# History Lecture - 3

https://www.youtube.com/watch?v=SNRlaqhwJUI
Translation: en

[00:29] सो सो हेलो एवरीवन एंड गुड मॉर्निंग सभी को।
  So so hello everyone and good morning to all.

[00:31] उम्मीद करता हूं मेरी वॉइस प्रॉपर आ रही होगी सभी एक बार कंफर्म करेंगे।
  I hope my voice is coming properly, everyone will confirm once.

[00:50] करता हूं।
  I do.

[00:58] हां जी।
  Yes.

[00:59] तो स्टार्ट किया जाए फिर आज हम लोग करने वाले हैं वैदिक ऐज।
  So shall we start then, today we are going to do the Vedic Age.

[01:03] ठीक है?
  Okay?

[01:05] तो हम लोगों ने अभी कौन-कौन सी एजेस देख ली है वो एक बार कर लेते हैं।
  So which ages have we seen so far, let's go over them once.

[01:08] ठीक है?
  Okay?

[01:23] चलो
  Let's go.

[01:25] एक सेकंड।
  One second.

[01:37] ये लाइव स्ट्रीम 3O की है।
  This live stream is of 3O.

[01:42] नहीं ये 3.0 की नहीं है।
  No, this is not of 3.0.

[01:42] ये 2.0 की है।
  This is of 2.0.

[01:42] है ना?
  Isn't it?

[01:46] हम लोगों ने टाइम मशीन से जो है पीछे जाके हम लोग ये लाइव कर रहे हैं।
  We are doing this live by going back in time with a time machine.

[01:50] तो हम लोगों ने भी देखा है एक तो स्टोन एज।
  So we have also seen the Stone Age.

[01:54] ठीक है?
  Okay?

[01:54] सबसे पहले देन हम लोगों ने कल के लेक्चर में देखा था ब्रोंज़ एज है ना
  First of all, then in yesterday's lecture, we saw the Bronze Age, right?

[02:01] कल के लेक्चर में हम लोग हम लोगों ने ब्रोंज़ एज देखा था।
  In yesterday's lecture, we saw the Bronze Age.

[02:06] ठीक है?
  Okay?

[02:08] हम हम
  We, we

[02:08] और आज हम लोग देखने वाले हैं आयरन एज।
  And today we are going to see the Iron Age.

[02:11] ठीक है?
  Okay?

[02:11] यहां से एक्चुअल में हिस्ट्री स्टार्ट होती है।
  History actually starts from here.

[02:14] ये थी हमारी प्री हिस्ट्री।
  This was our pre-history.

[02:14] ये थी प्रोटो हिस्ट्री और ये है हिस्ट्री।
  This was proto-history, and this is history.

[02:17] प्री हिस्ट्री क्यों?
  Why pre-history?

[02:19] क्योंकि यहां पर जो चीजें लिखी गई थी उसको हम डिसाइ मतलब उसको मतलब वो लिखी नहीं गई थी।
  Because the things that were written here, we could decipher it, meaning, they were not written.

[02:23] पहली बात तो स्टोन एज में।
  Firstly, in the Stone Age.

[02:25] ब्रोंज़ एज में जो लिखी गई थी उसको हम डिसाइफर नहीं कर पाए।
  In the Bronze Age, what was written, we could not decipher.

[02:27] दैट मींस इट इसको हम प्रोटो हिस्ट्री बोलते हैं।
  That means it, we call this proto-history.

[02:29] और आयरन ऐज का मतलब है जहां से हमें कुछ रिटेन एविडेंसेस मिले।
  And Iron Age means from where we got some written evidences.

[02:31] ठीक है?
  Okay?

[02:31] और यहां से
  And from here

[02:38] हम पढ़ने वाले हैं वैदिक काल को वैदिक ऐज को।
  We are going to read about the Vedic period, the Vedic Age.

[02:40] जो कि टाइम पीरियड है फ्रॉम 1500 बीसी ऑनवर्ड्स टू 600 बीसी।
  Which is the time period from 1500 BC onwards to 600 BC.

[02:44] अब यह जो वैदिक ऐज है जो वैदिक टाइम पीरियड है 1500 1500 बीसी से लेकर 600 बीसी इसको हम दो पार्ट में डिवाइड करते हैं।
  Now, this Vedic Age, this Vedic time period, from 1500, 1500 BC to 600 BC, we divide it into two parts.

[02:48] एक तो एक को बोलते हैं अर्ली वैदिक एज और दूसरे को बोलते हैं लेटर वैदिक ऐज।
  One is called the Early Vedic Age and the other is called the Later Vedic Age.

[02:51] ठीक है?
  Okay?

[02:53] तो जो अर्ली वैदिक एज है वो 1500 से लेकर 1000 बीसी तक का जो टाइम पीरियड है और जो लेटर वैदिक ऐज है वो 1000 से लेके 600 बीसी के जो बीच का टाइम पीरियड है उसको हम बोलते हैं।
  So, the Early Vedic Age is the time period from 1500 to 1000 BC, and the Later Vedic Age is the time period between 1000 and 600 BC, that's what we call it.

[02:55] लेकिन अभी सारी चीजें स्टार्ट कैसे हुई वो थोड़ा हम समझते हैं।
  But let's understand a little about how everything started.

[02:57] तो एक्चुअल में यह माना जाता है कि यहां रशिया के साउथ में रशिया के साउथ में जो ये स्टेपीज थे, स्टेपीज हम लोगों ने पढ़ा था।
  So, actually, it is believed that here in the south of Russia, in the south of Russia, there were these steppes, we had read about steppes.

[03:00] यह ज्योग्राफी में क्या होते हैं?
  What are these in geography?

[03:02] जरा बताइए जल्दी से कमेंट में।
  Please tell me quickly in the comments.

[03:05] व्हाट आर स्टेपीज?
  What are steppes?

[03:07] क्या वॉइस कम आ रही है क्या?
  Is the voice low?

[03:09] ये वॉइस प्रॉपर आ रही है सभी।
  Is the voice coming properly to everyone?

[03:11] एक बार
  Once

[03:39] कंफर्म करेंगे।
  We will confirm.

[03:41] जरा बताइए जल्दी से कमेंट में।
  Please tell us quickly in the comments.

[03:44] कितना तेज है वॉइस चाहिए भाई।
  How fast do you want the voice, brother?

[03:53] चलिए तो अगर हम स्टेपीज़ की बात करेंगे तो ये हमारे थे टेंपरेट ग्रासलैंड्स।
  So, if we talk about steppes, these were our temperate grasslands.

[03:55] ठीक है?
  Okay?

[03:58] तो ये माना जाता है कि यहां पर एक ट्राइब एक कबीला रहता था।
  So it is believed that a tribe lived here.

[03:59] ठीक है?
  Okay?

[04:02] जो टर्की में यानी कि यहां पर जो तुर्कीय देश पड़ता है वहां पर आने के बाद एक जो इसका सेक्शन है वह यहां पर इंडिया की तरफ माइग्रेट हुआ और एक चला गया यूरोप की ओर।
  Which, after coming to Turkey, that is, the country of Turkey which is located here, one section of it migrated towards India and one went towards Europe.

[04:10] ठीक है?
  Okay?

[04:13] एक चला गया इंडिया की ओर और एक चला गया यूरोप की ओर।
  One went towards India and one went towards Europe.

[04:16] अब यहीं पर माना जाता है।
  Now it is believed right here.

[04:18] आपको पता है कल हम लोगों ने पढ़ा था यह कौन है हमारे? प्रीस्ट किंग हैं।
  You know, yesterday we read, who is this? He is the Priest King.

[04:19] तो पहले हड़प्पन सिविलाइजेशन था।
  So first there was the Harappan Civilization.

[04:21] काफी सारी थ्योरीज हैं कि किस तरह से हड़प्पनंस जो हैं यहां से हटे।
  There are many theories about how the Harappans moved from here.

[04:24] तो उनमें से एक थ्योरी ये भी है।
  So, one of those theories is this.

[04:26] तो काफी सारी थ्योरीज तो कि ये बोलती हैं कि भाई क्लाइमेट चेंज हो सकता है या फिर बाढ़ हो सकती है या फिर अर्थक्वेक हो सकता है।
  So, many theories state that it could be climate change, or floods, or earthquakes.

[04:31] मतलब अलग-अलग थ्योरीज हैं।
  Meaning, there are different theories.

[04:34] और एक थ्योरी यह भी बोलती है कि आर्येंस का इन्वेशन हुआ था इंडिया में।
  And one theory also states that there was an invasion of Aryans in India.

[04:42] इनको बोला गया इंडोआरेंस।
  These were called Indo-European.

[04:47] ठीक है?
  Okay?

[04:50] पहले तो इनको एक रेस कंसीडर किया गया।
  Initially, these were considered a race.

[04:53] रेस इन दी सेंस जैसे नहीं।
  Not in the sense of race, like.

[04:55] हिटलर ने रेस के दम पे बहुत लोगों का नरसंहार किया तो लेकिन अब रेस ना उसको कंसीडर करके अब इसको एक लिंग्विस्टिक ग्रुप कंसीडर किया जाता है।
  Hitler committed genocide against many people based on race, but now, instead of considering it a race, it is considered a linguistic group.

[05:03] वो लिंग्विस्टिक ग्रुप जो कि सेम है यूरोपियन लैंग्वेज से।
  That linguistic group which is the same as European languages.

[05:06] ठीक है?
  Okay?

[05:07] तो जो इंडिया में हमारी लैंग्वेज बोली जाती है चाहे जैसे संस्कृत है तो उसको इंडो यूरोपियन फैमिली एक फैमिली ऑफ़ लैंग्वेज है जिससे इंग्लिश भी बिलोंग करता है।
  So, the languages spoken in India, like Sanskrit, belong to the Indo-European family, a family of languages from which English also originates.

[05:14] उससे कंसीडर किया जाता है।
  It is considered from that.

[05:16] बिकॉज़ यह माना जाता है कि यहां से जो एक कबीला यहां की ओर आया और वह वहां की एक एक मतलब एक यूरोप की ओर गया।
  Because it is believed that a tribe came from here towards there, and went towards Europe.

[05:24] तो, यह हमें कैसे पता चलता है कि भई यहां यहीं से ओरिजिनेट हुए और इंडिया की जो लैंग्वेज है, जो मूल लैंग्वेज थी, इंडो आर्यंस की संस्कृत थी, जिसमें कि हमारे सारे वेदाज़ लिखे गए।
  So, how do we know that they originated from here and that the language of India, the original language, was Sanskrit of the Indo-Aryans, in which all our Vedas were written.

[05:34] सारे वेद लिखे गए।
  All the Vedas were written.

[05:36] और यह जो इंग्लिश लैंग्वेज है, इसमें सिमिलॅरिटीज़ हमें देखने को मिलती हैं।
  And this English language, we find similarities in it.

[05:39] कुछ हमारे इंक्रिप्शन है जैसे कि भोगास्को इं्रिप्शन।
  There are some inscriptions of ours, like the Boghazkoy inscription.

[05:39] यह टर्की में है।
  This is in Turkey.

[05:39] टर्की का जो
  Turkey's

[05:42] भोगास का इंक्रिप्शन है यहां पे इंद्र,
  Bhogas ka inscription is here Indra,

[05:44] वरुण जो कि भगवान अभी तो चलो नहीं है।
  Varuna, who is God, is not there now.

[05:47] अभी तो हम शिव, पार्वती है ना? गणेश और मतलब
  Now we have Shiva, Parvati, right? Ganesha and, like,

[05:52] ये हमारे डिफरेंट गॉड्स हैं।
  these are our different gods.

[05:54] लेकिन उस टाइम पे उस टाइम मतलब वैदिक काल में बहुत
  But at that time, at that time, meaning in the Vedic period, very

[05:56] पहले इंद्र वरुण।
  earlier, Indra, Varuna.

[05:58] आपने नाम तो सुना ही होगा।
  You must have heard the name.

[05:58] ठीक है?
  Okay?

[05:58] इंद्र वरुण इन सब को भी गॉड कंसीडर किया जाता था।
  Indra, Varuna, all of them were also considered gods.

[06:00] ठीक है?
  Okay?

[06:03] रीज़ंस क्या थे, वह भी हम देखेंगे, ठीक है?
  What were the reasons, we will see that too, okay?

[06:05] क्यों कि क्यों गॉड कंसीडर किया जाता था,
  Why, why they were considered gods,

[06:07] उसके भी रीज़ंस थे।
  there were reasons for that too.

[06:09] तो इनके जो नाम हैं वो हमें भोगास्को
  So their names, we find them in the Bhogas ko

[06:11] इं्रिप्शन में मिलते हैं।
  inscription.

[06:11] और साथ ही साथ
  And along with that,

[06:13] कुछ ऐसे वर्ड्स हैं जिनको अगर आप थोड़ा सा
  there are some words which, if you slightly

[06:16] ट्रेस करेंगे तो उनके रूट्स सिमिलर निकल
  trace, their roots come out similar

[06:19] के आते हैं जो कि इंग्लिश में बोले जाते
  which are spoken in English

[06:21] हैं और जो संस्कृत में जैसे भ्राता है।
  and in Sanskrit, like Bhraata.

[06:23] भ्राता शब्द हम ब्रदर के लिए यूज़ करते
  The word Bhraata, we use it for brother.

[06:26] हैं।
  Brother and Bhraata sound similar.

[06:26] ब्रदर एंड भ्राता सिमिलर साउंड कर

[06:28] रहे हैं।

[06:28] सप्त और सेवन।
  Sapt and Seven.

[06:31] सप्त संस्कृत वर्ड
  Sapt is a Sanskrit word.

[06:31] है।

[06:31] सेवन उसी का इंग्लिश वर्ड है।
  Seven is its English word.

[06:33] अंदर अंदर और अंडर।
  Andar, Andar and Under.

[06:37] कहीं ना कहीं मीनिंग इनका
  Somewhere, their meaning

[06:37] सेम ही है।
  is the same.

[06:37] ठीक है?
  Okay?

[06:40] और अगर आप देखें तो
  And if you look,

[06:40] साउंड भी यानी इनका जो फनेटिक्स है वो भी
  the sound too, meaning their phonetics, that too

[06:42] सिमिलर है।
  It is similar.

[06:45] तो यह माना जाता है कि जो इंडो आर्यन है ये एक लिंग्विस्टिक ग्रुप है और वो यहां पर आया।
  So it is believed that the Indo-Aryan is a linguistic group and they came here.

[06:48] ये एक थ्योरी है कि किस तरह से और ये एक थ्योरी बोलती है कि नहीं इन लोगों ने कोई हड़प्पंस के साथ वॉर नहीं किया।
  This is a theory about how, and this theory says that these people did not wage war with the Harappans.

[06:54] अगर वॉर करते तो उसके हमें यहां पर पता चलते एविडेंसेस मिलते।
  If they had waged war, we would have found evidence of it here.

[06:57] आर्कलॉजिकल एविडेंसेस मिलते जो कि हमें मिले नहीं।
  Archaeological evidence would have been found, which we did not find.

[06:58] तो हड़प्पन के जाने के बाद या फिर हो सकता है हड़प्पनंस के साथ ही आके ये एसिमिलेट हो गए।
  So, after the Harappans left, or perhaps they assimilated with the Harappans themselves.

[07:05] हड़प्पंस अपने हमने कल देखा था अर्ली फज़ मैच्योर फ़ज़ और लेटर फ़ज़ तो लेटर फ़ज़ आते-आते तक हमने देखा था कि हड़प्पा यहां पे आ गए थे।
  Harappans, as we saw yesterday, had Early Phase, Mature Phase, and Late Phase, so by the Late Phase, we saw that the Harappans had arrived here.

[07:10] तो ये माना जाता है कि एक थ्योरी है कि ये लोग आके इन्हीं के साथ एसिमिलेट हो गए घुल मिल गए।
  So it is believed that there is a theory that these people came and assimilated, mixed with them.

[07:16] ठीक है?
  Okay?

[07:18] ये जो आए इनको आर्यन बोला गया और इनको नॉन आर्यन बोला गया।
  These who came were called Aryans and they were called non-Aryans.

[07:21] ये भी एक थ्योरी चलती है अपने आप में।
  This is also a theory in itself.

[07:22] आर्यन थ्योरी और नॉन आर्यन थ्योरी।
  Aryan theory and non-Aryan theory.

[07:26] ठीक है?
  Okay?

[07:27] आर्यन थ्योरी नॉन आर्यन थ्योरी।
  Aryan theory, non-Aryan theory.

[07:30] जैसे कि ये जो साउथ इंडिया है ना ये नॉर्थ साउथ डिवाइड के लिए भी काफी चलता है।
  For example, this South India, it is also quite prevalent for the North-South divide.

[07:32] जो साउथ इंडिया वाले बोलते हैं कि हम यहां के एक इंडीजीनस पीपल हैं।
  Those from South India say that we are indigenous people of this place.

[07:37] यानी कि हम हैं ट्रू इंडियंस और जो तुम हो तुम तो आर्यनंस हो।
  Meaning, we are the true Indians, and you, you are Aryans.

[07:41] मतलब नॉर्थ इंडियंस को बोलते हैं कि तुम तो आर्येंस हो।
  Meaning, they tell North Indians that you are Aryans.

[07:41] तुम तो बाहर से आए हो।
  You have come from outside.

[07:43] ठीक है? तो ये काफी सारी इसी वजह से क्लैशेस भी होते हैं।
  Okay? So because of this, there are quite a lot of clashes as well.

[07:48] कि कौन यहां का इंडीजीनस था और कौन बाहर से आया था।
  Who was indigenous here and who came from outside.

[07:50] अब उस डिबेट में हमें नहीं जाना है।
  Now, we don't need to get into that debate.

[07:52] हमें पेपर निकालना है।
  We need to clear the paper.

[07:54] एसएससी का एग्जाम निकालना है बस।
  We just need to clear the SSC exam.

[07:56] ठीक है? और उसके लिए जो चीजें हैं वो हमें पढ़नी है।
  Okay? And for that, the things that need to be studied, we have to study them.

[07:59] तो वेदा वेद जो हैं ऐसे ही अब देखो ये जो हमें वैदिक काल के बारे में कहां से पता चलता है कि आर्यन्स आए और ये सब कुछ हुआ सारी चीजें जो आज के लेक्चर में हम पढ़ने वाले हैं ये हमें वेदों से पता चलता है।
  So the Vedas, the Vedas, similarly, now look, from where do we get to know about the Vedic period, that Aryans came and all this happened, all the things that we are going to study in today's lecture, we get to know this from the Vedas.

[08:11] जिनको कि आज के लेक्चर में हम देखने वाले हैं।
  Which we are going to look at in today's lecture.

[08:13] क्या होते हैं और इनकी इंपॉर्टेंस क्या है? सारी चीजें।
  What are they and what is their importance? All things.

[08:15] इसी तरह वेदों की तरह ही एक ईरानियन टेक्स्ट है।
  Just like the Vedas, there is an Iranian text.

[08:18] जो पारसी कम्युनिटी है उसका मेनली जिंडा अवस्था इसको बोलते हैं।
  The Parsi community mainly has the Zend Avesta, it is called.

[08:21] जिंडा अवस्था।
  Zend Avesta.

[08:24] ठीक है? यह चीज ध्यान रखिएगा।
  Okay? Keep this in mind.

[08:27] क्लियर हो गया? और बाल गंगाधर तिलक ने भी अपनी एक किताब लिखी थी जिसका नाम था द आर्कटिक होम टू वेदास।
  Is it clear? And Bal Gangadhar Tilak also wrote a book named The Arctic Home to Vedas.

[08:34] जिसमें कि इन्होंने यह बताया था कि किस तरह से मतलब इन्होंने आर्यन थ्योरी ही दी थी कि किस तरह से जितने भी भारतीय हैं सारे भारतीय आर्यंस हैं।
  In which he had explained how, I mean, he himself gave the Aryan theory, that how all Indians, all Indians are Aryans.

[08:42] तो इन्होंने बाल गंधधर तिलक ने अपनी किताब द आकट्टिक होम
  So he, Bal Gangadhar Tilak, in his book The Arctic Home

[08:44] इन द वेदास में यही बोला था कि किस तरह से यह आर्यन ट्राइब ही यहां पर आई थी और सारे इंडियंस ही आर्यन फैमिली से बिलोंग करते हैं जो कि एक लिंग्विस्टिक ग्रुप है।
  It was said in the Vedas that this Aryan tribe came here and all Indians belong to the Aryan family, which is a linguistic group.

[08:53] लिंग्विस्टिक ग्रुप का मतलब आई होप सभी को पता होगा।
  I hope everyone knows what a linguistic group means.

[08:55] हम लोगों ने ज्योग्राफी में पढ़ा है।
  We have studied this in geography.

[08:57] लिंग्विस्टिक का मतलब होता है भाषा।
  Linguistic means language.

[08:58] भाषा के आधार पर जब हम डिवाइड करते हैं।
  When we divide based on language.

[09:01] रेस का मतलब एक काइंड ऑफ थोड़ा सा वैसा हो जाता है कि तुम्हारी तुम अलग रेस से हो।
  Race means it becomes a kind of like that, that you are from a different race.

[09:05] नहीं तुम्हारा ब्लड अलग है।
  No, your blood is different.

[09:07] हमारा ब्लड अलग है।
  Our blood is different.

[09:09] इस तरह से तो उसमें काफी डिवाइड बढ़ता है लोगों के बीच में।
  In this way, a lot of division grows among people.

[09:10] ठीक है?
  Okay?

[09:10] तो ऋग्वेद वाज अब चलो ऋग्वेद छोड़ दो।
  So, the Rigveda was, now let's leave the Rigveda.

[09:14] अब आते हैं वेद।
  Now let's come to the Vedas.

[09:14] वेद का मतलब होता है नॉलेज।
  Veda means knowledge.

[09:16] इट इज़ द ओल्डेस्ट टेक्स्ट।
  It is the oldest text.

[09:19] यह सबसे पुराना टेक्स्ट है।
  This is the oldest text.

[09:19] यहीं से ही क्योंकि अभी तक देख लो तुम्हारा चाहे वो स्टोन एज था।
  It is from here only because look until now, whether it was the Stone Age.

[09:23] कल जो हमने पढ़ा वो इंडस वाले सिविलाइज़ेशन यानी हड़प्पन एज हमने पढ़ा।
  Yesterday, what we read was the Indus Civilization, that is, the Harappan Age we read.

[09:27] यानी ब्रोंज़ एज पढ़ा।
  That is, we read the Bronze Age.

