# Environmental Conferences and Protocols | Environment Summits Current Affairs | Env Conventions

https://www.youtube.com/watch?v=THODuS6KfCM
Translation: en

[00:03] हेलो एवरीवन, वेलकम टू रवि अदिiti

[00:06] क्लासेस। आज की वीडियो का टॉपिक है

[00:08] एनवायरमेंटल कन्वेंशंस एंड प्रोटोकॉल। तो,

[00:11] यह एक ऐसा टॉपिक है जहां से डेफिनेटली

[00:13] आपको हर एक एग्जाम में क्वेश्चंस देखने को

[00:15] मिलने वाले हैं। तो, इस वीडियो में सभी

[00:17] इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस रिलेटेड टू

[00:19] कन्वेंशंस एंड प्रोटोकॉल हम डिस्कस

[00:21] करेंगे। तो जैसा कि आप जानते हैं फ्रेंड्स

[00:23] इंडिया में जब इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन

[00:25] शुरू हुआ तो जो भी काम ह्यूमन कर रहे थे

[00:27] पहले वो मशीनंस के द्वारा पॉसिबल हो गया।

[00:29] तो इसे ग्रोथ काफी अच्छी देखने को मिली।

[00:31] बट इसे एनवायरमेंट में जो है काफी ज्यादा

[00:33] इंपैक्ट पड़ा। राइट? तो जब एनवायरमेंट

[00:36] यहां पे डिटोरिएट हो रहा था, खराब हो रहा

[00:38] था, उसको बचाने के लिए, प्रोटेक्ट करने के

[00:40] लिए यहां पे डिफरेंट कन्वेंशंस एंड

[00:42] प्रोटोकॉल्स को लागू किया गया। और इन्हीं

[00:44] कन्वेंशंस एंड प्रोटोकॉल को हम इस वीडियो

[00:46] में डिस्कस करेंगे। राइट? तो जो भी

[00:48] इंपॉर्टेंट कन्वेंशंस हैं जैसा कि आप

[00:50] जानते हैं रामसर कन्वेंशन इसके बाद हम बात

[00:52] करें स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस ऐसे जितने भी

[00:54] इंपॉर्टेंट कॉन्फ्रेंस एंड प्रोटोकॉल हैं

[00:56] वो मैं आपको इस वीडियो में बताने वाली

[00:57] हूं। पहले हम सभी प्रोटोकॉल्स एंड

[01:00] कन्वेंशंस को थ्योरी पोर्शन में डिस्कस

[01:02] करेंगे एंड देन उससे रिलेटेड जो भी

[01:03] इंपॉर्टेंट एमसीक्यूस हैं वो मैं आपको

[01:05] यहां पे एक्सप्लेन करने वाली हूं। राइट?

[01:07] तो कंप्लीट वीडियो के एंड तक बने रहिएगा।

[01:09] यहां पर आपके लिए हर एक क्वेश्चन

[01:11] सिलेक्टेड एंड मोस्ट इंपोर्टेंट है। अगर

[01:13] आप किसी भी एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं।

[01:15] यह वीडियो आपके लिए मोस्ट बेनिफिशियल

[01:17] वीडियो होने वाला है। और यकीन मानिए हर एक

[01:19] इंपॉर्टेंट क्वेश्चन आपको इस टॉपिक से इस

[01:21] वीडियो में मिल जाएगा। राइट? तो चलिए शुरू

[01:24] करते हैं और सबसे पहले हम बात करेंगे यहां

[01:26] पे रामसर कन्वेंशन के बारे में।

[01:30] देखिए रामसर कन्वेंशन जो कि 1971 में साइन

[01:33] किया गया था। इसके बारे में थ्योरी पहले

[01:34] हम डिस्कस करेंगे। देन हम बात करेंगे

[01:36] एमसीक्यूस की। द आंसर कन्वेंशन इट इज एन

[01:39] इंटरनेशनल ट्रीटी फॉर द कंजर्वेशन ऑफ एंड

[01:42] वाइस यूज़ ऑफ वेटलैंड्स। तो जो वेटलैंड्स

[01:45] होते हैं उनके कंजर्वेशन एंड वाइस यूज़ के

[01:47] लिए जो है यहां पे ये इंटरनेशनल ट्रीटी

[01:49] होती है रामसर कन्वेंशन। इसे हम आल्सो

[01:51] कन्वेंशन ऑन वेटलैंड्स के नाम से जानते

[01:54] हैं। राइट? और यहां पे हम बात करें

[01:56] फ्रेंड्स कि वेटलैंड क्या होते हैं? तो

[01:58] वेटलैंड एक ऐसा एरिया होता है जो कि अगर 8

[02:00] महीने से ज्यादा कोई भी एक लैंड एरिया जो

[02:02] है ना पानी में सबमर्ज रहता है। ठीक पानी

[02:05] में डूबा हुआ होता है। उसे हम कहते हैं

[02:07] वेटलैंड। राइट? तो वेटलैंड्स को प्रोटेक्ट

[02:10] करने के लिए यहां पे रामसर कन्वेंशन को

[02:11] साइन किया गया था। इसे कब साइन किया गया?

[02:14] देखिए इट वाज़ साइन ऑन फ सेकंड 1971

[02:17] इन द सिटी ऑफ़ रामसर ईरान। दिस ट्रीटी बिकम

[02:21] इफेक्टिव ग्लोबली ऑन दिसंबर 21, 1975। तो

[02:24] ईरान में एक शहर है जिसका नाम है रामसर।

[02:26] वहां पर इस ट्रीटी को साइन किया गया था फब

[02:29] सेकंड 1971 को। और इसीलिए हम इस ट्रीटी को

[02:32] रामसर कन्वेंशन के नाम से जानते हैं। ठीक

[02:35] है? और साथ में फ्रेंड्स जो फब सेकंड को

[02:37] यह साइन किया गया था। इसीलिए हर साल फेब

[02:39] सेकंड को हम वर्ल्ड वेटलैंड के डे के रूप

[02:41] में सेलिब्रेट भी करते हैं। राइट? तो यह

[02:44] साइन किया गया फेब सेकंड 1971 को और यह

[02:47] ग्लोबली लागू जो हुआ है ना, यह हुआ है

[02:49] दिसंबर 21, 1975

[02:51] को। इंडिया ने इस ट्रीटी कब साइन किया है?

[02:54] तो, इंडिया साइन द ट्रीटी ऑन फब फर्स्ट

[02:57] 1982।

[02:59] इंडिया ने इस ट्रीटी को फब फर्स्ट 1982 को

[03:02] साइन किया। वर्ल्ड वेटलैंड डे देखिए

[03:05] सेलिब्रेटेड एव्री ईयर ऑन फब सेकंड टू

[03:07] अवेयरनेस रिगार्डिंग देंस ऑफ़ वेटलैंड। तो

[03:10] वेटलैंड से रिलेटेड जो भी अवेयरनेस है उसे

[03:13] बढ़ाने के लिए हर साल वर्ल्ड वेटलैंड डे

[03:15] मनाया जाता है फब सेकंड को। हेड क्वार्टर

[03:18] कहां पर है इसका? इसका हेड क्वार्टर

[03:20] लोकेटेड है इन इंग्लैंड स्विट्जरलैंड।

[03:24] नेक्स्ट पॉइंट देखिएगा। करेंटली देयर आर

[03:26] टोटल ऑफ़ 99 रामसर साइट्स इन इंडिया। द

[03:29] शेखा लेक बर्ड सेंचुरी अलीगढ़ इन उत्तर

[03:32] प्रदेश वाज़ डिक्लेयर्ड द 99थ रामसर साइट

[03:35] इन अप्रैल 2026। तो जो मोस्ट रीसेंट यहां

[03:38] पे रामसर साइट हमारे इंडिया का है वो है

[03:40] शेखा लेक बर्ड सेंचुरी जो कि अलीगढ़ उत्तर

[03:43] प्रदेश में है। और इंडिया में अगर हम बात

[03:45] करें टोटल काउंट ऑफ रामसर साइट्स कितने

[03:47] हैं? तो यह हो गए हैं 99।

[03:50] स्टेट विद द हाईएस्ट नंबर ऑफ साइट्स अगर

[03:52] हम बात करें तो यह तमिलनाडु है। तमिलनाडु

[03:54] में टोटल 20 रामसर साइट्स हैं। सेकंड

[03:57] पोजीशन पर उत्तर प्रदेश आता है विद टोटल

[03:59] ऑफ 12 रामसर साइट्स। इंडिया की रैंकिंग इन

[04:02] एशिया जो है ना देखिए इंडिया रैंक्स

[04:04] फर्स्ट इन एशिया एंड थर्ड ग्लोबली। तो

[04:07] एशिया में अगर हम बात करें तो इंडिया

[04:08] फर्स्ट पोजीशन पे है। ग्लोबली इंडिया थर्ड

[04:11] पोजीशन पे आता है। फर्स्ट आता है यूके एंड

[04:13] सेकंड है मेक्सिको। थर्ड हमारा इंडिया है।

[04:16] नेक्स्ट यहां पे देखिएगा लार्जेस्ट साइट।

[04:18] लार्जेस्ट रामसर साइट जो हैना यह है

[04:20] सुंदरबन डेल्टा व्हिच इज़ लोकेटेड इन वेस्ट

[04:23] बंगाल।

[04:24] स्मालेस्ट साइट है रेणुका वेटलैंड व्हिच

[04:27] इज़ इन हिमाचल प्रदेश। नेक्स्ट मॉन्ट्रक्स

[04:30] रिकॉर्ड की अगर हम बात करें तो करेंटली टू

[04:32] साइट्स फ्रॉम इंडिया जो कि है लोकतक लेक

[04:34] मणिपुर एंड केलादेव नेशनल पार्क राजस्थान

[04:37] आर इंक्लूडेड इन दिस रिकॉर्ड। तो

[04:39] मॉन्ट्रक्स रिकॉर्ड के बारे में भी हम आगे

[04:41] बात करेंगे। इसमें फिलहाल आप यह ध्यान

[04:43] रखिएगा कि इस रिकॉर्ड में जो है ना इंडिया

[04:45] से दो साइट्स एडेड हैं। मणिपुर का लोकतक

[04:47] लेखक एंड राजस्थान का केलादेव नेशनल

[04:50] पार्क। राइट?

[04:52] तो फ्रेंड्स एग्जाम में डायरेक्टली ऐसे

[04:54] पूछा जाता है कि लोकतक लेखक ये कहां पर

[04:56] लोकेटेड है? राइट? तो राइट आंसर हो जाएगा

[04:58] मणिपुर। आपको इस तरीके से भी क्वेश्चंस को

[05:00] ध्यान रखना है। तो ये हो गए ऑल देंट

[05:03] पॉइंट्स एंड फैक्ट्स रिलेटेड टू रामसर

[05:05] कन्वेंशन। अब चलिए बात करते हैं एमसीक्यूस

[05:08] रिलेटेड टू दिस टॉपिक। सबसे पहला क्वेश्चन

[05:11] है इन वि ईयर एंड इन वि कंट्री वास द

[05:13] रामसर कन्वेंशन एन इंटर गवर्नमेंटल ट्रीटी

[05:15] ऑन वेटलैंड्स ऑफ इंटरनेशनलेंस अडॉप्टेड

[05:19] क्वेश्चन में पूछा जा रहा है कि रामसर

[05:21] कन्वेंशन अंतरराष्ट्रीय महत्व के

[05:23] आदर्द्रभूमि पर एक अंतर सरकारी संधि किस

[05:26] वर्ष और किस देश में अपनाई गई थी? तो इसे

[05:28] साइन किया गया था 1971 में ईरान में। ईरान

[05:32] का शहर है रामसर वहां पर इस ट्रीटी को

[05:35] साइन किया गया था। तो ऑप्शन नंबर बी जो है

[05:38] यहां पर करेक्ट आंसर हो जाएगा। अगला

[05:40] क्वेश्चन देखिए। देखिए द रामसर कन्वेंशन

[05:42] इज़ एन इंटर गवर्नमेंटल ट्रीटी दैट

[05:44] प्रोवाइड्स अ फ्रेमवर्क फॉर द कंजर्वेशन

[05:46] ऑफ क्वेश्चन में आपसे पूछा जा रहा है कि

[05:49] रामसर कन्वेंशन एक अंतर सरकारी संधि है जो

[05:52] डैश के संरक्षण के लिए रूपरेखा प्रदान

[05:55] करती है? तो यह वेटलैंड्स के कंजर्वेशन के

[05:58] लिए जो है यहां पर फ्रेमवर्क प्रोवाइड

[06:00] करती है।

[06:02] नेक्स्ट क्वेश्चन रहेगा इन वि ऑफ द

[06:03] फॉलोइंग इयर्स डिड द रामसर कन्वेंशन कम

[06:06] इनू फोर्स इन इंडिया टू प्रमोट द

[06:08] कंजर्वेशन एंड वाइस यूज़ ऑफ ऑल वेटलैंड्स

[06:11] थ्रू नेशनल एक्शन एंड इंटरनेशनल कोऑपरेशन।

[06:15] निम्नलिखित में से किस वर्ष में भारत में

[06:17] क्षेत्रीय कार्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

[06:19] के माध्यम से सभी आद्रभूमि के संरक्षण और

[06:22] बुद्धिमान उपयोग को बढ़ावा देने के लिए

[06:24] रामसर सम्मेलन लागू हुआ है? तो क्वेश्चन

[06:27] में आपसे पूछा जा रहा है कि इंडिया में

[06:29] रामसर कन्वेंशन कब लागू हुआ है? तो ऑलरेडी

[06:31] हमने डिस्कस किया है यह 1980 को जो है 82

[06:35] को इंडिया में लागू हुआ। ऑप्शन नंबर ए इज

[06:38] द करेक्ट आंसर।

[06:41] तो फ्रेंड्स, यह हो गए ऑल देंट पॉइंट्स

[06:43] एंड क्वेश्चंस फ्रॉम रामसर कन्वेंशन। आई

[06:45] होप आपको सभी पॉइंट्स क्लियर है। आगे

[06:47] बढ़ते हैं और बात करेंगे नेक्स्ट

[06:49] कॉन्फ्रेंस की जो कि है स्टॉकहोम

[06:51] कॉन्फ्रेंस। राइट? तो स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस

