# Factor Based Investing Explained | Investing Strategies by Mr. Neeraj Choksi

https://www.youtube.com/watch?v=uimHnPO8B0Q
Translation: en

[00:03] नमस्कार।
  Hello.

[00:05] हेलो एंड वेलकम टू एवरीवन।
  Hello and welcome to everyone.

[00:08] आप सभी का स्वागत है आज के हमारे सेशन में।
  Welcome to our session today.

[00:11] तो दोस्तों मेरा नाम कुलभूषण नंदवानी है और मैं एनजे वेल्थ को रिप्रेजेंट करता हूं।
  So friends, my name is Kulbhushan Nandwani and I represent NJ Wealth.

[00:16] मुझे बहुत खुशी हो रही है आप सभी का स्वागत करते हुए आज के सेशन में।
  I am very happy to welcome all of you to today's session.

[00:20] तो दोस्तों आज हमारे साथ पूरे भारत से हमारे लगभग 235 अलग-अलग शहरों से हमारे लगभग 500 डिस्ट्रीब्यूटर के थ्रू लगभग 45 लाख कस्टमर हैं जिनका एनजे वेल्थ में म्यूचल फंड में निवेश है और मुझे बहुत खुशी हुई आप सभी से बताते हुए कि रिसेंटली एनजे वेल्थ ने 3 लाख करोड़ का एयूएम क्रॉस किया है।
  So friends, today with us, from all over India, from about 235 different cities, through our about 500 distributors, there are about 45 lakh customers who have invested in mutual funds in NJ Wealth, and I am very happy to tell all of you that recently NJ Wealth has crossed an AUM of 3 lakh crore.

[00:42] तो आप सभी का शुक्रिया यह ट्रस्ट जो आपने एनजे वेल्थ में दिखाया और दोस्तों उससे खुशी की बात मुझे बताते हुए यह हो रही है कि यह जो 3 लाख करोड़ है यह कोई बड़े निवेशकों के द्वारा नहीं हमारे वहां पे 2000 पर मंथ एसआईपी और ₹10 पर मंथ एसआईपी करने वाले बहुत सारे लाखों निवेशक हैं।
  So thank you all for this trust that you have shown in NJ Wealth, and friends, while telling you, the happy thing about that is that this 3 lakh crore is not through any big investors, but there are many lakhs of investors there who do SIP of ₹2000 per month and SIP of ₹10 per month.

[01:02] तो यह छोटे निवेशकों का
  So this is of small investors

[01:05] एक जो ट्रस्ट है और जो फेथ है उसी की बदौलत यह माइलस्टोन हम लोग क्रॉस कर पाए हैं।
  It is because of the trust and faith that we have been able to cross this milestone.

[01:10] तो आप सभी का फिर एक बार शुक्रिया हमारी यह इनक्रेडिबल जर्नी में हमारे साथ जुड़ने के लिए।
  So, thank you all once again for joining us on this incredible journey.

[01:16] तो दोस्तों, आज एक बहुत ही इंटरेस्टिंग और एक इंसाइटफुल सेशन हम लोग करने वाले हैं और मैं बेसिकली तीन सवाल यहां पर कवर करने की आज कोशिश करूंगा।
  So friends, today we are going to have a very interesting and insightful session, and I will basically try to cover three questions here today.

[01:27] तो पहले तो हम लोग यह समझने की कोशिश करेंगे कि क्या ऐसी फिलॉसफी है जिसकी वजह से एनj वेल्थ यह 45 लाख कस्टमर का भरोसा जीत पाए और हम लोग यह म्यूचल फंड डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में 3 लाख करोड़ का एवीएम कर पाए।
  So first, we will try to understand what philosophy is due to which NJ Wealth won the trust of 45 lakh customers and we were able to achieve an AUM of 3 lakh crore in this mutual fund distribution business.

[01:43] दूसरा हम लोग दोस्तों बात करेंगे आजकल बहुत चर्चा हो रही है रूल बेस इन्वेस्टिंग और फैक्टर बेस इन्वेस्टिंग की तो उसको सरल भाषा में समझने की आज कोशिश करेंगे और तीसरा दोस्तों एनj एएमसी ने रिसेंटली अपने दो एनएफओ ल्च किए हैं।
  Second, friends, we will talk about the much-discussed rule-based investing and factor-based investing these days, so we will try to understand that in simple language today, and third, friends, NJ AMC has recently launched two NFOs.

[01:57] कल ही इनफैक्ट हमारे दो एनएफओ ल्च हुए हैं।
  In fact, just yesterday our two NFOs were launched.

[01:59] एनj वैल्यू फंड और एनj मोमेंटम फंड।
  NJ Value Fund and NJ Momentum Fund.

[02:01] तो उसके बारे में समझने की कोशिश करेंगे कि यह जो दोनों फंड
  So we will try to understand about that, what these both funds

[02:07] है यह इन्वेस्टर के एकिस्टिंग पोर्टफोलियो में कैसे कॉम्प्लीमेंट करते हैं और हमारी जो इन्वेस्टर की वेल्थ क्रिएशन जर्नी में है वो कैसे इसमें पार्टिसिपेट कर सकते हैं।
  How does this complement the investor's existing portfolio, and how can those who are in our investor's wealth creation journey participate in it?

[02:18] तो दोस्तों यह सब जानकारी लेने के लिए मुझे बहुत खुशी हो रही है आज के हमारे स्पीकर को इनवाइट करते हुए।
  So friends, I am very happy to invite today's speaker to get all this information.

[02:23] तो आई एम वेरी वेरीरी प्रिविलेज टू इनवाइट मिस्टर नीरज चौक्सी हु इज द कोफाउंडर ऑफ एनजे ग्रुप एंड चेयरमैन ऑफ एनजेएमसी।
  So I am very, very privileged to invite Mr. Neeraj Choksi, who is the co-founder of NJ Group and Chairman of NJMC.

[02:32] तो वेलकम टू दिस पडकास्ट सर।
  So welcome to this podcast, sir.

[02:33] थैंक यू कुलभूषण।
  Thank you, Kulbhushan.

[02:35] हरे कृष्णा एंड थैंक्स टू ऑल द पार्टनर्स एंड इन्वेस्टर्स फॉर कीपिंग फेथ एंड ट्रस्ट इन नजे एंड लेट अस ट्राई टू अंडरस्टैंड जो कुलभूषण जी ने बताया उसे हम अच्छी तरह से आज समझने की कोशिश करते हैं।
  Hare Krishna and thanks to all the partners and investors for keeping faith and trust in NJ, and let us try to understand what Kulbhushan ji said, we will try to understand it well today.

[02:52] तो सर मैं आगे बढूं उससे पहले मैं आपसे यह समझना चाहता हूं।
  So sir, before I proceed further, I want to understand this from you.

[02:55] यह जो 1994 से 2026 तक की हमारी जर्नी रही है जो हम लोग यह 3 लाख करोड़ का माइलस्टोन आज क्रॉस कर पाए हैं।
  This journey of ours from 1994 to 2026, through which we have been able to cross the milestone of 3 lakh crore today.

[03:06] तो आपके हिसाब से सर सबसे बड़ा रीजन क्या
  So according to you, sir, what is the biggest reason?

[03:08] है यह सक्सेस तक यहां पहुंचने का?
  Is this about reaching success here?

[03:11] वेरी नाइस क्वेश्चन।
  Very nice question.

[03:16] अ सबसे बड़ा जो मुझे लगता है अ रीजन है दैट इज अ वेरी वेरी सिंपल फिलॉसोफी।
  The biggest reason I think is that it is a very, very simple philosophy.

[03:23] हमारी जो फिलॉसोफी है वह लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन की फिलॉसोफी है।
  Our philosophy is one of long-term wealth creation.

[03:31] एंड इक्विटी एक एसेट क्लास ऐसा है कि जो लॉन्ग टर्म में रियल रिटर्न्स देता है।
  And equity is an asset class that gives real returns in the long term.

[03:37] मतलब इनफ्लेशन के ऊपर एंड उसमें सबसे बड़ी इंपॉर्टेंट चीज होती है कि पेशेंस आपको टिकना है।
  Meaning above inflation, and the most important thing in that is patience, you have to endure.

[03:45] बिकॉज़ वो एक लीनियर राइड नहीं है।
  Because it is not a linear ride.

[03:48] जी।
  Yes.

[03:52] एंड एसआईपी अगेन इज अ वंडरफुल वे ऑफ इन्वेस्टिंग क्योंकि हर एक मार्केट के लेवल पे आप पार्टिसिपेट करते हो।
  And SIP again is a wonderful way of investing because you participate at every market level.

[04:01] तो हमने हमारी थ्रू द जर्नी में उक्ता ये दो चीजों पे ही फोकस किया लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन पे एसआईपी पे सिंपल प्रोडक्ट्स पे।
  So throughout our journey, we focused only on these two things: long-term wealth creation, SIP, and simple products.

[04:08] जी एंड एक फिलॉसोफी की अगर मैं बात करूं तो
  Yes, and if I talk about a philosophy,

[04:11] वी जनरली एज अ डिस्ट्रीब्यूटर सेल व्हाट द कस्टमर नीड्स एंड नॉट व्हाट द कस्टमर वांट्स।
  We generally as a distributor sell what the customer needs and not what the customer wants.

[04:20] जी मैं इसको सरल भाषा में समझाऊं तो कोई डॉक्टर के पास जाके स्टेरॉइड नहीं मांगेगा।
  Yes, if I explain this in simple language, no one will go to a doctor and ask for steroids.

[04:27] राइट?
  Right?

[04:30] बट हमारे इंडस्ट्री में लोगों को एफएलओ चाहिए, क्रिप्टो चाहिए, स्ट्रक्चर प्रोडक्ट चाहिए।
  But in our industry, people want FLO, they want crypto, they want structured products.

[04:34] ये सब स्टेरॉइड्स हैं।
  All these are steroids.

[04:36] तो एज अ डिस्ट्रीब्यूटर वी कुड हैव सोल्ड दोज़ स्टेरॉइड्स आल्सो कि भाई हम तो डिस्ट्रीब्यूटर हैं।
  So as a distributor, we could have sold those steroids as well, saying brother, we are distributors.

[04:41] सारी चीजें रखते हैं।
  We keep all things.

[04:43] बट हम सिर्फ वही चीज बेचते हैं जो हमें लगता है कि कस्टमर के हित में है।
  But we only sell that which we believe is in the customer's interest.

[04:51] एंड इसी वजह से इफ आई गिव यू वन स्टैटिस्टिक्स हमारे कस्टमर के एक्सपीरियंस के बारे में।
  And for this reason, if I give you one statistic about our customer experience.

[04:58] तो हमारे कस्टमर का जो एक्सपीरियंस है जो कस्टमर्स 6.5 लाख कस्टमर्स हैव स्टेड विद अस फॉर अ स्पैन ऑफ मोर देन 10 इयर्स मतलब आज 6 करोड़ कस्टमर भी नहीं है और उसका भी 1% से ज्यादा हमारे
  So the experience of our customers, that 6.5 lakh customers have stayed with us for a span of more than 10 years, meaning today there are not even 6 crore customers, and more than 1% of that are ours.

[05:14] साथ 10 साल से टिके हुए हैं और उनको हमने रियल रिटर्न कमा के दिया है व्हिच इज़ मोर देन 12.5% ऑन एन एवरेज एंड अ मीडियन बेसिस।
  We have been with them for 10 years and have given them real returns which is more than 12.5% on an average and a median basis.

[05:27] ओके?
  Okay?

[05:27] नॉर्मली क्या होता है कि मार्केट रिटर्न्स देता है, फंड्स रिटर्न देते हैं।
  Normally what happens is that the market gives returns, funds give returns.

[05:33] बट इन्वेस्टर्स जनरली रिटर्न नहीं बनाते हैं।
  But investors generally do not generate returns.

[05:37] वो उसके रीज़ंस है क्योंकि इन्वेस्टर्स का जो इन्वेस्टमेंट है काफी इमोशंस के आधार पे होता है।
  There are reasons for that because investors' investments are largely based on emotions.

[05:45] जो चीज चल रही है उसमें जनरली इन्वेस्टमेंट्स जाता है।
  Investments generally go into whatever is trending.

[05:47] बट दैट इज़ व्हाई वी हैव केप्ट आवर वेरी वेरी फिलॉसोफी सिंपल एंड स्ट्रेट फ़ॉरवर्ड।
  But that is why we have kept our very very philosophy simple and straightforward.

[05:54] सिंपलीसिटी वैसे प्रैक्टिस करना आसान नहीं है।
  Simplicity, however, is not easy to practice.

[05:57] इन्वेस्टमेंट के अंदर अ पैसा बनाना सिंपल है बट आसान नहीं है।
  Making money in investment is simple but not easy.

[06:04] तो वो आसान चीज को हमने सरल करने की कोशिश की है।
  So we have tried to simplify that easy thing.

[06:07] सो दैट इज़ अ वेरी सिंपल फिलॉसोफी व्हिच वी हैव स्टक टू इट।
  So that is a very simple philosophy which we have stuck to.

[06:13] एंड द मोस्ट अनदर इंपॉर्टेंट थिंग इज़ अपार्ट फ्रॉम दैट वी हैव बीन वेरी वेरी
  And the most another important thing is apart from that we have been very very

[06:16] इनोवेटिव इन यूज़ ऑफ़ टेक्नोलॉजी।
  Innovative in use of technology.

[06:19] हमने टेक्नोलॉजी का यूज़ किया टु क्रिएट अ वेरी एफिशिएंट डिलीवरी मैकेनिज्म ताकि हर एक जो हमारे डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं कस्टमर्स हैं वो सरलता से ट्रांजैक्शंस कर सके।
  We used technology to create a very efficient delivery mechanism so that every one of our distributors and customers could easily conduct transactions.

[06:31] उन्हें अपना वैल्यूएशन रिपोर्ट उनको अपनी पोर्टफोलियो की इंफॉर्मेशन की जानकारी काफी अच्छी तरह से मिल जाए।
  They should get their valuation report and information about their portfolio very well.

[06:39] पेपर वर्क कम हो जाए ताकि वो ये चीज आसानी से कर सके।
  Paperwork should be reduced so that they can do this easily.

[06:42] तो इनोवेशन और बहुत सारे ऐसे इनोवेशंस हैं जो अभी मैं आज बात नहीं करूंगा।
  So there are innovations and many such innovations that I will not talk about today.

[06:49] बट आई थिंक वी हैव यूज़्ड टेक्नोलॉजी वेरी एफिशिएंटली जब 1999 200 में इंटरनेट की शुरुआत हुई थी।
  But I think we have used technology very efficiently when the internet started in 1999-2000.