[09:27] हमने चार्ल्कोलिथिक ऐज भी पढ़ा।
  We also read the Chalcolithic Age.

[09:29] क्या कहीं पे कोई टेक्स्ट था?
  Was there any text anywhere?

[09:31] टेक्स्ट यहां से मिलना शुरू हुआ।
  Text started being found from here.

[09:34] ठीक है?
  Okay?

[09:34] टेक्स्ट कहां है?
  Where is the text?

[09:36] टेक्स्ट यहां है।
  The text is here.

[09:39] ठीक है?
  Okay?

[09:39] मीनिंग नॉलेज।
  Meaning knowledge.

[09:39] दे वर ओरली पास्ड श्रुति।
  They were orally passed, Shruti.

[09:42] श्रुति का मतलब होता है सुन के।
  Shruti means by listening.

[09:42] फ्रॉम वन जनरेशन टू अनदर।
  From one generation to another.

[09:45] और यह माना जाता है कि ये अपॉर्शेय हैं।
  And it is believed that these are divine.

[09:47] यानी कि इनको आदमी ने नहीं किसी ने बोला था कि आदमी ने किसी बोला, फिर किसी ने सुना।
  Meaning, it was not said by a man, but by someone, then someone heard it.

[09:52] फिर आगे जनरेशन पास किया।
  Then it was passed on to the next generation.

[09:52] नहीं।
  No.

[09:54] सबसे पहले इसको गॉड ने बोला था।
  First of all, God said it.

[09:57] भगवान ने बोला था देन उसके बाद मैन ने इसको सुना और वन जनरेशन टू अनदर जनरेशन इसको पास ऑन करने का काम किया।
  God said it, then after that man heard it and worked to pass it on from one generation to another generation.

[10:03] तो अपॉर्शिया का मतलब यही होता है कि इसको आदमी ने नहीं भगवान ने क्रिएट किया और सुन सुन के सुन सुन के जो है इसको आगे बढ़ाया गया है।
  So, divinity means that it was not created by man but by God, and it was advanced by hearing and hearing.

[10:13] और फिर एक टाइम आने के बाद रफली हम बोल सकते हैं कि थर्ड सेंचुरी बीसी।
  And then after a time, roughly we can say the third century BC.

[10:19] अब जो मैं बोलता हूं थर्ड थर्ड सेंचुरी बोल रहा हूं।
  Now, when I say third, I am saying third century.

[10:22] 3000 जो हमारा है बीसी ठीक है?
  3000, which is our BC, okay?

[10:27] 3000 बीसी बिकॉज़ हमने देखा था रफ्ली 25 हजार बीसी के अराउंड हमारा हड़प्पन एज खत्म हो गया था।
  3000 BC, because we saw that our Harappan age ended around roughly 25,000 BC.

[10:33] तो अब 3000 अब ऐसा तो नहीं यार कि देखो यहां पर जो मैंने लिखा है।
  So now, 3000, it's not like, you know, look at what I have written here.

[10:38] ठीक है?
  Okay?

[10:38] यहां पर जो मैंने लिखा है 1500 बीसी।
  Here, what I have written is 1500 BC.

[10:41] तो ऐसा तो नहीं कि 1500 बीसी से ही एकदम से वैदिक काल शुरू हुआ।
  So it's not like the Vedic period started abruptly from 1500 BC.

[10:46] 600 बीसी में एकदम से खत्म हो गया।
  It ended abruptly in 600 BC.

[10:48] जैसे कल हमने देखा था कि अह जो हड़प्पन एज है,
  As we saw yesterday, the Harappan Age,

[10:50] वह 2500 से स्टार्ट हुआ और खत्म हो गया।
  started from 2500 and ended.

[10:53] कब तक?
  Until when?

[10:53] 1750 तक।
  Until 1750.

[10:55] तो वो ऐसा तो है नहीं कि 1750 एकदम खत्म हो गया।
  So it's not like it ended abruptly in 1750.

[10:58] हम हमें पता है कि वो लेटर हमने देखा था कि चलता रहा था
  We know that we saw that it continued later,

[11:00] अर्ली मैच्योर और लेटर जो हड़प्पन फेस था।
  the early mature and the later Harappan phase.

[11:04] ठीक है?
  Okay?

[11:04] तो आप मान सकते हैं कि 3000 से
  So you can assume that from 3000

[11:05] 2000 या फिर रफली आप 2000 बीसी भी कंसिडर
  to 2000, or roughly you can also consider 2000 BC

[11:08] कर सकते हैं कि 2000 बीसी के अराउंड से
  that around 2000 BC

[11:10] वैदिक टेक्स्ट लिखा जाना मतलब शुरू होने
  Vedic texts started to be written, meaning,

[11:13] लगा।
  began.

[11:13] अभी कैसे क्या था?
  How was it then?

[11:15] अभी श्रुति यानी
  Now Shruti, meaning,

[11:15] कि सुन सुन के अह एक जनरेशन से दूसरे
  by listening, listening, from one generation to another

[11:18] जनरेशन में लोग पास ऑन कर रहे थे।
  people were passing it on.

[11:21] अब यहां
  Now here

[11:21] पर लिखना शुरू हुआ।
  writing began.

[11:24] ठीक है?
  Okay?

[11:24] तो सबसे पहला
  So the very first

[11:24] जो वेद लिखा गया था वो ऋग्वेद लिखा गया
  Veda that was written was the Rigveda.

[11:26] था।

[11:26] एक-एक बारी-बारी करके हम देखेंगे वैसे
  We will look at it one by one, by turns. Incidentally,

[11:28] तो भले आपने हिस्ट्री पढ़ी हो ना पढ़ी हो
  even if you have studied history or not,

[11:31] लेकिन आप में से मैक्सिमम लोगों को ये चीज
  but most of you will know this thing

[11:32] पता होगी कि हमारे चार वेद होते हैं।
  that we have four Vedas.

[11:34] ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद नहीं
  Rigveda, Samaveda, Yajurveda, Atharvaveda. No,

[11:36] भी पता है।
  you don't know either.

[11:36] तो, वह हम देखेंगे अभी।
  So, we will see that now.

[11:39] ठीक?
  Okay?

[11:39] यहां तक क्लियर है?
  Is it clear up to here?

[11:41] पैस्टोलास्ट सब देख
  We will look at all the pastoralists now.

[11:43] लेंगे अभी।

[11:43] ठीक है?
  Okay?

[11:43] चिंता मत करो।
  Don't worry.

[11:43] सब कुछ
  Everything

[11:46] अभी देखेंगे एक-एक करके।
  we will see one by one now.

[11:46] लेकिन, ठीक है?
  But, okay?

[11:46] तो, ऋग्वेद जो हैं, दे वर दी फ़र्स्ट टू बी
  So, the Rigveda, they were the first to be

[11:48] कंपाइल्ड।
  Compiled.

[11:51] यानी, सबसे पहले ऋग्वेद को लिखा गया था।
  That is, the Rigveda was written first.

[11:55] और यह स्टार्ट होता है अग्नि मिले पुरोहितम से वह हम देखेंगे एक श्लोक है
  And it starts with Agni meele purohitam, we will see that it is a verse

[11:57] ऋग्वेद में बहुत सारे श्लोक हैं और उन्हीं को ही हम बोलते हैं क्या हाई्स बोलते हैं
  There are many verses in the Rigveda, and we call them hymns.

[12:03] ठीक है और उन्हीं हाई्स के कलेक्शन को बोल देते हैं क्या संहिता
  Okay, and we call the collection of those hymns a Samhita.

[12:05] तो एक्चुअल में यह सब डिवीजंस हैं किसके वेदा जो वेद है हमारे उनके सब डिवीजंस हैं
  So actually, these are subdivisions of the Vedas, our Vedas are their subdivisions.

[12:16] [गला साफ़ करने की आवाज़]
  [Clears throat]

[12:21] अच्छा हिंदी वाली स्लाइड एक सेकंड
  Okay, the Hindi slide, one second.

[12:46] आई थिंक आज हिंदी वाली अभी तक बनी नहीं
  I think the Hindi one is not ready yet today.

[12:49] ठीक है?
  Okay?

[12:52] कोई नहीं। आपको कोई प्रॉब्लम है ज्यादा नहीं होने वाली है।
  No problem. You are not going to have any major problems.

[12:55] तो सब डिवीजंस की अगर बात करें तो संहिता है इसमें यानी कि हर एक जो हमारा वेद है तो वेद में बहुत सारे क्या एक तरह से ऐसे समझ लो श्लोक हैं जिनको हम हाई्स बोलते हैं इंग्लिश में।
  So if we talk about all the subdivisions, then there is the Samhita in it, meaning in every Veda, there are many, what, in a way, understand them as verses which we call hymns in English.

[13:08] ठीक है? तो वो जो हाइम्स हैं जो श्लोक हैं उनके कलेक्शन को संहिता बोला जाता है।
  Okay? So the collection of those hymns, those verses, is called Samhita.

[13:11] हर वेद में के में ब्राह्मणस दिए हुए हैं।
  In every Veda, there are Brahmanas given.

[13:15] ब्राह्मण मतलब अब वेदों में यह लिखा हुआ है यह बताया गया है कि किस तरह से आपको सैक्रिफाइस देनी है।
  Brahmana means, now it is written in the Vedas, it is told, how you should offer sacrifices.

[13:21] सैक्रिफाइस करना है। किस तरह से रिचुअल परफॉर्म करना है।
  Perform sacrifices. How to perform rituals.

[13:27] किस तरह से किसी वेद को एक तरह से उसका प्रोसीजर क्या है बोलने का? तो वह दिया हुआ है।
  How to, in a way, what is the procedure for reciting any Veda? That is given.

[13:34] अरण्यका क्या है? अरे का उनको परफॉर्म वह सैक्रिफाइसेस जो कि आपको एसएच फॉरेस्ट में जाके परफॉर्म करनी है।
  What is Aranyaka? Aranyaka refers to those sacrifices which you have to perform by going into the forest.

[13:41] जंगल में परफॉर्म करनी है।
  Have to perform in the jungle.

[13:44] आप कॉमन लोगों के बीच में परफॉर्म नहीं कर सकते हैं।
  You cannot perform them among common people.

[13:47] एग्जांपल के तौर पे जैसे आपने देखा होगा अघोरी जो होते हैं हमारे नागा साधु।
  For example, as you might have seen, the Aghoris, our Naga Sadhus.

[13:49] तो
  So

[13:51] अघोरी प्रैक्टिसेस करते हैं।
  Aghoris perform practices.

[13:54] वो मांस तक खाते हैं।
  They even eat meat.

[13:57] तो वो सारी चीजें आप कॉमन लोगों के बीच में तो रह के कर नहीं सकते हैं।
  So you cannot do all those things while living among common people.

[13:59] तो जो एक्सट्रीम फॉर्म ऑफ जो सैक्रिफाइसेस होती हैं, रिचुअल्स होते हैं वो आपको जंगल में करनी होती है और वो अरण्यिका में लिखी हुई है।
  So the extreme forms of sacrifices and rituals have to be performed in the forest, and it is written in Aranyaka.

[14:06] वो रिचुअल जो आपको जंगल में परफॉर्म करनी है।
  Those rituals that you have to perform in the forest.

[14:08] और हर वेद के हर वेद के अंत में उपनिषद दिया गया है जो कि आपको बताता है कैसे आप भक्ति रिचुअल नहीं।
  And at the end of every Veda, there is an Upanishad which tells you how you can follow the path of devotion, not ritual.

[14:19] आप भक्ति मार्ग फॉलो करके क्योंकि पहले उपनिषद नहीं थे।
  You follow the path of devotion because earlier there were no Upanishads.

[14:26] जब बाद में यह चीज सामने निकल के आई धीरे धीरे धीरे-धीरे कि भाई हर कोई रिचुअल तो परफॉर्म कर नहीं सकता है और ब्राह्मणिज्म क्योंकि भाई रिचुअल परफॉर्म करने के लिए आपको ब्राह्मण की ज़रूरत होती थी।
  Later, this thing gradually came to light that brother, not everyone can perform rituals, and Brahmanism, because brother, to perform rituals, you needed a Brahmin.

[14:35] यानी कि आप खुद से रिचुअल परफॉर्म नहीं कर सकते हैं।
  Meaning, you cannot perform rituals yourself.

[14:37] आपको ब्राह्मण की ज़रूरत लगेगी।
  You will need a Brahmin.

[14:39] उसी को ही अब पता है ढंग से कैसे रिचुअल परफॉर्म करना है।
  He is the one who now knows properly how to perform the ritual.

[14:43] और जब वह परफॉर्म करेगा तभी संपन्न होगा।
  And only when he performs it, will it be completed.

[14:46] रिचुअल सैक्रिफाइसेस आप जानते हैं आज भी होती है ना कि अगर बच्चा नहीं हो रहा है तो कुछ सैक्रिफाइस कर दिया है ना
  Ritual sacrifices, you know, still happen today, right? If a child is not being born, then some sacrifice is made, right?

[14:52] आपको पता है काफी लोग तो गांव में तो बहुत ज्यादा होता है कि आपको अगर नौकरी चाहिए तो ये कर लो वो कर लो तो उसीलिए पहले भी होते थे लेकिन ब्राह्मण के बिना आज भी वही है अगर ज्यादातर हम देखें तो ठीक है तो ये जो ब्राह्मणस और ये जो सैक्रिफाइसेस की जाती थी ये ओपन में करी जाती थी एस सच कोई टेंपल नहीं होता था एस सच कोई मंदिर नहीं होता था इसका क्या होता था ऐसे ओपन में इन सैक्रिफ को परफॉर्म किया जाता था।
  You know, many people, it happens a lot in villages, that if you want a job, do this, do that. So, earlier too, it used to happen, but without Brahmins, it's the same even today. If we look mostly, then it's fine. So, these sacrifices that were done by Brahmins and these, they were performed in the open. There wasn't really any temple, there wasn't really any temple. What used to happen was, these sacrifices were performed in the open.

[15:18] अब हुआ क्या धीरे-धीरे कि भाई जो अभी हम देखेंगे कि यहीं से जन्म होता है चार जो वर्ण होते हैं ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।
  Now, what happened gradually was that, as we will see now, from here is born the four varnas: Brahmin, Kshatriya, Vaishya, Shudra.

[15:27] तो, हम धीरे-धीरे देखेंगे आगे चलते-चलते, चलते-चलते क्या हुआ एक टाइम आने के बाद कि भाई जो शूद्र हैं, उनको एकदम ही दरकिनार कर दिया गया और वैश्य भी धीरे-धीरे दरकिनार होने लगे।
  So, we will see gradually, as we move forward, as we move forward, what happened after a certain time was that the Shudras were completely sidelined, and Vaishyas also gradually started getting sidelined.

[15:36] तो वो इस हिंदू धर्म से ही दरकिनार होने लगे कि भाई उनको लगा कि यार कोई और धर्म क्यों ना अपनाया जाए।
  So, they started getting sidelined from this Hindu religion itself, that they felt, why not adopt some other religion?

[15:43] तो इस वजह से फिर क्या किया गया? उपनिषद जोड़े गए एकदम अंत में जिनको जिसमें कि आप मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।
  So, because of this, what was done? Upanishads were added at the very end, in which you can attain salvation.

[15:49] आपको उसके लिए एस सच बहुत ज़्यादा सैक्रिफाइस तो करने
  For that, you don't really have to do many sacrifices.

[15:53] की जरूरत नहीं है।
  There is no need.

[15:55] देखो धर्म तो फॉलो करने की जरूरत है आपको।
  Look, you need to follow religion.

[15:57] ठीक है?
  Okay?

[15:59] जो आपकी ड्यूटीज हैं अभी हम देखेंगे धर्म का मतलब क्या है?
  What are your duties? We will now see what religion means.

[16:03] लेकिन आप इसको भक्ति मार्ग से कर सकते हैं।
  But you can do this through the path of devotion.

[16:05] यानी डिवोशन टुवर्ड्स गॉड भक्ति उसको बोलते हैं।
  That is, devotion towards God is called Bhakti.

[16:08] आपने नाम सुना होगा आदि शंकराचार्य का तो उन्होंने बताया था कि इस तरह से उपनिषद पर फोकस किया था उन्होंने बाकी चीजों को हटाकर।
  You must have heard the name of Adi Shankaracharya, so he had said that he focused on Upanishads in this way, removing other things.

[16:15] तो आल्सो नोन एज वेदांत क्योंकि यह वेदों के अंत में दिए हुए हैं इसलिए इनको वेदांत बोलते हैं।
  So also known as Vedanta, because they are given at the end of the Vedas, hence they are called Vedanta.

[16:20] हर वेद के लास्ट में दिए हुए हैं ये।
  These are given at the end of every Veda.

[16:22] ठीक है?
  Okay?

[16:26] हर वेद के लास्ट में दिए हुए हैं।
  They are given at the end of every Veda.

[16:29] और इसमें टोटल 108 उपनिषद्स हैं।
  And there are a total of 108 Upanishads in it.

[16:32] कितने उपनिषद हैं टोटल?
  How many Upanishads are there in total?

[16:35] 108 है नंबर में।
  There are 108 in number.

[16:37] अब हम एक-एक करके जो सारे वेद हैं उसके बारे में पढ़ने वाले हैं।
  Now we are going to read about all the Vedas one by one.

[16:43] और जो सबसे पहला वेद आता है इसमें दैट इज ऋग्वेद।
  And the very first Veda that comes in this is the Rigveda.

[16:46] ठीक है?
  Okay?

[16:46] सबसे जो पहली सबसे जो पहला वेद आता है यहां पर एंड दैट इज ऋग्वेद जो टोटल 10 मंडल का बना हुआ था।
  The very first, the very first Veda that comes here and that is the Rigveda, which was made up of a total of 10 mandalas.

[16:50] ठीक है?
  Okay?

[16:54] ऋग्वेद की अगर बात करेंगे तो इट इट वाज़ द ओल्डेस्ट वेदा।
  If we talk about the Rigveda, it was the oldest Veda.

[16:57] ठीक है?
  Okay?

[16:59] सबसे पहले अभी जैसे मैंने आपको बताया कि जो वैदिक एज है इसको हम दो पार्ट में डिवाइड कर सकते हैं।
  First of all, as I told you, the Vedic Age can be divided into two parts.

[17:04] जो 1500 से 600 बीसी का टाइम पीरियड है इसको दो पार्ट में डिवाइड कर सकते हैं।
  The time period from 1500 to 600 BC can be divided into two parts.

[17:08] 1500 से लेकर 1000 तक अर्ली और 1000 से लेके 600 लेटर किस बेसिस पे डिवाइड कर रहे हैं?
  From 1500 to 1000 Early and from 1000 to 600 Later, on what basis are we dividing?

[17:13] इस बेसिस पे डिवाइड कर रहे हैं कि यहां पे जो कम्युनिटी थी वो अलग तरह की थी।
  We are dividing on the basis that the community here was of a different kind.

[17:18] और धीरे-धीरे कम्युनिटी चेंज होने लगी।
  And gradually the community started changing.

[17:20] कम्युनिटी चेंज का मतलब है यहां पर जैसे लिखा हुआ पेस्टोरल है।
  Community change means, as written here, it is pastoral.

[17:25] अर्ली वैदिक एज वाले पेस्टोरल है यानी चरवाहा टाइप हैं।
  Those from the Early Vedic Age are pastoral, meaning shepherd type.

[17:29] यहां पर देखेंगे धीरे-धीरे एग्रीकल्चर की ओर शिफ्ट हो गए।
  Here you will see they gradually shifted towards agriculture.

[17:31] यहां पर वुमेन की कंडीशन उत मतलब ठीक-ठाक थी।
  Here the condition of women was, well, okay.

[17:33] यहां पर बेकार होने लगी।
  Here it started becoming bad.

[17:36] यहां पर मतलब चेंज हो गई सोसाइटी एक तरह से।
  Here the society, in a way, changed.

[17:39] वो क्या हुए चेंजेस वो हम देखेंगे अभी आगे।
  What those changes were, we will see further ahead.

[17:41] अभी सब यहीं नहीं पढ़ लेंगे।
  We won't read everything here now.

[17:43] लेकिन क्या बेसिस है डिवीज़न का?
  But what is the basis of division?

[17:44] आई होप आप समझ गए होंगे कि हमने डिवाइड क्यों किया इसको।
  I hope you have understood why we divided it.

[17:47] तो 1500 से 1000 बीसी यानी कि अर्ली वैदिक एज और अर्ली वैदिक ऐज के बारे में जो हमें पता चलता है ऋग्वेद में पता चलता है क्योंकि ऋग्वेद को ही इसमें कंपाइल किया गया था अर्ली वैदिक
  So, from 1500 to 1000 BC, meaning the Early Vedic Age, and what we know about the Early Vedic Age is found in the Rigveda because the Rigveda itself was compiled in it, the Early Vedic

[17:55] ऐज में।
  In the age.

[17:58] बाकी के जो तीन वेद हैं वो लेटर वैदिक ऐज में कंपाइल हुए थे।
  The remaining three Vedas were compiled in the later Vedic age.

[18:01] तो ऋग्वेद कोई एक किताब नहीं 10 किताबों से एक तरह से मिलकर बना है।
  So the Rigveda is not a single book but is made up of 10 books in a way.

[18:05] 10 मंडल से मिलके बना है।
  It is made up of 10 mandalas.

[18:06] ओल्डेस्ट एंड लार्जेस्ट कलेक्शन ऑफ संस्कृत हाइम्स।
  Oldest and largest collection of Sanskrit hymns.

[18:08] तो संस्कृत लैंग्वेज में ये वेद लिखे हुए हैं।
  So these Vedas are written in the Sanskrit language.

[18:10] टोटल हाईम्स कितने हैं?
  How many total hymns are there?

[18:12] 1028 रटना है।
  1028, memorize it.

[18:15] वर्सेस कितनी है?
  How many verses are there?

[18:18] 10,600 वर्सेस का मतलब जैसे जैसे कोई गाना नहीं गाने होते हैं तो जैसे आजकल तो काफी ज्यादा होते हैं।
  10,600 verses means like, like when songs are sung, nowadays there are quite a lot.

[18:23] राइम करते हैं आखिरी में कुछ ना कुछ राइम करते हैं।
  They rhyme, something or the other rhymes at the end.

[18:25] है ना?
  Right?

[18:27] कि ले चलूं तुझे जमाईका बनूं तेरी जमाई तेरी माईका ऐसे।
  Like, 'Let me take you, I'll become your son-in-law, your son-in-law, your mother-in-law, like this.'

[18:33] [हंसी] ठीक है?
  [Laughter] Okay?