[06:54] जिसे हम यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन द

[06:56] ह्यूमन एनवायरमेंट के नाम से भी जानते

[06:58] हैं। इट इज़ कंसीडर्ड द मोस्ट सिग्निफिकेंट

[07:01] माइलस्टोन इन द हिस्ट्री ऑफ़ मॉडर्न

[07:03] एनवायरमेंट मूवमेंट। तो, एनवायरमेंट

[07:05] प्रोटेक्शन के लिए यह वन ऑफ द मोस्ट

[07:07] इंपॉर्टेंट आप कह सकते हैं

[07:10] प्रोसेस रहा या फिर माइलस्टोन रहा। इट इज

[07:13] रेफर्ड टू एस द मैग्नाका ऑफ एनवायरमेंट एज

[07:16] इट वास द वर्ल्ड्स फर्स्ट मेजर इंटरनेशनल

[07:18] कॉन्फ्रेंस डेडिकेटेड टू एनवायरमेंटल

[07:20] प्रोटेक्शन 122 कंट्रीज पार्टिसिपेटेड इन

[07:23] दिस इवेंट। तो इस कॉन्फ्रेंस को मैग्नाका

[07:26] ऑफ़ एनवायरमेंट के नाम से भी जाना जाता है।

[07:29] क्योंकि यह एक ऐसा कॉन्फ्रेंस था,

[07:30] इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस था जहां पे 122

[07:33] कंट्रीज ने पार्टिसिपेट किया था। राइट? और

[07:35] यह किसके लिए डेडिकेटेड था? यह

[07:37] एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन से रिलेटेड एंड

[07:39] डेडिकेटेड था। इसका वेन्यू था स्टॉकहोम जो

[07:43] कि स्वीडन का कैपिटल है। यहां देखिए जून

[07:45] 5th एंड जून 16th तक जो है 1972 में यह

[07:49] कॉन्फ्रेंस कंडक्ट किया गया था। थीम दिया

[07:52] गया था इस कॉन्फ्रेंस का ओनली वन अर्थ।

[07:55] इंडिया के रोल की अगर हम बात करें दन

[07:57] प्राइम मिनिस्टर इंदिरा गांधी ने वहां पर

[07:59] पार्टिसिपेटेड इन दिस कॉन्फ्रेंस एंड कॉइन

[08:01] द फेमस स्लोगन। पॉवर्टी इज़ द ग्रेटेस्ट

[08:04] पॉलटर। तो इंडिया से जो है ना उस समय की

[08:08] पार्टिसिपेट किया था और इन्होंने जो है एक

[08:11] काफी फेमस नारा यहां पर दिया था। दैट इज़

[08:13] पॉवर्टी इज़ द ग्रेटेस्ट पोलटर।

[08:17] ओके? अब इस कॉन्फ्रेंस के हम की रिजल्ट्स

[08:20] की बात करें। द यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट

[08:22] प्रोग्राम वाज़ इस्टैब्लिश्ड टू मॉनिटर द

[08:24] एनवायरमेंट। तो यूनाइटेड नेशंस के अंडर यह

[08:27] एनवायरमेंटल प्रोग्राम यूनेप जो है इसकी

[08:29] इस्टैब्लिशमेंट की गई थी आफ्टर द स्टॉकहोम

[08:31] कॉन्फ्रेंस। इट वास डिसाइडेड टू ऑब्जर्व

[08:34] एनवायरमेंट डे एव्री ईयर ऑन जून फिफ्थ। और

[08:36] इसी कॉन्फ्रेंस के बाद जो है यह डिसाइड

[08:38] किया गया कि हर साल जून फिफ्थ को

[08:40] एनवायरमेंट डे के रूप में मनाया जाएगा। तो

[08:43] अगेन यह एक इंपॉर्टेंट पॉइंट है। डबल

[08:45] स्टार जरूर कर लीजिएगा। अ स्टॉकहोम

[08:48] डिक्लेरेशन कंप्राइिंग 26 प्रिंसिपल वाज़

[08:51] अडॉप्टेड व्हिच लिंक अ हेल्दी एनवायरमेंट

[08:53] टू ह्यूमन राइट्स।

[08:57] चलिए अब बात करते हैं इससे रिलेटेड

[08:59] इंपॉर्टेंट एमसीक्यूस। फर्स्ट क्वेश्चन

[09:01] रहेगा व्हेन वास द फर्स्ट इंटरनेशनल

[09:03] कॉन्फ्रेंस ऑन एनवायरमेंट हेल्ड इन

[09:05] स्टॉकहोम स्वीडन? स्टॉकहोम स्वीडन में

[09:08] आयोजित पर्यावरण के संबंध में पहला

[09:10] अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कब हुआ था? तो यह

[09:13] कंडक्ट किया गया था जून 5th 1972 को।

[09:16] ध्यान रखिएगा फ्रेंड्स। इसीलिए जून फिफ्थ

[09:18] को जो है हम हर साल वर्ल्ड एनवायरमेंट डे

[09:21] के रूप में भी मनाते हैं।

[09:24] नेक्स्ट क्वेश्चन। हाउ मेनी प्रिंसिपल्स

[09:26] वर फॉर्मुलेटेड एट द स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस

[09:28] ऑन ह्यूमन एनवायरमेंट हेल्ड इन 1972?

[09:32] 1972 में मानव पर्यावरण पर आयोजित

[09:35] स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस में कितने सिद्धांतों

[09:37] का सूत्रीकरण किया गया था? तो यहां पे

[09:39] टोटल 26 प्रिंसिपल्स को जो है फॉर्मुलेट

[09:43] किया गया।

[09:45] नेक्स्ट क्वेश्चन इन वि ईयर वाज़ द

[09:47] स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस ऑन पर्सिस्टेंट

[09:49] ऑर्गेनिक पॉलटेंट साइन?

[09:51] स्थाई कार्बनिक प्रदूषकों पर स्टॉकहोम

[09:54] समझौते पर किस वर्ष हस्ताक्षर किए गए थे?

[09:57] तो यह साइन किया गया था इन द ईयर 20001

[10:02] तो वीडियो को शुरू करने से पहले मैं आपको

[10:04] बताना चाहती हूं हमारे पीडीएफ नोट्स के

[10:06] वेबसाइट के बारे में जो कि है

[10:07] www.ravbooks

[10:08] pdf.com तो यहां पे आपको देखिए मिल जाएगा

[10:11] मंथली ई-बुक। हाल ही में आपके लिए अप्रैल

[10:14] 2026 का जो मंथली ई-बुक है करंट अफेयर्स

[10:16] का यह ल्च किया गया है। यहां पर आपके लिए

[10:18] 600 प्लस एमसीक्यूस को कवर किया गया है

[10:20] विथ ऑल देंट टॉपिक्स ऑफ करंट अफेयर्स। तो

[10:23] इसी तरीके से आपको हर मंथ की जो मंथली

[10:25] करंट अफेयर्स होती है यह आपको हमारे इस

[10:27] वेबसाइट में मिल जाएगी। साथ में फ्रेंड्स

[10:29] यहां पे 11,000 जीके जीएस की ई-बुक भी

[10:31] आपके लिए अवेलेबल है। देन बात करें पीडीएफ

[10:34] की। काफी लोगों की डिमांड होती है कि जो

[10:35] भी आप वीडियोस देखते हैं उनकी पीडीएफ

[10:38] चाहिए। तो यह आपको मिल जाएगी हमारी

[10:39] एप्लीकेशन रवि स्टडी ऐप पर। तो यहां पर

[10:42] आपको जो है ना सभी जो पीडीएफ है जो आप देख

[10:44] रहे हैं वीडियोस ये मिल जाएंगी। इसके

[10:46] अलावा आपको YouTube वीडियो नोट्स, जीके

[10:48] जीएस की ई-बुक्स, करंट अफेयर्स की टेस्ट

[10:50] सीरीज भी आपके लिए यहां पे इस एप्लीकेशन

[10:52] पर अवेलेबल हैं। राइट? और फ्रेंड्स यहां

[10:54] पे अगर आपकी कोई भी क्वेरीज है ना तो यह

[10:56] आप हमारे WhatsApp नंबर पे कांटेक्ट करके

[10:58] पूछ सकते हैं जो कि है 987499।

[11:03] ऑलराइट। इसके अलावा देखिए अगर आपको बुक्स

[11:06] की हार्ड कॉपीज चाहिए तो यह आपको मिल

[11:08] जाएंगी हमारी वेबसाइट www.raviti

[11:11] pbation.com पर यहां पे आपको 25,000 जीके

[11:14] जीएस जनरल स्टडीज की बुक एंड अदरेंट बुक्स

[11:17] जो आपके हर एक एग्जाम के लिए यूज़फुल होने

[11:20] वाली है। यह भी आपको यहां पर मिल जाएंगी।

[11:22] तो इस पे भी जाकर आप यह बुक्स को परचेस कर

[11:24] सकते हैं। ऑलराइट।

[11:27] नेक्स्ट क्वेश्चन एट व्हिच कॉन्फ्रेंस वाज़

[11:29] द ऑब्जरवेंस ऑफ वर्ल्ड एनवायरमेंट डे

[11:31] अनाउंस्ड? विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की

[11:34] घोषणा किस सम्मेलन में की गई थी? वेरी

[11:36] वेरीेंट क्वेश्चन। जब देखिए एग्जाम में

[11:38] अगर आपसे डायरेक्टली डे नहीं पूछा जा रहा

[11:40] है तो ऐसे क्वेश्चंस आपसे पूछे जा सकते

[11:42] हैं। फॉर एग्जांपल आप जैसे देखते हैं हम

[11:44] बैंक्स की अगर हम बात करें आरबीआई का आपसे

[11:46] ईयर नहीं पूछा जाएगा। बट आपसे यह पूछा

[11:48] जाएगा कि यह कौन से कमेटी के रिकमेंडेशन

[11:51] पर बनाई गई थी। राइट? उसी तरीके से यहां

[11:54] पे वर्ल्ड एनवायरमेंट डे जून फिफ्थ को

[11:55] मनाया जाता है। यह काफी डायरेक्ट क्वेश्चन

[11:57] है। बट यहां पर अगर आपसे पूछा जाएगा कि

[11:59] इसको कौन कौन से कॉन्फ्रेंस में अनाउंस

[12:01] किया गया था कि वर्ल्ड एनवायरमेंट डे इस

[12:03] दिन मनाया जाएगा। तो ऐसे क्वेश्चंस

[12:06] फ्रेंड्स आपको एग्जाम में देखने को

[12:08] मिलेंगे। यहां पर राइट राइट आंसर हो जाता

[12:10] है स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस।

[12:13] ऑलराइट। आई होप आपको यह पॉइंट क्लियर है।

[12:16] नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ बढ़ेंगे। व्हाट

[12:18] वास द मेन स्लोगन ऑफ द स्टॉकहोम

[12:20] कॉन्फ्रेंस?

[12:23] स्टॉकहोम सम्मेलन का मुख्य नारा क्या था?

[12:26] तो ऑलरेडी हमने डिस्कस किया है। इसका थीम

[12:28] दिया गया था ओनली वन अर्थ।

[12:32] नेक्स्ट क्वेश्चन इन द लाइट ऑफ स्टॉकहोम

[12:34] कॉन्फ्रेंस इन वि ईयर डड द गवर्नमेंट ऑफ

[12:36] इंडिया कॉन्स्टिट्यूट द नेशनल कमिटी ऑन

[12:39] एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन?

[12:42] स्टॉकहोम सम्मेलन के मध्य मद्देनजर भारत

[12:46] सरकार ने किस वर्ष में पर्यावरण योजना और

[12:48] समन्वय पर राष्ट्रीय समिति का गठन किया

[12:51] था?

[12:52] राइट आंसर हो जाएगा 1972

[12:57] व्हाट वास द ऑफिशियल नेम ऑफ स्टॉकहोम

[12:59] कॉन्फ्रेंस? स्टॉकहोम सम्मेलन का आधिकारिक

[13:02] नाम क्या था? तो इसका नाम था यूनाइटेड

[13:05] नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन द ह्यूमन एनवायरमेंट।

[13:10] नेक्स्ट रहेगा व्हिच इंटरनेशनल

[13:11] ऑर्गेनाइजेशन वाज़ इस्टैब्लिश्ड एज अ

[13:13] रिजल्ट ऑफ स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस? स्टॉकहोम

[13:17] सम्मेलन के परिणाम स्वरूप किस

[13:19] अंतरराष्ट्रीय संगठन की स्थापना हुई थी?

[13:22] तो स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस के बाद यूनाइटेड

[13:24] नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम को इस्टैब्लिश

[13:27] किया गया। राइट आंसर है फ्रेंड्स ऑप्शन

[13:29] नंबर ए।

[13:31] अगला क्वेश्चन। हु पार्टिसिपेटेड इन एंड

[13:34] एड्रेस द स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस ऑन द बिहाफ

[13:36] ऑफ इंडिया? भारत की ओर से स्टॉकहोम

[13:39] सम्मेलन में किसने भाग लिया और संबोधित

[13:41] किया था? तो इंडिया से उस समय की प्राइम

[13:44] मिनिस्टर इंदिरा गांधी ने पार्टिसिपेट

[13:46] किया।

[13:48] नेक्स्ट क्वेश्चन पॉवर्टी इज द ग्रेटेस्ट

[13:50] कॉज ऑफ पॉल्यूशन हु मेड दिस फेमस

[13:53] स्टेटमेंट इन स्टॉकहोम।

[13:55] गरीबी प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है। यह

[13:58] प्रसिद्ध कथन स्टॉकहोम में किसने दिया था?

