# Class 11th Chemistry | Structure of Atom Super one shot | with Ashu Sir

https://www.youtube.com/watch?v=ORZOEoWKH1A
Translation: en

[00:00] स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम का वन शॉट।
  One shot of the structure of the atom.

[00:03] फाइनली स्वागत है आप सभी का आशु घई 11 12 पे जहां पे मैं आपको दिल और दिमाग दोनों से बढ़ाता हूं।
  Finally, welcome to all of you on Ashu Ghai 11 12, where I teach you with both heart and mind.

[00:07] आई होप आप सभी लोग फिट एंड फाइन हैं।
  I hope you all are fit and fine.

[00:10] और फाइनली आज हम मोस्ट अवेटेड वन शॉट।
  And finally, today we have the most awaited one shot.

[00:13] मैं मोस्ट अवेटेड क्यों कह रहा हूं?
  Why am I saying most awaited?

[00:15] क्योंकि आफ्टर फर्स्ट चैप्टर सबसे बेसिक और जरूरी चैप्टर स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम है।
  Because after the first chapter, the most basic and important chapter is the structure of the atom.

[00:21] आप में से कुछ बच्चों ने स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम अपने लेवल पे पढ़ा होगा।
  Some of you might have studied the structure of the atom at your own level.

[00:25] और अगले चैप्टर्स में जब आप गएगे तो आपको पता है कि भैया अगले ही चैप्टर से कितनी जरूरत पड़ती है इस चैप्टर की।
  And when you go to the next chapters, you know how much this chapter is needed from the very next chapter.

[00:31] तो भैया बहुत ही बेसिक यट बहुत ज्यादा बड़ा कांसेप्ट से भरा हुआ।
  So, it is very basic yet filled with very big concepts.

[00:35] मैं नंबर ऑफ ड्यूरेशन की बात नहीं कर रहा।
  I am not talking about the number of durations.

[00:38] मैं बात कर रहा हूं नंबर ऑफ टॉपिक्स की कि कितने सारे टॉपिक इस चैप्टर में है और हर एक टॉपिक हीरा है।
  I am talking about the number of topics, how many topics are in this chapter, and each topic is a diamond.

[00:46] मैं यहां बोल दूं कि ये टॉपिक इंपोर्टेंट है।
  If I say here that this topic is important.

[00:48] ये टॉपिक इंपॉर्टेंट है।
  This topic is important.

[00:50] तो भैया किसी एक टॉपिक के साथ अनफेयर हो जाएगा।
  Then it will be unfair to any one topic.

[00:53] सारे के सारे टॉपिक हीरा हर एक टॉपिक आगे जाके लाइफ में काम आने वाला है।
  All the topics are diamonds, every topic will be useful in life later on.

[00:58] तो सबसे पहले तो यार थोड़ा सा सॉरी बोलना
  So first of all, I have to say sorry

[01:00] वन शॉट थोड़ा लेट हो गया।
  One shot got a little late.

[01:02] बिकॉज़ बैच 1.0 2.0 में थोड़ा बिजी हो गए थे।
  Because we got a little busy with Batch 1.0 2.0.

[01:04] आपको पता है समर वेकेशन थोड़ा सा बिजी चलता है हम लोगों के लिए।
  You know, summer vacation is a bit busy for us.

[01:07] बट हां अब मैं पूरी कोशिश करूंगा कि वन शॉट टाइम पे आए।
  But yes, now I will try my best to ensure One Shot comes on time.

[01:11] और स्ट्रक्चर ऑफ एटम के इस वन शॉट में अगर आप नहीं जानते तो हम लोग यहां पे पहली बार पहली बात तो मेरा वन शॉट ही स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम का पहली बार है।
  And in this One Shot of Structure of Atom, if you don't know, then for the first time, my One Shot itself is for Structure of Atom for the first time.

[01:17] YouTube पे पूरे YouTube पे आपको नहीं मिलेगा।
  You won't find it on YouTube, the entire YouTube.

[01:19] वन शॉट स्ट्रक्चर ऑफ एटम का।
  One Shot of Structure of Atom.

[01:21] ना ही मैंने एजुकेशन पढ़ा है और इस चैनल पर तो अभी-अभी नए आए हैं।
  Neither have I studied education, and on this channel, we have just arrived recently.

[01:25] सेकंड बात हम यह वन शॉट सिर्फ टॉपिक वाइज नहीं क्वेश्चंस के साथ आपको पढ़ाने वाले हैं।
  Secondly, we are going to teach this One Shot not just topic-wise, but with questions.

[01:30] क्योंकि आप सबको पता है अगर आपने स्ट्रक्चर बैटम पढ़ा इस चैप्टर में एनएससीईआरटी के ही इतने सारे क्वेश्चंस हैं।
  Because you all know, if you have studied Structure of Atom, there are so many questions in this chapter from NCERT itself.

[01:37] इतने सारे क्वेश्चंस हैं कि अगर हमने पहले मतलब अ इनिशियली अगर वही सब अच्छे से कर लिए तो चैप्टर पूरा हो जाएगा।
  There are so many questions that if we have done all of that well initially, then the chapter will be completed.

[01:44] तो यहां पे हम लोग बहुत सारे क्वेश्चंस के साथ अगर आपको पता हो अगर आपने मेरा पहला वन शॉट देखा है तो आपको पता ही होगा किस सीक्वेंस में किस सिनेरियो में हम पढ़ते हैं।
  So here, with many questions, if you know, if you have seen my first One Shot, then you will know in which sequence and in which scenario we study.

[01:53] लेकिन जैसे मान लो हमने इस चैप्टर को तीन हिस्सों में बांटा है।
  But let's say we have divided this chapter into three parts.

[01:55] तीन हिस्सों के बाद देखो हमारे पास क्वेश्चंस आ जाएंगे।
  After three parts, see, we will have questions.

[01:57] पहला हिस्सा फिर क्वेश्चन फिर दूसरा हिस्सा फिर
  First part, then questions, then second part, then

[02:00] क्वेश्चन।
  Question.

[02:00] फिर तीसरा हिस्सा फिर क्वेश्चन।
  Then the third part, then the question.

[02:02] ऐसे करके तीन इसमें बांटा है।
  It is divided into three parts like this.

[02:04] और इस चैप्टर को शुरू करने से पहले एक बात और कहना चाहूंगा कि मैं बहुत सारे चैप्टर्स जैसे कि स्ट्रक्चर ऑफ एटम को एनसीईआरटी के सीक्वेंस से नहीं पढ़ाता हूं।
  And before starting this chapter, I would like to say one more thing, that I do not teach many chapters like the structure of the atom in the sequence of NCERT.

[02:14] अगर आप एनसीईआरटी खोलेंगे तो आपको सबसे पहले टॉपिक मिलेगा डिस्कवरी ऑफ़ इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन।
  If you open NCERT, you will first find the topics: discovery of electron, proton, neutron.

[02:21] लेकिन आपको मेरे इस वन शॉट में ये बीच में कहीं पे मिलेगा।
  But you will find this somewhere in the middle in my one shot.

[02:25] मेरा अपना-अपना फ्लो होता है।
  I have my own flow.

[02:28] अपना-अपना एक तरीका होता है।
  I have my own way.

[02:30] जैसे मैं शुरुआत करता हूं यहां पे एटम्स के जो स्ट्रक्चर आए हमारे पास्ट में क्योंकि नाइंथ में कहीं ना कहीं बच्चा वो पढ़ के आया होता है।
  For example, I start here with the structures of atoms that came in our past because somewhere in the ninth grade, the child has already studied that.

[02:36] तो वो एक अच्छा फ्लो बनता है।
  So that forms a good flow.

[02:36] जैसे हम जे जे थॉमसनंस, रदरफोर्ड फिर उसके बाद हम लोग बीच में गैप लेते हैं और फिर हम लोग बाकी टॉपिक पढ़ते हैं।
  Like we study J.J. Thomson, Rutherford, then after that we take a gap in between and then we study the remaining topics.

[02:45] फिर लास्ट में जाके सेकंड लास्ट में कहीं जाके नील्स बोर जी का मॉडल पढ़ते हैं।
  Then towards the end, somewhere in the second to last, we study Niels Bohr's model.

[02:46] सब समझाऊंगा क्यों?
  I will explain everything, why?

[02:49] लेकिन आपको ये समझना होगा कि मैं हर एक टॉपिक यहां पे कवर करूंगा।
  But you need to understand that I will cover every topic here.

[02:51] कहीं आप एनसीईआरटी के साथ-साथ पढ़ रहेगे तो आपको लगेगा कि यार ये टॉपिक तो बाद में है।
  If you are studying along with NCERT, you might feel that this topic is supposed to be later.

[02:55] ये अभी पढ़ा रहा है।
  This is being taught now.

[02:57] ऐसे कैसे है?
  How is this possible?

[02:57] और पहले के टॉपिक इसलिए छोड़ दिएगा।
  And you will skip the earlier topics because of this.

[02:59] ऐसा बिल्कुल भी
  Not at all.

[03:01] नहीं होने वाला है।
  It's not going to happen.

[03:03] आपको एंड तक वन शॉट देखना होगा।
  You have to watch the one shot till the end.

[03:03] ठीक है?
  Okay?

[03:03] पहली बात।
  First thing.

[03:08] दूसरी बात सॉरी माय बैड।
  Second thing, sorry, my bad.

[03:08] हम्म।
  Hmm.

[03:12] दूसरी बात हम लोगों ने बैच 2.0 ल्च किया है जिसमें अभी तक साइंस एंड फन की हिस्ट्री में सबसे सस्ता बैच है।
  Second thing, we have launched Batch 2.0, which is the cheapest batch in the history of Science and Fun so far.

[03:18] ये इसके पीछे का कारण मैंने लॉन्च में दिया था कि सबसे सस्ता बैच हम क्यों रख रहे हैं।
  I gave the reason behind this in the launch, why we are keeping the cheapest batch.

[03:22] इसके पीछे की क्या कहानी है एक साल पहले की वो आप चाहे नहीं सुनी होगी तो वहां जाके देख लेना।
  What is the story behind this from a year ago, if you haven't heard it, go and watch it there.

[03:26] बट हां ये बैच अभी तक 50% ऑफ पे आपको मिल रहा था।
  But yes, this batch was available to you at 50% off until now.

[03:34] 30 तारीख 30 जून रात को 12:00 बजे तक 50% ऑफ पे मिल रहा था।
  It was available at 50% off until June 30th, 12:00 AM.

[03:37] बट ऑब्वियस सी बात है यह वन शॉट मैं रिकॉर्ड कर रहा हूं 1 तारीख को दो तारीख तक आपके पास शायद यह आएगा क्या पता एक दो तारीख को ही आ जाए जो भी आएगा कहने का मतलब 50% वाला ऑफ खत्म हो चुका है।
  But obviously, I am recording this one shot on the 1st, it might reach you by the 2nd, who knows, it might come on the 1st or 2nd. Whatever the case, the 50% off has ended.

[03:47] लेकिन अभी भी हमारे हर बैच 2.0 पे 40% ऑफ है और क्लासेस शुरू होने वाली है 12 13 जुलाई के आसपास से मान के चलो 12 जुलाई को ओरिएंटेशन क्लास होगी तो अभी भी आपके पास मौका है कि आप 11th क्लास के मल्टीपल बैचेस हैं बैच 1 बैच 2 है।
  But still, there is a 40% off on every Batch 2.0, and classes are about to start around July 12th or 13th. Consider that the orientation class will be on July 12th, so you still have a chance. There are multiple batches for 11th class, Batch 1, Batch 2.

[04:01] आप एनडीए बैच 2.0 के साथ आप सीयूटी के बैचेस ले सकते हो।
  You can take CUET batches with NDA Batch 2.0.

[04:10] स्क्रीन पे मैंने आपके सामने यहां पे बैचेस चला दिए हैं।
  I have displayed the batches here on the screen in front of you.

[04:13] 40% ऑफ के बाद इनका क्या प्राइस है यह भी चला दिया है।
  What their price is after a 40% off has also been displayed.

[04:17] ये इस हफ्ते के लिए यानी अगर आप ये लेक्चर 2 तारीख को देख रहे हो तो 2 तारीख से लेके 9 तारीख तक यह ऑफर वैलिड है।
  This is for this week, meaning if you are watching this lecture on the 2nd, this offer is valid from the 2nd to the 9th.

[04:24] इसके बाद प्राइस वापस से वही 20-30% तक ऑफ वाला हो जाएगा।
  After this, the price will go back to the same 20-30% off.

[04:27] लेकिन अभी आपको अगर मैं बैच 2.0 11th की बात करूं तो ₹1000 के आसपास पड़ रहा होगा।
  But if I talk about Batch 2.0 11th right now, it will be around ₹1000.

[04:32] व्हिच इज वेरी वेरी अगेन अ गुड डील।
  Which is a very, very good deal again.

[04:35] यह क्रैश कोर्स का प्राइस है जहां पर आपको बैच 2.0 मिल रहा है।
  This is the price of the crash course where you are getting Batch 2.0.

[04:37] जहां पर हम लोग लेक्चर वन से सारी की सारी क्लासेस लाइव लेते हैं।
  Where we take all the classes live from lecture one.

[04:43] कुछ भी रिकॉर्डेड नहीं।
  Nothing is recorded.

[04:45] ऐसा नहीं है बैकलग YouTube पे आके पढ़ा दूंगा।
  It's not like I will come to YouTube and teach the backlog.

[04:46] ऐसा नहीं है कि बैकलग रिकॉर्डेड दे दूंगा।
  It's not like I will give the backlog recorded.

[04:49] हर एक चीज लाइव होगी।
  Everything will be live.

[04:51] रिकॉर्डेड मिलेगा तो वो एक्स्ट्रा होगा कि भैया आप रिकॉर्डेड भी देख लो।
  If you get something recorded, it will be extra, like 'brother, you can also watch the recorded version'.

[04:53] पिछला जो पढ़ाया था लेकिन हम लाइव भी पढ़ाएंगे।
  What was taught previously, but we will also teach live.

[04:56] जो भी होगा वो एक्स्ट्रा होगा।
  Whatever it is, it will be extra.

[04:58] लाइव तो होगा ही होगा।
  It will definitely be live.

[05:00] ठीक है? चलो तो फिलहाल शुरू करते हैं वन शॉट।
  Okay? Let's start the one-shot for now.

[05:02] मैं बीच-बीच में बैच 2.0 के बारे में बोलता रहूंगा।
  I will keep talking about Batch 2.0 in between.

[05:05] लेकिन हां यहां पे हम लोग सबसे बढ़िया सबसे फेवरेट चैप्टर को
  But yes, here we will [start with] the best, the most favorite chapter.

[05:08] शुरू करते हैं।
  Let's start.

[05:08] फाइनली स्ट्रक्चर ऑफ एटम।
  Finally, the structure of the atom.

[05:10] तो सबसे पहले स्ट्रक्चर ऑफ एटम में नाम से आपको पता लग रहा होगा।
  So, first of all, from the name of the structure of the atom, you must have understood.

