[06:44:56] लूप यहां पर एंड हो जाता है और फिर नेक्स्ट आइट्रेशन स्टार्ट होता है। देन हम

[06:44:58] नेक्स्ट आइट्रेशन स्टार्ट होता है। देन हम क्लोज करेंगे। क्लोज ईएमपी कर्सर। यहां पर

[06:45:02] क्लोज करेंगे। क्लोज ईएमपी कर्सर। यहां पर हमने कर्सर को क्लोज कर दिया।

[06:45:06] हमने कर्सर को क्लोज कर दिया। यह मेमोरी और रिसोर्सेज फ्री करता है। फिर

[06:45:09] यह मेमोरी और रिसोर्सेज फ्री करता है। फिर हम एंड कर देंगे

[06:45:12] हम एंड कर देंगे एंड लिख देंगे डेलीमीटर

[06:45:17] सेमी कॉललन।

[06:45:20] सेमी कॉललन। यहां पर प्रोसीजर का एंड हो गया। और अब

[06:45:22] यहां पर प्रोसीजर का एंड हो गया। और अब हमने डेलीमीटर को वापस डिफॉल्ट सेमी कॉललन

[06:45:26] हमने डेलीमीटर को वापस डिफॉल्ट सेमी कॉललन पर सेट कर दिया।

[06:45:29] पर सेट कर दिया। सबसे पहले क्या हुआ? कर्सर डिक्लेअ हुआ।

[06:45:33] सबसे पहले क्या हुआ? कर्सर डिक्लेअ हुआ। फिर हमने क्या किया? ओपन हुआ। देन लूप में

[06:45:36] फिर हमने क्या किया? ओपन हुआ। देन लूप में फैच हुआ। हर रो प्रोसेस हुई। डेटा खत्म

[06:45:39] फैच हुआ। हर रो प्रोसेस हुई। डेटा खत्म हुआ। देन लूप स्टॉप हुआ और कर्सर क्लोज

[06:45:42] हुआ। देन लूप स्टॉप हुआ और कर्सर क्लोज हुआ।

[06:45:44] हुआ। इस तरह कर्सर हमें अलाउ करता है कि हम

[06:45:47] इस तरह कर्सर हमें अलाउ करता है कि हम डेटाबेस के डेटा को एक-एक कर कर रो के

[06:45:50] डेटाबेस के डेटा को एक-एक कर कर रो के फॉर्म में प्रोसेस कर सकें इंस्टेड ऑफ़ एक

[06:45:53] फॉर्म में प्रोसेस कर सकें इंस्टेड ऑफ़ एक साथ। अब अगर मैं यहां पे कॉल कर दूंगी।

[06:45:55] साथ। अब अगर मैं यहां पे कॉल कर दूंगी। कॉल इसका नाम था प्रिंट एएमपी।

[06:46:06] हमने इस प्रोसीजर को क्रॉल कर दिया। तो

[06:46:09] हमने इस प्रोसीजर को क्रॉल कर दिया। तो यहां पे एक-एक करके सारे एंप्लॉय आपको दिख

[06:46:12] यहां पे एक-एक करके सारे एंप्लॉय आपको दिख रहे हैं। आ रहे हैं। जैसे ही हमने रन करा

[06:46:15] रहे हैं। आ रहे हैं। जैसे ही हमने रन करा कर्सर एग्जीक्यूट हो गया। इंटरनली इसमें

[06:46:18] कर्सर एग्जीक्यूट हो गया। इंटरनली इसमें लूप चलेगा। हर आइट्रेशन में ये लाइन रन

[06:46:22] लूप चलेगा। हर आइट्रेशन में ये लाइन रन होगी। सेलेक्ट ईएमपी एंड ईएमपी सैलरी।

[06:46:25] होगी। सेलेक्ट ईएमपी एंड ईएमपी सैलरी। इसका मतलब हर रो का आउटपुट अलग-अलग प्रिंट

[06:46:28] इसका मतलब हर रो का आउटपुट अलग-अलग प्रिंट होगा। पहले प्रिंट हुआ इसलिए मैं इसको फिर

[06:46:29] होगा। पहले प्रिंट हुआ इसलिए मैं इसको फिर से प्रिंट कराती हूं। तो यहां पे सारे

[06:46:32] से प्रिंट कराती हूं। तो यहां पे सारे प्रिंट हो गए। रोहित प्रिंट हो गया,

[06:46:34] प्रिंट हो गए। रोहित प्रिंट हो गया, प्रिया प्रिंट हो गई, अंकित प्रिंट हो

[06:46:36] प्रिया प्रिंट हो गई, अंकित प्रिंट हो गया, रुचि प्रिंट हो गई, नेहा प्रिंट हो

[06:46:39] गया, रुचि प्रिंट हो गई, नेहा प्रिंट हो गई। सारे जितने भी एंप्लॉय थे सब प्रिंट

[06:46:41] गई। सारे जितने भी एंप्लॉय थे सब प्रिंट हो गए। यहां पर आपको हर सेलेक्ट का एक

[06:46:43] हो गए। यहां पर आपको हर सेलेक्ट का एक अलग-अलग टैब दिख रहा होगा। जैसे ये दिख

[06:46:45] अलग-अलग टैब दिख रहा होगा। जैसे ये दिख रहा है नीचे आपको यहां पे 14 15 16 ये

[06:46:48] रहा है नीचे आपको यहां पे 14 15 16 ये सारे टैब अलग-अलग ओपन हो रहे हैं। जो हमने

[06:46:51] सारे टैब अलग-अलग ओपन हो रहे हैं। जो हमने लिखा है सेलेक्ट ईएमपी और ईएमपी सैलरी यह

[06:46:54] लिखा है सेलेक्ट ईएमपी और ईएमपी सैलरी यह एक बार में एक हीरो रिटर्न करता है। इसलिए

[06:46:57] एक बार में एक हीरो रिटर्न करता है। इसलिए आउटपुट एक टेबल में नहीं आता है। इसलिए आप

[06:47:00] आउटपुट एक टेबल में नहीं आता है। इसलिए आप इसलिए आपको यहां पे मल्टीपल आउटपुट दिख

[06:47:02] इसलिए आपको यहां पे मल्टीपल आउटपुट दिख रहे हैं। अगर आप चाहते हो कि आउटपुट एक ही

[06:47:05] रहे हैं। अगर आप चाहते हो कि आउटपुट एक ही टेबल में आए तो टेंपरेरी टेबल यूज़ करो।

[06:47:09] टेबल में आए तो टेंपरेरी टेबल यूज़ करो। अभी हम नॉर्मल एसक्यूएल वर्सेस कर्सर में

[06:47:12] अभी हम नॉर्मल एसक्यूएल वर्सेस कर्सर में डिफरेंस देखते हैं। सबसे पहले लिखा है

[06:47:14] डिफरेंस देखते हैं। सबसे पहले लिखा है प्रोसेसिंग। ऑल रो एट वंस। यह सारी रोज़ को

[06:47:18] प्रोसेसिंग। ऑल रो एट वंस। यह सारी रोज़ को एक बार में प्रोसेस करता है और कर्सर एक

[06:47:20] एक बार में प्रोसेस करता है और कर्सर एक बार में सिर्फ एक ही रो को प्रोसेस करता

[06:47:22] बार में सिर्फ एक ही रो को प्रोसेस करता है। नॉर्मल एसक्यूएल की स्पीड फास्ट होती

[06:47:25] है। नॉर्मल एसक्यूएल की स्पीड फास्ट होती है और कर्सर की स्पीड स्लो होती है।

[06:47:28] है और कर्सर की स्पीड स्लो होती है। नॉर्मल एसक्यूएल को हम यूज़ करते हैं जनरल

[06:47:30] नॉर्मल एसक्यूएल को हम यूज़ करते हैं जनरल क्वेरीज़ में और कॉम्प्लेक्स लॉजिक के लिए

[06:47:32] क्वेरीज़ में और कॉम्प्लेक्स लॉजिक के लिए हम यूज़ करते हैं कर्सर का। अभी हम कर्सर

[06:47:36] हम यूज़ करते हैं कर्सर का। अभी हम कर्सर को और अच्छे से समझने के लिए कुछ

[06:47:38] को और अच्छे से समझने के लिए कुछ प्रैक्टिस सेट्स सॉल्व करेंगे। अभी आपको

[06:47:41] प्रैक्टिस सेट्स सॉल्व करेंगे। अभी आपको कर्सर डिफिकल्ट लग रहा होगा लेकिन अब आप

[06:47:43] कर्सर डिफिकल्ट लग रहा होगा लेकिन अब आप एक दो प्रैक्टिस सेट सॉल्व करेंगे तो आपको

[06:47:45] एक दो प्रैक्टिस सेट सॉल्व करेंगे तो आपको यह इजी लगेगा। सबसे पहला क्वेश्चन हम

[06:47:47] यह इजी लगेगा। सबसे पहला क्वेश्चन हम सॉल्व करेंगे। हर एंप्लॉय का नेम प्रिंट

[06:47:49] सॉल्व करेंगे। हर एंप्लॉय का नेम प्रिंट कराओ यूजिंग कर्सर। प्रिंट नेम ऑफ ऑल

[06:47:53] कराओ यूजिंग कर्सर। प्रिंट नेम ऑफ ऑल एंप्लाइजज़ यूजिंग कर्सर। ईच एंप्लॉय कर

[06:47:57] एंप्लाइजज़ यूजिंग कर्सर। ईच एंप्लॉय कर लेते हैं। नेम ऑफ ईच एंप्लई यूजिंग कर्सर।

