# Complete Rajasthan Polity in One Shot 🔥 | मूवी की तरह समझें 🎬 | RAS, CET, 2nd Grade | By Maan Sir

https://www.youtube.com/watch?v=gC0pjVTOFO0
Translation: en

[00:04] सर मान सर एग्जाम सर पे आ गए हैं।
  Sir, the exams are upon us, sir.

[00:06] सेकंड ग्रेड एलडीसी पटवार पुलिस सिलेबस का समंदर है।
  The syllabus for Second Grade LDC, Patwari, and Police is an ocean.

[00:10] सर किताबें पढ़-पढ़ कर दिमाग सुन हो गया है पर कॉन्फिडेंस जीरो है।
  Sir, my mind has gone numb from reading books, but my confidence is zero.

[00:14] बच्चे कह रहे हैं आप आज 4 घंटे की क्लास ले रहे हो।
  The students are saying you are taking a 4-hour class today.

[00:16] लेकिन क्या सच में 4 घंटे में ये सब कवर हो जाएगा?
  But will all this really be covered in 4 hours?

[00:18] हां, बिल्कुल हो जाएगा।
  Yes, it will definitely be covered.

[00:21] आज तक तुमने और लाखों विद्यार्थियों ने राजस्थान को सिर्फ पन्नों पर रटा है।
  Until today, you and millions of students have only memorized Rajasthan from pages.

[00:26] आज तुम उसे महसूस करोगे।
  Today you will feel it.

[00:27] किताबों को साइड में रख दो कनिष्क क्योंकि अगले 4 घंटे यह स्टूडियो एक टाइम मशीन बनने वाला है।
  Put the books aside, Kanishk, because for the next 4 hours, this studio is going to become a time machine.

[00:36] अगर तुम राजस्थान के किसी भी एग्जाम की तैयारी कर रहे हो और सिलेक्शन को लेकर डरे हुए हो तो मेरी यह बात दिमाग में बैठा लेना।
  If you are preparing for any exam in Rajasthan and are afraid of selection, then imprint this statement of mine in your mind.

[00:43] यह कोई नॉर्मल क्लास नहीं है।
  This is no ordinary class.

[00:45] यह तुम्हारे सिलेक्शन की पहली ब्लॉकबस्टर मूवी है।
  This is the first blockbuster movie of your selection.

[00:48] मैंने थ्योरी को ऐसे पिरोया है कि तुम्हारे दिमाग में एक फिल्म चलेगी और पिछले सालों के सवाल यानी पीवाईक्यूस ऐसे सेट किए हैं जैसे एग्जामिनर ने पेपर यहीं से चुराया हो।
  I have woven the theory in such a way that a film will play in your mind, and the previous years' questions, i.e., PYQs, are set as if the examiner stole the paper from here.

[00:56] चाहे वह पंचायती राज व्यवस्था और उसका प्रशासन हो या राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद।
  Whether it is the Panchayati Raj system and its administration, or the Governor, Chief Minister, and Council of Ministers.

[01:01] आज रटना भूल जाओगे।
  Today you will forget rote learning.

[01:04] वादा करता हूं अगर तुमने बिना स्किप किए यह 4 घंटे मुझे दे दिए तो एग्जाम हॉल में जब पेपर सामने आएगा तो तुम्हें ऑप्शन नहीं सिर्फ मेरा और कनिष्क का यह संवाद याद आएगा।
  I promise, if you give me these 4 hours without skipping, then when the paper comes in front of you in the exam hall, you will have no option but to remember only this conversation between me and Kanishk.

[01:14] यानी सर थ्योरी भी और पीवाईक्यूस भी सब कुछ एक ही वीडियो में एकदम मूवी स्टाइल में।
  That means, sir, both theory and PYQs, everything in one video, just like a movie style.

[01:20] बिल्कुल।
  Absolutely.

[01:22] यह राजस्थान की हर प्रतियोगी परीक्षा का ब्रह्मास्त्र है।
  This is the ultimate weapon for every competitive exam of Rajasthan.

[01:24] तो मेरे होने वाले अधिकारियों कुर्सी की पेटी बांध लो क्योंकि अब जो उड़ान हम भरने वाले हैं वो सीधे सिलेक्शन लिस्ट पर जाकर रुकेगी।
  So, my future officers, fasten your seatbelts because the flight we are about to take will stop directly on the selection list.

[01:32] चलिए इतिहास रचते हैं।
  Let's make history.

[01:33] बिल्कुल मान सर हम सभी पूरी तरह से तैयार हैं।
  Absolutely, Man Sir, we are all fully prepared.

[01:36] मान सर आज की मैराथॉन क्लास में हम कौन-कौन से चैप्टर पढ़ने वाले हैं?
  Man Sir, which chapters are we going to study in today's marathon class?

[01:40] बिल्कुल कनिष्क आज की क्लास की यही तो खासियत है।
  Absolutely, Kanishk, this is the specialty of today's class.

[01:43] चाहे आपका आरएएस का एग्जाम हो, चाहे सेकंड ग्रेड हो या कोई और अन्य टीचिंग एग्जाम जैसे रीट, फर्स्ट ग्रेड, पटवार, एलडीसी, वीडियो, पीएसआई हो या राजस्थान पुलिस।
  Whether it's your RAS exam, or Second Grade, or any other teaching exam like REET, First Grade, Patwar, LDC, Video, PSI, or Rajasthan Police.

[01:52] आज राजस्थान का प्रत्येक एग्जाम आज की इस क्लास में कवर हो जाएगा।
  Today, every exam of Rajasthan will be covered in this class.

[01:55] राजस्थान की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था यानी पॉलिटिकल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम ऑफ राजस्थान आज की क्लास के बाद आपकी उंगलियों पर होगी।
  The political and administrative system of Rajasthan, that is, the Political and Administrative System of Rajasthan, will be at your fingertips after today's class.

[02:05] चलो मैं आपको पहले बता देता हूं कि हमारे आज की मैराथन क्लास में कौन-कौन से चैप्टर कवर होने वाले हैं।
  Let me first tell you which chapters are going to be covered in today's marathon class.

[02:12] जहां से एग्जामिनर पूरा पेपर बनता है।
  From which the examiner makes the entire paper.

[02:14] फर्स्ट चैप्टर है राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रीपरिषद, गवर्नर, चीफ मिनिस्टर एंड काउंसिल ऑफिस्टर्स।
  The first chapter is Governor, Chief Minister and Council of Ministers, Governor, Chief Minister and Council of Officers.

[02:22] सेकंड राज्य विधानसभा यानी स्टेट लेजिसलेटिव असेंबली।
  Second is State Legislative Assembly, that is State Legislative Assembly.

[02:25] थर्ड राजस्थान उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय राजस्थान हाई कोर्ट एंड सबोर्डिनेट कोर्ट्स।
  Third is Rajasthan High Court and Subordinate Courts, Rajasthan High Court and Subordinate Courts.

[02:29] फोर्थ पंचायती राज व्यवस्था और उसका प्रशासन पंचायती राज सिस्टम एंड इट्स एडमिनिस्ट्रेशन।
  Fourth is Panchayati Raj system and its administration, Panchayati Raj System and Its Administration.

[02:35] फिफ्थ शहरी स्थानीय स्वशासन और उसका प्रशासन अर्बन लोकल सेल्फ गवर्नमेंट एंड इट्स एडमिनिस्ट्रेशन।
  Fifth is Urban Local Self-Government and its administration, Urban Local Self Government and Its Administration.

[02:42] सिक्स्थ चैप्टर होगा राज्य सचिवालय संभागीय आयुक्त जिला प्रशासन स्टेट सेक्रेटेरियट डिवीजनल कमिश्नर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन।
  The sixth chapter will be State Secretariat, Divisional Commissioner, District Administration, State Secretariat, Divisional Commissioner, District Administration.

[02:49] सेवंथ राजस्थान लोक सेवा आयोग राजस्थान राज्य महिला आयोग, राजस्थान राज्य वित्त आयोग, राजस्थान राज्य चुनाव आयोग और लास्ट है लोकायुक्त, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण।
  Seventh is Rajasthan Public Service Commission, Rajasthan State Women Commission, Rajasthan State Finance Commission, Rajasthan State Election Commission and last is Lokayukta, Rajasthan State Legal Services Authority.

[03:03] तो चलिए इस महासंग्राम की शुरुआत करते हैं पहले चैप्टर से राज्यपाल यानी गवर्नर।
  So let us begin this great battle with the first chapter, Governor, that is Governor.

[03:08] मूवी का सबसे पावरफुल किरदार है हमारा राज्यपाल।
  The most powerful character in the movie is our governor.

[03:11] टेंशन बिल्कुल मत लो।
  Don't take any tension at all.

[03:14] जब तुम्हारा बड़ा भाई मानसर यहां है तो पॉलिटी रटनी नहीं पड़ेगी बल्कि तुम्हारे खून में दौड़ेगी।
  When your elder brother Mansar is here, you won't have to memorize politics; it will run in your blood.

[03:18] शुरुआत एक शेर से करते हैं।
  Let's start with a verse.

[03:21] सामने हो मंजिल तो रास्ते ना मोड़ना।
  If the destination is ahead, do not change paths.

[03:24] जो भी मन में हो वह सपना ना तोड़ना।
  Do not break whatever dream is in your mind.

[03:27] कदम कदम पर मिलेंगी मुश्किलें आपको।
  You will face difficulties at every step.

[03:30] बस सितारे चुनने के लिए कभी जमीन मत छोड़ना।
  Just never leave the ground to pick stars.

[03:32] सर, क्या इसमें सारा एग्जाम ओरिएंटेड कंटेंट कवर हो जाएगा?
  Sir, will all the exam-oriented content be covered in this?

[03:37] एग्जाम में तो आजकल पेपर सेटर पता नहीं कहां-कहां से कितनी गहराई से सवाल पूछ लेते हैं।
  In exams nowadays, the paper setter asks questions from who knows where and with how much depth.

[03:42] मुझे बहुत डर लगता है।
  I am very scared.

[03:42] बिल्कुल बेटा।
  Absolutely, son.

[03:44] डर को तो आज ही खिड़की से बाहर फेंक दो।
  Throw the fear out of the window today itself.

[03:47] हमारी इस सिनेमैटिक क्लास में कक्षा छ से 12 तक की एनसीईआरटी एम लक्ष्मीकांत का पूरा ज्ञान और बैर एक्ट की एक-एक लीगल लाइन का संपूर्ण निचोड़ शामिल होगा।
  In this cinematic class of ours, the complete knowledge of NCERT from class 6 to 12, M. Laxmikanth, and the entire essence of every legal line of the Bare Act will be included.

[03:55] मैं तुम्हें गारंटी देता हूं आरपीएससी सेकंड ग्रेड का पेपर सेटर चाहे जितनी गहराई में चला जाए सवाल हमारी इसी क्लास से आएगा।
  I guarantee you, no matter how deep the RPSC second grade paper setter goes, the question will come from this class of ours.

[04:03] हम कंटेंट के साथ-साथ 2020 से 2026 तक के सारे प्रीवियस ईयर प्रश्न
  Along with the content, we cover all previous year questions from 2020 to 2026.

[04:09] यानी पीवाईक्यूस भी कहानी के बीच-बीच में ही सॉल्व करते चलेंगे।
  That means we will keep solving PYQs in between the story as well.

[04:14] तो क्या तुम तैयार हो?
  So, are you ready?

[04:16] राजस्थान की राज व्यवस्था के इस पहले और सबसे दमदार चैप्टर राज्यपाल यानी गवर्नर के सफर पर चलने के लिए।
  To embark on the journey of the first and most powerful chapter of Rajasthan's political system, the Governor.

[04:21] पूरी तरह तैयार हूं सर।
  I am fully ready, sir.

[04:23] अब तो लग रहा है कि पॉलिटी से मुझे प्यार होने वाला है।
  Now it feels like I am going to fall in love with polity.

[04:25] चलिए शुरू करते हैं।
  Let's begin.

[04:26] बेटा कनिष्क किसी भी कहानी को समझने के लिए उसके फ्लैशबैक में जाना बहुत जरूरी है।
  Son Kanishk, to understand any story, it is very important to go into its flashback.

[04:34] हमारी कहानी की शुरुआत होती है 1947 की आजादी के बाद से।
  Our story begins after the independence of 1947.

[04:37] हमारा राजस्थान कोई साधारण राज्य नहीं था।
  Our Rajasthan was not an ordinary state.

[04:40] यह 19 रियासतों, तीन ठिकानों और एक केंद्र शासित प्रदेश का समूह था।
  It was a group of 19 princely states, three estates, and one union territory.

[04:45] इसीलिए जब राजस्थान का एकीकरण हुआ तो शुरुआत में यहां राज्यपाल नहीं बल्कि राज प्रमुख का पद हुआ करता था।
  That is why when Rajasthan was unified, initially there was the position of Rajpramukh, not Governor.

[04:50] क्या तुम्हें पता है राजस्थान के पहले और एकमात्र राज प्रमुख कौन थे?
  Do you know who was the first and only Rajpramukh of Rajasthan?

[04:54] हम शायद जयपुर के कोई महाराजा थे सवाई मानसिंह जी?
  Perhaps it was some Maharaja of Jaipur, Sawai Man Singh ji?

[04:58] बिल्कुल सही जवाब।
  Absolutely correct answer.

[05:01] जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय 30 मार्च 1949 को राजस्थान के राज प्रमुख बने थे।
  The Maharaja of Jaipur, Sawai Man Singh II, became the Rajpramukh of Rajasthan on 30 March 1949.

[05:06] लेकिन बेटा एक लोकतांत्रिक देश में राजाओं और महाराजाओं वाले पद कब तक चलते?
  But son, in a democratic country, how long do positions of kings and maharajas last?

[05:08] पूरे देश
  The entire country

[05:11] में भाषा और प्रशासन के आधार पर राज्यों को नया रूप देने के लिए भारत सरकार ने राज्य पुनर्गठन आयोग यानी स्टेट्स रिऑर्गेनाइजेशन कमीशन बनाया जिसके अध्यक्ष फजल अली थे।
  To reshape the states on the basis of language and administration, the Government of India formed the States Reorganization Commission, whose chairman was Fazal Ali.

[05:24] इस आयोग की सिफारिश पर 1 नवंबर 1956 को संविधान में सातवां संशोधन किया गया।
  On the recommendation of this commission, the Seventh Amendment to the Constitution was made on 1 November 1956.

[05:31] इसी 7 नवंबर 1956 को जब राज प्रमुख का पद खत्म हुआ तो किसी को तो राज्यपाल बनाना था।
  On this same 7 November 1956, when the post of Rajpramukh was abolished, someone had to be made Governor.

[05:36] तब सरदार गुरुमुख निहाल सिंह जी को राजस्थान का प्रथम राज्यपाल नियुक्त किया गया।
  Then Sardar Gurumukh Nihal Singh ji was appointed as the first Governor of Rajasthan.

[05:41] मजे की बात यह है कि गुरुमुख निहाल सिंह जी राजस्थान आने से पहले दिल्ली के दूसरे मुख्यमंत्री भी रह चुके थे।
  The interesting thing is that Gurumukh Nihal Singh ji had also been the second Chief Minister of Delhi before coming to Rajasthan.

[05:46] वाह सर, मतलब एक व्यक्ति जो पहले एक राज्य यानी दिल्ली का मुख्यमंत्री रहा वो दूसरे राज्य यानी राजस्थान का पहला राज्यपाल बन गया।
  Wow sir, meaning a person who was first the Chief Minister of one state, i.e., Delhi, became the first Governor of another state, i.e., Rajasthan.

[05:54] ये तो सच में गजब का फैक्ट है।
  This is truly an amazing fact.

[05:57] पर सर ये तो इतिहास की बात हो गई।
  But sir, this has become a matter of history.

[05:59] क्या हमें वर्तमान का डाटा भी याद रखना है?
  Do we also have to remember the current data?

[06:01] क्योंकि करंट अफेयर्स में तो यही पूछते हैं।
  Because in current affairs, they ask exactly this.

[06:03] 100% याद रखना है बेटा।
  You have to remember 100%, son.

[06:06] मई 2026 तक के लेटेस्ट डाटा के अनुसार हमारे राजस्थान के वर्तमान राज्यपाल श्री हरिभाऊ किशन राव
  According to the latest data up to May 2026, the current Governor of our Rajasthan is Shri Haribhau Kishan Rao.

[06:11] बागड़े जी हैं।
  Bagade ji is there.

[06:15] उन्होंने 31 जुलाई 2024 को कलराज मिश्र जी का कार्यकाल पूरा होने के बाद पदभार ग्रहण किया था।
  He assumed office after the tenure of Kalraj Mishra ji ended on 31 July 2024.

[06:20] बागड़े जी 78 वर्ष के हैं।
  Bagade ji is 78 years old.

[06:22] महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्हें शपथ दिलाई थी राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव जी ने।
  He has been the former Speaker of the Maharashtra Legislative Assembly, and he was administered the oath by the Chief Justice of the Rajasthan High Court, Justice Manindra Mohan Shrivastava.

[06:29] अब बताओ क्या तुम्हें राज प्रमुख से लेकर आज तक की ऐतिहासिक कड़ी पूरी तरह समझ आ गई?
  Now tell me, do you fully understand the historical chain from Rajpramukh to today?

[06:34] जी मानस सर राज प्रमुख सवाई मानसिंह से कहानी शुरू हुई।
  Yes, Manas sir, the story began with Rajpramukh Sawai Man Singh.

[06:40] सातवें संशोधन ने राज प्रमुख का पद खत्म किया।
  The Seventh Amendment abolished the post of Rajpramukh.

[06:42] गुरुमुख निहाल सिंह जी पहले राज्यपाल बने और आज हरिभाऊ बागड़े जी इस पद पर बैठे।
  Gurmukh Nihal Singh ji became the first Governor, and today Haribhau Bagade ji sits in this position.

[06:48] एकदम क्रिस्टल क्लियर एक पिक्चर की तरह मेरे दिमाग में छप गया है।
  It is printed in my mind like a crystal clear picture.

[06:52] मान सर राजस्थान की राज व्यवस्था ने तो लाखों स्टूडेंट्स के दिमाग का दही कर दिया है।
  Man sir, the political system of Rajasthan has churned the minds of millions of students.

[06:56] यह राज प्रमुख और राज्यपाल के नाम याद करते-करते खुद का नाम भूलने की नौबत आ गई है।
  While memorizing the names of Rajpramukhs and Governors, it has come to the point of forgetting one's own name.

[07:01] कुछ ऐसी जड़ी बूटी सुंघाओ कि सब हमेशा के लिए याद हो जाए।
  Give me some herb to sniff so that everything is remembered forever.

[07:03] अरे गणेश चिल करो।
  Hey Ganesh, chill.

[07:06] टेंशन तो पेंशन लेने गई।
  Tension has gone to collect pension.

[07:08] चलो इस टेबल को एक ब्लॉकबस्टर मूवी की तरह याद करते हैं।
  Come on, let's memorize this table like a blockbuster movie.

[07:10] सबसे पहले बात करते हैं हमारे लिमिटेड एडिशन वाले हीरो की।
  First, let's talk about our limited edition hero.

[07:12] गेस
  Guess

[07:13] करो।
  Do it.

[07:15] लिमिटेड एडिशन सर राज प्रमुख की बात कर रहे हो क्या?
  Are you talking about the Limited Edition Sir Raj Pramukh?

[07:17] सवाई मानसिंह द्वितीय एकदम निशाने पर तीर।
  Sawai Man Singh II, a direct hit on the target.

[07:20] सवाई मानसिंह द्वितीय राजस्थान के प्रथम और एकमात्र राज प्रमुख थे।
  Sawai Man Singh II was the first and only Raj Pramukh of Rajasthan.

[07:23] मतलब उनके बाद सरकार ने ये मॉडल बनाना ही बंद कर दिया।
  Meaning, after him, the government stopped making this model altogether.

[07:29] 30 मार्च 1949 से 31 अक्टूबर 1956 तक।
  From 30 March 1949 to 31 October 1956.

[07:33] मतलब क्या?
  What does that mean?

[07:33] कोई एक्सपायरी डेट आ गई थी क्या इस पद की?
  Had this position reached some expiry date?

[07:35] अरे, 1956 में एक विलेन की एंट्री हुई।
  Oh, in 1956, a villain entered.

[07:37] सातवां संविधान संशोधन 1956।
  The Seventh Constitutional Amendment of 1956.

[07:41] इसने आकर राज प्रमुख के पद का गेम ओवर कर दिया और उसे हमेशा के लिए सिस्टम से डिलीट मार दिया।
  This came and ended the game of the Raj Pramukh position and permanently deleted it from the system.

[07:45] ओहो तो राज प्रमुख आउट और नया कैरेक्टर इन।
  Oh, so Raj Pramukh is out and a new character is in.

[07:49] बिल्कुल अब हुई ग्रैंड एंट्री राज्यपाल की।
  Exactly, now the grand entry of the Governor happened.

[07:51] 1 नवंबर 1956 को सरदार गुरुमुख निहाल सिंह राजस्थान के पहले राज्यपाल बने और 15 अप्रैल 1962 तक जमे रहे।
  On 1 November 1956, Sardar Gurumukh Nihal Singh became the first Governor of Rajasthan and remained until 15 April 1962.

[07:59] सर इनके बारे में कोई मसालेजान फैक्ट?
  Sir, any spicy fact about him?

[08:01] मेरा मतलब है कोई ऐसा पॉइंट जो एग्जामिनर पूछ ले?
  I mean, is there any such point that the examiner might ask?

[08:04] एकदम सॉलिड फैक्ट है।
  It's a very solid fact.

[08:07] यह सीधे राजस्थान में प्रकट नहीं हुए थे।
  He did not appear directly in Rajasthan.

[08:09] इससे पहले यह दिल्ली के दूसरे मुख्यमंत्री रह चुके थे।
  Before this, he had been the second Chief Minister of Delhi.

[08:11] मतलब दिल्ली की कुर्सी छोड़कर सीधे
  Meaning, leaving the Delhi chair, directly

[08:13] राजस्थान के रेगिस्तान में पधारे थे।
  They had arrived in the desert of Rajasthan.

[08:16] दिल्ली से सीधा राजस्थान सही है।
  Directly from Delhi to Rajasthan is correct.

[08:19] अच्छा सर ये तो हो गई पुराने जमाने की बात।
  Okay sir, that is a thing of the past.

[08:21] अभी हाल फिलहाल का क्या सीन है?
  What is the current scenario now?

[08:23] निवर्तमान का बताओ।
  Tell me about the current one.

[08:24] हाल फिलहाल में हमारे कलराज मिश्र जी ने अपनी पारी खेली।
  Recently, our Kalraj Mishra ji played his innings.

[08:26] 9 सितंबर 2019 को बैटिंग करने उतरे और 21 जुलाई 2024 तक डटे रहे।
  He came out to bat on September 9, 2019, and remained steadfast until July 21, 2024.

[08:32] सबसे खास बात उन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल फुल टू कंप्लीट किया।
  The most special thing is that he completed his full 5-year term.

[08:37] बिना आउट हुए नाबाद पवेलियन लौटे।
  He returned to the pavilion unbeaten without getting out.

[08:39] क्या बात है 5 साल की सॉलिड इनिंग्स और अभी क्रीज पर कौन है सर?
  What a solid innings of 5 years, and who is at the crease now, sir?

[08:43] अब क्रीज पर है हरिभाव किशन राव बागड़े जी।
  Now at the crease is Haribhau Kishan Rao Bagade ji.

[08:45] 31 जुलाई 2024 को इन्होंने चार्ज लिया है।
  He took charge on July 31, 2024.

[08:48] अच्छा सर इनका कोई स्पेशल बैकग्राउंड जैसे गुरुमुख जी दिल्ली से आए थे।
  Okay sir, does he have any special background, like Gurumukh ji came from Delhi?

[08:52] यह कहां से आए हैं?
  Where has he come from?

[08:53] अरे इनका बैकग्राउंड तो एकदम भारी है।
  Oh, his background is very impressive.

[08:55] यह पहले महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष यानी स्पीकर थे।
  He was previously the Speaker of the Maharashtra Legislative Assembly.

[08:57] मतलब पहले महाराष्ट्र में सबको शांत बैठ जाइए, शांत बैठ जाइए बोलते थे और अब राजस्थान के राज्यपाल बनकर शांति से राजभवन में बैठे हैं।
  Meaning, earlier in Maharashtra he used to tell everyone 'sit quietly, sit quietly,' and now as the Governor of Rajasthan, he sits peacefully in Raj Bhavan.

[09:06] अरे वाह मान सर यह तो एकदम मस्त स्टाइल था।
  Oh wow, Man sir, that was a really cool style.

[09:09] लिमिटेड एडिशन मानसिंह, दिल्ली वाले गुरुमुख, 5 साल की इनिंग वाले कलराज जी और
  Limited edition Mansingh, Gurumukh from Delhi, Kalraj ji with the 5-year innings, and

[09:14] स्पीकर हरिभाऊ।
  Speaker Haribhau.

[09:14] दिमाग में एकदम स्क्रीनशॉट सेव हो गया।
  The screenshot got saved instantly in the mind.

[09:19] लाखों स्टूडेंट्स की तरफ से आपको थैंक यू।
  Thank you on behalf of millions of students.

[09:20] बहुत बढ़िया।
  Very good.

[09:22] अब स्क्रीनशॉट सेव हो गया है तो एग्जाम में इसे बिना स्पेलिंग मिस्टेक पेस्ट करके आना।
  Now that the screenshot is saved, come and paste it in the exam without any spelling mistakes.

[09:26] अब आते हैं उस हिस्से पर जिससे स्टूडेंट सबसे ज्यादा डरते हैं।
  Now we come to the part that students fear the most.

[09:28] संविधान के अनुच्छेद यानी आर्टिकल्स।
  The articles of the constitution, i.e., articles.

[09:30] अक्सर बच्चे कहते हैं कि सर अनुच्छेद रटते हैं अगले दिन भूल जाते हैं।
  Children often say that sir, we memorize the articles but forget them the next day.

[09:35] लेकिन कनिष्क जब तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ है तो डर कैसा?
  But Kanishk, when your brother is with you, what fear?

[09:40] संविधान के भाग छह में अनुच्छेद 153 से 167 तक राज्य कार्यपालिका का वर्णन है।
  In Part Six of the Constitution, Articles 153 to 167 describe the state executive.

[09:44] मैं तुम्हें अनुच्छेद 153 से 159 याद करने की एक ऐसी जादुई ट्रिक दे रहा हूं जिससे तुम्हें यह कविता की तरह याद हो जाएंगे।
  I am giving you such a magical trick to remember Articles 153 to 159 that you will remember them like a poem.

[09:51] ट्रिक लिखो।
  Write the trick.

[09:51] राक नी कायो श
  Raak nee kaayo sh

[09:54] सर यह कैसा तांत्रिक मंत्र है?
  Sir, what kind of tantric chant is this?

[09:57] रा का नी कायो श इससे कैसे याद होगा?
  Ra ka nee kaayo sh, how will this help remember?

[09:59] यही तो मानसर का जादू है बेटा।
  This is the magic of Mansar, son.

[10:01] अब इस मंत्र को डिकोड करते हैं।
  Now let's decode this chant.

[10:04] ध्यान से सुनना।
  Listen carefully.

[10:04] रा अनुच्छेद 153 राज्यों के राज्यपाल बेर एक्ट कहता है कि प्रत्येक राज्य का एक राज्यपाल होगा।
  Ra, Article 153, the Governor of States Act says that each state shall have a Governor.

[10:13] लेकिन सातवें संशोधन 1956 ने इसमें एक लाइन जोड़ दी कि एक ही
  But the Seventh Amendment of 1956 added a line to it that the same

[10:15] व्यक्ति को दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल भी नियुक्त किया जा सकता है।
  A person can also be appointed as the governor of two or more states.

[10:19] अनुच्छेद 154 राज्य की कार्यपालिका शक्ति यानी एग्जीक्यूटिव पावर राज्यपाल में निहित होगी।
  Article 154: The executive power of the state shall be vested in the governor.

[10:27] यानी राज्य का सारा काम राज्यपाल के नाम पर होगा।
  That is, all the work of the state will be done in the name of the governor.

[10:31] अनुच्छेद 155 राज्यपाल की नियुक्ति यानी अपॉइंटमेंट।
  Article 155: Appointment of the governor.

[10:33] बेटा इसे भारत का राष्ट्रपति नियुक्त करता है।
  Son, the President of India appoints him.

[10:38] यहां एक सवाल आता है कि राज्यपाल का चुनाव क्यों नहीं होता?
  Here a question arises: why is the governor not elected?

[10:40] उसे नियुक्त क्यों किया जाता है?
  Why is he appointed?

[10:42] क्योंकि अगर मुख्यमंत्री भी चुना हुआ हो और राज्यपाल भी चुना हुआ तो दोनों के बीच ईगो क्लैश होगा कि मैं बड़ा या तू बड़ा।
  Because if the chief minister is also elected and the governor is also elected, there will be an ego clash between them over who is greater.

[10:49] इसलिए हमने यह नियुक्ति वाली प्रणाली कनाडा के संविधान से ली है।
  Therefore, we have taken this system of appointment from the Constitution of Canada.

[10:52] अनुच्छेद 156 कार्यकाल यानी टेन्योर।
  Article 156: Tenure.

[10:55] सामान्यतः इसका कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
  Generally, its term is 5 years.

[10:58] लेकिन संविधान की असल भाषा कहती है कि वह राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत यानी प्लेजर ऑफ प्रेसिडेंट पद धारण करेगा।
  But the actual language of the constitution says that he shall hold office during the pleasure of the President.

[11:05] यानी राष्ट्रपति जब चाहे उसे हटा सकता है।
  That is, the President can remove him whenever he wishes.

[11:08] अनुच्छेद 157 योग्यताएं यानी क्वालिफिकेशंस।
  Article 157: Qualifications.

[11:11] वह भारत का नागरिक हो और 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
  He must be a citizen of India and have completed the age of 35 years.

[11:13] बेटा याद
  Son, remember

[11:16] रखना इसमें लोकसभा या विधानसभा का सदस्य बनने की योग्यता जैसी कोई शर्त नहीं है जो अक्सर एग्जामिनर कंफ्यूज करने के लिए ऑप्शन में देता है।
  There is no condition like eligibility to become a member of Lok Sabha or Legislative Assembly in this, which the examiner often gives in options to confuse.

[11:23] श अनुच्छेद 158 पद के लिए शर्तें वह संसद या विधानमंडल का सदस्य नहीं होना चाहिए और कोई लाभ का पद यानी ऑफिस ऑफ प्रॉफिट धारण ना करें।
  Article 158 conditions for the office: he should not be a member of Parliament or Legislature and should not hold any office of profit.

[11:36] श अनुच्छेद 159 शपथ अब इतनी बड़ी पोस्ट है तो शपथ भी कोई बड़ा आदमी ही दिलाएगा ना।
  Article 159 oath: now this is such a big post, so only a big person will administer the oath, right?

[11:39] इन्हें शपथ दिलाते हैं सीधे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश यानी चीफ जस्टिस ऑफ हाईकोर्ट जैसे हमारे हरिभाऊ बागड़े जी को मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव जी ने शपथ दिलाई थी।
  They are administered the oath directly by the Chief Justice of the High Court, like our Haribhau Bagade ji was administered the oath by Chief Justice Manindra Mohan Srivastava ji.

[11:51] वाह मानस सर आज तो सच में मजा आ गया।
  Wow, Manas sir, today was really enjoyable.

[11:54] राकानी कायो शश 153 से 159 तक एकदम एक सांस में याद हो गए।
  Rakani Kayo Shash from 153 to 159 were memorized in one breath.

[11:58] आपने तो बेर एक्ट की उस जटिल भाषा को एकदम हलवा बना दिया।
  You have turned that complex language of the Bare Act into a piece of cake.

[12:03] सर क्या सच में इस ट्रिक से एग्जाम के सवाल सॉल्व हो जाएंगे?
  Sir, will exam questions really be solved with this trick?

[12:05] इससे कोई सवाल आया है क्या हाल ही में?
  Has any question come from this recently?

[12:08] बिल्कुल आया है और सीधे आरपीएससी ने पूछा है।
  Absolutely, it has come and directly RPSC has asked it.

[12:10] अब तुम खुद इसका जवाब दोगी।
  Now you yourself will answer this.

[12:13] आरपीएससी सेकंड ग्रेड जीके ग्रुप डी 2025 में आया था।
  It came in RPSC Second Grade GK Group D 2025.

[12:15] राज्यपाल के पद के संदर्भ में
  In the context of the post of Governor.

[12:18] निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है?
  Which of the following pairs is not correctly matched?

[12:20] अनुच्छेद 156 राज्यपाल का कार्यकाल।
  Article 156: Term of office of the Governor.

[12:23] अनुच्छेद 157 राज्यपाल नियुक्त होने की योग्यताएं।
  Article 157: Qualifications for appointment as Governor.

[12:27] अनुच्छेद 158 राज्यपाल द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान।
  Article 158: Oath or affirmation by the Governor.

[12:33] अनुच्छेद 159 राज्यपाल की नियुक्ति।
  Article 159: Appointment of the Governor.

[12:35] बताओ कनिष्क इसका उत्तर क्या होगा?
  Tell me, Kanishka, what will be the answer?

[12:37] सर अभी तो आपने मंत्र में बताया श यानी 158 में शर्तें हैं जबकि शपथ तो अनुच्छेद 159 में आती है।
  Sir, just now you said in the mantra that 'Sh' means Article 158 has conditions, while the oath comes in Article 159.

[12:43] तो ऑप्शन तीन पूरी तरह गलत है।
  So option three is completely wrong.

[12:46] सुमेलित नहीं है।
  It is not correctly matched.

[12:47] शानदार बेटा एक्सीलेंट।
  Excellent, son, excellent.

[12:49] तुम तो अभी से टॉपर वाली फील दे रही हो।
  You are already giving off a topper vibe.

[12:52] यही कॉन्फिडेंस मुझे हर उस स्टूडेंट में चाहिए जो इस वक्त मुझे स्क्रीन के उस पार देख रहा है।
  This is the confidence I want in every student who is watching me from across the screen right now.

[12:56] रटना छोड़ो कांसेप्ट को जियो।
  Stop rote learning, live the concept.

[12:57] सर जी पिछला वाला तो दिमाग में छप गया।
  Sir, the previous one is etched in my mind.

[13:00] लेकिन यह जो संविधान के अनुच्छेद है ना इन्हें देखकर तो दिमाग का फ्यूज ही उड़ जाता है।
  But seeing these articles of the constitution, it just blows a fuse in the brain.

[13:04] 153 से लेकर 159 तक सब एक जैसे जुड़वा भाई लगते हैं।
  From 153 to 159, they all seem like identical twin brothers.

[13:10] कोई ऐसा जादू कोना या रैप बताओ कि यह भी हमेशा के लिए सेट हो जाए।
  Tell me some magic trick or rap so that this too gets set forever.

[13:12] अरे कनिष्क टेंशन काहे को?
  Hey Kanishka, why the tension?

[13:15] आज मैं तुम्हें ऐसा रैप सॉन्ग दूंगा कि एग्जामिनर भी ताली बजाएगा।
  Today I will give you such a rap song that even the examiner will clap.

[13:17] बस एक जादुई मंत्र याद कर लो।
  Just remember one magical mantra.

[13:19] राकानी कायो शश सर यह क्या है किसी चाइनीस डिश का नाम है या किसी को लगातार छींक आ रही है?
  Rakani Kayo Shash sir, what is this? Is it the name of some Chinese dish, or is someone sneezing continuously?

[13:28] यही तो मास्टर चाबी है 153 से 159 तक के तालों की चलो इसे डिकोड करते हैं.
  This is the master key for locks from 153 to 159; let's decode it.

[13:33] सबसे पहले आता है अनुच्छेद 153 इसका अक्षर है रा से राज्यों के राज्यपाल और इसमें एक स्पेशल बाय वन गेट वन वाला ऑफर भी है.
  First comes Article 153, its letter is 'Ra' for governors of states, and it also has a special buy-one-get-one offer.

[13:41] एक ही व्यक्ति दो राज्यों का राज्यपाल भी बन सकता है.
  One person can also be the governor of two states.

[13:44] सही है सर.
  That's right, sir.

[13:46] एक तीर से दो शिकार.
  Two birds with one stone.

[13:46] फिर अनुच्छेद 154 में का क्या मतलब है सर?
  Then in Article 154, what does 'Ka' mean, sir?

[13:49] का मतलब कार्यपालिका शक्ति यानी एग्जीक्यूटिव पावर.
  'Ka' means executive power, i.e., executive power.

[13:53] राज्य की पूरी कार्यपालिका पावर इन्हीं के नाम से चलती है.
  The entire executive power of the state runs in their name.

[13:56] फिर आता है अनुच्छेद 155 जिसका अक्षर है नी.
  Then comes Article 155, whose letter is 'Ni'.

[13:59] नी यानी नियुक्ति यानी अपॉइंटमेंट.
  'Ni' means appointment, i.e., appointment.

[14:02] और यह नियुक्ति कौन करता है?
  And who makes this appointment?

[14:04] सीधे देश के बॉस यानी राष्ट्रपति जी की तरफ से डायरेक्ट एंट्री.
  Direct entry from the country's boss, i.e., the President.

[14:07] तो रा का नी हो गया.
  So 'Ra' became 'Ka' and 'Ni'.

[14:10] अब अनुच्छेद 156 में वापस का आ गया.
  Now in Article 156, 'Ka' has come back.

[14:12] इस वाले का का क्या मतलब है सर?
  What does this 'Ka' mean, sir?

[14:13] इस दूसरे का का मतलब है कार्यकाल यानी टेन्योर.
  This second 'Ka' means tenure, i.e., tenure.

[14:17] और मजेदार बात यह है कि इनका कार्यकाल फिक्स नहीं होता.
  And the funny thing is that their tenure is not fixed.

[14:17] यह राष्ट्रपति
  This is the President...

[14:20] के प्रसाद पर्यंत यानी प्लेजर ऑफ प्रेसिडेंट काम करते हैं।
  They work until the pleasure of the President.

[14:24] मतलब जब तक बॉस मेहरबान तब तक राज्यपाल पहलवान।
  Meaning, as long as the boss is gracious, the governor is a wrestler.

[14:27] बॉस मेहरबान राज्यपाल पहलवान एकदम सॉलिड।
  Boss gracious, governor wrestler, absolutely solid.

[14:30] और अनुच्छेद 159 का यो यो यो हनी सिंह वाला यो।
  And Article 159's yo yo yo Honey Singh style yo.

[14:34] लगभग वैसा ही समझ लो।
  Understand it as almost the same.

[14:37] यो से है योग्यताएं यानी क्वालिफिकेशंस।
  From 'yo' come the qualifications.

[14:39] राजभवन में यो यो करने के लिए तुम्हारी उम्र कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए।
  To do yo yo in the Raj Bhavan, your age must be at least 35 years.

[14:44] और तुम भारत के नागरिक होने चाहिए।
  And you must be a citizen of India.

[14:46] तभी इस पोस्ट के लिए एलिजिबल होंगे।
  Only then will you be eligible for this post.

[14:46] समझ गया सर?
  Did you understand, sir?

[14:49] अब बचे लास्ट के दो श।
  Now remain the last two 'sh'.

[14:52] अनुच्छेद 158 और 159 में कौन से श छुपे हैं?
  Which 'sh' are hidden in Articles 158 and 159?

[14:52] अनुच्छेद 158 का पहला श है शर्तें।
  The first 'sh' of Article 158 is conditions.

[14:55] कंडीशंस।
  Conditions.

[14:58] शर्त यह है कि अगर राज्यपाल बन गए तो कोई और लाभ का पद यानी ऑफिस ऑफ प्रॉफिट नहीं रख सकते।
  The condition is that if you become governor, you cannot hold any other position of profit, i.e., office of profit.

[15:03] नो साइड बिजनेस ओनली राजभवन ड्यूटी।
  No side business, only Raj Bhavan duty.

[15:05] और लास्ट अनुच्छेद 159 वाला श?
  And the last 'sh' of Article 159?

[15:07] 159 का दूसरा श है शपथ।
  The second 'sh' of 159 is oath.

[15:10] अब इतनी बड़ी पोस्ट है तो शपथ भी कोई बड़ा आदमी ही दिलाएगा ना।
  Now, since it's such a big post, only a big person will administer the oath, right?

[15:14] इन्हें शपथ दिलाते हैं सीधे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश यानी चीफ जस्टिस ऑफ हाईकोर्ट।
  They are administered the oath directly by the Chief Justice of the High Court.

[15:19] जैसे हमारे हरिभाऊ बागड़े जी को मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र
  Like our Haribhau Bagde ji was administered by Chief Justice Manindra

[15:21] मोहन श्रीवास्तव जी ने शपथ दिलाई थी।
  Mohan Shrivastava ji administered the oath.

[15:23] वाह मानस सर क्या गजब की ट्रिक है।
  Wow, Manas sir, what an amazing trick.

[15:26] राकानी कायो शश।
  Rakani Kayo Shash.

[15:29] यह राकानी कायो शश का मंत्र तो दिमाग में परमानेंट टैटू की तरह छप गया।
  This mantra of Rakani Kayo Shash got printed in the mind like a permanent tattoo.

[15:32] अब तो बस एग्जाम में ये राख गाना है और टिक मारना है।
  Now, in the exam, I just have to sing this 'Raakh' and mark the tick.

[15:35] बिल्कुल।
  Exactly.

[15:36] अब एग्जाम में जैसे ही ये आर्टिकल्स दिखे मन में यही गाना प्ले करना।
  Now, as soon as these articles appear in the exam, play this same song in your mind.

[15:41] और राज्य में अचानक कोई कानून बनाने की इमरजेंसी आ जाए तब क्या होगा?
  And if there is a sudden emergency to make a law in the state, then what will happen?

[15:43] तब तो विधानसभा को वापस बुलाना पड़ेगा जिसमें टाइम लगेगा।
  Then the assembly would have to be reconvened, which would take time.

[15:47] यहीं तो सुपरमैन की एंट्री होती है।
  This is where Superman enters.

[15:49] राज्यपाल अपना पेन निकालता है और अनुच्छेद 213 के तहत एक आदेश पर साइन करता है जिसे अध्यादेश कहते हैं।
  The Governor takes out his pen and signs an order under Article 213, which is called an ordinance.

[15:58] यह अध्यादेश बिल्कुल उसी तरह और उसी ताकत से काम करता है जैसे विधानसभा द्वारा पास किया गया कोई पक्का कानून।
  This ordinance works exactly in the same way and with the same force as any permanent law passed by the assembly.

[16:03] हा मतलब राज्यपाल जी राजी के असली सिंघम हैं।
  Ha, meaning the Governor is the real Singham of the state.

[16:07] जो चाहे कानून बना दे।
  He can make any law he wants.

[16:09] हां सिंघम तो हैं लेकिन इस कानून की एक एक्सपायरी डेट होती है।
  Yes, he is a Singham, but this law has an expiry date.

[16:15] यह अध्यादेश केवल तभी तक लागू रहता है जब तक विधानसभा का सत्र शुरू ना हो जाए।
  This ordinance remains in effect only until the assembly session begins.

[16:20] सत्र शुरू होने के ठीक छ हफ्ते यानी 42 दिन के अंदर इसे
  Within exactly six weeks, i.e., 42 days, of the session starting, it

[16:23] विधानसभा से पास करवाना जरूरी होता है।
  It is necessary to get it passed from the Legislative Assembly.

[16:26] वरना यह अपने आप समाप्त हो जाता है।
  Otherwise, it automatically expires.

[16:28] इसी पर सवाल आया था आरपीएससी सेकंड ग्रेड 29 जैन 2023 में अनुच्छेद 233 के अंतर्गत राज्यपाल को कौन सी शक्ति प्राप्त है?
  A question came on this: under Article 233 in RPSC Second Grade 29 Jain 2023, what power does the Governor have?

[16:38] उत्तर है अध्यादेश जारी करने की शक्ति।
  The answer is the power to issue ordinances.

[16:40] सर क्या राज्यपाल के पास पैसों, फाइनेंस और न्याय से जुड़ी भी कोई शक्तियां होती है?
  Sir, does the Governor also have any powers related to money, finance, and justice?

[16:45] बहुत अहम शक्तियां होती हैं।
  They are very important powers.

[16:48] वित्तीय शक्तियों यानी फाइनेंशियल पावर्स में अनुच्छेद 202 के तहत राज्यपाल हर साल राज्य का बजट एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट विधानसभा में रखवाता है।
  In financial powers, under Article 202, the Governor has the state's budget, the annual financial statement, presented in the Legislative Assembly every year.

[16:59] कोई भी धन विधेयक मनी बिल राज्यपाल की पूर्व अनुमति के बिना विधानसभा में पेश नहीं किया जा सकता।
  No money bill can be introduced in the Legislative Assembly without the prior permission of the Governor.

[17:05] इसके अलावा पंचायतों और नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए वह हर 5 साल में राज्य वित्त आयोग स्टेट फाइनेंस कमीशन का गठन करता है।
  Additionally, for reviewing the financial condition of Panchayats and municipalities, he constitutes the State Finance Commission every 5 years.

[17:16] अनुच्छेद 243 आई और 243 व के तहत न्यायिक शक्तियों की बात करें तो अनुच्छेद 161 में राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति है।
  Speaking of judicial powers under Articles 243I and 243W, Article 161 contains the Governor's power of pardon.

[17:22] वो राज्य के
  He of the state

[17:24] कानूनों के तहत सजा पाए किसी भी व्यक्ति की सजा को कम कर सकता है, टाल सकता है या पूरी तरह क्षमा कर सकता है।
  He can reduce, postpone, or completely pardon the sentence of any person convicted under the laws.

[17:32] सर, मैंने पढ़ा है कि राष्ट्रपति भी क्षमा करता है।
  Sir, I have read that the President also grants pardons.

[17:34] अनुच्छेद 72 तो दोनों में फर्क क्या है?
  Article 72, then what is the difference between the two?

[17:37] बेहतरीन डाउट राष्ट्रपति मौत की सजा, डेथ सेंटेंस को पूरी तरह माफ कर सकता है और मिलिट्री कोर्ट की सजा को भी माफ कर सकता है।
  Excellent doubt: the President can completely pardon the death sentence, the death sentence, and can also pardon the sentence of a military court.

[17:47] लेकिन हमारा राज्यपाल ना तो मौत की सजा को पूरी तरह माफ कर सकता है।
  But our Governor can neither completely pardon the death sentence.

[17:49] वो सिर्फ उसे उम्र कैद में बदल सकता है और ना ही उसे मिलिट्री कोर्ट के मामलों में कोई अधिकार है।
  He can only convert it to life imprisonment, and he has no authority in matters of military courts.

[17:56] यह बहुत बारीक अंतर है जो आरपीएससी अक्सर स्टेटमेंट वाले सवालों में पूछता है।
  This is a very subtle difference that the RPSC often asks in statement-based questions.

[18:00] कनिष्का बेटा अब हम एंट्री मारते हैं राज्यपाल की शक्तियों के महासागर में।
  Kanishka, son, now we dive into the ocean of the Governor's powers.

[18:04] राज्यपाल कोई डमी किरदार नहीं है।
  The Governor is not a dummy character.

[18:07] वह राज्य का संवैधानिक मुखिया होता है।
  He is the constitutional head of the state.

[18:09] सबसे पहले बात करते हैं उसकी कार्यपालिका शक्तियों की यानी एग्जीक्यूटिव पावर्स की।
  First, let's talk about his executive powers, i.e., executive powers.

[18:13] संविधान का अनुच्छेद 166 कहता है कि राज्य सरकार के सभी कार्यकारी कार्य राज्यपाल के नाम पर ही किए जाएंगे।
  Article 166 of the Constitution says that all executive actions of the state government shall be taken in the name of the Governor.

[18:21] वो नियुक्तियों का बॉस होता है।
  He is the boss of appointments.

[18:21] बॉस मतलब वो किस-किस की नियुक्ति करता है
  Boss means whom does he appoint?

[18:24] सर?
  Sir?

[18:24] पूरी लिस्ट सुनोगी तो हैरान रह जाओगी।
  If you hear the full list, you will be amazed.

[18:26] अनुच्छेद 164 के तहत वह मुख्यमंत्री यानी सीएम को नियुक्त करता है और सीएम की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
  Under Article 164, he appoints the Chief Minister, i.e., the CM, and appoints other ministers on the advice of the CM.

[18:34] इसके अलावा अनुच्छेद 165 के तहत राज्य के महाधिवक्ता यानी एडवोकेट जनरल अनुच्छेद 243 के तहत राज्य निर्वाचन आयुक्त यानी स्टेट इलेक्शन कमिश्नर और राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति करता है।
  Additionally, under Article 165, he appoints the Advocate General of the state, under Article 243, the State Election Commissioner, i.e., the State Election Commissioner, and the chairperson of the State Human Rights Commission.

[18:48] लेकिन सबसे बड़ा पेच फंसता है राजस्थान लोक सेवा आयोग के मामले में।
  But the biggest complication arises in the case of the Rajasthan Public Service Commission.

[18:52] आरपीएससी के मामले में कैसा पेच सर?
  What is the complication in the case of RPSC, sir?

[18:55] वह भी तो राज्य का ही आयोग है।
  That too is a commission of the state only.

[18:56] हां, आरपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति तो राज्यपाल ही करता है।
  Yes, the Governor appoints the chairperson and members of RPSC.

[19:00] लेकिन जब उन्हें पद से हटाने की बात आती है, तो राज्यपाल के पास यह पावर नहीं है।
  But when it comes to removing them from office, the Governor does not have this power.

[19:05] आरपीएससी के सदस्यों को केवल भारत का राष्ट्रपति ही हटा सकता है।
  Only the President of India can remove the members of RPSC.

[19:09] वह भी सुप्रीम कोर्ट की जांच के बाद यह पॉइंट आरपीएससी बार-बार पूछता है।
  That too after an inquiry by the Supreme Court; RPSC repeatedly asks this point.

[19:12] इसके अलावा एक और बहुत महत्वपूर्ण बात।
  Besides this, there is another very important thing.

[19:15] आरपीएससी पूरे साल जो भी काम करता है, उसकी रिपोर्ट यानी एनुअल रिपोर्ट वह किसे सौंपता है?
  To whom does RPSC submit its report, i.e., the annual report, of whatever work it does throughout the year?

[19:22] सर, क्योंकि आरपीएससी राज्य का आयोग है और राज्यपाल
  Sir, because RPSC is a commission of the state and the Governor

[19:25] राज्य का मुखिया है तो शायद आरपीएससी अपनी वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल को ही सौंपता होगा।
  If he is the head of the state, then perhaps RPSC submits its annual report only to the Governor.

[19:29] बिल्कुल सटीक लॉजिक।
  Absolutely precise logic.

[19:31] अब एक प्रश्न जो आरपीएससी सेकंड ग्रेड 29 जैन 2023 में पूछा था।
  Now a question that was asked in RPSC Second Grade on 29 January 2023.

[19:34] राजस्थान लोक सेवा आयोग अपना वार्षिक प्रतिवेदन किसे प्रस्तुत करता है?
  To whom does the Rajasthan Public Service Commission submit its annual report?

[19:39] सर, राजस्थान के राज्यपाल को संविधान के अनुच्छेद 323 के तहत।
  Sir, to the Governor of Rajasthan under Article 323 of the Constitution.

[19:43] बिल्कुल सही।
  Absolutely correct.

[19:46] और सुनो एक और बहुत बड़ा कंफ्यूजन होता है विश्वविद्यालयों के कुलधिपति को लेकर।
  And listen, there is another big confusion regarding the Chancellor of universities.

[19:48] नियम यह है कि राज्यपाल राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों का पदेन कुलधिपति यानी एक्स ऑफिसियो चांसलर होता है और वो कुलपतियों की नियुक्ति करता है।
  The rule is that the Governor is the ex-officio Chancellor of all government universities in the state and he appoints the Vice-Chancellors.

[20:00] लेकिन ध्यान रहे यहां पेपर सेटर एक बड़ा जाल बिछाता है।
  But note, here the paper setter lays a big trap.

[20:01] कैसा जाल सर मैं उसमें नहीं फंसना चाहती।
  What kind of trap, sir? I don't want to get caught in it.

[20:04] पेपर सेटर ऑप्शन में जानबूझकर केंद्रीय विश्वविद्यालय यानी सेंट्रल यूनिवर्सिटी डाल देता है।
  The paper setter deliberately puts a central university in the options.

[20:10] प्रश्न देखो जो आरपीएससी सेकंड ग्रेड 29 जैन 2023 में पूछा गया था।
  Look at the question that was asked in RPSC Second Grade on 29 January 2023.

[20:13] राजस्थान का राज्यपाल निम्नांकित में से किस विश्वविद्यालय का कुलाधिपति नहीं है?
  The Governor of Rajasthan is not the Chancellor of which of the following universities?

[20:18] ऑप्शन थे एक राजस्थान तकनीकी विवी दो राजस्थान संस्कृत विवी तीन राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय अजमेर चार हरिदेव
  The options were: one Rajasthan Technical University, two Rajasthan Sanskrit University, three Rajasthan Central University Ajmer, four Haridev

[20:26] जोशी पत्रकारिता विवी इसका सही उत्तर था

[20:29] राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय अजमेर

[20:32] बेटा हमेशा याद रखना कि केंद्रीय

[20:34] विश्वविद्यालयों का कुलधिपति भारत के

[20:36] राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।

[20:37] राज्य का राज्यपाल उनका कुलधिपति नहीं

[20:39] होता।

[20:40] ओह यह तो सच में एक बहुत बड़ा ट्रैप था।

[20:42] मतलब जहां भी केंद्रीय शब्द दिखे वहां

[20:45] राज्यपाल को टिक नहीं करना है। मैं इसे

[20:47] पक्का याद रखूंगी। सर कार्यपालिका

[20:49] शक्तियां तो समझ आ गई। विधाई शक्तियों के

[20:51] बारे में भी कुछ ऐसा ही जबरदस्त बता

[20:53] दीजिए।

[20:53] विधाई शक्तियों में राज्यपाल विधानसभा का

[20:56] सबसे अहम हिस्सा है। तुम्हें पता है

[20:57] कनिष्का? राज्य विधानमंडल केवल विधायकों

[21:00] से मिलकर नहीं बनता बल्कि राज्यपाल और

[21:02] विधानसभा और जहां विधान परिषद हो वहां वह

[21:05] भी से मिलकर बनता है। अनुच्छेद 174 के तहत

[21:08] राज्यपाल विधानसभा का सत्र बुलाता है यानी

[21:11] समनिंग सत्रावसान करता है यानी प्रोरोगेशन

[21:14] और मुख्यमंत्री की सिफारिश पर विधानसभा को

[21:16] भंग भी कर सकता है।

[21:18] सर क्या राज्यपाल कभी विधानसभा में जाकर

[21:20] भाषण भी देता है?

[21:21] बिल्कुल। अनुच्छेद 175 के तहत उसे सदन को

[21:24] संबोधित करने का अधिकार है और अनुच्छेद

[21:26] 176 के तहत विशेष अभिभाषण का प्रावधान है।

[21:30] जब भी नई विधानसभा के चुनाव के बाद पहला

[21:32] सत्र होता है या हर साल का जो पहला सत्र

[21:34] यानी बजट सत्र होता है उसकी शुरुआत

[21:36] राज्यपाल के भाषण से ही होती है। एक और

[21:39] शक्ति है अनुच्छेद 192 में। अगर कोई

[21:41] विधायक चुनाव जीतने के बाद अयोग्य हो जाए

[21:44] यानी दलबदी को छोड़कर तो उसे पद से हटाने

[21:46] का अंतिम निर्णय राज्यपाल ही लेता है।

[21:48] लेकिन ऐसा वो भारत के चुनाव आयोग की सलाह

[21:51] पर करता है। अब आते हैं सबसे दिलचस्प

[21:53] हिस्से पर वीटो पावर पर। जब विधानसभा कोई

[21:56] बिल पास करके राज्यपाल के पास साइन करने

[21:58] के लिए भेजती है तो अनुच्छेद 200 के तहत

[22:00] राज्यपाल के पास चार जादुई विकल्प होते

[22:02] हैं।

[22:03] चार विकल्प वो क्या कहें सर? सुनो।

[22:05] वो बिल पर साइन कर दे। बिल कानून बन

[22:07] जाएगा। वह अपनी स्वीकृति रोक ले यानी

[22:09] विदहोल्ड एसेंट। यह उसका वीटो है। वह बिल

[22:12] को वापस विधानसभा के पास पुनर्विचार यानी

[22:14] रिकंसीडरेशन के लिए भेज दे। लेकिन अगर

[22:16] विधानसभा उसे दोबारा पास कर दे तो

[22:19] राज्यपाल को साइन करने ही पड़ते हैं। और

[22:21] सबसे अहम वह उस बिल को राष्ट्रपति के

[22:23] विचार के लिए सुरक्षित रख ले।

[22:25] सर यह चार नंबर वाला विकल्प तो बड़ा अजीब

[22:27] है। अगर बिल राष्ट्रपति के पास चला गया तो

[22:29] फिर उस पर फैसला कौन करेगा? और क्या इसका

[22:32] कोई अलग अनुच्छेद है?

