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پُرانے مَندِر کی چُڑیل 😨 | Real Horror Story | Haunted Temple Story Urdu

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A man named Faisal buys ancestral land in Pakistan that is rumored to be haunted by a "chudail" (witch) due to its proximity to an old temple. Despite warnings and strange occurrences, he insists on staying overnight, which leads to terrifying encounters and his wife becoming possessed.

Full Transcript (Bilingual)

https://www.youtube.com/watch?v=OGa7-XYgJnY
Translation: en

[00:01] इमेजिन करें आप रात में एक सफर कर रहे
Imagine you are traveling at night

[00:05] इमेजिन करें आप रात में एक सफर कर रहे हैं।
Imagine you are traveling at night.

[00:05] आप अकेले हैं और रोड बिल्कुल सुनसान हैं।
You are alone and the road is completely deserted.

[00:08] आप अकेले हैं और रोड बिल्कुल सुनसान है।
You are alone and the road is completely deserted.

[00:08] ना दूर तक बंदा है ना बंदे की साथ और है।
There is no one for miles, nor any companion.

[00:11] ना दूर तक बंदा है ना बंदे की साथ और सिर्फ आपकी गाड़ी है और सामने हेडलाइट की
There is no one for miles, nor any companion, only your car and the headlights in front.

[00:14] सिर्फ आपकी गाड़ी है और सामने हेडलाइट की रोशनी है।
Only your car and the headlights' light are in front.

[00:14] अगर आप साइड व्यू मिरर से देखते
If you look in the side-view mirror

[00:17] रोशनी है। अगर आप साइड व्यू मिरर से देखते हैं तो आपकी गाड़ी की बैक लाइट आपको बस
there is light. If you look in the side-view mirror, you will only see your car's taillights

[00:20] हैं तो आपकी गाड़ी की बैक लाइट आपको बस उसी की रेड लाइट नजर आए और कोई भी नहीं
and no one else.

[00:23] उसी की रेड लाइट नजर आए और कोई भी नहीं है।
You see only its red light and no one else.

[00:23] इतना सन्नाटा कि अब आपको खौफ आने लगे
It's so quiet that you start to feel scared

[00:26] है। इतना सन्नाटा कि अब आपको खौफ आने लगे और फिर आपकी हेडलाइट पे अचानक कोई आदमी
and then suddenly a person appears in your headlights.

[00:29] और फिर आपकी हेडलाइट पे अचानक कोई आदमी नमूदार होता है और एक पलक झपकते ही वो
And a person appears in your headlights and disappears in the blink of an eye.

[00:32] नमूदार होता है और एक पलक झपकते ही वो गायब हो जाए और फिर थोड़ी देर बाद वही
Disappears in the blink of an eye, and then after a while, the same person

[00:34] गायब हो जाए और फिर थोड़ी देर बाद वही आपके रियर व्यू मिरर में पीछे दिखाई दें।
appears behind you in your rear-view mirror.

[00:36] आपके रियर व्यू मिरर में पीछे दिखाई दें।
Appears behind you in your rear-view mirror.

[00:36] ऐसे बहुत से खौफनाक वाक्यात मैं इस चैनल
I have already uploaded many such scary incidents on this channel.

[00:39] ऐसे बहुत से खौफनाक वाक्यात मैं इस चैनल पे ऑलरेडी अपलोड कर चुका हूं।
I have already uploaded many such scary incidents on this channel.

[00:39] तो इसलिए
So therefore

[00:41] पे ऑलरेडी अपलोड कर चुका हूं। तो इसलिए चैनल को सब्सक्राइब कर लें और बेल आइकन को
I have already uploaded. So subscribe to the channel and press the bell icon

[00:43] चैनल को सब्सक्राइब कर लें और बेल आइकन को प्रेस कर लें ताकि मेरी स्टोरीज के
Subscribe to the channel and press the bell icon so that my stories'

[00:45] प्रेस कर लें ताकि मेरी स्टोरीज के नोटिफिकेशंस आप तक पहुंचते रहा करें।
notifications reach you.

[00:47] नोटिफिकेशंस आप तक पहुंचते रहा करें। आज
Notifications reach you. Today

[00:47] आज की स्टोरी शुरू करने से पहले एक लम्हे के
Before starting today's story, let's be silent for a moment

[00:50] की स्टोरी शुरू करने से पहले एक लम्हे के लिए खामोश हो जाएं और अपने आसपास की
and listen to the silence around you.

[00:52] लिए खामोश हो जाएं और अपने आसपास की खामोशी को सुने।
Listen to the silence around you.

[00:52] क्या वाकई सब कुछ ठीक है
Is everything really okay

[00:55] खामोशी को सुने। क्या वाकई सब कुछ ठीक है या कुछ ऐसा भी है जो अभी तक आपने नोटिस
or is there something you haven't noticed yet?

[00:57] या कुछ ऐसा भी है जो अभी तक आपने नोटिस नहीं किया था?
Or is there something you haven't noticed yet?

[00:57] खैर स्टोरी शुरू करते हैं।
Well, let's start the story.

[01:00] नहीं किया था? खैर स्टोरी शुरू करते हैं।
Haven't noticed? Well, let's start the story.

[01:00] आयतुल कुर्सी का इज़हार कर लें ताकि आपको
Recite Ayatul Kursi so that you

[01:02] आयतुल कुर्सी का इज़हार कर लें ताकि आपको डर ना लगे।
Recite Ayat al-Kursi so that you do not feel fear.

[01:02] चलते हैं अपनी स्टोरीज की तरफ।
Let's move on to our stories.

[01:08] [संगीत]
[Music]

[01:13] आज का यह वाक्या हमें हमारे एक सब्सक्राइबर ने शेयर किया।
Today's incident was shared with us by one of our subscribers.

[01:16] चलते हैं इनकी स्टोरी इन्हीं की जुबानी सुनते हैं।
Let's hear their story in their own words.

[01:18] मेरा नाम फैसल है और मैं पिछले 15 साल से अमेरिका में रह रहा हूं।
My name is Faisal and I have been living in America for the past 15 years.

[01:21] फैमिली भी वहीं सेट थी।
My family was also settled there.

[01:23] मेरी बीवी बड़ा बेटा मुस्तफा अरहम और सबसे छोटी बेटी मरियम।
My wife, elder son Mustafa, Arham, and youngest daughter Mariam.

[01:26] पाकिस्तान से ताल्लुक हमारा पंजाब के छोटे गांव से था।
Our connection to Pakistan was from a small village in Punjab.

[01:31] लेकिन हम लोग सालों से सिर्फ फोन कॉल्स, ईद पर मुबारक और कभी कबभार किसी फौत की या शादी की खबर तक महदूद हो गए थे।
But for years, we had been limited to just phone calls, Eid greetings, and occasional news of a death or wedding.

[01:34] मेरे वालिद साहब के इंतकाल के बाद गांव वाली जमीन मेरे नाम आ गई।
After my father's passing, the village land came into my name.

[01:39] कागजों में जमीन अच्छी खासी थी।
On paper, the land was quite substantial.

[01:41] लेकिन मसला यह था कि वो जमीन कई साल से बंजर पड़ी थी।
But the problem was that the land had been lying barren for many years.

[01:45] ना वहां फसल होती थी ना कोई ठेके
Neither crops grew there nor any contract

[02:04] पड़ी थी।
It was lying there.

[02:04] ना वहां फसल होती थी ना कोई ठेके पर लेता था।
Neither crops grew there nor did anyone lease it.

[02:07] मैंने शुरू में समझा कि शायद जमीन खराब होगी, पानी का मसला होगा या गांव वाले वैसे ही जिद्दी किस्म के होंगे।
In the beginning, I thought maybe the land was bad, there was a water problem, or the villagers were just stubborn.

[02:14] लेकिन जब भी मैं फोन पर किसी रिश्तेदार से बात करता तो एक ही बात कहता फैसल पुत्त वो जमीन बेचनी आसान नहीं।
But whenever I spoke to a relative on the phone, they would say the same thing, 'Faisal, son, it's not easy to sell that land.'

[02:21] मैं पूछता क्यों?
I would ask why?

[02:26] तो जवाब आता बस लोग डरते हैं।
The answer would be, 'People are just scared.'

[02:29] यह बस वाली बात मुझे हमेशा अजीब लगती थी।
This 'just scared' thing always seemed strange to me.

[02:32] आखिर में मैंने खुद फैसला किया कि मैं खुद पाकिस्तान जाऊंगा।
Finally, I decided myself that I would go to Pakistan myself.

[02:34] फैमिली को भी साथ ले जाऊंगा।
I will take the family along too.

[02:37] मेरी वाइफ ने कहा इतने साल बाद जा रहे हैं तो बच्चों को भी दिखा दे कि आपका गांव कैसा था।
My wife said, since you are going after so many years, show the children what your village was like.

[02:40] आपका बचपन कहां गुजरा।
Where you spent your childhood.

[02:43] मुझे भी यही लगा कि अच्छा मौका है।
I also felt it was a good opportunity.

[02:46] जमीन का मामला भी है।
There's the matter of the land too.

[02:49] देख लेंगे।
We'll see.

[02:49] | रिश्तेदारों से भी मिल लेंगे और बाद में बच्चों को नॉर्थ का ट्रिप भी करवा देंगे।
We'll also meet relatives and later give the children a trip to the North.

[02:53] | पाकिस्तान पहुंचने के बाद पहले दो दिन हम लाहौर में रहे।
After reaching Pakistan, we stayed in Lahore for the first two days.

[02:56] | फिर गांव निकल गए।
Then we left for the village.

[02:58] | गांव पहुंचकर अजीब
Upon reaching the village, it was strange

[03:06] रहे।
They stayed.

[03:06] फिर गांव निकल गए।
Then they left for the village.

[03:06] गांव पहुंचकर अजीब सा एहसास हुआ।
Upon reaching the village, a strange feeling arose.

[03:09] वही कच्ची गलियां, वही पुराने मकान, वही लोग लेकिन सब कुछ बदला हुआ भी लग रहा था।
The same unpaved lanes, the same old houses, the same people, but everything also seemed changed.

[03:12] मेरे वालिद के एक पुराने जानने वाले चाचा रफीक अभी जिंदा थे।
An old acquaintance of my father, Uncle Rafiq, was still alive.

[03:15] वो हमें देखकर खुश भी हुए।
He was also happy to see us.

[03:18] मगर जब मैंने जमीन का जिक्र किया तो उनके चेहरे का रंग बदल गया।
But when I mentioned the land, the color drained from his face.

[03:21] उन्होंने फौरन बात घुमा दी।
He immediately changed the subject.

[03:23] मैंने कहा चाचा मुझे साफसाफ बताएं यह जमीन कोई लेता क्यों नहीं?
I said, 'Uncle, tell me clearly, why isn't anyone taking this land?'

[03:26] इतनी बुरी जमीन तो नहीं है।
It's not that bad a piece of land.

[03:30] वो कुछ देर खामोश रहे फिर बोले जमीन बुरी नहीं है।
He remained silent for a while, then said, 'The land isn't bad.'

[03:33] उसके साथ वाली जगह बुरी है।
The place next to it is bad.

[03:36] मैंने पूछा कौन सी जगह?
I asked, 'Which place?'

[03:39] उन्होंने उंगली से दूर इशारा किया।
He pointed distantly with his finger.

[03:43] वो पुराना मंदिर जो हिंदुओं के जमाने का था।
That old temple, from the time of the Hindus.

[03:46] अदनान भाई मैंने बचपन में भी उस मंदिर के बारे में सुना था।
Adnan bhai, I had heard about that temple even in my childhood.

[03:49] लेकिन तब मुझे ये सब कहानियां लिखती थी।
But back then, all these stories seemed amusing to me.

[03:52] गांव में बच्चे डराने के लिए ऐसी बातें करते रहते थे।
In the village, children used to say such things to scare each other.

[03:55] कोई कहता वहां रात को औरत रोती है।
Some would say a woman cries there at night.

[03:57] कोई कहता पायल की आवाज आती है।
Some would say the sound of anklets could be heard.

[04:01] कोई कहता दिन के वक्त भी
Some would say even during the day

[04:07] की आवाज आती है।
A voice comes.

[04:07] कोई कहता दिन के वक्त भी वहां साया चलता हुआ दिखाई देता है।
Someone says that even during the day, a shadow is seen moving there.

[04:10] लेकिन वहां साया चलता हुआ दिखाई देता है।
But a shadow is seen moving there.

[04:10] लेकिन अब चाचा रफीक जैसे संजीदा आदमी वही बात कर रहा था।
But now a serious man like Uncle Rafiq was saying the same thing.

[04:13] तो मुझे थोड़ा अजीब लगा।
So I felt a little strange.

[04:13] मैंने कहा चाचा मंदिर तो हमारी जमीन पर नहीं है ना।
I said, Uncle, the temple is not on our land, is it?

[04:17] वो बोले नहीं बिल्कुल साथ है।
He said, no, it's right next to it.

[04:19] दीवार के उस पार मगर लोग फर्क नहीं करते।
But people don't differentiate beyond the wall.

[04:22] उनके लिए वह सारा टुकड़ा ही बदनाम है।
For them, that whole piece is infamous.

[04:26] मैंने हंसते हुए कहा तो क्या चुड़ैल कागजात देखकर चलती है कि यह जमीन फैसल की है और यह मंदिर वाली।
I said, laughing, so do ghosts check documents to see that this land belongs to Faisal and this is the temple one?

[04:29] चाचा रफीक ने मेरी तरफ देखा लेकिन हंसे नहीं।
Uncle Rafiq looked at me but didn't laugh.

[04:31] उन्होंने बस इतना कहा कुछ जगह मजाक बर्दाश्त नहीं करती।
He just said, some places don't tolerate jokes.

[04:34] यह बात सुनकर मेरी वाइफ ने मुझे बाजू से हल्का सा पकड़ा।
Hearing this, my wife gently held my arm.

[04:38] उसने आहिस्ता से कहा फैसल अगर लोग इतना डर रहे हैं तो रहने दे।
She said softly, Faisal, if people are so scared, then let it be.

[04:41] जमीन देख लें।
Look at the land.

[04:44] लेकिन रात को वहां मत रुकना।
But don't stay there at night.

[04:46] मैंने कहा हिना यही तो मसला है।
I said, Hina, this is the problem.

[04:50] अगर हम डर गए तो फिर जमीन हमेशा के लिए फंस जाएगी।
If we get scared, then the land will be stuck forever.

[04:53] मुझे देखना है असल मामला क्या है।
I need to see what the real issue is.

[04:57] कहीं ऐसा तो नहीं गांव वाले जानबूझकर अफवाह
It's not that the villagers are deliberately spreading rumors

[05:09] ऐसा तो नहीं गांव वाले जानबूझकर अफवाह फैला रहे हैं ताकि जमीन सस्ती मिल जाए।
Isn't it that the villagers are deliberately spreading rumors so that the land can be obtained cheaply?

[05:12] फैला रहे हैं ताकि जमीन सस्ती मिल जाए।
They are spreading it so that the land can be obtained cheaply.

[05:14] अदान भाई आज सोचता हूं तो लगता है कि मेरी ही ज़िद सबसे बड़ी गलती थी।
Adan bhai, when I think about it today, it feels like my stubbornness was the biggest mistake.

[05:18] अगले दिन मैं हिना और बच्चे चाचा रफीक के साथ जमीन देखने गए।
The next day, I, Hina, and the children went with Uncle Rafiq to see the land.

[05:21] मैंने एक सफेद गाड़ी Toyota pado किराए पर ली थी क्योंकि आगे हमें नॉर्थ भी जाना था।
I had rented a white Toyota Prado because we had to go north later.

[05:26] गांव से जमीन तक पक्की सड़क नहीं थी।
There was no paved road from the village to the land.

[05:29] आखिरी हिस्सा कच्ची पगडंडी से जाना पड़ता था।
The last part had to be traversed by a dirt path.

[05:32] वहां पहुंचकर सबसे पहले जो चीज महसूस हुई वो खामोशी थी।
Upon reaching there, the first thing I felt was the silence.

[05:36] गांव ज्यादा दूर नहीं था।
The village was not far away.

[05:39] मगर वहां खड़े होकर ऐसा लग रहा था जैसे हम किसी अलग ही जगह आ गए।
But standing there, it felt as if we had arrived in a completely different place.

[05:42] जमीन वाकई बंजर थी।
The land was indeed barren.

[05:45] इर्दगिर्द की जमीन में कहीं ना कहीं सब्जा था।
There was greenery somewhere in the surrounding land.

[05:49] मगर हमारी जमीन खुश फटी हुई और अजीब बेजान लग रही थी।
But our land looked dry, cracked, and strangely lifeless.

[05:53] जैसे किसी ने उससे जान निकाल ली हो।
As if someone had drained the life out of it.

[05:56] और जमीन के कोने से थोड़ा सा आगे वो मंदिर था।
And a little ahead from the corner of the land was that temple.

[06:00] छोटा सा टूटा हुआ पुराना।
Small, broken, old.

[06:03] दीवारों पर जगह-जगह दरा, छत का कुछ हिस्सा
Cracks in places on the walls, part of the roof

[06:11] दीवारों पर जगह-जगह दरा, छत का कुछ हिस्सा गिरा हुआ और अंदर अंधेरा।
There were cracks in the walls at various places, a part of the roof had fallen, and it was dark inside.

[06:14] गिरा हुआ और अंदर अंधेरा।
It had fallen and was dark inside.

[06:14] दरवाजे के ऊपर कुछ पुराने निशान बने हुए थे।
There were some old marks above the door.

[06:17] मगर वक्त ने उन्हें आधा मिटा दिया था।
But time had half erased them.

[06:21] दरख्त की जड़े दीवारों में घुसी हुई थी।
The roots of the tree had penetrated the walls.

[06:24] सबसे अजीब बात यह थी कि वहां परिंदे भी नहीं बैठ रहे थे।
The strangest thing was that even birds were not sitting there.

[06:27] दरख्त मौजूद थे लेकिन आवाज नहीं थी।
The trees were present but there was no sound.

[06:30] मुस्तफा ने कहा बाबा यह जगह कपी है।
Mustafa said, 'Baba, this place is scary.'

[06:34] मैंने उसको डांटा नहीं।
I did not scold him.

[06:34] बस कहा यह पुरानी जगह है बेटा।
I just said, 'This is an old place, son.'

[06:38] इसलिए ऐसी लग रही है।
That's why it looks like this.

[06:41] चाचा रफीक ने कहा बस बाहर से देख लो अंदर जाने की जरूरत नहीं।
Uncle Rafiq said, 'Just look from outside, there's no need to go inside.'

[06:45] मुझे पता नहीं क्यों जिद चढ़ गई।
I don't know why I became insistent.

[06:48] मैंने कहा चाचा अगर कल किसी खरीदार को लेना पड़ा तो क्या उसे भी यही कहेंगे कि अंदर मत जाना।
I said, 'Uncle, if a buyer has to take it tomorrow, will you also tell them not to go inside?'

[06:51] फिर तो कोई नहीं लेगा जमीन।
Then no one will buy the land.