[06:56] वी वर दी फर्स्ट वंस टू स्टार्ट आवर वेबसाइट।
  We were the first ones to start our website.

[07:01] हमारा सबसे पहले हमने 2003 में पार्टनर्स डेस्क लॉन्च किया था।
  We first launched the Partners Desk in 2003.

[07:04] एंड हमने हमारा जो वैल्यूएशन रिपोर्ट है जो कस्टमर्स ऑनलाइन जाकर अपने वैल्यूएशन वगैरह देख सके वह सुविधा हमने उस समय की थी।
  And we provided that facility at that time where customers could go online and see their valuation report and such.

[07:13] आज ऑब्वियसली इट्स वेरी कॉमन बट उस समय इट वाज़ वेरी वेरी
  Today obviously it's very common, but at that time it was very, very

[07:18] न्यू।
  New.

[07:18] तो वी हैव बीन देयर ऑन द फोरफ्रंट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एज़ वेल।
  So we have been there on the forefront of technology as well.

[07:21] राइट?
  Right?

[07:23] सो आई थिंक दीज़ आर दी फैक्टर्स एंड ऑब्वियसली आवर टीम ऑफ आवर पीपल लाइक यू एंड सेवरल अदर डिस्ट्रीब्यूटर्स हु हैव ट्रस्टेड इन अस एंड ऑल आवर कस्टमर्स हु हैव हैड फेथ एंड ट्रस्ट इन अस और जो हमारे साथ टिके हैं आई थिंक दे हैव हैड अ गुड एक्सपीरियंस
  So I think these are the factors and obviously our team of our people like you and several other distributors who have trusted in us and all our customers who have had faith and trust in us and who have stuck with us, I think they have had a good experience.

[07:41] गुड सर सर इट्स अ वेरी रिमारकेबल जर्नी तो बहुत सही शब्दों में आपने बताया कि सिंपलीसिटी और टेक्नोलॉजी दोनों का समावेश करके हम हम लोग यहां तक पहुंचे हैं।
  Good sir, sir, it's a very remarkable journey, so in very correct words you have told that by incorporating both simplicity and technology, we have reached here.

[07:54] तो सर मेरा अगला सवाल आपसे अभी यह है कि इतना सक्सेसफुल फाइनेंशियल प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन होने के बावजूद कुछ साल पहले हम लोग एनजे एएमसी भी आप लोगों ने ल्च किया।
  So sir, my next question to you now is that despite having such a successful financial product distribution, a few years ago we also launched NJ AMC.

[08:07] तो सर मैं जानना चाहता हूं कि आपका विज़ क्या था ईएमसी एनजेएमसी को ल्च करने के लिए?
  So sir, I want to know what was your vision for launching NJ AMC?

[08:12] इतना सक्सेसफुल डिस्ट्रीब्यूशन बिज़नेस है।
  It is such a successful distribution business.

[08:14] फिर भी हम लोग यह मैनेजमेंट के बिज़नेस में क्यों आए?
  Still, why did we enter this management business?

[08:16] मैन्युफैक्चरिंग के बिज़नेस में क्यों आए?
  Why did we enter the manufacturing business?

[08:19] ए वेरी रेलेवेंट क्वेश्चन बिफोर आंसरिंग
  A very relevant question before answering.

[08:22] दैट क्वेश्चन आई विल लाइक टू हाईलाइट यह
  That question, I would like to highlight this.

[08:25] जो स्लाइड आपको दिख रही है उसमें इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के तरीके दिखाए हैं।
  In the slide that you are seeing, the methods of investment management are shown.

[08:29] जी मतलब फंड मैनेजर जो है वो किस पद्धति से इन्वेस्टमेंट करेंगे उसके बारे में यह स्लाइड ने डेमोंस्ट्रेट किया है।
  Yes, meaning this slide has demonstrated the method by which the fund manager will invest.

[08:43] आप राइट हैंड साइड पे देखोगे जी तो ट्रेडिशनल एक्टिव इन्वेस्टिंग की बात की है।
  You will see on the right-hand side, yes, so it talks about traditional active investing.

[08:49] एक्टिव इन्वेस्टिंग के अंदर सिंपल है कि जो फंड मैनेजर्स हैं वह कंपनी को विजिट करते हैं।
  Inside active investing, it is simple: the fund managers visit the company.

[08:54] उनके फाइनशियल्स को स्टडी करते हैं, रिसर्च करते हैं और नॉर्मली 3 साल के प्रोजेक्शंस करते हैं।
  They study their financials, do research, and normally make projections for 3 years.

[09:00] 3 साल के प्रोजेक्शंस के आधार पे वो एक उसकी वैल्यू निकालते हैं और उनको अगर वह वैल्यू अट्रैक्टिव लगती है तो वह स्टॉक्स में इन्वेस्टमेंट करते हैं।
  Based on the 3-year projections, they derive a value for it, and if that value seems attractive to them, they invest in the stocks.

[09:12] अगर कोई फंड मैनेजर को Hindstan LV अच्छा लगता है तो उसमें लगाएगा Pidelite अच्छा लगता है तो उसमें लगाएगा और हर एक फंड के अपने-अपने
  If a fund manager likes Hindstan LV, they will invest in it; if they like Pidelite, they will invest in it, and each fund has its own...

[09:20] तरीके होते हैं फंड मैनेज करने के और वह पोर्टफोलियो क्रिएट करते हैं।
  There are ways to manage funds and they create portfolios.

[09:26] पर्पस उनका बहुत सिंपल होता है एक्टिव रिटर्न देने का।
  Their purpose is very simple: to give active returns.

[09:28] एक्टिव रिटर्न देने का मतलब है कि जो पैसिव इंडेक्स है जो मार्केट कैप के आधार पे जो इंडेक्स है फॉर एग्जांपल NFT 50 की अगर मैं बात करूं तो 50 कंपनी जो इंडिया की सबसे लार्जेस्ट मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनी है उसके फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पे निवेश होता है।
  Giving active returns means that the passive index, which is based on market cap, for example if I talk about the Nifty 50, investment is made based on the free float market capitalization of the 50 largest market capitalization companies in India.

[09:49] तो सबसे बड़ी कंपनी अगर मान लो कि भाई Reliance Industries है या HDFC बैंक है तो वह कंपनीज़ में जितना उसका प्रपोर्शन है वही प्रपोर्शन में इन्वेस्ट होता है तो वह मार्केट से ज्यादा रिटर्न देने की कोशिश करते हैं ट्रेडिशनल एक्टिव इन्वेस्टिंग।
  So if the largest company is, say, Reliance Industries or HDFC Bank, then investment is made in the same proportion as its proportion in those companies, so traditional active investing tries to give returns higher than the market.

[10:07] दूसरा है पैसिव।
  The second is passive.

[10:11] पैसिव में सीधा निफ्टी 50 या मैंने निफ्टी 500 के जो स्टॉक्स हैं वही प्रपोर्शन में जब मैं खरीदता हूं तो उसमें होता क्या है?
  In passive investing, when I directly buy the stocks of Nifty 50 or Nifty 500 in the same proportion, what happens in that?

[10:19] मार्केट जो रिटर्न देता है मोर और लेस उतना ही इन्वेस्टर का
  The return the market gives, more or less that much is the investor's.

[10:23] रिटर्न आता है।
  Returns come.

[10:25] तो जैसे हमने देखा कि लॉन्ग टर्म में मार्केट अच्छा करता है तो
  So as we saw that in the long term the market does well, then

[10:27] मार्केट अच्छा करेगा तो ऑब्वियस है कि
  The market will do well, so it is obvious that

[10:30] पैसिव इन्वेस्टिंग के अंदर एक अच्छा रिटर्न मिलेगा।
  A good return will be obtained in passive investing.

[10:35] बट एक्टिव इन्वेस्टिंग के अंदर उनका ऑब्जेक्टिव यह है कि पैसिव इन्वेस्टिंग से पैसिव मार्केट इंडेक्स से ज्यादा रिटर्न देना।
  But in active investing, their objective is to give more returns than passive investing, than the passive market index.

[10:43] अब यह दोनों जो पद्धतियां है वो प्रवेलेंट है इंडिया में।
  Now both of these methods are prevalent in India.

[10:47] ट्रेडिशनल एक्टिव इन्वेस्टिंग इज हैज़ बीन वेरी वेरी सक्सेसफुल।
  Traditional active investing has been very, very successful.

[10:53] जितनी भी एएमसी है बाय एंड लार्ज आर ऑल इनू एक्टिव इन्वेस्टिंग।
  All the AMCs, by and large, are all into active investing.

[10:58] और कई लोगों ने पैसिव इन्वेस्टिंग के अंदर भी लास्ट फ्यू इयर्स के अंदर उनके ईटीएफ और इंडेक्स फंड्स ल्च किए हैं।
  And many people have also launched their ETFs and index funds in passive investing in the last few years.

[11:07] अब वो दोनों का अगर आप कॉम्बिनेशन करो जैसे पैसिव इन्वेस्टिंग है इज बेस्ड ऑन अ रूल बट दैट रूल इज अ वेरी सिंपल रूल कि मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पे आपने पोर्टफोलियो बनाया।
  Now if you combine both, like passive investing is based on a rule, but that rule is a very simple rule that you built your portfolio based on market capitalization.

[11:20] रूल बेस्ड इन्वेस्टिंग में क्या है कि मार्केट कैपिटलाइजेशन को छोड़ के कई सारे रूल्स
  In rule-based investing, what it is, is that leaving aside market capitalization, many rules

[11:25] हैं।
  Are.

[11:25] कई सारे फैक्टर्स हैं।
  There are many factors.

[11:29] जिससे आपका जो परफॉर्मेंस है स्टॉक का पोर्टफोलियो का वो डेफिनेटली एक्टिव रिटर्न देने का उसमें भी प्रयत्न होता है।
  By which your performance of the stock portfolio definitely tries to give active returns.

[11:35] बट जैसे ट्रेडिशनल इन्वेस्टिंग में एक फंड मैनेजर रिसर्च करके डिसाइड करते हैं।
  But like in traditional investing, a fund manager decides after doing research.

[11:40] यहां पे एक रूल डिसाइड करता है।
  Here, a rule decides.

[11:43] एक एल्गोरिदम डिसाइड करता है और दोनों का जो पर्पस है वो एक्टिव रिटर्न देना है कि भाई हम ये जो पैसिव फंड्स है उससे ज्यादा जो इंडेक्स बेस्ड फंड्स है उससे ज्यादा रिटर्न दें।
  An algorithm decides, and the purpose of both is to give active returns, that we give more returns than these passive funds and more than these index-based funds.

[11:58] एंड हमने जब ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद अभ्यास किया तो आप यह स्लाइड देखोगे तो आपको पता चलेगा कि जो यह रूल बेस्ड मार्केट है वो काफी बड़ा करीब-करीब कुछ भी नहीं था 20089 में जिसका आज 3 ट्रिलियन का ऑलमोस्ट एप्रोक्समेटली एयूएम हो गया और लास्ट 15 साल की अगर मैं बात करूं तो 22.99% का कंपाउंडेड एनुअलाइज ग्रोथ है यह जो हुआ
  And when we practiced after the global financial crisis, if you see this slide, you will know that this rule-based market was almost nothing in 2008, whose AUM today has become almost approximately 3 trillion, and if I talk about the last 15 years, this has been a compounded annualized growth of 22.99%.

[12:28] उसका रीज़न है कि भाई काफी टेक्नोलॉजी के अंदर भी चेंजेज़ आए और डाटा ईज़ली एक्सेसिबल हुआ।
  His reason is that there have been many changes in technology as well, and data has become easily accessible.

[12:34] प्रोसेसिंग स्पीड बढ़ गई।
  Processing speed increased.

[12:37] तो, यह जो तरीका है, वह तरीका इमर्ज हुआ।
  So, this method emerged.

[12:40] तो, हमें लगा कि जैसे हमने हमारे डिस्ट्रीब्यूशन के बिजनेस में भी टेक्नोलॉजी का एडवांटेज लेके हमारा इतना बड़ा बिजनेस बनाया।
  So, we felt that just as we took advantage of technology in our distribution business and built such a large business,

[12:49] हमें लगा कि यह स्टाइल ऑफ इन्वेस्टिंग में अगर हम आएंगे, एक जेनुइन कस्टमर को डायवर्सिफिकेशन की अपॉर्चुनिटी देगी।
  We thought that if we enter this style of investing, it will give a genuine customer an opportunity for diversification.

[12:57] हार्डली देयर आर एनी प्लेयर्स हू आर इन दिस स्टाइल।
  Hardly there are any players who are in this style.

[12:59] सो वी थॉट कि हमें यह स्टाइल में आना चाहिए और हमें एक अच्छा इन्वेस्टर को इसी में भी एक्सपीरियंस देना है।
  So we thought that we should come into this style and we have to give a good investor an experience in this as well.

[13:08] जैसा हमने हमारे डिस्ट्रीब्यूशन एनजे वेल्थ के बिज़नेस में दिया।
  Just as we gave in our distribution NJ Wealth business.

[13:13] दैट इज़ व्हाई वी एंटर्ड इंटू एएमसी एंड स्टार्टेड आवर फंड इन द ईयर 2021।
  That is why we entered into AMC and started our fund in the year 2021.

[13:21] तो सर जैसा आपने बताया कि इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट तीन तरह के हो सकता है कि एक्टिव मैनेजमेंट, पैसिव मैनेजमेंट या जिसको इंडेक्स फंड भी बोलते।
  So sir, as you mentioned, investment management can be of three types: active management, passive management, or what is also called index fund.

[13:29] हैं।
  Are.

[13:31] और तीसरा जो अभी आपने जिक्र किया रूल बेस्ड इन्वेस्टमेंट।
  And the third one you just mentioned is rule-based investment.

[13:35] तो सर यह मैं जानना चाहता हूं और मैं चाहूंगा कि हमारे दर्शक भी सुने कि आज जो फास्ट चेंजिंग इन्वेस्टमेंट जो पैटर्न है उसमें ये रूल बेस्ड इन्वेस्टिंग कितना रेलेवेंट है सर?
  So sir, I want to know this and I would like our viewers to also hear that in today's fast-changing investment pattern, how relevant is this rule-based investing, sir?

[13:45] वेरी नाइस क्वेश्चन।
  Very nice question.

[13:48] आप देखें कि जो टेक्नोलॉजी है टेक्नोलॉजी हैज़ बीन द बिगेस्ट डिसररप्टर।
  You see, technology has been the biggest disruptor.

[13:53] हिस्ट्री के अगर मैं बात करूं तो इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन को 80 साल लगे।
  If I talk about history, the Industrial Revolution took 80 years.

[13:59] उसके बाद इंटरनेट का एरा आया।
  After that came the internet era.