[22:33] बहुत ही उम्दा सवाल कनिष्का। यही तो

[22:35] ट्विस्ट है। 161 के तहत वे सजा कम तो कर

[22:38] सकते हैं, लेकिन मृत्युदंड यानी फांसी को

[22:40] पूरी तरह माफ करने का अधिकार उनके पास

[22:42] नहीं है। यह पावर सिर्फ और सिर्फ

[22:44] राष्ट्रपति यानी देश के बिग बॉस के पास

[22:47] होती है।

[22:48] ओह हो तो मतलब 200 टोल प्लाज़ा पास वीटो या

[22:52] रिजर्व। 2011 का शगुन राष्ट्रपति का

[22:55] निर्णय 202 पैसे दो बजट दो3 अध्यादेश का

[22:59] ब्रह्मास्त्र छ हफ्ते की एक्सपायरी 16161

[23:04] माफी है नेत पर फांसी माफ नहीं होगी मान

[23:08] सर यह सुपर हीरो वाली पावर्स तो दिमाग में

[23:10] 4K रेजोल्यूशन में छप गई हैं।

[23:12] शानदार कनिष्क अगर तुम और बाकी स्टूडेंट्स

[23:15] इस तरह कहानी और मजेदार ट्रिक से पढ़ोगे

[23:17] तो पिटी का कोई भी पेपर तुम्हें डरा नहीं

[23:19] पाएगा। कनिष्क अब हम पिटी के सबसे

[23:22] कंट्रोवर्शियल और सबसे ज्यादा एग्जाम में

[23:24] पूछे जाने वाले टॉपिक पर आ रहे हैं। क्या

[23:26] राज्यपाल हमेशा मुख्यमंत्री की सलाह पर ही

[23:29] काम करता है? संविधान का अनुच्छेद 163

[23:31] कहता है कि राज्यपाल को सहायता और सलाह

[23:34] देने के लिए एक मंत्रीपरिषद होगी जिसका

[23:36] मुखिया मुख्यमंत्री होगा। लेकिन इसी में

[23:39] एक शब्द है स्वविवेक यानी डिस्क्रीशन। कुछ

[23:42] मामलों में राज्यपाल अपने दिमाग से अपनी

[23:44] मर्जी से फैसला लेता है और इसके लिए वह

[23:46] किसी की सलाह मानने को बाध्य नहीं है।

[23:48] सर वो कौन सी परिस्थितियां हैं जहां

[23:50] राज्यपाल अपनी मर्जी चलाता है? जैसे चुनाव

[23:53] के बाद अगर किसी भी पार्टी को बहुमत ना

[23:55] मिले यानी हंग असेंबली तो किसे

[23:57] मुख्यमंत्री बनाना है यह राज्यपाल तय

[23:59] करेगा या फिर सरकार अल्पमत में आ जाए और

[24:02] विधानसभा में विश्वास मत साबित ना कर पाए

[24:04] तो विधानसभा को भंग करने का फैसला

[24:06] राज्यपाल का स्ववेक होता है। लेकिन इसकी

[24:09] सबसे खतरनाक विवेकाधीन शक्ति तब सामने आती

[24:11] है जब राज्य का संवैधानिक तंत्र फेल हो

[24:14] जाए। तब राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत

[24:17] राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजता है कि सर

[24:19] राज्य में सरकार ठीक से नहीं चल रही। आप

[24:21] यहां राष्ट्रपति शासन लगा दीजिए और यही

[24:24] हमारी कहानी का सबसे इंटेंस सीन है

[24:26] राजस्थान में राष्ट्रपति शासन।

[24:28] सर मुझे याद है राजस्थान में अब तक कुल

[24:31] चार बार राष्ट्रपति शासन लगा है। है ना?

[24:33] बिल्कुल सही। 1967, 1977, 1980 और 1992

[24:38] में एग्जाम में सीधा पूछा जाता है कि किस

[24:41] राष्ट्रपति शासन के समय राजस्थान का

[24:43] राज्यपाल कौन था? चलो इस सस्पेंस को हमेशा

[24:46] के लिए खत्म करते हैं।

[24:47] सर साल तो मुझे याद हो जाते हैं। आर्टिकल

[24:49] 67, 77, 80, 92 लेकिन राज्यपालों के नाम

[24:54] इतने सारे हैं कि वो दिमाग में मिक्स हो

[24:56] जाते हैं।

[24:56] आज के बाद कभी मिक्स नहीं होंगे। बस मेरे

[24:59] साथ-साथ विजुअलाइज करो। पहला राष्ट्रपति

[25:01] शासन 1967 में लगा। उस समय मोहनलाल

[25:04] सुखाड़िया जी की सरकार थी। चुनाव के बाद

[25:06] किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था।

[25:09] तब हमारे राज्यपाल थे डॉ. संपूर्णानंद।

[25:11] उनके समय में 13 मार्च 1967 को राष्ट्रपति

[25:15] शासन लगा और 26 अप्रैल 1967 को जब यह खत्म

[25:18] हुआ तब नए राज्यपाल सरदार हुकुम सिंह आ

[25:21] चुके थे। दूसरा राष्ट्रपति शासन 1977 में

[25:24] लगा। इस समय केंद्र में मोरारजी देसाई की

[25:27] जनता पार्टी की सरकार आई और उसने कांग्रेस

[25:29] शासित राज्यों को भंग कर दिया। राजस्थान

[25:32] में हरिदेव जोशी जी मुख्यमंत्री थे। जब

[25:34] शासन लगा तब कार्यवाहक राज्यपाल थे जस्टिस

[25:37] वेदपाल त्यागी जी और जब 1977 में यह शासन

[25:40] हटा तब रघुकुल तिलक जी राज्यपाल बन चुके

[25:43] थे। तीसरा राष्ट्रपति शासन 1980 में लगा।

[25:46] इस समय वापस केंद्र में इंदिरा गांधी जी

[25:48] की सरकार आई और उसने भैरव सिंह शेखावत जी

[25:51] की राज्य सरकार को भंग कर दिया। इस पूरे

[25:53] समय रघुकुल तिलक जी ही राज्यपाल थे। चौथा

[25:56] और सबसे लंबा राष्ट्रपति शासन 1992 में

[25:59] लगा। 15 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद

[26:02] विध्वंस के बाद जब भैरव सिंह शेखावत जी की

[26:04] दूसरी बार सरकार बर्खास्त हुई तब राज्यपाल

[26:07] थे एम चेन्न रेड्डी। यह राजस्थान का सबसे

[26:10] लंबा राष्ट्रपति शासन था जो लगभग एक साल

[26:12] चला। जब 1993 में यह शासन हटा तब राज्यपाल

[26:16] बलिराम भगत जी बन चुके थे। बेटा कनिष्क अब

[26:19] मैं तुम्हें एक ऐसा ब्रह्मास्त्र फैक्ट

[26:21] बताने जा रहा हूं जो आरपीएससी का फेवरेट

[26:23] है। ऐसे कौन से राज्यपाल थे जिन्हें उनके

[26:25] पद से बर्खास्त यानी डिसमिस कर दिया गया

[26:28] था? वाओ, बर्खास्त, मतलब राष्ट्रपति ने

[26:30] उन्हें बीच में ही निकाल दिया। कौन थे वह?

[26:32] वह थे रघुकुल तिलक। 1981 में उन्हें पद से

[26:35] बर्खास्त कर दिया गया था। और उनके बारे

[26:37] में एक और गजब की बात सुनो। रघुकुल तिलक

[26:39] जी राज्यपाल बनने से पहले 1958 में उसी

[26:43] राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी आरपीएससी के

[26:45] सदस्य भी रहे थे। है ना कमाल का फैक्ट? एक

[26:48] इंसान आरपीएससी का मेंबर रहा। फिर उसी

[26:50] राज्य का राज्यपाल बना। उसके टाइम पर

[26:52] राष्ट्रपति शासन लगा और बाद में उसे पद से

[26:55] बर्खास्त भी कर दिया गया। सर, यह तो सच

[26:57] में गजब की जानकारी है। यह तो पूरी एक

[26:59] हॉलीवुड बायोपिक की कहानी लग रही है। एक

[27:01] सवाल और सर, मैंने कहीं पढ़ा था कि

[27:03] राजस्थान में कुछ कार्यवाहक, राज्यपाल,

[27:06] एक्टिंग गवर्नर्स भी रहे हैं जिनसे सवाल

[27:08] आते हैं?

[27:09] बिल्कुल आते हैं। जैसे 2014 में जब

[27:11] मांग्रेट अलवा जी का कार्यकाल खत्म हुआ तो

[27:13] कल्याण सिंह जी के आने से ठीक पहले कुछ

[27:16] समय के लिए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री

[27:18] राम नायक जी को राजस्थान का अतिरिक्त

[27:20] प्रभार यानी एक्टिंग गवर्नर दिया गया था।

[27:22] यह सवाल पीएसआई 2021 में पूछा गया था। सर

[27:25] जी आपने आर्टिकल्स तो उंगलियों पर रटा दिए

[27:28] लेकिन अब यह राजस्थान में लगे चार

[27:30] राष्ट्रपति शासन रुला रहे हैं। कब लगे?

[27:32] क्यों लगे? उस समय मुख्यमंत्री कौन था? और

[27:35] यह दो-दो राज्यपाल लगते समय और हटते समय

[27:38] कैसे याद करूं? मेरा तो खुद का शासन खतरे

[27:40] में लग रहा है।

[27:42] अरे कनिष्क, घबराओ मत। इसे राजनीति का रेड

[27:44] गार्ड समझो। राजस्थान की पिच पर अब तक चार

[27:47] बार रेड गार्ड दिखाया गया है। चलो इसे एक

[27:49] मजेदार कहानी और शानदार ट्रिक से याद करते

[27:52] हैं।

[27:52] जल्दी बताइए सर। सस्पेंस मत बढ़ाइए। पहला

[27:54] रेड कार्ड कब और किसे मिला?

[27:56] पहला राष्ट्रपति शासन लगा 1967 में। उस

[27:59] समय पिच पर टिके हुए थे मुख्यमंत्री मोहन

[28:02] लाल सुखाड़िया जी। ट्रिक सुनो। 1967 में

[28:05] वोटों का सूखा पड़ गया। यानी किसी को

[28:07] स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। जब सुखाड़िया जी

[28:09] को संपूर्ण बहुमत नहीं मिला तो केंद्र

[28:12] सरकार ने अपना हुकुम चला दिया। यानी

[28:14] संपूर्णानंद और हुकुम सिंह।

[28:16] वाह सूखा पड़ा संपूर्ण बहुमत नहीं तो

[28:18] केंद्र का हुकुम चला। सुखाड़िया

[28:20] संपूर्णानंद हुकुम सिंह। एकदम सेट। दूसरा

[28:24] रेड कार्ड कब आया सर?

[28:25] ठीक 10 साल बाद 1977 में इस बार केंद्र

[28:28] में सरकार बदल गई और जनता पार्टी आ गई।

[28:30] ट्रिक सुनिए। 77 में हरि की कृपा रुक गई।

[28:33] केंद्र की जनता पार्टी ने इनकी सरकार को

[28:36] बर्खास्त कर सत्ता का त्याग करवा दिया और

[28:38] जाते-जाते राजनीति का नया तिलक कर दिया।

[28:41] यानी जस्टिस वेदपाल त्यागी और रघुकुल

[28:43] तिलक।

[28:44] ओ हो हरी का राज गया। सत्ता का त्याग हुआ

[28:47] और नया तिलक लगा। गजब लेकिन सर कांग्रेस

[28:50] ने बदला नहीं लिया क्या? अरे राजनीति में

[28:52] बदलापुर ना हो ऐसा कैसे हो सकता है? सिर्फ

[28:55] 3 साल बाद ही 1980 में तीसरा राष्ट्रपति

[28:57] शासन लग गया। केंद्र में कांग्रेस वापस आई

[29:00] और उसने जनता पार्टी वाली राज्य सरकार को

[29:02] उड़ा दिया। इस समय मुख्यमंत्री थे भैरव

[29:04] सिंह शेखावत।

[29:05] तो इसकी ट्रिक क्या है सर?

[29:06] ट्रिक कांग्रेस ने भैरव बाबा का नाम लेकर

[29:09] बदला लिया और सबसे मजेदार बात इस बार

[29:11] राज्यपाल याद करने की टेंशन ही नहीं।

[29:13] क्योंकि शासन लगते समय भी रघुकुल तिलक थे

[29:16] और हटते समय भी रघुकुल तिलक ही थे। मतलब

[29:18] तिलक लगाकर ही आउट किया और तिलक लगाकर ही

[29:20] नया मैच शुरू किया।

[29:22] हा डबल तिलक यह तो सबसे आसान है। 1980

[29:25] भैरव सिंह कांग्रेस का बदला दोनों तरफ

[29:28] तिलक ही तिलक। अब आखिरी वाला भी निपटा ही

[29:30] दो सर।

[29:31] चौथा और आखिरी राष्ट्रपति शासन 1992-93

[29:34] में लगा। मुख्यमंत्री फिर से वही थे। भैरव

[29:37] सिंह शेखावत। बाबरी मस्जिद घटना के बाद

[29:39] माहौल गरमा गया था। और ध्यान रखना यह

[29:42] राजस्थान का सबसे लंबी अवधि यानी सर्वाधिक

[29:44] अवधि वाला राष्ट्रपति शासन था। सबसे लंबा

[29:47] बाप रे इसे कैसे याद रखूं।

[29:49] ट्रिक है 9293 में बाबरी घटना के कारण

[29:52] पूरे देश में रेड अलर्ट हो गया था। यानी

[29:54] एम चेन्ना रेड्डी और इस रेड अलर्ट में

[29:57] भैररो सिंह जी की सरकार की बलि चढ़ गई।

[29:59] यानी बलिराम भगत।

[30:00] सर जी मान गए। एक बार रिवाइज कर लूं। 1967

[30:04] पहला वोटों का सूखा पड़ा सुखा गया।

[30:07] संपूर्ण बहुमत नहीं तो केंद्र का हुकुम

[30:09] चला हुकुम सिंह। 1977 दूसरा हरि की सत्ता

[30:13] का त्याग हुआ। त्यागी और नया तिलक रघुकुल

[30:16] तिलक 1980 तीसरा भैररो बाबा आउट दोनों तरफ

[30:20] तिलक ही तिलक रघुकुल तिलक 199293

[30:24] चौथा सबसे लंबा बाबरी का रेड अलर्ट रेड्डी

[30:28] और फिर से भैररो सरकार की बलि बलराम भगत

[30:31] बिल्कुल परफेक्ट तुमने तो पॉलिटी की इस

[30:33] बाउंसिंग गेंद पर सीधा सिक्सर मार दिया।

[30:35] अब अगर एग्जाम में राष्ट्रपति शासन का कोई

[30:37] भी सवाल आया तो तुम्हारा एक भी नंबर नहीं

[30:39] कटेगा। कनिष्क हमने इतिहास से लेकर

[30:42] संविधान के अनुच्छेदों तक और शक्तियों से

[30:44] लेकर राष्ट्रपति शासन तक सब कुछ कवर कर

[30:47] लिया है। अब समय आ गया है तुम्हारे और

[30:49] हमारे सभी स्टूडेंट्स के लिटमस टेस्ट का।

[30:52] मैं तुम्हें पिछले 5 सालों 2020 से 2026

[30:55] के 10 वन लाइनर प्रीवियस ईयर प्रश्न यानी

[30:58] पीवाईक्यू दे रहा हूं जो सीधे आरपीएससी

[31:01] सेकंड ग्रेड, आरएएस, सीईटी और पीएसआई

[31:03] एग्जाम्स में आए हैं। तुम्हें बिना रुके

[31:05] गोली की रफ्तार से जवाब देना है। तैयार

[31:08] हो?

[31:08] बिल्कुल मैन सर। पूछिए। मेरा कॉन्फिडेंस

[31:11] सातवें आसमान पर है। ऐसा लग रहा है जैसे

[31:13] पेपर आउट हो गया है।

[31:14] चलिए शुरू करते हैं रैपिड फायर राउंड। जो

[31:17] बच्चे वीडियो देख रहे हैं वह भी मन में

[31:19] जवाब देंगे। आरपीएससी सेकंड ग्रेड 29 जैन

[31:22] 2023 राजस्थान में अध्यादेश प्रख्यापित

[31:25] करने की शक्ति किस अनुच्छेद में है?

[31:27] अनुच्छेद 213 सर सत्र ना चलने पर छह हफ्ते

[31:30] की वैलिडिटी।

[31:31] आरएस प्री 2025 राज्य पुनर्गठन आयोग की

[31:34] सिफारिश पर राज प्रमुख का पद कब समाप्त

[31:36] हुआ? 1 नवंबर 1956 को सातवें संविधान

[31:39] संशोधन द्वारा

[31:40] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 29 जैन 2023

[31:44] आरपीएससी अपनी वार्षिक रिपोर्ट किसे

[31:46] सौंपता है?

[31:46] राज्य के राज्यपाल को अनुच्छेद 323 के तहत

[31:50] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2023 आरपीएससी अपनी

[31:53] वार्षिक रिपोर्ट किसे सौंपता है?

[31:55] सीईटी 2024 राजस्थान के वर्तमान राज्यपाल

[31:58] हरिभाऊ बागड़े जी ने कब शपथ ली?

[32:01] 31 जुलाई 2024 को मुख्य न्यायाधीश एमएम

[32:04] श्रीवास्तव जी ने शपथ दिलाई। आरपीएससी

[32:06] सेकंड ग्रेड 2023 राज्यपाल द्वारा

[32:09] राष्ट्रपति के लिए विधेयक सुरक्षित रखना

[32:11] किस अनुच्छेद में है?

[32:12] अनुच्छेद 200 के अंतर्गत और राष्ट्रपति का

[32:15] निर्णय अनुच्छेद 2001 में।

[32:17] पटवारी 2021 राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम

[32:20] आयु कितनी है?

[32:21] 35 वर्ष अनुच्छेद 157 के तहत।

[32:24] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2025 अनुच्छेद 155

[32:28] किससे संबंधित है? राज्यपाल की नियुक्ति

[32:30] से जो कि भारत का राष्ट्रपति करता है।

[32:33] आरएएस प्री 2025 राजस्थान के प्रथम

[32:36] राज्यपाल गुरमुख निहाल सिंह पहले किस

[32:38] राज्य के मुख्यमंत्री थे?

[32:39] दिल्ली के दूसरे मुख्यमंत्री थे।

[32:41] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 29 जैन 2023 क्या

[32:45] राज्यपाल राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय

[32:47] का कुलधिपति होता है?

[32:48] बिल्कुल नहीं। केंद्रीय विश्वविद्यालयों

[32:51] के कुलधिपति की नियुक्ति राष्ट्रपति करते

[32:53] हैं। राज्यपाल नहीं। पीएसआई 2021 कल्याण

[32:56] सिंह से ठीक पहले राजस्थान के कार्यवाहक

[32:58] राज्यपाल कौन थे?

[33:00] आप लोग कमेंट में लिखकर जरूर बताना कि

[33:02] आपके कितने सवाल सही हुए। बेटा कनिष्क और

[33:05] मेरे सभी प्यारे स्टूडेंट्स जो मुझे

[33:07] स्क्रीन के उस पार से देख रहे हैं। मुझे

[33:09] बहुत अच्छी तरह पता है कि सरकारी नौकरी की

[33:12] तैयारी का यह सफर कितना मुश्किल होता है।

[33:14] रात-रात भर जग कर पढ़ना, चाय के कप के साथ

[33:17] नींद भगाना, समाज के रिश्तेदारों के ताने

[33:19] सुनना और कई बार हार के डर से अपने सपनों

[33:22] को अपनी आंखों के सामने धुंधला होते

[33:24] देखना। यह सब मैंने भी महसूस किया है।

[33:26] लेकिन याद रखना जो तपता है वही सोना बनता

[33:29] है। आप अकेले नहीं हैं इस लड़ाई में। मैं

[33:32] आपका पूरा राजस्थान की राजनीतिक और

[33:34] प्रशासनिक व्यवस्था का सिलेबस आपके खून

[33:36] में उतार दूंगा। आपको बस एक काम करना है।

[33:39] खुद पर, अपनी मेहनत पर और अपने इस बड़े

[33:41] भाई मान सर पर अटूट विश्वास रखना है।

[33:44] राम-राम साहब। राजस्थान में जब भी चुनाव

[33:47] होते हैं, तो चाय की थड़ी से लेकर न्यूज़

[33:49] रूम तक, सबसे बड़ा सवाल क्या होता है?

[33:52] सीएम कौन बनेगा? जब पूरे प्रदेश की नजरें

[33:56] इसी एक कुर्सी पर होती हैं तो जरा सोचिए

[34:00] आरपीएससी की नजर इस टॉपिक पर क्यों नहीं

[34:02] होगी? राजस्थान की राजनीति का इतिहास

[34:05] उठाकर देख लीजिए। मुख्यमंत्री की कुर्सी

[34:07] हमेशा से सबसे दिलचस्प रही है। कौन कब,

[34:12] कैसे मुख्यमंत्री बना और संविधान ने

[34:15] उन्हें क्या-क्या शक्तियां दी हैं? आप

[34:17] लोगों ने आज तक कई बार अनुच्छेद 163 और

[34:20] 164 पढ़े होंगे। लेकिन आज हम इसे पढ़ेंगे

[34:22] नहीं। बल्कि दिमाग में प्रिंट करेंगे। आज

[34:26] मैं आपके लिए वो जादुई ट्रिक्स लेकर आया

[34:28] हूं जिसके बाद संविधान के यह अनुच्छेद

[34:30] आपको कहानियों की तरह याद हो जाएंगे।

[34:33] बल्कि दिमाग में प्रिंट करेंगे। आज मैं

[34:36] आपके लिए वो जादुई ट्रिक्स लेकर आया हूं

[34:38] जिसके बाद संविधान के यह अनुच्छेद आपको

[34:41] कहानियों की तरह याद हो जाएंगे। और हां,

[34:43] सिर्फ थ्योरी नहीं, हम यह भी देखेंगे कि

[34:45] आरपीएससी इन टॉपिक्स से कैसे घुमाकर सवाल

[34:48] यानी पीवाईक्यूस पूछता है। तो चलिए बिना

[34:50] किसी देरी के इस दमदार चैप्टर का पर्दा

[34:53] उठाते हैं। दोस्तों, सेकंड ग्रेड के

[34:55] फर्स्ट पेपर में अगर कोई ऐसा टॉपिक है जो

[34:57] सीधा आपकी मेरिट डिसाइड करता है और जिसमें

[35:00] से हर बार सवाल फंसते ही फंसते हैं, तो वह

[35:02] है मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद। स्टूडेंट

[35:05] अक्सर इसके अनुच्छेदों और मंत्रियों की

[35:07] संख्या में कंफ्यूज हो जाते हैं और एग्जाम

[35:09] में आते हुए सवाल गलत कर बैठते हैं। लेकिन

[35:11] आज के बाद ऐसा नहीं होगा। आज इस चैप्टर का

[35:14] पूरा पोस्टमार्टम करेंगे। वो भी बिल्कुल

[35:16] नए स्टाइल में। पहले शानदार ट्रिक से पूरी

[35:19] थ्योरी समझेंगे और फिर वहीं के वहीं सारे

[35:21] पीवाईक्यूस सॉल्व करेंगे। अगर आप इस क्लास

[35:24] के अंत तक टिके रहे तो मेरी गारंटी है कि

[35:26] इस चैप्टर से आपका एक भी नंबर नहीं कटेगा।

[35:29] पिछले चैप्टर में हमने राज्यपाल को पढ़ा

[35:31] जिसे हम राज्य का नाम मात्र का मुखिया

[35:33] यानी रबर स्टैंप कहते हैं। लेकिन असली

[35:36] पावर किसके पास है? राज्य की गाड़ी का

[35:38] असली स्टीयरिंग किसके हाथ में है? आज हम

[35:40] बात करेंगे राजस्थान की राज व्यवस्था के

[35:42] उस असली सुपर कॉप की जिसके बिना कोई पत्ता

[35:45] नहीं हिलता। यानी हमारे मुख्यमंत्री और

[35:48] मंत्री परिषद। तो क्या आप तैयार हैं इस

[35:50] ऐतिहासिक सफर के लिए?

[35:51] यस सर, वी आर अबब्सोलुटली रेडी। आज तो

[35:54] मुख्यमंत्री की कुर्सी का एक-एक पेज खोलना

[35:56] है।

[35:57] शानदार बेटा आज की इस क्लास में मैंने

[35:59] एनसीईआरटी, एम लक्ष्मीकांत और सीधे बेर

[36:02] एक्ट का पूरा निचोड़ डाल दिया है। कंटेंट

[36:04] के सोर्स को लेकर बिल्कुल बेफिक्र रहना।

[36:06] इतना ही नहीं 2020 से अब तक के आरपीएससी

[36:10] सेकंड ग्रेड, फर्स्ट ग्रेड, आरएएस, रीट,

[36:13] सीईटी और पीएसआई के एग्जाम्स में पेपर

[36:15] सेटर ने कहां-कहां से प्रश्न घुमाए हैं,

[36:17] वह सब हम इसी कहानी में सॉल्व करेंगे। इस

[36:20] वीडियो के बाद कोई भी किताब उठाने की

[36:22] जरूरत नहीं पड़ेगी। बस वीडियो को अभी से

[36:24] लाइक कर दो, चैनल को सब्सक्राइब कर लो और

[36:26] कमेंट में लिख दो अबकी बार सेकंड ग्रेड

[36:28] पार। तो बेटा कनिष्क कहानी शुरू होती है

[36:31] भारतीय संविधान के भाग छह यानी पार्ट

[36:33] सिक्स से जिसे हम राज्यों का संविधान कहते

[36:36] हैं। केंद्र में असली पावर प्रधानमंत्री

[36:38] के पास होती है। वैसे ही राज्य की राजनीति

[36:40] का असली गब्बर सिंह कौन होता है?

[36:42] सर, वह तो मुख्यमंत्री यानी चीफ मिनिस्टर

[36:44] होता है। राज्यपाल तो बस नाम मात्र के

[36:46] मुखिया यानी कॉन्स्टिट्यूशनल हेड होते

[36:48] हैं।

[36:49] बिल्कुल सटीक जवाब। अब इस गब्बर के लिए

[36:51] संविधान में कुछ आर्टिकल्स दिए गए हैं।

[36:53] मेरी एक ट्रिक याद रखना। ट्रिक है 163 में

[36:56] सलाह दी, 164 में नियुक्ति हुई और 167 में

[37:00] जाकर ड्यूटी निभाई। चलो इसे डिकोड करते

[37:03] हैं। सबसे पहले आता है आर्टिकल 163। यह

[37:06] कहता है कि राज्यपाल को उसके कार्यों में

[37:08] सहायता और सलाह यानी एड एंड एडवाइस देने

[37:11] के लिए एक मंत्रिपरिषद यानी काउंसिल ऑफ

[37:14] मिनिस्टर्स होगी जिसका मुखिया मुख्यमंत्री

[37:16] होगा। अब कनिष्क मेरा तुमसे एक बहुत ही

[37:19] ट्रिकी सवाल है। क्या राज्यपाल

[37:20] मंत्रीपरिषद की दी हुई सलाह को मानने के

[37:23] लिए बाध्य यानी बाउंड है?

[37:24] हम सर 42वें और 44वें संविधान संशोधन यानी

[37:29] 44 अमेंडमेंट एक्ट 1978 के बाद राष्ट्रपति

[37:33] को तो कैबिनेट की सलाह माननी ही पड़ती है।

[37:35] शायद राज्यपाल के लिए भी सेम रूल होगा।

[37:38] हच्चा खा गई ना बेटा। यही तो आरपीएससी का

[37:40] जाल है। आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2023 के

[37:43] पेपर में यही सवाल फंसाया था। कान खोलकर

[37:46] सुन लो। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान

[37:49] नहीं है जो राज्यपाल को मंत्रिपरिषद की

[37:51] सलाह को पुनर्विचार यानी रिकंसीडरेशन के

[37:54] लिए लौटाने का अधिकार देता हो। जैसा

[37:56] राष्ट्रपति के पास आर्टिकल 74 में है।

[37:58] राज्यपाल के पास विवेकाधीन शक्तियां यानी

[38:01] डिस्क्रीशनरी पावर्स होती हैं। आर्टिकल

[38:03] 163 2 में जिन मामलों में वो खुद का बॉस

[38:06] होता है और कोर्ट भी इसमें दखल नहीं दे

[38:09] सकता। आर्टिकल 1633 क्लियर?

[38:11] ओह माय गॉड। मतलब गवर्नर इज स्लाइटली मोर

[38:14] इंडिपेंडेंट देन द प्रेसिडेंट इन सम

[38:16] मैटर्स। यानी कुछ मामलों में गवर्नर

[38:18] प्रेसिडेंट से थोड़ा ज्यादा आजाद होता है।

[38:21] सर ये तो बहुत माइन्यूट डिटेल थी। अब कभी

[38:24] गलत नहीं होगा।

[38:25] अब आते हैं इस चैप्टर के बाप पर। आर्टिकल

[38:27] 164 इसके अंदर कई सब क्लॉजेस हैं जहां से

[38:30] सीधे प्रश्न छपते हैं। सबसे पहले आर्टिकल

[38:33] 1641 मुख्यमंत्री की नियुक्ति यानी

[38:36] अपॉइंटमेंट राज्यपाल करेगा और अन्य

[38:38] मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल

[38:40] मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा। बेटा

[38:42] कनिष्क आरपीएससी आरएएस प्री 2021 और सेकंड

[38:45] ग्रेड 2022 में सीधा प्रश्न था

[38:48] मुख्यमंत्री क्या होता है? निर्वाचित यानी

[38:50] इलेक्टेड, चयनित यानी सिलेक्टेड, मनोनीत

[38:53] यानी नॉमिनेटेड या नियुक्त यानी अपॉइंटेड।

[38:56] सर, हम तो वोट देकर चुनते हैं ना। तो वह

[38:58] निर्वाचित हुआ यानी इलेक्टेड।

[39:01] यही तो एग्जामिनर चाहता है कि तुम सोचो।

[39:03] बेटा हम विधायक को निर्वाचित करते हैं।

[39:05] मुख्यमंत्री को हमेशा नियुक्त यानी अपॉइंट

[39:08] किया जाता है। आर्टिकल 1641 साफ कहता है द

[39:11] चीफ मिनिस्टर शैल बी अपॉइंटंटेड बाय द

[39:13] गवर्नर यानी मुख्यमंत्री की नियुक्ति

[39:16] राज्यपाल द्वारा की जाएगी। इसे दिमाग में

[39:18] टैटू करवा लो।

[39:19] अरे हां सर। आप सच में बेसिक्स को इतनी

[39:22] आसानी से क्लियर कर देते हैं। अब आगे

[39:24] बताइए।

[39:24] अब सुनो एक ऐतिहासिक कहानी। पहले के जमाने

[39:27] में क्या होता था कि सरकार बचाने के लिए

[39:29] रूठे हुए विधायकों को मनाने के लिए हर

[39:31] दूसरे विधायक को लाल बत्ती की गाड़ी देकर

[39:34] मंत्री बना दिया जाता था। इसे जंबो

[39:36] कैबिनेट कहते थे। जनता के टैक्स का पैसा

[39:38] पानी की तरह बहता था। इसे रोकने के लिए एक

[39:41] ब्रह्मास्त्र लाया गया। 91

[39:43] कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एक्ट 2003 यह

[39:46] तुम्हारे एग्जाम का सबसे हॉट टॉपिक है।

[39:48] सर, यह तो मैंने पढ़ा है। इसमें मंत्रियों

[39:50] की संख्या फिक्स कर दी गई थी ना?

[39:52] बिल्कुल। आरपीएससी सेकंड ग्रेड जीके 3

[39:54] जुलाई 2019 और 2022 के पेपर में यह वन

[39:58] लाइनर के रूप में सीधा छपा था। इसके तहत

[40:00] संविधान में आर्टिकल 164 ए1 जोड़ा गया।

[40:04] नियम यह बना कि राज्य में मुख्यमंत्री

[40:06] सहित मंत्रियों की कुल संख्या विधानसभा की

[40:08] कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं

[40:11] होगी। चलो कनिष्क तुम्हारी गणित चेक करते

[40:14] हैं। राजस्थान विधानसभा यानी राजस्थान

[40:16] लेजिसलेटिव असेंबली में कितनी सीटें हैं?

[40:18] सर 200 सीटें हैं।

[40:19] तो 200 का 15% कितना हुआ? सर, 30 हुआ।

[40:22] एग्जैक्टली, तो राजस्थान में अधिकतम कितने

[40:25] मंत्री हो सकते हैं? 30, यानी वन

[40:27] मुख्यमंत्री प्लस 29 अन्य मंत्री। लेकिन

[40:30] रुको आरपीएससी ने 2024 में एक और गुगली

[40:33] डाली थी। न्यूनतम मंत्रियों की संख्या

[40:36] कितनी हो सकती है?

[40:37] ओहो। अरे सर अधिकतम तो 15% है। क्या

[40:40] न्यूनतम का भी कोई रूल है?

[40:42] हां बेटा। 91 संशोधन में ही लिखा है कि

[40:45] किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री सहित

[40:46] मंत्रियों की न्यूनतम संख्या 12 से कम

[40:49] नहीं होगी। यानी नॉट लेस दैन 12 परसेंटेज

[40:52] नहीं सीधा नंबर 12 यानी वन सीएम + 11

[40:56] मिनिस्टर्स। यह सवाल सीईटी 2023 और

[40:58] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2024 दोनों में आ

[41:01] चुका है। मैंने पिछले वर्षों के पेपर देखे

[41:04] हैं। अनुच्छेद 164 से काफी प्रश्न आते

[41:06] हैं, पर स्टूडेंट्स को उन्हें याद रखने

[41:08] में कंफ्यूजन होता है। इसे टेबल से समझते

[41:11] हैं। इसे राजस्थान के संदर्भ में समझते

[41:13] हैं। सबसे पहले बात करते हैं अनुच्छेद 164

[41:16] वन ए की। यह मंत्रियों की अधिकतम संख्या

[41:19] तय करता है। इसके अनुसार राज्य में

[41:21] मंत्रियों की संख्या मुख्यमंत्री सहित

[41:23] विधानसभा की कुल सीटों के 15% से अधिक

[41:26] नहीं हो सकती। अब तुम बताओ राजस्थान

[41:29] विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं?

[41:31] सर राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें

[41:34] हैं।

[41:34] एकदम सही। तो गणित के हिसाब से 200 का 15%

[41:38] हुआ 30। इसका मतलब है कि राजस्थान में

[41:40] मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 30 मंत्री ही

[41:43] बनाए जा सकते हैं। ध्यान रखना यह प्रश्न

[41:46] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2019 और 2022 दोनों

[41:49] में पूछा जा चुका है।

[41:50] अच्छा अधिकतम 30 मंत्री हो सकते हैं। सर

[41:53] क्या मंत्रियों की कोई न्यूनतम संख्या भी

[41:56] तय की गई है या मुख्यमंत्री चाहे तो

[41:58] दो-चार मंत्रियों से भी सरकार चला सकते

[42:00] हैं? नहीं कनिष्क संविधान इसकी भी सीमा तय

[42:03] करता है। इसी अनुच्छेद 164 वन ए में यह भी

[42:06] लिखा है कि किसी भी राज्य में कम से कम 12

[42:09] मंत्री होना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री

[42:11] अपनी मर्जी से इससे कम मंत्री नहीं रख

[42:13] सकते। यह फैक्ट हाल ही में आरपीएससी सेकंड

[42:16] ग्रेड 2024 और सीईटी 2023 के एग्जाम्स में

[42:20] पूछा गया था।

[42:20] समझ गई सर। अधिकतम 15% राजस्थान में 30 और

[42:25] न्यूनतम 12 मंत्री। सर एक बात और अगर कोई

[42:28] विधायक अपनी पार्टी बदल लेता है दल बदल तो

[42:31] क्या वो मंत्री बन सकता है?

[42:33] बहुत ही शानदार सवाल। इसके लिए संविधान

[42:35] में अनुच्छेद 164 वन बी जोड़ा गया है।

[42:38] इसके अनुसार यदि कोई विधायक दलबदल यानी

[42:41] एंटी डिफेक्शन के आधार पर अयोग्य घोषित हो

[42:44] जाता है तो वह मंत्री बनने के लिए भी

[42:46] अयोग्य घोषित हो जाएगा। यानी दल बदलू

[42:48] विधायक को मंत्री पद नहीं मिल सकता।

[42:50] यह तो काफी कड़ा नियम है। क्या इससे भी

[42:53] कोई प्रश्न आया है? हां, यह सीधे तौर पर

[42:56] आरएएस प्री परीक्षा में पूछा जा चुका है।

[42:58] इसलिए तुम्हें यह प्रावधान भी अच्छे से

[43:00] याद रखना है।

[43:01] वाह सर, यह 15% और 12 वाला लॉजिक तो अब

[43:05] जिंदगी में कभी नहीं भूलूंगी। मैंने कल ही

[43:07] टेस्ट q ऐप की टेस्ट सीरीज में यह प्रश्न

[43:09] गलत किया था। अब तो इसका पूरा कांसेप्ट ही

[43:11] दिमाग में सेट हो गया।

[43:12] बहुत बढ़िया बेटा। टेस्ट q ऐप पर

[43:14] प्रैक्टिस करते रहना। वहीं से बेड़ा पार

[43:17] होगा। अब आगे बढ़ते हैं। आर्टिकल 1642

[43:21] मंत्रीपरिषद सामूहिक रूप से यानी

[43:23] कलेक्टिवली रिस्पांसिबल विधानसभा के प्रति

[43:26] उत्तरदाई होगी। मतलब अगर एक मंत्री के

[43:28] खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया तो

[43:31] पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ेगा।

[43:33] इसीलिए अंग्रेजी में कहावत है दे स्विम

[43:36] टुगेदर एंड सिंक टुगेदर। यानी वे एक साथ

[43:38] तैरते हैं और एक साथ डूबते हैं। आर्टिकल

[43:42] 1643 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ

[43:45] कौन दिलाता है? राज्यपाल दिलाता है और यह

[43:48] शपथ अनुसूची थ्री यानी थर्ड शेड्यूल के

[43:50] प्रारूप के अनुसार होती है। अब एक और मस्त

[43:53] फैक्ट सुनो। क्या कोई इंसान बिना विधायक

[43:56] बने मंत्री या मुख्यमंत्री बन सकता है?

[43:58] सर शायद 6 महीने के लिए मैंने न्यूज़ में

[44:01] कभी ऐसा सुना था।

[44:02] तुम तो बहुत स्मार्ट हो कनिष्क बिल्कुल

[44:04] सही। आर्टिकल 164 कहता है कि कोई भी

[44:08] व्यक्ति बिना विधान मंडल का सदस्य रहे

[44:10] अधिकतम 6 महीने तक मंत्री रह सकता है। 6

[44:13] महीने के अंदर उसे चुनाव जीत कर आना ही

[44:15] होगा। वरना उसकी कुर्सी छीन जाएगी। अब बात

[44:18] करते हैं आर्टिकल 167 की। यह मुख्यमंत्री

[44:21] के कर्तव्यों यानी ड्यूटीज ऑफ द चीफ

[44:24] मिनिस्टर की बात करता है। ट्रिक है 1 6 7

[44:27] राज्यपाल और मुख्यमंत्री हमेशा रहेंगे

[44:30] साथ। मुख्यमंत्री राज्य के प्रशासन यानी

[44:32] एडमिनिस्ट्रेशन और विधान यानी लेजिसलेशन

[44:35] से जुड़े सभी मामलों की जानकारी राज्यपाल

[44:37] को देगा। अगर राज्यपाल कोई जानकारी मांगे

[44:40] तो सीएम को देनी ही पड़ेगी। मुख्यमंत्री

[44:43] ही राज्यपाल और मंत्री परिषद के बीच की

[44:45] मुख्य कड़ी यानी कनेक्टिंग लिंक होता है।

[44:48] सर, यह आर्टिकल्स तो सच में मैजिक की तरह

[44:50] याद हो गए। लेकिन सर, क्या एग्जाम में

[44:52] सिर्फ आर्टिकल्स ही आते हैं या

[44:54] मुख्यंत्रियों की हिस्ट्री से भी सवाल

[44:56] पूछे जाते हैं?

[44:57] अरे बेटा कनिष्क, असली मसाला तो अब शुरू

[45:00] होगा। आरपीएससी सबसे ज्यादा और सबसे

[45:02] खतरनाक वन लाइनर प्रश्न राजस्थान के

[45:05] मुख्यंत्रियों के ऐतिहासिक सफर यानी

[45:07] हिस्टोरिकल जर्नी से ही बनाती है। कहानी

[45:10] को ऐसे फील करना जैसे हम Netflix की कोई

[45:12] धांसू वेब सीरीज देख रहे हैं। अपना

[45:14] पॉपकॉर्न तैयार रखना। राजस्थान के पहले

[45:16] मुख्यमंत्री बने श्री हीरालाल शास्त्री। 7

[45:19] अप्रैल 1949 को इन्होंने शपथ ली। लेकिन

[45:22] ध्यान रहे यह मनोनीत यानी नॉमिनेटेड

[45:25] मुख्यमंत्री थे। शास्त्री जी ने टोंक में

[45:27] वनस्थली विद्यापीठ और जीवन कुटीर की

[45:30] स्थापना की थी। एक इंटरेस्टिंग बात बताऊं

[45:32] यह मुख्यमंत्री तो बन गए लेकिन इन्होंने

[45:35] कभी सरकारी आवास यानी गवर्नमेंट रेजिडेंस

[45:38] का इस्तेमाल नहीं किया। इनके बाद दूसरे

[45:40] नंबर पर आए सीएस वेंकटाचारी। यह कोई

[45:43] राजनेता नहीं थे बल्कि एक आईसीएस ऑफिसर थे

[45:46] जिन्हें केंद्र सरकार ने मनोनीत किया था।

[45:48] फिर तीसरे मनोनीत सीएम बने श्री जय नारायण

[45:51] व्यास। इन्हें मारवाड़ का गांधी, शेर

[45:54] राजस्थान, लक्कड़ का फक्कड़ और धुन के धनी

[45:57] कहा जाता था। अब आया 1952 का पहला

[46:00] विधानसभा चुनाव। व्यास जी बहुत बड़े नेता

[46:02] थे। ओवर कॉन्फिडेंस में उन्होंने दो जगहों

[46:04] से चुनाव लड़ा। जोधपुर और जालौर से और गेस

[46:07] करो क्या हुआ?

[46:08] ओह गॉड। क्या सर, दोनों जगह से भारी मतों

[46:11] से जीत गए।

[46:12] अरे नहीं बेटा, किस्मत का खेल देखो दोनों

[46:15] ही जगह से चुनाव हार गए। राजनीति में ऐसा

[46:17] ही होता है। अब जो इंसान चुनाव हार गया वो

[46:20] मुख्यमंत्री कैसे बनेगा? तब राजस्थान को

[46:23] मिला अपना पहला निर्वाचित यानी इलेक्टेड

[46:25] मुख्यमंत्री श्री टीकाराम पालीवाल 3 मार्च

[46:29] 1952 को। यह महावाद दौसा से विधायक थे।

[46:32] आरपीएससी सेकंड ग्रेड का यह एवरग्रीन

[46:34] प्रश्न है कि राजस्थान के प्रथम निर्वाचित

[46:37] मुख्यमंत्री कौन थे? उत्तर है टीकाराम

[46:39] पालीवाल।

[46:40] ओह माय गॉड। सर यह तो फुल ऑन पॉलिटिक्स और

[46:43] सस्पेंस है। फिर व्यास जी का क्या हुआ?

[46:46] क्या वो चुपचाप बैठ गए?

[46:47] अरे व्यास जी हार मानने वालों में से कहां

[46:49] थे? किशनगढ़ से कांग्रेस विधायक चांदमल

[46:52] मेहता ने उनके लिए अपनी सीट से इस्तीफा

[46:54] दिया। वहां उपचुनाव हुए। व्यास जी वहां से

[46:57] जीते और वापस आकर मुख्यमंत्री की कुर्सी

[47:00] पर बैठ गए। अब टीकाराम पालीवाल जी का क्या

[47:02] हुआ? उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाकर उप

[47:05] मुख्यमंत्री यानी डेपुटी चीफ मिनिस्टर बना

[47:07] दिया गया। यहां से आरपीएससी दो बहुत ही

[47:09] प्यारे सवाल बनाती है। ध्यान से सुनना।

[47:12] राजस्थान के एकमात्र नेता जो मनोनीत यानी

[47:15] नॉमिनेटेड और निर्वाचित यानी इलेक्टेड

[47:18] दोनों रूप में मुख्यमंत्री रहे। उत्तर है

[47:20] जय नारायण व्यास। दूसरा सवाल देखो।

[47:23] राजस्थान का वो मुख्यमंत्री जो बाद में उप

[47:26] मुख्यमंत्री बना। उत्तर है टीकाराम

[47:28] पालीवाल। यह दोनों फैक्ट्स टेस्ट क्यू ऐप

[47:31] के स्मार्ट रिवीजन नोट्स में बहुत अच्छे

[47:32] से दिए हुए हैं।

[47:33] हां सर मैंने देखा। बहुत सिलेक्टेड मैटर

[47:36] है वहां। अब कहानी में एंट्री होती है

[47:38] राजस्थान की राजनीति के सबसे बड़े

[47:40] सुपरस्टार की श्री मोहन लाल सुखाड़िया की।

[47:43] बेटा यह मात्र 38 साल की उम्र में सीएम बन

[47:46] गए और लगातार लगभग 16 वर्ष यानी 16 वर्ष

[47:50] 209 दिन तक मुख्यमंत्री रहे। इन्हें

[47:52] आधुनिक राजस्थान का निर्माता यानी क्रिएटर

[47:55] ऑफ मॉडर्न राजस्थान कहा जाता है। इन्होंने

[47:58] राजस्थान में संभागीय व्यवस्था यानी

[48:00] डिवीजनल सिस्टम को 1962 में समाप्त कर

[48:02] दिया था। बेटा, आरपीएससी 2022 और आरएएस

[48:06] प्री का बहुत ही धांसू प्रश्न सुनो।

[48:08] राजस्थान में संसदीय सचिव यानी

[48:11] पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी का पद पहली बार

[48:13] कब और किसके द्वारा सृजित किया गया? यह

[48:16] 1967 में सुखाड़िया जी के समय शुरू हुआ

[48:18] था।

[48:19] सर, एक मिनट। यह संसदीय सचिव क्या होता

[48:22] है? और इन्हें शपथ कौन दिलाता है? मैंने

[48:24] टेस्ट में पढ़ा था, लेकिन कंफ्यूज हो गई

[48:26] थी।

[48:27] यह हुई ना बात। यही तो एग्जामिनर का

[48:29] फेवरेट ट्रैप है। बेटा जो कैबिनेट मंत्री

[48:32] होते हैं उन्हें नियुक्त करता है राज्यपाल

[48:34] और शपथ भी राज्यपाल दिलाता है। लेकिन

[48:37] संसदीय सचिव यानी पार्लियामेंट्री

[48:39] सेक्रेटरी की नियुक्ति मुख्यमंत्री करता

[48:41] है और उन्हें शपथ भी मुख्यमंत्री ही

[48:43] दिलाता है। आरपीएससी सेकंड ग्रेड में यह

[48:45] सवाल अनगिनत बार आया है। इसे बिल्कुल रट

[48:48] लेना। सुखाड़िया जी के बाद आए श्री

[48:50] बरकतुल्ला खान। 1971 में यह राजस्थान के

[48:54] पहले और एकमात्र मुस्लिम अल्पसंख्यक

[48:56] मुख्यमंत्री थे। 1971 के भारतपाक युद्ध के

[49:00] समय यही सीएम थे। लेकिन दुर्भाग्यवश 11

[49:03] अक्टूबर 1973 को पद पर रहते हुए ही हार्ट

[49:06] अटैक से इनका निधन हो गया। आरपीएससी

[49:09] असिस्टेंट प्रोफेसर 204 में पूछा गया था

[49:12] कि पद पर रहते हुए किस मुख्यमंत्री का

[49:14] निधन हुआ? उत्तर है बरकतुल्लाह खान। इनके

[49:18] बाद आते हैं हरिदेव जोशी। इनके बारे में

[49:20] एक गजब का फैक्ट है। यह राजस्थान में तीन

[49:23] बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन किस्मत देखो,

[49:25] एक बार भी अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा

[49:28] नहीं कर पाए। अब एक तगड़ा प्रीवियस ईयर

[49:30] क्वेश्चन सुनो। आरपीएससी आरएएस 2021 और

[49:33] सेकंड ग्रेड में एक सवाल आया था। राजस्थान

[49:36] के निम्नलिखित मुख्यंत्रियों में से कौन

[49:38] लोकसभा के सदस्य नहीं रहे हैं? ए हरिदेव

[49:41] जोशी, बी भैरव सिंह शेखावत, सी टीकाराम

[49:45] पालीवाल, डी बरकतुल्लाह खान। बताओ बेटा

[49:48] कनिष्क क्या लगता है?

[49:49] सर यह तो बाउंसर है। मुझे तो सारे नाम एक

[49:52] जैसे लग रहे हैं। आप ही बताइए।

[49:53] सुनो ध्यान से। हरिदेव जोशी, भैरव सिंह

[49:56] शेखावत और बरकतु उल्ला खान। यह तीनों कभी

[49:59] भी लोकसभा के सदस्य यानी सांसद नहीं रहे।

[50:02] ओनली ए, बी एंड डी आर करेक्ट। जबकि

[50:05] टीकाराम पालेवाल 1962 में महवा और हिंडोन

[50:08] क्षेत्र से लोकसभा सदस्य रहे थे। यह

[50:11] प्रश्न आरपीएससी का मास्टर पीस है।

[50:13] वाह सर क्या डीप इनसाइट है। मजा आ गया।

[50:16] मतलब पेपर सेटर ऐसे बाल की खाल निकालता

[50:18] है।

[50:19] 1977 में इतिहास पलटा। देश में इमरजेंसी

[50:22] के बाद चुनाव हुए और राजस्थान को मिले

[50:24] अपने पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री श्री

[50:27] भैरव सिंह शेखावत। जनता इन्हें प्यार से

[50:30] बाबोसा और राजस्थान का एक ही सिंह कहती

[50:33] थी। यह तीन बार मुख्यमंत्री रहे और बाद

[50:35] में भारत के 11वें उपराष्ट्रपति भी बने।

[50:38] एक और धाकड़ प्रश्न आरपीएससी असिस्टेंट

[50:41] प्रोफेसर 8 सितंबर 2024 आपको राज्यपाल और

[50:44] मुख्यमंत्री का मिलान करना होता है। जैसे

[50:47] वसंत राव पाटिल के समय सीएम कौन था?

[50:49] हरिदेव जोशी। दरबारा सिंह के समय सीएम कौन

[50:53] था? भैरव सिंह शेखावत। यह पूरी लिस्ट और

[50:56] टेबल्स मैं टेस्ट क्यू ऐप पर पीडीएफ में

[50:58] दे दूंगा। वहां से स्मार्ट रिवीजन कर

[51:00] लेना।

[51:00] बिल्कुल सर।

[51:01] कनिष्क अगर मैं पूछूं कि राजस्थान में

[51:03] सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री कौन रहा? तो

[51:06] उत्तर होगा श्री हीरालाल देवपुरा। यह 1985

[51:09] में मात्र 16 दिन के लिए सीएम बने थे।

[51:12] राजस्थान के पहले दलित मुख्यमंत्री कौन

[51:14] थे? श्री जगन्नाथ पहाड़िया। वे

[51:16] मुख्यमंत्री जिन्होंने अन्य राज्यों के

[51:18] राज्यपाल यानी गवर्नर के रूप में भी काम

[51:21] किया है। यह सवाल आरएसएसएसबी जेई 2022 में

[51:24] पूछा गया था। मोहनलाल सुखाड़िया, कर्नाटक,

[51:27] आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, शिव चरण माथुर,

[51:30] असम, जगन्नाथ पहाड़िया, बिहार, हरियाणा,

[51:33] हरिदेव जोशी, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल

[51:37] और राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री यह

[51:40] तो सबको पता होगा।

[51:41] यस सर। श्रीमती वसुंधरा राजे 2003 में बनी

[51:44] थी।

[51:44] करेक्ट। 2003 में वसुंधरा राजे पहली बार

[51:47] सीएम बनी और अशोक गहलोत जी अब तक तीन बार

[51:50] मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अगर हम वर्तमान

[51:53] परिदृश्य की बात करें तो 15 दिसंबर 2023

[51:56] को श्री भजन लाल शर्मा ने मुख्यमंत्री पद

[51:59] की शपथ ली। यह सांगानेर से पहली बार के

[52:01] विधायक हैं। बेटा करंट अफेयर्स का एक

[52:04] प्रश्न आरपीएससी सेकंड ग्रेड करंट अफेयर्स

[52:06] 2024 जो इस बार एग्जाम में छप सकता है।

[52:09] भजन लाल शर्मा जी ने राज्य को लॉजिस्टिक्स

[52:12] हब बनाने और लागत कम करने के लिए कौन सी

[52:14] पॉलिसी लांच की? उत्तर है राजस्थान

[52:17] लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2025। इसे रट लेना। अब

[52:20] एक छोटा सा लेकिन बहुत खूंखार टॉपिक उप

[52:23] मुख्यमंत्री। बेटा कनिष्क क्या तुम्हें

[52:25] पता है कि भारतीय संविधान में उप

[52:27] मुख्यमंत्री के पद का कोई उल्लेख नहीं है?

[52:29] यह सिर्फ एक राजनीतिक व्यवस्था और पावर

[52:31] शेयरिंग का तरीका है। आज तक राजस्थान में

[52:34] कितने उपमुख्यमंत्री हुए हैं?

[52:36] सर, वर्तमान में तो दो हैं दिया कुमारी जी

[52:38] और प्रेमचंद बैरवा जी। पर इतिहास में टोटल

[52:41] कितने हुए हैं?

[52:42] टोटल सात लोग इस पद पर बैठ चुके हैं।

[52:44] विद्यार्थी इसका स्क्रीनशॉट ले लें और इसे

[52:46] अच्छे से याद कर लेना। यहां से सवाल आ

[52:49] सकता है।

[52:49] सर मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के

[52:51] अनुच्छेद तो मुझे अच्छे से याद हो गए हैं

[52:53] लेकिन परीक्षाओं में कई बार उप

[52:55] मुख्यमंत्री डिपुटी सीएम से जुड़े सीधे

[52:57] फैक्ट्स पूछ लिए जाते हैं। क्या हम

[52:59] राजस्थान के उप मुख्यंत्रियों की लिस्ट पर

[53:01] भी चर्चा कर सकते हैं?

[53:02] बिल्कुल कनिष्क राजस्थान की राजनीति में

[53:05] उपमुख्यमंत्री का पद हमेशा से बहुत

[53:07] दिलचस्प रहा है। चलो इसे शुरू से समझते

[53:09] हैं। क्या तुम्हें पता है कि राजस्थान के

[53:11] पहले उपमुख्यमंत्री कौन थे?

[53:13] शाहिद सर टीकाराम पालीवाल जी।

[53:15] एकदम सही। टीकाराम पालीवाल राजस्थान के

[53:18] प्रथम उपमुख्यमंत्री थे। वे 1952 से 1954

[53:22] तक इस पद पर रहे और उस समय मुख्यमंत्री थे

[53:24] जय नारायण व्यास जी।

[53:26] अच्छा और सर सबसे लंबे समय तक इस पद पर

[53:28] कौन रहे?

[53:29] यह रिकॉर्ड हरिशंकर भाबड़ा जी के नाम है।

[53:32] वे 1994 से 1998 तक यानी लगभग 5 वर्ष इस

[53:36] पद पर रहे। उस दौरान मुख्यमंत्री भैररो

[53:38] सिंह शेखावत जी थे।

[53:40] समझ गई? सर, मैंने कहीं पढ़ा था कि

[53:42] राजस्थान में एक महिला भी उप मुख्यमंत्री

[53:44] रही हैं। वह कौन थी? हां, यह परीक्षा के

[53:47] नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण फैक्ट है।

[53:49] कमला बेनीवाल जी राजस्थान की प्रथम महिला

[53:52] उप मुख्यमंत्री थी। 2003 में अशोक गहलोत

[53:55] जी के समय उन्हें यह पद मिला था। और एक

[53:57] खास बात बताऊं उनका कार्यकाल उप

[53:59] मुख्यंत्रियों में सबसे छोटा रहा है।

[54:01] क्या उनके समय में कोई और भी उप

[54:03] मुख्यमंत्री था?

[54:04] हां बिल्कुल। 2003 में कमला बेनीवाल जी के

[54:07] साथ ही बनवारी लाल बैरवा जी को भी उप

[54:09] मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। यानी

[54:12] अशोक गहलोत जी के उस कार्यकाल में दो

[54:14] उपमुख्यमंत्री थे।

[54:15] मतलब गहलोत जी के समय उप मुख्यमंत्री बनते

[54:18] रहे हैं। फिर तो 2018 में सचिन पायलट जी

[54:21] भी बने थे ना?

[54:22] सही पकड़ा। 2018 से 2020 के बीच सचिन

[54:26] पायलट जी उप मुख्यमंत्री रहे और उस समय भी

[54:28] मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ही थे। पायलट

[54:31] जी राजस्थान के इतिहास में इस पद पर बैठने

[54:33] वाले पांचवें व्यक्ति थे।

[54:35] और सर, वर्तमान सरकार की क्या स्थिति है?