[18:36] तो ये सब क्या होते हैं?
  So what are all these?

[18:38] ये वर्सेस कहलाते हैं।
  These are called verses.

[18:38] है ना?
  Right?

[18:42] तो 10,600 वह 1028 हाइम्स हैं और 10,600 वर्सेस हैं।
  So there are 10,600, those 1028 hymns and 10,600 verses.

[18:45] हाई्स रिसाइडेड बाय होत्री।
  Hymns recited by the Hotri.

[18:47] यानी हाई्स को कौन रिसाइट करता था?
  Meaning, who used to recite the hymns?

[18:50] कौन जिसको बोल जो बोलता था हाईम्स को श्लोक को पढ़ता था उसको होत्री बोलते थे।
  The one who spoke, who spoke the hymns, who read the verses, was called the Hotri.

[18:52] इस समय डीटीज डीटीज़ का मतलब होता है भगवान।
  At this time, deities, deities means God.

[18:55] कितने कौन-कौन से भगवान इस समय प्रॉमिनेंट थे?
  How many, which gods were prominent at this time?

[18:57] तो इंद्र, अग्नि, विष्णु है ना और वरुण ये गॉड थे।
  So Indra, Agni, Vishnu, right, and Varuna, these were the gods.

[19:01] अब इंद्र कीेंस वहां पे सबसे ज्यादा थी।
  Now Indra's importance there was the most.

[19:03] हां हां समझ गए।
  Yes, yes, understood.

[19:05] ठीक है। पुरुषक्ता 10थ मंडल और यह जो कबीर के दोहे हां बिल्कुल हम चलो भाई अरे सर कुछ भी आज फर्स्ट टाइम सुन रहा था।
  Okay. Purush Sukta, 10th mandala, and these couplets of Kabir, yes, absolutely. Come on brother, oh sir, anything, I was listening for the first time today.

[19:16] अच्छा अच्छा बेटा ये गाना है अब क्या गाना है वो मैं नहीं बताऊंगा लेकिन यहां पर फोकस करो।
  Okay, okay, son, this is a song. Now what the song is, I won't tell, but focus here.

[19:20] तो ये हमारे गॉड्स हैं इंद्र अग्नि विष्णु वरुण ठीक है।
  So these are our gods: Indra, Agni, Vishnu, Varuna, okay.

[19:22] गॉड्स के बारे में भी अभी देखेंगे डिटेल में कि किस तरह से इन गॉड की इंपॉर्टेंस धीरे-धीरे कम होती गई किन गॉड की इंपॉर्टेंस ज्यादा होती गई।
  We will also see about the gods in detail now, how the importance of these gods gradually decreased, and which gods' importance increased.

[19:33] और वो भी हम देखेंगे क्या सिर्फ डीटीज यानी कि भगवान जो थे जिनके लिए यह श्लोक बोले जाते थे हंस पढ़ी जाती थी क्या सिर्फ मेल ही थे ऐसा नहीं है फीमेल भी थे जैसे कि अदिति है ना।
  And we will also see, were only deities, meaning the gods for whom these verses were recited, were only males? It's not like that, there were females too, like Aditi, right?

[19:43] अदिति कौन है उषा तो इनको गॉडेस ऑफ डॉन यानी जो सुबह होती है तो अदिति जो है हमारी ये कौन है सन गॉडेस यानी कि जो भगवान सूर्य हैं उनकी मम्मी है अदिति जी ठीक है।
  Who is Aditi? Usha. So they are the Goddess of Dawn, meaning the morning that happens. So Aditi, our, who is she? Sun Goddess, meaning she is the mother of Lord Surya, Aditi ji, okay.

[19:58] गॉडेसेस भी थी
  There were goddesses too.

[20:01] लेकिन उन उतनी उनकी उतनी इंपॉर्टेंस नहीं थी जितनी कि मेल गॉड्स की थी ठीक है तो
  But they didn't have as much importance as the male gods had. Okay, so

[20:06] गॉडेस ऑफ डॉन डॉन मतलब जो सुबह का टाइम होता है सुबह से जस पहले का टाइम ठीक है
  The Goddess of Dawn, Dawn means the morning time, the time just before morning. Okay.

[20:12] गायत्री मंत्र लिखा गया था बाय सेज विश्वमित्र किसके लिए लिखा गया था गॉडेस सावित्री जी के लिए लिखा गया था
  The Gayatri Mantra was written by Sage Vishwamitra. It was written for Goddess Savitri Ji.

[20:21] ठीक है ये किस मंडल में है तीसरे मंडल में
  Okay, in which mandala is this? In the third mandala.

[20:23] आज ही हम लोगों ने गायत्री मंत्र परफॉर्म किया था है ना सफर सेशन में
  Today only, we performed the Gayatri Mantra, right? In the Sufi session.

[20:27] दो से लेकर जो सात मंडल हैं इन 10 मंडलों में दो से लेकर सात मंडल इनको पहले लिखा गया था और जो पहला नौ और दसवां मंडल इनको बाद में लिखा लिखा गया था और 10वें मंडल में लिखा हुआ है पुरुष शुक्ता के बारे में।
  From two to seven mandalas, in these 10 mandalas, the two to seven mandalas were written first. And the first, ninth, and tenth mandalas were written later. And in the tenth mandala, it is written about Purusha Sukta.

[20:39] पुरुष शुक्ता कौन हैं?
  Who is Purusha Sukta?

[20:42] तो पुरुषक्ता एक ऐसे डिवाइन फिगर हैं जिनको आप ब्रह्मा जी से कंपेयर कर सकते हैं।
  So, Purusha Sukta is a divine figure whom you can compare to Lord Brahma.

[20:47] अह तो ये एक ऐसे डिवाइन फिगर हैं।
  Uh, so this is such a divine figure.

[20:49] यह माना जाता है कि जो चार वर्ण हैं ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र वो इन्हीं से ही निकले हैं।
  It is believed that the four Varnas - Brahmin, Kshatriya, Vaishya, and Shudra - originated from him.

[20:57] ब्राह्मण इनके मुख से निकले हैं।
  Brahmins emerged from his mouth.

[20:57] क्षत्रिय
  Kshatriyas

[21:00] इनके आम से निकले हैं। और वैश्य जो निकले

[21:04] वह थाइस यानी जांघ से निकले और शूद्र की

[21:06] अगर बात करें तो पैर यानी कि फीट से निकले

[21:09] हैं। क्लियर है? तो ब्राह्मण, क्षत्रिय,

[21:12] वैश्य, शूद्र किस किस-किस तरह से कहां से

[21:14] निकले आपको क्लियर हो गया होगा। ठीक है?

[21:17] नाइन्थ मंडल में भगवान सोम के बारे में

[21:20] दिया। तो पुरुष शुक्त आप समझ गए? 10वें

[21:21] मंडल में, तीसरे मंडल में गायत्री मंत्र

[21:23] और नौवें मंडल में भगवान सोम के बारे में

[21:26] दिया हुआ है। सोम क्या है? प्लानेट नहीं

[21:28] प्लांट होगा यह। ठीक है? प्लांट्स

[21:31] [नाक से की जाने वाली आवाज़] गॉड लॉर्ड ऑफ

[21:32] प्लांट्स। यह जो सोम है, यह एक तरह यह एक

[21:35] यह भगवान हैं। ठीक है? जिनको कि पौधों का

[21:38] भगवान माना जाता है और इन पौधों से कुछ

[21:40] ऐसे स्पेशल पौधे हैं मेनली भांग बोलते हैं

[21:43] उसको। ठीक है? उससे एक एनर्जी ड्रिंक बनाई

[21:46] जाती है। अभी सोमरस जो है सोमरस। ठीक है?

[21:50] आजकल

[21:52] तो सोमरस जो है एनर्जी ड्रिंक कंसिडर किया

[21:55] जाता है। अब इसके मल्टीपल पर्पज थे कि अगर

[21:57] कोई रिसाइट कर रहा है। ठीक है? जैसे अ

[22:03] जैसे आज जैसे अभी आपने देखा होगा अखंड

[22:06] रामायण है ना अखंड रामायण अभी मैंने करवाई

[22:08] थी सबको पता होगा है ना काफी लोगों को तो

[22:10] अखंड रामायण बोलते वक्त क्या होता है कुछ

[22:12] ना कुछ रख दिया जाता है बीच में कि भाई

[22:13] बोलते जाओ अखंड रामायण पढ़ते जाओ और

[22:15] पढ़ते-पढ़ते थक जाओगे तो बीच-बीच में लेते

[22:17] रहना मतलब जैसे सौफ वगैरह रख हमारे यहां

[22:19] पे सौफ होती है और थोड़ी सी चीनी रख दी

[22:22] जाती है तो वो सब लेते रहो ठीक है उस टाइम

[22:24] पे तो बहुत देर देर तक बहुत लंबे समय तक

[22:27] ये बोले जाते थे ठीक है आज तो बहुत कम हो

[22:29] गया। तो भाई उसके लिए एनर्जी कहां से

[22:31] आएगी? तो सोमरस से आएगी। इसको एक एनर्जी

[22:33] ड्रिंक कंसीडर किया जाता है। ठीक है? जो

[22:36] इनको रिसाइट करता है इन हाई्स को रिसाइट

[22:38] करता है मेनली होत्री उनके लिए ये बनाया

[22:41] जाता था सोमरस व्हिच वाज़ काइंड ऑफ़ एनर्जी

[22:44] ड्रिंक। ठीक है? बाद में ये जो भांग होता

[22:46] था उसके लिए भी इस्त इसको वर्ड को

[22:48] इस्तेमाल किया जाता था। क्योंकि जैसे

[22:50] जिसको वॉर में लड़ने जाना है तो भाई ऐसे तो

[22:52] कोई वॉर में लड़ने जाएगा नहीं। है ना? बिना

[22:55] उसके कि भाई यार मैं वॉर में जाऊंगा तो मर

[22:57] जाऊंगा। एक बार आपने किसी को भांग चढ़ा दी

[23:00] उसके बाद तो फिर आराम से है ना मरने मारने

[23:03] पर उतारू हो जाता है वो अब आते हैं सामवेद

[23:05] इट इज द ओल्डेस्ट बुक ऑन म्यूजिक अभी जैसे

[23:07] इन्हने बताया गायत्री मंत्र तो क्या होता

[23:09] है गायत्री मंत्र ओम भूर भुव स्वाहा

[23:12] तत्सवितुर्वरेण्यमं

[23:14] भर्गो देवस्य धीमहि धियो योन प्रचोदयात

[23:16] लेकिन ऐसे तो बोलते नहीं हम कैसे बोलते

[23:19] हैं ओम भूर भुव स्वाहा तत्सवितुर्वरेण्यं

[23:25] भर्गो देवस्य धीमहि तो यह पूरा पूरा क्या

[23:28] है? यह आपको एक लय में गाना है। म्यूजिक

[23:32] में गाना है। वो सामवेद से पता चलता है कि

[23:35] किस तरह से आपको चैंट करना है। ऐसा नहीं

[23:37] कि बोलना शुरू कर दिए किसी भी तरीके से।

[23:40] रामायण भी पढ़ी जाती है अखंड रामायण के

[23:42] दौरान। तो एक लय में पढ़ी जाती है। आपने

[23:44] देखा होगा और जब अंत होता है रामायण का तो

[23:46] वहां पे भी कुछ ऐसे छंद होते हैं जिनको एक

[23:48] लय में पढ़ा जाता है। तो सामवेज जो है वो

[23:51] दो उपनिषद से मिलकर बना है। छंदोंग्य

[23:54] उपनिषद और केन उपनिषद। उपनिषद अभी बताया

[23:56] था क्या हैं? हर वेद के अंत में दिए हुए

[23:59] हैं जो ये बताते हैं किस तरह से भक्ति

[24:02] मार्ग को फॉलो किया जा सकता है। आदि

[24:04] शंकराचार्य के उपनिषद के वो आते हैं नाम

[24:07] मुझे याद नहीं आ रहा है अभी।

[24:10] तो उसमें लिखा हुआ है हां तत्व तत्व ऐसे

[24:13] करके कुछ नाम है। अगर किसी को याद आ रहा

[24:15] हो तत्व ब्राह्मण ऐसे करके कुछ नाम है।

[24:18] ठीक है? तो उसमें लिखा हुआ है कि किस तरह

[24:20] से आपको क्या-क्या चीजें फॉलो करनी है।

[24:22] किस तरह से जब आप कोई चीज कर रहे हैं तो

[24:24] कंसंट्रेशन फोकस रखना है। है ना? जब आप

[24:26] हाई्स वगैरह पढ़ रहे हैं तो किस तरह से

[24:29] अपना गृहस्थ को फॉलो करना है। तो ये सारी

[24:31] चीजें हमें उपनिषद में मिलती है। भक्ति

[24:32] मार्ग को कैसे फॉलो करना है? तो सामवेद

[24:35] में दो उपनिषद है छंद योग्य और केन। ठीक

[24:37] है? वो अंडरटेकर वाला केन नहीं है ये। ठीक

[24:39] है? अब आते हैं यजुर्वेद में। कलेक्शन ऑफ

[24:42] मंत्राज़ रिचुअल। यानी कि जो आप मंत्र पढ़

[24:45] रहे हैं, उसके रिचुअल कैसे परफॉर्म करने

[24:47] हैं। जैसे कि जब अखंड रामायण का एग्जांपल

[24:49] देता हूं, आखिर में क्या होता है? एक एक

[24:51] हवन टाइप होता है ना? हवन परफॉर्म किया

[24:54] जाता है। होता है आपके यहां कि नहीं होता

[24:55] है। हमारे यहां तो होता है। ठीक है? तो

[24:57] हवन में फिर क्या होता है? पंडित जी बोलते

[24:59] रहते हैं स्वाहा। मतलब एक रिसाइट करेंगे।

[25:01] है ना? हां। फिर बोलेंगे लास्ट में

[25:03] स्वाहा। तो फिर आपको डालना होता है। है

[25:05] ना? तो ये क्या होते हैं? यह मंत्र होते

[25:07] हैं, मंत्र पढ़े जाते हैं। तो मंत्र जो

[25:09] हैं रिचुअल, सैक्रिफाइस ये सब यजुर्वेद

[25:12] में दिए हुए हैं कि किस तरह से आपको

[25:13] रिचुअल परफॉर्म करने हैं। ठीक है? हाई्स

[25:15] आपके दिए हुए ऋग्वेद में। सामवेद में

[25:17] ओल्डेस्ट बुक ऑन म्यूजिक किस तरह से आपको

[25:19] वो बोलने हैं, रिसाइट करने हैं। रिसाइट

[25:21] करने हैं और उस उस टाइम पे क्या रिचुअल

[25:23] परफॉर्म करने हैं? क्या सैक्रिफाइसेस आपको

[25:25] देनी है, वह यजुर्वेद में लिखा हुआ है। यह

[25:27] जो है यजुर्वेद दो सेक्शन में डिवाइडेड

[25:29] है। शुक्ल, यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद।

[25:32] शुक्ल मतलब होता है वाइट और कृष्ण का मतलब

[25:35] होता है ब्लैक। ठीक है? इसी में ही शतपथ

[25:37] ब्राह्मण। तो आपसे अगर पूछ ले कि सत्यपथ

[25:39] जो ब्राह्मण है अभी देखा था ब्राह्मण क्या

[25:41] है जो हमें रिचुअल्स और सैक्रिफाइसेस के

[25:43] बारे में बताता है। अंडरटेकर का भाई हां

[25:47] तो वो आपका मेरा ब्याह हो जाए जल्दी से।

[25:51] स्वाहा द गॉड हम बेटा ये हरकतों से

[25:53] बिल्कुल नहीं होगा। तो शुक्ल यजुर्वेद में

[25:55] यह सतपथ ब्राह्मण लिखा हुआ है। इंपॉर्टेंट

[25:57] उपनिषद्स कौन से हैं? बृहदरण्यिका और कठ

[26:00] उपनिषद। ये सबसे पुराना उपनिषद है

[26:02] बृहद्रण्य का। कठ उपनिषद में नचिकेता और

[26:05] यम के बीच की एक स्टोरी दी हुई है। स्टोरी

[26:08] मतलब कैसी? तो यम आप सभी जानते हैं यम कौन

[26:10] है? गॉड ऑफ कौन है यम? यमराज गॉड ऑफ डेथ।

[26:15] तो नचिकेता एक सेज थे। जैसे कि एक हम जैसे

[26:19] गायत्री मंत्र की अगर बात करें तो सेज

[26:20] विश्वमित्र ने कंपोज किया तो ऐसे ही एक

[26:22] संत थे। उनके बेटा था नचिकेता। तो वो मतलब

[26:27] काफी लंबी स्टोरी है। मैं उतने लंबे उसमें

[26:29] जा नहीं रहा हूं कि वो यम इनके पास जाते

[26:30] हैं। यम के पास यम मिलते नहीं है। देर से

[26:32] आते हैं। तो इस इस तरह से फिर यम इनको

[26:34] सारी चीजें सिखाते हैं नचिकेता को।

[26:36] नचिकेता क्वेश्चन पूछते हैं इनसे कि डेथ

[26:38] के बाद क्या होता है? कैसे सारी चीजें

[26:40] होती है? कैसे मोक्ष की प्राप्ति होती है?

[26:41] तो, यह सारी चीजें यम नचिकेता को बताते

[26:43] हैं। नचिकेता दिन इसको पास ऑन करते हैं।

[26:45] बाकी लोगों को बताते हैं। ठीक है? तो, यह

[26:47] स्टोरी दी हुई है कठपनिषद में जो कि इसका

[26:49] पाठ है यजुर्वेद का। अथर्ववेद पे आते हैं।

[26:51] इट इज़ अ वेद ऑफ मैजिकल फॉर्मूले टू वर्ड

[26:54] ऑफ एवल स्पिरिट्स एंड डिजीजेस। यानी कि

[26:56] जिसको हम बोल सकते हैं ब्लैक मैजिक वाला

[26:59] वेद। ठीक है? ब्लैक मैजिक ये सबसे आखिर

[27:02] में आया था। ठीक है? और जैसे मैंने बताया

[27:04] ऋग्वेद आपका अर्ली वैदिक ऐज का है यानी

[27:07] 1500 से 1000 बीसी के टाइम का। 1500 से

[27:09] 1000 बीसी। 1000 से 600 के बीच में जो

[27:12] साम, यजुर और अथर्ववेद को कंपाइल किया गया

[27:14] था। यह 20 खंड में डिवाइडेड है। कितने खंड

[27:16] में? ऋग्वेद जैसे 10 मंडल में डिवाइडेड है

[27:19] वैसे ही ये 20 खंड में डिवाइडेड है

[27:21] विभाजित है। इसमें जो इंपॉर्टेंट उपनिषद

[27:24] है क्योंकि हर वेद के अंत में उपनिषद हैं।

[27:27] ठीक है? तो इसमें हैं आपके कुछ दो

[27:28] इंपॉर्टेंट हमें जो याद रखने हैं अपने

[27:30] पेपर के लिए वो है मांडूक्योपनिषद और

[27:31] महापनिषद। तो जो सत्यमेव जयते लिया गया

[27:33] है। व्हिच मींस ट्रुथ ओनली प्रिवेल्स। है

[27:36] ना? हमेशा सत्य की ही जीत होती है। वह

[27:38] मांडूकोपनिषद से लिया गया है और महा

[27:39] उपनिषद से लिया गया है वसुदेव कुटुंबकम।

[27:42] व्हिच मींस होल वर्ल्ड इज़ अ फैमिली। व्हिच

[27:44] इज़ टेकन फ्रॉम द चैप्टर नंबर सिक्स ऑफ़

[27:46] महापनिषद इज़ आल्सो इन द ऋग्वेदा। तो

[27:49] चैप्टर नंबर सिक्स ऑफ़ महापनिषद से इसको

[27:50] लिया गया है। क्लियर है? तो ये जो

[27:54] अथर्ववेद है वो मैजिकल फॉर्मूले। है ना?

[27:56] मैजिकल फॉर्मूले का मतलब हो गया कि किस

[27:58] तरह से है ना? किस तरह से किसी को वशीभूत

[28:02] कर लेना है। किस तरह किस तरह से

[28:04] टोना-टोटका करके एग्जाम पास कर लेना है।

[28:07] तो ये सारी जो चीजें हैं अथर्ववेद में दी

[28:09] हुई है। व्हिच इज अ बुक ऑफ वेच इज अ वेद

[28:12] ऑफ़ मैजिकल फ़ॉर्मूले टू वर्ड ऑफ़ एवल

[28:15] स्पिरिट है ना कि भूत चढ़ गए हैं। तो भूत

[28:17] उतार दिए। या फिर कुछ लगता है किसी की

[28:20] बुरी नज़र लग गई है। तो बुरी नज़र के लिए

[28:23] कुछ कर मतलब है ना कि बुरी नज़र के लिए

[28:25] मिर्ची मिर्ची लेके मिर्ची का धुआं कर

[28:27] दिया तो उसे। तो वो सारी जो चीजें हैं वो

[28:30] आपको अथर्ववेद में मिलेंगी। व्हिच इज अ

[28:32] काइंड ऑफ़ बुक ऑन ब्लैक मैजिक। जो कि वेस्ट

[28:36] बंगाल साइड में ज्यादा चलता है। है ना?