[14:02] 25 साल मोबाइल रिवॉल्यूशन और अब आप एआई के युग में है।
  25 years for the mobile revolution, and now you are in the era of AI.

[14:07] अगर मैं इंटरनेट की बात करूं तो आज दुनिया की जो सबसे बड़ी कंपनीज़ है जो सबसे बड़ी कंपनीज़ आप देखोगे जैसे कि अल्फाबेट है, Tes्ला है, Netflix है।
  If I talk about the internet, today the world's biggest companies that you will see are like Alphabet, Tesla, Netflix.

[14:17] यह जो सारी कंपनीज़ है, Amazon है।
  These all companies include Amazon.

[14:20] यह सारी कंपनीज़ वर नॉट देयर बिफोर 25 इयर्स।
  All these companies were not there 25 years ago.

[14:24] बट आज दुनिया की सबसे नंबर वन कंपनी है बिकॉज़ दे हैव अडॉप्टेड टेक्नोलॉजी इन अ बिग बिग वे।
  But today they are the world's number one companies because they have adopted technology in a big, big way.

[14:31] एंड जो कम कंट्रीज जो कंपनीज़ ने टेक्नोलॉजी अडॉप्ट नहीं की है दोज़ कंपनीज़ हैव बीन आउट ऑफ बिज़नेस।
  And the companies in some countries that have not adopted technology, those companies have been out of business.

[14:40] देयर आर सेवरल एग्जांपल्स एग्जांपल ऑफ KDA आप Koda कैमरा हुआ करता था।
  There are several examples, an example of KDA, there used to be a Koda camera.

[14:43] तो Kodaka हैड अ वेरी वेरी इट वाज़ वन ऑफ द लार्जेस्ट कंपनी एट दैट पॉइंट ऑफ टाइम।
  So Kodaka had a very, it was one of the largest companies at that point in time.

[14:48] करीब-करीब 25,000 एंप्लाइजज़ थे।
  There were approximately 25,000 employees.

[14:50] अब बिकॉज़ के जब यह मोबाइल फोन के ऊपर कैमरा हो गया उसके ऊपर पीपल स्टार्टेड टेकिंग फोटोग्राफ्स, पीपल स्टार्टेड स्टेकिंग सेल्फी तो दैट कंपनी गॉट बस्ट दैट कंपनी गॉट बैंककरप्ट।
  Now because when the camera came on mobile phones, people started taking photographs, people started taking selfies, so that company got bust, that company went bankrupt.

[15:05] आज वो कंपनी है ही नहीं।
  Today that company does not exist at all.

[15:08] ऐसी कई सारी कंपनीज़ हैं ब्लैक बेरी।
  There are many such companies, BlackBerry.

[15:11] सो इट इज़ वेरी वेरीेंट कि टेक्नोलॉजी इज़ डिसररप्टिंग वेरियस बिनेसेस।
  So it is very evident that technology is disrupting various businesses.

[15:17] तो हमें कई बार लगता है कि देयर इज अ पॉसिबिलिटी के फंड मैनेजमेंट में भी टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा।
  So we often think that there is a possibility that technology will also be used in fund management.

[15:24] आप इसको अगर और एक तरीके से समझो तो ड्राइवरलेस जो गाड़ी होती है और ड्राइवर वाली गाड़ी तो ड्राइवर वाली गाड़ी के अंदर आप देखोगे ड्राइवर मे
  If you understand this in another way, then a driverless car and a car with a driver, inside the car with a driver you will see the driver in...

[15:33] बी वेरी गुड बट देयर आर वेरियस पॉइंट्स ऑफ कंसर्न लाइक कई बार फटीग आ जाता है कई बार ड्राइवर मोबाइल चालू गाड़ी में देखता है कई बार जजमेंट के अंदर गलती हो सकती है जबकि ड्राइवरलेस गाड़ी है वह एक फिक्स रूल पे चलता है कभी कोई फटीग नहीं आएगा कभी आंख आंख बंद नहीं होगी तो ह्यूमन एरर के जो चांस है वह बहुत कम हो जाएंगे।
  Be very good but there are various points of concern like sometimes fatigue comes, sometimes the driver looks at the mobile in a running car, sometimes there can be a mistake in judgment, whereas a driverless car runs on a fixed rule, there will never be any fatigue, the eyes will never close, so the chances of human error will be greatly reduced.

[16:00] तो यह जो रूल बेस्ड इन्वेस्टिंग को सरल भाषा में मैं बताऊं ना तो इट इज लाइक अ ड्राइवरलेस गाड़ी के रूल्स के ऊपर चलती है।
  So if I explain this rule-based investing in simple language, it runs on the rules of a driverless car.

[16:05] जबकि ड्राइवर वाली गाड़ी में कई बार हो सकता है।
  Whereas in a car with a driver, it can happen many times.

[16:08] ड्राइवर में बी वेरी गुड।
  The driver is very good.

[16:11] बट समटाइ्स दोज़ इमोशंस आर देयर इन इन्वेस्टमेंट दोज़ बायसेस आर देयर एंड वि द चेंज इन टेक्नोलॉजी एंड सो मेनी कंपनीज़ गेटिंग डिसररप्टेड।
  But sometimes those emotions are there in investment, those biases are there, and with the change in technology, so many companies are getting disrupted.

[16:22] हमें लगता है कि दिस न्यू एरिया ऑफ इन्वेस्टमेंट वि इज इमर्जिंग आउट इन्वेस्टिंग स्टाइल वि इज इमर्जिंग आउट दैट डेफिनेटली कैन ऑब्वियसली हैव अ बेटर फ्यूचर एंड समवेयर अगेन आई एम
  We believe that this new area of investment which is emerging, our investing style which is emerging, that definitely can obviously have a better future and somewhere again I am

[16:34] ब्रिंगिंग दिस स्लाइड बैक कि हमें यूएस के मार्केट में थोड़ा दिख रहा है कि लास्ट 15 साल में अगर ग्रोथ की मैं बात करूं तो यह स्टाइल में काफी अच्छा ग्रोथ आया है।
  Bringing this slide back, we are seeing a bit in the US market that if I talk about growth in the last 15 years, there has been quite good growth in this style.

[16:45] सो, दैट इज़ द रीज़न व्हाई वी फील के दिस रूल बेस्ड कैटेगरी एल्गोरिदम बेस्ड कैटेगरी बिकॉज़ ऑफ़ टेक्नोलॉजिकल चेंज बिकॉज़ ऑफ़ एआई बिकॉज़ ऑफ़ डाटा प्रोसेसिंग इज़ गोइंग टू प्रोबेबबली टेक अह लीडिंग रोल और बीइंग अह सिग्निफिकेंट पार्ट ऑफ़ अ कस्टमर्स पोर्टफोलियो।
  So, that is the reason why we feel that this rule-based category, algorithm-based category, because of technological change, because of AI, because of data processing, is going to probably take a leading role and be a significant part of a customer's portfolio.

[17:05] राइट?
  Right?

[17:05] तो सर, यह जो रूल बेस्ड या फैक्टर बेस जिसका आप जिक्र कर रहे हैं, तो दिस इज़ रिलेटिवली न्यू इन इंडिया।
  So sir, this rule-based or factor base that you are referring to, this is relatively new in India.

[17:10] करेक्ट।
  Correct.

[17:12] तो काफी सारे हमारे जो श्रोता आज के हैं आई थिंक उन्होंने यह शब्द शायद पहली बार सुना होगा।
  So many of our listeners today, I think they might have heard this word for the first time.

[17:17] तो मैं चाहता हूं एकदम सिंपल शब्दों में अगर आप बता सके कि रूल बेस या यह फैक्टर क्या है?
  So I want, if you can explain in very simple words, what is rule base or this factor?

[17:21] मतलब व्हाई इट इज कॉल्ड एज अ फैक्टर बेस्ड इन्वेस्टिंग?
  I mean, why is it called factor-based investing?

[17:23] या वेरी गुड क्वेश्चन।
  Or very good question.

[17:26] अभी देखिए हर एक इंडिविजुअल को नॉर्मली घर लेने की जरूरत पड़ती है।
  Now look, every individual normally needs to buy a house.

[17:33] राइट?
  Right?

[17:33] सिंपल है।
  It is simple.

[17:33] आपको अगर घर लेना है
  If you want to buy a house

[17:35] कुलभूषण जी तो आप क्या डिसीजन के लिए आप क्या देखोगे?
  Kulbhushan ji, what will you look for in a decision?

[17:41] सर मैं लोकेशन देखूंगा।
  Sir, I will look at the location.

[17:43] लोकेशन देखोगे बजट देखूंगा।
  You will look at the location, I will look at the budget.

[17:43] बजट देखोगे फिर एरिया देखूंगा।
  You will look at the budget, then I will look at the area.

[17:47] साइज आपका साइज देखेंगे।
  Size, you will look at the size.

[17:50] फिर बिल्डर का ब्रांड देखेंगे।
  Then you will look at the builder's brand.

[17:54] हां एमएटीज और क्वालिटी ऑफ़ बिल्डर देखोगे।
  Yes, you will look at the materials and quality of the builder.

[17:57] लोकेशन देखोगे तो मेरा डिसीजन ये सब चीजों पे डिपेंड ये सब चीजों पर डिपेंड करेगा।
  If you look at the location, my decision will depend on all these things.

[18:02] मतलब लोकेशन भी अच्छा मिला।
  Meaning, the location is also good.

[18:02] राइट?
  Right?

[18:06] आपके बजट में भी आ रहा है।
  It also fits within your budget.

[18:06] बच्चों का स्कूल भी पास में ही है।
  The children's school is also nearby.

[18:09] आपका दफ्तर भी पास में ही है।
  Your office is also nearby.

[18:09] ठीक है?
  Okay?

[18:12] बिल्डर भी अच्छा है।
  The builder is also good.

[18:12] राइट?
  Right?

[18:13] तो आप खरीदोगे वो।
  Then you will buy that.

[18:14] जी।
  Yes.

[18:15] राइट?
  Right?

[18:18] तो वैसे शेयर्स में भी कई ऐसे फैक्टर्स होते हैं कि वह फैक्टर्स के आधार पर अगर आप पोर्टफोलियो बनाते हो तो लॉन्ग टर्म में वो फैक्टर्स ने प्रूव किया है कि वो फैक्टर्स के आधार पर जो पोर्टफोलियो बनता है वो ब्रॉड मार्केट के इंडेक्स को जो कैप वेटेड मार्केट कैप वेटेड इंडेक्स
  So similarly, in shares too, there are many such factors that if you build a portfolio based on those factors, in the long term those factors have proven that the portfolio built on those factors outperforms the broad market index, which is the cap-weighted market cap-weighted index.

[18:36] को आउटपरफॉर्म करते हैं इन अ लॉन्ग टर्म।
  Who outperforms in the long term.

[18:40] और वह जो फैक्टर कब बनता है इन्वेस्टमेंट के भाषा में जब वह परवेजिव है।
  And that factor becomes an investment when it is pervasive.

[18:47] परवेजिव मतलब नॉट ओनली इन इंडिया बट सारे मार्केट्स के अंदर वो फैक्टर ने प्रूव किया है लॉन्ग टर्म में ब्रॉड इंडेक्स को आउटपरफॉर्म करने में और पर्सिस्टेंटली अगर करते हैं तो वो फैक्टर बनते हैं।
  Pervasive means not only in India but across all markets, that factor has proven to outperform the broad index in the long term, and if it does so persistently, then it becomes a factor.

[19:02] काफी सारा अभ्यास हुआ है इन लास्ट 15 20 इयर्स 25 इयर्स जिसमें क्वालिटी वैल्यू मोमेंटम लो वोलेटिलिटी ये जो सारे फैक्टर्स हैं जो जो हमने नाम लिखे हैं यहां पे जो स्क्रीन पे आपको दिख रहे हैं वो सारे फैक्टर्स के अगर आपने पोर्टफोलियो बनाए और एग्जांपल क्वालिटी फैक्टर का मतलब ऐसा है कि जो कंपनीज़ प्रॉफिट बना रही है जिनका रिटर्न ऑन इक्विटी हाई है जो ज्यादा डिविडेंड देती है जिसे हम क्वालिटी कंपनीज़ बता सकते हैं।
  There has been a lot of practice in the last 15, 20, 25 years, in which quality, value, momentum, low volatility—these are all the factors whose names we have written here, which you can see on the screen—if you have built portfolios of all these factors, for example, the quality factor means companies that are making profits, have high return on equity, pay higher dividends, which we can call quality companies.

[19:32] तो ऐसे क्वालिटी कंपनीज़ का पोर्टफोलियो हम बनाएंगे और उसको हम रखेंगे हमारे साथ।
  So we will build a portfolio of such quality companies and keep it with us.

[19:35] तो वो पोर्टफोलियो हमने जब बैक
  So when we back that portfolio

[19:39] टेस्टिंग किया या एक्चुअली जो इंडेक्सेस है ये फैक्टर के भी इंडेक्सेस है उनका जो परफॉर्मेंस है वो ब्रॉड मार्केट इंडेक्स है।
  Did you test or actually the indexes that are there, these are also the indexes of the factor, their performance is the broad market index.

[19:50] अच्छा है।
  It is good.

[19:52] मैं आपको डाटा भी दिखाऊंगा।
  I will also show you the data.

[19:52] सिमिलरली वैल्यू भी एक फैक्टर है।
  Similarly, value is also a factor.

[19:55] जहां पर जो कंपनीज का जो भाव है इंट्रिंसिक वैल्यू इज लोअर देन द मार्केट प्राइस आई मीन हायर देन द मार्केट प्राइस वो कंपनी के अंदर मतलब कि आपको कोई चीज डिस्काउंट में मिल रही है तो उसे वैल्यू बोलते हैं।
  Where the price of the companies is, intrinsic value is lower than the market price, I mean higher than the market price, inside the company it means that you are getting something at a discount, so that is called value.

[20:09] मोमेंटम जो चीज चल रही है और वोलेटिलिटी जहां पे फ्लक्चुएशंस कम है।
  Momentum is the thing that is moving, and volatility is where fluctuations are low.

[20:15] तो ये जो चार फैक्टर्स हैं ये चार फैक्टर का अगर आप डाटा देखोगे तो यह इंडिया का डाटा है।
  So these four factors, if you look at the data of these four factors, this is India's data.

[20:23] NFT 500 TTRI का आप डाटा देखोगे तो 14% का रिटर्न है।
  If you look at the data of NFT 500 TTRI, the return is 14%.

[20:26] यह करीब-करीब 2001 अप्रैल 2005 से मई 26 तक का डाटा है।
  This is approximately data from April 2001 to May 26, 2005.