[05:13] मेरा चेहरे से देखो आप कितना खुश हूं मैं इस वन शॉट को रिकॉर्ड करते हुए।
  Look at my face, how happy I am recording this one shot.

[05:17] इसके नाम से शायद आपको लग रहा होगा कि हम एटम के स्ट्रक्चर के बारे में बात करेंगे।
  From its name, you might be thinking that we will talk about the structure of the atom.

[05:21] ये तो तय है कि हम एटम के अंदर रहने वाले।
  It is certain that we will live inside the atom.

[05:23] हम एटम के अंदर की ही पढ़ाई करेंगे।
  We will study only what is inside the atom.

[05:26] एटम की बाहर की पढ़ाई ना के बराबर होगी।
  Studying the outside of the atom will be negligible.

[05:29] सर हमने तो ये चैप्टर नाइंथ में ही पढ़ा हुआ है।
  Sir, we have already studied this chapter in ninth grade.

[05:31] जो नाइंथ में पढ़ा था वो तो है ही पर वो सिर्फ 5 10% था।
  What was studied in ninth grade is there, but it was only 5-10%.

[05:33] बाकी 95% चैप्टर और एक्स्ट्रा है।
  The remaining 95% of the chapter is extra.

[05:36] लेकिन हां शुरुआत करते हैं सबसे पहले एटॉमिक मॉडल्स की।
  But yes, let's start with the atomic models first.

[05:39] देखो हमारे पास्ट में जो एटॉमिक मॉडल्स आए सॉरी ये क्या हो गया?
  Look, the atomic models that came in our past, sorry, what happened?

[05:44] अरे इसका इंटरफेस बदल गया क्या?
  Oh, has its interface changed?

[05:46] हमारे पास्ट में जोज एटॉमिक मॉडल्स आए हमारे पास्ट में उनमें से हम तीन को पढ़ेंगे।
  The atomic models that came in our past, we will study three of them.

[05:52] जैसे जे जे थॉमसन जी का मॉडल सबसे पहला मॉडल था।
  For example, J.J. Thomson's model was the very first model.

[05:55] तो उनको सबसे पहले पढ़ते हैं।
  So let's study him first.

[05:58] अकॉर्डिंग टू जे जे थॉमसन जी जे जे थॉमसन जी के हिसाब से ये वो इंसान है जिन्होंने इलेक्ट्रॉन भी डिस्कवर किया।
  According to J.J. Thomson, he is the person who also discovered the electron.

[06:03] आगे करेंगे।
  We will do it later.

[06:05] बहुत ही होशियार।
  Very intelligent.

[06:07] इन्होंने कहा कि एटम जो
  He said that the atom which

[06:10] होते हैं वो स्फेरिकल होते हैं।
  They are spherical.

[06:10] सही बात।
  Correct.

[06:12] इन्होंने कहा पूरे एटम पे पॉजिटिव चार्ज होता है।
  They said the entire atom has a positive charge.

[06:15] गलत बात।
  Incorrect.

[06:15] इन्होंने कहा एटम स्फेरिकल होते हैं।
  They said atoms are spherical.

[06:18] ये बात तो सही थी।
  This statement was correct.

[06:20] लेकिन इन्होंने कहा कि पूरे एटम पे चार्ज पॉजिटिव होता है।
  But they said that the entire atom has a positive charge.

[06:23] ये बात इन्होंने गलत बोली।
  They stated this incorrectly.

[06:25] फिर इन्होंने कहा कि पूरे एटम पे नेगेटिव चार्ज यूनिफॉर्मली बैठा होता है पॉजिटिव चार्ज के ऊपर।
  Then they said that the negative charge is uniformly distributed over the positive charge of the entire atom.

[06:31] ये बात भी इन्होंने गलत बोली।
  They stated this incorrectly as well.

[06:34] ये बात गलत साबित कब हुई?
  When was this statement proven wrong?

[06:37] जब रदरफोर्ड जी ने अपना एक्सपेरिमेंट किया।
  When Rutherford conducted his experiment.

[06:38] बट वो भी हम करेंगे।
  But we will cover that too.

[06:40] लेकिन हां इन्होंने बोला पूरा एटम स्फेरिकल होता है।
  But yes, they said the entire atom is spherical.

[06:43] सही है।
  Correct.

[06:43] पूरे एटम पे चार्ज पॉजिटिव होता है।
  The entire atom has a positive charge.

[06:45] गलत है।
  Incorrect.

[06:45] पॉजिटिव चार्ज के ऊपर नेगेटिव चार्ज यूनिफॉर्मली बैठा होता है।
  The negative charge is uniformly distributed over the positive charge.

[06:47] ये भी गलत है।
  This is also incorrect.

[06:49] फिर उन्होंने बोला कि जितना पॉजिटिव चार्ज होता है एक एटम पे उतना ही नेगेटिव चार्ज होता है।
  Then they said that the positive charge on an atom is equal to the negative charge on it.

[06:54] यानी एक एटम इलेक्ट्रिकली हमेशा न्यूट्रल रहता है।
  Meaning, an atom always remains electrically neutral.

[06:57] क्योंकि उसके ऊपर जितना पॉजिटिव चार्ज होगा उतना ही नेगेटिव चार्ज भी होगा।
  Because the positive charge on it will be equal to the negative charge.

[06:59] ये बात सही थी।
  This statement was correct.

[07:01] एंड लास्ट में उन्होंने कहा कि हर एक एटम यूनिफॉर्म मास का होता है।
  And finally, they said that every atom has a uniform mass.

[07:07] यूनिफॉर्म मास बोले तो कहीं से भी अगर मैं एक एटम के चार बराबर टुकड़े
  Uniform mass means if I divide an atom into four equal parts from anywhere

[07:12] कर दूं तो हर एक टुकड़े का जो मास आएगा वो बराबर आएगा।
  If I do it, the mass of each piece will be equal.

[07:15] यानी हर एक एटम यूनिफॉर्म मास का होता है।
  Meaning, every atom has a uniform mass.

[07:18] हर जगह से उसका मास बराबर है।
  Its mass is equal from everywhere.

[07:21] जो कि अगेन गलत बात थी।
  Which was again incorrect.

[07:23] तो इन पांच बातों में से सिर्फ दो ही बातें देखा जाए तो सही थी कि एटम स्फेरिकल है और एटम न्यूट्रल है।
  So, out of these five points, only two points were correct: that the atom is spherical and the atom is neutral.

[07:29] ठीक है ना?
  Okay?

[07:31] वैसे तो हम जब थोड़े से बड़े हो जाएंगे हम ये भी समझेंगे कि एटम की कोई फिक्स शेप भी नहीं है।
  Actually, when we grow a little older, we will also understand that an atom does not have a fixed shape.

[07:33] अभी मैं नहीं जाना चाहूंगा।
  I don't want to go into that now.

[07:36] ये वन शॉट चल रहा है।
  This is a one-shot session.

[07:38] बट पेड बैचेस के अंदर हम लोग हमारे पास बहुत टाइम होता है।
  But in paid batches, we have a lot of time.

[07:40] तो हम डिटेल में घुस के इतना बात करते हैं कि यार देखो आप रफली बात कर लो।
  So we go into detail and talk so much that, look, let's talk roughly.

[07:44] अब मैंने शुरू कर दिया तो मैं रोक नहीं पाऊंगा बीइंग अ टीचर।
  Now that I have started, I won't be able to stop, being a teacher.

[07:46] हाइड्रोजन एटम है।
  It is a hydrogen atom.

[07:48] हाइड्रोजन एटम का ये न्यूक्लियस है।
  This is the nucleus of a hydrogen atom.

[07:50] अभी तो हम जानते हैं ना कि एटम कैसा दिखता है।
  We know now, don't we, what an atom looks like.

[07:51] और उसके आसपास इलेक्ट्रॉन है।
  And around it is the electron.

[07:53] अब ये इलेक्ट्रॉन ऐसे घूम रहा है।
  Now this electron is moving like this.

[07:55] घूम रहा है।
  It is moving.

[07:56] घूम रहा है। घूम रहा है। घूम रहा है। घूम रहा है। घूम रहा है। ऐसे-ऐसे घूम रहा है।
  It is moving. It is moving. It is moving. It is moving. It is moving. It is moving like this.

[07:58] ठीक है?
  Okay?

[08:00] तो अगर मैं एक एटम की फोटो खींचूं, फोटो खींचूं तो मुझे यहां पे न्यूक्लियस दिखेगा और यहां पे इलेक्ट्रॉन।
  So if I take a photo of an atom, take a photo, I will see the nucleus here and the electron here.

[08:04] तो ये स्फेरिकल शेप कैसे हो गई?
  So how did it become a spherical shape?

[08:07] बिकॉज़ इलेक्ट्रॉन तो घूम रहा है एक जगह पे एक टाइम पे तो एक ही जगह होगा।
  Because the electron is moving, at one time it will be in only one place.

[08:09] तो देखा जाए तो एटम वैसे स्फेरिकल भी नहीं है बट ठीक
  So, if you look at it, the atom is not really spherical, but okay.

[08:12] है अभी उतना ना घुस के इतना बात कर सकते कि रबली एटम स्फेरिकल है और न्यूट्रल है।
  We can't go in that much right now and talk so much that the atom is spherical and neutral.

[08:18] यही दो बातें सही थी।
  These two things were correct.

[08:18] तो जे जे थॉमसन जी के हिसाब से एटम स्फेरिकल होते हैं।
  So according to JJ Thomson, atoms are spherical.

[08:23] पॉजिटिव चार्ज एंबेड होता है ओवर एटम कंप्लीटली गलत बात है।
  Positive charge is embedded over the atom, which is completely wrong.

[08:28] नेगेटिव चार्ज पॉजिटिव चार्ज के ऊपर एंबेड होता है।
  Negative charge is embedded over the positive charge.

[08:31] ये भी गलत है।
  This is also wrong.

[08:31] अमाउंट ऑफ पॉजिटिव चार्ज जो है वो बराबर होता है अमाउंट ऑफ नेगेटिव चार्ज के।
  The amount of positive charge is equal to the amount of negative charge.

[08:36] ये मिस प्रिंट हो गया है नेगेटिव चार्ज के।
  This is a misprint for negative charge.

[08:38] और ये बात बिल्कुल सही थी इनकी।
  And this point of theirs was absolutely correct.

[08:40] है ना?
  Right?

[08:40] एटम जो है वो न्यूट्रल है।
  The atom is neutral.

[08:43] मास ऑफ़ एटम जो है वो यूनिफॉर्म है।
  The mass of the atom is uniform.

[08:45] यानी हर जगह से एटम का जो मास आपको मिलेगा वो यूनिफॉर्म मिलेगा।
  Meaning, from everywhere, the mass you get of the atom will be uniform.

[08:48] ठीक है?
  Okay?

[08:50] ये वाली बात जो थी वो भी देखा जाए तो गलत थी।
  This point, if looked at, was also wrong.

[08:53] बिकॉज़ हम सब जानते हैं एटम का मेजर मास न्यूक्लियस में सेंटर पे होता है।
  Because we all know that the major mass of an atom is in the nucleus at the center.

[08:58] खैर क्योंकि ये पहला मॉडल था जे जे थॉमसन जैसे महान इंसान ने दिया था।
  Anyway, because this was the first model, given by a great person like JJ Thomson.

[09:00] तो इसलिए इनके मॉडल को वाटरमलन से भी कंपेयर किया गया।
  So, therefore, their model was also compared to a watermelon.

[09:06] जैसे वाटरमेलन के अंदर पॉजिटिव चार्ज हो गया वो लाल वाला पार्ट और जो नेगेटिव चार्ज हो गया वो बीज हो गए।
  Like in a watermelon, the positive charge is the red part, and the negative charge is the seeds.

[09:10] और
  And

[09:13] इनके मॉडल को क्रिसमस पुडिंग यानी क्रिसमस के केक के साथ भी कंपेयर किया गया।
  Their model was also compared with Christmas pudding, meaning Christmas cake.

[09:17] क्रिसमस के केक में जो ब्रेड वाला पार्ट होता है वो पॉजिटिव चार्ज हो गया और जो चेरी, ड्राई फ्रूट, चोको, चिप्स वो सब लगे रहते हैं वो नेगेटिव चार्ज हो गया।
  In the Christmas cake, the bread part became positively charged, and the cherries, dry fruits, choco chips, whatever was attached, became negatively charged.

[09:26] बट वो अलग बात है कि इनका मॉडल फेल हुआ जब रदरफोर्ड जी ने अपना न्यूक्लियर मॉडल दिया और उससे भी पहले उन्होंने एक्चुअली में एक एक्सपेरिमेंट किया जिसको बोलते हैं अल्फा पार्टिकल गोल्ड फॉइल स्कैटरिंग एक्सपेरिमेंट।
  But that's a different matter that their model failed when Rutherford gave his nuclear model, and even before that, he actually performed an experiment called the alpha particle gold foil scattering experiment.

[09:41] ये एक्सपेरिमेंट बहुत फेमस हुआ और बहुत सारी किताबें ऐसा कहती हैं कि रदरफोर्ड जी ने ये जो एक्सपेरिमेंट किया था वो जे जे थॉमसन जी के मॉडल को सही प्रूफ करने के लिए किया था।
  This experiment became very famous, and many books say that Rutherford did this experiment to prove J.J. Thomson's model correct.

[09:53] बट हुआ क्या?
  But what happened?

[09:57] भाई साहब बड़ा ही विचित्र एक्सपेरिमेंट साबित हुआ।
  Sir, it turned out to be a very strange experiment.

[09:59] ऐसा कुछ साबित हो गया जो जे जे थॉमसन जी के मॉडल से बिल्कुल उल्टा था।
  Something was proven that was completely opposite to J.J. Thomson's model.

[10:05] कैसे साबित हुआ?
  How was it proven?

[10:05] क्या साबित हुआ?
  What was proven?

[10:07] थोड़ा बहुत नाइंथ क्लास याद होगा।
  You might remember a little bit from ninth grade.

[10:10] 11th में बस उसको थोड़ा सा और देखना है।
  In 11th, we just need to look at it a little more.

[10:12] देखो रदरफोर्ड जी ने एक
  Look, Rutherford had a

[10:14] एक्सपेरिमेंट किया जिसको बोला जाता है स्कैटरिंग एक्सपेरिमेंट शॉर्ट में पूरा बोले तो अल्फा पार्टिकल स्कैटरिंग एक्सपेरिमेंट।
  An experiment was done which is called a scattering experiment, in short, the alpha particle scattering experiment.

[10:20] रदरफोर्ड जी ने गोल्ड की फॉइल ली।
  Rutherford took a gold foil.

[10:25] गोल्ड की फॉइल क्यों ली?
  Why was a gold foil taken?

[10:27] बिकॉज़ गोल्ड दुनिया का सबसे मैलिएबल सब्सटेंस है।
  Because gold is the most malleable substance in the world.

[10:30] सबसे पतली शीट बन सकती है।
  The thinnest sheet can be made.

[10:33] हम चाह रहे थे कि एक शीट में कम से कम एटम्स हो।
  We wanted the sheet to have the minimum number of atoms.

[10:36] उसके लिए पतली से पतली शीट लेनी होगी।
  For that, the thinnest possible sheet would have to be taken.