[28:38] खैर जिसको हम तांत्रिक भी तांत्रिक भी

[28:41] बोलते हैं। तो ये हमारे चार वेद थे। ठीक

[28:43] है? अब इन चार वेदों से डिफरेंट स्कूल ऑफ

[28:47] फिलॉसफी निकल के आए। जिनको कि हम

[28:49] ऑर्थोडॉक्स स्कूल ऑफ फिलॉसफी बोलते हैं।

[28:51] ऑर्थोडॉक्स सेट के नाम से जानते हैं। अब

[28:53] स्कूल ऑफ फिलॉसफी का मतलब ये होता है कि

[28:55] जैसे जो जैसे फॉर एग्जांपल मैं भी वेद में

[28:59] बिलीव करता हूं। तुम भी वेद में बिलीव

[29:01] करते हो। लेकिन हमारा वेदों को देखने की

[29:04] और वेदों की ओर देखने का जो नजरिया है, वह

[29:07] अलग-अलग है। हमारा एंड गोल अलग है कि हमें

[29:11] मोक्ष की प्राप्ति करनी है। लेकिन, हम

[29:13] उसको कैसे इंटरप्रेट कर रहे हैं, वह

[29:15] अलग-अलग तरीके हैं। ठीक है? तो, वह वहीं

[29:19] से आते हैं। डिफरेंट स्कूल्स ऑफ फिलॉसफी।

[29:21] सब ये जो छह स्कूल ऑफ फिलॉसफी हैं सब के

[29:23] सब वेदों में बिलीव करते हैं। चाहे संख्य

[29:25] स्कूल ऑफ फिलॉसफी हो, चाहे न्याय हो, चाहे

[29:27] वैशिश का हो, चाहे योग हो, चाहे उत्तर

[29:28] मीमांसा हो चाहे पूर्व मीमांसा हो। लेकिन

[29:30] अंतर क्या है? अंतर ये है कि किस तरह से

[29:32] उनका इंटरप्रिटेशन था। जैसे न्याय हैं

[29:34] गौतम। गौतम गंभीर वाले गौतम नहीं ये अलग

[29:37] है हमारे गौतम। एक सेज थे। ठीक है? तो

[29:39] इनका थोड़ा सा साइंटिफिक अप्रोच था।

[29:42] ठीक है? वैशेसिका की अगर बात करें तो इस

[29:44] स्कूल ऑफ फिलॉसफी को कन्नड़ ने प्रपोज

[29:46] किया था जो मेटाफेस की बात करते थे।

[29:47] इन्होंने एटम के बारे में सबसे पहली बार

[29:49] यहीं पे बात करी गई थी एटम के बारे में।

[29:52] कि किस तरह से हर कोई एक बहुत ही सूक्ष्म

[29:55] एटम का बना हुआ है। योग किस तरह से हम योग

[30:00] योग का मतलब क्या होता है? यूनियन ऑफ बॉडी

[30:02] एंड माइंड का हम यूज़ करके मोक्ष की

[30:05] प्राप्ति कर सकते हैं। तो ये अलग-अलग क्या

[30:08] हैं? स्कूल्स ऑफ फिलॉसोफी हैं। क्वेश्चन

[30:11] क्या पूछेगा? कितने स्कूल ऑफ फिलॉसोफी

[30:12] हैं? आंसर छह। फिर दूसरा जो क्वेश्चन

[30:15] बनेगा वो है कि इस स्कूल ऑफ फिलॉसफी को

[30:17] किसने प्रपोज किया था? तो शंख यह कपिल ऐसे

[30:20] याद कर लो शंख जो होता है ना बजाने वाला

[30:21] तो शंख कपिल बजाते हैं। गौतम गंभीर सबको

[30:24] न्याय देते हैं। सबसे लड़ लड़कर न्याय

[30:26] देते हैं सबको। वैशेसिका कन्नड़ ठीक है?

[30:28] कन्नड़ वैशेसिका योग सबको पता है पतंजलि।

[30:31] उत्तर मीमांसा

[30:33] उत्तर मीमांसा को वेदांत स्कूल ऑफ फिलॉसफी

[30:35] बोलते हैं। बिकॉज़ यह फिलॉसफल टीचिंग ऑफ

[30:37] उपनिषद में ज्यादा बिलीव करते थे कि हम

[30:39] उपनिषद यानी कि भक्ति मार्ग को फॉलो करके

[30:41] मोक्ष की प्राप्ति करेंगे। तो यह प्रपोज

[30:44] किया था बद्रायन ने और पूर्व मीमांसा की

[30:48] अगर बात करेंगे तो जो जैमिनी हैं उन्होंने

[30:51] इसको प्रपोज किया था पी से पूर्व मीमांसा

[30:53] और ऐसे कुछ जेपी करके याद कर लो जेपी

[30:55] नड्डा ठीक है जैमिनी और पूर्व मीमांसा ठीक

[30:57] है | आगे बढ़े वेदांग क्या होते हैं देखो

[31:01] वेदांत तो उपनिषद होते हैं लेकिन वेदांग

[31:04] क्या होते हैं ये भी छह होते हैं जैसे

[31:05] हमारे स्कूल ऑफ फिलॉसफी छह हैं वैसे

[31:07] वेदांग भी छह होते हैं। यह टूल्स है टू

[31:09] अंडरस्टैंड दी वेद।

[31:12] यानी वेदों को किस तरह से हम समझें? वेदों

[31:16] को किस तरह से पढ़ा जाए, ठीक है? तो, उसके

[31:19] लिए हमें ये छह वेदांगों की जरूरत होती

[31:21] है। हमें फिनेटिक्स की नॉलेज होनी चाहिए।

[31:23] किस तरह से प्रैक्टिस करना है हमें ग्रामर

[31:25] की नॉलेज होनी चाहिए। हमें वर्ड्स की

[31:27] नॉलेज होनी चाहिए। हमें लाइट की नॉलेज

[31:28] होनी चाहिए। प्लस जो पोएटिक मैटर होता है

[31:30] उसकी हमें नॉलेज होनी चाहिए। ठीक है? है

[31:33] तो जो फोनेटिक्स होता है

[31:36] उसको हम बोलते हैं फोनेटिक्स मतलब जो जनरल

[31:38] नॉलेज एक काइंड ऑफ होती है तो उसको हम

[31:40] बोलते हैं शिक्षा ठीक है तो उसको हम बोलते

[31:43] हैं शिक्षा शिक्षा प्रैक्टिस कल्प ग्रामर

[31:46] व्याकरण एटमोलॉजी एटमोलॉजी जो वर्ड से डील

[31:49] करता है ठीक है फनेटिक्स काइंड काइंड ऑफ

[31:52] हो गया साउंड से जो डील करता है किस तरह

[31:54] का साउंड आना चाहिए एटमोलॉजी मतलब वर्ड्स

[31:57] कि वर्ड्स की आपको नॉलेज होनी चाहिए तभी

[31:59] तो आप वेद पढ़ सकते हो अभी अगर आप वेद

[32:01] पढ़ने जाओगे तो आपको एस एस एच डायरेक्टली

[32:03] समझ नहीं आएंगे। उपनिषद भले आपको समझ में

[32:05] आ जाएं लेकिन अगर आप बाकी पढ़ने जाओगे तो

[32:07] आपको बहुत मतलब 90% चीजें समझ नहीं आएंगी।

[32:10] तो उसके लिए आपको इन सब चीजों की जरूरत

[32:12] पड़ेगी। एटीमोलॉजी निरुक्त। स्टडी ऑफ लाइट

[32:16] ज्योति जिसको बोलते हैं और पोएटिक मैटर

[32:18] जिसको बोलते है छंद। ठीक है? ये हो गया

[32:21] आपका साउंड। ये हो गया आपका कल्प मतलब किस

[32:24] तरह से प्रैक्टिस करना है। ग्रामर की

[32:26] नॉलेज हो गई, वर्ड्स की नॉलेज हो गई, लाइट

[32:28] और पोएटिक मैटर। तो छह वेदांग होते हैं और

[32:30] ये छह वेदांग वेदांग जो है आपको पता होने

[32:34] चाहिए। ठीक?

[32:38] क्लियर है यहां तक सभी को? कोई डाउट तो

[32:40] नहीं है?

[32:42] आगे बढ़े अभी।

[32:46] हम सबका सही है। चलो। तो अभी हम आते हैं

[32:49] अर्ली वैदिक एज में थोड़ा सा हम पढ़ते हैं

[32:52] कि किस तरह से जब अर्ली जो ये हमारे आए

[32:54] इंडो आर्यन्स तो ये क्या है कि ये

[32:57] सप्तसिंधु वाला जो क्षेत्र है। सप्तसिंधु

[33:00] वाला क्षेत्र मतलब सात नदियों से मिलके जो

[33:02] क्षेत्र बना है। इसमें ये लोग सेटल हुए।

[33:04] पहले यहां पे आए और धीरे-धीरे धीरे-धीरे

[33:06] ये आगे की ओर बढ़े। ठीक है? धीरे-धीरे ये

[33:09] आगे की ओर बढ़े। तो सप्तसिंधु की अगर बात

[33:12] करें तो इसमें हमारी सात नदियां आती हैं।

[33:14] इंडस, झेलम, चेनाब, रावी, ब्यास, सतलज। सर

[33:19] ये तो छह ही हुई। छह ही हुई ना? हां, छह

[33:21] ही हुई। एक है हमारी इसमें जिसको हम बोलते

[33:23] हैं सरस्वती।

[33:26] जो कि एक मिथिकल रिवर कंसीडर की जाती है।

[33:29] मिथिकल इन दी सेंस कि वेदों के टाइम पर

[33:32] रही होगी। अभी तो नहीं दिखती है। ठीक है?

[33:34] अभी क्या दिखती है? नहीं। तो इसको जैसे कि

[33:37] जो अभी कुंभ ऑर्गेनाइज होने वाला है।

[33:40] तो यह कुंभ कहां पर ऑर्गेनाइज होने वाला

[33:42] है? तो कुंभ आपका ऑर्गेनाइज होने वाला है

[33:45] इन दी प्रयागराज। है ना? जिसको हम महाकुंभ

[33:48] बोलते हैं। तो प्रयागराज में ही क्यों

[33:50] होने वाला है? क्योंकि यहां पर इन तीनों

[33:52] नदियों का जो है क्या होता है? संगम होता

[33:54] है। क्या चीज है? ये किसका कमेंट आया आ

[33:57] रहा है?

[34:01] चलो ठीक है। तो ये चीज है। तो सप्तसिंधु

[34:06] में ध्यान रखना इनका पुराना नाम क्या है?

[34:07] तो इंडस का है सिंधु, झेलम का है

[34:09] वितास्ता, चेनाब का है असकिनी, रावी का है

[34:12] पुरुषनी, ब्यास का है बिपाशाह और सतलज का

[34:14] है शुतुद्री।

[34:16] ठीक? ये हमने ज्योग्राफी में पढ़े थे। जब

[34:18] इंडस और उसकी ट्रिब्यूटरी पढ़ रहे थे तो

[34:20] वहां पर हमने ये देखा था। ठीक है? कि किस

[34:22] रिवर का एंशियंट नेम क्या है? ठीक है? तो

[34:25] ये सारे जो एंशियंट नेम हैं आपको पता होने

[34:28] चाहिए। सर संहिता क्या होते हैं? संहिता

[34:31] बताया तो मैंने जो कलेक्शन ऑफ हमारे

[34:32] हाईम्स हैं उनको हम संहिता बोलते हैं। और

[34:36] रीत होता है आपका जो नेचुरल ऑर्डर होता

[34:38] है। वो भी रीत भी अभी हम देखेंगे रीत क्या

[34:40] चीज होती है। रीत होता है आपका जो नेचुरल

[34:42] आर्डर जिसको बोलते हैं। ठीक है? अब ये

[34:44] हिमवंत और मुंजवंत क्या है? ये हमें

[34:46] ऋग्वेद में देखने को मिलते हैं। तो

[34:48] सप्तसिंधु कहां पर मेंशंड है? ये इन नामों

[34:50] से सप्तसिंधु मेंशंड है ऋग्वेद में कि भाई

[34:54] ऋग्वेद में ये मेंशंड है कि एरिया जो

[34:56] सप्तसिंधु का एरिया है दैट इज द एरिया

[34:58] ड्रेंड बाय दिस दिस सेवन रिवर्स यहां पर

[35:01] सबसे पहले आर्यन ट्राइब आई। और हिमवंत और

[35:04] मुंजवंत भी मेंशंड है। हिमवंत मतलब हिमालय

[35:07] से इंटरप्रेट किया होगा उन लोगों ने ऐसा

[35:08] हम मानते हैं। और मुंज वंत बोला होगा

[35:11] किसको? हिंदूकुश जो माउंटेन रेंजेस है

[35:13] उसको। बिकॉज़ ज्योग्राफी तो सेम ही रही

[35:14] होगी ना उस टाइम पे भी। आज से हम कितने

[35:16] साल पहले की बात कर रहे हैं? रब्ली 3500

[35:18] साल पहले की। अगर हम 1500 बीसी अगर मैं

[35:21] बोल रहा हूं तो रफ्ली 3000 साल पहले तो

[35:23] ज्योग्राफी तो सेम ही रही होगी ऑलमोस्ट।

[35:25] [गहरी सांस लेने की आवाज़]

[35:26] अब हुआ क्या था? इस टाइम पे ऋग्वेद में ही

[35:29] मेंशंड है एक बैटल जिसको हम बोलते हैं 10

[35:32] राजन युद्ध। बैटल ऑफ 10 किंग्स जो 10

[35:35] राजाओं के बीच में युद्ध हुआ था। तो ये जो

[35:39] इंडो आर्यस आए थे यहां पर तो ये डिफरेंट

[35:42] ट्राइब्स में बंट गए थे। तो इसमें एक

[35:43] ट्राइब थी जिसको भारत ट्राइब बोलते हैं।

[35:45] जिसके नाम पे हमारे देश का नाम पड़ा भारत।

[35:48] ठीक है? भारत

[35:54] एक सेकंड रुकेंगे।

[36:12] चलिए। तो जो भारत ट्राइब थी इसके बीच में

[36:17] वर्सेस ठीक है यहां पर 10 किंग्स थे। ठीक

[36:20] है? वर्सेस 10 किंग्स

[36:24] ये 10 किंग्स जो थे पांच आर्यन ट्राइब थी

[36:26] और पांच नॉन आर्यन ट्राइब थी। नॉन आर्यन

[36:29] मतलब जो इंडीजीनस यहीं पे रहते होंगे पहले

[36:31] वो सब मिलके भरत। भरत जो ट्राइब थी इसके

[36:34] किंग थे जो लीडर थे वो थे सुदास।

[36:38] ठीक है? इनके बीच में यह युद्ध हुआ था और

[36:40] यह युद्ध जीता किसने था? जीता था भरत ने।

[36:44] ठीक है? भरत ट्राइब के जो लीडर थे सूरदास

[36:47] ने। और ध्यान रखिएगा यह हुआ कहां पे था?

[36:50] यह आपका पुरुषनी दैट इज रावी रिवर के

[36:54] किनारे हुआ था। ठीक है? ऑन द बैंक्स ऑफ

[36:59] पुरुषनी रिवर।

[37:03] ऑन द बैंक्स ऑफ पुरुषनी रिवर।

[37:03] पुरुषनी रिवर का मतलब हो गया आपका जो रवि

[37:06] रिवर है उसके यह पास में हुआ था। ठीक है?

[37:10] क्लियर है कि भरत ट्राइब यहां पर

[37:12] विक्टोरियस हुई और आगे चलकर हम देखेंगे कि

[37:15] यही जो भरत ट्राइब है ठीक है इसकी एक इन

[37:19] 10 राजाओं में से एक ट्राइब थी पुरुष ठीक

[37:22] है तो ये दोनों मिल गए थे आपस में और

[37:24] इन्होंने बना लिया था कुरु कुरु ट्राइब

[37:27] बना लिया था और इसी कुरु ट्राइब्स के ही

[37:30] दो पार्ट थे दो क्लैन थे जिनको हम जानते

[37:32] हैं कौरव और पांडव जिनके बीच में महाभारत

[37:36] का युद्ध होता है आगे चलके ठीक है तो ये

[37:39] बैटल ऑफ 10 किंग्स ध्यान रखिएगा दस राजजन

[37:42] युद्ध जो भरत ट्राइब वर्सेस 10 राजा जो

[37:45] पांच आर्यन ट्राइब और पांच नॉन आर्यन

[37:46] ट्राइब से बिलोंग करते थे उनके बीच में

[37:48] हुआ था और जीता कौन था सुदास भरत ट्राइब

[37:50] के सुदास अब यहां पर हम डिस्कस करेंगे कि

[37:53] सोसाइटी किस तरह की थी तो सोसाइटी में चार

[37:55] वर्ण थे जो अभी हमने देखा ब्राह्मण

[37:57] क्षत्रिय वैश्य और शूद्र

[38:00] ये जो वर्ण सिस्टम था ये हेरिडिटी नहीं था

[38:04] जैसे कि ब्राह्मण का बेटा ब्राह्मण होगा

[38:06] ऐसा नहीं क्षत्रिय का बेटा क्षत्रिय होगा

[38:07] ऐसा नहीं शूद्र का बेटा शूद्र करोगे ऐसा

[38:09] नहीं है। वह आपका प्रोफेशन पे बेस्ड होता

[38:11] था। प्रोफेशन का मतलब है कि जो आप काम

[38:13] करते हो उसके बेस पे। ठीक है? यानी कि अगर

[38:16] कोई अह किसी ने अगर एक तरह से क्या किया

[38:19] है? सैक्रिफाइस किया है और वो जो हमारे

[38:21] वेद हैं उनको रिसाइड करता है वेदों को

[38:23] पढ़ता है तो उसको ब्राह्मण बोला जाएगा।

[38:25] ठीक है? जो वॉर में जा रहा है जो जस्टिस

[38:27] सर्व कर रहा है उसको क्षत्रिय बोला जाएगा।

[38:29] ठीक है? जो ट्रेड एंड प्रोफेशन में लगा

[38:30] हुआ है उसको वैश्य बोला जाएगा। एंड जो जो

[38:32] हमारे मिनियल टास्क होते हैं जो कि लोअर

[38:35] लेवल के होते हैं वो करता है तो उसको

[38:36] शूद्र बोला जाएगा। तो वह प्रोफेशन के

[38:38] बेसिस पे था ना कि आपके जन्म के बेसिस पे

[38:41] था। हेरिडिटरी बेसिस पे वो नहीं था। ठीक

[38:43] है? और इस टाइम के पे कोई चाइल्ड मैरिज भी

[38:45] नहीं थी। विडोरी मैरिज होती थी जिसको

[38:47] नियोग बोला जाता था। नियोक का मतलब होता

[38:49] है जहां पर अगर कोई यंग वुमेन है उसके

[38:51] हस्बैंड की अगर डेथ हो जाती है तो शी वाज़

[38:54] मैरिड टू दी यंगर ब्रदर ऑफ हर हस्बैंड।

[38:59] ठीक है? तो उसको नियोग बोला जाता है।

[39:01] पेट्रिय्कल सोसाइटी थी अभी तक लेकिन उतनी

[39:04] ज्यादा रिजिड नहीं थी। चाहे वो हम वर्ण

[39:06] सिस्टम की बात करें। रिजिड नहीं तो नहीं

[39:08] कि भई ब्राह्मण का बेटा ब्राह्मण ही होगा

[39:11] और बहुत ज्यादा रिजिड का से मेरा मतलब है

[39:13] कि डिमार्केशन नहीं था कि शूद्र को बहुत

[39:15] ही ऐसे निचले दर्जे से देखा जा रहा है।

[39:18] ब्राह्मण को बहुत ही उच्च दर्जे से देखा

[39:20] जा रहा है। तो यह ऐसा रिजिडनेस या फिर

[39:22] डिमार्केशन अभी तक सोसाइटी में नहीं था।

[39:26] पेट्रियर्कल सोसाइटी थी। दैट मींस कि यहां

[39:29] पर ठीक है कि भाई मेल डोमिनेटेड थी। लेकिन

[39:32] ऐसा नहीं कि वुमेन की कंडीशन अच्छी नहीं

[39:34] थी। ठीक है? यहां पर जो काऊ थी उसको

[39:37] अनघन्य यानी कि प्योर कंसीडर किया गया और

[39:40] नॉट टू बी किल्ड। अनघन्य का मतलब होता है

[39:42] जिसको मारा नहीं जा सकता है। तो अगण्य

[39:44] यानी कि काऊ बहुत इंपॉर्टेंट थी। खासकर

[39:47] अर्ली वैदिक ऐज में। इट वाज़ अ वेल्थ

[39:50] रिसाइडर। ठीक है? जिसके पास ज्यादा वेल्थ

[39:53] होती थी, ज्यादा काउज़ होती थी, उसको बोला

[39:55] जाता था गौमत। गौमत मतलब जिसके पास बहुत

[39:58] सारी गाय हैं। यानी कि ही और शी ही वाज़ अ

[40:01] वेल्थी पर्सन।

[40:03] गविष्ठी गायों के लिए जो युद्ध होता था

[40:06] गावित्री जो गाय धोती थी उसको गवित्री

[40:09] बोला जाता था। ठीक है? जो गाय धोती थी

[40:11] उसको गवित्री बोला जाता था। ठीक है? तो जो

[40:13] गाय है उसकी इंपोर्टेंस बहुत ज्यादा थी इस

[40:16] टाइम पे यहां तक कि जब सैक्रिफाइसेस

[40:19] परफॉर्म किए जाते थे, रिचुअल्स किए जाते

[40:20] थे, तो ब्राह्मणस को गाय दी जाती थी

[40:23] डोनेशन में। ठीक? अब आते हैं पॉलिटी किस

[40:26] तरह से थी इस टाइम पे? तो इलेक्टिव

[40:30] मोनार्की थी। हेरिडिटरी थी। लेकिन वह

[40:33] हेरिडिटरी इन दी सेंस कि इक्टिव मोनार्की

[40:36] का मतलब है कि इलेक्शन टाइप होते थे।

[40:37] प्योरली हेरिडेटरी नहीं था कि एक जो राजा

[40:40] है उसी का बेटा राजा बन रहा है। इलेक्टिव

[40:42] मोनार्की थी। ठीक है? यानी कि यहां पर

[40:45] असेंबली हुआ करती थी। तीन तरह की असेंबली

[40:47] थी। सभा, समिति और विदट। सभा, कम्युनिटी

[40:50] ऑफ प्रिविलेज्ड। कुछ लोग जो बहुत

[40:53] प्रिविलेज्ड हैं। ठीक है? उनकी कम्युनिटी

[40:55] को सभा बोला जाता था। जो कम्युनिटी ऑफ़

[40:58] कॉमन पीपल होती थी। कॉमन पीपल यानी आम

[41:00] लोगों की जो कम्युनिटी होती थी, जो

[41:02] असेंबली होती थी, उसको समिति बोला जाता

[41:03] था। और जो जो असेंबली है रिलीजियस पर्पस

[41:07] के लिए होती थी, धार्मिक काम के लिए होती

[41:09] थी, उसको विदठ बोला जाता था। रैंकिंग क्या

[41:12] होती थी ऑफिशियल्स की? तो जो पंडित होता

[41:15] था उसको पुरोहित बोला जाता था। जो आर्मी

[41:16] चीफ होता था उसको सेनानी बोला जाता था। और

[41:18] जो गांव का मुखिया होता था उसको ग्रामिनी

[41:21] बोला जाता था। ठीक है? कुल का मतलब होता

[41:25] है आपकी एक फैमिली। कुल का मतलब होता है

[41:27] फैमिली। जैसे कि आप हो गए। ठीक है? आपके

[41:30] फादर, उनके फादर, उनके फादर, ठीक है? तो

[41:33] ये सब क्या बना देते हैं? कुल। ऐसे कुल से

[41:35] एक गांव बन जाता है। आपने देखा होगा कि

[41:37] गांव में यूजुअली क्या होता है? कि गांव

[41:40] में सब एक ही माना जाता है कि सबके ओरिजंस

[41:43] एक ही है। जैसे हमारे गांव में क्या है कि

[41:45] सारे मतलब इक्का-दुक्का घरों को छोड़ के

[41:48] सारे ही परमार- परमार परमार सब मतलब पूरा

[41:50] गांव ही है। ठीक है? तो यह माना जाता है

[41:52] कि ये सब सेम गोत्र से अभी गोत्र सिस्टम

[41:55] क्लियरली आया नहीं है। वो लेटर वैदिक ऐज

[41:57] में थोड़ा सा ढंग से आता है। गोत्र सिस्टम

[41:59] उसको बोला जाता है। कि गोत्र का मतलब होता

[42:01] है जहां हमारी गाय तुम्हारी गाय मतलब सेम

[42:05] जगह बनती थी तो इसका मतलब हमारा सेम गोत्र

[42:07] है। और सेम गोत्र में विवाह करना गलत माना

[42:11] जाता है। क्यों? क्योंकि अगर हमारा सेम

[42:13] गोत्र यानी हम सेम गांव से हैं, तो हमारे

[42:15] मतलब रूट्स हमारे एनसेेस्टर सेम हैं। तो

[42:17] हम हुए क्या? भाई-भाई या भाई-बहन। तो

[42:20] इसीलिए आपने देखा होगा कि अगर गांव में एक

[42:22] ही गांव में अगर कोई कपल मैरिज कर लेते

[42:24] जैसे हमारे गांव में अभी मैं गया था तो

[42:26] सुनने में आया कि एक कपल है। ठीक है? तो

[42:30] मैं मतलब उन्होंने मैरिज कर लिया। दोनों

[42:31] गांव के ही हैं मतलब हमारे तो उन्होंने लव

[42:34] मैरिज कर ली। तो अब जो उनके जो फादर मदर

[42:36] हैं तो बेचारे उनको मुंह छुपा के जाना

[42:38] पड़ता है। ऐसा मैंने सुना। ठीक है? तो

[42:40] क्यों मुंह छुपा के जाना पड़ता है?