[06:54] मेरी वाइफ ने मुझे रोका।
My wife stopped me.

[06:57] फैसल प्लीज बच्चों के सामने ना जाए अंदर।
Faisal, please don't go inside in front of the children.

[07:00] लेकिन मैं टॉर्च लेकर मंदिर के अंदर चला गया।
But I took a torch and went inside the temple.

[07:04] अंदर बहुत बदबू थी।
It smelled very bad inside.

[07:07] चमगादड़ों की ब और एक अजीब सी बदजगह वाली घुटन।
The droppings of bats and a strange, unpleasant suffocation.

[07:14] अजीब सी बदजगह वाली घुटन।
A strange, suffocating suffocation.

[07:14] टॉर्च की रोशनी दीवारों पर घूम रही थी।
The torchlight was moving on the walls.

[07:17] एक कमरा आगे था और एक छोटा सा हिस्सा पीछे की तरफ था।
One room was ahead and a small part was behind.

[07:20] मैं बस देखना चाहता था कि अंदर कुछ खास है या नहीं।
I just wanted to see if there was anything special inside or not.

[07:23] पिछले हिस्से में मुझे फर्श पर एक लोहे का पुराना दरवाजा सा नजर आया।
In the back part, I saw an old iron door-like thing on the floor.

[07:26] जैसे छोटा सा तहखाना हो।
Like a small cellar.

[07:29] आधा मिट्टी में दबा हुआ ऊपर जंग लगा हुआ गुंडा।
Half buried in the soil, with rust on top, a latch.

[07:33] पहले मैंने सोचा छोड़ देता हूं।
At first, I thought I'd leave it.

[07:36] फिर ख्याल आया कि शायद लोग इसी चीज की वजह से डरते हो।
Then it occurred to me that perhaps people were afraid because of this thing.

[07:39] अगर कोई सांप वगैरह निकलता हो या अंदर कोई जानवर रहता हो तो साफ करवा देंगे।
If any snakes or anything came out, or if any animals lived inside, we would get it cleaned.

[07:42] मैंने कुंडा हाथ से उठाने की कोशिश की वो नहीं हिला।
I tried to lift the latch with my hand, but it didn't move.

[07:45] फिर करीब पड़ा एक पत्थर उठाया और दो-तीन बार हल्के से मारा।
Then I picked up a nearby stone and hit it lightly two or three times.

[07:49] कुंडा खुल गया।
The latch opened.

[07:52] अदनान भाई जैसे ही मैंने वो छोटा लोहे का दरवाजा थोड़ा सा ऊपर किया अंदर से एक बदबू का झोंका आया है।
Adnan bhai, as soon as I lifted that small iron door a little, a gust of stench came from inside.

[07:55] इतना शदीद कि मैं फौरन पीछे हट गया।
It was so intense that I immediately stepped back.

[07:59] उसी वक्त मुझे लगा जैसे अंदर से किसी औरत की बहुत हल्की सी
At that very moment, I felt as if a very faint sound of a woman from inside

[08:14] जैसे अंदर से किसी औरत की बहुत हल्की सी हंसी आई हो।
As if a woman's very faint laughter came from inside.

[08:17] हंसी आई हो। हंसी इतनी आहिस्ता थी कि मैं खुद भी कंफ्यूज हो गया कि वाकई आवाज आई या मेरे कान बजे।
Laughter came. The laughter was so faint that I myself got confused whether the sound actually came or my ears were ringing.

[08:19] कि मैं खुद भी कंफ्यूज हो गया कि वाकई आवाज आई या मेरे कान बजे।
That I myself got confused whether the sound actually came or my ears were ringing.

[08:23] मैंने टॉर्च पीछे मारी अंदर कुछ खास नजर नहीं आया।
I shone the torch behind, nothing special was visible inside.

[08:27] बस अंधेरा, मट्टी और शायद टूटे हुए बर्तन।
Just darkness, dirt, and perhaps broken utensils.

[08:30] मैंने दरवाजा दोबारा छोड़ दिया।
I let go of the door again.

[08:34] उठकर के आवाज से बंद हो गया।
It closed by itself with a sound as I got up.

[08:37] बाहर आया तो मेरी वाइफ का चेहरा गुस्से और डर से भरा हुआ था।
When I came out, my wife's face was filled with anger and fear.

[08:40] क्या जरूरत थी अंदर जाने की?
What was the need to go inside?

[08:43] उसने कहा, मैंने नॉर्मल बनने की कोशिश की।
She said, I tried to act normal.

[08:47] कुछ नहीं था अंदर। बस टूटा हुआ मंदिर है।
There was nothing inside. It's just a broken temple.

[08:50] चाचा रफीक ने मेरी तरफ गौर से देखा।
Uncle Rafiq looked at me intently.

[08:52] उन्होंने पूछा, "आपने कुछ खोला तो नहीं अंदर?
He asked, "You didn't open anything inside?

[08:56] मैंने झूठ बोल दिया।
I lied.

[09:00] नहीं चाचा बस देखा है।
No uncle, I just looked.

[09:03] वो खामोश हो गए।
He became silent.

[09:06] मगर उनकी आंखों में मुझे शक साफ नजर आया।
But I clearly saw suspicion in his eyes.

[09:09] उसी दिन शाम को मैंने फैसला किया कि हम जमीन पर ही एक रात रुकेंगे।
That same evening, I decided that we would stay on the ground for one night.

[09:12] चाचा रफीक ने बहुत मना किया।
Uncle Rafiq objected strongly.

[09:15] उन्होंने कहा पुत्तर जिद ना करो।
He said, son, don't be stubborn.

[09:17] दिन में जो देखना था
What was to be seen during the day

[09:15] पुत्तर जिद ना करो।
Son, don't insist.

[09:15] दिन में जो देखना था देख लिया।
Whatever was to be seen during the day has been seen.

[09:18] रात वहां कोई नहीं रहता।
No one stays there at night.

[09:18] मैंने देख लिया।
I have seen.

[09:18] रात वहां कोई नहीं रहता।
No one stays there at night.

[09:21] मैंने कहा चाचा यही तो साबित करना है कि कुछ नहीं है।
I said, Uncle, this is what needs to be proven, that there is nothing.

[09:24] अगर मैं खुद रात गुजार लूंगा तो कल खरीदार को भी एतमाद से ला सकूंगा।
If I spend the night there myself, then tomorrow I will be able to bring the buyer with confidence.

[09:27] कल खरीदार को भी एतमाद से ला सकूंगा।
Tomorrow I will be able to bring the buyer with confidence.

[09:30] मैंने फैमिली को चाचा रफीक के घर छोड़ दिया।
I left the family at Uncle Rafiq's house.

[09:34] हिना वैसे भी मेरे उस फैसले से खुश नहीं थी।
Hina was not happy with my decision anyway.

[09:36] मेरी वाइफ बार-बार कह रही थी फैसल अगर तुम्हें देखना ही है तो दिन में देख लो।
My wife was repeatedly saying, Faisal, if you have to see it, see it during the day.

[09:39] रात को अकेले वहां रुकने की क्या जरूरत है।
What is the need to stay there alone at night?

[09:42] मैंने उसे तसल्ली दी।
I reassured her.

[09:46] बस एक रात की बात है।
It's just a matter of one night.

[09:48] अगर मैं खुद वहां रात गुजार लूंगा तो कम से कम यह तो पता चल जाएगा कि लोग सच बोल रहे हैं या सिर्फ डरा रहे हैं।
If I spend the night there myself, at least it will be known whether people are telling the truth or just trying to scare.

[09:51] लोग सच बोल रहे हैं या सिर्फ डरा रहे हैं।
People are telling the truth or just trying to scare.

[09:54] सुबह फजर के बाद वापस आ जाऊंगा।
I will return after Fajr in the morning.

[09:57] लेकिन वाइफ के चेहरे पर जो खौफ था वो मुझे अब भी याद है।
But the fear on my wife's face, I still remember it.

[10:00] उसने जाते-जाते बस इतना कहा ठीक है मगर फोन ऑन रखना।
As she was leaving, she just said, okay, but keep the phone on.

[10:03] और अगर जरा भी कुछ अजीब लगे तो फौरन वापस आ जाना।
And if anything feels strange, come back immediately.

[10:07] मैंने हां कर दी।
I agreed.

[10:10] मगर अंदर से मैं भी मुकम्मल मुतमई नहीं था।
But from the inside, I was also not completely satisfied.

[10:13] शाम के वक्त मैं दोबारा अपनी
In the evening, I again my

[10:16] नहीं था।
It was not.

[10:16] शाम के वक्त मैं दोबारा अपनी गाड़ी लेकर जमीन की तरफ निकल गया।
In the evening, I took my car again and headed towards the land.

[10:19] चाचा गाड़ी लेकर जमीन की तरफ निकल गया।
Uncle went out towards the land with the car.

[10:19] चाचा रफीक ने बहुत मना किया लेकिन मैंने जिद
Uncle Rafiq tried hard to dissuade me, but I insisted

[10:22] रफीक ने बहुत मना किया लेकिन मैंने जिद पकड़ ली थी।
Rafiq tried hard to dissuade me, but I insisted.

[10:22] गांव से एक चारपाई, एक रजाई,
From the village, a charpai, a quilt,

[10:26] पकड़ ली थी। गांव से एक चारपाई, एक रजाई, पानी की बोतलें, बिस्किट, चाय का थर्मस और
I had insisted. From the village, a charpai, a quilt, water bottles, biscuits, a thermos of tea, and

[10:29] पानी की बोतलें, बिस्किट, चाय का थर्मस और टॉर्च ले ली।
Water bottles, biscuits, a thermos of tea, and a torch were taken.

[10:29] मैंने सोचा था कि गाड़ी पास
I had thought that the car would be parked nearby.

[10:32] टॉर्च ले ली। मैंने सोचा था कि गाड़ी पास खड़ी होगी।
I took the torch. I had thought that the car would be parked nearby.

[10:32] एक रात गुजारनी है।
I have to spend one night.

[10:36] खड़ी होगी। एक रात गुजारनी है।
It would be parked. I have to spend one night.

[10:36] सुबह वापस आ जाऊंगा।
I will return in the morning.

[10:39] आ जाऊंगा। बस इतना ही।
I will return. That's all.

[10:39] बस इतना ही। जमीन पर पहुंचा तो
That's all. When I reached the land,

[10:39] जमीन पर पहुंचा तो सूरज ढल रहा था।
When I reached the land, the sun was setting.

[10:42] सूरज ढल रहा था। दिन की रोशनी में भी वह
The sun was setting. Even in daylight,

[10:42] दिन की रोशनी में भी वह जगह खाली खाली लगती थी।
Even in daylight, that place seemed empty.

[10:45] जगह खाली खाली लगती थी। मगर शाम होते ही
The place seemed empty. But as evening fell,

[10:45] मगर शाम होते ही उसका रंग बदल गया।
But as evening fell, its color changed.

[10:49] उसका रंग बदल गया। इर्दगिर्द की जमीन पर
Its color changed. On the surrounding land,

[10:49] इर्दगिर्द की जमीन पर कहीं ना कहीं लोग नजर आ जाते थे।
On the surrounding land, people could be seen here and there.

[10:51] कहीं ना कहीं लोग नजर आ जाते थे।
People could be seen here and there.

[10:51] कोई जानवर, कोई आवाज, कोई ट्रैक्टर।
Some animal, some sound, some tractor.

[10:56] जानवर, कोई आवाज, कोई ट्रैक्टर। मगर हमारी
Animal, some sound, some tractor. But in our

[10:56] मगर हमारी जमीन के हिस्से में अजीब सी खामोशी थी।
But in our part of the land, there was a strange silence.

[10:59] जमीन के हिस्से में अजीब सी खामोशी थी।
There was a strange silence in our part of the land.

[10:59] मैंने गाड़ी पगडंडी के पास खड़ी की।
I parked the car near the path.

[11:02] मैंने गाड़ी पगडंडी के पास खड़ी की।
I parked the car near the path.

[11:02] चारपाई थोड़ी दूर एक साफ जगह पर डाल दी।
I laid the charpai in a clean spot a little distance away.

[11:07] चारपाई थोड़ी दूर एक साफ जगह पर डाल दी।
I laid the charpai in a clean spot a little distance away.

[11:07] मंदिर मेरे चारपाई से कुछ फासले पर था।
The temple was some distance from my charpai.

[11:10] मंदिर मेरे चारपाई से कुछ फासले पर था।
The temple was some distance from my charpai.

[11:10] मैंने जानबूझकर चारपाई का रुख दूसरी तरफ
I deliberately turned the charpai in the other direction

[11:13] मैंने जानबूझकर चारपाई का रुख दूसरी तरफ रखा ताकि बार-बार मेरी नजर मंदिर पर ना
I deliberately turned the charpai in the other direction so that my eyes would not fall on the temple repeatedly.

[11:17] रखा ताकि बार-बार मेरी नजर मंदिर पर ना जाए।
I kept it so that my eyes wouldn't fall on the temple repeatedly.

[11:21] लेकिन अदान भाई कुछ जगह ऐसी होती है कि आप चाहे मुंह दूसरी तरफ कर लें।
But Adan bhai, there are some places where even if you turn your face away.

[11:24] दिमाग फिर भी उस तरफ लगा रहता है।
The mind still remains focused on that side.

[11:27] शुरू में सब नॉर्मल था।
Initially, everything was normal.

[11:30] मैंने थर्मस से चाय निकाली।
I took out tea from the thermos.

[11:34] बिस्किट खाए मोबाइल पर वर्क देखा।
I ate biscuits and looked at work on my mobile.

[11:37] नेटवर्क कभी एक लाइन आता कभी गायब हो जाता।
The network would sometimes show one bar and sometimes disappear.

[11:40] वाइफ की कॉल आई तो मैंने उसे नॉर्मल आवाज में बताया।
When my wife called, I told her in a normal voice.

[11:42] सब ठीक है।
Everything is fine.

[11:45] तुम परेशान ना हो।
Don't worry.

[11:49] उसने पूछा वहां अकेले डर तो नहीं लग रहा।
She asked if I was scared being alone there.

[11:52] मैंने हंसकर कहा डर किस बात का?
I said with a laugh, what is there to be scared of?

[11:54] यहां कुछ भी नहीं है।
There is nothing here.

[11:58] लेकिन कॉल बंद होने के बाद जब मैंने इर्दगिर्द देखा तो मुझे अपने बात खुद झूठी लगी।
But after the call ended, when I looked around, I felt my own words were false.

[12:01] तकरीबन 11:00 बजे के बाद गांव की तरफ आती हल्कीफुल्की आवाज भी बंद हो गई।
Around 11:00 PM, even the faint sounds coming from the village stopped.

[12:05] पहले दूर कहीं कुत्ते भौंक रहे थे।
Earlier, dogs were barking somewhere in the distance.

[12:10] फिर वह भी खामोश हो गए।
Then they too became silent.

[12:13] हवा बहुत कम थी।
There was very little wind.

[12:16] सर्दी भी थी मगर अजीब बात यह थी मंदिर के आसपास ज्यादा ठंड लग रही थी।
It was cold too, but the strange thing was that it felt colder around the temple.

[12:20] मैं चारपाई पर लेटा रहा।
I lay on the cot.

[12:22] रजाई ऊपर थी।
The quilt was on top.

[12:24] टॉर्च सेने रखी
The torch was kept nearby.

[12:19] पर लेटा रहा।
I kept lying down.

[12:19] रजाई ऊपर थी।
The quilt was on top.

[12:19] टॉर्च सेने रखी थी।
The torch was kept nearby.

[12:19] मोबाइल हाथ में था।
The mobile was in my hand.

[12:23] मैं खुद को समझा रही थी।
I was convincing myself.

[12:23] मोबाइल हाथ में था।
The mobile was in my hand.

[12:23] मैं खुद को समझा रहा था कि यह सब माहौल का सर है।
I was convincing myself that this was all the effect of the environment.

[12:26] इंसान जब अकेला सुनसान जगह पर होता है तो दिमाग खुद आवाजें बनाता है।
When a person is alone in a deserted place, the mind itself creates sounds.

[12:30] फिर पहली आवाज आई छन छन की।
Then the first sound came, 'chan chan'.

[12:34] मैं फौरन उठकर बैठ गया।
I immediately sat up.

[12:39] पहले मुझे लगा शायद कोई जानवर होगा।
At first, I thought it might be some animal.

[12:42] फिर दोबारा आवाज आई।
Then the sound came again.

[12:46] ये पायल की आवाज थी।
It was the sound of anklets.

[12:49] बिल्कुल साफ जैसे कोई औरत बहुत आहिस्ता मट्टी पर चल रही हो।
It was very clear, as if a woman was walking very slowly on the soil.

[12:53] मैंने टॉर्च उठाई और चारपाई के इर्दगिर्द रोशनी मारी।
I picked up the torch and shone its light around the charpai.

[12:55] कुछ नहीं था।
There was nothing.

[12:59] खुश जमीन, झाड़ियां, गाड़ी और थोड़े फासले पर वो पुराना मंदिर आवाज बंद हो गई।
Dry land, bushes, a car, and at a short distance, that old temple. The sound stopped.

[13:03] मैंने अपने आप से कहा कि फैसल बस वहम।
I told myself, 'Faisal, it's just an illusion.'

[13:06] मैं दोबारा लेट गया।
I lay down again.

[13:10] मगर अब मेरी आंखें बंद नहीं हो रही थी।
But now my eyes were not closing.

[13:12] तकरीबन 5 मिनट बाद वो आवाज दोबारा आई।
After about 5 minutes, that sound came again.

[13:17] इस बार मंदिर की तरफ से फिर एक हल्की सी
This time, from the direction of the temple, another faint

[13:20] इस बार मंदिर की तरफ से फिर एक हल्की सी हंसी।
This time, there was again a faint laugh from the temple.

[13:22] हंसी।
A laugh.

[13:22] अदान भाई वो हस्ती इतनी हल्की थी के अगर
Adan bhai, that laugh was so faint that if

[13:25] अदान भाई वो हस्ती इतनी हल्की थी के अगर दिन का वक्त होता तो शायद मैं इग्नोर कर
Adan bhai, that laugh was so faint that if it were daytime, I might have ignored it.

[13:28] दिन का वक्त होता तो शायद मैं इग्नोर कर देता।
If it were daytime, I might have ignored it.

[13:28] मगर उस सुनसान रात में वो सीधी मेरे
But on that desolate night, it directly hit my

[13:31] देता। मगर उस सुनसान रात में वो सीधी मेरे दिमाग में लगी।
hit my mind. But on that desolate night, it directly hit my mind.

[13:35] एक औरत की हंसी जैसे कोई दूर खड़ा होकर मुझे देख रहा हो और आहिस्ता
Like a woman's laugh, as if someone was standing far away, watching me and slowly

[13:39] से हंस रहा हो। मैंने फौरन टॉर्च मंदिर की
laughing. I immediately shone the torch towards the temple.

[13:42] तरफ मारी। रोशनी टूटी हुई दीवारों पर
towards it. The light fell on the broken walls.