[10:38] तो हमने गोल्ड को चुना।
  So we chose gold.

[10:40] मतलब रदरफोर्ड जी ने गोल्ड को चुना।
  Meaning, Rutherford chose gold.

[10:43] उसके ऊपर हमारे बहुत सारे अल्फा पार्टिकल।
  Upon that, many of our alpha particles.

[10:45] बहुत सारे बच्चे पूछते हैं अल्फा पार्टिकल क्या होता है?
  Many children ask, what is an alpha particle?

[10:49] अब अल्फा पार्टिकल का मतलब होता है हीलियम +2 पार्टिकल्स।
  Now, an alpha particle means helium +2 particles.

[10:54] हीलियम +2 पार्टिकल्स को अल्फा पार्टिकल्स कहते हैं।
  Helium +2 particles are called alpha particles.

[10:59] अभी आप छोटे हो।
  You are young now.

[11:01] इतना कह सकता हूं कि जब एक न्यूक्लियर डिक होता है, जब एक न्यूक्लियर रिएक्शन होती है, एक न्यूक्लियस टूटता है जिसको न्यूक्लियर डिक भी कहते हैं।
  I can say this much, that when a nuclear decay happens, when a nuclear reaction occurs, a nucleus breaks, which is also called nuclear decay.

[11:08] तो उससे तीन प्रकार की रेज निकलती हैं।
  Then three types of rays are emitted from it.

[11:11] अल्फा, बीटा और गामा।
  Alpha, beta, and gamma.

[11:13] बीटा, गामा को छोड़ देते हैं।
  Let's leave beta and gamma.

[11:13] अभी अल्फा पे आते हैं।
  Now let's come to alpha.

[11:13] अल्फा रेज में अल्फा पार्टिकल्स होते।
  Alpha rays contain alpha particles.

[11:16] हैं।
  They are.

[11:16] अल्फा पार्टिकल्स होते हैं हीलियम + टू पार्टिकल।
  Alpha particles are helium + two particles.

[11:18] मतलब हीलियम के पास आई होप आप सबको पता है दो इलेक्ट्रॉन्स होते हैं।
  Meaning, helium has, I hope you all know, two electrons.

[11:24] दो प्रोटॉन्स होते हैं और दो न्यूट्रॉन्स होते हैं।
  It has two protons and two neutrons.

[11:27] आई होप सबको पता है ये नाइंथ क्लास है।
  I hope everyone knows this is ninth grade.

[11:29] अगर मैं हीलियम में से दो इलेक्ट्रॉन्स को निकाल लेता हूं तो बचेगा हीलियम +2 जिसके पास दो प्रोटॉन्स होंगे और दो न्यूट्रॉन्स होंगे।
  If I remove two electrons from helium, what remains is helium +2, which will have two protons and two neutrons.

[11:38] सर हीलियम में से इलेक्ट्रॉन निकाल सकते हीलियम तो नोबल गैस है।
  Sir, can we remove electrons from helium? Helium is a noble gas.

[11:40] अरे हां नोबल गैस है अपने घर में होगी।
  Oh yes, it's a noble gas, it will be in its own house.

[11:42] अभी तो न्यूक्लियर रिएक्शन की बात कर रहे है ना।
  Right now, we are talking about nuclear reactions, aren't we?

[11:44] न्यूक्लियर रिएक्शन नॉर्मल केमिस्ट्री को फॉलो नहीं कर रही है कुछ हद तक।
  Nuclear reactions do not follow normal chemistry, to some extent.

[11:46] तो आप उसमें मत जाओ।
  So don't get into that.

[11:48] इस पे सोचो कि अगर मैं हीलियम से जबरदस्ती दो इलेक्ट्रॉन निकाल लूं तो उससे जो बनेगा वो बनेगा हीलियम +2 पार्टिकल और हीलियम +2 पार्टिकल को ही बोलते हैं अल्फा पार्टिकल।
  Think about this: if I forcibly remove two electrons from helium, what will be formed is a helium +2 particle, and a helium +2 particle is called an alpha particle.

[11:55] बट जब आप एक्सपेरिमेंट कर रहेगे या इस एक्सपेरिमेंट के बारे में सोच रहे होगे तो आपको ये नहीं सोचना है कि हील अल्फा पार्टिकल हीलियम +2 पार्टिकल है।
  But when you are doing the experiment or thinking about this experiment, you should not think that the alpha particle is a helium +2 particle.

[11:58] आपको सिर्फ इतना सोचना है कि अल्फा पार्टिकल पॉजिटिव पार्टिकल है।
  You only need to think that the alpha particle is a positive particle.

[12:00] इतने से काम चल जाएगा।
  That much will suffice.

[12:02] बट एग्जाम में तो पूछ सकते हैं कि अल्फा पार्टिकल क्या होता है?
  But in the exam, they might ask what an alpha particle is?

[12:16] तो हीलियम +2 पार्टिकल को अल्फा पार्टिकल कहते हैं।
  So the helium +2 particle is called an alpha particle.

[12:21] बट एक्सपेरिमेंट करते हुए आपको बस इतना ही ध्यान रखना है कि अल्फा पार्टिकल मतलब पॉजिटिव पार्टिकल।
  But while doing the experiment, you just need to remember that an alpha particle means a positive particle.

[12:28] ठीक है? अब बहुत सारे पॉजिटिव पार्टिकल हमने गोल्ड फॉल पे मारे।
  Okay? Now we hit many positive particles on the gold foil.

[12:31] एक एक गेम खेलते हैं।
  Let's play a game.

[12:33] गेम क्या है कि मैं अगर आपको बोलूं कि यार आपके पास ना दीवार है।
  What is the game? If I tell you that you have a wall.

[12:35] दीवार है।
  There is a wall.

[12:38] ठीक है? दीवार है। और आप और मैं दोनों एक गेम खेल रहे हैं कि मैंने आपको बहुत सारी बॉल्स दे दी।
  Okay? There is a wall. And you and I are both playing a game where I have given you a lot of balls.

[12:40] बॉल्स।
  Balls.

[12:43] अबे खेलने वाली बॉल्स गंदे और वो बॉल्स जब आपको दी मैंने और मैंने कहा यार दीवार पे मारो दीवार पे मारो।
  These are playing balls, and when I gave you those balls, I said, hit them on the wall, hit them on the wall.

[12:47] मैंने आपको प्लास्टिक की बॉल्स दी और मैंने कहा दीवार पे मारो।
  I gave you plastic balls and said, hit them on the wall.

[12:50] तो ऑब्वियस सी बात है दीवार पे बॉल मारने से पहले ही आपको पता है कि वो बॉल्स टकराएंगी और इधर-उधर बह जाएंगी।
  So obviously, before hitting the balls on the wall, you know that those balls will collide and scatter here and there.

[12:55] ऐसे ही होगा ना?
  This is what will happen, right?

[12:57] है ना? है ना? है ना?
  Right? Right? Right?

[12:59] लेकिन जब आपने और मैंने मिलके अमावस्या की रात रात के 12:00 बजे अमावस्या की रात आप और मैं कमरे में बैठे हैं और हमने बहुत सारी बॉल्स को दीवार पे मारा और हमने क्या देखा कि 99% बॉल्स दीवार के पार हो गई।
  But when you and I together, on a moonless night at 12:00 AM, on a moonless night, you and I are sitting in a room, and we hit many balls on the wall, and what did we see? That 99% of the balls went through the wall.

[13:14] आपकी मेरी तो चीख निकल जाएगी।
  You and I would scream.

[13:17] निकल जाएगी।
  It will be gone.

[13:17] निकलनी भी चाहिए।
  It should be gone too.

[13:18] क्योंकि दीवार के पार कैसे हो गई बॉल?
  Because how did the ball go through the wall?

[13:21] बिल्कुल ऐसे ही रदरफोर्ड जी अगर जे जे थॉमसन जी की बात को सही प्रूफ करना चाह रहे थे मान लो तो उनके मन में क्या होगा कि भैया एटम जो है वो तो ऐसा दिखता है पूरे एटम पे चार्ज पॉजिटिव होता है।
  Exactly like this, if Rutherford was trying to prove JJ Thomson's point as correct, imagine, what would be in his mind? That the atom looks like this, the charge on the entire atom is positive.

[13:30] इमेजिन तो करो पूरे एटम पे चार्ज पॉजिटिव होता है।
  Just imagine, the charge on the entire atom is positive.

[13:33] अब अगर पूरे एटम पे चार्ज पॉजिटिव है और इस पे मैं अल्फा पार्टिकल मार रहा हूं तो अल्फा पार्टिकल पे भी चार्ज क्या है?
  Now, if the charge on the entire atom is positive, and I am hitting alpha particles at it, then what is the charge on the alpha particle?

[13:39] पॉजिटिव है।
  It is positive.

[13:41] तो अल्फा पार्टिकल्स को इधर-उधर हर डायरेक्शन में चले जाना चाहिए था टकरा के रिपेल हो के क्योंकि पॉजिटिव पॉजिटिव को रिपेल करता है।
  So the alpha particles should have gone in every direction, bouncing off and repelling, because positive repels positive.

[13:48] लेकिन भाई साहब जब एक्सपेरिमेंट किया गया तो चीख क्यों निकली होगी रदरफोर्ड जी की या उनके साथियों की?
  But sir, when the experiment was done, why would Rutherford or his colleagues have screamed?

[13:56] क्योंकि मोस्ट ऑफ द अल्फा पार्टिकल आर-पार हो गए।
  Because most of the alpha particles went right through.

[14:00] नाइन से जानते हैं हम।
  We know from nine.

[14:03] मोस्ट ऑफ द अल्फा पार्टिकल गोल्ड फॉइल पे जब मारे गए तो वो आरपार हो गए।
  Most of the alpha particles, when hit on the gold foil, went right through.

[14:06] इससे ये साबित हुआ कि एटम के अंदर मोस्ट ऑफ दी स्पेस तो खाली पड़ी हुई है।
  This proved that most of the space inside the atom is empty.

[14:14] इससे ये साबित हुआ कि एटम के बीच में न्यूक्लियस है और आसपास मोस्ट ऑफ
  This proved that there is a nucleus in the center of the atom and around it most of

[14:20] दी स्पेस जो है वो खाली पड़ी हुई है।
  The space that is there is lying empty.

[14:22] मतलब उस पे नेगेटिव चार्ज हो सकता है लेकिन पॉजिटिव तो हर जगह नहीं है।
  Meaning it can have a negative charge, but positive is not everywhere.

[14:26] अदरवाइज सारे पार्टिकल्स रिपेल हुए होते।
  Otherwise, all particles would have been repelled.

[14:30] तो पहली ऑब्जरवेशन ये थी मोस्ट ऑफ दी अल्फा पार्टिकल्स पास थ्रू दी फॉइल विदाउट एनी डिफ्लेक्शन।
  So the first observation was that most of the alpha particles passed through the foil without any deflection.

[14:34] सेकंड ऑब्जरवेशन ये थी कि वेरी फ्यू अल्फा पार्टिकल्स यानी आप कह सकते हो कि अ 1 मिलियन में 500 मान लो या 1 मिलियन में 100 मान लो 10 लाख में 100 ऐसे पार्टिकल्स थे जो टकरा के इधरउधर गए इधरउधर गए इधरउधर गए जिससे ये साबित होता है कि एटम पे पॉजिटिव चार्ज तो है लेकिन बहुत ही कम जगह पे है।
  The second observation was that very few alpha particles, meaning you can say, assume 500 in 1 million, or assume 100 in 1 million, 100 out of 1 million such particles were there that deflected here and there, here and there, here and there, which proves that the atom has a positive charge, but it is in a very small space.

[14:55] अगर मैंने दीवार पे बहुत सारी बॉल्स मारी लेकिन मोस्ट ऑफ द बॉल पार हो गए लेकिन कुछ ही बॉल्स टकराई इसका मतलब है दीवार मोस्टली खोखली है।
  If I hit many balls on the wall, but most of the balls passed through, but only a few balls collided, it means the wall is mostly hollow.

[14:59] हमें दिख नहीं रहा है बस और हल्का-हल्का कहीं पे ईंटें लगी हुई हैं।
  We are not seeing it, just lightly, lightly, bricks are placed somewhere.

[15:06] बिल्कुल ऐसे अल्फा पार्टिकल 1 मिलियन में 50 अल्फा पार्टिकल 100 अल्फा पार्टिकल 500 अल्फा पार्टिकल टकरा के इधरउधर भागे जिससे रिप्रेजेंट हुआ कि एटम पे पॉजिटिव चार्ज तो है लेकिन भाई साहब वो हर जगह नहीं है।
  Exactly like this, alpha particles, 50 alpha particles in 1 million, 100 alpha particles, 500 alpha particles, deflected and ran here and there, which represented that the atom has a positive charge, but sir, it is not everywhere.

[15:18] कहीं पे बहुत कम जगह पे है।
  It is in a very small space somewhere.

[15:18] अब
  Now

[15:21] वो सेंटर पे क्यों है वो तो कॉमन सेंस थी।
  Why is it at the center? That was common sense.

[15:23] बताऊंगा अभी आगे बात करता हूं।
  I will tell you, I will talk about it further.

[15:25] लास्ट ऑब्जरवेशन यह थी कि वेरी वेरी फ्यू यानी 1
  The last observation was that very, very few, meaning 1

[15:29] मिलियन में कह लो आप एक 1 मिलियन में एक
  In a million, you can say, one in a million

[15:32] पार्टिकल था जो गया और सेम पाथ से रिबाउंड हो गया।
  was a particle that went and rebounded from the same path.

[15:38] ये क्या है समझा रहा हूं।
  What this is, I am explaining.

[15:43] अगर आपको ये वाला पार्टिकल दिख रहा हो एनसीईआरटी के डायग्राम में तो गया और सेम पाथ से रिबाउंड हो गया।
  If you can see this particle in the एनसीईआरटी diagram, it went and rebounded from the same path.

[15:47] जिससे क्या साबित होता है?
  What does this prove?

[15:49] जिससे ये साबित होता है कि जो पॉजिटिव चार्ज एटम पे बैठा भी हुआ है वो बहुत ही डेंस है।
  This proves that the positive charge residing on the atom is very dense.

[15:54] बहुत ही स्ट्रांग है।
  It is very strong.

[15:57] बहुत ही हाई मास डेंसिटी वाला है।
  It has a very high mass density.

[15:59] यानी भले ही बहुत कम जगह पे बैठा हुआ है लेकिन बहुत ज्यादा मास है उसके अंदर
  Meaning, even though it occupies very little space, it has a lot of mass inside.

[16:04] और तब बोला गया कि वो है न्यूक्लियस।
  And then it was said that it is the nucleus.

[16:06] न्यूक्लियस का मतलब होता है सेंटर।
  Nucleus means center.

[16:08] अब ये कैसे पता लगा?
  Now, how was this discovered?

[16:10] वो सेंटर पे बैठा होगा।
  It must be sitting at the center.

[16:12] तो ऑब्वियस सी बात है बेटा वैसे तो ये कॉमन सेंस है।
  So obviously, son, this is common sense.

