# Complete Modern History for UPSC Prelims 2026 | History in  One Video | StudyIQ IAS

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[00:06] हेलो एंड अ वेरी वार्म वेलकम टू ऑल ऑफ यू

[00:09] ऑन स्टडी आईक्यूस YouTube चैनल। आप सभी का

[00:11] आज के इस मैराथन सेशन में बहुत-बहुत

[00:13] स्वागत है। मेरा नाम है चंदन शर्मा एंड आई

[00:16] एम योर फैकल्टी फॉर हिस्ट्री एंड करंट

[00:18] अफेयर्स। सबसे पहले तो दोस्तों क्योंकि यह

[00:20] हमारा मैराथन 10 घंटे का होने वाला है। सो

[00:23] आई होप यू पीपल आर वेल रेस्टेड एंड इस

[00:26] सेशन को ज्वाइन करते वक्त आप एकदम फ्रेश

[00:28] और एक्साइटेड हैं। दूसरी चीज मैं आप सभी

[00:30] से एक कंफर्मेशन चाहूंगा इससे पहले कि पता

[00:33] लगे कि एक घंटे का सेशन हमने कंप्लीट कर

[00:35] लिया और फिर ऑडियो के इशूज़ के बारे में

[00:38] हमें रियलाइज हो तो बेहतर यह रहेगा कि आप

[00:41] अभी मुझे बता दें कि क्या मेरा ऑडियो आप

[00:43] सभी को क्लियरली सुनाई दे रहा है यस और नो

[00:46] सो रौनक अ वेरी गुड मॉर्निंग पोलनी अ वेरी

[00:50] गुड मॉर्निंग हिमांशी अनामिका रितिक

[00:54] रियली नाइस टू सी यू अभिषेक वेलकम टू द

[00:57] क्लास सो एक बार सभी जने सभी जने इस

[01:00] वीडियो को लाइक भी कर दीजिए। एंड साथ ही

[01:04] साथ एक कमेंट करके मुझे यह बता दीजिए कि

[01:07] ये जो सेशन है इसमें आपको विजुअल्स भी

[01:09] क्लियरली नजर आ रहे हैं और जो मेरा ऑडियो

[01:11] है वो भी आपको एकदम क्लियरली नजर आ रहे

[01:13] हैं। ठीक है? अपनी तरफ से तो यार मैंने सब

[01:15] कुछ रेडी रखा हुआ है। है ना? तो पानी की

[01:18] बोतल्स राइट जूसेस है ना कि भाई स्टैमिना

[01:22] केम है ना? मैराथॉन सेशन इज़ नॉट दैट इजी।

[01:24] तो आप सभी भी अपने आसपास थोड़ा सा इस तरह

[01:27] की चीजें रख सकते हैं। एंड मोस्टेंटली यार

[01:29] कॉपी पेन मेरे पास पेन तो है लेकिन कॉपी

[01:32] क्योंकि नोट आपने करना है तो कॉपी पेन

[01:33] रखना भी बहुत ज्यादा जरूरी है। ठीक है?

[01:36] चलिए तो सेशन को शुरू करते हैं। तो जैसा

[01:39] कि आप जानते ही हैं कि हिस्ट्री जो है,

[01:42] हिस्ट्री के अंदर मेजरली चार कॉम्पोनेंट्स

[01:45] मैं मानता हूं। ठीक है? आजकल कोचिंग

[01:47] सेंटर्स ने इसको दो कॉमोनेंट्स में डिवाइड

[01:49] कर दिए। व्हेन इट कम्स टू प्रीलिम्स

[01:50] एग्जाम। मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री एक तरफ और

[01:53] एंशिएंट मिडिवल कल्चर को एएमसी ये एक साथ

[01:56] जोड़ दिया गया है। तो देयर इज नो डाउट कि

[01:58] एंशिएंट मिडिवल कल्चर की काफीेंस है। अगर

[02:01] हम टोटल नंबर ऑफ क्वेश्चंस प्रीलिम्स में

[02:03] कभी भी देखेंगे तो हिस्ट्री सेक्शन में से

[02:05] ना अ 16 से 20 क्वेश्चंस के बीच आ सकते

[02:08] हैं। ठीक है? कई बार कुछ साल पहले

[02:11] हिस्ट्री के बहुत सारे क्वेश्चंस आया करते

[02:13] थे। दे कुड गो एज हाई एज 25 एज वेल। लेकिन

[02:17] ये बात देखी गई है कि एंशिएंट मिडिवल

[02:19] कल्चर एक तरफ और मॉडर्न इंडिया एक तरफ।

[02:22] ठीक है? बीच में कुछ साल डेफिनेटली आए थे

[02:24] जहां पर मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री को वो एक

[02:26] ड्यू शेयर अपना नहीं मिला था। लेकिन लास्ट

[02:28] ईयर के प्रीलिम्स ने इस बात को एकदम साफ

[02:30] क्लियर कर दिया है कि यूपीएससी इज़ वेरी मच

[02:33] कंसर्नड अबाउट दिस पर्टिकुलर टॉपिक। और ये

[02:36] आपके एग्जाम के पॉइंट ऑफ व्यू से भी काफी

[02:38] ज्यादा जरूरी है। इसको आप किसी भी हालत

[02:40] में इग्नोर नहीं कर सकते। और होता यह है

[02:43] कि क्योंकि हमारे पास एक वो किताब है

[02:45] स्पेक्ट्रम। ठीक है? हालांकि इट इज़ अ वेरी

[02:47] इनएडीिक्वेट बुक। उसको देख के हमें लगता

[02:49] है कि यह तो हम कर ही लेंगे। लेकिन वो

[02:51] किताब आपको एक फॉल्स नोशन देती है कि आपने

[02:53] पढ़ाई की है। जबकि रियलिटी ये है कि

[02:56] क्वेश्चन को सॉल्व करने लायक जो

[02:58] इंफॉर्मेशन होती है वो एग्जाम से एक साल

[03:01] पहले नहीं मिलेगी उस किताब में। लेकिन

[03:03] एग्जाम हो जाने के बाद अगली एडिशन में

[03:05] उसका वो अपडेट मिल जाएगा। और इसीलिए इस

[03:07] बेचारी किताब का वजन धीरे-धीरे बढ़ता जा

[03:09] रहा है। बहरहाल हम आज क्या एप्रोच फॉलो

[03:12] करने वाले हैं मैं उसके बारे में आपको बता

[03:13] देता हूं। तो एक बार ना ओवरव्यू मैं दे

[03:15] देता हूं। ठीक है? तो बीच-बीच में मैं

[03:17] ब्रेक्स भी आपको देता रहूंगा। आई

[03:18] अंडरस्टैंड आपका लंच टाइम वगैरह वो होता

[03:20] है। ठीक है? तो हम अपने टॉपिक्स को

[03:23] स्टार्ट करेंगे एडवेंट ऑफ यूरोपियंस के

[03:25] साथ। ठीक है? मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री में

[03:27] देखो मॉडिनिटी जो है वो भारत में सुई

[03:30] जेनरिस्ट नहीं आई। ठीक है? यूरोपियन

[03:32] सोसाइटी में क्या हुआ कि वहां पर

[03:34] मॉडर्निटी जो है उधर खुद ही डेवलप हो गई।

[03:37] उनके रेनसों का एक इंपैक्ट दिखा। एज ऑफ

[03:39] एनलाइटमेंट का इंपैक्ट दिखा। लेकिन भारत

[03:42] के अंदर जो मॉडर्निटी आई ये मॉडर्निटी

[03:44] यूरोपियंस के एडवेंट से स्टार्ट होती है।

[03:47] इसीलिए मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री में जो

[03:49] सबसे पहला टॉपिक हमें डिस्कस करना है इट

[03:51] नीड्स टू बी एडवेंट ऑफ यूरोपियंस। अब

[03:54] एडवेंट ऑफ यूरोपियंस में हमें किन चीजों

[03:56] के ऊपर फोकस करना है तो देखो जो भी

[03:58] यूरोपियन पावर्स आई वो कब आई? उनका पहला

[04:01] व्यक्ति कौन था भारत में कदम रखने वाला?

[04:05] उनकी रिस्पेक्टिव कंपनीज़ कब-कब बनी? जैसे

[04:08] पुर्तगालियों ने इनिशियली अपनी कंपनी नहीं

[04:10] बनाई थी। ठीक है? वो 1498 में आ गए थे और

[04:13] आगे जाकर 1628 में पोर्चुगीज़ कंपनी बनाई

[04:16] गई थी। तो हर कंपनी के बारे में नहीं ईस्ट

[04:19] इंडिया कंपनी फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी ये

[04:21] काफी ज्यादा इंपॉर्टेंट रहेंगी। उसके बाद

[04:23] कंपनी बनना अलग है। फैक्ट्री बनना अलग है।

[04:27] ठीक है? Reliance एक कंपनी है। जामनगर में

[04:30] उन्होंने अपनी फैक्ट्री बनाई है। ठीक है?

[04:32] तो यह स्पेक्ट्रम जैसी किताबें यह क्या

[04:35] करती हैं? कंपनी के इस्टैब्लिशमेंट को,

[04:37] फैक्ट्री को और किस साल कौन सी पावर भारत

[04:40] में प्रवेश करती है। इन तीनों चीजों को

[04:42] मिक्स कर देती है। एंड दैट इज व्हाई आई

[04:44] नेवर रिकमेंड दैट बुक फॉर योर प्रिपरेशन।

[04:46] ठीक है? [नाक से की जाने वाली आवाज़] उस

[04:47] बुक से जो भी पढ़ रहा है वो बहुत सारी

[04:49] गलतियां उसको झेलनी पड़ सकती हैं। ठीक है?

[04:51] और एरर हो सकती है आपके एग्जाम में। तो वो

[04:53] सारी चीजें यहां पर क्लियर होंगी। काफी

[04:55] थोरोली रिसर्च्ड कंटेंट मैं आपके लिए यहां

[04:57] पर लेके आया हूं। ठीक है? तो एडवेंट ऑफ

[05:00] यूरोपियंस में सीक्वेंस हम देखेंगे।

[05:02] अलग-अलग यूरोपियन पावर्स का इंपैक्ट

[05:04] देखेंगे। राइट? और फिर हम देखेंगे कि किस

[05:06] तरीके से जब सारी यूरोपियन पावर्स आ जाती

[05:08] हैं, फ्रांस और ब्रिटेन ये डोमिनेंट हो

[05:11] जाती है। इन दोनों डोमिनेंट यूरोपियन

[05:13] पावर्स में आपस में लड़ाई होनी स्टार्ट हो

[05:15] जाती है। दैट टेक्स द शेप ऑफ कार्नेटिक

[05:17] वॉर। तीन कार्नेटिक वॉर्स होती हैं और

[05:20] थर्ड कार्नेटिक वॉर आते-आते ये एकदम साफ

[05:22] जाहिर हो जाता है कि ब्रिटिश इज गोइंग टू

[05:25] बी वन सच यूरोपियन पावर दैट केम टू

[05:27] इंडिया। और यह अल्टीमेटली अब भारत भाग्य

[05:31] विधाता बनने की कोशिश कर रही है बल्कि बन

[05:33] ही जाती है। ठीक है? तो यहां पर हम फिर

[05:36] बैटल ऑफ पलासी और बक्सर को बीच में

[05:38] देखेंगे और कार्नेटिक वॉर में जब ब्रिटिश

[05:40] अब अनडिस्प्यूटेड चैंपियन बन चुके हैं तो

[05:42] देन वी विल सी कि किस प्रकार से धीरे-धीरे

[05:44] उन्होंने मैसूर को मराठा को ओवरपावर कर

[05:47] दिया। उसके बाद पंजाब, सिंध, अवध को

[05:50] एनेक्स कर लिया। और एक्सपेंशन बिय्ड

[05:52] फ्रंटियर्स में देखो आपकी तीन चीजें आती

[05:55] हैं। अफगानिस्तान, नेपाल एंड बर्मा।

[05:58] मौजूदा भारत में नेपाल बर्मा बर्मा हमारा

[06:02] हिस्सा नहीं है। इवन अफगानिस्तान भी हमारा

[06:03] हिस्सा नहीं है। लेकिन अफगानिस्तान की जो

[06:05] वॉर्स हैं उन्होंने भारत के एक कॉलोनियल

[06:08] स्ट्रगल के ऊपर बहुत इंपैक्ट डाला। मोर

[06:10] इंपैक्ट इन कंपैरिजन टू नेपाल एंड बर्मीस

[06:13] वॉर। तो अफगान वॉर को भी हम बहुत ध्यान से

[06:15] देखेंगे। ठीक है? एंग्लो अफगान वॉर्स को

[06:17] इस सेशन में मैं बहुत अच्छे से

[06:19] कॉम्प्रिहेंसिवली आपको कवर करवाऊंगा। इसके

[06:21] बाहर कहीं जाने की आपको जरूरत नहीं

[06:23] पड़ेगी। इसके बाद एंग्लो सिख फ़ोर्स पंजाब

[06:25] के एनेक्सेशन में हमारा हो जाएगा। उसके

[06:28] बाद ब्रिटिश की अलग-अलग पॉलिसीज आई थी

[06:30] जिनके चलते उन्होंने हमारी एक्सप्लॉटेशन

[06:32] करनी स्टार्ट कर दी। सो डॉक्ट्रिन ऑफ

[06:34] लैब्स सब्सिडरी अलायंस उसके बाद इनके

[06:36] रेवेन्यू सेटलमेंट एक्ट्स जैसे कि

[06:37] परमानेंट हतारी महलवाड़ी इनको हम डिस्कस

[06:40] करेंगे। राइट? और यह इससे पहले भी

[06:42] इन्होंने एक सिस्टम ऑफ रेवेन्यू

[06:44] इंट्रोड्यूस किया था बंगाल के अंदर जिसकी

[06:47] वजह से बंगाल में 1770 में 1769 1770 के

[06:52] पास एक भुखमरी पैदा हो गई थी। भुखमरी का

[06:55] मतलब होता है कि फसलें उग रही थी लेकिन

[06:57] लोगों को खाने के लिए नहीं मिली। ठीक है?

[06:59] जरूरी नहीं है कि अकाल पड़ने से ही भुखमरी

[07:01] होती है। अगर लोगों को खाना ना मिले उससे

[07:03] भी भुखमरी पैदा हो जाती है। 1/3 बंगाल की

[07:05] पॉपुलेशन इट गॉट वाइप्ड आउट। तो वो कैसे

[07:08] हुआ और क्यों अंग्रेजों को लगा कि ये लाना

[07:10] जरूरी है इसका हम प्रॉपर्ली एनालिसिस

[07:12] करेंगे। इसके बाद जो ब्रिटिश ने अलग-अलग

[07:16] देखो ब्रिटिश पार्लियामेंट में भी कंपनी

[07:18] को कोई पसंद नहीं करता था। ठीक है? तो इस

[07:21] वजह से ब्रिटिश पार्लियामेंट में भी ये

[07:23] आवाज उठनी स्टार्ट हो जाती है कि भाई

[07:24] कंपनी की लगाम खींचो भाई। बेलगाम हाथी की

[07:27] तरह छोड़ रखा है। ऊपर से मोनोपोली दे रखी

[07:29] है। तो वहां के भी व्यापारी लोग चाहते हैं

[07:31] कि कंपनी को मोनोपोली ना देकर हम सबके लिए

[07:33] व्यापार खुलना चाहिए। तो उसकी रेगुलेशन के

[07:36] लिए चार्टर्स एंड एक्ट्स आते हैं। तो उसको

[07:37] हम स्टडी करेंगे। उसके बाद इन चार्टर्स

[07:40] एंड एक्ट्स और इन फौ्टी रेवेन्यू पॉलिसीज

[07:43] की वजह से रिवोल्ट्स होते हैं। तो वी विल

[07:45] स्टडी कि फ्रीडम स्ट्रगल के टाइम पर

[07:47] कौन-कौन से इंपॉर्टेंट रिवोल्ट हुए। राइट?

[07:50] और अल्टीमेटली रिवोल्ट ऑफ 1857 भारत का

[07:55] पहला स्वतंत्रता संग्राम भारत की पहली

[07:58] कोशिश अपने देश को आजाद कराने की। रिवोल्ट

[08:00] ऑफ 1857 को हम देखेंगे। काफी सारी बुक्स

[08:03] उसको एक फेलियर कहती हैं। बट मेरे हिसाब

[08:05] से मैं इसको पार्शियल सक्सेस कहना

[08:07] चाहूंगा। क्योंकि अल्टीमेटली कंपनी की तो

[08:09] छुट्टी करने में हम लोग कामयाब हो गए थे।

[08:12] लेकिन एक बहुत बड़ी शिक्षा हमें मिली।

[08:14] शिक्षा यह मिली कि जब तक लोग अवेकन नहीं

[08:16] होते। जब तक लोगों को यह पता नहीं है कि

[08:18] एग्जैक्टली किस चीज के लिए हम लड़ाई लड़

[08:21] रहे हैं। किस चीज के लिए हम अंग्रेजों के

[08:23] खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं। तब तक हमारा

[08:25] कोई भी लिया गया एफर्ट वो फलीभूत नहीं

[08:28] होगा। जब हमें पता होता है ना कि हम कोई

[08:30] कर्म कर रहे हैं, उस कर्म को करने के पीछे

[08:32] उद्देश्य क्या है? तो उससे हमारे कर्मों

[08:34] में सिद्ध आता है। और इसी पॉलिटिकल

[08:37] अवेकनिंग के लिए पूरे भारत में अलग-अलग

[08:39] पॉलिटिकल ऑर्गेनाइजेशंस बनना स्टार्ट हो

[08:41] जाती हैं। इवन बिफोर दी बर्थ ऑफ कांग्रेस।

[08:43] तो प्री कांग्रेस एसोसिएशंस को हम

[08:45] देखेंगे। फिर कांग्रेस का बर्थ देखेंगे।

[08:47] ये सेफ्टी वाल क्या होता है? राइट? ये

[08:49] लाइटनिंग कंडक्टर क्या होता है? सेफ्टी

[08:51] वाल्व थ्योरी दी किसने? बताओ। कमेंट

[08:54] सेक्शन में बताओ। हां जी। किसने दी सेफ्टी

[08:55] वाल थ्योरी? नहीं पता होगा। ठीक है?

[08:58] लाइटनिंग कंडक्टर थ्योरी किसने दी? यह भी

[09:00] शायद ना पता हो। अगर दी तो कौन सी किताब

[09:02] में इसका वर्णन होता है यह नहीं पता होगा।

[09:04] तो ऐसे क्वेश्चंस अब यूपीएससी ना अंदर

[09:06] घुस-घुस के सवाल पूछना शुरू हो चुकी है।

[09:08] तो उसके पॉइंट ऑफ व्यू से आई हैव अपडेटेड

[09:10] दी कंटेंट और आपको काफी अच्छे से ये सारे

[09:13] आस्पेक्ट्स पता लगेंगे। उसके बाद हम

[09:15] देखेंगे कि कांग्रेस का जन्म होता है।

[09:17] कांग्रेस की अलग-अलग एक्टिविटीज होती हैं।

[09:20] फिर इनके एफर्ट से 1892 का काउंसिल्स एक्ट

[09:23] आता है। ठीक है? तो काउंसिल्सिल्स एक्ट की

[09:25] कहानी हमारी फिर 1892 में कांग्रेस के

[09:27] बर्थ के बाद होगी। 1892 से डिसटिस्फेक्शन

[09:30] होती है। बंगाल की पार्टीशन होती है।

[09:32] स्वदेशी मूवमेंट स्टार्ट हो जाती है।

[09:33] स्वदेशी मूवमेंट में अंग्रेज कैरेट एंड

[09:35] स्टिक को फॉलो करते हैं और कांग्रेस का

[09:37] सूरत स्प्लिट हो जाता है। ठीक है? अलग-अलग

[09:39] इंपॉर्टेंट कांग्रेस सेशंस जब मैं आपके

[09:41] साथ डिस्कस करूंगा। नॉट ओनली यू आर गोइंग

[09:43] टू एंजॉय द ट्रिक्स बट और भी बहुत सा मजा

[09:45] आपको इसमें आएगा। ठीक है? और ग्रेजुअली

[09:47] करते-कर करतेकरते एज यू कैन सी हम भारत को

[09:51] आजाद करवा देंगे। ठीक है? इंडिया विल गेट

[09:53] इट्स इंडिपेंडेंस टुडे बाय 8 और 9 PM राइट

[09:58] 8:30 तक मैं कोशिश करूंगा है ना उससे

[10:00] ज्यादा तो YouTube भी मुझे बोलने नहीं

[10:01] देगा राइट उसकी लिमिट होती है तो

[10:04] करते-करते हम भारत को आजादी दिलवा देंगे

[10:07] और ये ट्राइबल सिविलियन अपराइजेंस इसको भी

[10:11] आपके साथ डिस्कस किया जाएगा। ठीक है? तो

[10:14] लेट अस स्टार्ट द डिस्कशन। अ तो एप्रोच

[10:17] आपको पता लग ही गई और एप्रोच में यार देखो

[10:19] जो लोग पहली बार मेरा ये लेक्चर सुन रहे

[10:21] हैं उनको मैं एक चीज बता देता हूं। एक ना

[10:23] ब्रह्मास्त्र है। एक ब्रह्मास्त्र है

[10:27] यूपीएससी के प्रीलिम्स में अपनी रिवीजन को

[10:29] एफिशिएंट बनाने का। मैं यार आज कसम से

[10:32] दोस्तों मैं आपको एक सत्य बात बताता हूं।

[10:35] मैं जब अपना पूरा कंटेंट रिवाइज कर रहा था

[10:37] ना तो मैं अपनी किताब को पढ़ रहा था चीजों

[10:40] को अपडेट करने के लिए। और मुझे रियलाइज़

[10:42] हुआ कि आज की डेट में मेरी किताब पढ़ने की

[10:45] स्पीड काफी फास्ट हो गई है। अपनी तैयारी

[10:47] के टाइम पे नहीं थी। क्योंकि आज मुझे

[10:49] एग्जैक्टली पता है कि जब भी किताब रिवीजन

[10:52] के लिए पढ़नी है तो उसमें हर एक सेंटेंस

[10:55] हर एक शब्द नहीं पढ़ना होता क्योंकि मैं

[10:57] ऑलरेडी उसको दो-तीन बार पढ़ चुका हूं या

[10:59] अगर एक बार भी पढ़ी है तो हमें पांच चीजों

[11:01] के ऊपर फोकस करना होता है। इन पांच चीजों

[11:04] में सबसे पहली चीज क्या है? कांसेप्ट।

[11:08] कांसेप्ट फॉर एग्जांपल कि सब्सिडरी अलायंस

[11:10] का कांसेप्ट इसका मतलब क्या है? राइट

[11:13] सब्सिडरी अलायंस यह कांसेप्ट का क्या मतलब

[11:16] है? दूसरी जो इंपॉर्टेंट चीज है वो है

[11:19] टर्म्स। अब टर्म्स जो होती है ये एंशिएंट

[11:21] और मिडीवल में ज्यादा आती है। बट मॉडर्न

[11:24] इंडियन हिस्ट्री में भी आपको ये टर्म्स

[11:25] नजर आएंगी। जैसे फ्यूोराज़ राइट? पुर्तगाली

[11:29] अपनी फैक्ट्री को फ्यूोराज़ कहते थे। राइट?

[11:31] डिक्कू यह क्या होता था? राइट? तो ऐसी

[11:35] टर्म्स आएंगी तो जो टर्म्स की

[11:37] सिग्निफिकेंस है हमारी कॉलोनियल हिस्ट्री

[11:39] में तो उसको हम समझने की कोशिश करेंगे।

[11:42] उसका मीनिंग पता होना चाहिए। कई बार बड़ी

[11:43] ही सिंपल सा क्वेश्चन आ जाता है जिसमें

[11:45] आपसे सिर्फ एक मीनिंग पूछा जाता है कि इस

[11:47] टर्म का मतलब क्या है? उसके बाद जब

[11:50] कांग्रेस के सेशंस हम करेंगे जब गवर्नर

[11:52] जनरल्स को स्टडी करेंगे तो वहां पर देखो

[11:54] सारे कांग्रेस सेशन करने बैठ गए। फिर तो

[11:57] एक पूरा दिन मैं कांग्रेस सेशंस करवा सकता

[11:59] हूं आपको। और कांग्रेस सेशंस करवाते हुए

[12:02] 1885 से 1947 पूरी हिस्ट्री कंप्लीट करवा

[12:05] सकता हूं। लेकिन हमने उन कांग्रेस सेशंस

[12:07] के ऊपर फोकस करना है जहां पर हमें दिख रही

[12:09] है एक एक्सेप्शन। राइट? फॉर एग्जांपल द

[12:14] वेरी फर्स्ट सेशन अटेंडेड बाय गांधीजी। द

[12:17] वेरी फर्स्ट कांग्रेस सेशन व्हिच वाज़

[12:18] अटेंडेड बाय गांधी जी। प्लीज कमेंट सेक्शन

[12:20] में मुझे आंसर बताइए। बताओ गांधी जी ने

[12:23] सबसे पहला कांग्रेस सेशन कब अटेंड किया था

[12:26] भारत का?

[12:28] है ना? है ना? इंडियन नेशनल कांग्रेस का

[12:29] सबसे पहला सेशन गांधी जी ने कब अटेंड किया

[12:31] था? फटाफट बताओ। बिना Google किए ये चीजें

[12:33] टिप्स पे होनी चाहिए। तो इसका आंसर क्या

[12:35] है? 1901 का। कहां हुआ था यह सेशन? यह हुआ

[12:39] थाक में। और किसने प्रिसाइड किया था? यह

[12:42] किया था डी ई वाचा साहब ने। डी ई वाचा

[12:45] इन्होंने इस सेशन को प्रिसाइड किया था।

[12:48] बहुत से लोग 1924 कह रहे हैं। तो यह उनकी

[12:50] क्या बन गई? मिथ बन गई। 1924 जो है वो

[12:54] इकलौता सेशन है जो गांधी जी ने प्रिसाइड

[12:57] किया था। गांधी जी का पहला सेशन जो

[12:59] उन्होंने अटेंड किया था वो 1901 का सेशन

[13:02] था। साउथ अफ्रीका से मोमेंटरली वापस आए थे

[13:05] थोड़ी देर के लिए फिर वापस चले गए थे।

[13:07] परमानेंटली 1915 में आए थे। ठीक है? तो इस

[13:10] तरह की एक्सेप्शनंस के ऊपर हमें ध्यान

[13:12] देना होगा। राइट? और साथ ही साथ ठीक है?

[13:15] ये कांग्रेस के ही सेशन की एग्जांपल लेके

[13:17] एक चीज होती है। दैट इज़ कॉल्ड एज

[13:18] डिस्टिंक्टिवनेस। कभी-कभी ना दो बहुत ही

[13:21] सिमिलरली साउंडिंग चीजें हमें नजर आ जाती

[13:23] हैं। राइट? जैसे 1901 और 1924 के सेशन में

[13:28] सिमिलरिटी है। क्या सिमिलरिटी है? बापू

[13:31] हमारे। ठीक है? कि एक उन एक इकलौता सेशन

[13:34] था उनका प्रिसाइड किया हुआ और दूसरा उनका

[13:35] पहला सेशन था। इसी तरह से उनका पहला

[13:38] कांग्रेस का सेशन और उनकी फर्स्ट मेजर

[13:41] पब्लिक अपीयरेंस इसके बारे में कोई कुछ

[13:43] कहना चाहेगा? फर्स्ट मेजर पब्लिक अपीयरेंस

[13:46] कहां हुई थी? यह हुई थी बनारस हिंदू

[13:48] यूनिवर्सिटी में। उसकी पूरी डिटेल्स मैं

[13:49] आगे बताऊंगा। बट अभी मैं चाहता हूं कि एक

[13:51] एप्रोच को आप समझ लें। ठीक है? इट्स

[13:53] वेरीेंट दैट यू अंडरस्टैंड दिस पर्टिकुलर

[13:55] एप्रोच। सिमिलरली अ जब हम इलेक्शंस इन

[13:58] इंडिया की बात करते हैं तो दो बातें कही

[14:01] जाती हैं। एक कहा जाता है कि इक्टिव

[14:04] प्रिंसिपल

[14:05] इलेक्टिव प्रिंसिपल वाज़ इंट्रोड्यूस्ड फॉर

[14:09] दी फर्स्ट टाइम अंडर वि एक्ट। अलग-अलग

[14:12] काउंसिल्स और चार्टर एक्ट्स थे। तो

[14:13] इलेक्टिव प्रिंसिपल सबसे पहली बार भारत

[14:15] में कौन से एक्ट ने इंट्रोड्यूस किया था?

[14:17] दूसरी चीज है द टर्म इलेक्शन वाज

[14:21] एक्सप्लसिटली यूज्ड अंडर वि एक्ट।

[14:24] और तीसरी चीज है डायरेक्ट इलेक्शंस।

[14:29] ये जितने भी पहले होते थे इनडायरेक्ट होते

[14:31] थे। तो डायरेक्ट इलेक्शंस किसने

[14:32] इंट्रोड्यूस किए? है ना? तो ये आपसे पूछा

[14:35] जा सकता है। दिस इज़ काउंसिल्स एक्ट ऑफ़

[14:38] 1892, मोरलो मिंटो रिफॉर्म्स वाला 1909

[14:42] एंड मॉनंटेग्यू क्लेम्सफोर्ड रिफॉर्म्स

[14:45] वाला 1919। तो ये तीनों चीजें सुनने में

[14:47] बड़ी सिमिलर लगती हैं। बट इनमें भिन्नता

[14:50] है। तो इस तरीके से जब इन पांच पांडवों के

[14:54] ऊपर हम अपना विश्वास रखेंगे तो भगवान श्री

[14:58] कृष्ण ने हमारा साथ देना ही है। एंड

[15:00] अल्टीमेटली वी आर गोइंग टू कंप्लीट नॉट

[15:02] ओनली कंप्लीट दिस एंटायर सिलेबस बट वी आर

[15:04] गोइंग टू विन। ठीक है? एंड हालांकि मेरी

[15:07] इंट्रोडक्शन इतनी इंपॉर्टेंट नहीं है। बट

[15:09] यार देखो अपने ओवरऑल पूरे के पूरे

[15:11] यूपीएससी के एक्सपीरियंस में अ मैंने टोटल

[15:14] चार मेंस लिखे हैं। जिसमें से दो यूपीएससी

[15:15] के और दो स्टेट पीसीएस के हैं। यूपीएससी

[15:18] के अंदर मेरा मोस्ट रीसेंट मेंस जो था वो

[15:20] था 2022 का। राइट? एंड दिस इज़ माय स्कोर

[15:24] कार्ड। और हालांकि मेंस को हम डिस्कस नहीं

[15:26] कर रहे बट वही बात है थोड़ा क्रेडेंशियल्स

[15:28] अगर मैं आपके साथ शेयर करूं तो अच्छा लगता

[15:31] है। है ना? ट्रस्ट बनता है। एंड साथ ही

[15:32] साथ एज़ यू कैन सी जीएस वन में मेरा

[15:34] एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्कोर था। एसए में

[15:35] रियली एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्कोर था। तो उसी

[15:37] वजह से स्टडी आईक्यू में आई एम टीचिंग

[15:39] हिस्ट्री और आपके एमआरपी में एस्स की

[15:41] क्लासेस मैं ले लेता हूं। ठीक है? तो इन

[15:43] चीजों का हम ध्यान रखेंगे। एंड सीधा

[15:46] स्टार्ट करते हैं यार। माय इंट्रोडक्शन इज़

[15:47] नॉटेंट। कवरेज ऑफ़ सिलेबस इज़ेंट। तो चलो

[15:51] बुलाते हैं इन यूरोपियंस को। ठीक है? तो

[15:53] बंदा पूछे कि क्यों ही आए यार ये है ना? ए

[15:57] खामखा ना आते तो देखो हमारा इतना बड़ा

[15:59] सिलेबस ही मतलब होना ही नहीं था ये है ना

[16:02] मराठाज़ पढ़ रहे होते एंशिएंट मिडिव कल्चर

[16:04] तुम्हारी हो गई मैराथॉन बस खत्म था ये आ

[16:06] गए इन्होंने क्लेश अलग किया और इतना कुछ

[16:08] हमें पढ़ना पड़ रहा है ठीक है बट अब आ गए

[16:11] हैं तो आ गए हैं तो स्टडी करते हैं इनको

[16:13] तो देखो यार यूरोप में ना डेवलपमेंट्स चल

[16:16] रही थी उन डेवलपमेंट्स के चलते इन

[16:19] यूरोपियंस को ना बहुत ज्यादा एक तरीके से

[16:21] उत्तेजना महसूस हो रही थी कि भारत के साथ

[16:25] हम ट्रेड करते हैं। लेकिन हमारा डायरेक्ट

[16:27] ट्रेड नहीं है। हम अरब मर्चेंट्स के ऊपर

[16:30] डिपेंडेंट हैं। इटालियन मर्चेंट्स के ऊपर

[16:32] डिपेंडेंट हैं। सीधी बात नहीं है। ये

[16:34] मिडिलमैन बीच में हमें परेशान कर रहे हैं।

[16:36] और यूरोप के अंदर उस समय पर बहुत सारी

[16:39] डेवलपमेंट्स चल रही थी। जैसे कि वहां पर

[16:40] ना एक रेनेसो नाम की चीज हुई थी। रेनेसों

[16:44] का मतलब मैं आपको वैसे तो ये वर्ल्ड

[16:46] हिस्ट्री का टॉपिक है बट मैं आपको ब्रीफली

[16:48] इसका मतलब समझा देता हूं कि रेनेस होता

[16:50] क्या है? तो यार ये 13th 14th सेंचुरी के

[16:53] आसपास ये प्रोसेस स्टार्ट हुआ था और

[16:55] रेनेसो में क्या होता है कि जैसे आपको याद

[16:57] होगा जब हम भी गुप्ता काल में थे गुप्ता

[17:00] टाइम्स जब हमारे थे एंशिएंट इंडिया में आप

[17:02] पढ़ते ही हो तो उस समय पर एस्ट्रोनॉमी के

[17:04] अंदर मेडिकल साइंस के अंदर लिटरेचर के

[17:07] अंदर आर्ट के अंदर हमने बहुत ज्यादा

[17:09] तरक्की की राइट बहत सम्यता यूज़ ऑफ जीरो

[17:14] कैलकुलेशन ऑफ पाई इतनी सारी साइंटिफिक

[17:16] डेवलपमेंट्स हो रखी हैं। लेकिन ग्रेजुअली

[17:18] मिडीवल हिस्ट्री आते-आते क्या हुआ? बहुत

[17:21] सारे युद्ध होने शुरू हो गए। छोटे-छोटे

[17:23] वसल स्टेट्स बन गए। और कहीं ना कहीं जब एक

[17:26] देश एक रीजन युद्ध में व्यस्त हो जाता है

[17:29] तो उसके साथ फिर क्या होना स्टार्ट हो

[17:31] जाता है कि उसकी लिटररी और इंटेलेक्चुअल

[17:34] डेवलपमेंट होना बंद हो जाती है। तो मिडीवल

[17:36] हिस्ट्री में एक तरीके की थोड़ी डार्क

[17:38] एजेस भी यूरोप में तो डार्क एजेस उसको

[17:40] कहते हैं। तो वो देखने को मिली। जहां पर

[17:42] रिलीजन बहुत ज्यादा डोमिनेंट हो गया था।

[17:45] राइट? क्रिश्चियनिटी आ गई थी। रिलजन

[17:47] डोमिनेंट हो गया था और लोगों को सवाल

[17:49] पूछने से मना करता था। जो सवाल ज्यादा

[17:51] पूछता था उसके ऊपर विच क्राफ्ट की एलगेशन

[17:53] लग जाती थी। तो ऐसे में ड्यू टू वेरियस

[17:57] रीज़ंस दैट वी स्टडी इन वर्ल्ड हिस्ट्री।

[17:59] ऐसे में क्या हुआ कि एक ना जिज्ञासा पैदा

[18:04] हुई कि यार हम यहां तक कैसे पहुंच गए? हम

[18:06] तो ऐसे नहीं थे। तो कुछ लोगों ने

[18:09] पर्टिकुलरली इटली के लोगों ने एंशिएंट

[18:12] ग्रीक लिटरेचर को डिस्कवर करना शुरू कर

[18:14] दिया। जैसे हमारे समय पे गुप्ता

[18:16] एडमिनिस्ट्रेशन में काफी सारी डेवलपमेंट्स

[18:17] हुई थी। साइंस, लिटरेचर, आर्ट, कल्चर। ठीक

[18:20] है? तो वहां पर ग्रीक लिटरेचर, ग्रीक आर्ट

[18:23] ये सब काफी ज्यादा इवॉल्व हो रहा था। तो

[18:26] मिडिवल टाइम्स में लेट मिडीवल टाइम्स में

[18:28] इटली के लोगों ने खासकर उन सारी चीजों को

[18:31] टटोलना शुरू कर दिया। उसको टटोलने से पता

[18:33] लगा कि यार हम तो काफी एडवांस्ड लोग थे।

[18:36] राइट? हमें काफी कुछ आता था। हम सवाल

[18:38] पूछते थे। ठीक है? जिज्ञासा होती थी। तो

[18:41] उस वजह से क्या है कि रेनेसों के चलते

[18:44] लोगों में फिर से वो जिज्ञासा उत्पन्न

[18:46] होना स्टार्ट हो गई जिससे उन्होंने चीजों

[18:48] को क्वेश्चन करना शुरू कर दिया और जब भी

[18:50] हम चीजों को क्वेश्चन करते हैं हम उसको

[18:51] इंप्रूव करते हैं। सो दिस रिजल्टेड इन

[18:53] डेवलपमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी। राइट?

[18:55] इसी की वजह से शिप बिल्डिंग का आर्ट

[18:58] इन्होंने मास्टर करना शुरू कर दिया।

[18:59] यूरोपियंस ने। एग्रीकल्चर जो है वो

[19:01] साइंटिफिक लाइंस पे होना शुरू हो गया। ठीक

[19:03] है? मिक्स्ड क्रॉपिंग जैसी चीजें

[19:05] इंट्रोड्यूस होना स्टार्ट हो गई। और जब

[19:07] ओवरऑल प्रोस्पेरिटी बढ़ी तो यूरोप के अंदर

[19:10] लोग ज्यादातर मीट ही कंज्यूम करते हैं। तो

[19:12] उसकी भी डिमांड बढ़ना स्टार्ट हो गई। ठीक

[19:14] है? अब मीट को प्रिजर्व करने के लिए किस

[19:16] चीज की जरूरत पड़ती है? स्पाइसेस की। ठीक

[19:18] है? जैसे अचार को भी प्रिजर्व आपने अगर

[19:20] करके रखना होता है तो जो तेल मसाले में

[19:22] उसको डाल के रखते हो तो वो प्रिजर्वेटिव

[19:23] का काम करता है। तो उसी तरह से मीट की जब

[19:26] डिमांड बढ़ी तो सप्लाई भी बढ़ी, सप्लाई

[19:28] बढ़ी तो उसको प्रिजर्व भी करना है।

[19:30] प्रिजर्व करना है तो स्पाइसेस की जरूरत

[19:32] पड़ेगी। स्पाइसेस के साथ-साथ लोगों के पास

[19:34] पैसा है तो वह लग्जरी गुड्स भी चाहेंगे कि

[19:37] हमारे पास हो। है ना? किसी के पास पैसा है

[19:39] तो उसका भी मन करता है। है ना? Fortuner

[19:41] लेने का, iPhone लेने का। तो यहां पर भी

[19:43] कुछ वैसा ही हो रहा था। तो पूरी दुनिया

[19:45] में उस वक्त पूर्वी दुनिया का जैसे ईस्ट

[19:48] में इंडिया है, इंडोनेशिया है। हमारे

[19:50] गुड्स जो थे वो लग्जरी गुड्स थे। राइट? जो

[19:53] कपड़ा इंडिया में बनता था। कॉटन क्लॉथ

[19:55] फाइन कॉटन क्लॉथ। यूरोपियंस ने कभी जिंदगी

[19:58] में वहां पर देखा नहीं था। क्योंकि उनके

[20:00] वहां कॉटन कल्टीवेट हो नहीं पाता। तो

[20:02] व्हाटएवर दे यूज़ टू प्रोड्यूस वो खुरदरा

[20:04] सा ऊन का बना हुआ ठीक है ऊन का बना हुआ वो

[20:07] धागा और वो चुभने वाला ठीक है इरिटेट करने

[20:10] वाला है ना उस तरह का इनका कपड़ा था तो

[20:13] ओरिएंटल गुड्स की डिमांड काफी ज्यादा बढ़

[20:15] गई राइट ओरिएंटल गुड्स की डिमांड बढ़ी तो

[20:17] वो महंगे होना शुरू हो गए महंगे हुए तो ये

[20:19] यूरोपियंस को लगा कि यार ये मिडिलमैन है

[20:22] ना इटली और अरब के मर्चेंट्स इनको हटा के

[20:24] सीधा रास्ता अगर हमें मिल जाए तो हम अपनी

[20:26] इस डिमांड की पूर्ति कर सकते हैं। तो इस

[20:29] वजह से इन्होंने ना यत्न करने शुरू कर दिए

[20:31] कि भाई सीधा रास्ता हम ढूंढेंगे। अब

[20:33] पुराने समय में यूरोप को भारत के साथ

[20:37] जोड़ने वाले कुल मिलाकर तीन से चार रास्ते

[20:40] थे। एक तो लैंड रूट था। लैंड रूट क्या था

[20:44] कि लैंड रूट जो है वो नॉर्थवेस्ट इंडिया

[20:48] से गुजरते हुए सेंट्रल एशिया को क्रॉस

[20:50] करता है। ठीक है? वर्ल्ड मैप को थोड़ा

[20:51] विजुअलाइज करने की कोशिश करो। नॉर्थ वेस्ट

[20:54] इंडिया को क्रॉस करते हुए सेंट्रल इंडिया

[20:56] सेंट्रल एशिया वो आगे क्रॉस करता है एंड

[20:59] अल्टीमेटली पहुंचते-पहुंचते इस्तानबुल के

[21:02] बंदरगाह तक पहुंच जाता था और इस्तानबुल से

[21:04] यूरोपियन शिप्स आती थी राइट कॉनस्टंटिनोपल

[21:07] नाम की जगह थी तो वहां पे यूरोपियन शिप्स

[21:09] आती थी सामान को प्रक्योर करती थी और

[21:11] यूरोप में डिस्ट्रीब्यूट करती थी। तो यह

[21:13] था लैंड रूट। बाकी बचे सी रूट्स में से एक

[21:16] रूट था बाल्टिक सी रूट। ठीक है? तो

[21:18] बाल्टिक सी रूट क्या है कि हमारे जो नॉर्थ

[21:20] ईस्टर्न माउंटेन पाससेस हैं उन माउंटेन

[21:23] पाससेस से यह उत्तर की तरफ जाता था। वो

[21:25] माउंटेन पाससेस को क्रॉस करके ना आप

[21:27] चाइना, मंगोलिया एंड देन टुवर्ड्स बाल्टिक

[21:30] सी इन द नोडिक कंट्रीज नियर नोडिक कंट्रीज

[21:32] वहां तक जा सकते हो। अब मेंस के पॉइंट ऑफ

[21:35] व्यू से जब हम ट्रांसपोर्टेशन और

[21:37] लॉजिस्टिक्स की बात करते हैं तो यह बात

[21:38] आपको भी पता है कि इन कंपैरिजन टू लैंड

[21:42] कैरिंग अ पर्टिकुलर कार्गो इज़ मोर

[21:44] एफिशिएंट इफ वी कैरी इट फ्रॉम दी सी। है

[21:47] ना? ना टर्ननेज की हम बात करते हैं तो उसी

[21:49] वजह से ये बाल्टिक सी रूट और ये जो हमारा

[21:52] लैंड रूट है इसका कुछ खास सिग्निफिकेंस था

[21:55] नहीं। वी डिड नॉट हैव मच सिग्निफिकेंस

[21:57] रिलेटेड टू इट। सो इसीलिए जो हमारे ज्यादा

[22:00] यूरोपियंस के लिए ज्यादाेंट सी रूट्स थे

[22:02] वो थे पर्शियन गल्फ के और रेड सी के। ठीक

[22:05] है? पर्शियन गल्फ और रेड सी। पर्शियन गल्फ

[22:08] अरेबियन पेनसुला और ईरान के बीच में आ

[22:10] जाता है और रेड सी अफ्रीका और अरेबियन

[22:13] पेनसुला के बीच में आ जाता है। तो यहां पर

[22:15] क्या होता था कि सूरत के बंदरगाह से अरब

[22:19] मर्चेंट्स अपने जहाज में इस सामान को लेके

[22:22] जा रहे हैं। पर्शियन गल्फ क्रॉस कर रहे

[22:24] हैं और उसके बाद वाया लैंड दे क्रॉस इराक,

[22:28] टर्की और वहां से इटालियन मर्चेंट्स इसको

[22:30] जिनेवा और वेनिस में ले जाते थे। ठीक है?

[22:33] और वहां से बाकी यूरोप में चीजें

[22:34] डिस्ट्रीब्यूट हो जाती थी। राइट? और उसी

[22:37] तरह से रेड सी में क्या था कि अरब

[22:40] मर्चेंट्स ये कहां ले जाएंगे? पर्शियन रेड

[22:44] सी रूट रेड सी को क्रॉस करते हुए इजिप्ट

[22:48] के एलेक्जेंड्रिया नाम में एक शहर होता

[22:50] है। राइट? वहां पर जाते हैं और इस

[22:52] एलेक्जेंड्रिया के बंदरगाह से इटली के

[22:55] मर्चेंट्स आते हैं और सामान लेकर जिनेवा

[22:58] और वेनिस में वहां पर ले जाते हैं और बाकी

[23:00] यूरोप में ये डिस्ट्रीब्यूट हो जाता है।

[23:02] तो इस सिस्टम में क्लियरली आप प्रॉब्लम

[23:05] देख सकते हो कि यूरोप में कुछ भी चाहिए तो

[23:08] इटालियंस के हाथ जोड़ने पड़ेंगे और अरब्स

[23:11] के कहने पड़ेंगे प्लीज सस्ता दे दे यार

[23:12] देख ले प्लीज यार इतना मैंगोनियम मैन ऐसे

[23:15] करना पड़ेगा। ठीक है? तो इस वजह से बहुत

[23:18] सारे वेस्टर्न यूरोपियन कंट्रीज बहुत से

[23:22] वेस्टर्न यूरोपियन कंट्रीज को लगा कि

[23:24] मामला गड़बड़ है अब हमें कुछ करना पड़ेगा।

[23:27] ठीक है? जब कॉनस्टांटिनोपल

[23:30] 1453 में ठीक है? 1453 इसको नोट कर लो।

[23:34] 1453 में ना कॉनस्टेंटिनोपल नाम की एक जगह

[23:37] थी तो वो ऑटोमन टर्क्स ने एक्वायर कर

[23:41] लिया। जब कॉनस्टेंटिनोपल भी चला गया तो

[23:44] उसका क्या मतलब है कि अब तीनों ही रूट्स

[23:47] जो हैं इवन लैंड रूट से जो सामान

[23:49] कॉनस्टेंटिनोपल तक जाता था तो वो भी अब

[23:52] ऑटोमन टर्क्स द्वारा रेगुलेट हो गया है

[23:54] जिससे कि सप्लाई काफी कम हो गई है चीजें

[23:56] बहुत ज्यादा महंगी हो गई हैं एंड इट कैन

[23:57] ब्रिंग इकोनॉमिक क्राइसिस इन यूरोप तो अब

[24:00] ये यूरोपियन कंट्रीज बहुत ज्यादा क्या हैं

[24:02] डेस्परेट हैं कि भाई सीधा-सीधा रास्ता

[24:05] दिखा दे यार प्लीज दिखा दे ठीक है तो अब

[24:07] इनके यत्न शुरू हो जाएंगे और इस यत्न में

[24:10] द फर्स्ट यूरोपियन पावर पावर टू कम टू

[24:12] इंडिया वुड बी कमेंट सेक्शन में नाम दीजिए

[24:14] सब के सब। हां जी। फर्स्ट यूरोपियन पावर

[24:16] टू कम टू इंडिया। फर्स्ट यूरोपियन पावर टू

[24:19] कम टू इंडिया। जर्मंस है ना? अगर मैं गलत

[24:22] हूं तो करेक्ट मी प्लीज। देखिए पहली

[24:24] यूरोपियन पावर जो भारत में आई कौन थी?

[24:26] इटालियंस।

[24:28] इटालियन तब क्यों आएंगे? इटालियंस के साथ

[24:31] तो है ना? हमारे मधुर संबंध बाद में बने

[24:34] हैं। अभी भी हैं। है ना? उस टाइम पे इतने

[24:36] नहीं थे। ठीक है? उस टाइम पे इटालियंस वर

[24:39] कनफाइंड टू मेडिटेरियन सी। ठीक है? तो कौन

[24:42] आई? अरे बोलो यार कमेंट सेक्शन में इतने

[24:44] ढीले क्यों हो सब लोग? है ना? पोर्चुगीज़

[24:48] है ना? सबसे पहली यूरोपियन की पावर कौन सी

[24:50] आएगी? पोर्चुगीज़ आएगी। अब इससे पहले मैं

[24:54] आपको यह बताऊं कि किस प्रकार से ये

[24:57] पोर्चुगीज़ भारत में प्रवेश करते हैं। हम

[25:00] एक बार ना एक ओवरव्यू लेते हैं सभी

[25:02] यूरोपियन पावर्स का जो एक-एक करके भारत

[25:05] में आते हैं। ठीक है? तो ये टेबल सभी को

[25:07] दिख रहा है? हां जी। ऑल ऑफ यू आर यू एबल

[25:10] टू सी दिस टेबल? इस टेबल के अंदर कैन यू

[25:13] आइडेंटिफाई दी पैराटर्स जो आपको पता होने

[25:15] चाहिए अलग-अलग यूरोपियन पावर के बारे में।

[25:17] ठीक है? तो मैं बता देता हूं पैरामीटर

[25:20] क्या-क्या है। देखो ये लिखा है पोर्चुगीज़

[25:22] मतलब नेम ऑफ द यूरोपियन पावर जो भारत में

[25:26] आई। तो कुल मिलाकर जो यूरोपियन पावर्स

[25:29] भारत में आकर अपनी कुछ कॉलोनीज़ बनाती हैं

[25:31] तो वो कुल मिलाकर कितनी है? चार ही हैं।

[25:33] ज्यादा नहीं आए। ठीक है? नहीं पांच हैं।

[25:36] ठीक है? पांच यूरोपियन पावर्स हैं। अब हर

[25:39] एक यूरोपियन पावर में हम देखेंगे कि ट्रेड

[25:42] कंडक्ट करने के लिए इन्होंने अपनी-अपनी

[25:44] कंपनीज़ बनाई थी। तो ये कंपनीज़ कब बनी? ठीक

[25:47] है? ये कंपनीज़ इनकी कब बनी? ये आपको

[25:50] फर्स्ट रो में पता लग जाएगा। ठीक है? उसके

[25:53] बाद जितनी भी ये यूरोपियन पावर्स आई,

[25:56] देखो, आज की डेट में आपको अगर भारत से

[26:01] अपनी जगह से, ठीक है? अपने-अपने शहरों से

[26:03] लेट्स से दिल्ली आना है। आप में से कुछ

[26:05] लोग दिल्ली हैं तो आप मुंबई जाइए और बाकी

[26:07] जो दिल्ली नहीं है मान लो आपको दिल्ली आना

[26:09] है तो उसके लिए क्या पैसा लगता है? ठीक

[26:12] है? और पैसे हमें जनरली मम्मी पापा से

[26:13] मांगने पड़ते हैं। तो उस जमाने में सोचो

[26:16] कि इतने बड़े-बड़े जहाज निकाल कर ले गए

[26:19] हैं ये समुंदर में। ठीक है? जहाज ऐसा तो

[26:22] है नहीं कि मैं अकेला ड्राइव कर लूंगा।

[26:24] अकेला सेल कर लूंगा तो मुझे स्टाफ चाहिए।

[26:27] मुझे सेलर्स चाहिए। उनको पगार देनी

[26:29] पड़ेगी। और ऐसा भी नहीं है। है ना? कि बगल

[26:32] वाली गली में इंडिया पड़ा है। इंडिया

[26:35] सिचुएटेड है। आपको अटलांटिक क्रॉस करना

[26:37] है। इंडियन ओशन क्रॉस करना है। फिर भारत

[26:39] में आओगे। तो इसलिए क्या है? जहाज के अंदर

[26:41] काफी सारी सप्लाई भी रखनी पड़ती हैं। और

[26:44] इस सब के लिए क्या लगता है? बताओ। क्या

[26:47] लगता है? इस ये सब करने के लिए क्या लगता

[26:49] है? वो भजन करते हैं ना हम। तुम बिन यज्ञ

[26:52] न होते वस्त्र ना कोई पाता।

[26:56] मैया जय लक्ष्मी माता तो पैसा लगता है तो

[27:00] यह पैसा किस तरह से आएगा तो या तो

[27:04] व्यापारी लोग अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार

[27:07] अपनी-अपनी औकात के अनुसार पूल करते थे या

[27:11] फिर जो इन देशों के राजा हुआ करते थे या

[27:14] रानी हुआ करती थी वो इन्हें सपोर्ट करते

[27:17] थे। वो रॉयल ट्रेजरी से पैसा निकालकर

[27:19] इन्हें स्पॉनसर करते थे कि जा सिमरन जा

[27:21] वास्को जा जी ले अपनी जिंदगी कर ले पूरा

[27:24] अच्छे से बिजनेस राइट तो जितनी भी

[27:28] मोनार्क्स हैं उसको भी हम देखेंगे ठीक है

[27:30] वो भी पता होना चाहिए राइट उसके बाद कब ये

[27:33] आए ठीक है उनका अराइवल ये अलग चीज है राइट

[27:37] फर्स्ट पर्सन टू अराइव एंड फर्स्ट

[27:40] फैक्ट्री टू गेट सेट अप और एग्जिट कब हुई

[27:43] ठीक है एग्जिट इनकी कब हुई तो पुर्त तो

[27:46] गालियों से ही स्टार्ट करते हैं। तो इनकी

[27:48] जो कंपनी है ना पोर्चुगीज़ ईस्ट इंडिया

[27:50] कंपनी दिस इज़ इनसिग्निफिकेंट। यह तो सिर्फ

[27:52] कंपैरिजन करने के लिए मैंने लिख दिया है।

[27:55] बट ये कंपनी ना अल्टीमेटली बैंकरप्ट हो गई

[27:57] थी और जब आए भी थे तो इस कंपनी का कुछ खास

[27:59] काम था नहीं। राइट? वास्को गामा को सपोर्ट

[28:04] करने वाले जो राजा थे वो थे किंग मैनुअल

[28:06] दी वन। किंग मैनुअल दी वन।

[28:10] ठीक है? और सरप्राइज देखो क्या है?

[28:13] पोर्तुगीज़ जब भारत में आएंगे ना तो ये

[28:15] अपना एक अस्तादो इंडिया का सिस्टम लेके

[28:17] आएंगे जिसमें अलग-अलग वाइसस पोर्चुगीज़

[28:20] कॉलोनीज़ को एडमिनिस्टर करते थे। तो किंग

[28:22] मैनुअल वन ने वास्कोडगामा को सपोर्ट किया

[28:25] जिससे कि वो भारत में आया और आपको पता ही

[28:27] है 19th दिसंबर 1961 क्या हुआ था? ऑपरेशन

[28:30] विजय। ठीक है? 19th दिसंबर 1961 को क्या

[28:33] हुआ था? ऑपरेशन विजय हुआ था। जिसमें हमने

[28:37] मिलिट्री एक्शन के जरिए पुर्तगालियों को

[28:40] गोवा से खदेड़ दिया था। गोवा वाज़ लिबरेटेड।

[28:43] ठीक है? गोवा की लिबरे लिबरेशन हो गई थी।

[28:46] और उस टाइम पर भी पुर्तगालियों का एक

[28:48] वायसरॉय बैठता था। तो लास्ट वायसरॉय जो है

[28:51] उसका नाम भी पता है क्या है? उसका नाम है

[28:53] मैनुअल

[28:55] मैनुअल

[28:56] एंटोनियो

[28:58] वसालो

[29:00] एसिलवा। कुछ देर पहले ये न्यूज़ में था।

[29:04] ठीक है? बिकॉज़ ऑफ़ गोवा लिबेशन डे। तो

[29:06] इसलिए मैं आपके साथ ये शेयर कर रहा हूं।

[29:08] ठीक है? मैनुअल एंटोनियो वसालो एसिलवा।

[29:11] राइट कि मैनुअल का उल्टा एंटो एंटोनियो है

[29:14] ना एंटोनिम्स होता है ना ऑोजिट तो मैनुअल

[29:17] ने भेजा वास्को को एग्जिट के टाइम पे ये

[29:19] दूसरे वाला मैनुअल एंटोनियो बैठा है ठीक

[29:21] है और अपना घर यहां बसाएगा नहीं

[29:26] सिलवा बसा लो है सिलवा गया ठीक है याद

[29:29] रखने का तरीका है ठीक है आई विल बी यूजिंग

[29:32] दीज़ फनी ट्रिक्स इन ऑर्डर टू हेल्प यू

[29:34] मेमोराइज़ दीज़ेंट फैक्ट्स राइट तो

[29:36] पुर्तगालियों में क्या-क्या बातें याद

[29:38] रखनी है हमने राज्य का नाम किंग मैनुअल दी

[29:40] फर्स्ट आए कब? 1498 में। पहला पुर्तगाली

[29:43] जो आया वास्कोडा गामा। ठीक है? और गए कब?

[29:47] 19th दिसंबर 1961। ठीक है? फर्स्ट वंस टू

[29:51] कम एंड लास्ट वंस टू लीव। सबसे पहले आए और

[29:53] सबसे लास्ट में गए। अंग्रेजों के भी बाद

[29:55] गए। ठीक है? इन्हें लगा था इनके पापा का

[29:57] ही है। है ना गोवा? पर हमने कहा नहीं गोवा

[29:59] हमारा है। हम नहीं देंगे। ठीक है? और

[30:02] लास्ट वासराॉय इनका कौन था? मैनुअल

[30:04] एंटोनियो, वसालो एस सिलवा। राइट? और पहली

[30:07] फैक्ट्री बड़ी इंपॉर्टेंट है। पहली

[30:08] फैक्ट्री इनकी कहां बनी थी? कैलकट में बनी

[30:10] थी। ठीक है? एंड कैलकिकट इज द सेम प्लेस

[30:13] जहां पर वास्को का जहाज लैंड किया था। ठीक

[30:18] है? पोर्चुगीज़ के बारे में पता लग गया। डच

[30:20] की बात करते हैं। ठीक है? पुर्तगालियों के

[30:23] बाद आए डच। डच कहां को बिलोंग करते हैं?

[30:26] नीदरलैंड्स को। ठीक है? तो नीदरलैंड्स की

[30:29] जहां तक बात है तो इनकी जो कंपनी है वो

[30:32] बनी थी 1602 में।

[30:34] डच ईस्ट इंडिया कंपनी यह स्पाइस आइलैंड्स

[30:37] यानी कि इंडोनेशिया में व्यापार करने में

[30:39] ज्यादा इंटरेस्टेड थे और उसी व्यापार के

[30:41] लिए इन्होंने एक कंपनी बनाई थी और उस

[30:42] कंपनी का क्या नाम रखा था डच ईस्ट इंडिया

[30:45] कंपनी जो कि कब बनी 1602 ठीक है सेकंड

[30:49] यूरोपियन पावर टू कम ठीक है वेरी स्वीट 16

[30:54] एंड सेकंड यूरोपियन पावर तो 1602 1602 में

[30:58] ये जब आए तो इनको पेटनेज कहां से मिली थी

[31:00] तो नीदरलैंड्स में ना उस समय पर क्या थी

[31:03] पार्लियामेंट थी और पार्लियामेंट के जो

[31:05] हेड थे वह थे मॉरिस। ठीक है? लेकिन इस

[31:08] कंपनी को सेटअप करवाने में इनके एक मंत्री

[31:11] ने एक स्टेट्समैन थे। उन्होंने बहुत

[31:12] इंपॉर्टेंट रोल प्ले किया। उनका नाम था

[31:14] जॉन वैन ओल्डन ओल्डन बर्नवेल्ट। ठीक है?

[31:19] जॉन वैन ठीक है? जॉन वैन ये तो याद रहेगा।

[31:23] ओल्डन बर्नवेल्ट। ठीक है? ओ एल डी ई एन बी

[31:26] ए आर एन वी ई एल टी पीडीएफ में मिल जाएगा

[31:29] आपको। ठीक है? ठीक है? एंड बाय द वे

[31:31] पीडीएफ जिन्होंने डाउनलोड करना है यार वो

[31:33] मेरे सीएस लाइव ग्रुप अंडरस् यूपीएससी को

[31:35] ज्वाइन कर लीजिए। ठीक है? दिस इज़ माय

[31:37] Telegram चैनल।

[31:39] ठीक है? यह मेरा Telegram चैनल है। राइट?

[31:42] और यह मेरा क्यूआर कोड है। ठीक है? दिस इज़

[31:45] माय क्यूआर कोड। सो, यू कैन स्कैन दिस

[31:47] क्यूआर कोड एंड रीच द Telegram चैनल। ठीक

[31:49] है? क्लास के बाद में पीडीएफ दूंगा। तो,

[31:51] इसको सेव कर लो और इसको ज्वाइन कर लेना।

[31:53] पीडीएफ क्लास के बाद आपको मिलेगा यहीं पे।

[31:55] ठीक है? यह सीएस लाइफ स्पेस ग्रुप अंडरस्

[31:58] यूपीएससी। ठीक है? के यहां पर आपको पीडीएफ

[32:00] मिलेगा। अच्छा आगे बढ़ने से पहले मुझे अभी

[32:02] तक यह बता दो किसी को कोई दिक्कत या

[32:04] समस्या है ना आई थिंक आराम से हम चल रहे

[32:06] हैं तो अभी तक तो कोई दिक्कत या समस्या

[32:08] नहीं आई होगी। ठीक है? 1602 में डच कंपनी

[32:11] बन गई जॉन वैन ओल्डर बनविल्ट। ठीक है?

[32:14] लेकिन इनका जो पहला व्यक्ति आया था ना वो

[32:17] 1596 में आ गया था। और यह व्यक्ति था

[32:19] कॉर्निलियस हुटमैन। यह डच मर्चेंट होने के

[32:23] साथ-साथ ना इसको ना ज्योग्राफी में बड़ा

[32:25] इंटरेस्ट था। तो इंडिया की ज्योग्राफी को

[32:27] स्टडी करने के लिए

[32:28] मेडिसिनल हर्ब्स को स्टडी करने के लिए

[32:31] इसको पता था कि जड़ी बूटियां भारत में

[32:33] काफी सारी उगती हैं। तो चलो एक बार जाकर

[32:35] देखते हैं। तो वाया सी

[32:37] कॉर्निलियस हुटमैन ही वास द फर्स्ट डच

[32:40] पर्सन टू कम टू इंडिया एंड ही केम इन 1596

[32:43] अप्रोक्समेटली 100 इयर्स आफ्टर

[32:45] वास्कोडगामा। वो 1498 में आया था। यह 1596

[32:48] में आया। ठीक है? और जो दो का डिफरेंस है

[32:51] वो दो इनके यहां पर चला गया 1602 में। ठीक

[32:53] है? एग्जिट इनकी कब हुई? 1825 में हुई।

[32:56] 1825 में ना डच ने अंग्रेजों के साथ एक

[32:59] ट्रीटी साइन की। इसको कहते हैं एंग्लो डच

[33:02] ट्रीटी ऑफ़ 1824। इस ट्रीटी के अनुसार डच

[33:05] ने कहा कि यार देखो इतना ज्यादा क्लेश

[33:07] होता रहता है हमारा अंग्रेजों के साथ। तो

[33:10] हम एक काम करते हैं डिस्टेंस बनाकर रखते

[33:12] हैं। डच ने डिसाइड किया कि मैं इंडोनेशिया

[33:15] के आसपास के आयरलैंड्स में वहां पर सीमित

[33:18] रहूंगा। ठीक है? तो ब्रिटिश ने कहा कि ठीक

[33:20] है रह मुझे भी वहां पे कोई इंटरेस्ट नहीं

[33:22] है। तो सुमात्रा का आइलैंड अंग्रेजों ने

[33:24] डच को दे दिया और बदले में जो भारत की डच

[33:28] की कॉलोनियल पोजीशंस थी वो अंग्रेजों को

[33:31] मिल गई। ठीक है? तो 1825 में इनकी भारत से

[33:34] एग्जिट हो जाती है और डच कॉलोनीज़ जो हैं

[33:36] वो ब्रिटिश के पास चली जाती हैं। डच के

[33:39] बाद आएंगे ब्रिटिश। अब जहां तक इनकी ईस्ट

[33:43] इंडिया कंपनी की बात है तो वो बनी 1600

[33:46] में। ठीक है? 1600 में उनको चार्टर किससे

[33:48] मिला? क्वीन एलिजाबेथ फर्स्ट से भारत में

[33:51] कब आए वो? भारत में 8 साल बाद आए। तो डच

[33:54] का उल्टा है। डच में ये लोग भारत पहले आ

[33:56] गए। कंपनी बाद में बनी और अंग्रेजों का

[33:58] क्या है? ये लोग भारत बाद में आए और कंपनी

[34:02] इनकी पहले बनी। ठीक है? तो दोनों का उल्टा

[34:06] है। तो इस चीज को बहुत ध्यान से रखना कि

[34:08] अगर सवाल आ जाए ना कि अरेंज दी कंट्रीज इन

[34:11] द क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर ऑफ देयर एडवेंट ऑफ

[34:13] कमिंग टू इंडिया या जिस साल में उनकी

[34:16] कंपनियां बनी थी उस हिसाब से अरेंज करना

[34:18] है तो इस चीज का बहुत ध्यान रखना।

[34:19] यूपीएससी में ना क्वेश्चंस आजकल काफी

[34:21] ज्यादा डीप आने शुरू हो गए हैं। इसीलिए

[34:24] मैं कह रहा हूं स्पेक्ट्रम जैसी किताबें

[34:25] ना इतनी काम आती नहीं है इसमें। ठीक है?

[34:27] कैप्टन विलियम हॉकिंस वाज़ दी फर्स्ट

[34:31] इंग्लिश मैन टू सेट फुट ऑन इंडियन सॉइल।

[34:34] ठीक है? अब कैप्टन विलियम हॉकिंस से ना

[34:36] पहले भी कुछ अंग्रेज थे जो भारत आ चुके

[34:40] थे। ठीक है? जैसे कि जो सबसे प्रॉमिनेंट

[34:42] नाम हम देखते हैं वो है र्फ फिच का। ठीक

[34:45] है? र्फ फिच का और उससे भी पहले 1579 में

[34:49] ठीक है? यह पूछेगी नहीं यूपीएससी जस्ट

[34:51] आपकी नॉलेज के लिए बता रहा हूं। 1579 में

[34:54] कहा जाता है कि एक थॉमस स्टीवंस नाम का एक

[34:56] अंग्रेज था। तो यह भी भारत आया था। उसके

[35:01] बाद 1583 में रैफ पिच भी भारत आए हुए थे।

[35:05] तो ऐसा नहीं है कि ब्रिटिश पहले आते नहीं

[35:08] थे। आते थे लेकिन ये दोनों लोग लैंड रूट

[35:11] से आए थे। ठीक है? ये जमीन के रास्ते से

[35:13] आए थे। राइट? वाया लैंड आए थे। वाया सी

[35:16] कैप्टन विलियम हॉकिंस वाज़ द फर्स्ट पर्सन

[35:18] टू रीच इंडिया। ठीक है? और 1608 में आए

[35:21] थे। डेट बता सकता है कोई मुझे? किस डेट पे

[35:23] कैप्टन विलियम हॉकिंस ने सूरत के बंदरगाह

[35:26] पे। ठीक है? वो एंट्री वीडियो की तरह ऐसे

[35:28] पैर रखा। वो डेट क्या है?

[35:31] वह डेट है 24th अगस्त। ठीक है? तो कैप्टन

[35:34] विलियम हॉकिंस 24th अगस्त

[35:37] 1608। ठीक है? ये सूरत पर इन्होंने कदम

[35:40] रखा सूरत की मिट्टी पे। जो फर्स्ट ब्रिटिश

[35:43] फैक्ट्री बनी वो 1611 में बनी। ज्यादातर

[35:46] बुक्स गलत बताती हैं ये। ठीक है? मोस्ट ऑफ

[35:48] द बुक्स टेल दिस कंप्लीटली रॉन्ग कि

[35:50] फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री सूरत में बनी।

[35:52] सूरत में 1613 में बनी थी। मसूलीपट्टनम

[35:55] में 1611 में बनी थी। तो 1613 पहले आते

[35:57] हैं कि 1611 पहले आते हैं? 1611 पहले आता

[36:01] है। ठीक है? सूरत में क्यों बोलते हैं?

[36:03] उसका रीज़न पता है क्या है? उसका रीज़न यह

[36:05] है कि जो मसूलीपट्टनम में फैक्ट्री बनी

[36:07] थी, इट वाज़ एट दैट टाइम आउटसाइड दी मुगल

[36:10] डोमिनियन। मसूलीपटन में जो फैक्ट्री बनी

[36:12] थी ना, वो मुगल डोमिनियन के बाहर बनी थी।

[36:15] ठीक है? सूरत वली वो मुगल एपरर की

[36:17] डोमिनियन के अंडर थी। ठीक है? तो यह

[36:19] कंफ्यूजन कई बार क्रिएट ऐसे कर देते हैं।

[36:22] दूसरा यस मसोलीपट्टनम की फैक्ट्री जो 1611

[36:25] की थी, यह बहुत ज्यादा लंबा नहीं चली। एंड

[36:28] इट वाज़ काइंड ऑफ़ टेंपरेरी। तो इसलिए कह

[36:30] देते हैं फर्स्ट परमानेंट फैक्ट्री ऑफ़

[36:31] ब्रिटिश इज़ इन 1600 13 की सूरत फैक्ट्री।

[36:35] ठीक है? अगर ये लॉजिक है ना तो उस हिसाब

[36:37] से जो कैलकट की फैक्ट्री केबराल ने लगाई

[36:40] थी पेड्रो एल्वरेज केबराल ये पर्टिकुलर

[36:42] फैक्ट्री भी टेंपरेरी थी। ये 3 महीने से

[36:44] ज्यादा नहीं चली। कैलकट में बनाई गई ये

[36:47] फैक्ट्री 3 महीने से ज्यादा नहीं चल पाई।

[36:49] तो उस हिसाब से तो इसको भी फर्स्ट

[36:50] फैक्ट्री ना बोलो। फिर कोचीन की फैक्ट्री

[36:52] को फर्स्ट फैक्ट्री बोलो जो बाद में लगाई

[36:55] गई। ठीक है? तो फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री

[36:57] इज़ नॉट इन सूरत। इट इज़ इन मसूलीपट्टन।

[36:59] यूपीएससी में प्रीवियस ईयर क्वेश्चन भी आ

[37:00] चुका है। उसका आंसर भी मसूलीपट्टनम था।

[37:02] ठीक है? तो ये जो इंटरनेट है, एआई है,

[37:05] Google है। ये बेचारे जो है ना अब देखो

[37:06] एआई भी डाटा के ऊपर चलता है। अब हम जैसे

[37:09] किसी ने हां नहीं हम जैसे तो नहीं है। हम

[37:11] तो मसूलीपट्टनम को ही बोलेंगे। ठीक है?

[37:12] कोई बेचारे होते हैं और लिख देते हैं

[37:16] सूरत। कहीं से पढ़ के और वो इतना रिपीट

[37:19] होता गया, होता गया, होता गया, होता गया

[37:21] कि एआई को भी लग रहा है कि नहीं यार सूरत

[37:23] ही होगा। ठीक है। इसमें किसी को कोई डाउट?

[37:26] हां जी। अनामिका,

[37:31] मोनाली, नीलेश, आशुतोष, अभिषेक,

[37:36] अनामिका, मोनाली, नीलेश, आशुतोष, अभिषेक,

[37:36] एवरीवन, शिल्पी। इसमें किसी को कोई डाउट?

[37:38] आई डोंट थिंक सो। ठीक है? है ना? फेयर

[37:41] पॉइंट हिमांशी है ना? फेयर पॉइंट है।

[37:44] राइट? तो इंग्लिश का हो गया। ठीक है? इसके

[37:47] बाद आएंगे डेंस। डेंस कहां रहते हैं? डेंस

[37:51] रहते हैं डेनमार्क में। ठीक है? और इसको

[37:54] ना एक मेरा स्टूडेंट था ही इज करेंटली

[37:57] आईपीएस। ठीक है? तो जब पहली बार उसने रीड

[38:00] किया था ना तो उसने इसको डेंस नहीं इसको

[38:02] दाने बोला था। ठीक है? तो ये दाने ही थे।

[38:06] दाने मतलब छोटे से। दीज़ वर मोस्ट

[38:08] इनसिग्निफिकेंट आउट ऑफ ऑल यूरोपियन

[38:09] पावर्स। ठीक है? दीज़ वर दी मोस्ट

[38:11] इनसिग्निफिकेंट आउट ऑफ ऑल यूरोपियन

[38:13] पावर्स। तो इनकी जो डेनिश ईस्ट इंडिया

[38:16] कंपनी थी, यह बनी थी 1616 में।

[38:19] पेटनेज इनको मिली थी किंग क्रिश्चियन

[38:22] फोर्थ की ठीक है क्रिश्चियन चार और अराइवल

[38:25] इनका हुआ था 1620 में ठीक है भारत कब आए

[38:29] थे 1620 में और कौन आया था ओविक जेड ओवी

[38:33] ओवी ई जी जे जे ई डबल डी ई ओविक जेडी इसको

[38:37] अगर याद नहीं होता तो ओवी कंजेडी भी बोल

[38:39] सकते हो आप ठीक है क्योंकि ये क्यों आया

[38:41] कब आया और कैसे चला गया कुछ पता नहीं ठीक

[38:44] है और यही अर्बन मतलब ये ऐसे लोग हैं ये

[38:46] बैंकरप्ट हो गए थे ठीक है दे वेंट

[38:48] बैंककरप्ट एंड अल्टीमेटली बैंकरप्ट होने

[38:51] के बाद भी ना इनके राज्य के पास चली गई

[38:53] सारी पोजीशंस इनकी कंपनी की और वो 1845 तक

[38:56] वहीं बैठा रहा। 1845 में उसको लगा कि यार

[38:58] इंडिया बड़ी दूर है। अंग्रेज काफी अच्छा

[39:01] कर रहे हैं लड़के। इनको ही दे देते हैं।

[39:03] कुछ पैसे मिल जाएंगे। तो 1845 में जाकर

[39:06] इसने अपनी सारी कॉलोनीज जो हैं ब्रिटिश को

[39:09] दे दी। ठीक है? सो 1845 में इनकी एग्जिट

[39:13] होती है। 1616 में आए क्रिश्चियन फोर्थ।

[39:18] ठीक है? 1616 में इनकी कंपनी बनी। 1620

[39:21] में आए। ओविक जेटी वास दी फर्स्ट पर्सन

[39:23] फर्स्ट फैक्ट्री। यह ट्रेवकोर में बनी थी।

[39:26] ठीक है? ट्रेवकोर इज़ नियर तमिलनाडु और जो

[39:29] जगह का नाम है वो है थरंगम बाड़ी। ठीक है?

[39:31] आज उस ट्रेवकोर नाम की जगह को हम थरंगम

[39:34] बाड़ी कहते हैं। अंग्रेजों से बेचारों उसे

[39:35] यूरोपियन से तरंगमबाड़ी बोला नहीं जाता था।

[39:37] ठीक है? तो ये सिचुएशन है डेंस की। फ्रांस

[39:40] वाज़ द लास्ट वंस टू कम। ठीक है? फ्रेंच

[39:42] 1664 में इनकी फैक्ट्री बनी। फैक्ट्री

[39:45] बनाने के पीछे इनके राजा लुई 14th 16th

[39:49] नहीं 16th बेवकूफ था। लुई 16th वाज़ अ लेज़

[39:54] पर्सन लेज़ मोनार्क और उसी के टाइम पे

[39:56] फ्रेंच रेवोल्यूशन हुई थी। जो 14थ था वो

[39:58] काफी बढ़िया राजा था। ठीक है? तो लुई 14थ

[40:01] इसने पेटनाइज किया। कंपनी बनाने के पीछे

[40:04] लुई 14थ के साथ-साथ इनके फाइनेंस मिनिस्टर

[40:07] का भी एक बहुत इंपॉर्टेंट रोल था। उसका

[40:09] नाम था कोलबर्ट। सी ओ एल बी ई आर टी।

[40:12] कोलबर्ट प्लेड अ वेरीेंट रोल इन हेल्पिंग

[40:14] देम सेट अप दिस फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी।

[40:17] अराइवल इनका हुआ 1667 में। 64 में इनकी

[40:22] कंपनी बनी। 67 में यह भारत आए। भारत आने

[40:26] वाला पहला फ्रेंच व्यक्ति था कैरोन।

[40:29] ठीक है? फ्रांसिस कैरोन।

[40:31] ठीक है? फ्रांसिस कैरोन। उसके बाद इनकी

[40:33] फर्स्ट फैक्ट्री उस जगह पे बनी जहां पर

[40:35] अंग्रेज बनाना चाहते थे पर बना नहीं पाए।

[40:38] ठीक है? तो इनकी फर्स्ट फैक्ट्री सूरत में

[40:39] बनी इन 1668

[40:42] और एग्जिट इनकी कब हुई? 1954 में। ठीक है?

[40:45] तो आज जो आप पडीचेरी देखते हो ना

[40:47] पुुडुचेरी जिसको बोलते हो तो उसके टोटल ना

[40:49] कुल मिला के वो ईस्टर्न और वेस्टर्न कोस्ट

[40:51] दोनों पे है। तो जो पोंडीचेरी के कुछ

[40:53] टेरिटरीज है ना जैसे माहे कराइकल तो उसको

[40:55] भी हम पोंडीचेरी कह देते हैं। तो ये जो

[40:57] एरियाज है ना माहे यनम कराइकल एंड

[40:59] पोंडीचेरी ये सारी की सारी फ्रेंच कॉलोनीज़

[41:01] हुआ करती थी। राइट? एंड 1954 में इसका

[41:04] पूरा यू नो कंट्रोल इंडियन गवर्नमेंट के

[41:07] पास आ गया था। सो यह है पूरी की पूरी

[41:10] दास्तान एक ओवरव्यू इन यूरोपियन कंपनीज़ के

[41:13] बनने का। इनके राजाओं के पेटनाइज करने का

[41:16] किस साल ये आए इनका पहला व्यक्ति? कहां पर

[41:20] इनकी पहली फैक्ट्री बनी? कब इन्होंने

[41:22] एग्जिट ली? इज दिस क्लियर एवरीवन? बताइए।

[41:26] यह सब कुछ क्लियर है? दे वर कनफाइंड टू

[41:28] फ्रेडरिक ट्रगर। यस। डेंस

[41:30] [नाक से की जाने वाली आवाज़] वर कनफाइंड

[41:31] टू है ना फ्रेडरिक नगर। पहली फैक्ट्री तो

[41:34] उनकी तरंगमबाड़ी में बनी थी। आगे चलकर

[41:38] फ्रेडरिक नगर में कनंफाइंड रह गए थे वो।

[41:41] ठीक है? चलो चलें आगे। ठीक है? ये एक ही

[41:45] स्लाइड में हमने काफी सारी चीजों को

[41:47] डिस्कस कर लिया। तो आगे का काम हमारा

[41:50] थोड़ा सा सिंपल होना चाहिए। ठीक है? अब इन

[41:52] सभी यूरोपियन पावर्स में जिन्होंने एफर्ट

[41:55] लगाना शुरू किया सबसे पहले वो पोर्चुगीज़

[41:57] थे। ठीक है? ठीक है? तो पोर्चुगीज़ के ना

[41:58] अब अलग-अलग लोगों का नाम जान लेते हैं।

[42:00] देखो ये भी पढ़ना इंपॉर्टेंट होता है।

[42:02] बच्चे क्या करते हैं उनको ना जल्दबाजी में

[42:04] चाहिए कि फटाफट कराओ। सर 1 घंटे में पूरी

[42:06] मॉडर्न हिस्ट्री करा दो। 1 घंटे में मैं

[42:08] करा सकता हूं। ठीक है? मैं 10 मिनट में भी

[42:11] करा सकता हूं। है ना? अभी सिलेबस डिस्कस

[42:13] करते हुए वो मॉडर्न हिस्ट्री ही तो की है।

[42:15] हो गई मॉडर्न हिस्ट्री। लेकिन यार तरीके

[42:17] से करनी होती है। यूपीएससी इज़ एन एग्जाम

[42:19] ऑफ़ डेप्थ। ठीक है? तो इसलिए अब पोर्चुगीज़

[42:22] को शुरू करते हैं। और पोर्चुगीज़ के

[42:24] अलग-अलग लोगों ने क्या एफर्ट लगाए? एक

[42:27] डायरेक्ट सी रूट ढूंढने में उसकी बात करते

[42:28] हैं। तो यार एक ना सवाल अक्सर आता है कि

[42:32] आउट ऑफ सो मेनी यूरोपियन पावर्स व्हाई

[42:34] पोर्चुगीज़? पोर्चुगीज़ ही सबसे पहले भारत

[42:37] कैसे पहुंचे? ब्रिटिश क्यों नहीं पहुंचे?

[42:40] ब्रिटिश आफ्टर ऑल कच्ची गोलियां तो नहीं

[42:41] खाई उन्होंने। इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन भी

[42:43] वहीं हुई थी। राइट? तो पोर्चुगीज़ क्यों?

[42:46] तो देखो यार पोर्चुगीज़ में ना 15th

[42:49] सेंचुरी में राजा थे किंग जॉन। किंग जॉन

[42:52] के एक बेटे थे। ठीक है? कि वो गद्दी पर तो

[42:54] कभी नहीं बैठे लेकिन ना लड़का इनका

[42:57] इंजीनियर टाइप था। ठीक है? तो बस इतना याद

[42:59] रखना कि पोर्चुगीज़ की ना रॉयल फैमिली में

[43:01] एक लड़का था। उसका नाम था हेनरी। हेनरी को

[43:04] प्यार से नेविगेटर भी कहते हैं। ये पंजाब

[43:06] पीसीएस में सवाल आया हुआ है प्रीवियस ईयर।

[43:08] ठीक है? ठीक है? और अक्सर स्टेट में पूछ

[43:10] लिया जाता है। यूपीएससी में भी आ सकता है।

[43:11] तो हेनरी को ना शिप बिल्डिंग में बहुत

[43:15] दिलचस्पी थी और मिड 15 सेंचुरी में

[43:18] इन्होंने बहुत स्पेशल रिसर्च किया था ताकि

[43:21] पुर्तगाल के जहाज क्योंकि ये ना ज्यादा से

[43:23] ज्यादा मेडिटेरियनियंस ही क्रॉस करते थे।

[43:25] तो इन्हें ना बहुत ज्यादा बड़े जहाज बनाने

[43:27] आते नहीं थे। तो हेनरी ने सेग्रिस नाम का

[43:31] एक शहर है पुर्तगाल में। सेगिस के अंदर

[43:34] नेविगेशन की एक यूनिवर्सिटी खुलवाई। ठीक

[43:36] है? के एक स्कूल ऑफ नेविगेशन खुलवाया जहां

[43:38] पर कंपस मेकिंग, मैप मेकिंग इस तरह की

[43:41] टेक्नोलॉजीस डेवलप होना स्टार्ट हो गई।

[43:42] रिसर्च होना स्टार्ट हो गया। उसके बाद

[43:44] इन्होंने एक कैरेल बनवाया। ठीक है?

[43:47] कैरेवेल जो होता है ना वो बड़े साइज के

[43:49] जहाज को कहते हैं। ठीक है? जो कैरेल आप

[43:51] मिडिवल टाइम्स के ज्यादातर जहाज जो आप

[43:53] देखते हो उनको कैरेल कहते हैं। तो पहले

[43:54] पुर्तगालियों को ये भी बनाना नहीं आता था।

[43:56] ये छोटे-छोटे जहाज बना पाते थे जो

[43:58] मेडिटेरियन सी तक को क्रॉस कर लेते थे।

[44:00] कैरेवेल की वजह से क्या है? ठीक है? के

[44:03] कैरेबल की वजह से दे वर एबल टू रीच दी

[44:07] शोल्डर ऑफ अफ्रीका। पहले यह भी इंपॉसिबल

[44:10] लगता था। ठीक है? और एक इन्होंने टेक्निक

[44:13] डेवलप की थी। उस टेक्निक का नाम था

[44:14] वोल्टादोमार।

[44:16] वोल्टादोमार टेक्निक क्या होती थी कि ये

[44:21] विंड्स को यूज़ करके कैसे अपना रास्ता चेंज

[44:24] करना है जहाज का। ठीक है? रास्ते को कैसे

[44:26] चेंज करना है? तो वो जहाज को डायरेक्शन एक

[44:29] दे देती थी कि विंड चल रही है तो आप किस

[44:31] तरह से उसके वो ठीक है? ठीक है? वो जो

[44:33] शीट्स लगी होती हैं जो विंड को मूव करती

[44:35] हैं उसको कैसे चेंज करोगे कि जहाज आपका

[44:37] उसी डायरेक्शन में मूव करे जिस डायरेक्शन

[44:39] में आप चाहते हो। तो ये टेक्निक कॉल्ड एज

[44:42] वोल्टादोमार

[44:44] इसको हेनरी ने डेवलप किया और अपनी इन

[44:46] कंट्रीब्यूशंस की वजह से इन्हें नेविगेटर

[44:49] भी कहा जाता है। ठीक है? ही इज़ पॉपुलरली

[44:50] कॉल्ड एज नेविगेटर।

[44:52] क्लियर? ठीक है? अब इन्होंने इतनी सारी

[44:55] डेवलपमेंट्स की। अपने जीवन काल में यह कुछ

[44:58] खास नहीं कर पाए। तो इन डेवलपमेंट से सीख

[45:00] के आगे चल के एक पोर्चुगल बार्थोलोमियो

[45:03] डिडयास ये एक एडवेंचर करते हैं। तो 1487

[45:06] में ही बिकम्स द फर्स्ट यूरोपियन टू रीच

[45:10] इंडियन ओशन वाया अटलांटिक। ठीक है? तो

[45:13] देखो ऊपर देखो टॉप लेफ्ट पे मैं अफ्रीका

[45:16] का ये मैप बना रहा हूं एक रफ। ठीक है? यह

[45:19] अफ्रीका। राइट? तो अफ्रीका में क्या है कि

[45:22] आइबेरियन पेनिनसुला यहां पर है। तो अब अगर

[45:25] इंडिया जाना है तो इधर से क्रॉस करके यहां

[45:27] साइड से निकलना पड़ेगा। राइट? तो पहले तो

[45:30] यहीं तक पहुंचना बहुत बड़ी बात थी। तो

[45:32] कैरेवेल बनाने से आइबेरियन पेनिनसुला से

[45:35] शोल्डर ऑफ अफ्रीका तक आप पहुंच सकते हो।

[45:37] बार्थोलोमिया डायास का जो जहाज था वो केप

[45:41] टाउन तक पहुंच गया। बिल्कुल सदर्न टिप ऑफ

[45:43] अफ्रीका तक। ठीक है? और यहां आगे चलने के

[45:47] लिए उन्हें इंडियन ओसनियन क्रॉस करना था।

[45:49] तो इंडियन ओशन में क्या होता है कि आपको

[45:51] भी पता है कि सीजनल रिवर्सल ऑफ विंड होता

[45:54] है हमारे यहां और ओशन करंट्स भी अगर आपने

[45:56] जीसी लॉन्ग पढ़ी हो ज्योग्राफी का

[45:58] प्रोबेब्ली आपका मैराथॉन हो गया है तो

[46:00] उसमें आपने ये देखा होगा कि इंडियन ओसन

[46:03] में सीजनल रिवर्सल ऑफ विंड के साथ-साथ

[46:05] सीजनल रिवर्सल ऑफ ओशन करंट भी होता है। तो

[46:08] बार्थोलोमोडियाज़ केपटाउन तक तो पहुंच

[46:10] गया। उसके आगे जब इसने मूव करना शुरू

[46:12] किया। इंडियन ओसियन इज़ द मोस्ट टर्बुलेंट

[46:14] ओसियन इन द वर्ल्ड। प्लासिफिक सबसे शांत

[46:17] है। इंडियन सबसे खतरनाक है। तो इसका जहाज

[46:19] टूट गया। ठीक है? तो इसलिए यह जो अफ्रीका

[46:22] की कोस्ट पर यह पहुंचे। ठीक है? तो ये

[46:24] आइबेरियन पेनसुला यहां से जो अफ्रीका की

[46:27] कोस्ट तक इन्होंने अपना रास्ता निकाला। तो

[46:29] यूरोपियंस ने इसको नाम दिया केप ऑफ

[46:32] स्टॉर्म्स कि आंधियां बहुत आती हैं यहां

[46:34] पे। डयाज़ ने सजेस्ट किया कि यह स्टॉर्म

[46:36] नहीं है। यह हमें उम्मीद दिख रही है कि हम

[46:39] होंगे कामयाब एक दिन। तो इसको केप ऑफ

[46:41] स्ट्स नहीं इसका नाम रखो केप ऑफ गुड होप

[46:45] कि एक उम्मीद दिख रही है कि हम होंगे

[46:47] कामयाब और काब पहुंचेंगे। ठीक है? तो ये

[46:51] केप ऑफ गुड होप यहां तक पहुंच गए। सो ही

[46:53] बिकम दी फर्स्ट यूरोपियन टू रीच इंडियन

[46:55] ओशन फ्रॉम अटलांटिक।

[46:57] ठीक है? डियाज़ ने बहुत सी लर्निंग्स ली।

[47:00] उसने सोचा कि यार जहाज में क्या-क्या

[47:01] इंप्रूवमेंट्स की जा सकती हैं जिससे कि

[47:03] मैं पूरा आगे तक पहुंच सकूं। वो लर्निंग

[47:05] से वास्को डगामा ने काफी कुछ सीखा और 1498

[47:09] में

[47:10] वास्को ने बोला पापा कहते हैं बड़ा नाम

[47:13] करेगा बेटा हमारा ऐसा काम करेगा क्या काम

[47:15] किया इंडिया आ गया ठीक है तो एक्चुअली हुआ

[47:18] पता है स्टोरी है इसकी देखो वास्कोडगामा

[47:20] भी ना पहले साउथ अफ्रीका के पास पहुंचा और

[47:23] वहां पे उसको डर लग रहा था कि कोई और पहे

[47:26] खाचते हुए हैं आगे कि मैं जावांगे ठीक है

[47:29] तो वहां पर ना इन्हें एक गुजराती सेलर

[47:32] मिला ठीक है अब आपको पता ही है कि भारत

[47:35] में अरब मर्चेंट्स का तो लगा रहता था आना

[47:38] जाना अरेबियन सी इंडियन ओसियन को क्रॉस

[47:39] करके जाते रहते थे वो अफ्रीका ठीक है

[47:41] केन्या भी जाते थे मेडगस्कर भी जाते थे

[47:44] राइट तो इनको ना एक अफ्रीका के पास एक

[47:47] सेलर मिला जिसका नाम था अब्दुल माजिद क्या

[47:51] नाम था लिखो अब्दुल माजिद अब्दुल माजिद

[47:57] ने इनके साथ कहा कि देख ऐसा है कि वाटर तो

[48:00] टर्बुलेंट है पर मैं निकाल लूंगा ठीक है

[48:03] वह कह रहा है पक्का देख ले डूबा ना दही

[48:05] नुकसान हो जाएगा बहुत ज्यादा वो कहता है

[48:06] नहीं मेरा रोज का काम है मैं निकाल लूंगा

[48:08] ठीक है तो वास्कोडगामा के जहाज का क्या

[48:12] नाम था? गैब्रियल।

[48:14] ठीक है? वास्कोडगामा के जहाज का नाम था जी

[48:17] ए बी आर आई ई एल गैब्रियल। तो गैब्रियल

[48:20] जहाज को एक गुजराती सेलर अब्दुल माजिद ने

[48:23] कैप्टन किया। वास्कोडगामा पीछे ऐसे खड़ा

[48:26] हुआ था। बीच-बीच में ऐसे करके दूरबीन से

[48:28] देखता जा रहा था। राइट? एंड फाइनली यह

[48:30] पहुंच गया भारत। ठीक है? भारत में कहां

[48:33] पहुंचा?

[48:35] बॉम्बे नहीं। ठीक है? बॉम्बे नहीं। भारत

[48:38] में कहां पहुंचा? यह पहुंचा कैलीकट में।

[48:41] कैलकट में पर्टिकुलरली जिस जगह पे यह लैंड

[48:45] किया ना उसका नाम है कपाड़ बीच। ठीक है?

[48:47] कपाड़ बीच। कोरीकोट जिसको आज हम जानते हैं

[48:50] ये पहले कैलीकट कहा जाता था इसको। ठीक है?

[48:53] और कैलकट के राजा क्या थे? देखो अब राजा,

[48:58] महाराज, महाराजा, शहंशाह ये सारे क्या

[49:02] हैं? दीज़ आर टाइटल्स। ठीक है? दीज़ आर

[49:04] व्हाट? दीज़ आर जस्ट टाइटल्स। तो उसी तरह

[49:07] से जो कैलीकट में सबसे चीफ था ना राजा था

[49:11] उसका टाइटल क्या था? उसका टाइटल था

[49:13] समुत्री एस ए एम डबल ओ टी एच आर आई

[49:17] समुत्री

[49:18] ये है पुर्तगाली है ना जैसे हमसे व्टादो

[49:22] मार नहीं बोला जा रहा उसी तरह से

[49:25] पुर्तगालियों से समुत्री नहीं बोला जा रहा

[49:27] था ये वहां पे पहुंचे ठीक है अब्दुल माजिद

[49:30] के साथ है तो वहां पे पोर्चुगी पोर्चुगल

[49:33] ऐसे कर रहे हैं वो कह रहे हैं हुम दिस

[49:36] लैंड समुद्री ठीक है बोर होगा इन्होंने

[49:39] कहा है समरीन समुद्री समुद्री समोरन

[49:43] समुत्री तो इन्होंने इनसे बोला ही नहीं

[49:45] गया बेचारों से मुंह टेढ़े हो गए इनके ठीक

[49:47] है तो इन्होंने ना समुद्री को क्या बना

[49:49] दिया जैमोरिन बना दिया बिल्कुल उसी तरह

[49:52] जैसे चंद्रगुप्त को इन्होंने चांड्रोकॉटस

[49:54] बना दिया था और हमने एलेक्जेंडर को सिकंदर

[49:57] बना दिया कहां एलेक्जेंडर कहां सिकंदर ठीक

[50:00] है बाय द वे आपको क्या लगता है अगर मेरे

[50:02] साथ ऐसा होता ठीक है माय नेम इज चंदन

[50:04] शर्मा राइट राइट? एंड आई टीच मॉडर्न

[50:06] इंडियन हिस्ट्री। तो, यह चंदन को

[50:08] यूरोपियंस क्या बोलते हैं?

[50:10] यह कमेंट सेक्शन में बताइएगा। स्वामी

[50:13] विवेकानंदन को विवेक ट्रंप ने है ना? तो

[50:16] वही कुछ यहां पर हुआ। तो समुद्री

[50:18] पुर्तगालियों की भाषा में जैमुरिन बन गया।

[50:21] लेकिन इनका नाम था। नाम क्या था? मन्न

[50:22] विक्रमा। ठीक है? और साउथ में ना एक वो एक

[50:26] पेंड चलता है। ठीक है? के ये जोक भी कई

[50:28] बार बनते हैं। जैसे इनके नाम काफी लंबे

[50:29] होते हैं। तो इनके ना मतलब फादर नेम पिछली

[50:32] जनरेशन ऐसे चलता रहता है। तो ग्रेजुअली

[50:34] फिर आगे ये जो समुत्री की अगली जनरेशन थी

[50:36] ये भी मन्न विक्रमा अपने नाम में जोड़ती

[50:38] थी क्योंकि इधर भी नाम मनन्ना विक्रमा था।

[50:40] ठीक है? तो मनन्ना विक्रमा वाज़ द नेम ऑफ

[50:43] दिस समुत्री एंड दैट इज़ वेयर वास्को दगामा

[50:45] लैंडेड इन 1498। ठीक है? तो ज़मोरिन इज़

[50:48] बेसिकली द यूरोपियनाइज्ड वर्जन ऑफ द

[50:51] वर्ल्ड समुत्री। क्लियर है ये? अब आपको एक

[50:54] बहुत इंपॉर्टेंट फैक्ट बताना है जिस पर

[50:56] यूपीएससी में एक सवाल बन सकता है। पेड्रो

[50:59] एल्वरेस कबराल यह आदमी जो है यह बहुत ही

[51:03] एंबिशियस आदमी था। ठीक है? पैद्रो एल्वरिस

[51:07] कबराल वाज़ अ वेरी एंबिशियस पर्सन। यह आदमी

[51:10] इसने ब्राजील डिस्कवर कर लिया। ठीक है? ही

[51:13] डिस्कवर्ड ब्राजील। साउथ अमेरिका डिस्कवर

[51:15] कर लिया इन्होंने। ठीक है? ब्राजील को

[51:18] इन्होंने क्या कर लिया? डिस्कवर कर लिया।

[51:21] राइट? और इनको जब पता लगा कि वास्को डगामा

[51:24] जब भारत आया ठीक है तो पापा से पैसे लेके

[51:27] आया था पापा कौन किंग मैनुअल दी वन ठीक है

[51:30] तो पापा ने जहाज को स्पॉनसर किया ट्रिप को

[51:32] स्पॉनसर किया और थोड़ी सी पॉकेट मनी दे दी

[51:34] कि वहां पर जाएगा ए बांटे खेल के ना आ जाए

[51:37] थोड़ा बहुत सामान खरीद लेना पता करना कि

[51:40] वहां पे कितने का सामान है जो अरब और

[51:41] इटालियन मर्चेंट्स हमें इतना महंगा दे रहे

[51:43] हैं तो वास्कोड गामा ने पापा के दिए हुए

[51:45] पैसे मैनुअल वन के दिए हुए पैसों को खर्च

[51:47] किया ठीक है राजा पिता समान ही होते थे इस

[51:49] समय पर तो उनसे से सामान खरीदा और सामान

[51:52] लेकर जब यह यूरोप में गया तो जितनी इसकी

[51:54] टोटल ट्रिप थी ना उसका 60 गुना 60 गुना वो

[51:59] इसका प्रॉफिट था। यह

[52:01] [नाक से की जाने वाली आवाज़] बात जब किबल

[52:02] को पता लगी इसने कहा जहाज घुमाओ ब्राजील

[52:06] गया तेल लेने पहले इंडिया जाएंगे। ठीक है?

[52:08] हालांकि ब्राजील बिकम्स अ वेरीेंट कॉलोनी

[52:10] फॉर द पोर्चुगीज़ एंड वी विल सी कि हाउ

[52:12] ब्राजील के ऊपर जो इनका ज्यादा अटेंशन हुई

[52:15] वो एक कारण बना इंडिया में इनके डिक्लाइन

[52:17] का। लेकिन कब्रैल कब्रैल कब्रैल है होते

[52:20] नहीं वो क्लास के टॉपर जिनको मतलब किसी और

[52:22] के आधा नंबर ज्यादा गए उनको है नहीं मेरा

[52:24] भी पढ़ाओ तो उसी तरह से इसने कहा कि जहाज

[52:26] घुमाओ भाई आप भी चलाएंगे इंडिया राइट सो

[52:30] ही मूव्स टू इंडिया राइट और भारत आके फिर

[52:33] इसने भी समूथरी के साथ बातचीत करनी शुरू

[52:36] कर दी कि हां भाई हमें फैक्ट्री बनानी है

[52:38] फैक्ट्री बना भी ली 1500 में आते ही

[52:40] फैक्ट्री बना ली बंदे ने यह इसको नहीं

[52:42] सूझी वास्को डगामा को नहीं लगा कि

[52:44] फैक्ट्री बनानी चाहिए यह बस सामान सीधा

[52:46] खरीद के चला गया और मुनाफा कमा गया। इसने

[52:48] कहा कि नहीं मेरा तो आना-जाना लगा रहेगा।

[52:50] सो आई एम गोइंग टू क्रिएट अ फैक्ट्री। और

[52:52] इस फैक्ट्री से मैं काफी सारा और सामान

[52:53] आते हुए लेके जाता रहूंगा। ठीक है? तो

[52:56] इसने समोत्री के साथ बातचीत कर ली। लेकिन

[52:59] अरब मर्चेंट्स के साथ इसकी बनती नहीं थी।

[53:02] आते ही भाषण [गला साफ़ करने की आवाज़]

[53:03] करने शुरू कर दिए इसने। तो उसकी वजह से

[53:05] हुआ क्या कि इसकी जो फैक्ट्री थी वो 3

[53:08] महीने बाद ही ना ध्वस्त सी हो गई। और यह

[53:11] समूत्री को पसंद करना बंद हो गया। इसको

[53:14] लगा कि ये समूत्री की टेरिटरी में मैंने

[53:15] फैक्ट्री बनवाई। है ना? फर्स्ट फैक्ट्री

[53:17] इन कैलीकट यूपीएससी के बच्चे रटर कमले हो

[53:20] गए हैं और वो फैक्ट्री 3 महीने में ही उड़

[53:22] गई। है ना? बच्चे वही याद करते जा रहे हैं

[53:24] और 3 महीने में वो फैक्ट्री खत्म। तो ये

[53:26] तो गलत बात है। तो इसको लगा कि यार ये

[53:29] समुद्री को चक दे फट्टे करना है। तो इसने

[53:31] कहा कि साउथ में ना कैलकट और कोचीिन दो

[53:35] अलग-अलग जगहें थी। कोचीन का जो राजा है और

[53:38] समुत्री जो है वो अलग-अलग लोग हैं और इनकी

[53:41] आपस में बनती नहीं थी। ठीक है? तो ये जो

[53:44] समूत्री थे इनके सरनेम्स में विक्रमा वर्ड

[53:47] आता था। राइट? और जो कोचिन के जो राजा

[53:51] रॉयल फैमिली के लोग होते थे उनके नाम में

[53:53] वर्मा होता था। वी ए आर एम ए तो इसने

[53:57] कोचिन के राजा से ना ट्रीटी ऑफ़ कोचिन 1500

[54:00] साइन की। ट्रीटी ऑफ़ कोचिन इन दिसंबर 1500

[54:03] ये साइन कर ली। आते ही देख मतलब हिम्मत

[54:06] देख रहे हो इसकी। आते ही क्लेश ट्रीटी ऑफ़

[54:09] कोचीन इज द फर्स्ट एकनॉलेज्ड यूरोपियन

[54:13] ट्रीटी विद एनी इंडियन रीजनल रूलर। इससे

[54:16] पहले इस तरह की कोई ट्रीटी नहीं हुई थी।

[54:18] ठीक है? क्या ये एक्सेप्शन है? कमेंट

[54:20] सेक्शन में हां या ना बोलो। इज दिस एन

[54:22] एक्सेप्शन? इट इज़। ठीक है? बहुत सी

[54:26] ट्रीटीज़ होंगी। तुम्हारा सिर चकरा जाएगा

[54:28] याद करते-करते। है ना? और मुझे याद

[54:30] करवातेवाते। राइट? लेकिन सभी ट्रीटीज में

[54:34] से जो सबसे पहली ट्रीटी किसी यूर्प ने

[54:36] किसी भारतीय रूलर के साथ साइन की थी तो वो

[54:39] थी ट्रीटी ऑफ़ कोच्ची।

[54:42] ठीक है? मतलब कितना नॉन सीरियस सा नाम है

[54:44] ना कि मतलब ट्रीटी ऑफ़ कोच्ची। ठीक है? दिस

[54:47] वाज़ द फर्स्ट ट्रीटी। ट्रीटी ऑफ़ कोच्ची।

[54:50] मैं जानबूझ के ऐसे बोल रहा हूं। मैं ऐसे

[54:52] बोलूंगा इसलिए तुम्हें एग्जाम में अगर पूछ

[54:53] लिया जाए तो याद आएगा। ठीक है? कोच्ची।

[54:57] राइट? ट्रीटी ऑफ़ कोच्ची। तो, यह साइन

[54:59] किसके साथ हुई थी? पेड्रो केब्रल ने

[55:02] उन्नीगोडा वर्मा के साथ साइन की थी। ठीक

[55:04] है? कोच्ची उन्नीगोडा वर्मा के साथ और

[55:07] उन्नीगोडा वर्मा को कहा था इस समुद्री को

[55:09] हटाते हैं। आप राज करेंगे और बदले में

[55:11] मुझे कंसेशंस दे देना। ठीक है? कुछ खास हो

[55:14] नहीं पाया था इसका। बस सिलेबस में ऐड हो

[55:16] गया कि भाई ट्रीटी ऑफ़ कोच्ची। ये सबसे

[55:19] पहली ट्रीटी थी। ठीक है? तो ये थे यार

[55:22] एफर्ट्स प्रोमिनेंट यूरोपियंस के जो भारत

[55:25] आते हैं। भारत आके फैक्ट्रियां लगानी शुरू

[55:28] कर देते हैं। ठीक है? तो दैट इज ऑल अबाउट

[55:32] इट रिलेटेड टू मतलबेंट कंट्रीब्यूटर्स ऑफ

[55:34] यूरोपियंस। ठीक है? अब जो मैं चीजें पढ़ा

[55:37] रहा हूं आपको, आई होप ये भूल तो नहीं रहे

[55:39] हैं ना आप। ठीक है? थोड़ा-थोड़ा रिकॉल करते

[55:42] हैं। थोड़ा-थोड़ा ना बीच में

[55:44] रिकॉल करते रहते हैं। तो भाई, आप मुझे यह

[55:48] बताओ कि

[55:51] लास्ट वासराॉय ऑफ़ पोर्चुगीज़ कौन था भाई?

[55:53] कमेंट सेक्शन में बताओ।

[55:55] लास्ट वासराॉय ऑफ़ पोर्चुगीज़ कौन था?

[55:58] जल्दी-जल्दी बता दो यार।

[56:01] बीच-बीच में मैं थोड़ा सा टेस्ट आपका लेता

[56:03] रहूंगा। है ना? क्वेश्चन तो मैं डालता

[56:04] हूं। कर ही लेते हो आप। ठीक है? ओरल टेस्ट

[56:06] लेते हैं। लास्ट वायसरॉय ऑफ़ पोर्चुगीज़। है

[56:08] ना? मजा तो इसमें है। कोई इसका नाम अच्छे

[56:10] से बता दे। है ना? और दूसरा क्वेश्चन आपका

[56:14] है द फर्स्ट

[56:18] डच टू कम टू इंडिया? एंड इन वि ईयर। ठीक

[56:22] है? लास्ट पोर्चुगीज़ वायसरॉय इन इंडिया

[56:26] वाज़

[56:27] मैनुअल एंटोनियो मैनुअल एंटोनियो वसालो

[56:32] सिलवा वसालो एस सिलवा ठीक है और डच फर्स्ट

[56:36] डचमैन टू कम टू इंडिया इट वाज़ फर्स्ट डच

[56:40] मैन टू कम टू इंडिया ये देखो अल्फांजो

[56:42] अल्फांजो करते थे सब गलत है बताया तो है

[56:44] अभी मैनुअल एंटोनियो वसालो सिलवा फर्स्ट

[56:47] डच पर्सन

[56:50] फर्स्ट डच पर्सन कौन था कॉर्निलियस हुटमैन

[56:55] और कौन से ईयर में आया था 1596 में डच डच

[56:59] डच की अ

[57:03] डच की कंपनी कब बनी थी? 1602 में। ठीक है?

[57:09] और फर्स्ट इंग्लिश फैक्ट्री कहां पे बनी

[57:11] थी? मैं फर्स्ट इंग्लिश फैक्ट्री बोल रहा

[57:12] हूं। अगर मैं फर्स्ट परमानेंट इंग्लिश

[57:14] फैक्ट्री बोलूंगा ना, चलो फिर सूरत है।

[57:16] ठीक है? देन ओके इट्स फाइन। इट्स सूरत। और

[57:18] अगर फर्स्ट परमानेंट पोर्चुगीज़ फैक्ट्री

[57:20] की बात करें। ठीक है? तो वो फिर वो कोच्ची

[57:22] बन जाएगी। अदरवाइज़ कालीकट है। ठीक है? ठीक

[57:25] है? अदरवाइज इट इज कैलकट। ठीक है? तो ये

[57:27] याद रखना। बाकी यार हर चीज कुछ भी

[57:30] परमानेंट नहीं है। तो मुझे लगता नहीं ऐसे

[57:32] यूपीएससी करेगी। बट यस जस्ट फॉर द सेक ऑफ

[57:35] रिमेंबरिंग। ये दिमाग में होनी चाहिए

[57:37] बातें। अब बात करते हैं अगले कांसेप्ट की।

[57:41] इस्तादुदा इंडिया। ठीक है? इस्तादुदा

[57:45] इंडिया। क्या था इस्तादुदा इंडिया? बताओ

[57:47] भाई। हां जी। व्हाट वास इस्तादुदा इंडिया?

[57:53] बताओ।

[57:58] हमदुदा

[58:00] इंडिया ना पुर्तगालियों की रियल इंटेंशंस

[58:02] को सामने रख रहा था कि ये ना एक

[58:04] एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम था जब पोर्तुगीज़

[58:06] भारत में आए तो इन्होंने क्या किया? इनको

[58:08] ना खाली आइलैंड जहां-जहां दिखता था। ठीक

[58:10] है? तो जैसे अंजड़वा आइलैंड एक है। ठीक है?

[58:13] गोवा के पास पड़ जाता है। अंजदीप आइलैंड भी

[58:16] उसको बोलते हो। तो वास्कोडगामा ना उस

[58:18] आइलैंड को अपनी शिप रिपेयर करने के लिए

[58:21] यूज़ करता था। कोई ज़्यादा लोग थे नहीं।

[58:23] वहां पे खाली सा रहता था। तो, ही यूज़्ड टू

[58:25] गो देयर एंड ट्राई टु रिपेयर हज़ शिप। तो,

[58:27] यह पोर्चुगीज़ ने ऐसे ना खाली जगह को

[58:29] ग्रेजुअली एक्वायर करना शुरू कर दिया। अब

[58:31] एक्वायर किया है, तो क्या करना पड़ेगा?

[58:33] उसकी एडमिनिस्ट्रेशन भी करनी पड़ेगी।

[58:35] क्योंकि देखो, फैक्ट्री ये रियल सेंस में

[58:38] जैसे आज है ना मशीन लगी हुई है, काम करती

[58:40] हैं। तो उस समय पर फैक्ट्री का मतलब होता

[58:42] था वेयर हाउस। ठीक है? कि अब जहाज आ रहा

[58:45] है इतना बड़ा। इतना मीलों का सफर तय करके

[58:47] खाली जाता हुआ वो अच्छा तो नहीं लगेगा।

[58:49] ठीक है? आधा भरा हुआ भी अच्छा नहीं लगेगा।

[58:51] तो आपको क्या करना होता था कि उसके आने से

[58:54] पहले अपने उस वेयर हाउस में वह सारा सामान

[58:56] इकट्ठा करके रख लो जिसे यूरोप भिजवाना है।

[58:59] ठीक है? तो इसलिए पुर्तगालियों ने काफी

[59:01] सारी फैक्ट्रीज ऐसे बनानी शुरू कर दी। अब

[59:03] फैक्ट्री बनी है तो कुछ ऑफिसर भी इनके

[59:06] होंगे। क्लेरिकल स्टाफ होगा। क्लेरिकल

[59:09] स्टाफ फैमिली के साथ रहेगा तो इनके घर भी

[59:12] बनेंगे। ठीक है? घर बनने के साथ-साथ एक

[59:16] एडमिनिस्ट्रेटिव

[59:17] हेड क्वार्टर होगा जहां पर इनके साहब लोग

[59:19] बैठेंगे। राइट? और कुल मिला के फिर क्या

[59:21] करते थे? इसकी फर्टिफिकेशन करते थे कि

[59:23] आसपास के रॉबर्स जो हैं वो यहां पर अटैक

[59:26] ना कर दें। तो इस तरह से ये टेरिटरीज इनके

[59:28] कंट्रोल में चली जाती थी। तो इंडिया भर

[59:31] में साउथ इंडिया में पर्टिकुलरली काफी

[59:33] सारी टेरिटरीज ना इस तरीके से ये बनाते जा

[59:35] रहे थे जिसकी एक एडमिनिस्ट्रेशन करना बड़ा

[59:37] जरूरी था और उसी एडमिनिस्ट्रेशन को करने

[59:39] के लिए इस्तादुदा इंडिया को बनाया गया।

[59:41] इस्तादुदा इंडिया यह 1503 में डेवलप किया

[59:44] गया और इसके हेड क्वार्टर्स रखे गए कहां

[59:46] पे? कोच्ची में। ठीक है? ठीक है? कोच्ची

[59:49] की बहुत सिग्निफिकेंस है भाई। ठीक है? ऐसे

[59:51] छोटी-मोटी बात मत समझना कोच्ची को। ठीक

[59:53] है? ट्रीटी ऑफ कोच्ची से लेके एस्तादोदा

[59:56] इंडिया के हेड क्वार्टर्स ये कहां थे? ये

[59:57] कोच्ची में थे। ठीक है? दे वर इन कोच्ची।

[01:00:00] तो कोच्ची के अंदर इन्होंने एक किला बना

[01:00:03] दिया। ठीक है? इसी तरह से ये ना फोर्ट बन

[01:00:05] गया। फोर्टिफिकेशन कर दी। तो ये एक किले

[01:00:07] जैसी चीज बन गई। इसको क्या नाम दिया?

[01:00:10] मैनुअल। है ना? अब राजा ने इतने सारे पैसे

[01:00:13] दिए। मैं मैनुअल को वास्को गामा के पापा

[01:00:16] पापा की तरह बोल रहा हूं। तो इज्जत तो

[01:00:17] देनी पड़ेगी ना। तो इन्होंने जो अपना पहला

[01:00:19] ऐसा इस्टैब्लिशमेंट बनाया इस्तादुदा

[01:00:21] इंडिया का हेड क्वार्टर बनाया इसका नाम

[01:00:23] क्या रख दिया फोर्ट मैनुअल दिस इज़ द

[01:00:26] मोस्टेंट फैक्ट दैट यू मस्ट नो

[01:00:28] पुर्तगालियों ने भारत आके बहुत सारे

[01:00:31] फोर्ट्स बनाए लेकिन इनकी जिंदगी का सबसे

[01:00:33] पहला फोर्ट जो था ठीक है तो ये फोर्ट

[01:00:37] मैनुअल था

[01:00:39] राइट है ना ऐसे बोलते हुए शोभा तो नहीं

[01:00:43] देता वैसे है ना यूपीएससी के फैकल्टीज को

[01:00:45] लेकिन आप समझ लो कि इन्होंने फोर्ट्स

[01:00:47] बनाने में आपने जो वर्जिनिटी लूज़ की तो वो

[01:00:49] फोर्ट मैनुअल में बेसिकली की। दे इट्स

[01:00:52] अनदर वे ऑफ़ सेइंग दिस। ठीक है? इट डजंट

[01:00:54] लुक्स गुड बट ठीक है। अगर ऐसे याद होता है

[01:00:57] एनीथिंग दैट वर्क्स फॉर यू। ठीक है? अभी

[01:00:59] रिवोट शुरू होने दो। है ना? थोड़ा-थोड़ा बीच

[01:01:03] में वो हल्की-फुल्की कॉमेडी चलती रहेगी।

[01:01:05] राइट? तो फोर्ट मैनुअल इन कोच्ची।

[01:01:09] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[01:01:09] ठीक है? कोच्ची में फोर्ट मैनुअल। ये याद

[01:01:12] रखना। और ये फोर्ट मैनुअल इंटरेस्टिंगली

[01:01:14] बनाया पता है किसने था? अब इनका ना सबसे

[01:01:16] पहला वायसराॉय जो था ना गवर्नर जनरल

[01:01:19] पोर्चुगीज़ गवर्नर जनरल जो सबसे पहला था

[01:01:21] उसका नाम बताना जरा हु वास दी फर्स्ट

[01:01:24] पुर्तगाली गवर्नर जनरल इन इंडिया यह था

[01:01:27] फ्रांसिस्को दी अल्मीडा

[01:01:29] ठीक है फ्रांसिस्को दी अल्मीडा राइट

[01:01:33] बट यह कोच्ची का जो फोर्ट है 1503 में यह

[01:01:36] बनाया अल्फांसो अल्बोकर्क ने और जब यह

[01:01:40] बनवाया तब ये गवर्नर जनरल नहीं था यह

[01:01:42] बनवाने आया था ठीक है तो ही वाज़ वाज़ नॉट

[01:01:45] येट गवर्नर बट ये एक टिपिकल ट्रैप बन जाता

[01:01:48] है फोर्ट मैनुअल को बनवाने में। अल्फांसो

[01:01:50] अल्बोकक का एक बहुत इंपॉर्टेंट रोल था।

[01:01:53] ठीक है? फर्स्ट गवर्नर जनरल अभी बना नहीं

[01:01:55] था। ठीक है? अल्मीडा बनेगा। लेकिन ये

[01:01:57] फोर्ट मैनुअल बनाने में अल्फांजसो

[01:02:00] अल्बोकर्क ने ज्यादा इंपॉर्टेंट रोल प्ले

[01:02:02] किया। ठीक है? तो एस्तादो द इंडिया हो

[01:02:03] गया। अब एस्तादोदा इंडिया जब बना तो

[01:02:06] पुर्तगाली कॉलोनीस को एडमिनिस्टर करने के

[01:02:09] लिए यह एस्तादुदा इंडिया में एक वायसराॉय

[01:02:11] होता था और उसके सबोर्डिनेट ऑफिसर्स होते

[01:02:13] थे जो चीजों को मैनेज करते थे। इनके बहुत

[01:02:15] सारे वाइसराॉय आए। अंग्रेजों से ज्यादा

[01:02:18] वायसरॉयस किनके थे? इनके थे। ठीक है?

[01:02:21] क्योंकि ज्यादा टाइम रहे हैं। 1503 में ये

[01:02:24] एस्टारुद्रा इंडिया बनाकर बैठे हैं। इसके

[01:02:26] 100 105 साल बाद अभी अंग्रेजों ने आना है।

[01:02:29] ठीक है? और गवर्नर जनरल की तो बात ही छोड़

[01:02:32] दो। वो तो बहुत आगे जाकर बनेंगे इनके। है

[01:02:35] ना? तो अभी क्या है कि टोटल नंबर ऑफ

[01:02:38] वायसराय, टोटल नंबर ऑफ गवर्नर जनरल्स ये

[01:02:40] पुर्तगालियों के बहुत ज्यादा हैं। लेकिन

[01:02:43] सारे नहीं पढ़ने।

[01:02:45] सारे पढ़ने की जरूरत नहीं है। इसमें हम

[01:02:47] मेजरली तीन को पढ़ेंगे और चौथे की इकलौती

[01:02:50] सिग्निफिकेंस क्या है? कि जब इनको जूतियां

[01:02:53] मार के बाहर निकाल रहे थे हम ऑपरेशन विजय

[01:02:55] के टाइम पे जा ही नहीं रहे थे यार। है ना?

[01:02:56] आजाद हो गए। हम जाओ अब तो हो गया तुम्हारा

[01:02:58] काम। देखिए ये छोड़ ही नहीं रहे तो फिर

[01:03:00] हमें थोड़ा इंसल्ट करके भेजना पड़ा। ठीक

[01:03:02] है? मिलिट्री ऑपरेशन करना पड़ा। तो उसमें

[01:03:05] मैनुअल एंटोनियो वसालो सिलवा। ठीक है? वो

[01:03:08] आखिरी वायसराय था। बस उसके बारे में इतना

[01:03:10] ही जानना है। ठीक है? बेइज्जती करवा गया

[01:03:12] था। और बाकी जो वायसरॉयस हैं ये एल्मीडा,

[01:03:15] अल्बोकर्की एंड नीनो दना।

[01:03:18] ठीक है? ये याद रखने हैं। तो सबसे पहले

[01:03:21] गवर्नर से स्टार्ट करते हैं। फ्रांसिस्को

[01:03:23] दी एल्मीडा। ठीक है? तो इन्होंने अह 1505

[01:03:28] से 1509 के बीच में कार्यकाल अपना संभाल

[01:03:30] लिया। ठीक है? स्टादोदा इंडिया की शुरुआत

[01:03:32] इनका बेसिकली हेड क्वार्टर पहले बन गया

[01:03:34] था। प्रॉपर वायसराॉय के अंदर जो

[01:03:36] एडमिनिस्ट्रेशन थी वो 1505 से स्टार्ट हुई

[01:03:38] थी। एंड ही वाज़ द फर्स्ट पोर्चुगीज़

[01:03:41] वायसरॉय इन इंडिया। तो इनके टाइम पे

[01:03:43] मल्टीपल डेवलपमेंट्स हुई। जैसे कि

[01:03:46] इन्होंने फोर्ट एंजेडीवा बनाया। ठीक है?

[01:03:48] यह बीजापुर और विजयनगर के बॉर्डर के पास

[01:03:51] एक किला था। अंजदी पायलट की काफी

[01:03:54] स्ट्रेटेजिक सिग्निफिकेंस थी। राइट? तो आई

[01:03:57] थिंक स्ट्रेटेजिक सिग्निफिकेंस पहले

[01:03:59] डिस्कस कर लेते हैं। राइट? उसके बाद एक

[01:04:01] बार इन गवर्नर्स के ऊपर दोबारा आएंगे। तो

[01:04:04] देखो यार पुर्तगालियों ने ना जो किले बनाए

[01:04:06] हैं वो काफी इंपॉर्टेंट हैं। उनमें से तीन

[01:04:08] किले बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट हैं।

[01:04:10] एग्जाम में बिल्कुल नहीं भूलने। फोर्ट

[01:04:12] मैनुअल हमने देख लिया है ना वर्जिनिटी

[01:04:14] वाला। दूसरा किला जो इनका है वो है फोर्ट

[01:04:17] एंजिडवा।

[01:04:19] ठीक है? फोर्ट एंजिडिवाना वेस्ट कोस्ट में

[01:04:22] गोवा के थोड़ा साउथ में मेनलैंड इंडिया के

[01:04:25] बाहर छोटा सा एक एरिया है। ठीक है? पेड

[01:04:28] क्लास में कई बार मैं मैप पे भी दिखा देता

[01:04:30] हूं। पिंक कलर का वो छोटा सा दिखता है।

[01:04:32] राइट? आप चाह तो Google में बाद में देख

[01:04:34] सकते हैं। अभी के लिए बस इतना याद रखो कि

[01:04:36] बीजापुर बीजापुर और विजयनगर के इन टेरिटरी

[01:04:42] के पास अरेबियन सी में ये आइलैंड था। ठीक

[01:04:44] है? अब ये जो आइलैंड था इसमें एक करेक्शन

[01:04:47] कर लेना। ठीक है? के प्रॉपर रिसर्च कंडक्ट

[01:04:49] करने के बाद आई हैव कम टू नो कि यह बेचारा

[01:04:53] अंजदीप आइलैंड वाला फोर्ट जो था ये

[01:04:56] विजयनगर के इन्फ्लुएंस में नहीं ये

[01:04:58] बीजापुर के इन्फ्लुएंस में था। ठीक है? कई

[01:05:01] बार क्या होता है हमसे है ना गलती भी लग

[01:05:03] जाती है। कोई कुछ बुक्स भी थोड़ा कर देते

[01:05:05] हैं कई बार गड़बड़। राइट? तो इसमें ना

[01:05:07] बीजापुर और विजयनगर के बीच में ना इस

[01:05:09] आइलैंड को लेकर कॉन्टेस्ट हो जाता था कि

[01:05:12] मेरा है मेरा है। राइट? तो जब 1505 में

[01:05:15] अल्मीडा ने ये आइलैंड का एक्सेस लिया उस

[01:05:18] समय पर यह बीजापुर की सुजरेनिटी थी।

[01:05:21] सुजरेनिटी मतलब दबदबा। ठीक है? तो ये

[01:05:23] आइलैंड जो था यह बीजापुर के पास था। ठीक

[01:05:26] है? आदिल शाह ऑफ बीजापुर

[01:05:30] अल्मीडा ने अल्मीडा को ना मैनुअल वन ने ही

[01:05:33] ऑर्डर दिया था। इनके राजा ने ही कहा था कि

[01:05:35] मेरे नाम से फोर्ट जो तुमने बनाया वो तो

[01:05:37] तुमने कोच्ची में बनाया है। अब मैं चाहता

[01:05:40] हूं कि तुम अनजान जगह पे भी एक फोर्ट

[01:05:43] बनाओ। अंजदीप फोर्ट ठीक है? फोर्ट एंजडेवा

[01:05:46] अंजदीप भी इनसे बोला नहीं जाता था। तो

[01:05:48] एंजेडेवा राइट? तो यूसुफ आदिल शाह ही वाज़

[01:05:52] द रूलर ऑफ़ बीजापुर। यूसुफ आदिल शाह ने कहा

[01:05:55] कि तुम्हारे मामे ने तुम्हें दिया है ये

[01:05:56] आइलैंड कि यहां पर मुंह चख के तुम अपना

[01:05:59] फोर्ट बनाते जा रहे हो। ठीक है? उसने कहा

[01:06:01] छुड़ा दूंगा अगर फोर्ट बनाया तो तो

[01:06:04] 1505 में इन्होंने कहा हम पांच पापा पांच

[01:06:08] हम यहां पे आइलैंड बनाएंगे ठीक है यूसुफ

[01:06:10] आदिल शाह ने आके 1506 में कहा छक के छुड़ा

[01:06:13] दूंगा निकल जाओ यहां से राइट तो पोर्चुगीज़

[01:06:16] डर गए और इन्होंने इस आइलैंड को अबेंडन कर

[01:06:18] दिया 1505 में आए 1506 में अबेंडन कर दिया

[01:06:22] बाद में आगे जाकर इनको 1682 में लगा। ठीक

[01:06:25] है? बीच-बीच में जब गोवा की लड़ाई हुई थी

[01:06:27] तो इनके कुछ जहाज रेस्ट करने के लिए आ

[01:06:29] जाते थे। ठीक है? ठीक है? और इस आइलैंड

[01:06:31] में कुछ खास था नहीं। तो पर यूसुफ आदिल

[01:06:34] शाह के डर से काफी मतलब छोड़ दिया तो छोड़

[01:06:36] दिया। आगे जाके 1682 में इनका एक वायसरॉय

[01:06:40] आया था। मैंने बताया आपको बहुत से

[01:06:42] वायसराॉय थे। तो यह जो वायसरॉय था इसका

[01:06:44] नाम था काउंट ऑफ एल्वॉर। काउंट ऑफ एल्वॉर

[01:06:47] नाम के वायसरॉय को मराठा से बहुत डर लगता

[01:06:50] था। तो इसने कहा मराठास को काउंटर करने के

[01:06:52] लिए उनकी विसिनिटी में हमें अपना एक नेवल

[01:06:55] बेस बनाना चाहिए। और तब जाके उसने एंजिडवा

[01:06:57] फोर्ट को अपना नेवल बेस बनाया। बहुत सी

[01:07:00] किताबें एक्चुअली सोचती हैं कई बार बता

[01:07:02] देती हैं कि 1682 में कुछ किताबें तो

[01:07:04] डिस्कस ही नहीं करेंगी कि एंजिडवा कुछ था

[01:07:06] भी। राइट? और जो डिस्कस करती हैं वो कह

[01:07:09] देती है 1682 में बनाया था पुर्तगाली।

[01:07:11] नहीं ये 1600 1505 में इनके पास गया था।

[01:07:15] 1506 में डर के इन्होंने छोड़ दिया यूसुफ

[01:07:17] आदिल शाह से। और फिर 1682 में फाइनली

[01:07:20] काउंट ऑफ एल्वॉर ने मराठाज़ के थ्रेट को

[01:07:22] काउंटर करने के लिए यहां पर अपना नेवल बेस

[01:07:24] बना दिया। ठीक है? सिंपल सा क्वेश्चन आपको

[01:07:26] ये पूछा जा सकता है कि फोर्ट एंजिडवा वास

[01:07:29] टर्न इंटू अ नेवल बेस बाय व्हिच ऑफ द

[01:07:30] फॉलोइंग नेवल यूरोपियन पावर्स? तो उसमें

[01:07:33] आंसर पुर्तगाली बनेगा। ठीक है? जस्ट लाइक

[01:07:36] फोर्ट एंजिडवा

[01:07:40] फोर्ट भतकाल भी बनाया गया था। ठीक है? ये

[01:07:43] कर्नाटका के उत्तरकंड डिस्ट्रिक्ट में

[01:07:45] मौजूद है। यह फोर्ट भतकाल। फोर्ट भतकाल की

[01:07:48] कहानी थोड़ी सी ज्यादा इंटरेस्टिंग मुझे

[01:07:50] लगती है। फोर्ट भतकाल पता है क्या था?

[01:07:53] यह यहां के ना टेक्निकली रीजनल रूलर्स थे।

[01:07:56] हु यूज्ड टू बी क्वींस। ठीक है? जैन

[01:07:59] क्वींस होती थी यहां की रीजनल रूलर। लेकिन

[01:08:01] इट यूज्ड टू कम अंडर दी इन्फ्लुएंस ऑफ

[01:08:03] विजयनगर एंपायर।

[01:08:06] भतकाल। ठीक है? भातकाल में भौकाल मचाने के

[01:08:10] लिए विजयनगर एंपायर के रूलर यहां पर काम

[01:08:13] करेंगे। अब भौकाल जिसने मचाना है वो शेर

[01:08:15] जैसा स्ट्रांग होना चाहिए। वीर होना

[01:08:17] चाहिए। तो शेर और वीर को आपस में जोड़ोगे

[01:08:19] क्या बन जाएगा? वीर नरसिम्हा।

[01:08:22] ठीक है? तो वीर नरसिम्हा भातकाल केम अंडर

[01:08:25] दी इनफ्लुएंस ऑफ इट केम अंडर दी स्फेयर ऑफ

[01:08:29] वीर नरसिम्हा। ठीक है? तुलुवा आपने

[01:08:31] विजयनगर का भी पढ़ा होगा। ठीक है? अलग-अलग

[01:08:33] डायनेस्टीज ने रूल किया था। तो वीर

[01:08:35] नरसिम्हा तुलुवा डायनेस्टी के थे। तो यहां

[01:08:37] पर क्या हुआ कि जो विजयनगर को अपने घोड़े

[01:08:42] चाहिए होते थे। देखो घोड़ों की बहुत

[01:08:44] इंपॉर्टेंट सिग्निफिकेंस थी मिडिवल टाइम्स

[01:08:46] में और भारत में घोड़ों की हमेशा से

[01:08:49] किल्लत रही है। देखो इंडस वैली के समय पर

[01:08:52] हम घोड़ा ढूंढ-ढूंढ कमले हो गए हैं। हमें

[01:08:54] मिला ही नहीं। घोड़े की एक हड्डी मिली। उस

[01:08:56] पे भी यूपीएससी ने क्वेश्चन बना लिया।

[01:08:58] मतलब एक्सप्लइट कर रहे हैं घोड़े को।

[01:09:00] राइट? और वो हड्डी का पता लगा कि किसी ने

[01:09:02] शायद मेसोपोटामिया से कोई आया था। उसने खा

[01:09:04] के फेंक दी। तो वो एक हड्डी बस मिली है।

[01:09:06] बाकी पूरा पिंजर कहां है? तो इसलिए इंडस

[01:09:08] वैली में भी देयर इज़ नो एविडेंस ऑफ हॉर्स।

[01:09:11] और आयरस के बारे में कहा जाता है कि ये

[01:09:12] शायद सेंट्रल एशिया से आए थे। तो एक्चुअली

[01:09:14] कहा जाता है कि वहीं से घोड़े लेकर आए थे।

[01:09:16] क्योंकि इंडिया में जो अच्छा खासा घोड़ा

[01:09:18] आता भी है ना वो इवेंचुअली ओवर अ पीरियड

[01:09:20] ऑफ़ टाइम उसकी नेक्स्ट जनरेशन खचर बन जाती

[01:09:22] हैं। यह है यार। ठीक है? अरबी घोड़े देखो

[01:09:26] इतने तगड़े होते हैं। वो जनरेशन टू जनरेशन

[01:09:28] उनकी डीजनरेशन होती रहती है। तो इसलिए

[01:09:30] विजयनगर ने कहा कि यार नहीं ये अपने घोड़े

[01:09:33] तगड़े होने चाहिए। तो अरब से चाहे लाने

[01:09:35] पड़ जाए मुझे मैं पैसे दे दूंगा वहीं से

[01:09:37] आएंगे। तो ये भत्काल जो होता था इट यूज्ड

[01:09:40] टू बी द प्राइमरी गेटवे ऑफ अरेबियन हॉेज

[01:09:44] फॉर विजयनगर एंपायर।

[01:09:46] आपको यूपीएससी के प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस

[01:09:48] में टेबल की फॉर्म में ना बड़े सारे सवाल

[01:09:50] पूछने स्टार्ट कर दिए आजकल एग्जामिनर ने।

[01:09:53] ठीक है? उसमें अलग-अलग फोर्ट्स के नाम,

[01:09:54] अलग-अलग पोर्ट्स के नाम, उनकी

[01:09:56] सिग्निफिकेंस, उनको और क्या कहा जाता है?

[01:09:58] तो, उस पॉइंट ऑफ व्यू से यह पता होना

[01:09:59] चाहिए। विजयनगर में फोर्ट बतकाल या बतकाल

[01:10:03] इट यूज़्ड टू बी प्राइमरी गेटवे ऑफ अरेबियन

[01:10:06] हॉर्सेस फॉर विजयनगर। ठीक है? और साथ ही

[01:10:08] साथ स्पाइसेस का भी एक हब था। इंडोनेशिया

[01:10:10] के काफी सारे स्पाइसेस बतकाल में आते थे।

[01:10:12] फिर वहां से इंडिया के बाकी एरियाज में

[01:10:14] चले जाते थे। तो 1505 में क्या हुआ कि

[01:10:18] अल्मीडा ने ना नेगोशिएशंस की कि यार इस

[01:10:21] आइलैंड का हमें एक्सेस दे दो। तो वीर

[01:10:23] नरसिम्हा ने भी कहा कि एक्सेस मिल जाएगा।

[01:10:26] लेकिन हमारे जो घोड़े हैं उसको आप बेस्ट

[01:10:30] प्राइस पर प्रक्योर करके हमें प्रोवाइड

[01:10:32] करोगे। तो यह नेगोशिएशन है। ठीक? तो ट्रेड

[01:10:35] नेगोशिएशन की तरह यहां पर अल्मीडा ने

[01:10:37] डिप्लोमेसी की और साथ ही साथ नेगोशिएशन इस

[01:10:40] प्रकार की की कि इनको यहां पे फायदा क्या

[01:10:42] मिला? भातकाल का एक्सेस मिल गया। व्हिच

[01:10:44] वाज़ेंट टू एजर्ट डोमिनेंस इन द अरेबियन

[01:10:47] सी। और विजयनगर को क्या फायदा हो गया कि

[01:10:50] स्पाइसेस की प्रक्योरमेंट में, घोड़ों की

[01:10:52] प्रक्योरमेंट में पोर्चुगीज़ अपनी एफिशिएंट

[01:10:54] एडमिनिस्ट्रेशन का इस्तेमाल करके उनको

[01:10:56] सस्ते दामों में ये चीजें प्रोवाइड कर रहे

[01:10:57] हैं। ठीक है? तो उन्होंने यही कहा था कि

[01:10:59] हमारा प्राइमरी गेटवे है। तो प्राइमरी

[01:11:01] गेटवे रहना चाहिए। बाकी तुम नॉन हॉस्टाइल

[01:11:03] बिना हमारे लिए थ्रेट बने एक्सेस करना

[01:11:05] चाहते हो तो कर सकते हो। ठीक है? तो ये

[01:11:07] कहानी है फोर्ट भतकाल और फोर्ट एंजिडवा

[01:11:10] की। दोनों में एल्मीडा ने इंपॉर्टेंट रोल

[01:11:11] प्ले किया। बट एंजिडवा इवेंचुअली 1682 में

[01:11:16] ठीक है? काउंट ऑफ वेलोर ठीक है? काउंट ऑफ

[01:11:19] अल्वॉर नॉट वेलर। काउंट ऑफ एल्वॉर उसने ऐड

[01:11:23] किया और भतकाल जो है वह अल्मीडा ऐड करने

[01:11:26] में सक्सेसफुल रह गया। इसके अतिरिक्त

[01:11:28] अल्मीडा की एक लड़ाई हुई थी। कौन सी लड़ाई

[01:11:32] हुई थी? बैटल ऑफ द यू। ठीक है? दिस वास

[01:11:35] बैटल ऑफ द यू 159। तो हुआ यह था कि

[01:11:40] अल्मीडा ब्लू वाटर पॉलिसी को फॉलो करता

[01:11:42] था। अब आप कहोगे कि सर वाटर तो ब्लू ही

[01:11:45] है। ठीक है? तो यह काहे की पॉलिसी हुई?

[01:11:46] ब्लू वाटर पॉलिसी। ये किस तरह का नाम है?

[01:11:48] ठीक है? ब्लू वाटर पॉलिसी का मतलब यह था

[01:11:51] कि अरेबियन सी में हमने अपना दबदबा कायम

[01:11:54] रखना है। और इस दबदबे को कायम रखने के लिए

[01:11:58] यह लोग क्या करते थे? जैसे भारत का

[01:12:01] फॉर एग्जांपल अगर मैं आपको कोस्ट लाइन

[01:12:03] बनाकर दिखाऊं। ठीक है? दिस इज इंडियास

[01:12:06] कोस्ट लाइन। राइट? दिस इज व्हाट? दिस इज

[01:12:08] अरेबियन सी।

[01:12:12] ठीक है? और इस अरेबियन सी से मल्टीपल जहाज

[01:12:15] निकलेंगे। जैसे मान लो ये एक जहाज है। ठीक

[01:12:18] है? ये अरब्स का जहाज है। ठीक है? मान लो

[01:12:21] ये एक जहाज है। ठीक है? ये डच का जहाज है।

[01:12:26] तो अरेबियन सी में पुर्तगालियों का मानना

[01:12:28] था कि कोई भी जहाज अगर निकल रहा है तो यह

[01:12:32] ना स्ट्रेटेजिक पोजीशन पे ऐसे खड़े हो

[01:12:34] जाते थे और घेर लेते थे जहाज को और जहाज

[01:12:37] को कहते थे कि या तो हमें आप पैसा दो

[01:12:42] या फिर अपना सामान उतारो और जो यह सामान

[01:12:45] कैरी करेगा वह सिर्फ पोर्तुगीज़ जहाज होगा।

[01:12:48] ठीक है? क्योंकि जहाज को सामान कैरी करने

[01:12:50] के बदले पैसा मिलता था। और यह पैसा अगर

[01:12:52] पुर्तगालियों के पास होगा तो वह इंडिया से

[01:12:54] और भी बेहतर तरीके से चीजों को प्रक्योर

[01:12:56] करके प्रॉफिटेबल धंधा कर सकते हैं। ठीक

[01:12:59] है? तो अल्मीडा का मानना था कि यार

[01:13:01] अरेबियन सी में या तो सिर्फ जैसे मैं आपको

[01:13:05] येलो कलर के जहाज मैं पोर्चुगीज़ के बनाता

[01:13:08] हूं। ये चाहते थे कि सारे ये पुर्तगाली

[01:13:10] जहाज ही इधर ऑपरेट करें। ठीक है? कोई भी

[01:13:13] सामान आना है पुर्तगाली जहाज के थ्रू आए

[01:13:15] और अगर दूसरे जहाज से आ रहा है तो वो

[01:13:17] पोर्तुगीज़ को पैसा देगा। ठीक है? यह जो

[01:13:20] सिस्टम था ना दिस सिस्टम यूज्ड टू बी

[01:13:22] कॉल्ड एज कार्तेज सिस्टम। नोट कर लो इसे।

[01:13:24] दिस यूज्ड टू बी कॉल्ड एज कार्तेज सिस्टम।

[01:13:27] अब ध्यान से मुझे बताओ। ठीक है? वैसे तो

[01:13:30] सरकार जो टोल टैक्स लेती है कुछ इसी तरह

[01:13:32] का सिस्टम वहां पर भी चलता है। बट इधर आप

[01:13:35] देखो क्योंकि पोर्तुगीज़ आउटसाइडर है। तो

[01:13:37] आपको नहीं लगता यह वसूली कर रहा है। टेल

[01:13:40] मी इन द कमेंट सेक्शन। डोंट यू थिंक दैट

[01:13:41] इट इज़ ट्राइंग टू डू वसूली।

[01:13:45] ठीक है? तो नेवल सुपीरियरिटी को बनाना

[01:13:47] चाहते थे ये तो वो थी ब्लू वाटर पॉलिसी।

[01:13:49] उस ब्लू वाटर पॉलिसी का एक इंस्ट्रूमेंट

[01:13:52] था कार्टेज सिस्टम कि हमारा जहाज नहीं तो

[01:13:56] जा ही नहीं सकते या फिर जाना है तो पैसे

[01:13:58] दो। ठीक है? वसूली चल रही है यहां पे। ठीक

[01:14:01] है? इस वसूली से तंग आके बड़ी बार क्या

[01:14:03] होता था? अरब मर्चेंट्स लड़ पड़ते थे इनके

[01:14:05] साथ। इसी तरह से एक बार कुछ 600 अरब

[01:14:07] मर्चेंट्स ने ना हालांकि ब्लू वाटर पॉलिसी

[01:14:10] अभी स्टार्ट नहीं हुई थी जब कब्रैल आया

[01:14:12] था। लेकिन 600 अरब मर्चेंट्स ने कब्रल के

[01:14:14] साथ लड़ाई की। कब्रल ने इन 600 अरब

[01:14:16] मर्चेंट्स को जिंदा इनके जहाज में जला

[01:14:18] दिया। इसी वजह से पोर्तगालियों को रीजनल

[01:14:21] रूलर जो थे ना इतना पसंद नहीं करते थे कि

[01:14:23] क्या इनको अकल ही नहीं है। दूसरे देश से

[01:14:25] आए हैं यहां पर आते ही हड़कंप मचा रहे हो।

[01:14:28] ठीक है? तो इस वजह से 1608 में 1608 में

[01:14:32] देयर वाज़ अ नेवल बैटल ऑफ चोल।

[01:14:36] ठीक है? नेवल बैटल ऑफ चोल।

[01:14:39] यह भी सूरत के गुजरात के जो कोस्ट लाइन है

[01:14:42] ना उसके पास ये चोल है। ठीक है? चोल में

[01:14:45] क्या था कि हमारे साथ जो ट्रेड था सिर्फ

[01:14:48] अरब नहीं इजिप्शंस भी करते थे। ठीक है? तो

[01:14:51] इजिप्शियंस को भी नुकसान हो रहा था। तो

[01:14:53] इजिप्शंस ने पोर्चुगीज़ को ओवरपावर करने के

[01:14:55] लिए चोल में इनको चैलेंज किया। ठीक है? दे

[01:14:58] वर चैलेंज्ड इन चोल। चोल में पुर्तगालियों

[01:15:01] को रिप्रेजेंट करने वाला जो लड़का था आर

[01:15:04] एल ओ आर ई एन सी ओ लोरेंचो। ठीक है?

[01:15:08] लोरेंजो या लोरेंचो यह अल्मीडा का बेटा

[01:15:11] था। ठीक है? ही वाज़ दी सन ऑफ अल्मीडा।

[01:15:16] ठीक है? ये अल्मीडा का बेटा था। सन ऑफ

[01:15:17] एल्मीडा था। यह मारा जाता है 1608 में।

[01:15:21] ठीक है? तो 1608 में 1608 में द की लड़ाई

[01:15:26] में लोरेंचो द एल्मीडा ही गेट्स किल्ड। और

[01:15:30] अपने बेटे की इस डेथ को बदला लेने के लिए

[01:15:34] जो एल्मीडा है वह क्या करता है? एल्मीडा

[01:15:39] ही चैलेंजेस

[01:15:41] एल्मीडा चैलेंजेस मामलुक डायनेस्टी ऑफ

[01:15:45] इजिप्ट। ठीक है? इसको मामलुक सल्तनत ऑफ

[01:15:47] इजिप्ट भी कहते हैं। ठीक है? तो इसने

[01:15:50] एल्मीडा ने मामलुक सल्तनत ऑफ इजिप्ट से

[01:15:53] क्या ले लिया? पंगा ले लिया। मामलुक

[01:15:55] सल्तनत ऑफ इजिप्ट ने फिर क्या किया? इसने

[01:15:57] कहा कि मैं अकेला नहीं हूं। तो और भी बहुत

[01:16:00] लोगों से पंगा लिया है। तो इसने समूतरी को

[01:16:02] यानी कि ज़मोरिन को भी अपनी तरफ कर लिया।

[01:16:04] राइट? और गुजरात की जो सल्तनत थी राइट

[01:16:09] महमूद बेगाड़ा है ना गुजरात सल्तनत वाज

[01:16:12] रूल्ड बाय महमूद बेगाड़ा एम ई एच एम यू डी

[01:16:19] बी ई जी ए डी ए ठीक है ये देख लो इसको

[01:16:23] गुजरात की सल्तनत के जो महमूद बेगाड़ा हैं

[01:16:27] राइट वो समूतरी और मामलूक सल्तनत ऑफ

[01:16:29] इजिप्ट इन्होंने अलायंस बना ली अलायंस

[01:16:32] बनाकर इन्होंने कहा कि अल्मीडा को जैसे से

[01:16:35] इसके बेटे को मारा था। इसको भी यहीं पे

[01:16:36] खत्म करते हैं। ब्लू वाटर पॉलिसी गई तेल

[01:16:39] लेने। ठीक है? लेकिन एलमीडा ही वाज़ एबल टू

[01:16:43] सक्सेसफुली डिफीट दिस कोशन।

[01:16:48] ठीक है? यह अलायंस को डिफीट करने में वो

[01:16:49] सक्सेसफुल हो गया। तो डीयू की लड़ाई जो

[01:16:52] 1509 में हुई। ठीक है? बैटल ऑफ द

[01:16:56] जो 1509 में हुआ उसमें एल्मीडा एक्चुअली

[01:17:00] वन दी बैटल। राइट? लेकिन एक टिपिकल सवाल

[01:17:04] यहां पे कई बार यह बन जाता है कि द की

[01:17:06] लड़ाई जीतने के बाद क्या द मिल गया था

[01:17:08] पुर्तगालियों को? तो जवाब है नहीं। द

[01:17:12] पुर्तगालियों को मिला था 1534 में। ठीक

[01:17:16] है? उस समय पर गुजरात के सुल्तान कौन थे?

[01:17:20] बहादुर शाह। जफर नहीं अलग।

[01:17:24] ठीक है? गुजरात का सुल्तान था

[01:17:30] बहादुर शाह। ठीक है? बहादुर शाह को

[01:17:35] हुमायूं से थ्रेट आ रहा था। खत्म कर

[01:17:37] दूंगा। तो वो पोर्चुगीज़ की क्या लेना

[01:17:40] चाहता था? मदद लेना चाहता था। ठीक है?

[01:17:43] पोर्चुगीज़ की मदद के बदले उसने कहा कि मैं

[01:17:46] दीू का आइलैंड आपको सीड कर दूंगा। 1534

[01:17:50] में कौन था? वायसरॉय नीनोदा कुना। ठीक है?