[20:33] और बाकी सारे अगर मैं यहां फैक्टर देखता हूं क्वालिटी, टीआरआई, वैल्यू, मोमेंटम सारे फैक्टर्स ने करीब-करीब 3 से 5% का आउटपरफॉर्मेंस
  And all the rest, if I look at the factors here, quality, TRI, value, momentum, all factors have outperformed by approximately 3 to 5%.

[20:43] दिया है ओवर अ पीरियड ऑफ़ लास्ट ऑलमोस्ट 21

[20:48] इयर्स। ओके दिस डाटा इज़ नॉट ओनली इन

[20:51] इंडिया। अगर मैं यूएस का डाटा दिखाऊं तो

[20:54] यूएस का डाटा भी सिमिलर है। अगर मैं यूएस

[20:57] की स्लाइड दिखाता हूं तो यूएस की स्लाइड

[20:59] हमें यह दिखाती है कि SNP 500 TRI ने कुछ

[21:04] 10.8 टू 3% का रिटर्न दिया। उसके सामने

[21:08] आपके जो क्वालिटी लो अह आई मीन वैल्यू

[21:12] मोमेंटम यह सारे ने करीब-करीब 13.5% का

[21:15] रिटर्न दिया है। केवल एक ही फैक्टर लो

[21:17] वोलेटालिटी वो स्पेसिफिक टाइम फ्रेम में

[21:20] 9.8 9.98%

[21:23] का रिटर्न है। वो स्लाइट अंडर परफॉर्मेंस

[21:26] है। बट बाकी सारे फैक्टर्स ने आउटपरफॉर्म

[21:29] किया है ब्रॉड इंडेक्स को। तो हमें लगता

[21:32] है कि यह फैक्टर वाला पोर्टफोलियो अगर हम

[21:35] बनाएंगे और यह रखेंगे जो हमारा पर्पस है

[21:38] एक्टिव रिटर्न देने का। राइट? जो

[21:40] ट्रेडिशनल एक्टिव फंड का भी मतलब एक्टिव

[21:42] रिटर्न देना है कि इंडेक्स से ज्यादा

[21:45] रिटर्न दो। अगर हम इंडेक्स को आउटपरफॉर्म

[21:47] नहीं करेंगे तो इट इज बेटर कि हम इंडेक्स

[21:50] में ही पैसा लगाएं जो आज अवेलेबल है। और

[21:53] यह जो हम डाटा आपको दिखा रहे हैं यह

[21:55] एक्चुअली ये फैक्टर के भी इंडेक्स बनते

[21:57] हैं। तो वो लोग फैक्टर के आधार पे रूल

[22:01] बनाते हैं। जैसे SNP 500 TRI मार्केट कैप

[22:05] के आधार पर रूल बना है। तो SNP 500

[22:08] क्वालिटी टीआरआई है। वह क्वालिटी के

[22:10] फैक्टर के रूल्स के आधार पर जो बेस्ट

[22:13] कंपनीज़ आती है वह बेस्ट कंपनीज़ का

[22:16] पोर्टफोलियो बनाते हैं। एंड उसका कंपैरिजन

[22:19] हमने यहां पे आपको दिखाया है। तो सर आपने

[22:23] यह बताया कि रूल बेस्ड इन्वेस्टिंग के तहत

[22:26] अब जो कंपनीज़ का सिलेक्शन होता है, उसमें

[22:28] जो फैक्टर्स होते हैं, आपने बोला कि

[22:30] मोमेंटम है, क्वालिटी है, वैल्यू है और लो

[22:33] वोलेटिलिटी है। राइट? करेक्ट। और आपने यह

[22:36] भी एक शब्द यूज किया कि कोशिश रहती है कि

[22:39] जो पैसिव बेस इन्वेस्टिंग है उसको

[22:40] आउटपरफॉर्म करने के लिए रूल बेस

[22:43] इन्वेस्टिंग इज अ बेटर वे ऑफ इन्वेस्टिंग

[22:44] आई। सर मेरा अभी आपसे सवाल यह है कि कोशिश

[22:48] तो रहती है आउट परफॉर्मेंस की पर रूल बेस

[22:51] का मतलब है कि गारंटेड आउट परफॉर्मेंस

[22:53] होगा या कभी अंडर परफॉर्मेंस भी हो सकता

[22:55] है और अगर अंडर परफॉर्मेंस होता है तो

[22:58] मतलब इन्वेस्टर को क्या इस चीज को समझना

[23:00] बहुत जरूरी है कि डज़ रूल बेस इन्वेस्टिंग

[23:03] ऑलवेज मींस आउटपरफॉर्मेंस या कभी अंडर

[23:06] परफॉर्मेंस भी होता है और होता है तो

[23:08] इन्वेस्टर का बिहेवियर उस समय कैसा होना

[23:10] चाहिए वेरी गुड क्वेश्चन अभी यह जो हमने

[23:14] आपको डाटा दिखाया जीभूषण जी राइट

[23:17] वो पूरा हमने लॉन्ग टर्म का डाटा दिखाया

[23:20] करीब करीब 202 साल का ये डाटा है

[23:22] और वो पॉइंट टू पॉइंट डाटा है

[23:24] जी

[23:25] बट उसका मतलब ऐसा नहीं है कि ये राइट जो

[23:28] है वो सीधी लीनियर सीधी इसी तरह से यही

[23:31] रेट से ऊपर गई है। इसमें ऐसे टाइम आते हैं

[23:35] जब अंडर परफॉर्मेंस भी आता है और बहुत

[23:38] ज्यादा आउटपरफॉर्मेंस भी आता है। तो

[23:40] फैक्टर्स के अंदर साइक्लिसिटी है। तो मैं

[23:43] एक आपको यह डाटा दिखाता हूं। साइक्लिसिटी

[23:46] मतलब उतार-चढ़ाव हां साइक्लिसिटी अलग-अलग

[23:49] अलग-अलग फसे साइक्लिसिटी का जो मतलब है कि

[23:52] भाई सर्टेन टाइम में अच्छा करेगा। सर्टेन

[23:55] टाइम में अच्छा नहीं बहुत अच्छा करेगा।

[23:58] सर्टेन टाइम में बुरा करेगा। तो ये आपको

[24:00] मैं एक एग्जांपल देता हूं। यह 2020 का यह

[24:03] डाटा है। पॉइंट टू पॉइंट रिटर्न है। 5 साल

[24:06] का पॉइंट टू पॉइंट रिटर्न है। मतलब 1

[24:08] अप्रैल 2015 को किसी ने इन्वेस्टमेंट किया

[24:13] 31 मार्च 2020 तक रखा। उसका हम डाटा देख

[24:16] रहे हैं। तो आप आपको दिखेगा कि निफ़ी

[24:19] वैल्यू जो 500 वैल्यू टीआरआई है तो वैल्यू

[24:23] के आधार पे जो 50 कंपनी का निफ़ी ने जो

[24:26] पोर्टफोलियो बनाया था अगर वो इंडेक्स के

[24:29] अंदर 1 अप्रैल 2015 को इन्वेस्ट किया और 5

[24:33] साल के लिए रखा तो नेगेटिव 6.65%

[24:38] का रिटर्न है। ठीक है? नेगेटिव 6.65%

[24:43] ईयर ऑन ईयर मतलब ₹1 लाख अगर मैंने रखा तो

[24:48] उसकी वैल्यू हर साल 6.6% जैसे ही कम होगी

[24:51] तो एप्रोक्सीमेटली वो वैल्यू हो जाएगी

[24:54] 65,000

[24:56] ओके। अब 1 लाख डालने के बाद 5 साल के बाद

[24:59] आपका 65,000 होगा तो कैसा लगेगा आपको?

[25:02] बहुत बुरा लगेगा। बुरा लगेगा ना? और उसके

[25:05] सेम समय में ज्यादा बुरा इसलिए लगेगा कि

[25:09] निफ्टी का जो 500 टीआरआई है उसने तो

[25:13] पॉजिटिव रिटर्न दिया है। 1.28% का रिटर्न

[25:17] है तो उसकी तो वैल्यू 1 लाख की कुछ 167000

[25:21] की और यह 65,000 हो गया। अगर आपने

[25:24] इन्वेस्टमेंट किया या कोई डिस्ट्रीब्यूटर

[25:26] ने कोई इन्वेस्टर का इन्वेस्टमेंट करवाया

[25:28] है तो डेफिनेटली वह पैनिकिक हो जाएगा कि

[25:32] यह क्या हो गया? बट यही हमें समझने की

[25:35] जरूरत है और इसी को मैं साइक्लिसिटी बोलता

[25:38] हूं। अगर आपने इस समय गलत डिसीजन ले लिया

[25:41] आपने बेच दिया 5 साल में अंडर परफॉर्मेंस

[25:43] आया बेच दिया। अब मैं 2026 में आ जाता

[25:46] हूं। हम

[25:47] अब आप देखोगे तो 2026 के अंदर जो निफ्टी

[25:52] 500 वैल्यू टीआरआई का जो रिटर्न है

[25:55] वो 28.48%

[25:57] का रिटर्न है

[25:58] और निफ्टी 500 का कुछ 11% के आजू-बाजू

[26:02] रिटर्न है। 17% का आउट परफॉर्मेंस है।

[26:06] कितना आउटपरफॉर्मेंस है? 17%

[26:09] का आउटपरफॉर्मेंस है। तो, इसी को हम

[26:12] फ़ैक्टर की साइक्लिसिटी बोलते हैं। अब यह

[26:15] जो निफ़ी का 500 वैल्यू TRI

[26:19] 2020 में 5 साल का नेगेटिव 6.6 था और 2026

[26:23] के अंदर 5 साल में 28.4% का रिटर्न आ गया।

[26:27] सिमिलरली दूसरे अभी फैक्टर्स को आप देखोगे

[26:30] उसमें भी आपको साइक्लिसिटी दिखेगी। कई बार

[26:33] कई फैक्टर चलता है। जब आप 2020 के समय में

[26:37] रहोगे तो लो वोलेटाइलिटी के फैक्टर ने

[26:39] सबसे ज्यादा रिटर्न दिया और 2026 में आपको

[26:43] वैल्यू ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया। अब

[26:46] मेरा जो आपको कहने का पॉइंट है कि यह जो

[26:49] पॉइंट टू पॉइंट रिटर्न हम देखते हैं,

[26:52] जनरली मार्केट में हम वही देखते हैं। एंड

[26:55] दैट इज़ बेसिकली ड्राइविंग रॉन्ग डिसीजंस।

[26:59] अगर मैं पॉइंट टू पॉइंट रिटर्न देखने की

[27:02] जगह पर रोलिंग रिटर्न देखता हूं तो रोलिंग

[27:05] रिटर्न आप अगर आप देखोगे तो आपको पता

[27:07] चलेगा कि भाई 14.26%

[27:10] का निफ्टी 500 वैल्यू trई का रिटर्न है और

[27:14] यह 1 अप्रैल 2005 से है। मतलब बहुत लंबे

[27:18] पीरियड का यह रिटर्न है। 20 साल का

[27:21] करीब-करीब 5 साल का यह रोलिंग रिटर्न है।

[27:24] तो रोज 5 साल बदलते हैं। अब आप रोलिंग

[27:27] रिटर्न उसी समय 2020 में देखते तो आपको

[27:31] नेगेटिव 6.65 नहीं दिखता। मे बी 14 के

[27:34] करीब-करीब ही दिखेगा। अब आप सारे फैक्टर्स

[27:38] को देखो रोलिंग रिटर्न्स के टर्म में। एंड

[27:40] दैट इज़ आल्सो ऑन अ वेरी लॉन्ग डाटा। 20

[27:44] साल के ऊपर का यह डाटा है। उसमें NFT 500

[27:47] वैल्यू ने 14% का करीब-करीब रिटर्न दिया।

[27:51] मोमेंटम ने 21% का रिटर्न दिया। और सारे

[27:54] जो भी हमारे लो वोलेटाइलिटी क्वालिटी सारे

[27:58] फैक्टर्स ने जो अपना ब्रॉड इंडेक्स है

[28:01] जिसका करीब-करीब 13.6% का रिटर्न है वो

[28:05] सबको आउट परफॉर्म किया। तो रोलिंग रिटर्न

[28:09] देखना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है। 1 अप्रैल

[28:14] 2005 से करीब करीब अभी यह 2025 तक का डाटा

[28:17] है। तो 20 साल का यह जो डाटा है 20 साल का

[28:21] मतलब हर एक साल के अंदर मान लो कि भाई 300

[28:24] दिन है जिस दिन इन्वेस्टमेंट हुआ है या

[28:28] एनएवी आई है तो ऑलमोस्ट 300 * 20 6000

[28:33] यूनिक ऑब्जरर्वेशंस है और उसका यह एवरेज

[28:36] रिटर्न है। ठीक है? तो, यह रोलिंग रिटर्न

[28:40] देखना जरूरी है। हम दो-तीन चीजें यहां से

[28:43] समझ सकते हैं। एक डिफरेंट फैक्टर्स

[28:46] परफॉर्म इन डिफरेंट टाइम पीरियड। बट एक

[28:49] चीज जो कॉमन है कि भाई लॉन्ग टर्म के अंदर

[28:52] सारे फैक्टर वर्क करते हैं। एंड शॉर्ट

[28:54] टर्म अंडर परफॉर्मेंस भी आता है हर एक

[28:57] फैक्टर के अंदर। शॉर्ट टर्म अंडर

[28:59] परफॉर्मेंस ब्रॉड मार्केट से भी आएगा और

[29:02] दूसरे फैक्टर से भी आएगा। सो दैट इज व्हाई

[29:05] शॉर्ट टर्म अंडर परफॉर्मेंस देख के डिसीजन

[29:08] नहीं लेना चाहिए। वी शुड लुक एट रोलिंग

[29:12] रिटर्न्स। राइट? तो सर आप यह कहने की

[29:14] कोशिश कर रहे हैं कि भले ही ऑब्जेक्टिव

[29:17] रूल्स या फैक्टर्स बनाने का है कि

[29:19] आउटपरफॉर्म किया जाए बट इवन इन दोज़

[29:22] फैक्टर्स देयर कैन बी साइकिल्स और फेसेस

[29:25] वेयर दे मे आल्सो अंडर परफॉर्म। डायरेक्ट।

[29:27] तो कस्टमर को थोड़ा पेशेंस और धैर्य रखना

[29:29] चाहिए। बिकॉज़ देयर कैन बी सम फज़। देयर इज़

[29:32] नो गारंटी कि हमेशा आउटपरफॉर्म करेगा।

[29:34] देयर कैन बी फेस कि जहां पे फैक्टर्स भी

[29:36] अंडर परफॉर्म करेंगे।

[29:37] बिल्कुल यह सर एकदम क्लियर है। दूसरा सर

[29:40] आपने दो-तीन बार जिक्र किया रोलिंग का और

[29:42] पॉइंट टू पॉइंट का। तो पॉइंट टू पॉइंट

[29:44] मतलब आप यह कहना चाह रहे हैं कि नॉर्मली

[29:46] एक कस्टमर आज इन्वेस्ट करता है तो दे लुक

[29:48] एट लास्ट 3 मंथ रिटर्न, सिक्स मंथ रिटर्न,

[29:51] 1 साल का रिटर्न या 3 साल का रिटर्न कि आज

[29:54] से 3 साल पहले किसी ने निवेश किया तो सबसे

[29:56] अच्छा रिटर्न कहां मिला है? तो दिस इज द

[29:58] वे नॉर्मली पीपल कंपेयर दी फंड्स एंड

[30:01] डिसाइड वि फंड दे शुड चूज। सर मैं चाहता

[30:04] हूं रोलिंग के बारे में आपने बात की बट

[30:06] काफी सारे दर्शक आज पहली बार ये रोलिंग

[30:09] रिटर्न का कांसेप्ट समझ रहे हैं। तो अगर

[30:11] आप थोड़ा और सिंपल भाषा में समझा दें कि

[30:13] रोलिंग का मतलब क्या है? और इन्वेस्टर को

[30:15] किस तरह से फंड्स को इवैलुएट करना चाहिए?