[54:37] अभी शायद दो उप मुख्यमंत्री है ना? हां,

[54:40] 15 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री भजन लाल

[54:43] शर्मा के साथ दो उप मुख्यंत्रियों ने शपथ

[54:46] ली। पहली हैं दिया कुमारी जो विद्याधर नगर

[54:49] से विधायक हैं और दूसरे हैं प्रेमचंद

[54:51] बैरवा जो दूदू से विधायक हैं। यह दोनों

[54:54] वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

[54:56] वाह सर इस तरह चर्चा करने से तो 1952 से

[54:59] लेकर वर्तमान के सभी सात उपमुख्यंत्रियों

[55:01] की लिस्ट, उनके मुख्यमंत्री और सारे विशेष

[55:04] तथ्य एक कहानी की तरह याद हो गए। यही तो

[55:07] हमारी क्लास का उद्देश्य है कनिष्क चीजों

[55:09] को रटने की बजाय आपस में जोड़कर पढ़ोगे तो

[55:12] एग्जाम में कभी कंफ्यूजन नहीं होगा। तो

[55:14] कनिष्क सबसे लंबे समय तक डिप्टी सीएम कौन

[55:17] रहे? हरिशंकर भाबड़ा सबसे कम समय के लिए

[55:20] कमला बेनीवाल। यह सारे फैक्ट्स बहुत

[55:22] क्रिटिकल हैं। कनिष्क एक प्रश्न और जो

[55:25] सीईटी 2023 और सेकंड ग्रेड में आता है।

[55:28] राजस्थान में लोकायुक्त की नियुक्ति वाली

[55:30] चयन समिति में कौन-कौन शामिल होता है? सर

[55:33] भ्रष्टाचार रोकने वाली संस्था है तो शायद

[55:36] मुख्यमंत्री शामिल होते होंगे।

[55:38] बिल्कुल लोकायुक्त की चयन समिति का

[55:40] अध्यक्ष मुख्यमंत्री होता है। इसके अलावा

[55:42] हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश और विधानसभा

[55:45] में विपक्ष का नेता भी शामिल होते हैं।

[55:47] लेकिन यहां एक बहुत बड़ा कैच है। क्या

[55:49] लोकायुक्त मुख्यमंत्री के खिलाफ

[55:51] भ्रष्टाचार की जांच कर सकता है?

[55:53] सर जब मुख्यमंत्री ही उसे सिलेक्ट कर रहा

[55:55] तो शायद नहीं।

[55:56] तुम बिल्कुल सही कह रही हो। मुख्यमंत्री

[55:59] खुद लोकायुक्त के जांच के अधिकार क्षेत्र

[56:01] से बाहर होता है। यह सवाल सीईटी 2023 में

[56:04] सीधा पूछा गया था। कनिष्क और मेरे सभी

[56:06] होनहार विद्यार्थियों अब समय आ गया है

[56:09] हमारे मास्टर स्ट्रोक का। क्लास को समेटते

[56:11] हुए हम करेंगे 10 सबसे महत्वपूर्ण वन

[56:14] लाइनर प्रश्नों का रैपिड फायर रिवीजन जो

[56:16] सीधे आरपीएससी, आरएसएम, एसएसबी और सीईटी

[56:19] ने पिछले पांच छह सालों में पूछे हैं। यह

[56:21] आपके एग्जाम के लिए रामबाण साबित होंगे।

[56:24] ध्यान से सुनना। तो यह रहा पहला सवाल।

[56:26] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2022 2019 91वें

[56:30] संविधान संशोधन के अनुसार राजस्थान मंत्री

[56:33] परिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की

[56:36] अधिकतम और न्यूनतम संख्या कितनी हो सकती

[56:38] है?

[56:38] सर, अधिकतम 30 मंत्री यानी विधानसभा का

[56:41] 15% हो सकते हैं और न्यूनतम 12 मंत्री

[56:44] होना अनिवार्य है।

[56:46] एकदम सटीक। दूसरा प्रश्न आरपीएससी राज

[56:49] प्री 2021 राजस्थान के वे मुख्य कौन हैं

[56:52] जो कभी लोकसभा के सदस्य नहीं रहे? इसका

[56:55] उत्तर है हरिदेव जोशी, भैररो सिंह शेखावत

[56:58] और बरकतु उल्ला खान। यह तीनों कभी लोकसभा

[57:01] सांसद नहीं रहे।

[57:02] शाबाश। तीसरा सवाल आरपीएससी असिस्टेंट

[57:05] प्रोफेसर 2024 राजस्थान के किस

[57:08] मुख्यमंत्री का पद पर रहते हुए निधन हुआ

[57:10] था?

[57:10] सर श्री बरकतुल्लाह खान जी का। 1973 में

[57:14] मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उनका निधन हो

[57:16] गया था।

[57:17] बिल्कुल सही। चौथा प्रश्न काफी महत्वपूर्ण

[57:19] है। आरएसएमएसएसबी जेईई 2022 आरपीएससी

[57:23] सेकंड ग्रेड राजस्थान के वे मुख्य कौन-कौन

[57:26] हैं जिन्होंने अन्य राज्यों के राज्यपाल

[57:28] के रूप में भी सेवाएं दी हैं?

[57:29] सर, ऐसे चार मुख्यमंत्री रहे हैं मोहनलाल

[57:32] सुखाड़िया, शिव चरण माथुर, हरिदेव जोशी और

[57:35] जगन्नाथ पहाड़िया।

[57:37] एक्सीलेंट कनिष्क। पांचवा सवाल ट्रिकी है।

[57:40] आरपीएससी सेकंड ग्रेड जीके। राज्य में

[57:42] संसदीय सचिव को पद की शपथ कौन दिलाता है?

[57:45] सर ज्यादातर लोग इसमें कंफ्यूज होकर

[57:47] राज्यपाल टिक कर देते हैं। लेकिन सही जवाब

[57:49] है मुख्यमंत्री। संसदीय सचिव को शपथ

[57:52] मुख्यमंत्री ही दिलाते हैं।

[57:54] तुमने बिल्कुल सही कैच किया। छठा सवाल

[57:56] आरपीएससी सीईटी 2023। क्या राजस्थान का

[57:59] मुख्यमंत्री लोकायुक्त के जांच के अधिकार

[58:02] क्षेत्र में आता है?

[58:03] नहीं सर। मुख्यमंत्री लोकायुक्त के जांच

[58:05] के दायरे से पूरी तरह बाहर हैं।

[58:07] परफेक्ट। सातवां सवाल करंट अफेयर्स से

[58:10] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2024 15 दिसंबर 2023

[58:14] को शपथ लेने वाले वर्तमान मुख्यमंत्री

[58:16] श्री भजन लाल शर्मा किस निर्वाचन क्षेत्र

[58:19] से विधायक हैं?

[58:20] वे सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आए

[58:22] हैं?

[58:23] शानदार। पांचवा प्रश्न आरपीएससी राजप्री

[58:26] संविधान के किस अनुच्छेद के तहत

[58:28] मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा

[58:30] की जाती है?

[58:31] सर, यह प्रावधान अनुच्छेद 1641 में दिया

[58:34] गया है।

[58:35] बहुत अच्छे। नौवां सवाल आरपीएससी सेकंड

[58:38] ग्रेड या पीएसआई राजस्थान के प्रथम

[58:40] निर्वाचित इलेक्टेड मुख्यमंत्री कौन थे?

[58:43] राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री

[58:45] श्री टीकाराम पालीवाल जी थे जो 3 मार्च

[58:48] 1952 को बने थे।

[58:50] और अब आज के रामबाण रिवीजन का आखिरी और

[58:53] 10वां सवाल आरपीएससी सेकंड ग्रेड राजस्थान

[58:56] के एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री कौन हैं जो

[58:58] मनोनीत और निर्वाचित दोनों रहे हैं?

[59:00] सर, इसका सही जवाब है श्री जय नारायण

[59:03] व्यास जी। वे पहले मनोनीत हुए थे और बाद

[59:06] में चुनाव जीतकर निर्वाचित मुख्यमंत्री भी

[59:08] बने।

[59:08] बेहतरीन कनिष्क, तुमने 10ों धाकड़ सवालों

[59:11] के जवाब बिल्कुल सही दिए हैं। इसी तरह

[59:13] तथ्यों को टिप्स पर याद रखो। सिलेक्शन कोई

[59:16] नहीं रोक सकता। क्लास के सभी बच्चे इन वन

[59:18] लाइनर्स को अपने नोट्स में जरूर लिख लें।

[59:20] वाह मान सर वाह। आज तो सच में आपने कमाल

[59:24] कर दिया। मजा आ गया। राज व्यवस्था जो मुझे

[59:27] पहले सबसे बोरिंग और डरावनी लगती थी। आज

[59:29] किसी ब्लॉकबस्टर मूवी की तरह मेरे दिमाग

[59:32] में छप गई है। स्टूडेंट्स भावुक होकर आपको

[59:34] अपना पूरा प्यार देने वाले हैं। सर, मुझे

[59:37] ऐसा लग रहा है जैसे मेरा कोई बड़ा भाई

[59:38] मुझे उंगली पकड़ कर सब कुछ याद करवा रहा

[59:40] है। एक-एक आर्टिकल, एक-एक कहानी टिप्स पर

[59:43] याद हो गई है।

[59:44] यही तो मान एजुकेशन का असली उद्देश्य है

[59:47] बेटा कनिष्क। शिक्षा को व्यापार नहीं एक

[59:49] खूबसूरत रिश्ता बनाना है। जब मेरे यह

[59:51] विद्यार्थी परीक्षा हॉल में पेपर खोलकर

[59:53] बैठेंगे ना तो उन्हें मेरी आवाज सुनाई

[59:55] देगी। मेरी ट्रिक्स याद आएंगी और उनके

[59:57] चेहरे पर एक शानदार मुस्कान होगी। उनका

[01:00:00] सिलेक्शन ही मेरी सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा

[01:00:02] है। मेरे शेर और शेरनियों यहां तक अगर

[01:00:05] आपने वीडियो देखा है तो एक बात तो तय है

[01:00:07] आपका सिलेक्शन इस बार कोई नहीं रोक सकता।

[01:00:10] लेकिन तैयारी को एक धारदार हथियार बनाने

[01:00:12] के लिए और इस नॉलेज को पक्का करने के लिए

[01:00:14] सही प्रैक्टिस बहुत जरूरी है। सबसे

[01:00:17] महत्वपूर्ण रिवीजन के लिए हमने आपके

[01:00:19] एग्जाम के लिए टेस्ट क्यू ऐप पर एक लाजवाब

[01:00:21] वन लाइनर सीरीज तैयार की है। इसे एग्जाम

[01:00:23] से पहले जरूर पढ़कर जाएं। यह आपके एग्जाम

[01:00:26] में 100% रामबाण साबित होगा। टेस्ट क्यू

[01:00:28] एप्लीकेशन पर आरपीएससी सेकंड ग्रेड के

[01:00:30] प्रथम प्रश्न पत्रिका, 360° टेस्ट सीरीज

[01:00:33] और सब्जेक्ट वाइज सिनेैटिक कोर्सर्सेस

[01:00:35] उपलब्ध हैं। कम समय में सटीक रिवीजन करके

[01:00:37] अपनी मंजिल पाने का इससे बेहतरीन मौका

[01:00:40] आपको पूरे YouTube के इतिहास में कहीं

[01:00:42] नहीं मिलेगा। यहां पर हमारे अन्य सभी

[01:00:44] विषयों के एनसीईआरटी, आरबीएसई और मूल

[01:00:47] किताबों पर आधारित कोर्सेज बिल्कुल इसी

[01:00:49] सिनेैटिक मूवी स्टाइल में उपलब्ध हैं। कम

[01:00:51] समय में सबसे कम कीमत में लाजवाब कोर्सेज

[01:00:54] जिनको ज्वाइन करके आप पहले ही प्रयास में

[01:00:56] एग्जाम में सिलेक्शन ले सकते हैं।

[01:00:58] राजस्थान जीके और इंडिया जीके का संपूर्ण

[01:01:00] सिनेमैटिक बैच शुरू हो गया है। इसे आज ही

[01:01:02] ज्वाइन करें और अपनी तैयारी को एक नए

[01:01:04] अंदाज में बिल्कुल सटीक और साइंटिफिक

[01:01:06] तरीके से करें। हां दोस्तों, मैंने खुद

[01:01:09] टेस्ट क्यू ऐप डाउनलोड कर लिया है। वहां

[01:01:11] जो डेली क्विज, टॉपिक वाइज टेस्ट और

[01:01:13] प्रीवियस ईयर पेपर्स हैं, उन्होंने मेरा

[01:01:15] कॉन्फिडेंस आसमान पर पहुंचा दिया है। अगर

[01:01:17] आप भी मेरी तरह फर्स्ट अटेम्प्ट में जॉब

[01:01:19] लगना चाहते हैं, तो अभी Play Store पर

[01:01:22] जाएं और टेस्ट क्यू ऐप जरूर डाउनलोड करें।

[01:01:24] बिल्कुल सही कहा कनिष्क। तो जाइए

[01:01:26] विद्यार्थियों, अभी तुरंत टेस्ट क्यू ऐप

[01:01:28] इंस्टॉल कीजिए। अगर आज की यह सिनेमैटिक

[01:01:30] क्लास ने आपके चेहरे पर मुस्कान लाई है और

[01:01:32] सब कुछ क्लास में ही याद हो गया है तो इस

[01:01:35] वीडियो को तुरंत लाइक करें। चैनल को

[01:01:36] सब्सक्राइब करें और नीचे कमेंट बॉक्स में

[01:01:38] अपनी हाजिरी जरूर लगाएं। कमेंट में जरूर

[01:01:41] लिखना कि सर हम तैयार हैं।

[01:01:44] क्या आपको पता है कि राजस्थान की सियासत

[01:01:46] के उस महासागर की गहराई कितनी है जहां से

[01:01:49] पूरे प्रदेश की किस्मत लिखी जाती है।

[01:01:52] जहां 200 सुरमा एक ही छत के नीचे बैठते

[01:01:55] हैं और एक कागज का टुकड़ा पूरे राज्य का

[01:01:57] कानून जाता है। दोस्तों, मैं कनिष्क हूं

[01:02:00] और आज मैं आप सब की तरफ से हमारे मान सर

[01:02:03] से वो सारे राज उगलवाने वाली हूं, जो

[01:02:06] किताबों में तो हैं लेकिन दिमाग में घुसने

[01:02:09] का नाम नहीं लेते। आज की क्लास एक

[01:02:11] ब्लॉकबस्टर मूवी है। तो कुर्सी की पेटी

[01:02:13] बांध लीजिए क्योंकि मान एजुकेशन के इस मंच

[01:02:15] पर भूचाल आने वाला है।

[01:02:18] हौसले के तरकश में कोशिश का वो तीर जिंदा

[01:02:20] रख। हार जा चाहे जिंदगी में सब कुछ मगर

[01:02:23] फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख। नमस्कार

[01:02:25] मेरे प्यारे बब्बर शेरों और शेरनियों। मान

[01:02:28] एजुकेशन YouTube चैनल पर आपका स्वागत है।

[01:02:30] कनिष्क बेटा तुम्हारी इस तूफानी शुरुआत ने

[01:02:32] तो मुझे भी हॉलीवुड के हीरो जैसी फीलिंग

[01:02:34] दे दी है। विद्यार्थियों अगर आपने ठान

[01:02:37] लिया है कि इस बार आरपीएससी सेकंड ग्रेड

[01:02:39] के प्रथम प्रश्न पत्र में अपनी सीट पक्की

[01:02:41] करनी है तो यह क्लास आपके लिए

[01:02:43] ब्रह्मास्त्र साबित होगी। हम आने वाले 10

[01:02:45] दिन में आपको पूरा कोर्स कंप्लीट करवा

[01:02:47] देंगे ताकि आप आज से ही हमारी क्लास के

[01:02:49] साथ जुड़ जाएं। रोज सुबह 10:00 बजे इसी

[01:02:51] चैनल पर आपका यह बड़ा भाई एक नई मूवी लेकर

[01:02:54] आएगा। सर हमने पिछले दो चैप्टर्स में

[01:02:56] राज्यपाल यानी गवर्नर और मुख्यमंत्री एवं

[01:02:58] मंत्री परिषद यानी चीफ मिनिस्टर एंड

[01:03:00] काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स को इस तरह पढ़ा है

[01:03:02] कि अब मुझे नींद में भी आर्टिकल्स दिखाई

[01:03:05] देते हैं।

[01:03:08] आज हमारा तीसरा चैप्टर है राज्य विधानसभा

[01:03:11] यानी स्टेट लेजिसलेटिव असेंबली। सर

[01:03:13] किताबें पढ़ते हैं तो नींद आने लगती है।

[01:03:15] क्या आज भी आप कोई मूवी स्टाइल वाली कहानी

[01:03:17] सुनाएंगे? वह भी सारे लेटेस्ट डाटा के

[01:03:19] साथ। अरे कनिष् बेटा जब तुम्हारा बड़ा भाई

[01:03:21] यहां खड़ा है तो किताबों की बोरियत की

[01:03:23] क्या मजाल? आज हम एनसीईआरटी, एम

[01:03:25] लक्ष्मीकांत और बैर एक्ट का पूरा निचोड़

[01:03:27] निकालेंगे कि परीक्षा बनाने वाला यानी

[01:03:30] पेपर सेटर भी सोचेगा कि यार सवाल दूं तो

[01:03:32] दूं कहां से? हमारा मुख्य फोकस यही है कि

[01:03:35] इसी वीडियो में तुम्हें सब कुछ याद हो

[01:03:36] जाए। कंटेंट के सोर्स बिल्कुल प्रामाणिक

[01:03:38] है। इसलिए विश्वास के साथ जुड़ जाएं। चलिए

[01:03:40] शुरू करते हैं राजस्थान की सियासत का सबसे

[01:03:43] बड़ा मंच हमारी विधानसभा। सर सबसे पहले तो

[01:03:45] मुझे यह बताइए कि यह विधानसभा का कांसेप्ट

[01:03:48] संविधान में कहां से आता है? मतलब इसका

[01:03:50] कोई आधार कार्ड यानी संवैधानिक अनुच्छेद

[01:03:53] तो होगा ना?

[01:03:54] आधार कार्ड बहुत खूब बेटा। बिल्कुल है।

[01:03:57] हमारे संविधान के भाग छह यानी पार्ट सिक्स

[01:04:00] में राज्य विधानमंडल यानी स्टेट

[01:04:02] लेजिस्लेचर का जिक्र है। आर्टिकल 168 कहता

[01:04:04] है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक विधानमंडल

[01:04:07] होगा। अब इसमें एक ट्विस्ट है। कुछ

[01:04:09] राज्यों में दो सदन यानी बाईकमरल होते

[01:04:11] हैं। विधानसभा यानी लेजिसलेटिव असेंबली और

[01:04:14] विधान परिषद यानी लेजिसलेटिव काउंसिल।

[01:04:16] लेकिन क्या राजस्थान में दो सदन है?

[01:04:18] हम्म नहीं सर। जहां तक मुझे याद है

[01:04:21] राजस्थान में सिर्फ एक ही सदन है जिसे हम

[01:04:23] विधानसभा कहते हैं। इसे एक सदनीय व्यवस्था

[01:04:26] यानी यूनिकमरल सिस्टम कहते हैं ना? एकदम

[01:04:28] सटीक जवाब कनिष्क राजस्थान ने अनुच्छेद

[01:04:31] 168 के तहत एक सदनीय व्यवस्था यानी

[01:04:34] यूनकमरल लेजिस्लेचर को अपनाया है। विधान

[01:04:36] परिषद बनाने की शक्ति आर्टिकल 169 के तहत

[01:04:39] संसद के पास होती है। यदि राज्य की

[01:04:41] विधानसभा विशेष बहुमत से ऐसा प्रस्ताव

[01:04:44] पारित करें। राजस्थान विधानसभा ने ऐसा

[01:04:46] प्रस्ताव केंद्र को भेजा हुआ है। लेकिन

[01:04:48] अभी तक हमारे यहां विधान परिषद नहीं बनी

[01:04:50] है। इसलिए हमारे यहां सारा खेल विधानसभा

[01:04:53] का ही है।

[01:04:53] सर यह तो समझ आ गया। लेकिन इस मूवी के

[01:04:56] एक्टर्स यानी विधायकों यानी एमएलएस की

[01:04:58] योग्यता क्या होती है? क्या मैं भी चुनाव

[01:05:00] लड़ सकती हूं?

[01:05:01] क्यों नहीं बेटा? लेकिन उसके लिए आर्टिकल

[01:05:02] 173 की शर्तें पूरी करनी होंगी। पहली बात

[01:05:05] तुम्हें भारत का नागरिक होना चाहिए। और

[01:05:07] दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात उम्र। क्या

[01:05:10] तुम्हें पता है विधानसभा का चुनाव लड़ने

[01:05:11] के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?

[01:05:14] सर वोट देने की उम्र तो 18 साल है। तो

[01:05:16] चुनाव लड़ने की शायद 21 साल।

[01:05:18] यहीं तो गच्चा खा गई ना मेरी शेरनी। तटा

[01:05:21] पंचायत का चुनाव लड़ना हो तो 21 साल

[01:05:23] चाहिए। लेकिन विधानसभा का चुनाव यानी

[01:05:25] एमएलए लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष

[01:05:28] होनी चाहिए और विधान परिषद के लिए 30

[01:05:30] वर्ष। इसे याद रखने की ट्रिक सुनो। 25 का

[01:05:33] युवा विधानसभा में जाता है। 30 का समझदार

[01:05:35] परिषद में जाता है और 35 का परिपक्व इंसान

[01:05:38] राज्यपाल बनता है। याद रहेगा?

[01:05:40] वाह सर। 25, 30 और 35 क्या गजब की ट्रिक

[01:05:43] है। यह तो सीधे दिमाग में छप गया।

[01:05:45] और बेटा यही सवाल आरपीएससी सेकंड ग्रेड और

[01:05:47] पीएसआई के एग्जाम में सीधे स्टेटमेंट के

[01:05:49] रूप में आता है कि विधानसभा सदस्यता के

[01:05:51] लिए न्यूनतम आयु क्या है? उत्तर है 25

[01:05:53] वर्ष। इसके अलावा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम

[01:05:56] 1951 यानी रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट

[01:05:59] 1951 के तहत भी कुछ शर्तें होती हैं। जैसे

[01:06:02] उम्मीदवार को संबंधित राज्य के किसी

[01:06:04] निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए।

[01:06:06] सर, एक बात मुझे हमेशा परेशान करती है। आज

[01:06:09] हमारी विधानसभा में 200 कुर्सियां हैं

[01:06:11] यानी सीटें हैं। क्या 1952 में जब पहली

[01:06:14] बार चुनाव हुए थे, तब भी 200 ही विधायक थे

[01:06:16] या राजस्थान की जनसंख्या के साथ यह

[01:06:18] कुर्सियां भी बढ़ती गई? यह सवाल आरपीएससी

[01:06:20] के पेपर सेटर का सबसे पसंदीदा सवाल है।

[01:06:23] बेटा इतिहास की इस टाइम मशीन में बैठो और

[01:06:25] चलो मेरे साथ 1952 में जब पहली बार वयस्क

[01:06:28] मताधिकार यानी एडल्ट फ्रेंचाइज के आधार पर

[01:06:30] चुनाव हुए तब राजस्थान में 22 रियासतों

[01:06:33] यानी प्रिंसली स्टेट्स का विलय हो रहा था।

[01:06:35] उस समय परिसीमन आयोग यानी डीलिमिटेशन

[01:06:37] कमीशन ने राजस्थान विधानसभा के लिए केवल

[01:06:40] 160 सीटें निर्धारित की थी। ध्यान रखना

[01:06:43] 1952 में संख्या 160 थी।

[01:06:45] सिर्फ 160 तो फिर यह 200 कैसे हुए सर?

[01:06:48] क्या बीच में कोई जादू हुआ?

[01:06:49] जादू नहीं बेटा। पुनर्गठन यानी

[01:06:52] रिऑर्गेनाइजेशन हुआ। 1 नवंबर 1956 को जब

[01:06:56] अजमेर मेवाड़ा जो कि एक अलग सी श्रेणी का

[01:06:58] राज्य था का राजस्थान में विलय हुआ तो

[01:07:01] अजमेर की धारा सभा जिसके 30 सदस्य थे और

[01:07:04] जिसके एकमात्र मुख्यमंत्री हरिभाऊ

[01:07:07] उपाध्याय थे को राजस्थान विधानसभा में

[01:07:10] मिला दिया गया। अब 160 + 30 = 190 तो 1957

[01:07:15] के दूसरे विधानसभा चुनाव में सीटें 190 हो

[01:07:18] गई।

[01:07:19] ओह गणित तो बहुत सीधा है सर। 160 और 30

[01:07:22] मिलकर 190 हो गए। लेकिन अभी भी 10 सीटें

[01:07:26] कम है।

[01:07:27] यही तो कहानी का रोमांच है। 1967 यानी

[01:07:30] चौथी विधानसभा में फिर से परिसीमन यानी

[01:07:33] डीलिमिटेशन हुआ और सीटों की संख्या 184 कर

[01:07:36] दी गई। और अंततः 1977 में यानी छठी

[01:07:40] विधानसभा के दौरान जब परिसीमन हुआ तो

[01:07:43] सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई और

[01:07:46] तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि 84वें

[01:07:48] संविधान संशोधन अधिनियम 2001 के अनुसार यह

[01:07:52] संख्या वर्ष 2026 तक 200 ही रहेगी।

[01:07:56] सर यह तो एक शानदार टाइमलाइन बन गई। 1952

[01:07:59] में 160, 1957 में 190, 1967 में 184 और

[01:08:05] 1977 में 200। सर क्या एग्जाम में यह सीधा

[01:08:09] पूछा जाता है?

[01:08:09] बिल्कुल। आरपीएससी डिपुटी जेनर ईओआरओ 2023

[01:08:13] और सेकंड ग्रेड के एग्जाम्स में यह हूबहू

[01:08:16] पूछा गया है कि 1952 में राजस्थान

[01:08:18] विधानसभा की सदस्य संख्या कितनी थी? उत्तर

[01:08:21] है 160। चलो इसे तुम्हारे लिए एक शानदार

[01:08:25] टेबल में पिरो देते हैं ताकि अंग्रेजी और

[01:08:27] हिंदी दोनों माध्यम के बच्चों को

[01:08:29] स्क्रीनशॉट लेने में आसानी हो।

[01:08:31] क्या आज हम राजस्थान विधानसभा की सीटों के

[01:08:33] ऐतिहासिक सफर पर चर्चा कर सकते हैं? सर

[01:08:35] सबसे पहले तो यही जानना है कि जब हमारे

[01:08:37] राजस्थान में लोकतंत्र की नींव रखी गई तब

[01:08:41] विधानसभा की शुरुआत कैसे हुई? मेरा मतलब

[01:08:43] है 1952 के पहले चुनावों में स्थिति क्या

[01:08:46] थी?

[01:08:46] बहुत सटीक सवाल। जब 1952 में प्रथम

[01:08:49] विधानसभा के चुनाव हुए, तब राजस्थान में

[01:08:52] कुल 160 सीटें थी। इन सीटों का निर्धारण

[01:08:55] परिसीमन आयोग यानी डीलिमिटेशन कमीशन

[01:08:58] द्वारा किया गया था। यह राजस्थान के लिए

[01:09:00] एक नई शुरुआत थी।

[01:09:02] वाह, यानी शुरुआत 160 सीटों से हुई। लेकिन

[01:09:05] सर, मैंने पढ़ा है कि यह संख्या जल्द ही

[01:09:07] बढ़ गई थी। ऐसा क्यों और कब हुआ?

[01:09:09] बिल्कुल सही पढ़ाया तुमने। यह बदलाव आया

[01:09:12] 1957 की द्वितीय विधानसभा में। तब सीटों

[01:09:15] की संख्या 160 से बढ़कर सीधे 190 हो गई

[01:09:19] थी। इसका मुख्य कारण था 1 नवंबर 1956 को

[01:09:22] अजमेर का राजस्थान में विलय। अजमेर की

[01:09:25] अपनी अलग विधानसभा थी जिसमें 30 सीटें थी।

[01:09:28] जब अजमेर राजस्थान का हिस्सा बना तो वो 30

[01:09:31] सीटें भी हमारी विधानसभा में जुड़ गई।

[01:09:34] अच्छा, तो अजमेर के विलय से 30 सीटों का

[01:09:36] इजाफा हुआ। लेकिन सर क्या इसके बाद भी

[01:09:38] सीटों की संख्या में कोई उतार-चढ़ाव आया?

[01:09:40] हां कनिष्क एक दिलचस्प बदलाव और आया। 1967

[01:09:44] की चतुर्थ विधानसभा के दौरान सीटों की

[01:09:47] संख्या 190 से घटकर 184 रह गई। यह बदलाव

[01:09:51] राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के बाद

[01:09:53] हुए नए परिसीमन के कारण हुआ था।

[01:09:56] घटकर 184 यह तो बहुत ही कम लोगों को पता

[01:09:59] होगा। लेकिन सर आज तो हम अक्सर सुनते हैं

[01:10:01] कि राजस्थान में 200 विधायक चुने जाते

[01:10:04] हैं। तो यह जादुई आंकड़ा 200 तक कब

[01:10:06] पहुंचा?

[01:10:07] यह आंकड़ा पहुंचा 1977 की षष्ठम विधानसभा

[01:10:10] में। नवीनतम परिसीमन के बाद सीटों की

[01:10:13] संख्या 184 से बढ़ाकर 200 कर दी गई और

[01:10:17] तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि 1977 से

[01:10:20] लेकर आज तक यानी वर्तमान में भी यही

[01:10:23] संख्या चली आ रही है। संविधान के

[01:10:25] प्रावधानों के अनुसार यह संख्या वर्ष 2026

[01:10:29] तक अपरिवर्तित रहेगी। मतलब 1952 में 160

[01:10:32] से शुरू होकर 1957 में 190 फिर 1967 में

[01:10:37] 184 और आखिरकार 1977 में 200 सीटें जो

[01:10:42] 2026 तक फिक्स हैं। सर आपने इतने थोड़े

[01:10:45] समय में पूरे इतिहास को एक कहानी की तरह

[01:10:47] हमारे सामने रख दिया। मुझे पूरा यकीन है

[01:10:50] कि मेरे साथ-साथ क्लास देख रहे लाखों

[01:10:52] छात्रों को अब यह डाटा कभी नहीं भूलेगा।

[01:10:55] यही तो एक शिक्षक की असली सफलता है

[01:10:57] कनिष्क। जब तथ्य कहानी बन जाए और

[01:10:59] विद्यार्थियों के ज़हन में हमेशा के लिए बस

[01:11:01] जाए।

[01:11:02] सर, टेबल देखकर तो सब कुछ एकदम क्रिस्टल

[01:11:04] क्लियर हो गया। अब कोई रात को 2:00 बजे

[01:11:06] उठाकर भी पूछेगा तो मैं 160, 190, 184 और

[01:11:10] 200 का पहाड़ा सुना दूंगी।

[01:11:13] यही तो चाहिए बेटा। अब एक और गंभीर बात।

[01:11:16] समाज के हर वर्ग को इस लोकतंत्र के मंदिर

[01:11:19] में जगह मिले इसके लिए संविधान के आर्टिकल

[01:11:21] 332 के तहत अनुसूचित जाति एससी और

[01:11:25] अनुसूचित जनजाति एसटी के लिए सीटों का

[01:11:27] आरक्षण यानी रिजर्वेशन किया गया है।

[01:11:30] कनिष्क क्या तुम्हें पता है कि 200 में से

[01:11:32] कितनी सीटें आरक्षित हैं?

[01:11:33] सर 200 में से कुछ सीटें रिजर्व हैं पर

[01:11:36] नंबर याद करने में बहुत कंफ्यूजन होता है।

[01:11:38] कोई धांसू सी ट्रिक बताइए ना।

[01:11:40] मान सर की क्लास में ट्रिक ना हो ऐसा कभी

[01:11:42] हो सकता है? मेरी शेरनी ध्यान से सुनो।

[01:11:45] कुल 200 सीटें हैं। इसमें से अनुसूचित

[01:11:48] जाति एससी के लिए 34 सीटें और अनुसूचित

[01:11:51] जनजाति एसटी के लिए 25 सीटें आरक्षित हैं।

[01:11:54] कुल आरक्षित सीटें हुई 59। ट्रिक यह है कि

[01:11:57] एससी के 34 लोग एसटी के 25 लोगों के साथ

[01:12:00] मिलकर विधानसभा की 200 कुर्सियों पर बैठते

[01:12:03] हैं। बस यह नंबर 34 और 25 याद रखना।

[01:12:06] सर 34 एससी और 25 एसटी याद हो गया। लेकिन

[01:12:10] क्या यह प्रश्न सच में परीक्षा में आता

[01:12:12] है? अरे बेटा आरपीएससी वीडियो पटवार और

[01:12:15] आरएएस प्री में यह प्रश्न अनगिनत बार आया

[01:12:18] है कि राजस्थान विधानसभा में अनुसूचित

[01:12:20] जनजाति एसटी के लिए कितनी सीटें आरक्षित

[01:12:23] हैं और बच्चे 34 और 25 में कंफ्यूज होकर

[01:12:26] गलत कर देते हैं। तुम्हें याद रखना है

[01:12:28] एसटी टी फॉर 25 और एससी सी फॉर 34। हा सर

[01:12:34] टी फॉर 25 और सी फॉर 34 ये तो कतई ज़हर

[01:12:37] ट्रिक है।

[01:12:38] स्टूडेंट्स आप भी कमेंट में लिखो टी फॉर

[01:12:40] 25।

[01:12:41] कनिष्क अब जो कहानी मैं तुम्हें सुनाने जा

[01:12:43] रहा हूं वो राजस्थान की राजनीति का सबसे

[01:12:46] भावुक और प्रेरणादायक अध्याय है। 1952 में

[01:12:49] जब पहली विधानसभा जिसे हम फर्स्ट असेंबली

[01:12:52] बनी तो उसके चुनाव में एक अद्भुत रिकॉर्ड

[01:12:54] बना। उस समय 17 सीटों पर उपचुनाव हुए थे

[01:12:57] जो आज तक का एक रिकॉर्ड है।

[01:12:59] बाप रे 17 उपचुनाव ऐसा क्यों सर? क्योंकि

[01:13:02] कई दिग्गज नेता दो-दो जगहों से चुनाव लड़

[01:13:04] रहे थे। जैसे जय नारायण व्यास दो सीटों से

[01:13:07] लड़े और दोनों से हार गए। वहीं टीकाराम

[01:13:09] पालेवाल दो सीटों से लड़े और दोनों जीत

[01:13:12] है। इसी वजह से 3 मार्च 1952 को राजस्थान

[01:13:15] के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री फर्स्ट

[01:13:17] इलेक्टेड चीफ मिनिस्टर टीकाराम पालीवाल

[01:13:20] बने।

[01:13:21] क्या बात है और सर उस समय स्पीकर कौन थे?

[01:13:23] पहले स्पीकर बने श्री नरोत्तम लाल जोशी जो

[01:13:26] झुंझुनू से कांग्रेस के टिकट पर जीते थे।

[01:13:28] पहले उपाध्यक्ष थे लाल सिंह शक्तावत और

[01:13:31] विपक्ष के पहले नेता थे कुंवर जसवंत सिंह।

[01:13:34] सर इन सभी नामों में कोई महिला नहीं है।

[01:13:36] क्या 1952 में महिलाओं ने चुनाव नहीं लड़ा

[01:13:39] था? मैं एक लड़की हूं इसलिए मुझे अपनी

[01:13:41] महिला नेताओं के बारे में जानने की बहुत

[01:13:43] उत्सुकता है।

[01:13:46] बेटा, तुम्हारा यह प्रश्न मुझे बहुत गर्व

[01:13:48] महसूस करा रहा है। सुनो महिलाओं के संघर्ष

[01:13:51] की कहानी। 1952 के पहले आम चुनाव में चार

[01:13:54] महिलाओं चिरंजीबाई, वीरेंद्र बाई,

[01:13:57] शांताबाई और रानी देवी ने चुनाव लड़ा था।

[01:13:59] लेकिन दुर्भाग्य से चारों हार गई। पहली

[01:14:02] विधानसभा का जब गठन हुआ तो उसमें एक भी

[01:14:04] महिला नहीं थी।

[01:14:05] ओह, यह तो सच में बहुत निराशाजनक रहा

[01:14:08] होगा।

[01:14:08] लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं होती मेरे

[01:14:10] दोस्त। 1953 में बांसवाड़ा की सामान्य सीट

[01:14:13] पर उपचुनाव हुए। वहां से प्रजा सोशलिस्ट

[01:14:16] पार्टी की टिकट पर एक शेरनी ने चुनाव लड़ा

[01:14:18] और ऐतिहासिक जीत हासिल की। उनका नाम था

[01:14:21] श्रीमती यशोदा देवी। इस प्रकार यशोदा देवी

[01:14:24] राजस्थान विधानसभा की प्रथम महिला विधायक

[01:14:26] बनी।

[01:14:27] वाह यशोदा देवी जी ने तो कमाल कर दिया।

[01:14:30] 1953 में वो भी प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से।

[01:14:33] यह सच में हम सब लड़कियों के लिए एक बहुत

[01:14:35] बड़ा मोटिवेशन है।

[01:14:36] बिल्कुल बेटा। और विद्यार्थियों कान खोल

[01:14:39] कर सुन लो। यह प्रश्न आरपीएससी ने

[01:14:41] आरपीएससी सेकंड ग्रेड पीएसआई और आरएएस

[01:14:44] 2020 से 2026 में न जाने कितनी बार पूछा

[01:14:47] है कि राजस्थान की पहली महिला विधायक कौन

[01:14:50] थी और किस पार्टी से थी? उत्तर है यशोदा

[01:14:52] देवी प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1953। बच्चे

[01:14:55] अक्सर पार्टी का नाम कांग्रेस कराते हैं

[01:14:57] और माइनस मार्किंग में चले जाते हैं। याद

[01:14:59] रखना पार्टी पीएसपी थी। और इसी कड़ी में

[01:15:02] एक नाम और याद रखना। 1954 के उपचुनाव में

[01:15:05] श्रीमती कमला बेनीवाल जीती और मोहनलाल

[01:15:08] सुखाड़िया जी की कैबिनेट में वे राजस्थान

[01:15:10] की पहली महिला मंत्री बनी। वह भी मात्र 26

[01:15:13] साल की उम्र में। सोचो 26 साल की उम्र में

[01:15:15] मंत्री।

[01:15:16] सर 26 साल की उम्र में यहां तो 26 साल में

[01:15:19] लोग आरपीएससी के फॉर्म भरने में ही

[01:15:21] कंफ्यूज रहते हैं। सच में यह महान महिलाएं

[01:15:24] हमारी प्रेरणा है।

[01:15:25] और बेटा एक रिकॉर्ड ऐसा भी है जो तुम्हें

[01:15:27] चौंका देगा। बांसवाड़ा से ही हमारे एक

[01:15:30] दिग्गज नेता हुए हरिदेव जोशी। यह वो इंसान

[01:15:33] थे जिन्होंने 1952 से लेकर अपनी मृत्यु तक

[01:15:36] लगातार 10 बार विधानसभा चुनाव जीता और यह

[01:15:39] लगातार 10 बार विधायक रहे और तीन बार

[01:15:41] राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। हालांकि एक

[01:15:44] बार भी अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं

[01:15:46] कर पाए।

[01:15:47] सर आपने पहले स्पीकर नरोत्तम लाल जोशी जी

[01:15:49] के बारे में बताया लेकिन मैंने न्यूज़पेपर

[01:15:51] में अक्सर एक शब्द पढ़ा है प्रोटेम

[01:15:53] स्पीकर। यह क्या भला है? क्या यह स्पीकर

[01:15:55] का कोई असिस्टेंट होता है?

[01:15:57] नहीं बेटा असिस्टेंट नहीं होता। इसे ऐसे

[01:16:00] समझो जब पुरानी विधानसभा का 5 साल का

[01:16:03] कार्यकाल पूरा हो जाता है और वह भंग हो

[01:16:05] जाती है तो स्पीकर अपनी कुर्सी तुरंत नहीं

[01:16:07] छोड़ता। वो नई विधानसभा की पहली बैठक के

[01:16:10] ठीक पहले तक स्पीकर बना रहता है। अब जब नए

[01:16:12] विधायक चुनकर विधानसभा में आते हैं तो वे

[01:16:15] विधायक तब तक काम नहीं कर सकते जब तक वे

[01:16:17] शपथ ना ले लें। आर्टिकल 188

[01:16:19] तो उन्हें शपथ कौन दिलाता है राज्यपाल?

[01:16:21] हां, संविधान के अनुसार राज्यपाल या उनके

[01:16:24] द्वारा नियुक्त कोई व्यक्ति शपथ दिलाता

[01:16:26] है। इसलिए राज्यपाल सदन के सबसे वरिष्ठ

[01:16:28] नेता को कुछ दिनों के लिए अस्थाई अध्यक्ष

[01:16:30] नियुक्त कर देते हैं। जिसे प्रोटेम स्पीकर

[01:16:33] कहते हैं। इसका मुख्य काम होता है नए

[01:16:35] विधायकों को शपथ दिलाना और नए स्थाई

[01:16:37] स्पीकर का चुनाव करवाना। जैसे ही नया

[01:16:39] स्पीकर चुना जाता है, प्रोटेम स्पीकर का

[01:16:41] पद स्वतः समाप्त हो जाता है।

[01:16:43] तो सर, दिमाग की बत्ती जल गई। एकदम

[01:16:45] क्लियर। तो हमारे राजस्थान के पहले

[01:16:47] प्रोटेम स्पीकर कौन राजस्थान विधानसभा के

[01:16:50] प्रथम प्रोटेम स्पीकर थे महाराव संग्राम

[01:16:52] सिंह। उन्हें 24th मार्च 1952 को नियुक्त

[01:16:55] किया गया था। और कनिष्क यह सवाल राजस्थान

[01:16:58] सीईटी 2023 के ग्रेजुएशन लेवल एग्जाम में

[01:17:01] सीधा पूछा गया था। उत्तर था महाराव

[01:17:03] संग्राम सिंह। बच्चों, कनिष्क की तरह आप

[01:17:06] भी यहां जो सीख रहे हैं, वह परीक्षा के

[01:17:08] लिए सोना है। मैं जानता हूं कि आप में से

[01:17:10] ज्यादातर बच्चे एक साधारण किसान या

[01:17:12] मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। आपके

[01:17:14] माता-पिता आपकी कोचिंग और किताबों के लिए

[01:17:16] अपनी जरूरतें मार देते हैं। एक सरकारी

[01:17:19] नौकरी आपके लिए सिर्फ एक जॉब नहीं है। यह

[01:17:21] आपके पूरे परिवार के सम्मान और पीढ़ियों

[01:17:23] का भविष्य है।

[01:17:24] सही कह रहे हैं सर। परीक्षा का प्रेशर

[01:17:26] बहुत होता है और कई बार पढ़ा हुआ सब मिक्स

[01:17:28] हो जाता है।

[01:17:29] इसीलिए इसी प्रेशर को खत्म करने के लिए

[01:17:32] सबसे महत्वपूर्ण रिवीजन के लिए हमने आपके

[01:17:34] एग्जाम को ध्यान में रखते हुए हमारी टेस्ट

[01:17:36] क्यू ऐप पर एक जादुई वन लाइनर सीरीज तैयार

[01:17:39] की है। यह आपके एग्जाम में बिल्कुल रामबाण

[01:17:41] साबित होगी। आपको बस प्ले स्टोर पर जाना

[01:17:43] है और टेस्ट क्यू एप्लीकेशन डाउनलोड करनी

[01:17:46] है। वहां हमने आरपीएससी सेकंड ग्रेड के

[01:17:48] प्रथम प्रश्न पत्र का 360° टेस्ट सीरीज और

[01:17:51] सब्जेक्ट वाइज सिनेमैटिक कोर्स बहुत ही कम

[01:17:53] कीमत में उपलब्ध कराया है। इस टेस्ट सीरीज

[01:17:55] से आप कम समय में बेहतरीन रिवीजन करके

[01:17:58] अपनी मंजिल पा सकते हैं। तो क्लास खत्म

[01:18:00] होते ही टेस्ट क्यू ऐप जरूर डाउनलोड कर

[01:18:02] लेना। यह मेरी आप सबको सलाह है।

[01:18:04] सर, मैंने ऐप तो अभी डाउनलोड पर लगा दिया।

[01:18:07] अब मुझे यह बताइए कि यह विधानसभा क्या

[01:18:09] पूरे 365 दिन चलती है या इसके भी हमारे

[01:18:12] स्कूल कॉलेज की तरह वेकेशन होते हैं?

[01:18:14] बिल्कुल स्कूल की तरह ही छुट्टियां होती

[01:18:15] हैं बेटा। विधानसभा हमेशा चालू नहीं रहती।

[01:18:18] संविधान के आर्टिकल 174 के तहत राज्य का

[01:18:21] गवर्नर समय-समय पर विधानसभा का सत्र

[01:18:23] बुलाता है। यानी समवंस द हाउस। संविधान

[01:18:26] कहता है कि एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले

[01:18:29] सत्र की पहली बैठक के बीच 6 महीने से

[01:18:31] ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए। लेकिन एक

[01:18:33] मजेदार फैक्ट बताता हूं। राजस्थान

[01:18:35] विधानसभा के नियमों के अनुसार एक कैलेंडर

[01:18:38] वर्ष में कम से कम तीन सत्र होने चाहिए।

[01:18:40] बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र।

[01:18:44] सत्र को बुलाना यानी समन, सत्रावसान करना

[01:18:47] यानी प्ररोग और विधानसभा को भंग करना यानी

[01:18:50] डिॉल्व। यह तीनों काम राज्यपाल करता है।

[01:18:53] लेकिन याद रखना विधानसभा की बैठक को कुछ

[01:18:55] समय के लिए या अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

[01:18:58] करने की पावर विधानसभा अध्यक्ष यानी

[01:19:00] स्पीकर के पास होती है।

[01:19:02] सर यह पॉइंट्स तो बहुत बारीक है। बुलाना

[01:19:04] और भंग करना राज्यपाल का काम लेकिन बैठक

[01:19:06] को बीच में रोकना स्पीकर का काम। इसे मैं

[01:19:09] नोट कर लेती हूं।

[01:19:10] अब आते हैं सबसे अहम काम पर। कानून बनाना

[01:19:12] यानी लॉ मेकिंग। कनिष्क जब कोई मंत्री कोई

[01:19:15] बिल लाता है तो उसे सरकारी विधेयक यानी

[01:19:17] गवर्नमेंट बिल कहते हैं। लेकिन अगर कोई

[01:19:19] ऐसा विधायक बिल लाए जो मंत्री नहीं है

[01:19:22] चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का तो

[01:19:24] उसे क्या कहेंगे?

[01:19:25] उसे शायद प्राइवेट बिल कहेंगे।

[01:19:27] बिल्कुल सही। उसे निजी सदस्य विधेयक यानी

[01:19:30] प्राइवेट मेंबर बिल कहते हैं। इनका पास

[01:19:32] होना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन

[01:19:34] आरपीएससी सेकंड ग्रेड और असिस्टेंट

[01:19:36] प्रोफेसर 2021 में एक बहुत ही गजब का सवाल

[01:19:39] आया था कि राजस्थान विधानसभा में पेश किए

[01:19:41] गए निजी सदस्य विधेयकों के संबंध में कौन

[01:19:44] सा कथन सही है? इसमें एक ऐतिहासिक तथ्य

[01:19:46] था। राजस्थान सामाजिक शिक्षा बोर्ड विधेयक

[01:19:49] 1958 यानी राजस्थान सोशल एजुकेशन बोर्ड

[01:19:52] बिल 1958। यह राजस्थान विधानसभा द्वारा

[01:19:56] पारित होने वाला एक ऐतिहासिक निजी सदस्य

[01:19:58] विधेयक था। इसे रट लेना बेटा।

[01:20:00] सर राजस्थान सामाजिक शिक्षा बोर्ड विधेयक

[01:20:03] 1958 याद हो गया सर। सर एक बिल कानून कैसे

[01:20:07] बनता है?

[01:20:07] कोई भी साधारण बिल कानून बनने से पहले तीन

[01:20:10] चरणों यानी रीडिंग से गुजरता है। प्रथम

[01:20:12] वाचन यानी फर्स्ट रीडिंग। बिल को सदन में

[01:20:15] पेश यानी इंट्रोड्यूस किया जाता है और

[01:20:17] राजपत्र यानी गजट में प्रकाशित किया जाता

[01:20:19] है। यहां कोई खास बहस नहीं होती। द्वितीय

[01:20:22] वाचन यानी सेकंड रीडिंग। यह सबसे

[01:20:24] महत्वपूर्ण चरण होता है। इसमें बिल के

[01:20:26] सिद्धांतों पर गहन चर्चा होती है। एक-एक

[01:20:28] लाइन यानी क्लॉज़ बाय क्लॉज़ बहस होती है और

[01:20:31] कई बार इसे विशेष समितियों यानी सेलेक्ट

[01:20:33] कमेटीज के पास भेजा जाता है। तृतीय वाचन

[01:20:36] यानी थर्ड रीडिंग। इसमें बिल को पास करने

[01:20:39] या रिजेक्ट करने पर अंतिम वोटिंग होती है।

[01:20:41] जब बिल पास हो जाता है तो वह राज्यपाल के

[01:20:43] पास अनुमति यानी असेंट के लिए जाता है।

[01:20:46] अनुच्छेद 200 राज्यपाल उसे स्वीकृति दे

[01:20:49] सकता है, रोक सकता है, पुनर्विचार के लिए

[01:20:51] लौटा सकता है या राष्ट्रपति के विचार

[01:20:53] आरक्षित यानी रिजर्व कर सकता है।

[01:20:55] सर आपने अभी समितियों यानी कमेटीज का नाम

[01:20:57] लिया। अगर 200 विधायक एक साथ किसी बिल पर

[01:21:00] बहस करने लगे तो वह विधानसभा कम और मछली

[01:21:03] बाजार ज्यादा लगेगा। तो क्या कुछ विधायकों

[01:21:06] का ग्रुप बनाकर उन्हें काम बांट दिया जाता

[01:21:08] है?

[01:21:09] मछली बाजार कनिष्क तुम भी ना पर तुम्हारा

[01:21:12] लॉजिक एकदम 100% सही है। विधानसभा का काम

[01:21:15] बहुत व्यापक और जटिल होता है। इसलिए सदन

[01:21:17] का समय बचाने और बारीकी से जांच करने के

[01:21:19] लिए विधाई समितियां यानी लेजिसलेटिव

[01:21:22] कमिटीज बनाई जाती हैं। विधानसभा की

[01:21:24] कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए

[01:21:26] राजस्थान विधानसभा प्रक्रिया और कार्य

[01:21:28] संचालन नियम यानी रूल्स ऑफ प्रोसीजर एंड

[01:21:31] कंडक्ट ऑफ बिजनेस इन राजस्थान लेजिसलेटिव

[01:21:33] असेंबली बनाए गए हैं। कनिष्क गेस करो यह

[01:21:36] नियम पहली बार कब बने होंगे? सर 1952 में

[01:21:39] चुनाव हुए थे तो शायद 1952 में ही बने

[01:21:41] होंगे।

[01:21:42] यहां तो मात खा गए बेटा। आरपीएससी

[01:21:44] असिस्टेंट प्रोफेसर 2021 के पेपर 3 में यह

[01:21:47] सवाल सीधा पूछा गया था। यह नियम पहली बार

[01:21:50] 1956 में बनाए गए थे और समय-समय पर इनमें

[01:21:53] संशोधन होते रहे हैं। नवीनतम 14वां

[01:21:55] संस्करण 2014 में मुद्रित किया गया था। अब

[01:21:58] बात करते हैं समितियों की। विधाई समितियों

[01:22:01] को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जाता

[01:22:02] है। स्थाई समितियां यानी स्टैंडिंग कमिटीज

[01:22:05] और तदर्थ समितियां यानी एथॉक कमिटीज

[01:22:08] वर्तमान में राजस्थान विधानसभा में कुल 22

[01:22:10] स्थाई समितियां हैं। और मेरे प्यारे

[01:22:12] विद्यार्थियों कान खोलकर सुन लो इन 22 में

[01:22:15] से चार वित्तीय समितियां यानी फाइनेंसियल

[01:22:17] कमिटीज हैं।

[01:22:18] सर जल्दी से उन चार वित्तीय समितियों के

[01:22:20] नाम लिखवा दीजिए।

[01:22:21] लिखो बेटा। लोकलेखा समिति यानी पब्लिक

[01:22:24] अकाउंट्स कमेटी पीएसी। यह सबसे महत्वपूर्ण

[01:22:26] है। यह सरकार के खर्चों और सीएजी यानी

[01:22:29] नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट

[01:22:32] की जांच करती है। सार्वजनिक उपक्रम समिति

[01:22:34] यानी पब्लिक अंडरटेिंग्स कमेटी। यह सरकारी

[01:22:37] कंपनियों के खातों की जांच करती है।

[01:22:39] प्राक्कलन समिति क यानी एस्टीमेट्स कमिटी

[01:22:42] ए। प्राक्कलन समिति ख यानी एस्टीमेट्स

[01:22:44] कमिटी बी। इन समितियों के सदस्यों का

[01:22:47] कार्यकाल सामान्यता 1 वर्ष का होता है। और

[01:22:50] ध्यान रहे आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2023 में

[01:22:53] एक कथन कारण वाला प्रश्न आया था। वन

[01:22:55] राजस्थान विधानसभा में 22 स्थाई समितियां

[01:22:58] हैं जिनमें से चार वित्तीय हैं। टू बाकी

[01:23:00] अन्य विषयों से संबंधित हैं। इसका उत्तर

[01:23:03] था दोनों कथन बिल्कुल सही हैं।

[01:23:05] सर इतिहास और नियम तो बहुत पढ़ लिए। अब

[01:23:07] बात करते हैं एकदम ताजाताज़ा यानी लेटेस्ट

[01:23:10] डाटा की। 2023 में जो चुनाव हुए हैं, मुझे

[01:23:13] उनके बारे में सब कुछ जानना है क्योंकि

[01:23:15] मुझे पता है पेपर सेटर यहीं से सबसे

[01:23:17] ज्यादा सवाल बनाएगा।

[01:23:18] शाबाश मेरी शेरनी। इसे कहते हैं एग्जाम

[01:23:20] ओरिएंटेड अप्रोच। 4 दिसंबर 2023 को हमारी

[01:23:24] 16वीं राजस्थान विधानसभा का गठन हुआ। अब

[01:23:26] जो डाटा मैं दे रहा हूं उसे अपने दिमाग की

[01:23:29] हार्ड ड्राइव में परमानेंट सेव कर लो। चलो

[01:23:31] एक ट्रिक से याद करते हैं। भजन गाओ, दिया

[01:23:33] जलाओ, प्रेम फैलाओ और जूली को बुलाओ। भजन

[01:23:37] से हमारे मुख्यमंत्री यानी चीफ मिनिस्टर

[01:23:39] और सदन के नेता हैं श्री भजन लाल शर्मा।

[01:23:42] दिया और प्रेम से हमारे दो उप मुख्यमंत्री

[01:23:45] हैं दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा। जली

[01:23:48] से विपक्ष के नेता हैं श्री टीकाराम जली

[01:23:50] जो कि इंडियन नेशनल कांग्रेस यानी आईएसी

[01:23:53] से हैं। और इस पूरे सदन को कंट्रोल करने

[01:23:55] वाले देवों के देव यानी विधानसभा अध्यक्ष

[01:23:58] हैं श्री वासुदेव देवनानी जो 21 दिसंबर

[01:24:01] 2023 से इस पद पर विराजमान है।

[01:24:03] सर यह तो सच में कॉमेडी मूवी का डायलॉग लग

[01:24:06] रहा है। भजन गाओ, दिया जलाओ, प्रेम फैलाओ

[01:24:08] और जली को बुलाओ। यह ट्रिक तो मैं जिंदगी

[01:24:11] भर नहीं भूलूंगी। सर, सोलवी विधानसभा में

[01:24:13] किस पार्टी को कितनी सीटें मिली, इसका भी

[01:24:15] कोई लेटेस्ट डाटा है? बिल्कुल है बेटा।

[01:24:17] देखो 200 सीटों का गणित कुछ इस प्रकार है।

[01:24:20] भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी 118 सीटें

[01:24:23] उपचुनावों सहित नवीनतम स्थिति के अनुसार।

[01:24:26] इंडियन नेशनल कांग्रेस यानी आईएसी 67

[01:24:28] सीटें। भारत आदिवासी पार्टी यानी बीएपी

[01:24:32] चार सीटें। बहुजन समाजवादी पार्टी यानी

[01:24:34] बीएसपी दो सीटें। राष्ट्रीय लोकदल यानी

[01:24:37] आरएलडी एक सीट, निर्दलीय यानी इंडिपेंडेंट

[01:24:40] आठ सीटें। यह पार्टीवार प्रतिनिधित्व यानी

[01:24:43] पार्टी वाइज रिप्रेजेंटेशन है। एग्जाम में

[01:24:46] अगर पूछे कि 16वीं विधानसभा में सबसे बड़ा

[01:24:48] विपक्षी दल कौन सा है? तो उत्तर होगा

[01:24:50] आईएसी यानी कांग्रेस। अब टेबल को अच्छे से

[01:24:53] समझ लो और याद कर लो काम आएगी।

[01:24:55] सर सबसे पहले तो राज्य के मुखिया यानी

[01:24:57] मुख्यमंत्री के बारे में बताएं। वर्तमान

[01:24:59] में प्रदेश की कमान किसके हाथों में है?

[01:25:01] वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री

[01:25:03] भजन लाल शर्मा हैं जो भारतीय जनता पार्टी

[01:25:05] यानी बीजेपी से आते हैं। और कनिष्क एक खास

[01:25:08] बात और शासन व्यवस्था को और सुचारू बनाने

[01:25:10] के लिए इस बार दो उप मुख्यमंत्री भी

[01:25:13] नियुक्त किए गए हैं। क्या तुम उनके नाम

[01:25:14] जानती हो?

[01:25:15] हम जी सर जहां तक मैंने खबरों में सुना है

[01:25:18] उप मुख्यमंत्री पद की अहम जिम्मेदारी दिया

[01:25:20] कुमारी जी और प्रेमचंद बैरवा जी को सौंपी

[01:25:23] गई है। यह दोनों भी बीजेपी से ही है। है

[01:25:25] ना सर?

[01:25:26] शाबाश तुमने बिल्कुल सही बताया।

[01:25:28] मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यंत्रियों के

[01:25:30] नाम आगामी परीक्षाओं के लिए बहुत

[01:25:32] महत्वपूर्ण है।

[01:25:33] धन्यवाद सर। अच्छा सर जब विधानसभा सत्र

[01:25:35] चलता है तो इतनी बड़ी सभा का संचालन कौन

[01:25:38] करता है? वर्तमान में हमारे विधानसभा

[01:25:40] अध्यक्ष कौन है?