[01:17:54] तो बैटल ऑफ द 1509 वाज़ वन बाय

[01:17:59] अल्मीडा

[01:18:00] बट द वाज़ एनेक्स्ड

[01:18:02] [नाक से की जाने वाली आवाज़] इनू

[01:18:03] पोर्चुगीज़ टेरिटरी बाय नीनोदाकूना इन 1534

[01:18:08] एस पर दी ट्रीटी ऑफ़ बताओ ये कौन सी ट्रीटी

[01:18:11] के थ्रू ये डीयू दिया? ये थी ट्रीटी ऑफ़

[01:18:14] बसेन। ठीक है? मराठा वाज़ में भी हम

[01:18:16] पढ़ेंगे। वो बसेन की ट्रीटी अलग है। ठीक

[01:18:18] है? तो यह नीनोदा कुना और बहादुर शाह ने

[01:18:22] ट्रीटी ऑफ़ बसेन साइन की। ठीक है? आप में

[01:18:25] से जो लोग टेस्ट सीरीज स्टडी आईक्यू की

[01:18:27] अटेम्प्ट कर रहे हो तो उनको पता होगा कि

[01:18:29] ट्रीटी ऑफ़ बसेसन के ऊपर भी कई बार

[01:18:31] क्वेश्चन पूछ लिया जाता है और यह भी पूछा

[01:18:33] जाता है कि ड्यू को दैट बिकम अ वेरी

[01:18:35] इंपॉर्टेंट टेरिटरी ऑफ़ पोर्चुगीज़ हु मेड

[01:18:38] इट पार्ट ऑफ़ पोर्चुगीज़ टेरिटरी। तो इट वाज़

[01:18:40] नीनो द कोना नॉट अल्मीडा। इवन दो बैटल ऑफ़

[01:18:43] ड्यू वाज़ वन बाय अल्मीडा। तो, यह जो

[01:18:45] कंफ्यूजन है, यह क्लियर हो गया सभी को? यह

[01:18:48] कंफ्यूजन कई बार बहुत क्रिटिकल बन जाता है

[01:18:50] हम सबके लिए। तो क्या यह कंफ्यूजन आप सबको

[01:18:53] क्लियर हो गया है? प्लीज टेल यस और नो इन

[01:18:55] द कमेंट सेक्शन।

[01:18:58] ठीक है? तो इसमें से आपके एग्जाम के लायक

[01:19:01] जो फैक्ट्स आपको पता होने चाहिए। राइट? तो

[01:19:05] वो ये है आपको इस टेबल में मिल जाएगी। दयू

[01:19:09] की लड़ाई थर्ड फरवरी 1509 को लड़ी गई। ठीक

[01:19:11] है? अगर डेट ये थर्ड फरवरी याद नहीं भी

[01:19:13] रहता तो 1509 याद रहना चाहिए। अलायंस थी

[01:19:17] तीन एंटिटीज की मामलुक सल्तनत ऑफ अजिप्ट

[01:19:20] गुजरात सल्तनत एंड जैमोरिन ऑफक गुजरात

[01:19:23] सल्तनत महमूद बेगाड़ा की थी ठीक है जो

[01:19:26] कोलीिशन थी ये जो तीन मामलुक गुजरात एंड

[01:19:30] जैमुरिन इसको कमांड कर रहे थे आमिर हुसैन

[01:19:33] अल कुर्दी ठीक है ये मामलुक एडमिरल थे

[01:19:36] आमिर हुसैन अल कुर्दी वाज़ यू नो लीडिंग

[01:19:40] दिस पर्टिकुलर कोलीजन और मलिक अयाज़ यह

[01:19:44] डीयू के गवर्नर मलिक अयास का नाम ज्यादा

[01:19:46] इंपॉर्टेंट रहेगा। ठीक है? आमिर कुर्दी ना

[01:19:48] भी याद रहे। मलिक बैटल ऑफ द के टाइम पे द

[01:19:51] का गवर्नर मलिक अयास था। राइट? और चोल की

[01:19:54] लड़ाई का बदला लेने के लिए द की लड़ाई हुई

[01:19:57] थी। और द 1534 में पुर्तगालियों का हिस्सा

[01:19:59] बना था। ठीक है? तो दिस इज़ ऑल अबाउट

[01:20:02] अल्मीडा। ठीक है? अल्मीडा डन। अगला

[01:20:05] वाइससरॉय जो था वो था अल्फांसो द

[01:20:07] एल्बुकर्की। ठीक है? अल्फांसो दी

[01:20:10] अल्बुकर्की। बड़ा मीठा-मीठा नाम है। है

[01:20:11] अल्फांसो बड़ा प्यारा सा मैंगो है। तो 1509

[01:20:15] में टुवर्ड्स द एंड ऑफ द ईयर 1509 में

[01:20:18] अल्मीडा को रिकॉल कर दिया गया और

[01:20:20] अल्बूकर्की को गवर्नर बना दिया गया।

[01:20:22] वाइसराॉय बना दिया गया पोर्चुगीज़ टेरिटरीज

[01:20:25] इन इंडिया का। ठीक है? तो इनके हेड

[01:20:28] क्वटर्स भी कोच्ची में ही हैं। जहां पर

[01:20:32] फोर्ट मैनुअल है। राइट? फोर्ट मैनुअल को

[01:20:34] बनवाने में भी अल्बूककी ने एक इंपॉर्टेंट

[01:20:36] रोल प्ले किया था। तो इन्होंने ज्यादा हेड

[01:20:38] क्वार्टर्स में फेरबदल नहीं किए। कोची वास

[01:20:41] दी हेड क्वार्टर ऑफ द एस्तादोदा इंडिया।

[01:20:43] इन्होंने भी वहीं से ऑपरेट किया। ठीक है?

[01:20:46] कोची के हेड क्वार्टर से ही इन्होंने भी

[01:20:48] ऑपरेट किया। लेकिन हां, गोवा की लड़ाई

[01:20:51] लड़ते हुए गोवा जो आगे चलकर पुर्तगालियों

[01:20:54] की फाइनल कैपिटल बनेगी, उसको जीतने में

[01:20:56] इनका एक इंपॉर्टेंट रोल था। ठीक है? तो

[01:20:58] आदिलशाही डायनेस्टी जैसे यूसुफ आदिल शाह

[01:21:01] के साथ 1505 में एल्मीडा की लड़ाई हुई थी

[01:21:04] और डर के मारे एंजेडवा आइलैंड उसने छोड़

[01:21:06] दिया। उसके बाद इस्माइल आदिल शाह यूसुफ

[01:21:10] आदिल शाह को सक्सीड करते हैं। 1510 में

[01:21:13] इस्माइल आदिल शाह के साथ अल्फांसो की

[01:21:16] लड़ाई होती है और गोवा अल्फांसो जीत लेते

[01:21:19] हैं। ठीक है? तो बैटल ऑफ गोवा भी हमारे

[01:21:21] लिए क्या बन जाती है? थोड़ी इंपॉर्टेंट बन

[01:21:23] जाती है। तो बीजापुर में इस्माइल आदिल शाह

[01:21:27] की टेरिटरी होती है ये। ठीक है? और बीच

[01:21:30] में फरवरी के समय पर भी 1510 की फरवरी में

[01:21:33] भी अल्फांसो ने जीत लिया था यह आइलैंड।

[01:21:36] नॉट आइलैंड गोवा राइट बट अल्टीमेटली फाइनल

[01:21:39] विक्ट्री जो है ना वह नवंबर 1510 में इनके

[01:21:41] पास आ जाती है और एक लोकल रूलर ने इनकी

[01:21:43] हेल्प की थी जिनका नाम था तिमोजी ये नाम

[01:21:45] याद रखना फ़क्चुअल इंफॉर्मेशन है बुरे वक्त

[01:21:48] में काम आ सकती है ठीक है फाइनली जब ये

[01:21:51] गोवा इन्होंने जीता इन्होंने कैपिटल नहीं

[01:21:53] बनाया इन्होंने सिर्फ एनेक्स किया सो

[01:21:55] नवंबर 1510 में अल्बोकर्की ने गोवा को

[01:21:58] अपनी टेरिटरी का हिस्सा बना लिया इट वाज़

[01:22:04] नीनो द कूना जिन्होंने 1530 में जाकर गोवा

[01:22:07] को फाइनली कैपिटल बनाया था। ठीक है?

[01:22:10] अराउंड 1530 में गोवा को कैपिटल बनाया गया

[01:22:13] था। कैप्चर होने के इमीडिएटली बाद यह

[01:22:15] कैपिटल नहीं बना था। ठीक है? तो ये चीज

[01:22:18] आपको अल्बोकर्की के कॉन्टेक्स्ट में याद

[01:22:20] रखनी है कि बैटल ऑफ गोवा के इमीडिएटली बाद

[01:22:23] गोवा को कैपिटल नहीं बनाया था। इट वाज़ मच

[01:22:25] लेटर नियरली 20 इयर्स लेटर। राइट?

[01:22:27] एडमिनिस्ट्रेटिव पॉलिसीज की जहां तक बात

[01:22:29] है तो इन्होंने भी अपनी नेवल डोमिनेंस

[01:22:32] बनाने की कोशिश तो जारी रखी थी। उसमें तो

[01:22:34] कोई शक नहीं है। राइट? बट अलोंग विद दैट

[01:22:37] इनको यह महसूस हो गया था कि अगर

[01:22:39] एडमिनिस्ट्रेशन को एफिशिएंट रखना है तो

[01:22:40] जिस जगह पे हम हैं वहां पे हम आउटसाइडर

[01:22:43] हैं। ठीक है? तो अगर हम बाहर से आए हैं और

[01:22:46] इन इलाकों को काबू में रखना है, गवर्न

[01:22:49] करना है तो लोकल कल्चर को समझना पड़ेगा और

[01:22:52] लोकल कल्चर हमें पता नहीं है। तो इससे

[01:22:54] बेटर है कि लोकल्स को अपनी एडमिनिस्ट्रेशन

[01:22:56] में हम क्या करें? इंटीग्रेट करना शुरू कर

[01:22:59] दें। तो उसे इंटीग्रेट करने के लिए

[01:23:01] इन्होंने क्या किया? इन्होंने इंडियंस को

[01:23:02] अपनी एडमिनिस्ट्रेशन का हिस्सा बनाना

[01:23:04] स्टार्ट कर दिया और अल्टीमेट ऑब्जेक्टिव

[01:23:07] इनका था कि एक परमानेंट सेटलमेंट भारत में

[01:23:09] बन जाए। और इसी के चलते इन्होंने क्या

[01:23:12] किया? इन्होंने ही वाज़ दी फर्स्ट यूरोपियन

[01:23:14] टू अबॉलिश सती इन द इंडियन सबक्टिनेंट इन

[01:23:18] द एरियाज अंडर हिज कंट्रोल। ठीक है?

[01:23:21] अदरवाइज सती किसने बैन किया था?

[01:23:26] बताओ विलियम बेंटिक है ना? लॉर्ड विलियम

[01:23:29] बेंटिक को कहते हैं हम लॉर्ड विलियम

[01:23:31] बेंटिक से पहले बहुत पहले एल्बूक करकी ने

[01:23:34] अपने इलाकों में सती को बैन कर दिया था।

[01:23:36] विलियम बेंटिक जेनुइनली क्या चाहते थे?

[01:23:38] राजा राममोहन रॉय के एफर्ट्स के चलते

[01:23:40] उन्होंने रिफॉर्म्स करने की कोशिश की। बट

[01:23:42] एल्बोकर्की की मंशा यह थी कि अगर सती वाली

[01:23:46] जो लड़कियां हैं उनकी अपनी फैमिलीज़ ने तो

[01:23:48] उनको अबंडन कर ही दिए। ठीक है? तो रादर

[01:23:51] देन देम गेटिंग बर्न अलाइव। इससे बेटर कि

[01:23:54] हमारे लड़के हैं। ठीक है? बाहर से आए हैं।

[01:23:56] गोरे चिट्टे हैं। पिगमेंटली डेफिशिएंट हैं

[01:23:58] बट अच्छे हैं। ठीक है? मन के बुरे नहीं

[01:24:00] है। तो उनके साथ आप शादी करो, घर बसाओ। तो

[01:24:03] ये जो बच्चे पैदा होंगे ये एंग्लो इंडियंस

[01:24:04] होंगे एक न्यू रेस हम इंडिया में

[01:24:06] परमानेंटली सेटल कर देंगे। ठीक है? और ये

[01:24:08] जो पुर्तगाली थे ना जब इन्होंने रास्ता

[01:24:10] ढूंढा था भारत का। तो इनिशियली इनके दिमाग

[01:24:12] में ना एक गलतफहमी थी कि भाई भारत आके हम

[01:24:15] ना यहां के रूलर को क्रिश्चियनिटी में

[01:24:16] कन्वर्ट करके काफी सारे कंसेशंस लेंगे। वो

[01:24:19] भी नहीं हुआ और बैड बुक्स में आ गए लोकल

[01:24:22] रूलर्स के। ठीक है? ठीक है? तो अल्बर्की

[01:24:24] के कॉन्टेक्स्ट में ये इंपॉर्टेंट

[01:24:25] डेवलपमेंट्स आपको पता होनी चाहिए। ठीक है?

[01:24:29] और फाइनली

[01:24:31] नीनोदा कुना ठीक है? 1534 ट्रीटी ऑफ़ बसेन

[01:24:34] है ना? ही वाज़ द वन जिन्होंने कोचिंग से

[01:24:36] गोवा में हेड क्वार्टर्स को शिफ्ट किया।

[01:24:38] ही मेड गोवा द कैपिटल ऑफ़ पोर्चुगीज़ इन

[01:24:40] इंडिया एंड 1961 तक गोवा ही पुर्तगालियों

[01:24:44] की कैपिटल रही टिल देयर एग्जिट। राइट? सो

[01:24:47] दिस इज़ ऑल अबाउट पोर्चुगीज़ एडवेंट इन

[01:24:50] इंडिया, पोर्चुगीज़ एस्तादोदा इंडिया,

[01:24:53] डिफरेंट वाइसरॉयज़ ऑफ पोर्चुगल इन

[01:24:56] इस्तादोदा इंडिया, डिफरेंट डेवलपमेंट्स

[01:24:59] दैट टूक प्लेस ड्यूरिंग दीज़ वाइसरॉयज़ एंड

[01:25:01] अल्टीमेटली नाउ वी हैव टू स्टडी द इंपैक्ट

[01:25:05] ऑफ़ पोर्चुगीज़ एंड देयर फाइन। फाइनल एग्जिट

[01:25:07] तो हमने देख ही लिया। ठीक है? फाइनल

[01:25:09] एग्जिट में ऐसा था कि इनकी ना अंग्रेजों

[01:25:11] के साथ ब्रिटिश के साथ 1612 में एक लड़ाई

[01:25:14] हुई थी। ठीक है? ठीक है? इट वाज़ अ नेवल

[01:25:16] बैटल गुजरात के पास। सूरत के पास जगह का

[01:25:20] नाम था सुवााली और ब्रिटिश उसको क्या कहते

[01:25:22] हैं? स्वलीह होल। ठीक है? ये भी प्रीवियस

[01:25:24] ईयर क्वेश्चन आया हुआ है। तो स्वलीह होल

[01:25:26] की लड़ाई में पोर्चुगीज़ नेवल बैटल में हार

[01:25:29] गए थे। जिसके बाद ना ये बहुत डोमिनेंट

[01:25:31] यूरोपियन पावर नहीं रहे। मेयरली एज

[01:25:33] ट्रेडिंग बॉडी ये लिमिटेड जगहों में सीमित

[01:25:36] होकर रह गए। ठीक है? सो बैटल ऑफ सॉलीहोल

[01:25:40] इसकी सिग्निफिकेंस आगे मैं कनेक्ट करूंगा।

[01:25:42] इनके इंपैक्ट को एक बार देख लेते हैं। तो

[01:25:44] देखो,

[01:25:46] सबसे बड़ा इंपैक्ट प्रीलिम्स के पॉइंट ऑफ़

[01:25:48] व्यू से यह है। इन्होंने भारत में

[01:25:50] प्रिंटिंग प्रेस इंट्रोड्यूस की। ठीक है?

[01:25:53] दे वर दी फर्स्ट वन टू इंट्रोड्यूस

[01:25:55] प्रिंटिंग प्रेस इन गोवा इन 1556।

[01:25:59] ठीक है? प्रिंटिंग प्रेस को गोवा में कौन

[01:26:01] लेके आया? ठीक है? कौन लेके आया?

[01:26:04] पोर्चुगीज़।

[01:26:07] ठीक है? पोर्चुगीज़। और पहली किताब कौन सी

[01:26:10] इन्होंने प्रिंट करवाई? बाइबल। और यह

[01:26:13] प्रेस बनाई किसने? यह बनाई थी

[01:26:17] जेजुएट [गला साफ़ करने की आवाज़] मिशनरीज

[01:26:18] ने। ठीक है? ये क्रिश्चियन मिशनरीज के

[01:26:20] ग्रुप का नाम था जेजुएट मिशनरीज। ठीक है?

[01:26:23] इन्होंने ये प्रिंटिंग प्रेस सेटअप की थी।

[01:26:28] और

[01:26:30] यही दिस इज़ अ वेरी ह्यूज सिग्निफिकेंस।

[01:26:34] ठीक है? तो ये आपको याद रखना है। 1556।

[01:26:37] ठीक है? ये जो है इसको भूलना नहीं है।

[01:26:40] राइट? ये काफी [गला साफ़ करने की आवाज़]

[01:26:41] इंपॉर्टेंट डेवलपमेंट है। और आगे चलकर हम

[01:26:43] देखेंगे भी कि फ्रीडम स्ट्रगल के दौरान

[01:26:46] प्रेस इज़ गोइंग टू प्ले अ वेरीेंट रोल। आज

[01:26:48] की मीडिया की तरह नहीं। ठीक है? प्रेस उस

[01:26:51] टाइम पे काफी इंपॉर्टेंट थी। अच्छा कमेंट

[01:26:53] सेक्शन में ना मुझे एक ये चीज बताओ। एक ये

[01:26:55] सवाल बन जाता है। पहली किताब जो भारत में

[01:26:59] छपी वो थी बाइबल।

[01:27:01] पोर्चुगल्स ने क्रिश्चियनिटी को प्रोपगेट

[01:27:04] करने के लिए इसकी ट्रांसलेटेड कॉपीज भी

[01:27:06] बनानी शुरू कर दी। अब मुझे आप यह बताओ कि

[01:27:08] फर्स्ट वर्नाकुलर न्यूज़पेपर कौन सा था जो

[01:27:11] भारत में पब्लिश किया गया? हां जी इन दी

[01:27:13] कमेंट सेक्शन एवरीवन। फर्स्ट वर्नाकुलर

[01:27:16] न्यूज़पेपर दैट गॉट पब्लिश्ड

[01:27:21] इन इंडिया।

[01:27:23] बताओ। ये नोट कीजिए एवरीवन। ये नोट कीजिए।

[01:27:27] वर्नाकुलर समझते हैं सभी? वर्नाकुलर मतलब

[01:27:30] लोकल भाषा में जैसे मेरी वर्नाकुलर भाषा

[01:27:32] क्या है? पंजाबी ठीक है एथे ओथे अ तसी

[01:27:37] फर्स्ट वर्नाकुलर

[01:27:39] न्यूज़ेपर

[01:27:41] ये पब्लिश हुआ था 1818 में और इसका नाम था

[01:27:45] समाचार दर्पण

[01:27:49] ठीक है समाचार दर्पण ये पब्लिश कौन सी

[01:27:52] भाषा में हुआ था वर्नाकुलर है तो यह

[01:27:54] पब्लिश हुआ था बंगाली भाषा में ठीक है इट

[01:27:58] गॉट पब्लिश्ड इन बंगाली लैंग्वेज बंगाली

[01:28:01] भाषा में इसको पब्ल ब्लिश किया गया था।

[01:28:04] इसकी जो प्रेस थी वो थी श्री श्रीरामपुर

[01:28:06] में। ठीक है? इट्स प्रेस वाज़ इन

[01:28:09] श्रीरामपुर।

[01:28:12] और एक ना बैप्टिस्ट मिशनरी के ग्रुप थे।

[01:28:15] उन्होंने इसे पब्लिश करवाया था। पीपल

[01:28:18] फ्रॉम बैप्टिस्ट मिशनरीज। आगे चलकर कुछ

[01:28:20] इंडियन एडिटर्स भी इसके

[01:28:25] एडिटर्स एडिटोरियल्स लिखेंगे। बट इनिशियली

[01:28:28] बैप्टिस्ट मिशनरीज ने इसको पब्लिश करवाया

[01:28:31] था। ठीक है? तो यह समाचार दर्पण को प्लीज

[01:28:35] आप याद रखिएगा। द फर्स्ट वर्नाकुलर

[01:28:37] न्यूज़पेपर इन इंडिया। इसको नोट करना।

[01:28:39] इसके ऊपर क्वेश्चन बन सकता है। ठीक है? अब

[01:28:41] पोर्चुगीज़ की बात करते हैं। तो देखो इनके

[01:28:43] आने से यूरोपियन एरा भारत में शुरू हुआ।

[01:28:45] इन्होंने शिप बनाने में काफी महारत हासिल

[01:28:47] की थी। तो कैरवेल्स। ठीक है? और ये जो

[01:28:50] मल्टीडेक हेवली कंस्ट्रक्टेड शिप्स हैं ये

[01:28:53] इंट्रोड्यूस हो गई। उसके बाद जहाजों में

[01:28:55] ना कैसल और ये बाऊ और स्टर्न होते हैं।

[01:28:59] ठीक है? कि जहाज के फ्रंट और रियर की तरफ

[01:29:01] ना वो टावर सा बनाया होता है। ठीक है?

[01:29:04] जिससे आप दूर तक देख सकते हो कि आपके

[01:29:06] रास्ते में क्या-क्या आ रहा है। राइट? तो

[01:29:08] पोर्चुगीज़ ने क्योंकि इन्होंने शिप्स को

[01:29:11] लड़ाई झगड़े के लिए भी यूज़ करना होता था,

[01:29:13] पाइरेसी के लिए भी यूज़ करना होता था।

[01:29:15] राइट? तो कॉन्सिक्वेंटली इन्होंने कैसल और

[01:29:17] यह ब्राऊ और स्टर्न को कैसल्ड कर दिया।

[01:29:20] ठीक है? कैसल मतलब इस तरह की शेप जिसके

[01:29:23] बीच में गंस और कैनंस आप माउंट कर सकते

[01:29:26] हो। [नाक से की जाने वाली आवाज़] उसके बाद

[01:29:29] मॉडर्न बॉडी आर्मर और मैच लॉक मैन। मैच

[01:29:32] लॉक मैन मतलब राइफलमैन।

[01:29:34] ठीक है? बंदूक पकड़ के जो राइफलमैन होते

[01:29:36] हैं वो प्रथा इन्होंने एक तरीके से

[01:29:39] स्टार्ट की। इनफेंट्री की ड्रिल्स

[01:29:41] इन्होंने इंट्रोड्यूस की थी भारत में। ठीक

[01:29:43] है? बॉर्डर पे जब आप जाओगे तो वो नहीं

[01:29:45] होता। आगे बढ़ छपक छपक वो सारा कुछ वो

[01:29:49] इन्होंने इंट्रोड्यूस किया था और उसके बाद

[01:29:51] गोवा में मेटल वर्क्स में इन्होंने बहुत

[01:29:53] महारत हासिल कर ली। ठीक है? सिल्वर स्मिथ,

[01:29:56] गोल्ड स्मिथ ये काम इनका शुरू हो गया। तो

[01:29:58] फोलिएज जहां पर मेटल वायर को यूज़ करके

[01:30:01] फूल पत्ती के पैटर्न्स बनते हैं और

[01:30:04] फिलिगिरी। ठीक है? ये दोनों सिमिलर सी

[01:30:07] चीजें हैं जहां पे फूल पत्ती के पैटर्न्स

[01:30:08] बनाए जाते हैं। तो ये आर्ट गोवा में काफी

[01:30:12] ज्यादा डेवलप होना स्टार्ट हो गया। जहां

[01:30:14] तक फूड्स इंट्रोड्यूस्ड बाय पोर्चुगीज़ की

[01:30:16] बात है तो देखो आज जो हम ज्यादातर खाना

[01:30:20] खाते हैं ना उसमें से मैक्सिमम चीजें

[01:30:23] पुर्तगाली ही हमारे यहां लेकर आए थे। चिली

[01:30:26] मिर्च ठीक है? काली मिर्च हमारे यहां पहले

[01:30:28] भी थी। ठीक है? ये अशोक के समय पर भी थी।

[01:30:31] जो हरी मिर्च है वो पुर्तगाली लेकर आए थे।

[01:30:34] आलू है ना? नवरात्रि आने वाले हैं। तो

[01:30:37] व्रत में हम ये जो आलू खा रहे हैं ये

[01:30:39] पुर्तगालियों ने इंट्रोड्यूस किया था भारत

[01:30:41] में। मार्टर यह भी पुर्तगालियों का है।

[01:30:45] मेज दैट इज कॉर्न मक्की। डॉनल्ड ट्रंप के

[01:30:48] साथ जिस चीज के ऊपर लड़ाई चल रही है। है

[01:30:50] ना? ये जो मक्की से बनने वाला ई20 एथेनॉल

[01:30:53] ब्लेंडेड फ्यूल ये कौन ये कौन लेकर आए?

[01:30:56] पुर्तगाली लेकर आए। उसके बाद ग्राउंड नट

[01:30:59] मूंगफली लोढ़ी में हम बड़े शौक से जो खाते

[01:31:02] हैं। यह पुर्तगाली लेकर आए। काजू दिवाली

[01:31:06] में काजू कतली चलती है। ड्राई फ्रूट हम

[01:31:08] मेहमानों के सामने रखते हैं। यह पुर्तगाली

[01:31:10] लेकर आए। पाइनएप्पल

[01:31:13] गले के लिए काफी अच्छा होता है। यह

[01:31:15] पुर्तगाली लेकर आए। पाया पुर्तगाली लेकर

[01:31:18] आए। गु्वावा पुर्तगाली लेकर आए। कस्टर्ड

[01:31:21] एप्पल इसको सीताफल भी कहा जाता है। कहा

[01:31:24] जाता है कि यह भी पोर्चुगीज़ ने ही

[01:31:26] इंट्रोड्यूस किया था। उसके बाद सैपोडिला।

[01:31:28] सैपोडिला ना वह ब्राउन कलर का फ्रूट होता

[01:31:31] है। लोकल भाषा में इसको कुछ जगहों पर चीकू

[01:31:33] भी कहा जाता है। ठीक है? इसका शेक बनाकर

[01:31:36] भी कई लोग पीते हैं। काले रंग की गिटक

[01:31:38] होती है इसकी। यही पुर्तगाली लेकर आए। ठीक

[01:31:40] है? इसके बाद कसावा पोर्चुगीज़, कद्दू

[01:31:43] पोर्चुगीज़, शिमला मिर्च पोर्चुगीज़,

[01:31:45] कोकोवा। इसकी लिमिटेड अर्ली प्रेजेंस वैसे

[01:31:48] तो थी बट कहा जाता है कि इसको पॉपुलराइज

[01:31:50] करने में पुर्तगालियों ने काफी इंपॉर्टेंट

[01:31:52] रोल प्ले किया। ठीक है? तो, मैं ये सोच

[01:31:54] रहा हूं कि इनके आने से पहले खाते क्या थे

[01:31:56] हम? ठीक है? अपना तो आधे से ज्यादा मैं

[01:31:59] अपनी मेरी जिंदगी में आलू के बिना मेरी

[01:32:01] जिंदगी अधूरी है। आई कैन नॉट लिव विदाउट

[01:32:04] आलू। आलू इज माय लाइफ। ठीक है? आलू कीेंस

[01:32:08] दिखाऊं यह मैराथॉन सेशन में जिंदा खड़ा

[01:32:11] रहने के लिए। ठीक है? ये देखो मैं प्रमोट

[01:32:14] नहीं कर रहा इसको। इट इज़ नॉट अ गुड थिंग।

[01:32:16] ये अमेरिकन ब्रांड है। गंदा है। पर क्या

[01:32:18] करें? ठीक है? थोड़ा वो

[01:32:21] मखाने में सोच रहा था बट वो यार महंगे थे।

[01:32:23] अब बजट के बाहर थे। ठीक है? तो मैं आई

[01:32:26] जस्ट वंडर कि यार और इसके अंदर कितने सारे

[01:32:28] इंग्रेडिएंट्स हैं। इन्होंने इंडियन

[01:32:29] फ्लेवर के हिसाब से इसको एडजस्ट किया है।

[01:32:31] लेकिन कितने सारे इंग्रेडिएंट्स हैं जो

[01:32:33] यही पुर्तगालियों ने इंट्रोड्यूस किए। तो

[01:32:35] यार ये स्लाइड जो है ना ये काफी

[01:32:37] इंपॉर्टेंट है। इसको प्लीज याद रखिएगा।

[01:32:40] राइट? बुरे वक्त में इसके ऊपर से सवाल

[01:32:43] पूछा जा सकता है। ठीक है? तो पोर्चुगीज़

[01:32:45] हमारा हो गया। तो पोर्चुगीज़ याद रहेगा

[01:32:48] सबको? ठीक है? 1628 में इनकी कंपनी बनी।

[01:32:52] 1498 में ये आ गए। वास्कोडागामा मैनुअल

[01:32:55] वन। ठीक है? पहली फैक्ट्री कहां बनी?

[01:32:57] कैलकट में ट्रीटी ऑफ़ कोच्ची। ठीक है? यह

[01:32:59] 1500 में पैत्रो एल्वरस के बराल ने। राइट?

[01:33:02] और उसके बाद इनका जो पहला हेड क्वार्टर था

[01:33:04] इसदो इंडिया का वो भी कोच्ची के अंदर बना

[01:33:07] था। ठीक है? कब बना था? 1503 में। उसको

[01:33:09] बनाने के लिए एल्बुककी ने इंपॉर्टेंट रोल

[01:33:12] प्ले किया था। पहला गवर्नर कौन था इनका?

[01:33:14] फ्रांसिस्को दी अल्मीडा। अल्मीडा के टाइम

[01:33:16] पे क्या-क्या चीजें हुई थी? एंजिडवा का

[01:33:18] भसड़ मचा था। जिसके बाद छोड़ना पड़ा था इनको।

[01:33:20] किससे लड़ाई हुई थी? किससे हुई यूसुफ आदिल

[01:33:23] शाह से उसके बाद

[01:33:26] ब्लू वाटर पॉलिसी में इन्होंने इंपॉर्टेंट

[01:33:28] रोल प्ले किया। दीू की लड़ाई में द जी

[01:33:30] मतलब दीू की लड़ाई जीत गए लेकिन दीू नहीं

[01:33:32] लिया। राइट? बैटल ऑफ चॉल अलमीडा के समय पर

[01:33:34] हुई थी। ठीक है? ये सारा कुछ ना अब याद

[01:33:36] रखना। हमने काफी कॉम्प्रिहेंसिवली इसको

[01:33:38] डिस्कस किया है। राइट? तो इसको ना अब याद

[01:33:41] रखना। कंटेंट आपको मिल जाएगा। एंड आई एम

[01:33:43] वेरी श्योर यार ये जिस तरीके से ऑर्गेनाइज

[01:33:45] किया हुआ है ना सारा का सारा कंटेंट इट इज़

[01:33:46] गोइंग टू प्ले अ वेरीेंट रोल इन योर ओवरऑल

[01:33:48] रिवीज़। ठीक है? और मुझे कमेंट सेक्शन में

[01:33:50] यार जिन्होंने अभी तक इस वीडियो को लाइक

[01:33:52] नहीं किया मुझे पता है कि आपको मजा आ रहा

[01:33:54] है। प्लीज हिट द लाइक बटन एंड कमेंट

[01:33:56] सेक्शन में सब के सब टाइप कीजिए गुड

[01:34:00] गोइंग। ठीक है? और एनर्जी है ना एनर्जी

[01:34:02] बना के रखनी है। ठीक है? अभी तो डेढ़ ही

[01:34:05] घंटा हुआ है। ठीक है? बाकी गाड़ी देख के

[01:34:07] नहीं सिलेबस देख के यूपीएससी की तैयारी की

[01:34:09] जाती है। राइट? तो पोर्चुगीज़ हो गए। अब डच

[01:34:13] को बुलाएं नीदरलैंड से। आजा अभी डच आजा।

[01:34:16] तो डच की जो कंपनी थी

[01:34:20] यह 1602 में बन गई थी।

[01:34:23] राइट? और

[01:34:26] ओल्डर बानवल्ट। ठीक है? ओल्डर बानवल्ट

[01:34:29] प्लेड अ वेरीेंट रोल। ठीक है? इसके

[01:34:31] स्टार्टिंग में आपको बताया भी वो टेबल

[01:34:33] आपको मिल जाएगा। वो अच्छे से रिवाइज कर

[01:34:34] लेना। इनका स्टेट्समैन था। ही प्लेड अ

[01:34:36] क्रूशियल रोल इन हेल्पिंग बिल्ड दिस कंपनी

[01:34:39] टू कंडक्ट ट्रेड बिटवीन नेदरलैंड्स एंड

[01:34:41] इंडिया डायरेक्टली विदाउट एनी मिडिलमैन।

[01:34:43] विदाउट एनी इटालियन और अरब मिडिलमैन। और

[01:34:46] कंपनी बनने के बाद इनकी पार्लियामेंट ने

[01:34:49] एक चार्टर दिया था। चार्टर का मतलब होता

[01:34:51] है राइट्स एंड ड्यूटीज। ठीक है? जैसे अगर

[01:34:54] मैं स्टडी आईक्यू ज्वाइन करता हूं तो मेरा

[01:34:55] एक फैकल्टी चार्टर होता है। फैकल्टी

[01:34:58] चार्टर में मुझे मेरे अधिकार बताए जाते

[01:34:59] हैं। ठीक है? और उसके साथ-साथ मेरी

[01:35:02] ड्यूटीज बताई जाती हैं कि ये कर सकते हो

[01:35:04] और ये नहीं करना या अगर करना है तो इस

[01:35:07] तरीके से करना है। एसओपी को फॉलो करके

[01:35:09] करना है। तो उसी तरह से डच ईस्ट इंडिया

[01:35:11] कंपनी का भी इसी तरह से एक चार्टर बनाया

[01:35:13] गया। मतलब दे वर एमावर्ड टू मेक वॉर साइन

[01:35:16] पीस विद अदर स्टेट्स एक्वायर टेरिटरीज एंड

[01:35:18] बिल्ड फर्ट्रेसेस। ठीक है? सो

[01:35:20] कॉन्सिक्वेंटली ये भारत में आकर अब

[01:35:22] एक्सपेंड करेंगे। अब हैरानी की बात यह है

[01:35:24] ठीक है कि ये जो पहली दो पावर्स थी ना

[01:35:26] इनकी कंपनियां बाद में बनी। इनके लोग पहले

[01:35:28] आ गए। तो

[01:35:31] 1596 में कॉर्निलियस हुटमैन ही वाज़ दी

[01:35:35] फर्स्ट डच पर्सन टू सेट फुट ऑन इंडियन सइल

[01:35:37] वाया सी। ठीक है? और इसके बाद डच का भारत

[01:35:42] में एक सिलसिला शुरू हो गया पधारने का। अब

[01:35:45] इन्होंने कई सारी फैक्ट्रीज बनाई। सारी

[01:35:48] फैक्ट्रीज जो है ना इनका ऑर्डर याद रख

[01:35:50] लेना नॉर्थ टू साउथ। बट पहली फैक्ट्री

[01:35:53] इनकी कहां बनी? वो इंपॉर्टेंट रहेगा। वो

[01:35:55] वैसे हमने टेबल से कर लिया है। बट जस्ट टू

[01:35:57] हेल्प यू रिमेंबर। 1605 में मसूलीपट्टनम

[01:36:00] में इनकी फर्स्ट फैक्ट्री बनी थी। ठीक है?

[01:36:02] 1605 मसूलीपट्टनम में इनकी फर्स्ट

[01:36:04] फैक्ट्री बनी थी। सेकंड फैक्ट्री इनकी बनी

[01:36:07] थी पुलीकट में। राइट? और पुलिकट की यह

[01:36:11] फैक्ट्री इनकी अराउंड 1609 में बनाई गई

[01:36:14] थी। 1610 आते-आते। ठीक है? 1610 आते-आते

[01:36:18] ज्यादातर जो इनका मेन एक्टिविटीज था,

[01:36:20] एडमिनिस्ट्रेटिव हेड क्वार्टर था वो

[01:36:22] पुलिकत में ले आए। ठीक है? 1610 से लेकर

[01:36:24] 1690 तक पुलिकट आल्सो एक्टेड एज़ देयर मेन

[01:36:28] सेंटर ऑफ़ हेड क्वटर्स। राइट? और यहां पर

[01:36:31] इस हेड क्वार्टर की बिल्डिंग प्रॉपर्ली

[01:36:33] बनाने के लिए पुलिकट में फैक्ट्री देखो

[01:36:36] 1609 में ही बन गई। 1610 में

[01:36:38] एडमिनिस्ट्रेटिव हेड क्वार्टर बन गया।

[01:36:39] प्रॉपर ऑफिस इनका 1613 में कंप्लीट हुआ।

[01:36:42] ठीक है? और इसको क्या कहा जाता है? फोर्ट

[01:36:44] गैलड्रिया।

[01:36:46] क्या कहा जाता है? फोर्ट गैलड्रिया। तो एक

[01:36:49] तरीके से फोर्ट मैनुअल द एडमिनिस्ट्रेटिव

[01:36:52] हेड क्वार्टर ऑफ़ पोर्चुगीज़ फोर्ट

[01:36:53] गैलड्रिया एडमिनिस्ट्रेटिव हेड क्वार्टर्स

[01:36:55] ऑफ़ डच। इंग्लिश का हम देखेंगे फोर्ट

[01:36:58] विलियम।

[01:37:00] ठीक है? फोर्ट विलियम जो वेस्ट बंगाल में

[01:37:02] है, वह अल्टीमेटली एडमिनिस्ट्रेटिव

[01:37:04] हेडक्वार्टर्स अंग्रेजों का बनेगा। और

[01:37:06] मद्रास में इनका फोर्थ सेंट जॉर्ज बना था।

[01:37:08] तो इसलिए यह मैथ्स टाइप का क्वेश्चन आ

[01:37:10] सकता है। तो उस पॉइंट ऑफ व्यू से पता होना

[01:37:11] चाहिए। 1690 के बाद नागपटनम में इन्होंने

[01:37:16] अपने ऑपरेशंस शिफ्ट कर दिए थे। ठीक है?

[01:37:18] आफ्टर 1690

[01:37:20] एंड दे यूज्ड टू कैरी ऑन देयर एक्टिविटीज

[01:37:23] फ्रॉम नागपटनम। राइट? अब इनकी ये जो

[01:37:26] एरियाज है ना बहुत बुरे वक्त में यूपीएससी

[01:37:28] आजकल पूछ नहीं रही है ऐसे सवाल कि मैप

[01:37:31] देके अरेंज करो नॉर्थ टू साउथ। लेकिन बहुत

[01:37:33] बुरे वक्त में ना अरेंज करने को कहा जा

[01:37:35] सकता है। तो उसके लिए ना एक निमोनिक है।

[01:37:38] जैसे ये जो ऑर्डर है ना अलग-अलग यूरोपियन

[01:37:41] पावर्स का भारत आने का उसका एक निमोनिक है

[01:37:44] पिज़्ज़ा डिस्टर्ब्स माय डाइट। देयरफ़ आई ईट

[01:37:49] इंग्लिश डिश एंड फ्रेंच फ्र्राइज़। ठीक है?

[01:37:52] तो पोर्चुगीज़, डच, इंग्लिश, डेंस, फ्रांस।

[01:37:55] ठीक है? पिज़्ज़ा डिस्टर्ब्स माय डाइट। सो,

[01:37:57] आई ईट इंग्लिश डिश एंड फ्रेंच फ्र्राइज़।

[01:38:00] ठीक है? ये एक निमोनिक बन जाता है जिससे

[01:38:02] हमें इन यूरोपियन पावर्स के एडवेंट का

[01:38:05] भारत में एडवेंट का कंपनीज़ का नहीं एडवेंट

[01:38:08] का एक क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर पता लग जाता है।

[01:38:10] उसी तरह से ज्योग्राफिकल ऑर्डर अगर डच की

[01:38:13] इन फैक्ट्रीज के बारे में जानना है तो

[01:38:15] इसका एक सिंपल सा थोड़ा सा कॉम्प्लिकेटेड

[01:38:17] निमोनिक है। जस्ट इमेजिन करो चाइना में एक

[01:38:21] मोटा सा बच्चा है खूब अच्छा हट्टा

[01:38:24] हट्टाकट्टा उसका नाम है भीम। ठीक है? और

[01:38:28] उसका एक फ्रेंड है जो

[01:38:31] साउथ में

[01:38:33] हैदराबाद के पास एक ब्रिज है तो वहां पर

[01:38:36] उसका फ्रेंड रहता है। तो उसने चाइना के ना

[01:38:38] इस बलवान भीम ने चाइना के चाइना के बलवान

[01:38:42] भीम ने मछली मछली पकड़ के निजाम के पुल

[01:38:47] वाले नगर को खिलाई। चाइना के बलवान भीम ने

[01:38:51] मछली पकड़ के निजाम के पुल वाले नगर को

[01:38:54] खिलाई। तो चाइना से बन गया जिनसुरा। चाइना

[01:38:57] के बलवान बीम के बन गया कासिम बाजार बलवान

[01:39:01] बीम बन गया बालासोर दिस इज इन ओसा ठीक है

[01:39:04] बालासोर के बाद भीम बिमलीपट्टनम मछली पकड़

[01:39:07] के मछलीपट्टनम या मसूलीपट्टनम एक ही बात

[01:39:09] है निजाम निजामपट्टनम के पुल पुलिकट वाले

[01:39:14] नगर नागपट्टनम

[01:39:16] ठीक है ये हो गया आपका खत्म ठीक है

[01:39:19] नागपटनम को नगर गोपिलाई राइट आई नो थोड़ा

[01:39:22] सा डिफिकल्ट है बट एक पैटर्न यहां पर

[01:39:25] ऑब्जर्व करना जरूरी है। देखो ज्यादातर जो

[01:39:28] इनकी फैक्ट्रीज हैं, कैन यू सी सूरत को

[01:39:30] छोड़ के बाकी सारी फैक्ट्रीज ईस्ट में

[01:39:32] हैं। सूरत की फैक्ट्री इन्होंने 1616 में

[01:39:34] बनाई थी। ठीक है? बाकी सारी फैक्ट्रीज

[01:39:36] इनकी ईस्ट में है। क्यों?

[01:39:39] क्योंकि जब यह डच लोग भारत आए थे, तो यह

[01:39:42] भारत नहीं आना चाहते थे। यह इंडोनेशिया गए

[01:39:44] थे पहले। इंडोनेशिया में मसाले का धंधा

[01:39:47] करना चाहते थे। वहां पर मसाला इनको महंगा

[01:39:49] पड़ रहा था। अगर यह सोने के बदले मसाला

[01:39:52] खरीद रहे हैं तो वह काफी महंगा था। तो

[01:39:54] इनको रियलाइज हुआ कि अगर भारत में हम

[01:39:58] थोड़ा व्यापार करें तो इधर कपड़ा हमें मिल

[01:40:01] सकता है सस्ता और उस कपड़े को हम

[01:40:04] इंडोनेशिया में सस्ते दाम पर एक्सचेंज

[01:40:06] करके मसाले ले सकते हैं। राइट? प्लस जब

[01:40:09] इनकी कॉलोनीज़ बननी शुरू हो गई तो उन

[01:40:11] कॉलोनीज़ के आसपास इन्होंने कॉटन

[01:40:12] कल्टीिवेशन शुरू कर दी। ठीक है? तो वहां

[01:40:14] से भी कॉटन बनना शुरू हो गया। वो एक्सचेंज

[01:40:17] कर लेते थे। ठीक है? तो क्योंकि इनका भारत

[01:40:19] आने का मेन ऑब्जेक्टिव इंडिया के साथ

[01:40:22] चीजों को बाटर करना था। तो इसलिए ईस्टर्न

[01:40:25] कोस्ट पे इनके ट्रेडिंग पोस्ट होना इट मेड

[01:40:27] सेंस। ये असर्शन रीजन टाइप का क्वेश्चन आ

[01:40:30] सकता है आपको। ठीक है? यूपीएससी गोज़ इनू

[01:40:32] डेप्थ। तो ये असर्शन रीजन का एक क्लियर कट

[01:40:34] क्या बनता है? क्वेश्चन बनता है। क्या ये

[01:40:36] बात सभी को समझ में आ गई? टाइप यस इन द

[01:40:39] कमेंट सेक्शन। एवरीवन। हां जी। लक्ष्य

[01:40:43] बताओ जी।

[01:40:46] हां। इंडोनेशिया में ज्यादा इंटरेस्टेड

[01:40:48] थे। ठीक है? तो इस वजह से ईस्ट में इनकी

[01:40:51] ज्यादा एक तरीके से पोर्ट्स हैं। अब डच जो

[01:40:56] है ना यह बहुत ज्यादा अ डोमिनेंट पावर

[01:41:00] नहीं रहे। पोर्चुगल को हमने थोड़ा अच्छे

[01:41:02] से डिटेल में डिस्कस किया क्योंकि ये

[01:41:04] एक्सेप्शन है। पहली यूर्पियन पावर थे भारत

[01:41:06] में आने वाली। इंग्लिश को तो हम बहुत ही

[01:41:08] अच्छे से पढ़ेंगे। पूरा का पूरा मॉडर्न

[01:41:10] इंडिया के सिलेबस लास्ट तक 1947 तक

[01:41:11] अंग्रेजों के साथ डील करता है। क्योंकि ये

[01:41:13] अल्टीमेट कॉलोनियल पावर बन गए। फ्रांस को

[01:41:15] हम वहां तक पढ़ते हैं जहां तक अंग्रेजों

[01:41:18] के साथ उनका 32 का या 36 का आंकड़ा था। डच

[01:41:21] को हम पढ़ लेते हैं थोड़ी बहुत इज्जत देने

[01:41:23] के लिए और डेंस को इज्जत बिल्कुल देने की

[01:41:26] ज्यादा जरूरत बिल्कुल नहीं है। ठीक है? तो

[01:41:28] डिक्लाइन ऑफ डच को सीधा देखते हैं कि क्या

[01:41:30] हुआ? देखो यार डच का जो एक्चुअल फोकस था

[01:41:34] वो था इंडोनेशिया में। तो जाहिर सी बात है

[01:41:36] कि इंडिया में इन्होंने ऑपरेशंस अपने

[01:41:37] वाइंड अप करने ही थे। ठीक है? एक इंसिडेंट

[01:41:40] कहा जाता है इनके डिक्लाइन के साथ जुड़ा

[01:41:42] हुआ है। इनके डिक्लाइन का ना रूट कॉज था

[01:41:44] अंग्रेजों का इनके साथ बार-बार झड़प होना।

[01:41:48] जैसे अंबोएना में सेकर एक 1623 में एक

[01:41:52] बहुत ही दुर्घटना हो गई। अंबोएना एक जगह

[01:41:55] का नाम है। यह आज की डेट में इंडोनेशियन

[01:41:58] आइलैंड्स के पास है। ठीक है? एंबोन नाम की

[01:42:01] जगह है। राइट? सुंडा स्टेट के पास ये पड़

[01:42:04] जाता है। तो वहां पर डच ने अपने एक अफसर

[01:42:07] को अपॉइंट किया। अफसर का नाम था हरमन वैन

[01:42:12] स्पूल।

[01:42:13] यह अफसर काफी सनकी था। इस सनकी अफसर को

[01:42:17] ऐसे ही शक पड़ गया कि कुछ जापानी और

[01:42:20] अंग्रेज अफसर मिलकर मुझे मारने की साजिश

[01:42:23] कर रहे हैं। और क्योंकि यह एंबोन रीजन का

[01:42:26] ऑफिसर इंचार्ज था। डच इंडोनेशिया में

[01:42:29] ज्यादा डोमिनेंट था। तो इसने उन अंग्रेजी

[01:42:31] और जापानीज अफसरों को कैप्चर कर लिया।

[01:42:34] गिरफ्तार कर लिया और टॉर्चर करना शुरू कर

[01:42:37] दिया कि अपना गुनाह मानो।

[01:42:40] वो लोग बोले कि हमने कुछ ऐसा सोचा ही

[01:42:42] नहीं। आप बेवजह हमारे ऊपर इल्जाम लगा रहे

[01:42:44] हो। इसने इतना ज्यादा टॉर्चर करना शुरू कर

[01:42:46] दिया कि टॉर्चर से बचने के लिए उन अफसरों

[01:42:50] और जापानियों ने इकरारनामा साइन कर दिया

[01:42:53] कि हां हमें अपना गुनाह कबूल है। जैसे ही

[01:42:56] उन्होंने साइन किया हरमन वेल्स प्यूल्ड की

[01:42:58] सनक उठी और कहा इसने कि भाई देखा मुझे तो

[01:43:02] पहले ही पता था मार दो इन सबको। ठीक है?

[01:43:04] तो फिर इसने उनको एग्जीक्यूट करके उनकी

[01:43:06] बॉडीज अपने-अपने घर पहुंचाने की कोशिश की।

[01:43:08] जब इंग्लिश गवर्नमेंट को पता लगा जब

[01:43:10] इंग्लिश गवर्नमेंट ने उन बॉडीज को देखा वो

[01:43:12] साफ पता लग रहा था दैट दोज़ बॉडीज हैव बीन

[01:43:15] एक्सपोज्ड टू ब्रूटल टॉर्चर तो उन्होंने

[01:43:17] पकड़ लिया डच को कि तुम लोगों का दिमाग

[01:43:19] खराब है ये क्या किया है हमारे लोगों के

[01:43:22] साथ राइट तो यहां पर काफी ज्यादा मतलब डच

[01:43:25] एंड इंग्लिश वर ऑन दी वर्ड्स ऑफ वॉर लेकिन

[01:43:28] आपस में समझौता करके किसी तरह से यह

[01:43:30] फाइनललाइज हुआ कि अब जो हो गया उसको तो हम

[01:43:33] कुछ कर नहीं सकते हरर्मन मैनस फ्यूल्ड को

[01:43:34] सजा दी डच सरकार ने और बदले में इंग्लिश

[01:43:37] और डच ने यह समझौता कर लिया कि डच अपने आप

[01:43:40] को इंडोनेशिया साइड यानी कि मलायन

[01:43:43] आर्कीपलेगो तक सीमित रखेगा और अंग्रेज खुद

[01:43:46] को भारत तक सीमित रखेंगे। ज्यादा एक दूसरे

[01:43:48] के साथ आमनासामना ना ही हो तो बेटर है।

[01:43:51] आगे चलकर जब पलासी की लड़ाई हो जाती है।

[01:43:56] पलासी की लड़ाई के बाद नवाब कौन बनता है?

[01:43:58] कमेंट सेक्शन में बताइए सब जने। हु बिकम्स

[01:44:00] द नवाब ऑफ बंगाल आफ्टर पलासी बैटल?

[01:44:04] मीर जाफर। ठीक है? तो मीर जाफर स्टार्टिंग

[01:44:07] में तो चौड़ में आकर बहुत सारे गिफ्ट्स दे

[01:44:10] देते हैं अंग्रेजों को। राइट? लेकिन बहुत

[01:44:13] जल्द उसको रियलाइज होता है कि यार मेरी तो

[01:44:14] बंगाल की ट्रेजरी की हो गई ऐसी तैसी। मेरे

[01:44:17] पास तो पैसे आ ही नहीं रहे। एंड आई एम

[01:44:19] बिकमिंग टू मच डिपेंडेंट ऑन दीज़ ब्रिटिश

[01:44:21] ऑफिशियल्स। उसे गलती रियलाइज़ हुई। उसने

[01:44:24] कहा कि यार लोहे को लोहा काटते हैं। तो

[01:44:27] बंगाल की विसिनिटी में डच भी मौजूद थे।

[01:44:30] ठीक है? एज़ यू कैन क्लियरली सी इन दिस मैप

[01:44:33] एज वेल। चसूरा कासिम बाजार के पास डच

[01:44:36] प्रेजेंस भी थी। तो मीर जाफर ने कोशिश की

[01:44:39] कि डच के साथ एक कांस्परेसी करके

[01:44:41] अंग्रेजों को बंगाल से खदेड़ देते हैं। जब

[01:44:44] अंग्रेजों को इस बारे में पता लगा तो

[01:44:46] ब्रिटिश और डच की आपस में क्फ्रंटेशन हुई

[01:44:50] इन अ फेमस बैटल कॉल्ड एज बैटल ऑफ बेदरा।

[01:44:53] यह बंगाल में बेदर अलग चीज है। वो साउथ

[01:44:56] में है। बेदरा बंगाल में है। यह बैटल 1759

[01:44:59] में हुई। इस बैटल में डच डिसाइसिवली हार

[01:45:02] गए। उनका छुट्टी टाटा बाय-ब होने वाला था।

[01:45:05] लेकिन फिर किसी तरह से नेगोशिएशंस करके डच

[01:45:08] ने अंग्रेजों को कन्विंस कर दिया कि हम

[01:45:09] सिर्फ ट्रेडिंग बॉडी की तरह एक्सिस्ट करना

[01:45:11] चाहते हैं। नथिंग एल्स। हम अपनी

[01:45:12] फर्टिफिकेशन नहीं करेंगे। आप माई-बाप हो,

[01:45:15] रूलर हो, वर्चुअल या डिफेक्ट हो जो भी है

[01:45:18] हम अब तमीज में रहेंगे। ठीक है? तो बेदरा

[01:45:21] की लड़ाई के बाद डच दे वर डिफिटेड बाय

[01:45:23] इंग्लिश। और इसके बाद डच की ना कोई खास

[01:45:25] वर्चस्व रह नहीं गया। ठीक है? डच डच का

[01:45:28] कोई खास वर्चस्व रह नहीं गया। बट

[01:45:30] करते-करते ना इन्होंने 1759 से ले 1824 तक

[01:45:34] अपने आप को ड्रैग कर लिया। 1824 में देखो

[01:45:38] क्या हुआ था। नेपोलियन का राइज़ था। ठीक

[01:45:42] है? 1799 से लेकर 1814 तक नेपोलियन का

[01:45:45] दबदबा था यूरोप में। नेपोलियन के पास

[01:45:48] मैक्सिमम टेरिटरीज आनी स्टार्ट हो गई थी।

[01:45:49] फ्रांस के अंडर आनी स्टार्ट हो गई थी।

[01:45:51] 1815 में नेपोलियन डिफीट हो गया। ठीक है?

[01:45:54] तो एक ट्रीटी डच और इंग्लिश ने यूरोप की

[01:45:59] टेरिटरीज को रीएडजस्ट करने के लिए 1814

[01:46:02] में साइन की थी। ठीक है? और उसी तरीके से

[01:46:04] इनको फिर यह रियलाइज हुआ कि यार

[01:46:06] अल्टीमेटली हम दोनों देश व्यापारी देश

[01:46:08] हैं। तो बेहतर यह है कि अपनी जो कॉलोनीज़

[01:46:11] है ना उनको भी रीएडजस्ट कर देते हैं। तो

[01:46:14] 1824 में एंग्लो डच ट्रीटी साइन की गई।

[01:46:19] जहां पर डच ने डिसाइड किया कि मैं हमने

[01:46:22] देखो अंबोयन मेसेकर के बाद भी यह डिसाइड

[01:46:25] किया था कि मैं इंडोनेशिया और तुम इंडिया

[01:46:27] में रहोगे। ठीक है? अब उसको फॉर्मलाइज

[01:46:29] करते हैं। राइट? वैसे भी बेदरा की लड़ाई

[01:46:32] के बाद मेरे पास वहां कुछ ज्यादा रहने का

[01:46:34] रीजन है नहीं। तो अब क्या करते हैं कि मैं

[01:46:37] अपनी इंडिया की कॉलोनीज़ जो हैं उनको अबंडन

[01:46:40] कर रहा हूं। आई एम गिविंग देम अप टू यू।

[01:46:42] और तुम्हारी यानी कि ब्रिटिश की मलक्का

[01:46:45] स्टेट में जो कॉलोनीज़ हैं जैसे कि बनकुलन।

[01:46:48] ठीक है? सुमात्रा आइलैंड में ना बनकुलन

[01:46:51] नाम की एक कॉलोनी ब्रिटिश की थी। ब्रिटिश

[01:46:53] ने यह कॉलोनी डच को दे दी। डच ने विथड्रॉ

[01:46:58] किया तो वो एरिया ब्रिटिश के पास चला गया।

[01:47:00] ठीक है? और प्रॉपर्ली ये जो इंप्लीमेंटेशन

[01:47:03] थी इस ट्रीटी की ये 1825 में हुई। ठीक है?

[01:47:06] सो विद दिस ये 1596 में आने के बाद 1825

[01:47:10] में फाइनली डच की यहां से एग्जिट हो गई।

[01:47:12] एग्जिट का कारण एंग्लो डच ट्रीटी ऑफ़ 1824।

[01:47:15] दिस इज़ ऑल अबाउट डच। कमेंट सेक्शन में

[01:47:18] मुझे बताओ इज दिस क्लियर ऑ नॉट? दिस इज ऑल

[01:47:21] अबाउट डच। डच के साथ यह हुआ।

[01:47:31] ठीक है? डच के साथ क्या हुआ? ये सब चीजें

[01:47:33] चल रही हैं। हां जी। क्लियर?

[01:47:37] ठीक है। बढ़िया। अब हमने अंग्रेजों को

[01:47:40] बुलाना है। अंग्रेजों की इतनी सारी हमने

[01:47:41] बातें कर ली। अब उनको बुलाए बिना तो काम

[01:47:44] चलेगा नहीं। तो उनको बुलाना पड़ेगा। बट

[01:47:46] उससे पहले मैं आप सभी को एक चीज एक

[01:47:47] इंफॉर्मेशन देना चाहूंगा और इंफॉर्मेशन

[01:47:49] दोस्तों ये है कि स्टडी आईक्यू ने इस वक्त

[01:47:53] अपने सभी कोर्सर्सेस के ऊपर 50% डिस्काउंट

[01:47:55] लगा रखा है। अगर आप हमारे किसी भी

[01:47:57] प्रोग्राम में एनरोल करके अपनी पढ़ाई को

[01:47:59] एक सही डायरेक्शन देना चाहते हो। हमारी

[01:48:01] मेंटोरशिप और गाइडेंस के साथ पढ़ना चाहते

[01:48:03] हो तो 2027 और 2028 के लिए हमारे बैचेस

[01:48:07] हैं। फॉर एग्जांपल निर्माण बैच। ठीक है?

[01:48:09] इसमें आप लॉगिन करने के बाद जब सीएस लाइव

[01:48:11] कोड का अप्लाई करेंगे तो जैसे यहां पे

[01:48:14] 60,000 का प्राइस है तो 60,000 नहीं पे

[01:48:16] करना आपको। आपको सीएस लाइव कोड लगाने के

[01:48:19] बाद 50% डिस्काउंट मिल जाएगा। ठीक है? तो

[01:48:21] 24,999 में आपको यह कोर्स मिल सकता है। और

[01:48:24] फर्दर आपकी कोई भी जानकारी है, कोई भी

[01:48:27] जानकारी आपको चाहिए, राइट? तो, नीचे एक

[01:48:29] नंबर है। नंबर इज़ 9240231046।

[01:48:35] ठीक है? कौन सा प्रोग्राम लें, कौन सा ना

[01:48:37] लें? तो इसके लिए आप 9240231046

[01:48:40] के ऊपर कॉल भी कर सकते हैं। ठीक है? चलो

[01:48:44] अब इंग्लिश की बात करते हैं। अंग्रेजों का

[01:48:46] ना यार सिस्टम ऐसा है कि ये जो ईस्ट

[01:48:48] इंडिया कंपनी है ना इसको जब रॉयल चार्टर्स

[01:48:52] 1600 में मिला तब जाकर ये ब्रिटिश ईस्ट

[01:48:55] इंडिया या इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी बन

[01:48:57] गई। उससे पहले 1599 में कुछ मर्चेंट्स थे।

[01:49:03] उन मर्चेंट्स को लगा कि यार सारे जने इतना

[01:49:05] ट्रेड कर रहे हैं, मुनाफा कमा रहे हैं। हम

[01:49:07] पीछे ना रह जाए। तो एक काम करते हैं। हम

[01:49:09] भी ट्रेड करते हैं। और इनिशियली क्या था?

[01:49:12] इनिशियली इनको रूलर से कुछ ज्यादा सपोर्ट

[01:49:15] नहीं मिला। तो इन्होंने कहा कि चलो जितना

[01:49:17] अपना-अपना पैसा है, सब जने पूल करते हैं।

[01:49:20] उस पूल्ड पैसे से हम जहाज बनाएंगे। अपनी

[01:49:23] ट्रिप को स्पॉन्सर करेंगे, सामान

[01:49:25] खरीदेंगे। फिर उसको बेचने के बाद जो

[01:49:27] मुनाफा आएगा, उसको उसी प्रपोर्शन में

[01:49:30] डिवाइड कर देंगे। जिस प्रोपोर्शन में हमने

[01:49:32] अपने कंपनी को स्टार्ट करने के लिए पैसा

[01:49:34] डाला था। ठीक है? तो इस तरह की कंपनी को

[01:49:36] कहा जाता है जॉइंट स्टॉक कंपनी के मल्टीपल

[01:49:39] मर्चेंट्स एक साथ आके अपनी कंट्रीब्यूशन

[01:49:41] डाल के कंपनी बनाते हैं। ठीक है? तो ये

[01:49:43] कंपनी का नाम था जॉन कंपनी। 1600 में इसको

[01:49:45] रॉयल चार्टर मिल गया। किसने दिया? रानी

[01:49:47] एलिजाबेथ ने। किसने रॉयल चार्टर दिया?

[01:49:50] रानी एलिजाबेथ दी वन ने। और साथ ही साथ

[01:49:53] रॉयल चार्टर तो दिया। रॉयल चार्टर में

[01:49:55] क्या होता है? राइट्स एंड ड्यूटीज। राइट

[01:49:57] टू कंडक्ट ट्रेड, राइट टू वेज वॉर, राइट

[01:50:00] टू मेक पीस, साइन ट्रीटीज वगैरह-वगैरह। और

[01:50:03] साथ ही साथ 15 साल के लिए एक मोनोपोली दे

[01:50:06] दी कि यह जो केप ऑफ गुड होप है, ठीक है?

[01:50:09] यह ना यूरोप कुछ इस प्रकार का है। है ना?

[01:50:12] यह आइबेरियन पेनसुला। ठीक है? दिस इज़

[01:50:15] अफ्रीका। राइट?

[01:50:18] वेट। इसको हम थोड़ा सा वाइट पेन से बनाते

[01:50:21] हैं।

[01:50:23] ठीक है? यूरोप ना कुछ इस प्रकार का है।

[01:50:27] आइबेरियन पेनसुला

[01:50:31] अफ्रीका

[01:50:33] मिडिल ईस्ट

[01:50:37] इंडिया

[01:50:40] और इधर मलायन आर्की पहले को ठीक है तो

[01:50:44] यहां पर ना दिस इज़ वेयर पोर्चुगल एंड

[01:50:46] स्पेन इज़ पोर्चुगल इस आइबेरियन पेनसुबला

[01:50:50] के ऊपर है और मेनलैंड यूरोप के भी फर्दर

[01:50:55] नॉर्थ में इंग्लिश चैनल के उस पार

[01:50:57] इंग्लैंड है।

[01:50:59] ठीक है? और केप ऑफ गुड होप वाला रास्ता इस

[01:51:02] इसको कहते हैं। यह जो केप ये दिस बेसिकली

[01:51:05] दिस पर्टिकुलर थिंग इज कॉल्ड एस केप ऑफ

[01:51:08] गुड होप। तो इस केप ऑफ गुड होप के ईस्ट

[01:51:11] में जो ट्रेड करना है उसकी मोनोपोली ईस्ट

[01:51:13] इंडिया कंपनी को मिल गई। 15 साल के लिए

[01:51:15] इनिशियली दी और हर 15 साल बाद इसको बढ़ाते

[01:51:18] रहते थे यह। ठीक है? तो यहां से ईस्ट

[01:51:20] इंडिया कंपनी की अब शुरुआत हो गई है। ठीक

[01:51:23] है? ठीक है? ईस्ट इंडिया कंपनी की क्या हो

[01:51:24] गई है? शुरुआत हो गई है यहां से। राइट? और

[01:51:27] एक्सक्लूसिव ट्रेड प्रिविलज इनको मिल चुके

[01:51:30] हैं। भारत में यह आते हैं 1608 में। ठीक

[01:51:34] है? अब 1608 से पहले भी सूरत जो था ना वो

[01:51:40] एक ट्रेड ट्रांजिट पॉइंट की तरह काम करता

[01:51:43] था। ठीक है? व्हाट इज द मीनिंग ऑफ ट्रेड

[01:51:45] ट्रांजिट पॉइंट?

[01:51:49] ट्रेड ट्रांजिट पॉइंट ना ट्रांसशिप पोर्ट

[01:51:52] जैसा है।

[01:51:54] ठीक है? जैसे हम ग्रेट निकोबार में एक

[01:51:55] ट्रांसिपमेंट पोर्ट बनाने का काम कर रहे

[01:51:57] हैं। ठीक है? थ्रेट ट्रांजिट पॉइंट क्या

[01:51:59] है? कि मान लो एक बहुत बड़ा जहाज है

[01:52:01] अंग्रेजों का। इस जहाज ने इंडोनेशिया जाना

[01:52:04] है। राइट? यूरोप से कुछ सामान इसने लाद

[01:52:08] लिया और यह इंडोनेशिया लेके जाएगा। राइट?

[01:52:11] लेकिन रास्ते में यह सूरत पे भी रुकेगा और

[01:52:13] सूरत से भी कुछ सामान यह बड़ा सा जहाज

[01:52:16] अपने अंदर लोड कर लेगा। फिर यह सामान भी

[01:52:20] एक साथ इंडोनेशिया बेचेगा। ठीक है?

[01:52:22] इंडोनेशिया से कुछ स्पाइसेस यह कैरी करेगा

[01:52:25] और वापस थोड़े से स्पाइसेस सूरत में रोक के

[01:52:28] वहां पर डिलीवर करेगा और बाकी का इंग्लैंड

[01:52:31] ले जाएगा। राइट? तो बेसिकली सूरत में इनकी

[01:52:34] कोई फैक्ट्री नहीं है लेकिन व्यापार करने

[01:52:36] के लिए लंबी जर्नी के समय पर एक हल्ट वो

[01:52:39] सूरत में भी लेते हैं। दिस इज़ कॉल्ड एज

[01:52:42] ट्रेड ट्रांजिट पॉइंट। बहुत सी किताबें

[01:52:44] ट्रेड ट्रांजिट पॉइंट को ही फर्स्ट

[01:52:45] फैक्ट्री के साथ कंफ्यूज कर देती हैं। तो

[01:52:47] फर्स्ट फैक्ट्री नहीं है सूरत। फर्स्ट

[01:52:49] फैक्ट्री मसूलीपट्टनम ही है। ट्रेड

[01:52:51] ट्रांजिट पॉइंट की तरह। हां, यह सूरत पहले

[01:52:53] भी था। अब यहां पर ट्रेड ट्रांजिट पॉइंट

[01:52:56] से फायदा हो रहा है अंग्रेजों को। तो

[01:52:58] ब्रिटिश को लगा कि यार यहां पर फैक्ट्री

[01:53:00] बना लेते हैं। है ना? कि कई बार ऐसा होता

[01:53:03] था कि इनका जहाज सूरत में पहुंच गया।

[01:53:06] लेकिन जो सामान लादना है वो रेडी नहीं है।

[01:53:09] तो फिर उसको बिना लोड किए आगे निकलना पड़

[01:53:12] रहा है। तो ये नुकसान हो गया ना। अगर लोड

[01:53:13] कर लिया होता तो उससे वो इंडोनेशिया में

[01:53:16] बेच पाते, पैसा कमा पाते। तो इनको लगा कि

[01:53:18] यार फैक्ट्री होनी चाहिए सूरत में। तो इसी

[01:53:21] चीज की परमिशन को सीक करने के लिए

[01:53:23] इन्होंने अपने एक ऑफिसर को भेजा। ऑफिसर का

[01:53:26] नाम था कैप्टन विलियम हॉकिन। हॉकिन क्या

[01:53:29] है? प्रेशर कुकर। तो हॉकिन को आप यह समझ

[01:53:31] लो कि इसका काम था मुगल एपरर के ऊपर

[01:53:33] प्रेशर डालना कि सूरत में हमें फैक्ट्री

[01:53:35] खोलने दो। यह काम करने के लिए यह सूरत में

[01:53:39] पैर रखते हैं। पहले क्या था? बार-बार निकल

[01:53:42] जाते थे। पहली बार इसने सूरत में ऐसे पैर

[01:53:44] रखा। ठीक है? 24th अगस्त 168 को सूरत में

[01:53:48] पैर रखता है और पूछता है कि मुझे यहां पे

[01:53:50] फैक्ट्री बनानी है तो मुझे किससे बात करनी

[01:53:52] पड़ेगी? तो वहां के लोगों ने कहा कि

[01:53:54] शहंशाह का इलाका है। यह मुगल सल्तनत का ही

[01:53:57] प्रोविंस है। तो आपको अगर परमिशन लेनी है

[01:53:59] तो मुगल सल्तनत से बात करनी पड़ेगी। वो

[01:54:01] कहता कहां बैठता है राजा? शहंशाह कहां

[01:54:03] बैठते हैं? तो वो बैठते थे आगरा में। तो

[01:54:05] आगरा गए यह जहांगीर के कोर्ट में वहां पर

[01:54:08] ऐसे वो पूरा सारा जहापना तसी ग्रेट हो

[01:54:12] तोहफा कबूल वो सब कुछ मतलब ट्राई करके कहा

[01:54:15] कि भ फैक्ट्री खोलनी है मुनाफा

[01:54:18] लगाने दो जहांगीर ने कहा कि यार

[01:54:20] पुर्तगालियों के एक्सपीरियंस के बाद किसी

[01:54:23] भी और यूरोपियन पावर को सूरत में मैं

[01:54:25] चाहता नहीं कि बैठे ठीक है आए दिन कोई ना

[01:54:28] कोई भसड़ कोई ना कोई लड़ाई ये सब करते

[01:54:30] रहते हैं। सो आई डू नॉट वांट टू सी एनी सच

[01:54:32] यूरोपियन पावर इन सूरत। ठीक है? सो लेट दी

[01:54:35] अरब मर्चेंट्स ट्राई एंड यू नो कैरी ऑन द

[01:54:38] ट्रेड देयर। तुम लोग देख लो कहीं और देख

[01:54:40] लो। दुखी हताश होकर ये लोग साउथ में जाते

[01:54:44] हैं। ठीक है? साउथ में ये जो आंध्रा रीजन

[01:54:46] है जहांगीर के समय पर दैट पर्टिकुलर एरिया

[01:54:49] वाज़ नॉट पर्टिकुलरली पार्ट ऑफ़ मुगल

[01:54:51] एंपायर। साउथ में जो एक्सपेंशन हुई ना यह

[01:54:54] जब औरंगजेब को गवर्नर बनाया था ना साउथ का

[01:54:56] औरंगजेब के जब शहंशाह आगे बना था तब साउथ

[01:54:59] तक मुगल एंपायर एक्सपैंड हुआ था। लेकिन

[01:55:01] उससे पहले

[01:55:03] जो साउथ में एक दखनी सल्तनत थी कुतुबशाही

[01:55:08] ऑफ गलकोंडा। मिडिवल हिस्ट्री में आपने

[01:55:10] पढ़ा होगा। ठीक है? कुतुबशाही ऑफ़

[01:55:13] गोलकोंडास का राज मसूलीपट्टनम में उनका

[01:55:15] राज था। मसूलीपट्टनम केम अंडर दी टेरिटरी

[01:55:18] ऑफ़ कुतुबशाहीज़ ऑफ़ गोलकोंडा। तो इनके

[01:55:21] सुल्तान का नाम था सुल्तान मोहम्मद कुली।

[01:55:24] सुल्तान मोहम्मद कुली कुतुब शाह। राइट? तो

[01:55:27] इनसे इन्होंने परमिशन मांगी कि यार हमने

[01:55:30] ट्रेड करना है। व्यापारी हैं। ट्रेड

[01:55:32] करेंगे पैसा मिलेगा थोड़ा हिस्सा। आपको भी

[01:55:34] हम टैक्स के फॉर्म में दे देंगे। तो

[01:55:36] सुल्तान मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने इनको

[01:55:38] मसूलीपट्टनम में फैक्ट्री सेटअप करने की

[01:55:40] परमिशन दे दी। तो यह एक गलतफहमी हो जाती

[01:55:43] है कई बार लोगों की कि मसूलीपट्टनम में जो

[01:55:45] इनको परमिशन मिली वह मुगल सल्तनत से मिली।

[01:55:47] नहीं। दैट वाज़ अंडर कुतुबशाही डायनेस्टी

[01:55:50] ऑफ गॉलकोंडा। यह औरंगजेब आगे जाकर इन्हीं

[01:55:53] डायनेस्टीज के साथ लड़कर इनकी टेरिटरीज को

[01:55:55] यूसुरप और एनेक्स करेगा। राइट? बट अभी के

[01:55:57] लिए गॉलकुंडा एक अलग टेरिटरी है। नॉट

[01:55:59] पार्ट ऑफ मुगल डोमिनियन। एंड दैट इज़ व्हाई

[01:56:02] जब मसूलीपट्टनम में फैक्ट्री सेटअप की तो

[01:56:04] कुछ लोगों के हिसाब से वो इंडिया नहीं है।

[01:56:05] मतलब आई डोंट नो क्या है पढ़ते हैं। ठीक

[01:56:08] है? तो मसूलीपट्टनम में ही इनको परमिशन

[01:56:10] मिल गई। यहां तक क्लियर किसी को कोई

[01:56:12] दिक्कत? अपनेप नोट्स नोट्स कौन-कौन बना

[01:56:15] रहा है? जरा मुझे यह बताओ। हां जी।

[01:56:19] नोट्स कौन-कौन बना रहा है? अनामिका,

[01:56:21] आशुतोष, अभिजीत, अंकेश, शिवम, नीलेश बना

[01:56:25] रहे हो नोट्स? ठीक है? तो यह याद रखना यह

[01:56:28] कुली ने ठीक है? प्रेशर कुकर ने कुली के

[01:56:31] पास जाकर कुली के पास जाकर यह फैक्ट्री

[01:56:33] बनाने की परमिशन ली। ठीक है? तो मसूली नाम

[01:56:38] की जगह पे वो मछलीपट्टनम में यह इनको

[01:56:40] परमिशन मिल गई। ठीक है? सुल्तान मोहम्मद

[01:56:42] कुली। सुल्तान मोहम्मद कुली। सुल्तान

[01:56:45] मोहम्मद कुली। ऐसे याद करना होता है यार।

[01:56:47] ये आपको क्या लगता है ये चीजें मुझे ऐसे

[01:56:49] याद होती? मुझे नहीं याद होती यार। मैं भी

[01:56:51] भूल जाता हूं। ठीक है? ये तो पूरा फन करके

[01:56:54] हम चीजें याद करते हैं ना। सुल्तान

[01:56:55] मोहम्मद कुली। सुल्तान मोहम्मद कुली। ठीक

[01:56:58] है? तभी याद होती हैं। ठीक है? जैसे फोर्ट

[01:57:02] मैनुअल जिंदगी में नहीं भूलोगे तुम अब।

[01:57:04] अदरवाइज तुम्हें कंफ्यूजन होती। है ना? पर

[01:57:07] अब बताओ अब होगी कंफ्यूजन। फोर्ट मैनुअल

[01:57:10] है ना? वर्जिनिटी क्या बोल दिया साथ में?

[01:57:12] तुम कहो सर ने क्या बोल दिया? और उसकी वजह

[01:57:14] से तुम बोलोगे नहीं। तो बीच-बीच में ऐसी

[01:57:16] थोड़ी-थोड़ी चलती रहेंगी। ठीक है? प्लीज

[01:57:19] डोंट जज मी बिकॉज़ ऑफ दैट। बट हां ये मतलब

[01:57:23] दी ट्रिक्स आर यूजुअली हेल्पफुल। ठीक है?

[01:57:25] दीज़ ट्रिक्स आर क्वाइट हेल्पफुल। चलो

[01:57:28] पुर्तगालियों की बात करते हैं कि इनके

[01:57:30] इनका क्या करें? अब तो यार अंग्रेज ना

[01:57:33] मसूलीपट्टनम में ना बहुत खुश नहीं थे। कई

[01:57:35] बार होता है ना कि इंसान एक जगह पे काम कर

[01:57:37] रहा है, करने को कर रहा है पर खुश नहीं

[01:57:39] है। तो इन्होंने कहा कि यार यहां पर ना

[01:57:42] मसूलीपट्टनम

[01:57:43] मसूलीपट्टनम ना मजा नहीं आ रहा। तो

[01:57:46] इन्होंने कहा सूरत में चाहिए। तो सूरत में

[01:57:48] ना यह चाहते थे। इन्होंने ना बॉलीवुड

[01:57:50] [नाक से की जाने वाली आवाज़] देखो काफी

[01:57:51] बाद आया पर इनका ना दिमाग बॉलीवुड जैसा ही

[01:57:53] था कि हीरोइन को इंप्रेस करो और फिर हाथ

[01:57:57] मांग लो उसका। तो यह मौका इनको मिला जब यह

[01:58:00] पोर्चुगीज़ यू नो अरेबियन सी में अपनी ब्लू

[01:58:02] वाटर पॉलिसी के चलते ज्यादातर शिप से

[01:58:05] वसूली ले रहा था कार्टेज सिस्टम के अंदर

[01:58:08] तो पोर्चुगीज़ की वजह से जो मक्का जाने का

[01:58:11] भी रास्ता है मक्का किसी ने जाना है। ठीक

[01:58:13] है? समुद्र के रास्ते आपको अरेबियन सी

[01:58:15] क्रॉस करनी पड़ेगी। ओनली देन यू विल रीच

[01:58:16] अरेबिया और वहां से फिर आगे मक्का तक आप

[01:58:19] जा सकते हो। तो पोर्चुगीज़ बीच में खड़े

[01:58:20] होते थे। वो वसूलते थे। तो रूट टू मक्का

[01:58:23] वाज़ नॉट फ्री। तो अंग्रे तो ब्रिटिश ने

[01:58:27] कहा कि यार अगर हम पोर्चुगीज़ को किसी तरह

[01:58:29] डिफीट कर दें तो वी माइट कम एज हीरोज़ फॉर

[01:58:32] द ब्रिटिश एंड देन परमिशन माइट बी गिवन टू

[01:58:35] अस। सो दे एंटर इंटू अ कॉन्फ्लिक्ट विद

[01:58:37] पोर्चुगीज़। ठीक है? पोर्चुगीज़ वैसे भी

[01:58:39] सूरत के आसपास और अरेबियन सी में इवन

[01:58:41] इंग्लिश शिप्स को भी चैलेंज करने की कोशिश

[01:58:43] करते थे। तो ऐसे ही एक दिन इंग्लिश और

[01:58:46] पोर्चुगीज़ की आपस में लड़ाई हो गई सूरत के

[01:58:48] पास एट अ प्लेस कॉल्ड एज स्वाली। एस यू वी

[01:58:52] ए डबल एल आई। ठीक है? ब्रिटिश इसको क्या

[01:58:54] कहते थे? स्वालीहोल। तो 1612 में

[01:58:57] स्वालीहोल की लड़ाई होती है। इसमें

[01:58:59] पुर्तगालियों की एक डिसाइसिव डिफीट होती

[01:59:01] है। इसके बाद ये एक डोमिनेंट पावर नहीं

[01:59:04] बनते। बस एक छोटे से गोवा के आसपास के

[01:59:07] इलाकों में गोवा और दीू में वहीं तक सीमित

[01:59:09] हो के रह जाते हैं। ठीक है? तो वहां पर

[01:59:13] पोर्चुगीज़ जब डिफीट हो गए, तो उसके बाद जो

[01:59:15] अरेबियन सी में इन्होंने हड़कंप मचा के

[01:59:17] रखा हुआ था, उससे सभी को मुक्ति मिल गई।

[01:59:20] ठीक है? ठीक है? द ट्रेड वाज़ ईजी टू कैरी

[01:59:22] गोइंग टू मक्का वाज़ नाउ फ्री। तो इस चीज

[01:59:24] से अब मुगल एपरर के ऊपर काफी असर पड़ा। एंड

[01:59:27] कॉन्सिक्वेंटली ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी

[01:59:29] गॉट द परमिशन टू सेट अप अ परमानेंट

[01:59:32] फैक्ट्री एट सूरत। नॉट अ ट्रेड ट्रांजिट

[01:59:35] पॉइंट बट अ परमानेंट फैक्ट्री एट सूरत इन

[01:59:37] 1613। तो परमानेंट फैक्ट्री सूरत में 1613

[01:59:41] में बन गई। बट फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री ये

[01:59:42] मसूलीपट्टनम में ही है 1611 में। अब जब ये

[01:59:46] चीजें चल रही हैं तो ईस्ट इंडिया कंपनी के

[01:59:48] ऑफिसरों ने कहा कि यार हम देखो व्यापारी

[01:59:50] हैं। हम इतना ही कर सकते हैं कि सूरत में

[01:59:54] हमें मिल गई परमिशन। हम

[01:59:55] [नाक से की जाने वाली आवाज़] इतना ही कर

[01:59:56] सकते हैं। अब ऐसा है कि जैसे-जैसे हमारा

[01:59:58] व्यापार बढ़ेगा हमें कई जगहों पर फैक्ट्री

[02:00:01] बनाने की जरूरत पड़ेगी। अब बार-बार परमिशन

[02:00:04] लेने जाएंगे तो बहुत टाइम वेस्ट हो जाता

[02:00:05] है। इनफिशिएंसी आती है, खर्चा होता है

[02:00:08] इनको खुश करने के लिए रिश्वत भी देनी

[02:00:10] पड़ती है। तो इन्होंने अपने राजा को कहा

[02:00:13] कि देखो व्यापारी बात करेगा तो उतना

[02:00:15] इंपैक्ट नहीं पड़ेगा। आप अपना राजदूत

[02:00:18] भेजो। ठीक है? तो इनके राजा थे किंग जेम्स

[02:00:21] दी वन। उन्होंने अपना एक राजदूत भेजा।

[02:00:24] राजदूत का नाम क्या था? कमेंट सेक्शन में

[02:00:26] बताइए सब जने। व्हाट वाज़ द नेम ऑफ द

[02:00:28] राजदूत? जिसने क्राउन को रिप्रेजेंट किया

[02:00:31] था और पूरी ब्रिटिश डोमिनियन में कहीं भी

[02:00:34] फैक्ट्री सेटअप करने की परमिशन ऑब्टेन कर

[02:00:36] ली। क्या नाम था इसका? बताइए।

[02:00:41] बताइए बताइए। व्हाट वाज़ द नेम? द नेम वाज़

[02:00:44] थॉमस रो। ठीक है? आर ओ ई थॉमस आर ओ ई रो।

[02:00:49] तो 1615 में थॉमस रो जहांगीर के दरबार में

[02:00:53] जाते हैं और उनके साथ पर्शियन भाषा ठीक

[02:00:56] है? के पर्शियन तुर्की भाषा में बात करते

[02:00:57] हैं। एंड ही वाज़ रियली फ्लुएंट। जहांगीर

[02:01:00] बहुत इंप्रेस हुआ। है ना? एक गोरा अंग्रेज

[02:01:03] आकर बिल्कुल आप ही के एक्सीडेंट में आपसे

[02:01:06] बात करे तो कुछ तो फील होता ना कि यार वाह

[02:01:08] ये तो यार बन गया अपना। ठीक है? तो उस वजह

[02:01:10] से यह इतना इंप्रेस हो गया जहांगीर कि

[02:01:12] उसने ब्रिटिश को थॉमस रो के कहने पर एक

[02:01:17] परमिशन दे दी। जिसके चलते पूरे मु़ एंपायर

[02:01:21] में ब्रिटिश कहीं पर भी अगर फ़ैक्ट्री

[02:01:23] सेटअप करना चाहते हैं तो वह कर सकते हैं।

[02:01:25] ब्रिटिश एंपायर के बाहर उन्हें डील करना

[02:01:27] पड़ेगा अलग से। लेकिन ब्रिटिश एंपायर के

[02:01:29] अंदर अगर उनको फैक्ट्री सेटअप करनी है

[02:01:31] जैसे बंगाल एक सूबा है ब्रिटिश एंपायर का

[02:01:34] ही तो वहां फैक्ट्री सेटअप अगर आपको करनी

[02:01:36] है तो आप कर सकते हो। आपको अलग से परमिशन

[02:01:39] लेने की जरूरत नहीं है। ठीक है? तो ये एक

[02:01:42] बहुत बड़ी विक्ट्री थी अंग्रेजों के लिए।

[02:01:44] ऑलदो इट वाज़ नॉट अ मैग्नाकाटा बट स्टिल

[02:01:46] नाउ ब्रिटिश कुड एस्टैब्लिश देयर फैक्ट्री

[02:01:50] इन द एंटायर मुगल टेरिटरी। ठीक है? तो

[02:01:53] बिना लड़ाई किए, बिना कॉन्क्वेस्ट के वो

[02:01:56] रॉयल फरमान की मदद से ही क्या कर पा रहे

[02:01:59] हैं? यह फैक्ट्रीज को सेटअप कर पा रहे

[02:02:01] हैं। ठीक है? तो ये अंग्रेजों को एक काफी

[02:02:03] अच्छा कंसेशन यहां पर मिल गया। अब ये एक

[02:02:07] बार ये चीज़ इनके पास आ गई। अब यह क्या

[02:02:09] करेंगे? एक्सपेंड करेंगे। ठीक है? और

[02:02:11] एक्सपेंशन के अंदर देखो यह प्राइमरली हैं

[02:02:13] तो व्यापारी। तो अगर इंडिया यह है। ठीक

[02:02:17] है? इफ दिस इज़ इंडिया ट्रेड के पॉइंट ऑफ

[02:02:19] व्यू से नॉर्थ इंडिया इज नॉट दैटेंट।

[02:02:22] राइट? लैंड ट्रेड होता है। उसमें इनका कोई

[02:02:24] खास इंटरेस्ट नहीं था। इनके लिए पेनिनसुलर

[02:02:27] इंडिया वाज़ेंट।

[02:02:29] पेनसुलर इंडिया में ये चाहते थे कि एक

[02:02:32] ट्रायंगल बनाएं। ठीक है? एक स्पाइस

[02:02:34] ट्रायंगल बनाएं। राइट? स्वाइस ट्रायंगल

[02:02:37] में दे वांटेड कि जैसे वेस्ट कोस्ट पे,

[02:02:40] साउथ में और ईस्ट में हमारी इंपॉर्टेंट

[02:02:43] डोमिनेंस होनी चाहिए। जहां से हम इंडियन

[02:02:45] सबक्टिनेंट को नोडल पॉइंट बनाकर पूरे रीजन

[02:02:49] में इंडियन ओसनियन के जरिए पूरा ट्रेड कर

[02:02:51] सकें। ठीक है? इस चीज को ध्यान में रखते

[02:02:54] हुए अब ये अपने क्या बनाएंगे? प्रेसिडेंसी

[02:02:56] टाउनंस बनाएंगे। सो एवरीवन कमेंट सेक्शन

[02:02:59] में मैं आपसे जानना चाहता हूं व्हाट वर दी

[02:03:02] फर्स्ट थ्री प्रेसिडेंसी टाउनंस ऑफ

[02:03:04] ब्रिटिश। यह जो चार्टर और रेगुलेटिंग

[02:03:07] एक्ट्स आए थे, ठीक है? जो रेगुलेटिंग एक्ट

[02:03:09] 1773 था, उसने कौन से प्रेसिडेंसीज के

[02:03:12] गवर्नर्स की पावर्स को रेगुलेट किया था?

[02:03:15] वही तीन फर्स्ट प्रेसिडेंसीज थी ब्रिटिश

[02:03:17] की भी। राइट? व्हाट वर दीज़ फर्स्ट थ्री

[02:03:19] प्रेसिडेंसीज? कमेंट सेक्शन में बताओ सब

[02:03:21] जने।

[02:03:25] हां जी एवरीवन। प्लीज टेल मी इन द कमेंट

[02:03:27] सेक्शन। व्हाट वर दीज़ फर्स्ट थ्री

[02:03:30] प्रेसिडेंसीज ऑफ ब्रिटिश? हां जी लक्ष्य

[02:03:34] बता दो अगर आपका हिस्ट्री डन है तो

[02:03:36] काइंडली टेल मी फर्स्ट थ्री प्रेसिडेंसीज

[02:03:39] का क्या नाम था? वेरी गुड शिल्पी मद्रास,

[02:03:42] बंगाल एंड बॉम्बे। ठीक है? तो अब मद्रास,

[02:03:45] बंगाल, बॉम्बे को ब्रिटिश ने अपना घर कैसे

[02:03:47] बनाना शुरू किया? इसकी एक दास्तान है। और

[02:03:50] यहां पर भी प्रीलिम्स में इंपॉर्टेंट

[02:03:52] फैक्ट्स पूछ लिए जाते हैं। ठीक है? तो ऐसा

[02:03:54] था [नाक से की जाने वाली आवाज़] कि सूरत

[02:03:55] में अंग्रेजों को परमिशन मिल गई थी। लेकिन

[02:03:57] बहुत जल्द उनको यह रियलाइज हुआ कि लगभग हर

[02:04:01] पावर हर मर्चेंट जो भारत के साथ ट्रेड

[02:04:04] करता है वो सूरत में मौजूद है। लगभग हर

[02:04:08] यूरोपियन पावर जो भारत के साथ ट्रेड करना

[02:04:11] चाहती है वो सूरत में मौजूद है। तो हम जो

[02:04:13] अपने असली मंसूबे हैं उनको सूरत में रह के

[02:04:17] तो पूरा नहीं कर पाएंगे क्योंकि हर किसी

[02:04:19] की नजर हम पर रहेगी। तो इसलिए दे वांटेड

[02:04:21] टू गो टू अ प्लेस जहां पर कोई बहुत ज्यादा

[02:04:24] स्ट्रांग सेंट्रलाइज्ड गवर्नमेंट नहीं है।

[02:04:27] उसको थोड़े बहुत चिल्लड़ फेंक के ठीक है?

[02:04:29] चिल्लड़ वो थोड़े बहुत कंसेशंस देके ट्रेड

[02:04:32] फ्री हैंड ट्रेड में फ्री हैंड ये अटेन

[02:04:35] करना चाहते थे। और इनको रियलाइज हुआ कि

[02:04:37] साउथ में तलेकोट की लड़ाई के बाद जब

[02:04:39] विजयनगर एंपायर डिसइीग्रेट हो गया उसके

[02:04:42] बाद साउथ इंडिया में कोई मेजर डोमिनेंट

[02:04:45] पावर एक्सिस्ट नहीं करती जो हमारी

[02:04:47] एक्सपेंशन को चैलेंज कर सके। सो इन्होंने

[02:04:49] डिसाइड किया कि ठीक है सूरत में फिलहाल के

[02:04:51] लिए कंटिन्यू करते हैं ट्रेड को पर लेट अस

[02:04:54] स्टार्ट एक्सप्लोरिंग साउथ इंडिया एज वेल।

[02:04:56] तो साउथ में 1639 में वेरी इंपॉर्टेंट ईयर

[02:05:01] 1639 में फ्रांसिस डे कहता है फ्रांसिस

[02:05:05] डे। वो कहता है मेरा नाम है फ्रांसिस डे।

[02:05:07] मुझे मद्रास दे। मेरा नाम है फ्रांसिस डे।

[02:05:10] मुझे मद्रास दे। ठीक है? तो फ्रांसिस डे

[02:05:12] क्या करता है? ये साउथ में मद्रास के पास

[02:05:15] विजयनगर एंपायर के डिसइीग्रेशन के बाद जो

[02:05:17] रीजनल रूलर होता है जिसका नाम है वेंकट

[02:05:20] अद्रिया नायक। दमला वेंकट अद्रिया नायक

[02:05:23] नायक डायनेस्टी का राज यहां पर स्टार्ट हो

[02:05:25] जाता है। तो फ्रांसिस डे दमला वेंकट

[02:05:28] अद्रिया नायक से मद्रास में एनुअली 500

[02:05:33] पगोडा की पेमेंट के बदले पगोडा मींस गोल्ड

[02:05:36] कॉइंस। ठीक है? तो एनुअली 500 पगोडास की

[02:05:40] पेमेंट के बदले वह कहता है कि मुझे यहां

[02:05:42] पर फैक्ट्री इस्टैब्लिश करने दो। उस

[02:05:44] फैक्ट्री की किलाबंदी करने दो और साथ ही

[02:05:47] साथ में अपने सिक्के भी जड़ूंगा। मैं इस

[02:05:50] फैक्ट्री को और जो यहां पर मैंने हेड

[02:05:53] क्वार्टर बनाए हैं उसकी फर्टिफिकेशन भी

[02:05:54] करूंगा और जो टेरिटरी मेरे अंडर आती है

[02:05:57] उसको मैं एडमिनिस्टर भी करूंगा। तो साउथ

[02:05:59] के जो नए-नए मतलब छोटे-छोटे रीजनल रूलर्स

[02:06:02] थे इनके पास वैसे भी कुछ खास पैसा था

[02:06:04] नहीं। ठीक है? एक तो 500 पगोडा ब्रिटिश ने

[02:06:08] प्रॉमिस कर दिए दमराल्ला को डायरेक्टली और

[02:06:10] साथ ही साथ कहा कि मद्रास पोर्ट से होने

[02:06:14] वाले ट्रेड से जो कस्टम रेवेन्यू बनेगा उस

[02:06:18] कस्टम रेवेन्यू का 50% मैं तुम्हें

[02:06:20] तुम्हारे साथ शेयर करूंगा। मुझे मद्रास

[02:06:23] में यह सब चीजें करने दो। राइट टू मिंट

[02:06:26] कॉइंस 45 एडमिनिस्टर रीजन सो ऑन एंड सो

[02:06:29] फॉर। ठीक है? ये चीजें मुझे क्या है? यह

[02:06:32] करने दो। बदले में तुम्हें 500 पगोडा और

[02:06:35] हाफ कस्टम रेवेन्यूज ऑफ मद्रास आई विल गिव

[02:06:38] दिस। तो यहां पर दमराला वेंकट कहता है कि

[02:06:42] ठीक है कोई दिक्कत नहीं। और यहीं ब्रिटिश

[02:06:45] क्या बनाती है? अपनी फैक्ट्री सेटअप करती

[02:06:48] है। ग्रेजुअली वो फैक्ट्री का कॉम्प्लेक्स

[02:06:50] काफी बड़ा हो जाता है। और यहीं

[02:06:52] कॉम्प्लेक्स अल्टीमेटली क्या बन जाता है?

[02:06:54] फोर्ट सेंट जॉर्ज।

[02:06:56] ठीक है? फोर्ट सेंट जॉर्ज। यह मरीना बीच

[02:06:59] है ना साउथ में चेन्नई के पास है। मरीना

[02:07:01] बीच के थोड़ा ही पास यह फ़ंड जॉर्ज बना हुआ

[02:07:03] है। ठीक है? कभी विजिट करो तो मतलब अच्छा

[02:07:06] है। दैट्स अ देख इट्स अ टूरिस्ट स्पॉट।

[02:07:08] राइट? तो अच्छा है। तो 1639 में ये

[02:07:12] डेवलपमेंट हो जाती है। इसके बाद द नेक्स्ट

[02:07:15] इंपॉर्टेंट प्रेसिडेंसी टाउन जो बनता है

[02:07:17] वो बनता है बॉम्बे। और बहुत जल्द सूरत से

[02:07:19] ज्यादा इंपॉर्टेंट बॉम्बे हो जाएगा। तो

[02:07:21] इसमें क्या होता है कि यूरोप में ना

[02:07:25] स्पेन और पोर्चुगल की आपस में बनती नहीं

[02:07:28] थी। पड़ोसी मुल्क थे। इनकी आपस में कई बार

[02:07:30] लड़ाई होती थी। तो पोर्चुगल स्पेन की ना

[02:07:32] लड़ाई के समय पर पोर्चगल को बहुत ज्यादा

[02:07:35] फंड्स की जरूरत पड़ गई और यह फंड्स लेने

[02:07:38] के लिए वो किंग चार्ल्स दी सेकंड के पास

[02:07:40] गए। ठीक है? इंग्लैंड का राजा था किंग

[02:07:43] चार्ल्स दी सेकंड। चार्ल्स दी सेकंड को

[02:07:45] उन्होंने कहा कि हमें आप वॉर में सपोर्ट

[02:07:47] करो।

[02:07:48] बदले में हम भी आपको कंसेशन देंगे। तो

[02:07:51] चार्ल्स सेकंड ने कहा क्या दोगे? तो

[02:07:53] उन्होंने कहा कि बेसिकली चार्ल्स सेकंड ने

[02:07:56] डिमांड रखी कि मैं सपोर्ट कर दूंगा।

[02:07:58] तुम्हारी एक शहजादी है। मुझे बड़ी प्रिय

[02:08:00] है। मेरा विवाह करा दीजिए उनके साथ। ठीक

[02:08:02] है? पोर्चुगीज़ को अभी युद्ध जीतना था।

[02:08:04] उन्होंने कहा कि यार ये तो दोनों हाथों

[02:08:06] में लड्डू वाली बात है। ये राजा हमारी

[02:08:08] युद्ध में भी हेल्प करेगा और हमारी बिटिया

[02:08:10] के लिए वैसे ही हम एक अच्छा रिश्ता देख

[02:08:12] रहे हैं तो वो भी राजघराने में जा रही है।

[02:08:14] तो अब ये तो दोनों हाथों में लड्डू हैं।

[02:08:16] तो पुर्तगालियों ने अपनी प्रिंसेस कैथरीन

[02:08:19] ऑफ ब्रगांजा कैथरीन ऑफ ब्रगांजा की शादी

[02:08:24] चार्ल्स ही सेकंड के साथ करा दी। राइट? और

[02:08:27] इस शादी में उन्होंने बॉम्बे दहेज में

[02:08:30] दिया। तो पुर्तगालियों के बारे में मैं

[02:08:32] आपको बता चुका हूं ना इनको मेनलैंड इंडिया

[02:08:35] से बाहर की तरफ समुद्र में कोई भी आइलैंड

[02:08:38] दिखता था ना उसके ऊपर ये अपना झंडा गाड़

[02:08:40] देते थे। ठीक है? एंजडीप में भी यही कोशिश

[02:08:42] की। भातकाल में यही कोशिश की। ठीक है?

[02:08:44] कोच्ची के अंदर इन्होंने मैनुअल फोर्ट इस

[02:08:46] तरह से बना लिया। तो इन्होंने ना बॉम्बे

[02:08:48] भी क्या है? बॉम्बे को ध्यान से देखोगे ना

[02:08:50] इट इज़ अ लिटिल आउटसाइड ऑफ़ मेनलैंड इंडिया

[02:08:53] इनू द अरेबियन सी। वसाई क्रीक के पास पड़

[02:08:56] जाता है बॉम्बे। ठीक है?

[02:08:57] [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो बॉम्बे का

[02:08:58] यह जो आइलैंड था इन्होंने दहेज में

[02:09:01] चार्ल्स दी सेकंड को इसकी शादी पर 1662

[02:09:04] में दे दिया। छ साल बॉम्बे चार्ल्स सेकंड

[02:09:08] के पास पड़ा रहा। बाद में कंपनी को

[02:09:10] रियलाइज हुआ कि यार बॉम्बे तो सूरत के

[02:09:12] जैसा ही है। वेस्ट कोस्ट के ऊपर है।

[02:09:14] रास्ते में पड़ता है और सूरत में जो एक

[02:09:17] डिसएडवांटेज है कि सबकी नजर रहती है वहां

[02:09:18] पे। बॉम्बे में वो प्रॉब्लम भी नहीं है।

[02:09:20] तो इन्होंने रिक्वेस्ट की कि आप बॉम्बे का

[02:09:22] क्या करोगे? हमारे काम आ जाएगा तो हमें दे

[02:09:24] दो। तो 1668 में दिस पर्टिकुलर बॉम्बे वास

[02:09:28] ट्रांसफर टू ईस्ट इंडिया कंपनी। ग्रेजुअली

[02:09:31] बॉम्बे को इन्होंने फर्टिफाई करना शुरू कर

[02:09:32] दिया। एडमिनिस्ट्रेटिव क्वार्टर बनाना

[02:09:34] शुरू कर दिया। और बहुत जल्द वेस्ट कोस्ट

[02:09:37] के ऊपर जहां पहले सूरत प्राइमरी डिपू हुआ

[02:09:40] करता था। डिपू मतलब एक ऐसी जगह जहां पर

[02:09:42] व्हीकल्स मतलब पार्क होते हैं। बस डिपू है

[02:09:44] ना वगैरह-वगैरह। ये बुक डीपु भी होते हैं।

[02:09:46] तो यहां पर डिपू का मतलब है जहां जहाज आकर

[02:09:49] रुकते हैं। तो इधर

[02:09:52] बॉम्बे ने सूरत को रिप्लेस कर दिया।

[02:09:54] अंग्रेजों के पॉइंट ऑफ व्यू से यह सूरत से

[02:09:57] ज्यादा इंपॉर्टेंट बन गया भाई। सूरत से

[02:09:59] ज्यादाेंट बॉम्बे बन गया। राइट? सो यहां

[02:10:02] पर अब इनकी चांदी हो गई। इनको लगा कि यार

[02:10:04] हम पागल थे पहले सूरत में। ऐसे रोते रहे

[02:10:07] थे। बॉम्बे में तो ज्यादा अच्छा है। कोई

[02:10:09] नहीं देख रहा। चुपचाप अपना एक्सपेंड करो,

[02:10:12] ट्रेड करो। किसी को पता नहीं चलेगा। राइट?

[02:10:14] तो अब इनका मद्रास बन गया है क्योंकि

[02:10:16] सेंट्रल पावर है नहीं। अपनी मर्जी से यह

[02:10:19] सिक्के भी खुद ही झड़ रहे हैं। है ना?

[02:10:21] फर्टिफिकेशन कर रहे हैं। एडमिनिस्ट्रेशन

[02:10:23] कर रहे हैं और बढ़िया चल रहा है इनका काम।

[02:10:25] राइट? और बॉम्बे के अंदर भी कोई नजर है

[02:10:27] नहीं किसी की। बढ़िया चल रहा है काम। है

[02:10:29] ना? अभी मराठाज़ भी एज ऑफ नाउ इतना ज्यादा

[02:10:31] थ्रेट इनके लिए नहीं है। काम इनका सही चल

[02:10:34] रहा है। राइट? अब बंगाल की बात करते हैं।

[02:10:36] बंगाल भी काफी जरूरी था। ग्रेजुअली

[02:10:38] अंग्रेजों को यह रियलाइज हुआ कि भारत में

[02:10:42] सबसे फर्टाइल लैंड्स यह बंगाल में मिलते

[02:10:45] हैं और बंगाल भारत का उस समय पर सबसे

[02:10:48] ज्यादा अमीर सूबा हुआ करता था। ठीक है?

[02:10:51] मिडीवल इंडिया में आपने प्रोबेबबली पढ़ा

[02:10:52] होगा कि अ औरंगजेब की डेथ के बाद ना

[02:10:56] जागीरदारी क्राइसिस आ गए थे। उन जागीरदारी

[02:10:59] क्राइसिस में बहुत से सूबे ना अपने ड्यूस

[02:11:01] ही नहीं दे पा रहे थे सेंट्रल ट्रेजरी को।

[02:11:03] लेकिन उस टाइम के ऊपर अंडर द लीडरशिप ऑफ

[02:11:05] मुर्शिद कुली खान बंगाल वाज़ स्टिल एबल टू

[02:11:08] पे इट्स ड्यूस। ठीक है? तो मुर्शिद कुली

[02:11:11] खान प्लेड एन क्वाइट एनेंट रोल इन यू नो

[02:11:14] इंप्रूविंग द रेवेन्यूज़ ऑफ़ बंगाल। बट

[02:11:16] बंगाल था यार। उसमें नेचुरल रिसोर्सेज भी

[02:11:18] काफी बढ़िया थे। तो इन्होंने कहा कि सभी

[02:11:19] बंगाल को देखते हैं। तो बंगाल में भी

[02:11:21] हमारा होना चाहिए। ईस्टर्न ट्रेड के लिए

[02:11:23] मद्रास ठीक है। बट बंगाल जो है वो रॉ

[02:11:25] मटेरियल के पॉइंट ऑफ व्यू से जरूरी है। तो

[02:11:27] इन्होंने क्या किया? इन्होंने ईस्ट इंडिया

[02:11:29] की तरफ अब रुख अपनाया। कमेंट सेक्शन में

[02:11:32] मुझे बताओ। फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री टू बी

[02:11:35] सेट अप इन

[02:11:38] ईस्ट इंडिया। कौन सी होगी? फर्स्ट इंडियन

[02:11:41] फैक्ट फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री टू बी सेट

[02:11:43] अप इन ईस्ट इंडिया। फर्स्ट ब्रिटिश

[02:11:45] फैक्ट्री टू बी सेट अप इन ईस्ट इंडिया।

[02:11:48] कौन सी है? इट इज़ बालासोर। बालासोर में

[02:11:54] 1633 में। इसको नोट करो यार। ये टेबल बना

[02:11:56] लो अगर कॉपी रखी हुई है ना? इसको नोट करो।

[02:11:58] फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री ऑन ईस्ट इंडिया

[02:12:00] इज़ बालासोर। कब बनी? 1633 में। ठीक है?

[02:12:03] फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री इन साउथ इंडिया

[02:12:06] कब बनी?

[02:12:08] फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री इन साउथ इंडिया

[02:12:10] मसूलीपट्टनम जो इनकी 1611 की पहली

[02:12:13] फैक्ट्री थी वो साउथ में ही तो थी।

[02:12:14] मसूलीपट्टनम।

[02:12:16] राइट? गोलकोंडा की सल्तनत से ली थी।

[02:12:19] फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री ऑन वेस्ट इंडिया

[02:12:22] सूरत 1613 में। बॉम्बे वाला तो बाद में सब

[02:12:26] बनेगा। ठीक है? और फोर्ट विलियम फोर्ट

[02:12:29] सेंट जॉर्ज भी जो है वो भी बाद में बनेगा।

[02:12:31] फर्स्ट ब्रिटिश फैक्ट्री इन बंगाल यह थी

[02:12:34] हुगली में 1651

[02:12:37] 1651 में पहली ब्रिटिश फैक्ट्री जो बंगाल

[02:12:40] में बनी वो हुगली में बनी थीक में नहीं

[02:12:42] बनी थी काफी देर तक ये जो ईस्ट ईस्टर्न

[02:12:46] कोस्ट के ऊपर जो अलग-अलग फैक्ट्रीज हैं

[02:12:48] बालासोर हुगली एंड सो ऑन इनकी

[02:12:52] एडमिनिस्ट्रेशन को ना फोर्ट सेंट जॉर्ज इन

[02:12:55] मद्रास के अंडर रखा हुआ था। ठीक है? कि

[02:12:57] अगर आप देखो जैसे यह इंडिया है तो इधर

[02:13:02] पड़ी फैक्ट्री जो हैं वो रिपोर्टिंग अपनी

[02:13:04] मद्रास को करती हैं। क्लियरली लॉजिस्टिकली

[02:13:07] दिस इज़ नॉट दैट एफिशिएंट। तो ब्रिटिश को

[02:13:10] पता था कि यार यहां पर भी एक स्ट्रांग

[02:13:11] प्रेजेंस बनानी पड़ेगी और इधर की

[02:13:13] फैक्ट्रियों को इंडिपेंडेंट करना है। वहीं

[02:13:15] पे कुछ करेंगे। तो एक ब्रिटिश ऑफिसर था

[02:13:17] जिसका नाम था जॉब चार्नॉक। ठीक है? देयर

[02:13:20] वाज़ अ ब्रिटिश ऑफिसर हुज़ नेम वाज़ जॉब

[02:13:24] चार्नॉक। ठीक है? जॉब चारनॉक को एक बड़ी

[02:13:27] ही इंपॉर्टेंट जॉब दी गई। इसको कहा गया कि

[02:13:30] यार अब हमने ना अपनी बंगाल रीजन में मेन

[02:13:32] फैक्ट्री बनानी है और आगे जाकर ये कैपिटल

[02:13:35] बनेगी अपनी क्योंकि बंगाल से ही हम भारत

[02:13:36] की एनएक्सेशन की शुरुआत करेंगे। तो इसने

[02:13:40] बंगाल मेंक के पास एक गांव था जिसका नाम

[02:13:42] था सुतानुती। ठीक है? सुतानती नाम के गांव

[02:13:45] में इन्होंने एक फैक्ट्री बनाई। कब बनाई?

[02:13:47] 1690 में। ठीक है? 1690 में। 1639 में

[02:13:52] मद्रास अंग्रेजों के पास। 1668 में बॉम्बे

[02:13:57] ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के पास ब्रिटिश

[02:13:59] के पास अदरवाइज तो 1662 में शादी के बाद

[02:14:01] था बट ट्रांसफर कंपनी को ट्रांसफर 1668

[02:14:04] में हुआ था और बंगाल की दास्तान दैट इज

[02:14:07] कोलकाता की दास्तान ये 1690 से शुरू होती

[02:14:10] है जब सुतानती ये ब्रिटिश को मिलता है और

[02:14:13] अगले 6 सालों के अंदर-अंदर ये सुतनती में

[02:14:16] मौजूद फैक्ट्री को फोर्टिफाई करके क्या

[02:14:18] बना देते हैं फोर्ट विलियम सुनती की

[02:14:21] फैक्ट्री फोर्टिफाई हो के फोर्ट विलियम

[02:14:24] बनती

[02:14:25] ठीक है। अभीक टाउन एक्सिस्ट नहीं करता

[02:14:28] यहां पे।क तो बाद में बना। ठीक है।

[02:14:30] सुतानती में उन्होंने फोर्ट विलियम बनाया।

[02:14:32] 1698 में ठीक है बंगाल मुगल सूबा है तो

[02:14:39] इन्होंने ना यहां पर बंगाल के सूबेदार से

[02:14:43] यह मुगल सूबा है तो जो सूबेदार है वो

[02:14:45] बेसिकली रॉयल एपरर का गवर्नर ही होता है

[02:14:48] और क्योंकि इन्होंने वैसे ही एक परमिशन ले

[02:14:50] ली है 1615 में कि कहीं भी ब्रिटिश

[02:14:52] डोमिनियन में कहीं भी फैक्ट्री सेटअप करते

[02:14:54] हैं तो सुता में इसलिए ज्यादा दिक्कत आई

[02:14:56] नहीं ठीक है लेकिन आगे चलकर अब इनको

[02:14:58] जमींदारी राइट्स चाहिए तो इन्होंने बंगाल

[02:15:00] के गवर्नर से बात की जिसका नाम था अजीम उस

[02:15:03] शान। ठीक है? अज़ीम उस शान।

[02:15:08] अज़ीम उस शान ने क्या किया? इसने कलकाता,

[02:15:13] गोविंदपुरा और सुतानुती गांव। सुतानुती

[02:15:15] में जहां तो इनकी फैक्ट्री थी वो तो चलो

[02:15:17] एडमिनिस्ट्रेटिवली यूज़ हो रही है। आसपास

[02:15:19] के जो बाकी के एरियाज हैं, कलकाता नाम का

[02:15:22] गांव पूरा का पूरा गोविंदपुरा पूरा का

[02:15:25] पूरा। यह अंग्रेजों को इसके जमींदारी

[02:15:27] अधिकार देती है। ठीक है? और यहीं पर

[02:15:30] ग्रेजुअली यह तीनों गांव मिलकर एक

[02:15:33] एनलार्ज्डक

[02:15:35] टाउन में तब्दील हो जाते हैं। ठीक है? कोई

[02:15:37] जमींदारी ये कलेक्ट करते हैं। उसके बाद

[02:15:39] कुछ एरिया से जहां पे इन्होंने एनेक्स

[02:15:42] करना है या पेजेंट्स टैक्स नहीं पे कर रहे

[02:15:44] तो उनको इविक्ट करके इन्होंने क्या किया?

[02:15:46] इन्होंने इस एरिया में उसको टाउन में

[02:15:50] इवॉल्व कर दिया। सोलक टाउन इज़ एक्चुअली

[02:15:53] कंप्राइ्ड ऑफ थ्री इंपॉर्टेंट विलेजेस

[02:15:56] सुतानुती जहां पर फोर्ट विलियम बना।

[02:15:58] गोविंदपुरा एंड कालीकाता। कालीकाता के नाम

[02:16:01] के ऊपर हीलकाता वर्ड दिया गया। ठीक है? तो

[02:16:04] 1696 तक तो फोर्ट विलियम को भी इन्होंने

[02:16:07] कर दिया था। 45 1698 में जमींदारी राइट्स

[02:16:11] मिलने के बाद इन्होंने क्या कहा कि अब

[02:16:13] फोर्ट विलियम भी एडमिनिस्ट्रेटिवली

[02:16:14] इंडिपेंडेंट हो रहा है। तो एक काम करते

[02:16:17] हैं 1700 में 2 साल उसके 2 साल बाद

[02:16:19] इन्होंने कहा कि ईस्ट की जितनी भी

[02:16:21] फैक्ट्रीज हैं वो फोर्ट विलियम के अंडर हम

[02:16:24] प्लेस कर देंगे। ठीक है? सो ऑल द

[02:16:26] फैक्ट्रीज़ ऑन द ईस्ट दे वर प्लेस्ड अंडर द

[02:16:28] कंट्रोल ऑफ फोर्ट विलियम। ठीक है? सो

[02:16:33] लेट्स रिपीट दिस। 1639 में मद्रास मिल

[02:16:36] गया। 1668 में बॉम्बे मिल गया। एंड बाय

[02:16:39] 1700 दी ब्रिटिश फैक्ट्रीज़ ऑन द ईस्ट। ठीक

[02:16:43] है? बंगाल रीजन दे वर ब्रॉट अंडर दी

[02:16:45] कंट्रोल ऑफ़ फोर्ट विलियम व्हिच वाज़

[02:16:47] एस्टैब्लिश्ड बाय जॉब चारनॉक इन 1690 एंड

[02:16:52] वाज़ फर्टिफाइड बाय 1696 सुतानती में। ठीक

[02:16:56] है? यहां तक क्लियर? ये जितने नाम बीच-बीच

[02:16:59] में आ रहे हैं याद रखना यार। ठीक है?

[02:17:01] ट्राई टू रिमेंबर ऑल दीज़ नेम्स दैट आर

[02:17:03] कमिंग इन बिटवीन।

[02:17:05] ठीक है?

[02:17:07] इसको याद रखिएगा।

[02:17:09] चलिए डन। यहां तक क्लियर? सर प्लीज टाइप

[02:17:12] सी एंड पी इन द कमेंट सेक्शन। प्लीज टाइप

[02:17:15] सी एंड पी इन द कमेंट सेक्शन।

[02:17:19] हां जी।

[02:17:21] बताओ बताओ क्लियर है? ये ब्रिटिश

[02:17:23] एक्सपेंशन हो रही है। तो अब थ्री

[02:17:25] प्रेसिडेंसी टाउनंस में इन्होंने क्या

[02:17:26] किया ना? अंग्रेजों को पता था पोर्चुगीज़

[02:17:28] क्या थे? वो आते ही उनको उतावलापन ज्यादा

[02:17:30] था। ठीक है? तो जल्दबाजी के चक्कर में वो

[02:17:33] ढंग के व्यापारी भी ना बन पाए। ठीक है? डच

[02:17:37] के साथ भी ऑलमोस्ट सिमिलर चीज हुई। लेकिन

[02:17:39] ब्रिटिश वर वेरी क्लियर। प्राइवेट कंपनी

[02:17:41] इनको पता था कि पहले खुद को कमर्शियल

[02:17:44] इंटरेस्ट अपने प्रोटेक्ट करो उसके बाद

[02:17:46] पॉलिटिकल इंटरेस्ट हम अपने देखेंगे। तो

[02:17:48] कमर्शियल इंटरेस्ट के लिए इन्होंने इन तीन

[02:17:50] प्रेसिडेंसी टाउनंस के अंदर अपने आप को

[02:17:52] काफी अच्छे से एस्टैब्लिश कर लिया। अब

[02:17:54] इनका ट्रेड जब तीन प्रेसिडेंसी टाउनंस में

[02:17:57] अपनी फैक्ट्रियां बन गई, धंधा होना शुरू

[02:17:59] हो गया। अब इनका ट्रेड एक्सपेंड करेगा। अब

[02:18:01] जो जहाज हैं बाहर के दूर-दूर के इलाकों से

[02:18:05] बॉम्बे में, मद्रास में और बंगाल में

[02:18:08] सामान लेकर आ रहे हैं। एक बार सामान जब

[02:18:10] बंदरगाह पे उतरता है अब उसको इंटरस्ट

[02:18:13] बॉर्डर क्रॉस करवा के अपनी-अपनी मार्केट

[02:18:15] में भेजना है। ठीक है? जैसे बॉम्बे पोर्ट

[02:18:17] पे मेरा कोई इंपोर्ट बिज़नेस है। बॉम्बे

[02:18:19] पोर्ट पे मेरा सामान आया। अब मैं उसको

[02:18:20] पंजाब लेके आके यहां पे वेयर हाउसेस में

[02:18:23] डालूंगा। फिर रिटेल में जाके बेचूंगा उसे।

[02:18:25] ठीक है? तो अब बॉम्बे से उसको ले आकर बीच

[02:18:28] में जितनी स्टेट्स आ रही हैं उनको क्रॉस

[02:18:29] करने पर चुंगी में मेरा क्या लगेगा? टैक्स

[02:18:31] लगेगा। तो जैसे-जैसे कंपनी का ट्रेड बढ़

[02:18:36] रहा था तो द अमाउंट ऑफ टैक्स दैट कंपनी

[02:18:39] हैड टू पे दैट वाज़ आल्सो इंक्रीजिंग।

[02:18:43] और यहां पर कंपनी थी मतलब एकदम लीचड़ और

[02:18:46] इतना ट्रे इतना पैसा कमाते थे। इनको ना

[02:18:48] टैक्स देने में मौत आती थी। तो इनको लगा

[02:18:51] कि यार कुछ ऐसा हो जाए। इनको समझ में आ गई

[02:18:54] थी कि यह ना अभी भारत में ना यह कोई एक

[02:18:56] कंट्री नहीं है। यह इट इज यू नो अ ग्रुप

[02:18:59] ऑफ बिकरिंग प्रिंसली स्टेट्स हैविंग टसल

[02:19:02] विद ईच अदर। तो ऐसा करते हैं कि भाई यहां

[02:19:06] पर इतने ज्यादा स्ट्रंग है नहीं। इनको

[02:19:07] किसी तरह कन्विंस करते हैं कि हमें ना छूट

[02:19:09] दे दो। और ऊपर से 1707 के बाद औरंगजेब की

[02:19:13] जब डेथ हुई तो जो लेटर मुगल्स थे सारे के

[02:19:15] सारे दे वर वेरी वीक। कुछ था ही नहीं।

[02:19:17] उनके पल्ले ही कुछ नहीं था। ठीक है? लेटर

[02:19:19] मुगल्स वर एक्सट्रीमली वीक। तो यहां पर ना

[02:19:22] वन ऑफ द लेटर मुगल कॉल्ड एज फारुख शियार।

[02:19:26] ठीक है? फारुख शियार यह एक लेटर मुगल था।

[02:19:29] ठीक है? 1715 में 1715 में जॉन सरमन जॉन

[02:19:36] सर्नमन एस यू आर एन एम ए एन जॉन सर्नमैन

[02:19:41] नाम के एक व्यक्ति ने कोशिश की कि मैं

[02:19:44] फारुख शियार से एक परमिशन ले पाऊं। ठीक

[02:19:47] है? जॉन एस यू आर एन एम ए एन उसने कहा कि

[02:19:50] चलो मैं इनसे ना परमिशन लेता हूं कि एक

[02:19:52] बार हम आ गए बंदरगाह में एंटर कर लिया तो

[02:19:56] हर जगह पे अब हमसे टैक्स ना लिया जाए ठीक

[02:19:58] है बंदरगाह पे टैक्स दे दिया बस काफी है

[02:20:00] हर चुंगी पे टैक्स ना दिया जाए तो आप हमें

[02:20:03] दस्तक दे दो दस्तक मतलब कि परमिशन टू कैरी

[02:20:07] ट्रेड विदाउट पेइंग टैक्सेस ठीक है दस्तक

[02:20:09] मींस द परमिट तो यहां पर 1715 में ना

[02:20:13] फारुख शहर ने इनको बारोंबार भगा दिया कि

[02:20:16] अब मैं नहीं बात नहीं दे रहा ऐसे करके

[02:20:18] इन्होंने भगा दिया। आगे चलकर पता लगा कि

[02:20:20] फारुख शहर को ना एक पर्सनल प्रॉब्लम है।

[02:20:22] पर्सनल प्रॉब्लम क्या है कि फारुख शहर का

[02:20:25] ना बेसिकली उनके मन में ना प्रेम भाव बहुत

[02:20:28] उमड़ उमड़ के आ रहा था एक राजपूत प्रिंसेस

[02:20:30] के लिए जिनका नाम था इंदिरा कंवर। राइट?

[02:20:33] उनसे वो शादी करना चाहते थे। बट उसी समय

[02:20:36] के दौरान उनके जो प्राइवेट पार्ट है

[02:20:38] ग्रोइंग एरिया है उसमें एक सूजन हो गई थी

[02:20:42] ड्यू टू एन इंफेक्शन और उसका कोई इलाज पता

[02:20:44] नहीं लग रहा था। राइट? अब यार वही बात कि

[02:20:47] शादी इस तरह की शादी तो भाई किस तरह की

[02:20:49] शादी हुई तो यह बड़े परेशान थे। ब्रिटिश

[02:20:53] सर्जन थे बंगाल के अंदर विलियम हेमिल्टन

[02:20:57] नाम के। ठीक है? विलियम हेमिल्टन वाज़ अ

[02:20:58] ब्रिटिश सर्जन। तो इन्होंने क्या किया?

[02:21:02] इन्होंने फारुख शाह की इस प्रॉब्लम का

[02:21:04] इन्हें पता लग गया। तो इन्होंने कहा कि हम

[02:21:05] आपका इलाज कर देते हैं। तो ही परफॉर्म्ड अ

[02:21:07] सर्जरी जिसके बाद फारुख शाह की वो

[02:21:09] प्रॉब्लम एकदम ठीक हो गई। एंड ही वाज़ एबल

[02:21:11] टू मैरी। राइट? सो बिकॉज़ ऑफ दिस फारुख शहर

[02:21:15] वास क्वाइट हैप्पी एंड इंप्रेस्ड विद द

[02:21:16] ब्रिटिश। सो यह अब सही मौका देखा गया। ठीक

[02:21:20] है? तो जॉन सरमन मतलब एक बार फिर से 1717

[02:21:23] में फारुख शियार के कोर्ट को अप्रोच करता

[02:21:26] है और यह फरमान एक्वायर कर लेता है। इस

[02:21:30] फरमान को मैगनाकाटा कहा जाता है। मैग्नाका

[02:21:33] ना बेसिकली इसकी हिस्ट्री इंग्लैंड की

[02:21:35] हिस्ट्री के साथ जुड़ी हुई है। जहां पर

[02:21:37] इनकी मोनार्क ने अपने सिटीजंस को बहुत

[02:21:39] सारे राइट्स दे दिए थे। तो वो भी एक

[02:21:42] टर्निंग पॉइंट था इंग्लिश हिस्ट्री में।

[02:21:44] तो ठीक उसी प्रकार यहां पर अगर हम

[02:21:46] मैग्नाका की बात करें तो यह मैग्नाका जो

[02:21:50] है ये कंपनी के लिए ट्रेड प्रिविलजेस के

[02:21:53] मैटर में बहुत वाइड प्रिविलेजेस को खोल

[02:21:56] रहा है। ठीक है? इसमें क्या-क्या

[02:21:57] प्रोविजंस मिली थी? इसको एक-एक करके देखते

[02:21:59] हैं। स्क्रीन दिख रही है सभी को क्लियरली?

[02:22:02] स्क्रीन दिख रही है? तो इसमें ना सबसे

[02:22:04] पहले बंगाल रीजन में इनका बहुत ट्रेड होता

[02:22:06] था।

[02:22:07] तो बंगाल में इनको कहा कि वहां पर कोई

[02:22:10] टैक्स पे करने की जरूरत नहीं है। आप पर

[02:22:13] ईयर बस ₹3000 की पेमेंट कीजिए। यू जस्ट

[02:22:16] नीड टू पे ₹3000

[02:22:19] अ पर ईयर और उसके बदले जितना ट्रेड करना

[02:22:23] है कर लो। ठीक है? साल में सिर्फ ₹3000 और

[02:22:25] इनका जो ट्रेड था ना अदरवाइज इनका बहुत

[02:22:28] 10ों हजारों में चला जाता था टैक्स। साल

[02:22:30] की 3000 पेमेंट के बदले इतना ज्यादा

[02:22:32] कंसेशन मिल गया इनको वो भी बंगाल में। ठीक

[02:22:34] है? अब जब यह ट्रेड कंडक्ट करना है, 3000

[02:22:36] दे दिया तो उसके बदले तुम्हें परमिट

[02:22:38] मिलेगा। इस परमिट को दिखाकर चुंगी के ऊपर

[02:22:40] परमिट अफसरों ने बहुत मिसयूज किया क्योंकि

[02:22:43] आइडियली ईस्ट में मोनोपोली करने ईस्ट में

[02:22:47] ट्रेड करने की मोनोपोली किसके पास है?

[02:22:55] हां जी। आर वी रिकनेक्टेड?

[02:23:00] ठीक है। ठीक है। सॉरी इन बिटवीन यार वो

[02:23:02] थोड़ा सा टेक इशू बीच में आ गया।

[02:23:08] हां जी क्लियर है अभी तक? अब क्लियर है?

[02:23:11] आई होप थिंग्स आर स्मूथ। कभी-कभी बीच में

[02:23:13] थोड़ा सा ये ड्रॉप हो जाता है। आई होप आपने

[02:23:15] कुछ मिस तो नहीं किया होगा। ठीक है पलक?

[02:23:19] कुछ मिस तो नहीं किया आपने?

[02:23:22] कुछ मिस तो नहीं किया?

[02:23:25] [नाक से की जाने वाली आवाज़] ठीक है?

[02:23:26] इसमें मैंने आपको यह बताया था कि बंगाल

[02:23:28] में एनुअली ₹3000 की पेमेंट के बदले यह

[02:23:30] अपना फ्री ट्रेड कर सकते हैं कि उसके

[02:23:32] अलावा कोई टैक्स देने की जरूरत नहीं है।

[02:23:34] और टैक्स ले मतलब चुंगी पे तो किसी को

[02:23:36] क्या पता कि ईस्ट इंडिया कंपनी का सामान

[02:23:38] है कि किसी और का सामान है तो वहां पर ना

[02:23:40] एक परमिट दिखाना पड़ता है जिसको दस्तक

[02:23:42] कहते हैं। ठीक है? यह ट्रेड परमिट होता

[02:23:44] था। तो कंपनी ने ना किसी तरह से

[02:23:46] चाटुकारिता करके एक

[02:23:50] हां जी।

[02:23:53] थ्री के 3000

[02:23:56] ठीक है? 3000 की एनुअल पेमेंट 3000 की

[02:23:59] एनुअल पेमेंट नॉट 33000

[02:24:02] ठीक है। तो यह चाटूकारिता करके इन्होंने

[02:24:05] ना किसी तरह एक यह भी काम करवा लिया।

[02:24:10] वॉइस आ तो रही है यार।

[02:24:13] वॉइस आ रही है।

[02:24:19] हां जी एवरीवन वॉइस इज ओके। राइट? हां जी।

[02:24:22] एक बार जरा मुझे कन्फर्मेशन दे दो। इज

[02:24:23] वॉइस ओके? माइक चेक इज वॉइस ओके इज वॉइस

[02:24:27] ओके

[02:24:30] इज वॉइस ओके एवरीवन

[02:24:33] ठीक है सब कुछ ओके है तो इन्होंने ना ये

[02:24:35] दस्तक भी प्रिंट करवाने की

[02:24:37] रिस्पांसिबिलिटी क्या कहा कि हमें ही दे

[02:24:39] दो हम ही इसको यूज़ कर लेंगे मिल गई और

[02:24:41] इसका मिसयूज़ इनके ऑफिशियल्स ने किया सबसे

[02:24:43] ज्यादा अब आइडियली चार्टर क्वीन के चार्टर

[02:24:47] में ईस्ट ऑफ केप ऑफ गुड होप के साथ ट्रेड

[02:24:50] करने की मोनोपोली किसको थी ईस्ट इंडिया

[02:24:52] कंपनी को अगर अगर ईस्ट इंडिया कंपनी के

[02:24:55] अफसर उस को कंडक्ट करना शुरू कर देते हैं

[02:24:58] तो ये आइडली उस मोनोपोली का उल्लंघन है।

[02:25:00] वो प्राइवेट ट्रेड कर नहीं सकते बट दे आर

[02:25:03] डूइंग प्राइवेट ट्रेड और कई बार तो कंपनी

[02:25:06] को नुकसान हो रहा है लेकिन यह अपना

[02:25:07] प्राइवेट ट्रेड करते जा रहे हैं। और यह जो

[02:25:09] दस्तक की परमिशन थी यह कंपनी को मिली थी

[02:25:12] इन मुंडों को नहीं मुंडे कौन? ईस्ट इंडिया

[02:25:15] कंपनी के अफसर। तो इसका बहुत मिसयूज होना

[02:25:17] शुरू हो गया जो भारत का भी नुकसान कर रहा

[02:25:20] है क्योंकि वी आर लूजिंग रेवेन्यू और

[02:25:23] ब्रिटिश का भी नुकसान कर रहा है बिकॉज़

[02:25:25] ईस्ट इंडिया कंपनी व्हिच इज़ सपोज्ड टू हैव

[02:25:27] मोनोपोली कंडक्ट ट्रेड मिंट मनी एंड पे

[02:25:30] टैक्स इन इंग्लैंड वो पैसा नहीं कमा रही

[02:25:33] इनके अफसर कमा रहे हैं। ठीक है? तो ये

[02:25:35] शुरुआत हो गई कंपनी के इंटरनल करप्शन की।

[02:25:38] ठीक है? इसी के साथ-साथक के आसपास और लैंड

[02:25:42] रेंट करने की परमिशन इनको मिल गई इन ऑर्डर

[02:25:44] टू कंस्ट्रक्ट रोड्स सो दैट दे कैन कैरी

[02:25:47] देयर ट्रेड एफिशिएंटली। ठीक है? तो आसपास

[02:25:50] का लैंड इन्होंने रेंट करना शुरू कर दिया।

[02:25:52] हैदराबाद और मद्रास के अंदर इनको सिर्फ

[02:25:56] रेंट पे करना है अपनी इस्टैब्लिशमेंट के

[02:25:59] लिए और टैक्स पे करने की जरूरत नहीं है।

[02:26:02] और जहां तक सूरत की बात है वहां पर ट्रेड

[02:26:05] करने के लिए आपको एनुअली सिर्फ ₹10,000

[02:26:07] देने हैं। इनका ट्रेड इससे कहीं ज्यादा

[02:26:10] होता था। तो इतने सारे कंसेशंस के चलते

[02:26:13] कंपनी के लिए अब रास्ता खुल गया है। टू डू

[02:26:15] हाई करप्शन। ऑफ इनके ऑफिसरों के लिए

[02:26:18] रास्ता बेसिकली खुल गया है और कंपनी को भी

[02:26:20] इतने सारे कंसेशंस मिल गए कि इसमें भारत

[02:26:22] का अच्छा खासा अब नुकसान होना स्टार्ट हो

[02:26:25] जाएगा। ठीक है? भारत का इसमें अच्छा खासा

[02:26:29] एक नुकसान होना स्टार्ट हो गया है। तो ये

[02:26:31] अब ईस्ट इंडिया कंपनी इस तरीके से आई। तीन

[02:26:34] प्रेसिडेंसी टाउनंस में इस तरीके से इसने

[02:26:36] एक्सपेंड किया और कमर्शियली जहां तक बात

[02:26:39] है यह मैग्नाका इनकी कमर्शियल डोमिनेंस

[02:26:42] में एक बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है।

[02:26:43] ऑब्वियसली इस तरह का कंसेशन जिस भी

[02:26:46] यूरोपियन एंटिटी को मिलेगा बाकी यूरोपियन

[02:26:48] एंटिटी के मुकाबले में बहुत डोमिनेट करना

[02:26:50] शुरू कर देंगे। सो दिस इज़ अबाउट इंग्लिश।

[02:26:52] अब हम डेंस और फ्रांस को देखेंगे और उसके

[02:26:55] बाद कंपनी की पॉलिटिकल डोमिनेंस किस तरह

[02:26:57] से अनफॉल करती है उसको हम समझेंगे। ठीक

[02:27:01] है? उसको एक बार हम अच्छे से देखेंगे। तो

[02:27:05] यह एक तरीके से कंपनी की प्रेजेंस है।

[02:27:08] डेंस की जहां तक बात है तो यार इनको ना यह

[02:27:11] कब आए कब गए पता ही नहीं लगा। और यह इतनी

[02:27:13] कोई खास सिग्निफिकेंट पावर है भी नहीं।

[02:27:16] सही बताऊं तो ठीक है? दे आर नॉट एट ऑल अ

[02:27:20] दे आर नॉट दैट सिग्निफिकेंट। मतलब आउट ऑफ

[02:27:22] ऑल यूरोपियन पावर्स अगर कोई एक छोड़ के

[02:27:25] जाना चाहते हो आप डेंस को छोड़ सकते हो।

[02:27:27] पर फिर भी मैं सजेस्ट करूंगा कि यार वक्त

[02:27:30] का कुछ पता नहीं होता। तो कभी-कभी

[02:27:32] क्वेश्चन आना हो तो पता लगे यहीं से आ

[02:27:34] गया। ठीक है? तो एटलीस्ट इतने फैक्ट्स जो

[02:27:36] आपको स्क्रीन पर मैंने दिए हैं इनको

[02:27:38] एटलीस्ट पढ़ लेना आप। ठीक है? एटलीस्ट

[02:27:41] इनको आप स्टडी कर लीजिएगा। ठीक है? इनको

[02:27:45] आप स्टडी कर लीजिएगा। राइट? तो डेनिश ईस्ट

[02:27:49] इंडिया कंपनी

[02:27:51] ब्रेक यार अभी तो 12:30 भी नहीं हुए।

[02:27:54] 12:28 हैं अभी यार ऐसे ना करो यार मेरे को

[02:27:58] देखो यार यह और यह दो स्लाइड्स मुझे

[02:28:02] कंप्लीट करने दो फिर एक ब्रेक ले लेंगे वो

[02:28:04] भी 510 मिनट की ठीक है ब्रेक जो लंच वाली

[02:28:07] ब्रेक है यार वो 2 आप लोग 12:30 कौन करता

[02:28:10] है लंच 12:30 लंच कौन करता है 12:30 तो

[02:28:12] मेरा ब्रेकफास्ट होता है इंडियन एक्सप्रेस

[02:28:14] की क्लास लेने के बाद

[02:28:17] यार दो मिनट बस दो मिनट ये दो स्लाइड्स

[02:28:21] करते हैं उसके बाद 5 मिनट की एक ब्रेक ले

[02:28:23] लेते ठीक है? ओनली टू स्लाइड्स ओनली ओनली

[02:28:25] टू स्लाइड्स अब देख लो फटाफट करते हैं

[02:28:28] इनको ना इन्हें फटाफट करते हैं यार ये

[02:28:30] डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी थी ना डेनमार्क

[02:28:32] की कंपनी थी इनका राजा था क्रिश्चियन

[02:28:34] फोर्थ ठीक है क्रिश्चियन फोर्थ इनका राजा

[02:28:37] था 4 * 4 16 ठीक है तो मतलब मैंने 1616

[02:28:42] ठीक है ये याद रखने का तरीका है 4² 16 तो

[02:28:44] 1616 में ये क्रिश्चियन चार ने क्या किया

[02:28:47] डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी को पेटनाइज किया

[02:28:49] ठीक है ईस्ट इंडिया कंपनी इनकी बन गई

[02:28:51] क्यों ही बनी राइट राइट नोबडी नोज़ बट अब

[02:28:54] बन गई है तो चलो ट्रेड करते हैं। तो 1620

[02:28:57] में 1620 में ओविक जेडी ने इनके एक अरमाडा

[02:29:02] को लीड करते हुए ये भारत आ गए। भारत में

[02:29:04] कहां आए? ट्रैंक्यूबार में। ठीक है? तरंगम

[02:29:07] भाड़ी बोला नहीं जाता था। तो ट्रैंक्यूबार

[02:29:08] ये बोलते हैं। तो ट्रैंक्यूबार में

[02:29:10] तमिलनाडु के तंजोर में आ गए ये। ठीक है?

[02:29:13] और वहीं पर इन्होंने एक ट्रेडिंग आउटपोस्ट

[02:29:14] अपनी बना ली। राइट? उसके बाद ग्रेजुअली

[02:29:19] साउथ आए ये साउथ में बट बंगाल में भी

[02:29:21] एक्सपेंड कर लिया। बंगाल में इन्होंने

[02:29:23] एक्सपेंड किया इन 1755 बाय क्रिएटिंग अ

[02:29:26] कॉलोनी देयर कॉल्ड ऐज़ फ़्रेडरिक नगर। ठीक

[02:29:30] है? फ्रेडरिक नगर कहां पे? बंगाल के

[02:29:32] श्रीरामपुर के पास। वहां पर फ्रेडरिक नगर

[02:29:34] नाम की इन्होंने क्या बना ली? एक कॉलोनी

[02:29:36] बना ली। राइट? अब 1600 1620 में आए। 1755

[02:29:42] में अभी शौक चढ़ा ही था कॉलोनियलिज्म का कि

[02:29:45] 1777 में ये कंपनी का दिवाला निकल गया। तो

[02:29:49] ट्रैंक्यूबार में तो कुछ खास था नहीं

[02:29:51] इनका। इन्होंने फिर फ्रेडरिक नगर में इनका

[02:29:53] ज्यादा एक्सपेंशन हो गई थी। तो फ्रेडरिक

[02:29:55] नगर का सारा का सारा इलाका इन्होंने डेनिश

[02:29:58] क्राउन को ट्रांसफर कर दिया। राइट? डेनिश

[02:30:00] क्राउन भी आराम से मजे ले रहा है। 1777 से

[02:30:03] लेकर 1845 तक इसको भी पता नहीं लगा कि

[02:30:06] मेरी एक कॉलोनी भारत में है और पड़ी हुई

[02:30:09] है बस ऐसे ही। फिर उसको लगा कि यार बहुत

[02:30:11] दूर है कौन ऐसे जाए इतनी गर्मी में वो भी

[02:30:13] बंगाल। तो फाइनली इसने क्या किया? 1845

[02:30:16] में एक ट्रीटी साइन की ब्रिटिश के साथ और

[02:30:18] अपनी वह टेरिटरी अंग्रेजों को दे दी और

[02:30:20] लगभग 230 साल की जो इनकी प्रेजेंस है

[02:30:23] फ्रॉम 1620

[02:30:25] टिल 1845 कितने साल हो गए ये 200 इयर्स इज़

[02:30:30] 1820 एंड 25 मोर इयर्स तो 225 इयर्स यस

[02:30:34] 225 टू 230 इयर्स एप्रोक्सिममेटली 230 टू

[02:30:37] बी प्रिसाइज़ 225 तो 225 साल का इनका जो एक

[02:30:40] इन्फ्लुएंस था भारत में वो खत्म हो गया

[02:30:42] ठीक है तो लीस्ट सिग्निफिकेंट पावर ठीक

[02:30:44] है? कलंक हैं। यूरोपियन कलंक हैं ये।

[02:30:46] राइट? होता नहीं निकम्मा बच्चा। पांच

[02:30:48] बच्चे थे यूरोप के। सबसे निक्मा ये डेंस

[02:30:51] थे। राइट? इसके बाद आते हैं फ्रांस। ठीक

[02:30:53] है? अब फ्रांस इज़ अ वेरी टिपिकल एग्जांपल

[02:30:56] ऑफ कि खोटा सिक्का चल गया। ठीक है? फ्रांस

[02:31:00] इज़ अ वेरी टिपिकल एग्जांपल ऑफ खोटा सिक्का

[02:31:02] चल गया। और यार वो 3000 ही है यार। 30000

[02:31:05] नहीं है। वो जो आप

[02:31:08] बंगाल का बोल रहे हो। इट इज़ 3000 ओनली।

[02:31:11] ठीक है? 30000 नहीं है वो आगे चलकर वो

[02:31:13] बक्सर प्लासी को मिक्स मत करो वो अलग है

[02:31:16] यह अलग है ठीक है फरमान में 3000 ही है

[02:31:20] चलो फ्रांस है खोटा सिक्का तो इसमें क्या

[02:31:22] है इट वाज़ द लास्ट यूरोपियन पावर टू सेट

[02:31:24] फुट इन इंडिया ठीक है इनको होश आया 1664

[02:31:28] में 1664 में ना फ्रांस में लुई 14थ वाज़

[02:31:31] दी किंग और इनके फाइनेंस मिनिस्टर थे

[02:31:34] कोलबर्ट ठीक है जीन बेप्टाइज कोलबर्ट करके

[02:31:37] इनका नाम था जस्ट रिमेंबर कोलबर्ट ठीक है

[02:31:39] इट इज़ ईजी टू रिमेंबर तो इन्हें लगा कि

[02:31:41] यार नहीं हमें ट्रेड करना है। अगर इंग्लिश

[02:31:43] ज्यादा सक्सेसफुली ट्रेड करना शुरू हो गए

[02:31:45] तो वो यूरोप के अंदर भी अमीर हो जाएंगे।

[02:31:47] हमें डोमिनेट हमें धोंस दिखाएंगे। तो उनको

[02:31:49] काउंटर करना है। तो इन्होंने बनाई कंपने

[02:31:52] दे इंद ओरियंताले। ठीक है? व्हिच

[02:31:54] ट्रांसलेट्स टू फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी।

[02:31:56] राइट? और इसको भी चार्टर और लाइसेंस दे

[02:31:59] दिया कि ईस्ट के साथ तू भी जाके ट्रेड कर।

[02:32:01] भारत में इनका एक अफसर बना फ्रांसिस कैरोन

[02:32:05] और फ्रांसिस कैरोन को कहा भारत जाके ट्रेड

[02:32:07] करना शुरू कर दो। ये आए 1668 में कंपनी

[02:32:10] बनने के 4 साल बाद और सूरत में इन्होंने

[02:32:13] अपनी फैक्ट्री भी इस्टैब्लिश कर ली। 1667

[02:32:15] में ये भारत में आए और अगले साल सूरत में

[02:32:18] इनकी फैक्ट्री बन गई। ठीक है? सो कैरोन

[02:32:20] केम टू इंडिया इन 1667 एंड एस्टैब्लिश्ड

[02:32:23] फैक्ट्री इन 1668।

[02:32:25] राइट? अगली फैक्ट्री इन्होंने मसूलीपट्टनम

[02:32:28] में बना ली इन 1669।

[02:32:32] और उसके बाद उसके बाद फ्रांस की इंडिया

[02:32:36] में जो कैपिटल बनेगा वो बनेगी पोंडीचेरी।

[02:32:39] राइट? पोंडीचेरी के इतिहास के बारे में

[02:32:41] बताने से पहले मैं आपको बताना चाहूंगा कि

[02:32:43] पोंडीचेरी 1674 में देखो 1664 में कंपनी

[02:32:48] बनी। 1667 में ये लोग आए। 1668 में सूरत

[02:32:52] 169

[02:32:54] में मसूलीपट्टनम। एंड देन उसके 5 साल 1674

[02:32:58] में 1674 में पोंडीचेरी इन्होंने ली। ठीक

[02:33:02] है? तो फ्रांसिस कैरोन वाज़ रिप्लेस्ड बाय

[02:33:06] फ्रैंकवाय मार्टिन। फ्रैंकवाय मार्टिन नाम

[02:33:09] के अफसर ने। ठीक है? फ्रैंकवाय

[02:33:12] मार्टिन नाम के ऑफिसर ने क्या किया? इसने

[02:33:16] कहा कि यहां से पोंडीचेरी लेते हैं। तो एक

[02:33:18] गांव था। ठीक है? इस गांव को पोंडीचेरी की

[02:33:20] तरह इन्होंने स्थापित कर दिया। और यह जो

[02:33:23] एरिया था यह एरिया बीजापुर डायनेस्टी के

[02:33:27] पास था। ठीक है? और उनका एक गवर्नर था

[02:33:29] वलीकोंडापुरम में। ठीक है? वलीकोंडापुरम

[02:33:33] नाम की जगह थी। विकोंाडापुरम का गवर्नर था

[02:33:35] शेर खान लोदी। ठीक है? तो वलीकोंडापुरम के

[02:33:38] गवर्नर शेर खान लोदी से फ्रेंकवाय मार्टिन

[02:33:41] ने पोंडीचेरी लिया जो 1701 में फ्रेंच

[02:33:44] कैपिटल बन गया। ठीक है? 1674 में इन्होंने

[02:33:48] लिया लेकिन फ्रेंच कैपिटल ये 1701 में

[02:33:51] जाके बना। राइट?

[02:33:54] इसके बादक

[02:33:58] में भी इन्होंने एक साइट

[02:34:01] बंगाल के रूलर से प्राप्त की। राइट? बंगाल

[02:34:06] के रूलर से इन्होंनेक

[02:34:09] में भी 1672 में 74 के आसपास इन्होंने

[02:34:12] बंगाल के रूलर से प्राप्त की। और इसको

[02:34:15] इन्होंने बनाया चंद्रनगर। ठीक है? बंगाल

[02:34:18] में जो फ्रेंच प्रेजेंस थी, दिस वाज़ कॉल्ड

[02:34:20] एज चंद्र नागौर। ठीक है? और शस्ता खान वास

[02:34:24] द गवर्नर ऑफ बंगाल एट दैट टाइम। ठीक है?

[02:34:28] यह जो 1670 का दौर है जब इनको चंद्रनगर

[02:34:31] मिला तो शस्ता खान जो था वो बंगाल का क्या

[02:34:34] था? सूबेदार था। ये वही शस्ता खान है

[02:34:36] जिसका शिवाजी के साथ कंफ्रंटेशन हुई थी।

[02:34:37] बेेज्जती करवाई थी इसने। ठीक है? तो उसने

[02:34:40] चंद्रनगर इनको दे दिया। तो अब बिल्कुल

[02:34:42] ब्रिटिश के पैरेलल में इन्होंने अपनी

[02:34:44] इस्टैब्लिशमेंट बनानी शुरू कर दी है। ठीक

[02:34:46] है? मसूलीपट्टनम सूरत में तो है ही है।

[02:34:48] ठीक है? उनकाक है। इनका चंद्रनगर है। ठीक

[02:34:51] है? ब्रिटिश का मद्रास है तो इनका

[02:34:53] पोंडीचेरी है। राइट? और यह इनके साथ यह सब

[02:34:57] काम चल रहा है। पोंडीचेरी का इतिहास ऐसा

[02:34:59] है कि पोंडीचेरी अभी फ्रांस का कैपिटल

[02:35:03] नहीं बना था। वो 1701 में बना था। बट

[02:35:04] पोंडीचेरी था तो फ्रांस का। डच और फ्रांस

[02:35:07] की ना यूरोप में एक लड़ाई होती है। उस

[02:35:10] लड़ाई का असर भारत में भी होता है। जहां

[02:35:12] पर डच इवन दो लिमिटेड वो अटैक कर देते हैं

[02:35:15] पोंडीचेरी पे और पोंडीचेरी को एनेक्स कर

[02:35:17] लेते हैं। तो थोड़ी देर के लिए पोंडीचेरी

[02:35:21] फ्रांस के हाथ से निकल कर डच के हाथ में

[02:35:24] चला गया। ठीक है? कॉर्निलिया सूटमैन वाला

[02:35:26] वो डच के हाथ में चला गया। आगे चलकर जब

[02:35:29] यूरोप की लड़ाई की संधि होती है थ्रू

[02:35:31] ट्रीटी ऑफ़ रेजव्विक। यह कब साइन की थी?