[06:48:00] लेते हैं। नेम ऑफ ईच एंप्लई यूजिंग कर्सर। आपको हर एंप्लई का नेम प्रिंट कराना है

[06:48:01] आपको हर एंप्लई का नेम प्रिंट कराना है कर्सर का यूज़ करके। यहां पर हम लिखेंगे

[06:48:04] कर्सर का यूज़ करके। यहां पर हम लिखेंगे सबसे पहले टेलीमीटर

[06:48:06] सबसे पहले टेलीमीटर डॉलर डॉलर

[06:48:09] डॉलर डॉलर देन हम प्रोसीजर क्रिएट करेंगे क्रिएट

[06:48:12] देन हम प्रोसीजर क्रिएट करेंगे क्रिएट प्रोसीजर

[06:48:15] प्रोसीजर इसको हम नाम देते हैं प्रिंट नेम

[06:48:20] फिर हम प्रोसीजर को बिगिन करेंगे देन हम

[06:48:23] फिर हम प्रोसीजर को बिगिन करेंगे देन हम लिखेंगे डिक्लेअ

[06:48:25] लिखेंगे डिक्लेअ डन इंट

[06:48:29] डन इंट डिफॉल्ट 0

[06:48:33] फिर हम लिखेंगे डिक्लेअ

[06:48:36] फिर हम लिखेंगे डिक्लेअ यहां पर हम डिक्लेअ करा रहे हैं एंप्लॉय

[06:48:38] यहां पर हम डिक्लेअ करा रहे हैं एंप्लॉय नेम

[06:48:42] वर्क है 50 कररेक्टर्स का

[06:48:48] सेमी कॉललन फिर हम लिखेंगे डिक्लेअ

[06:48:53] सेमी कॉललन फिर हम लिखेंगे डिक्लेअ एंप्लॉय कर्सर

[06:48:56] कर्सर फॉर

[06:49:04] सेलेक्ट

[06:49:08] नेम कॉमा नेम इसमें नेम ही चाहिए तो हम

[06:49:11] नेम कॉमा नेम इसमें नेम ही चाहिए तो हम सिर्फ नेम लेंगे। नेम फ्रॉम एंप्लाइजज़

[06:49:13] सिर्फ नेम लेंगे। नेम फ्रॉम एंप्लाइजज़ एंप्लॉय टेबल से नेम चाहिए।

[06:49:18] फिर हम डिक्लेअ करेंगे कंटिन्यू

[06:49:23] हैंडलर

[06:49:25] हैंडलर फॉर नॉट फाउंड सेट

[06:49:29] फॉर नॉट फाउंड सेट डन = 1 फिर हम कर्सर ओपन करेंगे। ओपन

[06:49:33] डन = 1 फिर हम कर्सर ओपन करेंगे। ओपन कर्सर

[06:49:36] देन हम लिखेंगे रीड लूप

[06:49:40] देन हम लिखेंगे रीड लूप लूप। फिर हमें फैच करना है फैच। यहां पर

[06:49:44] लूप। फिर हमें फैच करना है फैच। यहां पर रीड लूप लूप का नाम है और लूप जो है वह एक

[06:49:46] रीड लूप लूप का नाम है और लूप जो है वह एक लूप चल रहा है। इसलिए हमने यहां पर लूप

[06:49:48] लूप चल रहा है। इसलिए हमने यहां पर लूप लिखा है। फिर लिखेंगे हम फैच ईएमपी कर्सर

[06:49:51] लिखा है। फिर लिखेंगे हम फैच ईएमपी कर्सर इंटू

[06:49:54] ईएमपी नेम

[06:49:57] ईएमपी नेम इफ देन = वन देन

[06:50:02] इफ देन = वन देन आपको लीव कर देना है लूप को

[06:50:12] एंड इफ

[06:50:17] लिखना है सेलेक्ट

[06:50:18] लिखना है सेलेक्ट एंप्लॉय नेम

[06:50:21] एंप्लॉय नेम एंड लगाना है एंड लूप

[06:50:24] एंड लगाना है एंड लूप एंड डेलीमीटर को वापस पहले क्लोज करना है।

[06:50:28] एंड डेलीमीटर को वापस पहले क्लोज करना है। क्लोज एंप्लॉय कर्सर

[06:50:34] देन डेलीमीटर को वापस कर देना है।

[06:50:38] देन डेलीमीटर को वापस कर देना है। बैक स्लैश

[06:50:40] बैक स्लैश सबसे पहले हमने लिखा है यहां पे हम क्या

[06:50:42] सबसे पहले हमने लिखा है यहां पे हम क्या कर रहे हैं? लूप कंट्रोल वेरिएबल लगा रहे

[06:50:44] कर रहे हैं? लूप कंट्रोल वेरिएबल लगा रहे हैं। मतलब ज़ीरो का मतलब क्या है? कंटिन्यू

[06:50:46] हैं। मतलब ज़ीरो का मतलब क्या है? कंटिन्यू रखो। वन का मतलब है स्टॉप कर दो। फिर लिखा

[06:50:49] रखो। वन का मतलब है स्टॉप कर दो। फिर लिखा है डिक्लेअर ईएमपी वेयर केयर 50। यह हर रो

[06:50:51] है डिक्लेअर ईएमपी वेयर केयर 50। यह हर रो का नाम स्टोर करेगा। देन डिक्लेअर ईएमपी

[06:50:53] का नाम स्टोर करेगा। देन डिक्लेअर ईएमपी कर्सर। कर्सर फॉर सेलेक्ट नेम फ्रॉम

[06:50:55] कर्सर। कर्सर फॉर सेलेक्ट नेम फ्रॉम एंप्लाइजज़। यहां पे कर्सर डिफाइन हुआ और

[06:50:56] एंप्लाइजज़। यहां पे कर्सर डिफाइन हुआ और सिर्फ नेम कॉलन फैच करेगा। फिर लिखा है

[06:50:59] सिर्फ नेम कॉलन फैच करेगा। फिर लिखा है डिक्लेअर कंटिन्यू हैंडलर फॉर नॉट फाउंड

[06:51:01] डिक्लेअर कंटिन्यू हैंडलर फॉर नॉट फाउंड सेट। देन इक्वल टू वन। मतलब जब रो खत्म हो

[06:51:03] सेट। देन इक्वल टू वन। मतलब जब रो खत्म हो जाएंगे तो देन इज़ इक्वल टू वन हो जाएगा।

[06:51:04] जाएंगे तो देन इज़ इक्वल टू वन हो जाएगा। फिर हमने ओपन किया एंप्लॉय कर्सर को। यहां

[06:51:07] फिर हमने ओपन किया एंप्लॉय कर्सर को। यहां पे कर्सर स्टार्ट हुआ और पॉइंटर फर्स्ट रो

[06:51:09] पे कर्सर स्टार्ट हुआ और पॉइंटर फर्स्ट रो पर आया। फिर लिखा है फैच एंप्लॉय कर्सर

[06:51:11] पर आया। फिर लिखा है फैच एंप्लॉय कर्सर इंटू एंप्लॉय नेम। एक रो का नाम उठाया और

[06:51:14] इंटू एंप्लॉय नेम। एक रो का नाम उठाया और वेरिएबल में स्टोर किया। फिर इफ डन इज़

[06:51:16] वेरिएबल में स्टोर किया। फिर इफ डन इज़ इक्वल टू वन देन लीव रीड लूप एंड इफ़ अगर

[06:51:19] इक्वल टू वन देन लीव रीड लूप एंड इफ़ अगर डाटा खत्म हुआ तो लूप ब्रेक हो जाएगा। फिर

[06:51:21] डाटा खत्म हुआ तो लूप ब्रेक हो जाएगा। फिर लिखा है सेलेक्ट ईएमपी लूप रिपीट होगा

[06:51:23] लिखा है सेलेक्ट ईएमपी लूप रिपीट होगा नेक्स्ट रो के लिए। देन क्लज़ कर देना है

[06:51:26] नेक्स्ट रो के लिए। देन क्लज़ कर देना है आपको कर्सर कन कर देना है और डेलीमीटर को

[06:51:28] आपको कर्सर कन कर देना है और डेलीमीटर को वापस कर देना है सेमी कॉलन। इसको आप कॉल

[06:51:30] वापस कर देना है सेमी कॉलन। इसको आप कॉल कर सकते हो। कॉल लिख लिख के कॉल लिख के

[06:51:33] कर सकते हो। कॉल लिख लिख के कॉल लिख के देन आपको नाम देना है। इसका नाम क्या था

[06:51:35] देन आपको नाम देना है। इसका नाम क्या था प्रोसीजर का? प्रिंट नेम।

[06:51:37] प्रोसीजर का? प्रिंट नेम। यहां पे प्रिंट नेम लिख दीजिए।

[06:51:42] हमने डेलीमीटर डॉलर यूज़ किया है। तो यहां

[06:51:44] हमने डेलीमीटर डॉलर यूज़ किया है। तो यहां पर वापस $ लिखती हूं। एंड देन इसको अगेन

[06:51:46] पर वापस $ लिखती हूं। एंड देन इसको अगेन एग्जीक्यूट कराती हूं। क्या एरर आ रही है?

