# MOTION IN A PLANE CLASS 11 ONE SHOT | MHT-CET 2026 MOTION IN A PLANE ONE SHOT | BY TUSHAR SIR

https://www.youtube.com/watch?v=wCoiNwneiMo
Translation: en

[00:02] हां हेलो बच्चों, मैं हूं तुषार पटेल आपका

[00:05] अपना फिजिक्स टीचर एंड आई वेलकम यू ऑल ऑन

[00:08] वेदू महाराष्ट्र। सो कैसे हैं बच्चों? हाउ

[00:11] यू ऑल? कैसी चल रही है जिंदगी? हियर वी आर

[00:13] डूइंग वन शॉट सीरीज ऑन एमएसटी सीईटी एंड

[00:18] ये है हमारा थर्ड वन शॉट। क्योंकि आपको

[00:21] पता है सीईटी के सिलेबस में क्लास 11th के

[00:25] भी कुछ चैप्टर्स हैं। अब आप बोलोगे सर

[00:27] क्लास 11th का वेटेज तो 20% है। क्लास

[00:29] 12th का वेटेज 80 80% है। तो आप फिर क्लास

[00:32] 12th के वन शॉट पहले कराओ ना। देखो मुझे

[00:35] पता है कि आप सभी में एक कमी है क्या कि

[00:40] वो है आपको 11th के बेसिक्स में प्रॉब्लम

[00:43] है। अगर आप 11th के बेसिक्स सही तरीके से

[00:46] नहीं सीखोगे तो 12th का भी बहुत सारी चीज

[00:49] जो है ना वो भी आपको सही तरीके से नहीं

[00:52] आएगी और 12th में आप पीछे पड़ जाओगे।

[00:54] मैंने आपको बताया था कि जितना भी 11th का

[00:58] वेटेज आपको बोला गया है ऑन पेपर कि 11th

[01:02] सिर्फ 20% है वो फॉल्स है। 11th का वेटेज

[01:07] 20% होने के बावजूद भी ऑलमोस्ट 40% से 50%

[01:12] हो जाता है। उसका रीज़न बताता हूं। पिछली

[01:14] क्लास में भी बताया था। आज भी रिपीट कर

[01:16] रहा हूं ताकि आपका दिमाग क्लियर रहे। 11th

[01:18] के चैप्टर्स के अंदर से आपको यह 20% वेटेज

[01:22] वाले 10-10 सवाल तो आएंगे ही। यह तो आपको

[01:25] करने ही है। लेकिन 11th के जो कांसेप्ट्स

[01:28] है उसको यूज़ करके क्लास 12th के जो

[01:31] कांसेप्ट्स हैं या क्लास 12th के जो

[01:32] टॉपिक्स हैं उसके ऊपर भी आप 10 से 15 सवाल

[01:35] एक्सपेक्ट करोगे। और वो क्वेश्चन भी आपके

[01:38] मिस हो जाएंगे। अगर 11th नहीं आता तो 11th

[01:41] के 10 क्वेश्चन और 12th के 10 15 ऐसे

[01:44] क्वेश्चन जो 11th के ऊपर बेस्ड हैं। तो

[01:46] अल्टीमेटली आपका 20 से 25 क्वेश्चन का

[01:49] नुकसान हो जाएगा। अगर आपने 11थ सही से

[01:51] नहीं किया। इसीलिए हम अभी ये 20% को ना

[01:55] बड़े पर्सपेक्टिव से देखिए कि ऑलमोस्ट 40

[01:57] टू 50% का जो हमारा गैप बनेगा ना अगर 11th

[02:00] नहीं करेंगे तो उसको हमें नहीं बनने देना

[02:02] है। और वैसे भी क्लास 12th तो आप अभी भी

[02:05] अपने कोचिंग में कर ही रहे होंगे। उसमें

[02:07] भी आपको समझने में कहीं ना कहीं दिक्कत

[02:09] आएगी। अगर आपको 11th नहीं आता है। इसीलिए

[02:11] मैं आपके 11th के वन शॉट्स पहले बना रहा

[02:14] हूं। फिर 12th के होंगे। तो हम

[02:17] ऑलरेडी 11th में वेक्टर्स कर चुके। एरर

[02:20] एनालिसिस कर चुके। नाउ वी आर ऑन मोशन ऑन

[02:23] प्लेन। मोशन इन अ प्लेन पे। तो मोशन इन अ

[02:26] प्लेन को आज हम कवर कर लेंगे बच्चों। मोशन

[02:29] इन अ प्लेन का ये जो पूरा टेक्स्ट बुक में

[02:32] जितना भी है ये सब कवर कर लेंगे। अब क्या

[02:35] मोशन इन अ प्लेन क्लास 12th के लिए यूज़फुल

[02:37] है? बहुत यूज़फुल है। मोशन इन अ प्लेन ऐसा

[02:40] चैप्टर है बेटा जिसकी वजह से आपको अ

[02:45] सर्कुलर मोशन, रोटेशनल मोशन समझने में

[02:47] हेल्प होगी जो क्लास 12th में है। ये चीज

[02:50] को याद रख के अपने को करना है। ठीक है? और

[02:52] बाकी मोशन के बारे में बेसिक-बेसिक बातें

[02:54] तो हर चैप्टर में आपको काम आती होगी। वो

[02:57] सारी चीजों को समझ के हमें इस चैप्टर पे

[03:00] फोकस करना है। देखो मोशन इन अ प्लेन जो है

[03:03] ना इसके अंदर काफी सारी चीजें आपको मैं

[03:07] बता दूं कि आप अगर इस चैप्टर को डिटेल में

[03:10] सीखने जाओ तो ये कम से कम तीन से चार

[03:13] चैप्टर जितना लंबा है। यह छोटा सा पार्ट

[03:16] नहीं है। लगता है कि यह बहुत छोटा सा

[03:19] हिस्सा रहेगा। लेकिन यह मोशन इन अ प्लेन

[03:21] एक बहुत वास्ट चैप्टर है भाई। इसमें मोशन

[03:23] इन अ स्ट्रेट लाइन भी आता है। उसमें मोशन

[03:26] इन अ प्लेन भी आता है। मोशन में प्लेन में

[03:28] प्रोजेक्टाइल भी आता है। थोड़ा-थोड़ा

[03:30] सर्कुलर भी आता है। मोशन ग्राफ भी आता है।

[03:32] वो बेसिक सा जो कानामेटिक्स है वो सब भी

[03:35] आता है। सो इट इज़ वेरी डेप्थफुल। और

[03:37] इसीलिए मैंने ना एक स्पेशल नोट्स आपके लिए

[03:40] बनाई है। इसमें मैंने कई सारे चार्ट्स, कई

[03:43] सारी चीजें लेके आप लोगों को चीजें इजी की

[03:46] है। जैसे मैं क्वेश्चंस भी आपको ऑब्वियसली

[03:48] कराऊंगा। लेकिन मैंने ना उसके ही साथ में

[03:50] देखो कुछ-कुछ चार्ट्स लिए हैं। कुछ ऐसे

[03:52] शॉर्टकट्स आपके लिए लिखे हैं। फिर आप देखो

[03:55] यहां पे अभी कहां गया? ये तो रहा। यहां तो

[03:58] था कहीं। ये देखो ऐसे कुछ मोशन इन अंडर

[04:03] ग्रेविटी के लिए। फिर ऐसे जो चार्ट्स होते

[04:05] हैं। ये सब ये सब लेने के साथ में मैं

[04:08] आपको सिखाऊंगा। मोशन इन अ ग्राफ देखो मैं

[04:10] कैसा मस्त आपको बताता हूं। यहां पे देखना

[04:12] ध्यान से। तो ये सारी चीजें आपको ये

[04:14] सर्कुलर मोशन के कुछ जो ट्रिकी

[04:16] क्वेश्चंसेंट क्वेश्चंस हैं वो सब भी

[04:18] मैंने आपके लिए। कई सारे क्वेश्चंस आपको

[04:20] प्रैक्टिस के लिए भी दूंगा जिसमें से

[04:22] सीईटी में आने के चांसेस हैं। सर्कुलर

[04:24] मोशन के सारे शॉर्टकट्स ये आपका क्लास

[04:26] 12th का रोटेशनल डायनामिक्स का सर्कुलर

[04:29] वाला पार्ट भी कंप्लीट करा देगा इसी में।

[04:31] तो आपको वहां से भी इजी पड़ेगा। ये सब कुछ

[04:33] मैंने आपके लिए यहां पे इजी कर दिया है।

[04:35] यूसीएम नॉन यूसीएम जो क्लास 12थ में है

[04:38] एक्चुअली में। वो भी मैंने पूरा मोशन एक

[04:40] ही साथ पढ़ाने के लिए साथ में ले लिया। मैं

[04:42] आपको देखो रिलेटिव मोशन देख लो। फिर यहां

[04:45] पे आप आओगे तो प्रॉब्लम विंड मैन विंड

[04:48] प्रॉब्लम, रिवर बोट प्रॉब्लम ये सब कुछ

[04:50] एवरी डैम थिंग इज़ कवर्ड। इसी के साथ में

[04:53] आप यहां पे ध्यान से देखोगे तो देखो मोशन

[04:55] ग्राफ दिखाता हूं। जस्ट अ मोमेंट हां ये

[04:57] देखो ये प्रोजेक्टाइल मोशन इंक्लाइंड

[05:00] नॉर्मल प्रोजेक्टाइल फिर प्रोजेक्टाइल में

[05:02] भी हाफ प्रोजेक्टाइल सब कुछ बेटा एवरी डैम

[05:05] थिंग इज़ कवर्ड। बहुत डिटेल्ड होने वाला है

[05:08] ये वन शॉट। लेकिन आपको एंड तक समझ जाएगा

[05:12] कि इससे बेहतर आपको कनेमेटिक्स यानी मोशन

[05:15] इन अ प्लेन कोई नहीं सिखा पाएगा। यह देखो

[05:18] ये सब कुछ एकदम डिटेल में बहुत मस्त है।

[05:22] बहुत डेप्थफुल है। आपका पूरा जो

[05:24] कनेमेटिक्स है आप सीईटी, नीट, जेई जो लेवल

[05:27] का बोलो उस लेवल का अपन मोशन इन अ प्लेन

[05:31] कंप्लीट करेंगे इस लेक्चर के अंदर। ठीक

[05:35] है? आई होप अब आपको समझ में आ चुका कि

[05:38] हमारे इस लेक्चर की डेप्थ क्या होने वाली

[05:40] है। क्लियर है ना बच्चों? सो रेडी हो कि

[05:44] नहीं आप? रेडी हो कि नहीं आप? क्योंकि आप

[05:47] इस चैप्टर से कम से कम दो से तीन

[05:50] क्वेश्चंस तो मिनिमम मान लो। दो से तीन

[05:53] क्वेश्चन क्योंकि इसमें क्लास 12th का

[05:55] सर्कुलर भी आ रहा है। मैं तो चार क्वेश्चन

[05:57] तक का इसका प्रेडिक्शन करता हूं कि सीईटी

[05:59] में इसमें से चार क्वेश्चन तक तो पहुंच ही

[06:01] जाने चाहिए कम से कम। ठीक है? तो आप जरूर

[06:04] इसको मान के चलो। आपको यह बहुत हेल्पफुल

[06:06] रहने वाला है। तो लेट्स गेट स्टार्टेड

[06:08] गाइस। लेट्स गेट स्टार्टेड। शुरू करते

[06:11] हैं। बहुत क्विक होगा। सेशन थोड़ा सा

[06:15] फास्ट होगा। आपको करना क्या है? ये लेक्चर

[06:19] में आपको ये टेक्स्ट बुक सामने रखनी है।

[06:22] मेजोरली हम इसी टेक्स्ट बुक के फ्लो से

[06:25] पढ़ने वाले हैं। आपको टेक्स्ट बुक सामने

[06:27] रखनी है। जो मैं रेक्टिलिनियर मोशन पहले

[06:30] पढ़ाऊंगा। उसके बाद में मैं धीरे-धीरे

[06:33] यूनिफॉर्म नॉन यूनिफॉर्म मोशन ये वेलोसिटी

[06:35] टर्म्स ये सब बताऊंगा। ग्राफ के बारे में

[06:37] बताऊंगा। सब बताऊंगा। लेकिन आपको उन चीजों

[06:40] को सामने रखना है। आपको साथ में मस्त में

[06:44] डिटेल में समझना है। ये सेशन आपको दो बार

[06:48] देखना है। इस वीडियो को आप दो बार देखोगे।

[06:50] पहला अभी और दूसरा सेशन। दूसरा इसी वीडियो

[06:54] को आप देखोगे। आई थिंक एक वीक बाद। आप जब

[06:56] इस वीडियो को दो बार देखोगे तब आपका दिमाग

[06:59] में यह चीज चमकेगा। अदरवाइज़ आपको ये

[07:01] चैप्टर बहुत मुश्किल लगेगा क्योंकि इसमें

[07:03] इतनी सारे कांसेप्ट्स भर भर भर भर-भर के

[07:05] पढ़े हैं। ठीक है? तो चलिए शुरू करते हैं।

[07:07] सबसे पहले फ्रेम ऑफ रेफरेंस। फ्रेम ऑफ

[07:09] रेफरेंस क्या होती है बेटा? ये वो

[07:11] बैकग्राउंड होता है जिसके हिसाब से आप जज

[07:14] करते हो कि कोई चीज़ मूविंग है कि नहीं है?

[07:16] अभी आपको कैसे पता कि मैं रेस्ट हूं? मैं

[07:18] रेस्ट पे हूं। कैसे पता? क्योंकि

[07:20] बैकग्राउंड में कुछ मूव नहीं कर रहा है।

[07:22] ये लेटर जो है पी उसका मेरे से जो पोजीशन

[07:25] है उतना ही मेंटेन हो रहा है। ये लेटर जो

[07:27] है एम उसका मेरे साथ जो डिस्टेंस है वो

[07:29] मेंटेन हो रहा है। तो आपको दिख रहा होगा

[07:31] कि सर मूव नहीं कर रहे हैं। अभी मैं मूव

[07:33] कर गया। कैसे पता चला? क्योंकि ये सारे

[07:36] बैकग्राउंड को देख के आपको उसका जो मेरे

[07:38] से पोजीशन था वो चेंज हो गया। तो आपको पता

[07:40] चल गया या तो मैं मूव कर गया हूं या बोर्ड

[07:42] उधर मूव कर गया है। तो कभी भी याद रखना जो

[07:46] पीछे की चीजें होती है उसको हम बोलते हैं

[07:48] फ्रेम ऑफ रेफरेंस। फ्रेम ऑफ रेफरेंस से ही

[07:52] आप पता कर सकते हो कि कोई चीज रेस्ट पे है

[07:54] कि मोशन में है। बस में अगर दो चार लोग

[07:56] हैं सब आपस में एक दूसरे को देखेंगे। अरे

[07:58] ये तो सीट पे बैठा है रेस्ट पेस्ट पे। ये

[08:00] भी सीट पे बैठा है रेस्ट पे। अरे ये भी

[08:01] सीट पे बैठा है रेस्ट पे। लेकिन ये जो

[08:03] बाहर से सबको देखेगा लगेगा ये सब मोशन में

[08:06] है और इन लोगों को लगेगा कि ये बंदा पीछे

[08:09] जा रहा है। तो एवरीथिंग इज रिलेटिव। मोशन

[08:11] इज़ नेवर एब्सोल्यूट बेटा। मोशन इज़ ऑलवेज

[08:14] रिलेटिव। मोशन डिपेंड्स ऑन फ्रेम ऑफ़

[08:17] रेफरेंस। समझ में आ रहा है कि नहीं? समझ

[08:19] में आ रहा है? मोशन डिपेंड्स ऑन फ्रेम ऑफ़

[08:23] रेफरेंस। याद रखना मोशन जो है वो टाइप ऑफ

[08:26] फ्रेम ऑफ रेफरेंस मतलब फ्रेम ऑफ रेफरेंस

[08:29] पे डिपेंड करता है। लेकिन ये मोशन के अंदर

[08:31] जितने भी रूल्स हैं, जितने भी फॉर्मूला

[08:33] है, काइनामेटिकल इक्वेशन है, सब कुछ सिर्फ

[08:35] हमें इनर्शियल फ्रेम ऑफ रेफरेंस में ही

[08:38] एप्लीकेबल दिखते हैं। बाकी हम कहीं पे भी

[08:41] लगा नहीं सकते वो फॉर्मूले। इसीलिए आपको

[08:43] टाइप्स ऑफ फ्रेम ऑफ रेफरेंस को समझना

[08:46] पड़ेगा। ठीक है? सबसे पहले इनर्शियल फ्रेम

[08:48] ऑफ रेफरेंस। इनर्शियल फ्रेम ऑफ़ रेफरेंस

[08:51] वैसी फ्रेम ऑफ़ रेफरेंस मानी जाती है जो या

[08:53] तो रेस्ट पे है या यूनिफॉर्म मोशन में है।

[08:57] तो जभी भी आप कभी भी अगर एक्सलरेशन ज़ीरो

[09:01] रखोगे ज़ीरो एक्सलरेशन यानी नो फोर्स। अगर

[09:05] किसी चीज पे फोर्स अप्लाई नहीं करोगे तो

[09:08] वो आइडियली रेस्ट पे होगी या फिर वो

[09:11] यूनिफॉर्म मोशन के अंदर बैठी होगी।

[09:13] यूनिफॉर्म मोशन यानी किसी को अभी देखो

[09:16] अर्थ घूम रहा है सन के आसपास। है ना? एक

[09:18] तरीके से आइडियल सेंस में वो यूनिफॉर्म

[09:20] मोशन है। उसको कुछ फर्क नहीं पड़ता है।

[09:22] ठीक है? कि वो सर मैं सर्कल देखो सर्कुलर

[09:25] मोशन इज़ ऑलवेज नॉन एक्सलरेटेड मोशन। ठीक

[09:28] है? बट आपको समझाने के लिए बता रहा हूं कि

[09:30] अर्थ सेम स्पीड से घूमते रहते हैं, घूमते

[09:32] रहते, घूमते रहते हैं। उसको कोई रोकेगा

[09:33] नहीं तब तक कोई वो रोकेगा नहीं। तो

[09:35] यूनिफॉर्म मोशन स्पेस में हो सकता है।

[09:37] जैसे मैंने किसी चीज़ को पुश कर दिया। अब

[09:39] वो परमानेंटली आगे आगे आगे आगे आगे आगे।

[09:42] जैसे हमने क्या किया? 1968 के आसपास ना

[09:44] कुछ ऐसा 70 के आसपास कुछ था। हमने वइजर बन

[09:47] करके एक स्पेसक्राफ्ट बना। उसको स्पेस में

[09:49] फेंक दिया। अब वो हमेशा के लिए अर्थ से

[09:53] दूर ही जाता रहेगा। जाता रहेगा, जाता

[09:55] रहेगा। हमने उसको क्या करने भेजा कि जाओ

[09:57] तुम जितना दूर जा सके जाओ पता करो कि वहां

[09:59] पे क्या है? उसका सिग्नल भेजते रहो। तो वो

[10:02] स्पेसक्राफ्ट परमानेंटली और से दूर जा रहा

[10:04] है। तो क्यों उसको हम फ्यूल देके थोड़ी

[10:06] आगे भेजते हैं। वो सिर्फ उसको धक्का मार

[10:08] दिया। वो परमानेंट आगे आगे आगे आगे जाएगा

[10:10] जब तक उसको कोई रोकेगा नहीं। समझ में आया?

[10:12] जब तक उसको कोई रोकेगा नहीं तब तक वो

[10:14] रोकेगा नहीं। इसीलिए हम इनर्शियल फ्रेम ऑफ

[10:17] रेफरेंस के अंदर बिना एक्सलरेशन वाली चीज

[10:19] या फिर कॉन्स्टेंट वेलोसिटी वाले मोशन को

[10:22] ही पढ़ते हैं। और यहीं पे पूरा न्यूटंस लॉज़

[10:24] ऑफ़ मोशन एप्लीकेबल है। है कि नहीं? लेकिन

[10:27] हर बार एक्सलरेशन ज़ीरो हो वो पॉसिबल नहीं

[10:30] है। कहीं ना कहीं आपकी अगर स्पीड चेंज

[10:32] करनी है तो नॉन एक्सलरे मतलब एक्सीलरेशन

[10:36] कुछ तो होगा। आप अगर देखो ये चीज़ को ड्रॉप

[10:39] कर दो तो ग्रेविटी ने उसको खींचा।

[10:40] ग्रेविटी इज़ नथिंग बट एक्सलरेशन ड्यू टू

[10:42] ग्रेविटी। तो उसने उसको खींचा तो

[10:44] एक्सलरेशन है। एक्सलरेशन जीरो नहीं है।

[10:48] इसका मतलब वेलोसिटी भी सेम नहीं रहेगी। और

[10:52] इस केस में जो फ्रेम ऑफ रेफरेंस बोली

[10:54] जाएगी वो नॉन इनर्शियल फ्रेम ऑफ रेफरेंस

[10:57] बोली जाएगी। अब नॉन इनर्शियल फ्रेम ऑफ

[10:59] रेफरेंस के साथ बड़ी गड़बड़ है। गड़बड़ ये

[11:01] है कि इसमें एनएलएम एप्लीकेबल नहीं है।

[11:04] एनएलएम जब एप्लीकेबल नहीं होते हैं तो उस

[11:07] केस में हमें एक सूडो फोर्स कंसीडर करनी

[11:11] पड़ती है। क्यों? थोड़ी देर बाद में बताता

[11:13] हूं।

[11:14] देखो ये जो ट्रक है वो जा तो आगे रहा है।

[11:18] मतलब उसका एक्सलरेशन आगे है। हां कि ना?

