# Lecture-04 || मानव स्वस्थ एवं पोषण (Part-03)

https://www.youtube.com/watch?v=zFC9D4GAdD0
Translation: en

[02:19] जय हिंद।
  Jai Hind.

[02:19] बैठिए।
  Sit down.

[02:19] जय हिंद बेटा।
  Jai Hind, son.

[02:19] जय हिंद।
  Jai Hind.

[02:19] बैठिए।
  Sit down.

[02:22] बैठिए।
  Sit down.

[02:26] कैसे हैं आप लोग?
  How are you all?

[02:26] बढ़िया है तो एकदम बढ़िया।
  If you are good, then that is great.

[02:35] ऑनलाइन हो गया।
  It has gone online.

[02:39] जो ऑनलाइन देख रहे हैं भैया आपको भी नमस्कार और गुड मॉर्निंग।
  To those who are watching online, brother, greetings and good morning to you too.

[02:40] आइए शुरुआत करते हैं।
  Let's begin.

[02:47] आप लोग कितना घंटा पढ़ते हो?
  How many hours do you study?

[02:50] जितना आप नहीं पढ़ते।
  As much as you don't study.

[02:54] तो हम लोगों ने कल लास्ट में देखा था रोग मुक्त होना और स्वस्थ होना।
  So, yesterday at the end, we looked at being disease-free and being healthy.

[03:00] आ जाओ।
  Come on.

[03:00] तो हेडिंग हो गई थी क्या?
  So, was the heading done?

[03:06] लिखा गया था स्वस्थ होना और रोग मुक्त।
  It was written: being healthy and disease-free.

[03:14] हम लोगों ने स्वास्थ्य को एक बड़े पैमाने पर देखा था।
  We had looked at health on a large scale.

[03:20] आर्थिक रूप में, सामाजिक रूप में, मानसिक रूप में और शारीरिक रूप में।
  Economically, socially, mentally, and physically.

[03:36] ये चार अवधारणाएं अगर फिट हो रही हैं तो हम स्वस्थ कहलाते हैं।
  If these four concepts are fitting, then we are called healthy.

[03:39] और आमतौर पर ये फिट हो नहीं पाती हैं।
  And usually, these do not manage to fit.

[03:43] विकसित देशों में फिट हो जाती हैं।
  In developed countries, they do fit.

[03:46] विकासशील देशों में संभावना ना के बराबर दिखती है।
  In developing countries, the possibility seems negligible.

[03:49] धीरे-धीरे चीजें बढ़ेंगी।
  Things will gradually improve.

[03:51] तो खैर लिखिएगा नीचे परिभाषा में।
  So anyway, write it down in the definition below.

[03:54] लिखिएगा स्वस्थ होना एक बहद अवधारणा है।
  Write that being healthy is a broad concept.

[04:08] स्वस्थ होना एक बहद अवधारणा है जो निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है।
  Being healthy is a broad concept that depends on the following factors.

[04:26] यह चार पॉइंट डाल देना: आर्थिक, सामाजिक, मानसिक और शारीरिक।
  Put these four points: economic, social, mental, and physical.

[04:33] एक वृहद अवधारणा है जो निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है।
  It is a broad concept that depends on the following factors.

[04:36] और यह चार बिंदु डालिएगा नीचे।
  And put these four points below.

[04:40] कारक कौन-कौन से हैं?
  What are the factors?

[04:45] कारक हैं आर्थिक, सामाजिक, मानसिक और शारीरिक।
  The factors are economic, social, mental, and physical.

[05:03] और नीचे नई लाइंस लिखिएगा।
  And write new lines below.

[05:05] देखिए, रोग मुक्त होना एक सामान्य अवधारणा है।
  See, being disease-free is a general concept.

[05:13] रोग मुक्त होना एक सामान्य अवधारणा है जो केवल शारीरिक कारक पर निर्भर होती है।
  Being disease-free is a general concept that depends only on physical factors.

[05:22] रोग मुक्त होना एक सामान्य अवधारणा है जो...
  Being disease-free is a general concept that...

[05:25] रोग मुक्त होना एक सामान्य अवधारणा है जो केवल शारीरिक कारक पर निर्भर करती है।
  Being disease-free is a general concept that depends only on physical factors.

[05:39] जिसका आशय है केवल शारीरिक कारक पर निर्भर करती है जिसका आशय है कि हमारा शरीर बीमारी रहित है।
  Which means it depends only on physical factors, which means our body is free from disease.

[06:02] तो हम सभी रोग मुक्त तो हैं लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है।
  So we all are disease-free, but not completely healthy.

[06:07] उसके लिए हमें भारत को विकसित करना होगा।
  For that, we have to develop India.

[06:10] जिसके कारण में हम लगे हैं।
  For which we are working.

[06:13] तो हम लोगों ने कल यह देखा था कि हमारे पास कुल सात ऐसे साधन थे।
  So we saw yesterday that we had a total of seven such resources.

[06:24] याद आया जो स्वास्थ्य के लिए आवश्यक तत्व?
  Do you remember the elements necessary for health?

[06:28] माने गए थे जिनमें से कार्ब वसा अमीनो एसिड समथिंग समथिंग थे।
  They were considered, among which were carb, fat, amino acids, something something.

[06:34] अब हम एक-एक करके सबका अध्ययन करना शुरू करेंगे।
  Now we will start studying each one by one.

[06:37] पहले कार्ब फिर वसा अमीनो एसिड इस तरह से टॉपिक टॉपिक आगे बढ़ेंगे।
  First carb, then fat, amino acids, in this way, topic by topic, we will move forward.

[06:40] तो पहला जो चैप्टर है वो है हमारा कार्बोहाइड्रेट।
  So the first chapter is our carbohydrate.

[06:42] तो शायद सिलेबस अब शुरू हो रहा है।
  So perhaps the syllabus is starting now.

[06:45] है ना?
  Isn't it?

[06:45] लिखिए हेडिंग कार्बोहाइड्रेट।
  Write the heading Carbohydrate.

[06:50] हेडिंग लिखिएगा कार्बोहाइड्रेट।
  Write the heading Carbohydrate.

[06:55] लिखिएगा हेडिंग कार्बोहाइड्रेट और नीचे डाल देना सामान्य परिचय।
  Write the heading Carbohydrate and put 'General Introduction' below it.

[07:10] कार्बोहाइड्रेट नीचे लिखिएगा हेडिंग सामान्य परिचय।
  Under Carbohydrate, write the heading General Introduction.

[07:15] सामान्य परिचय ध्यान देना इधर अब बोर्ड की तरफ देखो।
  General Introduction, pay attention here, now look towards the board.

[07:19] कार्बोहाइड्रेट तीन तत्वों से मिलकर मिलकर के बनते हैं कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन।
  Carbohydrates are made up of three elements: carbon, hydrogen, and oxygen.

[07:27] जब तत्वों की संख्या एक से अधिक हो जाती है तो वो मिलकर
  When the number of elements becomes more than one, they combine

[07:31] के कंपाउंड बनाते हैं या यौगिक बनाते हैं।
  They form compounds or make compounds.

[07:34] तो इस तरह से जैसे C6, H12 और O6 यह मूलतः ग्लूकोज है।
  So in this way, like C6, H12, and O6, this is basically glucose.

[07:43] है ना?
  Isn't it?

[07:43] मोटा-मोटा अगर देखा जाए तो ग्लूकोज है।
  Broadly speaking, it is glucose.

[07:45] और यह एक प्रकार का कंपाउंड बन जाता है।
  And this becomes a type of compound.

[07:48] जिस कंपाउंड में कार्बन ठीक-ठाक होते हैं, उसे हम ऑर्गेनिक यानी कि कार्बनिक यौगिक कहते हैं।
  A compound that has a decent amount of carbon is what we call organic, that is, a carbon compound.

[07:56] अब देखो कार्बन छ है, हाइड्रोजन 12 है, ऑक्सीजन छह है।
  Now look, there are six carbons, 12 hydrogens, and six oxygens.

[07:59] अगर इसको हम सिंपलीफाई करेंगे तो 1 * 2 * 1 का रेश्यो आता है जो कि कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का है।
  If we simplify this, we get a ratio of 1:2:1, which is for carbon, hydrogen, and oxygen.

[08:11] यानी कि हाइड्रोजन दो है, ऑक्सीजन एक है, कार्बन एक है।
  That is, hydrogen is two, oxygen is one, and carbon is one.

[08:14] यदि मैं इसको ऐसे लिख दूं HOC तो 2 * 1 * 1 हो जाएगा।
  If I write it like HOC, then it will become 2:1:1.

[08:24] यानी कि हमें रिस्पेक्टिवनेस देखते रहना है कि किस क्रम में वह पूछ रहे हैं।
  That is, we have to keep looking at the respectiveness, in what order they are asking.

[08:27] CHO में पूछ रहे हैं या HCO में पूछ रहे हैं?
  Are they asking in CHO or are they asking in HCO?

[08:32] हैं।
  Yes.

[08:32] किस रूप में पूछ रहे हैं?
  In what form are you asking?

[08:34] मूलतः वो CHO ही क्रम होता है उसका C6H12 और O6 तो रासायनिक तौर पर कह सकते हैं कि कार्बोहाइड्रेट तीन तत्वों से मिलकर के बनते हैं।
  Basically, its sequence is CHO, C6H12 and O6, so chemically we can say that carbohydrates are made up of three elements.

[08:43] जिनमें तीनों का योगदान एक दो एक के अनुपात में होता है और यह एक प्रकार का कार्बनिक यौगिक है।
  In which the contribution of all three is in the ratio of one, two, one, and it is a type of organic compound.

[08:48] कैसा है?
  What kind is it?

[08:48] कार्बनिक।
  Organic.

[08:52] दूसरा अगर हम परिचय हासिल करें जो कि प्राकृतिक है।
  Secondly, if we get an introduction, which is natural.

[08:57] तो यह कार्बोहाइड्रेट हमें पादप स्रोतों से प्राप्त होते हैं।
  Then we get these carbohydrates from plant sources.

[09:01] कहने का आशय है कि जब हम फल और सब्जियां खाते हैं तो उन फल और सब्जियों तथा अनाजों में इनकी व्यापक मात्रा दिखाई देती है।
  The meaning is that when we eat fruits and vegetables, their extensive quantity is visible in those fruits, vegetables, and grains.

[09:12] तीसरा अगर हम इनको जंतु स्रोतों के तौर पर देखें तो दूध इनके सबसे शानदार स्रोतों में शामिल होता है।
  Thirdly, if we look at them as animal sources, then milk is included in their most excellent sources.

[09:23] यानी कि कार्बोहाइड्रेट हमें प्राकृतिक रूप में जंतु और पादप दोनों स्रोतों से प्राप्त होते हैं।
  That is, we get carbohydrates in natural form from both animal and plant sources.

[09:28] अब सवाल यह है कि क्यों प्राप्त होते हैं?
  Now the question is, why are they obtained?

[09:31] इनकी आवश्यकता क्यों?
  Why are they needed?

[09:32] है?
  Huh?

[09:32] तो हमने कल कहा था कि हमें अगर 100% ऊर्जा चाहिए तो उसमें दो भूमिकाएं हैं।
  So we said yesterday that if we need 100% energy, there are two roles in it.

[09:38] एक तो कार्ब की दूसरा वसा की।
  One is of carbs and the other is of fat.

[09:41] ऐसा मान लेते हैं कि अपने पात्र हैं जिनका नाम है रमेश तो इनको दिन भर की ऊर्जा चाहिए।
  Let's assume we have a character named Ramesh who needs energy for the whole day.

[09:47] यह अभी जी राम जी योजना में काम करते हैं जो कि पहले मनरेगा हुआ करती थी।
  He currently works in the G-Ram-Ji scheme, which used to be MNREGA earlier.

[09:53] तो अब इनको दिन भर काम करना है तो हमारी ऊर्जा 100% है।
  So now he has to work all day, and our energy is 100%.

[09:58] इनकी भी ऊर्जा इनके हिसाब से 100% है।
  His energy is also 100% according to him.

[10:01] आपकी ऊर्जा आपके हिसाब से 100% है।
  Your energy is 100% according to you.

[10:04] तो इस 100% ऊर्जा की जो डिमांड हो रही है उसमें से 60 से 65% की जो डिमांड है वो पूरी होती है कार्बोहाइड्रेट से।
  So, out of the demand for this 100% energy, 60 to 65% of the demand is met by carbohydrates.

[10:16] क्योंकि आपने जाना है कि हमें ऑन एवरेज 600 ग्राम पर डे कार्ब चाहिए।
  Because you have learned that we need on average 600 grams of carbs per day.

[10:21] है ना?
  Right?

[10:23] हालांकि एक बात ध्यान रखना कि 1 ग्राम कार्ब खाने से हमें मात्र 4.2Kcal ऊर्जा मिलती है।
  However, keep in mind that by eating 1 gram of carbs, we get only 4.2 Kcal of energy.

[10:30] जबकि 1 ग्राम वसा खाने...
  Whereas eating 1 gram of fat...

[10:34] से हमें 9.2 KC एल ऊर्जा मिलती है।
  From this, we get 9.2 kcal of energy.

[10:39] इसीलिए वसा ऊर्जा का प्राइमरी सोर्स है।
  That is why fat is the primary source of energy.

[10:41] प्राथमिक स्रोत है।
  It is the primary source.

[10:44] परंतु हम वसा उतनी खा नहीं सकते।
  But we cannot eat that much fat.

[10:48] आपने देखा था कल 40 से 50 ग्राम पर डे खाते हैं।
  You saw yesterday that we eat 40 to 50 grams per day.

[10:50] उसका 10 गुना हम कार्ब खाते हैं।
  We eat 10 times that amount in carbs.

[10:53] भाई दाल भात एक थरिया भर के खा सकते हो।
  Brother, you can eat a whole plate full of lentils and rice.

[10:56] एक थाली भर के आप घी नहीं पी सकते।
  You cannot drink a whole plate full of ghee.

[10:58] मौत हो जाएगी।
  You will die.

[10:58] है ना?
  Isn't that so?

[10:58] तो वसा की एक लिमिटेशंस हैं।
  So, there are limitations to fat.

[11:01] तो दैनिक ऊर्जा की मांग की पूर्ति हम 60 से 65% कर रहे हैं कार्ब से।
  So, we are meeting 60 to 65% of our daily energy demand from carbs.

[11:05] हालांकि यह ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत नहीं है बल्कि द्वितीयक स्रोत माना जाता है।
  Although it is not considered the primary source of energy, but rather the secondary source.

[11:11] परंतु इसका सेवन ज्यादा करते हैं।
  But we consume it more.

[11:13] इसलिए डिमांड ज्यादा पूरी कर देता है।
  That is why it fulfills more of the demand.

[11:17] तो यदि परिचय हासिल किया जाए तो एक तो रासायनिक तौर पर देखा गया।
  So if we look at the introduction, one was seen chemically.

[11:21] एक प्राकृतिक तौर पर देखा गया और दूसरा यह देखा गया कि व्हाई वी नीड अ कार्बोहाइड्रेट?
  One was seen naturally and the second was seen as to why we need a carbohydrate?

[11:26] तो रीज़न है वी ऑब्टेन द मैक्सिमम अमाउंट ऑफ एनर्जी एज अ डेली रिक्वायर्ड बेसिस फ्रॉम द कार्बोहाइड्रेट।
  So the reason is we obtain the maximum amount of energy on a daily required basis from the carbohydrate.

[11:34] तो यह बात हम अपनी कॉपी में लिखते हैं।
  So, we write this point in our notebook.

[11:37] लिखिएगा परिभाषा या सामान्य परिचय हो गया है ना?
  Write down the definition or general introduction, okay?

[11:39] लिखिएगा कार्बोहाइड्रेट नीचे लिखिएगा उसके कार्बोहाइड्रेट एक कार्बनिक यौगिक है।
  Write carbohydrate, below that write carbohydrate is an organic compound.

[11:51] कार्बोहाइड्रेट एक कार्बनिक यौगिक होते हैं।
  Carbohydrates are organic compounds.

[11:54] कार्बोहाइड्रेट एक कार्बनिक यौगिक होते हैं जो कि क्रमशः कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बने होते हैं।
  Carbohydrates are organic compounds which are composed of carbon, hydrogen, and oxygen respectively.

[12:26] नीचे ना इस तरह का दिखा देना कॉपी में।
  Show it like this in the notebook below.

[12:29] CHO का एक दो एक और HCO का दो एक ऐसे दिखा देना बेटा कॉपी में बीच।
  Show CHO as one-two-one and HCO as two-one like this in the notebook, child.

[12:35] में एकदम बीच में ऐसे बना देना।
  Make it exactly in the middle like this.

[12:38] समझ में आया यह?
  Did you understand this?

[12:38] ठीक।
  Okay.

[12:43] 1 सेकंड मैं दोबारा बना दे रहा हूं।
  One second, I am drawing it again.

[12:49] ऐसे CH और O का दिखाना है 1 2 1 ऐसे और अगर लिखा हो H CO तो दिखाना है 2 1
  Like this, for CH and O, you have to show 1:2:1 like this, and if H CO is written, then show 2:1.

[13:04] यह रेशियो बन गया।
  This ratio is formed.

[13:13] दरअसल एग्जाम में ना क्या होता है?
  Actually, what happens in the exam?

[13:16] कई बार वो भ्रमित करने का प्रयास करते हैं।
  Many times they try to confuse.

[13:18] हमारा ध्यान एक दो एक पे चला जाता है।
  Our attention goes to one-two-one.

[13:21] वो रिस्पेक्टिवनेस चेंज कर देते हैं कि इसमें कैसा होगा?
  They change the respectiveness, asking how it will be in this?

[13:23] तो ये ध्यान में रखना है।
  So, this has to be kept in mind.

[13:25] नई लाइंस लिखिएगा।
  Write new lines.

[13:25] लिखिए।
  Write.

[13:29] प्रकृति में कार्बोहाइड्रेट पादप स्रोतों और जंतु स्रोतों से प्राप्त होते हैं।
  In nature, carbohydrates are obtained from plant sources and animal sources.

[13:58] और इनका मुख्य कार्य हमारी दैनिक ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करना।
  And their main function is to meet our daily energy requirements.

[14:13] इनका मुख्य कार्य हमारी दैनिक ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करना तथा संरचना निर्माण में मदद करना है।
  Their main function is to meet our daily energy requirements and help in structural construction.

[14:36] दैनिक ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करना तथा।
  To meet the daily energy requirement and.

[14:44] नोट नंबर एक डाल दीजिएगा।
  Please put note number one.

[14:47] लिखिएगा 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट के ऑक्सीकरण से 4.2KCAL ऊर्जा प्राप्त होती है।
  Write that 4.2 KCAL of energy is obtained from the oxidation of 1 gram of carbohydrate.