[13:45] पड़ी। मंदिर का दरवाजा काला सा नजर आ रहा
fell. The temple door appeared dark.

[13:49] था। अंदर मुकम्मल अंधेरा था।
It was completely dark inside.

[13:49] मैंने दो-तीन
I moved the light around a few times.

[13:53] बार रोशनी इधर-उधर घुमाई। कुछ नजर नहीं
I moved the light around a few times. Nothing was visible.

[13:56] आया। मैंने मोबाइल उठाई कि चाचा रफीक को
came into view. I picked up my mobile to call Uncle Rafiq.

[14:00] कॉल करूं। मगर नेटवर्क गायब था।
But the network was gone.

[14:00] उसी वक्त
At that very moment,

[14:03] गाड़ी का अलार्म बज गया।
the car alarm went off.

[14:03] रात के सन्नाटे
In the silence of the night,

[14:06] में वो आवाज इतनी तेज लगी कि मेरा दिल
that sound seemed so loud that my heart

[14:09] एकदम [संगीत] जोर से धड़कना शुरू हुआ।
started beating very fast, suddenly [music].

[14:09] मैं
I

[14:14] चारपाई से उठा और रिमोट जेब से निकाला।
got up from the charpai and took the remote from my pocket.

[14:16] अलार्म बंद किया और गाड़ी की तरफ भागा।
I turned off the alarm and ran towards the car.

[14:20] अलार्म बंद किया और गाड़ी की तरफ भागा।
Turned off the alarm and ran towards the car.

[14:23] मुझे लगा शायद कोई जानवर टकरा गया होगा या कोई गांव का बंदा शरारत कर रहा होगा।
I thought maybe an animal had hit it or some village person was playing a prank.

[14:27] पास पहुंचकर मैंने टॉर्च मारी।
Upon reaching, I shone my torch.

[14:30] दरवाजे बंद थे। शीशा सही था। टायर सही थे लेकिन दाएं तरफ पिछले दरवाजे पर मट्टी लगी हुई थी।
The doors were closed. The glass was fine. The tires were fine, but there was mud on the rear door on the right side.

[14:37] मट्टी ऐसी नहीं थी जैसे रास्ते से उड़ी हो।
The mud was not like it had flown from the road.

[14:41] वो एक जगह जमा थी।
It was gathered in one place.

[14:44] जैसे किसी ने गीले हाथ से गाड़ी को छुआ हो।
As if someone had touched the car with wet hands.

[14:46] मैंने करीब जाकर देखा पांच उंगलियों जैसा निशान [संगीत] साफ नहीं था।
I went closer and saw a mark like five fingers [music] which was not clear.

[14:48] मगर इतना जरूर था कि वह मिट्टी खुद नहीं लगी थी।
But it was certain that the mud had not gotten there by itself.

[14:54] मेरे दिल में पहली बार हकीकी खौफ आया।
For the first time, real fear came into my heart.

[14:58] मैंने टॉर्च इर्द-गिर्द घुमाई।
I swung the torch around.

[15:02] दूर-दूर तक कोई नहीं था।
There was no one far and wide.

[15:05] ना बंदा ना बंदे की जात खुश जमीन झाड़ियां और मंदिर का अंधेरा।
Neither a person nor any sign of a person, just the ground, bushes, and the darkness of the temple.

[15:08] फिर मुझे लगा जैसे मंदिर के दरवाजे के अंदर कोई सफेद चीज ही ली है।
Then I felt as if there was something white inside the temple door.

[15:10] सिर्फ एक लम्हे के लिए मैंने टॉर्च सीधी वहां मारी कुछ नहीं था।
For just a moment, I shone the torch directly there, there was nothing.

[15:14] मगर कसम खाकर कहता हूं मैंने
But I swear, I

[15:22] कुछ नहीं था।
There was nothing.

[15:22] मगर कसम खाकर कहता हूं मैंने कुछ हरकत देखी थी जैसे सफेद कपड़े का किनारा अंधेरे में पीछे हटाओ।
But I swear, I saw some movement, like the edge of a white cloth being pulled back in the darkness.

[15:28] अब मैं चारपाई पर वापस नहीं जाना चाहता।
Now I don't want to go back to the cot.

[15:31] मैं गाड़ी के पास खड़ा रहा।
I stood near the car.

[15:31] दिल कर रहा था गाड़ी स्टार्ट करूं और वापस गांव चला जाऊं।
I felt like starting the car and going back to the village.

[15:39] लेकिन फिर मेरे अंदर वही जिद जाग गई।
But then the same stubbornness awoke within me.

[15:39] मैंने सोचा अगर मैं अभी भाग गया तो सारी उम्र खुद को यही कहूंगा कि शायद कुछ था ही नहीं मगर डर गया।
I thought if I ran away now, I would tell myself my whole life that maybe there was nothing, but I got scared.

[15:49] मैंने गाड़ी अनलॉक की और अंदर बैठ गया।
I unlocked the car and sat inside.

[15:52] सोचा बाकी रात गाड़ी में गुजार लेता हूं।
I thought I would spend the rest of the night in the car.

[15:55] दरवाजा लॉक किए, सीट पीछे की और मोबाइल हाथ में पकड़ कर बैठ गया।
I locked the door, reclined the seat, and sat holding my mobile in my hand.

[15:58] तकरीबन आधा घंटा सुकून रहा।
For about half an hour, there was peace.

[15:58] फिर गाड़ी के पिछले हिस्से से आहिस्ता से नोक की आवाज आई।
Then, a gentle tapping sound came from the rear of the car.

[16:05] मैंने सांस रोक ली।
I held my breath.

[16:05] दोबारा आवाज आई।
The sound came again.

[16:08] जैसे कोई उंगली से पिछला शीशा बजा रहा हो।
As if someone was tapping the rear window with a finger.

[16:12] मैंने रियर व्यू मिरर में देखा।
I looked in the rearview mirror.

[16:15] अंधेरा था।
It was dark.

[16:15] कुछ नजर नहीं आ रहा था।
Nothing was visible.

[16:19] मैंने टॉर्च ऑन की और शीशे से पीछे रोशनी
I turned on the torch and shone the light behind through the glass.

[16:22] मैंने टॉर्च ऑन की और शीशे से पीछे रोशनी मारी।
I turned on the torch and shone the light behind through the glass.

[16:22] कोई नहीं था।
There was no one.

[16:26] उसी वक्त मेरे बिल्कुल बाएं तरफ ड्राइवर साइड विंडो के पास पायल की आवाज आई।
At that very moment, I heard the sound of anklets near the driver's side window, to my left.

[16:34] मैंने फौरन सर मोड़ा।
I immediately turned my head.

[16:36] शीशे के बाहर कोई खड़ा नहीं था।
There was no one standing outside the glass.

[16:36] मगर शीशे पर धुन जमी हुई थी और उस धुन पर अंदर की तरफ नहीं बाहर की तरफ से एक लकीर खींची हुई थी।
But the glass was fogged up, and on that fog, a line was drawn not from the inside but from the outside.

[16:43] जैसे किसी ने उंगली से शीशे पर कुछ लिखने की कोशिश की हो।
As if someone had tried to write something on the glass with their finger.

[16:48] मैंने गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश की मगर हाथ कांप रहे थे।
I tried to start the car, but my hands were trembling.

[16:51] इग्निशन लगा।
The ignition turned.

[16:55] गाड़ी स्टार्ट हुई मगर मैंने फौरन गाड़ी आगे नहीं बढ़ाई।
The car started, but I didn't immediately move the car forward.

[16:58] मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं वाकई क्या देख रहा हूं।
I couldn't understand what I was actually seeing.

[17:03] फिर मंदिर के अंदर से एक आवाज आई।
Then a voice came from inside the temple.

[17:06] इस बार हंसी नहीं थी।
This time it wasn't laughter.

[17:06] ऐसा लगा जैसे कोई औरत बहुत आहिस्ता से कह रही हो।
It sounded like a woman was saying something very slowly.

[17:13] दरवाजा मैं फ्रीज हो गया।
The door, I froze.

[17:13] दरवाजा वो लोहे का दरवाजा जो मैंने दिन में अंदर खोला था।
The door, that iron door which I had opened from the inside during the day.

[17:19] उस वक्त मुझे पहली बार एहसास हुआ कि शायद मैंने वाकई कुछ गलत कर
At that moment, for the first time, I realized that perhaps I had indeed done something wrong.

[17:23] एहसास हुआ कि शायद मैंने वाकई कुछ गलत कर दिया।
I realized that perhaps I had indeed done something wrong.

[17:25] चाचा रफीक ने पूछा था आपने कुछ खोला दिया।
Uncle Rafiq had asked if you had opened something.

[17:25] चाचा रफीक ने पूछा था आपने कुछ खोला तो नहीं था और मैंने झूठ बोल दिया था।
Uncle Rafiq had asked if you had opened something, and I had lied.

[17:29] अब तो नहीं था और मैंने झूठ बोल दिया था।
Now, had you not opened it, and I had lied.

[17:31] अब मुझे लग रहा था कि वह झूठ मेरे सामने खड़ा हो गया।
Now I felt that lie had stood before me.

[17:33] हो गया।
It had stood.

[17:35] मैंने गाड़ी की हेडलाइट ऑन की।
I turned on the car's headlights.

[17:35] रोशनी सीधी मंदिर की दीवारों पर पड़ी।
The light fell directly on the temple walls.

[17:39] मंदिर की दीवारों पर पड़ी।
It fell on the temple walls.

[17:39] उसी लें मंदिर के दरवाजे के पास एक औरत का साया नजर आया।
Near the door of that very temple, a woman's shadow appeared.

[17:42] के दरवाजे के पास एक औरत का साया नजर आया।
Near the door, a woman's shadow appeared.

[17:45] सफेद कपड़े, सर झुका हुआ, चेहरा बालों में छुपा हुआ।
White clothes, head bowed, face hidden by hair.

[17:49] छुपा हुआ।
Hidden.

[17:49] वो चंद सेकंड खड़ी रही।
She stood for a few seconds.

[17:49] फिर अंदर अंधेरे में पीछे हट गई।
Then she retreated into the darkness inside.

[17:53] अंदर अंधेरे में पीछे हट गई।
She retreated into the darkness inside.

[17:53] अदान भाई मैं अब मजीद बहादुरी दिखाने के काबिल नहीं था।
Adan bhai, I was no longer capable of showing more bravery.

[17:56] अब मजीद बहादुरी दिखाने के काबिल नहीं था।
I was no longer capable of showing more bravery.

[17:59] मैंने गाड़ी रिवर्स की, मट्टी उड़ी, टायर फिसले मगर मैंने गाड़ी पगडंडी पर चढ़ाई और
I reversed the car, dust flew, the tires slipped, but I drove the car onto the path and

[18:03] फिसले मगर मैंने गाड़ी पगडंडी पर चढ़ाई और सीधा गांव की तरफ निकल गया।
slipped, but I drove the car onto the path and headed straight for the village.

[18:06] सीधा गांव की तरफ निकल गया।
I headed straight for the village.

[18:06] रास्ते में एक बार भी पीछे नहीं देखा।
I didn't look back even once on the way.

[18:09] बार भी पीछे नहीं देखा।
I didn't look back even once.

[18:09] बस दिल में कलमा पढ़ता रहा।
I just kept reciting prayers in my heart.

[18:12] पढ़ता रहा।
I kept reciting.

[18:12] गांव पहुंचा तो रात के तकरीबन 3:00 बज रहे थे।
When I reached the village, it was around 3:00 AM.

[18:16] 3:00 बज रहे थे।
It was 3:00 AM.

[18:16] चाचा रफीक के घर के बाहर गाड़ी रोकी।
I stopped the car outside Uncle Rafiq's house.

[18:19] गाड़ी रोकी।
I stopped the car.

[18:19] दरवाजा खटखटाया।
I knocked on the door.

[18:19] चाचा रफीक ने नींद में दरवाजा खोला।
Uncle Rafiq opened the door sleepily.

[18:22] नींद में दरवाजा खोला।
He opened the door sleepily.

[18:22] लेकिन मुझे देखकर फौरन समझ गया कि कुछ हुआ है।
But seeing me, he immediately understood that something had happened.

[18:26] फौरन समझ गया कि कुछ हुआ है।
Immediately understood that something had happened.

[18:29] इन्होंने सिर्फ एक सवाल किया। मंदिर के अंदर कुछ खोला था ना?
They only asked one question. Did you open something inside the temple?

[18:31] इस बार मैंने झूठ नहीं बोला।
This time I did not lie.

[18:35] मैंने सर झुकाकर कहा, हां चाचा एक लोहे का दरवाजा था।
I bowed my head and said, yes uncle, there was an iron door.

[18:38] चाचा रफीक ने गहरी सांस ली और कहा, फैसल पुत्त तुमने बहुत बड़ी गलती कर दी।
Uncle Rafiq took a deep breath and said, Faisal son, you have made a big mistake.

[18:45] अगली सुबह मैंने वाइफ को मुकम्मल बात नहीं सुताई।
The next morning I did not tell my wife the complete story.

[18:49] बस इतना कहा कि रात को माहौल ठीक नहीं लगा।
Just said that the atmosphere at night did not feel right.

[18:52] इसलिए मैं वापस आ गया।
So I came back.

[18:55] मेरी वाइफ ने मुझे गौर से देखा।
My wife looked at me carefully.

[18:58] उसे शायद अंदाजा हो गया था कि मैं पूरी बात नहीं बता रहा।
She probably guessed that I was not telling the whole story.

[19:00] मगर बच्चों के सामने उसने कुछ नहीं कहा।
But she did not say anything in front of the children.

[19:04] चाचा रफीक अलबत्ता खामोश नहीं थे।
Uncle Rafiq, however, was not silent.

[19:07] उन्होंने सुबह मुझे अलग बुलाकर कहा फैसल पुत्त अब इस जगह दोबारा मत जाना।
In the morning, he called me aside and said, Faisal son, do not go to this place again.

[19:13] और अगर जाना भी पड़े तो किसी समझदार बंदे को अपने साथ लेकर जाना।
And if you have to go, take a sensible person with you.

[19:19] मैंने कहा चाचा मैंने सिर्फ एक जंग लगा दरवाजा ही तो खोला था।
I said, uncle, I only opened a rusted door.

[19:23] वो बोले कभी-कभी दरवाजा चीज का नहीं होता।
He said, sometimes a door is not of a thing.

[19:26] हद का होता है। तुमने हद तोड़ी है।
It is of a limit. You have crossed the limit.

[19:26] अदान भाई मैंने उनकी
Adan brother, I...

[19:29] तुमने हद तोड़ी है।
You have crossed the line.

[19:29] अदान भाई मैंने उनकी बात सुनी मगर दिल से नहीं मानी।
Adan bhai, I heard him but did not agree from my heart.

[19:32] बाहर रहने वाला आदमी था।
He was an outsider.

[19:35] तालीम याफ्ता चीजों को लॉजिकली देखने वाला।
Someone who looks at educated things logically.

[19:39] मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि रात, अकेलापन, पुराना मंदिर, खौफनाक माहौल शायद सब कुछ मेरे दिमाग ने क्रिएट किया था।
This is what was going on in my mind: the night, loneliness, the old temple, the scary atmosphere, perhaps everything was created by my mind.

[19:49] मैंने खुद को यही समझाया कि मुझे इस माहौल से कुछ दिन दूर रहना चाहिए।
I convinced myself that I should stay away from this environment for a few days.

[19:55] बच्चों का भी मूड खराब हो गया था।
The children's mood had also soured.

[19:55] भाई भी परेशान थी।
Brother was also worried.

[19:58] इसलिए मैंने फैसला किया कि जमीन का मामला फिलहाल छोड़ देते हैं।
So I decided to leave the land matter for now.

[20:03] पहले बच्चों को नॉर्थ का ट्रिप करवा देते हैं।
First, let's take the children on a trip to the North.

[20:05] दो दिन बाद हम गांव से निकल गए।
Two days later, we left the village.

[20:10] हमारी गाड़ी सफेद टोटा पडो थी।
Our car was a white Toyota Prado.

[20:10] बच्चों का मूड बेहतर हो गया था।
The children's mood had improved.

[20:13] मुस्तफा बार-बार कैमरा निकालकर वीडियो बना रहा था।
Mustafa kept taking out his camera and making videos.

[20:16] अरहम माउंटेन देखने के लिए एक्साइटेड था और मरियम हर थोड़ी देर बाद पूछती बाबा स्नो मिलेगी।
Arham was excited to see the mountains, and Mariam would ask every now and then, 'Baba, will we get snow?'

[20:26] वाइफ खामोश थी वो बच्चों के सामने नॉर्मल रहने की कोशिश कर रही थी।
Wife was quiet; she was trying to act normal in front of the children.