[11:21] अब हम एक ऐसी सूडो फोर्स मानेंगे। अब उसके

[11:25] पास एक्सीलरेशन है इसका मतलब कि वो नॉन

[11:28] इनर्शियल फ्रेम में है। ये क्लियर हो गया।

[11:30] अब हम एक ऐसी सूडो फोर्स कंसीडर करेंगे जो

[11:34] उसके एक्सलरेशन के अपोजिट डायरेक्शन में

[11:37] हो। जिस सूडो फोर्स का वैल्यू मास ऑफ दी

[11:41] बॉडी * एक्सलरेशन ऑफ फ्रेम ऑफ रेफरेंस हो।

[11:44] तो मास * एक्सलरेशन वाला एग्जैक्ट अपोजिट

[11:47] फोर्स हम इमेजिन करेंगे। कंसीडर करेंगे

[11:51] सूडो फोर्स को जिसका मैग्नीट्यूड मास ऑफ़

[11:53] दी बॉडी और एक्सीलरेशन ऑफ़ दी फ्रेम ऑफ़

[11:55] रेफरेंस हो। डायरेक्शन ऑलवेज अपोजिट टू दी

[11:58] फ्रेम ऑफ़ रेफरेंस। ऐसे ही सूडो फ़ोर्स

[12:00] मानेंगे। क्यों? क्यों? क्योंकि मास और

[12:02] एक्सलरेशन के साथ इसके ऊपर आगे तो फोर्स

[12:04] लग रही है। जिस की वजह से ये ट्रक आगे जा

[12:06] रहा है। हमने उसके पीछे एग्जैक्ट सेम

[12:08] वैल्यू की फोर्स इमेजिन कर ली ताकि नेट

[12:11] फोर्स क्या आ गई? ज़ीरो। ये दोनों एक दूसरे

[12:13] को कैंसिल कर रही है। ऐसा लगेगा मतलब

[12:16] रियलिटी में कैंसिल नहीं कर रही। बट आपको

[12:18] इमेजिन करोगे ये फोर्स को तो वो तो आगे

[12:20] जाने वाली फ़ को कैंसिल कर रहा है। इंजन जो

[12:22] फोर्स लेके उसको आगे लेके जा रहा है उसको

[12:24] कैंसिल करेगा। तो नेट फोर्स ज़ीरो दिखेगी।

[12:26] नेट फोर्स ज़ीरो तो नेट एक्सीलरेशन भी ज़ीरो

[12:29] दिखेगा। तो हमारा नॉन इनर्शियल फ्रेम ऑफ

[12:31] रेफरेंस इनर्शियल फ्रेम ऑफ रेफरेंस में

[12:33] कन्वर्ट हो जाएगा। अब वहां आप न्यूटंस लॉज़

[12:35] ऑफ़ मोशन अप्लाई कर सकते हैं। ये जो मैंने

[12:38] बात कही वो बहुत इन डेप्थ थी। आपको एक बार

[12:40] वापस सुन लेना चाहिए जो मैंने बोला वो कि

[12:43] जब हम बिना एक्सलरेशन मतलब एक्सलरेशन वाली

[12:46] चीज़ पे बात करेंगे। जब हम एक्सलरेटेड मोशन

[12:49] पे बात करेंगे। यानी कि जभी भी कोई चीज़ जो

[12:52] एक्सलरेशन के साथ मूव कर रही है तो वहां

[12:54] हम एक सूडो फ़ कंसीडर करेंगे। एक्सलरेशन के

[12:57] अपोजिट। मास * एक्सलरेशन उस सूडो फोर्स का

[13:00] वैल्यू होगा। अब ये सूडो फोर्स कंसीडर

[13:02] करने के बाद में इस मास के ऊपर जो आगे का

[13:05] एक्सलरेशन उसके वजह से जो फोर्स लग रही है

[13:07] ये फोर्स और सूडो फोर्स एक दूसरे को

[13:09] कैंसिल करेगी। नेट फोर्स ज़ीरो दिखेगी और

[13:12] ज़ीरो नेट फोर्स यानी ज़ीरो एक्सलरेशन और

[13:14] हमारी नॉन इनर्शियल फ्रेम ऑफ़ रेफरेंस

[13:16] इनर्शियल में कन्वर्ट होगी ताकि हम

[13:17] न्यूटंस लॉ ऑफ़ मोशन अप्लाई कर पाए। तो ये

[13:20] रीज़न होता है सूडो फोर्स को कंसीडर करने

[13:22] का। आई होप आपको समझा। अब इसमें हमें इतनी

[13:25] टर्म्स पढ़नी होती है। पोजीशन डिस्टेंस,

[13:28] डिस्प्लेसमेंट, स्पीड, वेलोसिटी,

[13:30] एक्सलरेशन। क्लियर है? ये सारी टर्म्स हम

[13:33] पढ़ेंगे। सबसे पहले बात करते हैं पोजीशन

[13:35] की। हमें पोजीशन कहां से देखना है? तो

[13:38] जैसे हमने बोला फ्रेम ऑफ रेफरेंस। अब मेरी

[13:40] पोजीशन आप शायद से यहां से मेरी पोजीशन

[13:44] देख रहे हो। उसको देख के मुझे बता रहे हो

[13:45] ना कि सर आप तो रेस्ट पे हैं। शायद से आप

[13:47] इस कॉर्नर से मेरी पोजीशन देख रहे हो कि

[13:49] सर आप तो रेस्ट पे हैं। वहां से आपकी

[13:51] पोजीशन ये है। तो ऐसे ही फिजिक्स के अंदर

[13:54] x एक्सिस, y एक्सिस और z एक्सिस के अंदर

[13:58] पोजीशन कहीं देखी जाती है। तो ओरिजिन से

[14:01] सारे डिस्टेंसेस मेजर होता है। तो ओरिजिन

[14:03] से आप कितने दूर हैं? ये आपकी पोजीशन है।

[14:06] ओरिजिन ओरिजिन से पोजीशन तक का जो वेक्टर

[14:09] है उसको हम पोजीशन वेक्टर बोल सकते हैं।

[14:12] अगर ये सर्कल करने लगेगा। तो यही पोजीशन

[14:16] वेक्टर को हम रेडियस वेक्टर भी तो बोल

[14:19] सकते हैं। हां कि ना? यही होता है। रेडियस

[14:21] वेक्टर कुछ नहीं होता है। तो ये जो पोजीशन

[14:24] वेक्टर है वो वेक्टर फॉर्म में लिखा

[14:26] जाएगा। x एक्सिस अलोंग x कोऑर्डिनेट अलोंग

[14:30] x एक्सिस यानी xi कैप। y कोऑर्डिनेट अलोंग

[14:33] y एक्सिस यानी yj कैप। z कोऑर्डिनेट अलोंग

[14:35] z एक्सिस यानी zk कैप। याद रहेगा? तो ये

[14:39] होता है हमारा सिंबल बताने का तरीका। ये

[14:42] कैसे लिखा है? मैं वेक्टर ने सिखा चुका

[14:44] हूं। है कि नहीं? तो ये पोजीशन के बारे

[14:47] में बात हो गई। अब आते हैं डिस्टेंस के

[14:49] बारे में। डिस्टेंस इज़ द एक्चुअल लेंथ ऑफ

[14:52] द पाथ। जो ट्रैवल की है। अगर आपने कोई पाथ

[14:56] ट्रैवल नहीं किया तो वो आपका एक्चुअल लेंथ

[15:00] नहीं है। समझ में आ गया? एक्चुअल लेंथ

[15:03] नहीं है। ठीक है? अब मतलब वो आपका एक्चुअल

[15:07] डिस्टेंस भी नहीं है। डिस्टेंस वही है जो

[15:10] आप यहां से यहां जाते वक्त आप ऐसे गए। तो

[15:13] इस रास्ते की ही जो लंबाई है वो है आपकी

[15:16] एक्चुअल लेंथ। याद रखना एसआई यूनिट तो

[15:19] मीटर है। ये स्केलर क्वांटिटी होती है।

[15:21] डिस्टेंस कैन बी ज़ीरो। इट कैन बी पॉजिटिव।

[15:24] बट इट कैन नेवर बी नेगेटिव। डिस्टेंस कभी

[15:27] नेगेटिव हो सकता है कि नहीं? तुम आगे

[15:28] जाओगे तो भी डिस्टेंस बढ़ेगा। पीछे जाओगे

[15:31] तो भी डिस्टेंस बढ़ेगा। जितना चलोगे

[15:33] डिस्टेंस हमेशा ज़ीरो से बढ़ता ही जाएगा।

[15:35] समझ में आ गया कि नहीं आ गया? क्लियर हो

[15:37] गया ये बात? अब आगे बढ़ो। डिस्प्लेसमेंट।

[15:39] डिस्प्लेसमेंट एक वेक्टर क्वांटिटी है

[15:42] जिसको हमने पोजीशन वेक्टर का चेंज चेंज इन

[15:45] पोजीशन वेक्टर से भी बोल सकते हैं। याद

[15:47] रहेगा? पहला पोजीशन इधर है तो पहला पोजीशन

[15:50] वेक्टर इधर। दूसरा पोजीशन इधर है। दूसरा

[15:52] पोजीशन वेक्टर इधर। अब यहां पे यहां से

[15:56] यहां तक हुई डिस्प्लेसमेंट वेक्टर। समझ

[15:58] में आ रहा है? अब ये डिस्प्लेसमेंट वेक्टर

[16:00] ये जो पोजीशन वेक्टर्स है ना उसका चेंज

[16:03] है। तो डिस्प्लेसमेंट वेक्टर को आप

[16:04] कभी-कभी डेल S बार को आप ऐसा भी तो लिख

[16:08] सकते हैं। S बार = R2 बार - R1 बार चेंज

[16:15] इन पोजीशन वेक्टर डेल्टा R याद रहेगा। तो

[16:18] सर्कुलर मोशन में भी जो डेल्टा R लिखते थे

[16:21] ना अपन वो डिस्प्लेसमेंट को ही लिखते थे।

[16:23] याद करिए थोड़ा बहुत याद आ रहा होगा तो।

[16:25] ठीक है? ठीक है? डिस्प्लेसमेंट इज़ इन अवे

[16:27] ए शॉर्ट डिस्टेंस बिटवीन इनिशियल एंड

[16:29] फाइनल। फर्क नहीं पड़ता A से B आप कैसे

[16:32] जाओ। ऐसे ऐसे ऐसे A B और A से B तक का जो

[16:38] पोजीशन वेक्टर है वो समझ में आ गया?

[16:41] सीधा-सीधा डिस्प्लेसमेंट सॉरी। ठीक है? तो

[16:44] ये जो होता है डिस्प्लेसमेंट हमेशा

[16:46] स्ट्रेट लाइन में नापा जाता है इनिशियल और

[16:49] फाइनल के बीच में। आपने कैसा डिस्टेंस

[16:51] ट्रेवल किया उससे फर्क नहीं पड़ता। आपका

[16:53] पाथ क्या है उससे फर्क नहीं पड़ता। सिर्फ

[16:54] इनिशियल पोजीशन फाइनल पोजीशन पे डिपेंड

[16:57] करता है। डिस्टेंस जो होगा वो हमेशा

[17:00] ज्यादा होगा या एग्जैक्टली इक्वल हो सकता

[17:02] है डिस्प्लेसमेंट के। डिस्प्लेसमेंट कभी

[17:05] भी जो है डिस्टेंस से बड़ी नहीं हो सकती।

[17:08] आप इस चीज को भी दिमाग में घुसा लेना।

[17:10] आपको यह चीज याद रखना है कि डिस्प्लेसमेंट

[17:13] हमेशा डिस्टेंस के इक्वल या उससे छोटी ही

[17:17] होती है। डिस्टेंस हमेशा डिस्प्लेसमेंट से

[17:20] बड़ा या फिर इक्वल हो सकता है। डिस्टेंस

[17:23] और डिस्प्लेसमेंट सेम कब होंगे? जब दोनों

[17:25] स्ट्रेट लाइन में है तो डिस्टेंस और

[17:27] डिस्प्लेसमेंट दोनों सेम है। जैसे ही टर्न

[17:29] लिया डिस्प्लेसमेंट छोटा हो जाएगा और

[17:31] डिस्टेंस बढ़ता ही जाएगा। तो इसलिए

[17:33] डिस्टेंस और डिस्प्लेसमेंट जो है वो कभी

[17:36] ऐसे काम करते हैं कि डिस्टेंस हमेशा

[17:39] ग्रेटर दैन और इक्वल टू होता है

[17:40] डिस्प्लेसमेंट के। याद रख लेना। ठीक है?

[17:43] नाउ आप ये देख लो। अगर आप यहां से यहां

[17:48] पहुंचोगे तो आपने डिस्टेंस इस तरीके से

[17:51] ट्रैवल किया तो टोटल 2πr होगा। तो उसका

[17:55] 1/4 2πr का 1/4 क्या हो जाएगा बेटा? 2πr

[18:01] का 1/4 आपका डिस्टेंस हो जाएगा। तो वो πr/

[18:04] 2 हुआ। लेकिन डिस्प्लेसमेंट क्या होगा

[18:07] ब्रो? ये आपकी इनिशियल पोजीशन ये फाइनल

[18:10] पोजीशन दोनों को जोड़ता हुआ स्ट्रेट लाइन।

[18:12] तो वही स्ट्रेट लाइन यहां बनाई है। ये भी

[18:14] r है। ये भी r है। तो आप ट्रायंगल में

[18:17] पाइथागोरस लगा के निकालो तो 2r बनेगा।

[18:19] पाइथागोरस से ऐसे निकलेगा। हां कि ना? ये

[18:21] बेसिक सी बात है। देखो ये ना मेरा कोशिश

[18:24] है वीडियो छोटा रहे। लेकिन बहुत डेप्थफुल

[18:27] रहे। तो ये चीजें आपको वीडियो पॉज कर करके

[18:30] समझनी पड़ेगी कि x² = r² + r² की ये किया।

[18:34] फिर x का रूट लिया। फिर 2 आ रहा है। x का

[18:36] वैल्यू आया तो डिस्प्लेसमेंट तो यही है।

[18:38] तो वो आंसर कैसे आया? आपको एक बार समझना

[18:41] पड़ेगा। समझ में आया बैठ के इस चीज को

[18:43] समझ-समझ के आगे बढ़ना। ये सिर्फ आप लोगों

[18:46] की सीईटी के हिसाब से बना रहा हूं। इसीलिए

[18:49] सिखाने बोलोगे तो ये चैप्टर एकदम बेसिक से

[18:52] सिखाऊंगा। इस चैनल पे ऑलरेडी एक सीरीज़

[18:54] चालू भी है। बैठो उसमें। लेकिन अभी के लिए

[18:56] आपको सीईटी के लिए रिककैप है। ठीक है? आप

[18:59] यहां से यहां आ गए तो डिस्टेंस ऐसा πr

[19:04] डिस्प्लेसमेंट r + r

[19:06] 2r समझ में आ गया? अब उसी तरीके से आप

[19:10] देखोगे तो यहां पे कोई भी एंगल रैंडम एंगल

[19:13] थीटा से जाना है। आपको बोलेगा 30° आपने

[19:16] ट्रैवल किया तो डिस्टेंस डिस

[19:17] डिस्प्लेसमेंट कितना? तो डिस्प्लेसमेंट s

[19:20] = r थीटा से निकलेगा। r * थीटा, थीटा

[19:23] रेडियन में रखने की ही याद रखना। थीटा जब

[19:26] हम पहला चैप्टर पढ़ते हैं ना, यूनिट

[19:28] डायमेंशन तभी बोलते हैं। एंगल की यूनिट जो

[19:30] होती है वो रेडियंस होती है। तो आप याद रख

[19:32] लेना इसको रेडियन में (pi) / 2, π / 4 ये

[19:36] सब रखना। ठीक है? 90° (pi) / 2 होता है,

[19:39] 60° (pi) / 3 होता है, 45° (pi) / 4 होता

[19:41] है, और 30° (pi) / 6 होता है। इसको भूलना

[19:44] मत। तो, रेडियंस में आप एंगल डालो। आपको

[19:46] डिस्टेंस मिल गया। डिस्प्लेसमेंट निकालने

[19:48] के लिए हम थोड़ा एक फार्मूला लगाते वापसली।

[19:50] तो आप डायरेक्टली याद रख सकते हो 2rsinθ /

[19:52] 2 फार्मूला है। θ 30° ट्रेवल किया आपने तो

[19:56] 30 का हाफ 15 sin 15 की वैल्यू थीटा 60°

[19:59] ट्रेवल किया sin 60 / 2 60/ 2 यानी 30 sin

[20:02] 30 * 2r तो इस तरीके से ये काम करता। समझ

[20:05] में आ गया कि नहीं आ गया? याद रखेंगे। अब

[20:07] हमने कुछ पोजीशन वेक्टर भी कंसीडर किया।

[20:10] वेक्टर में ऑलरेडी हम पढ़ चुके हैं। ये x

[20:12] एक्सिस के अलोंग i कैप, y एक्सिस के अलोंग

[20:14] j कैप, z एक्सिस के अलोंग k कैप। अब इसको

[20:16] ना हम प्लेन में कैसे लिए जाते हैं? तो

[20:19] अगर ये हॉरिजॉन्टल प्लेन है तो यहां

[20:21] नॉर्थ, साउथ, ईस्ट, वेस्ट होता है

[20:23] हॉरिजॉन्टल प्लेन पे और अपवर्ड और

[20:25] डाउनवर्ड होता है। तो ईस्ट को हम यूजुअली

[20:27] i कैप, वेस्ट को -i कैप, नॉर्थ को j कैप,

[20:30] जे साउथ को -j कैप, अप को k कैप, डाउन को

[20:34] -k कैप ऐसे लिख सकते हैं। तो यूजुअली आप

[20:36] इस तरीके से दिखा सकते हो। देखो ये नॉर्थ,

[20:39] ईस्ट, साउथ, वेस्ट है। तो यहां पे इसको

[20:42] पॉजिटिव x एक्सिस, इसको पॉजिटिव y एक्सिस,

[20:44] इसको पॉज पॉ नेगेटिव x एक्सिस, इसको

[20:47] नेगेटिव y एक्सिस। तो पॉजिटिव x एक्सिस

[20:49] पॉजिटिव एक्सिस। पॉजिटिव x एक्सिस यानी

[20:51] ईस्ट। ईस्ट को i कैप लिखा। पॉजिटिव y

[20:54] एक्सिस यानी j कैप। j कैप लिखा। अब ये तो

[20:56] जो आपको दिख रहा है ना ये हॉरिजॉन्टल होता

[20:59] है भाई। नॉर्थ ईस्ट, साउथ वेस्ट ऊपर नॉर्थ

[21:01] नहीं होता। नॉर्थ ऐसा हॉरिजॉन्टल पे आगे

[21:03] होता है। हॉरिजॉन्टल लेवल पे होते हैं

[21:06] भाई। नॉर्थ साउथ ईस्ट वेस्ट। गलती से भी

[21:08] ऊपर को नॉर्थ मत बोलना। वह हम प्लेन ऑफ़ द

[21:11] पेपर पे ऐसा ऊपर नॉर्थ लिखते ना क्योंकि

[21:14] वो पेपर पे लिख रहे हैं। पेपर हम ऐसा

[21:15] मानेंगे कि यहां रखा है तो इधर नॉर्थ है।

[21:17] ऊपर नॉर्थ नहीं है। दिमाग में घुसा लेना

[21:20] इस बात को। ठीक है? अब आ जाओ यहां पे।

[21:23] डिस्टेंस और डिस्प्लेसमेंट निकालना है।

[21:25] डिस्टेंस निकालने के लिए यहां से पहले थे

[21:27] फिर यहां गए। 8 + 4 + 4 + 1 कर लो तो

[21:30] डिस्टेंस मिल जाएगा। डिस्प्लेसमेंट

[21:32] निकालना है तो यहां से यहां तक का ये

[21:34] वेक्टर का लेंथ निकालना है। तो यहां से

[21:36] यहां तक देखो पूरा जो है वो आठ है। उसमें

[21:39] से इतना चार है। तो ये बचा वो चार बचा और

[21:42] जो यहां से यहां तक देखो वो चार है। उसमें

[21:44] से ये एक है। तो 4 - 1 करोगे तो ये तीन

[21:47] बचा। चार और ये तीन। तो ये आपको निकालना

[21:49] है। अब आप ट्रायंगल को ट्रायंगल में से आप

[21:51] निकाल लो हाइपो की वैल्यू। ये देखो ये चार

[21:55] है। ये तीन है तो

[21:57] ये पाइथागोरस से निकालोगे तो आपको

[22:00] डिस्प्लेसमेंट भी मिल

[22:03] जाएगी। आई होप आपको समझा। है ना? गॉड

[22:06] ब्लेस यू ऑल। अब मेरी बात ध्यान से सुनो।

[22:10] आपको इसका आंसर अभी कमेंट में बता देना है

[22:13] भाई। आपको पता है मैं जितने सवाल पूछूंगा

[22:15] हर एक का आंसर आप कमेंट में लिखते जाएंगे।

[22:17] जिससे आपको पता रहे जब भी आपका आंसर मैं

[22:20] देखूं तो आप मुझे भी समझे कि हां आप तो

[22:22] बढ़िया बढ़िया से पढ़ रहे हो भाई इस तरीके

[22:25] से। ठीक है? चलिए आगे बढ़ते हैं ब्रो।

[22:27] लेट्स गो अहेड। अब आगे बढ़ते हैं। ठीक है?

[22:31] एग्जांपल न्यूमेरिकल रेशियो ऑफ़ द

[22:33] डिस्प्लेसमेंट टू द डिस्टेंस।

[22:35] डिस्प्लेसमेंट टू द

[22:38] डिस्टेंस। डिस्प्लेसमेंट अपॉन डिस्टेंस।

[22:40] डिस्टेंस हमेशा छोटा या सेम हो सकता है।

[22:43] ठीक है? तो हमेशा वन या लेस दैन वन हो

[22:47] सकता है। ठीक है? ऐसे ही स्पीड अप

[22:49] वेलोसिटी अप सॉरी वेलोसिटी / स्पीड ये भी

[22:52] आप निकालो तो लेस दैन वन होगा। उल्टा

[22:54] बोलते तो डिस्टेंस / डिस्प्लेसमेंट ग्रेटर

[22:56] दैन वन लिखता। ठीक है? तो ये लेस दैन

[22:58] इक्वल टू और लेस दैन वन। ऑप्शन सी। इस

[23:01] तरीके से बहुत सारे सवाल है यहां पे। जैसे

[23:03] ये है ये तो अभी मैंने आपको कराया। तो

[23:06] आपको सिंपली बता देता हूं। a से b तक का

[23:08] डिस्टेंस बता दो। तो s = r थीटा r * थीटा।

[23:12] थीटा कितना है बेटा? ये डिस्टेंस की बात

[23:14] कर रहा हूं। तो थीटा कितना है? 60° 60

[23:17] यानी π / 3 तो πr / 3 हो गया ना आंसर

[23:22] सीधा। डिस्प्लेसमेंट आप मुझे बताओ इस

[23:24] क्वेश्चन का। आंसर करो कमेंट बॉक्स में।

[23:26] ठीक है? चलो अभी बढ़ते हैं आगे। अब बहुत

[23:29] सारे सवाल हो चुके हैं। तो अब आते हैं

[23:30] स्पीड पे। स्पीड क्या है बच्चों? स्पीड

[23:33] क्या है? स्पीड एक ऐसी क्वांटिटी है जो

[23:37] डिस्टेंस या पोजीशन हम कितनी जल्दी चेंज

[23:40] कर रहे हैं वो पता करता है। स्पीड इज अ

[23:42] रेट ऑफ चेंज ऑफ डिस्टेंस। इसका यूनिट आएगा

[23:45] मीटर पर सेकंड। सेंटीमीटर पर सेकंड भी हो

[23:47] सकता है। यूजुअली स्पीड को किलोमीटर पर

[23:49] आवर में प्रैक्टिकल डज़ में हमारे

[23:51] प्रैक्टिकल लाइफ में लिया जाता है।

[23:52] किलोमीटर पर आवर से मीटर पर सेकंड में

[23:54] जाना है तो आपको मैं दो तरीके हैं। या तो

[23:57] आप 10/36 करो। मैं 5/1 प्रेफर नहीं करता

[24:01] हूं। मैं 10/36 प्रेफर करता हूं। सिंपल

[24:04] नंबर है। यहां पे मीटर पर सेकंड से

[24:07] किलोमीटर पर आवर में जाने के लिए 36/10

[24:09] करो। ठीक है? या फिर किलोमीटर पर आवर से

[24:13] मीटर पर सेकंड में जाने के लिए डिवाइड बाय

[24:15] 3.6 मीटर पर सेकंड से किलोमीटर पर आवर

[24:18] जाने के लिए मल्टीप्लाई 3.6 आपको जो

[24:20] शॉर्टकट याद रखना है याद रखो। ठीक है?

[24:22] जैसे डिस्टेंस कभी नेगेटिव नहीं हो सकता।

[24:23] स्पीड भी कभी नेगेटिव नहीं हो सकता। ठीक

[24:26] है? अब याद रखेंगे ये। यूनिफॉर्म स्पीड

[24:29] क्या होता है? कभी भी बोल दिया यूनिफॉर्म

[24:31] स्पीड से अपन ट्रैवल कर रहे। इसका मतलब

[24:32] क्या होता है? कि हम सेम डिस्टेंस सेम

[24:35] टाइम में ट्रेवल कर ले। ये 20 मीटर भी

[24:37] हमने 5 सेकंड में ट्रैवल किया। अगला 20

[24:40] मीटर भी हमने 5 सेकंड में ही ट्रैवल किया

[24:42] और उसके बाद का 20 मीटर भी हमने 5 सेकंड

[24:44] में ही ट्रैवल किया। तो हर बार हम इक्वल

[24:47] डिस्टेंस में इक्वल टाइम इक्वल टाइम में

[24:49] इक्वल डिस्टेंस ट्रेवल कर रहे हैं। इसको

[24:51] बोलते हैं हम यूनिफॉर्म स्पीड से जा रहे

[24:52] हैं। हम सेम स्पीड से जा रहे हैं। हम

[24:55] कॉन्स्टेंट स्पीड से जा रहे हैं। ऐसा

[24:56] बोलते हैं। फिर होता है नॉन यूनिफॉर्म

[24:58] स्पीड। व्हाट इज़ नॉन यूनिफॉर्म स्पीड?