[06:51:49] एग्जीक्यूट कराती हूं। क्या एरर आ रही है? ऑलरेडी एकिस्ट। इसको मैं ड्रॉप करती हूं

[06:51:51] ऑलरेडी एकिस्ट। इसको मैं ड्रॉप करती हूं पहले। ड्रॉप

[06:51:54] पहले। ड्रॉप प्रोसीडर

[06:51:57] प्रोसीडर एंप्लॉय प्रिंट नेम

[06:52:04] क्लोज ईएमपी कर्सर एंड लिखेंगे हम एंड

[06:52:07] क्लोज ईएमपी कर्सर एंड लिखेंगे हम एंड एंड डेलीमीटर को वापस कर देंगे।

[06:52:12] डॉलर डॉलर

[06:52:15] डॉलर डॉलर इसको एग्जीक्यूट कराएंगे।

[06:52:18] इसको एग्जीक्यूट कराएंगे। अब यहां पे हम लिखेंगे एल डॉलर डॉलर एंड

[06:52:21] अब यहां पे हम लिखेंगे एल डॉलर डॉलर एंड लिखेंगे

[06:52:24] लिखेंगे डेलीमीटर वापस कर दो सेमीफॉलो।

[06:52:28] डेलीमीटर वापस कर दो सेमीफॉलो। अब इसको कॉल करते हैं हम। कॉल प्रोसीजर का

[06:52:31] अब इसको कॉल करते हैं हम। कॉल प्रोसीजर का नेम है हमारा प्रिंट ले। यह सारे नाम

[06:52:33] नेम है हमारा प्रिंट ले। यह सारे नाम प्रिंट करा रहा है वन बाय वन। अभी हम मूव

[06:52:37] प्रिंट करा रहा है वन बाय वन। अभी हम मूव करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ़। हमारा

[06:52:38] करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ़। हमारा नेक्स्ट क्वेश्चन है। आपको क्या करना है?

[06:52:41] नेक्स्ट क्वेश्चन है। आपको क्या करना है? इसमें आपको हर एंप्लॉय की सैलरी में 10%

[06:52:44] इसमें आपको हर एंप्लॉय की सैलरी में 10% बोनस ऐड करके प्रिंट कराना है। ऐड 10%

[06:52:49] बोनस ऐड करके प्रिंट कराना है। ऐड 10% बोनस

[06:52:51] बोनस इन

[06:52:53] इन ईच एंप्लॉय सैलरी।

[06:53:01] इसके लिए हम लिखेंगे सबसे पहले क्रिएट

[06:53:03] इसके लिए हम लिखेंगे सबसे पहले क्रिएट प्रोसीडर।

[06:53:06] इसको नाम देंगे हम बोनस सैलरी

[06:53:12] ऊपर डेलीमीटर लगाना नहीं भूलना है हमें

[06:53:14] ऊपर डेलीमीटर लगाना नहीं भूलना है हमें डेलीमीटर डॉलर डॉलर

[06:53:19] एंड एंड में लिखना है हमें

[06:53:22] एंड एंड में लिखना है हमें डेलीमीटर सेमीफॉल एट डॉलर डॉलर

[06:53:30] अभी हम यहां पर लिखेंगे बिगिन

[06:53:35] फिर हम लिखेंगे सबसे पहले डिक्लेअ कर दो

[06:53:42] डिफॉल्ट

[06:53:45] डिफॉल्ट डिफॉल्ट ज़ीरो फिर हम डिक्लेअ करेंगे

[06:53:47] डिफॉल्ट ज़ीरो फिर हम डिक्लेअ करेंगे एंप्लई नेम

[06:53:52] वेयर कैन 50

[06:53:55] वेयर कैन 50 देन डिक्लेअ करेंगे हम एंप्लई की सैलरी को

[06:54:01] देन डिक्लेअ करेंगे हम एंप्लई की सैलरी को इंट में फिर हम डिक्लेअर करेंगे

[06:54:06] न्यू सैलरी को जिसमें हम 10% ऐड करेंगे

[06:54:10] न्यू सैलरी को जिसमें हम 10% ऐड करेंगे इंट में।

[06:54:15] देन लिखेंगे हम डिक्लेअ

[06:54:18] देन लिखेंगे हम डिक्लेअ एंप्लॉय कर्सर

[06:54:21] एंप्लॉय कर्सर कर्सर फॉर

[06:54:24] कर्सर फॉर क्या-क्या ले रहे हैं? हम सेलेक्ट कर रहे

[06:54:26] क्या-क्या ले रहे हैं? हम सेलेक्ट कर रहे हैं नेम को कॉमा सैलरी को फ्रॉम एंप्लॉय।

[06:54:36] फिर हम डिक्लेअ करेंगे

[06:54:41] कंटिन्यू हैंडलर को फॉर नॉट फाउंड

[06:54:47] कंटिन्यू हैंडलर को फॉर नॉट फाउंड जब फाउंड नहीं होगा तो आपको सेट कर देना

[06:54:49] जब फाउंड नहीं होगा तो आपको सेट कर देना है इसको डन बुक वन

[06:54:53] फिर हम कर्सर ओपन करेंगे ओपन कर्सर

[06:55:02] रीड रीड लूप

[06:55:04] रीड रीड लूप यहां पे आप कुछ भी नाम दे सकते हैं। मैंने

[06:55:06] यहां पे आप कुछ भी नाम दे सकते हैं। मैंने रीड लूप दिया है। जरूरी नहीं है आपको रीड

[06:55:07] रीड लूप दिया है। जरूरी नहीं है आपको रीड लूप ही लेना है। लूप फिर हम फैच करेंगे

[06:55:11] लूप ही लेना है। लूप फिर हम फैच करेंगे एंप्लॉय कर्सर

[06:55:15] इन टू एंप्लॉय नेम कॉमा एंप्लॉय सैलरी

[06:55:22] इफ डन इक्वल टू वन क्या करना है आपको?

[06:55:26] इफ डन इक्वल टू वन क्या करना है आपको? उसको लीव कर देना है।

[06:55:29] उसको लीव कर देना है। लीव

[06:55:31] लीव रीड लो

[06:55:34] रीड लो एंड इफ

[06:55:38] यहां पे लिखना है आपको सेट करना है। क्या

[06:55:39] यहां पे लिखना है आपको सेट करना है। क्या करना है आपको सेट? न्यू सैलरी को

[06:55:44] करना है आपको सेट? न्यू सैलरी को इज़ इक्वल टू एंप्लॉय सैलरी में आपको ऐड कर

[06:55:46] इज़ इक्वल टू एंप्लॉय सैलरी में आपको ऐड कर देना है 10%।

[06:55:50] इसमें आपको 10% ऐड करना है एंप्लॉय सैलरी

[06:55:52] इसमें आपको 10% ऐड करना है एंप्लॉय सैलरी का।

[06:55:54] का। एमंप्लॉय सैलरी को हम मल्टीप्लाई कर देंगे

[06:55:58] एमंप्लॉय सैलरी को हम मल्टीप्लाई कर देंगे 0.

[06:55:59] 0. 10 से तो इसमें 10% ऐड हो जाएगा। फिर हम

[06:56:03] 10 से तो इसमें 10% ऐड हो जाएगा। फिर हम करेंगे सेलेक्ट एंप्लई नेम कॉमा न्यू

[06:56:07] करेंगे सेलेक्ट एंप्लई नेम कॉमा न्यू सैलरी। तो ये हमें न्यू सैलरी और एंप्लॉय

[06:56:11] सैलरी। तो ये हमें न्यू सैलरी और एंप्लॉय का नेम दे देगा। फिर हम लूप को एंड कर

[06:56:13] का नेम दे देगा। फिर हम लूप को एंड कर देंगे।

[06:56:15] देंगे। एंड देन क्लज़ कर देंगे कर्सर को।

[06:56:22] इसको हम एग्जीक्यूट कराएंगे। फिर हम जैसे

[06:56:24] इसको हम एग्जीक्यूट कराएंगे। फिर हम जैसे ही कॉल करेंगे कॉल

[06:56:29] इसका नेम है

[06:56:32] इसका नेम है बोनस पहले। तो यहां पे सारे एंप्लाइजज़ की

[06:56:35] बोनस पहले। तो यहां पे सारे एंप्लाइजज़ की सैलरी और उसके बोनस आपको मिल रहे हैं।

[06:56:37] सैलरी और उसके बोनस आपको मिल रहे हैं। डिफेंस क्या है? इसमें आपको हर सैलरी और

[06:56:39] डिफेंस क्या है? इसमें आपको हर सैलरी और नेम के लिए नया टैब ओपन हो के दिख रहा है।

[06:56:41] नेम के लिए नया टैब ओपन हो के दिख रहा है। मतलब वन बाय वन रो प्रिंट हो रही है। और

[06:56:43] मतलब वन बाय वन रो प्रिंट हो रही है। और नॉर्मल एसक्यूएल में सारी रोज़ एक ही साथ

[06:56:45] नॉर्मल एसक्यूएल में सारी रोज़ एक ही साथ प्रिंट हो जाती है। इसको हम क्लोज़ कर

[06:56:47] प्रिंट हो जाती है। इसको हम क्लोज़ कर देंगे। अभी मूव करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन

[06:56:50] देंगे। अभी मूव करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। नेक्स्ट क्वेश्चन है आपको हर

[06:56:52] की तरफ। नेक्स्ट क्वेश्चन है आपको हर एंप्लॉय का डाटा एक न्यू टेबल में इंसर्ट

[06:56:54] एंप्लॉय का डाटा एक न्यू टेबल में इंसर्ट कराना है। इंसर्ट

[06:56:57] कराना है। इंसर्ट ईच एंप्लॉय

[06:57:00] ईच एंप्लॉय डेटा

[06:57:02] डेटा इंटू

[06:57:03] इंटू न्यू टेबल।

[06:57:07] अब इसके लिए मैं सेम क्वरी को कॉपी कर रही

[06:57:10] अब इसके लिए मैं सेम क्वरी को कॉपी कर रही हूं। इसमें चेंजेस करूंगी। इसको हम नाम दे

[06:57:12] हूं। इसमें चेंजेस करूंगी। इसको हम नाम दे देते हैं चेंज करके।

[06:57:17] बैकअप एंप्लॉय।

[06:57:28] अब यहां पे हमें क्या-क्या चेंज करना है?