[30:18] ये अगर आप बहुत अच्छा क्वेश्चन है। ये आप

[30:21] स्लाइड देखोगे

[30:22] जी।

[30:22] तो इसमें हमने रोलिंग रिटर्न का एग्जांपल

[30:25] देने की कोशिश की है।

[30:26] राइट? अब अगर हम एक साल का पॉइंट टू पॉइंट

[30:29] रिटर्न देख रहे हैं और आज मैं मान लो कि

[30:32] अप्रैल 1 2026 में हूं और अप्रैल 1 2025

[30:37] को ₹10 की एनएवी थी।

[30:40] हां

[30:40] आज वो एनएवी हो गई 12 की। तो आज मेरा जो

[30:45] पॉइंट टू पॉइंट रिटर्न है वो 20% का है।

[30:48] जी

[30:50] बट वही अगर रिटर्न को मैं और आगे ले

[30:53] जाऊंगा। मतलब अप्रैल

[30:55] 2025 को जो 10 की एनएवी थी वो 10:30 की

[30:59] हुई और उसका जो एक साल खत्म होगा वो कब

[31:02] खत्म होगा अप्रैल 2 2026 को और उस दिन की

[31:08] अगर एनएवी 12 से गिर के 11.75 होती है

[31:12] हम

[31:12] तो उसका जो रिटर्न है एक ही दिन का

[31:16] डिफरेंस है बट आप रिटर्न देखोगे पहले

[31:18] पॉइंट के अंदर 20% का रिटर्न है यहां पे

[31:22] गिर के

[31:23] 11.9%

[31:25] का आ गया। अप्रैल 3 को अगर वापस 10:30 की

[31:28] 10.5 एनएवी रही और अप्रैल 3 2026 को 1175

[31:34] से गिर के 11.5 हुई तो 9.5% का रिटर्न हो

[31:38] गया। हम

[31:38] अप्रैल 4 को अगर मैं देखूंगा तो 2.27%

[31:42] और अप्रैल 5 को आप देखोगे तो 9.3 अब ये

[31:46] चारों पांचों दिन की अगर मैं एवरेज

[31:48] देखूंगा तो 10 6% है। अब इसमें बेस्ट

[31:53] देखोगे तो 20% का है। वर्ज देखोगे तो 2.27

[31:58] है। अब जिसने 2.27 के टाइम पे रिटर्न देखा

[32:01] होगा उसको लगेगा ये फंड ठीक नहीं है।

[32:03] इसमें डालना ही नहीं चाहिए। और 20 देख के

[32:06] आप इंप्रेस हो जाओगे कि भाई 20 में डालना

[32:09] चाहिए। जब स्माल कैप और मिड कैप चलते हैं

[32:12] 3030 35% का रिटर्न भी आता है एक-एक साल

[32:15] में। बट उसका मतलब यह नहीं है कि वो

[32:17] सस्टेन होगा।

[32:18] सस्टेन तो कम रिटर्न ही होगा। तो रोलिंग

[32:21] देखना इंपॉर्टेंट है। और रोलिंग के लिए भी

[32:24] काफी ज्यादा पीरियड होने चाहिए। यह तो

[32:26] मैंने एक एग्जांपल के लिए केवल 5 दिन का

[32:29] रोलिंग रिटर्न दिया है। बट अगर आप 20 साल

[32:32] का रोलिंग रिटर्न जो मैं पिछली स्लाइड में

[32:34] बता रहा था तो हर एक साल में मान लो कि

[32:37] भाई 300 दिन मैंने लिए हैं। फॉर एग्जांपल

[32:40] 300 डेज इन एव्री ईयर। तो मेरे पास कितने

[32:43] ऐसे ऑब्जरवेशन आ गए? 300 * 20 6000

[32:48] ऑब्जरर्वेशन का अगर मैं मीडियन या रोलिंग

[32:50] रिटर्न देखता हूं तो मुझे पता चलता है कि

[32:53] भाई क्या रिटर्न आने की? जी

[32:56] संभावना है। तो दिस इज़ अ मच मच बेटर वे ऑफ

[32:59] लुकिंग एट रिटर्न्स। एंड इन एंड व्हेन यू

[33:02] स्टार्ट लुकिंग एट दिस यू विल नॉट टेक

[33:05] रॉन्ग डिसीजंस। आप वो पॉइंट टू पॉइंट देख

[33:09] के डर नहीं जाओगे। आप पॉइंट टू पॉइंट देख

[33:11] के ज्यादा एग्जुबरेंट नहीं हो जाओगे।

[33:13] ज्यादा पैसा नहीं लगा दोगे जिसमें बहुत

[33:16] ज्यादा रिटर्न आया या निकल नहीं जाओगे।

[33:18] एंड दिस इज़ नॉट जस्ट फॉर दी फैक्टर। इवन

[33:21] मैं एक्टिव फंड की मैं बात करता हूं। अगर

[33:24] वह अच्छा फंड है उसका आपका क्वालिटी और सब

[33:27] आपने देखा है उसमें भी यह चीज जरूर हो

[33:31] सकती है तो एवरीवेयर द साइकिल्स आर

[33:34] प्रिवेलिंग वो कुदरत का नियम है कुलभूषण

[33:37] साइकिल्स जो होती है ना वो कोई चीज

[33:39] सीधी-सीधी नहीं चलती है जैसे बिजनेस के

[33:43] अंदर भी साइकिल्स आती है सिमिलरली हर एक

[33:45] फैक्टर्स की भी साइकिल आती है

[33:47] इन्वेस्टमेंट्स की भी साइकिल आती है

[33:49] इसीलिए लॉन्ग टर्म में रिटर्न बनता है

[33:52] शॉर्ट टर्म में रिटर्न नहीं बनता है। वही

[33:54] वाला एग्जांपल तो सर अगर आप मुझे इजाजत दे

[33:58] तो मैं कोशिश करूंगा इसको क्रिकेटर से

[34:00] कनेक्ट करने की।

[34:01] बिल्कुल कीजिए कि किसी मैच में विराट

[34:03] कोहली जीरो पे आउट हुआ और अदीप सिंह ने दो

[34:06] गेंद में दो मार दिए। तो इसका मतलब

[34:09] यह नहीं कि अदीप सिंह बेटर हो गए। आपको

[34:11] विराट कोहली के पिछले 10 20 सालों का

[34:14] करियर देखना चाहिए। उनकी कंसिस्टेंसी उनका

[34:17] परफॉर्मेंस। तो देयर कैन बी सम मैचेस वेयर

[34:20] विराट विल अंडर परफॉर्म देन अर्शदीप और

[34:23] दैट डस नॉट मीन कि अदीप उनसे बेटर हो गया।

[34:26] आपको एक लॉन्ग

[34:28] टर्म में एक कंसिस्टेंसी देखनी चाहिए

[34:30] बिफोर यू रीच टू दी फाइनल कंक्लूजन व्हिच

[34:33] इज अ बेटर प्लेयर। तो सर यह बात तो हमारी

[34:36] बहुत ही है। आपने कुलभूषण जी परफेक्ट

[34:39] एग्जांपल दिया। बट नॉर्मली इन्वेस्टमेंट

[34:42] पे लोग अर्दीप में लगा देते हैं विराट

[34:45] छोड़ के। कैसा होता है? जी तो सर आगे

[34:49] बढ़ता हूं अभी यह सवाल के बाद। सर अभी मैं

[34:51] एनजीएमसी पे आता हूं। तो एनजेएमसी इज

[34:54] रिलेटिवली अ न्यू एएमसी। तो हमने कुछ साल

[34:58] पहले ही एनजीएमसी स्टार्ट किया है। तो सर

[35:00] मैं चाहता हूं कि हमारे आज के जो ऑडियंस

[35:03] है उनसे यह भी शेयर करें कि अभी तक की

[35:05] जर्नी क्या रही है और हमारा लॉन्ग टर्म

[35:07] विज़न क्या है एनजीएमसी को लेकर?