[16:15] आप मुझे बताओ अगर एटम को न्यूट्रल होना है।
  Tell me, if the atom has to be neutral.

[16:18] एटम तो न्यूट्रल है और बीच में अगर अगर एटम में बहुत कम जगह पे पॉजिटिव चार्ज को बैठना है और नेगेटिव को आसपास रहना है तो एटम तभी
  The atom is neutral, and if the positive charge has to sit in a very small space in the middle, and the negative charges are around, then the atom only then

[16:23] स्टेबल हो पाएगा जब एटम के बीच में
  It will be stable when in the middle of the atom

[16:26] पॉजिटिव चार्ज और आसपास नेगेटिव घूम रहा हो।
  the positive charge is there and the negative is revolving around.

[16:28] सोलर सिस्टम कैसे स्टेबल है?
  How is the solar system stable?

[16:32] क्योंकि सन है और उसके आसपास प्लनेट्स घूम रहे हैं।
  Because the sun is there and the planets are revolving around it.

[16:34] आप और मैं अगर एक और गेम खेलें
  If you and I play another game

[16:36] जिसमें क्लास के अंदर 20 बच्चों को मेरे चक्कर काटने हैं
  in which 20 children in the class have to circle around me

[16:39] और एक दूसरे को भी टच नहीं करना
  and not touch each other

[16:42] और मुझे भी टच नहीं करना।
  and also not touch me.

[16:44] तो ये गेम ज्यादा कब चल पाएगी?
  So when will this game last longer?

[16:46] जब मैं कमरे के बीचों-बीच होऊंगा
  When I am in the middle of the room

[16:48] और आप सब चक्कर काट रहेगे।
  and you all are circling.

[16:51] अगर मैं कमरे के कोने पे जाके चिपक जाऊं
  If I go and stick to the corner of the room

[16:52] तो फिर ये गेम तो खेलना ही पॉसिबल नहीं है।
  then this game is not even possible to play.

[16:55] तो अगर इलेक्ट्रॉन्स को नेगेटिव चार्ज को न्यूक्लियस के आसपास घूमना है
  So if electrons, the negative charge, have to revolve around the nucleus

[16:56] तो वो तब ज्यादा मजा आएगा जब एटम के बीचोंबीच न्यूक्लियस बैठा हो।
  then it will be more enjoyable when the nucleus is sitting in the middle of the atom.

[16:59] कॉमन सेंस थी।
  It was common sense.

[17:03] तो न्यूक्लियस का आविष्कार न्यूक्लियस की डिस्कवरी रदरफोर्ड जी ने की
  So the invention of the nucleus, the discovery of the nucleus was done by Rutherford,

[17:04] और आसपास नेगेटिव चार्ज बैठे हैं।
  and the negative charges are sitting around.

[17:07] ये भी उन्होंने बताया।
  He also told this.

[17:09] ठीक है?
  Okay?

[17:11] क्या लिमिटेशन थी इनकी बात करते हैं।
  Let's talk about what the limitations were.

[17:13] लेकिन आओ समझते हैं इन्होंने ये एक्सपेरिमेंट किया कैसे होगा।
  But let's understand how they must have done this experiment.

[17:15] तो यहां पे इन्होंने एक डब्बा लिया जिसमें अल्फा पार्टिकल का सोर्स था।
  So here they took a box which had a source of alpha particles.

[17:17] मैंने अभी बताया आपको अल्फा पार्टिकल निकलता है
  I just told you that alpha particles are emitted

[17:19] रेडियोएक्टिव रिएक्शन से।
  from radioactive reactions.

[17:20] कोई रेडियोएक्टिव डिक होना चाहिए।
  There must be some radioactive decay.

[17:22] तो यहां पे
  So here

[17:24] इन्होंने कोई रेडियोएक्टिव सोर्स रखा।
  They kept some radioactive source.

[17:27] अगर आज के डेट में करेंगे तो यूरेनियम रख सकते हैं, थोरियम रख सकते हैं क्योंकि यह सब रेडियोएक्टिव है।
  If we do it today, we can keep uranium, we can keep thorium because all of this is radioactive.

[17:33] तो उन्होंने रेडियोएक्टिव कोई भी एक सोर्स रखा होगा इस कमरे के अंदर।
  So they must have kept some radioactive source inside this room.

[17:35] जिसने बहुत सारे पार्टिकल्स को बाहर निकाला होगा।
  Which must have released many particles.

[17:37] बाकी सबको एब्जॉर्ब कर लिया।
  The rest were absorbed.

[17:39] सिर्फ अल्फा पार्टिकल्स आए।
  Only alpha particles came.

[17:41] यहां पे लेड की प्लेट है।
  Here is a lead plate.

[17:43] लेड की प्लेट एक प्रकार से क्या करती है?
  What does a lead plate do in a way?

[17:46] उस पार्टिकल को एक डायरेक्शन देती है।
  It gives that particle a direction.

[17:48] एक प्रकार समझ लो एक पैरेलल बीम बनाती है एक प्रकार से।
  Understand it as creating a parallel beam in a way.

[17:50] ठीक है?
  Okay?

[17:53] उसके बाद ये अल्फा पार्टिकल की बीम जाके टकराई गोल्ड फॉइल पे।
  After that, this beam of alpha particles went and hit the gold foil.

[17:55] अब गोल्ड फॉइल पे टकरा के पार्टिकल हर डायरेक्शन में गए।
  Now, after hitting the gold foil, the particles went in all directions.

[17:58] अब कैसे पता लगा होगा गए?
  Now how would we know they went?

[18:00] बिकॉज़ अल्फा पार्टिकल दिखते तो है नहीं।
  Because alpha particles are not visible.

[18:02] तो बड़ी ध्यान से सुनना।
  So listen very carefully.

[18:04] यहां पे हम लोगों ने एक फोटोग्राफिक प्लेट लगा रखी थी।
  Here we had placed a photographic plate.

[18:06] जैसे कि फोटोग्राफिक प्लेट में अगर है मैं आपको एग्जांपल दूं।
  For example, if it's in a photographic plate, let me give you an example.

[18:08] जिंक सल्फाइड की शीट।
  A sheet of zinc sulfide.

[18:11] जिंक सल्फाइड एक बहुत बेहतरीन सब्सटेंस होता है जिस पे जब भी कुछ टकराता है तो वो चमकता है।
  Zinc sulfide is a very excellent substance on which, whenever something hits it, it glows.

[18:19] आपसे एग्जाम में पूछ नहीं रहे इसके बारे में।
  They are not asking you about this in the exam.

[18:22] प्लीज इस चैप्टर में इतना कुछ अच्छा है कि यह सब नहीं आता है मेजरली। बट
  Please, there is so much good in this chapter that this is not asked majorly. But

[18:25] मान लो अगर इन केस आ गया तो पता होना चाहिए ना भाई कि ये जिंक सल्फाइड की शीट क्या है?
  Suppose if it comes in that case, then you should know, brother, what is this zinc sulfide sheet?

[18:29] तो ये जिंक सल्फाइड की शीट फोटोग्राफिक शीट है।
  So this zinc sulfide sheet is a photographic sheet.

[18:31] फोटोग्राफिक प्लेट है।
  It is a photographic plate.

[18:33] इनमें क्या खास होता है?
  What is special about them?

[18:35] जब भी इनमें कुछ छोटा सा भी टकराए अल्फा पार्टिकल जितनी छोटी चीज भी टकराए तो ये एक चमक देते हैं, ग्लो देते हैं।
  Whenever even a small alpha particle, as small as anything, collides with them, they give a flash, a glow.

[18:42] और यहां पे आसपास लगाए गए थे डिटक्टर्स।
  And detectors were placed around here.

[18:45] डिटक्टर्स कौन होते हैं?
  Who are the detectors?

[18:47] जो उस ग्लो को डिटेक्ट कर लेंगे।
  Those who will detect that glow.

[18:49] और उससे पता लगा कि सबसे ज्यादा अल्फा पार्टिकल तो भाई साहब यहां जाके टकराए।
  And from that, it was found that the most alpha particles, sir, collided here.

[18:53] यहां पे कम कम कम कम कम कम टकराए।
  Here, they collided less and less and less and less and less.

[18:56] ऐसा हुआ।
  This is what happened.

[18:56] तो ये एक्सपेरिमेंट ने दुनिया को हिला दिया।
  So this experiment shook the world.

[18:59] क्योंकि इन्होंने इस एक्सपेरिमेंट से क्या-क्या बोला?
  Because what did they say from this experiment?

[19:01] पहली बात तो 1910 की बात है।
  Firstly, it's about 1910.

[19:03] एक एटम के पास बहुत ही छोटे साइज का पॉजिटिवली चार्ज न्यूक्लियस होता है।
  An atom has a positively charged nucleus of a very small size.

[19:09] होल मास ऑफ़ एटम इज़ कंसंट्रेटेड इनसाइड द न्यूक्लियस।
  The whole mass of the atom is concentrated inside the nucleus.

[19:12] और एटम लार्जली एम्प्टी है।
  And the atom is largely empty.

[19:14] क्योंकि एटम न्यूट्रल है तो इस पॉजिटिव चार्ज के आसपास नेगेटिव चार्ज घूम रहे होते हैं।
  Because the atom is neutral, negative charges are revolving around this positive charge.

[19:19] जिनको इलेक्ट्रॉन बोल दिया गया था।
  Which were called electrons.

[19:21] जे जे थॉमसन जिन्हें इलेक्ट्रॉन डिस्कवर किए थे।
  J.J. Thomson, who discovered electrons.

[19:22] पढ़ाऊंगा आगे।
  I will teach further.

[19:25] इलेक्ट्रॉन न्यूक्लियस से एक सर्टेन डिस्टेंस पे बैठे होते हैं और कॉन्स्टेंटली रिवॉल्व कर रहे होते हैं।
  Electrons are at a certain distance from the nucleus and are constantly revolving.

[19:31] इलेक्ट्रॉन के पास इतनी सफिशिएंटली हाई वेलोसिटी होनी चाहिए कि न्यूक्लियस उसे खींच ही ना ले।
  The electron must have a sufficiently high velocity so that the nucleus does not pull it in.

[19:35] जैसे प्लनेट सन के आसपास घूमते हैं।
  Just like planets revolve around the sun.

[19:38] ऑलदो सन प्लेनेट्स के ऊपर ग्रेविटेशनल फोर्स लगा रहा है।
  Although the sun is exerting a gravitational force on the planets.

[19:40] बट प्लेनेट सन के पास क्यों नहीं आ रहे?
  But why are the planets not coming closer to the sun?

[19:43] बिकॉज़ उनके पास एक सर्टेन वेलोसिटी है।
  Because they have a certain velocity.

[19:44] बिल्कुल इलेक्ट्रॉन्स के पास भी वो सर्टेन वेलोसिटी होनी चाहिए।
  Similarly, electrons must also have that certain velocity.

[19:48] अदरवाइज़ तो पंगा हो जाएगा।
  Otherwise, there will be a problem.

[19:50] कह रहे हैं आप इसे एनालॉग समझ सकते हो।
  You can consider this as an analogy.

[19:53] जैसे प्लेनेट्स घूमते हैं किसके आसपास?
  Just like planets revolve around what?

[19:55] सन के आसपास।
  Around the sun.

[19:55] ऐसे ही आप प्लेनेट्स को इलेक्ट्रॉन मान सकते हो और सन को न्यूक्लियस मान सकते हो।
  Similarly, you can consider the planets as electrons and the sun as the nucleus.

[19:59] कितना प्यारा एक्सपेरिमेंट।
  What a lovely experiment.

[20:01] लेकिन इस पूरे मॉडल में इस पूरे एक्सपेरिमेंट तो चलो ठीक है लेकिन इस पूरे मॉडल में कि भैया यहां पे बैठा होगा हमारा न्यूक्लियस ये हमारा न्यूक्लियस होगा और ये हमारा इलेक्ट्रॉन होगा ये आसपास घूम रहा है इस पूरे मॉडल में दिक्कत क्या है तो इस पूरे मॉडल में दिक्कत ये है कि भैया एक थ्योरी होती है हमारी फिजिक्स में जो आप में से बहुत ही कम बच्चों ने कभी पढ़ी होगी बिकॉज़ अभी तक सिलेबस में
  But in this entire model, the experiment is fine, but in this entire model, where our nucleus will be sitting, this will be our nucleus and this will be our electron revolving around it, what is the problem with this entire model? The problem with this entire model is that there is a theory in our physics that very few of you have ever studied because it is not yet in the syllabus.

[20:26] नहीं आई है। उस थ्योरी को बोलते हैं

[20:28] थ्योरी ऑफ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन। इन

[20:31] शॉर्ट हमारे फिजिक्स के हिसाब से जब भी

[20:33] कोई चार्ज पार्टिकल एक्सीलरेशन में होता

[20:36] है। यह मोशन इन अ प्लेन में पढ़ चुके

[20:39] होंगे या पढ़ा दूंगा मैं आपको या हमने

[20:41] नाइंथ में पढ़ा है। जब भी कोई पार्टिकल

[20:43] सर्कुलर मोशन में होगा तो बार-बार

[20:46] डायरेक्शन चेंज होगी। डायरेक्शन चेंज होगी

[20:48] तो वेलोसिटी चेंज होगी और वेलोसिटी चेंज

[20:50] होगी तो एक्सीलरेशन होगा। और जब भी कोई

[20:53] चार्ज पार्टिकल एक्सलरेटेड मोशन में होता

[20:56] है वो एनर्जी रेडिएट करता है। ये हमारी

[21:00] थ्योरी अभी तक कहती थी। इस मॉडल से पहले

[21:02] तक कहती थी कि जब भी कोई चार्ज पार्टिकल

[21:05] एक्सीलरेट होता है तो वो एनर्जी रेडिएट

[21:08] करता है। अब अगर इलेक्ट्रॉन भी सर्कुलर

[21:10] मोशन में घूम रहा है, एक्सलरेटेड मोशन में

[21:13] घूम रहा है तो वो क्या एनर्जी रेडिएट

[21:14] करेगा? यस। और अगर वो एनर्जी रेडिएट

[21:17] करेगा। करेगा करेगा। तो एनर्जी रेडिएट

[21:21] करते करते करते उसके आसपास घूमते घूमते

[21:23] घूमते घूमते थक जाएगा ना जैसे तुम उसके

[21:26] आसपास घूमते हुए थक गए सर कैसी बात सर

[21:30] पढ़ातेपढ़ाते बह जाते हो आप बेटा कोई बात

[21:32] नहीं मैं भी बह गया लेकिन इलेक्ट्रॉन इसके

[21:36] आसपास घूमता घूमता घूमता घूमता थक जाएगा

[21:38] ना बिल्कुल थक जाएगा थक जाएगा तो एनर्जी

[21:41] रेडिएट करेगा ना एनर्जी रेडिएट करेगा तो

[21:43] कहां घुस जाएगा न्यूक्लियस में घुस जाएगा

[21:44] एटम तबाह हो जाएगा अरे जब इलेक्ट्रॉन

[21:46] न्यूक्लियस में जाके घुस गया तो एटम का तो

[21:48] तबा एटम तो तबाही हो गया ना। प्लेनेट सन

[21:52] के अंदर घुस जाएंगे तो सोलर सिस्टम कहां

[21:54] रहेगा? पर ऐसा होता नहीं है। ऐसा होता

[21:59] नहीं है। रदरफोर्ड जी से पूछा गया ऐसा

[22:02] क्यों नहीं होता है? रदरफोर्ड जी से पूछा

[22:05] गया ऐसा क्यों नहीं होता है? तो रदरफोर्ड

[22:07] जी ने बोला मुझे नहीं पता है मुझसे मत

[22:10] पूछो ना। रदरफोर्ड जी के पास इसका आंसर ही

[22:13] नहीं था और यह उनकी लिमिटेशन बन गई। यानी

[22:16] कि वो एटम को तो स्ट्रक्चर तो दे गए लेकिन

[22:20] वो एटम की स्टेबिलिटी नहीं दे पाए कि एटम

[22:23] स्टेबल कैसे है? इलेक्ट्रॉन न्यूक्लियस के

[22:25] आसपास घूमे कैसे जा रहा है? इसके बारे में

[22:28] वो नहीं समझा पाए। डन है। किसने बोला?