[06:57:30] अब यहां पे हमें क्या-क्या चेंज करना है? हमें ये सेम रखना है, नेम भी सेम रखना है,

[06:57:32] हमें ये सेम रखना है, नेम भी सेम रखना है, सैलरी भी सेम रखना है, कर्सर भी सेम रखना

[06:57:33] सैलरी भी सेम रखना है, कर्सर भी सेम रखना है। ये भी लाइन भी सेम रहेगी। और डिक्लेअ

[06:57:36] है। ये भी लाइन भी सेम रहेगी। और डिक्लेअ कंटिन्यू हैंडलर फॉर यह भी सेम रहेगी। बस

[06:57:38] कंटिन्यू हैंडलर फॉर यह भी सेम रहेगी। बस हमें यह सेट की जगह यहां पे हमें इंसर्ट

[06:57:40] हमें यह सेट की जगह यहां पे हमें इंसर्ट कराना है। यहां पे हम क्या लिखेंगे? सेट

[06:57:42] कराना है। यहां पे हम क्या लिखेंगे? सेट की जगह इसको हटा देते हैं लाइन को।

[06:57:44] की जगह इसको हटा देते हैं लाइन को। लिखेंगे इंसर्ट इन

[06:57:48] लिखेंगे इंसर्ट इन एएमपी बैकअप यह हमें टेबल का नाम दिया है।

[06:57:55] इसका लेना है नेम कॉमा सैलरी

[06:57:59] इसका लेना है नेम कॉमा सैलरी वैल्यू्यूज दे देते हैं।

[06:58:04] एंप्लॉय नेम कॉमा एंप्लॉय सैलरी

[06:58:12] एंड ये हटाना है। सेलेक्ट एंप्लॉय नेम एंड

[06:58:14] एंड ये हटाना है। सेलेक्ट एंप्लॉय नेम एंड सैलरी वाली लाइन। ये न्यू सैलरी हटानी है

[06:58:17] सैलरी वाली लाइन। ये न्यू सैलरी हटानी है यहां से हमें इसमें से।

[06:58:22] फिर ये कोड हमने लिख लिया है। अब इसके लिए

[06:58:24] फिर ये कोड हमने लिख लिया है। अब इसके लिए सबसे पहले हमें टेबल बनानी पड़ेगी एंप्लॉय

[06:58:26] सबसे पहले हमें टेबल बनानी पड़ेगी एंप्लॉय बैकअप। तो यहां ऊपर मैं टेबल क्रिएट कर

[06:58:29] बैकअप। तो यहां ऊपर मैं टेबल क्रिएट कर लेती हूं।

[06:58:32] लेती हूं। क्रिएट

[06:58:34] क्रिएट टेबल

[06:58:36] टेबल इसका नाम है एंप्लॉय बैकअप।

[06:58:40] जिसमें होगी नेम

[06:58:43] जिसमें होगी नेम वेयर कैन में

[06:58:46] वेयर कैन में 50 कररेक्टर्स का और होगा सैलरी

[06:58:51] 50 कररेक्टर्स का और होगा सैलरी इंट में।

[06:58:53] इंट में। अब इसको हम एग्जीक्यूट कराते हैं। तो इसने

[06:58:55] अब इसको हम एग्जीक्यूट कराते हैं। तो इसने टेबल क्रिएट कर दिया। फिर हम इसको कराते

[06:58:58] टेबल क्रिएट कर दिया। फिर हम इसको कराते हैं एग्जीक्यूट।

[06:59:00] हैं एग्जीक्यूट। तो प्रोसीडर बना दिया। अब उसे हम कॉल

[06:59:02] तो प्रोसीडर बना दिया। अब उसे हम कॉल करेंगे। हम लिखेंगे कॉल

[06:59:05] करेंगे। हम लिखेंगे कॉल एंप्लॉय बैकअप नेम है। क्या नेम है इसका?

[06:59:06] एंप्लॉय बैकअप नेम है। क्या नेम है इसका? एक बार चेक कर लेते हैं हम। बैकअप ईएमपी।

[06:59:19] तो इसने क्या किया? एक टेबल क्रिएट करा

[06:59:21] तो इसने क्या किया? एक टेबल क्रिएट करा दिया एंप्लॉय बैकअप। अगर जैसे मुझे अब

[06:59:24] दिया एंप्लॉय बैकअप। अगर जैसे मुझे अब देखना है डेटा तो मैं करूंगी सेलेक्ट

[06:59:26] देखना है डेटा तो मैं करूंगी सेलेक्ट स्टार फ्रॉम एंप्लॉय बैकअप।

[06:59:33] तो ये पूरा डेटा आ गया। इसने एक टेबल अलग

[06:59:35] तो ये पूरा डेटा आ गया। इसने एक टेबल अलग से क्रिएट कर दिया। और वही हमारी क्वेरी

[06:59:37] से क्रिएट कर दिया। और वही हमारी क्वेरी थी। हमें क्या करना था? इंसर्ट करना था ईच

[06:59:39] थी। हमें क्या करना था? इंसर्ट करना था ईच एंप्लई के डाटा को दूसरे टेबल में तो वो

[06:59:41] एंप्लई के डाटा को दूसरे टेबल में तो वो हमने कर दिया। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है

[06:59:44] हमने कर दिया। अभी नेक्स्ट क्वेश्चन है सिर्फ उन एंप्लॉय को प्रिंट करो जिनकी

[06:59:45] सिर्फ उन एंप्लॉय को प्रिंट करो जिनकी सैलरी 40,000 से ज्यादा है। डिस्प्ले

[06:59:49] सैलरी 40,000 से ज्यादा है। डिस्प्ले एंप्लाइजज़

[06:59:52] एंप्लाइजज़ हुस सैलरी इज़

[06:59:56] मोर देन

[06:59:59] मोर देन 40,000 इसके लिए मैं इसी को कॉपी कर लेती

[07:00:02] 40,000 इसके लिए मैं इसी को कॉपी कर लेती हूं यहां से।

[07:00:09] इसको नाम देना है हमने आई सैलरी।

[07:00:17] इंसर्ट वाली लाइन को हमें हटाना है।

[07:00:22] यहां पे हमें कंडीशन डालनी है इफ

[07:00:25] यहां पे हमें कंडीशन डालनी है इफ एंप्लॉय सैलरी

[07:00:31] इज़ ग्रेटर दैन 40,000

[07:00:34] इज़ ग्रेटर दैन 40,000 देन आपको क्या करना है?

[07:00:37] देन आपको क्या करना है? सेलेक्ट करना है एंप्लॉय नेम। जिनकी भी

[07:00:40] सेलेक्ट करना है एंप्लॉय नेम। जिनकी भी सैलरी 40,000 से ज्यादा होगी उनके नेम और

[07:00:43] सैलरी 40,000 से ज्यादा होगी उनके नेम और सैलरी आ जाएगी। सैलरी

[07:00:48] लगा देंगे हम एंड इफ

[07:00:55] जहां पे सारे एंप्लॉयज़ ऐड जिनकी सैलरी

[07:00:57] जहां पे सारे एंप्लॉयज़ ऐड जिनकी सैलरी 40,000 से ज्यादा थी। हर रोल पे कंडीशन

[07:00:59] 40,000 से ज्यादा थी। हर रोल पे कंडीशन चेक हो रही है। सिर्फ एलिजिबल एंप्लॉय

[07:01:00] चेक हो रही है। सिर्फ एलिजिबल एंप्लॉय प्रिंट हो रहे हैं। यह रियल कांसेप्ट है

[07:01:03] प्रिंट हो रहे हैं। यह रियल कांसेप्ट है रोल लेवल फ़िल्टरिंग का। अभी लास्ट

[07:01:06] रोल लेवल फ़िल्टरिंग का। अभी लास्ट क्वेश्चन है। यह एडवांस लेवल का क्वेश्चन

[07:01:07] क्वेश्चन है। यह एडवांस लेवल का क्वेश्चन है। आपको हर एमंप्लई की सैलरी में

[07:01:09] है। आपको हर एमंप्लई की सैलरी में इंक्रीमेंट करना है। आपको बोनस देना है।

[07:01:13] इंक्रीमेंट करना है। आपको बोनस देना है। गिव 5000 बोनस

[07:01:16] गिव 5000 बोनस टू ईच एंप्लॉय। इसी कोड को हम कॉपी कर

[07:01:19] टू ईच एंप्लॉय। इसी कोड को हम कॉपी कर लेते हैं।

[07:01:21] लेते हैं। यहां पे पेस्ट कर देंगे। इसको मैं नाम दे

[07:01:24] यहां पे पेस्ट कर देंगे। इसको मैं नाम दे देती हूं बोनस।

[07:01:30] यहां पर हमें अपडेट करना है। तो इसमें हम

[07:01:38] अब यहां पर आप एंड लिख के नीचे लिखेंगे

[07:01:40] अब यहां पर आप एंड लिख के नीचे लिखेंगे अपडेट

[07:01:45] एंप्लाइजज़

[07:01:48] सेट सैलरी इक्वल टू एंप्लॉय सैलरी

[07:01:54] सेट सैलरी इक्वल टू एंप्लॉय सैलरी प्लस 5000

[07:01:58] प्लस 5000 वेयर आईडी = एमंप्लॉय आईडी

[07:02:04] इसमें हमको चेंजेस करना है कि यहां पर

[07:02:06] इसमें हमको चेंजेस करना है कि यहां पर हमको ऊपर

[07:02:08] हमको ऊपर डिक्लेअ में हमको नेम के प्लेस पर आईडी

[07:02:11] डिक्लेअ में हमको नेम के प्लेस पर आईडी देनी है।

[07:02:21] इसको भी चेंज करके मैं आईडी कर देता हूं।

[07:02:24] इसको भी चेंज करके मैं आईडी कर देता हूं। अब करेक्ट है।

[07:02:26] अब करेक्ट है। इसको एग्जीक्यूट कराया एंड बोनस को

[07:02:28] इसको एग्जीक्यूट कराया एंड बोनस को एग्जीक्यूट कराया।

[07:02:30] एग्जीक्यूट कराया। तो इसने जितने भी एम्प्लाइज थे सभी की

[07:02:32] तो इसने जितने भी एम्प्लाइज थे सभी की सैलरी में 5000 ऐड कर दिया। अब मैं करूंगी