[20:26] मगर मुझे
But I

[20:30] नॉर्मल रहने की कोशिश कर रही थी। मगर मुझे पता था वो अभी भी इस रात के बारे में सोच

[20:32] पता था वो अभी भी इस रात के बारे में सोच रही है। जब भी गाड़ी के शीशे में कोई

[20:35] रही है। जब भी गाड़ी के शीशे में कोई रिफ्लेक्शन आता है या रोड साइड पर कोई

[20:38] रिफ्लेक्शन आता है या रोड साइड पर कोई पुराना दरख्त नजर आता। वो एक लम्हे के लिए

[20:41] पुराना दरख्त नजर आता। वो एक लम्हे के लिए चौंक जाती। मैंने कहा अब रिलैक्स करो यहां

[20:47] चौंक जाती। मैंने कहा अब रिलैक्स करो यहां कोई नहीं आएगा। वो बोली फैसल

[20:51] कोई नहीं आएगा। वो बोली फैसल चाचा की बातें सुनी।

[20:53] चाचा की बातें सुनी। उन्होंने कहा कि कुछ चीज तुमने आजाद कर

[20:56] उन्होंने कहा कि कुछ चीज तुमने आजाद कर दी। मैं खामोश हो गया। मैंने कोई जवाब

[20:59] दी। मैं खामोश हो गया। मैंने कोई जवाब नहीं दिया। हम पहले इस्लामाबाद पहुंचे।

[21:02] नहीं दिया। हम पहले इस्लामाबाद पहुंचे। वहां थोड़ी देर रुके। फिर आगे पहाड़ी

[21:04] वहां थोड़ी देर रुके। फिर आगे पहाड़ी इलाके की तरफ निकल गए। प्लान ये था कि रात

[21:07] इलाके की तरफ निकल गए। प्लान ये था कि रात आराम आराम से सफर करेंगे। रात किसी अच्छे

[21:10] आराम आराम से सफर करेंगे। रात किसी अच्छे होटल्स में रुकेंगे। और अगले दिन आगे

[21:12] होटल्स में रुकेंगे। और अगले दिन आगे जाएंगे। मैं उस रूट पर पहली बार फैमिली के

[21:15] जाएंगे। मैं उस रूट पर पहली बार फैमिली के साथ जा रहा था। इसलिए मुझे डेस्टिनेशन का

[21:18] साथ जा रहा था। इसलिए मुझे डेस्टिनेशन का इतना आईडिया नहीं था। शाम के करीब हम एक

[21:21] इतना आईडिया नहीं था। शाम के करीब हम एक पेट्रोल पंप पे रुके। वहां साथ ही एक छोटी

[21:25] पेट्रोल पंप पे रुके। वहां साथ ही एक छोटी सी टक शॉप थी। बच्चों ने चिप्स लिए। मरियम

[21:27] सी टक शॉप थी। बच्चों ने चिप्स लिए। मरियम ने जूस लिया और मेरी वाइफ ने चाय ली।

[21:30] ने जूस लिया और मेरी वाइफ ने चाय ली। मैंने भी गाड़ी से उतर कर थोड़ा वॉक किया।

[21:33] मैंने भी गाड़ी से उतर कर थोड़ा वॉक किया। उस वक्त फ्यूल टैंक आधे से थोड़ा कम था।

[21:36] उस वक्त फ्यूल टैंक आधे से थोड़ा कम था। वाइफ कहती है, फैसल फ्यूल डलवा लें। आगे

[21:40] वाइफ कहती है, फैसल फ्यूल डलवा लें। आगे पहाड़ी रास्ता है। मैंने मीटर देखा और कहा

[21:43] पहाड़ी रास्ता है। मैंने मीटर देखा और कहा अभी काफी है। आगे कोई बड़ा पंप आएगा तो

[21:47] अभी काफी है। आगे कोई बड़ा पंप आएगा तो फुल करवा लूंगा। यह बात मैंने बहुत

[21:49] फुल करवा लूंगा। यह बात मैंने बहुत कॉन्फिडेंस से कही थी। मगर आज भी जब याद

[21:52] कॉन्फिडेंस से कही थी। मगर आज भी जब याद आती है तो दिल करता है काश मैं उसी वक्त

[21:55] आती है तो दिल करता है काश मैं उसी वक्त फ्यूल डलवा लेता। हम दोबारा रोड पर आ गए।

[21:58] फ्यूल डलवा लेता। हम दोबारा रोड पर आ गए। शुरू में ट्रैफिक था। फिर आहिस्ता-आहिस्ता

[22:01] शुरू में ट्रैफिक था। फिर आहिस्ता-आहिस्ता कम होने लगा। शाम रात में बदल गई। रोड तंग

[22:06] कम होने लगा। शाम रात में बदल गई। रोड तंग होती गई। मोड़ बढ़ते गए और आबादी पीछे रह

[22:10] होती गई। मोड़ बढ़ते गए और आबादी पीछे रह गई। कहीं-कहीं दूर पहाड़ों पर चंद लाइट्स

[22:13] गई। कहीं-कहीं दूर पहाड़ों पर चंद लाइट्स नजर आती। फिर वह भी गायब हो जाती। वाइफ ने

[22:17] नजर आती। फिर वह भी गायब हो जाती। वाइफ ने एक बार फिर पूछा पंप नहीं आया अभी तक।

[22:20] एक बार फिर पूछा पंप नहीं आया अभी तक। मैंने कहा आ जाएगा टेंशन ना लो। लेकिन अब

[22:24] मैंने कहा आ जाएगा टेंशन ना लो। लेकिन अब मुझे खुद भी टेंशन होने लगी थी। फ्यूल

[22:26] मुझे खुद भी टेंशन होने लगी थी। फ्यूल मीटर आखिरी क्वार्टर पर आ चुका था। मैंने

[22:30] मीटर आखिरी क्वार्टर पर आ चुका था। मैंने स्पीड कम कर दी। कोशिश कर रहा था फ्यूल बच

[22:33] स्पीड कम कर दी। कोशिश कर रहा था फ्यूल बच जाए। बच्चे पीछे थक कर सो चुके थे। गाड़ी

[22:36] जाए। बच्चे पीछे थक कर सो चुके थे। गाड़ी के अंदर सिर्फ इंजन की आवाज, वाइफ की

[22:39] के अंदर सिर्फ इंजन की आवाज, वाइफ की हल्की सांसे और बाहर पहाड़ी रोड का

[22:42] हल्की सांसे और बाहर पहाड़ी रोड का अंधेरा। फिर सामने से गाड़ी आई। गाड़ी

[22:46] अंधेरा। फिर सामने से गाड़ी आई। गाड़ी ऑपोजिट साइड से आहिस्ता-आहिस्ता गुजरी।

[22:49] ऑपोजिट साइड से आहिस्ता-आहिस्ता गुजरी। अंदर एक फैमिली बैठी हुई थी। मर्द

[22:52] अंदर एक फैमिली बैठी हुई थी। मर्द ड्राइविंग सीट पर औरत साथ पीछे दो बच्चे।

[22:55] ड्राइविंग सीट पर औरत साथ पीछे दो बच्चे। मगर अजीब बात यह थी कि जब वो गाड़ी हमारे

[22:58] मगर अजीब बात यह थी कि जब वो गाड़ी हमारे बराबर से गुजरी तो सब के सब हमारी तरफ देख

[23:02] बराबर से गुजरी तो सब के सब हमारी तरफ देख रहे थे। ऐसे नहीं जैसे आम लोग रोड पर

[23:05] रहे थे। ऐसे नहीं जैसे आम लोग रोड पर देखते हैं। ऐसे जैसे उन्हें पहले से मालूम

[23:08] देखते हैं। ऐसे जैसे उन्हें पहले से मालूम हो कि हम कहां फंसने वाले हैं। वाइब ने

[23:12] हो कि हम कहां फंसने वाले हैं। वाइब ने फौरन कहा फैसल उन लोगों ने बहुत अजीब तरह

[23:15] फौरन कहा फैसल उन लोगों ने बहुत अजीब तरह देखा। मैंने हल्के लहजे में कहा पहाड़ी

[23:19] देखा। मैंने हल्के लहजे में कहा पहाड़ी इलाके में लोग वैसे भी रोड पर स्ट्रेंजर्स

[23:22] इलाके में लोग वैसे भी रोड पर स्ट्रेंजर्स को देखते हैं। लेकिन सच ये था कि मुझे भी

[23:25] को देखते हैं। लेकिन सच ये था कि मुझे भी वो नजर अच्छी नहीं लगी थी। कुछ देर बाद

[23:28] वो नजर अच्छी नहीं लगी थी। कुछ देर बाद गाड़ी ने पहला झटका लिया। मैंने एक्सलरेटर

[23:31] गाड़ी ने पहला झटका लिया। मैंने एक्सलरेटर हल्का किया। गाड़ी चंद सेकंड चली। फिर

[23:34] हल्का किया। गाड़ी चंद सेकंड चली। फिर दूसरा झटका और इंजन ने खांसी जैसी आवाज

[23:37] दूसरा झटका और इंजन ने खांसी जैसी आवाज निकाली और गाड़ी आहिस्ताआहिस्ता बंद हो

[23:40] निकाली और गाड़ी आहिस्ताआहिस्ता बंद हो गई। मैंने गाड़ी साइड पर लगाई फ्यूल खत्म

[23:43] गई। मैंने गाड़ी साइड पर लगाई फ्यूल खत्म हो चुका था। अदान भाई उस वक्त जो

[23:46] हो चुका था। अदान भाई उस वक्त जो शर्मिंदगीगी और खौफ एक साथ मेरे अंदर आए

[23:49] शर्मिंदगीगी और खौफ एक साथ मेरे अंदर आए वो बयान करना आसान नहीं। एक तरफ फैमिली,

[23:52] वो बयान करना आसान नहीं। एक तरफ फैमिली, रात का वक्त, पहाड़ी, सुनसान रोड और दूसरी

[23:55] रात का वक्त, पहाड़ी, सुनसान रोड और दूसरी तरफ मेरी अपनी गलती। वाइफ ने मुझे देखा

[23:58] तरफ मेरी अपनी गलती। वाइफ ने मुझे देखा मगर कुछ नहीं कहा। उसका खामोश रहना मेरे

[24:02] मगर कुछ नहीं कहा। उसका खामोश रहना मेरे लिए ज्यादा भारी था। मैंने इग्निशन दोबारा

[24:06] लिए ज्यादा भारी था। मैंने इग्निशन दोबारा ट्राई किया मगर फायदा नहीं हुआ। गाड़ी डेड

[24:09] ट्राई किया मगर फायदा नहीं हुआ। गाड़ी डेड हो चुकी थी। मैंने हेडलाइट्स बंद की ताकि

[24:12] हो चुकी थी। मैंने हेडलाइट्स बंद की ताकि बैटरी सेफ हो जाए। जैसे ही हेडलाइट्स बंद

[24:15] बैटरी सेफ हो जाए। जैसे ही हेडलाइट्स बंद हुई, पूरी दुनिया एकदम अंधेरे में चली गई।

[24:19] हुई, पूरी दुनिया एकदम अंधेरे में चली गई। वहां इतना सन्नाटा था कि मुझे गाड़ी के

[24:22] वहां इतना सन्नाटा था कि मुझे गाड़ी के अंदर बच्चों की सांस सुनाई दे रही थी।

[24:24] अंदर बच्चों की सांस सुनाई दे रही थी। बाहर झीगरों की आवाज आ रही थी। कभी किसी

[24:28] बाहर झीगरों की आवाज आ रही थी। कभी किसी दूर के परिंदे या जानवर की हल्की सी आवाज

[24:31] दूर के परिंदे या जानवर की हल्की सी आवाज फिर दोबारा खामोशी। दूर बहुत नीचे या शायद

[24:35] फिर दोबारा खामोशी। दूर बहुत नीचे या शायद दूसरी पहाड़ी पर चंद बत्तियां जल रही थी।

[24:39] दूसरी पहाड़ी पर चंद बत्तियां जल रही थी। मगर वो इतनी दूर लग रही थी कि अंदाजा नहीं

[24:41] मगर वो इतनी दूर लग रही थी कि अंदाजा नहीं था। वहां पहुंचना मुमकिन भी है या नहीं।

[24:45] था। वहां पहुंचना मुमकिन भी है या नहीं। इन्होंने आहिस्ता से पूछा अब क्या करें?

[24:47] इन्होंने आहिस्ता से पूछा अब क्या करें? मैंने फोन देखा नेटवर्क नहीं था। मैंने

[24:50] मैंने फोन देखा नेटवर्क नहीं था। मैंने कहा मैं डॉट लेकर थोड़ा आगे पीछे देखता

[24:52] कहा मैं डॉट लेकर थोड़ा आगे पीछे देखता हूं। शायद कोई घर हो, कोई गांव हो या कोई

[24:55] हूं। शायद कोई घर हो, कोई गांव हो या कोई बंदा मिल जाए। वाइफ ने फौरन कहा, नहीं

[24:59] बंदा मिल जाए। वाइफ ने फौरन कहा, नहीं फैसल हमें अकेला छोड़कर मत जाए। मैंने

[25:02] फैसल हमें अकेला छोड़कर मत जाए। मैंने बच्चों की तरफ देखा। मुस्तफा जाग चुका था।

[25:05] बच्चों की तरफ देखा। मुस्तफा जाग चुका था। अरहम भी आंखें मल रहा था। मरीमा आधी नींद

[25:09] अरहम भी आंखें मल रहा था। मरीमा आधी नींद में थी। वाइफ से लिपटी हुई थी। मैंने वाइफ

[25:12] में थी। वाइफ से लिपटी हुई थी। मैंने वाइफ को तसल्ली दी। मैं ज्यादा दूर नहीं

[25:13] को तसल्ली दी। मैं ज्यादा दूर नहीं जाऊंगा। बस लाइट्स तक देख कर आता हूं। तुम

[25:18] जाऊंगा। बस लाइट्स तक देख कर आता हूं। तुम दरवाजा लॉक रखना। किसी सूरत गाड़ी मत

[25:21] दरवाजा लॉक रखना। किसी सूरत गाड़ी मत खोलना। जब तक मैं वापस ना आऊं शीशा भी

[25:24] खोलना। जब तक मैं वापस ना आऊं शीशा भी मुकम्मल नीचे मत करना। मैंने उसे फोन और

[25:27] मुकम्मल नीचे मत करना। मैंने उसे फोन और टॉर्च की एक्स्ट्रा लाइट दी। कोई डेंजरस

[25:31] टॉर्च की एक्स्ट्रा लाइट दी। कोई डेंजरस चीज नहीं। बस जो सफर में इमरजेंसी के लिए

[25:33] चीज नहीं। बस जो सफर में इमरजेंसी के लिए रखी होती है वो भी उसके करीब रख दी ताकि

[25:36] रखी होती है वो भी उसके करीब रख दी ताकि उसे कुछ सिक्योरिटी फील हो। वाइफ ने मेरा

[25:40] उसे कुछ सिक्योरिटी फील हो। वाइफ ने मेरा हाथ पकड़ा। फैसल प्लीज जल्दी आना। मैंने

[25:43] हाथ पकड़ा। फैसल प्लीज जल्दी आना। मैंने कहा बस 10-15 मिनट। मैं गाड़ी से बाहर

[25:46] कहा बस 10-15 मिनट। मैं गाड़ी से बाहर निकला तो हवा बहुत ठंडी थी। मैंने दरवाजा

[25:50] निकला तो हवा बहुत ठंडी थी। मैंने दरवाजा बंद किया। वाइफ अपनी अंदर से लॉक कर दिया।

[25:53] बंद किया। वाइफ अपनी अंदर से लॉक कर दिया। गाड़ी के शीशे के पीछे उसका चेहरा फेंट सा

[25:55] गाड़ी के शीशे के पीछे उसका चेहरा फेंट सा नजर आ रहा था। मरियम अब मुकम्मल जाग गई थी

[25:59] नजर आ रहा था। मरियम अब मुकम्मल जाग गई थी और रो रही थी। मैंने हाथ के इशारे से कहा

[26:02] और रो रही थी। मैंने हाथ के इशारे से कहा बस आता हूं। फिर मैं टॉर्च लेकर रोड पर

[26:05] बस आता हूं। फिर मैं टॉर्च लेकर रोड पर आगे चलने लगा। अदनान भाई अगले सुनसान रोड

[26:08] आगे चलने लगा। अदनान भाई अगले सुनसान रोड पर चलना और बात है। लेकिन जब आपको पता हो

[26:11] पर चलना और बात है। लेकिन जब आपको पता हो कि आपके बीवी बच्चे पीछे गाड़ी में लॉक है

[26:14] कि आपके बीवी बच्चे पीछे गाड़ी में लॉक है तो फ्यूल खत्म है। नेटवर्क नहीं है और आप

[26:17] तो फ्यूल खत्म है। नेटवर्क नहीं है और आप खुद नहीं मालूम मदद कहां से मिलेगी। तो हर

[26:21] खुद नहीं मालूम मदद कहां से मिलेगी। तो हर कदम भारी हो जाता है। मैं आगे तकरीबन 10

[26:24] कदम भारी हो जाता है। मैं आगे तकरीबन 10 मिनट चला। रोड के एक तरफ पहाड़ की दीवार

[26:27] मिनट चला। रोड के एक तरफ पहाड़ की दीवार थी। दूसरी तरफ ढलवान नीचे दूर लाइट्स थी।

[26:31] थी। दूसरी तरफ ढलवान नीचे दूर लाइट्स थी। मगर उन तक कोई साफ रास्ता नहीं जा रहा था।

[26:35] मगर उन तक कोई साफ रास्ता नहीं जा रहा था। एक जगह मुझे कच्चा सा पाथ दिखाई दिया जो

[26:38] एक जगह मुझे कच्चा सा पाथ दिखाई दिया जो नीचे उतर रहा था। मैंने टॉर्च मारी। पाथ

[26:41] नीचे उतर रहा था। मैंने टॉर्च मारी। पाथ पत्थरों से भरा हुआ था। मैंने सोचा अगर

[26:44] पत्थरों से भरा हुआ था। मैंने सोचा अगर मैं नीचे चला गया और रास्ता गलत निकला तो

[26:47] मैं नीचे चला गया और रास्ता गलत निकला तो वापस आते-आते बहुत वक्त लग जाएगा। मैं भी

[26:51] वापस आते-आते बहुत वक्त लग जाएगा। मैं भी यही सोच रहा था कि मुझे अपने पीछे कदमों

[26:54] यही सोच रहा था कि मुझे अपने पीछे कदमों की आवाज आई। मैं फौरन मुड़ा कोई नहीं था।

[26:57] की आवाज आई। मैं फौरन मुड़ा कोई नहीं था। मैंने टॉर्च रोड पर पहाड़ की तरफ फिर

[27:00] मैंने टॉर्च रोड पर पहाड़ की तरफ फिर ढुलवान की तरफ मारी। कुछ नहीं बस तारीखी

[27:04] ढुलवान की तरफ मारी। कुछ नहीं बस तारीखी अंधेरा।

[27:05] अंधेरा। फिर बहुत हल्की पायल की आवाज आई। मेरा दिल

[27:08] फिर बहुत हल्की पायल की आवाज आई। मेरा दिल एकदम जोर से धड़का। मैंने खुद को समझाया

[27:11] एकदम जोर से धड़का। मैंने खुद को समझाया कि नहीं यह वहम है। शायद इस जानवर के गले

[27:15] कि नहीं यह वहम है। शायद इस जानवर के गले में बेल हो। शायद पत्थर से कोई आवाज आई

[27:18] में बेल हो। शायद पत्थर से कोई आवाज आई हो। लेकिन आवाज दोबारा आई। अब वो रोड के

[27:21] हो। लेकिन आवाज दोबारा आई। अब वो रोड के बिल्कुल किनारे से आ रही थी। मैंने टॉर्च

[27:24] बिल्कुल किनारे से आ रही थी। मैंने टॉर्च उस तरफ मारी कुछ नहीं था। मगर मुझे ऐसा

[27:27] उस तरफ मारी कुछ नहीं था। मगर मुझे ऐसा लगा जैसे अंधेरे में कोई सफेद सा कपड़ा एक

[27:30] लगा जैसे अंधेरे में कोई सफेद सा कपड़ा एक लम्हे के लिए हल्का और फिर पत्थर के पीछे

[27:33] लम्हे के लिए हल्का और फिर पत्थर के पीछे गायब हो गया। मेरे हाथ ठंडे पड़ गए। मैंने

[27:37] गायब हो गया। मेरे हाथ ठंडे पड़ गए। मैंने फैसला किया कि मैं वापस गाड़ी की तरफ जाता

[27:39] फैसला किया कि मैं वापस गाड़ी की तरफ जाता हूं। मदद बाद में देखी जाएगी। पहले फैमिली

[27:43] हूं। मदद बाद में देखी जाएगी। पहले फैमिली के पास रहना जरूरी है। मैं वापस मुड़ा ही

[27:46] के पास रहना जरूरी है। मैं वापस मुड़ा ही था कि रोड के किनारे एक आदमी खड़ा नजर

[27:49] था कि रोड के किनारे एक आदमी खड़ा नजर आया। चादर ओढ़े हुए दरमियानी उम्र चेहरा