[14:01] तो यह दिया गया था बाय इंदिरा गांधी।

[14:07] तो यह हो गए सभी इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस

[14:09] रिलेटेड टू स्टॉकहोम कन्वेंशन। नेक्स्ट हम

[14:11] कन्वेंशन की बात करेंगे। दैट इज साइट्स

[14:14] कन्वेंशन। द साइट्स कन्वेंशन आल्सो नोन एज

[14:17] वाशिंगटन कन्वेंशन इज़ द वर्ल्ड्स मोस्ट

[14:20] पावरफुल एग्रीमेंट फॉर प्रिवेंटिंग द

[14:22] इललीगल इंटरनेशनल ट्रेड इन वाइल्ड लाइफफ़

[14:25] एंड प्लांट्स। करेंटली 185 कंट्रीज आर

[14:28] मेंबर्स ऑफ दिस। तो साइट्स कन्वेंशन जो है

[14:31] ना यह वाशिंगटन कन्वेंशन के नाम से जाना

[14:33] जाता है और यह वर्ल्ड का मोस्ट पावरफुल

[14:36] एग्रीमेंट है फॉर प्रिवेंटिंग इललीगल जो

[14:38] इंटरनेशनल ट्रेड होता है वाइल्ड लाइफफ़ एंड

[14:39] प्लांट्स में उसके लिए। इसमें करेंटली 185

[14:43] कंट्रीज शामिल हैं। इसका फुल नेम क्या है?

[14:46] साइट्स का फुल फॉर्म आप देख सकते हैं।

[14:47] कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेंजर्ड

[14:51] स्पीशीज़ ऑफ़ वाइल्ड फौना एंड फ़्लोरा।

[14:55] इस्टैब्लिशमेंट की बात करें तो साइन इन

[14:57] वाशिंगटन डीसी 1973

[15:00] आल्सो रेफर्ड टू एज द वाशिंगटन कन्वेंशन।

[15:04] तो इसे साइन किया गया था 1973 में

[15:07] वाशिंगटन डीसी में और इसीलिए इसे वाशिंगटन

[15:10] कन्वेंशन के नाम से जाना जाता है। तो

[15:13] फ्रेंड्स यहां पे आप देख रहे हैं हम

[15:14] सीरियल वाइज़ यानी कि 1971 का रामसर

[15:17] कन्वेंशन देन 72 का स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस

[15:20] एंड देन 73 का साइड्स कन्वेंशन। हम इसे

[15:23] लाइन वाइज यहां पर डिस्कस कर रहे हैं ताकि

[15:25] आपको याद रखने में आसानी हो। ऑलराइट।

[15:28] एंट्री इनू फोर्स इसकी लागू कब किया गया?

[15:31] यह लागू हुआ है जुलाई फर्स्ट 1975 को।

[15:34] इसका सेक्रेटेरियट लोकेटेड है जेनेवा

[15:37] स्विट्जरलैंड में। इसे एडमिनिस्टर्ड किया

[15:39] गया है बाय यूनेप।

[15:42] नेक्स्ट पॉइंट इंडिया बिकम मेंबर ऑफ़

[15:44] साइट्स इन 1976। वेरीेंट इंडिया इसमें

[15:48] शामिल हुआ है इन द ईयर 1976।

[15:51] इन इंडिया साइट्स रेगुलेशन आर स्ट्रिक्टली

[15:54] एनफोर्सड थ्रू द वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन

[15:56] एक्ट 1972।

[15:58] इसके मेन ऑब्जेक्टिव्स की अगर हम बात करें

[16:00] तो क्या है साइट्स कन्वेंशन का? देखिए टू

[16:02] इंश्योर दैट इंटरनेशनल ट्रेड डज़ नॉट

[16:05] थ्रेटन द सर्वाइवल ऑफ स्पीशीज़।

[16:08] नेक्स्ट ऑब्जेक्टिव टू कर्व द पोचिंग एंड

[16:11] ट्रैकिंग ऑफ वाइल्ड लाइफफ़ पार्ट्स। जैसे

[16:13] कि आइवरी, हाइड्स एंड हॉर्न्स। टू

[16:16] प्रिवेंट द अनरेगुलेटेड ट्रेड ऑफ प्लांट्स

[16:18] एंड मेडिसिनल हर्ब्स।

[16:21] अब चलिए बात करेंगे इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस

[16:23] रिलेटेड टू साइट्स कन्वेंशन। फर्स्ट

[16:25] क्वेश्चन रहेगा द इंटरनेशनल ट्रीटी साइट्स

[16:28] इज रिलेटेड टू साइट्स अंतरराष्ट्रीय संधि

[16:31] किससे संबंधित है? तो यह कंजर्वेशन करती

[16:34] है एंडेंजर्ड प्लांट्स एंड एनिमल्स का। तो

[16:37] ऑप्शन नंबर ए इज़ द करेक्ट आंसर।

[16:40] नेक्स्ट क्वेश्चन इन वि ईयर डड इंडिया

[16:43] बिकम अ सिग्नेटरी टू द कन्वेंशन ऑन

[16:45] इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेंजर्ड स्पीशीज ऑफ

[16:48] वाइल्ड फौना एंड फ्लोरा?

[16:50] भारत किस वर्ष वन्य जीवों और वनस्पतियों

[16:53] की संकटप्पन प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय

[16:56] व्यापार पर कन्वेंशन का हस्ताक्षर करता

[16:58] बना है? तो इंडिया ने इसे साइन किया था इन

[17:01] द ईयर 1976?

[17:05] व्हिच ऑफ द फॉलोइंग कन्वेंशन इज़ रिलेटेड

[17:07] टू द कंट्रोल ऑफ इललीगल ट्रेड इन

[17:09] एंडेंजर्ड स्पीशीज?

[17:11] निम्नलिखित में से कौन सा सम्मेलन

[17:13] लुप्तप्राय प्रजातियों में अवैध व्यापार

[17:15] के नियंत्रण से संबंधित है? तो यह हो जाता

[17:18] है साइट्स कन्वेंशन।

[17:22] व्हाट इज द फुल फॉर्म ऑफ साइट्स कन्वेंशन?

[17:24] अगेन वेरीेंट क्वेश्चन। साइट्स कन्वेंशन

[17:27] का फुल फॉर्म आपको बताना है। यह है

[17:29] कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेंजर्ड

[17:32] स्पीशीज ऑफ वाइल्ड फौना एंड फ्लोरा।

[17:37] आगे बढ़ेंगे। बाय व्हाट अदर नेम इज़ द

[17:39] साइट्स कन्वेंशन नोन? साइट्स कन्वेंशन को

[17:43] और किस नाम से जाना जाता है? तो इसे हम

[17:45] वाशिंगटन कन्वेंशन के नाम से भी जानते हैं

[17:47] क्योंकि इसे साइन किया गया था इन

[17:49] वाशिंगटन।

[17:53] अगला क्वेश्चन इन वि ईयर वाज़ द साइट्स

[17:55] कन्वेंशन साइन एंड व्हेन डिड इट कम इंटू

[17:57] इफेक्ट? साइट्स कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किस

[18:00] वर्ष किए गए थे? और यह प्रभावी कब हुआ था?

[18:04] तो, इसे साइन किया गया था इन द ईयर 1973

[18:07] और यह इफेक्टिव हुआ है फ्रॉम द ईयर 1975।

[18:13] नेक्स्ट वेयर इज द सेक्रेटेरिएट ऑफ साइट्स

[18:15] लोकेटेड?

[18:17] साइट्स का सचिवालय कहां पर स्थित है? यह

[18:20] लोकेटेड है इन जिनेवा स्विट्जरलैंड।

[18:24] तो ये हो गया फ्रेंड्स सभी इंपॉर्टेंट

[18:26] क्वेश्चंस रिलेटेड टू साइट्स कन्वेंशन। अब

[18:28] चलिए हम बात कर लेते हैं ब्रंटलैंड

[18:31] रिपोर्ट के बारे में जिसे 19787

[18:34] में लागू किया गया था। देखिए द ब्रंटलैंड

[18:36] रिपोर्ट जिसे हम आवर कॉमन फ्यूचर के नाम

[18:39] से भी जानते हैं। इज़ अ लैंडमार्क

[18:41] डॉक्यूमेंट इन द हिस्ट्री ऑफ़ एनवायरमेंट

[18:43] एंड डेवलपमेंट। इट वाज़ रिलीज़्ड इन 1987

[18:47] बाय द वर्ल्ड कमीशन ऑन एनवायरमेंट एंड

[18:49] डेवलपमेंट। तो वर्ल्ड कमीशन ऑन एनवायरमेंट

[18:51] एंड डेवलपमेंट के द्वारा इसे 1987 में

[18:54] रिलीज़ किया गया था। चेयरमैनशिप की बात

[18:57] करें। द कमीशन वाज़ शेयरर्ड बाय नॉर्वेज़

[18:59] देन पीएम ग्रो हारलेम ब्रंटलैंड। इट इज़

[19:03] नेम द ब्रंटलैंड रिपोर्ट आफ्टर हर। तो

[19:06] उनके ही नाम पर जो है इसका नाम ब्रंटलैंड

[19:09] रिपोर्ट पड़ा है। है क्या? इसके बारे में

[19:11] डिटेल में बात करें। तो दिस रिपोर्ट फॉर द

[19:14] फर्स्ट टाइम डिफाइंड एंड पॉपुलराइज़्ड द

[19:16] कॉनंसेप्ट ऑफ़ सस्टेनेबल डेवलपमेंट एट अ

[19:18] ग्लोबल लेवल। तो इसी रिपोर्ट के बाद जो है

[19:21] यहां पे सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात शुरू

[19:23] की गई थी। और यह कांसेप्ट पॉपुलराइज़ हुआ

[19:25] था। अब सस्टेनेबल डेवलपमेंट होता क्या है?

[19:28] एक बार आपको मैं ब्रीफ में बता देती हूं।

[19:29] देखिए डेवलपमेंट दैट मीट्स द नीड ऑफ़ अ

[19:32] प्रेजेंट जनरेशन इन सच अ वे दैट इट डज़ नॉट

[19:35] कॉम्प्रोमाइज द एबिलिटी ऑफ़ फ्यूचर जनरेशन

[19:37] टू मीट देयर ओन नीड्स। तो डेवलपमेंट उस

[19:40] तरीके से जहां पे हम प्रेजेंट जनरेशन की

[19:42] जो नीड्स हैं वो फ्यूचर जनरेशन के नीड्स

[19:46] को कॉम्प्रोमाइज ना करें। तो उस डेवलपमेंट

[19:48] को हम कहते हैं सस्टेनेबल डेवलपमेंट। ठीक

[19:51] है? अब चलिए बात करते हैं इससे रिलेटेड

[19:53] इंपॉर्टेंट एमसीक्यूस। पहला क्वेश्चन है

[19:56] व्हाट इज द टाइटल ऑफ़ ब्रंटलैंड रिपोर्ट?

[19:58] तो ब्रंटलैंड रिपोर्ट का शीर्षक क्या रहा?

[20:01] यह था आवर कॉमन फ्यूचर।

[20:04] नेक्स्ट क्वेश्चन द फेमस ब्रंटलैंड

[20:06] रिपोर्ट आल्सो नोन एज आवर कॉमन फ्यूचर इज

[20:09] द रिजल्ट ऑफ वि कमीशन। प्रसिद्ध ब्रंटलैंड

[20:12] रिपोर्ट जिसे हमारा साझा भविष्य भी कहा

[20:14] जाता है। किस आयोग का परिणाम है? तो राइट

[20:18] आंसर हो जाता है वर्ल्ड कमिशन ऑन

[20:20] एनवायरमेंट एंड डेवलपमेंट।

[20:23] आगे बढ़ेंगे। वि की कासेप्ट डिड द

[20:26] ब्रंटलैंड रिपोर्ट आवर कॉमन फ्यूचर

[20:28] फॉर्मली इंट्रोड्यूस डिफाइंड एस मीटिंग

[20:30] प्रेजेंट नीड्स विदाउट कॉम्प्रोमाइजिंग द

[20:32] एबिलिटी ऑफ़ फ्यूचर जनरेशन टू मीट देयर ओन

[20:35] नीड्स देखिए ब्रंटलैंड रिपोर्ट हमारा साझा

[20:38] भविष्य ने औपचारिक रूप से किस प्रमुख

[20:40] अवधारणा को पेश किया जिसे भविष्य की

[20:42] पीढ़ियों की अपनी जरूरतों को पूरा करने की

[20:45] क्षमता से समझौते किए बिना वर्तमान

[20:47] जरूरतों को पूरा करने के रूप में परिभाषित

[20:49] किया गया है। तो इस डेवलपमेंट को हम कहते

[20:52] हैं सस्टेनेबल डेवलपमेंट।

[20:56] अगला क्वेश्चन व्हिच ऑफ द फॉलोइंग रिपोर्ट

[20:58] पॉपुलराइज द टर्म सस्टेनेबल डेवलपमेंट?