[01:25:41] विधानसभा की कार्यवाही को गरिमामई और

[01:25:43] सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी

[01:25:45] अध्यक्ष की होती है। वर्तमान 16वीं

[01:25:48] विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनी

[01:25:50] हैं जो बीजेपी का ही प्रतिनिधित्व करते

[01:25:52] हैं।

[01:25:52] समझ गई सर। लेकिन लोकतंत्र में सत्ता पक्ष

[01:25:55] के साथ-साथ विपक्ष की भी तो मजबूत भूमिका

[01:25:57] होती है। सरकार से सवाल पूछने के लिए नेता

[01:26:00] प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी इस बार किसे मिली

[01:26:02] है?

[01:26:02] बहुत उम्दा सवाल। मजबूत विपक्ष के बिना

[01:26:05] लोकतंत्र की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

[01:26:07] वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष की यह अहम और

[01:26:09] चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी श्री टीकाराम जली

[01:26:12] निभा रहे हैं जो कि इंडियन नेशनल कांग्रेस

[01:26:14] यानी आईएसी से हैं।

[01:26:16] वाह सर आपने 16वीं विधानसभा के पूरे

[01:26:18] नेतृत्व का खाका हमारे दिमाग में एकदम

[01:26:21] स्पष्ट कर दिया। एक बार फिर से दोहरा देती

[01:26:23] हूं। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा

[01:26:25] बीजेपी, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी जी और

[01:26:28] प्रेमचंद बैरवा जी बीजेपी, विधानसभा

[01:26:30] अध्यक्ष श्री वासुदेव देवानानी जी बीजेपी

[01:26:33] और नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जली जी

[01:26:35] आईएनसी। इस बेहतरीन जानकारी के लिए सभी

[01:26:38] विद्यार्थियों की तरफ से आपका बहुत-बहुत

[01:26:40] आभार।

[01:26:41] मुझे खुशी है कि तुम और तुम्हारे जरिए

[01:26:43] लाखों विद्यार्थी इतने लगन से पढ़ाई कर

[01:26:45] रहे हैं। इन तथ्यों को इसी तरह चर्चा करके

[01:26:47] याद करते रहो। तुम सभी की सफलता ही मेरा

[01:26:50] असली सम्मान है।

[01:26:51] मान सर अब वक्त है रैपिड फायर राउंड का।

[01:26:54] आप सवाल फेंकिए मैं जवाब दूंगी।

[01:26:56] तो मेरे जांबाज योद्धाओं मूवी अपने

[01:26:58] क्लाइमेक्स पर पहुंच चुकी है। कहानी में

[01:27:00] जो सुना अब उसका टेस्ट हो जाए। मैंने शुरू

[01:27:03] में कहा था ना कि जो पढ़ाऊंगा वही परीक्षा

[01:27:05] में आएगा। यहां हम 2020 से 2026 तक के

[01:27:09] आरपीएससी सेकंड ग्रेड, आरएएस, सीईटी और

[01:27:12] असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षाओं के टॉप 10

[01:27:14] वन लाइनर प्रश्न दे रहे हैं। यह प्रश्न

[01:27:16] वही हैं जो हमने अभी स्क्रिप्ट में डिस्कस

[01:27:19] किए हैं। इन्हें दिमाग में स्कैन कर लो।

[01:27:21] चलो शुरू करते हैं। मेरा पहला सवाल

[01:27:24] आरपीएससीईओ आरओ 2023 से है। राजस्थान

[01:27:27] राज्य विधानसभा में वर्तमान में कुल कितने

[01:27:30] सदस्य यानी एमएलए हैं?

[01:27:32] सर, 200 सदस्य।

[01:27:33] शाबाश। और याद रखना बच्चों 1977 में हुए

[01:27:37] छठे परिसीमन के बाद से यह संख्या 200 ही

[01:27:40] बनी हुई है। अब आते हैं दूसरे सवाल पर जो

[01:27:42] आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर 2021 में

[01:27:45] पूछा गया था। राजस्थान विधानसभा में

[01:27:48] प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम पहली बार

[01:27:50] कब बनाए गए थे?

[01:27:51] यह वर्ष 1956 में बनाए गए थे सर।

[01:27:54] बिल्कुल सही। और यह भी नोट कर लो कि इसका

[01:27:57] नवीनतम 14वां संस्करण 2014 में आया था।

[01:28:00] तीसरा सवाल जो आरपीएससी डेपुटी जेलर 2022

[01:28:03] का है। बताओ कनिष्क 1952 में परिसीमन आयोग

[01:28:06] द्वारा राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या

[01:28:09] कितनी निर्धारित की गई थी?

[01:28:10] शुरुआत में यह संख्या 160 सदस्य निर्धारित

[01:28:13] की गई थी?

[01:28:14] बहुत बढ़िया। और जैसा कि हमने पहले चर्चा

[01:28:16] की थी अजमेर विलय यानी 1956 के बाद यह

[01:28:19] बढ़कर 190 हो गई थी। तैयार रहो चौथे सवाल

[01:28:23] के लिए आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2025-26 का

[01:28:26] फेवरेट सवाल। राजस्थान विधानसभा में कुल

[01:28:28] कितनी स्थाई समितियां हैं? और उनमें से

[01:28:30] वित्तीय कितनी हैं?

[01:28:32] सर, कुल 22 स्थाई समितियां हैं। जिनमें से

[01:28:35] चार वित्तीय समितियां हैं।

[01:28:36] एक्सीलेंट। और वो चार वित्तीय समितियां

[01:28:38] कौन सी हैं? प्राकलन क, प्राकलन ख,

[01:28:41] लोकलेखा समिति और सार्वजनिक उपक्रम समिति।

[01:28:44] इसे रट लेना। पांचवा सवाल, राजस्थान सीईटी

[01:28:48] ग्रेजुएट 2023 से। राजस्थान विधानसभा के

[01:28:51] प्रथम प्रोटेम स्पीकर यानी प्रोटेम स्पीकर

[01:28:53] कौन थे?

[01:28:54] यह थे महाराव संग्राम सिंह जी। एकदम सटीक

[01:28:57] और प्रोटेम स्पीकर का मुख्य काम क्या होता

[01:28:59] है? यह नए सदस्यों को शपथ दिलाते हैं। अब

[01:29:02] एक ट्रिकी सवाल छठा सवाल आरपीएससी आरएएस

[01:29:06] सीईटी प्री से। राजस्थान विधानसभा का सत्र

[01:29:08] आहुत यानी समन और सत्रावसान यानी प्रोरोग

[01:29:11] करने का अधिकार किसे है?

[01:29:13] यह अधिकार राज्य के राज्यपाल यानी गवर्नर

[01:29:15] को प्राप्त है।

[01:29:16] बिल्कुल। लेकिन मेरे प्यारे विद्यार्थियों

[01:29:19] यहां कंफ्यूज मत होना। सत्र को बुलाने और

[01:29:21] समाप्त करने का अधिकार राज्यपाल का है।

[01:29:24] लेकिन बैठक को कुछ समय के लिए स्थगित यानी

[01:29:26] अजयन करने का अधिकार विधानसभा स्पीकर यानी

[01:29:29] अध्यक्ष का होता है। सातवां सवाल आरपीएससी

[01:29:32] प्रीवियस एग्जाम से राजस्थान की प्रथम

[01:29:34] महिला विधायक कौन थी और उन्होंने किस

[01:29:36] पार्टी से जीत दर्ज की थी?

[01:29:38] वे थी श्रीमती यशोदा देवी जी और उन्होंने

[01:29:41] प्रजा सोशलिस्ट पार्टी यानी पीएसपी से

[01:29:43] चुनाव जीता था।

[01:29:44] बेहतरीन 1953 के बांसवाड़ा उपचुनाव में

[01:29:47] इन्होंने यह ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। अब

[01:29:50] मेरा फेवरेट आठवां सवाल आरपीएससी वीडियो

[01:29:53] पटवार से। राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों

[01:29:56] में से अनुसूचित जनजाति यानी एसटी के लिए

[01:29:58] कितनी सीटें आरक्षित हैं?

[01:30:00] सर आपकी ट्रिक से तो यह कभी नहीं भूल

[01:30:03] सकते। एसटी के लिए 25 सीटें आरक्षित हैं?

[01:30:06] बिल्कुल। मेरी ट्रिक याद है ना? एसटी मतलब

[01:30:08] 25 और एससी मतलब 34। बस इतना याद रखो। कभी

[01:30:12] सवाल गलत नहीं होगा। नौवां सवाल लेवल

[01:30:15] थोड़ा बढ़ाते हैं आरपीएससी असिस्टेंट

[01:30:17] प्रोफेसर से। राजस्थान सामाजिक शिक्षा

[01:30:20] बोर्ड विधेयक 1958 किस प्रकार का विधेयक

[01:30:23] था?

[01:30:23] सर, यह एक निजी सदस्य विधेयक था यानी

[01:30:25] प्राइवेट मेंबर बिल।

[01:30:27] बहुत उम्दा और इसकी सबसे खास बात यह है कि

[01:30:30] यह एक प्राइवेट मेंबर बिल होने के बावजूद

[01:30:32] यह विधानसभा द्वारा सफलतापूर्वक पारित भी

[01:30:34] हुआ था। और अब आज का आखिरी 10वां सवाल,

[01:30:37] आरपीएससी फर्स्ट सेकंड ग्रेड से। 16वीं

[01:30:40] राजस्थान विधानसभा 2023 के वर्तमान

[01:30:43] अध्यक्ष यानी स्पीकर कौन हैं? वर्तमान

[01:30:45] अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी जी हैं।

[01:30:48] बिल्कुल सही। और इसे कैसे याद रखना है?

[01:30:50] देवों के देव देव नानी जी।

[01:30:52] वाह सर, आपने कहानी कहानी में इतने भारी

[01:30:55] भरकम सवाल चुटकियों में सॉल्व करवा दिए।

[01:30:58] मुझे तो ऐसा लग रहा है जैसे आरपीएससी का

[01:30:59] पेपर मेरे सामने ही रखा हो और मैं उसे टिक

[01:31:02] कर रही हूं।

[01:31:02] मेरे प्यारे विद्यार्थियों, मेरे छोटे

[01:31:05] भाइयों और बहनों, कनिष्क की तरह आप सभी को

[01:31:07] यह क्लास बहुत पसंद आई होगी। मैं जानता

[01:31:10] हूं जब आप रात को देर तक जागकर पढ़ाई करते

[01:31:12] हैं तो आंखों में नींद कम और अपने

[01:31:14] माता-पिता के वह थके हुए चेहरे ज्यादा

[01:31:16] दिखाई देते हैं। एक साधारण परिवार में

[01:31:18] जन्म लेना हमारी किस्मत हो सकती है। लेकिन

[01:31:21] एक साधारण जिंदगी जीना हमारी मजबूरी नहीं

[01:31:23] है। एक सरकारी नौकरी आपके लिए सिर्फ एक

[01:31:26] रोजगार नहीं है बल्कि उस पिता के

[01:31:28] स्वाभिमान का ताज है। जिसने आपके लिए अपने

[01:31:30] फटे जूते नहीं बदले। सर, आपकी बातें सीधे

[01:31:33] दिल पर लगती हैं। आपने एक बड़े भाई की तरह

[01:31:35] ना सिर्फ हमें पढ़ाया बल्कि यह विश्वास भी

[01:31:38] दिला दिया कि हम यह कर सकते हैं।

[01:31:40] और तुम बिल्कुल कर सकते हो। और तुम्हें

[01:31:42] तुम्हारी मंजिल तक पहुंचाने के लिए

[01:31:44] तुम्हारी इस यात्रा को 100% सुनिश्चित

[01:31:46] करने के लिए हमने एक ऐसी दुनिया तैयार की

[01:31:48] है जहां असफलता का कोई चांस ही नहीं है।

[01:31:51] मैं पूरे दावे और जिम्मेदारी से कह रहा

[01:31:53] हूं अगर आप सच में इस बार अपना सिलेक्शन

[01:31:55] छीनना चाहते हैं तो अभी अपना फोन उठाइए और

[01:31:58] Play Store से हमारी टेस्ट Q एप्लीकेशन

[01:32:00] टेस्ट Q ऐप को डाउनलोड कीजिए। सोचिए जैसी

[01:32:03] मूवी आज आपने देखी वैसी ही मूवी स्टाइल

[01:32:05] में सारे विषय। इसके अलावा हमारे अन्य सभी

[01:32:08] विषयों के एनसीईआरटी, आरबीएसई और मूल

[01:32:11] किताबों पर आधारित कोर्सेज बहुत ही कम समय

[01:32:13] में और कम कीमत में लाजवाब तरीके से

[01:32:15] उपलब्ध हैं। और सबसे बड़ी खुशखबरी

[01:32:18] राजस्थान जीके और इंडिया जीके का संपूर्ण

[01:32:20] सिनेमैटिक बैच शुरू हो गया है। इसे आज ही

[01:32:23] ज्वाइन करें और अपनी तैयारी को एक नए

[01:32:25] अंदाज से बिल्कुल सटीक तरीके से करें। यह

[01:32:27] टेस्ट Q ऐप आपके फोन में सिर्फ एक ऐप नहीं

[01:32:30] है। यह आपकी सफलता का ब्रह्मास्त्र है।

[01:32:32] जिन बच्चों ने इसे ज्वाइन किया है, वह आज

[01:32:34] कॉन्फिडेंस के साथ आसमान पर हैं। तो सोच

[01:32:37] क्या रहे हो? अभी जाओ और Test Q ऐप

[01:32:39] डाउनलोड करो।

[01:32:40] सर, मैं तो अभी के अभी इसे अपने सभी

[01:32:42] दोस्तों को शेयर कर रही हूं। मुझे पूरा

[01:32:44] भरोसा है कि जो भी विद्यार्थी आज की क्लास

[01:32:46] देख रहा है, वह टेस्ट Q ऐप जरूर डाउनलोड

[01:32:49] करेगा।

[01:32:49] धन्यवाद कनिष्क और धन्यवाद मेरे सभी

[01:32:51] प्यारे विद्यार्थियों। याद रखना सफलता कोई

[01:32:54] रातोंरात मिलने वाला चमत्कार नहीं है। यह

[01:32:56] तुम्हारे हर दिन के पसीने की गवाही है।

[01:33:05] कनिष्का परेशान मत हो। हम मिलकर इससे जरूर

[01:33:08] क्रैक करेंगे।

[01:33:09] सर मुझे नहीं लगता यह मुझसे हो पाएगा।

[01:33:11] एग्जाम सिर पर है। हमने राज्यपाल,

[01:33:13] मुख्यमंत्री एवं मंदी परिषद और विधानसभा

[01:33:16] तो जैसे तैसे कहानी में याद कर लिया।

[01:33:19] लेकिन ये हाई कोर्ट एंड सबोर्डिनेट

[01:33:20] कोर्ट्स इतने सारे आर्टिकल्स, कमेटियां,

[01:33:23] जजों के नाम और ऊपर से ये बेयर एक्ट की

[01:33:26] उलझी हुई लीगल टर्मिनोलॉजी।

[01:33:28] सर मुझे डर लग रहा है कि कहीं इस एक

[01:33:30] चैप्टर की वजह से मेरा सिलेक्शन ना रुक

[01:33:33] जाए। मैं हार मान रही हूं।

[01:33:35] हिम्मत मत हारो। हम मिलकर इसे जरूर पूरा

[01:33:38] करेंगे। मेरे क्लास में हार शब्द की कोई

[01:33:41] जगह नहीं है कनिष्क और मेरे प्यारे

[01:33:43] विद्यार्थियों जो इस वक्त मान एजुकेशन

[01:33:45] YouTube चैनल पर मुझे देख रहे हैं।

[01:33:48] रिमेंबर मंजिलें क्या हैं? रास्ता क्या

[01:33:51] है? हौसला हो तो फासला क्या है?

[01:33:56] बेटा, यह जो किताबें तुम्हें आज डरा रही

[01:33:58] हैं, कल यही तुम्हारी सफलता का मुकुट

[01:34:01] बनेंगी। तुम भूल रही हो कि तुम मान

[01:34:02] एजुकेशन पर हो। यहां पढ़ाई रटी नहीं जाती।

[01:34:06] यहां पढ़ाई की फिल्म दिखाई जाती है। आज से

[01:34:08] हम आरपीएससी सेकंड ग्रेड के प्रथम प्रश्न

[01:34:10] पत्र का यह महा कोर्स शुरू कर रहे हैं। और

[01:34:13] मैं तुम्हारा बड़ा भाई मान सर तुम्हें

[01:34:15] विश्वास दिलाता हूं कि अगले 10 दिन में हम

[01:34:17] इस पूरे कोर्स को इस कदर कंप्लीट करवा

[01:34:20] देंगे कि आरपीएससी का पेपर सेटर भी सोचेगा

[01:34:22] कि सवाल दूं तो कहां से दूं? क्या तुम

[01:34:24] तैयार हो एक नई ब्लॉकबस्टर मूवी के लिए?

[01:34:27] जी सर। आपकी बातें सुनकर तो वैसे ही आधा

[01:34:30] डर खत्म हो जाता है। अब लग रहा है कि हम

[01:34:32] इस उच्च न्यायालय की खोपड़ी में छेद कर

[01:34:34] देंगे। लेकिन सर कंटेंट का सोर्स क्या

[01:34:36] रहेगा? क्योंकि एग्जाम में तो ऑथेंटिक

[01:34:38] डाटा ही माना जाता है।

[01:34:39] बहुत ही शानदार सवाल पूछा बेटा कनिष्क

[01:34:42] मेरे सभी बब्बर शेरों और शेरनियों कान

[01:34:44] खोलकर सुन लो। आज के इस लेक्चर में जो भी

[01:34:46] हम बात करेंगे वो एनसीईआरटी, एम

[01:34:49] लक्ष्मीकांत और भारत के संविधान के बेयर

[01:34:51] एक्ट का संपूर्ण निचोड़ होगा। एक-एक फैक्ट

[01:34:54] एक-एक लाइन रिसर्च करके लाई गई है। बेसिक

[01:34:56] से लेकर एडवांस लेवल तक सब कवर होगा। तो

[01:34:59] चलिए कुर्सी की पेटी बांध लीजिए क्योंकि

[01:35:01] हमारी सिनेमैटिक यात्रा शुरू होने वाली

[01:35:03] है। कनिष्क आंखें बंद करो और सोचो साल है

[01:35:07] 1949 से पहले का। हमारा प्यारा राजस्थान

[01:35:10] जिसे तब राजपूताना कहा जाता था वो एक नहीं

[01:35:13] था। वो अलग-अलग रियासतों में बंटा हुआ था।

[01:35:15] जब रियासतें अलग तो उनके कानून और उनके

[01:35:18] कोर्ट भी अलग।

[01:35:19] मतलब राजस्थान के एकीकरण से पहले कोई एक

[01:35:22] हाईकोर्ट नहीं था सर।

[01:35:23] बिल्कुल सही पकड़ा बेटा कनिष्क। मेरे सभी

[01:35:26] बब्बर शेरों और शेरनियों कान खोलकर सुन

[01:35:28] लो। आज के इस लेक्चर में जो भी हम बात

[01:35:30] करेंगे वह एनसीईआरटी, एम लक्ष्मीकांत और

[01:35:33] भारत के संविधान के बैर एक्ट का संपूर्ण

[01:35:35] निचोड़ होगा। एक-एक फैक्ट एक-एक लाइन

[01:35:38] रिसर्च करके लाई गई है। बेसिक से लेकर

[01:35:40] एडवांस लेवल तक सब कवर होगा। तो चलिए

[01:35:42] कुर्सी की पेटी बांध लीजिए क्योंकि हमारी

[01:35:44] सिनेमैटिक यात्रा शुरू होने वाली है।

[01:35:46] कनिष्क आंखें बंद करो और सोचो साल है 1949

[01:35:50] से पहले का। हमारा प्यारा राजस्थान जिसे

[01:35:53] तब राजपूताना कहा जाता था वो एक नहीं था।

[01:35:56] वो अलग-अलग रियासतों में बंटा हुआ था। जब

[01:35:58] रियासतें अलग तो उनके कानून और उनके कोर्ट

[01:36:01] भी अलग।

[01:36:02] मतलब राजस्थान के एकीकरण से पहले कोई एक

[01:36:05] हाईकोर्ट नहीं था सर।

[01:36:06] बिल्कुल सही पकड़ा बेटा कनिष्क। आजादी के

[01:36:09] बाद जब राजस्थान का एकीकरण हो रहा था,

[01:36:11] उससे ठीक पहले, राजपूताना की बड़ी

[01:36:13] रियासतों में अपने-अपने हाईकोर्ट चल रहे

[01:36:16] थे। कुल पांच रियासतों में हाईकोर्ट काम

[01:36:18] कर रहे थे। सर पांच रियासतें वो कौन-कौन

[01:36:21] सी थी? यह तो पक्का एग्जाम में आ सकता है।

[01:36:23] लेकिन इन्हें याद कैसे रखूं?

[01:36:25] अरे जहां परेशानी वहां मानसर की ट्रिक

[01:36:27] हाजिर है। ध्यान से सुनो। जे टू बुआ यानी

[01:36:31] जे टू बुआ। जे फॉर जयपुर, जे फॉर जोधपुर,

[01:36:34] बी फॉर बीकानेर, यू फॉर उदयपुर, ए फॉर

[01:36:38] अलवर। यह वो पांच रियासतें थी जिनके अपने

[01:36:40] उच्च न्यायालय थे। अब बताओ जेटू बुआ याद

[01:36:43] रहेगा?

[01:36:44] हा जेटू बुआ। सर यह तो जिंदगी भर नहीं

[01:36:47] भूलेगा। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर

[01:36:50] और अलवर।

[01:36:51] शानदार। अब कहानी में एक ट्विस्ट आता है।

[01:36:53] जैसे-जैसे राजस्थान का एकीकरण हुआ, महसूस

[01:36:56] हुआ कि भाई एक राज्य का एक ही बड़ा कोर्ट

[01:36:58] होना चाहिए। तो, 1949 में एक अध्यादेश

[01:37:01] लाया गया, यानी ऑर्डिनेंस। जिसका नाम था

[01:37:04] राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश 1949। इस

[01:37:08] अध्यादेश के तहत उन पांचों पुराने कोर्ट्स

[01:37:10] को समाप्त कर दिया गया। और पूरे राजस्थान

[01:37:12] के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना की

[01:37:15] गई। सर यह स्थापना किस दिन हुई और इसका

[01:37:18] उद्घाटन किसने किया था?

[01:37:19] बेटा यह तारीख सुनहरे अक्षरों में लिख

[01:37:22] लेना। 29 अगस्त 1949 इस दिन जोधपुर में

[01:37:26] राजस्थान उच्च न्यायालय की विधिवत स्थापना

[01:37:28] हुई और इसका भव्य उद्घाटन उस समय के राज

[01:37:31] प्रमुख महाराजा सवाई मानसिंह जी ने किया

[01:37:33] था। सोचो कितना शाही नजारा रहा होगा। उस

[01:37:36] दिन मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 12 जजों को

[01:37:39] शपथ दिलाई गई थी।

[01:37:40] सर, मैंने अभी हाल ही में एक पीवाईक्यू

[01:37:43] सॉल्व किया था। मुझे याद आ रहा है

[01:37:45] राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थापना कब और

[01:37:48] कहां की गई थी? आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2022

[01:37:51] में आया था इसका उत्तर था 29 अगस्त 1949

[01:37:54] को जोधपुर में।

[01:37:55] वाह कनिष्क तूने तो सीधा सिक्सर मार दिया

[01:37:58] बिल्कुल सही जवाब। और एग्जामिनर यह भी

[01:38:00] पूछता है कि शपथ लेने वाले वह पहले मुख्य

[01:38:03] न्यायाधीश कौन थे? तो याद रखना वो थे

[01:38:05] माननीय न्यायमूर्ति कमलकांत वर्मा। यह

[01:38:08] इलाहाबाद हाईकोर्ट और उदयपुर हाईकोर्ट के

[01:38:10] पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुके थे। सर एक

[01:38:13] बात समझ नहीं आई। राजस्थान की राजधानी तो

[01:38:15] जयपुर बनी। फिर यह हाई कोर्ट जोधपुर में

[01:38:18] क्यों स्थापित किया गया?

[01:38:19] बेटा यहीं से तो इस कहानी में पॉलिटिकल

[01:38:21] ड्रामा शुरू होता है। जब राज्य बन रहा था

[01:38:24] तब एक कमेटी बनाई गई थी। बी आर पटेल

[01:38:26] कमेटी। इस कमेटी में बी आर पटेल के अलावा

[01:38:29] लेफ्टिनेंट कर्नल टीसी पुरी और एसपी

[01:38:31] सिन्हा भी थे। इस पटेल कमेटी ने ही

[01:38:33] सिफारिश की थी कि नए राज्य की राजधानी तो

[01:38:35] जयपुर को बनाओ लेकिन न्याय की कुर्सी यानी

[01:38:38] हाईकोर्ट जोधपुर को दे दो। अच्छा तो

[01:38:40] जोधपुर को हाईकोर्ट मिल गया। लेकिन मैंने

[01:38:43] सुना है कि जयपुर में भी एक बेंच है। वो

[01:38:45] कैसे आई?

[01:38:45] पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त। 26 जनवरी

[01:38:48] 1950 को जब भारत का संविधान लागू हुआ यानी

[01:38:52] कॉन्स्टिट्यूशन एंड फोर्स तब राजस्थान

[01:38:54] हाईकोर्ट के जजों की संख्या घटाकर छह कर

[01:38:57] दी गई। उस समय बीकानेर, कोटा, उदयपुर में

[01:38:59] भी छोटी-छोटी बेंच बैठती थी। जिन्हें 22

[01:39:02] मई 1950 को खत्म कर दिया गया। लेकिन जयपुर

[01:39:05] बेंच चलती रही।

[01:39:06] फिर तो सब ठीक था सर। जयपुर वालों के पास

[01:39:08] भी बेंच थी।

[01:39:09] कहां ठीक था। 1956 में जब राज्य पुनर्गठन

[01:39:13] अधिनियम यानी स्टेट्स रिऑर्गेनाइजेशन एक्ट

[01:39:15] 1956 लागू हुआ तब एक और कमेटी बनाई गई। इस

[01:39:19] कमेटी का नाम था पी सत्यनारायण राव कमेटी।

[01:39:22] इसमें वी विश्वनाथन और बी के गुप्ता भी

[01:39:24] थे। इस कमेटी ने 1958 में एक बम फोड़

[01:39:27] दिया।

[01:39:28] बम कैसा बम सर? इस सत्यनारायण राव कमेटी

[01:39:31] ने सिफारिश की कि राजस्थान का केवल एक ही

[01:39:34] मुख्य हाईकोर्ट होना चाहिए जो जोधपुर में

[01:39:36] रहेगा और जो जयपुर की बेंच काम कर रही है

[01:39:38] उसे समाप्त यानी अबॉलिश कर दिया जाए और

[01:39:41] 1958 में जयपुर बेंच को सच में बंद कर

[01:39:44] दिया गया।

[01:39:44] अरे बाप रे फिर तो जयपुर और पूर्वी

[01:39:47] राजस्थान के वकीलों और लोगों ने बहुत

[01:39:49] हंगामा किया होगा।

[01:39:50] बिल्कुल भयंकर विरोध हुआ। पूर्वी राजस्थान

[01:39:53] के लोगों को छोटे-छोटे मुकदमों के लिए ठेट

[01:39:55] जोधपुर जाना पड़ता था। सालों तक आंदोलन

[01:39:58] चले। आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और 1976

[01:40:01] में एक आदेश निकाला गया। हाई कोर्ट ऑफ

[01:40:04] राजस्थान एस्टैब्लिशमेंट ऑफ अ परमानेंट

[01:40:06] बेंच एट जयपुर आर्डर 1976। इसके तहत राज्य

[01:40:10] पुनर्गठन अधिनियम 1956 की धारा 512 का

[01:40:13] प्रयोग करते हुए जयपुर में फिर से एक

[01:40:16] स्थाई पीठ स्थापित की गई।

[01:40:17] सर, यह फिर से कब चालू हुई?

[01:40:19] यह बेंच विधिवत रूप से 31 जनवरी 1977 से

[01:40:23] काम करने लगी। तो याद रखना मुख्य पीठ

[01:40:25] जोधपुर में है और खंडपीठ जयपुर में है।

[01:40:28] हम

[01:40:29] अब तुम बताओ आरएएस प्री और आरपीएससी सेकंड

[01:40:32] ग्रेड में एक सवाल बार-बार छपता है। किस

[01:40:35] समिति की सिफारिश पर 1958 में राजस्थान

[01:40:38] उच्च न्यायालय की जयपुर खंडपीठ को समाप्त

[01:40:40] कर दिया गया था?

[01:40:41] सर, यह तो बहुत आसान है। पी सत्यनारायण

[01:40:44] राव कमेटी की सिफारिश पर।

[01:40:46] एक्सीलेंट। मेरी क्लास का हर विद्यार्थी

[01:40:49] ऐसे ही एग्जामिनर की फिरकी लेगा। अब हम

[01:40:51] कहानी के उस हिस्से में घुस रहे हैं जहां

[01:40:53] से पेपर सेटर सबसे ज्यादा मसाला उठाता है।

[01:40:56] भारत का संविधान। संविधान के भाग छह यानी

[01:40:59] पार्ट सिक्स के अध्याय पांच यानी चैप्टर

[01:41:02] फाइव में अनुच्छेद 214 से 232 तक राज्यों

[01:41:06] के उच्च न्यायालयों यानी हाई कोर्ट्स इन द

[01:41:08] स्टेट्स का वर्णन है। इसे हम बिल्कुल मूवी

[01:41:10] के डायलॉग्स की तरह याद करेंगे।

[01:41:12] यस सर। आर्टिकल्स तो मुझे हमेशा से डराते

[01:41:15] हैं। आज इनको भी देख लेंगे। तो सबसे पहले

[01:41:18] आता है अनुच्छेद 214 यानी आर्टिकल 24। यह

[01:41:21] सीधे-सीधे कहता है कि प्रत्येक राज्य के

[01:41:24] लिए एक उच्च न्यायालय होगा। यानी देयर शैल

[01:41:26] बी अ हाई कोर्ट फॉर ईच स्टेट। सिंपल।

[01:41:29] लेकिन इसके बाद आता है अनुच्छेद 215 जो

[01:41:31] बहुत पावरफुल है। यह कहता है कि उच्च

[01:41:34] न्यायालय एक अभिलेख न्यायालय होगा। यानी

[01:41:36] कोर्ट ऑफ रिकॉर्ड।

[01:41:38] सर, यह अभिलेख न्यायालय यानी कोर्ट ऑफ

[01:41:40] रिकॉर्ड क्या होता है? इसका मतलब क्या वो

[01:41:42] रिकॉर्ड रूम है जहां फाइलें रखी जाती हैं?

[01:41:46] अरे नहीं मेरी भोली कनिष्क कोर्ट ऑफ

[01:41:48] रिकॉर्ड होने का मतलब दो चीजें हैं। पहला

[01:41:51] हाईकोर्ट के जो भी फैसले होंगे वो पूरे

[01:41:53] राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों के लिए पत्थर

[01:41:55] की लकीर होंगे। कोई निचली अदालत उन फैसलों

[01:41:58] पर सवाल नहीं उठा सकती। और दूसरा और सबसे

[01:42:01] खतरनाक पावर अगर किसी ने हाईकोर्ट की बात

[01:42:03] नहीं मानी या उसकी अवमानना की तो हाईकोर्ट

[01:42:06] उसे सीधा दंड दे सकता है। अब एक सवाल

[01:42:08] बताओ। भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के

[01:42:11] तहत उच्च न्यायालय को अभिलेख न्यायालय का

[01:42:14] दर्जा दिया गया है? जिसका अर्थ है अवमानना

[01:42:16] के लिए दंड देने की शक्ति।

[01:42:18] सर, इसका जवाब है अनुच्छेद 215।

[01:42:22] बिल्कुल झक्कास। अब आगे बढ़ते हैं।

[01:42:24] अनुच्छेद 216 कहता है कि हर हाईकोर्ट में

[01:42:27] एक मुख्य न्यायाधीश और उतने अन्य

[01:42:29] न्यायाधीश होंगे जितने राष्ट्रपति समय-समय

[01:42:31] पर तय करें। मेरे प्यारे फ्रेंड्स, क्या

[01:42:33] तुम्हें पता है आज के समय में राजस्थान

[01:42:35] उच्च न्यायालय में कितने जजों के पद

[01:42:37] स्वीकृत हैं? सर शायद 50

[01:42:40] बिल्कुल सटीत राजस्थान हाईकोर्ट में

[01:42:42] वर्तमान में अधिकतम 50 जजों की स्ट्रेंथ

[01:42:45] स्वीकृत है जिसमें मुख्य न्यायाधीश भी

[01:42:47] शामिल हैं। अब बात करते हैं अनुच्छेद 217

[01:42:50] की। यह बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें जजों की

[01:42:52] नियुक्ति यानी अपॉइंटमेंट और उनके पद की

[01:42:55] शर्तों का वर्णन है। मान लो कनिष्क

[01:42:57] तुम्हें राजस्थान हाईकोर्ट का जज बनना है।

[01:42:59] तो तुम्हारी नियुक्ति कौन करेगा?

[01:43:01] सर, राज्य का मामला है तो शायद राज्यपाल

[01:43:04] करेंगे।

[01:43:05] यही तो बच्चा गच्चा खा जाता है। हाईकोर्ट

[01:43:07] के जजों की नियुक्ति हमेशा भारत का

[01:43:09] राष्ट्रपति करता है। लेकिन राष्ट्रपति ऐसे

[01:43:12] ही अपनी मर्जी से नहीं करता। उसे तीन

[01:43:14] लोगों से सलाह लेनी पड़ती है। मानसर की

[01:43:16] ट्रिक नोट करो। सीजेआई जीओवी सीजे। सीजेआई

[01:43:21] चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भारत के मुख्य

[01:43:23] न्यायाधीश। जीओवी गवर्नर ऑफ द स्टेट

[01:43:26] संबंधित राज्य के राज्यपाल और सीजे चीफ

[01:43:28] जस्टिस ऑफ हाई कोर्ट संबंधित उच्च

[01:43:30] न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश। वाओ सर मतलब

[01:43:34] नियुक्ति राष्ट्रपति करेंगे लेकिन सलाह इन

[01:43:36] तीनों से लेंगे और सर मेरी योग्यता क्या

[01:43:39] होनी चाहिए जज बनने के लिए?

[01:43:41] पहली बात तो तुम भारत की नागरिक होनी

[01:43:43] चाहिए जो तुम हो। दूसरी शर्त या तो तुमने

[01:43:46] भारत के राज्य क्षेत्र में कम से कम 10

[01:43:48] वर्ष तक कोई न्यायिक पद धारण किया हो या

[01:43:50] फिर किसी उच्च न्यायालय में कम से कम 10

[01:43:53] वर्ष तक अधिवक्ता यानी एडवोकेट रही हो।

[01:43:56] क्योंकि तुम अभी 20 साल की हो तो तुम्हारा

[01:43:58] फॉर्म तो वैसे ही रिजेक्ट हो गया बेटा।

[01:44:02] अब जज साहब नियुक्त तो हो गए तो अनुच्छेद

[01:44:05] 219 के तहत उन्हें शपथ कौन दिलाएगा? शपथ

[01:44:08] दिलाएंगे राज्य के राज्यपाल या उनके

[01:44:10] द्वारा नियुक्त कोई व्यक्ति। अनुच्छेद 220

[01:44:12] कहता है कि रिटायर होने के बाद कोई स्थाई

[01:44:14] जज सुप्रीम कोर्ट और अन्य हाईकोर्ट्स को

[01:44:17] छोड़कर भारत के किसी भी कोर्ट में वकालत

[01:44:19] नहीं कर सकता। और अगर किसी जज का ट्रांसफर

[01:44:22] करना हो तो अनुच्छेद 222 के तहत

[01:44:24] राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश से

[01:44:26] सलाह करके उनका तबादला कर सकते हैं।

[01:44:29] कनिष्क अब आता है हाई कोर्ट का सबसे बड़ा

[01:44:31] हथियार अनुच्छेद 226 यह उच्च न्यायालय को

[01:44:35] रिट जारी करने की शक्ति देता है।

[01:44:37] सर यह रिट तो सुप्रीम कोर्ट भी जारी करता

[01:44:39] है ना अनुच्छेद 32 के तहत।

[01:44:42] बहुत ही शानदार लॉजिक। सुप्रीम कोर्ट

[01:44:44] आर्टिकल 32 के तहत केवल मौलिक अधिकारों के

[01:44:47] हनन पर रिट जारी करता है। लेकिन हाईकोर्ट

[01:44:49] आर्टिकल 226 के तहत मौलिक अधिकारों के

[01:44:52] साथ-साथ किसी अन्य प्रयोजन यानी कानूनी

[01:44:55] अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।

[01:44:57] मतलब रिट के मामले में हाई कोर्ट का दायरा

[01:45:00] सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा है। यहां पांच

[01:45:02] तरह की रिट होती हैं। बंदी प्रत्यक्षीकरण,

[01:45:04] हैबियस कॉर्पस, परमादेश, मैंडमिस,

[01:45:07] प्रतिषेध, प्रोहिबिशन, उत्प्रेषण, सर्टररी

[01:45:10] और अधिकार परीक्षा को वारंटो। सर यह तो

[01:45:13] आपने एकदम क्रिस्टल क्लियर कर दिया। मजा आ

[01:45:16] गया। सर मजा तो बहुत आ रहा है लेकिन सच

[01:45:19] कहूं इतने सारे आर्टिकल्स 1949, 1958, 50

[01:45:24] जज ये सब एक साथ याद रखना थोड़ा भारी लग

[01:45:27] रहा है। क्या कोई ऐसा तरीका है कि यह सब

[01:45:29] चुटकियों में रिवाइज हो जाए, और एग्जाम

[01:45:31] में कोई कंफ्यूजन ना हो। मेरे प्यारे

[01:45:33] विद्यार्थियों, मुझे पता है कि जब कंटेंट

[01:45:36] अधा हो तो उसे समेटना मुश्किल होता है।

[01:45:39] इसीलिए आपकी इसी समस्या का परमानेंट इलाज

[01:45:41] हमने निकाल लिया है। आप सभी की सबसे

[01:45:44] महत्वपूर्ण रिवीजन के लिए हमने आपके

[01:45:46] एग्जाम के लिए टेस्ट क्यू एप्लीकेशन तैयार

[01:45:48] की है। यहां पर हमने आरपीएससी सेकंड ग्रेड

[01:45:51] के प्रथम प्रश्न पत्र का 360° टेस्ट सीरीज

[01:45:54] और सब्जेक्ट वाइज सिनेैटिक कोर्स उपलब्ध

[01:45:56] कराया है। इस टेस्ट क्यू एप्लीकेशन पर

[01:45:58] आपको हमारे अन्य सभी विषयों के एनसीईआरटी,

[01:46:01] आरबीएसई और मूल किताबों पर आधारित कोर्सेज

[01:46:04] बिल्कुल इसी तरह की सिनेैटिक मूवी स्टाइल

[01:46:06] में मिलेंगे।

[01:46:06] वाओ सर मतलब कम समय में शानदार रिवीजन।

[01:46:10] बिल्कुल कनिष्क कम समय में सबसे कम कीमत

[01:46:12] में इतने लाजवाब कोर्सेज जिनको ज्वाइन

[01:46:15] करके आप हर हाल में एग्जाम में सिलेक्शन

[01:46:17] ले सकते हैं। टेस्ट क्यू एप्लीकेशन पर जो

[01:46:19] वन लाइनर सीरीज हमने तैयार की है, उसे

[01:46:21] जरूर पढ़कर जाएं। यह आपके एग्जाम में

[01:46:23] रामबाण साबित होगी। और सबसे बड़ी खुशखबरी

[01:46:27] राजस्थान जीके और इंडिया जीके का संपूर्ण

[01:46:29] सिनेैटिक बैच आज ही शुरू हो गया है। इसे

[01:46:31] आज ही ज्वाइन करें और अपनी तैयारी को एक

[01:46:34] नए अंदाज से बिल्कुल सटीक तरीके से करें।

[01:46:36] तो स्टूडेंट्स मजबूर हो जाइए अपनी सफलता

[01:46:39] के लिए। अभी Play Store से टेस्ट क्यू

[01:46:41] एप्लीकेशन डाउनलोड करें और अपने सपनों को

[01:46:43] उड़ान दें। ब्रेक के बाद वापस चलते हैं

[01:46:46] अपनी कहानी में। हाई कोर्ट तो राज्य का

[01:46:48] बॉस हो गया। लेकिन असली काम, जमीन स्तर की

[01:46:51] लड़ाईयां, प्रॉपर्टी के विवाद यह सब कहां

[01:46:53] सुने जाते हैं? यह सुने जाते हैं जिलों

[01:46:55] में जिन्हें हम अधीनस्थ न्यायालय कहते

[01:46:57] हैं। संविधान के भाग छह के अध्याय छह में

[01:47:00] अनुच्छेद 233 से 237 तक अधीनस्थ

[01:47:03] न्यायालयों का जिक्र है।

[01:47:05] सर हमारे जिले में जो जिला न्यायाधीश

[01:47:07] बैठते हैं उन्हें कौन बनाता है? देखो

[01:47:10] अनुच्छेद 233 बिल्कुल इसी बारे में है।

[01:47:13] जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति यानी

[01:47:15] अपॉइंटमेंट ऑफ डिस्ट्रिक्ट जजेस उनकी

[01:47:17] पदस्थापना यानी पोस्टिंग और पदोन्नति यानी

[01:47:20] प्रमोशन उस राज्य का राज्यपाल करता है।

[01:47:22] लेकिन ध्यान रहे राज्यपाल यह काम उस राज्य

[01:47:25] के उच्च न्यायालय यानी हाईकोर्ट के

[01:47:27] परामर्श से ही करता है।

[01:47:29] और सर जिला जज बनने के लिए क्या योग्यता

[01:47:31] चाहिए? क्या मैं बन सकती हूं?

[01:47:34] तुम फिर आ गई फॉर्म भरने। जिला जज बनने के

[01:47:37] लिए तुम्हें संघ या राज्य की सेवा में

[01:47:38] नहीं होना चाहिए और कम से कम 7 वर्ष तक

[01:47:41] अधिवक्ता यानी प्लीडर के रूप में काम करने

[01:47:44] का अनुभव होना चाहिए और हाईकोर्ट ने

[01:47:46] तुम्हारी सिफारिश की हो। यह रहा तुम्हारा

[01:47:48] अगरा पीवाईक्यू। भारतीय संविधान का कौन सा

[01:47:51] अनुच्छेद जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति से

[01:47:54] संबंधित है? आरपीएससी सेकंड ग्रेड और

[01:47:56] पीएसआई में आया था।

[01:47:57] सर, यह है अनुच्छेद 233 जिसमें नियुक्ति

[01:48:01] राज्यपाल करते हैं।

[01:48:02] शाबाश। अब सुनो। अनुच्छेद 234 कहता है कि

[01:48:06] जिला जजों के अलावा जो अन्य न्यायिक

[01:48:07] अधिकारी जैसे आरजेएस होते हैं उनकी भर्ती

[01:48:10] राज्यपाल द्वारा आरपीएससी और हाई कोर्ट के

[01:48:13] परामर्श से की जाती है और सबसे खतरनाक है

[01:48:16] अनुच्छेद 235 इसके अनुसार जितने भी

[01:48:19] अधीनस्थ न्यायालय हैं उन सब पर पूर्ण रूप

[01:48:21] से नियंत्रण किसका होगा? राज्य सरकार का

[01:48:24] नहीं बल्कि उच्च न्यायालय का होगा। यही

[01:48:26] न्यायपालिका की स्वतंत्रता की खूबसूरती

[01:48:29] है।

[01:48:29] सर, हमने सब कुछ समझ लिया लेकिन आपने

[01:48:32] बताया था कि पहले मुख्य न्यायाधीश श्री

[01:48:34] कमलकांत वर्मा थे। तो सबसे लंबे समय तक

[01:48:37] राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश कौन रहे?

[01:48:40] बेहतरीन सवाल सबसे लंबे समय तक यानी

[01:48:42] लॉन्गेस्ट सर्विंग राजस्थान हाईकोर्ट के

[01:48:44] मुख्य न्यायाधीश रहने का रिकॉर्ड श्री

[01:48:46] कैलाशनाथ वांचू जी के नाम है। यह नाम रट

[01:48:49] लेना बेटा।

[01:48:50] और सर करंट अफेयर्स का क्या? आजकल एग्जाम

[01:48:52] में लेटेस्ट डाटा बहुत पूछते हैं। 2020 से

[01:48:56] 2026 तक कौन-कौन रहे हैं?

[01:48:58] बिल्कुल लेटेस्ट डाटा तो एग्जाम की जान

[01:49:00] है। ध्यान से सुनो क्रोनोलॉजी समझते हैं।

[01:49:03] अक्टूबर 2019 से अक्टूबर 2021 तक रहे

[01:49:06] जस्टिस इंद्रजीत महंती। अक्टूबर 2021 से

[01:49:10] मार्च 2022 तक रहे जस्टिस अकील कुरैशी।

[01:49:13] अक्टूबर 2022 से फरवरी 2023 तक रहे जस्टिस

[01:49:16] पंकज मित्तल। इसके बाद जस्टिस मनींद्र

[01:49:19] मोहन श्रीवास्तव कई बार कार्यवाहक मुख्य

[01:49:21] न्यायाधीश रहे और 6 फरवरी 2024 को वह

[01:49:24] राजस्थान उच्च न्यायालय के 42वें मुख्य

[01:49:27] न्यायाधीश बने।

[01:49:28] सर अभी 2025-26 में एकदम लेटेस्ट कौन है?

[01:49:32] बेटा यह बिल्कुल हॉट टॉपिक है जो तुम्हारे

[01:49:34] पेपर में सीधा छपेगा। हाल ही में 27

[01:49:37] सितंबर 2025 को भारत की राष्ट्रपति

[01:49:40] द्रोपदी मुर्मू जी ने जस्टिस रंजीव प्रकाश

[01:49:42] शर्मा को राजस्थान उच्च न्यायालय का

[01:49:44] कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया

[01:49:46] है।

[01:49:47] अच्छा

[01:49:47] हां इससे ठीक पहले 43वें मुख्य न्यायाधीश

[01:49:51] कल्पतिथी राजेंद्रन श्रीराम थे जिनका

[01:49:53] कार्यकाल मात्र 69 दिन का रहा और 27

[01:49:56] सितंबर 2025 को वह रिटायर हो गए। उनके

[01:49:58] रिटायर होते ही जयपुर में जन्मे जस्टिस

[01:50:01] संजीव प्रकाश शर्मा जी ने यह पद संभाला।

[01:50:03] जस्टिस शर्मा इससे पहले पटना हाईकोर्ट और

[01:50:06] पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में भी अपनी

[01:50:07] सेवाएं दे चुके हैं। साथ ही वह राजस्थान

[01:50:10] राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण यानी

[01:50:12] आरएसएलएसए के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।

[01:50:14] प्रश्न आ सकता है कि सितंबर 2025 के

[01:50:17] लेटेस्ट डाटा के अनुसार राजस्थान उच्च

[01:50:19] न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश

[01:50:21] कौन है?

[01:50:22] माननीय जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा।

[01:50:25] लो जी हमारा पूरा थ्यरी सेक्शन कंप्लीट।

[01:50:28] लेकिन जैसा कि मैंने वादा किया था हमारी

[01:50:30] क्लास बिना रिवीजन के अधूरी है। अब होगा

[01:50:33] रैपिड फायर राउंड। मैं पिछले सालों के

[01:50:35] यानी 2020, 2026 के 10 सबसे महत्वपूर्ण

[01:50:39] प्रीवियस ईयर प्रश्न यानी पीवाईक्यूस

[01:50:41] दागूंगा और कनिष्क तुम्हें गोली की तरह

[01:50:43] जवाब देना है। क्या तुम तैयार हो?

[01:50:45] बिल्कुल तैयार हूं सर। लाइए अपने सवाल।

[01:50:47] राजस्थान प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था

[01:50:49] का यह पहला सवाल आरपीएससी सेकंड ग्रेड

[01:50:52] 2022 में पूछा गया था। राजस्थान उच्च

[01:50:54] न्यायालय की स्थापना किस अध्यादेश के तहत

[01:50:57] की गई थी?

[01:50:58] सर इसका बिल्कुल सटीक उत्तर है राजस्थान

[01:51:00] उच्च न्यायालय अध्यादेश 1949 राजस्थान

[01:51:04] हाईकोर्ट ऑर्डिनेंस 1949 इसी अध्यादेश के

[01:51:07] जरिए हमारे हाईकोर्ट की नींव रखी गई थी।

[01:51:10] लाजवाब शुरुआत। अब बढ़ते हैं आरएएस प्री

[01:51:13] और सेकंड ग्रेड के एक बेहद पसंदीदा सवाल

[01:51:15] की तरफ। राजस्थान उच्च न्यायालय के प्रथम

[01:51:17] मुख्य न्यायाधीश कौन थे? जिन्हें 29 अगस्त

[01:51:20] 1949 को शपथ दिलाई गई थी। सर, यह नाम हर

[01:51:24] राजस्थानी प्रतियोगी को याद होना चाहिए।

[01:51:26] माननीय न्यायमूर्ति कमलकांत वर्मा, जस्टिस

[01:51:29] कमलकांत वर्मा इन्हें ही 29 अगस्त 1949 को

[01:51:33] प्रथम मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ

[01:51:35] दिलाई गई थी?

[01:51:36] बहुत बढ़िया। अच्छा कनिष्क थोड़ा इतिहास

[01:51:38] में आगे चलते हैं। आरएस प्री 2023 में एक

[01:51:41] बड़ा ही टर्निंग पॉइंट वाला सवाल आया था।

[01:51:43] 1958 में किस समिति की सिफारिश पर

[01:51:46] हाईकोर्ट की जयपुर पीठ को समाप्त कर दिया

[01:51:48] गया था? बाद में इसे दोबारा शुरू किया

[01:51:50] गया। लेकिन 1958 की बात हो रही है।

[01:51:53] जी सर, यह प्रशासनिक फेरबदल पी सत्यनारायण

[01:51:56] राव समिति की सिफारिशों के आधार पर किया

[01:51:58] गया था। जिसके तहत जयपुर पीठ को समाप्त

[01:52:01] किया गया था।

[01:52:01] बेहतरीन। अब जरा संविधान के अनुच्छेदों की

[01:52:04] गहराई में उतरते हैं। आरपीएससी सेकंड

[01:52:06] ग्रेड 2023 का यह सवाल सीधे तौर पर

[01:52:09] हाईकोर्ट की शक्तियों से जुड़ा है। भारतीय

[01:52:12] संविधान का कौन सा अनुच्छेद उच्च न्यायालय

[01:52:14] को एक अभिलेख न्यायालय यानी कोर्ट ऑफ

[01:52:16] रिकॉर्ड घोषित करता है? यानी इसके फैसले

[01:52:19] सुरक्षित रखे जाते हैं और साक्ष्य के रूप

[01:52:21] में माने जाते हैं।

[01:52:22] सर वो महत्वपूर्ण अनुच्छेद है अनुच्छेद

[01:52:25] 25। आर्टिकल 25 यही अनुच्छेद हाई कोर्ट को

[01:52:28] कोर्ट ऑफ रिकॉर्ड की शक्ति देता है।

[01:52:30] क्या बात है एकदम सटीक। अगला सवाल रीट

[01:52:33] मेंस और सेकंड ग्रेड दोनों में आ चुका है

[01:52:35] और अक्सर छात्र इसमें कंफ्यूज होते हैं।

[01:52:37] उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति

[01:52:39] यानी अपॉइंटमेंट अनुच्छेद 217 के तहत

[01:52:42] वास्तव में कौन करता है और किसकी सलाह पर

[01:52:45] होती है? सर इसमें कंफ्यूजन की कोई

[01:52:47] गुंजाइश नहीं है। नियुक्ति भारत के

[01:52:49] राष्ट्रपति यानी प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया

[01:52:51] द्वारा ही की जाती है। लेकिन इसके लिए वे

[01:52:53] भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई

[01:52:56] संबंधित राज्य के राज्यपाल और उस हाईकोर्ट

[01:52:58] के मुख्य न्यायाधीश यानी सीजे से सलाह

[01:53:01] लेते हैं।

[01:53:02] बिल्कुल सही स्पष्टीकरण। राष्ट्रपति ही

[01:53:04] नियुक्त करते हैं। राज्यपाल सिर्फ शपथ

[01:53:06] दिलाते हैं। चलिए सीईटी 2024 और आरपीएससी

[01:53:10] का एक और फेवरेट सवाल देखते हैं। मौलिक

[01:53:12] अधिकारों के अलावा अन्य प्रयोजनों के लिए

[01:53:14] रिट जारी करने की उच्च न्यायालय की शक्ति

[01:53:17] किस अनुच्छेद में निहित है? सर सुप्रीम

[01:53:19] कोर्ट के पास अनुच्छेद 32 है लेकिन हमारी

[01:53:21] हाई कोर्ट के पास अनुच्छेद 226 है। खास

[01:53:24] बात यह है कि अनुच्छेद 226 के तहत हाई

[01:53:27] कोर्ट की रिट अधिकारिता सुप्रीम कोर्ट से

[01:53:29] भी ज्यादा विस्तृत है क्योंकि यह मूल

[01:53:31] अधिकारों के साथ-साथ अन्य विधिक प्रयोजनों

[01:53:34] के लिए भी रिट जारी कर सकता है।

[01:53:36] शानदार कनिष्क यह 360 डिग्री एनालिसिस

[01:53:38] स्टूडेंट्स के लिए बहुत काम आएगा। अब

[01:53:40] थोड़ा नीचे सबोर्डिनेट कोर्ट्स यानी

[01:53:42] अधीनस्थ न्यायालयों की तरफ चलते हैं।

[01:53:44] पीएसआई 2021 और सेकंड ग्रेड का यह सवाल

[01:53:47] देखिए। जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति किस

[01:53:50] अनुच्छेद और किसके द्वारा की जाती है?

[01:53:52] सर, जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति संविधान

[01:53:54] के अनुच्छेद 233 के तहत संबंधित राज्य के

[01:53:57] राज्यपाल द्वारा की जाती है। हालांकि

[01:53:59] राज्यपाल इसके लिए संबंधित हाईकोर्ट से

[01:54:01] परामर्श जरूर लेते हैं।

[01:54:02] एकदम परफेक्ट। इसी से जुड़ा आरपीएससी

[01:54:05] सेकंड ग्रेड 2024 का बिल्कुल लेटेस्ट सवाल

[01:54:08] है। अधीनस्थ न्यायालयों पर पूर्ण नियंत्रण

[01:54:10] यानी कंट्रोल किस अनुच्छेद के तहत उच्च

[01:54:13] न्यायालय में निहित किया गया है? सर

[01:54:15] प्रशासनिक और न्यायिक नियंत्रण की यह

[01:54:17] शक्ति अनुच्छेद 235 के तहत हाईकोर्ट को दी

[01:54:20] गई है। इसी के तहत भी निचली अदालतों पर

[01:54:22] नजर रखते हैं।

[01:54:23] बहुत अच्छे। अब जरा कुछ डाटा और करंट

[01:54:26] अफेयर्स पर बात कर लेते हैं। आरपीएससी

[01:54:28] सेकंड ग्रेड 2022 में पूछा गया था

[01:54:30] राजस्थान उच्च न्यायालय में वर्तमान में

[01:54:32] न्यायाधीशों के कुल कितने पद स्वीकृत?

[01:54:35] यानी सेंशंड स्ट्रेंथ हैं? सर, राजस्थान

[01:54:37] हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित

[01:54:39] न्यायाधीशों के कुल 50 पद स्वीकृत हैं।

[01:54:42] और आज का आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण सवाल

[01:54:44] जो आपके आगामी एग्जाम्स के लिए सीधा करंट

[01:54:47] अफेयर्स का सवाल बनता है। 27 सितंबर 2025

[01:54:50] को राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक

[01:54:52] मुख्य न्यायाधीश का पद किसने संभाला था?