[25:00] यहां पे पहली 5 सेकंड में हमने 20 मीटर

[25:03] ट्रैवल किया। अगली 5 सेकंड के अंदर हमने

[25:05] 40 मीटर ट्रैवल किया। यानी हमने ज्यादा

[25:07] डिस्टेंस ट्रेवल किया। सेम टाइम में हमने

[25:09] स्पीड बढ़ा दी। फिर अगली 5 सेकंड में हमने

[25:11] 10 मीटर ही ट्रेवल किया वो पांच 5 सेकंड

[25:14] के अंदर 10 मीटर। तो हमने स्पीड बहुत कम

[25:16] कर दी। तो ये रियल लाइफ में हम ऐसे ही

[25:18] ट्रेवल करते हैं ना। कभी फास्ट कभी स्लो

[25:20] कभी रुके सिग्नल आया तो तो ये नॉन

[25:22] यूनिफॉर्म स्पीड है। स्पीड सेम नहीं है।

[25:24] स्पीड वेरिएबल है। समझ में आ गया? ये आपको

[25:28] टर्म समझाने के लिए मैं बता रहा हूं। बाकी

[25:30] इसका कुछ आपको क्वेश्चन तो क्वेश्चन के

[25:33] बीच-बीच में जो लिखा होता है ना वो

[25:34] स्टेटमेंट समझने के लिए। फिर एवरेज स्पीड

[25:37] हमेशा याद रखो एवरेज स्पीड पूरी जर्नी की

[25:40] होती है। एवरेज स्पीड जो है वो होता है

[25:42] टोटल डिस्टेंस / टोटल टाइम। टोटल डिस्टेंस

[25:45] निकाल लो। टोटल टाइम निकालो बाकी सब भूल

[25:47] जाओ। बाकी सब भूल जाने का। टोटल डिस्टेंस

[25:50] डिवाइडेड बाय टोटल टाइम। यही है।

[25:52] इंस्टेंटेनियस स्पीड तो डेरिवेटिव से

[25:54] निकालते हैं। ds / dt करके। उसके ऊपर

[25:56] ज़्यादा क्वेश्चन नहीं आते। एवरेज स्पीड पे

[25:58] आता है। मैं एवरेज स्पीड के लिए आपको सीधा

[26:00] ना यह शॉर्टकट पे लेके आता हूं। अगर आपको

[26:03] बोला कि हमने पहले आधे घंटे यानी t टाइम

[26:07] तक हम v1 स्पीड से चले। फिर अगले आधे घंटे

[26:10] तक यानी वापस सेम टाइम तक हम वापस दूसरी

[26:13] स्पीड से चले। तो आपको एवरेज स्पीड पूछेगा

[26:16] तो सीधा टाइम सेम है ना? दो सेम टाइम

[26:18] इंटरवल में अलग-अलग स्पीड हो तो v1 + v2 /

[26:22] 2 तीन टाइम इंटरवल में सेम तीन टाइम सेम

[26:25] इंटरवल रखे और हमें बोल दे कि इस v1 स्पीड

[26:28] है, v2 स्पीड है, v3 स्पीड है। तो सीधा

[26:29] ऐसा एवरेज करने का v1 + v2 + v3 एवरेज

[26:32] स्पीड स्पीड्स का एवरेज नहीं होता। ये इस

[26:35] केस में नसीब से ऐसा दिख गया। अगर टाइम को

[26:38] हम सेम मानते हैं हर बार कि हमने आधे घंटे

[26:41] तक 50 कि.मी. पर आवर आधे घंटे तक 60

[26:44] कि.मी. पर आवर आधे घंटे तक 70 कि.मी. पर

[26:47] आवर तो सिंपली उसका एवरेज स्पीड होगा 50 +

[26:50] 60 + 70 / 3 समझ में आ रहा है? ये नसीब था

[26:55] आपका क्योंकि आपने ना बेस टाइम का सेम रखा

[26:57] था। अब अगर डिस्टेंस का बेस सेम है यानी

[27:01] कि पहला 2 कि.मी. आपने इस स्पीड से ट्रेवल

[27:04] किया। फिर अगला 2 कि.मी. आपने सेम स्पीड

[27:06] से ट्रेवल किया। टाइम की तो बात ही नहीं

[27:07] की ना। तो उस केस में पहली स्पीड दूसरी

[27:10] स्पीड को इस तरीके से सॉल्व करो। 2v1 v2 /

[27:13] v1 + v2 आपको एवरेज स्पीड मिल जाएगी। समझ

[27:15] में आ गया? लेकिन कहीं आपने को बोल दिया

[27:17] कि हमने ये सर्कल ट्रेवल किया। हमने हर

[27:19] जगह कांस्टेंट स्पीड रखी। यूनिफॉर्म स्पीड

[27:21] रखी। अरे स्पीड यूनिफॉर्म रखी तो वही

[27:22] स्पीड पूरी जर्नी पे है ना। एवरेज सेम है

[27:26] टोटल। तो इसीलिए एवरेज स्पीड और यूनिफॉर्म

[27:29] स्पीड सेम वैल्यू होती है जब आपकी स्पीड

[27:32] सेम रहे। ठीक है? तो आपको उसके बेस्ड कुछ

[27:35] क्वेश्चंस भी आगे बता दूंगा। लेकिन उसके

[27:37] पहले वेलोसिटी पे बात करते हैं। व्हाट इज़

[27:38] वेलोसिटी ब्रो? वेलोसिटी इज़ द रेट ऑफ़ चेंज

[27:41] ऑफ़ डिस्प्लेसमेंट। समझ में आ गया? जैसे वो

[27:44] डिस्टेंस था, यहां डिस्प्लेसमेंट है। जैसे

[27:45] वो स्केलर था, यहां वो वेक्टर है। तो बस

[27:47] उतनी ही बात है। मीटर पर सेकंड उसका यूनिट

[27:49] है। सेंटीमीटर पर सेकंड इसका अ सीजीएस

[27:51] यूनिट है। और ये ज़ीरो भी हो सकता है,

[27:53] नेगेटिव भी हो सकता है, पॉजिटिव भी हो

[27:54] सकता है। बट वेलोसिटी मेनली नेगेटिव क्या

[27:56] बताता है? अगर आप फॉरवर्ड मोशन कर रहे हो

[27:59] पॉजिटिव x- एक्सिस के अलोंग तो वेलोसिटी

[28:00] पॉजिटिव। अगर आप बैकवर्ड मोशन कर रहे हो

[28:02] नेगेटिव एक्स एक्सिस के अलोंग तो वो

[28:04] वेलोसिटी नेगेटिव। अगर आप अपवर्ड मोशन कर

[28:06] रहे हो पॉजिटिव एक्सिस का लंब तो वेलोसिटी

[28:08] यूजुअली पॉजिटिव मानता है। अगर आप

[28:09] डाउनवर्ड मोशन कर रहे हो तो वेलोसिटी

[28:12] यूजुअली नेगेटिव मानता है। समझ में आ गया?

[28:14] इस चीज को दिमाग में रख के बात करने का जब

[28:17] वेलोसिटी का प्लस माइनस हो। वेलोसिटी का

[28:20] प्लस और माइनस आपको डायरेक्शन बताता है कि

[28:22] वो पॉजिटिव अलोंग है या नेगेटिव के अलोंग

[28:24] है। यूनिफॉर्म वेलोसिटी यानी आप सेम

[28:26] वेलोसिटी से जा रहे हो। ना आपका

[28:27] मैग्नीट्यूड ऑफ़ स्पीड चेंज हो रहा है ना

[28:29] आपका वेलोसिटी का डायरेक्शन चेंज हो रहा

[28:31] है। तो वेलोसिटी को हम ऐसे भी बोल सकते

[28:34] हैं। वेलोसिटी

[28:35] यानी दो चीजें हैं। एक

[28:41] स्पीड और एक डायरेक्शन। वेलोसिटी दो चीजों

[28:44] से बनती है। स्पीड और डायरेक्शन से। स्पीड

[28:47] यानी मैग्नीट्यूड ऑफ़ वेलोसिटी बोल दो एज़

[28:49] ऑफ़ नाउ। तो स्पीड कब चेंज होगा? जब आप

[28:51] फास्ट होगे, स्लो होगे। डायरेक्शन अगर आप

[28:53] चेंज ही नहीं करोगे, तो आपका वेलोसिटी भी

[28:55] सेम रहेगा। तो यूनिफॉर्म वेलोसिटी हो गया।

[28:57] नॉन यूनिफॉर्म वेलोसिटी यानी आप स्पीड सेम

[28:59] रखो लेकिन डायरेक्शन चेंज करो। जैसे

[29:01] सर्कुलर मोशन यूसीएम के अंदर में आप

[29:03] सर्कुलर मोशन तो करते हैं। आपकी स्पीड जो

[29:06] है हर जगह पे सेम है। है ना? लेकिन

[29:09] बार-बार आपका डायरेक्शन ऑफ़ वेलोसिटी हर

[29:12] जगह अलग-अलग है। तो UCM भी एक तरीके से

[29:15] वेरिएबल वेलोसिटी वाला नॉन यूनिफॉर्म

[29:18] वेलोसिटी वाला मोशन हो गया। नहीं समझा?

[29:21] फिर एवरेज वेलोसिटी का कांसेप्ट। एवरेज

[29:23] वेलोसिटी और एवरेज स्पीड एग्जैक्टली सेम

[29:26] होता है। अगर आप स्ट्रेट लाइन में ट्रैवल

[29:28] कर रहे हो तो डायरेक्शन पीछे भी नहीं होना

[29:31] चाहिए, आगे भी नहीं होना चाहिए। मतलब साइड

[29:33] में भी नहीं होना चाहिए। आप स्ट्रेट लाइन

[29:35] में सीधे-सीधे आगे-आगे बढ़ो तो आपका एवरेज

[29:37] स्पीड और एवरेज वेलोसिटी सेम होता है। अब

[29:40] दूसरी बात एवरेज स्पीड के लिए एवरेज

[29:42] वेलोसिटी के लिए आप टोटल डिस्प्लेसमेंट /

[29:44] टोटल टाइम लोगे। एवरेज स्पीड के लिए टोटल

[29:46] डिस्टेंस / टोटल टाइम लिया था। एवरेज

[29:48] वेलोसिटी के लिए टोटल डिस्प्लेसमेंट अप

[29:50] टोटल टाइम लोगे। समझ में आया? आई नो मैं

[29:52] फास्ट हूं। लेकिन आपको इसकी आदत डालनी

[29:55] होगी। क्योंकि आप अभी सीईटी में ना 1 मिनट

[29:58] से भी कम समय में एक क्वेश्चन सॉल्व करने

[30:00] की चैलेंज लेने वाले हैं। आप अगर 1 मिनट

[30:02] में एक 1 मिनट के अंदर एक क्वेश्चन नहीं

[30:05] कर पा रहे ना तो प्रॉब्लम है। इसीलिए आपके

[30:07] दिमाग को फास्ट चीजें प्रोसेस करने की आदत

[30:10] डालनी पड़ेगी। पहले दो लेक्चर देखो। पहले

[30:12] दो वन शॉट मैं स्लो जा रहा था। मैंने एर्स

[30:15] के बाद में ये जो चैप्टर लिया वेक्टर्स

[30:17] कितना धीरे-धीरे धीरे-धीरे इतना टाइम लिया

[30:19] था उसको सिखाने में। कयनामेटिक्स बड़ा है

[30:22] बट मेरी कोशिश है कि मैं आपको जो बोलूं

[30:24] आपके दिमाग में घुसते जाना चाहिए। आपका

[30:26] दिमाग फास्ट प्रोसेस करना चाहिए। सो इट्स

[30:28] अ ट्रेनिंग ऑफ़ माइंड। समझ में आया? आपको

[30:30] दिमाग में उस हिसाब से सोचना पड़ेगा। ठीक

[30:32] है? अब ये कुछ फैक्ट्स हैं जो आपको

[30:35] कभी-कभी क्वेश्चन के फॉर्म में आ सकते

[30:36] हैं। एवरेज स्पीड जैसे मैंने बोला था अ

[30:39] डिस्टेंस हमेशा जो होता है वो बड़ा होगा या

[30:42] फिर इक्वल हो सकता है डिस्प्लेसमेंट के।

[30:44] वैसे ही स्पीड हमेशा बड़ी या फिर इक्वल हो

[30:47] सकती है डिस्टेंस के। वेलोसिटी के। इसी

[30:49] तरह एवरेज स्पीड भी हमेशा बड़ा होगा या फिर

[30:52] इक्वल हो सकता है एवरेज वेलोसिटी के। याद

[30:54] रखना। व्हेन पार्टिकल मूव्स विद द

[30:55] कॉन्स्टेंट वेलोसिटी इन द मैग्नीट्यूड ऑफ़

[30:57] डिस्टेंस एंड डिस्प्लेसमेंट इज़ सेम। जब

[30:59] सेम स्पीड से आप आगे-आगे बढ़ोगे तो स्पीड

[31:01] भी सेम है, वेलोसिटी भी सेम है। तो एवरेज

[31:03] स्पीड और एवरेज वेलोसिटी भी सेम है,

[31:05] डिस्टेंस और डिस्प्लेसमेंट सेम तो स्पीड

[31:06] और वेलोसिटी भी सेम। समझ में आ गया? अ फिर

[31:09] बाकी सारी चीजें यहां लिखी है। तो वो तो

[31:11] मैं आपको ऑलरेडी बोल चुका हूं। बाकी आपको

[31:13] पीडीएफ मिलेगा तो आप देख लेना। कभी-कभी

[31:16] आपको बोलते हैं कि आप चेंज इन वेलोसिटी

[31:18] निकालें। चेंज इन वेलोसिटी। चेंज इन

[31:21] वेलोसिटी यानी कौन से केस में? जब आप

[31:24] यूनिफॉर्म मोशन कर रहे हो। जैसे सर्कुलर

[31:26] मोशन में आप यहां थे। आप यहां पहुंच गए।

[31:28] आपकी स्पीड यहां भी v है, यहां भी v है।

[31:31] लेकिन आपका डायरेक्शन इधर अलग था और इधर

[31:32] अलग है। तो चेंज इन डायरेक्शन इज़ आल्सो

[31:34] चेंज इन वेलोसिटी ना भाई। तो डायरेक्शन

[31:36] चेंज करना अभी तो वेलोसिटी चेंज करना हुआ।

[31:38] भले उसका मैग्नीट्यूड सेम है। तो उसका

[31:40] स्पीड सेम है। यहां पे क्या है बेटा?

[31:43] स्पीड सेम है, बट वेलोसिटी अलग-अलग है।

[31:48] वेलोसिटी चेंज हो रही है। डिफरेंट है।

[31:51] उसका रीज़न ये वेलोसिटी के लिए डायरेक्शन

[31:54] भी काउंट करना पड़ता है। तो आप इस केस में

[31:57] अगर आप बोलोगे चेंज इन वेलोसिटी निकाल के

[31:59] दो। तो 2v sinθ / 2 इसी केस में अगर आपको

[32:02] देखो सर्कुलर मोशन का ये आंसर है। डेल्टा

[32:05] r निकालना है तो 2R sinθ / 2 कर

[32:08] दो। समझ में आ गया? तो ये हो गया

[32:11] डिस्प्लेसमेंट। यह जो सर्कुलर मोशन होता

[32:13] है ना ब्रो यह आपका जो डिस्प्लेसमेंट है

[32:17] उसका फार्मूला बताया मैंने डेल्टा r का

[32:19] क्योंकि यह भी r है ये भी r है तो ये हो

[32:22] गया डेल्टा r तो डेल्टा r निकालना है तो

[32:25] ये फार्मूला डेल्टाV निकालना है तो ये

[32:26] फार्मूला सेम ही तो है भाई समझ में आ गया

[32:29] बट ये बात याद रख लेना ये जो वेलोसिटी के

[32:32] लिए सिर्फ UCm में फ़ूला चलेगा क्यों UCM

[32:35] में ही ये स्पीड सेम रहती है इसीलिए बाकी

[32:38] एनी व्हिच वेज़ आपको स्पीड सेम रख के सिर्फ

[32:40] डायरेक्शन चेंज हो रहा है सर्कल हो कि ना

[32:42] हो। आप ये फार्मूला यूज़ कर सकते हैं चेंज

[32:44] इन वेलोसिटी का। ठीक है? एग्जांपल के तौर

[32:47] पे आप देखो। अ ये क्वेश्चन है एवरेज

[32:49] वेलोसिटी। एवरेज वेलोसिटी वाला। एवरेज

[32:51] वेलोसिटी क्या होता है? टोटल

[32:52] डिस्प्लेसमेंट मत टोटल टाइम। आप गए A से

[32:55] घूम के B पे। डिस्प्लेसमेंट तो आपने 2

[32:58] मीटर ही ट्रेवल किया ना 1 मीटर प्लस 1

[33:00] मीटर। 2 मीटर। टाइम लगाया 1 सेकंड। तो हो

[33:02] गया टू एवरेज वेलोसिटी। आप एवरेज स्पीड

[33:04] निकालो इसका और आंसर करो क्वेश्चन में।

[33:06] ठीक है? कमेंट बॉक्स में आंसर करो या समझा

[33:10] कि नहीं समझा? देख लो आपको चाहिए तो ये

[33:12] क्वेश्चन को एक बार कम

[33:14] ऑन। सो आई होप कि आपको ये समझ चुका है

[33:18] एवरेज स्पीड, एवरेज वेलोसिटी वाला पूरा

[33:20] कांसेप्ट। अब आ जाते हैं एक्सीलरेशन। इट्स

[33:22] वन ऑफ़ द ईजी थिंग। वेलोसिटी कितना चेंज

[33:25] करती है टाइम के साथ में? उसको हम कहते

[33:28] हैं एक्सीलरेशन। एक्सलरेशन इज़ अ रेट ऑफ

[33:31] चेंज ऑफ़ वेलोसिटी। बेटा। ये रेट ऑफ चेंज

[33:34] ऑफ़ स्पीड नहीं होता है। ये रेट ऑफ चेंज ऑफ़

[33:37] वेलोसिटी होता है। इस चीज को भूलने का

[33:39] नहीं। ठीक है? और इसका यूनिट मीटर पर

[33:42] सेकंड स्क्वायर, सेंटीमीटर पर सेकंड

[33:44] स्क्वायर होगा। डायमेंशन l1 t - 2 होगा।

[33:46] और बिकॉज़ वेलोसिटी भी वेक्टर है तो

[33:49] एक्सीलरेशन भी वेक्टर ही होगा। बस इसको

[33:52] दिमाग में रख लेना। ठीक है? नाउ

[33:54] एक्सीलरेशन अगर यूनिफॉर्म आपको किसी ने

[33:57] बोल दिया ना, इसका सिंपल सा मतलब है कि

[33:59] एक्सीलरेशन का मैग्नीट्यूड और डायरेक्शन

[34:01] दोनों सेम रहेगा। नॉन यूनिफॉर्म

[34:04] एक्सीलरेशन यानी एक्सीलरेशन बदलेगा। चाहे

[34:06] वो मैग्नीट्यूड से या फिर वो डायरेक्शन से

[34:09] बात करें। बाकी एवरेज एक्सलरेशन इज़ नथिंग

[34:11] लाइक एवरेज स्पीड ओनली टोटल चेंज इन

[34:13] वेलोसिटी अपॉन टोटल टाइम। ठीक है? अब देखो

[34:18] डेरिवेटिव के टर्म्स में एक्सीलरेशन को dv

[34:20] / dt लिख सकते हैं। हां, dv / dt को डबल

[34:23] डेरिवेटिव ऑफ़ पोजीशन बोल सकते हैं।

[34:25] डिस्प्लेसमेंट। एक्सीलरेशन इज़ डबल

[34:27] डेरिवेटिव ऑफ़ डिस्प्लेसमेंट। ये भी लिख

[34:29] सकते हो। ये आई होप आपको पता होगा। नहीं

[34:31] पता है तो मैं आपको थोड़ी देर बाद में

[34:32] बताता हूं। देखो अभी बता देता हूं बाद में

[34:35] क्या बताऊं। देखो। डिस्प्लेसमेंट को अगर

[34:37] मैं x से लिखूं, s से लिखूं, ठीक है? s से

[34:39] लिख लिया। डिस्प्लेसमेंट का डेरिवेटिव

[34:41] करो, तो ds / dt हो गया। इसी को हम

[34:44] वेलोसिटी बोलते हैं। वेलोसिटी का

[34:46] डेरिवेटिव लो dv / dt हो गया। इसी को हम

[34:49] एक्सलरेशन बोलते हैं। और अगर आप वेलोसिटी

[34:52] को यह लिखोगे तो इसका सेकंड डेरिवेटिव d2s

[34:55] / dt² लिखा जाता है। वो भी एक्सलरेशन होता

[34:59] है। तो एक्सीलरेशन वेलोसिटी का पहला

[35:02] डेरिवेटिव और एक्सीलरेशन डिस्प्लेसमेंट का

[35:04] दूसरा डेरिवेटिव। दो बार डेरिवेटिव रिपीट

[35:07] करने का। ठीक है? यह होता

[35:09] है। अब कुछ इंपॉर्टेंट चीज़ें जो आपको मोशन

[35:13] के अंदर क्लियर होनी चाहिए। उसको

[35:15] क्लेरिफाई कर लेते हैं अभी। ठीक है? अब

[35:17] ध्यान से समझना। अगर आप आगे के डायरेक्शन

[35:19] में जा रहे हो, पॉजिटिव x- एक्सिस के

[35:21] अलोंग जा रहे हो, तो आप वेलोसिटी को

[35:23] पॉजिटिव मानोगे। अगर आप पीछे के डायरेक्शन

[35:26] में जा रहे हो, नेगेटिव एक्स एक्सिस के

[35:28] अलोंग जा रहे हो, तो आप वेलोसिटी को

[35:29] नेगेटिव मानोगे। यानी वेलोसिटी की वैल्यू

[35:32] पॉजिटिव है, नेगेटिव है, वो डिपेंड करता

[35:35] है आप फॉरवर्ड मोशन कर रहे हो कि बैकवर्ड

[35:37] मोशन कर रहे हो। क्लियर हो गया? अब अगर आप

[35:40] फॉरवर्ड मोशन में हो और एक्सलरेशन भी आगे

[35:43] की तरफ ही है तो आपकी स्पीड जो है वो

[35:47] बढ़ेगी। स्पीड अप करोगे आप। समझा? आप फास्ट

[35:51] होते जाओगे। अगर आपकी वेलोसिटी पीछे है,

[35:55] एक्सीलरेशन भी पीछे है। दोनों अभी भी सेम

[35:58] डायरेक्शन में है, तो आप पीछे के

[36:00] डायरेक्शन में स्पीड अप करते जाओगे। याद

[36:02] रहेगा? आप इधर आगे जाते-जाते फास्ट हो रहे

[36:05] हो। इधर पीछे जाते-जाते फास्ट हो रहे हो।

[36:07] समझ में आ गया? इसका मतलब एक्सीलरेशन आगे

[36:10] पीछे है ये नहीं देखने का। क्या वेलोसिटी

[36:13] के साथ में एक्सीलरेशन है क्या? क्या

[36:15] वेलोसिटी के साथ में एक्सीलरेशन है क्या?