[02:35:34] 1697 में। देखिए ट्रीटी ऑफ रेजविक ने

[02:35:37] यूरोप में डच और फ्रांस की लड़ाई को जब

[02:35:39] शांत किया तो पोंडीचेरी भी भारत में

[02:35:42] फ्रांस को वापस मिल गया। ठीक है? तो ये एक

[02:35:45] तरीके से क्या है? फ्रांस की प्रेजेंस है

[02:35:47] भारत में। 1664

[02:35:50] कंपनी बनी 1667

[02:35:52] फ्रांसिस कैरन भारत में पधारे। 1668 सूरत

[02:35:55] की फैक्ट्री 1669। मसूलीपट्टनम की

[02:35:59] फैक्ट्री 16

[02:36:01] 72 में फ्रैंकॉय मार्टिन बिकम्स द गवर्नर

[02:36:05] इन ऑफ फ्रेंच कंपनी इन इंडिया 1674 में

[02:36:08] पोंडीचेरी मिला इनको ठीक है मार्टिन को

[02:36:10] मिला शेर खान लोदी से मिला शेर खान लोदी

[02:36:12] वलीकोंडापुरम का गवर्नर था ठीक है उसके

[02:36:15] बाद आगे चलकेक

[02:36:18] के जो रूलक के पास चंद्रनगर ठीक है बंगाल

[02:36:21] में शस्ता खान वाज़ द गवर्नर उन्होंने उसको

[02:36:23] चंद्रनगर दे दिया बीच में 1693 में डच ने

[02:36:26] टेरिटरी स्नैच की 1697 में वापस कर दी

[02:36:29] ट्रीटी ऑफ़ रेजोक साइन करके। एंड दैट इज़

[02:36:31] हाउ फ्रेंच इट स्टार्टेड टू एक्सपेंड

[02:36:33] रैपिडली। ठीक है? तो अब हम एक 5 मिनट की

[02:36:37] लेते हैं शॉर्ट ब्रेक। ठीक है? आपको

[02:36:38] वाशरूम जाना है, थोड़ा सा पानी पीना है,

[02:36:41] कुछ खाना पीना है तो 5 मिनट की ब्रेक लेते

[02:36:43] हैं। ठीक है? किस-किस के पास 12 में

[02:36:46] आर्ट्स थी?

[02:36:50] बताओ [नाक से की जाने वाली आवाज़] भाई

[02:36:51] सारे दिन पूछ रहे हैं। आपके फ्रेंड पूछ

[02:36:52] रहे हैं कुछ। ठीक है। आलोक शर्मा हिटमैन

[02:36:55] हिटमैन पूछ रहे हैं। किस-किस के पास 12th

[02:36:57] में आर्ट्स थी?

[02:37:00] पुडुचेरी तो डच का था। नहीं नहीं पुडुचेरी

[02:37:03] डच का नहीं था।

[02:37:05] पोंडीचेरी बोल लो पहले तो ठीक है? क्योंकि

[02:37:07] पुुडुचेरी अब उसका नाम है। उस टाइम पर जो

[02:37:09] उसको कहा जाता था अपने मेंस आंसर में वही

[02:37:11] लिखेंगे आप। ठीक है? कोलकाता कोलकाता मत

[02:37:14] लिख देना। मेंस के आंसर में लिखिएगा और

[02:37:16] बॉम्बे लिखिएगा। ठीक है? पोंडीचेरी जो था

[02:37:19] ना पोंडीचेरी का। अच्छा पोंडीचेरी का

[02:37:21] इतिहास जान लो सारे जने। देखो 1523 में जब

[02:37:24] फ्रांस अभी दूर-दूर तक इंडिया का रुख नहीं

[02:37:27] कर रहा। 1667 में आए थे। 1523 में ना

[02:37:30] पुर्तगालियों ने पोंडीचेरी को क्या कर

[02:37:33] लिया? पुर्तगालियों ने पोंडीचेरी को लोकल

[02:37:36] रूलर्स से एनेक्स कर लिया था। ठीक है? अब

[02:37:40] जब ये बीजापुर सल्तनत के पास का इलाका था।

[02:37:43] तो पहले पुर्तगालियों ने 1523 में

[02:37:45] पोंडीचेरी को अपने हिस्से ले आए। ये

[02:37:48] बीजापुर सल्तनत को यह बात पसंद नहीं आई।

[02:37:51] तो 1550 के आसपास इन्होंने पुर्तगालियों

[02:37:54] को खदेड़ दिया। यहां से एग्जैक्ट डेट

[02:37:56] हिस्टोरियंस को भी नहीं पता। पर इतना पता

[02:37:58] है कि 1523 में इन्होंने ये जीत लिया था

[02:38:00] पोंडीचेरी। 1550 आते-आते बीजापुर सल्तनत

[02:38:03] ने इनको बाहर खदेड़ दिया। उसके बाद 1673

[02:38:07] में 1673 में वलीकोंडापुरम के जो गवर्नर

[02:38:12] थे शेर खान लोदी यह बीजापुर के रूलर को

[02:38:15] रिप्रेजेंट कर रहे थे। इनसे इन्होंने

[02:38:17] परमिशन लेकर फ्रांस ने ठीक है? फ्रांस से

[02:38:20] परमिशन लेके ट्रेडिंग पोस्ट बनाई। ठीक है?

[02:38:23] और उसके बाद 1674 एक साल बाद फॉर्मली

[02:38:27] पडीचेरी इनका हो गया। बीच में 1693 में

[02:38:30] इनके हाथ से निकल कर डच के पास चला गया।

[02:38:33] उसके बाद हम देखेंगे कि थर्ड कार्नेटिक

[02:38:38] वॉर के समय पर अराउंड इन अ

[02:38:43] 1763 में 1763 में वंडी वॉश की लड़ाई होती

[02:38:48] है। नोट कर लो। मैं आपको बताऊंगा कर्नेटिक

[02:38:50] वॉरश में 1763 में वंडीवॉश की लड़ाई होती

[02:38:52] है जिसमें फ्रांस ब्रिटिश से हार जाता है

[02:38:56] और हारने के बाद ब्रिटिश फ्रांस का

[02:38:58] पोंडीचेरी तक पीछा करते हैं और पोंडीचेरी

[02:39:00] जीत लेते हैं। ठीक है? तो इंग्लिश के पास

[02:39:03] भी चला जाता है वो। उसके बाद पीस ऑफ पेरिस

[02:39:05] ट्रीटी जब साइन होती है तो इंग्लिश फिर

[02:39:07] फ्रांस को रिटर्न कर देता है पोंडीचेरी और

[02:39:10] इसकी जो टेरिटरी नॉर्थ अमेरिका में फ्रांस

[02:39:12] ने ले ली थी वो उसको वापस मिल जाती है। तो

[02:39:14] देखो पांच यूरोपियन पावर्स आई हमारे। ठीक

[02:39:17] है? पांच यूरोपियन पावर्स पुर्तगालियों के

[02:39:20] पास पोंडीचेरी आया। ठीक है? पुर्तगालियों

[02:39:23] के पास पोंडीचेरी आया। उसके बाद पोंडीचेरी

[02:39:26] फ्रांस के पास चला गया। फ्रांस के पास

[02:39:29] जाने के बाद इसको डच ने भी क्या किया?

[02:39:33] एनेक्स किया। 1693 में। डच ने एनेक्स करने

[02:39:37] के बाद इसको इंग्लिश ने भी क्या कर लिया?

[02:39:40] थर्ड कनेटिक वॉर के टाइम पे एनेक्स कर

[02:39:41] लिया। यह जो एक बच गया, यह कौन था? यह था

[02:39:45] डेंस।

[02:39:47] सिर्फ डेन को छोड़ के पडीचेरी हैज

[02:39:50] एक्सचेंज्ड हैंड्स विद नियरली एव्री

[02:39:52] यूरोपियन पावर दैट केम टू इंडिया। यह भी

[02:39:54] एक क्वेश्चन बन जाता है कई बार। हमारे

[02:39:56] टाइम पे हम करते थे इसको तैयार। टेस्ट

[02:39:57] सीरीज में ये आया करता था। ठीक है? अभी

[02:39:59] दोबारा भी आ सकता है। हां जी क्लियर है

[02:40:02] ये? एवरीवन। दैट इज़ व्हाई आउट ऑफ ऑल द

[02:40:05] फाइव पावर्स दैट केम टू इंडिया। डेंस को

[02:40:07] इसलिए सबसे निकम्मा माना जाता है कि

[02:40:09] पोंडीचेरी तक नहीं इनके पल्ले पाया। ठीक

[02:40:12] है? तो इसको नोट करके रख लो। बुरे वक्त

[02:40:14] में इनेशन काम आ सकती है। तो अब

[02:40:19] देखो है ना क्या ही ब्रेक लें यार

[02:40:22] बातोंबातों में हमने देखो एक और स्लाइड कर

[02:40:24] ली। ठीक है? तो ये जिसका डाउट था शर्मा

[02:40:27] साहब ये हो गया डाउट क्लियर। पोंडीचेरी

[02:40:31] डच का डच बीच में डच ने ले लिया था। 1674

[02:40:36] में यह बीजापुर सल्तनत का था।

[02:40:39] ठीक है।

[02:40:44] ठीक है जी हिमांशी पूछ लो यार डाउट अगर

[02:40:46] कुछ है

[02:40:50] ये स्लाइड मिल जानी है हो जाएगा आपको उससे

[02:40:52] याद हो जाएगा ठीक है

[02:40:56] ठीक है चलो लेट्स गो टू ब्रेक फॉर 5

[02:40:59] मिनट्स ठीक है वाशरूम वगैरह होओ पानी पूनी

[02:41:01] पी लो ठीक है आई विल ओपन अप माय जूस बाकी

[02:41:06] आप सबको रेकमेंड करूंगा यार हेल्दी

[02:41:08] ड्रिंक्स लिया करो हेल्दी खाना खाया करो

[02:41:10] ये चिप्स कोल्ड ड्रिंक जूस उनके लिए हैं

[02:41:12] जिनका पेपर नहीं है। मैं ले सकता हूं। आप

[02:41:13] नहीं लोगे। ठीक है? आप वो मखाने खाओ, है

[02:41:16] ना? स्प्राउट्स खाओ, फ्रूट खाओ, पिंक गोवा

[02:41:19] आजकल चल रहा है। वो खाओ।

[02:41:25] है ना? मैराथॉन के बहाने घर पे ना वैसे

[02:41:28] मैं बताऊं मेरी फैमिली भी ना ये कंज्यूम

[02:41:30] करने नहीं देती मुझे। वैसे बट जब मैंने

[02:41:33] उन्हें कहा ना मेरी लगातार 10 घंटे क्लास

[02:41:36] है तो सारे जनों ना मतलब आई आई एम रियली

[02:41:40] थैंकफुल टू स्टडी आईक्यू है ना 10-10 घंटे

[02:41:42] ऐसे काम करवाने से घर में इज्जत बढ़ जाती

[02:41:46] है ठीक है तो वो कहते हैं जा चंदन जा जी

[02:41:48] ले अपनी जिंदगी

[02:41:51] ठीक है तो 5 मिनट ब्रेक ले लो यार

[02:41:57] अगर आप लोग मेरे सामने होते तो आई वुड हैव

[02:41:59] डेफिनेटली ऑफर्ड यू दिस

[02:42:11] हिमांशु आई विल चेक वंस अगेन बट मैंने जब

[02:42:15] रिचेक किया फोर्ट एंजडेव और भतकाल के

[02:42:20] कॉन्टेक्स्ट में अभी की इंफॉर्मेशन जो है

[02:42:24] वह वेरीिफाइड इनफेशन है। मैं फिर भी एक

[02:42:25] बार फिर से चेक कर लेता हूं।

[02:42:28] लेट मी चेक वंस अगेन।

[02:42:36] ठीक है। चलो लेट्स रिज्यूम एट इट्स 1245

[02:42:41] 1250 पे करते हैं रिज्यूम।

[02:49:56] लो हेलो माइक चेक माइक चेक रिज्यूम करें

[02:50:00] शैल वी रिज्यूम शैल वी रिज्यूम शैल वी

[02:50:03] रिज्यूम माइक चेक माइक चेक वन टू थ्री

[02:50:07] हां जी एवरीवन एक बार कमेंट सेक्शन में

[02:50:09] जरा मुझे कन्फर्मेशन दे दो इज दी ऑडियो

[02:50:11] क्लियर

[02:50:14] और एक बार मुझे यह भी बता

[02:50:16] लंच करने कब जाना चाहोगे? यार अभी तो मतलब

[02:50:19] एक भी नहीं बजा यार। मुझे लगता है कि हम

[02:50:22] 2:30 बजे लंच कर सकते हैं और 3:00 बजे हम

[02:50:25] रिज्यूम कर सकते हैं। और बहुत से बच्चों

[02:50:27] के साथ तो पेड क्लास आज मेरे मेरी ही है।

[02:50:31] है ना?

[02:50:33] अ लॉट ऑफ यू आर हैविंग पेड क्लास विथ मी

[02:50:35] एट 6:00 p.m. तो आज पेड क्लास नहीं है। आज

[02:50:38] एथे ही एे सारा काम करके जावांगे आपा। ठीक

[02:50:41] है हिमांशी थैंक यू सो मच फॉर आस्किंग दैट

[02:50:45] डाउट। ठीक है? सो दिस हैज़ गिवन मी एन

[02:50:47] ओपोरर्चुनिटी कि आपका वो डाउट क्लियर कर

[02:50:50] दें। ठीक है? सो [गला साफ़ करने की आवाज़]

[02:50:52] अ वेरी डियर स्टूडेंट हिमांशी हैज़ रेज़्ड अ

[02:50:55] डाउट। फोर्ट भद्काल के बारे में पूछा था

[02:50:57] आपने। ठीक है? हम

[02:51:00] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[02:51:01] तो हिमांशी ने एक डाउट रेज किया है जिससे

[02:51:05] कि क्लेरिटी देने का मुझे एक मिला है

[02:51:08] मौका। तो यार एवरीवन काइंडली नोट वन

[02:51:11] करेक्शन। यहां पर ना वीर नरसिम्हा राय

[02:51:15] नहीं है। ठीक है? फोर्ट भतकाल जो है वह

[02:51:18] पूरी तरह से 1500 10 में ठीक है? 1510 में

[02:51:24] पोर्चुगीज़ के पास आया था। तो वीर नरसिम्हा

[02:51:26] राय के साथ नेगोशिएशंस का कुछ हिस्सा हुआ

[02:51:30] था। बट फाइनल जो पोर्चुगीज़ को मिला था इट

[02:51:33] वास गिवन बाय कृष्णदेव राया।

[02:51:38] ठीक है? यह नोट कर लो। मतलब इसमें एक

[02:51:41] एडिशन कर लो कृष्णदेव राया।

[02:51:44] और एक इंटरेस्टिंग चीज और बताता हूं।

[02:51:46] हिमांशी ने मेरे साथ एसआईपी की क्लास भी

[02:51:49] लगा रखी है। सो हिमांशी वहां हिमानी नहीं

[02:51:52] हिमांशी है। ओके। सो हिमांशी हमने ना

[02:51:55] एसआईपी की क्लास में जब फोर्ट एंजिडवा को

[02:51:58] किया था ना तो वहां पर मैं कई बार यह

[02:52:00] बताता हूं कि वहां पर वीर नरसिम्हा राय हु

[02:52:03] वाज़ द रूलर ऑफ विजयनगर एंपायर। ही अलाउड अ

[02:52:07] नॉन हॉस्टाइल एक्सेस टू अंजदीप आइलैंड एट

[02:52:10] दैट टाइम। ठीक है? तो यह भी एक एडिशन चाहो

[02:52:14] तो नोट कर सकते हो कि जब मैनुअल वन ने जब

[02:52:17] मैनुअल वन ने फ्रांसिस्को दी अल्मीडा को

[02:52:20] ऑर्डर्स दिए थे कि अंजदीप आइलैंड के ऊपर

[02:52:22] एक किला बनाओ। तो यह परमिशन उन्होंने

[02:52:28] वीर नरसिम्हा राया से एक्वायर की थी। और

[02:52:31] क्योंकि नॉन हॉस्टाइल एक्सेस था। ज्यादा

[02:52:33] कुछ इंपॉर्टेंट था भी नहीं। अंजदी पायलैंड

[02:52:35] तो उसने दे भी दी। बट जो यूसुफ आदिल शाह

[02:52:40] है यूसुफ आदिल शाह ऑफ बीजापुर ही

[02:52:44] कॉन्टेस्टेड दिस। वो कहता है कि ये ये वीर

[02:52:47] नरसिम्हा राय कौन होता है? क्योंकि इनकी

[02:52:49] आपस में लड़ाई चलती रहती थी अंजदी पायलट

[02:52:52] को लेकर। तो यूसुफ आदिल शाह ने कहा कि यह

[02:52:53] मेरी सुजरेनिटी है। यह मेरा इलाका है। यह

[02:52:56] वीर नरसिम्हा कौन होता है? यह परमिशन देने

[02:52:58] वाला। मुझसे परमिशन लो अगर लेनी भी है तो

[02:53:00] ये इतना चिढ़ गए थे कि इन्होंने इनको

[02:53:03] चैलेंज कर दिया और 156 में पोर्चुगीज़ हैड

[02:53:06] टू अबेंडन इट। राइट? तो परमिशन देने वाले

[02:53:09] वीर नरसिम्हाई थे। राइट? बट क्योंकि आदिल

[02:53:12] शाहज़ को पसंद नहीं आया तो दे हैड टू

[02:53:13] अबेंडन इट। एंड फाइनली 1682 में जाकर अंडर

[02:53:16] काउंट ऑफ एल वॉर इन लोगों को यह फोर्ट

[02:53:19] पूरी तरह से मिल गया। फोर्ट बतकाल में

[02:53:22] सारा कुछ सेम है। बस एक पॉइंट नोट कर लो।

[02:53:25] ये पूरी तरह से पुर्तगालियों का 1510 में

[02:53:27] हुआ था। तो जैसे लिखा भी हुआ है 1505 से

[02:53:30] 1509 वीर नरसिम्हा रूलर थे। 1510 में

[02:53:32] कृष्णदेव राय बन गए। तो कृष्णदेव राय ने

[02:53:36] ये दे दिया। ठीक है? इसको ऐड कर लेना आप।

[02:53:38] ठीक है? थैंक यू सो मच फॉर ब्रिंगिंग दिस

[02:53:40] टू माय नोटिस। तो इसकी वजह से कई बार क्या

[02:53:44] होता है कि फ्लो फ्लो में।

[02:53:46] ठीक है? कभी-कभी ऐसा हो जाता है। बट ठीक

[02:53:49] है? एक एडिशनल पॉइंट है वो नोट कर लेना।

[02:53:52] ठीक है? 1510 लगा लो। फोर्ट भदकाल के साथ

[02:53:54] 1510 लगा लो।

[02:53:58] ठीक है। ठीक है। डन। तो अच्छा लंच एक घंटे

[02:54:02] के लिए कर रहे हैं। नहीं यार आधा घंटा आई

[02:54:04] थिंक इज़ आधा घंटा इज इनफ। है ना? पर करते

[02:54:07] हैं। आई एम वेरी श्योर कि जिस तरीके से हम

[02:54:09] पढ़ रहे हैं ना आप लंच खुद ही भूल जाओगे।

[02:54:12] मुझे उम्मीद है बाकी देखते हैं। ठीक है?

[02:54:15] बाकी देखते हैं। ठीक है। सो ऑडियो इज

[02:54:18] क्लियर। वीडियो इज क्लियर। हेलो। हेलो

[02:54:21] हेलो हेलो ठीक है क्लियर है ठीक है चलो और

[02:54:26] एक और चीज यहां पर नोट कर लो बीजापुर का

[02:54:28] रूलर बुरे वक्त में अगर कभी पूछ लिया तो

[02:54:32] जब [नाक से की जाने वाली आवाज़] फ्रांस को

[02:54:33] पोंडीचेरी मिला था देने वाला कौन था

[02:54:37] वलीकोंडापुरम का गवर्नर शेर खान लोदी शेर

[02:54:40] खान लोदी रिप्रेजेंट किसको कर रहा था

[02:54:42] बीजापुर के रूलर को यह था सिकंदर आदिल शाह

[02:54:50] बट बट बिकॉज़ ही वाज़ माइनर एट दैट टाइम। तो

[02:54:54] इसलिए वलीकोंडापुरम के गवर्नर ने ये दिया

[02:54:57] था। सिकंदर आदिल शाह वाज़ द रूलर इन 1674।

[02:55:01] ठीक है? इस चीज को याद रखिएगा। और ये

[02:55:04] क्लियर है सारा। पोंडीचेरी एक्सचेंज्ड

[02:55:07] हैंड्स। किस तरीके से एक्सचेंज किए? आई

[02:55:09] थिंक ये भी क्लियर हो जाएगा। तो जब

[02:55:11] पोंडीचेरी पोंडीचेरी बन गया। अब 1674 में

[02:55:15] कैपिटल बन गया। 1697 तक फ्रांस काफी

[02:55:17] डोमिनेंट पावर बन गया। तो 1697 से लेकर

[02:55:21] 1739 तक फ्रांस ने दबादब एक्सपेंड किया और

[02:55:26] सेम चीज ब्रिटिश भी कर रहे हैं। 1700 तक

[02:55:29] उनका जो आखिरी प्रेसिडेंसी टाउन था दैट

[02:55:32] इजक

[02:55:34] 1700 तक वो भी डेवलप हो गया था और 1700

[02:55:36] में जो ईस्टर्न साइड की जितनी फैक्ट्रीज

[02:55:39] थी वोलक के अंडर प्लेस कर दी। तो लगभग

[02:55:41] सारा का सारा मतलब बढ़िया चल रहा है उनका

[02:55:43] काम। तो 1700 में अब वो पूरी तरह से और

[02:55:46] ऊपर से 1717 का फरमान मिल गया इनको

[02:55:49] अंग्रेजों को और ज्यादा एक्सपेंड कर रहे

[02:55:51] हैं और फ्रांस भी कम कोई पीछे नहीं है कम

[02:55:54] नहीं है। देखिए भले ही ब्रिटिश के पास वो

[02:55:57] रॉयल फरमान मिल गया हो चार्टर ये

[02:56:00] मैग्नाकाटा आ गया हो बट फ्रांस भी

[02:56:02] धीरे-धीरे अपने बेसिस बढ़ा रहा है।

[02:56:04] कहां-कहां पर इनके मेन बेसिस थे माहे में?

[02:56:08] ठीक है? आज की डेट में पोंडीचेरी का नक्शा

[02:56:10] ढूंढने की कोशिश करोगे ना तो पडीचेरी आपको

[02:56:12] यहां पे यहां पे यहां पे बनाकर दिखा देते

[02:56:14] हैं। 1 2 3 ठीक है? ये कंबाइंड तीन एरियाज

[02:56:18] को पोंडीचेरी बोल दिया जाता है। जब फ्रांस

[02:56:19] की कॉलोनीज़ होते थे ये तो ये माहे है। ये

[02:56:22] पोंडीचेरी है। ये कराइयकल है। और उसके बाद

[02:56:25] ओसा में बालासोर में भी दे हैड क्वाइट अ

[02:56:27] स्ट्रांग प्रेजेंस एंड सेम इन कासिम

[02:56:29] बाज़ार। ठीक है? दिस इज़ कासिम बाज़ार। राइट?

[02:56:32] तो आप देख सकते हो कि कासिम बाजार बालासोर

[02:56:35] के पासक है। अ पोंडीचेरी के थोड़ा सा

[02:56:38] नॉर्थ में मद्रास है। ठीक है? माहे के

[02:56:41] आसपास कैलीकट है। राइट? तो जहां-जहां पर

[02:56:44] ब्रिटिश की प्रेजेंस है बिल्कुल पास बगल

[02:56:46] में फ्रांस भी एक्सपेंड कर रहा है। और

[02:56:48] ब्रिटिश फ्रांस की यूरोप में भी नहीं बनती

[02:56:51] थी। ठीक है? मिडीवल टाइम्स में टिल

[02:56:53] नेपोलियंस वॉर। यूरोप में फ्रांस और

[02:56:56] ब्रिटेन की अक्सर लड़ाई होती थी। अक्सर

[02:56:59] यूरोप में कोई और ही लड़ रहा है। ये दोनों

[02:57:01] जाके घुस जाते थे और ऑोजिट कैंप्स जॉइ कर

[02:57:03] लेते थे। तो कॉन्सिक्वेंटली जब भारत में

[02:57:06] बिल्कुल एक दूसरे के पड़ोस में ये

[02:57:08] एक्सपैंड कर रहे हैं तो बहुत ही म्यूचुअल

[02:57:10] एप्रिहेंशन कि ये क्या कर रहा है? इसका

[02:57:12] घोड़ा मेरे से बढ़िया। इसका घोड़ा मेरे से

[02:57:14] ज्यादा सफेद मेरी भैंस को अंडा मतलब इस

[02:57:17] तरह की चीजें ये आपस में सोचना शुरू हो

[02:57:19] जाते थे। तो इसी के चलते क्या है कि अब जो

[02:57:23] ब्रिटिश कॉन्क्वेस्ट की कहानी है सी

[02:57:25] एडवेंट ऑफ यूरोपियंस इज़ डन। नाउ वी आर

[02:57:27] गोइंग टू अंडरस्टैंड द ब्रिटिश

[02:57:28] कॉन्क्वेस्ट ऑफ इंडिया। तो इसमें हम

[02:57:30] कर्नाटक, मैसूर, मराठा, अवध, सिंध, पंजाब

[02:57:34] एंड फ्रंटियर्स। ठीक है? इसको हमने देखते

[02:57:36] हैं। तो ब्रिटिश कॉन्क्वेस्ट ऑफ इंडिया की

[02:57:38] कहानी ना इसकी शुरुआत एंग्लो फ्रेंच

[02:57:41] राइवलरी से होती है। क्योंकि इनिशियली

[02:57:44] ब्रिटिश अभी एज सच एक्सपेंड नहीं कर रहा।

[02:57:47] लेकिन इनकी जो फ्रांस और ब्रिटिश की

[02:57:49] दुश्मनी है इससे इनकी एक ऐसी लड़ाई

[02:57:51] स्टार्ट होती है जिससे इन्हें रियलाइज

[02:57:54] होता है अंग्रेजों को कि अगर हमने भारत

[02:57:56] में और अपना वर्चस्व कायम करना है और

[02:57:58] ज्यादा मुनाफा कमाना है तो किसी ना किसी

[02:58:00] तरह की पॉलिटिकल पावर भी भारत में होनी

[02:58:03] चाहिए चाहे तो डायरेक्टली ले लो

[02:58:04] डायरेक्टली क्योंकि इट वुड बी टू

[02:58:06] प्रीमेच्योर तो इनडायरेक्टली अपना पिट्ठू

[02:58:08] बिठा के यहां पर काम करवा लो ठीक है पपेट

[02:58:11] रूलर बिठाकर हम अपना काम निकलवा लेंगे तो

[02:58:14] द वेरी फर्स्ट वॉर दैट दैट टेक्स प्लेस

[02:58:18] इट्स द एंग्लो कर्नेटिक वॉर। 1746 से लेकर

[02:58:21] 1763 तक ये चली थी। बहुत सी बुक्स में ना

[02:58:25] ये गलत दिया होता है। वो 1740 कह देते

[02:58:28] हैं। अब ये याद रखना कि जो कार्नेटिक

[02:58:30] वॉर्स हैं ना इनका प्रीक्स्ट इनका जो

[02:58:33] कॉन्टेक्स्ट है वो यूरोप की ऑस्ट्रियन वॉर

[02:58:36] ऑफ सक्सेशन है। ऑस्ट्रियन वॉर ऑफ़ सक्सेशन

[02:58:39] स्टार्ट हुई थी 1740 में। 16 दिसंबर 1740

[02:58:43] में। ठीक है? जब पुरुषिया ने ऑस्ट्रिया के

[02:58:46] ऊपर अटैक कर दिया था। तो ऑस्ट्रिया के

[02:58:49] अंदर काफी देर तक ये स्कर्मिशस चले थे।

[02:58:51] भारत में इसका असर 1746 में आया था। तो

[02:58:53] एंग्लो कर्नेटिक वॉर्स फॉर ऑल प्रैक्टिकल

[02:58:55] पर्पस इट स्टार्ट्स एट 1746 गोज़ ऑन टिल

[02:58:58] 1763 एज़ सिंपल एज दैट। तो अब जब यूरोप में

[02:59:03] भसड़ मचा इसका कॉन्टेक्स्ट थोड़ा सा आपको

[02:59:05] बताने के लिए। लेट मी ट्राई एंड एक्सप्लेन

[02:59:08] द कॉन्टेक्स्ट। तो बात है जब ऑस्ट्रिया

[02:59:15] यूरोप के अंदर जो हमारा ऑस्ट्रिया है, यह

[02:59:18] ना सिर्फ सुन लो। ठीक है? यह कहानी बड़ी

[02:59:21] प्यारी है। ऑस्ट्रिया वाज़ रूल्ड बाय अ

[02:59:24] रूलर कॉल्ड एज जोसेफ वन।

[02:59:28] ठीक है? जोसेफ वन की दो बेटियां थी।

[02:59:33] ठीक है? जोसेफ वन की टू डॉटर्स थी।

[02:59:38] और ऑस्ट्रिया का जो पॉलिटिकल लॉ था

[02:59:42] ऑस्ट्रिया के अंदर एक लॉ था दैट ओनली

[02:59:47] मेल आयर

[02:59:51] कुड

[02:59:53] असेंड

[02:59:55] दी थ्रोन

[02:59:59] तो इसकी वजह से जब जोसेफ वन की डेथ हो गई

[03:00:02] ही डाइड

[03:00:04] ठीक है जब जोसेफ वन की डेथ हो गई तो जोसफ

[03:00:08] वन का ब्रदर ठीक है जोसफ वन का ब्रदर क्या

[03:00:13] नाम था जोसफ वन के भाई का चार्ल्स दी

[03:00:15] सिक्स्थ जोसफ वन का भाई चार्ल्स दी

[03:00:17] सिक्स्थ यह ऑस्ट्रिया का रूलर बन गया अब

[03:00:21] चार्ल्स दी सिक्स्थ को उम्मीद थी कि मेरा

[03:00:22] तो लड़का हो जाएगा है ना ये तो बिना लड़के

[03:00:24] के चल बसे तो इनकी दो बेटियां हैं।

[03:00:27] चार्ल्स सिक्स्थ को बड़ी उम्मीद थी कि

[03:00:28] मेरा लड़का हो जाएगा। लेकिन चार्ल्स

[03:00:30] सिक्स्थ की भी क्या हुई? डॉटर हुई।

[03:00:35] राइट? और डॉटर का नाम

[03:00:39] तेरी टेरीिसा ठीक है

[03:00:42] मरिया

[03:00:45] टेरीिसा

[03:00:47] राइट ये है डॉटर जी का नाम अब चार्ल्स

[03:00:51] सिक्स्थ को लगा कि यार अगर मेरा भी लड़का

[03:00:54] ना हुआ तो मेरे बनने के बाद राज्य में

[03:00:57] अराजकता हो सकती है। सो चार्ल्स सिक्स्थ

[03:01:01] ने इस लॉ को क्या किया? चेंज किया। राइट

[03:01:05] लॉ को चेंज करके क्या कहा कि इवन फीमेल्स

[03:01:13] कैन असेंड दी थ्रोन।

[03:01:17] ठीक है? इस लॉ के चेंज को क्या कहा जाता

[03:01:20] था? प्रगमैटिक सेंशन।

[03:01:22] ठीक है? दिस चेंज ऑफ लॉ वाज़ कॉल्ड एज

[03:01:24] प्रगमैटिक सेंशन। ठीक है? कि अब राजा अगर

[03:01:28] मर जाता है और उसका बेटा नहीं है तो बेटी

[03:01:31] है वो भी सक्सीड कर सकती है अपने फादर को।

[03:01:34] अब यहां पर ना एक प्रॉब्लम आ जाती है।

[03:01:36] प्रॉब्लम यह आ जाती है कि अगर चार्ल्स

[03:01:38] सिक्स ने यह लॉब इंट्रोड्यूस कर दी है। अब

[03:01:40] जब तक तो वो है वो रूल करेगा। लेकिन इसके

[03:01:43] मरने के बाद आइडली तो जोसफ वन की लीनिएज

[03:01:46] चल रही है। और क्योंकि लड़कियां भी सक्सीड

[03:01:48] कर सकती हैं। तो जोसफ वन की बड़ी बेटी को

[03:01:50] गद्दी पर बैठना चाहिए। तो चार्ल्स सिक्स

[03:01:53] अब यह एश्योर करना चाहते थे कि मेरी ही

[03:01:56] बेटी राजगद्दी पर बैठे। तो इन्होंने ना इन

[03:01:59] दो अपनी भतीजियों की शादी बवेरिया

[03:02:05] और सैक्सोनी के शहजादों से कर दी। ठीक है?

[03:02:08] इनके नाम इतने इंपॉर्टेंट नहीं है। ये

[03:02:10] कहानी मैं आपको बस बता रहा हूं ऑस्ट्रियन

[03:02:12] वॉर ऑफ़ सक्सेशन की। बवेरिया और सैक्सनी।

[03:02:14] बवेरिया नाम ही बावरा जैसा है। ठीक है?

[03:02:16] बावड़ा कंट्री था ये एकदम। राइट? और

[03:02:19] सैक्सनी ये भी ये इससे भी ज्यादा बावड़ा

[03:02:22] था। तो बवेरिया जो था यह सैक्सनी इनकी आपस

[03:02:25] में बनती नहीं थी। तो चार्ल्स सिक्स्थ ने

[03:02:27] यह इसलिए किया ताकि इसके मरने के बाद अगर

[03:02:31] ऑस्ट्रिया की जो पार्लियामेंट है दैट इज

[03:02:33] डाइट वो अगर यह कोशिश करे भी कि जोसफ वन

[03:02:37] की किसी बेटी को राजगद्दी पर बिठाएं तो

[03:02:40] अगर बवेरिया यह करता है भवेिया की शहजादी

[03:02:43] के साथ ऐसा होता है तो सैक्सनी उसको

[03:02:44] काउंटर करेगा और सैक्सनी नहीं करेगा तो

[03:02:46] बवेरिया काउंटर करेगा तो यह जो गद्दी है

[03:02:49] यह मेरी बेटी थरीसा के पास रहेगी क्या यह

[03:02:52] बात समझ में आ गई आपको

[03:02:56] है ना? अपने पर आया तो लॉ ही बदल दिया। है

[03:02:58] ना? अब यह समझ में आ गया आपको? इसने मरिया

[03:03:01] थरीसा को इंश्योर करने के लिए कि यही मेरी

[03:03:03] बिटिया गद्दी पर बैठे। इसने इन दोनों की

[03:03:05] शादी कर दी और दुश्मन शत्रु राज्यों में

[03:03:09] जिनकी आपस में नहीं बनती। ठीक है? फाइनली

[03:03:13] फाइनली

[03:03:16] इसकी डेथ हो जाती है। ठीक है? अराउंड 1738

[03:03:20] के पास चार्ल्स सिक्स्थ की डेथ हो जाती

[03:03:22] है। राइट? 1740 में डेथ होती है चार्ल्स

[03:03:24] सिक्स्थ की ही डाइस इन 1740

[03:03:27] तो जब यह इसकी डेथ होती है मरिया थरीसा तो

[03:03:30] अभी बच्ची है बेयरली ये 13 साल की है

[03:03:33] मुश्किल से अराउंड 13 इयर्स की इसकी एज है

[03:03:36] तो अब क्या है जब इनकी डेथ हो जाती है

[03:03:40] जितने भी आसपास के देश हैं ऑस्ट्रिया जो

[03:03:44] थे ना यहां पर दिस वास एक्चुअली द

[03:03:47] लार्जेस्ट कंट्री इन यूरोप एट दैट टाइम

[03:03:50] ठीक है 1740 में

[03:03:52] लार्जेस्ट ऑफ ऑल एंपायर्स इन यूरोप। तो

[03:03:56] इतना बड़ा एंपायर

[03:03:59] उसमें छोटी सी बच्ची राज कर रही है तो

[03:04:01] सबकी गिद्ध की निगाह आ जाती है। तो इस सब

[03:04:04] में ना पुरुषिया को पड़ा था कि भाई अब

[03:04:06] बताऊंगा अब बताऊंगा। तो पुरुषिया ने मरिया

[03:04:09] थरीसा की एक टेरिटरी जिसका नाम था

[03:04:11] सिलेेशिया। सिलेेशिया वाज़ क्वाइट अ रिच

[03:04:14] प्रोविंस ऑफ ऑस्ट्रिया। नॉर्थ ईस्ट में यह

[03:04:18] किंगडम था। इनका इनका यह टेरिटरी का पार्ट

[03:04:20] था। तो सिलेशिया के ऊपर इसने 16 दिसंबर

[03:04:23] 1740 को अटैक करके सिलेेशिया पुरुष ने

[03:04:26] कैप्चर कर लिया और पुरुषिया के समर्थन में

[03:04:30] पुरुष ने ये किया तो पुरुष के समर्थन में

[03:04:32] फ्रांस भी आ गया। इसने कहा कि भाई इतना

[03:04:34] बड़ा एंपायर है अगर पुरुषिया जीत रहा है

[03:04:36] तो इसके सपोर्ट करते हैं ताकि जब मरिया

[03:04:39] थरीसा को गद्दी से उतारेंगे इस एंपायर को

[03:04:40] बांटेंगे आपस में। जब पुरुष फ्रांस ने

[03:04:44] ऑस्ट्रिया के खिलाफ झंडा उठा लिया।

[03:04:46] इंग्लैंड को यह जब बात पता लगी उसने कहा

[03:04:49] कि ऑस्ट्रिया जैसा इतना बड़ा कंट्री अगर

[03:04:51] फ्रांस के चंगुलों में चला गया तो मैं तो

[03:04:53] मेनलैंड यूरोप में हूं भी नहीं। फ्रांस

[03:04:55] मेरे लिए मेरे सारे धंधे बंद करवा देगा

[03:04:58] यूरोप में। जैसे नेपोलियन ने भी

[03:05:00] कॉन्टिनेंटल सिस्टम के तहत यही तो किया था

[03:05:02] कि ब्रिटिश शिप को यूज़ ही नहीं करोगे आप

[03:05:04] ट्रेड करने के लिए तो बहुत नुकसान हुआ था

[03:05:06] उनका। अगर कॉलोनीज़ ना होती इंग्लैंड की

[03:05:08] इंग्लैंड ने इकोनॉमिकली हैंडीकैप हो जाना

[03:05:11] था। तो इंग्लैंड ने कहा कि दीदी हम हैं।

[03:05:15] देखिए इंग्लिश जो हैं ये मरिया तसा के

[03:05:17] सपोर्ट में आ गए। और एज यू कैन सी फ्रांस

[03:05:21] इसने प्रूशिया को ज्वाइन कर लिया है।

[03:05:23] अंग्रेजों ने मरिया तेरीसा को ज्वाइन कर

[03:05:25] लिया है। तो दोनों ने यूरोप की इस वॉर के

[03:05:28] कॉन्टेक्स्ट में ऑपोजिट कैंप्स जॉइ कर लिए

[03:05:30] हैं। ठीक है? अब ये जब ऑोजिट कैंप्स जॉइ

[03:05:33] किए हैं तो वॉरफेयर का टैक्टिक क्या होता

[03:05:37] है? कि सामने वाले को या तो थकाओ या उसका

[03:05:40] ध्यान भटकाओ।

[03:05:42] यह होता है। तो यहां

[03:05:46] अब अंग्रेजों ने [गला साफ़ करने की आवाज़]

[03:05:48] यह सोचा कि यूरोप में ना स्टेलमेट जैसी

[03:05:51] सिचुएशन सी बनती जा रही है कि ऑस्ट्रिया

[03:05:54] भी एक बड़ा एंपायर है। अंग्रेज उसको

[03:05:56] सपोर्ट कर रहे हैं। तो लड़ाई चलती जा रही

[03:05:58] है। फ्रांस, पुरुशिया और इनके कुछ और

[03:06:01] अलायस जो हैं वो इनका समर्थन दे रहे हैं।

[03:06:03] तो कुछ खास मतलब एक टेरिटरी इनकी आती है।

[03:06:06] दूसरी इनकी गवाह देते हैं। ये फिर इधर आ

[03:06:08] रही है। ये कुछ इधर चल रहा है। मतलब कुछ

[03:06:10] स्टेलमेट सा चल रहा है। तो ऐसे करते-करते

[03:06:13] ना छ साल निकल जाते हैं। 1740 से 1746

[03:06:16] पहुंच जाता है। 1746 में अब इनको लगता है

[03:06:18] कि

[03:06:20] इकोनॉमिकली इनको खत्म करने के लिए ना पैसा

[03:06:23] नहीं होगा तो वॉर भी नहीं लड़ पाएंगे। तो

[03:06:24] इन्होंने कहा अंग्रेजों ने कहा कि इंडिया

[03:06:27] में फ्रांस की कोई मेजर नेवल फ्लट नहीं

[03:06:30] है। तो जाकर ना इसको दबा देते हैं। तो

[03:06:33] ब्रिटिश डिसाइड टू अटैक फ्रांस का

[03:06:36] पोंडीचेरी। ठीक है? उस टाइम पर फ्रांस का

[03:06:40] जो गवर्नर जनरल था वो कौन था?

[03:06:42] ड्यूप्लेक्स। ठीक है? ड्यूप्ले लार

[03:06:44] ड्यूप्ले। राइट? तो फ्रांस की एक्चुअली

[03:06:47] देयर वाज़ नो मेजर नेवल फ्लट इन इंडिया। बट

[03:06:50] इंडिया के साउथ में कुछ ही मील दूर

[03:06:52] मॉरीशियस आइलैंड्स हैं। तो ब्रिटिश भूल गए

[03:06:54] कि मॉरीशियस आइलैंड में भी फ्रांस बैठा

[03:06:56] है। और मॉरीशियस आइलैंड्स में फ्रांस की

[03:06:58] एक बहुत बड़ी नेवल फ्लीट है। राइट? व्हिच

[03:07:01] इज़ अंडर दी कंट्रोल ऑफ़ ला बुरदुने।

[03:07:04] ठीक है? तो जब ये ब्रिटेन ने फ्रांस के

[03:07:06] ऊपर अटैक ये सोच के किया कि भाई फ्रांस को

[03:07:09] हम खदेड़ देंगे पैसा इनका रुक जाएगा जो

[03:07:11] कॉलोनी से बन रहा है तो यूरोप में भी हमें

[03:07:13] एडवांटेज मिलेगी लेकिन ड्यूप्लेक्स ने

[03:07:15] फटाफट रीइंफोर्समेंट्स का मैसेज पहुंचा

[03:07:18] दिया बुरदुने को और बुरदुने भागकर सपोर्ट

[03:07:22] में आ गया डुप्लेक्स के तो ड्यूप्लेक्स

[03:07:25] याद होता है ठीक है नहीं तो मैं अक्सर

[03:07:26] अपने स्टूडेंट्स को कहता हूं इसको डूड बोल

[03:07:28] दो ठीक है यह डूड है और यह इसका ब्रो है

[03:07:31] तो डूड और ब्रो ने मिलकर क्या किया

[03:07:34] अंग्रेजों को धूल चटाई अच्छे से धूल चटाई

[03:07:37] राइट तो फ्रेंच ने जब अब रिटेलिएट करना

[03:07:40] शुरू किया तो ब्रिटिश को लगे सेट बैक सेट

[03:07:42] बैकक जब लगे तो ये पोंडीचेरी से भागकर

[03:07:44] नॉर्थ की तरफ जाना शुरू हो गए कि चलो

[03:07:46] मद्रास ही चलते हैं वापस वहां पे चिपते

[03:07:48] हैं फ्रांस ने कहा छड़ना नहीं है इन्हानु

[03:07:51] ये गए मद्रास इनके पीछे राइट तो 1746 में

[03:07:55] इन्होंने मद्रास और उसके आसपास के इलाकों

[03:07:59] को कैप्चर कर लिया अब ब्रिटिश की हो गई

[03:08:03] टाइट हटाएं फिस। ठीक है? अब ब्रिटिश यहां

[03:08:05] पे बहुत चालाक। ब्रिटिश ने कहा कि यह तो

[03:08:07] बैकफायर हो गया। अब क्या करें? तो इसने

[03:08:10] कहा कि आइडली अगर देखा जाए तो जो मद्रास

[03:08:13] है इट कम्स अंडर दी डोमिनियन ऑफ नवाब ऑफ

[03:08:17] कर्नाटक।

[03:08:19] और हम यहां पर एक तरीके से उनकी डोमिनियन

[03:08:23] में हम परमिशन लेके ट्रेड कर रहे हैं

[03:08:25] मद्रास में। तो अब रूलर के होते हुए कोई

[03:08:28] थर्ड पार्टी हम पर अटैक करे तो रूलर की

[03:08:31] सोवनिटी को तो चैलेंज कर ही रहा है वो। तो

[03:08:33] लेट अस ट्राई टू यू नो ऐसे हिला कर देखें

[03:08:36] नवाब अनवरुद्दीन को कि सर गड़बड़ चल रही

[03:08:38] है हेल्प करो। तो जब 1746 में मद्रास इनके

[03:08:41] हाथ से चला गया तो ब्रिटिश दे रीच द कोर्ट

[03:08:44] ऑफ नवाब अनवरुद्दीन। नवाब अनवरुद्दीन कहां

[03:08:47] के नवाब थे? कर्नाटक के।

[03:08:50] ठीक है? कर्नाटक के नवाब थे। जिनको

[03:08:52] कर्नाटक नहीं पता क्या है? है तो थोड़ा सा

[03:08:54] मैं स्ट्रक्चर एक्सप्लेन करता हूं। मुगल

[03:08:56] एंपायर लगभग पूरा इंडिया मुगल इंडियन

[03:08:59] सबक्टिनेंट मुगल एंपायर की डोमिनियन था।

[03:09:01] ठीक है? डीप साउथ के कुछ एरियाज को छोड़

[03:09:03] के लगभग काफी बड़ा एरिया राजपूताना को

[03:09:06] थोड़ा सा छोड़ दो। हालांकि राजपूत आल्सो

[03:09:08] सर्व फॉर मल्टीपल जनरेशंस राइट

[03:09:12] इन द मुगल कोर्ट एक्सेप्ट फॉर फ्यू राणा।

[03:09:14] है ना? उन्होंने अपनी इंडिपेंडेंस हमेशा

[03:09:16] हर्ट की। मुगल्स को चैलेंज भी किया। आगे

[03:09:18] जाके मराठाज़ विल चैलेंज। बट मुगल एंपायर

[03:09:22] में यह जो ग्रीन कलर का एरिया देख रहे हो

[03:09:25] ना आप ऐसे यह सेवन जैसा सेवन जैसा नंबर बन

[03:09:28] रहा है। यह ना निजाम ऑफ हैदराबाद की

[03:09:30] डोमिनियन थी। निजाम ऑफ हैदराबाद की

[03:09:33] डोमिनियन में ये जो साउथ पोर्शन है दिस इज़

[03:09:35] कार्नेटिक। और इसी कार्नेटिक में

[03:09:37] पोंडीचेरी और मद्रास दोनों आ रहे हैं। तो

[03:09:39] अंग्रेजों ने अनवरुद्दीन साहब को कहा कि

[03:09:42] सर ये फ्रांस बुली कर रहा है हमें। आप

[03:09:45] इसको जरा ठीक करो। तो अनवरुद्दीन को भी

[03:09:47] लगा कि भाई इतनी दाढ़ी मैंने उगा के रखी

[03:09:50] हुई है। है ना?

[03:09:52] [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो भाई

[03:09:55] ले गए चले गए 56 इंच का सीना लेके वहां पे

[03:09:57] फ्रांस के आगे बोल रहे हैं कि फटाफट खाली

[03:10:00] करो ये मैदान। मद्रास इनका है जाकर वापस

[03:10:02] करो। फ्रांस पीछे ना हटे। फ्रांस गए हमने

[03:10:04] नहीं करना खाली जो करना है कर लो। राइट?

[03:10:07] सो कॉन्सिक्वेंटली नवाब अनवरुद्दीन ने

[03:10:09] डिसाइड किया कि ये ऐसे नहीं मानेंगे।

[03:10:11] कंफ्रंटेशन होगी। सो नवाब अनवरुद्दीन ऑफ

[03:10:14] कर्नाटक ऑर्डर्स ह मिलिट्री कमांडर महफूज

[03:10:18] खान टू क्फ्रंट फ्रांस और ड्यूप्लेक्स जो

[03:10:22] कि फ्रेंच गवर्नर जनरल था ही आस्क्ड ह

[03:10:25] कैप्टन पैराडाइज टू क्फ्रंट एंड काउंटर

[03:10:28] नवाब्स आर्मी तो नवाब अनवरुद्दीन की और

[03:10:33] फ्रेंच की लड़ाई होती है 1746 में अडियार

[03:10:37] नदी के पास और इस लड़ाई को बैटल ऑफ सेंट

[03:10:40] थॉमस भी कहते हैं। ठीक है? दिस लड़ाई इज

[03:10:43] आल्सो कॉल्ड एज बैटल ऑफ सेंट थॉमस।

[03:10:46] [नाक से की जाने वाली आवाज़] राइट? अब

[03:10:47] देखो ब्रिटिश पिक्चर से ही गायब हैं।

[03:10:50] इन्होंने नवाब अनवरुद्दीन के कंधे पे

[03:10:52] बंदूक रख के एक तरीके से चलाई। अब ये जो

[03:10:55] लड़ाई होती है ना तो इसमें प्रीलिम्स के

[03:10:58] पॉइंट ऑफ व्यू से व्हाट इज़ेंट? नदी का नाम

[03:11:00] याद रखना। अडियार। इसलिए ना यह बैटल ऑफ़

[03:11:02] सेंट थॉमस इज़ आल्सो कॉल्ड एज बैटल ऑफ़

[03:11:05] अडियार। ठीक है? इट इज़ आल्सो कॉल्ड एज

[03:11:07] बैटल ऑफ़ अडियार। दूसरा महफूज खान के पास

[03:11:11] 10,000 सोल्जर्स थे। अनवरुद्दीन की आर्मी

[03:11:13] में 10,000 सोल्जर्स थे और फ्रांस की साइड

[03:11:16] पर सिर्फ 930 सोल्जर्स उसमें से भी 700

[03:11:19] इंडियंस थे पर उनको ट्रेनिंग मिली हुई थी।

[03:11:21] तो अब जब लड़ाई हुई ना तो 930 सोल्जर्स

[03:11:25] मतलब 110 से भी कम आर्मी ने इतनी बड़ी

[03:11:27] आर्मी को डिफीट कर दिया। अनवरुद्दीन ने

[03:11:29] एक्चुअली मुंह काला करा लिया अपना। राइट?

[03:11:32] और अभी ये स्कर्मिशेस और फ्रांस ने कहा कि

[03:11:34] अब नहीं रुकना। अनवरुद्दीन भी जूते खाएगा

[03:11:37] और साथ ही साथ ब्रिटिश भी अपना खत्म

[03:11:40] इंडिया में अब नहीं कॉलोनी होगी। लेकिन

[03:11:41] इसी बीच क्या है? क्योंकि यूरोप में

[03:11:43] स्टेलमेट हो गया था। सब जने बहुत थक चुके

[03:11:46] थे। रिसोर्सेज ड्रेन हो गए थे। तो वहां पर

[03:11:48] डिसाइड होता है कि भ बस छट दो। ठीक है?

[03:11:52] अपनी जान छोड़ो। तो उधर यूरोप के अंदर दो

[03:11:55] साल बाद 1746 में स्करमिशेस अपने यहां

[03:11:57] स्टार्ट हो गए। 1748 में एक शहर का नाम है

[03:12:01] एक्सला चैपल। एक्सला चैपल में ऑस्ट्रिया

[03:12:04] पुरुशिया और इन दोनों के अलायस आकर बैठते

[03:12:07] हैं और संधि करते हैं और संधि में क्या

[03:12:10] होता है? म्यूचुअल रेस्टिट्यूशन ऑफ

[03:12:12] कॉन्क्वेस्ट। मतलब तूने जो मेरे इलाके

[03:12:13] जीते हैं वो वापस कर दे। मैंने जो तेरे

[03:12:15] इलाके जीते हैं वो वापस कर दे। तो इसके

[03:12:17] अंदर ना ऑस्ट्रिया को था कि सिलेसिया मिल

[03:12:19] जाएगा वापस। पर वो नहीं मिला। सिमिलरली

[03:12:21] पुरुशिया के भी कुछ इलाके पुरुशिया को

[03:12:23] नहीं मिले। ऑस्ट्रिया पूरा तो क्या ही

[03:12:25] मिलेगा। अपने जो इलाके कुछ गवाए वो भी

[03:12:28] नहीं वापस मिले। लेकिन फ्रांस और ब्रिटेन

[03:12:30] ने एक दूसरे की टेरिटरीज वापस कर दी। तो

[03:12:33] मद्रास जो था जो अंग्रेजों का था उन्होंने

[03:12:36] गवा दिया वो वापस मिल गया। और नॉर्थ

[03:12:38] अमेरिका में जैसे कनाडा के काफी सारे

[03:12:40] एरियाज दे वर दी कॉलोनीज़ ऑफ दे वर फ्रेंच

[03:12:43] कॉलोनीज़। तो लुईसबर्ग नाम की एक कॉलोनी थी

[03:12:45] वहां पर। वो ब्रिटिश ने जीत ली थी। तो

[03:12:47] ब्रिटिश ने लुईसबर्ग लौटा दिया। तो इसमें

[03:12:49] ना रूशिया ऑस्ट्रिया को दोनों को रियलाइज़

[03:12:52] हुआ कि ये दोनों मतलब यह लड़ाई हमारी थी ही

[03:12:55] नहीं। ये तो ये दोनों लड़ रहे संधि भी

[03:12:57] इन्होंने अपने हिसाब से की है। हमारा क्या

[03:12:59] फायदा हुआ? तो अभी के लिए 1748 में फिलहाल

[03:13:03] के लिए ये शांत हो गए हैं। लेकिन इनकी एक

[03:13:05] और लड़ाई होगी आठ साल बाद 1756 में। दैट

[03:13:08] वुड बी कॉल्ड एज सेवन ईयर वॉर और वो थर्ड

[03:13:10] कार्नेटिक वॉर का कॉन्टेक्स्ट बनेगी। तो

[03:13:13] ये पहली कार्नेटिक वॉर थी। बताओ समझ में आ

[03:13:15] गया? हां जी। यह पहली कार्नेटिक वॉर थी।

[03:13:19] तो इसमें क्या-क्या याद रखना है? रीजन ऑफ़

[03:13:21] फर्स्ट कार्नेटिक वॉर क्या था? ऑस्ट्रियन

[03:13:23] वॉर ऑफ़ सक्सेशन। मोस्टेंट बैटल ऑफ ऑस्ट

[03:13:26] कर्नानेटिक वॉर क्या थी? बैटल ऑफ अडियार

[03:13:29] आल्सो नोन एज बैटल ऑफ सेंट थॉमस। 1746 में

[03:13:33] हुई थी। अनवरुद्दीन और ड्यूप्लेक्स के बीच

[03:13:36] में हुई थी। अनवरुद्दीन को महफूज़ खान।

[03:13:38] ड्यूप्लेक्स को कैप्टन पैराडाइज़

[03:13:39] रिप्रेजेंट कर रहे थे। 930 सोल्जर्स ऑफ़

[03:13:42] कैप्टन पैराडाइज़ डिफिटेड 10,000 सोल्जर्स

[03:13:45] अंडर महफूज़ खान। ठीक है? तो और एंड कैसे

[03:13:49] हुआ? एक ट्रीटी से। ठीक है? दिस ट्रीटी

[03:13:51] वाज़ ट्रीटी ऑफ़ एक्सला चैपल। दिस वास साइन

[03:13:54] इन यूरोप। यूरोप में साइन की गई इस ट्रीटी

[03:13:56] से फ्रांस ने डिसाइड किया कि इंडिया में

[03:13:59] भी यह जो भसड़ मचा के रखा है इसको एंड पे

[03:14:01] हम ले आएंगे। ठीक है? ये फर्स्ट कर्नेटिक

[03:14:04] वॉर हो गई आराम से। अब इस फर्स्ट करनाटिक

[03:14:07] वॉर में डुप्लेक्स को बड़ा मजा आया। इसको

[03:14:09] लगा के ओ भाई अपनी तो आर्मी बड़ी तगड़ी है

[03:14:12] भाई। इसने कहा कि यार अंग्रेजों ने फरमान

[03:14:16] ले लिया। है ना? अंग्रेजों ने फारुख शियार

[03:14:20] का

[03:14:21] ग्रोइंग ठीक करके फरमान ले लिया और कंसेशन

[03:14:24] ले रहे हैं। ये अगर मैं अपनी आर्मी को यूज

[03:14:28] करके इसी तरह से अपने किसी जान पहचान वाले

[03:14:31] को गद्दी पे बिठा दूं तो मुझे भी कंसेशन

[03:14:33] मिल जाएंगे। तो इसने कहा कि यही करना है

[03:14:35] अब। सो बेसिकली ना एक ना कांसेप्ट

[03:14:38] सब्सिडरी अलायंस नाम का कांसेप्ट है।

[03:14:40] सब्सिडरी अलायंस में क्या होता है कि लोकल

[03:14:42] इंडियन रूलर को एक यूरोपियन पावर की क्या

[03:14:45] मिलती है? अलायंस मिलती है जिसमें

[03:14:46] यूरोपियन पावर उसको ट्रूप्स प्रोवाइड करती

[03:14:48] है। उन ट्रूप्स के प्रोविजन के बदले में

[03:14:52] लोकल रूलर रीजनल रूलर यूरोपियन पावर को या

[03:14:55] तो पेमेंट करता है इन द फॉर्म ऑफ सब्सिडी

[03:14:58] या फिर उसको कुछ कंसेशंस देगा या फिर उसको

[03:15:00] अगर ज्यादा बड़ा एरिया है टू प्रोटेक्ट तो

[03:15:03] उनको फिर कुछ एरियाज की जमींदारी दे देता

[03:15:05] है कि अपना खर्चा निकाल लो कुछ सरप्लस बचे

[03:15:07] तो भेज देना सेंट्रल ट्रेजरी में। ठीक है?

[03:15:10] तो यह सब्सिडरी अलायंस का जो फॉर्मल

[03:15:13] कांसेप्ट है जिसने पॉपुलराइज़ किया वह थे

[03:15:15] लॉर्ड वेलेजली हु केम टू इंडियास गवर्नर

[03:15:18] जनरल इन 1798

[03:15:21] लेकिन द फर्स्ट वन टू यूज़ दी प्रिंसिपल ऑफ

[03:15:24] सब्सिडरी अलायंस इन इंडियन सबक्टिनेंट ये

[03:15:26] था ड्यूप्लेक्स।

[03:15:29] ठीक है? तो प्रिंसिपल ऑफ़ सब्सिडरी अलायंस

[03:15:31] ये किसने यूज़ किया था? ये यूज़ किया था

[03:15:34] ड्यूप्लेक्स ने। ठीक है? तो अब

[03:15:36] ड्यूप्लेक्स देखो क्या करेगा? ड्यूप्लेक्स

[03:15:38] के ना अब रहा नहीं जा रहा उसे। तो उससे है

[03:15:40] कि यार किसी को तो बिठाऊं गद्दी पे और

[03:15:42] कंसेशंस लूं। ही इज वेटिंग कि यार कुछ हो।

[03:15:45] तो अब ये ड्यूप्लेक्स को ना सक्सेशन

[03:15:47] डिस्प्यूट का इंतजार है कि कोई क्लेश हो

[03:15:50] कहीं पे। मैं उस क्लेश में मसीहा बन के

[03:15:52] जाऊं। किसी को गद्दी दिलवाऊं उसके बदले

[03:15:54] कंसेशन लूं। और ये कॉन्टेक्स्ट बनेगा

[03:15:56] सेकंड कार्नेटिक वॉर का। ठीक है? पिक्चर

[03:15:58] अभी बाकी है। तो इसमें क्या होता है?

[03:16:00] इसमें ना एक बैक ड्रॉप बताता हूं। अभी तक

[03:16:02] आपको बैकड्रॉप में ये पता लग गया ना कि

[03:16:04] मुगल एंपायर था। मुगल एंपायर में हैदराबाद

[03:16:06] एक सूबा था। और जैसे क्या है? जैसे आज

[03:16:09] इंडिया है। इंडिया में उत्तर प्रदेश क्या

[03:16:11] है? एक प्रोविंस है। एंड विद इन उत्तर

[03:16:13] प्रदेश क्या है? आगरा एक डिवीजन है। मंडल

[03:16:16] है। ठीक है? आगरा डिवीजन, कानपुर डिवीजन,

[03:16:18] लखनऊ डिवीजन है ना? पांच छह डिस्ट्रिक्ट

[03:16:20] से एक कमिश्नर के अंडर आती हैं। तो आप

[03:16:22] समझो कि जैसे गॉड फॉरबेट बट जैसे इंडिया

[03:16:26] से जैसे यूपी ने कहा कि अब से मैं आजाद

[03:16:28] हूं। ठीक है? और विद इन यूपी आगरा डिवीजन

[03:16:30] ने कह दिया अब से मैं भी यूपी से आजाद

[03:16:32] हूं। मेरा अपना किंगडम है। तो उसी तरह से

[03:16:34] ना मुगल एंपायर में भी कुछ इसी तरह का चल

[03:16:36] रहा था। था। औरंगजेब की डेथ के बाद ना

[03:16:38] ग्रिप थी ही नहीं लेटर मुगल्स की। ठीक है?

[03:16:40] इसलिए निकम्मे थे सब के सब। तो इसमें क्या

[03:16:43] होता है कि हैदराबाद के ना निजाम होते हैं

[03:16:45] निजामुल मुल्क आसफ वन। हैदराबाद के निजाम

[03:16:49] कौन है? निजामुल मुल्क आसफ जा दी फर्स्ट।

[03:16:52] ही वाज़ दी फर्स्ट इंडिपेंडेंट निजाम ऑफ़

[03:16:54] हैदराबाद। ठीक है? अब 1724

[03:16:58] में क्या होता है कि जो मुगल एपरर हैं वो

[03:17:02] ना अपना चुना हुआ एक गवर्नर उसको भेजते

[03:17:06] हैं हैदराबाद में कि आसफ जहां को मैं वापस

[03:17:09] बुला रहा हूं यू गो देयर और मुगल एपरर कर

[03:17:12] सकता था या औरंगजेब करता था औरंगजेब की

[03:17:14] मर्जी से सूबेदार या गवर्नर्स बनते थे।

[03:17:16] ठीक है? दे वर ट्रांसफरेबल्स। राइट? लेकिन

[03:17:18] अब औरंगजेब नहीं है। और आसफ जहां ने कहा

[03:17:20] कि ऐसे कैसे मैं ऐसे तो गद्दी खाली नहीं

[03:17:22] करूंगा। तो ये ना एक बैटल हुई 1724 में।

[03:17:25] ये मिडिवल हिस्ट्री का वैसे तो पार्ट है।

[03:17:27] 1724 में देयर वाज़ अ बैटल कॉल्ड बैटल ऑफ

[03:17:30] शकरखेड़ा। बैटल ऑफ शकरखेड़ा। शकरखेड़ा की

[03:17:33] लड़ाई के बाद आसफ जहां ने डिफाई किया मुगल

[03:17:36] एपरर को और अपना हैदराबाद मुगल एंपायर से

[03:17:40] इंडिपेंडेंट डिक्लेअ कर दिया। ठीक है? तो

[03:17:42] 1724 में हैदराबाद बिकम इंडिपेंडेंट। ठीक

[03:17:46] है? हैदराबाद को देख के कर्नाटक जो था

[03:17:49] जैसे इस मैप में भी देख सकते हो।

[03:17:51] कार्नेटिक हैदराबाद की ही डोमिनियन का

[03:17:53] हिस्सा है। ग्रीन कलर का दिख रहा है ना

[03:17:55] आपको? तो यहां पर कार्नेटिक के भी हौसले

[03:17:57] बुलंद हो गए। कार्नेटिक ने कहा कि भ ये

[03:18:00] निजाम मेरा मामू लगा है कि अगर इसने मुगल

[03:18:02] एपरर से आजादी डिक्लेअर कर दी। मैं इसकी

[03:18:05] क्यों जी हुजूरी करूं? मैं भी अपने आप को

[03:18:08] आजाद करूंगा। तो जिस तरह से मुगल एपरर

[03:18:12] निजाम को चूज़ करता था, उसी तरह से निजाम

[03:18:14] चूज़ करता था कि उसकी सब डोमिनियन

[03:18:17] कार्नेटिक में नवाब कौन बनेगा? तो निजाम

[03:18:21] ने चूज करना था। बट उससे पहले ही जो

[03:18:24] कर्नाटक के नवाब थे जिसको निजाम ने अपॉइंट

[03:18:28] किया था। इट वाज़ सादतुल्ला खान। ठीक है?

[03:18:31] सादतु उल्ला खान ने क्या कहा? इसने कहा

[03:18:33] 1732 में इसने डिक्लेअ कर दिया कि मुझे

[03:18:37] दोस्त अली खान सक्सीड करेंगे और निजाम से

[03:18:40] नहीं पूछा। तो ये इंडिपेंडेंस हो गई

[03:18:42] डिक्लेअ। तो 8 साल बाद

[03:18:45] कर्नाटक ने भी खुद को आजाद कर दिया। दोस्त

[03:18:48] अली खान बन गए नवाब। ठीक है? 700 1724

[03:18:54] में हैदराबाद इंडिपेंडेंट हुआ। 8 साल बाद

[03:18:57] 1732 में कर्नाटक इंडिपेंडेंट हुआ। 8 साल

[03:19:01] तक दोस्त अली खान ने मजे भी किए कर्नाटक

[03:19:04] के नवाब की फॉर्म में। लेकिन उसके बाद

[03:19:06] मराठों ने इन्वजन कर दी। मराठों की इन्वजन

[03:19:09] में उन्होंने दोस्त अली को कहा कि तू भाई

[03:19:12] सादतुल्ला का दोस्त होगा। सा ते नहीं है

[03:19:14] तू सा तुला दोस्त है सा नहीं है हमारा

[03:19:17] नहीं है तो इन्होंने क्या किया दोस्त अली

[03:19:19] खान को मार दिया दोस्त अली खान ने यह कह

[03:19:22] रखा था मुझे अगर कुछ हुआ तो मेरा दामाद

[03:19:25] ठीक है मेरा दामाद दैट इज चंदा साहेब ही

[03:19:28] विल बिकम दी रूलर नवाब मराठों ने कहा कि

[03:19:33] ठीक है चंदा साहिब आजा भाई सतारा चलते हैं

[03:19:36] ठीक है तो चंदा साहिब को ही किडनैप करके

[03:19:38] ले गए तो अब देखो क्या हो रहा है यहां पर

[03:19:43] यह निजाम की डोमिनेंस तो आजाद हैं। आसफ

[03:19:46] जवान तो बैठा हुआ हैदराबाद में। कर्नाटक

[03:19:49] में पिटिकल क्राइसिस आ गए। दोस्त अली मारा

[03:19:53] गया। बिना पूछे पहले तो नवाब बना दिया उसे

[03:19:56] मारा गया। चंदा साहिब जिसे सक्सीड करना था

[03:19:58] वो किडनैप हो गया। मतलब अरेस्ट हो गया

[03:20:00] मराठे ले गए साथ उन्हें। तो देयर इज़ अ

[03:20:03] वैक्यूम इन कर्नाटक। सो ये सारी सिचुएशन

[03:20:06] को देख के ना ये आसफ जावान को चढ़ा गुस्सा

[03:20:09] और साथ ही साथ इसको दिखी एक ओपोरर्चुनिटी।

[03:20:10] उसने कहा कि नाउ इज़ दिस इज़ एन

[03:20:13] ओपोरर्चुनिटी दैट आई कैन रिटेन कर्नानेटिक

[03:20:15] बैक इनू माय डोमेनियन। तो इसने बुलाया

[03:20:18] किसको? इसने बुलाया अनवरुद्दीन को। ये वही

[03:20:21] अनवरुद्दीन है जो फर्स्ट कार्नेटिक वॉर

[03:20:23] में मुंह काला करा के आए। ठीक है? और ये

[03:20:25] बैक ड्रॉप बता रहा हूं अभी। ठीक है?

[03:20:27] फर्स्ट कार्नेटिक वॉर आपको भी पता है।

[03:20:28] 1746 में स्टार्ट हुई थी। तो ये 1740 32

[03:20:31] 24 की मैं बात कर रहा हूं। तो आसफ जान ने

[03:20:33] इस पॉलिटिकल क्राइसिस को ठीक करने के लिए

[03:20:35] अनवरुद्दीन अंकल को बुला के कहा कि अंकल

[03:20:37] प्लीज गवर्न कर्नाटक। ठीक है? तो

[03:20:41] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[03:20:42] बाय चांस अगर यह कभी पूछ लिया जाए कि जब

[03:20:44] यह सब कुछ हो रहा था मुगल एपरर कौन था तो

[03:20:47] ये मोहम्मद शाह रंगीला था। ठीक है? 1748

[03:20:50] तक भाई राजा रहे थे। तो जब यह सब कुछ हुआ

[03:20:53] तो उसके बाद नवाब अनवरुद्दीन को कर्नाटक

[03:20:57] का नवाब बना दिया। राइट? अब 1748

[03:21:01] इज अ वेरी डिसाइसिव ईयर। से 1748 जो है ना

[03:21:05] यह एक बहुत ही डिसाइसिव ईयर था। क्यों?

[03:21:08] क्योंकि आसफजा वन जिससे कहीं ना कहीं

[03:21:11] अंग्रेज ना दो लोगों से डरते थे। आसफजा वन

[03:21:13] से और एक

[03:21:16] डरते थे यह [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[03:21:18] बंगाल में मुर्शद कुली खान थे अली वर्दी

[03:21:22] खान से। ठीक है? बंगाल में अली वर्दी खान

[03:21:24] से और साउथ में आसफ जहां से यह अंग्रेज

[03:21:28] थोड़ा सा डरते थे। 1748 में आसफ की डेथ हो

[03:21:31] जाती है। ठीक है? 1748 में जब आसफ जहां की

[03:21:34] डेथ होती है, उससे 2 साल पहले यह वैसे ही

[03:21:37] अपने वीकनेस दिखा चुके हैं। अंग्रेज भी

[03:21:39] देख चुके हैं। अंग्रेज गए थे नरुद्दीन से

[03:21:42] हेल्प लेने बट अंग्रेज देख चुके हैं कि ये

[03:21:44] आदमी कितना कैपेबल है। है ना? आ बैल मुझे

[03:21:47] मारने वाली बात हो गई। और 1748 में जब ये

[03:21:50] आसफ की डेथ हुई तो मराठों को भी पता था कि

[03:21:53] यार बस आप कुछ नहीं करना। आप चंदा साहेब

[03:21:56] को रिलीज़ कर दो। चंदा साहिब अपनी गद्दी

[03:21:58] जब मांगेगा। अनवरुद्दीन और इनकी लड़ाई

[03:21:59] होगी। यह खुद ही आपस में लड़ते रहेंगे। दे

[03:22:02] विल गेट वीक। राइट? तो 1748 में आसफ शाह

[03:22:06] डाइड एंड 1748 में ही मराठाज़ दे रिलीज्ड

[03:22:09] चंदा साहिब एंड चंदा साहेब स्टार्टेड टू

[03:22:11] ले क्लेम ओवर कर्नाटक। राइट? और आसफ की

[03:22:15] डेथ के बाद गद्दी गई नसीर जंग के पास। ठीक

[03:22:18] है? ये आसफ के बेटे थे नसीर जंग। इनका एक

[03:22:21] भतीजा था। ठीक है? इनका क्या था? एक

[03:22:28] भांजा था। इनफैक्ट राइट? वो थे मुजफ्फर

[03:22:30] जंग। ठीक है? मुजफ्फर जंग के मतलब नाना जी

[03:22:33] आसफजा थे। फैमिली ट्री में कई बार

[03:22:35] कंफ्यूजन होती है। ये फैमिली ट्री क्लियर

[03:22:37] होता है ना तो कहानी ज्यादा अच्छे से समझ

[03:22:39] लगती है। ठीक है? तो आसफजा इज़ द नाना।

[03:22:42] मुजफ्फर जंग इज दी नाती। है ना? नाती कहते

[03:22:46] हैं ना नाना का जो ग्रैंड सन होता है बेटी

[03:22:48] की साइड से। और जो नासिर जंग है वो इनका

[03:22:50] बेटा है। ठीक है? इनकी वाइफ डॉटर का नाम

[03:22:53] नॉटेंट फॉर योर एग्जाम। नो नीड टू वर्क

[03:22:56] हार्ड टू रिमेंबर दिस। अब यहां पर क्या

[03:22:58] होता है कि मुजफ्फरज कहते हैं मुझे गद्दी

[03:23:01] चाहिए और इधर चंदा साहब कह रहे हैं मुझे

[03:23:03] गद्दी चाहिए। ठीक है? तो मुझे आप बताओ टीम

[03:23:06] अगर बनानी हो किसकी बनाओगे आप?

[03:23:09] अगर आपने ड्रीम 11 पे टीम बनानी हो। है

[03:23:12] ना? इन इन सारे लोगों में ये तो देखो यह

[03:23:14] तो अल्लाह को प्यारे हो गए। ठीक है? ये तो

[03:23:16] है नहीं पिक्चर में। अब 1 2 3 4 इनकी टीम

[03:23:19] बनानी हो तो किन लोगों को सेम साइड पे

[03:23:21] रखोगे? देखो रूलर विल साइड विद रूलर।

[03:23:24] राइट? ऑलदो इधर इतनी कोई साइड नहीं ली गई

[03:23:27] लेकिन हां जो कंटेंडर थे गद्दी के मुजफ्फर

[03:23:30] जंग और चंदा साहिब इनको लगा कि भाई हमें

[03:23:32] टीम बनानी चाहिए और बगल में बैठा फ्रांस

[03:23:35] का ड्यूप्लेक्स

[03:23:37] ये सब कुछ मजे लेते हुए है ना चिटकारे

[03:23:40] लेते हुए देख रहा है कि चल क्या रहा है

[03:23:41] यहां पे तो अब फ्रांस ने अगर साथ देना हो

[03:23:44] तो वो अनवरुद्दीन और नासिर जंग का साथ

[03:23:46] देगा कि चंदा साहिब और मुजफ्फर जंग का साथ

[03:23:48] देगा जिनको अनवरुद्दीन और नासिर जंग का

[03:23:50] साथ लग रहा है वो लिखो ए एन और जिन जिनको

[03:23:54] लगता है चंदा साहिब और मुजफ्फर का साथ

[03:23:56] देगा वो लिखो सीएम लिखो कमेंट सेक्शन में

[03:24:00] हां जी

[03:24:02] है ना चंदा साहिब और मुजफ्फर का साथ देगा

[03:24:05] डुप्लेक्स क्योंकि ये भूखे हैं गद्दी के

[03:24:08] तो इनको गद्दी अगर मिल जाए इनको अगर गद्दी

[03:24:11] मिल जाए तो बदले में बहुत ज्यादा यह क्या

[03:24:14] करेंगे कंसेशंस देंगे ठीक है तो बस फिर

[03:24:17] क्या था फ्रांस ने बना ली अलायंस चंदा

[03:24:19] साहिब और मुजफ्फर जंग के साथ बन गई इनकी

[03:24:21] अलायंस 1748 में आसफजा की डेथ हुई। 1748

[03:24:27] में यह रिलीज़ हुआ। अलायंस बनी और 1749 में

[03:24:31] सेकंड कर्नेटिक वॉर की पहली मेजर बैटल हो

[03:24:34] जाती है। ठीक है? इन 1749 फर्स्ट मेजर

[03:24:37] बैटल ऑफ सेकंड कर्नेटिक वॉर टेक्स प्लेस।

[03:24:39] दिस इज़ कॉल्ड बैटल ऑफ आंबूर।

[03:24:42] ठीक है? बैटल ऑफ़ अंबूर। यह कहां पे हुई?

[03:24:44] नियर वेलूर। वेलूर के पास आंबू नाम की जगह

[03:24:48] है। वहां पर यह फर्स्ट मेजर बैटल ऑफ सेकंड

[03:24:51] कर्नेटिक वॉर होती है। तो यहां पर क्या

[03:24:53] होता है कि अनवरुद्दीन को ये मार देते

[03:24:55] हैं। ठीक है? तो ये जो अंकल वैसे ही जलील

[03:24:57] हो के हटे थे। है ना? बैटल ऑफ सेंट थॉमस

[03:24:59] और अडियार फर्स्ट कर्नेटिक वॉर में जलील

[03:25:02] हुए थे। तो अब इनको खत्म ही कर दिया। 1749

[03:25:06] अंबूर की लड़ाई में ही डाइस।

[03:25:10] ठीक है? नियर वेलूर अंबूर ही डाइस। और

[03:25:13] इनका एक बेटा है। ठीक है? अब बेटा क्या

[03:25:15] है? पंजाबी में ना कहावत होती है अं दिसे

[03:25:18] ना ना नूर परी। ठीक है? अं दिसे ना ना नूर

[03:25:21] परी। तो वही बात हो गई। अब इसका नाम

[03:25:23] मोहम्मद अली है। है ना? मेरे दिमाग में तो

[03:25:25] बॉक्सर आता है सीधा। लेकिन यह था डरपोक।

[03:25:28] ये डर गया। ये फ्रांस मुजफ्फर और चंदे को

[03:25:31] देख के इसने कहा कि यार ये पीटेंगे मुझे।

[03:25:34] यह जाके भाग गया तिरुचरापल्ली में। ठीक

[03:25:36] है? अब ब्रिटिश ने ये हिस्ट्री जो

[03:25:38] रिकॉर्ड्स उनके रिकॉर्ड्स को ही हम रेफर

[03:25:40] करके अपनी स्टैंडर्ड बुक में लाते हैं।

[03:25:42] ब्रिटिश से तिरुचरापल्ली नहीं बोला जाता

[03:25:44] था। इन बेचारों से समूतनी नहीं बोला गया।

[03:25:46] तिरुचरापल्ली कैसे बोलेंगे? ये टंग को

[03:25:49] इतना रिपल नहीं होता था। तो ये कहते थे

[03:25:52] तिरचनोपली।

[03:25:54] तो यह बेचारा मोहम्मद अली तिरचनोपोली में

[03:25:56] जाके छुप गया। अब जब कार्नाटिक की गद्दी

[03:25:59] खाली हो गई है। कार्नाटिक की गद्दी खाली

[03:26:03] हो गई है। उस गद्दी पे कौन बैठेगा? हु विल

[03:26:06] स ऑन दैट गद्दी? चंदा मामा। ठीक है?

[03:26:09] बिल्कुल सही बात है। आशुतोष बिल्कुल सही।

[03:26:11] चंदा साहब बैठ जाएंगे। ठीक है। चंदा साहब

[03:26:13] अब बन गए हैं कर्नाटक के नवाब। चंदा साहब

[03:26:16] इज़ वेरी हैप्पी। राइट? फ्रांस को कुछ

[03:26:19] कंसेशंस भी देते हैं। यह देख के मुजफ्फर

[03:26:22] जंग के हौसले बुलंद हुए। और जब ब्रिटिश ये

[03:26:25] सब ऑब्जर्व कर रहे थे तो उन्होंने कहा कि

[03:26:27] यार अब किसी भी तरह नासिर जंग जो कि आसफजा

[03:26:32] के बेटे हैं और मोहम्मद अली जो तथनोपोली

[03:26:35] में छिप गया है इसको सपोर्ट करो। ठीक है?

[03:26:37] और इन्होंने ब्रिटिश ने मोहम्मद अली और

[03:26:41] नासिर जंग की साइड जॉइ कर ली। तो फ्रांस

[03:26:43] और ब्रिटेन वापस इंडिया में अब ऑोजिट

[03:26:45] कैंप्स में जॉइन हो गए हैं। ठीक है? अब

[03:26:48] फ्रांस ने चंदा साहिब को कर्नाटक दिलवा

[03:26:50] दिया। अब मुजफ्फर जंग को हैदराबाद दिलवाना

[03:26:51] है। हैदराबाद दिलवाने के लिए फिर से अब

[03:26:54] चंदा साहेब के पास कर्नाटकी सेना आ गई है।

[03:26:56] तो कहा कि हमें सपोर्ट करो। चंदा साहेब ने

[03:26:59] कर दिया। तो मुजफ्फर जंग, चंदा साहेब,

[03:27:01] फ्रांस अब ये मिलकर दक्खन की तरफ कूच करते

[03:27:04] हैं जहां पर हैदराबाद के पास जाते हैं।

[03:27:06] ठीक है? नासिर जंग को मार देते हैं। ठीक

[03:27:09] है? दे किल नासिर जंग और उसकी जगह पे

[03:27:12] मुजफ्फर जंग ये गद्दी पर बैठ जाते हैं।

[03:27:14] राइट? मुजफ्फर जंग गद्दी पर बैठने के बाद

[03:27:16] इतने खुश होते हैं कि भाई हैदराबाद इतनी

[03:27:19] बड़ी डोमिनियन का मुझे गवर्नर इन्होंने

[03:27:20] बना दिया तो मैं तो भाई बताओ क्या चाहिए

[03:27:23] तो इसने ना सबसे पहले ड्यूप्लेक्स को एक

[03:27:26] ऑनररी गवर्नर बना दिया ऑफ ऑल मुगल

[03:27:28] डोमिनियंस साउथ ऑफ रिवर कृष्णा

[03:27:31] रट्टा लगाने वाली चीज है फ़क्चुअल इनफेशन

[03:27:34] है देखो ऑनर गवर्नर का मतलब होता है कि तू

[03:27:36] है नहीं तू है नहीं टोकन हम मतलब

[03:27:41] सिंबॉलिकली हम तुझे दे रहे हैं ये ऐसा मत

[03:27:44] समझना के कृष्णा नदी के दक्खन में मतलब

[03:27:47] सारी की सारी लैंड जो है वह आपके पापा की

[03:27:49] है। ऐसा बिल्कुल नहीं है। लैंड मेरे पापा

[03:27:51] की मतलब मुजफ्फर के पापा की है। बट आपको

[03:27:54] हम मतलब आपका ओहदा कुछ इस प्रकार का है।

[03:27:57] एज इफ यू आर द ओनर द एज इफ यू आर द गवर्नर

[03:28:02] ऑफ़ ऑल मुगल डोमिनियंस साउथ ऑफ रिवर

[03:28:03] कृष्णा। ठीक है? तो अस हकीकत में कुछ था

[03:28:06] नहीं बट ये टाइटल था। प्लस कुछ पैसे दिए

[03:28:10] थे, कुछ कंसेशंस दे दिए थे और साथ ही साथ

[03:28:12] ये जो बहुत फेमस मार्केट टाउन था

[03:28:14] मसूलीपट्टनम का मार्केट टाउन क्यों था?

[03:28:16] क्योंकि जिसको देखो यहां पर अपनी

[03:28:18] फैक्ट्रियां बनाता जा रहा है। अब जहां पर

[03:28:20] वो फैक्ट्री और वेयर हाउसेस बनेंगे तो

[03:28:21] ऑब्वियसली मंडी बन जाती है ना फिर वहां पे

[03:28:24] तो जहाज आते हैं वो उन्हीं मंडियों से

[03:28:26] अपना सामान लेकर निकल जाते हैं आगे। तो

[03:28:28] मसूलीपट्टनम वाला जो मंडी टाउन था,

[03:28:31] मार्केट टाउन था, यह भी फ्रांस को दे दिया

[03:28:34] कि यहां से आने वाला जो रेवेन्यू है, यह

[03:28:36] आप रखो। राइट? यह सब देख के ड्यूप्लेक्स

[03:28:39] ने कहा कि मोगंबो खुश हुआ और बदले में मैं

[03:28:43] भी कुछ करना चाहता हूं आपके लिए। मैं अपना

[03:28:45] सबसे काबिल अफसर आपकी खिदमत में रखना चाह

[03:28:47] रहा हूं। राइट? तो मार्कस दी बस्सी को

[03:28:49] इन्होंने हैदराबाद में बिठा दिया। अब

[03:28:51] एक्चुअली मार्कस दी बस्सी वाज़ अ पॉलिटिकल

[03:28:53] एजेंट। इसका काम यह था कि कोर्ट में सब

[03:28:55] कुछ नजर रखे और सही समय देख के अगर

[03:28:58] मुजफ्फर जंग लगे कि यह हमारे काम का नहीं

[03:29:00] है तो इसको हटा के किसी और को बनाना है।

[03:29:02] किसको बनाना है? यह तुम ऑब्जर्व करते रहो।

[03:29:04] और अगर मुजफ्फर जंग खुद मर जाता है तो तब

[03:29:07] भी वैक्यूम नहीं आने देना। हमारा चुना हुआ

[03:29:09] नुमाइंदा ही हैदराबाद के निजाम की गद्दी

[03:29:13] पर बैठेगा। ठीक है? तो कॉन्सिक्वेंटली

[03:29:15] कर्नाटक में चंदा साहेब बैठ गए हैं।

[03:29:18] हैदराबाद में मुजफ्फर जंग बैठ गए हैं।

[03:29:20] फ्रांस बहुत ही खुश है। ड्यूप्लेक्स बहुत

[03:29:22] ही खुश है। घर पे भी वाहवाही। यहां पे भी

[03:29:24] वाहवाही। ब्रिटिश अपना माथा पीट रहे हैं।

[03:29:27] ठीक है? तो सेकंड कार्नेटिक वॉर में काफी

[03:29:29] ज्यादा इनका नुकसान हो गया ब्रिटिश का।

[03:29:31] 1751 में। ठीक है? तो 1749 और 1750 तक

[03:29:35] इन्होंने हैदराबाद कर्नाटक दोनों जीत

[03:29:37] लिया। 1751 में ना मुजफ्फर जंग

[03:29:41] अपने कुछ दुश्मनों से लड़ाई लड़ने जाते

[03:29:43] हैं। वापसी पे ना एक्सीडेंट से उनकी मतलब

[03:29:46] एक्सीडेंटल स्करमिशेस में राइट एक्सीडेंटल

[03:29:49] स्करमिशस को आप फ्रेंडली फायर भी समझ सकते

[03:29:51] हो। बट जस्ट रिमेंबर एक्सीडेंटल स्कर्मिश

[03:29:53] 1751 में इनकी डेथ हो जाती है। मुजफ्फर

[03:29:55] जंग की जब डेथ होती है तो बस्सी को पता

[03:29:58] होता है कि अब मुजफ्फर जंग मारे गए तो अब

[03:30:00] तो गड़बड़ होगी। तो यह फटाफट क्विकली

[03:30:03] सलाबत जंग को निजाम बना देते हैं। सलाबत

[03:30:06] जंग को फिर इंड्यूस करते हैं। ठीक है? कि

[03:30:09] एक तरीके से उसको एंटाइस करते हैं कि भाई

[03:30:11] देख हमने सलाबत जंग कौन है? यह आसफ का एक

[03:30:15] और बेटा है। आसफ जा के बहुत बच्चे थे। ठीक

[03:30:18] है? नासिर जंग को तो मार दिया। उसके बाद

[03:30:21] सलाबत जंग को

[03:30:24] गद्दी पर बिठा के फ्रांस ने एनश्योर किया

[03:30:27] कि हम हैदराबाद में सलामत रहें। ठीक है?

[03:30:31] याद रखने का तरीका है व्हेन मुजफ्फर जंग

[03:30:34] डाइड अनदर सन ऑफ आसफ जहां सलाबत जंग वाज़

[03:30:39] ब्रॉट टू दी थ्रोन ऑफ निजाम सो दैट फ्रांस

[03:30:42] कैन रिमेन सलामत इन हैदराबाद ठीक है और

[03:30:44] कहा कि ये देख कितनी बड़ी फेवर की है ना

[03:30:46] किसी को भी बना सकते थे तो तुझे बनाया तो

[03:30:48] बदले में कहता है कि नर्दन सरकार दे दे

[03:30:51] नर्दन सरकार ना ये एरिया देख रहे हो आप

[03:30:54] कोरोमंडल कोस्ट के पास ठीक है कोरोमंडल

[03:30:56] उत्कल कोस्ट के पास आंध्र कोस्ट के यहां

[03:30:58] पर ना चार रिच डिस्ट्रिक्ट्स होते थे।

[03:31:00] देयर वर फोर रिच डिस्ट्रिक्ट्स ऑन दिस

[03:31:02] नर्दन सरकार एट दैट टाइम। अब तो बहुत सारे

[03:31:04] हैं। ठीक है? उस टाइम पर यह चार रिच

[03:31:06] डिस्ट्रिक्ट्स को कंप्राइ करता था। मेनली

[03:31:09] मुस्तफानगर, इलूर, राजमुंद्री एंड

[03:31:12] चिकाकोल। यह याद रखना नाम। यह क्वेश्चन

[03:31:14] आया हुआ है। व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज़ नॉट

[03:31:16] पार्ट ऑफ़ नर्तन सरकार। तो यह याद रखना।

[03:31:18] ठीक है? मुस्तफानगर, इलूर, राजमुंद्री,

[03:31:20] चिकाकोल। और यहां पर फ्रांस ने ना केवल

[03:31:24] इसको एक्वायर किया। सलाबत जंग भी अब उनका

[03:31:26] पिट्ठू हुआ है। तो हैदराबाद में कंट्रोल

[03:31:27] अभी भी इन्हीं के पास है। तो 1751 तक

[03:31:31] इन्होंने हैदराबाद कर्नाटक में दोनों जगह

[03:31:33] गद्दी भी अपनी रखी है और साथ में नर्दन

[03:31:37] सरकार और मसूलीपट्टनम भी इनके कंट्रोल में

[03:31:39] है। कृष्णा नदी के दक्षिण में ऑनरी गवर्नर

[03:31:42] बन के बैठे हैं। ठीक है? तो ये ब्रिटिश को

[03:31:44] यह सारी चीजें बहुत एशियस कर रही हैं। अब

[03:31:47] यहीं पर एंट्री होती है रॉबर्ट क्लाइव की।

[03:31:49] ब्रिटिश सरकार का एक ऐसा अफसर जो क्लर्क

[03:31:53] से उठकर गवर्नर तक पहुंच जाता है। गवर्नर

[03:31:56] की कुर्सी पर बैठता है। तो रॉबर्ट क्लाइव

[03:31:59] कहता है कि भाई इस तरह से बात नहीं चलेगी।

[03:32:01] तुमसे कुछ ना हो पाएगा। तुम्हारे लक्षण

[03:32:03] हमें बिल्कुल ठीक नहीं लग रहे हैं। तो

[03:32:05] ईस्ट इंडिया कंपनी को कहता है कि मुझे अब

[03:32:07] चांस दो। मैं बताता हूं क्या करना है।

[03:32:09] क्लाइव कहता है कि देखो चंदा साहेब

[03:32:11] मोहम्मद अली को खत्म करना चाहता है

[03:32:13] क्योंकि जब तक वह जिंदा है उसकी गद्दी के

[03:32:16] ऊपर कोई कॉन्टेस्ट कर सकता है कि यह तो

[03:32:18] मेरी है। तो दैट इज व्हाई ही वांट्स टू

[03:32:20] किल मोहम्मद अली लाइक एनीथिंग। तो इसलिए

[03:32:22] ट्रिचनोपली के फोर्ट के पार उसकी कितनी

[03:32:25] सारी सेना लगातार बम्बार्डमेंट करती जा

[03:32:27] रही है और फ्रांस भी उसका समर्थन कर रहे

[03:32:29] हैं। इसने कहा कि अगर हम चंदा साहेब को

[03:32:33] ऐसे तो हम पीछे कर नहीं पा रहे और क्योंकि

[03:32:35] बहुत सी सेना तचनोपोली में है। इसकी अपनी

[03:32:38] कैपिटल कार्नाटिक की कैपिटल थी आरकोट।

[03:32:41] आरकोट में सेना कम है। तो अगर हम आरकोट के

[03:32:45] पास चले जाएं वहां पर अटैक करें। इसको

[03:32:49] अपनी आधी सेना वहां भेजनी पड़ेगी। जब आधी

[03:32:51] सेना भेजेगा बची हुई हमारी सेना इज

[03:32:54] स्ट्रांग इनफ कि वह फ्रांस को खत्म कर

[03:32:56] सकती है डिफीट कर सकती है। तो रॉबर्ट

[03:32:59] क्लाइव ने यही किया आर कोर्ट का 53 डेज के

[03:33:02] लिए उसको घेर लिया। ठीक है? ही डिड नॉट

[03:33:04] वांट टू एनेक्स आवर कोर्ट क्योंकि वो अलग

[03:33:07] पंगे हो जाते हैं। एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट

[03:33:08] बढ़ जाती है। तो अभी के लिए यह कुछ

[03:33:10] एनेक्सेशन नहीं करना चाहता था। लेकिन इसने

[03:33:12] घेर लिया। घेर के लग यही रहा था कि जीत

[03:33:14] जाएगा आरकॉर्ट को। टेंशन में आकर चंदा

[03:33:17] साहिब ने अपनी एक बहुत बड़ी सेना की

[03:33:18] टुकड़ी आरकोट की तरफ रवाना कर दी। पीछे बच

[03:33:21] गए बेचारे सिर्फ फ्रांस जिनके पास बहुत

[03:33:24] ज्यादा नंबर्स नहीं थे। तो ब्रिटिश क्लाइव

[03:33:27] ने अपने एक दोस्त स्ट्रिंगर लॉरेंस को ठीक

[03:33:30] है? कितने लोगों के शहर में एक सड़क है

[03:33:32] लॉरेंस रोड

[03:33:34] हमारे है अमृतसर में देयर इज़ अ रोड कॉल्ड

[03:33:37] लॉरेंस रोड। ठीक है? तो ये लॉरेंस नाम के

[03:33:40] काफी इंपॉर्टेंट मतलब ऑफिसर्स रह चुके हैं

[03:33:42] ईस्ट इंडिया कंपनी में। अभी भी वो नाम है।

[03:33:44] कॉलोनियल लेगेसी है। ठीक है? बाकी सही

[03:33:48] बताऊं तो वो रोड अच्छी रहे, चलती रहे,

[03:33:50] लोगों का मुनाफा होता रहे। अ कई लोगों की

[03:33:53] शॉप्स हैं वहां पे। वही मैटर करता है। है

[03:33:55] ना? नाम चेंज करके तो कुछ खास हम बाकी

[03:34:00] पंजाब में ना पंजाब तो कभी भी नहीं दबाएगा

[03:34:02] किसी से। है ना? तो वो चीज है। चलो इधर

[03:34:06] आते हैं। इसको डिस्कस करते हैं। है ना?

[03:34:07] कॉलोनी लेगसी वाली अभी नहीं करनी। तो यहां

[03:34:09] पर ऐसा है कि ब्रिटिश फोर्सेस जो लॉरेंस

[03:34:12] स्ट्रिंगर के अंडर थी तो यहां पर क्लाइव

[03:34:14] ने कहा कि भाई जैसे ही यह सेना आधी चंदा

[03:34:16] साहिब ले जाएगा आप अटैक करना। तो 1752 में

[03:34:19] लॉरेंस ट्रिंगर ने फ्रांस को डिफीट कर

[03:34:21] दिया। चंदा साहेब अब जब क्रिश्चनोपॉली को

[03:34:25] छोड़कर भागे तो उनका सामना अब क्लाइव की

[03:34:27] सेना के साथ होता है कावेरी पार्क में।

[03:34:29] कावेरी पार्क में चंदा साहेब हार जाते

[03:34:32] हैं। और जंगलों में भागने की कोशिश करते

[03:34:35] हैं। लेकिन उनकी इंफॉर्मेशन लीक कर दी

[03:34:37] जाती है। एंड अल्टीमेटली ही इज़ कैप्चरर्ड

[03:34:39] एंड बिहेडेड। और यहां पर अब मोहम्मद अली

[03:34:43] त्रिचिनोपॉलीफोर्ड से आराम से बाहर आ सकता

[03:34:45] है। कर्नाटक के अंदर जो इनकी कैपिटल आरकोट

[03:34:49] में चंदा साहेब ने गद्दी पकड़ के रखी थी,

[03:34:51] यह फ्री हो गई एंड मोहम्मद अली विल नाउ बी

[03:34:54] एबल टू स ऑन दैट गद्दी।

[03:34:57] ठीक है? तो यह सेकंड कर्नेटिक वॉर में एक

[03:34:59] बहुत बड़ी विक्ट्री ब्रिटिश को मतलब

[03:35:01] जूतियां पड़ रही थी। फर्स्ट कर्नेटिक वॉर

[03:35:03] में तो कहां मद्रास गवा दिया इन्होंने

[03:35:05] बताओ? फर्स्ट कर्नेटिक वॉर में मद्रास गवा

[03:35:07] दिया इन्होंने और उसकी आउटकम डिसाइसिव

[03:35:09] नहीं थी। ठीक है? क्योंकि ट्रीटी ऑफ़

[03:35:11] एक्सला चैपल से वापस मिल गया था इन्हें।

[03:35:13] लेकिन इनका साउथ में पलड़ा कोई बाहर ही

[03:35:15] नहीं था। लेकिन सेकंड कार्नेटिक वॉर में

[03:35:17] क्या हुआ? चंदा साहेब को एलिमिनेट करके जब

[03:35:21] मोहम्मद अली को कर्नाटक का नवाब बना दिया।

[03:35:25] अब यह सारी चीज़ देखकर फ्रांस की जो होम

[03:35:28] गवर्नमेंट थी, वह टेंशन में आ गई।

[03:35:29] उन्होंने डुप्लेक्स को कहा कि अब तुम्हारे

[03:35:31] लक्षण हमें ठीक नहीं लग रहे। तुम वापस आ

[03:35:33] जाओ। ठीक है? ही वाज़ सक्सीड। डुप्लेक्स

[03:35:36] वाज़ ड्यूड वाज़ सक्सीडेड बाय गधा। ठीक है?

[03:35:39] गधा कौन? गोदेहू।

[03:35:41] राइट? और गदेहू ने क्या किया? इन्होंने

[03:35:43] कहा कि ब्रिटिश के साथ ट्रीटी साइन कर

[03:35:45] लेते हैं। नहीं तो वॉर में अगर रहे हमारे

[03:35:47] रिसोर्सेज ड्रेन होते रहेंगे। और कहीं ऐसा

[03:35:49] ना हो कि हैदराबाद में भी जो सलाबत जंग

[03:35:52] बिठा रखा है वो भी हाथ से जाए। तो

[03:35:54] इन्होंने ट्रीटी ऑफ पोंडीचेरी साइन की इन

[03:35:57] 1754।

[03:35:59] ट्रीटी ऑफ पडीचेरी वाज़ साइन इन 1754।

[03:36:02] ठीक है? ये ठीक यार। 1754 में ये ट्रीटी

[03:36:06] साइन कर ली। राइट? और उसके बाद दोनों

[03:36:09] कंपनीज़ ने एग्री किया कि एक दूसरे

[03:36:11] प्रिंसेस के झगड़ों में हम ये इंटरफेयर

[03:36:14] नहीं करेंगे। तो बेसिकली सेकंड कार्नेटिक

[03:36:17] वॉर भी इनडसाइसिव है। लेकिन ब्रिटिश ने

[03:36:20] अपनी मतलब एक वन लेवल अप अपने आप को प्रूव

[03:36:24] कर दिया कि मतलब इट इज़ अ पावर टू रिकॉर्न

[03:36:26] विद। राइट? देयर वाज़ नो क्लियर विनर और

[03:36:28] लूजर। लेकिन ब्रिटिश की जो पोटेंशियल है

[03:36:31] वो नजर आ गई कि भाई यह फ्रांस को चैलेंज

[03:36:33] कर सकते हैं। नहीं तो अदरवाइज यही लग रहा

[03:36:35] था कि फ्रांस के होते हुए ब्रिटिश हैज़ नो

[03:36:38] स्कोप टू इनिशिएट कॉलोनियलिज्म इन इंडिया।

[03:36:43] ठीक है? तो यह एक काफी बड़ी डेवलपमेंट

[03:36:46] सेकंड कार्नेटिक वॉर के बाद हुई। अब थर्ड

[03:36:48] कार्नेटिक वॉर होगी। तो थर्ड कार्नेटिक

[03:36:51] वॉर में क्या होता है? थर्ड कार्नेटिक वॉर

[03:36:53] स्टार्ट होती है 1758 में। ठीक है?

[03:36:56] बेसिकली

[03:36:58] यूरोप में

[03:37:11] फर्स्ट कार्नेटिक वॉर के टाइम

[03:37:13] यूरोप में फर्स्ट कार्नेटिक वॉर के टाइम

[03:37:13] पे कौन सी दो पावर्स लड़ रही थी आपस में

[03:37:16] कमेंट सेक्शन में बताओ थोड़ा सा आपको भी

[03:37:17] एक्टिव रखते हैं। बताओ

[03:37:22] यूरोप में पहली कर्नेटिक वॉर के समय पर हु

[03:37:24] ऑल वर फाइटिंग प्लीज टेल मी इन द कमेंट

[03:37:27] सेक्शन एवरीवन माय डियर स्टूडेंट्स

[03:37:28] डियरेस्ट स्टूडेंट्स

[03:37:39] रूशिया और ऑस्ट्रिया मेन पावर्स यही थी

[03:37:42] ईटी ऑफ़ एक्सला चैपल में फ्रांस और

[03:37:44] इंग्लैंड को तो अपनी-अपनी म्यूचुअल

[03:37:46] रेस्टिट्यूशन हो गई। सिलेसिया मिला था

[03:37:47] ऑस्ट्रिया को नहीं मिला।

[03:37:50] प्रूशिया की भी कई टेरिटरी प्रूशिया और

[03:37:51] ऑस्ट्रिया डिसटिस्फाइड थे। तो 1758

[03:37:55] आते-आते ना ऑस्ट्रिया की यह जो शहजादी है

[03:37:58] थरीसा इसने अपनी पोजीशन को स्ट्रांग किया

[03:38:00] और इसने कहा कि अब मजा चकाऊंगी पुरुषिया

[03:38:03] को। ठीक है? और इस बार क्या है कि पिछली

[03:38:06] बार ऑस्ट्रिया का समर्थन इंग्लैंड ने किया

[03:38:09] था। इंग्लैंड से ऑस्ट्रिया सेटिस्फाइड

[03:38:12] नहीं था और पुरुशिया फ्रांस से नहीं था।

[03:38:14] तो इस बार पुरुशिया ऑस्ट्रिया दोनों

[03:38:17] दोबारा लड़ते हैं। लेकिन इस बार फ्रांस ये

[03:38:20] चला जाता है ऑस्ट्रिया की साइड और

[03:38:22] इंग्लैंड ये चला जाता है पुरुशिया की

[03:38:24] साइड। तो वापस कैंप ऑोजिट ही है। लड़ाई

[03:38:26] चाहे जिसकी भी हो टीम ऑोजिट जॉइ करनी है।

[03:38:30] ठीक है? तो सेवन ईयर वॉर स्टार्ट होती है

[03:38:33] बिटवीन 1756 टू 1763।

[03:38:36] इसी बीच प्लासी की कास्परेसी भी हो जाती

[03:38:39] है। प्लासी की कांस्परेसी के बाद मीर जाफर

[03:38:42] बंगाल का नवाब बन जाता है। कंपनी को बहुत

[03:38:45] सारा कंसेशन देता है, पैसा देता है और यह

[03:38:48] पैसा अब कंपनी कर्नाटक वॉर में यूज़ करके

[03:38:51] डिसाइसिवली

[03:38:53] वंस एंड फॉर ऑल फ्रांस का भारत में चैप्टर

[03:38:55] क्लोज कर देगी। ठीक है? तो इसी के चलते ना

[03:38:59] अभी 1756 में वॉर स्टार्ट हो जाती है। वॉर

[03:39:01] के 2 साल बाद ही ये जो फ्रांस है इसको

[03:39:04] रियलाइज होता है कि फर्स्ट कर्नेटिक वॉर

[03:39:07] में भी ऐसा था कि ब्रिटिश ने हम पर अटैक

[03:39:09] कर दिया था। तो इसने कहा इस बार हम मौका

[03:39:10] नहीं देंगे। वी विल नॉट वेट फॉर सिक्स

[03:39:12] इयर्स टू इनिशिएट दिस वॉर बैटल विद इंडिया

[03:39:15] विद ब्रिटिश इन इंडिया। 2 साल बाद ही

[03:39:17] इन्होंने कहा कि बताते हैं अब आपको। ठीक

[03:39:20] है? 2 साल बाद इन्होंने कहा कि अभी आपको

[03:39:23] बताते हैं। तो इन्होंने काउंट द लाली को

[03:39:27] गवर्नर जनरल बनाकर। ठीक है? तो फर्स्ट

[03:39:29] कार्नेटिक वॉर में हु वाज़ द गवर्नर जनरल

[03:39:31] एट द एंड ऑफ़ फर्स्ट कार्नेटिक वॉर?

[03:39:33] ड्यूप्लेक्स। सेकंड कार्नेटिक वॉर में

[03:39:35] ड्यूप्लेक्स था। लेकिन अंत आते-आते गोदेहू

[03:39:37] बन गया। और थर्ड कार्नेटिक वॉर में फ्रांस

[03:39:39] का गवर्नर जनरल कौन है? काउंट द लाली। यह

[03:39:42] नोट कर लेना क्रिस्प इंफॉर्मेशन मतलब

[03:39:45] एग्जाम में काम आएगी। तो काउंट द लाली जब

[03:39:47] 1758 में गवर्नर जनरल बना। इसने कहा कि

[03:39:50] अभी अटैक करो। तो इसने ब्रिटिश के कडलूर

[03:39:54] के पास ठीक है? चेन्नई के करीब सेंट डेविड

[03:39:58] नाम का इनकी एक एस्टैब्लिशमेंट थी। वहां

[03:40:00] पर इसने अटैक कर दिया। अटैक तो कर दिया।

[03:40:03] बट वही बात कि जो अटैक इनिशिएट करता है

[03:40:05] आधी तैयारी से इनिशिएट करेगा तो शुरू तो

[03:40:07] हो जाएगा। अब एग्जिट कैसे लोगे? अब

[03:40:09] अंग्रेजों ने कहा कि ये शायद भूल गए हैं

[03:40:12] कि बंगाल हमारे कदमों में है। तो बंगाल का

[03:40:14] सारा रिसोर्स अब यहां कर्नाटिक वॉर में

[03:40:17] यूटिलाइज हो रहा है। ठीक है? तो एक के बाद

[03:40:19] एक फ्रांस को 76 पड़ रहे हैं गीले।

[03:40:25] काउंट द लाली ने अटैक किया यह सोच के कि

[03:40:28] यह तो वही पुराने वाला ब्रिटिश है। ज्यादा

[03:40:29] कुछ होगा नहीं। बट पैसा है सपोर्ट भी है।

[03:40:32] और खुद के पास इसके पास नेवल सपोर्ट नहीं

[03:40:34] है। पिछली बार तो मॉरीिशियस से बुरदुने आ

[03:40:37] गया था। इस बार मॉरीशियस का भी सपोर्ट

[03:40:38] नहीं मिला। दूसरा फ्रांस की कंपनी सरकारी

[03:40:41] कंपनी थी और यह लॉसेस जनरेट कर रही थी। है

[03:40:46] ना? पब्लिक सेक्टर अंडरटेिंग की यह

[03:40:48] प्रॉब्लम होती है क्योंकि अक्सर जो उसको

[03:40:49] चलाने वाले अफसर होते हैं एक पॉइंट पर

[03:40:52] मतलब उनको पता होता है कि सरकार से पैसा

[03:40:54] मिल ही जाएगा तो क्या एफिशिएंसी क्या है

[03:40:58] नहीं तो इसके चलते उन्होंने ध्यान नहीं

[03:41:00] दिया तो एट दी एंड फ्रांस को काउंट दी

[03:41:04] लाली को एमिनेशन के लिए भी सरकार को

[03:41:07] चिट्ठियां लिखनी पड़ रही है और सरकार यही

[03:41:09] कह रही है फंड्स है नहीं हमारे पास

[03:41:10] एमिनेशन के पैसे नहीं है इस चीज से

[03:41:13] फ्रस्ट्रेट होके फ्रस्ट्रेशन हो ही जाती

[03:41:15] है उधर अंग्रेज पीछे पड़े हुए हैं। सरकार

[03:41:17] समर्थन दे नहीं रही। ठीक है? सोल्जर्स लग

[03:41:20] रहा है कि सब के सब थके हुए हैं। थके भी

[03:41:22] हुए थे इतनी सारी लड़ाईयां लड़ के। तो

[03:41:24] इसका ना फ्रस्ट्रेशन निकलनी शुरू हो गई।

[03:41:27] एंड इट सीम्ड कि काउंट दी लाली। के मुंह

[03:41:29] पर लाली आ गई गुस्से भरी। और ये

[03:41:31] डिक्टेटोरियल रूट बिहेवियर दिखा रहा था।

[03:41:34] ठीक है? तो इसको चढ़ा गुस्सा। अब होता

[03:41:36] क्या है कि ऐसी सिचुएशन में ना कोई भी

[03:41:39] व्यक्ति मतलब आप अपना बॉस इमेजिन करो। ठीक

[03:41:43] है? इफ एनीवन ऑफ यू इज़ वर्किंग ट्राई टू

[03:41:45] इमेजिन योर बॉस। बॉस की क्या दिक्कत है कि

[03:41:47] अगर किसी रीजन से वह परेशान है तो उनको

[03:41:51] कोई भी हंसता हुआ आदमी अच्छा नहीं लगेगा।

[03:41:55] ठीक है? उनको कोई भी उनको लगेगा कि हैं ये

[03:41:59] हंस रहा है। उनको ऐसा लगेगा कि अच्छा ये

[03:42:01] हैं चंदन हंसते हुए मैराथन ले रहा है।

[03:42:03] हंसते हुए ऐसे इसका पानी हटाओ। मजाक कर

[03:42:07] रहा हूं। पर ऐसा होता है। इधर नहीं होता

[03:42:10] बट कुछ जगहों पर होता है। तो काउंट दी

[03:42:12] लाली का गुस्सा चढ़ा हैदराबाद पे। यह कह

[03:42:15] रहा है कि भाई मैं यहां पर जूतियां खा रहा

[03:42:17] हूं। पैसा मिल नहीं रहा मुझे। है ना?

[03:42:20] सेटबैक्स लग रहे हैं। और मार्कस तू

[03:42:22] हैदराबाद में बैठा आराम फरमा रहा है। चल

[03:42:24] इधर आके मेरा साथ दे। तो इसने सबसे बड़ी

[03:42:26] गलती की। मार्कस दीबस्सी को बुला लिया।

[03:42:29] हैदराबाद से कि मेरे साथ लड़ जाके। तो इस

[03:42:31] तरह से इसने डराने की कोशिश की। मार्कस

[03:42:34] दीबस्सी ने कहा ठीक है। कह रहा है आ जाता

[03:42:36] हूं भाई बुलाया मैं चला जाता हूं। मेरा

[03:42:38] क्या जाता है? यहां पर भी काम कर रहा था।

[03:42:40] वहां पर भी काम करूंगा। चला गया और पीछे

[03:42:43] फ्रांस का हद से मतलब निकट

[03:42:47] निकम्मे लोग जो होते हैं ना वो फ्रांस के

[03:42:49] हैदराबाद में बैठे हुए हैं। ठीक है? अब

[03:42:52] मार्कस दबस्सी की जाने की देर थी।

[03:42:54] अंग्रेजों ने ब्रिटिश ने क्या किया?

[03:42:56] ब्रिटिश ने अपने एजेंट्स भेजे सलाबत जंग

[03:42:58] के पास जिसने इनिशियली मुजफ्फर जंग की डेथ

[03:43:01] के बाद फ्रांस की प्रेजेंस को सलामत रखा।

[03:43:03] सलाबत जंग से इन्होंने राजमुंद्री और

[03:43:06] मसूलीपट्टनम की एक फेवरेबल ट्रीटी साइन

[03:43:08] करवा ली।

[03:43:10] नर्दन सरकार का राजमुद्री

[03:43:14] ब्रिटिश के पास आ चुका है। और जो फेमस

[03:43:17] मार्केट टाउन ऑफ मसूलीपट्टनम

[03:43:20] जो सेकंड कार्नेटिक वॉर के दौरान

[03:43:24] निजाम ने मुजफ्फर जंग ने ड्यूप्लेक्स को

[03:43:28] दिलवाया था। वो मसूलीपट्टनम भी फ्रांस के

[03:43:30] हाथ से गया। ठीक है? अब ये जो लॉसेस थे ये

[03:43:34] इररिवोकेबल थे। यह वापस नहीं अब ला सकता।

[03:43:37] फ्रांस इस स्थिति में है ही नहीं कि वापस

[03:43:38] ला सके। तो रेवेन्यू क्रंच जो इनका था वो

[03:43:41] और ज्यादा बढ़ गया और क्रिटिकल हो गया।

[03:43:43] फाइनली 1760 में बैटल ऑफ वंडी वॉश होती

[03:43:46] है। इसको वंदवासी भी कहते हैं। राइट? दिस

[03:43:49] वाज़ अ नेवल बैटल। राइट? वंडीवॉश की लड़ाई

[03:43:52] तमिलनाडु के पास ये लड़ाई होती है बिटवीन

[03:43:54] ब्रिटिश आर्मी इज लेड बाय जनरल आयरकूट।

[03:43:58] ठीक है? सेकंड कार्नेटिक वॉर में रॉबर्ट

[03:44:00] क्लाइव और स्ट्रिंगर लॉरेंस थे। और फर्स्ट

[03:44:03] कार्नेटिक वॉर में ब्रिटिश की साइड से कोई

[03:44:05] खास डोमिनेंस थी ही नहीं। कैप्टन पैराडाइज

[03:44:08] और महफूज खान थे। थर्ड कार्नेटिक वॉर में।

[03:44:11] अब यहां ब्रिटिश और फ्रांस की लड़ाई होगी।

[03:44:14] तो ब्रिटिश को आयरक रिप्रेजेंट कर रहे

[03:44:17] हैं। काउंट द लाली फ्रेंच आर्मी को लीड कर

[03:44:19] रहे हैं। बस्सी यहां पर पकड़ा जाता है।

[03:44:22] देखिए मार्कस द बस्सी है ना प्रोबेबबली

[03:44:24] हैदराबाद में आराम फरमाते। मे बी शायद आउट

[03:44:27] ऑफ प्रैक्टिस चला गया हो। तो यहां पर

[03:44:28] बस्सी यह पकड़ा जाता है। और वैसे भी

[03:44:30] ब्रिटिश को पता था कि काउंट द लाली अकेला

[03:44:32] कुछ भी नहीं कर पाएगा। तो इसको छोड़ो। तो

[03:44:34] ये वैसे ही मर जाना है। इसने बस्सी को

[03:44:37] पकड़ो। अगर बस्सी जिंदा रहा तो गड़बड़ हो

[03:44:40] जाएगी। ठीक है? तो यहां पर बस्सी को

[03:44:42] इन्होंने बंदी बना लिया। राइट? एंड अमिड्स

[03:44:45] दीज़ सेटबैक्स फ्रांस ने वही फर्स्ट

[03:44:47] कर्नेटिक वॉर की तरह जैसे ब्रिटिश मद्रास

[03:44:50] भागा था। फ्रांस पडीचेरी भागा। ब्रिटिश ने

[03:44:52] कहा हम भी नहीं छोड़ेंगे। ठीक है? ये भी

[03:44:54] पीछा करते गए। फ्रांस ने अपने एलाए मैसूर

[03:44:57] की सहायता लेने की कोशिश की। हैदर अली।

[03:44:59] ठीक है? और ये टीपू सुल्तान खुद को सिटीजन

[03:45:01] टीपू कहने वाले। इन्होंने कहा कि हम

[03:45:03] फ्रांस के अलायंस हैं। फ्रांस ने कहा एलए

[03:45:05] हो तो अलायंस दो। अब इनकी कोऑर्डिनेशन

[03:45:08] इतनी पुअर थी। काउंट दी लाली की गलती है

[03:45:10] सारी। इतनी पुअर कोऑर्डिनेशन हैदर अली ने

[03:45:12] अपनी सेना को डिस्पैच किया और शायद अगर

[03:45:16] इसकी सेना लाली को मिल जाती तो शायद ये

[03:45:19] ब्रिटिश को मतलब थोड़ा पलड़ा इनका भारी हो

[03:45:21] जाता।

[03:45:23] लेकिन इतनी पुअर कोऑर्डिनेशन जिस जगह पर

[03:45:24] हैदर अली की सेना पहुंची और जहां एक्चुअली

[03:45:27] इसकी जरूरत थी वो जगह ही बहुत दूर है। तो

[03:45:30] बिना कोई फाइट किए इनको एज इट इज़ वापस आना

[03:45:32] पड़ा हैदर अली की सेना को। राइट? तो

[03:45:34] कॉन्सिक्वेंटली पोंडीचेरी जो है वो

[03:45:36] अंग्रेजों के हाथ में चला गया। 1761 में

[03:45:39] पोंडीचेरी ने सरेंडर कर दिया कि भाई हमसे

[03:45:42] ना हो पाएगा। लो भाई तुम रखो हमारी जान

[03:45:44] बखश दो। हमें घर जाना है। फ्रांस जाना है

[03:45:46] वापस। वहां फख फ्रांस है। ठीक है? ठीक है?

[03:45:50] जैसे ये नाक बंद करके बोलते हैं फ्रेंच

[03:45:51] वाले। ठीक है? तो यहां पर अंग्रेजों को

[03:45:53] आया खूब मजा। तो अब फ्रांस का चैप्टर हो

[03:45:57] गया पूरी तरह से क्लोज। 1763 में

[03:46:01] पेरिस में समझौता होता है। ठीक है?

[03:46:04] प्रोशिया और ऑस्ट्रिया की ये जो लड़ाई चल

[03:46:06] रही होती है तो 1763 में यूरोप के अंदर

[03:46:09] पेरिस ट्रीटी साइन होती है। यह सेवन ईयर

[03:46:12] वॉर को भी हल्ट पर ले आती है। एंड पर ले

[03:46:14] आती है और साथ ही साथ पोंडीचेरी फ्रांस को

[03:46:17] वापस कर दिया जाता है। और कहा जाता है कि

[03:46:19] इसको दोबारा फर्टिफाई नहीं करना है। अगर

[03:46:21] करोगे तो

[03:46:24] ठीक है? है ना? अगर करोगे तो फिर तुम्हें

[03:46:27] लेने के देने पड़ जाएंगे। राइट? तो

[03:46:29] पोंडीचेरी वापस तो मिल जाता है बट फ्रांस

[03:46:31] के वो जो डोमिनेंट पोजीशन बेचारे ने है ना

[03:46:33] मेरे को तरस आता है वैसे कभी-कभी फ्रांस

[03:46:35] पे एक तो आने में लेट है ना ऊपर से इतने

[03:46:38] निकम्मे इनके राजा सबका नाम लुई 16 लोगों

[03:46:40] का नाम लुई ये कौन सा खानदान है भाई इनको

[03:46:42] नाम नहीं मिल रहा और कोई है ना लुई और

[03:46:45] उसके बाद मतलब अच्छा वाला चल रहा था और

[03:46:48] 1763 आते-आते मतलब 1746 में दबदबा था भाई

[03:46:53] का मतलब इन लेस देन 20 इयर्स इसका इतना

[03:46:56] बुरी हालत हो गई कि पूरी तरह से खत्म खत्म

[03:46:59] हो गया और अब सिर्फ ट्रेडिंग सेंटर बनके

[03:47:00] सिमट जाएगा। तो यह हाल हुआ बेचारे फ्रांस

[03:47:03] का तरह साधन। ठीक है? कोई नहीं बट यार

[03:47:06] इंडिया के साथ तो ज्यादा बुरा होगा

[03:47:08] क्योंकि बंगाल इनके हाथ में चला गया और

[03:47:10] फ्रांस ये फ्रांस का भी चैप्टर क्लोज। तो

[03:47:13] कर्नाटक और हैदराबाद यह कर्नाटक हैदराबाद

[03:47:17] का सलाबत जंग और कर्नाटक का मोहम्मद अली

[03:47:20] यह दोनों ही ब्रिटिश के पिट्ठू हैं और

[03:47:22] बंगाल में मीर जाफर को बिठाया हुआ है। तो

[03:47:25] अब ब्रिटिश ना इनका कॉन्क्वस चल रहा है।

[03:47:27] तो प्रैक्टिकली हैदराबाद एंड

[03:47:30] हैदराबाद एंड कर्नाटक एंड बंगाल। यह

[03:47:33] ब्रिटिश का इफेक्टिव कंट्रोल इसके ऊपर है।

[03:47:37] ठीक है? ये है पूरी की पूरी कहानी। अब मैं

[03:47:39] मानता हूं कहानी मैंने मतलब आई लव टेलिंग

[03:47:42] स्टोरीज बट आपके एग्जाम के पॉइंट ऑफ व्यू

[03:47:44] से ना आई ऑलवेज टेल टेबल बहुत काम आता है।

[03:47:47] 2 मिनट लगा के ना इस टेबल को पढ़ो एक बार

[03:47:50] और मुझे बताओ कि क्या ये टेबल सेंस बना

[03:47:53] रहा है इस टेबल से क्या आपको पूरा का पूरा

[03:47:56] सीन याद आ रहा है जो कुछ भी हुआ करनाटिक

[03:47:58] वॉश के टाइम पे और जिन्होंने अभी तक

[03:48:00] वीडियो को लाइक नहीं किया उनसे रिक्वेस्ट

[03:48:02] है वीडियो को लाइक प्लीज कर दो ठीक है कुछ

[03:48:04] नहीं जाएगा भाई तुम्हारा वीडियो को लाइक

[03:48:07] कर दो और यह टेबल पढ़ो। एक बार दो मिनट लगा

[03:48:10] के एक बार टेबल को पढ़ो।

[03:48:12] रीड द टेबल।

[03:48:22] रीड द टेबल फॉर 3 मिनट्स। 3 मिनट दो इस

[03:48:26] टेबल को पढ़ने में।

[03:48:29] टेक 3 मिनट्स टू रीड दिस टेबल।

[03:48:32] और बताइए। और डिस्कशन अभी तक कैसी लग रही

[03:48:35] है? प्रीलिम्स के पॉइंट ऑफ व्यू से? आई

[03:48:36] थिंक दीज़ आर द मोस्ट डिफिकल्ट टॉपिक्स। अब

[03:48:39] नेक्स्ट डिफिकल्ट टॉपिक्स तुम्हारा पता है

[03:48:40] क्या होता है? चार्टर एक्ट्स। ठीक है? ये

[03:48:42] रेवेन्यू सेटलमेंट्स और चार्टर एक्ट्स में

[03:48:44] बहुत बच्चे फंसते हैं। ठीक है? वो जो नॉन

[03:48:46] कोऑपरेशन वगैरह है ना वो तो मुझे भी पता

[03:48:48] है तुम्हें मुझसे ज्यादा अच्छे से आता है।

[03:48:50] लेकिन चार्टर एक्ट्स में रेवेन्यू एक्ट्स

[03:48:51] में इसमें तुम फंसते हो। अफगान वॉर में

[03:48:53] बहुत फंसते हो। ठीक?

[03:48:56] तो ये एक बार कंप्लीट करते हैं। ठीक है?

[03:48:59] ये सारी की सारी वॉर्स कंप्लीट करने के

[03:49:01] बाद राइट टिल अफगान वॉर्स। उसके बाद अपन

[03:49:03] चार्टर एक्ट स्टार्ट करेंगे। ठीक है? ठीक

[03:49:05] है? थ्री टेक 3 मिनट्स। ठीक है? वन मोर

[03:49:07] मिनट। एक और ले लो।

[03:49:10] और कितने बच्चे हैं यार जिनको लगता है कि

[03:49:13] अगर मैं तुम्हें ऑफलाइन पढ़ाऊं तो आप पढ़ना

[03:49:16] चाहोगे मुझसे? मतलब ऑनलाइन में वही बात है

[03:49:19] यार कि अभी जैसे मेरे सामने मुझे कैडबरी

[03:49:22] डेरी मिल्क दिख रही है। ठीक है? तो आई एम

[03:49:23] गेटिंग टेंपटेड। इसीलिए मैंने तुम्हें यह

[03:49:25] पढ़ काम पे लगा दिया है। ठीक है? अगर तुम

[03:49:27] मेरे सामने होते तो थोड़ी सी चॉकलेट मैं

[03:49:29] आपको भी देता। ऐसे शेयर करके मैं कंज्यूम

[03:49:31] करता हूं। बट वही है हाउ मेनी ऑफ यू थिंक

[03:49:34] दैट आई वुड बी एबल टू यू नो टीच रियली वेल

[03:49:36] इन ऑफलाइन एज वेल तो जितने लोगों को यह

[03:49:38] महसूस होता है

[03:49:40] तो कमेंट सेक्शन में ऑफलाइन लिख दीजिएगा

[03:49:43] वीडियो के कमेंट सेक्शन में बेस्ट इन

[03:49:45] ऑफलाइन राइट ये लिख सकते हो आप वीडियो के

[03:49:48] कमेंट सेक्शन में लिखना लाइव चैट में नहीं

[03:49:51] ठीक है फर्स्ट कर्नाटक वॉर ऑस्टिन वॉर ऑफ़

[03:49:54] सक्सेशन बैटल ऑफ मद्रास ठीक है ये फ्रांस

[03:49:57] ने ब्रिटिश को खदेड़ दिया सेंट थॉमस की

[03:50:00] लड़ाई इसको अडियार की लड़ाई भी कहते हैं।

[03:50:02] एक्सरसा जैप से एंड हो गया। सेकंड

[03:50:04] कार्नेटिक वॉर

[03:50:07] 1749 में स्टार्ट हुई। उससे पहले बैक

[03:50:10] ड्रॉप बताया आपको। आंबूर की लड़ाई। ठीक

[03:50:14] है? अनवरुद्दीन को डिफीट कर दिया। मार ही

[03:50:17] दिया। चंदा साहब को बना दिया नवाब।

[03:50:21] उसके बाद मुजफ्फर जंग। यह हैदराबाद का

[03:50:24] निजाम बन गया। ड्यूप्लेक्स ऑनर गवर्नर बन

[03:50:27] गया ऑफ द टेरिटरी साउथ ऑफ कृष्णा। नदी का

[03:50:30] नाम इंपॉर्टेंट होता है यूपीएससी में याद

[03:50:32] रखना मार्कस बसी ही अपॉइंटेड एस फ्रेंच

[03:50:36] रेजिडेंट इन हैदराबाद मुजफ्फर जंग की

[03:50:38] एक्सीडेंटल स्कर्मिश में 1751 में डेथ हुई

[03:50:40] तो सलाबत जंग बन गया सलाबत जंग ने नर्दन

[03:50:43] सरकार और मसूलीपट्टनम ये फ्रेंच को दे दिए

[03:50:47] और फाइनली

[03:50:50] जो सीज ऑफ आरकोट हुई फॉर 53 डेज बाय

[03:50:53] रॉबर्ट क्लाइव उसका अल्टीमेटली रिजल्ट

[03:50:56] क्या निकला कि कावेरी पार्क की एक लड़ाई

[03:50:58] हुई जिसमें चंदा साहिब ही गॉट डिफिटेड

[03:51:00] लेटर ही बिहाइडेड और आरकोट में मोहम्मद

[03:51:03] अली को बना दिया इन्होंने ब्रिटिश पिट्ठू

[03:51:07] ब्रिटिश का पपेट रूलर और यह क्या है थर्ड

[03:51:12] वॉर तो

[03:51:15] लंच ब्रेक अभी अभी दो भी नहीं बजे यार लंच

[03:51:18] ब्रेक क्यों 2:30 बजे करते हैं कोई नहीं

[03:51:21] 2:30 बजे तक मेरी कोशिश रहेगी मराठा वॉर

[03:51:23] तक कंप्लीट करवा दूं

[03:51:26] हम

[03:51:29] हां हां आशीष मेरा बच्चा 2:30 बजे तक रुक

[03:51:33] जाओ ना एक आधा बिस्किट बिस्किट रख लो और

[03:51:37] खाना है तो खा लो 2:30 बजे तक वेट कर लो

[03:51:40] प्लीज ठीक है मेरी बड़ी हंबल रिक्वेस्ट है

[03:51:42] आपसे ज्यादा एनर्जी मेरी लग रही है है ना

[03:51:46] 2:30 बजे तक ठीक है पौने 2:30 से 3 के बीच

[03:51:49] में मैं पक्का ठीक है लेट्स ट्राई टू फोकस

[03:51:52] अब आपको फ्री वेला मन शैतान का घर है ना

[03:51:56] तो इसलिए

[03:51:58] जितना ज्यादा हम वेट करेंगे ना उतनी

[03:52:00] प्रॉब्लम आएगी। पलासी को पढ़ते हैं। अब

[03:52:03] किस-किस को लगता है कि पलासी की लड़ाई

[03:52:06] पलासी की बैटल थी? बताओ। हां जी हिमांशी

[03:52:13] डू यू थिंक बैटल ऑफ पलासी वाज़ एक्चुअली अ

[03:52:15] बैटल? अभिषेक वाज़ बैटल ऑफ़ पलासी एक्चुअली

[03:52:18] अ बैटल?

[03:52:23] मेरे को अगेन यह शोभा नहीं देता।

[03:52:26] इस तरह से बोलना बट अगर मेरा कोई मित्र

[03:52:30] मुझसे कभी बात करता है और वो ऐसे कहता है

[03:52:32] पलासी की लड़ाई बैटल ऑफ पलास्सी तो मेरे

[03:52:34] मुंह से निकल जाता है घंटा बैटल मतलब शोभा

[03:52:37] बिल्कुल नहीं देता बट ये कानस्परेसी थी

[03:52:42] बिग बॉस के घर से कम नहीं था ये बंगाल में

[03:52:45] तो

[03:52:47] ये पलासी ना हुई होती तो थर्ड कर्नानेटिक

[03:52:50] वॉर में ब्रिटिश जीत ना पाते ठीक है तो

[03:52:53] जरा समझते हैं कि यार एग्जैक्टली ये हुआ

[03:52:55] क्या? राइट? ये चीटिंग थी। एग्जैक्टली

[03:52:58] चीटिंग थी ये। लेट्स ट्राई टू अंडरस्टैंड

[03:53:00] हुआ क्या? और ये बेचारे की किस्मत है।

[03:53:04] चलो अब यार देखो

[03:53:08] 177 में कौन मरा? कमेंट सेक्शन में बताओ।

[03:53:12] तुम्हें काम पे लगाना बड़ा जरूरी है। नहीं

[03:53:14] तो तुम्हारा ना भटकता है मन बहुत।

[03:53:17] 177 में कौन मरा?

[03:53:20] औरंगजेब। ठीक है? औरंगजेब मरा। औरंगजेब

[03:53:24] [नाक से की जाने वाली आवाज़] के मरने के

[03:53:25] बाद

[03:53:27] जितने भी मुगल सूबे थे जिनके गवर्नर्स

[03:53:30] एफिशिएंट थे उन्होंने प्रेफर किया कि यार

[03:53:34] औरंगजेब के बाद सारे के सारे निकम्मे राजा

[03:53:36] बैठे हुए हैं। हम इंडिपेंडेंट हो जाते

[03:53:38] हैं। तो जैसे आसफ जहां ऑफ निजाम ऑफ

[03:53:41] हैदराबाद

[03:53:43] ही एर्टेड इंडिपेंडेंस इन 1724

[03:53:46] इन द सेम वे मुर्शिद कुली खान ये आसफ से

[03:53:51] पहले ही आस के 1724 से ही पहले 1717 में

[03:53:55] इन्होंने इंडिपेंडेंस डिक्लेअर कर दी।

[03:53:58] मिडिवल हिस्ट्री में कई बार यह क्वेश्चन

[03:54:00] बन जाता है।

[03:54:02] फर्स्ट इंडिपेंडेंट

[03:54:07] नवाब

[03:54:10] ऑफ बंगाल कौन था? यह था मुर्शिद कुली खान।

[03:54:14] मुर्शिद कुली खान का रियल नेम जरा कोई

[03:54:16] मुझे बताएं कमेंट सेक्शन में। एवरीवन

[03:54:20] ट्राई टू टेल मी द रियल नेम ऑफ़ मुर्शिद

[03:54:22] कुली खान।

[03:54:24] बताओ मुर्शिद कुली खान का रियल नेम क्या

[03:54:26] है?

[03:54:29] मुर्शिद कुली खान का रियल नेम क्या है?

[03:54:33] एसआईपी के कुछ स्टूडेंट्स भी यार यहां पर

[03:54:35] लगा रहे हैं क्लास। बच्चे आपको तो पता

[03:54:38] होना चाहिए पी टू व के भी कुछ स्टूडेंट्स

[03:54:40] होंगे जो लगा रहे होंगे। मुर्शिद कुली खान

[03:54:42] का रियल नेम था सूर्य नारायण मिश्रा।

[03:54:50] ये इनका रियल नेम

[03:54:52] सूर्य नारायण मिश्रा। ये इनका रियल नेम

[03:54:52] था। बाद में जाकर ये मुर्शद कुली खान बन

[03:54:55] गए। एनीवेज ठीक है? अब यहां पर रिलीजियस

[03:54:58] डिबेट हमने स्टार्ट नहीं करनी। ठीक है?

[03:54:59] वेरी गुड हिमांशी। आगे देखो। ठीक है? बाकी

[03:55:02] बच्चे भी हैं। एवरीवन वेरी गुड। किसी एक

[03:55:03] बच्चे को ज्यादा बोल दूं ना बाकी पीछे पड़

[03:55:05] जाते हैं। एवरीवन इज़ डूइंग रियली गुड। ठीक

[03:55:07] है? नॉलेज बॉस, ऋतिक, आशुतोष, एवरीवन। चलो

[03:55:10] अब इसमें क्या है? मुर्शिद कुली खान की

[03:55:12] डेथ हो जाती है 1727 में। डेथ के टाइम पर

[03:55:16] मुर्शद कुली कहते हैं कि मेरा

[03:55:18] उत्तराधिकारी मेरा नाती बनेगा। मेरा

[03:55:21] उत्तराधिकारी मेरा नाती बनेगा। बिल्कुल

[03:55:23] ऑपोजिट।

[03:55:25] अलीवर, आसफ जहां ने क्या कहा था? आसफ जा

[03:55:28] ने कहा था नाती मेरी गद्दी के आसपास दिखना

[03:55:31] नहीं चाहिए मुझे मुजफ्फर जंग और इसलिए

[03:55:34] अपने बेटे को नासिर जंग को बना दिया

[03:55:36] इन्होंने कहा मेरा उत्तराधिकारी कौन बनेगा

[03:55:40] मेरा नाती बनेगा मेरा जवाई नहीं बनेगा ठीक

[03:55:42] है तो इनकी एक बेटी थी ज़ैनब निसा बेगम

[03:55:45] उनके हस्बैंड थे शुजााउद्दीन मोहम्मद खान

[03:55:48] शुजााउद्दीन मोहम्मद और ज़ैनब नीसा के बेटे

[03:55:50] थे सरफराज खान ठीक है तो सरफराज खान वास

[03:55:53] सपोज्ड टू बिकम नवाब ऑफ बंगाल इन 1727 बट

[03:55:58] सुजााउद्दीन मोहम्मद खान का एक फ्रेंड था

[03:56:01] अली वर्दी खान। उसने इनके कान भर दिए कि

[03:56:04] भाई तेरे होते हुए तेरा लड़का बनेगा

[03:56:07] बंगाल। अब इनकी हम करेंगे तोहफा कबूल करो।

[03:56:10] ठीक है? तो शजाउद्दीन मोहम्मद को लगा कि

[03:56:12] हां भाई सही बात है। यह मुर्शिद कोली

[03:56:15] बुड्ढा मरने से पहले मतलब मेरा नुकसान कर

[03:56:18] गया। मतलब हो सकता है कहा हो ऐसे। राइट?

[03:56:21] अगेन शोभा नहीं देता। बट जस्ट टू कीप कीप

[03:56:23] दिस बोरिंग हिस्ट्री लेसन अ लिटल

[03:56:26] इंटरेस्टिंग। जस्ट लेटिंग यू नो। तो इसने

[03:56:29] कहा कि भाई इसको चैलेंज करते हैं। तो यह

[03:56:31] क्या हुआ? अली वर्दी खान और शुजााउद्दीन

[03:56:34] मोहम्मद इन दोनों ने टीम बना ली। टीम बना

[03:56:37] के बंगाल गए। अब बंगाल की कैपिटल आज

[03:56:40] कोलकाता है। उस टाइम पे मुर्शिदाबाद थी।

[03:56:43] इन्होंने ही सेटअप किया था और अपने नाम के

[03:56:45] पीछे इन्होंने वो नाम डाला था।

[03:56:46] मुर्शिदाबाद।

[03:56:48] ठीक है? जैसे अगर मैं कभी बना प्राइम

[03:56:50] मिनिस्टर मैं भी एक नया शहर स्टार्ट

[03:56:53] करूंगा। चंदनपुर न्यू सिटी एंड आई विल मेक

[03:56:56] इट अ सुपर मिलेनियम सिटी एआई बेस्ड

[03:56:59] स्मार्ट सिटी सारा कुछ ठीक है एआई सिटी

[03:57:02] स्मार्ट सिटी टॉप क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर

[03:57:03] वगैरह-वगैरह एनीवेज तो ये लोग मुर्शिदाबाद

[03:57:06] में चले गए और सरफराज को कहा बाहर निकल

[03:57:09] गद्दी खाली कर नहीं तो लड़ाई के लिए तैयार

[03:57:11] हो जा तो

[03:57:14] मुर्शिद कुली खान की ना विधवा थी सरफराज

[03:57:18] की नानी मां उन्होंने कहा कि यार यह

[03:57:20] फैमिली का ब्लड शेड होता हुआ बिल्कुल सही

[03:57:22] नहीं लगेगा तो सरफराज की नानी ने यानी कि

[03:57:26] मुर्शद कुली खान की जो वाइफ थी विडो थी

[03:57:28] उन्होंने इनको कहा कि पापा के लिए गद्दी

[03:57:30] खाली कर दो आपका भी टाइम आएगा पापा ने मर

[03:57:32] ही जाना है मतलब मजाक कर रहा हूं कि आपको

[03:57:35] आपका भी मौका मिलेगा अभी के लिए फैमिली

[03:57:37] फ्यूड नहीं होना चाहिए सरफराज ही स्टेप्ड

[03:57:39] अवे लेकिन सरफराज ने कहा कि ये इसने मेरा

[03:57:42] ना पत्ता काटा है इसको कब इसको सीधा

[03:57:44] करूंगा कभी टाइम आया तो 1727 में सर

[03:57:48] शुजााउद्दीन मोहम्मद खान बिकम दी बंगाल्स

[03:57:51] नवाब और

[03:57:53] इन मतलब अली वर्दी खान से इंप्रेस हो के

[03:57:56] ना काफी सारी पावरफुल पोजीशंस इनको दे दी।

[03:57:59] ठीक है? नायब सूबेदार बना दिया इनको।

[03:58:01] राइट? सरफराज अभी चुपचाप देख रहे हैं। कह

[03:58:03] रहे हैं आएगा टाइम। कोई नहीं। 1739 में

[03:58:05] इनकी डेथ हो जाती है। सरफराज खान बिकम्स द

[03:58:07] नवाब। अब जब यह नवाब बनते हैं। अली वर्दी

[03:58:10] खान को पता होता है दैट ही विल कम टू मी।

[03:58:12] सरफराज खान को भी पता होता है कि बिकॉज़ ही

[03:58:14] नोज़ दैट आई एम गोइंग टू कम फॉर हिम। तो ही

[03:58:16] इज़ गोइंग टू कम फॉर मी। सो बोथ ऑफ़ देम

[03:58:19] थिंक दैट इससे पहले कि वो मेरी तरफ आए। हम

[03:58:21] ही आपस में चले जाते हैं। कंफ्रंटेशन कर

[03:58:23] देते हैं। तो 1740 में इनकी होती है

[03:58:25] कंफ्रंटेशन इन दी फेमस बैटल ऑफ गेरिया।

[03:58:29] ठीक है? इनकी 1740 में एक लड़ाई होती है

[03:58:31] गेरिया में। गेस क्या हुआ होगा? गेरिया

[03:58:35] में सरफराज खान मारा जाता है। यह वैसे ही

[03:58:37] मर गया। यह भी चले गए। तो ये जो मुर्शिद

[03:58:40] गुली खान की लीनिएज थी, यह खत्म हो जाती

[03:58:41] है। अली वर्दी खान की लीनेज हो जाती है।

[03:58:43] स्टार्ट। अली वर्दी खान के होते हुए

[03:58:46] अंग्रेज डरते थे। क्योंकि आदमी जितना

[03:58:48] मर्जी हमें लगे कि थोड़ा सा कमीना

[03:58:50] [गला साफ़ करने की आवाज़] है। बाप बेटे

[03:58:52] में लड़ाई करवा दी। बट एस फ एस

[03:58:55] स्टेट्समैनशिप इज कंसर्न ही वास क्वाइट

[03:58:58] काइंड ऑफ़ अ स्टेट मतलब बढ़िया ठीक-ठाक

[03:59:00] स्टेटमेंट था कि अंग्रेज डरते थे थोड़ा।

[03:59:02] ठीक है? एक बार ब्रिटिश ने एक बार अली

[03:59:05] वर्दी खान की फौज को चैलेंज करने की भी

[03:59:07] कोशिश की थी। नानी याद दिला दी थी इसने।

[03:59:10] ठीक है? बट वही बात है। बाद में माफ भी कर

[03:59:11] दिया था। क्योंकि अंग्रेज कहते थे हम तो

[03:59:13] व्यापारी हैं, बिजनेस करेंगे, पैसा आएगा,

[03:59:15] तुम्हारे भी राजकोष में जाएगा। तो इसलिए

[03:59:17] छोड़ दिया। अब अली वर्दी खान 1740 से लेकर

[03:59:21] 16 साल तक इसने राज किया। अब वही बात है

[03:59:23] कभी ना कभी सबका टाइम आता है। इसका भी आ

[03:59:25] गया। 1756 में इसकी डेथ हो जाती है।

[03:59:29] राइट? 1756 में इसकी डेथ हो जाती है। अली

[03:59:32] वर्दी खान की जब डेथ होती है तो अली वर्दी

[03:59:35] खान इज सक्सीडेड बाय हिज नाती।

[03:59:42] राइट यहां पर बेटी के बेटों का चलता है

[03:59:44] मतलब रिवाज है अच्छा खासा राइट तो इनके एक

[03:59:48] इनकी ना टोटल तीन बेटियां थी उनमें से एक

[03:59:52] बेटी की शादी एक थोड़े रिलेटिवली अंबल

[03:59:55] बैकग्राउंड के इंसान से हुई थी। ठीक है?

[03:59:57] जैसे

[03:59:58] रीना, मीना और मीना ये तीन बेटियां हैं।

[04:00:01] तो रीना की शादी एक ठीक-ठाक से इंसान के

[04:00:03] साथ हुई है। मतलब एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर

[04:00:05] है। लेकिन जो बाकी दो बेटियां हैं ये कोई

[04:00:08] डिप्टी गवर्नर है। ये कोई सूबेदार इस तरह

[04:00:10] से है ना उस तरह मतलब बढ़िया पोजीशन में

[04:00:13] हुई हैं। तो अली वर्दी खान ने इनको अपना

[04:00:17] उत्तराधिकारी चुना क्योंकि इन्हें था कि

[04:00:19] यह ठीक से रन कर लेंगे। बट जो बाकी बहनें

[04:00:23] थी दे डिड नॉट वांट हिम टू सक्सीड। तो एक

[04:00:27] इनकी मौसी का बेटा था इनका कजन जिसका नाम

[04:00:30] था शौकत जंग। अब नाम में शौक भी है, जंग

[04:00:34] भी है तो जंग करने का शौक था इसको। ठीक

[04:00:36] है? इसके पापा पूर्णिया के नायब सूबेदार

[04:00:38] थे। खैर वो फैमिली हिस्ट्री इज़ नॉटेंट। सो

[04:00:42] शौकत जंग वाज़ दी फौजदार ऑफ पूर्णिया। और

[04:00:46] सिराजुद्दौला की एक मासी थी घसीटी बेगम।

[04:00:48] तो इनका खुद का एज सच इस तरह की और संतान

[04:00:52] नहीं थी कि वो उसको नवाब बनाना चाहे। बट

[04:00:55] ये सिराजुद्दौला को भी नवाब की गद्दी पर

[04:00:57] नहीं देख सकती थी। इनकी हिस्ट्री की कुछ

[04:00:59] जो अनटोल्ड स्टोरीज होती हैं जो किताबों

[04:01:02] में नहीं बताई जाती, एनसीआरटी में नहीं

[04:01:04] बताई जाती। तो उसमें कुछ ऐसा कहा जाता है

[04:01:06] कि घसीटी बेगम डिड नॉट लाइक दी मदर ऑफ

[04:01:09] सिराजुद्दौला। तो इसलिए शौकत जंग को चाहती

[04:01:12] थी कि इसको बनना चाहिए नवाब। एंड दे

[04:01:15] कंस्पायर्ड अगेंस्ट सिराजुद्दौला। और

[04:01:17] ब्रिटिश के साथ इन्होंने बातचीत करनी भी

[04:01:19] शुरू कर दी। राइट? और इसी के साथ-साथ

[04:01:26] इसको हटा दो यार। यह

[04:01:29] इसका कोई काम नहीं है। है ना? इसका कोई

[04:01:32] काम नहीं है। सिराजुद्दौला दैट्स इट। है

[04:01:33] ना? तो अब ब्रिटिश के साथ इन्होंने बातचीत

[04:01:35] करनी भी स्टार्ट कर दी। अब सिराजुद्दौला

[04:01:38] के साथ प्रॉब्लम ये थी कि इनका ना इनके

[04:01:41] नाना जी तो इनको सपोर्ट करते थे लेकिन

[04:01:43] इनका बिहेवियर

[04:01:46] टू सम एक्सटेंट थोड़ा सा एोगेंट था।

[04:01:49] ठीक है? एोगेंट होने की वजह से

[04:01:53] या आप कह लीजिए कि सामने वाले को एोगेंट

[04:01:55] लगता था। तो उसकी वजह से इनके दरबार में

[04:01:58] बहुत से ऐसे लोग थे जो इनको पसंद नहीं

[04:02:01] करते थे। एंड दे वांटेड टू टोपल हिज थ्रोन

[04:02:04] डाउन। ठीक है? वांटेड टू यूसुर अप हिज

[04:02:06] थ्रोन। ठीक है? तो इनके साथ ना खूब सारे

[04:02:11] इंसिडेंट्स हो रखे हैं। सो देयर आर

[04:02:12] मल्टीपल रीज़ंस एंड मल्टीपल इंसिडेंट्स जो

[04:02:15] पलासी की लड़ाई तक लीड करेंगे। जैसे कि जो

[04:02:18] 1717 का फरमान था ये फरमान किसने साइन

[04:02:21] किया था? कमेंट सेक्शन में बताइए सब जने।

[04:02:24] हु साइन दी फरमान ऑफ 1717? हां जी बताओ

[04:02:27] 1717 का फरमान किसने साइन किया था?

[04:02:32] डॉनल्ड ट्रंप ने किसने किया था यार?