[21:01] सतत विकास शब्द को निम्नलिखित में से किस

[21:04] रिपोर्ट ने अधिक लोकप्रिय बनाया है? तो

[21:06] ब्रंटलैंड रिपोर्ट के बाद जो है यहां पे

[21:08] सस्टेनेबल डेवलपमेंट टर्म पॉपुलराइज हुआ

[21:11] है। ठीक है? नेक्स्ट कन्वेंशन आता है यहां

[21:15] पे वियना कन्वेंशन जिसे 1985 में साइन

[21:18] किया गया था। तो चलिए बात करते हैं डिटेल

[21:20] में इसके बारे में।

[21:23] द 1985 वियना कन्वेंशन इज अ लैंडमार्क

[21:26] मल्टीलटरल एनवायरमेंटल एग्रीमेंट

[21:28] प्राइमरली एम्ड एट द प्रोटेक्शन ऑफ ओजोन

[21:31] लेयर। दिस ट्रीटी एस्टैब्लिशज़ अ फ्रेमवर्क

[21:34] फॉर साइंटिफिक रिसर्च एंड एक्सचेंज ऑफ़

[21:37] इनेशन एंड मॉनिटरिंग अमंग नेशंस टू

[21:39] सेफगार्ड द ओज़ोन लेयर। तो वीएनाए कन्वेंशन

[21:42] जो है ना यह एक लैंडमार्क मल्टीलटरल

[21:44] एनवायरमेंट एग्रीमेंट था जो किसके ऊपर

[21:46] फोकस कर रहा था? यह फोकस कर रहा था ओजोन

[21:49] लेयर के प्रोटेक्शन पर। ठीक है? तो, इस

[21:51] ट्रीटी ने यहां पर एक फ्रेमवर्क

[21:52] इस्टैब्लिश किया था फॉर साइंटिफिक रिसर्च

[21:55] एंड एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशनेशन अ एंड

[21:57] मॉनिटरिंग अमंग नेशंस ताकि यह ओजोन लेयर

[22:00] को सेफगार्ड कर सकें।

[22:03] नेक्स्ट एस्टैब्लिशमेंट की बात करें तो इट

[22:05] वाज़ अडॉप्टेड ऑन मार्च 2, 1985 इन वियना

[22:08] ऑस्ट्रिया। इसे अडॉप्ट किया गया था 1985

[22:11] मार्च 2 को वियना ऑस्ट्रिया में। इसे लागू

[22:15] कब किया गया? दिस एग्रीमेंट बिकम इफेक्टिव

[22:17] ऑन सप्टेंबर 2, 1988.

[22:21] ऑब्जेक्टिव की बात करें तो रेगुलेट ह्यूमन

[22:24] एक्टिविटीज़ दैट डिप्लीट द ओज़ोन लेयर एंड

[22:26] टू प्रोटेक्ट बोथ एनवायरमेंट एंड ह्यूमन

[22:28] हेल्थ। तो, यह बात करता है प्रोटेक्शन ऑफ

[22:32] ओज़ोन लेयर के बारे में। अब बात करेंगे

[22:35] फ्रेंड्स इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस रिलेटेड टू

[22:37] वियना कन्वेंशन। पहला क्वेश्चन है द वियना

[22:40] कन्वेंशन इज प्राइमरली कंसर्न विद द

[22:42] प्रोटेक्शन ऑफ तो वियना कन्वेंशन मुख्य

[22:45] रूप से किससे किसके संरक्षण से संबंधित

[22:48] है? राइट आंसर हो जाएगा ओजोन लेयर। इन वि

[22:52] ईयर वाज़ द वियना कन्वेंशन अडॉप्टेड? वियना

[22:56] कन्वेंशन को किस वर्ष अपनाया गया है? तो

[22:58] इसको अपनाया गया था 1985 में। तो इसे साइन

[23:02] किया गया है 1985 में। और इसको जो है लागू

[23:05] किया गया था इन द ईयर 1988।

[23:09] नेक्स्ट ऑन व्हाट डेट डिड द वियना

[23:12] कन्वेंशन एंटर इंटू फोर्स? वियना कन्वेंशन

[23:15] किस तारीख को लागू हुआ है? तो जैसा कि

[23:18] मैंने अभी आपको बताया यह लागू हुआ है

[23:20] सितंबर 2, 1988 को। ऑलराइट। तो, यह हो गई

[23:26] फ्रेंड्स वियना कन्वेंशन। अब चलिए बात कर

[23:28] लेते हैं मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के बारे

[23:30] में। वेरीेंट फ्रॉम एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू।

[23:33] मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को 1987 में साइन

[23:35] किया गया था। तो है क्या? इसके बारे में

[23:38] देखिए। द मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल इज एन

[23:40] इंटरनेशनल ट्रीटी एम्ड एट फेजिंग आउट द

[23:43] प्रोडक्शन एंड कंजमशन ऑफ़ सब्सटेंसेस दैट

[23:46] डिप्लीट द ओजोन लेयर। तो, यह एक इंटरनेशनल

[23:50] ट्रीटी है जो कि यहां पे बात करता है कि

[23:53] जो भी चीज ओज़ोन लेयर को डिप्लीट कर रही

[23:55] है, उसके प्रोडक्शन एंड कंसमशन को हम कम

[23:58] करें या फिर फज़ आउट कर दें। ठीक है? इट इज

[24:01] कंसीडर्ड द मोस्ट सक्सेसफुल ट्रीटी इन द

[24:03] फील्ड ऑफ एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन टू डेट।

[24:05] तो अभी तक एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन से

[24:07] रिलेटेड जितने भी कन्वेंशंस ट्रीटीज़ आई

[24:10] हैं, उसमें से मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल मोस्ट

[24:12] सक्सेसफुल ट्रीटी है। इट इज़ द ओनली ग्लोबल

[24:15] ट्रीटी दैट हैज़ बीन अडॉप्टेड बाय ऑल 198

[24:18] कंट्रीज इन द वर्ल्ड। तो, सिर्फ और सिर्फ

[24:20] यह एक ऐसा ट्रीटी है जिसे पूरे वर्ल्ड

[24:22] जितने भी कंट्रीज हैं, 198 कंट्रीज़ इस सभी

[24:26] ने अडॉप्ट किया है। साइन कब किया गया था?

[24:29] साइन किया गया था सेप्टेंबर 16 1987 में।

[24:32] हेंस सेप्टेंबर 16 इज ऑब्जर्व एनुअली एज

[24:35] वर्ल्ड ओजोन डे। तो क्योंकि इसको सितंबर

[24:39] 16 को साइन किया गया था। इसीलिए हर साल

[24:41] सप्टेंबर 16 को हम वर्ल्ड ओजोन डे के रूप

[24:44] में भी मनाते हैं। यह लागू हुआ है जनवरी

[24:47] 1, 1989 से। इंडिया ने इस प्रोटोकॉल को

[24:51] साइन किया था इन द ईयर 1992।

[24:54] ऑब्जेक्टिव की बात करें तो प्रोटेक्ट द

[24:56] ओजोन लेयर सो दैट सनंस हार्मफुल यूवी रेज

[24:59] टू नॉट रीच द अर्थ। तो यह बात करता है

[25:02] इसका ऑब्जेक्टिव एंड एम है कि ओजोन लेयर

[25:04] को प्रोटेक्ट किया जा सके ताकि जो भी सन

[25:06] की हार्मफुल यूवी रेज़ हैं वो अर्थ तक ना

[25:09] पहुंचे।

[25:11] ओके? नेक्स्ट बात करें। रिजल्ट क्या है?

[25:13] साइंटिस्ट बिलीव दैट ड्यू टू दिस ट्रीटी द

[25:16] ओज़ोन होल इज़ नाउ ग्रेजुअली क्लोजिंग एंड

[25:18] कुड फुल्ली रिकवर बाय द 2060। तो इस

[25:21] प्रोटोकॉल की वजह से यहां पर यह पॉसिबल हो

[25:23] पाया है कि जो ओजोन होल है वह कंप्लीटली

[25:26] अभी स्लोली यहां पे क्लोज हो रहा है और

[25:28] 206ज तक जो है यह कंप्लीटली क्लोज हो

[25:30] जाएगा। अब बात करें कि ओजोन लेयर क्या है?

[25:33] जिसको हम यहां पे प्रोटेक्शन की बात कर

[25:34] रहे हैं। देखिए, द ओजोन लेयर इज़ अ

[25:37] प्रोटेक्टिव लेयर ऑफ़ ओज़ोन गैस लोकेटेड इन

[25:40] अर्थ स्ट्रेटोस्फीयर एट एन एटीट्यूड ऑफ़ 10

[25:42] टू 50 कि.मी. इट प्रोटेक्ट्स लाइफ ऑन अर्थ

[25:45] बाय ऑब्ज़र्विंग द सनंस हार्मफुल यूवी

[25:47] रेडिएशन। तो, जैसे अर्थ है। ठीक है? अर्थ

[25:50] के डिफरेंट यहां पे हम बात करते हैं

[25:52] लेयर्स होते हैं। तो इन लेयर्स में एक

[25:54] होता है स्ट्रेटोस्फीयर। ठीक है? तो

[25:57] स्ट्रेटोस्फीयर में ही ये ओजोन पाया जाता

[25:59] है।

[26:01] ओजोन का यहां पे अगर हम बात करें फार्मूला

[26:04] क्या है? तो O3 के नाम से ये जाना जाता

[26:05] है। ठीक है? एग्जाम में डायरेक्टली पूछा

[26:07] जाता है कि ओजोन का केमिकल नेम क्या है?

[26:09] तो ये हो जाता है O3। तो ये जो

[26:12] स्ट्रेटोस्फीयर है ये हमारे अर्थ से जो है

[26:14] 10 टू 50 कि.मी. की रेंज में पाया जाता

[26:16] है। और यहीं पर ये ओज़ोन है। ये क्या करता

[26:19] है? यह अर्थ में जो भी यूवी रेज़ सन से आती

[26:22] हैं, उसे प्रोटेक्ट करता है। ठीक है? उसे

[26:24] रोकता है। तो, यह है ओज़ोन लेयर। आई होप

[26:27] आपको यह पॉइंट क्लियर है। और इसको ही

[26:29] बचाने के लिए प्रोटेक्ट करने के लिए

[26:30] मॉन्ट्रयल प्रोटोकॉल लागू किया गया है।

[26:33] ऑलराइट।

[26:35] चलिए, नेक्स्ट बात करते हैं। इंपॉर्टेंट

[26:38] क्वेश्चंस रिलेटेड टू मॉन्ट्रियल

[26:39] प्रोटोकॉल? तो, यहां पे आपका पहला

[26:41] क्वेश्चन है व्हाट इज़ द मॉन्ट्रियल

[26:43] प्रोटोकॉल रिलेटेड टू मॉन्ट्रियल

[26:45] प्रोटोकॉल किससे संबंधित है? तो यह

[26:48] रिलेटेड है टू रिडक्शन इन सीएफसीस।

[26:51] सीएफसीस क्या होते हैं? जो

[26:52] क्लोरोफ्लोरोकार्बंस होते हैं, यह ओजोन

[26:54] लेयर को डिस्ट्रॉय करते हैं। ठीक है? तो

[26:56] इसको रिड्यूस करना इसका वन ऑफ़ द मेन ऐ है।

[26:58] प्रोटेक्शन ऑफ़ ओज़ोन लेयर ये इसका ऐ है।

[27:01] फेजिंग आउट ओज़ोन डिप्लीडिंग सब्सटेंसेस।

[27:03] तो जो भी यहां पे सब्सटेंस जो ओज़ोन लेयर

[27:05] को खराब कर रही हैं, उसे कम करना या फेज़

[27:08] आउट करना। यह भी इसका वन ऑफ़ द एम है। तो,

[27:11] ऑल ऑफ़ द अबव इज़ द राइट आंसर।

[27:14] नेक्स्ट क्वेश्चन। इन वि ईयर वाज़ द

[27:16] मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल साइन? मॉन्ट्रियल

[27:19] प्रोटोकॉल को किस वर्ष हस्ताक्षर किया गया

[27:21] था? इसे साइन किया गया था इन द ईयर 1987।

[27:27] नेक्स्ट द मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल

[27:29] फॉर्मुलेटेड इन रिस्पांस टू कंसर्न्स

[27:31] रिगार्डिंग द डिप्लीशन ऑफ ओजोन लेयर इज अ

[27:33] आउटकम ऑफ एन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस दैट वाज़

[27:36] हेल्ड इन ओजोन परत के शरण के प्रति

[27:39] चिंताओं से संबंध में तैयार मॉन्ट्रियल

[27:42] प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का

[27:44] प्रतिफल है जो किस कहां आयोजित हुआ था तो

[27:48] इस कॉन्फ्रेंस को जो है ना ऑर्गेनाइज किया

[27:50] गया था वियना में।

[27:53] नेक्स्ट क्वेश्चन वि ऑफ द फॉलोइंग

[27:55] अमेंडमेंट वास रिसेंटली मेड टू द

[27:57] मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल? मॉन्ट्रियल

[28:00] प्रोटोकॉल में हाल ही में निम्नलिखित में

[28:01] से कौन सा संशोधन किया गया है? तो यहां पे

[28:04] एक किगाली अमेंडमेंट जो है किया गया है।

[28:08] व्हिच ऑफ द फॉलोइंग केमिकल रिप्लेस्ड

[28:10] क्लोरोफ्लोरोकार्बंस फॉलोइंग देयर फज़ आउट

[28:12] अंडर द मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल?

[28:16] मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के कारण

[28:18] क्लोरोफ्लोरोकार्बन को समाप्त करने के बाद

[28:20] निम्नलिखित में से किस रसायन ने इसका

[28:22] स्थान लिया है? तो यहां पर इसे रिप्लेस

[28:25] किया है हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बंस

[28:27] ने।

[28:30] नेक्स्ट बात करते हैं इन वि ईयर डिड द

[28:32] मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल कम इंटू फोर्स?

[28:34] मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल किस वर्ष लागू हुआ

[28:37] है? तो यह लागू हुआ है इन द ईयर 1989?

[28:43] वि ऑफ द फॉलोइंग इज एन इंटरनेशनल

[28:45] प्रोटोकॉल फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ ओजोन

[28:48] लेयरस्टैब्लिश्ड इन 1987?

[28:50] इनमें से कौन सा 1987 में ओजोन परत की

[28:53] सुरक्षा हेतु अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल है?