[27:53] आया। चादर ओढ़े हुए दरमियानी उम्र चेहरा आधा शैडो में। मैंने उसे आते नहीं देखा

[27:56] आधा शैडो में। मैंने उसे आते नहीं देखा था। वो बस वहां खड़ा था। जैसे पहले से

[28:00] था। वो बस वहां खड़ा था। जैसे पहले से मौजूद हो। उसने कहा गाड़ी बंद हो गई है।

[28:04] मौजूद हो। उसने कहा गाड़ी बंद हो गई है। मैं चंद सेकंड ही उसे देखता रहा। फिर बोला

[28:06] मैं चंद सेकंड ही उसे देखता रहा। फिर बोला जी फ्यूल खत्म हो गया। फैमिली गाड़ी में

[28:09] जी फ्यूल खत्म हो गया। फैमिली गाड़ी में है। उसने रोड के नीचे वाले पाथ की तरफ

[28:12] है। उसने रोड के नीचे वाले पाथ की तरफ इशारा किया। नीचे घर है मेरा ही घर है। आप

[28:16] इशारा किया। नीचे घर है मेरा ही घर है। आप फैमिली को ले आए। रात रोड पर अच्छी नहीं

[28:20] फैमिली को ले आए। रात रोड पर अच्छी नहीं गुजरती।

[28:21] गुजरती। मैंने फौरन ट्रस्ट नहीं किया। मैंने कहा

[28:23] मैंने फौरन ट्रस्ट नहीं किया। मैंने कहा अगर फ्यूल का बंदोबस्त हो जाए तो बेहतर

[28:26] अगर फ्यूल का बंदोबस्त हो जाए तो बेहतर है। फैमिली इस वक्त नीचे ले जाना मुश्किल

[28:29] है। फैमिली इस वक्त नीचे ले जाना मुश्किल है। बोला रात को फ्यूल मुश्किल से मिलेगा।

[28:32] है। बोला रात को फ्यूल मुश्किल से मिलेगा। मगर आप अकेले नहीं बैठ सकते वहां। औरतें

[28:36] मगर आप अकेले नहीं बैठ सकते वहां। औरतें और बच्चे साथ हैं। उसकी बात प्रैक्टिकल थी

[28:39] और बच्चे साथ हैं। उसकी बात प्रैक्टिकल थी मगर फिर भी मैं मोहताजद था। मैंने कहा मैं

[28:42] मगर फिर भी मैं मोहताजद था। मैंने कहा मैं पहले वापस जाकर बीवी से बात करता हूं। वो

[28:46] पहले वापस जाकर बीवी से बात करता हूं। वो बोला ठीक है मैं यहीं हूं। मैं

[28:48] बोला ठीक है मैं यहीं हूं। मैं जल्दी-जल्दी वापस गाड़ी की तरफ चला।

[28:51] जल्दी-जल्दी वापस गाड़ी की तरफ चला। रास्ते में बार-बार पीछे देखता रहा। वो

[28:54] रास्ते में बार-बार पीछे देखता रहा। वो आदमी वहीं खड़ा था। लेकिन अजीब बात यह थी

[28:58] आदमी वहीं खड़ा था। लेकिन अजीब बात यह थी कि उसके पास कोई टॉर्च नहीं थी। इतने

[29:00] कि उसके पास कोई टॉर्च नहीं थी। इतने अंधेरे में वो वहां कैसे खड़ा था। यह बात

[29:04] अंधेरे में वो वहां कैसे खड़ा था। यह बात मुझे उस वक्त भी अजीब लगी। जब मैं गाड़ी

[29:07] मुझे उस वक्त भी अजीब लगी। जब मैं गाड़ी के करीब पहुंचा तो गाड़ी के अंदर बच्चों

[29:09] के करीब पहुंचा तो गाड़ी के अंदर बच्चों की हल्की भी रोने की आवाज आ रही थी। मैंने

[29:12] की हल्की भी रोने की आवाज आ रही थी। मैंने शीशे पर नॉक किया। मुस्तफा ने मुझे देखा

[29:15] शीशे पर नॉक किया। मुस्तफा ने मुझे देखा और लॉक खोला। मैंने दरवाजा खोला तो फौरन

[29:18] और लॉक खोला। मैंने दरवाजा खोला तो फौरन पूछा, वाइफ कहां है? ड्राइविंग सीट के साथ

[29:21] पूछा, वाइफ कहां है? ड्राइविंग सीट के साथ वाली सीट खाली थी। पीछे बच्चों के साथ भी

[29:24] वाली सीट खाली थी। पीछे बच्चों के साथ भी नहीं थी। मेरे अंदर जैसे किसी ने झटका

[29:28] नहीं थी। मेरे अंदर जैसे किसी ने झटका मारा हो। मैंने दोबारा पूछा, मम्मा कहां

[29:31] मारा हो। मैंने दोबारा पूछा, मम्मा कहां है तुम्हारी? मुस्तफा की आवाज कहां पर रही

[29:34] है तुम्हारी? मुस्तफा की आवाज कहां पर रही थी? बाबा मम्मा बाहर गई थी। बाहर क्यों

[29:38] थी? बाबा मम्मा बाहर गई थी। बाहर क्यों गई? मैंने मना किया था। अरम ने रोते हुए

[29:42] गई? मैंने मना किया था। अरम ने रोते हुए कहा एक आंटी और अंकल आए थे। मम्मा ने शीशा

[29:45] कहा एक आंटी और अंकल आए थे। मम्मा ने शीशा थोड़ा सा नीचे किया था। आंटी ने कहा नीचे

[29:48] थोड़ा सा नीचे किया था। आंटी ने कहा नीचे घर है। हेल्प मिल जाएगी। मगर मम्मा कहने

[29:51] घर है। हेल्प मिल जाएगी। मगर मम्मा कहने लगी कि मैं बस बाहर देख रही हूं। तुम लोग

[29:55] लगी कि मैं बस बाहर देख रही हूं। तुम लोग लॉक रहना। फिर वह चली गई। अदान भाई उस

[29:58] लॉक रहना। फिर वह चली गई। अदान भाई उस वक्त मुझे लगा मेरी टांगों में जान नहीं

[30:00] वक्त मुझे लगा मेरी टांगों में जान नहीं रही। मैंने बच्चों को सख्ती से कहा दरवाजा

[30:03] रही। मैंने बच्चों को सख्ती से कहा दरवाजा लॉक करो कि किसी के लिए भी ना खोलना। मेरे

[30:07] लॉक करो कि किसी के लिए भी ना खोलना। मेरे लिए भी नहीं जब तक मैं अपना नाम लेकर ना

[30:09] लिए भी नहीं जब तक मैं अपना नाम लेकर ना बोलूं। मरियम रोकर बोली बाबा मम्मा को ले

[30:12] बोलूं। मरियम रोकर बोली बाबा मम्मा को ले आए। मैंने डॉर्च उठाई और गाड़ी के

[30:15] आए। मैंने डॉर्च उठाई और गाड़ी के इर्दगिर्द वाइफ को पुकारना शुरू किया। कोई

[30:19] इर्दगिर्द वाइफ को पुकारना शुरू किया। कोई जवाब नहीं। इस बार बहुत दूर से हल्की सी

[30:22] जवाब नहीं। इस बार बहुत दूर से हल्की सी औरत की हंसी आई। महीना की हंसी नहीं थी।

[30:25] औरत की हंसी आई। महीना की हंसी नहीं थी। यह वही हंसी थी जो मैंने मंदिर में सुनी

[30:27] यह वही हंसी थी जो मैंने मंदिर में सुनी थी। मैंने रोड के किनारे नीचे उतरते हुए

[30:30] थी। मैंने रोड के किनारे नीचे उतरते हुए पाथ पर टॉर्च मारी। वहां मिट्टी में फ्रेश

[30:34] पाथ पर टॉर्च मारी। वहां मिट्टी में फ्रेश कदमों जैसे निशान थे। मैं नीचे उतरने लगा

[30:37] कदमों जैसे निशान थे। मैं नीचे उतरने लगा तो वही चादर वाला आदमी अचानक मेरे करीब आ

[30:40] तो वही चादर वाला आदमी अचानक मेरे करीब आ गया। मैं घबरा कर पीछे हुआ आप यहां कैसे?

[30:44] गया। मैं घबरा कर पीछे हुआ आप यहां कैसे? वो बोला आपकी बीवी उस तरफ गई है। मैंने

[30:48] वो बोला आपकी बीवी उस तरफ गई है। मैंने गुस्से से कहा आप लोगों ने ही तो बात की

[30:50] गुस्से से कहा आप लोगों ने ही तो बात की थी ना उससे। आपकी बीवी कहां है? वो परेशान

[30:53] थी ना उससे। आपकी बीवी कहां है? वो परेशान लग रहा था। मेरी बीवी ने बात की थी मगर

[30:56] लग रहा था। मेरी बीवी ने बात की थी मगर आपकी बीवी गाड़ी से ज्यादा दूर नहीं गई।

[30:59] आपकी बीवी गाड़ी से ज्यादा दूर नहीं गई। जल्दी चलें। उस तरफ एक पुराना गड़ा है।

[31:02] जल्दी चलें। उस तरफ एक पुराना गड़ा है। रात को खतरा है। मैं सोचने का वक्त खो

[31:05] रात को खतरा है। मैं सोचने का वक्त खो चुका था। वाइफ को ढूंढना था। हम दोनों

[31:08] चुका था। वाइफ को ढूंढना था। हम दोनों नीचे की तरफ उतरे। रास्ता बहुत खराब था।

[31:11] नीचे की तरफ उतरे। रास्ता बहुत खराब था। पत्थर, [संगीत] खुश झाड़ियां और मिट्टी

[31:14] पत्थर, [संगीत] खुश झाड़ियां और मिट्टी में वाइफ का नाम पुकारता रहा। टॉर्च की

[31:17] में वाइफ का नाम पुकारता रहा। टॉर्च की लाइट कभी रास्ते पर पड़ती, कभी झाड़ियों

[31:20] लाइट कभी रास्ते पर पड़ती, कभी झाड़ियों पर। दो बार मुझे लगा जैसे कोई सफेद चीज

[31:23] पर। दो बार मुझे लगा जैसे कोई सफेद चीज हमारे आगेआगे जा रही है। मगर जब रोशनी

[31:26] हमारे आगेआगे जा रही है। मगर जब रोशनी मारता तो कुछ ना होता। फिर वो आदमी रुक

[31:29] मारता तो कुछ ना होता। फिर वो आदमी रुक गया। उसने आहिस्ता से कहा वो रही। मैंने

[31:33] गया। उसने आहिस्ता से कहा वो रही। मैंने टॉर्च आगे मारी। मेरी वाइफ एक गड़े के

[31:35] टॉर्च आगे मारी। मेरी वाइफ एक गड़े के किनारे खड़ी थी। बिल्कुल खामोश।

[31:39] किनारे खड़ी थी। बिल्कुल खामोश। उसका चेहरा नीचे था जैसे वो गड़े के अंदर

[31:42] उसका चेहरा नीचे था जैसे वो गड़े के अंदर कुछ देख रही हो। दुपट्टा कांधे से सरक

[31:45] कुछ देख रही हो। दुपट्टा कांधे से सरक चुका था। हाथ सीधे जिस्म के साथ थे और वह

[31:48] चुका था। हाथ सीधे जिस्म के साथ थे और वह इतनी स्टिल खड़ी थी। कि मुझे एक लम्हे के

[31:51] इतनी स्टिल खड़ी थी। कि मुझे एक लम्हे के लिए लगा शायद वो मेरी वाइफ नहीं कोई और

[31:54] लिए लगा शायद वो मेरी वाइफ नहीं कोई और है। मैंने आहिस्ता से कहा हिना कोई जवाब

[31:59] है। मैंने आहिस्ता से कहा हिना कोई जवाब नहीं। मैं करीब गया उसके कांधे पर हाथ

[32:02] नहीं। मैं करीब गया उसके कांधे पर हाथ रखा। वो अचानक मुड़ी उसकी आंखें खुली हुई

[32:06] रखा। वो अचानक मुड़ी उसकी आंखें खुली हुई थी जैसे वो किसी और जगह से वापस आई हो।

[32:09] थी जैसे वो किसी और जगह से वापस आई हो। पहले वो मुझे पहचान नहीं पाई। फिर एकदम

[32:12] पहले वो मुझे पहचान नहीं पाई। फिर एकदम घबरा कर बोली फैसल बच्चे कहां है? मैंने

[32:16] घबरा कर बोली फैसल बच्चे कहां है? मैंने कहा तुम यहां क्या कर रही हो? वो बोली मैं

[32:20] कहा तुम यहां क्या कर रही हो? वो बोली मैं मैं तुम्हें ढूंढने आई थी। मुझे लगा तुम

[32:22] मैं तुम्हें ढूंढने आई थी। मुझे लगा तुम नीचे गए हो। तुम घड़े में क्या देख रही

[32:25] नीचे गए हो। तुम घड़े में क्या देख रही थी? वो खामोश हो गई। फिर बहुत आहिस्ता

[32:28] थी? वो खामोश हो गई। फिर बहुत आहिस्ता बोली मुझे नहीं पता। वो आदमी पीछे खड़ा

[32:31] बोली मुझे नहीं पता। वो आदमी पीछे खड़ा था। उसने कहा रात यहां रुकना ठीक नहीं। आप

[32:35] था। उसने कहा रात यहां रुकना ठीक नहीं। आप लोग मेरे घर चलें। सुबह मैं फ्यूल का

[32:37] लोग मेरे घर चलें। सुबह मैं फ्यूल का बंदोबस्त करवा दूंगा। मैंने हिना का हाथ

[32:40] बंदोबस्त करवा दूंगा। मैंने हिना का हाथ पकड़ा। उसका हाथ बर्फ की तरह ठंडा था। वो

[32:43] पकड़ा। उसका हाथ बर्फ की तरह ठंडा था। वो चल तो रही थी मगर बार-बार पीछे घड़े की

[32:46] चल तो रही थी मगर बार-बार पीछे घड़े की तरफ देख रही थी जैसे वहां कुछ रह गया हो।

[32:49] तरफ देख रही थी जैसे वहां कुछ रह गया हो। गाड़ी के पास पहुंचे तो बच्चे हिना से

[32:52] गाड़ी के पास पहुंचे तो बच्चे हिना से लिपट गए। मुस्तफा की आंखें रो-रो कर सुर्ख

[32:55] लिपट गए। मुस्तफा की आंखें रो-रो कर सुर्ख हो चुकी थी। मैंने उसे सीने से लगाया मगर

[32:58] हो चुकी थी। मैंने उसे सीने से लगाया मगर खुद मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या

[33:01] खुद मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करूं। वो आदमी बोला मेरा नाम नज़र है। घर

[33:04] करूं। वो आदमी बोला मेरा नाम नज़र है। घर नीचे है। रास्ता मुश्किल है मगर ज्यादा

[33:07] नीचे है। रास्ता मुश्किल है मगर ज्यादा दूर नहीं। आप गाड़ी लॉक कर दें। सुबह तक

[33:11] दूर नहीं। आप गाड़ी लॉक कर दें। सुबह तक फ्यूल भी आ जाएगा और आप लोग निकल जाएंगे।

[33:13] फ्यूल भी आ जाएगा और आप लोग निकल जाएंगे। उसी वक्त उसकी बीवी भी रोड के किनारे आकर

[33:16] उसी वक्त उसकी बीवी भी रोड के किनारे आकर खड़ी हो गई। वही औरत जिसने हिना से बात की

[33:19] खड़ी हो गई। वही औरत जिसने हिना से बात की थी। सर पर शॉल, सादा लिबास, देहातीती

[33:24] थी। सर पर शॉल, सादा लिबास, देहातीती अंदाज उसने हिना से कहा, बाजी बच्चों को

[33:27] अंदाज उसने हिना से कहा, बाजी बच्चों को ले आए। रात को यहां बैठना अच्छा नहीं है।

[33:30] ले आए। रात को यहां बैठना अच्छा नहीं है। मैं अब भी मुकम्मल मुतम नहीं था। मगर

[33:33] मैं अब भी मुकम्मल मुतम नहीं था। मगर ऑप्शन नहीं थे। गाड़ी में फ्यूल नहीं,

[33:35] ऑप्शन नहीं थे। गाड़ी में फ्यूल नहीं, नेटवर्क नहीं, बच्चों की हालत खराब और

[33:38] नेटवर्क नहीं, बच्चों की हालत खराब और पाइप खुद अजीब हालत में। मैंने

[33:42] पाइप खुद अजीब हालत में। मैंने गाड़ी लॉक की जरूरी चीजें उठाई और हम सब

[33:46] गाड़ी लॉक की जरूरी चीजें उठाई और हम सब नज़र के साथ नीचे उतरने लगे। रास्ते में एक

[33:49] नज़र के साथ नीचे उतरने लगे। रास्ते में एक बार फिर पायल की आवाज आई। मैंने फौरन नज़र

[33:52] बार फिर पायल की आवाज आई। मैंने फौरन नज़र की बीवी के पांव की तरफ देखा। उसके पांव

[33:55] की बीवी के पांव की तरफ देखा। उसके पांव में कोई पायल नहीं थी। उसने मेरी तरफ देखा

[33:58] में कोई पायल नहीं थी। उसने मेरी तरफ देखा जैसे उसे पता था मैंने क्या सुना है। मगर

[34:01] जैसे उसे पता था मैंने क्या सुना है। मगर उसने कुछ नहीं कहा। और अदनान भाई उसकी

[34:05] उसने कुछ नहीं कहा। और अदनान भाई उसकी खामोशी ने मुझे और ज्यादा डरा दिया। हम

[34:08] खामोशी ने मुझे और ज्यादा डरा दिया। हम नज़र के पीछेछे नीचे उतर रहे थे। रास्ता

[34:12] नज़र के पीछेछे नीचे उतर रहे थे। रास्ता इतना खराब था कि एक कदम सोच कर रखना पड़ता

[34:15] इतना खराब था कि एक कदम सोच कर रखना पड़ता था। एक तरफ पहाड़ की काली दीवार थी, दूसरी

[34:19] था। एक तरफ पहाड़ की काली दीवार थी, दूसरी तरफ ढिलवान। नीचे अंधेरे में कहीं-कहीं

[34:22] तरफ ढिलवान। नीचे अंधेरे में कहीं-कहीं रोशनी नजर आ रही थी। मगर वो रोशनी भी

[34:25] रोशनी नजर आ रही थी। मगर वो रोशनी भी सुकून नहीं दे रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे

[34:28] सुकून नहीं दे रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे हम किसी आबादी की तरफ नहीं किसी ऐसी जगह

[34:30] हम किसी आबादी की तरफ नहीं किसी ऐसी जगह जा रहे हैं जहां हमें नहीं जाना चाहिए था।

[34:33] जा रहे हैं जहां हमें नहीं जाना चाहिए था। वाइफ मेरे बिल्कुल साथ चल रही थी। मैंने

[34:36] वाइफ मेरे बिल्कुल साथ चल रही थी। मैंने उसका हाथ मजबूती से पकड़ रखा था। वो खामोश