[35:09] वेरी नाइस क्वेश्चन। एक्चुअली कुलभूषण जी

[35:12] एनजीएमसी की जर्नी 2010 में शुरू हुई थी।

[35:16] हमने पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का लाइसेंस

[35:18] लिया था।

[35:19] पीएमएस का

[35:19] पीएमएस का और डायनेमिक एसेट एलोकेशन हमने

[35:23] जो आज बैलेंस एडवांटेज कैटेगरी है, डीए

[35:26] कैटेगरी है वो सबसे पहले वी वर द

[35:28] पायनियर्स इन लॉन्चिंग दैट। और वह भी एक

[35:32] कस्टमर के हित में हमने काम किया था

[35:34] क्योंकि वह ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के

[35:37] पहले इतना ज्यादा इन्वेस्टमेंट आया था और

[35:40] हम एसेट एलोकेशन की बात कर रहे थे और लोग

[35:44] फिर भी तेजी के बाजार में ज्यादा पैसा

[35:46] लगाते थे तो हमको लगा कि भाई मार्केट

[35:49] रिस्क के आधार पे कुछ हमें करना चाहिए और

[35:52] वह बैक टेस्टिंग हमने किया और हमने यह

[35:55] पीएमएस के अंदर डायनेमिक एसेट एलोकेशन का

[35:59] पोर्टफोलियो बनाया तब हम केवल म्यूचल

[36:01] फंड्स में इन्वेस्ट करते थे।

[36:02] जी।

[36:03] राइट? म्यूच्यूल फंड्स के अंदर इक्विटी

[36:06] बेस्ड म्यूच्यूल फंड में अगर 60-4 का एसेट

[36:08] एलोकेशन आया तो 60% इक्विटी बेस्ड स्कीम्स

[36:12] में और 40 डे और आर्बिट्राज में करते थे।

[36:15] तो वहां से हमारी जर्नी चालू हुई। फिर

[36:18] हमें लगा कि रूल्स हम स्टॉक के

[36:21] पोर्टफोलियो में भी अप्लाई कर सकते हैं।

[36:23] तो कुछ हमने पीएमएस के अंदर पोर्टफोलियोज़

[36:25] ल्च किए। बट हमारा जो मेन रिटेल है जो

[36:28] हमको रिटेल समझ में भी ज्यादा आता है और

[36:31] रिटेल तक हमें ये अच्छी चीज पहुंचाने की

[36:33] इच्छा हुई तो हमने 2021 में लाइसेंस लिया।

[36:38] हमने पहला जो हमारा फंड ल्च किया एनj

[36:40] बैलेंस एडवांटेज फंड जो अभी 1 नवंबर को 5

[36:44] साल उसके खत्म होंगे। अभी एक भी हमारे फंड

[36:46] को 5 साल खत्म नहीं हुए हैं। राइट? तो

[36:48] हमारा जो फ्लेक्सी कैप फंड उसके बाद हमने

[36:51] जो ल्च किया था इक्विटी कैटेगरी में एक अह

[36:54] आई मीन ईएलएसएस पहले ल्च किया था और उसके

[36:57] बाद फ्लेक्सी कैप ल्च किया था।

[36:59] फ्लेक्सी कैप फंड को भी अभी 5 सितंबर को 3

[37:02] साल होंगे। ईएलएसएस को जस्ट 3 साल खत्म

[37:05] हुए। एंड टोटल हमारा कुछ 11,200 करोड़ का

[37:08] एयूएम है। तो एक एक अच्छी हमारी जर्नी रही

[37:12] है, एक्सपीरियंस रहा है। बट उससे

[37:15] इंपॉर्टेंट हमारी जो एएमसी की बिलीफ और

[37:17] फिलॉसोफी है ना वह समझने की जरूरत है।

[37:20] रादर देन द नंबर्स। हमारी फिलॉसोफी बहुत

[37:23] सिंपल है कि भाई इक्विटी के अंदर लॉन्ग

[37:26] टर्म में पैसा बनता है। वह एंजे

[37:28] डिस्ट्रीब्यूशन वेस्ट के ग्रुप लेवल की

[37:30] एकदम सिंपल फिलॉसोफी है। अगर बिलीफ है

[37:33] मतलब नॉट फ़िलॉसोफी। इट्स अ बिलीफ। दूसरी

[37:36] जो हमारी बिलीफ है कि फैक्टर बेस्ड जो

[37:38] पोर्टफोलियोस है दैट विल आउटपरफॉर्म द

[37:41] ब्रॉड मार्केट ओवर लॉन्ग पीरियड्स ऑफ़

[37:43] टाइम। क्योंकि काफी सारा डेटा के ऊपर हमने

[37:46] एनालिसिस किया है। हमने परवेजिवनेस देखी

[37:49] है, पर्सिस्टेंसी देखी है। बट हैविंग सेड

[37:52] दैट हमारा हमें यह हमें यह भी पता है कि

[37:54] फैक्टर्स आर साइक्लिकल। उसका प्रीमियम

[37:57] जनरेट होने में 5 सात साल कई बार लग जाते

[38:00] हैं। उसका मतलब यह है कि देयर कैन बी एन

[38:02] अंडर परफॉर्मेंस फॉर फाइव इयर्स आल्सो जो

[38:04] हमने हमारे वैल्यू के एग्जांपल में ऑलरेडी

[38:07] देखा जो निफ़ी का वैल्यू फंड था जैसे एनj

[38:10] ने अगर वैल्यू फंड ल्च किया है अभी तो

[38:13] देयर इज़ अ पॉसिबिलिटी के देयर कैन बी अंडर

[38:15] परफॉर्मेंस फॉर अ लॉन्ग पीरियड। दूसरा है

[38:18] जो हमारा थॉट और बिलीफ है कि कोई भी हमारा

[38:21] पोर्टफोलियो है बेसिक बैर मिनिमम क्वालिटी

[38:25] इज ऑफ पैरामाउंटेंस

[38:27] वो तो हम

[38:28] रखेंगे मतलब वी विल नॉट बाय लॉस मेकिंग

[38:31] कंपनीज़ कंसिस्टेंटली वी विल नॉट बाय

[38:34] कंपनीज़ व्हिच इ हैज़ वेरी हाई डेप्ट व्हिच

[38:36] इज़ वेरी हाई प्रमोटर प्लेज तो हम कोई भी

[38:39] फैक्टर देखेंगे मोमेंटम भी देखेंगे तो

[38:42] क्वालिटी जरूर देखेंगे उसके बारे में मैं

[38:45] आगे और बात करूंगा एंड सेकंड सेकंड

[38:48] इंपॉर्टेंट बिलीफ इज के फैक्टर फंड्स ऑफर

[38:51] ट्रू डायवर्सिफिकेशन। क्योंकि उनके जो

[38:53] पोर्टफोलियोस है वो मार्केट के

[38:55] पोर्टफोलियो से काफी अलग है। उस पे भी हम

[38:58] बात करेंगे। फिलॉसोफी की मैं बात करूं तो

[39:01] बहुत सिंपल है। प्रोसेस ओरिएंटेड है।

[39:03] सिंपल प्रोसेस फॉलो करना है। फ्यू

[39:06] प्रोडक्ट्स हम लोग बहुत ज्यादा प्रोडक्ट्स

[39:08] नहीं करेंगे। जो हमने बोला है इट विल बी

[39:10] ट्रू टू लेबल। क्वालिटी पोर्टफोलियो तो

[39:12] आपको सारी कंपनीज़ हाई आरओई दिखेगी। हाई

[39:15] डिविडेंड पे दिखेगी। एंड अगेन टेक्नोलॉजी

[39:19] इनोवेशन एआई सारी चीजों का हम इस्तेमाल

[39:23] करेंगे इन द बेस्ट पॉसिबल मैनर टू गेट द

[39:26] बेस्ट पोर्टफोलियो। तो हमने ये जो भी

[39:28] हमारे स्कीम्स ल्च की है तो अब तक बिकॉज़

[39:30] ऑफ़ यूज़ ऑफ़ टेक्नोलॉजी ऑफ़ आवर स्मार्ट बीटा

[39:33] प्लेटफार्म वी हैव टेस्टेड मोर देन

[39:36] 30ाउजेंड डिफरेंट पोर्टफोलियोज़। 30,000

[39:39] डिफरेंट पोर्टफोलियोज़। प्रोसेस की मैं बात

[39:41] करूं तो अनलाइक जो हमने एक्टिव में होते

[39:45] हैं उसका भी मैं एग्जांपल देता हूं। हमारी

[39:47] जो रिसर्च स्कीम है वो अलग-अलग

[39:49] पोर्टफोलियोस अपने लॉजिक से टेस्ट करते

[39:51] हैं। क्वालिटी बनाते हैं। तो क्वालिटी के

[39:53] भी काफी सारे सब पैराटर्स हैं। वैल्यू है

[39:56] तो वैल्यू में पैराटर्स है। पीई है,

[39:59] प्राइस टू बुक है, एबी टू एबिटा है। तो

[40:02] अलग-अलग पैरामीटर को लेके पोर्टफोलियो

[40:04] बनाते हैं। उसका बैक टेस्टिंग करते हैं।

[40:07] फिर वह हमारी जो इन्वेस्टमेंट कमिटी है

[40:10] उसका जो मैं चेयरमैन भी हूं। वहां पे हम

[40:13] लोग डिस्कस करते हैं एंड वी डिसाइड कि

[40:16] नहीं अभी यह पर्टिकुलर स्ट्रेटजी ये

[40:19] पर्टिकुलर रूल को हम लॉक करेंगे और फिर वो

[40:22] रूल के आधार से ही पोर्टफोलियो बनेगा। अगर

[40:26] कोई भी चेंज करना है तो हमें रूल में चेंज

[40:29] करना पड़ेगा। बट ट्राई टू चेंजिंग दैट

[40:31] रूल। देयर इज़ अ लॉट ऑफ़ डिस्कशन व्हिच

[40:33] हैपेंस। वह पूरी काफी सारी उसमें चीजें हम

[40:36] देखते हैं। तो अगर आपको अगर मैं एक पिज़्ज़ा

[40:39] के एग्जांपल से दिखाऊं तो ट्रेडिशनल

[40:42] एक्टिव जो इन्वेस्टिंग होता है उसमें

[40:44] पिज़्ज़ा में भी कई बार काफी लोग क्वालिटी

[40:47] ऑफ इंग्रेडिएंट्स

[40:49] कई बार प्रीडफाइन नहीं होते कि भाई क्या

[40:51] क्वालिटी लेंगे। क्वांटिटी भी कई बार

[40:54] फुल्ली प्रीडफाइन नहीं है। मिक्सिंग ऑफ

[40:56] इंग्रेडिएंट्स इज़ नॉट जनरली फुल्ली

[40:59] प्रीडफाइंड। टेंपरेचर इज़ नॉट प्रीडफाइंड।

[41:02] तो डिस्क्रीशन इज एट द लेवल ऑफ द

[41:06] प्रिपेयरर। जो कुक है जो पिज़्ज़ा बनाता है

[41:10] वो अगर बदल गया तो देयर कैन बी अ डिफरेंट

[41:12] क्वालिटी ऑफ़ पिज़्ज़ा। तो क्योंकि काफी सारी

[41:16] चीजें प्रीडफाइन नहीं है। जबकि एनजे का जो

[41:19] बिल्ट ऑन रूल्स का अप्रोच है वह बहुत

[41:21] क्लियर है। क्वालिटी भी प्रीडफाइंड है।

[41:24] क्वांटिटी भी प्रीडफाइंड है। मिक्सिंग भी

[41:26] प्रीडफाइंड है। टेंपरेचर भी प्रीडफाइंड

[41:29] है। तो कोई डिस्क्रीशन नहीं है एट अ

[41:31] प्रिपेयर लेवल। कल कोई प्रीिपेरर बदल भी

[41:34] गया तो आप हमारे आई मीन शॉप में आओगे तो

[41:38] आपको सेम पिज़्ज़ा मिलेगा। जैसे काफी

[41:41] एग्जांपल्स है डोमिनोज़ आप जाओगे आप इधर भी

[41:44] जाओगे क्योंकि उन्होंने एक पूरा प्रोसेस

[41:46] वेदर इट इज़ इन सूरत और कन्याकुमारी और इन

[41:49] ऑकलैंड यू विल प्रोबेब्ली गेट अ सिमिलर

[41:51] फ्लेवर सिमिलर फ्रेगरेंस सिमिलर काइंड ऑफ़

[41:54] अ टेस्ट राइट सो दैट इज़ व्हाट वी आर

[41:58] ट्राइंग टू डू नाउ व्हाट इज़ गुड ऑर बैड इज़

[42:00] नॉट व्हाट आई एम ट्राइंग टू से बट दिस इज़

[42:02] व्हाट वी डू दैट इज़ व्हाट आई एम ट्राइंग

[42:05] टू टेल यू राइट राइट राइट तो सर अभी सबसे

[42:09] एक्साइटिंग पार्ट पे आने हैं। तो आपने

[42:11] बताया कि एनjएमसी में आज एनj बैलेंस फंड

[42:14] है। एनj फ्लेक्सी कैैप फंड है और एक एनj

[42:17] ईएलएसएस फंड है। अगर मैं इक्विटी कैटेगरी

[42:20] की बात करूं एंड यस्टरडे ओनली वी हैव

[42:22] ल्च्ड टू न्यू फंड्स एनj वैल्यू फंड और

[42:25] एनj मोमेंटम फंड। तो सर अब मैं चाहूंगा कि

[42:29] थोड़ा यह दोनों फंड के बारे में भी एक बार

[42:31] हमारे ऑडियंस को ब्रीफ कर देते हैं। और यह

[42:34] फंड किसके लिए ज्यादा लॉजिकल है?