[07:02:35] सैलरी में 5000 ऐड कर दिया। अब मैं करूंगी सेलेक्ट

[07:02:38] स्टार

[07:02:40] स्टार फ्रॉम

[07:02:43] फ्रॉम एंप्लाइजस।

[07:02:46] तो सभी की सैलरी में ये 5000 इसने ऐड कर

[07:02:50] तो सभी की सैलरी में ये 5000 इसने ऐड कर दिए। अब आपको क्लियरली समझ आ गया होगा

[07:02:53] दिए। अब आपको क्लियरली समझ आ गया होगा कर्सर क्या होता है और कब यूज़ होता है।

[07:02:55] कर्सर क्या होता है और कब यूज़ होता है। एसक्यूएल स्टेटमेंट क्या होते हैं?

[07:02:57] एसक्यूएल स्टेटमेंट क्या होते हैं? एसक्यूएल स्टेटमेंट एक कॉमन कमांड है जो

[07:03:00] एसक्यूएल स्टेटमेंट एक कॉमन कमांड है जो हम डेटाबेस को इंस्ट्रक्शन देने के लिए

[07:03:02] हम डेटाबेस को इंस्ट्रक्शन देने के लिए यूज करते हैं। सिंपल वर्ड्स में बोले तो

[07:03:05] यूज करते हैं। सिंपल वर्ड्स में बोले तो डेटाबेस को क्या काम करना है यह हमें

[07:03:08] डेटाबेस को क्या काम करना है यह हमें एसक्यूएल स्टेटमेंट ही बताता है। एन

[07:03:11] एसक्यूएल स्टेटमेंट ही बताता है। एन एसक्यूएल स्टेटमेंट इज़ इन कमांड यूज्ड टू

[07:03:13] एसक्यूएल स्टेटमेंट इज़ इन कमांड यूज्ड टू इंटैक्ट विद द डेटाबेस टू परफॉर्म ऑपरेशंस

[07:03:15] इंटैक्ट विद द डेटाबेस टू परफॉर्म ऑपरेशंस सच एज क्रिएटिंग, रिट्रीविंग, अपडेटिंग और

[07:03:18] सच एज क्रिएटिंग, रिट्रीविंग, अपडेटिंग और डिलीटिंग डेटा। यह ऑपरेशंस करता है जैसे

[07:03:20] डिलीटिंग डेटा। यह ऑपरेशंस करता है जैसे क्रिएट करना, रिट्राइव करना, अपडेट करना

[07:03:23] क्रिएट करना, रिट्राइव करना, अपडेट करना या फिर डिलीट करना डेटा को। इसके टाइप्स

[07:03:26] या फिर डिलीट करना डेटा को। इसके टाइप्स होते हैं। फाइव टाइप होते हैं। डीडीएल,

[07:03:29] होते हैं। फाइव टाइप होते हैं। डीडीएल, डीएमएल, डीक्यूएल, डीसीएल और टीसीएल। चलिए

[07:03:32] डीएमएल, डीक्यूएल, डीसीएल और टीसीएल। चलिए अब एक-एक करके क्विकली रिवाइज करते हैं।

[07:03:36] अब एक-एक करके क्विकली रिवाइज करते हैं। सबसे पहला हम पढ़ेंगे डीडीएल के बारे में

[07:03:39] सबसे पहला हम पढ़ेंगे डीडीएल के बारे में जिसको हम कहते हैं डेटा डेफिनेशन

[07:03:42] जिसको हम कहते हैं डेटा डेफिनेशन लैंग्वेज। डीडीएल स्टेटमेंट्स आर यूज़्ड टू

[07:03:45] लैंग्वेज। डीडीएल स्टेटमेंट्स आर यूज़्ड टू डिफाइन एंड मैनेज द स्ट्रक्चर ऑफ़ द

[07:03:47] डिफाइन एंड मैनेज द स्ट्रक्चर ऑफ़ द डेटाबेस सच ऐज़ क्रिएटिंग, मॉडिफाई और

[07:03:49] डेटाबेस सच ऐज़ क्रिएटिंग, मॉडिफाई और डिलीटिंग टेबल्स एंड स्कीमाज़।

[07:03:52] डिलीटिंग टेबल्स एंड स्कीमाज़। डीडीएल का यूज होता है स्ट्रक्चर क्रिएट

[07:03:55] डीडीएल का यूज होता है स्ट्रक्चर क्रिएट या मॉडिफाई करने के लिए। मतलब टेबल बनाना,

[07:03:58] या मॉडिफाई करने के लिए। मतलब टेबल बनाना, चेंज करना या डिलीट करना। इसके अंदर आता

[07:04:00] चेंज करना या डिलीट करना। इसके अंदर आता है क्रिएट, ऑल्टर, ड्रॉप, ट्रंकिट, रिनेम।

[07:04:04] है क्रिएट, ऑल्टर, ड्रॉप, ट्रंकिट, रिनेम। तो ये सारे आते हैं डीडीएल के अंदर।

[07:04:06] तो ये सारे आते हैं डीडीएल के अंदर। नेक्स्ट होता है डीएमएम। डेटा मैनपुलेशन

[07:04:10] नेक्स्ट होता है डीएमएम। डेटा मैनपुलेशन लैंग्वेज।

[07:04:12] लैंग्वेज। डीएमएल स्टेटमेंट्स आर यूज़्ड टू मैनपुलेट

[07:04:14] डीएमएल स्टेटमेंट्स आर यूज़्ड टू मैनपुलेट डेटा विद इन द डेटाबेस सच ऐज़ इंसर्टिंग,

[07:04:17] डेटा विद इन द डेटाबेस सच ऐज़ इंसर्टिंग, अपडेटिंग एंड डिलीटिंग रिकॉर्ड्स।

[07:04:20] अपडेटिंग एंड डिलीटिंग रिकॉर्ड्स। डीएमएल का यूज़ होता है डाटा के ऊपर

[07:04:23] डीएमएल का यूज़ होता है डाटा के ऊपर ऑपरेशंस करने के लिए। मतलब अगर डाटा

[07:04:25] ऑपरेशंस करने के लिए। मतलब अगर डाटा इंसर्ट कराना हो, अपडेट कराना हो या डिलीट

[07:04:27] इंसर्ट कराना हो, अपडेट कराना हो या डिलीट कराना हो उसके लिए हम यूज़ करते हैं डीएमएल

[07:04:30] कराना हो उसके लिए हम यूज़ करते हैं डीएमएल का। इसके अंदर स्टेटमेंट्स आते हैं

[07:04:32] का। इसके अंदर स्टेटमेंट्स आते हैं इंसर्ट, अपडेट और डिलीट। जैसे हमें कोई

[07:04:35] इंसर्ट, अपडेट और डिलीट। जैसे हमें कोई वैल्यू इंसर्ट करानी है, तो हम इंसर्ट का

[07:04:38] वैल्यू इंसर्ट करानी है, तो हम इंसर्ट का यूज़ करते हैं। अगर अपडेट करानी है तो हम

[07:04:39] यूज़ करते हैं। अगर अपडेट करानी है तो हम अपडेट का यूज़ करते हैं। और अगर डिलीट

[07:04:42] अपडेट का यूज़ करते हैं। और अगर डिलीट करानी है, तो हम डिलीट का यूज़ करते हैं।

[07:04:44] करानी है, तो हम डिलीट का यूज़ करते हैं। यह सारी चीजें आती है डीएमएल के अंदर

[07:04:46] यह सारी चीजें आती है डीएमएल के अंदर जिसमें हम डाटा को मैनपुलेट करते हैं।

[07:04:50] जिसमें हम डाटा को मैनपुलेट करते हैं। नेक्स्ट होता है डीक्यूएल। डीक्यूएल

[07:04:52] नेक्स्ट होता है डीक्यूएल। डीक्यूएल स्टैंड्स फॉर डेटा क्वरी लैंग्वेज।

[07:04:55] स्टैंड्स फॉर डेटा क्वरी लैंग्वेज। डीक्यूएल स्टेटमेंट्स आर यूज्ड टू रीडराइट

[07:04:57] डीक्यूएल स्टेटमेंट्स आर यूज्ड टू रीडराइट डेटा फ्रॉम द डेटाबेस यूजिंग क्वेरीज़।

[07:05:00] डेटा फ्रॉम द डेटाबेस यूजिंग क्वेरीज़। डीक्यूएल का यूज़ होता है डेटा पैच करने के

[07:05:03] डीक्यूएल का यूज़ होता है डेटा पैच करने के लिए। सबसे इंपॉर्टेंट और मोस्ट यूज़्ड