[36:17] हां। तो ये एक्सीलरेशन वेलोसिटी को सपोर्ट

[36:20] करेगा। ये एक्सीलरेशन वेलोसिटी को सपोर्ट

[36:23] करेगा। फिर वेलोसिटी जिधर भी हो उसको

[36:25] सपोर्ट ही करेगा। ठीक है? इसी के साथ में

[36:27] आपको मैं बता दूं कि जहां मोशन है वहीं

[36:31] डायरेक्शन में वेलोसिटी याद रखने का और

[36:33] फिर वो वेलोसिटी से एक्सीलरेशन को देखने

[36:36] का। एज़ वेलोसिटी इधर है, एक्सीलरेशन इधर

[36:38] स्लो होना पड़ेगा। वेलोसिटी इधर,

[36:40] एक्सीलरेशन इधर फ़ास्ट हो जाओगे। समझ में आ

[36:42] गया? इसी तरह से आप यहां पे

[36:45] देखो, वेलोसिटी एंड एक्सीलरेशन आर इन

[36:47] अपोजिट डायरेक्शन, देन स्पीड डिक्रीज करती

[36:50] है। अगर आपकी वेलोसिटी आगे है, एक्सीलरेशन

[36:53] पीछे है, तो आप आगे जाते-जाते स्लो होते

[36:56] जाओगे। आपकी स्पीड कम होती जाएगी। और वहीं

[36:59] पे अगर आप पीछे जा रहे हो और आपका

[37:01] एक्सीलरेशन आगे है तो आपकी स्पीड जो है वो

[37:04] कम होती जाएगी। यानी कि मैं दोनों केसेस

[37:07] में आपको बताता हूं। अगर आप आगे जा रहे हो

[37:10] और एक्सलरेशन पीछे है तो आप स्लो होते

[37:12] जाओगे, स्लो होते जाओगे, रोकोगे। फिर

[37:14] एक्सीलरेशन पीछे इसलिए आपकी वेलोसिटी भी

[37:16] पीछे हो जाएगी और आप पीछे चले जाओगे। तो

[37:19] आपका मोशन अभी कुछ ऐसा होगा। ठीक है? और

[37:22] इस केस में जब आपकी वेलोसिटी पीछे है,

[37:24] एक्सीलरेशन आगे है तो वेलोसिटी पीछे है।

[37:27] देखो ये रही तो आप पीछे जा रहे हो लेकिन

[37:29] क्योंकि एक्सीलरेशन उधर है तो आप स्लो

[37:31] होगे, रुकोगे, वापस जाओगे। तो आपका मोशन

[37:34] ऐसा होगा। जभी भी एक्सलरेशन और वेलोसिटी

[37:37] अपोजिट हो, स्पीड डिक्रीज हो जाती हो और

[37:40] आपको कहीं ना कहीं से टर्न लेना पड़ेगा।

[37:42] क्योंकि एक्सलरेशन वेलोसिटी जो है ना बेटा

[37:45] वेलोसिटी ये हमेशा एक्सीलरेशन का

[37:48] डायरेक्शन एक्वायर करने की कोशिश करती है।

[37:50] अब देखो एक्सलरेशन कहां है? पीछे।

[37:52] वेलोसिटी कहां है? आगे। तो धीरे-धीरे

[37:54] वेलोसिटी अपने आप को पीछे कर लेगी ताकि वो

[37:57] एक्सीलरेशन के अलोंग हो। तो आप आगे जाके

[37:59] पीछे होगे। अब यहां पे देखो आप पीछे जा

[38:01] रहे हो तो पीछे जाके ऐसे आगे जाना। तो

[38:04] इसका मतलब जहां एक्सलरेशन है वहीं आपकी

[38:06] वेलोसिटी आने की ट्राई करती है। समझ में आ

[38:09] गया? दूसरा एक्सीलरेशन का डायरेक्शन जो

[38:11] होता है वो चेंज इन वेलोसिटी के डायरेक्शन

[38:14] के साथ में होता है। क्योंकि एक्सलरेशन ही

[38:16] चेंज इन वेलोसिटी अपॉन टाइम होता है। तो

[38:18] जो चेंज इन वेलोसिटी का डायरेक्शन है वही

[38:21] एक्सीलरेशन का डायरेक्शन बनता है। आई होप

[38:23] आपको समझा। अब ये एक्सलरेशन डिसाइड करता

[38:26] है कि जो भी मोशन होगा उसका रास्ता सीधा

[38:29] होगा, टेढ़ा होगा, कैसा होगा? ये सारी

[38:32] चीजें एक्सलरेशन से डिसाइड की जाती है।

[38:35] यानी कि आपका रास्ता स्ट्रेट लाइन होगा।

[38:38] आप टर्न लोगे, सर्कल में घूमोगे। ये सारी

[38:40] की सारी चीजें सिर्फ एक्सीलरेशन से डिसाइड

[38:42] होती है। मैं आपको बताता हूं कैसे। अगर

[38:44] एक्सलरेशन कांस्टेंट है और उस केस में

[38:48] आपकी आप अगर स्ट्रेट लाइन में मूव करना

[38:51] चाहते हो तो आपको एक्सीलरेशन और वेलोसिटी

[38:53] सेम डायरेक्शन में रखने पड़ेंगे। अगर आपकी

[38:56] वेलोसिटी और एक्सीलरेशन सेम डायरेक्शन में

[38:58] हैं तो आप स्ट्रेट लाइन में जाओगे। और अगर

[39:02] आपका वेलोसिटी और एक्सीलरेशन में कुछ

[39:05] एक्यूट एंगल जैसा है तो आप प्रोजेक्टाइल

[39:08] मोशन करोगे। अभी ये उल्टा प्रोजेक्टाइल

[39:10] दिखा रहा हूं। अगर आपकी वेलोसिटी ऊपर हो,

[39:12] एक्सीलरेशन नीचे हो, जैसे ऑब्ट्यूस एंगल

[39:15] बन रहा है अभी। है ना? तो ऐसा मोशन होगा।

[39:17] ये प्रोजेक्टाइल मोशन ही तो है। देख लो।

[39:19] तो ये पैराबोलिक मोशन होता है। तो जभी भी

[39:22] वेलोसिटी और एक्सीलरेशन कुछ एक्यूट या

[39:24] ऑ्ट्यूस एंगल पे होते हैं प्रोजेक्टाइल

[39:26] मोशन यानी पैराबोलिक मोशन हो जाता है। और

[39:29] जभी भी वेलोसिटी परपेंडिकुलर टू

[39:31] एक्सीलरेशन होती है। यानी कि वेलोसिटी इधर

[39:33] एक्सीलरेशन उधर तो सर्कल में घूम जाते

[39:35] हैं। तो सर्कुलर मोशन हो जाता है। ये सब

[39:38] कब होता है? जब कॉन्सेंट एक्सीलरेशन से आप

[39:40] वेलोसिटी के साथ हो तो स्ट्रेट लाइन।

[39:43] वेलोसिटी से कांस्टेंट एक्सीलरेशन से

[39:45] वेलोसिटी कुछ एक्यूट या ऑब्ट्यूस एंगल बना

[39:47] है तो पैराबोलिक मोशन या फिर प्रोजेक्टाइल

[39:50] मोशन या फिर आपको अगर देखोगे तो वेलोसिटी

[39:53] और एक्सीलरेशन एक दूसरे से राइट एंगल हो

[39:55] तो सर्कुलर मोशन समझ में आ गया याद रहेगा

[39:58] और वहीं पे आप देखो यहां पे एक्सीलरेशन जो

[40:01] है वो अगर वेरिएबल हो तो फिर पाथ टेढ़ामेढ़ा

[40:04] कुछ भी हो सकता है। ठीक है? टेढ़ामेढ़ा कुछ

[40:07] भी हो सकता है। अब आगे बढ़ते हैं। स्टेट्स

[40:10] ऑफ मोशन। स्टेट्स ऑफ मोशन यानी क्या? जब

[40:13] एक्सलरेशन जीरो

[40:15] हो तब हम यूनिफॉर्म मोशन में होते हैं।

[40:19] क्यों? क्योंकि तब हमारा एक्सीलरेशन ज़ीरो

[40:22] है। हमारी वेलोसिटी चेंज नहीं होगी। वो

[40:24] यूनिफॉर्म रहेगी, सेम रहेगी, कांस्टेंट

[40:26] रहेगी। तो डिस्प्लेसमेंट भी इक्वल टाइम

[40:29] में इक्वल अमाउंट से बढ़ेगी। आप सेम टाइम

[40:31] में सेम डिस्टेंस कवर करोगे या सेम टाइम

[40:33] में सेम डिस्प्लेसमेंट कवर करोगे। समझ में

[40:35] आ गया? अब इस केस के लिए हम यूनिफॉर्म

[40:38] मोशन में कुछ ज्यादा फार्मूला लगाने की

[40:40] जरूरत नहीं पड़ती। वेलोसिटी इज

[40:42] डिस्प्लेसमेंट / टाइम या स्पीड इज

[40:44] डिस्टेंस / टाइम। उसी में अगर आपका

[40:47] एक्सलरेशन जीरो नहीं है तब फिर आप नॉन

[40:51] यूनिफॉर्म मोशन में हैं। अब नॉन यूनिफॉर्म

[40:53] मोशन एक ब्रॉड टर्म है। यूनिफॉर्म को छोड़

[40:56] के सारे टाइप के मोशन नॉन यूनिफॉर्म ही

[41:00] होते हैं। जब एक्सलरेशन ज़ीरो है तब आप

[41:02] यूनिफॉर्म में हैं। यहां तो बहुत सिंपल

[41:05] मोशन होता है। एक्सलरेशन की वैल्यू ज़ीरो।

[41:07] वेलोसिटी और डिस्प्लेसमेंट की इस तरह से

[41:09] निकाल सकते हो। लेकिन जब एक्सीलरेशन नॉन

[41:11] ज़ीरो है तब आसान है बहुत। कैसे?

[41:15] देखो जब एक्सलरेशन नॉन जीरो है तो अगर

[41:20] एक्सलरेशन कास्टेंट हुआ चेंज नहीं हो रहा

[41:22] है कोई नंबर है जैसे एक्सलरेशन = 9.8 मोशन

[41:25] अंडर ग्रेविटी में होता है ना जैसे

[41:27] एक्सीलरेशन = 5 बदल नहीं रहा है बट सेम रह

[41:30] रहा है तो एक्सीलरेशन अगर कांस्टेंट है तो

[41:32] भी तो नॉन ज़ीरो ही कहलाएगा और सेम रहेगा

[41:36] वो पांच है तो पांच ही रहेगा उस केस के

[41:39] अंदर हम बोलेंगे कि ये अभी भी नॉन

[41:41] यूनिफॉर्म मोशन ही है लेकिन अब ये

[41:43] यूनिफॉर्मली ली एक्सलरेटेड मोशन है। इधर

[41:46] यूनिफॉर्म मोशन बोलने का मतलब वेलोसिटी

[41:48] यूनिफॉर्म है। इधर यूनिफॉर्म एक्सलरेशन

[41:51] बोलने का मतलब एक्सलरेशन यूनिफॉर्म है।

[41:53] नाम समझ रहे हो? नाम से सब समझ जाता है।

[41:56] यूनिफॉर्मली एक्सलरेटेड यानी एक्सीलरेशन

[41:58] यूनिफॉर्म है और उसके बाद में आपकी

[42:00] वेलोसिटी बढ़ेगी और डिस्प्लेसमेंट भी

[42:03] बढ़ेगी। समझ में आ गया? और उस केस में आपको

[42:05] कनेमेटिकल इक्वेशंस अप्लाई करनी पड़ेगी।

[42:07] कनेमेटिकल इक्वेशंस जैसे आपने ये पढ़ी हुई

[42:10] है ना वो मैंने बताई। वेक्टर फॉर्म भी

[42:12] आपको कोई बताता नहीं। मैंने बता दिया है।

[42:14] बाद में बताता हूं इसके बारे में। तो ये

[42:16] यूनिफॉर्मली एक्सलरेटेड मोशन में आप इन

[42:18] इक्वेशंस को अप्लाई कर सकते हैं। आपका

[42:21] सारा काम हो जाएगा। ठीक है? अब यहां पे

[42:23] बात नहीं खत्म होती। हम 11 12th में और

[42:26] आगे चलते हैं। एक्सलरेशन अगर ज़ीरो नहीं है

[42:29] तो कांस्टेंट भी नहीं है और एक्सीलरेशन

[42:32] बदलते रह रहा है। 5 7 6 कुछ भी बदलते रह

[42:35] रहा है। तो उस केस में आप एक्सलरेटिंग

[42:37] मोशन में हैं। कैसे मोशन में बेटा?

[42:40] एक्सलरेटिंग मोशन में है। एक्सलरेटिंग

[42:42] मोशन यानी एक्सलरेशन हो रहा है।

[42:46] एक्सलरेटेड मोशन यानी एक एक्सलरेशन हो

[42:48] चुका है। उतना ही रहेगा अभी और यहां

[42:51] एक्सलरेशन बढ़ते जा रहा है। तो एक्सलरेटिंग

[42:53] मोशन में जो कैलकुलस मेथड है वो भी कर

[42:55] सकते हो। ग्राफिकल मेथड भी कर सकते हो।

[42:57] कैलकुलस मेथड यानी डिस्प्लेसमेंट की

[42:59] इक्वेशन है डेरिवेटिव लो वेलोसिटी।

[43:01] वेलोसिटी की इक्वेशन का डेरिवेटिव लो

[43:03] एक्सलरेशन। एक्सीलरेशन की इक्वेशन का

[43:05] इंटीग्रेशन लो वेलोसिटी। वेलोसिटी की

[43:06] इक्वेशन का इंटीग्रेशन लो और आपको

[43:08] डिस्प्लेसमेंट मिलेगा। और ग्राफिकल मेथड

[43:10] ये मैं आपको अभी थोड़ी देर में बताऊंगा।

[43:12] समझ में आ गया? लेकिन सबसे पहले इन

[43:14] कनेमेटिकल इक्वेशन को एक बार देख लो।

[43:16] कनेमेटिकल इक्वेशन कब लगती है? जब

[43:19] यूनिफॉर्मली एक्सलरेटेड मोशन है तभी ही।

[43:23] कैसे पता चलेगा? यूनिफॉर्मली एक्सलरेटेड

[43:25] मोशन है। एक्सीलरेशन कांस्टेंट दिखना

[43:27] चाहिए। जैसे मोशन अंडर ग्रेविटी में

[43:29] एक्सीलरेशन 9.8 फिक्स दिखता है। वैसे ही

[43:32] वेलोसिटी इक्वल टाइम में इक्वल अमाउंट से

[43:34] बढ़नी चाहिए। समझ में आ गया? उस केस में

[43:36] आपको पता चल जाएगा कि यह यूनिफॉर्म मोशन

[43:38] है। अब कई बार क्वेश्चन में लिखा भी होता

[43:41] है। तो उसमें आप v = u + at s = ut + 1/2

[43:45] at² v² = u² + 2s ये इक्वेशन अप्लाई कर

[43:48] सकते हैं। उसमें फर्स्ट इक्वेशन तब अप्लाई

[43:50] करने का जब आपको v और t पता हो। फाइनल

[43:53] वेलोसिटी और टाइम की चीज़ आपको क्वेश्चन

[43:55] में दी हो या पूछी हो। इसी तरह से आप

[43:58] सेकंड इक्वेशन तब अप्लाई करेंगे जब आपको

[44:00] डिस्प्लेसमेंट और टाइम के बीच में कुछ

[44:02] चीज़ें पता हो। डिस्प्लेसमेंट और टाइम

[44:04] दोनों में से कोई चीज पूछी होनी चाहिए,

[44:06] कोई चीज दी होनी चाहिए। दूसरा जब फाइनल

[44:09] वेलोसिटी ना दी हो ना तब आप ये अप्लाई कर

[44:12] सकते हो कि ये इकलौती ऐसी इक्वेशन है

[44:14] जिसमें v नहीं है। देखो इसमें v है, इसमें

[44:17] v है। इसमें v है ही नहीं। तो जब फाइनल

[44:19] वेलोसिटी के बारे में सवाल में पूछा ना

[44:22] हो, दिया ना हो डेटा या आपको फाइनल

[44:24] वेलोसिटी में कंफ्यूजन हो रहा हो तब आप

[44:26] सेकंड इक्वेशन अप्लाई कर लो। आपके काम हो

[44:29] जाएंगे। उसमें फाइनल वेलोसिटी और

[44:31] डिस्प्लेसमेंट दिया हो यानी कि टाइम नहीं

[44:34] दिया हो क्वेश्चन में या पूछा भी नहीं हो

[44:36] तो आप फर्स्ट इक्वेशन अप्लाई करो। फाइनल

[44:38] वेलोसिटी और टाइम दिया हो यानी कि

[44:40] डिस्प्लेसमेंट यहां पे दिया ही नहीं है।

[44:42] देखो पूरी इक्वेशन में। तो क्वेश्चन में

[44:44] डिस्प्लेसमेंट नहीं है। आपको क्वेश्चन में

[44:46] डिस्प्लेसमेंट पूछा नहीं है। दिया नहीं

[44:48] है। और इक्व क्वेश्चन में आपको वेलोसिटी

[44:50] और टाइम दिया है। तो आप फर्स्ट इक्वेशन

[44:52] लगाओ। अब ये इक्वेशन कब कौन सी लगानी?

[44:55] उसका लॉजिक मैंने दिया। अगर इक्वेशन

[44:57] क्वेश्चन के अंदर कहीं पर भी आपको

[44:59] डिस्प्लेसमेंट दिख ही नहीं रही है। ना

[45:00] पूछी है ना दी है पहले इक्वेशन लगाओ। कहीं

[45:03] पे आपको फाइनल वेलोसिटी ना दी है ना पूछी

[45:05] है ये लगाओ। कहीं पे आपको टाइम दिया है

[45:07] नहीं पूछा है ये लगाओ। तो अब आपको

[45:10] धीरे-धीरे प्रैक्टिस के साथ इसको लाना

[45:12] पड़ेगा। ठीक है? चलो फिर आते हैं मोशन

[45:15] अंडर ग्रेविटी। अब मैं आपको पानी पी लेता

[45:17] हूं भाई पहले। सो फाइनली अब हम आते हैं

[45:21] मोशन अंडर ग्रेविटी में। मोशन अंडर

[45:23] ग्रेविटी यानी क्या है भाई? मोशन अंडर

[45:26] ग्रेविटी बहुत अमेजिंग चीज है। ध्यान से

[45:29] समझना। मोशन अंडर ग्रेविटी के लिए आपको

[45:31] कुछ अलग से पढ़ना ही नहीं है। क्यों?

[45:34] इसमें एक्सीलरेशन की वैल्यू कांस्टेंट

[45:37] होती है भाई। इसमें फिक्स होती है।

[45:39] यूनिफॉर्म होती है। 9.8 के इक्वल होती है।

[45:42] तो जब एक्सीलरेशन कास्टेंट है तो आप

[45:45] यूनिफॉर्मली एक्सलरेटेड मोशन में आ चुके।

[45:47] अब आपको टेंशन ही नहीं है। क्या करना है?

[45:50] क्यों? जभी भी यूनिफॉर्मली एक्सलरेटेड

[45:52] मोशन हो आपको सिर्फ ये तीन इक्वेशन कर

[45:55] देनी है अप्लाई। इन तीन इक्वेशन में v = u

[45:58] + at था। a की जगह g लिखो। क्यों? मोशन

[46:02] अंडर ग्रेविटी में एक्सीलरेशन को

[46:03] एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी यानी g लिखा

[46:06] जाता है। तो a की जगह g लिख दो। और s जो

[46:09] है डिस्प्लेसमेंट वर्टिकल डिस्प्लेसमेंट

[46:11] को h लिख दो। तो v की जगह g a की जगह g

[46:14] लिख दिया तो v = u + at का gt हो गया। v²

[46:17] = u² + 2as का 2gh हो गया। s = ut + 1/2

[46:22] at² का h = ut + 1/2 gt² हो गया। ऊपर

[46:26] जाओगे तो नेगेटिव नीचे आओगे तो पॉजिटिव।

[46:29] तो जो भी चीज डाउनवर्ड डायरेक्शन में

[46:31] मिलेगी वेलोसिटी हो या डिस्प्लेसमेंट हो

[46:33] या हाइट हो या जो भी वो सबको पॉजिटिव लो।

[46:36] जो अपवर्ड डायरेक्शन में मिलेगी वो सब

[46:38] नेगेटिव। क्यों? अपवर्ड डायरेक्शन इज़

[46:40] अगेंस्ट द ग्रेविटी। दैट्स व्हाई। बस इन

[46:42] तीन इक्वेशन को अप्लाई करो। आपका काम हो

[46:44] जाएगा। जैसे कि आपके पास एक मोशन हो सकता

[46:46] है ऐसा वाला मोशन अंडर ग्रेविटी के ऊपर

[46:49] आपको हर टाइप के केसेस बता दे रहा हूं।

[46:51] आपको कभी टेंशन ही नहीं होगी। ये देखो ये

[46:53] रहा हमने ऑब्जेक्ट को ऐसे ऊपर फेंका। अब

[46:55] वो ऊपर जाके नीचे आएगा तो यहां कहीं

[46:57] रुकेगा तो सही ना। तो यहां वेलोसिटी ज़ीरो

[47:00] होगी। तो यहां वेलोसिटी ऊपर है इनिशियल।

[47:02] तो u नेगेटिव होगा। एक्सीलरेशन ड्यू टू

[47:05] ग्रेविटी यहां देखोगे तो भी डाउनवर्ड।

[47:07] यहां देखोगे तो भी डाउनवर्ड। तो

[47:08] एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी हमेशा

[47:09] पॉजिटिव होगा। ऊपर जाते वक्त में हाइट को

[47:12] नेगेटिव लिया जाएगा। यहां से यहां तक का

[47:13] क्वेश्चन कर रहे हो तो हाइट को पॉजिटिव

[47:15] लिया जाएगा। उस हिसाब से मैंने जो आपको

[47:17] इक्वेशन बताया उसमें हम क्योंकि अपवर्ड जा

[47:19] रहे हैं एक्सलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी के

[47:22] मतलब ये जो हमारे पास में है ना यहां v भी

[47:24] माइनस होगा। u भी माइनस होगा g प्लस होगा

[47:26] क्योंकि ग्रेविटी तो डाउनवर्ड है। अब ये

[47:28] माइनस को प्लस करो, माइनस को प्लस करो या

[47:30] प्लस को माइनस करो। ऐसे करके उन्होंने ये

[47:32] इक्वेशन लाई है। तो अब आपको मैं डायरेक्ट

[47:35] इक्वेशन दे देता हूं। इन इक्वेशंस को आप

[47:37] डायरेक्टली यूज़ कर सकते हो। आपको अगर पूछे

[47:40] कि 1 सेकंड में अगली पांच से फिफ्थ सेकंड

[47:42] में कितना हाइट उसने कवर किया तो सीधा ये

[47:44] फार्मूला। अगली थर्ड सेकंड में कितना हाइट

[47:46] कवर किया? तो ये फार्मूला। बस इस चीज को

[47:48] आप कर लो। बाकी तो कोई प्रॉब्लम नहीं है।

[47:50] h = u² / 2g ये आपको मैक्सिमम हाइट कितनी

[47:54] तक जाएगी ना उसके बारे में बता देगा। ठीक

[47:56] है? बाकी आपको बता दूं कि जितना टाइम ऊपर

[47:59] चढ़ने में लगता है, उतना ही टाइम नीचे

[48:01] उतरने में लगता है। अगर मोशन अंडर

[48:03] ग्रेविटी पढ़ रहे हो। ऊपर जाने का टाइम u

[48:05] / g नीचे आने का टाइम भी u / g टोटल टाइम

[48:07] हो गया 2 टाइम्स u / g याद रख लेना। ठीक

[48:10] है? अब आपने कोई जगह से ड्रॉप किया

[48:13] ऑब्जेक्ट को तो इनिशियल स्पीड ज़ीरो होती

[48:15] है। तो आप जो भी मैंने इक्वेशन बताई उसमें

[48:17] u को ज़ीरो डाल दो। आपको ये तीन इक्वेशन

[48:19] मिल जाएगी। इसी को हम फ्री फॉल भी कहते

[48:21] हैं या ड्रॉप करना भी कहते हैं। याद रख

[48:24] लेना। फ्री फॉल ही है ये। अब उसमें आपको

[48:27] कभी भी कुछ फार्मूला से आंसर चाहिए। ये

[48:30] तीन इक्वेशंस आ जाएंगे। कितने समय में आप

[48:32] गिर पाओगे नीचे? वो सीधा इससे आंसर मिल

[48:34] जाएगा। कितनी आपकी मैक्सिमम वेलोसिटी होगी

[48:37] यहां गिरने के पहले वो भी आपको मिल जाएगी

[48:39] या आपको कितने समय में गिरे तो आपको कितनी

[48:41] हाइट से गिरे वो भी मिल जाएगी। तो ये बहुत

[48:44] सारी इजी चीजें कर दी है। आप ये पीडीएफ को

[48:46] बहुत अच्छे से संभाल के रखना बेटा। आपको

[48:49] बहुत काम आएगा। इसके ऊपर कई सारे

[48:51] एमसीक्यूस पूछे गए हैं। देखो आपको मैं बता

[48:53] दूं हम जो भी हाइट ट्रैवल करते हैं वो

[48:56] टाइम के स्क्वायर पे डिपेंड करता है। उसका

[48:58] रेश्यो हमेशा 1:2:3 ऐसा रहेगा। अब देख लो

[49:02] यहां पे भी लिखा है रेश्यो विल बी इन द

[49:04] हाइट का जो रेश्यो है ना वो 1 स्क्वायर 2²

[49:08] 4² 3² यानी

[49:11] 1:49 ऐसा लेकिन जो फर्स्ट सेकंड में सेकंड

[49:15] सेकंड में थर्ड सेकंड में जो आप डिस्टेंस

[49:18] ट्रेवल करोगे हाइट ट्रेवल करोगे वो होगी

[49:20] 1:35 यानी कि 1 सेकंड में टोटल 2 सेकंड

[49:26] में टोटल थ्री 3 सेकंड में टोटल 4 सेकंड

[49:30] में ऐसे ऐसे जो हाइट के रेश्यो होंगे ना

[49:32] वो

[49:34] 1:4

[49:36] 9: 16 ऐसे आएगा लेकिन फर्स्ट सेकंड में

[49:42] सेकंड सेकंड में थर्ड सेकंड में फोर्थ

[49:45] सेकंड में वो रेश्यो होगा 1:3 5:7 समझ में

[49:49] आ गया कितना डिस्टेंस हाइट ट्रैवल कर रहे

[49:51] हो उसका। आपको ये दोनों रेशियो से काफी

[49:54] चीज़ें पता चलेगी। बाकी चीजें नॉर्मल है।

[49:57] अब देखो मोशन इनर ग्रेविटी में मैंने आपको

[49:59] बोला नीचे फेंकने वाला तो u जीरो नहीं

[50:01] होगा। u कुछ तो होगा। नीचे है पॉजिटिव

[50:03] होगा। तो ये इक्वेशन नॉर्मल वाली लग

[50:05] जाएगी। एक नेक्स्ट थर्ड सेकंड में कितना?

[50:08] थर्ड सेकंड में कितना हाइट ट्रेवल करोगे?

[50:10] तो ये फार्मूला से निकाल लो। आंसर बहुत

[50:12] ईजी है। आपको सिर्फ फ़ूले अच्छे से यूज़

[50:15] करने हैं। कोई हाइट से आपने किसी चीज़ को

[50:17] ऊपर फेंका वो नीचे आएगा। तो आपको इस केस

[50:19] में बस U को नेगेटिव ले लेना है। बाकी सब

[50:21] चल जाएगा। अब u का स्क्वायर हो के वो

[50:24] पॉजिटिव हुआ इधर। बाकी ये इक्वेशन से आप

[50:26] आंसर निकाल पाओगे जो भी आपको चाहिए। ये

[50:28] वही तीन कानानेटिकल इक्वेशन को हम हर केस

[50:32] के लिए अलग-अलग मॉडिफाई कर रहे हैं। किसी

[50:33] में u ज़ीरो डाला, किसी में v ज़ीरो डाला,

[50:36] किसी में u पॉजिटिव, किसी में v नेगेटिव।

[50:38] ये सब कुछ कर रहे हैं। और कुछ कर ही नहीं

[50:39] रहे हम। ठीक है? बाकी ये सारे फॉर्मूले भी

[50:42] हैं। आपको अगर हाइट का फार्मूला चाहिए या

[50:44] फिर मैच मैक्सिमम हाइट का फार्मूला चाहिए।

[50:46] मैक्सिमम हाइट कितनी होगी बेटा? टावर की

[50:49] हाइट प्लस ये हाइट। तो दो हाइट का एडिशन

[50:51] होगा हाइट ऑफ द टावर प्लस कितनी हाइट आपने

[50:54] रेज़ की ये दोनों का एडिशन। ठीक है? अब आगे

[50:57] बढ़ते हैं। अब देखो यहां पे छोटा जो स्टोन

[51:00] है। अच्छा मोशनर ग्रेविटी में हमें

[51:02] क्वेश्चन भी आ सकता है। ऐसा कुछ तो बहुत

[51:04] ईजी है। टू स्टोंस ऑफ़ द डिफरेंट मास ड्रॉप

[51:06] समलटेनियसली दोनों साथ में ही गिरेंगे।

[51:08] क्योंकि ग्रेविटी तो सब पे सेम लगती है।

[51:10] फिर ये एक क्वेश्चन है। ओरिसा जेई में

[51:13] पूछा था। वेलोसिटी ए बी सी का रेश्यो

[51:15] बताओ। ए बी सी आर द पार्टिकल थ्रोन फ्रॉम

[51:17] द टॉप ऑफ द टावर एट द सेम स्पीड। ए इज़

[51:20] थ्रोन अप, बी इज़ थ्रोन डाउन, सी इज़ थ्रोन

[51:22] हॉरिजॉन्टली। एक को ऊपर फेंका, एक को

[51:24] सामने फेंका, एक को नीचे फेंका। दे हिट द

[51:26] ग्राउंड विद द स्पीड्स। दो तीनों में से

[51:29] कौन सबसे ज्यादा स्पीड से नीचे गिरेगा?

[51:31] जिसको नीचे फेंका डायरेक्टली वो उसके पास

[51:33] इनिशियल कुछ स्पीड है। वो लास्ट में

[51:34] ज्यादा स्पीड से नीचे गिरेगा। जिसको आगे

[51:37] फेंका वो उससे थोड़ी कम स्पीड से। जिसको

[51:39] ऊपर फेंका वो आप सोच के देखो। वो अब वो

[51:42] ऊपर गया है। जरा आंसर सोच के देखो। जिसको

[51:46] आपने ऊपर फेंका है वो नीचे आएगा तो उसकी

[51:50] स्पीड का रेशियो देख लेना। तो वेलोसिटी जो

[51:53] आपने किसी चीज को नीचे ड्रॉप किया ड्रॉप

[51:56] किया है क्या नीचे? B इज़ थ्रोन डाउन।

[51:58] थ्रोन डाउन वाला जो है और हॉरिजॉन्टल जो

[52:01] है हॉरिजॉन्टल विल बी स्लोएस्ट वन। है ना?