[04:02:40] तो ग्रोइंग किसका ठीक हुआ था? फारुख

[04:02:42] शियार। ठीक है। मैं एफएस लिख रहा हूं।

[04:02:45] एफएस था कौन? मुगल एपरर था।

[04:02:49] एफएस वास मुगल एपरर। तो

[04:02:53] [गला साफ़ करने की आवाज़] क्योंकि

[04:02:54] सिराजुद्दौला को पता था कि दस्तक का

[04:02:56] मिसयूज हो रहा है। तो इसलिए इसने कंपनी को

[04:02:59] यह लॉजिक दिया कि भाई ऐसा है कि 1717 में

[04:03:03] हम आजाद हो गए हैं। ठीक है? बंगाल इज़

[04:03:06] इंडिपेंडेंट। बंगाल जो है वह इंडिपेंडेंट

[04:03:09] हो गया है। तो टेक्निकली यह जो मुगल एपरर

[04:03:12] का फरमान है यह अब यहां नहीं चलेगा और

[04:03:14] वैसे भी तुम मिसयूज कर रहे हो। हमारा लॉस

[04:03:16] ऑफ रेवेन्यू हो रहा है कि अदरवाइज यह जो

[04:03:19] प्राइवेट ट्रेड है इस पे तो तुम्हें लेट्स

[04:03:21] से ₹100 देने हैं। तुम दे नहीं रहे दस्तक

[04:03:24] दिखा के। या तो तुम अपनी कंपनी के ना तुम

[04:03:27] अपनी कंपनी के सगे हो ना हमारे सगे हो।

[04:03:28] जहां पर तुम ट्रेड कर रहे हो। जिस थाली

[04:03:30] में खाते हो उसी में छेद कर रहे हो। तो कह

[04:03:32] ये इन्हने कहा कि ये फरमान जो है ना ये

[04:03:34] मैं एनल कर रहा हूं। ये नहीं चलेगा। लेकिन

[04:03:37] कंपनी स्टिल ट्राई टू मिसयूज इट एंड

[04:03:40] टेंशंस बढ़ना शुरू हो गई इनकी। दूसरा

[04:03:44] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[04:03:45] एक ना इनका अकाउंटेंट था कॉल्ड एज

[04:03:47] राजवल्लभ।

[04:03:50] राजवल्लभ जो थे यह अकाउंटेंट था

[04:03:52] सिराजुद्दौला का। इसने खातों में ना बहुत

[04:03:55] ज्यादा घपला दिया। और एक तो वैसे बेचारे

[04:03:59] की ट्रेजरी में कुछ पैसा आ नहीं रहा।

[04:04:01] बिकॉज़ ऑफ़ दिस फरमान। है ना? ना फारुख शहर

[04:04:03] भी ना मतलब अपना ग्रोइंग ठीक करवा के

[04:04:06] सिराजुद्दौला के बवासीर लगा के चले गए।

[04:04:08] मतलब दैट्स अनदर वे ऑफ़ सेइंग इट इन अ

[04:04:10] स्लैंग लैंग्वेज। ऑलदो अगेन शोभा नहीं

[04:04:12] देता। बट

[04:04:16] यही हुआ है ना देसी भाषा में तो यही

[04:04:18] बोलेंगे हम। तो एक तो वैसे ही पैसा नहीं आ

[04:04:21] रहा जितना है वो भी राजबल्लभ उड़ा के ले

[04:04:23] गया और अपने बेटे कृष्णदास को भी थोड़ा सा

[04:04:26] दे दिया। तो कृष्णदास जो है इसके पीछे

[04:04:30] सिराजुद्दौला ने अपनी सेना लगा दी कि इसको

[04:04:32] किसी तरह पकड़ो इससे पैसा रिट वापस लेना

[04:04:35] है। कृष्णदास जाके ब्रिटिश के पास छिप गया

[04:04:39] और ब्रिटिश ने भी इनको पनाह दे दी क्योंकि

[04:04:41] कृष्णदास राजवल्लभ भी कहीं ना कहीं

[04:04:43] ब्रिटिश को ये धांधलेबाजी करने में मदद

[04:04:45] करते थे। इसके बाद जब यह टेंशंस बढ़ना

[04:04:49] शुरू हो गई तो ब्रिटिश को लगा कि यार जैसे

[04:04:53] हमने चंदा साहब को मरवा के मोहम्मद अली को

[04:04:57] कर्नाटक में नवाब बनाया उसी तरह से

[04:04:59] सिराजुद्दौला को हटाकर शौकत जंग नॉट सलाबत

[04:05:03] शौकत [हंसी] शौकत जंग ठीक है तो शौकत जंग

[04:05:06] को हम यहां पे क्या बना देंगे नवाब बना

[04:05:08] देंगे ठीक है तो इन्होंने घसीटी बेगम शौकत

[04:05:11] जंग के साथ बातचीत करनी शुरू कर दी ये पता

[04:05:13] लग गया सिराजुद्दौला को सिराजुद्दौला ने

[04:05:14] कहा कि यार ये तो बड़े गंदे हैं। मेरे

[04:05:17] दुश्मनों को सपोर्ट भी कर रहे हैं, बातचीत

[04:05:19] भी कर रहे हैं। और 100 बातों की एक बात से

[04:05:22] ईयर वॉर स्टार्ट हो चुकी थी इन 1756।

[04:05:26] यह साल चल रहा है हां 1756 का ही साल चल

[04:05:30] रहा है। और इसमें ना फोर्ट विलियम पे

[04:05:32] इन्होंने कहा कि हमें फ्रांस से डर लग रहा

[04:05:34] है भाई। है ना? वो ₹10 वाला बिस्कुट कितने

[04:05:36] का है? जी और उसमें अब मुझे लग रहा है तरह

[04:05:39] से डर। बस वही बोल के इन्होंने लगा दी

[04:05:42] तोपें। फोर्ट विलियम की छत के ऊपर तोपें

[04:05:45] रख दी। अब मुझे बताओ आगे पीछे अगर यह सब

[04:05:48] होता ना तो शायद से प्रोबेबबली

[04:05:51] सिराजुद्दौला इग्नोर करता इसको कि चल कोई

[04:05:53] नहीं बच्चे हैं तोप लगा रहे हैं। कोई बात

[04:05:55] नहीं जाने दो। लेकिन ये फरमान का मिसयूज

[04:05:59] कर रहे हैं। फ्यूजिटिव्स को शेल्टर दे रहे

[04:06:02] हैं। कॉनस्पिरेटर्स के साथ बातचीत कर रहे

[04:06:05] हैं। अब इसके बैकग्राउंड में जब यह अपने

[04:06:07] मेन एडमिनिस्ट्रेटिव हेड क्वार्टर के ऊपर

[04:06:09] तोप लगाएंगे। अगर मैं नवाब हूं या मान लो

[04:06:12] आप नवाब हो। आपको लगेगा नहीं कि लगेगा कि

[04:06:14] यह आपके ऊपर अटैक करने आ रहे हैं। टेल मी

[04:06:16] इन द कमेंट सेक्शन।

[04:06:18] भाई लगेगा। ठीक है? लगेगा। कोई बहुत ही

[04:06:22] विचित्र अलग ही नस्ल के होना पड़ेगा अगर

[04:06:25] आपको लगे कि कोई बात नहीं। तोप ही तो लगाई

[04:06:27] है। नहीं भाई तुम्हारे लिए ही आ रहे हैं।

[04:06:29] ठीक है। जब यह तोप लगाई सिराजुद्दौला का

[04:06:31] हो गया दिमाग खराब। सिराजुद्दौला ने अपने

[04:06:34] एक अफसर को पकड़ा। इस अफसर का नाम था

[04:06:37] मानिकचंद।

[04:06:41] ठीक है। मानिकचंद को कहा कि आजा फोर्ट

[04:06:45] विलियम चलते हैं। फोर्ट विलियम जाकर इसने

[04:06:47] घेर लिया फोर्ट विलियम को। ना केवल घेरा

[04:06:50] इसने वहां के अफसरों को अरेस्ट कर लिया।

[04:06:53] ठीक है?

[04:06:55] तो

[04:06:57] जो फोर्ट विलियम का गवर्नर था, यह वैसे

[04:07:00] क्लाइव की फोटो है। बट फॉर द टाइम बीइंग

[04:07:02] लेट अस्यूम दैट दिस इज़ गवर्नर रजर ड्रैक।

[04:07:05] रजर ड्रेक वास द ऑफिसर इन चार्ज ऑफ फोर्ट

[04:07:07] विलियम एंड बंगाल का गवर्नर था जॉन जी

[04:07:11] हॉलवेल।

[04:07:12] देखिए जॉन जी हॉलवेल वाज़ द गवर्नर ऑफ़

[04:07:14] बंगाल और रजर रेक फोर्ट विलियम का ऑफिसर

[04:07:17] इंचार्ज था। तो बड़ी ही चालाकी से रजर रेक

[04:07:20] ने हॉलवेल को कहा कि सर देखो बंगाल में

[04:07:23] आपका होना जरूरी है क्योंकि आप तो बंगाल

[04:07:25] के गवर्नर हो। मैं बेचारा मामूली अफसर मैं

[04:07:28] एक काम करता हूं। मैं मद्रास कंटिंजेंट से

[04:07:31] मदद मांगने की कोशिश करता हूं। मैं समुद्र

[04:07:34] की तरफ जा रहा हूं। ठीक है? बे ऑफ़ बंगाल

[04:07:35] में जाके और नीचे से वह पानी के रास्ते

[04:07:38] मद्रास से मदद मांगने की कोशिश करता हूं।

[04:07:40] तो यह भाग गया और पीछे से ये छोड़ गया

[04:07:43] करीब-करीब 146 पीपल जिसमें महिलाएं और

[04:07:46] बच्चे भी शामिल हैं। हॉलवेल भी मौजूद है।

[04:07:48] अब सिराज ने मुझे नहीं पता क्या बोला होगा

[04:07:51] मानिकचंद को। लेकिन मेरे ख्याल से सिराज

[04:07:54] ने यही कहा होगा कि मानिक चंद ध्यान रहे

[04:07:56] कि यह जो किला है अब यह हमारे कब्जे में

[04:07:58] है। बस मानिकचंद ने क्या किया? ये जितने

[04:08:02] 146 लोग हैं इन्हें 18 फीट/4 फीट के कमरे

[04:08:05] में दो छोटी-छोटी खिड़कियों के साथ बंद कर

[04:08:07] दिया। तो ये इंसिडेंट जो है ना

[04:08:10] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[04:08:11] 1920 जून की इंटरवीनिंग नाइट पे हुआ। ठीक

[04:08:14] है? 19 जून की रात को 146 लोगों को 18

[04:08:17] फीट/ 14 फीट। 18 फीट कितना होता है? मतलब

[04:08:19] एक आदमी की एवरेज हाइट 6 फीट माने तो तीन

[04:08:23] आदमी ऐसे लेटे हो। ठीक है? और बेयरली एक

[04:08:26] आदमी 1ढ़ आदमी आगे लेटा हुआ। नहीं दो आदमी

[04:08:30] ऐसे लेटे हुए हैं। तो 1146 पीपल इतनी छोटी

[04:08:33] सी जगह में प्रैक्टिकली वैसे पॉसिबल नहीं

[04:08:36] है। बट ब्रिटिश का तो यही अकाउंट है कि 18

[04:08:39] फीट/4 फीट की दो छोटी खिड़कियों के साथ ये

[04:08:41] यहां पर घूस दिए लोग। ठीक है? ये कमरा

[04:08:43] मुझे देखने में ज्यादा बड़ा लग रहा है।

[04:08:45] वैसे जो फोटो में दिख रहा है। और क्योंकि

[04:08:48] जून का महीना था और वो भी बंगाल में,

[04:08:50] कोलकाते में तो अगले दिन सिर्फ 23 लोग

[04:08:53] सर्वाइव किए। 123 पीपल डाइड। इस ट्रेजडी

[04:08:56] को। ठीक है? इस ट्रेजडी को ब्लैक होल

[04:08:59] ट्रेजडी कहा जाता है। अब यह पता है क्या

[04:09:02] है? यह ना एक स्टोरी है। स्टोरी नहीं है।

[04:09:05] एक्चुअली दिस इज अ रियलिटी। देखो ईस्ट

[04:09:08] इंडिया कंपनी की जो काली करतूतें थी ये

[04:09:11] काली करतूतें इंग्लिश मर्चेंट्स को भी पता

[04:09:14] थी। ठीक है? मेरे ना कुछ बहुत प्रिय

[04:09:16] स्टूडेंट्स हैं। अभी जिन के साथ मॉडर्न

[04:09:18] हिस्ट्री की ना पेड क्लास चलती है शाम

[04:09:20] 6:00 बजे। ठीक है? दीपांशु विग्नेश। तो

[04:09:24] मैंने ना टीम बनाई हुई है मी, दीपांशु एंड

[04:09:27] विग्नेश। मैं हमेशा ना अपने आप को और उन

[04:09:29] तीनों को मानता हूं कि हम ब्रिटिश

[04:09:31] मर्चेंट्स हैं। तो ब्रिटिश मर्चेंट्स ना

[04:09:33] सड़े हुए बैठे हैं वहां पे इंग्लैंड में।

[04:09:34] क्यों बैठे हैं सड़े हुए? क्योंकि उनको

[04:09:36] परमिशन है नहीं ईस्ट इंडिया के साथ ट्रेड

[04:09:39] करने का। केप ऑफ गुड होप के ईस्ट में

[04:09:41] ट्रेड करने का। और जिनको ट्रेड करना है

[04:09:44] यानी कि ईस्ट इंडिया कंपनी को यह लॉसेस

[04:09:46] उठा रही है। क्योंकि ट्रेड कर नहीं रही,

[04:09:49] लड़ाईयां लड़ती जा रही है। ट्रेड कौन कर

[04:09:51] रहा है? फिर ट्रेड कर रहे हैं इनके

[04:09:52] ऑफिसर्स और इनके ऑफिसर्स गंदा अंधा पैसा

[04:09:57] इंग्लैंड में लेकर आ रहे हैं। उनका

[04:09:59] लाइफस्टाइल किसी गवर्नर इंग्लैंड के

[04:10:01] गवर्नर से कम नहीं है। और यह सब देख के

[04:10:04] इंग्लिश मर्चेंट्स उनको लग रहा है कि यार

[04:10:06] इनको रोका ना गया तो यह तो पार्लियामेंट

[04:10:08] को भी खरीद लेंगे पूरा का पूरा।

[04:10:12] तो इसलिए पार्लियामेंट में ऑलरेडी

[04:10:14] फुसफुसाहट चल रही है। ठीक है? 1750 में

[04:10:18] ऑलरेडी फुसफुसाहट चल रही थी कि अगर कंपनी

[04:10:21] लॉस में है इनके अफसर के पास इतना पैसा

[04:10:24] कैसे है? तो इसलिए ना ईस्ट इंडिया कंपनी

[04:10:28] हमेशा अगर कुछ इंटरवेंशन करनी भी है ना

[04:10:30] पार्लियामेंट में ना प्रिटेक्स्ट क्रिएट

[04:10:32] करती थी कि इनका सपोर्ट मिले। ठीक है? तो

[04:10:37] यहां पर क्या हुआ? अब ये स्टोरी ये है कि

[04:10:39] यह ना सारा कुछ रॉबर्ट क्राइव ने कहानी

[04:10:42] बनाई है। ठीक है? लोग मरे नहीं मरे पता

[04:10:45] नहीं। बट अगर मानिकचंद रॉबर्ट क्लाइव के

[04:10:48] साथ मिला हुआ था और शायद सिराजुद्दौला

[04:10:51] नहीं रॉबर्ट क्लाइव के कहने पर उसने अगर

[04:10:53] यह हुआ इंसिडेंट तो रॉबर्ट क्लाइव के कहने

[04:10:55] पे किया। इस इंसिडेंट को रॉबर्ट क्लाइव ने

[04:10:58] ब्रिटिश पार्लियामेंट के सामने लेंथ एंड

[04:11:00] ब्रेड्थ में कहा कि सिराजुद्दौला मॉन्सर

[04:11:02] है। उसने यह कर दिया। 123 लोगों की जान

[04:11:05] चली गई। सफोगेट कर दिया। हम इतना नहीं कर

[04:11:07] सकते। ये नहीं ये लगा हुआ है ब्रिटिश

[04:11:08] पार्लियामेंट। पार्लियामेंट भी कहे कि बस

[04:11:10] थम जा यार। हां लड़ना चाहता है ना तो लड़

[04:11:12] ले लड़ ले। बदला लेना ले ले। राइट? तो ये

[04:11:15] 20th जून 1756 को ये इंसिडेंट हुआ पलासी

[04:11:19] की लड़ाई से लगभग एक साल पहले। ठीक है? अब

[04:11:22] रॉबर्ट क्लाइव को पता है कि सिराजुद्दौला

[04:11:25] का सगा कोई नहीं है। ठीक है? इसके दरबार

[04:11:28] में एक आदमी ऐसा नहीं है जो इसका सगा हो।

[04:11:30] ठीक है? तो इसको पता है कि सिराजुद्दौला

[04:11:32] वैसे ही जंग लड़ने से पहले ही हारा हुआ

[04:11:34] है। ठीक है? तो बहुत से लोग जैसे कि मीर

[04:11:37] जाफर सिराजुद्दौला का मीर बख्शी था। मीर

[04:11:40] बख्शी मिडीवल हो गया ना तुम्हारा। मीर

[04:11:42] बख्शी कौन होता है? कमांडर इन चीफ ऑफ द

[04:11:44] आर्मी। ठीक है? हेड ऑफ द आर्मी।

[04:11:49] जनरली यह सैलरीज डिस्पर्स करने में इनका

[04:11:52] काफी एक इंपॉर्टेंट रोल होता था और आर्मी

[04:11:54] को कमांड करते थे। राय दुर्लभ यह भी एक

[04:11:57] आर्मी में ऑफिसर था। यह भी नवाब की काफी

[04:11:59] बड़ी आर्मी का हिस्सा लीड करते थे।

[04:12:02] मानिकचंद कोलकाता का ऑफिसर इंचार्ज था।

[04:12:05] आमिरचंद एक बहुत अमीर मर्चेंट था।

[04:12:08] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[04:12:09] तो युद्ध के समय पर क्या होता है कि यार

[04:12:11] पैसा चाहिए होता है। युद्ध में ऐसा नहीं

[04:12:13] हो सकता। जैसे काउंट दी लाली के साथ क्या

[04:12:14] हुआ? एमिनेशन और फंड्स दोनों की शॉर्टेज

[04:12:17] से हार जाते हो आप। तो जब लड़ाई पे जाना

[04:12:19] होता है ऐसे अमीर लोगों के साथ दोस्ती

[04:12:21] बनाए रखनी चाहिए। क्योंकि उनका जो सरप्लस

[04:12:23] मनी है ना वो आप वॉर में यूज़ कर सकते हो।

[04:12:26] जीतने के बाद जब आपका टैक्स रेवेन्यू वापस

[04:12:28] आना शुरू हो जाए तो फिर आप उसको रिटर्न

[04:12:29] करते रहते हो ब्याज के साथ। आमिर चंद भी

[04:12:32] अंग्रेजों के साथ था। जगत सेठ

[04:12:36] यह इंडिया की हिस्ट्री के वन ऑफ द

[04:12:38] लार्जेस्ट बैंकर्स थे। द हाउस ऑफ जगत

[04:12:40] सेठ्स। ठीक है? यह बहुत बड़े बैंकर्स थे।

[04:12:43] इनके पास भी खूब सारा पैसा था जो जंग में

[04:12:46] यूज़ होता था। और कदीम खान ये सिराजुद्दौला

[04:12:50] की आर्टिलरी को बेसिकली मैनेज करते थे। तो

[04:12:55] ये सब के सब रॉबर्ट क्लाइव के साथ मिले

[04:12:58] हुए हैं। इसमें आमिर चंद ना ऑलमोस्ट स्पिल

[04:13:02] करने वाला था बींस लेकिन रॉबर्ट क्लाइव ने

[04:13:04] ना आमिर चंद को बेसिकली ना कुछ कंसेशंस

[04:13:06] चाहिए थे। तो रॉबर्ट क्लाइव ने ना झूठी

[04:13:08] चिट्ठी बनाई। उसको रेड लेटर एंड वाइट लेटर

[04:13:11] कहा जाता है। ठीक है? तो जो रेड लेटर थी

[04:13:14] वो उसको कहा जाता है कि दैट वास शोन टू यू

[04:13:19] नो धोखे में रखने के लिए आमिर चंद को और

[04:13:22] वाइट लेटर में एक्चुअल एग्रीमेंट थी जो

[04:13:24] रॉबर्ट क्लाइव मनवाना चाहता था अपनी। ठीक

[04:13:26] है? तो यह धोखा देके ना इसने आमिर चंद को

[04:13:28] अपने साथ कर लिया। नहीं तो आमिर चंद

[04:13:30] सिराजुद्दौला को बताने वाला था कि

[04:13:31] एक्सक्टली चल क्या रहा है और आपको कैसे इन

[04:13:33] सब से निपटना पड़ेगा। बाकी सब लोग बिके

[04:13:36] हुए थे। तो बस रॉबर्ट क्लाइव ने सबसे पहले

[04:13:39] तो सिराजुद्दौला के ऊपर प्रेशर डाला।

[04:13:43] सिराजुद्दौला के ऊपर ना प्रेशर डालना शुरू

[04:13:45] कर दिया। तो अब सिराजुद्दौला को भी ना

[04:13:48] धीरे-धीरे रियलाइज होना शुरू हो गया है कि

[04:13:50] लड़ाई होने पे आमिर चंद इन्होंने नखरे

[04:13:53] करने शुरू कर दिए कि पैसा ही नहीं है।

[04:13:55] हमारा तो सारा पैसा लगा हुआ है। हम कर ही

[04:13:56] नहीं सकते फंड। जगत सेठ भी सेम चीज कर रहा

[04:13:59] है। खदीम खान नखरे सब जने नखरे कर रहे

[04:14:01] हैं। तो सिराजुद्दौला को पता है कि मैं

[04:14:02] लड़ नहीं पाऊंगा शायद।

[04:14:06] रॉबर्ट क्लाइन ने डिमांड्स रखने शुरू कर

[04:14:07] दिए। उसने कहा पहले तो ब्लैक होल ट्रेजडी

[04:14:10] की रेपरेशन दो हमें ब्रिटिश को। दूसरा

[04:14:14] उसने कहा दस्तक हम यूज़ करेंगे।

[04:14:19] दस्तक हम हमें फरमान मिला है वी विल यूज़

[04:14:22] दस्तक। तूने जो करना है कर ले। राइट? और

[04:14:25] इसके साथ कुछ और फोर्ट विलियम को कहा कि

[04:14:29] यह वापस कर जो तुमने एक्वायर कर रखा है कि

[04:14:31] फोर्ट विलियम वापस करो हमारा। हमारा है वो

[04:14:34] टेरिटरी। तो इसके साथ रॉबर्ट क्लाइव ने

[04:14:37] ट्रीटी ऑफ़ अलीनगर साइन की।

[04:14:40] ठीक है? बेसिकली क्या हुआ कि यह जो फोर्ट

[04:14:43] विलियम को इन्होंने कैप्चर कर लिया

[04:14:44] नालकाता कोलकाता को कैप्चर करने के बाद

[04:14:48] सिराजुद्दौला ने उसका नाम चेंज करवा दिया।

[04:14:50] उसको अलीनगर नाम दे दिया। ठीक है? जब

[04:14:53] रॉबर्ट क्लाइव को कंफर्म हो गया कि मेरे

[04:14:55] पास ब्रिटिश पार्लियामेंट का सपोर्ट है,

[04:14:57] मेरी सरकार का सपोर्ट है। तो नाउ आई कैन

[04:15:01] मैं मतलब कर सकता हूं सिराजुद्दौला से

[04:15:05] पंगा ले सकता हूं। तो इसमें 9 फरवरी को 9

[04:15:08] फरवरी 1757

[04:15:10] शुरू हो चुका है। अब तो 9 फरवरी 1757 को

[04:15:14] यहक में ही व्हिच वाज़ कॉल्ड एट कॉल्ड एज

[04:15:17] अलीनगर एट दैट टाइम। रॉबर्ट क्लाइव ने

[04:15:19] काफी सारी कंसेशंस मांगी जैसे ड्यूटी फ्री

[04:15:21] ट्रेड अ

[04:15:23] रिजंपशन ऑफ दी ट्रेड राइट्स तो वो सारा

[04:15:27] कुछ ना सिराजुद्दौला मानना शुरू हो गया

[04:15:30] राइट तो दस्तक की भी परमिशन दे दीक वापस

[04:15:34] दे दिया ठीक है ड्यूटी फ्री ट्रेड शुरू कर

[04:15:37] दिया तो इसके बाद ना रुक ही नहीं रहा था

[04:15:40] रॉबर्ट क्लाइव तो एक पॉइंट के बाद फिर

[04:15:42] सिराजुद्दौला को लगा कि यार यह तो सिर पे

[04:15:44] चढ़ते जा रहे हो आप ठीक है एक ट्रेजडी हो

[04:15:46] गई मुझे भी नहीं पता था ऐसा हो जाएगा है

[04:15:48] ना मानिकचंद ने किया उसको तो कुछ उसको

[04:15:51] पकड़ना चाहिए बट बट अब जो हुआ सो हुआ आपको

[04:15:54] यह दे भी दिया है। अब थम जाओ। रॉबर्ट

[04:15:56] क्लाइव नहीं थम रहा था। वो तोड़ने की

[04:15:58] कोशिश कर रहा था। स्ट्रेस टेस्ट ले रहा था

[04:16:00] सिराजुद्दौला को। फाइनली फिर जब बिल्कुल

[04:16:03] ही अनकंसीवेबल डिमांड्स रॉबर्ट क्लाइव ने

[04:16:06] सामने रख दी। तो सिराजुद्दौला ने कहा ठीक

[04:16:07] है यार लड़ना चाहता है। लड़ ही लेते हैं

[04:16:09] फिर। तो अब तैयारी हो गई लड़ाई की।

[04:16:13] तो क्लासी की लड़ाई होती है 1 साल 3 दिन

[04:16:17] बाद फ्रॉम ब्लैक होल ट्रेजडी। 23 जून

[04:16:21] वेरीेंट डेट। 23 जून 1757 में पलासी जो कि

[04:16:25] बंगाल की उस वक्त की कैपिटल मुर्शिदाबाद

[04:16:27] से 30 कि.मी. दूर थी। वहां पर ब्रिटिश के

[04:16:30] 350 सोल्जर्स नवाब के 500 सोल्जर्स के साथ

[04:16:34] फाइट करते हैं। ठीक है? और यह ना जून का

[04:16:36] महीना है। तो यहां पर ना बारिश भी होती

[04:16:38] है। बारिश के समय पर एक इंसिडेंट हुआ। यह

[04:16:40] जो खदीम खान था ना खदीम खान ने नवाब की जो

[04:16:44] कैनंस थी, आर्टिलरी तोपें थी उनको उसके

[04:16:47] ऊपर ना तरपालनी डाल ली। और वह पानी चला

[04:16:50] गया। उसमें कुछ बंदूकें भी ऐसी पड़ी रह गई

[04:16:53] क्योंकि नवाब का सगा था ही नहीं कोई। आधी

[04:16:55] से ज्यादा बंदूकें उनमें पानी भर गया है।

[04:16:58] कैनंस ये यूज़ कर नहीं सकते। बिना तैयारी

[04:17:00] के ये 500 सोल्जर्स पता नहीं क्या ही करने

[04:17:03] गए प्लासी। राइट? अब नवाब की साइड पे इनके

[04:17:07] दो ही बस लॉयल लोग थे। मीर मदन और दीवान

[04:17:09] मोहन लाल।

[04:17:11] मीर जाफर ने रॉबर्ट मतलब थोड़ा लड़ाई शुरू

[04:17:14] होती है और नवाब की जो मीर मदन और दीवान

[04:17:17] मोहन लाल की आर्मी है इनका पलड़ा होता है

[04:17:18] मतलब स्ट्रांग जाफर ने कहा क्लाइव को कि

[04:17:21] जब तक यह दोनों है ना मतलब दिक्कत आएगी तो

[04:17:25] ब्रिटिश आर्मी का एक स्नाइपर मीर मदन के

[04:17:27] सिर को टारगेट करता है और शूट कर देता है।

[04:17:30] जैसे मीर मदन की डेथ होती है पैनिकिक आ

[04:17:32] जाता है। मीर जाफर यहां सिराजुद्दौला को

[04:17:35] कन्विंस कर देता है कि आपका यहां रुकना

[04:17:37] सेफ नहीं है। आप कैपिटल मुर्शिदाबाद जाइए

[04:17:39] पीछे हम संभाल लेंगे। सिराजुद्दौला चला

[04:17:42] जाता है लेकिन पीछे से संभालना तो क्या एक

[04:17:44] दूसरे की तरफ देख के हंस के जो बची हुई

[04:17:48] लॉयल आर्मी होती है सिराजुद्दौला की उसको

[04:17:50] खत्म कर देते हैं ये। और यहां पे पलासी की

[04:17:53] लड़ाई मतलब इसमें कोई खास कैजुअल्टी नहीं

[04:17:55] थी। राइट? और मीर मतलब मीर मदन जैसे कुछ

[04:17:58] लोगों की जान गई थी। अदरवाइज 500 सोल्जर्स

[04:18:02] में से मुश्किल से 2000 होंगे जो शायद

[04:18:05] नवाब के सगे होंगे। बाकी सब के सब बिके

[04:18:08] हुए थे। तो, यह एक कॉनस्परेसी थी। इस

[04:18:10] कांस्परेसी के बाद नवाब सिराजुद्दौला इज़

[04:18:12] एग्जीक्यूटेड। उसकी एग्जीक्यूशन को भी

[04:18:14] जस्टिफाई कर दिया कि भ ये मॉन्सर है ब्लैक

[04:18:16] होल्ड ट्रेजडी की। तो इसका तो मरना

[04:18:18] बिल्कुल जायज है। उसके बाद जाफर को नवाब

[04:18:21] बना दिया। रॉबर्ट क्लाइव की ये सारी चीजों

[04:18:24] को देख के इतना खुश हुई ब्रिटिश सरकार कि

[04:18:26] इसको गवर्नर बना दिया बंगाल का। और खूब

[04:18:29] करप्शन की रॉबर्ट क्लाइव ने। इतनी करप्शन

[04:18:32] कि बाय द टाइम यह इंडिया से गया। एनुअली

[04:18:34] 4000 पाउंड जनरेट करने वाली रेंटल इनकम की

[04:18:38] प्रॉपर्टी थी इसके पास उस टाइम पर 40000

[04:18:41] पाउंड इट इज़ वेरी ह्यूज सम ऑफ मनी इसके

[04:18:44] बाद कंपनी को अगेन वो फरमान वाला इशू जो

[04:18:47] था वो अब अब तो मिल गया है ना जाफर ने कहा

[04:18:50] कि यूज़ करो उसको तो जो बंगाल का सूबा है

[04:18:53] ना दोस्तों बंगाल का जो सूबा है

[04:18:58] मुगल प्रोविंस में बंगाल सूबा कंप्राइड्ड

[04:19:01] ऑफ दीज़ थ्री एरियाज बंगाल इंक्लूड

[04:19:04] बांग्लादेश आर्ट्स ऑफ बिहार एंड उड़ीसा।

[04:19:07] तो इस एरिया में अब इनको फ्री ट्रेड करने

[04:19:09] का अधिकार मिल गया। दस्तक जो है अभी भी

[04:19:12] कहा कि प्राइवेट ट्रेड के लिए यूज़ नहीं

[04:19:14] करने। लेकिन क्योंकि मीर जाफर बैठा है हु

[04:19:16] इज़ जैकल ऑफ क्लाइव। तो यह इस चीज को

[04:19:19] इग्नोर करेगा। तो दस्तक जो है वो और

[04:19:22] मिसयूज़ होंगे प्राइवेट ट्रेड के लिए।

[04:19:23] हालांकि दे वर नॉट अलाउड टू डू इट बट दे

[04:19:25] विल इंक्रीस फर्दर मिसयूज़ ऑफ़ दस्तक। कंपनी

[04:19:29] को खुशी-खुशी में मीर जाफर ने 24 परगनों

[04:19:33] की जमींदारी दे दी। दीज़ वर दी मोस्ट

[04:19:36] फर्टाइल लैंड इनक नियर बंगाल नियरक इन

[04:19:39] बंगाल। तो 24 परगनाज़ की क्या कर दी?

[04:19:42] जमींदारी दे दी। एक ना होमवर्क दे रहा हूं

[04:19:44] आपको।

[04:19:48] सरकार

[04:19:50] परगना

[04:19:53] शिक

[04:19:55] एटसेट्रा ये ना लैंड के यूनिट्स थे मिडीवल

[04:19:58] टाइम्स में इनका असेंडिंग ऑर्डर याद रखना

[04:20:02] ठीक है मिडिवल हिस्ट्री के नोट्स को एक

[04:20:04] बार रिवाइज कर लेना ठीक है

[04:20:08] लैंड रेवेन्यू के पॉइंट ऑफ व्यू से

[04:20:11] छोटा यूनिट ठीक है वो बड़ा यूनिट बनाएगा

[04:20:14] फिर ग्रुप ऑफ दोज़ यूनिट्स वो और बड़ा यूनिट

[04:20:16] बनाएगा। तो इस तरह से सीक्वेंस चलती है।

[04:20:18] उसको याद कर लेना। सिर्फ एक सजेशन दे रहा

[04:20:20] हूं। इसके बाद 50 लाख के गिफ्ट मीर जाफर

[04:20:23] ने कंपनी के ऑफिसर्स को दे दिए और जितनी

[04:20:25] भी फ्रांस की सेटलमेंट्स थी बंगाल में वो

[04:20:27] सरेंडर कर दी। तो 1757 में अभी जो थर्ड

[04:20:32] करनेटिक वॉर है वो अभी होनी है। ठीक है?

[04:20:34] के थर्ड ग्रेनेथिक वॉर अभी होनी है। बट

[04:20:36] 1757 में पलासी की लड़ाई की वजह से बहुत

[04:20:39] सारे रिसोर्सेज बंगाल के ईस्ट इंडिया

[04:20:41] कंपनी के पास आ गए हैं। जिसकी वजह से दे

[04:20:44] हैड एन एज इन थर्ड कर्नेटिक वॉर एंड

[04:20:46] इवेंचुअली एक्सटर्मिनेटेड फ्रांस आउट ऑफ

[04:20:50] आउट ऑफ द पिक्चर इन इंडिया। ठीक है? उसके

[04:20:52] बाद फ्रांस कभी दोबारा उठ नहीं पाया। अब

[04:20:54] जब मीर जाफर जैसा आदमी नवाब बनेगा। जाहिर

[04:20:57] सी बात है कि बंगाल का डिक्लाइन होना

[04:20:59] लाजमी है। राइट? कई सारे जमींदारों को पता

[04:21:02] था मीर जाफर ने क्या किया है और उनको पता

[04:21:04] था कि कंपनी भी लूट ही रही है हमें। आइडली

[04:21:07] तो आप ट्रेड अगर कर रहे हो, आपका प्रॉफिट

[04:21:09] बन रहा है तो यू आर सपोज टू गिव टैक्स। और

[04:21:12] अगर आप नहीं दोगे तो हम किससे लोगों से

[04:21:14] लेंगे। मतलब इनडायरेक्टली यही मतलब हुआ ना

[04:21:16] आप मान लो फॉर एग्जांपल कि लेट्स से

[04:21:18] अंबानी अडानी जी ये सारे टैक्स नहीं दे

[04:21:21] रहे। मान लो लेकिन सरकार को टैक्स और आप

[04:21:24] कहां से आएगा? आप और हमारे ऊपर लग जाएगा

[04:21:26] ना। 18% का 26% हो जाएगा जीएसटी। तो

[04:21:29] एक्चुअली ये क्या है? लूट ही तो है। ये

[04:21:31] लूट है। उनके बिहाफ का टैक्स हमसे लिया जा

[04:21:34] रहा है। एग्जांपल दिए सिर्फ समझना समझाने

[04:21:36] के लिए। तो यहां पर कई सारे जमींदारों ने

[04:21:39] रिबेलियन करना शुरू कर दिया। सच एज राजा

[04:21:41] राम सिन्हा ऑफ मेदनापुर। ठीक है? और हज़र

[04:21:43] अली खान ऑफ पूर्णिया इसने भी रिबेल कर

[04:21:46] दिया। शाह आलम टू

[04:21:50] लेटर मुगल्स में आप यह पढ़ते हो कि इमादुल

[04:21:54] मुल्क नाम का ना एक वज़र आ गया था दिल्ली

[04:21:56] में। ठीक है? इमादुल मुल्क नाम का एक वज़र

[04:21:58] आ गया था दिल्ली में। मराठास का काफी

[04:22:01] वफादार था और ही एक्टेड एज किंग मेकर तो

[04:22:04] आलमगीर टू शाह आलम टू इनको ना क्विक मतलब

[04:22:08] यह डिसाइड करता था कि किसको क्या बनाना है

[04:22:11] तो शाह आलम टू की ना जान को खतरा था तो

[04:22:14] इसको दिल्ली छोड़ के भागना पड़ा बट

[04:22:17] लेजिटमेटली ही वास सपोज्ड टू बी द एपरर बट

[04:22:19] इमादुल मुल्क ने किसी और को बिठा दिया

[04:22:21] वहां पे तो इसलिए वो सीक्वेंस तो चलती है

[04:22:24] बट प्रैक्टिकली ही वास सपोज्ड टू बी द

[04:22:28] मुगल एपरर इसलिए इसलिए क्योंकि ही वाज़

[04:22:30] ऑलवेज ऑन द रन। इसको फ्यूजिटिव मुगल एपरर

[04:22:32] भी कहा जाता है शाह आलम टू को। तो शाह आलम

[04:22:36] टू ने कहा कि दिल्ली तो मिला नहीं। बंगाल

[04:22:39] में जाफर जैसे लोगों के हाथ बंगाल छोड़ने

[04:22:41] की जगह मैं यही थ्रोन ले लेता हूं और लोग

[04:22:44] भी जाफर से खुश तो थे नहीं। तो इवन ही

[04:22:46] ट्राइड टू कैप्चर बंगाल बट ही कुड नॉट डू

[04:22:48] इट। देखिए ब्रिटिश वर देयर टू सपोर्ट जाफर

[04:22:51] तो कुछ हो नहीं पाया। इसी के साथ-साथ जाफर

[04:22:53] अब ना लेट के अंगूर खा रहा है। अय्याशियां

[04:22:56] कर रहा है और कंपनी भी उसको कन्विंस कर

[04:23:00] रही है कि तुझे यहां सेना रखने की क्या

[04:23:02] जरूरत है? हम हैं ना तू खा ऐश कर। ठीक है?

[04:23:04] तो जाफर को धीरे-धीरे रियलाइज हुआ कि

[04:23:07] मिलिट्री सपोर्ट के लिए कंपनी के ऊपर वो

[04:23:10] बहुत ज्यादा डिपेंडेंट हो गया और कंपनी की

[04:23:12] फाइनेंशियल डिमांड्स ये खत्म ही नहीं हो

[04:23:14] रही। जब जाफर को अपनी गलती रियलाइज हुई तो

[04:23:18] यह कोशिश करेगा कि अब अंग्रेजों को हराने

[04:23:21] की कोशिश करते हैं। इस कोशिश में किसकी

[04:23:23] हेल्प लेगा? एज आई ऑलवेज टेल यू लोहे को

[04:23:25] लोहा काटता है। तो यह लोहा डच बना था।

[04:23:31] ठीक है?

[04:23:32] डच की फाइनल एग्जिट कब हुई थी इंडिया से?

[04:23:35] फटाफट बताओ कमेंट सेक्शन में। सेशन के

[04:23:37] स्टार्टिंग में किया ये।

[04:23:42] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[04:23:43] डच की फाइनल एग्जिट हुई थी 1825 में। एस

[04:23:46] पर दी प्रोविज़ंस ऑफ एंग्लो डच ट्रीटी ऑफ़

[04:23:48] 1824।

[04:23:50] राइट? तो जाफर ने डच अथॉरिटीज के साथ

[04:23:53] इंट्रीक करने की कोशिश की। लड़ाई भी हुई।

[04:23:56] बैटल ऑफ बिदर नहीं बेदरा लिखना। ठीक है?

[04:23:59] बैटल ऑफ बेदरा इन बंगाल रीजन। इस लड़ाई

[04:24:02] में डच हार गए और दोबारा कभी उठ नहीं पाए।

[04:24:07] ठीक है? वेरी गुड। हिमांशी आशुतोष

[04:24:09] एक्सीलेंट। तो ये सिचुएशन बनी कि मीर जाफर

[04:24:13] ना अब अपने ही जहाल में फंस गया। अब यहां

[04:24:15] पर

[04:24:18] यहां पर

[04:24:20] बंगाल की गवर्नमेंट को रियलाइज़ हुआ कि मीर

[04:24:22] जाफर तो हमारे किसी काम का नहीं है।

[04:24:23] एंट्री हमारे ही खिलाफ एंट्री कर रहा है।

[04:24:25] तो ये अब इसको हटाना चाहते थे। तो इनके

[04:24:28] पास क्या ऑप्शन थी? मीर जाफर का एक बेटा

[04:24:30] था जिसका नाम था मीरन।

[04:24:32] मीरन तो मारा गया था जंग में। मीरन का

[04:24:36] फर्दर एक और बेटा था। इसका नाम इज़ नॉटेंट।

[04:24:39] तो कंपनी सोच रही है कि मीरन के बेटे को

[04:24:42] अब नवाब बनाएं या फिर मीर जाफर के बेटी का

[04:24:46] बेटे को नवाब बनाएं। मीर कासिम को तो इससे

[04:24:49] पहले कंपनी सोचती मीर कासिम खुद ही बंगाल

[04:24:52] के उस वक्त के गवर्नर वसिट्ट के साथ

[04:24:55] बातचीत करनी इसने शुरू कर दी। वनसिट्ट को

[04:24:58] बोलना शुरू कर दिया कि भ आई कैन प्रूव टू

[04:25:01] बी मच बेटर एसेट फॉर यू। राइट? तो वनसिट्ट

[04:25:05] भी एग्री कर गए और मीर कासिम को बना दिया

[04:25:08] नवाब बंगाल का। नवाब बनने के बाद

[04:25:10] अंग्रेजों को खुश करने के लिए बुरदवान,

[04:25:13] मिदनापुर और चिटगोंग इन तीन इलाकों की

[04:25:16] जमींदारी

[04:25:18] कासिम ने दे दी ब्रिटिश को। जब ये

[04:25:21] जमींदारी दे दी यह था सिर्फ आई वॉश।

[04:25:24] रियलिटी में मीर कासिम जाफर से ज्यादा

[04:25:27] एफिशिएंट था। मीर कासिम को रियलाइज हो गया

[04:25:30] कि अंग्रेज क्या गेम खेल रहे हैं। तो इनकी

[04:25:32] छुट्टी करने के लिए इसने सबसे पहला काम यह

[04:25:34] किया कि मुर्शिदाबाद में कैपिटल नहीं रखनी

[04:25:36] क्योंकि यहां पर इनकी नजर घड़ी रहती है

[04:25:38] अंग्रेजों की। लेट मी टेक माय कैपिटल टू

[04:25:40] मोंंगीर इन बिहार।

[04:25:43] ताकि इन्फ्लुएंस अंग्रेजों का जो कोलकाता

[04:25:46] में इन्फ्लुएंस है उसका इन्फ्लुएंस यहां

[04:25:47] पर ना आए। मोंंगीर दूर था थोड़ा। मोंंगीर

[04:25:50] में ही इन्होंने एक गन फैक्ट्री भी बनाई।

[04:25:52] अपनी आर्मी को यूरोपियन लाइंस में ट्रेन

[04:25:54] करना शुरू कर दिया। ब्यूरोक्रेसी को

[04:25:57] ओवरहॉल करना शुरू कर दिया कि जो इनफिशिएंट

[04:25:59] ब्यूरोक्रेट्स थे, अंग्रेजों का ज्यादा

[04:26:01] समर्थन करते थे, उनको हटा दिया। स्टेट्स

[04:26:03] के फाइनेंससेस इंप्रूव होने शुरू हो गए।

[04:26:05] और कासिम ने डिसाइड कर लिया कि अपनी

[04:26:07] अथॉरिटी के डिफाइंस मैं झेलूंगा नहीं।

[04:26:09] क्योंकि अगर मैं वीक नजर आया तो आई वोंट

[04:26:11] बी एबल टू एडमिनिस्टर। तो एक राम नारायण

[04:26:14] नाम के डिप्टी गवर्नर थे बिहार के। नायब

[04:26:16] सूबेदार थे बिहार के। ही ट्राइड टू

[04:26:18] इंट्रीग ही ट्राइड टू सबज यू नो जपडाइज ह

[04:26:23] अथॉरिटी। बट मीर कासिम ने मरवा दिया उनको।

[04:26:26] ठीक है? ही गॉट हिम अससिनेटेड। राइट? ही

[04:26:29] गॉट हिम असिनेटेड। तो, यह सारे के सारे

[04:26:31] साइन जो थे ना, दीज़ वर साइन ऑफ़ एफिशिएंट

[04:26:33] एडमिनिस्ट्रेशन दैट बिगेन टू मेक ब्रिटिश

[04:26:36] वेरी एशियस। ब्रिटिश अब उनको टेंशन होनी

[04:26:39] शुरू हो गई कि ये भाई चल क्या रहा है। सो,

[04:26:42] कॉन्सिक्वेंटली अब अल्टीमेटली क्या है?

[04:26:44] मीर कासिम के साथ लड़ाई होगी अंग्रेजों की।

[04:26:46] अंग्रेजों को पसंद नहीं आ रहा जिस तरीके

[04:26:48] से मीर कासिम बंगाल को रन कर रहे हैं।

[04:26:50] उनको है कि भाई हमारी फ़िक्र करो। अपनी

[04:26:52] प्रजा की क्यों फिक्र कर रहे हो? तो यहां

[04:26:54] पर मीर कासिम जब फाइनेंससेस को ओवरऑल कर

[04:26:58] रहे थे तो उनको रियलाइज होता है कि ये जो

[04:27:01] दस्तक का इशू है ना यह एक्चुअली बहुत बड़ी

[04:27:04] प्रॉब्लम बनता जा रहा है किसी भी स्टेट को

[04:27:07] रन करने के लिए। अच्छा मुझे कमेंट सेक्शन

[04:27:08] में कोई बता सकता है कि भारत सरकार के पास

[04:27:11] इस बार के बजट के हिसाब से कितना पैसा

[04:27:13] एक्यूमुलेट हुआ है?

[04:27:16] जो रेवेन्यू आया है कितना अप्रोक्सिममेटली

[04:27:18] कितना पैसा एक्यूमुलेट हुआ है? इट इज 53

[04:27:21] लाख करोड़ अराउंड 53 लाख करोड़ तो देश को

[04:27:24] चलाने के लिए पैसा चाहिए और वह पैसा

[04:27:26] टैक्सेस से आता है। लोगों पर भी लगता है

[04:27:29] डायरेक्ट टैक्स और बिजनेसेस पर भी लगता

[04:27:31] है। तो आइडली कंपनी के अफसर बिजनेस कर रहे

[04:27:34] हैं। अगर हम मान भी लें कि दस्तक कंपनी के

[04:27:37] लिए है। अफसरों के लिए थोड़ी ना है। तो

[04:27:40] अफसर क्या कर रहे हैं कि यह क्योंकि इनको

[04:27:43] टैक्स नहीं पे करना पड़ रहा। अब मान लो

[04:27:45] मैं यह बोतल बेचता हूं। यह बोतल टैक्स के

[04:27:48] बाद ₹20 की है लेकिन बिना टैक्स के ₹15 की

[04:27:51] है। तो अगर मैं ब्रिटिश ऑफिशियल हूं मैं

[04:27:54] इसको ₹15 से 20 के बीच के प्राइस में बेच

[04:27:57] सकता हूं तब भी मुझे मुनाफा मिल जाएगा। और

[04:27:59] अगर मैं 20 से कम में बेचूंगा तो

[04:28:01] धीरे-धीरे जो मेरे राइवल मर्चेंट्स हैं वो

[04:28:03] आउट ऑफ बिनेस चले जाएंगे कि नहीं चले

[04:28:05] जाएंगे? कि मान लो नीलेश जो हैं वो 20 से

[04:28:08] नीचे बेच ही नहीं सकते इस बोतल को। नहीं

[04:28:10] तो मुनाफा नहीं आएगा। तो कंपनी ने इन

[04:28:13] टैक्सेस इन दस्तक के फायदे को मिसयूज करना

[04:28:15] ऐसा शुरू कर दिया कि मेनी मर्चेंट्स दे

[04:28:18] स्टार्टेड गोइंग आउट ऑफ बिनेस। मेनी

[04:28:20] इंडियन एंड अरब मर्चेंट्स जब लोकल

[04:28:22] मर्चेंट्स आउट ऑफ बिज़नेस चले गए तो वो लोग

[04:28:24] जो ट्रेजरी में पैसा डाल पा रहे थे कि वो

[04:28:28] ट्रेड कंडक्ट करेंगे तो वो तो कस्टम देंगे

[04:28:31] वो भी नहीं दे पा रहे। अब उनको तुमने आउट

[04:28:34] ऑफ बिज़नेस कर दिया। खुद ट्रेड कर रहे हो।

[04:28:36] वो तुमने पैसा देना नहीं। तो एक्चुअली मीर

[04:28:39] कासिम रियलाइज कि दस्तक इज अ वेरी

[04:28:41] क्रिटिकल प्रॉब्लम नहीं। ये तो बात खत्म

[04:28:43] हो जाएगी। ऐसे इसने वसिट आर्टट को बहुत सी

[04:28:46] चिट्ठियां लिखी कि सुधर जाओ। यह ऐसे गलत

[04:28:50] हो रहा है। प्यार से समझाने की कोशिश की।

[04:28:52] फर्म भाषा में समझाने की कोशिश की लेकिन

[04:28:54] कुछ भी नहीं हुआ। फाइनली थक हार के मीर

[04:28:56] कासिम ने क्या किया? मीर कासिम ने लोकल

[04:29:00] मर्चेंट्स के ऊपर भी लगने वाली ड्यूटी को

[04:29:02] हटा दिया। इसने कहा लेवल प्लेइंग फील्ड ले

[04:29:04] आओ। जब लेवल प्लेइंग फील्ड आएगा तो लोकल

[04:29:08] मर्चेंट मार्केट के बारे में ज्यादा अच्छे

[04:29:10] से जानता है। उसका नेटवर्क भी ज्यादा

[04:29:12] स्ट्रांग है। तो अगर अंग्रेज इस ₹20 की

[04:29:15] अदरवाइज बोतल को टैक्स ना देने की वजह से

[04:29:18] 16 या 17 की बेच रहा है तो अब लोकल

[04:29:20] मर्चेंट भी यह कर पाएगा। और क्योंकि उनके

[04:29:22] नेटवर्क ज्यादा स्ट्रांग हैं। ग्रेजुअली

[04:29:24] ब्रिटिश कैन गो आउट ऑफ बिज़नेस। एंड वंस दे

[04:29:26] गो आउट ऑफ बिज़नेस इन मर्चेंट्स के ऊपर

[04:29:29] वापस टैक्स लगा के बंगाल को उठा सकते हो।

[04:29:31] मीर कासिम ने यह सोचा।

[04:29:33] अब हुआ यह कि जैसे ही यह चीज हुई बंगाल की

[04:29:37] गवर्नमेंट जो ब्रिटिश की थी उनको रियलाइज

[04:29:39] होना शुरू हुआ दैट वी हैव स्टार्टेड

[04:29:41] मेकिंग लॉसेस एंड द रीज़न इज़ दिस न्यू

[04:29:43] पॉलिसी ऑफ़ मीर कासिम। सो कॉन्सिक्वेंटली

[04:29:46] इन्होंने कासिम को कहा कि आप यह हटा लो

[04:29:49] नहीं तो कॉन्सिक्वेंसेस बहुत हारश होंगे।

[04:29:51] कासिम ने कहा नहीं हटेगा। राइट? सो इसलिए

[04:29:54] अब ब्रिटिश और नवाब के बीच में स्करमिशेस

[04:29:57] होनी स्टार्ट हो गई। तो शुरुआत होती है जब

[04:30:00] ईस्ट इंडिया कंपनी पटना के ऊपर अटैक करती

[04:30:02] है इन 1763 राइट पटना पर जब अटैक होता है

[04:30:06] तो नवाब कुछ बैटल्स लड़ने की कोशिश करता

[04:30:08] है बट ही गेट्स डिफिटेड इस डिफीट से बचने

[04:30:10] के लिए ही थिंक्स कि यार मुझे अलायंसेस को

[04:30:13] बनाना पड़ेगा आई विल हैव टू क्रिएट

[04:30:15] स्ट्रांग अलायंसेस अदरवाइज आई माइट नॉट बी

[04:30:17] एबल टू सर्वाइव दिस वॉर तो यह अवध चला

[04:30:20] जाता है और अवध में जाके वहां के नवाब

[04:30:23] शुजाउद्दौला

[04:30:25] शुजााउद्दौला के साथ अलायंस बनाते हैं और

[04:30:27] दूसरी और एक शाह आलम टू फ्यूजिटिव मुगल

[04:30:30] एपरर उनके साथ भी इनकी अलायंस बन जाती है।

[04:30:33] ये तीनों एलआईएस बक्सर के बैटल फील्ड पे

[04:30:36] मिलते हैं। बक्सर की डेट क्या है? 2

[04:30:39] अक्टूबर।

[04:30:41] ठीक है? बक्सर अक्टूबर याद रखने का तरीका

[04:30:45] है। और प्लासी और बक्सर को मैंने क्या याद

[04:30:47] किया है? कंफ्यूजन हो जाती है। प्लासी में

[04:30:50] एस एस ई वाई आ रहा है। तो 77 जैसा लग रहा

[04:30:52] है यह। बक्सर में अर आ रहा है तो यह फोर

[04:30:56] जैसा लग रहा है 1764

[04:30:58] ठीक है और 2 अक्टूबर ठीक है कि सेकंड टाइम

[04:31:02] 20 टू टू सेकंड टाइम यहां पर इंडियंस को

[04:31:05] अंग्रेज हमारी जगह दिखाएंगे यार ठीक है

[04:31:08] लगता तो बुरा है बट गलतियां अपनी हैं।

[04:31:11] कंपनी की फर्सेस दे वर बीइंग लेड बाय मेजर

[04:31:14] मनरो और बक्सर की लड़ाई जो है अनलाइक

[04:31:17] पलासी बहुत हैवी कैजुअल्टीज यहां पर हुई

[04:31:19] दोनों साइड से खूब असला बरूद चला यहां पे

[04:31:23] फाइनली जब यह लड़ाई अपने अंत की तरफ आ रही

[04:31:27] है तो अंग्रेज जीत जाते हैं। ठीक है? और

[04:31:31] अंग्रेज 1764 में दे विन द बैटल

[04:31:34] [नाक से की जाने वाली आवाज़] एंड दे नाउ

[04:31:36] एंटर इंटू ट्रीटीज। ठीक है? के बैटल के

[04:31:38] बाद सेटलमेंट करने के लिए वो ट्रीटी साइन

[04:31:41] करते हैं। टोटल तीन ट्रीटी साइन होती हैं।

[04:31:43] फर्स्ट ट्रीटी ऑफ़ इलाहाबाद। बेसिकली अवध

[04:31:45] के नवाब के यहां जाके इलाहाबाद में ट्रीटी

[04:31:48] साइन करते हैं। फर्स्ट ट्रीटी ऑफ़ इलाहाबाद

[04:31:50] विद नवाब ऑफ़ अवध। सेकंड ट्रीटी ऑफ़

[04:31:52] इलाहाबाद विद शाह आलम टू। ठीक है? सेकंड

[04:31:54] ट्रीटी एंड शाह आलम टू याद रखना। एंड जनरल

[04:31:58] सेटलमेंट विद बंगाल। ठीक है? जनरल

[04:32:01] सेटलमेंट विद बंगाल। ये तीन चीजें ये तीन

[04:32:04] चीजें होती हैं। राइट? तो फर्स्ट ट्रीटी

[04:32:07] ऑफ इलाहाबाद में नवाब ऑफ अवध

[04:32:10] ही हैज़ टू पे ₹50 लाख टू ब्रिटिश एज वॉर

[04:32:13] इंडेमनिटी कि आपने हमारा नुकसान किया।

[04:32:15] इलाहाबाद और कोरा अवध के नवाब को गिव अप

[04:32:19] करना पड़ता है। और ब्रिटिश इलाहाबाद और

[04:32:21] कोहरा यह किसको दे देते हैं? शाह आलम टू

[04:32:24] को दे देते हैं। और सेकंड ट्रीटी ऑफ़

[04:32:26] इलाहाबाद के पॉइंट ऑफ व्यू से शाह आलम टू

[04:32:28] को कहते हैं कि देख भाई तू वैसे भाग रहा

[04:32:31] है। फ्यूजिटिव है। हमने तुझे इलाहाबाद और

[04:32:33] कोहरा दिलवाया। अब तू हमें दीवानी का

[04:32:37] अधिकार दे। बंगाल का दीवान बना। ठीक है?

[04:32:40] हालांकि बंगाल को इंडिपेंडेंट कर दिया है।

[04:32:43] बट अभी भी ट्रेडिशनल अथॉरिटी मुगल एपरर की

[04:32:45] चल रही है। तो शाह आलम टू को अपना पपेट

[04:32:48] बनाकर अपना वर्चुअल प्रिजनर बनाकर

[04:32:51] इन्होंने इलाहाबाद कोरा दे दिया और कहा

[04:32:53] यहां से मिलने वाले लगान से बची हुई

[04:32:55] जिंदगी आराम से गुजारना। बदले में बंगाल

[04:32:58] के दीवानी के अधिकार दे दो। बंगाल सूबा

[04:33:00] मतलब बंगाल, बिहार एंड उड़ीसा। राइट? और

[04:33:05] यह पहुंच गया इसके पास और अवध को एक

[04:33:08] फ्रेंडली बफर स्टेट बना दिया और सब्सिडरी

[04:33:11] अलायंस जैसी एक सेटलमेंट इसके ऊपर इंपोज

[04:33:13] कर दी। ठीक है? ये वेलेजली जैसी

[04:33:14] एग्जैक्टली तो नहीं है। बट हां इसमें अवध

[04:33:17] के आपको कहा गया कि अपनी आर्मी को रिड्यूस

[04:33:19] करो। जरूरत पड़ेगी तो हमारी ही आर्मी यूज़

[04:33:21] करेंगे। हम रेजिडेंट अपना रखेंगे आपकी

[04:33:23] कैपिटल में और हमें पे करने के लिए आपको

[04:33:26] पैसा भी देना पड़ेगा। राइट? तो दिस वाज़ दी

[04:33:28] फर्स्ट ट्रीटी ऑफ़ इलाहाबाद। इज़ दिस

[04:33:30] क्लियर? हां जी एवरीवन? इज दिस क्लियर

[04:33:37] है शिल्पी हिम हिमांशी मिलन ट्रैवल

[04:33:42] क्लियर है शिल्पी हिम हिमांशी मिलन ट्रैवल

[04:33:42] ट्राइब्स

[04:33:44] जग्गू

[04:33:46] अभिषेक रेनू क्लियर ना ठीक है ये फर्स्ट

[04:33:49] ट्रीटी ऑफ़ इलाहाबाद हो गई। सेकंड ट्रीटी

[04:33:51] ऑफ़ इलाहाबाद यहीं पे मैंने बता दी।

[04:33:52] इलाहाबाद कोरा शाह आलम टू को दिलाकर उसको

[04:33:56] वर्चुअल पेंशनर बना दिया। ठीक है? तो

[04:33:58] इलाहाबाद के ही किले में यह छ साल तक

[04:34:01] ब्रिटिश का पेंशनर बनकर रहा और 12 अगस्त

[04:34:04] 16 175 65 में 12th अगस्त 1765 में इसको

[04:34:10] एक फरमान साइन करना पड़ा दैट गव ब्रिटिश

[04:34:13] दी राइट टू कलेक्ट रेवेन्यू फ्रॉम बंगाल

[04:34:15] बिहार एंड उड़ीसा राइट इन रिटर्न कंपनी ने

[04:34:18] प्रॉमिस किया कि हम 26 लाख की एनुअल

[04:34:20] पेमेंट करेंगे और बंगाल बिहार उड़ीसा की

[04:34:23] निजामत का खर्चा भी उठाएंगे जो करीब-करीब

[04:34:25] 53 लै बनती थी लेकिन यह रेवेन्यू कले

[04:34:27] कलेक्शन से जो पैसा मिलता था वो इससे कई

[04:34:31] ज्यादा था। तो ब्रिटिश को पता था कि व्हाट

[04:34:33] दे आर गेटिंग व्हाट काइंड ऑफ़ डील दे आर

[04:34:35] गेटिंग हियर। इट वाज़ अ वेरी स्वीट डील फॉर

[04:34:37] ब्रिटिश। और यहीं से भारत की ड्रेन ऑफ

[04:34:40] वेल्थ और इकोनॉमिक

[04:34:42] सबजुगेशन होनी स्टार्ट हो जाती है। हमारा

[04:34:44] रूरल सोसाइटी का सत्यानाश इन्होंने करके

[04:34:46] रख दिया। यह हो गई अवध के साथ सेटलमेंट हो

[04:34:50] गई और शाह आलम टू के साथ सेटलमेंट हो गई।

[04:34:52] बंगाल का क्या? तो मीर कासिम को तो कर

[04:34:54] दिया एग्जीक्यूट। मीर कासिम को डिस्पोज

[04:34:57] करके मीर जाफर को वापस लेकर आई यह और इस

[04:35:00] बार उसे कहा कि हम ड्यूटी फ्री ट्रेड

[04:35:04] करेंगे बीच में चू नहीं करनी तूने। ठीक

[04:35:06] है? सिर्फ 2% साल्ट के ऊपर ड्यूटी पे करते

[04:35:09] थे। बाकी इनका फ्री मतलब और मिसयूज़ कर रहे

[04:35:12] थे ये अपने कंसेशंस को। नवाब और उसके

[04:35:15] सक्सेसर्स को ₹5 लाख पर मंथ देने पड़ेंगे

[04:35:18] इंग्लिश कंपनी को। राइट? एंड कंपनी जो है

[04:35:22] अफसरों की अपॉइंटमेंट में कंपनी से पूछ के

[04:35:25] अपॉइंटमेंट होंगी और नवाब को यह भी कहा कि

[04:35:27] अपनी मिलिट्री इस्टैब्लिशमेंट्स को कम कर

[04:35:29] दो क्योंकि ब्रिटिश है हम ध्यान रख लेंगे

[04:35:31] तुम्हें इस्टैब्लिशमेंट्स की जरूरत नहीं

[04:35:33] है। सो दे वर अलाउड टू यू नो कंडक्ट

[04:35:36] ड्यूटी फ्री ट्रेड नवाब एंड देयर

[04:35:38] सक्सेसर्स हैड टू पे 5 लाख पर मंथ टू

[04:35:40] इंग्लिश कंपनी एंड आल्सो अलाउ कंपनी टू

[04:35:42] इंटरवीन इन मैटर्स ऑफ़ अपॉइंटमेंट। ठीक है?

[04:35:44] 5 लाख किस चीज़ के लिए? क्योंकि अपनी

[04:35:46] मिलिट्री इस्टैब्लिशमेंट तुम कम कर रहे

[04:35:47] हो। हम तुम्हें जो प्रोटेक्शन दे रहे हैं

[04:35:49] उसके बदले और साथ ही साथ जब मीर जाफर की

[04:35:52] डेथ हो जाती है तो इसका बेटा होता है

[04:35:54] जिसका नाम होता है नजमुद्दौला। नजमुद्दौला

[04:35:56] इज अ माइनर। ठीक है? तो कंपनी चाहती तो

[04:36:00] मना भी कर सकती थी। इन्होंने कहा कि कोई

[04:36:01] बात नहीं गद्दी पर बैठ जाओ। पर बदले में

[04:36:03] डिफेंस फॉरेन रिलेशंस ये कंपनी डिसाइड

[04:36:06] करेगी। गद्दी पर तुम बैठोगे लेकिन डिफेंस

[04:36:08] और फॉरेन रिलेशंस मतलब दूसरे राज्यों के

[04:36:10] साथ क्या संबंध होंगे वो हम डिसाइड

[04:36:12] करेंगे। और जो सिविल एडमिनिस्ट्रेशन

[04:36:14] नॉर्मल डे टू डे जितने भी काम होते हैं

[04:36:16] रोड इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रेड वगैरह-वगैरह यह

[04:36:19] एक नायब सूबेदार मतलब डिप्टी नवाब ठीक है

[04:36:22] नायब सूबेदार मतलब सूबे सूबे का डिप्टी

[04:36:25] गवर्नर वो डिसाइड करेगा और इस गवर्नर को

[04:36:28] हम नॉमिनेट करेंगे एंड कॉन्सिक्वेंटली

[04:36:32] जनरल सेटलमेंट विद बंगाल के तहत

[04:36:36] ईस्ट इंडिया कंपनी

[04:36:39] डी जूर ठीक है इन थ्योरी दीवानी की हेड थी

[04:36:43] ठीक है इन थ्योरी ईस्ट इंडिया केम ईस्ट

[04:36:46] इंडिया कंपनी कंपनी बिकम दी मास्टर ऑफ

[04:36:49] दीवानी फंक्शनंस। बट इन प्रैक्टिस बिकॉज़

[04:36:53] नायब सूबेदार यह अपॉइंट करते थे। डिफेंस

[04:36:56] फॉरेन रिलेशन सरेंडर हो गए। तो इन

[04:36:59] प्रैक्टिस डी फैक्टो यह नवाब बन चुके हैं

[04:37:02] बंगाल के। थ्यरेटिकली दे आर ओनली रेवेन्यू

[04:37:06] ऑफिसर्स ऑफ बंगाल। बट प्रैक्टिकली दे आर

[04:37:09] दी नवाब। तो अपने ये असली रंग काहे छुपा

[04:37:12] रहे हो? बन गए हो तो बता दो ना बन गए हो

[04:37:14] नवाब। यह इसलिए छुपाए गए क्योंकि अगर इनके

[04:37:18] इन मंसूबों के बारे में उस समय बाकी लोगों

[04:37:22] को पता लग जाता वुड हैव यूनाइटेड अगेंस्ट

[04:37:24] द कंपनी। दूसरा ब्रिटिश पार्लियामेंट से

[04:37:27] भी अपने असली रंग छुपाने के लिए इन्होंने

[04:37:30] इस चीज को हाइड करके रखा कि बंगाल की

[04:37:32] पॉलिटिकल पावर भी हमारे पास है। दे केप्ट

[04:37:36] इट हिडन फ्रॉम ब्रिटिश पार्लियामेंट।

[04:37:38] राइट? दीवानी का अधिकार बता दिया। कहा कि

[04:37:40] ये हमारे कमर्शियल इंटरेस्ट के लिए अच्छा

[04:37:42] है। लेकिन ये नहीं बताया कि भ ये सब निजाम

[04:37:44] के फंक्शनंस भी धक्के से हमने अपने साथ कर

[04:37:47] लिए हैं। नायब सूबेदार की अपॉइंटमेंट हम

[04:37:49] ही करते हैं। राइट? और साथ ही साथ दूसरी

[04:37:52] यूरोपियन पावर्स भले ही कमजोर पड़ गई हैं

[04:37:55] लेकिन खत्म तो नहीं हुई। तो अगर खुद को

[04:37:57] इन्होंने नवाब डिक्लेअ कर दिया तो क्या

[04:37:59] दूसरी यूरोपियन पावर्स उसी तरह से टैक्स

[04:38:01] पे करती रहेंगी जिस तरह से नवाब के होते

[04:38:03] हुए कर रही हैं क्योंकि क्या होता है कि

[04:38:06] चोरचोर मुसेरे भाई है ना तो हो सकता है कि

[04:38:09] इनको पता लगे डच को फ्रांस को पता लगे कि

[04:38:11] ये नवाब बन गए तो ये डिफाई करना शुरू कर

[04:38:13] देंगे वो तुझे टैक्स देंगे [हंसी] है ना

[04:38:17] ऐसे करना शुरू कर दिया तो उससे भी

[04:38:18] इन्होंने छुपाया और एक सीधी सी बात

[04:38:21] अंग्रेज थे बहुत ही चालाक ठीक है ये थे

[04:38:25] एफिशिएंट कि भाई आपा काम करांगे एकदम चिल

[04:38:29] होके तो इन्होंने कहा कि यार अगर हमने

[04:38:33] डायरेक्टली डिक्लेअ कर दिया खुद को नवाब

[04:38:35] तो यह लोकल भाषा ये पर्शियन फारसी कौन

[04:38:38] सीखेगा यार ये डॉक्यूमेंट्स कौन पढ़ेगा

[04:38:41] इतना टाइम नहीं है इतना पैसा नहीं है मैन

[04:38:43] पावर नहीं है इन्होंने इस काम को आउटसोर्स

[04:38:46] कर दिया नायब सूबेदार को कहा कि तू पढ़ तू

[04:38:51] [नाक से की जाने वाली आवाज़] कर मेजर कुछ

[04:38:53] काम है जो हमें इंपैक्ट करे बता देना हम

[04:38:55] वहां वहां बता देंगे। अदरवाइज तू देख ले

[04:38:57] यार। ठीक है? पैसे की जहां पे बात है

[04:38:59] दीवानी की वो इनके पास है। तो यहां से

[04:39:01] कंपनी कुछ ज्यादा ही पावरफुल और स्ट्रांग

[04:39:04] बन जाती है। ठीक है? तो यह है आपकी पलासी

[04:39:07] और बक्सर। ठीक है? दिस इज योर पलासी एंड

[04:39:10] बक्सर।

[04:39:12] तो अब बताओ यार वुड यू लाइक टू हैव अ

[04:39:16] ब्रेक?

[04:39:18] ब्रेक ले लें फिर?

[04:39:23] बताइए।

[04:39:25] लेट्स ट्राई टू हैव अ ब्रेक। ठीक है? तो

[04:39:28] छोटी सी ब्रेक ले लेते हैं। लंच करना

[04:39:30] चाहते हो। ठीक है? तो ठीक है यार। अब

[04:39:32] जिन्होंने लाइक नहीं किया, प्लीज वंस अगेन

[04:39:35] प्लीज हिट द लाइक बटन। अपने फ्रेंड्स के

[04:39:36] साथ भी इसको जरूर शेयर करना। ठीक है? अब

[04:39:39] हम थोड़ी सी ब्रेक ले लेंगे। लेट्स टेक अ

[04:39:41] ब्रेक ऑफ

[04:39:43] 20 मिनट्स की ले लेते हैं यार। ठीक है?

[04:39:45] लंच करना चाहते हो? लेट्स टेक अ शॉर्ट

[04:39:48] ब्रेक ऑफ 20 मिनट्स। ठीक है? 25 मिनट्स

[04:39:51] चलो।

[04:39:53] 2:40 हो गए हैं तो हम मिलेंगे 3:05

[04:39:58] पे

[04:40:01] रिज्यूम एट

[04:40:03] 35

[04:40:05] PM

[04:40:07] ठीक है

[04:40:09] ठीक है 25 मिनट्स देख लेते हैं है ना मैं

[04:40:13] आप एक बार शुरू तो करो ठीक है लेट्स

[04:40:16] रिज्यूम एट 3 5 पीm

[05:00:30] हां जी एवरीवन वेलकम बैक

[05:00:43] मैं क्या जरा हम भी थोड़ा सा है ना मेंटल

[05:00:47] एक्सॉशन जब होती है ना आपके कमेंट्स पढ़ के

[05:00:49] बड़ा मजा आता है। और बताओ सभी लोग।

[05:00:56] चलो यार ठीक है। अब हम स्पीड पकड़ेंगे।

[05:01:00] ठीक है? अब थोड़ा अब

[05:01:03] मसूर वॉर्स मराठा वॉर्स ना मतलब दे आर

[05:01:06] रिलेटिवली ईजी। राइट? अब अब स्पीड होगी।

[05:01:09] ठीक है? अब चार्टर एक्ट्स थोड़ी देर में

[05:01:11] हमारा चार्टर एक्ट्स का पार्ट स्टार्ट हो

[05:01:14] जाएगा। ठीक है? तो

[05:01:18] चार्टर एक्ट्स करते वक्त

[05:01:21] वहां पर हमें एक बार

[05:01:24] वहां पर एक बार ध्यान रखेंगे कि आपको सारी

[05:01:26] चीजें समझ में आ जाए। ठीक है? तो उसके

[05:01:30] पहले अभी मतलब एवरीथिंग इज गोइंग टू गो

[05:01:32] क्वाइट स्विफ्टली। राइट? लेट्स वेट फॉर टू

[05:01:36] मोर मिनट्स फॉर एवरीवन। ठीक है? कुछ बच्चे

[05:01:38] अभी भी शायद कुछ ना कुछ खा रहे होंगे।

[05:01:40] राइट?

[05:01:46] टू मोर मिनट्स वेट कर लेते हैं स्टूडेंट्स

[05:01:50] की।

[05:01:55] ठीक है? एक सेकंड।

[05:01:58] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[05:02:11] अम्मा लस्सी और बना के ना आप फ्रिज में रख

[05:02:14] देना। लस्सी और बना के फ्रिज में रख देना।

[05:02:34] हां जी एवरीवन करें स्टार्ट।

[05:02:37] चलो

[05:02:50] चलिए।

[05:02:52] चलो यार। ठीक है। जो लोग खाना खा रहे हैं

[05:02:55] ना अभी आपको आपको कुछ नहीं करना। आप अपना

[05:02:58] फोन जो है ना वो अपने सामने जैसे आप खाना

[05:03:01] खाते वक्त आई एम वेरी श्योर आप में से

[05:03:03] बहुत से बच्चे फ्रेंड्स देखते हैं। ठीक

[05:03:05] है? तो उसी तरह से ना खाना खाते वक्त अभी

[05:03:09] आप क्या करो? आप अपना मोबाइल डिवाइस जो है

[05:03:12] वो सामने रख लो एंड जस्ट कीप लिसनिंग टू

[05:03:15] मी। ठीक है? मेरे को सुनते रहो। आपका काम

[05:03:19] हो जाएगा। ठीक है? अभी ज्यादा कोई एफर्ट

[05:03:21] नहीं करना। अभी आराम से सुन लो। इसमें

[05:03:23] मैसूर मराठा वॉर में आई एम 100%

[05:03:26] कॉन्फिडेंट ऑन माय कंटेंट कि इसके बाहर

[05:03:28] आपको जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पीडीएफ

[05:03:30] आपको मैं दे ही दूंगा। तो इसको बस पढ़ के

[05:03:32] समझ लो। तो जहां तक मैसूर और मराठाज़ की

[05:03:35] बात है तो कंपनी का मतलब अच्छा खासा चल तो

[05:03:39] रहा है। बंगाल इनको मिल गया। साउथ इंडिया

[05:03:42] के अंदर निजाम क्या हैदराबाद और कर्नाटक

[05:03:45] भी इनके पास है। तो चाहते तो रुक सकते थे।

[05:03:48] थम जाओ। व्हाई टू एक्सपेंड मोर। लेकिन

[05:03:52] लालच की कोई सीमा नहीं होती। तो उसी

[05:03:54] प्रकार से मैसूर इनके कमर्शियल इंटरेस्ट

[05:03:59] के पॉइंट ऑफ व्यू से इट वास क्वाइटेंट कि

[05:04:01] मैसूर को यह अपने कंट्रोल में लें। ठीक

[05:04:03] है? जैसे एक बार इनके पास इनके साथ क्या

[05:04:05] हो गया ब्रिटिश के साथ कि 1785 में ना

[05:04:09] इनका पेपर और कार्डेमम। कार्डिमम क्या

[05:04:12] होता है? कार्डेमम इज़ इलायची। आई सपोज़ है

[05:04:16] ना? तो इनका काली मिर्च और इलायची का जो

[05:04:18] बिजनेस था उसमें इनका एक कंटिंजेंट आना

[05:04:21] था। तो हैदर अली ने एक एंबार्गो लगा दिया

[05:04:24] था। मैसूर मराठा इन दोनों रीजनल स्टेट्स

[05:04:28] के पास अपनी नेवी भी काफी स्ट्रांग थी।

[05:04:30] ठीक है? छत्रपति शिवाजी महाराज ने मराठाज़

[05:04:32] की नेवी के लिए अच्छा खासा कंट्रीब्यूट

[05:04:33] किया था। तो दे हैड अ गुड नेवी। राइट? तो

[05:04:36] कार्डमम और पेपर

[05:04:39] इसका ट्रेड इन्होंने एमबार्गो लगा दिया

[05:04:41] था। तो यह जो एम्बार्गो लगा ना 1785 में

[05:04:44] मैसूर द्वारा तो ब्रिटिश को रियलाइज हुआ

[05:04:47] कि यार ऐसे अगर इन्होंने आगे कभी दोबारा

[05:04:50] लगा दिया फिर क्या करेंगे? सो

[05:04:52] कॉन्सिक्वेंटली दे वांटेड टू एनश्योर कि

[05:04:55] यार मैसूर भी ना ही एग्जिस्ट करे यह भी

[05:04:57] एरिया हमारे अंडर हो ताकि इस तरह का थ्रेट

[05:04:59] दोबारा कभी हमें महसूस ना करना पड़े।

[05:05:02] दूसरा इनका मद्रास देखो ये मैप देखोगे ना

[05:05:04] तो दिस इज द टेरिटरी ऑफ़ मैसूर और मद्रास

[05:05:07] कुछ यहां पर है। सो मैसूर एक्सपेंड भी

[05:05:10] करता था और एक्सपैंड करते-करते ये लोग

[05:05:13] मद्रास के बहुत पास आ जाते थे और साउथ में

[05:05:16] मद्रास जो था इनका एक एडमिनिस्ट्रेटिव हेड

[05:05:18] क्वार्टर था इन वन ऑफ़ द थ्री मेजर

[05:05:20] प्रेसिडेंसी टाउनंस मद्रास वाज़ वन ऑफ द

[05:05:22] हेड क्वार्टर्स। सो ये ब्रिटिश थ्रेट की

[05:05:24] तरह देखते थे कि मैसूर हैदर अली ये

[05:05:27] एक्सपैंड करता जा रहा है। इसी के साथ-साथ

[05:05:29] अगर हम मराठाज़ के पॉइंट ऑफ व्यू से

[05:05:30] देखेंगे मराठा से क्या खतरा था तो ऐसा हुआ

[05:05:34] था कि अ

[05:05:37] 16 1765

[05:05:41] से 1774 के बीच में ना नॉर्थ अमेरिका के

[05:05:45] अंदर जो वहां के कॉलोनिस्ट्स थे उनकी

[05:05:49] ब्रिटिश गवर्नमेंट के साथ अनबन सी चल रही

[05:05:51] थी। राइट?

[05:05:53] तो उस वजह से उस वजह से क्या है वहां पर

[05:05:56] एक अमेरिकन अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस

[05:05:59] स्टार्ट हो जाती है। अमेरिकन वॉर ऑफ

[05:06:02] इंडिपेंडेंस की वजह से अब ब्रिटिश ईस्ट

[05:06:04] इंडिया कंपनी जो अमेरिका से कॉटन प्रक्योर

[05:06:07] कर रही थी या ब्रिटेन के वो बाकी

[05:06:10] मर्चेंट्स जो अमेरिका से कॉटन प्रक्योर कर

[05:06:12] रहे थे वो कर नहीं पा रहे। ठीक है? जो

[05:06:15] कॉटन की फाइन क्वालिटी है वो दो मेन जगह

[05:06:18] से आ रही है। एक भारत की ब्लैक कॉटन सोइल

[05:06:20] और दूसरा नॉर्थ अमेरिका की जो सदर्न

[05:06:23] स्टेट्स हैं ना राइट ईस्टर्न कोस्ट के ऊपर

[05:06:25] इनकी 13 कॉलोनीज़ थी तो उसके जो सदर्न

[05:06:27] स्टेट्स पड़ जाती है वहां पर बहुत अच्छा

[05:06:29] कॉटन क्वालिटी उगती थी जिसकी डिमांड यूरोप

[05:06:32] में अच्छी खासी रहती थी। लेकिन क्योंकि अब

[05:06:34] अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस चल रही है तो

[05:06:36] उस वॉर की वजह से दे आर नॉट एबल टू सेल

[05:06:39] दैट कॉटन। तो अगर किसी चीज की सब डिमांड

[05:06:42] उतनी ही हो और सप्लाई रिड्यूस हो जाए तो

[05:06:45] उसका प्राइस बढ़ जाता है। इसके चलते जो

[05:06:48] इंडिया से ईस्ट इंडिया कंपनी कॉटन को

[05:06:50] एक्सपोर्ट करती थी उसका प्राइस बहुत

[05:06:52] ज्यादा हाई हो गया इंटरनेशनल मार्केट में

[05:06:54] और इसने बॉम्बे को खासकर बहुत ज्यादा

[05:06:57] मुनाफा दिया। बॉम्बे की जो विंग थी ईस्ट

[05:06:59] इंडिया कंपनी की उसको बहुत मुनाफा दिया।

[05:07:01] तो ब्रिटिश मराठा से इसलिए निपटना चाहते

[05:07:04] थे ताकि इनकी इस ट्रेड पोजीशन को कोई खतरा

[05:07:07] ना हो। दूसरा दोनों मैसूर मराठाज़ ये थोड़ा

[05:07:11] प्रोग्रेसिव स्टेट्स थी। ठीक है? ये

[05:07:13] आर्म्स, एमिनेशन, गन, इनफेंट्री इन सबके

[05:07:16] ऊपर काम करते थे। तो ये इनको इनसिक्योर

[05:07:19] करती थी चीजें। ब्रिटिश काफी इनसिक्योर हो

[05:07:21] जाते थे किसी भी रीजनल पावर को अपनी

[05:07:22] डिफेंस स्ट्रांग करता हुआ देखते हुए। और

[05:07:25] फिर एक थ्रेट 1799 में इमर्ज हुआ। फ्रेंच

[05:07:29] रेवोल्यूशन के वो एक पूरा का पूरा दास्ता

[05:07:32] हम वर्ल्ड हिस्ट्री में पढ़ते हैं। तो बाय

[05:07:33] 1799 नेपोलियन का राइज होना शुरू हो जाता

[05:07:35] है। और अफवाह यह आती है कि नेपोलियन यूरोप

[05:07:39] के अंदर डोमिनेंट हो चुका है। नॉर्थ

[05:07:42] अफ्रीका में उसने काफी सारी कॉलोनीज़ को

[05:07:44] एक्वायर कर लिया है। सीरिया को भी एक्वायर

[05:07:47] कर लिया है। और अब लैंड के रास्ते जमीन के

[05:07:51] रास्ते क्योंकि नेवी के मामले में ब्रिटिश

[05:07:53] नेवी एक्चुअली बहुत स्ट्रांग थी। तो जमीन

[05:07:55] के रास्ते नेपोलियन भारत में प्रवेश करने

[05:07:57] की प्लानिंग कर रहा था वाया अफगानिस्तान।

[05:08:00] तो उसके इन्वेशन को चेक में रखने के लिए

[05:08:03] ब्रिटिश चाहते थे कि अगर नेपोलियन भारत तक

[05:08:06] पहुंच भी जाता है तो उसका सामना ऐसे

[05:08:09] रूलर्स के साथ ना हो जो उसके समर्थन का

[05:08:11] उसका सहयोग का इंतजार कर रहे हैं हमारे

[05:08:13] अगेंस्ट। उससे पहले ही जो फ्रांस के अलायस

[05:08:17] हैं उसको हम खत्म कर देंगे। और जो फ्रांस

[05:08:20] के पोटेंशियल अलायस बन सकते हैं उनको हम

[05:08:23] अपने स्फीयर ऑफ इन्फ्लुएंस में ले आएंगे।

[05:08:25] तो इन सारे फैक्टर्स के चलते इन्होंने कहा

[05:08:27] कि भ मैसूर को शुरू करते हैं। मैसूर से

[05:08:30] निपटना स्टार्ट करते हैं। तो जस्ट लाइक

[05:08:32] कर्नाटक वॉर्स ये टेबल आपको मैसूर वॉर्स

[05:08:36] को समझने में काफी हेल्प करेगा। बट लेट अस

[05:08:38] फर्स्ट स्टार्ट डिस्कसिंग इट। उसके बाद जब

[05:08:40] आपको पीडीएफ मिल जाएगा। पीडीएफ कहां से

[05:08:42] लेना है? एक बार फिर से बता देता हूं।

[05:08:44] सीएस लाइव ग्रुप अंडरsर यूपीएससी दिस इज द

[05:08:46] पीडीएफ के लिए Telegram चैनल। इस क्यूआर

[05:08:49] कोड को स्कैन करके भी आप इस Telegram चैनल

[05:08:51] तक पहुंच सकते हैं। ठीक है? और वंस अगेन

[05:08:54] स्टडी आईक्यू के सभी प्रोग्राम्स के ऊपर

[05:08:56] सेल भी चल रही है। तो अगर आप डिस्काउंट के

[05:08:59] साथ एनरोल करना चाहते हैं तो सीएस लाइव

[05:09:01] कोड का इस्तेमाल कर लो या फिर आप

[05:09:03] 9240231046

[05:09:05] के ऊपर कॉल करके अपने मनपसंद कोर्स में

[05:09:07] एडमिशन ले सकते हैं। ठीक है? चलो अब इसमें

[05:09:11] सारी की सारी मैसूर वॉर में ना पहली वॉर

[05:09:14] को छोड़ के पहली वॉर जो थी इसमें

[05:09:18] ब्रिटिश हार जाते हैं। उनको ट्रीटी साइन

[05:09:20] करनी पड़ती है। सेकंड वॉर जो है टू अ

[05:09:22] ग्रेट एक्सटेंट इसको ड्रॉ मैच कह सकते

[05:09:24] हैं। थर्ड और फोर्थ वॉर में ब्रिटिश विक्ट

[05:09:27] विक्टर होते हैं। ठीक है? और मराठाज़

[05:09:30] कार्नेटिक एंड निजाम ये टाइम टू टाइम अपनी

[05:09:33] कन्वीनियंस को देखते हुए अंग्रेजों के साथ

[05:09:36] और कभी हैदर अली टीपू सुल्तान के साथ अलाई

[05:09:38] करते हैं। ठीक है? पहली वॉर को छोड़कर

[05:09:40] बाकी सारी वॉर्स में इन्होंने ब्रिटिश का

[05:09:42] ही समर्थन किया है। ठीक है? ये भाइयों

[05:09:44] भाइयों को आपस में लड़वाया है। तो जो

[05:09:46] फर्स्ट एंग्लो मराठा वॉर एंग्लो मैसूर वॉर

[05:09:48] हुई थी, ये 1767 में स्टार्ट हुई और 1769

[05:09:52] में खत्म हो गई। 67 में स्टार्ट हुई, 69

[05:09:54] में खत्म हो गई। क्या रीज़न था? बॉर्डर

[05:09:57] डिस्प्यूट जैसा मैंने आपको बताया मैसूर का

[05:09:59] अगर आपने नक्शा देखा हो तो मद्रास के काफी

[05:10:01] क्लोज विसिनिटी में वह आता है। तो अगर

[05:10:03] टीपू सुल्तान या हैदर अली एक्सपेंड करेंगे

[05:10:06] तो मद्रास गवर्नमेंट की जहां पर सीमाएं

[05:10:09] शुरू होती हैं तो वो ट्रेसपास होना शुरू

[05:10:11] हो जाती है। राइट? और साथ ही साथ नर्दन

[05:10:15] सरकार का जो एक राइवलरी कंट्रोल है उसको

[05:10:18] लेकर भी यह भी एक कारण बनता है फर्स्ट

[05:10:20] एंग्लो मैसूर वॉर के पीछे। ठीक है? तो अब

[05:10:23] अंग्रेजों का सिनेरियो ऐसा है। अंग्रेजों

[05:10:25] ने ना काफी सारे लेसंस लर्न किए। एक तो

[05:10:28] देखो मैसूर यहां पर एक्सपेंड करता था तो

[05:10:30] इनको डर लगता था ब्रिटिश को। दूसरा

[05:10:32] ब्रिटिश को यह रियलाइज हुआ कि हम अगर अपने

[05:10:36] एक यूनिट को दूसरे यूनिट से कनेक्ट करना

[05:10:38] चाहते हैं मद्रास को बंगाल के साथ तो

[05:10:40] हमारे पास सिर्फ अभी समुद्र का रास्ता है।

[05:10:43] ठीक है? हमारी नेवी स्ट्रांग है। हम इसको

[05:10:45] यूज़ कर सकते हैं। बट डायवर्सिटी होनी

[05:10:47] चाहिए। कल को मान लो किसी ने नेवी में

[05:10:49] हमारे ऊपर एमबार्गो लगा दिया तो वी शुड

[05:10:51] हैव अ प्लेस जहां लैंड के रास्ते हमक तक

[05:10:55] पहुंच सकें कि अगर ब्लैक होल ट्रेजडी हुई

[05:10:58] थी अगर लैंड के रास्ते यहां पहुंचना आसान

[05:11:00] होता तो हम शायद ज्यादा जल्दी पहुंच जाते।

[05:11:02] तो इन चीजों को ध्यान में रखते हुए भाई

[05:11:04] ब्रिटिश को क्या चाहिए था? ये चाहते थे कि

[05:11:07] नर्दन सरकार का पूरा का पूरा कंट्रोल इनको

[05:11:09] मिल जाए। अब थर्ड कार्नेटिक वॉर के अंत

[05:11:12] आते-आते मसूलीपट्टनम तो इनके पास ऑलरेडी

[05:11:15] चला गया था और राजमुंद्री भी अंग्रेजों ने

[05:11:18] सलाबत जंग से एक फ्रेंडली ट्रीटी साइन

[05:11:20] करके ले लिया था। बाकी बची हुई तीन

[05:11:23] डिस्ट्रिक्ट्स मुस्तफानगर, चिकाकोल और

[05:11:25] एलूर यह इनके पास नहीं थे। यह चाहते थे कि

[05:11:28] इसका एक्सेस इनको मिल जाए। तो अंग्रेजों

[05:11:31] ने क्या किया? अंग्रेजों ने राजमुंदरी के

[05:11:33] आसपास के इलाकों में चुपचाप एक्सपेंड करना

[05:11:36] शुरू कर दिया इन द ईयर 1766।

[05:11:39] सलाबत जंग ने बीच में आपत्ति जताई बट कोई

[05:11:43] फायदा नहीं क्योंकि इस स्थिति में था ही

[05:11:45] नहीं कि लड़ाई लड़ सके और यहां पर

[05:11:47] अंग्रेजों ने सलाबत जंग को उल्टा यह

[05:11:49] कन्विंस कर दिया कि तेरे असली दुश्मन हम

[05:11:51] नहीं है। तुम्हें अगर टेरिटरी का इतना ही

[05:11:53] खतरा हो रहा है तो हमारे तुम नर्दन सरकार

[05:11:55] में हमारे एक्सपैंड होने से तुम्हें इतना

[05:11:57] खतरा नहीं है जितना खतरा मैसूर के बाकी

[05:12:01] एरियाज में एक्सपैंड होने का है। तो यहां

[05:12:03] पर यह एक अलायंस बना लेते हैं। जो निजाम

[05:12:06] है, वह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ

[05:12:08] अलायंस बना लेता है और मैसूर के खिलाफ ही

[05:12:10] अब धावा बोलने के लिए तैयार हैं। और

[05:12:12] ब्रिटिश वैसे भी इसको वेट कर ही रहा था कि

[05:12:15] मैं एक अलायंस ऐसी बनाकर मैसूर से निपट

[05:12:18] जाऊं। निजाम के साथ-साथ इन्होंने मराठाज़

[05:12:21] को भी कन्विंस कर दिया कि हैदर अली इज़ द

[05:12:23] रियल डेंजर। तो इन तीनों अलायंस ने निजाम,

[05:12:26] मराठाज़ और इंग्लिश ने ट्राईपटीट एग्रीमेंट

[05:12:29] साइन की इन 1766 और फिर मैसूर के ऊपर अटैक

[05:12:34] कर दिया। ठीक है? तो 1766 में एक फुल

[05:12:37] स्केल वॉर यहां पर स्टार्ट हो जाती है।

[05:12:39] हैदर अली की डिप्लोमेसी के चलते ही वाज़

[05:12:42] सक्सेसफुल इन ब्रेकिंग दिस अलायंस। ही

[05:12:45] पर्सुएडेड निजाम एंड मराठाज़ टू जॉइन हिम

[05:12:48] अगेंस्ट दी कंपनी। और जब इन्होंने

[05:12:50] अंग्रेजों को अटैक करना शुरू किया तो

[05:12:53] अंग्रेज अब ऑब्वियसली अकेले पड़ गए हैं।

[05:12:54] इनके अलायंस टूट गए हैं। तो इनकी पोजीशन

[05:12:56] काफी खराब हो गई थी। तो इसके चलते ब्रिटिश

[05:12:59] ने हैदर अली को कन्विंस किया कि भाई ये जो

[05:13:02] तुम साथ ले जिन्हें घूम रहे हो ये

[05:13:04] तुम्हारे पीठ में छुरा घोंकने के लिए

[05:13:06] हमारे साथ हाथ मिला रहे थे। हमने थोड़ी ना

[05:13:08] अटैक किया। इन्होंने कहा था इन्होंने हमें

[05:13:10] सपने दिखाए थे। तो असली दुश्मन ये हैं।

[05:13:12] राइट? तो यहां पर क्या हुआ? मतलब कुछ इस

[05:13:15] प्रकार का एक सिनेरियो रहा होगा। तो

[05:13:19] फाइनली जो स्कर्मिशेस चल रही थी, उसमें

[05:13:22] हैदर अली भी अपने स्टेट के फाइनेंससेस को

[05:13:25] व्यर्थ में नहीं उड़ाना चाहता था। क्योंकि

[05:13:27] पुरानी वुडिया डायनेस्टी को यूसुरप करके

[05:13:30] हैदर अली ने एक नया एंपायर बनाया था। तो

[05:13:32] एंपायर को स्टेबल रखना जरूरी है।

[05:13:34] स्टेबिलिटी के लिए वॉर्स में ही अगर पैसा

[05:13:36] खर्च होता रहे तो एंपायर उसका विस्तार

[05:13:39] नहीं हो पाता। तो हैदर अली वॉर्स ऑफ द

[05:13:41] ओपिनियन के लड़ाई छोड़ते हैं। ब्रिटिश को

[05:13:44] भी रियलाइज़ हो गया कि यार बिना अलायंस के

[05:13:46] हम भी नहीं लड़ पाएंगे। तो ट्रीटी साइन

[05:13:47] करने में ही भला है। तो ब्रिटिश मद्रास

[05:13:50] इनवाइट करते हैं हैदर अली को और वहां पर

[05:13:52] 1769 में यह एक ट्रीटी ऑफ़ मद्रास साइन कर

[05:13:57] लेते हैं। ठीक है? सो इसमें ब्रिटिश कहते

[05:14:00] हैं कि हम आपके ऊपर अटैक नहीं करेंगे। और

[05:14:03] अगर कभी हम दोनों में से किसी पर भी किसी

[05:14:05] थर्ड पार्टी ने अटैक किया तो दूसरी पार्टी

[05:14:08] ठीक है? अगर आप पर अटैक किया तो हम आएंगे।

[05:14:09] हम पर अटैक हुआ तो आप हमारी मदद के लिए

[05:14:11] आएंगे। अंग्रेजों की कोई इंटेंशन नहीं थी।

[05:14:13] बट ये इस ट्रीटी से फर्स्ट मैसूर वॉर खत्म

[05:14:17] हो गई। ठीक है? तो टेबल जो आप देखोगे तो

[05:14:19] फर्स्ट एंग्लो मैसूर वॉर स्टार्ट्स इन

[05:14:21] 1767 एंड इन 1769 राइवलरी कंट्रोल ओवर

[05:14:25] नर्दन सरकार की वजह से जब इन्होंने

[05:14:27] एक्सपेंशन करनी शुरू की तो मैसूर को भी

[05:14:29] आपत्ति हुई और निजाम ने क्या किया? हैदर

[05:14:32] अली ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ अलायंस बना

[05:14:35] ली। स्कर्मिशेस स्टार्ट होती हैं। ब्रिटिश

[05:14:38] को सेटबैक लगता है ट्रीटी ऑफ मद्रास साइन

[05:14:40] करके। एक तरीके से हैदर अली का पलड़ा भारी

[05:14:44] होता है। ही मेंटेंस एन एज बट ही डिसाइड्स

[05:14:46] टू ड्रॉप द वॉर। ठीक है? इयर्स याद रखने

[05:14:49] के लिए ट्रीटी ऑफ़ मद्रास 1769 मतलब देख लो

[05:14:54] मेरे लिए तो काफी आसान है याद रखना। ठीक

[05:14:56] है? क्लास में भी मैंने आपको बताया हुआ

[05:14:58] है। इट्स एन ईजी वे। ठीक है? बेसिकली एक

[05:15:00] गंदी पार्टनरशिप बनाने की कोशिश की

[05:15:02] ब्रिटिश और हैदर अली ने। ठीक है? इन्होंने

[05:15:05] कहा कि हम 69 मतलब जैसे हाथ ऐसे मिलाते

[05:15:08] हैं ना तो उस तरह का लगता है ना ये सिक्सर

[05:15:10] ने ऐसे हाथ मिलाते हुए तो पर वो गंदी

[05:15:12] पार्टनरशिप थी कि ये कुछ हुआ ही नहीं जब

[05:15:14] मराठास ने अटैक किया हैदर अली पे कहां आए

[05:15:16] ब्रिटिश ठीक है हाथ मिलाकर पीठ में छुरा

[05:15:18] भोंका इन्होंने ठीक है तो ये इस तरह से

[05:15:21] फर्स्ट मसूर वॉर हुई खत्म हुई बात खत्म

[05:15:24] ठीक है इसको मतलब फ्लो चार्ट की फॉर्म में

[05:15:28] अगर कोई बनाना चाहता है बस ये छोटी सी

[05:15:30] डेवलपमेंट ही हुई थी सेकंड मैसूर वॉर में

[05:15:34] क्या होता है। सेकंड मैसूर वॉर में 1771

[05:15:37] में मतलब ट्रीटी ऑफ़ मद्रास के 2 साल बाद

[05:15:40] मराठाज़ हैदर अली की टेरिटरी पर अटैक कर

[05:15:42] देते हैं। ब्रिटिश को सपोर्ट करने आना

[05:15:45] चाहिए था बट ब्रिटिश नहीं आए। फ्रांस वाज़

[05:15:48] मच मोर हेल्पफुल टू फ्रांस वाज़

[05:15:50] [नाक से की जाने वाली आवाज़] मच मोर

[05:15:51] हेल्पफुल टू ब्रिटिश। राइट? नॉट ब्रिटिश

[05:15:54] टू हैदर अली। तो कॉन्सिक्वेंटली जब

[05:15:57] ब्रिटिश ने देखा कि भ हमने तो हेल्प की

[05:15:58] नहीं। अब फ्रांस हेल्प कर रहा है तो उनको

[05:16:00] डर लगना शुरू हो गया कि यह ज्यादा क्लोज

[05:16:02] ना हो जाए। राइट? और इसी बीच 1771 में जब

[05:16:07] यह इंसिडेंट हुआ इसी बीच 1772 से लेकर

[05:16:10] 1785 के बीच हमारे गवर्नर जनरल कौन थे?

[05:16:14] राइट? ये थे गवर्नर जनरल वारेन

[05:16:16] हेस्टिंग्स। राइट? और

[05:16:19] अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस इनके कार्यकाल

[05:16:21] में स्टार्ट हो गई थी। ये तो इंडिया के

[05:16:23] गवर्नर जनरल थे। बट अमेरिका के अंदर यूएसए

[05:16:26] में 1775 से 1783 में जो यूएस की अटलांटिक

[05:16:31] कोस्ट के ऊपर ब्रिटिश की वहां 13 ब्रिटिश

[05:16:33] कॉलोनीज़ थी उन्होंने बगावत कर दी। राइट?

[05:16:36] तो वारेन हेस्टिंग्स को लगा कि फ्रांस

[05:16:39] वहां पर कॉलोनिस्ट्स की मदद कर रहा है

[05:16:41] अगेंस्ट ब्रिटिश इंटरेस्ट। और यहां पर भी

[05:16:43] यह हैदर अली के साथ चिपका हुआ है। जबकि

[05:16:46] 1769 की ट्रीटी हमने साइन की है इसके साथ।

[05:16:49] तो वारेन हेस्टिंग्स ने कहा कि यार ऐसे तो

[05:16:51] नहीं चलेगा। कुछ तो करना पड़ेगा। तो वारेन

[05:16:53] हेस्टिंग्स एक्चुअली यहां पर काफी डरना

[05:16:55] शुरू हो गया। राइट? तो अब सेकंड एंग्लो

[05:16:59] मैसूर वॉर के कॉन्टेक्स्ट में आप देख सकते

[05:17:01] हो कि अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1775 से

[05:17:04] 83 तो वारेन हेस्टिंग्स डरा है। दूसरा

[05:17:06] अंग्रेजों ने ना फ्रांस अब फ्रांस और

[05:17:09] ब्रिटिश एक तरीके से यूएसए में लड़ ही रहे

[05:17:12] हैं। ठीक है? क्योंकि एक पॉइंट के बाद

[05:17:14] फ्रांस ने ओपनली अमेरिकन वॉर को सपोर्ट

[05:17:16] करना शुरू कर दिया था और डायरेक्ट

[05:17:17] कंफ्टेशन हो रही थी। तो 1780 आते-आते

[05:17:20] इंग्लिश ने कहा कि यार ये वहां लड़ाई हो

[05:17:22] रही है। यहां पर भी आ सकती है। तो फ्रांस

[05:17:24] का इधर टेरिटरी कैप्चर करते हैं। तो

[05:17:27] फ्रांस की एक टेरिटरी थी माहे जो मैंने

[05:17:29] आपको मैप में भी अभी दिखाई थी। फ्रांस ने

[05:17:31] माहे को कैप्चर कर लिया। माहे हैदर अली की

[05:17:35] जुरिसडिक्शन में थी कि माहे जो आता था वो

[05:17:37] हैदर अली की जुरिसडिक्शन में आता था। तो

[05:17:40] हैदर अली को फ्रांस ने शिकायत कर दी कि

[05:17:42] भाई अंग्रेजों ने हमारे माहे के ऊपर अटैक

[05:17:44] कर दिया है। आपको भी नहीं बचाने आए। हमने

[05:17:45] आपको बचाया और हमारे से पंगा यह ले रहे

[05:17:47] हैं। सो कॉन्सिक्वेंटली

[05:17:50] यहां पर 1780 में माहे के ऊपर अटैक होने

[05:17:53] की वजह से सेकंड एंग्लो मैसूर वॉर स्टार्ट

[05:17:56] हो जाती है। ठीक है? ये जो 1771 का मराठा

[05:18:00] अटैक है और अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस

[05:18:02] है। दिस इज़ अ प्रिटेक्स्ट। दिस इज़ अ

[05:18:03] कॉन्टेक्स्ट ऑफ द वॉर। ब्रिटिश ने जब माहे

[05:18:06] पर अटैक किया, दिस ट्रिगर्स दी सेकंड

[05:18:09] एंग्लो मैसूर वॉर। राइट? तो अब क्या होता

[05:18:12] है कि अंग्रेज निजाम को अपनी साइड कर लेते

[05:18:16] हैं, मराठाज़ को भी कर लेते हैं। तो

[05:18:17] ब्रिटिश निजाम एंड मराठाज़ दे आर ऑन वन

[05:18:20] साइड फ्रांस एंड हैदर अली दे आर ऑन द अदर

[05:18:23] साइड। सेकंड एंग्लो मैसूर वॉर में दो

[05:18:26] इंपॉर्टेंट बैटल्स होती हैं। पोलीलूर की

[05:18:28] और पोर्टोनोवो की। पोलीलूर की लड़ाई यह

[05:18:31] हैदर अली को विक्ट्री मिलती है। यहां पर

[05:18:33] ब्रिटिश फोर्सेस अंडर कर्नल बेली। ठीक है?

[05:18:37] यह अंडर कर्नल बेली पेली जाती हैं। ठीक

[05:18:40] है? मतलब मतलब देख लो यार जैसे याद रहे

[05:18:43] वैसे कर लो यार अब मैं क्या बोलूं है ना

[05:18:45] कर्नल बेली के अंडर ये जो फोर्सेस हैं दे

[05:18:47] गेट डिफिटेड दे गेट डिसाइसिवली डिफिटेड

[05:18:50] लेकिन है ना लेकिन अंग्रेज भी हार नहीं

[05:18:54] मान रहे अंग्रेजों को बंगाल से भी

[05:18:57] रीइंफोर्समेंट्स आती हैं और उसके बाद 1781

[05:19:01] में अगले साल दे एंटर इंटू अनदर वॉर। ठीक

[05:19:05] है? तो यहां पर आयरकूट ये कौन सा आयरकूट

[05:19:08] है? आयरकूट ब्रिटिश इसको लकी समझते हैं।

[05:19:11] क्यों? क्योंकि थर्ड कार्नेटिक वॉर के समय

[05:19:15] पर 1761 में जब पोंडीचेरी ने सरेंडर किया

[05:19:19] था। ठीक है? तो जो अटैक हुआ था वो आयरकूट

[05:19:22] लीड कर रहे थे। ठीक है? दिस अटैक वाज़

[05:19:24] बीइंग लेड बाय आयरकू। तो आयरकूट को कहा

[05:19:27] जाके कूट दे हैदर को। तो 1781 में आयरकूट

[05:19:31] आए। पॉलीलूर में तो पॉलीलूर हो गया इनका।

[05:19:34] है ना? कर्नल बेली

[05:19:38] गए। राइट? तो अगली पोटोनोवो की लड़ाई में

[05:19:42] आयरकूट वाज़ एबल टू डिफीट हैदर। ठीक है?

[05:19:45] पोटोनोवो की लड़ाई एक तरीके का नेवल नेवल

[05:19:48] बैटल थी। ठीक है? नेवल बैटल थी। अब यहां

[05:19:51] पर हैदर अली को डिफीट मिली है। लेकिन

[05:19:54] इन्होंने हार नहीं मानी। फ्रांस ने कहा कि

[05:19:57] आप हार मत मानो। सपोर्ट किया और इन्होंने

[05:19:59] अपने एडमिरल बेल सफरिन। ठीक है? यह कर्नल

[05:20:02] बेली है जो ब्रिटिश की साइड हैं। यह बेल

[05:20:05] दी सफरिन है। तो हैदर अली को यह जो सफरिंग

[05:20:08] हुई पोटोनोवो में उस सफरिंग का अंत करने

[05:20:11] के लिए बेल दी सफरिन यह 1782 के दिसंबर तक

[05:20:17] पहुंच जाते हैं भारत और हैदर अली को

[05:20:19] सपोर्ट करना शुरू कर देते हैं। तो ये

[05:20:21] स्कर्मिशेस अभी चल ही रही होती हैं कि

[05:20:23] 1782 में टीपू सुल्तान की हैदर अली की हो

[05:20:27] जाती है डेथ और टीपू सुल्तान ही कंटिन्यूस

[05:20:28] दी वॉर। 1783 में जब अमेरिकन वॉर ऑफ

[05:20:31] इंडिपेंडेंस खत्म होती है तो ऑब्वियसली

[05:20:33] अमेरिकनंस जीत जाते हैं। ब्रिटिश का मुंह

[05:20:36] काला होता है वहां पे और पैसा भी बहुत

[05:20:38] ज्यादा बहा देते हैं उस वॉर में। सो यहां

[05:20:41] पर टीपू भी थक चुका है और ब्रिटिश का भी

[05:20:44] मुंह काला हुआ है। तो अपनी इज्जत बचाने के

[05:20:46] लिए वो थोड़ी देर विश्राम करना चाहते हैं।

[05:20:48] सो कॉन्सिक्वेंटली ये डिसाइड करते हैं कि

[05:20:50] यार लड़ाई झगड़े में कुछ नहीं रखा। छोड़ो

[05:20:53] ट्रीटी साइन करते हैं। ठीक है? अब ये जो

[05:20:56] ट्रीटी होगी

[05:20:58] यह ट्रीटी बनेगी ट्रीटी ऑफ मैगलोर एंड दिस

[05:21:02] इज गोइंग टू बी लास्ट ब्रिटिश ट्रीटी विद

[05:21:04] एन इंडियन रूलर ऑन एन इक्वल फुटिंग।

[05:21:07] ट्रीटी ऑफ़ मैंगलोर को कहा जाता है ये

[05:21:09] इंडिया की कॉलोनियल हिस्ट्री में आखिरी

[05:21:11] ऐसी ट्रीटी थी जहां पर एक भारतीय रूलर और

[05:21:15] ब्रिटिश इक्वल फुटिंग पे बैठकर डिसाइड

[05:21:17] करते हैं। ठीक है? तो आप इसको इमेजिन इसको

[05:21:20] याद रखने का ना एक तरीका है। देखो ये

[05:21:22] मैंगो ऐसा होता है ना कुछ इस तरह का। ठीक

[05:21:25] है? इसी को मतलब ये एट जो है ठीक है? ये

[05:21:29] एट को मैं ऐसे रख सकता हूं। इक्वल फुटिंग

[05:21:32] में क्या होता है कि इस तरह का मैंगो हम

[05:21:34] बीच से काट के दोनों में बांटेंगे। तो आठ

[05:21:36] को बीच से काट के दोनों में बांटोगे तो

[05:21:38] क्या बनेगा? चार बनेगा। है ना? और मैंगो

[05:21:40] है तो मैंगो से मैंगलोर याद रखा हुआ है।

[05:21:44] ठीक है? लास्ट ट्रीटी ऑन इक्वल फुटिंग

[05:21:47] ड्यूरिंग कॉलोनियल हिस्ट्री। यह थी ट्रीटी

[05:21:49] ऑफ मैंगलोर जो कि सेकंड एंग्लो मैसूर वॉर

[05:21:53] के बाद साइन की गई।

[05:21:56] ठीक है? तो इसमें ये एक टेंपरेरी रेस्पाइट

[05:21:58] थी। देयर वाज़ म्यूचुअल रेस्टिट्यूशन ऑफ़

[05:22:00] टेरिटरीज़। जो टेरिटरीज़ टीपू सुल्तान ने

[05:22:03] ब्रिटिश की जीती थी वो वापस हो गई। और

[05:22:05] ब्रिटिश ने जो टीपू सुल्तान की टेरिटरीज़

[05:22:07] को एनेक्स किया था वो उनको वापस कर दिया।

[05:22:09] और पॉलीलूर एंड पोर्टनोवो कांचीपुरम

[05:22:12] के पास पॉलीलूर है। ठीक है? इट इज़ नॉट इन

[05:22:14] केरला। इट इज़ नियर तमिलनाडु। और पोटोनोवो

[05:22:18] जो है ना उसको आज की डेट में परंगी पट्टई

[05:22:21] कहते हैं। ठीक है? यह लिखा ही हुआ है। ठीक

[05:22:25] है? परंगी पेट राइट? दिस इज़ पोटोनोवो।

[05:22:29] ठीक है? यह आपको यहां पर कडलूर के साउथ

[05:22:33] में यहां नियर बे ऑफ़ बंगाल यहां पर मिल

[05:22:35] जाएगा।

[05:22:37] ठीक है? राइट? क्लियर है यह? सो, दिस इज़

[05:22:41] सेकंड मैसूर वॉर। सेकंड मैसूर वॉर का

[05:22:43] कॉजलल फैक्टर क्या था? स्टार्ट होने के

[05:22:46] पीछे क्या रीज़न था? था सेकंड मैसूर वॉर का

[05:22:48] जब

[05:22:51] इनसिक्योर हो गए ब्रिटिश। ठीक है? 1771 के

[05:22:54] अटैक के टाइम पे आए नहीं। फ्रांस ने हेल्प

[05:22:56] की। उसके बाद अमेरिकन वॉर शुरू हो गई। ठीक

[05:22:58] है? फिर कर्नल बेली जैसे लोग अब टीपू

[05:23:02] सुल्तान हैदर अली के साथ बैठे हुए हैं। तो

[05:23:04] इनसिक्योर हो गए। इनसिक्योर हो के

[05:23:05] इन्होंने माहे कैप्चर करने की कोशिश की इन

[05:23:07] 1780। तो 1780 में सेकंड वाइस वॉर स्टार्ट

[05:23:11] हुई। 1784 में खत्म हो गई ट्रीटी ऑफ़

[05:23:13] मैंगलोर के साथ। एंड दैट इज द लास्ट

[05:23:15] ट्रीटी ऑन इक्वल फुटिंग। ठीक है? तो ये है

[05:23:18] हमारी सेकंड मैसूर वॉर। क्लियर एवरीवन?

[05:23:23] थर्ड मैसूर वॉर करते हैं। अब थर्ड मैसूर

[05:23:26] वॉर में अब क्या है कि टीपू सुल्तान को

[05:23:28] पता था कि अंग्रेज ये डॉग्स की टेल की तरह

[05:23:32] है। ठीक है? सीधे नहीं हो सकते ये।

[05:23:36] ठीक है? दे कैन नेवर बी स्ट्रेट। तो अभी

[05:23:39] थोड़ी देर के लिए यह भी थके हैं। अमेरिका

[05:23:41] में जूतियां खाई हैं। तो थोड़ा विश्राम कर

[05:23:43] रहे हैं। दे आर कमिंग फॉर मी एंड दे आर

[05:23:45] गोइंग टू एलिमिनेट मी। तो अपनी पोजीशन को

[05:23:47] सिक्योर करने के लिए इसने क्या किया? इसने

[05:23:49] कॉनस्टांटिनोपल में और फ्रांस में एंबेसीज

[05:23:52] भेजनी शुरू कर दी। राइट? तो 1784 से लेके

[05:23:56] 87 तक इन्होंने एंबेसी मतलब राजदूत भेजने

[05:23:58] शुरू कर दिए कि अगर मुझे कोई दिक्कत आए तो

[05:24:00] प्लीज अपनी फोर्सेस रीइंफोर्समेंट्स भेजना

[05:24:02] शुरू कर देना। ठीक है? ब्रिटिश ऑन दी अदर

[05:24:05] हैंड वो भी अपनी पोजीशन एनहांस कर रहे थे।

[05:24:08] रेवेन्यू तो एक्सट्रैक्ट कर ही रहे थे

[05:24:09] हमसे और साथ ही साथ वेट कर रहे थे कि टीपू

[05:24:12] सुल्तान कोई ऐसा काम करें जिससे हमें मौका

[05:24:15] मिल जाए इंटरनल अफेयर्स में मेडल करने का।

[05:24:17] इंडिया के इंटरनल अफेयर्स में मेडल करने

[05:24:19] का और यह मौका कब मिला? बड़ी अनफॉर्चूनेट

[05:24:22] चीज हुई। ध्यान से समझना और बोर्ड के ऊपर

[05:24:24] फोकस करना। अनफॉर्चूनेट चीज यह हो गई कि

[05:24:29] 1790 में देखो डच पूरी तरह से भारत छोड़

[05:24:32] के गए 1825 में। उससे पहले भारत में इनकी

[05:24:37] छोटम-मोट टेरिटरीज मौजूद थी। 1759 की बैटल

[05:24:42] ऑफ बेदरा में नॉन एग्जिस्टेंट से हो गए।

[05:24:44] वैसे ही। तो अब हुआ यह कि डच की कोचीन के

[05:24:49] अंदर दो किले थे इनके। ठीक है? एक था

[05:24:52] जायकोटा में। इसको आईकोटा भी बोल देते

[05:24:55] हैं। राइट? और एक था क्रेंगनोर में। राइट?

[05:24:59] कोचीन के अंदर केरला मालाबार साइड पे दो

[05:25:03] किले थे इनके और यह डच धीरे-धीरे भारत से

[05:25:08] अपनी एस्टैब्लिशमेंट से एग्जिट ले रहे थे।

[05:25:10] तो इन्होंने कहा कि इन किलों का हम क्या

[05:25:12] करेंगे? तो डच ने कहा अब आइडली डच अगर

[05:25:16] छोड़ के जा रहा है तो यह किले क्योंकि

[05:25:19] कोचिन जो है वो मैसूर की ट्रिब्यूटरी

[05:25:22] स्टेट है तो फिर वो टीपू सुल्तान के हो

[05:25:23] जाते लेकिन ट्रेवेंकोर के राजा कार्तिक

[05:25:27] तिरुनल राम वर्मा दी वन ठीक है दिस इज़ द

[05:25:30] नेम ऑफ राजा ऑफ ट्रेवकोर एट दैट टाइम

[05:25:32] बुक्स में जनरली दिया नहीं होता यूपीएससी

[05:25:33] के चांसेस कम ही है पूछेंगे बट कर लो याद

[05:25:35] अगर याद रख सकते हो तो कार्तिक टुरुनल

[05:25:38] रामवर्मा वन ने कहा कि यार यह दो किले

[05:25:40] स्ट्रेटेजिक हैं लेट मी बाय देम सो ही मेड

[05:25:43] अ पेमेंट। ठीक है? अब एग्जैक्ट पेमेंट

[05:25:45] कितनी है? नो नीड टू गो इंटू दैट मच

[05:25:47] डेप्थ। इसने क्रगनोर और जैकोटा के किले

[05:25:50] खरीद लिए डच से। जब डच से यह किले खरीदे

[05:25:54] मैसूर और टीपू सुल्तान ऑफेंड हो गया।

[05:25:57] ऑफेंड होने की वजह से इसने डिसाइड किया कि

[05:25:59] ट्रेवकोर के राजा का इतना दुस्साहस मैं

[05:26:02] इसके ऊपर अटैक करूंगा। इस अटैक पे ब्रिटिश

[05:26:05] वैसे ही देख रहे थे कि भाई तू अटैक कर तो

[05:26:07] सही हम तुझे बताएंगे। ठीक है? तो अटैक की

[05:26:09] वेट में जब ब्रिटिश बैठे हुए उन्होंने

[05:26:11] ट्रवकोर का राजा का साथ दिया और थर्ड

[05:26:14] मैसूर वॉर स्टार्ट हो गई। कॉज क्लियर है

[05:26:17] सभी को? 84 से 87 के बीच टीपू सुल्तान ने

[05:26:21] एंबसीज भेजी दूसरे देशों में। ठीक है?

[05:26:24] उसके बाद आराम से बैठा हुआ था। सब कुछ ठीक

[05:26:27] चल रहा था। ये डच बेवकूफों ने अपने दो

[05:26:29] किले जो थे वो बेचने थे। मतलब छोड़ना था

[05:26:32] उनको। कार्तिक तिरुणल राम वर्मा वन ऑफ

[05:26:35] ट्रेवन कोर ने खरीद लिए। जब खरीदे थे टीपू

[05:26:37] सुल्तान के। गुस्सा आया। बुरा लगा उसे कि

[05:26:40] भाई मेरी टेरिटरी तुम ठीक है तो उसमें

[05:26:42] इसने क्या किया अटैक कर दिया उसको सबक

[05:26:44] सिखाने के लिए अंग्रेजों ने कहा हम सबक

[05:26:46] सिखाएंगे अब यहां पर 1790 में ये अटैक

[05:26:50] होता है ठीक है अटैक हैपेंस ऑन 1790 और

[05:26:54] 1790 से ही ये थर्ड मैसूर वॉर स्टार्ट हो

[05:26:57] जाती है ठीक है तो इसमें

[05:27:00] मराठा और निजाम और लॉर्ड को वाले सब आ

[05:27:02] चुके हैं भारत ठीक है यह

[05:27:05] बहुत बड़ी आर्मी के साथ सिरंगपट्टनम में

[05:27:07] जाते हैं राइट? और मसूर की कैपिटल तक

[05:27:11] पहुंच जाते हैं। बहुत सीरियस सेटबैक्स

[05:27:13] टीपू को लग रहे होते हैं। एंड बहुत जल्द

[05:27:16] एक ट्रीटी साइन कर ली जाती है। टीपू थक

[05:27:18] चुके हैं और बंगाल की जो हालत है यानी कि

[05:27:21] ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की भी जो हालत

[05:27:23] है वो ऐसा है कि इंग्लैंड में इनकी थूथू

[05:27:26] हो रही है। बंगाल में फेमिन चल रहे हैं।

[05:27:28] तो यह भी एक बहुत बड़ी वॉर अभी इनिशिएट

[05:27:30] नहीं करना चाहते। रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ़ 17,

[05:27:32] 73, पिट्स इंडिया एक्ट ऑफ़ 1784 ये सब भी

[05:27:35] पास हो गए हैं। तो इसलिए कंपनी की

[05:27:37] एक्टिविटीज के ऊपर लगाम काफी कसी हुई है।

[05:27:39] तो वो नजरों में नहीं आना चाहते। सो

[05:27:40] कॉन्सक्वेंटली ये डिसाइड करते हैं कि यार

[05:27:42] चुपचाप पतली गली से निकल जाओ।

[05:27:44] सिरिंगपट्टनम की ट्रीटी साइन करो। बात

[05:27:46] खत्म। सिरंगपट्टनम की ट्रीटी में। लेकिन

[05:27:48] होता यह है कि यह टीपू सुल्तान के ऊपर

[05:27:51] बहुत हार्श होती है। टीपू सुल्तान को अपनी

[05:27:53] आधी टेरिटरी। ठीक है? आधी टेरिटरी यह

[05:27:56] ब्रिटिश और उसके अलायंस को देनी पड़ती है।

[05:27:58] 50% टेरिटरी। तीन 3.3 करोड़ की वारेन

[05:28:03] डिमिनिटी इंपोज की जाती है। टीपू सुल्तान

[05:28:05] ऑब्वियसली ये 3.3 करोड़ की ट्रीटी इस मतलब

[05:28:09] ये दे नहीं सकते इतने पैसे तो इनके दो

[05:28:12] बच्चों को गिरवी रखवा लिया जाता है। ठीक

[05:28:14] है? तो ये जो ट्रीटी है ये सिरंगपट्टनम की

[05:28:17] है। टीपू सुल्तान की अपनी कैपिटल में

[05:28:19] ह्यूमिलिएट किया गया था और टीपू सुल्तान

[05:28:21] के दो नौनिहालों को गिरवी रखवा लिया गया

[05:28:25] था। तो ट्रीटी ऑफ़ सिरंगपट्टनम 1792 इस तरह

[05:28:27] से याद रख सकते हो आप। राइट? इसी के

[05:28:30] साथ-साथ जितने भी प्रिजनर ऑफ वॉर मैसूर ने

[05:28:33] एक्वायर किए थे ब्रिटिश के उनको रिलीज भी

[05:28:35] करना पड़ेगा। तो यह इसकी कंडीशन थी और

[05:28:37] ट्रेवकोर के ऊपर जब अटैक होता है तो इनके

[05:28:40] बीच जो पहली लड़ाई होती है वो होती है

[05:28:41] बैटल ऑफ नेदुमकोटा इन 1790।

[05:28:45] ठीक है? नेदुमकोटा की लड़ाई होती है 1790

[05:28:47] की। यहां से थर्ड मैसूर वॉर जो है वो

[05:28:49] स्टार्ट हो जाती है। क्या थर्ड मैसूर वॉर

[05:28:52] क्लियर है सभी को? थर्ड मसूर वॉर के

[05:28:55] स्टार्ट होने का पीछे का रीजन डच ने

[05:28:57] क्रगनोर और जकोटा फोर्ट्स जो हैं वह

[05:29:00] त्रवकोर के राजा कार्तिक तुरनल राम वर्मा

[05:29:03] वन को देने की कोशिश की। टीपू को गुस्सा

[05:29:05] लगा। टिपू ने अटैक किया। बैटल ऑफ

[05:29:06] निदुमकोटा हुई। अंग्रेज बीच में आ गए।

[05:29:08] मराठा निजाम के साथ साइड कर लिया। ठीक है?

[05:29:11] साइड करने के बाद 1792 में यह लड़ाई चलती

[05:29:14] रहती है। है ना? कर्मिमिशस चलते रहते हैं।

[05:29:17] एंड फाइनली

[05:29:19] फाइनली

[05:29:21] सिरंगपट्टनम तक ही आ जाते हैं। और

[05:29:23] सिरंगपट्टम में बैठ के 1792 की ट्रीटी हो

[05:29:25] जाती है। दिस इज़ इट। ठीक है? दिस इज़ थर्ड

[05:29:28] मैसूर वॉर। तो टीपू सुल्तान की आप इस मैप

[05:29:32] से देख सकते हो कि सिरंगपट्टम की ट्रीटी

[05:29:35] के बाद नॉर्थवेस्ट से काफी सारा हिस्सा यह

[05:29:37] पेशवा को चला गया। नॉर्थ ईस्ट में यह

[05:29:40] निजाम को चला गया। साउथ से एक काफी बड़ा

[05:29:44] टुकड़ा इनको निकालकर ब्रिटिश को देना

[05:29:46] पड़ा। तो जोड़ोगे ना यह सारे हिस्से तो

[05:29:48] 50% टेरिटरी टीपू सुल्तान जो है वो गवा

[05:29:51] चुके हैं। लेकिन यहां पर ब्रिटिश भी

[05:29:53] ज्यादा अभी भसड़ आगे कंटिन्यू करना नहीं

[05:29:55] चाहते थे। तो उन्होंने कहा कि जाने दो।

[05:29:56] 1792 में उन्होंने कहा थम जाओ। अब 1799

[05:30:00] में नेपोलियन की इन्वज़ की बात आ रही है।

[05:30:03] और यह टीपू सुल्तान क्या कर रहा है?

[05:30:05] जैकोबिंस क्लब का मेंबर बन रहा है। है ना?

[05:30:08] वो रेड स्ट्र्राइप्स वाली पट पहन रहा है

[05:30:10] जैकोबिन क्लब वाली है। खुद को कह रहा है

[05:30:13] मैं सिटीजन डिपू हूं। सब जने मुझे सिटीजन

[05:30:15] डिपू कहो। तो अंग्रेज क्या बोलेंगे?

[05:30:17] अंग्रेज कहेंगे पागल हो गया ये। इसका मतलब

[05:30:19] यह नेपोलियन आएगा सबसे पहला यही होगा जो

[05:30:22] उसको बोलेगा आओ आओ इधर छिपे अंग्रेज। है

[05:30:25] ना? है ना? ब्रिटिश कहेंगे कि नहीं कहेंगे

[05:30:26] कि भाई ये तो पजामा वाइट ये रेड स्ट्रिप्स

[05:30:30] वाला पजामा पहन के घूम रहा है। मतलब ये

[05:30:32] फ्रांस का पूरा समर्थक है। तो ब्रिटिश

[05:30:35] वांटेड टू काउंटर दी इन्वज़न ऑफ नेपोलियन

[05:30:38] एट एनी कॉस्ट। तो नेपोलियन की ये अफवाह

[05:30:40] फैल गई कि यह रशिया के राजा पॉल। ठीक है?

[05:30:45] रशिया के राजा का नाम क्या था? पॉल। सार

[05:30:47] पॉल। सार इज़ द टाइटल। जैसे समुत्री है।

[05:30:49] रशिया में सार है। राजा का नाम। ठीक है?

[05:30:52] राजा का टाइटल। तो सार पॉल के साथ प्लान

[05:30:54] कर रहा था कि लैंड के रास्ते आएगा।

[05:30:56] अफगानिस्तान के हिरात कंधार को क्रॉस करके

[05:30:59] इंडिया में इन्वेशन करेगा। अंग्रेजों को

[05:31:00] बाहर निकालेगा और यहां पर एक फ्रेंडली

[05:31:02] गवर्नमेंट बनाकर खूब सारा कंसेशन लेगा। तो

[05:31:05] लॉर्ड वेलेजली 1798 में आ गए थे भारत।

[05:31:08] इनकी खटिया खड़ी हो गई कि भाई ये हो गया

[05:31:10] तो भाई मैं कहां मतलब गड़बड़ हो जाएगी। ये

[05:31:12] तो बहुत ज्यादा कंपनी का भी बहुत नुकसान

[05:31:14] हो जाएगा। तो लॉर्ड वेलेजली ने डिसाइड

[05:31:16] किया कि जितने भी पोटेंशियल अलायस हैं

[05:31:20] उनको हम अपने स्फीयर ऑफ इन्फ्लुएंस में

[05:31:22] लाएंगे। कैसे ला सकते हैं? तो उनको

[05:31:24] रियलाइज हुआ कि ये सारे जो राज रजवाड़े

[05:31:26] हैं आपस में लड़ते मरते रहते हैं। तो इनको

[05:31:28] बस ये झांसा दो कि तुम्हें आज से घबराने

[05:31:30] की जरूरत नहीं है। हम तुम्हें हथियार,

[05:31:32] आर्मी सब कुछ देंगे। बदले में तुम बस छोटी

[05:31:34] सी पेमेंट देना। ठीक है? तो इनके खर्चे के

[05:31:37] ऊपर वी विल बी एबल टू मैनेज रियली लार्ज

[05:31:39] आर्मी। इजंट इट? टेल मी इन द कमेंट

[05:31:42] सेक्शन। ऐसा है कि नहीं है? लॉर्ड वेजली

[05:31:44] बड़ा चालाक आदमी था। उसने कहा कि अगर आ

[05:31:46] गया नेपोलियन तो लड़ना पड़ेगा। सेना नहीं

[05:31:49] है और सेना के लिए पैसा चाहिए। इसने कहा

[05:31:51] पैसा है नहीं तो दूसरे के खर्चे के ऊपर

[05:31:54] इतनी बड़ी आर्मी मैं कैसे बनाऊं?

[05:31:57] उनको यह झांसा देके कि यह आर्मी तुम्हारे

[05:31:59] लिए है। तुम्हारी प्रोटेक्शन के लिए तो

[05:32:01] तुम्हें एक्सटर्नल थ्रेट हो तब भी यह

[05:32:04] आर्मी। इंटरनल रिबेलियन हो गया उसको

[05:32:05] सप्रेस करने के लिए भी यह आर्मी। बदले में

[05:32:07] एक छोटी सी पेमेंट। तो खुद कुछ भी नहीं

[05:32:09] करना पड़ रहा। आर्मी भी बनी हुई है और वो

[05:32:12] राजा जो फ्रांस का एलाय बन सकता था अब वो

[05:32:14] तुम्हारा एलाय है। तो जो पोटेंशियल अलायज़

[05:32:17] हैं उनके ऊपर सब्सिडरी अलायंस थोपी और जो

[05:32:21] एक्चुअल अलायस हैं लाइक टीपू सुल्तान उनको

[05:32:24] वंस एंड फॉर ऑल मरवाने का प्लान कर दिया

[05:32:27] आपके खत्म ही करना है। ठीक है? सो लॉर्ड

[05:32:30] वेलेसलीन ने कहा कि भाई यह और कितनी देर

[05:32:32] चलेगा? टीपू सुल्तान को खत्म करो। राइट?

[05:32:35] सो नेपोलियन के आने के जब प्ल्स आए लॉर्ड

[05:32:38] वेलेसलीन ने फटाफट क्या किया? फरवरी 1799

[05:32:40] में सिरंगपट्टम पे धावा बोल दिया।

[05:32:44] मुश्किल से फब, मार्च, अप्रैल, मई चार

[05:32:47] महीने में बैटल खत्म। तो सरंगपट्टनम में

[05:32:50] जब धावा बोला मैसूर ने रेजिस्ट किया। बट

[05:32:52] फाइनली मई 1799 में सरंगपट्टनम में अपनी

[05:32:56] कैपिटल को डिफेंड करते हुए टीपू सुल्तान

[05:32:59] ने अपने प्राण त्याग दिए। ठीक है? फ्रांस

[05:33:02] की हेल्प उनके पास आने वाली थी। बट इवन

[05:33:04] बिफोर इट कुड रीच। टीपू सुल्तान वाज़ किल्ड

[05:33:07] बाय द ब्रिटिश। सो मैसूर वास नाउ

[05:33:09] कंप्लीटली एनेक्स्ड बाय द कंपनी निजाम एंड

[05:33:12] मराठाज़। मोस्ट ऑफ इट्स टेरिटरीज वर

[05:33:15] डिवाइडेड अमंग दी थ्री एलस। और उसमें से

[05:33:17] कुछ हिस्सा

[05:33:19] मैसूर का कुछ हिस्सा काटकर मैसूर का कुछ

[05:33:23] छोटा सा हिस्सा काटकर एक पुराना वुडिया

[05:33:26] डायनेस्टी ना हैदर अली से पहले राज करती

[05:33:28] थी। तो वुडिया डायनेस्टी के एक माइनर राजा

[05:33:31] थे कृष्णराज दी थर्ड। ठीक है? कृष्णा

[05:33:35] राजा दी थर्ड। यह माइनर प्रिंस को वो छोटा

[05:33:39] सा हिस्सा काट कर दे दिया यह दिखाने के

[05:33:42] लिए ताकि ब्रिटिश पार्लियामेंट जब सवाल

[05:33:44] पूछेगी ना कि भाई पैसा नहीं है लड़ कैसे

[05:33:45] रहे हो वो कह रहे हम तो बड़े अच्छे हैं ये

[05:33:47] हैदर अली तो यूसुरपर था ये तो डिसरप

[05:33:51] डिसररप्शन क्रिएट करने के लिए आया था हम

[05:33:53] एक्चुअली ओरिजिनल डायनेस्टीज को उनका राज

[05:33:55] वापस दे रहे हैं सच एज कृष्णराज दी थर्ड

[05:33:58] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[05:33:58] ठीक है तो ब्रिटिश ने यह किया इनको वापस

[05:34:01] दे दिया इनका राजा और इन्हीं डायनेस्टी के

[05:34:04] मेंबर्स ने 1947 तक मैसूर में राज किया तो

[05:34:07] जितनी जितनी भी मैं हमेशा बताता हूं जितनी

[05:34:08] भी डायनेस्टीज हैं ना जो 1947 तक सर्वाइव

[05:34:11] की बहुत से ना YouTube की रील्स उनको बड़े

[05:34:14] ही ग्लैमर और ग्लोरी में दिखाती हैं। भाई

[05:34:16] ये पिट्ठू थे सब के सब ब्रिटिश के।

[05:34:18] इन्होंने ब्रिटिश का समर्थन किया था।

[05:34:20] रिव्ट ऑफ 1857 में इनका साथ दिया था। इस

[05:34:23] वजह से यह 1947 तक सर्वाइव कर पाए। ठीक

[05:34:26] है? सो ये वुडिया डायनेस्टी आ गई। और जो

[05:34:30] दो बच्चे जिनको मंगलोर की ट्रीटी के बाद

[05:34:34] इन्होंने

[05:34:35] नहीं मैगलोर नहीं श्रींगपट्टनम की ट्रीटी

[05:34:37] के बाद 1792 में इन्होंने बंदी बना लिया

[05:34:39] था दे वर पेंशंड ऑफ ठीक है उनको बची हुई

[05:34:43] जिंदगी उनकी ढंग से निकल जाए तो साल का

[05:34:46] कुछ खर्चा दे देते थे दे वर मेंशंड ऑफ वो

[05:34:48] इनसिग्निफिकेंट हो गए उसके बाद ठीक है सो

[05:34:50] ये थी हमारी चार मसूर वॉर्स इज दी मैसूर

[05:34:53] वॉर क्लियर

[05:34:57] पहली मसूर वॉर का कारण राइवलरी कंट्रोल

[05:35:01] ओवर नर्दन सरकार

[05:35:03] कब स्टार्ट हुई? पहली मैसूर वॉर कब

[05:35:06] स्टार्ट हुई? 1767 में। कब खत्म हुई? 1769

[05:35:11] में मद्रास के साथ। सेकंड मैसूर वॉर का

[05:35:13] कारण। व्हाट वास दी रीजन बिहाइंड सेकंड

[05:35:17] मैसूर वॉर?

[05:35:20] बताओ।

[05:35:30] राजा राजा ऑफ ट्रमाकोर नहीं राजा ऑफ माहे

[05:35:34] यस कैप्चर ऑफ माहे बाय ब्रिटिश ठीक है

[05:35:37] अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस चल रही है

[05:35:39] 1775 1775

[05:35:41] से 1783 के बीच तो 1780 में इन्होंने माहे

[05:35:45] पर कैप्चर कर लिया टीपू फ्रांस की अलायंस

[05:35:48] बन गई रिटाैलिएशन हुई ठीक है पोलॉलूर की

[05:35:52] लड़ाई हुई पोटोनोवा की लड़ाई हुई पोलूर

[05:35:54] में हैदर अली का पलड़ा भारी था। पोटोनोवो

[05:35:57] में यहां पर पट्टई में ब्रिटिश का पलड़ा

[05:36:00] भारी था। ठीक है? पोलूर में कर्नल बेली

[05:36:04] बैले गए। ठीक है? और उसके बाद बेल दी

[05:36:07] सफरिन जो था वो भी आ गया था फ्रांस से

[05:36:10] टीपू सुल्तान के पास। 1782 में

[05:36:14] टी हैदर अली की डेथ हो गई। और 1784

[05:36:19] आते-आते ब्रिटिश ने डिसाइड किया कि ट्रीटी

[05:36:22] ऑफ मैगलोर साइन करते हैं। लास्ट ट्रीटी ऑन

[05:36:25] इक्वल फुटिंग विद एन इंडियन रूलर। ठीक है?

[05:36:27] म्यूचुअल रेस्टिट्यूशन ऑफ़ टेरिटरी हो गई।

[05:36:29] उसके बाद थर्ड मैसूर वॉर का कारण क्या था?

[05:36:31] कि जब 1790 में नेदुमकोटा की लड़ाई टीपू

[05:36:35] सुल्तान ने त्रवगंगोर के राजा कार्तिक

[05:36:36] त्रुणल रामवर्मा वन के ऊपर धावा बोल दिया।

[05:36:39] बिकॉज़ क्रैंनोर और जैकोटा आइलैंड फोर्ट्स

[05:36:43] जो हैं वह उन्होंने डच से परचेस कर लिए

[05:36:46] थे। इंस्पाइट ऑफ़ नोइंग कि कोचिन इज़ अ

[05:36:48] ट्रिब्यूटरी स्टेट ऑफ़ मैसूर। तो इसके चलते

[05:36:51] उन्होंने जब अटैक किया ब्रिटिश को मौका

[05:36:53] मिल गया मेडल करने का तो स्कर्मिशेस शुरू

[05:36:56] हो गई। 1792 में स्करमिशेस रुकती हैं। ठीक

[05:36:59] है? और इसमें टीपू सुल्तान आधी टेरिटरी

[05:37:02] गवा देता है। 3.3 करोड़ की इंडेमनिटी लगती

[05:37:05] है। 1792 में नौनिहाल चले जाते हैं दोनों

[05:37:07] बच्चे। राइट? तो यह सिरंगपट्टम की ट्रीटी

[05:37:10] में यह होता है। और उसके बाद फाइनली जब

[05:37:11] लॉर्ड वेलसली आते हैं तो फब 1799 में

[05:37:14] सिरंगपट्टम पे अटैक होता है। मई 1799 तक

[05:37:17] टीपू सुल्तान खत्म। ठीक है? और नेपोलियन

[05:37:20] का जो भी इन्वज़ का थ्रेट था नेपोलियन आया

[05:37:23] नहीं बट टीपू सुल्तान चला गया। ठीक है?

[05:37:25] सो, दिस इज़ ऑल अबाउट मैसूर वॉर। क्लियर?

[05:37:28] ईजी टॉपिक है। ज्यादा मुश्किल नहीं है ये।

[05:37:31] ठीक है? दिस इज़ एन ईजी टॉपिक। सब्सिडरी

[05:37:34] अलायंस को पढ़ लेते हैं। सब्सिडरी अलायंस

[05:37:37] नेपोलियन के थ्रेट से डील करने के लिए

[05:37:39] बनाई गई थी।

[05:37:41] ठीक है? मेन रीज़न जो था ना लॉर्ड वेलेजली

[05:37:44] की सब्सिडरी अलायंस का जो मेन रीज़न था दिस

[05:37:46] वाज़ टू टैकल दी थ्रेट ऑफ़ नेपोलियन। राइट?

[05:37:49] तो एक्चुअल अलायंस पोटेंशियल अलायंस इनको

[05:37:51] टेम करना था। तो बहुत से इंडियन रूलर्स के

[05:37:54] ऊपर इसको इंपोज़ करना शुरू कर दिया। इसकी

[05:37:56] कंडीशन क्या थी? कि जिस भी कोई भी देश कोई

[05:37:59] भी रीजनल टेरिटरी अगर सब्सिडरी अलायंस के

[05:38:01] सिस्टम में आती है तो जो आपके फॉरेन

[05:38:03] रिलेशंस हैं वह अब कंपनी डिसाइड करेगी।

[05:38:05] मतलब दूसरे राज्य के साथ डील करने से पहले

[05:38:07] आपको कंपनी की परमिशन लेनी पड़ेगी।

[05:38:10] गवर्नर जनरल से सलाह मशवरा करना पड़ेगा।

[05:38:14] कंपनी इसके बदले फॉरेन और इंटरनल थ्रेट से

[05:38:16] आपको प्रोटेक्ट करेगी। एक छोटी सी टुकड़ी

[05:38:18] आपकी टेरिटरी के अंदर मौजूद रहेगी। बदले

[05:38:21] में आपको उन्हें एनुअल कैश सब्सिडी देनी

[05:38:23] पड़ेगी। ठीक है? कैश में पे करना पड़ेगा।

[05:38:25] और अगर आपका राज्य थोड़ा बड़ा है तो उस

[05:38:27] केस में आपको अपने राज्य का कुछ हिस्सा

[05:38:30] कंपनी को दे देना है ताकि वो वहीं से लगान

[05:38:34] वसूल करके अपने खर्चे निकाल सके। एक

[05:38:36] ब्रिटिश रेजिडेंट पोस्ट किया जाएगा आपकी

[05:38:38] कैपिटल में ताकि कोऑर्डिनेशन बनी रहे

[05:38:40] लेकिन इन जनरली ब्रिटिश रेजिडेंट जासूस की

[05:38:42] तरह काम करता था और आप दूसरे किसी

[05:38:45] यूरोपियन एंप्लई को अलाउ नहीं कर सकते काम

[05:38:48] करने के लिए बिना ब्रिटिश अप्रूवल के। सो

[05:38:50] यह लॉर्ड वेलेजली की सब्सिडरी अलायंस का

[05:38:52] एक स्टैंडर्ड टेंपरेट था। इस पॉइंट ऑफ

[05:38:54] व्यू से जो सब्सिडरी लायंस इंपोज हुई तो द

[05:38:57] फर्स्ट वन टू एक्सेप्ट दिस सब्सिडरी लायंस

[05:38:59] ऑफ लॉर्ड वेलेसली इट वाज़ निजाम ऑफ

[05:39:01] हैदराबाद 1798 में इसने एक्सेप्ट कर ली

[05:39:05] मैसूर के ऊपर 1799 में कृष्णराज थर्ड को

[05:39:07] बनाकर डाल दी तंजोर में 1799 में अगेन अवध

[05:39:12] 1801 में अवध के ऊपर जो सब्सिडरी अलायंस

[05:39:15] है बक्सर की लड़ाई के बाद तो चलो एक था

[05:39:18] 1801 में उसको अपडेट करके अवध पे इंपोज कर

[05:39:21] दिया पेशवा

[05:39:24] 1802 में भोसले 183 में सिंधिया 184 में

[05:39:28] एंड होलकर 1818 में ठीक है यह मराठाज़ में

[05:39:33] होलकर्स वर दी लास्ट मंथ्स टू ये नोट कर

[05:39:36] लेना लास्ट मराठा सरदार

[05:39:39] ठीक है मराठा सरदार बहुत से थे तो लास्ट

[05:39:41] मराठा सरदार टू एंटर सब्सिडरी लायंस इट

[05:39:47] वाज होलकर

[05:39:53] ठीक है? अब

[05:39:58] यह प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है। हम सीधा

[05:40:00] मराठा वॉर्स पे चलते हैं। ठीक है? ये

[05:40:01] प्रीवियस ईयर क्वेश्चन आया था। ये कर ही

[05:40:03] लोगे आप। ठीक है? हमने सारे आस्पेक्ट्स

[05:40:05] डिस्कस कर लिए हैं। ठीक है? अब ब्रिटिश

[05:40:07] कॉन्क्वेस्ट ऑफ मराठाज़ की बात करते हैं।

[05:40:10] लेट अस टॉक अबाउट ब्रिटिश कॉन्क्वेस्ट ऑफ

[05:40:12] मराठाज़। तो अगेन इसका टेबल आपके लिए काफी

[05:40:15] यूज़फुल रहेगा। और मराठाज़ की डिस्कशन करने

[05:40:19] के लिए लेट अस फर्स्ट ट्राई टू अंडरस्टैंड

[05:40:21] कि मराठाज़ का ना स्ट्रक्चर क्या था

[05:40:24] एडमिनिस्ट्रेशन का?

[05:40:34] आपने

[05:40:35] [गला साफ़ करने की आवाज़] मिडिवल हिस्ट्री

[05:40:36] कर ली है। तो आप मुझे बताइएगा कि हु वाज़

[05:40:40] दी फर्स्ट पेशवा इन मराठा एडमिनिस्ट्रेशन

[05:40:43] एंड वि पेशवा बिकम दी अह डीफैक्टो हेड ऑफ़

[05:40:48] मराठा कॉन्फेडरेसी फॉर द फर्स्ट टाइम। ठीक

[05:40:50] है? यह वीडियो के कमेंट सेक्शन में

[05:40:51] बताइएगा। ठीक है? तो बालाजी विश्वनाथ से

[05:40:54] बेसिकली यह सब कुछ स्टार्ट हो गया था।

[05:40:56] हालांकि पेशवा उनसे पहले भी हुआ करते थे।

[05:40:58] छत्रपति शिवाजी महाराज के समय पर भी थे।

[05:41:01] लेकिन बालाजी विश्वनाथ के समय पर पेशवा की

[05:41:05] अथॉरिटी और डोमिनेंस काफी ज्यादा इनक्रीस

[05:41:07] होने लग पड़ी। एंड बालाजी बाजीराव के टाइम

[05:41:10] पर बालाजी बाजीराव के टाइम पर जो इन्होंने

[05:41:13] संगोला एग्रीमेंट पास की संगोला एग्रीमेंट

[05:41:18] ये मिडिवल हिस्ट्री में आप पढ़ते हो इस

[05:41:20] एग्रीमेंट ने पेशवा को

[05:41:23] डीफक्टो

[05:41:26] या नॉमिनल हेड बना दिया मराठास का। ठीक

[05:41:30] है? छत्रपति से पावर्स लेकर

[05:41:34] पेशवा को यह पावर दे दी संगोला ट्रीटी।

[05:41:38] ठीक है। राइट? संगोला ट्रीटी छत्रपति को

[05:41:42] पावर मिल गई। अब इनसे पहले पेशवा थे

[05:41:46] बाजीराव वन। बाजीराव मस्तानी में जो देखा

[05:41:48] है दैट इज़ बाजीराव वन। ठीक है? ही वाज़ अ

[05:41:49] फाइटिंग पेशवा आल्सो नोन ऐज़ फाइटिंग

[05:41:51] पेशवा। बाजीराव वन के दो बेटे थे। बालाजी

[05:41:55] बाजीराव। पानीपत मूवी देखी है कृति सनंद

[05:41:57] की? उसमें मनीष बहल ने बाजीराव बालाजी

[05:42:01] बाजीराव का रोल प्ले किया है। तो बाजीराव

[05:42:04] वन यह फाइटिंग पेशवा हैं। इनके दो बेटे

[05:42:07] हैं बालाजी बाजीराव एंड रघुनाथ राव।

[05:42:10] बालाजी बाजीराव के फर्दर दो बेटे हैं

[05:42:13] माधवराव फर्स्ट एंड नारायण राव। ठीक है?

[05:42:16] अब इस इसमें क्या होता है?

[05:42:20] थर्ड बैटल ऑफ़ पानीपत जो 1761 में हुई।

[05:42:23] उसके बाद बालाजी बाजीराव की डेथ हो जाती

[05:42:26] है। तो इनके बड़े बेटे माधवराव वन ही

[05:42:28] असेंड्स टू दी थ्रोन। 1772 में माधवराव की

[05:42:33] डेथ हो जाती है। जब माधवराव की डेथ होती

[05:42:36] है तो नारायण राव ही बिकम्स दी पेशवा

[05:42:39] क्योंकि जो प्राइमोजेनेचर का कांसेप्ट

[05:42:41] फॉलो करना है तो यह लीनिएज चलेगी। अब ऐसे

[05:42:45] में रघुनाथ राव को लगा कि यार मैं बस अपने

[05:42:48] भाई के बच्चों की जी हुजूरी करता रहूंगा।

[05:42:50] कब? सो रघुनाथ राव कंस्पायर्स एंड गेट्स

[05:42:52] नारायण राव किल्ड।

[05:42:55] ठीक है? रघुनाथ राव ने नारायण राव को मरवा

[05:42:57] दिया। तो बेयरली एक मिसाल इन्होंने

[05:43:00] कंप्लीट किया होगा पेशवा का और 1773 में

[05:43:02] रघुनाथ राव ही बिकम्स पेशवा। अब रघुनाथ

[05:43:05] राव का सबको पता है कि कैसे पेशवा बने

[05:43:07] हैं। तो ऐसे में बालाजी बाजीराव के कुछ

[05:43:10] वफादार हैं। फॉर एग्जांपल नाना फडनविस।

[05:43:14] ठीक है? महादजी शिंद। कुल मिलाकर अराउंड

[05:43:18] 12 मेंबर्स हैं पेशवा के काउंसिल में। ठीक

[05:43:22] है? हु आर लॉयल टू बालाजी बाजीराव्स

[05:43:25] फैमिली लीनिएज। तो यह लोग एक कांस्परेसी

[05:43:28] करते हैं जिसको कहा जाता है बारा भाई

[05:43:30] कांस्परेसी।

[05:43:33] यह कांस्परेसी करते हैं व्हिच इज़ कॉल्ड एज

[05:43:35] बारा भाई कॉनस्परेसी। इस बारा भाई

[05:43:37] कांस्परेसी के अंदर क्या होता है? रघुनाथ

[05:43:40] राव को गद्दी से उतार दिया जाता है।

[05:43:41] बेसिकली रघुनाथ राव ने नारायण राय को मरवा

[05:43:44] दिया। थिंकिंग कि भाई इनका तो कोई बेटा है

[05:43:46] नहीं तो मैं पेशवा बन जाऊंगा। लेकिन नाना

[05:43:49] नाना फदनवीस और 12 भाई ने बड़ी ही चालाकी

[05:43:52] से नारायण राव की गर्भवती वाइफ को

[05:43:56] प्रोटेक्टेड रखा जिन्होंने आगे चलकर इनके

[05:43:58] बेटे माधवराव 2 को जन्म दिया। अगर रघुनाथ

[05:44:01] राव को पता लग जाता कि इनकी वाइफ गर्भवती

[05:44:04] है तो ये माधवराव 2 को मां के गर्भ में

[05:44:06] मरवा सकते थे। तो इन्होंने डिक्लेअ कर

[05:44:08] दिया कि माधवराव टू नारायण राव के पोस्टमस

[05:44:11] सन है। मतलब इनका जन्म अपने पिता की

[05:44:13] मृत्यु के बाद हुआ है। तो रघुनाथ राव को

[05:44:16] हटाकर जब ये सवा महीने के थे 45 डेज के

[05:44:20] व्हेन माधवराव टू वाज़ ऑफ़ 45 डेज ही वाज़

[05:44:23] मेड पेशवा। अब जब रघुनाथ राव की गद्दी चली

[05:44:26] गई 1774 में तो सपोर्ट लेने के लिए यह

[05:44:31] ईस्ट इंडिया कंपनी के पास चले गए। ठीक है?