[22:31] रदरफोर्ड जी ने। अब सुनो प्लान को। मेरे

[22:34] प्लान को समझो भैया। आप साइंस एंड फन पे

[22:36] आए हो। आशु भाई 11 12th पे आए होए। ट्रस्ट

[22:38] करके आए हो। अब सुनो मेरी बात को। मैंने

[22:40] आपको रदरफोर्ड जी पढ़ाया। मैंने आपको जे जे

[22:42] थॉमसन जी पढ़ाया। मतलब पहले जे जे थॉमसन जी

[22:44] पढ़ाया। रदरफोर्ड जी पढ़ाया। अब इसके बाद

[22:46] हमें नील्स बोर्जी पढ़ना चाहिए। नहीं

[22:48] पढ़ना चाहिए। क्योंकि रदरफोर्ड जी और

[22:51] नील्स बोर्जी के मॉडल में इतना डिफरेंस है

[22:54] कि हमें उनके बीच में कुछ चीजों को पढ़ना

[22:57] होगा। नहीं तो आपको नील्स बोर्जी उतने

[23:00] अच्छे से समझ में नहीं आएगा। ट्रस्ट करो

[23:03] पूरे वन शॉट में सब तो पढ़ाना ही है मुझे।

[23:05] तो मैं चाहता तो पहले नील्स बोर भी पढ़ा

[23:07] सकता था। नहीं लेकिन पहले मैं आपको पढ़ा

[23:09] रहा हूं क्वांटम नंबर्स। बेटा 15 साल 16

[23:13] साल पढ़ाते हुए हो गया। टेंशन ना लो।

[23:16] क्वांटम नंबर्स पढ़ोगे, फोटोइिक इफेक्ट

[23:19] पढ़ोगे, डी ब्रोगलीस कांसेप्ट पढ़ोगे। ये

[23:22] सारे टॉपिक पढ़ने के बाद जब वापस नील्स बोर

[23:24] जी पे आओगे ना आप कहोगे यार ये दाढ़ी वाला

[23:26] सही कह रहा था। बिल्कुल सही कह रहा था।

[23:28] यानी अब प्लान क्या है? हमने देखा कि जे

[23:31] जे थॉमसन जी का मॉडल तो फेल हो गया। फिर

[23:33] रदरफोर्ड जी ने मॉडल दिया बहुत प्यारा।

[23:35] लेकिन उनके मॉडल में भी एक लिमिटेशन आई।

[23:38] अब उस लिमिटेशन को दूर किया नील्स बोर जी

[23:40] के मॉडल ने। लेकिन नील्स बोर्ड जी के मॉडल

[23:42] और रदरफोर्ड जी के मॉडल के बीच में बहुत

[23:44] कुछ हुआ। उसको हम पढ़ रहे हैं। ठीक है?

[23:47] मतलब बहुत कुछ पढ़ रहे हैं हम ताकि हम

[23:48] नील्स बोर्ड जी के मॉडल को ढंग से समझ

[23:50] पाएं। डन है? उसमें सबसे पहली चीज आ रही

[23:53] है क्वांटम नंबर्स। मेरे हिसाब से क्वांटम

[23:55] नंबर्स आपके जीवन में आपकी पूरी 11th में

[23:59] पढ़ी गई सबसे इंपॉर्टेंट चीजों में से एक

[24:01] है। क्योंकि ये ए बी सी डी है केमिस्ट्री

[24:04] की। हर एक चैप्टर में आगे जाकर काम आएगी।

[24:06] पीरियडिक क्लासिफिकेशन, केमिकल बॉन्डिंग

[24:09] चैप्टर छू टच भी नहीं कर पाओगे अगर

[24:10] क्वांटम नंबर्स नहीं आता। बहुत इंपॉर्टेंट

[24:13] डन। लेकिन मैं चाहूंगा इससे पहले मैं आपको

[24:15] पता है क्या कहता हूं। अभी तक जो पढ़ा उसको

[24:17] रिवाइज कर लो जल्दी-जल्दी। कोई भी डाउट है

[24:19] तो पूछ लो कमेंट सेक्शन में। रिप्लाई करने

[24:20] की कोशिश करूंगा। टाइम स्टैंप देख लो। 24

[24:22] मिनट है। ठीक है? फिर शुरू करते हैं

[24:24] क्वांटम नंबर्स। जल्दी से। अब क्वांटम

[24:26] नंबर्स को शुरू करने से पहले एक बात जानते

[24:29] हैं आओ। क्वांटम नंबर के ब्रैकेट में आप

[24:32] देख सकते हो हमने लिखा है एड्रेस ऑफ

[24:34] इलेक्ट्रॉन।

[24:35] देखो अगर हम ऐसे समझें कि अभी तक हमने

[24:39] पढ़ा कि बीच में न्यूक्लियस है और आसपास

[24:41] कौन घूम रहे हैं इलेक्ट्रॉन्स।

[24:44] तो हमने नाइन तक क्या पढ़ा कि न्यूक्लियस

[24:46] है आसपास हैं शेल्स जिनको हमने ऑर्बिट्स

[24:50] भी कहा। अब शेल्स या ऑर्बिट्स में

[24:53] इलेक्ट्रॉन घूम रहे होते हैं। अगर आपको

[24:54] याद हो के एल एम एन जो कि नील्स बोर्ड जी

[24:57] ने दिए हैं। हम देंगे आगे। लेकिन एक्चुअली

[25:00] में होता क्या है कि जो न्यूक्लियस होता

[25:01] है उसके आसपास जो शेल्स होते हैं शेल्स के

[25:05] अंदर भी कुछ होता है जिन्हें सबशेल्स कहा

[25:08] जाता है। ये नहीं पता था हमें। और सबशेल्स

[25:11] के अंदर ऑर्बिटल्स होते हैं। और ऑर्बिटल्स

[25:16] के अंदर इलेक्ट्रॉन्स होते हैं जो

[25:18] क्लॉकवाइज या एंटीक्लॉकवाइज रोटेट कर रहे

[25:20] होते हैं। ये सब हम डिटेल में पढ़ने वाले

[25:23] हैं जो मैंने अभी आपको एक लाइन में बोला।

[25:25] लेकिन आपको ये विजुअलाइज़ करना होगा कि

[25:28] न्यूक्लियस के आसपास शेल्स तो पता था हमें

[25:31] के एल एम लेकिन उन शेल्स के अंदर सबशेल्स

[25:35] होते हैं। उनके अंदर ही मतलब कुछ जगह होती

[25:37] है और उन सबशेल्स के अंदर ऑर्बिटल्स होते

[25:40] हैं। और उन ऑर्बिटल्स के अंदर इलेक्ट्रॉन

[25:42] घूम रहा होता है। इट इज़ लाइक मैंने आपसे

[25:44] पूछा आप कहां रहते हैं? आपने कहा दिल्ली

[25:46] में तो मैंने कहा ओके। बट दिल्ली में कहां

[25:48] रहते हैं आप? अच्छा दिल्ली में आप

[25:50] पीतमपुरा में रहते हैं। अच्छा पीतमपुरा

[25:52] में कहां रहते हैं? पीतमपुरा में सीडी

[25:54] ब्लॉक में रहता हूं। अच्छा सीडी ब्लॉक में

[25:55] कहां रहते हो? हाउस नंबर सिक्स में रहता

[25:57] हूं। अच्छा मेरे घर का एड्रेस नहीं है

[25:58] भाई। पता नहीं किसका है। कोई पहुंच मत

[26:00] जाना। अब हाउस नंबर सिक्स में मैं कहां

[26:03] रहता हूं? जी मैं फर्स्ट फ्लोर पे रहता

[26:04] हूं। और फर्स्ट फ्लोर में चार कमरे हैं।

[26:06] मैं कोने वाले में पड़ा रहता हूं अपने

[26:08] गमों के साथ। कहने का मतलब ये है बेटा कि

[26:12] आप दिल्ली से भी काम चला सकते थे। पर

[26:14] दिल्ली के अंदर भी तो कोई जगह होगी। उसके

[26:16] अंदर भी ऐसे ही शेल्स के अंदर भी सबशेल्स

[26:18] हैं। सबशेल्स के अंदर ऑर्बिटल्स हैं और

[26:20] ऑर्बिटल के अंदर इलेक्ट्रॉन क्लॉकवाइज या

[26:22] एंटीक्लॉकवाइज रोटेट कर रहा होता है। तो

[26:25] एक्चुअली में इलेक्ट्रॉन का एड्रेस क्या

[26:27] है? इलेक्ट्रॉन मुझे कहां मिलेगा?

[26:28] इलेक्ट्रॉन मुझे अगर प्राप्त करना हो तो

[26:30] कहां मिलेगा? उसका एड्रेस क्या है? उसके

[26:32] लिए हमारे पास आ रहे हैं क्वांटम नंबर्स।

[26:35] क्वांटम नंबर बेसिकली चार नंबर्स का सेट

[26:38] है। क्वांटम नंबर चार नंबर का सेट है जो

[26:41] कि हमें इलेक्ट्रॉन की पोजीशन को बताते

[26:45] हैं अराउंड न्यूक्लियस। न्यूक्लियस के

[26:48] आसपास इलेक्ट्रॉन कहां मिलेगा? उसकी

[26:50] पोजीशन को जो रिप्रेजेंट करता है उसे कहा

[26:53] जाता है क्वांटम नंबर्स।

[26:55] जो चार नंबर का सेट होता है। सबसे पहला

[26:58] आता है प्रिंसिपल क्वांटम नंबर। जिसको हम

[27:00] लोग रिप्रेजेंट करते हैं n से। अब

[27:03] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर क्या रिप्रेजेंट

[27:05] करता है भाई? तो इट

[27:09] रिप्रेजेंट्स

[27:12] शेल

[27:14] अराउंड

[27:17] न्यूक्लियस।

[27:19] और शेल्स को ही क्या भी कहा जाता है?

[27:21] ऑर्बिट्स। ध्यान रखना इसमें दो वर्ड्स

[27:23] आएंगे ऑर्बिट्स। और ऑर्बिटल्स। ऑर्बिटल्स

[27:25] बहुत अलग हैं। ऑर्बिट्स अलग चीज़ हैं। तो

[27:28] जो प्रिंसिपल क्वांटम नंबर होता है वो

[27:30] न्यूक्लियस के आसपास शेल्स को रिप्रेजेंट

[27:33] करता है। एग्जांपल के तौर पे अगर ये मेरे

[27:35] पास न्यूक्लियस है। ये मेरे पास अगर

[27:37] न्यूक्लियस है तो इसके आसपास हमारे पास

[27:41] शेल्स होते हैं। ये हमारा पहला शेल। ये

[27:44] हमारा दूसरा शेल। ये हमारा तीसरा शेल और

[27:47] ये हमारा चौथा शेल। अब जो पहला शेल है, ये

[27:50] शेल्स वैसे तो नील्स बोर्ड जी ने दिए हम

[27:53] लोग पढ़ेंगे इनके बारे में कि उन्होंने ये

[27:55] कैसे दिया है। बट अभी के लिए ये शेल्स

[27:56] हैं। अब जो पहला शेल है इसको हम लोग बोलते

[27:59] हैं के शेल। फिर एल शेल फिर एम शेल और फिर

[28:04] एन शेल।

[28:05] अब यह जो के एल एम एन है यह तो इनके एक

[28:09] प्रकार से नाम हैं। इनके नंबर भी हैं। तो

[28:13] नंबर रिप्रेजेंट होते हैं प्रिंसिपल

[28:15] क्वांटम नंबर जिसको n से बोलते हैं। अगर n

[28:18] की वैल्यू वन है इसका मतलब है हम k शेल की

[28:21] बात कर रहे हैं। अगर n की वैल्यू टू है

[28:24] इसका मतलब है हम l शेल की बात कर रहे हैं।

[28:27] अगर n की वैल्यू थ्री है तो इसका मतलब है

[28:30] हम m शेल की बात कर रहे हैं। और अगर n की

[28:32] वैल्यू फोर है तो इसका मतलब है हम n शेल

[28:35] की बात कर रहे हैं। ऐसे ही आप अगर मान लो

[28:38] आगे जाओगे तो के एल एम एन ओ पी ऐसे हो

[28:40] जाएगा। ऑलदो पूरे 11th में चार पांच शेल

[28:43] से ऊपर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वो आप

[28:45] समझोगे। शेल उससे ज्यादा है बट जरूरत नहीं

[28:48] पड़ेगी। लेकिन पहला शेल अगर है जिसको हम

[28:50] के शेल बोलते थे वो n की वैल्यू उसके लिए

[28:52] वन है। फिर टू है फिर थ्री। यानी n की

[28:54] वैल्यू एक वन से शुरू होती है और आगे कहीं

[28:57] तक भी जा सकती है। पांच छ 7 आठ कहीं तक

[29:00] भी। अगेन ऐसा कोई फिक्स नंबर नहीं है। हम

[29:03] यूज़ कहां तक करेंगे? वो है चार पांच तक

[29:05] मैक्सिमम। बट जाए कहीं तक भी सकता है। तो

[29:07] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर बहुत सिंपल है। ये

[29:10] रिप्रेजेंट करता है शेल्स को। अब ये अलग

[29:12] बात है कि प्रिंसिपल क्वांटम नंबर से ही

[29:14] हम बहुत सारी चीजें निकालेंगे। जैसे

[29:17] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर वैसे तो बनाया गया

[29:19] था शेल्स को रिप्रेजेंट करने के लिए। बट

[29:21] वो अलग बात है कि उसी से ही हमने नंबर ऑफ

[29:23] इलेक्ट्रॉन्स भी निकालना सीख लिया। हमने

[29:25] रेडियस ऑफ शेल भी निकालना सीख लिया। हमने

[29:27] एनर्जी ऑफ़ शेल निकालना भी सीख लिया।

[29:29] रेडियस और एनर्जी जो है ये सारे फार्मूले

[29:31] हमें नील्स बोर्ड जी देंगे। बट अगर मैं

[29:33] आपको बोलूं कि हर एक शेल में कितने

[29:36] इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं? हर एक शेल में

[29:38] कितने इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं? तो नंबर

[29:42] ऑफ़ इलेक्ट्रॉन्स इन अ शेल। क्या हर एक शेल

[29:46] में कितने भी इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं? या

[29:48] कोई नंबर फिक्स्ड है? आंसर है फिक्स्ड है

[29:51] पता है हमें। और उसका फार्मूला हमारे पास

[29:54] है 2n की पावर 2। उसका फार्मूला हमारे पास

[29:58] है 2n की पावर 2। यहां पे n ऑब्वियस सी

[30:01] बात है प्रिंसिपल क्वांटम नंबर है। जैसे

[30:03] कि अगर मैं आपसे पूछूं कि नंबर ऑफ

[30:06] इलेक्ट्रॉन्स इन k यानी कि हमारा जो

[30:09] फर्स्ट शेल है हमारा ये क्या फर्स्ट की

[30:12] स्पेलिंग लिखी है मैंने। हमारा जो फर्स्ट

[30:14] शेल है उसमें कितने इलेक्ट्रॉन आ सकते

[30:17] हैं? तो n की जगह आपको वन डालना है और वन

[30:19] डालना है और टू से मल्टीप्लाई करना है तो

[30:21] दो इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। ऐसे ही नंबर ऑफ़