[52:04] तो C विल बी स्लोएस्ट। याद रख लेना। C को

[52:07] सबसे कम स्पीड देनी है। C को सबसे कम

[52:11] स्पीड देनी है। ये देखो यहां है। A और B

[52:13] को सेम है। हो गया। तो इस तरीके से बाकी

[52:16] बॉडी स्टार्ट्स फॉलिंग फ्रीली उसमें आपको

[52:19] फर्स्ट सेकंड सेकंड सेकंड एंड थर्ड सेकंड

[52:22] का टाइम का रेशियो फर्स्ट सेकंड थर्ड

[52:24] सेकंड एंड सेकंड सेकंड फर्स्ट एंड सेकंड

[52:27] एंड थर्ड सेकंड तो 1:35 ये हो गया रेश्यो

[52:30] डिस्टेंस ट्रेवल्ड का। ठीक है? क्वेश्चन

[52:32] एक बार आप अच्छे से पढ़ना। मैं थोड़ा सा

[52:34] क्विक जा रहा हूं। लेकिन आपको सिर्फ बता

[52:35] रहा हूं कि क्वेश्चंस किस तरह से किए जाते

[52:37] हैं। ठीक है? अब आ जाते हैं नॉन यूनिफॉर्म

[52:40] मोशन के अंदर। नॉन यूनिफॉर्म मोशन यानी

[52:42] एक्सलरेशन जो है वो बदलता रहता है।

[52:44] एक्सलरेशन चेंज होता रहता है समय के साथ

[52:46] में। अगर एक्सलरेशन टाइम पे डायरेक्टली

[52:49] प्रपोर्शनल है तो हम बोलेंगे यूनिफॉर्मली

[52:52] एक्सलरेटिंग मोशन है। एक्सलरेटेड यानी

[52:54] एक्सलरेशन कांस्टेंट। यूनिफॉर्मली

[52:57] एक्सलरेटेड लिखा होता ना तो एक्सलरेशन

[52:59] कांस्टेंट बोलता। यूनिफॉर्मली एक्सलरेटिंग

[53:02] लिखा है। इसका मतलब एक्सलरेशन टाइम पे

[53:03] डिपेंड करता है। जैसे टाइम बढ़ेगा

[53:05] एक्सीलरेशन बढ़ेगा। समझ में आ गया? और टाइम

[53:07] का पावर वन है यहां पे। और एक्सलरेशन टाइम

[53:10] का स्क्वायर पे डिपेंड कर सकता है।

[53:11] एक्सलरेशन टाइम के क्यूब पे। तो उस केस

[53:14] में हम नॉन यूनिफॉर्मली एक्सलरेटिंग मोशन

[53:16] बोल सकते हैं। इसको सॉल्व करने के लिए कोई

[53:18] फार्मूला है ही नहीं। आपको दो तरीके हैं।

[53:21] एक कैलकुलस मेथड और एक है ग्राफिकल मेथड।

[53:23] कैलकुलस मेथड में डिस्टेंस की इक्वेशन का

[53:26] डेरिवेटिव लो। वेलोसिटी मिलेगा। वेलोसिटी

[53:27] की इक्वेशन का डेरिवेटिव एक्सीलरेशन

[53:29] मिलेगा। और ग्राफिकल मेथड में डिस्टेंस

[53:32] टाइम ग्राफ का स्लोप निकालो। वेलोसिटी

[53:34] मिलेगा। वेलोसिटी टाइम ग्राफ का स्लोप

[53:35] निकालो। एक्सीलरेशन मिलेगा। एक्सीलरेशन

[53:37] टाइम ग्राफ का एरिया निकालो। तो आपको

[53:38] वेलोसिटी मिलेगा। वेलोसिटी एंड ग्राफ का

[53:40] एरिया निकालूं तो डिस्टेंस मिलेगा। मैं

[53:42] आपको डिटेल में बताता हूं मोशन ग्राफ के

[53:44] बारे में। बिल्कुल टेंशन नहीं लेने का।

[53:45] ठीक है? अब यहां पे देख लो। एक क्वेश्चन

[53:47] है। बहुत सिंपल है। डायरेक्टली बता देता

[53:49] हूं। ठीक है? डिस्प्लेसमेंट ऑफ़ द पार्टिकल

[53:51] इज़ प्रोपोर्शनल टू द क्यूब ऑफ़ द टाइम। तो

[53:54] डिस्प्लेसमेंट इज़ डायरेक्टली प्रोपोर्शनल

[53:56] टू क्यूब ऑफ़ द टाइम। तो आपने यहां लिखा

[53:59] उसका डेरिवेटिव क्या है? तो टोपी नीचे

[54:01] पावर कम पावर नीचे आ गया जो था वो और टोपी

[54:04] मतलब एक से कम हो गया। तो पावर कम हो गया।

[54:06] अब इसका एक और डेरिवेटिव तब एक्सेलरेशन

[54:08] आएगा तो टू नीचे आएगा तो टू और तीन मिलके

[54:10] छ हो जाएगा। पावर कम हो जाएगा तो वन हो

[54:12] जाएगा। तो ये हो गया आपका एक्सीलरेशन। आई

[54:14] होप आप सभी को ये समझ में आ गया। ठीक है?

[54:17] अब बढ़ते हैं

[54:19] आगे। ग्राफिकल मेथड पे आ जाते हैं। व्हाट

[54:23] इज ग्राफिकल मेथड? देखो अभी भी बाकी है

[54:26] बेटा। यहां से मैंने एकदम डिटेल में एक

[54:29] साथ में पूरी नोट्स बनाई और पूरा एक साथ

[54:31] करा रहा हूं आपको। ये कुछ 200 स्लाइड का

[54:33] पीपीटी है और वी आर एट 63 टाइम लगेगा मजा

[54:37] आएगा लेकिन ठीक है ध्यान से समझ लो पोजीशन

[54:40] टाइम ग्राफ है जिसमें स्लोप निकालोगे तो

[54:42] वेलोसिटी टाइम वेलोसिटी मिल जाएगी

[54:44] वेलोसिटी टाइम ग्राफ का स्लोप निकालोगे तो

[54:46] एक्सीलरेशन मिल जाएगा एक्सीलरेशन टाइम

[54:49] ग्राफ का एरिया निकालोगे तो वेलोसिटी

[54:50] वेलोसिटी टाइम ग्राफ का एरिया निकाले तो

[54:52] पोजीशन मिल जाएगी पोजीशन टाइम ग्राफ को ही

[54:55] डिस्प्लेसमेंट टाइम ग्राफ भी बोल सकते हैं

[54:57] आप ठीक है लेकिन डिस्टेंस टाइम ग्राफ अगर

[54:59] आपको बोलना है तो वो इन दोनों से अलग होता

[55:02] है। डिस्टेंस टाइम ग्राफ इज़ नॉट पोजीशन

[55:04] टाइम ग्राफ। इट इज़ नॉट डिस्प्लेसमेंट टाइम

[55:05] ग्राफ। इट इज़ डिफरेंट। याद रहेगा? इस तरह

[55:09] से डिस्टेंस जो है हमेशा ऊपर ऊपर चढ़ता

[55:12] रहता है ग्राफ। जैसे पोजीशन और

[55:14] डिस्प्लेसमेंट पीछे आ सकती है। आप पीछे

[55:16] टर्न मारोगे तो पोजीशन कम हो जाएगी।

[55:18] डिस्प्लेसमेंट कम हो जाएगी लेकिन डिस्टेंस

[55:20] नहीं कम होती। तो डिस्प्लेसमेंट या ग्राफ

[55:22] ऐसा नीचे आ सकता है। लेकिन डिस्टेंस ग्राफ

[55:24] हमेशा ऊपर ऊपर ऊपर ऊपर चढ़ता रहता है। सेम

[55:27] विद स्पीड। स्पीड भी कभी नेगेटिव नहीं हो

[55:29] सकती ना भाई। बस उस चीज को ध्यान में रखते

[55:31] हुए हमने ये बोला है। ये दोनों के दोनों

[55:33] ग्राफ हमेशा फर्स्ट क्वाड्रेंट में ही

[55:35] रहते हैं क्योंकि वो कभी नेगेटिव नहीं

[55:37] होते। फिर वेलोसिटी पोजीशन टाइम ग्राफ के

[55:39] लिए आपको क्या करना है? उसका स्लोप ले

[55:42] लेना है। कोई भी पॉइंट की वेलोसिटी से

[55:44] मल्टीप्लाई कर लो एक्सीलरेशन उधर मिल

[55:45] जाएगा। ठीक है? तो इस चीज को भूलना मत।

[55:48] आपको वो तरीका है। ठीक है? अब अगर आप

[55:50] यूनिफॉर्म मोशन कर रहे हो यूनिफॉर्म मोशन

[55:52] बेटा। यूनिफॉर्म मोशन जहां पे एक्सीलरेशन

[55:55] क्या हुआ करता था? ज़ीरो। तो एक्सीलरेशन का

[55:57] ग्राफ ज़ीरो। वेलोसिटी यूनिफॉर्म है। यानी

[55:59] वेलोसिटी सेम रहेगी, कांस्टेंट रहेगी तो

[56:01] डिस्प्लेसमेंट यूनिफॉर्मली बढ़ेगी। याद

[56:04] रहेगा? उसी तरीके से यूनिफॉर्मली

[56:06] एक्सलरेटेड मोशन जो है उसमें एक्सीलरेशन

[56:09] कांस्टेंट होता है। यानी एक्सीलरेशन

[56:11] कांस्टेंट होने का मतलब ये रहा। आप अभी

[56:14] यहां पे देखोगे तो एक्सीलरेशन बदल नहीं

[56:16] रहा है। सेम रह रहा है। तो वेलोसिटी बढ़ेगी

[56:19] यूनिफॉर्मली और डिस्प्लेसमेंट इस तरह से

[56:21] बढ़ेगा पैराबोलिकली। स्क्वायर टाइम के

[56:23] स्क्वायर पे डिपेंड करता हुआ। ये है

[56:25] यूनिफॉर्मली एक्सलरेटेड मोशन यानी

[56:27] कांस्टेंट एक्सलरेशन वाला मोशन। यानी मोशन

[56:30] अंडर ग्रेविटी में भी ऐसे ही ग्राफ आएंगे।

[56:32] समझ में आ गया? आप चाहो तो उसको उल्टे बना

[56:34] सकते हो क्योंकि वो नेगेटिव लेते हैं और

[56:35] कुछ नहीं। नॉन यूनिफॉर्म मोशन यानी

[56:37] यूनिफॉर्मली एक्सलरेटिंग मोशन जहां पे

[56:40] एक्सीलरेशन टाइम के फर्स्ट पावर पे डिपेंड

[56:42] करता है ये वाला ग्राफ। तो एक्सीलरेशन भी

[56:44] इंक्रीज होता है टाइम के साथ। वेलोसिटी

[56:46] ऐसे इंक्रीज होगी और डिस्प्लेसमेंट ऐसे

[56:48] इंक्रीज होगी। याद रहेगा बेटा? कोई डाउट

[56:50] है? इसमें किसी को कोई डाउट? अब आप तीनों

[56:52] ग्राफ को साथ में देखोगे आपको क्लेरिटी

[56:54] मिल जाएगी। जैसे कि यूनिफॉर्म मोशन होगा

[56:56] ना तो डिस्टेंस टाइम सॉरी पोजीशन टाइम

[56:58] ग्राफ ऐसा होगा। वेलोसिटी टाइम ग्राफ ऐसा,

[57:01] एक्सलरेशन टाइम ग्राफ ऐसा। अगर नॉन

[57:03] यूनिफॉर्म मोशन में यूनिफॉर्मली

[57:05] एक्सलरेटेड मोशन बोलोगे तो डिस्प्लेसमेंट

[57:08] टाइम ऐसा, वेलोसिटी टाइम ऐसा और

[57:09] एक्सीलरेशन टाइम ऐसा। सेम टाइम पे जब

[57:12] वेलोसिटी ऐसे जा रही है तो एक्सीलरेशन ऐसे

[57:15] जाएगा और डिस्प्लेसमेंट ऐसे जाएगा। वहीं

[57:18] पे आप देखोगे तो नॉन यूनिफॉर्म मोशन के

[57:21] अंदर नॉन यूनिफॉर्म मोशन में यूनिफॉर्मली

[57:23] एक्सलरेटिंग मोशन तो ऐसा ग्राफ ऐसा ग्राफ

[57:26] वेलोसिटी का और एक्सलरेशन का ऐसा ग्राफ

[57:28] याद रखना ये इकलौता ऐसा केस है जिसमें आप

[57:33] ग्राफ से छोड़ो और इक्वेशन से भी आंसर ला

[57:36] सकते हो। ये केस में तो हमारे पास एक

[57:39] सिंपल सा फार्मूला है। लेकिन इस केस में

[57:41] ग्राफ से आंसर लेके आओ या तो फिर आप

[57:44] डेरिवेटिव इंटीग्रेशन करके आंसर लाओ। समझ

[57:47] में आ गया बेटा? आई होप इट इज़ क्लियर टू

[57:48] ऑल ऑफ़ यू नाउ। नाउ लेट्स गो अहेड। लेट्स

[57:52] गो अहेड। ठीक है? अब देखो डिस्टेंस टाइम

[57:55] ये कुछ इंपॉर्टेंट पॉइंट्स हैं जो लोग मिस

[57:57] आउट कर देते हैं। ये चैप्टर को समझते वक्त

[57:59] है ना ये क्लेरिटी नहीं होती ना उनको

[58:01] चैप्टर ही नहीं आता है। अटक जाता है।

[58:03] डिस्टेंस टाइम ग्राफ नेवर रिटर्न्स। हमेशा

[58:06] डिस्टेंस टाइम ग्राफ ऊपर ही बढ़ता रहता है।

[58:08] फॉरवर्ड मोशन होगा तो वेलोसिटी पॉजिटिव।

[58:10] फर्स्ट क्वाड्रेंट में VT ग्राफ बनेगा।

[58:12] याद रखना। इसी तरह से बैकवर्ड मोशन होगा

[58:14] तो वेलोसिटी नेगेटिव। VT ग्राफ फोर्थ

[58:16] क्वाड्रेंट में बनेगा। ठीक है? दिमाग में

[58:18] रख लेना। AT ग्राफ जो है वो फर्स्ट

[58:20] क्वाड्रेंट में होगा एक्सलरेटिंग मोशन के

[58:22] लिए। AT ग्राफ फोर्थ क्वाड्रेंट में होगा

[58:24] डिसलरेटिंग मोशन के लिए। यानी वेलोसिटी

[58:26] बढ़ती रहेगी, स्पीड अप होती रहेगी तो

[58:28] फर्स्ट क्वाड्रेंट में आपको AT ग्राफ

[58:30] मिलेगा। और अगर आपकी वेलोसिटी कम हो रही

[58:33] है तो डिसलरेशन हो रहा है तो फोर्थ

[58:34] क्वाड्रेंट में एक्सीलरेशन मिलेगा।

[58:36] नेगेटिव एक्सीलरेशन, पॉजिटिव एक्सीलरेशन।

[58:39] फर्स्ट क्वाड्रेंट में ग्राफ ऊपर चढ़ता हुआ

[58:41] ऐसा दिखेगा आपको। और सेकंड क्वाड फोर्थ

[58:43] क्वाड्रेंट में ग्राफ नीचे उतरता हुआ

[58:45] वेलोसिटी डिसलरेटिंग का वैसा मिलेगा। अगर

[58:48] आप लीनियर इसको बोलते लीनियर ग्राफ

[58:51] लीनियरली इंक्रीजिंग लीनियरली डिक्रीजिंग

[58:53] इसको बोलते हैं नॉन लीनियर ग्राफ। नॉन

[58:55] लीनियरली इंक्रीजिंग नॉन लीनियरली

[58:57] डिक्रीजिंग ऐसा होता है। अच्छा आप बोलोगे

[59:00] सर अगर मैंने ऐसा बनाया तो ये डिक्रीजिंग

[59:02] है। नहीं ये नेगेटिवली इंक्रीजिंग है। अगर

[59:05] फोर्थ क्वाड्रेंट में कोई नीचे जा रहा है

[59:07] तो वो नेगेटिवली बढ़ रहा है। समझा? -2 का

[59:12] एक्सलरेशन के कंपेयर में -5 का एक्सलरेशन

[59:15] ज्यादा है क्योंकि -5 बोल रहा है पीछे है

[59:18] और -2 भी पीछे तो पीछे में पांच एक्सलरेशन

[59:21] ज्यादा हुआ ना यहां में नंबर का रूल नहीं

[59:23] चलता कि ज़ीरो इज़ द बिगेस्ट बिग सॉरी -1 इज़

[59:27] द बिगेस्ट नेगेटिव नंबर। ये नहीं -1 से

[59:29] ज्यादा नेगेटिव एक्सीलरेशन -2 का है। -2

[59:32] से ज्यादा नेगेटिव एक्सीलरेशन -5 का है।

[59:34] तो अगर आप बोलोगे सर एक ऐसा ग्राफ लिया और

[59:37] ये बोल दिया तो ये लीनियरली नेगेटिवली

[59:39] इंक्रीजिंग है। आप बोलोगे सर उसी में हमने

[59:42] ऐसा ग्राफ ले लिया तो ये नेगेटिवली

[59:45] डिक्रीजिंग है। ज़ीरो के तरफ जा रहे हो आप।

[59:47] ये y एक्सिस में नेगेटिविटी कम कर रहे हो

[59:49] तो ज़ीरो की तरफ जा रहे हो। लीनियरली

[59:52] इंक्रीजिंग है ये। समझ में आ गया? सॉरी

[59:55] नेगेटिवली डिक्रीजिंग है। हां। इसमें

[59:57] नेगेटिवली इंक्रीजिंग ये नेगेटिवली

[01:00:00] डिक्रीजिंग। ठीक है? अब ये पॉ लीनियर

[01:00:04] पॉजिटिवली इंक्रीजिंग पॉजिटिवली

[01:00:06] डिक्रीजिंग। नॉन लीनियर पॉजिटिवली

[01:00:08] इंक्रीजिंग नॉन लीनियर पॉजिटिवली

[01:00:10] नेगेटिवली इंक्रीजिंग नॉन लीनियर

[01:00:13] पॉजिटिवली डिक्रीजिंग। नॉन लीनियर पॉजिटिव

[01:00:16] नेगेटिवली डिक्रीजिंग। समझ में आ गया कैसे

[01:00:18] ग्राफ होता है। ये आपको बस अंदाजा देने के

[01:00:20] लिए मैं जितनी डिटेल हो सके ना बताना

[01:00:22] चाहता हूं इस क्लास में। आपको अगर यह

[01:00:25] वीडियो सच में समझना होता है ना तो आप

[01:00:27] बहुत पेशेंस से मेरी हर बात को सुनना।

[01:00:30] बहुत सारी डिटेल है। ये एक 1 1/2 महीने तक

[01:00:34] चलने वाला चैप्टर है। लिटरली जब आईआईटी और

[01:00:37] जेई और मेंस के लिए पढ़ाते हैं ना, तो ये

[01:00:39] चैप्टर एक सवा महीने चलता है। सोच के देखो

[01:00:42] वो मुझे आपको डेढ़ दो घंटे में पढ़ाना है।

[01:00:45] कितना आप लोगों को मुझे इंफॉर्मेशन बताना

[01:00:47] है। इसीलिए पेशेंस से ध्यान से सुनना। हर

[01:00:50] एक बात का सेंस बनेगा। एक बार मैं लेक्चर

[01:00:53] नहीं समझा। दो बार देखना मजा आएगा। सच मैं

[01:00:55] कह रहा हूं इसमें इतनी डिटेल्स आपको रेयर

[01:00:58] ऑफ द रेयर वीडियो में मिलेगी कोई YouTube

[01:01:00] पे। चलो एनी विच वस। अब आते हैं

[01:01:02] डिस्प्लेसमेंट टाइम ग्राफ। अगर रिटर्न

[01:01:04] होता है इसका मतलब डाउनवर्ड जाएगा तो कब

[01:01:07] होगा? ये सब वेलोसिटी टाइम ग्राफ नेगेटिव

[01:01:09] होगा। वेलोसिटी टाइम ग्राफ फोर्थ

[01:01:11] क्वाड्रेंट में जाएगा ना? तभी

[01:01:12] डिस्प्लेसमेंट टाइम ग्राफ नीचे जाएगा।

[01:01:14] डिस्प्लेसमेंट टाइम ग्राफ ऐसा नी

[01:01:16] डिस्प्लेसमेंट कम कब होगा? जब आपकी

[01:01:18] वेलोसिटी नेगेटिव है, आप पीछे जा रहे हो

[01:01:20] तो ही तो डिस्प्लेसमेंट नेगेटिव होगा।

[01:01:22] वेलोसिटी नेगेटिव पीछे जाना यानी फोर्थ

[01:01:24] क्वाड्रेंट में जाना। याद रहेगा बेटा? इसी

[01:01:26] तरह से आप यहां पे देखोगे तो वेलोसिटी अगर

[01:01:29] बढ़ेगी यानी फॉरवर्ड मोशन है। वेलोसिटी बढ़

[01:01:33] ही रही है यहां पे। बैकवर्ड मोशन में बढ़

[01:01:35] रही है। ठीक है? ये देखो नेगेटिवली

[01:01:37] इंक्रीजिंग बोल रहा था ना वो। वेलोसिटी बढ़

[01:01:40] रही है। नॉन लीनियरली फॉरवर्ड मोशन।

[01:01:42] वेलोसिटी अभी भी बढ़ ही रही है।

[01:01:45] नेगेटिवली बैकवर्ड मोशन में वेलोसिटी बढ़

[01:01:48] रही है। वेलोसिटी कम हो रही है। पॉजिटिवली

[01:01:51] वेलोसिटी पहले फास्ट बढ़ी फिर कम बढ़ी फिर

[01:01:53] कम बढ़ी। फिर

[01:01:55] वेलोसिटी नेगेटिवली कम बढ़ रही है। हो गया।

[01:02:00] हो गई कम हो रही है। यहां पे भी देखो कम

[01:02:02] हो रही है। तो ये बात आपको याद रखनी है।

[01:02:05] इससे आपको चीजें पता रहेगी। मैं आपको

[01:02:07] ग्राफ के साथ ही वो सारी चीजें बता रहा

[01:02:09] हूं। अब ये चार्ट मैं आपको पूरा का पूरा

[01:02:11] मोशन का सब क्लियर कर दूंगा। अगर

[01:02:14] एक्सीलरेशन ग्राफ ऐसा है। इसका मतलब

[01:02:17] पॉजिटिव एक्सीलरेशन यानी वेलोसिटी बढ़ रही

[01:02:20] है। वेलोसिटी बढ़ भी सकती है ऊपर आगे जाते

[01:02:22] वक्त भी। वेलोसिटी बढ़ सकती है पीछे जाते

[01:02:25] वक्त भी। तो ये दोनों ग्राफ पॉसिबल है जब

[01:02:28] एक ही ग्राफ ऐसा हो। जब वेलोसिटी आगे जाते

[01:02:31] वक्त बढ़ती है तो डिस्प्लेसमेंट भी आगे

[01:02:33] जाते वक्त बढ़ेगी। जब वेलोसिटी पीछे जाते

[01:02:35] वक्त बढ़ती है तो डिस्प्लेसमेंट भी पीछे

[01:02:37] जाते वक्त बढ़ेगी। नीचे जाते वक्त बढ़ेगी।

[01:02:39] समझ में आ गया? तो इस एक्सलरेशन टाइम के

[01:02:42] ये दो कॉम्बिनेशन पॉसिबल है। या तो आप

[01:02:45] फॉरवर्ड मोशन बोल दिया तो ये तीन ग्राफ

[01:02:48] बनाने के आपको बैकवर्ड मोशन बोल दिया तो

[01:02:51] ये तीन ग्राफ बनेंगे। इसी तरह से अगर आपका

[01:02:55] एक्सीलरेशन नेगेटिव है यानी वेलोसिटी कम

[01:02:58] हो रही है तो वेलोसिटी पॉजिटिव फॉरवर्ड

[01:03:01] मोशन में भी तो कम हो सकती है। वेलोसिटी

[01:03:03] बैकवर्ड मोशन में भी तो कम हो सकती है।

[01:03:06] फॉरवर्ड मोशन में वेलोसिटी कम होगी तो

[01:03:08] फॉरवर्ड मोशन में डिस्प्लेसमेंट भी ऐसे कम

[01:03:10] होगी और बैकवर्ड मोशन में डिस्प्लेसमेंट

[01:03:12] ऐसे कम होगी। तो आपको बोल दिया एक्सीलरेशन

[01:03:14] नेगेटिव है। तो आप पूछने का फॉरवर्ड मोशन

[01:03:16] कि बैकवर्ड मोशन। फॉरवर्ड बोला तो ये

[01:03:18] दोनों ग्राफ चलेंगे एक्सीलरेशन के साथ में

[01:03:20] और बैकवर्ड बोला तो ये दोनों ग्राफ चलेंगे

[01:03:21] एक्सीलरेशन के साथ में। समझ में आ गया

[01:03:23] बेटा? आई होप आपको समझा। अब ये कुछ

[01:03:26] एक्स्ट्रा ग्राफ्स मैं आपको दे के रख रहा

[01:03:28] हूं। आपको काम आ जाएंगे आगे जाके। जैसे एक

[01:03:30] एग्जांपल बताता हूं। इस क्वेश्चन में आपको

[01:03:32] बोला है डिस्प्लेसमेंट इन द फर्स्ट 3

[01:03:34] सेकंड। बताओ। 3 सेकंड में डिस्प्लेसमेंट

[01:03:36] दो। ये कौन सा ग्राफ है? वेलोसिटी टाइम

[01:03:38] ग्राफ है। वेलोसिटी टाइम ग्राफ से

[01:03:40] डिस्प्लेसमेंट जाने के लिए एरिया अंडर

[01:03:42] ग्राफ निकालो। आपको बताया। तो इतने ग्राफ

[01:03:44] का एरिया निकाल लो। 1/2 * 3 * 30 हो गया

[01:03:49] आपका आंसर। सॉल्व। फिर आपको बोलेगा

[01:03:51] एक्सीलरेशन निकालो। तो कोई भी दो पॉइंट लो

[01:03:53] और उसका y2 - y1 / x2 - x1 करो। आपका आंसर

[01:03:56] आ जाएगा। यहां पे x1 y1 यहां पे x2 y2 तो

[01:04:00] y2 - y1 देखो x2 - x1 कर दो आपका आंसर आ

[01:04:04] जाएगा। ठीक है? इट्स वेरी सिंपल बच्चों।

[01:04:06] इट्स वेरी सिंपल। अब आप ये देखो इस ग्राफ

[01:04:09] को मैंने कन्वर्ट किया है। एक्सीलरेशन

[01:04:11] टाइम ग्राफ को कन्वर्ट किया वेलोसिटी टाइम

[01:04:12] ग्राफ में। कैसे? एक्सीलरेशन पॉजिटिव,

[01:04:15] पॉजिटिव एक्सीलरेशन वेलोसिटी बढ़ रही है।

[01:04:18] ज़ीरो एक्सीलरेशन वेलोसिटी सेम रहेगी।

[01:04:20] नेगेटिव एक्सलरेशन वेलोसिटी कम हो रही है।

[01:04:23] बाकी उसका मैंने कैलकुलेशन किया कि इसका

[01:04:25] एरिया अंडरग्राफ चार है ना तो चार तक

[01:04:28] वेलोसिटी बढ़ेगी। इधर एरिया तो है ही नहीं

[01:04:30] ज़ीरो। तो इधर वेलोसिटी सेम रहेगी। इधर

[01:04:33] एरिया है कितना? 2 * -3 -6 तो चार से -6

[01:04:38] यानी चार से -6 करो तो ज़ीरो गया। फिर -2

[01:04:42] गया। तो -2 तक ये नेगेटिव एक्सीलरेशन है।

[01:04:45] यानी -2 तक वेलोसिटी डिक्रीज होगी। यानी

[01:04:48] कि इस मोशन के थ्रूउ आप आगे आगे आगे आगे

[01:04:51] आगे आगे जा रहे हो स्लो हो गए फिर पीछे

[01:04:53] पीछे पीछे पीछे जहां से आपने शुरू किया था

[01:04:56] ना उसके भी पीछे रिटर्न पहुंचोगे ये जो

[01:04:58] मोशन है अगर आप देखोगे तो ऐसा मोशन

[01:05:01] है समझ में आ गया तो इस तरीके से आपको इन

[01:05:06] सारी चीजों को समझना

[01:05:10] है आपको एक बात

[01:05:13] बताऊं चैप्टर का नाम है आपकी टेक्स्ट बुक

[01:05:16] में मोशन इन अ प्लेन

[01:05:18] लेकिन चैप्टर पूरा कनेमेटिक्स का है। मोशन

[01:05:22] इन प्लेन तो अभी शुरू होता है भाई। मोशन

[01:05:24] इन टू ही है। मोशन इन प्लेन। मोशन इन

[01:05:26] प्लेन में सिर्फ प्रोजेक्टाइल और सिर्फ

[01:05:28] सर्कुलर मोशन आता है। आपके साथ चीटिंग की

[01:05:32] गई है। मोशन इन अ प्लेन बोल के पूरा

[01:05:34] कनेमेटिक्स सिखाने बोलते हैं। आपको कोई

[01:05:36] टीचर डायरेक्टली ये मोशन इन अ प्लेन पढ़ा

[01:05:38] ही नहीं सकता है। एनसीईआरटी में भी दो

[01:05:41] चैप्टर है। मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन एंड