[05:44:33] ठीक है? ये जो सब कुछ मैंने आपको समझाया

[05:44:35] है, ये फ्लो चार्ट में आपको ये मिल जाएगा।

[05:44:37] ठीक है? इसको एक बार रीड कर लेना। अभी तक

[05:44:39] किसी को कोई कंफ्यूजन तो नहीं है? बताइए

[05:44:43] अभी तक कोई कंफ्यूजन? ठीक है? तो ये ईस्ट

[05:44:46] इंडिया कंपनी के पास चले गए हैं सपोर्ट

[05:44:49] मांगने। अब मद्रास की सरकार ने मद्रास की

[05:44:54] जो ईस्ट इंडिया कंपनी के तीन विंग हैं।

[05:44:56] बंगाल इन कोलकाता, मद्रास और बॉम्बे।

[05:45:00] ने तो बंगाल ही जीत लिया है। बंगाल के

[05:45:02] वर्चुअल नवाब बने पड़े हैं। मद्रास ने

[05:45:05] लोअर पेनसुला पूरी तरह से जीत लिया है।

[05:45:07] मैसूर को हरा दिया, कर्नाटक को हरा दिया,

[05:45:10] निजाम को भी एक तरीके से अपने जंगलों में

[05:45:13] रखा हुआ है। तो बॉम्बे के हो रही है

[05:45:16] खुजली। बॉम्बे कह रहा है कि यार मेरा नंबर

[05:45:18] कब आएगा? ठीक है? बॉम्बे को है कि भाई

[05:45:23] मेरी बारी कब आएगी? तो यहां पर उनको एक

[05:45:25] मौका मिल जाता है। जब रघुनाथ राव बॉम्बे

[05:45:28] के गवर्नर से मिलने जाते हैं। बॉम्बे के

[05:45:30] गवर्नर यहां पे कौन होते हैं? विलियम

[05:45:32] हॉर्नबी।

[05:45:34] ठीक है? विलियम हॉर्नबी इज दी गवर्नर ऑफ

[05:45:37] बॉम्बे। राइट? तो रघुनाथ राव बॉम्बे के

[05:45:40] गवर्नर के साथ विलियम हॉर्नबी के साथ

[05:45:42] ट्रीटी ऑफ सूरत साइन करते हैं इन 1775।

[05:45:46] इस ट्रीटी के हिसाब से रघुनाथ राव को ईस्ट

[05:45:49] इंडिया कंपनी पेशवा बनाएगी। बदले में

[05:45:53] मराठों के जो सालसेत और वसाई के पोर्ट

[05:45:55] हैं। ठीक है? सालसेत आइलैंड राइट एंड वसाई

[05:45:59] आइलैंड ये जैसे यहां पर है ना यह

[05:46:01] पर्टिकुलर ग्रीन एरिया है ना दिस इज़

[05:46:03] सालसेत आइलैंड और इसी के नॉर्थ में ये

[05:46:05] वसाई क्रीक के नॉर्थ में ये वसाई है। ठीक

[05:46:08] है? तो सालसेत वसाई के जो पोर्ट हैं यह

[05:46:11] ईस्ट इंडिया कंपनी को दे दिए जाएंगे। इसी

[05:46:14] के साथ-साथ सूरत और बहरूच के जो रेवेन्यूस

[05:46:17] हैं वो भी ईस्ट इंडिया कंपनी को दिया

[05:46:19] जाएगा। दे विल रिलें्विश दी शेयर्स ऑफ़

[05:46:21] रेवेन्यू फ्रॉम सूरत एंड बैरूज। रघुनाथ

[05:46:23] राव को सिर्फ पेशवा बनने से मतलब था। ही

[05:46:25] एग्रीड टू दीज़ टर्म्स। राइट? और इन्हीं

[05:46:27] टर्म्स के चलते ईस्ट इंडिया कंपनी फिर

[05:46:29] अटैक कर देती है। ठीक है? तो कर्नल कीटिंग

[05:46:33] याद रहता है तो ठीक है? नहीं तो बस इतना

[05:46:34] याद रखो कि अड़ास की एक लड़ाई होती है मई

[05:46:37] 1775 में। सूरत के पास अड़ास की लड़ाई होती

[05:46:40] है 1775 में। जब यह पता लगता है वारेन

[05:46:43] हस्टिंग्स को रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ 1773 ने

[05:46:47] गवर्नर ऑफ बंगाल को गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल

[05:46:50] बनाया था। यानी कि उनका ओदा बॉम्बे और

[05:46:53] मद्रास से ऊपर था। तो आइडली विलियम हनबी

[05:46:56] को पूछना चाहिए था वारेन हेस्टिंग से जो

[05:46:58] कि उसने नहीं पूछा। जब वारेन हेस्टिंग को

[05:47:00] पता लगा ही वाज़ वेरी फ्यूरियस। और उसने

[05:47:02] अपने खास आदमी कर्नल अपटन को अपटन अपटर्न

[05:47:06] करने के लिए इस ट्रीटी को अपटर्न करने के

[05:47:08] लिए भेज दिया। ठीक है? ठीक है? तो कर्नल

[05:47:10] अपटन गए पेशवा के दरबार में और वहां पर

[05:47:12] नाना फदनवीस के साथ 1776 में ये नोट करते

[05:47:15] रहो ट्रीटियों के नाम मराठा वॉर्स में ये

[05:47:19] नोट करते रहिए ट्रीटीज के नाम। सबसे पहली

[05:47:21] ट्रीटी इज़ ट्रीटी ऑफ सूरत 1774।

[05:47:27] ठीक है? सालसेत वसाई

[05:47:30] सूरत एंड बैरूच।

[05:47:33] ठीक है? यह नोट कर लो। सलसेदत वसाई, सूरत

[05:47:35] एंड बरूच ये ईस्ट इंडिया कंपनी को मिलेगा।

[05:47:36] बदले में पेशवा बन जाएंगे। और दूसरी

[05:47:39] ट्रीटी नोट करो ट्रीटी ऑफ पुरंदर।

[05:47:42] ठीक है? ट्रीटी ऑफ पुरंदर में ईस्ट इंडिया

[05:47:45] कंपनी विल नॉट सपोर्ट रघुनाथ राव। ठीक है?

[05:47:48] और इसी के साथ-साथ रघुनाथ राव को कहा था

[05:47:51] पेंशनर बना देंगे और लड़ाई रुक जाएगी।

[05:47:55] लेकिन यह 1776 की ट्रीटी नियर्स भी नोट

[05:47:58] करते रहना। 1776 की जो यह ट्रीटी है, यह

[05:48:02] मतलब अभी साइन ही की थी कि इतने में

[05:48:06] अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1775 में शुरू

[05:48:08] हो जाती है। ब्रिटिश को लग रहे हैं

[05:48:10] सेटबैक्स। सेटबैक्स के चलते इन्होंने देखा

[05:48:13] कि पुणे में एक फ्रेंच ऑफिसर शेवलियर दी

[05:48:16] सेंट लूबिन भी मौजूद है। तो ये डर गए। तो

[05:48:19] हस्टिंग्स इतना कंफ्यूज आदमी इसने ना एनल

[05:48:22] कर दी ये ट्रीटी। पहले सूरत की ट्रीटी को

[05:48:26] एनल करवाया। फिर पुरंदर की ट्रीटी को अहल

[05:48:28] करवाया। हमारा सिलेबस खामाखा बढ़ा दिया।

[05:48:31] ठीक है? तो इसने कहा कि मराठा के साथ पूरी

[05:48:33] तरह से हमें फाइट करनी है। तो इसने अपने

[05:48:36] चार अफसरों को पकड़ा। ईगलटन, गोडड, ओपम

[05:48:40] एंड केमक। ठीक है? तो ईगलटन जो है ना इसका

[05:48:44] नाम ही ईगलटन है। आता जाता इसे कुछ भी

[05:48:46] नहीं है। ईगलटन को भेज दिया कि महादजी

[05:48:49] शिंद से लड़ो। ठीक है? तो इसने पू अटैक

[05:48:52] किया। पूना में महादजी शिंद जो कि पेशवा

[05:48:54] के और नाना फनवीस के खास बालाजी के विकास

[05:48:57] थे। तो इन्होंने रेजिस्टेंस देनी शुरू कर

[05:49:00] दी। दो लड़ाईयां होती हैं तालेगांव में इन

[05:49:03] 1779

[05:49:05] एंड वादगांव में अगेन इन 1779। वाद गांव

[05:49:09] में हारने के बाद ब्रिटिश फाइनली यह जो

[05:49:11] ईगल्टन है यह ट्रीटी साइन कर देता है

[05:49:14] वादगांव की ट्रीटी। ठीक है? जहां पर ये

[05:49:16] सारी ब्रिटिश ये जो अपनी टेरिटरीज हैं ये

[05:49:18] रिटर्न कर देते हैं जो इन्होंने 1773 के

[05:49:21] बाद कैप्चर की थी। और सूरत बैरूज के

[05:49:23] रेवेन्यू कहा था ना कि हमें मिलेंगे। तो

[05:49:25] बरूज के रेवेन्यू अब से सिंधियास को

[05:49:27] मिलेंगे। ये इसमें डिसाइड हुआ। अब

[05:49:30] हैस्टिंग्स इतना मतलब क्या बंदा है ये? यह

[05:49:32] कोई ट्रीटी मानने को तैयार नहीं है। बस

[05:49:34] सिलेबस बढ़ता जा रहा है हमारा। ये ट्रीटी

[05:49:36] नहीं एग्री करेगा हैस्टिंग्स। ठीक है? तो

[05:49:38] हैस्टिंग्स ने क्या किया? हेस्टिंग्स ने

[05:49:40] कहा कि भाई मुझे कुछ नहीं पता। मराठास को

[05:49:43] डिफीट करो। उधर अमेरिकन वॉर ऑफ

[05:49:45] इंडिपेंडेंस हो गई है। बहुत लेने के देने

[05:49:47] पड़ जाएंगे। तो ईगलटन से कुछ हुआ नहीं।

[05:49:50] ठीक है? ताले गांव में मुंह पे तालियां

[05:49:51] पड़ी इसके। और वाद गांव में इसने वही कहा

[05:49:54] वादा किया तो वह वादा पूरा हुआ नहीं

[05:49:58] हैस्टिंग्स बैठा है ठीक है तो अगली ट्रीटी

[05:50:02] को नोट कर लीजिए जहां पर आपने सूरत 1774

[05:50:05] और पुरंदर 1776 लिखा है अगली ट्रीटी है

[05:50:08] वादगांव

[05:50:10] 1779

[05:50:12] इसमें बैरूच रेवेन्यूस टू सिंधियास

[05:50:16] एंड ईस्ट इंडिया कंपनी टू रिटर्न टेरिटरीज

[05:50:19] आफ्टर 1773 यह नोट करो यह लिस्ट बनाओ यार।

[05:50:23] इसी को कंसोलिडेशन कहते हैं।

[05:50:26] ठीक है? तो ब्रिटिश अब हो गए हैं डिफीट

[05:50:29] यहां पर पर हार नहीं मानी। तो गोडार्ड को

[05:50:33] कहा कि भाई अपना जलवा दिखाओ। ठीक है? तो

[05:50:36] इसको याद मैंने कैसे रखा है? जी फॉर

[05:50:38] गोडार्ड, जी फॉर गुजरात। ठीक है? तो

[05:50:40] गोडार्ड ने गुजरात के अहमदाबाद और साथ ही

[05:50:43] साथ वसाई को जीत लिया। ठीक है? अहमदाबाद

[05:50:45] एंड वसाई। पॉपम ने क्या किया? पॉपम ने

[05:50:49] सिंधियास का जो कोर पॉइंट था वो पपम कर

[05:50:53] दिया। ठीक है? जैसे ये जो है ना मराठा

[05:50:56] कॉन्फेडरेसी में पेशवास की सीट क्या थी?

[05:51:00] पुणे। पेशवाज़ ऑफ पुणे।

[05:51:04] भोंसलेज़ ऑफ नागपुर।

[05:51:09] सिंधियाज़ ऑफ ग्वालियर।

[05:51:12] ठीक है? सिंधियाज़ ऑफ़

[05:51:15] ग्वालियर। होलकर्स ऑफ इंदौर।

[05:51:19] होलकर कहां के थे? इंदौर के थे। ठीक है?

[05:51:22] पेशवा, भोसले, सिंधिया, होलकर कोई रह तो

[05:51:24] नहीं गया। गायवाड़, गायवाड़ ऑफ बड़ौदा।

[05:51:29] ठीक है? तो यहां पर मतलब

[05:51:35] गोडार्ड ने अहमदाबाद वसाई जीता। पॉपम ने

[05:51:38] ग्वालियर और केमक ने बैटल ऑफ सीपरी में।

[05:51:42] ठीक है? केमक ने के मैक ने सीटी बजा दी।

[05:51:46] बैटल ऑफ सीपरी में 1781 में सिटी बजा दी।

[05:51:49] सीपरी की लड़ाई में महाजी सिंधे ही मेनली

[05:51:51] ये लीड कर रहे थे सारी बैटल्स। तो जब

[05:51:52] सिप्री की डिफीट हुई तो देन महाजी सिंधे

[05:51:55] ही डिसाइडेड कि इट्स बेटर कि हम रेस्पाइट

[05:51:57] ले लें। क्योंकि यह ना हो कि पेशवा की

[05:52:00] टेरिटरीज बचाते-बचाते सिंधियाज़ अपना सब

[05:52:02] कुछ गवा दें। ठीक है? तो 1782 में ट्रीटी

[05:52:05] ऑफ़ सलबाई यह साइन होती है फाइनली और यह

[05:52:08] फाइनली वारेन हेस्टिंग्स इस ट्रीटी को

[05:52:10] एक्सेप्ट कर देता है। ठीक है? है तो सलबाई

[05:52:13] की ट्रीटी वारेन हेस्टिंग सलबाई की ट्रीटी

[05:52:15] को सुन के क्या कहता है सहीबाई ठीक है सही

[05:52:17] बाई सलबाई सहीबाई ठीक है तो 1782 में ये

[05:52:20] होता है ठीक है तो कितनी ट्रीटीज हैं आपकी

[05:52:22] फर्स्ट बैटल में एवरीवन थकना नहीं है

[05:52:26] रुकना नहीं है झुकना नहीं है ठीक है थक

[05:52:31] मैं भी रहा हूं वैसे तो पर यार ये बीच-बीच

[05:52:34] में ना एक दूसरे को जो जोश देते रहना है

[05:52:37] ठीक है वी हैव टू यू नो एनकरेज एंड

[05:52:39] मोटिवेट ईच अदर तभी बात बनेगी ठीक है जी।

[05:52:42] तो फर्स्ट मराठा वॉर के अंदर ट्रीटीज़ ही

[05:52:45] ट्रीटीज़ हैं। ट्रीटी ऑफ़ सूरत 1774

[05:52:49] सालसेत वसाई सूरत बैरूज ये ईस्ट इंडिया

[05:52:52] कंपनी को चाहिए था। ट्रीटी ऑफ़ पुरंदर यह

[05:52:54] एक तरीके से स्करमिशस को रोकने के लिए था।

[05:52:56] 1776 में ट्रीटी ऑफ़ वादगांव इसमें क्या

[05:53:00] था? म्यूच रेस्टिट्यूशन ऑफ टेरिटरीज़ आफ्टर

[05:53:03] 1773। यह कंपनी को करनी है। बहरूच के

[05:53:06] रेवेन्यूज़ महा सिंधियाज़ को मिलेंगे। यह भी

[05:53:10] रिजेक्ट कर दी। एंड फाइनली सलबाई की

[05:53:12] ट्रीटी 1782 में हुई। दैट एंडेड फर्स्ट

[05:53:15] मराठा वॉर। ठीक है? 1782 की सलबाई की

[05:53:20] ट्रीटी एंडेड फर्स्ट मराठा वॉर। तो रघुनाथ

[05:53:21] राव को कोई सपोर्ट नहीं मिलेगा। माधवराव

[05:53:24] टू जिन्हें सवाई माधव भी कहते हैं। ही वाज़

[05:53:26] एक्सेप्टेड एज़ पेशवा। वसाई हैड टू बी गिवन

[05:53:29] अप बाय ईआईसी। सालसेट बसायन के पोर्ट में

[05:53:32] से वसाई का पोर्ट जो है वह ईआईसी ईस्ट

[05:53:35] इंडिया कंपनी को छोड़ना पड़ा। सालसे का

[05:53:38] इन्होंने रिटेन करके रखा। एलिफेंटा का भी

[05:53:40] रिटेन करके रखा और सिंधिया की जितनी

[05:53:42] टेरिटरीज यहां पर ठीक है यहां जितनी

[05:53:43] सिंधिया की टेरिटरीज गवाई गई थी वो रिटर्न

[05:53:46] कर दी गई। ठीक है? तो ये था फर्स्ट एंग्लो

[05:53:49] मराठा वॉर। ठीक है? तो इसकी सिग्निफिकेंस

[05:53:51] यही है कि दोनों पावर्स को एक दूसरे का

[05:53:53] टेस्ट मिल गया। और मीनवाइल 1782 से लेके

[05:53:56] 1799 के बीच ब्रिटिश जो हैं दे कैन फोकस

[05:53:59] ऑन मैसूर। ठीक है? तो यहां पर अभी 20 साल

[05:54:02] के लिए सुख शांति चयन है। ठीक है? हो गया

[05:54:04] फर्स्ट मराठा वॉर।

[05:54:08] ठीक है? ठीक है? फर्स्ट मराठा वॉर हो गया।

[05:54:09] अब चलते हैं सेकंड मराठा वॉर पे। ठीक है

[05:54:12] बच्चे श्रेया मंथली मैगजीन जो है वो मर्जी

[05:54:15] है आपकी। कौन सी करना चाह? सिविल्स आईक्यू

[05:54:17] करके कर लो। स्टडी आईक्यू की ही वेबसाइट

[05:54:19] पे आप सिविल्स आईक्यू नाम की मैगजीन को

[05:54:25] रीड कर सकते हो। ठीक है? वो अच्छा कंटेंट

[05:54:27] है उसके अंदर। चलो

[05:54:30] अब अगली लड़ाई का कॉन्टेक्स्ट देखते हैं।

[05:54:32] क्या चल रहा है? अगली लड़ाई में यह मामा

[05:54:34] फिर आ गया वापस। लॉर्ड वेलेसली। लॉर्ड

[05:54:36] वेलेसली की चुल क्या है? ठीक है? अब मुझे

[05:54:39] आपको और खुद को एक्टिव रखने के लिए थोड़ा

[05:54:41] सा ना स्लैंग हल्काफुल्का यूज़ करना

[05:54:43] पड़ेगा। माइंड नहीं करेगा कोई प्लीज। एंड

[05:54:44] डोंट जज मी। ठीक है? आई एम अ वेरी गुड

[05:54:46] बॉय। ठीक है? बट कभी-कभी हमें फिर ये

[05:54:48] थोड़ा सा। ठीक है? एक्टिव रहने के लिए

[05:54:50] करना पड़ता है। हां जी। बताइए। लॉर्ड

[05:54:53] वेलेसली की क्या चूल है? नेपोलियन है कि

[05:54:56] नहीं है? यू एग्री और नॉट। क्या हो गया

[05:54:59] भाई? डन। क्लियर? हां। ठीक है। बढ़िया।

[05:55:04] है कि नहीं? है ना? नेपोलियन से डरा पड़ा

[05:55:06] है यह वेलेसली और उसके चलते इसने एक नया

[05:55:10] फार्मूला निकाला है सब्सिडरी अलायंस

[05:55:17] ठीक है इसका सब्सिडरी अलायंस ये बड़ा पागल

[05:55:20] है कि सब्सिडरी अलायंस कर लो भाई जो भी है

[05:55:22] ना सब्सिडरी अलायंस कर लो तो अब इसका

[05:55:25] ऑब्जेक्टिव है कि जितने है ना इंडियंस है

[05:55:28] सब पे लगा दो राइट अपने आप सब चुप रहेंगे

[05:55:31] और हमारी इतनी बड़ी आर्मी का खर्चा भी बना

[05:55:32] रहेगा तो धीरे-धीरे यह कर रहा राइट?

[05:55:36] और इसके अंदर अब क्या है कि 1800 में 1799

[05:55:41] में मैसूर खत्म। 1800 में एक ट्रेजडी हो

[05:55:44] जाती है नाना फदनवीस डायज़। ठीक है? और अभी

[05:55:47] जो पेशवा हैं जो माधवराव टू थे ना ही

[05:55:50] आल्सो कमिटेड सुसाइड एट दी एज ऑफ़ 13

[05:55:52] इयर्स। राइट? तो आगे चलकर जो पेशवा बनते

[05:55:56] हैं, वह बाजीराव टू बन जाते हैं। लेकिन

[05:55:58] बाजीराव टू बिकम्स दी पेशवा। तो नाना

[05:56:02] फदनवीस की डेथ हो जाती है। तो नाना फदनवीस

[05:56:05] जब तक जिंदा थे इन्होंने मराठा चीफ को ना

[05:56:07] थोड़ा होल्ड करके रखा था। जो अदर वाइज ये

[05:56:10] सब के सब ठीक है आपस में इनका कॉन्टेस्ट

[05:56:13] चलता रहता था। ठीक है? कॉन्टेस्ट मतलब एक

[05:56:15] दूसरे की टेरिटरीज में घुस गए तो लड़ाई हो

[05:56:17] जाती थी। फॉर एग्जांपल जैसे इनको देखो

[05:56:19] पेशवा एंड सिंध्याज़ ये जुड़े हुए थे।

[05:56:21] फ्रेंड्स थे अलायस थे। इनकी होलकर के साथ

[05:56:24] नहीं बनती थी। तो बाजीराव टू दौलतराव

[05:56:27] सिंध्या इनकी होलकर के साथ यानी कि

[05:56:29] यशवंतराव होलकर के साथ नहीं बनती थी। तो

[05:56:31] एक बार ऐसा हुआ कि सिंधिया एंड पेशवा को

[05:56:35] लगा कि मतलब होलकर्स ने ना एक ऐसी जगह से

[05:56:40] रेवेन्यू कलेक्ट किया जो अपेरेंटली पेशवास

[05:56:43] थॉट दैट दिस इज आवर टेरिटरी। तो विट्ठो जी

[05:56:47] होलकर यशवंतराव होलकर के छोटे भाई थे। तो

[05:56:50] जब ऐसा उन्होंने किया पेशवा ने कहा कि भाई

[05:56:54] ये क्या मतलब वेयर बॉय व्हाट आर यू डूइंग?

[05:56:58] तो कॉन्सिक्वेंटली इन्होंने कहा कि यह तो

[05:57:00] ट्रीजन है। है ना? जो पैसा स्टेट का है आप

[05:57:05] उसको लूट रहे हो। इसका मतलब तो इन्होंने

[05:57:07] विट्ठो जी होलकर को अरेस्ट करवा लिया।

[05:57:09] अरेस्ट तो करवाया ही करवाया। इनको बीच

[05:57:11] बाजार जलील किया और उसके बाद हाथी के पैर

[05:57:15] के नीचे कुचलवा के मरवा दिया। ठीक है? दिस

[05:57:18] हैपेंड इन 1801। 1800 में नाना फदनवीस की

[05:57:21] डेथ 1801 में विट्ठो जी होलकर को जलील

[05:57:24] करके मरवाया। अब आपके छोटे भाई के साथ अगर

[05:57:26] ऐसा हो मुझे जरा बताओ आप क्या करोगे?

[05:57:31] जय मां भवानी बोल के पेशवा को पकड़ोगे।

[05:57:34] अभी तेरे को सीधा करता हूं। तेरी हिम्मत

[05:57:35] कैसे हुई है करने की? बातचीत हो सकती है।

[05:57:37] रॉयल फैमिली के आप भी हो हम भी हैं। बैठ

[05:57:40] के बात करो। कोई मसला है तो सुलझाते हैं।

[05:57:42] यह क्या तरीका है? तो यशवंत राव होलकर ने

[05:57:46] 1802 में पूना के ऊपर अटैक कर दिया और

[05:57:49] कैप्चर कर लिया। ठीक है? मां भवानी पूना

[05:57:53] इज वि होलकर। अब यहां पर केशवा

[05:57:58] ही हैड टू फ्लाई अवे फ्रॉम पुणे। और भागकर

[05:58:02] कहां गए? पू के पास ब्रिटिश की कौन सी जगह

[05:58:05] मौजूद थी? वसाई। वसाई में जाकर उन्होंने

[05:58:08] क्या किया? इन्होंने साइन कर ली ट्रीटी ऑफ़

[05:58:11] वसाई 1802।

[05:58:16] ट्रीटी ऑफ़ वसाई

[05:58:18] ये ट्रीटी ऑफ़ बसेन जो अह

[05:58:22] डीयू वाली है दैट इज डिफरेंट।

[05:58:27] ठीक है?

[05:58:28] जो डीयू की ट्रीट वाली है 1534 वाली वो

[05:58:32] अलग है। ठीक है? उसमें डीयू जो था फाइनली

[05:58:35] पोर्चुगीज़ ने एनेक्स किया था अंडर नीनोदा

[05:58:37] कोना। जब बहादुर शाह ऑफ़ गुजरात गव दिस डयू

[05:58:41] टू पोर्चुगीज़ इन एक्सचेंज फॉर हेल्प

[05:58:43] अगेंस्ट हुमायूं। ठीक है? लेकिन यह ट्रीटी

[05:58:46] ऑफ़ बसाई इट बिकम दी कॉज फॉर दी सेकंड

[05:58:50] एंग्लो मराठा वॉर। बसाई की ट्रीटी साइन

[05:58:52] करने की देर थी। तो पेशवा ने अपनी सोवनिटी

[05:58:56] लूज़ कर दी। और क्योंकि पेशवा नॉमिनल हेड

[05:58:58] थे। तो इसका मतलब अब जो ब्रिटिश है वो

[05:59:01] लगभग सारे मराठा चीफ्स के सुपीरियर हो गए।

[05:59:04] क्योंकि अगर पेशवा के वो सुपीरियर बन गए

[05:59:06] हैं तो पूरे मराठा चीफ के सुपीरियर बन गए।

[05:59:08] तो इसमें ना काफी सारे मराठाज़ की

[05:59:10] पेट्रियोटिक फीलिंग्स हर्ट हुई। ऑलदो

[05:59:12] इंटरनल रिफ्ट्स और डिवीज़ंस थी। ठीक है?

[05:59:14] देखिए आई नो आप में से कई लोग इसमें

[05:59:16] कंफ्यूज हो रहे होंगे कि फिर यशवंत राव

[05:59:17] होलकर ने कैसे अटैक कर दिया। पर वही बात

[05:59:20] है यशवंतराव होलकर इज़ स्टिल अ मराठा लेकिन

[05:59:22] ईस्ट इंडिया कंपनीज़ नाइदर मराठा नॉर एन

[05:59:24] इंडियन उसकी सुजनिटी उसकी एक्सेप्ट कर ली।

[05:59:28] सो इसकी वजह से क्या हुआ? मराठा क्फेडरेसी

[05:59:30] अब ब्रेकअप हो गई। तो अब अलायंस बननी शुरू

[05:59:34] होती है अंग्रेजों को काउंटर करने के लिए।

[05:59:36] तो दौलतराव सिंधिया और रघुजी भोसले

[05:59:40] दौलतराव सिंधिया एंड रघुजी भोंसले यह

[05:59:44] अलायंस बनाते हैं। यशवंत राव होलकर को कहा

[05:59:46] जाता है कि आप जॉइ करना चाहोगे बट बिकॉज़

[05:59:48] सिंधिया वाज़ आल्सो इनवॉल्वड इन द डेथ ऑफ़

[05:59:51] विट्ठो जी होलकर। सो होलकर स्टेज़ अवे

[05:59:53] फ्रॉम दिस पर्टिकुलर अलायंस। और जो

[05:59:56] गायवाड़ हैं गायवाड़ में आनंद राव गायवाड़

[06:00:00] जो थे उन्होंने ऑलरेडी ठीक है 1803

[06:00:04] न्यूट्रल रहे और उसके बाद 1803 में

[06:00:06] गायवाड़ को यह समझ में आ गया कि ब्रिटिश

[06:00:09] को डिफीट करना मुश्किल है तो बेटर है मैं

[06:00:12] इनका फ्यूडेटरी बन जाता हूं। ठीक है? तो

[06:00:14] गायवाड़ टर्नड आउट टू बी फ्यूडेटरीज ऑफ द

[06:00:17] ब्रिटिश। फ्यूडेटरीज ऑफ द ब्रिटिश मतलब कि

[06:00:20] उन्होंने बिना किसी सब्सिडरी अलायंस के ही

[06:00:22] उनकी सुजरनिटी को एक्सेप्ट कर लिया कि

[06:00:24] माई-बाप आप ही हो। मतलब अपनी एलजियंस

[06:00:26] पेशवा से हटाकर ब्रिटिश की तरफ कर दी कि

[06:00:30] मेरे नॉमिनल हेड जो है वो पेशवा नहीं आप

[06:00:32] हैं। अब यहां पर लड़ाई होगी। भोसले और

[06:00:35] सिंधिया की बन गई अलायंस और यह फुल फ्लेज

[06:00:38] वॉर हो गई। ठीक है? तो लॉर्ड वेलेजली जो

[06:00:42] है ना गवर्नर जनरल उनका असली नाम एक बार

[06:00:44] आप चेक कीजिएगा। उनका ना एक छोटा भाई था।

[06:00:46] उसका नाम था आर्थर वेलेजली। लॉर्ड वेलेजली

[06:00:49] का छोटा भाई था आर्थर वेलेजली। तो सेकंड

[06:00:53] मराठा वॉर एक फुल फ्लेज वॉर थी जिसने बहुत

[06:00:56] सारे एरियाज को यू नो इंपैक्ट किया। इसके

[06:00:59] दो थिएटर्स बने नॉर्थ में और डेक्कन में।

[06:01:02] डेक्कन में वेलेजली लॉर्ड के छोटे भाई

[06:01:05] आर्थर वेलेजली इन्होंने लीड की ब्रिटिश

[06:01:07] आर्मी और नॉर्थ में नॉर्थ में क्या है? ये

[06:01:11] दाल लेक वाललेक ये सब नॉर्थ में हैं। तो

[06:01:13] बस वहां से जनरल लेक ठीक है? जनरल लेक

[06:01:17] इन्होंने नॉर्थ से ब्रिटिश आर्मी को लीड

[06:01:19] किया। कुल मिलाकर चार लड़ाईयां होती हैं।

[06:01:22] ठीक है? बैटल ऑफ असाई पहली उसके बाद बैटल

[06:01:26] ऑफ दिल्ली दूसरी। फिर बैटल ऑफ आरगांव

[06:01:29] तीसरी और बैटल ऑफ लसवारी चौथी। ठीक है? तो

[06:01:32] इसको याद करने का तरीका 80 हार गए। ठीक

[06:01:36] है? 80 हार गए। मतलब 80 हम हार गए। ठीक

[06:01:40] है? तो सिंधियाज़ एंड मॉन्सलेस कंबाइंड

[06:01:43] आर्मीज़ 80 हार गए। ये किसने? आर वाले ने

[06:01:46] आर ने पिज़ली ने किया। वेब वेलेलिसली ने।

[06:01:49] ठीक है? आर्थर वेलेसनी ने इनको डिफीट कर

[06:01:51] दिया 1800 दोनों बैटल्स में। ठीक है? और

[06:01:53] दिल्ली में ठीक है? नॉर्थ में दिल्ली की

[06:01:58] लस्सी दिल्ली की लस्सी हो गई। दिल्ली में

[06:02:02] डिफिटेड लसवारी में भी लस्सी करवा ली

[06:02:04] अपनी। ठीक है? तो मराठाज़ वर डिफिटेड इन ऑल

[06:02:07] दीज़ थिएटर्स ऑफ़ वॉर। याद रहेगा? ठीक है? अ

[06:02:11] हार गए दिल्ली से। लस्सी हो गई साडी। ठीक

[06:02:14] है? और सीक्वेंस क्या है?

[06:02:18] ऐड एल ठीक है एडी एल ठीक है एसआई दिल्ली

[06:02:22] आरगांव लसवारी हिमांशी मुझे बता देना आई

[06:02:25] होप आई एम मतलब ये ठीक बता रहा हूं कुछ

[06:02:27] गलत ना हो जाए ठीक है हिमांशी इस क्वाइट

[06:02:29] गुड विद डेट्स तो ये सारी लड़ाईयां होने

[06:02:31] के बाद अब क्या होगा लड़ाईयां हो गई

[06:02:33] बैटल्स हो गई अब होगी ट्रीटी है ना अब

[06:02:36] क्या होगा अब ट्रीटी साइन होगी ट्रीटी

[06:02:38] क्या बनती है तो भोंसले के साथ देवगांव की

[06:02:42] ट्रीटी साइन की जाती है देवगांव की ट्रीटी

[06:02:46] ठीक है देवगांव की ट्रीटी में नाम ही क्या

[06:02:47] है? देवगांव। देवगांव बदले लियो ट्रूप्स।

[06:02:51] ठीक है? तो दिस इज़ अ सब्सिडरी लाइंस

[06:02:53] ट्रीटी। एंड सिंधियाज़ के साथ कौन सी

[06:02:56] ट्रीटी साइन की? तो इमीडिएटली 1804 में

[06:03:00] सिंधियाज़ के साथ सुरजी अर्जुन गांव की

[06:03:02] ट्रीटी साइन की। दिस वाज़ दिस इज़ नॉट अ

[06:03:05] सब्सिडरी लाइंस ट्रीटी। बहुत सी बुक्स में

[06:03:06] गलत दिया हुआ है। सुरजी अर्जुन गांव की

[06:03:09] ट्रीटी सब्सिडरी लाइंस ट्रीटी नहीं है।

[06:03:11] सिंधियाज़ के साथ एक अलग से ट्रीटी साइन की

[06:03:14] थी। व्हिच इज़ ट्रीटी ऑफ़ बुरहानपुर। दैट इज

[06:03:17] अ सब्सिडरी लायंस ट्रीटी। ठीक है? तो यहां

[06:03:20] पर अब क्या होता है? सेकंड मराठा वॉर में

[06:03:22] मराठा कॉन्फिडरेसी टूट जाती है। सिंधिया

[06:03:24] भोसले को पूरी डिफीट मिलती है कंपनी के

[06:03:27] फाइनेंसियल क्राइसिस की वजह से। राइट?

[06:03:29] ब्रिटिश को पीस करना पड़ता है होलकर के

[06:03:31] साथ। होलकर बाद में एंट्री मारते हैं। बट

[06:03:34] अह बाय 185

[06:03:38] इवन होलकर्स हैव टू एंटर इंटू ट्रूज़। ठीक

[06:03:41] है? तो ये ट्रीटीज को देखो क्या-क्या होता

[06:03:44] है। तो देवगांव

[06:03:47] ठीक है देवगांव भोंसले को कहा था। भोसले

[06:03:50] को कहा था देवगांव। राइट? तो देवगांव की

[06:03:54] ट्रीटी में यह सब्सिडरी अलायंस है। भोंसले

[06:03:56] को बालासुर

[06:03:58] कटक और वार्धा नदी के पश्चिम का सारा का

[06:04:03] सारा किंगडम। ये सबसे इंपॉर्टेंट है। वार

[06:04:05] नदी के पश्चिम का सारा का सारा किंगडम

[06:04:07] इनको रनाउंस करना पड़ गया। रनाउंस मतलब

[06:04:10] गिव अप। मान गए। क्लियर? दूसरी चीज एक

[06:04:14] ब्रिटिश रेजिडेंट एक्सेप्ट करो। अब

[06:04:16] सब्सिडरी अलायंस है तो रेजिडेंट तो इनका

[06:04:17] जवाई आगे बैठेगा ही नागपुर में। तो यह

[06:04:21] एक्सेप्ट करना पड़ा। सुरजी अर्जुन गांव।

[06:04:23] ठीक है? ये दोनों ट्रीटीज 1803 में हुई

[06:04:25] थी। सुरजी अर्जुन गांव इज़ नॉट अ सब्सिडरी

[06:04:28] लाइंस ट्रीटी। यह साइन की थी दौलतराव

[06:04:30] सिंधिया के साथ। यह नाम याद रखना। दौलतराव

[06:04:33] सिंधिया रघुजी भोसले। तो दौलतराव सिंधिया

[06:04:35] को अपनी टेरिटरी का गंगा यमुना द्वाब का

[06:04:38] हिस्सा यह देना पड़ा। दिस वाज़ अ वेरी

[06:04:40] फर्टाइल एरिया छोड़ना पड़ा इनको वारदा नदी

[06:04:44] के पश्चिम का और सुरजी अर्जुन गांव में

[06:04:46] गंगा यमुना के बीच का दब राइट और ब्रिटिश

[06:04:49] रेजिडेंट इनको एक्सेप्ट करना पड़ रहा है

[06:04:51] ऑलद इट इज़ नॉट अ सब्सिडरी लायंस राजपुर

[06:04:53] घाट की फाइनली होलकर्स के साथ ट्रीटी हुई

[06:04:55] थी ये भी सब्सिडरी लायंस नहीं है तो होलकर

[06:04:57] को अपनी काफी सारा किंगडम वापस मिल गया था

[06:04:59] क्योंकि ब्रिटिश थक गए थे वो ट्रूस चाहते

[06:05:01] थे राइट लेकिन चंबल के नॉर्थ में जो इनका

[06:05:05] क्लेम है चंबल नदी के उत्तर में जो

[06:05:07] होलकर्स का क्लेम है दैट वाज़ नॉट गिवन टू

[06:05:10] देम। बुंदेलखंड में भी इनको अपना क्लेम

[06:05:13] छोड़ना पड़ा। बुंदेलखंड में इनका नहीं है।

[06:05:15] और ब्रिटिश ने इसके बदले कहा कि मेवाड़

[06:05:18] मालवा में आपका जो इन्फ्लुएंशियल एरिया

[06:05:21] है, टेरिटरीज हैं, उसको हम छेड़ेंगे नहीं।

[06:05:23] और इस ट्रीटी से राजपुर घाट की ट्रीटी से

[06:05:26] क्या हुआ? सेकंड मराठा वॉर खत्म हो गई।

[06:05:29] ठीक है? तो वंस अगेन लेट्स रिवाइज़। 1800

[06:05:32] में नाना फदनस की हुई डेथ। 1801 में

[06:05:35] विट्ठो जी होलकर को अससनेट एग्जीक्यूट

[06:05:37] किया गया। 1802 में पूना के ऊपर अटैक किया

[06:05:41] यशवंतराव होलकर ने। 1802 में ही वसाई की

[06:05:45] ट्रीटी पेशवा ने साइन कर ली व्हिच वाज़ अ

[06:05:47] सब्सिडरी अलायंस। अलायंसेस बन जाती हैं

[06:05:49] दौलतराव सिंधिया और रघुजी भोंसले के बीच

[06:05:54] और यह ब्रिटिश का सामना करते हैं। फुल

[06:05:57] फ्लेज वॉर होती है आर्थर विसली डेक्कन में

[06:06:00] और जनरल लेक नॉर्थ में बैटल्स लीड करते

[06:06:03] हैं। ठीक है? 80 आरगे असई और आरगांव की

[06:06:07] लड़ाई डेक्कन में होती है 1803 में और

[06:06:09] दिल्ली की लस्सी बैटल ऑफ दिल्ली बैटल ऑफ

[06:06:11] लसवारी नॉर्थ में होती है। इन सारी बैटल्स

[06:06:15] के बाद कुल मिलाकर चार ट्रीटी साइन होती

[06:06:17] हैं। जिनमें से तीन ये हैं ट्रीटी ऑफ़

[06:06:21] ट्रीटी ऑफ़ देवगांव विद रघुजी भोसले। वारदा

[06:06:24] नदी के पश्चिम का सारा का सारा हिस्सा

[06:06:26] सब्सिडरी Reliance एक्सेप्ट एंड रेजिडेंट

[06:06:28] इन योर नागपुर। यही है ट्रीटी ऑफ सुरजी

[06:06:31] अर्जुन गांव गंगा यमुना दो आप दे दो

[06:06:34] रेजिडेंट इन योर सिंधिया है तो ग्वालियर

[06:06:37] सब्सिडरी नहीं है पर ये सब्सिडरी

[06:06:39] बुरहानपुर ठीक है बुरहानपुर में सब्सिडरी

[06:06:42] इंपोज हो गई थी और होलकर 185

[06:06:46] होलकर ट्रीटी ऑफ़ राजपुर घाट राजपुर घाट की

[06:06:51] ट्रीटी में इनको भी टेरिटरीज कुछ देनी

[06:06:53] पड़ेंगी। जैसे चंबल नदी के उत्तर की

[06:06:56] टेरिटरी और बुंदेलखंड इनको रनाउंस करना

[06:06:58] पड़ा और साथ ही साथ मेवाड़ मालवा बदले में

[06:07:01] वो इनका नहीं छेड़ा गया। ठीक है? और काफी

[06:07:04] सारा हिस्सा जो इन्होंने गवा दिया था वो

[06:07:05] वापस मिल गया। तो दिस मार्क्स दी एंड ऑफ

[06:07:07] सेकंड मराठा वॉर। इज दिस क्लियर? एवरीवन

[06:07:10] एक स्वर में सब के सब लिखो। सीएनपी इन द

[06:07:13] कमेंट सेक्शन। सीएनपी मतलब क्लियर एंड

[06:07:16] प्रोसीड।

[06:07:18] बताओ।

[06:07:25] अभी नहीं डालूंगा। जब तक पूरा देखोगे नहीं

[06:07:28] तब तक नहीं मिलेगा यह पीडीएफ।

[06:07:31] बेटा

[06:07:32] राश और स्टोरी

[06:07:36] जब तक पूरा नहीं देखोगे मैंने इतनी मेहनत

[06:07:38] की है। मैं क्यों डालूं ऐसे ही ठीक है?

[06:07:40] मेरे साथ बैठकर पूरा सेशन लगाना पड़ेगा।

[06:07:44] ठीक है? उसके बाद आगे चलेंगे। ठीक है? ये

[06:07:46] जो है ना शॉर्टकट्स वाले सुनो समझो ऐसे

[06:07:52] समझ नहीं लगेगा। ऐसे कोई फायदा नहीं है

[06:07:53] इसका। मैं सही बता रहा हूं। ये टेबल्स का

[06:07:55] जब तक कहानी नहीं पता लगेगी कुछ कुछ समझ

[06:07:57] नहीं आएगा। ठीक है? तो सेकंड मराठा वॉर हो

[06:08:00] गई। थर्ड मराठा वॉर पे चलते हैं अब। ठीक

[06:08:03] है? रुकना नहीं, थकना नहीं, झुकना नहीं।

[06:08:08] ठीक है? वंस अगेन

[06:08:11] चलो करो। तो थर्ड एंग्लो मराठा वॉर में अब

[06:08:14] क्या है? अच्छा यार एक याद रखना यह

[06:08:16] हैस्टिंग्स नाम के ना दो गवर्नर जनरल आए

[06:08:18] थे। एक तो अपने यही जो कंफ्यूज थे

[06:08:21] ट्रीटियों को ले कि एक्सेप्ट करूं या नल

[06:08:24] करूं और दूसरे 1813 से 1823 के बीच में

[06:08:26] थे। ठीक है? एक आए थे 1775 से 1783 के बीच

[06:08:32] और दूसरे 1813 से 1823 के बीच। तो ये

[06:08:35] लॉर्ड हेस्टिंग्स हैं। ठीक है? अब

[06:08:37] हस्टिंग्स जो है ना ये ब्रिटिश पैरामाउंट

[06:08:39] से इंपोज़ करना चाहते हैं। तो अब ये पूरी

[06:08:41] तरह से ना भोंसले सिंधिया होलकर को

[06:08:43] एलिमिनेट करना। मतलब

[06:08:45] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[06:08:46] या तो मेरी सुजेंटी एक्सेप्ट करो या फिर

[06:08:48] टाटा बाय-ब तो बेसिकली सिंधियाज़ हैव

[06:08:51] ऑलरेडी एक्सेप्टेड सब्सिडरी लाइंस गाय

[06:08:53] गवाड़ की जरूरत ही नहीं पड़ी वो वैसे ही है

[06:08:56] ना जी हुजूर तोहफा कबूल करो और बाकी रह गए

[06:09:00] भोंसले भोंसले ने भी एक्सेप्ट कर ली है

[06:09:02] ठीक है जो बेसिकली अब रह गए हैं ना

[06:09:04] जिन्होंने एक्सेप्ट नहीं कर रखा वो है

[06:09:06] होलकर ठीक है होलकर ने फर्स्ट वन फर्स्ट

[06:09:09] मराठा सरदार टू एक्सेप्ट सब्सिडरी पेशवा

[06:09:14] एंड लास्ट वन इज होलकर।

[06:09:18] तो अब क्या है? थर्ड मराठा वॉर में क्या

[06:09:22] होता है कि किसी भी लोकल रूलर के ऊपर अगर

[06:09:26] सब्सिडरी अलायंस इंपोज हो जाए तो इसका

[06:09:28] मतलब है कि कोई भी लड़ाई होगी तो ब्रिटिश

[06:09:30] आर्मी आएगी हेल्प के लिए। पहले क्या होता

[06:09:32] था कि आपको अपनी आर्मी मोबाइज करनी पड़ती

[06:09:34] थी और साथ ही साथ कुछ मर्सनरीज को भी अटैच

[06:09:37] करना पड़ता था अपने साथ युद्ध में। ठीक

[06:09:40] है? यह मर्सनरीज पिंडारी होते थे। ठीक है?

[06:09:42] ठीक है? पिंडारी यूज़्ड टू बी दीज़ मर्सरीज।

[06:09:45] तो जब युद्ध ही नहीं हो रहा क्योंकि

[06:09:47] ब्रिटिश आपका साथ दे रही है। फॉरेन

[06:09:49] रिलेशंस वो डिसाइड कर रही है। और अगर

[06:09:51] युद्ध हो भी तो वो प्रोटेक्ट करने के लिए

[06:09:52] है। तो पिंडारियों की रेगुलर एंप्लॉयमेंट

[06:09:54] खत्म हो गई। क्योंकि जब युद्ध होता था तो

[06:09:56] वॉर बूटी की वजह से इनको पैसे मिलते थे।

[06:09:59] लूटपाट जो होती है ना युद्ध में उनसे इनको

[06:10:01] पेमेंट होती थी। ठीक है? अब युद्ध ही नहीं

[06:10:03] हो रहे तो कॉन्सिक्वेंटली पिंडारीज के पास

[06:10:05] है। कुछ भी नहीं है। तो अब जब ऐसा मार्शल

[06:10:08] रेस वाले लोग जिनके पास एंप्लॉयमेंट नहीं

[06:10:11] है। वह ऐसे खाली बैठे हैं तो क्या करेंगे?

[06:10:14] दे विल स्टार्ट रबिंग नियर बाय प्लेसेस।

[06:10:17] तो जब इन्होंने रॉबरी को रिसोर्ट किया तो

[06:10:20] दे ऑफन यूज्ड टू रब ब्रिटिश

[06:10:22] एस्टैब्लिशमेंट्स एज वेल। ठीक है? तो

[06:10:24] कॉन्सिक्वेंटली 1817 में 1817 में

[06:10:29] ब्रिटिश ने सिंधियास को यह कहा कि

[06:10:32] बुरहानपुर की ट्रीटी के अकॉर्डिंगली देखो

[06:10:35] ऐसा है कि वी आर प्रोटेक्टिंग यू। बट सिंस

[06:10:39] पिंडारीज आर क्रिएटिंग लॉट ऑफ रकर्स। सो

[06:10:42] वी नीड योर हेल्प। सो एस पर ट्रीटी ऑफ़

[06:10:45] ग्वालियर यू विल आल्सो प्रोटेक्ट अस व्हेन

[06:10:47] वी नीड यू। ठीक है? तो ग्वालियर की ट्रीटी

[06:10:49] है 1817 की। ये ट्रीटी ऑफ़ सब्सिडरी लाइंस

[06:10:52] की थोड़ी सी मॉडिफिकेशन थी। ठीक है? तो

[06:10:55] इसमें काफी ज्यादा यू नो जो अगेन

[06:10:58] पेट्रियोटिक सेंटीमेंट्स हैं मराठाज़ के वो

[06:11:00] इंपैक्ट हुए कि उन लोगों ने जिन्होंने

[06:11:02] हमेशा अपनी जान हाथ में रख के मराठाज़ को

[06:11:05] हमेशा सपोर्ट किया हर लड़ाई में। तो अब

[06:11:07] उनके खिलाफ सिंधियाज़ ने ब्रिटिश के साथ

[06:11:10] अलायंस बना ली। राइट? सो दिस वास सीन एज

[06:11:13] कंप्लीट ट्रांसग्रेशन ऑफ सोवनिटी ऑफ़

[06:11:14] मराठाज़। तो बाजीराव टू को पता नहीं क्या

[06:11:17] हुआ। ही वाज़ इनफैक्ट द फर्स्ट मराठा टू

[06:11:19] साइन ट्रीटी ऑफ़ सब्सिडरी अलायंस। लेकिन

[06:11:22] यहां पर इनको क्या हुआ? इन्होंने कहा कि

[06:11:23] यार एक अटेम्प्ट मैं करता हूं। एंड लेट मी

[06:11:26] ट्राई टू विन मराठाज़ बैक। ठीक है? लेट मी

[06:11:28] ट्राई टू चेंज दिस सिचुएशन। तो यहां से अब

[06:11:31] थर्ड मराठा वॉर स्टार्ट होगी। ठीक है? तो

[06:11:34] कहा जाता है कि ट्रीटी ऑफ़ ग्वालियर इज़

[06:11:36] कंसीडर्ड एज द ट्रीटी जिससे थर्ड मराठा

[06:11:40] वॉर को शुरू किया गया। ठीक है? तो मराठा

[06:11:43] वीकनेसेस अब अंग्रेजों को पता थी। दे

[06:11:45] सक्सीडेड नॉट अलाइन पेशवा टू एग्जर्ट हज़

[06:11:47] अथॉरिटी अगेन। राइट? तो पेशवा को पेशवा ने

[06:11:50] लड़ाई शुरू कर दी। खड़की, सीता बुलदी एंड

[06:11:54] माहिदपुर। ठीक है? ब्रिटिश आर्मी ने पेशवा

[06:11:57] को खड़गी में, भोसले को सीताबुलदी में,

[06:12:00] होलकर को माहिदपुर में। ठीक है? ठीक है?

[06:12:02] पेशवा इन खड़गी

[06:12:04] भोसले इन सीता बुलदी भोसले सीता बुलदी ऐसे

[06:12:08] याद रखने का तरीका ठीक है थोड़ा एसएल और

[06:12:11] एसएल कुछ इस तरह से लिंक किया करो एंड

[06:12:13] होलकर माहिदपुर ठीक है इन बैटल्स में

[06:12:17] ब्रिटिश आर्मी ने इनको सबको डिफीट कर दिया

[06:12:21] राइट इसके बाद दो और लड़ाईयां हुई

[06:12:24] कोरेगांव और अष्टी की इन दोनों लड़ाइयों

[06:12:26] में पेशवा वापस हार गए एंड ही वाज़ फाइनली

[06:12:29] डिफिटेड और इन लड़ाइयों के साथ अब थर्ड

[06:12:31] मराठा था वॉर का भी अंत आ गया है। ठीक है?

[06:12:34] तो हस्टेंस ने डिसाइड किया कि यह पेशवा की

[06:12:37] पेशवाई जो है यह खत्म करते हैं। सो पेशवा

[06:12:40] वाज़ डी थ्रोनड और इनको वनवास के लिए भेज

[06:12:42] दिया बिथूर में जो कि यूपी के कानपुर के

[06:12:44] पास है। राइट?

[06:12:47] पेशवा की टेरिटरीज को बॉम्बे प्रेसिडेंसी

[06:12:49] में जब इन्होंने जोड़ा तो एक एनलार्ज्ड

[06:12:51] बॉम्बे प्रेसिडेंसी बन गई। जिसमें मराठा

[06:12:53] की भी जो पोजीशंस थी वो भी आ गई। और मराठा

[06:12:55] प्राइड को सेटिस्फाई करने के लिए ताकि आम

[06:12:58] लोग ऐसे बगावत ना कर दें। इन्होंने छोटा

[06:13:00] सा सतारा का किंगडम बनाया और उसमें राजा

[06:13:03] प्रताप सिंह को राजा बना दिया। हु

[06:13:06] अकॉर्डिंग टू ब्रिटिश इज कंसीडर्ड टू बी अ

[06:13:08] डायरेक्ट डिसेंट ऑफ छत्रपति शिवाजी

[06:13:11] महाराज। ठीक है? जिनके वंशजों को बालाजी

[06:13:16] बाजीराव ने संगोला एग्रीमेंट के चलते उनकी

[06:13:19] पावर्स खत्म कर दी थी। ठीक है? छत्रपति की

[06:13:22] पावर एक तरीके से खत्म कर दी थी। पेशवा

[06:13:24] अल्टीमेट हेड बन गए थे। अथॉरिटी बन गए थे

[06:13:26] मराठास की। ठीक है? तो यहां पर ये फाइनली

[06:13:31] होता है और यहां पर अब ट्रीटी साइन होती

[06:13:33] है। तो यार ग्वालियर की ट्रीटी जो है ना

[06:13:35] ये ट्रीटी ऑफ़ पूना से पहले आएगी। ठीक है?

[06:13:37] ग्वालियर की ट्रीटी वाज़ साइन बिफोर ट्रीटी

[06:13:40] ऑफ़ पुणे। एंड ट्रीटी ऑफ़ ग्वालियर की वजह

[06:13:43] से ही थर्ड मराठा वॉर स्टार्ट होती है।

[06:13:46] ठीक है? तो ग्वालियर की ट्रीटी में

[06:13:48] सब्सिडरी लाइंस ही है। लेकिन इसमें

[06:13:50] अंग्रेजों ने कहा कि सिंधिया भी हमारी

[06:13:52] हेल्प करेंगे। उसके बाद पूना की ट्रीटी जब

[06:13:54] खड़गी की लड़ाई में डिफीट हुई भोसले की

[06:13:57] सीता बुलदी में राइट और होलकर की होलकर की

[06:14:04] एक बार चेक कर ही लेते हैं।

[06:14:07] माहिदपुर में ठीक है तो पूटी

[06:14:11] पेशवा के ऊपर लगाई गई। पेशवा को डिॉल्व कर

[06:14:14] दिया गया। राइट? ही हैड टू गिव अप

[06:14:16] इंपॉर्टेंट फोर्ट सच ऐ कोकण फोर्ट। और

[06:14:19] यहां पर पेशवा के मतलब ब्रिटिश

[06:14:20] पैरामाउंटसी का एक बेंचमार्क था। यह बहुत

[06:14:22] बड़ा इवेंट था। लेकिन अल्टीमेटली कोरेगांव

[06:14:25] अश्ती की लड़ाई में भी जब पेशवा हार गए तो

[06:14:27] पेशवा को निकाल ही दिया यहां से पुणे से

[06:14:29] और बिथूर जाके भेज दिया। मसौर की ट्रीटी

[06:14:33] वाज़ द फाइनल ट्रीटी जिसमें जो लास्ट मराठा

[06:14:36] थे होलकर तो ही आल्सो ब्रॉट ऑन टू द

[06:14:39] सिस्टम ऑफ सब्सिडरी अलायंस। इनको अपनी

[06:14:42] नर्मदा के दक्षिण की सारी की सारी

[06:14:45] टेरिटरीज।

[06:14:46] ठीक है? चंबल नदी के उत्तर के तो सेकंड

[06:14:49] मराठा वॉर में ही इनको गिव अप करनी पड़ी

[06:14:52] थी। राइट? राजपुर घाट से राजपुर घाट

[06:14:54] ट्रीटी के अंडर तो नर्मदा के नॉर्थ में

[06:14:56] सारी टेरिटरीज इनको मंडसौर में गिव अप

[06:15:00] करनी पड़ी। राजपूत स्टेज पे अब जो आपका

[06:15:02] क्लेम है वह छोड़ना पड़ेगा। राइट? और

[06:15:04] सब्सिडरी अलायंस इन्होंने साइन कर दी।

[06:15:06] लास्ट मराठा चीफ टू साइन सब्सिडरी अलायंस।

[06:15:10] ठीक है? होलकर जो थे

[06:15:19] लास्ट मराठा चीफ टू शाइन सब्सट्री

[06:15:21] Reliance मल्हार राव होलकर ठीक है नोट कर

[06:15:23] लो ये

[06:15:25] दिस इज़

[06:15:27] मल्हहार राव

[06:15:30] होलकर

[06:15:34] ठीक है तो यह भी टेबल्स बना लेना इस

[06:15:35] चैप्टर में से अगर क्लास लगाने के बाद कुछ

[06:15:39] रिवाइज करना है तो इट इज दी द नेम ऑफ दी

[06:15:42] ट्रीटीज

[06:15:44] ठीक है? तो, यह आपका हो गया एडवेंट ऑफ

[06:15:48] यूरोपियन से लेकर हमने 1498 से शुरू किया

[06:15:51] था। 4:00 बजे अभी वी हैव रीच्ड टिल 1818।

[06:15:55] ठीक है? 1818 तक पहुंच गए हैं। तो 100 साल

[06:15:58] और का हमने सफर अभी दोस्तों तय करना है।

[06:16:01] ठीक है? तो इसको आगे कंटिन्यू करते हैं।

[06:16:05] ठीक है? लेट मी

[06:16:15] अब हमने 1818 से लेकर 1919 तक जाना है।

[06:16:20] ठीक है? ओसी

[06:16:22] इसमें तो आंसर पहले से ही आ गए। चलो कोई

[06:16:25] बात नहीं। ये दोस्तों प्रैक्टिस क्वेश्चंस

[06:16:27] हैं। ये आप एक बार घर जाके कर लीजिएगा। हम

[06:16:28] स्टार्ट करेंगे ब्रिटिश एनेक्सेशन ऑफ

[06:16:31] पंजाब अवध सिंध एंड फ्रंटियर्स। ब्रिटिश

[06:16:33] एनेक्सेशन ऑफ़ फ्रंटियर्स अफगानिस्तान। ठीक

[06:16:36] है? तो सिंध की एनेक्सेशन से स्टार्ट करते

[06:16:39] हैं। ठीक है? सिंध की एन वॉइस लक्ष्य ने

[06:16:43] बताया है कि वॉइस इको आ रही है। क्या

[06:16:45] बाकियों को भी आ रही है वॉइस इको?

[06:16:51] इज एनीवन एल्स फीलिंग एनी काइंड ऑफ़ वॉइस

[06:16:53] इको बताओ कमेंट सेक्शन में।

[06:16:57] देखो जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं ना

[06:16:59] स्पीड अब सही हो रही है। एंड मोर ओवर यार

[06:17:02] ये टॉपिक्स हम पहली बार थोड़ी ना पढ़ रहे

[06:17:03] हैं। जो बच्चा अपनी तैयारी बिल्कुल

[06:17:06] स्टार्ट कर रहा है तो यार मैं साफ बता रहा

[06:17:07] हूं। इसमें बहुत सारी चीजें ऐसी हैं जो

[06:17:10] डेप्थ में जाकर समझनी जरूरी होती हैं। तो

[06:17:12] वो ऑब्वियसली यार वो

[06:17:15] है ना 8 घंटे या 10 घंटे इज नॉट इनफ फॉर

[06:17:18] इट।

[06:17:25] कुछ लोग कह रहे हैं वॉइस सही है। कुछ लोग

[06:17:28] कह रहे हैं वॉइस में हैवीनेस है। एक बार

[06:17:31] देख ही लेते हैं। ठीक है? वन सेकंड गाइस

[06:17:34] डोंट वरी। डोंट वरी। डू नॉट वरी एट ऑल।

[06:17:36] बिल्कुल ना घबराइए।

[06:17:41] ठीक है। घबराना नहीं है किसी ने।

[06:17:44] हम

[06:17:48] है तो सही थोड़ी सी।

[06:17:52] ठीक है? मैं अभी बैठ के जब मैं बैठ के

[06:17:54] पढ़ाना शुरू करूंगा, यह हैवीनेस अपने आप

[06:17:56] चली जाएगी। ठीक है? सो,

[06:18:00] लेट्स स्टार्ट द टॉपिक देन। ठीक है? टॉपिक

[06:18:03] शुरू करते हैं। 2 मिनट बस मुझे दीजिए आप।

[06:18:07] ठीक है? गिव मी 2 मिनट्स।

[06:18:10] बाकी किसी ने वाशरूम वगैरह जाना है तो जा

[06:18:13] सकते हो। ठीक है? गिव मी 2 मिनट्स। अभी

[06:18:16] शुरू कर रहे हैं यह।

[06:19:53] हां जी एवरीवन शल वी स्टार्ट करें शुरू

[06:19:57] चलो भाई

[06:19:59] ठीक है यार। तो अवध सिंध और पंजाब में विल

[06:20:04] स्टार्ट विद सिंध। ठीक है? सिंध की

[06:20:06] एनेक्सेशन से बात करते हैं। तो सिंध में

[06:20:09] ऐसा है कि 1783 से पहले ठीक है? 1783 से

[06:20:15] काफी साल पहले तक वहां पर ना एक बलूच

[06:20:18] ट्राइब था व्हिच वाज़ कॉल्ड एज कालोरा। तो

[06:20:21] कालोरास जो हैं वो सिंध पर राज करते थे और

[06:20:24] इनके जनरली ब्रिटिश के साथ कॉर्डियल

[06:20:25] रिलेशंस हुआ करते थे। 1783 में क्या हुआ

[06:20:30] कि एक और बलोच ट्राइब आया लेड बाय मीर

[06:20:33] फतेह अली खान और मीर फतेह अली खान ने

[06:20:36] कलोरा ट्राइब्स को डिफीट कर दिया और सिंध

[06:20:38] के ऊपर अपना राज कायम कर दिया। अब मीर

[06:20:41] फतेह अली खान की एक बड़ी खास बात यह थी कि

[06:20:45] इसने जो राज करना था यह चार भाई थे इनके।

[06:20:50] ठीक है? देयर वर फोर ब्रदर्स जिनमें से

[06:20:52] मीर फतेह अली खान सबसे बड़ा था। बाकी तीन

[06:20:55] भाइयों के नाम थे।

[06:20:57] मीर गुलाम अली

[06:21:01] मीर गुलाम अली मीर करम अली

[06:21:07] ठीक है गुलाम अली करम अली एंड मुराद अली

[06:21:14] ठीक है तो इनको ना तालपुर आमिर्स कहते

[06:21:17] हैं। राइट? दीज़ वर कॉल्ड ऐज़ तालपुर

[06:21:19] आमिर्स। ऑल दीज़ फोर ब्रदर्स वर कॉल्ड एज़

[06:21:22] तालपुर आमिर्स। तालपुर भी बलोच ट्राइब थे।

[06:21:25] तो ये एक काउंसिल बनाकर ना अपनी कैपिटल

[06:21:28] सिंध में भी पंजाब जो पाकिस्तान में सिंध

[06:21:31] है वहां पर भी एक हैदराबाद है। ठीक है? तो

[06:21:34] अपनी कैपिटल हैदराबाद से जॉइंटली गवर्न

[06:21:37] करते थे काउंसिल में। तो मेजर मतलब

[06:21:39] कंसेंसस के साथ डिसीजन लेके गवर्न करते

[06:21:41] थे। पॉपुलरली इनको क्या कहा जाता है? चार

[06:21:43] यार। ये टर्म है। ठीक है? इन कॉन्टेक्स्ट

[06:21:46] ऑफ इंडियन हिस्ट्री चार यार क्या होता था?

[06:21:48] तो बस पता होना चाहिए ये टर्म का। ठीक है?

[06:21:51] यह तालपुर आमिर्स का ग्रुप था। फतेह गुलाम

[06:21:55] करम एंड मुराद अली का। राइट? एंड यह

[06:21:58] हैदराबाद से सिंध को गवर्न करते थे। सब

[06:22:00] कुछ अभी सही चल रहा था। अब ब्रिटिश में

[06:22:03] क्या है कि 1800 स्टार्ट हो गया है। तो

[06:22:07] कहा जाता है कि अराउंड 1779 ऑनवर्ड्स ना

[06:22:11] ब्रिटिश में ऐसे चेंजेस आने शुरू हो गए

[06:22:13] थे। जहां पर स्टीम पावर इंक्रीस होना शुरू

[06:22:15] हो गई। स्टीम पावर ग्रेजुअली इंडस्ट्रियल

[06:22:17] प्रोसेससेस में आना स्टार्ट हो गई। और

[06:22:19] इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन 1813 आते-आते भारत

[06:22:23] में पीक पर जा रही है। ठीक है? 1813

[06:22:25] आते-आते इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन जो है वो

[06:22:27] अपने पीक पे जाना शुरू हो गई है। तो

[06:22:29] ब्रिटिश रॉ मटेरियल तो एक्सट्रैक्ट पहले

[06:22:32] भी कर रहे थे। अब उनका ऑब्जेक्टिव है कि

[06:22:35] जो फिनिश्ड गुड्स मैनचेस्टर या लिवर पूल

[06:22:37] से बन रहे हैं उसको भी इंडिया में हम उसकी

[06:22:40] मार्केट तैयार करके उसको बेचना शुरू कर

[06:22:42] दें। राइट? तो यहां पर ब्रिटिश का ना

[06:22:46] इंटरेस्ट सिंध में काफी बढ़ गया। इसके कई

[06:22:49] रीजन थे सिंध के इंटरेस्ट के पीछे। सबसे

[06:22:51] बड़ा रीजन यह तो था ही नेपोलियन को अगर

[06:22:54] काउंटर करना है तो सिंध कैन बी अ वेरी

[06:22:56] इंपॉर्टेंट फ्रंटियर जहां से नेपोलियन को

[06:22:59] रोका जा सकता है। ठीक है? दूसरा रशिया की

[06:23:02] एक्सपेंशन से भी खतरा था। रशिया सेंट्रल

[06:23:04] एशिया में ग्रो करता जा रहा था। तो कब

[06:23:06] उसका ध्यान इंडिया की तरफ आ जाए उससे डर

[06:23:09] लगते थे। तो रशिया को रोकने के लिए भी

[06:23:10] सिंध यूज्ड टू बी कंसीडर्ड एज एन

[06:23:13] इंपॉर्टेंट सेफ गार्ड फॉर दी ब्रिटिश।

[06:23:16] इंडस रिवर सिंधु नदी के नाम के पीछे इस

[06:23:19] जगह को नाम मिला है। ठीक है? यह जो सिंध

[06:23:21] नाम है यह उस नदी के नाम के पीछे मिला है।

[06:23:24] तो सिंधु नदी बहुत मतलब हाईली नेविगेबल

[06:23:28] रिवर हुआ करती थी। ठीक है? क्वाइट हैवली

[06:23:31] नेविगेबल रिवर और इसी के साथ-साथ अफगान

[06:23:35] वॉर जो थी, फर्स्ट अफगान वॉर हुई थी 1839

[06:23:37] से 1842 के बीच जिसमें अंग्रेजों को

[06:23:40] जूतियां पड़ी थी उल्टे हाथ की अफगानियों

[06:23:43] से। तो अपनी शर्म को बचाने के लिए कहा

[06:23:47] जाता है कि एनेक्सेशन ऑफ सिंध इज समटाइ्स

[06:23:50] कॉल्ड एज दी टेल विंड ऑफ अफगान स्टम। ठीक

[06:23:54] है? वो इसलिए था कि अफगानिस्तान में ना दे

[06:23:56] विटनेस ब्रूटल डिफीट। तो अपना चेहरा सेव

[06:23:59] करने के लिए इन्होंने डिसाइड किया कि भाई

[06:24:02] सिंध को एनेक्स करके कुछ तो दिखाने लायक

[06:24:04] बचे। राइट? तो इसमें ये क्या करते हैं?

[06:24:07] सबसे पहले सिंध के आमिरों के साथ 1809 में

[06:24:11] एक ट्रीटी साइन करते हैं। कॉल्ड एस ट्रीटी

[06:24:13] ऑफ इटरनल फ्रेंडशिप। मतलब चाहे नेपोलियन

[06:24:15] आए, चाहे रशियन आए, हम दोनों भाई-भाई हम

[06:24:18] एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ेंगे। ठीक है?

[06:24:20] उसके बाद 1832 आते-आते सिंध नदी की

[06:24:23] कमर्शियलेंस समझते-समझते इन्होंने कहा कि

[06:24:28] हमें अदरवाइज बहुत सारा लगान देना पड़ता

[06:24:30] है। ठीक है? ठीक है? सिंध नदी को यूज़ करने

[06:24:32] के लिए क्योंकि यह तालपुर आर्स की टेरिटरी

[06:24:34] में से निकलती है। तो 1832 की ट्रीटी

[06:24:37] ब्रिटिश को बिना ऐसा कस्टम पे किए इंडस

[06:24:41] रिवर यूज़ करने की अनुमति दे देती थी।

[06:24:43] राइट? लेकिन इस 1832 की ट्रीटी में तालपुर

[06:24:46] आमिस ने एक प्रोविजन लिखी थी कि अगर हमें

[06:24:49] लगा कि हमारे रेवेन्यूस पर ज्यादा इंपैक्ट

[06:24:51] पड़ रहा है तो हम आपके ऊपर चार्ज लगा सकते

[06:24:53] हैं। कि बिल्कुल एग्ेंप्ट नहीं हो आप।

[06:24:56] राइट? तो इसके बाद ब्रिटिश जो था ना

[06:25:00] इरिटेट होता जा रहा था कि क्योंकि उनका

[06:25:02] यूज तो करनी है इंडस रिवर लेकिन साथ ही

[06:25:04] साथ जो तालपुर आर्मर्स हैं वो थोड़ा सा

[06:25:08] प्रॉब्लम भी क्रिएट कर रहे हैं। सो

[06:25:09] कॉन्सिक्वेंटली सिंध के अफेयर्स के ऊपर

[06:25:11] नजर रखने के लिए ब्रिटिश ने अपने एजेंट्स

[06:25:15] भेजने शुरू कर दिए। जैसे कि ट्रीटी ऑफ़

[06:25:17] इटरर्नल फ्रेंडशिप में इन्होंने कहा कि

[06:25:18] हमें क्योंकि कॉडल रिलेशंस रखने हैं तो एक

[06:25:20] रेजिडेंट रख लो आप अपने पास। पोटिंगर को

[06:25:23] भेज दिया। ठीक है? पॉटिंग के नाम में ही

[06:25:25] पॉटी है। है ना? ना तो बैठ के वहां पे

[06:25:27] क्या करेगा? इसने गंद ही मचाया सिंध के

[06:25:29] अंदर। राइट? इसके बाद देखो मतलब अंग्रेजों

[06:25:33] की ना भूख का कोई अंत नहीं है। अब 1832

[06:25:36] में ना ये सिंध से हो रहे थे इरिटेट। इनको

[06:25:37] बहाना चाहिए था कि कुछ बहाना मिल जाए सिंध

[06:25:40] हमारा हो जाए। तो हुआ यह कि महाराजा रंजीत

[06:25:44] सिंह ने एक रोझन टाउन के ऊपर अटैक किया जो

[06:25:48] अपेरेंटली सिंध की टेरिटरी में था। ठीक

[06:25:51] है? अब सिंध के आमिर्स ने इतना पैनिकिक

[06:25:55] नहीं किया कि रोज एंड टाउन पर अटैक हो

[06:25:57] गया। जवाब देना पड़ेगा। ब्रिटिश ज्यादा

[06:25:59] पैनिक और एक्साइट हो रहा है। ओ रोज टाउन

[06:26:01] रोज टाउन ओ अटैक अटैक अटैक भाई तुम

[06:26:04] महाराजा रंजीत सिंह के साथ भी तुमने साइन

[06:26:06] कर रखी है ट्रीटी ऑफ़ इटरर्नल फ्रेंडशिप

[06:26:08] जाके बात करो वापस दिलवा दो। लेकिन

[06:26:11] ब्रिटिश ने रोजन टाउन के इस अटैक को

[06:26:13] प्रिटेक्स बना लिया और तालपुर रामस को कहा

[06:26:16] कि भाई वो वो अटैक कर देगा। तुम साइन करो

[06:26:19] साइन करो सब्सिडरी लाइंस। है ना? है ना ले

[06:26:21] लो ले लो ले लो सब्सिडरी सब्सिडरी

[06:26:22] सब्सिडरी वेलसडी सच में एक बवासीर छोड़ के

[06:26:26] चले गए और ये सिंध के आमिरों को भी

[06:26:28] इन्होंने क्या किया जबरदस्ती साइन करवा

[06:26:30] लिया तो 1839 में रोझन टाउन के अटैक के

[06:26:34] बाद सिंध के आमिरों के ऊपर सब्सिडरी

[06:26:37] अलायंस की ट्रीटी लग गई और इनकी कैपिटल

[06:26:40] हैदराबाद में ठीक है सिंध पाकिस्तान में

[06:26:42] है ये अब ठीक है ये वाला हैदराबाद इस इन

[06:26:44] पाकिस्तान तो इनके ऊपर ये रेजिडेंट भी

[06:26:46] बिठा दिया वो पहले भी भेज रहे थे अब और

[06:26:49] ऑफिशियली भेज

[06:26:50] तो 1839 में सब्सिडरी ट्रीटी इंपोज़ कर दी।

[06:26:53] अब आइडली इस ट्रीटी के हिसाब से किसको

[06:26:56] किसकी हेल्प करनी चाहिए? ब्रिटिश को सिंध

[06:26:59] की हेल्प करनी चाहिए। 1839 में ही

[06:27:01] इन्होंने अफगानों से पंगा मोल लिया और

[06:27:04] जूतियां पड़नी शुरू हो गई। तो जब सेटबैक्स

[06:27:06] लगने शुरू हो गए तो ब्रिटिश ने आर्मर्स को

[06:27:09] फोर्स करना शुरू कर दिया कि सब्सिडरी

[06:27:12] अलायंस साइन किया है ये नहीं कि हमें

[06:27:15] तुम्हारी हेल्प करें। तुम्हें भी हमारी

[06:27:17] हेल्प करनी पड़ेगी। ठीक है? ठीक है कि

[06:27:19] रोजन टाउन में किया कुछ नहीं अंग्रेजों ने

[06:27:21] राइट साइन करवा ली और बाद में कह रहे हैं

[06:27:23] तुम्हें भी अब हेल्प करनी पड़ेगी मतलब

[06:27:25] तालपुर आमिर्स के ऊपर एक ऐसी ट्रीटी को

[06:27:28] इंपोज किया गया जिसकी उनको जरूरत नहीं थी

[06:27:30] और उस ट्रीटी को बहाना बनाकर अफगान वॉर के

[06:27:34] समय पर एक ऐसी वॉर का उन्हें हिस्सा बना

[06:27:36] लिया गया था जो इनकी वॉर नहीं थी। तो

[06:27:39] फाइनली फिर हुआ यह कि यह ऐसा डिबेकल हुआ

[06:27:44] कि सिंध मतलब अफगानिस्तान में जो डिफीट

[06:27:47] हुई उसमें ना सिंध को इन्होंने ब्लेम करना

[06:27:50] शुरू कर दिया। ठीक है? 1842 के बाद सिंध

[06:27:53] को ब्लेम करना शुरू कर दिया कि सिंध के

[06:27:55] आमिर जो हैं क्योंकि इन्होंने हमारी

[06:27:57] सपोर्ट में अच्छे से आए नहीं। सो हमारी

[06:27:59] सपोर्ट ना करना इज़ आल्सो एन एक्ट ऑफ

[06:28:02] होस्टिलिटी। राइट? तो अब 1843 में गवर्नर

[06:28:05] जनरल हैं लॉर्ड एललेन बोरो। ठीक है?

[06:28:08] इन्होंने अपना एक एजेंट भेजा चार्ल्स

[06:28:10] नेपियर और सिंध के प्रॉपर डिजायरेबल

[06:28:13] सपोर्ट ना देने की वजह से ड्यूरिंग अफगान

[06:28:16] वॉर इन्होंने आमिर्स के ऊपर होस्टेलिटी के

[06:28:18] चार्जेस लगा दिए। हॉस्टेलिटी के चार्जेस

[06:28:20] लगाने के बाद इन आमिर्स की फौज के साथ

[06:28:23] लड़ाई होती है इन मियानी एंड दाबो। बैटल

[06:28:26] ऑफ मियानी बैटल ऑफ दयाबो इन 1843 इटसेल्फ।

[06:28:30] इसमें मीर शेर मोहम्मद ऑफ मीरपुर। ठीक है?

[06:28:32] कि ये एक तालपुर आमिर्स के एक सेना के

[06:28:36] कमांडर हैं जिन्होंने काफी टक्कर का

[06:28:38] मुकाबला दिया। एंड ही इज़ आल्सो कॉल्ड एस

[06:28:40] लायन ऑफ सिंध।

[06:28:43] लेकिन अल्टीमेटली ब्रिटिश ये डिफीट कर

[06:28:46] देते हैं। इनको मार देते हैं और सिंध के

[06:28:49] रूलर्स हार जाते हैं। ठीक है? और 1847

[06:28:52] आते-आते आजादी से 100 साल पहले सिंध को

[06:28:55] बॉम्बे प्रेसिडेंसी का पार्ट बना दिया

[06:28:57] जाता है। तो बॉम्बे प्रेसिडेंसी काफी बड़ी

[06:28:59] प्रेसिडेंसी बन जाती है। गुजरात,

[06:29:00] महाराष्ट्र, सिंध तक के इलाके यह बॉम्बे

[06:29:03] प्रेसिडेंसी का हिस्सा बना दिए गए हैं।

[06:29:06] ठीक है?

[06:29:08] राइट? तो, यह है सिंध का एनेक्सेशन।

[06:29:12] ठीक है? यह सिंध का एनेक्सेशन है। क्लियर

[06:29:14] एवरीवन? सिंध हो गया। अब चलते हैं एंग्लो

[06:29:18] अफगान वॉर के ऊपर। अच्छा किसी ने यह टर्म

[06:29:21] सुनी है ग्रेट गेम शशांक सर के अगर आप

[06:29:23] लेक्चर्स लगाते हो तो यू ऑफन माइट हैव

[06:29:25] हर्ड दिस वर्ड ग्रेट गेम। ठीक है? तो

[06:29:28] ग्रेट गेम क्या था? यह ना एक पॉलिटिकल टग

[06:29:30] ऑफ वॉर चल रही थी। टसल चल रहा था ब्रिटिश

[06:29:32] और रशिया का ड्यूरिंग 19th सेंचुरी टू

[06:29:36] एक्सटेंड देयर इन्फ्लुएंस ओवर सेंट्रल

[06:29:38] एशिया एंड इंडिया। ठीक है? इसमें ब्रिटिश

[06:29:41] हमेशा इस डर में रहते थे कि रशिया सेंट्रल

[06:29:43] एशिया में अगर अपने आप को एक्सपेंड कर रहा

[06:29:46] है तो कब इसका मूड बदल के ये भारत में भी

[06:29:49] आ जाए हमें नहीं पता तो ये डरे रहते थे

[06:29:52] ब्रिटिश ठीक है और इस वजह से ब्रिटिश

[06:29:55] चाहते थे कि अगर रशियंस आए अफगानिस्तान से

[06:29:58] आएंगे तो ये अफगानिस्तान को एक बफर स्टेट

[06:30:01] में कन्वर्ट करना चाहते थे जो एक न्यूट्रल

[06:30:04] ज़ोन हो राइट वि इज फ्रेंडली टुवर्ड्स

[06:30:07] ब्रिटिश इंटरेस्ट यह इनका का ऑब्जेक्टिव

[06:30:10] था। राइट? तो यहां पर इस ऑब्जेक्टिव के

[06:30:14] साथ अब होता यह है कि

[06:30:17] अफगानिस्तान ने ना कोई वॉर छेड़नी नहीं थी

[06:30:19] ब्रिटिश के खिलाफ। जस्ट लाइक दूसरी जगहों

[06:30:22] पर भी मतलब इंडियन रूलर्स या सबक्टिनेंट

[06:30:24] के रूलर्स ने एज सच ये वॉर्स नहीं छेड़नी

[06:30:27] थी। ब्रिटिश मेडल करते थे इंटरनल अफेयर्स

[06:30:29] में जो बैकफायर करके या तो इनके लिए भारी

[06:30:32] पड़ जाती थी या फिर किसी ना किसी वॉर को

[06:30:33] ट्रिगर कर देती थी। तो यहां पर क्या हुआ?

[06:30:36] एक ना दोस्त मोहम्मद खान ही वास द रूलर ऑफ

[06:30:39] अफगानिस्तान। ठीक है? 1839 में दोस्त

[06:30:41] मोहम्मद खान यह अफगानिस्तान के रूलर थे और

[06:30:44] लोग इनको पसंद करते थे। मतलब ही वाज़ अ

[06:30:46] पॉपुलर रूलर। ब्रिटिश वांटेड मतलब

[06:30:51] दोस्त मोहम्मद खान यह चाहते थे कि ब्रिटिश

[06:30:54] इनकी मदद करें एंड पेशावर को सिखों से

[06:30:57] वापस लेकर आए। ठीक है? कि पेशावर को सिख

[06:31:00] ने कैप्चर कर लिया है। राइट? तो यह वापस

[06:31:03] इनको मिल जाना चाहिए। अब ब्रिटिश के पंजाब

[06:31:06] के साथ अच्छे रिलेशंस थे। चाहते तो कुछ कर

[06:31:08] सकते थे लेकिन ब्रिटिश ने मना कर दिया।

[06:31:10] राइट? जब ब्रिटिश ने मना किया और रशिया इस

[06:31:14] एरिया में अपना इन्फ्लुएंस बढ़ाना चाहता

[06:31:16] है। आप खुद मुझे बताओ अगर आप अफगानिस्तान

[06:31:20] के अगर शासक होते लोग आपको पसंद करते हैं

[06:31:24] क्योंकि आप अपने लोगों के बारे में सोचते

[06:31:26] हैं तो ऐसी सिचुएशन में क्या करते आप? अगर

[06:31:29] ब्रिटिश ने मना कर दिया पेशावर को वापस

[06:31:31] लेने से तो ऐसी सिचुएशन में आप क्या करते?

[06:31:34] टेल मी इन द कमेंट सेक्शन। रशिया बढ़ाना

[06:31:37] चाहता है ना वहां पे अपना इन्फ्लुएंस तो

[06:31:39] यह रशिया के पास चला गया दोस्त मोहम्मद।

[06:31:40] उसने कहा ब्रिटिश हेल्प कर नहीं रहा।

[06:31:42] रशिया के पास चला जाता हूं। है ना? ऐसा ही

[06:31:45] होता है। होता है कि नहीं होता? जिनको

[06:31:49] नींद आ रही है उनको थोड़ा इंटरेस्टिंग

[06:31:50] करने के लिए। स्टडी आई को डिस्काउंट नहीं

[06:31:52] देते हो तो क्या बोलते हो? हम पीडब्ल्यू

[06:31:54] के पास चले जाते हैं। मजाक कर रहा हूं

[06:31:56] यार। जस्ट किडिंग। होता है ना ऐसे ठीक है

[06:32:00] तो वही हुआ दोस्त मोहम्मद ने क्या गलत

[06:32:02] किया बताओ मुझे अपनी जगह ठीक था वो

[06:32:06] चला गया भाई रशिया के पास ठीक है जाना

[06:32:09] बनता भी था जब रशिया के पास गया तो

[06:32:13] ब्रिटिश पैनिकिक हो गए कि उत्तरी ये क्या

[06:32:15] हो गया भाई दोस्त मोहम्मद रशिया से मिलने

[06:32:17] जा रहे हैं तो 1838 में

[06:32:21] लॉर्ड ऑकलैंड ठीक है 1838 में लॉर्ड

[06:32:24] ऑकलैंड इज द गवर्नर जनरल ठीक है और

[06:32:27] महाराजा रंजीत सिंह ये सिख एंपायर को लीड

[06:32:29] कर रहे हैं। इन्होंने दोस्त मोहम्मद खान

[06:32:32] को कहा मतलब ब्रिटिश ने ना महाराजा रणजीत

[06:32:34] सिंह को कन्विंस कर दिया कि दोस्त मोहम्मद

[06:32:36] खान पेशावर वापस छीनने के लिए रशिया से

[06:32:38] मिलने जा रहे हैं। ठीक है? ब्रिटिश अपने

[06:32:40] आप को ना दिखा रहे हैं कि हमारे पास भी

[06:32:42] आया था। हमने तो मना कर दिया। हमने तो

[06:32:45] बिल्कुल मना कर दिया। ठीक है? और उधर जाके

[06:32:47] मतलब गेम खेल रहे हैं। ये तो महाराजा

[06:32:49] रंजीत सिंह ने कहा ठीक है एनु दसना पऊ एनु

[06:32:52] अ दसांगे। राइट? तो दसांगे तो इन्होंने

[06:32:54] अलायंस बना ली। और इसी के साथ एक पुराना

[06:32:57] अफगान रूलर हु वास एग्जायर्ड जो उतार दिया

[06:33:00] गया था गद्दी से उसका नाम था शाह शुजा।

[06:33:04] ठीक है? उसको इतनी बुरी तरह निकाला था कि

[06:33:09] शाह का सूझ गया। तो मतलब याद रखने का

[06:33:11] तरीका शाह शुजा राइट ही वास थ्रोन आउट ऑफ

[06:33:14] अफगानिस्तान। तो इन्होंने अलायंस बनाई टू

[06:33:17] ओवर थ्रो दोस्त मोहम्मद खान एंड पुट

[06:33:19] शाहशुजा ऑन थ्रोन। प्लान काफी अच्छा लग

[06:33:22] रहा है और सिख आर्मी इनके साथ है तो मतलब

[06:33:24] जीत भी सकते हैं। अच्छे खासे आर्मी हैं।

[06:33:26] ठीक है? तो इसमें

[06:33:29] ये जो अलायंस की कंबाइंड आर्मी थी ना इसको

[06:33:32] नाम दिया आर्मी ऑफ इंडस। ठीक है? जो

[06:33:34] ट्राईपटीड एग्रीमेंट से जो आर्मी बनी दिस

[06:33:36] वाज़ कॉल्ड आर्मी ऑफ़ इंडस। ये आर्मी ऑफ़

[06:33:38] इंडस अफगानिस्तान में एंटर हो जाती है।

[06:33:40] स्टार्टिंग में इनको कोई रेजिस्टेंस नहीं

[06:33:42] मिलती और बड़े आराम से कांधार को ये कैप्चर

[06:33:45] कर लेते हैं। अफगानिस्तान का गजनी भी इनके

[06:33:47] कंट्रोल में आ जाता है। ठीक है? गजनी एंड

[06:33:50] कंधार दे आर अंडर देयर कंट्रोल और

[06:33:52] इवेंचुअली यह दोस्त मोहम्मद खान को डिपोज

[06:33:55] करके शाहशुजा को बिठा देते हैं। ठीक है?

[06:33:59] दोस्त मोहम्मद खान को निकालकर शाह शुजा को

[06:34:02] बिठा देते हैं। भाई अब ऐसा है कि अगर तो

[06:34:05] हो रूलर अनपॉपुलर

[06:34:10] धनानंद टाइप का ताजा तगड़ा धन धन

[06:34:13] जिन्होंने देखा है वो उस जमाने का चाणक्य

[06:34:17] अगर धनानंद जैसा रूलर हो तो लोग बगावत

[06:34:19] नहीं लोगों को लगेगा हम तो लिबरेट हो गए।

[06:34:22] लेकिन दोस्त मोहम्मद तो सबका दोस्त था।

[06:34:24] उसका नाम ही दोस्त है। तो यहां पर लोगों

[06:34:27] को लगा यह क्या हो गया? और सबसे बड़ा

[06:34:30] ब्लंडर ब्रिटिश का 1839 में जब यह सब

[06:34:33] तुमने कर लिया उसके बाद वहां क्यों बैठे

[06:34:35] हो? आ जाओ वापस। तो ब्रिटिश वो काबुल में

[06:34:37] ही रुक गए। ठीक है? ये शाहजुजा को सपोर्ट

[06:34:40] करने के लिए। ठीक है? और लोकल ट्राइब्स को

[06:34:42] दिखना शुरू हो गया कि यह चल क्या रहा है

[06:34:44] और उनको गुस्सा चढ़ रहा है। तो लोकल

[06:34:46] ट्राइब्स ने कहा यह सारे काफिर हैं। जो

[06:34:50] शाहशुजा है काफिरों के साथ मिलकर हमारे

[06:34:52] धरती पर आ गया है। ठीक है? तो इन्होंने

[06:34:54] कहा कि इन काफिरों को इन फिडल्स को हम

[06:34:57] डिफीट करेंगे। इन्होंने जहा जिहाद इनिशिएट

[06:35:00] कर दिया। ठीक है? इन्होंने जिहाद ये होली

[06:35:02] वॉर ये एक पॉलिटिकल वॉर होली वॉर में

[06:35:04] तब्दील हो गई। ठीक है? ठीक है? अब जब होली

[06:35:06] वॉर में कुछ तब्दील हो जाए फिर तो मतलब

[06:35:08] हुजूम एक जुनून सवार हो जाता है सबके ऊपर।

[06:35:11] तो 1841 में क्या हुआ? एक बहुत बड़ी

[06:35:15] अपराइजिंग काबुल में ब्रेकआउट हो गई।

[06:35:17] इसमें जो ब्रिटिश पॉलिटिकल ऑनवॉय थे

[06:35:19] विलियम मैकनकन। यह नाम याद रखना प्रीलिम्स

[06:35:22] में काम आएगा। विलियम मैग्नेक्टन नाम के

[06:35:25] एक ऑनवॉय काबुल में यह मार दिए गए। ही वास

[06:35:29] किल्ड खत्म। टाटा बाय-ब गुड बाय। हो गया

[06:35:32] है ना? और इतना बड़ा मिसकर जब हुआ तो

[06:35:36] ब्रिटिश फोर्सेस को अब काबुल से भागना

[06:35:39] पड़ेगा। जब इतना बड़ा हुजूम आ गया आपको

[06:35:40] अटैक करने के लिए वहीं पर खड़े रहना

[06:35:43] मूर्खता होगी। तो यहां पर ब्रिटिश ने

[06:35:46] डिसाइड किया कि अब काबुल छोड़ के किसी भी

[06:35:48] हालत में भागो। तो 16,500

[06:35:51] लोग जिसमें सोल्जर्स और कुछ नॉर्मल

[06:35:54] ब्रिटिश रेजिडेंट्स यह भाग रहे हैं। इनमें

[06:35:57] से लगभग सब के सब मारे गए। ठीक है?

[06:36:01] सर्दियों में यह रिट्रीट कर रहे हैं।

[06:36:03] काबुल में एक मतलब रुके रहे ये 1841 तक।

[06:36:06] ठीक है? दिसंबर 1841 से जैन 1842 के बीच

[06:36:09] दे स्टार्टेड रिट्रीटिंग। 16,500 लोगों को

[06:36:11] जब ऐसे काबुल से भागना पड़ा तो सब के सब

[06:36:15] मारे गए। और एक लेजेंड बताता है कि लाशों

[06:36:18] से भर गया था पूरा का पूरा रास्ता। सिर्फ

[06:36:20] एक व्यक्ति बचा था। इसका भी नाम याद रखना

[06:36:23] डॉक्टर विलियम ब्राइडन। सिर्फ यह इकलौता

[06:36:26] इंसान बचा था जो जलालाबाद तक पहुंच पाया

[06:36:28] और इसने वह पूरी कहानी बताई कि वी लॉस्ट

[06:36:31] इट ब्रूटली। ठीक है? तो अफगान वॉर में यह

[06:36:35] हाल हुआ इनका। इन्होंने सोचा कुछ था लेकिन

[06:36:37] बहुत बुरी तरह मतलब आप समझ रहे हो 16,500

[06:36:40] में से सब के सब खत्म। सिर्फ डॉक्टर

[06:36:43] विलियम ब्राइडन बचे।

[06:36:45] ठीक है? तो इसमें क्या हुआ कि इस वॉर में

[06:36:50] इट एंडेड विद ब्रिटिश इवेंचुअली सेंडिंग

[06:36:52] एन आर्मी ऑफ़ रेट्रिब्यूशन। देखिए ब्रिटिश

[06:36:54] ने कहा कि 16,499

[06:36:56] लोगों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

[06:36:58] इन्होंने एक आर्मी ऑफ़ रेट्रिब्यूशन बनाई।

[06:37:00] तो आर्मी ऑफ़ इंडस अटैक करने के लिए थी।

[06:37:02] दोस्त मोहम्मद को बिठाने के लिए थी। हटाने

[06:37:04] के लिए थी। ठीक है? शाहशूचा को गद्दी पे

[06:37:06] बिठाने के लिए थी। आर्मी ऑफ़ रेट्रीब्यूशन

[06:37:08] में इन्होंने कहा कि काबुल को सबक सिखाना

[06:37:09] है। काबुल बाजार इन्होंने आग लगा दी। वहां

[06:37:12] पे जो लोग बंदी बना लिए गए थे उनको रिहाय

[06:37:14] करवाया। लेकिन अल्टीमेटली उनको छोड़ना ही

[06:37:17] पड़ा। ठीक है? अफगानिस्तान इज़ दी

[06:37:20] ग्रेवयार्ड ऑफ़ एंपायर्स। तो वही यहां पर

[06:37:22] भी वही हो रहा है। सो इतने सारे ब्लड शेड

[06:37:25] के बाद ब्रिटिश ने दोस्त मोहम्मद को हटाने

[06:37:29] के लिए यह सब जद्दोजहद की। फाइनली ये सब

[06:37:31] करके भी दोस्त मोहम्मद को गद्दी पे वापस

[06:37:33] बिठा दिया। जो फाइनेंशियल लॉस हुआ ब्रिटिश

[06:37:36] का इट वास टू द ट्यून ऑफ़ 15 मिलियन

[06:37:38] पाउंड्स एंड 20,000 लाइ लॉस्ट हियर। 15

[06:37:41] मिलियन पाउंड्स उस समय पर। मतलब बहुत

[06:37:44] ज्यादा। राइट? और यहां पर अंग्रेजों ने

[06:37:46] कहा कि आज के बाद अफगान अफेयर्स में हम

[06:37:49] कभी इंटरफेयर नहीं करेंगे। दिस पॉलिसी इज

[06:37:51] कॉल्ड एज मास्टरली इनक्टिविटी। दिस पॉलिसी

[06:37:54] इज कॉल्ड एज पॉलिसी ऑफ़ मास्टरली

[06:37:56] इनक्टिविटी। राइट? ब्रिटिश मिलिट्री का जो

[06:37:58] इनविंसिबिलिटी थी ना कि ब्रिटिश आपने कभी

[06:38:01] देखा है इनकी आर्मी की यूनिफार्म इतने

[06:38:03] चौड़े-चौड़े पैड्स, रस्सी

[06:38:05] बूट्स पहन के रखेंगे। तो उसमें क्या इनका

[06:38:08] पता लगा कुछ नहीं है इनके पल्ले दिखावा

[06:38:10] है। फोक हैं ये। राइट? 16,500 में से 4

[06:38:14] 16,499 मारे गए। तो इनकी इनविंसिबिलिटी

[06:38:18] शटर हो गई। और यही शैटर इनविंसिबिलिटी

[06:38:21] 1857 का कारण बनेगी। नहीं तो अदरवाइज

[06:38:24] लोगों को लगता था ब्रिटिश सिपॉइश को भी

[06:38:26] लगता था कि कंपनी को हराना असंभव है।

[06:38:28] लेकिन यहां पर देख लिया कि कंपनी को तो

[06:38:29] जूतियां मार के भगाया है अफगानों ने।

[06:38:35] ठीक है? सो ये है फर्स्ट अफगान वॉर। सेकंड

[06:38:40] अफगान वॉर भी कर ही लेते हैं। है ना? तीन

[06:38:43] हुई थी टोटल। सेकंड अफगान वॉर में क्या

[06:38:45] हुआ था कि पहली अफगान वॉर इट वास ड्रिवन

[06:38:49] बाय लॉर्ड ऑकलैंड। सेकंड अफगान वॉर काफी

[06:38:53] देर बाद हुई थी जब लॉर्ड लिटन आ गए थे।

[06:38:56] ठीक है? 1857 का रिवोल्ट हो चुका है।

[06:38:58] लॉर्ड लिटन वायसराॉय बन चुके हैं। 1878 के

[06:39:01] आसपास का टाइम चल रहा है। राइट? तो यहां

[06:39:03] पर ब्रिटिश ने ना कहा कि इनएक्टिविटी नहीं

[06:39:06] अफगान में तो फॉरवर्ड पॉलिसी होनी चाहिए।

[06:39:08] काफी देर तक इन्होंने 1842 से लेके 78 के

[06:39:11] बीच तक लगभग 30 साल की एक इनएक्टिविटी

[06:39:14] फॉलो की। लेकिन अब कहा कि फॉरवर्ड पॉलिसी

[06:39:15] होनी चाहिए। हम एक्टिवली अफगानिस्तान के

[06:39:18] अंदर इन्फ्लुएंस अपना जनरेट करेंगे।

[06:39:21] क्योंकि रशिया ने एक्चुअली बहुत सारी

[06:39:23] सेंट्रल एशियन टेरिटरीज को गेन कर लिया

[06:39:25] है। तो उसका जो बॉर्डर है ना रशिया का यह

[06:39:27] अफगानिस्तान के पास आता जा रहा है। तो अगर

[06:39:29] अफगानिस्तान में अभी भी हमने मेडल ना किया

[06:39:31] तो बहुत जल्द रशिया के कंट्रोल में ये चला

[06:39:33] जाएगा और फिर ब्रिटिश इंडिया और रशिया की

[06:39:36] टेरिटरीज कोटर्मिनस होंगी जिससे हमारी

[06:39:39] अक्सर कंफ्रंटेशन हो सकती है। ठीक है? सो

[06:39:42] 1878 में अफगान के रूलर कौन है? शेर अली

[06:39:46] खान दोस्त मोहम्मद के बेटे।

[06:39:49] इन्होंने ना एक रशियन डिप्लोमेटिक मिशन को

[06:39:51] काबुल में एक्सेप्ट किया। ठीक है? रशिया

[06:39:53] एक्सपैंड कर रहा है। रशिया चाहता है कि

[06:39:55] भाई हां आपके पापा आए थे पेशावर में हेल्प

[06:39:57] मांगने। हमने तो उनकी हेल्प की थी। तो अब

[06:40:00] हम एक डिप्लोमेटिक मिशन भेजें ना जस्ट

[06:40:02] बातचीत करते हैं आगे संबंधों को कैसा

[06:40:04] बढ़ाया जा सकता है। तो शेर अली खान चाहता

[06:40:06] तो नहीं था लेकिन रिलक्टेंटली इसने कहा कि

[06:40:08] चलो भेज दो करते हैं बात। राइट? अब वही

[06:40:13] बात। अब ब्रिटिश का हाल देखो। लिटन भी ना

[06:40:15] न्यायाना है। वैसे जब रशिया ने

[06:40:18] डिप्लोमेटिक मिशन भेजा शेर अली खान ने

[06:40:20] रिलक्टेंटली एक्सेप्ट कर लिया। अब ब्रिटिश

[06:40:23] की हो गई चल। लिटन कह रहा है कि भाई हमारा

[06:40:26] भी करो एक्सेप्ट। ठीक है? लिटन ने कहा कि

[06:40:28] हमारा भी मिशन हम भेज रहे हैं। एक्सेप्ट

[06:40:30] करो। शेर अली खान ने कहा मैं बेलना नहीं

[06:40:32] बैठा। इनका मैंने बड़ी मुश्किल से

[06:40:34] एक्सेप्ट किया है। अब और किसी को मैं नहीं

[06:40:36] चाहता मेरी टेरिटरी में आए। तो इसने ना

[06:40:38] खबर पास के पास खबर पास के निकट ब्रिटिश

[06:40:42] ऑनवॉय को वापस भेज दिया कि भाई तू अंदर ना

[06:40:44] आई यार। तू मूड खराब करता है। मेरे मुंह

[06:40:45] का टेस्ट खराब हो रहा है। तेरी शक्ल देख

[06:40:47] के। यहीं के यहीं बाहर निकल जा। ठीक है?

[06:40:50] ब्रिटिश को लगा। ठीक है? ब्रिटिश ने वही

[06:40:53] पंचायत की तरह क्या बोला? गजब बेेज्जती

[06:40:55] है। ठीक है? जब गजब बेेज्जती लगी तो

[06:40:58] ब्रिटिश ने लिटन ने डिक्लेअ कर दिया कि

[06:41:00] शेर अली खान इनके साथ पता नहीं क्या

[06:41:02] गुड्डी पी के हटा है। इसने हमारे ऑन बॉय

[06:41:04] को मिसअंडरस्टैंडिंग हो गई बेसिकली। ठीक

[06:41:06] है? ये मिलना नहीं चाहता था। ना इनसे ना

[06:41:08] इनसे। इनसे चलो रिलक्टेंटली मिल लिया।

[06:41:10] इनसे कहा कि यार नहीं यार बस हो गया।

[06:41:12] इन्होंने कहा कि रशिया का पपेट बन गया ये।

[06:41:14] तो लिटन ने नवंबर 1878 में सेकंड अफगान

[06:41:19] वॉर डिक्लेअ कर दी। ठीक है? तो इसके दो

[06:41:23] फेस हैं सेकंड अफगान वॉर के बाद। ठीक है?

[06:41:26] पहले फज़ में क्या होता है? ब्रिटिश

[06:41:28] फोर्सेस तीन अलग-अलग पॉइंट से अफगानिस्तान

[06:41:31] में एंटर होती हैं। शेर अली खान ओवरवेल्म

[06:41:33] हो के भाग जाता है और उसकी डेथ हो जाती है

[06:41:37] थोड़ी देर बाद। उसका बेटा याकूब खान ये

[06:41:39] ब्रिटिश के साथ ट्रीटी ऑफ गैंडमार्क साइन

[06:41:41] करता है 1879 में। ठीक है? 1878 से लेके

[06:41:45] 79 में ये वॉर चलती है। ट्रीटी ऑफ़

[06:41:47] गैंडमार्क साइन हो जाती है। इस ट्रीटी ऑफ़

[06:41:48] गैंडमार्क में कहा जाता है कि ब्रिटिश के

[06:41:51] पास अफगान फॉरेन पॉलिसी का कंट्रोल आ गया।

[06:41:54] और एक ब्रिटिश रेजिडेंट इन्होंने काबुल

[06:41:56] में प्लेस कर दिया। फर्स्ट सच रेजिडेंट

[06:41:59] वाज़ लुईस कैवेगनरी। लुईस कैवेगनरी वाज़ दी

[06:42:02] फर्स्ट सच ब्रिटिश रेजिडेंट। लेकिन पहली

[06:42:05] अफगान वॉर की तरह ही इस के बाद भी ठीक है

[06:42:09] जैसे फर्स्ट अफगान वॉर में शाह शुजा को

[06:42:10] बिठाया था इधर ट्रीटी ऑफ गैंडमार्क साइन

[06:42:12] की याकूब खान को बिठाया लेकिन अफगानिस्तान

[06:42:15] के लोग एक्सेप्ट नहीं कर रहे कि ये काफिर

[06:42:17] कैसे आके बैठ गया काबुल में उन्होंने कहा

[06:42:20] जिहाद

[06:42:22] काफिरों को नहीं बिठाना ठीक है तो रिबेल

[06:42:25] जब हुआ तो रेजिडेंट और उसका स्टाफ कत्लेआम

[06:42:28] हुआ इनका ठीक है एंड इट वाज़ अ डिबेकल

[06:42:32] ब्रिटिश ने कहा हार नहीं मानेंगे

[06:42:34] रुकेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं। तो इन्होंने

[06:42:37] रीइनवेड करने की कोशिश की अपने केबगरी का

[06:42:40] बदला लेने के लिए। राइट? तो यहां पर माय

[06:42:43] वंड की लड़ाई होती है। ठीक है? अ मेजर

[06:42:46] सेटबैक वेयर ब्रिटिश ब्रिगेड वाज़ डिफिटेड

[06:42:48] बाय अफगान फोर्सेस लेड बाय अयूब खान। ठीक

[06:42:51] है? याकूब है ये। अयूब अलग है। ठीक है?

[06:42:55] अफगान फोर्सेस में एक लीडर है इनका। अयूब

[06:42:57] खान। वो लीड करता है 1800 अह 1880 में।

[06:43:02] ठीक है? 1880 में मंड की लड़ाई में

[06:43:05] ब्रिटिश हार जाते हैं। उसके बाद ब्रिटिश

[06:43:08] के जनरल फ्रेडरिक रॉबर्ट्स जो ब्रिटिश

[06:43:10] आर्मी को लीड कर रहे हैं। ही कंडक्ट्स अ

[06:43:12] लॉन्ग मार्च। ये लॉन्ग मार्च ना बड़ा फेमस

[06:43:15] है। इसको इनवर्टेड कोर्ट्स में इसलिए

[06:43:16] लिखते हैं क्योंकि काबुल से ले कंधार तक

[06:43:21] इनको मार्च करना पड़ा था अपनी इनफेंट्री

[06:43:24] के साथ।

[06:43:26] और वहां पर इन्होंने अय्यूब खान को

[06:43:28] डिसाइसिवली डिफीट किया था। ठीक है? फाइनली

[06:43:31] डिफिटेड अय्यूब खान डिसाइसिवली राइट

[06:43:35] ब्रिटिश को यह रियलाइज हो गया कि

[06:43:36] अफगानिस्तान पर डायरेक्टली रूल नहीं कर

[06:43:38] सकते। वहां के लोग एक्सेप्ट ही नहीं

[06:43:40] करेंगे इनको कभी। तो इसलिए इन्होंने कहा

[06:43:41] कि एक स्ट्रांग मिडिलमैन होना चाहिए। तो

[06:43:44] ये अंग्रेजों को अब्दुल रहमान खान में नजर

[06:43:47] आया। ठीक है? इन्होंने क्या किया? अब्दुल

[06:43:49] रहमान खान को ये कहते थे आयरन आमिर। ठीक

[06:43:51] है? सो ही अग्रीड टू लेट द ब्रिटिश

[06:43:53] कंट्रोल हज़ फॉरेन पॉलिसी इन एक्सचेंज फॉर

[06:43:55] मनी एंड प्रोटेक्शन। अब्दुल रहमान खान

[06:43:57] लोगों में भी पॉपुलर था और कहीं ना कहीं

[06:44:00] ब्रिटिश के साथ भी कोऑर्डिनेट कर सकता था।

[06:44:02] बस इसको बदले में पैसा चाहिए था। तो

[06:44:04] ब्रिटिश ने क्या किया? ब्रिटिश ने कहा ठीक

[06:44:06] है। इन्होंने दे गेन कंट्रोल ओवर

[06:44:09] स्ट्रेटेजिक माउंटेन पासेस लाइक खबर पास।

[06:44:11] राइट? एंड गिविंग इंडिया मोर साइंटिफिक

[06:44:14] फ्रंटियर। साइंटिफिक फ्रंटियर मतलब

[06:44:15] साइंटिफिकली अब वो जो रशिया की प्रॉब्लम

[06:44:17] थी वो थोड़ी टैकल हो गई है। अफगानिस्तान

[06:44:21] अब ऑफिशियली बफर स्टेट बन गया क्योंकि

[06:44:23] पैसे के बदले अब्दुल रहमान खान जैसे

[06:44:26] स्टेट्समैन ब्रिटिश इंटरेस्ट का ध्यान

[06:44:28] रखेंगे। ठीक है? और ब्रिटेन के बैक इन

[06:44:32] ब्रिटेन इंग्लैंड में यह जो हाई कॉस्ट और

[06:44:36] वायलेंस थी इस वॉर की इसकी वजह से जैसे

[06:44:39] फर्स्ट अफगान वॉर में बहुत सारा पैसा 15

[06:44:41] मिलियन पाउंड इन्होंने उड़ा दिया। यहां पर

[06:44:43] भी बहुत पैसा गवाया गया। तो इसमें ना

[06:44:45] बेंजामिन इजराइली इनके प्राइम मिनिस्टर

[06:44:47] थे। बेंजामिन इजराइली की सरकार गिर गई और

[06:44:50] ग्लैडस्टोन ही वाज़ रिटर्नड। ठीक है? जो

[06:44:54] अगेन बहुत ही कॉशियस फॉरेन पॉलिसी फॉलो कर

[06:44:56] रहा है। एस्पेशली इन द मैटर्स ऑफ

[06:44:58] अफगानिस्तान। ठीक है? सो दिस इज़ योर सेकंड

[06:45:01] अफगान वॉर। ठीक है? दिस इज़ योर सेकंड

[06:45:04] अफगान वॉर। क्लियर है ये? हां जी। ठीक है?

[06:45:09] थर्ड अफगान वॉर यह होती है 1919 में। यह

[06:45:13] बहुत ही थोड़ी देर के लिए हुई। राइट?

[06:45:15] इसमें अफगानंस ने इनिशिएट की थी। पहली दो

[06:45:18] वॉर्स में ब्रिटिश ने मेडल किया था। ये

[06:45:19] अफगानिस्तान ने की थी। क्योंकि अल्टीमेटली

[06:45:22] कितनी देर चलेगा ये? कितनी देर

[06:45:24] अफगानिस्तान के लोग ये एक्सेप्ट करेंगे कि

[06:45:26] उनका लीडर जो है अंग्रेजों से पैसे के

[06:45:28] बदले उनको सपोर्ट करता रहे। तो 1919 में

[06:45:31] क्या होता है कि एक तो फर्स्ट वर्ल्ड वॉर

[06:45:34] खत्म हो जाती है। 198 11th नवंबर को

[06:45:36] फर्स्ट वर्ल्ड वॉर खत्म हो गई थी। अब उसके

[06:45:38] बाद

[06:45:40] ब्रिटिश काफी एग्जॉस्ट हो चुके थे। तो

[06:45:43] फाइनेंशियली वो इतने ड्रेन हो गए थे कि वो

[06:45:45] अफगानिस्तान के ऐसे रूलर्स को पैसे नहीं

[06:45:47] दे सकते थे। ठीक है? इंडिया में भी

[06:45:50] जलियांवाला बाग मेसेकर जैसे और होम रूल

[06:45:53] मूवमेंट जैसे कई इंसिड्स हो रहे थे जिसकी

[06:45:54] वजह से ब्रिटिश इरिटेट हो रहे थे और

[06:45:56] प्रेशर में थे। ठीक है? और अफगानिस्तान

[06:45:59] में लीडरशिप चेंज हो गई। राइट?

[06:46:01] अफगानिस्तान में अब्दुल रहमान खान की जगह

[06:46:03] अब आ गया है अमन उ्ला खान। राइट? इसने

[06:46:06] थ्रोन ले ली है। एंड ही इज अ नेशनलिस्ट

[06:46:09] फॉर अफगानिस्तान हु टूक द हु हेटेड

[06:46:12] ब्रिटिश कंट्रोल। ठीक है? तो सेकंड सेकंड

[06:46:16] अफगान वॉर में ब्रिटेन अफगान की डीलिंग्स

[06:46:19] दूसरे कंट्रीज के साथ कंट्रोल करता था।

[06:46:21] अमन उल्ला ने कहा कि काफिरों को नहीं

[06:46:23] देना। यह पूरा सोवनिटी हमारे पास होना

[06:46:25] चाहिए। अमन उल्ला को पता था कि ब्रिटिश

[06:46:27] स्ट्रगल कर रहा है इतने सारे रिव्ट्स और

[06:46:29] वर्ल्ड वॉर की वजह से। तो इसने कहा कि यह

[06:46:31] सही टाइम है इनके ऊपर अटैक करने का। कुछ

[06:46:35] ऑस्टोरियंस को यह भी लगता है कि अमन

[06:46:36] उल्लाह ही स्टार्टेड दी वॉर टू यूनाइट

[06:46:39] अफगान ट्राइब्स एंड डिस्ट्रैक्ट देम फ्रॉम

[06:46:41] इंटरनल पावर स्ट्रगल कि अमन उ्ला के

[06:46:42] इंटरनली बहुत सारे दुश्मन थे। तो वही होता

[06:46:45] है कि जब बाहर के किसी आउटसाइडर को आप

[06:46:47] दुश्मन दिखा दो ना तो इनसाइड सब यूनाइट हो

[06:46:49] जाते हैं। तो अमन उल्ला ने ब्रिटिश को

[06:46:51] दुश्मन दिखा दिया। बट व्हाटएवर द केस बी

[06:46:54] ठीक है? अंग्रेजों का मतलब गुल्ला साफ हो

[06:46:56] गया अफगानिस्तान से। राइट? तो इसमें मई से

[06:46:59] जून तक की ये लड़ाई चली। दिस वाज़ कॉल्ड एज

[06:47:02] वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस फॉर अफगानिस्तान।

[06:47:04] अफगान ट्रूप्स ने बॉर्डर क्रॉस करके

[06:47:06] ब्रिटिश इंडिया के अंदर पहुंच गए। खाइबर

[06:47:08] पास ना वहां पे खबर पास बेसिकली बॉर्डर

[06:47:11] था। खाइबर पास के वेस्ट में अफगानिस्तान

[06:47:13] शुरू हो जाता था। ईस्ट में ब्रिटिश इंडिया

[06:47:16] स्टार्ट हो जाता था। ठीक है? और इंडियन

[06:47:18] मुस्लिम्स में भी ये रेबेलियन स्टार्ट

[06:47:20] करने की इन्होंने कोशिश की। ब्रिटिश ने

[06:47:22] काउंटर किया क्योंकि टेक्नोलॉजी तो देखो

[06:47:23] नो डाउट सुपीरियर थी।

[06:47:26] किसी भी अफगान वॉर में इनफैक्ट जितनी भी

[06:47:29] एनिक्सेशन हैं पहली बार रॉयल एयरफोर्स का

[06:47:32] इस्तेमाल किया गया था। ठीक है? इससे पहले

[06:47:35] प्लेेंस देखो 195 में इन्वेंट हुए थे। तो

[06:47:38] पुरानी वॉर्स में प्लेन को नहीं यूज़ किया

[06:47:40] था। यहां पर अंग्रेजों ने थके हुए थे।

[06:47:42] इन्होंने कहा ट्रूप्स भेजेंगे। लॉन्ग

[06:47:44] मार्च करवाएंगे। एयरफोर्स को भेजो खत्म

[06:47:46] करो। तो इन्होंने जलालाबाद और आमिर का एक

[06:47:49] पैलेस जो काबुल में था उस पे अटैक कर

[06:47:51] दिया। ठीक है? अफगान मोराल काफी ज्यादा

[06:47:54] डाउन चला गया। लेकिन फाइनली ब्रिटेन

[06:47:56] ऑफिशियली रिकॉग्नाइज अफगानिस्तान एस

[06:47:58] कंप्लीटली इंडिपेंडेंट नेशन इंक्लूडिंग द

[06:48:01] राइट टू मैनेज इट्स फॉरेन अफेयर्स। ठीक

[06:48:02] है? यह टैक्टिकली पता है क्या था? ये

[06:48:06] स्टेलमेट हो गई थी क्योंकि अफगानिस्तान

[06:48:07] हार ही नहीं मान रहे थे। ये सब होने के

[06:48:09] बावजूद भी वो दे कंटिन्यूड द स्ट्रगल। अब

[06:48:12] ब्रिटिश कितनी देर ये सब करता रहेगा?

[06:48:14] ड्रेन तो होते ही है पैसे एनर्जी सब कुछ।

[06:48:16] तो ब्रिटिश ने कहा कि यार जो मांग रहे हैं

[06:48:19] इनको दे दो। ठीक है? इंडिपेंडेंस के बदले

[06:48:22] जो ड्यूरैंड लाइन है दैट वाज़ रीफ़ॉर्म्ड एस

[06:48:24] दी परमानेंट बॉर्डर बिटवीन अफगानिस्तान

[06:48:26] एंड ब्रिटिश इंडिया जो आज की डेट में

[06:48:28] पाकिस्तान और अफगानिस्तान की ऑफिशियल

[06:48:30] बॉर्डर है। ठीक है? और क्योंकि अब फॉरेन

[06:48:33] अफेयर्स में ब्रिटेन इंटरफेयर कर नहीं रहा

[06:48:36] तो इसलिए अलाउंस भी कोई नहीं मिलेगी। ठीक

[06:48:39] है? तो अफगान रूलर्स अब वो

[06:48:43] दे विल नॉट बी गेटिंग एनी काइंड ऑफ़

[06:48:44] अलाउंस। तो ये थी आपकी तीन अफगान वॉर्स।

[06:48:48] ठीक है? यस वॉर इज़ एक्सपेंसिव। तो आम बंदे

[06:48:50] के ऊपर सबसे ज्यादा इसका बर्डन आता है।

[06:48:53] हां जी एवरीवन कैसा लग रहा है अभी तक?

[06:48:59] रनिंग नोट्स बना रहा है कोई साथ-साथ

[06:49:04] अफगान वॉर को लेकर काफी बार ना बच्चों के

[06:49:08] मन में रहता है कि क्या है? थोड़ा और बता

[06:49:10] दो। अच्छे से करते हैं। ये होता है, वो

[06:49:12] होता है। ठीक है? तो लो तीनों की तीनों

[06:49:15] अफगान वॉर्स कर दी। ठीक है? तो अफगान

[06:49:18] वॉर्स के कॉन्टेक्स्ट में हम 1919 तक

[06:49:20] पहुंच गए हैं। बट अदरवाइज वी आर स्टिल इन

[06:49:22] 1840।

[06:49:23] ठीक है? 1840 में अभी अभी 100 साल और हमने

[06:49:26] कवर करने हैं।

[06:49:28] ठीक है? हां जी। अब बता दो यार कौन-कौन

[06:49:32] है। शिल्पी आशुतोष

[06:49:34] सावंत

[06:49:37] प्रीति

[06:49:38] मॉर्निंग स्टार शरलॉक मॉर्निंग स्टार। वाओ

[06:49:41] है ना? ठीक है। अफगान वॉर। ठीक है? तो यह

[06:49:44] आपका अफगान वॉर्स है। अब पंजाब वॉर करते

[06:49:48] हैं। ठीक है? सिंध, पंजाब अवध है ना?

[06:49:51] पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा। गुजरात,

[06:49:53] मराठा तो गया है ना? अब पंजाब, सिंध, सिंध

[06:49:56] हमने कर लिया। पंजाब करते हैं। अब तो

[06:49:58] पंजाब क्या है भाई? सिंध की जैसे

[06:50:00] सिग्निफिकेंस थी। पंजाब की भी

[06:50:01] सिग्निफिकेंस है। है कि नहीं है?

[06:50:06] एक्ट। इसके बाद यह चार्टर एक्ट पूछ रहे

[06:50:09] हो। इसके बाद नेक्स्ट टॉपिक इज चार्टर

[06:50:12] एक्ट।

[06:50:15] है ना स्टैमिना गेम है यार है ना मैराथन

[06:50:26] चलो पंजाब में क्या हुआ भाई पंजाब में ऐसा

[06:50:31] है पंजाब जो है ना सिर्फ अभी के इंडिया

[06:50:34] वाला पंजाब मत इमेजिन करना पंजाब ऐसा था

[06:50:40] ठीक है इंडिया का पंजाब यह हो गया ठीक है

[06:50:42] उसका कुछ पार्ट हरियाणा, कुछ हिमाचल और यह

[06:50:45] पाकिस्तान को काफी बड़ा पंजाब मिल गया। तो

[06:50:47] अदरवाइज पंजाब ना यह लिवर की शेप के जैसा

[06:50:50] होता था मिडिव टाइम्स में अंडर महाराजा

[06:50:54] रंजीत सिंह। ठीक है? तो इसमें क्या है कि

[06:50:57] पंजाब स्ट्रेटेजिकली ब्रिटिश इंडिया और

[06:51:01] नॉर्थवेस्ट फ्रंटियर के बीच में लोकेटेड

[06:51:04] था। फर्टाइल प्लेेंस इसके आज भी बहुत हैं।

[06:51:08] ठीक है? आज भी जो खेती होती है जो एक

[06:51:10] तरीके से भारत का ब्रेड बास्केट या भारत

[06:51:12] का राइस बॉल है ना वह हम कंसीडर करते हैं

[06:51:15] पंजाब वन ऑफ द हाईएस्ट प्रोड्यूसर ऑफ

[06:51:18] डिफरेंट एग्रीकल्चरल क्रॉप्स है। तो उस

[06:51:20] समय पर भी पंजाब के बहुत फर्टाइल प्लेेंस

[06:51:23] थे। जो सतलुज नदी है वो काफी चौड़ी नदी

[06:51:26] है। नेविगेबल है। सो इट मेड इट इकोनॉमिकली

[06:51:29] क्वाइट अट्रैक्टिव। और अगेन फर्स्ट अफगान

[06:51:32] वॉर में आपने देख ही लिया क्या जूतियां

[06:51:33] पड़ी हैं अंग्रेजों को। ठीक है? तो इधर

[06:51:36] जुत्त खा के ना इनको अब है कि हमने अपना

[06:51:39] ना कहीं लोग हमसे डरना ना बंद कर दें। तो

[06:51:42] इसलिए सिंध को एनेक्स करते जा रहे हैं।

[06:51:43] पंजाब में अब ये कांड करेंगे। ठीक है? तो

[06:51:46] यहां पर अपना प्रेस्टीज ये रीगेन करना

[06:51:48] चाहते हैं। ये इनकी चुल है बेसिकली। राइट?

[06:51:51] अब महाराजा रंजीत सिंह जब तक जिंदा थे

[06:51:53] उन्होंने पंजाब को यूनाइटेड भी रखा,

[06:51:56] पावरफुल भी रखा। लेकिन जब उनका देहांत हो

[06:51:59] गया तो उनका उत्तराधिकारी एज सच कुछ मतलब

[06:52:03] बहुत स्ट्रांग सक्सेसर्स नहीं थे उनके।

[06:52:06] ठीक है? बहुत वीक सक्सेसर उनके थे। जैसे

[06:52:09] कि खड़क सिंह और नौनिहाल सिंह ने क्विक

[06:52:11] सक्सेशंस में थोड़ी-थोड़ी देर के लिए

[06:52:12] गद्दी संभाली। अल्टीमेटली जो उनकी गद्दी

[06:52:15] है वह गई उनके माइनर बेटे दिलीप सिंह को

[06:52:18] और महारानी जींदन कौर यह क्या बनी? यह बनी

[06:52:22] क्वीन कंसोर्ट्ट। क्वीन कंसोर्ट्ट का मतलब

[06:52:24] रीजेंट बनी बेसिकली राजमाता। कि जब तक

[06:52:27] दिलीप सिंह बड़े नहीं हो जाते तब तक

[06:52:30] डीफैक्टो पावर जींद महारानी जींदन कौर या

[06:52:33] जींद कौर में होगी। राइट? अब यहां पर क्या

[06:52:36] है कि पंजाब का क्योंकि यह पॉलिटिकल

[06:52:39] क्राइसिस में आ गया तो इसलिए रेवेन्यू भी

[06:52:42] उतने अच्छे से एक्वायर नहीं हो पा रहा।

[06:52:45] रेवेन्यू एक्वायर नहीं हो पा रहा तो पंजाब

[06:52:47] की जो खालसा आर्मी है उनके वॉरियर्स अनपेड

[06:52:51] हैं और उनके मेन लीडर जो महाराजा रंजीत

[06:52:53] सिंह खुद थे वह हैं। नहीं। बहुत से खालसा

[06:52:57] आर्मी में काफी लोग ऐसे थे जो महारानी

[06:52:59] जिंदन कौर की अथॉरिटी को एक्सेप्ट नहीं कर

[06:53:01] रहे थे। सो दे आर लीडरलेस एंड दे आर

[06:53:03] अनपेड। अब अगेन वही बात पिंडारियों का जिस

[06:53:08] तरह से इशू आया उस तरह से अब खालसा आर्मी

[06:53:11] भी गया है। खालसा आर्मी क्या है? दे आर

[06:53:14] ट्रेंड इन मार्शल आर्ट्स बट दे आर नॉट

[06:53:15] बीइंग पेड। तो क्या करेंगे? मामला अपने

[06:53:18] हाथ में ले लेंगे।

[06:53:20] ठीक है? कि आसपास के इलाकों से खुद ही कि

[06:53:23] हम तुम्हें प्रोटेक्ट कर रहे हैं। चलो

[06:53:24] वसूली। यह सब शुरू हो जाएगा। ठीक है?

[06:53:28] अराजकता आनी स्टार्ट हो जाती है। तो ये ना

[06:53:31] खालसा आर्मी एक्चुअली पॉलिटिकली काफी

[06:53:33] डोमिनेंट और अनमैनेजेबल होती जा रही थी।

[06:53:35] राइट? 1843 में ब्रिटिश ने पंजाब में मेजर

[06:53:39] ब्रॉडफुट को पॉलिटिकल एजेंट की तरह अपॉइंट

[06:53:42] किया और मेजर ब्रॉडफुट को इंस्ट्रशंस ये

[06:53:44] थे कि पंजाब की पॉलिटिकल सिचुएशन पर एक

[06:53:47] रिपोर्ट तैयार करो। दैट गिव्स ब्रिटिश अ

[06:53:49] प्रीटेक्स्ट टू इंटरवीन। मेजर ब्रॉडफुट ने

[06:53:52] पंजाब की इनस्टेबिलिटी को कुछ ज्यादा ही

[06:53:54] एग्जैजरेट कर दिया। ठीक है? जो गवर्नर

[06:53:57] जनरल थे इस समय पर यह थे 1843 वाले हार्डि

[06:54:01] 19 वाले अलग हैं। तो यहां के गवर्नर जनरल

[06:54:04] हार्डिज ने

[06:54:07] इनकी रिपोर्ट को आधार बनाकर पंजाब में

[06:54:10] ब्रिटिश मिलिट्री फोर्सेस को स्ट्रेंथन

[06:54:12] करना शुरू कर दिया कि क्योंकि खालसा आर्मी

[06:54:14] अनमैनेजेबल हो रही है। पंजाब में अराजकता

[06:54:17] का माहौल है। तो ब्रिटिश इंटरेस्ट को

[06:54:19] प्रोटेक्ट करने के लिए मुझे क्या करना

[06:54:21] पड़ेगा? आई विल आई हैव नो चॉइस बट टू

[06:54:23] स्ट्रेंथन द ब्रिटिश मिलिट्री प्रेजेंस

[06:54:25] हियर। अब जब आपका घर है, आपका इलाका है,

[06:54:29] वहां पर फॉरेनर्स आ रहे हैं और वह अपनी

[06:54:31] मिलिट्री प्रेजेंस स्ट्रांग करते जा रहे

[06:54:33] हैं। आपको उनके मंसूबों पे शक होगा कि

[06:54:35] नहीं होगा? एस्पेशली जब उनकी हिस्ट्री इस

[06:54:37] तरह की हो। कर्नाटक, मैसूर, मराठा, सिंध।

[06:54:41] राइट? तो वही चीज यहां पे हुई। जब

[06:54:43] इन्होंने ज्यादा स्ट्रेंथन करना शुरू कर

[06:54:47] दिया, फोर्टिफाई करना शुरू कर दिया। तो

[06:54:50] सिख आर्मी ने पहले तो क्वेश्चन किया इनको

[06:54:53] कि भाई किस खुशी में यह सब चल रहा है।

[06:54:56] लेकिन फाइनली 11 दिसंबर 1845 को लाल सिंह

[06:55:00] एंड तेजा सिंह। लाल सिंह वाज़ दी वज़र। ठीक

[06:55:03] है? पंजाब के वज़र थे ये। लाल सिंह और तेजा

[06:55:06] सिंह के अंडर सिख ट्रूप्स

[06:55:07] [गला साफ़ करने की आवाज़] ने सतलुज नदी

[06:55:08] क्रॉस की। राइट? और दे वर रेडी टू कंफ्रंट

[06:55:11] ब्रिटिश कि अपनी मिलिट्री को डिसबैंड करो।

[06:55:15] यह आप हमारी टेरिटरी में इतनी सारी

[06:55:16] मिलिट्री रख रहे हो। दिस इज़ मेकिंग अस

[06:55:18] इनशियस। राइट? तो ब्रिटेन ने क्या किया?

[06:55:21] इनके इस सतलुज की क्रॉसिंग को एज़ एन एक्ट

[06:55:23] ऑफ़ वॉर समझते हुए रिटाैलिएट करना शुरू कर

[06:55:26] दिया। ठीक है? तो कुल मिलाकर कितनी वॉर्स

[06:55:29] होती हैं? कुल मिलाकर पांच वॉर्स होती

[06:55:33] हैं। पांच पंचदरमा था। पंजाब पंचदरमा था।

[06:55:37] तो वॉर्स भी पांच हो रही हैं। बैटल ऑफ

[06:55:39] मुड़की, फिरोज़शाह, पड्डोवाल, आलीवाल। ठीक

[06:55:44] है? मूडकी की दिसंबर ये डेट्स लिखी हुई है

[06:55:47] ऑर्डर याद रखना बस मूडकी फिरोज शाह

[06:55:50] बड्डोवाल आलीवाल इन लड़ाइयों में स्टेलमेट

[06:55:53] होती है सिख आर्मी का भी पलड़ा भारी है

[06:55:56] कुछ जगहों पे ब्रिटिश को भी टैक्टिकल

[06:55:58] विक्ट्री मिली है सुबराओं की लड़ाई में

[06:56:00] क्या होता है कि कुछ सिख कमांडर्स ने

[06:56:03] इंफॉर्मेशन दे दी सिख ट्रूप्स की मूवमेंट

[06:56:06] की क्योंकि अंग्रेजों के पास ये

[06:56:08] इंफॉर्मेशन पहले से आ गई थी इसलिए दे

[06:56:10] अनलीस्ट देयर फ्यूरी मतलब द सिख ट्रूप्स

[06:56:14] वर कॉट एज सिंग डक्स एंड देयर वाज़ अ ब्लड

[06:56:17] शेड मसेकर। ठीक है? तो, यह सुबराओं की

[06:56:20] लड़ाई डिसाइसिव लड़ाई थी। यहां पर द सिख दे

[06:56:24] गॉट डिफिटेड एंड ब्रिटिश को विक्ट्री मिल

[06:56:26] गई। पंजाब को सतलुज नंदी के दक्षिण का

[06:56:30] इलाका अंग्रेजों को देना पड़ा। और साथ ही

[06:56:33] साथ कश्मीर भी इनको गिव अप करना पड़ा। ठीक

[06:56:36] है? यह बहुत बड़ा सेटबैक था। कश्मीर

[06:56:38] महाराजा रणजीत सिंह की टेरिटरी थी। फर्स्ट

[06:56:41] एंग्लो सिख वॉर के बाद ब्रिटेन ने कश्मीर

[06:56:44] के ऊपर एनेक्सेशन कर ली और उसके बाद गुलाब

[06:56:47] सिंह को यह 1 करोड़ की पेमेंट में बेच

[06:56:50] दिया। ठीक है? देयर वास अ लोकल वसल या

[06:56:53] फ्यूडेटरी आप कह लीजिए राइट गुलाब सिंह।

[06:56:56] उसको 1 करोड़ की पेमेंट में कश्मीर दे

[06:56:58] दिया। और यही गुलाब सिंह की लीनिएज में

[06:57:01] आगे जाके हर सिंह एंड करण सिंह यह इन्हीं

[06:57:05] की फैमिली के हैं। ठीक है? कि जब कश्मीर

[06:57:08] इन्होंने 1 करोड़ की पेमेंट में गुलाब

[06:57:10] सिंह को दे दिया तो जो दिलीप सिंह हैं ठीक

[06:57:13] है ये महाराजा रहे लेकिन इस चीज ने सिखों

[06:57:16] के सेंटीमेंट्स को हर्ट कर दिया कि कश्मीर

[06:57:18] 1 करोड़ में बेच दिया इन्होंने हमारा था

[06:57:20] राइट तो यहां पर क्या होता है कश्मीर की

[06:57:22] सेल की वजह से जो वजीर हैं सिख पंजाब के

[06:57:26] लाल सिंह ही स्टार्टेड द रेबेलियन लेकिन

[06:57:30] अंग्रेजों ने उसको क्रश कर दिया फिर

[06:57:32] ट्रीटी ऑफ़ भैररोवाल साइन होती है 1846 में

[06:57:36] ट्रीटी ऑफ़ भैररोल क्या करती है कि एक

[06:57:39] ब्रिटिश रेजिडेंट को पंजाब में अपॉइंट

[06:57:41] करती है। देखो इधर तक अभी तक क्या किया है

[06:57:43] इन्होंने? लाहौर की ट्रीटी के अनुसार जब

[06:57:46] फर्स्ट एंग्लो सिक वॉर हुई है। 9th मार्च

[06:57:48] 1846 को लाहौर की ट्रीटी साइन की गई और

[06:57:51] वहां पर दिलीप सिंह को महाराजा बनाए रखा।

[06:57:54] लेकिन जब लाल सिंह ने रिबेलियन किया। इस

[06:57:56] रिबेलियन को सप्रेस करने के बाद 1846 में

[06:57:59] ट्रीटी ऑफ़ भैररोवाल के तहत ब्रिटिश

[06:58:02] रेजिडेंट को पंजाब का गवर्नर बना दिया।

[06:58:04] डिफेक्ट रूलर बना दिया। और सिख सोवनिटी जो

[06:58:07] है इट वाज एंडेड।

[06:58:10] ठीक है? और ये जो गवर्नर साहब हैं ये सात

[06:58:14] सिख मेंबर्स के काउंसिल के ओपिनियन लेकर

[06:58:18] सलाह मशवरा करके डिसीजन लेते थे। ठीक है?

[06:58:20] अब सिख [नाक से की जाने वाली आवाज़]

[06:58:22] बेसिकली पावर लूज़ कर रहे हैं। और गवर्नर

[06:58:27] जो है यह बेसिकली रेजिडेंट जो है ठीक है?

[06:58:30] ब्रिटिश रेजिडेंट जो है वो रूलर बना दिया

[06:58:32] है। तो अब यह रूलर कह रहा है कि पंजाब के

[06:58:35] जो प्रोविंसेस हैं सी पंजाब अभी हमारे

[06:58:37] इंडिया की एक स्टेट है। लेकिन यहां पर आप

[06:58:39] देखो इट्स अ किंगडम और किंगडम के अलग-अलग

[06:58:42] एरियाज हैं। ठीक है? मुल्तान है। ठीक है?

[06:58:45] द्वाब माजा ये सारे अलग-अलग एरियाज हैं।

[06:58:48] तो ब्रिटिश ने क्या किया? ब्रिटिश ने कहा

[06:58:52] कि मुल्तान समेत बाकी भी जो प्रोविंशियल

[06:58:55] गवर्नर्स सिखों के बने हुए हैं दे शुड गिव

[06:58:59] देयर सीट्स अप और उसकी जगह ब्रिटिश

[06:59:01] रेजिडेंट हम बनाएंगे। ठीक है? तो यहां पर

[06:59:03] ब्रिटिश दो ब्रिटिश ऑफिसर्स को भेजा गया

[06:59:05] मुल्तान में। ठीक है? मुल्तान में दो

[06:59:08] ब्रिटिश ऑफिसर्स को भेजा गया और उन्हें

[06:59:10] कहा गया कि भ आप यह सीट छोड़ दीजिए। अब

[06:59:15] ब्रिटिश राज करेंगे। मोर राज जो कि

[06:59:18] मुल्तान के गवर्नर थे, सिख गवर्नर थे,

[06:59:20] इन्होंने रिबेल कर दिया। दूसरे सिख चीफ ने

[06:59:23] इनको ज्वॉइ कर लिया और जल्द ही यह पंजाब

[06:59:26] के पॉइंट ऑफ व्यू से एक नेशनल अपराइजिंग

[06:59:27] बन गई। मतलब पूरा पंजाब ये अपराइजिंग में

[06:59:30] आ गया। इसमें 1848 से 1849 के बीच ठीक है।

[06:59:34] 1848 में ये इंसिडेंट होता है।

[06:59:38] ठीक है? वन सेकंड गाइज़।

[06:59:43] अच्छा यार दोस्तों एक छोटी सी अनाउंसमेंट

[06:59:46] स्टडी आईक्यू के सभी कोर्सेज के ऊपर 50%

[06:59:50] डिस्काउंट मिल रहा है यार अगर किसी से मिस

[06:59:52] हो गया हो तो बता दूं यह जो डिस्काउंट है

[06:59:54] ना यह 50% का है। ठीक है? सीएस लाइव कोड

[06:59:57] अप्लाई करना है आपको। बाय नाउ पर जाना है

[07:00:00] अपना नंबर भरने के बाद। ठीक है? उसके बाद

[07:00:02] कोड लगाओगे तो 50% डिस्काउंट आपको मिल

[07:00:04] जाएगा और उससे आप यू नो

[07:00:08] बहुत ही सस्ते कोर्सर्सेस में एनरोल कर

[07:00:10] सकते हैं। मतलब अफोर्डेबल कोर्सर्सेस में

[07:00:12] एनरोल कर सकते हैं। ठीक है? यू डोंट नीड

[07:00:13] टू पे लैक्स एंड लैक्स ऑफस फॉर योर

[07:00:16] यूपीएससी प्रिपरेशन। ठीक है? कोई भी डाउट

[07:00:18] है तो नीचे जो नंबर अभी आ रहा है आपके

[07:00:19] 9240231046

[07:00:21] उस पर भी आप कॉल कर सकते हो।

[07:00:25] वन सेकंड गाइस यार एक सेकंड रुको।

[07:00:43] और बताओ लंच वगैरह सबने कर लिया है? नहीं

[07:00:46] यार 5 मिनट की ब्रेक में बताता हूं कब

[07:00:48] लेंगे।

[07:00:53] अभी ना चलने दो यार। अभी चलने दो। अभी

[07:00:56] मोमेंटम बना हुआ है। ठीक है? देखो हम हैं

[07:00:59] कहां पे? हम हैं हम हैं। हम यहां पे हैं

[07:01:04] 154 पे। ठीक है? तो

[07:01:10] 181 तक जाने दो यार मेरे हिसाब से। लेट्स

[07:01:14] ट्राई टू स्ट्रेच इट टिल 181। 181 के बाद

[07:01:17] यार एक ब्रेक ले लेंगे।

[07:01:24] ठीक है?

[07:01:26] तो

[07:01:28] यह खींचना पड़ेगा यार खुद को। कई बार ना

[07:01:31] होता है ऐसे। ठीक है? थकान होती है पर

[07:01:36] खींचना पड़ेगा।

[07:01:41] ठीक है? तो यार यह जो दो अफसर है ना इनके

[07:01:44] नाम नोट कर लो। ये पंजाब पीसीएस में एक

[07:01:46] बार पूछ लिए थे वैंस एगन्यू

[07:01:52] एंड विलियम एंडरसन।

[07:01:55] ठीक है? यह दो ब्रिटिश ऑफिसर्स भेजे थे।

[07:01:58] इन दोनों ब्रिटिश ऑफिसर्स को मूलराज ने जो

[07:02:01] कि मुल्तान के गवर्नर थे उन्होंने मरवा

[07:02:02] दिया था। ठीक है? तो ये बैटल्स हुई

[07:02:05] रामनगर, चिलियांवाला एंड गुजरात की।

[07:02:07] गुजरात अपने वाला ये ये वाला गुजरात नहीं

[07:02:10] है। ठीक है? पंजाब में अब पाकिस्तान में

[07:02:13] है ये एरिया। पंजाब में भी एक गुजरात है।

[07:02:16] पाकिस्तानी पंजाब में। ठीक है? तो इन

[07:02:19] बैटल्स में फाइनली सिख फोर्सेस को ब्रिटिश

[07:02:21] डिफीट कर देते हैं। ठीक है? दे फाइनली

[07:02:23] डिफीट दी सिख फोर्सेस और सिख जब बैटल ऑफ

[07:02:27] गुजरात के बाद 1849 में यहां पे बैटल ऑफ

[07:02:30] गुजरात में सरेंडर करते हैं तो अब गवर्नर

[07:02:33] जनरल लॉर्ड डलऊजी 1848 में गवर्नर जनरल बन

[07:02:36] गए थे। ठीक है? तो लॉर्ड डलहौजी एनेक्सिस

[07:02:39] पंजाब और जो कोहिनूर डायमंड ठीक है?

[07:02:42] कोहिनूर डायमंड जो दिलीप सिंह के पास था

[07:02:45] और महाराजा रणजीत सिंह अपने कंधे पर पहना

[07:02:47] करते थे। वो यहां से लूट कर ब्रिटेन में

[07:02:49] भेज दिया गया। ठीक है? और पंजाब को एक

[07:02:52] बोर्ड ऑफ कमिश्नर्स के अंडर प्लेस कर दिया

[07:02:54] गया। राइट? और जल्द ही इसको एक सेपरेट

[07:02:59] प्रोविंस की तरह भी बनाया जाएगा। वो आगे

[07:03:01] हम देखेंगे अभी। ठीक है? वो आगे देखेंगे।

[07:03:05] पंजाब हो गया, सिंध हो गया, अफगान हो गया।

[07:03:10] अवध को देखते हैं। ठीक है? अवध। अवध में

[07:03:14] ऐसा था बैटल ऑफ बक्सर के बाद। ठीक है? ठीक

[07:03:18] है? आफ्टर बैटल ऑफ बक्सर अवध एक बफर स्टेट

[07:03:20] बन गया था बिटवीन ब्रिटिश एंड द मराठा

[07:03:23] टेरिटरीज। ठीक है? अब मराठाज़ को डिफीट कर

[07:03:26] दिया। तो अब इस अवध को बफर स्टेट रखने का

[07:03:28] कोई खास पॉइंट था नहीं। ठीक है? अब

[07:03:31] सब्सिडरी अलायंस इसके ऊपर इंपोज़ की तो थी

[07:03:34] लेकिन कई सारे नवाब जैसे कि शुजााउद्दौला

[07:03:37] इस अलायंस के बाद भी एक स्ट्रांग आर्मी

[07:03:40] मेंटेन करते थे। फ्रेंच ऑफिसर्स को हायर

[07:03:42] कर लेते थे। कंपनी काफी इरिटेट होती थी।

[07:03:45] 1801 में लॉर्ड वेलेजली आ चुके हैं। और उस

[07:03:49] समय पर सुजााउद्दौला के जो नेक्स्ट

[07:03:51] सक्सेसर थे सादत अली।

[07:03:54] सादत अली वाज़ हैविंग अ टफ टाइम इन

[07:03:57] मैनेजिंग दी स्टेट ऑफ अफेयर्स। उनकी

[07:04:00] सक्सेशन को चैलेंज किया जा रहा था। तो

[07:04:02] लॉर्ड वेलेसली ने इन्हें कहा कि आप आधा

[07:04:04] अवध की टेरिटरी हमें सीड कर दो और हमारे

[07:04:08] साथ सब्सिडरी अलायंस साइन कर लो। बदले में

[07:04:10] हम आपको गद्दी संभालने का मौका देंगे। हम

[07:04:13] आपको एश्योर करेंगे कि आप ही नवाब बने। तो

[07:04:16] सहादत अली मान गए और ब्रिटिश ऑफिसर्स यहां

[07:04:19] पर नवाब को हर मामले में एडवाइस करना शुरू

[07:04:22] कर देते हैं। बेसिकली डिक्टेट करना शुरू

[07:04:25] कर देते हैं। जिससे कि नवाब की

[07:04:26] इंडिपेंडेंस भी खत्म होनी शुरू हो जाती

[07:04:28] है। प्लस आप सब्सिडरी अलायंस के सिस्टम को

[07:04:30] ही देख लो। अगर यह नवाब है। ठीक है? इसको

[07:04:34] बस यह इंश्योर करना है कि ब्रिटिश जो हैं

[07:04:36] यह खुश रहें। अगर इंटरनल रिबेलियन होगा यह

[07:04:39] संभाल लेंगे। एक्सटर्नल रिबेलियन होगा। यह

[07:04:42] संभाल लेंगे। इनको पैसे चाहिए। मैं लोगों

[07:04:44] पर टैक्स डालूंगा। इन्हें मिलेगा। यह सब

[07:04:47] कुछ संभाल लेंगे। लोग टैक्स से दुखी हैं।

[07:04:49] रिबेल करते हैं। यह फिर इनको क्वाश कर

[07:04:51] देंगे। तो इस वजह से ना पॉलिटिकल डीमोरल

[07:04:54] मतलब पॉलिटिकल

[07:04:56] डीजनरेशन होनी शुरू हो गई थी भारत में।

[07:04:59] ठीक है? सो नवाब सादत अली इन्होंने ये जो

[07:05:02] कंडीशंस एक्सेप्ट की अवध की भी डीजनरेशन

[07:05:04] और मैल एडमिनिस्ट्रेशन होनी स्टार्ट हो

[07:05:06] गई। राइट? अब अवध के बारे में जब ब्रिटिश

[07:05:10] के मर्चेंट्स को पता लगा कि भाई यह तो

[07:05:12] बहुत ही पॉपुलस एरिया है तो इन्हें

[07:05:14] रियलाइज हुआ कि यार हम वहां पर मशीनें

[07:05:17] लगाकर बैठे हैं। इतनाइतना बल्क में

[07:05:19] मटेरियल प्रोड्यूस कर रहे हैं। अगर हमें

[07:05:22] मार्केट ना मिली ठीक है अगर हमें मार्केट

[07:05:25] ना मिली तो हम इसको बेचेंगे कहां पे? तो

[07:05:28] इन्होंने कहा कि मैनचेस्टर में बनने वाला

[07:05:30] कपड़ा और प्रोडक्ट्स जो हैं यह अवध में

[07:05:32] इसको बेचना शुरू करो। तो इसलिए अब ब्रिटिश

[07:05:35] को हो गया है कि भाई अवध को एनेक्स कर लो।

[07:05:38] राइट? अवध को एनेक्स कर लो। तो इसके लिए

[07:05:42] इन्होंने मेजर स्लीमैन और आउटरम को यहां

[07:05:45] पर रेजिडेंट के तौर पर भेजा। राइट? तो

[07:05:48] इन्होंने ना डॉक्यूमेंटेशन करनी शुरू कर

[07:05:50] दी कि अवध की एडमिनिस्ट्रेटिव सिचुएशन

[07:05:52] कैसी है। तो इन्होंने अगेन एग्जाजरेट किया

[07:05:54] मिस गवर्नेंस को। लेकिन एनेक्सेशन के

[07:05:57] मामले में स्लीमैन ने सजेस्ट किया कि

[07:05:59] एनेक्सेशन करने की जरूरत नहीं है। मेजर

[07:06:02] आउटरम ने कहा कि एनेक्सेशन कर लो। तो इट

[07:06:05] वाज़ ऑन दी बेसिस ऑफ नोट इट डाउन प्रीलिम्स

[07:06:07] का क्वेश्चन बनता है। इट वाज़ ऑन दी बेसिस

[07:06:09] ऑफ़ मेजर आउटरम्स रिपोर्ट दैट लॉर्ड डलहौजी

[07:06:12] जस्टिफाइड दी डायरेक्ट कंट्रोल ऑफ़ अवध। सो

[07:06:15] अव हां अवध वाज़ एनेक्स्ड ऑन दी

[07:06:18] प्रिटेक्स्ट ऑफ मैल एडमिनिस्ट्रेशन दैट

[07:06:21] वाज़ हाईलाइटेड बाय मेजर आउटरम्स।

[07:06:25] ठीक है? आउटरम ने बताया कि बहुत मैल

[07:06:27] एडमिनिस्ट्रेशन हो रही है। राइट? नवाब

[07:06:29] वाजिद अली शाह जो थे ही वास दी लास्ट

[07:06:32] इंडिपेंडेंट नवाब ऑफ अवध। राइट? और इसके

[07:06:35] बाद लॉर्ड डलहौजी ने अवध को एनेक्स कर

[07:06:38] लिया। ला नवाब वाजिद अली शाह वाज़ डिपोज्ड।

[07:06:41] और इनकी जो बेगम हजरत महल थी उनको पेंशन

[07:06:44] पेंशन पे रखा हुआ था कि बची हुई जिंदगी आप

[07:06:46] हमसे पेंशन लेकर अपनी गुजार लीजिए।

[07:06:49] रॉयल्टी है, रॉयल फैमिली की हैं। ठीक है?