[01:54:55] सर, यह बेहद महत्वपूर्ण नियुक्तियों में

[01:54:57] से एक है। 27 सितंबर 2025 को यह

[01:55:00] जिम्मेदारी जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा जी

[01:55:02] ने संभाली थी।

[01:55:03] क्या बात है कनिष्क अमेजिंग। तुमने तो सच

[01:55:06] में पेपर की खोपड़ी में छेद कर दिया और

[01:55:08] मुझे पूरा विश्वास है कि जो विद्यार्थी

[01:55:10] स्क्रीन के उस पार बैठकर यह वीडियो देख

[01:55:12] रहे हैं उनके दिमाग में भी यह सारे

[01:55:14] फैक्ट्स छप गए होंगे।

[01:55:15] सच में सर आज तो मजा ही आ गया। कहां मैं

[01:55:18] इतनी डरी हुई थी और कहां अब मुझे लग रहा

[01:55:20] है कि पॉलिटी तो मेरी उंगलियों पर नाच रही

[01:55:22] है। ऐसा लग रहा है जैसे घर में कोई बड़ा

[01:55:24] भाई पास बिठाकर सब कुछ रटा नहीं रहा बल्कि

[01:55:27] दिमाग में सेट कर रहा है। थैंक यू सो मच

[01:55:29] सर।

[01:55:30] थैंक यू की कोई बात नहीं बेटा। यह तो मेरा

[01:55:32] फर्ज है।

[01:55:32] हे भगवान।

[01:55:35] यह सिलेबस है या कोई भूल भुलैया? विधानसभा

[01:55:38] और उच्च न्यायालय तो जैसे तैसे मैंने रट

[01:55:40] लिए लेकिन यह पॉलिटिकल एंड

[01:55:41] एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम का फिफ्थ चैप्टर

[01:55:44] पंचायती राज सिस्टम एंड इट्स

[01:55:46] एडमिनिस्ट्रेशन।

[01:55:48] इसमें इतने सारे अनुच्छेद, इतनी समितियां

[01:55:50] राजस्थान का 1994 का एक्ट

[01:55:54] ऊपर से 2021 और जिसके नए करंट अफेयर्स

[01:55:57] पेपर सेटर क्या चाहता है कि हम इंसान से

[01:56:00] कंप्यूटर बन जाएं। सर यह सब कैसे याद

[01:56:02] होगा? एग्जाम सर पे है और यह भाषा तो सिर

[01:56:05] के ऊपर से बाउंसर जा रही है। काश कोई जादू

[01:56:07] की छड़ी होती।

[01:56:09] दोस्तों जब मान सर तुम्हारे साथ हैं तो

[01:56:11] डरने की क्या बात है? किताबों के इस बोझ

[01:56:13] तले अपनी मुस्कान क्यों दबा रही हो? आज इस

[01:56:16] क्लास को इस सिनेमैटिक स्टाइल में डिजाइन

[01:56:18] किया गया है कि YouTube के इतिहास में

[01:56:20] पंचायती राज का ऐसा ऑपरेशन किसी ने नहीं

[01:56:23] किया होगा। क्लास खत्म होने तक एनसीईआरटी,

[01:56:26] लक्ष्मीकांत और बेयर एक्ट का एक-एक पॉइंट

[01:56:28] तुम्हारे खून में दौड़ेगा। यह तुम्हारे

[01:56:30] बड़े भाई का वादा है। और हां, क्लास शुरू

[01:56:33] करने से पहले एक और इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन

[01:56:35] दे दूं। आज शाम 4:00 बजे मान एजुकेशन चैनल

[01:56:38] पर भारतीय संविधान की क्लास आएगी। एक ऐसा

[01:56:40] चैप्टर जिसमें से हर बार एग्जाम में

[01:56:42] प्रश्न आता ही है। और उस चैप्टर का नाम है

[01:56:45] राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत यानी

[01:56:47] डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ स्टेट पॉलिसी

[01:56:50] डीपीएसपी। इसको भी इसी तरह से मूवी स्टाइल

[01:56:52] में डिजाइन किया गया है। आपको केवल 20

[01:56:54] मिनट देने हैं और एग्जाम में 2 से चार

[01:56:57] नंबर पक्के हैं।

[01:56:58] सच में मान सर ओो थैंक यू मान सर। आप हम

[01:57:01] बेरोजगारों के लिए कितना सोचते हो? मुझे

[01:57:03] 4:00 बजे वाली इंडियन पिटी वाली का इंतजार

[01:57:05] है। सर आप बोल रहे थे कि केवल 20 मिनट

[01:57:08] देने हैं और एग्जाम में 2:00 से चार नंबर

[01:57:10] पक्के हैं। मतलब आज क्लास में ही सब कुछ

[01:57:12] याद हो जाएगा। वो भी बिना रटे। लेकिन सर

[01:57:14] कंटेंट का सोर्स क्या है? क्योंकि

[01:57:16] आरपीएससी तो बहुत डीप से सवाल पूछता है।

[01:57:19] बेटा कनिष्क आज की क्लास का कंटेंट हवा

[01:57:21] में तीर नहीं है। यह एनसीईआरटी एम

[01:57:23] लक्ष्मीकांत और राजस्थान पंचायती राज

[01:57:25] अधिनियम 1994 के बेयर एक्ट का संपूर्ण

[01:57:28] निचोड़ है। मैंने खुद इसका रिसर्च किया है

[01:57:31] ताकि मेरे विद्यार्थियों का बेसिक से लेकर

[01:57:33] एडवांस लेवल तक सब कुछ क्लियर हो जाए। चलो

[01:57:36] कहानी की शुरुआत करते हैं। सबसे पहले

[01:57:38] समझते हैं कि यह स्थानीय स्वशासन यानी

[01:57:40] लोकल सेल्फ गवर्नमेंट आखिर है क्या? क्या

[01:57:43] तुम्हें पता है कि भारत में स्थानीय

[01:57:45] स्वशासन का जनक यानी फादर ऑफ लोकल सेल्फ

[01:57:48] गवर्नमेंट किसे कहा जाता है?

[01:57:49] शायद लॉर्ड रिपन को।

[01:57:51] बिल्कुल सही। 1882 में लॉर्ड रिपिन ने

[01:57:54] स्थानीय स्वशासन का प्रस्ताव रखा था जिसे

[01:57:56] इसका मैग्नाका कहा जाता है। लेकिन आजादी

[01:57:59] के बाद भारत में पंचायती राज का असली सपना

[01:58:02] हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देखा

[01:58:05] था। उन्होंने इसे ग्राम स्वराज का नाम

[01:58:07] दिया था। इसीलिए हमारे संविधान निर्माताओं

[01:58:09] ने नीति निर्देशक तत्वों यानी डायरेक्टिव

[01:58:12] प्रिंसिपल्स ऑफ स्टेट पॉलिसी के अनुच्छेद

[01:58:15] 40 में यानी आर्टिकल 40 में यह स्पष्ट

[01:58:18] लिखा कि राज्य ग्राम पंचायतों का गठन

[01:58:20] करेगा। लेकिन बेटा कनिष्क राजस्थान के

[01:58:23] विद्यार्थियों के लिए इस पूरे इतिहास में

[01:58:25] सबसे ज्यादा सीना चौड़ा करने वाला दिन कौन

[01:58:27] सा था? जानती हो?

[01:58:28] हां सर। 2 अक्टूबर 1959। मैंने पढ़ा है कि

[01:58:32] इसी दिन राजस्थान से पंचायती राज की

[01:58:34] शुरुआत हुई थी।

[01:58:34] एकदम परफेक्ट। 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान

[01:58:38] के नागौर जिले के बगदरी गांव से तत्कालीन

[01:58:41] प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने

[01:58:44] त्रिस्तरीय पंचायती राज यानी थ्री टियर

[01:58:46] पंचायती राज का उद्घाटन किया था। राजस्थान

[01:58:49] पूरे देश में ऐसा करने वाला पहला राज्य

[01:58:52] बना था। दूसरा राज्य 11th अक्टूबर 1959 को

[01:58:55] आंध्र प्रदेश बना था।

[01:58:57] वाह सर, नागौर का बगदरी गांव यह तो दिमाग

[01:59:00] में फिट हो गया। लेकिन सर एक बहुत बड़ी

[01:59:02] प्रॉब्लम है। यह जो त्रिस्तरीय व्यवस्था

[01:59:04] है, इसका आईडिया किसने दिया था? इतनी सारी

[01:59:06] समितियां हैं यानी कमेटीज हैं। एग्जाम में

[01:59:09] इनका क्रम पूछ लेते हैं तो दिमाग चकरा

[01:59:11] जाता है। बलवंत राय, अशोक मेहता सब मिक्स

[01:59:13] हो जाता है।

[01:59:15] अरे बेटा एग्जामिनर भी सोचता होगा कि

[01:59:17] बच्चे को फंसा लूंगा। लेकिन उसे क्या पता

[01:59:19] कि मान एजुकेशन के धुरंधर तैयार बैठे हैं।

[01:59:22] लो पकड़ो मानस सर की पहली ट्रिक। तुम्हें

[01:59:24] बस एक शब्द याद रखना है। बी ए जी एल बागल।

[01:59:28] बागल यह तो बहुत छोटा सा शब्द है। इससे

[01:59:30] सारी समितियां कैसे याद होंगी सर?

[01:59:32] देखो इस शब्द का हर अक्षर एक समिति और

[01:59:35] उसके क्रम को दर्शाता है। चलो इसे डिकोड

[01:59:37] करते हैं। सबसे पहले आता है बी। इसका मतलब

[01:59:40] है बलवंत राय मेहता समिति जो 1957 में आई

[01:59:43] थी।

[01:59:43] अच्छा और इनकी मुख्य सिफारिश क्या थी?

[01:59:46] इन्होंने त्रिस्तरीय यानी थ्री टियर

[01:59:47] व्यवस्था का सुझाव दिया था। यानी ग्राम

[01:59:50] ब्लॉक और जिला स्तर पर पंचायतें। इसी वजह

[01:59:52] से इन्हें पंचायती राज का वास्तुकार या

[01:59:54] शिल्पी भी कहा जाता है।

[01:59:56] समझ गया सर। अब बी के बाद आता है ए। इसका

[01:59:59] क्या मतलब है?

[01:59:59] ए से है अशोक मेहता समिति जो पूरे 20 साल

[02:00:02] बाद 1977 में आई थी। इन्होंने थोड़ा बदलाव

[02:00:06] किया और द्विस्तरीय व्यवस्था मंडल और जिला

[02:00:08] स्तर की बात कही। साथ ही इन्होंने यह भी

[02:00:10] सिफारिश की कि पंचायत चुनावों में

[02:00:13] राजनीतिक दलों की भागीदारी होनी चाहिए।

[02:00:15] ठीक है सर। तो बी से बलवंत राय और ए से

[02:00:17] अशोक मेहता। अब जी का मतलब क्या है?

[02:00:20] जी का अर्थ है जीवी के राव समिति जिसका

[02:00:22] गठन 1985 में हुआ था। इन्होंने विकास और

[02:00:25] योजना प्रक्रिया में विकेंद्रीकरण यानी

[02:00:28] डीसेंट्रलाइजेशन पर बहुत जोर दिया। कनिष्क

[02:00:30] क्या तुम्हें पता है इन्होंने उस समय की

[02:00:32] पंचायती राज व्यवस्था पर एक बहुत मशहूर

[02:00:35] तंज कसा था।

[02:00:36] नहीं सर उन्होंने क्या कहा था?

[02:00:37] उन्होंने पंचायती राज को बिना जड़ की घास

[02:00:39] कहा था क्योंकि उस समय तक पंचायतें अपनी

[02:00:42] ताकत और प्रभाव खो चुकी थी।

[02:00:43] वाह, यह तो बहुत दिलचस्प बात है। इसे याद

[02:00:46] रखना आसान रहेगा और आखिर में बचा एल।

[02:00:49] बिल्कुल। और यह सबसे अहम भी है। एल का

[02:00:51] मतलब है एलएम सिंघवी समिति जो ठीक एक साल

[02:00:54] बाद 1986 में बनी। यह इसलिए सबसे

[02:00:57] महत्वपूर्ण है क्योंकि इन्होंने ही पहली

[02:00:59] बार पंचायतों को संवैधानिक दर्जा यानी

[02:01:02] कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस देने की मजबूती से

[02:01:04] वकालत की थी।

[02:01:05] अरे वाह सर अब मुझे पूरा क्रम समझ आ गया।

[02:01:07] बी एजीएल यानी बी बलवंत राय 1957

[02:01:12] त्रिस्तरीय व्यवस्था। ए अशोक मेहता 1977

[02:01:16] द्विस्तरीय व्यवस्था जी वीवी के राव 1985

[02:01:21] बिना जड़ की घास एल एल एम सिंघवी 1986

[02:01:25] संवैधानिक दर्जा यह ट्रिक तो सच में कमाल

[02:01:28] की है। अब मैं यह क्रम कभी नहीं भूलूंगा।

[02:01:30] बहुत बढ़िया कनिष्क। बस इसी तरह चीजों को

[02:01:32] जोड़कर और स्मार्ट तरीके से पढ़ोगे तो कोई

[02:01:34] भी विषय मुश्किल नहीं लगेगा।

[02:01:36] क्या बात है सर। बी ए जी एल बलवंत अशोक जी

[02:01:40] वीवी के सिंघवी। सर यह तो एक सेकंड में

[02:01:42] याद हो गया। अब तो रात को सपने में भी कोई

[02:01:44] पूछेगा तो बता दूंगी कि बलवंत है ने तीन

[02:01:47] स्तर बताए और अशोक मेहता ने दो।

[02:01:49] यही तो मान एजुकेशन का जादू है बेटा।

[02:01:51] लेकिन रुको आरपीएससी सेकंड ग्रेड का पेपर

[02:01:54] सेटर बड़ा चालाक है। वो सिर्फ राष्ट्रीय

[02:01:56] समितियां नहीं पूछता। वो राजस्थान की

[02:01:58] विशेष समितियों के बारे में भी गहराई से

[02:02:00] पूछता है। चलो राजस्थान की समितियों का

[02:02:03] सिनेमैटिक पोस्टमार्टम करते हैं।

[02:02:05] सर, मुझे राष्ट्रीय स्तर की समितियां तो

[02:02:07] एकदम रट गई। लेकिन सर क्या राजस्थान की

[02:02:10] पंचायती राज समितियों को याद करने का भी

[02:02:12] कोई ऐसा ही तरीका है? उनके साल और

[02:02:14] सिफारिशें बहुत कंफ्यूज करती हैं।

[02:02:16] बिल्कुल कनिष्क राजस्थान की समितियों को

[02:02:18] समझना भी उतना ही आसान है। इसमें हम सूत्र

[02:02:21] के बजाय एक कहानी के रूप में इनके काम और

[02:02:23] समय को जोड़ेंगे। तैयार हो?

[02:02:25] हां सर बिल्कुल तैयार हूं।

[02:02:27] बहुत बढ़िया। राजस्थान में पंचायती राज

[02:02:29] शुरू होने के कुछ साल बाद सबसे पहले इसकी

[02:02:32] कार्यप्रणाली की जांच करने की जरूरत महसूस

[02:02:34] हुई। इसलिए 1964 में पहली प्रमुख समिति

[02:02:38] बनी सादिक अली समिति।

[02:02:39] अच्छा और इन्होंने क्या कमियां निकाली?

[02:02:42] इन्होंने पंचायती राज की समीक्षा की और एक

[02:02:44] बहुत अहम सिफारिश की कि जिला परिषद को

[02:02:46] सिर्फ नाम का नहीं बल्कि काम का होना

[02:02:49] चाहिए। इसलिए इन्होंने जिला परिषद को

[02:02:51] पर्याप्त वित्तीय संसाधन और शक्तियां

[02:02:53] सौंपने की बात कही।

[02:02:54] समझ गया सर। 1964 सादिक अली जिला परिषद को

[02:02:59] शक्ति। इसके बाद कौन सी समिति आई? लगभग 9

[02:03:02] साल बाद 1973 में आई गिरधारी लाल व्यास

[02:03:05] समिति। सादिक अली ने जहां ऊपर यानी जिला

[02:03:08] पर ध्यान दिया गिरधारी लाल व्यास ने एकदम

[02:03:10] जमीनी स्तर की कमियों को उजागर किया।

[02:03:12] जमीनी स्तर मतलब ग्राम पंचायत।

[02:03:15] बिल्कुल सही। और इसी वजह से इन्होंने एक

[02:03:17] बहुत जरूरी पद ग्राम सेवक यानी ग्राम सेवक

[02:03:20] को मजबूत करने की पुरजोर सिफारिश की। उनका

[02:03:23] मानना था कि जब तक ग्राम सेवक मजबूत नहीं

[02:03:25] होगा पंचायत व्यवस्था ठीक से काम नहीं

[02:03:28] करेगी।

[02:03:28] यह तो बहुत लॉजिकल है सर। फिर इसके बाद

[02:03:30] क्या हुआ?

[02:03:31] इसके बाद हम सीधा आते हैं 1990 में। इस

[02:03:34] साल बनी हरलाल सिंह खर्रा समिति।

[02:03:36] इनका मुख्य फोकस किस चीज पर था?

[02:03:38] इन्होंने वापस सादिक अली समिति की बात को

[02:03:40] आगे बढ़ाया और सुझाव दिया कि विकास

[02:03:42] कार्यों में जिला परिषद की भूमिका को और

[02:03:45] अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

[02:03:47] ठीक है सर। 1964 में सादिक अली, 1973 में

[02:03:51] गिरधारी लाल व्यास और 1990 में हरलाल सिंह

[02:03:54] खर्रा। क्या इसके बाद भी कोई समिति बनी?

[02:03:57] हां कनिष्क एक और बहुत महत्वपूर्ण समिति

[02:03:59] है गुलाबचंद कटारिया समिति जो हाल ही के

[02:04:02] समय में 2009 में बनी।

[02:04:04] 2009 इन्होंने क्या नया सुझाव दिया सर?

[02:04:07] इनका फोकस पंचायतों को संपूर्ण अधिकार

[02:04:09] देने पर था। इन्होंने सिफारिश की कि

[02:04:12] पंचायतों को और अधिक शक्तियां दी जाएं।

[02:04:14] सबसे जरूरी बात इन्होंने मांग की कि

[02:04:16] संविधान की 11वीं अनुसूची में जो 29 विषय

[02:04:19] दिए गए हैं, वे पूरी तरह से पंचायतों को

[02:04:21] सौंप दिए जाएं।

[02:04:22] अरे वाह सर, अब मुझे पूरा क्रम दिमाग में

[02:04:25] बैठ गया। 1964 सादिक अली समिति समीक्षा की

[02:04:28] और जिला परिषद को संसाधन देने की बात कही।

[02:04:31] 1973 गिरधारी लाल व्यास समिति ग्राम सेवक

[02:04:35] के पद को मजबूत करने की सिफारिश की। 1990

[02:04:38] हरलाल सिंह खर्रा समिति जिला परिषद को और

[02:04:41] प्रभावी बनाने पर जोर दिया। 2009 गुलाबचंद

[02:04:45] कटारिया समिति पंचायतों को सभी 29 विषय और

[02:04:49] पूरी शक्तियां देने की वकालत की। ओहो तो

[02:04:51] राजस्थान ने भी अपनी अलग से समितियां बनाई

[02:04:54] थी। सर एक बात बताइए क्या इनसे सच में

[02:04:56] प्रीवियस ईयर में सवाल आए हैं?

[02:04:58] बिल्कुल बेटा अब देखो कि एग्जामिनर कैसे

[02:05:00] सवाल फ्रेम करता है? कनिष्क बेटा बताओ

[02:05:02] राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं की

[02:05:04] कार्यप्रणाली का अध्ययन करने और जमीनी

[02:05:07] लोकतंत्र का विश्लेषण करने के लिए 1964

[02:05:10] में किस समिति का गठन किया गया था?

[02:05:12] कनिष्क का जवाब सर 1964 का नाम आते ही तो

[02:05:15] सीधा आंसर है सादिक अली समिति।

[02:05:17] मानसर की व्याख्या। लाजवाब कनिष्क बिल्कुल

[02:05:20] सही। सादिक अली समिति ने ही कहा था कि

[02:05:22] जिला परिषदों को ज्यादा पावर दी जाए। यही

[02:05:24] सवाल आरपीएससी ने बार-बार पूछा है।

[02:05:27] सर जो कहानी में चल रहा है वही सीधा

[02:05:29] एग्जाम में छप रहा है। सर अब आगे बताइए यह

[02:05:32] 73वां संविधान संशोधन यानी 73

[02:05:35] कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एक्ट 1992 यह

[02:05:38] क्या बवाल है? लक्ष्मीकांत में तो इसके

[02:05:40] बहुत सारे अनुच्छेद दिए हैं। जिन्हें

[02:05:42] देखकर ही मुझे चक्कर आ जाता है।

[02:05:43] बवाल नहीं बेटा। यह तो पंचायती राज की

[02:05:46] गीता है। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम

[02:05:49] 1992 के द्वारा ही भारत में पंचायती राज

[02:05:52] को आधिकारिक रूप से संवैधानिक दर्जा मिला।

[02:05:55] यह पूरे देश में 24 अप्रैल 1993 को लागू

[02:05:58] हुआ। इसीलिए हर साल 24 अप्रैल को

[02:06:00] राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता

[02:06:02] है। संविधान में इसके लिए भाग नौ यानी

[02:06:05] पार्ट नाइन जोड़ा गया। जिसका शीर्षक

[02:06:07] पंचायतें रखा गया। इसमें अनुच्छेद 243 से

[02:06:11] 243 ओ तक 16 नए अनुच्छेद जोड़े गए। साथ ही

[02:06:14] संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गई

[02:06:16] जिसमें पंचायतों को काम करने के लिए 29

[02:06:19] विषय दिए गए।

[02:06:20] 29 विषय सर क्या राजस्थान सरकार ने यह

[02:06:23] सारे 29 विषय अपनी ग्राम पंचायतों को सौंप

[02:06:25] दिए हैं?

[02:06:26] बहुत ही शानदार और डीप सवाल पूछा है

[02:06:28] तुमने। नहीं कनिष्क राजस्थान ने सारे 29

[02:06:31] विषय नहीं दिए हैं। वीएस व्यास समिति की

[02:06:33] सिफारिश पर 2 अक्टूबर 2010 को राजस्थान

[02:06:36] सरकार ने केवल पांच महत्वपूर्ण विभाग

[02:06:38] पंचायतों को सौंपे थे। जैसे प्राथमिक

[02:06:41] शिक्षा, कृषि, चिकित्सा आदि। अब आते हैं

[02:06:44] उस दर्द पर जो हर विद्यार्थी को सबसे

[02:06:46] ज्यादा सताता है। संविधान के अनुच्छेद याद

[02:06:49] करना। लो आ गए मानसर की दूसरी धाक ट्रिक

[02:06:52] 243 के अनुच्छेदों का इंग्लिश अल्फाबेट

[02:06:54] मैजिक। बेटा कनिष्क बस ए बी सी डी याद

[02:06:57] रखनी है और आर्टिकल अपने आप याद हो

[02:06:59] जाएंगे। 243 ए फॉर असेंबली। असेंबली का

[02:07:03] मतलब क्या होता है? सभा। तो 243 ए में है

[02:07:06] ग्राम सभा का प्रावधान। 243 बी बी फॉर

[02:07:10] बिल्ड। बिल्ड मतलब बनाना या गठन करना। तो

[02:07:13] 243 बी में है पंचायतों का गठन यानी

[02:07:16] कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ पंचायत। 243 सी

[02:07:19] कंपोजिशन सी से कंपोजिशन यानी पंचायतों की

[02:07:23] संरचना। 243 डी डिप्र्राइव्ड वंचित वर्ग

[02:07:27] यानी एससी, एसटी और महिलाओं के लिए आरक्षण

[02:07:30] यानी रिजर्वेशन ऑफ सीट्स। ध्यान रहे

[02:07:32] महिलाओं के लिए न्यूनतम 1/3 आरक्षण

[02:07:35] अनिवार्य है। 243 ई एक्सपायरी फाइव ई

[02:07:39] अंग्रेजी वर्णमाला का पांचवा अक्षर है। तो

[02:07:42] ई से एक्सपायरी 5 साल में होगी। यानी

[02:07:44] पंचायतों का कार्यकाल टर्म 5 वर्ष होगा।

[02:07:47] 243 एफ फेलियर्स एफ से फेल मतलब फेल होना

[02:07:51] या अयोग्य होना। तो 243 एफ में है सदस्यों

[02:07:55] की अयोग्यताएं यानी डिसक्वालिफिकेशंस। 243

[02:07:58] जीनियस ग्रेट वर्क। जी से ग्रेट वर्क

[02:08:02] अच्छे काम यानी पंचायतों की शक्तियां

[02:08:04] प्राधिकार और उत्तरदायित्व पावर्स अथॉरिटी

[02:08:07] एंड रिस्पांसिबिलिटीज 243 एच हाई टैक्स एच

[02:08:11] से हाई टैक्स यानी पंचायतों की कर लगाने

[02:08:14] की शक्ति और निधियां 243 आई इनकम आई से

[02:08:18] इनकम यानी आय इनकम का हिसाब किताब कौन

[02:08:21] रखेगा राज्य वित्त आयोग का गठन स्टेट

[02:08:24] फाइनेंस कमीशन 243 जे जजिंग अकाउंट्स जे

[02:08:28] से जजिंग यानी पंचायत के खातों की संप

[02:08:31] परीक्षा यानी ऑडिट ऑफ अकाउंट्स 243 के कौन

[02:08:35] कराएगा इलेक्शन के से कौन चुनाव कौन

[02:08:38] कराएगा राज्य निर्वाचन आयोग का गठन स्टेट

[02:08:41] इलेक्शन कमीशन 243 ओ ऑब्जेक्शन ओ से

[02:08:45] ऑब्जेक्शन चुनाव के मामलों में अदालतों के

[02:08:48] हस्तक्षेप पर रोक यानी बार टू इंटरफेरेंस

[02:08:51] बाय कोर्ट्स इन इलेक्टोरल मैटर्स

[02:08:53] वाह मान सर वाह आज तो सच में मजा आ गया

[02:08:56] असेंबली बिल्ड डिप्र्राइव्ड इनकम कौन

[02:08:58] कराएगा इलेक्शन सर सर ये तो मेरे दिमाग

[02:09:01] में ऐसे छप गया जैसे पत्थर की लकीर। सच

[02:09:03] कहूं तो आज से पहले यह मुझे किसी एलियन

[02:09:05] भाषा जैसे लगते थे।

[02:09:07] बेटा कनिष्क और मेरे सभी प्यारे

[02:09:08] विद्यार्थियों मेरा एक ही मकसद है कि

[02:09:11] राजस्थान का हर वो बच्चा जिसके पास महंगे

[02:09:13] ऑफलाइन कोर्स खरीदने के पैसे नहीं है वो

[02:09:16] मान एजुकेशन से पढ़कर अफसर बने। मेरा कोई

[02:09:18] भी छोटा भाई-बहन एग्जाम सेंटर से निराश ना

[02:09:21] लौटे। हम दिन रात एक करके यह कंटेंट इसलिए

[02:09:24] बनाते हैं ताकि तुम्हें कुछ भी रटना ना

[02:09:26] पड़े। सब कुछ क्लास में ही याद हो जाए। और

[02:09:28] विद्यार्थियों इसी तैयारी को 360° का

[02:09:31] अंतिम प्रहार देने के लिए मान एजुकेशन

[02:09:34] लेकर आया है एक शानदार तोहफा। क्या आप

[02:09:36] जानते हैं कि परीक्षा में 80% विद्यार्थी

[02:09:39] सिर्फ इसलिए फेल होते हैं क्योंकि

[02:09:41] उन्होंने सही टेस्ट सीरीज नहीं लगाई। सबसे

[02:09:43] महत्वपूर्ण रिवीजन के लिए हमने आपके

[02:09:45] एग्जाम के लिए टेस्ट क्यू ऐप पर लाजवाब वन

[02:09:48] लाइनर तैयार की है। उसे जरूर पढ़कर जाएं।

[02:09:50] यह आपके एग्जाम में रामबाण साबित होगी।

[02:09:53] इसे ऐसा बना दिया गया है कि प्रत्येक

[02:09:55] विद्यार्थी इसे ज्वाइन किए बिना रह नहीं

[02:09:57] पाएगा। हमारी टेस्ट क्यू एप्लीकेशन पर

[02:09:59] आरपीएससी सेकंड ग्रेड के प्रथम प्रश्न

[02:10:01] पत्र का 360° टेस्ट सीरीज और सब्जेक्ट

[02:10:04] वाइज सिनेमैटिक कोर्स उपलब्ध हैं। जिनसे

[02:10:07] आप कम समय में बेहतरीन रिवीजन करके अपनी

[02:10:09] मंजिल पा सकते हैं। यहां पर हमारे अन्य

[02:10:11] सभी विषयों के एनसीईआरटी, आरबीएसई और मूल

[02:10:15] किताबों पर आधारित कोर्सेज हॉलीवुड मूवी

[02:10:17] स्टाइल में उपलब्ध हैं। कम समय में कम

[02:10:20] कीमत में लाजवाब कोर्स जिनको ज्वाइन करके

[02:10:22] आप एग्जाम में सीधा सिलेक्शन ले सकते हैं।

[02:10:25] इतना ही नहीं राजस्थान जीके और इंडिया

[02:10:27] जीके का संपूर्ण सिनेमैटिक बैच शुरू हो

[02:10:29] गया है। इसे आज ही ज्वाइन करें और अपनी

[02:10:32] तैयारी को एक नए अंदाज से बिल्कुल सटीक

[02:10:34] तरीके से करें। डिस्क्रिप्शन में लिंक है

[02:10:36] अभी जाइए और टेस्ट q ऐप को डाउनलोड करें।

[02:10:39] सर, टेस्ट q ऐप तो मैंने पहले ही डाउनलोड

[02:10:41] कर लिया है। वहां के सिनेमैटिक वीडियो

[02:10:43] देखकर ही तो मेरा कॉन्फिडेंस सातवें आसमान

[02:10:45] पर पहुंचा है। अच्छा सर अब मुझे राजस्थान

[02:10:48] के पंचायती राज अधिनियम 1994 के बारे में

[02:10:50] बताइए। इसमें तो बहुत सारे संशोधन हुए हैं

[02:10:53] ना? बिल्कुल सटीक बात पकड़ी बेटा। 73वें

[02:10:56] संविधान संशोधन के बाद हर राज्य को अपने

[02:10:58] कानून बनाने थे। राजस्थान ने अपना नया

[02:11:01] कानून बनाया राजस्थान पंचायती राज अधिनियम

[02:11:04] 1994। यह पूरे राज्य में 23 अप्रैल 1994

[02:11:08] को लागू हुआ। इसी अधिनियम को लागू करने के

[02:11:10] लिए 1996 में राजस्थान पंचायती राज नियम

[02:11:14] 1996 बनाए गए। अब इसमें सबसे ज्वलंत और

[02:11:18] लेटेस्ट मुद्दा क्या है? जो एग्जामिनर का

[02:11:20] फेवरेट है वो है ग्राम विकास अधिकारी यानी

[02:11:24] वीडियो के पद का नाम बदलना।

[02:11:26] अच्छा वो जो पहले ग्राम सेवक कहलाते थे।

[02:11:28] एकदम सही। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम

[02:11:31] 1994 की धारा 89 राज्य में पंचायत समिति

[02:11:35] और जिला परिषद सेवा के गठन से संबंधित है।

[02:11:38] इस धारा के उपनियम दो में पहले ग्राम सेवक

[02:11:41] यानी विलेज लेवल वर्कर शब्द लिखा था।

[02:11:44] लेकिन सरकार ने राजस्थान पंचायती राज

[02:11:46] संशोधन अधिनियम 2021 पारित किया। इस

[02:11:49] संशोधन के द्वारा धारा 89 में बदलाव किया

[02:11:53] गया और ग्राम सेवक अभिव्यक्ति को हटाकर

[02:11:55] नया वीआईपी नाम ग्राम विकास अधिकारी यानी

[02:11:59] वीडियो प्रतिस्थापित कर दिया गया। बेटा

[02:12:01] कनिष्क बताओ राजस्थान पंचायती राज अधिनियम

[02:12:04] 1994 की किस धारा को संशोधित करके ग्राम

[02:12:07] सेवक के स्थान पर ग्राम विकास अधिकारी

[02:12:09] अभिव्यक्ति को प्रतिस्थापित किया गया है?

[02:12:11] सर अभी तो बताया आपने धारा 89

[02:12:14] बहुत खूब एग्जामिनर बार-बार धारा 89 ही

[02:12:17] पूछेगा क्योंकि यही सबसे बड़ा बदलाव था।

[02:12:20] एक और बात 2015 में सरपंच के लिए आठवीं

[02:12:23] पास और जिला परिषद के लिए 10वीं पास की

[02:12:25] शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य की गई थी धारा

[02:12:28] 19 में लेकिन 2019 के संशोधन द्वारा इस

[02:12:31] शैक्षणिक योग्यता के प्रावधान को हटा दिया

[02:12:33] गया है।

[02:12:34] ओहो धारा 89 इक्वल टू ग्राम विकास

[02:12:37] अधिकारी। सर ऐसे चुटकियों में पीवाईक्यू

[02:12:39] सॉल्व हो रहे हैं। लेकिन सर एक कंफ्यूजन

[02:12:41] मुझे हमेशा रहता है और मुझे पक्का यकीन है

[02:12:44] कि सारे स्टूडेंट्स को होता होगा। यह

[02:12:46] ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद

[02:12:49] इनमें कौन किसको इस्तीफा देता है? कोई

[02:12:51] विकास अधिकारी को देता है, कोई जिला

[02:12:53] प्रमुख को यह बड़ा कंफ्यूजिंग है।

[02:12:56] कनिष्क जब तक मानसर की त्यागपत्र की

[02:12:58] त्रिकोण ट्रिक है, तब तक कोई विद्यार्थी

[02:13:00] कंफ्यूज नहीं हो सकता। ध्यान से सुनो।

[02:13:03] पंचायती राज में इस्तीफे का सिस्टम हमेशा

[02:13:06] नीचे से ऊपर की ओर चलता है। बस तुम्हें

[02:13:08] अधिकारी का लेवल याद रखना है। सबसे निचला

[02:13:11] स्तर यानी ग्राम पंचायत। ग्राम पंचायत का

[02:13:13] मुखिया कौन होता है? सरपंच। अगर सरपंच,

[02:13:16] उपसरपंच या वार्ड पंच को इस्तीफा देना हो

[02:13:18] तो वह किसे देंगे? वह अपने से ठीक ऊपर

[02:13:21] ब्लॉक लेवल के प्रशासनिक सरकारी अधिकारी

[02:13:23] के पास जाएंगे। यानी वह अपना इस्तीफा

[02:13:26] विकास अधिकारी यानी बीडीओ को देंगे। मध्यम

[02:13:29] स्तर यानी पंचायत समिति। पंचायत समिति का

[02:13:32] राजनीतिक मुखिया कौन? प्रधान। अब प्रधान

[02:13:34] ब्लॉक लेवल का राजा है। अगर उसे इस्तीफा

[02:13:37] देना है तो वह किसे देगा? वो जाएगा सीधे

[02:13:39] अपने जिले के सबसे बड़े राजनीतिक नेता के

[02:13:42] पास। यानी प्रधान अपना इस्तीफा जिला

[02:13:44] प्रमुख को सौंपता है। शीर्ष स्तर यानी

[02:13:47] जिला परिषद। जिला परिषद का मुखिया कौन?

[02:13:49] जिला प्रमुख। अब जिला प्रमुख तो खुद पूरे

[02:13:51] जिले का बॉस है। तो वो इस्तीफा किसे देगा?

[02:13:54] वह जाएगा संभाग के सबसे बड़े अधिकारी के

[02:13:57] पास। यानी जिला प्रमुख अपना इस्तीफा

[02:13:59] संभागीय आयुक्त यानी डिवीजनल कमिश्नर को

[02:14:02] देता है।

[02:14:02] अच्छा

[02:14:03] अब एक और सवाल बताओ। राजस्थान पंचायती राज

[02:14:06] अधिनियम 1994 के अनुसार ग्राम पंचायत का

[02:14:09] सरपंच अपना त्यागपत्र किसे सौंपता है?

[02:14:11] सर सरपंच सबसे नीचे है तो वह ब्लॉक के

[02:14:13] अधिकारी यानी विकास अधिकारी यानी बीडीओ को

[02:14:15] देगा।

[02:14:16] शानदार बिल्कुल सटीक जवाब। सरपंच, विकास

[02:14:19] अधिकारी, प्रधान, जिला प्रमुख, जिला

[02:14:21] प्रमुख, संभागीय आयुक्त। बस इतना सा था सर

[02:14:24] आपने तो इस पूरे इस्तीफे वाले टॉपिक का

[02:14:26] एकदम पोस्टमार्टम कर दिया। मजा आ गया।

[02:14:28] मजा तो अभी और आएगा कनिष्क। अब बात करते

[02:14:31] हैं ग्राम सभा यानी अनुच्छेद 243 ए की।

[02:14:34] इसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र की पहली इकाई कहा

[02:14:37] जाता है। ग्राम सभा क्या है? यह उस गांव

[02:14:39] की मतदाता सूची में दर्ज सभी पंजीकृत

[02:14:42] मतदाताओं से मिलकर बनी एक स्थाई संस्था

[02:14:44] है।

[02:14:45] सर, ग्राम सभा की बैठक के लिए कोई कोरम या

[02:14:47] गणपूति भी तो होती है ना। वो क्या है?

[02:14:50] बिल्कुल। कोई भी बैठक तब तक वैध नहीं मानी

[02:14:52] जाती जब तक उसमें न्यूनतम सदस्य उपस्थित

[02:14:55] ना हो। इसे ही गण पूर्ति या कोरम कहते

[02:14:58] हैं। राजस्थान में ग्राम सभा का कोरम कुल

[02:15:00] सदस्यों का 1/10 भाग यानी 110 होता है।

[02:15:04] सर ग्राम सभा की वर्ष में कम से कम कितनी

[02:15:06] बैठकें होना अनिवार्य है? देखो वैसे तो

[02:15:09] वर्ष में कम से कम दो से चार बैठकें होना

[02:15:11] जरूरी है। लेकिन राजस्थान के संदर्भ में

[02:15:14] दो तारीखें विशेष रूप से महत्वपूर्ण है

[02:15:16] जिन पर बैठक होती ही है। एक 8 मार्च इस

[02:15:19] दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता

[02:15:21] है और दूसरी 14 नवंबर बाल दिवस।

[02:15:24] अरे वाह यह तारीखें तो आसानी से याद

[02:15:26] रहेंगी और सर बैठक शुरू करने के लिए कितने

[02:15:29] सदस्यों का होना जरूरी है? यानी कोरम क्या

[02:15:31] है? ग्राम सभा के लिए कोरम कुल सदस्यों का

[02:15:34] 1/10 10वां हिस्सा है। जब तक इतने लोग

[02:15:37] नहीं आएंगे बैठक शुरू नहीं होगी।

[02:15:39] ठीक है? और इसकी अध्यक्षता कौन करता है?

[02:15:42] ग्राम सभा का अध्यक्ष सरपंच होता है। और

[02:15:44] अगर सरपंच किसी कारण से अनुपस्थित हो तो

[02:15:47] उपसरपंच बैठक की अध्यक्षता करता है।

[02:15:49] समझ गया सर। ग्राम सभा वर्ष में 2 से चार

[02:15:52] बैठकें विशेष 8 मार्च 14 नवंबर कोरम 1/10

[02:15:57] और अध्यक्ष सरपंच। अब वार्ड सभा के बारे

[02:16:00] में भी बता दीजिए।

[02:16:01] वार्ड सभा इससे थोड़ी छोटी इकाई है। इसके

[02:16:04] लिए नियम है कि वर्ष में कम से कम दो

[02:16:05] बैठकें होनी चाहिए।

[02:16:07] और इसका कोरम कितना है सर?

[02:16:08] कोरम इसका भी ग्राम सभा जितना ही है। कुल

[02:16:11] सदस्यों का 1/10

[02:16:12] और इसकी अध्यक्षता क्योंकि यह वार्ड स्तर

[02:16:15] पर है तो क्या वार्ड पंच इसकी अध्यक्षता

[02:16:17] करता है? बिल्कुल सही पकड़े हो कनिष्क

[02:16:19] वार्ड सभा का अध्यक्ष वार्ड पंच ही होता

[02:16:22] है।

[02:16:22] सर अब यह आंकड़े मुझे एकदम साफ हो गए हैं।

[02:16:25] ग्राम सभा बैठकें 2 4 8 मार्च 14 नवंबर

[02:16:29] कोरम 1/10 अध्यक्ष सरपंच

[02:16:32] और कनिष्क क्या तुम्हें पता है कि

[02:16:34] राजस्थान पूरे भारत में एकमात्र ऐसा राज्य

[02:16:36] है जहां 2002 में वार्ड सभा का गठन किया

[02:16:39] गया था। वार्ड सभा का कोरम भी कुल सदस्यों

[02:16:42] का 1/10 ही होता है। मानसर का सवाल कनिष्क

[02:16:46] बताओ ग्राम सभा की बैठक की गणपूर्ति कितनी

[02:16:48] होती है?

[02:16:49] कुल सदस्यों का 10वां भाग यानी 110 ऑफ द

[02:16:52] टोटल नंबर ऑफ मेंबर्स।

[02:16:53] एक्सीलेंट यह प्रश्न आरपीएससी का फेवरेट

[02:16:56] है।

[02:16:56] सर, एक-एक कांसेप्ट शीशे की तरह साफ हो

[02:16:58] रहा है। लेकिन सर, एक और खतरनाक एक्ट है

[02:17:01] पेसा एक्ट। पेशा अधिनियम। इसका क्या चक्कर

[02:17:03] है? लक्ष्मीकांत में तो बहुत ही जटिल भाषा

[02:17:06] है।

[02:17:06] पेशा अधिनियम यानी पंचायत एक्सटेंशन टू

[02:17:08] शेड्यूल्ड एरियाज एक्ट 1996। दिक्कत यह थी

[02:17:12] बेटा कि 73वां संविधान संशोधन अनुसूचित

[02:17:15] क्षेत्रों यानी आदिवासी इलाकों पर सीधे

[02:17:17] लागू नहीं होता था। उन आदिवासी क्षेत्रों

[02:17:20] की परंपराओं, संस्कृति और जल जंगल जमीन की

[02:17:23] रक्षा के लिए भूरिया समिति की सिफारिश पर

[02:17:25] 24 दिसंबर 1996 को संसद ने पेसा एक्ट

[02:17:29] पारित किया। यह भारत के 10 राज्यों में

[02:17:31] लागू है और हमारा प्यारा राजस्थान भी उन

[02:17:34] 10 राज्यों में शामिल है। इस एक्ट की सबसे

[02:17:36] बड़ी खासियत यह है कि इसमें ग्राम सभा को

[02:17:39] सबसे ज्यादा शक्तिशाली बनाया गया है। बिना

[02:17:41] ग्राम सभा की मंजूरी के इन आदिवासी

[02:17:43] क्षेत्रों में कोई भी सामाजिक या आर्थिक

[02:17:46] विकास की योजना लागू नहीं हो सकती और ना

[02:17:48] ही खनिजों का पट्टा दिया जा सकता है। एक

[02:17:51] सवाल बताओ पेशा अधिनियम 1996 के संबंध में

[02:17:54] क्या सही है? सर यह राजस्थान सहित भारत के

[02:17:57] 10 राज्यों में लागू है और इसका मुख्य

[02:17:59] उद्देश्य आदिवासी समुदायों की परंपराओं और

[02:18:02] रीति-रिवाजों का संरक्षण करना है।

[02:18:04] परफेक्ट पेसा एक्ट का मूल उद्देश्य ही

[02:18:06] जनजातीय या स्वशासन को मजबूत करना है।

[02:18:09] सर मान गए आपको। इतनी भारी-भरकम चीजें

[02:18:12] आपने दिमाग में कहानी की तरह बिठा दी।

[02:18:14] अच्छा सर अभी आपने आर्टिकल 243 के और 243

[02:18:18] आई की ट्रिक बताई थी। के से कौन कराएगा

[02:18:21] इलेक्शन और आई से इनकम? जरा राजस्थान के

[02:18:24] राज्य निर्वाचन आयोग और वित्त आयोग का

[02:18:26] लेटेस्ट डाटा भी बता दीजिए क्योंकि

[02:18:27] एग्जामिनर का कोई भरोसा नहीं वो आज की खबर

[02:18:30] कल एग्जाम में दे दे।

[02:18:32] यही तो एक स्मार्ट विद्यार्थी की निशानी

[02:18:34] है कनिष्क हमेशा करंट अफेयर से अपडेट

[02:18:36] रहना। चलो सबसे पहले बात करते हैं

[02:18:38] राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग यानी स्टेट

[02:18:41] इलेक्शन कमीशन की। इसका प्रावधान संविधान

[02:18:43] के अनुच्छेद 243 के में है। ये एक सिंगल

[02:18:47] मेंबर बॉडी है। राजस्थान में इसकी स्थापना

[02:18:49] जुलाई 1994 में हुई थी। राज्य निर्वाचन

[02:18:52] आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल यानी गवर्नर

[02:18:55] करते हैं। लेकिन इन्हें हटाने की

[02:18:56] प्रक्रिया हाईकोर्ट के जज के समान

[02:18:58] महाभियोग जैसी होती है। इनका मुख्य काम

[02:19:01] पंचायतों और नगर पालिकाओं के चुनाव

[02:19:03] शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। अब

[02:19:05] ध्यान से सुनना लेटेस्ट डाटा जो सीधा

[02:19:08] तुम्हारे एग्जाम में छपने वाला है।

[02:19:09] राजस्थान के प्रथम चुनाव आयुक्त थे श्री

[02:19:12] अमर सिंह राठौड़। लेकिन अभी हाल ही में 17

[02:19:14] सितंबर 2025 को राजस्थान के राज्यपाल यानी

[02:19:18] हरिभाऊ बागड़े जी ने एक नए राज्य मुख्य

[02:19:20] निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति की है। उनका

[02:19:22] नाम है श्री राजेश्वर सिंह श्री राजेश्वर

[02:19:25] सिंह। राजेश्वर सिंह 1989 बैच के एक

[02:19:27] रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं और इन्होंने

[02:19:30] श्री मधुकर गुप्ता का स्थान लिया है।

[02:19:32] राजस्थान राज्य निर्वाचन आयुक्तों की

[02:19:34] लिस्ट देखो। राज्य निर्वाचन आयुक्त स्टेट

[02:19:36] इलेक्शन कमिश्नर कार्यकाल टेन्योर एक श्री

[02:19:40] अमर सिंह राठौड़ 1994 से 2000 दो श्री

[02:19:44] एनआर भासिन 2000 से 2002 तीन श्री

[02:19:48] इंद्रजीत खन्ना 2002 से 2007 चार श्री ए

[02:19:52] के पांडे 208 से 2013 पांच श्री राम

[02:19:56] लुभाया 2013 से 2017 छह श्री प्रेम सिंह

[02:20:01] मेहरा 2017 से 2022 सात सात श्री मधुकर

[02:20:05] गुप्ता 2022 से सितंबर 2025 आठ श्री

[02:20:10] राजेश्वर सिंह 19 सितंबर 2025 से वर्तमान

[02:20:14] यानी करंट कनिष्क बताओ सितंबर 2025 में

[02:20:17] राजस्थान के नए मुख्य राज्य निर्वाचन

[02:20:19] आयुक्त के रूप में किसे नियुक्त किया गया

[02:20:21] है?

[02:20:22] सर एकदम लेटेस्ट न्यूज़ है श्री राजेश्वर

[02:20:24] सिंह जिन्होंने मधुकर गुप्ता का स्थान

[02:20:26] लिया।

[02:20:27] बहुत खूब। राजेश्वर सिंह जी का नाम घोट कर

[02:20:29] पी जाना यह सवाल छपने वाला है।

[02:20:32] वाओ सितंबर 2025 का एकदम फ्रेश अपडेट श्री

[02:20:36] राजेश्वर सिंह सर अब राज्य वित्त आयोग का

[02:20:38] भी बता दीजिए। अनुच्छेद 243 आई

[02:20:41] बिल्कुल राज्य वित्त आयोग स्टेट फाइनेंस

[02:20:44] कमीशन। इसका गठन हर 5 साल में राज्यपाल

[02:20:47] यानी गवर्नर द्वारा किया जाता है। इसका

[02:20:49] मुख्य काम है राज्य सरकार और पंचायतों के

[02:20:52] बीच करों का बंटवारा तय करना और पंचायतों

[02:20:54] को वित्तीय अनुदान यानी ग्रांट्स इन एड की

[02:20:57] सिफारिश करना।

[02:20:58] सर पंचायती राज के कामकाज और बैठकों के

[02:21:00] बारे में तो समझ आ गया लेकिन पंचायतों को

[02:21:03] पैसा कहां से मिलता है? मैंने सुना है कि

[02:21:05] इसके लिए वित्त आयोग बनता है। राजस्थान

[02:21:08] में अब तक कितने वित्त आयोग बन चुके हैं

[02:21:10] और उनके अध्यक्ष कौन रहे हैं? इससे भी तो

[02:21:13] बहुत सवाल आते हैं। बिल्कुल सही दिशा में

[02:21:15] सोच रहे हो कनिष्क? पंचायतों के वित्तीय

[02:21:17] सशक्तिकरण के लिए राज्य वित्त आयोग बहुत

[02:21:20] महत्वपूर्ण है। राजस्थान में अब तक कुल छह

[02:21:22] राज्य वित्त आयोग बन चुके हैं। छह वित्त

[02:21:25] आयोगों की एक खूबसूरत लिस्ट देखो। आयोग

[02:21:28] अध्यक्ष कार्यकाल अवधि। प्रथम श्री कृष्ण

[02:21:31] कुमार गोयल 1995 से 2000 द्वितीय श्री

[02:21:34] हीरालाल देवपुरा 2000 से 2005 तृतीय श्री

[02:21:38] माणिकचंद सुराणा 2005 से 2010 चतुर्थ डॉ

[02:21:42] बी डी कल्ला 2010 से 2015 पंचम डॉ ज्योति

[02:21:46] किरण 2015 से 2020 छठा श्री प्रद्युम्न

[02:21:50] सिंह 2020 से 2025

[02:21:52] सर कार्यकाल याद रखना तो बहुत आसान लग रहा

[02:21:55] है। पहला 1995 में शुरू हुआ और हर आयोग का

[02:21:59] कार्यकाल पांच-प साल का है। 1995 से 2000

[02:22:02] 2000 से 2005 और यह सीधा 2025 तक चला आ

[02:22:06] रहा है।

[02:22:07] एकदम सही पकड़ा। अवधि में तुम्हें कोई

[02:22:10] कंफ्यूजन नहीं होगा। बस 1995 याद रखो और

[02:22:13] +5 करते जाओ।

[02:22:14] लेकिन सर इन छह अध्यक्षों के नाम

[02:22:16] क्रमानुसार कैसे याद रखूं? क्या इसके लिए

[02:22:19] भी कोई रामबाण सूत्र है? बिल्कुल है। इन

[02:22:22] नामों को याद रखने के लिए बस एक छोटा सा

[02:22:24] और खूबसूरत वाक्य याद कर लो। कृष्ण के

[02:22:26] हीरे और माणिक की कला से ज्योति प्रज्वलित

[02:22:29] हुई।

[02:22:29] वाह यह वाक्य तो किसी कहानी की तरह लग रहा

[02:22:32] है। चलिए मैं इसे डिकोड करने की कोशिश

[02:22:34] करता हूं। कृष्ण से प्रथम अध्यक्ष श्री

[02:22:37] कृष्ण कुमार गोयल हीरे से द्वितीय अध्यक्ष

[02:22:40] श्री हीरालाल देवपुरा माणिक से तृतीय

[02:22:43] अध्यक्ष श्री माणिकचंद सुराना कला से

[02:22:46] चतुर्थ अध्यक्ष डॉ बी डी कल्ला ज्योति से

[02:22:49] पंचम अध्यक्ष डॉ ज्योति किरण और आखिर में

[02:22:52] प्रज्वलित से श्री प्रद्युम्न सिंह छठे

[02:22:56] अध्यक्ष क्या मैंने सही समझा सर

[02:22:58] शानदार तुमने एकदम सटीक डिकोड किया कृष्ण

[02:23:02] हीरा माणिक कला ज्योति प्रद्युम्न

[02:23:05] प्रज्वलित। इस एक लाइन से तुम्हें

[02:23:07] अध्यक्षों का सही क्रम हमेशा याद रहेगा और

[02:23:09] कार्यकाल 1995 से 2025 तक तो तुम्हें पहले

[02:23:13] ही समझ आ गया है।

[02:23:14] सच में सर इस तरीके से तो पूरी लिस्ट एक

[02:23:17] बार में ही दिमाग में छप गई।

[02:23:18] सबसे महत्वपूर्ण है छठा वित्त आयोग यानी

[02:23:21] सिक्स्थ स्टेट फाइनेंस कमीशन। इसका गठन 12

[02:23:24] अप्रैल 2021 को किया गया। इसके अध्यक्ष

[02:23:26] हैं श्री प्रद्युम्न सिंह। इस आयोग में

[02:23:28] अध्यक्ष के अलावा अधिकतम चार सदस्य हो

[02:23:31] सकते हैं। लेकिन वर्तमान में इसमें दो

[02:23:33] सदस्य नियुक्त किए गए हैं। डॉ. अशोक

[02:23:35] लाहोटी और डॉ. लक्ष्मण सिंह रावत। कनिष्क

[02:23:38] बताओ राजस्थान के छठे राज्य वित्त आयोग के

[02:23:40] अध्यक्ष कौन है?

[02:23:41] सर टेबल देखकर और आपकी ट्रिक से तो कोई भी

[02:23:44] बता देगा। श्री प्रद्युम्न सिंह सर

[02:23:47] प्रद्युम्न सिंह राजेश्वर सिंह धारा 85

[02:23:50] ग्राम विकास अधिकारी 1/10 कोरम सादिक अली

[02:23:54] समिति बी एजीएल ट्रिक सर मुझे सब कुछ याद

[02:23:57] हो गया है। ऐसा लग रहा है जैसे पंचायती

[02:23:59] राज का पूरा बेर एक्ट मेरे दिमाग में

[02:24:01] डाउनलोड हो गया है। आप सच में जादूगर हैं

[02:24:04] मान सर? जादूगर मैं नहीं जादूगर तो

[02:24:06] विद्यार्थियों की मेहनत है। जो विद्यार्थी

[02:24:09] सुबह 10:00 बजे मान एजुकेशन चैनल पर आकर

[02:24:11] अपना भविष्य सवारने के लिए तपस्या कर रहा

[02:24:13] है। असली जादूगर वो है। प्यारे

[02:24:15] विद्यार्थियों अगर आज की इस सिनेमैटिक

[02:24:17] क्लास में मजा आया हो और लगा हो कि मान सर

[02:24:20] ने पंचायती राज जैसे बोरिंग टॉपिक को हलवा

[02:24:22] बना दिया है तो सही समय है चैनल को

[02:24:24] सब्सक्राइब करें। वीडियो को लाइक करें और

[02:24:26] कमेंट बॉक्स में जाकर एक आग लगा देने वाला

[02:24:29] दिल छू लेने वाला कमेंट जरूर लिखें। आपका

[02:24:31] प्यार और आपके कमेंट्स ही मेरी असली ऊर्जा

[02:24:34] हैं। और हां, एक बार फिर याद दिला दूं,

[02:24:36] असली जंग एग्जाम हॉल में लड़ी जाती है और

[02:24:38] रिवीजन ही सफलता की असली चाबी है। तुरंत

[02:24:41] टेस्ट क्यू ऐप पर जाएं 360° टेस्ट सीरीज

[02:24:44] और सब्जेक्ट वाइज सिनेैटिक कोर्स ज्वाइन

[02:24:46] करना ना भूलें। वहां की वन लाइनर सीरीज

[02:24:48] आपके एग्जाम के लिए ब्रह्मास्त्र साबित

[02:24:50] होगी। राजस्थान जीके और इंडिया जीके का

[02:24:53] संपूर्ण सिनेमैटिक बैच शुरू हो चुका है।

[02:24:55] कम कीमत, कम समय और लाजवाब क्वालिटी

[02:24:58] जिन्हें ज्वाइन करके आप एग्जाम में सीधा

[02:25:00] सिलेक्शन ले सकते हैं। आज ही टेस्ट q ऐप

[02:25:02] डाउनलोड करें और अपनी जीत पक्की करें।

[02:25:05] सर, क्लास खत्म करने से पहले आपने वादा

[02:25:07] किया था कि लास्ट में 10 वन लाइनर

[02:25:10] प्रीवियस ईयर प्रश्न करवाएंगे ताकि हमारा

[02:25:12] पूरा रिवीजन हो जाए और हमारा कॉन्फिडेंस

[02:25:14] सातवें आसमान पर पहुंच जाए।

[02:25:16] बिल्कुल। मान सर जो कहते हैं वह जरूर करते

[02:25:18] हैं। तो स्क्रीन के उस पार बैठे सभी

[02:25:20] विद्यार्थियों कमर कस लो। तैयार हो जाओ

[02:25:23] रैपिड फायर राउंड के लिए। यह रहे 2020 से

[02:25:26] आज तक 2026 तक के टॉप 10 आरपीएससी सेकंड

[02:25:29] ग्रेड आरएएस, सीईटी और पीएसआई के वन लाइनर

[02:25:33] प्रश्न, जो आज की इस सिनेमैटिक स्क्रिप्ट

[02:25:35] से सीधे एग्जाम में टकराए हैं। तो क्या

[02:25:37] तैयार हो आज के टॉप 10 वन लाइनर

[02:25:39] पीवाईक्यूस के लिए?