[42:37] डायरेक्ट। तो जैसे हमारे जो कोर

[42:39] प्रोडक्ट्स है बैलेंस एडवांटेज फ्लेक्सी

[42:41] कैप और ईएलएसएस ये इक्विटी कैटेगरी के

[42:45] बैलेंस एडवांटेज फंड हाइब्रिड कैटेगरी है

[42:47] जहां पे अगेन एसेट एलोकेशन डायनेमिकली हम

[42:51] करते हैं। ये सारे फंड्स के जो

[42:53] पोर्टफोलियो है वो क्वालिटी फैक्टर के

[42:56] आधार पे है।

[42:57] एट बैलेंस एडवांटेज और फ्लेक्सी कैप का

[42:59] इक्विटी का पोर्टफोलियो सेम है 50 कंपनी

[43:02] का। ईएलएसएस अगेन थोड़ा कंसंट्रेटेड

[43:05] पोर्टफोलियो है 25 स्टॉक का पीएमएस टाइप

[43:08] कस्टमर्स के अंदर यह बहुत ही सूटेबल

[43:11] पोर्टफोलियो है जिनको हाई रिस्क हाई

[43:14] रिटर्न चाहिए अगेन ईएलएसएस का नाम सेक

[43:17] सेविंग है 3 साल का लॉक इन है बट उसको भी

[43:20] आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के तौर पे

[43:22] डेफिनेटली देख सकते हो वह एक कंसंट्रेटेड

[43:26] पोर्टफोलियो है और हमारे और दो प्रोडक्ट्स

[43:29] हैं। एक हमारा ओवरनाइट फंड है जो पार्किंग

[43:32] करने के लिए है। ओवरनाइट जो केवल ट्रैप्स

[43:35] वगैरह में शॉर्ट टर्म इंस्ट्रूमेंट्स में

[43:36] इन्वेस्ट करता है। एंड सेकंड इज़ हमारा

[43:39] आर्बिट्राज फंड। वो भी बेसिकली आपको पता

[43:43] है कि आर्बिट्राज फंड के अंदर भी रिस्क

[43:45] नहीं है। वी ट्राई टू गिव अ फॉर शॉर्टर

[43:47] पर्पस। अब जो हम दो फंड ल्च कर रहे हैं,

[43:50] दैट इज़ ऑन टू डिफरेंट फैक्टर्स। हम्।

[43:53] अभी तक हमने केवल इक्विटी की कैटेगरी में

[43:55] केवल क्वालिटी फ़ैक्टर पे फ़ंड्स ल्च किए

[43:58] हैं। अभी जो हम ल्च हमने ऑलरेडी कर दिए

[44:01] हैं। मतलब इट हैज़ स्टार्टेड इट विल द

[44:04] एनएवी विल स्टार्ट इन द एंड ऑफ़ जुलाई बट

[44:07] एनएफओ हमारा ओपन हो गया है यस्टरडे से एनj

[44:11] मोमेंटम फंड एंड एनj वैल्यू फंड वैल्यू।

[44:16] राइट? तो यह दोनों फ़ंड जो है जैसे नाम में

[44:18] ही आपको दिखता है। हमारे फ्लैक्सी कैप

[44:21] बैलेंस एडवांटेज और ईएलएसएस के नाम में

[44:24] क्वालिटी नहीं दिखता है बट वो है क्वालिटी

[44:26] फैक्टर का फंड। राइट? हालांकि ये है

[44:30] मोमेंटम फंड जो मोमेंटम फैक्टर पे है और

[44:34] वैल्यू फंड वैल्यू फैक्टर पे है। राइट? तो

[44:38] ये मोमेंटम फैक्टर जो है अभी आप पूछोगे ये

[44:40] मोमेंटम क्या है? तो मोमेंटम आप क्रिकेट

[44:44] का आपने एग्जांपल दिया तो हम भी क्रिकेट

[44:46] के एग्जांपल से मोमेंटम समझाने की कोशिश

[44:49] करते हैं कि आरसीबी अभी जीत के मूड में है

[44:53] तो जीत गया दो बार वो जीत गया ना आईपीएल

[44:56] तो कोई क्रिकेटर फॉर्म में है तो वो हर

[44:58] इनिंग्स में अच्छा खेलता है। कई बार वो

[45:01] फॉर टाइम बीइंग चलता रहता है। आप आइजैक

[45:05] न्यूटन साहब का साइंटिफिक डेफिनेशन

[45:09] देखोगे। एन ऑब्जेक्ट इन मोशन स्टेज इन

[45:12] मोशन टिल सम अनबैलेंस्ड फोर्स एक्ट्स ऑन

[45:15] इट। मतलब जो चीज चल रही है कोई अगर फोर्स

[45:18] आके अटकाएगा नहीं तो वो चलेगी। तो धुरंधर

[45:22] मूवी का भी एग्जांपल है। पहले वीक के अंदर

[45:25] बॉक्स ऑफिस हिट हो गई तो दूसरे में भी

[45:28] होगी। आपने देखा आप आपके मित्र को

[45:31] बताएंगे। वह भी देखेंगे। वो उनके मित्र को

[45:34] बताएंगे तो क्या वो एक मोमेंटम आ गया? तो

[45:37] ऐसा स्टॉक मार्केट में भी होता है कि जो

[45:40] स्टॉक मोमेंटम में है वो थोड़े समय तक

[45:42] रहते हैं। बट वो मोमेंटम घूमता भी है तो

[45:45] वहां पे हमें थोड़ा कॉशियस रहना पड़ता है।

[45:48] तो हमारे मोमेंटम फंड में हमारा अगेन

[45:51] क्वालिटी का फिल्टर है कि मोमेंटम अच्छी

[45:54] कंपनीज़ में भी होगा और बुरी कंपनीज़ में भी

[45:57] होगा। बट जो क्वालिटी में ठीक नहीं है वह

[46:00] हमारे पोर्टफोलियो में नहीं आएगी। कि हम

[46:03] 40 स्टॉक का पोर्टफोलियो बनाएंगे और इसको

[46:06] हम क्वार्टरली रिबैलेंस करेंगे। व्हाई

[46:08] क्वार्टरली रिबैलेंस? बिकॉज़ देयर इज़ अ

[46:11] पॉसिबिलिटी कि मोमेंटम टर्न हो सकता है।

[46:13] मोमेंटम बहुत फास्ट चलता है। तो हमें भी

[46:16] एजाइल रहना पड़ता है। हमें भी इसे फास्ट

[46:20] टर्न करना पड़ता है। बाकी सारे हमारे फंड

[46:22] है वहां पे है हमारा हाफियरली

[46:25] रिबैलेंसिंग। तो यह जैसे मैंने क्वालिटी

[46:28] फिल्टर की बात की तो मेरा हमारा जो

[46:31] यूनिवर्स है निफ्टी 500 का अगर वो निफ्टी

[46:34] 500 के कंपनीज़ को जेम्स और स्टोंस के अंदर

[46:37] हम डिवाइड कर देते हैं तो जो स्टोंस है

[46:40] उसको निकालेंगे पहले वो कैसे निकालेंगे कि

[46:44] जो लो क्वालिटी धंधे हैं लॉस मेकिंग है

[46:46] जहां पे बहुत ज्यादा डेप्ट है जहां पे

[46:48] बहुत ज्यादा प्रमोटर प्लेज है जहां पे वीक

[46:51] फॉरेंसिक और गवर्नेंस है जहां हमें दिखता

[46:53] है उनके फाइनेंसियल स्टेटमेंट में कुछ

[46:56] प्रॉपर नहीं है वह भी हटा देते हैं और

[46:58] बहुत ज्यादा जो हाई वोलेटाइल स्टॉक्स है

[47:01] उसे भी हटा देते हैं जो हमारे हिसाब से दे

[47:04] आर नॉट जेम्स बाकी के जो बचे मान लो कि

[47:06] 500 में से 200 बचे वो क्या है जेम्स है

[47:10] आपके डायमंड्स है पर्ल्स है राइट रूबीस है

[47:13] तो बाकी के जो सारे स्टॉक्स है हट जाते

[47:16] हैं और इसी स्टॉक के आधार पे जो

[47:19] शॉर्टलिस्ट हुए 200 स्टॉक उसमें से 40

[47:21] स्टॉक का हमारा मोमेंटम का पोर्टफोलियो

[47:25] बनेगा

[47:26] और जिसका हमने बैक टेस्टिंग किया है एंड

[47:28] वी आर वेरी कॉन्फिडेंट कि दिस ओवर अ लॉन्ग

[47:31] पीरियड ऑफ़ टाइम शुड जनरेट गुड रिटर्न्स।

[47:35] राइट? सिमिलरली वैल्यू फैक्टर भी है।

[47:38] वैल्यू पूरा डिफरेंट फैक्टर है। वैल्यू

[47:40] मतलब सिंपल है कि जो चीज सस्ते में मिल

[47:43] रही है। आज आप कलर प्लस का शर्ट ₹2000 का

[47:46] ₹1500 में मिलेगा। तो ऑब्वियस है कि भाई

[47:48] डिस्काउंट में मिल रहा है। क्वालिटी भी है

[47:51] और सस्ता भी है। बट अभी अगर हैवels की

[47:55] ट्यूबलाइट के सामने याSS के इलेक्ट्रिकल

[47:57] फिटिंग्स के सामने कोई आपको चाइनीस मिल

[48:01] रहा है। राइट सस्ते में या कलर प्लस के

[48:05] शर्ट के सामने आपको चाइनीज़ शर्ट ₹600 में

[48:08] मिल रहा है। तो क्या आप लोगे? नहीं नहीं।

[48:12] इट इज़ नॉट क्वालिटी। राइट? भले सस्ता मिल

[48:15] रहा है तो प्राइस इज़ व्हाट यू पे वैल्यू

[48:18] इज़ व्हाट यू गेट जो वारेन बफे साहब ने कहा

[48:20] तो हम वैल्यू डिटरमाइन करने की कोशिश करते

[48:22] हैं। वी डोंट लुक ओनली एट द प्राइस।

[48:25] प्राइस कैन मिसलीड यूज़ को वैल्यू ट्रैप

[48:27] बोलते हैं। तो यहां पे भी हमने इसीलिए

[48:30] क्वालिटी का फ़्टर लगाया है। बहुत सारे

[48:33] वैल्यू कंपनीज़ आपको बहुत सस्ते पीई में

[48:36] मिलेगी। बहुत सस्ते दाम में दिखेगी। बट

[48:39] उसमें कुछ होगा ही नहीं धंधे में। तो वह

[48:41] कंपनीज हम वी आर नॉट गोइंग टू बाय। तो

[48:45] वैल्यू फंड के अंदर हम 75 स्टॉक्स लेने

[48:48] वाले हैं। उसमें भी सेम फिल्टर हमने लगाया

[48:51] है और उसका रिबैलेंसिंग हाफ ईयरली करेंगे।

[48:54] मोमेंटम की तरह वैल्यू इमीडिएट चेंज नहीं

[48:57] होगी।

[48:58] वैल्यू विल नॉट चेंज सो फास्ट। सो हाफ

[49:02] ईयरली वहां पे हमारा रिबैलेंसिंग होगा।

[49:04] सेम है कि हमने एक पानी का एग्जांपल दिया

[49:07] है। जैसे पानी में से हम कचरा निकालते

[49:09] हैं, डर्ट निकालते हैं तो वैसे ही लो

[49:12] वॉलेट लो क्वालिटी वीक फॉरेंसिक एंड

[49:15] गवर्नेंस हाई वोलेटाइलिटी स्टॉक्स हट

[49:17] जाएंगे। तो मेरे पास अभी फिल्टर्ड वाटर

[49:20] बचा। उसी में से हम राइट वैल्यू के

[49:23] स्टॉक्स खरीदेंगे। तो यह हमारा वैल्यू फंड

[49:26] है। दोनों फंड यस्टरडे 10 जुलाई से ओपन

[49:29] हुए हैं और 24 जुलाई को खत्म होने वाले

[49:33] हैं। हमारे लिए बहुत ही ऑस्पिशियस डे है

[49:35] 10th जुलाई का क्योंकि हमारे जो जिग्नेश

[49:37] भाई है ही ह बर्थडे इज ऑन 10th जुलाई।

[49:41] राइट? सो इट्स अ वेरी गुड डे फॉर अस। तो

[49:44] सर अगर मुझे सिंपल भाषा में बताना हो वापस

[49:48] तो हमारे दो एनएफओ जो कल स्टार्ट हुए 24

[49:51] जुलाई तक खत्म होंगे। एक मोमेंटम एनएफओ है

[49:55] कि जिसमें कोशिश होगी कि जो फॉर्म्स जो जो

[49:58] स्टॉक्स जो फॉर्म में है मतलब जिनका

[50:00] मोमेंटम अच्छा है वी विल कंसीडर दोज़

[50:02] स्टॉक्स विद हाई मोमेंटम और दूसरा जो

[50:04] एनएफओ है वो कोशिश ये रहेगी कि जो सस्ते

[50:08] दामों में अच्छे शेयर मिल रहे हैं उनका

[50:09] पोर्टफोलियो बनेगा तो भले मोमेंटम एनएफओ

[50:12] है या वैल्यू एनएफओ है दोनों में हमने

[50:15] क्वालिटी को तो इंटीग्रेट किया ही है

[50:18] बिल्कुल बोथ हैव बीन इंटीग्रेटेड विद

[50:20] क्वालिटी बिल्कुल सो दैट स्टॉक स्टक्स का

[50:22] जो सिलेक्शन हो वो रिलेटिवली अच्छी कंपनी

[50:24] का हो। तो सर अभी मैं आगे बढ़ता हूं हमारे

[50:27] लास्ट लेग में। एक शब्द सर जो आप बार-बार

[50:30] यूज कर रहे हैं। मैंने नोट किया वो

[50:32] डवर्सिफिकेशन है।

[50:33] जी जी।

[50:34] तो मैं यह समझना चाहता हूं कि सर

[50:35] डवर्सिफिकेशन का मतलब कि एक कस्टमर का

[50:38] ₹100 वो चार अलग-अलग म्यूचल फंड में लगा

[50:41] दे। वही डवर्सिफिकेशन है। या कुछ अलग

[50:44] तरीके से डवर्सिफाई को एक्सप्लेन करना

[50:46] चाहेंगे। और हमारे जो एनजेएमसी के जो

[50:50] बास्केट में जो प्रोडक्ट्स हैं जो फैक्टर

[50:52] बेस डवर्सिफिकेशन की हम लोग बात करते हैं।

[50:54] तो हाउ लॉजिकल इट इज फॉर दी कस्टमर टू

[50:57] कंसीडर फैक्टर बेस एज अ टूल फॉर

[50:59] डवर्सिफिकेशन?

[51:00] वेरी गुड क्वेश्चन कुलभूषण जी मैं आपको

[51:04] अभी एक प्रश्न पूछता हूं। जी

[51:06] के मान लो के आपको खाना मंगवाना है

[51:10] जी

[51:10] राइट

[51:12] तो और तीन अलग-अलग

[51:14] होटल से या शॉप से आपको खाना मंगवाना है

[51:17] जी

[51:18] तो आप मान लो कैलाश पर्वत एक है

[51:21] हां

[51:22] आपको ये चाट समोसे सब पसंद है

[51:24] जी

[51:25] एक अपना पंजाबी घसीटाराम हलवाई है

[51:28] जी

[51:28] और एक हल्दीराम है

[51:29] तीन फेमस है

[51:30] राइट

[51:31] तो क्या आप तीनों तीन जगह से समोसे

[51:34] मंगवाओगे

[51:35] तो तो सब मतलब मजा नहीं आएगा। मतलब एक ही

[51:38] चीज में तीन जगह से मंगाऊंगा तो मजा नहीं।

[51:40] एक जगह से समोसा, एक से जलेबी, एक से

[51:43] ढोकला

[51:44] ये थोड़ा समझ में आता है।

[51:45] ये समझ में आएगा।

[51:46] तो डायवर्सिफिकेशन का जो मतलब है ना कि

[51:49] चीजें अलग होनी चाहिए।

[51:51] अब मान लो कि मैंने तीन फ्लेक्सी कैप फंड

[51:54] ले लिए

[51:55] या तीन मल्टीकैप फंड ले लिए।

[51:57] राइट?