[42:42] क्योंकि सोशल उनका जो है [हंसी]

[42:46] क्योंकि सोशली जो है इनका मतलब थोड़ा सा

[42:48] उनको शर्म आती है कि है ना कि देखो अपने

[42:50] लड़कों पे बच्चों पे कंट्रोल नहीं कर पाए।

[42:52] तो मतलब यह है कि भाई अह वह भाई-बहन ही

[42:55] हैं एक्चुअल में अगर देखा जाए तो अगर उनके

[42:57] रूट्स को ट्रेस बैक किया जाए। तो इसलिए

[42:59] मना किया जाता है कि गांव में सेम कास्ट

[43:01] में मैरिज नहीं करनी चाहिए। ठीक है? और

[43:04] सेम गोत्र में नहीं करनी चाहिए। तो विश,

[43:06] जन और राष्ट्र इस तरह से। तो कुल से बनता

[43:08] है ग्राम। ग्राम से बनता है विश, विष से

[43:10] बनता है जन और जन से बनता है राष्ट्र। ठीक

[43:12] है? अब आते हैं धर्म पे। दैट इज़ रिलीजन

[43:14] पे। तो रिलीजन पे अगर बात करें

[43:19] घर वालों ने रोका नहीं बेटा घर वाले रोक

[43:21] नहीं पाए। ऐसा मतलब मैंने सुना है मुझे

[43:23] पता नहीं कि भाई नहीं निब्बा निब्बी नहीं

[43:25] यार। एक्चुअल में आई थिंक जो मैंने सुना

[43:27] है मुझे पता नहीं है कि भाई जो लड़का है

[43:29] वह यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर है। और

[43:31] जो लड़की आई थिंक दिल्ली पुलिस में है वह।

[43:34] तो जब दोनों की जॉब लग गई दोनों साथ पढ़ते

[43:36] हैं तो इस वजह से निब्बा निब्बी नहीं है।

[43:38] [हंसी]

[43:40] [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] चलो

[43:40] भाई तो रिलीजन पे आते हैं।

[43:43] वैसे चलो खैर छोड़ो। रिलीजन पे आते हैं।

[43:46] तो रिलीजन पे ये है कि दे वरशिप्ड नेचर।

[43:50] ठीक है? तो दे वरशिप नेचर यानी कि नेचर की

[43:53] वरशिप करते थे। एज सच जैसे मैंने बताया

[43:55] टेंपल्स वगैरह नहीं होते थे। नो टेंपल्स।

[43:58] टेंपल्स नहीं थे। इमेज वरशिप नहीं थी। ठीक

[44:02] है? इमेज वरशिप नहीं थी। तो दे वरशिप

[44:05] नेचर। इंद्र, पृथ्वी, अग्नि, सोम और वायु।

[44:10] यह क्या हैं? ये हमारे रिलीजंस हैं। ये

[44:13] हमारे क्या हैं? मतलब ये जो गॉड कंसीडर

[44:15] किए जाते थे। इंद्र वाज़ कंसीडर्ड एज़

[44:17] पुरंदर। पुरंदर मतलब डिस्ट्रॉयर ऑफ़ हॉट।

[44:19] और बाद में चल के देखेंगे। यही बन गया

[44:21] लॉर्ड ऑफ़ प्लो। ठीक है? लिखा भी हुआ है

[44:23] यहां पर लॉर्ड ऑफ़ प्लो। प्लो मतलब हल। तो

[44:25] अच्छी खेती हो, है ना? और अच्छी सारी

[44:28] बारिश वगैरह हो, तो उसके लिए इंद्र भगवान

[44:30] की पूजा की जाती थी। ठीक है? पृथ्वी सो

[44:33] दैट अच्छी उपज हो। अग्नि अग्नि को एक

[44:35] इंटरमीडियरी कंसीडर किया जाता है ह्यूमन

[44:38] और गॉड के बीच में। भगवान और इंसान के बीच

[44:40] में एक इंटरमीडियरी कंसीडर किया जाता है।

[44:43] क्यों? क्योंकि जब कोई भी चीज को अग्नि

[44:46] में जलाते हो तो अग्नि के वेपर्स कहां पर

[44:48] जाते हैं? ऊपर की ओर जाते हैं। अग्नि ऊपर

[44:49] की ओर उठती है। हमारे एक वो कौन है? फोकि

[44:53] बाबा हैं। जानते हैं ना पुकि बाबा का कौन

[44:55] है? तो फोकि बाबा का आई थिंक एक कोई

[44:57] वीडियो देख रहा था। उसमें यही कोई ऐसा

[44:59] लॉजिक बता रहे थे। पता नहीं क्या अग्नि

[45:01] ऊपर की ओर क्यों उठती है पता नहीं याद

[45:03] नहीं लेकिन कुछ ऐसा बता रहे थे वो तो

[45:04] अग्नि ऊपर की ओर जाती है तो ये माना जाता

[45:07] है कि वो ह्यूमन वो भगवान तक पहुंचती है

[45:09] तो इट इज अ काइंड ऑफ इंटरमीडियरी बिटवीन

[45:11] ह्यूमन एंड गॉड तभी जब कोई सैक्रिफाइस

[45:13] वगैरह परफॉर्म किया जाता है तो हवन किया

[45:14] जाता है और हवन में आपको पता है ना अग्नि

[45:16] वगैरह सोम हमने देख लिया ना जो नाइंथ मंडल

[45:19] में मेंशंड है और एक चीज यह जो अभी हमने

[45:21] वॉर देखा था यह पता है किस मंडल में है इट

[45:23] है इट इज मेंशंड इन दी सेवंथ मंडल ठीक है

[45:25] यह सातवें मंडल ऑफ ऋग्वेद में है यह सेवंथ

[45:28] मंडल में

[45:30] क्लियर तो यह चीज है। एंड रुद्र गॉड ऑफ

[45:34] एनिमल इनकीेंस बाद में चलकर और ज्यादा बढ़

[45:36] गई बढ़ जाती है लेटर वैदिक एज में। अदिति

[45:39] और अदिति के बारे में बता दिया मैंने। मदर

[45:41] ऑफ गॉड्स और यह भगवान सूर्य की मदद थी।

[45:43] सावित्री जिनके लिए गैत्री मंत्र

[45:45] डेडिकेटेड है जो विश्वमित्र ने लिखा। और

[45:47] कोई ज्यादा एनिमल वरशिप नहीं थी। टेंपल

[45:49] में कोई वरशिप नहीं होती थी। टेंपल में भी

[45:51] एज सच कोई सैक्रिफाइस परफॉर्म नहीं किया

[45:53] जाता था। ओपन सैक्रिफाइस किया जाता था। और

[45:55] इमेज वरशिप उस टाइम पे नहीं होती थी। ठीक

[45:58] है? पोट्री वोटरी पे आगे बढ़े। चलो मुझे

[46:00] याद दिलाना कि मुझे आपको अगर यहां पर नहीं

[46:02] लिखा होगा तो मुझे आपको बताना है। एंड दैट

[46:04] इज़ अबाउट कि कौन-कौन सी तरह की

[46:07] सैक्रिफाइसेस होती थी। मैं आपको एक कहानी

[46:09] बताऊंगा फिर वहां पे किस तरह से घोड़े

[46:10] अश्वमेघ यज्ञ को परफॉर्म किया जाता था।

[46:12] ठीक है? पोटरी इस समय पे ऑकरे कलर्ड होती

[46:14] थी। मैं किस टाइम की बात कर रहा हूं सर?

[46:16] एंड मैम अर्ली वैदिक ऐज की बात कर रहा

[46:18] हूं। ठीक है? तो ऑकरे तो मोस्टली ऑकरे

[46:21] नहीं थी। ठीक है? ब्लैक एंड रेड वेयर भी

[46:24] थी और धीरे-धीरे यह पेंटेड ग्रे वेयर में

[46:26] आ गई थी लेटर वैदिक ऐज ऑकरे कलर्ड कहां पर

[46:29] थी? ये मोस्टली हमारी चालकोलिथिक एज या

[46:31] फिर हमारा जो हड़प्पन एज था। हड़प्पन में

[46:33] ही ऑकरे के साथ-साथ डेवलप होने लगी थी

[46:35] ब्लैक एंड रेडवेयर जो कि वैदिक काल में भी

[46:38] चलके आई। ब्लैक एंड रेडवेयर भी ध्यान रखना

[46:40] यहां पे बी आरडब्ल्यू इन शॉर्ट लिख रहा

[46:41] हूं। ठीक है? बी आरडब्ल्यू।

[46:44] अब आते हैं लेटर वैदिक ऐज में। 1000 बीसी

[46:46] से 600 बीसी। यहां यहीं पे कंपोज हुए थे

[46:49] साम, यजुर और अथर्ववेद। ठीक है? अदर थ्री

[46:51] वेद वर कंपो कंपोज्ड हियर गंगा, यमुना,

[46:53] द्वाब। मतलब क्या हुआ इसका? तो मतलब ये

[46:56] हुआ कि आरएस एक्सपेंडेड एक्सपेंडेड फ्रॉम

[46:59] पंजाब टू वेस्टर्न यूपी अब क्यों एक्सपेंड

[47:01] कर पाए होंगे। गेस करो।

[47:04] यहां पर सबसे पहले तो यह लोग यहां पर थे।

[47:07] ठीक है? जो इंडो आर्यन ट्राइब आई थी, तो

[47:09] सप्तसिंधु वाले क्षेत्र में थी। लेकिन

[47:11] धीरे-धीरे वो अब कहां पर बढ़ी? आगे की ओर

[47:13] बढ़ी। गंगा, यमुना, द्वाब। और द्वाब आपको

[47:16] पता है मैंने पढ़ाया था ज्योग्राफी हम

[47:17] लोगों ने पढ़ा था। द्वाब का मतलब होता है

[47:19] एरिया बिटवीन दी टू रिवर्स। और लैंड

[47:21] बिटवीन टू रिवर्स व्हिच इज़ कॉल्ड एज दब।

[47:24] ऑलराइट? तो, यहां पर यह ध्यान रखना है कि

[47:28] यहां पे आयरन का इन्वेंशन हो। मतलब आयरन

[47:31] इन लोगों को पता चल गया था। अब आपको पता

[47:33] चला है मतलब अब ये मैंने आपको पहले ही बात

[47:36] बताई थी कि जब हम लोगों ने एक क्वेश्चन

[47:37] किया था कि चैलकोलिथिक ऐज के टाइम पे कॉपर

[47:39] ऐज के टाइम पे शिफ्टिंग कल्टीिवेशन नहीं

[47:41] था। ऐसा एक सीडीएस में क्वेश्चन आया था कि

[47:43] वो शिफ्टिंग कल्टीिवेशन प्रैक्टिस करते

[47:44] हुए तो मैंने लॉजिक बताया था कि भ

[47:46] शिफ्टिंग कल्टीिवेशन का मतलब है स्लैश एंड

[47:47] बर्न आपको काटना पड़ेगा, जलाना पड़ेगा।

[47:49] लेकिन उसके लिए आयरन चाहिए। आयरन था नहीं

[47:50] वहां पे। यहां पे आ गया। तो अब ये

[47:52] एक्सपैंड कर सकते हैं तेजी के साथ। तो दे

[47:54] एक्सपेंडेड। यानी कि वहां वो यहां से नीचे

[47:56] उतरना शुरू किया। जैसे अभी मैंने आपको

[47:59] पीछे बताया था कि किस तरह से जो भरत

[48:01] ट्राइब थी उसके जो राजा थे है ना जो हमारे

[48:04] सूदास थे उनकी विक्ट्री हुई थी। तो बाद

[48:07] में उन्होंने जो हमारे जो जिनके खिलाफ वो

[48:09] लड़े थे 10 ट्राइब में से एक ट्राइब थी

[48:13] पुरुष। ठीक है? तो उनके साथ मर्ज करके

[48:16] उन्होंने एक बना लिया था कुरु। ठीक है?

[48:18] कुरु बना लिया था। ठीक है? और इन्हीं कुरु

[48:21] ट्राइब के दो क्लैन थे पांडव और कौरव

[48:24] जिनके बीच में महाभारत युद्ध होता है

[48:26] समथिंग इस टाइम पे और यह महाभारत वेदव्यास

[48:28] जी के द्वारा कंपोज की जाती है फोर्थ

[48:30] सेंचुरी एडी में 400 एडी के टाइम पे

[48:32] गुप्ताज़ गुप्ता एरा के टाइम पे जाके। ठीक

[48:34] है? लिखा जाता है इसको। क्लियर है? तो

[48:37] कुरू और एक और ट्राइब यहां पर बन गई

[48:39] पांचाल। तो ये हस्तिनापुर जो प्रेजेंट डे

[48:41] जो उत्तर प्रदेश का रीजन है वेस्टर्न

[48:43] उत्तर प्रदेश दैट इज़ मेरठ के आसपास वाला

[48:45] जो रीजन है वहां पर ये जो है एक्सपेंड

[48:50] होते हैं। ठीक है? टुवर्ड्स द लेटर वैदिक

[48:52] पीरियड दे शिफ्टेड फ्रॉम द्वाब एरिया टू

[48:54] ईस्टर्न यूपी यानी कि वेस्टर्न यूपी से

[48:55] धीरे-धीरे ईस्टर्न यूपी और यहीं से हमारा

[48:57] स्टार्ट होगा क्या? 600 बीसी से महाजनपद

[49:00] जन

[49:02] महा

[49:04] जन पद जन मतलब ट्राइब पद मतलब जहां फुट

[49:09] पड़ गए पैर पड़ गए वो एरिया हो गया भाई उस

[49:11] टाइम तो ऐसा तो है नहीं ना कि पूरा मैप

[49:14] बना हुआ है कि भाई ये हमारा मैप है

[49:16] तुम्हारा मैप है जहां हमारा पैर पड़ गया

[49:18] वो हमारा ठीक है महा का मतलब एक बड़ा

[49:21] एरिया तो महाजनपद यहीं से हम आगे स्टार्ट

[49:23] करेंगे 600 बीसी से ठीक है एक्सपेंशन

[49:26] क्यों पॉसिबल हो पाया बिकॉज़ आयरन वेपन्स

[49:27] और हॉर्स ेस इनके पास थे क्योंकि जैसे

[49:29] हमने देखा ये सेंट्रल एशियन ट्राइब थी। है

[49:31] ना? टर्की हमारा जो स्टेपी वाला एरिया है

[49:33] वहां से टर्की में आया। टर्की से यहां पर

[49:35] आए तो वो हॉर्सेज के थ्रू ही आए होंगे।

[49:37] ऐसे चल के तो नहीं आए होंगे। ठीक है? तो

[49:38] हॉेजज़ की नॉलेज थी इनको जो हमारे हड़प्पंस

[49:41] के पास नहीं थी। हमने देखा था। और आयरन के

[49:44] बारे में इनको नॉलेज थी। ये कैसे हमें पता

[49:45] चलता है? तो ऋग्वेद में ही आगे चलके बाद

[49:50] में सॉरी ऋग्वेद के जो मेरे आगे वेद आते

[49:52] हैं खासकर जो सामवेद और यजुर्वेद। ऋग्वेद

[49:54] नहीं सामवेद सामवेद और यजुर्वेद। वहां पर

[49:57] कृष्ण आयाज़ और श्याम आयाज़। आया का मतलब

[49:59] होता है मेटल। और कृष्ण और श्याम का दोनों

[50:01] का मतलब होता है ब्लैक। तो ब्लैक मेटल

[50:03] क्या होता है? काले कलर का जो हमारा मेटल

[50:05] धातु होती है वो आयरन ही होती है। तो लेटर

[50:09] वैदिक ऐज में। तो इसलिए हम बोलते हैं कि

[50:11] अर्ली में नहीं पता चला इनको आयरन के बारे

[50:13] में। लेटर में पता चला क्योंकि अर्ली में

[50:14] तो ऋग वैदिक कंपोज हो गया था। और वहां पे

[50:17] इसके बारे में मेंशन नहीं है। बाकी के जो

[50:19] आगे वेदाज़ हैं उनमें मेंशंड है। तो इसलिए

[50:21] लेटर वैदिक ऐज में जाके इनको आयरन के बारे

[50:24] में लोहे के बारे में पता चला। ऑलराइट

[50:26] क्लियर? एग्रीकल्चर वाज़ देयर चीफ मींस ऑफ़

[50:29] लाइवलीहुड। यानी कि ये पास्टोरल कम्युनिटी

[50:31] से एग्रीकल्चर की ओर शिफ्ट हो गए। ऐसा

[50:33] नहीं कि अर्ली वालों को एग्रीकल्चर की

[50:35] नॉलेज नहीं थी। थी लेकिन मेनली पैस्टोरल

[50:38] कम्युनिटी थे। जो बाद में धीरे-धीरे

[50:40] एग्रीकल्चर की ओर शिफ्ट हो गए। किंग आल्सो

[50:42] डिड मैनुअल अह लेबर इन द फील्ड। है ना? जो

[50:45] राजा होते थे वो भी मतलब फील्ड में लेबर

[50:48] करते थे। ठीक है? काम करते थे। वृही राइस

[50:52] को वहां पे लिखा गया। वेदों में राइस को

[50:55] चावल को वृही लिखा गया है। ठीक है? वुडन

[50:58] प्लॉशियर वगैरह भी हमें यहां पर देखने को

[51:00] मिले हैं। पॉलिटिकल ऑर्गेनाइजेशन किस तरह

[51:02] से था? लेटर वैदिक ऐज में बात करें

[51:04] सेंट्रलाइज़ होने लगा था। ये सभा में वुमस

[51:07] अलाउड नहीं थी। पहले अलाउड थी सभा में जो

[51:10] कि क्या होती थी? असेंबली ऑफ फ्यू यानी कि

[51:13] जो थोड़े ऊपर क्लास के बिलोंग करते हैं

[51:16] उनको बोला जाता था उनकी असेंबली को बोला

[51:18] जाता था सभा। अब ये सभा में वुमस को हटा

[51:21] के एंड इट वाज़ डोमिनेटेड बाय ब्राह्मेंस

[51:23] समिति असेंबली ऑफ़ कॉमन पीपल अभी थी विद

[51:26] डिसअपीयर्ड।

[51:29] खो गई है। कहां गई? दिखती नहीं है। ठीक

[51:32] है? डिसअपीयर्ड। गलत है स्पेलिंग।

[51:36] ठीक है? तो ये क्या हो गई? डिसअपीयर हो

[51:38] गई। डिसअपीयर्ड।

[51:40] बाली क्या होती थी उस समय जो किंग को

[51:42] वॉलंटरी ऑफरिंग देनी होती थी वह बाली होती

[51:45] थी। सोसाइटी की अगर बात करें जो वर्ण

[51:47] सिस्टम था अब वो काफी रिजिड हो गया था।

[51:50] ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और जो शूद्र

[51:52] हैं ये अब प्रोफेशन के बेसिस पे नहीं थे।

[51:57] जो पहले अर्ली वैदिक एज में थे। अब ये

[51:59] क्या हो गया? हेरिडिटरी बेसिस पर हो गया।

[52:01] अब ये

[52:03] और बहुत डिस्टिंशन हो गया। डिमार्केशन हो

[52:06] गया। ब्राह्मणस, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।

[52:09] ठीक है? क्षत्रिय ट्रेड नहीं करेंगे भैया।

[52:11] वैश्य ट्रेड करेंगे। ठीक है? क्षत्रिय

[52:14] क्या करेंगे? यह काइंड ऑफ वॉर वगैरह में

[52:18] जाएंगे और प्रोटेक्ट करेंगे लोगों को। ठीक

[52:21] है? ये सर्वेंट और ये जो हैं क्या करेंगे?

[52:24] जो ब्राह्मणस हैं ये सबसे ऊपर थे

[52:26] ब्राह्मणस। और इनका काम था कि

[52:28] सैक्रिफाइसेस परफॉर्म करनी है, रिचुअल्स

[52:30] करने हैं लोगों के लिए।

[52:32] और धीरे-धीरे यह होने लगा कि यह सब जो है

[52:35] शूद्र के लिए नहीं है रिचुअल्स और

[52:37] सैक्रिफाइस। उसको नीचे ही रहना है। कंडीशन

[52:39] ऑफ वुमेन खराब होने लगी यहां से। गोत्र

[52:42] सिस्टम यहां पर इमर्ज हुआ जो मैं आपको बता

[52:44] रहा था। गोत्र का मतलब होता है कि गाय

[52:46] कहां बनती थी आपकी। ठीक है? अगर सेम

[52:48] गोत्रम है हमारा तो मतलब हमारी गाय सेम

[52:50] जगह में बनती थी। ठीक है? तो इसलिए सेम

[52:53] गोत्र में अरेंज नहीं करना चाहिए। ये क्या

[52:56] हैं? ये आपके फेजेस ऑफ लाइफ है। ठीक है?