[15:01] 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट के ऑक्सीकरण से 4.2 KCL ऊर्जा प्राप्त होती है।
  4.2 KCL of energy is obtained from the oxidation of 1 gram of carbohydrate.

[15:11] 4.2 KCL ऊर्जा प्राप्त होती है और यह ऊर्जा का द्वितीयक स्रोत है और यह ऊर्जा का द्वितीयक स्रोत है।
  4.2 KCL of energy is obtained and this is a secondary source of energy and this is a secondary source of energy.

[15:25] सेकेंडरी सोर्स है।
  It is a secondary source.

[15:33] दूसरी बात लिख देना।
  Write the second point.

[15:36] नोट नंबर दो लिखिएगा।
  Write note number two.

[15:39] देखिए दैनिक ऊर्जा
  Look at daily energy

[15:43] दैनिक ऊर्जा की आवश्यकता का लगभग 60 से 65% भाग हमें कार्बोहाइड्रेट से मिलता है।
  We get about 60 to 65% of our daily energy requirement from carbohydrates.

[16:17] नीचे ऐसे कॉपी में बना देना कि 60 से 65 कहां से मिला?
  Make it in the copy below like, where did 60 to 65 come from?

[16:25] 30 से 35 वसा से।
  30 to 35 from fat.

[16:28] और भी अन्य स्रोत हैं, लेकिन दो मेन स्रोत हैं।
  There are other sources too, but these are the two main sources.

[16:30] नीचे बना दैनिक ऊर्जा की आवश्यकता 60 से 65 कार्बोहाइड्रेट।
  Make it below: daily energy requirement 60 to 65 carbohydrates.

[16:38] 30 से 35 फैट या वसा।
  30 to 35 fat or lipids.

[16:39] 30 से 35 फैट या।
  30 to 35 fat or.

[16:43] वसा।
  Fat.

[16:51] और वसा के बगल लिख देना कैसा स्रोत है यह?
  And write next to fat, what kind of source is this?

[16:55] प्राथमिक।
  Primary.

[17:01] बस ज्यादा खा नहीं पाते ना इसको इसलिए ऐसा है।
  It's just that we can't eat too much of it, that's why it's like this.

[17:04] इस वो 3035 आ गया।
  It reached 30-35.

[17:17] क्लियर हो गया आवश्यकता समझ में आई कि आवश्यकता है ऊर्जा की और दूसरा प्राकृतिक रूप में दो जगह से मिला प्लांट से भी और एनिमल से भी और इसको केमिकली CHO से हमने बनाया।
  Is it clear? Did you understand the need, that there is a need for energy, and secondly, in natural form, it was obtained from two places, from plants as well as from animals, and we made it chemically from CHO.

[17:30] अब लिखिएगा प्रमुख उदाहरण।
  Now write down the main examples.

[17:37] और मैं कुछ एग्जांपल लिख रहा हूं।
  And I am writing some examples.

[17:39] आप भी लिखते रहिए नीचे।
  You also keep writing below.

[17:39] नंबर एक ग्लूकोज़।
  Number one, glucose.

[17:43] यह मिलता है सबसे ज्यादा अंगूर में।
  This is found most in grapes.

[17:47] मैं एक ही एग्जांपल लिखूंगा जो सबसे टॉप क्लास का होगा।
  I will write only one example that will be of the top class.

[17:49] नंबर दो लिखिएगा फ्रुक्टोज़।
  Write number two as fructose.

[17:57] और यह मिलता है सबसे ज्यादा शहद में।
  And this is found most in honey.

[18:06] गैलेक्टोज़ यह मिलता है दूध में।
  Galactose is found in milk.

[18:15] सुक्रोज़ यह मिलता है गन्ना और चुकंदर में।
  Sucrose is found in sugarcane and beetroot.

[18:27] माल्टोज यह मिलता है अनाज में और खासकर जौ में।
  Maltose is found in grains and especially in barley.

[18:36] बरली।
  Barley.

[18:42] लैक्टोज़।
  Lactose.

[18:45] यह मिलता है दूध में।
  This is found in milk.

[18:53] स्टार्च।
  Starch.

[18:57] यह मिलता है आलू और चावल में।
  This is found in potatoes and rice.

[19:07] स्टार्च आलू और चावल।
  Starch, potatoes and rice.

[19:11] नेक्स्ट लिखते रहना।
  Keep writing the next one.

[19:14] ग्लाइकोजेन।
  Glycogen.

[19:19] माल्टोज़ है बेटा माल्टोज़ अनाज में और जौ में।
  Maltose is there, child, maltose is in grains and barley.

[19:23] नेक्स्ट लिखिएगा ग्लाइकोजन मांसपेशी में।
  Next, write glycogen in muscle.

[19:35] सेलुलोज।
  Cellulose.

[19:40] पेड़-पौधों में।
  In plants.

[19:44] या रुई अथवा कॉटन में।
  Or in cotton.

[19:51] पेड़ पौधों रुई अथवा कॉटन में।
  In trees, plants, cotton or cotton.

[20:06] लैक्टोज़ बेटा।
  Lactose, son.

[20:09] माल्टोज के बाद है लैक्टोज़।
  After maltose is lactose.

[20:12] स्टार्च।
  Starch.

[20:13] उधर आ जाना ग्लाइकोजन फिर क्या लिखना है।
  Come over there, glycogen, what to write next?

[20:17] सेलुलोज़।
  Cellulose.

[20:19] यहां तक पहुंचो।
  Reach up to here.

[20:22] ग्लूकोज, फ्रुक्टोज़, गैलेक्टोज़, सुक्रोज़, माल्टोज़, लैक्टोज़, स्टार्च ये तो समझ में आ रहा है ना?
  Glucose, fructose, galactose, sucrose, maltose, lactose, starch, this is understandable, right?

[20:31] अंगूर, शहद, दूध, गन्ना, अनाज, दूध, आलू, चावल।
  Grapes, honey, milk, sugarcane, grains, milk, potato, rice.

[20:37] ग्लाइकोजन, मांसपेशी, सेलोज़, पेड़पधे और रुई या कॉटन।
  Glycogen, muscle, cellulose, trees/plants and cotton or cotton.

[20:42] आगे बढ़िए।
  Move forward.

[20:49] डेक्सट्रिन।
  Dextrin.

[20:55] नेक्स्ट लिखिएगा डेक्सट्रिन।
  Next, write dextrin.

[21:01] डेक्सट्रिन रोटी व चावल।
  Dextrin, bread and rice.

[21:13] काइटिन।
  Chitin.

[21:16] काइटिन।
  Chitin.

[21:19] कीट पतंगे।
  Insects.

[21:25] और कवक।
  And fungi.

[21:28] काइटिन कीट पतंगे और कवक।
  Chitin, insects and fungi.

[21:36] हो रहा है ना ठीक?
  Is it going okay?

[21:39] एक और लिखिएगा।
  Write one more.

[21:43] टैक्टिन।
  Tectin.

[21:46] पेक्टिन।
  Pectin.

[21:48] काइटिन के बाद लिखिएगा पेक्टिन।
  After chitin, write pectin.

[21:52] लिखिएगा।
  Write it.

[21:55] पादप कोशिकाओं के बीच में।
  Between plant cells.

[21:58] पादप कोशिकाओं के बीच में टेक्टिन पादप कोशिकाओं के बीच में क्लियर हो गया तो एक बार इसको फिर से रिपीट कीजिएगा।
  Pectin is between plant cells, is it clear between plant cells, so please repeat this once again.

[22:10] मैं लिख रहा हूं आपको उत्तर बताने हैं बिना देखे।
  I am writing, you have to tell the answers without looking.

[22:13] ग्लूकोज़ पक्का।
  Glucose, sure.

[22:20] फ्रक्टोज़ शहद।
  Fructose, honey.

[22:24] गैलेक्टोज़ दूध।
  Galactose, milk.

[22:28] लैक्टोज़।
  Lactose.

[22:33] अब मैं डिस्टर्ब करूंगा ना क्रम में।
  Now I will disturb the order, okay?

[22:36] लैक्टोज़ पक्का।
  Lactose, sure.

[22:39] पेक्टिन।
  Pectin.

[22:46] अच्छा सेललोज।
  Okay, cellulose.

[22:50] अरे पादप रुई में।
  Hey, in plant cotton.

[22:55] अच्छा इसके बाद स्टार्च।
  Okay, after this, starch.

[23:01] आलू और सुक्रोज़

[23:05] माल्टोज़

[23:09] अनाज और जौ गैलेक्टोज

[23:17] दूध क्या हो जाएगा? दूध ग्लाइकोजन

[23:22] मांस देसी तो लगभग कितने एग्जांपल हो गए?

[23:27] 10 12 हो गए ना? तो बेसिकली यही 10 12 हैं

[23:31] जो इस पूरे कार्बोहाइड्रेट को रिप्रेजेंट

[23:35] करते हैं। एग्जाम में जितने मैंने आपको

[23:38] एग्जांपल्स लिखाए हैं यही घुमा घुमा के

[23:41] पूछता रहता है वो कि किस में कौन ज्यादा

[23:43] और कौन नहीं ज्यादा। तो खैर अब लिखिएगा

[23:46] कार्बोहाइड्रेट के प्रकार। टाइप ऑफ

[23:49] कार्बोहाइड्रेट।

[23:52] कार्बोहाइड्रेट के प्रकार या टाइप ऑफ

[23:55] कार्बोहाइड्रेट।

[23:58] तीन प्रकार के कार्ब आपको दिखेंगे।

[24:00] मोनोसैकराइड,

[24:02] डाईसैकराइड और पॉलीसैकराइड।

[24:05] मोनो और डाइस सैकराइड सरल होते हैं

[24:09] और पॉलीसैकराइड जटिल होते हैं। तो इन्हें

[24:14] ध्यान में रखना है। यह सरल है और यह जटिल

[24:19] है। तो 1 2 3 करके लिखिएगा। मोनोसैकराइड,

[24:23] डाइस सैकराइड और पॉलीसैकराइड।

[24:32] इन दोनों के बीच में डाई और पॉली के बीच

[24:35] में एक और होता है जिसे कहते हैं

[24:39] ओलगोसैकराइड।

[24:47] तो इसे नोट में लिख देना कि ओलगो सैकराइड

[24:51] डाई और पॉली के बीच पाया जाता है। तीनों

[24:54] लिख के नीचे एक नोट डाल दो। कि

[24:56] ओलगोसैक्राइड

[24:58] डाई और पॉली के बीच पाया जाता है।

[25:04] ओलगोसैक्राइड

[25:06] डाई और पॉली के बीच पाया जाता है।

[25:14] ओलगोसैक्राइड डाई और पॉली के बीच पाया

[25:17] जाता है।

[25:23] तो मूलत हमें तीन प्रकार के मिले हैं।

[25:26] पहला समझना है कौन सा? मोनोसैक्राइड। तो

[25:29] एक हेडिंग डाल देना अलग से मोनोसैक्राइड।

[25:32] उठा लो बेटा।

[25:34] एक अलग से डालिएगा मोनोसैकराइड।

[25:46] मेरी

[25:48] बर्तन यहीं धोना है।

[25:52] है ना? अभी कल जो है किसी का उधर से तीन

[25:55] बिंबार साबुन मिला है। अपना ले आए हो

[25:58] साबुन तो लेते भी जाया करो मतलब और दूसरा

[26:02] बर्तन यहां मत धोया करो जब भी भैया ऑनलाइन

[26:06] वाले आपको बताऊं मैं कि आपको भरोसा तो

[26:08] होगा नहीं

[26:10] कल इसी क्लास से तीन कुकर मिले हैं एक-एक

[26:14] लीटर वाले दाल भात लेकर कोई आया था कुकर

[26:18] में लेकिन आपको भरोसा होगा हम हम जानते

[26:21] हैं भरोसा नहीं होगा ये तो हम जानते ही

[26:23] हैं उसमें कोई दो राय नहीं है ऑनलाइन

[26:25] वालों को कोई भरोसा है। अब ठीक है मतलब आप

[26:29] लाओ खाने के लिए हम मना थोड़ी ना कर रहे

[26:30] हैं। चाहे कुकर में लाओ, चाहे टिफिन में

[26:32] लाओ। लेकिन दुख की बात क्या है ना? कल

[26:35] किसी ने भात दाल साइड में रख के यहां से

[26:37] निकल लिया था। हैं तो ये भाई साहब कह रहे

[26:40] हैं ऊपर ऊपर से उठा लें। हमने कहा नहीं

[26:43] यार क्या क्या बात कर रहे हो? तो ये सब

[26:45] चीजें अच्छी नहीं है। दूसरा घर पे अगर

[26:48] पानी है तो घर पे धो जाकर के। यहीं पर

[26:51] लाते हो धोने वाला। वह किसी का वह स्क्रबर

[26:54] भी यहां पर गिरा था वह।

[26:57] ये सब पढ़ने आते हो कि ये सब क्या करने

[26:59] आते हो आप लोग है ना अब पता नहीं किसका

[27:02] बीड़णी का तीन मंडल भी यहां पर मिला था

[27:04] इधर से ये सब चीजें क्लास के बाहर किया

[27:08] करो

[27:10] आज के बाद से बीड़ी वगैरह बिल्कुल नहीं

[27:13] ठीक है

[27:17] ये कौन लोग हैं

[27:23] ऑनलाइन वाले ऑनलाइन जा रहे हैं सब बात सही

[27:25] ही चल रही है। ऐसा कुछ नहीं है। है ना? ये

[27:30] हमारे छात्र बहुत अच्छे हैं। बहुत सामानित

[27:32] हैं। और सब लड़का लोग ही लाया होगा। लड़की

[27:35] तो नहीं ला। हां ना ना तुम बहुत अच्छी हो।

[27:38] है ना? मतलब लड़का प्यारा इतना शानदार

[27:42] बच्चे हमारे बैठे हैं। है ना? इनकी अपनी

[27:44] एक डिग्निटी होती है। हैं। देखो ये तीन

[27:48] ऊपर रो वाले तीन वाले हमसे मिलने गए थे कि

[27:50] सर मैं बुरा आदमी नहीं हूं।

[27:53] है ना? आप बिल्कुल बहुत अच्छे हो। है ना?

[27:56] कोई दिक्कत नहीं है। यह पूरा सब अच्छा चल

[27:58] रहा है। ठीक। और

[28:01] नहीं आप तो पहले से अच्छे हो। उसमें

[28:06] नहीं सही बोल रहे हैं भाई। भरोसा नहीं आ

[28:08] रहा है क्या? ये अचानक ऐसे कैसे हो गया?

[28:12] ठीक है। वीगन क्या होता है? बैगन के बड़े

[28:16] भाई को विगन कहते हैं। अरे भाई

[28:20] ठीक है। जो मिल्क प्रोडक्ट भी इस्तेमाल ना

[28:22] करें वो विगन कैटेगरीज में आते हैं। जैसे

[28:26] एक है ना वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के

[28:29] लड़के हैं। वो हीरो भी हैं प्रीतेश देशमुख

[28:32] और उनकी पत्नी है जेनेलिया

[28:35] तो ऐसा बताते हैं कि वह विघ्न हैं। ऐसे

[28:38] बहुत से लोग आजकल विघन की विराट कोहली भी

[28:40] शायद विघन हो गए हैं।

[28:43] 50-50

[28:45] तो होता क्या है ना कि बहुत से लोग हैं

[28:48] जिनको एक तो देखो हुआ क्या भाई यार शांत

[28:52] हो जाओ फिर आप ही बोल लो हम ना बोले काहे

[28:56] अगल-बगल को बताना शुरू कर दे मतलब उनको

[28:58] बताने के बगन मुझे पता है मंत्री हैं

[29:02] तुमसे ट्यूशन नहीं लेने आए हैं वो हमसे

[29:04] लेने आए हैं ना सुनो कहानी सुना करो तो

[29:07] मजा आया तो सुनने में तो अब मैं कुछ बताने

[29:10] भूल गया चलो छोड़ो

[29:14] विगत

[29:19] अच्छा

[29:21] [हंसी]

[29:24] हमें नहीं पता था

[29:27] चलिए

[29:29] बता रही हूं मतलब वो शी इज़ सपोर्टिंग मी

[29:32] कि ऐसा कुछ है तो बट अभी दिमाग से उतर गया

[29:37] बिगन के सदन कुछ बताने वाले थे कि आ नहीं

[29:41] रहा अभी तत्काल में छोड़ो हटो सर प्लीज

[29:44] बताइए कि आईज नॉर्मल प्रॉब्लम

[29:48] सर आईज का नॉर्मल प्रॉब्लम मेड इन के

[29:51] दिक्कत करेगा नहीं कोई दिक्कत नहीं है

[29:52] आराम से पढ़ो है ना यस आप सही बोलते हैं

[29:57] उसमें दो थोड़ी ना है ठीक है चलिए तो आयुष

[30:02] का इनका सवाल शायद यह है कि हमारी नौकरी

[30:04] में आंख की दिक्कत है शायद तो वो अगर ऐसा

[30:07] है तो फिजिकली डिसअपेल्ड में मामला आएगा

[30:10] तो एक बार दिखवा लीजिएगा अपने हिसाब से

[30:13] खास करके एसडीएम में दिक्कत नहीं होती है

[30:15] बट डिप्टी एसपी में प्रॉब्लम हां भाई कहो

[30:18] अच्छा आवाज बढ़ा लो भाई उनको सुनाए

[30:22] कान खराब करो रात भर बात करके है ना

[30:26] बाबू

[30:28] इसी में जीवन जा रहा है तुम्हारा कानवान

[30:31] सही रखो बहुत देर तक बात मत किया करो

[30:35] 9 मिनट से ज्यादा बात नहीं करनी है इससे

[30:39] अधिक कर रहे हो दिक्कत हो जाएगा ना ठीक यह

[30:42] दरअसल कान के साथ बहुत

[30:48] हां विज्ञान प्रगति मंथली ही आता है और आप

[30:51] लोग लिए कुछ हां खरीदना शुरू कर दीजिए

[30:54] लीजिए पढ़िए और भाई अरे [हंसी]

[30:57] कितना खासोगे

[31:00] पानी लेके आया करो ठीक चलिए अब पानी लाते

[31:03] हो ना आप लोग कम से कम आधा लीटर पानी अपने

[31:07] पास रखा करो आप लोग तो लाते नहीं हो

[31:11] हम

[31:15] इनके पास मॉइस्चराइजर के नाम पे सरसों तेल

[31:18] है

[31:20] और पानी की बोतल के नाम पे तीसरे साल पहले

[31:23] कभी ये बिसलरी के खरीदे कोई

[31:29] वही हाल है ना कि बेबी चलो घूमने चलते हैं

[31:34] तो बेबी का जो वो है लॉेगेज है वो अमेरिकन

[31:38] टूरिस्टर का है हमारा

[31:41] बीड़ी छाप

[31:43] लेकर [हंसी]