[28:56] तो इस प्रोटोकॉल का नाम है मॉन्ट्रियाल

[28:58] प्रोटोकॉल।

[29:00] अगला क्वेश्चन। द ओनली यूनाइटेड नेशंस

[29:03] ट्रीटी रिलेटेड टू एनवायरमेंटल इशूज़ दैट

[29:05] हैज़ बीन रेटिफाइड बाय ऑल यूएन मेंबर

[29:07] स्टेट्स।

[29:09] पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित एकमात्र

[29:11] संयुक्त राष्ट्र संधि जो सभी संयुक्त

[29:13] राष्ट्र सदस्य देशों द्वारा पुष्टि की गई

[29:15] है, वह कौन सी है? यह है मॉन्ट्रियल

[29:18] प्रोटोकॉल। ऑलराइट।

[29:22] आगे बढ़ते हैं और बात कर लेते हैं कन्वेंशन

[29:24] ऑन बायोलॉजिकल डायवर्सिटी 1992 के बारे

[29:27] में। देखिए, द कन्वेंशन ऑन बायोलॉजिकल

[29:30] डायवर्सिटी 1992 इज़ अ लैंडमार्क इंटरनेशनल

[29:33] एग्रीमेंट इन द फील्ड ऑफ़ एनवायरमेंटल

[29:35] कंजर्वेशन। इट वास द वन ऑफ द की ट्रीटीज

[29:38] साइन ड्यूरिंग द 1992 रियो अर्थ समिट। तो

[29:43] सीबीडी इसे हम शॉर्ट में सीबीडी के नाम से

[29:45] जानते हैं। कन्वेंशन ऑन बायोलॉजिकल

[29:47] डायवर्सिटी। तो यह वन ऑफ़ द मोस्ट

[29:48] इंपॉर्टेंट ट्रीटीज़ था जिसको रियो अर्थ

[29:51] समिट जो कि 1992 में हुआ था वहां पर साइन

[29:53] किया गया था। इंडिया बिकम अ पार्टी टू दिस

[29:56] कन्वेंशन ऑन फेब 18, 1994। तो इंडिया जो

[29:59] है इसका 1994 में बना टू फुलफिल द

[30:03] ऑब्जेक्टिव्स ऑफ एव्री कन्वेंशन द

[30:05] गवर्नमेंट ऑफ इंडिया इनक्टेड द बायोलॉजिकल

[30:07] डायवर्सिटी एक्ट 2002 तो इसको लागू करने

[30:10] के लिए इसके ऑब्जेक्टिव्स को फुलफिल करने

[30:12] के लिए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के द्वारा

[30:13] बायोलॉजिकल डायवर्सिटी एक्ट लागू किया गया

[30:16] था। इसे साइन किया गया है जून 5th 1992 को

[30:19] इन रियोडे जेनेरियो ब्राजील लागू हुआ है

[30:22] फ्रॉम दिसंबर 29 1993

[30:25] इट इज़ एन इंटरनेशनल ट्रीटी कंप्लायंस

[30:28] व्हिच इज़ लीगली बाइंडिंग अपॉन मेंबर

[30:30] कंट्रीज एंड इसका जो सेक्रेटेरिएट है ना

[30:33] यह लोकेटेड है मॉन्ट्रियाल कनाडा में

[30:37] अब बात कर लेते हैं इस कन्वेंशन के जो

[30:39] मेजर यहां पे थ्री ऑब्जेक्टिव्स हैं उनके

[30:41] बारे में सबसे पहले इसमें आता है

[30:43] कंजर्वेशन ऑफ़ बायोडायवर्सिटी

[30:45] बायोडायवर्सिटी क्या होता है वो हम आगे

[30:46] बात करेंगे। देखिए, प्रोटेक्टिंग ऑल

[30:48] ऑर्गेनिज़्म, स्पीशीज़ एंड इकोसिस्टम

[30:51] प्रेजेंट ऑन अर्थ। तो, यह इसका मेजर

[30:53] ऑब्जेक्टिव है। सेकंड देखेंगे, सस्टेनेबल

[30:55] यूज़ ऑफ़ बायोलॉजिकल रिसोर्स, यूटिलाइजिंग

[30:58] नेचुरल रिसोर्स इन सच अ वे दैट दे रिमेन

[31:00] अवेलेबल फॉर फ्यूचर जनरेशन। तो, जो भी

[31:03] बायोलॉजिकल रिसोर्स हैं, उनको इस तरीके से

[31:05] यूज़ किया जाए जो कि आगे आने वाली जनरेशंस

[31:07] को भी यहां मिले। यह जो है सस्टेनेबल यूज़

[31:11] ऑफ बायोलॉजिकल रिसोर्स और यह इसका वन ऑफ द

[31:13] एम है। नेक्स्ट फेयर शेयरिंग ऑफ

[31:15] बेनिफिट्स। इंश्योरिंग द फेयर एंड

[31:17] इक्विटेबल शेयरिंग अमंग नेशंस ऑफ द

[31:19] बेनिफिटिंग अराइज़िंग फ्रॉम द यूटिलाइजेशन

[31:22] ऑफ़ जेनेटिक रिसोर्सेज। अब चलिए यहां पे

[31:25] बात करते हैं व्हाट इज़ बायोडायवर्सिटी?

[31:28] बायोडायवर्सिटी रेफर्स टू डायवर्सिटी ऑफ

[31:30] लाइफ ऑन अर्थ एन एनकंपसिंग वेरियस स्पीशीज

[31:34] ऑफ एनिमल्स, प्लांट, माइक्रो ऑर्गेनज़्म एज

[31:36] वेल ऐज़ देयर जींस एंड इकोसिस्टम्स। इट इज़

[31:39] एसेंशियल फॉर इकोलॉजिकल बैलेंस, फ़ूड,

[31:42] मेडिसिन एंड क्लाइमेट रेगुलेशन। तो

[31:44] बायोडायवर्सिटी का मतलब यह होता है कि

[31:46] जितनी भी अर्थ में डायवर्सिटी है लाइफ की

[31:48] जैसे कि आप देख रहे हैं डिफरेंट स्पीशीज

[31:50] ऑफ एनिमल्स हैं, डिफरेंट स्पीशीज ऑफ

[31:52] प्लांट्स हैं, डिफरेंट स्पीशीज़ ऑफ़ माइक्रो

[31:54] ऑर्गेनिज़्म हैं। तो इन सभी को मिला के हम

[31:56] जो है इसे बायोडायवर्सिटी के नाम से जानते

[31:59] हैं। और यह काफी इंपॉर्टेंट है इकोलॉजिकल

[32:01] बैलेंस के लिए, फ़ूड के लिए, मेडिसिन के

[32:03] लिए एंड क्लाइमेट रेगुलेशन के क्लाइमेट

[32:06] बैलेंस के लिए। ओके?

[32:10] इससे रिलेटेड क्वेश्चन देख लीजिए। व्हेन

[32:12] डिड इंडिया बिकम अ पार्टी टू द कन्वेंशन

[32:14] ऑन बायोलॉजिकल डायवर्सिटी? भारत जैव

[32:18] विविधता अभिसमय का पक्षकार कब बना है? तो

[32:21] इसने इंडिया ने इसे साइन किया है इन द ईयर

[32:24] 1994।

[32:26] नेक्स्ट द हिस्टोरिक कॉन्फ्रेंस ऑन

[32:28] बायोलॉजिकल डायवर्सिटी हेल्ड इन रियो

[32:30] डेजेनेरियो इन 1992 इज आल्सो नोन एज द

[32:34] 1992 में रियो डेजेनेरियो में आयोजित

[32:37] जैविक विविधता पर ऐतिहासिक सम्मेलन को इस

[32:40] रूप से भी जाना जाता है। तो इसे हम अर्थ

[32:42] समिट के नाम से भी जानते हैं। अगला

[32:46] क्वेश्चन व्हेन इज वर्ल्ड बायोडायवर्सिटी

[32:48] डे सेलिब्रेटेड? विश्व जैव विविधता दिवस

[32:51] हर साल कब मनाया जाता है? तो हर साल इसे

[32:54] हम मई 2 को सेलिब्रेट करते हैं। अगला

[32:59] क्वेश्चन व्हेन वास द कन्वेंशन ऑन

[33:00] बायोलॉजिकल डायवर्सिटी साइन? जैव विविधता

[33:04] पर सम्मेलन पर हस्ताक्षर कब किए गए हैं?

[33:07] इसे साइन किया गया है ड्यूरिंग द अर्थ

[33:08] समिट इन रियो डे जेनेरियो 1992।

[33:13] नेक्स्ट क्वेश्चन इन वि ईयर वाज़ द

[33:15] बायोलॉजिकल डायवर्सिटी एक्ट पास्ड? जैविक

[33:18] विविधता अधिनियम किस वर्ष में पारित किया

[33:21] गया था? तो यह एक्ट पास हुआ है इन द ईयर

[33:24] 2002।

[33:26] राइट? चलिए, अब नेक्स्ट बात कर लेते हैं

[33:29] अर्थ समिट के बारे में। देखिए, द अर्थ

[33:32] समिट ऑफिशियली नोन ऐज़ यूनाइटेड नेशंस

[33:34] कॉन्फ्रेंस ऑन एनवायरमेंट एंड डेवलपमेंट

[33:36] इज़ कंसीडर्ड द लार्जेस्ट एंड मोस्ट

[33:38] सिग्निफिकेंट ग्लोबल गैदरिंग इन द

[33:40] हिस्ट्री ऑफ़ एनवायरमेंटल कंजर्वेशन। तो

[33:43] अर्थ समिट लार्जेस्ट एंड मोस्ट

[33:45] सिग्निफिकेंट ग्लोबल गैदरिंग है इन द

[33:47] फील्ड ऑफ़ एनवायरमेंटल कंजर्वेशन। इसे

[33:50] ऑर्गेनाइज किया गया था जून थर्ड से लेकर

[33:52] जून 14th 1992 में लोकेशन था रियो डे

[33:56] जेनेरियो ब्राजील इसमें पार्टिसिपेट कर

[33:58] रहे थे रिप्रेजेंटेटिव्स फ्रॉम ओवर 172

[34:01] कंट्रीज ऑब्जेक्टिव क्या है टू फॉर्मुलेट

[34:04] अ फ्रेमवर्क फॉर डेवलपमेंट दैट इनेबल्स

[34:06] इकोनॉमिक प्रोग्रेस विदाउट कॉजिंग हार्म

[34:08] टू द एनवायरमेंट तो यह अर्थ समिट फोकस कर

[34:12] रहा था कि यह डेवलपमेंट के लिए जो है

[34:14] इकोनॉमिक प्रोग्रेस के लिए एक ऐसा

[34:15] फ्रेमवर्क बनाए जिससे एनवायरमेंट जो है

[34:17] इफेक्ट ना हो राइट राइट? और इस अर्थ समिट

[34:20] को हम रियो समिट के नाम से भी जानते हैं।

[34:22] तो इस अर्थ समिट से रिलेटेड देखिए डिफरेंट

[34:25] पॉइंट से बात करें। कब-कब यह कंडक्ट किया

[34:27] गया था। तो पहला अर्थ समिट जो है ना यह

[34:30] जून थर्ड से जून 14 1992 को रियो

[34:33] डजेनेरियो ब्राजील में कंडक्ट किया गया

[34:34] था। जिसे हम रियो समिट के नाम से जानते

[34:37] हैं। एंड यूएनसीईडी के नाम से भी जानते

[34:39] हैं। ठीक है? दैट इज़ यूनाइटेड नेशंस

[34:40] कॉन्फ्रेंस ऑन एनवायरमेंट एंड डेवलपमेंट।

[34:43] सेकंड अर्थ समिट 2002 में हुआ था

[34:46] जोहान्सबर्ग साउथ अफ्रीका में। एंड इसे हम

[34:48] वर्ल्ड समिट ऑन सस्टेनेबल डेवलपमेंट के

[34:51] नाम से जानते हैं। थर्ड आता है यहां पर

[34:53] समिट जो कि 2012 में हुआ था रियड जेनेरियो

[34:57] ब्राजील में और इसे हम रियो प्लस 20 या

[34:59] फिर रियो प्लस 20 कॉन्फ्रेंस के नाम से

[35:02] जानते हैं। तो ये अभी तक के तीन

[35:03] इंपॉर्टेंट अर्थ समिट्स हैं जो कंडक्ट किए

[35:06] गए हैं। ओके? आगे बढ़ते हैं और डिस्कस

[35:09] करते हैं इंपॉर्टेंट एमसीक्यूस। तो

[35:11] फ्रेंड्स, आगे बढ़ने से पहले आपके लिए एक

[35:12] छोटा सा रिमाइंडर है। यहां पर आप देख रहे

[35:14] हैं जो भी इंपॉर्टेंट पॉइंट्स हो सकते

[35:16] हैं, वह सभी मैंने आपके लिए इंक्लूड किया

[35:18] है। तो अगर आपको वीडियो की क्वालिटी एंड

[35:20] कंटेंट अच्छा लग रहा है, वीडियो को लाइक

[35:22] जरूर कर दीजिएगा एंड साथ में चैनल को

[35:24] सब्सक्राइब कर लीजिए। ऐसे और भी

[35:26] इंपॉर्टेंट टॉपिक्स के ऊपर वीडियोस हम

[35:27] आपके लिए लाते रहेंगे। ओके? चलिए आगे

[35:30] बढ़ते हैं और बात कर लेते हैं अर्थ समिट

[35:32] से रिलेटेड इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस। पहला

[35:34] क्वेश्चन है इन वि ईयर वाज़ द फर्स्ट अर्थ

[35:37] समिट हेल्ड? पहला पृथ्वी सम्मेलन किस वर्ष

[35:40] आयोजित किया गया था? तो यह 1992 में

[35:43] ऑर्गेनाइज किया गया। अगला क्वेश्चन वेयर

[35:46] वास द फर्स्ट इंटरनेशनल अर्थ समिट हेल्ड?