[30:24] इलेक्ट्रॉन्स इन l यानी कि हमारा जो सेकंड

[30:27] शेल है सेकंड शेल है उसमें कितने

[30:30] इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं? तो टू 2 की पावर 2

[30:33] यानी कि एट इलेक्ट्रॉन आ जाएंगे जो कि

[30:35] हमने नाइंथ क्लास में पढ़ा हुआ है। ऐसे ही

[30:37] अगर मैं आपसे पूछूं कि नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन

[30:39] इन klm m यानी कि हमारा जो थर्ड शेल है

[30:43] उसमें कितने इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं? है तो

[30:45] आंसर है टू और 3 की पावर 2 9 हो गया। 9 *

[30:48] 2 18 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। ऐसे ही नंबर

[30:52] ऑफ़ इलेक्ट्रॉन्स इन n यानी कि हमारा जो

[30:54] फोर्थ शेल है उसमें कितने इलेक्ट्रॉन आ

[30:58] सकते हैं? तो टू यहां पे 4 की पावर 2 16 *

[31:01] 2 32 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। ऐसे आगे

[31:04] जाओगे तो 50 इलेक्ट्रॉन आ जाएंगे। फिर 64

[31:07] यानी कि कहने का मतलब ये है कि नंबर ऑफ़

[31:11] इलेक्ट्रॉन्स हर एक शेल में फिक्स्ड हैं।

[31:13] और उसको कैलकुलेट करने के लिए हमारे पास

[31:15] एक फार्मूला है जो कि कह रहा है 2n की ^ 2

[31:18] एक फार्मूला है जो कि कह रहा है 2n की

[31:21] पावर 2 व्हिच मींस कि यहां पे n जो है वो

[31:24] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर होगा। यानी कि

[31:26] आपका शेल नंबर होगा। ठीक है ना? तो पहले

[31:28] शेल में कितने इलेक्ट्रॉन आए? दो फिर आए

[31:30] आठ फिर आए 18 फिर आए 32 फिर आए 50। अब ये

[31:34] इलेक्ट्रॉन सिर्फ शेल के अंदर नहीं उसके

[31:36] अंदर भी कुछ होता है वो है सबशेल्स। उसमें

[31:38] घूम रहे होते हैं। वो पढ़ेंगे हम। लेकिन

[31:41] मैंने आपको अभी एक रफ हिंट दिया है कि

[31:43] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर जो कि शेल्स को

[31:45] रिप्रेजेंट करता है। साथ ही साथ इसके और

[31:47] भी बहुत फायदे आएंगे आगे जाके जैसे अभी एक

[31:49] फायदा है। इससे आप नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स

[31:51] निकाल सकते हो। लेकिन आगे जाके आप इससे

[31:53] रेडियस ऑफ शेल भी निकाल पाओगे। 0.529n²

[31:56] / z करके एक फार्मूला आएगा। एनर्जी भी

[31:58] निकाल पाओगे। इसी चैप्टर में -13.6z² / n²

[32:02] अभी आपको लग रहा होगा सर पता नहीं कौन सी

[32:04] भाषा में बात कर रहे हैं लेकिन आप सबके

[32:05] मोस्ट फेवरेट फॉर्मूले बन जाएंगे बट अभी

[32:07] के लिए हां हम इससे शेल नंबर के साथ-साथ

[32:09] नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स कितने आ सकते हैं एक

[32:11] शेल में ये भी पता लगा सकते हैं। फिर आता

[32:15] है हमारे पास सेकंड क्वांटम नंबर जिसको

[32:17] कहते हैं एज़ीमुथल क्वांटम नंबर। अब

[32:20] एजीमुथल क्वांटम नंबर ऑब्वियस सी बात है

[32:23] ये देखो एक सीक्वेंस चल रहा है जो

[32:25] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर है ये रिप्रेजेंट

[32:28] करता है शेल्स को तो एजीमुथल क्वांटम नंबर

[32:31] रिप्रेजेंट करता है शेल्स के अंदर सबशेल्स

[32:34] को घर के दिल्ली के अंदर पीतमपुरा

[32:39] शेल्स के अंदर सबशेल्स को ये रिप्रेजेंट

[32:41] करता है। यानी शेल के अंदर भी कुछ डिवीजंस

[32:44] हैं जिनको सबशेल्स कहा गया है। उनमें

[32:47] इलेक्ट्रॉन घूम रहे होते हैं। तो इट

[32:48] रिप्रेजेंट्स क्या भैया? सबशेल्स

[32:52] प्रेजेंट इनसाइड शेल्स। शेल्स के अंदर जो

[32:56] सबशेल्स होते हैं उनको ये रिप्रेजेंट कर

[32:59] रहा होता है। एज़ीमुथल क्वांटम नंबर को हम

[33:01] L से रिप्रेजेंट करते हैं। अब यहां पे कुछ

[33:05] कंफ्यूजन ना हो। बेटा इससे थोड़ा ध्यान से

[33:08] आपको समझनी होंगी कुछ बातें। ठीक है? यह

[33:10] पूरा समझना। फिर जज करना कि आपको समझ में

[33:13] आया कि नहीं।

[33:15] यहां पे पहला पॉइंट देखो जो नंबर

[33:19] ऑफ

[33:21] सबशेल्स होते हैं इन अ शेल

[33:26] जो नंबर ऑफ सबशेल्स होते हैं इन अ शेल एक

[33:30] शेल में सबशेल्स होंगे ना वो कितने होंगे?

[33:32] तो आंसर है जो आपका शेल नंबर है उतने ही

[33:35] आपके अंदर सबशेल्स होंगे इन अ शेल। ये तो

[33:38] टंग ट्विस्टर लग रहा है। नंबर ऑफ़ सबशेल्स

[33:41] इन अ शेल इज़ इक्व टू शेल नंबर।

[33:45] यह तो टंग ट्विस्टर लग रहा है। लेकिन इसका

[33:47] क्या मतलब है? यह बहुत इंपॉर्टेंट मैंने

[33:50] यार यह ना इसका इंटरफेस बदल गया। मुझे

[33:52] कंफ्यूजन हो रही है बार-बार। जो नंबर ऑफ

[33:56] सबशेल्स हैं मैंने बोला है ये किसके बराबर

[33:59] हैं? शेल नंबर के। कंफ्यूजन वाली कोई बात

[34:01] ही नहीं है। बहुत आसान है और समझो। जैसे

[34:06] अगर मैं आपसे पूछूं K शेल।

[34:09] अब K शेल का शेल नंबर वन है। तो K शेल के

[34:13] अंदर एक ही सबशेल होगा। वन सबशेल होगा।

[34:18] वन सबशेल होगा। अच्छा

[34:22] L शेल।

[34:24] L शेल का शेल नंबर क्या है? टू है। L का

[34:28] शेल नंबर टू है। तो उसके पास दो सबशेल्स

[34:31] होंगे।

[34:33] उसके पास दो सबशेल्स होंगे।

[34:37] उसके पास दो सबशेल्स होंगे।

[34:41] ऐसे ही

[34:43] m शेल की अगर बात करें तो m शेल का शेल

[34:47] नंबर क्या है? थ्री है। तो इसके पास थ्री

[34:50] सबशेल्स होंगे।

[34:52] इसके पास थ्री सबशेल्स होंगे।

[34:56] n शेल। n शेल का शेल नंबर क्या है भैया?

[35:00] चार। तो इसके पास चार सबशेल्स होंगे।

[35:06] यानी पहले शेल में एक ही सबशेल है। दूसरे

[35:09] शेल में दो सबशेल है। तीसरे शेल में तीन

[35:12] सबशेल है। चौथे शेल में चार सबशेल है।

[35:15] अच्छा

[35:16] अब अगर K शेल है और उसमें एक सबशेल है तो

[35:19] उस सबशेल का कोई नाम होगा ना? यस। उस

[35:22] सबशेल का नाम है S सबशेल। उस सबशेल का नाम

[35:26] है S

[35:28] सबशेल।

[35:30] यानी कि जो K शेल में पहला सबश एक ही

[35:34] सबशेल है उसका नाम है S सबशेल। जो L शेल

[35:36] है उसमें दो सबशेल है। एक का नाम है S

[35:40] सबशेल

[35:42] यानी S और एक का नाम है P सबशेल यानी कि

[35:46] P।

[35:51] देखो आपके मन में हो सकता है एक सवाल आए।

[35:53] देखो बड़े सिंपल सा एक लॉजिकल बात करता

[35:55] हूं। आपके मन में हो सकता है। एक सवाल है

[35:57] कि ये इन शेल्स का नाम के एल एम क्यों

[35:59] पड़ा? सबशेल्स का नाम एस पी डी एफ क्यों

[36:02] पड़ा? तो आपको बस अपने मन में एक बात को

[36:04] समझना होगा। वो ये है कि

[36:07] हर चीज के पीछे ना एक कहानी होती है। ये

[36:09] मैंने आपको यूनिट्स एंड मेजरमेंट के वन

[36:11] शॉट में बोला था कि हर चीज के पीछे एक

[36:14] कहानी होती है। अगर मैं आपको बोलूं कि

[36:19] इसका नाम रिस्ट वॉच क्यों है? अगर आपने वो

[36:21] वन शॉट नहीं देखा था तो। क्योंकि ये रिस्ट

[36:23] पे पहनी जाती है और ये एक वॉच है। तो इसका

[36:25] नाम है रिस्ट वॉच। लेकिन रिस्ट को रिस्ट

[36:28] क्यों कहते हैं? और वॉच को वॉच क्यों कहते

[36:31] हैं? इसके पीछे कोई कहानी होगी। ऐसा तो है

[36:33] नहीं कि आज से इसे वॉच कहेंगे। कोई कहानी

[36:36] होगी। आपका नाम रखा गया है। कोई कहानी

[36:38] होगी इसके पीछे। किसने रखा होगा? उसके

[36:40] दिमाग में क्या चल रहा होगा? पंडित जी ने

[36:42] बोला होगा। ये नंबर से आया है। मौलवी जी

[36:44] ने बोला होगा ऐसे रखना है। है ना? गुरु

[36:46] ग्रंथ साहिब के पेज का ये जो भी आपका धर्म

[36:49] का प्रोसेस होगा।

[36:51] उसके पीछे कहानी होगी। मैंने आज ही क्यों

[36:54] वन शॉट रिकॉर्ड करना शुरू किया? उसके पीछे

[36:56] कहानी है। जिसका थंबनेल बना है उसके पीछे।

[36:58] लेकिन क्या सारी कहानियां जानना आपके लिए

[37:01] जरूरी है? अब मैं आपको बताऊं कि मैंने आज

[37:03] ये टी-शर्ट क्यों पहनी और आपका टाइम वेस्ट

[37:05] होगा। मैं आपको बताऊं हमने थंबनेल ऐसा

[37:07] क्यों बनाया इस बार? आप कहोगे यार मुझे

[37:10] जानना है तो ठीक मैं बता दूंगा। आप चाहते

[37:12] हो नहीं जानना है तो फिर टाइम वेस्ट वाली

[37:13] बात है। मेरा नाम क्यों पड़ा? साइंस एंड

[37:16] फन का नाम। साइंस एंड फन क्यों पड़ा? हम

[37:17] मैंने यहां पे बोर्ड ऐसा क्यों लिया हुआ

[37:20] चौक हर चीज के पीछे एक कहानी है और अगर हम

[37:22] हर कहानी को जानने बैठेंगे तो हमारा दिमाग

[37:25] फट जाएगा। जैसे के एल एम के पीछे भी एक

[37:28] कहानी है। जैसे एस पी डी एफ के पीछे कहानी

[37:30] बताता हूं आपको। जो पहला सबशेल है उसका

[37:32] नाम एस है। एस का मतलब शार्प होता है। पी

[37:35] का मतलब प्रिंसिपल होता है। अभी डी एफ भी

[37:37] आएंगे। डी का मतलब डिस्क्रीट होता है। एफ

[37:38] का मतलब फंडामेंटल होता है। अब उन वर्ड्स

[37:41] के पीछे कोई कहानी है क्योंकि उनके अंदर

[37:43] कुछ नेचर है जिसकी वजह से वो नाम दिए गए।

[37:45] अभी आपको 11th क्लास में नहीं पढ़ना है

[37:47] वो। तो टेंशन मत लो। तो पहले शेल में एक

[37:51] सबशेल है उसका नाम S सबशेल है। दूसरे शेल

[37:53] में दो सबशेल हैं S और P। तीसरे में आप

[37:56] समझ गए होंगे तीन सबशेल हमारे पास आ जाते

[37:59] हैं। S सबशेल आ जाता है। S सबशेल आ जाता

[38:04] है।

[38:06] P सबशेल आ जाता है।

[38:10] D सबशेल आ जाता है।

[38:13] D सबशेल आ जाता है।

[38:18] ठीक है? और चौथे

[38:20] शेल में चार सबशेल्स हैं। चार का नाम पहले

[38:25] तीन तो आपने गेस कर ही लिया होगा। S सबशेल

[38:28] है,

[38:30] P सबशेल है,

[38:35] D सबशेल है,

[38:38] और F सबशेल है।

[38:42] यानी आपको इसे कैसे विजुअलाइज़ करना है?

[38:45] आपको इसे ऐसे विजुअलाइज़ करना है कि यार जो

[38:48] मेरा न्यूक्लियस होता है ये मेरा

[38:51] न्यूक्लियस होता है। न्यूक्लियस के आसपास

[38:53] ये पहला शेल है। ये दूसरा शेल है। ये

[38:57] तीसरा शेल है। ये चौथा शेल है। ठीक है?