[07:05:05] लिए। सबसे इंपॉर्टेंट और मोस्ट यूज़्ड स्टेटमेंट है यह।

[07:05:09] स्टेटमेंट है यह। इसके अंदर आता है सेलेक्ट। जैसे कि हम

[07:05:11] इसके अंदर आता है सेलेक्ट। जैसे कि हम लिखते हैं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट।

[07:05:13] लिखते हैं सेलेक्ट स्टार फ्रॉम स्टूडेंट। यहां हम टेबल का डेटा देख रहे हैं। तो ये

[07:05:16] यहां हम टेबल का डेटा देख रहे हैं। तो ये था डेटा क्वरी लैंग्वेज। नेक्स्ट होता है

[07:05:19] था डेटा क्वरी लैंग्वेज। नेक्स्ट होता है डीसीएल। डेटा कंट्रोल लैंग्वेज। डीसीएल

[07:05:23] डीसीएल। डेटा कंट्रोल लैंग्वेज। डीसीएल स्टेटमेंट्स आर यूज्ड टू कंट्रोल एक्सेस

[07:05:25] स्टेटमेंट्स आर यूज्ड टू कंट्रोल एक्सेस एंड परमिशंस फॉर यूजर इन द डेटाबेस।

[07:05:28] एंड परमिशंस फॉर यूजर इन द डेटाबेस। डीसीएल का यूज़ होता है परमिशन मैनेज करने

[07:05:30] डीसीएल का यूज़ होता है परमिशन मैनेज करने के लिए। मतलब कौन यूजर क्या एक्सेस कर

[07:05:33] के लिए। मतलब कौन यूजर क्या एक्सेस कर सकता है, उसके लिए। इसमें आते हैं ग्रांट

[07:05:35] सकता है, उसके लिए। इसमें आते हैं ग्रांट एंड रिवोक। यह मोस्टली एडमिन लेवल पर यूज

[07:05:38] एंड रिवोक। यह मोस्टली एडमिन लेवल पर यूज होता है।

[07:05:41] होता है। लास्ट होता है ट्रांजैक्शन कंट्रोल

[07:05:43] लास्ट होता है ट्रांजैक्शन कंट्रोल लैंग्वेज टीसीएल। टीसीएस स्टेटमेंट्स आर

[07:05:46] लैंग्वेज टीसीएल। टीसीएस स्टेटमेंट्स आर यूज्ड टू मैनेज ट्रांजैक्शंस इन द डेटाबेस

[07:05:49] यूज्ड टू मैनेज ट्रांजैक्शंस इन द डेटाबेस इन शोइंग डेटा इंटीग्रिटी थ्रू ऑपरेशंस

[07:05:51] इन शोइंग डेटा इंटीग्रिटी थ्रू ऑपरेशंस लाइक कमिट एंड रोल बैकक। ट्रांजैक्शन का

[07:05:54] लाइक कमिट एंड रोल बैकक। ट्रांजैक्शन का मतलब होता है क्वेरीज़ का ग्रुप। और टीसीएल

[07:05:58] मतलब होता है क्वेरीज़ का ग्रुप। और टीसीएल का यूज़ होता है उन्हें कंट्रोल करने के

[07:06:00] का यूज़ होता है उन्हें कंट्रोल करने के लिए। इसमें आते हैं कमिट, रोल बैक और सेव

[07:06:02] लिए। इसमें आते हैं कमिट, रोल बैक और सेव पॉइंट्स। अगर कोई मिस्टेक हो जाए तो डोंट

[07:06:04] पॉइंट्स। अगर कोई मिस्टेक हो जाए तो डोंट बैक करके डाटा वापस आ जाता है। हम पढ़

[07:06:07] बैक करके डाटा वापस आ जाता है। हम पढ़ चुके हैं इन सभी के बारे में। अभी मैंने

[07:06:11] चुके हैं इन सभी के बारे में। अभी मैंने यहां पे शॉर्ट समरी दी है। डीडीएल के अंदर

[07:06:13] यहां पे शॉर्ट समरी दी है। डीडीएल के अंदर आता है क्रिएट ऑल्टर ड्रॉप। डीएमएल के

[07:06:16] आता है क्रिएट ऑल्टर ड्रॉप। डीएमएल के अंदर आता है इंसर्ट, अपडेट, डिलीट।

[07:06:18] अंदर आता है इंसर्ट, अपडेट, डिलीट। डीक्यूएल के अंदर आता है सेलेक्ट। डीसीएल

[07:06:21] डीक्यूएल के अंदर आता है सेलेक्ट। डीसीएल के अंदर आता है ग्रांट, रिवोक और टीसीएल

[07:06:24] के अंदर आता है ग्रांट, रिवोक और टीसीएल के अंदर आता है कमिट और रोल बैक। अब एक

[07:06:27] के अंदर आता है कमिट और रोल बैक। अब एक सिंपल रियल लाइफ एग्जांपल से समझते हैं।

[07:06:29] सिंपल रियल लाइफ एग्जांपल से समझते हैं। सोचो डेटाबेस एक बैंक सिस्टम है। डीडीएल

[07:06:33] सोचो डेटाबेस एक बैंक सिस्टम है। डीडीएल क्या है? यह बैंक अकाउंट बनाना मतलब

[07:06:36] क्या है? यह बैंक अकाउंट बनाना मतलब स्ट्रक्चर क्रिएट करना है। डीएमएल क्या

[07:06:39] स्ट्रक्चर क्रिएट करना है। डीएमएल क्या है? यह पैसा डिपॉजिट करना या विथड्रॉ

[07:06:41] है? यह पैसा डिपॉजिट करना या विथड्रॉ करना। मतलब डाटा चेंज करना। डीक्यूएल क्या

[07:06:45] करना। मतलब डाटा चेंज करना। डीक्यूएल क्या है? बैलेंस चेक करना। डाटा को फर्च करना।

[07:06:48] है? बैलेंस चेक करना। डाटा को फर्च करना। डीसीएल क्या है? कौन एक्सेस करेगा? उसकी

[07:06:51] डीसीएल क्या है? कौन एक्सेस करेगा? उसकी परमिशन देना। ग्रांट या रिवो। ईसीएल क्या

[07:06:54] परमिशन देना। ग्रांट या रिवो। ईसीएल क्या है? ट्रांजैक्शन कंफर्म या कैंसिल करना

[07:06:56] है? ट्रांजैक्शन कंफर्म या कैंसिल करना मतलब कमिट करना या फिर रोल बैक करना। अब

[07:07:00] मतलब कमिट करना या फिर रोल बैक करना। अब पूरा कांसेप्ट आपको एकदम क्लियर हो गया

[07:07:02] पूरा कांसेप्ट आपको एकदम क्लियर हो गया होगा। तो अभी हमने काफी इंपॉर्टेंट

[07:07:04] होगा। तो अभी हमने काफी इंपॉर्टेंट टॉपिक्स कवर कर लिए हैं। नॉर्मलाइजेशन,

[07:07:07] टॉपिक्स कवर कर लिए हैं। नॉर्मलाइजेशन, जॉइंट, इंडेक्सेस, स्टोर प्रोसीजर, कर्सर,

[07:07:09] जॉइंट, इंडेक्सेस, स्टोर प्रोसीजर, कर्सर, ट्रिगर। और एक चीज आपने नोटिस की होगी कि

[07:07:12] ट्रिगर। और एक चीज आपने नोटिस की होगी कि हर जगह हम एक ही चीज फॉलो कर रहे हैं डेटा

[07:07:15] हर जगह हम एक ही चीज फॉलो कर रहे हैं डेटा रिडंडेंसी को कम करना। मतलब डेटा को

[07:07:18] रिडंडेंसी को कम करना। मतलब डेटा को क्लीन, ऑर्गेनाइज़्ड और कंसिस्टेंस बनाना।

[07:07:21] क्लीन, ऑर्गेनाइज़्ड और कंसिस्टेंस बनाना। बट रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन में एक

[07:07:23] बट रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन में एक इंटरेस्टिंग ट्विस्ट आता है। कभी-कभी हम

[07:07:25] इंटरेस्टिंग ट्विस्ट आता है। कभी-कभी हम इंटेंशनरी डाटा को डुप्लीकेट करते हैं।

[07:07:28] इंटेंशनरी डाटा को डुप्लीकेट करते हैं। यस। और इस कांसेप्ट को कहते हैं

[07:07:31] यस। और इस कांसेप्ट को कहते हैं डिनॉर्मलाइजेशन। इंटरव्यू में

[07:07:33] डिनॉर्मलाइजेशन। इंटरव्यू में डिनॉर्मलाइजेशन और नॉर्मलाइजेशन का

[07:07:35] डिनॉर्मलाइजेशन और नॉर्मलाइजेशन का डिफरेंस काफी पूछा जाता है। सबसे पहले हम

[07:07:38] डिफरेंस काफी पूछा जाता है। सबसे पहले हम समझते हैं व्हाट इज़ डिनॉर्मलाइजेशन?