[35:50] पहला अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी शिखर सम्मेलन

[35:52] कहां पर आयोजित किया गया था? इसे रियोडे

[35:55] जेनेरियो में ऑर्गेनाइज किया गया।

[35:59] व्हाट डस द 21 रेफर्ड टू इन एजेंडा 21 ऑफ

[36:02] द 1992 अर्थ समिट? 1992 के पृथ्वी सम्मेलन

[36:06] के एजेंडा 21 में 21 किसका उल्लेख करता

[36:09] है? तो यह डिफाइन करता है 21 सेंचुरी को।

[36:15] वेयर वाज़ द फर्स्ट, सेकंड एंड थर्ड अर्थ

[36:18] समिट हेल्ड इन 1992, 2002 एंड 2012

[36:21] रेस्पेक्टिवली? आपको बताना है कि जो तीन

[36:24] अर्थ समिट्स हुए हैं, वह कौन-कौन से

[36:26] वेन्यूज़ पर हुए थे। ऑलरेडी मैंने आपको

[36:29] बताया हुआ है। देखिए पहला और थर्ड अर्थ

[36:31] समिट जो है ना यह रेड डे जेनेरियो में

[36:33] कंडक्ट किया गया था। एंड सेकंड अर्थ समिट

[36:36] यह जोहान्सबर्ग में हुआ था। ओके तो यहां

[36:38] पे ऑप्शन नंबर डी इज़ द राइट आंसर रियोडे

[36:41] जेनेरियो जोहान्सबर्ग एंड रियोडे

[36:44] जेनेरियो।

[36:45] ऑलराइट।

[36:47] नेक्स्ट व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नोन एज

[36:49] अर्थ समिट? निम्नलिखित में से कौन सा

[36:51] पृथ्वी शिखर सम्मेलन के रूप में जाना जाता

[36:54] है? राइट आंसर रियो डिक्लेरेशन।

[36:59] इन वि सिटी ऑफ द वर्ल्ड वास द अर्थ समेट

[37:01] 2002 हेल्ड? विश्व के किस शहर में पृथ्वी

[37:05] सम्मेलन 2002 का आयोजन किया गया था? इसे

[37:08] जोहान्सबर्ग में कंडक्ट किया गया।

[37:12] वेयर वाज़ द 1992 यूनाइटेड नेशंस

[37:14] कॉन्फ्रेंस ऑन एनवायरमेंट एंड डेवलपमेंट

[37:16] हेल्ड?

[37:18] पर्यावरण और विकास पर 1992 का संयुक्त

[37:21] राष्ट्र सम्मेलन कहां पर आयोजित किया गया

[37:23] था?

[37:24] इसका आयोजन किया गया रियो डेजेनेरियो

[37:26] ब्राजील में

[37:29] इन वि सिटी वास एजेंडा 21 अ लिस्ट ऑफ

[37:32] डेवलपमेंटल प्रैक्टिससेस इंट्रोड्यूस्ड एट

[37:34] द अर्थ समिट किस शहर में आयोजित पृथ्वी

[37:37] शिखर सम्मेलन में विकासात्मक प्रथाओं की

[37:40] सूची एजेंडा 21 को पेश किया गया? रियो इज

[37:44] द राइट आंसर।

[37:47] नेक्स्ट इन वि ईयर वाज़ द फर्स्ट अर्थ समिट

[37:50] हेल्ड इन रियो डे जेनेरियो? पहला पृथ्वी

[37:53] शिखर सम्मेलन किस वर्ष में रियो डेज

[37:55] जेनेरियो में आयोजित किया गया था? तो

[37:57] फर्स्ट अर्थ समिट हुआ था इन द ईयर 1992।

[38:02] ऑलराइट। चलिए अब आगे बढ़ते हैं और बात करते

[38:04] हैं नेक्स्ट प्रोटोकॉल के बारे में। दैट

[38:06] इज़ क्योटोो प्रोटोकॉल। देखिए क्योटोो

[38:09] प्रोटोकॉल इट वाज़ द फर्स्ट इंटरनेशनल

[38:11] एग्रीमेंट डेज़िग्नेटेड डिज़ाइंड टू एड्रेस

[38:14] क्लाइमेट चेंज मेकिंग इट लीगली बाइंडिंग

[38:16] फॉर डेवलप्ड कंट्रीज़ टू रिड्यूस देयर

[38:18] एमिशंस। इट इज एन इंटरनेशनल ट्रीटी अंडर द

[38:21] यूएफ ट्रिपल सी दैट इज यूनाइटेड नेशंस

[38:24] फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज। तो

[38:27] क्योटोो प्रोटोकॉल जो था ना यह पहला ऐसा

[38:29] इंटरनेशनल एग्रीमेंट था जो कि डिज़ाइन किया

[38:31] गया था फॉर क्लाइमेट चेंज और यह कंप्लीटली

[38:35] लीगली जो आप कह सकते हैं कंपलसरी था फॉर

[38:38] डेवलप्ड कंट्री कि जो भी वह एमिशंस यहां

[38:40] पे होते हैं पोल्यूशन के वो उसे रिड्यूस

[38:42] करें। यह ट्रीटी जो है वर्क कर रहा था

[38:45] अंडर द यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन

[38:47] ऑन क्लाइमेट चेंज। इसे अडॉप किया गया था

[38:50] कटो जापान में ऑन दिसंबर 11, 1997 और यह

[38:54] लागू हुआ है फब 16, 2005 को। इंडिया ने इस

[38:58] कटो प्रोटोकॉल को साइन किया अगस्त 2002

[39:01] में। इट्स प्राइमरी ऑब्जेक्टिव इज़ टू

[39:03] कंट्रोल द एमिशन ऑफ ग्रीन हाउस गैसेस इनू

[39:06] द एटमॉस्फियर इन ऑर्डर टू मिटिगेट ग्लोबल

[39:08] वार्मिंग। तो, इसका जो मेन ऑब्जेक्टिव है,

[39:11] यह है कि ग्रीन हाउस गैसेस जो एमिशन होते

[39:13] हैं, उसको कंट्रोल करें और ग्लोबल

[39:15] वार्मिंग जो है इससे कम हो।

[39:18] मेन ऑब्जेक्टिव एंड टारगेट्स की बात करें

[39:20] कटो प्रोटोकॉल की तो देखिए इट्स प्राइमरी

[39:22] ऑब्जेक्टिव वास टू रिड्यूस द कंसंट्रेशन

[39:24] ऑफ ग्रीन हाउस गैसेस इन द एटमॉस्फियर इन

[39:26] ऑर्डर टू प्रिवेंट ग्लोबल वार्मिंग। इट

[39:29] वाज़ इस्टैब्लिश्ड दैट डेवलप्ड कंट्रीज वुड

[39:31] रिड्यूस देयर एमिशंस बाय एन एवरेज ऑफ़ 5.2%

[39:35] कंपेयर टू 1990 लेवल्स।

[39:38] गैसेस जो यहां पे यहां पे मेंशन की गई

[39:40] इसमें आते हैं कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन,

[39:42] नाइट्रस ऑक्साइड, हाइड्रोफ्लोरोकार्बंस,

[39:46] परफ्लोरोकार्बंस एंड सल्फर हेक्सा

[39:48] फ्लोराइड्स।

[39:50] ओके? तो आगे बढ़ेंगे और बात कर लेते हैं

[39:54] क्वेश्चंस रिलेटेड टू कटो प्रोटोकॉल।

[39:56] फर्स्ट क्वेश्चन द क्योटोो प्रोटोकॉल वाज़

[39:58] अबाउट व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग? तो क्योटोो

[40:01] प्रोटोकॉल निम्नलिखित में से किसके बारे

[40:03] में था? तो, यह रिलेटेड था टू रेड्यूसिंग

[40:06] ग्रीन हाउस गैस एमिशंस?

[40:09] नेक्स्ट क्वेश्चन इन वि ईयर डिड इंडिया

[40:11] साइन एंड रेटिफाई द कटो प्रोटोकॉल?

[40:14] भारत ने कटो प्रोटोकॉल पर किस वर्ष

[40:16] हस्ताक्षर किए और इसकी पुष्टि की है? राइट

[40:19] आंसर 2002

[40:21] द कटो प्रोटोकॉल व्हिच इज़ एन इंटरनेशनल

[40:23] एग्रीमेंट इज़ रिलेटेड टू व्हाट? कटो

[40:26] प्रोटोकॉल जो कि एक अंतरराष्ट्रीय समझौता

[40:28] है। किससे संबंधित है? यह रिलेटेड है टू

[40:31] यूएफ ट्रिपल सी।

[40:35] इन वि ईयर वास द कटो प्रोटोकॉल रिलेटेड टू

[40:37] ग्लोबल वार्मिंग अडॉप्टेड वैश्विक तापमान

[40:40] वृद्धि से संबंधित क्योटोो संधि को किस

[40:42] वर्ष में अंगीकार किया गया अंगीकार किया

[40:44] गया था 1997

[40:48] इन वि कंट्री वाज़ द फर्स्ट मीटिंग ऑफ़ कटो

[40:50] प्रोटोकॉल एंड इंटरनेशनल ट्रीटी टू

[40:52] रिड्यूस ग्रीन हाउस गैस एमिशंस हेल्ड कटो

[40:55] प्रोटोकॉल की पहली बैठक किस देश में हुई

[40:58] थी? तो इसे ऑर्गेनाइज किया गया था जापान

[41:00] में। वि इंटरनेशनल ट्रीटी अमंग

[41:03] इंडस्ट्रियलाइज्ड नेशंस सेट्स मैंडेटरी

[41:05] लिमिट्स ऑन ग्रीन हाउस गैस एमिशंस?

[41:09] औद्योगिक राष्ट्रों के बीच एक

[41:10] अंतरराष्ट्रीय संधि कौन सी है जो ग्रीन

[41:12] हाउस गैस उत्सर्जन पर अनिवार्य सीमा

[41:14] निर्धारित करती है? यह है क्योटोो

[41:17] प्रोटोकॉल।

[41:19] तो फ्रेंड्स, यह हो गए ऑल द इंपॉर्टेंट

[41:21] क्वेश्चंस रिलेटेड टू क्योटोो प्रोटोकॉल।

[41:24] आगे बढ़ते हैं और चलिए बात करेंगे यहां पे

[41:26] कार्टाजेना प्रोटोकॉल के बारे में। है

[41:29] क्या कार्टाजीना प्रोटोकॉल? देखिए इट इज़

[41:31] एन इंटरनेशनल एग्रीमेंट फोकस्ड ऑन

[41:33] बायोसेफ्टी। इट प्राइमरली कंसर्न्स अ

[41:36] लिविंग मॉडिफाइड ऑर्गेनिज़्म्स रिजल्टिंग

[41:38] फ्रॉम मॉडर्न बायोटेक्नोलॉजी।

[41:42] तो ये एक इंटरनेशनल एग्रीमेंट है जो कि

[41:44] फोकस करता है ऑन बायोसेफ्टी। राइट? इसे

[41:47] साइन किया गया था जैन 29, 200 को और यह

[41:51] लागू किया गया है सितंबर 11, 2003 को।

[41:54] इंडिया देखिए, इंडिया इज़ अ पार्टी टू दिस

[41:56] प्रोटोकॉल रेटिफ़ाइड इट इन जनवरी 2003। तो

[42:00] इंडिया ने इसमें शामिल हुआ या फिर साइन

[42:02] किया है इन द ईयर 2003। अब बात कर लेते

[42:05] हैं कार्टजेजना प्रोटोकॉल के मेन

[42:07] ऑब्जेक्टिव्स के बारे में। देखिए

[42:09] मैनेजमेंट ऑफ़ एलएमओस। एलएमओस क्या होता

[42:11] है? लिविंग मॉडिफाइड ऑर्गेनिज़्म्स। तो

[42:13] इट्स ऑब्जेक्टिव इज़ टू इंश्योर दैट सेफ

[42:15] ट्रांसफर एंड यूज़ ऑफ़ लिविंग मॉडिफाइड

[42:17] ऑर्गेनज़्म्स दैट मे पोज़ अ रिस्क टू

[42:20] बायोडायवर्सिटी और ह्यूमन हेल्थ कंप्लीशन

[42:23] टू द सीबीडी। इट इज़ अ सप्लीमेंट्री

[42:25] एग्रीमेंट टू द कन्वेंशन ऑन बायोलॉजिकल

[42:27] डायवर्सिटी। तो यह एक सप्लीमेंट एग्रीमेंट

[42:28] है जो कि वर्क करता है अंडर द सीबीटी दैट

[42:31] इज़ कन्वेंशन ऑन बायोलॉजिकल डायवर्सिटी

[42:33] जिसके बारे में हमने प्रीवियसली बात किया

[42:35] हुआ है। बात करें इंपॉर्टेंट क्वेश्चन तो

[42:39] देखिए व्हाट इज़ कार्टिजीना प्रोटोकॉल

[42:41] रिलेटेड टू तो कार्टजेजना प्रोटोकॉल जो है

[42:43] यह बायोसेफ्टी एग्रीमेंट है। अगला

[42:46] क्वेश्चन व्हिच इंटरनेशनल एग्रीमेंट

[42:48] रिलेट्स टू द सेफ हैंडलिंग ट्रांसपोर्ट

[42:50] एंड यूज़ ऑफ लिविंग मॉडिफाइड ऑर्गेनिज्म्स?