[53:00] इनको आश्रम बोलते हैं। ठीक है? तो ये

[53:02] हमारे चार फेजेस ऑफ लाइफ होते हैं। ध्यान

[53:04] रखिएगा अच्छे से। चार फेजेस ऑफ लाइफ होते

[53:07] हैं जो कि हैं ब्रह्मचर्य, गृहस्थ,

[53:09] वनप्रस्थ और सन्यास। ब्रह्मचर्य का मतलब

[53:12] होता है जो आपका फर्स्ट फेज ऑफ लाइफ होता

[53:14] है। फर्स्ट फेज ऑफ लाइफ में आपको क्या

[53:16] करना होता है? आपको जो है वर्डली प्लेजर

[53:20] से दूर होके अपनी पढ़ाई लिखाई पे फोकस

[53:22] करना होता है। ठीक है? गृहस्थ होता है

[53:24] यानी कि गृहस्थ। यह आप समझ सकते हो कि एज

[53:27] ज़ीरो टू टिल 25। यह होता है गृहस्थ आपका

[53:30] सेकंड फेज ऑफ लाइफ होता है आपका जो 25 से

[53:33] लेकर 50 साल आप तभी है ना जैसे 25 26 25

[53:36] से ऊपर ऐज होती है शादी का प्रेशर बनने

[53:40] लगता है घर वालों की तरफ से है ना कि शादी

[53:42] करो शादी करो है ना हम वनप्रस्थ जब आप

[53:46] गृहस्थ जीवन जी चुके होते हैं तो उसके बाद

[53:48] आप वन की ओर जाते हैं 50 साल के ऊपर जब आप

[53:52] हो जाते हैं इसको थर्ड फेज ऑफ लाइफ बोला

[53:54] जाता है और उसके बाद आप सन्यास सन्यास ले

[53:57] लेते हैं यानी कि आप अब मोक्ष की प्राप्ति

[53:59] में चले गए हैं। अब आप सीधे इसके बाद डेथ

[54:02] में एंटर कर गए हैं। ठीक है? तो, यह चार

[54:04] आश्रम आपको ध्यान रखना है जो हमारे चार

[54:06] फ़ेजेस ऑफ़ लाइफ़ होते हैं। क्लियर है? फिर,

[54:11] उपनिषद क्या होते हैं? बताया था उपनिषद

[54:12] वेदांत होते हैं वेदों के अंत में जो

[54:14] काइंड ऑफ फिलॉसफिकल डिस्कशंस हैं।

[54:18] सर, यव, यवा आपका जौ को बोला जाता है।

[54:20] जैसे यहां पर वृही है राइस के लिए। तो यव

[54:23] वर्ड यूज किया जाता है जब जो जौ नहीं होती

[54:26] है जिसको बार्ले बोलते हैं हिंदी में ठीक

[54:28] है या तो जऊ नोट कर लें या बार्ले

[54:33] ठीक

[54:35] हम और किसी को कोई डाउट है यहां तक जल्दी

[54:38] से बताएंगे फिर हम मैरिज के टाइप्स

[54:40] देखेंगे और फिर आप बताइएगा कि आप किस तरह

[54:42] की शादी करने वाले हैं किस टाइप की मैरिज

[54:44] करने वाले हैं

[54:54] जबाला उपनिषद यजुर्वेद का है। जबाला

[54:56] उपनिषद। ठीक है?

[54:59] यह आपके जो चार आश्रम है उसके बारे में

[55:02] बताता है। ये जो मैंने चार आश्रम नहीं

[55:03] बताए हैं। ये जो चार आश्रम्स होते हैं

[55:06] हमारे ठीक है? ये आपके जो जबाला उपनिषद है

[55:09] उसमें मेंशंड है। मैं हिंदी में ले लेता

[55:10] हूं। जबाला उपनिषद किसका पार्ट है ये

[55:13] जबाला उपनिषद? यह आपका

[55:16] यजुर्वेद। ठीक है? और यजुर्वेद में भी

[55:18] शुक्ल यजुर्वेद है ना दो पढ़ाए थे शुक्ल

[55:20] वाइट और कृष्ण कृष्ण आपका ब्लैक ठीक

[55:27] हम चलिए तो अब आगे बढ़ते हैं और देखते हैं

[55:30] डिफरेंट टाइप्स की मैरिज कौन-कौन सी होती

[55:32] थी तो जो लड़का हायर कास्ट का है लड़की

[55:36] लेकिन लोअर कास्ट की है उसको अनुलोम विवाह

[55:37] बोला जाता था और जो अगर गर्ल हायर कास्ट

[55:40] की है और बॉय अगर लोअर कास्ट का है

[55:42] प्रतिलोम विवाह तो अनुलोम विवाह तो अलाउड

[55:44] था लेकिन प्रतिलोम विवाह अलाउड नहीं था आठ

[55:47] टाइप की मैरिज देख सकते हैं। बहुत ज़्यादा

[55:48] रटने की जरूरत नहीं है। लेकिन थोड़ा देख

[55:50] लो। जैसे गंधर्व विवाह, लव मैरिज को

[55:52] गंधर्व विवाह बोलते हैं। ठीक है? और असुर

[55:54] विवाह बोलते हैं। अगर आपने जैसे मैरिज बाय

[55:57] परचेस का मतलब लड़की को परचेस करके। ठीक

[56:00] है? उसको असुर विवाह। मैरिज बाय अबडक्शन।

[56:02] ठीक है? किसी को किडनैप करके ऐसा टाइप

[56:04] उसको राक्षस विवाह बोलते हैं। ठीक है? तो

[56:07] ये सारी चीजें हैं।

[56:10] पैश ये जो पैशस विवाह जो होता है कि भाई

[56:13] गर्ल जो है अपने सेंसेस में नहीं है। अश्व

[56:15] विवाह टू टेकन मतलब टोकन ब्राइड टेकन

[56:18] ब्राइड प्राइस ऑफ़ अ काऊ एंड बुल वर गिवन।

[56:20] ठीक है? तो मतलब ब्राइड वगैरह है ना यह अह

[56:23] ब्राइड जो प्राइ मतलब काऊ के बदले काऊ और

[56:26] बुल के विवाह मतलब उसके बदले में अगर

[56:28] मैरिज की गई है। मतलब एक काइंड ऑफ़ जो दहेज

[56:30] दहेज में काऊ और बुल अगर दिया गया है।

[56:32] फादर डोनेटेड हिज़ डॉटर टु प्रीस्ट एज़

[56:34] दक्षिणा। ठीक है? प्रीस्ट यानी कि किसी

[56:36] प्रीस्ट यानी कि किसी पुरोहित को अपनी

[56:39] लड़की दे दी। ठीक है? उसको दैव विवाह

[56:41] बोलते हैं। ठीक? आगे बढ़ते हैं और गॉड्स

[56:44] खत्म हो गया हमारा कि गॉड्स जो हैं अब

[56:47] हमने देखा था कि गॉड्स कौन थे हमारे?

[56:49] इंद्र, वरुण ये सब जो हैं धीरे-धीरे अपनी

[56:51] इंपोर्टेंस खोने लगे। और रुद्र जैसे जो

[56:53] गॉड ऑफ़ एनिमल हैं उनकी इंपोर्टेंस बढ़ गई।

[56:55] क्योंकि हमें पता है कि अब एग्रीकल्चर

[56:57] कीेंस बढ़ गई। तो इसलिए जो हमारे गॉड ऑफ़

[56:59] एनिमल हैं रुद्र उनकी इंपोर्टेंस बढ़ गई।

[57:01] पोट्री जैसे मैं हमने बताया आपको ग्रे

[57:03] लेटर वैदिक एज आते-आते तक ग्रे कलर पोटरी

[57:05] जो है डोमिनेंट हो गई। ठीक है? ब्लैक एंड

[57:08] रेड अवेयर थी हमारी किस में? ओसीपी से

[57:12] ट्रांसफॉर्मेशन हुआ था बीआरडब्ल्यू में

[57:14] हड़प्पा में। और बीआरडब्ल्यू से आपकी ग्रे

[57:17] कलर्ड पॉटरी में या फिर पेंटेड ग्रे वेयर

[57:19] जिसको हम पीजीडब्ल्यू बोलते हैं उसमें

[57:21] ट्रांजिशन हुआ लेटर वैदिक ऐज में। ठीक है?

[57:24] बाकी तो ये वन लाइनर्स आप खुद से पढ़ सकते

[57:26] हैं। ठीक है? लैंग्वेज क्या थी? आरएस की

[57:28] संस्कृति धर्मसूत्र। तो धर्मसूत्र में

[57:30] लिखा होता था कि किस तरह से रूलर को

[57:32] क्या-क्या करना है। प्लस साथ ही साथ

[57:34] क्या-क्या चीजें आपको परफॉर्म करनी है। जब

[57:36] आप गृहस्थ जीवन जी रहे हैं तो आप अपनी

[57:38] फैमिली की जो ड्यूटीज हैं उनको निभाइए।

[57:41] ठीक है? वो कौन-कौन सी ड्यूटीज आपको

[57:42] परफॉर्म करनी है? जब आप ब्रह्मचर्य हैं तो

[57:45] क्या-क्या आपको करना है? तो वो धर्म उसको

[57:47] उसको बोला जाता है। एस पर ऋग्वेद द रिवर

[57:49] गॉडेस वाज़ सिंधु। ठीक है? हाईम वगैरह में

[57:51] पढ़ चुके हैं। चलो। और ये चीज थोड़ा सा

[57:55] फैक्ट ध्यान रखना। यह वन लाइनर टाइप है और

[57:57] अ पर्सन की मतलब तीसरी वेद मैनुस्क्रिप्ट

[57:59] फ्रॉम 1800 से लेके जो 1500 बीसी के जो

[58:02] हमारे अह मैनुस्क्रिप्ट्स हैं उनको

[58:04] इंक्लूड किया गया है यूनेस्को की मेमोरी

[58:06] ऑफ़ द वर्ल्ड रजिस्टर 2007 में। अ पर्संस

[58:09] वैदिक अप्रोच एंड हज़ रिलेशनशिप विद

[58:11] सोसाइटी आर डिटरमाइंड बाय फोर गोल्स इन

[58:13] लाइफ अर्थ, मोक्ष, धर्म और काम। ठीक है?

[58:16] तो एक वैदिक अप्रोच को इन चार अह किस चार

[58:19] गोल्स जो लाइफ में हमारे होने चाहिए अर्थ,

[58:21] मोक्ष, धर्म और काम। है ना? कि आपके लाइफ

[58:24] में कुछ अर्थ होना चाहिए, मीनिंग होना

[58:26] चाहिए। ऐसा नहीं कि जिए जा रहे हैं। ठीक

[58:28] है? इसको बहुत ही अच्छे से जो आदि

[58:30] शंकराचार्य का जो तत्व बोध है, तत्वबोध जो

[58:32] किताब है उसमें बड़े अच्छे से एक्सप्लेन

[58:34] किया गया इसको कि भाई उसमें मतलब एक अब वो

[58:37] शायद मुझे एग्जैक्टली तो याद नहीं क्योंकि

[58:39] आदि शंकराचार्य की ही है। लेकिन उसका

[58:42] इंटरप्रिटेशन यह सेंट्रल चिन्मय मिशन

[58:45] ट्रस्ट करके है कोई। उसने किया है। पता

[58:47] नहीं मुझे एग्जैक्टली नहीं पता यार कि वह

[58:49] क्योंकि उस टाइम पर फुटबॉल तो होती नहीं

[58:51] लेकिन इसमें फुटबॉल के थ्रू इंटरप्रिटेशन

[58:52] दिया गया था तत्वबोध में कि किस तरह से

[58:54] अगर आप मतलब फुटबॉल को लिए हुए हो है ना

[58:57] गोल नहीं कर रहे हो तो मतलब आपका कोई गोल

[58:59] नहीं है काइंड ऑफ मतलब आप किस लिए फुटबॉल

[59:01] को ड्रिबल कर रहे हो ड्रिबल कर रहे हो कर

[59:03] रहे हो ठीक है आपको आपका काम है ड्रिबल

[59:05] करना फुटबॉल को लेकिन क्यों कर रहे हो

[59:07] फुटबॉल को ड्रिबल वो आपको पता होना चाहिए

[59:09] तो मतलब आप क्यों जी रहे हो क्यों आप यह

[59:10] सारी चीजें परफॉर्म कर रहे हो क्यों

[59:12] ड्यूटीज परफॉर्म कर रहे हो उसका कोई गोल

[59:14] होना चाहिए आपको पता होना चाहिए क्यों कर

[59:15] रहे हो तो वह सारी चीजें जो है अर्थ में

[59:19] हमें बताई गई हैं ठीक है किस किस तरह से

[59:20] मोक्ष की प्राप्ति होगी? धर्म यानी हमारे

[59:23] क्या हमें चीजें फॉलो करनी है वो धर्म

[59:25] लिखा हुआ है। ठीक है? बाकी तो आप देख सकते

[59:28] हैं। है ना? टर्म दैट डिनोट रिचुअल।

[59:30] रिचुअल को कल्प बोला गया है और व्यास जी

[59:33] ने पुराण। पुराण जो है ये मैंने अभी नहीं

[59:35] पढ़ाए क्योंकि पुराण गुप्ता टाइम जो हमारा

[59:37] गुप्ता एरा है, वहां पर जाकर कंपाइल होते

[59:39] हैं पुराण। अभी नहीं कंपाइल होते हैं। ठीक

[59:41] है? चलिए तो हमारा लेक्चर होता है खत्म।

[59:44] और अभी हम करेंगे इस पर्टिकुलर टॉपिक पे

[59:46] बेस्ड जो हमारे क्वेश्चंस हैं। चलो पहला

[59:49] क्वेश्चन करेंगे। कि जो हमारा 10 राजन

[59:52] युद्ध है ये कब मतलब किस रिवर के बैंक्स

[59:55] पे हुआ था?

[01:00:16] बताइए। तो एज़ द एट द बैंक्स ऑफ़ व्हिच ऑफ़ द

[01:00:19] फॉलोइंग रिवर्स वाज़ बैटल ऑफ़ 10 किंग्स।

[01:00:21] यानी दशराजन ये जो युद्ध है वो किस रिवर

[01:00:23] के बैंक्स पे हुआ था? सरस्वती, दृषट्वती,

[01:00:26] पुरुषनी। ठीक है? जो रावी रिवर है हमारी

[01:00:29] पुरुषनी है ना? शतुद्री कौन सी है? जो

[01:00:31] सतलज है उसको शतुद्री बोलते हैं। अगला है

[01:00:33] हमारा क्वेश्चन। क्वेश्चन नंबर सेकंड एंड

[01:00:35] दैट इज़ व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग

[01:00:38] अह स्टेटमेंट अबाउट ऋग्वेद इज़ नॉट करेक्ट?

[01:00:43] फिफ्थ वेद भाई हम नाट्यशास्त्र को बोलते

[01:00:46] हैं। ठीक है? चार वेद ही में पढ़ने हैं। वो

[01:00:48] स्टैटिक जीके में पढ़ेंगे। फिफ्थ वेद। सर

[01:00:50] इज़ देयर कॉइन सिस्टम अवेलेबल और इट वाज़ अ

[01:00:52] ब्राइट बा? तो यह बार्टर ही था। मैं आपको

[01:00:55] बता दूं। यहां पर कोई कॉइंस वगैरह एस सच

[01:00:58] नहीं मिले हैं। ठीक है? यहां पर ध्यान

[01:01:01] रखना जो ट्रेड होता था।

[01:01:04] यहां पर मैं लिख देता हूं। ठीक है? नो

[01:01:06] कॉइनज सिस्टम। नो

[01:01:11] कॉइनज सिस्टम।

[01:01:14] यहां पर अभी सिर्फ बार्टर सिस्टम के थ्रू

[01:01:17] ही एक्सचेंज होता था। ठीक है? जो भी गुड्स

[01:01:19] जो मैंने आपको कल एक्सप्लेन किया था बार

[01:01:20] सिस्टम।

[01:01:22] ठीक है? हिमानी खान जी।

[01:01:27] ओके सर आप सैक्रिफाइस के बारे में बताने

[01:01:29] वाले थे। हां तो मैं बता देता हूं।

[01:01:31] डिफरेंट टाइप के जो सैक्रिफाइस परफॉर्म

[01:01:32] किए जाते थे राजा के द्वारा वो होते थे

[01:01:35] जैसे राजसूया

[01:01:40] ठीक है राजसूया अश्वमेघ ठीक है अश्वमेघ

[01:01:45] अश्वमेघ यज्ञ होता था ठीक है इस राजसूया

[01:01:48] सैक्रिफाइस के अंतर्गत अश्वमेध अ

[01:01:51] सैक्रिफाइस या फिर यस अश्वमेघ यज्ञ

[01:01:53] परफॉर्म किया यज्ञ परफॉर्म किया जाता था

[01:01:55] इसके तहत ये किया जाता था कि जो भी राजा

[01:01:58] होता था और उसका जो सबसे पसंदीदा घोड़ा

[01:02:00] होता था। उसको क्या किया जाता था? उसको

[01:02:03] रिचुअल्स वगैरह करके छोड़ा जाता था। कहां

[01:02:05] पर? टेरिटरी में। अब वह टेरिटरी में

[01:02:08] जहां-जहां जाएगा और उसके जो कुछ राजा के

[01:02:10] मतलब जो गुप्त हैं

[01:02:14] ठीक है? वो उसके पीछे-पीछे जाएंगे राजा के

[01:02:16] पीछे-पीछे। ठीक है? गुप्त तरीके से। वह जो

[01:02:20] घोड़ा है वह टहलेगा। जहां-जहां जाएगा,

[01:02:23] जहां-जहां जाएगा, वह वह टेरिटरी राजा की

[01:02:25] हो जाएगी। और अगर उस घोड़े को किसी ने रोक

[01:02:28] लिया

[01:02:30] मान लेते हैं इन्होंने रोक लिया। ठीक है?

[01:02:33] तो फिर इस पर्टिकुलर जिसने रोका है उसको

[01:02:38] इस राजा से युद्ध करना पड़ेगा जिसने कि इस

[01:02:41] घोड़े को छोड़ा है। ठीक है? वो फिर आगे की

[01:02:45] बात डिसाइड होगी कि कौन जीतता है, कौन

[01:02:47] हारता है। लेकिन जब तक कोई नहीं रोकता था।

[01:02:50] ठीक है? और वो जब घोड़ा लौट के वापस आता

[01:02:52] था। ठीक है? उस टेरिटरी में। तो जितनी

[01:02:55] टेरिटरी में वह घूमा है वह टेरिटरी इन

[01:02:59] राजा की हो गई और ऐसा नहीं कि घोड़ा प्रिय

[01:03:02] था हो तुम इतनी टेरिटरी में ना आए हो बेटा

[01:03:05] आ जाओ साइड में आके इसको काट डालते थे

[01:03:08] किसको घोड़े को घोड़े की अश्वमेघ यज्ञ

[01:03:12] यानी कि अश्व यानी कि घोड़े घोड़े की बलि

[01:03:14] दे दी जाती थी यहां पे क्यों दे दी जाती

[01:03:16] थी उसके पीछे का लॉजिक यह था कि घोड़ा जो

[01:03:18] जो टेरिटरी लेके आया है अब राजा ही उसको

[01:03:21] काटता था राजा काटेगा और राज सीधे घोड़े

[01:03:25] से राजा में वह ट्रांसफर हो जाएगी। मतलब

[01:03:27] सीधे जीपीएस सिस्टम लगा हुआ था। खड़ाक से

[01:03:29] इधर से खटाक से राजा के पास तुरंत आ गया।

[01:03:32] हैं? यह घोड़ा है बेचारा। एक तो टेरिटरी

[01:03:35] में घूमा इतने टाइम तक। ऊपर से काट डाला।

[01:03:38] क्यों काट डाला? क्योंकि सीधा ट्रांसफर

[01:03:40] होगा। यह लॉजिक था। तो, यह अश्वमेघ यज्ञ

[01:03:43] भी परफॉर्म किए जाते थे, जो कि हमें

[01:03:46] थ्योरी ऑफ़ डिवाइनशिप बताता है कि किस तरह

[01:03:48] से जो राजा है, वह अपनी डिविनिटी को

[01:03:50] दर्शाता था। ठीक है? है कि वो कितना

[01:03:52] डिवाइन है। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग स्टेटमेंट

[01:03:53] अबाउट ऋग्वेद इज़ नॉट करेक्ट? डटीज़ वर

[01:03:56] वरशिप्ड थ्रू प्रेयर एंड सैक्रिफाइसियल

[01:03:57] रिचुअल्स? [गहरी सांस लेने की आवाज़]

[01:03:59] द गॉड्स हु प्रेजेंट आर प्रेजेंटेड एज़

[01:04:02] पावरफुल हु कुड बी मेड टू इंटरवेन इन द

[01:04:04] वर्ल्ड ऑफ मैन इन द व्हाई द परफॉर्मेंस ऑफ़

[01:04:07] सैक्रिफाइसेस। द गॉड्स वर सपोज्ड टू

[01:04:10] पार्टेक ऑफ द ऑफरिंग्स एज़ दे वर कंज्यूम्ड

[01:04:13] बाय दी फायर सैक्रिफाइसेस वर परफॉर्म्ड इन

[01:04:15] दी टेंपल्स। तो कौन सा गलत है? तो हमारा

[01:04:17] ऑप्शन नंबर डी गलत हो जाएगा। यह सीडीएस

[01:04:19] 2014 में पूछा गया बिकॉज़ सैक्रिफाइसेस को

[01:04:22] यहां ओपन में परफॉर्म मतलब टेंपल में

[01:04:24] परफॉर्म ना करके कहां परफॉर्म किया जाता

[01:04:26] था? ओपन में। ठीक है?

[01:04:29] हम वो बैच में है सफर सेशन में। ठीक है?