[31:46] इतना चुभने लगा हूं इतना चुभने लगा [हंसी]

[31:51] इतना बुरा हूं मां खैर तो आइए शुरुआत करते

[31:57] हैं लिखिएगा मोनो सैकराइड

[32:02] लिखिएगा मोनोसैक्राइड को पहला पॉइंट डाल

[32:05] देना बिंदु वाला लिखना मोनोसैक्राइड को

[32:08] तरल शर्करा कहा जाता

[32:11] मोनोसैक्राइड को सरल शर्करा कहा जाता है।

[32:16] शर्करा ऊपर लिखिए। मोनोसैक्राइड को सरल

[32:19] शर्करा कहा जाता है।

[32:22] नंबर दो लिखिएगा। यह जल में घुलनशील होते

[32:26] हैं

[32:29] और स्वाद में मीठे होते हैं।

[32:34] यह जल में घुलनशील होते हैं और स्वाद में

[32:38] मीठे होते हैं।

[32:43] जल में घुलनशील होते हैं और स्वाद में

[32:47] मीठे होते हैं।

[32:50] अब देखो हम लोगों ने यह जाना है कि

[32:51] कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन यह तीन

[32:54] चीजें मिलकर के कंपाउंड बनाती है। कोई भी

[32:57] कार्बोहाइड्रेट तब कार्बोहाइड्रेट होगा जब

[33:01] एटलीस्ट कार्बन की संख्या तीन हो जाएगी तो

[33:05] ही वो कार्ब बनेगा। अब अगर कार्बन की

[33:07] संख्या तीन है तो हाइड्रोजन अपने आप

[33:10] छह और ऑक्सीजन अपने आप तीन हो जाएगा। यानी

[33:15] कि C3, H6 और O3 तो जो मोनोसैक्राइड होते

[33:20] हैं ये कार्बन की संख्या तीन से शुरू हो

[33:23] के छह तक जाते हैं। यानी कि एक ये हो सकता

[33:28] है एक C4, H8 और O4, एक C5, H10 ऐसे ही छह

[33:34] तक होगा। तो तीसरा पॉइंट डाल देना। लिखिए

[33:37] रासायनिक रूप में

[33:40] रासायनिक रूप में मोनोसैक्राइड

[33:46] कार्बन संख्या तीन से छ

[33:51] को मिलाकर बनते हैं। रासायनिक रूप से

[33:54] मोनोसैक्राइड

[33:56] कार्बन संख्या तीन से छह को मिलाकर बनते

[34:00] हैं। तीन से छह को मिलाकर बनते हैं।

[34:06] अब बोर्ड की तरफ ध्यान देना।

[34:11] केमिस्ट्री में या रसायन विज्ञान में

[34:14] शब्दों की अपनी एक भाषा होती है।

[34:18] जैसे मान के चलो कि रसायन विज्ञान में

[34:21] कार्बन संख्या तीन है, चार है, पांच है,

[34:25] छह है। तो तीन को हम

[34:28] तीन नहीं बोलेंगे।

[34:31] ट्राई कहेंगे। है ना?

[34:33] ट्राई

[34:36] चार को

[34:38] टेट्रा पांच को पेंटा और छह को हेक्सा

[34:44] ठीक वैसे ही कार्ब की भी अपनी एक भाषा है।

[34:48] तो जब आप इस भाषा में कार्बोहाइड्रेट ऐड

[34:53] ऑन करोगे तो इसमें ओज वर्ड यूज होता है।

[34:57] जैसे तीन है तो

[35:01] ट्रायोस

[35:06] अब ट्रायोस है तो इसका मतलब है कि C3

[35:09] H6

[35:11] O3 समझ में आया? जैसे टेट्रा है तो

[35:18] टेट्रोज़

[35:19] तो अब टेट्रोज़ को लिखना है तो P4

[35:24] H8 O4 ऐसा हो जाएगा। पेंटोज़ हो जाएगा।

[35:31] तो पेंटोज को लिखना है तो P5

[35:36] H10 O5

[35:39] ऐसे ही हेक्सा है तो ये हो जाएगा

[35:44] हेक्सोस

[35:46] तो C6

[35:48] H12

[35:50] O6 हो जाएगा। नीचे ऐसे बना लीजिए।

[35:59] सात को हेप्टा कहते हैं। आठ को ऑक्टा, नौ

[36:03] को नोन, 10 को डेक।

[36:06] अब सिंपल सा है। ये तो आप सबको पता ही

[36:08] होगा।

[36:24] अपने लिए पेंटोज और हेक्सोस इंपॉर्टेंट

[36:27] है।

[36:48] यह जो सबसे पहला वाला है, इसे हम बोलते

[36:51] हैं नवजात कार्बोहाइड्रेट।

[37:03] नवजात मतलब सबसे पहला शिशु।

[37:58] बन गया। ठीक है।

[38:02] अब अपने एग्जाम में या तो यह इंपॉर्टेंट

[38:04] है या तो यह तो नीचे एक नोट डाल दीजिएगा।

[38:11] देखिएगा पेंटोज और हेक्सोज मोनोसैक्राइड

[38:21] ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पेंटोज

[38:24] और हेक्सोज मोनोसैक्राइड

[38:27] ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पेंटोज

[38:31] और हेक्सोज मोनोसैक्राइड

[38:34] ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

[38:45] अब लिखिएगा पेंटोज

[38:48] मोनोसैकराइड

[38:56] पेंटोज मोनोसैकराइड

[38:59] हेडिंग डाल देना पेंटोज़ मोनोसैकराइड

[39:06] पेंटोज़ मोनो सैकराइड

[39:14] और नीचे लिख लिखिएगा उदाहरण

[39:21] नंबर वन है

[39:28] जाइलोज़

[39:33] पहला एग्जांपल है जाइलोज़

[39:37] और आगे ऐसे कीजिएगा लिखिए गेहूं के भूसे

[39:41] में गेहूं के भूसे में

[39:46] तथा

[39:48] पेड़पधों की

[39:51] तथा पेड़-पौधों की गूंद में पाया जाता है।

[39:55] आपने बबूल के पेड़ से गूंद निकलते देखा

[39:57] होगा। गेहूं के भोशे में तथा पेड़-पौधों

[40:02] की गोंद में पाया जाता है।

[40:07] नंबर दो लिखिएगा।

[40:10] राइबोज।

[40:13] दूसरा एग्जांपल है राइबोज।

[40:17] आपको अगर आरएनए का फुल फॉर्म पूछे कोई तो

[40:21] उत्तर होगा राइबो न्यूक्लिक एसिड। तो जो

[40:24] आर है ना ये वास्तव में कौन है? राइबोज।

[40:28] तो आगे लिखिएगा आरएनए में मौजूद होता है।

[40:32] आरएनए में मौजूद होता है।

[40:37] एक बार सवाल आया कि आरएनए में किस प्रकार

[40:40] का कार्बोहाइड्रेट है? पेंटोज़ कि हेक्सोज़?

[40:44] कितना? क्लियर हो रहा है ना? ठीक। नंबर दो

[40:48] लिखिएगा।

[40:51] डी

[40:53] ऑक्सी

[40:55] राइबोज।

[40:59] यह कहां पाया जाएगा?

[41:01] डीएनए में। आगे लिखिएगा डीएनए में पाया

[41:04] जाता है और डीएनए का डी

[41:09] डीएनए में पाया जाता है। यहां पे देखो

[41:12] शब्द है डीऑक्सी। तो आमतौर पे इसमें

[41:14] कार्बन कितना होगा? तो हाइड्रोजन कितना

[41:17] होगा? ऑक्सीजन

[41:21] नहीं।

[41:22] ऑक्सी को D कर रहा है ना? डिग्रेडेट कर

[41:25] रहा है। तो कितना हो गया?

[41:27] इसका बगल में फार्मूला डाल देना।

[41:30] अलग आ गया ना फार्मूला

[41:33] क्या बेटा? हां। डीऑक्सी में एक ऑक्सीजन

[41:37] कम हो जाएगा। चार की जगह पांच हो जाता है।

[41:40] सॉरी पांच जगह चार। इसीलिए नाम आ गया ना

[41:44] डीऑक्सी। ऑक्सीजन

[41:47] डी कर दिया। तो इसलिए क्योंकि मन में रहता

[41:50] है ना कि पांच है तो भी तो पांच ही होगा।

[41:52] बट इसमें एक गायब हो जाता है। इसके बाद

[41:55] चौथा लिखिएगा

[42:00] अराइव नोज।

[42:04] अगला एग्जांपल है एराइब नोज़।

[42:08] अराइव नोज़।

[42:12] लिखिएगा। यह अत्यंत कम कैलोरी की शर्करा

[42:16] होती है। यह अत्यंत कम कैलोरी की शर्करा

[42:20] होती है।

[42:24] यह अत्यंत कम कैलोरी की शर्करा होती है।

[42:32] विदेशों में ना जैसे अपन लोग के यहां

[42:35] मिठाई एक ही तरह की होती है। चाहे बच्चे

[42:37] खाएं, चाहे बड़े खाएं या बुजुर्ग खाएं। बट

[42:40] विदेशों में ऐसा नहीं होता। वहां पर मिठाई

[42:43] की जो दुकानें हैं वो तीन कैटेगरी में

[42:45] बंटी होती हैं। इनफेंट, एडल्ट और ओल्ड एज।

[42:50] तो आप अगर इनफेंट हैं और आप सोच रहे हैं

[42:54] कि एडल्ट की मिठाई खरीद लें मिलेगी ही

[42:55] नहीं। आपको इनफेंट वाला ही मिठाई मिलेगा।

[43:00] अपन को क्या है? चाहे हम जाएं चाहे छोटका

[43:04] बच्चा जाए सबको एक ही रसगुल्ला मिलेगा

[43:07] क्योंकि एक ही है और कोई है ही नहीं।

[43:09] हमारी सोच भी इतनी नहीं है।

[43:12] मिठाई भी अलग-अलग होती है क्या? कारण कि

[43:16] भाई अगर आप किसी इनफेंट को बच्चे को हाई

[43:19] कैलोरी वाला शुगर दे दोगे तो नुकसान

[43:21] करेगा। वो बात अलग की है कि गांव वाले या

[43:24] सामान्य व्यक्ति जानता नहीं है। छ महीने

[43:26] के बच्चे को भी कोई आया तो उसको शहद चटा

[43:31] रहे हैं। इतनी मिस कॉनसेप्शंस है ये। शहद

[43:35] में फ्रुक्टोज़ होता है। फ्रुक्टोज़ चीनी की

[43:39] तुलना में कई गुना ज्यादा मीठा है। यानी

[43:40] कि स्वीटेस्ट कार्बोहाइड्रेट है। अब बच्चे

[43:44] को आप उस शुरुआती दौर में फ्रुक्टोज़ दे

[43:46] दिए। वो बेचारा पाचन ही नहीं कर पाएगा।

[43:48] बॉडी कहेगी यार क्या खिला रहे हो?

[43:50] कैसे-कैसे लोग हैं ये? तो रीज़न है कि

[43:53] हमारे पास नॉलेज नहीं है। एजुकेशन कमजोर

[43:55] है। तो विदेशों में जो बुजुर्गों की मिठाई

[43:58] बनती है उसमें चीन डाल के क्या डालेंगे?

[44:02] अराइव नोज़ डालते हैं जिससे कि उनका शुगर

[44:04] कंजशन लो हो और उन पर इसका विपरीत असर ना

[44:08] जाने पाए। बट अपने यहां क्या है कि एक ही

[44:11] रसगुल्ले में तीनों को दिया जा रहा है। आप

[44:14] जाओगे तो पैरासिटोल मॉल मिलेगा। मैं बीमार

[44:17] होऊंगा तो पैरासिटोमॉल मिलेगा। मतलब

[44:20] पूरे-पूरे सरकारी अस्पताल में चार दवाइय

[44:24] हैं उनके पास। एठो गैस की कन खन कन बचती

[44:27] है।

[44:29] ठो पैरासिटमॉल

[44:32] अकार टू एंटीबायोटिक

[44:36] [हंसी]

[44:37] एक जो है खतरे से बचने के लिए ए बिल डाल

[44:41] देते हैं। है ना? कैसे डॉक्टर हो? कह हम

[44:44] प्रैक्टिशनर हैं।

[44:46] तो बताया कौन-कौन सी दवाई रखते हो? तो

[44:50] बताया कि फेन ऑर्गन तो पता नहीं पांच दवाई

[44:53] गिनाया वो। बिहार का ही है ना। तो कह रहा

[44:56] है कि लेकिन तुम तो इससे इंसान की मौत हो

[44:59] सकती है। तो बड़ा शानदार उत्तर देकर मौत

[45:01] तो एमबीबीएस से भी हो जाती है। मौत की बात

[45:04] मत करो। गलती तो सबसे हो सकती है। खैर तो

[45:08] अभी क्या है ना कि पूरी दुनिया में हम

[45:12] मेडिसिन के लेवल पर बहुत पाषाण काल में जी

[45:14] रहे हैं। हर किसी को जेनेटिक लेवल पर

[45:17] चेंजेस हैं। हमारा अलग जीन है। आपका अलग

[45:20] जीन है। सबका जेनेटिक रिक्वायरमेंट अलग

[45:22] है। तो पर्सनलाइज मेडिकेशन के कांसेप्ट आ

[45:26] रहे हैं। अब भारत सरकार प्रयास कर रही है

[45:29] कि जैसे आधार कार्ड बनाएं वैसे ही हमारा

[45:32] अपना खुद का डीएनए कार्ड बने। जिसको हम

[45:35] बोलते हैं डीएनए फिंगरप्रिंटिंग बिल। तो

[45:39] 140 करोड़ भारतीयों का डीएनए फिंगरप्रिंट

[45:42] तैयार करना। उसका एक डेटाबेस बनाना और उस

[45:45] डेटाबेस को कहीं पर सेंटर में जाकर

[45:48] सुरक्षित करना। और आपको एक नंबर दे देना

[45:51] कि आपके डीएनए का कार्ड का नंबर यह है। तो

[45:54] जब हम किसी मेडिसिन में जाएंगे या किसी

[45:57] हॉस्पिटल में जाएंगे डॉक्टर कहेगा डीएनए

[45:59] कार्ड लाओ। अभी क्या कहता है? नाम बताओ

[46:02] रमेश उम्र बताओ अंदाज के बता देंगे

[46:08] जब हम पैदा हुए थे तब अंग्रेजों का शासन

[46:11] नहीं था मतलब ऐसी अंदाजी जैसे अपनी अम्मा

[46:14] सब पूछते हैं कि हमारा जन्म कब हुआ तो वो

[46:16] बताएंगे मंगलवार

[46:19] [हंसी]

[46:19] मतलब वो एग्जैक्ट डेट नहीं बताएंगी मतलब

[46:22] हमारी अम्मा जानती हैं लेकिन आमतौर पे जो

[46:23] माएं हैं वो उतना सावन का महीना था और

[46:31] शाम के समय में उनका जो राम खिलावन का

[46:35] लड़का था उससे तीन दिन पहले तुम्हारा जन्म

[46:37] हुआ। अब राम का लड़के को हम पकड़े पहले।

[46:41] अब पूछे तू कब जन्म लिया रे भाई? उसके तीन

[46:44] दिन पहले मैं अपना जोड़ूं। सावन का सेट

[46:47] करूं पहले कि सावन आता कब है? तो जैसे ठीक

[46:51] है हमारी माएं इतनी प्यारी है कि वह अंतिम

[46:54] पीढ़ी हैं जो सोशल मीडिया पर नहीं है।

[46:57] धीरे-धीरे आ रही है वो बाद की बात है। है

[46:59] ना? जैसे हमने अपनी अम्मा का बना रखा है

[47:02] और वो सब जान भी गई हैं। लाइक व्यूज

[47:04] एक्सरसाइज सब समझती हैं। तो बट आज के दौर

[47:07] में जब एडवांस माएं आ रही हैं तो वो तो सब

[47:10] सोशल मीडिया पे हैं। वो होना भी चाहिए समय

[47:12] के साथ। सर मेरी मम्मी भी यही बताती हैं।

[47:15] हर किसी की मम्मी यही बताती हैं। लेकिन हम

[47:18] लोग बहुत सरल परिवार से हैं। है ना? और

[47:21] ठीक है वो जीवन है और ऐसे ही होता है।

[47:23] मुझे याद है मैंने अपना बर्थडे खुद से ही

[47:27] मनाया था। हमारे घर वाले नहीं मनाते थे।

[47:30] उनको पता ही नहीं था। जैसे आजकल क्या है

[47:33] ना कि गांव में केक मिलने लगा है।

[47:36] नहीं नहीं हलवा वाला तो केक बनता ही है।

[47:38] वह अलग गांव के चौराहों पे केक की दुकानें

[47:42] लग गई हैं। दूसरा सॉफ्ट ड्रिंक आपको मिल

[47:45] जाएगा। ठंडावंडा यह सब मिल जाता है। तीसरा

[47:48] हर चौराहे पर मोमोज बर्गर वाले खड़े हो गए

[47:51] हैं। यह सब के सब गांव के स्वास्थ्य को

[47:53] बर्बाद करने का अंतिम प्रयास कर रहे हैं।

[47:57] जैसे पहले जब जीजा-उजा आते थे ना जब पाना

[48:00] वाला तो वो फिर मिठाई लाते थे अच्छी

[48:02] क्वालिटी की या हां पाना

[48:06] या फल लेके आते थे। आजकल जीजा पिज़्ज़ा लेके

[48:10] आ रहा है। [हंसी]

[48:12] तो अरे गाना है ना कि जीजा पिज़्ज़ा खिलाई

[48:15] था। [हंसी]

[48:17] तो जीजा से डिमांड क्या हो रही है? फास्ट

[48:20] फूड की।

[48:23] अब अगर हम कहें कि भारत में नॉन

[48:26] कम्युनिकबल डिजीज बढ़ाने में किसका योगदान?

[48:28] तो मैं जीजा का योगदान प्रथम रखूंगा कि

[48:30] जीजा ने फास्ट फूड खरीदा। पिज़्ज़ा दिया

[48:34] अगले को तो सभी सालियां फास्ट फूड खाई। घर

[48:38] के लोग खाएं और उनको खाने के बाद

[48:42] डिजीज आ रही है। खास करके ओबेसिटी मोटापा

[48:44] बढ़ेगा। हार्ट अटैक कर को कोई साली अगर

[48:46] हार्ट अटैक से मरती है तो हु इज़

[48:49] रिस्पांसिबल?