[07:06:51] तो अच्छे से गुजार लीजिए। उसके बाद

[07:06:53] देखेंगे। राइट? और इसी बीच ना एक इंसिडेंट

[07:06:56] हुआ था। बेगम हजरत महल के साथ ना इंसिडेंट

[07:06:58] यह हुआ था दैट जो भी है अवध आपने ले लिया

[07:07:01] लेकिन एक तहजीब होती है। तो एक बार ना

[07:07:03] ब्रिटिश रेजिडेंट थे।

[07:07:06] ठीक है? हेनरी लॉरेंस।

[07:07:08] इफ आई एम नॉट रोंग। हम इसको रिवोल्ट ऑफ

[07:07:10] 1857 में एक बार रिचेक कर लेंगे। हेनरी

[07:07:13] लॉरेंस नाम के ना एक ब्रिटिश रेजिडेंट थे।

[07:07:15] इस आदमी ने एक कम्युनिकेशन लेकर जानी थी

[07:07:18] बेगम हजरत महल के पास। और यह बदतमीज आदमी

[07:07:21] ना मैडम के बेडरूम में घुस गया। है ना?

[07:07:24] अगर आप ऑफिशियल डॉक्यूमेंट कोई लेना चाहते

[07:07:26] हो। ठीक है? यह तो फिर लेडी हैं। अगर किसी

[07:07:29] जेंट्स के साथ भी करना है ना तो वेट करता

[07:07:31] है बंदा ड्राइंग रूम में कि नीचे आएंगे तब

[07:07:33] मैं हैंड ओवर करूंगा। यह ऊपर चला गया।

[07:07:36] राइट? और जब शयन कक्ष में पहुंचा बेगम

[07:07:38] हजरत महल को बहुत लगा कि यार ये क्या

[07:07:40] बदतमीजी है। तो एक्चुअली कई हिस्टोरियंस

[07:07:44] का मानना है कि हेनरी लॉरेंस ने जानबूझ के

[07:07:46] किया था बेगम हजरत महल को नीचा दिखाने के

[07:07:48] लिए। उनकी मोस्टी को खराब करने के लिए।

[07:07:51] राइट? तो इसका बदला जब 1857 के रिवोट में

[07:07:54] लखनऊ से बेगम हजरत महल रिव्ट को लीड करती

[07:07:57] हैं तो वहां से इन्होंने अपना बदला पूरा

[07:08:00] किया था। फिर ही वाज़ किल्ड। दिस रेजिडेंट

[07:08:02] वाज़ किल्ड। ठीक है? वाजिद अली शाह ही वाज़

[07:08:04] डिपोज्ड दैट खत्म। राइट? तो यहां पर

[07:08:08] बेसिकली पूरा का पूरा भारत अब अंग्रेजों

[07:08:11] के कदमों में है। द एंटायर इंडिया इज़ नाउ

[07:08:14] इनक्वेस्ट। अब कॉन्क्वेस्ट कर लिया।

[07:08:16] कॉक्वेस्ट करने के बाद इन्होंने ऐसा क्या

[07:08:18] किया कि स्यापा पड़ गया? हमें फाइट करना

[07:08:20] पड़ रहा है। तो यार यह थे लालची लोग। यह

[07:08:23] कर रहे थे ड्रेन ऑफ वेल्थ। ड्रेन ऑफ वेल्थ

[07:08:25] देखो हो कैसे रही थी? मान लो

[07:08:29] यह मेरा देश है। यह एरिया मेरा देश है। इस

[07:08:34] देश में अगर मैं कोई चीज प्रोड्यूस कर रहा

[07:08:36] हूं, वो इस एरिया के नेचुरल रिसोर्सेज को

[07:08:39] यूज़ करके कर रहा हूं। तो इसलिए अगर इस

[07:08:42] प्रोडक्ट को मैंने एक इस देश को बेचना है

[07:08:45] तो इस देश को बदले में मुझे कुछ तो देना

[07:08:47] पड़ेगा। या तो अपना कोई प्रोडक्ट दे

[07:08:50] जो तेरे देश के नेचुरल रिसोर्सेज को यूज़

[07:08:53] करके बनाया गया है। अगर नहीं दे सकता

[07:08:55] प्रोडक्ट तो पैसा दे। ठीक बात? इज दिस

[07:09:00] क्लियर?

[07:09:01] ब्रिटिश ने देखो क्या किया। मतलब दिल तो

[07:09:04] अंदर से ना लग दिल करता है इनको पूरे

[07:09:06] हेल्पिंग वर्ब सुनाएं। इन्होंने देखो क्या

[07:09:08] किया? अब आइडियली जब इतना सारा रॉ मटेरियल

[07:09:10] ये लेके जा रहे हैं इंग्लैंड में तो पैसा

[07:09:13] दो फिर या फिर कुछ और दो है ना पैसा दो

[07:09:16] नहीं तो कोई और प्रोडक्ट दो अपना इन्होंने

[07:09:19] क्या किया इन्होंने पॉलिटिकल पावर एक्वायर

[07:09:22] कर ली

[07:09:24] ठीक है इन्होंने पॉलिटिकल पावर एक्वायर कर

[07:09:26] ली इस पॉलिटिकल पावर के दम पे यहीं से

[07:09:30] हमसे टैक्स लेना शुरू कर दिया इस टैक्स से

[07:09:35] इन्होंने हमारा ही प्रोडक्ट खरीदना शुरू

[07:09:38] कर दिया और इस प्रोडक्ट को इंग्लैंड में

[07:09:41] ले जाते थे और ऐसा नहीं कि इंग्लैंड इस

[07:09:44] प्रोडक्ट के बदले पैसे नहीं दे रहा। पैसे

[07:09:46] दे रहा है लेकिन यह पैसा ईस्ट इंडिया

[07:09:49] कंपनी की जेब में जा रहा है। हमारे पास

[07:09:51] नहीं आ रहा। तो बिना कुछ अंदर आए हमारा यह

[07:09:55] प्रोडक्ट बाहर जाता जा रहा है। इस

[07:09:58] प्रोडक्ट को बनाने में हमारे नेचुरल

[07:09:59] रिसोर्सेज लगे हैं। वह बाहर जाते जा रहे

[07:10:02] हैं। क्या यह ड्रेन ऑफ वेल्थ है कि नहीं

[07:10:04] है?

[07:10:05] क्या ग्राउंड वाटर भारत का ग्राउंड वाटर

[07:10:08] हमारी वेल्थ का हिस्सा नहीं है? क्या

[07:10:11] हमारी मिट्टी के न्यूट्रिएंट्स हमारी

[07:10:12] वेल्थ का हिस्सा नहीं है? क्या हमारी धरती

[07:10:15] में मिलने वाले मिनरल्स हमारी वेल्थ का

[07:10:17] हिस्सा नहीं है? हर चीज हमारी धरोहर है।

[07:10:21] तो जब अंग्रेजों ने पॉलिटिकल पावर के नाम

[07:10:24] पर लगान वसूलना शुरू कर दिया। उसी लगान से

[07:10:27] मनमर्जी के दाम पर सस्ता सस्ता प्रोडक्ट

[07:10:30] खरीद रहे हैं। उसको इंग्लैंड में बेच रहे

[07:10:33] हैं। इंग्लैंड पैसे भी दे रहा है। मैं अगर

[07:10:35] मान लो इंग्लैंड का एक व्यापारी हूं। मुझे

[07:10:38] एक कपड़ा बनाना है। मुझे कपास खरीदना पड़

[07:10:40] रहा है। तो ईस्ट इंडिया कंपनी से मैं पैसे

[07:10:42] दे रहा हूं। पर इधर नहीं आ रहा वो ईस्ट

[07:10:44] इंडिया कंपनी की जेब में जा रहा है। तो

[07:10:46] इसी चीज को दादा भाई नौरोजी ने क्या कहा?

[07:10:49] ड्रेन ऑफ वेल्थ। अपनी किताब पॉवर्टी एंड

[07:10:52] अनब्रिटिश रूलिंग इंडिया के अंदर इन्होंने

[07:10:54] इस थ्योरी को एक्सप्लेन किया। ठीक है? और

[07:10:57] ये कैसे होती थी? ठीक है? ड्रेन ऑफ वेल्थ

[07:11:00] में राइट? आप ये समझ गए हैं कि एग्जैक्टली

[07:11:03] यहां पे क्या हो रहा है। सो इसमें और तो

[07:11:05] फर्दर क्या हम समझाएं और साथ ही साथ

[07:11:07] अंग्रेजों की जब एक बार अपने देश में

[07:11:09] इंडस्ट्रियलाइजेशन हो गई तो उनका फिर

[07:11:11] ऑब्जेक्टिव यह बन गया कि अब यहां से हम

[07:11:15] मशीन मेड गुड बना रहे हैं। ठीक है? मशीन

[07:11:17] मेड गुड बन रहे हैं। अगर भारत में लोग

[07:11:20] खादी का ही कुर्ता पहनते रहेंगे तो यह कौन

[07:11:23] खरीदेगा? तो ब्रिटिश के पास क्योंकि

[07:11:25] पॉलिटिकल पावर थी। उन्होंने खादी के

[07:11:28] कुर्ते के ऊपर टैक्स लगा दिया। ₹10 का

[07:11:31] खादी का कुर्ता जो था उसको ₹100 का बना

[07:11:34] दिया या ₹50 का बना दिया। टैक्स लगाकर

[07:11:37] इतना महंगा कर दिया। और जो शर्ट आ रही है

[07:11:39] वह आ रही है ₹15 की। अदरवाइज ये शर्ट खादी

[07:11:43] के गुर्दे से महंगी होती लोग खादी पहनते।

[07:11:45] लेकिन अब यह जानबूझकर सस्ती करवा दी गई

[07:11:48] है। ठीक है? तो हमारा रॉ मटेरियल तो गया।

[07:11:53] उसके बदले हमें कुछ नहीं मिला। ऑन टॉप ऑफ

[07:11:55] इट इनके मशीन मेड प्रोडक्ट्स जो इधर आ रहे

[07:11:59] हैं, इसका पैसा ईस्ट इंडिया कंपनी के जरिए

[07:12:02] इंग्लैंड में जाता जा रहा है। जा रहा है

[07:12:04] कि नहीं जा रहा? दिस वाज़ ड्रेन ऑफ वेल्थ

[07:12:07] एंड दिस वाज़ मरकेंटलिज्म। इसी को

[07:12:09] मरकेंटलिज्म कहते हैं। जब एक देश अपने

[07:12:12] एक्सपोर्ट्स ज्यादा रखने की कोशिश करता है

[07:12:14] इन कंपैरिजन टू एक्सपोर्ट्स। इन कंपैरिजन

[07:12:16] टू इंपोर्ट्स ताकि वेल्थ उसके कंट्री के

[07:12:18] अंदर आए, बाहर ना जाए। राइट? तो इन सारे

[07:12:22] षड्यंत्रों की वजह से भारत की

[07:12:24] डीइंडस्ट्रियलाइजेशन हो गई कि हमारी इवन

[07:12:26] जो कॉटेज इंडस्ट्री थी वो भी डिक्लाइन पर

[07:12:29] चली गई। अब मैं अगर 10-10 घंटे मेहनत करके

[07:12:32] खादी का कुर्ता बनाऊं कोई ले ही नहीं रहा।

[07:12:34] मैं क्यों बनाऊंगा? मैं बना ही नहीं

[07:12:36] पाऊंगा उसके एक पॉइंट के बाद। मैंने अपना

[07:12:39] मेहनत लगाया, श्रम लगाया, इनपुट लगाया ले

[07:12:41] ही नहीं रहा कोई। मेरे को आई विल गेट, आई

[07:12:44] विल हैव टू डिपेंड ऑन एग्रीकल्चर। और

[07:12:46] एग्रीकल्चर ऑलरेडी उसमें इतने सारे लोग

[07:12:48] काम कर रहे हैं। लगान अलग उन पर लगता है।

[07:12:51] ठीक है? इतना लगान है कि लोगों के पास

[07:12:52] खाने को कुछ नहीं है। मेरे जैसे आर्टिसंस

[07:12:56] क्योंकि टैक्स इतना ज्यादा लगता जा रहा है

[07:12:58] कॉटेज प्रोडक्ट्स के ऊपर कि मुझे

[07:12:59] एग्रीकल्चर में जाना पड़ रहा है। तो

[07:13:01] एग्रीकल्चर की जो नेट आउटपुट है पर बंदा

[07:13:04] वो मिनिमल हो गई है। और अगर एग्रीकल्चर

[07:13:07] में मान लो इतना सा सिर्फ एरिया है जो

[07:13:11] लोगों को कहा है कि बस इतना सा एरिया जो

[07:13:12] है यहां पर तुम अपने खाने के लिए स्टेबल

[07:13:16] फूड क्रॉप्स उगा सकते हो। बाकी टैक्स है

[07:13:19] और इतने से एरिया में जो

[07:13:20] डीइंडस्ट्रियलाइज्ड लोग अर्बन एरिया से आ

[07:13:22] रहे हैं वो भी आ गए और पहले से ही इतना

[07:13:25] बड़ा हुजूम बैठा है यहां पर खेती करने के

[07:13:27] लिए तो यहां पे भुखमरी की सिचुएशन आएगी कि

[07:13:31] नहीं आएगी फेमिन जो होता है ना फेमिन

[07:13:34] भुखमरी को कहते हैं भुखमरी के दो तरीके

[07:13:37] हैं। एक तो भगवान कभी ना करे ऐसी सिचुएशन

[07:13:40] आए। एक होता है अकाल पड़ने की वजह से कि

[07:13:42] बारिशें हो गई, फ्लड हो गया, क्रॉप खराब

[07:13:45] हो गई। लोगों के पास खाने को कुछ नहीं है।

[07:13:47] और दूसरी कंडीशन है सब कुछ ठीक है लेकिन

[07:13:49] जानबूझकर तुमसे या तो बहुत थोड़े से

[07:13:52] हिस्से में तुमसे अपने गुजारे के लिए

[07:13:54] सस्टेन करने के लिए फूड उगवाया है या फिर

[07:13:57] बाकी हिस्से में कैश क्रॉप्स को उगवाया

[07:13:59] है। कपास थोड़ी ना खाओगे दाल में मिक्स

[07:14:01] करके। तो इन सारी चीजों की वजह से बंगाल

[07:14:05] जैसे इतने अमीर प्रांत जहां पर मगध जैसे

[07:14:07] एंपायर बने थे उधर

[07:14:11] फेमिनंस आने स्टार्ट हो गए। ठीक है? तो

[07:14:15] हमारे जो अर्ली मॉडरेट लीडर्स बने थे

[07:14:18] कांग्रेस के। ठीक है? ये मैं आगे अभी

[07:14:20] कांग्रेस की अभी करनी है फाउंडेशन। लेकिन

[07:14:22] उन्होंने ना काफी सारे वर्क्स शुरू कर

[07:14:23] दिए। जैसे विलियम डिगबी इन्होंने

[07:14:26] प्रोस्परस ब्रिटिश इंडिया में इसको

[07:14:27] एक्सप्लेन की है। ठीक है? ये बुक्स और

[07:14:30] उनके ऑथर्स का नाम याद रखिएगा प्लीज। ठीक

[07:14:32] है? ब्रिटिश के लोग भी क्रिटिसाइज करते थे

[07:14:34] क्योंकि बहुत से ब्रिटिश मर्चेंट्स को

[07:14:36] लगता था कि थोड़ा लिबरलाइज पॉलिसी होनी

[07:14:38] चाहिए। विलियम डिगबी ने लिखा था प्रोस्परस

[07:14:41] ब्रिटिश इंडिया। जीएस अय्यर ने लिखी थी सम

[07:14:43] इकोनमिक आस्पेक्ट्स ऑफ ब्रिटिश रूल इन

[07:14:45] इंडिया। दिस वाज एक्सप्लेन ड्रेन ऑफ

[07:14:46] वेल्थ। वो भी एक्सप्लेन हुई थी। आरसी दत्त

[07:14:48] ने इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया को लिखा

[07:14:51] और पावर्टी एंड अनब्रिटिश रूल वाज़ रिटन

[07:14:53] बाय दादा भाई नौरोजी। और एक और किताब थी

[07:14:55] इनकी द पावर्टी ऑफ़ इंडिया। ठीक है? अब

[07:14:59] प्रीलिम्स के पॉइंट ऑफ व्यू से रिमेंबर

[07:15:01] दिस फैक्ट। हु इज़ नोन ऐज़ दी फादर ऑफ

[07:15:03] इंडियन इकोनॉमिक्स? महादेव गोविंद रानाडे।

[07:15:06] ठीक है? इनको फादर ऑफ इंडियन इकोनॉमिक्स

[07:15:08] कहा जाता है। रानाडे जी का मानना है कि

[07:15:10] भारत का जो एग्रीकल्चर के ऊपर Reliance है

[07:15:12] एक्सेसिव Reliance दिस इज़ द रूट कॉज ऑफ़

[07:15:14] प्रॉब्लम। तो हमें इंडस्ट्री को

[07:15:16] प्रायोरिटाइज करना पड़ेगा और एग्रीकल्चर के

[07:15:19] ऊपर कॉमर्स को प्रायोरिटाइज करना पड़ेगा।

[07:15:21] सिर्फ कृषि प्रधान होकर हम तरक्की नहीं कर

[07:15:23] पाएंगे। राइट?

[07:15:25] तो इनका कहना था कि

[07:15:28] एव्री नेशन वि डिजायर्स इकोनॉमिकल एडवांस

[07:15:32] हैस टू टेक केयर दैट इट्स अर्बन पॉपुलेशन

[07:15:34] बियर्स एन इंक्रीजिंग रेशियो टू इट्स रूरल

[07:15:36] मासेस विद एव्री एडवांस इट सी्स टू मेक

[07:15:40] मतलब धीरे-धीरे अर्बन पॉपुलेशन का इंक्रीस

[07:15:42] होना चाहिए। ठीक है? और एक रेट्रोग्रेड

[07:15:45] मूवमेंट इन्होंने एक टर्म कॉइन की थी

[07:15:47] जिसके अनुसार 1871 से 1891 में नंबर ऑफ

[07:15:51] लेबरर्स इनवॉल्वड इन एग्रीकल्चर इंक्रीज्ड

[07:15:53] फ्रॉम 56 टू 66% समझ रहे हो ये

[07:15:56] डीइंडस्ट्रियलाइजेशन की जो एग्जांपल दी ना

[07:15:58] कि मैं कारीगर था कारपेट्स बनाता था लेकिन

[07:16:01] कारपेट्स किनको देता था राज रजवाड़ों को

[07:16:03] वो राज रजवाड़े भी नहीं रहे मेरा काम भी

[07:16:05] खत्म मैं चला गया एग्रीकल्चर करने जहां पे

[07:16:07] पहले ही इतना बर्डन है तो अगर तरक्की करनी

[07:16:10] है तो एग्रीकल्चर पे डिपेंडेंस धीरे-धीरे

[07:16:13] कम करनी करनी पड़ेगी। लेकिन 1871 से 1891

[07:16:17] के बीच में 10% पॉपुलेशन एग्रीकल्चर की

[07:16:19] बढ़ गई जो एग्रीकल्चर पे डिपेंडेंट है। यह

[07:16:23] एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम आ गई थी। ठीक है?

[07:16:25] और इसका स्यापा करने के लिए अगर कोई कसर

[07:16:28] बची ना हो ड्रेन ऑफ वेल्थ की तो इसका

[07:16:30] स्यापा करने के लिए अंग्रेजों ने रेवेन्यू

[07:16:32] सेटलमेंट्स को स्टार्ट कर दिया। ठीक है?

[07:16:33] तो मैं सीधा पॉइंट की बात करता हूं

[07:16:35] रेवेन्यू सेटलमेंट की। तो देखो यार कंपनी

[07:16:39] ने क्या किया? कंपनी को ना किसी से कोई

[07:16:42] सरोकार नहीं था। आज की डेट में अगर कोई

[07:16:44] सरकार टैक्स कलेक्ट करती है हमसे तो यह

[07:16:46] सारे काम होते हैं हां या ना? बताओ कमेंट

[07:16:49] सेक्शन में सब जने। अगर सरकार टैक्स

[07:16:52] कलेक्ट करती है तो ये सारे काम होते हैं।

[07:16:54] ठीक है? गुड गवर्नेंस होती है। लॉ एंड

[07:16:56] ऑर्डर मेंटेन होता है। इंफ्रास्ट्रक्चर

[07:16:58] डेवलप होता है। हमारी जवान सेना पर हमारा

[07:17:01] ध्यान रखते हैं। और कहीं ना कहीं जिनको आप

[07:17:04] कई बार रेवड़ी स्कीम कह देते हो। ऐसा

[07:17:05] जरूरी नहीं कि हर स्कीम वैसी होती है। कुछ

[07:17:07] सब्सिडीज के जरिए रिस्ट्रीब्यूशन भी होती

[07:17:10] है वेल्थ की। ठीक है? लेकिन अंग्रेजों ने

[07:17:12] टैक्स कलेक्ट किए अपने इंपोर्ट्स को, अपने

[07:17:16] एक्सपोर्ट्स को फाइनेंस करने के लिए।

[07:17:18] व्हाट डू यू मीन बाय फाइनेंसिंग

[07:17:19] एक्सपोर्ट? फाइनेंसिंग एक्सपोर्ट मतलब कि

[07:17:22] अगर यह

[07:17:25] फाइनेंसिंग एक्सपोर्ट मतलब कि अगर यह

[07:17:27] प्रोडक्ट है, इसको मैंने एक्सपोर्ट करना

[07:17:30] है और यह एक्सपोर्ट करने से मुझे पैसा

[07:17:33] मिलेगा। तो, मुझे कुछ इनपुट कॉस्ट भी देनी

[07:17:36] पड़ेगी। यह इनपुट कॉस्ट को कवर करने के

[07:17:40] लिए अंग्रेजों ने टैक्स लगाए थे। दिस इज

[07:17:42] कॉल्ड फाइनेंसिंग द एक्सपोर्ट। ठीक है?

[07:17:44] गाड़ी फाइनेंस करने को क्या कहते हैं? कि

[07:17:46] गाड़ी खरीदनी है। ठीक है? तो गाड़ी खरीदने

[07:17:49] के लिए या तो अपना पैसा दो या फिर किसी

[07:17:51] बैंक से लोन लो। ठीक है? तो ये फाइनेंस हो

[07:17:54] गई। गाड़ी मिल गई आपको। तो ये एक्सपोर्ट

[07:17:56] का कंट्रोल लेने के लिए ताकि हम पैसा

[07:17:58] मुनाफा मिल सके। इन्होंने टैक्स लगाने

[07:18:00] शुरू कर दिए। जस्ट इमेजिन हमारी इंडियन

[07:18:02] गवर्नमेंट अगर ऐसा करना शुरू कर दे इस

[07:18:04] वक्त कितनी कितनी गलत बात हो जाएगी। है

[07:18:06] ना? कि हमारे ही टैक्स के पैसे से हमसे ही

[07:18:09] चीजें खरीदने जो बाहर बेच सकें। है ना?

[07:18:12] बड़ी बहुत बड़ी गड़बड़ की बात हो जाएगी।

[07:18:14] राइट? तो अंग्रेजों ने लेकिन यही किया।

[07:18:17] ठीक है? अंग्रेजों ने यही किया। तो अब

[07:18:19] क्या हुआ कि ब्रिटिश के जो जिस तरीके से

[07:18:22] मोडस ऑपरेंडी था तो इसमें ना इन्होंने

[07:18:24] क्या किया? इनके पास बैटल ऑफ बक्सर के बाद

[07:18:28] इन्होंने शाह आलम टू को इलाहाबाद और कोहरा

[07:18:31] देके दीवानी के अधिकार दे दिए थे। याद है

[07:18:34] आपको? तो आज ही अभी बताया।

[07:18:38] हां जी एवरीवन।

[07:18:41] ब्रिटिश ने बैटल ऑफ बक्सर के बाद सेकंड

[07:18:45] ट्रीटी ऑफ इलाहाबाद के तहत

[07:18:52] शाह आलम टू को इलाहाबाद कोहरा देकर दीवानी

[07:18:55] का अधिकार ले लिया। और इनसे जब हमने यह

[07:18:59] बात आपके साथ की कि नवाब बन क्यों नहीं गए

[07:19:01] डायरेक्टली? तो उसका एक मैंने आर्गुमेंट

[07:19:04] दिया था।

[07:19:06] नवाब बनने के लिए इनके पास मैन पावर और

[07:19:08] समझ दोनों नहीं थी। ठीक है? भारत को समझते

[07:19:11] नहीं थे। मैन पावर के ऊपर पैसा खर्च करने

[07:19:13] में इंटरेस्टेड थे नहीं ये। सो

[07:19:15] कॉन्सिक्वेंटली हमने देखा कि इन्होंने

[07:19:17] नायब सूबेदार लगा रखा है। उसी तरह से अकल

[07:19:21] तो इनको दीवानी की भी नहीं थी। रेवेन्यू

[07:19:24] कलेक्ट करने की भी अकल कहां थी? यह तो

[07:19:26] सिर्फ पैसे में इंटरेस्टेड थे। कलेक्ट

[07:19:27] करना नहीं आता था। तो इन्होंने क्या किया?

[07:19:30] इन्होंने नायब दीवान को अपॉइंट करना शुरू

[07:19:33] कर दिया कि तू इतनी देर से यहां पर

[07:19:35] अकाउंट्स को संभालता है। काफी सारी

[07:19:37] इंफॉर्मेशन तेरे पास है। तो तू हमारे लिए

[07:19:40] रेवेन्यू कलेक्ट कर जैसे तू पहले नवाब के

[07:19:43] लिए करता था। बस डिफरेंस इतना है कि नवाब

[07:19:45] का गुजारा थोड़े बहुत रेवेन्यू में हो

[07:19:47] जाता था। हम बिजनेसमैन लोग हैं, अंग्रेज

[07:19:49] हैं। इंग्लैंड से आए हैं, लंदन रिटर्न है।

[07:19:51] वी वांट मोर मनी।

[07:19:54] तो इस चीज को एग्जीक्यूट करने के लिए

[07:19:57] इन्होंने दो नमूनों को बिठा दिया।

[07:20:00] यह नमूने कौन थे? मोहम्मद रजा खान। यह

[07:20:03] नायब दीवान ऑफ बंगाल थे। राइट? बंगाल पूरे

[07:20:07] सूबे में जो बंगाल वाला रीजन है बंगाल

[07:20:08] बांग्लादेश का। तो ये वहां के नायब दीवान

[07:20:11] थे। और राजा सीतब रॉय ही वाज़ द नायब दीवान

[07:20:13] ऑफ बिहार। इनको एक ही मैंडेट दिया था। कुछ

[07:20:17] भी कर बहुत हाई रेवेन्यू लेकर आ। जब तक

[07:20:20] लाता रहेगा कुर्सी तेरी। राइट? तो

[07:20:24] इन्होंने इतना हाई मतलब अंग्रेजों अंग्रेज

[07:20:28] भी बेवकूफ थे। उनको लगा था कि शायद ये

[07:20:30] थोड़ी इरीगेशनल फैसिलिटीज इंप्रूव करेंगे।

[07:20:33] शायद ये कुछ स्कीम लगाएंगे जिससे कि किसान

[07:20:35] ज्यादा लगान दें। लेकिन ये भूल गए ब्रिटिश

[07:20:38] दीज़ आर इंडियंस। इनको नहीं मतलब इनको

[07:20:41] इरीगेशन इंसेंटिव इंसेंटिव कुछ नहीं समझ

[07:20:43] आता। ये पकड़ के किसानों को पीटना शुरू कर

[07:20:46] दिया इन्होंने। किसी किसान के बालों को

[07:20:48] गाय या बैल की पूंछ के साथ बांध दिया

[07:20:50] इंसल्ट करने के लिए कि लगान दे लगा दे। तो

[07:20:53] इन दोनों के दीवानी

[07:20:55] के समय पर इन दोनों के नायब दीवान होने के

[07:20:58] समय पर बंगाल के पेजेंट्स को वर्स्ट काइंड

[07:21:00] ऑफ एग्जैक्शंस का सामना करना पड़ा। इतना

[07:21:03] भयंकर तरीके से किसी ने आज तक एग्जैक्ट

[07:21:06] नहीं की थी। अब इस तरह से अगर मैं किसान

[07:21:08] हूं मुझे पता लग जाए कि भाई सीताब रॉय की

[07:21:11] सेना आ रही है लगान वसूलने। मैं भाग

[07:21:13] जाऊंगा वहां से कि भूखा मर जाऊंगा इसके

[07:21:17] ऐसी जिल्लत झेलने से तो अच्छा कुछ और कर

[07:21:19] लूं। तो अब देखो कितनी बुरी कंडीशन हो गई

[07:21:21] है बंगाल की कि कितने सारे कारीगर अपना

[07:21:24] काम गवा चुके हैं। वो गांव की तरफ आ रहे

[07:21:27] हैं ताकि खेती करके गुजारा कर सकें और

[07:21:30] गांव में आकर पता लग रहा है कि इस तरह का

[07:21:32] सिस्टम में किसान की इतनी एक्सप्लइटेशन हो

[07:21:35] रही है कि उसको खेत छोड़ के भागना पड़ रहा

[07:21:37] है। है ना? यही करूंगा ना कि अगर सब कुछ

[07:21:39] होने के बाद भी मुझसे कुछ नहीं हो रहा तो

[07:21:41] तू ही कर ले। तू ही चला ले खेत। कर ले

[07:21:43] खेती। तेरे से ज्यादा कलेक्शन हो जाता तो

[07:21:46] कर ले। जितना तू डिमांड कर रहा है एक बार

[07:21:48] बैठ के देख खेत में लग जाएगा पता तो वही

[07:21:51] हुआ कितने सारे प्रेजेंट्स उन्होंने जमीन

[07:21:54] को भी छोड़ दिया अब किसान के पास ना

[07:21:57] कारीगरी का काम है ना जमीन का काम है तो

[07:22:00] क्या होगा फिर वो इनमें से कुछ लोग लूटपाट

[07:22:04] करनी शुरू कर देंगे ठीक है कि जो दूसरे

[07:22:07] व्यापारी हैं या कंपनी का ही जो माल आता

[07:22:09] है उसकी लूटपाट करके अपना गुजारा करने की

[07:22:12] कोशिश करेंगे और जो यह लूटपाट करने का भी

[07:22:15] टैलेंट जिनमें नहीं ने वो सब के सब 1769

[07:22:19] से 1770 के टाइम पर भूखे मरे थे। इतना

[07:22:23] ज्यादा कि 1770 में जब बंगाल में फेमिन

[07:22:26] आया था 1/3 पपुलेशन जो थी राइट? 1/3

[07:22:30] पपुलेशन ये वाइप आउट हो गई बंगाल की।

[07:22:33] लेकिन हैरानी की बात देखो। लोग 1/3 मर गए।

[07:22:36] लेकिन कंपनी के रेवेन्यूस में बहुत ज्यादा

[07:22:38] डिप नहीं आया। उसके बावजूद भी कंपनी का

[07:22:40] रेवेन्यू मतलब ठीक-ठाक सेटिस्फेक्टली

[07:22:43] कलेक्ट हो गया। यह हाल था।

[07:22:46] राइट? आपके मन में गुस्सा आ रहा है कि

[07:22:48] नहीं आ रहा? बिकॉज़ रिव्ट ऑफ 1857 ऐसे ही

[07:22:50] स्टार्ट होगा। मन में गुस्सा लाना पड़ेगा।

[07:22:53] ठीक है? मन में गुस्सा लाना पड़ेगा। तो

[07:22:55] [नाक से की जाने वाली आवाज़] बंगाल का जो

[07:22:56] ये जो फेमिन था उस समय पर बंगाल का गवर्नर

[07:22:58] कौन था? जॉन कार्टियर।

[07:23:01] जॉन कार्टियर वाज़ दी गवर्नर ऑफ बंगाल एट

[07:23:03] दैट टाइम इन 1769 टू 1770। ठीक है?

[07:23:07] ब्रिटेन में क्या हुआ कि जो ब्रिटेन के

[07:23:10] मर्चेंट्स ईस्ट इंडिया कंपनी से वैसे जलते

[07:23:12] थे कि इनको मोनोपोली क्यों दी हुई है?

[07:23:14] व्यापार तो हम भी कर सकते हैं। यह कोठियां

[07:23:16] बना रहे हैं। अपनी 40-400 किराया उनका आ

[07:23:18] रहा है। हमें भी मौका दो। हम भी पैसे

[07:23:20] कमाएं। तो यह क्या करते थे? ब्रिटिश

[07:23:23] पार्लियामेंट को फोर्स करते थे कि इनकी

[07:23:24] मोनोपोली हटाओ। ब्रिटिश पार्लियामेंट भी

[07:23:26] काफी देर तक इसने हटाई नहीं। तो जब बंगाल

[07:23:30] में फेमिन हुआ लंदन में पता लग गया कि

[07:23:32] ईस्ट इंडिया कंपनी कुछ तो ऐसा कर रही है

[07:23:34] कि 1/3 पॉपुलेशन उस जगह की इन्होंने उड़ा

[07:23:37] दी। तो इस चीज को ब्रिटिश पार्लियामेंट

[07:23:39] में लेंथ एंड ब्रेड्थ में डिस्कस किया गया

[07:23:41] कि ईस्ट इंडिया कंपनी कर क्या रही है वहां

[07:23:43] पर। तो इसके चलते क्या हुआ कि ईस्ट इंडिया

[07:23:46] कंपनी ने बड़ी ही चालाकी से सारा का सारा

[07:23:49] जो जिम्मा है वो किन पर दे दिया? कहा कि

[07:23:52] इन नायब दीवानों को कुछ नहीं आता।

[07:23:54] नेटिवर्स अनपढ़ गवार हैं यहां के। हमें

[07:23:57] लगा था यह कलेक्ट कर लेंगे। इनसे हुआ

[07:23:58] नहीं। जबकि इन्होंने अच्छा कलेक्ट करके

[07:24:00] दिया क्योंकि है ना? तो यहां पर फिर क्या

[07:24:04] हुआ? अ

[07:24:07] नैतिक आधारों पर ये जॉन कार्टियर को यू नो

[07:24:10] एक पॉइंट के बाद फिर अपनी गवर्नरशिप से

[07:24:12] उतरना पड़ा। उसकी जगह वारेन हेस्टिंग्स को

[07:24:14] भेजा। ठीक है? वारेन हेस्टिंग्स को भेजा।

[07:24:17] तो यहां पर वारेन हेस्टिंग्स ने एक नया

[07:24:19] सिस्टम स्टार्ट किया। इसने कहा कि

[07:24:22] हम एक ऐसा फार्मिंग सिस्टम इन्वेंट कर रहे

[07:24:25] हैं जहां पर ये जो पार्सल्स ऑफ लैंड है,

[07:24:27] यह पार्सल्स ऑफ लैंड ऑक्शन किए जाएंगे।

[07:24:31] ठीक है? यह मतलब आप यह पार्सल्स ऑफ लैंड

[07:24:33] ले सकते हो। जैसे आपने ऑक्शन किया तो मतलब

[07:24:35] फिर आप बड डालोगे कि इससे 1 करोड़ का

[07:24:38] रेवेन्यू मैं निकालूंगा। तो जो सबसे

[07:24:40] ज्यादा बड देगा ये पार्सल ऑफ लैंड उसका और

[07:24:42] फिर जितना आपने बोला है उतना रेवेन्यू

[07:24:44] लाना भी पड़ेगा। ठीक है? और ये सेटलमेंट

[07:24:46] होती थी 5 साल की कि जैसे 5 साल में मैं 2

[07:24:50] करोड़ का रेवेन्यू दूंगा। एग्जांपल। ठीक

[07:24:53] है? तो अब क्योंकि 5 साल की बात है। मुझे

[07:24:55] होता था कि अभी अभी तो लैंड लो कैसे भी

[07:24:58] करके लैंड ले लिया। ठीक है? अब हुआ यह कि

[07:25:03] पहले साल आ गया रेवेन्यू। ठीक है?

[07:25:08] पहले साल रेवेन्यू आ गया 25 लाख। दूसरे

[07:25:12] साल आ गया 35 लाख। तीसरे साल आ गया 30

[07:25:16] लाख। ठीक है? अब 2 करोड़ मैंने बोला हुआ

[07:25:19] है। यह तो मेरा कितना है? यह तो मुश्किल

[07:25:21] से 60 लाख हुआ। ठीक है? ये 90 लाख हो गया।

[07:25:25] ठीक है? उसके बाद फिर 25-25 ही चल रहा है।

[07:25:27] मतलब 5 करोड़ हो नहीं पाता था। लेकिन

[07:25:29] क्योंकि सिस्टम ऐसा था कि हाईएस्ट बड देने

[07:25:32] वाले को लैंड पार्सल मिल जाता था। तो इस

[07:25:34] वजह से वही काम चल रहा है यहां पर कि लोग

[07:25:36] बस बोल ही डाल देते थे। आज की डेट में ना

[07:25:39] देखो सरकारी तंत्र में ना ये एक बहुत बड़ा

[07:25:42] ड्रॉबैक मानता हूं मैं इस चीज का कि सरकार

[07:25:44] के ना यह सोचने वाली बात है कि ठीक है

[07:25:46] गवर्नमेंट को पैसा बचाना चाहिए। लेकिन ना

[07:25:48] बडिंग सिस्टम हमारे कंट्री का बहुत ही

[07:25:51] मतलब मेस्ड अप है।

[07:25:53] सड़क बनानी है कॉन्ट्रैक्ट निकलेगा। बड

[07:25:56] डलेगी। जो सबसे कम बड देगा उसको वह

[07:25:58] कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा। तो यार हाउ कैन यू

[07:26:00] एक्सपेक्ट अ गुड क्वालिटी रोड? क्योंकि बड

[07:26:03] डालने वाले को क्या है? कॉन्ट्रैक्टर को

[07:26:06] कॉन्ट्रैक्ट चाहिए तभी उसका पैसा बनेगा और

[07:26:08] अगर वो सबसे कम बिड डाल रहा है कहीं ना

[07:26:10] कहीं से काट के देगा। उस पे भी कितने

[07:26:13] लोगों का हिस्सा होता है तो आप खुद सोच लो

[07:26:15] सड़क किस तरह की होगी। तो यार यह सिस्टम

[07:26:17] ना मुझे पर्सनली ऐसा लगता है दिस नीड्स टू

[07:26:20] चेंज।

[07:26:21] एक ईम करके मार्केट प्लेस बनी है। सरकार

[07:26:25] के अंदर ना वह ईम के ऊपर बड डलती है। जैसे

[07:26:28] विp्रो है। विp्रो अपनी कोई सस्ती सी

[07:26:30] ट्यूबलाइट्स जो है नॉर्मल मार्केट में

[07:26:32] अच्छी क्वालिटी की ट्यूबलाइट मिलेगी।

[07:26:34] क्योंकि आम कंज्यूमर ना ₹50 एक्स्ट्रा

[07:26:38] खर्च कर लेगा। लेकिन उसको ट्यूबलाइट ऑन

[07:26:40] करने पे अंधेरा नहीं चाहिए। और वर्स

[07:26:42] ट्यूबलाइट ऑन करने पे यह नहीं होनी चाहिए

[07:26:43] कि शोले गिरे ऊपर से। ट्यूबलाइट को आग लग

[07:26:46] गई। लेकिन सरकार में क्योंकि लो मतलब

[07:26:48] लोएस्ट अमाउंट वाला मटेरियल को एक्सेप्ट

[07:26:51] करते हैं। तो मैं आपको फर्स्ट हैंड

[07:26:54] एक्सपीरियंस से बता रहा हूं। रेलवे में ना

[07:26:57] मैं एनर्जी ऑडिटर का काम कर चुका हूं। तो

[07:26:59] वहां पर यार मैंने देखा है इतना बुरा हाल

[07:27:02] है कि इस लोएस्ट बड के चक्कर में ना

[07:27:04] ऐसी-ऐसी ट्यूबलाइटें हैं जो बस ना दिख रही

[07:27:07] हैं। मतलब वो रोशनी नहीं दे रही। वो नजर आ

[07:27:09] रही हैं बस। यह हाल है। और अभी एलईडी

[07:27:12] बैटल्स आई हैं। इतनी घटिया क्वालिटी के

[07:27:15] पूछो मत।

[07:27:16] यह प्रॉब्लम है। यह एक बहुत बड़ा दिस इज अ

[07:27:19] वेरी बिगेस्ट फ्लॉ इन दिस बिल्डिंग

[07:27:21] सिस्टम। और मैं यह हैरान हूं अब 12 साल से

[07:27:25] तो

[07:27:27] एक अलग गवर्नमेंट फॉरवर्ड लुकिंग

[07:27:29] गवर्नमेंट है। यह सिस्टम क्यों नहीं चेंज

[07:27:31] कर पा रहे हैं हम?

[07:27:33] यह सोचने वाली बात है। और अगर यह हुआ है

[07:27:35] प्लीज यार आई वुड बी आई वुड लाइक टू नो

[07:27:37] मोर अबाउट इट। तो मुझे कमेंट सेक्शन में

[07:27:39] कोई वीडियो का लिंक या कुछ बताना जहां पे

[07:27:41] पता लगे कि इस सिस्टम को चेंज हम कर रहे

[07:27:43] हैं। मुझे तो नहीं दिखा। ग्राउंड रियलिटी

[07:27:45] यही है कि अभी भी सड़क, ब्रिज कुछ भी

[07:27:47] बनाना हो उसमें लोएस्ट बड वाले को मिलता

[07:27:49] जा रहा है।

[07:27:51] ठीक है? यह दिक्कत है यार। चलिए आगे चलते

[07:27:54] हैं। तो इसमें ना मैक्सिमम रेवेन्यू

[07:27:57] एक्सटोर्ट करना क्योंकि कंडीशन थी तो 5

[07:28:00] साल की सेटलमेंट करनी शुरू कर दी। अब

[07:28:01] कंपनी के साथ क्या होता था कि पहले 2 साल

[07:28:04] में अब कंपनी के तो अरमान है ना 2 करोड़

[07:28:06] आएगा। पैसा ही पैसा होगा। अब 4 साल में

[07:28:09] इनके पास आया 1 करोड़ 20 लाख। तो पांचव

[07:28:12] साल पे यह ऐसे मुंह खोल के बैठे हैं कि

[07:28:15] भाई अब 80 लाख आएगा तो 80 लाख नहीं आता

[07:28:18] था। वह वही 30-40 लाख आता था। तो मतलब

[07:28:20] टारगेट शॉर्ट होते थे। तो इसके चलते कंपनी

[07:28:24] को लगा कि यार ये 5 साल का सिस्टम ना शायद

[07:28:26] सिस्टम ही गलत है। हमें 5 साल की जगह ना

[07:28:28] एक साल की सेटलमेंट रखनी चाहिए। इट माइट

[07:28:30] बी मोर रियलिस्टिक। ठीक है? तो क्योंकि

[07:28:32] प्रोडक्शन डिक्लाइंड इन लेटर इयर्स। तो ये

[07:28:34] सिस्टम को ये जो वारेन हैस्टिंग ने सिस्टम

[07:28:37] इंट्रोड्यूस किया था ना रेवेन्यू फार्मिंग

[07:28:38] का दिस वाज़ कॉल्ड एज पंचशाला बंदोबस्त।

[07:28:41] ठीक है? आप अपने कान बंद करके सुनोगे ना

[07:28:43] पंचसाला बंदोबस्त तो कुछ और लगता है बट आई

[07:28:47] एक्सप्लेन यू व्हाट इट इज राइट और सालाना

[07:28:50] बंदोबस्त ठीक है तो पंचसाला बंदोबस्त

[07:28:52] क्योंकि काम नहीं किया तो सालाना बंदोबस्त

[07:28:54] पे ये आ गए तो इसमें क्या था कि भाई

[07:28:57] फार्मर्स की ऑपरेशन अभी भी हो रही है।

[07:28:59] करप्शन अभी भी हो रही है। प्रोडक्शन लेटर

[07:29:02] इयर्स में डिक्लाइन हो रही है। और वारेन

[07:29:05] हस्टिंग्स के ऊपर एलगेशन थी कि इसने भाई

[07:29:08] ने अपने नौकरों के नाम पर खुद भी बिड डाल

[07:29:10] दी। तो यह करता क्या था कि बड डाल दी तो

[07:29:14] लैंड पार्सल इसको मिल गया। ठीक है? लैंड

[07:29:16] पार्सल में अब यह जैसे 1 करोड़ इसको

[07:29:18] रेवेन्यू मिल रहा है। तो ईस्ट इंडिया

[07:29:20] कंपनी को टैक्स की फॉर्म में यह देता होगा

[07:29:22] 70 लाख। और क्योंकि खुद गवर्नर है तो जाने

[07:29:25] दो इग्नोर। है ना? यह करप्शन हो रही थी।

[07:29:28] तो वारेन हैस्टिंग्स के ऊपर इस चीज के

[07:29:29] करप्शनंस

[07:29:31] लगे थे। राइट? सो अब क्या है कि एक इस तरह

[07:29:35] के सिस्टम की वजह से एक ऐसे टाइम पर जब

[07:29:37] कंपनी एक्सपेंशनरी मोड में है वॉर्स में

[07:29:39] जा रही है तो कलेक्शन जो थी रेवेन्यू की

[07:29:41] बहुत उतार-चढ़ाव आते थे उसमें कि बारिश

[07:29:43] अच्छी हो गई बहुत बढ़िया कलेक्शन बारिश कम

[07:29:45] हो गई तो खत्म है सब कुछ ठीक है फिर संधि

[07:29:47] करो 1769 करो है ना वो ब्रिटिश बड़ा

[07:29:51] परेशान हो गए थे इससे तो इसमें ये चाहते

[07:29:53] थे कि हमें ना हमें क्या चाहिए हमें

[07:29:56] फिक्स्ड इनकम चाहिए कि हमें पता हो कि इस

[07:29:58] साल इतना पैसा तो आएगा ही आएगा और दूसरा

[07:30:01] हम चाहते हैं कि जो किसान है जिनको रयत

[07:30:03] कहा जाता है किसान वर कॉल्ड एज रयत राइट

[07:30:06] उनको भी मोटिवेशन मिलनी चाहिए कि वो अपनी

[07:30:08] एग्रीकल्चर प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं बढ़ाएं

[07:30:11] ताकि हम पैसा कमा सकें राइट तो ये इनके

[07:30:14] दिमाग में चीज चल रही थी। अब इस चीज को

[07:30:17] ध्यान में रखते हुए

[07:30:19] 1786 में विलियम पिट इंग्लैंड के प्राइम

[07:30:23] मिनिस्टर थे और पिट्स इंडिया एक्ट वो ले

[07:30:27] आए थे। वह कह उन्होंने कहा कि यार यह ना

[07:30:29] चीजें इन बाकी बच्चों से ठीक नहीं होगी।

[07:30:32] यह कॉर्न वॉलिस ही ठीक कर सकता है।

[07:30:33] कॉर्नवालिस को कहा कि यार इंडिया में सच

[07:30:35] में बहुत दिक्कत है। जाके चीजों को देखो

[07:30:37] और ठीक करो। कॉर्नवालिस ने कहा कि ऐसे

[07:30:39] नहीं जाऊंगा। आई विल गो ओनली अगर आप

[07:30:41] गवर्नर जनरल की जो पावर को इतना रेगुलेट

[07:30:43] करके रखा हुआ है। उसको थोड़ा फ्री हैंड

[07:30:45] दो। ठीक है? तो इसने कहा कि पहले तो

[07:30:46] कमांडर इन चीफ और गवर्नर जनरल ये एक ही

[07:30:49] आदमी में पावर दो और दूसरा मैटर्स ऑफ वॉर

[07:30:52] एंड डिप्लोमेसी में अगर मैं चाहूं तो अपने

[07:30:54] काउंसिल के डिसीजन को ओवराइड कर सकता हूं।

[07:30:56] स्टार्टर एक्ट में मैं बताऊंगा। पिट्स ने

[07:30:58] मान लिया यह बात। ठीक है? विलियम पिट ने

[07:31:00] यह बात मान ली। और जब यह भारत में आए, ठीक

[07:31:04] है? तो कॉर्नवालिस ने जमींदारों को ओनर्स

[07:31:07] की तरह रिकॉग्नाइज़ कर लिया कि जो जमींदार

[07:31:09] हैं, दे विल बी ट्रीटेड एज़ ओनर्स ऑफ़ द

[07:31:12] लैंड। एज़ लॉन्ग एज़ दे आर द ओनर ऑफ़ द लैंड,

[07:31:14] दे आर सपोज़ टू पे अ टैक्स ऑन इट। कि जैसे

[07:31:18] मेरी एक ज़ है, जब तक मैं उस ज़न हूं, मुझे

[07:31:20] टैक्स पे करना है। मैं इस ज़ को बेच भी

[07:31:22] सकता हूं। जिसको बेचूंगा, उसे टैक्स पे

[07:31:24] करना पड़ेगा। मैं इस जमीन को किराए पे भी

[07:31:26] दे सकता हूं। जिसको किराए पर दूंगा उससे

[07:31:28] कुछ हिस्सा ऐसा भी लूंगा जो टैक्स की

[07:31:30] पेमेंट में जाएगा। ठीक है? मेरे बाद मेरा

[07:31:32] बेटे को अगर ये जमीन मिलती है तो उसके पास

[07:31:34] भी ये जमीन तब तक है जब तक वो टैक्स पे कर

[07:31:36] रहा है। ठीक है? तो इसने कहा कि यार हम

[07:31:40] ऐसा करते हैं हम ना 10 साल की सेटलमेंट

[07:31:43] करते हैं जमींदारों के साथ और इसको हम

[07:31:45] परमानेंट रखेंगे। कॉर्न वाल इसने कहा थॉट

[07:31:48] प्रोसेस देखो। तो इसकी ना इंटेंशन शायद

[07:31:50] गलत नहीं थी। हो भी सकता है गलत हो बट

[07:31:52] मुझे लगता है शायद गलत नहीं थी। कॉर्नवस

[07:31:55] अपने देश में जमींदार था। ठीक है?

[07:31:58] इंग्लैंड के जमींदारों को अरिस्टोक्रेट

[07:32:00] कहा जाता है। और इसने वहां पर देखा था कि

[07:32:03] अगर इंग्लैंड की सरकार ए इसके एस्टेट से

[07:32:07] फिक्स कर दे कि आपको हर साल 50 लाख देना

[07:32:10] है। ठीक है? तो अब 50 लाख के बिय्ड जितनी

[07:32:14] भी प्रोडक्शन इसके स्टेट में हो रही है वो

[07:32:17] इसका। जैसे मान लो 60 लाख की अगर

[07:32:19] प्रोडक्शन हो रही है 50 लाख देना पड़ गया

[07:32:21] तो इसका 10 लाख हो गया। लेकिन अगर यहीं पर

[07:32:24] इसने 80 लाख प्रोडक्शन कर दी तो सरकार का

[07:32:26] तो 50 ही है। इसका 30 लाख हो गया। मतलब कि

[07:32:29] इसके पास एक इंसेंटिव है कि यह

[07:32:31] इन्वेस्टमेंट करके अपने जमीन की प्रोडक्शन

[07:32:34] को इंक्रीस करें। तो यह सोच के कॉर्नवालिस

[07:32:37] को लगा कि अगर हम रेवेन्यू सेटलमेंट को

[07:32:40] फिक्स करके रख दें तो जमींदारों को

[07:32:43] इंसेंटिव मिलेगा कि वो एग्रीकल्चरल

[07:32:45] प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के लिए इन्वेस्ट

[07:32:48] करें कि आज तुम्हारा जैसे स्टडी आईक्यू भी

[07:32:50] इसी तरह बनाया है। हमारे जो फाउंडर है ना

[07:32:53] उन्होंने इसी तरह से स्टडी आईक्यू को

[07:32:54] बनाया कि मान लो मान लो

[07:32:57] 25 लाख एक साल में जनरेट हुआ। अपने लिए

[07:33:02] 3.5 लाख निकाले। बाकी सारा पैसा कंपनी में

[07:33:05] डाला। अगले साल 70 लाख जनरेट हुआ। अपने

[07:33:08] लिए 5 लाख निकाले। बाकी सारा पैसा कंपनी

[07:33:10] में लगाया। और ऐसे करते-करते स्टडी आईक्यू

[07:33:13] एक बहुत बड़ा ब्रांड बना ग्रेजुअली। राइट?

[07:33:16] इस तरह तो ये कॉर्नवालिस यही समझ रहे थे

[07:33:19] कि ऐसा होगा। लेकिन जब कॉर्नवालिस ने भारत

[07:33:22] में इंट्रोड्यूस किया तो अगेन वही गलती

[07:33:25] अंग्रेजों को लगा कि यहां के जमींदार बड़े

[07:33:27] दूध के धुले हैं। जितने जमींदार इन्होंने

[07:33:29] फिर गाय की पूंछ के साथ, बैल की पूंछ के

[07:33:32] साथ मतलब किसानों को बांधना शुरू कर दिया,

[07:33:34] जलील करना शुरू कर दिया। इन्वेस्टमेंट का

[07:33:37] तो नामोनिशान नहीं। ठीक है? तो यह सिस्टम

[07:33:40] बेसिकली हुआ तो फेल था बट स्टिल गवर्नमेंट

[07:33:43] ने कुछ प्रॉमिससेस किए थे कि सेटलमेंट

[07:33:45] परमानेंट होगी। हम इंक्रीस नहीं करेंगे

[07:33:47] टैक्स। इनको लगा था कि इससे ऑपरेशन करप्शन

[07:33:50] रिड्यूस होगी। टैक्स कलेक्शन रेगुलर होगी

[07:33:52] कि जब फिक्स है तो हमें पता है कि भ अगर

[07:33:54] इस जमीन से 50 लाख है, इस तरह की 10

[07:33:56] जमीनें तो 5 करोड़ हो जाएगा हमारे पास।

[07:33:58] ठीक है? ये रेगुलर टैक्स कलेक्शन सोचा था

[07:34:01] कि आएगी बट ये भी नहीं आई और इन्वेस्ट

[07:34:03] इंसेंटिव फॉर इन्वेस्टमेंट इन प्रोडक्शन

[07:34:05] ये भी सोचा था ये भी नहीं हुआ ठीक है तो

[07:34:08] बस मुंह चख के ना ये इसने बस इंट्रोड्यूस

[07:34:11] कर दिया हुआ इसका कुछ नहीं ठीक है तो ये

[07:34:13] बंगाल बिहार उड़ीसा वाराणसी गाजीपुर ठीक

[07:34:16] है फिर उत्तर प्रदेश नॉर्थ कर्नाटका के

[07:34:19] रीजंस में कुल मिलाकर 19% ब्रिटिश टेरिटरी

[07:34:22] में इसको इंट्रोड्यूस किया गया था बट इट

[07:34:23] वाज़ ऑफ़ बिग फेलियर ठीक है तो यह कंप्लीटली

[07:34:28] एक तरीके से

[07:34:30] फेल हो गया। ऊपर से क्या होता था कि

[07:34:32] जमींदारों के लिए ना एक सनसेट क्लॉज़ इसमें

[07:34:34] ऐड की होती थी। सनसेट क्लॉज़ में क्या होता

[07:34:37] था कि एक डेट दी होती थी। उस डेट की

[07:34:39] संध्या से पहले आपको अपना ड्यू पे करना

[07:34:41] है। तो बहुत जमींदार पता है क्या करते थे?

[07:34:43] वो कहते थे कि हमें इस जमीन से 70 लाख मिल

[07:34:47] गया है। सरकार टैक्स मांग रही है 60 लाख।

[07:34:50] तो यह डिफॉल्ट कर देते थे। जब डिफॉल्ट

[07:34:52] किया तो सरकार को होता था कि कुछ ना मिलने

[07:34:55] से अच्छा कुछ तो मिले। तो ये कहते थे कि

[07:34:57] हम यह जमीन उस इंसान को देंगे जो हाईएस्ट

[07:34:59] बड डालेगा। तो ये जमींदार अपने ही

[07:35:03] सर्वेंट्स को बड डालने के लिए भेज देता था

[07:35:06] और यह बड जाती थी 50 लाख की। तो कहां उसको

[07:35:10] 60 लाख पे करने पड़ते और खुद 10 लाख आते।

[07:35:12] अब 50 लाख देख के 20 लाख कमा गया।

[07:35:16] यह धांधलेबाजी है कि नहीं है? ठीक है? ये

[07:35:19] धांधलेबाजी हो रही है। राइट? तो ये

[07:35:21] प्रॉब्लम आनी स्टार्ट हो गई। ठीक है? तो

[07:35:25] परमानेंट सेटलमेंट यह जमींदारों के साथ

[07:35:27] होती थी। राइट? और कन्वेंशनली यह जमींदार

[07:35:31] नवाब के लिए भी रेवेन्यू कलेक्ट करते थे।

[07:35:33] और इनमें से कुछ लोग जो बड़ी एस्टेट्स

[07:35:35] होते थे तो इनके पास खुद की आर्मी भी होती

[07:35:37] थी। तो कुछ जमींदारों से बहुत सारा पैसा

[07:35:40] कलेक्ट करना ज्यादा आसान था इन कंपैरिजन

[07:35:42] टू 40 टू 50 लाख पेजेंट फैमिलीज़। तो पैसा

[07:35:45] बचाने के लिए प्रोसेससेस कॉस्ट कट करने के

[07:35:47] लिए इन्होंने कहा कि यही करते हैं। ठीक

[07:35:49] है? टैक्स इन्होंने कितना रखा? लैंड

[07:35:52] रेवेन्यू को 2.65 करोड़ पे फिक्स किया है

[07:35:54] इन्होंने। राइट? मोटा-मोटा जमींदार को

[07:35:57] 10/1वां हिस्सा पे करना पड़ेगा। ठीक है?

[07:36:00] 2.65 करोड़ पे इन्होंने फिक्स कर दिया। तो

[07:36:03] वही है कि जितनी ज्यादा प्रोडक्शन बढ़ेगी

[07:36:05] आपका हिस्सा आपके हाथ आने वाला हिस्सा

[07:36:07] उसका अमाउंट बढ़ता रहेगा। तो इंसेंटिव है

[07:36:09] आपके पास। राइट? और जितनी देर तक आप ये

[07:36:11] टैक्स कलेक्ट कर के ये कर रहे हो तब तक

[07:36:13] जमीन आपकी है। अदरवाइज नहीं है। ठीक है?

[07:36:16] तो ये सिस्टम जो है ना यह कोई बहुत ज्यादा

[07:36:18] चला नहीं। इसके ड्रॉबैक्स काफी हुए राइट?

[07:36:21] और इसका नुकसान क्या हुए कि पेजेंट्स के

[07:36:23] हेरिडिटरी राइट्स जो उनकी जमीन पर होते थे

[07:36:25] वो निकालकर जमींदारों को दे दिए गए। ठीक

[07:36:28] है? सो हेरिडिटरी राइट्स ऑफ पेजेंट ऑन ह

[07:36:30] जमीन इज नो लगर देयर। यह रेवेन्यू

[07:36:32] फार्मर्स को मिल गया है। रेंट कलेक्टर्स

[07:36:34] को मिल गया है। ठीक है? और ये कन्वेंशनल

[07:36:36] सेंस में वो कन्वेंशनल सेंस में दे आर नॉट

[07:36:39] पुराने जो नवाब को सर्व करने वाले जमींदार

[07:36:41] थे ना, वह किसानों की उन जरूरतों का ध्यान

[07:36:43] रखते थे कि अगर कोई आपदा या दिक्कत आ गई

[07:36:46] तो मतलब कर देंगे हेल्प। राइट? तो, यह

[07:36:48] गड़बड़ थी। ठीक है? ठीक है? और इसकी वजह

[07:36:51] से क्या हुआ? इतना बुरा हाल कई सारे

[07:36:53] जमींदार जो हैं वो एिक्ट हो गए क्योंकि

[07:36:55] बहुत कुछ तो चालाक जमींदारों ने चालाकी

[07:36:58] की। जो चालाकी नहीं कर सकते थे वो दे वर

[07:37:00] एिक्टेड फ्रॉम देयर जमींदारी। तो 68%

[07:37:03] जमींदारी बंगाल में बिक गई। ठीक है? 68%

[07:37:06] जमींदारी बिटवीन 1794 टू 1780 1819

[07:37:10] ये बिक गई। ये इतना मतलब बड़ा डिजास्टर

[07:37:13] था। और ये जितने एिक्टेड जमींदार हैं ये

[07:37:15] रिव्ट में ज्वाइन करेंगे। रिबेल्स का साथ

[07:37:17] देंगे। ठीक है? सोल्जर्स का साथ देंगे।

[07:37:21] राइट? इसके बाद ग्रेजुअली साउथ इंडिया में

[07:37:25] एक्सपेंड किया ब्रिटिश ने। है ना? बंगाल

[07:37:28] के बाद कर्नाटक वाज़ जीते। फिर मैसूर जीता,

[07:37:30] फिर मराठा भी जीते। तो इसमें क्या है?

[07:37:33] 1811 तक ना अंग्रेजों को यह रियलाइज हुआ

[07:37:35] कि यार हमने ना परमानेंट सेटलमेंट करके ना

[07:37:37] हमारे पास लैंड रेवेन्यू को इंक्रीस करने

[07:37:39] का स्कोप नहीं है और हमारे खर्चे वॉर और

[07:37:41] एडमिनिस्ट्रेशन में बढ़ते जा रहे हैं और

[07:37:43] जमींदार जो हैं इनको कुछ ज्यादा ही

[07:37:46] एक्सेसिव पावर्स मिल गई और ये सिस्टम को

[07:37:47] भी मैनपुलेट करते हैं। तो साउथ और साउथ

[07:37:49] वेस्ट इंडिया में इन्होंने कहा कि वो गलती

[07:37:51] नहीं करनी जो बंगाल में की है। तो 1792

[07:37:54] में

[07:37:56] थॉमस रीड है ना एलेक्जेंडर रीड कैप्टन

[07:38:00] एलेक्जेंडर रीड और मेजर मनरो को मद्रास

[07:38:03] भेजा गया। ठीक है? तो बारामहल डिस्ट्रिक्ट

[07:38:06] में नोट करो रतवारी सिस्टम आता है। ये

[07:38:08] 1793 में परमानेंट सेटलमेंट आया एंड इट

[07:38:11] वाज़ शयर फेलियर।

[07:38:14] 1792 में बारा महल बारा महल डिस्ट्रिक्ट

[07:38:17] के अंदर इन साउथ इन मद्रास

[07:38:20] रीड ने देखा कि जमींदार तो एब्सेंट है तो

[07:38:24] हमें डायरेक्टली रौत से डील करनी पड़ेगी।

[07:38:26] तो इन्होंने रौत के साथ डील की और रौत के

[07:38:28] साथ डील करते वक्त ना फील्ड असेसमेंट की

[07:38:30] कि इसकी जमीन की उपजाऊ शक्ति क्या है?

[07:38:33] बंगाल में कई बार क्या होता था कि जमीन की

[07:38:35] उपजाऊ शक्ति बहुत कम थी। उस पे लगान बहुत

[07:38:37] ज्यादा है। तो कैसे देगा वो? और जहां पर

[07:38:40] जमीन की उपजाऊ शक्ति बहुत ज्यादा थी उस पे

[07:38:43] लगान उतना ही है। तो उसमें अंग्रेजों को

[07:38:46] नुकसान हो जाता था खुद का। तो उन्होंने

[07:38:48] कहा कि फील्ड असेसमेंट करके हम देंगे। तो

[07:38:50] रतवारी सिस्टम में एक बहुत बड़ा पॉइंट

[07:38:51] क्या था? फील्ड असेसमेंट करके रेवेन्यू

[07:38:55] डिटरमिन होता था। ठीक है? रेवेन्यू

[07:38:58] डायरेक्टली प्रेजेंट से कलेक्ट किया जाता

[07:39:00] था। सर्वे करने के बाद कलेक्ट किया जाता

[07:39:02] था और टाइम टू टाइम इसको रिवाइज़ भी किया

[07:39:05] जा सकता था। दिस वाज़ नॉट परमानेंट। ठीक

[07:39:07] है? तो कल्टीवेटर जो है रत वो अपनी जमीन

[07:39:10] का तब तक ओनर है एज लॉन्ग एज ही इज पेइंग

[07:39:12] रेवेन्यू राइट और टैक्स जो पे करना है वो

[07:39:16] एक गवर्नमेंट ऑफिसर डिसाइड करेगा ठीक है

[07:39:18] सर्वे करने के बाद रिवाइज हो सकता है और

[07:39:21] एरिया सोइल क्वालिटी और जो मतलब बर्डन ऑन

[07:39:25] एव्री फील्ड इस तरह से था कि ये इक्वल हो।

[07:39:28] ऐसा नहीं कि इस फील्ड में बहुत ज्यादा

[07:39:30] बर्डन है पेजेंट के ऊपर कि अगर कोई जमीन

[07:39:32] ज्यादा उपजाऊ नहीं है तो उसका रेवेन्यू भी

[07:39:34] कम रखा जाए। कुछ एरियाज में इनको रियलाइज

[07:39:37] हुआ कि इतने सारे रेयत हैं। हर जगह पर हम

[07:39:39] असेसमेंट कर नहीं सकते। तो इन्होंने क्या

[07:39:40] किया? इन्होंने पुराने रजिस्टर खुलवाए।

[07:39:44] पुराने रूलर्स भी टैक्स तो कलेक्ट करते ही

[07:39:46] थे। लगान वसूलते थे। पुराने रजिस्टर में

[07:39:48] के प्रीवियस रिकॉर्ड्स के बेसिस पे देखते

[07:39:51] थे कि एक जमीन से कितनी उपज निकल रही है।

[07:39:53] उसका कितना टैक्स जा रहा था। उन रिकॉर्ड्स

[07:39:55] को देखकर इन्होंने असेसमेंट करनी कि कितना

[07:39:57] रेवेन्यू जाएगा। तो काफी सारे इलाकों में

[07:40:00] लैंड सर्वे हुए थे कि सोइल क्वालिटी क्या

[07:40:03] है? एयर एरिया क्या है? और लगान डिटरमिन

[07:40:06] हुआ। बहुत से एरियाज में पुराने रिकॉर्ड्स

[07:40:08] को देखकर डिटरमिन किया गया कि आपका कितना

[07:40:11] लगान बनता है। ठीक है? बहुत से एरियाज में

[07:40:16] पुराने रिकॉर्ड्स को इस सिस्टम को क्या

[07:40:17] कहा जाता है? जहां पर डायरेक्ट लैंड सर्वे

[07:40:20] ना करके मतलब पुराने रिकॉर्ड देखे जाएं

[07:40:23] उसको कहा जाता है पटकट सिस्टम। क्लियर?

[07:40:26] हां जी।

[07:40:29] इसको क्या कहा जाता है? दिस इज कॉल्ड एज

[07:40:31] पटकट सिस्टम। हां जी हिमांशी अभिषेक नीलेश

[07:40:36] शिल्पी रौनक

[07:40:38] बताओ क्लियर है बस ब्रेक आने वाली है मुझे

[07:40:42] पता है आप लोग थोड़ा सा थक गए होंगे ब्रेक

[07:40:44] आने वाली है अभी बताओ ये जो टॉपिक है ये

[07:40:47] समझ में आ रहा है हमने कॉक्वेस्ट ब्रिटिश

[07:40:50] कॉक्वेस्ट को पूरा कंप्लीट कर लिया है अब

[07:40:53] ब्रिटिश पॉलिसीज को कर रहे हैं इसके बाद

[07:40:54] रिव्ट ऑफ 1857 और उसके बाद स्ट्रगल ऑफ

[07:40:57] स्वराज उसमें दिक्कत नहीं है कोई वो आराम

[07:40:59] से हो जाएगा ठीक है वो दो तीन वो दो तीन 3

[07:41:02] घंटे में हो जाएगा। ठीक है? क्लियर है?

[07:41:05] व्हाट इज़ पटकट सिस्टम? इट वाज़ अ सिस्टम ऑफ़

[07:41:07] लैंड सर्वे अंडर रेतवारी सेटलमेंट वेयर इन

[07:41:11] डायरेक्ट लैंड सर्वे वाज़ नॉट पॉसिबल। सो द

[07:41:13] असेसमेंट ऑफ रेवेन्यू वाज़ मेड यूजिंग

[07:41:15] प्रीवियस रिकॉर्ड्स। प्रीवियस ईयर

[07:41:17] रिकॉर्ड्स। ठीक है? राइट? चलिए।

[07:41:22] तो

[07:41:25] परमानेंट सेटलमेंट किसने पायनियर किया था?

[07:41:27] कॉन वॉलिस ने। 1793 में लाए। जो रेयतवारी

[07:41:32] सिस्टम है इसको

[07:41:34] एलेक्जेंडर रीड और मेजर मनरो ने

[07:41:37] इंट्रोड्यूस किया था। ठीक है? मेजर मनरो

[07:41:39] का कहना था इंडियन कंडीशंस को यह सूट करता

[07:41:41] है। कंपनी कैन क्लेम शेयर फ्रॉम इंक्रीस

[07:41:44] इन प्रोडक्टिविटी। और यह एक्चुअली ये जो

[07:41:47] रेतवारी सिस्टम है इन कंपैरिजन टू एव्री

[07:41:49] अदर सिस्टम इट जनरेटेड मच मोर रेवेन्यू।

[07:41:52] राइट? बट इसके नेगेटिव पॉइंट्स क्या थे?

[07:41:54] रेट बहुत ज्यादा हाई रखा हुआ था। 45 टू

[07:41:57] 50% रथ की ओनरशिप एक तरीके से खत्म हो गई

[07:42:01] थी। अब एक तरीके से

[07:42:03] ब्रिटिश वर्दी ओनर और रत के फुल लैंड तभी

[07:42:05] तक है जब तक वह लगान देता जा रहा है। रत

[07:42:08] को तब भी पे करना पड़ता था अगर क्रॉप फेल

[07:42:10] हो जाए। पुराने समय में इवन मुगलों के

[07:42:12] टाइम पे भी

[07:42:14] बहुत बार ऐसा होता था कि अगर क्रॉप फेल हो

[07:42:17] गई है तो रिहायत दी जाती थी। ठीक है? वो

[07:42:20] राइट ऑफ किया जाता था। और क्योंकि अगर आप

[07:42:24] लगान नहीं दोगे तो आपकी जमीन चली जाएगी।

[07:42:27] और अगर जमीन चली गई तो आपके पास कुछ भी

[07:42:29] नहीं है। भूखे मरोगे। तो इसलिए बहुत बार

[07:42:31] यह बेचारे अनपर्ड पेजेंट्स सिर्फ यह

[07:42:34] इंश्योर करने के लिए कि कहीं हमारी जमीन

[07:42:36] ना चली जाए। यह चेटियों के चंगुलों में आ

[07:42:38] गए। चेट्टी कौन है? मनी लेंडर्स। दीज़ आर

[07:42:41] ब्लडी मनी लेंडर्स।

[07:42:43] ये मनी लेंडर्स इंडियंस ही थे। और थे मौका

[07:42:46] परस्त। तो यह भी इनका भी दिमाग काम नहीं

[07:42:49] करता। अब बेचारा किसान तुमसे उधार लेने

[07:42:51] आया है। तुम 40 50 60% ब्याज पे अगर किसी

[07:42:55] को उधार दे रहे हो वो कैसे चुकाएगा? वो

[07:42:59] कैसे चुका पाएगा?

[07:43:01] राइट? तो ये चेट्टी जो थे इन्होंने बहुत

[07:43:04] महंगे ब्याज पे ये लोन देना शुरू कर दिया।

[07:43:07] और यहीं से क्या है? बेगार की सिचुएशन

[07:43:09] स्टार्ट हो गई। इतना ज्यादा कर्ज कि उस

[07:43:12] कर्ज को चुकाने के लिए बिना पैसे के

[07:43:14] गुलामी करनी पड़ रही है बहुत से किसानों

[07:43:16] को। राइट? तो काफी बुरा हाल प्रेजेंटली जो

[07:43:19] है रूरल एरियाज जो हैं बंगाल में तो 1/3

[07:43:22] पॉपुलेशन उड़ा दी इन ब्रिटिश ने। साउथ के

[07:43:25] अंदर भी हाल कुछ वैसा ही है। साउथ में भी

[07:43:29] मद्रास में फैमिस आए थे

[07:43:32] और पेजेंट्स उनका मतलब दे हैव बीन

[07:43:34] रिड्यूस्ड टू स्लेवरी। दिस इज़ व्हाई वी

[07:43:36] कॉल कि हम लोग गुलाम थे। कई बार सोचते हो

[07:43:39] ना कि हम गुलाम कैसे थे? हम कैसे हम ऐसे

[07:43:42] गुलाम थे। इस तरह से इस वजह से थे। ठीक

[07:43:45] है? तो 1792 में कर्नल रीड वाज़ दी फर्स्ट

[07:43:48] वन टू इंट इंप्लीमेंट रेयतवाली इन बारामल

[07:43:50] डिस्ट्रिक्ट। 1820 तक ये जब सक्सेसफुल

[07:43:53] होना शुरू हो गया तो मद्रास प्रेसिडेंसी

[07:43:55] में मनरो ने इसको एक्सटेंड किया। ही वाज़

[07:43:57] मेड दी गवर्नर ऑफ़ मद्रास प्रेसिडेंसी टू

[07:43:59] यू नो एक्सपैंड दिस सिस्टम। 1825 में

[07:44:02] बॉम्बे के अंदर और 1858 तक पूरे के पूरे

[07:44:06] डेक्कन एरिया डेक्कन में इसको इंट्रोड्यूस

[07:44:09] कर दिया और ब्रिटिश इंडिया का 51% एरिया

[07:44:11] रयतवारी सेटलमेंट में आता था। 19%

[07:44:13] परमानेंट सेटलमेंट, 51% रेयतवाड़ी

[07:44:16] रिमेनिंग मालवाड़ी। ठीक है? अब मालवाड़ी

[07:44:18] सेटलमेंट में क्या था कि 1801 से लेके

[07:44:21] 1806 तक अब कंपनी बहुत सारी टेरिटरीज

[07:44:24] एक्वायर करती जा रही है। राइट? और

[07:44:27] ग्रेजुअली कंपनी को क्या रियलाइज़ होता है

[07:44:29] कि भाई इट्स बेटर कि विलेज लेवल पे अगर हम

[07:44:31] कलेक्शन करें ना, तो यह ज्यादा सूटेबल है।

[07:44:34] ठीक है? इट्स मोर सूटेबल टू कलेक्ट एट

[07:44:36] विलेज लेवल। ठीक है? विलेज लेवल पर यह

[07:44:39] कक्शंस करनी ज्यादा सूटेबल है। राइट? तो

[07:44:41] इसको इंश्योर करने के लिए क्या है कि जब

[07:44:43] मालवाड़ी को पहली बार इंट्रोड्यूस किया था

[07:44:45] ये फार्मर्स के लिए पहले तो डिजास्टर था।

[07:44:47] 1819 में होल्ट मैकेंजी आए। इन्होंने

[07:44:50] मालवाड़ी की थ्योरी सजेस्ट की। इन्होंने

[07:44:52] कहा कि जमींदारों को देना ठीक नहीं है

[07:44:56] क्योंकि ये डिफॉल्ट करेंगे। रेजिस्टेंस भी

[07:44:58] अलग से आएगी। डायरेक्ट रेयत से कलेक्ट

[07:45:01] करना महंगा पड़ता है। है ना? कॉस्ट ऑफ

[07:45:02] एडमिनिस्ट्रेशन बढ़ जाती है। तो हम महल

[07:45:05] लेवल के ऊपर कलेक्ट करते हैं। एक विलेज को

[07:45:07] महल कहते थे पुराने टाइम में। ठीक है? तो

[07:45:10] यह काम हम एक गांव के हेडमैन या फिर गांव

[07:45:13] का जो सबसे अमीर या बड़ा किसान है उसको यह

[07:45:15] काम दे देंगे कि वह बाकियों के बिहाफ पे

[07:45:18] हमें उस गांव के लेवल पर टैक्स कलेक्ट

[07:45:19] करके प्रोवाइड करें। ठीक है? तो होल्ट

[07:45:22] मैकेंसीजी ये नाम याद रखना 1819 में

[07:45:25] इन्होंने थ्योरी बना दी। ठीक है? और विलेज

[07:45:28] हेडमैन हम इसको कलेक्ट करके देंगे। राइट?

[07:45:31] तो 1822 में एक लीगल रेगुलेशन लाकर इसको

[07:45:35] इंप्लीमेंट किया जा रहा है। और प्रॉब्लम

[07:45:37] क्या है कि इसमें 80% डिमांड है टैक्स की।

[07:45:42] ठीक है? 80% डिमांड है टैक्स की। और जहां

[07:45:44] पर रेगुलर फार्मर्स से कलेक्ट किया जा रहा

[07:45:47] है वहां पे 95% मांग कर रहे थे। और इसका

[07:45:49] रिजल्ट क्या था कि इतना ज्यादा हाई टैक्स

[07:45:52] था कि इट वाज़ इंपॉसिबल टू मेंटेन। विलियम

[07:45:55] बेंटिक ने 1833 में एक रिफॉर्म

[07:45:57] इंट्रोड्यूस किया जिसमें इसने टैक्स को

[07:45:59] 66% रिड्यूस कर दिया। ठीक है? और उसके बाद

[07:46:03] सेटलमेंट को 30 साल के लिए फिक्स कर दिया

[07:46:05] और कहा कि जो आपस में मतलब एक महल से

[07:46:09] हमारे इतना टैक्स आना चाहिए। इंटरनली आप

[07:46:11] उसको कैसे डिवाइड करते हो? यह आपके ऊपर

[07:46:13] है। राइट? ब्रिटिश ने पहली बार फील्ड

[07:46:16] मैप्स का इस्तेमाल किया। रिमेंबर इलिम्स

[07:46:19] में ये फैक्ट आ सकता है। लैंड सर्वे ये

[07:46:23] रेयतवारी में सबसे पहले हुआ था। सर्वे के

[07:46:26] अंदर ना डिटेल्स ऐसे वर्ड की फॉर्म में

[07:46:28] आती है। महलवाड़ी सिस्टम में मैप बना था।

[07:46:32] ठीक है? कि ये फील्ड है। ठीक है? वो डॉट्स

[07:46:35] दिखा के कि ये वाली क्रॉप है। ये ये वाली

[07:46:37] क्रॉप है। यहां पे को दिखाया हुआ है।

[07:46:39] प्रॉपर फील्ड मैप ड्राइंग्स बनाई थी। ठीक

[07:46:41] है? रिटर्न रिकॉर्ड्स थे। टू कैलकुलेट द

[07:46:44] टैक्सेस बेस्ड ऑन सोइल क्वालिटी। तो ये एक

[07:46:46] स्टेप और आगे चला गया रोहतवारी के। ठीक

[07:46:48] है? और इसके अंदर फाइनली नॉर्थ इंडिया में

[07:46:52] अ ब्रिटिश ऑफिसर कॉल्ड एज रॉबर्ट मार्टिनस

[07:46:54] बर्ड प्लेड अ वेरीेंट रोल इन एक्सटेंडिंग

[07:46:56] महालवाड़ी सिस्टम टू मोस्ट पार्ट्स ऑफ

[07:46:58] नॉर्थ इंडिया। दैट इज़ व्हाई ही इज़ कॉल्ड

[07:47:00] एज फादर ऑफ लैंड सेटलमेंट्स इन नॉर्थ

[07:47:01] इंडिया। ये प्रीलिम्स का फैक्ट है।

[07:47:03] इंपॉर्टेंट है। ठीक है? रॉबर्ट मार्टिंस

[07:47:06] बर्ड। इसने खूब एक्सटेंड किया ये पूरे के

[07:47:08] पूरे सिस्टम को। ठीक है?

[07:47:12] तो फाइनल आउटकम इसकी क्या निकली कि ये 66%

[07:47:16] भी क्योंकि बहुत ज्यादा था तो लॉर्ड

[07:47:18] डलहौजी ने इसको भी 50% कर दिया। अब कहां

[07:47:22] 80% कहां 50% अब आइडियली होना ये चाहिए था

[07:47:25] जब तुम्हारे गवर्नर जनरल ने 50% कर दिए कि

[07:47:28] टोटल वैल्यू ऑफ प्रोड्यूस का 50% तुम्हें

[07:47:30] देना है टैक्स। तो ऑफिसर्स जो रेंट कलेक्ट

[07:47:34] करने जा रहे हैं दे शुड कलेक्ट 50% बट

[07:47:37] क्योंकि गांव वाले तब सोशल मीडिया तो था

[07:47:39] नहीं। लोग भी इतने अवेयर नहीं थे। गांव

[07:47:41] वालों को पता ही नहीं है कि 60 66% से कम

[07:47:44] करके 50% कर दिया है। ये करप्ट ऑफिशियल्स

[07:47:46] अभी भी 66% कलेक्ट कर रहे हैं और 16% इनकी

[07:47:50] जेब में जा रहा है। राइट? तो इसकी वजह से

[07:47:52] ग्रेजुअली ये जो एक्सट्रीम ऑपरेशन हुई

[07:47:54] फार्मर्स के बीच में इसने डीप एंगर

[07:47:57] रिजेंटमेंट कॉज की ट्रिगरिंग द रिव्ट ऑफ

[07:48:01] 1857।

[07:48:03] यहां से रिवोल्ट ऑफ 1857 अब ट्रिगर होगा।

[07:48:07] ठीक है? तो टू समराइज़

[07:48:10] जमींदारी सिस्टम को स्टार्ट करने वाले

[07:48:13] लॉर्ड कॉर्न वॉलिस और सर जॉन शोर नाम के

[07:48:15] एक व्यक्ति थे। उन्होंने थोड़ी

[07:48:16] इंप्रूवमेंट्स की थी। रेयतवारी सिस्टम

[07:48:19] एलेक्जेंडर रीड ने 1892 में बारामहल में

[07:48:22] शुरू किया। 1820 में थॉमस मनरो ने मद्रास

[07:48:25] में पूरी तरह से इंप्लीमेंट किया और

[07:48:27] ग्रेजुअली इंडिया ब्रिटिश इंडिया का 51%

[07:48:30] एरिया रेयतवारी के अंडर आता था। महालवाड़ी

[07:48:32] सिस्टम को हर्ट मैकेंजी ने 1819 में कॉइन

[07:48:35] किया और रॉबर्ट मार्टिंस बर्ड ने 1840

[07:48:39] आते-आते नॉर्थ इंडिया में हर जगह इस

[07:48:42] सिस्टम को इंप्लीमेंट करना शुरू कर दिया।

[07:48:44] किस तरह की सेटलमेंट थी? यह जमींदार के

[07:48:46] साथ थी। यह रेट्स के साथ डायरेक्टली थी और

[07:48:48] ये गांव के लेवल पर थी। ठीक? आगे

[07:48:53] यह 19% था ब्रिटिश इंडिया का। यह 51% था।

[07:48:56] यह 30% था। यह ईस्टर्न इंडिया में था।

[07:49:00] राइट? इंक्लूडिंग ओसा एंड ईस्टर्न उत्तर

[07:49:02] प्रदेश लाइक वाराणसी। यह साउथ इंडिया में

[07:49:05] था। वेस्टर्न इंडिया में यानी कि साउथ

[07:49:07] वेस्टर्न इंडिया में महाराष्ट्र के कुछ

[07:49:09] एरियाज में भी था। एक्सेप्शन क्या है?

[07:49:11] आसाम। आसाम नॉर्थ ईस्ट में है। लेकिन वहां

[07:49:14] पर भी रेयतवाली सिस्टम गया। और महारवाड़ी

[07:49:16] सिस्टम नॉर्थवेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस,

[07:49:18] गेंजेटिक रिवर वैली इंक्लूडिंग अवध और

[07:49:21] मध्य प्रदेश के जो सेंट्रल इंडिया के

[07:49:23] पार्ट्स हैं वह। राइट? तो, यह सिस्टम इस

[07:49:26] प्रकार से इंट्रोड्यूस होना स्टार्ट हो

[07:49:28] गए। जमींदारी सिस्टम में एक और चीज थी

[07:49:31] पट्टा और कुबूलियत।

[07:49:34] पट्टा में क्या होता है कि लिखी होती हैं

[07:49:36] डिटेल्स आपकी लैंड की और आपसे कितना

[07:49:39] रेवेन्यू आपका बनता है वो डिटेल्स लिखी

[07:49:41] हुई हैं। तो जब एक जमींदार किसान को पट्टा

[07:49:44] देगा मतलब उसको डिटेल्स पता लग इतना

[07:49:46] रेवेन्यू मुझे देना है। तो किसान की तरफ

[07:49:48] से कुबूलियत जाती है जमींदार को। तो दोनों

[07:49:50] के पास एक कॉन्ट्रैक्ट का एक-एक कॉपी चली

[07:49:52] गई कि यह जमीन इसकी है। इसको इतना

[07:49:55] रेवेन्यू देना है। इतनी डेट को देना है।

[07:49:57] राइट? जमींदारों के पास हेरिडिटरी राइट ऑफ

[07:50:00] सक्सेशन था लैंड्स का। मतलब बेटे को मिल

[07:50:03] सकता है। लेकिन तब तक जब तक बेटा रेवेन्यू

[07:50:06] अंग्रेजों को देता रहे। सेल भी कर सकते

[07:50:08] हैं। जिसको बेचा उसको फिर रेवेन्यू देना

[07:50:10] है। ट्रांसफर भी कर सकते हैं। लेकिन जिसको

[07:50:11] ट्रांसफर किया उसको रेवेन्यू देना पड़ेगा।

[07:50:13] ठीक है? तो पट्टा कुबूलियत है। मोस्ट ऑफ द

[07:50:16] टाइम्स ये जमींदार पट्टा देते नहीं थे।

[07:50:17] नहीं तो क्योंकि उसमें क्या होता था कि

[07:50:19] डिटेल्स बतानी पड़ती थी कि कितना रेवेन्यू

[07:50:21] लेना है। तो कई बार जमींदार एक्सेस

[07:50:23] रेवेन्यू भी डिमांड कर लेते थे। रेयत वाली

[07:50:25] सेटलमेंट में पट्टा यह ईस्ट इंडिया कंपनी

[07:50:28] खुद देगी। सर्वे हर एक फील्ड का होता था।

[07:50:31] जहां नहीं होता था वहां क्या होती थी?

[07:50:33] कमेंट सेक्शन में बताओ। जहां पर लैंड

[07:50:36] सर्वे पॉसिबल नहीं था वहां पर क्या किया

[07:50:39] जाता था? वेयरवर लैंड सर्वे वाज़ नॉट

[07:50:42] पॉसिबल व्हाट यूज्ड टू बी डन? पटकट

[07:50:45] असेसमेंट। ठीक है? पटकट असेसमेंट। और

[07:50:48] रेट्स जो थे दे कुड सबलेट। मतलब अगर एक

[07:50:51] रात का ये एरिया है तो वो कह सकता है कि

[07:50:53] एक और रात आ जाए तू इतना एरिया कल्टीवेट

[07:50:55] कर ले ठीक है तो तेरा इतना लगान बनेगा मैं

[07:50:57] इतना दे दूंगा राइट मोटेज कर सकता है कि

[07:51:00] मतलब इस लैंड के बदले कुछ पैसे गिरवी रखवा

[07:51:03] सकता है ट्रांसफर कर सकता है गिफ्ट कर

[07:51:05] सकता है बेच भी सकता है जिसको भी जाएगा यह

[07:51:07] लैंड उसको बदले में सरकार को लगान देना

[07:51:11] पड़ेगा ठीक है और माहलवाड़ी सेटलमेंट यह

[07:51:14] विलेज लेवल पर है। सीधी सी बात खत्म। ठीक

[07:51:17] है? ये ये फिगर्स नहीं भी याद होती कोई

[07:51:20] दिक्कत की बात नहीं है। ठीक है? तो ये है

[07:51:24] सेटलमेंट्स। अब इन सारी करतूतों की इन

[07:51:28] सारी काली करतूतों की वजह से

[07:51:31] क्रांति हो गई है। अब ठीक है? तो

[07:51:37] क्रांति को डिस्कस करने से पहले मैं

[07:51:40] चार्टर्स एंड एक्ट्स डिस्कस करना चाहूंगा।

[07:51:41] ठीक है? सो, द नेक्स्ट टॉपिक दैट वी आर

[07:51:43] गोइंग टू स्टार्ट इट इज़ रेगुलेटिंग एंड

[07:51:46] चार्टर्स एक्ट। ठीक है? सो, लेट्स टेक अ

[07:51:48] ब्रेक ऑफ़ 15 मिनट्स। ठीक है? अभी टाइम हुआ

[07:51:50] है 6:52।

[07:51:55] 652 टाइम 652 नहीं 552 है। ठीक है? 552

[07:51:59] टाइम है। सो लेट अस रिज्यूम

[07:52:04] एट 55 ही इसको मान लो। अव स्टार्ट करते

[07:52:08] हैं यार। ठीक है? लेट्स रिज्यूम एट 6:15.

[07:52:14] लेट्स टेक अ ब्रेक ऑफ 15 मिनट्स। लेट्स

[07:52:17] रिज्यूम एट 6:15।

[07:52:23] चलो

[07:52:25] सी यू।

[08:16:05] हां जी एवरीवन वेलकम बैक माइक चेक

[08:16:08] [गला साफ़ करने की आवाज़] माइक चेक आई होप

[08:16:10] यू पीपल आर एबल टू लिसन टू माय वॉइस

[08:16:25] तो नेक्स्ट टॉपिक अब जो हम स्टार्ट करने

[08:16:27] वाले हैं ना दिस इज़ चार्टर एक्ट्स। ठीक

[08:16:29] है? पहले चार्टर एक्ट्स करते हैं ताकि

[08:16:32] ब्रिटिश के जो रिफॉर्म्स हैं जिनको हमने

[08:16:34] पढ़ना स्टार्ट किया है उसको अच्छे से हम

[08:16:37] कंप्लीट कर लें। देयर आफ्टर वी विल स्टडी

[08:16:40] अबाउट रिवोल्ट ऑफ 1857। ठीक है? उसके बाद

[08:16:43] आपकी अच्छी खासी स्पीड रहेगी हर चीज की

[08:16:45] कवरेज में। ठीक है? एस फ एस द कवरेज इज

[08:16:48] कंसर्न देयर आफ्टर इट इज़ गोइंग टू बी

[08:16:51] कवर्ड रियली वेल। ठीक है? स्पीड में ऑडियो

[08:16:54] क्लियर एवरीवन? इज दी ऑडियो क्लियर?

[08:17:11] एवरीवन टाइप सी एंड पी

[08:17:19] इफ द ऑडियो इज

[08:17:22] एवरीवन टाइप सी एंड पी इफ द ऑडियो इज

[08:17:22] क्लियर। ठीक है? ऑडियो अगर क्लियर है,

[08:17:25] वीडियो क्लियर नजर आ रहा है, विजुअल्स

[08:17:27] क्लियर नजर आ रहे हैं। ठीक है? तो सी एंड

[08:17:29] पी टाइप करो। और लंच के बाद का जिसको

[08:17:32] रिवाइज करना है, वीडियो को थोड़ा सा पीछे

[08:17:34] स्क्रॉल कर लो। है ना? तो और उसको 1.5 एंड

[08:17:40] 2x की स्पीड पर देख लो। रिवाइज भी हो

[08:17:42] जाएगा।

[08:17:43] ठीक है जी। चलिए एंड वंस अगेन

[08:17:46] रिक्वेस्टिंग यू ऑल टू जॉइ दिस Telegram

[08:17:48] चैनल। ठीक है? यह Telegram चैनल सीएस लाइव

[08:17:51] स्पेस ग्रुप अंडरस्कोर यूपीएससी इसको

[08:17:53] ज्वाइन कर लेना।

[08:18:01] ठीक है? सीएस लाइव स्पेस ग्रुप अंडरस्कोर

[08:18:04] यूपीएससी इसको ज्वाइन कर लेना। ऑडियो सही

[08:18:06] है यार। ऑडियो में कोई दिक्कत है नहीं।

[08:18:07] वैसे ऑडियो बल्कि इनफैक्ट एक्सीड कर रहा

[08:18:10] है जो इसकी थ्रेशहोल्ड लिमिट है।

[08:18:13] ठीक है? अपने अपने साइड से जो वॉल्यूम बटन

[08:18:16] है ना उसको दबाओ यार।

[08:18:18] ठीक है? अपने फोन को चेक करवाओ। उसका

[08:18:21] वॉल्यूम कहीं खराब ना हो। ठीक है? और इस

[08:18:24] चैनल को ज्वाइन कर लो। ठीक है? सीएस लाइव

[08:18:27] ग्रुप अंडरस् यूपीएससी इसको ज्वाइन करना।

[08:18:30] Telegram पे इधर ही पीडीएफ मिलेगा इसका।

[08:18:34] बट आफ्टर दी सेशन चलो यार करते हैं

[08:18:38] स्टार्ट।

[08:18:53] ठीक है।

[08:18:55] ओके।

[08:19:21] स्क्रीन्स क्लियर दिख रही हैं। आई होप

[08:19:23] स्क्रीन में ना दिक्कत हो। ठीक है? ये फुल

[08:19:26] विंडो जो है फुल विंडो नहीं खुला ये है।

[08:19:28] खुला है। ओके वन सेकंड यार। जस्ट गिव मी

[08:19:31] वन सेकंड।

[08:19:51] ठीक है। तो यार ऐसा है कि जब ईस्ट इंडिया

[08:19:55] कंपनी ने बंगाल के अंदर

[08:19:59] बक्सर की लड़ाई के बाद ड्यूल सिस्टम ऑफ

[08:20:01] एडमिनिस्ट्रेशन स्टार्ट कर दिया था तो

[08:20:03] उससे ना मुगल सोवनिटी की एक फिक्शन बनाकर

[08:20:08] रखी थी। बट रियलिटी में बंगाल के अंदर जो

[08:20:10] प्रैक्टिकल पावर थी वो अंग्रेजों के पास आ

[08:20:13] चुकी थी। लेकिन इस प्रैक्टिकल पावर का यह

[08:20:16] इस्तेमाल किसी खास काम के लिए नहीं हो रहा

[08:20:19] था। पेजेंट्स के ऑपरेशन और एडमिनिस्ट्रेशन

[08:20:22] का ब्रेकडाउन ही हो रहा था। राइट? और ऊपर

[08:20:24] से यह देखा गया कि ईस्ट इंडिया कंपनी के

[08:20:27] ऑफिसर्स दे आर नॉट सपोज्ड टू कंडक्ट

[08:20:29] प्राइवेट ट्रेड। अगर ये ऑफिसर्स प्राइवेट

[08:20:31] ट्रेड कर रहे हैं तो ये जो ईस्ट इंडिया

[08:20:33] कंपनी की मोनोपोली है इस मोनोपोली का क्या

[08:20:36] काम? व्हाट इज दी पॉइंट ऑफ दिस मोनोपोली?

[08:20:39] अगर प्राइवेट ट्रेड कर सकते हो तो

[08:20:41] मोनोपोली का क्या काम है? और एक ऐसे टाइम

[08:20:44] पर जब ईस्ट इंडिया कंपनी लगभग बैंककरप्सी

[08:20:47] की कगार पर होती थी। मतलब कि इसके इतने

[08:20:50] खर्चे बढ़ गए थे वॉर्स की वजह से बढ़ती

[08:20:53] हुई एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट की वजह से कि

[08:20:56] कई बार इसको अपनी ही सरकार से उधारी लेनी

[08:20:59] पड़ती थी। राइट? बेल आउट करवाने के लिए और

[08:21:01] कंपनी के अफसरों का हाल देखो कि रॉबर्ट

[08:21:03] लाइव खुद ने यंग एज में 30 की उम्र में यह

[08:21:07] जब वापस इंग्लैंड आया तो इसके पास इतनी

[08:21:09] पर्सनल वेल्थ थी कि एनुअली 40,000 पाउंड

[08:21:12] ये जनरेट कर रहा है। मोर ओवर इंग्लैंड के

[08:21:15] जितने भी मर्चेंट्स थे वो खास ध्यान रखते

[08:21:17] थे कि इंडिया में चल क्या रहा है। बिकॉज़

[08:21:19] उनको मसाला चाहिए था जिसको वो ब्रिटिश

[08:21:21] पार्लियामेंट के सामने रख के कंपेल कर सके

[08:21:23] उन्हें कि भाई कंपनी की जो पावर्स हैं

[08:21:25] उसको रिड्यूस करो। हमें हमारे लिए कुछ

[08:21:27] करो। अब उसकी मोनोपोली खत्म करो। तो

[08:21:29] इन्हें यह मसाला मिला था एक रीजनल

[08:21:32] कंटेंपररी मुस्लिम टेक्स्ट में दैट वाज़

[08:21:35] कॉल्ड एज सियारुल मुख्तारिन। ठीक है?

[08:21:37] सियारुल मुताखरिन। इसको लिखा था गुलाम

[08:21:41] हुसैन खान ने। दिस वाज़ रिटन बाय

[08:21:45] गुलाम हुसैन खान। ठीक है?

[08:21:49] गुलाम हुसैन खान।

[08:21:51] ठीक है? इसको क्या कहते हैं? इसको कहते

[08:21:53] हैं गुलाम

[08:21:57] हुसैन खान। इन्होंने इस किताब को लिखा था।

[08:22:00] इस किताब के अंदर ना 18 1765 के बाद

[08:22:07] जो मैल एडमिनिस्ट्रेशन चल रही थी बंगाल

[08:22:09] में उसका एक अकाउंट दिया हुआ है कि जो

[08:22:12] ऑफिसर्स हैं राइट? ईस्ट इंडिया कंपनी एक

[08:22:15] तरीके से न्यू रूलर है। तो ये जो न्यू

[08:22:17] रूलर बनी है अपने ही अपॉइंटेड ऑफिसर्स के

[08:22:20] हाथों लोग जो हैं वो एक्सप्लइट होते जा

[08:22:23] रहे हैं। राइट? तो इस तरह के

[08:22:25] कॉन्टेक्स्ट्स को इस तरह के टेक्स्ट को

[08:22:27] ब्रिटिश पार्लियामेंट के सामने टेबल किया

[08:22:29] गया और लेंथ एंड ब्रेड्थ में इसको डिस्कस

[08:22:32] करते हुए क्राउन के सामने यह डिमांड रखी

[08:22:35] गई कि कंपनी की पेट्रनेज को एंड करो। उसकी

[08:22:38] मोनोपोली को खत्म करो। अब टाइम आ गया कि

[08:22:41] बाकी ऑर्पियंस भी इस धंधे से ईस्टर्न

[08:22:44] वर्ल्ड के साथ ट्रेड करने से फायदा उठाएं।

[08:22:46] तो क्योंकि अब ईस्ट इंडिया कंपनी के

[08:22:49] डायरेक्टर्स के पास पैसा ही इतना ज्यादा

[08:22:51] था। उनके लिए बहुत आसान था पार्लियामेंट

[08:22:53] के मेंबर्स को खरीदना। ठीक है? और किंग

[08:22:56] जॉर्ज दी थर्ड यह ईस्ट इंडिया कंपनी को

[08:22:59] काफी पसंद करते थे। तो उसकी पेटनेज मतलब

[08:23:01] उनका सपोर्ट था ईस्ट इंडिया कंपनी के

[08:23:03] सामने। ठीक है? तो इसलिए 1767 में

[08:23:07] रेगुलेशन तो नहीं हुई बस यहां तक बात होकर

[08:23:10] खत्म हो गई कि कंपनी को हर साल 4 लाख 4

[08:23:15] लाख पाउंड हर साल 4 लाख पाउंड ये ब्रिटिश

[08:23:18] ट्रेजरी में डालना होगा। ठीक है? ठीक है?

[08:23:21] कि क्राउन को हर साल कंपनी के रेवेन्यूस

[08:23:24] में से 4 लाख पाउंड मिलेगा। तो यह सोचा

[08:23:26] गया कि जब कंपनी को पता होगा कि मुझे

[08:23:28] ट्रेजरी में 4 लाख पाउंड देना है तो उसको

[08:23:32] ध्यान में रखते हुए कंपनी शायद फालतू की

[08:23:35] वॉर्स और फालतू की एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट

[08:23:37] में ना पड़े और कंपनी के अफसरों पर भी

[08:23:39] प्रेशर रहेगा कि अपने प्राइवेट ट्रेड को

[08:23:41] बढ़ावा ना देके कंपनी के प्राइवेट ट्रेड

[08:23:43] को बढ़ावा दें। इज दैट क्लियर? ऐसा लगा

[08:23:47] कंपनी के मुलाजिमों को मतलब उस टाइम के

[08:23:50] पार्लियामेंटेरियंस को लेकिन इसका कुछ खास

[08:23:52] असर हुआ नहीं। ऊपर से 1769 1770 में बंगाल

[08:23:57] में फेमिन अलग से आ गया। तो अब कंपनी एक

[08:24:00] तरफ बैंककरप्ट हो रही है। बंगाल की 1/3

[08:24:04] पपुलेशन वाइप आउट हो चुकी है। तो पैसा जा

[08:24:06] कहां रहा है? पैसा जा रहा है ईस्ट इंडिया

[08:24:08] कंपनी के ऑफिशियल्स के पास। सो ऐसे टाइम

[08:24:11] पे ब्रिटिश में अच्छे खासे

[08:24:13] पार्लियामेंटेरियंस थे जिनको पता था कि इस

[08:24:15] तरह की सुपरमेसी कंपनी की काफी ज्यादा

[08:24:17] डेंजरस हो सकती है। राइट? सो

[08:24:20] कॉन्सिक्वेंटली

[08:24:21] 1772 में जब ईस्ट इंडिया कंपनी बैंककरप्सी

[08:24:25] के कगार पे आ गई। इट इज़ नॉट एबल टू पे

[08:24:28] सैलरीज ऑफ इट्स एंप्लाइजज़।

[08:24:30] बंगाल में फेमिन अलग है। और पैसा मांगने

[08:24:33] अपनी सरकार के पास आ गए। तो उस टाइम के जो

[08:24:34] प्राइम मिनिस्टर थे ही वाज़ क्वाइट

[08:24:36] प्रोएक्टिव। ही वाज़ क्वाइट प्रोग्रेसिव।

[08:24:39] और इन्होंने कहा कि यही सही टाइम है।

[08:24:41] कंपनी को अगर रेगुलेट करना है तो अभी यह

[08:24:43] हो सकती है क्योंकि अभी इसके पास पैसा पे

[08:24:45] करने की स्थिति है नहीं और ह्यूमेनिटेरियन

[08:24:47] क्राइसिस इतने क्रिएट किए हैं कि अब जो भी

[08:24:50] इस कंपनी को पेट्रनाइज करेगा कि क्राउन भी

[08:24:52] अगर इसको पेट्रनाइज करने की कोशिश करेगा

[08:24:54] क्राउन के ऊपर बहुत से सवाल उठने शुरू हो

[08:24:56] जाएंगे। तो कॉन्सिक्वेंटली इन्होंने कंपनी

[08:24:59] की एक्टिविटीज को रेगुलेट करने के लिए

[08:25:01] रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ 1773 क्या कर दिया?

[08:25:04] पास कर दिया। ठीक है? अब यहां पर इस एक्ट

[08:25:08] का ऑब्जेक्टिव क्या था? जो करप्शन चल रही

[08:25:11] है उसको कर्व करना। कंपनी पर

[08:25:13] पार्लियामेंट्री कंट्रोल को एग्जर्ट करना।

[08:25:15] बंगाल की चल रही मिसमनेजमेंट को ठीक करना

[08:25:18] और कंपनी के पास क्योंकि अब काफी सारी

[08:25:20] टेरिटरीज आती जा रही हैं धीरे-धीरे। तो उन

[08:25:23] टेरिटरीज की एडमिनिस्ट्रेशन को सेंट्रलाइज

[08:25:25] करना। ये ऑब्जेक्टिव था यहां पर। तो इधर

[08:25:29] कंपनी का स्ट्रक्चर समझो। मैंने आपको

[08:25:32] बताया कि जॉइंट स्टॉक कंपनी में क्या है

[08:25:34] कि मल्टीपल लोग अपनी-अपनी औकात के हिसाब

[08:25:36] से कुछ पैसा कंट्रीब्यूट करते हैं। ठीक

[08:25:39] है? किसी ने 10 पाउंड कर दिया, किसी ने

[08:25:41] 100 पाउंड हो सकता है कर दिया हो। किसी ने

[08:25:43] 500 पाउंड कर दिया तो कुछ ऐसे भी लोग

[08:25:45] होंगे जो 1000 पाउंड तक इस कंपनी के जॉइंट

[08:25:48] स्टॉक में उन्होंने कंट्रीब्यूट किया। तो

[08:25:50] इसमें ना दो तरह की बॉडीज थी। ठीक है? एक

[08:25:53] ये कॉमन बॉडी जिसमें बहुत से लोग हैं। ठीक

[08:25:56] है? ठीक है? एक तो सारे के सारे शेयर

[08:25:57] होल्डर प्लस वो शेयर होल्डर जिन्होंने 500

[08:26:00] पाउंड या उससे ज्यादा की कंट्रीब्यूशन की

[08:26:02] है ना कंपनी के शेयर में इनको कहते थे

[08:26:05] कोर्ट ऑफ प्रोपराइटर्स। इनके पास कुछ खास

[08:26:08] पावर नहीं होती थी। इनको सिर्फ मिलता था

[08:26:10] एक वोटिंग का अधिकार। किस चीज की वोटिंग

[08:26:14] करने के लिए? कि कंपनी की गवर्नेंस के लिए

[08:26:17] एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बनेगा या कोर्ट ऑफ

[08:26:20] डायरेक्टर बनेगा। ठीक है? यह कोर्ट ऑफ

[08:26:23] डायरेक्टर कंपनी की मैनेजमेंट मेनली

[08:26:25] देखेगा। और यही कोर्ट ऑफ डायरेक्टर की

[08:26:26] अनुमति से इंडिया में गवर्नर जनरल्स

[08:26:30] अपॉइंट हुआ करते थे। इसी कोर्ट ऑफ

[08:26:32] डायरेक्टर की अनुमति से और इनकी

[08:26:34] डायरेक्शंस के अंडर इंडिया में जब तक

[08:26:38] आईसीएस एग्जाम इंट्रोड्यूस नहीं हुआ था तो

[08:26:40] यही कोर्ट ऑफ डायरेक्टर इंडिया में सिविल

[08:26:42] सर्वेंट्स की भी नियुक्ति करते थे। राइट?

[08:26:45] तो मेजर मैनेजमेंट जो कंपनी की है वो इस

[08:26:47] कोर्ट ऑफ डायरेक्टर के पास है। तो अगर

[08:26:49] आपके कंपनी में 500 पाउंड तक के शेयर्स

[08:26:52] हैं 500 पाउंड या उससे ज्यादा के शेयर्स

[08:26:54] हैं तो आप कोर्ट ऑफ प्रोपराइटर बन जाते

[08:26:57] हो। मतलब कि आप कंपनी के कोर्ट ऑफ

[08:26:58] डायरेक्टर में लोगों का चुनाव कर सकते

[08:27:01] हैं। अगर आपके पास 1000 पाउंड या उससे

[08:27:05] ज़्यादा के शेयर हैं, तो आप कोर्ट ऑफ

[08:27:07] डायरेक्टर के लिए अपने आप को नॉमिनेट कर

[08:27:10] सकते हो। मतलब कि आपको फिर कोर्ट ऑफ

[08:27:12] प्रोपराइटर चूज़ करेंगे। मतलब यू कैन

[08:27:14] स्टैंड फॉर इलेक्शन। अब यहां पर ब्रिटिश

[08:27:17] पार्लियामेंट को यह लगा कि यह जो कंडीशन

[08:27:19] है बहुत ही हल्की कंडीशन है। ठीक है? इससे

[08:27:22] सिर्फ 1000 पाउंड तक की कंट्रीब्यूशन करके

[08:27:25] कोई भी कोर्ट ऑफ डायरेक्टर बन जाएगा तो वो

[08:27:27] चीज ठीक नहीं है। जिसने कंपनी के अंदर

[08:27:30] ज्यादा पैसा डाल रखा होगा वो कंपनी के

[08:27:32] फाइनेंशियल हेल्थ का भी ज्यादा ध्यान

[08:27:34] रखेगा। तो कॉन्सिक्वेंटली ऐसा ही होता है

[08:27:37] कि जिसने एक कंपनी में ज्यादा पैसा किसी

[08:27:39] ने ₹10 का शेयर खरीदा वह कहेगा कि कंपनी

[08:27:41] डूबे मरे हमें क्या और किसी ने अपनी पूरी

[08:27:43] जीवन भर की कमाई लगा दी हो तो वो ज्यादा

[08:27:45] फिक्र करेगा कि कंपनी तो यार चलती रहनी

[08:27:47] चाहिए। तो ब्रिटिश पार्लियामेंट ने क्या

[08:27:49] किया कि अब से वो व्यक्ति जिसकी 1000

[08:27:53] पाउंड या उससे ज्यादा की कंट्रीब्यूशन है

[08:27:56] इंस्टेड ऑफ़ 500 दैट विल बी कोर्ट ऑफ

[08:27:58] प्रोपराइटर। वो कोर्ट ऑफ प्रोपराइटर में

[08:28:00] बैठ सकता है मतलब वोटिंग कर सकता है और वो

[08:28:02] व्यक्ति जिसके पास कम से कम 2000 पाउंड के

[08:28:06] शेयर्स हैं केवल उसी में से हम डायरेक्टर

[08:28:08] को चूज़ करेंगे।

[08:28:11] ठीक है? तो ये जो कंडीशन थी डायरेक्टर्स

[08:28:13] और प्रोपराइटर्स की इसको चेंज कर दिया

[08:28:15] गया। दूसरा यह कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स असली

[08:28:18] धांधलेबाजी यही करते थे। ठीक है? अपने

[08:28:21] रिश्तेदारों को सिविल सर्वेंट लगा दिया।

[08:28:23] गवर्नर जनरल को कह दिया ऐसे कर लो, वैसे

[08:28:25] कर लो। तो पार्लियामेंट ने कहा कि भाई

[08:28:27] तुम्हारी जो भी भारत के साथ कॉरेस्पोंडेंस

[08:28:30] होगी उसे तुम पार्लियामेंट के ट्रेजरी और

[08:28:33] सेक्रेटरी ऑफ द स्टेट जो कि काइंड ऑफ

[08:28:35] फॉरेन मिनिस्टर होता था उसके साथ शेयर

[08:28:37] करोगे। ठीक है? तो यहां पर कह दिया गया कि

[08:28:40] तुम इस तरह की कोई भी कॉरेस्पोंडेंस अगर

[08:28:43] हुई तो पार्लियामेंट के अह ब्रिटिश सरकार

[08:28:46] के ट्रेजरी और सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट के साथ

[08:28:48] शेयर करोगे। तो इससे क्या होगा कि क्योंकि

[08:28:51] वह कॉरेस्पोंडेंस आपको ट्रांसपेरेंटली

[08:28:53] सामने रखनी पड़ेगी। तो इससे जो आप गलत

[08:28:57] इंस्ट्रक्शंस देके वेल्थ लूट रहे हो वहां

[08:28:59] से वो होना पॉसिबल नहीं हो पाएगा और यही

[08:29:02] लूटेड वेल्थ से कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स इतने

[08:29:05] अमीर हो जाते थे कि दे कुड एनश्योर टू

[08:29:08] रिटेन देमसेल्व्स इन दी कंपनी फॉर

[08:29:10] परपेक्चुअटी राइट और ब्रिटिश पार्लियामेंट

[08:29:14] में भी वह सीटें ऐसे खरीद सकते हैं। तो ये

[08:29:16] जो कंडीशन इन्होंने चेंज की कि कंपनी के

[08:29:18] बनते समय आपने जो अपनी कंट्रीब्यूशन की थी

[08:29:22] तो जिसने 1000 पाउंड तक कंट्रीब्यूट किया

[08:29:24] था केवल वही कोर्ट ऑफ प्रोपराइटर में

[08:29:26] बैठेगा और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर में सिर्फ

[08:29:28] 2000 पाउंड के ऊपर वाले लोग इलेक्शन के

[08:29:30] लिए खड़े हो सकते हैं। बात खत्म। ठीक है?

[08:29:32] तो ये यहां पर एक चेष्ठा की गई कि भाई

[08:29:35] पहले तो कंपनी की वो मैनेजमेंट जो ब्रिटेन

[08:29:40] में बैठती है उसको सीधा करो। दूसरी चीज

[08:29:42] इन्होंने क्या कहा? इन्होंने कहा बंगाल की

[08:29:44] प्रेसिडेंसी का सबसे बुरा हाल है। ठीक है?

[08:29:46] क्योंकि बक्सर की लड़ाई के बाद बंगाल

[08:29:48] प्रेसिडेंसी को काफी सारी पावर्स मिली थी।

[08:29:50] तो इनमें सबसे ज्यादा करप्शन हो रही है।

[08:29:52] एंड इट इज़ गोइंग अनचेक्ड। तो गवर्नर जनरल

[08:29:54] को कहा कि ही इज द लिंच पिन ऑफ यू नो दी

[08:29:57] करप्शन। वारेन हस्टिंग्स पे भी जैसा मैंने

[08:29:59] आपको बताया कि जो पंचसाला बंदोबस्त इसने

[08:30:01] शुरू किया था उसमें इसके खुद के ऊपर

[08:30:04] करप्शन लगी थी। तो गवर्नर जनरल को कहा गया

[08:30:06] कि भाई ऐसा है अब कि तुम अकेले डिसीजन

[08:30:09] नहीं ले सकते। तुमने जो भी डिसीजन लेना है

[08:30:12] यू विल हैव टू कंसल्ट फोर काउंसिलर्स।

[08:30:15] ठीक है? बंगाल, बिहार, उड़ीसा ये एक ही

[08:30:17] सूबा था। तो अब तुम्हें चार काउंसलर्स के

[08:30:20] साथ मिलकर डिसीजन लेना पड़ेगा। कोई अगर

[08:30:22] डिसीजन लेना है तो ये काउंसलर जो हैं ये

[08:30:24] वोट करेंगे। और मेजॉरिटी वोट होगा तभी तुम

[08:30:28] डिसीजन ले सकते हो। अगर काउंसलर्स ने मना

[08:30:31] कर दिया कि एक ने कहा नहीं करना है, तीन

[08:30:34] ने कहा नहीं करना। ठीक है? तो फिर डिसीजन

[08:30:36] नहीं लोगे। और अगर टू टू का टाई हो गया है

[08:30:38] वहां पे यू कैन गिव योर कास्टिंग वोट। ठीक

[08:30:41] है? ये जो मेंबर्स हैं चार काउंसिलर्स

[08:30:43] इनके बारे में दो-तीन चीजें ध्यान से सुन

[08:30:45] लो। प्रीलिम्स में क्वेश्चन आ सकते हैं।

[08:30:47] एमसीक्यू आ सकते हैं। पहली चीज कि ये 5

[08:30:51] साल के लिए इ होते थे। मतलब 5 साल के लिए

[08:30:54] नॉमिनेट किए जाते थे। ये जो काउंसलर्स हैं

[08:30:57] इनका टेन्योर कितना रखा गया? 5 साल।

[08:30:59] क्योंकि 5 साल से ज्यादा रहे तो पता लगे

[08:31:01] इन्होंने गांटी डाल दी गवर्नर जनरल के साथ

[08:31:03] कुछ भी गलत करना है तो हम समर्थन करेंगे।

[08:31:06] दूसरी चीज अगर डिसीजन लेना है तो कम से कम

[08:31:09] तीन मेंबर्स का होना जरूरी है। ऐसा नहीं

[08:31:11] कि दो मेंबर्स आए हैं। ठीक है? एक-एक हां

[08:31:13] ना बोल दो तो चलो भाई मैं अपना कास्टिंग

[08:31:15] वोट कर दूं। नहीं कम से कम तीन मेंबर्स का

[08:31:17] होना जरूरी था। और सबसे बड़ी बात कि यह जो

[08:31:20] काउंसलर्स थे ये ब्रिटिश पार्लियामेंट

[08:31:22] द्वारा अपॉइंट किए जाते थे। यह कंपनी के

[08:31:24] अफसर नहीं थे। ये कंपनी के कोर्ट ऑफ

[08:31:27] डायरेक्टर प्रोपराइटर नहीं थे। ना ही

[08:31:29] इंडियन ऑफिसर्स थे कंपनी के। इसको ब्रिटिश

[08:31:32] पार्लियामेंट अपॉइंट करती थी। और पहले ये

[08:31:36] चार काउंसिलर्स दैट वर अपॉइंटंटेड। ये कौन

[08:31:40] थे? वारेन हेस्टिंग्स के काउंसिल में

[08:31:41] फिलिप फ्रांसिस, क्लेवरिंग, मॉनसन एंड

[08:31:44] बारवेल।

[08:31:46] फ्रांसिस, क्लेवरिंग, मॉनसन एंड बार।

[08:31:49] फ्रांसिस, क्लेवरिंग, मॉनसन, बारबेल। ठीक

[08:31:52] है? ये यहां पर गवर्नर जनरल के काउंसिल

[08:31:55] में अपॉइंट हो गए। ठीक है? गवर्नर जनरल

[08:31:57] काउंसिल के ऊपर पार्लियामेंट की स्ट्रिक्ट

[08:31:59] ओवरसाइट थी क्योंकि मेंबर्स इंग्लैंड से आ

[08:32:01] रहे थे पार्लियामेंट के द्वारा। ठीक है?

[08:32:03] और यह कलेक्टिव डिसीजन से अब गवर्नर जनरल

[08:32:05] बाउंड हो गया था। तो वारेन हेस्टिंग्स को

[08:32:06] एक्चुअली रियलाइज हुआ दैट ही इज़ नाउ अनेबल

[08:32:09] टू टेक मेनी डिसीजंस। क्योंकि क्या होता

[08:32:11] था कि कई बार जैसे एक काउंसिल को लगता है

[08:32:13] कि हां ये कर देना चाहिए। दूसरे काउंसिलर

[08:32:15] को लगा कि नहीं ये नहीं कर देना चाहिए। तो

[08:32:17] बाकी दो काउंसलर जो है ना वो इस वाले को

[08:32:20] देख के कहते थे कि यार हमें पार्लियामेंट

[08:32:21] ने भेजा है। यह मना कर रहा है। तो क्योंकि

[08:32:25] कंपनी का काफी बुरा हाल था तो इसलिए हमें

[08:32:27] भेजा गया है। तो यह ना फिर नेगेशन की तरफ

[08:32:30] ज्यादा चले जाते थे। जैसे सरकारी कामों

[08:32:31] में ऐसा ही होता है। किसी चीज को

[08:32:33] क्लीयरेंस देने के अगर रीज़ंस हो ना ज्यादा

[08:32:36] ध्यान क्लीयरेंस ना देने के ऊपर जाता है।

[08:32:38] ठीक है? तो ये जो एक मेंबर भी मना करता था

[08:32:41] ना तो उसमें बाकी दो मेंबर्स ना स्वे हो

[08:32:45] जाते थे कि हां यार हमें भी शायद इसी का

[08:32:47] ही समर्थन करना चाहिए। नहीं तो दिक्कत हो

[08:32:49] जाएगी। ठीक है? नहीं तो पार्लियामेंट को

[08:32:51] लगेगा कि हम गवर्नर जनरल के साथ मिले हुए

[08:32:53] हैं। तो गवर्नर जनरल के हाथ काफी ज्यादा

[08:32:57] बंध गए। डिसीजन यह ले नहीं पाता था। ठीक

[08:32:59] है? यह एक शॉर्टकमिंग थी इसकी। उसके बाद

[08:33:02] करप्शन को एड्रेस करने के लिए सीधी सी बात

[08:33:04] है यार जब अगर किसी को इतना बड़ा धंधा कर

[08:33:06] रहे हैं ये इनको सैलरीज ही नहीं मिलेंगी

[08:33:08] तो करप्शन तो करेंगे फिर। तो इस एक्ट ने

[08:33:11] 1773 के एक्ट ने क्या किया? कहा कि सैलरीज

[08:33:13] हम अच्छी देंगे। लेकिन अगर सैलरीज अच्छी

[08:33:15] मिल रही हैं तो अब इरमोरल एक्टिविटी नहीं

[08:33:17] करोगे। मतलब प्राइवेट ट्रेड नहीं करना

[08:33:18] आपने। ब्राइबरी नहीं करनी, मनी लेंडिंग

[08:33:21] नहीं करनी। यह सब काम नहीं करोगे। ठीक है?

[08:33:23] बट हुआ क्या? यह चीज़ें बढ़ी। इवेंचुअली यह

[08:33:26] सारी चीजें जो है ग्रेजुअली इनक्रीस ही

[08:33:29] हुई। ठीक है? कम नहीं हुई। 1850 तक यह

[08:33:32] बढ़ती गई। सेंट्रलाइज्ड अथॉरिटी की जहां

[08:33:35] तक बात है। ठीक है? जहां तक सेंट्रलाइज्ड

[08:33:38] अथॉरिटी की बात है, तो बंगाल को ठीक है?

[08:33:41] बंगाल को क्या बना दिया? सब सुपीरियर बना

[08:33:44] दिया इन कंपैरिजन टू बॉम्बे एंड मद्रास।

[08:33:46] ठीक है? तो बंगाल, मद्रास, बॉम्बे। दे वर

[08:33:51] मेड सबोर्डिनेट टू बंगाल। ठीक है? और

[08:33:53] गवर्नर ऑफ बंगाल विल नाउ बी कॉल्ड गवर्नर

[08:33:56] जनरल ऑफ बंगाल।

[08:33:58] ठीक है? गवर्नर ऑफ बंगाल विल नाउ बी कॉल्ड

[08:34:00] एज गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल।

[08:34:03] ठीक है? और गवर्नर जनरल ही विल बी अंडर दी

[08:34:06] कंट्रोल ऑफ कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स इन

[08:34:07] इंग्लैंड। तो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को अगर

[08:34:09] लगता है कि यह गवर्नर जनरल ढंग से काम

[08:34:11] नहीं कर रहा, इसको वापस बुला लिया जाता था

[08:34:13] और बेहतर गवर्नर जनरल को भेज दिया जाता

[08:34:15] था। ठीक है जी। तो यह सेंट्रलाइजेशन की

[08:34:19] तरफ एक कदम बढ़ा दिया। इसके बाद कंपनी की

[08:34:23] एक्टिविटीज को चेक करने के लिए कोई

[08:34:25] इंडिपेंडेंट जुडिशरी भी नहीं थी। कंपनी ने

[08:34:27] खुद के ही कोर्ट्स बना रखे थे भारत में और

[08:34:29] कई बार वो जो जुरिसडिक्शन में अपना

[08:34:31] वर्डिक्ट देते थे वो कंपनी के फेवर में

[08:34:33] होता था। तो इस एक्ट ने एक प्रोविजन डाली

[08:34:37] कि सुप्रीम कोर्ट होना चाहिए में। और

[08:34:40] कॉन्सिक्वेंटली अगले साल रेगुलेटिंग एक्ट

[08:34:42] 1773 की प्रोविजन के अगले साल 1774 में

[08:34:45] सुप्रीम कोर्टक में आ गया। यह सिविल,

[08:34:48] क्रिमिनल, एडमिरालिटी और एकसियास्टिकल

[08:34:50] अफेयर्स में अपनी जुरिसडिक्शन रखता था।

[08:34:52] सिविल यह नॉर्मल सिविल केसेस जो होते हैं

[08:34:54] क्रिमिनल केसेस में अपराध हुआ है।

[08:34:56] एडमिरालिटी मतलब मिलिट्री केसेस भी ये

[08:34:59] हैंडल करता था और एकसियास्टिकल अफेयर्स

[08:35:01] मतलब रिलीजियस अफेयर्स भी हैंडल करता था।

[08:35:03] इसमें एक चीफ जस्टिस और तीन सबोर्डिनेट जज

[08:35:06] बैठते थे। और जो पहले चीफ जस्टिसक सुप्रीम

[08:35:10] कोर्ट के बने वो थे सर एलिजा इम्पी। ये

[08:35:13] नाम याद रखना वेरीेंट फॉर दी एग्जाम।

[08:35:15] कंपनी के सर्वेंट्स को कहा गया कि सुप्रीम

[08:35:17] कोर्ट में अगर बुलावा आया तो तुम्हें

[08:35:19] प्रस्तुत करना पड़ेगा और अपने जवाब देने

[08:35:21] पड़ेंगे। ब्रिटिश और इंडियंस दोनों ठीक

[08:35:24] है? यह भी इंपॉर्टेंट है एग्जाम के लिए।

[08:35:26] ब्रिटिश और इंडियंस दोनों ही इस कोर्ट में

[08:35:28] रिड्रेसल ले सकते हैं। और अगर इस कोर्ट के

[08:35:32] फैसले से आप खुश नहीं हैं, तो अपील करने

[08:35:35] के लिए एक ही रास्ता है किंग का काउंसिल

[08:35:37] जो कि इंग्लैंड में है। राजा का काउंसिल

[08:35:39] होता था वहां पर आप अपील फाइल कर सकते

[08:35:42] हैं। ठीक है? तो ये है जुडिशियल रिफॉर्म्स

[08:35:45] सुप्रीम कोर्ट एटलक में। राइट? सो इसकी

[08:35:48] सिग्निफिकेंस क्या है? पार्लियामेंट्री

[08:35:49] इंटरवेंशन स्टार्ट हो गई थी। ये एक

[08:35:51] रेगुलेटरी मेजर था। राइट? जुडिशियल

[08:35:54] इंडिपेंडेंस, पार्लियामेंट्री ओवरसाइड और

[08:35:56] सेंट्रलाइज़्ड एडमिनिस्ट्रेशन की एक शुरुआत

[08:35:58] भारत में हो गई थी। इसमें बहुत सारे

[08:36:00] शॉर्टकमिंग्स भी थी। जैसे कि इसमें पावर

[08:36:02] की बहुत ही वेगनेस थी। राइट? दूसरा जिस

[08:36:06] तरीके से गवर्नर जनरल का काउंसिल काम करता

[08:36:09] था तो अक्सर जो काउंसलर्स होते थे वो

[08:36:12] गवर्नर जनरल से डिसए्री करते थे तो ये

[08:36:14] काउंसिल डिस्फंक्शनल बन गया। ठीक है? दिस

[08:36:16] काउंसिल टर्नड आउट टू बी डिस्फंक्शनल। अब

[08:36:20] बंगाल का गवर्नर जनरल मद्रास और बॉम्बे

[08:36:23] में के कंपैरिजन में सुपीरियर तो है। बट

[08:36:25] किन मामलों में सुपीरियर है? जैसा कि हमने

[08:36:28] आगे देखा भी कि बॉम्बे के गवर्नर विलियम

[08:36:30] हनबी ने ट्रीटी ऑफ सूरत कर ही ली थी ना

[08:36:34] साइन ऐसे ही है ना ट्रीटी ऑफ़ सूरत को ऐसे

[08:36:37] उन्होंने साइन कर लिया था और उसके बाद

[08:36:39] कंफ्यूजन हुई वारेन हस्टिंग्स ने पुरंदर

[08:36:42] की ट्रीटी अनल करने के लिए भिजवाई है ना

[08:36:44] तो कई बार क्या होता था कि ये मद्रास

[08:36:46] बॉम्बे को कहा तो था कि तुम सबोर्डिनेट हो

[08:36:48] लेकिन एग्जैक्टली किन मामलों में

[08:36:50] सबोर्डिनेट हो किन मामलों में इंडिपेंडेंट

[08:36:52] हो क्लेरिटी नहीं थी इसी वजह से मैसूर

[08:36:55] मराठा वॉर में ये मिसकऑर्डिनेशन दिखी भी

[08:36:57] थी इनकी। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट का कंपनी

[08:37:01] के ट्रेडिशनल कोर्ट्स के साथ क्या रिलेशन

[08:37:03] है? क्योंकि सुप्रीम कोर्ट कुछ कहता था।

[08:37:06] राइट? और गवर्नर जनरल के काउंसिल कुछ और

[08:37:08] कहता था। कंपनी के कोर्ट्स का कुछ फैसला

[08:37:10] आया या सुप्रीम कोर्ट ने कोई अपना

[08:37:12] वर्डिक्ट दिया। तो आइडली क्या होता है कि

[08:37:13] एक लॉ ऑफ द लैंड क्या कहता है कि सुप्रीम

[08:37:15] कोर्ट का दिया हुआ फैसला कानून की तरह है।

[08:37:17] ठीक है? तो सबोर्डिनेट कोर्ट्स अभी भी

[08:37:19] नहीं मान रहे उसको। ठीक है? तो यह वेगनेस

[08:37:21] थी और क्योंकि कोर्ट जो है वो इंग्लिश लॉज़

[08:37:24] को पूरी इंडियन पापुलेशन के ऊपर अप्लाई कर

[08:37:26] रहा है तो इसको ऐसे भी देखा जाता था कि यह

[08:37:28] जुडिशरी फॉरेन है, अनजस्ट है और अनपॉपुलर

[08:37:32] है अमंग इंडियंस। ठीक है? इंडियंस इस

[08:37:35] जुडिशरी को भी लाइक नहीं कर रहे थे।

[08:37:37] कॉन्सिक्वेंटली

[08:37:38] 1773 से लेकर 1784 तक इस एक्ट को काम करने

[08:37:42] दिया गया। 10 साल इज़ अ सफिशिएंट टाइम

[08:37:44] जिसमें समझ आ जाता है कि इस एक्ट के

[08:37:46] क्या-क्या लिक्यूना है। ठीक है? के इस

[08:37:49] एक्ट के जो लिक्यूनास हैं वो समझ में आने

[08:37:52] शुरू हो गए। जैसे ही ये समझ में आने

[08:37:54] स्टार्ट हो गए तो तत्कालीन इंग्लैंड के

[08:37:56] प्रधानमंत्री विलियम पिट ने पिट्स इंडिया

[08:37:58] एक्ट को पार्टिसिपेट कर लेजिसलेट करवा

[08:38:01] दिया। और इसका काम क्या था? पिट्स इंडिया

[08:38:04] एक्ट का जितनी भी शॉर्टकमिंग 1773 के

[08:38:06] रेगुलेटिंग एक्ट में है उसको क्या हम

[08:38:08] करें? ठीक करें। ठीक है? बट एट द सेम टाइम

[08:38:11] कंपनी के डायरेक्टर्स को एलियनेट नहीं

[08:38:13] करना। नहीं तो क्या होता है कि वो कहेंगे

[08:38:15] कि ठीक है यार तुम ही कर लो फिर सब कुछ।

[08:38:17] हम नहीं यहां बैठे हैं। ठीक है? और वो

[08:38:19] मुनाफा नहीं कमाएंगे तो टैक्स नहीं

[08:38:20] मिलेगा। ठीक है? उसी का कुछ हिस्सा टैक्स

[08:38:23] की फॉर्म में भी मिलता तो है। तो

[08:38:24] कॉन्सिक्वेंटली पिट्स इंडिया एक्ट ने एक

[08:38:27] सिस्टम इंट्रोड्यूस किया कॉल्ड एज ड्यूल

[08:38:29] गवर्नमेंट स्ट्रक्चर। ड्यूल सिस्टम ऑफ

[08:38:31] एडमिनिस्ट्रेशन इन बंगाल यह अलग चीज है।

[08:38:34] ड्यूल गवर्नमेंट स्ट्रक्चर यह अलग चीज है।

[08:38:37] अब हमने ऑलरेडी देख लिया है कि कंपनी के

[08:38:40] कोर्ट ऑफ प्रोपराइटर्स हैं। ये कोर्ट ऑफ

[08:38:43] प्रोपराइटर्स कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को इ

[08:38:45] करते हैं और ये कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स भारत

[08:38:48] में गवर्नर जनरल की नियुक्ति करते हैं और

[08:38:50] दूसरे सिविल सर्वेंट्स की भी नियुक्ति

[08:38:52] करते हैं। एक तरीके से इंडिया की कंपनी की

[08:38:54] एक्टिविटीज की मेन कोऑर्डिनेशन इन कोर्ट

[08:38:56] ऑफ डायरेक्टर्स के द्वारा हो रही है। जब

[08:38:58] यह कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स भारत में अपना

[08:39:02] ओवरसी करते हैं एक्टिविटीज को कंपनी की तो

[08:39:04] कंपनी की एक्टिविटीज दो तरह की हो सकती

[08:39:07] हैं। है ना? क्योंकि कंपनी ऐसा तो है नहीं

[08:39:10] कि सिर्फ व्यापार कर रही है। वो वॉर्स भी

[08:39:12] लड़ रही है। वो पॉलिटिकल इनक्सेशन भी कर

[08:39:14] रही है। तो अब एक्टिविटीज दो तरह की हो गई

[08:39:16] हैं। वन इज़ कमर्शियल।

[08:39:19] वन इज़ कमर्शियल एंड द अदर वन इज़ इट इज़

[08:39:22] पॉलिटिकल। ठीक है? तो पिट्स को लगा विलियम

[08:39:26] पिट्स को लगा कि भाई कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स

[08:39:28] शुड स्टे कनफाइंड टू कमर्शियल एक्टिविटीज

[08:39:31] और पॉलिटिकल एक्टिविटीज को कंट्रोल करने

[08:39:34] के लिए मैं क्या करूंगा? आई विल सेंड अनदर

[08:39:36] बॉडी कॉल्ड एज बोर्ड ऑफ कंट्रोल। और

[08:39:40] यूपीएससी के एस्पिरेंट्स को और कंफ्यूज

[08:39:42] करूंगा।

[08:39:44] ठीक है? बोर्ड ऑफ कंट्रोल। कंट्रोल कौन

[08:39:46] सा? पॉलिटिकल कंट्रोल।

[08:39:49] इज दिस क्लियर एवरीवन? ठीक है? तो सबसे

[08:39:52] पहला काम क्या किया? ड्यूल गवर्नमेंट

[08:39:54] स्ट्रक्चर में कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स के

[08:39:57] पॉलिटिकल एक्टिविटीज या पॉलिटिकल पावर्स

[08:40:00] को सेपरेट करके यह दे दिया बोर्ड ऑफ

[08:40:02] कंट्रोल को। अब बोर्ड ऑफ कंट्रोल को दिया

[08:40:06] तो दिया। अब इस बोर्ड ऑफ कंट्रोल में

[08:40:07] मेंबर्स कितने हैं? तो ये हैं छह मेंबर्स।

[08:40:11] देयर आर टोटल सिक्स मेंबर्स इन बोर्ड ऑफ

[08:40:13] कंट्रोल। ये सिक्स मेंबर्स कौन-कौन से

[08:40:15] हैं? एक तो है इनका काइंड ऑफ फाइनेंस

[08:40:18] मिनिस्टर जिसको क्या कहते हैं?

[08:40:21] चांसलर ऑफ दी एक्स चेकर।

[08:40:26] दूसरा कौन है? ठीक है? इन सिक्स मेंबर्स

[08:40:28] में से सेकंड मेंबर कौन है? वो है

[08:40:30] सेक्रेटरी ऑफ द स्टेट। ये काइंड ऑफ फॉरेन

[08:40:32] मिनिस्टर होता है। तो कॉन्सिक्वेंटली

[08:40:34] इंडिया के साथ इसके मतलब कोऑर्डिनेशन का

[08:40:37] पता होना चाहिए। और छह में से जो चार

[08:40:39] मेंबर्स हैं, ये चार मेंबर्स हैं राजा के

[08:40:42] काउंसिल के मेंबर्स जिनको क्या कह कहा

[08:40:45] जाता है? प्रीवी काउंसलर्स। ये राजा के

[08:40:47] काउंसिल मेंबर्स हैं। राजा के भी सलाहकार

[08:40:50] होते हैं। जैसे गेम ऑफ थ्रोनस में नहीं

[08:40:51] था। नेड स्टार्क मुख्य सलाहकार था ना।

[08:40:54] किसका था? कौन थे यार? बराथियंस का। है

[08:40:57] ना? रॉबर्ट बराथियन का मुख्य सलाहकार

[08:40:59] बनाया था नेड स्टार्क को। और उसके बाद

[08:41:04] आगे भी जोफरी के साथ भी यही था ना। तो वह

[08:41:06] जो सलाहकार हैं, तो राजा के काउंसिल के

[08:41:09] चार मेंबर्स चांसलर ऑफ द ए ब्रिटिश एक्स

[08:41:12] चेकर एंड सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट। ये इन छह

[08:41:15] मेंबर्स का हिस्सा बनेंगे जो कि ईस्ट

[08:41:17] इंडिया कंपनी की पॉलिटिकल एक्टिविटीज का

[08:41:20] क्या रखेंगे? ध्यान रखेंगे, कंट्रोल

[08:41:23] करेंगे उसको। ठीक है? सो कमर्शियल मैटर्स

[08:41:26] आर विद कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स एंड द

[08:41:28] पॉलिटिकल मैटर्स आर नाउ विद बोर्ड ऑफ

[08:41:30] कंट्रोल। इज दिस क्लियर? प्लीज टाइप

[08:41:32] सीएनपी इन दी कमेंट सेक्शन। सीएनपी लिख दो

[08:41:35] सब जने ताकि मुझे पता लग जाए कि यह चीज

[08:41:37] थोड़ी सी डिफिकल्ट लगती है, ट्रबल सम लगती

[08:41:39] है। बट मैं इसीलिए फ्लो चार्ट साथ-साथ बना

[08:41:41] रहा हूं ताकि क्लेरिटी मिलती रहे। अब जो

[08:41:44] काउंसिल का साइज था काउंसिल के साइज को

[08:41:47] रिड्यूस कर दिया गया। वारेन हेस्टिंग्स का

[08:41:49] कहना था कि यार यार तुम्हें ना आता नहीं

[08:41:51] है कुछ तुमने चार काउंसिल भेज दिए हैं। वो

[08:41:54] एक जना मना करता है तो मतलब बाकी तीन मेरी

[08:41:57] सपोर्ट कर सकते हैं। लेकिन एक जना मना कर

[08:41:59] रहा है। एक जना सपोर्ट में कर रहा है। तो

[08:42:01] जनरली क्या होता है कि बाकी दो मेंबर्स ना

[08:42:03] के तरफ ज्यादा जाते हैं। तो मेरे तो हाथ

[08:42:06] ही बिल्कुल बंद गए हैं। तो उन्होंने कहा

[08:42:08] कि चलो हम क्या करते हैं? काउंसिल का नंबर

[08:42:10] चेंज कर देते हैं। तो काउंसिल का नंबर

[08:42:12] रिड्यूस कर दिया गया। चार की जगह तीन कर

[08:42:16] दिया गया। ठीक है? तो अब एक ना एक हां कर

[08:42:19] रहा है। ठीक है? तो यह जो अब यह वाला

[08:42:21] मेंबर है ना यह अब उतना स्केप्टिकल नहीं

[08:42:23] है जितना पहले हुआ करता था। पहले तो इनको

[08:42:25] पता था ना कि कंपनी गड़बड़ कर रही है तो

[08:42:27] इसलिए इनके ऊपर शिकंजा कसना है। तो अब

[08:42:29] इनको था कि अब अगर कोई चीज ठीक है तो कर

[08:42:33] लेने दो गवर्नर जनरल को। ठीक है? तो

[08:42:35] गवर्नर जनरल एंड काउंसिल के साइज को

[08:42:37] रिड्यूस करके गवर्नर जनरल देखो

[08:42:39] पार्टिसिपेट नहीं कर पा रहा अभी

[08:42:42] मतलब वोट नहीं कर पा रहा लेकिन डिस्कशन

[08:42:45] में पार्टिसिपेट तो कर ही सकता है। तो अगर

[08:42:47] एक मेंबर अगेंस्ट है, एक मेंबर फेवर में

[08:42:50] है तो इस मेंबर को गवर्नर जनरल फेवर में

[08:42:55] बात सुनाकर इसे भी अपनी साइड कर सकता है।

[08:42:58] ठीक है? तो दो मेंबर भी अगर गवर्नर जनरल

[08:43:01] के साथ हामी भरते हैं तो काम बन जाता है।

[08:43:03] पहले क्या होता था कि अगर दो मेंबर हामी

[08:43:05] भर भी रहे हैं एक चौथा मेंबर नहीं हामी भर

[08:43:08] रहा गवर्नर जनरल के साथ तो गवर्नर जनरल को

[08:43:10] फिर कास्टिंग वोट करना पड़ता था। उसके अलग

[08:43:12] भसड़ होती थी। ठीक है? अब क्या है कि

[08:43:15] गवर्नर जनरल और यह सेम पेज पे हैं। यह ना

[08:43:18] बोलने वाला माइनॉरिटी में चला गया। पहले

[08:43:20] ना बोलने वाले दो हैं। ठीक है? हां बोलने

[08:43:23] वाला एक है और एक गवर्नर जनरल है। तो यह

[08:43:26] चौथा मेंबर सोचता था कि गवर्नर जनरल तो

[08:43:28] गधा है। है ना? इसलिए तो हमें भेजा है

[08:43:31] ब्रिटिश पार्लियामेंट ने। तो इसलिए मैं

[08:43:33] इनके साथ जाऊंगा। नहीं करने दूंगा इसको।

[08:43:36] ये था मतलब तो काउंसिल के नंबर को रिड्यूस

[08:43:39] करके ये एक इंपैक्ट पड़ा। राइट? दूसरा

[08:43:42] गवर्नर जनरल काउंसिल को अथॉरिटी दी गई

[08:43:44] दूसरी प्रेसिडेंसीज को डिक्टेशन देने की

[08:43:47] कि वॉर डिप्लोमेसी और रेवेन्यू में कैसे

[08:43:49] जाना है। ठीक है? गवर्नर जनरल को अथॉरिटी

[08:43:50] दे दी गई कि वॉर डिप्लोमेसी रेवेन्यू किस

[08:43:52] तरह से मैनेज करना है। और दूसरी

[08:43:54] प्रेसिडेंसी दे कैन नॉट वेज वॉर विदाउट द

[08:43:57] अप्रूवल ऑफ डायरेक्टर्स। ठीक है? कि अगर

[08:44:00] जाना भी है कोई भी प्रेसिडेंसी है बिना

[08:44:02] डायरेक्टर की अनुमति के। ठीक है? और

[08:44:04] डायरेक्टर को कौन बताएगा कि वॉर पे जा रहे

[08:44:06] हैं कि नहीं जा रहे? गवर्नर जनरल। क्योंकि

[08:44:08] गवर्नर जनरल को डायरेक्टर ने अपॉइंट किया

[08:44:09] है। ठीक है? तो गवर्नर जनरल का अब

[08:44:12] क्लेरिटी दे दी। पहले नहीं लिखा था। अब

[08:44:14] लिख दिया कि वॉर, डिप्लोमेसी और रेवेन्यू

[08:44:16] के मामले में गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल विल बी

[08:44:19] सुपीरियर टू गवर्नर ऑफ़ मद्रास एंड बॉम्बे।

[08:44:21] राइट? और साथ ही साथ इसमें कहा कि इंडियन

[08:44:23] प्रिंसली स्टेट्स के इंटरनल अफेयर्स में

[08:44:25] हम इंटरफेयर नहीं करेंगे। अननेसेसरी वॉर्स

[08:44:27] नहीं करेंगे। लेकिन इसको अक्सर ये इग्नोर

[08:44:29] करते थे। ठीक है? 1784 में ये एक्ट आया

[08:44:31] था। पूरा 1843 1850 तक इन्होंने यही कुछ

[08:44:34] किया है। ठीक है? तो इसकी सिग्निफिकेंस

[08:44:37] क्या थी? कि ब्रिटिश ब्रिटिश गवर्नमेंट

[08:44:39] राइट? चांसलर ऑफ द एक्स चेककर सेक्रेटरी

[08:44:41] ऑफ़ स्टेट ये ब्रिटिश गवर्नमेंट का हिस्सा

[08:44:43] हैं। चार प्रवी काउंसलर्स ब्रिटिश

[08:44:44] गवर्नमेंट का हिस्सा हैं। यह पॉलिटिकल

[08:44:46] अफेयर्स कंपनी के कंट्रोल कर रहे हैं। तो

[08:44:48] टेक्निकली देखा जाए ना कंपनी ने जो कुछ भी

[08:44:50] गलत किया ब्रिटिश गवर्नमेंट को सब कुछ पता

[08:44:53] था। जब आपने पॉलिटिकल अफेयर्स चेंज कर दिए

[08:44:56] जो भी गड़बड़ हो रही है भारत में यू आर

[08:44:58] 100% रिस्पांसिबल फॉर दैट। ठीक है? और

[08:45:01] दूसरा इसी तरह का अकाउंटेबिलिटी का सिस्टम

[08:45:04] 1858 तक कंटिन्यू करेगा। और इसमें ये

[08:45:07] ब्रिटिश इंपीरलिज्म इन इंडिया की शुरुआत

[08:45:09] हो गई। ब्रिटिश इंपीरियलिज्म कैसे? कि

[08:45:12] ब्रिटेन में बैठी सरकार ईस्ट इंडिया कंपनी

[08:45:15] के थ्रू भारत को कंट्रोल कर रही है। ठीक

[08:45:18] है? एक डिस्टेंट गवर्नमेंट बहुत डिस्टेंट

[08:45:21] लैंड को पॉलिटिकली कंट्रोल कर रही है। तो

[08:45:23] ये इंपीरियलिज्म की शुरुआत हो गई। इसके

[08:45:25] बाद आता है एक्ट ऑफ 1786 दो साल बाद। यह

[08:45:28] विलियम पिट ने लॉर्ड कॉर्नवालिस को गवर्नर

[08:45:31] जनरल बनाने के लिए लेजिसलेट किया था। तो

[08:45:34] यह सिंपल एक एमसीक्यू स्टेटमेंट बन सकती

[08:45:37] है कि एक्ट ऑफ 1786 इनमें से किसको गवर्नर

[08:45:39] जनरल बनाने के लिए लाए थे? लॉर्ड

[08:45:41] कॉर्नवलिस को। तो लॉर्ड कॉर्नवलिस ने कहा

[08:45:43] था कि तभी बनूंगा जब गवर्नर जनरल और

[08:45:45] कमांडर इन चीफ यानी कि मिलिट्री का चीफ एक

[08:45:47] ही इंसान को पावर दी जाए। और साथ ही साथ

[08:45:50] इन्होंने कहा कि गवर्नर जनरल को मैटर्स ऑफ

[08:45:53] वॉर एंड पीस में अपने काउंसिल को ओवराइड

[08:45:55] करने की अनुमति दी जाए। पिट्स ने कहा

[08:45:57] दिया। ठीक है? बट कुछ खास मतलब कॉर्न

[08:45:59] वॉलिस जो है इज़ कॉल्ड एस फादर ऑफ यू नो

[08:46:03] सिविल सर्विज इन इंडिया बट मतलब जितने भी

[08:46:06] रिफॉर्म्स थे वो ब्रिटिश इंटरेस्ट को ही

[08:46:08] सर्व कर रहे थे। इंडियन इंटरेस्ट को नहीं।

[08:46:10] इसके बाद ट्रेड प्रिविलजेस की बात करें तो

[08:46:12] ईस्ट इंडिया कंपनी की हां ये देखो ये 1786

[08:46:16] का एक्ट हो गया। अब 1793 आ गया। ठीक है?

[08:46:19] तो 1773 में जो अमेंडमेंट थी वो 1784 में

[08:46:23] हो गई। उसके ऑलमोस्ट 10 साल बाद 1793 आ

[08:46:26] गया। तो अब फर्दर रिफॉर्म्स करने हैं। तो

[08:46:29] कंपनी के जो ट्रेड मोनोपोली थी ना यहां पर

[08:46:31] डिमांड उठ रही है कि इनकी ट्रेड मोनोपोली

[08:46:33] खत्म करो। लेकिन उसको 20 इयर्स के लिए और

[08:46:36] इंक्रीस कर दिया गया। राइट? इसी के

[08:46:38] साथ-साथ एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसीजर्स को

[08:46:40] कहा कि फॉर्मलाइज करो। मतलब स्टैंडर्ड

[08:46:42] ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स होने चाहिए

[08:46:44] एडमिनिस्ट्रेशन के लिए। तो उसको कोडिफाई

[08:46:46] कर दिया गया। नॉर्मल फैक्ट है। उसके बाद

[08:46:49] लॉस के मामले में एक बहुत बड़ी डेवलपमेंट

[08:46:52] होती है। यहां पर कंपनी को इंस्ट्रक्शंस

[08:46:55] दिए गए कि लॉज़ व्हिच आर रिलेटेड टू राइट्स

[08:46:58] ऑफ पर्सन एंड प्रॉपर्टी। इनको इंडियन

[08:46:59] लैंग्वेज में भी ट्रांसलेट किया जाए। ठीक

[08:47:01] है? ट्रांसलेट करने से क्या होगा कि लोकल

[08:47:04] इंडियन पापुलेशन को भी अपने लीगल राइट्स

[08:47:06] और इम्युनिटीज के बारे में पता लगेगा। और

[08:47:09] इस पर्टिकुलर एक्ट से 1793 में जो ये

[08:47:12] प्रोविजन लाई दिस एक्ट लेड दी फाउंडेशन ऑफ

[08:47:15] रूल ऑफ लॉ बेस्ड ऑन रिटन लॉज़। ठीक है?