[39:01] पहले शेल के अंदर एक ही सबशेल है जिसका

[39:04] नाम S है।

[39:07] दूसरे सबशेल दूसरे शेल के अंदर दो सबशेल

[39:10] है जिसका नाम S है और P है। तीसरे में तीन

[39:15] है जिसका नाम S है, P है, डी। ऑब्वियस सी

[39:17] बात है। ये ऐसे नहीं बैठे हुए होते। मैं

[39:18] बस आपको दिखा रहा हूं। और चौथे में एस है,

[39:22] पी है, डी है और एफ है।

[39:26] यानी हर एक शेल में उतना ही सबशेल है जो

[39:29] उसका शेल नंबर है। अब क्योंकि ये वाला S

[39:32] ये वाला S ये वाला S ये वाला S में आप

[39:34] कंफ्यूज ना हो। इसलिए इसको हम 1s कहते

[39:37] हैं। क्योंकि ये पहले वाले का S है। इसको

[39:39] हम 2s कहते हैं। इसको हम 3s कहते हैं और

[39:42] इसको हम 4s कहते हैं।

[39:44] जैसे इसको हम 2p कहते हैं। यानी 1p नहीं

[39:47] होता क्योंकि फर्स्ट वाले में P है ही

[39:48] नहीं। तो 1p कुछ भी नहीं होता है। इसको हम

[39:51] 3p कहते हैं और इसको हम 4P कहते हैं। ठीक

[39:53] है? ऐसे ही इसको हम लोग 3D कहते हैं। 3D

[39:56] यानी 1D, 2D कुछ नहीं होता है। गहरी बात

[39:58] होगी। 3D ऐसे ही आया 4d ऐसे ही 4f होता

[40:03] है। 1f 2F, 3F नहीं होता है। 4F होता है।

[40:06] तो अभी हमने क्या-क्या सीख लिया कि एक शेल

[40:08] को रिप्रेजेंट करता है प्रिंसिपल क्वांटम

[40:10] नंबर। शेल के अंदर होता है सबशेल जिसको

[40:12] रिप्रेजेंट करता है एज़मथल क्वांटम नंबर।

[40:14] सर आपने कहा था इसको एल से रिप्रेजेंट

[40:16] करते हैं। तो फिर ये एल तो आपने यूज़ ही

[40:18] नहीं किया कहीं आओ। अब जैसे हर एक शेल का

[40:22] नाम भी था के एल एम और नंबर भी था 1 2 3

[40:24] ऐसे ही एक सबशेल का नाम भी है एस पीडीएफ

[40:27] और इनका नंबर भी है। जैसे S सबशेल का जो

[40:30] नंबर है वो है शून्य।

[40:33] S सबशेल का नंबर है शून्य और P सबशेल का

[40:36] नंबर है वन। S सबशेल का नंबर है शून्य। P

[40:39] का नंबर है वन। तो D का नंबर क्या हो गया?

[40:42] टू। एस सबशेल का नंबर है शून्य, पी सबशेल

[40:45] का नंबर है वन, डी का नंबर है टू और एफ का

[40:49] नंबर है थ्री। एफ का नंबर है थ्री। तो

[40:53] यानी कि इन सबशेल्स के नाम भी है एस पी,

[40:56] डीएफ और नंबर भी है 0 1 2 3 यानी शेल्स

[40:59] में 1 2 3 4 ऐसे शुरू करते हैं। लेकिन

[41:01] सबशेल्स में 0 1 2 3 4 ऐसे शुरू करते हैं।

[41:03] अब आप ये मत से नहीं पूछोगे किसने बनाया,

[41:05] क्यों बनाया, कैसे बनाया? वो तो बनाया है

[41:07] ना। अभी हमें पढ़ना है ये बनाया। तो अगर

[41:09] आप नोटिस करें तो क्या ऐसा कह सकते हैं कि

[41:12] जो शेल का जो नंबर है जिसको हम n बोलते

[41:15] हैं n मुझे बताना क्या ये कहना सही होगा

[41:18] कि जो एजीमुमथल क्वांटम नंबर है ये हमेशा

[41:22] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर से एक कम आएगा

[41:24] कैसे अगर आप तीसरे शेल में हो तीसरे शेल

[41:28] में हो तीसरे शेल में हो तो n की वैल्यू

[41:31] थ्री 3 - 1 2 आया अगर आप मैं हटा दूंगा

[41:35] इसको अगर आप तीसरे शेल में हो तो l की

[41:39] वैल्यू टू का मतलब समझते हो ना 0 1 और टू

[41:44] क्योंकि ये ज़ीरो से शुरू हो रहा है तो

[41:45] हमेशा एक कम आएगा। मान लेते हैं n की

[41:48] वैल्यू चार है। यानी आप चौथे शेल की बात

[41:51] कर रहे हो तो 4 - 1 3 होता है। तीन का

[41:54] मतलब 0 1 2 और थ्री होता है। तो क्योंकि

[41:58] इसकी शुरुआत ज़ीरो से हो रही है। तो जो भी

[42:00] सबशेल्स के नंबर आएंगे वो हमेशा एक कम

[42:02] आएंगे। एंड दैट इज़ व्हाई एज़मथल क्वांटम

[42:05] नंबर हमेशा

[42:07] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर से एक कम होगा। और

[42:12] ये किसको रिप्रेजेंट करेगा? सबशेल्स को।

[42:14] अब बात आती है किसकी? देखो हमने क्या पढ़

[42:16] लिया? शेल्स के अंदर कौन है? सबशेल्स हैं।

[42:19] अब सबशेल्स के अंदर आते हैं ऑर्बिटल्स। अब

[42:23] सबशेल्स के अंदर आते हैं ऑर्बिटल्स। और

[42:26] इन्हें रिप्रेजेंट करता है कौन? मैग्नेटिक

[42:30] क्वांटम नंबर। इन्हें रिप्रेजेंट करता है

[42:33] कौन? मैग्नेटिक क्वांटम नंबर। क्या

[42:36] रिप्रेजेंट कर रहा है? देखो। इट

[42:38] रिप्रेजेंट्स ऑर्बिटल्स प्रेजेंट इनसाइड

[42:41] सबशेल। ये ऑर्बिटल्स को रिप्रेजेंट करता

[42:45] है जो कि सबशेल के अंदर बैठे हुए हैं।

[42:48] ऑर्बिटल्स को मैं डब्बे बोलता हूं। ज्यादा

[42:50] बेहतर समझ में आता है। बट अभी के लिए ये

[42:52] समझो आप कि एक शेल है। शेल के अंदर एस

[42:55] सबशेल है। उस एस सबशेल के अंदर ना कमरे

[42:58] हैं। कमरे हैं। ऐसे पी सबशेल में भी कमरे

[43:00] हैं। डी सबशेल में भी कमरे हैं। एफ सबशेल

[43:03] में भी कमरे हैं। सबके अंदर फिक्स्ड कमरे

[43:05] हैं। वन बीएचके फ्लैट, टू बीएचके फ्लैट,

[43:08] थ्री बीएचके फ्लैट होता है ना। आई होप

[43:10] आपको बीएचके पता हो। थ्री बी ये मैं क्या

[43:13] पढ़ाने लग गया आपको? 3 बीएचके का मतलब हो

[43:15] गया थ्री हमारे पास क्या है? अ मैं भी भूल

[43:19] गया यार। बाथरूम है, हॉल है, किचन है।

[43:23] थ्री बैडरूम सॉरी हां। थ्री बैडरूम है, एक

[43:25] हॉल है और एक किचन है। है ना? तो थ्री

[43:28] रूम्स होंगे। फिर साथ में एक हॉल भी

[43:30] मिलेगा और एक किचन भी मिलेगा। शायद इसका

[43:31] मतलब यही होता है। मैं खुद भूल गया हूं।

[43:33] लेकिन हां अगर अगर हर जैसे आपके घर में

[43:36] फिक्स्ड नंबर ऑफ रूम्स होंगे। ऑब्वियस सी

[43:39] बात है वो तो आप जितने मर्जी बना लो छोटा

[43:41] बड़ा करके। लेकिन हर एक सबशेल के अंदर जो

[43:44] ऑर्बिटल्स होते हैं, ऑर्बिट अलग है।

[43:46] ऑर्बिटल्स का मतलब है कमरे। हर एक सबशेल

[43:49] में कमरे अलग-अलग हैं। और ये रिप्रेजेंट

[43:51] करता है कितने कमरे हैं एक सबशेल में?

[43:54] कितने कमरे हैं एक सबशेल में? आप ध्यान

[43:57] रखें जो S सबशेल है जो हमारे पास S सबशेल

[44:02] है S सबशेल

[44:06] जो हमारे पास S सबशेल है उसमें एक ही

[44:11] ऑर्बिटल है यानी एक ही कमरा है।

[44:16] जो हमारे पास P सबशेल है P सबशेल है। अभी

[44:20] आपको लग रहा होगा सब कुछ फैल गया है। बट

[44:22] सब इकट्ठा हो जाएगा। टेंशन मत लो। जो P

[44:25] सबशेल होता है। उसमें तीन कमरे होते हैं।

[44:28] तीन कमरे होते हैं। तीन ऑर्बिटल्स होते

[44:30] हैं।

[44:32] जो डी सबशेल होता है। डी सबशेल

[44:38] उसमें पांच कमरे होते हैं। पांच कमरे मतलब

[44:41] पांच ऑर्बिटल्स होते हैं। और जो f सबशेल

[44:46] होता है एफ सबशेल।

[44:51] उसमें सात कमरे होते हैं। यानी कि सात

[44:54] ऑर्बिटल्स होते हैं। सात ऑर्बिटल्स।

[44:57] आपने एक पैटर्न नोटिस किया। एक पैटर्न

[44:59] नोटिस किया क्या? एक पैटर्न अगर आपने

[45:02] नोटिस किया हो तो यहां पे आपको ऑड में

[45:05] कमरे बढ़ रहे हैं। यानी कि अब आप शेल को

[45:09] थोड़ी देर के लिए छोड़ दो भाई। शेल के

[45:10] अंदर थे सबशेल। अब सबशेल की बात होना शुरू

[45:13] हो गई। तो एस सबशेल के अंदर एक कमरा है।

[45:16] पी सबशेल के अंदर तीन कमरे हैं। डी सबशेल

[45:19] के अंदर पांच कमरे हैं और एफ सबशेल के

[45:22] अंदर सात कमरे हैं। ये कमरे ऑड में बढ़

[45:25] रहे हैं अगर आप नोटिस करें तो। ऑड में बढ़

[45:28] रहे हैं। अब मैग्नेटिक क्वांटम नंबर को हम

[45:30] ME से रिप्रेजेंट करते हैं और ME जो है ये

[45:34] होता है 2L + 1 का फार्मूला। 2L + 1 का

[45:39] फार्मूला। आप हिसाब लगा सकते हो। देखो अगर

[45:42] मैं S सबशेल की बात करूं तो S के लिए L की

[45:45] वैल्यू ज़ीरो होती है। अभी बात करी। ज़ीरो

[45:47] पुट करो देखो वन आएगा। p के लिए L की

[45:51] वैल्यू वन होती है। तो 2 * 1 + 1 थ्री आ

[45:54] गए तो तीन ऑर्बिटल्स आ गए। d के लिए L की

[45:57] वैल्यू टू होती है। 2 * 2 4 4 + 1 5 हो

[46:00] गया। इसके लिए वैल्यू थ्री होती है। 3 * 2

[46:03] 6 + 1 से 7 हो गया। तो ये सेवन ऑर्बिटल्स

[46:07] हो गए। इसमें फाइव ऑर्बिटल्स हो गए। इसमें

[46:08] थ्री ऑर्बिटल्स हो गए। सेवन ऑर्बिटल हो

[46:10] गया। ऑर्बिटल का मतलब आप समझो कमरे होता

[46:12] है। ऑर्बिटल का मतलब आप समझो कमरे होता

[46:16] है। यानी इसमें एक कमरा है। इसमें एक कमरा

[46:18] है जिसमें इलेक्ट्रॉन घूम रहा होगा।

[46:19] ऑर्बिटल्स को हम ऐसे डब्बे से दिखाएंगे।

[46:22] लेकिन वहीं पे हमारे पास P में तीन कमरे

[46:25] होते हैं। वहीं पे हमारे पास P में तीन

[46:29] कमरे होते हैं। तीन कमरे होते हैं। तीन

[46:32] कमरे होते हैं। तीनों कमरे बराबर हैं। ठीक

[46:35] है? वहीं पर हमारे पास डी में पांच कमरे

[46:40] होते हैं। पांचों कमरे बराबर हैं।

[46:44] पांचों कमरे बराबर हैं। 1 2 3 4 5 ठीक है?