[34:39] उसका हाथ मजबूती से पकड़ रखा था। वो खामोश थी मगर उसकी खामोशी आम खामोशी नहीं थी।

[34:42] थी मगर उसकी खामोशी आम खामोशी नहीं थी। कभी-कभी वो पीछे मुड़कर ऊपर सड़क की तरफ

[34:45] कभी-कभी वो पीछे मुड़कर ऊपर सड़क की तरफ देखती। कभी नीचे घड़े वाली तरफ। मैंने दो

[34:49] देखती। कभी नीचे घड़े वाली तरफ। मैंने दो बार पूछा हिना तबीयत ठीक है। वो हर बार

[34:52] बार पूछा हिना तबीयत ठीक है। वो हर बार सिर्फ यही कहती हां बस घर चलें। बच्चे

[34:55] सिर्फ यही कहती हां बस घर चलें। बच्चे बहुत डरे हुए थे पर यह बार-बार मेरी कमीज

[34:59] बहुत डरे हुए थे पर यह बार-बार मेरी कमीज पकड़ लेती। अरम के कदम लड़खड़ा रहे थे।

[35:02] पकड़ लेती। अरम के कदम लड़खड़ा रहे थे। मुस्तफा बड़ा था मगर उसके चेहरे पर भी खौफ

[35:05] मुस्तफा बड़ा था मगर उसके चेहरे पर भी खौफ साफ नजर आ रहा था। बहादुर बनने की कोशिश

[35:09] साफ नजर आ रहा था। बहादुर बनने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह बाप था। उसकी आंखों का

[35:11] कर रहा था लेकिन वह बाप था। उसकी आंखों का डर बढ़ सकता था। नज़र की बीवी सबसे पीछे

[35:15] डर बढ़ सकता था। नज़र की बीवी सबसे पीछे चल रही थी। उसने कोई बात नहीं कही। बस

[35:18] चल रही थी। उसने कोई बात नहीं कही। बस कभी-कभी हिना को देखती भी नजरें झुका ले

[35:21] कभी-कभी हिना को देखती भी नजरें झुका ले थी। मुझे उस औरत के इस अंदाज से भी डर लग

[35:24] थी। मुझे उस औरत के इस अंदाज से भी डर लग रहा था जैसे उसे हिना के बारे में कुछ

[35:27] रहा था जैसे उसे हिना के बारे में कुछ मालूम हो मगर वह कहना नहीं चाहती। तकरीबन

[35:29] मालूम हो मगर वह कहना नहीं चाहती। तकरीबन 20 मिनट बाद हम एक बड़े से घर के सामने

[35:32] 20 मिनट बाद हम एक बड़े से घर के सामने पहुंचे। घर पहाड़ के दामन में बना हुआ था।

[35:35] पहुंचे। घर पहाड़ के दामन में बना हुआ था। ना वो मुकम्मल गांव था ना मुकम्मल वीरान।

[35:38] ना वो मुकम्मल गांव था ना मुकम्मल वीरान। आसपास दो-तीन और घर दूर-दूर नजर आ रहे थे।

[35:42] आसपास दो-तीन और घर दूर-दूर नजर आ रहे थे। मगर उनमें रोशनी नहीं थी। नजीर का घर

[35:45] मगर उनमें रोशनी नहीं थी। नजीर का घर निस्बतन बड़ा था। चैन कुशादा दीवारें ऊंची

[35:49] निस्बतन बड़ा था। चैन कुशादा दीवारें ऊंची और एक तरफ पानी का नल दूसरी तरफ लकड़ी का

[35:53] और एक तरफ पानी का नल दूसरी तरफ लकड़ी का ढेर और पीछे की तरफ खाई का अंधेरा। दरवाजा

[35:56] ढेर और पीछे की तरफ खाई का अंधेरा। दरवाजा खुला तो अंदर से एक बूढ़ी औरत और दो बच्चे

[35:59] खुला तो अंदर से एक बूढ़ी औरत और दो बच्चे नजर आए। अजीब बात यह थी कि वो हमें देखकर

[36:02] नजर आए। अजीब बात यह थी कि वो हमें देखकर ज्यादा हैरान नहीं हुए। जैसे उन्हें पहले

[36:05] ज्यादा हैरान नहीं हुए। जैसे उन्हें पहले से मालूम हो कि रात को कोई मुसाफिर आने

[36:08] से मालूम हो कि रात को कोई मुसाफिर आने वाला है। नज़र ने हमें अंदर बिठाया और

[36:11] वाला है। नज़र ने हमें अंदर बिठाया और उसकी बीवी ने पहले पानी, फिर बच्चों के

[36:13] उसकी बीवी ने पहले पानी, फिर बच्चों के लिए रोटी और अंडे दिए। हमारे लिए दाल,

[36:17] लिए रोटी और अंडे दिए। हमारे लिए दाल, चावल और चाय ले आई। मैंने पहले मना किया

[36:20] चावल और चाय ले आई। मैंने पहले मना किया क्योंकि दिल घबरा रहा था मगर बच्चे भूखे

[36:23] क्योंकि दिल घबरा रहा था मगर बच्चे भूखे थे। नीना ने भी कहा बच्चों को कुछ खिला

[36:25] थे। नीना ने भी कहा बच्चों को कुछ खिला दें फिर देखते हैं। हम कमरे के कोने में

[36:28] दें फिर देखते हैं। हम कमरे के कोने में बैठकर खाना खाने लगे। नजीर हमारे सामने

[36:31] बैठकर खाना खाने लगे। नजीर हमारे सामने नहीं बैठा। बस थोड़ा फासले पर खड़ा रहा।

[36:34] नहीं बैठा। बस थोड़ा फासले पर खड़ा रहा। उसकी बीवी आती जाती रही। बूढ़ी औरत एक

[36:36] उसकी बीवी आती जाती रही। बूढ़ी औरत एक कमरे के दरवाजे से हमें देखती रही। खाना

[36:39] कमरे के दरवाजे से हमें देखती रही। खाना खाते हुए मैंने पहली बार हिना में वो

[36:41] खाते हुए मैंने पहली बार हिना में वो तब्दीली देखी जिसने मुझे अंदर तक हिला

[36:44] तब्दीली देखी जिसने मुझे अंदर तक हिला दिया। वो एक निवाला लेती। फिर अचानक सहन

[36:47] दिया। वो एक निवाला लेती। फिर अचानक सहन के खाली कोने की तरफ देखने लगती। जैसे

[36:51] के खाली कोने की तरफ देखने लगती। जैसे वहां कोई खड़ा हो। मैं पूछता क्या हुआ? वो

[36:54] वहां कोई खड़ा हो। मैं पूछता क्या हुआ? वो फौरन कहती कुछ नहीं। फिर वो पानी का गिलास

[36:57] फौरन कहती कुछ नहीं। फिर वो पानी का गिलास हाथ में लेकर उसे घूरने लगती। इतनी देर तक

[37:00] हाथ में लेकर उसे घूरने लगती। इतनी देर तक के मैंने उसके हाथ से गिलास लेकर नीचे

[37:03] के मैंने उसके हाथ से गिलास लेकर नीचे रखा। वो चौंक गई। फैसल क्या कर रहे हो?

[37:07] रखा। वो चौंक गई। फैसल क्या कर रहे हो? मैंने कहा तुम ठीक हो? वो बोली मैं ठीक

[37:10] मैंने कहा तुम ठीक हो? वो बोली मैं ठीक हूं बस सर भारी है। मगर वो ठीक नहीं थी।

[37:14] हूं बस सर भारी है। मगर वो ठीक नहीं थी। एक बार उसने अचानक अपना चेहरा दूसरी तरफ

[37:16] एक बार उसने अचानक अपना चेहरा दूसरी तरफ मोड़ा और हल्का सा मुस्कुराई। मैंने भी

[37:20] मोड़ा और हल्का सा मुस्कुराई। मैंने भी उसी तरफ देखा। वहां कोई नहीं था। सिर्फ

[37:22] उसी तरफ देखा। वहां कोई नहीं था। सिर्फ दीवार थी और दीवार के साथ अंधेरा।

[37:26] दीवार थी और दीवार के साथ अंधेरा। नजीर ने सब देखा। उसकी बीवी ने भी देखा।

[37:30] नजीर ने सब देखा। उसकी बीवी ने भी देखा। दोनों की नजरें एक लम्हे के लिए मिली। फिर

[37:32] दोनों की नजरें एक लम्हे के लिए मिली। फिर दोनों ने नजरें झुका ली। मुझे साफ महसूस

[37:35] दोनों ने नजरें झुका ली। मुझे साफ महसूस हुआ कि वो लोग कुछ जानते हैं। मगर वो

[37:38] हुआ कि वो लोग कुछ जानते हैं। मगर वो हमारे साथ खुलकर बोल नहीं रहे। खाने के

[37:41] हमारे साथ खुलकर बोल नहीं रहे। खाने के बाद नजीर हमें एक और दूसरे कमरे में ले

[37:44] बाद नजीर हमें एक और दूसरे कमरे में ले गया। कमरा बड़ा था लेकिन एक तरफ लकड़ी का

[37:48] गया। कमरा बड़ा था लेकिन एक तरफ लकड़ी का प्लंग था। दूसरी तरफ जमीन पर गद्दे बिछे

[37:50] प्लंग था। दूसरी तरफ जमीन पर गद्दे बिछे हुए थे। बच्चों के लिए रजाइयां रख दी गई

[37:53] हुए थे। बच्चों के लिए रजाइयां रख दी गई थी। दीवार के साथ एक पुरानी अलमारी थी और

[37:57] थी। दीवार के साथ एक पुरानी अलमारी थी और एक बड़ी खिड़की थी जो बाहर खाई की तरफ

[38:00] एक बड़ी खिड़की थी जो बाहर खाई की तरफ खुलती थी। मैंने खिड़की खोली और बाहर

[38:03] खुलती थी। मैंने खिड़की खोली और बाहर देखा। नीचे मुकम्मल अंधेरा था। कोई छत

[38:07] देखा। नीचे मुकम्मल अंधेरा था। कोई छत नहीं, कोई बरामदा नहीं, कोई जगह नहीं।

[38:10] नहीं, कोई बरामदा नहीं, कोई जगह नहीं। जहां इंसान खड़ा हो सके। खिड़की के बाहर

[38:13] जहां इंसान खड़ा हो सके। खिड़की के बाहर सीधा नीचे गहराई थी। मैंने फौरन खिड़की

[38:17] सीधा नीचे गहराई थी। मैंने फौरन खिड़की बंद की और कुंडी लगा दी। नजीर ने मुझे

[38:20] बंद की और कुंडी लगा दी। नजीर ने मुझे देखकर कहा दरवाजा अंदर से बंद कर लीजिएगा।

[38:23] देखकर कहा दरवाजा अंदर से बंद कर लीजिएगा। रात को बाहर निकलने की जरूरत नहीं। मैंने

[38:26] रात को बाहर निकलने की जरूरत नहीं। मैंने पूछा आप यह बार-बार क्यों कह रहे हैं? वो

[38:30] पूछा आप यह बार-बार क्यों कह रहे हैं? वो चलना खामोश रहा। फिर बोला यह पहाड़ी इलाका

[38:33] चलना खामोश रहा। फिर बोला यह पहाड़ी इलाका है। रात को रास्ता अच्छा नहीं होता और

[38:36] है। रात को रास्ता अच्छा नहीं होता और आपकी बेगम तबीयत भी ठीक नहीं लग रही।

[38:40] आपकी बेगम तबीयत भी ठीक नहीं लग रही। मैंने उसके चेहरे को गौर से देखा। वो कुछ

[38:42] मैंने उसके चेहरे को गौर से देखा। वो कुछ छुपा रहा था। मगर उस वक्त मैं बच्चों के

[38:45] छुपा रहा था। मगर उस वक्त मैं बच्चों के सामने बहस नहीं करना चाहता था। नसीर चला

[38:47] सामने बहस नहीं करना चाहता था। नसीर चला गया। मैंने दरवाजा अंदर से बंद किया।

[38:50] गया। मैंने दरवाजा अंदर से बंद किया। बच्चे गद्दों पर लेट गए। मरियम हिना के

[38:52] बच्चे गद्दों पर लेट गए। मरियम हिना के साथ लिपट गई। अरम ने पूछा बाबा सुबह हम

[38:56] साथ लिपट गई। अरम ने पूछा बाबा सुबह हम वापस जाएंगे ना? मैंने कहा हां बेटा सुबह

[38:58] वापस जाएंगे ना? मैंने कहा हां बेटा सुबह होती। मुस्तफा खामोश था। वो खिड़की को देख

[39:02] होती। मुस्तफा खामोश था। वो खिड़की को देख रहा था। मैंने कहा तुम भी सो जाओ। वो बोला

[39:04] रहा था। मैंने कहा तुम भी सो जाओ। वो बोला बाबा खिड़की के बाहर कोई आ तो नहीं सकता

[39:07] बाबा खिड़की के बाहर कोई आ तो नहीं सकता ना। मैंने खिड़की की तरफ देखा। फिर उसे

[39:11] ना। मैंने खिड़की की तरफ देखा। फिर उसे तसल्ली दी। नहीं बेटा वहां बाहर जगह ही

[39:13] तसल्ली दी। नहीं बेटा वहां बाहर जगह ही नहीं है। यह कहते हुए मुझे खुद भी अजीब

[39:16] नहीं है। यह कहते हुए मुझे खुद भी अजीब लगा क्योंकि यही बात बाद में मेरे लिए

[39:19] लगा क्योंकि यही बात बाद में मेरे लिए सबसे खौफनाक बनने वाली थी। कुछ देर बाद

[39:22] सबसे खौफनाक बनने वाली थी। कुछ देर बाद बच्चे सो गए। हिना भी लेट गई। मैं पलंग के

[39:25] बच्चे सो गए। हिना भी लेट गई। मैं पलंग के किनारे बैठा रहा। मेरी आंखों में नींद

[39:27] किनारे बैठा रहा। मेरी आंखों में नींद नहीं थी। बाहर सहन सेहल की रोशनी कमरे के

[39:31] नहीं थी। बाहर सहन सेहल की रोशनी कमरे के नीचे आ रही थी। घर के अंदर खामोशी थी मगर

[39:34] नीचे आ रही थी। घर के अंदर खामोशी थी मगर वो सुकून वाली खामोशी नहीं थी। ऐसी खामोशी

[39:37] वो सुकून वाली खामोशी नहीं थी। ऐसी खामोशी थी जैसे लोग जानबूझकर सांस रोक कर लेटे

[39:41] थी जैसे लोग जानबूझकर सांस रोक कर लेटे हो। तकरीबन आधी रात के बाद मुझे सहन से

[39:43] हो। तकरीबन आधी रात के बाद मुझे सहन से पायल की आवाज आई। मैं सीधा होकर बैठ गया।

[39:48] पायल की आवाज आई। मैं सीधा होकर बैठ गया। पहले मैंने सोचा शायद नज़र की बीवी होगी

[39:51] पहले मैंने सोचा शायद नज़र की बीवी होगी मगर फिर आवाज के साथ एक हल्की सी हंसी आई।

[39:54] मगर फिर आवाज के साथ एक हल्की सी हंसी आई। बिल्कुल वही हंसी वही जो मंदिर में थी।

[39:57] बिल्कुल वही हंसी वही जो मंदिर में थी। वही जो सड़क पर सुनाई दी थी। मैंने फौरन

[40:00] वही जो सड़क पर सुनाई दी थी। मैंने फौरन हिना की तरफ देखा। पलंग खाली था। दान भाई

[40:04] हिना की तरफ देखा। पलंग खाली था। दान भाई मेरा दिल जैसे एकदम हाथ से निकल गया।

[40:07] मेरा दिल जैसे एकदम हाथ से निकल गया। दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की बंद थी।

[40:09] दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की बंद थी। फिर रीना बाहर कैसे गई? मैंने जल्दी से

[40:11] फिर रीना बाहर कैसे गई? मैंने जल्दी से बच्चों को देखा। तीनों सो रहे थे। मैंने

[40:14] बच्चों को देखा। तीनों सो रहे थे। मैंने आहिस्ते से दरवाजा खोला और सहन में झांका।

[40:17] आहिस्ते से दरवाजा खोला और सहन में झांका। जो मंजर मैंने देखा वो आज भी मेरे आंखों

[40:20] जो मंजर मैंने देखा वो आज भी मेरे आंखों के सामने। हिना सहन के बीच में थी। वो आम

[40:24] के सामने। हिना सहन के बीच में थी। वो आम इंसान की तरह नहीं चल रही थी। कभी दोनों

[40:27] इंसान की तरह नहीं चल रही थी। कभी दोनों हाथ जमीन पर रखकर आगे बढ़ती। कभी अचानक

[40:31] हाथ जमीन पर रखकर आगे बढ़ती। कभी अचानक पलट कर ऐसे मुड़ती जैसे कोई कम उम्र लड़की

[40:34] पलट कर ऐसे मुड़ती जैसे कोई कम उम्र लड़की खेल में कलाबाजियां खा रही होती। उसका

[40:37] खेल में कलाबाजियां खा रही होती। उसका जिस्म भारी था। वो जिंदगी में कभी इस तरह

[40:40] जिस्म भारी था। वो जिंदगी में कभी इस तरह हरकत नहीं कर सकती थी। मगर उस रात वो इतनी

[40:43] हरकत नहीं कर सकती थी। मगर उस रात वो इतनी देर और लजक से हरकत कर रही थी कि मुझे

[40:46] देर और लजक से हरकत कर रही थी कि मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं आ रहा था। कभी वो

[40:49] अपनी आंखों पर यकीन नहीं आ रहा था। कभी वो धम से जमीन पर बैठ जाती कि फौरन उठकर हंस

[40:53] धम से जमीन पर बैठ जाती कि फौरन उठकर हंस देती। कभी बेसन के पास जाती नल खोलती।

[40:57] देती। कभी बेसन के पास जाती नल खोलती। दोनों हाथ पानी के नीचे रख लेती। और ऐसे

[41:00] दोनों हाथ पानी के नीचे रख लेती। और ऐसे खड़ी रहती जैसे पानी में लुत्फ ले रही हो।

[41:03] खड़ी रहती जैसे पानी में लुत्फ ले रही हो। फिर उंगलियों से गीली जमीन पर कुछ बनाने

[41:05] फिर उंगलियों से गीली जमीन पर कुछ बनाने लगती। मैंने गौर किया तो वो सीधी लकीरें

[41:09] लगती। मैंने गौर किया तो वो सीधी लकीरें नहीं थी जैसे कोई निशान बना रही हो जैसे

[41:12] नहीं थी जैसे कोई निशान बना रही हो जैसे वो किसी ऐसी जुबान में कुछ लिख रही हो

[41:15] वो किसी ऐसी जुबान में कुछ लिख रही हो जिसे मैं नहीं समझ सकता था। मैंने हिम्मत

[41:18] जिसे मैं नहीं समझ सकता था। मैंने हिम्मत करके आहिस्ता से कहा हिना वो रुक गई। उसने