[48:53] वी कैन से दैट द मोस्ट कंट्रीब्यूशन इन

[48:57] नॉन कम्युनिकबल डिजीज इन इंडिया इज़ गोज़ टू

[49:00] जीजा। [हंसी]

[49:02] एल्स जीजा इज़ द मोस्ट रिस्पांसिबल पर्सन।

[49:06] इसलिए इनको मार्केट से देखो कि ठीक-ठाक

[49:08] है। मतलब ये सब चीजें समझनी चाहिए आपको कि

[49:12] हां अच्छा ये पूछ रही है आप नहीं मैं आज

[49:15] तक गया ही नहीं इसीलिए

[49:18] जाना ही नहीं है ना अपन को आपको भी नहीं

[49:20] जाना शादी में बहुत अमीर हूं ना

[49:22] डेस्टिनेशन वेडिंग की थी

[49:26] है ना

[49:30] इतना पर्सनल बेटा ना जाओ ना अपना लेवल बना

[49:34] के रखो

[49:36] ना तो मैं इतना जाऊंगा ना आपको जाना

[49:39] चाहिए। हमारे आपके बीच में एक छोटा सा

[49:41] माइक्रो दायरा है। उसे बना के रखो। नहीं

[49:44] तो लपेट देंगे फिर बहुत बेइज्जत हो जाओगे।

[49:48] भरी समाज है। है ना? बहुत मास्टर बहुत

[49:51] भयंकर रोस्टर होता है। है ना? कैरी मिनाटी

[49:54] वगैरह पानी भरते हैं हमारे आगे। वो बात ही

[49:56] बात है कि हम करते नहीं है। तो भैया

[50:02] हां 90% यार ये तो ब्लाइंडनेस के चक्कर

[50:05] में पड़ा हुआ है। यार तैयारी करो पहले

[50:08] प्री निकालो जब होगा तो देख लिया जाएगा।

[50:12] है ना? वही हाल है कि अभी पहले दिन आया

[50:16] एडमिशन लेने। और पूछ रहा है कि सर

[50:19] इंटरव्यू में कौन सा कोर्स सिलाएं? मार

[50:22] खींच के भाग गया। [हंसी]

[50:24] यार पहले प्री निकालो मेल सजामक व्यवस्था

[50:28] होती है। है ना? अभी मैं रेंकर में क्लास

[50:30] लेके आ रहा हूं। अभी जैसे 5 600 बच्चे

[50:33] बैठे हुए हैं। तो आप एकदम नई पौध हो। अभी

[50:36] एकदम आपको अभी सैपलिंग किया गया है। अभी

[50:38] आपकी जड़ पकड़ानी है। एक दो पत्तियां निकल

[50:41] आए उसमें। उधर वाले जो हैं उनकी डालें

[50:44] पूरा निकल चुकी हैं। उनका प्री निकल गया

[50:46] है। अब वो मेंस की तैयारी कर रहे हैं। अभी

[50:49] शाम को हम जाएंगे तो वहां पर इंटरव्यू

[50:51] वाले बैठते हैं वो रोड पे। उनकी भी संख्या

[50:54] 5 600 में है। उनके फूल भी निकल आए हैं।

[50:57] छोटे-छोटे फल भी लगने शुरू हो गए हैं। तो

[51:00] उनको हमने रोपा था 69 और 70 में तो अब

[51:04] धीरे-धीरे उनमें फल आने शुरू हो रहे हैं।

[51:06] अभी आप क्या हो? जस्ट लगाया गया है। तो

[51:09] बहुत धीरे-धीरे सींचना है आपको। सींचते

[51:12] सींचते 5 छ महीने लग जाएंगे। है ना? साल

[51:16] डेढ़ साल जब बीत जाएगा तो आप में से ही

[51:19] सारे फल नहीं देंगे। कुछ ही हैं जो फल

[51:22] देंगे। मतलब सिलेक्शन

[51:25] कुछ होंगे जो अपनी तहनिया मजबूत कर रहे

[51:28] होंगे। कुछ हैं जो खाली पानी पी रहे हैं।

[51:31] कुछ नहीं कर रहे हैं। तो वो आपके ऊपर

[51:34] डिपेंड करें। मैं तो सबके लिए बराबर पानी

[51:36] डालूंगा ना। तो ऐसी जिंदगी है यह आपकी

[51:38] तैयारी का लेवल यह पटना है यहां छठ आते

[51:42] में समय ना लगेगा एक तारीख अभी लगता है कल

[51:45] ही आई थी और आज देखो महीना समापन की तरफ

[51:49] है तो वो जरूरी जान ना पड़ी वाली कहानी

[51:52] वाकई में होती है और पटना में समय पता

[51:55] नहीं चलता है बीत जाता है इसलिए आपको

[51:57] स्थिरता के साथ ध्यान रखना नौकरी पानी है

[52:00] तो खूब ज्यादा पीवाईक्यू लगाइए

[52:04] इतना पीवाईक्यू लगा लीजिए कि आपको साल और

[52:07] प्रश्न दोनों याद रहे कि इस वर्ष में यह

[52:10] वाला क्वेश्चन आया था। नौकरी पाने का सबसे

[52:14] शुरुआती तरीका है ये। बाकी तो आपने कोचिंग

[52:18] कर ही रखा है ना। कोचिंग का मतलब ही है कि

[52:21] अध्यापक आपके साथ काम कर रहा है। आपको वो

[52:24] सारी बातें हम दे रहे हैं जो महत्वपूर्ण

[52:26] है। लेकिन एक पक्ष आपका है वो है

[52:28] पीवाईक्यू। आप में से बहुत से लोगों ने

[52:31] पीवाईक्यू पर काम नहीं किया है। तो कोशिश

[52:34] करो कि अपनी मेज पर पीवाईक्यू की बुक

[52:37] क्वेश्चन हमेशा और दूसरा सिलेबस एकदम चसपा

[52:41] होना चाहिए। जैसे हमने बायो के सिलेबस

[52:42] लिखाए हैं। उसकी फोटो कॉपी मारो या फिर से

[52:45] दोबारा लिखो और जब तक बायो चले कागज सामने

[52:48] दिखता रहे। यहां पर पहुंचे हैं। इसके बाद

[52:51] ये पढ़ना है। ये दो चीजें बहुत मायनेपूर्ण

[52:54] होती हैं। अनुशासन बना के रखती हैं। समझ

[52:56] में आया भैया? ऑनलाइन वालों तो सर बहुत

[52:59] अच्छा डिफाइन आपने कर दिया। हां, लेकिन

[53:02] इसको उतारो भी अपने ऊपर तब काम चलेगा।

[53:06] दूसरा किसी भी एग्जाम का पीवाईक्यू दिखे।

[53:08] जैसे अभी आपने देखा होगा दो-तीन एग्जाम

[53:11] बिहार में हुए। सब में एक बहुत कॉमन सवाल

[53:14] पूछा गया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब

[53:16] मनाते हैं?

[53:22] अच्छा।

[53:26] एक सवाल आया अंतरिक्ष दिवस कब मनाते हैं?

[53:30] अगर तो अब हो क्या रहा है ना कि जो ये सब

[53:35] क्वेश्चंस बनाते हैं जैसे अभी एक कल

[53:37] परीक्षा हुई मेंस की डीएसओ कोई एग्जाम था

[53:42] एएसओ डीएसओ

[53:44] यार देखो भाई क्या हो रहा है मैं देख रहा

[53:47] हूं कौन सा एग्जाम था वो

[53:53] डीएसओ का है ये सांख्यिकी मंत्रालय मतलब

[53:57] इन जो मैथमेटिक्स पढ़े होते हैं और

[54:00] स्टैट्स उनके लिए पद था तो उसमें मेंस का

[54:03] पेपर हुआ कल तो अब सेम वैसा ही पेपर हुआ

[54:07] जैसा बीपीएससी का होता है।

[54:10] इनके पास जो आयोग होता है इनके पास साइंस

[54:14] के कम से कम 12 से 15 प्रोफेसर होते हैं।

[54:19] उसी में साइंस के होते हैं। उसी में टेक

[54:21] के होते हैं। वह इनसे हर तरह के एग्जाम से

[54:24] सवाल सबमिट मांगते हैं कि आप अपनी तरफ से

[54:28] 20 से 50 क्वेश्चन दे दीजिए। तो अब मान

[54:31] लीजिए 20 या 15 एक्सपर्ट है इनके पास तो

[54:34] हर किसी से इन्होंने 20 क्वेश्चन मांग

[54:35] लिए। तो ऑन एवरेज इनके पास साइंस साइंस के

[54:39] लगभग 400 से 500 क्वेश्चन बैंक हो जाती

[54:42] है। अब वो 400 से 500 क्वेश्चन बैंक ऐसे

[54:46] स्क्रॉल किया जाएगा और उसी में से 32 या

[54:51] 30 या 25 क्वेश्चन निकाल लिया जाएगा। यानी

[54:54] कि उस पेपर सेटर को भी नहीं पता है कि

[54:57] हमने जो दिया वही आया कि उसी में से कोई

[55:00] एक आया। तो यह इनका तरीका होता है। अब हम

[55:04] लोग इसको यह बताते हैं कि जैसे मान के चलो

[55:06] अभी कोई जैसे डीएसओ का मेंस का पेपर हुआ

[55:09] तो जो मेंस दे रहे हैं बच्चे उनसे ये

[55:10] कहेंगे कि इसको पूरी तरह से हल कर लेते

[55:13] हैं। कारण जो इसका पेपर बनाया है वही पेपर

[55:16] बीपीएससी का बनाएगा। क्योंकि इसमें उन सभी

[55:20] पेपर सेटर की मेंटालिटी फिट है जो हमारे

[55:22] मेंस में काम करेंगे। तो जो व्यक्ति मान

[55:25] लो आज मेंस में सुकयान मिशन के बारे में

[55:29] पूछा है। वो व्यक्ति बीपीएससी में

[55:32] शुक्रियान के बारे में नहीं पूछेगा। वो

[55:33] गगनयान पूछ लेगा। तो अब हम लोग क्या करते

[55:36] हैं या जो बच्चे हैं वो क्या करते हैं कि

[55:38] प्रीवियस ईयर पीवाईक्यूस के क्वेश्चंस के

[55:41] आधार पर ये आंकड़ा तय करते हैं कि अगर आज

[55:44] यहां से पूछ रहा है तो कल इसके ठीक बगल से

[55:46] पूछेगा या इसके आगे थोड़ा जा सकता है। तो

[55:50] इसीलिए पीवाईक्यूस को ध्यान में रखा जाता

[55:52] है। केवल यही नहीं कई कुछ ऐसे एग्जामिनर्स

[55:56] होते हैं पेपर सेटर जो दो-तीन आयोग में

[55:59] अपना नाम लिखाए रहते हैं। बिहार में भी

[56:02] हैं, यूपी में भी हैं। जैसे हमारे घर में

[56:04] भी एक हैं जो यही काम करते हैं। हमारे

[56:08] चाचा जी हैं जो कॉपी भी चेक करते हैं,

[56:10] पेपर भी सेट करते हैं। तो मैंने उनसे कई

[56:12] बार पूछा कि आप कॉपी चेक करते समय आपका

[56:14] मूड क्या रहता है? तो मान लो चाची से

[56:16] नाराज है प्रपोज मतलब मानो ही हो सकते

[56:19] हैं। उस दिन वह नंबर काट लेते हैं। तो

[56:23] जैसे होता है ना इस परीक्षा में मेहनत भी

[56:26] है, इस परीक्षा में भाग्य भी है। क्योंकि

[56:28] एक इंसान हमारी कॉपी चेक कर रहा है जिसका

[56:31] मूड डिपेंड करेगा कि आपको छह में से पांच

[56:35] देना है कि चार देना है। क्योंकि अगर वो

[56:38] चार दे दिया दुनिया कोई नहीं है जो आपको

[56:40] पांच दिलवा दे। अगर पांच दे दिया तो चार

[56:43] देने की हिम्मत किसी की नहीं है। तो कई

[56:46] बार ये लक महसूस करता है। जैसे एक लड़का

[56:49] था कई बार वो इंटरव्यू से छटा। करीब चार

[56:52] बार इंटरव्यू दिया वो यूपीपीसीएस का तो

[56:56] हमने कहा यार तुम्हारी नौकरी मिल चुकी है

[56:58] बस खाली वही है कि कृपा कहीं रुक रही है

[57:02] मामला कहीं ऐसा है क्योंकि आपका लक खराब

[57:05] चल रहा है तो हमने बताया कि क्या ये बताओ

[57:07] घरों में झगड़ावगड़ा तो नहीं चल रही है तो

[57:09] बताया कि सर एक मामला है हमने कहा क्या

[57:13] हमारी और हमारी माताजी से बात नहीं होती 2

[57:15] साल से हमने कहा रीज़ बताओ तो इकोनॉमिक रीज़

[57:20] बताया कि कि हमें ऐसा लगता है कि हमारी

[57:22] माताजी ने पिताजी को कह करके हमारा पैसा

[57:27] रुकवा दिया है। इसलिए मुझे यहां पर खुद

[57:29] काम करना पड़ता है। हमने बताया कि इसको आप

[57:32] छोड़ दो दिमाग से हो सकता है और भी

[57:35] मजबूरियां हो या मान लेते हैं कि उन्होंने

[57:38] ऐसा किया लेकिन आप यह मानो कि उनका अपना

[57:43] कर्म है वो। आप एक काम करो बात करना शुरू

[57:46] करो। भूल जाओ सारी बातें। अब हो सकता है

[57:49] यह इत्तफाक है या हो सकता है डेस्टिनी है

[57:52] जो भी हो बट जब उन्होंने यह यह संबंध

[57:55] सुधारे और अपना व्यवहार बदला अगली साल जब

[57:59] पीसीएस का पेपर हुआ तो उनको नायब तहसीलदार

[58:02] का पद मिल गया तो कई बार इस परीक्षा में

[58:05] आपकी दयाता आपका व्यवहार आपके आसपास के

[58:10] लोग आपके प्रति कितना सकारात्मक माहौल रख

[58:13] रहे हैं। है ना? जैसे होता क्या है? जहर

[58:15] पैदा होते हैं ना। आप ज्यादा नहीं अच्छा

[58:18] अच्छा कपड़ा पहन लो और फोटो डाल दो। अगले

[58:21] दिन बीमार पड़ जाओगे। मैं साइंस का

[58:24] अध्यापक हूं। इसके बावजूद ये बोल रहा हूं।

[58:26] क्यों? वो नेगेटिव एनर्जी होती हैं। तो

[58:30] अपन को ना पढ़ते समय दिखाना ही नहीं है।

[58:32] कोई पूछे क्या करते हो? कुछ नहीं रिक्शा

[58:34] चलाते हैं।

[58:36] कोई पूछे भैया जैसे बहुत से बच्चे हैं

[58:40] उनका प्री निकल जाता है। किसी को नहीं

[58:42] बताते। बताना ही नहीं है अपन को दोस्त बस

[58:46] जान गए जान गए घर वाले में खाली पिताजी

[58:48] बता दिए मेंस हुआ नहीं बता इंटरव्यू तक

[58:51] नहीं बताते फाइनल बताते हैं और कुछ ऐसे

[58:54] हैं प्री हुआ नहीं कि ढोल धमाधाम प्री

[58:56] प्री

[58:58] [हंसी]

[58:59] म ऐसे मतलब तुम जैसे लोगों को क्या ही

[59:02] कहें है ना हमसे क्या मतलब है मैं तो

[59:05] एसडीएम से नीचे वालों को देखता तक नहीं

[59:08] क्योंकि वो नौकरी है नहीं ना वो तो आपने

[59:10] नौकरी हासिल कर ली बाद की बात है तो अपना

[59:12] अपना जो है ना खुद को मूली बन के रखना है

[59:16] कि अधिकांश हिस्सा नीचे रहे। पत्ता चढ़

[59:19] जाए तो चढ़ जाए। नया पत्ता निकाल लेंगे और

[59:22] पता चला कि मूली नहीं हो आधा हिस्सा ऊपर

[59:25] ले मारे कट जाओगे सीधे से। तो ये थोड़ी

[59:28] चीजें रखनी है कि हमें इस परीक्षा में

[59:31] मेहनत भी ध्यान में रखना है। व्यवहार भी

[59:33] बना के सही से रखना है। बहुत हल्ला नहीं

[59:37] काटना कि पता चले कि अब रोज स्टेटस डाले

[59:40] हैं। आज में कोचिंग आया।

[59:43] बीच-बीच में रहो ना यहां लोग गाइस जो भी

[59:45] है इससे ना आसपास के लोग बहुत प्रभावित

[59:48] हो। अब सोचो जो दोस्त महिला जो बच्ची आपके

[59:51] साथ यहां नहीं आ पाई होगी गांव ही रुक गई

[59:53] होगी उसका शादी हो जाए फिर वो अपने घर में

[59:57] प्रताड़ित हो वो आपको देख के क्या सोच रही

[59:59] होगी कितना अच्छा भाग्य है ना इसका मैं भी

[01:00:02] साथ में पढ़ती थी नहीं जा पाई वो कुछ कह

[01:00:05] नहीं रही है आपको लेकिन उसकी जो एक

[01:00:08] नेगेटिव वाइब्स आ रही है वो आप तक लग रही

[01:00:10] है तो ऐसे हमें बचना है अपना काम करना है

[01:00:14] कहते हैं ना जब सफलता होती है शोर मचा ही

[01:00:16] देती है वो पहले से खुद ही से शोर मचा के

[01:00:19] रखना और दूसरा कि खुद का व्यवहार बदलना

[01:00:23] है। एकदम दया के भाव। किसी से कोई लड़ाई

[01:00:26] झगड़ा बिल्कुल नहीं है। जैसे कई बार देखता

[01:00:28] हूं बच्चियां आपस में एकदम कटा युद्ध कर

[01:00:31] लेती हैं। एक दिन एक लड़की बहुत बुरा मार

[01:00:34] दिए। एक दूसरी बच्ची को रीजन क्या था?

[01:00:36] उसने उसका नमकीन खा लिया था। और नमकीन का

[01:00:40] प्राइस ₹5 था। उन्होंने कहा वाह दीदी वाह

[01:00:45] बहुत अच्छी दयालुता है तुम्हारे अंदर

[01:00:50] हैं ऐसे और ये दोनों की इच्छा क्या है

[01:00:54] एसडीएम बनना इनको कैसे एसडीएम बना दें ये

[01:00:59] एसडीएम बनके लड़ जाएंगे मिठाई के लिए अपने

[01:01:01] दफ्तर में कि मान लो कोई मिठाई आई है या

[01:01:04] सब खाएंगे

[01:01:07] हैं हां किसी से भी लड़ जाएंगे ये चपरासी

[01:01:10] से डीएम से लड़ना कोई दिक्कत नहीं चपरासी

[01:01:11] लड़ जाएंगे चपरासी पैसा चुरा लेंगे

[01:01:15] जो फोर्थ क्लास का व्यक्ति है उसका जेब

[01:01:17] काट लेंगे ये तो ऐसे लोगों को कैसे बनाया

[01:01:20] जा सकता है तो पढ़ना भी है व्यवहार में

[01:01:24] परिवर्तन लाना है और अपनी चीजों को इंटर

[01:01:28] रखना है ओपन नहीं करना बाकी जीवन है चलता

[01:01:32] रहेगा खैर पॉइंट पे आए तो ये सारे हो गए

[01:01:35] चारों क्लियर हुआ अब लिखिएगा हेक्सोस भाई

[01:01:39] यार इसको ठीक करो यार हल्ला कर क्या है यह

[01:01:43] नहीं मुझे नहीं लग रहा है ना यह मैं बोल

[01:01:45] रहा हूं फिर वही वाली हाल है जैसे गांव

[01:01:47] में रामचरितमानस बैठता है वो बच्चे है ना

[01:01:51] हेलो

[01:01:53] करके निकल जाते हैं

[01:01:56] इसको सही करो

[01:01:59] ये इको पैदा हो रहा है

[01:02:14] कौन सा है?