[07:07:41] समझते हैं व्हाट इज़ डिनॉर्मलाइजेशन? डिनॉर्मलाइजेशन इज़ द प्रोसेस ऑफ़ इंटेंशनली

[07:07:44] डिनॉर्मलाइजेशन इज़ द प्रोसेस ऑफ़ इंटेंशनली एडिंग रिडंडेंट डेटा।

[07:07:47] एडिंग रिडंडेंट डेटा। रिटेंडेंट मतलब होता है डुप्लीकेट टू अ

[07:07:50] रिटेंडेंट मतलब होता है डुप्लीकेट टू अ डेटाबेस बाय कंबाइनिंग टेबल्स और

[07:07:52] डेटाबेस बाय कंबाइनिंग टेबल्स और डुप्लीकेटिंग डाटा टू इंप्रूव क्वरी

[07:07:54] डुप्लीकेटिंग डाटा टू इंप्रूव क्वरी परफॉर्मेंस एंड रिड्यूस कॉम्प्लेक्स

[07:07:56] परफॉर्मेंस एंड रिड्यूस कॉम्प्लेक्स जॉइंट। अब इसको सिंपल लैंग्वेज में समझते

[07:07:59] जॉइंट। अब इसको सिंपल लैंग्वेज में समझते हैं। नॉर्मलाइजेशन में क्या करते थे हम?

[07:08:01] हैं। नॉर्मलाइजेशन में क्या करते थे हम? टेबल्स को ब्रेक करते और डुप्लीकेट डेटा

[07:08:04] टेबल्स को ब्रेक करते और डुप्लीकेट डेटा हटा देते थे।

[07:08:06] हटा देते थे। लेकिन डीनॉर्मलाइजेशन में क्या करते हैं?

[07:08:08] लेकिन डीनॉर्मलाइजेशन में क्या करते हैं? हम टेबल्स को कंबाइन कर देते हैं और

[07:08:10] हम टेबल्स को कंबाइन कर देते हैं और डुप्लीकेट डेटा इंटेंशनली ऐड कर देते हैं।

[07:08:14] डुप्लीकेट डेटा इंटेंशनली ऐड कर देते हैं। डिनॉर्मलाइजेशन इज़ नॉट अ मिस्टेक। इट इज़ अ

[07:08:16] डिनॉर्मलाइजेशन इज़ नॉट अ मिस्टेक। इट इज़ अ स्ट्रेटजी। नॉर्मलाइज़ेशन रिमूव्स

[07:08:19] स्ट्रेटजी। नॉर्मलाइज़ेशन रिमूव्स रिडंडेंसी फॉर बेटर डिज़ाइन डिनॉर्मलाइज़ेशन

[07:08:23] रिडंडेंसी फॉर बेटर डिज़ाइन डिनॉर्मलाइज़ेशन एट सम रिडंडेंसी फॉर फास्टर परफॉर्मेंस।

[07:08:27] एट सम रिडंडेंसी फॉर फास्टर परफॉर्मेंस। अब आप सोच रहे होंगे कि व्हाई

[07:08:30] अब आप सोच रहे होंगे कि व्हाई डिनॉर्मलाइजेशन एग्ज़िस्ट? जब नॉर्मलाइज़ेशन

[07:08:33] डिनॉर्मलाइजेशन एग्ज़िस्ट? जब नॉर्मलाइज़ेशन बेस्ट प्रैक्टिस है तो फिर डिनॉर्मलाइजेशन

[07:08:36] बेस्ट प्रैक्टिस है तो फिर डिनॉर्मलाइजेशन की जरूरत ही क्यों पड़ी? इसका आंसर है

[07:08:38] की जरूरत ही क्यों पड़ी? इसका आंसर है परफॉर्मेंस। समझने के लिए एक सिचुएशन

[07:08:40] परफॉर्मेंस। समझने के लिए एक सिचुएशन इमेजिन करो। आपके पास मिलियंस ऑफ रिकॉर्ड

[07:08:43] इमेजिन करो। आपके पास मिलियंस ऑफ रिकॉर्ड है और आपको बार-बार डाटा फैच करना है

[07:08:46] है और आपको बार-बार डाटा फैच करना है यूजिंग जॉइंस। हर क्वेरी में मल्टीपल

[07:08:48] यूजिंग जॉइंस। हर क्वेरी में मल्टीपल जॉइंट लगेंगे। क्वेरी स्लो हो जाएगी।

[07:08:50] जॉइंट लगेंगे। क्वेरी स्लो हो जाएगी। सिस्टम परफॉर्मेंस डिग्रेड हो जाएगा। तो

[07:08:53] सिस्टम परफॉर्मेंस डिग्रेड हो जाएगा। तो इसका सॉल्यूशन क्या है? इसका सॉल्यूशन है

[07:08:55] इसका सॉल्यूशन क्या है? इसका सॉल्यूशन है डेटा को पहले से ही कंबाइन करके रख लो

[07:08:58] डेटा को पहले से ही कंबाइन करके रख लो ताकि क्वेरी सिंपल हो जाए। इसका रिजल्ट

[07:09:01] ताकि क्वेरी सिंपल हो जाए। इसका रिजल्ट होगा फास्टर रीट्स होंगे और बेटर

[07:09:03] होगा फास्टर रीट्स होंगे और बेटर परफॉर्मेंस होगी।

[07:09:05] परफॉर्मेंस होगी। चलो एक प्रॉपर एग्जांपल समझते हैं।

[07:09:09] चलो एक प्रॉपर एग्जांपल समझते हैं। हमारे पास एक टेबल है कस्टमर का। यह

[07:09:12] हमारे पास एक टेबल है कस्टमर का। यह नॉर्मलाइज्ड स्ट्रक्चर है। इसमें आईडी है

[07:09:15] नॉर्मलाइज्ड स्ट्रक्चर है। इसमें आईडी है और नेम है। यहां पे हमारे पास तीन कस्टमर

[07:09:17] और नेम है। यहां पे हमारे पास तीन कस्टमर है। रुचि, सिया एंड प्रतिभा।

[07:09:20] है। रुचि, सिया एंड प्रतिभा। हमारे पास दूसरा टेबल है ऑर्डर्स का।

[07:09:22] हमारे पास दूसरा टेबल है ऑर्डर्स का। इसमें ऑर्डर आईडी है, कस्टमर आईडी है,

[07:09:24] इसमें ऑर्डर आईडी है, कस्टमर आईडी है, अमाउंट है।

[07:09:27] अमाउंट है। यहां क्या हो रहा है? कस्टमर डाटा अलग

[07:09:29] यहां क्या हो रहा है? कस्टमर डाटा अलग टेबल में है और ऑर्डर अलग टेबल में है।

[07:09:32] टेबल में है और ऑर्डर अलग टेबल में है। रिलेशनशिप मेंटेन हो रही है यूजिंग फॉरेन

[07:09:35] रिलेशनशिप मेंटेन हो रही है यूजिंग फॉरेन की। यह है नॉर्मलाइज्ड डिज़। अब इसका हम

[07:09:39] की। यह है नॉर्मलाइज्ड डिज़। अब इसका हम डेटा फैच करेंगे जॉइन का यूज़ करके।

[07:09:43] डेटा फैच करेंगे जॉइन का यूज़ करके। अगर हमें जैसे आउटपुट चाहिए कस्टमर का नेम

[07:09:46] अगर हमें जैसे आउटपुट चाहिए कस्टमर का नेम प्लस ऑर्डर अमाउंट तो हम जॉइन यूज़ करेंगे।

[07:09:49] प्लस ऑर्डर अमाउंट तो हम जॉइन यूज़ करेंगे। इसके लिए हम क्वेरी लिखेंगे सेलेक्ट C डॉट

[07:09:52] इसके लिए हम क्वेरी लिखेंगे सेलेक्ट C डॉट नेम

[07:09:54] नेम O डॉट अमाउंट फ्रॉम कस्टमर। नेम चाहिए और

[07:09:57] O डॉट अमाउंट फ्रॉम कस्टमर। नेम चाहिए और अमाउंट चाहिए। C मतलब यह हमने कस्टमर को C

[07:10:01] अमाउंट चाहिए। C मतलब यह हमने कस्टमर को C नाम दिया है और ऑर्डर को नाम दिया है O

[07:10:04] नाम दिया है और ऑर्डर को नाम दिया है O कस्टमर C और जॉइन करना है इसको ऑर्डर O से

[07:10:07] कस्टमर C और जॉइन करना है इसको ऑर्डर O से ऑन C डॉट आईडी = O डॉट कस्टमर आईडी। यह

[07:10:12] ऑन C डॉट आईडी = O डॉट कस्टमर आईडी। यह क्वेरी सही है। बट प्रॉब्लम कब आएगी? जब

[07:10:14] क्वेरी सही है। बट प्रॉब्लम कब आएगी? जब डेटा बहुत बड़ा हो और जॉइन हैवी हो जाए।

[07:10:17] डेटा बहुत बड़ा हो और जॉइन हैवी हो जाए। अभी हम देखेंगे डिनॉर्मलाइज़्ड स्ट्रक्चर।

[07:10:21] अभी हम देखेंगे डिनॉर्मलाइज़्ड स्ट्रक्चर। अब हम क्या करते हैं? टेबल को कंबाइन कर

[07:10:23] अब हम क्या करते हैं? टेबल को कंबाइन कर देते हैं ऑर्डर्स को। तो इसमें है ऑर्डर

[07:10:25] देते हैं ऑर्डर्स को। तो इसमें है ऑर्डर आईडी, कस्टमर का नेम एंड अमाउंट। आपने

[07:10:28] आईडी, कस्टमर का नेम एंड अमाउंट। आपने यहां पे नोटिस किया होगा कि हमने कस्टमर

[07:10:30] यहां पे नोटिस किया होगा कि हमने कस्टमर आईडी हटा दी है। डायरेक्ट कस्टमर नेम

[07:10:32] आईडी हटा दी है। डायरेक्ट कस्टमर नेम स्टोर कर दिया है। यहां पे क्या हुआ? यहां

[07:10:34] स्टोर कर दिया है। यहां पे क्या हुआ? यहां पे डेटा डुप्लीकेट हो गया लेकिन जॉइन की