[02:25:40] एकदम तैयार हूं सर। चलिए एक रैपिड फायर

[02:25:43] राउंड हो जाए। मैं देखता हूं मुझे कितना

[02:25:45] याद है।

[02:25:45] बहुत बढ़िया। तो पहला सवाल तुम्हारी

[02:25:47] स्क्रीन पर। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम

[02:25:50] 1994 की किस धारा में संशोधन करके ग्राम

[02:25:53] सेवक अभिव्यक्ति के स्थान पर ग्राम विकास

[02:25:55] अधिकारी यानी वीडियो प्रतिस्थापित किया

[02:25:57] गया है? आरपीएससी सेकंड ग्रेड सीईटी 2023।

[02:26:01] सर, यह धारा 89 सेक्शन 89 है।

[02:26:04] एकदम सटीक। दूसरा सवाल बताओ। ग्राम सभा की

[02:26:07] बैठक के लिए अनिवार्य कोरम कितना

[02:26:09] निर्धारित किया गया है? आरपीएससी सेकंड

[02:26:11] ग्रेड 2019 2022

[02:26:13] यह तो अभी पढ़ा था हमने कुल सदस्यों का

[02:26:15] 10वां भाग 110 ऑफ टोटल मेंबर्स

[02:26:18] शाबाश तीसरा प्रश्न बताओ राजस्थान में

[02:26:21] पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली की

[02:26:23] समीक्षा के लिए 1964 में किस समिति का गठन

[02:26:26] किया गया था? आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2017

[02:26:29] आरएएस

[02:26:30] 1964 में आई थी सादिक अली समिति सादिक अली

[02:26:33] कमेटी

[02:26:34] बिल्कुल चौथा सवाल बताओ राजस्थान पंचायती

[02:26:37] राज अधिनियम के तहत पंचायत समिति का

[02:26:39] प्रधान अपना इस्तीफा किसे सौंपता है आरएएस

[02:26:42] प्री और सेकंड ग्रेड

[02:26:43] प्रधान अपना इस्तीफा जिला प्रमुख को

[02:26:45] सौंपता है सर

[02:26:46] बहुत अच्छे पांचवा सवाल बताओ राजस्थान के

[02:26:49] छठे राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष किसे

[02:26:51] नियुक्त किया गया है सीईटी 2023 पीएसआई

[02:26:55] अपनी ट्रिक के हिसाब से प्रज्वलित यानी

[02:26:57] श्री प्रद्युम्न सिंह जी

[02:26:58] कमाल छठा प्रश्न बताओ पेसा अधिनियम 1996

[02:27:02] का मुख्य उद्देश्य क्या है? आरपीएससी

[02:27:05] सेकंड ग्रेड 2017

[02:27:06] सर इसका मुख्य उद्देश्य ट्राइबल

[02:27:08] कम्युनिटीज की परंपराओं और रीति रिवाजों

[02:27:10] का संरक्षण करना है।

[02:27:12] सही दिशा में हो? सातवां प्रश्न बताओ।

[02:27:14] पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा

[02:27:17] देने की वकालत सबसे पहले किस समिति ने की

[02:27:19] थी? आरपीएससी ग्रेड टू आरएएस। अ बी ए जी

[02:27:23] एल सूत्र का एल एलएम सिंधवी समिति एलएम

[02:27:26] सिंघवी कमेटी 1986 ने

[02:27:29] एक्सीलेंट आठवां प्रश्न बहुत ताजा है। हाल

[02:27:32] ही में सितंबर 2025 में राजस्थान के नए

[02:27:34] मुख्य राज्य निर्वाचन आयुक्त यानी चीफ

[02:27:37] स्टेट इलेक्शन कमिश्नर के पद पर किसे

[02:27:39] नियुक्त किया गया है? एक्सपेक्टेड करंट

[02:27:40] अफेयर्स पीवाईक्यू 2026।

[02:27:43] यह तो करंट अफेयर्स का सॉलिड सवाल है।

[02:27:45] श्री राजेश्वर सिंह।

[02:27:46] इसे अच्छे से याद रखना। नौवां सवाल बताओ।

[02:27:49] संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्य

[02:27:51] निर्वाचन आयोग यानी स्टेट इलेक्शन कमीशन

[02:27:54] का प्रावधान किया गया है? आरपीएससी

[02:27:56] पीएसआई।

[02:27:57] सर, यह प्रावधान अनुच्छेद 243 के आर्टिकल

[02:28:00] 243 के तहत किया गया है।

[02:28:02] बिल्कुल सही। और आज का आखिरी मास्टर

[02:28:05] स्ट्रोक प्रश्न राजस्थान में ग्राम पंचायत

[02:28:07] का सरपंच अपना त्यागपत्र किसे देता है?

[02:28:09] आरपीएससी सेकंड ग्रेड वीडियो।

[02:28:12] सरपंच अपना त्यागपत्र विकास अधिकारी विकास

[02:28:14] अधिकारी बीडीओ को देता है।

[02:28:16] बहुत शानदार कनिष्क। तुमने इन टॉप 10

[02:28:19] पीवाईक्यूस का रैपिड फायर एकदम सही तरीके

[02:28:21] से क्रैक कर लिया। अब परीक्षा में पंचायत

[02:28:24] राज से कोई भी सवाल आ जाए तुम्हारी जीत

[02:28:26] पक्की है।

[02:28:27] वाह मान सर आज तो सच में मजा आ गया।

[02:28:30] क्या हुआ बेटा कनिष्क? ये किताबों का

[02:28:32] कुतुब मीनार बनाकर क्यों बैठी हो? और यह

[02:28:35] माथे पर इतनी सिलवटें क्या सिलेबस तुम्हें

[02:28:37] डरा रहा है।

[02:28:39] मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा। यह राजस्थान

[02:28:41] की पॉलिटी और उसमें भी ये सिक्स चैप्टर

[02:28:43] शहरी स्थानीय स्वशासन इतने सारे

[02:28:45] आर्टिकल्स, इतने सारे आंकड़े, नगर निगम,

[02:28:48] नगर परिषद मेरा तो दिमाग हैंग हो गया है।

[02:28:51] मुझे लगता है मेरा सिलेक्शन नहीं होगा मान

[02:28:54] सर मैं हार मान रही हूं।

[02:28:55] हार? वो भी मेरी क्लास का स्टूडेंट होकर।

[02:28:58] बिल्कुल नहीं। बेटा, जब तक तुम्हारा यह

[02:29:00] बड़ा भाई तुम्हारे साथ खड़ा है, मजाल है

[02:29:03] जो कोई भी टॉपिक तुम्हें डरा दे। मेरे

[02:29:05] प्यारे छोटे भाई बहनों रोज सुबह 10:00 बजे

[02:29:07] मान एजुकेशन YouTube चैनल पर हमारी वीडियो

[02:29:10] आ रही है। तैयार रहा करो और वादा है मेरा

[02:29:12] यह पढ़ाई नहीं एक फिल्म होगी और एग्जाम

[02:29:15] में जब बैठोगे तो पेपर सेटर भी सोचेगा कि

[02:29:17] यार यह मान सर के स्टूडेंट्स इतना सटीक

[02:29:20] कैसे टिक कर रहे हैं। आज की क्लास सबसे

[02:29:22] लाजवाब क्लास बनने वाली है।

[02:29:24] सच में मान सर लेकिन यह सारा कंटेंट यह

[02:29:27] एनसीईआरटी आरबीएससी एम लक्ष्मीकांत बेयर

[02:29:30] एक्ट यह सब कैसे होगा? अरे बेटा जब मान सर

[02:29:33] आते हैं तो पूरा ब्रह्मास्त्र साथ लेकर

[02:29:35] आते हैं। कंटेंट के सोर्स की तुम चिंता ही

[02:29:38] मत करो। आज की इस क्लास में हम जो भी

[02:29:40] पढ़ेंगे वो सब एनसीईआरटी, आरबीएसई, मूल

[02:29:42] किताबों और प्रीवियस ईयर प्रश्न का एकदम

[02:29:45] शुद्ध निचोड़ है। और तुम सबके लिए जो भी

[02:29:47] सेल्फ स्टडी कर रहा है या कहीं से भी

[02:29:49] कोचिंग कर रहा है उनके लिए एक ऐसा कैप्सूल

[02:29:52] तैयार किया है जिसे खाकर एग्जाम हॉल में

[02:29:54] जाओगे तो टॉप रैंक पक्की है।

[02:29:56] कौन सा कैप्सूल सर? जल्दी बताइए ना। मुझसे

[02:29:58] और सस्पेंस बर्दाश्त नहीं हो रहा। यह है

[02:30:01] हमारी 777

[02:30:03] वन लाइनर प्रश्न वाली पीडीएफ। इसे

[02:30:05] आरपीएससी टॉपर्स द्वारा दिन रात की मेहनत

[02:30:08] से बनाया गया है। इसमें पूरे सिलेबस को

[02:30:10] टॉपिक वाइज तैयार किया गया है ताकि तुम

[02:30:12] लोगों को रिवीजन करने में आसानी हो।

[02:30:14] चलिए शुरू करते हैं आज की ब्लॉकबस्टर

[02:30:16] फिल्म शहरी स्थानीय स्वशासन और उसका

[02:30:19] प्रशासन यानी अर्बन लोकल सेल्फ गवर्नमेंट

[02:30:22] एंड इट्स एडमिनिस्ट्रेशन। सर मुझे सबसे

[02:30:25] पहले यह बताइए यह नगर पालिका, नगर निगम

[02:30:28] क्या यह शुरू से हमारे देश में थे या

[02:30:30] अंग्रेजों ने हमें दिए?

[02:30:31] बहुत ही शानदार सवाल बेटा। देखो अगर हम

[02:30:34] मॉडर्न इंडिया की बात करें तो शहरी

[02:30:36] स्थानीय स्वशासन यानी अर्बन लोकल

[02:30:38] गवर्नमेंट का जनक अंग्रेजों को ही माना

[02:30:40] जाता है। 1687 में मद्रास में पहला नगर

[02:30:43] निगम यानी म्यनिसिपल कॉरपोरेशन बना था।

[02:30:46] लेकिन जिस व्यक्ति को भारत में स्थानीय

[02:30:47] स्वशासन का पिता यानी फादर ऑफ लोकल सेल्फ

[02:30:50] गवर्नमेंट कहा जाता है वो है लॉर्ड रिपन

[02:30:53] जिसने 1882 में एक प्रस्ताव पेश किया था।

[02:30:56] अच्छा लेकिन सर हमारे राजस्थान में इसकी

[02:30:58] शुरुआत कैसे और कब हुई? क्या राजा

[02:31:00] महाराजाओं के टाइम पर भी नगरपालिका होती

[02:31:03] थी?

[02:31:03] बिल्कुल। और यहीं से बनता है एग्जाम का

[02:31:06] पहला और सबसे फेवरेट क्वेश्चन। अंग्रेजों

[02:31:08] के प्रभाव में आकर राजस्थान की कुछ

[02:31:10] रियासतों ने इसे अपनाया। राजस्थान में

[02:31:12] सबसे पहली नगर पालिका की स्थापना 1864 में

[02:31:15] माउंट आबू में हुई थी। ध्यान रखना 1864

[02:31:18] माउंट आबू।

[02:31:20] साल 2024 में सीईटी के एग्जाम में और हाल

[02:31:23] ही में राजस्थान के कई एग्जाम्स में यह

[02:31:25] प्रश्न आया था। राजस्थान में प्रथम नगर

[02:31:28] पालिका की स्थापना कहां और कब हुई थी? सर,

[02:31:30] इसका जवाब है माउंट आबू में 1864 में।

[02:31:34] शाबाश मेरी शेरनी। इसके बाद तो ब्यावर,

[02:31:37] 1867, जयपुर, 1869 और अजमेर वगैरह में भी

[02:31:40] नगरपालिकाएं बनी। आजादी के बाद पूरे

[02:31:43] राजस्थान के लिए एक 1951 में एक एक्ट बना।

[02:31:46] फिर 1959 में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम

[02:31:49] यानी राजस्थान म्युनिसिपालिटीज एक्ट 1959

[02:31:52] आया। लेकिन बेटा, असली मजा और असली

[02:31:55] संविधान तो तब लागू हुआ, जब 74 अमेंडमेंट

[02:31:58] हुआ।

[02:31:58] सर, यह 74 वां संविधान संशोधन क्या है?

[02:32:01] मैंने इसके बारे में बहुत सुना है लेकिन

[02:32:03] यह आर्टिकल्स मुझे याद नहीं होते।

[02:32:05] बेटा कनिष्क 73वां संशोधन पंचायतों यानी

[02:32:08] रूरल के लिए था और 74वां संविधान संशोधन

[02:32:11] अधिनियम 1992 शहरों के लिए था। इस संशोधन

[02:32:14] ने शहरी स्थानीय निकायों यानी यूएलबीस को

[02:32:17] संवैधानिक दर्जा कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस

[02:32:19] दे दिया। यह 1 जून 1993 को पूरे देश में

[02:32:22] लागू हुआ था। इसके तहत संविधान में एक नया

[02:32:24] भाग जोड़ा गया। भाग 9 ए, पार्ट 9 ए और

[02:32:27] इसमें कुल 18 नए आर्टिकल्स जोड़े गए।

[02:32:29] आर्टिकल 243 पी से लेकर आर्टिकल 243 जेड

[02:32:33] जी तक साथ ही संविधान में 12वीं अनुसूची

[02:32:35] यानी 12th शेड्यूल जोड़ी गई।

[02:32:37] सर इस 12वीं अनुसूची में क्या है? कोई

[02:32:40] खाने-पीने की लिस्ट है क्या?

[02:32:42] अरे भुक्कड़ इसमें खाने की लिस्ट नहीं काम

[02:32:45] की लिस्ट है। 12वीं अनुसूची में नगर

[02:32:47] पालिकाओं को काम करने के लिए 18 विषय, 18

[02:32:49] फंक्शनल आइटम्स दिए गए हैं। जैसे शहर की

[02:32:52] प्लानिंग करना, सड़कें बनाना, साफ सफाई,

[02:32:54] जन्म मृत्यु का रजिस्ट्रेशन और आवारा

[02:32:57] पशुओं को पकड़ना। अरे वाह मतलब मेरे घर के

[02:32:59] बाहर जो स्ट्रीट लाइट लगी है वो इन्हीं 18

[02:33:02] विषयों में से एक है।

[02:33:03] बिल्कुल सही पकड़े हो। अब देखो बेटा

[02:33:06] पीवाईक्यू अलर्ट साल 2021 में आरएस प्री

[02:33:09] और 2023 में आरपीएससी सेकंड ग्रेड में

[02:33:11] सीधा-सीधा प्रश्न पूछा गया था। 74वें

[02:33:13] संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान

[02:33:16] की 12वीं अनुसूची के तहत नगरपालिकाओं को

[02:33:18] कितने कार्यात्मक विषय सौंपे गए थे? क्या

[02:33:21] तुम बता सकती हो? सर यह तो बहुत आसान है।

[02:33:24] 18 विषय सर यह भाग 9 ए नगरपालिका वाले

[02:33:28] आर्टिकल्स आर्टिकल 243 पी से लेकर 243 जेड

[02:33:32] जी तक इतने सारे हैं कि दिमाग का पूरा

[02:33:34] रायता बन गया है। रट रट कर थक गई हूं। सब

[02:33:37] मिक्स हो जाता है। कुछ ऐसा बताइए ना कि एक

[02:33:40] बार में छप जाए दिमाग में।

[02:33:42] लाजवाब। अब आते हैं सबसे खतरनाक हिस्से

[02:33:44] पर। यह जो आर्टिकल 243p से 243 जेड जी तक

[02:33:47] हैं, इन्हें देखकर अच्छे-अच्छों के पसीने

[02:33:50] छूट जाते हैं। लेकिन आज आज हम इन्हें ऐसे

[02:33:52] याद करेंगे कि तुम चाहकर भी भूल नहीं

[02:33:54] पाओगी।

[02:33:55] कैसे सर? कोई मैजिक है क्या?

[02:33:57] मैजिक नहीं बेटा इसे कहते हैं मानसर की

[02:33:59] ट्रिक। चलो दिल थाम कर बैठो और मेरी इस

[02:34:01] कहानी और इंग्लिश के अल्फाबेट्स को अपने

[02:34:03] दिमाग में सेट कर लो। तो सुनो, हम इंग्लिश

[02:34:05] के अल्फाबेट से पिटी के आर्टिकल्स याद

[02:34:07] करेंगे। शुरुआत करते हैं 243 पी से। पी से

[02:34:10] क्या होता है? पी फॉर परिभाषा यानी इस

[02:34:12] आर्टिकल में नगरपालिकाओं की परिभाषाएं दी

[02:34:15] गई हैं। अब बताओ पी के बाद क्या आता है?

[02:34:17] क्यू। क्यू से क्या याद रखें?

[02:34:19] क्यू से क्वेश्चन

[02:34:21] नहीं। इसे कहेंगे क्यू इंस्टीट्यूशन गठन

[02:34:24] या संविधान। यानी आर्टिकल 243 क्यू में है

[02:34:26] नगरपालिकाओं का गठन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ

[02:34:29] म्युनिसिपालिटीज। और जब गठन होगा तो उसकी

[02:34:31] कोई रचना भी होगी। तो आर से क्या हुआ?

[02:34:34] आर फॉर रचना। यानी आर्टिकल 243 में है

[02:34:37] नगरपालिकाओं की संरचना।

[02:34:39] बिल्कुल सटीक। अब रचना हो गई तो काम करने

[02:34:42] के लिए छोटी-छोटी समितियां चाहिए। तो 243

[02:34:44] एस में है एस फॉर समिति यानी वार्ड

[02:34:46] समितियों का गठन। अच्छा कनिष्क अब बताओ

[02:34:49] चुनाव का समय है। चुनाव लड़ने के लिए

[02:34:51] नेताओं को सबसे पहले क्या चाहिए होगा?

[02:34:53] सर टिकट बिना टिकट के चुनाव कैसे लड़ेंगे?

[02:34:56] एकदम सही पकड़े हैं। 243 टी मतलब टी फॉर

[02:34:59] टिकट और पॉलिटी में टिकट का मतलब है सीटों

[02:35:01] का आरक्षण। एससी और एसटी और महिलाओं के

[02:35:04] लिए रिजर्वेशन।

[02:35:05] वाओ सर, पी क्यू आर एस टी तो ऐसे याद हो

[02:35:07] गया जैसे कोई गाना हो। आगे का क्या है?

[02:35:10] पिक्चर अभी बाकी है। चुनाव हो गया। अब

[02:35:12] अंपायर समय बताएगा कि तुम कितने साल

[02:35:14] खेलोगे। तो, 243 u मतलब यू फॉर अंपायर्स

[02:35:17] टाइम यानी नगरपालिकाओं का कार्यकाल।

[02:35:19] ड्यूरेशन 5 साल। लेकिन अगर किसी ने

[02:35:21] बेईमानी की तो वह वॉइड हो जाएगा। 243 वी

[02:35:24] मतलब वी फॉर वॉइड या वीटो यानी सदस्यता के

[02:35:27] लिए अयोग्यता। डिसक्वालिफिकेशंस। अब जो

[02:35:29] योग्य हैं वह काम करेंगे। 243 डब्ल्यू

[02:35:32] मतलब डब्ल्यू फॉर वर्क। नगरपालिका के पास

[02:35:34] कितनी शक्तियां और काम हैं? पूरे 18 काम।

[02:35:37] अरे वाह। और सर काम करने के लिए पैसा

[02:35:39] चाहिए तो टैक्स तो लगाना ही पड़ेगा।

[02:35:41] तुम तो मेरे बोलने से पहले ही समझ गई। 243

[02:35:44] एक्स मतलब एक्स्ट्रा टैक्स यानी टैक्स

[02:35:46] लगाने की शक्ति। पावर टू इंपोज टैक्सेस और

[02:35:49] राज्य सरकार भी तो विकास के लिए पैसा

[02:35:51] देगी। 243 व मतलब वाई फॉर यील्ड पैसा या

[02:35:54] उत्पादन। यह है हमारा राज्य वित्त आयोग।

[02:35:56] सर, पैसा आ गया, टैक्स भी लग गया। अब कहीं

[02:35:59] भ्रष्टाचार या घोटाला ना हो जाए। इसीलिए

[02:36:02] तो हमारे पास 243 Z है। Z और जीरो एरर

[02:36:05] यानी खातों में कोई गलती ना हो इसलिए

[02:36:07] खातों का सम परीक्षा या ऑडिट ऑफ अकाउंट्स।

[02:36:10] हम सर Z तक तो दिमाग में एकदम प्रिंट हो

[02:36:13] गया है। लेकिन ये Z ए ZB इनका क्या करें?

[02:36:17] यह सबसे आसान है। Z के बाद फिर से ए बी सी

[02:36:19] चलेगा। 243 Z ए मतलब Z ए फॉर Z इलेक्शंस

[02:36:23] यानी चुनाव। यहां नगरपालिकाओं के लिए

[02:36:25] निर्वाचन। स्टेट इलेक्शन कमीशन की बात है।

[02:36:28] 243 ZB और ZC को एक साथ याद रखो। ZB एंड

[02:36:31] ZC यूटीज एंड कंट्रोल मतलब संघ राज्य

[02:36:34] क्षेत्रों यूनियन टेरिटरीज पर लागू होना

[02:36:36] और कुछ क्षेत्रों को छूट। अब बताओ जिले के

[02:36:39] विकास के लिए क्या चाहिए?

[02:36:40] जिला योजना समिति।

[02:36:42] परफेक्ट। 243 जेड डी फॉर जिला डेवलपमेंट

[02:36:45] यानी जिला योजना समिति। और अगर शहर बहुत

[02:36:47] बड़ा हो महानगर हो तो क्या होगा? 243 जेड

[02:36:50] ई मतलब जेड एक्स्ट्रा यानी महानगर यानी

[02:36:53] मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग कमिटी।

[02:36:54] और सर आखिरी के दो zf और जेड जी

[02:36:57] अंत भला तो सब भला। 243 ZF एंड ZG मतलब ZF

[02:37:02] एंड ZG फाइनल एंड गैग। फाइनल का मतलब है

[02:37:05] पुराने कानूनों का अंत तक बना रहना। और

[02:37:07] गैग का मतलब है चुनावी मामलों में कोर्ट

[02:37:09] के हस्तक्षेप पर रोक। बार टू इंटरफेरेंस

[02:37:11] बाय कोर्ट्स।

[02:37:12] सर सच में आज तो इन आर्टिकल्स का ऐसा

[02:37:15] शानदार पोस्टमार्टम हुआ है कि अब

[02:37:17] एग्जामिनर कहीं से भी घुमा कर पूछ ले। मान

[02:37:20] सर की ट्रिक से मेरा एक भी सवाल गलत नहीं

[02:37:22] होगा।

[02:37:23] यही तो मैं चाहता था। पढ़ाई को कभी बोझ मत

[02:37:25] बनाओ। उसे खेल बनाओ, ट्रिक्स बनाओ और

[02:37:27] एंजॉय करो। चलो अब इसी बात पर यह क्विक

[02:37:29] रिवीजन टेबल अपनी कॉपी में उतार लो। अब

[02:37:31] ध्यान से सुनना बेटा कनिष्क मैं एक-एक

[02:37:34] करके इनकी बखिया उधेड़ता हूं। आर्टिकल 243

[02:37:37] पी पी फॉर परिभाषा। इसमें परिभाषाएं हैं

[02:37:41] कि महानगर क्षेत्र क्या होगा? नगरपालिका

[02:37:43] क्या होगी? आर्टिकल 243 क्यू क्यू फॉर

[02:37:46] क्यू इंस्टीिट्यूशन गठन। बेटा यह बहुत

[02:37:49] महत्वपूर्ण है। अनुच्छेद 243 क्यू के

[02:37:52] अनुसार तीन तरह की नगरपालिकाएं बनेंगी।

[02:37:54] नगर पंचायत उस क्षेत्र के लिए जो गांव से

[02:37:57] शहर बन रहा है। संक्रमण कालीन क्षेत्र

[02:38:00] ट्रांजिशनल एरिया। राजस्थान में इसे नगर

[02:38:02] पालिका बोर्ड कहते हैं। नगर परिषद छोटे

[02:38:05] शहरी क्षेत्रों के लिए। नगर निगम बड़े

[02:38:08] महानगरों के लिए।

[02:38:09] सर यह तो बहुत आसानी से याद हो गया। गांव

[02:38:12] से शहर बने तो पंचायत, छोटे शहर में परिषद

[02:38:15] और बड़े शहर में निगम।

[02:38:16] बिल्कुल। टी से याद रखना टिकट यानी

[02:38:19] आरक्षण। इसमें एससी और एसटी को उनकी

[02:38:22] जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलता है।

[02:38:24] और सबसे जरूरी बात महिलाओं के लिए कम से

[02:38:27] कम 1/3 सीटें आरक्षित होंगी। लेकिन बेटा

[02:38:30] हमारा राजस्थान बहुत प्रगतिशील है।

[02:38:32] राजस्थान सरकार ने महिलाओं के लिए इसे

[02:38:34] बढ़ाकर 50% कर दिया है। यू फॉर अंपायर्स

[02:38:38] टाइम यानी कार्यकाल। अंपायर का टाइम फिक्स

[02:38:40] होता है। वैसे ही नगरपालिका का कार्यकाल

[02:38:43] पहली बैठक से 5 साल का होता है।

[02:38:45] सर अगर 5 साल से पहले ही नगर पालिका भंग

[02:38:48] हो जाए तब क्या होगा?

[02:38:50] वाह एकदम टॉपर वाला सवाल पूछा है तुमने।

[02:38:52] पीवाईक्यू अलर्ट। साल 2020 में रीट और

[02:38:55] आरपीएससी सेकंड ग्रेड में यह सवाल आया था

[02:38:58] कि यदि एक नगरपालिका या पंचायत भंग कर दी

[02:39:01] जाती है तो चुनाव कितने समय के भीतर कराए

[02:39:03] जाने हैं? बेटा इसका जवाब है 6 महीने के

[02:39:06] भीतर। अगर नगरपालिका भंग होती है तो 6

[02:39:09] महीने में नए चुनाव अनिवार्य हैं।

[02:39:11] जी सर समझ गई।

[02:39:12] वी फॉर वॉइड यानी अयोग्यता। अगर कोई सदस्य

[02:39:15] गड़बड़ करता है तो उसकी सदस्यता वॉइड कर

[02:39:17] दी जाएगी। डब्ल्यू फॉर वर्क यानी शक्तियां

[02:39:20] और कार्य। 12वीं अनुसूची में जो 18 काम

[02:39:23] दिए गए हैं, वह इसी अनुच्छेद 243 डब्ल्यू

[02:39:26] के तहत दिए गए हैं। एक्स फॉर एक्स्ट्रा

[02:39:28] टैक्स। नगरपालिकाओं को टैक्स लगाने की

[02:39:31] शक्ति मिलती है। वाई फॉर यील्ड यानी राज्य

[02:39:34] वित्त आयोग। यल्ड का मतलब होता है पैदावार

[02:39:37] या पैसा। पैसों का हिसाब कौन रखेगा? राज्य

[02:39:40] वित्त आयोग यानी स्टेट फाइनेंस कमीशन। यह

[02:39:42] आयोग हर 5 साल में राज्यपाल द्वारा बनाया

[02:39:45] जाता है ताकि नगरपालिकाओं की वित्तीय

[02:39:47] स्थिति सुधारी जा सके। जेड फॉर जीरो एरर

[02:39:50] यानी ऑडिट। खातों में जीरो एरर होना

[02:39:53] चाहिए। इसलिए ऑडिट की व्यवस्था। ZA फॉर Z

[02:39:56] इलेक्शंस यानी राज्य निर्वाचन आयोग।

[02:39:58] नगरपालिकाओं के चुनाव कौन करवाएगा? राज्य

[02:40:01] निर्वाचन आयोग। आर्टिकल 243 जेड डी जेड डी

[02:40:05] फॉर जिला डेवलपमेंट जिला योजना समिति

[02:40:08] कनिष्क और मेरे सभी वीडियो देखने वाले

[02:40:10] स्टूडेंट्स इस आर्टिकल को अपने दिमाग में

[02:40:12] टैटू करवा लो। यह आरपीएससी का सबसे दुलारा

[02:40:15] आर्टिकल है।

[02:40:15] ऐसा क्या है सर इस 243 जेड डी में? बेटा

[02:40:18] 243 जेड डी में जिला योजना समिति यानी

[02:40:21] डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमेटी का प्रावधान

[02:40:23] है। पूरे जिले में जो गांव यानी पंचायतें

[02:40:25] हैं और जो शहर यानी नगर पालिकाएं हैं उन

[02:40:28] दोनों की योजनाओं को मिलाकर पूरे जिले के

[02:40:31] लिए एक ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान बनाने का

[02:40:33] काम यह समिति करती है।

[02:40:34] सर, इसके बारे में थोड़ा डिटेल में बताइए

[02:40:36] ना। मुझे लग रहा है यहां से पक्का

[02:40:38] क्वेश्चन आएगा।

[02:40:39] बिल्कुल आएगा। इस डीपीसी के बारे में हम

[02:40:41] आगे और गहराई से बात करेंगे क्योंकि इसका

[02:40:44] एक-एक डाटा एग्जाम में छपता है। आर्टिकल

[02:40:46] 243 जेड ई महानगर योजना समिति जो बड़े

[02:40:50] महानगर हैं उनके लिए महानगर योजना समिति

[02:40:53] और अंत में 243 जेड एफ और जेड जी जिसमें

[02:40:56] कोर्ट के हस्तक्षेप पर रोक है।

[02:40:58] वाह मान सर आज तो मजा आ गया। पी से लेकर

[02:41:01] ज़ेड जी तक पूरा एबी सीडी की तरह याद हो

[02:41:03] गया। मान सर की ट्रिक सच में जादू है।

[02:41:06] स्टूडेंट्स आप लोग भी कमेंट बॉक्स में

[02:41:08] लिखकर बताओ कि आपको यह ट्रिक कैसी लगी और

[02:41:10] वीडियो को तुरंत लाइक करो।

[02:41:11] कनिष्का संविधान तो हमने पढ़ लिया। अब बात

[02:41:14] करते हैं हमारे प्यारे रंगीले राजस्थान

[02:41:16] की। एग्जामिनर तुमसे लेटेस्ट डाटा पूछेगा।

[02:41:19] ध्यान रखना बेटा, 2024, 2025 में बहुत

[02:41:22] सारे जिलों का परिसीमन और पुनर्गठन हुआ

[02:41:24] है। राजस्थान में वर्तमान में 2026 तक के

[02:41:27] अपडेटेड आंकड़ों के अनुसार कुल 309 शहरी

[02:41:30] स्थानीय निकाय काम कर रहे हैं।

[02:41:32] 309 सर इनका बंटवारा कैसे है?

[02:41:34] बेटा इसे ऐसे समझो। नगर निगम यानी

[02:41:37] म्युनिसिपल कॉरपोरेशंस 10, नगर परिषद यानी

[02:41:40] म्यनिसिपल काउंसिल्स लगभग 51, नगर

[02:41:43] पालिकाएं यानी म्यनिसिपल बोर्ड्स या

[02:41:45] पंचायत लगभग 248। अब यहां एक बहुत बड़ा

[02:41:48] कैच है। पहले राजस्थान में जयपुर, जोधपुर

[02:41:51] और कोटा में दो-दो नगर निगम हुआ करते थे।

[02:41:53] जैसे जयपुर हेरिटेज और जयपुर ग्रेटर।

[02:41:56] लेकिन हाल ही में प्रशासनिक पुनर्गठन के

[02:41:58] बाद इन शहरों में फिर से एक-एक ही नगर

[02:42:00] निगम कर दिया गया है। तो अब 13 की जगह

[02:42:03] राजस्थान में फिर से 10 नगर निगम हो गए

[02:42:05] हैं।

[02:42:05] सर, ये 10 नगर निगम कौन-कौन से शहरों में

[02:42:08] है?

[02:42:08] सुनो और याद करो। अजमेर, अलवर, भरतपुर,

[02:42:12] भीलवाड़ा, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा,

[02:42:16] पाली, उदयपुर। पीवाईक्यू देखो। साल

[02:42:19] 2025-26 के लेटेस्ट एग्जाम्स आरएएस या

[02:42:21] सीईटी में पूछा जा सकता है कि राजस्थान

[02:42:23] में वर्तमान में कितने नगर निगम हैं? तो

[02:42:26] तुम्हें 13 पर टिक नहीं करना है। सही जवाब

[02:42:28] है 10 नगर निगम।

[02:42:29] सर, अभी आपने आर्टिकल 243 जेड डी में जिला

[02:42:33] योजना समिति के बारे में बताया था। मुझे

[02:42:35] इसके मेंबर्स को लेकर बहुत कंफ्यूजन रहता

[02:42:37] है। क्या कलेक्टर इसका अध्यक्ष होता है?

[02:42:40] यही तो एग्जामिनर का सबसे बड़ा जाल है

[02:42:42] बेटा और 90% बच्चे इसी जाल में फंसते हैं।

[02:42:45] कान खोल कर सुनना मेरी बात। संविधान के

[02:42:48] अनुच्छेद 243 जेड डी के तहत डीपीसी का

[02:42:50] प्रावधान है। राजस्थान में इसे राजस्थान

[02:42:53] पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 121

[02:42:57] यानी सेक्शन 21 के तहत शामिल किया गया है।

[02:43:00] अब आते हैं इसकी संरचना यानी कंपोजिशन पर।

[02:43:02] राजस्थान में जिला योजना समिति में कुल 25

[02:43:05] सदस्य यानी 25 मेंबर्स होते हैं। इन 25

[02:43:08] में से 20 सदस्य निर्वाचित यानी इलेक्टेड।

[02:43:10] यह सदस्य जिले के ग्रामीण क्षेत्रों,

[02:43:13] पंचायतों और शहरी क्षेत्रों, नगर पालिकाओं

[02:43:15] के निर्वाचित प्रतिनिधियों में से उनकी

[02:43:17] जनसंख्या के अनुपात में चुने जाते हैं।

[02:43:19] पांच सदस्य पदेन, मनोनीत यानी एक्स

[02:43:22] ऑफिसियो। इनमें जिला कलेक्टर, जिला परिषद

[02:43:25] का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ, उस

[02:43:28] क्षेत्र के सांसद यानी एमपी, विधायक या

[02:43:31] राज्य सरकार द्वारा नामित व्यक्ति शामिल

[02:43:33] होते हैं।

[02:43:33] ओके। टोटल 25 यानी 20 + 5 लेकिन सर इसका

[02:43:37] बॉस आई मीन अध्यक्ष कौन होता है?

[02:43:39] यही तो मास्टर स्ट्रोक है। ज्यादातर बच्चे

[02:43:41] सोचते हैं कि कलेक्टर जिले का मालिक है तो

[02:43:43] वही अध्यक्ष होगा। गलत। अब देखो पीवाईक्यू

[02:43:46] अलर्ट। साल 2022 के पीएसआई एग्जाम में

[02:43:50] 2023 के आरपीएससी सेकंड ग्रेड में और

[02:43:52] आरएएस 2016 में यह प्रश्न आ चुका है।

[02:43:54] प्रश्न था राजस्थान में जिला आयोजना समिति

[02:43:57] का अध्यक्ष कौन बनता है? यानी हु बिकम्स द

[02:43:59] चेयर पर्सन ऑफ डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमिटी

[02:44:01] इन राजस्थान और ऑप्शंस थे कलेक्टर, जिला

[02:44:04] परिषद का सीईओ, सांसद या जिला प्रमुख।

[02:44:07] सर, अभी आपने कहा कलेक्टर नहीं है तो क्या

[02:44:10] जिला प्रमुख होगा?

[02:44:11] बिल्कुल सही मेरी होनहार स्टूडेंट।

[02:44:13] राजस्थान में डीपीसी का अध्यक्ष जिला

[02:44:15] प्रमुख होता है यानी जिला प्रमुख यह

[02:44:18] लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सबसे खूबसूरत

[02:44:20] बात है कि एक चुना हुआ जनप्रतिनिधि ही

[02:44:22] जिले की योजना समिति का अध्यक्ष होता है

[02:44:25] ना कि कोई आईएएस ऑफिसर।

[02:44:26] सर अब तो मैं कभी नहीं भूलूंगी डीपीसी का

[02:44:29] चेयरमैन यानी जिला प्रमुख। सर यह तो

[02:44:32] संवैधानिक बात हो गई। लेकिन हमारे

[02:44:34] राजस्थान में इन नगर पालिकाओं को चलाने के

[02:44:36] लिए कोई अपना पर्सनल कानून भी है क्या?

[02:44:38] बेटा कनिष्का क्या बेहतरीन सवाल पूछा है

[02:44:41] तुमने? ऐसा लग रहा है जैसे तुम खुद पेपर

[02:44:43] सेट करने वाली हो। हां, राजस्थान में इन

[02:44:45] 309 यूएलबीस को चलाने के लिए जो वर्तमान

[02:44:48] कानून है उसका नाम है राजस्थान नगरपालिका

[02:44:50] अधिनियम 2009 यानी राजस्थान

[02:44:53] म्युनिसिपालिटीज एक्ट 2009। इस एक्ट को 11

[02:44:56] सितंबर 2009 को राज्यकाल की मंजूरी मिली

[02:44:59] थी। इस एक्ट में बहुत सारे अध्याय यानी

[02:45:01] चैप्टर्स हैं और धाराएं हैं। लेकिन हमें

[02:45:03] सेकंड ग्रेड के लिए गधा मजदूरी नहीं करनी

[02:45:05] है। हमें स्मार्ट स्टडी करनी है। मैं

[02:45:07] तुम्हें इसके कुछ सबसे इंपॉर्टेंट सेक्शंस

[02:45:08] बताता हूं जो सीधे एग्जाम में हिट करते

[02:45:10] हैं। धारा तीन यानी सेक्शन थ्री। इसमें

[02:45:13] नगरपालिकाओं के परिसीमन यानी डीलिमिटेशन

[02:45:16] की बात की गई है। सरकार किसी क्षेत्र को

[02:45:18] नगरपालिका घोषित कर सकती है या उसकी सीमा

[02:45:20] बदल सकती है। धारा छह यानी सेक्शन सिक्स।

[02:45:23] इसमें नगर पालिका की संरचना बताई गई है।

[02:45:26] धारा 42 यानी सेक्शन 42 इसमें लिखा है कि

[02:45:29] हर नगर पालिका में एक अध्यक्ष यानी चेयर

[02:45:32] पर्सन और एक उपाध्यक्ष यानी वाइस चेयर

[02:45:34] पर्सन होगा। धारा 53 यानी सेक्शन 53 यह

[02:45:37] बहुत मसालेदार धारा है। अगर अध्यक्ष ठीक

[02:45:40] से काम ना करें तो उसे हटाने के लिए

[02:45:42] अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया इसी

[02:45:44] धारा 53 में दी गई है। धारा 337 और 338

[02:45:48] में राज्य सरकार को नियम और उपनियम बनाने

[02:45:50] की बहुत बड़ी पावर दी गई है।

[02:45:52] मतलब सर संविधान ने पावर दी और इस 2009 के

[02:45:55] एक्ट ने उस पावर को जमीन पर लागू किया।

[02:45:58] सही कहा ना सर?

[02:45:59] 100 तके की बात कही तुमने। इसी एक्ट के

[02:46:01] तहत नगर पालिकाओं में अकाउंटिंग को

[02:46:03] पारदर्शी बनाने के लिए डबल एंट्री सिस्टम

[02:46:05] लागू किया गया और पर्यावरण को बचाने के

[02:46:07] लिए बायोेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियम भी

[02:46:10] इसी में है।

[02:46:10] सर काम तो इतने सारे हैं। सड़कें बनाना,

[02:46:13] सीवरेज, पानी लेकिन इन सबके लिए बाप बड़ा

[02:46:16] ना भैया सबसे बड़ा रुपैया। नगर पालिकाओं

[02:46:18] के पास पैसा कहां से आता है?

[02:46:21] बेटा, असली मुद्दा ही पैसों का है। इसके

[02:46:23] लिए काम करता है हमारा राज्य वित्त आयोग

[02:46:25] यानी स्टेट फाइनेंस कमीशन जो हमने आर्टिकल

[02:46:28] 243 वाई में पढ़ा था। करंट अफेयर्स और

[02:46:30] पिटी का मिक्स क्वेश्चन बताता हूं।

[02:46:32] वर्तमान में राजस्थान में छठा राज्य वित्त

[02:46:34] आयोग चल रहा है। यानी सिक्स्थ स्टेट

[02:46:36] फाइनेंस कमीशन 202021 से 2025-26 के लिए।

[02:46:40] इसके अध्यक्ष हैं श्री प्रद्युम्न सिंह।

[02:46:42] इन्होंने सिफारिश की है कि राज्य के जो

[02:46:44] खुद के टैक्स का पैसा होता है यानी

[02:46:46] स्टेट्स ओन नेट टैक्स प्रोसीड्स उसमें से

[02:46:49] पंचायती राज ग्रामीण और शहरी स्थानीय

[02:46:51] निकायों यानी यूएलबीस के बीच पैसों का

[02:46:53] बंटवारा कैसे होगा? क्योंकि शहरों की

[02:46:55] आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसलिए छठे

[02:46:58] वित्त आयोग ने सिफारिश की है कि शहरों को

[02:47:00] मिलने वाले फंड का हिस्सा धीरे-धीरे

[02:47:02] बढ़ाया जाए। यानी 67.5:32.5

[02:47:05] से शिफ्ट करके 2025-26 तक 65:35 किया जाए।

[02:47:10] क्योंकि बेटा हमारे नगर निगमों के पास

[02:47:12] सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पीने के पानी के

[02:47:14] लिए पैसों की भारी कमी है। ज्ञात की कमी

[02:47:17] है कि अब क्या बताएं? सर मुझे यकीन नहीं

[02:47:20] हो रहा है कि पॉलिटी का इतना बोरिंग

[02:47:22] चैप्टर इतने आर्टिकल्स, इतनी धाराएं और यह

[02:47:24] मुश्किल डाटा मुझे कहानी की तरह याद हो

[02:47:27] गया। मान सर की ट्रिक और आपके समझाने के

[02:47:29] तरीके ने मेरे दिमाग के सारे जाले साफ कर

[02:47:32] दिए। मुझे लग रहा है मेरा बड़ा भाई मुझे

[02:47:34] अंगुली पकड़ कर एग्जाम हॉल तक ले जा रहा

[02:47:36] है।

[02:47:36] कनिष्का बेटा एक शिक्षक की सबसे बड़ी जीत

[02:47:39] यही है कि उसके स्टूडेंट्स के चेहरे पर डर

[02:47:41] की जगह आत्मविश्वास आ जाए और यही मेरा

[02:47:43] मकसद है। जो स्टूडेंट्स इस वक्त मुझे

[02:47:45] YouTube पर देख रहे हैं याद रखना यह सिर्फ

[02:47:47] एक क्लास नहीं है। यह तुम्हारे सपनों की

[02:47:49] उड़ान है। मुश्किलें आएंगी लेकिन एक शायरी

[02:47:52] याद रखना। मंजिलें क्या हैं? रास्ता क्या

[02:47:54] है? हौसला हो तो फासला क्या है? बस तुम

[02:47:57] लोग जुड़े रहो। डेली सुबह 10:00 बजे मान

[02:47:59] एजुकेशन पर हाजिरी लगा देना। यह 10 दिन का

[02:48:02] सफर तुम्हारी जिंदगी का सबसे बेहतरीन सफर

[02:48:04] होगा।

[02:48:05] अब जाने से पहले जैसा कि हमारी क्लास का

[02:48:07] नियम है पूरे चैप्टर का निचोड़ पांच वन

[02:48:10] लाइनर प्रश्नों में। कनिष्क तैयार हो?

[02:48:12] बिल्कुल सर फायर कीजिए।

[02:48:14] 74वें संविधान संशोधन के तहत 12वीं

[02:48:17] अनुसूची में नगरपालिकाओं को कितने विषय

[02:48:19] दिए गए हैं? आरएएस सेकंड ग्रेड।

[02:48:21] सर, 18 विषय, 18 फंक्शनल आइटम्स।

[02:48:25] राजस्थान में पहली नगर पालिका 1864 में

[02:48:28] कहां स्थापित हुई थी? सीईटी 2024

[02:48:30] सर माउंट आबू में

[02:48:32] नाइस संविधान का कौन सा अनुच्छेद जिला

[02:48:35] योजना समिति यानी डीपीसी के गठन का

[02:48:38] प्रावधान करता है आरपीएससी सेकंड ग्रेड

[02:48:40] सर की ट्रिक जेड डी फॉर जिला डेवलपमेंट

[02:48:43] यानी अनुच्छेद 243 जेड डी

[02:48:46] वेरी गुड राजस्थान में जिला योजना समिति

[02:48:49] यानी डीपीसी का अध्यक्ष कौन होता है?

[02:48:51] पीएसआई 2022 सेकंड ग्रेड

[02:48:54] सर कलेक्टर नहीं होता जिला प्रमुख होता

[02:48:56] है।

[02:48:57] वर्तमान के लेटेस्ट डाटा के अनुसार

[02:48:59] राजस्थान में कुल कितने नगर निगम यानी

[02:49:01] म्युनिसिपल कॉरपोरेशंस हैं आरएएस।

[02:49:04] सर पुनर्गठन के बाद अब कुल 10 नगर निगम

[02:49:07] हैं।

[02:49:07] अद्भुत अविश्वसनीय तुम तो पूरी तरह से

[02:49:10] तैयार हो गई हो। तो मेरे प्यारे

[02:49:12] विद्यार्थियों कैसा लगा आज का यह

[02:49:15] ब्लॉकबस्टर सेशन? अगर तुम्हें भी कनिष्क

[02:49:17] की तरह सब कुछ याद हो गया है, तो तुरंत इस

[02:49:19] वीडियो को लाइक करो और नीचे कमेंट में लिख

[02:49:22] कर बताओ कि आज की क्लास कैसी लगी।

[02:49:26] यार यह आरपीएससी सेकंड ग्रेड वालों ने तो

[02:49:28] कसम खा रखी है रुलाने की। 41 जिले सात

[02:49:32] संभाग ऊपर से ये राज्य सचिवालय और मुख्य

[02:49:34] सचिव। कैसे याद होगा ये सब? दिमाग का तो

[02:49:37] पूरा डाटा क्रैश हो गया है।

[02:49:39] सिस्टम हैंग तब होता है बेटा जब प्रोसेसर

[02:49:41] पुराना हो। जब मानसर का अपडेटेड सॉफ्टवेयर

[02:49:44] इंस्टॉल होगा तो आरपीएससी का हर सवाल

[02:49:46] मक्खन की तरह सॉल्व होगा। नमस्कार मेरे

[02:49:49] प्यारे भविष्य के अधिकारियों स्वागत है

[02:49:51] आपका आपके अपने मान एजुकेशन चैनल पर।

[02:49:53] कनिष्क पिटी कोई बोरिंग सब्जेक्ट नहीं यह

[02:49:55] तो राजस्थान की सबसे बड़ी वेब सीरीज है और

[02:49:58] आज का एपिसोड YouTube के इतिहास का सबसे

[02:50:00] लाजवाब एपिसोड होने वाला है।

[02:50:02] ओह माय गॉड मान सर आपके इस धांसू एंट्री

[02:50:05] ने तो मेरे रोंगटे खड़े कर दिए। सर सच

[02:50:07] बताऊं तो इस टॉपिक के नाम सचिवालय संभागीय

[02:50:09] आयुक्त सुनकर ही मुझे तो डर लगने लगता है।

[02:50:12] प्लीज सर आज इस पॉलिटी की वेब सीरीज का

[02:50:14] ऐसा सस्पेंस दिखाओ कि मुझे सब कुछ टिप्स

[02:50:17] पर याद हो जाए।

[02:50:18] तो कुर्सी की पेटी बांध लो क्योंकि आज हम

[02:50:20] रटेंगे नहीं फील करेंगे। कहानी फ्लैशबैक

[02:50:23] में जाती है। साल 1949 हमारा प्यारा

[02:50:26] राजस्थान एक हो रहा था। सबसे बड़ा सस्पेंस

[02:50:28] यह था कि इस नए राज्य का हेड क्वार्टर

[02:50:31] यानी राजधानी किसे बनाएं? जयपुर, जोधपुर,

[02:50:33] बीकानेर सबरेस में थे। तब इस सस्पेंस को

[02:50:36] खत्म करने के लिए भारत के लौह पुरुष सरदार

[02:50:38] पटेल ने एक स्पेशल टास्क फोर्स यानी कमेटी

[02:50:40] बनाई। क्या तुम उस धांसू कमेटी का नाम

[02:50:42] जानती हो?

[02:50:43] सर क्या वो बी आर पटेल कमेटी थी?

[02:50:46] सुपर एक्सीलेंट कनिष्क बिल्कुल सही। उस

[02:50:48] कमेटी में बी आर पटेल, आईसीएस अधिकारी,

[02:50:50] लेफ्टिनेंट कर्नल टीसी पुरी और एसपी

[02:50:53] सिन्हा शामिल थे। इसी बी आर पटेल कमेटी ने

[02:50:55] सस्पेंस खत्म करते हुए जयपुर को राजधानी

[02:50:58] बनाने की जोरदार सिफारिश की। अजमेर वालों

[02:51:01] को खुश करने के लिए आरपीएससी अजमेर को दे

[02:51:03] दिया गया। इसी के साथ 13 अप्रैल 1949 को

[02:51:06] जयपुर के सी स्कीम इलाके में भगवन दास

[02:51:08] बैरेक्स भवन में राजस्थान राज्य सचिवालय

[02:51:11] यानी स्टेट सेक्रेटेरिएट की धमाकेदार

[02:51:13] स्थापना हुई और याद रखना बेटा एग्जामिनर

[02:51:15] अगर गहराई में जाकर पूछे तो बता देना कि

[02:51:18] सचिवालय का मुख्यालय जयपुर में रखने का

[02:51:20] डिसीजन शंकर राव कमेटी की सिफारिश पर लिया

[02:51:22] गया था।

[02:51:23] वाह सर मतलब राजधानी के लिए बी आर पटेल

[02:51:26] कमेटी और सचिवालय के स्थान के लिए शंकर

[02:51:28] राव कमेटी। यह तो किसी थ्रिलर मूवी के

[02:51:30] क्लाइमेक्स जैसा याद हो गया। लेकिन सर यह

[02:51:32] सचिवालय असल में काम कैसे करता है? इसका

[02:51:35] असली डॉन यानी बॉस कौन होता है? बेटा

[02:51:38] कनिष्क सचिवालय सरकार का हार्ट यानी हृदय

[02:51:40] और नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र होता

[02:51:43] है। यह एक स्टाफ एजेंसी है जिसका मुख्य

[02:51:45] काम नीतियां बनाना, मंत्रियों को सलाह

[02:51:47] देना और बजट तैयार करना है। भारतीय

[02:51:49] संविधान के अनुच्छेद 166 यानी आर्टिकल 166

[02:51:53] के तहत राज्य सरकार के सभी कार्यकारी

[02:51:56] कार्य राज्यपाल के नाम पर किए जाते हैं और

[02:51:58] इसी अनुच्छेद के तहत सचिवालय के कामकाज के

[02:52:01] नियम यानी रूल्स ऑफ बिजनेस बनाए जाते हैं।

[02:52:03] अब बात करते हैं इसके बॉस की। इसका बॉस

[02:52:06] होता है मुख्य सचिव यानी चीफ सेक्रेटरी।

[02:52:09] मुख्य सचिव पूरे राज्य के प्रशासन का किंग

[02:52:11] पिन यानी धुरी होता है। यह भारतीय

[02:52:13] प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस का सबसे वरिष्ठ

[02:52:16] अधिकारी होता है। राजस्थान के पहले मुख्य

[02:52:19] सचिव श्री के राधाकृष्णन थे 1949 में।

[02:52:22] लेकिन कनिष्क एग्जामिनर आजकल बहुत स्मार्ट

[02:52:24] हो गया है। वह सीधा पदानुक्रम पूछता है।

[02:52:26] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2019 के पेपर में

[02:52:29] सीधा सवाल आया था कि सचिवालय के पदों को

[02:52:32] ऊपर से नीचे के क्रम में जमाओ। चलो मैं

[02:52:34] तुम्हें इसे याद करने की मानसर की ट्रिक

[02:52:36] देता हूं।

[02:52:37] अरे वाह सर आपकी ट्रिक्स का तो मुझे हमेशा

[02:52:39] बेसब्री से इंतजार रहता है। जल्दी से

[02:52:41] बताइए ना वो कौन सी ट्रिक है?

[02:52:43] ट्रिक बहुत ही मजेदार और आसान है बेटा। बस

[02:52:45] एक लाइन याद कर लो। चीफ सेक्रेटरी ने शासन

[02:52:48] में स्पेशल जॉइंट को डेपटी के अंडर रखा।

[02:52:51] हम लाइन तो बहुत कैची है सर। पर एग्जाम

[02:52:53] में इसे डिकोड कैसे करेंगे?

[02:52:55] बहुत आसान है। चलो इसे एक-एक शब्द से

[02:52:57] डिकोड करते हैं। ध्यान से सुनना। चीफ

[02:52:59] सेक्रेटरी। चीफ सेक्रेटरी यानी मुख्य

[02:53:02] सचिव। यह प्रशासन में सबसे ऊपर होता है।

[02:53:04] शासन, सेक्रेटरी यानी शासन सचिव। स्पेशल,

[02:53:08] स्पेशल या एडिशनल सेक्रेटरी यानी विशिष्ट

[02:53:11] या अतिरिक्त सचिव। जॉइंट जॉइंट सेक्रेटरी

[02:53:14] यानी संयुक्त सचिव। डेपुटी, डेपुटी

[02:53:16] सेक्रेटरी यानी उप सचिव, अंडर, अंडर

[02:53:19] सेक्रेटरी यानी अवर सचिव। और हां, याद

[02:53:22] रखना कि इस पूरी चेन में सबसे नीचे

[02:53:24] असिस्टेंट सेक्रेटरी यानी सहायक सचिव आता

[02:53:26] है।

[02:53:27] वाह सर, यह तो एक ही बार में दिमाग में छप

[02:53:29] गया। अब पदानुक्रम का सवाल तो गलत नहीं

[02:53:31] होगा।

[02:53:32] बिल्कुल अगर तुम यह ट्रिक याद रखोगे तो

[02:53:34] आरपीएससी का कैसा भी पदानुक्रम वाला

[02:53:37] प्रश्न आ जाए तुम कभी मात नहीं खाओगे। एक

[02:53:39] और बहुत जरूरी कांसेप्ट हमेशा याद रखना जो

[02:53:42] यह शासन सचिव यानी सेक्रेटरी होता है ना

[02:53:44] वो किसी विभाग का प्रशासनिक प्रमुख होता

[02:53:46] है। जबकि उसी विभाग का राजनीतिक प्रमुख

[02:53:49] हमेशा एक मंत्री होता है।

[02:53:50] ये तो बहुत काम की बात बताई आपने। सर क्या

[02:53:53] आप शॉर्ट में इनके काम और भूमिकाएं भी बता

[02:53:55] सकते हैं?

[02:53:56] क्यों नहीं? चलो मैं तुम्हें इनका पूरा

[02:53:57] पदानुक्रम और उनके काम समझा देता हूं। इसे

[02:54:00] नोट कर लो। एक मुख्य सचिव, चीफ सेक्रेटरी,

[02:54:03] राज्य प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी और

[02:54:05] मुख्यमंत्री का प्रमुख सलाहकार। दो शासन

[02:54:08] सचिव, सेक्रेटरी। किसी विशिष्ट विभाग का

[02:54:11] प्रशासनिक प्रमुख। तीन, अतिरिक्त या

[02:54:13] विशिष्ट सचिव, एडिशनल या स्पेशल

[02:54:15] सेक्रेटरी। बड़े विभागों में शासन सचिव की

[02:54:18] सहायता करने के लिए। चार उप सचिव, डेपुटी

[02:54:21] सेक्रेटरी, मध्यस्तरीय प्रबंधन देखना और

[02:54:23] फाइलों का सूक्ष्म परीक्षण यानी डीप

[02:54:25] चेकिंग करना। पांच अवर सचिव, अंडर

[02:54:28] सेक्रेटरी। विभागीय फाइलों की शुरुआती

[02:54:30] रिव्यू यानी इनिशियल रिव्यु करना।

[02:54:32] सर, यह ट्रिक तो सच में माइंड ब्लोइंग है।

[02:54:35] चीफ सेक्रेटरी ने शासन में स्पेशल जॉइंट

[02:54:37] को डेपटी के अंडर रखा। मुझे तो अभी याद हो

[02:54:40] गया। लेकिन सर, मुख्य सचिव के काम क्या

[02:54:42] होते हैं? और अभी राजस्थान के करंट यानी

[02:54:44] कि करंट मुख्य सचिव कौन है? यह सवाल तो

[02:54:47] पक्का आ सकता है।

[02:54:48] बिल्कुल आ सकता है बेटा। मुख्य सचिव के

[02:54:50] काम बहुत व्यापक होते हैं। आरपीएससी सेकंड

[02:54:52] ग्रेड संस्कृत एजुकेशन 2022 के एग्जाम में

[02:54:55] एक शानदार पीवाईक्यू आया था। क्या मुख्य

[02:54:57] सचिव मंत्रिपरिषद का सचिव होता है? इसका

[02:55:00] उत्तर है हां, वह कैबिनेट की बैठकों का

[02:55:02] एजेंडा तैयार करता है। वह मुख्यमंत्री का

[02:55:04] प्रधान सलाहकार होता है। पूरे राज्य की

[02:55:06] सिविल सेवाओं का प्रमुख होता है और राज्य

[02:55:08] में किसी भी आपदा यानी डिजास्टर के समय

[02:55:11] क्राइसिस मैनेजमेंट का अध्यक्ष होता है।

[02:55:13] और अब बात करते हैं लेटेस्ट डाटा की। करंट

[02:55:15] अफेयर्स के लिए यह सबसे हॉट टॉपिक है।

[02:55:17] राजस्थान के वर्तमान मुख्य सचिव श्री वी

[02:55:20] श्रीनिवास हैं जिन्होंने 17 नवंबर 2025 को

[02:55:23] अपना कार्यभार ग्रहण किया है। इनसे पहले

[02:55:25] श्री सुधांश पंत मुख्य सचिव थे जो 1 जनवरी

[02:55:28] 2024 से 16 नवंबर 2025 तक रहे हैं। बेटा

[02:55:32] कनिष्क वी श्रीनिवास जी कोई साधारण

[02:55:34] अधिकारी नहीं हैं। यह ग्लोबल

[02:55:35] एडमिनिस्ट्रेटर रहे हैं। इन्होंने एनडीए

[02:55:37] सरकार में विदेश और वित्त मंत्री के निजी

[02:55:39] सचिव के रूप में काम किया और वाशिंगटन

[02:55:41] डीसी में इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड में भी

[02:55:43] भारत का प्रतिनिधित्व किया है। राज्य

[02:55:45] सरकार को इनसे ई गवर्नेंस और राइजिंग

[02:55:48] राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024

[02:55:50] के एमओयू लागू करवाने में बहुत उम्मीदें

[02:55:52] हैं। साथ ही यह राजस्थान स्टेट माइंस एंड

[02:55:54] मिनरल्स लिमिटेड के चेयरमैन भी हैं। तो

[02:55:56] अगर एग्जाम में पूछे कि वर्तमान में

[02:55:58] राजस्थान का प्रशासनिक बॉस कौन है? तो आंख

[02:56:01] बंद करके वी श्रीनिवास टिक कर देना। सर,

[02:56:03] यह तो बहुत ही डीप और लेटेस्ट जानकारी है।

[02:56:06] मैंने तो पुरानी किताबों में सुधांश पंत

[02:56:08] या उषा शर्मा ही पढ़ा था। आपने तो एकदम

[02:56:11] 2026 तक का विज़न क्लियर कर दिया। सर सच

[02:56:13] में आप जो पढ़ाते हो वो सीधा दिमाग में छप

[02:56:15] जाता है। लेकिन सर एक छोटी सी प्रॉब्लम

[02:56:18] है।

[02:56:18] क्या हुआ मेरी होनहार स्टूडेंट? तुम्हारे

[02:56:20] चेहरे पर ये टेंशन वाले भाव कैसे? कोई

[02:56:22] डाउट है क्या? सर डाउट इस टॉपिक में नहीं

[02:56:25] है। डाउट मेरी तैयारी को लेकर है। सेकंड

[02:56:28] ग्रेड का फर्स्ट पेपर बहुत बड़ा है।

[02:56:30] राजस्थान पिटी तो आप इतनी लाजवाब करवा रहे

[02:56:32] हैं कि मजा आ रहा है। लेकिन इंडियन और

[02:56:35] वर्ल्ड ज्योग्राफी ने मेरी रातों की नींद

[02:56:37] उड़ा रखी है। इतने सारे पहाड़, नदियां,

[02:56:40] महाद्वीप, हवाएं। सर, मुझे लगता है कि मैं

[02:56:43] ज्योग्राफी में स्कोर नहीं कर पाऊंगी और

[02:56:45] मेरी रैंक गिर जाएगी। मुझे बहुत स्ट्रेस

[02:56:48] हो रहा है सर। बेटा कनिष्क और मेरे वह सभी

[02:56:50] स्टूडेंट्स जो इस वक्त इस वीडियो को देख

[02:56:52] रहे हैं। मेरी बात बहुत ध्यान से सुनना।

[02:56:55] जब टूटने लगे हौसले तो बस यह याद रखना

[02:56:57] बिना मेहनत के हासिल तख्तोताज नहीं होते।

[02:57:00] ढूंढ लेना अंधेरों में ही मंजिल अपनी

[02:57:03] क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज नहीं

[02:57:05] होते। बेटा तुम जुगनू हो और तुम्हारी इस

[02:57:08] समस्या का समाधान मैं पहले ही कर चुका

[02:57:10] हूं। तुम्हें पता है आज ही की क्लास के इस

[02:57:12] शुभ अवसर पर आरपीएससी द्वितीय श्रेणी

[02:57:15] भर्ती के प्रथम प्रश्न पत्र के लिए टेस्ट

[02:57:17] क्यू ऐप पर इंडियन और वर्ल्ड ज्योग्राफी

[02:57:19] का एक बेमिसाल कोर्स ल्च हुआ है। और यह

[02:57:22] कोई आम कोर्स नहीं है बेटा। यह एक मूवी

[02:57:24] स्टाइल कोर्स है।

[02:57:25] मूवी स्टाइल कोर्स मतलब?