[01:02:48] वहां से थोड़ा साउंड कम करो। हेलो

[01:02:57] हो गया। बस ठीक है। लिखिएगा हेक्सोस

[01:03:01] कार्बो हाइड्रेट। एग्जांपल डाल देना नीचे।

[01:03:04] जैसे पेंटोज़ लिखा ना वैसे लिखिए हेडिंग

[01:03:07] हेक्सोस मोनोसैक्राइड।

[01:03:10] हेक्सोस मोनो सैकराइड।

[01:03:18] हेक्सोज़ मोनो

[01:03:21] सैकराइड। लिखिएगा उदाहरण।

[01:03:25] नंबर एक लिखिएगा ग्लूकोज़।

[01:03:31] नंबर दो फ्रक्टोज

[01:03:36] और नंबर तीन लिखिएगा गैलेक्टोज़

[01:03:43] तीन लिखना है ग्लूकोज़

[01:03:47] P6

[01:03:49] H12

[01:03:51] टेम

[01:03:53] टेम फार्मूला क्योंकि सारे हेक्सोस है ना

[01:03:55] तो सब में C3 C6 होगा तो सब में 12 होगा

[01:03:58] सब में छह होगा।

[01:04:06] पेंटोज़ में 5C होगा। हां भाई हेक्सोज़ में

[01:04:10] 6C होगा। हां।

[01:04:13] तो जो फार्मूला ग्लूकोज़ का वही फार्मूला

[01:04:16] और वही फार्मूला। तो अब हमकि ये बड़े स्तर

[01:04:20] पर सवाल आते हैं। तो हम लोग क्या करेंगे?

[01:04:23] पहले समझेंगे ग्लूकोज़। तो लिखिएगा हेडिंग

[01:04:26] ग्लूकोस।

[01:04:34] C6

[01:04:36] H12

[01:04:38] O6

[01:04:39] ग्लूकोज को और कई नामों से जानते हैं।

[01:04:42] देखिए पहली हेडिंग अन्य नाम

[01:04:48] पहला पॉइंट डाल देना अन्य नाम।

[01:04:54] ग्लूकोज में CHO ग्रुप होता है जिसे कहा

[01:05:00] जाता है एल्डिहाइड।

[01:05:03] केमिस्ट्री में क्या बोलेंगे? एल्डिहाइड

[01:05:06] और प्लस में कार्बन कितना है? छह।

[01:05:10] इसको बोलते हैं हेक्सोज़।

[01:05:15] इसलिए दोनों को अगर मिला दिया जाए तो

[01:05:18] कहलाएगा एल्डोहेक्सोज।

[01:05:21] एल्डो

[01:05:23] हेक्सोज

[01:05:25] तो वास्तव में ग्लूकोज का असली नाम है

[01:05:27] एल्डो हेक्सोज तो पहला नाम लिखिएगा एल्डो

[01:05:33] हेक्सोज और ब्रैकेट में ये दिखा देना कि

[01:05:35] CHO ग्रुप है प्लस में हेक्सोज होने की

[01:05:39] वजह से

[01:05:42] ग्लूकोज का पहला नाम हो गया एल्डो हेक्सोस

[01:05:49] सबसे ज्यादा ग्लूकोज कहां मिलता है? अंगूर

[01:05:52] में। याद है? तो इसे इसलिए कहते हैं

[01:05:56] द्राक्ष शर्करा

[01:06:01] या अंगूर की शर्करा।

[01:06:09] दूसरा यह रक्त में पाया जाता है। तो इसलिए

[01:06:14] इसे कहते हैं रक्त की शर्करा।

[01:06:19] रक्त में पाया जाएगा। इसलिए बोलेंगे रक्त

[01:06:22] की शर्करा।

[01:06:26] रक्त की शर्करा

[01:06:29] इसको हम

[01:06:32] डेक्स्रोज भी कहते हैं।

[01:06:38] डेक्स्रोज डी

[01:06:41] डेक्स्रोज डी आपने देखा ना ग्लूकोन डी

[01:06:45] होता है। बेसिकली ग्लूकोज के दो फॉर्म

[01:06:47] होते हैं। एक होता है

[01:06:50] डेक्सा एक होता है लेबो।

[01:06:54] डेक्सा जो होता है यह होता है क्लॉकवाइज।

[01:06:58] लेबो होता है एंटीक्लॉकवाइज।

[01:07:01] यह जो लेबो ग्लूकोज है इसे हम डाइजेस्ट

[01:07:04] नहीं करते। ह्यूमन के लिए कौन सा है?

[01:07:07] क्लॉकवाइज डेक्सा। इसलिए जो भी कंपनी

[01:07:11] ग्लूकोज़ मार्केट में बेचेगी उसको अपने आगे

[01:07:14] क्या लिखना होगा? डी वर्ड। तो जोखो चाहे

[01:07:17] बाबा रामदेव ग्लूकोज बेचे तो भी ग्लूकोन

[01:07:20] डी लिखेंगे डाबर बेचेंगे तो भी ग्लूकोन डी

[01:07:24] बताना होगा उनको क्योंकि बताना होगा क्या

[01:07:26] है वो डेक्स फॉर्म में है तो हमें कितने

[01:07:30] नाम मिले एल्डोहेक्सोज अंगूर की शर्करा

[01:07:34] रक्त की शर्करा डेक्सोज क्लियर हुआ पॉइंट

[01:07:38] नंबर दो डाल देना

[01:07:41] लिखिएगा ग्लूकोज को पॉइंट नंबर दो लिखिएगा

[01:07:44] ग्लूकोज को

[01:07:47] ऊर्जा का त्वरित सिक्का कहा जाता है।

[01:07:50] ग्लूकोज को ऊर्जा का त्वरित सिक्का कहा

[01:07:54] जाता है। ऊर्जा का त्वरित सिक्का

[01:07:59] ऊर्जा का त्वरित सिक्का कहा जाता है

[01:08:02] क्योंकि

[01:08:05] हमें इसी से तीव्र ऊर्जा प्राप्त होती है।

[01:08:09] क्योंकि हमें इसी से तीव्र ऊर्जा प्राप्त

[01:08:13] होती है।

[01:08:14] क्योंकि हमें इसी से तीव्र ऊर्जा प्राप्त

[01:08:17] होती है।

[01:08:23] पॉइंट नंबर तीन लिखिएगा। अंगूर मीठे पके

[01:08:27] फल।

[01:08:28] पॉइंट नंबर तीन लिखिएगा। अंगूर मीठे पके

[01:08:32] फल।

[01:08:34] रक्त और शहद प्रमुख स्रोत हैं। अंगूर,

[01:08:39] मीठे पके फल, रक्त और शहद प्रमुख स्रोत

[01:08:44] हैं।

[01:08:46] अंगूर, मीठे पके फल, रक्त और शहद प्रमुख

[01:08:51] स्रोत हैं। रक्त और शहद प्रमुख स्रोत हैं।

[01:08:57] तो, यह कुछ पॉइंट हुए। हमने एक बात जानी

[01:09:00] कि हमारे रक्त में कौन है?

[01:09:04] ग्लूकोज

[01:09:06] और यही ग्लूकोज कई बार बहुत

[01:09:09] ज्यादा और कई बार बहुत कम ज्यादा हुआ तो

[01:09:13] मधुमेह नामक समस्या आती है। यदि लिखिएगा

[01:09:16] मानव के रक्त में ग्लूकोज

[01:09:19] या नहीं लिखिएगा मानव के रक्त में ग्लूकोज

[01:09:30] देखा जाए कि हमारे ब्लड में इसका क्या

[01:09:32] मसला फंस रहा है।

[01:09:35] देखो

[01:09:39] ह्यूमन ब्लड

[01:09:41] एंड

[01:09:44] ग्लूकोज। इस ग्राफिक्स को समझिएगा।

[01:09:49] ग्लूकोज को मापते हैं मिलीग्राम पर डेसी

[01:09:54] लीटर में। mg डीl इसका मापन है। यह

[01:09:59] और इसकी तीन अवस्थाएं हैं।

[01:10:04] ऐसे बना लेंगे नीचे

[01:10:08] एक है आदर्श अवस्था

[01:10:13] एक अवस्था है हाइपो

[01:10:22] अवस्था

[01:10:23] और एक अवस्था है हाइपर अवस्था

[01:10:33] तो जब भी आप खून की जांच कराने जाएंगे

[01:10:37] इन्हीं तीनों के आसपास आपको मिलेगा कहानी।

[01:10:41] अभी आपकी अवस्था आदर्श ही मिलेगी और यह

[01:10:46] लेवल है

[01:10:48] 80 से 115

[01:10:52] मिलीग्राम

[01:10:54] पर डेसी लीटर। अगर यह आंकड़ा आपको ब्लड की

[01:10:59] जांच मिला तो रक्त का और ग्लूकोज का संबंध

[01:11:03] ठीक चल रहा है। कोई दिक्कत की बात नहीं

[01:11:06] है।

[01:11:09] अब ये युवा अवस्था में होगा या बेहतर जीवन

[01:11:14] शैली है

[01:11:21] अथवा कम वजन है।

[01:11:27] कम वजन नहीं वजन सामान्य है। ऐसा लिखना

[01:11:30] है। वजन सामान्य है। यह तीन अवस्थाएं होती

[01:11:34] हैं। अभी आप युवा भी हो। जीवन शैली आपकी

[01:11:38] बेहतर तो नहीं है लेकिन आपका वजन सामान्य

[01:11:42] है। अतः आप अभी इसी बीच में गुजर रहे हो।

[01:11:46] कई बार यह वैल्यू बहुत हाइपर हो जाती है।

[01:11:49] इस कंडीशन को बोलते हैं

[01:11:52] हाइपर ग्लाइसीमिया।

[01:12:00] हाइपर

[01:12:02] ग्लाइसीमिया और यह हो जाता है 200 प्लस

[01:12:07] मिलीग्राम पर डेसी

[01:12:10] लीटर। ये कहलाएगा हाइपरग्लाइससीमिया।

[01:12:15] और यही स्थिति जब 240 प्लस मिलीग्राम पर

[01:12:21] डेसीलीटर

[01:12:24] हो जाए तो यही कहलाती है मधुमेह।

[01:12:30] बस कई दिन अगर यह वैल्यू मिली तो

[01:12:38] 240 प्लस मिलीग्राम प्रति डेसी लीटर

[01:12:44] 200 प्लस होना फिर खतरे की घंटी है।

[01:12:50] कई बार कम हो जाए तो इसे कहा जाता है

[01:12:56] हाइपो

[01:12:58] ग्लाइसीमिया।

[01:13:02] हाइपो

[01:13:04] ग्लाइसीमिया

[01:13:06] और यह वैल्यू है 50 मिलीग्राम पर डेसीलीटर

[01:13:12] से कम।

[01:13:16] 50 मिलीग्राम पर डेसीलीटर से कम

[01:13:21] क्या बेटा

[01:13:23] कई दिन तक ऐसा मिले ये वैल्यू अब एक दिन

[01:13:28] खाने से थोड़ी ना हो जाएगा पता चला कहीं

[01:13:31] बारात गए 20 रसगुल्ला दाब दिए हो तो

[01:13:34] वैल्यू तो बढ़ेगी बॉडी में बट तो थोड़ी

[01:13:36] देर बाद क्या हो जाएगी नॉर्मल हो जाएगी

[01:13:40] लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिनका वैल्यू बढ़

[01:13:42] गया तो बढ़ा ही रह गया नॉर्मल ठीक ही ही

[01:13:44] नहीं हो रहा है तो उनको डॉक्टर क्या

[01:13:46] कहेगा? अब जैसे कई बार ना प्रेगनेंसी में

[01:13:49] डायबिटीज हो जाता है तो वो डायबिटीज

[01:13:52] प्रॉपर डायबिटीज नहीं है। जैसे ही

[01:13:55] प्रेगनेंसी फाइनल होगी डायबिटीज अपने आप

[01:13:58] नॉर्मल हो जाएगा। बट कुछ डायबिटीज ऐसे हैं

[01:14:01] जो जीवन भर के लिए हो गए। तो उनके लिए

[01:14:03] आपको दवाई की आवश्यकता पड़ेगी।

[01:14:12] दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक

[01:14:14] बीमारी है यह। ईश्वर ना करे कभी इससे

[01:14:17] मुलाकात हो। एकदम शरीर कमजोर कर देती है।

[01:14:21] कुछ भी खाओगे एक तो स्वाद खत्म हो जाता है

[01:14:23] मिठाई का। है ना? तो समझ में आया? ईश्वर

[01:14:29] आपके साथ रहेंगे तो 18 इसी के बीच रहोगे।

[01:14:33] अब 120 भी हो जाए कोई खतरा नहीं है। 25 भी

[01:14:36] हो जाए 50 तक भी चल जाता है। लेकिन 50 के

[01:14:38] ऊपर जा रहा है तो फिर आप उधर भाग रहे हो

[01:14:42] हाइपर की तरफ और फिर ऐसी स्थिति में

[01:14:45] खानपान को मेंटेन करने की अब आवश्यकता है।

[01:14:49] ठीक है? समझ में आ गया? अब ध्यान दो। मैं

[01:14:51] एक और बात समझाऊं।

[01:14:53] लिखिएगा। हेडिंग।

[01:14:58] ग्लूकोस का अधिक होना।

[01:15:01] हेडिंग लिखिएगा ग्लूकोज का अधिक हो जाना

[01:15:11] तथा

[01:15:13] हमारा स्वास्थ्य

[01:15:16] तथा हमारा स्वास्थ्य

[01:15:22] ग्लूकोज का अधिक हो जाना तथा हमारा

[01:15:25] स्वास्थ्य

[01:15:30] कई बार हम ऐसा कर लेते हैं कि ज्यादा खा

[01:15:32] लेते हैं। भाई हम भारतीय हैं। हमें कोई

[01:15:35] अभी चाय पूछे अभी पी लेंगे। थोड़ी देर बाद

[01:15:37] फिर पूछेगा फिर पी ले। हमारे गांव में नाई

[01:15:41] है। दिन भर में 56 57 चाय पीता है।

[01:15:46] जितना दाढ़ी बनाएगा उतनी ही चाय पिएगा।

[01:15:48] ₹10 की ₹20 की दाढ़ी बनाए। ₹5 की चाय पी

[01:15:50] ले। ₹15 का लाभ हुआ।

[01:15:53] वह दाढ़ी बनाते समय भी चाय पीता रहता है।

[01:15:57] तो एक दिन उन्होंने पूछा यार तुम्हारे खून

[01:15:58] में कितना चाय होगा?