[01:05:42] मोशन इन अ प्लेन। आपकी बुक में एक ही

[01:05:44] चैप्टर उसमें बोला दोनों पढ़ा दो। तो वो जो

[01:05:48] मैंने आपको बताया उसमें से सवाल आने के

[01:05:51] चांस कम हो जाते हैं। यहां से जो मैं

[01:05:54] पढ़ाऊंगा उसके सवाल आने के चांस बढ़ जाते

[01:05:56] हैं। इन ट्रू मीनिंग समझ में आ गया? आई

[01:05:58] होप आपको ये समझ रहा है। ठीक है? तो मोशन

[01:06:00] इन अ प्लेन क्या होता है? कि आप एक

[01:06:02] क्वाड्रेंट के अंदर यहां, यहां, यहां ऐसे

[01:06:05] मोशन कर रहे हो। कुछ भी आप आगे जा रहे हो,

[01:06:07] पीछे जा रहे हो, प्रोजेक्टाइल कर रहे हो,

[01:06:09] सर्कुलर कर रहे हो, कोई भी। लेकिन आप दो

[01:06:11] क्वाड्रेंडेंट्स को साथ में चेंज करोगे एक

[01:06:14] ही टाइम पे। आप x पोजीशन भी लोगे, y भी

[01:06:17] लोगे। दोनों को साथ में बदलते रहोगे। तो

[01:06:19] ये होता है मोशन इन अ प्लेन। मोशन इन अ

[01:06:21] प्लेन का सबसे पहला एग्जांपल है

[01:06:23] प्रोजेक्टाइल मोशन। क्योंकि ये y एक्सिस,

[01:06:25] ये x एक्सिस और आप पूरा ये फर्स्ट

[01:06:26] क्वाड्रेंट में मोशन करते हो। ये है

[01:06:28] प्रोजेक्टाइल मोशन। समझ में आ गया?

[01:06:30] प्रोजेक्टाइल मोशन में ऑब्वियसली हम

[01:06:31] कंसीडरेशन कुछ लेते हैं। जैसे कि हमने ये

[01:06:34] बहुत छोटी रेंज मानी है। हम ऐसा नहीं

[01:06:36] मानेंगे कि हम कोई पत्थर फेंकेंगे

[01:06:38] पाकिस्तान पे जाके गिर जाएगा। ये इतना

[01:06:39] बड़ा प्रोजेक्टाइल हमें करने नहीं आता।

[01:06:41] अगर हमें करने आता तो बॉर्डर पे हमको

[01:06:43] तैनात कर देते ना पत्थर मारो। क्यों

[01:06:45] मिसाइल्स S400 और ये आकाश मिसाइल सिस्टम

[01:06:48] रखते हैं। नहीं ना? क्योंकि हमारे

[01:06:49] कैपेबिलिटी नहीं है उतना बड़ा प्रोजेक्टाइल

[01:06:51] मोशन करवाने की। तो ये हम बहुत शॉर्ट रेंज

[01:06:55] के केसेस में आइडियल प्रोजेक्टाइल मोशन पढ़

[01:06:58] रहे हैं। दूसरा ये जो हम हाइट है ना वो भी

[01:07:00] इतनी बड़ी थोड़ी फेंकेंगे कि हमने कोई चीज

[01:07:02] को फेंका। अरे ये बुर्ज खलीफा को क्रॉस कर

[01:07:04] दिया। नहीं हमारे से उतना बड़ा

[01:07:06] प्रोजेक्टाइल नहीं पॉसिबल है। रियल लाइफ

[01:07:08] प्रोजेक्टाइल छोटा प्रोजेक्टाइल हम सीख

[01:07:10] रहे हैं। यहां पे हवा का भी कोई

[01:07:12] रेजिस्टेंस नहीं सीखेंगे और अर्थ का भी

[01:07:14] कोई कर्व नहीं मानेंगे। अर्थ एक्चुअली में

[01:07:17] तो ऐसा गोल है। हम यहां से फेंकेंगे

[01:07:19] बोलेंगे इधर गिर गया तो ये प्रोजेक्टाइल

[01:07:20] अलग तरीके का है ना? हम तो छोटा सा

[01:07:22] प्रोजेक्टाइल खेल रहे हैं। यानी अर्थ को

[01:07:24] फ्लैट मानेंगे। समझ में आया? तो ये कुछ

[01:07:26] प्रोजेक्टाइल मोशन के कंसीडरेशंस है जिसको

[01:07:29] ध्यान में रख के हम बात कर सकते हैं। अब

[01:07:33] प्रोजेक्टाइल मोशन है तो मोशन इन अ प्लेन

[01:07:37] यानी कि एक प्लेन के अंदर मोशन हो रहा है।

[01:07:41] अब ये जो प्लेन में मोशन है ये

[01:07:45] मोशन प्लेन में जो मोशन है ये मोशन में हम

[01:07:50] x एक्सिस के अलोंग भी मूव कर रहे हैं। y

[01:07:53] के अलोंग भी मूव कर रहे हैं। x एक्सिस के

[01:07:55] अलोंग हम सिर्फ आगे आगे आगे आगे जा रहे

[01:07:57] हैं। देख लो सिर्फ आगे गए आगे गए और आगे

[01:08:00] और आगे और आगे और आगे और आगे और आगे इधर

[01:08:02] पहुंच गए। तो ये सबको सिर्फ हॉरिजॉन्टली

[01:08:04] देखो तो आगे आगे आगे आगे गए। वर्टिकल में

[01:08:07] हम ऊपर ऊपर ऊपर जाएंगे नीचे नीचे नीचे

[01:08:09] आएंगे। है कि नहीं? तो हॉरिजॉन्टल मोशन और

[01:08:12] वर्टिकल मोशन इन दोनों को मिला दो तो

[01:08:14] बोलते हैं प्रोजेक्टाइल मोशन। हॉरिजॉन्टल

[01:08:17] मोशन हो गया जिसमें आपकी स्पीड जो है अगर

[01:08:19] ये वेलोसिटी u है तो आपको u cos थीटा u

[01:08:22] sin थीटा में तोड़ना पड़ेगा। तो

[01:08:24] हॉरिजॉन्टल मोशन में स्पीड हो गई u cos

[01:08:26] थीटा। हॉरिजॉन्टल में कोई आपको रोकने वाला

[01:08:28] है नहीं। एक्सीलरेशन अलोंग x एक्सिस ज़ीरो।

[01:08:31] नाउ फाइनल वेलोसिटी कोई भी पॉइंट पे आपको

[01:08:33] हॉरिजॉन्टल वेलोसिटी चाहिए वो तो सेम ही

[01:08:36] रहेगी क्योंकि आपको कोई आगे जाते हुए रोक

[01:08:37] नहीं रहा है। तो ux की वैल्यू जो है वही

[01:08:40] vx की भी वैल्यू रहेगी। और क्योंकि यहां

[01:08:43] एक्सलरेशन ज़ीरो है। एक्सीलरेशन ज़ीरो यानी

[01:08:45] कौन से टाइप का मोशन? यूनिफॉर्म मोशन।

[01:08:48] यूनिफॉर्म मोशन में x की वैल्यू होती है u

[01:08:50] cos थीटा * t दिमाग में घुस गया। u cos

[01:08:54] थीटा * t फिर uy वर्टिकल मोशन के वेलोसिटी

[01:08:58] uy ऊपर जा रहे हो नीचे आ रहे हो तो

[01:09:00] एक्सीलरेशन जो होगा y एक्सिस के अलोंग वो

[01:09:02] ग्रेविटी का होगा। हम ऊपर जा रहे हैं पहले

[01:09:04] और ग्रेविटी तो डाउनवर्ड होता है। इसलिए -

[01:09:06] g लिखा। फिर आपका जो यहां पे हम बोल सकते

[01:09:09] हैं कि जो भी आपको यहां इक्वेशन लगानी है

[01:09:11] वो कानामेटिकल इक्वेशन होनी चाहिए।

[01:09:12] क्योंकि वर्टिकल मोशन में एक्सलरेशन ड्यू

[01:09:15] टू ग्रेविटी के अंडर हम मोशन कर रहे हैं।

[01:09:17] यानी मोशन अंडर ग्रेविटी कर रहे हैं। तो

[01:09:19] मैंने आपको मोशन अंडर ग्रेविटी के जितने

[01:09:20] केसेस कराए हाइट से किसी चीज को फेंकना तो

[01:09:23] ऊपर फेंकना, नीचे फेंकना, ग्राउंड से किसी

[01:09:26] चीज को ऊपर नीचे फेंकना वही मोशन होता है।

[01:09:28] बस उसको स्प्रेड कर दो। हाइट अभी भी

[01:09:31] ट्रैवल कर रहा है। लेकिन हाइट ट्रैवल

[01:09:33] करते-करते हम आगे भी जा रहे हैं। तो

[01:09:35] प्रोजेक्टाइल मोशन में पूरा मोशन अंडर

[01:09:38] ग्रेविटी ही है वर्टिकल मोशन और पूरा

[01:09:40] यूनिफॉर्म मोशन ही है हॉरिजॉन्टल मोशन

[01:09:43] में। समझ में आ गया? तो x एक्सिस के अलोंग

[01:09:45] आपको अगर एक्सीलरेशन चाहिए वो ज़ीरो है।

[01:09:48] वेलोसिटी चाहिए इनिशियल वो u cos थीटा है।

[01:09:50] डिस्प्लेसमेंट चाहिए तो u cos थीटा * t कर

[01:09:52] दो। वेलोसिटी फाइनल चाहिए तो u cos थीटा

[01:09:55] है। बस सेम है वेलोसिटी देखो। ठीक है? अब

[01:09:59] y एक्सिस के अलोंग मोशन की बात करो तो

[01:10:00] एक्सीलरेशन है - g वेलोसिटी है u sinθ

[01:10:03] इनिशियल वाली। अगर आपको कोई भी पोजीशन

[01:10:06] चाहिए कोई भी पॉइंट पे आपको पता करना है

[01:10:08] कि कहां पे हो आप y एक्सिस पे तो आप u

[01:10:10] sinθ * t - 1/2 gt² ये वही इक्वेशन है

[01:10:13] काइनामेटिकल वाली। फिर आपको कोई भी पॉइंट

[01:10:15] पे फाइनल वेलोसिटी चाहिए तो v = u sinta -

[01:10:18] gt कर दो। आपको कोई भी पॉइंट पे फाइनल

[01:10:20] वेलोसिटी मिल जाएगी। समझ में आया? अब मैं

[01:10:23] आपको सारे फ़ॉर्मूले एक साथ बता देता हूं

[01:10:25] प्रोजेक्टाइल मोशन के। यह y एक्सिस, यह x

[01:10:29] एक्सिस हम इनिशियली देते हैं। एक इनिशियल

[01:10:32] वेलोसिटी वेलोसिटी ऑफ़ प्रोजेक्शन बोलते

[01:10:33] हैं इसको। कुछ एंगल थीटा पे देते हैं। ठीक

[01:10:36] है? अब आपने जो ये इनिशियल वेलोसिटी दी वो

[01:10:40] u cos थीटा और u sin थीटा में तोड़ी। U cos

[01:10:43] थीटा हॉरिजॉन्टल मोशन कराएगा। u sin थीटा

[01:10:46] वर्टिकल मोशन कराएगा। अब आप ध्यान से

[01:10:48] समझना। ठीक है? u cos थीटा और ये uinटा ये

[01:10:51] तो यहां पे दिख रहा है आपको। अब इसी के

[01:10:53] साथ में आप जो पूरा ये रास्ता नापोगे इसको

[01:10:56] बोलते हैं ट्रेजेजक्टरी। ट्रेजेजक्टरी की

[01:10:58] इक्वेशन ये दोनों है। y = x tan थीटा 1 -

[01:11:02] x / r या y = x tan थीटा - gx² / 2u² cos²

[01:11:07] थीटा। अब आप कितनी मैक्सिमम हाइट तक जाओगे

[01:11:10] वो है h मैक्स। h मैक्स का वैल्यू है u²

[01:11:12] sin² थीटा / 2g u sinθ को uy बोल सकते

[01:11:15] हैं। इसलिए uy² / 2 g g इज़ एक्सलरेशन

[01:11:19] अलोंग व एक्सिस तो ay aay भी बोल सकते

[01:11:21] हैं। ये जनरल फार्मूला आपको कोई रैंडम

[01:11:23] प्रोजेक्टाइल दे दे ना इसके अलावा तो भी

[01:11:25] आपको यूज़ आ जाएगा। फिर हम जो हॉरिजॉन्टल

[01:11:28] मैक्सिमम डिस्टेंस ट्रेवल करते हैं उसको

[01:11:29] हम रेंज बोलते हैं। रेंज का फार्मूला u²

[01:11:32] sin 2 थीटा / g होता है। यहां sin में 2

[01:11:35] थीटा है और यहां sin में स्क्वायर थीटा

[01:11:37] है। समझ में आ गया? तो u² sin 2 थीटा को

[01:11:40] 2uxy / g यानी ay लिख सकते हैं। फिर आप जो

[01:11:44] ऊपर चढ़ने का टाइम टाइम ऑफ एसेंट नीचे

[01:11:46] उतरने का टाइम टाइम ऑफ डिसेंट मैंने क्या

[01:11:48] बोला था मोशन अंडर ग्रेविटी में ऊपर जाने

[01:11:50] का जितना टाइम लगता है उतना ही टाइम नीचे

[01:11:52] उतरने का लगता है। तो 2uy / ay यह हो गया

[01:11:55] टोटल टाइम uy /

[01:11:57] ay यानी u sintheta / g यह ऊपर चढ़ने का

[01:12:01] टाइम u sintheta / g नीचे उतरने का टाइम

[01:12:03] टोटल टाइम हो गया टू टाइम्स उसका समझ में

[01:12:06] आ गया कि नहीं आ गया हां कि ना तो ये सारे

[01:12:08] उसके फॉर्मूले हैं जो मैंने आपको बता दिए।

[01:12:10] ठीक है? अब आप यहां पे आ जाओ। अगर आपको दो

[01:12:13] स्पेशल केसेस कई बार क्वेश्चन में आता है।

[01:12:15] 45° है। अगर 45° है तो रेंज फोर टाइम्स ऑफ

[01:12:19] हाइट होती है। यानी कि ये जो रेंज है वो

[01:12:22] हाइट की चार गुना है। ये हाइट एक बार दो

[01:12:25] बार तीन बार चार बार लोगे तब आपकी रेंज

[01:12:28] बनेगी। ठीक है? और अगर आपका रेंज और हाइट

[01:12:30] इक्वल है कोई क्वेश्चन में रेंज और हाइट

[01:12:32] इक्वल है तो आपने 76° पे कोई प्रोजेक्टाइल

[01:12:36] को फेंका होगा। तो रेंज और हाइट इक्वल आती

[01:12:39] है। ठीक है? वही 4 tan थीटा की वैल्यू फोर

[01:12:43] होती है। tan इनवर्स ऑफ़ 4 76° के आसपास

[01:12:46] होता है। ठीक है? कोई डाउट है बेटा? अब

[01:12:48] अगर आपको मैं बोलूं कि टाइम और हाइट को

[01:12:51] कंपेयर करना है। जैसे टाइम ऑफ़ फ्लाइट और

[01:12:54] हाइट ऑफ द प्रोजेक्टाइल दोनों vu y पे

[01:12:57] डिपेंड करता है। वर्टिकल कंपोनेंट ऑफ़ द

[01:12:59] वेलोसिटी पे डिपेंड करता है। क्या इन

[01:13:01] दोनों की हाइट सेम है? दोनों केसेस में

[01:13:04] हाइट सेम है। अगर दोनों केसेस में हाइट

[01:13:07] सेम है तो uy सेम है। तो दोनों का टाइम भी

[01:13:10] सेम होगा क्योंकि uy सेम तो टाइम भी सेम।

[01:13:13] तो ये दोनों सेम टाइम पे नीचे गिरेगी। भले

[01:13:15] इसने ज्यादा दूरी तक गई और ये कम दूरी तक

[01:13:17] गई लेकिन दोनों सेम टाइम पे नीचे गिर

[01:13:19] जाएगी। तो ये बात आपको याद रखना है। मैंने

[01:13:23] आपको ये बताई। ठीक है? बाकी कई बार

[01:13:25] काइनेटिक एनर्जी निकालनी पड़ती है। तो

[01:13:27] वेलोसिटी को एवरेज वेलोसिटी लेना है। यानी

[01:13:29] कि आपको u cos थीटा को लेना है सिर्फ।

[01:13:32] क्योंकि u susin थीटा बढ़ता है ज़ीरो होता

[01:13:35] है। वापस नेगेटिव हो जाता है। तो u sin

[01:13:37] थीटा का एवरेज वेलोसिटी वर्टिकल कंपोनेंट

[01:13:39] जो होता है ना वर्टिकल मोशन में एवरेज

[01:13:41] वेलोसिटी ज़ीरो। हॉरिजॉन्टल मोशन में एवरेज

[01:13:43] वेलोसिटी है u cos थीटा। तो आपको 1/2 m u

[01:13:47] cos थीटा का स्क्वायर कर लेना है। ये आपकी

[01:13:49] काइनेटिक एनर्जी होनी चाहिए। ठीक है? आई

[01:13:51] होप आपको एक्स्ट्रा चीज बता रहा हूं। वो

[01:13:53] समझ गई। बाकी कहीं हाइट से अगर आप

[01:13:55] प्रोजेक्टाइल करा रहे हो तो आपके फॉर्मूले

[01:13:58] वही रहते हैं। बस थोड़ा सा इजी हो जाता

[01:13:59] है। ux की वैल्यू u cos थीटा नहीं u पूरी

[01:14:02] की पूरी वैल्यू u ही है। लेकिन जो uy है

[01:14:05] आपने यहां से आगे फेंका तो uy तो ज़ीरो

[01:14:08] निकला। तो जो आपने अभी प्रोजेक्टाइल पढ़ा

[01:14:10] उसमें uy को ज़ीरो कर दो और ux को ही u कर

[01:14:13] दो। बस आपका सारा काम हो जाएगा। सारी

[01:14:16] इक्वेशन वापस से नई वाली बन जाएगी। ठीक

[01:14:18] है? उस सर से ही आपका सारा का सारा रेंज

[01:14:20] ये सब देखो रेंज हाइट ये सब काम हो गया

[01:14:23] उसमें कोई टेंशन ही नहीं अलग है ही नहीं

[01:14:25] कुछ ठीक है फिर ऑब्लिक प्रोजेक्टाइल आपको

[01:14:28] वैसे नहीं करना चाहिए मतलब ऑब्लिक में

[01:14:30] देखो ये वाला ऑब्लिक कर सकते हैं हम कि

[01:14:32] हमने कोई हाइट से ऐसा टेढ़ा ऑब्जेक्ट फेंका

[01:14:34] u u वेलोसिटी से थीटा एंगल पे और यहां से

[01:14:37] ऐसे प्रोजेक्टाइल मोशन हुआ तो इस केस में

[01:14:40] आप u को तोड़ोगे u cos थीटा u sin थीटा और

[01:14:43] कितनी हाइट पे है तो यहां तक के बाद में

[01:14:45] ये हाइट ऐड करके फिर आगे का मोशन करोगे तो

[01:14:48] ux u costheta uy - uinta क्योंकि हमने

[01:14:51] यहां से जब फेंकना है तो वो नीचे आना है

[01:14:54] उसके बाद से तो माइनस में लेते हैं। ux की

[01:14:57] वैल्यू x की कोई भी पॉइंट पे x की वैल्यू

[01:14:59] ay की वैल्यू तो g है। हाइट की वैल्यू ऐसे

[01:15:01] निकालेंगे। और मैं आपको बता दूं कि यहां

[01:15:04] पे वेलोसिटी निकालना है। कोई भी पॉइंट पे

[01:15:06] बोला वेलोसिटी बताओ। तो ये फार्मूला से

[01:15:08] निकालना। ठीक है? इसमें आपको कुछ अलग से

[01:15:11] काम नहीं करना है और दूसरा हाइट की वैल्यू

[01:15:13] निकालनी है तो इस इक्वेशन में बाकी सारी

[01:15:16] चीजें डाल दो और फिर उसका क्वाड्रेटिक

[01:15:18] इक्वेशन सॉल्व कर दो। दूसरा आपको बता दूं

[01:15:21] ये तो रिपीट हो रहा है। ये आपकी है

[01:15:24] वेलोसिटी फाइनल वेलोसिटी। आप ऐसे ऑब्जेक्ट

[01:15:26] को फेंको ऐसे फेंको ऐसे फेंको ऐसे फेंको।

[01:15:28] कहीं से भी आप फेंको ऑब्जेक्ट को वो ऐसे

[01:15:31] ही जाएगा। ठीक है? मतलब ऐसा होता है ये।

[01:15:37] ठीक है? यह इंपॉर्टेंट ट्रिक्स है जो आपको

[01:15:39] एग्जाम में काम आ सकती है। हाइट डिपेंड्स

[01:15:42] ऑन uy u sin थीटा रेंज डिपेंड्स ऑन ux u

[01:15:47] cos थीटा रेंज बढ़ती है जब थीटा की वैल्यू

[01:15:50] बढ़ती है। आप ज्यादा एंगल से किसी चीज को

[01:15:52] फेंको ऑब्जेक्ट दूर जाएगा। 45° आते ही

[01:15:55] रेंज अपनी मैक्सिमम हो जाओगी। जहां तक दूर

[01:15:58] जा सकता था वहां तक पहुंचा। 45° से ज्यादा

[01:16:00] और एंगल बढ़ाओगे तो रेंज कम होती जाएगी

[01:16:03] वापस। यानी कि 0 से 45 के बीच में रेंज

[01:16:06] बढ़ती जाएगी। 45 पे एक बार आप पहुंच गए

[01:16:09] मैक्सिमम रेंज आ गई। फिर 45 से 90 के बीच

[01:16:12] में वापस रेंज कम होती जाएगी। समझ में आ

[01:16:14] गया? इस बात को याद रखना। टाइम ऑफ फ्लाइट

[01:16:17] भी uy पे डिपेंड करता है। हाइट भी ui पे

[01:16:19] डिपेंड करती है। थीटा बढ़ेगा। अब ज्यादा

[01:16:21] एंगल से चीजों को फेंकोगे तो टाइम ऑफ

[01:16:22] फ्लाइट बढ़ जाएगा अपने आप। ठीक है? उसके

[01:16:24] अलावा अगर आपको कोई बोले कि हमने एक एक ही

[01:16:28] जगह से दो प्रोजेक्टाइल फेंके। दोनों सेम

[01:16:30] स्पीड से फेंके और आपको θ1 θ2 से फेंके।

[01:16:34] दोनों अलग-अलग टाइम लेके एक ही सेम पॉइंट

[01:16:36] पे गिरे। तो दोनों का रेंज बताओ कितना है?