[02:57:27] मतलब यह बेटा कि इस कोर्स को इस तरह से

[02:57:30] डिजाइन किया गया है कि इसे ज्वॉइ करने के

[02:57:32] बाद केवल 5 दिन में पूरा किया जा सकता है।

[02:57:35] हां, तुमने सही सुना। सिर्फ 5 दिन में। यह

[02:57:38] कोर्स पूरी तरह से एनसीईआरटी, आरबीएसई और

[02:57:41] मूल किताबों के एकदम सटीक निचोड़ से बनाया

[02:57:43] गया है। इसमें एनिमेशन, ट्रिक्स और माइंड

[02:57:46] मैप्स का ऐसा संगम है कि तुम ज्योग्राफी

[02:57:48] को पढ़ोगी नहीं बल्कि उसे जी कर देखोगी।

[02:57:51] जो बच्चा इस कोर्स को पढ़कर परीक्षा में

[02:57:54] जाएगा, मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि वो

[02:57:56] एक बहुत ही शानदार रैंक हासिल करेगा।

[02:57:58] सर, यह तो किसी चमत्कार से कम नहीं है।

[02:58:01] मुझे तो आज ही यह कोर्स लेना है। लेकिन

[02:58:03] सर, क्या इसकी फीस बहुत ज्यादा होगी?

[02:58:05] क्योंकि मेरे जैसे कई स्टूडेंट्स हैं जो

[02:58:07] महंगे कोर्स अफोर्ड नहीं कर सकते।

[02:58:10] कनिष्क मान सर अपने स्टूडेंट्स के प्यार

[02:58:12] के लिए जाने जाते हैं। पैसों के लिए नहीं।

[02:58:14] जब तुम टेस्ट q एप्लीकेशन डाउनलोड करके इस

[02:58:17] कोर्स को ज्वाइन करोगी तो वहां कूपन कोड

[02:58:19] का ऑप्शन आएगा। तुम्हें बस वहां बड़े

[02:58:21] अक्षरों में मानसर 51 कूपन कोड लगाना है।

[02:58:25] जैसे ही तुम यह कोड लगाओगी, तुम्हें इतना

[02:58:27] भारी डिस्काउंट मिलेगा कि तुम खुशी से उछल

[02:58:29] पड़ोगी। तो जो भी विद्यार्थी इस वीडियो को

[02:58:32] देख रहे हैं, अभी इसी वक्त प्ले स्टोर पर

[02:58:34] जाएं। टेस्ट क्यू ऐप डाउनलोड करें और

[02:58:36] मानसर 51 कूपन कोड लगाकर अपनी सफलता की

[02:58:39] सीट रिजर्व करें। क्योंकि बेटा, सही समय

[02:58:42] पर लिया गया सही फैसला ही तुम्हें भीड़ से

[02:58:44] अलग करता है।

[02:58:45] सर, वाह, मैं आज ही क्लास के बाद सबसे

[02:58:48] पहला काम यही करूंगी। थैंक यू सो मच सर।

[02:58:51] आपने मेरे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतार

[02:58:53] दिया। अब मैं पूरी तरह से इस क्लास पर

[02:58:55] फोकस कर सकती हूं।

[02:58:57] यही स्पिरिट चाहिए मुझे। तो चलिए लौटते

[02:58:59] हैं अपनी कहानी पर। हमने बात की सचिवालय

[02:59:02] यानी स्टेट की। अब हम सीधे जिले पर नहीं

[02:59:04] जाएंगे। राज्य और जिले के बीच में एक बहुत

[02:59:07] ही महत्वपूर्ण कड़ी होती है जिसे हम संभाग

[02:59:09] यानी डिवीजन कहते हैं। और इसके बॉस को

[02:59:12] संभागीय आयुक्त यानी डिवीजनल कमिश्नर कहा

[02:59:15] जाता है।

[02:59:15] सर क्या यह पद बहुत पुराना है?

[02:59:17] हां बेटा। जब 1949 में राजस्थान बना तब

[02:59:21] हीरालाल शास्त्री जी के समय पांच संभाग

[02:59:23] बनाए गए थे। जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर

[02:59:26] और बीकानेर। 1 नवंबर 1956 को जब अजमेर का

[02:59:30] राजस्थान में विलय हुआ फजल अली आयोग की

[02:59:33] सिफारिश पर तो अजमेर को छठा संभाग बनाया

[02:59:35] गया। लेकिन फिर कहानी में एक ट्विस्ट आया।

[02:59:38] अप्रैल 1962 में तत्कालीन मुख्यमंत्री

[02:59:41] मोहनलाल सुखाड़िया जी ने इस संभागीय

[02:59:43] व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया।

[02:59:46] उनका मानना था कि जब पंचायती राज आ गया है

[02:59:49] तो इस बीच के पद की क्या जरूरत है?

[02:59:51] अरे तो फिर यह व्यवस्था वापस कैसे आई?

[02:59:53] क्योंकि बेटा सरकार को जल्द ही समझ आ गया

[02:59:56] कि राज्य सचिवालय सीधे सभी जिला कलेक्टरों

[02:59:58] को कंट्रोल नहीं कर सकता। स्पैन ऑफ

[03:00:00] कंट्रोल नाम की भी कोई चीज होती है। इसलिए

[03:00:03] बाद में इस व्यवस्था को पुनर्जीवित किया

[03:00:05] गया। संभागीय आयुक्त एक बहुत ही सीनियर

[03:00:07] आईएएस अधिकारी होता है। आरपीएससी सेकंड

[03:00:10] ग्रेड के पिछले एक पेपर में सीधा सवाल आया

[03:00:12] था। राज्य प्रशासन में जिलाधीश यानी

[03:00:15] कलेक्टर का तत्काल वरिष्ठ अधिकारी कौन

[03:00:17] होता है? इसका उत्तर है संभागीय आयुक्त।

[03:00:20] यह राजस्व मामलों में कलेक्टर से ऊपर होता

[03:00:22] है और तीन से छह जिलों की निगरानी करता

[03:00:25] है।

[03:00:25] सर, अभी संभागों और जिलों को लेकर तो

[03:00:28] न्यूज़ में बहुत बवाल मचा हुआ है। अशोक

[03:00:30] गहलोत जी की सरकार ने तो 50 जिले और 10

[03:00:33] संभाग बना दिए थे। क्या हमें सेकंड ग्रेड

[03:00:35] के एग्जाम के लिए वो 50 जिले याद करने

[03:00:37] पड़ेंगे?

[03:00:38] कनिष्क, यही तो आज की क्लास का सबसे बड़ा

[03:00:40] सस्पेंस और सबसे एक्सक्लूसिव लेटेस्ट डाटा

[03:00:43] है। मेरी बात कान खोलकर सुनना क्योंकि

[03:00:45] एग्जामिनर यहीं से फंसाएगा। यह सच है कि

[03:00:48] पिछली सरकार ने राम लुभाया कमेटी यानी 21

[03:00:51] मार्च 2022 को गठित करके 17 नए जिले और

[03:00:55] तीन नए संभाग यानी सीकर, पाली और

[03:00:57] बांसवाड़ा बना दिए थे। जिससे कुल 50 जिले

[03:01:00] और 10 संभाग हो गए थे। लेकिन कहानी में

[03:01:03] दूसरा और सबसे बड़ा ट्विस्ट आया 28 दिसंबर

[03:01:06] 2024 को।

[03:01:07] 28 दिसंबर 2024 क्या हुआ उस दिन सर?

[03:01:11] उस दिन वर्तमान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा

[03:01:13] जी की कैबिनेट की एक ऐतिहासिक बैठक हुई।

[03:01:16] कैबिनेट की सब कमेटी और एक्सपर्ट कमेटी ने

[03:01:18] अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह नए जिले और

[03:01:20] संभाग व्यावहारिक यानी प्रैक्टिकल नहीं

[03:01:23] है। जनता के हित में नहीं है और सरकार पर

[03:01:25] अनावश्यक वित्तीय बोझ डाल रहे हैं। इन

[03:01:28] जिलों के लिए ना तो कोई प्रॉपर

[03:01:29] इंफ्रास्ट्रक्चर था ना ही ऑफिस बने थे।

[03:01:31] इसलिए सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लेते

[03:01:34] हुए पिछली सरकार द्वारा बनाए गए 17 नए

[03:01:37] जिलों में से नौ नए जिलों और सभी तीन नए

[03:01:39] संभागों को रद्द कर दिया। इसके साथ ही

[03:01:42] आचार संहिता से ठीक पहले घोषित किए गए तीन

[03:01:45] अन्य जिलों यानी मालपुरा, सुजानगढ़,

[03:01:48] कुचामन सिटी को भी कैंसिल कर दिया।

[03:01:50] ओह माय गॉड। मतलब नौ जिले खत्म। वो कौन से

[03:01:53] नौ जिले हैं सर?

[03:01:54] उन नौ रद्द किए गए जिलों के नाम हैं

[03:01:57] शाहपुरा, दूदू, जयपुर ग्रामीण, नीमकाना,

[03:02:00] केकड़ी, गंगापुर सिटी, जोधपुर ग्रामीण,

[03:02:03] अनूपगढ़ और सांचौर। और जो तीन नए संभाग

[03:02:06] रद्द हुए हैं, वह है पाली, बांसवाड़ा और

[03:02:09] सीकर। सरकार ने केवल आठ नए जिलों को

[03:02:11] प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर बरकरार रखा

[03:02:14] है। यानी फलौदी, बालोतरा, कोटपुतली

[03:02:17] बहरोड़, खैरथल, तजारा, ब्यावर, डीग,

[03:02:20] डीडवाना, कुचामन और सलूंबर। तो अब 2025-26

[03:02:24] के बिल्कुल लेटेस्ट और अपडेटेड प्रशासनिक

[03:02:26] ढांचे के अनुसार राजस्थान में वापस केवल

[03:02:29] सात संभाग और 41 जिले ही रह गए हैं। जो भी

[03:02:32] स्टूडेंट यह वीडियो देख रहा है, वह पुरानी

[03:02:34] किताबों का 50 जिलों वाला डाटा दिमाग से

[03:02:36] निकाल दे। वरना एग्जाम में 100% माइनस

[03:02:39] मार्किंग लेकर आएगा। चलो कनिष्क इन सात

[03:02:42] संभागों और कुछ प्रमुख 41 जिलों की

[03:02:44] व्यवस्था को इस टेबल से समझते हैं। इसे

[03:02:46] अपने दिमाग में स्कैन कर लेना। संभाग रद्द

[03:02:50] किए गए नए संभाग। संभाग के अंतर्गत मुख्य

[03:02:52] जिले अपडेटेड 41 जिलों के अनुसार एक जयपुर

[03:02:56] संभाग सीकर जो अब रद्द है जयपुर अलवर दौसा

[03:02:59] खैरथल तिजारा कोटपुतली बहरोड़ जयपुर

[03:03:02] ग्रामीण व दूदू रद्द हैं दो जोधपुर संभाग

[03:03:05] पाली जो अब रद्द है जोधपुर बाड़मेर

[03:03:08] जैसलमेर फलौदी बालोतरा जोधपुर ग्रामीण व

[03:03:11] सांचौर रद्द हैं तीन अजमेर संभाग अजमेर

[03:03:15] नागौर टोंक भीलवाड़ा ब्यावर डीडवाना

[03:03:18] कुचामन केकड़ी व शाहपुरा रद्द हैं चार

[03:03:21] उदयपुर संभाग, बांसवाड़ा जो अभर है।

[03:03:24] उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर,

[03:03:27] बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सलूंबर, पांच

[03:03:30] बीकानेर संभाग, बीकानेर, चूरू,

[03:03:32] श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, अनूपगढ़

[03:03:35] रद्द है। छह कोटा संभाग, कोटा, बूंदी,

[03:03:39] बारा, झालावाड़ कोई बदलाव नहीं। सात

[03:03:41] भरतपुर संभाग, भरतपुर, धौरपुर, करौली,

[03:03:44] सवाई माधोपुर, डीग, गंगापुर सिटी रद्द है।

[03:03:47] सर, यह टेबल तो गागर में सागर है। सारा

[03:03:50] कंफ्यूजन दूर हो गया। मतलब अब हमें सात

[03:03:53] संभाग और 41 जिले ही याद रखने हैं। और सर,

[03:03:55] मैं एक बात कहूं जो भी स्टूडेंट अभी तक

[03:03:58] हमारे चैनल मान एजुकेशन को सब्सक्राइब

[03:04:00] नहीं किया है ना, वह सच में बहुत बड़ा

[03:04:02] नुकसान कर रहा है। इतनी डीप रिसर्च और ऐसा

[03:04:05] लेटेस्ट डाटा कोई नहीं दे सकता।

[03:04:07] बिल्कुल कनिष्क। इसीलिए मैं सभी से कहता

[03:04:09] हूं कि अगर आपको हमारी यह मेहनत, यह मूवी

[03:04:11] स्टाइल कहानी और यह रिसर्च पसंद आ रही है

[03:04:14] तो तुरंत चैनल को सब्सक्राइब करें। वीडियो

[03:04:16] को लाइक करें और कमेंट बॉक्स में भर-भर के

[03:04:19] अपना प्यार दिखाएं। आपके कमेंट्स ही मेरे

[03:04:21] लिए पेट्रोल का काम करते हैं। आपके लाइक

[03:04:23] से जो मुझे मोटिवेशन मिलता है, वह किसी भी

[03:04:26] अवार्ड से बढ़कर है। तो कनिष्क राज्य

[03:04:28] सचिवालय नीति निर्माता से होते हुए

[03:04:30] संभागीय आयुक्त पर्यवेक्षक तक का सफर हमने

[03:04:33] तय कर लिया। अब हम उस कुर्सी की बात

[03:04:35] करेंगे जिस कुर्सी पर बैठने का सपना हर उस

[03:04:38] युवा का होता है जो सिविल सर्विसेज की

[03:04:40] तैयारी करता है। अब हम बात करेंगे जिला

[03:04:43] कलेक्टर यानी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर की।

[03:04:45] सर कलेक्टर ये नाम सुनते ही तो रोंगटे

[03:04:48] खड़े हो जाते हैं। पूरे जिले का राजा सर

[03:04:50] ये कलेक्टर असल में काम क्या-क्या करता

[03:04:52] है? बेटा राजा शब्द लोकतंत्र में सही नहीं

[03:04:55] है। लेकिन हां वह जिले में सरकार की आंख,

[03:04:58] कान और हाथ होता है। एक लोक प्रशासक के

[03:05:01] तौर पर प्रशासन की तृणमूल इकाई ग्रास रूट

[03:05:05] यूनिट पटवाली से लेकर ऊपर तक पूरा राजस्व

[03:05:08] ढांचा कलेक्टर के अधीन होता है। आरएएस

[03:05:10] मेंस के एग्जाम में 100 शब्दों में सवाल

[03:05:12] आया था। जिला प्रशासन में जिला कलेक्टर की

[03:05:15] भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। इसे

[03:05:18] मैं तुम्हें बहुत ही आसान भाषा में समझाता

[03:05:20] हूं। एक कलेक्टर मुख्य रूप से तीन अलग-अलग

[03:05:23] टोपियां पहनता है। यानी उसके तीन मुख्य

[03:05:25] रूप होते हैं। जिला कलेक्टर के रूप में जब

[03:05:28] वह भू-राजस्व वसूलता है, जमीन के रिकॉर्ड

[03:05:30] रखता है और कृषि ऋण बांटता है। राजस्व

[03:05:33] मामलों में वह संभागीय आयुक्त के प्रति

[03:05:35] जवाबदेह होता है। जिला मजिस्ट्रेट डीएम के

[03:05:38] रूप में जब जिले में दंगे हो जाए, कानून

[03:05:40] व्यवस्था बिगड़ जाए तो वह डीएम के रूप में

[03:05:42] धारा 144 लगाता है। जिले का पुलिस अधीक्षक

[03:05:46] एसपी वैसे तो पुलिस बल का प्रमुख होता है

[03:05:49] लेकिन आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था

[03:05:51] के लिए एसपी को डीएम के सामान्य नियंत्रण

[03:05:54] और दिशा निर्देशन में काम करना पड़ता है।

[03:05:56] जिला विकास अधिकारी डीडीओ के रूप में जिले

[03:05:59] में मनरेगा गरीबी उन्मूलन योजनाएं और

[03:06:02] राज्य सरकार की फ्लैकशिप योजनाओं को लागू

[03:06:05] करना इसी का काम होता है। इसके अलावा वह

[03:06:07] जिला निर्वाचन अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट

[03:06:09] इलेक्शन ऑफिसर और जिला आपदा प्रबंधन

[03:06:12] प्राधिकरण का अध्यक्ष भी होता है। सर यह

[03:06:14] तो वन मैन आर्मी वाली बात हो गई। एक अकेला

[03:06:17] इंसान इतने सारे काम कैसे संभालता है?

[03:06:20] यही तो भारतीय प्रशासनिक सेवा आईएएस की

[03:06:22] खूबी है बेटा। उन्हें ट्रेनिंग ही इसी

[03:06:24] दबाव को झेलने के लिए दी जाती है। चलो इस

[03:06:26] कलेक्टर के तीनों रूपों को याद करने के

[03:06:29] लिए एक छोटी सी मानसर की ट्रिक देता हूं।

[03:06:31] कलेक्टर ने रेवेन्यू वसूला, डीएम बनकर

[03:06:34] शांति बनाई और डीडीओ बनकर विकास किया। बस

[03:06:37] यह एक लाइन याद रखना। मेंस में भी उत्तर

[03:06:40] लिखते समय यह तीन हेडिंग्स तुम्हारे बहुत

[03:06:42] काम आएंगी।

[03:06:43] सर अमेजिंग। रेवेन्यू वसूला, शांति बनाई,

[03:06:46] विकास किया। मुझे सब याद हो गया। आज तो

[03:06:48] ऐसा लग रहा है जैसे मैं खुद एक दिन

[03:06:50] कलेक्टर बनकर ही मानूंगी।

[03:06:52] तथास्तु बेटा, मेरी दुआएं और मान एजुकेशन

[03:06:54] का पूरा कंटेंट तुम्हारे साथ है। जो भी

[03:06:57] विद्यार्थी आज मेरी क्लास को पूरी

[03:06:58] ईमानदारी से देख रहा है, वो एक दिन जरूर

[03:07:01] सफल होगा। बस शर्त एक है निरंतरता।

[03:07:03] कंसिस्टेंसी। जो आज पढ़ा है उसे बार-बार

[03:07:06] रिवाइज करना है।

[03:07:07] हम 2020 से आज तक के एकदम लेटेस्ट

[03:07:10] प्रीवियस ईयर प्रश्न पीवाईक्यूस सॉल्व

[03:07:13] करेंगे। यह रहे आपके सामने पांच वन लाइनर

[03:07:16] बुलेट प्रश्न जो हमारी आज के इस कहानी से

[03:07:18] सीधे एग्जाम में छपे हैं।

[03:07:20] जल्दी से इनके जवाब दिमाग में सोचिए।

[03:07:22] कनिष्क तुम भी जवाब देना। आरपीएससी सेकंड

[03:07:24] ग्रेड संस्कृत एजुट 2022 में आया था।

[03:07:27] राज्य मंत्री परिषद का सचिव कौन होता है?

[03:07:30] सर मुख्य सचिव।

[03:07:31] बिल्कुल सही। मुख्य सचिव ही कैबिनेट का

[03:07:34] एजेंडा बनाता है और राज्य प्रशासन का किंग

[03:07:36] पिन होता है। नेक्स्ट जो आरपीएससी सेकंड

[03:07:38] ग्रेड जीके 2019 2022 का है। राज्य

[03:07:42] प्रशासन में जिलाधीश यानी डिस्ट्रिक्ट

[03:07:44] कलेक्टर का तत्काल वरिष्ठ अधिकारी कौन

[03:07:46] होता है?

[03:07:47] सर संभागीय आयुक्त

[03:07:48] एकदम सही। राजस्व प्रशासन में कलेक्टर

[03:07:51] संभागीय आयुक्त के माध्यम से सरकार के

[03:07:53] प्रति उत्तरदाई होता है। नेक्स्ट आरएएस

[03:07:56] मेंस 2021 2022 पैटर्न राज्य सचिवालय में

[03:08:00] पदों का सही अवरोही क्रम यानी डिसेंडिंग

[03:08:02] ऑर्डर क्या है?

[03:08:03] सर आपकी ट्रिक मुख्य सचिव ने शासन में

[03:08:06] स्पेशल जॉइंट को डिप्टी के अंडर रखा।

[03:08:08] लाजवाब बेटा। चीफ सेक्रेटरी ने शासन में

[03:08:11] स्पेशल जॉइंट को डिप्टी के अंडर रखा।

[03:08:13] नेक्स्ट करंट अफेयर्स फोकस। हाल ही में 28

[03:08:16] दिसंबर 2024 को कैबिनेट के फैसले के बाद

[03:08:19] राजस्थान में वर्तमान में कितने जिले और

[03:08:22] कितने संभाग हैं?

[03:08:23] सर, नौ जिले और तीन संभाग रद्द कर दिए गए

[03:08:25] हैं। इसलिए अब 41 जिले और सात संभाग हैं।

[03:08:29] सुपर एक्सीलेंट। यह डाटा सबसे ज्यादा

[03:08:31] कंफ्यूजिंग था। लेकिन अब मेरे स्टूडेंट्स

[03:08:33] कभी गलती नहीं करेंगे। करंट अफेयर्स एंड

[03:08:36] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 17 नवंबर 2025 को

[03:08:39] राजस्थान के नए मुख्य सचिव का पदभार किसने

[03:08:42] ग्रहण किया है? सर श्री वी श्रीनिवास जी

[03:08:44] ने

[03:08:44] परफेक्ट इन्होंने सुधांश पंत की जगह ली है

[03:08:47] और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और ई गवर्नेंस को

[03:08:50] रफ्तार देंगे।

[03:08:51] मान सर आज तो सच में मजा आ गया। वाह ऐसा

[03:08:54] लग रहा है जैसे दिमाग के सारे जाले साफ हो

[03:08:56] गए हो। मुझे नहीं लगता कि पूरे YouTube के

[03:08:58] इतिहास में इतनी लाजवाब और डिटेल वाली

[03:09:01] क्लास किसी ने दी होगी। आपने

[03:09:02] हंसाते-हंसाते मोटिवेट करते हुए इतना

[03:09:05] भारीभरकम सिलेबस दिमाग में सेट कर दिया।

[03:09:08] थैंक यू मान सर। मैं आज ही टेस्ट Q

[03:09:10] एप्लीकेशन डाउनलोड करके मानsर 51 कोड लगा

[03:09:13] रही हूं। अगली क्लास का मुझे बेसब्री से

[03:09:15] इंतजार रहेगा।

[03:09:16] थैंक यू कनिष्क और थैंक यू मेरे सभी

[03:09:18] प्यारे विद्यार्थियों। आप लोगों का यह

[03:09:20] प्यार और विश्वास ही मेरी असली कमाई है।

[03:09:23] याद रखना सफलता एक दिन में नहीं मिलती

[03:09:25] लेकिन एक दिन जरूर मिलती है।

[03:09:27] सर पिटी के ये आयोग तो दिमाग का दही कर

[03:09:30] देते हैं। कभी लगता है अनुच्छेद 315 में

[03:09:32] खो गई हूं तो कभी लगता है 243 के ने मुझे

[03:09:35] ब्लॉक कर दिया है। ऊपर से यह करंट अफेयर्स

[03:09:38] रोज कोई नया अध्यक्ष बन जाता है। प्लीज आज

[03:09:40] कुछ ऐसा मैजिक करो कि यह सब किसी सस्पेंस

[03:09:42] मूवी की तरह याद हो जाए। बच्चे कमेंट्स

[03:09:45] में कह रहे हैं कि उन्हें पॉलिटी से डर

[03:09:46] लगता है।

[03:09:47] अरे गणेश और मेरे जितने भी लाडले

[03:09:49] विद्यार्थी आज मान एजुकेशन के इस YouTube

[03:09:52] चैनल पर जुड़े हैं, सबको तुम्हारे इस बड़े

[03:09:54] भाई का प्यार भरा नमस्कार। आज की इस क्लास

[03:09:57] में तुम्हारा सारा डर हमेशा के लिए खत्म

[03:09:59] होने वाला है। आज हम राजस्थान की राजनीतिक

[03:10:02] और प्रशासनिक व्यवस्था यानी पॉलिटिकल एंड

[03:10:05] एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम ऑफ राजस्थान का

[03:10:07] ऐसा पोस्टमार्टम करेंगे कि YouTube के

[03:10:10] इतिहास में तुमने ऐसी लाजवाब क्लास पहले

[03:10:12] कभी नहीं देखी होगी। आज हम आरपीएससी,

[03:10:16] महिला आयोग, वित्त आयोग और निर्वाचन आयोग

[03:10:19] को ऐसे पढ़ेंगे जैसे हम कोई ब्लॉकबस्टर

[03:10:21] फिल्म देख रहे हो।

[03:10:22] सच में सर मतलब आज रटना नहीं पड़ेगा।

[03:10:25] बिल्कुल नहीं कनिष्क। आज हम एनसीईआरटी, एम

[03:10:28] लक्ष्मीकांत और बेर एक्ट का पूरा निचोड़

[03:10:31] एक कहानी में पिरो कर लाए हैं। पेपर सेटर

[03:10:34] चाहे पाताल से प्रश्न निकाल कर ले आए

[03:10:36] प्रश्न हमारी इस क्लास से बाहर नहीं

[03:10:38] जाएगा। और बीच-बीच में मानसर की ट्रिक तो

[03:10:40] है ही जो सीधा तुम्हारे सबकॉन्शियस माइंड

[03:10:43] में सेट हो जाएगी। बस एक बात याद रखना

[03:10:46] बेटा कि रख हौसला वो मंजर भी आएगा। प्यासे

[03:10:49] के पास चलकर समंदर भी आएगा। थक कर ना बैठ

[03:10:52] ए मंजिल के मुसाफिर मंजिल भी मिलेगी और

[03:10:55] मिलने का मजा भी आएगा। तो क्या मेरी फौज

[03:10:58] तैयार है?

[03:10:58] बिल्कुल सर फुल ऑन तैयार हैं। चलिए शुरू

[03:11:01] करते हैं।

[03:11:02] तो कनिष्क बेटा सबसे पहले शुरुआत करते हैं

[03:11:04] राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी आरपीएससी से

[03:11:07] जो तुम्हें आगे चलकर ऑफिसर बनाएगा। यह एक

[03:11:10] संवैधानिक निकाय है। संविधान के भाग 14

[03:11:13] में अनुच्छेद 315 से 323 तक राज्य लोक

[03:11:17] सेवा आयोगों का जिक्र है। इसकी स्थापना 22

[03:11:20] दिसंबर 1949 को हुई थी। शुरुआत में इसका

[03:11:23] मुख्यालय जयपुर था। लेकिन बाद में

[03:11:25] सत्यनारायण राव समिति की सिफारिश पर इसे

[03:11:28] अजमेर की घूघरा घाटी में शिफ्ट कर दिया

[03:11:30] गया।

[03:11:31] सर, यह तो बेसिक बात हो गई। लेकिन एग्जाम

[03:11:33] में तो आर्टिकल से फंसाते हैं। इसके

[03:11:35] स्ट्रक्चर का क्या सीन है?

[03:11:37] बहुत शानदार सवाल बेटा। देखो अनुच्छेद 316

[03:11:40] कहता है कि आरपीएससी के अध्यक्ष और

[03:11:42] सदस्यों की नियुक्ति राज्य का राज्यपाल

[03:11:45] करेगा। वर्तमान में आरपीएससी में एक

[03:11:47] अध्यक्ष और सात सदस्य यानी कुल आठ होते

[03:11:50] हैं। इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष की

[03:11:54] आयु जो भी पहले हो तक होता है। अब यहां से

[03:11:57] असली फिल्म शुरू होती है। मुझे यह बताओ

[03:11:59] अगर आरपीएससी के किसी सदस्य ने कोई गड़बड़

[03:12:02] कर दी तो उसे हटाएगा कौन? उम् सर, जब

[03:12:05] नियुक्ति राज्यपाल कर रहा है, तो हटाएगा

[03:12:07] भी तो राज्यपाल ही ना।

[03:12:09] बस यहीं तो एग्जामिनर तुम्हारे साथ खेल

[03:12:12] जाता है, बेटा। कान खोलकर सुनना सब लोग।

[03:12:14] अनुच्छेद 317 के एक के तहत आरपीएससी के

[03:12:17] अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को हटाने की

[03:12:20] शक्ति सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रपति के पास

[03:12:22] है। वह भी सुप्रीम कोर्ट की जांच के बाद।

[03:12:25] लेकिन अगर जांच चल रही है तो अनुच्छेद 317

[03:12:28] दो के तहत सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट आने

[03:12:31] तक उस सदस्य को निलंबित यानी सस्पेंड करने

[03:12:33] की पावर राज्यपाल के पास है।

[03:12:35] ओह अच्छा मतलब हटाएगा राष्ट्रपति लेकिन

[03:12:38] सस्पेंड राज्यपाल करेगा। सर क्या ऐसा कोई

[03:12:41] रीसेंट मामला हुआ है जिससे यह रिलेट हो

[03:12:43] सके?

[03:12:44] बिल्कुल हुआ है ना बेटा। पेपर लीक प्रकरण

[03:12:46] में फंसे आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा को

[03:12:49] 26 जनवरी 2023 को हमारे राज्यपाल महोदय ने

[03:12:52] ही निलंबित किया था। क्योंकि उनके खिलाफ

[03:12:55] जांच चल रही थी। अब लो इसी पर प्रीवियस

[03:12:58] ईयर प्रश्न सुनो जो तुम्हारी परीक्षा में

[03:13:00] छप चुका है।

[03:13:01] पूछिए सर मैं जवाब दूंगी।

[03:13:02] प्रश्न है जो आरपीएससी सेकंड ग्रेड 29 जैन

[03:13:06] 2023 में आया था। राज्य लोक सेवा आयोग के

[03:13:09] अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को निलंबित

[03:13:11] करने की शक्ति किसके पास है?

[03:13:13] सर, इसका उत्तर होगा राज्यपाल के पास है।

[03:13:16] शाबाश मेरी शेरनी। एकदम सटीक जवाब। इसी

[03:13:19] तरह आरपीएससी सेकंड ग्रेड के बेसिक्स

[03:13:21] क्लियर करने हैं।

[03:13:22] सर एक बात बताइए अभी 2025 में आरपीएससी के

[03:13:25] नए चेयरमैन कौन बने हैं? मैंने न्यूज़ में

[03:13:27] पढ़ा था कि संजय कुमार श्रोतय जी का

[03:13:29] कार्यकाल खत्म हो गया है।

[03:13:30] करंट अफेयर्स में एकदम अपडेटेड हो कनिष्क?

[03:13:33] बहुत बढ़िया। मेरे सभी विद्यार्थी नोट

[03:13:35] करें। 10 जून 2025 को राजस्थान सरकार ने

[03:13:39] पूर्व डीजीपी उत्कल रंजन साहू को आरपीएससी

[03:13:42] का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। ये 1988

[03:13:45] बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इनका

[03:13:47] कार्यकाल साल जून 2026 तक रहेगा। ये

[03:13:50] आरपीएससी के इतिहास में तीसरे ऐसे डीजीपी

[03:13:52] हैं जो चेयरमैन बने हैं।

[03:13:54] क्या बात है सर। और क्या कोई नए सदस्य भी

[03:13:56] आए हैं?

[03:13:57] हां बेटा।

[03:13:58] 2025 में आरपीएससी में तीन नए सदस्य भी

[03:14:01] नियुक्त हुए हैं। हेमंत प्रियदर्शी यह भी

[03:14:03] पूर्व आईपीएस हैं। डॉक्टर अशोक कुमार

[03:14:05] कलवार और डॉक्टर सुशील कुमार बिस्ू अब इस

[03:14:08] पूरे डाटा को याद करने के लिए हाजिर है

[03:14:11] हमारी मानसर की ट्रिक।

[03:14:12] वाह इसी का तो इंतजार खसर जल्दी बताइए।

[03:14:16] ट्रिक लिखो उत्कल के साहू जी ने हेमंत की

[03:14:18] डायरी में अशोक और सुशील के नाम लिखे।

[03:14:21] उत्कल के साहू जी मतलब अध्यक्ष उत्कल रंजन

[03:14:24] साहू। हेमंत मतलब सदस्य हेमंत प्रियदर्शी

[03:14:28] अशोक मतलब डॉक्टर अशोक कुमार कलवार सुशील

[03:14:31] मतलब सदस्य सुशील कुमार बिस्ू हुए ना एक

[03:14:34] सेकंड में लेटेस्ट मेंबर्स याद

[03:14:36] वाह मान सर आज तो मजा आ गया सच में ये

[03:14:39] ट्रिक तो सीधे दिमाग में छप गई

[03:14:41] मजा तो अभी और आएगा बेटा एक बात और याद

[03:14:43] रखना आरपीएससी के प्रथम अध्यक्ष सर एस के

[03:14:46] घोष थे। सबसे लंबा कार्यकाल डी एस तिवारी

[03:14:49] का रहा है लगभग 5 साल और सबसे छोटा

[03:14:52] कार्यकाल डॉक्टर बीएल रावत का रहा है। चलो

[03:14:55] अब एक और पीवाईक्यू लेते हैं। प्रश्न था

[03:14:58] जो सीईटी 2024 में आया था। राजस्थान लोक

[03:15:01] सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?

[03:15:03] सर अभी तो आपने बताया इसका उत्तर होगा एस

[03:15:06] के घोष।

[03:15:07] बिल्कुल सही। ध्यान रहे राजस्थान लोक सेवा

[03:15:10] आयोग में कुल एक अध्यक्ष और 10 सदस्यों के

[03:15:13] पद होते हैं। जिनमें से वर्तमान में तीन

[03:15:15] पद रिक्त हैं। और एक सदस्य जो निलंबित चल

[03:15:18] रहे हैं। श्री बाबूलाल कटारा अध्यक्ष श्री

[03:15:20] उत्कल रंजन साहू सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल

[03:15:24] केसरी सिंह राठौड़ श्री कैलाश चंद मीणा

[03:15:26] प्रोफेसर अय्यूब खान डॉ सुशील कुमार बिस्ू

[03:15:30] डॉ अशोक कुमार कलवार श्री हेमंत

[03:15:32] प्रियदर्शी रिटायर्ड आईपीएस श्री बाबूलाल

[03:15:35] कटारा वर्तमान में निलंबित इनको आप अपडेट

[03:15:38] करते रहें 19 जून 2026 के बाद जैसे नए

[03:15:41] अध्यक्ष नियुक्त होंगे तो आपको उनका नाम

[03:15:43] भी जरूर अपडेट रखना है वह परीक्षा में

[03:15:45] निश्चित रूप से पूछा जा सकता है इस अपडेट

[03:15:48] डेट को मैं मान एजुकेशन Telegram चैनल पर

[03:15:50] भी डाल दूंगा। उसको ज्वाइन करके रखना और

[03:15:52] इन सभी लेक्चरर की पीडीएफ भी मान एजुकेशन

[03:15:55] Telegram चैनल पर अपडेट कर दी गई है।

[03:15:57] ओहो यह अपडेट तो बहुत जरूरी है मान सर।

[03:16:00] मैं इसे हमेशा अपडेट रहूंगी और मान

[03:16:02] एजुकेशन Telegram चैनल को क्लास के बाद ही

[03:16:05] ज्वाइन कर लूंगी।

[03:16:06] बिल्कुल सही। अब मुझे यह बताओ कनिश

[03:16:08] तुम्हारी एग्जाम की तैयारी कैसी चल रही

[03:16:09] है? ज्यग्राफी वगैरह तैयार है या उसमें भी

[03:16:12] ऐसी ही हवा टाइट है।

[03:16:13] सर राज व्यवस्था यानी पिटी तो आप टिप्स पर

[03:16:15] याद करवा रहे हो। लेकिन इंडियन और वर्ल्ड

[03:16:18] ज्योग्राफी ने तो रुला रखा है। समझ ही

[03:16:20] नहीं आता कहां से शुरू करूं और कहां खत्म।

[03:16:22] अरे बेटा जब तुम्हारा बड़ा भाई यहां है तो

[03:16:25] किस बात की टेंशन? बच्चों ध्यान से सुनो।

[03:16:27] टेस्ट क्यू ऐप पर आज ही इंडियन और वर्ल्ड

[03:16:30] ज्योग्राफी का एक महा लाजवाब कोर्स ल्च

[03:16:32] हुआ है। यह कोई साधारण कोर्स नहीं है। यह

[03:16:34] ऐसा मूवी स्टाइल कोर्स है जिसे ज्वाइन

[03:16:37] करने के बाद केवल 5-10 दिन में पूरा किया

[03:16:39] जा सकता है। यह पूरी तरह से एनसीईआरटी,

[03:16:41] आरबीएसई और मूल किताबों के निचोड़ से

[03:16:44] बनाया गया है। और सुनो, यह तुम्हारा भाई

[03:16:46] तुम्हारे लिए खास तोहफा दे रहा है। इस

[03:16:48] कोर्स को ज्वाइन करते समय कूपन कोड मानसर

[03:16:51] 51 लगा देना। तुम्हें भारी डिस्काउंट

[03:16:53] मिलेगा। इसे पढ़कर जाने वाला विद्यार्थी

[03:16:55] परीक्षा में ऐसी टॉप रैंक लाएगा कि पड़ोसी

[03:16:58] भी पूछेंगे भाई कहां से पढ़ाई की थी? तो

[03:17:00] आज ही टेस्ट क्यू ऐप डाउनलोड करो और कोर्स

[03:17:03] खरीद डालो क्योंकि सिलेक्शन इसी से होगा।

[03:17:05] थैंक यू सो मच सर। क्लास के बाद सबसे पहले

[03:17:08] यही कूपन कोड लगाकर कोर्स लेने वाली हूं।

[03:17:10] अब आगे बढ़ते हैं महिला आयोग की तरफ।

[03:17:12] तो चलो बच्चों अब बात करते हैं आधी आबादी

[03:17:14] के हकों की रक्षा करने वाले राजस्थान

[03:17:17] राज्य महिला आयोग की। कनिष्क क्या तुम

[03:17:19] जानती हो कि यह संवैधानिक निकाय है या

[03:17:21] सांवेदिक? सर, मैंने लक्ष्मीकांत में पढ़ा

[03:17:24] था कि जिसका जिक्र संविधान के अनुच्छेदों

[03:17:26] में नहीं होता, लेकिन जिसे विधानसभा या

[03:17:28] संसद कानून बनाकर पास करती है, उसे

[03:17:31] सांवधिक या वैधानिक स्टचुटरी बॉडी कहते

[03:17:33] हैं। तो, यह स्टचटरी बॉडी हुई ना?

[03:17:35] प्राउड ऑफ यू बेटा। एकदम करेक्ट। 23

[03:17:37] अप्रैल 1999 को राजस्थान विधानसभा ने

[03:17:41] राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम 1999

[03:17:44] पास किया और इसके तहत 15 मई 1999 को इस

[03:17:48] आयोग का गठन किया गया। इसका मुख्यालय

[03:17:50] जयपुर में है। इसका मुख्य उद्देश्य

[03:17:52] महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर

[03:17:54] रोक लगाना और उन्हें न्याय दिलाना है। इसे

[03:17:56] एक सिविल न्यायालय की शक्तियां प्राप्त

[03:17:58] है। यानी यह किसी को भी गवाही के लिए समन

[03:18:00] भेज सकता है।

[03:18:01] सर, इसके स्ट्रक्चर के बारे में बताइए।

[03:18:03] इसमें कितने मेंबर होते हैं? अधिनियम की

[03:18:05] धारा तीन के अनुसार आयोग में कुल पांच

[03:18:07] सदस्य होते हैं। एक अध्यक्ष, तीन सदस्य

[03:18:10] जिनमें एक एससी, एसटी और एक ओबीसी वर्ग से

[03:18:13] होना अनिवार्य है। एक सदस्य सचिव, मेंबर

[03:18:15] सेक्रेटरी जो एक अधिकारी होता है। इन सभी

[03:18:18] का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है।

[03:18:20] सर, महिला आयोग की अध्यक्ष कौन है अभी?

[03:18:22] क्या श्रीमती रिहाना रियाज चिश्ती जी ही

[03:18:24] हैं?

[03:18:25] बेटा कनिष्क यही वह बारीक पॉइंट है जहां

[03:18:27] से एग्जाम्स में सवाल बनेगा। ध्यान से

[03:18:29] सुनो। फरवरी 2022 में श्रीमती रिहाना

[03:18:33] रियाज चिश्ठी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया

[03:18:35] था। उनका 3 साल का कार्यकाल 10 फरवरी 2025

[03:18:39] को पूरा हो चुका है और लेटेस्ट न्यूज़ यह

[03:18:41] है कि अभी वर्तमान में अध्यक्ष का पद

[03:18:43] रिक्त यानी वेकेंट चल रहा है। चेयरमैन और

[03:18:46] सदस्यों के पद खाली होने के कारण हजारों

[03:18:48] केस पेंडिंग हो गए हैं। सिर्फ काम चलाने

[03:18:50] के लिए एडिशनल एसपी रैंक की महिला अधिकारी

[03:18:53] दीप्ति जोशी को सदस्य सचिव का अतिरिक्त

[03:18:55] प्रभार सौंपा गया है।

[03:18:56] ओह मतलब अभी कुर्सी खाली है। लेकिन सर

[03:18:59] पुरानी अध्यक्षों के नाम भी तो पूछ लेते

[03:19:01] हैं ना।

[03:19:01] बिल्कुल पूछते हैं। इसके लिए मैं एक

[03:19:03] शानदार टेबल बनवा रहा हूं। सभी विद्यार्थी

[03:19:06] इसका स्क्रीनशॉट ले लें। लेकिन अपडेट रहना

[03:19:08] जरूरी है। आप करंट अपडेट देखते रहें। कोई

[03:19:10] नया नाम आए उसे यहां फिट कर लेना। चलो अब

[03:19:13] एक पीवाईक्यू हो जाए। वनपाल 2022 और

[03:19:16] आरपीएससी सेकंड ग्रेड 2022 फरवरी 2022 में

[03:19:20] राजस्थान राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष

[03:19:23] किसे नियुक्त किया गया था?

[03:19:24] सर, इसका उत्तर होगा श्रीमती रिहाना रियाज

[03:19:27] चिश्ती जी।

[03:19:28] बिल्कुल सही। और अगर प्रश्न आरएएस प्री

[03:19:31] 202 का देखें तो राजस्थान राज्य महिला

[03:19:33] आयोग का गठन कब किया गया था?

[03:19:35] 15 मई 1999 को।

[03:19:37] अरे वाह मेरी शेरनी तो आज फुल फॉर्म में

[03:19:40] है। स्टूडेंट्स तुम लोग भी कमेंट्स में

[03:19:42] कनिष्क से पहले आंसर टाइप किया करो ताकि

[03:19:44] मुझे पता चले कि मेरे चीते कितने एक्टिव

[03:19:46] हैं और हां अगर मजा आ रहा है तो इस वीडियो

[03:19:49] को तुरंत लाइक करो और अपने सभी दोस्तों के

[03:19:51] साथ शेयर करो क्योंकि ज्ञान बांटने से

[03:19:53] बढ़ता है।

[03:19:54] सर महिला आयोग तो क्लियर हो गया। अब यह

[03:19:56] वित्त आयोग समझाओ। पैसा कहां से आता है और

[03:19:58] कहां जाता है यह बड़ा कंफ्यूजिंग है।

[03:20:00] पैसा हाय पैसा बेटा कनिष्क जब 73 और 74

[03:20:06] संविधान संशोधन हुआ तो पंचायतों और

[03:20:08] नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा मिल गया।

[03:20:11] अब उन बेचारों को काम तो दे दिया लेकिन

[03:20:13] काम करने के लिए पैसा भी तो चाहिए ना। इसी

[03:20:15] वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए संविधान

[03:20:18] में दो नए आर्टिकल जोड़े गए। अनुच्छेद 243

[03:20:21] आए पंचायतों के लिए राज्य वित्त आयोग।

[03:20:23] अनुच्छेद 243 व नगरपालिकाओं के लिए राज्य

[03:20:26] वित्त आयोग

[03:20:27] मतलब यह संवैधानिक निकाय है। लेकिन सर

[03:20:30] इसका असल काम क्या है?

[03:20:31] इसका मुख्य काम है राज्य की संचित निधि

[03:20:33] कंसोलिडेटेड फंड ऑफ स्टेट और राज्य की

[03:20:36] शुद्ध कर राजस्व स्टेट्स ओन नेट टैक्स

[03:20:38] रेवेन्यू एसओ एनटीआर में से पंचायती राज

[03:20:41] संस्थाओं पीआरआई और शहरी स्थानीय निकायों,

[03:20:45] यूएलबीस के बीच पैसों का बंटवारा करना।

[03:20:47] इसे वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल डेवोल्यूशन

[03:20:49] कहते हैं। राज्यपाल हर 5 साल में इसका गठन

[03:20:52] करता है जिसमें अधिकतम एक अध्यक्ष और चार

[03:20:54] सदस्य हो सकते हैं।

[03:20:55] सर सिक्स्थ वित्त आयोग का क्या हुआ?

[03:20:57] प्रद्युम्न सिंह जी वाला

[03:20:59] बेटा 12th अप्रैल 202 को प्रद्युम्न सिंह

[03:21:02] की अध्यक्षता में सिक्स्थ वित्त आयोग का

[03:21:04] गठन किया गया था। कार्यकाल 20202 इस आयोग

[03:21:07] ने बहुत महत्वपूर्ण सिफारिश की थी कि

[03:21:10] राज्य के शुद्ध कर राजस्व का 6.75%

[03:21:13] हिस्सा 202024 के लिए और 7% हिस्सा 2025

[03:21:18] के लिए स्थानीय निकायों को दिया जाए।

[03:21:20] इसमें से भी 75.1%

[03:21:23] ग्रामीण निकायों को और 24.9% शहरी निकायों

[03:21:26] को दिया गया।

[03:21:27] ओके। तो क्या अब सातवां आयोग बन गया है?

[03:21:29] न्यूज़ में कुछ अरुण चतुर्वेदी जी का नाम

[03:21:32] चल रहा था।

[03:21:32] बिल्कुल सही। मेरे सभी होनहार

[03:21:34] विद्यार्थियों, कान खड़े कर लो। 12th

[03:21:36] अप्रैल 2025 को राजस्थान सरकार ने सातवें

[03:21:40] राज्य वित्त आयोग सेवंथ एसएफसी का गठन कर

[03:21:43] दिया है। यह परीक्षा में 100% छपेगा। इसके

[03:21:46] अध्यक्ष बनाए गए हैं पूर्व कैबिनेट मंत्री

[03:21:48] अरुण चतुर्वेदी जी जिन्हें कैबिनेट मंत्री

[03:21:51] का दर्जा प्राप्त है और इसके सदस्य सचिव

[03:21:53] बनाए गए हैं रिटायर्ड आईएएस नरेश कुमार

[03:21:55] ठकराल, नरेश कुमार ठकराल। इस आयोग का

[03:21:58] कार्यकाल 1.5 वर्ष का होगा और इसका अवार्ड

[03:22:01] पीरियड 1st अप्रैल 2025 से 31st मार्च

[03:22:05] 2030 तक रहेगा।

[03:22:06] सर फर्स्ट से लेकर सेवंथ तक सारे

[03:22:09] अध्यक्षों के नाम याद रखने की कोई मानसर

[03:22:11] की ट्रिक दे दो ना प्लीज।

[03:22:12] तुम्हारे मांगने से पहले ही तैयार है

[03:22:14] बेटा। लिखो ट्रिक। गोयल ने देवों के सुर

[03:22:17] या सुर में कला और ज्योति जगाकर

[03:22:19] प्रद्युम्न के साथ अरुण की पूजा की।

[03:22:21] अरे वाह यह तो पूरी पोएट्री है। मतलब गोयल

[03:22:24] यानी केके गोयल। देव यानी हीरालाल

[03:22:27] देवपुरा, सूर यानी माणिकचंद सुराणा, कला

[03:22:30] यानी बी डी कल्ला, ज्योति यानी डॉ. ज्योति

[03:22:33] किरण, प्रद्युम्न यानी प्रद्युम्न सिंह और

[03:22:36] अरुण यानी अरुण चतुर्वेदी।

[03:22:38] सुपर्ब कनिष्क, तुम तो मेरी असिस्टेंट

[03:22:40] बनने लायक हो गई हो। चलो जल्दी से

[03:22:42] पीवाईक्यू का जवाब दो। आरपीएससी सेकंड

[03:22:44] ग्रेड 2023 में आया था राजस्थान के छठे

[03:22:48] वित्त आयोग के अध्यक्ष कौन बने हैं?

[03:22:49] सर, इसका उत्तर होगा प्रद्युम्न सिंह जी।

[03:22:52] करेक्ट। और अब एक नया संभावित प्रश्न जो

[03:22:54] सीईटी 2025 या आने वाले एग्जाम में आएगा।

[03:22:58] सातवें राजस्थान राज्य वित्त आयोग का गठन

[03:23:00] किस अवधि के लिए किया गया है?

[03:23:02] सर इसका उत्तर होगा 2025 से 26 से लेकर

[03:23:05] 2030 31 तक के लिए।

[03:23:07] बिल्कुल बच्चों यह लेटेस्ट डाटा तुम्हें

[03:23:10] किसी पुरानी किताब में नहीं मिलेगा। इसलिए

[03:23:12] कहता हूं मान एजुकेशन चैनल को सब्सक्राइब

[03:23:14] कर लो अपडेटेड रहोगे। बच्चों जब हम वित्त

[03:23:17] आयोग में 360 डिग्री का बंटवारा पढ़ रहे

[03:23:19] हैं तो मुझे याद आया जो विद्यार्थी आरएएस

[03:23:21] प्री का सपना देख रहे हैं हमने आरएएस प्री

[03:23:24] की टॉपिक वाइज 360° टेस्ट सीरीज ल्च कर दी

[03:23:27] है। यह टेस्ट सीरीज कोई नॉर्मल पेपर नहीं

[03:23:29] है। इसमें प्रश्न के प्रत्येक ऑप्शन की

[03:23:31] बेहतरीन व्याख्या दी गई है जो तुम्हारे

[03:23:34] बेसिक्स को जड़ से क्लियर कर देगी। यह

[03:23:36] टेस्ट सीरीज पूरी तरह से एनसीईआरटी, हिंदी

[03:23:38] ग्रंथ एकेडमी और मूल प्रामाणिक पुस्तकों

[03:23:41] का निचोड़ है। कनिष्क बेटा तुम भी तो

[03:23:43] आरएएस की तैयारी कर रही हो। तुमने इसे

[03:23:45] ज्वाइन किया या नहीं?

[03:23:46] सर, मैंने तो परसों ही टेस्ट Q ऐप से

[03:23:48] ज्वाइन कर ली है। और सच बताऊं इसके प्रश्न

[03:23:50] देखकर लगता है जैसे आरपीएससी का रियल पेपर

[03:23:53] दे रही हूं। एक्सप्लेनेशन तो इतना गजब का

[03:23:55] है कि एक प्रश्न के साथ चार नए फैक्ट्स

[03:23:57] याद हो जाते हैं।

[03:23:58] यही तो मान एजुकेशन का जादू है बेटा। तो

[03:24:01] मेरे प्यारे विद्यार्थियों अभी जाओ और

[03:24:03] टेस्ट क्यू एप्लीकेशन पर जाकर इस 360°

[03:24:06] टेस्ट सीरीज को खरीद लो। मैं वादा करता

[03:24:08] हूं इसे लगाने के बाद तुम्हारा

[03:24:09] आत्मविश्वास आसमान छुएगा। सर, अब

[03:24:12] चलते-चलते चुनाव आयोग को भी निपटा ही देते

[03:24:15] हैं। यह राज्य वाला चुनाव आयोग क्या एमएलए

[03:24:17] और एमपी के इलेक्शन करवाता है?

[03:24:19] नहीं बेटा कनिष्क यही गलती तो 90%

[03:24:22] स्टूडेंट्स करते हैं। एमएलए, एमपी और

[03:24:24] राष्ट्रपति के चुनाव भारत निर्वाचन आयोग

[03:24:26] करवाता है। हमारे राज्य निर्वाचन आयोग का

[03:24:28] सिर्फ एक ही काम है। 73 और 74 संशोधन के

[03:24:32] तहत पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय

[03:24:35] निकायों यानी यूएलबीस के चुनाव करवाना,

[03:24:37] मतदाता सूचियां तैयार करना। ओह यह तो

[03:24:40] मैंने लक्ष्मीकांत में पढ़ा था पर भूल गई

[03:24:42] थी। अच्छा सर इसका गठन किस आर्टिकल के तहत

[03:24:45] हुआ?

[03:24:45] जुलाई 1994 में इसका गठन अनुच्छेद 243 के

[03:24:49] पंचायतों के लिए और अनुच्छेद 243 जेड ए

[03:24:52] नगर पालिकाओं के लिए किया गया था। यह एक

[03:24:55] सदस्य आयोग है। मतलब इसमें केवल एक राज्य

[03:24:57] निर्वाचन आयुक्त यानी स्टेट इलेक्शन

[03:25:00] कमिश्नर होता है जिसे राज्यपाल नियुक्त

[03:25:02] करता है।

[03:25:02] सर, अगर यह एक ही इंसान है और इसने चुनाव

[03:25:05] में कोई धांधली कर दी तो इसे हटाएंगे

[03:25:07] कैसे? क्या राज्यपाल सीधे सस्पेंड कर

[03:25:09] देगा?

[03:25:10] ना मुन्ना ना। संविधान निर्माताओं ने इसे

[03:25:12] बहुत स्वायत्तता यानी ऑटोनोमी दी है। इसे

[03:25:15] इसके पद से केवल उसी रीति और उन्हीं

[03:25:17] आधारों पर हटाया जा सकता है जिस प्रकार

[03:25:20] उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता

[03:25:22] है। यानी संसद में महाभियोग जैसी जटिल

[03:25:25] प्रक्रिया से। यह पॉइंट आरपीएससी सेकंड

[03:25:27] ग्रेड और पीएसआई दोनों में पूछा जा चुका

[03:25:29] है।

[03:25:30] सर, पहले आयुक्त कौन थे और लेटेस्ट 2025

[03:25:33] में कौन है? प्रथम आयुक्त श्री अमर सिंह

[03:25:35] राठौर थे। और लेटेस्ट धमाका यह है बेटा कि

[03:25:38] 17 सितंबर 2025 को राजस्थान के नए मुख्य

[03:25:41] राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पूर्व

[03:25:44] आईएएस अधिकारी राजेश्वर सिंह को नियुक्त

[03:25:46] किया गया है। इन्होंने डॉ. मधुकर गुप्ता

[03:25:49] का स्थान लिया है।

[03:25:50] सर इनकी भी कोई ट्रिक है क्या?