[01:04:33] अह द अर्ली आरंस हु वर एसेंशियली पैसोल

[01:04:35] डिड नॉट डेवलप एनी पॉलिटिकल स्ट्रक्चर

[01:04:37] व्हिच कुड मेजर अप टू अ स्टेट इन इदर

[01:04:39] एंशिएंट और मॉडर्न सेंस। द किंगशिप जिसकी

[01:04:43] भी मैं बात कर रहा था। द किंगशिप वाज़ दी

[01:04:46] सेम एज ट्राइबल चीफ शिप। द टर्म राजन

[01:04:50] किसके लिए यूज़ किया जाता था? राजा के लिए।

[01:04:51] है ना? बीइंग यूज्ड फॉर ट्राइबल चीफ हु

[01:04:54] वाज़ प्राइमरली अ मिलिट्री लीडर। लीडर एंड

[01:04:56] हु रूल्ड ओवर हिज़ पीपल एंड नॉट ओवर एनी

[01:05:00] स्पेसिफाइड एरिया। ठीक है? तो पीपल के ऊपर

[01:05:03] रूल था स्पेसिफाइड एरिया के ऊपर नहीं। तो

[01:05:05] यहां पर क्या होगा? तो द अर्ली आरंस हु वर

[01:05:09] एसेंशियली पैसल डिड नॉट डेवलप एनी

[01:05:11] पॉलिटिकल स्ट्रक्चर व्हिच कुड मेजर अप टू

[01:05:13] अ स्टेट इन इदर एंशिएंट और मॉडर्न सेंस।

[01:05:16] तो यह बात सही है।

[01:05:18] कि अभी हम देखेंगे धीरे-धीरे वह जनपद में

[01:05:21] ट्रांसफर होता है देन महाजनपद बनता है बाद

[01:05:23] में आकर लेकिन अर्ली अरेंस पेस्टोरल

[01:05:25] कम्युनिटी ही थे वो ठीक है और एस सच कोई

[01:05:28] पॉलिटिकल स्ट्रक्चर नहीं था उनका तो पहला

[01:05:30] सही है दूसरा भी सही है ठीक है और यहां पे

[01:05:33] क्या लिखा है बोथ द स्टेटमेंट आर

[01:05:35] इंडिविजुअली ट्रू एंड इट इज़ द एक्स करेक्ट

[01:05:37] एक्सप्लेनेशन तो द अर्ली आर्यन हु वर

[01:05:39] एसेंशियली पैसल डिड नॉट डेवलप एनी

[01:05:40] पॉलिटिकल स्ट्रक्चर व्हिच कुड मेजर अप टू

[01:05:42] अ स्टेट और इसका एक्सप्लेनेशन क्या है?

[01:05:44] किंगशिप वाज़ दी सेम ऐज़ दी ट्राइबल चीफ

[01:05:47] शिप। द टर्म राजन बीइंग यूज़्ड फॉर ट्राइबल

[01:05:50] चीफ वाज़ प्राइमरली अ मिलिट्री लीडर एंड हु

[01:05:52] रूल्ड ओवर हिज़ पीपल एंड नॉट? बिल्कुल। तो

[01:05:54] यहां पर ऑप्शन नंबर ए सही आंसर हो जाएगा।

[01:05:56] दोनों सही हैं। एंड इट इज़ द करेक्ट

[01:05:57] एक्सप्लेनेशन ऑफ स्टेटमेंट वन। व्हिच ऑफ़ द

[01:06:00] फॉलोविंग कैरेक्टरिस्टिक्स डिस्क्राइब्स द

[01:06:03] नेचर ऑफ रिलीजन अकॉर्डिंग टू द ऋग्वेद। ऋग

[01:06:05] वैदिक रिलीजन कैन बी डिस्क्राइब्ड ऐज़

[01:06:07] नेचुरलिस्टिक पॉलिथीज़? पॉलिथीज़्म का मतलब

[01:06:10] होता है वरशिपिंग मल्टीपल गॉड्स। जो कि

[01:06:12] होता था इंद्र, वरुण, अग्नि ये सब की। ठीक

[01:06:14] है? वरुण कौन होते थे? गॉड ऑफ वाटर। जैसे

[01:06:17] अग्नि गॉड ऑफ़ फायर। तो वैसे वरुण गॉड ऑफ़

[01:06:19] वाटर। तो पहला सही होगा। देयर आर

[01:06:22] स्ट्राइकिंग सिमिलरिटीज़ बिटवीन द ऋग वैदिक

[01:06:24] रिलीजन एंड द आइडियल्स आइडियाज ऑफ ईरानियन

[01:06:27] अवस्था। ये भी हमने देखा था सही है। ठीक

[01:06:29] है? या जो ज़ेंडा अवस्था था उसके बीच में

[01:06:31] हमें काफी सिमिलरिटीज़ देखने को मिली।

[01:06:32] जिससे हमें पता चला कि हां, यह सेम ही लोग

[01:06:34] हुआ करते होंगे। वैदिक सैक्रिफाइसेस वर

[01:06:37] कंडक्टेड इन द हाउस ऑफ द प्रीस्ट हु वाज़

[01:06:39] कॉल्ड एज यजमान। ठीक है? तो हाउस ऑफ

[01:06:42] प्रीस्ट में या फिर यह ओपन में परफॉर्म

[01:06:44] होती थी। या तो प्रीस्ट के पुरोहित के घर

[01:06:46] में या फिर ओपन में सैक्रिफाइसेस परफॉर्म

[01:06:48] होती थी। टेंपल में नहीं होती थी। लेकिन

[01:06:50] वैदिक सैक्रिफाइसेस वर ऑफ़ टू काइंड दोज़

[01:06:52] कंडक्टेड बाय द हाउसहोल्डर एंड दोज़ दैट

[01:06:54] रिक्वायर्ड रिचुअल स्पेशलिस्ट्स।

[01:06:57] ठीक है? तो

[01:07:00] यहां पे वन टू थ्री तो होगा। एक सेकंड, एक

[01:07:02] सेकंड, एक सेकंड, एक सेकंड, एक सेकंड। द

[01:07:05] ऋग्वदिक

[01:07:08] हम हम यजमान वाली बात तो सही है। आई थिंक

[01:07:11] यहां पर तीसरा वाला गलत होना चाहिए। ठीक

[01:07:13] है मेरे हिसाब से बिकॉज़

[01:07:15] हम हम

[01:07:18] बिकॉज़ 1 2 3 4 एक सेकंड द वैदिक

[01:07:20] सैक्रिफाइस कंडक्टेड इन द हाउस ऑफ़ द

[01:07:22] प्रीस्ट।

[01:07:24] वैदिक सैक्रिफाइस एक सेकंड। वैदिक यज्ञ

[01:07:27] पुरोहित के जिसे यजमान कहा जाता था। घर

[01:07:29] में किए जाते थे। घर में तो यार नहीं किया

[01:07:31] थे। ठीक है? यजमान यह बात तो सही है।

[01:07:34] यजमान बोलते थे। ठीक है? लेकिन हाउस यह

[01:07:37] वाला गलत होगा। ठीक है? तीसरा वाला आपका

[01:07:40] गलत होगा। जिसकी वजह से वन टू फोर को चेक

[01:07:42] करते हैं। वैदिक सैक्रिफाइसेस वर ऑफ़ टू

[01:07:44] काइंड दोज़ कंडक्टेड बाय द हाउसहोल्डर एंड

[01:07:46] दोज़ दैट रिक्वायर्ड रिचुअल स्पेशलिस्ट।

[01:07:50] सही है, ठीक है? तो, वन, टू एंड फोर,

[01:07:52] ऑप्शन नंबर डी यहां पर सही आंसर होगा। ठीक

[01:07:54] है? बढ़िया क्वेश्चन है यह। तो यहां पर

[01:07:55] ध्यान रखना कि इट वर दोज़ सैक्रिफाइसेस वर

[01:07:58] कंडक्टेड इन दी ओपन नॉट इन दी हाउस या फिर

[01:08:01] टेंपल में नहीं होती थी ये। ठीक है? 10वें

[01:08:03] मंडल में ऑफ ऋग्वेद व्हिच ऑफ द फॉलोइंग

[01:08:05] हाइम्स रिफ्लेक्ट्स अपॉन दी मैरिज

[01:08:06] सेरेमनी? सूर्य शुक्त पुरुष शुक्त दान

[01:08:10] स्तुति या फिर उर्ण स्तुति? बताइए।

[01:08:21] नहीं 1 2 3 4 नहीं होगा। इसमें 1 2 4

[01:08:23] होगा। है ना?

[01:08:48] चलो। तो यहां पर ये क्वेश्चन क्या पूछा

[01:08:51] गया है आपका? इन द 10th मंडल ऑफ़ द ऋग्वेद

[01:08:53] व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग हाइ्स? तो भाई पुरुष

[01:08:55] शुक्ता तो होगी नहीं। ठीक है? पुरुषोक्ता

[01:08:57] तो होगी नहीं क्योंकि ये तो आपका डेडिक

[01:08:59] सॉरी एक सेकंड एक सेकंड एक सेकंड। पुरुष

[01:09:00] शुषकता ही तो होना चाहिए क्योंकि इसमें

[01:09:02] पूछा गया है व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग हैज़

[01:09:05] रिफ्लेक्ट अपॉन द मैरिज सेरेमनीज़? तो

[01:09:07] इसलिए ये पुरुष शुषकता ही होगा। ठीक है?

[01:09:08] ऑप्शन नंबर

[01:09:10] बी ही इसका आंसर होगा क्योंकि इसी में

[01:09:12] लिखा हुआ है किस तरह से जो हम लोगों ने

[01:09:15] डिफरेंट टाइप के विवाह देखे हैं कि अनुलोम

[01:09:17] विवाह तो हो सकता है। यानी कि हायर वर्णा

[01:09:19] का जो मेल है वह लोअर वर्ण की फीमेल से

[01:09:22] मैरिज कर सकता है। लेकिन वाइसेय वर्षा

[01:09:23] ट्रू नहीं होगा। ठीक है? तो 10th मंडल का

[01:09:26] जो पुरुष शुक्तता है हाईम उसी में दिया

[01:09:28] हुआ है बिकॉज़ 10th मंडल में तो आपका

[01:09:29] पुरुषक्ता ही दिया हुआ है। यस। ठीक है? अब

[01:09:32] आते हैं हम लोग एसएससी के क्वेश्चंस करते

[01:09:34] हैं। व्हिच ऑफ द फॉलोविंग इज द ओल्डेस्ट

[01:09:36] टेक्स्ट ऑफ एंशिएंट इंडिया? सबसे पुराना

[01:09:38] टेक्स्ट कौन सा होगा इसमें? तो ये होगा

[01:09:39] हमारा ऋग्वेद। ये अर्थशास्त्र तो ये मौर्य

[01:09:42] टाइम पे आता है। ठीक है? मनुस्मृति भी आगे

[01:09:45] चलके आती है अभी नहीं। द ओल्डेस्ट वेद इज़

[01:09:47] द ऋग्वेद कंपोज्ड अबाउट हाउ मेनी इयर्स

[01:09:49] एगो। तो ऋग्वेद कितने साल पहले इसको कंपोज़

[01:09:52] किया गया होगा? तो ऋग्वेद को कंपोज किया

[01:09:54] गया था 2000 3500 5000 या फिर 2500 साल

[01:09:57] पहले।

[01:10:01] ठीक है? तो आप खुद ही सोचिए इसको कंपोज

[01:10:04] किया गया था रफ्ली 25 हजार बीसी के रफली

[01:10:07] आप मान सकते हो तो आज से कितने साल पहले

[01:10:09] की बात हो रही है? तो आज कितना हो रहा है?

[01:10:13] 2000 आज मान लो ठीक है 2024 24 हटा दो

[01:10:17] 2000 भी अगर हम मान लें ठीक है हम वैदिक

[01:10:19] ऐज क्या बोलते हैं? हम वैदिक एज बोलते हैं

[01:10:21] 1500 बीसी से 600 बीसी। तो 2000 में अगर

[01:10:25] आप 1500 ऐड करोगे तो 35000 होगा। ठीक है?

[01:10:29] 35000 साल पहले। अब इसमें 1500 मार्क मत

[01:10:32] कर देना अगर ऑप्शन आ जाए क्योंकि कितने

[01:10:34] साल पहले अभी से वो पूछ रहा है आपसे। ठीक?

[01:10:39] क्या चीज?

[01:10:42] यजमान जो यज्ञ करते थे। यजमान। ठीक है?

[01:10:45] यजमान का मतलब होता है जो यज्ञ परफॉर्म

[01:10:47] करते थे यानी कि प्रीस्ट। ठीक है? उन्हीं

[01:10:49] को बोला जाता है जो सैक्रिफाइस परफॉर्म

[01:10:51] करते थे। इंडिया वाज़ नेम्ड भारत आफ्टर द

[01:10:54] नेम ऑफ़ द भरत क्लैन इन व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग

[01:10:56] वेदा दिस क्लैन हैज़ बीन मेंशंड। तो ये

[01:10:59] क्लन किसमें मेंशंड है? ऋग्वेद में।

[01:11:01] ऋग्वेद में हमें पता है कि जो सेवंथ मंडल

[01:11:03] है, इसका सातवां मंडल, उसमें 10 राजन

[01:11:06] युद्ध के बारे में लिखा हुआ है। और उस 10

[01:11:07] राजन युद्ध में भरत ट्राइब के बारे में

[01:11:09] मेंशंड है।

[01:11:12] ठीक है? हाउ मेनी स्टेजेस ऑफ़ लाइफ डिड

[01:11:14] अर्ली हिंदू फिलॉसोफी डिटरमाइन? तो अर्ली

[01:11:17] हिंदू फिलॉसफी में कितनी स्टेजेस ऑफ लाइफ

[01:11:19] हैं? तो कौन-कौन सी स्टेजेस ऑफ लाइफ हैं?

[01:11:21] एक तो सबसे पहले यानी कि वही जो हमारे

[01:11:23] आश्रम होते हैं। ठीक है? जो कि जबाला

[01:11:25] उपनिषद में लिखे हुए हैं यजुर्वेद में। एक

[01:11:27] तो हमारा आता है पहले ब्रह्मचर्य। ठीक है?

[01:11:30] ब्रह्मचर्य आता है देन आता है हमारा

[01:11:32] गृहस्थ। देन आता है वनप्रस्थ,

[01:11:36] वनप्रस्थ और देन उसके बाद आता है सन्यास।

[01:11:40] तो, यह आपका ग्रुप डी का क्वेश्चन है। चार

[01:11:42] आंसर होगा इसका ऑप्शन नंबर ए। एमटीएस 204

[01:11:45] अर्ली वैदिक इकॉनमी वास प्राइमरली बेस्ड

[01:11:47] ऑन तो अर्ली वैदिक इकॉनमी किस पे बेस्ड

[01:11:49] थी? पैस्टोरल थी। यह लेटर वैदिक एज में जो

[01:11:52] हमारी कम्युनिटी थी वो एग्रीकल्चर पे

[01:11:54] बेस्ड थी। 12th द लैंग्वेज ऑफ द आर्यन

[01:11:56] टेक्स्ट वाज़ तो लैंग्वेज क्या थी?

[01:11:58] अर्धमगध, प्राकृत, प्राकृत, पर्शियन,

[01:12:00] संस्कृत थी। ऑप्शन नंबर डी। ठीक है? 13th।

[01:12:04] कितने वेदांग हैं टोटल? तो हमने देखे थे

[01:12:07] टोटल कितने वेदांग हैं? जितने कि हमारे

[01:12:09] ब्रह्मचर्य बिल्कुल सही दीक्षा राठौर। ठीक

[01:12:11] है? तो जितने हमारे स्कूल्स ऑफ फिलॉसफी

[01:12:13] हैं यानी कि छह देयर आर कौन सा ऑप्शन नंबर

[01:12:17] बी सिक्स स्कूल सॉरी सिक्स वेदांग हैं

[01:12:20] हमारे वेदांग क्या हैं? वेदांग हैं हमारे

[01:12:22] जो काइंड ऑफ जो हमें चाहिए अगर हमें समझना

[01:12:26] है वेदास को तो कौन-कौन से हैं? एक तो

[01:12:29] हमारा

[01:12:31] शिक्षा है। ठीक है? शिक्षा

[01:12:34] व्याकरण यानी ग्रामर

[01:12:37] और लाइट ज्योतिष वाला था।

[01:12:41] और

[01:12:43] निरुक्त

[01:12:45] ठीक है और एक आखरी आखरी सॉरी आखिरी नहीं

[01:12:48] पांचवा छंद होगा आपका एक कौन सा बच रहा है

[01:12:51] शिक्षा व्याकरण ज्योतिष निरुक्त छंद कल्प

[01:12:54] ठीक है कल्प तो ये होते हैं हमारे

[01:12:58] जो छह वेदांग होते हैं। हाउ मेनी मंडल्स

[01:13:01] आर देयर इन द ऋग्वेद तो ऋग्वेद में टोटल

[01:13:03] कितने मंडल हैं? 10 किताबों, यानी कि 10

[01:13:06] मंडल से मिलकर बने हमारे ऋग्वेद और जिसमें

[01:13:08] थर्ड मंडल में गायत्री मंत्र है, नाइंथ

[01:13:10] मंडल में भगवान सोम के बारे में दिया हुआ

[01:13:12] है। 10थ मंडल में दिया हुआ है पुरुष

[01:13:14] शुक्ता के बारे में और सेवंथ मंडल में दस

[01:13:17] राजन युद्ध के बारे में दिया हुआ है। 15थ

[01:13:19] हाइम्स ऑफ ऋग्वेद आल्सो नोन एज़ तो जो

[01:13:21] ऋग्वेद की हाइम्स है उनको और किस नाम से

[01:13:23] जानते हैं? उनको हम सुक्ता के नाम से

[01:13:25] जानते हैं। है ना? पुरुष शुक्ता ये सब जो

[01:13:27] हमने पढ़ा था। तो सुक्ता के नाम से जानते

[01:13:29] हैं इनको। अगला है द मेन कलेक्शन ऑफ वैदिक

[01:13:33] हाइम्स आर कॉल्ड एज तो हमने पढ़ा था कि जो

[01:13:35] हमारे वेद हैं उनके चार कॉम्पोनेंट होते

[01:13:38] हैं। चार कॉम्पोनेंट में जो पहला

[01:13:39] कॉम्पोनेंट था वो संहिता था। ठीक है?

[01:13:41] संहिता किसको बोलते हैं? कलेक्शन ऑफ

[01:13:42] हाइम्स को। दूसरा क्या था? ब्राह्मण।

[01:13:45] तीसरा क्या था? अरण्यिका। चौथा क्या था?

[01:13:46] उपनिषद जिसको वेदांत बोलते हैं। संस्कृत

[01:13:49] इज अ टर्म ऑफ फैमिली, सॉरी इज़ अ पार्ट ऑफ़

[01:13:51] अ फैमिली ऑफ़ लैंग्वेज नोन एज़। तो संस्कृत

[01:13:54] किस फैमिली लैंग्वेज से बिलोंग करता है?

[01:13:56] किस लिंग्विस्टिक ग्रुप से बिलोंग करता

[01:13:58] है? तो ये हमारा इंडो यूरोपियन फैमिली।

[01:14:00] ठीक है? ऑप्शन नंबर ए। अगला क्वेश्चन एंड

[01:14:03] दैट इज़ दिस। ऋग्वेद इज द अर्लियस्ट

[01:14:05] स्पेसिमेन ऑफ। तो ऋग्वेद जो है अर्लियस्ट

[01:14:07] स्पेसिमेन किसका है? इंडियन लैंग्वेज का,

[01:14:10] इंडो-यूरोपियन लैंग्वेज, रशियन लैंग्वेज

[01:14:11] या फिर इंडो अफ्रीकन? तो आंसर होगा

[01:14:13] इंडो-यूरोपियन।

[01:14:15] ऋग्वेद इज़ द होलीएस्ट ऑफ दी फोर वेदास।

[01:14:18] क्योंकि सबसे पहले बना था सबसे ओल्डेस्ट

[01:14:19] वेद है। 10 चैप्टर से मिल के बना है जिनको

[01:14:21] हम मंडल बोलते हैं। टोटल इसमें ah 10,600

[01:14:25] वर्सेस हैं। हाइम्स कितने हैं? हैं तो

[01:14:26] हाइम्स हैं इसमें। यानी शुकता कितने हैं?

[01:14:29] 1028 शुक्तता हैं। हु अमंग द फॉलोइंग वाज़

[01:14:32] सेनानी इन द ऋग्वदिक पिट? तो सेनानी कौन

[01:14:34] होता था? तो सेनानी वो होता था जो सेना को

[01:14:36] लीड कर रहा है। दैट मींस अ वॉर हीरो।

[01:14:39] टैक्स ऑफिसर एज सच कोई नहीं हमें अभी

[01:14:42] देखने को मिलता है क्योंकि जो टैक्स

[01:14:43] कलेक्ट कर रहा है अलग से वो बाद में

[01:14:45] आएंगे। अस्किनी किस रिवर का नाम है? जो

[01:14:49] अस्किनी जो सप्तसिंधु का पार्ट है वो किस

[01:14:51] नदी का पुराना नाम है?

[01:14:54] सही है अर्नभ ट्रेवसेड ट्रेवसेड से याद

[01:14:56] आया मैचवच चल रहा है ना किसी ने जो आई

[01:14:59] थिंक डेब्यू किया है कोई शतकतक मार दिया

[01:15:02] क्या

[01:15:07] क्यों

[01:15:09] वॉरियर बिल्कुल अस्किनी झेलम ब्यास चेनाब

[01:15:13] और रवि तो सही आंसर क्या होगा असकिनी

[01:15:15] ब्यास बिपाशा चेनाब अह रवि पुरुषनी और यह

[01:15:18] हो जाएगा आपका सॉरी झेलम तो विस्ता होगा

[01:15:21] ना चेनाब होगा आपका असिनी ठीक है?