[08:47:19] पहले क्या था? आर्बिटरी पर्सनल रूल्स होते

[08:47:21] थे। पर अब रूल ऑफ़ लॉ बेस्ड ऑन रिटन लॉज़ है

[08:47:23] कि लॉज़ लिखे जाएंगे और उनको वर्नाकुलर में

[08:47:26] ट्रांसलेट किया जाएगा ताकि इंडियंस को भी

[08:47:27] अपने लीगल राइट्स और इम्युनिटीज़ का पता

[08:47:29] लगे। क्योंकि ब्रिटिश गवर्नमेंट को

[08:47:30] रियलाइज हो रहा था कि देयर इज अ सिंबरिंग

[08:47:32] डिस्कंटेंट इन इंडिया। लोग डिसइंचेंट हो

[08:47:35] रहे हैं। उनको अपने अधिकार बताएंगे तो

[08:47:37] उनको शायद रियलाइज हो कि हम कितने अच्छे

[08:47:40] हैं। आपको सिविलाइज कर रहे हैं। उसके बाद

[08:47:44] जो होम गवर्नमेंट के मेंबर्स हैं। ठीक है?

[08:47:46] कंपनी के वो ऑफिशियल्स जो ब्रिटेन में

[08:47:48] ऑपरेट करते हैं, उनको जो पगार मिलती थी,

[08:47:50] वह इंडियन रेवेन्यू से मिलती थी। ब्रिटिश

[08:47:52] एक्स चेककर नहीं देता था। जैसे कि

[08:47:54] सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट इसको इंडिया के

[08:47:57] रेवेन्यू से पगार मिल रही है। क्यों भाई?

[08:47:59] इंडिया में तो बैठता नहीं है। बैठा तो यह

[08:48:01] लंदन में है और लंदन के इंटरेस्ट को

[08:48:03] प्रमोट कर रहा है। तो इसको वहीं से पगार

[08:48:05] मिलनी चाहिए थी। तो ये इसका एक ड्रॉबैक

[08:48:08] था। ठीक है? कि अपना टैक्स चेककर का पैसा

[08:48:11] बचाने के लिए जो होम गवर्नमेंट के मेंबर्स

[08:48:13] हैं, ठीक है? कंपनी के वो ऑफिशियल्स जो

[08:48:16] ब्रिटेन में हैं, उनको इंडियन रेवेन्यू से

[08:48:18] पैसा मिल रहा है। सो, दिस वाज़ दी चार्टर

[08:48:20] एक्ट ऑफ़ 1793।

[08:48:22] इसके बाद 1813 का चार्टर एक्ट आता है जो

[08:48:25] कि कंपनी की मोनोपोली के कॉन्टेक्स्ट में

[08:48:27] एक बहुत इंपॉर्टेंट सिग्निफिकेंट

[08:48:29] डेवलपमेंट है। यहां पर क्या होता है कि

[08:48:32] कंपनी बहुत बुरी तरह एक्सपैंड कर चुकी है।

[08:48:34] ठीक है? तो 1813 आते-आते एज यू कैन

[08:48:37] क्लियरली सी कि बस 5 साल और और मराठाज़ भी

[08:48:40] इन्होंने एनेक्स कर लिया। बंगाल में इनके

[08:48:42] पास है ही और लोअर पेनिनसुला के मास्टर्स

[08:48:44] 1799 में ही बन गए थे। तो अब कमर्शियल

[08:48:47] इतने ये कंपनी इतना ज्यादा एक्सपैंड कर

[08:48:49] चुकी है कि इट इज नॉट प्रैक्टिकली पॉसिबल

[08:48:51] फॉर इट टू फंक्शन बोथ एज कमर्शियल एंड

[08:48:53] पॉलिटिकल एंटिटी। ऑन टॉप ऑफ इट इंग्लैंड

[08:48:56] के अंदर ना लेस फेयर थॉट्स और आइडियाज ये

[08:48:59] सारा परकुलेट हो रहे हैं। ठीक है? तो

[08:49:01] इसलिए कई सारे ब्रिटिश मर्जेंट्स कह रहे

[08:49:03] हैं कि सरकार को इंटरवीन करना ही नहीं

[08:49:04] चाहिए। ठीक है? जो बेस्ट ट्रेड कर सकता है

[08:49:07] लेट द बेस्ट मैन विन। तो हमें भी इंडियन

[08:49:09] मार्केट्स में ट्रेड करने दो। सो

[08:49:11] कॉन्सिक्वेंटली एक और इसमें पंगा पड़ गया।

[08:49:14] ये 1813 है ना तो नेपोलियन ने क्या किया

[08:49:17] था? ये नेपोलियन का पता है आपको? नेपोलियन

[08:49:19] का कॉन्टिनेंटल सिस्टम था। उस कॉन्टिनेंटल

[08:49:21] सिस्टम ने ना नेपोलियन ने यह कह दिया कि

[08:49:24] कॉन्टिनेंटल यूरोप में अगर कोई ट्रेड हो

[08:49:27] रहा है उस ट्रेड में ब्रिटिश की शिप्स और

[08:49:29] ब्रिटिश का मटेरियल हम यूज़ नहीं करेंगे।

[08:49:32] सो क्योंकि ब्रिटिश वाज़ एबल टू डिपेंड ऑन

[08:49:34] देयर कॉलोनीज़ फॉर मेन मनी एंड मटेरियल। तो

[08:49:37] इसलिए यह सर्वाइव कर पाए। अदरवाइज़

[08:49:38] नेपोलियन के कॉन्टिनेंटल सिस्टम इट कुड

[08:49:41] हैव क्रिपल्ड ब्रिटिश फाइनशियली। तो इसकी

[08:49:44] वजह से अब ईस्ट में ट्रेड सिर्फ ईस्ट

[08:49:47] इंडिया कंपनी कर रही है। तो मैं जो

[08:49:49] मर्चेंट हूं जो अदरवाइज शायद फ्रांस में

[08:49:52] अपना कुछ माल बेचता था या फिर स्पेन में

[08:49:54] बेचता था। अब कॉन्टिनेंटल सिस्टम के की

[08:49:56] वजह से मैं बेच ही नहीं पा रहा। ये डोनल्ड

[08:49:58] ट्रंप के टेररिफ की तरह हो गया। सो

[08:49:59] कॉन्सिक्वेंटली आई एम इवन मोर डेस्पिरेट

[08:50:02] कि यार खोलो मार्केट को खोलो। इनकी

[08:50:04] मोनोपोली हटाओ। राइट? सो कॉन्सिक्वेंटली

[08:50:07] अमिड्स सच लाउड कॉल्स फॉर एंडिंग दी

[08:50:10] मोनोपोली ऑफ ईस्ट इंडिया कंपनी चार्टर

[08:50:13] एक्ट ऑफ 1813 इसने क्या किया कंपनी की

[08:50:17] प्रेजेंस को 20 साल के लिए एक्सटेंड किया

[08:50:20] लेकिन इसकी मोनोपोली जो है इंडियन ट्रेड

[08:50:22] पे ये एंड कर दी एक्सेप्ट ट्रेड एंड टी

[08:50:25] एंड ट्रेड विद चाइना बाकी सब कुछ अब ओपन

[08:50:27] है तो मैं अगर ब्रिटिश मर्चेंट हूं मैं

[08:50:30] कपड़े का व्यापार करता हूं तो मैं भारत के

[08:50:32] साथ ट्रेड कर सकता हूं मैं रॉ मटेरियल का

[08:50:34] व्यापार करता हूं मैं भारत से रॉ मटेरियल

[08:50:36] प्रक्योर करके ब्रिटिश लेकर आ सकता हूं।

[08:50:38] और इसका रिजल्ट क्या था? इंडियन ट्रेड वाज़

[08:50:40] ओपन टू वॉल। ठीक है? सो ये एक काफी बड़ी

[08:50:45] डेवलपमेंट थी। दूसरी डेवलपमेंट अंडर

[08:50:48] चार्टर एक्ट ऑफ़ 1813 क्या थी? कि पहली बार

[08:50:51] इस एक्ट में एक्सप्लसिटली लिखा गया कि

[08:50:54] कंपनी भारत में ये जो टेरिटरीज एनेक्स कर

[08:50:57] रही है ना ये इनके बाप की टेरिटरी नहीं

[08:50:59] है। एक्सप्लसिटली ये लिखा गया कि दिस

[08:51:01] टेरिटरी इज़ बीइंग हेल्ड इन ऑन बिहाफ ऑफ

[08:51:05] ब्रिटिश क्राउन। ठीक है? तो जो

[08:51:07] कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस था ब्रिटिश इंडिया

[08:51:10] का कि ईस्ट इंडिया कंपनी इज दी

[08:51:13] कस्टोडियन ऑफ दी टेरिटरीज व्हिच आर

[08:51:16] एक्चुअली दी टेरिटरीज ऑफ ब्रिटिश क्राउन।

[08:51:19] ठीक है? तो एक्सप्लसिटली पहली बार ब्रिटिश

[08:51:22] इंडिया का कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस यहां पर

[08:51:23] मेंशन किया गया। इसी के साथ-साथ अब देख

[08:51:26] लिया था कि पॉलिटिकल पावर हमारी एक्सपैंड

[08:51:28] हो चुकी है। सब कुछ जंगा सी। तो उन्होंने

[08:51:30] कहा कि क्रिश्चियन मिशनरीज अब अगर अपनी

[08:51:32] एक्टिविटीज प्रोपगेट करना चाहते हैं तो आ

[08:51:34] सकते हैं। पोर्चुगीज़ की तरह स्टार्टिंग

[08:51:36] में ही करेंगे तो लुढ़क जाएंगे। तो यहां पर

[08:51:38] क्रिश्चियन मिशनरीज को भी अलाउ कर दिया

[08:51:40] गया। ठीक है? तो कई सारी रिलीजियस

[08:51:42] सेटलमेंट्स होनी स्टार्ट हो गई और

[08:51:43] वेस्टर्न आइडियाज भी प्रोपगेट होना शुरू

[08:51:45] हो गए। ये वेस्टर्न आइडियाज रेडिक्यूल

[08:51:47] करते थे इंडियन रिलजन को। तो उस वजह से भी

[08:51:49] इंडियंस काफी ज्यादा इरिटेट होते थे। यह

[08:51:51] भी एक कारण बना था रिव्ट ऑफ 1857 का। इसी

[08:51:54] के साथ-साथ कंपनी को रियलाइज हुआ कि

[08:51:56] जैसे-जैसे एडमिनिस्ट्रेशन बढ़ रही है

[08:51:58] हमारी मैन पावर कम है तो हमें इंडियंस में

[08:52:00] से ही एक ऐसी क्लास बनानी पड़ेगी व्हिच इज

[08:52:03] इटसेल्फ एजुकेटेड इनको एजुकेट करके यह

[08:52:06] परकुलेट करेंगे एजुकेशन नीचे के तबके के

[08:52:09] लोगों को राइट? तो ट्रिकल डाउन थ्योरी

[08:52:12] होगी एजुकेशन की और उसके बाद इन्हें

[08:52:14] एजुकेट करने के लिए सरकार को कुछ एफर्ट्स

[08:52:16] करने पड़ेंगे। उसके लिए इन्होंने एनुअल

[08:52:18] फंड ₹1 लाख का तैयार किया। ठीक है?

[08:52:21] इन्होंने कहा ₹1 लाख हम आपको प्रोवाइड

[08:52:24] करेंगे टू प्रमोट लिटरेचर साइंस। राइट?

[08:52:27] इंडियंस को लिटरेचर और साइंस की नॉलेज दो

[08:52:29] और स्टेट की रिस्पांसिबिलिटी है कि लोगों

[08:52:31] को हम एजुकेट करें ताकि इन एजुकेटेड लोगों

[08:52:33] को एडमिनिस्ट्रेशन में ये कोऑप्ट कर सकें

[08:52:36] ब्रिटिश। ठीक है? तो ये था आपका चार्टर

[08:52:39] एक्ट ऑफ़ 1813। क्या इंपॉर्टेंट प्रोविज़ंस

[08:52:41] हैं? चार प्रोविज़ंस हैं। मोनोपोली खत्म।

[08:52:44] चार्टर 20 साल का रिन्यू। ठीक है? चाइना

[08:52:47] और टी का ट्रेड की मोनोपोली अभी भी है।

[08:52:50] एक्सप्लसिट मेंशन ऑफ कॉन्स्टिट्यूशनल

[08:52:52] स्टेटस ऑफ ब्रिटिश इंडिया। क्रिश्चियन

[08:52:54] मिशनरीज को अलव कर दिया एजुकेशन के लिए ₹1

[08:52:56] लाख। ठीक है? शॉर्ट नोट अगर बनाने हैं

[08:52:59] पर्चियां बनाया करो। ठीक है? बस इतने चार

[08:53:01] वर्ड्स लिखने हैं। एंड ऑफ मोनोपोली

[08:53:03] एक्सेप्ट टी एंड चाइना एक्सप्लसिट मेंशन

[08:53:06] ऑफ ब्रिटिश क्राउन स्टेटस

[08:53:09] क्रिश्चियन मिशनरीज एजुकेशनल ग्रांट 1

[08:53:12] लाख। ठीक है? इसके बाद 1833 आते-आते

[08:53:16] इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन इंग्लैंड में बहुत

[08:53:18] पीक पर पहुंच गई। ठीक है? और लेस फेयर

[08:53:21] लिबरलिज्म और भी ज्यादा इसकी बात हो रही

[08:53:23] है। तो अब डिमांड की जा रही है कि कंपनी

[08:53:25] की हर तरह की मोनोपोली को पूरी तरह खत्म

[08:53:27] कर दिया जाए। लिबरलिज्म इतना ज्यादा चर्चा

[08:53:30] में था कि 1830 में लिबरल पार्टी इलेक्शन

[08:53:33] जीत जाती है इंग्लैंड में। ठीक है? और ये

[08:53:36] 1832 में रिफॉर्म्स अनाउंस करते हैं जो

[08:53:39] चार्टर एक्ट ऑफ यू नो 1833 को भी

[08:53:42] इन्फ्लुएंस करते हैं। ठीक है? तो अ कुछ

[08:53:46] लिबरल मेंबर्स जैसे कि मकौली ये बोर्ड ऑफ

[08:53:49] कंट्रोल का सेक्रेटरी था। और जेम्स मिल ही

[08:53:52] वाज़ द एग्जामिनर ऑफ इंडियन कॉरेस्पोंडेंस।

[08:53:54] चाहिए। कोर्ट ऑफ़ डायरेक्टर्स के ऊपर वो

[08:53:56] कंडीशन लग गई थी ना कि आपको अपनी इंडियन

[08:53:58] कॉरेस्पोंडेंस ब्रिटिश एक्स शेकर और

[08:54:00] सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट के साथ शेयर करनी है।

[08:54:02] तो जेम्स मिल एग्जामिनर ऑफ इंडियन

[08:54:04] कॉरेस्पोंडेंस का ही वाज़ द एग्जामिनर। ठीक

[08:54:08] है? तो इन दोनों लोगों ने इस एक्ट को

[08:54:10] इन्फ्लुएंस किया। और उस समय पर ब्रिटेन

[08:54:12] में क्या माहौल था? स्लेवरी अबॉलिश हो गई

[08:54:14] थी। ह्यूमन डिग्निटी को इंश्योर किया जा

[08:54:16] रहा था थ्रू एक्ट्स लाइक फैक्ट्री एक्ट।

[08:54:18] ठीक है? तो इन्हीं कॉन्टेक्स्ट में चार्टर

[08:54:20] एक्ट बनाया गया 1833 का। तो सबसे पहला काम

[08:54:22] किया कंपनी के सारे के सारे ट्रेडिंग

[08:54:25] राइट्स जो हैं उसको अबॉलिश कर दिया गया और

[08:54:28] इसको कहा गया कि अपने कमर्शियल ऑपरेशंस जो

[08:54:30] हैं उसे वाइंड अप कर दो। दूसरा इससे वजह

[08:54:34] से आई होप यू कैन अंडरस्टैंड कि जो यूनियन

[08:54:36] ऑफ ट्रेडर एंड रूलर है यह खत्म हो गया।

[08:54:38] इसके दूसरा जो बोर्ड ऑफ कंट्रोल का

[08:54:40] प्रेसिडेंट है, ही बिकम मिनिस्टर ऑफ

[08:54:42] इंडियन अफेयर्स। ठीक है? बोर्ड ऑफ कंट्रोल

[08:54:44] का जो प्रेसिडेंट है, ही बिकम मिनिस्टर ऑफ

[08:54:46] इंडियन अफेयर्स। और साथ ही साथ गवर्नर

[08:54:49] जनरल एंड काउंसिल के ऊपर अब कोर्ट ऑफ

[08:54:51] डायरेक्टर्स का नहीं पार्लियामेंट का

[08:54:53] कंट्रोल रहेगा। ठीक है? तो कोर्ट ऑफ

[08:54:56] डायरेक्टर्स का ये ड्यूल सिस्टम ऑफ

[08:54:57] गवर्नमेंट स्ट्रक्चर जो था ड्यूल

[08:54:59] गवर्नमेंट स्ट्रक्चर बाय विलियम पिट उसमें

[08:55:02] कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स कंट्रोल करते थे

[08:55:04] गवर्नर जनरल को। लेकिन 1833 के एक्ट में

[08:55:07] गवर्नर जनरल एंड काउंसिल इज़ नाउ अंडर

[08:55:10] कंप्लीट पार्लियामेंट्री कंट्रोल। राइट?

[08:55:12] इसी के साथ-साथ क्योंकि अब बहुत सारे

[08:55:14] ब्रिटिश मर्चेंट्स भारत के साथ ट्रेड कर

[08:55:16] रहे हैं क्योंकि कंपनी की मोनोपोली खत्म।

[08:55:18] तो इसलिए उनकी इमीग्रेशन और उनकी ओनरशिप

[08:55:21] ऑफ प्रॉपर्टीज के ऊपर जो पहले

[08:55:22] रिस्ट्रिक्शंस थी उसको हटा दिया गया और

[08:55:25] अकॉर्डिंगली अब काफी सारे यूरोपियंस आने

[08:55:27] स्टार्ट हो गए हैं। तो हमें इंडियन लॉस को

[08:55:29] भी रिफॉर्म करना पड़ेगा ताकि ये यूरोपियंस

[08:55:32] भारत आके कंफर्टेबल महसूस करें। डर में ना

[08:55:34] जिएं। इस चीज के लिए एक लॉ कमीशन को

[08:55:37] अपॉइंट किया गया कि एक लॉ कमीशन बनाओ। तो

[08:55:40] भारत में लॉ एंड ऑर्डर इंश्योर करने के

[08:55:41] लिए यह पीनल कोड, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड

[08:55:44] और सिविल प्रोसीजर कोड तैयार करेंगे। और

[08:55:47] थॉमस मैकोले को लॉर्ड मैकोले को इसका

[08:55:51] जिम्मा दिया गया कि आप इनको कोडिफाई

[08:55:53] करेंगे जो कि इन्होंने आगे किया भी।

[08:55:55] ब्रिटिश गवर्नर जनरल के तीन काउंसिल के

[08:55:58] तीन मेंबर्स हैं।

[08:56:00] गवर्नर जनरल इन काउंसिल के तीन मेंबर्स

[08:56:03] हैं। एक फोर्थ मेंबर ऐड कर दिया गया। हु

[08:56:06] केम टू बी कॉल्ड एज लॉ मेंबर और लॉर्ड

[08:56:08] मैकोले ही पहले ऐसे लॉ मेंबर बने गवर्नर

[08:56:12] जनरल के इस काउंसिल के और इसके पास बेचारे

[08:56:16] के पास वोटिंग राइट नहीं था। यह मेंबर

[08:56:17] जरूर है मीटिंग्स में पार्टिसिपेट करेगा

[08:56:20] लेकिन डिसीजन में वोट नहीं करेगा। ठीक है?

[08:56:22] समझ में आ गया एवरीवन? प्लीज टाइप यस और

[08:56:24] नो इन द कमेंट सेक्शन। ठीक है? सुनने और

[08:56:27] अंडरस्टैंडिंग पे फोकस कीजिए। राइट? दूसरा

[08:56:31] यह देखा जाता था कि यह जो कोर्ट ऑफ

[08:56:33] डायरेक्टर्स है ना यह अक्सर अपने ना भाई

[08:56:35] भतीजों को जो बेरोजगार हैं इंग्लैंड में

[08:56:38] उनको सिविल सर्वेंट बना के इंडिया में

[08:56:40] अपॉइंट कर देते हैं। ठीक है? सो

[08:56:41] कॉन्सिक्वेंटली

[08:56:43] चार्टर एक्ट ऑफ 1833 ने यह लिखा कि नो

[08:56:46] पर्सन शैल बी डिसक्वालीिफाइड फॉर

[08:56:48] एंप्लॉयमेंट बेस्ड ऑन रिलजन रेस डिसेंट और

[08:56:49] कलर। तो इन्होंने कहा कि प्रॉपर ट्रेनिंग

[08:56:51] इंस्टट्यूट बनाओ सिविल सर्वेंट्स की

[08:56:53] ट्रेनिंग के लिए इन हेलीबेरी कॉलेज इन

[08:56:55] लंदन और साथ ही साथ यह कॉम्पिटिटिव एग्जाम

[08:57:00] के फॉर्म में इसको कंडक्ट करो सिविल

[08:57:01] सर्विज को। लेकिन यह इंप्लीमेंट नहीं हुआ।

[08:57:04] ठीक है? यह सेक्शन 87 था चार्टर एक्ट का

[08:57:06] 33 के 1833 के। इट डिड नॉट गेट

[08:57:09] इंप्लीमेंटेड नॉट गेट इंप्लीमेंट।

[08:57:13] ठीक है? स्लेवरी 1833 में ब्रिटेन में

[08:57:16] अबॉलिश हुई थी। इंडिया में ये 1843 में

[08:57:19] अबॉलिश हुई थी बाय एक्ट फाइव। ठीक है? और

[08:57:21] चार्टर एक्ट ऑफ़ 1833 में गवर्नर जनरल को

[08:57:23] कहा था कि काइंडली वर्क टुवर्ड्स

[08:57:25] अबॉलिशिंग स्लेवरी इन इंडिया। तो स्लेवरी

[08:57:28] अबॉलिश हुई। उसकी जगह क्या आ गया?

[08:57:29] इंडेंचर्ड लेबर। इंडेंचर्ड लेबर ना कहने

[08:57:33] को कॉन्ट्रकुअल लेबर थी। लेकिन

[08:57:35] कॉन्ट्रैक्ट इस तरह का होता था दैट वाज़

[08:57:37] वर्चुअली टेकिंग अवे एंटायर फ्रीडम ऑफ द

[08:57:40] लेबर हु वाज़ साइनिंग दिस कॉन्ट्रैक्ट।

[08:57:43] ठीक है? उनसे कहा जाता था 10 घंटे की

[08:57:45] मैराथॉन अगर हमने कहा आपको लेने के लिए तो

[08:57:47] लेनी पड़ेगी। मजाक कर रहा हूं मैं। जस्ट

[08:57:49] किचिंग। ठीक है? जस्ट के ध्यान भी रखते

[08:57:52] हैं। है ना? ध्यान भी रखते हैं। ऐसा नहीं

[08:57:55] है।

[08:57:57] ठीक है? और सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन में

[08:58:00] 1833 में एक और चीज होती है कि बंगाल का

[08:58:04] गवर्नर क्या कहा जा रहा है? गवर्नर जनरल

[08:58:06] कह रहे हैं उसको। ठीक है? बंगाल के गवर्नर

[08:58:08] को क्या कह रहे हैं?

[08:58:11] गवर्नर जनरल कह रहे हैं। ठीक है? तो अब

[08:58:15] क्या है? गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल को गवर्नर

[08:58:18] जनरल ऑफ इंडिया बना दिया। और ऐसे पहले

[08:58:20] गवर्नर जनरल कौन बने? लॉर्ड विलियम

[08:58:23] बेंटिक।

[08:58:25] एक ना मुझे याद है एक बार यूपीएससी में ही

[08:58:28] क्वेश्चन आया था। ठीक है? और पंजाब पीसीएस

[08:58:31] में अक्सर ये पूछ लिया जाता है। मुझे आप

[08:58:33] बताओ जो मैं स्टेटमेंट बोलूंगा ये ट्रू है

[08:58:35] कि फॉल्स है। ठीक है? दिस इज़ आई एम टेलिंग

[08:58:37] यू सो दैट यू अंडरस्टैंड कि यूपीसी कैसे

[08:58:39] घुमाती है।

[08:58:41] हां जी।

[08:58:43] द स्टेटमेंट इज

[08:58:45] विलियम बेंटिक नहीं विलियम बेंटिक गवर्नर

[08:58:48] जनरल ऑफ इंडिया अबोलिश्ड सती इन 1829

[08:58:54] ध्यान से सुनिए विलियम बेंटिंग

[08:59:04] जो है यह फॉल्स है क्योंकि 1829 में देयर

[08:59:10] वाज़ नो गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया ओनली गवर्नर

[08:59:12] जनरल ऑफ बंगाल। ठीक है? तो ध्यान रखिएगा।

[08:59:15] ठीक है जी? इस चीज का ध्यान रखिएगा। राइट?

[08:59:18] तो गवर्नर जनरल वाज़ नाउ इन कंट्रोल ऑफ

[08:59:20] रेवेन्यू वॉर डिप्लोमेटिक रिलेशंस। वो

[08:59:22] सेंटर बन गया। तो जो 1773 के एक्ट में एक

[08:59:25] सेंट्रलाइजेशन को शुरू किया था वो अपने

[08:59:28] पीक के ऊपर पहुंच गई थी एडमिनिस्ट्रेटिव

[08:59:30] सेंट्रलाइजेशन। ठीक है? और गवर्नर जनरल इन

[08:59:33] काउंसिल को स्टोल अथॉरिटी बना दिया था टू

[08:59:36] लेजिसलेट फॉर ऑल ब्रिटिश टेरिटरीज इन

[08:59:38] इंडिया। ठीक है? ये जो गवर्नर जनरल का

[08:59:40] काउंसिल है, गवर्नर जनरल एंड ह फोर

[08:59:42] मेंबर्स। इनमें से तीन मेंबर के पास

[08:59:45] वोटिंग राइट है। एक के पास नहीं है लॉ

[08:59:47] मेंबर के पास। लेकिन ये काउंसिल पूरे भारत

[08:59:49] के लिए कानून बना सकता है। ठीक है? और

[08:59:52] लेजिसलेशंस ऑफ बाकी क्योंकि अब गवर्नर

[08:59:54] जनरल सब कुछ करेगा तो दूसरी प्रेसिडेंसी

[08:59:56] की इस पावर को स्नैच कर लिया गया। ठीक है?

[09:00:00] उनको कहा कि तुम्हारा कोई काम नहीं है।

[09:00:01] बैठो आराम से आराम करो, चिल करो। ठीक है?

[09:00:04] चाय वगैरह पियो।

[09:00:06] राइट? सो ये जो 1833 का एक्ट है, इट

[09:00:11] कलर्मिनेटेड इंटू सेंट्रलाइजेशन।

[09:00:13] राइट? गवर्नर जनरल हैड कंप्लीट अथॉरिटी।

[09:00:16] सेक्शन 87 ने कॉर्नवालिस की पॉलिसी ऑफ़

[09:00:19] यूरोपनाइजेशन को टारगेट किया। ठीक है?

[09:00:22] कॉर्नवालिस का मानना था कि इंडियंस आर नॉट

[09:00:26] फिट टू यू नो गवर्न। तो इसलिए जो भी सिविल

[09:00:28] सर्विज इंट्रोड्यूस की थी वो यूरोपियंस को

[09:00:31] ही प्रेफरेंस देती थी। ठीक है? तो सेक्शन

[09:00:34] 87 की प्रोविजन तो डाली थी बट अभी

[09:00:36] इंप्लीमेंट नहीं हुई। और दूसरा ट्रेड इनकम

[09:00:38] जो थी ना कंपनी की वो लगातार डिक्लाइन कर

[09:00:40] रही थी। ऑब्वियसली करेगी क्योंकि इतना

[09:00:42] पॉलिटिक्स हो रही है, एनेक्सेशन इतनी हो

[09:00:45] रही है, एडमिनिस्ट्रेशन इतनी हो रही है तो

[09:00:47] ट्रेड करने का टाइम ही नहीं है किसी के

[09:00:48] पास। तो कंपनी शिफ्टेड फ्रॉम बिजनेस टू

[09:00:51] गवर्नेंस एंड कंपनी देयर फॉर आफ्टर 1833

[09:00:55] एक्ट मोनोपोली भी गई। मोनोपोली गई

[09:00:58] ट्रेडिंग बॉडी की तरह वैसे ही आप काम नहीं

[09:01:00] कर रहे थे तो ऑब्वियसली ट्रेड की इनकम

[09:01:02] कहां से आएगी तो अब इनका ध्यान पूरा का

[09:01:03] पूरा टेरिटोरियल एक्सपेंशन के ऊपर चला गया

[09:01:06] तो इसका मतलब क्या है कि एक्चुअली ब्रिटिश

[09:01:09] पार्लियामेंट ने ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट

[09:01:12] इंडिया कंपनी का इस्तेमाल किया टू मेक इन

[09:01:15] रोड्स इनू इंडिया डू यू एग्री ऑ नॉट ये

[09:01:18] हुआ यहां पे ठीक है और पुराने चार्टर अब

[09:01:22] 1853 में क्या होता है 1853 में ना

[09:01:24] अंग्रेजों को पता था जो हमारी काली

[09:01:26] करतूतें हैं। इसकी वजह से ना एक बगावत

[09:01:29] होने वाली है

[09:01:31] क्योंकि कई सारे रिवोल्ट्स ऑलरेडी हो रहे

[09:01:33] थे। हो एंड मुंडा अपराइजिंग, भील

[09:01:36] अपराइजिंग, क्ड अपराइजिंग ये लगातार होते

[09:01:38] जा रहे थे। तो इनको पता था एक बड़ी बगावत

[09:01:41] इट इज़ सिंबरिंग एंड इट इज़ ओनली अ मैटर ऑफ़

[09:01:43] टाइम कि इसका एक आउटबस्ट हो सकता है। तो

[09:01:46] 1853 में इन्होंने कंपनी के चार्टर को

[09:01:48] रिन्यू नहीं किया। मतलब कभी भी इनको कहा

[09:01:50] जा सकता है कि आप खत्म करके आ जाओ वापस।

[09:01:53] और ब्रिटिश पार्लियामेंट कैन टेक ओवर दी

[09:01:55] एडमिनिस्ट्रेशन एट एनी टाइम। और कहा कि

[09:01:57] क्राउन के ट्रस्ट पर आप बस यहां पर होल्ड

[09:01:59] कर रहे हो टेरिटरीज को। तो कंपनी सिर्फ और

[09:02:01] सिर्फ एक एजेंट की तरह काम कर रही है। ठीक

[09:02:03] है? इट इज़ एक्टिंग एज एजेंट ऑफ दी

[09:02:05] पार्लियामेंट इन इंडिया। तो ये जो 1853 का

[09:02:10] एक्ट है ना अब ये बड़ा ध्यान से सुनना

[09:02:12] क्योंकि आगे के एक्ट्स ये 1861 का 1892 का

[09:02:18] 1909 का 1919 का और 1935 का इस पे अब

[09:02:22] डिपेंड करेगा। पहले क्या था? जीजा था

[09:02:24] हमारा जीजा के चार भाई गवर्नर जनरल और

[09:02:28] उसके चार मेंबर्स। तो पहली बार गवर्नर

[09:02:32] जनरल के एग्जीक्यूटिव और लेजिसलेटिव

[09:02:35] काउंसिल को डिफरेंशिएट किया गया। लॉ मेंबर

[09:02:39] को गवर्नर जनरल के लेजिसलेटिव काउंसिल का

[09:02:41] फुल टाइम मेंबर बना दिया और लेजिसलेटिव

[09:02:44] काउंसिल के स्ट्रेंथ को भी एक्सपेंड करके

[09:02:47] इसमें सात मेंबर्स को इंक्लूड कर लिया।

[09:02:50] ठीक है? सेवन मेंबर्स वर इंक्लूडेड। लॉ

[09:02:52] मेंबर खुद है। दूसरा कौन है? चीफ जस्टिस।

[09:02:55] तीसरा है सुप्रीम कोर्ट का सबोर्डिनेट जज।

[09:02:58] सबोर्डिनेट को पुईन कहते हैं। और चार

[09:03:01] मेंबर्स जो थे गवर्नर जनरल के लेजिसलेटिव

[09:03:04] काउंसिल के यह थे प्रोविंसेस के

[09:03:07] रिप्रेजेंटेटिव्स बंगाल, मद्रास, बॉम्बे

[09:03:10] और 1853 आते-आते नॉर्थ वेस्ट प्रोविंस बन

[09:03:13] गया था। तो चार मेंबर्स और ये तीन लोग लॉ

[09:03:15] मेंबर, चीफ जस्टिस और सबोर्डिनेट जज। तो

[09:03:18] जैसे आज की डेट में लोकसभा है। ठीक है?

[09:03:20] यहां पार्लियामेंट है। दिस इज़ अ

[09:03:22] लेजिसलेटिव बॉडी। प्रधानमंत्री का काउंसिल

[09:03:24] ऑफ मिनिस्टर इज़ एन एग्जीक्यूटिव बॉडी। तो

[09:03:26] उस वजह से

[09:03:28] हमारा एग्जीक्यूटिव और लेजिसलेटिव इस तरह

[09:03:30] से काम करता है। इधर भी वही किया। इधर

[09:03:32] लेजिसलेटिव काउंसिल को अलग कर दिया। और जो

[09:03:34] सरकार चलेगी एग्जीक्यूटिव डिसीजंस और

[09:03:36] एकशंस लिए जाएंगे गवर्नर जनरल के उन

[09:03:38] मेंबर्स को सेपरेट कर दिया। तो ज्यादा

[09:03:40] फोकस अब लेजिसलेटिव काउंसिल पर ज्यादा

[09:03:42] रहेगा। तो लेजिसलेटिव काउंसिल में यहां

[09:03:44] सात मेंबर्स हैं। लॉ मेंबर को इधर मतलब

[09:03:48] लेजिसलेटिव काउंसिल का परमानेंट मेंबर बना

[09:03:50] दिया। ठीक है? और ये जो चार मेंबर्स हैं

[09:03:55] प्रोविंसेस के ये सीनियर सिविल सर्वेंट्स

[09:03:56] होंगे जिनका कम से कम 10 साल का

[09:03:58] एक्सपीरियंस है। तो ये है 1853 का ये

[09:04:01] एक्ट। अब इसमें जो लेजिसलेटिव काउंसिल है

[09:04:04] ना इसकी वजह से पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स

[09:04:06] की पार्लियामेंट्री प्रोसीजर्स की शुरुआत

[09:04:08] हो जाएगी। क्योंकि ये लेजिसलेटिव काउंसिल

[09:04:09] ये पता है क्या करता था? गवर्नर जनरल की

[09:04:11] टीम ने कुछ काम किया। ये उसको डिस्कस कर

[09:04:13] रहे हैं कि हुआ है। ऐसा नहीं होना चाहिए।

[09:04:16] ऐसे टैप कर रहे हैं बेंच को। है ना? बोल

[09:04:19] रहे हैं कि नहीं ये गलत है। राइट? इंडियन

[09:04:21] रिप्रेजेंटेशन अब भी नहीं थी। बट फिर भी

[09:04:23] पार्लियामेंट्री प्रोसीजर्स बनने शुरू हो

[09:04:25] गए। जो बिल गवर्नर जनरल टेबल करने की

[09:04:28] कोशिश करता था उसे डिस्कस किया जाता था।

[09:04:30] उन्हें सेलेक्ट कमिटीज में भेजा जाता था।

[09:04:32] पब्लिकली उन पे डिबेट की होती थी। राइट?

[09:04:35] लेकिन अगर मान लो इस काउंसिल ने किसी बिल

[09:04:37] को रिजेक्ट किया भी तो एग्जीक्यूटिव

[09:04:38] काउंसिल उसको वीटो कर सकते हैं। मतलब और

[09:04:41] ऐसा भी है कि अगर लेजिसलेटिव काउंसिल ने

[09:04:43] कोई बिल पास करवाया कि ये होना चाहिए।

[09:04:46] एग्जीक्यूटिव काउंसिल का मन नहीं है हम

[09:04:48] नहीं करने हैं। हमने नहीं करना। ठीक है?

[09:04:49] तो उसको वीटो कर सकते हैं। वो कैंसिल कर

[09:04:51] सकते हैं। ठीक है? जो डायरेक्टर्स हैं

[09:04:55] कोर्ट ऑफ़ डायरेक्टर्स उनका नंबर 24 हुआ

[09:04:58] करता था। देयर वर 24 डायरेक्टर्स। 1773

[09:05:01] में 24 डायरेक्टर थे। यह नंबर घटा के 18

[09:05:04] कर दिया। और इन 18 में से भी इन 18 में से

[09:05:08] भी 12 और छह। जो छह हैं ये अब क्राउन

[09:05:12] नॉमिनेट करेगा। मतलब देख रहे हो आप कि यह

[09:05:15] डायरेक्टर्स कौन थे? जिन्होंने कंपनी को

[09:05:16] बनाते टाइम इन्वेस्टमेंट की थी। अब कह रहे

[09:05:19] हैं कि इनका नंबर घटा दो और ऊपर से छह यह

[09:05:21] क्राउन के नॉमिनेशन नॉमिनेट होंगे। ठीक

[09:05:24] है? तो यह क्या है? क्राउन ने एक तरीके से

[09:05:27] पूरा का पूरा कंट्रोल ले लिया है और कोर्ट

[09:05:29] ऑफ डायरेक्टर्स के पास जो पेटनेज पावर थी

[09:05:31] कि अपने भाई बंधुओं को सिविल सर्वेंट बना

[09:05:33] दें। यह भी पावर ले ली गई क्योंकि 18 नोट

[09:05:37] इट डाउन 1853 के 1853 के

[09:05:42] एक्ट ने सिविल सर्विज के लिए कॉम्पिटिटिव

[09:05:45] एग्जाम को खोल दिया। ठीक है? अब

[09:05:47] कॉम्पिटिटिव एग्जाम होगा। इनिशियली

[09:05:49] इंडियंस को नहीं अकाउंट किया था। लेकिन

[09:05:51] ग्रेजुअली इंडियंस भी अकाउंट हो जाएंगे।

[09:05:53] हु वाज़ दी फर्स्ट इंडियन सिविल सर्वेंट टू

[09:05:56] बिकम आईसीएस ऑफिसर? सत्येंद्रनाथ टैगोर।

[09:06:00] ठीक है? सत्येंद्रनाथ टैगोर वाज़ दी फर्स्ट

[09:06:02] इंडियन टू बिकम एन आईसीएस ऑफिसर।

[09:06:07] ठीक है?

[09:06:11] तो, यह अब कॉम्पिटिटिव एग्जाम है और लॉर्ड

[09:06:13] मैकेले को जिम्मेदारी दी थी कि

[09:06:15] कॉम्पिटिटिव एग्जाम द्वारा सिविल सर्विस

[09:06:17] के रिक्रूटमेंट के प्रोसेस को आप

[09:06:19] इंप्लीमेंट करो। हां जी। क्लियर एवरीवन

[09:06:23] समझ में आ गया नहीं सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने

[09:06:26] ट्वाइस किया था हिमांशी बच्चे सुरेंद्रनाथ

[09:06:29] बनर्जी ने दो बार एग्जाम क्लियर किया था

[09:06:31] और दोनों बार उनको ब्रिटिश ने निकाल दिया

[09:06:34] था सत्येंद्रनाथ टैगोर वाज़ द फर्स्ट सिविल

[09:06:37] सर्वेंट उनको एक ही बार उन्होंने किया था

[09:06:38] और एक ही बार में सिलेक्ट भी हो गए थे।

[09:06:40] क्या मुझे कोई बता सकता है सत्येंद्र नाथ

[09:06:42] टैगोर किस साल सिविल सर्विज का एग्जाम

[09:06:45] क्लियर करते हैं? यह चेक कीजिएगा। अपने

[09:06:47] नोट्स में रिवाइज कीजिएगा और कमेंट सेक्शन

[09:06:49] में अगर किसी को पता है तो जरूर बताइएगा।

[09:06:51] ठीक है? सो दैट इज इट। और साथ ही साथ ना

[09:06:54] अभी कंपनी की गवर्निंग बॉडी इस वक्त कोर्ट

[09:06:56] ऑफ डायरेक्टर्स हैं। इनको न्यू पावर दी गई

[09:06:58] कि ये प्रेसिडेंसी चाहें तो बना सकते हैं

[09:07:00] और एकिस्टिंग बाउंड्री को चेंज कर सकते

[09:07:02] हैं। आगे जाके जब कंपनी को डिसबैंड कर

[09:07:04] दिया जाता है तो गवर्नर जनरल का

[09:07:07] एग्जीक्यूटिव काउंसिल ये डिसीजन ले सकता

[09:07:09] है। उसको यूज़ करते हुए इन्होंने

[09:07:11] लेफ्टिनेंट गवर्नरशिप ऑफ पंजाब। ठीक है?

[09:07:13] पंजाब को 1847 में जीत लिया था इन्होंने।

[09:07:16] इन्होंने लेफ्टिनेंट गवर्नरशिप ऑफ पंजाब

[09:07:18] 1859 में बनाई और बाकी प्रोविंस भी बनेंगे

[09:07:21] धीरे-धीरे। ठीक है? यस। सत्येंद्र नाथ

[09:07:24] टैगोर इन 1863। वेरी गुड। ठीक है? 1863

[09:07:27] में पहली बार एक इंडियन आईसीएस ऑफिसर बने

[09:07:30] थे। बहुत बढ़िया। ठीक है? बहुत बढ़िया।

[09:07:33] सो, यह जो पूरा का पूरा एक्ट था, इसको

[09:07:36] ड्राफ्ट करने में एक मेजर रोल सर चार्ल्स

[09:07:38] वुड ने प्ले किया था। ये जस्ट प्रीलिम्स

[09:07:41] के पॉइंट ऑफ व्यू से है और इसमें एक चीज

[09:07:44] हो गई थी कि जब ये लेजिसलेटिव काउंसिल

[09:07:46] बिल्स को डिस्कस करता था तो ये ना एंग्लो

[09:07:48] इंडियन हाउस ऑफ कॉमंस बन गया। मतलब

[09:07:50] ब्रिटिश पार्लियामेंट की तरह इंडिया में

[09:07:52] भी एक मिनी पार्लियामेंट बन गई। तो

[09:07:54] चार्ल्स वुड ने कहा भ अगर बन गया मैंने ये

[09:07:56] सोच के नहीं बनाया था। ठीक है? ये कह रहा

[09:07:58] है कि आई डू नॉट लुक अपॉन लेजिसलेटिव

[09:08:00] काउंसिल एस बिगिनिंग ऑफ़ कॉन्स्टिट्यूशन

[09:08:02] गवर्नमेंट इन इंडिया। ऐसा कुछ मेरा इरादा

[09:08:03] नहीं है। अब हो रहा है तो मैं मेरा क्या

[09:08:05] कर सकता हूं? तो ये इस एक्ट की

[09:08:07] सिग्निफिकेंस है। ठीक है? तो ये एक शुरुआत

[09:08:10] होगी कॉन्स्टिट्यूशनलिज्म की। बट क्लियरली

[09:08:12] क्लियरली आप यह देख सकते हो ये मैंने

[09:08:15] क्यों एक्ट्स कराए इस एक्ट में क्या आप यह

[09:08:19] देख सकते हो कि कंपनी जो कुछ भी भारत में

[09:08:21] कर रही है ब्रिटिश पार्लियामेंट की

[09:08:22] रजामंदी से कर रही है। ब्रिटिश

[09:08:24] पार्लियामेंट को ध्यान में रखते हुए कर

[09:08:25] रही है।

[09:08:28] है ना?

[09:08:30] तो वही हो रहा है यहां पे। ठीक है? अब

[09:08:32] रिवोट ऑफ 1857 पे आते हैं। रिवोट ऑफ 1857

[09:08:36] के रीज़ंस आपको सबको पता है। डिस्ट्रक्शन

[09:08:39] ऑफ रूरल इकॉनमी देख लिया हमने जमींदारी

[09:08:42] रयोतवारी महालवाड़ी सिस्टम के चलते बंगाल

[09:08:44] की 1/3 पापुलेशन वाइप्ड आउट यह प्रॉब्लम्स

[09:08:46] आई ट्रेडिशनल हैंडीक्राफ्ट्स उड़ा दिए

[09:08:49] इररशनल टेरेफ्स भाई जमींदारी महालवाड़ी

[09:08:52] में 95% तुम बेवकूफों की तरह टेरिफ ले रहे

[09:08:54] हो ये काहे का जायज है और जमींदार जो

[09:08:57] इविक्ट हो रहे हैं यह भी डिसइचेंटेड है

[09:09:00] ठीक है दे हैव नथिंग मतलब अब उनके पास कुछ

[09:09:02] है ही नहीं अपनी इनसेेस्टल जगह उन्होंने

[09:09:04] गवा दी तो बहुत ज्यादा रिसेंटमेंट

[09:09:05] इन्होंने बनाकर रखी हुई है राइट

[09:09:08] इकोनॉमिक कॉज में पॉलिटिकल कॉज में

[09:09:12] पॉलिटिकल कॉज में ब्रिटिश की यह जो

[09:09:16] डिसीटफुल पॉलिसीज थी कि सबके ऊपर सब्सिडरी

[09:09:19] लाइंस इंपोज कर दो। ठीक है? इनको इफेक्टिव

[09:09:21] कंट्रोल में ले आओ। तो इसमें बहुत से

[09:09:23] इंडियन रूलर्स का पॉलिटिकल प्रेस्टीज खत्म

[09:09:26] हो गया था। तो सब्सिडरी लायंस तो हमने देख

[09:09:28] ही लिया। इसमें भी एक और स्यापा डाला था

[09:09:30] लॉर्ड डलहौजी ने। इसने क्या किया? इसने

[09:09:33] डॉक्ट्रिन ऑफ़ लैप्स इंट्रोड्यूस किया।

[09:09:35] लॉर्ड डलऊजी ना ये ही यूज्ड टू हेट इंडियन

[09:09:37] रॉयल्टीज। इसको लगता था कि इनकी औकात नहीं

[09:09:40] है। अपने ही देश को गुलाम बना दिया

[09:09:42] इन्होंने। ये ताज और ये बड़े-बड़े महल ये

[09:09:45] डिर्व नहीं करते। तो इसने ना एक फार्मूला

[09:09:46] निकाला।

[09:09:48] इसने कहा कि वो सारे प्रिंसली स्टेट्स और

[09:09:52] टेरिटरीज जो हमारे सब्सिडरी सिस्टम के

[09:09:55] अंडर आ रहे हैं। दे विल ऑटोमेटिकली

[09:09:58] बीनेक्स्ट। अगर उनका रूलर या तो

[09:10:00] मैनिफेस्टली इनकंपटेंट है मतलब जैसे

[09:10:03] दिमागी रूप से या वैसे अपाहिज है या फिर

[09:10:06] वह मर जाता है विदाउट अ मेल आयर बिना

[09:10:11] बायोलॉजिकल मेल आयर के अगर वो डाई कर जाता

[09:10:14] है तो ऑटोमेटिकली वो एरिया क्या है वो

[09:10:17] हमारा हो जाएगा

[09:10:20] बंदा पूछे तुझे यह किसने राइट दिया ये

[09:10:22] बहकी बहकी बातें करने का बट वही बात है

[09:10:25] इन्होंनेशन कर रखी थी और हर किसी ने हर

[09:10:30] किसी ने अपना-अपना उल्लू सीधा करने के लिए

[09:10:32] एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई की तो डलौजी जैसे

[09:10:36] लोगों को यह सब करने का मौका मिल गया। इस

[09:10:38] पॉलिसी को यूज़ करके इन्होंने

[09:10:42] इन्होंने

[09:11:01] 7 साल भजन को बुझना शुरू कर दिया और फिर

[09:11:07] टाटा बोल दिया। राइट? 7 साल भजन को बुझना

[09:11:11] शुरू किया और टाटा बोल दिया। सात साल में

[09:11:13] सबसे पहले सतारा

[09:11:15] ठीक है? और 7 साल की सजा है तो जैसे

[09:11:21] सब उसके बाद एस से सलपुर जे एक बीच में

[09:11:23] डाल लो यार। ये ट्रिक लगा देना। ये ट्रिक

[09:11:25] क्या थी?

[09:11:28] सजास

[09:11:30] यार यह ना निमोनिक मैं आपके ऊपर छोड़ता

[09:11:32] हूं जो आपको ठीक लगे ना वो बना लेना सजास

[09:11:34] बुजंटा सजास बुजंटा राइट तो ये निमोनिक जो

[09:11:38] भी सही लगे वो बना लेना 1848 में सतारा

[09:11:41] जयपुर सलपुर भगत उदयपुर झांसी नागपुर

[09:11:43] तंजौर आरकोट दिस वाज़ द ऑर्डर जिसमें कि

[09:11:46] सब्सिडरी लायंस को इंपोज़ करते हुए सतारा

[09:11:48] का किंगडम काव किया था थर्ड मराठा वॉर के

[09:11:52] बाद 1848 में उसको एनेक्स कर लिया जयपुर

[09:11:55] सललपुर को 1849 में भगत को 1850 में

[09:11:58] उदयपुर 1852 में झांसी को 1853 में नागपुर

[09:12:03] को 1854 में तंजोर एंड आरकोट को 1855 में

[09:12:08] ठीक है तो एक के बाद एक इतनी सारी ये

[09:12:09] रॉयल्टी जो हैं इनको इसने एनेक्स कर लिया

[09:12:12] मुगल सक्सेसर्स को कह दिया कि आज के मतलब

[09:12:15] बहादुर शाह के बाद कोई भी मुगल सक्सेसर वो

[09:12:18] रीगल टाइटल नहीं रखेगा कि तुम काहे के

[09:12:21] शहंशाह करा कुछ गया नहीं तुमसे शहंशाह और

[09:12:25] जितने एनसेेस्टर मुगल पैलेसेस हैं वो अब

[09:12:28] यूज़ नहीं करोगे वो हमारे हैं। राइट? जो

[09:12:30] नाना साहेब थे पेशवा बाजीराव टू के

[09:12:33] अडॉप्टेड सन उनको पेशवाई से मना कर मतलब

[09:12:36] उनको पेंशन देने से मना कर दिया। पेशवाई

[09:12:38] तो वैसे ही चली गई थी। इनको पेंशन देने से

[09:12:42] भी मना कर दिया। और रानी झांसी इनके

[09:12:44] हस्बैंड गंगाधर राव की शादी के कुछ ही दिन

[09:12:47] बाद डेथ हो गई थी। तो इनको भी कहा कि

[09:12:49] बिकॉज़ गंगाधर राव हैज़ डाइड विदाउट अ मेल

[09:12:52] आयर। तो हम रानी झांसी लक्ष्मीबाई को

[09:12:54] एनुअली 60 की पेमेंट देंगे एज पेंशन ताकि

[09:12:57] वो अपनी बची हुई जिंदगी थोड़े सुकून से

[09:13:00] गुजार लें। लेकिन उनके बाद उनका जो

[09:13:02] अडॉप्टेड सन है दामोदर राव इनके अधिकार को

[09:13:04] हम एक्सेप्ट नहीं करते। ही इज़ डिनाइड टू

[09:13:07] असें टू द थ्रोन। तो झांसी को ऐसे धोखे से

[09:13:10] एनेक्स किया। मुगल सक्सेसर्स के अधिकारों

[09:13:13] को छीन लिया। राइट? एनसेेस्टर मुगल

[09:13:15] पैलेसेस पे कोई अब आपका अधिकार नहीं है।

[09:13:17] नाना साहेब की पेंशन बंद कर दी। तो पहले

[09:13:19] आपस में के एनेक्स किया और एनेक्स

[09:13:23] करने के बाद धोखे से डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स

[09:13:25] ये सबसे बड़ा एक बोन ऑफ कंटेंशन बना था

[09:13:28] जिसमें ये पुराने जितने रूलर्स थे भले ही

[09:13:30] इनके किंगडम चले गए हो लेकिन इनके नेटवर्क

[09:13:32] अभी भी थे तो रिवोल्ट ऑफ 1857 के टाइम पे

[09:13:35] इन्होंने लीडरशिप प्रोवाइड की जो

[09:13:38] अह सोशियो रिलीजियस रिफॉर्म्स थे दे वर

[09:13:41] नॉट टेकन सो वेल क्रिश्चियन मिशनरीज

[09:13:43] बेइज्जती करते थे हमारे रिलीजन की हमें

[09:13:46] डिसचंटमेंट आई सती प्रिवेंशन 1829 में

[09:13:49] लॉर्ड विलियम बेंटिक ने की और हड हिंदू

[09:13:51] विडो रीमैरिज एक्ट 1856 में लॉर्ड डिलउऊजी

[09:13:54] लेकर आए। ठीक है? तो इन दोनों एक्ट में

[09:13:56] लोगों के मन में डिसइचेंटमेंट आई। सो ये

[09:13:59] भी एक रीज़न बना। इसके बाद कोई भी शासक था

[09:14:03] ना भारत में उसने हमेशा रिलीजियस

[09:14:05] एस्टैब्लिशमेंट्स के लिए लैंड ग्रांट की

[09:14:08] है। अंग्रेज पहले ऐसे लोग थे जिन्होंने

[09:14:11] मंदिर और मस्जिद दोनों के ऊपर लगान लगा

[09:14:15] दिया कि तुम्हें भी लगान देना पड़ेगा।

[09:14:16] नहीं तो मंदिर मस्जिद के लिए लैंड दिया

[09:14:18] जाता है। उनसे लगान लिया नहीं जाता। राइट?

[09:14:21] फिर एक आया रिलीजियस डिसेबिलिटीज एक्ट।

[09:14:24] रिलीजियस डिसेबिलिटीज एक्ट लॉर्ड कैनिंग

[09:14:27] ने इंट्रोड्यूस किया था। लॉर्ड कैनिंग के

[09:14:29] टाइम पे ये जो रिलीजियस डिसेबिलिटीज एक्ट

[09:14:31] है इसका यह मतलब था क्रिश्चियन मिशनरीज को

[09:14:34] सपोर्ट करने के लिए था कि अगर कोई कन्वर्ट

[09:14:36] होता है तो हिंदू रीति रिवाजों के हिसाब

[09:14:38] से उसको पिता की जायदाद में हिस्सा नहीं

[09:14:40] मिलता। तो रिलीजियस डिसेबिलिटी एक्ट में

[09:14:43] क्या कह दिया कि अगर आप कन्वर्ट होते हो

[09:14:45] हिंदूइज़्म से क्रिश्चियनिटी में तो पापा

[09:14:47] की जायदाद में तब भी मिलेगा हिस्सा। ठीक

[09:14:49] है? तो कॉमन लोगों ने इसको अपने कल्चर के

[09:14:52] ऊपर थ्रेट की तरह देखा।

[09:14:55] इसके बाद सिपॉयस की बात करें तो सिपोयस

[09:14:58] क्योंकि यूनिफार्म

[09:15:00] सर्विसेस हैं तो इनको कहा कि आप अपने जो

[09:15:02] तिलक लगाते हो, तावीज पहनते हो, स्कल कैप

[09:15:05] पहनते हो यह सब नहीं चलेगा।

[09:15:08] तो जितने भी रिलीजियस सिंबल्स हैं इनको

[09:15:10] गिव अप करो। फिर

[09:15:13] लॉर्ड कैनिंग ने जनरल सर्विस इनस्टमेंट

[09:15:16] एक्ट इंट्रोड्यूस कर दिया। मतलब बंगाल

[09:15:17] आर्मी में जितने भी रिक्रूट्स थे उनको ना

[09:15:19] एक एफिडेविट देना पड़ता था। अंडरटेिंग

[09:15:21] देनी पड़ती थी कि कंपनी जहां बोलेगी अपनी

[09:15:24] सर्विज के लिए तो ये हाजिर होंगे। राइट?

[09:15:26] तो इसका मतलब है कि हिंदूस को कंपनी की

[09:15:29] सर्विज के लिए समुद्र को भी क्रॉस करना

[09:15:31] पड़ेगा। व्हिच मींस लॉस ऑफ़ कास्ट टू देम।

[09:15:33] ठीक है? तो चाहे सुपरस्टिशन था या नहीं था

[09:15:36] लेकिन इसकी वजह से डिसइचेंटमेंट आ गई कि

[09:15:38] मतलब हमारे रिलीजियस सेंटीमेंट्स की कोई

[09:15:41] कदर ही नहीं है। पोस्ट ऑफिस एक्ट राइट ये

[09:15:44] भी 1850 ये 1854 में आया था। यह डलहौजी ने

[09:15:50] इंट्रोड्यूस किया था पोस्ट ऑफिस एक्ट। इस

[09:15:52] एक्ट में जो कंपनी के सोल्जर्स को पोस्टल

[09:15:55] प्रिविलेजेस हुआ करती थी वो विथड्रॉ कर ली

[09:15:57] गई। ठीक है? तो ये काफी सारे जो मतलब

[09:16:00] प्रिविलेजेस मिलते थे तो कंपनी ने विड्रॉ

[09:16:03] करने शुरू कर दिए। खर्चे बढ़ते थे 1854

[09:16:05] तक। खर्चे इतने बढ़ गए थे। ट्रेड से इनकम

[09:16:06] थी नहीं तो इन्होंने विड्रॉ करना शुरू कर

[09:16:08] दिया। इसके बाद जो प्रमोशंस और सैलरीज

[09:16:12] होती थी वो भी बहुत कम थी। फिर बाद में

[09:16:15] क्या किया इन्होंने? पहले क्या था कि

[09:16:17] इंडिया ना एक कंट्री नहीं था जब अंग्रेज

[09:16:19] आए थे। इट वाज़ नॉट अ कंट्री। ठीक है?

[09:16:21] बंगाल अलग है, मैसूर अलग है, पंजाब अलग

[09:16:24] है। तो बंगाल से कोई सोल्जर अगर पंजाब या

[09:16:27] सिंध में जाकर अपनी सर्विज देता है तो

[09:16:29] उसको फॉरेन सर्विस माना जाता था कि बंगाल

[09:16:32] से आप विदेश में जाकर पंजाब सिंध में

[09:16:34] सर्विज दे रहे हो। लेकिन जब यह सब यूनाइट

[09:16:36] हो गए अंडर ब्रिटिश तो इन्होंने कहा कि अब

[09:16:39] कौन सा फॉरेन? अब तो सिंध तुम्हारे ही देश

[09:16:42] का हिस्सा है। राइट? तो यह भत्ता देने से

[09:16:45] इन्होंने मना कर दिया। तो यह भी कंपनी को

[09:16:48] लगा कि हमारी जेब के ऊपर कैंची फेरी जा

[09:16:50] रही है। मैक्सिमम

[09:16:52] जो रैंक एक इंडियन सोल्जर पहुंच पाता था

[09:16:55] वो था सूबेदार का उससे ऊपर नहीं। ठीक है?

[09:16:59] तो सब कुछ करने के बाद भी आप सूबेदार तक

[09:17:01] ही सीमित हो। तो ये रेशियल डिस्क्रिमिनेशन

[09:17:02] भी कहीं ना कहीं हो रही है। उसके बाद अवध

[09:17:05] को जिस तरीके से डलहौजी ने एनेक्स किया था

[09:17:07] तो यह भूल गया था कि बंगाल आर्मी के बहुत

[09:17:09] से रिक्रूट्स अवध से आते थे। तो क्योंकि

[09:17:12] उन्हें अवध की कंडीशन के बारे में पता था।

[09:17:14] अवध की सिचुएशन के बारे में पता था। सो दे

[09:17:17] न्यू कि कंपनी की इंटेंशंस और इनकी

[09:17:20] रियलिटी क्या है? कॉन्सिक्वेंटली

[09:17:23] कॉन्सिक्वेंटली यही लोग बने जिन्होंने

[09:17:26] बहुत ज्यादा बढ़-चढ़कर रिव्ट में

[09:17:29] पार्टिसिपेट किया। ठीक है? दे

[09:17:32] पार्टिसिपेटेड इन द रिवोल्ट टू यू नो अ

[09:17:35] रियली ग्रेट एक्सटेंड हुए पूरी लेंथ ब्रेथ

[09:17:37] में। अवध में इनफैक्ट 1.5 लाख लोगों की ह

[09:17:39] मतलब शहीद हो गए थे रिवोल्ट में। उनमें से

[09:17:43] 1 लाख सिविलियंस थे। तो अवध का एनेक्सेशन

[09:17:46] का भी एक बहुत बड़ा फैक्टर था। राइट? इसके

[09:17:50] बाद

[09:17:52] फर्स्ट अफगान वॉर और क्रिमियन वॉर में जो

[09:17:54] डिफीट हुई थी ब्रिटिश की तो उसकी वजह से

[09:17:57] जो एक मिथ थी साइकोलॉजिकल इनविंसिबिलिटी

[09:18:01] तो वो शैटर हो गई। तो अब सोल्जर्स को पता

[09:18:03] था कि अगर हम प्लानिंग से चलें तो इनको भी

[09:18:05] डिफीट कर सकते हैं। और बहुत से म्यूटनीज़

[09:18:07] सिपाहियों में पहले भी हो चुकी थी। जैसे

[09:18:09] बंगाल म्यूटनी ऑफ 1764, बल्लूर म्यूटनी ऑफ

[09:18:12] 1806, बैरकपुर म्यूटनी ऑफ़ 1825 और अफगान

[09:18:15] वॉर के टाइम पर भी इंडियन सोल्जर्स ने

[09:18:17] म्यूटनी कर दी थी क्योंकि ब्रिटिश

[09:18:18] ऑफिशियल्स का बिहेवियर बहुत गंदा था।

[09:18:21] राइट? बंगाल म्यूटनी जो हुई थी 1764 में

[09:18:24] यह एक्स्ट्रा अलाउंस देने से मना कर दिया

[09:18:27] था। और यह वाइट म्यूटनी भी कहते हैं इसको।

[09:18:29] मतलब ये बंगाल म्यूटनी 1764 की ये ब्रिटिश

[09:18:32] के गोरे अफसरों ने की थी। ठीक है? अपनी

[09:18:35] सर्विज के लिए उनको पैसा नहीं दिया गया

[09:18:38] था। राइट? तो दे रिबेल्ड अगेंस्ट लो पे

[09:18:40] एंड मिसट्रीटमेंट। ठीक है? इसको क्रश कर

[09:18:42] दिया गया और 28 सिपास को एग्जीक्यूट कर

[09:18:45] दिया। वेलूर में क्या हुआ कि इनको लेदर

[09:18:48] कॉकेट जो नॉर्मल टर्बन की जगह कहा लेदर

[09:18:50] कॉकेट अब पहनोगे हेलमेट की जैसी। तो यहां

[09:18:53] पर भी सिपाहियों ने कहा कि लेदर की है। हम

[09:18:55] कैसे पहन सकते हैं? म्यूटनी की 100

[09:18:57] ब्रिटिश ऑफिसर्स को मार दिया। काफी बड़ी

[09:18:59] म्यूटनी थी ये। राइट? 8 घंटे के अंदर

[09:19:02] म्यूटनी को क्रश कर दिया गया। 350 सिपाही

[09:19:04] मारे गए। तो मतलब यह हरकत यह जब ऐसे होता

[09:19:06] था ना कि 8 घंटे में क्रश 350 सिपाही

[09:19:09] बगावत जो कर रहे हैं मारे गए तो अंग्रेजों

[09:19:12] ने टाइम टू टाइम दिखाते रहते थे कि वी आर

[09:19:14] इनविंसिबल राइट बैरकपुर म्यूटनी जो हुई

[09:19:18] उसमें बर्मा में जाने के लिए सिपाहियों ने

[09:19:22] समुद्र क्रॉस करने से मना कर दिया। तो जो

[09:19:25] 47th बंगाल नेटिव इनफेंट्री थी उसके

[09:19:27] सोल्जर्स ने म्यूटनी की इनको डिसबैंड करके

[09:19:30] पनिशमेंट मिली और अफगान वॉर के टाइम पर

[09:19:33] मिस ट्रीटमेंट के चलते ठीक है मतलब काफी

[09:19:36] बड़ा सेटबैक लगा ठीक है काफी बड़ा सेटबैक

[09:19:39] लगा ब्रिटेन को वो जो इनका 16500 में से

[09:19:42] एक ही इंसान बचा वो इसलिए क्योंकि इंडियंस

[09:19:44] ने वहां पर साथ देने से मना कर दिया था और

[09:19:47] लास्ट में जो ट्रिगरिंग पॉइंट बना वो बना

[09:19:49] इनफील्ड राइफल इनफील्ड राइफल से पहली कौन

[09:19:51] सी गन यूज़ करते थे हम इट वाज़ कॉल्ड एज

[09:19:54] ब्राउन बेस बिफोर एनफील्ड राइफल वी यूज़ टू

[09:19:58] हैव ब्राउन बेस। इनफील्ड राइफल की गाय

[09:20:01] सूअर की चर्बी की कारतूस की वजह से फाइनली

[09:20:04] सिपाहियों ने कहा कि अब ना हो पाएगा। अब

[09:20:06] तो हम रिवोल्ट करेंगे। ठीक है? तो रिवोल्ट

[09:20:10] स्टार्ट कैसे हुआ? रिवोल्ट कब और कहां पे

[09:20:12] स्टार्ट हुआ? 10th मई 1857 इज़ द डेट ऑन

[09:20:15] व्हिच रिवोल्ट स्टार्टेड। यह मेरठ से

[09:20:18] स्टार्ट हुआ। ठीक है? मेरठ में क्या हुआ

[09:20:20] था कि 24 अप्रैल को

[09:20:24] 90 मेन 90 लोग ऑफ थर्ड नेटिव कैवलरी 90

[09:20:29] मेन ऑफ थर्ड नेटिव कैवलरी इन मेरठ

[09:20:31] उन्होंने ग्रीस कार्टरज को यूज़ करने से

[09:20:33] मना कर दिया। 9 मई तक इनके साथ क्या किया

[09:20:37] गया? 85 को डिसमिस कर दिया और 10 साल की

[09:20:40] इंप्रज़मेंट अलग से की। इस चीज ने म्यूटनी

[09:20:44] को स्पार्क कर दिया। तो जितने भी सोल्जर्स

[09:20:46] थे मेरठ में वो यह देख के हैरान थे कि हम

[09:20:48] जान हथेली पर रख के जा रहे हैं। इन्होंने

[09:20:49] हमें जेल कर दी। तो 10 मई को सभी के सभी

[09:20:53] सिपाही मेरठ में दे ब्रेक आउट इन म्यूटनी

[09:20:55] और अपने ऑफिसर्स के ऊपर ऑफिसर इंचार्ज को

[09:20:59] मार के दिल्ली की तरफ कूच कर जाते हैं।

[09:21:01] मेरठ से भी पहले जो मंगल पांडे था रिवीजन

[09:21:04] करते हैं। मंगल पांडे कौन सी यूनिट को

[09:21:06] बिलोंग करते थे? मंगल पांडे बैरकपुर में

[09:21:09] थे। 34th नेटिव इनफेंट्री को बिलोंग करते

[09:21:12] थे और अपने ऑफिसर के इंचार्ज को सार्जेंट

[09:21:15] को साजन मेजर के ऊपर उन्होंने गोली चला दी

[09:21:18] थी। 8th अप्रैल को उनको फांसी लगा दी गई।

[09:21:22] ठीक है? और उनके रेजीमेंट को भी डिसबैंड

[09:21:25] कर दिया गया। 1857 की फरवरी में 19th

[09:21:28] नेटिव इनफेंट्री वाज़ दी यू नो काइंड ऑफ़

[09:21:31] फर्स्ट वन जिसने इनफील्ड राइफल को यूज़

[09:21:34] करने से मना किया। और अवध द रेजीमेंट

[09:21:36] इन्होंने भी मई 17 1857 में रिवोल्ट किया

[09:21:40] एंड गॉट डिसेंडेड। ठीक है? तो रिवोल्ट

[09:21:42] स्टार्ट हो गया है। दिल्ली में जब सिपाही

[09:21:44] पहुंचे तो वहां पर साइमन फ्रेजर ठीक है?

[09:21:49] इनको मार दिया और जो एक आर्मरी थी जहां पर

[09:21:53] असला बारूद रखा जाता है उसके ऑफिसर

[09:21:56] लेफ्टिनेंट विलो बाई को भी खत्म कर दिया।

[09:21:59] तो दिल्ली अब सिपाहियों के कंट्रोल में

[09:22:02] है। जनरल बख्त खान ने

[09:22:05] यहां पर दिल्ली से प्रैक्टिकल लीडरशिप दी

[09:22:08] और इन्होंने काउंसिल ऑफ सोल्जर्स भी

[09:22:10] बनाया। इस काउंसिल ऑफ सोल्जर्स ने

[09:22:12] वर्चुअली गवर्नमेंट की तरह एक्ट किया

[09:22:15] जिसमें छह सिविलियन,

[09:22:17] छह सोल्जर्स और चार सिविलियन थे। ये याद

[09:22:21] रख लेना। ठीक है? अब लीडर्स की बात करते

[09:22:24] हैं। किस-किस ने कहां-कहां से लीड किया?

[09:22:28] ठीक है? किस-किस ने कहां-कहां से लीड

[09:22:30] किया? तो, एक काम करते हैं। मैं जगह का

[09:22:32] नाम बोलता हूं। आप मुझे बताइए किसने लीड

[09:22:34] किया? दिल्ली से कौन लीड कर रहा था? जनरल

[09:22:37] बख्त खान एंड बहादुर शाह जफर। ठीक है।

[09:22:40] कानपुर से किसने लीड किया था? एवरीवन

[09:22:43] कमेंट सेक्शन में पार्टिसिपेट करो। हु लेड

[09:22:45] फ्रॉम कानपुर?

[09:22:48] कानपुर से किसने लीड किया था?

[09:22:51] हु लेड फ्रॉम कानपुर बताओ यार।

[09:22:58] नाना साहेब झांसी से। रानी लक्ष्मीबाई ने।

[09:23:01] ठीक है। बिहार में अर्रा से किसने लीड

[09:23:05] किया था?

[09:23:07] बिहार में अर्रा से किसने लीड किया था?

[09:23:14] कुंवर सिंह। ठीक है? कुंवर सिंह लेड फ्रॉम

[09:23:18] बिहार। ओके। इसके बाद हम बात करेंगे

[09:23:24] लखनऊ [गला साफ़ करने की आवाज़] से किसने

[09:23:25] लीड किया था? बेगम हजरत महल।

[09:23:28] लखनऊ से बेगम हजरत महल ने लीड किया था।

[09:23:31] फिर फैजाबाद से किसने लीड किया था?

[09:23:34] हु लेड फ्रॉम फैजाबाद

[09:23:37] हु लेड फ्रॉम फैजाबाद मौलवी अहमद उल्लाह

[09:23:42] बरेली से किसने लीड किया था

[09:23:46] बताओ

[09:23:48] बरेली से किसने लीड किया था खान बहादुर

[09:23:52] ठीक है बरेली से किसने लीड किया था खान

[09:23:55] बहादुर आप इसको ऐसे ही याद हमने किया था

[09:23:57] ठीक है क्लास में कि जैसे बरेली में क्या

[09:24:00] है झुमका गिरा रे है ना तो जस्ट इमेजिन कि

[09:24:03] बेगम हजरत महल ने जब हेनरी लॉरेंस ने

[09:24:06] बदतमीजी की थी ना हेनरी लॉरेंस को मरवा

[09:24:08] दिया था तो आप इमेजिन करो बेगम हजरत महल

[09:24:11] का झुमका बरेली में गिर गया ठीक है तो अब

[09:24:13] वो रिटर्न करना है इन ये तो कोई ऐसे करे

[09:24:16] तो यह तो हेनरी लॉरेंस की तरह मार ना दे

[09:24:18] तो किसी बहादुर इंसान की जरूरत है तो खान

[09:24:20] बहादुर रिटर्न दिस झुमका ठीक है यह याद

[09:24:23] करने का तरीका है बरेली से खान बहादुर ने

[09:24:25] 400 सोल्जर्स को लीड किया था व्हेन दे

[09:24:27] रीच्ड ठीक है कुंवर सिंह यह जगदीशपुर के

[09:24:31] जमींदार और 70 साल की उम्र के थे।

[09:24:34] इन्होंने

[09:24:35] बिहार के अर्रा से लीड किया था। फैजाबाद

[09:24:37] अवध में मौलवी अहमदतुल्लाह राइट एंड झांसी

[09:24:40] से रानी लक्ष्मीबाई एंड तात्या टोपे जब

[09:24:43] ग्वालियर में बात नहीं बनी। ग्वालियर से

[09:24:45] यह हार गए तो उसके बाद झांसी को सपोर्ट

[09:24:48] करने के लिए तात्या टोपे आ गए थे। ही वास

[09:24:49] अ क्लोज एसोसिएट ऑफ़ नाना साहेब। ठीक है?

[09:24:52] और पटना में देखो कुछ सिविल लीडरशिप भी

[09:24:54] है। पटना बिहार के अर्रा से कुंवर सिंह

[09:24:58] बिहार के पटना से पीर अली खान लेड द

[09:25:00] रिवोल्ट। ठीक है? ठीक है? ही वाज़ एन

[09:25:01] इंपॉर्टेंट मेंबर इन द रिव्ट। इलाहाबाद से

[09:25:04] मौलवी लियाकत अली खान। ठीक है? मौलवी

[09:25:07] लियाकत अली राइट इन्होंने एक इंपॉर्टेंट

[09:25:11] लीडरशिप रोल यहां पर दिया इलाहाबाद में।

[09:25:13] और हरियाणा से राव तुलाराम।

[09:25:16] ठीक है? हरियाणा से राव तुलाराम। हरियाणा

[09:25:19] में ना आपको पता है गुड़गांव। गुड़गांव

[09:25:22] में डीसी ऑफिस था तब। तो डीसी ऑफिस पर

[09:25:26] अटैक करके सरकारी खजाने से ₹7 लाख इन

[09:25:30] रिबेल्स ने ठीक है रिबेल ही है अंग्रेजों

[09:25:32] के पॉइंट ऑफ व्यू से रिबेल है रिबेल फॉर

[09:25:34] वन रेवोल्यूशनरी फॉर अदर तो ₹7 लाख इन

[09:25:36] लोगों ने लूट लिए और गुड़गांव के डीसी कौन

[09:25:39] थे उस टाइम पे विलियम फोर्ड विलियम फोर्ड

[09:25:41] वाज़ दी डीसी ऑफ़ गुड़गांव एट दैट टाइम यह

[09:25:44] एक एडिशनल इनेशन है और हरियाणा से राव

[09:25:46] तुलाराम ही गव दी लीडरशिप ठीक है रीजनल

[09:25:49] लीडर थे यह हरियाणा से राइट अब रिकैप्चर

[09:25:53] की बात करें तो रिकैप्चर के लिए हम एक

[09:25:58] ट्रिक यूज़ करते हैं। ठीक है? दिल्ली,

[09:26:07] इलाहाबाद एंड वाराणसी।

[09:26:10] फिर आएगा आपका बरेली,

[09:26:15] कानपुर एंड लखनऊ,

[09:26:18] एंड झांसी।

[09:26:21] ठीक है? तो दिल्ली के अंदर ना क्या हुआ था

[09:26:24] कि देयर वाज़ एन ऑफिसर जॉन निकोलसन।

[09:26:30] तो जॉन निकोल्सन ट्राइड टू रिकैप्चर

[09:26:32] दिल्ली बट सिपाहियों ने इनको इस दुनिया से

[09:26:34] निकोल दिया। ठीक है? तो जॉन निकोलसन ने

[09:26:37] दिल्ली में ट्राई किया। फाइनल रिकैप्चर

[09:26:39] हुआ था हडसन द्वारा। हडसन ने क्या किया

[09:26:42] था? जो रॉयल प्रिंसेस थे ना मुगल

[09:26:45] डायनेस्टी के उनको कत्लेआम कर दिया उनका।

[09:26:48] हद कर दी। मतलब रॉयल प्रिंसेस को जाने

[09:26:50] देता है। है ना? उनका कत्लेआम ही कर दिया।

[09:26:53] तो हद कर दी इन्होंने बाय किलिंग दी सनंस

[09:26:56] ऑफ़ मुगल एपरर्स। राइट? तो हडसन। इलाहाबाद

[09:26:58] वाराणसी में क्या है? इंडिगो फार्मिंग

[09:27:01] बहुत होती है। इंडिगो को हिंदी में कहते

[09:27:03] हैं नील। ठीक है? तो यह इलाहाबाद वाराणसी

[09:27:06] से कर्नल नील लेड द रिवोल्ट। और जो

[09:27:10] रिवोल्ट का सबसे खूंखार अफसर था प्रेस

[09:27:14] करने के लिए वह था कॉलिन कैमबेल।

[09:27:18] ही वास कॉलिन कैमबेल। तो कॉलिन कैमबेल ने

[09:27:21] बरेली, कानपुर और लखनऊ से रिवोल्ट को

[09:27:24] सप्रेस किया था। ठीक है? तो कॉलिन कैमबेल

[09:27:27] ने क्योंकि बहुत सारे हमारे रेवोल्यूशनरीज

[09:27:29] को मरवाया था। तो हम इसको क्या कह सकते

[09:27:31] हैं? यह बीकेएल था।

[09:27:35] है ना? या फिर कह सकते हैं कि कमर कस के

[09:27:38] आया था। ही बक्ल्ड हिमसेल्फ अप। ही

[09:27:40] बक्कल्ड अप एंड केम टू सप्रेस द रिव्ट।

[09:27:43] ठीक है? तो कॉलिन कैमबेल इसने रिवॉल्ट को

[09:27:46] सप्रेस किया। और झांसी झांसी में रानी

[09:27:49] लक्ष्मीबाई से इंप्रेस होकर यहां पर

[09:27:51] श्रद्धांजलि देने के लिए हग

[09:27:53] ह्यूज रोज रख दिया तो हग रोज़ जो है हग रोज़

[09:27:57] ही सप्रेस रिपोर्ट फ्रॉम झांसी। ठीक है?

[09:28:00] तो ये हो गए आपके सप्रेस। अब डेट वाइज़

[09:28:03] आपको अगर याद रखना है। ठीक है? तो आपको एक

[09:28:06] निमोनिक इसका एक और है। ठीक है? यह हो गए।

[09:28:09] ठीक है? जॉन निकोलसन, लेफ्टिनेंट हडसन,

[09:28:11] कर्नल नील, कॉलिन कैमबेल। राइट? ये यही है

[09:28:15] मतलब इस इससे आप याद रख सकते हो खत्म बात

[09:28:18] ठीक है अब अगर डेट वाइज क्रोनोलॉजी याद

[09:28:21] रखनी है तो बनारस इलाहाबाद देन दिल्ली ठीक

[09:28:27] है और उसके बाद

[09:28:30] उसके बाद अ

[09:28:36] कानपुर देन लक लखनऊ

[09:28:40] झांसी ग्वालियर एंड बरेली ली ठीक है झांसी

[09:28:46] ग्वालियर बरेली ठीक है तो बैड लक ऑफ

[09:28:49] जेजीबी

[09:28:52] ठीक है जैजीबी एक सिंगर है ना जैजीबी है

[09:28:56] ना जिनने मेरा दिल लुटया ओ हो वो उसका

[09:28:59] गाना है तो यह याद रखने का है कि मतलब सब

[09:29:01] सप्रेस हुआ रिव्ट हमारे लिए अच्छा नहीं था

[09:29:04] तो दिस वाज़ बिकॉज़ ऑफ़ अ बैड के लक ऑफ

[09:29:06] जेजीबी

[09:29:08] राइट तो बैड क्या बना बनारस इलाहाबाद

[09:29:10] दिल्ली के बन गया कानपुर लक बन गया लखनऊ

[09:29:13] और जेजीबी क्या बन गया? झांसी, ग्वालियर

[09:29:16] एंड बनारस।

[09:29:18] ठीक है? यह ट्रिक आप याद रख सकते। अब

[09:29:21] बरेली सॉरी झांसी, ग्वालियर एंड बरेली।

[09:29:23] ठीक है? ये ये बनारस है। ठीक है? जो बी

[09:29:27] स्टार्टिंग है वो बनारस है। राइट? रिवॉर्ड

[09:29:31] के पूरी तरह से सक्सेसफुल ना होने के पीछे

[09:29:33] कई कारण थे। जैसे कि सारी इंडिया

[09:29:35] पार्टिसिपेशन नहीं थी। राइट? बहुत सारा

[09:29:39] कंट्री जो था इट वास नॉट पार्टिसिपेटिंग

[09:29:42] मिडिल क्लास इंटेलिजेंसिया ने ना सपोर्ट

[09:29:44] किया ना अगेंस्ट गए ठीक है राजा मानसिक जो

[09:29:47] ग्वालियर के सेनापति थे ठीक है सिंधिया

[09:29:50] फॉर एग्जांपल सपोर्टेड ब्रिटिश बहुत से

[09:29:52] राजा जो थे उन्होंने ब्रिटिश को सपोर्ट

[09:29:54] किया राइट और एक यूनिफाइड आईडियोलॉजी नहीं

[09:29:57] थी हमारी उन सारे रीज़ंस की वजह से हम इस

[09:29:59] रिपोर्ट में सक्सेसफुल नहीं हो पाए। ठीक

[09:30:02] है? बेयरली 10% 10 20% एरिया जो था वो

[09:30:06] इंपैक्ट हुआ था रिवोट से कई रिकॉर्ड्स के

[09:30:08] मुताबिक। ठीक है? तो ऑल इंडिया रिव्ट मतलब

[09:30:11] यह उतना नहीं था। सो दैट इज़ व्हाई इट कुड

[09:30:14] नॉट सक्सीड कंप्लीटली बट यस इट शुक्ड दी

[09:30:16] फाउंडेशन ऑफ़ ब्रिटिश इन इंडिया। और इसका

[09:30:18] सबसे बड़ा सक्सेस इस बात में है कि ईस्ट

[09:30:21] इंडिया कंपनी को डिसबैंड कर दिया गया। ठीक

[09:30:23] है? ब्रिटिश को पता था कि ऐसा डिस्कंटेंट

[09:30:26] है। तो खुद को बचाने के लिए उन्होंने कहा

[09:30:28] कि ये ईस्ट इंडिया कंपनी की सारी की सारी

[09:30:30] गलती है। और कॉन्सिक्वेंटली उन्होंने कहा

[09:30:32] कि यही हर चीज के लिए रिस्पांसिबल हैं।

[09:30:35] राइट? हम बड़े अच्छे हैं। तो ईस्ट इंडिया

[09:30:36] कंपनी को डिसबैंड करके इन्होंने 1858 में

[09:30:39] एक्ट ऑफ गुड गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लेजिसलेट

[09:30:41] किया। यह दिखाने के लिए कि अब से तुम में

[09:30:44] डायरेक्टली क्राउन ही रूल करेगा। जबकि

[09:30:46] 1853 तक भी प्रैक्टिकली ब्रिटिश गवर्नमेंट

[09:30:48] ही सब कुछ कर रही थी। ठीक है? यह सिर्फ

[09:30:50] छलावा था कि अब से क्राउन डायरेक्टली आपको

[09:30:52] रूल करेगा। हम बड़े अच्छे हैं। हम इक्वलिटी

[09:30:54] लेके आएंगे, यह करेंगे, वो करेंगे। किया

[09:30:56] कुछ भी नहीं। 1947 तक एक्सप्लॉयटेशन ही

[09:30:59] हमारी हुई। यह किताबें हैं जो रिवोल्ट के

[09:31:01] ऊपर लिखी गई। फर्स्ट इंडियन वॉर ऑफ

[09:31:03] इंडिपेंडेंस कार्ल मार्क्स ने, कॉजेस ऑफ

[09:31:06] इंडियन रिवोल्ट सैयद अहमद खान ने, इंडियन

[09:31:08] वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस वि डी सावरकर ने,

[09:31:10] सिपोई म्यूटनी एंड रिबेलियन आर सी मजूमदार

[09:31:12] ने, सिविल रिबेलियन इन इंडियन म्यूटिस

[09:31:14] एसबी चौधरी ने, रिबेलियन 1857 पीसी जोशी

[09:31:17] ने और 1857 एसए सेन ने। ठीक है? इसमें ना

[09:31:20] आरसी मजूमदार की एक बात याद रखना इनकी

[09:31:23] किताब का नाम इंपॉर्टेंट है सिपॉई म्यूटनी

[09:31:25] एंड रिबेलियन ऑफ 1857 और आरसी मजूमदार ने

[09:31:28] कहा था द सो कॉल्ड फर्स्ट नेशनल वॉर ऑफ

[09:31:30] इंडिपेंडेंस इज़ नाइदर फर्स्ट नॉर नेशनल

[09:31:33] नॉर अ वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस तो इन्होंने

[09:31:36] बेसिकली ये कहा था कि यह एक रिवोल्ट था इस

[09:31:38] तरह के रिवोल्ट काफी पहले भी होते रह रहे

[09:31:41] थे राइट सो इट वाज़ नाइदर फर्स्ट नेशनल

[09:31:44] नहीं था क्योंकि नेशन का आईडिया पता ही

[09:31:46] नहीं था लोगों को और वॉर ऑफ़ इंडिपेंडेंस

[09:31:48] भी नहीं थी क्योंकि क्योंकि बहुत से लोग

[09:31:50] जो जिन्होंने पार्टिसिपेट किया था वो

[09:31:52] सिर्फ ब्रिटिश सिंबल्स के ऊपर अटैक कर रहे

[09:31:55] थे। इन रियलिटी उनको नहीं पता था कि वो

[09:31:58] अंग्रेजों को खदेड़ने के बाद किस तरह की

[09:32:00] चीज को सेटअप करेंगे। ठीक है? राइट। तो यह

[09:32:04] आरसी मजूमदार को याद रखिएगा।

[09:32:08] ठीक है जी। तो दैट इज़ इट। है ना? 1857 का

[09:32:13] रिवोल्ट। और इसके बाद इस सप्रेशन के बाद

[09:32:16] ब्रिटिश पार्लियामेंट ने सेकंड अगस्त को

[09:32:18] बेटर गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट पास कर

[09:32:20] दिया। अब गवर्नर जनरल को एडिशनल टाइटल मिल

[09:32:23] गया वायसरॉय का। तो जब ब्रिटिश इंडिया को

[09:32:25] एडमिनिस्टर कर रहा है ही विल बी कॉल्ड एज

[09:32:27] गवर्नर जनरल। और जब वो प्रिंसली स्टेट्स

[09:32:30] के साथ डील करेगा ही आल्सो हैज़ दैट एडिशनल

[09:32:32] टाइटल ऑफ़ वायसरॉय। सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट फॉर

[09:32:34] इंडिया एक नया मेंबर बनाया गया। तो

[09:32:36] सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट नहीं सेक्रेटरी ऑफ़

[09:32:38] स्टेट फॉर इंडिया। यह ब्रिटिश कैबिनेट का

[09:32:40] मेंबर रहेंगे और एडमिनिस्ट्रेशन क्राउन के

[09:32:42] पास है। ठीक है? सो दिस एक्ट वाज़ पास्ड ऑन

[09:32:45] सेकंड अगस्त 1858 वेरीेंट और रिवॉर्ड को

[09:32:49] सप्रेस करने से पहले इसको लेजिसलेट कर

[09:32:52] दिया गया। इसके बाद कैनिंग ने इलाहाबाद

[09:32:54] में एक दरबार रखवाया। उस साल इलाहाबाद में

[09:32:57] प्रयागराज वहां पर कुंभ मेला चल रहा था।

[09:33:00] तो ताकि ब्रिटिश की पॉलिसी दूर देश तक फैल

[09:33:04] जाए। तो इसलिए इलाहाबाद को इस क्रिंस

[09:33:06] प्रॉक्लेमेशन के लिए चूज़ किया गया। 1

[09:33:08] नवंबर 1858 को यह प्रोक्लेमेशन दी गई और

[09:33:11] इसमें गवर्नर जनरल ने वह सारा कुछ बताया

[09:33:14] कि वॉइसरॉय यह टाइटल है। ठीक है? राइट्स

[09:33:16] एंड डिग्निटी ऑफ़ प्रिंसली स्टेट्स। इसको

[09:33:18] हम रिस्पेक्ट करेंगे। ब्रिटिश पैरामाउंट्स

[09:33:20] ही एस्टैब्लिश कर दी गई। देयर विल बी

[09:33:23] फ्रीडम ऑफ रिलजन विदाउट इंटरफेरेंस फ्रॉम

[09:33:24] ब्रिटिश ऑफिशियल्स। इक्वल इंपार्शियल

[09:33:26] प्रोटेक्शन रहेगी सबके लिए इंडियंस के लिए

[09:33:29] भी। और इंडियंस की राइट्स कस्टम प्रैक्टिस

[09:33:31] को हम ड्यूेंस देंगे इन एव्री फ्यूचर

[09:33:33] पॉलिसी। तो यह सब कुछ बताकर इन्होंने क्या

[09:33:36] किया? इन्होंने

[09:33:38] क्या किया?

[09:33:40] इन्होंने यह दिखा दिया कि भाई हम आपका भला

[09:33:44] चाहते हैं। कंपनी गंदी थी। कंपनी गंदी

[09:33:46] कंपनी को हमने निकाल दिया है। और अब अच्छी

[09:33:49] कंपनी जो है वह आपके यहां आ चुकी है। इसी

[09:33:53] के साथ अब आपको जीना है, मरना है। है ना?

[09:33:56] सब कुछ करना है। तो, यह बेसिकली एक

[09:34:00] डेवलपमेंट यहां पर हुई। ठीक है? और

[09:34:02] रिवोल्ट को सप्रेस करने में यह हो गए

[09:34:04] सक्सेसफुल। अब इस रिवोल्ट की एक

[09:34:08] सिग्निफिकेंस यह निकल के आती है कि यहां

[09:34:11] पर ना जो मतलब यहां पर यह बात रियलाइज हो

[09:34:14] गई लीडर्स को कि आर्म्ड रिवोल्ट या आर्ड

[09:34:17] रिबिलियन की लिमिटेशंस होती है। क्या आप

[09:34:19] बात से एग्री करते हो? आर्ड रिबिलियन से

[09:34:21] ना आजादी नहीं मिल सकती।

[09:34:24] ठीक है? आर्म्ड रिबिलियन से मतलब आर्म्ड

[09:34:26] रिबिलियन से आजादी लेने के लिए ना एवरीवन

[09:34:29] नीड्स टू बी यूनाइटेड टुगेदर। इंडिया जैसे

[09:34:31] इतने डवर्स कंट्री में किसी को पता ही

[09:34:33] नहीं था कि वह किस चीज़ के लिए लड़ रहे हैं।

[09:34:36] हर किसी का अपना-अपना मेथड, हर किसी के

[09:34:38] अपने-अपने मुद्दे। अमेरिका में अलग अलग

[09:34:40] सिनेरियो था। वहां पर एक्चुअली आर्म्डर

[09:34:42] बिलियन से आजादी मिली। राइट? लेकिन इंडिया

[09:34:45] में इतनी डायवर्सिटी और उससे पहले

[09:34:48] अंग्रेजों ने ये जो एनेक्सेशन की यह

[09:34:50] एनेक्सेशन

[09:34:52] कैसे हुई? एक दूसरे के खिलाफ लड़ के ही तो

[09:34:54] आई है। ठीक है? तो इंडिया में मतलब आर्म्ड

[09:34:58] रिबेलियन से इसको

[09:35:00] आजादी लेना वास डिफिकल्ट। सो इसमें हमारे

[09:35:04] नेशनलिस्ट लीडर्स ने यह महसूस किया कि

[09:35:06] रिव्ट में हारने का पीछे या डिफीट के पीछे

[09:35:09] हमारा सबसे बड़ा रीजन ही यह था कि हम

[09:35:12] पॉलिटिकली अवेयर नहीं थे। वी वर नॉट

[09:35:15] पॉलिटिकली अवेयर। ठीक है? हमारी पॉलिटिकल

[09:35:18] अवेकनिंग ही नहीं हो रखी थी। हमें

[09:35:20] पॉलिटिकली अवेकन होना चाहिए। उसके बाद जब

[09:35:23] हम अपने एफर्ट्स लगाएंगे उसके बाद जब हम

[09:35:26] शायद अगर आर्ड रिबिलियन करें भी तो ज्यादा

[09:35:29] जीतने के चांसेस हैं। डू यू एग्री? अगर

[09:35:31] हमें पता होता कि हां अंग्रेजों को हटाना

[09:35:33] है। जैसे अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस हो

[09:35:35] रही थी ना जब तो उन्होंने बिल ऑफ राइट्स

[09:35:37] पहले पास किया।

[09:35:40] क्लियर किया कि ब्रिटिश से छुटकारा लेके

[09:35:43] हम क्या बनाने जा रहे हैं। तो वो किया ना

[09:35:46] जब उन्होंने तो इतने एडवांस थे नहीं

[09:35:49] अमेरिकनंस। जुदियां भी खाई थी उन्होंने

[09:35:52] लिटरली अमेरिकन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस में

[09:35:53] स्टार्टिंग में तो सेटबैक लगे थे लेकिन

[09:35:58] धीरे-धीरे टेबल्स स्टार्टेड टू टर्न बिकॉज़

[09:36:00] दे वर क्लियर कि व्हाट डू वी वांट। ठीक

[09:36:03] है? तो

[09:36:06] इसी चीज को ध्यान में रखते अब हमारे

[09:36:09] लीडर्स को यह लग रहा है कि भाई पहले लोगों

[09:36:13] को पॉलिटिकली अवेयर करो। पॉलिटिकली अवेयर

[09:36:17] कैसे होंगे? हाउ विल दे बिकम पॉलिटिकली

[09:36:19] अवेयर

[09:36:21] थ्रू पॉलिटिकल एजुकेशन।

[09:36:24] लिबर्टी क्या होता है पता ही नहीं है।

[09:36:27] इक्वलिटी क्या है? हमें क्या पता

[09:36:29] डेमोक्रेसी क्या है? वी डोंट नो। देखी

[09:36:32] नहीं कभी सुना ही नहीं कभी। राइट? सो

[09:36:34] कॉन्सिक्वेंटली हमारे लीडर्स ने कहा कि

[09:36:39] लेट अस स्टार्ट मेकिंग एसोसिएशंस।

[09:36:42] और यह एसोसिएशंस

[09:36:44] 1857 के बाद नहीं उससे पहले बननी शुरू हो

[09:36:47] गई थी। ठीक है? तो यह कांग्रेस से

[09:36:51] कांग्रेस क्यों बनाई गई? ऑर्गेनाइज करने

[09:36:53] के लिए लोगों को पॉलिटिकली

[09:36:56] अंग्रेजों से पॉलिटिकल कंसेशंस मांगने के

[09:36:59] लिए। तो

[09:37:02] द वेरी फर्स्ट अब हमने ना ये सारी

[09:37:04] पॉलिटिकल एसोसिएशंस याद रखनी है। देखो

[09:37:06] इनका ना ऑब्जेक्टिव मोर और लेस सेम ही है।

[09:37:10] डिस्कस गवर्नमेंट पॉलिसी

[09:37:13] सीक रिड्रेस सेफगार्ड इंटरेस्ट जैसे

[09:37:16] जमींदारी एसोसिएशन है तो लैंड लॉर्ड के

[09:37:18] इंटरेस्ट को सेफगार्ड करेंगे। ऑर्गेनाइज

[09:37:21] पॉलिटिकल एक्टिविटी यूजिंग कॉन्स्टिट्यूशन

[09:37:23] मेथड क्रिटिसाइज ब्रिटिश इंडियन पॉलिसीज

[09:37:26] सबका मोर और लेस सेम ही है। जहां पर अलग

[09:37:28] होगा मैं बता दूंगा। तो यहां आपको पता

[09:37:31] होना चाहिए एसोसिएशन का नाम किस साल उसको

[09:37:35] स्थापित किया गया उनके मेन फाउंडर्स। ठीक

[09:37:38] है?

[09:37:40] ये अब ट्रिक है। इसमें से क्वेश्चन आ जाता

[09:37:42] है। ठीक है? इसमें से क्वेश्चन पक्का आ

[09:37:45] जाता है। जैसे सी राजगोपालाचारी जी की

[09:37:48] स्वतंत्र पार्टी के ऊपर पक्का क्वेश्चन

[09:37:50] आएगा इस साल। देख लेना शर्त लगा लो।

[09:37:54] तो जो सबसे पहली पॉलिटिकल एसोसिएशन भारत

[09:37:57] की थी इट केम इन इंडिया विद अ बैंक। ऐसे

[09:38:02] याद रख सकते हो। इट केम इन इंडिया विद अ

[09:38:05] बैंक।

[09:38:06] है ना?

[09:38:08] हमारा अंग्रेजों के साथ 36 का आंकड़ा था

[09:38:11] और इनको सबक सिखाने के लिए हम आए बैंक के

[09:38:13] साथ। ठीक है? तो फर्स्ट सच ऑर्गेनाइजेशन

[09:38:16] बिकम्स बैंग भाषा प्रकाशिक सभा।

[09:38:20] इट्स अ लर्निंग टेक्निक। याद रखने का

[09:38:23] तरीका है। बंग भाषा प्रकाशिक सभा।

[09:38:29] राजा राममोहन रॉय के एसोसिएट्स ने इसको

[09:38:30] बनाया। जिसमें सबसे इंपॉर्टेंट रोल किसने

[09:38:33] प्ले किया? गौरी शंकर तारका बागीश ने। ठीक

[09:38:36] है? गौरी शंकर पारखा भागेश्वर

[09:38:40] उसके दो साल बाद जमींदारी एसोसिएशन बनी

[09:38:45] लैंड होल्डर सोसाइटी मैंने इसको कैसे याद

[09:38:48] रखा है भगवान श्री कृष्ण है ना

[09:38:52] द्वारकाधीश

[09:38:55] काइंड ऑफ जमींदारी थे जमीन थी उनकी पैच

[09:38:58] लैंड से गाइयां चराते थे वहां पर गांव

[09:39:01] वाले थे वो क्योंकि गोविंद कहा जाता है

[09:39:03] उनको है ना तो

[09:39:07] 2 साल बाद लैंड होल्डर सोसाइटी को मैंने

[09:39:10] कृष्ण जी के साथ जोड़ दिया है। ठीक है?

[09:39:12] कृष्ण जी को द्वारकाधीश कहा जाता है ना?

[09:39:14] तो वहां से मैंने द्वारकानाथ टैगोर याद

[09:39:16] रखा है। और जहां कृष्ण जी राधा तो होंगी

[09:39:19] वहां पे राधाकांत देव।

[09:39:22] ठीक है? दो साल बाद 1838 में द्वारकानाथ

[09:39:26] टैगोर एंड राधाकांत देव। 1839 में क्या

[09:39:30] होता है फिर?

[09:39:32] 3 को एक्सप्पोनेंशियली बढ़ाओगे तो नाइन

[09:39:35] बनेगा। 3 + 3 करोगे तो सिक्स होता है।

[09:39:38] एक्सपोन 3 स्क्वायर करोगे तो नाइन बनेगा।

[09:39:41] तो

[09:39:43] 1839 में बनी ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी।

[09:39:47] जनरली चुगलियां होती है ना वो सोसाइटियों

[09:39:49] में होती हैं। एसोसिएशन में धावा बोला

[09:39:52] जाता है। ठीक है? सो 1839 में विलियम

[09:39:57] एडमम्स ये एक ब्रिटिश थे। इन्होंने 1839

[09:40:01] में ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी बनाई। जैसे 3

[09:40:04] की स्क्वायर 9 होता है। उसी तरह से

[09:40:06] इन्होंने इनका काम था ईस्ट इंडिया कंपनी

[09:40:08] की मैल एडमिनिस्ट्रेशन को

[09:40:10] एक्सप्पोनेंशियली करके अंग्रेजों के सामने

[09:40:12] दिखाना कि कितनी अनएथिकल प्रैक्टिससेस ये

[09:40:14] फॉलो कर रहे हैं। ठीक है? याद रहेगा?

[09:40:19] हां जी ममता?

[09:40:22] याद रहेगा ना? चलो। अब 1839 के बाद अगली

[09:40:27] ऑर्गेनाइजेशन आती है 1843।

[09:40:30] 1843 में हमने देखा ब्रिटिश इंडिया

[09:40:33] सोसाइटी बनाई है। तो हमने कहा कि हम यही

[09:40:37] चीज बंगाल में बनाते हैं। चलो हमने क्या

[09:40:40] बना दी? बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी।

[09:40:43] ठीक है? ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी अंग्रेज

[09:40:44] चुगली करेंगे यहां पे। बंगाल ब्रिटिश

[09:40:47] इंडिया सोसाइटी में हम चुगली करेंगे इधर

[09:40:49] अंग्रेज के साथ। तो इसमें चार मेंबर्स थे

[09:40:52] जिनमें से तीन इंडियंस थे। ठीक है? तो

[09:40:55] 1843 43 चार मेंबर्स तीन इंडियंस। सबसे

[09:40:58] पहले विदेशी कौन था? जॉर्ज थॉमसन।

[09:41:01] ठीक है? जॉर्ज थॉमसन। और बाकी इंडियन

[09:41:04] मेंबर्स कौन थे? द्वारकाना टैगोर,

[09:41:07] चंद्रमोहन चैटर्जी एंड परमानंद मित्र। ठीक

[09:41:10] है? डीसीपी डीसीपी द्वारकानाथ टैगोर,

[09:41:12] चंद्रमोहन चैटर्जी, परमानंद मित्र। ये

[09:41:14] 1843 में है। ठीक है? जनरल पब्लिक

[09:41:17] इंटरेस्ट को प्रमोट करना, एक्चुअल कंडीशन

[09:41:19] ऑफ पीपल को बताना कि कॉलोनियल रूल में

[09:41:21] इन्हें लगता था कि शायद इनको पता नहीं है।

[09:41:23] अंग्रेजों को शायद पता नहीं है कि बेचारे

[09:41:25] हमारे लोग पिस रहे हैं। प्लीज जरा अच्छे

[09:41:26] से एडमिनिस्ट्रेशन करो। तो ये इंफॉर्मेशन

[09:41:30] देते थे। 1853 के बाद आया 1851

[09:41:36] यूनाइट फाइव और ये एक मुट्ठी वन यूनाइट।

[09:41:41] तो यूनाइट किया किसको किया? लैंड होल्डर

[09:41:43] सोसाइटी को। और जो बंगाल ब्रिटिश इंडिया

[09:41:46] सोसाइटी है इनको यूनाइट करके हमने क्या

[09:41:48] बना दी? ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन।

[09:41:53] ठीक है? ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन। बट ये

[09:41:56] है ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन अब क्या

[09:41:57] करेगी? ब्रिटिश पार्लियामेंट में अपनी

[09:41:59] डिमांड्स भेजेगी कि चार्टर को जरा ढंग से

[09:42:02] करो। ये कहेगी कि लेजिस्लेचर बनाओ एक

[09:42:05] सेपरेट जिसमें लोगों द्वारा चुने गए लोग

[09:42:08] हो। पॉपुलर कैरेक्टर मतलब लोगों द्वारा

[09:42:09] चुने गए लोग हो। एग्जीक्यूटिव जुडिशियल

[09:42:11] फंक्शनंस को सेपरेट करो। हायर ऑफिसर्स की

[09:42:13] सैलरी बहुत ज्यादा है। कम करो। साल्ट

[09:42:16] ड्यूटी आबकारी है अल्कोहल के ऊपर टैक्स।

[09:42:19] ठीक है? उसको घटाओ। स्टैंप ड्यूटीज को

[09:42:22] घटाओ। कुछ डिमांड्स को 1853 में मान लिया

[09:42:25] गया। ठीक है? इनमें से कुछ डिमांड्स को।

[09:42:27] राइट? तो जमीन ये ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन

[09:42:30] ये 1851 में बनी। 1851 के बाद अगली

[09:42:33] इंपॉर्टेंट एसोसिएशन इज़ 1866। तो सिक्स और

[09:42:36] सिक्स आमने-सामने हैं। मतलब कि आईना

[09:42:38] दिखाया जा रहा है। आईना दिखाने के लिए

[09:42:41] अंग्रेजों ने हमारे यहां क्या बनाया? ईस्ट

[09:42:44] इंडिया कंपनी। हमने उनके लंदन में बना दी

[09:42:46] ईस्ट इंडियन एसोसिएशन। ठीक है? ईस्ट

[09:42:49] इंडिया एसोसिएशन। दादाभाई नौरोजी इसके मेन

[09:42:52] फाउंडर थे। और उनके साथ पंजाबी मुंडा। ठीक

[09:42:55] है? दादाभाई नौरोजी पीबीएम पंजाबी मुंडा।

[09:42:58] ठीक है? पंजाबी मुंडा का पी बन गया

[09:43:00] फिरोजशाह मेहता। बी बन गया बदरुद्दीन

[09:43:02] तियाबजी। एम बन गया मनमोहन घोष।

[09:43:04] ठीक है? इनका काम क्या था? लंदन की पब्लिक

[09:43:07] को बताना कि भाई देखो तुम्हारे क्या काम

[09:43:09] करते हैं लोग। ताकि लंदन की जनता ऐसी

[09:43:13] सरकार का चुनाव करें जो बेहतर गवर्नर जनरल

[09:43:16] भारत में भेजे। इसके फर्स्ट प्रेसिडेंट

[09:43:18] लॉर्ड लडन थे। ठीक है? ये नाम याद रखना।

[09:43:21] ईस्ट इंडिया एसोसिएशन। लॉर्ड लवडन ही वाज़

[09:43:24] द फर्स्ट प्रेसिडेंट ऑफ

[09:43:27] ईस्ट इंडिया एसोसिएशन। ठीक है? दादा भाई

[09:43:30] नौरोजी नहीं ये ट्रैप क्वेश्चन बन जाता

[09:43:32] है। इसके बाद 1870 में आई पू सार्वजनिक

[09:43:35] सभा। ठीक है? पूना का प जो है ना तो वो पी

[09:43:39] ओ कहीं ना कहीं 70 से मैं रिलेट कर लेता

[09:43:42] हूं। पू सार्वजनिक सभा में महादेव गोविंद

[09:43:44] राणा, गणेश वासुदेव जोशी और एस एच

[09:43:47] चिपलांकर ये तीन लोग हैं। ठीक है? और इस

[09:43:50] ऑर्गेनाइजेशन ने सबसे बड़ा काम ये किया।

[09:43:52] 1875 में इनकी इतनी हिम्मत बढ़ गई।

[09:43:55] इन्होंने एक पिटीशन साइन करवा के ब्रिटिश

[09:43:57] हाउस ऑफ कॉमंस में कहा कि इंडियंस को

[09:43:58] डायरेक्ट रिप्रेजेंटेशन दो।

[09:44:01] देव मतलब देव सा हक रख 1875 में ठीक है

[09:44:07] 1875 में इंडियन लीग बनती है तो सेवन को

[09:44:10] उल्टा करो एल बन जाता है ना तो वहां से

[09:44:12] मैंने याद रखा हुआ है लीग इंडियन लीग ठीक

[09:44:16] है एल ई ए जी यू ई वैसे भी आई थिंक ये

[09:44:19] फाइव लेटर बन रहा है 1 2 3 4 नहीं सिक्स

[09:44:21] बन रहे चलो छोड़ो ठीक है इंडियन लीग ये

[09:44:22] सिसर कुमार घोष ने फाउंड की थी सिसर कुमार

[09:44:25] घोष वाज़ आल्सो दी फाउंडर ऑफ़ अमृत बाजार

[09:44:27] पत्रिका ठीक है तो ये इनकी थी और और इसमें

[09:44:30] नेशनलिज्म को लोगों को पॉलिटिकली एजुकेट

[09:44:32] करने का काम इंडियन लीग ने किया 1875 में।

[09:44:35] इसके बाद जो प्री कांग्रेस एसोसिएशन में

[09:44:38] सबसे इंपॉर्टेंट थी वो थी इंडियन

[09:44:40] एसोसिएशन। दिस वास सेट अप बाय आनंद मोहन

[09:44:42] बोस एंड सुरेंद्र नाथ बनर्जी। सुरेंद्रनाथ

[09:44:44] बनर्जी ने दो बार सिविल सर्विस को क्लियर

[09:44:46] किया था। पहली बार डेट ऑफ बर्थ की वजह से

[09:44:48] डिसक्वालीफाई कर दिया उनको कि गलत डेट ऑफ

[09:44:51] बर्थ बताई है। और दूसरी बार जब वो सिलहेड

[09:44:54] डिवीजन के सब मैजिस्ट्रेट थे तो वहां पर

[09:44:57] कुछ इर्रेगुलरिटी के चलते उनको एक ज्यादा

[09:45:00] हार्श पनिशमेंट करके डिसमिस कर दिया। तो

[09:45:02] देयर फॉर ही वाज़ वन सच पर्सन जो सिविल

[09:45:04] सर्विज रिफॉर्म्स को लेकर सबसे ज्यादा

[09:45:06] वोकल थे। इनका मानना था

[09:45:09] कि ब्रिटिश सिविल सर्विस रिफॉर्म देना ही

[09:45:11] नहीं चाहते।

[09:45:14] धाम के लिए ही सिविल सर्विज हैं। वह चाहते

[09:45:16] नहीं कि इंडियंस को एसोसिएट किया जाए। तो

[09:45:20] 1877 में इन्होंने रिडक्शन ऑफ एज लिमिट के

[09:45:24] अगेंस्ट प्रोटेस्ट किया कि 21 ईयर अपर एज

[09:45:26] लिमिट थी। ब्रिटिश ने इसको रिड्यूस करके

[09:45:28] 19 कर दिया। ताकि इंडियंस के लिए

[09:45:31] डिसएडवांटेज हो जाए। ठीक है? इंडियंस तब

[09:45:34] भी क्लियर कर लेते थे। राइट? फिर इन्होंने

[09:45:37] कहा कि इंग्लैंड में पेपर होते हैं तो

[09:45:39] कितने लोग तो इंग्लैंड जा ही नहीं पाते।

[09:45:41] सोचो अभी यूपीएससी का पेपर इंग्लैंड में

[09:45:43] होना शुरू हो जाए। यहां छोड़ो सरकार

[09:45:45] डिसाइड करे कि जिसने भी यूपीएससी का पेपर

[09:45:47] देना है अंडमान जाके देगा। हां बहुत

[09:45:50] दिक्कत हो जाएगी। राइट? तो इन्होंने कहा

[09:45:51] इंडिया और इंग्लैंड दोनों में कंडक्ट करो

[09:45:53] और साथ ही साथ इनका कहना था कि हायर

[09:45:55] एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट पे धीरे-धीरे

[09:45:57] इंडियंस का नंबर बढ़ाओ। राइट? इसके बाद

[09:46:00] कर्जन का कर लिटन के टाइम का 1878 में

[09:46:05] आर्म्स एक्ट वर्नाकुलर प्रेस एक्ट। आर्म्स

[09:46:07] एक्ट में क्या था कि इंडियंस आर्म्स कैरी

[09:46:10] नहीं कर सकते क्योंकि अंग्रेजों को डर

[09:46:11] लगता था। है ना? रिबेलियन हो गया 1857

[09:46:14] दोबारा कर दिया तो। तो तो इसने कहा कि

[09:46:16] नहीं ये बराबर होना चाहिए। ब्रिटिश भी

[09:46:18] नहीं फिक कर सकते। और वर्नाकुलर प्रेस

[09:46:20] एक्ट में क्या था? ब्रिटिश को पता लग रहा

[09:46:21] था कि अमृत बाजार पत्रिका जैसे जो

[09:46:24] वर्नाकुलर्स हैं वो हमारी पॉलिसीज को

[09:46:28] टारगेट कर रहे हैं। नेशनलिज्म बढ़ रहा है।

[09:46:29] गड़बड़ हो सकती है। तो कॉन्सिक्वेंटली

[09:46:31] मतलब इन्होंने कहा कि भाई करो कुछ

[09:46:35] जल्दी-जल्दी मतलब देख लो। राइट? तो यहां

[09:46:39] पर इसके खिलाफ इन्होंने प्रोटेस्ट किया।

[09:46:41] राइट? इसके बाद ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस।

[09:46:45] अब क्या है कि 1876 तक ना बहुत सारी

[09:46:48] ऑर्गेनाइजेशंस बन चुकी हैं। और यह सारी

[09:46:50] ऑर्गेनाइजेशंस इस बात के लिए मतलब बिल्कुल

[09:46:53] दे अ

[09:46:57] दे आर वेरी मच अवेयर कि अब हमें ना एक पैन

[09:47:01] इंडिया ऑर्गेनाइजेशन की जरूरत है। जितनी

[09:47:02] भी ऑर्गेनाइजेशन है वो सेक्टेरियन

[09:47:04] इंटरेस्ट बताती है। अब हमें पैन इंडिया

[09:47:05] ऑर्गेनाइजेशन की जरूरत है। सो देयर फॉर वी

[09:47:07] नीड टू होल्ड एन ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस

[09:47:10] जहां पर सारी पार्टीज आएंगी और यह सारी

[09:47:12] पार्टीज यूनाइट होकर एक पार्टी बनाएगी।

[09:47:15] ठीक है? जो फिर आगे फ्रीडम स्ट्रगल का

[09:47:16] मोर्चा संभालेगी। राइट? तो 28 दिसंबर से

[09:47:20] 30 दिसंबर 1883 में इन्होंने ऑल इंडिया

[09:47:23] कॉन्फ्रेंस को कन्वीन किया। इनको काफी

[09:47:25] सारे आइडियाज आए। अगली कॉन्फ्रेंस

[09:47:27] इन्होंने 1885 में प्लान की। नेक्स्ट

[09:47:30] कॉन्फ्रेंस वाज़ प्लान इन 1885।

[09:47:32] और यहां पर इनका प्लान था कि एक पैन

[09:47:35] इंडिया ऑर्गेनाइजेशन हम बना देंगे। लेकिन

[09:47:37] इस समय पर बहुत से हमारे कांग्रेस के

[09:47:39] लीडर्स ऐसे भी थे नेशनलिस्ट लीडर्स जिनको

[09:47:42] था कि यार अगर हम इंडियंस ही ऐसी

[09:47:44] ऑर्गेनाइजेशन बनाएंगे तो ब्रिटिश हमेशा

[09:47:46] उसको शक की निगाह से देखेंगे। हो सकता है

[09:47:48] शुरू होने से पहले खत्म कर दें। तो इंडियन

[09:47:50] लीडर्स चाहते थे कि ऐसी कोई भी

[09:47:52] ऑर्गेनाइजेशन बनानी है तो किसी ब्रिटिश से

[09:47:55] ही उसकी स्थापना करवाओ। ताकि कल को अगर

[09:47:57] ब्रिटिश कुछ बोले कि यह ऐसे वैसे तो हम

[09:48:00] बोले कि तुम्हारे ही गोरे ने इसको सेटअप

[09:48:02] किया था। और जहां तक बात है एस फ एस दिस

[09:48:08] इज कंसर्न कि

[09:48:10] ब्रिटिश के लिए इसमें क्या फायदा है? तो

[09:48:12] ब्रिटिश के लिए फायदा यह है कि 1857 में

[09:48:16] अगर पता होता कि भाई लोग खफा हैं तो पहले

[09:48:19] कुछ कर लेते। तुम करना भी नहीं चाहते थे।

[09:48:21] अब तो डायरेक्ट क्राउन रूल है। अब कुछ

[09:48:23] गड़बड़ हुई तो बैकफायर ज्यादा बुरी तरह कर

[09:48:25] सकता है। तो ब्रिटिश चाहते थे कि कोई भी

[09:48:27] डिस्कंटेंट लेना हमें पहले पता लग जाए। हम

[09:48:29] थोड़े-थोड़े रिफॉर्म्स दे देंगे ताकि

[09:48:31] डिस्कंटेंट जो है वो कम हो जाए। तो सेफ्टी

[09:48:33] वाल्व की तरह काम करेगी ऑर्गेनाइजेशन। ठीक

[09:48:35] है? तो कॉन्सीक्वेंटली 1885 में इंडियन

[09:48:38] इंडियन ऑल इंडिया कांग्रेस बन गई थी। बट

[09:48:41] फिर भी और ऑर्गेनाइज़ेशन भी बनती रही।

[09:48:42] जैसे कि मद्रास महाजनसभा इन 1884 बाय एम

[09:48:46] वी राघवाचार्य जी सुब्रमण्य अय्यर एंड पी

[09:48:48] आनंद चार्लु और बॉम्बे प्रेसिडेंसी

[09:48:50] एसोसिएशन में पीकेबी फिरोज शाह मेहता केटी

[09:48:53] तिलांग बद्रुद्दीन त्याग ये मेन फाउंडर्स

[09:48:55] थे। ठीक है तो कांग्रेस

[09:48:59] राइट कांग्रेस के बारे में डिस्कस करने से

[09:49:01] पहले थोड़ा सा ये जो पॉलिटिकल कैंपेन थे

[09:49:04] इनके

[09:49:07] इनको जरा पढ़ लेते हैं। हां जी थक तो नहीं

[09:49:10] गए?

[09:49:12] ठीक है। थका तो नहीं कोई?

[09:49:16] ठीक है। अभी तो अभी तो क्या ही टाइम हुआ

[09:49:19] है। मुझे लगता है 10:00 बजे तक आज हम

[09:49:21] 10:00 PM तक ही चलेगा यार।

[09:49:26] ठीक है? तो इसलिए आप सभी से सजेशन है पेपर

[09:49:28] निकाल लो। ठीक है? पेपर क्लियर कर लो।

[09:49:31] एनीवन हु थिंक्स कि भाई हम टीचर बन

[09:49:34] जाएंगे।

[09:49:41] थिंक ट्वाइस।

[09:49:43] थिंक ट्वाइस। पेपर निकालो यार। चलो अब ये

[09:49:47] जितनी ऑर्गेनाइजेशंस बनी है ना इन्होंने

[09:49:50] काफी सारे मैसिव कैंपेन करने शुरू कर दिए।

[09:49:52] जैसे कि इंडियनाइजेशन ऑफ गवर्नमेंट सर्विज

[09:49:55] के कैंपेन चल रहे हैं। सेकंड अफगान वॉर

[09:49:57] हमने डिस्कस किया। तो सेकंड अफगान वॉर में

[09:50:00] जैसे फर्स्ट अफगान वॉर के टाइम पर भी 15

[09:50:03] मिलियन पाउंड का खर्चा हो गया था। तो

[09:50:05] सेकंड अफगान वॉर के टाइम पर भी लॉर्ड लिटन

[09:50:07] के ऊपर प्रेशर डला कि भाई पैसे की वेस्टेज

[09:50:10] कर रहे हो। आउटकम कोई निकल नहीं रही। ऊपर

[09:50:12] से इंडियन रेवेन्यू से जो तुम्हें पैसा

[09:50:14] मिल रहा है उसको तुम यूज़ कर रहे हो टू पे

[09:50:17] दी रूलर्स ऑफ़ अफगानिस्तान टू कंट्रोल देयर

[09:50:19] फॉरेन पॉलिसी। तो यह लिटन के ऊपर प्रेशर

[09:50:22] डाला गया। लॉर्ड कैनिंग के टाइम पर भी यह

[09:50:25] एक्ट्स आए थे व्हिच वर नॉट गुड। इन्होंने

[09:50:28] प्लांटेशन लेबर एंड इनलैंड इमीग्रेशन एक्ट

[09:50:30] पास किया था। ठीक है? इसमें क्या होता था

[09:50:33] कि अगर कोई प्लांटेशन लेबरर है, प्लांटेशन

[09:50:36] क्या होता है कि जैसे टीम प्लांटेशंस है

[09:50:38] मेरी आई एम द ओनर तो मैं प्लांटेशन लेबर

[09:50:40] को हायर करता हूं। अब ये एक बार आ गए ना

[09:50:42] मेरी मर्जी के बिना ये बाहर नहीं निकल

[09:50:44] सकते। ये तो गुलामी हो गई। ठीक है? इनलैंड

[09:50:48] इमीग्रेशन में भी यही है। ठीक है? एक बार

[09:50:50] आप मेरे एस्टेट के अंदर आ गए तो इवन

[09:50:53] वाशरूम या टॉयलेट करने के लिए भी मेरी

[09:50:55] परमिशन के बिना आप इधर-उधर नहीं जा सकते।

[09:50:57] ठीक है? तो दिस पर्टिकुलर एक्ट कंडेम्ड दी

[09:50:59] प्लांटेशन लेबरर्स टू सर्फडम दैट इज़

[09:51:01] स्लेवरी। वर्नाकुलर प्रेस एक्ट जो था

[09:51:05] इसमें क्या किया? इसमें लॉर्ड लिटन ने कहा

[09:51:07] कि जो वर्नाक जैसे इंग्लिश न्यूज़पेपर को

[09:51:10] तो कहते हैं हम पढ़ लेते हैं। हमें समझ आ

[09:51:11] जाता है। वर्नाकुलर नहीं समझ आता। तो

[09:51:13] इन्होंने कहा कि वर्नाकुलर न्यूज़पेपर अब

[09:51:15] जो भी पब्लिश करेगा ना पब्लिश होने से

[09:51:17] पहले उसकी एक कॉपी

[09:51:20] ट्रांसलेटेड कॉपी डीसी को प्रोवाइड की

[09:51:23] जाएगी कलेक्टर को और उसमें प्रिंटिंग

[09:51:27] प्रेस का एड्रेस ठीक है जो प्रिंटिंग

[09:51:30] प्रेस है उसका एड्रेस जो एडिटर है उसका

[09:51:33] नाम और पता वो आपको प्रोवाइड करना है।

[09:51:36] राइट? और उसमें अगर ऐसा लगा कि कोई भी ऐसा

[09:51:39] आर्टिकल छपा है व्हिच प्रमोट्स डिसफेक्शन

[09:51:42] अगेंस्ट ब्रिटिश इन इंडिया तो आपके ऊपर

[09:51:45] 124 ए लगेगा सडिशन चार्ज लगेगा। ठीक है?

[09:51:49] और यह एक्ट सिर्फ वर्नाकुलर यानी कि लोकल

[09:51:51] भाषा में छपने वाले अखबारों के ऊपर था। तो

[09:51:54] इसको देखते हुए अमृत बाजार पत्रिका जो

[09:51:57] बंगाली भाषा में थी। ओवरनाइट इसको इंग्लिश

[09:52:00] में कर दिया गया। इसके अलावा जो हमारे

[09:52:02] [नाक से की जाने वाली आवाज़] वर्नाकुलर

[09:52:03] एडिटर्स थे उन्होंने क्या किया? उन्होंने

[09:52:05] लंदन में छपी हुई कोई आर्टिकल है। उसकी एज

[09:52:08] इट इज क्लिपिंग उठा के अपने अखबार में छाप

[09:52:10] लेते थे कि अगर आपने एक्शन लेना भी है तो

[09:52:12] हमने खुद कुछ नहीं लिखा। ये तो आप ही के

[09:52:14] देश के अखबार ऐसा बोल रहे हैं। तो ये सारी

[09:52:16] टेक्निक्स इन्होंने यूज की। 1878 में

[09:52:19] आर्म्स एक्ट में ये डिस्क्रिमिनेटरी था।

[09:52:21] इंडियंस आर्म्स नहीं रख सकते बट ब्रिटिश

[09:52:23] रख सकते हैं। और 1883 में लॉर्ड रिप्पन के

[09:52:26] टाइम पर एक इल्बर्ट बिल कंट्रोवर्सी हुई।

[09:52:29] तो लॉर्ड रिप्पन वास द गवर्नर जनरल एंड ही

[09:52:32] हैड दी फोर्थ मेंबर लॉ मेंबर जिनका नाम था

[09:52:35] कोटनी इल्बर्ट। कोटनी इल्बर्ट को रिपन जो

[09:52:38] कि एक लिबरल थे। उन्होंने कहा कि भ आप ना

[09:52:40] रेशियल डिस्क्रिमिनेशन को जुडिशियल सिस्टम

[09:52:42] से हमने हटाना है। तो उसके लिए हम ये लॉ

[09:52:45] लाएंगे कि पहले क्या था कि ब्रिटिश जज या

[09:52:49] यूरोपियन जज इंडियन क्रिमिनल के केसेस के

[09:52:52] ऊपर प्रिसाइड कर सकते हैं। ब्रिटिश

[09:52:53] क्रिमिनल केसेस के ऊपर भी प्रिसाइड कर

[09:52:55] सकते हैं। बट अगर कोई इंडियन जज है ही कैन

[09:52:57] नॉट प्रिसाइड ओवर यूरोपियन क्रिमिनल

[09:52:59] केसेस। सो कॉन्सिक्वेंटली रिपन ने कहा कि

[09:53:02] इस चीज को हमें चेंज करना है। सो व्हाट

[09:53:04] डिड ही डू? इसने कहा कि अब से इंडियन जजेस

[09:53:08] को परमिशन दे दो कि वो यूरोपियन ऑफेंडर्स

[09:53:10] के ऊपर भी केस पर प्रिसाइड कर सकते हैं।

[09:53:12] तो ब्रिटिश कम्युनिटी जो है उसने बहुत

[09:53:14] स्ट्रांगली अपोज किया इस बिल को। राइट?

[09:53:17] महिलाएं बढ़-चढ़कर इस बिल के खिलाफ बातचीत

[09:53:19] करना शुरू कर गई। महिलाओं ने यह तक कह

[09:53:21] दिया कि अगर इंडियन जजेस यूरोपियंस के

[09:53:24] केसेस में रिसाइड करेंगे तो वी डू नॉट फील

[09:53:27] सेफ हियर। हमारे नेशनलिस्ट लीडर्स ने देखा

[09:53:30] कि ब्रिटिश पापुलेशन ने रिवोल्ट नहीं

[09:53:34] किया, गोली नहीं चलाई, पत्थर नहीं फेंके,

[09:53:37] प्रोटेस्ट किया, ब्लैक कार्ड्स पकड़ के,

[09:53:38] नारेबाजी की और इनके प्रोटेस्ट की वजह से

[09:53:42] रिपन प्रेशर में आ गया। प्रेशर में आने की

[09:53:45] वजह से 1884 में इन्होंने रिफॉर्म पास तो

[09:53:48] किया लेकिन यह काफी डाइल्यूटेड था। तो जो

[09:53:53] इंडियन जज है ही इज अलाउड टू पार्टिसिपेट

[09:53:57] इन दी केस इनवॉल्विंग यूरोपियन क्रिमिनल

[09:53:59] बट जो जरी मेंबर्स होंगे ठीक है वो जरी

[09:54:03] मेंबर्स 50% क्या होंगे ब्रिटिश होंगे ठीक

[09:54:07] है तो रिपन जो हैं ये अपनी वाइट पॉपुलेशन

[09:54:10] में पॉपुलैरिटी खो गए थे लेकिन इनकी इज्जत

[09:54:11] भारतीयों के पॉइंट ऑफ व्यू से काफी बढ़ गई

[09:54:13] थी राइट तो इल्बर्ट कंट्रोवर्सी ने एक

[09:54:15] बहुत बड़ी शिक्षा दी वाज़ अ वेरी वेरी बिग

[09:54:18] लर्निंग 1885 में एक बहुत बड़ा ऑल इंडिया

[09:54:21] कैंपेन ऑर्गेनाइज किया गया टू रेज नेशनल

[09:54:23] फंड। नेशनल फंड की क्यों जरूरत पड़ी? देखो

[09:54:26] 1885 तक ना हम सबको पता लग गया था कि यार

[09:54:28] हमें ना पॉलिटिकल एजिटेशंस करवानी पड़ेंगी

[09:54:31] इंडिया में भी, इंग्लैंड में भी और लोगों

[09:54:33] को अवेयर करवाना पड़ेगा। ठीक है? सो

[09:54:36] कॉन्सिक्वेंटली

[09:54:38] यहां पर ब्रिटिश वोटर्स को हमने अपील करना

[09:54:40] शुरू कर दिया टू इ कैंडिडेट्स हु आर

[09:54:42] फ्रेंडली टुवर्ड्स इंडिया। ठीक है? वी

[09:54:44] वांटेड टू इ कैंडिडेट्स हु आर फ्रेंडली

[09:54:47] टुवर्ड्स इंडिया। तो ब्रिटिश ब्रिटेन में

[09:54:49] भी ये पैसा कलेक्ट करके वहां पर भी

[09:54:51] पैंफेट्स बांट रहे हैं। मोर्चे निकाल रहे

[09:54:53] हैं। एंड फाइनली सुरेंद्रनाथ बनर्जी आनंद

[09:54:55] मोहन बोस को पता था कि ऑल इंडिया

[09:54:57] ऑर्गेनाइजेशन हमें चाहिए। तो इन्होंने ऑल

[09:54:59] इंडिया नेशनल कॉन्फ्रेंस को 1883 में

[09:55:02] कन्वीन किया और दिसंबर 1885 में सेकंड ऑल

[09:55:05] इंडिया नेशनल कॉन्फ्रेंस कन्वीन की इनक।

[09:55:08] ठीक है? इसी बीच हमारे कई सारे नेशनलिस्ट

[09:55:11] लीडर्स इन्होंने कहा कि यार हमें

[09:55:14] अंग्रेजों के सहारे ही एक ऑर्गेनाइजेशन

[09:55:16] बनानी चाहिए। इसको हम यूज़ करेंगे। तो

[09:55:18] फाइनली एओ ह्यूम और लॉर्ड डफरिन हु वाज़ द

[09:55:21] वायसरॉय इन 1885 ये भी चाहते थे कि

[09:55:23] ऑर्गेनाइजेशन बने जो कुकर की सीटी की तरह

[09:55:25] प्रेशर रिलीज़ करें। तो 28 दिसंबर 1885 को

[09:55:29] गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज के

[09:55:31] ऑडिटोरियम में कांग्रेस का जन्म होता है।

[09:55:34] एओ ह्यूम को फाउंडर ऑफ द कांग्रेस माना

[09:55:36] जाता है। लेकिन जो फर्स्ट प्रेसिडेंट इनके

[09:55:38] थे वो थे डब्ल्यू सी बनर्जी। ठीक है?

[09:55:41] डब्ल्यू सी बनर्जी इस दी फर्स्ट कांग्रेस

[09:55:43] प्रेसिडेंट। और

[09:55:45] इसमें एक कन्वेंशन बन गई। प्रेसिडेंसी

[09:55:49] बॉम्बे है। ठीक है? दिस इज़ बॉम्बे।

[09:55:53] प्रेसिडेंसी क्या है? बॉम्बे है। और

[09:55:55] डब्ल्यू सी बनर्जी नाम देख के आपको पता लग

[09:55:57] रहा है ये कहां के हैं? बंगाल के। तो यहां

[09:56:00] पर कन्वेंशन बन गई कि कांग्रेस का जहां पर

[09:56:02] भी सेशन होगा। तो जो प्रेसिडेंट है वो उस

[09:56:07] प्रेसिडेंसी को बिलोंग नहीं दूसरे को

[09:56:08] करेगा। पहले सेशन में इन्होंने बहुत ही

[09:56:10] पार्लियामेंट्री तरीके से सेशन को कंडक्ट

[09:56:12] किया। क्राउन को गाली गलौज नहीं किया। कोई

[09:56:14] आराम से क्राउन के प्रति अपनी लॉयल्टी

[09:56:16] दिखाई कि वी आर थैंकफुल टू दी क्राउन वी

[09:56:18] आर यह वी आर वो और उसके बाद क्रिटिसिज्म

[09:56:21] शुरू किया क्योंकि अगर पहली ही स्पीच या

[09:56:24] पहली ही इस सेशन में बोलोगे कि भाइयों और

[09:56:26] बहनों है ना तो वो फिर ब्रिटिश कहेंगे कि

[09:56:29] बस तुम घर बैठो कोई कुकर की सिटी नहीं

[09:56:31] चाहिए हमें। राइट? तो इसमें इन्होंने कुछ

[09:56:33] रेजोलशंस को अडॉप्ट किया। जैसे कि हमारे

[09:56:36] लीडर्स ने कहा कि एक रॉयल कमीशन बनाओ

[09:56:38] जिसमें इंडियंस की अच्छी खासी

[09:56:40] रिप्रेजेंटेशन है और ब्रिटिश भारत में किस

[09:56:43] तरह से गवर्नेंस कर रही है उसका एक

[09:56:45] एनालिसिस किया जाए। इन्होंने

[09:56:47] [गला साफ़ करने की आवाज़] कहा कि इंडियन

[09:56:48] काउंसिल जो है ना सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट फॉर

[09:56:50] इंडिया का किस काम के लिए बनाया है? कोई

[09:56:52] काम उसका है नहीं। उनको पगार भी हमारे

[09:56:54] टैक्सेस से मिलती है। इसकी जरूरत नहीं है।

[09:56:55] खत्म करो। और अंग्रेजों ने प्रॉमिस किया

[09:56:58] था कि इंडियन प्रिंसली स्टेट्स की

[09:56:59] अनेक्सेशन नहीं करेंगे। अप्पर बर्मा की

[09:57:02] इन्होंने एक्सेशन इस टाइम पे की थी। उसको

[09:57:04] भी हमारे नेशनलिस्ट लीडर्स ने पहले सेशन

[09:57:06] में कंडेम किया। ठीक है? तो ये पहले सेशन

[09:57:09] से रिलेटेड चीजें हैं। अब कांग्रेस के

[09:57:11] जन्म से दो बातें बताई जाती है। सेफ्टी

[09:57:12] वाल्व और लाइटनिंग कंडक्टर। देखो मतलब

[09:57:15] आपको पता है। बस ये याद रखना सेफ्टी वाल्व

[09:57:17] थ्योरी दिस वाज़ प्रपोज्ड बाय लाला लाजपत

[09:57:19] राय इन हिज़ बुक अनहैपी इंडिया। यह नोट कर

[09:57:22] लो सब जने। प्रीलिम्स में बहुत काम आएगा।

[09:57:25] एक किताब इन्होंने लिखी थी अनहैपी इंडिया।

[09:57:27] वहां पर लाला लाजपत राय ने यह थ्योरी

[09:57:29] प्रपोज़ की और इन्होंने कहा ठीक है? ये

[09:57:31] ब्रिटिश ने नहीं ये मतलब इन इन्होंने

[09:57:34] कांग्रेस के जन्म को प्रूफ करने के लिए

[09:57:37] इन्होंने ये कहा तो इन्होंने कहा कि

[09:57:38] इंडियन नेशनल कांग्रेस ब्रिटिश ऑफिशियल्स

[09:57:40] ने इसलिए फाउंड की ताकि सेफ्टी वाल्व की

[09:57:42] तरह काम कर सके ये फॉर द राइजिंग

[09:57:44] डिस्कंटेंट। क्योंकि 1857 के बाद बेचारे

[09:57:46] डरे बैठे थे कि कब क्या हो जाए पता नहीं।

[09:57:49] ठीक है? तो एक सेफ चैनल मिला नेशनलिस्ट

[09:57:52] एनर्जी को। राइट? तो यही ब्रिटिश का

[09:57:54] ऑब्जेक्टिव था। लाइटनिंग कंडक्टर थ्योरी

[09:57:56] वाज़ पुट फॉरवर्ड बाय गोपाल कृष्ण गोखले।

[09:57:59] और यह थ्योरी कहती है कि ब्रिटिश की

[09:58:01] इनकरेजमेंट से इसको बनाया गया है। लेकिन

[09:58:04] यह पॉजिटिव रोल प्ले करेगी। और ब्रिटिश को

[09:58:07] ऊपर फाउंडर ब्रिटिश को रखने से क्या है कि

[09:58:09] जो ब्रिटिश का कहर है थंडरब्ट की तरह जो आ

[09:58:12] सकता है। तो हम यह कह के हमेशा टाल सकते

[09:58:14] हैं कि ब्रिटिश मेंबर्स क्योंकि फर्स्ट

[09:58:16] कांग्रेस सेशन में जो 72 डेलीगेट्स थे उन

[09:58:18] डेलीगेट्स में एओ ह्यूम और वायसरॉय डफरिन

[09:58:21] खुद मौजूद थे। ठीक है? इवन वाइससॉरायॉय

[09:58:23] डफरिन अटेंडेड द फर्स्ट कांग्रेस सेशन।

[09:58:26] ठीक है? सो इसके अंदर कांग्रेस अब्सॉर्ब्ड

[09:58:30] पॉलिटिकल टेंशंस एंड गव कॉन्स्टिट्यूशनल

[09:58:32] एक्सप्रेशनंस। गोखले सॉ एहि नॉट एज

[09:58:34] ब्रिटिश एजेंट बट एज जेन्युइन रिलिबरल हु

[09:58:36] वांटेड रिफॉर्म्स इन इंडिया। ओवर टाइम

[09:58:38] कांग्रेस इवॉल्व्ड इंटू ट्रू नेशनलिस्ट

[09:58:40] बॉडी दैट लेड फ्रीडम स्ट्रगल एज़ वी नो इट।

[09:58:42] ठीक है? तो अब सीधा हम चलते हैं। अ

[09:58:50] ये क्वेश्चन तो चलो क्वेश्चन को छोड़ो।

[09:58:52] सीधा कांग्रेस के सेशंस पे चलते हैं। ठीक

[09:58:55] है? ठीक है? लेट्स स्ट्रेट अवे मूव टू

[09:58:57] कांग्रेस सेशंस। देखो यार, कांग्रेस के

[09:59:00] बहुत सारे सेशंस हुए थे। हर सेशन को याद

[09:59:03] करने बैठ गए तो भाई हो गया काम। आपको कुछ

[09:59:06] चीजें याद रखनी है। द पर्सन हु बिकम द

[09:59:10] प्रेसिडेंट मैक्सिमम नंबर ऑफ टाइम्स।

[09:59:12] कमेंट सेक्शन में जवाब दो।

[09:59:16] बुक का नाम नहीं गोपाल कृष्ण गोखले ने यह

[09:59:18] एक मतलब नॉर्मली थ्योरी दी बुक का नाम

[09:59:21] लाला लाजपत राय के कॉन्टेक्स्ट में ही है।

[09:59:24] द नेम ऑफ द बुक इज अनहै इंडिया। ठीक है?

[09:59:27] अनहै इंडिया।

[09:59:31] ठीक है? तो मैक्सिमम नंबर ऑफ टाइम्स जो

[09:59:34] व्यक्ति कांग्रेस के प्रेसिडेंट बने इट इज

[09:59:36] पंडित जवाहरलाल नेहरू। ठीक है? ठीक है?

[09:59:40] मैक्सिमम पंडित जवाहरलाल नेहरू। राइट? तो

[09:59:44] अब हम बात करेंगे कांग्रेस के सेशंस की।

[09:59:48] तो कांग्रेस के सेशंस को ना पार्ट्स में

[09:59:50] मैंने डिवाइड किया है। अब कांग्रेस के पास

[09:59:53] सबसे बड़ा चैलेंज स्टार्टिंग में यह था टू

[09:59:55] प्रोजेक्ट इटसेल्फ एज अ पार्टी जो डवर्स

[09:59:57] इंडियन ओपिनियन को रिप्रेजेंट करता है। कि

[10:00:00] मतलब हम सिर्फ एलट हिंदूस को नहीं हम सभी

[10:00:03] को रिप्रेजेंट करते हैं। ठीक है? तो इसलिए

[10:00:06] 1885 में बॉम्बे में जो सेशन हुआ उसमें

[10:00:09] डब्ल्यू सी बनर्जी बने प्रेसिडेंट फर्स्ट

[10:00:11] हिंदू। जो सेकंड सेशन 1886 में हुआ उसमें

[10:00:15] दादाभाई नौरोजी बने कांग्रेस प्रेसिडेंट।

[10:00:18] ठीक है? तो सिक्स एंडक का सी थोड़ा सिमिलर

[10:00:21] है। काफी जगहों पे आप देखोगे कि छह वाला

[10:00:23] सेशनलक का बन रहा है। तो ये मैंने निशानी

[10:00:25] लगा रखी है। जहां पे नहीं बनता वो हम याद

[10:00:27] रखेंगे। ठीक है? तो 1886 का सेशनलक में

[10:00:30] हुआ दादाभाई नौरोजी फर्स्ट पारसी। 1887 का

[10:00:34] जो सेशन है राइट? 1887 का जो सेशन है ये

[10:00:40] यार ये ना बड़ी सिल्ली सी ट्रिक है। बट

[10:00:43] एमएस धोनी है ना उनको क्या बोलते हैं हम?

[10:00:47] थाला है ना और उनकी जर्सी का नंबर क्या

[10:00:50] है? मद्रास चेन्नई सुपर किंग्स के लिए

[10:00:52] खेलते हैं। ठीक है? मद्रास के मद्रास से

[10:00:56] एसोसिएट आप कर सकते हो। राइट? तो 1887 का

[10:00:59] सेशन कहां हुआ था? मद्रास में हुआ था।

[10:01:02] राइट? एम फॉर मद्रास। एम फॉर मुस्लिम। तो

[10:01:05] पहला मुस्लिम प्रेसिडेंट 1887 के मद्रास

[10:01:08] सेशन में मिला था। ठीक है? बदरुद्दीन

[10:01:10] तियाबग जी। राइट? तो थाला फॉर अ रीजन। यह

[10:01:13] धोनी जी के साथ हम

[10:01:22] ठीक है? धोनी जी के साथ हम रिलेट कर सकते

[10:01:23] हैं। ठीक है जी। तो फर्स्ट हिंदू 1885

[10:01:28] बॉम्बे फर्स्ट पारसी 1886क

[10:01:31] फर्स्ट मुस्लिम 1887 मद्रास बदरुद्दीन

[10:01:34] तियाबजी एंड फर्स्ट क्रिश्चियन ये आया

[10:01:37] 1888 में है। ठीक है? आठ आठ आठ

[10:01:41] राइट। 1888 का सेशन हुआ इलाहाबाद में है।

[10:01:45] ठीक है? इलाहाबाद में और

[10:01:48] जॉर्ज यूल बिकम दी प्रेसिडेंट। ठीक है? तो

[10:01:51] इसको याद रखने का एक मेरे स्टूडेंट ने

[10:01:53] बड़ा अच्छा मेथड बताया था। जॉर्ज यूल जी

[10:01:56] वाई बनता है। ठीक है? तो गंगा यमुना का

[10:01:59] संगम इलाहाबाद में ही तो है प्रयाग में।

[10:02:01] तो रिलेटेड विद दैट। ठीक है? तो फर्स्ट

[10:02:04] क्रिश्चियन इलाहाबाद

[10:02:06] 1888। ठीक है? और 1888 को याद रखने का

[10:02:10] तरीका मैंने यह रखा है कि जनरली ना 66 इज़

[10:02:12] कंसीडर्ड डेविल्स नंबर इन क्रिश्चियनिटी।

[10:02:14] ठीक है? ठीक है? तो एट को थोड़ा आप काटोगे,

[10:02:17] मॉडिफाई करोगे तो वो छह बन जाता। मतलब याद

[10:02:19] रखने का तरीका है। ठीक है? इट्स अप टू यू।

[10:02:21] आप कैसे भी याद रख सकते हो। ठीक है? तो ये

[10:02:23] 1888 तक जो रिलीजन वाइज़ हैं वो सारे के

[10:02:26] सारे हो गए। महिलाओं को भूल गए हम।

[10:02:29] महिलाएं नहीं ना महिलाओं को भी बिना

[10:02:32] महिलाओं के है ना अच्छा नहीं लगता यार। है

[10:02:34] ना? दिल भी नहीं लगता। तो 1889 में क्या

[10:02:38] किया? 1889 में यार इंडिया में ना एक ऐसी

[10:02:42] जगह जहां पे मतलब आई एम क्वाइट कॉन्फिडेंट

[10:02:44] कि मेरी सिस्टर ने अगर रात 12 3:00 बजे

[10:02:46] कहीं जाना हो और वो बिल्कुल सेफ है। दैट

[10:02:49] इज बॉम्बे। दिल्ली में तो मैं भी सेफ नहीं

[10:02:51] हूं। दिल्ली में तो मैं भी नहीं हूं सेफ।

[10:02:54] ठीक है? बाकी जगहों की बात नहीं लेकिन

[10:02:56] बॉम्बे में आई एम 100% वहां पर एक्चुअली

[10:02:59] एडमिनिस्ट्रेशन बहुत अच्छी है। पुलिस काफी

[10:03:01] अच्छी है बॉम्बे की। ठीक है? सो 1889

[10:03:05] में अब अप्रोक्समेटली नाइन टू 10 वुमेन

[10:03:09] मेंबर कुछ जगहों पर 10 लिखा हुआ है। कुछ

[10:03:11] जगहों पे छह लिखा हुआ है। यार मैंने एक

[10:03:13] न्यूज़पेपर का आर्टिकल पढ़ा था। इट इट इज़

[10:03:15] एन ऑथेंटिक सोर्स। तो वो छह कह रहा है कुछ

[10:03:17] जगह कहती हैं कि 10 वुमेन थी। ठीक है? तो

[10:03:20] लेट्स नॉट गो इंटू दैट मच डेथ। महिलाओं की

[10:03:22] पहली पार्टिसिपेशन। पार्टिसिपेशन मतलब

[10:03:25] मेंबर की तरह ऐसे भीड़ में बैठी हुई थी

[10:03:27] वो। तो ये फर्स्ट पार्टिसिपेशन हुई 1889

[10:03:30] में बॉम्बे में। मोस्ट प्रोग्रेसिव सिटी

[10:03:33] फॉर वुमेन। ठीक है? डब्ल्यू फॉर वुमेन,

[10:03:36] डब्ल्यू फॉर विलियम, डब्ल्यू फॉर

[10:03:37] वेडरबर्न।

[10:03:39] ठीक है? 1889 में विलियम वेडरबर्न की

[10:03:41] प्रेसिडेंसी में बॉम्बे में फर्स्ट टाइम

[10:03:43] कांग्रेस वुमेन ने पार्टिसिपेट किया। और

[10:03:46] ये जो कादंबिनी गांगुली हैं, इन्होंने

[10:03:48] 1890 केक

[10:03:51] सेशन में

[10:03:53] वोट ऑफ थैंक्स पास किया। यानी कि कांग्रेस

[10:03:56] के सेशन के दौरान 1889 में इन्होंने सिर्फ

[10:03:59] ऑब्जर्व किया। 1890 मेंक के सेशन में

[10:04:03] कादंबिनी गांगुली बिकम दी फर्स्ट वुमेन

[10:04:06] स्पीकर ऑफ कांग्रेस। फर्स्ट वुमेन स्पीकर

[10:04:09] कौन थी? कादंबिनी गांगुली। फर्स्ट वुमेन

[10:04:11] प्रेसिडेंट कौन थी? एनी बेसेंट। फर्स्ट

[10:04:13] इंडियन वुमेन प्रेसिडेंट कौन थी? फर्स्ट

[10:04:16] इंडियन वुमेन प्रेसिडेंट कौन थी? शी वाज़

[10:04:19] सरोजिनी नायडू।

[10:04:21] ठीक है?

[10:04:23] राइट। सरोजिनी नायडू। तो 1890 मेंक और

[10:04:26] प्रेसिडेंट कौन थे? फिरोज शाह मेहता।

[10:04:31] ठीक है? इट वास फिरोजशाह मेहता। 1891 का

[10:04:34] सेशन कहां हुआ था? नागपुर में। ठीक है? तो

[10:04:39] 1891 के सेशन की सिग्निफिकेंस ये है कि

[10:04:42] जैसे 91 है ना 91 तो नौ लोगों को अपनी एक

[10:04:46] नेशनलिटी दिख गई। ऐसे याद रख सकते हो। या

[10:04:49] फिर 91 है एन फॉर 91, एन फॉर नागपुर, एन

[10:04:52] फॉर नेशनल। तो पहले कांग्रेस को ऑल इंडिया

[10:04:55] कांग्रेस कहा जाता था। द वर्ड नेशनल वाज

[10:04:58] एडेड टू कांग्रेस इन नागपुर सेशन इन 1891

[10:05:03] ठीक है और 1891 के प्रेसिडेंट कौन थे ये

[10:05:06] थे पी आनंद चार्लू ठीक है 91 नागपुर नांज

[10:05:11] चार्लू ठीक है नंद चार्लू नेशनल नेशनल

[10:05:16] चार्लू ठीक है पी नेशनल चार्लू आनंद

[10:05:19] चार्लू ऐसे याद रख सकते हो तो ये पहले

[10:05:22] सेशंस हो गए इसमें सब कुछ फर्स्ट टाइम हो

[10:05:24] रहा है फर्स्ट हिंदू फर्स्ट पारसी फर्स्ट

[10:05:25] मुस्लिम फर्स्ट क्रिश्चियन फर्स्ट वुमेन

[10:05:27] फर्स्ट टाइम वुमेन फर्स्ट वुमेन स्पीकर

[10:05:30] एंड फर्स्ट टाइम नेशनल वर्ड यूज्ड ठीक है

[10:05:33] तो ये हो गया आपका इसके बाद 1896 का जो

[10:05:36] कांग्रेस सेशन था यह हुआ था आ गया छह आ

[10:05:40] गया छह आ गया तोक और वंदे मातरम को सिंग

[10:05:44] करना है हमने ठीक है और यहां पर देखो

[10:05:46] आयरनी देखो अब मुस्लिम प्रेसिडेंट ने इस

[10:05:48] सेशन को प्रिसाइड किया वेयर इन वंदे मातरम

[10:05:51] वाज़ संग फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम ठीक है और

[10:05:53] एक ऐसे सेशन में जहां पे वंदे मातरम को

[10:05:55] सिंग किया जा और मुस्लिम प्रसाइड कर रहे

[10:05:57] हैं। तो इस तरह का प्रेसिडेंट क्या होगा?