[41:21] करके आहिस्ता से कहा हिना वो रुक गई। उसने गर्दन मेरी तरफ मोड़ी। उसके चेहरे पर

[41:24] गर्दन मेरी तरफ मोड़ी। उसके चेहरे पर मुस्कुराहट थी। मगर वो हिना की मुस्कुराहट

[41:27] मुस्कुराहट थी। मगर वो हिना की मुस्कुराहट नहीं थी। उसमें पहचान नहीं थी। उसमें नरमी

[41:30] नहीं थी। उसमें पहचान नहीं थी। उसमें नरमी नहीं थी। वो मुस्कुराहट ऐसी थी जैसे कोई

[41:33] नहीं थी। वो मुस्कुराहट ऐसी थी जैसे कोई चीज मुझे देखकर खुश हो रही हो कि मैं डर

[41:36] चीज मुझे देखकर खुश हो रही हो कि मैं डर गया हूं। मैं उसके करीब गया ही ना अंदर

[41:39] गया हूं। मैं उसके करीब गया ही ना अंदर आओ। बच्चे सो रहे हैं। उसने बहुत आहिस्ता

[41:42] आओ। बच्चे सो रहे हैं। उसने बहुत आहिस्ता से कहा वो बुला रही है। मेरे मुंह से

[41:44] से कहा वो बुला रही है। मेरे मुंह से निकला कौन? वो चंद लम्हे मुझे देखती रही।

[41:47] निकला कौन? वो चंद लम्हे मुझे देखती रही। फिर अचानक जैसे होश में आ गई। उसकी आंखों

[41:51] फिर अचानक जैसे होश में आ गई। उसकी आंखों में खौफ भर गया था। फैसल मैं यहां कैसे

[41:54] में खौफ भर गया था। फैसल मैं यहां कैसे आई? मैंने उसे बाजू से पकड़ा और कमरे में

[41:57] आई? मैंने उसे बाजू से पकड़ा और कमरे में ले आया। वो कांप रही थी। मैंने उसे प्लंग

[42:00] ले आया। वो कांप रही थी। मैंने उसे प्लंग पर लेटाया। उसने पूछा मैंने कुछ नहीं

[42:02] पर लेटाया। उसने पूछा मैंने कुछ नहीं किया। मैं झूठ बोला नहीं तुम नींद में उठ

[42:05] किया। मैं झूठ बोला नहीं तुम नींद में उठ गई थी। थकन की वजह से होगा। लेकिन वो खुद

[42:08] गई थी। थकन की वजह से होगा। लेकिन वो खुद जानती थी कि बात इतनी मामूली नहीं है।

[42:11] जानती थी कि बात इतनी मामूली नहीं है। मैंने दरवाजा फिर बंद किया। खिड़की कुंडी

[42:13] मैंने दरवाजा फिर बंद किया। खिड़की कुंडी देखी। बच्चों को देखा सब सो रहे थे। मैं

[42:17] देखी। बच्चों को देखा सब सो रहे थे। मैं चाहता था कि बाकी रात जाकर गुजार दूं। मगर

[42:19] चाहता था कि बाकी रात जाकर गुजार दूं। मगर इंसान चाहे कितना भी डरा हुआ हो। थकन अपना

[42:23] इंसान चाहे कितना भी डरा हुआ हो। थकन अपना काम करती।

[42:25] काम करती। शायद मेरी आंख चंद लम्हों के लिए लग गई।

[42:28] शायद मेरी आंख चंद लम्हों के लिए लग गई। फिर मुस्तफा की दबी हुई आवाज ने मुझे

[42:30] फिर मुस्तफा की दबी हुई आवाज ने मुझे जगाया। पापा मैंने आंख खोली। कमरे में

[42:34] जगाया। पापा मैंने आंख खोली। कमरे में अंधेरा था। मुस्तफा गद्दे पर बैठा था।

[42:36] अंधेरा था। मुस्तफा गद्दे पर बैठा था। उसका चेहरा खौफ से सफेद था। वो बोल नहीं

[42:39] उसका चेहरा खौफ से सफेद था। वो बोल नहीं पा रहा था। मैंने फौरन हिरा की तरफ देखा।

[42:42] पा रहा था। मैंने फौरन हिरा की तरफ देखा। वो पलंग पर नहीं थी। इस बार दरवाजा अंदर

[42:45] वो पलंग पर नहीं थी। इस बार दरवाजा अंदर से बंद था मगर खिड़की कुंडी खुली हुई थी।

[42:49] से बंद था मगर खिड़की कुंडी खुली हुई थी। मैं उठा मगर मुस्तफा ने मेरा हाथ पकड़

[42:52] मैं उठा मगर मुस्तफा ने मेरा हाथ पकड़ लिया। उसकी आवाज कांप रही थी। बाबा मम्मा

[42:55] लिया। उसकी आवाज कांप रही थी। बाबा मम्मा पहले खिड़की के पास खड़ी थी। फिर उन्होंने

[42:58] पहले खिड़की के पास खड़ी थी। फिर उन्होंने बाहर झांका। फिर वो खिड़की से बाहर चली

[43:00] बाहर झांका। फिर वो खिड़की से बाहर चली गई। मैंने कहा बेटा ऐसा नहीं हो सकता।

[43:04] गई। मैंने कहा बेटा ऐसा नहीं हो सकता। बाहर जगह ही नहीं है। मुस्तफा रोने लगा।

[43:06] बाहर जगह ही नहीं है। मुस्तफा रोने लगा। बाबा मैंने देखा है। फिर थोड़ी देर बाद

[43:09] बाबा मैंने देखा है। फिर थोड़ी देर बाद मम्मा बाहर से अंदर देख रही थी। नान भाई

[43:12] मम्मा बाहर से अंदर देख रही थी। नान भाई ये जुमला सुनकर मेरे अंदर जैसे सब कुछ रुक

[43:14] ये जुमला सुनकर मेरे अंदर जैसे सब कुछ रुक गया। बाहर से अंदर देख रही थी। खिड़की

[43:18] गया। बाहर से अंदर देख रही थी। खिड़की बाहर खड़े होने की जगह ही नहीं थी। नीचे

[43:20] बाहर खड़े होने की जगह ही नहीं थी। नीचे खाई थी। अगर कोई बाहर जाता तो सीधा नीचे

[43:23] खाई थी। अगर कोई बाहर जाता तो सीधा नीचे गिरता। मैंने खिड़की खोली और नीचे देखा

[43:26] गिरता। मैंने खिड़की खोली और नीचे देखा अंधेरा था। मैंने हाथ वाली [संगीत] बत्ती

[43:28] अंधेरा था। मैंने हाथ वाली [संगीत] बत्ती नीचे मारी मगर रोशनी गहराई में खो गई। कुछ

[43:32] नीचे मारी मगर रोशनी गहराई में खो गई। कुछ नजर नहीं आया। उसी वक्त कमरे के दरवाजे पर

[43:35] नजर नहीं आया। उसी वक्त कमरे के दरवाजे पर दस्तक हुई। मैंने बच्चों को इशारा किया कि

[43:38] दस्तक हुई। मैंने बच्चों को इशारा किया कि खामोश रहे। फिर पूछा कौन? बाहर नज़र की

[43:42] खामोश रहे। फिर पूछा कौन? बाहर नज़र की आवाें आई। फैसल [संगीत] साहब दरवाजा

[43:45] आवाें आई। फैसल [संगीत] साहब दरवाजा खोलिए। मैंने दरवाजा खोला। नसीर खड़ा था।

[43:48] खोलिए। मैंने दरवाजा खोला। नसीर खड़ा था। उसके हाथ में लालटेन थी। चेहरे पर डर साफ

[43:51] उसके हाथ में लालटेन थी। चेहरे पर डर साफ था। वो बोला आपकी बेगम बाहर जंगल की तरफ

[43:53] था। वो बोला आपकी बेगम बाहर जंगल की तरफ गई है। मैंने अभी देखा है। मैंने कहा यह

[43:57] गई है। मैंने अभी देखा है। मैंने कहा यह कैसे हो सकता है? दरवाजा अंदर से बंद था।

[44:00] कैसे हो सकता है? दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की के बाहर तो कोई खाई है। नजीर ने

[44:03] खिड़की के बाहर तो कोई खाई है। नजीर ने कमरे के अंदर देखा। हिना वाकई नहीं थी।

[44:06] कमरे के अंदर देखा। हिना वाकई नहीं थी। उसने नजरें झुका ली। बच्चों को अंदर रहने

[44:09] उसने नजरें झुका ली। बच्चों को अंदर रहने दे। मेरी बीवी उनके पास बैठ जाएगी। आप

[44:13] दे। मेरी बीवी उनके पास बैठ जाएगी। आप मेरे साथ आए देर ना करें। मैंने मुस्तफा

[44:17] मेरे साथ आए देर ना करें। मैंने मुस्तफा को सीने से लगाया। वह अभी भी कांप रहा था।

[44:20] को सीने से लगाया। वह अभी भी कांप रहा था। मरियम और अरहम भी जाग चुके थे और रोने लगे

[44:24] मरियम और अरहम भी जाग चुके थे और रोने लगे थे। नज़र की बीवी अंदर आ गई। उसने बच्चों

[44:27] थे। नज़र की बीवी अंदर आ गई। उसने बच्चों को अपने पास बिठाया। मैं नज़र के साथ बाहर

[44:31] को अपने पास बिठाया। मैं नज़र के साथ बाहर निकला। चैन से बाहर जाते हुए मुझे दोबारा

[44:34] निकला। चैन से बाहर जाते हुए मुझे दोबारा वही पायल की आवाज आई। इस बार आवाज घर के

[44:37] वही पायल की आवाज आई। इस बार आवाज घर के पीछे से आ रही थी। नज़र ने भी सुनी। उसने

[44:41] पीछे से आ रही थी। नज़र ने भी सुनी। उसने एक लम्हे के लिए कदम रोक दिए। फिर बहुत

[44:43] एक लम्हे के लिए कदम रोक दिए। फिर बहुत आहिस्ता से कहा आवाज के पीछे नजर ना

[44:46] आहिस्ता से कहा आवाज के पीछे नजर ना दौड़ाएं। बस मेरे साथ चलते रहें। हम घर के

[44:49] दौड़ाएं। बस मेरे साथ चलते रहें। हम घर के पिछले हिस्से से एक कच्चे रास्ते पर

[44:51] पिछले हिस्से से एक कच्चे रास्ते पर निकले। वहां छोटा सा जंगल था। दरख्त बहुत

[44:54] निकले। वहां छोटा सा जंगल था। दरख्त बहुत घने नहीं मगर रात में हर दरख्त के पीछे

[44:58] घने नहीं मगर रात में हर दरख्त के पीछे किसी खड़े होने का एहसास होता था। जमीन

[45:01] किसी खड़े होने का एहसास होता था। जमीन पुथरीली थी। लालटेन की रोशनी कम थी लेकिन

[45:04] पुथरीली थी। लालटेन की रोशनी कम थी लेकिन उसमें हमें रास्ता नजर आ रहा था। मैं

[45:07] उसमें हमें रास्ता नजर आ रहा था। मैं बार-बार हिना का नाम पुकारता मगर कोई जवाब

[45:10] बार-बार हिना का नाम पुकारता मगर कोई जवाब नहीं आता। फिर कुछ फासले पर एक हल्की सी

[45:12] नहीं आता। फिर कुछ फासले पर एक हल्की सी हंसी सुनाई दी। नजीर रुक गया। उसने लालटेन

[45:15] हंसी सुनाई दी। नजीर रुक गया। उसने लालटेन ऊपर की। सामने एक दरख्त के पास हिना बैठी

[45:18] ऊपर की। सामने एक दरख्त के पास हिना बैठी थी। वो जमीन पर उकड़ू बैठी थी। सर नीचे

[45:22] थी। वो जमीन पर उकड़ू बैठी थी। सर नीचे हाथ घुटनों पर पांव नंगे। उसके पांव

[45:25] हाथ घुटनों पर पांव नंगे। उसके पांव मिट्टी और पत्थरों से भरे हुए थे। कमरे

[45:28] मिट्टी और पत्थरों से भरे हुए थे। कमरे में सोने से पहले उसने चप्पल उतारी थी। वो

[45:31] में सोने से पहले उसने चप्पल उतारी थी। वो चप्पल अब भी कमरे में थी। फिर वो नंगे

[45:33] चप्पल अब भी कमरे में थी। फिर वो नंगे पांव उस पथरीले रास्ते पर कैसे आई? मैं

[45:36] पांव उस पथरीले रास्ते पर कैसे आई? मैं आहिस्ता से करीब गया। हिना उसने सर नहीं

[45:39] आहिस्ता से करीब गया। हिना उसने सर नहीं उठाया। मैंने उसके कांधे पर हाथ रखा। उसने

[45:42] उठाया। मैंने उसके कांधे पर हाथ रखा। उसने आहिस्ता से चेहरा मेरी तरफ किया। उसकी

[45:44] आहिस्ता से चेहरा मेरी तरफ किया। उसकी आंखों में सुर्खी थी। मैं यह नहीं कहूंगा

[45:47] आंखों में सुर्खी थी। मैं यह नहीं कहूंगा कि कोई आग जल रही थी या कोई फिल्मी मंजिर

[45:49] कि कोई आग जल रही थी या कोई फिल्मी मंजिर था। मगर वो सुर्खी आम नहीं थी। उसकी आंखें

[45:52] था। मगर वो सुर्खी आम नहीं थी। उसकी आंखें ऐसी लग रही थी जैसे वो बहुत देर से किसी

[45:55] ऐसी लग रही थी जैसे वो बहुत देर से किसी अंधेरे में खुली रही। बगैर पलक झुपकाए और

[45:59] अंधेरे में खुली रही। बगैर पलक झुपकाए और फिर मुस्कुरा दी। वो मुस्कुराहट मैं पीछे

[46:02] फिर मुस्कुरा दी। वो मुस्कुराहट मैं पीछे हटने ही वाला था कि अचानक उसका चेहरा बदल

[46:05] हटने ही वाला था कि अचानक उसका चेहरा बदल गया। असल घबरा कर बोली मैं यहां क्यों

[46:08] गया। असल घबरा कर बोली मैं यहां क्यों हूं? मैंने उसे उठाया वो कांप रही थी।

[46:10] हूं? मैंने उसे उठाया वो कांप रही थी। नजीर लालटेन नीचे की और बहुत आहिस्ता से

[46:14] नजीर लालटेन नीचे की और बहुत आहिस्ता से कहा ये असल यहां का नहीं है। यह आपके साथ

[46:17] कहा ये असल यहां का नहीं है। यह आपके साथ आया है। मैंने उसकी तरफ देखा। आपको कैसे

[46:20] आया है। मैंने उसकी तरफ देखा। आपको कैसे पता? नज़र ने जवाब दिया। बस कहा उसे घर ले

[46:23] पता? नज़र ने जवाब दिया। बस कहा उसे घर ले चले। सुबह का इंतजार मुनासिब नहीं। हम

[46:26] चले। सुबह का इंतजार मुनासिब नहीं। हम वापस आए तो नज़र के घर वाले जाग रहे थे।

[46:29] वापस आए तो नज़र के घर वाले जाग रहे थे। उसकी बीवी ने हिना के पांव साफ किए। बच्चे

[46:33] उसकी बीवी ने हिना के पांव साफ किए। बच्चे उससे लिपट गए। हिना रो रही थी। वो बार-बार

[46:35] उससे लिपट गए। हिना रो रही थी। वो बार-बार कह रही थी फैसल मुझे वाकई कुछ याद नहीं।

[46:38] कह रही थी फैसल मुझे वाकई कुछ याद नहीं। मैंने नजीर से साफ पूछा आप लोग कुछ जानते

[46:41] मैंने नजीर से साफ पूछा आप लोग कुछ जानते हैं? नज़र कुछ देर खामोश रहा। फिर बोला आप

[46:44] हैं? नज़र कुछ देर खामोश रहा। फिर बोला आप किसी पुरानी जगह से आए। कोई वीरान इमारत,

[46:48] किसी पुरानी जगह से आए। कोई वीरान इमारत, कोई जगह। कोई ऐसी जगह जहां कुछ बंद था।

[46:52] कोई जगह। कोई ऐसी जगह जहां कुछ बंद था। मेरे पास झूठ बोलने की हिम्मत नहीं थी।

[46:54] मेरे पास झूठ बोलने की हिम्मत नहीं थी। मैंने उसे मंदिर वाली बात बताई। लोहे के

[46:56] मैंने उसे मंदिर वाली बात बताई। लोहे के दरवाजे वाली बात। नजीर ने सर झुका लिया।

[47:00] दरवाजे वाली बात। नजीर ने सर झुका लिया। उसकी बीवी ने बच्चों को अपने पास कर

[47:02] उसकी बीवी ने बच्चों को अपने पास कर [संगीत] लिया जैसे वह डर गई हो। नजीर बोला

[47:05] [संगीत] लिया जैसे वह डर गई हो। नजीर बोला फिर देर मत करें। आपको वापस जाना होगा।

[47:08] फिर देर मत करें। आपको वापस जाना होगा। जहां यह शुरू हुआ है वहीं जाकर खत्म होगा।

[47:12] जहां यह शुरू हुआ है वहीं जाकर खत्म होगा। मैंने कहा अभी रात को। बोला यहां सुबह तक

[47:15] मैंने कहा अभी रात को। बोला यहां सुबह तक रुकना आपके लिए अच्छा नहीं। मैं पेट्रोल

[47:17] रुकना आपके लिए अच्छा नहीं। मैं पेट्रोल का बंदोबस्त करता हूं। आप गाड़ी तक चलने

[47:19] का बंदोबस्त करता हूं। आप गाड़ी तक चलने की तैयारी करें। उसने अपने एक जानने वाले

[47:21] की तैयारी करें। उसने अपने एक जानने वाले को बुलाया। वह आदमी नीचे दूसरे घर से आया।

[47:25] को बुलाया। वह आदमी नीचे दूसरे घर से आया। दोनों कहीं गए और कुछ देर बाद चंद बोतलों

[47:27] दोनों कहीं गए और कुछ देर बाद चंद बोतलों में पेट्रोल ले आए। मैंने पैसे देने चाहे

[47:30] में पेट्रोल ले आए। मैंने पैसे देने चाहे मगर नजीर ने हाथ रोक दिए। पहले यहां से

[47:33] मगर नजीर ने हाथ रोक दिए। पहले यहां से निकले पैसे बाद की बात है। हमने बच्चों को

[47:35] निकले पैसे बाद की बात है। हमने बच्चों को तैयार किया है। हिना कमजोर थी मगर होश में

[47:38] तैयार किया है। हिना कमजोर थी मगर होश में थी। मैंने उसे एक लम्हे के लिए भी अकेला

[47:41] थी। मैंने उसे एक लम्हे के लिए भी अकेला नहीं छोड़ा। नजीर और दूसरा आदमी हमें ऊपर