[51:57] अब उसका पोर्टफोलियो देखोगे ना तो नॉर्मली

[52:00] 60 65% सेम पोर्टफोलियो होगा। सिमिलर

[52:03] स्टॉक्स होंगे। इंडेक्स के साथ भी सिमिलर

[52:05] होगा। अलग है तो डिफरेंट बात है। बट अगर

[52:08] बहुत ज्यादा ओवरलैप मतलब जैसे किसी का

[52:11] थोड़ा साइज समोसे की बड़ी है। किसी की छोटी

[52:14] है। किसी ने कुछ और उसके साथ और भी डाल

[52:17] दिया। किसी ने थोड़ी ज्यादा चटनी दे दी। तो

[52:21] बट है तो तीनों तीन समोसे ही ना। राइट? तो

[52:24] वह जेन्युइन डायवर्सिकेशन

[52:26] नहीं है। जेन्युइन डायवर्सिकेशन तब है कि

[52:29] जब सारे पोर्टफोलियो के अंदर डिफरेंट

[52:32] पोर्टफोलियो है। राइट? उसके बीच का जो

[52:34] ओवरलैप है वो कम है। उसे जेन्युइन

[52:37] डवर्सिफिकेशन कहते हैं। और फाइनेंस की

[52:39] लैंग्वेज में इट इज़ प्रोवन कि

[52:41] डायवर्सिफिकेशन इज़ दी ओनली फ्री लंच। बट

[52:46] इट हैज़ टू बी जेन्युइन डवर्सिफिकेशन।

[52:48] जनरली डायवर्सिफिकेशन अलग-अलग एसेट क्लास

[52:50] में भी होता है। बट विद इन योर इक्विटी

[52:53] पोर्टफोलियो आल्सो अगर आपको

[52:55] डायवर्सिफिकेशन का बेनिफिट लेना है,

[52:58] अलग-अलग चीजों आपको का बेनिफिट लेना है,

[53:01] देन डेफिनेटली यू हैव टू हैव अ

[53:04] पोर्टफोलियो वेयर देयर इज़ अ वेरी वेरी लो

[53:07] ओवरलैप। एंड अभी यह मैं आपको अपनी स्लाइड

[53:09] दिखाता हूं। तो हमने हमारे जो चारों फंड

[53:12] है फ्लेक्सी कैप, ईएलएसएस, मोमेंटम एंड

[53:16] वैल्यू उसका अगर आप ओवरलैप देखोगे तो

[53:20] फ्लेक्सी कैप और टैक्स सेवर में 37% है

[53:24] क्योंकि दोनों क्वालिटी के हैं। बट

[53:26] फ्लेक्सी और मोमेंटम में देखोगे तो खाली

[53:28] 18% ही कॉमन है। वैल्यू के साथ खाली 26%

[53:33] और अगर मैं मोमेंटम और वैल्यू जो हमारे जो

[53:35] दो नए ल्चेस हैं उस पे आ जाता हूं तो

[53:38] फ्लेक्सी कैप के सामने जैसे 18% ही कॉमन

[53:42] है। ईएलएसएस के सामने ओनली 11% एंड वैल्यू

[53:47] और मोमेंटम के बीच में 21% स्टॉक्स आर

[53:50] कॉमन या पोर्टफोलियो इज़ कॉमन। सिमिलरली

[53:54] वैल्यू में भी फ्लेक्सीक के सामने 26 और

[53:57] ईएलएसएस के सामने 6.37%

[54:01] एंड एक और चीज मैं आपको बताता हूं कि जो

[54:03] मेरा मोमेंटम का फंड है अगेन उसके अंदर

[54:07] केवल 18% विद NFT 500 ओवरलैप है। एंड

[54:12] वैल्यू के अंदर करीब-करीब 26% का ओवरलैप

[54:17] है विफ्टी

[54:19] 500 ओके राइट तो आप ये सारे पोर्टफोलियो

[54:23] देखोगे विद द इंडेक्स आल्सो दे आर वेरी

[54:26] डिफरेंट

[54:28] एंड

[54:30] दीज़ पोर्टफोलियोज़ विद इन देमसेल्व्स आर

[54:33] आल्सो डिफरेंट। मतलब यह तीनों फ़ंड हमने ले

[54:36] लिए या चारों फ़ंड हमने अगर ले भी लिए तो

[54:38] भी आपको एक डायवर्सिकेशन डायवर्सिफ़ाइड

[54:41] पोर्टफोलियो मिलता है और इंडेक्स से एक

[54:44] आपको डिफरेंट पोर्टफोलियो मिलता है और एक

[54:47] रीज़न यह भी है कि यह इसीलिए इंडेक्स को

[54:50] आउटपरफॉर्म करेंगे क्योंकि उनका उनकी

[54:53] संभावना ज्यादा है क्योंकि वह पोर्टफोलियो

[54:55] डिफरेंट वे में कंस्ट्रक्ट हुआ है। अगर

[54:58] सेम वे में कंस्ट्रक्ट हुआ है और उस पर

[55:00] अगर फीस वगैरह लगती है तो उसका आउट

[55:03] परफॉर्मेंस करना थोड़ा डिफिकल्ट हो सकता

[55:06] है इन द लॉन्ग रन। बट दिस इज़ समथिंग व्हिच

[55:09] वी बिलीव हैज़ अ पोटेंशियल ऑफ़

[55:12] आउटपरफॉर्मिंग

[55:14] ओवर अ लॉन्ग पीरियड ऑफ़ टाइम। एंड व्हेन यू

[55:16] डवर्सिफाई अक्रॉस डिफरेंट स्टाइल्स एंड

[55:19] विदिन द स्टाइल से फैक्टर बेस्ड स्टाइल

[55:22] रूल बेस्ड स्टाइल में भी अगर आप

[55:23] डायवर्सिफाई करोगे अक्रॉस डिफरेंट

[55:25] फैक्टर्स तो उसका आपको ज्यादा बेनिफिट

[55:28] मिलेगा। वो साइंटिफिकली प्रूवन है। मैं

[55:31] अभी ये सेशन पे उसकी बात नहीं कर सकता

[55:34] हूं। बट आई कंटिन्यू टू बिलीव दैट दिस इज़

[55:36] वन ऑफ़ द मोस्ट वंडरफुल बेनिफिट व्हिच वी

[55:39] ऑफर। राइट? तो सर अब कोशिश यह कर रहे हैं

[55:42] कि एनजेएमसी के तहत जो भी हम लोग प्रोडक्ट

[55:44] ल्च करेंगे उससे वी वांट टू गिव अ बेटर

[55:47] डवर्सिफिकेशन ऑप्शन टू दी इन्वेस्टर्स देन

[55:50] प्रोडक्ट ल्च करने का मतलब मेन नहीं है।

[55:52] राइट दो प्लेट समोसे अलग नाम दी बनाओ बट

[55:56] अंदर वही आ देता हूं तो वो मतलब नहीं है।

[55:59] तो दैट इज व्हाई दैट इज द पर्पस एंड देयर

[56:02] आर नॉट गोइंग टू बी टू मेनी फंड्स। ये भी

[56:04] दो फंड आप सोचो तो हमने 3 साल के बाद

[56:07] करीब-करीब ल्च किए थे अगस्त महीने में।

[56:09] जैसे मैंने बताया 5 सितंबर को फिफ्थ

[56:12] सितंबर को फ्लेक्सी कैप का तीन साल खत्म

[56:14] होगा।

[56:14] जी।

[56:15] तो अभी ये फंड्स हमने ल्च किए।

[56:17] तो सर बिफोर वी कंक्लूड मैं आपसे एक चीज

[56:21] रिटेल कस्टमर बहुत जुड़े उनके लिए पूछना

[56:23] चाहता हूं कि आपने पांच शब्दों का आज

[56:26] जिक्र बार-बार किया। सर एक आपने किया

[56:29] इक्विटी फॉर लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन।

[56:32] दूसरा शब्द जो आप बार-बार यूज़ कर रहे थे

[56:34] वो यूज़ कर रहे थे लॉन्ग टर्म वाला। तीसरा

[56:37] फैक्टर बेस या रूल बेस इन्वेस्टिंग का

[56:40] चौथा डवर्सिफिकेशन और पांचवा डिसिप्लिन।

[56:43] तो सर मैं चाहता हूं यह पांचों चीजों को

[56:46] क्लब करके अगर आप कोई एक मैसेज रिटेल

[56:49] कस्टमर को देना चाहे तो क्या होगा सिंपल

[56:51] शब्दों में कि टेक अवे आपने ऑलरेडी बता

[56:54] दिया है कि इक्विटी में लॉन्ग टर्म के लिए

[56:57] लगाओ।

[56:59] 5 सात साल मिनिमम चाहिए। उसके पहले आप मत

[57:02] कुछ करो। कुछ भी हो जाए। हैव दैट करेज एंड

[57:05] पेशेंस। दूसरा है कि आप फैक्टर फंड्स के

[57:10] अंदर देयर इज़ अ वेरी गुड चांस के इट कैन

[57:13] बीट दी ब्रॉडर मार्केट। ऐसा यह हमारा

[57:16] बिलीफ है जो मैं कस्टमर को बताने की कोशिश

[57:18] कर रहा हूं। साइक्लिसिटी है फैक्टर्स में।

[57:21] इसीलिए डायवर्सिफिकेशन करना भी जरूरी है।

[57:24] एंड साइक्लिसिटी है तो पेशेंस की भी जरूरत

[57:27] है। रोलिंग रिटर्न देखो रादर देन लुकिंग

[57:30] एट पॉइंट टू पॉइंट पॉइंट टू पॉइंट। और जो

[57:33] भी हम पोर्टफोलियो बनाते हैं यह हमारा एक

[57:35] बिलीफ है और हमारा एक जो मैसेज मैं देना

[57:38] चाहता हूं कि हमारे सारे पोर्टफोलियो में

[57:41] क्वालिटी बिनेस आएंगे तो जनरली ये बिनेसेस

[57:44] जनरली डिसरप्ट नहीं होते हैं और उसके टपर

[57:48] रियली द करेक्शन कैन हैपन बट अगेन अच्छे

[57:50] धंधे हैं तो वो बहुत बढ़िया

[57:53] आ जाएंगे

[57:53] राइट सर और एक सर फाइनल क्वेश्चन ये दो

[57:57] एनएफओ जो हमारे चल रहे हैं तो कौन से

[58:00] इन्वेस्टर्स के लिए ज्यादा ज्यादा लॉजिकल

[58:02] है इनमें इन्वेस्ट करने के लिए। ए वेरी

[58:05] गुड क्वेश्चन।

[58:06] देखिए हमारा एक बहुत इंपॉर्टेंट पर्पस है

[58:11] के इक्विटी में तो लॉन्ग टर्म में रिटर्न

[58:15] बनता है।

[58:16] जी

[58:16] और शायद हमारे फंड्स में भी बनेगा। बट

[58:19] हमारी इच्छा हमारे कस्टमर की एक्सपीरियंस

[58:22] की है। जैसे हमने एनjे वेल्थ में

[58:24] एक्सपीरियंस दिया वैसा एक्सपीरियंस हमारे

[58:28] हर एक कस्टमर का हमारे फंड में आए। दैट इज

[58:31] आवर प्राइमरी पर्पस। राइट? कि जो भी

[58:34] कस्टमर हमारे फंड में इन्वेस्ट करेगा ही

[58:38] शुड गेट अ गुड एक्सपीरियंस। एंड दैट

[58:40] एक्सपीरियंस विल कम ओनली इफ ही स्टेज़ फॉर

[58:43] अ लॉन्ग टर्म। अगर शॉर्टर टर्म में

[58:46] एक्सपीरियंस ठीक नहीं है। अगर वह एसआईपी

[58:49] बंद कर देते हैं या गलत डिसीजन पॉइंट टू

[58:53] पॉइंट रिटर्न देख के लेते हैं तो माय

[58:57] इंसिस्टेंस टू ऑल द डिस्ट्रीब्यूटर्स एंड

[59:00] ऑल द इन्वेस्टर्स इज़ प्लीज डोंट डू दैट अप

[59:03] गिव टाइम टू योर इन्वेस्टमेंट्स एंड यू

[59:06] हैव अंडरस्टुड द प्रोसेस एंड फिलॉसोफी। इफ

[59:09] यू बिलीव कि ये चीज में कुछ वैल्यू है,

[59:12] कुछ सेंस है तो आप लॉन्ग टर्म के लिए केवल

[59:15] इन्वेस्ट करो। दूसरी एक बहुत इंपॉर्टेंट

[59:18] बात है कि भाई कस्टमर टू कस्टमर सबका टाइम

[59:21] फ्रेम टाइम होजन रिस्क प्रोफाइल

[59:23] रिक्वायरमेंट डिफरेंट होती है। तो वो

[59:26] जनरली इन्वेस्टमेंट जो होता है तो उनकी

[59:28] रिक्वायरमेंट उनके रिस्क प्रोफाइल के आधार

[59:31] पे होता है। और उसके लिए जो

[59:33] डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं दे आर द बेस्ट वंस

[59:36] टू टेल देम कि कौन सा किस तरह से

[59:39] डायवर्सिफिकेशन करना चाहिए। कितना एलोकेशन

[59:42] यह स्टाइल में करना चाहिए। दे आर द बेस्ट

[59:44] वंस टू टेल देम एंड अनदर थिंग व्हिच वी आर

[59:48] डूइंग एट एनजी एसेट मैनेजमेंट कंपनी इज़

[59:50] दैट वी आर ट्रेनिंग ऑल आवर

[59:52] डिस्ट्रीब्यूटर्स अबाउट डिफरेंट स्टाइल्स

[59:56] ऑफ इन्वेस्टिंग एंड स्पेसिफिकली अबाउट

[59:58] फैक्टर बेस्ड इन्वेस्टिंग इन फ्यूचर हमारे

[01:00:02] यहां से फैक्टर सर्टिफाइड प्रोफेशनल्स भी

[01:00:04] निकलेंगे तो वह जो फैक्टर सर्टिफाइड

[01:00:07] प्रोफेशनल होगा ही विल बी एबल टू हैंडल

[01:00:10] योर इन्वेस्टमेंट एंड दे आर गोइंग टू बी द

[01:00:12] ट्रू टू चेंज मेकर बट सिंपल अगर आप बात

[01:00:17] करो तो यह जो सारे फैक्टर्स है जो भी आप

[01:00:20] ये स्टाइल में 20% 25% डायवर्सिफाई करने

[01:00:24] का अगर डिसीजन लेते हो ऑफ योर इक्विटी

[01:00:26] पोर्टफोलियो

[01:00:28] तो ये तीनों स्टाइल में क्वालिटी मोमेंटम

[01:00:31] और वैल्यू में आप 1/3 1/3 कर सकते हो या

[01:00:34] आप अभी दो जो एनएफओस आ रहे हैं उसमें अगर

[01:00:38] आप निवेश करना चाहते हो तो दोनों में आप

[01:00:41] 50-50 कर सकते हो एसआईपी इज़ अ गुड वे।

[01:00:43] मोमेंटम में वोलेटिलिटी ज्यादा है। एसआईपी

[01:00:46] मे बी अ गुड वे बट बाय एंड लार्ज यू आपका

[01:00:50] जो डिस्ट्रीब्यूटर है, आपका जो सारथी है,

[01:00:53] आप उसकी बात सुनिए। राइट? एंड वी आर गोइंग

[01:00:58] टू ट्रेन देम इन अ बिग वे। ऑलरेडी लॉट ऑफ़

[01:01:00] ट्रेनिंग्स हैज़ हैपन। सो यू डोंट हैव टू

[01:01:02] राइट।

[01:01:02] वरी। सो अल्टीमेटली आवर ऑब्जेक्टिव इज

[01:01:05] वेरी क्लियर नॉट ओनली एसेट गैदरिंग बट वी

[01:01:09] वांट गुड एक्सपीरियंस ऑफ आवर कस्टमर दैट

[01:01:12] इज प्राइमरी देन गैदरिंग एसेट्स राइट सो

[01:01:16] वी ओनली वांट लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स हियर

[01:01:18] नॉट शॉर्ट टर्म इन्वेस्टर्स। शुक्रिया सर।

[01:01:21] सो थैंक यू नीरज भाई फॉर योर इनसाइटफुल

[01:01:25] वर्ड्स। बहुत ही सिंपल शब्दों में आपने

[01:01:28] एक्सप्लेन किया कि इन्वेस्टमेंट की दुनिया

[01:01:30] में एक्टिव फंड्स हैं। इंडेक्स फंड है या

[01:01:33] पैसिव फंड्स हैं। तो जो जो बदलता परिवेश

[01:01:37] है उसमें आपने बहुत अच्छे शब्दों में

[01:01:39] समझाया कि रूल बेस्ड फंड क्या होते हैं और

[01:01:42] एक प्रॉपर डवर्सिफिकेशन के लिए क्यों आपका

[01:01:45] एक्सपोज़र एक रूल बेस्ड फंड में भी होना

[01:01:47] जरूरी है। तो दोस्तों यही फैक्टर बेस्ड या

[01:01:50] रूल बेस के तहत हमारे दो एनएफओ चल रहे हैं

[01:01:53] जो 10 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेंगे। एंड

[01:01:56] वन इज़ एनजे वैल्यू फंड एनजे मोमेंटम फंड।

[01:01:59] तो अगर आप भी अपने पोर्टफोलियो को अच्छी

[01:02:01] तरह से डवर्सिफाई करना चाहते हैं तो हमारे

[01:02:03] जितने भी डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं जिन्होंने

[01:02:05] आपको आज यह सेशन में इनवाइट किया है आप

[01:02:08] प्लीज उनके साथ बैठ के इसको थोड़ा और

[01:02:10] डिटेल में समझिए और आपके लिए जो भी लॉजिकल

[01:02:13] प्रोडक्ट है जो आपके पोर्टफोलियो को और

[01:02:15] अच्छा डवर्सिफाई कर सके उसके बारे में आप

[01:02:18] चर्चा कीजिए। सो थैंक यू वेरी मच टू ऑल

[01:02:21] आवर डिस्ट्रीब्यूटर्स। थैंक यू वेरी मच टू

[01:02:23] ऑल आवर कस्टमर्स जो आज हमारे साथ जुड़े और

[01:02:26] एनजे को यह मुकाम तक पहुंचाने में आप सभी

[01:02:28] का तहे दिल से शुक्रिया और फाइनली नीरज

[01:02:31] भाई थैंक यू वेरी मच आज आपने हमें समय

[01:02:34] दिया और बहुत सिंपल शब्दों में हम लोग यह

[01:02:36] सेशन कर पाए। कुलभूषण जी थैंक यू टू यू

[01:02:39] आल्सो फॉर कंडक्टिंग दिस सेशन सो

[01:02:41] क्रिस्पली एंड थैंक्स टू ऑल आवर

[01:02:44] डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑल आवर इन्वेस्टर्स एंड

[01:02:46] ये जो भी है इट्स बिकॉज़ ऑफ यू गॉड ब्लेस

[01:02:49] यू हरे कृष्णा यस सर

[01:02:51] थैंक यू

[01:03:00] म्यूच्यूअल फंड इन्वेस्टमेंट्स आर

[01:03:02] सब्जेक्ट टू मार्केट रिस्क रीड ऑल स्कीम

[01:03:04] रिलेटेड डॉक्यूमेंट्स केयरफुल्ली