[10:05:59] सियाना होगा। तो रहमतुल्लाह सियानी बिकम

[10:06:02] दी प्रेसिडेंट ऑफ 1896 सेशन। वंदे मातरम

[10:06:05] के बारे में मुझे बताओ। सबसे पहली बार कब

[10:06:07] पब्लिश हुआ था? हां जी। वंदे मातरम वाज़

[10:06:09] पब्लिश्ड फॉर द फर्स्ट टाइम इन 1875 इन अ

[10:06:13] जर्नल कॉल्ड गंगा दर्शन। ठीक है? और उस

[10:06:16] टाइम पे आनंद मठ नहीं लिखी थी। आगे जाकर

[10:06:19] जब 1882

[10:06:21] में आनंद मठ बनाई गई तो उसका पार्ट वंदे

[10:06:24] मातरम को बना दिया गया। ठीक है? उसके अंदर

[10:06:26] आनंद मठ का नवेल का हिस्सा भी इसे बना

[10:06:28] दिया गया। ठीक है? इट इज़ लूजली बेस्ड ऑन

[10:06:31] सन्यासी रिवोल्ट। ठीक है? सन्यासी

[10:06:33] रिबिलियन के ऊपर आनंद मठ बेस्ड है। 1875

[10:06:36] में गंगा दर्शन राइट? और

[10:06:40] हां, ये स्टैंड अलोन पोएम की तरह थी। पोएम

[10:06:42] के टोटल सिक्स स्टांजाज हैं। हम लोग

[10:06:44] यूजुअली कितने बोलते हैं? टू स्टंजाज

[10:06:47] बोलते हैं। 1937 का जो कांग्रेस सेशन था,

[10:06:51] ठीक है? 1937 का जो कांग्रेस सेशन था, इस

[10:06:54] कांग्रेस सेशन में हमने डिसाइड किया था कि

[10:06:57] हम टू ही स्टैंजाज बोलेंगे। यह फैजपुर में

[10:07:00] हुआ था। ठीक है? दिस वाज़ इन फैजपुर

[10:07:02] जवाहरलाल नेहरू हेल्ड इन विलेज। तो, यहां

[10:07:04] पर वंदे मातरम को हमने डिसाइड किया कि

[10:07:06] इसके टू ही स्टांजाज़ बोलेंगे क्योंकि

[10:07:08] मुस्लिम कम्युनिटी ऑब्जेक्ट कर रही है।

[10:07:09] तो, सिंस 1937 पब्लिक गैदरिंग्स में वंदे

[10:07:11] मातरम के दो ही स्टांज़ाज़ बोले जाते हैं।

[10:07:14] ठीक है? 1897 में अमरावती में सेशन हुआ

[10:07:16] था। द प्रेसिडेंट वास सर चेत्र शंकरन

[10:07:19] नायर। उस टाइम पे इनकी एज 40 इयर्स थी और

[10:07:23] उस टाइम पे ये कांग्रेस के तक के यंगेस्ट

[10:07:25] मेंबर बने थे। ठीक है? अदरवाइज ओवरऑल

[10:07:29] यंगेस्ट मेंबर जो है ना वो मौलाना आजाद

[10:07:31] हैं। इन्होंने एक स्पेशल सेशन को प्रिसाइड

[10:07:34] किया था इन 1923।

[10:07:36] मौलाना आजाद इन 1923 प्रिसाइडेड स्पेशल

[10:07:39] सेशन। उस टाइम पे ये इनकी ऐज अराउंड 3435

[10:07:42] थी। ठीक है? ठीक है? दिल्ली में हुआ था वो

[10:07:43] स्पेशल सेशन। ठीक है? तो ओवरऑल यंगेस्ट

[10:07:45] मेंबर एवर टू प्रेसाइड कांग्रेस मौलाना

[10:07:47] आजाद 30ज में एंड 1897 में सर शंकरन चैत्र

[10:07:52] नायर। ठीक है? जलवाला बाग कांड में जो केस

[10:07:55] फाइल हुआ था उसके वकील थे ये हु ट्राइड टू

[10:07:59] एनश्योर कि कुछ मुआवजा मिले उन लोगों को

[10:08:02] जिनके ऊपर गोलियां चलाई गई हैं। ठीक है?

[10:08:05] क्लियर एवरीवन? क्लियर? 1905 में क्या

[10:08:09] हुआ? बंगाल की पार्टीशन हुई। है ना? तो

[10:08:13] बंगाल की पार्टीशन के टाइम पर हम बंगाल की

[10:08:16] पार्टीशन को कंडेम करेंगे। तो

[10:08:20] और कंडेम करते हुए क्या हम ऐसा कह सकते

[10:08:22] हैं कि कर्जन इतना ज्यादा रिएक्शनरी

[10:08:24] गवर्नर था कि हम उसके मुंह पे ऐसे

[10:08:27] थूकेंगे। मतलब मजाक में है यार शोभा नहीं

[10:08:30] देता। बट याद रखने के लिए क्या करें कि

[10:08:32] गवर्नर जनरल कर्ज़न को मुंह पे थूक दें।

[10:08:36] ठीक है? तो थूकने के लिए मुंह में पान हो

[10:08:38] फिर करें तो और मजा है। ठीक है? तो हम 901

[10:08:43] के सेशन के लिए क्या बोलते हैं? गोखले पान

[10:08:47] बनारस वाला खुल जाए बंद अकल का ताला फिर

[10:08:52] तो बोलो गाओ। ठीक है? तो 1905 के सेशन को

[10:08:56] ऐसे याद कर सकते हो आप। बनारस गोपाल कृष्ण

[10:08:59] गोखले बंगाल की पार्टीशन को हमने कहा कि

[10:09:01] बहुत कड़ी निंदा हम करते हैं। ठीक है?

[10:09:04] कर्जन थू नहीं फर्जन थू।

[10:09:08] राइट? [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:09:09] तो ये 1905 को ऐसे याद कर सकते हो। अब

[10:09:12] 1906 का सेशन आ गया। छह आ गया। कोलकाता आ

[10:09:15] गया वापस। ठीक है? 1906 का सेशन वापस

[10:09:18] कोलकाता में। यहां पर कौन बनेगा

[10:09:21] प्रेसिडेंट?

[10:09:23] इधर प्रेसिडेंट कौन बनेगा? यहां बनेंगे

[10:09:25] प्रेसिडेंट दादा भाई नौरोजी। बेसिकली ना

[10:09:27] 1906 में मॉडरेट चाहते थे कि फिरोजशाह

[10:09:31] मेहता बने। एक्समिस चाहते थे बाल गंगाधर

[10:09:33] तिलक बने। तो एक ट्रू साइन किया गया कि

[10:09:36] चलो दादा जी को बना लो नहीं तो स्प्लिट ना

[10:09:37] हो जाए। ठीक है? ठीक है? तो यहां पर ना

[10:09:39] हिस्टोरिक चार रेजोलशंस को पास किया गया।

[10:09:43] स्वराज को पहली बार याद रखना स्वराज को

[10:09:47] पहली बार कांग्रेस का गोल 1906 के सेशन

[10:09:50] में बनाया गया। ठीक है? स्वराज के साथ-साथ

[10:09:53] स्वदेशी रेजोल्यूशन को अडॉप्ट किया,

[10:09:55] बॉयकॉट को अडॉप्ट किया, नेशनल प्रोग्राम

[10:09:57] को अडॉप किया और इनकी मिस इंटरप्रिटेशन

[10:10:00] अगले सेशन में स्प्लिट का कारण बनी। ठीक

[10:10:02] है? तो 1907 में सूरत स्प्लिट हो गया।

[10:10:05] राइट?

[10:10:07] सूरत स्प्लिट हो गया। तो सूरत का सेशन जो

[10:10:10] है एस फॉर सूरत एस फॉर स्प्लिट। और जब कोई

[10:10:13] चीज स्प्लिट हो जाती है कांग्रेस में कोई

[10:10:14] मेंबर ही नहीं रह गए। एक्सट्रीम में सारे

[10:10:16] जेल चले गए। मॉडरेट अपने रास्ते चले गए।

[10:10:18] तो पीछे क्या है? भूत। भूत इज घोस्ट।

[10:10:22] राइट? तो 1907 का सेशन का प्रेसिडेंट कौन

[10:10:25] है? रास बिहारी घोष।

[10:10:27] यार याद रखने की ट्रिक है। मेरा काम बन

[10:10:29] जाता है इनसे। आई एम वेरी श्योर आपका भी

[10:10:31] बनता होगा। इसके बाद 1909 का सेशन। ये

[10:10:35] लाहौर। ठीक है? यहां पर 1909 में

[10:10:37] मोरलिमिंटो रिफॉर्म्स आ गए थे। इन

[10:10:39] रिफॉर्म्स ने सेपरेट इलेक्टोरेट्स

[10:10:41] इंट्रोड्यूस कर दिए। ठीक है? तो सेपरेट

[10:10:43] इलेक्टोरेट्स बेस्ड ऑन रिलजन काफी गलत थे।

[10:10:45] उनको कंडेम करना था। है ना? तो कंडेम करने

[10:10:47] के लिए मतलब मैंने याद रखने के लिए किया

[10:10:50] यार मेरे पीछे ना पड़ना अब। है ना? तो

[10:10:52] सेपरेट इलेक्टोरेट्स

[10:10:55] का मुद्दा है। तो लाहौर इसलिए हमने चूज़

[10:10:58] किया। और मुस्लिम्स को सेपरेट

[10:11:00] इलेक्टोरेट्स दिए थे। तो हमने भी कहा कि

[10:11:02] हम पंडित जी को बुलाएंगे। पंडित मदन मोहन

[10:11:05] मालविया को। ठीक है? तो कंडेम दिस। राइट?

[10:11:08] फिर 1911 11 तो इतना आसान है। देखो बाकी

[10:11:11] छह हैं। ये 11 वाला जो है ना ये छह मतलब

[10:11:13] ये सिक्स नहीं है बटक में हुआ था। 11 में

[10:11:16] ऐसे वन वन ना एकदम ऐसे खड़े हुए हैं

[10:11:18] स्ट्रेट। ठीक है? तोक के डबल टी और इस वन

[10:11:21] वन को जोड़ दो। और पहली बार नेशनल एंथम को

[10:11:24] गाया गया था। नेशनल एम एंथम वाज़ संग फॉर द

[10:11:26] वेरी फर्स्ट टाइम ड्यूरिंग दिस सेशन। और

[10:11:29] वंदे मातरम में एक याद रखना इसको ट्यून

[10:11:31] रविंद्र नाथ टैगोर ने दी थी। ठीक है? तो

[10:11:33] यह हो गए हमारे कांग्रेस के सेशंस अप टू

[10:11:35] 191। इसके बाद 1916 में क्या हुआ था कि

[10:11:40] मॉडरेट एक्सट्रीमिस्ट को वापस रियलाइज हुआ

[10:11:43] कि टूट के कांग्रेस कमजोर है। यूनाइटेड है

[10:11:46] तो स्ट्रांग है। तो ये वापस आ गए।

[10:11:48] इन्होंने कहा कि चलो भाई मंजूमदारी। ठीक

[10:11:50] है? तो एसी मजूमदार ठीक है? कि एसी

[10:11:53] मजूमदारी हो गई। है ना? तो लखनऊ पैक्ट और

[10:11:56] एसी मजूमदार अंबिका चरण मजूमदार यहां के

[10:11:59] प्रेसिडेंट थे। और मुस्लिम लीग भी मुस्लिम

[10:12:01] लीग को लगा कि हमारा तो यार क्या हमें तो

[10:12:03] बेवकूफ बना दिया। पहले अंग्रेजों ने कहा

[10:12:04] कि पार्टीशन करके बंगाल की तुम्हें ईस्ट

[10:12:06] बंगाल में ज्यादा कंसेशंस मिलेंगे। तुम

[10:12:09] सरकार वहां पे बना सकते हो। मुस्लिम्स है

[10:12:11] ना तुम्हें पावर मिलेगी। तो वर्ल्ड वॉर

[10:12:13] में इन्होंने देखा कि हमारे कैलिफ को लेकर

[10:12:15] टर्की में ये संवेदनशील नहीं है। बंगाल को

[10:12:18] बनाया फिर एनएल कर दिया दिसंबर 1912 में।

[10:12:22] ठीक है? तो उससे भी मुस्लिम्स हैप्पी

[10:12:23] नहीं। तो मुस्लिम्स ने कहा कि ये बेवकूफ

[10:12:25] बना रहे हैं। इससे अच्छा कांग्रेस के साथ

[10:12:27] मिलकर अपनी जॉइंट डिमांड रखेंगे। तो लखनऊ

[10:12:29] पैक्ट में मॉडरेट सिक्समिस और कांग्रेस

[10:12:32] मुस्लिम लीग दोनों आ गए। इसके साथ-साथ

[10:12:34] 1917 में 1917 के सेशन में क्योंकि एनी

[10:12:37] बेसन प्लेड अ वेरीेंट रोल बिहाइंड लखनऊ

[10:12:39] पैक्ट उनको रिवॉर्ड कियाक में। ठीक है?

[10:12:43] तोक का सेशन इज़ आल्सो एन एक्सेप्शन। मतलब

[10:12:45] यहां पर ये छह नहीं है सात है। तो एनी

[10:12:47] बेसेंटलक की में पहली महिला प्रेसिडेंट

[10:12:51] बनी। 1920 में एक स्पेशल सेशन हुआ।

[10:12:55] में हुआ ये। इस स्पेशल सेशन में लाला

[10:12:58] लाजपत राय ने प्रिसाइड किया और गांधी जी

[10:13:01] ने इस सेशन में नॉन कोऑपरेशन को प्रपोज

[10:13:03] किया। बट काफी सारे मेंबर्स को भरोसा नहीं

[10:13:07] हो रहा था। गांधी जी के अगेंस्ट हो गए थे

[10:13:09] क्योंकि बहुत से मेंबर्स का मानना था कि

[10:13:11] एक रिलीजियस मुद्दे के ऊपर आप मुस्लिम्स

[10:13:14] के साथ संधि करके एक पॉलिटिकल मूवमेंट को

[10:13:16] स्टार्ट नहीं कर सकते। यह बैकफायर करेगी।

[10:13:19] ठीक है? ठीक है? तो अगर पॉलिटिकली अवेयर

[10:13:20] करके आप मूवमेंट स्टार्ट करो वो ठीक है।

[10:13:22] बट रिलीजियस मुद्दे को आधार बनाकर आप

[10:13:24] करोगे कि बैक फायर करेगी एंड इट डेड। वो

[10:13:27] बैकफायर हुआ भी। 1920 में मुस्लिम्स की

[10:13:30] पार्टिसिपेशन बहुत ज्यादा थी। लेकिन जिस

[10:13:31] तरीके से गांधी जी ने यूनिलटरली उसको

[10:13:33] विड्रॉ कर लिया तो उसके बाद मुस्लिम

[10:13:35] दोबारा मतलब वो डिसट्रस्ट पैदा हो गया।

[10:13:38] 1920 का जो एनुअल सेशन था जो दिसंबर वाला

[10:13:40] था वो नागपुर में हुआ था। नागपुर में एन

[10:13:43] फॉर नागपुर एन फॉर नो कॉरपोरेशन। तो

[10:13:45] कॉन्स्टिट्यूशन ने अपना न्यू

[10:13:46] कॉन्स्टिट्यूशन कांग्रेस ने अपना न्यू

[10:13:48] कॉन्स्टिट्यूशन और नॉन कोऑपरेशन मूवमेंट

[10:13:50] को एंडोर्स कर दिया। इसमें हमें विजय

[10:13:52] चाहिए थी नॉन कोऑपरेशन के जरिए। तो सी

[10:13:54] विजय राघवाचार्य ही वाज़ दी प्रेसिडेंट।

[10:13:57] 1921 में 1921 में

[10:14:02] हमारा एक सेशन होता है। ठीक है? दिस सेशन

[10:14:04] इज़ इन अहमदाबाद।

[10:14:07] ठीक है? अहमदाबाद। तो यहां पर टू वन से ये

[10:14:10] याद रखा हुआ है कि दो प्रेसिडेंट थे। एक

[10:14:12] जेल में था सीआरदास। ठीक है? 1922 में

[10:14:15] सीआर दास बाहर आ गया तो गया में सेशन हुआ

[10:14:18] एंड सीआर दास इस द प्रेसिडेंट और यहां पर

[10:14:20] इन्होंने कहा कि काउंसिल में एंट्री चाहिए

[10:14:22] स्वराज पार्टी मैं बना रहा हूं तुम्हें

[10:14:23] सपोर्ट करना तो करो नहीं तो मैं तो जा रहा

[10:14:24] हूं 1923 में काकीनाडा में एक सेशन हुआ के

[10:14:28] फॉर काकीनाडा

[10:14:30] ठीक है 23 को ना आप थोड़ा सा मॉडिफाई करो

[10:14:32] ना तो अभी तो आई हैव मैं ट्राई करता हूं

[10:14:36] ठीक है तो ये जैसे ये थ्री है।

[10:14:40] ठीक है और ये

[10:14:42] 20 है। ठीक है? तो यह चरखे की तरह मतलब आप

[10:14:45] समझ सकते हो कि धागा है। ठीक है? और ये

[10:14:47] मतलब थोड़ा चरखा है। अस्यूम कर लोगे दिस इज़

[10:14:50] अ चरखा और के फॉर काकीनादा के फॉर खाकी।

[10:14:54] राइट? तो यू कैन रिलेट इट विथ दैट। और

[10:14:57] मौलाना मोहम्मद अली। ठीक है? मौलाना

[10:15:00] मोहम्मद अली। दिस इज़ नॉट मौलाना अब्दुल

[10:15:02] कलाम आजाद। दिस इज़ मौलाना मोहम्मद अली।

[10:15:04] इन्होंने प्रिसाइड किया सेशन को। 1923 का

[10:15:06] स्पेशल सेशन दिल्ली में हुआ था। वो मौलाना

[10:15:09] आजाद ने किया था। एंड ही वाज़ यंगेस्ट

[10:15:10] प्रेसिडेंट एवर टू प्रिसाइड दैट सेशन।

[10:15:12] 1924 बेलगम ओनली सेशन टू बी प्रिसाइडेड

[10:15:15] बाय महात्मा गांधी। ठीक है? उसके बाद 1925

[10:15:19] कानपुर फर्स्ट इंडियन वुमेन प्रेसिडेंट

[10:15:21] 1926 गुवाहाटी। ठीक है? श्रीनिवास अयंगर।

[10:15:25] श्रीनिवास अयंगर खादी वाज़ मेड कंपलसरी फॉर

[10:15:28] कांग्रेस फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम। यह कब

[10:15:30] हुआ? 26 में। ठीक है? तो चरखा को काम करने

[10:15:35] वाली वुमेन को ना पंजाबी में त्रिंजन कहा

[10:15:37] जाता है। ठीक है? तो वर्ड त्रिंजन।

[10:15:41] त्रिंजन ठीक है इसको

[10:15:49] ऐसे भी मतलब पंजाबी में ऐसे हिंदी में ऐसे

[10:15:52] तो श्रीनिवास अयंगर है ना मुझे त्रिंजन

[10:15:54] जैसा ही साउंड करते हैं तो मैंने यहां से

[10:15:56] रट्टा लगाया हुआ है श्रीनिवास अयंगर खादी

[10:15:59] मेड कंपलसरी फॉर कांग्रेस वर्कर्स दिस वाज़

[10:16:01] फॉर द फर्स्ट टाइम 26 में हुआ गुवाहाटी

[10:16:03] में हुआ 1927 से आ गया था मद्रास वंस अगेन

[10:16:08] बैक एंड एम फॉर मद्रास एम फॉर एमए एंड

[10:16:10] सारी 27 में साइमन कमीशन को हमने बॉयकॉट

[10:16:13] करना था जो कि अनाउंस हो गया था। 1929 में

[10:16:16] लाहौर रेज़ोल्यूशन पंडित जवाहरलाल नेहरू

[10:16:19] पूर्ण स्वराज रेज़ोल्यूशन अडॉप्ट की। 26

[10:16:21] जनवरी को इंडिपेंडेंस डे बना दिया। 1930

[10:16:23] में कोई सेशन नहीं हुआ। सिविल डिसओबिडियंस

[10:16:25] में सब बिजी थे। 31 में कराची सेशन वल्लभ

[10:16:28] भाई पटेल फंडामेंटल राइट्स पर रेज़ोल्यूशन

[10:16:30] यहां लिया। नेशनल इकोनॉमिक प्रोग्राम और

[10:16:33] गांधीइविन पैक्ट को भी हमने एंडोर्स किया।

[10:16:36] ठीक है? 31 का सेशन भी इंपॉर्टेंट है।

[10:16:38] इसके बाद 36 में लखनऊ में जवाहरलाल नेहरू

[10:16:43] ने सेशन को प्रिसाइड किया। सोशलिज्म का

[10:16:46] बोलबाला था। सोशलिज्म वाज़ अडॉप्टेड एस द

[10:16:48] गोल। रिमेंबर 36 लखनऊ। 37 में फैजपुर दिस

[10:16:53] वाज़ दी फर्स्ट टाइम कांग्रेस सेशन वाज़

[10:16:55] हेल्ड इन विलेज। जवाहरलाल नेहरू यहां पर

[10:16:57] भी हैं। ठीक है? मेरे नानी मम्मा मतलब

[10:17:00] फिरोजपुर के पास गांव है तो वहां से मैंने

[10:17:02] 37 को रिलेट किया हुआ है। 37 बोंसेनानी

[10:17:07] 1938 में हरिपुरा 1939 में त्रिपुरी दोनों

[10:17:11] को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 38 में

[10:17:14] नेशनल प्लानिंग कमेटी बनी 39 में नेताजी

[10:17:18] जीते थे गांधी चाहते थे पताबी सीताराम में

[10:17:22] जीते बट लोगों ने नेताजी को चूज़ किया और

[10:17:24] क्योंकि गांधी और नेताजी की बन नहीं रही

[10:17:26] थी तो नेताजी ने रिजाइन करके फॉरवर्ड

[10:17:28] ब्लॉक बनाई थर्ड मई 1939 को और क्योंकि

[10:17:31] इन्होंने रिजाइन कर दिया इनको बनाएंगे तो

[10:17:33] गांधी जी बुली लगेंगे ेंगे तो राजेंद्र

[10:17:36] प्रसाद ही टूक ओवर 1940 में रामगढ़ मौलाना

[10:17:39] अबुल कलाम आजाद एंड यहां पर इंडिविजुअल

[10:17:42] सत्याग्रह ठीक है ये जो अपनी-अपनी जगह से

[10:17:45] शुरू करके दिल्ली की साइड जाना था उसको

[10:17:47] स्टार्ट किया गया। ठीक है? तो ये हमारे

[10:17:49] सारे के सारे क्या हैं? कांग्रेस के

[10:17:51] इंपॉर्टेंट सेशंस हैं। ठीक है? इनको बहुत

[10:17:53] अच्छे से याद करना। इसके लिए आप

[10:17:54] स्पेक्ट्रम किताब का भी इस्तेमाल कर सकते

[10:17:56] हो। मॉडरेट्स के मेथड बड़े ही लाइट थे।

[10:17:59] ठीक है? पेयर पिटीशन, प्रोटेस्ट ये सब

[10:18:01] करते रहते थे। इसमें एक बहुत इंपॉर्टेंट

[10:18:03] केस जो है ना वो है दादाभाई नौरोजी का।

[10:18:06] दादाभाई नौरोजी बिकम द फर्स्ट इंडियन

[10:18:09] मेंबर पार्लियामेंट इन ब्रिटिश हाउस ऑफ

[10:18:11] कॉमंस। ठीक है? दादा भाई नौरोजी को ये

[10:18:14] लगता था कि जब तक ब्रिटिश पार्लियामेंट

[10:18:16] में भारतीयों की रिप्रेजेंटेशन नहीं होगी

[10:18:18] तब तक हमें हमारे अधिकार नहीं मिलेंगे।

[10:18:22] ठीक है? तब तक जो हैं हमें हमारे अधिकार

[10:18:24] नहीं मिलेंगे। सो कॉन्सिक्वेंटली

[10:18:28] 1892 में ठीक है? फिसबेरी सेंट्रल

[10:18:30] कॉन्स्टिट्यूएंसी यह नाम याद रखना फिसबेरी

[10:18:34] सेंट्रल कॉन्स्टिट्यूएंसी से इन्होंने

[10:18:37] लिबरल पार्टी के टिकट पे इलेक्शन लड़ा इन

[10:18:39] 1892

[10:18:41] ठीक है बहुत इनको रेशियल डिस्क्रिमिनेशन

[10:18:43] का सामना करना पड़ा बट पांच वोटों के

[10:18:45] मार्जिन से ये जीत गए फिसबेरी सेंट्रल

[10:18:48] कॉन्स्टिट्यूएंसी सेंट्रल

[10:18:49] कॉन्स्टिट्यूएंसी इन लंदन सो ही बिकम दी

[10:18:51] फर्स्ट इंडियन एमपी इन ब्रिटिश

[10:18:53] पार्लियामेंट राइट और वहां पर इन्होंने

[10:18:55] फिर ड्रेन ऑफ़ वेल्थ थ्योरी को खूब एक्सपोज

[10:18:57] किया अंग्रेजों को भी सोचने पर मजबूर लिया

[10:18:59] कि भाई आपको चीजें ठीक करनी पड़ेंगी।

[10:19:02] कांग्रेस ने ब्रिटिश कमेटी ऑफ इंडियन

[10:19:04] नेशनल कांग्रेस भी बनाई 1889 में और एक

[10:19:06] इंडिया नाम से वीकली जर्नल भी स्टार्ट

[10:19:08] किया ताकि लंदन में भी अंग्रेजों की भारत

[10:19:10] में क्या पॉलिसीज हैं वो लंदन की जनता को

[10:19:12] भी बता सकें। कांग्रेस ने यहां तक यह

[10:19:14] प्लान किया था कि 1892 का सेशन हम लंदन

[10:19:17] में ही कंडक्ट करते हैं। लेकिन क्योंकि

[10:19:20] 1892 में लंदन में इलेक्शंस चल रहे थे। तो

[10:19:22] इसलिए सजेस्ट किया गया कि लॉ एंड ऑर्डर को

[10:19:25] देखते हुए यहां पर सेशन नहीं करते। ठीक

[10:19:26] है? दिस आईडिया वाज़ पोस्टपोन बट एंड लेटर

[10:19:29] ड्रॉप्ड। ठीक है? बाद में उसको ड्रॉप कर

[10:19:31] दिया। ठीक है? फिर इनकी डिमांड्स थी किस

[10:19:34] तरह की? आर्म्स एक्ट को रिपील करो। इंडियन

[10:19:37] ऑफिसर्स को कमिश्ड में अपॉइंट करो और

[10:19:39] मिलिट्री स्पेंडिंग को कम करो। या अफगान

[10:19:41] वॉर में 15-15 मिलियन आप ऐसे खर्च करते जा

[10:19:43] रहे हो। सोशल डिमांड्स थी कि एजुकेशन

[10:19:45] हेल्थ सैनिटेशन पे फोकस करो। सिविल राइट्स

[10:19:47] को इंप्रूव करो। लेबर रिफॉर्म्स,

[10:19:48] इंडियनाइज़ेशन ऑफ़ ब्यूरोक्रेसी और कोर्ट्स

[10:19:51] की जो रिस्पांसिवनेस है, दैट शुड बी

[10:19:53] इंप्रूव्ड। ठीक है? तो ये बेसिकली जब भी

[10:19:56] डिमांड रखते थे ना अपनी टोन को मॉडरेट

[10:19:58] रखते थे। ऐसे गुस्से में नहीं कि करके दो।

[10:20:01] ऐसे नहीं कहते थे कि ये ऐसेसे है। अगर ये

[10:20:04] कर देंगे तो बड़ा अच्छा होगा। और इन

[10:20:06] मॉडरेट्स की सबसे बड़ी वीकनेस इनको लगता

[10:20:08] था कि ब्रिटिश की सेंस ऑफ जस्टिस है। शायद

[10:20:10] उनको पता नहीं है कि उनकी पॉलिसीज हमारा

[10:20:12] नुकसान कर रही है। तो अगर बताएंगे तो शायद

[10:20:14] ठीक कर देंगे ये। ठीक है? मोर ओवर

[10:20:17] मॉडरेट्स को ना मासेस के ऊपर ज्यादा

[10:20:19] विश्वास नहीं था। उनको लगता था कि मासेस

[10:20:21] अभी ट्रेंड नहीं है। अगर इन्हें हमने अपने

[10:20:23] साथ इंक्लूड किया तो गड़बड़ हो जाएगी। एंड

[10:20:26] दैट माइट लीड टू सीवियर रिपरकशंस। ठीक है?

[10:20:31] सो अब कांग्रेस की ना सिग्निफिकेंस बताता

[10:20:34] हूं मैं आपको। इन सारी चीजों के चलते। ठीक

[10:20:37] है? ऑल दीज़ थिंग्स ये सारी चीजें जो हैं

[10:20:42] हम इन सारी चीजों के चलते ऑब्वियसली ऐसा

[10:20:45] है कि कांग्रेस ने सिग्निफिकेंट

[10:20:47] डेवलपमेंट्स करनी स्टार्ट की। ऐसा नहीं कि

[10:20:49] कांग्रेस बिल्कुल निकम्मी थी। ठीक है?

[10:20:51] मॉडरेट्स बिल्कुल निकम्मे थे। ऐसा कतई

[10:20:53] नहीं है। कांग्रेस और मॉडरेट्स की अच्छी

[10:20:56] खासी सिग्निफिकेंस है। ठीक है? देयर इज़ अ

[10:20:58] ह्यूज सिग्निफिकेंस ऑफ़ कांग्रेस एंड

[10:21:01] मॉडरेट्स। तो इस सिग्निफिकेंस को समझने के

[10:21:04] लिए जो हमारे चार्टर्स एंड एक्ट्स हैं,

[10:21:07] वहां पे 1858 तक हमने देख लिया। अब हम

[10:21:09] 1861 से स्टार्ट करते हैं। ठीक है? क्या

[10:21:13] कहते हो? करें स्टार्ट।

[10:21:17] 1861 से हम इसको क्या करेंगे? स्टार्ट

[10:21:20] करेंगे। ठीक है? जस्ट गिव मी 1 मिनट। तब

[10:21:23] तक हम स्लाइड को लोड करते हैं।

[10:21:29] कहां तक पहुंच गए हम?

[10:21:32] हम 1905 के पास ऑलमोस्ट आ चुके हैं। ठीक

[10:21:36] है? तो करते हैं। कोई नहीं। मजे-मजे में

[10:21:39] करो यार। कोई भी काम करना होता है ना लोड

[10:21:42] लेके जब हम करते हैं ना तो दिक्कत आती है।

[10:21:44] मजे-मजे में करोगे ना? कोई दिक्कत नहीं

[10:21:46] आएगी।

[10:21:49] ठीक है? तो 1861 के काउंसिल एक्ट को हम

[10:21:54] स्टार्ट करते हैं। ठीक है? तो ये चार्टर

[10:21:56] एक्ट का टॉपिक अभी कंप्लीट नहीं हुआ। हमने

[10:21:58] 1858 तक देख लिया है। अब 1861 ऑनवर्ड्स

[10:22:01] हमने देखना है। ठीक है? सो

[10:22:05] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:22:24] ठीक है। 1861

[10:22:26] ठीक है यार। तो एक काम करते हैं। 10 मिनट

[10:22:29] की ब्रेक लेते हैं और उसके बाद दोबारा

[10:22:32] रिज्यूम करते हैं।

[10:22:34] ठीक है।

[10:22:41] लेट्स टेक अ ब्रेक ऑफ 10 मिनट्स। ठीक है

[10:22:43] एवरीवन? लेट्स टेक अ ब्रेक ऑफ 10 मिनट्स।

[10:22:45] अभी हुए हैं

[10:22:49] 8:23।

[10:22:51] ठीक है? लेट्स मीट एट

[10:22:54] 8 35 PM.

[10:23:02] देखिए। 8:35 PM पर मीट करते हैं।

[10:23:06] ओके लेट्स टेक अ ब्रेक।

[10:31:27] ठीक है। चलिए दोस्तों स्टार्ट करते हैं।

[10:31:34] तो माय डियर फ्रेंड्स

[10:31:38] 1858 तक तो देखो अब आप ना मेरी बस बातों

[10:31:42] को ध्यान से सुनना और मतलब अब मुझे पता है

[10:31:45] आप में से काफी लोग थक चुके होंगे। लेकिन

[10:31:47] फिर भी माइंड आपका चीजें देख रहा है। समझ

[10:31:50] भी रहे हैं। तो अब मैं इस हिसाब से चीजों

[10:31:52] को समझाऊंगा दैट यू ओनली नीड टू लिसन टू

[10:31:55] माय वॉइस। राइट? राइट? यू ओनली नीड टू

[10:31:57] लिसन टू माय वॉइस एंड जस्ट कीप योर आइज ऑन

[10:31:59] द स्क्रीन। देखो, 1858 तक ब्रिटिश क्राउन

[10:32:03] ने अपना रूल एस्टैब्लिश कर दिया है। और

[10:32:05] काफी सारी प्रोविज़ंस जो क्रूइन की

[10:32:06] प्रोक्लेमेशन और गुड गवर्नमेंट ऑफ या बेटर

[10:32:08] गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1858 ने डाली

[10:32:11] थी। इट वाज़ सपोज्ड टू सप्रेस द रिवोल्ट,

[10:32:13] हेल्प ब्रिटिश सप्रेस द रिवोल्ट। अब इनको

[10:32:17] रियलाइज़ हुआ कि यार रिवोल्ट व्हाई डिड

[10:32:19] रिवोल्ट हैपन इन द वेरी फर्स्ट प्लेस। सो

[10:32:22] दे रियलाइज कि यार इंडियन पार्टिसिपेशन

[10:32:25] अगर पहले से हमने कर रखी होती काउंसिल्स

[10:32:28] के अंदर तो जो भी हम लॉ पास करते उसमें हम

[10:32:31] दिखा पाते कि इंडियंस की मर्जी से पास हुए

[10:32:33] हैं। और साथ ही साथ अगर कुछ ज्यादा गड़बड़

[10:32:35] होती तो यही इंडियन मेंबर्स हमें बता देते

[10:32:37] कि भाई इतना मत करो। ज्यादा नुकसान हो

[10:32:40] जाएगा तुम्हारा। तो इसी चीज को ध्यान में

[10:32:42] रखते हुए अब अगले काउंसिल एक्ट का नया लॉ

[10:32:44] आएगा। ठीक है? तो 1833 के एक्ट ने क्या

[10:32:49] किया था? गवर्नर जनरल के काउंसिल को

[10:32:51] सेंट्रलाइज कर दिया था। तो इसकी एक

[10:32:53] प्रॉब्लम आई कि अगर गवर्नर जनरल कहां

[10:32:56] बैठता था?क में बैठता था। तो बॉम्बे में

[10:32:59] जो हो रहा है, मद्रास में जो हो रहा है,

[10:33:01] वो तो इसको पता ही नहीं है कंडीशंस। तो इस

[10:33:03] तरह के गवर्नर जनरल के काउंसिल द्वारा

[10:33:05] बनाए गए कानून यहां के लिए बंगाल के लिए

[10:33:08] तो चलो ठीक है। लेकिन मद्रास और बॉम्बे

[10:33:10] में यह बैकफायर कर जाते थे या लोकल

[10:33:13] कंडीशंस को ध्यान में नहीं रखते थे। तो

[10:33:15] ऐसा महसूस हुआ कि लोकल कंडीशंस का हमें

[10:33:17] ध्यान रखना पड़ेगा। अदरवाइज गंदे कानून

[10:33:19] बनेंगे। 1853 के एक्ट ने क्या कर दिया?

[10:33:23] इसने गवर्नर जनरल का जो लेजिसलेटिव

[10:33:26] काउंसिल है जिसमें सात मेंबर्स हैं जिसमें

[10:33:29] से एक लॉ मेंबर है, एक चीफ जस्टिस है। एक

[10:33:33] सबोर्डिनेट या पुईन जज है और चार मेंबर्स

[10:33:36] हैं प्रोविंसेस के बॉम्बे, मद्रास, बंगाल

[10:33:41] एंड नॉर्थवेस्ट प्रोविंस। तो ये सात

[10:33:43] मेंबर्स जब गवर्नमेंट की पॉलिसीज को

[10:33:46] डिस्कस करते थे वो अक्सर प्रोसीजर के ऊपर

[10:33:48] बहुत ज्यादा एफसाइज करते थे कि नहीं ऐसेसे

[10:33:51] करना है बिल्कुल प्रोसीजर के हिसाब से

[10:33:52] चलना है जिसकी वजह से लॉ मेकिंग में डिलेज़

[10:33:55] आते थे। फिर यह इंडिपेंडेंटली ऐसा एक्ट

[10:33:58] करना शुरू कर गया कि कभी-कभी यह भूल जाते

[10:34:01] थे कि यह एक फॉरेन कंट्री में राज कर रहे

[10:34:03] हैं। अपनी ही एग्जीक्यूटिव काउंसिल के

[10:34:06] द्वारा लिए गए एकशंस को अगर ये क्रिटिसाइज

[10:34:08] करेंगे डिस्कशंस में पब्लिकली उस पे डिबेट

[10:34:11] करेंगे तो दे माइट एंबरेस देयर गवर्नमेंट।

[10:34:14] ठीक है? तो ये करते थे ऐसा तो हमारे

[10:34:16] गवर्नर जनरल भी एंबरेस होते थे और लंदन

[10:34:18] में बैठे इनके पापा दे आल्सो यूज्ड टू गेट

[10:34:21] एंबरेस्ड कि भाई ये कर क्या रहे हैं। ठीक

[10:34:23] है? ठीक है? तो इनको रियलाइज हुआ कि इनको

[10:34:25] थोड़ा टेम करना पड़ेगा। 1858 का जब एक्ट

[10:34:28] आया ठीक है? तो

[10:34:31] इसमें कहा था कि यार ये डिस्कंटेंट पहले

[10:34:33] पता लग जाता तो सब ठीक रहता। तो इंडियंस

[10:34:35] को रिप्रेजेंटेशन दो। बट बहुत से ब्रिटिश

[10:34:37] का मानना था कि यह रिप्रेजेंटेशन अगर हमने

[10:34:39] इनको दे दी तो इट माइट लुक लाइक अ साइन ऑफ

[10:34:42] वीकनेस। लेकिन बॉम्बे के एक गवर्नर थे

[10:34:45] बारल फ्रियर। इन्होंने कहा कि अबे

[10:34:48] सेफ्टी वाल्व नाम की चीज होती है। अगर तुम

[10:34:51] इन काउंसिल्स को डेलीबेटिव काउंसिल्स की

[10:34:53] तरह बनाओगे। राइट?

[10:34:57] तो तुम वो ट्रेंड्स देख पाओगे जिससे कि

[10:34:59] इंडियंस परेशान हो रहे हैं। लेकिन अगर

[10:35:01] नहीं बनाओगे तो डेंजरस एक्सप्लोजंस हो

[10:35:03] सकती हैं। जैसे 1857 में हुई। तो सरकार को

[10:35:06] समझ में आ गई कि हमें क्या करना है। हमें

[10:35:08] डीसेंट्रलाइजेशन करनी है कि मतलब सिर्फक

[10:35:11] का जो सेंट्रल एक गवर्नर जनरल का

[10:35:14] लेजिसलेटिव काउंसिल ही कानून बनाता जा रहा

[10:35:16] है। सिर्फ ये नहीं मद्रास का अपना काउंसिल

[10:35:18] होना चाहिए। बॉम्बे का अपना होना चाहिए और

[10:35:20] नॉर्थ वेस्ट का अपना होना चाहिए। तभी लोकल

[10:35:21] कंडीशंस के हिसाब से कानून बन पाएंगे।

[10:35:24] इंडियंस को लॉ मेकिंग में एसोसिएट करना ही

[10:35:26] पड़ेगा। इससे हम अब चूक नहीं सकते। राइट?

[10:35:29] और एक बैलेंस आना चाहिए सेंट्रल

[10:35:32] प्रोविंशियल लॉ मेकिंग में। ठीक है? तो अब

[10:35:34] 1861 का एक्ट क्या करता है? यह कहता है कि

[10:35:37] ये जो लेजिसलेटिव काउंसिल है जिसमें सात

[10:35:39] मेंबर्स हैं ये सात तो हो गए एक्स ऑफिशयो।

[10:35:42] ठीक है? दी सेवन मेंबर्स आर एक्स ऑफिशियो।

[10:35:46] इनके अतिरिक्त हम छह से 12 एडिशनल मेंबर्स

[10:35:50] नॉमिनेट कर सकते हैं। ठीक है? तो ये तो छह

[10:35:52] से 12 ये तो हो ही गए। लॉ मेंबर, चीफ

[10:35:54] जस्टिस, स्पीन जज और चार सिविल सर्वेंट्स

[10:35:57] ऑफ प्रोविसेस। ठीक है? इनके अलावा

[10:36:00] छ से 12 मेंबर्स आ सकते हैं और 2 साल के

[10:36:03] लिए ये नॉमिनेट होंगे। ठीक है? याद रखो

[10:36:06] यहां पर क्वेश्चन बनेगा आपका पॉलिटी के

[10:36:08] कॉन्टेक्स्ट में भी आ सकता है। तो इनको

[10:36:10] कहा कि ये होंगे नॉमिनेट 2 साल के लिए और

[10:36:14] इन नॉन ऑफिशियल्स में से ये जो एडिशनल

[10:36:17] मेंबर्स हैं इनमें से 50% मतलब कि अगर

[10:36:20] आपने 12 भेजे तो उनमें से छह ये नॉन

[10:36:23] ऑफिशियल होने चाहिए। मतलब कोई सिविल

[10:36:25] सर्वेंट नहीं, कोई मिलिट्री सर्वेंट नहीं।

[10:36:27] और इनमें से फर्दर तीन इंडियंस को भी आप

[10:36:29] नॉमिनेट कर सकते हो। ये लीगल कंपल्शन नहीं

[10:36:32] थी बट कहा कि कर सकते हो। ठीक है? दिस वाज़

[10:36:35] नॉट अ लीगल कंपल्शन कि करना ही है। सो फॉर

[10:36:37] द वेरी फर्स्ट टाइम 1861 की काउंसिल की

[10:36:40] प्रोविजन को ध्यान में रखते हुए ब्रिटिश

[10:36:42] सरकार ने तीन इंडियंस को 1862 के काउंसिल

[10:36:45] में भेजा। ये इन तीन इंडियंस कौन थे?

[10:36:48] पटियाला के महाराजा सर नरेंद्र सिंह,

[10:36:52] बनारस के राजा देव नारायण सिंह और

[10:36:55] ग्वालियर के सर दिनकर राव रघुनाथ। ठीक है?

[10:36:59] दीज़ आर द फर्स्ट थ्री इंडियंस टू बी

[10:37:02] इलेक्टेड टू द लेजिसलेटिव काउंसिल ऑफ

[10:37:04] गवर्नर जनरल। राइट? लेकिन ये ये क्या ही

[10:37:08] बोलेंगे? रॉयल्टी है। ठीक है? ये राजपाट

[10:37:12] ऐसे करके ये सुनने के लिए बने हैं। बोलने

[10:37:15] के लिए मतलब ये बस देख के तमाशा रॉयल्टी

[10:37:18] है ज्यादा क्या बोलेगी तो ये ना बस चले

[10:37:20] जाते थे देखिए इनको लगता था कि हां

[10:37:22] ब्रिटिशर्स के साथ उतना बैठना है हम है ना

[10:37:25] बट ग्रवास रूट रियलिटी के बारे में ये कुछ

[10:37:27] बता नहीं पाते थे राइट ना ही कभी इन्होंने

[10:37:29] किसी बिल को कुछ उसके अगेंस्ट बोला होगा

[10:37:31] तो इनकी रिप्रेजेंटेशन सिर्फ एक टोकन

[10:37:33] रिप्रेजेंटेशन थी कि हां इंडियंस को

[10:37:35] बिठाया हुआ है। ठीक है? लॉ पास हो रहा है।

[10:37:37] वो देख रहे हैं लॉ पास हो रहा है। उनकी

[10:37:39] मर्जी से मतलब अंग्रेजों के पास ये वाइट

[10:37:42] वाश करने का एक बहाना मिल गया था। ठीक है?

[10:37:45] तो ये था हमारा सेंट्रल लेजिसलेटिव

[10:37:48] स्ट्रक्चर। देखिए सात मेंबर्स हैं छ से 12

[10:37:51] एडिशनल आ सकते हैं दो साल के लिए। नॉमिनेट

[10:37:53] होंगे गवर्नर जनरल द्वारा होंगे और इनमें

[10:37:55] से 50% होंगे नॉन ऑफिशियल और उनमें से भी

[10:37:58] तीन मेंबर्स आप इंडियन रख सकते हो। अब

[10:38:02] अब एग्जीक्यूटिव काउंसिल जो है गवर्नर

[10:38:04] जनरल का। इसमें चार मेंबर्स थे। पांचवा

[10:38:08] मेंबर एक और ऐड कर दिया। यह मेंबर कौन है?

[10:38:11] यह जरिस्ट है। ठीक है? फोर्थ मेंबर कौन ऐड

[10:38:13] हो गया? जरिस्ट हो गया। ठीक है? और कमांडर

[10:38:17] इन चीफ जो कि आर्मी को ही डील करता है।

[10:38:20] इसको एक्स्ट्राऑर्डिनरी मेंबर की तरह

[10:38:22] इनवाइट किया जा सकता है। ऑन टॉप ऑफ इट

[10:38:25] क्योंकि लोकल कंडीशन के बारे में गवर्नर

[10:38:28] जनरल को पता होना चाहिए। तो कहा गया कि

[10:38:29] गवर्नर्स भी जो हैं प्रोविंसेस के

[10:38:31] गवर्नर्स वो भी एग्जीक्यूटिव काउंसिल ऑफ

[10:38:34] गवर्नर जनरल की मीटिंग्स को अटेंड कर सकते

[10:38:36] हैं। तो पांच तो हो गए इसके मेंबर जीजे

[10:38:38] के। इन मेंबर्स के अतिरिक्त

[10:38:41] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:38:42] कमांडर इन चीफ ऑफ द आर्मी और साथ ही साथ

[10:38:46] प्रोविंशियल गवर्नर्स यह भी अटेंड कर सकते

[10:38:48] हैं। ठीक है? समझ में आ गई इतनी बात? अब

[10:38:51] जब लोकल कंडीशंस इग्नोर हो रही थी।

[10:38:54] इन्होंने कहा कि यार अब ऐसा करते हैं।

[10:38:56] सेंट्रल लेजिसलेटिव काउंसिल अपना है। यह

[10:38:58] बॉम्बे, बंगाल, मद्रास और नॉर्थ वेस्ट

[10:39:01] प्रोविंस इनको दोबारा से रिस्टोर करो।

[10:39:02] लोकल कानून यही बनाएंगे। ठीक है? तो कोई

[10:39:06] भी ऐसा कानून अगर यह बनाते हैं जो डिफेंस

[10:39:08] कम्युनिकेशन से डील करता है तो उसके लिए

[10:39:10] गवर्नर जनरल से इनको परमिशन लेनी पड़ेगी।

[10:39:12] बट अदरवाइज़ लेट्स रिस्टोर देयर लेजिसलेटिव

[10:39:15] पावर्स। तो जो लेजिसलेटिव पावर्स 1833 के

[10:39:18] एक्ट ने अबॉलिश कर दी थी प्रोविंसेस की।

[10:39:22] ठीक है? 1833 ने इसको अबॉलिश कर दिया था।

[10:39:24] ये जब एक्ट्स रिवाइज़ करोगे प्लीज ट्राई टू

[10:39:26] डू इट। एंड बुक की जहां तक बात है ना यार

[10:39:29] स्टडी आईक्यू की ना बुक है। यह आपको

[10:39:31] प्रतिज्ञा बैच के साथ फ्री मिलती है। अगर

[10:39:33] आप सीएस लाइव कोड का इस्तेमाल करते हो।

[10:39:36] ठीक है? [गला साफ़ करने की आवाज़] स्टडी

[10:39:38] आईक्यू की बुक है। यह बुक दिस इज द बेस्ट

[10:39:41] बुक फॉर यूपीएससी प्रिपरेशन फॉर मॉडर्न

[10:39:43] हिस्ट्री। ठीक है? मेरा भी यही सोर्स है।

[10:39:45] और इसको बनाने में मेरी अच्छी खासी

[10:39:48] कंट्रीब्यूशनंस रही हैं। तो आप अगर एडमिशन

[10:39:51] लेना चाहते हो हमारे कोर्स में। ठीक है?

[10:39:53] तो कुछ ही समय रह चुका है एडमिशन लेने के

[10:39:56] लिए। प्रतिज्ञा बैच 2027 का हमारा ना 26

[10:40:00] फरवरी को क्लासेस इसमें स्टार्ट हुई हैं।

[10:40:02] राइट? तो इसको आप इसमें एडमिशन ले सकते

[10:40:05] हो। सीएस लाइव से आपको मैक्सिमम पॉसिबल

[10:40:07] डिस्काउंट मिल जाएगा। एंड अगर आप हमारे

[10:40:10] डायमंड वेरिएंट में एडमिशन लेते हो। ठीक

[10:40:12] है? सीएस लाइव अप्लाई करके मिनिमम पॉसिबल

[10:40:15] प्राइस है। ऑटोमेटिकली अप्लाई हो जाएगा।

[10:40:17] जस्ट एनरोल। मैं कहूंगा सीधा एनरोल कर लो।

[10:40:19] और उसके बाद सिर्फ और सिर्फ मतलब 24,999

[10:40:24] इसमें आपकी एडमिशन हो जाएगी। यह किताबें

[10:40:26] आपको इसके साथ मिलेंगी। ठीक है? अलग से

[10:40:28] इसके लिए पे करने की जरूरत नहीं है। ठीक

[10:40:30] है? तो यह जो भी मतलब प्रतिज्ञा बैच के

[10:40:33] स्टूडेंट अगर आप हैं तो इसको अच्छे से पढ़

[10:40:35] लीजिएगा

[10:40:36] काउंसिल एक्ट्स को। ठीक है? अब इसमें वापस

[10:40:38] आते हैं। 1833 में जो गलती की उसको

[10:40:41] रिस्टोर कर दिया। डिफेंस कम्युनिकेशन के

[10:40:44] अलावा वो खुद मेजर कानून बना सकते हैं। बट

[10:40:46] डिफेंस कम्युनिकेशन जहां इंपैक्ट होगा

[10:40:48] गवर्नर जनरल से पूछना पड़ेगा। सबसे

[10:40:50] इंपॉर्टेंट गवर्नर जनरल की ये जो

[10:40:52] ऑर्डिनेंस मेकिंग पावर है यह 1861 में आई।

[10:40:57] [गला साफ़ करने की आवाज़] 1861 के एक्ट

[10:40:58] में गवर्नर जनरल को रियलाइज हुआ कि

[10:41:01] कभी-कभी मेरा काउंसिल नहीं बैठता। अगर उस

[10:41:03] टाइम पे मुझे इमरजेंसी डिसीजन लेना है तो

[10:41:05] मैं क्या करूं? तो उसने कहा कि मैं

[10:41:07] ऑर्डिनेंस कर पास कर सकता हूं। मेरा

[10:41:10] लेजिसलेटिव काउंसिल नहीं है। मैं

[10:41:11] ऑर्डिनेंस बनाऊंगा। यह ऑर्डिनेंस 6 महीने

[10:41:13] के लिए वैलिड रहेगा। उसके बाद लेजिसलेटिव

[10:41:15] काउंसिल डिसाइड करेगा कि इसको कंटिन्यू

[10:41:17] करना है कि नहीं। ठीक है? तो

[10:41:22] ये स्टार्ट हो गया। इसके बाद गवर्नर जनरल

[10:41:25] ने कहा कि ये जो मेरे एग्जीक्यूटिव

[10:41:26] काउंसिल के मेंबर्स हैं क्यों ना मैं इनको

[10:41:29] मिनिस्टर्स की तरह ट्रीट करूं। हर एक

[10:41:31] मेंबर पांच मेंबर तो हैं ही हैं। ठीक है?

[10:41:33] देयर आर फाइव मेंबर्स इन गवर्नर जनरल्स

[10:41:35] एग्जीक्यूटिव काउंसिल। तो इन्होंने

[10:41:37] पोर्टफोलियो सिस्टम को इंट्रोड्यूस कर

[10:41:38] दिया इन 1861 जहां पे इन्होंने कहा कि हर

[10:41:40] एक मेंबर को जैसे मेंबर ए को लॉ एंड ऑर्डर

[10:41:45] राइट? लॉ एंड ऑर्डर, फाइनेंस, रेवेन्यू यह

[10:41:48] दे दिया। दूसरे को हेल्थ एजुकेशन दे दिया।

[10:41:50] तीसरे को पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट दे

[10:41:51] दिया। तो डिपार्टमेंट्स दे दिए। ठीक है?

[10:41:53] तो पोर्टफोलियो सिस्टम भी 1861 में

[10:41:56] इंट्रोड्यूस हो गया। ठीक है? तो ये 1861

[10:41:58] का काफी सिग्निफिकेंट डेवलपमेंट थी। लोकल

[10:42:01] कंडीशंस को ध्यान में रखा जा रहा था।

[10:42:03] पोर्टफोलियो सिस्टम आ गया। ठीक है? लेकिन

[10:42:05] इसकी लिमिटेशंस ये ज्यादा इंपॉर्टेंट है।

[10:42:07] अभी भी कोई भी इलेक्टेड मेंबर नहीं है

[10:42:09] यहां पे। प्रोविंशियल लॉस को अभी भी

[10:42:11] गवर्नर जनरल के एसेंट की जरूरत है। लोकल

[10:42:14] काउंसिल का काम जो था ये एडवाइज़री नेचर का

[10:42:16] था। राइट? और सेंट्रल अथॉरिटी अभी भी

[10:42:19] मैक्सिमम चीजों में रिटेन थी। राइट?

[10:42:21] इंडियन टोकन पार्टिसिपेशन शुरू हो गई है।

[10:42:23] नॉन ऑफिशियल्स को स्टार्ट कर दिया है।

[10:42:25] पोर्टफोलियो सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटिव

[10:42:26] एफिशिएंसी के लिए हो रहा है। ये एडवांटेज

[10:42:28] है। लेकिन अभी भी डिसएडवांटेजेस ज्यादा

[10:42:30] हैं। अब जब कांग्रेस 1885 में बन गई, उसने

[10:42:33] ये सारी लिमिटेशंस को उजागर किया। राइट?

[10:42:36] और क्लियरली कहा कि 1861 का एक्ट इट फेल्स

[10:42:38] टू सेटिस्फाई इंडियन एस्पिरेशंस। तो

[10:42:43] जो नेटिव्स की आपने रिप्रेजेंटेशन रखी भी

[10:42:46] है दे कम फ्रॉम पॉलिटिकली वेरी हाई रैंक।

[10:42:49] उनको क्या पता ग्रास रूट आरटी का वो

[10:42:50] सिंबॉलिक है। तो उन्होंने कहा कि यार इसको

[10:42:53] ठीक करो। ठीक है? जो 187678 में मद्रास

[10:42:56] में फेमिन आए थे उसमें भी गवर्नमेंट के

[10:42:59] रिस्पांस से कांग्रेस मेंबर्स खुश नहीं

[10:43:01] थे। तो उसके खिलाफ भी खूब प्रचार प्रसार

[10:43:03] हुआ था। तो अब ये डिसाइड किया गया कि वी

[10:43:07] शुड हैव यू नो अ लिटिल अ मोर

[10:43:10] रिप्रेजेंटेटिव फ्रेमवर्क जिसमें इंडियंस

[10:43:13] को और अच्छे से हम अकोमोडेट कर सकें।

[10:43:15] इनफैक्ट जो लॉर्ड डफरिन थे एंड इवन कर्ज़न

[10:43:17] कर्ज़न ने कहा था कि वी नीड टू एकनॉलेज द

[10:43:20] नीड टू इंक्लूड इंडियंस टू सेटिस्फाई

[10:43:22] नेशनलिस्ट एस्पिरेशंस विदाउट कंसीडिंग

[10:43:24] रियल पावर के रियल पावर इनको दिए बिना

[10:43:26] इनको एसोसिएट करना स्टार्ट करो। तभी शांत

[10:43:28] बैठे रहेंगे। नहीं तो इनको हम लूट रहे

[10:43:30] हैं। इनकी जिंदगी का बेड़ा गर्क हमने कर

[10:43:32] रखा है। लेकिन अगर इनको लॉ मेकिंग प्रोसेस

[10:43:34] में इंक्लूड ना किया तो यह हल्ला करेंगे।

[10:43:36] इनको बिजी रखो। तो लेट देम इनकी एसोसिएशन

[10:43:39] को बढ़ाते हैं। रियल पावर नहीं देंगे बट

[10:43:41] एसोसिएशन बढ़ाएंगे। इसी के बैकड्रॉप में

[10:43:44] 1892 का काउंसिल एक्ट आता है। 1861 में

[10:43:48] हमने एडिशनल मेंबर कितने रखे थे? सिक्स टू

[10:43:50] 12। हमने कहा और एडिशनल मेंबर्स रखो। हमने

[10:43:52] 6 टू 12 को क्या कर दिया? 10 टू 16। इसमें

[10:43:56] वही कंडीशन आधे नॉन ऑफिशियल्स होंगे।

[10:43:59] आधे नॉन ऑफिशियल्स मतलब नंबर ऑफ इंडियंस

[10:44:01] भी अब तीन की जगह चार पांच हो सकते हैं।

[10:44:04] ठीक है? [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:44:06] बॉम्बे और मद्रास में लेजिसलेटिव

[10:44:08] काउंसिल्स को रिस्टोर कर दिया है। इनके

[10:44:11] प्रोविंशियल लेजिसलेटिव काउंसिल्स में आठ

[10:44:13] से 20 मेंबर हो सकते हैं। बंगाल में

[10:44:15] मैक्सिमम 20 कर दिए। ठीक है? सबसे ज्यादा

[10:44:18] बंगाल के प्रोविंशियल काउंसिल की स्ट्रेंथ

[10:44:20] कर दी। नॉर्थवेस्ट प्रोविंस और अवध को एक

[10:44:22] हमने सेपरेट प्रोविंस बना दिया था। तो 15

[10:44:24] मेंबर्स इसके रहेंगे कि प्रोविंसेस भी

[10:44:26] अपना कानून बनाते रह। ठीक है? वही 2 साल

[10:44:29] की नॉमिनेशन गवर्नर जनरल चूज़ करेगा। राइट?

[10:44:32] एंड दैट इज ऑल अबाउट इट। ठीक है? अब

[10:44:35] ऑफिशियल मेजॉरिटी को जैसे अगर 10 टू जैसे

[10:44:40] 16 मेंबर्स भी अगर हैं। इनमें से आठ नॉन

[10:44:42] ऑफिशियल हैं। बाकी आठ हो गए ऑफिशियल और जो

[10:44:46] सात मेंबर पहले से बैठे हुए हैं। ठीक है?

[10:44:49] अवध भी आ गया तो ये एट हो जाएंगे। है ना?

[10:44:51] लॉ मेंबर, सुप्रीम कोर्ट, क्वीन जज ये तीन

[10:44:53] हैं और पांच प्रोविंसेस। ठीक है? 1 2 3

[10:44:56] हां फाइव प्रोविंसेस के आठ टोटल। तो ये नौ

[10:44:59] [गला साफ़ करने की आवाज़] नॉन ऑफिशियल

[10:45:00] सिर्फ आठ हैं। बाकी सारे ऑफिशियल हैं। तो

[10:45:02] ऑफिशियल मेजॉरिटी सेंटर और प्रोविंशियल

[10:45:04] काउंसिल दोनों में है 1892 में। ठीक है?

[10:45:08] गवर्नर जनरल को यह भी पावर दी गई कि यह

[10:45:11] नॉमिनेशन के रूल्स बना सकता है। अब यह जो

[10:45:13] गवर्नर जनरल को पावर दी गई ना नॉमिनेशन

[10:45:16] रूल्स बनाने की, तो इसने इनडायरेक्ट

[10:45:18] इलेक्शंस को अलाउ कर दिया। मतलब नॉन

[10:45:21] ऑफिशियल के सिलेक्शन में प्रोविंसेस के

[10:45:24] अंदर जो कुछ म्युनिसिपालिटीज एग्ज़िस्ट

[10:45:26] करती हैं ये इन नॉमिनेशंस इन सीट्स के लिए

[10:45:30] अपना कैंडिडेट सजेस्ट कर सकती हैं। वो

[10:45:32] लिस्ट गवर्नर जनरल के पास आएगी उस लिस्ट

[10:45:34] को गवर्नर जनरल नॉमिनेट करेगा। तो

[10:45:36] इनडायरेक्ट इक्शंस यहां पे आ गए हैं।

[10:45:38] म्युनिसिपालिटीज़ से चेंबर ऑफ कॉमर्स और

[10:45:40] यूनिवर्सिटीज़ के रिप्रेजेंटेटिव्स काउंसिल

[10:45:42] में बैठ सकते हैं। लेकिन बहुत डेलीबरेटली

[10:45:44] इन्होंने इलेक्शन शब्द का इस्तेमाल नहीं

[10:45:47] किया। नॉमिनीज़ वर अप्रूव्ड बाय दी

[10:45:50] गवर्नमेंट बट इलेक्शन शब्द को इन्होंने

[10:45:52] अलाउ नहीं किया। जो मेंबर्स हैं उनको कुछ

[10:45:55] अधिकार दिए गए। सो फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम

[10:45:57] इन 1892 एक्ट सरकार की एनुअल फाइनेंशियल

[10:46:02] स्टेटमेंट को डिस्कस करने का इनको अधिकार

[10:46:04] मिल गया। लेकिन इस पे ये वोट नहीं कर

[10:46:06] सकते। उसको डिस्कस कर सकते हैं। वोट नहीं

[10:46:08] कर सकते। अगर कोई सवाल पूछना है तो छ दिन

[10:46:10] का नोटिस देना पड़ेगा। लेकिन अगर सरकार ने

[10:46:13] कहा कि जैसे आपने सवाल पूछा कि यह सड़क

[10:46:15] बननी थी। क्यों नहीं बनी? सरकार ने कहा

[10:46:17] हमारा दिल नहीं किया तो आप सप्लीमेंट्री

[10:46:20] नहीं पूछ सकते कि ऐसे कैसे दिल नहीं किया।

[10:46:22] ठीक है? वो सप्लीमेंट्री क्वेश्चन नहीं

[10:46:23] पूछ सकते। तो ये इसकी एक प्रोविजन थी। तो

[10:46:26] कुछ एडिशनल कंसेशंस दिए गए बट दे वर स्टिल

[10:46:29] इनएडीिक्वेट। ठीक है? तो इंडियन

[10:46:31] रिप्रेजेंटेशन बढ़ गई। कई सारे मेंबर्स

[10:46:33] लाइक फिरोज शाह मेहता, गोखले, सुरेंद्र

[10:46:35] नाथ बनर्जी दे स्टार्टेड ब्रेकिंग पार्ट

[10:46:37] इन लेजिसलेटिव काउंसिल्स। और एक

[10:46:40] इंट्रोडक्शन ऑफ़ इलेक्शन के लिए पहला स्टेप

[10:46:43] ले लिया। इलेक्शन वर्ड तो यूज़ नहीं किया

[10:46:44] बट इंट्रोडक्शन ऑफ इलेक्शन में एक पहला

[10:46:46] स्टेप लिया गया। लेजिस्लेचर को

[10:46:48] एग्जीक्यूटिव पे कुछ कंट्रोल दिया गया।

[10:46:51] जैसे एग्जीक्यूटिव नीड्स टू बी हेल्ड

[10:46:52] अकाउंटेबल टू लेजिस्लेचर। आज की

[10:46:54] पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी में यही होता

[10:46:56] है। यहां पर ऐसा नहीं था लेकिन जवाबदेही

[10:46:58] के लिए बजट को डिस्कस किया जा रहा है। है

[10:47:01] ना? क्वेश्चन पूछा जा रहा है। ऑलदो

[10:47:02] सप्लीमेंट्री नहीं है। बट लिमिटेड वो

[10:47:04] अकाउंटेबिलिटी लाने की कोशिश की गई है। सो

[10:47:07] इसके लिमिटेशंस हैं। अभी भी खैर बजट को हम

[10:47:10] कंट्रोल वोट नहीं कर सकते। क्वेश्चंस को

[10:47:13] डिसअ कर सकती थी गवर्नमेंट। राइट? और

[10:47:15] इसमें भी क्योंकि क्लियरली अभी भी पूरी

[10:47:18] तरह से इंडियन की पार्टिसिपेशन नहीं है।

[10:47:21] तो दीज़ वर फेल्ट इनएडीिक्वेट। ठीक है? तो

[10:47:24] ये सारा 1892 के एक्ट के बाद ना कांग्रेस

[10:47:27] के जो मॉडरेट लीडर्स थे इनमें से कई यंगर

[10:47:30] एलिमेंट्स। इनको लगा कि यार ये अंग्रेजों

[10:47:32] के ऊपर प्रेयर पिटीशन प्रोटेस्ट का कोई

[10:47:34] असर नहीं पड़ रहा। ये लातों के भूत हैं।

[10:47:36] बातों से बिल्कुल नहीं मानने वाले। हमें

[10:47:38] अपनी मेथोडलॉजी चेंज करनी पड़ेगी। हमें

[10:47:40] एक्स्ट्रा कॉन्स्टिट्यूशन मींस का

[10:47:42] इस्तेमाल करना पड़ सकता है। तो ये 1892 के

[10:47:45] बाद सेंटीमेंट बनना शुरू हो गया। 195 में

[10:47:49] ठीक है? व्हाट हैपेंड इन 195 कर्जन को

[10:47:53] बंगाल का गवर्नर बना रखा है। तो कर्जन ने

[10:47:56] क्या किया? बंगाल की पार्टीशन कर दी। ठीक

[10:47:58] है? अब स्वदेशी मूवमेंट के कॉन्टेक्स्ट

[10:48:00] में ना तीन डेट्स हैं। इनको याद रखना। 19

[10:48:03] जुलाई 1905 को कर्जन ने पार्टीशन की

[10:48:06] अनाउंसमेंट की। तो जो स्वदेशी मूवमेंट ल्च

[10:48:10] हुई ना इट वाज़ नॉट इन रिस्पांस टू दी

[10:48:12] इनफोर्समेंट ऑफ पार्टीशन ऑफ बंगाल। इट वाज़

[10:48:15] इन रिस्पांस टू दी अनाउंसमेंट ऑफ पार्टीशन

[10:48:18] ऑफ़ बंगाल। ठीक है? वर्ड प्ले किया जा सकता

[10:48:20] है। फॉर्मल एनफोर्समेंट 16 अक्टूबर को

[10:48:23] हुई। ठीक है?

[10:48:25] और एनलमेंट कब हुई? 11 दिसंबर 1912 को। इस

[10:48:32] डेट को एनलमेंट हो गई। दो हिस्सों में

[10:48:35] बंगाल को बांट दिया गया। एक बन गया वेस्ट

[10:48:37] बंगाल, बिहार एंड उड़ीसा। एक बन गया

[10:48:41] वेस्टर्न बंगाल। ठीक है? इसमें हिंदी

[10:48:44] स्पीकिंग पॉपुलेशन को माइनॉरिटी बंगाली

[10:48:46] स्पीकिंग पॉपुलेशन को माइनॉरिटी में कर

[10:48:47] दिया। वेस्ट बंगाल की कुछ एरियाज को बिहार

[10:48:49] उड़ीसा के साथ जोड़ दिया। और ईस्ट बंगाल

[10:48:51] में मुस्लिम मेजॉरिटी। इसमें हिंदू

[10:48:53] माइनॉरिटी में चले गए। तो 1857 के बाद

[10:48:57] ब्रिटिश को यह लगा कि बहादुर शाह जफर ने

[10:48:59] उसे लीड किया है। मुस्लिम्स आर

[10:49:01] रिस्पांसिबल फॉर 1857। लेट अस पुट देम एट

[10:49:04] अ डिसएडवांटेज। सो दे स्टार्टेड कोऑप्टिंग

[10:49:06] हिंदूस। हिंदूस को जॉब्स में प्रेफरेंस हर

[10:49:08] जगह प्रेफरेंस। इवन कांग्रेस भी लार्जली

[10:49:10] हिंदू पार्टी थी। मेनी पीपल माइट डिसएग्री

[10:49:14] बट थी यार। ज्यादातर मेंबर्स उनके हिंदू

[10:49:16] बैकग्राउंड से आ रहे थे। 1905 तक जब

[10:49:18] नेशनलिज्म बढ़ना शुरू हो गया तो ब्रिटिश

[10:49:21] को लगा कि यार अब मुस्लिम्स को कोऑप्ट

[10:49:23] करना जरूरी है ताकि इन ये आपस में लड़ते

[10:49:26] रहे और वही होता है जब हम दो भाई लड़ते

[10:49:29] हैं ना पेरेंट्स फिर अपनी मर्जी करते हैं।

[10:49:31] तो यहां पर ब्रिटिश कुछ वैसा ही कर रहे

[10:49:32] थे। सो कॉन्सिक्वेंटली इधर ईस्ट बंगाल में

[10:49:37] मुस्लिम्स को यह कह के कोऑप्ट किया जा रहा

[10:49:39] है कि ये नया प्रोविंस बनेगा। तुम्हें

[10:49:41] ज्यादा जॉब्स मिलेंगी। एक ऐसा प्रोविंस

[10:49:43] जहां पर तुम अपने हिसाब से अपने कल्चर के

[10:49:45] हिसाब से रह पाओगे। तो मुस्लिम्स को

[10:49:47] कोऑप्ट करना शुरू कर दिया है। जोक है वो

[10:49:50] जो रियल बंगाल है जो आज का वेस्ट बंगाल है

[10:49:53] उसकी कैपिटल रहेगा। ईस्ट बंगाल की कैपिटल

[10:49:55] ढक्का बनेगा। और इस पूरे के पूरे पार्टीशन

[10:49:57] प्लान में तीन लोग शामिल थे। दर्जन खुद

[10:50:00] उसका होम सेक्रेटरी जिसका नाम था एच एस

[10:50:02] रिजली और साथ ही साथ लेफ्टिनेंट गवर्नर ऑफ

[10:50:06] बंगाल हु इज़ सर एंड्र्यू फ्रेजर एंड्र्यू

[10:50:09] फ्रेजर एच एच रिजली कर्जन ने यह पार्टीशन

[10:50:12] प्लान बनाया। अब ये पार्टीशन प्लान जब

[10:50:14] बनाया तो लीडर्स ने इसको कंडेम करना शुरू

[10:50:18] कर दिया। तो अब ना स्वदेशी मूवमेंट में

[10:50:21] बॉयकॉट विल बी अ वेरी वाइडली एक्सेप्टेड

[10:50:24] स्ट्रेटजी। बॉयकॉट सबसे पहले किसने सजेस्ट

[10:50:27] किया? इट वाज़ सजेस्टेड बाय के केित

[10:50:29] वेरीेंट प्रीलिम्स फैक्ट के मित्र

[10:50:32] सजेस्टेड बॉयकॉट स्ट्रेटजी एंड दिस

[10:50:34] स्ट्रेटजी वाज़ सजेस्टेड इन संजीवनी

[10:50:37] न्यूज़पेपर

[10:50:38] ठीक है संजीवनी नाम का न्यूज़पेपर था उसके

[10:50:41] अंदर के

[10:50:44] ठीक है केके मित्र ने राइट

[10:50:48] सुरेंद्रनाथ बनर्जी का ही न्यूज़पेपर था

[10:50:50] इसी में केके मित्र ने बॉयकॉट स्ट्रेटजी

[10:50:53] को सजेस्ट किया ठीक है तो अब जो लीडर्स

[10:50:57] हैं कर्जन के इस हरकत के बाद नाउ दे आर ऑफ

[10:50:59] द ओपिनियन कि अब हमें कुछ बड़ा करना

[10:51:01] पड़ेगा। प्रेयर पिटीशन प्रोटेस्ट से तो

[10:51:03] हमारा काम चल नहीं रहा। ठीक है? तो अब ना

[10:51:05] रेवोल्यूशनरी न्यूज़पेपर्स

[10:51:08] [गला साफ़ करने की आवाज़] दे आर प्लेइंग अ

[10:51:09] वेरीेंट रोल इन फर्दर पॉलिटिकल अवेकनिंग

[10:51:12] ऑफ़ द पीपल। तो ये कुछ बहुत इंपॉर्टेंट

[10:51:14] रेवोल्यूशनरी न्यूज़पेपर्स हैं जो 195 तक

[10:51:16] काफी पॉपुलर हो गए थे। हिताबदी ये किसका

[10:51:19] था? द्विजेंद्र नाथ टैगोर का। बंगाली और

[10:51:22] संजीवनी यह सुरेंद्रनाथ बनर्जी का था।

[10:51:25] न्यू इंडिया ये एनी बेसेंट भी स्टार्ट

[10:51:28] करेंगी आगे न्यू इंडिया एंड कॉमन विल

[10:51:30] ड्यूरिंग होम लीग यहां पर बिपिन चंद्र पाल

[10:51:32] ने स्टार्ट किया वंदे मातरम बाय अरविंदो

[10:51:34] घोष संध्या बाय ब्रह्म बंधव उपाध्याय एंड

[10:51:38] युगांतर बाय भूपेंद्रनाथ दत्त ठीक है तो

[10:51:40] न्यूज़पेपर ये यूथ को अवेकन करना स्टार्ट

[10:51:43] हो चुका है ठीक है अब

[10:51:47] अनाउंसमेंट कब हुई थी 19th जुलाई को अगस्त

[10:51:51] आ गया 7 अगस्त को 7 अगस्त कोलकाता के टाउन

[10:51:57] हॉल में हमारे नेशनलिस्ट लीडर्स ने एक

[10:51:59] मीटिंग की एंड सेवंथ अगस्त को स्वदेशी

[10:52:01] मूवमेंट को क्या कर दिया? क्या कर दिया?

[10:52:04] लॉन्च कर दिया। ठीक है? तो इसके बाद

[10:52:08] दिसंबर [गला साफ़ करने की आवाज़] में

[10:52:08] गोपाल कृष्ण गोखले की प्रेसिडेंसी में

[10:52:11] बनारस सेशन हुआ। यहां पे कर्जन की

[10:52:13] रिएक्शनरी पॉलिसीज को कंडेम किया। एंटी

[10:52:15] पार्टीशन मूवमेंट यानी कि स्वदेशी मूवमेंट

[10:52:17] को सपोर्ट किया। लेकिन बॉयकॉट को

[10:52:20] स्ट्रेटजी की तरह अडॉप्ट भी किया। लेकिन

[10:52:22] बॉयकॉट एग्जैक्टली मतलब क्या है इसका?

[10:52:24] इसकी मिस इंटरप्रिटेशन हो गई

[10:52:26] एक्सट्रीमिस्ट और मॉडरेट्स में। ठीक है?

[10:52:28] तो एक्सट्रीमिस्ट लीडर्स जितने भी थे

[10:52:30] उन्होंने भर-भर के लिवर पूल, साल्ट,

[10:52:32] मैनचेस्टर क्लॉथ को आग लगानी शुरू कर दी।

[10:52:34] शॉप्स को पिक करना शुरू कर दिया। काफी

[10:52:36] सक्सेस भी मिल रहा था। अगले सेशन में यह

[10:52:38] सब चाहते थे कि बाल गंगाधर तिलक एंड लाला

[10:52:40] लाजपत राय में से कोई एक प्रेड करें 1906।

[10:52:44] लेकिन साइन कर दिया और कहा कि दादाभाई

[10:52:46] नौरोजी को करने दो। दादाभाई नौरोजी ने

[10:52:48] मिडवे अप्रोच फॉलो की। उन्होंने कहा चार

[10:52:50] रेोल्यूशन पास करते हैं। इन्होंने कहा

[10:52:51] स्वराज हमारा अल्टीमेट गोल है। लेकिन

[10:52:54] स्वराज का मतलब क्या है? मॉडरेट्स के लिए

[10:52:57] स्वराज का मतलब है लिमिटेड इंडियन

[10:52:59] पार्टिसिपेशन इन दी काउंसिल।

[10:53:01] एक्सट्रीमिस्ट के लिए इसका मतलब है

[10:53:03] डोमिनियन स्टेटस। स्वदेशी का क्या मतलब

[10:53:06] है? मॉडरेट्स के लिए इसका मतलब है कि हम

[10:53:10] बंगाल के अंदर ही लिमिटेड लेवल पर

[10:53:13] मैनचेस्टर कपड़ा लिवर लिवर पूल साल्ट को

[10:53:16] थोड़ा सा बॉयकॉट करेंगे। ज्यादा नहीं।

[10:53:18] एक्सट्रीमिस्ट का है। पूरे देश के अंदर हर

[10:53:21] जगह इस मूवमेंट को एक्सपेंड कर दिया जाए।

[10:53:23] राइट? दे वांटेड टू टेक स्वदेशी टू

[10:53:26] आउटसाइड बंगाल। और बॉयकॉट में दे वांटेड

[10:53:28] टू टेक इट नॉट वांट टू कनफाइन इट ओनली टू

[10:53:31] मैनचेस्टर क्लॉथ एंड लिवर पूल साल्ट।

[10:53:34] उन्होंने कहा कोर्ट्स काउंसिल हर चीज को

[10:53:35] बॉयकॉट करना शुरू कर दो। मॉडरेट्स ने कहा

[10:53:37] कि हां यार काउंसिल को बॉयकॉट कर दो। तो

[10:53:39] यार वो गद्दी मिली है। कुर्सी बड़ी अच्छी

[10:53:41] लग रही है। ऐसे कैसे राइट? तो यह

[10:53:44] मिसइंटरप्रिटेशंस के चलते क्या हुआ कि नाउ

[10:53:47] इट इज़ बिकमिंग वेरी यू नो मतलब मॉडरेट

[10:53:50] एक्सट्रीमिस्ट के ना दरार बढ़ती जा रही है।

[10:53:52] नेशनल एजुकेशन पे दोनों सहमत थे कि इनको

[10:53:54] था कि नेशनल इंडीजीनस एजुकेशन को प्रमोट

[10:53:56] करो ताकि हमारे बच्चे वो चीज सीख सकें जो

[10:54:00] एक्चुअली में सच है ना कि वो जो अंग्रेज

[10:54:01] इन्हें सिखाना चाहते हैं। राइट? अब

[10:54:04] स्वदेशी मूवमेंट ल्च हो जाती है। राइट?

[10:54:06] इसमें वंदे मातरम इसका थीम सॉन्ग बनता है।

[10:54:09] वंदे मातरम के बारे में ऑलरेडी आपको बता

[10:54:10] दिया है। आनंद मंथ 1882 1875 में फर्स्ट

[10:54:15] टाइम गंगा दर्शन में पब्लिश हुआ। राइट?

[10:54:17] अमार सोनार बांग्ला भी ये रविंद्र नाथ

[10:54:21] टैगोर द्वारा ये भी इसका एक पॉपुलर सॉन्ग

[10:54:24] बन गया। तो लोग भर-भर के आ रहे हैं। ठीक

[10:54:26] है? स्वदेशी मूवमेंट में अच्छे खासे लोग आ

[10:54:28] रहे हैं। यहां तक कि एक्सट्रीमिस्ट लीडर्स

[10:54:30] लाइक तिलक, लाला लाजपत राय, अजीत सिंह,

[10:54:32] सैयद हैज़ रजा एंड चिदंबरम पिल्लई। ये

[10:54:35] बंगाल के बाहर ले गए मूवमेंट को।

[10:54:36] एक्सट्रीमिस्ट ने नहीं सोचा था पर ये चली

[10:54:38] गई मूवमेंट। स्वदेशी वाज़ नॉट कनफाइंड टू

[10:54:40] दिस बंगाल। तिलक टूक इट टू पुणे एंड

[10:54:43] बॉम्बे। अजीत सिंह लाला लाजपत राय टूक इट

[10:54:45] टू पंजाब। सैयद हैदर रजा इन दिल्ली एंड

[10:54:47] चिदंबरम बिल्लाई इन मद्रास। राइट? इसके

[10:54:50] बाद जब ब्रिटिश ने देखा कि यार कांग्रेस

[10:54:54] तो भाई अलग ही ज़ोन में जा चुकी है और काफी

[10:54:56] स्ट्रांग हो रही है। तो इन्होंने कहा कि

[10:54:58] मुस्लिम्स को इनको भी ऑर्गेनाइज करो।

[10:55:00] कांग्रेस को काउंटर करने के लिए वी नीड अ

[10:55:02] पार्टी। तो 30th दिसंबर 196 को ढक्का में

[10:55:08] मोहम्मद अली जिन्ना आगा सुल्तान मोहम्मद

[10:55:10] शाह आगा खान इनको आगा खान दी थर्ड भी कहा

[10:55:13] जाता है राइट और इनके साथ-साथ हाकिम अजमल

[10:55:15] खान वकर उल मुल्क ठीक है ये मल्टीपल लोग

[10:55:20] ये वायसराॉय के घर पे मिले ठीक है

[10:55:22] वायसराॉय कौन आ गए अब लॉर्ड मिंटो ठीक है

[10:55:24] लॉर्ड मिंटो के वहां ढाका में बेसिकली गए

[10:55:28] आगा खान के घर पे गए थे राइट तो आगा खान

[10:55:31] दी थर्ड बिकम फर्स्ट प्रेसिडेंट ऑफ

[10:55:34] मुस्लिम लीग। ठीक है? फर्स्ट प्रेसिडेंट

[10:55:37] आगा खान द थर्ड। ये मुस्लिम लीग के

[10:55:39] प्रेसिडेंट बन गए। मुस्लिम लीग अब आ गई है

[10:55:41] और अब ये कांग्रेस को टाइम टू टाइम क्या

[10:55:43] करेगी? काउंटर करेगी। तो 197 आते-आते

[10:55:47] गवर्नमेंट ने मुस्लिम लीग बना दी है। साथ

[10:55:49] ही साथ गवर्नमेंट रिफॉर्म्स की भी बात

[10:55:52] करना शुरू हो गई है। तो मॉडरेट सब

[10:55:54] गवर्नमेंट की बातों में आ गए हैं और

[10:55:55] एक्सट्रीमिस्ट के प्रति उनका सपोर्ट थोड़ा

[10:55:57] कम होना स्टार्ट हो गया है। इसके चलते

[10:55:59] 1907 पंजाब में

[10:56:02] राइट ब्रिटिश ने रिप्रेशन की और लाला

[10:56:05] लाजपत राय अजीत सिंह को डिपोर्ट कर दिया।

[10:56:07] 1908 में नौ मेजर लीडर्स को इंक्लूडिंग

[10:56:09] कृष्ण कुमार हु सजेस्टेड बॉयकॉट एंड

[10:56:11] अश्विनी कुमार दत्त इनको भी डिपोर्ट कर

[10:56:13] दिया और 1908 में बाल गंगाधर तिलक को छ

[10:56:16] साल की सजा हो गई। ठीक है? और इसी के चलते

[10:56:19] क्या हुआ? पार्टीशन को आगे जाके इन्होंने

[10:56:21] एनल कर दिया। लेकिन स्वदेशी मूवमेंट फिज़ल

[10:56:23] आउट हो गई। लेकिन फिर भी मतलब इट वाज़ एन

[10:56:25] इंपॉर्टेंट मूवमेंट। राइट? फर्स्ट टाइम

[10:56:28] मासेस जो थे वो अपने लीडर्स के साथ कंधे

[10:56:30] से कंधा मिला के सड़कों पे उतरे बॉयकॉट

[10:56:32] किया पिकटिंग की। सो इट वाज़ सिग्निफिकेंट

[10:56:34] और इसके फेलियर के पीछे स्वदेशी मूवमेंट

[10:56:37] के फेलियर के पीछे सूरत स्प्लिट इज़ अ

[10:56:39] वेरीेंट रीज़न। सूरत सेशन 1907 सूरत में

[10:56:42] हुआ। रास बिहारी घोष वाज़ दी प्रिसाइडिंग

[10:56:45] प्रेसिडेंट। तो इसमें क्या है कि

[10:56:48] लाला लाजपत राय कंटेस्टेड एंड

[10:56:50] एक्सट्रीमस्ट को लगा कि लाला लाजपत राय

[10:56:52] जीतेंगे। बट हुआ यह कि भाई वही लाला लाजपत

[10:56:54] राय बोलने लगे थे अपनी स्पीच। जब रास

[10:56:57] बिहारी घोष जी थे किसी ने ना कोल्हापुरी

[10:56:59] चप्पल फेंकी स्टेज पे तो वो सुरेंद्रनाथ

[10:57:01] बनर्जी के टप्पा खा के ना फिरोजशाह मेहता

[10:57:03] के मुंह पे जाके लगी ठीक है दोनों की

[10:57:05] बेसिकली बजी थी वो चप्पल तो मॉडरेस्ट काफी

[10:57:07] चिढ़ गए उन्होंने पुलिस बुला ली

[10:57:09] एक्सट्रीमिस्ट जेल चले गए ठीक है तो ये

[10:57:11] ताप्ती नदी के पास हुआ था सूरत का सेशन और

[10:57:14] इस सेशन में मतलब फिरोजशाह मेहता एंड

[10:57:16] गोपाल कृष्ण गोखले अपने फॉलोअर्स को

[10:57:18] बिल्कुल कंट्रोल नहीं कर पाए और ना ही

[10:57:20] एक्सट्रीमिस्ट लीडर्स अपने फॉलोवरर्स को

[10:57:22] कंट्रोल कर पाए इस सेशन के बाद कांग्रेस

[10:57:24] में स्प्लिट आ गया अंग्रेजों की जो मंशा

[10:57:27] थी वो सक्सेसफुल हो गई और अब अंग्रेज क्या

[10:57:30] करेंगे? एक्सट्रीमिस्ट के ऊपर पूरी

[10:57:32] रिप्रेशन दिखाते हुए मॉडरेट्स के लिए

[10:57:35] रिफॉर्म्स अनाउंस करेंगे। ठीक है? तो

[10:57:37] मॉडरेट्स के लिए रिफॉर्म्स क्या अनाउंस

[10:57:39] होते हैं? मोरलेमिंटो रिफॉर्म्स। ठीक है?

[10:57:42] मॉडरेट्स के लिए क्या रिफॉर्म्स अनाउंस

[10:57:43] किए इन्होंने? मोरले मिंटो। ठीक है?

[10:57:46] मोरलेमिंटो रिफॉर्म्स में ऐसा था कि

[10:57:49] सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट जो हैं वो हैं जॉन

[10:57:52] मोरले। ठीक है? लिबरल पार्टी के थे। ये

[10:57:56] 1905 में इनको सेक्रेटरी ऑफ स्टेट बना

[10:57:58] दिया था और इन्होंने सेक्रेटरी ऑफ स्टेट

[10:57:59] बनते ही कर्जन को वापस बुला लिया। लिबरल्स

[10:58:01] यूजली अच्छे गवर्नर जनरल भेजते थे। इनका

[10:58:04] मानना था कि धीरे-धीरे इंडियंस को इंक्लूड

[10:58:06] करना पड़ेगा। ठीक है? तो इसलिए ये

[10:58:10] इंपॉर्टेंट है। राइट? और साथ ही साथ इनका

[10:58:13] जो काउंस इंडियन काउंसिल था ना यह बहुत

[10:58:15] इंपॉर्टेंट नाम है यार। फॉर द वेरी फर्स्ट

[10:58:18] टाइम लॉ जॉन मोरले ने सेक्रेटरी ऑफ स्टेट

[10:58:21] के काउंसिल के अंदर दो इंडियंस को इंक्लूड

[10:58:25] किया फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम इससे पहले

[10:58:27] कभी नहीं हुआ था ये थे कृष्ण गोविंद

[10:58:29] गुप्ता एंड नवाब सैयद हुसैन बिलग्रामी ठीक

[10:58:32] है ये दो इंडियंस को इसके अंदर क्या कर

[10:58:35] दिया इंक्लूड कर दिया राइट लॉर्ड मिंटो

[10:58:39] इनकी क्या सिग्निफिकेंस थी ये हालांकि

[10:58:42] कंजर्वेटिव थे बट इन्होंने लिमिटेड

[10:58:45] [गला साफ़ करने की आवाज़] इंडियन

[10:58:45] पार्टिसिपेशन को सपोर्ट किया था। इनके

[10:58:47] टेन्योर में एक यह चीज हुई थी। मुस्लिम्स

[10:58:50] ने ना एक शिमला डेपुटेशन भेजी इनको। शिमला

[10:58:53] डेपुटेशन वाज़ लेड बाय आगा खान। लॉर्ड

[10:58:55] मिंटो के यहां गई और इन्होंने कहा कि यार

[10:58:58] हमें अगर सब्सटैंशियल पावर देनी है ना तो

[10:59:00] वी नीड इलेक्शंस जहां पर हमारे लिए सेपरेट

[10:59:03] इलेक्ट्रोरेट्स हो। राइट? और सेपरेट

[10:59:06] इलेक्टोरेट सिर्फ प्रोपोर्शननेट टू

[10:59:08] पॉपुलेशन नहीं बट इन एक्सेस। बिकॉज़ हमने

[10:59:10] एंपायर की सर्विज में अपना बहुत योगदान

[10:59:12] दिया है। और मिंटो तो वैसे ही देख रहा था

[10:59:14] कि कांग्रेस को कैसे काउंटर किया जाए। तो

[10:59:16] इनकी डिमांड को मिंटो ने मोरली मिंटो

[10:59:19] रिफॉर्म्स में एक्सेप्ट कर लिया। दैट

[10:59:20] टर्नड आउट टू दी काउंसिल्स एक्ट ऑफ़ 1905।

[10:59:23] ठीक है? तो मिंटोस राहुल एंड टेन्योर

[10:59:26] मार्क्ड दी ऑफिशियल बिगिनिंग ऑफ़ कम्युनल

[10:59:28] रिप्रेजेंटेशन इन इंडियन पॉलिटिक्स। ठीक

[10:59:31] है? अब इसमें राइजिंग नेशनल कॉन्शियसनेस

[10:59:34] की बात करते हैं। मतलब रिफॉर्म्स की जरूरत

[10:59:36] के पीछे बहुत से रीज़न पढ़ी लिखी जनता है,

[10:59:39] नौकरियां है नहीं। ठीक है? इकोनॉमिक

[10:59:42] क्रिटिक हो रहा है। कर्जन से सब लोग

[10:59:43] परेशान हैं। राइट? तो इस सब की वजह से

[10:59:46] राइट? इट वाज़ेंट कि भाई रिफॉर्म्स को ले

[10:59:49] आया जाए क्योंकि अदरवाइज दिक्कत रहेगी।

[10:59:52] इंडियंस जो हैं दे विल कीप ऑन लीडिंग सच

[10:59:55] प्रोटेस्ट एंड यू नो प्रोसेशंस। ठीक है

[10:59:59] जी। तो यहां पर अब मेन प्रोविजन आती है

[11:00:02] मोरल मिंटो रिफॉर्म्स की। तो इंडियन

[11:00:04] काउंसिल एक्ट ऑफ 1909 दिस वाज़ अ

[11:00:07] कंटीन्यूएशन एंड एक्सपेंशन ऑफ़ 1892 एक्ट।

[11:00:10] ठीक है? तो इसमें देखो क्या होता है।

[11:00:11] इसमें ना जो हमने 6 टू 12 को 10 टू 16 कर

[11:00:16] दिया ना 1892 में। अब यहां पर क्या कर

[11:00:20] दिया? गवर्नर जनरल के लेजिसलेटिव काउंसिल

[11:00:23] में हमने 16 को 60 कर दिया। हमने 16 को

[11:00:29] क्या कर दिया? 6 0 कर दिया। तो

[11:00:34] नौ मेंबर्स लेकिन नौ में से तीन तो पता ही

[11:00:37] है। लॉ मेंबर, चीफ जस्टिस, ट्वीन जज और अब

[11:00:42] जो प्रोविंसेस हो गए हैं वो हो गए हैं छह।

[11:00:45] ठीक है? सिक्स प्रोविंसेस आ चुके हैं। है

[11:00:47] ना? पंजाब की लेफ्टिनेंट गवर्नरशिप भी बन

[11:00:49] चुकी है। राइट? और इस टाइम पे ईस्ट बंगाल

[11:00:52] भी था। मतलब छह प्रोविंसेस के हिसाब से

[11:00:55] यहां पर नौ मेंबर जो हैं वो तो एक्स

[11:00:57] ऑफिशियों हैं। बाकी कितने हैं? बाकी हैं।

[11:01:01] बाकी कितने हैं? 60। तो 60 एडिशनल मेंबर्स

[11:01:05] इसमें डाल दिए। इन 60 एडिशनल मेंबर्स में

[11:01:08] नौ भी जोड़ दोगे तो टोटल मेंबर्स कितने हो

[11:01:10] गए? 69 हो गए। ठीक है? ये समझाने का तरीका

[11:01:14] है। टोटल मेंबर्स जो लेजिसलेटिव काउंसिल

[11:01:16] में हैं वो हो गए 69। अब हमने 69 को देखना

[11:01:19] है। ठीक है? इन 37 ऑफिशियलल्स में से

[11:01:22] राइट? नाइन तो पहले से ही थे और 28 ये 60

[11:01:27] का पार्ट है। ठीक है? ये 60 में से कहा कि

[11:01:30] 28 ऑफिशियल्स आएंगे। राइट? और 32 नॉन

[11:01:35] ऑफिशियल्स होंगे। पहली बार अदरवाइज इससे

[11:01:39] पहले क्या था कि जो एडिशनल मेंबर्स हैं

[11:01:40] उसका हाफ नॉन ऑफिशियल होगा। यहां पर पहली

[11:01:43] बार जो एडिशनल मेंबर्स हैं उसके हाफ से

[11:01:46] ज्यादा नॉन ऑफिशियल होगा। क्या ये बात समझ

[11:01:48] में आ गई? क्या ये बात सभी को समझ में आ

[11:01:52] गई?

[11:01:54] ठीक है? तो ये चीज यहां पर ये है इधर। ठीक

[11:01:58] है? और इसके बाद फिर क्या होता है? इसके

[11:02:01] बाद 37 ऑफिशियल 32 नॉन ऑफिशियल्स। नॉन

[11:02:04] ऑफिशियल्स में

[11:02:07] 37 ऑफिशियल में से ये एक्स ऑफिशिय हां

[11:02:10] देखो ये नाइन मेंबर्स तो एक्स ऑफिस हैं

[11:02:12] इनमें से। ठीक है? बाकी बच्चे जो

[11:02:18] हां बाकी ये जो 32 हैं बाकी ये जो 32 हैं

[11:02:23] इनमें से पांच गवर्नर जनरल ने नॉमिनेट किए

[11:02:26] और 27 को क्या करेंगे? इ करेंगे। ठीक है?

[11:02:29] एक बार मैं फिर से समझाता हूं। देखो

[11:02:31] एडिशनल मेंबर्स 60 रखे हैं। ठीक है?

[11:02:34] एडिशनल मेंबर्स 60 रखे हैं। इन 60 में से

[11:02:37] 28 ये ऑफिशियल्स होंगे और 32 नॉन ऑफिशियल

[11:02:42] होंगे। और इन 28 के अलावा नाइन मेंबर्स

[11:02:45] ऑलरेडी बैठे हुए हैं लेजिसलेटिव काउंसिल

[11:02:47] में अपनी पोजीशन की वजह से। तो इनको कहते

[11:02:49] हैं एक्स ऑफिशियो। ये तो एक्स ऑफिशियल

[11:02:51] हैं। एक्स ऑफिशियल तो वैसे ही ऑफिशियल

[11:02:53] होंगे। ये 28 रिमेनिंग ऑफिशियल हैं। ठीक

[11:02:56] है? और जो 32 हैं इन 32 में से ठीक है? ये

[11:03:00] नाइन ना गलती से इसके अंडर दिखा दिया। ये

[11:03:03] अलग दिखाना चाहिए था। इन 32 में से पांच

[11:03:06] गवर्नर जनरल नॉमिनेट करेगा और 27 ये

[11:03:09] इलेक्ट होंगे। ठीक है? और इ कौन करेगा?

[11:03:12] प्रोविंसेस के काउंसिल इनको इ करेंगे।

[11:03:16] मतलब इनडायरेक्ट इलेक्शंस होंगे। तो जहां

[11:03:19] 1892 में इलेक्शन वर्ड को यूज़ नहीं किया

[11:03:21] था। 1909 में एक्सप्लसिटली इलेक्शन वर्ड

[11:03:24] वाज़ यूज्ड एंड दीज़ इलेक्शंस वर

[11:03:26] इनडायरेक्ट। सो फॉर द फर्स्ट टाइम फॉर द

[11:03:30] फर्स्ट टाइम

[11:03:32] एक्सप्लसिट मेंशन ऑफ़ इनडायरेक्ट इलेक्शंस

[11:03:34] इट वाज़ इंट्रोड्यूस्ड इन 1909 एक्ट। ठीक

[11:03:37] है? अ प्रिंसिपल ऑफ इनडायरेक्ट इलेक्शंस

[11:03:40] इट वाज इंट्रोड्यूस्ड इन 1892 एक्ट।

[11:03:43] क्योंकि 1892 में ना गवर्नर जनरल को पावर

[11:03:45] दी थी कि आप डिसाइड करना तो उस एक्ट के

[11:03:48] अंदर इनडायरेक्ट इलेक्शन थे ही नहीं।

[11:03:50] इसमें एक्ट के अंदर ही मेंशंड है। ठीक है?

[11:03:53] और इलेक्टिव प्रिंसिपल भी एक्ट के अंदर

[11:03:56] यहां मेंशंड है। 1892 में गवर्नर जनरल को

[11:03:59] एंपावर किया था। तू लाना चाहता है तो ले

[11:04:01] आ। ठीक है? तो इलेक्टिव प्रिंसिपल भी यही

[11:04:03] एक्ट लेके आया पहली बार। ठीक है?

[11:04:05] एक्सप्लसिटली मतलब यहीं पे आया है। ऑलदो

[11:04:08] 1892 की प्रोविजन को यूज़ करके आ गया वो

[11:04:11] अलग बात है। तो सेंटर में ऑफिशियल

[11:04:14] मेजॉरिटी को मेंटेन रखा क्योंकि यू कैन सी

[11:04:17] कि टोटल 69 मेंबर्स में से ओनली 32 आर नॉन

[11:04:20] ऑफिशियल 37 आर ऑफिशियल। सो ऑफिशियल

[11:04:22] मेजॉरिटी है। प्रोवेंसेस के अंदर पहली बार

[11:04:25] नॉन ऑफिशियल मेजॉरिटी आ गई। ठीक है? लेकिन

[11:04:27] ये सिंबॉलिक थी। रियल डिसीजन मेकिंग पावर

[11:04:30] जो थी वो ऑफिशियल्स की ओवराइटिंग पावर

[11:04:32] उसमें आ जाती थी। ठीक है? और ये जो 32 नॉन

[11:04:35] ऑफिशियल्स हैं पांच को तो गवर्नर जनरल ने

[11:04:37] नॉमिनेट कर दिया। ये जो 27 है ना इनको

[11:04:40] देखो ऐसे इ करते थे। 13 मेंबर्स को

[11:04:43] प्रोविंशियल लेजिसलेटिव काउंसिल्स नॉमिनेट

[11:04:45] करके भेजेंगी। मतलब इनडायरेक्टली इ

[11:04:47] करेंगी। छह मेंबर्स को लैंड होल्डर्स की

[11:04:50] जो सीट्स हैं छह प्रोविंसेस में वो

[11:04:52] इनडायरेक्टली इ करके भेजेंगे। पांच

[11:04:55] मुस्लिम सेपरेट इलेक्टोरेट सीट हैं तो ये

[11:04:57] इनडायरेक्टली भेजेंगे। फिर यूपी और बॉम्बे

[11:05:00] के मुस्लिम लैंड होल्डर्स के लिए एक सीट

[11:05:02] रिजर्व कर रखी तो यह अल्टरनेटली इंटरचेंज

[11:05:04] करते थे और चेंबर ऑफ कॉमर्स को दो सीट

[11:05:07] मिलती थी। मतलब देख लेना यह इतना डेप्थ

[11:05:10] में वैसे पूछेगा नहीं कोई। बट स्टिल अब

[11:05:13] सेपरेट मुस्लिम इलेक्टोरेट्स की बात करें

[11:05:15] तो ये एक्सेस में मिला। ठीक है? दे एंड

[11:05:18] मुस्लिम्स कुड आल्सो कंटेस्ट इलेक्शंस

[11:05:20] फ्रॉम जनरल इलेक्टोरेट्स। ठीक है?

[11:05:23] फंक्शनंस की जहां तक बात है तो डिस्कशन

[11:05:26] पावर्स को बढ़ा दिया गया। तो बजट के ऊपर

[11:05:28] क्या है? यह डिस्कस भी कर सकते हैं लेकिन

[11:05:30] अभी भी राइट टू वोट नहीं है और पावर टू

[11:05:33] अमेंड भी नहीं है। डिस्कशन पर हो सकती है।

[11:05:35] राइट? पब्लिक मैटर्स पर रेोल्यूशन पास हो

[11:05:38] सकती है। लेकिन रेोल्यूशन सिर्फ

[11:05:39] रेकमेंडेशन होगा। बाइंडिंग नहीं होगा और

[11:05:41] साथ ही साथ रेजोल्यूशन किसी पब्लिक मैटर

[11:05:43] पे पास अगर करनी है तो फॉरेन अफेयर्स

[11:05:44] रिलेशन विद इंडियन प्रिंसेस, रेलवे

[11:05:46] इंटरेस्ट ऑन डे। मतलब इसके ऊपर नहीं पास

[11:05:49] कर सकते रेजोल्यूशन। राइट? मेंबर्स हैड

[11:05:52] राइट टू आस्क क्वेश्चंस। प्रीवियसली ओनली

[11:05:55] वन मेन क्वेश्चन वाज़ अलाउड विथ नोटिस। ठीक

[11:05:57] है? अब क्या है? आप सप्लीमेंट्री क्वेश्चन

[11:06:01] भी पूछ सकते हो। और अकाउंटेबिलिटी होल्ड

[11:06:03] करने का एक और स्टेप हमने आगे ले लिया।

[11:06:06] इलेक्टिव प्रिंसिपल को इंट्रोड्यूस कर

[11:06:09] दिया। यहां पे काउंसिल एनलार्ज हो गई।

[11:06:11] इंडियन पार्टिसिपेशन बढ़ गई। सेपरेट

[11:06:13] इलेक्टोरेट्स ये एक टर्निंग पॉइंट बन गया।

[11:06:15] और जो इंडियन मतलब इंडियंस के लिए ये

[11:06:17] टोकनिस्टिक सी रिप्रेजेंटेशन थी। कुछ खास

[11:06:20] नहीं था। ठीक है? इसके बाद फर्स्ट वर्ल्ड

[11:06:22] वॉर स्टार्ट हो जाती है। 1909 में ये हुआ।

[11:06:25] अब 1910 का जब डेकेड स्टार्ट होता है तो

[11:06:28] फर्स्ट वर्ल्ड वॉर स्टार्ट हो जाती है।

[11:06:29] फर्स्ट वर्ल्ड वर्ल्ड वॉर का ना सारा

[11:06:31] सिनेरियो बता देता हूं। देखो ऑस्ट्रियन

[11:06:33] एंपायर है। ऑस्ट्रियन एंपायर के साउथ ईस्ट

[11:06:36] में एक प्रोविंस है। इसको कहते हैं सारा

[11:06:39] जेवो। नोट करो। ऑस्ट्रियन एंपायर के साउथ

[11:06:43] ईस्ट में देयर इज़ अ प्रोविंस सारा। सारा

[11:06:45] जेवो में जो पॉपुलेशन है, यह है सर्वब्स

[11:06:48] की। ऑस्ट्रिया ना सबसे बड़ा कंट्री था सेंट

[11:06:50] यूरोप का। इसकी वजह से इसकी पॉपुलेशन बहुत

[11:06:52] डवर्स जैसे नॉर्थ ईस्ट में जर्मन पॉपुलेशन

[11:06:55] थी। ठीक है? यहां पे साउथ ईस्ट में सब्स

[11:06:58] थे। और क्योंकि नेशनलिज्म की एक वेव आई थी

[11:07:02] 20थ सेंचुरी में यूरोप के अंदर। तो सारा

[11:07:06] जेवो के साउथ में ना देयर वाज़ अ कंट्री

[11:07:08] कॉल्ड एज सर्बिया। तो सर्बिया का मानना था

[11:07:12] कि सारा जेवो में मौजूद सब्स को भी हमारे

[11:07:14] साथ जुड़ जाना चाहिए और हम एक साथ मिलके एक

[11:07:18] ग्रेटर सर्व नेशन बना देंगे। जिसमें

[11:07:21] ऑस्ट्रिया का साउथ ईस्ट पार्ट हमारा हो

[11:07:23] जाएगा। अब

[11:07:25] इन सर्बियंस ने यहां पर अपनी ही सरकार के

[11:07:29] खिलाफ इन सब्स को भड़काने के लिए एक

[11:07:31] सीक्रेट ऑर्गेनाइजेशन बनाई जिसका नाम था

[11:07:33] ब्लैक हैंड। इस ब्लैक हैंड का एक मेंबर था

[11:07:37] जिसका नाम था गैबिलो प्रिंसेप।

[11:07:41] गैबिलो प्रिंसेप। तो जो ऑस्ट्रिया के

[11:07:45] क्राउन प्रिंस थे उनका क्या नाम था?

[11:07:48] फ्रांस फर्दिन। तो फ्रांस फर्दिन ने पूरा

[11:07:51] जोर लगा दिया। जैसे कश्मीर का जो इशू था

[11:07:53] उसमें कश्मीर में यूनिटी प्रोड्यूस करने

[11:07:55] के लिए एक तो आर्टिकल 370 हटाया। प्लस

[11:07:57] हमें कश्मीर के लोगों को पूरा बताना है कि

[11:08:00] यू आर इंटीग्रल पार्ट ऑफ इंडिया। तो

[11:08:02] फ्रांस फर्दिन ने सारा जेवो के राउंड्स

[11:08:05] लगाने शुरू कर दिए बताने के लिए कि मैं आप

[11:08:07] ही का हूं। आपके लिए हूं। आप अपनी

[11:08:09] ग्रिवेंसेस बताओ मैं ठीक करूंगा। तो ऐसे

[11:08:11] ये विजिट कर रहे थे सारा जेवो को एक दिन।

[11:08:13] और 28 जून 1914 को 28th जून 1914 को ऑन

[11:08:19] 28th जून 1914

[11:08:22] ब्लैक हैंड सीक्रेट एसोसिएशन के गैबलो

[11:08:25] प्रिंसेप ने कहा कि अगर ये कामयाब हो गया

[11:08:27] तो स्वर्ग नेशनलिज्म फिजल आउट हो जाएगा।

[11:08:31] ठीक है? जैसे सेपरेटेस्ट खाली जो हैं उनका

[11:08:33] इंटरेस्ट किस चीज में है कि पंजाब के लोग

[11:08:35] अपनी सरकार से दुखी रहे। तो अगर पंजाब के

[11:08:38] लोग सेंट्रल गवर्नमेंट को सपोर्ट करना

[11:08:40] शुरू कर देंगे तो खिस्तानी इसका जो

[11:08:42] सेपरेटेस्ट एजेंडा है वो वीक पड़ जाता है।

[11:08:44] तो वो तो चाहेंगे कि कुछ ऐसा जो भी

[11:08:46] व्यक्ति पंजाब को यूनाइट मतलब समझ गए आप।

[11:08:49] तो यहां पर इन्होंने क्या किया है?

[11:08:51] गैब्रिलो प्रिंसेप ने फ्रांस फर्दन को

[11:08:53] पॉइंट ब्लाइंड पे गोली मार दी जब कार में

[11:08:54] ट्रेवल कर रहे थे। ठीक है? और का और उसकी

[11:08:57] वजह से थोड़ी देर के लिए तो ऑस्ट्रेलिया

[11:09:00] ऑस्ट्रिया ने अब सोचा कि क्या करें? तो

[11:09:03] ऐसा था कि सर्बिया में जो ये सर्ब्स थे ना

[11:09:06] ये बिलोंग करते थे स्लेविक

[11:09:10] ये स्लेविक

[11:09:12] एथेनिसिटी को बिलोंग करते थे जिसका कुछ

[11:09:14] हिस्सा रशिया में भी मिलता था। तो रशिया

[11:09:16] ने सर्बिया को कहा था कि अगर ऑस्ट्रिया

[11:09:19] कुछ भी करे मुझे बताना। आई विल सपोर्ट यू।

[11:09:21] ठीक है? ऑस्ट्रिया को जर्मनी ने कह दिया

[11:09:24] था कि अगर रशिया तुझे कुछ करे तो मतलब

[11:09:28] रशिया से डरने की जरूरत नहीं है। मैं तुझे

[11:09:30] फुल ही छूट देता हूं कि अगर कुछ दिक्कत

[11:09:32] हुई तो मुझे बुला लेना। राइट? रशिया की

[11:09:34] अलायंस रशिया जो है ठीक है? रशिया जो है

[11:09:38] यह फ्रांस के साथ और ब्रिटेन के साथ एक

[11:09:41] अलायंस में था। कॉल्ड एज ट्रिपल एनथ।

[11:09:45] राइट? ट्रिपल एन 10थ। ये 197 में अलायंस

[11:09:48] कंप्लीट हुई थी। तो मतलब अब रशिया की अगर

[11:09:50] लड़ाई हो जर्मनी अगर रशिया के ऊपर अटैक

[11:09:52] करेगा तो फ्रांस फिर जर्मनी पर अटैक करेगा

[11:09:55] और जर्मनी फ्रांस लड़ेंगे तो ब्रिटेन

[11:09:57] फ्रांस के सपोर्ट में आएगा। राइट? और यहां

[11:10:00] पर

[11:10:02] यहां पर यही खिचड़ी पक गई है। तो इसमें

[11:10:04] हुआ क्या कि जब ऑस्ट्रिया ने अपने आर्क

[11:10:08] ड्यूक की हत्या पे सर्बिया के ऊपर 28 जून

[11:10:12] को यह अटैक हुआ। ठीक है? आ इन्होंने 28th

[11:10:16] जुलाई को 28th जुलाई 1914 को

[11:10:21] ऑस्ट्रिया ने सर्बिया पर वॉर डिक्लेअ कर

[11:10:23] दी। 30th जुलाई को रशिया ने क्या किया?

[11:10:26] अपनी आर्मी की मोबिलाइजेशन कर दी। जब

[11:10:28] आर्मी की मोबिलाइजेशन की तो जर्मनी ने

[11:10:31] रशिया पर फर्स्ट अगस्त को वॉर डिक्लेअ कर

[11:10:33] दी। फ्रांस पे थर्ड अगस्त को कर दी। एंड

[11:10:35] जर्मनी ने इट फायर्ड अ बुलेट। इसने

[11:10:38] बेल्जियम को इनवेड कर दिया। ठीक है? इसका

[11:10:41] प्लान था कि बेल्जियम को इनवेड करके फटाफट

[11:10:43] पहले फ्रांस से निपटेंगे। उसके बाद रशिया

[11:10:45] के ऊपर चलेंगे। तो फोर्थ अगस्त को

[11:10:48] बेल्जियम पे जब इसने इन्वजन की तो रश

[11:10:51] ऑस्ट्रिया बिकम फर्स्ट वन टू डिक्लेअ वॉर

[11:10:53] रशिया बिकम फर्स्ट वन टू मोबिलाइज आर्मी

[11:10:56] जर्मनी बिकम दी फर्स्ट वन टू इनवेड अ

[11:11:00] कंट्री और जर्मनी को देख के फ्रांस भी

[11:11:02] एंटर हो गया और पहले क्या था कि अगर

[11:11:05] ब्रिटेन को पता होता जर्मनी को पता होता

[11:11:08] कि ब्रिटेन एंटर नहीं करेगा वो शायद यह

[11:11:09] इन्वज़न ना करता बट फ्रांस को देख के

[11:11:11] ब्रिटेन ने भी एंटर कर दिया तो सून ये

[11:11:13] ग्लोबल वॉर बन गई और कई सारी इनकी जो

[11:11:16] कॉलोनी भी थी उनको भी इसने अपनी चपेट में

[11:11:19] ले आए। ठीक है? अब इस दौरान भारत में

[11:11:21] कॉलोनियल स्ट्रगल का क्या रूप होता है कि

[11:11:24] 1914 में बाल गंगाधर तिलक इनको जेल से छूट

[11:11:27] मिल जाती है। 1908 में पकड़े गए थे। मतलब

[11:11:29] जेल गए थे। 1914 में छ साल हो गए वापस आ

[11:11:32] गए। तो अपनी जिंदगी में बाल गंगाधर तिलक

[11:11:34] तीन बार जेल गए हैं। 18 महीने के लिए पहले

[11:11:37] गए थे 1897 में। इन्होंने अपने केसरी और

[11:11:41] मरहट्टा ना इनके दो न्यूज़पेपर थे। केसरी

[11:11:44] वाज इन मराठी एंड मरहट्टा वाज इन इंग्लिश।

[11:11:46] 1897 में इन्होंने ना पू के प्लेग के ऊपर

[11:11:49] आर्टिकल्स लिखे। उन आर्टिकल से प्रभावित

[11:11:52] होकर पू में मौजूद बालाकृष्ण चापेकर और

[11:11:56] दामोदर चापेकर ने रैंड पूना प्लेग कमिश्नर

[11:12:00] रैंड और उसके सिक्योरिटी ऑफिसर आईएस्ट की

[11:12:03] अससिनेशन कर दी। पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन

[11:12:06] करके तिलक जी के ऊपर सडिशन लगा दी कि आपके

[11:12:08] आर्टिकल से ये असर हुआ है। उसके बाद 1908

[11:12:11] में उन्होंने अगेन रेवोल्यूशनरी राइटिंग्स

[11:12:14] लिखी। उसके ऊपर फिर इन्होंने उन पर सडिशन

[11:12:17] चार्ज लगा के उनको मांडले जेल में भेज

[11:12:19] दिया। यहां पर 18 महीने के लिए पुणे जेल

[11:12:21] में थे ये। 1914 में जब रिलीज हुए तो तिलक

[11:12:24] जी को रियलाइज था कि मुझे अगर मैं जेल में

[11:12:27] रहूंगा तो आई वोंट बी एबल टू यू नो सपोर्ट

[11:12:31] पीपल। है ना? वो पथभ्रष्ट हो जाएंगे।

[11:12:33] कांग्रेस में भीख पड़ जाएगी। फ्रीडम

[11:12:35] मूवमेंट धरी की धरी रह जाएगी। सो

[11:12:36] कॉन्सिक्वेंटली 1914 के बाद उन्होंने बहुत

[11:12:39] ध्यान रखा कि मैं सिडिशन में ना फंसूं।

[11:12:42] ठीक है? और 1916 में होम रूल के टाइम पे

[11:12:44] एक पॉलिटिकल एजिटेशन के टाइम थोड़ी देर के

[11:12:46] लिए इनको फिर से डिटेन किया गया था। राइट?

[11:12:50] और यह जो 1908 था ना इसमें खुदराम बोस और

[11:12:53] प्रफुल्ला चाकी ने अलीपुर कास्परेसी की

[11:12:56] थी। ठीक है? 19 आठ में अलीपुर कास्परेसी

[11:13:03] राइट मनिकतला बॉम्ब केस मुजफ्फरपुर केस

[11:13:06] ठीक है जहां पर इन्होंने

[11:13:09] किंग्स फोर्ड के ऊपर अटैक करना था बट

[11:13:11] किंग्स फोर्ड की जगह कैनडी सिस्टर्स दे

[11:13:13] डाइड ठीक है तो उसको प्रेस किया तो तिलक

[11:13:16] जी को छ साल की यहां पर सजा हो गई थी अब

[11:13:19] रिलीज होने के बाद ये होमरूल लीग को लीड

[11:13:22] करेंगे तो होमरूल लीग का डिमांड था कि भाई

[11:13:25] सेल्फ रूल चाहिए हमें देखिए 1909 के

[11:13:27] इक्शंस में रिफॉर्म्स में दिया कुछ नहीं

[11:13:30] उल्टा सेपरेट इलेक्टोरेट्स इंट्रोड्यूस कर

[11:13:31] दिए अब कम से कम ढंग की चीजें दो। तो

[11:13:34] होमरू लीग में एनी बेसेंट आरिश ओरिजिन की

[11:13:37] लेडी थी। ठीक है? इंडिया में रह रही थी

[11:13:38] अडियार के पास। थियोसोफिकल सोसाइटी की

[11:13:41] प्रेसिडेंट भी रह चुकी थी। तो इनका था कि

[11:13:43] कांग्रेस को भी जोड़ो क्योंकि कांग्रेस का

[11:13:45] साथ होगा तो कांग्रेस को ब्रिटिश मीडिया

[11:13:47] कवर करती है तो हमारी पावर मिलेगी मूवमेंट

[11:13:49] को। बाल गंगाधर तिलक ने कोशिश की बट

[11:13:52] फिरोजशाह मेहता, गोपाल कृष्ण गोखले इतने

[11:13:54] ज्यादा चिढ़े हुए थे कि डिड उनके

[11:13:56] फॉलोवरर्स ने कहा कि हमने नहीं जॉइ करना।

[11:13:58] ठीक है? वी कैन नॉट टोलरेट इनडिसिप्लिन।

[11:14:01] एनीवेज तो अप्रैल 1916 को तिलक जी ने

[11:14:04] बेलगम से अपनी होमरू लीग स्टार्ट कर दी।

[11:14:07] एनी बेसेंट ने वेट की बट थक हार के फिर

[11:14:09] इन्होंने सितंबर 1916 में मद्रास से ल्च

[11:14:12] कर दी। तो एनी बेसेंट की लीग बाद में ल्च

[11:14:14] हुई। जीएस खरपड़े यह फाउंडिंग मेंबर तिलक

[11:14:16] जी की लीग के थे। और इनकी छह ब्रांचेस थी

[11:14:20] विद हेड क्वार्टर्स एट पुणे, महाराष्ट्र

[11:14:22] एक्सक्लूडिंग बॉम्बे। बॉम्बे में एनी

[11:14:24] बेसेंट की लीग थी। कर्नाटका सेंट्रल

[11:14:27] प्रोविंस एंड भराड। यहां पर तिलक जी की

[11:14:30] लीग ने काम किया। कम लीग थी लेकिन बहुत

[11:14:32] ऑर्गेनाइज्ड थी। एनी बेसेंट की 200 से

[11:14:34] ज्यादा ब्रांचेस थी। पूरे इंडिया में ये

[11:14:36] फैली हुई थी एंड दे वर लूजली ऑर्गेनाइज्ड।

[11:14:39] जॉर्ज अरुंडेल इनके ऑर्गेनाइजिंग

[11:14:41] सेक्रेटरी थे और एस सर सुब्रमण्य अय्यर

[11:14:43] वाज़ द ऑनररी प्रेसिडेंट। इसमें पंडित

[11:14:46] जवाहरलाल नेहरू का इलाहाबाद से इन्होंने

[11:14:49] लीग को ज्वाइन किया एनी बेसेंट की लीग को।

[11:14:51] तो इनकी इंडियन पॉलिटिक्स में पहली

[11:14:53] पार्टिसिपेशन वाज़ इन होमरूल लीग। ठीक है?

[11:14:58] एनी बेसेंट ने कॉमन व्हील और न्यू इंडिया

[11:15:01] का न्यूज़पेपर स्टार्ट किया 1914 में

[11:15:04] ब्रिटिश पॉलिसीज को क्रिटिसाइज करने के

[11:15:06] लिए ऑल इंडिया प्रोपेगेंडा फंड को तैयार

[11:15:08] किया गया ताकि पैंट्स लोगों में बांट सके

[11:15:10] अवेयरनेस के लिए। राइट? गोखले के

[11:15:13] सपोर्टर्स इनिशियली बहुत क्रिटिकल थे। बट

[11:15:15] ग्रेजुअली जिस तरीके से लीग ने अपना असर

[11:15:17] दिखाना शुरू किया तो कांग्रेस के वो

[11:15:19] मेंबर्स जो पहले लीग के अगेंस्ट थे उनको

[11:15:21] रियलाइज़ हुआ कि यार ये इतना भी बुरे नहीं

[11:15:23] है। काम तो बढ़िया कर रहे हैं। ठीक है? तो

[11:15:25] पुरानी जो इररेलेवेंट कंट्रोवर्सीज हैं।

[11:15:28] उनका वैसे भी कोई काम नहीं। अब स्वदेशी

[11:15:30] क्या? स्वराज क्या? बॉयकॉट क्या? निकल गया

[11:15:33] स्वदेशी मूवमेंट का टाइम। तो मिट्टी पाओ,

[11:15:36] हाथ में लाओ और मूवमेंट को आगे बढ़ाओ। ठीक

[11:15:39] है? तो यहां पर एक इंसिडेंट होता है एनी

[11:15:41] बेसेंट को ना अरेस्ट किया जाता है जून

[11:15:43] 1917 में। ठीक है? तो इनके अरेस्ट पे

[11:15:46] वायसरॉय को यह लगा था। ठीक है?

[11:15:48] क्लेम्सफोर्ड को यह लगा था कि भाई इनको

[11:15:51] अरेस्ट करने से आई विल बी एबल टू कंट्रोल

[11:15:53] दी मूवमेंट। लेकिन हुआ ये कि सर सुब्रमण्य

[11:15:56] अय्यर ने नाइटहुड रिजाइन कर दिया अपना और

[11:15:59] बाकी जितने लोग थे ठीक है वो बढ़-चढ़कर

[11:16:03] भीड़ में सड़कों पे आ गए तो गवर्नमेंट

[11:16:05] एक्चुअली बहुत ज्यादा प्रेडिक्कामेंट में

[11:16:06] पहुंच गई। ठीक है? सो फाइनली क्योंकि

[11:16:09] पुरानी मीनिंगलेस कॉनंट्रोवर्सीज का कोई

[11:16:11] काम नहीं था और गोपाल कृष्ण गोखले की डेथ

[11:16:13] 19 फरवरी 1915 में और फिरोशा मेहता 5

[11:16:15] नवंबर 1915 इनकी डेथ हो गई थी। तो

[11:16:18] कॉन्सिक्वेंटली 1916 का लखनऊ सेशन का जो

[11:16:21] कांग्रेस का सेशन था एसी मजूमदार ने

[11:16:22] प्रेसाइड किया था। इसमें मॉडरेट्स वर

[11:16:25] एक्सट्रीमिस्ट वर इंडक्टेड बैक इनू

[11:16:27] कांग्रेस और मुस्लिम लीग के साथ भी

[11:16:28] मुस्लिम लीग को बिट्रियल फील हुआ कि यार

[11:16:31] अंग्रेजों ने पार्टीशन एनल कर दी बताओ है

[11:16:34] ना और टर्की के साथ ऐसे-से कर रहे हैं तो

[11:16:36] हमें इन पे भरोसा नहीं है। हम भी आपके साथ

[11:16:38] जॉइंट डिमांड रखेंगे। तो यहां पर जब होमरू

[11:16:41] लीग में कांग्रेस दोबारा यूनाइट हो गई।

[11:16:43] फिर ब्रिटिश को लगा कि यार अब कुछ बड़ा ना

[11:16:45] हो जाए तो वही कैरेट एंड स्टिक की पॉलिसी

[11:16:48] फॉलो करते हैं। कैरेट एंड स्टिक की पॉलिसी

[11:16:49] का क्या मतलब है? कि हम मॉडरेट्स को

[11:16:52] रिफॉर्म्स ऐसे करके देंगे। उसको देख के

[11:16:56] मॉडरेट्स हमारे पास ऐसे-से आएंगे और पीछे

[11:16:58] जब एक्सट्रीमिस्ट अकेले रह जाएंगे फुल

[11:17:00] रिप्रेशन के साथ इनको डंडा मारना है ताकि

[11:17:02] मॉडरेट्स डर के अब पीछे ना देखें और हमारे

[11:17:04] पास आ जाए। फिर उनको हल्के-फुल्के

[11:17:05] रिफॉर्म्स देके रफादफा कर देंगे। ये इनकी

[11:17:08] स्ट्रेटजी थी। दिस वाज़ कैरेट एंड स्टिक

[11:17:10] स्ट्रेटजी। ठीक है? ये कैरेट एंड स्टिक की

[11:17:12] इनकी स्ट्रेटजी थी। तो अब मॉन्टग्यू

[11:17:15] मॉनटेग्यू क्लेम्सफोर्ड रिफॉर्म्स आते

[11:17:17] हैं। तो यहां पर मॉन्टग्यू क्लेम्सफोर्ड

[11:17:21] रिफॉर्म्स में सीधा मैं मॉन्टग्यू

[11:17:24] क्लमफोर्ड रिफॉर्म्स के बारे में बात करता

[11:17:25] हूं। ठीक है? तो तो इसमें इसमें इसमें

[11:17:29] इसमें

[11:17:32] यह तो बहुत डेप्थ में हो जाएगा। नहीं तो

[11:17:34] मेंस के लिए चाहिए। ठीक है? गोखले जी की

[11:17:36] पॉलिटिकल टेस्टामेंट ये मेंस पीटूआई में

[11:17:39] करेंगे। ठीक है? तो मॉन्टग्यू जो थे वो

[11:17:43] सैमुअल एडमिन मॉन्टग्यू ये सेक्रेटरी ऑफ़

[11:17:46] स्टेट थे। 20 अगस्त 1917 को इन्होंने हाउस

[11:17:49] ऑफ कॉमंस में अनाउंस किया कि हम इंडियन

[11:17:51] पार्टिसिपेशन को बढ़ाना चाहते हैं।

[11:17:52] धीरे-धीरे सेल्फ गवर्निंग इंस्टीटशंस

[11:17:54] बनाएंगे और इंक्लूड करेंगे उनको

[11:17:56] रिस्पांसिबल गवर्नमेंट धीरे-धीरे लेके

[11:17:57] आएंगे ट्रांसफॉर्मेशन से। ठीक है? अपनी इस

[11:18:00] बात को वजन देने के लिए इन्होंने नवंबर

[11:18:02] 1917 में इंडिया विजिट किया। वॉइसरॉय

[11:18:05] क्लेम्सफोर्ड से बातचीत की और एक रिपोर्ट

[11:18:06] तैयार की कॉल्ड एज मंटफोर्ड रिपोर्ट।

[11:18:08] जुलाई 1918 में ये रिपोर्ट पब्लिश हुई और

[11:18:11] ये 1900 एक्ट 1919 एक्ट का आधार बनी।

[11:18:14] जुलाई 1918 में जब ये रिपोर्ट पब्लिश हुई

[11:18:17] तो अगस्त 1918 में बॉम्बे के अंदर हसन

[11:18:20] इमाम की प्रेसिडेंसी में इस रिपोर्ट को

[11:18:22] डिस्कस किया गया जिसमें होमरूल लीग के

[11:18:26] मेंबर्स को लगा था कि भ वॉर चल रही है।

[11:18:28] वॉर में हमने आपको सपोर्ट किया। यह सपोर्ट

[11:18:30] के बदले कंसेशन मिलेंगे। तो यह इतना

[11:18:32] डिसपॉइंटिंग था कि इट वाज़ हाइली

[11:18:35] अनसटिस्फेक्टरी। तो तिलक जी ने इन

[11:18:37] रिफॉर्म्स को कहा कि दे आर अनवर्दी,

[11:18:39] डिसपॉइंटिंग एंड सनलेस डॉन। एनी बेसिन ने

[11:18:42] कहा कि इट इज़ अनवर्दी ऑफ़ इंग्लैंड टू ऑफर

[11:18:44] एंड अनवर्दी फॉर इंडिया टू एक्सेप्ट।

[11:18:46] ग्रेजुअली सितंबर 1918 में तिलक जी लंदन

[11:18:49] चले गए एक केस से केस के लिए फाइट करने के

[11:18:51] लिए। इग्नेटियस वैलेंटन चिरोल एक ब्रिटिश

[11:18:54] जर्नलिस्ट थे। उन्होंने एक किताब लिखी थी

[11:18:55] इंडियन अनरेस्ट। ठीक है? इंडियन अनरेस्ट

[11:18:58] किताब में इन्होंने बाल गंगाधर तिलक को

[11:19:00] फादर ऑफ इंडियन अनरेस्ट कहा। तो इनको

[11:19:02] इन्होंने डिफेमेशन का केस फाइल किया। ये

[11:19:04] लंदन चले गए। पीछे से एनी बेसिन में वो

[11:19:06] करिज्मा नहीं था कि वो होम रोल लीग लीड कर

[11:19:08] सकें। ग्रेजुअली मूवमेंट अपने आप ही फिज़ल

[11:19:11] आउट हो गई। और एक बार फिर अंग्रेज

[11:19:14] दे हैड देयर वे। ठीक है? अब 1919 का जो

[11:19:17] गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट है इसका बेसिस

[11:19:19] क्या था? मॉन्टेग्यू की स्टेटमेंट। ठीक

[11:19:21] है? मेन गोल इसका क्या था? कि धीरे-धीरे

[11:19:24] इंडियन पार्टिसिपेशन को एडमिनिस्ट्रेशन

[11:19:26] में बढ़ाना है और प्रोविंशियल गवर्नमेंट्स

[11:19:28] को इन्होंने कहा कि लार्जली इंडिपेंडेंट

[11:19:30] बनाएंगे। ठीक है? तो डाय आर्की इंस्टट्यूट

[11:19:32] इंस्टीट्यूट करने की इन्होंने कोशिश की।

[11:19:34] तो इसमें एक काम इन्होंने अच्छा किया कि

[11:19:36] बहुत देर से जो हमारी डिमांड थी सेक्रेटरी

[11:19:38] ऑफ स्टेट फॉर इंडिया को ब्रिटिश टैक्स

[11:19:40] चेकर से पेमेंट दो वो एक्सेप्ट कर ली गई।

[11:19:42] हाई कमिश्नर का एक ऑफिस फालतू में क्रिएट

[11:19:44] कर दिया। इसकी जरूरत नहीं थी और इसकी पगार

[11:19:46] इंडियन रेवेन्यू से जा रही है। और एक

[11:19:51] है ना और बाकी रिफॉर्म्स क्या हैं? हां।

[11:19:54] सेंट्रल एग्जीक्यूटिव में क्या होता है कि

[11:19:56] सेंट्रल एग्जीक्यूटिव में सेंट्रल

[11:19:57] गवर्नमेंट अभी भी अनरिप्रेजेंटेटिव है।

[11:19:59] वहां पे लोगों द्वारा चुने गए नुमाइंदे

[11:20:01] नहीं हैं। ठीक है? कि गवर्नर जनरल अभी भी

[11:20:03] चीफ एग्जीक्यूटिव है। ब्रिटिश

[11:20:05] पार्लियामेंट को गवर्नर जनरल रिस्पांसिबल

[11:20:08] था। मतलब ब्रिटिश पार्लियामेंट चाहे तो

[11:20:09] जीजी को रिकॉल कर सकती है। इंडियन

[11:20:12] लेजिसलेटिव काउंसिल के सामने उसकी कोई

[11:20:14] अकाउंटेबिलिटी नहीं है। गवर्नर जनरल के

[11:20:17] एग्जीक्यूटिव काउंसिल में थ्री आउट ऑफ एट

[11:20:20] मेंबर्स। थ्री आउट ऑफ एट मेंबर्स। राइट?

[11:20:23] अब वो जब बंगाल की एनलमेंट हो गई तो वापस

[11:20:26] वो नाइन मेंबर्स एट बन गए। ठीक है? तो आठ

[11:20:28] मेंबर जो थे उनमें से तीन इंडियंस होंगे।

[11:20:31] ठीक है? ठीक है? देयर विल बी थ्री

[11:20:32] इंडियंस। और एक और चीज गवर्नर जनरल के

[11:20:36] एग्जीक्यूटिव काउंसिल में इंडियंस को

[11:20:38] इंक्लूड करना। ये 1909 में भी था। ठीक है?

[11:20:40] एंड सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा एसपी सिन्हा

[11:20:43] ही वाज़ दी फर्स्ट एग्जीक्यूटिव मेंबर

[11:20:47] फर्स्ट एग्जीक्यूटिव मेंबर

[11:20:50] इन वाइससरॉयज़ काउंसिल। और 1909 में इनको

[11:20:53] यह पोस्ट मिली। एंड ही वाज़ लॉ मेंबर। ठीक

[11:20:57] है? एसपी सिन्हा और सत्येंद्र प्रसाद

[11:20:59] सत्येंद्र नाथ टैगोर इनमें डिफरेंस है। ये

[11:21:01] लॉ मेंबर थे वायसराय के एग्जीक्यूटिव

[11:21:04] काउंसिल में इनको पोस्ट मिल गई। ठीक है?

[11:21:06] साथ ही साथ इनको जो थ्री मेंबर्स थे इनको

[11:21:09] मतलब बहुत ही माइनर पोर्टफोलियो दिए जाते

[11:21:11] थे हेल्थ लेबर एजुकेशन के। राइट? गवर्नर

[11:21:13] जनरल ही ज्यादातर पावर्स जो होती थी वो

[11:21:15] होल्ड करके रखता था। और अगर

[11:21:18] लेजिस्लेचर गवर्नर जनरल का कोई बिल

[11:21:20] रिजेक्ट कर देता था। गवर्नर जनरल वापस

[11:21:23] उसको सर्टिफाई करके पास करवा सकता था। तो

[11:21:25] मतलब पावर है नहीं। ठीक है? कि देयर इज़ नो

[11:21:27] प्रैक्टिकल पावर विद द लेजिस्लेचर।

[11:21:30] 1919 एक्ट ने इंडियन लेजिस्लेचर में बाय

[11:21:34] कैममरलिज्म को इंट्रोड्यूस किया। मतलब कि

[11:21:38] जो हमारा लेजिसलेटिव असेंबली है उसके दो

[11:21:40] चेंबर होंगे। लोअर हाउस एंड अप्पर हाउस।

[11:21:42] लोअर हाउस में 145 मेंबर्स जिसमें से 41

[11:21:45] होंगे नॉमिनेटेड। 104 होंगे इेड। इन 104

[11:21:49] में से 52 जनरल 30 मुस्लिम टू सिख 20

[11:21:51] स्पेशल। इनडायरेक्ट इलेक्शंस

[11:21:55] जो 1909 में इंट्रोड्यूस हुए थे दे वर

[11:21:57] अब्लिश्ड ये मेंबर्स अब डायरेक्टली इ

[11:22:00] होंगे। ठीक है? और इसका टेन्योर कितना है?

[11:22:02] 3 साल का है। वुमेन वर नॉट अलाउड टू गेट

[11:22:04] इेड एस पर दिस एक्ट। वुमेन को इन काउंसिल

[11:22:07] में कोई परमिशन नहीं थी यहां पर। ठीक है?

[11:22:10] वमेन के लिए कोई प्रोविज़ नहीं थी। और

[11:22:11] अप्पर हाउस की बात करें तो इसमें 60

[11:22:13] मेंबर्स थे। 26 नॉमिनेटेड 34 इेड

[11:22:17] इनडायरेक्टली बाय द प्रोविंशियल

[11:22:19] काउंसिल्स। ठीक है? तो इसको काउंसिल ऑफ

[11:22:21] स्टेट इसलिए कहते थे क्योंकि प्रोविंशियल

[11:22:23] काउंसिल्स ने रिप्रेजेंटेटिव्स यहां पर

[11:22:25] नॉमिनेट करते थे। 20 जनरल 10 मुस्लिम्स

[11:22:28] थ्री यूरोपियन वन सेक और 5 साल के लिए ये

[11:22:30] हाउस बनता था। तो ये बायकमलिज्म

[11:22:34] इंट्रोड्यूस हो गया। ठीक है? अब बात करते

[11:22:37] हैं

[11:22:40] कम्युनल डायरेक्टोरेट को सिखों तक भी

[11:22:43] एक्सटेंड कर दिया। सप्लीमेंट्री क्वेश्चन

[11:22:45] और शॉर्ट नोटिस क्वेश्चन पूछ सकते हैं।

[11:22:47] फ्रीडम ऑफ स्पीच है कि पार्लियामेंट के

[11:22:49] अंदर लेजिसलेटिव असेंबली में आप कुछ भी

[11:22:50] बोलते हो उस पर सेडिशन एक्ट आपके ऊपर नहीं

[11:22:52] लगाया जाएगा। और डायरेक्ट इलेक्शंस फर्स्ट

[11:22:55] टाइम अभी तक इनडायरेक्ट इलेक्शंस चल रहे

[11:22:57] हैं फॉर द फर्स्ट टाइम डायरेक्ट इलेक्शंस

[11:22:59] वर इंट्रोड्यूस्ड बाय 1919 एक्ट। ठीक है?

[11:23:01] और साथ ही साथ एक और चीज इंट्रोड्यूस हुई

[11:23:03] थी कॉल्ड एज डायर्की। ठीक है? डायर्की का

[11:23:06] जो टर्म है, ठीक है? दिस डायर्की टर्म वाज़

[11:23:10] कॉइ बाय

[11:23:12] डायर्की टर्म वाज कॉइ बाय नोट करो लाइन

[11:23:18] करिस

[11:23:20] यह नोट कर लो डायरकी टर्म जो है दिस वास

[11:23:22] कॉइ बाय लाइन कर्टिस नोट इट डाउन लाइन

[11:23:27] कर्टिस और लाइन कर्टिस का कहना था कि

[11:23:30] प्रोविंसेस में डायरकी इंट्रोड्यूस कर

[11:23:31] देनी चाहिए कि इंडियंस को भी पोर्टफोलियोज़

[11:23:34] दो। वो एक रिस्पांसिबल गवर्नमेंट बनाएं

[11:23:36] व्हिच इज़ अकाउंटेबल टू प्रोविंशियल

[11:23:38] लेजिस्लेचर। बट कुछ इंपॉर्टेंट सब्जेक्ट्स

[11:23:40] आप रिज़र्व्ड रख सकते हो। तो वो सब्जेक्ट्स

[11:23:42] जिस पे प्रोविंशियल गवर्नर्स का कंट्रोल

[11:23:43] है लाइक लॉ एंड ऑर्डर फाइनेंस रेवेन्यू वो

[11:23:45] रिजर्व हैं। बाकी ट्रांसफरर्ड हैं लाइक

[11:23:47] एजुकेशन हेल्थ लोकल गवर्नमेंट मिनिस्टर्स

[11:23:49] बनते थे। वो इनके ऊपर काम करते थे। अगर

[11:23:51] काम पसंद नहीं आया तो लेजिसलेटिव काउंसिल

[11:23:53] ऑफ़ प्रोविंस इसको विथड्रॉ कर मतलब

[11:23:54] मिनिस्टर्स को गिरा सकता था। अगर इस तरह

[11:23:57] की कॉन्स्टिट्यूशन मशीनरी फेल होती है तो

[11:23:58] प्रोविंशियल गवर्नर कैन टेक ओवर द

[11:24:00] एडमिनिस्ट्रेशन एंड ऑफ द ट्रांसफर

[11:24:02] सब्जेक्ट्स एज वेल। सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट

[11:24:03] फॉर इंडिया एंड गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया वो

[11:24:07] रिजर्व्ड सब्जेक्ट्स में पूरा कंट्रोल

[11:24:09] रखते थे। ठीक है? और अगर नो कॉन्फिडेंस

[11:24:11] मोशन पास करने का अधिकार प्रोविंसेस को दे

[11:24:13] दिया गया तो यहां पर यह चीज हो सकती है।

[11:24:16] ठीक है? नो कॉन्फिडेंस भी पास हो सकता है।

[11:24:18] ठीक है? तो ये है आपका गवर्नमेंट ऑफ

[11:24:21] इंडिया एक्ट 1919।

[11:24:23] राइट? इसमें नोट ये करना है कि प्रोविंसेस

[11:24:27] प्रोविंसेस के अंदर यूनिकमरल लेजिस्लेचर

[11:24:30] था। साइज बढ़ा दिया गया और मिनिमम 70%

[11:24:33] काउंसिल मेंबर्स ये अब डायरेक्टली इेड

[11:24:35] होंगे। ठीक है? स्टैंडर्ड ड्यूरेशन ऑफ

[11:24:37] प्रोविंशियल काउंसिल इसको 3 साल के लिए

[11:24:40] फिक्स कर दिया गया। जैसे सेंटर में भी

[11:24:42] डायरेक्टली इलेक्टेड हाउस तीन साल के लिए

[11:24:44] था। वोटिंग राइट्स में बहुत नैरो था,

[11:24:46] रिस्ट्रिक्टेड था। प्रॉपर्टी ओनरशिप,

[11:24:48] एजुकेशन, इनकम टैक्स क्वालिफिकेशन ये सब

[11:24:50] था। एंड देयर फॉर लेस देन 5% ऑफ द पपुलेशन

[11:24:53] हैड द राइट टू वोट इन 1920। ठीक है?

[11:24:56] मद्रास प्रेसिडेंसी वाज़ द फर्स्ट टू ग्रां

[11:24:59] वुमेन को वोट का अधिकार नहीं दिया था।

[11:25:01] लेकिन इस एक्ट ने यह प्रोवाइड किया था कि

[11:25:02] अगर प्रोविंशियल काउंसिलर्स या

[11:25:04] लेजिस्लेचर्स चाहे तो

[11:25:09] वह एक कानून पास करके महिलाओं को वोटिंग

[11:25:11] का अधिकार दे सकते हैं। तो इस पावर का

[11:25:13] मद्रास प्रेसिडेंसी ने इस्तेमाल करके अलग

[11:25:16] से 1921 में कानून पास करके वन महिलाओं को

[11:25:19] वोटिंग का अधिकार दे दिया। ठीक है?

[11:25:22] फ्रेंड्स आज के लिए मैं इतना ही कर

[11:25:25] पाऊंगा। ठीक है? तो

[11:25:28] अब मैं आपसे रिक्वेस्ट करूंगा बाकी चीजें

[11:25:31] जरा आप खुद पढ़ लें। ठीक है? आज भाई आज

[11:25:35] मैं सच में इतना ही कर पाऊंगा। आगे की

[11:25:37] पढ़ाई आपको कैसे करनी है? गिव मी सम टाइम।

[11:25:40] आई विल कम बैक टू यू ऑन दिस। ठीक है?

[11:25:42] YouTube भी 12 घंटे से सेशन लाइव सेशन

[11:25:45] लेने नहीं देता। ठीक है? तो मुझे 11 एंड

[11:25:48] हाफ आवर्स हो चुके हैं। तो भाई दैट इज इट।

[11:25:51] बस।

[11:25:54] ठीक है? मॉडर्न हिस्ट्री इतना भी छोटा

[11:25:56] नहीं है जितना लोगों को लगता है। ठीक है?

[11:25:58] तो मैं उम्मीद करता हूं कि यह सेशन आई होप

[11:26:04] वो लोग भी देखें जिन्हें लगता है कि

[11:26:06] मॉडर्न हिस्ट्री इज नॉट अ सिग्निफिकेंट

[11:26:09] सब्जेक्ट। इसमें कुछ है ही नहीं। इसमें

[11:26:10] क्या है? कुछ भी नहीं पढ़ाना होता बस। ठीक

[11:26:13] है यार।

[11:26:15] ठीक है यार भाई।

[11:26:20] ठीक है। टेक केयर भाई। बुक लो यार। पीडीएफ

[11:26:23] क्या? आपके पास बुक्स है ना? और सेशन आपने

[11:26:26] सुना है। सो कीप इट नोटेड। बाकी Telegram

[11:26:28] पे जुड़े रहो यार। Telegram पे जितना

[11:26:31] मैंने देखा है भाई ज्यादातर लोगों ने लीव

[11:26:33] ही किया है। है ना? Telegram पे हां देखो

[11:26:37] एक्चुअली एक्चुअली यू पीपल हैव तो

[11:26:39] Telegram पे कनेक्टेड रहो। पीडीएफ अपलोड

[11:26:42] हुआ तो यहीं होगा। ठीक है? अभी मैं जा रहा

[11:26:44] हूं सोने।

[11:26:47] मैं जा रहा हूं सोने। पेपर तुम्हारा है।

[11:26:50] किताबें तुम पकड़ो, पढ़ाई तुम करो। है ना?

[11:26:54] और क्रक्स डॉक्यूमेंट जो हम आपको

[11:26:58] प्रतिज्ञा बैच में देते हैं, उसको भी आप

[11:27:00] पढ़िए। ठीक है? थैंक यू सो मच। पीडीएफ का

[11:27:03] मैं बता देता हूं। थोड़ा सा स्ट्रक्चर करके

[11:27:06] दूंगा यार। ऐसे कचरा नहीं फेंकना। आई डू

[11:27:08] नॉट वांट टू बम्बार्ड यू विद अननेसेसरी

[11:27:11] कंटेंट। तो थोड़ा मुझे क्रिस्प करने का

[11:27:13] टाइम दो। कल सुबह करूंगा आराम से बैठ के

[11:27:16] फिर मिलेगा। ठीक है। अभी आराम कीजिए।

[11:27:19] अच्छा एक बार सारे जने कमेंट सेक्शन में

[11:27:21] एक छोटी सी बात बताता हूं। व्हिच बुक डू

[11:27:22] यू रीड फॉर मॉडर्न हिस्ट्री?

[11:27:25] विच बुक डू यू रीड फॉर मॉडर्न हिस्ट्री?

[11:27:32] और इस बुक के ऊपर गांधी जी की फोटो है बीच

[11:27:35] में कभी-कभी मुझे लगता है मेरी भी होनी

[11:27:37] चाहिए। ठीक है? सो इफ यू आल्सो फील कि ऐसा

[11:27:40] मतलब होना चाहिए। और यह तो पुरानी एडिशन

[11:27:43] है। खैर न्यू एडिशन हम प्रिंट पे है।

[11:27:46] राइट? तो डू शेयर योर ओपिनियन इन द कमेंट

[11:27:49] सेक्शन। ठीक है? और यार वीडियो को

[11:27:51] जिन्होंने लाइक नहीं किया ना यार बड़ी

[11:27:52] अंबल रिक्वेस्ट है यार एक-एक लाइक कर दो

[11:27:55] प्लीज। ठीक है? लेट्स टेक इट टू 1000

[11:27:58] एटलीस्ट 1500 लाइक्स। 1000 तो होने वाले

[11:28:00] हैं। ठीक है? लेट्स टेक इट टू एटलीस्ट

[11:28:02] 1500 लाइक्स। ठीक है? स्पेक्ट्रम में

[11:28:05] हिमांशी बेटा वो कुछ चीजें ठीक हैं उसकी

[11:28:08] बट कुछ चीजें बहुत गलत हैं। ठीक है?

[11:28:11] कांग्रेस सेशंस गवर्नर जनरल वगैरह ठीक है।

[11:28:13] स्पेक्ट्रम बहुत ध्यान से एक मेरे पास और

[11:28:15] किताब है मॉडर्न हिस्ट्री की। ये ना अभी

[11:28:17] टाइम नहीं है। प्रीलिम्स के पॉइंट ऑफ व्यू

[11:28:19] से अब टाइम नहीं है इसको पढ़ने का। ये

[11:28:21] आपको अगर पढ़नी चाहिए थी तो पहले पढ़नी

[11:28:23] चाहिए थी। ठीक है? एंड दैट इज बिपिन

[11:28:26] चंद्रा।

[11:28:29] ये लगता है मैंने किसी स्टूडेंट को दी हुई

[11:28:30] है। चलो ठीक है? बिपिन चंद्र पढ़नी चाहिए

[11:28:33] थी। बट यार ये किताब आपका काफी काम आसान

[11:28:35] कर देगी। मेरा यही सोर्स होता है चीजों को

[11:28:37] याद करने का। ठीक है? सो दैट इज इट।