[42:53] कौन सा अंतरराष्ट्रीय समझौता जीवित

[42:55] संशोधित जाव के सुरक्षित संचालन, परिवहन

[42:58] और उपयोग से संबंधित है? तो यह है

[43:01] कार्टजेना प्रोटोकॉल।

[43:04] चलिए, नेक्स्ट बात करते हैं जेनेवा

[43:06] प्रोटोकॉल के बारे में जो कि 1925 में

[43:08] साइन किया गया। द जेनेवा प्रोटोकॉल इज़ अ

[43:11] प्राइमरी द इंटरनेशनल ट्रीटी प्रोहिबिटिंग

[43:14] द यूज़ ऑफ़ केमिकल एंड बायोलॉजिकल वेपंस

[43:16] ड्यूरिंग वारफेयर। ठीक है? तो इसको साइन

[43:19] किया गया है जून 17 1925 को इन जेनेवा

[43:22] स्विट्जरलैंड और इसीलिए इसे हम जेनेवा

[43:24] प्रोटोकॉल के नाम से जानते हैं। लागू हुआ

[43:27] है फब 8 1928 को। इंडिया इसको देखिए

[43:32] इंडिया हैज़ रेटिफाइड दिस प्रोटोकॉल एंड इज़

[43:34] अ मेंबर। तो इंडिया इसमें शामिल है। मेन

[43:36] ऑब्जेक्टिव्स की बात करें तो टू प्रोहिबिट

[43:38] द यूज़ ऑफ़ केमिकल वेपंस इन वारफेयर। तो

[43:41] वारफेयर में केमिकल वेपंस का यूज़ ना करना।

[43:43] यह इसका ऑब्जेक्टिव है। टू प्रोहिबिट द

[43:45] यूज़ ऑफ़ बायोलॉजिकल वेपंस इन वारफेयर। तो

[43:48] केमिकल वेपंस हो या बायोलॉजिकल वेपंस हो।

[43:50] इनको वॉरफेयर में यूज़ ना किया जाए। यह

[43:52] इसका मेन ऑब्जेक्टिव है। दिस प्रोटोकॉल

[43:55] प्रोहिबिट्स द यूज़ ऑफ़ दीज़ वेपंस बट डिड

[43:57] नॉट प्रिवेंट देयर प्रोडक्शन, स्टॉक

[43:59] पाइलिंग और ट्रांसफर। तो, यह यूज़ के लिए

[44:02] रोकता है, बट, यह यह नहीं बताता कि इसको

[44:04] इसका प्रोडक्शन रोका जाए या फिर स्टॉक

[44:06] पाइलिंग या फिर ट्रांसफर रोका जाए। ओके?

[44:10] तो इसके शॉर्ट कमिंग्स की अगर हम बात करें

[44:12] दिस प्रोटोकॉल प्रोहिबिट्स द यूज़ ऑफ दिस

[44:14] वेपंस बट डिड नॉट प्रिवेंट देयर प्रोडक्शन

[44:16] स्टॉक पाइलिंग एंड ट्रांसफर। देयरफ़ टू अदर

[44:20] मेजर ट्रीटीज़ वर सब्सिक्वेंटली

[44:21] इंट्रोड्यूस्ड टू मेक द फ्रेमवर्क मोर

[44:23] कॉम्प्रिहेंसिव।

[44:25] तो क्योंकि इस प्रोटोकॉल से जो है जो जो

[44:28] भी यहां पे केमिकल वेप्स हैं, बायोलॉजिकल

[44:30] वेपंस हैं उनके प्रोडक्शन एंड ट्रांसफर को

[44:32] रोका नहीं जा सका। यहां पे और दो

[44:34] कन्वेंशंस आए जो इसे कंप्लीट करते हैं।

[44:38] दैट इज बायोलॉजिकल वेपन कन्वेंशन 1972।

[44:41] दिस कंप्लीटली प्रोहिबिट्स द डेवलपमेंट,

[44:43] प्रोडक्शन एंड स्टॉक पाइलिंग ऑफ़

[44:45] बायोलॉजिकल वेपंस। इसके बाद आया केमिकल

[44:48] वेपंस कन्वेंशन 1993। दिस प्रोहिबिट्स द

[44:51] डेवलपमेंट, प्रोडक्शन एंड स्टॉक पाइलिंग

[44:53] ऑफ़ केमिकल वेपंस एंड मैंडेट्स देयर

[44:56] डिस्ट्रक्शन।

[44:57] आई होप फ्रेंड्स आपको यह सभी पॉइंट्स यहां

[44:59] पर क्लियर हैं। अब चलिए बात कर लेते हैं

[45:01] क्वेश्चंस रिलेटेड टू जेनेवा प्रोटोकॉल।

[45:04] पहला क्वेश्चन द जेनेवा प्रोटोकॉल एफसाइजज़

[45:07] द प्रोहिबिशन ऑफ द यूज़ ऑफ़ व्हिच ऑफ द

[45:09] फॉलोइंग इन वारफेयर? जेनेवा प्रोटोकॉल

[45:12] निम्नलिखित में से किस चीज का युद्ध में

[45:14] उपयोग ना करने पर जोर देता है? तो केमिकल

[45:17] और बायोलॉजिकल वेपंस को यूज़ ना करा जाए

[45:20] ड्यूरिंग द वारफेयर। यह इसका मेन

[45:22] ऑब्जेक्टिव है।

[45:24] नेक्स्ट रिसेंटली एक्सटर्नल अफेयर

[45:26] मिनिस्टर डॉ. एस जयशंकर वांड ऑफ द ग्रोइंग

[45:29] थ्रेट ऑफ बायोटेरिज्म एट कॉन्फ्रेंस हेल्ड

[45:32] टू मार्क द 15थ एनिवर्सरी ऑफ़ बायोलॉजिकल

[45:34] वेपन कन्वेंशन? द बायोलॉजिकल वेपन

[45:36] कन्वेंशन इज़ बेस्ड ऑन व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग

[45:38] इंटरनेशनल प्रोटोकॉल? तो, यह बेस्ड है ऑन

[45:42] जेनेवा प्रोटोकॉल।

[45:44] इन वि ईयर वाज़ द जेनेवा प्रोटोकॉल साइन?

[45:48] जेनेवा प्रोटोकॉल पर किस वर्ष हस्ताक्षर

[45:51] किए गए थे? तो यह साइन किया गया था इन द

[45:55] ईयर 1925।

[45:58] इन व्हिच वीड इन द 1925 जिनेवा प्रोटोकॉल

[46:01] एंटर इनू फोर्स 1925 का जिनेवा प्रोटोकॉल

[46:05] किस वर्ष लागू हुआ है? यह लागू हुआ है

[46:08] फ्रॉम 1928।

[46:11] नेक्स्ट बात कर लेते हैं यहां पर मारपोल

[46:13] कॉन्फ्रेंस के बारे में जो कि 1973 में

[46:15] आया है। देखिए द मारपोल कन्वेंशन इज़ द

[46:18] मोस्ट सिग्निफिकेंट ग्लोबल एग्रीमेंट फॉर

[46:20] द प्रोटेक्शन ऑफ़ द मैराइन एनवायरमेंट। इट

[46:23] वाज़ अडॉप्टेड बाय इंटरनेशनल मर मैरिटाइम

[46:25] ऑर्गेनाइजेशन इन 1973। तो मारपोल कन्वेंशन

[46:29] जो है ना यह बात करता है फॉर द प्रोटेक्शन

[46:31] ऑफ़ मराइन एनवायरमेंट। यानी कि जो ओशियन है

[46:34] या फिर वाटर से रिलेटेड जो भी यहां पे

[46:36] स्पीशीज़ है उसके प्रोटेक्शन के लिए मारपुल

[46:38] कन्वेंशन है। इसे इंटरनेशनल मैरिटाइम

[46:40] ऑर्गेनाइजेशन ने अडॉप्ट किया था इन द ईयर

[46:43] 1973।

[46:45] इसका फुल नेम है इंटरनेशनल कन्वेंशन फॉर द

[46:47] प्रिवेंशन ऑफ़ पोल्यूशन फ्रॉम शिप्स।

[46:51] इट वाज़ अडॉप्टेड ऑन नवंबर सेकंड 1973।

[46:55] हाउएवर मेजर अमेंडमेंट्स वर इंट्रोड्यूस्ड

[46:58] फॉलोइंग टैंकर एक्सीडेंट्स इन 1978।

[47:01] क्सिक्वेंटली इट इज ऑफन रेफर्ड एज मारपोल

[47:04] 73/ 78

[47:07] लागू कब से हुआ है देखिए यह अक्टूबर सेकंड

[47:09] 1983 से लागू हुआ इंडिया की बात करें तो

[47:12] इंडिया इज़ अ सिग्नेटरी मेंबर स्टेट टू दिस

[47:14] कन्वेंशन

[47:17] क्वेश्चंस देखिए इससे रिलेटेड पहला

[47:19] क्वेश्चन मारपोल इन वि ईयर वाज़ दिस

[47:21] कन्वेंशन अडॉप्टेड तो इसको अडॉप्ट किया

[47:24] गया है इन द ईयर 1973

[47:27] बाय हुम इज़ मारपोल 73/78 प्राइमरीली एड

[47:30] एडमिनिस्टर्ड

[47:32] मारपुल 73/78 मुख्य रूप से किसके द्वारा

[47:35] प्रशासित किया गया है? करेक्ट आंसर इज़

[47:38] इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन।

[47:41] नेक्स्ट क्वेश्चन बाय वि एक्रोनिम इज़ द

[47:43] करंटली एप्लीकेबल मारपोल प्रोटोकॉल नोन?

[47:46] इसे हम जाना जाता है एज मैप पोल 73/78।

[47:52] चलिए आगे बढ़ेंगे और बात कर लेते हैं बेज़ल

[47:55] कन्वेंशन 1989 के बारे में। द बेज़ल

[47:58] कन्वेंशन इज़ एन इंटरनेशनल ट्रीटी हुस

[48:01] प्राइमरी ऑब्जेक्टिव इज टू रेगुलेट द

[48:02] ट्रांस बाउंड्री मूवमेंट ऑफ हज़ार्डर

[48:04] हज़ार्डस वेस्ट एंड टू प्रोटेक्ट द

[48:06] एनवायरमेंट। इट वाज़ स्पेसिफिकली डिज़ टू

[48:09] प्रिवेंट द डंपिंग ऑफ़ टॉक्सिक वेस्ट फ्रॉम

[48:11] डेवलप्ड कंट्रीज इंटू डेवलपिंग कंट्रीज।

[48:15] तो, बेज़ल कन्वेंशन जो है ना, यह एक

[48:16] इंटरनेशनल ट्रीटी है जिसका ऑब्जेक्टिव यह

[48:19] है कि यह रेगुलेट करेगा जो ट्रांस

[48:21] बाउंड्री मूवमेंट यानी कि वन कंट्री टू

[48:23] अनदर जो हज़ार्डस वेस्ट को भेजा जाता है,

[48:25] मूवमेंट होता है, उसको रोकना। यह बेज़ल

[48:28] कन्वेंशन का मेन एम है। तो, इसको डिजाइन

[48:30] किया गया था ताकि जो भी डेवलप कंट्री यहां

[48:32] पर डंप कर रही हैं टॉक्सिक वेस्ट इनू

[48:34] डेवलपिंग कंट्री उसके उसे प्रिवेंट किया

[48:37] जा सके। साइन किया गया है मार्च 2, 1989

[48:41] में इन बेज़ल स्विट्जरलैंड एंड इसीलिए इसे

[48:43] बेज़ल कन्वेंशन के नाम से जाना जाता है।

[48:45] लागू हुआ है मई 5th 1992 से। इंडिया इसका

[48:49] मेंबर है सिंस 1992। हेड क्वार्टर जिनेवा

[48:52] स्विट्जरलैंड में है। दिस कन्वेंशन डज़ नॉट

[48:55] अप्लाई टू रेडियोएक्टिव वेस्ट एज इट इज़

[48:57] गवर्न बाय द स्टैंडर्ड्स ऑफ इंटरनेशनल

[48:59] एटॉमिक एनर्जी एजेंसी।

[49:03] इससे रिलेटेड क्वेश्चंस की बात करें तो इन

[49:05] वि ईयर वाज़ द बेज़ल कन्वेंशन अडॉप्टेड?

[49:08] बेज़ल कन्वेंशन को किस वर्ष अपनाया गया था?

[49:11] 1989.

[49:13] व्हाट इज द बेज़ल कन्वेंशन प्राइमरली

[49:15] कंसर्न विद बेज़ल कन्वेंशन मुख्य रूप से

[49:19] किससे संबंधित है? तो यह रिलेटेड है टू द

[49:21] ट्रांस बाउंड्री मूवमेंट ऑफ हज़ार्डस

[49:23] वेस्ट।

[49:26] व्हेन डिड द बेज़ल कन्वेंशन कम इनू फोर्स?

[49:29] बेज़ल कन्वेंशन प्रभावी कब हुआ है? राइट

[49:32] आंसर हो जाएगा 1992।

[49:37] अगला क्वेश्चन। वेयर इज़ द सेक्रेटेरिएट ऑफ़

[49:39] बेज़ल कन्वेंशन लोकेटेड? बेज़ल कन्वेंशन का

[49:42] सचिवालय कहां पर है? यह है जिनेवा में।

[49:47] नेक्स्ट हम बात करेंगे रोटर डैम कन्वेंशन

[49:50] के बारे में। देखिए द रोटर डैम कन्वेंशन

[49:52] इज अ इंटरनेशनल ट्रीटी कंसर्निंग द ट्रेड

[49:55] ऑफ़ हज़ार्डस केमिकल एंड पेस्टिसाइड्स। इट्स

[49:58] प्राइमरी ऑब्जेक्टिव इज़ टू फैसिलिटेट

[50:00] इनेशन शेयरिंग रिगार्डिंग द इंपोर्ट एंड

[50:02] एक्सपोर्ट ऑफ़ केमिकल्स अमंग नेशंस एंड

[50:05] इंश्योर द प्रोटेक्शन ऑफ़ ह्यूमन हेल्थ एंड

[50:07] एनवायरमेंट।

[50:09] तो रोटा डैम कन्वेंशन बात करता है यह एक

[50:12] इंटरनेशनल ट्रीटी है जो कि बात करता है

[50:14] रिलेटेड टू द ट्रेड ऑफ हज़ार्डस केमिकल एंड

[50:16] पेस्टिसाइड तो इससे जो इनेशन शेयरिंग होती

[50:19] है जो भी यहां पे केमिकल्स की एक्सपोर्ट

[50:21] इंपोर्ट हो रही है उसके इनेशन शेयरिंग के

[50:23] लिए यह एक ट्रीटी है सिग्नेचर कब किया गया

[50:26] देखिए इसको अडॉप किया गया है रोटा डैम

[50:28] नीदरलैंड में ऑन सप्टेंबर 10 1998

[50:31] लागू हुआ है फब 24 2004 को इट इज़ जॉइंटली

[50:35] एडमिनिस्टर्ड बाय यूनाइटेड नेशंस

[50:37] एनवायरमेंट प्रोग्राम एंड फ़ूड एंड

[50:38] एग्रीकल्चरल ऑर्गेनाइजेशन इंडिया रिफाइड द

[50:42] कन्वेंशन ऑन मई 24 2005

[50:47] क्वेश्चन है व्हाट इज़ द रोटाम कन्वेंशन

[50:49] रिलेटेड टू रोटाम

[50:52] अभी समय किससे संबंधित है? लिमिटिंग द यूज़

[50:56] ऑफ़ टॉक्सिक केमिकल्स?