[01:16:38] तो t1 t2 * g / 2 कर दो सीधा रेंज मिल गया

[01:16:42] कितना रेंज है। ठीक है? कई बार ऐसे ट्रिकी

[01:16:44] क्वेश्चंस बन जाते हैं और आपको उसके लिए

[01:16:46] कोई स्यूशन या कोई अलग से फार्मूला की

[01:16:48] जरूरत नहीं है। ठीक है? नाउ ऑब्लिक

[01:16:51] प्रोजेक्टाइल आपके सिलेबस में ना शायद एक

[01:16:54] ही क्वेश्चन है इसके ऊपर। बट मैं आपको बता

[01:16:55] देता हूं ये क्या है। कुछ अलग नहीं यहां

[01:16:58] पे देखो ये है आपकी इनिशियल वेलोसिटी u जो

[01:17:02] हॉरिजॉन्टल से इस एंगल पे है। लेकिन अभी

[01:17:04] हमारा सरफेस ऐसा टेढ़ा है। टेढ़े सरफेस पे

[01:17:07] हम ऐसे प्रोजेक्टाइल कराने वाले हैं। तो U

[01:17:10] जो है बेटा वो इतने एंगल पे है हॉरिजॉन्टल

[01:17:13] से अल्फा + थीटा। जहां पे थीटा एंगल पे तो

[01:17:16] हमारा सरफेस ही है। तो सरफेस से जो एंगल

[01:17:19] है वो अल्फा है। तो u का दो हिस्सा होगा

[01:17:22] ux u cos अल्फा और u का दूसरा हिस्सा होगा

[01:17:24] uy u sin अलफा। ठीक है? यहां एक्सलरेशन

[01:17:27] ड्यू टू ग्रेविटी दो हिस्से में टूटेगी वो

[01:17:29] होगी एक g तो है ही। g cos थीटा ये

[01:17:33] हॉरिजॉन्टल के साथ जो एंगल बन रहा है वो

[01:17:35] और g sin थीटा के साथ। अब आपको जो रेंज

[01:17:38] निकालनी है, जो हाइट निकालनी है, उसके

[01:17:40] सिंपल फार्मूला ux की वैल्यू u cos अल्फा,

[01:17:43] uy की वैल्यू uin अलफा ये x एक्सलरेशन

[01:17:47] अलोंग x- एक्सिस भी तो है क्योंकि x-

[01:17:49] एक्सिस के अलोंग ये देखो नेगेटिव

[01:17:50] एक्सीलरेशन है। - g sin थीटा। अभी y

[01:17:53] एक्सिस के अलोंग आप वर्टिकल में भी तो

[01:17:56] एक्सीलरेशन है ना। आपका अभी वर्टिकल ये

[01:17:58] नहीं है। ये है। क्यों? आप ऐसे मोशन कर

[01:18:01] रहे हो तो आपको तो ऐसे देखना पड़ेगा। तो

[01:18:03] ये x एक्सिस है आपका और ये y एक्सिस है।

[01:18:05] समझ में आ गया? इस चीज को भूलना मत। अभी

[01:18:08] आपका ये x एक्सिस है और ये y एक्सिस है।

[01:18:10] तो x एक्सिस का नेगेटिव है हमारा

[01:18:12] एक्सलरेशन - a gsin थीटा। नेगेटिव है

[01:18:15] हमारा एक्सीलरेशन ay - g cos थीटा। टाइम

[01:18:18] पीरियड निकालना है। ये uy की वैल्यू रखो।

[01:18:20] ये ay की वैल्यू इधर से निकाल के रखो।

[01:18:22] आंसर आ गया। रेंज निकालना है। ux * t कर

[01:18:24] दो। टाइम पीरियड यहां पे मल्टीप्लाई करो।

[01:18:26] ux की वैल्यू रखो। आंसर आ गया। मैक्सिमम

[01:18:28] हाइट निकालनी है। uy जो है उसका स्क्वायर

[01:18:30] कर दो। 2y कर दो। 2 ay ay का मल्टीप्लाई

[01:18:33] कर दो डबल आपको जो आंसर चाहिए इससे

[01:18:35] डायरेक्ट मिल जाता है। ठीक है? आई होप

[01:18:37] आपको समझ में आया। यह जो भी मैंने पढ़ाया

[01:18:39] ये एक छोटा सा क्वेश्चन है जो मैं आपको

[01:18:41] होमवर्क के लिए दे रहा हूं। अभी आप इसका

[01:18:43] आंसर कमेंट बॉक्स में कमेंट करो। बहुत ईजी

[01:18:45] क्वेश्चन है। सबकी हाइट सेम है। अभी रेंज

[01:18:48] जो है वो फोर की सबसे ज्यादा है। वन की

[01:18:50] सबसे कम है। तो आप बताइए हॉरिजॉन्टल

[01:18:52] कंपोनेंट ऑफ वेलोसिटी सबसे हाईएस्ट किसका

[01:18:54] होगा? ये ऑप्शन ए, बी, सी, डी। आप देखो और

[01:18:56] जल्दी बता दो बेटा।

[01:18:59] जल्दी। तो फाइनली अब हमारा प्रोजेक्टाइल

[01:19:03] तो हो गया है और हमें करना है रिलेटिव

[01:19:07] मोशन। देखो यार रिलेटिव मोशन बहुत वास्ट

[01:19:11] है। बहुत प्रैक्टिस करनी पड़ती है। लेकिन

[01:19:14] फॉर्चूनेटली आपके सिलेबस में इतना है ही

[01:19:17] नहीं। आपके सिलेबस में सिर्फ रिलेटिव

[01:19:19] वेलोसिटी कैसे निकालना है वही पूछा है। तो

[01:19:22] मैं आपको सजेस्ट करूंगा इसमें टाइम वेस्ट

[01:19:25] मत करना। ये आपकी सीईडी के लिए बिल्कुल भी

[01:19:27] इंपॉर्टेंट नहीं है। आपको मैं बता देता

[01:19:29] हूं कि ये कैसे काम करता है। बस आप उस चीज

[01:19:32] को ध्यान में रखिएगा। रिलेटिव मोशन में

[01:19:35] क्या करना होता है। ठीक है? रिलेटिव मोशन

[01:19:38] में अगर आपको बोला कि ये वेलोसिटी है v1,

[01:19:43] ये वेलोसिटी है v2।

[01:19:46] ठीक है? और आपको चाहिए रिलेटिव वेलोसिटी।

[01:19:51] रिलेटिव वेलोसिटी। तो रिलेटिव वेलोसिटी

[01:19:54] यूजली एक दूसरे के रिस्पेक्ट में होती है।

[01:19:56] तो वेलोसिटी ऑफ़ वन विद रिस्पेक्ट टू टू

[01:19:59] ऐसा बोला ना तो v1 - v2 कर देने का v1 -

[01:20:03] v2 करने का। vt को v2 को पलट देने का तो

[01:20:07] इसको पलटोगे तो वो ऐसा दिखेगा। अभी और इन

[01:20:11] दोनों को ऐड कर देने का। बस यही करने का

[01:20:13] है v1 - v2। अगर आपको मैं बोलूं वेलोसिटी

[01:20:17] ऑफ़ टू विद रिस्पेक्ट टू वन। तो ये होता है

[01:20:19] V2 - V1 यानी कि V1 जो है उसको पलटने का।

[01:20:24] अगर V1 अभी इधर है तो V2 V1 का पलटा हुआ

[01:20:27] ऐसा हो जाएगा। अब इसको और ये जो V2 था

[01:20:30] उसको ऐड कर देने का। अब यहां पे शायद आपको

[01:20:32] ये कंफ्यूजिंग लगे। लेकिन मैं आपको बताता

[01:20:35] हूं यही सिंपलेस्ट तरीका है। सच में कह

[01:20:37] रहा हूं। आपको अगर मैं कहूं कि आपकी V1

[01:20:41] वेलोसिटी इधर है इस पॉइंट से और V2

[01:20:44] वेलोसिटी इधर है। अह लेट्स से मैंने यहां

[01:20:47] मानी। ठीक है? या साथ में भी ले सकते हैं।

[01:20:50] जैसे सर्कुलर मोशन हो रहा है। ठीक है? अब

[01:20:54] v1 वेलोसिटी इधर है। v2 वेलोसिटी इधर है।

[01:20:58] तो आपको मैंने बोला वेलोसिटी ऑफ़ वन विद

[01:21:00] रिस्पेक्ट टू टू निकालो। वन विद रिस्पेक्ट

[01:21:02] टू टू। एक बंदा इधर जा रहा है। एक सर्कल

[01:21:05] में एक इधर जा रहा है। फर्स्ट के

[01:21:07] रिस्पेक्ट में सेकंड निकालो। वेलोसिटी ऑफ़

[01:21:09] वन विद रिस्पेक्ट टू टू। मतलब फर्स्ट को

[01:21:12] देख रहे हैं टू से। टू से जब फर्स्ट को

[01:21:14] देखोगे तो वेलोसिटी ऑफ़ 1 - वेलोसिटी ऑफ़ टू

[01:21:18] करना है। यानी वेलोसिटी ऑफ़ टू को माइनस

[01:21:21] करना है। तो वेलोसिटी ऑफ़ टू को माइनस

[01:21:23] करोगे तो v2 यहां दिखेगा। उसको मैं v2 को

[01:21:26] यहां ले लूंगा। ये हो गया -v2। समझ में आ

[01:21:29] गया? अब ये जो v2 था उसका -v2 कर दिया। v2

[01:21:35] का - v2 जो किया वो इधर आएगा। इसको इस

[01:21:38] पॉइंट पे ले लिया ताकि ये दोनों साथ में

[01:21:39] दिखे। अब V1 और - V2 का रिजल्टेंट ले लो।

[01:21:44] क्या इन दोनों का रिजल्टेंट इधर आएगा? यही

[01:21:46] है आपका

[01:21:47] V12। यही लॉजिक है मेनली। इसके अलावा कुछ

[01:21:51] नहीं है भाई। इसके अलावा कुछ नहीं है।

[01:21:53] बाकी सारी चीजों में पढ़ना मत। वरना ये

[01:21:55] बहुत बड़ा है भाई। रेन मैन प्रॉब्लम, रिवर

[01:21:58] बोट प्रॉब्लम, रिवर क्रॉसिंग प्रॉब्लम

[01:22:01] बहुत कुछ है। बहुत कुछ। इन सब में बिल्कुल

[01:22:04] भी हमें नहीं पढ़ना है। बट स्टिल आपको

[01:22:06] नोट्स देके रखूंगा। इन केस आपको चाहिए तो

[01:22:09] आप निकाल लेना। जैसे कि देखो मैं आपको इधर

[01:22:11] बताता हूं। सही से आपको समझेगा। वेलोसिटी

[01:22:14] ऑफ़ मैन आगे है। वेलोसिटी ऑफ़ रेन जो है वो

[01:22:16] ऐसा है। ठीक है? तो आपको वो निकालनी होती

[01:22:20] है वेलोसिटी ऑफ़ रेन विद रिस्पेक्ट टू मैन।

[01:22:23] मतलब आदमी बारिश को देखेगा। तो वेलोसिटी

[01:22:26] ऑफ़ रेन विद रिस्पेक्ट टू मैन। तो वेलोसिटी

[01:22:30] ऑफ़ रेन विद रिस्पेक्ट टू मैन यानी

[01:22:33] वेलोसिटी ऑफ़ रेन माइनस वेलोसिटी ऑफ़ मैन कर

[01:22:36] देने का। इतना क्लियर है? अब मुझे जरा सोच

[01:22:39] के बताओ क्या वेलोसिटी ऑफ रेन तो आपको पता

[01:22:42] है या वेलोसिटी ऑफ रेन अगर रेन ऐसा आ रहा

[01:22:45] है। देखो यहां आ रहा है नीचे वेलोसिटी ऑफ़

[01:22:47] रेन। आदमी कैसा जा रहा है? यहां पे भी देख

[01:22:50] लो ना। आदमी रेन नीचे आ रहा है। वेलोसिटी

[01:22:53] ऑफ़ रेन इधर कर दो। आदमी आगे जा रहा है।

[01:22:57] वेलोसिटी ऑफ़ मैन आगे हो गया। अगर आपको

[01:22:59] वेलोसिटी ऑफ रेन विद रिस्पेक्ट टू मैन

[01:23:01] निकालना है तो करना कुछ नहीं है। वेलोसिटी

[01:23:05] ऑफ रेन जो है वो नीचे है। बना लो।

[01:23:08] वेलोसिटी ऑफ़ रेन। वेलोसिटी ऑफ़ मैन इधर है।

[01:23:12] आगे जा रहा है। तो माइनस वेलोसिटी ऑफ़ मैन

[01:23:15] बनाओ। वेलोसिटी ऑफ़ मैन का माइनस उल्टा। तो

[01:23:18] इधर उल्टा बनाओ। ये हो गया माइनस वेलोसिटी

[01:23:21] ऑफ़ मैन। अब इन दोनों का रिजल्टेंट ले लोगे

[01:23:25] तो इधर आएगा। ये हो गया वेलोसिटी ऑफ़ रेन

[01:23:27] विद रिस्पेक्ट टू मैन। तो ये जो रिजल्टेंट

[01:23:29] वेलोसिटी आई एडिशन तो आपको आता है ना

[01:23:31] वेक्टर एडिशन ये वेक्टर प्लस ये वेक्टर बस

[01:23:34] वही करना है। रूट ऑफ़ रूट ऑफ़ VR² + VM² यही

[01:23:38] होता है VRM बस और कुछ है ही नहीं। छाता

[01:23:40] इसके अगेंस्ट में रख

[01:23:42] देना। बस रिजल्टेंट के अगेंस्ट में। तो

[01:23:46] सेकंड वेलोसिटी को पलट के फर्स्ट वेलोसिटी

[01:23:49] में ऐड कर दो और उसके अगेंस्ट में छाता रख

[01:23:51] दो। तो यहां इस तरह से हम ये रिलेटिव

[01:23:54] वेलोसिटी करते हैं। समझ में आ गया? आई होप

[01:23:57] आपको समझा। देखो अब मैं आपको ये आपकी ही

[01:24:00] टेक्स्ट बुक से बता रहा हूं। बेटा ये आपको

[01:24:02] दिया ही इतना सा है। देखो मैं उसमें क्या

[01:24:04] करूं? आपको यहां पे भी देखो सिर्फ वही

[01:24:06] करने बोला है। ये - ऑफ़ 350 था। तो माइनस

[01:24:10] ऑफ़ माइनस यानी पलट के ऐड कर दिया। - ऑफ़

[01:24:12] 350 का पलटा हुआ + 350 तो 300 में 350 ऐड

[01:24:17] कर दो। तो हो गया ना 650। वही तरीके से

[01:24:19] किया आप ये न्यूमेरिकल देख लेना एक बार।

[01:24:21] बाकी इन्होंने अभी ना मोशन इन अ प्लेन के

[01:24:24] अंदर अब ये सर्कुलर मोशन को लेके आए। तो

[01:24:28] सर्कुलर मोशन हमें रोटेशनल डायनामिक्स में

[01:24:31] भी पढ़ना है। तो मैं अभी आपको जो 11th में

[01:24:33] है वो और 12th में है वो भी बता देता हूं।

[01:24:36] बैंकिंग ऑफ रोड के बारे में जरूरत है तो

[01:24:38] बता देता। अदरवाइज उसकी अभी जरूरत नहीं

[01:24:40] है। बट स्टिल आपके लिए यहां पे हाजिर है।

[01:24:43] ठीक है? एसएल बैंकिंग ऑफ रोड और ये सब ना

[01:24:45] आपको क्लास 12th में है। याद रखना।

[01:24:47] बैंकिंग ऑफ़ रोड क्लास 12थ में फिर भी देखो

[01:24:50] मैं आपको बताता हूं मैं आपको अभी

[01:24:51] क्या-क्या करा रहा हूं। एंगुलर

[01:24:52] डिस्प्लेसमेंट एंगुलर वेलोसिटी एंगुलर

[01:24:54] एक्सीलरेशन ये सब कुछ यूसीएम नॉन यूसीएम

[01:24:57] सेंट्रिपेटल फ़ोर्स सेंट्रीफ्यूगल फ़

[01:24:58] बैंकिंग ऑफ रोड कॉनकेव ब्रिज कॉन्वेक्स

[01:25:00] ब्रिज वीसीएम ये सब मैं आपको अभी बता रहा

[01:25:02] हूं जो आपको क्लास 12th में है वो भी। ठीक

[01:25:05] है? ताकि आपको 12th का रोटेशनल मोशन सीखने

[01:25:08] में हेल्प मिले।

[01:25:10] अब सर्कुलर मोशन करना है तो एक्सलरेशन और

[01:25:14] वेलोसिटी को इनिशियली परपेंडिकुलर रहना

[01:25:16] पड़ेगा। वेलोसिटी ऐसे जाना चाहती है।

[01:25:18] एक्सीलरेशन उसको इधर पकड़ के रखता है। तो

[01:25:19] वेलोसिटी ऐसे टर्न ले लेती है। फिर वापस

[01:25:21] एक्सीलरेशन उसको पकड़ के रखता है। फिर

[01:25:23] वापस वेलोसिटी उसको टर्न ले लेती है। तो

[01:25:25] बार-बार वेलोसिटी अपना डायरेक्शन चेंज

[01:25:27] करेगी और ये होगा जब वेलोसिटी और

[01:25:29] एक्सीलरेशन एक दूसरे से परपेंडिकुलर है।

[01:25:31] कोई भी सर्कुलर मोशन जो है वो छोटे-छोटे

[01:25:34] लीनियर मोशन स्ट्रेट लाइन में गया। फिर

[01:25:36] स्ट्रेट लाइन में गया। फिर स्ट्रेट लाइन

[01:25:37] में फिर स्ट्रेट लाइन में ऐसे ही सर्कुलर

[01:25:39] मोशन ट्रैवल किया जाता है। याद रखना

[01:25:42] एंगुलर डिस्प्लेसमेंट क्या होता है भाई?

[01:25:43] पहले रेडियस वेक्टर समझ लो। सेंटर से

[01:25:46] पार्टिकल तक का वेक्टर रेडियस के जैसा

[01:25:48] दिखेगा। वो रेडियस का वेक्टर रेडियस

[01:25:50] वेक्टर होता है। यहां पे रेडियस वेक्टर

[01:25:52] इधर है। यहां रेडियस वेक्टर इधर इस पोजीशन

[01:25:54] पे हो तो रेडियस वेक्टर इधर। ये रेडियस

[01:25:56] वेक्टर जो है वो ऑब्वियसली एक टेंसर

[01:25:58] क्वांटिटी है। और आपको बोले कि इस पॉइंट

[01:26:01] पे आपका रेडियस वेक्टर r है तो इस पॉइंट

[01:26:04] पे भी तो उतना ही वैल्यू रहा ना रेडियस

[01:26:06] वेक्टर का। हां वैल्यू दोनों केस में

[01:26:08] रेडियस की इक्वल है। लेकिन इस केस में

[01:26:10] रेडियस वेक्टर का डायरेक्शन इधर है। इस

[01:26:12] केस में रेडियस वेक्टर का डायरेक्शन इधर

[01:26:14] है। इसलिए इसको दोनों को अलग रेडियस

[01:26:15] वेक्टर लिखना चाहिए। और आपको अगर बोले कि

[01:26:18] इन दोनों में कितना डिफरेंस है? तो इन

[01:26:21] दोनों के बीच में चेंज इन पोजीशन आप पहले

[01:26:24] इस पोजीशन पे थे बाद में इस पोजीशन पे हो

[01:26:27] तो डेल्टा r चेंज इन पोजीशन बोले ना तो

[01:26:30] लिखने का 2rs sinθ /

[01:26:32] 2r sinθ / 2 ये जितना भी एंगल लिया ना

[01:26:36] उसका डबल ये एंगल का हाफ कर देने का 60°

[01:26:40] ट्रैवल किया तो 60 / 2 30 और ये करके आप

[01:26:44] आंसर ला सकते हो डेल्टा r और इसी को

[01:26:46] डिस्प्लेसमेंट बोलते हैं। ठीक है? अब आते

[01:26:48] हैं एंगुलर पोजीशन। एंगुलर पोजीशन इज़

[01:26:50] नथिंग बट एंगुलर डिस्प्लेसमेंट। यानी

[01:26:52] कितना एंगल आपने ट्रेवल किया वो है एंगुलर

[01:26:54] डिस्प्लेसमेंट। उसका यूनिट रेडियन होता

[01:26:55] है। इसका डायरेक्शन हम राइट हैंड थंब रूल

[01:26:57] से निकालते हैं। है ना? याद आ रहा है

[01:26:59] आपको? एंगुलर डिस्प्लेसमेंट के बारे में

[01:27:01] वही बात है। पोजीशन एग्जैक्टली एक जगह एक

[01:27:03] जगह से दूसरी जगह जाओगे तो एंगल एंगल का

[01:27:05] डिस्प्लेसमेंट आएगा। ये एंगुलर

[01:27:07] डिस्प्लेसमेंट होता है। इसमें कुछ नहीं

[01:27:08] है। एक रेडियन में 360° / 2π होता है और

[01:27:12] पाई रेडियन में 180° होता है। ठीक है?