[03:25:51] बिल्कुल है। लिखो ट्रिक। अमर ने भसीन को

[03:25:54] खन्ना के साथ पांडे के घर राम और प्रेम की

[03:25:57] मधु पिलाई। तब जाकर राजेश्वर आए। अमर सिंह

[03:26:00] राठौर, एनआर भसीन, इंद्रजीत खन्ना, ए के

[03:26:03] पांडे, राम लुभाया, प्रेम सिंह मेहरा,

[03:26:06] मधुकर गुप्ता, राजेश्वर सिंह।

[03:26:08] हां हां सर आपकी ट्रिक्स तो सच में मूवी

[03:26:10] के डायलॉग्स जैसी होती है। तब जाकर

[03:26:12] राजेश्वर राय?

[03:26:14] अरे बेटा जब तक पढ़ाई में मजा नहीं आएगा

[03:26:16] तब तक दिमाग डाटा को स्टोर नहीं करेगा।

[03:26:18] चलो एक पीवाईक्यू बताओ। प्रश्न आरएस प्री

[03:26:22] 2023 या एलडीसी राजस्थान राज्य निर्वाचन

[03:26:25] आयोग का गठन कब हुआ?

[03:26:26] जुलाई 1994 में। और यह प्रश्न रीट 2022

[03:26:31] राज्य निर्वाचन आयोग है एक

[03:26:33] सर यह एक संवैधानिक संस्था है

[03:26:35] कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी

[03:26:36] बच्चों क्लास खत्म होने से पहले मैं हमेशा

[03:26:39] रिवीजन करवाता हूं क्योंकि रिवीजन ही

[03:26:41] डिवीजन बनाता है। कनिष्क क्या तुम तैयार

[03:26:43] हो मेरे पांच बुलेट सवालों का जवाब देने

[03:26:45] के लिए? यह वो सवाल हैं जो 2020 से 2025

[03:26:48] के बीच अलग-अलग एग्जाम्स में आए हैं और

[03:26:51] आगे भी आएंगे।

[03:26:52] येस सर फायर कीजिए। फर्स्ट आरपीएससी सेकंड

[03:26:55] ग्रेड 2023 राज्य वित्त आयोग के छठे

[03:26:58] अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह द्वारा शुद्ध कर

[03:27:01] राजस्व का कितना प्रतिशत स्थानीय निकायों

[03:27:03] को देने की सिफारिश की गई थी?

[03:27:05] सर 6.75%

[03:27:07] 2020 से 24 के लिए बाद में 24-25 के लिए

[03:27:10] इसे 7% कर दिया गया।

[03:27:12] गुड। नेक्स्ट 17 सितंबर 2025 को राजस्थान

[03:27:16] के नए राज्य निर्वाचन आयुक्त कौन बने हैं?

[03:27:18] राजेश्वर सिंह जी इन्होंने मधुकर गुप्ता

[03:27:21] की जगह ली है।

[03:27:22] 2022 में राजस्थान राज्य महिला आयोग की

[03:27:25] अध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया था? जिनका

[03:27:27] कार्यकाल फरवरी 2025 में पूरा हो गया।

[03:27:29] श्रीमती रिहाना रियाज चिश्ती और अभी यह पद

[03:27:32] खाली है।

[03:27:33] सीईटी 2025 या पटवार 1 अगस्त 2025 को गठित

[03:27:38] सातवें राजस्थान राज्य वित्त आयोग के

[03:27:40] अध्यक्ष कौन है?

[03:27:40] कैबिनेट मंत्री के दर्जे वाले श्री अरुण

[03:27:43] चतुर्वेदी जी।

[03:27:44] गुड। राजस्थान लोक सेवा आयोग आरपीएससी के

[03:27:47] नए अध्यक्ष जून 2025 का नाम क्या है?

[03:27:50] पूर्व डीजीपी उत्कल रंजन साहू जी।

[03:27:52] वाह मेरी शेरनी तुमने तो आज सारे रिकॉर्ड

[03:27:54] तोड़ दिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे जो

[03:27:56] विद्यार्थी यह वीडियो देख रहे हैं

[03:27:58] उन्होंने भी सारे सवालों के सही जवाब अपने

[03:28:00] दिमाग में सोच लिए होंगे।

[03:28:02] वाह मान सर आज तो मजा आ गया। सच में पिटी

[03:28:05] जो हमेशा एक हॉरर मूवी लगती थी। आज आपने

[03:28:07] उसे कॉमेडी एक्शन ब्लॉकबस्टर बना दिया।

[03:28:10] सारे आर्टिकल्स, नए चेयरमैन और आपकी

[03:28:12] ट्रिक्स सब कुछ क्लास में याद हो गया। अब

[03:28:15] तो मुझे अगले क्लास का बेसब्री से इंतजार

[03:28:17] रहेगा।

[03:28:18] यही तो इस बड़े भाई की असली कमाई है बेटा।

[03:28:20] जब एक स्टूडेंट कहता है कि उसे सब याद हो

[03:28:22] गया तो मेरी मेहनत सफल हो जाती है। मेरे

[03:28:24] प्यारे विद्यार्थियों, तुम सब मेरे छोटे

[03:28:26] भाई बहन हो। मैं वादा करता हूं तुम्हारे

[03:28:28] सिलेक्शन तक मैं तुम्हारे साथ कंधे से

[03:28:30] कंधा मिलाकर खड़ा हूं। लेकिन याद रखना

[03:28:33] सिर्फ वीडियो देखने से काम नहीं चलेगा।

[03:28:35] प्रैक्टिस बहुत जरूरी है। इसलिए अभी तुरंत

[03:28:37] टेस्ट क्यू एप्लीकेशन डाउनलोड करो। वहां

[03:28:39] जो आरएएस प्री की टॉपिक वाइज 360° टेस्ट

[03:28:42] सीरीज है उसे लगाना शुरू करो और सेकंड

[03:28:44] ग्रेड वालों ज्योग्राफी के मूवी स्टाइल

[03:28:46] कोर्स में मानसर 51 कूपन कोड लगाकर आज ही

[03:28:49] अपनी सीट पक्की कर लो। अगर आज की क्लास ने

[03:28:52] तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान लाई है और

[03:28:54] दिमाग की बत्ती जलाई है तो इस वीडियो को

[03:28:56] इतना लाइक और शेयर करो कि यह YouTube के

[03:28:58] इतिहास की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली

[03:29:00] वीडियो बन जाए। कमेंट बॉक्स में लिखकर

[03:29:02] जरूर बताना कि मानसर की ट्रिक कैसी लगी।

[03:29:05] यार यह राजस्थान की राज व्यवस्था,

[03:29:08] राजस्थान पॉलिटी मुझे कभी समझ नहीं आएगी।

[03:29:11] इतने सारे एक्ट, इतने सारे अनुच्छेद और

[03:29:14] ऊपर से यह लोकायुक्त और विधिक सेवा

[03:29:17] प्राधिकरण यानी लीगल सर्विसेज अथॉरिटी नाम

[03:29:20] ही इतने भारी हैं कि सुनते ही नींद आने

[03:29:23] लगती है। क्या कोई ऐसा तरीका नहीं है

[03:29:25] जिससे यह सब एक फिल्म की कहानी की तरह याद

[03:29:28] हो जाए? एग्जाम सर पर है और मेरा दिमाग

[03:29:30] एकदम ब्लैंक है।

[03:29:32] मंजिलें क्या हैं? रास्ता क्या है? हौसला

[03:29:35] हो तो फासला क्या है? आइए मेरे प्यारे

[03:29:38] विद्यार्थियों मान एजुकेशन के इस YouTube

[03:29:41] चैनल पर आपकी अपनी क्लास में आपका बड़े

[03:29:44] भाई की तरह दिल की गहराइयों से स्वागत है।

[03:29:47] कनिष्क बेटा और स्क्रीन के उस पार बैठे

[03:29:49] मेरे हर एक योद्धा आज की इस क्लास के बाद

[03:29:52] आप खुद कहोगे कि वाह मानसर आज तो मजा आ

[03:29:56] गया। आज हम राजस्थान पिटी के इन टॉपिक्स

[03:29:59] को रटेंगे नहीं बल्कि जिएंगे। अरे मान सर

[03:30:03] आप आ गए। सर सच बताऊं तो मैं तो हार मानने

[03:30:06] ही वाली थी। यह पिटी बहुत बोरिंग लगती है

[03:30:08] सर। क्या आज भी हम वही पुरानी और मोटी

[03:30:11] किताबों के पन्ने पलटेंगे?

[03:30:13] बिल्कुल नहीं कनिष्क बेटा। आज कोई

[03:30:16] रट्टाफिकेशन नहीं होगा। आज की क्लास

[03:30:18] YouTube के इतिहास की सबसे लाजवाब क्लास

[03:30:21] होने वाली है। हम आज लोकायुक्त और

[03:30:24] राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण यानी

[03:30:27] आरएसएलएसए

[03:30:28] को एक हॉलीवुड स्पाई थ्रिलर मूवी की तरह

[03:30:31] समझेंगे। और हां, इस क्लास का कंटेंट कोई

[03:30:34] मामूली कंटेंट नहीं है। यह पूरा डाटा सीधे

[03:30:37] एनसीईआरटी, एम लक्ष्मीकांत, हिंदी ग्रंथ

[03:30:40] अकादमी और भारत सरकार के असली बैर एक्ट्स

[03:30:43] का एकदम शुद्ध निचोड़ है। लेकिन अपनी इस

[03:30:46] ब्लॉकबस्टर कहानी को शुरू करने से पहले

[03:30:49] मैं अपने सभी प्यारे भाई बहनों को एक ऐसी

[03:30:51] खुशखबरी देना चाहता हूं जिसे सुनकर आप

[03:30:54] खुशी से उछल पड़ेंगे।

[03:30:56] खुशखबरी सर प्लीज जल्दी बताइए ना। मुझसे

[03:30:58] अब और इंतजार नहीं हो रहा। तो ध्यान से

[03:31:00] सुनिए मेरे आरपीएससी सेकंड ग्रेड और आरएएस

[03:31:04] की तैयारी करने वाले शेर और शेरनियों। आज

[03:31:07] ही हमारी अपनी टेस्ट क्यू एप्लीकेशन पर

[03:31:09] आरपीएससी सेकंड ग्रेड भर्ती के प्रथम

[03:31:12] प्रश्न पत्र के लिए इंडियन और वर्ल्ड

[03:31:14] जग्राफी का एक बिल्कुल नया मूवी स्टाइल

[03:31:16] कोर्स ल्च हो गया है। और पता है इसकी सबसे

[03:31:19] बड़ी खासियत क्या है?

[03:31:20] क्या है सर?

[03:31:21] इस कोर्स को इस तरह से डिजाइन किया गया है

[03:31:24] कि आप इसे ज्वॉइ करने के बाद केवल 5 दिन

[03:31:26] में। जी हां, सिर्फ 5 से 10 दिन में पूरा

[03:31:29] कर सकते हैं। यह कोर्स पूरी तरह से

[03:31:32] एनसीईआरटी, आरबीएसई और मूल किताबों के

[03:31:35] निचोड़ से बनाया गया है। और रुको,

[03:31:37] सरप्राइज़ अभी बाकी है। जब आप टेस्ट क्यू

[03:31:39] ऐप पर इस कोर्स को ज्वाइन करेंगे तो

[03:31:41] पेमेंट के समय मेरा कूपन कोड मान सर 51 एम

[03:31:45] ए एन एस आई आर51 लगाना बिल्कुल मत भूलना।

[03:31:49] इसे लगाते ही आपको भारी डिस्काउंट मिलेगा।

[03:31:52] और हां, आरएएस प्री के लिए हमारी टॉपिक

[03:31:54] वाइज 360° टेस्ट सीरीज भी ल्च हो चुकी है।

[03:31:57] इस टेस्ट सीरीज में प्रश्न के प्रत्येक

[03:31:59] ऑप्शन की इतनी बेहतरीन व्याख्या की गई है

[03:32:02] कि आपके सारे बेसिक्स वहीं क्लियर हो

[03:32:04] जाएंगे। जो विद्यार्थी इस कोर्स को पढ़कर

[03:32:07] जाएगा वो परीक्षा में टॉप रैंक लाएगा। यह

[03:32:10] तुम्हारे मान सर का वादा है।

[03:32:12] वाओ सर, यह तो सच में किसी जादू से कम

[03:32:15] नहीं है। मैं तो आज ही क्लास खत्म होते ही

[03:32:17] टेस्ट q ऐप डाउनलोड करके कूपन कोड मान सर

[03:32:20] 51 लगा रही हूं। अब तो सिलेक्शन पक्का है।

[03:32:23] चलिए सर अब जल्दी से अपनी आज की कहानी

[03:32:26] शुरू करते हैं। यह लोकायुक्त आखिर किस बला

[03:32:29] का नाम है? तो चलिए कहानी फ्लैशबैक में ले

[03:32:32] चलते हैं। कनिष्क बेटा मान लो कि किसी

[03:32:34] राज्य में बड़े-बड़े मंत्री और आईएएस

[03:32:36] अधिकारी मिलकर कोई बड़ा घोटाला कर दें तो

[03:32:39] पुलिस तो उनके ही अंडर काम करती है। तो

[03:32:41] पुलिस उनकी जांच कैसे करेगी? डर के मारे

[03:32:43] कोई कुछ नहीं बोलेगा। इसीलिए लोकतंत्र को

[03:32:46] बचाने के लिए हमें एक ऐसे सुपर हीरो या कह

[03:32:49] लो एक ऐसे इंडिपेंडेंट सीसीटीवी कैमरे की

[03:32:52] जरूरत थी जो बिना डरे इन बड़े लोगों की

[03:32:54] जांच कर सके। इसी सुपर हीरो का नाम है

[03:32:57] लोकायुक्त। ओह मतलब लोकायुक्त नेताओं और

[03:33:00] बड़े अफसरों का बॉस है। लेकिन सर यह

[03:33:03] आईडिया सबसे पहले आया कहां से?

[03:33:05] बहुत ही शानदार सवाल पूछा है बेटा। यह

[03:33:07] आईडिया सबसे पहले 1809 में स्वीडन नाम के

[03:33:10] देश से आया था। जहां इसे ओमबुड्समैन कहा

[03:33:13] जाता है। फिर भारत में 1966 में प्रशासनिक

[03:33:17] सुधार आयोग यानी एडमिनिस्ट्रेटिव

[03:33:19] रिफॉर्म्स कमीशन बना था। जिसके अध्यक्ष थे

[03:33:22] मोरारजी देसाई। उन्होंने कहा कि केंद्र

[03:33:24] में लोकपाल होना चाहिए और राज्यों में

[03:33:27] लोकायुक्त होना चाहिए और इसी बात को मानते

[03:33:29] हुए हमारे प्यारे राजस्थान में राजस्थान

[03:33:32] लोकायुक्त तथा उप लोकायुक्त अधिनियम 1973

[03:33:36] यानी राजस्थान लोकायुक्त एंड उपलोकायुक्त

[03:33:39] एक्ट 1973 पास किया गया।

[03:33:42] अधिनियम 1973

[03:33:44] सर क्या इसकी कोई फिक्स डेट भी है जो

[03:33:46] एग्जाम में पूछी जाती है?

[03:33:47] बिल्कुल है बेटा। इसे राष्ट्रपति की

[03:33:49] मंजूरी 26 मार्च 1973 को मिली थी। यह डेट

[03:33:53] दिमाग में ऐसे छाप लो जैसे कोई टैटू हो और

[03:33:56] इसी एक्ट की धारा तीन के तहत राजस्थान में

[03:33:59] लोकायुक्त की नियुक्ति होती है।

[03:34:01] सर तो फिर हमारे राजस्थान के सबसे पहले

[03:34:03] लोकायुक्त कौन बने थे? और आजकल इस कुर्सी

[03:34:06] पर कौन बैठा है? यह लेटेस्ट डाटा मुझे

[03:34:08] अपनी नोटबुक में लिखना है।

[03:34:10] तो लिखो बेटा और मेरे सभी प्यारे

[03:34:12] स्टूडेंट्स भी अपने कानों में ईयरफोन सेट

[03:34:14] कर लें। मैं आपको एक बहुत ही प्यारी सी

[03:34:16] टेबल स्क्रीन पर दिखा रहा हूं। इसे ध्यान

[03:34:18] से देखो। सबसे पहले लोकायुक्त का पद

[03:34:21] पोजीशन फिर उनका नाम नेम और लास्ट में

[03:34:24] कार्यकाल या महत्वपूर्ण तथ्य प्रथम

[03:34:26] लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री आईडी दुआ

[03:34:29] राजस्थान के पहले भ्रष्टाचार विरोधी

[03:34:31] प्रहरी प्रथम उपलोकायुक्त श्री केपी यू

[03:34:34] मेनन एकमात्र उपलोकायुक्त पूर्व लोकायुक्त

[03:34:36] न्यायमूर्ति एस एस कोठारी इनका कार्यकाल

[03:34:39] 2013 से 2019 तक रहा। वर्तमान या 13वें

[03:34:42] लोकायुक्त न्यायमूर्ति प्रताप कृष्ण लोहरा

[03:34:45] अक्टूबर 2021 से वर्तमान तक पद पर आसीन।

[03:34:48] कनिष्क इस टेबल को ध्यान से देखो। 13वें

[03:34:51] और वर्तमान लोकायुक्त जस्टिस प्रताप कृष्ण

[03:34:53] लोहरा जी हैं। एक बात और याद रखना

[03:34:56] राजस्थान के इतिहास में आज तक केवल एक ही

[03:34:58] बार उपलोकायुक्त की नियुक्ति हुई है। और

[03:35:01] वह थे श्री केपी यू मेनन। उसके बाद से यह

[03:35:03] पद हमेशा खाली ही रहा है।

[03:35:05] सर ये तो बहुत ही गजब की जानकारी है।

[03:35:07] फर्स्ट आईडी दुआ और करंट पीके लोहरा 13वें

[03:35:11] लेकिन सर मुझे एक बात समझ नहीं आती। इनकी

[03:35:13] नियुक्ति अपॉइंटमेंट करता कौन है? क्या

[03:35:16] मुख्यमंत्री खुद इन्हें चुनते हैं?

[03:35:18] बेटा खुद सोचो अगर मुख्यमंत्री ही अपनी

[03:35:20] मर्जी से इन्हें चुनेगा तो क्या यह

[03:35:22] लोकायुक्त कभी मुख्यमंत्री या उनके

[03:35:24] मंत्रियों के खिलाफ ईमानदारी से जांच कर

[03:35:26] पाएगा? नहीं ना। इसीलिए हमारे संविधान

[03:35:29] निर्माताओं ने बहुत दिमाग लगाया। इनकी

[03:35:32] नियुक्ति राज्य का राज्यपाल करता है,

[03:35:34] लेकिन राज्यपाल अपनी मर्जी से नहीं करता।

[03:35:36] उसे तीन लोगों की एक कमेटी से सलाह लेनी

[03:35:38] पड़ती है।

[03:35:39] अच्छा, वह तीन लोग कौन होते हैं, सर?

[03:35:41] पहला राज्य का मुख्यमंत्री, दूसरा

[03:35:43] हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस और तीसरा विधानसभा

[03:35:47] में विपक्ष का नेता, लीडर ऑफ अपोजिशन इन

[03:35:49] लेजिसलेटिव असेंबली। इन तीनों की सहमति के

[03:35:51] बाद ही राज्यपाल लोकायुक्त को नियुक्त

[03:35:54] करता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि

[03:35:56] लोकायुक्त एकदम निष्पक्ष इंसान हो। वाह

[03:35:58] सर, कितनी गहराई से बैलेंस बनाया गया है

[03:36:00] सिस्टम में। अब मैं पूरी तरह समझ गई।

[03:36:03] तो चलो बेटा अब देखते हैं कि एग्जाम में

[03:36:05] यहां से क्वेश्चन कैसे बनता है और याद रहे

[03:36:07] मैं जो भी पीवाईक्यू पूछूंगा वो वन लाइनर

[03:36:10] फॉर्मेट में होगा ताकि सीधे दिमाग में

[03:36:12] स्ट्राइक करें। यह रहा सवाल जो पटवार और

[03:36:15] आरएएस दोनों में आ चुका है। पीवाईक्यू

[03:36:17] आरएएस प्री 2021 एंड पटवार 2021 राजस्थान

[03:36:21] के प्रथम लोकायुक्त कौन थे?

[03:36:23] सर इसका जवाब तो कोई बच्चा भी दे देगा।

[03:36:25] न्यायमूर्ति श्री आईडी दुआ जस्टिस आईडी

[03:36:28] दुआ

[03:36:28] बिल्कुल सही जस्टिस आईडी दुआ सुप्रीम

[03:36:31] कोर्ट के रिटायर्ड जज थे। लोकायुक्त बनने

[03:36:33] की योग्यता ही यही होती है कि वह व्यक्ति

[03:36:35] या तो सुप्रीम कोर्ट का जज रहा हो या किसी

[03:36:38] हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस रहा हो। शानदार

[03:36:40] कनिष्क

[03:36:41] सर नियुक्ति तो हो गई लेकिन इनका कार्यकाल

[03:36:43] कितना होता है? मैंने कहीं पढ़ा था कि 8

[03:36:45] साल होता है और कहीं 5 साल लिखा है। मैं

[03:36:48] तो बुरी तरह कंफ्यूज हूं।

[03:36:49] बेटा कनिष्क तुम्हारी यह कंफ्यूजन आज मैं

[03:36:52] जड़ से मिटा दूंगा। इस टॉपिक पर राजस्थान

[03:36:54] की राजनीति में बड़ा ड्रामा हुआ है। ध्यान

[03:36:57] से सुनना। शुरुआत में जब यह एक्ट बना था

[03:36:59] तब कार्यकाल था 5 साल या 65 वर्ष की आयु

[03:37:02] जो भी पहले हो। फिर 2018 में पिछली सरकार

[03:37:06] ने एक अध्यादेश लाकर इसे बढ़ाकर 8 साल कर

[03:37:09] दिया था।

[03:37:09] अरे बाप रे 8 साल फिर क्या हुआ सर? फिर

[03:37:13] 2019 में नई सरकार आई और उसने कहा नहीं

[03:37:16] भाई 8 साल बहुत ज्यादा है तो उन्होंने

[03:37:18] 2019 में राजस्थान लोकायुक्त और उप

[03:37:21] लोकायुक्त संशोधन विधेयक 2019 पास किया और

[03:37:25] इसे वापस घटाकर 5 साल कर दिया। जिसके कारण

[03:37:28] उस समय के लोकायुक्त जस्टिस एस एस कोठारी

[03:37:31] को अपना पद छोड़ना पड़ा था। तो अगर आज की

[03:37:33] डेट के हिसाब से एग्जाम में पूछा जाए तो

[03:37:36] हमारा उत्तर क्या होगा? सर 5 वर्ष या 65

[03:37:38] वर्ष की आयु 5 इयर्स और 65 इयर्स ऑफ एज

[03:37:41] व्हिच एवर इज अर्लियर

[03:37:42] एकदम सटीक और इसे हमेशा के लिए याद रखने

[03:37:45] के लिए हाजिर है हमारी शानदार मानसर की

[03:37:48] ट्रिक

[03:37:48] यह हुई ना बात सर जल्दी बताइए

[03:37:50] सुनो बेटा भ्रष्टाचार रूपी रावण को मारने

[03:37:53] के लिए लोकायुक्त को एक जोरदार पंच मारना

[03:37:56] पड़ता है। पंच से याद रखना 5 साल और जब

[03:37:59] इंसान 65 साल का बूढ़ा हो जाता है ना तो

[03:38:01] उसके हाथों में पंच मारने की ताकत नहीं

[03:38:03] बचती। तो बस सेट हो गया दिमाग में। पंच से

[03:38:06] 5 साल और बुढ़ापे से 65 साल। फाइव इयर्स

[03:38:09] और 65 इयर्स ऑफ एज व्हिच एवर इज अर्लियर।

[03:38:12] बोलो याद हुआ कि नहीं?

[03:38:14] सर आप भी ना कसम से क्या गजब ट्रिक बनाई

[03:38:17] है आपने। पंच मारने की ताकत 65 साल तक।

[03:38:20] सर, अब तो मैं इसे मरते दम तक नहीं भूल

[03:38:22] सकती।

[03:38:23] यही तो जादू है बेटा। पढ़ाई को जब हम अपनी

[03:38:25] आम जिंदगी की बातों से जोड़ लेते हैं तो

[03:38:27] वह कभी भूलती नहीं। अगर आप सभी स्टूडेंट्स

[03:38:30] को भी क्लास में मजा आ रहा है तो अभी के

[03:38:32] अभी वीडियो को लाइक करें। चैनल को

[03:38:34] सब्सक्राइब करें और कमेंट में लिखकर बताइए

[03:38:36] मान सर की ट्रिक कैसी लगी? आपका प्यार ही

[03:38:39] मेरी असली मोटिवेशन है। चलो अब इसी बात पर

[03:38:42] एक प्रीवियस ईयर प्रश्न हो जाए जो

[03:38:43] आरपीएससी द्वितीय श्रेणी परीक्षा में पूछा

[03:38:46] गया था। राजस्थान में लोकायुक्त का

[03:38:48] कार्यकाल कितना होता है?

[03:38:49] सर, अभी तो पंच मारा है हमने। 5 वर्ष की

[03:38:52] आयु या 65 वर्ष, फाइव इयर्स और 65 इयर्स

[03:38:55] ऑफ़ एज व्हिच एवर इज़ अर्लियर?

[03:38:56] शाबाश बेटा। लोकायुक्त अधिनियम 1973 की

[03:39:00] धारा पांच के अनुसार इनका कार्यकाल 5 वर्ष

[03:39:03] या 65 वर्ष की आयु है और याद रहे यह

[03:39:06] पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होते यानी एक

[03:39:08] बार रिटायर हो गए तो दोबारा इस पद पर नहीं

[03:39:11] आ सकते। साथ ही अगर इन्हें हटाना हो

[03:39:13] रिमूवल तो धारा छह के तहत इन्हें वैसे ही

[03:39:16] महाभियोग द्वारा हटाया जाता है जैसे

[03:39:18] हाईकोर्ट के जज को हटाया जाता है। यानी

[03:39:21] विधानसभा में दो तिहाई बहुमत से। सर मुझे

[03:39:23] यह तो समझ आ गया कि लोकायुक्त कौन है और

[03:39:26] कितने साल काम करता है। लेकिन सर सबसे

[03:39:28] बड़ा सवाल तो यह है कि यह लोकायुक्त साहब

[03:39:31] आखिर किस-किस की क्लास लगा सकते हैं? मेरा

[03:39:34] मतलब है कौन-कौन इनके जांच के दायरे में

[03:39:36] आता है?

[03:39:37] कनिष्क बेटा तुमने बिल्कुल सही दुखती रग

[03:39:39] पर हाथ रखा है। यह इस पूरे चैप्टर का सबसे

[03:39:41] ज्यादा पूछे जाने वाला और सबसे इंपॉर्टेंट

[03:39:44] हिस्सा है। पेपर सेटर का सबसे फेवरेट

[03:39:46] एरिया। तो सुनो बेयर एक्ट की धारा सात के

[03:39:49] अनुसार लोकायुक्त के सीसीटीवी कैमरे के

[03:39:52] राडार पर कौन-कौन आता है? इंक्लूडेड इन

[03:39:54] जुरिसडिक्शन। राज्य के सभी मंत्री चाहे वह

[03:39:57] कैबिनेट मंत्री हो या राज्य मंत्री।

[03:39:59] मुख्यमंत्री को छोड़कर सभी लोक सेवक

[03:40:01] जिसमें सेक्रेटरीज और सभी विभागों के

[03:40:04] अध्यक्ष शामिल हैं। जिला स्तर पर जिला

[03:40:06] परिषद के जिला प्रमुख और उपजिला प्रमुख,

[03:40:09] पंचायत स्तर पर पंचायत समितियों के प्रधान

[03:40:11] और उप प्रधान, शहरी निकायों में नगर निगम

[03:40:14] के मेयर और डिप्टी मेयर तथा नगर पालिकाओं

[03:40:17] के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, सरकारी कंपनियों

[03:40:19] में राजस्थान सरकार के नियंत्रण वाली सभी

[03:40:22] कंपनियों, निगमों और बोर्ड के अध्यक्ष और

[03:40:24] अधिकारी यह सब लोकायुक्त की नजरों से बच

[03:40:27] नहीं सकते। ओक तेरी मतलब प्रधान जी और

[03:40:30] जिला प्रमुख जी सब इनके रडार पर हैं।

[03:40:32] लेकिन सर कुछ ऐसे लोग भी तो होंगे ना जो

[03:40:34] पावरफुल होंगे और इस रडार से बाहर होंगे।

[03:40:37] बिल्कुल सही पकड़ा और आरपीएससी हमेशा

[03:40:39] इन्हीं अपवादों पर एग्जेंपशंस पर सवाल

[03:40:42] पूछती है। यह अपवाद अधिनियम की धारा आठ

[03:40:45] में दिए गए हैं। ध्यान से सुनना कि

[03:40:47] लोकायुक्त किसकी जांच नहीं कर सकता?

[03:40:49] मुख्यमंत्री। जी हां, राजस्थान में

[03:40:51] मुख्यमंत्री लोकायुक्त के दायरे से बाहर

[03:40:53] हैं। न्यायपालिका हाई कोर्ट के मुख्य

[03:40:56] न्यायाधीश और सभी जज तथा कोर्ट के

[03:40:58] कर्मचारी आरपीएससी राजस्थान लोक सेवा आयोग

[03:41:01] के अध्यक्ष और उसके सदस्य महालेखाकार

[03:41:04] राजस्थान के एजी साहब निर्वाचन आयोग मुख्य

[03:41:07] निर्वाचन आयुक्त और चुनाव अधिकारी

[03:41:09] विधानसभा सचिवालय विधानसभा के अधिकारी और

[03:41:12] कर्मचारी पंचायती राज के निचले स्तर पंच

[03:41:15] और सरपंच रिटायर्ड अधिकारी जो लोक सेवक

[03:41:18] रिटायर हो चुके हैं। अब बच्चा एग्जाम में

[03:41:20] इन्हीं नामों को देखकर कंफ्यूज हो जाता है

[03:41:23] और आंसर गलत कर देता है।

[03:41:24] सर मैं भी कंफ्यूज हो गई। मुख्यमंत्री और

[03:41:26] जज साहब का तो समझ आता है कि वह बहुत बड़े

[03:41:29] पद हैं। लेकिन सर यह गांव के सरपंच को

[03:41:31] क्यों छोड़ दिया? वो तो गांव में कई बार

[03:41:33] नरेगा या सड़कों के टेंडर में घपला कर

[03:41:35] देते हैं। उनकी जांच लोकायुक्त क्यों नहीं

[03:41:37] कर सकता?

[03:41:40] कनिष्क बेटा यह बहुत ही लॉजिकल डाउट है।

[03:41:43] इसका कारण यह है कि पंचायती राज व्यवस्था

[03:41:46] में सरपंच और पंचों पर नियंत्रण के लिए

[03:41:49] राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की

[03:41:52] धारा 38 के तहत राज्य सरकार के पास खुद

[03:41:56] उन्हें हटाने की पावर होती है। उनकी जांच

[03:41:59] के लिए एक अलग सिस्टम बना हुआ है। इसीलिए

[03:42:02] उन्हें लोकायुक्त के भारीभरकम सिस्टम से

[03:42:04] बाहर रखा गया है। समझी? ओह अब जाके

[03:42:07] बेसिक्स क्लियर हुए मेरे। लेकिन सर इतने

[03:42:10] सारे नाम याद कैसे रहेंगे? क्या इसके लिए

[03:42:12] भी कोई मानसर की ट्रिक है?

[03:42:14] अरे मानसर की क्लास हो और ट्रिक ना हो ऐसा

[03:42:17] हो सकता है क्या? लिखो बेटा एक जादुई

[03:42:19] ट्रिक। सीएसआर ट्रिक। यह ट्रिक हमें

[03:42:22] बताएगी कि कौन लोकायुक्त से बाहर है। सी

[03:42:25] से याद रखो चीफ मिनिस्टर यानी मुख्यमंत्री

[03:42:28] और चीफ जस्टिस यानी मुख्य न्यायाधीश। एस

[03:42:31] से याद रखो सरपंच और सेक्रेटेरियट स्टाफ

[03:42:34] यानी सचिवालय के कर्मचारी। आर से याद रखो

[03:42:37] आरपीएससी मेंबर्स और रिटायर्ड ऑफिसर्स

[03:42:40] यानी रिटायर्ड अफसर। बस यह सीएसआर याद

[03:42:43] रखना। एग्जाम में जब भी पूछे कौन बाहर है

[03:42:46] तुरंत सीएसआर को ढूंढ लेना। आंसर तुम्हारे

[03:42:48] सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो जाएगा।

[03:42:50] वाह मानसर वाह सीएसआर ट्रिक से तो पूरा

[03:42:53] कांसेप्ट ही मक्खन हो गया। अब आप मुझसे

[03:42:56] कोई भी पीवाईक्यू पूछ लो। मैं सेकंड्स में

[03:42:58] आंसर दूंगी। तो लो बेटा यह रहा आरएएस प्री

[03:43:01] 2018 और सीईटी 2022 का सबसे खतरनाक सवाल।

[03:43:05] राजस्थान में लोकायुक्त निम्नलिखित में से

[03:43:08] किस पदाधिकारी के विरुद्ध जांच नहीं कर

[03:43:10] सकता है? ऑप्शन ए पंचायत समितियों के

[03:43:13] प्रधान, ऑप्शन बी जिला परिषद के उप

[03:43:16] प्रमुख, ऑप्शन सी सरपंच और पंच, ऑप्शन डी

[03:43:20] राज्य के मंत्री। सर मेरी सीएसआर ट्रिक का

[03:43:23] एस मुझे चीख-चीख कर कह रहा है कि ऑप्शन सी

[03:43:26] सही है। सरपंच और पंच लोकायुक्त के दायरे

[03:43:29] से बाहर होते हैं।

[03:43:30] एक्सीलेंट कनिष्क बिल्कुल सही जवाब। सरपंच

[03:43:33] और पंच धारा आठ के तहत बाहर हैं। जबकि

[03:43:36] प्रधान और जिला प्रमुख धारा सात के तहत

[03:43:38] जांच के दायरे में आते हैं। एक और बहुत

[03:43:40] बारीक पॉइंट याद रखना बेटा। लोकायुक्त

[03:43:43] एक्ट की धारा 10 और अन्य प्रावधानों के

[03:43:46] अनुसार लोकायुक्त किसी भी ऐसी शिकायत की

[03:43:48] जांच नहीं कर सकता जिसे हुए 5 साल से

[03:43:51] ज्यादा का समय बीत चुका हो यानी टाइम बा

[03:43:53] आफ्टर फाइव इयर्स और हां अगर किसी ने किसी

[03:43:57] ईमानदार अफसर को फंसाने के लिए लोकायुक्त

[03:43:59] से झूठी शिकायत कर दी तो क्या होगा? धारा

[03:44:02] 13 के तहत उस झूठे इंसान को 3 साल तक की

[03:44:05] जेल और जुर्माना हो सकता है। और अगर कोई

[03:44:08] लोकायुक्त के काम में बाधा डाले या उनका

[03:44:10] अपमान करें तो धारा 16 के तहत 6 महीने की

[03:44:14] जेल का प्रावधान है। यह संस्था कोई मजाक

[03:44:16] नहीं है। बहुत पावरफुल है।

[03:44:18] बाप रे 3 साल की जेल झूठी शिकायत पर। सर

[03:44:22] यह बेर एक्ट की धारा 13 और 16 आपने इतनी

[03:44:25] आसानी से कहानी में पिरो दी कि मुझे पता

[03:44:27] ही नहीं चला और याद भी हो गई। सर आपके

[03:44:29] पढ़ाने का अंदाज सच में वर्ल्ड क्लास है।

[03:44:32] थैंक यू कनिष्क बेटा। चलिए अब हमने

[03:44:35] बेईमानों का इलाज तो कर दिया लेकिन इस

[03:44:37] समाज में उन गरीब और मजलूम लोगों का क्या

[03:44:40] जिनके पास इतने पैसे नहीं है कि वह कोर्ट

[03:44:42] में कोई बड़ा वकील कर सके। क्या गरीबी की

[03:44:44] वजह से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा?

[03:44:46] सर, यह तो बहुत बड़ा अन्याय होगा। हमारे

[03:44:49] देश में तो हर किसी को न्याय मिलना चाहिए

[03:44:51] ना।

[03:44:51] बिल्कुल बेटा। और इसीलिए हमारे भारत के

[03:44:54] संविधान निर्माताओं ने नीति निर्देशक

[03:44:56] तत्वों यानी डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ

[03:44:58] स्टेट पॉलिसी के अंदर एक बहुत ही खूबसूरत

[03:45:01] अनुच्छेद जोड़ा। अनुच्छेद 39 ए इसे 42वें

[03:45:05] संविधान संशोधन 1976 के द्वारा जोड़ा गया

[03:45:08] था। यह कहता है कि राज्य का यह कर्तव्य है

[03:45:11] कि वह समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को

[03:45:14] समान न्याय और मुफ्त विधिक सहायता यानी

[03:45:16] इक्वल जस्टिस एंड फ्री लीगल एड प्रदान

[03:45:19] करें। आर्टिकल 39 ए यह तो बहुत ही नोबल

[03:45:22] कॉज है सर। लेकिन सिर्फ संविधान में लिख

[03:45:24] देने से तो कुछ नहीं होता ना। इसे जमीन पर

[03:45:27] उतारने के लिए सरकार ने क्या किया?

[03:45:29] अरे वाह बेटा तुम तो बिल्कुल प्रशासन वाली

[03:45:32] भाषा बोलने लगी हो। बिल्कुल सही। इसे जमीन

[03:45:34] पर लागू करने के लिए भारतीय संसद ने 1987

[03:45:38] में एक कानून बनाया जिसका नाम था विधिक

[03:45:40] सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987। यह कानून

[03:45:44] पूरे देश में 9 नवंबर 1995 को लागू हुआ।

[03:45:48] इसीलिए पूरे देश में 9 नवंबर को राष्ट्रीय

[03:45:51] विधिक सेवा दिवस या नेशनल लीगल सर्विस डे

[03:45:54] मनाया जाता है।

[03:45:55] ओ 1987 का एक्ट 1995 में लागू हुआ। लेकिन

[03:45:59] सर हमारे राजस्थान में क्या हुआ? हमारे

[03:46:02] सिलेबस में तो राजस्थान राज्य विधिक सेवा

[03:46:04] प्राधिकरण लिखा है ना।

[03:46:05] हां बेटा। इस 1987 के केंद्रीय कानून ने

[03:46:09] कहा कि न्याय के लिए एक पिरामिड बनाया

[03:46:11] जाएगा। नेशनल लेवल पर नालसा, राज्य स्तर

[03:46:14] पर एसएलएसए और जिला स्तर पर डीएलएसए। इसी

[03:46:17] आदेश का पालन करते हुए राजस्थान सरकार ने

[03:46:20] हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श

[03:46:22] करके 1995 में अपने नियम बनाए। राजस्थान

[03:46:26] स्टेट लीगल सर्विज अथॉरिटी रूल्स और

[03:46:28] फाइनली राज्य सरकार की एक अधिसूचना के

[03:46:31] द्वारा 7 अप्रैल 1998 को ध्यान रखना कुछ

[03:46:35] किताबों में 7 जुलाई 1998 भी लिखा मिलता

[03:46:38] है। लेकिन आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसे

[03:46:40] 704 1998 माना जाता है। राजस्थान राज्य

[03:46:44] विधिक सेवा प्राधिकरण अस्तित्व में आ गया।

[03:46:47] इसका मुख्यालय राजस्थान हाईकोर्ट भवन

[03:46:50] जयपुर में स्थित है।

[03:46:51] सर 1998 का वर्ष मैंने अच्छे से नोट कर

[03:46:54] लिया है। सर इसका स्ट्रक्चर कैसा होता है?

[03:46:56] मतलब इसके बॉस कौन होते हैं?

[03:46:58] इस संस्था को बहुत ही पावरफुल बनाने के

[03:47:01] लिए इसकी कमान सीधे न्यायपालिका के हाथों

[03:47:03] में दी गई है। स्क्रीन पर इस टेबल को देखो

[03:47:05] कनिष्क। सबसे पहले आरएसएलएसए का पद फिर

[03:47:09] कौन होता है और अंत में वर्तमान पदाधिकारी

[03:47:12] मुख्य संरक्षक राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य

[03:47:15] न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर

[03:47:18] कार्यकारी अध्यक्ष हाई कोर्ट के वरिष्ठ

[03:47:20] न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा

[03:47:23] सदस्य सचिव जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर

[03:47:26] का न्यायिक अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा

[03:47:28] अत्री कनिष्क बेटा जून 2026 के बिल्कुल

[03:47:32] लेटेस्ट करंट अफेयर्स के अनुसार राजस्थान

[03:47:34] हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश श्री

[03:47:37] चंद्रशेखर जी बने हैं। इसलिए अब आरएसएलएसए

[03:47:40] के पैटर्न इन चीफ वही हैं और कार्यकारी

[03:47:42] अध्यक्ष की कुर्सी पर जस्टिस संजीव प्रकाश

[03:47:45] शर्मा जी हैं। यह लेटेस्ट डाटा तुम्हारी

[03:47:47] परीक्षा में ब्रह्मास्त्र का काम करेगा।

[03:47:49] सर, आपने तो करंट अफेयर्स और पिटी को

[03:47:51] दोनों को एक साथ मिक्स कर दिया। यह होती

[03:47:54] है 360° पढ़ाई। चलिए सर, अब इस पर एक

[03:47:57] पीवाईक्यू पूछ ही लीजिए। आरपीएससी सेकंड

[03:47:59] ग्रेड 2022 और सीईटी 2022 राजस्थान राज्य

[03:48:03] विधिक सेवा प्राधिकरण किस वर्ष अस्तित्व

[03:48:06] में आया? ऑप्शन ए 1950, ऑप्शन बी 1987,

[03:48:11] ऑप्शन सी 1997, ऑप्शन डी 1998।

[03:48:15] सर, इसका जवाब है ऑप्शन डी 1998। 1987 में

[03:48:19] तो केंद्र का एक्ट पास हुआ था लेकिन

[03:48:21] राजस्थान का प्राधिकरण 1998 में बना था।

[03:48:25] क्या बात है मेरी शेरनी? तुमने तो

[03:48:27] एग्जामिनर के घुमाने वाले ऑप्शंस को भी

[03:48:29] आसानी से चकमा दे दिया। बिल्कुल सही जवाब।

[03:48:31] सर मुझे एक बात बहुत लॉजिकली जाननी है। आर

[03:48:34] एस एलएसए मुफ्त वकील देता है। कोर्ट की

[03:48:36] फीस भरता है। लेकिन सर अगर कोई अमीर आदमी

[03:48:39] भी जाकर कहे कि मुझे फ्री वकील चाहिए तो

[03:48:41] क्या उसे भी मिलेगा? या सरकार ने गरीबों

[03:48:44] की पहचान के लिए कोई इनकम लिमिट सेट की

[03:48:46] है?

[03:48:46] बेटा कनिष्क तुम्हारे सोचने का यह जो

[03:48:48] प्रैक्टिकल नजरिया है ना मुझे बहुत पसंद

[03:48:51] आता है। देखो विधिक सेवा प्राधिकरण

[03:48:53] अधिनियम 1987 की धारा 12 के तहत यह साफ

[03:48:57] लिखा है कि मुफ्त विधिक सहायता किसे

[03:48:59] मिलेगी। कुछ लोगों के लिए यह बिल्कुल फ्री

[03:49:02] है। चाहे उनकी इनकम करोड़ों में क्यों ना

[03:49:04] हो। जैसे महिलाएं और बच्चे, अनुसूचित

[03:49:06] जाति, अनुसूचित जनजाति के सदस्य, मानव

[03:49:09] तस्करी या बेगार के शिकार लोग, औद्योगिक

[03:49:12] कामगार, प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, भूकंप

[03:49:15] या जातीय हिंसा के शिकार लोग जो लोग जेल

[03:49:18] में यानी कस्टडी में हैं।

[03:49:20] ओके सर। महिलाओं और एससी एसटी वर्गों के

[03:49:22] लिए तो इनकम की कोई लिमिट नहीं है। यह तो

[03:49:24] बहुत अच्छी बात है। लेकिन जो सामान्य वर्ग

[03:49:26] के पुरुष हैं, उनके लिए क्या रूल है? हां,

[03:49:28] सामान्य नागरिकों के लिए एक इनकम सीलिंग

[03:49:31] लिमिट तय की गई है और यही सवाल आरपीएससी

[03:49:34] का सबसे पसंदीदा सवाल है। राजस्थान में

[03:49:36] मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए

[03:49:39] व्यक्ति की वार्षिक आय ₹3 लाख से अधिक

[03:49:42] नहीं होनी चाहिए। अगर कोई साल का 3 लाख से

[03:49:44] कम कमाता है तो आरएसएलए से उसे बिल्कुल

[03:49:47] फ्री लीगल एड देगा।

[03:49:49] ₹3 लाख सालाना। सर इसे तो मैं बड़े-बड़े

[03:49:51] अक्षरों में हाईलाइट कर लूंगी।

[03:49:53] बिल्कुल बेटा। अब इस टॉपिक के सबसे आखिरी

[03:49:56] और सबसे शानदार कांसेप्ट पर आते हैं जिसे

[03:49:59] कहते हैं लोक अदालत। कोर्ट कचहरी के चक्कर

[03:50:01] इंसान को थका देते हैं। इसीलिए आरएसएलए से

[03:50:04] राज्य में लोक अदालतें लगाता है। इसका काम

[03:50:07] है दोनों पार्टियों को आमने-सामने बिठाकर

[03:50:09] प्यार से समझौता करवा देना। और सबसे कमाल

[03:50:12] की बात बताऊं?

[03:50:13] बताइए ना सर। सस्पेंस मत बढ़ाइए।

[03:50:16] लोक अदालत द्वारा जो फैसला यानी अवार्ड

[03:50:19] सुनाया जाता है, वह सिविल कोर्ट की डिग्री

[03:50:22] के बराबर माना जाता है। और सबसे बड़ी बात

[03:50:25] इस फैसले के खिलाफ भारत के किसी भी कोर्ट

[03:50:27] में कोई अपील नहीं की जा सकती। नॉट

[03:50:30] अपीलेबल इन एनी कोर्ट ऑफ लॉ। क्योंकि यह

[03:50:33] फैसला दोनों पक्षों की रजामंदी से होता

[03:50:35] है।

[03:50:35] वाह। मतलब एक बार फैसला हो गया तो मामला

[03:50:38] वहीं खत्म। नो मोर टेंशन। सर मैंने सुना

[03:50:41] है स्थाई लोक अदालत भी कुछ होती है।

[03:50:43] हां बेटा। जनोपयोगी सेवाओं जैसे बिजली का

[03:50:46] बिल, पानी, ट्रांसपोर्ट, अस्पताल, टेलीफोन

[03:50:50] इनके विवादों को जल्द सुलझाने के लिए

[03:50:52] स्थाई लोक अदालतें बनाई गई हैं। और

[03:50:54] तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि स्थाई लोक

[03:50:57] अदालत का आर्थिकत्राधिकार यानी पिक्यूनरी

[03:51:00] जुरिसडिक्शन बढ़ाकर ₹1 करोड़ कर दिया गया

[03:51:02] है। यानी ₹1 करोड़ तक के पब्लिक यूटिलिटी

[03:51:05] विवाद यह अदालतें निपटा सकती हैं।

[03:51:08] ₹1 करोड़। बाप रे यह तो बहुत बड़ा अमाउंट

[03:51:11] है। सर यह पिटी तो आज मुझे एक थ्रिलर वेब

[03:51:13] सीरीज से भी ज्यादा इंटरेस्टिंग लग रही

[03:51:15] है।

[03:51:16] यही तो मान एजुकेशन का विज़न है बेटा।

[03:51:18] पढ़ाई को बोझ नहीं एंटरटेनमेंट बनाना। चलो

[03:51:21] अब इस कांसेप्ट का एक पीवाईक्यू सॉल्व करो

[03:51:24] जो पुलिस सब इंस्पेक्टर और आरपीएससी में आ

[03:51:26] चुका है। राजस्थान में मुफ्त विधिक सहायता

[03:51:29] प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्ति की

[03:51:31] अधिकतम वार्षिक आय सीमा क्या है?

[03:51:33] सर, यह तो अब मेरे खून में दौड़ रहा है।

[03:51:35] ₹3 लाख प्रति वर्ष। अद्भुत एकदम परफेक्ट

[03:51:39] जवाब। राजस्थान के साथ-साथ सिक्किम, पंजाब

[03:51:42] और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी यही 3

[03:51:44] लाख की लिमिट लागू है।

[03:51:46] सर, आज तो क्लास में ऐसा लगा जैसे समय पंख

[03:51:48] लगाकर उड़ गया हो। मुझे लोकायुक्त और

[03:51:50] आरएसएलएसए का ए टू जेड सब कुछ याद हो गया

[03:51:53] है। लेकिन सर जाने से पहले क्या हम एक बार

[03:51:56] पूरे टॉपिक का सुपरफास्ट रिवीजन कर सकते

[03:51:58] हैं? ताकि यह मेमोरी हमेशा के लिए लॉक हो

[03:52:00] जाए? बिल्कुल बेटा तुम्हारा यह बड़ा भाई

[03:52:03] तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता है। तो मेरे

[03:52:05] सभी रण बांकरों अपनी सीट बेल्ट बांध लो

[03:52:08] क्योंकि अब हम करने वाले हैं पिछले 4

[03:52:10] सालों यानी 2020 से 2026 तक के टॉप फाइव

[03:52:14] वन लाइनर पीवाईक्यूस का रैपिड फायर

[03:52:16] रिवीजन। मैं सवाल दागूंगा और कनिष्क तुम

[03:52:19] बुलेट की रफ्तार से जवाब दोगी। रेडी?

[03:52:21] फुल रेडी सर। फायर कीजिए।

[03:52:23] प्रश्न एक सीईटी 2022 और आरपीएससी सेकंड

[03:52:27] ग्रेड 2024। राजस्थान लोकायुक्त निम्न में

[03:52:30] से किस पदाधिकारी की जांच नहीं कर सकता?

[03:52:32] सर मेरी सीएसआर ट्रिक चीफ मिनिस्टर,

[03:52:35] सरपंच, चीफ जस्टिस और आरपीएससी मेंबर्स

[03:52:38] की।

[03:52:38] गुड। प्रश्न दो, पटवार 2021 राजस्थान के

[03:52:43] प्रथम लोकायुक्त कौन थे?

[03:52:44] न्यायमूर्ति श्री आईडी दुआ।

[03:52:46] लाजवाब। प्रश्न तीन, आर एस प्री 2023.

[03:52:50] लोकायुक्त को अधिकतम कितने साल पुरानी

[03:52:53] शिकायत की जांच करने का अधिकार नहीं है?

[03:52:55] 5 साल से अधिक पुरानी शिकायत। नाइस।

[03:52:58] प्रश्न चार एलडीसी 2022 और सेकंड ग्रेड

[03:53:02] 2023 राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण

[03:53:05] यानी आरएसएलएसए का मुख्य संरक्षक कौन होता

[03:53:08] है?

[03:53:09] राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।

[03:53:11] प्रश्न पांच फर्स्ट ग्रेड 2022 स्थाई लोक

[03:53:15] अदालत का आर्थिकत्राधिकार कितना है?

[03:53:18] ₹1 करोड़ तक।

[03:53:19] कमाल कर दिया तुमने कनिष्क और स्क्रीन के

[03:53:21] उस पार बैठे मेरे हर एक योद्धा ने भी। आज

[03:53:24] तुम लोगों ने साबित कर दिया कि अगर सही

[03:53:26] दिशा और सही गुरु मिल जाए तो कोई भी

[03:53:28] सब्जेक्ट मुश्किल नहीं होता। मेरे प्यारे

[03:53:31] दोस्तों, मेरी बहनों और मेरे भाइयों,

[03:53:34] जिंदगी में कभी भी हार मत मानना। मैं

[03:53:36] जानता हूं यह जो प्रतियोगी परीक्षाओं की

[03:53:38] तैयारी का वक्त होता है ना यह इंसान को

[03:53:41] अंदर से तोड़ देता है। कभी-कभी कमरे में

[03:53:43] अकेले रोने का मन करता है। रिश्तेदारों के

[03:53:46] ताने, दोस्तों की तरक्की और खुद की

[03:53:48] बेरोजगारी बहुत रुलाती है। लेकिन याद रखना

[03:53:51] सोने को जितना तपाया जाता है, वह उतना ही

[03:53:54] निखर कर कुंदन बनता है। तुम्हारे

[03:53:56] माता-पिता की वह बूढ़ी आंखें सिर्फ

[03:53:58] तुम्हारे सिलेक्शन का इंतजार कर रही हैं।

[03:54:01] जब तुम उस लिस्ट में अपना नाम देखोगे ना

[03:54:03] और दौड़ कर अपनी मां के गले लगोगे तो वह

[03:54:05] जो खुशी के आंसू होंगे वह तुम्हारे इन

[03:54:07] सालों के संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत होंगे।

[03:54:10] तुम्हारा यह बड़ा भाई मानसर हमेशा

[03:54:13] तुम्हारे साथ खड़ा है। जब भी निराश हो जाओ

[03:54:15] मुझे याद कर लेना।

[03:54:17] सर आपने तो मुझे रुला ही दिया। हम

[03:54:19] स्टूडेंट्स को हमेशा कोई डांटने वाला ही

[03:54:21] मिलता है। लेकिन आज पहली बार ऐसा लगा कि

[03:54:23] किसी ने हमारे दर्द को समझा है। आपकी

[03:54:25] इन्हीं बातों की वजह से सर हम आपसे इतना

[03:54:28] प्यार करते हैं। थैंक यू सो मच सर। यह

[03:54:30] क्लास मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगी।

[03:54:32] यह मेरा फर्ज था बेटा और मेरा आशीर्वाद

[03:54:35] भी। तो मेरे सभी शेरों अगर आज की इस क्लास

[03:54:38] ने तुम्हारे दिल को छुआ है। अगर तुम्हें

[03:54:40] सच में लगा है कि मान एजुकेशन YouTube

[03:54:42] चैनल पर आज पढ़ाई एक ब्लॉकबस्टर फिल्म बन

[03:54:45] गई है तो इस वीडियो को आग की तरह फैला दो।

[03:54:48] इसे इतना शेयर करो कि राजस्थान के हर एक

[03:54:50] गांव हर एक ढाणी के बच्चे तक यह क्लास

[03:54:52] पहुंच जाए। चैनल को सब्सक्राइब जरूर करना।

[03:54:55] वीडियो को लाइक करना और कमेंट सेक्शन में

[03:54:57] जाकर एक प्यारा सा कमेंट जरूर छोड़ना।

[03:55:00] मुझे बताना कि मान सर की सीएसआर ट्रिक

[03:55:02] कैसी लगी। तुम्हारा एक-एक कमेंट मैं खुद

[03:55:05] पढ़ता हूं और वही मेरी असली गुरु दक्षिणा

[03:55:07] है।

[03:55:08] और दोस्तों क्लास खत्म होने से पहले मैं

[03:55:10] आप सबको याद दिला दूं मान सर ने जो सबसे

[03:55:12] बड़ी खुशखबरी दी थी टेस्ट क्यू एप्लीकेशन

[03:55:15] पर आरपीएससी द्वितीय श्रेणी के फर्स्ट

[03:55:17] पेपर के लिए इंडियन और वर्ल्ड जग्राफी का

[03:55:19] मूवी स्टाइल कोर्स ल्च हो चुका है। सिर्फ

[03:55:22] 5 से 10 दिन में पूरा सिलेबस आपकी मुट्ठी

[03:55:24] में होगा। साथ ही आरएएस प्री की 360°

[03:55:27] टेस्ट सीरीज भी आ गई है जो आपके सारे

[03:55:29] बेसिक्स क्लियर कर देगी। बिल्कुल कनिष्क

[03:55:32] और भूलने मत जब आप टेस्ट क्यू एप्लीकेशन

[03:55:34] पर इस लाजवाब कोर्स को ज्वाइन करें तो

[03:55:37] कूपन कोड मानसर 51 यानी एमए एए ए एन एसआई

[03:55:41] आर 51 जरूर लगाना। इससे आपको इतना भारी

[03:55:44] डिस्काउंट मिलेगा कि आप खुशी से उछल

[03:55:46] पड़ेंगे। यह कोर्स और टेस्ट सीरीज

[03:55:48] एनसीईआरटी, आरबीएसई और हिंदी ग्रंथ एकेडमी

[03:55:52] की किताबों का वो प्रामाणिक निचोड़ है

[03:55:54] जिसे पढ़कर एक साधारण सा विद्यार्थी भी

[03:55:56] परीक्षा में टॉप रैंक करा सकता है। मेरी

[03:55:59] गारंटी है कि टेस्ट q एप्लीकेशन पर यह

[03:56:01] कोर्स देखने के बाद तुम्हें कहीं और जाने

[03:56:03] की जरूरत नहीं पड़ेगी। तो सोच क्या रहे

[03:56:06] हो? अभी जाओ और अपने सपनों की उड़ान भरो।

[03:56:09] हम मिलेंगे अगली क्लास में एक नए टॉपिक और

[03:56:11] एक नई कहानी के साथ। तब तक के लिए हंसते

[03:56:14] रहिए, मुस्कुराते रहिए और अपने मान सर के

[03:56:16] साथ पढ़ते रहिए। जय हिंद, जय राजस्थान।