[47:44] नहीं छोड़ा। नजीर और दूसरा आदमी हमें ऊपर सड़क तक ले गया है। रास्ते में कई बार

[47:46] सड़क तक ले गया है। रास्ते में कई बार मुझे महसूस हुआ जैसे कोई हमारे पीछे चल

[47:49] मुझे महसूस हुआ जैसे कोई हमारे पीछे चल रहा है। पायल की आवाज कभी करीब आती कभी

[47:51] रहा है। पायल की आवाज कभी करीब आती कभी दूर जाती मगर मैंने पीछे नहीं देखा। गाड़ी

[47:55] दूर जाती मगर मैंने पीछे नहीं देखा। गाड़ी वहीं खड़ी थी। मैंने पेट्रोल डाला। खुदा

[47:58] वहीं खड़ी थी। मैंने पेट्रोल डाला। खुदा का शुक्र है गाड़ी चल पड़ी। उस वक्त इंजन

[48:00] का शुक्र है गाड़ी चल पड़ी। उस वक्त इंजन की आवाज मेरे लिए किसी मदद से कम नहीं थी।

[48:03] की आवाज मेरे लिए किसी मदद से कम नहीं थी। नजीर ने जाते-जाते कहा, आगे सफर ना करें।

[48:05] नजीर ने जाते-जाते कहा, आगे सफर ना करें। वापस जाएं। जिस दरवाजे को खोला है, उसे

[48:08] वापस जाएं। जिस दरवाजे को खोला है, उसे बंद करवाएं। वरना यह चीज आपके घर तक

[48:10] बंद करवाएं। वरना यह चीज आपके घर तक जाएगी। हिना ने बात सुनी तो उसने आंखें

[48:13] जाएगी। हिना ने बात सुनी तो उसने आंखें बंद कर ली। हम गाड़ी लेकर आगे बढ़े। बच्चे

[48:16] बंद कर ली। हम गाड़ी लेकर आगे बढ़े। बच्चे खामोश थे। कोई एक लफ्ज नहीं बोल रहा था।

[48:19] खामोश थे। कोई एक लफ्ज नहीं बोल रहा था। कुछ दूर जाकर हिना ने बहुत आहिस्ता से

[48:22] कुछ दूर जाकर हिना ने बहुत आहिस्ता से कहा। दरअसल मैंने ख्वाब में एक औरत देखी

[48:25] कहा। दरअसल मैंने ख्वाब में एक औरत देखी थी। मैंने पूछा क्या कह रही थी? हिना बोली

[48:28] थी। मैंने पूछा क्या कह रही थी? हिना बोली वो कह रही थी तू मुझे जगाया है। अब वापस

[48:30] वो कह रही थी तू मुझे जगाया है। अब वापस आओ। मेरे पांव तले जमीन निकल गई। मैंने

[48:33] आओ। मेरे पांव तले जमीन निकल गई। मैंने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। फिर रीना ने

[48:36] गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। फिर रीना ने अचानक दाएं शीशे की तरफ देखा और उसका

[48:38] अचानक दाएं शीशे की तरफ देखा और उसका चेहरा बदल गया। पैसल शीशे में देखो। मैंने

[48:41] चेहरा बदल गया। पैसल शीशे में देखो। मैंने दाएं तरफ के आईने में देखा। सड़क के

[48:44] दाएं तरफ के आईने में देखा। सड़क के किनारे एक औरत खड़ी थी। सफेद पुराने

[48:46] किनारे एक औरत खड़ी थी। सफेद पुराने कपड़े, सर झुका हुआ, बाल, चेहरे के आगे वो

[48:49] कपड़े, सर झुका हुआ, बाल, चेहरे के आगे वो कुछ नहीं कर रही थी। बस हमें देख रही थी।

[48:52] कुछ नहीं कर रही थी। बस हमें देख रही थी। गाड़ी आगे बढ़ रही थी। मगर आईने में वो

[48:54] गाड़ी आगे बढ़ रही थी। मगर आईने में वो औरत छोटी नहीं हो रही थी। उसी फासले पर

[48:58] औरत छोटी नहीं हो रही थी। उसी फासले पर खड़ी थी। जैसे गांव के साथ-साथ चल रही हो।

[49:00] खड़ी थी। जैसे गांव के साथ-साथ चल रही हो। इन्होंना ने आयत कुर्सी पढ़नी शुरू कर दी।

[49:03] इन्होंना ने आयत कुर्सी पढ़नी शुरू कर दी। बच्चों ने भी पीछे पढ़ना शुरू किया। मैंने

[49:05] बच्चों ने भी पीछे पढ़ना शुरू किया। मैंने आईने से नजर हटाने की कोशिश की। मगर आंख

[49:08] आईने से नजर हटाने की कोशिश की। मगर आंख बार-बार वहीं जा रही थी। एक मोड़ आया,

[49:11] बार-बार वहीं जा रही थी। एक मोड़ आया, गाड़ी मुड़ी। आईना खाली हो गया। औरत गायब

[49:14] गाड़ी मुड़ी। आईना खाली हो गया। औरत गायब थी। लेकिन अदान भाई मुझे उस वक्त साफ

[49:17] थी। लेकिन अदान भाई मुझे उस वक्त साफ महसूस हो गया था कि वो खत्म नहीं हुई। वो

[49:19] महसूस हो गया था कि वो खत्म नहीं हुई। वो बस नजर से हटी है। हमने नॉर्थ का सफर वहीं

[49:23] बस नजर से हटी है। हमने नॉर्थ का सफर वहीं खत्म कर दिया। सुबह तक हम वापस पंजाब की

[49:25] खत्म कर दिया। सुबह तक हम वापस पंजाब की तरफ निकल चुके थे। गांव पहुंचे तो चाचा

[49:28] तरफ निकल चुके थे। गांव पहुंचे तो चाचा रफीक ने हमें देखते ही समझ लिया मामला

[49:31] रफीक ने हमें देखते ही समझ लिया मामला बहुत बिगड़ चुका है। मैंने इस बार सब कुछ

[49:33] बहुत बिगड़ चुका है। मैंने इस बार सब कुछ सच-सच बता दिया। चाचा रफीक ने सर पकड़

[49:36] सच-सच बता दिया। चाचा रफीक ने सर पकड़ लिया। फैसल पुत्तर अब किसी समझदार बंदे को

[49:39] लिया। फैसल पुत्तर अब किसी समझदार बंदे को दिखाए बगैर बात नहीं बनेगी। उसी रात वो

[49:41] दिखाए बगैर बात नहीं बनेगी। उसी रात वो मुझे करीबी फासले के एक बुजुर्ग के पास ले

[49:44] मुझे करीबी फासले के एक बुजुर्ग के पास ले गए। वो कोई डरामाई आमिल नहीं थे। सादा

[49:46] गए। वो कोई डरामाई आमिल नहीं थे। सादा लिबास, सफेद दाढ़ी, खामोश तबीयत उन्होंने

[49:49] लिबास, सफेद दाढ़ी, खामोश तबीयत उन्होंने हिना को देखा। फिर मेरी तरफ देखा और पहला

[49:52] हिना को देखा। फिर मेरी तरफ देखा और पहला सवाल यही किया। तुमने बंद जगह खोली है।

[49:55] सवाल यही किया। तुमने बंद जगह खोली है। मैंने सर झुका दिया। वो बोले अब अमल वहीं

[49:58] मैंने सर झुका दिया। वो बोले अब अमल वहीं होगा जहां से यह शुरू हुआ है। मंदिर के

[50:01] होगा जहां से यह शुरू हुआ है। मंदिर के पास इनर ने डर कर कहा मैं वहां नहीं

[50:04] पास इनर ने डर कर कहा मैं वहां नहीं जाऊंगी। बुजुर्ग ने आहिस्ता संजीता लहजेचे

[50:07] जाऊंगी। बुजुर्ग ने आहिस्ता संजीता लहजेचे में कहा तुम नहीं जाओगी तो खुद तुम्हारे

[50:09] में कहा तुम नहीं जाओगी तो खुद तुम्हारे लिए आ जाएगी। कमरे में खामोशी छा गई और

[50:13] लिए आ जाएगी। कमरे में खामोशी छा गई और अदनान भाई उसी लम्हे मुझे समझ आ गया कि अब

[50:16] अदनान भाई उसी लम्हे मुझे समझ आ गया कि अब हमें दोबारा उस बंजर जमीन, उसी मंदिर और

[50:18] हमें दोबारा उस बंजर जमीन, उसी मंदिर और उसी दरवाजे के सामने जाना होगा। जिसे खोल

[50:21] उसी दरवाजे के सामने जाना होगा। जिसे खोल कर मैं अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कर

[50:24] कर मैं अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कर चुका हूं। गांव वापस आकर चाचा रफीक हमें

[50:27] चुका हूं। गांव वापस आकर चाचा रफीक हमें एक बुजुर्ग के पास लेकर आए। बुजुर्ग ने

[50:30] एक बुजुर्ग के पास लेकर आए। बुजुर्ग ने हिना को देखा तुमने कोई बंद जगह खोली है।

[50:33] हिना को देखा तुमने कोई बंद जगह खोली है। मैंने मंदिर के अंदर लोहे के दरवाजे वाली

[50:35] मैंने मंदिर के अंदर लोहे के दरवाजे वाली बात बता दी। बुजुर्ग ने कहा जहां से यह

[50:37] बात बता दी। बुजुर्ग ने कहा जहां से यह शुरू हुआ है खत्म वहीं होगा। आज रात मंदिर

[50:41] शुरू हुआ है खत्म वहीं होगा। आज रात मंदिर के पास जाना होगा। वाइफ डर गई। वो बार-बार

[50:44] के पास जाना होगा। वाइफ डर गई। वो बार-बार कह रही थी फैसल वो मुझे बुलाती है। बच्चों

[50:47] कह रही थी फैसल वो मुझे बुलाती है। बच्चों को चाचा रफीक के घर छोड़ा और रात को मैं

[50:50] को चाचा रफीक के घर छोड़ा और रात को मैं हिना चाचा रफीक और बुजुर्ग उसी बंजर जमीन

[50:54] हिना चाचा रफीक और बुजुर्ग उसी बंजर जमीन की तरफ निकल गए। मंदिर के पास पहुंचते ही

[50:57] की तरफ निकल गए। मंदिर के पास पहुंचते ही हिना की हालत बदलने लगी। मंदिर के अंधेरे

[51:00] हिना की हालत बदलने लगी। मंदिर के अंधेरे दरवाजे को देख रही थी। फिर अंदर से पायल

[51:02] दरवाजे को देख रही थी। फिर अंदर से पायल की आवाज आई। उसके बाद वो औरत की हंसी।

[51:05] की आवाज आई। उसके बाद वो औरत की हंसी। हिना ने मेरा हाथ सख्ती से पकड़ा और

[51:08] हिना ने मेरा हाथ सख्ती से पकड़ा और आहिस्ता से बोली वो अंदर खड़ी है। बुजुर्ग

[51:11] आहिस्ता से बोली वो अंदर खड़ी है। बुजुर्ग ने पूछना शुरू किया। अचानक हिना की आवाज

[51:14] ने पूछना शुरू किया। अचानक हिना की आवाज बदल गई। यह मेरी जगह है। अदनान भाई वो

[51:16] बदल गई। यह मेरी जगह है। अदनान भाई वो हिना नहीं बोल रही थी। उसके चेहरे में वही

[51:19] हिना नहीं बोल रही थी। उसके चेहरे में वही खौफनाक मुस्कुराहट थी। बुजुर्ग ने मुझे

[51:22] खौफनाक मुस्कुराहट थी। बुजुर्ग ने मुझे कहा फैसल अंदर जाओ। जो लोहे का दरवाजा

[51:24] कहा फैसल अंदर जाओ। जो लोहे का दरवाजा तुमने खोला था उसे बंद करो। मैं और चाचा

[51:27] तुमने खोला था उसे बंद करो। मैं और चाचा रफीक मंदिर के अंदर गए। अंदर सख्त बदबू,

[51:30] रफीक मंदिर के अंदर गए। अंदर सख्त बदबू, अंधेरा और दीवारों पर अजीब खराशें थी।

[51:33] अंधेरा और दीवारों पर अजीब खराशें थी। पिछले हिस्से में वही लोहे का दरवाजा खुला

[51:35] पिछले हिस्से में वही लोहे का दरवाजा खुला हुआ था। नीचे से ठंडी हवा आ रही थी। मैंने

[51:39] हुआ था। नीचे से ठंडी हवा आ रही थी। मैंने दरवाजा पकड़ा तो अंदर से हिना की आवाज आई।

[51:41] दरवाजा पकड़ा तो अंदर से हिना की आवाज आई। फैसल मुझे निकालो। फिर मरियम की आवाज आई।

[51:44] फैसल मुझे निकालो। फिर मरियम की आवाज आई। बाबा मुझे डर लग रहा है। मेरा दिल टूटने

[51:47] बाबा मुझे डर लग रहा है। मेरा दिल टूटने लगा। मगर मुझे पता था बच्चे गांव में है।

[51:50] लगा। मगर मुझे पता था बच्चे गांव में है। चाचा रफीक ने कहा ना सुनो ये धोखा है।

[51:53] चाचा रफीक ने कहा ना सुनो ये धोखा है। हमने पूरी ताकत से दरवाजा बंद किया और

[51:56] हमने पूरी ताकत से दरवाजा बंद किया और अंदर से चीखें, हंसी और पायल की आवाज आती

[51:59] अंदर से चीखें, हंसी और पायल की आवाज आती रही। और जैसे कोई जोर-जोर से दरवाजे को

[52:02] रही। और जैसे कोई जोर-जोर से दरवाजे को अंदर से बजा रहा हो। आखिर दरवाजा बंद हो

[52:05] अंदर से बजा रहा हो। आखिर दरवाजा बंद हो गया। चाचा रफीक ने बुजुर्ग का दिया हुआ

[52:08] गया। चाचा रफीक ने बुजुर्ग का दिया हुआ ताला लगा दिया। जैसे ही ताला लगा ठंडी हवा

[52:12] ताला लगा दिया। जैसे ही ताला लगा ठंडी हवा बंद हो गई। हम बाहर आए तो मंदिर के सामने

[52:15] बंद हो गई। हम बाहर आए तो मंदिर के सामने मट्टी पर आग जल रही थी। हिना जमीन पर बैठी

[52:17] मट्टी पर आग जल रही थी। हिना जमीन पर बैठी रो रही थी। आग के पीछे अंधेरे में सफेद

[52:20] रो रही थी। आग के पीछे अंधेरे में सफेद कपड़ों वाली औरत का साया नजर आया। चंद

[52:23] कपड़ों वाली औरत का साया नजर आया। चंद लम्हे बाद वो साया गायब हो गया। बुजुर्ग

[52:26] लम्हे बाद वो साया गायब हो गया। बुजुर्ग ने पढ़ाई मुकम्मल की आग बुझ गई। मंदिर के

[52:30] ने पढ़ाई मुकम्मल की आग बुझ गई। मंदिर के अंदर से आखिरी बार पायल की आवाज आई। छन

[52:34] अंदर से आखिरी बार पायल की आवाज आई। छन छन। हिना बेहोश होकर गिर गई। जब उसे होश

[52:38] छन। हिना बेहोश होकर गिर गई। जब उसे होश आया तो उसने की आंखें नॉर्मल थी। बुजुर्ग

[52:40] आया तो उसने की आंखें नॉर्मल थी। बुजुर्ग ने कहा इस जगह को दोबारा मत छेड़ना। ना

[52:43] ने कहा इस जगह को दोबारा मत छेड़ना। ना जमीन बेचने की जिद करना ना सफाई खुदाई। हम

[52:46] जमीन बेचने की जिद करना ना सफाई खुदाई। हम सुबह से पहले गांव वापस गए। बच्चे हिना से

[52:49] सुबह से पहले गांव वापस गए। बच्चे हिना से लिपट कर रोने लगे। कुछ दिन बाद हम

[52:52] लिपट कर रोने लगे। कुछ दिन बाद हम पाकिस्तान से वापस चल गए। वो जमीन आज भी

[52:55] पाकिस्तान से वापस चल गए। वो जमीन आज भी हमारे नाम पर है। हिना अब ठीक है। लेकिन

[52:57] हमारे नाम पर है। हिना अब ठीक है। लेकिन कभी-कभी रात को उठकर कहती है फैसल मुझे

[53:00] कभी-कभी रात को उठकर कहती है फैसल मुझे पायल की आवाज आई है। अदनान भाई यह थी मेरी

[53:04] पायल की आवाज आई है। अदनान भाई यह थी मेरी स्टोरी। एक छोटी सी गलती। एक दरवाजा खोल

[53:07] स्टोरी। एक छोटी सी गलती। एक दरवाजा खोल देना और दूसरा यह कि गाड़ी में फ्यूल ना

[53:11] देना और दूसरा यह कि गाड़ी में फ्यूल ना डलवाना। आई होप मेरी स्टोरी से सुनने

[53:14] डलवाना। आई होप मेरी स्टोरी से सुनने वालों को लेसन तो मिला होगा। माना मेरी भी

[53:17] वालों को लेसन तो मिला होगा। माना मेरी भी बेवकूफियां कई जगह थी। लेकिन स्टोरी

[53:19] बेवकूफियां कई जगह थी। लेकिन स्टोरी सुनाने का मकसद यह सबक सबके लिए है कि कभी

[53:23] सुनाने का मकसद यह सबक सबके लिए है कि कभी भी फैमिली के साथ जाएं अपना तेल पानी

[53:26] भी फैमिली के साथ जाएं अपना तेल पानी गाड़ी का पूरा रखें और कभी भी ऐसी वीरान

[53:29] गाड़ी का पूरा रखें और कभी भी ऐसी वीरान जगहों पर जहां पर मशहूर हो कि यह जगह

[53:32] जगहों पर जहां पर मशहूर हो कि यह जगह ह्टेड है आपने नहीं जाना और ख्याल करना है

[53:37] ह्टेड है आपने नहीं जाना और ख्याल करना है व सलाम दोस्तों उम्मीद करता हूं आज की

[53:39] व सलाम दोस्तों उम्मीद करता हूं आज की स्टोरीज आपको पसंद आई होंगी स्टोरीज पसंद

[53:41] स्टोरीज आपको पसंद आई होंगी स्टोरीज पसंद आई है तो वीडियो को लाइक करना ना भूलिएगा

[53:43] आई है तो वीडियो को लाइक करना ना भूलिएगा ये दो स्टोरीज मैं आपको बता रहा हूं जाकर

[53:45] ये दो स्टोरीज मैं आपको बता रहा हूं जाकर लाजमी सुनिएगा आपको बहुत पसंद आएंगे और आप

[53:48] लाजमी सुनिएगा आपको बहुत पसंद आएंगे और आप यकीन करें। आप खौफ के मारे छोड़ने पर

[53:50] यकीन करें। आप खौफ के मारे छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे। इतनी खौफनाक स्टोरीज है।

[53:53] मजबूर हो जाएंगे। इतनी खौफनाक स्टोरीज है। अपना ख्याल रखिएगा।

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