[01:16:01] तो कुछ लोग ऐसे हैं जिनको चहेड़ी बोलते

[01:16:03] हैं। है ना? एक नशा है एक तरीके का ना चाय

[01:16:07] एक नशा होता है। तो उनको कुछ करना थोड़ी

[01:16:10] ना है। सामने चाय की दुकान है। उसके यहां

[01:16:12] खाता चल रहा है। उसको भी पता है कि ये

[01:16:15] दाढ़ी तो बना ही रहा है। तो पैसे की कमी

[01:16:18] है नहीं। अभी शाम तक हिसाब बराबर हो

[01:16:20] जाएगा। उन्होंने पूछा कितना पी लेते हो

[01:16:22] शाम तक? तो कह रहा है बस वही ज्यादा नहीं

[01:16:24] पीते हैं। करीब 250 300 की चाय हो जाती

[01:16:27] है। हमने कहा गुटखा

[01:16:30] 250 300 गुटखा हो जाता है। बीड़ी

[01:16:34] तो कह कुछ नहीं ज्यादा ₹50 में बीड़ी निपट

[01:16:37] जाती है। तो 3 600 650 ₹700 का ऊपरी खर्चा

[01:16:42] है।

[01:16:44] कमाते कितना हो? कह रहा 1500 कमाई हो जाती

[01:16:48] है तो 50-50 का आने ठीक है जिंदगी में 50%

[01:16:51] अपने ऊपर खर्च कर रहा है 50%

[01:16:55] बचा रहा है परिवार के लिए बचा रहा है तो

[01:16:57] ठीक है उसका जीवन बट ये हानिकारक है बेहद

[01:16:59] हानिकारक है तो ज्यादा ग्लूकोज अगर मान लो

[01:17:02] हो गया तो अपने पास ना एक ऑर्गन है जिसको

[01:17:08] बोलते हैं पनक्रियाज

[01:17:13] अग्नाशय

[01:17:18] में ना बहुत माइन्यूट माइन्यूट

[01:17:20] अग्नाशय में ना बहुत माइन्यूट माइन्यूट

[01:17:20] सेल्स पाई जाती हैं जिनको हम आइसलेक्ट

[01:17:23] बोलते हैं और इसमें एक सेल होती है जिसको

[01:17:26] बोलते हैं बीटा सेल

[01:17:28] इस बीटा सेल से एक हॉर्मोन निकलता है

[01:17:34] जिसका नाम है इंसुलिन

[01:17:38] ईश्वर ने दो चीजें जन्म लेते ही फिक्स कर

[01:17:41] दी हैं कि भाई चाहे आज खा लो और चाहे इसको

[01:17:45] धीरे-धीरे खाओ। इनमें से एक इंसुलिन है और

[01:17:49] एक फीमेल में एग है। जैसे ही किसी बच्ची

[01:17:53] का जन्म होगा थाउजेंड्स नंबर्स ऑफ एग

[01:17:56] इमेच्योर कंडीशन में उसे मिल जाते हैं।

[01:17:59] जैसे मेंसुरेशन साइकिल स्टार्ट होगा पर

[01:18:01] मंथ एक मैच्योर एग उसके बॉडी से रिलीज

[01:18:03] होता रहता है। उम्र के ढलान के साथ अंडे

[01:18:07] की संख्या में कमी आती रहती है। उसकी

[01:18:09] परिपक्वता में कमी यानी कि उसकी क्षमता

[01:18:11] में कमी आती रहती है। सेम कंडीशन इंसुलिन

[01:18:14] का है कि आपको पूरी जिंदगी का इतना

[01:18:16] इंसुलिन मिल गया है। आज चाहे खर्च कर डालो

[01:18:20] और चाहे धीरे-धीरे खर्च करो। ज्यादा मान

[01:18:23] लो ग्लूकोज खा लिए। तो इस इंसुलिन का काम

[01:18:26] होता है कि अधिक मात्रा के ग्लूकोज को

[01:18:38] ग्लाइकोजन में कन्वर्ट करना।

[01:18:42] में बदलना।

[01:18:44] इसका यही काम है।

[01:18:47] अब सोचो कि मान लो आपको x अमाउंट का

[01:18:53] इंसुलिन ईश्वर ने दे रखा है।

[01:18:57] यदि और कहा कि 80 से 90 साल तक इस एक्स

[01:19:00] अमाउंट इंसुलिन का इस्तेमाल आप करेंगे। बट

[01:19:04] एज अ सर्टेन कंडीशन

[01:19:07] धीरे-धीरे धीरे धीरे धीरे-धीरे सतत रूप

[01:19:09] में कंटीन्यूअसली आपने क्या किया? दाब के

[01:19:11] क्या किया कि साल भर में इतना ग्लूकोज

[01:19:14] दाबा कि इसने अपनी ज्यादा मात्रा खर्च कर

[01:19:17] दी ग्लूकोज को कन्वर्ट करने में किसमें

[01:19:19] ग्लाइकोजन में और वो एक्स अमाउंट आपने दो

[01:19:22] ही साल में खत्म कर दिया क्योंकि रोज आप

[01:19:25] खा रहे हो 15 रसगुल्ला रसगुल्ला रसगुल्ला

[01:19:27] खूब कोई लो मिठाई लाओ चीनी लाओ कुछ भी कर

[01:19:30] रहे हो लेकिन आप मिठाई बचा नहीं रहे हो तो

[01:19:32] अब एक दिन ऐसा होगा कि ये जो बीटा सेल है

[01:19:36] ये मर जाएगी खत्म हो जाएगी क्योंकि इसका

[01:19:38] तो सारा काम खत्म हो गया तो अब आपके पास

[01:19:41] पास इंसुलिन नहीं रहेगा। इंसुलिन नहीं

[01:19:44] रहेगा तो चीनी तो आप खाते रहोगे। यह सारी

[01:19:46] की सारी चीनी भाग जाएगी किडनी के पास।

[01:19:50] किडनी का काम है ब्लड को फिल्टर करना। तो

[01:19:54] ब्लड में ही क्या है? शुगर है। यानी कि

[01:19:57] ग्लूकोस है। किडनी को बिल्कुल बर्दाश्त

[01:20:00] नहीं होता इन दोनों को कि खून में कुछ और

[01:20:05] घूमे। इनका काम है फिल्टर करते रहो। जिस

[01:20:09] किडनी को कहा गया है कि आपको डेली 20

[01:20:12] ग्राम चीनी फिल्टर करना है।

[01:20:15] उस किडनी के ऊपर अब बर्डन आ गया 2000

[01:20:19] ग्राम फिल्टर करने का। क्यों? क्योंकि

[01:20:23] यहां का ग्लूकोज ग्लाइकोजन में बदल नहीं

[01:20:27] रहा है। रीज़न क्योंकि कौन खत्म हो गया है।

[01:20:30] जितनी चीनी खाओगे सब खून में आएगी। खून

[01:20:33] आएगा। किडनी 20 ग्राम वाली कितना काम

[01:20:36] करेगी? जिस मजदूर को कहा गया था कि दिन भर

[01:20:40] में तुम्हें 20 ईंट उठाना है और इसके बदले

[01:20:44] ₹500 मिलेगा और जैसे घर के अंदर आया आपने

[01:20:48] उसको 2000 ईंट दिखाया इसको उठाना है और

[01:20:51] दरवाजा बंद कर दिया

[01:20:54] मजबूरी में वो एक दिन काम कर सकता है।

[01:20:58] लेकिन जैसे ही बाहर निकलेगा वो दोबारा उस

[01:21:02] रास्ते पे नहीं आएगा। बताना पड़ेगा जिस

[01:21:06] रास्ते बेटा तुम जा रहे हो वह अच्छा

[01:21:08] रास्ता नहीं है। लेकिन आप फिर से उसे पकड़

[01:21:12] लाए और फिर दरवाजा बंद कर दिए। ऐसा आपने

[01:21:15] पांच छ दिन किया कि जैसे रास्ते मिला

[01:21:18] पकड़े गाड़ी में बिठाए दरवाजा मार दिए

[01:21:20] बंद। एक दिन वो आत्महत्या कर लेगा। एक ठो

[01:21:24] वीडियो बनाएगा आपके खिलाफ। कहेगा मेरी

[01:21:27] हत्या का जिम्मेदार मेरा मालिक है। इसको

[01:21:31] बोलते हैं किडनी फेल हो जाना।

[01:21:34] क्या कहते हैं? क्योंकि जिसने ₹20 काम

[01:21:38] करना था उससे आप 20,000 20,000 काम करवा

[01:21:41] रहे हैं। इसलिए अगर हम मधुमेह में बार-बार

[01:21:46] चीनी खाते रहेंगे, चीनी खाते रहेंगे तो

[01:21:49] किडनी हमारी फेल हो जाती है। इसलिए ऐसे

[01:21:52] लोगों को मना करते हैं कि रसगुल्ला मत

[01:21:55] खाओ। आपका इंसुलिन अब आपके बस की बात नहीं

[01:21:58] है। या तो एक काम करो फिर क्या करें?

[01:22:00] इंसुलिन बाहर से लगवाओ।

[01:22:02] लेकिन बाहर का इंसुलिन उतना ही मदद करता

[01:22:05] है जितना कि दाल में नमक थोड़ा सा मदद

[01:22:09] करेगा। अब बाहर से इंसुलिन भी लगवाए हो,

[01:22:11] रसगुल्ला भी खाए घूम रहे हो तो कुछ दिन

[01:22:14] बाद ये किडनी दोनों काम करनी बंद कर

[01:22:17] देंगी। इसीलिए ऐसे लोगों को मना किया

[01:22:20] जाएगा। समझ में आया? अधिक मात्रा का

[01:22:23] ग्लूकोज किस में कन्वर्ट हो रहा है?

[01:22:27] कौन करता है? कहां से मिलता है?

[01:22:31] लेकिन जब मधुमेह हो जाएगा तो क्या नहीं

[01:22:34] होगा?

[01:22:35] ऐसी स्थिति में किस पर असर आएगा? और किडनी

[01:22:38] हो जाएगी? लिख डालो।

[01:22:41] लिखिएगा अधिक मात्रा का ग्लूकोज।

[01:22:46] अधिक मात्रा का ग्लूकोज

[01:22:50] अधिक मात्रा का ग्लूकोज।

[01:22:54] बीटा सेल से निकलने वाले इंसुलिन की मदद

[01:22:57] से अधिक मात्रा का ग्लूकोज बीटा सेल से

[01:23:02] निकलने वाले इंसुलिन की मदद से

[01:23:06] बीटा सेल से निकलने वाले इंसुलिन की मदद

[01:23:10] से ग्लाइकोजन में बदल जाता है।

[01:23:15] बीटा सेल से निकलने वाले इंसुलिन की मदद

[01:23:19] से ग्लाइकोजन में बदल जाता है।

[01:23:23] बीटा सेल से निकलने वाले इंसुलिन की मदद

[01:23:26] से ग्लाइकोजन में बदल जाता है। यहां तक तो

[01:23:30] समझ में आया?

[01:23:32] हां। तो

[01:23:34] अब इसको चित्र ऐसे बनाना नीचे कि ये हो

[01:23:37] गया अग्नाशय।

[01:23:43] और इसी से क्या मिला? बीटा

[01:23:46] सेल। यहां से क्या निकलेगा?

[01:23:49] इंसुलिन।

[01:23:51] हॉर्मोन

[01:23:59] और आगे ऐसे बढ़ा देना कि यही

[01:24:02] अधिक ग्लूकोज को

[01:24:13] ग्लाइकोजन में

[01:24:16] बदल देता है।

[01:24:23] लिखिए भी और ग्राफिक्स भी बनाइए। इससे याद

[01:24:27] होने में आसानी होती है।

[01:24:30] अब आप कभी नहीं बोलोगे ना क्योंकि भ बीटा

[01:24:32] सेल भी याद रखना है। अग्नाशय में होती है।

[01:24:35] याद रखना है। यहां से क्या निकला?

[01:24:37] इंसुलिन।

[01:24:38] यही ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में कन्वर्ट

[01:24:42] किया। और अब यह जो ग्लाइकोजन है जो

[01:24:45] कन्वर्ट हुआ है यह भी शायद आपने पढ़ा है

[01:24:48] थोड़ी देर पहले कि यह मांसपेशी में होता

[01:24:51] है। पढ़ा ना तो ये जाकर के

[01:24:59] ग्लाइकोजन

[01:25:04] मांसपेशी और यकृत में

[01:25:08] मांसपेशी व

[01:25:10] यकृत में

[01:25:15] भंडारित हो जाता है

[01:25:21] हो जाता है। ये बना देना

[01:25:26] और आवश्यकता पड़ने पर

[01:25:35] पुनः

[01:25:43] ग्लूकोज में बदलता है।

[01:25:51] जब मान लो आपके पास ग्लूकोज की कमी आई तो

[01:25:54] फिर क्या हो गया? ग्लाइकोजन फिर से

[01:25:57] ग्लूकोज में कन्वर्ट हो गया। इसीलिए हम कई

[01:26:00] बार ग्लाइकोजन को इमरजेंसी का ईंधन भी

[01:26:05] कहते हैं।

[01:26:10] इमरजेंसी फ्यूल

[01:26:17] तो ये ग्राफिक्स नीचे सेट कीजिए

[01:26:24] जितना है उतना रहेगा मतलब एक लिमिट तक

[01:26:28] बनेगा फिर खत्म हो जाएगा मतलब बीटा सेल की

[01:26:31] एक लिमिट है सीमा सीमा है उससे अधिक वो

[01:26:34] नहीं काम करेगी किसी भी शरीर के हिस्से की

[01:26:37] एक सीमा है ना?

[01:26:40] हां बेटा भिंडी में इंसुलिन होता है।

[01:26:53] हमने क्या किया ना कि

[01:26:56] इंसुलिन नामक इंजेक्शन बनाया। एक

[01:26:59] वैज्ञानिक थे विलियम ग्रॉन बेंटिंग।

[01:27:04] तो विलियम ग्रॉन बेंटिंग ने 1921 में 1921

[01:27:09] में दुनिया को पहली बार एक तोहफा दिया

[01:27:12] इंसुलिन इंजेक्शन।

[01:27:14] तो अब इंसुलिन ढूंढा जाए तो मिलेगा कहां?

[01:27:17] तो बताया कि वीटा सेल मिलता है। बीटा सेल

[01:27:20] कहां मिलेगी? तो बताया अग्नाशय मिलेगी। कह

[01:27:23] अग्नाशय कहां मिलेगा? जानवरों के शरीर में

[01:27:26] जैसे अपना या कुछ जानवर। लेकिन अब कितने

[01:27:29] जानवर मारे जाए?

[01:27:31] और कितने में सुई चुभो के हम निकालें क्या

[01:27:35] इंसुलिन तो बड़ा टेक्निकल है तो फिर और

[01:27:38] सप्लाई भयंकर चाहिए डिमांड बहुत अल्ट्रा

[01:27:41] लेवल की है क्योंकि हर किसी को मधुमेह

[01:27:44] पकड़े घूम रहा है भारत को मधुमेह की

[01:27:46] राजधानी कहते हैं है ना ये एक तरीके से

[01:27:51] कैपिटल है हम बहुत भयंकर मधुमेह ले चलते

[01:27:53] हैं तो तरीका यह निकाला गया कि ऐसे

[01:27:56] बैक्टीरिया का डेवलप किया गया जो

[01:27:59] बैक्टीरिया हमारे हमारे ही जैसा इंसुलिन

[01:28:03] बना सकती थी। तो अब जो मार्केट में

[01:28:06] इंसुलिन के इंजेक्शन आते हैं वो

[01:28:09] बैक्टीरियल वेस्ट डेवलपमेंट वाले होते

[01:28:11] हैं। तो अब बैक्टीरिया की कोई लिमिट नहीं

[01:28:13] है। एक बैक्टीरिया से आप लाखों बैक्टीरिया

[01:28:16] बना सकते हो और उन लाखों बैक्टीरिया को कह

[01:28:18] दो कि शाम तक 2 ग्राम इंसुलिन बना के बहुत

[01:28:21] मारेंगे। मतलब ऐसा नहीं कहेंगे बट वो काम

[01:28:23] करेंगी। तो आजकल प्रयोगशाला में कल्चरल

[01:28:27] बैक्टीरिया कल्चरल करते हैं और बैक्टीरिया

[01:28:29] कल्चर करके उनसे बना हुआ इंसुलिन हम भरते

[01:28:33] हैं सीसी में इंजेक्शन के लिए और वही

[01:28:37] इंसुलिन मार्केट में हम अवेलेबल करा देते

[01:28:40] हैं क्योंकि ऐसे तो संभव ही नहीं था। इस

[01:28:43] पूरी व्यवस्था को बोलते हैं

[01:28:45] बायोटेक्नोलॉजी

[01:28:46] जैव तकनीकी। यहां तक कोई दिक्कत तो नहीं

[01:28:50] है? नीचे एक नोट डाल दो।

[01:28:53] देखिएगा जब मधुमेह हो जाता है।

[01:28:57] जब मधुमेह हो जाता है।

[01:29:02] जब मधुमेह हो जाता है तो ऐसी स्थिति में

[01:29:06] इंसुलिन की मात्रा में कमी आ जाती है।

[01:29:12] ऐसी स्थिति में इंसुलिन की मात्रा में कमी

[01:29:16] आ जाती है। झांक के भाग गया।

[01:29:20] ऐसी स्थिति में बताइए अंकल जी क्या काम

[01:29:23] है?

[01:29:25] कुछ काम है क्या इसको?

[01:29:27] पता नहीं यार कौन पढ़ा रहा है? ठीक। ऐसी

[01:29:30] स्थिति में इंसुलिन की मात्रा में कमी आती

[01:29:34] है। अतः

[01:29:37] हमें अधिक ग्लूकोज खाने से

[01:29:41] बचना

[01:29:43] चाहिए। अतः हमें अधिक शर्करा या ग्लूकोज

[01:29:48] खाने से बचना चाहिए।

[01:30:01] इसीलिए हमें अधिक ग्लूकोज खाने से बचना

[01:30:04] चाहिए। समझ में आ गया? नहीं तो किस पर असर

[01:30:07] होगा?

[01:30:08] आगे नहीं तो हमारी किडनी के फेल होने का

[01:30:11] खतरा होता है। आगे बढ़ाना नहीं तो हमारे

[01:30:14] ब्रिक या किडनी के फेल होने का खतरा होता

[01:30:18] है।

[01:30:20] हमारे ब्रिक या किडनी के फेल होने का खतरा

[01:30:23] होता है।

[01:30:29] नहीं तो हमारे ब्रिक या किडनी के फेल होने

[01:30:32] का खतरा होता है। तो ध्यान रखना कि अति

[01:30:37] भोजन करना या ज्यादा मात्रा में किसी भी

[01:30:40] चीज को खाने से दो ऑर्गन पर बैड इंपैक्ट

[01:30:43] आते हैं। एक होता है लीवर और एक होता है

[01:30:46] किडनी। आप कुछ भी ज्यादा खाओगे लीवर का

[01:30:50] काम है कि उसे स्टोर कर लेगा फटाफट। तो

[01:30:53] मान लो किसी ने ज्यादा जहर खा लिया है। तो

[01:30:57] लीवर क्या करेगा?

[01:31:00] स्टोर करना। इसका मतलब कि जहर फैलने से

[01:31:03] बचाएगा और बचा के अपने पास रख लेगा। इसलिए

[01:31:06] लीवर को डिटॉक्सिफिकेटर कहते हैं। निर्वशी

[01:31:09] कारक जहर के प्रभाव को कम करेगा। इसलिए जब

[01:31:12] कोई जहर खा के मरता है तो पोस्टमार्टम में

[01:31:14] पहली जांच लीवर की होती है। अगर ये जहर

[01:31:17] खाया है तो लिवर में पक्का जहर का अंश

[01:31:20] मौजूद होगा। शराब पी के मरेगा लीवर की

[01:31:23] जांच होगी। शराब पी के नॉर्मली मरेगा लिवर

[01:31:26] खराब होगा। ज्यादा आप प्रोटीन खा लीजिए

[01:31:30] लिवर पर असर चला जाएगा। ज्यादा वसा खाओगे

[01:31:32] लिवर फैटी हो जाएगा। यानी कि लीवर ही सबसे

[01:31:36] महत्वपूर्ण ऑर्गन है जो हमें अति से बचाने

[01:31:39] का प्रयास कर रहा है। यदि वही खराब हो गया

[01:31:42] जैसे एक जांच होती है एसजीपीटी। तो जबभी

[01:31:45] भी किसी जैसे जब भी शादी विवाह करना अपने

[01:31:48] दूसरे वाले पक्ष की एसजीपीटी करवाना।

[01:31:52] दूसरा ब्लड की जांच करवाना तभी शादी विवाह

[01:31:55] करना। मतलब होगा ऐसा करोगे लेकिन शादी टूट

[01:31:57] जाएगी। [हंसी]

[01:32:00] बट अब पढ़ा लिखा है तो नहीं बीमार से शादी

[01:32:02] करके क्या कर पाओगे? तो फिर आप भी परेशान

[01:32:04] रहोगे। सारा धन कहां जाएगा? हॉस्पिटल में।

[01:32:08] सारा समय हॉस्पिटल में। तो इससे बेहतर है

[01:32:11] कि आप भी स्वस्थ रहो। आपका साथी भी स्वस्थ

[01:32:15] रहे। है ना? खैर ऐसा कोई करता नहीं है। बट

[01:32:18] विदेशों में ऐसा होता है। नहीं जितना

[01:32:22] करोगे भगवान ही जानते हैं। ऐसे ही हो जाए

[01:32:24] तुम्हारी शादी

[01:32:26] बता रहे हैं। है ना? पहले तैयारी करो

[01:32:29] नौकरी पाओ। ठीक है। अभी विचारधारा मत करो।

[01:32:34] है ना?