[01:15:23] चेनाबस्किनी और झेलम आपका वितास्ता होगा।

[01:15:26] आगे बढ़ते हैं। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग

[01:15:29] स्टेटमेंट इन द कॉन्टेक्स्ट ऑफ द वेदाज़ इज़

[01:15:31] करेक्ट? कौन सा सही है? वेदों को श्रुति

[01:15:33] बोलते हैं। श्रुति मतलब सुनसुन के ये आप

[01:15:35] पास ऑन हुए फ्रॉम वन जनरेशन टू अनदर। है

[01:15:38] ना? तो पहला 60 पर आउट। अच्छा 60 पे आउट

[01:15:41] हो गया क्या? चलो बढ़िया फिर तो। द ऋग्वेद

[01:15:44] कंसिस्ट ऑफ बड़ा पीछे पीछे हट हट के शॉट

[01:15:46] मार रहा था। तिलक रतन दिलशान की तरह है।

[01:15:49] तो पहला तो सही है। द ऋग्वेद कंसिस्ट ऑफ़

[01:15:51] 10 मंडल। ये भी सही है। ऑप्शन नंबर डी बोथ

[01:15:53] वन एंड टू 23 व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग वेद

[01:15:56] डिपेक्ट्स द लाइफ ऑफ द अर्ली वैदिक पीपल

[01:15:58] ऑफ द इंडिया एंड एज़ द कलेक्शन ऑफ़ 1028

[01:16:01] हाइम्स डिवाइडेड इंटू 10 मंडल्स। ठीक है?

[01:16:04] 10 मंडल में 1028 जो हाइम्स हमारी

[01:16:06] डिवाइडेड हैं, किसमें है? ऋग्वेद में।

[01:16:09] व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग वेद इज़ फाउंड इन टू

[01:16:12] रेसेंशियंस? ब्लैक और वाइट में। ठीक है?

[01:16:14] याद करो कृष्ण और शुक्ल।

[01:16:17] [गहरी सांस लेने की आवाज़]

[01:16:18] [हांफने की आवाज़]

[01:16:23] ऋषभ मिश्रा बोल रहे हैं सर यजमान वाला

[01:16:25] क्वेश्चन सीडीएस पीवाईक्यू बुक में चारों

[01:16:26] ऑप्शन सही दिखा रहा है। चारों ऑप्शन सही

[01:16:29] दिखा रहा है यजमान वाला।

[01:16:33] अच्छा

[01:16:37] चलो इसको एक बार मैं कंफर्म करूंगा। ठीक

[01:16:39] है? मुझे इसको ऑफिशियल आंसर की से कंफर्म

[01:16:42] करना पड़ेगा। ऑफिशियल से देन मैं आपको एक

[01:16:45] बार और कंफर्म कर दूंगा। बिकॉज़ बुक से

[01:16:47] नहीं होता है। बुक और वेबसाइट से मेन होता

[01:16:49] है ऑफिशियली क्या माना गया है। ठीक है?

[01:16:51] जैसे बुक में तो मानते हैं कि भाई

[01:16:53] हड़प्पंस न्यू अबाउट दी हॉर्स। लेकिन

[01:16:56] यूपीएससी मानता है कि नहीं घोड़े के बारे

[01:16:57] में हड़प्पंस को नहीं पता था। ठीक है? एक

[01:17:00] बार पूछा उसने यूपीएससी ने। उसने माना कि

[01:17:03] भाई हॉेज के बारे में नहीं पता था। लोगों

[01:17:05] को लगा यूपीएससी से गलती हो गई। फिर से

[01:17:06] यूपीएससी ने पूछा क्वेश्चन। फिर से

[01:17:08] यूपीएससी ने यही माना कि हां भाई घोड़ों

[01:17:10] के बारे में नहीं पता था।

[01:17:12] ठीक है। चलो यजमान मीन होस्ट यस जुबैर

[01:17:15] मुस्ताक जी वही मैंने बताया कि यजमान मतलब

[01:17:17] जो यज्ञ परफॉर्म करवा रहा है। ठीक है? तो

[01:17:19] आंसर आपका क्या होगा? यजुर्वेद शुक्ल

[01:17:21] यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद। व्हिच ऑफ़ द

[01:17:24] फॉलोइंग गॉड्स एक्वायर्स अ न्यू एपिथेट

[01:17:26] लॉर्ड ऑफ द फ्लो? लॉर्ड ऑफ द फ्लो किसको

[01:17:28] बोलते थे? पुरंदर। पुरंदर मतलब

[01:17:33] ये तो वाटर के हैं। ठीक है? ऑप्शन नंबर

[01:17:35] डी। अच्छा विष्णु जी के 10वें अवतार को

[01:17:37] क्या बोलते हैं? बताओ। द वैदिक आरंस लिव्ड

[01:17:40] इन द एरिया कॉल्ड एज सप्तसिंधु वि मींस

[01:17:42] एरिया ड्रेंड बाय सेवन रिवर्स। ठीक है?

[01:17:45] झेलम का पुराना नाम

[01:17:48] पुरुषनी रावी विपाशा ब्यास वेतास्ता झेलम।

[01:17:51] अरे झेलम ही तो होगा। यह मैं इसमें चेनाब

[01:17:54] और इसमें कंफ्यूज हो जाता हूं। ठीक है? तो

[01:17:56] ये चेनाब है और यह आपकी वेतास्ता झेलम है।

[01:17:58] ठीक है? अ वेल्थी पर्सन इन द अर्ली वैदिक

[01:18:00] पेड वाज़ नोन एज। तो अर्ली वैदिक पेड में

[01:18:02] दोहत्री तो जो गाय को धोती थी। गवेशना ना

[01:18:06] गौमत होगा। गौमत होगा। गौ मत गवेशना होता

[01:18:09] था क्या इट वाज़ सर्च फॉर कााउज़ ठीक है जो

[01:18:14] ढूंढाई मचती थी जब गाय खो जाती थी उसको

[01:18:16] गवेशना बोलते थे इन व्हिच ऑफ द फॉलोइंग

[01:18:20] कल्कि यस कल्कि बिल्कुल सही है और यह जो

[01:18:22] चल रहा है ना कहां पे संभल में तो एक्चुअल

[01:18:25] में माना जाता है कि संभल में ही जन्म

[01:18:27] होगा कल्कि का जो कि दसवें अवतार होंगे

[01:18:29] विष्णु जी के जो इस कलयुग को खत्म करके

[01:18:33] सतयुग को लाएंगे। इन व्हिच ऑफ द फॉलोइंग

[01:18:35] वेद वाज़ द राजन वॉर मेंशंड? तो दस राजन

[01:18:38] युद्ध जो है वो किस मेंशंड है? दस राजन

[01:18:41] [नाक से की जाने वाली आवाज़] युद्ध ऋग्वेद

[01:18:42] के कौन से मंडल में मेंशंड है? बताइए

[01:18:43] जल्दी से। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग वर्ण

[01:18:46] प्राइमरली यूज्ड टू डू कल्टीिवेशन एनिमल

[01:18:48] हस्बैंड ट्रेड ड्यूरिंग द लेटर वैदिक

[01:18:50] पीरियड। तो कौन करता था एनिमल हस्बेंडरी

[01:18:53] और ट्रेड व्यापार वगैरह। कौन सा वर्ण होता

[01:18:55] था? तो ये हमारे सातवें मंडल मेंशंड है।

[01:18:58] ठीक है? तो आगे बढ़ते हैं, बढ़ते-बढ़ते

[01:19:01] पहुंचते यहां पर और आंसर क्या होगा? वैश्य

[01:19:03] होगा इसका। ठीक है? क्षत्रिय

[01:19:06] युद्ध लड़ेंगे ब्राह्मण यज्ञ वगैरह

[01:19:08] रिचुअल्स परफॉर्म करेंगे और शूद्र जो हैं

[01:19:10] जो मैनुअल टास्क हैं सर्वेंट काइंड ऑफ़

[01:19:12] व्हिच ऑफ़ द फोर वेद कंटेंस अ कलेक्शन ऑफ़

[01:19:15] मैजिक स्पेल्स एंड चा मैजिक स्पेलेल जादू

[01:19:18] टोना-टोटका। ठीक है? काला जादू किस में है

[01:19:20] अथर्ववेद में। इसमें क्या है? रिचुअल्स

[01:19:22] एंड प्रेयर्स हैं।

[01:19:24] ये ओल्डेस्ट बुक ऑन म्यूजिक है। ऋग्वेद इट

[01:19:27] इज़ द ओल्डेस्ट वेद जिसमें कि हाई्स वगैरह

[01:19:30] दिए हुए हैं। कलेक्शन ऑफ हाइम्स को क्या

[01:19:31] बोलते हैं? द पूर्व मीमांसा स्कूल ऑफ

[01:19:34] फिलॉसफी वाज़ फाउंडेड बाय किसने फाउंड किया

[01:19:37] था? कपिल ने तो शंख बजाया था। ठीक है? तो

[01:19:40] शंख फिलॉसफी दी थी। पतंजलि ने योग फिलॉसफी

[01:19:44] दी थी। जैमिनी ने दी थी पूर्व मीमांसा। द

[01:19:47] आयरन इंप्लीमेंट साइट ऑफ हस्तिनापुर वाज़

[01:19:50] फाउंड इन व्हिच प्रेजेंट डे स्टेट ऑफ

[01:19:52] इंडिया? तो हस्तिनापुर जो आयरन इंप्लीमेंट

[01:19:54] साइट है। हस्तिनापुर मैंने क्या बताया था?

[01:19:56] हस्तिनापुर कहां पर है? उत्तर प्रदेश में।

[01:19:57] देखा था हमने कि धीरे-धीरे जो लेटर वैदिक

[01:20:00] ऐज में ये लोग नीचे की ओर उतर आए थे गंगा

[01:20:02] यमुना द्वाब में यानी कि जो हमारा

[01:20:04] हस्तिनापुर वाला रीजन है वहां पर। ठीक है?

[01:20:06] वेस्टर्न यूपी एज़ पर ऋग वैदिक और अर्ली

[01:20:10] वैदिक पीरियड दैट इज़ 1500 से लेके जो 1000

[01:20:12] बीसी का जो टाइम पीरियड है हु अमंग द

[01:20:14] फॉलोइंग वाज़ अ रिवर गॉडेस।

[01:20:17] तो रिवर गॉडेस कौन थी? तो रिवर गॉडेस थी

[01:20:19] सिंधु है ना? वन लाइनर में देखा था हम

[01:20:21] लोगों ने सिंधु। ऑप्शन नंबर बी विल बी द

[01:20:24] करेक्ट आंसर। उषा जो है हमारी गॉड ऑफ़ डॉन

[01:20:26] है। है ना? और अग्नि तो आप जानते ही हैं

[01:20:28] भगवान और इंसानों के बीच के मीडिएटर।

[01:20:33] सर ऐसा भी तो हो सकता ऐसा भी तो था कि ऑन

[01:20:36] द बेसिस ऑफ़ वर्क उनके कास्ट होंगे। यस द

[01:20:39] स्टार। वो लेटर वैदिक ऐज में इसी वर्ण

[01:20:42] सिस्टम से ही डिफरेंट कास्ट इमर्ज हुई कि

[01:20:44] इस इस कास्ट के लोग इस वर्ण में आते हैं

[01:20:46] और इनको यह काम करना होगा। ठीक है?

[01:20:50] इन द ऋग्वेद देयर इज अ हाई इन द फॉर्म ऑफ

[01:20:53] अ डायलॉग बिटवीन सेज विश्वमित्र एंड टू

[01:20:55] रिवर्स दैट वर वरशिप एज गॉडेस। तो कौन सी

[01:20:58] दो नदियों और विश्वमित्र के बीच में एक

[01:21:00] डायलॉग के ऊपर एक हाईम है ऋग्वेद में। तो

[01:21:03] ये दो नदियां हैं। कौन सी? अलकनंदा

[01:21:05] भागीरथी अभी तक मेंशंड ही नहीं थी ऋग्वेद

[01:21:07] में। ठीक है?

[01:21:09] गंगा यमुना मेंशंड ही नहीं थी अभी तक।

[01:21:11] क्या हमने पढ़ा कहीं पे? अलकनंदा, भागीरथी,

[01:21:13] गंगा, यमुना, ना ही पढ़ा हमने। ठीक है? तो

[01:21:15] ऑप्शन नंबर डी आंसर होगा व्यास और सतलज।

[01:21:17] व्हिच ऑफ द फॉलोइंग स्टेटमेंट अबाउट गोत्र

[01:21:20] प्रैक्टिस इन एंशिएंट इंडिया टू? तो गोत्र

[01:21:22] के बारे में कौन सा सही है स्टेटमेंट? आप

[01:21:23] बताइए।

[01:21:41] नहीं भरत ऐसा हमें कोई साइट के बारे में

[01:21:43] नहीं पढ़ना जैसे हमने हड़प्पन सिविलाइजेशन

[01:21:45] में पढ़ा था। गोत्र प्रैक्टिस तो मैन एंड

[01:21:48] वुमेन वर एक्सपेक्टेड टू मैरी विद इन द

[01:21:50] सेम गोत्र नहीं सेम गोत्र में मैरिज नहीं

[01:21:52] करनी थी। पीपल बिलोंगिंग टू द सेम गोत्र

[01:21:54] वर रिगार्डेड एज डिसेंडेंट ऑफ द सेम ऑफ़ द

[01:21:57] पर्सन आफ्टर हुूम द गोत्र वाज़ नेम। ठीक

[01:22:00] है? जैसे कि अग्निवंशीय गोत्र, सोमवंशी

[01:22:04] गोत्र। तो ये सब क्या हैं? ये एक सेम

[01:22:06] गोत्र है। तो भाई ये माना जाता है कि सेम

[01:22:08] पर्सन के डिसेंडेंट हैं सभी लोग। तो मैरिज

[01:22:11] नहीं करनी है। ठीक है? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग

[01:22:13] वर्न वाज़ रिस्पांसिबल फॉर प्रोटेक्टिंग

[01:22:15] पीपल एंड एडमिनिस्टिंग जस्टिस इन एंशिएंट

[01:22:17] इंडिया? एज़ पर रूल्स ले लेड डाउन बाय दी

[01:22:18] धर्मसूत्र? तो धर्मसूत्र के अनुसार किसको

[01:22:20] जस्टिस देना होता था? और किसको प्रोटेक्ट

[01:22:22] करना होता था लोगों को? तो किसको

[01:22:24] प्रोटेक्ट करना होता था? क्षत्रिय को। यह

[01:22:27] ट्रेड करते थे यह रिचुअल्स। और ये जो

[01:22:30] काइंड ऑफ इन बाकी के जो ऊपर दो वर्ण थे

[01:22:33] उनको सर्व करते थे। ठीक है?

[01:22:36] शराब पे भी होता है क्या शादी का प्रेशर?

[01:22:39] हम

[01:22:41] सर रेलवे ग्रुप डी के लिए बैच कब आएगा? तो

[01:22:44] भाई अलग से उसके लिए नहीं आएगा। सुमित जी

[01:22:46] अलग से रेलवे ग्रुप डी के लिए यही है जो

[01:22:49] है। वेदांग आर हिंदू ऑक्सिलरी डिसिप्लिंस

[01:22:52] दैट ओरिजिनेटेड इन एंशिएंट टाइम्स एंड आर

[01:22:55] लिंक टू द स्टडी ऑफ़ वेदास। तो स्टडी ऑफ़

[01:22:56] वेदास से लिंग्ड है। वेदांग कितने हैं? तो

[01:22:59] अभी देखा था छह हैं टोटल। ठीक है?

[01:23:01] अकॉर्डिंग टू दी वर्ड सिस्टम दैट वाज़

[01:23:02] प्रिवेलेंट इन वैदिक पिड व्हिच ऑफ़ द

[01:23:04] फॉलोइंग वाज़ नॉट अ वर्ण? तो इनमें से वर्ण

[01:23:06] कौन सा नहीं था? ब्राह्मण था, क्षत्रिय

[01:23:08] था, वैश्य था, शूद्र था, समिति करके नहीं

[01:23:10] था। समिति वाज़ असेंबली ऑफ़ कॉमन पीपल। ठीक

[01:23:12] है?

[01:23:16] [गहरी सांस लेने की आवाज़]

[01:23:18] ठीक है? सभा थी जो मेन लोगों की असेंबली

[01:23:22] थी। है ना?

[01:23:24] असेंबली ऑफ़ फ्यू प्रिविलेज्ड वंस। अगला है

[01:23:26] एंड दैट इज़ अ पर्संस वैदिक अप्रोच एंड ह

[01:23:30] रिलेशनशिप विद सोसाइटी आर डिटरमाइंड बाय

[01:23:32] दी फोर गोल्स ऑफ लाइफ? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग

[01:23:34] इज़ नॉट अमंग दीज़ गोल्स? तो सिद्धि, अर्थ,

[01:23:37] काम धर्म। तो ध अर्थ

[01:23:40] मोक्ष, धर्म, काम। ये चार हमारे क्या थे?

[01:23:44] चार गोल्स ऑफ लाइफ थे। है ना? कि सबसे

[01:23:47] पहले हमें अर्थ पता होना चाहिए लाइफ का।

[01:23:50] मोक्ष, धर्म, काम सिद्धि नहीं होता है।

[01:23:52] ठीक है? 40थ करो। सेनानी कुलपा ग्रामिनी

[01:23:57] यह

[01:23:58] किस वेद मेंशन है? सेनानी मतलब जो है ना

[01:24:01] वॉर लॉर्ड है। ग्रामिनी का मतलब है जो हेड

[01:24:05] ऑफ विलेज है। गांव का मुखिया है। कुल का

[01:24:08] जो मुखिया है। ठीक है? कुल अप तो ये सब

[01:24:10] ऋग्वेद में मेंशन है। ऑप्शन नंबर सी।

[01:24:12] [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]

[01:24:12] व्हिच ऋग्वदिक गॉड इज़ कंसीडर्ड एज़

[01:24:15] इंटरमीडियरी बिटवीन गॉड एंड मैन? गॉड और

[01:24:17] मैन के बीच में कितना क्वेश्चन और है? बस

[01:24:19] तीन क्वेश्चन और 45 तक करेंगे। फिर आपका

[01:24:21] होमवर्क है। तो, यह हम अग्नि को कंसीडर

[01:24:23] करते हैं कि अग्नि ऊपर वेपराइज़ होगी,

[01:24:25] भगवान के पास जाएगी। तो, भगवान और आदमी के

[01:24:27] बीच का क्या है? यह इंटरमीडियरी है। व्हिच

[01:24:30] व्हाट इज़ द कलेक्शन ऑफ़ हाइम्स और मंत्रा

[01:24:31] कॉल्ड? तो, हाईम्स और मंत्रा कलेक्शन। ये

[01:24:33] क्या है? वेदांत हैं। वेदों के अंत में

[01:24:35] दिए हुए हैं। ठीक है? ये होंगे आपके

[01:24:37] श्रुति मींस टू हियर। ठीक है? आपका होगा

[01:24:40] संहिता। ठीक है? ऑप्शन नंबर ए। ठीक है?

[01:24:43] स्मृति का तो मतलब हो गया याद। रीत का

[01:24:45] मतलब क्या होता है? ध्यान रखना। रीत का

[01:24:47] मतलब होता है नेचुरल ऑर्डर जो फॉलो करना

[01:24:50] होता है हमें है ना रघुकुल रीत सदा चली आई

[01:24:53] है नेचुरल ऑर्डर

[01:24:56] अ बुक ऑफ सॉन्ग किसको बोलते हैं वेद ऑफ

[01:24:58] चैंट और इवन योगा ऑफ सॉन्ग तो बुक ऑफ

[01:25:01] सॉन्ग कौन है द अर्लियस्ट बुक ऑन ऑन

[01:25:03] म्यूजिक दैट इज़ सामवेद धर्मसूत्र क्या

[01:25:06] कंटेन करते हैं ट्रिक्स टू कैप्चर एन

[01:25:08] एंपायर नॉर्म्स फॉर वी वुमेन ओनली टेक्निक

[01:25:10] टू रिसाइट श्लोका नॉर्म्स फॉर रूलर्स

[01:25:12] धर्मसूत्र हमने देखा था देयर आर नॉर्म्स

[01:25:14] फॉर दी रूलर्स ठीक है अथ अथर्ववेद कितने

[01:25:17] खंड का कलेक्शन है? जैसे ऋग्वेद 10 मंडल

[01:25:19] का कनेक्शन है। ठीक है? कलेक्शन है सर

[01:25:22] आर्यंस कहां से आए थे? आर्यन समय घर से आए

[01:25:25] थे। पूरा रामायण खत्म हो गया और पूछ रहे

[01:25:28] हैं कि सीता माता कौन थी? अथर्ववेद की अगर

[01:25:30] बात करेंगे तो अथर्ववेद 20 खंड में डेड

[01:25:33] था। अरे अभी तो बताया था कि यहां पर

[01:25:35] स्टेपीज थे। ग्रासलैंड टेंपरेट ग्रासलैंड।

[01:25:38] यहां जो रशिया के साउथ में है। यहां से

[01:25:40] टर्की में है। ठीक है? यहीं से हमें पता

[01:25:42] चलता है भोगास्को भोगास्को ही जो

[01:25:44] इं्रिप्शन है जेंडवस्ता जो टेस्ट टेक्स्ट

[01:25:46] है यहां से एक कबीला यहां की ओर आ गया और

[01:25:48] एक कबीला यूरोप की ओर चला गया। ठीक है? तो

[01:25:51] ये बताया तो था इतनी बार रिपीट किया

[01:25:53] लेक्चर में।

[01:25:55] चलो अगला करो। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग वेदास

[01:25:58] डेल्ट विद म्यूजिक? तो यार अब कर लेंगे आई

[01:26:00] थिंक आप क्वेश्चन। ठीक है?

[01:26:05] इतने क्वेश्चन आप करिएगा। इतने आपके लिए

[01:26:07] होमवर्क हैं। ठीक है? आर्यभट्ट आर्यभट्टी

[01:26:10] हमने लिखी थी। ठीक। तो

[01:26:14] जिन लोगों को बैच चाहिए नहीं रिकॉर्डिंग्स

[01:26:16] चाहिए लेक्चर की तो सर सती प्रथा परफॉर्म

[01:26:19] होती। सती प्रथा नहीं थी। अर्ली वैदिक ऐज

[01:26:21] में सती प्रथा नहीं थी। विडोरी मैरिज

[01:26:23] अलाउड थी। बाद में लेटर वैदिक ऐज आते-आते

[01:26:27] तक वुमेन की कंडीशन डिटेट होने लगी थी।

[01:26:29] ठीक है? फिर उनको विडो मैरिज उतने आसानी

[01:26:32] से नहीं होती थी। हम ये नहीं बोल सकते हैं

[01:26:33] कि लेटर वैदिक एज विडोरी मैरिज होती नहीं

[01:26:35] थी। यह मौर्यास मौर्य के टाइम पर यह

[01:26:38] ज्यादा हुआ कि विडो मैरिज एकदम ही बंद हो

[01:26:40] गई और सती प्रथा वगैरह शुरू हो गई। ठीक

[01:26:42] है?