[50:58] द बेज़ल कन्वेंशन, रोटाडम कन्वेंशन एंड

[51:00] स्टॉकहोम कन्वेंशन आर रिलेटेड टू व्हिच ऑफ

[51:02] द फॉलोइंग। तो, यह सभी रिलेटेड है टू द

[51:05] मैनेजमेंट ऑफ पॉलटेंट्स।

[51:09] व्हिच ऑफ द फॉलोइंग ग्लोबल कन्वेंशन वास

[51:11] डिजाइन टू रेगुलेट द इंपोर्ट एंड

[51:12] एक्सपोर्ट ऑफ हज़ार्डस केमिकल? निम्नलिखित

[51:15] में से कौन सा वैश्विक सम्मेलन खतरनाक

[51:17] रसायनों के आयात और निर्यात को विनियमित

[51:20] करने के लिए बनाया गया है? तो, यह है रोटर

[51:23] डैम कन्वेंशन या फिर कॉन्फ्रेंस।

[51:27] व्हिच ऑफ द फॉलोइंग सिटीज होस्टेड द 2025

[51:30] कॉन्फ्रेंसेस ऑफ द बेज़ल रोटर डैम एंड

[51:32] स्टॉकहोम कन्वेंशन? इसे होस्ट किया गया था

[51:35] जिनेवा में।

[51:37] तो फ्रेंड्स आगे बढ़ेंगे और चलिए बात कर

[51:39] लेते हैं यहां पर लास्ट हमारे कॉन्फ्रेंस

[51:41] के बारे में दैट इज मीनामाटा कन्वेंशन

[51:45] 2013 द मीनामाटा कन्वेंशन इज़ अ मेजर

[51:48] इंटरनेशनल ट्रीटी एम्ड एट प्रोटेक्टिंग

[51:51] ह्यूमन हेल्थ एंड एनवायरमेंट फ्रॉम द

[51:53] हार्मफुल इफ़ेक्ट ऑफ़ मर्यूरी। तो मर्यूरी

[51:55] के हार्मफुल इफ़ेक्ट से ह्यूमन हेल्थ को

[51:57] प्रोटेक्ट करने के लिए यहां पे मीनावाटा

[51:59] कन्वेंशन यह एक मेजर इंटरनेशनल ट्रीटी है।

[52:03] ऑब्जेक्टिव क्या है? टू कंट्रोल

[52:04] एंथ्रोपोजेनिक

[52:06] एमिशंस एंड रिलीज़ ऑफ मर्यूरी। ओरिजिन ऑफ़

[52:10] नेम इट इज़ नेम्ड आफ्टर द सिटी ऑफ़ मीनामाटा

[52:12] जापान वेयर द डिवास्टेटिंग मीनामाटा डिसीज़

[52:15] आउटब्रेक कॉज्ड बाय मर्यूरी पोल्यूशन

[52:17] अकर्ड इन 1950। तो 1950 में जो है ना

[52:20] मर्यूरी पोल्यूशन की वजह से मीनामाटा

[52:22] डिसीज़ जो है जापान में देखा गया था। जापान

[52:25] के मीनामाटा शहर में। और इसीलिए इस

[52:27] कन्वेंशन का नाम मीनामाटा कन्वेंशन रखा

[52:29] गया है। ईयर ऑफ अडॉप्शन इट वाज़ अडॉप्टेड

[52:32] इन जेनेवा इन 2013 एंड साइन इन जापान इन

[52:35] अक्टूबर 2013 लागू कब से हुआ है? द ट्रीटी

[52:39] ऑफिशियली एंटर्ड इंटू फ़ ऑन अगस्त 16 2017

[52:44] इंडिया साइन द ट्रीटी इन 2014। इंडिया

[52:47] रेटिफाइड द ट्रीटी इन 2018 देयर बाय

[52:50] बिकमिंग अ फुल मेंबर। तो इंडिया जो है

[52:53] इसका 2018 से फुल मेंबर है।

[52:58] बात करते हैं इससे रिलेटेड क्वेश्चंस की।

[53:00] द मीनामाटा कन्वेंशन वास हेल्ड इन जापान

[53:03] इन 2013 टू एड्रेस द एमिशन ऑफ वि हैवी

[53:05] मेटल। वेरीेंट क्वेश्चन। किस भारी धातु के

[53:09] उत्सर्जन को संबोधित करने के लिए 2013 में

[53:11] जापान में मीनामाटा अभी समय आयोजित किया

[53:14] गया था? मर्यूरी

[53:16] इन वि ईयर वाज़ द मीनामाटा कन्वेंशन हेल्ड?

[53:19] मीनामाटा सम्मेलन किस वर्ष हुआ था?

[53:23] 2013 एन इंटरनेशनल ट्रीटी टू प्रोटेक्ट

[53:26] ह्यूमन हेल्थ एंड फेस आउट द यूज़ ऑफ मरकरी

[53:29] वास साइन इन डश इन 2013 मानव स्वास्थ्य की

[53:32] रक्षा और पारे के उपयोग को चरणबद्ध तरीके

[53:35] से समाप्त करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय

[53:37] संधि पर 2013 में डैश में हस्ताक्षर किए

[53:40] गए थे। इसे साइन किया गया था मीनामाटा

[53:44] जापान में।

[53:46] द मीनामाटा ट्रेजडी वास कॉज्ड बाय

[53:48] कंज्यूमिंग फिश फ्रॉम मीनामाटा बे दैट वर

[53:51] कंटैमिनेटेड विद मीनामाटा त्रासदी

[53:54] मीनामाता खाड़ी में पलने वाली मछलियों को

[53:56] खाने के कारण हुई थी जो कि किससे दोष थे

[53:59] तो यह पोल्यूटेड थे विद मिथाइल मर्यूरी

[54:05] इन वि कंट्री वास मीनामाटा डिसीज फर्स्ट

[54:07] ऑब्जर्व्ड मीनामाटा रोग पहली बार किस देश

[54:10] में देखा गया था यह पाया गया था जापान में

[54:15] मीनामाटा डिसीज इज कॉज्ड बाय ईटिंग फिश

[54:18] दैट कंटेंस हाई लेवल ऑफ मीनामाटा रोग मछली

[54:22] खाने से होता है जिसमें क्या हाई लेवल में

[54:24] होता है तो इसमें मर्यूरी की जब

[54:26] कंसंट्रेशन हाई होती है ना तब मीनामाटा

[54:29] डिसीज होता है। ओके तो फ्रेंड्स ये हो गए

[54:32] आपके सभी कन्वेंशंस एंड प्रोटोकॉल्स एंड

[54:34] उससे रिलेटेड इंपॉर्टेंट एमसीक्यूस। आई

[54:36] होप आपको हर एक पॉइंट यहां पे क्लियर हो

[54:38] गया है। अब आता है आपका टेस्ट क्वेश्चन

[54:41] जिसका आंसर आपको बताना है कमेंट करके।

[54:43] पहला क्वेश्चन यहां पर रहेगा इन वि ईयर

[54:45] एंड इन वि कंट्री वास द रामसर कन्वेंशन

[54:48] एंड इंटर गवर्नमेंटल ट्रीटी ऑन वेटलैंड ऑफ

[54:50] इंटरनेशनलेंस अडॉप्टेड तो रामसर कन्वेंशन

[54:54] अंतरराष्ट्रीय महत्व के आदर्द्रभूमि पर एक

[54:56] अंतर सरकारी संधि किस वर्ष और किस देश में

[54:58] अपनाई गई थी आपको बताना है नेक्स्ट

[55:01] क्वेश्चन रहेगा व्हाट वाज़ द मेन स्लोगन ऑफ

[55:04] स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस? स्टॉकहोम सम्मेलन का

[55:07] मुख्य नारा क्या था? आप बताएं।

[55:09] एंड आपका लास्ट टेस्ट क्वेश्चन देखिए। ए

[55:11] व्हिच ऑफ द फॉलोइंग रिपोर्ट्स पॉपुलराइज्ड

[55:13] द टर्म सस्टेनेबल डेवलपमेंट? सतत विकास

[55:17] शब्द को निम्नलिखित में से किस रिपोर्ट ने

[55:19] अधिक लोकप्रिय बनाया है? तो ये तीनों हैं

[55:21] आपके टेस्ट क्वेश्चंस जिसका आंसर आपको

[55:23] बताना है कमेंट करके। ऑलराइट।

[55:27] तो जैसा कि फ्रेंड्स मैंने आपको ऑलरेडी

[55:29] बताया अगर आपको ई-बुक्स चाहिए तो यह आपको

[55:31] मिल जाएगी हमारे पीडीएफ नोट्स की वेबसाइट

[55:33] www. rav books pdf.com पर। यहां पर हाल

[55:36] ही में आपके लिए अप्रैल 2026 का जो मंथली

[55:39] ई-बुक है, यह लांच किया गया है। इसमें 600

[55:42] प्लस एमसीक्यूस इंक्लूडेड है विद ऑल देंट

[55:44] टॉपिक्स ऑफ करंट अफेयर्स। तो मंथली ई-बुक

[55:47] के अलावा जो है ना यहां पर आपको 11,000

[55:48] जीके, जीएस की ई-बुक भी मिल जाएगी। और खास

[55:51] बात यह है कि यह जो ई-बुकस हैं, आपको

[55:53] हिंदी मीडियम एंड इंग्लिश मीडियम दोनों

[55:54] में अवेलेबल है हमारी वेबसाइट पर। राइट?

[55:58] मंथली ई-बुक का फॉर्मेट कुछ इस तरीके का

[55:59] होगा। यहां पे आप देख सकते हैं इंपॉर्टेंट

[56:01] क्वेश्चंस एमसीक्यू फॉर्मेट में रहेंगे।

[56:03] इंपॉर्टेंट पॉइंट्स के साथ एंड पिक्चर भी

[56:05] आपके लिए यहां पर इंक्लूड की गई है। तो,

[56:07] यह जो ई बुक्स हैं, इनका क्या फीचर्स हैं?

[56:09] इंपॉर्टेंट की बात करें, तो यह डाउनलोडेबल

[56:11] है। देन आप प्रिंट कर सकते हैं इसको। 80

[56:13] प्लस पेजेस यहां पे आपके लिए इंक्लूड किए

[56:15] गए हैं। और सभी क्वेश्चंस जो है ना आपको

[56:17] इंपॉर्टेंट पॉइंट्स के साथ मिलते हैं।

[56:19] राइट? तो यह आप हमारे वेबसाइट से परचेस कर

[56:22] सकते हैं। एंड यहां पे देखिए फ्रेंड्स

[56:23] परचेस से रिलेटेड अगर आपकी कोई भी क्वेरीज

[56:25] है ना तो यह आप हमारे WhatsApp नंबर पर

[56:27] कांटेक्ट करके पूछ सकते हैं। हमारा

[56:29] WhatsApp नंबर है 987499।

[56:33] ठीक है? देन बात करें पीडीएफ की। काफी

[56:36] लोगों की डिमांड होती है कि जो भी आप

[56:38] वीडियोस देखते हैं उनकी पीडीएफ चाहिए। तो

[56:40] ये आपको मिल जाएगी हमारी एप्लीकेशन रवि

[56:42] स्टडी ऐप पर। तो यहां पे आपको जो है ना

[56:45] सभी जो पीडीएफ हैं जो आप देख रहे हैं

[56:47] वीडियोस ये मिल जाएंगी। इसके अलावा आपको

[56:48] YouTube वीडियो नोट्स, जीके जीएस की

[56:50] ई-बुक्स, करंट अफेयर्स की टेस्ट सीरीज भी

[56:52] आपके लिए यहां पे इस एप्लीकेशन पर अवेलेबल

[56:55] हैं। ऑलराइट।

[56:57] तो आप देखिए यहां पर आपको 25,000 प्लस

[57:00] जीके जीएस टेस्ट फ्री पीडीएफ मिल जाएगी।

[57:03] करंट अफेयर्स की नोट्स, YouTube नोट्स,

[57:05] ई-बुक्स, जीएस नोट्स, करंट अफेयर्स एंड

[57:08] जीके एंड करंट अफेयर्स की विनर बैच भी

[57:09] आपके आपके लिए अवेलेबल है। ऑलराइट। तो, यह

[57:13] था फ्रेंड्स, हमारा आज का लास्ट स्लाइड।

[57:15] आई होप आपको यह वीडियो पसंद आया होगा।

[57:17] वीडियो अगर आपको पसंद आया है वीडियो को

[57:19] लाइक जरूर करिएगा और साथ में चैनल को

[57:21] सब्सक्राइब कर लीजिएगा। ऐसे और भी

[57:22] इंपॉर्टेंट टॉपिक्स के साथ जो वीडियोस हैं

[57:24] हम आपके लिए लाते रहेंगे। मिलते हैं एक और

[57:26] इंपॉर्टेंट टॉपिक के साथ नेक्स्ट वीडियो

[57:28] में। तब तक के लिए थैंक यू एंड हैव अ नाइस

[57:30] डे।