[01:32:37] अभी घर में निजी कमरा ना है। शादी कर

[01:32:39] लेंगे।

[01:32:40] खुद खुद यह जो है दलान में सोते हैं।

[01:32:45] इनका खुद का कोई कमरा नहीं है। निजी चलो।

[01:32:51] इसके बाद नंबर दो लिखिएगा।

[01:32:55] अगला

[01:32:56] ग्लूकोज के बाद दूसरा कौन सा था?

[01:32:59] फ्रुक्टोज़।

[01:33:08] C6

[01:33:10] H12 O6 सेम फार्मूला लिखिएगा फ्रुक्टोज़

[01:33:18] तो वही सेम कहानी अन्य नाम

[01:33:23] इसमें मूलतः कीटोन समूह होता है।

[01:33:29] और प्लस में इसमें भी कार्बन की संख्या छह

[01:33:34] है। तो दोनों को अगर मिला लें तो यह

[01:33:37] कहलाता है कीटोहेक्सोस।

[01:33:42] तो पहला नाम मिला इसका कीटो हेक्सोस।

[01:33:46] तो नंबर वन लिखिएगा कीटो हेक्सोस और

[01:33:51] नीचे

[01:33:54] कीटोन समूह प्लस हेक्सोस कर देना। कीटोन

[01:33:58] समूह प्लस हेक्सोस कर देना। दूसरा लिखिएगा

[01:34:04] लिबोलोज़।

[01:34:09] दूसरा नाम है इसका लिबोलोज़।

[01:34:13] यह लैब से प्राप्त हो सकता है। इसलिए नाम

[01:34:15] हुआ लिबोलोज़। तो ब्रैकेट कर देना। लैब से

[01:34:19] प्राप्त होता है।

[01:34:22] लैब से

[01:34:24] प्राप्त हो सकता है।

[01:34:29] लैब से प्राप्त हो सकता है लिबोलोज़।

[01:34:33] तीसरा इसका नाम है शहद की शर्करा। ऐसा

[01:34:38] क्यों? क्योंकि सबसे

[01:34:41] ज्यादा मिलेगा शहद में। शहद की शर्करा।

[01:34:48] एक और कहते हैं फल की शर्करा।

[01:34:55] फल की शर्करा

[01:35:00] फल की और ब्रैकेट रखिएगा। सभी मीठे पके

[01:35:03] फलों का कारण फ्रुक्टोज़ होता है। सभी मीठे

[01:35:08] पके फलों की मिठास का कारण फ्रुक्टोज़ होता

[01:35:11] है। सभी मीठे पके फलों की मिठास का कारण

[01:35:16] फ्रुक्टोज़ होता है।

[01:35:19] सभी मीठे पके फलों की मिठास का कारण

[01:35:23] फ्रुक्टोज़ होता है।

[01:35:26] तो जितना भी आम खाएंगे या कुछ भी ऐसा मीठा

[01:35:29] पका फल तो उसके मिठास का रीजन कौन है?

[01:35:32] फ्रुक्टोज़ होता है। नीचे पॉइंट नेक्स्ट

[01:35:35] लिखिएगा।

[01:35:37] लिखिए। फ्रुक्टोज़ सबसे अधिक मीठी शर्करा

[01:35:40] होती है। पॉइंट नंबर दो लिखिएगा।

[01:35:43] फ्रुक्टोज सबसे अधिक मीठी शर्करा मानी

[01:35:47] जाती है।

[01:35:50] फ्रुक्टोज सबसे अधिक मीठी शर्करा मानी

[01:35:54] जाती है।

[01:35:58] इसका अधिक सेवन

[01:36:07] मोटापा उत्पन्न करता है। इसका अधिक सेवन

[01:36:11] मोटापा उत्पन्न करता है।

[01:36:16] इसका अधिक सेवन मोटापा उत्पन्न करता है।

[01:36:24] पॉइंट नंबर नेक्स्ट लिखिएगा।

[01:36:26] शहद मीठे पके फल। शहद मीठे पके फल।

[01:36:40] तथा

[01:36:44] शहद, मीठे पे फल तथा अन्य

[01:36:48] खाद्य पदार्थ जिनमें मिठास होती है

[01:36:53] तथा अन्य खाद्य पदार्थ जिनमें मिठास होती

[01:36:57] है।

[01:37:00] इसके प्रमुख स्रोत होते हैं। इसके प्रमुख

[01:37:04] स्रोत होते हैं।

[01:37:08] इसके प्रमुख स्रोत होते हैं।

[01:37:14] जैसे वह डेक्सोस था वैसे ये लिबोलोज है।

[01:37:18] लेबो यानी कि ये एंटीक्लॉकवाइज है। तो

[01:37:21] नेक्स्ट पॉइंट लिखिएगा। लिखिएगा। यह

[01:37:26] यह

[01:37:28] लेबो फॉर्म में होता है।

[01:37:31] यह लेबो फॉर्म में होता है। एल इबी ओ यह

[01:37:36] लेबो फॉर्म में होता है।

[01:37:43] एक वर्ड है जिसको बोलते हैं ग्लाइससेमिक

[01:37:48] इंडेक्स।

[01:37:52] जिसका ग्लाइससेमिक इंडेक्स जितना लो होता

[01:37:55] है, वह उतना ही ज्यादा मीठा और हानिकारक

[01:37:58] होता है। जो फ्रुक्टोज़ है, इसका

[01:38:02] ग्लाइससेमिक इंडेक्स लगभग लगभग 19 या 20

[01:38:06] के बराबर है। और जो ग्लूकोज है उसका

[01:38:09] ग्लाइससेमिक इंडेक्स 100 के बराबर होता

[01:38:11] है। तो फ्रुक्टोज़ का ग्लाइससेमिक इंडेक्स

[01:38:14] लो होता है और ग्लूकोज का हाई। यह बात नोट

[01:38:19] करके डाल देना कॉपी में। लिखिएगा।

[01:38:23] फ्रुक्टोज़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स

[01:38:27] फ्रुक्टोज़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स

[01:38:31] निम्न होता है। और ब्रैकेट करना 1920 GI =

[01:38:37] 1920

[01:38:40] GI मतलब ग्लाइससेमिक इंडेक्स। फ्रुक्टोज़

[01:38:44] का ग्लाइसेमिक इंडेक्स निम्न होता है।

[01:38:48] 1920 जबकि ग्लूकोज का ग्लाइससेमिक इंडेक्स

[01:38:52] उच्च होता है। जबकि ग्लूकोज का ग्लाइसेमिक

[01:38:57] इंडेक्स उच्च होता है। जबकि ग्लूकोज का

[01:39:01] ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च होता है।

[01:39:11] अब ध्यान देना अगर हमें फ्रुक्टोज का पाचन

[01:39:15] करना है तो इसके लिए किसी भी इंसुलिन की

[01:39:18] आवश्यकता नहीं है। तो नोट लिखिएगा

[01:39:21] फ्रुक्टोज़ इंसुलिन से स्वतंत्र होता है।

[01:39:25] फ्रुक्टोज़ पाचन के लिए फ्रुक्टोज़ पाचन के

[01:39:29] लिए इंसुलिन से स्वतंत्र होता है।

[01:39:33] फ्रुक्टोज पाचन के लिए इंसुलिन से

[01:39:36] स्वतंत्र होता है।

[01:39:43] फ्रुक्टोज पाचन के लिए इंसुलिन से

[01:39:46] स्वतंत्र होता है। तो इंसुलिन की

[01:39:48] रिक्वायरमेंट केवल कहां पड़ेगी? ग्लूकोज

[01:39:51] में। फ्रुक्टोज़ में नहीं पड़ेगी। ये दोनों

[01:39:54] समझ में आया? एक और था गैलेक्टोज़।

[01:39:58] तो नेक्स्ट लिखिएगा हेडिंग।

[01:40:05] गैलेक्टोज़।

[01:40:10] लिखिएगा अन्य नाम

[01:40:16] इसमें एल्डिहाइड ग्रुप होता है।

[01:40:21] प्लस में इसमें कार्बन की संख्या छह है।

[01:40:26] तो आप कहोगे फिर ग्लूकोज से अंतर क्या

[01:40:28] निकला? बस स्ट्रक्चर का अंतर है। ग्लूकोज

[01:40:32] में जो OH है वो राइट है और इसमें OH

[01:40:37] लेफ्ट होता है। संरचना का अंतर है। बाकी

[01:40:39] कोई अंतर नहीं है। तो चूंकि एल्डिहाइड और

[01:40:42] छह होने के नाते इसको भी हम कहेंगे एल्डो

[01:40:47] हेक्सोज

[01:40:49] एल्डो

[01:40:51] हेक्सोज।

[01:40:53] तो पहला नाम लिखिएगा एल्डो हेक्सोज।

[01:40:57] एल्डो हेक्सोज़।

[01:41:00] दूसरा इसे कहते हैं र दूध की सरल शर्करा।

[01:41:03] कहां मिला था ये? दूध में। तो इसे कहेंगे

[01:41:07] दूध की सरल शर्करा।

[01:41:11] दूध की सरल शर्करा। सिंपल शुगर ऑफ मिल्क।

[01:41:16] दूध में दो शर्कराएं पाई जाएंगी। एक

[01:41:19] लैक्टोज और एक गैलक्टोज़। तो जो हमें मिठास

[01:41:24] पैदा कराता है दूध में जब बिना पानी वाला

[01:41:26] दूध पियोगे जानवरों के तो वो मिठास वाले

[01:41:29] होते हैं और जब पानी डाल देंगे तो उसमें

[01:41:33] से चीनी मिलानी पड़ जाती है तो जो मिठास

[01:41:35] पैदा हो रहा है वो लैक्टोज से हो रहा है

[01:41:38] और नहीं गैक्टोज नहीं बेटा लैक्टोज

[01:41:41] लैक्टोज मतलब डाइस सैकराइड वो मैंने

[01:41:44] रास्ते में बताया हूं अभी और जो नॉर्मल

[01:41:47] शर्करा है जिसमें मिठास नहीं आती वो होता

[01:41:50] है गैलेक्टोज तो अंत अंत में टूटेगा

[01:41:52] गैलेक्टोज और गैलेक्टोज कन्वर्ट होगा

[01:41:55] ग्लूकोज में। यानी कि लैक्टोज से

[01:41:57] गैलेक्टोज और गैलेक्टोज से ग्लूकोज। और तब

[01:42:00] बच्चे उसको डाइजेस्ट कर लेते हैं। बहुत

[01:42:03] साल पहले इनको देखो एक इकलौते हम हैं जो

[01:42:07] अन्य प्रजाति का दूध पी सकते हैं।

[01:42:11] और भी जानवर हैं लेकिन वो डाइजेस्ट नहीं

[01:42:13] कर पाते। बिल्ली का बच्चा बिल्ली का ही

[01:42:15] दूध पिएगा।

[01:42:17] लेकिन इंसान का बच्चा गाय का दूध पी रहा

[01:42:20] है। भैंस का दूध पी रहा है, बकरी का पी

[01:42:23] रहा है, ऊंट का पी रहा है, गधे का पी रहा

[01:42:25] है। मतलब

[01:42:26] गधी का दूध सबसे महंगा होता है। पता है कि

[01:42:29] नहीं आपको? दुनिया में सबसे महंगा दूध पता

[01:42:32] है कौन सा है?

[01:42:35] चुहिया का

[01:42:38] ₹ लाख लीटर।

[01:42:50] अब क्या किया जाए?

[01:42:59] वर्ल्ड

[01:43:00] का सबसे ज्यादा ये महंगा है।

[01:43:08] अब आज तक चूहिए दूध में पिया नहीं हूं।

[01:43:12] अब सोचो कि 1 लीटर दूध लाने में एटलीस्ट

[01:43:17] बता रहे थे कि 4000 चूहिए की आवश्यकता

[01:43:20] होती है।

[01:43:22] फॉर मंथ एक मंथ अगर वो 4000 चुया मिलके

[01:43:27] दूध देंगी तो 1 लीटर दूध निकलता है।

[01:43:31] बेसिकली इसका इस्तेमाल करते हैं मेडिसिन

[01:43:33] में। है ना? तो दवाओं में और खास करके

[01:43:37] कैंसर मेडिसिन में और मेटाबॉलिक मेडिसिन

[01:43:40] बनाई जाती हैं जिस पर रिसर्च चलता है। यह

[01:43:43] पीने के लिए नहीं मिलता और ना ही कोई इसको

[01:43:46] ऐसे यूं ही निकाल सकता है क्योंकि आम

[01:43:49] तरीका नहीं है ये। तो ये एक तरीके से

[01:43:52] रिसल्स मिल्क है। बाकी जो गधी का दूध है

[01:43:56] वो तो सिंपल है। उसको लोग पालते भी हैं और

[01:43:59] उसकी पूरी की पूरी एक इंडस्ट्री है। तो जो

[01:44:02] महंगे शॉप आते हैं लगभग मान के चलो कि

[01:44:05] ₹5000 वाले शॉप जो अमीर लोग लगाता है या

[01:44:09] जो कॉस्मेटिक्स आते हैं खास करके लिपस्टिक

[01:44:13] या क्रीम फेस क्रीम उन सब में गधी के दूध

[01:44:17] पड़ते हैं। तो हंसने की बात नहीं है भाई।

[01:44:21] कारण कि वो हाईली एंटीबायोटिक पावर के

[01:44:25] होते हैं। उनमें एंटीऑक्सीडेंट क्षमता

[01:44:27] होती है। जो जैसे आजकल ना आज सर्च करना

[01:44:31] जाके ग्रेफीन बेस्ड लेपिस्टिक। तो आपको

[01:44:34] ₹25,000 से स्टार्ट करेगा। 25,000 पर

[01:44:38] यूनिट से स्टार्ट होती है। तो ग्रेफीन इज़

[01:44:41] अ नैनो मटेरियल दैट इज यूज्ड इन डिफरेंट

[01:44:45] टाइप ऑफ प्रोडक्ट लाइक अ पेंट लाइक अ

[01:44:49] कॉस्मेटिक इंडस्ट्रीज समथिंग्स। जैसे आजकल

[01:44:52] ग्रेफीन बेस्ड पेंट आ गए हैं। एक बार पेंट

[01:44:55] करो 30-40 साल तक उनका असर नहीं खत्म

[01:44:57] होगा। उन पर किसी भी तरह का वेदर का असर

[01:45:00] नहीं होगा। तो अब क्या है कि मेकअप की

[01:45:03] क्या प्रॉब्लम है? मेकअप की दो प्रॉब्लम

[01:45:05] है। एक डेली करो डेली उतर जाता है। भाई

[01:45:09] आदमी बारात से लौट के आया

[01:45:12] धो लिया मुंह तो काम खत्म। अगली बारात है

[01:45:15] तो फिर से 1000 2000 10,000 खर्च करो।

[01:45:19] जैसा मेकअप वैसी मार्केटिंग भाई 200 वाला

[01:45:22] मेकअप दीदी वाला लगा के जाओगे तो बाजार

[01:45:24] बारात में लोग क्या ही कहेगा आपको के फिर

[01:45:27] अट्रैक्शन की केंद्र बन जाओगे। लिपस्टिक

[01:45:29] यहां से निकली हुई है।

[01:45:32] अगर वही मेकअप आप 15 2000 करा के जाओगे

[01:45:36] मतलब आप नहीं जाओगे बच्चियां जाती है

[01:45:37] हमारी और होना भी चाहिए सुंदरता का अधिकार

[01:45:39] आप पर है। आप तो सुंदर हो ही नहीं।

[01:45:43] नहीं हो मत सोचा करो। मधुरता और सुंदरता

[01:45:47] केवल बच्चियों में है। पुरुष ना तो सुंदर

[01:45:49] होता है और ना ही मधुर होता है।

[01:45:53] पुरुष कुरूप होता है।

[01:45:56] यही सच्चाई है। नहीं नहीं नहीं कुछ ज्यादा

[01:45:58] नहीं जा रहे हो। वही ख्याल है ना कि एक

[01:46:02] कोई है मीम्स चलता है। कोई किसी बच्ची ने

[01:46:05] पूछा कि भारतीय लड़के अच्छे नहीं लग रही

[01:46:07] है। को अच्छे लग

[01:46:09] दांत 5000 साल लिए।

[01:46:15] [हंसी]

[01:46:15] इतनी कभी ना बुराई करो। बच्चे मेरे बहुत

[01:46:17] प्यारे हैं। है ना? इनके इनकी सुंदरता कोई

[01:46:21] प्रतिमान है ही नहीं। अपूर्व सुंदर हो आप।

[01:46:25] क्लियर हो गया? हम जो बचा रहे हैं वही आप

[01:46:28] कर रहे हो। ठीक। ये बहुत अच्छे हैं। हमारे

[01:46:31] दिल के बहुत करीब हैं। ये है ना? आप लोग

[01:46:34] तो पहले से हो।

[01:46:37] डिप्लोमेटिक

[01:46:40] [हंसी]

[01:46:40] तो यह दूध की मार्केट में मैं क्यों घुस

[01:46:43] गया? बाहर आते हैं। है ना? अब आज से चुिया

[01:46:47] पालना मत शुरू करना। पता चल रहा है कि

[01:46:49] प्लान बी रेडी। [हंसी]