[01:27:14] इसमें भूलना मत। ये सारी बहुत बेसिक सी

[01:27:16] बातें हैं भाई। फिर फ्रीक्वेंसी और टाइम

[01:27:18] पीरियड की बात करूं तो फ्रीक्वेंसी क्या

[01:27:20] होता है बेटा? कितनी सर्कल घूमे? कितने

[01:27:22] बार सर्कल घूमे? तो फ्रीक्वेंसी को कोई n

[01:27:24] से लिखता है, कोई f से लिखता है। अब आपको

[01:27:26] याद रखना है फ्रीक्वेंसी इज़ नंबर ऑफ़

[01:27:28] रिवॉल्यूशन अपॉन टाइम टेकन। अगर एक

[01:27:30] रिवॉल्यूशन लोगे तो एक रिवॉल्यूशन का जो

[01:27:32] टाइम होता है वो टाइम पीरियड t कहा जाता

[01:27:35] है। तो t लिखा जाएगा। तो फ्रीक्वेंसी का

[01:27:37] फार्मूला नंबर ऑफ़ रिवॉल्यूशन / टाइम भी

[01:27:39] है। नंबर ऑफ़ रिवॉल्यूशन को मैं n लिखना

[01:27:41] प्रेफर करूंगा क्योंकि n से कई बार हम

[01:27:43] फ्रीक्वेंसी भी लिख लेते हैं। तो 1 / t ये

[01:27:46] भी आप लिख सकते हो। फ्रीक्वेंसी जो है ये

[01:27:50] फ्रीक्वेंसी ये आरपीएस में या आरपीएम में

[01:27:54] मेजर होती है। आरपीएस यानी रिवॉल्यूशन पर

[01:27:58] सेकंड में और आरपीएम यानी रिवॉल्यूशन पर

[01:28:02] मिनट में मेजर होता है। याद रख लेना इस

[01:28:04] चीज को भूलने का नहीं। ठीक है? अब यह जो

[01:28:07] टाइम पीरियड है 1 / n वाला, वह

[01:28:09] फ्रीक्वेंसी के रिलेटेड है। बाकी आपको

[01:28:11] इसमें कुछ डाउट नहीं है। ठीक है? अब आते

[01:28:13] हैं एंगुलर वेलोसिटी। एंगुलर वेलोसिटी इज़

[01:28:15] द रेट ऑफ़ चेंज ऑफ़ एंगुलर डिस्प्लेसमेंट।

[01:28:16] एंगुलर डिस्प्लेसमेंट पढ़ाना। उसका रेट ऑफ

[01:28:18] चेंज कर दो। यानी टाइम के साथ उसका

[01:28:20] डेरिवेटिव लो तो एंगुलर वेलोसिटी मिलता

[01:28:22] है। एंगुलर वेलोसिटी के बारे में इससे

[01:28:24] ज्यादा कुछ जरूरत है नहीं। एंगुलर

[01:28:26] एक्सेलरेशन पे आ जाओ। एंगुलर एक्सेलरेशन

[01:28:28] जो है वो अल्फा से लिखते हैं। और एंगुलर

[01:28:30] एक्सेलरेशन एंगुलर वेलोसिटी कितना चेंज

[01:28:32] होता है? उसके ऊपर डिपेंड करता है। रेट ऑफ़

[01:28:34] चेंज ऑफ़ एंगुलर वेलोसिटी होता है domeg /

[01:28:36] dt जैसे यहां लिखा है। ठीक है? वो चेंज इन

[01:28:38] ओमेगा अपॉन चेंज इन टाइम। अब ओमेगा

[01:28:41] बढ़ेगा तो वो स्पीड अप करेगा तो अल्फा और

[01:28:45] ओमेगा सेम डायरेक्शन में होंगे। यानी कि

[01:28:48] अगर आप सर्कल ऐसे घूम रहे हो तो सबसे पहले

[01:28:51] राइट हैंड थंब रूल लगाओ। राइट हैंड थंब

[01:28:53] रूल में थंब ऊपर आएगा। तो डिस्प्लेसमेंट

[01:28:55] ऊपर है, वेलोसिटी ऊपर है। क्योंकि राइट

[01:28:58] हैंड थंब रूल ही बोल रहा है कि जहां

[01:29:00] डिस्प्लेसमेंट वहां वेलोसिटी। इसमें कोई

[01:29:02] मिस्टेक नहीं। अगर आपकी स्पीड बढ़ रही है

[01:29:06] तो जहां ओमेगा वहीं अल्फा। स्पीड बढ़ेगी

[01:29:10] तो ओमेगा ऊपर है तो अल्फा भी ऊपर। अगर

[01:29:13] आपकी स्पीड कम हो रही है तो जहां ओमेगा

[01:29:15] उसके अपोजिट में अल्फा। तो ओमेगा और अल्फा

[01:29:18] सेम डायरेक्शन में जब स्पीड बढ़ती है

[01:29:20] स्पीड अप करते हो। तो ओमेगा अल्फा अपोजिट

[01:29:22] डायरेक्शन में जब स्पीड कम होती है। ठीक

[01:29:24] है? अगर आप ये चैप्टर डिटेल में सीखना

[01:29:27] चाहते हो, मैंने ऑलरेडी इस चैनल के ऊपर ही

[01:29:29] पूरा का पूरा चैप्टर सिखा रहा हूं। आप आ

[01:29:31] जाइए। अब रोटेशनल मोशन का आखिरी पार्ट कर

[01:29:34] रहे हैं हम उसमें। ठीक है? तो उसको

[01:29:35] स्टार्टिंग से देखिएगा। नेक्स्ट एंगुलर

[01:29:38] एक्सीलरेशन के बारे में कुछ इंपॉर्टेंट

[01:29:40] बात। अगर एंगुलर एक्सीलरेशन ज़ीरो है तो हम

[01:29:43] यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन में हैं। एंगुलर

[01:29:45] एक्सीलरेशन नॉन ज़ीरो है तो हम नॉन

[01:29:47] यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन में हैं। इन दोनों

[01:29:49] के बारे में इंपॉर्टेंट चीज़ है। लेकिन

[01:29:51] उसके पहले हमें एक कन्वर्शन पता होना

[01:29:53] चाहिए। जैसे लीनियर मोशन में u होता है।

[01:29:56] एंगुलर मोशन में omeg0 होता है। या तो

[01:29:58] omeg1 भी लिख सकते हो। और एंगल फाइनल

[01:30:01] वेलोसिटी को v लिखते हैं। यहां पे फाइनल

[01:30:03] वेलोसिटी को ओमेगा लिखते हैं। या omeg2

[01:30:06] इसको omeg1

[01:30:08] लिखा तो इसको omeg2 लिख लेते हैं। समझ में

[01:30:11] आ गया? डिस्प्लेसमेंट यहां पे एंगुलर

[01:30:14] डिस्प्लेसमेंट थीटा। यहां लीनियर

[01:30:15] डिस्प्लेसमेंट s3। जैसे यहां लीनियर

[01:30:17] एक्सीलरेशन a है। यहां एंगुलर एक्सीलरेशन

[01:30:19] अल्फा होता है। अब आप ये सारी इक्वेशन जो

[01:30:22] आपने कानामेटिक्स में पहले पढ़ी उसको वापस

[01:30:24] नहीं पढ़ते। उसको कन्वर्ट कर देते हैं इन

[01:30:26] सिंबल की जगह इन सिंबल के साथ में। v = u

[01:30:29] + at omeg

[01:30:30] omegr = omeg0 + a की जगह अल्फा और t की

[01:30:34] जगह t बस कन्वर्ट करते जाओ आपको सारी

[01:30:37] इक्वेशन जो आपने लीनियर मोशन में पढ़ी

[01:30:39] सर्कुलर मोशन में अप्लाई करो जो वहां पे

[01:30:41] आपने लीनियर मोशन में पढ़ा कि यूनिफॉर्म

[01:30:43] मोशन नॉन यूनिफॉर्म मोशन किस में क्या

[01:30:45] कनामेटिकल इक्वेशन लगाते सब यहां

[01:30:47] एप्लीकेबल है सब ठीक है किसको नहीं

[01:30:51] भूलेंगे फिर टेंजेंशियल वेलोसिटी और ये सब

[01:30:55] के बात करो तो हमारे पास में जो टोटल

[01:30:57] एक्सलरेशन लीनियर का होता है वो दो प्रकार

[01:31:01] का होता है। एक होता है रेडियल और दूसरा

[01:31:04] होता है अ टेंजेंशियल टेंजेंशियल। रेडियल

[01:31:08] एक्सलरेशन जो है उसको हम सेंट्रिपेटल

[01:31:12] एक्सलरेशन भी बोलते हैं। ACP सेंट्रिपेटल

[01:31:16] टेंजेंशियल एक्सीलरेशन को हम AT लिखते

[01:31:18] हैं। रेडियल को हम AR भी लिख सकते हैं।

[01:31:22] रेडियल एक्सीलरेशन की वजह से आपका बार-बार

[01:31:26] बार-बार डायरेक्शन ऑफ़ द वेलोसिटी चेंज

[01:31:28] होता है। टेंजेंशियल एक्सीलरेशन की वजह से

[01:31:30] आपका मैग्नीट्यूड चेंज हो सकता है

[01:31:32] वेलोसिटी का। तो रेडियल एक्सीलरेशन

[01:31:34] कंपलसरी है अगर सर्कुलर मोशन घूमना है

[01:31:37] क्योंकि मैंने आपको बोला था ये वेलोसिटी

[01:31:39] और उससे परपेंडिकुलर एक्सीलरेशन ये

[01:31:41] कंपलसरी है अगर सर्कल घूमना है तो

[01:31:43] सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन कंपलसरी है होगा

[01:31:46] ही होगा आप यूसीएम करो नॉन यूसीएम करो कभी

[01:31:49] भी सर्कल घूमना है तो एसीपी चाहिए लेकिन

[01:31:52] अगर आपको स्पीड बढ़ानी नहीं है आपको स्पीड

[01:31:54] अप स्पीड डाउन नहीं करना है तो स्पीड चेंज

[01:31:56] स्पीड का मैग्नीट्यूड ही नहीं चेंज करना

[01:31:58] है तो 80 का क्या काम तो 80 ऑप्शनल है

[01:32:01] मतलब 80 आपको स्पीड चेंज होगी तो ही होगा।

[01:32:04] अदरवाइज़ AT ज़ीरो हो जाएगा। ठीक है? याद रख

[01:32:06] लेना इस चीज़ को। भूलना मत। बाकी ये रहा

[01:32:09] आपका सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन के बारे में

[01:32:11] सारी चीजें। सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन। ACP

[01:32:14] जो होता है या रेडियल एक्सीलरेशन जो होता

[01:32:16] है उसका फार्मूला omeg² R या V² / R या V

[01:32:20] ओमेगा होता है। और AT जो होता है

[01:32:22] टेंजेंशियल एक्सीलरेशन उसका फार्मूला R

[01:32:24] अल्फा होता है। दिमाग में घुस गया बेटा।

[01:32:27] दो कोई भी पॉइंट पर अगर आपको टोटल

[01:32:29] एक्सलरेशन चाहिए तो इन दोनों का स्क्वायर

[01:32:31] रूट करके ऐड कर देने का। स्क्वायर करने का

[01:32:34] AT का ACP का स्क्वायर किया ऐड किया रूट

[01:32:37] ले लिया बस। अरे यार रिजल्टेंट है यार। AT

[01:32:40] ACP रिजल्टेंट लिया A वेक्टर का रिजल्टेंट

[01:32:43] है भाई। रिजल्टेंट वेक्टर सिखाया ना

[01:32:45] मैंने। बाकी UCM में एंगुलर वेलोसिटी

[01:32:49] कास्टेंट रहती है। नॉन यूसीएम में चेंज

[01:32:52] होती है। एंगुलर स्पीड के बारे में थी।

[01:32:55] मतलब स्पीड और वेलोसिटी अलग-अलग मान लो।

[01:32:57] चलो स्पीड यानी सिर्फ मैग्नीट्यूड,

[01:32:59] वेलोसिटी यानी डायरेक्शन। UCA में एंगुलर

[01:33:02] स्पीड सेम रहती है। नॉन यूसीए में एंगुलर

[01:33:04] स्पीड भी बदलती है। यानी फास्ट और स्लो

[01:33:06] होंगे आप। एंगुलर वेलोसिटी डायरेक्शन तो

[01:33:09] दोनों में बदलता है। लेकिन इसमें एंगुलर

[01:33:12] वेलोसिटी जो है एंगुलर वेलोसिटी वो

[01:33:15] कांस्टेंट है और उसमें एंगुलर वेलोसिटी

[01:33:17] वेरिंग है। एंगुलर एक्सीलरेशन अल्फा

[01:33:20] क्योंकि वेलोसिटी कांस्टेंट है तो

[01:33:21] एक्सीलरेशन ज़ीरो। लेकिन यहां वेलोसिटी

[01:33:23] कांस्टेंट नहीं है। एक्सीलरेशन नॉन ज़ीरो।

[01:33:25] यहां पे एक्सीलरेशन जो है वो AT है। यहां

[01:33:27] पे एक्सीलरेशन जो है ज़ीरो है। AT ज़ीरो है।

[01:33:30] और यहां एक्सीलरेशन AT नॉन ज़ीरो है।

[01:33:33] क्यों? UC में स्पीड बदलनी नहीं वाली। तो

[01:33:36] टेंजेंशियल एक्सीलरेशन का क्या काम? अल्फा

[01:33:39] ज़ीरो है तो AT की वैल्यू क्या होती है? R

[01:33:41] अल्फा। अल्फा ज़ीरो तो AT भी ज़ीरो। लेकिन

[01:33:44] यहां AT ज़ीरो नहीं है तो अल्फा भी। मतलब

[01:33:46] अल्फा ज़ीरो नहीं है तो AT भी ज़ीरो नहीं

[01:33:48] होगा। और वैसे ही सेंट्रिपेटल एक्सलरेशन

[01:33:50] ACP तो दोनों में कंपलसरी है। सर्कल घूमना

[01:33:53] है, UCM हो या नॉन यूसीएम दोनों में

[01:33:55] सर्कुलर मोशन तो है ही ना। तो ACP तो

[01:33:58] कंपलसरी है ही है। ठीक है? याद रख लेना।

[01:34:02] सेंट्रिपेटल फ़ सेंट्रिपेटल फ़ एक रियल

[01:34:05] फोर्स है बच्चों। रियल फोर्स का मतलब

[01:34:08] क्या? कि आपका कोई ग्रेविटेशनल फोर्स,

[01:34:10] फ्रिक्शन, नॉर्मल, टेंशन इन द स्ट्रिंग।

[01:34:13] कोई तो फ़ होगा जो काम कर रहा होगा एज अ

[01:34:15] सेंट्रिपेटल फ़। आपको सिखाया मैंने ये बात

[01:34:17] याद है? वेक्टर क्वांटिटी होती है। ये

[01:34:20] फोर्स है इसलिए वेक्टर है। बाकी इसके

[01:34:22] अलावा इसमें सेंट्रिपेटल फोर्स हमेशा

[01:34:24] सेंट्रीफ्यूगल के इक्वल होनी चाहिए ताकि

[01:34:26] आप सर्कल घूम पाओ। नेक्स्ट सेंट सूडो

[01:34:29] फोर्स का कांसेप्ट बताता हूं। अगर आप

[01:34:30] यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन में हो तो आपके

[01:34:33] पास में सिर्फ ACP होगा। AT की वैल्यू

[01:34:36] ज़ीरो होगी। अगर यहां कोई एक्सीलरेशन नहीं

[01:34:39] है तो यहां कोई फोर्स नहीं बनेगी। सिर्फ

[01:34:41] एक ही एक्सीलरेशन है। सिर्फ एक ही फोर्स

[01:34:43] तो वो सेंट्रिपेटल फ़। सेंट्रिपेटल फोर्स

[01:34:45] को बैलेंस करने के लिए हम एक सूडो फोर्स

[01:34:47] यहां कंसीडर करेंगे और उसी को सेंटर के

[01:34:49] अलोंग अवे बोला है। तो यही है

[01:34:51] सेंट्रीफ्यूगल फोर्स जो सूडो फोर्स माना।

[01:34:53] लेकिन वही नॉन यूसीएम में क्या होता है कि

[01:34:56] हम वेलोसिटी का मैग्नीट्यूड भी चेंज करते

[01:34:59] हैं। तो AT होता है और ACP भी होता है। है

[01:35:02] ना? तो AT की जगह फोर्स लगेगा कि नहीं?

[01:35:05] मतलब जहां एक्सीलरेशन है वहां फ़ तो लगेगा।

[01:35:07] ये एक्सीलरेशन इस मास पे लगेगा। तो AT * M

[01:35:10] ये फोर्स टेंजेंशियल बन जाएगा ना?

[01:35:12] टेंजेंशियल फ़ होगा। का सेंट्रिपेटल फ़

[01:35:14] होगा। इन दोनों का रिजल्टेंट फ़ यहां होगा।

[01:35:16] तो रिजल्टेंट फ़ को बैलेंस करने के लिए

[01:35:18] सूडो फ़ोर्स बनाई जाएगी। सूडो फ़ोर्स का एक

[01:35:20] हिस्सा कंपोनेंट CPएफ को बैलेंस करेगा।

[01:35:23] सूडो फ़ोर्स का एक कंपोनेंट FT को बैलेंस

[01:35:26] करेगा। तो सूडो फोर्स का एक कंपोनेंट ही

[01:35:29] है अभी सेंट्रीफ्यूगल फोर्स।

[01:35:31] सेंट्रीफ्यूगल फोर्स पूरी की पूरी सूडो

[01:35:33] फ़ोर्स होती है UCM में। और नॉन यूसीएम में

[01:35:37] सिर्फ एक हिस्सा होती है सूडो फोर्स का।

[01:35:39] समझ में आ गया? ये आपको कोर कांसेप्ट था।

[01:35:42] सीएफएफ का फार्मूला mv² / r m ओमेगा² और

[01:35:45] mv ओमेगा ठीक है? सीपीएफ सेंटर की तरफ

[01:35:48] होता है। सीएफएफ सेंटर से अवे होता है।

[01:35:50] नाउ नेक्स्ट सर्कुलर बैंकिंग ऑफ रोड क्लास

[01:35:54] 12th का पार्ट है। बस बता दे रहा हूं काम

[01:35:56] आएगा आपको। इसमें कुछ है नहीं। अगर रोड जो

[01:35:59] है वो फ्लैट है तो उसमें फ्रिक्शन के ऊपर

[01:36:02] डिपेंड करोगे। तो वेलोसिटी का फार्मूला

[01:36:04] लेस देन

[01:36:05] rg होगा। म्यू फ्रिक्शन है उस पे डिपेंड

[01:36:07] नहीं रहना है। इसलिए हमने रोड का बैंकिंग

[01:36:10] कर दिया। बैंकिंग यानी रोड को टेढ़ा कर

[01:36:11] दिया। टेढ़ा कर दिया तो हमें अभी उसके लिए

[01:36:15] वेलोसिटी मिलेगी विदाउट फ्रिक्शन रूट RG

[01:36:18] tan थीटा। लेकिन अगर हम फ्रिक्शन को लेना

[01:36:20] चाहे फ्रिक्शन के साथ में बात करें तो रूट

[01:36:23] rg tanθ - म्यू 1 + tanθ 1 + μ tan थीटा

[01:36:28] और rg tanθ + μ / 1 - म्यू थीटा दोनों में

[01:36:32] सिर्फ देखो साइन का अंतर है। फर्क है

[01:36:35] सिर्फ साइन का सिंबल का वो प्लस और माइनस

[01:36:38] का। तो आप देखो इतनी मिनिमम स्पीड से आपको

[01:36:41] यहां जाना है और इतनी मैक्सिमम स्पीड से

[01:36:43] आपको यहां जाना है। इस मिनिमम स्पीड से कम

[01:36:46] स्पीड से गए तो आप यहीं पे ऐसे गिर जाओगे

[01:36:49] और अगर इस मैक्सिमम स्पीड से ज्यादा स्पीड

[01:36:51] से गए तो आप ऐसे पलट जाओगे। समझ में आ

[01:36:53] गया? आप टर्न ऐसे ले रहे हो अभी इस रोड

[01:36:56] पे। ये आपको सामने जो रोड दिख रहा है ना

[01:36:58] आपका सामने का व्यू है। तो कार ऐसे टर्न

[01:37:00] ले रही है। समझ में आ गया? ऐसे और आप ऐसे

[01:37:03] जाते-जाते अगर स्लो जाओगे तो ऐसे पलटोगे।

[01:37:06] फास्ट जाओगे स्पीड से तो ऐसे पलटोगे ओवर

[01:37:08] टर्निंग हो जाएगा। समझ में आ गया? बाकी

[01:37:12] कॉनकेव ब्रिज ये रहा। कॉनकेव ब्रिज में

[01:37:14] आपको कोई भी पॉइंट पे देखो फोर्सर्सेस

[01:37:16] बैलेंस करनी होती है। ये mg वेट है तो mg

[01:37:18] को तोड़ दिया mg sin थीटा mg cos थीटा। अब

[01:37:20] आपको देखो नॉर्मल = mg cos थीटा + cf इसको

[01:37:23] बैलेंस कर देना है। बस ये एग्जैक्ट

[01:37:26] इक्वेशन है। बाकी आप इसी पॉइंट पे यहां पे

[01:37:28] आ जाओगे। तो थीटा की वैल्यू ऐसे मेजर हुई

[01:37:30] है। तो थीटा इस पॉइंट पे ज़ीरो होता है।

[01:37:32] cos ज़ीरो डाल दो तो इस पॉइंट पे आपको मिल

[01:37:34] गया। ठीक है? फिर ये हो गया हमारा

[01:37:36] कॉन्वेक्स ब्रिज। कॉन्वेक्स ब्रिज में अगर

[01:37:38] मैं कोई भी रैंडम पॉइंट पे देखूं तो यहां

[01:37:40] mg होगा। mg cos थीटा mg sin थीटा। तो mg

[01:37:43] cos थीटा इक्वल टू नॉर्मल + cfए हो गया।

[01:37:45] अब इसमें अगर आप यहां से एंगल मेजर करते

[01:37:47] हैं तो इस पॉइंट पे क्या होगा बेटा? cos

[01:37:50] थीटा ज़ीरो हो जाएगा। cos ज़ीरो क्या हो

[01:37:52] गया? वन। तो ये हटा दो। अब आपको बोलेंगे

[01:37:55] कि कितनी स्पीड रखें ताकि हम यहां से ऐसे

[01:37:57] उड़ ना जाए। हम कांटेक्ट में ही रहे। तो n

[01:38:00] की वैल्यू ज़ीरो लेके चेक करो। cf = mg हो

[01:38:03] जाएगा। mv² / = mgv = rg v = rg मिनिमम

[01:38:08] स्पीड है। जितनी स्पीड से आपको मैक्सिमम

[01:38:10] स्पीड है। जितनी स्पीड से आपको यहां जाना

[01:38:12] चाहिए। उससे ज्यादा स्पीड से गए तो ऐसे

[01:38:14] गिरोगे। उससे कम स्पीड से गए तो आप जमीन

[01:38:16] पे ही टच में रहोगे। तो हम जब स्पीड

[01:38:19] ब्रेकर के आसपास आते हैं ना तो स्लो होते

[01:38:20] हैं तब हम स्पीड ब्रेकर के टच में रहते

[01:38:22] हैं। जब फास्ट होते हैं तो आगे चढ़ के उड़

[01:38:25] जाते हैं आगे। है ना? तो ये रीज़न है उसका।

[01:38:27] समझ में आ गया? बाकी कोनिकल पेंडुलम के

[01:38:29] सारे फ़ूले यहां दे रहा हूं। कुछ नहीं इस

[01:38:31] पॉइंट पे हमने बैलेंस आउट किया तो यहां हो

[01:38:33] गया mg यहां हो गया टेंशन टेंशन का ये t

[01:38:36] cos थीटा यहां t sin थीटा और यहां हो गया

[01:38:38] m cf अब t sinθ = cf जिसको mv² आ रहा है

[01:38:42] momeg² r भी ले सकते हो t cosθ = mg हो

[01:38:45] गया इन दोनों को ही बैलेंस कर करके tan

[01:38:47] थीटा की वैल्यू निकाली v की वैल्यू निकाली

[01:38:49] ये वही बैंकिंग ऑफ़ रोड वाली वैल्यू है याद

[01:38:51] करो और फिर बाकी एंगुलर स्पीड टाइम पीरियड

[01:38:54] टाइम पीरियड क्या है 2π l cos थीटा / g बस

[01:38:56] भूलना मत l जो है वो लेंथ ऑफ़ द स्ट्रिंग

[01:38:59] है ऐसे और ये थीटा L cos थीटा। ठीक है? अब

[01:39:02] VCM वर्टिकल सर्कुलर मोशन वो होता है एक

[01:39:05] तरीके का नॉन यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन।

[01:39:07] क्यों? क्योंकि हम यहां जाते वक्त फास्ट

[01:39:09] होते हैं। ऊपर चढ़ते वक्त स्लो हो जाते

[01:39:11] हैं। यहां सबसे स्लो फिर वापस फास्ट। तो

[01:39:14] यह जो फास्ट स्लोस्ट स्लो होना है तो हमें

[01:39:17] नॉन यूसीएम में ही तो स्पीड बदलने का मौका

[01:39:20] मिलता है। तो यह ग्रेविटी के इन्फ्लुएंस

[01:39:22] में यह नॉन यूसीएम परफॉर्म किया जाता है

[01:39:24] जो vcm में वर्टिकल में होता है। इस पॉइंट

[01:39:26] पे वेलोसिटी gr r बोल दो इसको रेडियस ऑफ़ द

[01:39:30] स्ट्रिंग को। gr इस पॉइंट पे और इस पॉइंट

[01:39:32] पे वेलोसिटी 3gr इस पॉइंट पे वेलोसिटी 6gr

[01:39:36] इस पॉइंट पे टेंशन को ज़ीरो लोगे तो इस

[01:39:38] पॉइंट पे 6mg इस पॉइंट पे 3mg इधर 1mg

[01:39:42] लोगे टेंशन को तो इधर 7mg याद रहेगा। इधर

[01:39:45] जितना टेंशन और इधर टेंशन में 6mg का अंतर

[01:39:48] रहेगा। इधर ज़ीरो तो इधर 6mg इधर 1mg तो

[01:39:51] इधर 2mg इधर अरे 1mg तो इधर 7mg इधर 2mg

[01:39:55] तो इधर 8mg दोनों में हमेशा 6mg का अंतर

[01:39:57] रहेगा ही रहेगा। ठीक है? कोई टेंशन नहीं

[01:40:00] लेने का। इसके अलावा आपको टेंशन तो हो

[01:40:03] गया। फिर मैं आपको ना डायरेक्ट पूरे

[01:40:04] फार्मूला बताता हूं। कोई भी पॉइंट पे

[01:40:05] चाहिए, टॉप बॉटम पॉइंट पे चाहिए,

[01:40:08] वेलोसिटी, यह फार्मूला। मिड पॉइंट पे

[01:40:11] चाहिए, यह फार्मूला, l की जगह r रख लेना

[01:40:13] बस। टॉप पॉइंट पे चाहिए, यह फार्मूला। कोई

[01:40:15] रैंडम पॉइंट पे चाहिए, तो यह फ़ॉर्मूला लगा

[01:40:17] लो। वैसे ही टेंशन का पोटेंशियल एनर्जी,

[01:40:20] रेडियल एक्सेलरेशन, टेंजेंशियल

[01:40:22] एक्सेलरेशन। बस एक चीज़ की गलती मत करना।

[01:40:24] एंगल यहां से नहीं मेजर होता। एंगल यहां

[01:40:27] से मेजर होता है। ये 90 है। ये 180 है। ये

[01:40:30] 270 है। ये 360 है। यहां से हम मैथ्स में

[01:40:33] मेजर करते हैं। फिजिक्स में हम नीचे से इस

[01:40:35] चैप्टर में नीचे से मेजर करते हैं। समझ

[01:40:38] में आ गया कि नहीं आ गया? सो, विथ दिस वी

[01:40:40] आर डन विद सर्कुलर मोशन ग्रो। याद रहेगा?

[01:40:43] ये सारे फॉर्मूले मैंने आपको बता दिए। अब

[01:40:45] ये आपको होमवर्क में दे रहा हूं। प्लीज

[01:40:47] इसको अटेम्प्ट करो। बाकी मुझे कमेंट बॉक्स

[01:40:49] में बताओ आपकी सीईटी की प्रिपरेशन कैसी चल

[01:40:52] रही है। ये पूरा पीडीएफ सामने रखना। इसकी

[01:40:55] इसमें बहुत सारे क्वेश्चन दे रहा हूं।

[01:40:57] प्लीज इसको अच्छे से सॉल्व करो। ये पीडीएफ

[01:40:59] अगर आपने सॉल्व कर लिया ना भाई आपका

[01:41:01] कायनामेटिक्स अच्छे से हो गया है। बस आप

[01:41:03] उसके साथ में अपनी टेक्स्ट बुक के

[01:41:05] न्यूमेरिकल्स जो पीछे दिए ना वो सॉल्व कर

[01:41:07] लेना। आपका काम हो जाएगा। बाकी इसी तरह से

[01:41:09] पढ़ते रहो, मचाते रहो। वीडियो को लाइक

[01:41:10] जरूर करना। अगला वनशॉट आपको मिलेगा जल्दी

[01:41:13] ही तब तक के लिए बाय-ब सी यू टेक केयर।