[07:10:38] पे डेटा डुप्लीकेट हो गया लेकिन जॉइन की जरूरत खत्म हो गई। इसका रिजल्ट है कि

[07:10:42] जरूरत खत्म हो गई। इसका रिजल्ट है कि क्वेरी अब सिंपल हो जाएगी। अब आपको बस

[07:10:45] क्वेरी अब सिंपल हो जाएगी। अब आपको बस करना होगा सेलेक्ट कस्टमर नेम, अमाउंट्स

[07:10:48] करना होगा सेलेक्ट कस्टमर नेम, अमाउंट्स ऑन ऑर्डर्स। इसमें कोई भी जॉइ की जरूरत

[07:10:51] ऑन ऑर्डर्स। इसमें कोई भी जॉइ की जरूरत नहीं पड़ी और एग्जीक्यूशन फास्ट हो गया।

[07:10:55] नहीं पड़ी और एग्जीक्यूशन फास्ट हो गया। यही है डिनॉर्मलाइजेशन का बेनिफिट।

[07:10:59] यही है डिनॉर्मलाइजेशन का बेनिफिट। अब एक क्लियर कंपैरिजन समझते हैं।

[07:11:01] अब एक क्लियर कंपैरिजन समझते हैं। नॉर्मलाइजेशन का गोल क्या है? डेटा को

[07:11:04] नॉर्मलाइजेशन का गोल क्या है? डेटा को क्लीन और कंसिस्टेंट बनाना।

[07:11:06] क्लीन और कंसिस्टेंट बनाना। डिनॉर्मलाइजेशन का गोल क्या है? इसका गोल

[07:11:09] डिनॉर्मलाइजेशन का गोल क्या है? इसका गोल है परफॉर्मेंस को इंप्रूव करना। सिंपल

[07:11:12] है परफॉर्मेंस को इंप्रूव करना। सिंपल लाइन में बोले तो नॉर्मलाइजेशन इज़ इक्वल

[07:11:15] लाइन में बोले तो नॉर्मलाइजेशन इज़ इक्वल टू डेटा इंट्रिगटी। मतलब डेटा क्लीन और

[07:11:18] टू डेटा इंट्रिगटी। मतलब डेटा क्लीन और कंसिस्टेंट रहे। और डिनॉर्मिलाइजेशन मतलब

[07:11:20] कंसिस्टेंट रहे। और डिनॉर्मिलाइजेशन मतलब क्वेरी परफॉर्मेंस। परफॉर्मेंस इंप्रूव

[07:11:22] क्वेरी परफॉर्मेंस। परफॉर्मेंस इंप्रूव होती है।

[07:11:25] होती है। अब बात करते हैं रियल वर्ल्ड की।

[07:11:28] अब बात करते हैं रियल वर्ल्ड की। डिनॉर्मिलाइजेशन कहां यूज़ होता है?

[07:11:30] डिनॉर्मिलाइजेशन कहां यूज़ होता है? ई-कॉमर्स वेबसाइट में जब आपको प्रोडक्ट

[07:11:32] ई-कॉमर्स वेबसाइट में जब आपको प्रोडक्ट लिस्टिंग फास्ट दिखाना होता है तब,

[07:11:35] लिस्टिंग फास्ट दिखाना होता है तब, एनालिटिक डैशबोर्ड में जब रिपोर्ट

[07:11:37] एनालिटिक डैशबोर्ड में जब रिपोर्ट इंस्टेंटली लोड होनी चाहिए तब, डाटा वेयर

[07:11:40] इंस्टेंटली लोड होनी चाहिए तब, डाटा वेयर हाउस में जब कॉम्प्लेक्स जॉइन अवॉइड करना

[07:11:43] हाउस में जब कॉम्प्लेक्स जॉइन अवॉइड करना हो तब।

[07:11:45] हो तब। आप जब Flipkart या Amazon ओपन करते हो तो

[07:11:47] आप जब Flipkart या Amazon ओपन करते हो तो वह हर बार जॉइ नहीं करते हैं। बहुत जगह

[07:11:50] वह हर बार जॉइ नहीं करते हैं। बहुत जगह डिनॉर्मलाइज डाटा यूज होता है। अभी इसके

[07:11:54] डिनॉर्मलाइज डाटा यूज होता है। अभी इसके एडवांटेजेस क्या-क्या हैं?

[07:11:56] एडवांटेजेस क्या-क्या हैं? डिनॉर्मिलाइजेशन के बेनिफिट्स समझते हैं।

[07:11:58] डिनॉर्मिलाइजेशन के बेनिफिट्स समझते हैं। सबसे पहला क्या है कि फास्ट डाटा रिटाइवल

[07:12:01] सबसे पहला क्या है कि फास्ट डाटा रिटाइवल है, लेस कॉम्प्लेक्स क्वेरीज़ है एंड नो

[07:12:03] है, लेस कॉम्प्लेक्स क्वेरीज़ है एंड नो हैवी जॉइन ऑपरेशन। मतलब सिस्टम फास्ट हो

[07:12:06] हैवी जॉइन ऑपरेशन। मतलब सिस्टम फास्ट हो जाता है। इसके डिसएडवांटेजेस क्या हैं?

[07:12:10] जाता है। इसके डिसएडवांटेजेस क्या हैं? उसके अब हम ड्रॉबक समझते हैं। इससे डाटा

[07:12:13] उसके अब हम ड्रॉबक समझते हैं। इससे डाटा रिडंडेंसी होती है। मतलब डुप्लीकेट डाटा

[07:12:15] रिडंडेंसी होती है। मतलब डुप्लीकेट डाटा आता है और अपडेट करना डिफिकल्ट हो जाता

[07:12:18] आता है और अपडेट करना डिफिकल्ट हो जाता है। साथ ही डाटा इनकंसिस्टेंसी का रिस्क

[07:12:21] है। साथ ही डाटा इनकंसिस्टेंसी का रिस्क होता है। अगर कस्टमर का नाम चेंज हो गया

[07:12:24] होता है। अगर कस्टमर का नाम चेंज हो गया तो हर रो अपडेट करनी पड़ेगी। अब सबसे

[07:12:27] तो हर रो अपडेट करनी पड़ेगी। अब सबसे प्रैक्टिकल पार्ट यूज़ डिनॉर्मलाइजेशन

[07:12:30] प्रैक्टिकल पार्ट यूज़ डिनॉर्मलाइजेशन व्हेन रीड ऑपरेशन ज्यादा हो, परफॉर्मेंस

[07:12:33] व्हेन रीड ऑपरेशन ज्यादा हो, परफॉर्मेंस क्रिटिकल हो और रिपोर्टिंग सिस्टम हो। इसे

[07:12:36] क्रिटिकल हो और रिपोर्टिंग सिस्टम हो। इसे हमें अवॉइड करना है जब डाटा फ्रीक्वेंसी

[07:12:38] हमें अवॉइड करना है जब डाटा फ्रीक्वेंसी अपडेट होता हो और डाटा कंसिस्टेंसी

[07:12:41] अपडेट होता हो और डाटा कंसिस्टेंसी इंपॉर्टेंट हो। अगर इंटरव्यू में पूछा जाए

[07:12:44] इंपॉर्टेंट हो। अगर इंटरव्यू में पूछा जाए व्हाट इज़ डिनॉर्मलाइजेशन? तो आप बोल सकते

[07:12:46] व्हाट इज़ डिनॉर्मलाइजेशन? तो आप बोल सकते हो डिनॉर्मलाइजेशन इज़ अ टेक्निक यूज्ड टू

[07:12:49] हो डिनॉर्मलाइजेशन इज़ अ टेक्निक यूज्ड टू इंप्रूव परफॉर्मेंस बाय एडिंग रिडंडेंट

[07:12:53] इंप्रूव परफॉर्मेंस बाय एडिंग रिडंडेंट डेटा एंड प्रोड्यूसिंग जॉइन ऑपरेशन। इट इज़

[07:12:55] डेटा एंड प्रोड्यूसिंग जॉइन ऑपरेशन। इट इज़ मेनली यूज़्ड इन रीड हैवी सिस्टम। अब आपके

[07:12:59] मेनली यूज़्ड इन रीड हैवी सिस्टम। अब आपके लिए एक टास्क है। आपको क्या करना है? एक

[07:13:01] लिए एक टास्क है। आपको क्या करना है? एक नॉर्मलाइज्ड डेटाबेस डिजाइन करना है

[07:13:04] नॉर्मलाइज्ड डेटाबेस डिजाइन करना है जिसमें होगा कस्टमर प्लस ऑर्डर उसको

[07:13:07] जिसमें होगा कस्टमर प्लस ऑर्डर उसको डिनॉर्मलाइज्ड फॉर्म में कन्वर्ट करना है

[07:13:09] डिनॉर्मलाइज्ड फॉर्म में कन्वर्ट करना है और कंपेयर करो क्वेरी कॉम्प्लेक्सिटी और

[07:13:12] और कंपेयर करो क्वेरी कॉम्प्लेक्सिटी और परफॉर्मेंस डिफरेंस कमेंट में शेयर जरूर

[07:13:14] परफॉर्मेंस डिफरेंस कमेंट में शेयर जरूर करना अगर आपको यह वीडियो हेल्पफुल लगा हो

[07:13:17] करना अगर आपको यह वीडियो हेल्पफुल लगा हो तो लाइक करो शेयर करो और चैनल को

[07:13:20] तो लाइक करो शेयर करो और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करो मिलते हैं नेक्स्ट

[07:13:22] सब्सक्राइब जरूर करो मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में टिल देन कीप लर्निंग कीप

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