[01:46:52] अगर इधर नहीं सक्सेस होंगे।

[01:46:55] कुछ करना नहीं है। 4 दूनी 8000 चुइया पाल

[01:46:58] लेना है। तो इसके लिए आपको आप तक ये

[01:47:02] सुविधा नहीं आ पाएगी। यह ना यूपी मतलब

[01:47:06] इंडिया में है भी नहीं है। विदेशों में

[01:47:07] होता है। खैर तो तीसरा जो बेस्ट क्वालिटी

[01:47:10] का मिल्क है वह ऊंटनी का और बकरी का दूध

[01:47:14] होता है। ऊंटनी का सबसे मीठा दूध होता है

[01:47:17] और मोस्ट थिकनेस होती है उसमें ज्यादा।

[01:47:20] इसलिए पानी में उसे निकालते हैं। और जो

[01:47:23] बकरी का दूध है वो बहुत ज्यादा मेडिसिन

[01:47:25] प्रॉपर्टी वाला होता है। है ना? गांव में

[01:47:28] कहावत है कि 36 बीमारियों का एक दवाई बकरी

[01:47:32] का दूध। है ना? जैसे वो पकड़ता है कौन सा

[01:47:35] डेंगू हालांकि नुकसान करता है डेंगू में

[01:47:40] ऐसे दूध पीने से बचना चाहिए क्योंकि

[01:47:42] ब्रुसोलोसिस नामक बीमारी हो जाती है डेंगू

[01:47:44] तो ठीक हो जाता है लेकिन नई बीमारी हो

[01:47:46] जाती है हम सब कोरियन से कम हां आजकल

[01:47:49] कोरियन लड़कों का थोड़ा स्ट्राइक ज्यादा

[01:47:51] है बिलाश जैसे दिखते हैं वो

[01:47:55] है ना तो भारतीय हैं। ठीक है? कोई मतलब का

[01:48:00] नहीं होता। और किसी की बॉडी सेविंग करने

[01:48:03] से लाख बार सोचना चाहिए। सबका अपना-अपना।

[01:48:06] हम अपनी अम्मा के लिए सबसे सुंदर हैं। बस

[01:48:09] इतना ध्यान रखना है ना? राजा बेटा और रानी

[01:48:13] बिटियां हैं। इससे और ना तो मुझे किसी का

[01:48:16] सर्टिफिकेट चाहिए और ना मुझे आवश्यकता है।

[01:48:19] क्लियर? बस ये ध्यान रखो। हमारी अम्मा कभी

[01:48:22] भी हमें ये कह ही नहीं सकती कि तुम अच्छे

[01:48:25] नहीं दिख रहे हो। उनको यही लगेगा। अगर ऐसा

[01:48:28] होता तो भगा ना देती घर से। यहां तक कैसे

[01:48:31] आई? खाना खिलाएगा अपना खाली कच्छा अच्छा

[01:48:34] का फोटो देख लेना। अरे होए बिलार जैसा

[01:48:37] खोपड़ा लिए खड़े हो। लेकिन तब भी घरवालों

[01:48:40] ने पाला है।

[01:48:42] खाना खिलाया है। यहां तक पहुंचा दिया है।

[01:48:46] इसलिए उनसे वही हमारे लिए बेहतर है। खैर

[01:48:49] तो गैलेक्टोज़ दूध से बाहर आओ भाई। इतना

[01:48:53] महंगा दूध बता देंगे। पढ़ने नहीं आओगे कल

[01:48:56] से। तो इसे हम दूध की शर्करा कहते हैं।

[01:48:59] नीचे एक नोट डाल देना पॉइंट लिखिएगा।

[01:49:03] लिखिए बच्चों में बच्चों में गैलेक्टोज

[01:49:09] के पाचन के लिए बच्चों में गैलेक्टोज के

[01:49:12] पाचन के लिए

[01:49:15] विशेष गैलेक्टेज एंजाइम

[01:49:19] विशेष

[01:49:21] गैलेक्टेज एंजाइम

[01:49:25] प्रभावी होता है।

[01:49:27] विशेष गैलेक्टेज

[01:49:33] एंजाइम प्रभावी होता है।

[01:49:38] विशेष गैलेक्टेज एंजाइम प्रभावी होता है।

[01:49:38] विशेष गैलेक्टेज एंजाइम प्रभावी होता है।

[01:49:44] आगे लिखिएगा। दूसरा पॉइंट

[01:49:48] इसे ब्रेन शुगर भी कहा जाता है। इसे ब्रेन

[01:49:53] शुगर भी कहा जाता है। इसे ब्रेन शुगर भी

[01:49:58] कहा जाता है

[01:50:02] क्योंकि यह

[01:50:05] बच्चों के मानसिक विकास में मदद करता है

[01:50:09] क्योंकि यह बच्चों के मानसिक विकास में

[01:50:12] मदद करता है

[01:50:14] क्योंकि यह बच्चों के मानसिक विकास में

[01:50:18] मदद करता है

[01:50:21] क्योंकि यह बच्चों के मानसिक विकास में

[01:50:24] मदद करता है।

[01:50:28] नेक्स्ट लिखिएगा।

[01:50:31] एक प्रॉब्लम क्या होता है कि माएं खास

[01:50:34] करके फीडिंग बॉटल्स का इस्तेमाल करती हैं।

[01:50:36] एक तो छ माह तक बच्चों को बाहरी दूध की

[01:50:39] आवश्यकता होती नहीं। पर लोगों को क्या

[01:50:41] लगता है ना कि हमारा बच्चा मोटा होके

[01:50:43] पहलवान आज ही बन जाए। तो ऐसी स्थिति में

[01:50:46] माएं क्या करती हैं? बाहर से दूध पिलाना

[01:50:47] शुरू कर देती हैं गाय का। तो गाय का दूध

[01:50:50] बच्चों के लिए ज़हर है। कोई मतलब का नहीं

[01:50:52] है। भैंस-वैंस भी दूध फर्जी के होते हैं।

[01:50:54] आफ्टर सिक्स मंथ बट थोड़ा बहुत आवश्यकताएं

[01:50:57] लगती हैं। तो दलिया है, दाल है। बहुत से

[01:51:00] खाद्य पदार्थ हैं या केले का मेस मेस

[01:51:04] बनाना होता है। केला लेकर के हल्का सा

[01:51:06] उसको मैस कर दीजिए। बच्चों को दीजिए। उससे

[01:51:08] उससे उनका पोषण बढ़ता है। बहुत हद तक

[01:51:10] प्रयास करना चाहिए कि हमें बच्चों को

[01:51:12] बाहरी दूध ना दें। कारण कि कई बार ना जैसे

[01:51:16] हम बहुत सालों बाद कई सदियों बाद लैक्टोज

[01:51:18] इनटॉलरेंस और टॉलरेंस को समझ पाए। आज भी

[01:51:21] दुनिया में 70% ही लोग दूध पी पाते हैं।

[01:51:25] बाहरी दूध 20 से 30% को लैक्टोज टॉलरेंस

[01:51:28] प्रॉब्लम है। यानी कि वो दूध पिएंगे तो

[01:51:31] बीमार पड़ जाएंगे। कारण कि बाहतम दूध संभव

[01:51:34] नहीं है। हम डाइजेस्ट नहीं कर पाते। लेकिन

[01:51:37] धीरे-धीरे हमने अपना एववोल्यूशन किया।

[01:51:39] बदलाव किया और बदलाव करते-करते बाहरी दूध

[01:51:41] हमें मिले। तो ज्यादा मात्रा कई बार दूध

[01:51:44] जो है बाहरी वो गंदा हो जाता है। देखा

[01:51:46] होगा जैसे दूध पिएंगे उससे दही निकालते

[01:51:48] हैं बच्चे। हल्का पेट दबा दो दही निकल आती

[01:51:51] है। है ना? उगल देते हैं घर से। तो दही

[01:51:55] प्राप्त करने का सबसे शानदार तरीका है।

[01:51:58] दूध पिलाओ मारो दही। तो वो बेसिकली

[01:52:01] गैक्टोसीमिया होती है। गैलेक्टोसीमिया

[01:52:04] प्रॉब्लम बच्चों का लीवर बड़ा कर देती है।

[01:52:07] आंख में कमजोरी ला सकती है। है ना? एक तो

[01:52:10] बच्चे एकद महीना बाद देखना शुरू करते हैं।

[01:52:13] जो ताजे बच्चे हैं वो देख नहीं पाते।

[01:52:15] जानते हो नहीं आप लोग एक डेढ़ महीने तक वो

[01:52:17] देखते नहीं कुछ बस खाली वो सिग्नल पकड़ते

[01:52:20] हैं आवाज और छ महीने तक रो के आंसू नहीं

[01:52:23] निकालते क्योंकि रोएंगे पे करेंगे लेकिन

[01:52:26] आंसू नहीं निकलेगी। 6 महीने बाद उनसे आंसू

[01:52:28] निकलना शुरू होती है। क्योंकि अगर तत्काल

[01:52:30] रोना शुरू जन्म लेती तो रोते तो रहते हैं।

[01:52:33] 6 महीने तक रोते बीता है आपका। ये ध्यान

[01:52:35] दो। खूब रोए हो। जितना रोओगे उतना विकास

[01:52:38] होगा। लेकिन मां अगर आंसू देख लेगी तो ऐसी

[01:52:40] स्थिति में फिर मिल्क इजेक्शन रुक जाता

[01:52:43] है। वो बहुत द्रवित हो जाती है। तो ईश्वर

[01:52:45] ने क्या किया? लेक्राइमल ग्लैंड ही स्लो

[01:52:47] कर दिया। कहा कि छ महीना के बाद बच्चा

[01:52:49] पुराना हो जाएगा। नानी मौसी, चाची सब में

[01:52:52] बट जाएगा। तो जैसे गायवाय देखो तत्काल

[01:52:55] बच्चा कहीं और नहीं बांध सकते हो वो। आप

[01:52:58] चिल्ला के नरक मचा देगी वो और कई दिन

[01:53:00] छह-सात दिन और उसके बाद आराम से ले घुमाओ।

[01:53:03] तो सेम तरीका है ममत्व होता है ना एक

[01:53:05] तरीके से तो शुरुआत में माएं बच्चों को

[01:53:08] रोता देखेंगी तो दिक्कत होगा तो इन्होंने

[01:53:10] बंद कर दिया कि भैया आप क्या करो रोना

[01:53:13] लेकिन आंसू मत निकालना तो छ महीने वाले

[01:53:15] बच्चे खूब चिल्लाएगा रोएगा नहीं तो मां को

[01:53:18] लगता है फर्जी चिल्ला रहा है कोई मतलब का

[01:53:20] नहीं है नाटक कर रहा है रो ना रहा है तो

[01:53:23] बहुत सिस्टमैटिक है दुनिया है ना ऐसी बनाई

[01:53:25] गई है जिससे कि सब कुछ सही चले हां तुम

[01:53:27] प्यार कर लो यहीं पे

[01:53:30] कर लो ना प्यार मारेंगे खींचना

[01:53:33] उनका गला पकड़ के गले लग रहे हैं।

[01:53:38] यह पुरुष पुरुष प्यार करो तुम्हें।

[01:53:42] वागला कहीं का हम समझा रहे हैं कंधे में

[01:53:46] हाथ रख के। आ रहे हैं।

[01:53:51] क्या नाम है?

[01:53:53] मुकेश

[01:53:55] दोबारा ऐसा मत करना। ठीक है। क्लास में

[01:53:58] क्या

[01:54:00] विनोद?

[01:54:02] अच्छा ठीक है दोबारा ऐसी हरकत नहीं क्लास

[01:54:06] में बैठे हो ना

[01:54:08] कर तू मेरा प्यारा दोस्त है रे [हंसी]

[01:54:13] तो कहां थे हां बच्चों के बारे में बताओ

[01:54:16] हां जी

[01:54:21] दोबारा वीडियो अरे समझ लेना ट्यूशन नहीं

[01:54:24] पढ़ा रहे हैं 100 बार कहोगे 100 बार नहीं

[01:54:26] बताएंगे एक बार बताएंगे कह रहा है ग्लूकोज

[01:54:29] दोबारा समझा दोबारा हमारा वीडियो तो मिलता

[01:54:31] है ना भाई आराम से पढ़ना। ये कोचिंग चल

[01:54:35] रही है। ट्यूशन नहीं है।

[01:54:39] एक काम करो अपना पता दो। अब कमरे पे आके

[01:54:41] पढ़ाए तुम्हें।

[01:54:43] उतनी देर तक नरक मचाए ग्लूकोज में। कम समझ

[01:54:46] पाए हो। वीडियो पड़ जाएगा देख लेना। कहां

[01:54:49] नहीं समझे बताओ?

[01:54:52] कहां नहीं समझे हो?

[01:54:58] क्या कहां नहीं पॉइंट बताओ इसके आगे और

[01:55:02] कुछ है ही नहीं ग्लूकोज की ही वही शुरू

[01:55:05] हुई है कहां है

[01:55:08] कहां नहीं समझे हो चाचा बताओगे

[01:55:15] हां जी

[01:55:19] बेटा ना ये अपने लेवल की चीज नहीं है

[01:55:21] इसलिए हमने बताया नहीं देखो अपन लोग ना

[01:55:24] जनरल साइंस पढ़ रहे

[01:55:26] जनरल साइंस का मतलब होता है उतनी ही बात

[01:55:28] बताओ जितना अपने काम का हो। बस मैंने यहां

[01:55:32] पर डेक्स्रोज बोलने की वजह से आपको यह

[01:55:34] बताया कि देयर आर टू फॉर्म लेबो एंड

[01:55:37] डेक्स। होता क्या है ना कि इनका जब आप कभी

[01:55:40] स्ट्रक्चर देखोगे मैं आपको दिखाता हूं

[01:55:41] स्ट्रक्चर। तो

[01:55:45] ये देखना ये देख रहे हो

[01:55:50] HOH OH HOH HOH तो यही OH जब चेंज हो जाता

[01:55:56] है तो ये लेबो बन जाएगा। OH इधर रहेगा तो

[01:56:00] ये डेक्सा रहेगा। तो ग्लूकोज दो मिलेगा।

[01:56:04] एक कुछ का OH इधर रहेगा। कुछ का OH इधर

[01:56:07] रहेगा। जब ये नॉर्मल है तो ये डेक्सा है।

[01:56:10] जब ये बदल गया तो लेबो हो गया। यानी कि एक

[01:56:13] बार ये इधर से मुड़ा और एक बार ये इधर से

[01:56:15] मुड़ा। तो दो फॉर्म आए। एक क्लॉकवाइज, एक

[01:56:19] एंटीक्लॉकवाइज। तो हमें बताना है कि हम

[01:56:21] कौन सा खाएंगे? क्लॉकवाइज जिसमें डेक्सा

[01:56:24] फॉर्म होगा। लेकिन जो फ्रुक्टोज़ है वो

[01:56:28] एंटीक्लॉकवाइज है। वो क्या कहलाएगा? लेबो

[01:56:30] फॉर्म कहलाएगा। क्लियर हुआ? बस यही। अबकि

[01:56:33] मैं इतना बताऊंगा तो केमिस्ट्री बन जाएगी।

[01:56:35] केमिस्ट्री अपने हिस्से में नहीं आती। ठीक

[01:56:38] है? बैठो। आपका यही था क्या भैया? अरे ये

[01:56:42] तो नहीं था। कुछ और था लेकिन आप कहोगे

[01:56:45] नहीं।

[01:56:47] दोबारा नहीं कहेंगे।

[01:56:53] बताओ।

[01:56:55] अच्छा ये डाकी हैं।

[01:56:58] इनका नहीं है। चलिए तो क्या लिखा लास्ट

[01:57:02] में?

[01:57:04] हां। हां तो अब देखो एक बीमारी है

[01:57:05] गैलेक्टोसी

[01:57:07] तो लिखिएगा जब

[01:57:12] जब गैलेक्टोज एंजाइम में समस्या आती है जब

[01:57:17] गैलेक्टोज एंजाइम में समस्या आती है

[01:57:22] तो बच्चों में

[01:57:26] गैलेक्टोसीमिया

[01:57:30] बच्चों में गैलेक्टोसीमिया नामक बीमारी हो

[01:57:33] जाती

[01:57:34] बच्चों में गैलेक्टो

[01:57:38] गैलेक्टोसीमिया नामक बीमारी हो जाती है।

[01:57:42] बच्चों में गैलेक्टोसीमिया

[01:57:44] नामक बीमारी हो जाती है। तो ये रहा

[01:57:48] मोनोसैक्राइड के वो सारे एग्जांपल जो आपको

[01:57:51] जानने थे। अब लिखिएगा हेडिंग डाई सैकराइड।

[01:57:57] डाईसैकराइड। डाई मतलब दो और पॉली मतलब एक

[01:58:02] से बहुत अधिक। तो जब दो मोनो मिलके क्या

[01:58:06] बनाएं? कार्बोहाइड्रेट तो क्या कहलाएगा?

[01:58:09] डाई। तो परिभाषा लिखिएगा। लिखिएगा जब दो

[01:58:12] मोनोसैक्राइड

[01:58:14] जब दो मोनोसैक्राइड

[01:58:18] आपस में बॉन्ड बनाते हैं। जब दो

[01:58:23] मोनोसैक्राइड आपस में बॉन्ड बनाते हैं।

[01:58:28] आपस में बॉन्ड बनाते हैं

[01:58:32] तो हमें डाइसैकराइड प्राप्त होता है। आपस

[01:58:36] में बॉन्ड बनाते हैं तो हमें डाईसैकराइड

[01:58:40] प्राप्त होता है।

[01:58:46] तो हमें डाइस सैकराइड प्राप्त होता है।

[01:58:50] पॉइंट नेक्स्ट लिखिएगा। यह स्वाद में मीठे

[01:58:53] होते हैं।

[01:58:55] यह स्वाद में मीठे होते हैं

[01:58:59] और जल में घुलनशील भी होते हैं।

[01:59:03] यह स्वाद में मीठे होते हैं और जल में

[01:59:07] घुलनशील भी होते हैं।

[01:59:11] और जल में घुलनशील भी होते हैं।

[01:59:17] स्वाद में मीठे होते हैं और जल में

[01:59:20] घुलनशील भी होते हैं। देखो अब यहां पर ये

[01:59:23] H है। ये C है। ये C है। ये H है और ये O

[01:59:28] है यानी कि C O C H

[01:59:34] तो इस तरह से एक बॉन्ड बन रहा है। तो अब

[01:59:38] इधर का हिस्सा एक मोनोसैक्राइड इधर का

[01:59:41] हिस्सा इस बॉन्ड को कहते हैं ग्लाइको

[01:59:47] स्पेडिक

[01:59:49] बॉन्ड। तो सवाल आ जाएगा कि डाईसैक्राइड

[01:59:52] में कौन सी बॉन्डिंग होती है? तो नीचे

[01:59:55] लिखिएगा नोट में लिखिएगा डाइसैैकराइड में

[02:00:00] दो मोनो के बीच नोट लिखिएगा। डाइसैैकराइड

[02:00:04] में दो मोनो के बीच ग्लाइकोसिडिक

[02:00:08] बॉन्ड पाया जाता है। दो मोनो के बीच

[02:00:12] ग्लाइकोसिडिक

[02:00:13] बॉन्ड पाया जाता है।

[02:00:16] दो मोनों के बीच ग्लाइकोसिडिक बॉन्ड पाया

[02:00:20] जाता है।

[02:00:22] दो मोनों के बीच ग्लाइकोसिडिक बॉन्ड पाया

[02:00:26] जाता है। अब देखिएगा उदाहरण

[02:00:32] तीन बड़े एग्जांपल हैं इसके। एक है

[02:00:35] सुक्रोज़,

[02:00:39] एक है माल्टोज़

[02:00:43] और एक है लैक्टोज़। तो तीन नाम लिख देना।

[02:00:49] सुक्रोज़, माल्टोज़ और लैक्टोज़। वो सारे

[02:00:52] एग्जांपल अब रास्ते में मिल रहे हैं ना जो

[02:00:54] सबसे पहले लिखे गए थे। सुक्रोज़, माल्टोज़

[02:00:58] और लैक्टोज़।

[02:01:00] सुक्रोज़, माल्टोज़ और लैक्टोज़। तो आज का जो

[02:01:04] समय है वो यहीं पर पूरा हुआ। कल से हम लोग

[02:01:07] सीखेंगे कि सुक्रोज़ क्या होता है? माल्टोज

[02:01:10] और लैक्टोज़। थैंक यू। नमस्कार।