[46:51] छोटा कर देते हैं। पांचों कमरे बराबर हैं।

[46:53] 1 2 3 4 5 बराबर हैं। और F सबशेल में सात

[47:00] कमरे होते हैं। सबसे ज्यादा कमरे हैं

[47:02] भैया। सबसे ज्यादा कमरे हैं।

[47:05] ठीक है। आ जाओ। सात कमरे हैं। 1 2 3 4 5 6

[47:13] सात कमरे हो गए। सात कमरे हो गए।

[47:17] तो भैया ये कमरे हैं। ये ऑर्बिटल्स हैं।

[47:20] ये कमरे हैं। अब इन कमरों के अंदर फाइनली

[47:22] घूमने वाला है इलेक्ट्रॉन। कैसे घूमेगा,

[47:26] कब घूमेगा? ये बात करेंगे। लेकिन अब हम एक

[47:28] और चीज पे जा रहे हैं थोड़ा सा

[47:29] कंफ्यूजिंग। जैसे कि हमने पढ़ा कि हर एक

[47:32] ऑर्बिटल

[47:36] एक सब हर एक सबशेल के अंदर एक ऑर्बिटल है।

[47:38] जैसे S में एक है। P में तीन है। इसमें

[47:41] पांच है, सात है। अब इनके भी कोई नंबर और

[47:44] नाम हैं। थोड़ा सा कंफ्यूजिंग है। बाकी

[47:47] नंबर और नाम ज्यादा काम नहीं आएगा।

[47:48] धीरे-धीरे फ्लो समझ जाओगे। बेटा जब क्लास

[47:51] रूम में जाते हैं 70 बच्चे होते हैं, 50

[47:52] बच्चे होते हैं तो सबका नाम हम इनिशियली

[47:54] जानते नहीं होते। और इतना इंपॉर्टेंट भी

[47:56] नहीं होता है नाम जानना। धीरे-धीरे अपने

[47:58] आप याद हो जाते हैं। तो जैसे कि जो s

[48:01] सबशेल है उसमें जो एक ऑर्बिटल है इसका नाम

[48:04] S ऑर्बिटल ही है। यानी S सबशेल का नाम S

[48:08] है और उसके ऑर्बिटल का नाम भी S है। P

[48:12] सबशेल में जो तीन ऑर्बिटल है इनका नाम है

[48:15] PX PY PZ। यानी P सबशेल के अंदर S सबशेल

[48:21] के अंदर एक ऑर्बिटल था उसका नाम S है। P

[48:24] में तीन ऑर्बिटल है। उनका नाम PX PY PZ

[48:28] है। इनका नाम PX PY PZ क्यों है? ये आपको

[48:31] समझ में आएगा जब हम यहां पहुंच जाएंगे।

[48:33] इनकी शेप के अकॉर्डिंग इनके नाम रखे गए

[48:35] हैं px py pz। बताऊंगा कैसे। बट हां ये

[48:38] नाम है इनके। जैसे d सबशेल के पांच

[48:41] ऑर्बिटल का नाम क्या है? देखो dxy

[48:44] एक का नाम है dxy एक का नाम है dyz

[48:48] एक का नाम है dxz,

[48:51] एक का नाम है dx²y²

[48:54] और एक का नाम है dz²।

[48:58] ऐसे f ऑर्बिटल के नाम नहीं पढ़ने हैं हमें

[49:01] लेकिन इनके नाम पढ़ने हैं। अब नाम के

[49:02] साथ-साथ इनके नंबर भी हैं। जैसे s ऑर्बिटल

[49:06] का नंबर ज़ीरो ही है। s सब सबशेल का नंबर

[49:08] भी ज़ीरो था। इसके ऑर्बिटल का नंबर भी ज़ीरो

[49:10] है। p सबशेल का नंबर जो था अगर आपको याद

[49:13] हो वो था वन। लेकिन इसके ऑर्बिटल का नंबर

[49:15] क्या है? 0 +1 और -1 अच्छा अब ऐसा नहीं है

[49:19] कि मैं बीच वाले को ज़ीरो ही बोलूं। कोई भी

[49:21] कम वाले को कोई भी बोल सकते हो। लेकिन एक

[49:22] का नाम ज़ीरो एक का नंबर ज़ीरो होगा। एक का

[49:24] +1 होगा। एक का -1 होगा। कंफ्यूज मत हो इस

[49:26] पार्ट को आप अभी फिलहाल स्किप भी कर सकते

[49:28] हो। इतना इंपॉर्टेंट नहीं है। हां

[49:30] क्वेश्चंस में काम आएगा एक दो में। तो

[49:32] स्किप मत करना सॉरी। d सबशेल में पांच

[49:34] ऑर्बिटल हैं। तो ये नाम तो हैं इनके। नंबर

[49:37] बोले तो एक का ज़ीरो हो गया। एक का +1 हो

[49:39] गया। एक का +2 हो गया। एक का -1 हो गया।

[49:41] एक का -2 हो गया। फिर बोल रहा हूं। ये

[49:43] नंबर नहीं मैटर करते हैं। कहां किसको देना

[49:45] है। लेकिन हां -3 नहीं दे सकते आप। -2 -1

[49:49] 0 +1 +2 ऐसे समझ जाओ अब इसके नंबर क्या

[49:52] हैं? चलो बहुत देर से कोई सवाल नहीं पूछा।

[49:54] कमेंट सेक्शन पे टाइम स्टैंप के साथ जल्दी

[49:56] अभी इसी वक्त टाइम स्टैंप के साथ बताओ

[49:59] इसके नंबर्स क्या होंगे? टाइम स्टैंप के

[50:02] साथ बताओ इसके नंबर्स क्या होंगे? बिल्कुल

[50:04] सही। दे दिया वीडियो पॉज करके। वीडियो पॉज

[50:06] करके दे दिया। डन है। इसका होगा ज़ीरो।

[50:09] इसका होगा +1, इसका होगा +2, इसका होगा +3

[50:12] मतलब इसका मतलब किसी का भी -1, -2, -3,

[50:17] डन। इनके जो ये नाम पड़े हैं ये नाम इनकी

[50:19] शेप के अकॉर्डिंग है। तो अभी तक सर अभी तो

[50:21] हम बहुत कंफ्यूज हो गए। नहीं होना। अब

[50:23] सिर्फ इतना समझो। समराइज़ करो। इतना समझो

[50:26] कि एक न्यूक्लियस है। उसके आसपास शेल्स

[50:28] हैं। के एल, एम, एन यानी 1 2 3 4 शेल्स के

[50:31] अंदर सबशेल्स हैं। एक में पहले वाले में

[50:33] एक ही है एस। दूसरे वाले में दो है पी और

[50:36] एस। तीसरे वाले में तीन है spd और चौथे

[50:39] वाले में चार है spdf फिर हमने पढ़ा हर एक

[50:42] सबशेल के अंदर ऑर्बिटल पहले वाले में

[50:45] कितने ऑर्बिटल हैं s में एक ही ऑर्बिटल है

[50:47] p में तीन ऑर्बिटल है d में पांच ऑर्बिटल

[50:49] हैं f में सात है। हर एक ऑर्बिटल का कोई

[50:52] नंबर है और नाम है वो हमने देख लिया इसमें

[50:54] हमें नाम नहीं पढ़ने हैं। अब

[50:56] फाइनलीफाइनलीफाइनली

[50:58] चौथा क्वांटम नंबर आएगा और सारी चीजें

[51:01] इकट्ठी हो जाएंगी। चौथा क्वांटम नंबर आएगा

[51:04] और सारी चीजें इकट्ठी हो जाएंगी। और चौथा

[51:07] क्वांटम नंबर है स्पिन क्वांटम नंबर। जैसा

[51:09] कि मैंने बताया था आपको फाइनली हर एक कमरे

[51:13] में भी इलेक्ट्रॉन कैसे घूम रहा है

[51:15] क्लॉकवाइज या एंटीक्लॉकवाइज उस पे भी

[51:17] डिपेंड करता है। आओ देखो स्पिन क्वांटम

[51:21] नंबर किस चीज को रिप्रेजेंट करता है भैया?

[51:23] इट

[51:26] रिप्रेजेंट्स

[51:29] स्पिन

[51:31] ऑफ इलेक्ट्रॉन

[51:35] इन

[51:36] एन ऑर्बिटल एक ऑर्बिटल के अंदर एक

[51:41] इलेक्ट्रॉन किस स्पिन में घूम रहा है? एक

[51:44] ऑर्बिटल के अंदर एक इलेक्ट्रॉन के स्पिन

[51:47] पे घूम रहा है मतलब एक ऑर्बिटल में दो

[51:50] इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं। समझना ईच

[51:55] ऑर्बिटल ऑर्बिटल का मतलब कमरा। इसके पास

[51:59] एक कमरा है। इसके पास तीन है। इसके पास

[52:01] पांच है। इसके पास सात है। ईच ऑर्बिटल कैन

[52:06] कैन अकोमोडेट

[52:10] टू इलेक्ट्रॉन्स।

[52:13] हर एक ऑर्बिटल अपने अंदर दो इलेक्ट्रॉन्स

[52:16] जो है वो अकोमोडेट कर सकता है। हर एक

[52:18] ऑर्बिटल अपने अंदर दो इलेक्ट्रॉन्स

[52:21] अकोमोडेट कर सकता है। वन

[52:25] रोटेट्स

[52:29] क्लॉकवाइज़।

[52:31] अगर एक ऑब्वियस सी बात है एक ऑर्बिटल में

[52:33] हो सकता है एक भी इलेक्ट्रॉन ना हो। हो

[52:35] सकता है एक हो लेकिन मैक्सिमम दो आ सकते

[52:37] हैं। अब अगर दो हैं तो एक रोटेट हो रहा

[52:40] होगा क्लॉकवाइज जिसके लिए हम जो स्पिन

[52:42] क्वांटम नंबर है ms उसके लिए हम + 1/2 यूज़

[52:45] करेंगे। अगेन + 1/2 सिर्फ एक नंबर है जो

[52:47] क्लॉकवाइज़ को रिप्रेजेंट कर रहा है। एंड

[52:51] अदर

[52:54] रोटेट्स

[52:58] एंटीक्लॉकवाइज़। और अदर वन जो दूसरा वाला

[53:01] है वह रोटेट कर रहा होगा एंटीक्लॉकवाइज़ और

[53:04] एंटीक्लॉकवाइज़ के लिए हम - 1/2 रिप्रेजेंट

[53:07] करेंगे। हमें कैसे पता सर वो क्लॉकवाइज़

[53:10] रोटेट कर रहा होगा या काउंटर क्लॉकवाइज

[53:11] यानी एंटीक्लॉकवाइज। अबे आपको पता लगाना

[53:13] ही नहीं है। अभी आपने इसको इस्तेमाल कहां

[53:15] किया? अब इससे कहां घबरा गए? आपको पता

[53:17] लगाना ही नहीं है कि कोई क्लॉकवाइज घूम

[53:19] रहा होगा एंटीक्लॉकवाइज। और इसका क्या

[53:20] करना है? अरे रुको जरा सबर करो। आप मुझे

[53:23] बताओ ये डायरेक्शन कौन सी है? क्लॉकवाइज

[53:25] है या एंटीक्लॉकवाइज़ है? लो यहीं पर बात

[53:28] खत्म हो गई। आप कह रहे होगे यह क्लॉकवाइज

[53:30] है। मेरे लिए ये एंटीक्लॉकवाइज है। तो ये

[53:32] तो देखने का नजरिया है ना भैया। तो इसीलिए

[53:34] बस इतना जानो इस पूरे इस चीज से कि हर एक

[53:37] ऑर्बिटल में दो इलेक्ट्रॉन घूम रहे होते

[53:39] हैं। हर एक ऑर्बिटल में दो इलेक्ट्रॉन घूम

[53:41] रहे होते हैं। एक घूम रहा होता है

[53:43] क्लॉकवाइज जिसको ऐसे दिखाते हैं। और एक

[53:45] घूम रहा होता है एंटीक्लॉकवाइज जिसको ऐसे

[53:47] दिखाते हैं। हर एक ऑर्बिटल में एक-एक

[53:49] इलेक्ट्रॉन क्लॉकवाइज़ होता है। और एक-एक

[53:52] इलेक्ट्रॉन एंटीक्लॉकवाइज़ हो सकता है।

[53:54] मतलब हो सकता है। क्या पता हो एक ही

[53:56] इलेक्ट्रॉन तो ये मैटर नहीं करता।

[53:59] और एंटीक्लॉकवाइज, एंटीक्लॉकवाइज़

[54:01] एंटीक्लॉकवाइज। अब जैसे ये पांच ऑर्बिटल

[54:03] हैं तो इनमें इलेक्ट्रॉन कैसे-कैसे घूम

[54:05] रहा होगा क्लॉकवाइज़ और एंटीक्लॉकवाइज़।

[54:09] यानी हर एक ऑर्बिटल में आपको समझना है दो

[54:13] इलेक्ट्रॉन जो हैं वो हो सकते हैं। एक घूम

[54:17] रहा होता है क्लॉकवाइज़, एक घूम रहा होता

[54:18] है एंटीक्लॉकवाइज़।

[54:20] एक घूम रहा होता है क्लॉकवाइज़, एक घूम रहा

[54:22] होता है एंटीक्वाइज़। कैसे घूम रहा है? कौन

[54:24] सा घूम रहा है हमें लेना देना नहीं है।

[54:26] क्लॉकवाइज़ के लिए हम प्लस हाफ लगाते हैं।

[54:27] एंटीक्लॉकवाइज़ के लिए - हाफ। ऐसा मान लेते

[54:30] हैं कि पहला इलेक्ट्रॉन क्लॉकवाइज घूम रहा

[54:32] है। अब समराइज करो। अगर हर एक ऑर्बिटल में

[54:34] दो इलेक्ट्रॉन हैं। अब करो समराइज। बड़ी

[54:36] मजेदार चीज। अब मैं जो यहां करने जा रहा

[54:38] हूं वो सबसे इंपॉर्टेंट चीज है। सारे

[54:40] क्वांटम नंबर को समराइज कर दे। कैसे? ये

[54:44] हमारे पास है भैया न्यूक्लियस। ठीक है? डन

[54:47] है। अब न्यूक्लियस के आसपास

[54:51] हमारे पास ये आ गया पहला शेल।

[54:55] पहला शेल। यह आ गया दूसरा शेल। यह आ गया

[54:59] तीसरा शेल और यह आ गया चौथा शेल। डन। ठीक

[55:04] है? पहला शेल, दूसरा शेल, तीसरा शेल और

[55:07] चौथा शेल।

[55:11] अब जो पहला शेल है उसमें हमने क्या पढ़ा

[55:13] है? कितने सबशेल होते हैं? एक वो है एस।

[55:18] इसमें होगा एस और पी। इसमें होगा एस, पी

[55:24] और डी। इसमें होगा एस पी डी और एफ। ये तो

[55:29] पढ़ लिया और ये भी पढ़ लिया कि इनके इनके

[55:33] नंबर कैसे होंगे। ये 1s है। ये 2s है। ये

[55:37] 3s है। ये 4s है। ये 2p है। ये 3p है। ये

[55:42] 4p है। ये 3d है। ये 4d है और ये 4fs है।

[55:47] ठीक है? अभी-अभी थोड़ी देर पहले हमने क्या

[55:49] पढ़ा कि s के पास एक ऑर्बिटल है और हर एक

[55:53] ऑर्बिटल में दो इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं

[55:54] क्लॉकवाइज और एंटीक्लॉकवाइज। तो बताओ s

[55:57] सबशेल में कितने इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं?

[56:00] तो आंसर है s सबशेल में दो इलेक्ट्रॉन आ

[56:04] सकते हैं। दो इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। दो

[56:06] इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं, दो इलेक्ट्रॉन आ

[56:08] सकते हैं। p में कितने ऑर्बिटल है? P में

[56:12] तीन ऑर्बिटल हैं। हर एक ऑर्बिटल में दो-दो

[56:14] इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। तो टोटल कितने

[56:16] इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं? छह इलेक्ट्रॉन आ

[56:19] सकते हैं। छह छह इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं।

[56:22] छह इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। d में कितने

[56:25] ऑर्बिटल है? पांच ऑर्बिटल है। हर एक

[56:27] ऑर्बिटल में कितने इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं?

[56:30] दो इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। तो 5 * में 2

[56:32] 10 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं 10।

[56:35] 10 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं 10। और f में

[56:39] कितने ऑर्बिटल होते हैं? सात। हर एक में

[56:42] कितने इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं? दो। 7 * 2 =

[56:45] 14। 14 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। अब आप

[56:49] समराइज़ करो। अभी थोड़ी देर पहले क्या पढ़ा

[56:51] था? पहले शेल में दो इलेक्ट्रॉन आ सकते

[56:53] हैं। और वो दो इलेक्ट्रॉन कहां बैठे हुए

[56:54] हैं? 1s में बैठे हुए हैं। सेकंड वाले शेल

[56:57] में पढ़ा था आठ इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं।

[56:59] सेकंड वाले शेल में पढ़ा था आठ इलेक्ट्रॉन

[57:01] आ सकते हैं। लेकिन वो आठ इलेक्ट्रॉन कैसे

[57:04] बैठे हुए हैं? आज समझ में आया है। दो बैठे

[57:06] होते हैं 2s2 में और छह बैठे होते हैं 2p6

[57:09] में। अगले वाले शेल में पढ़ा था 18

[57:12] इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। वो 18 कैसे बैठे

[57:14] होते हैं? दो बैठे होते हैं 3s2 में। छह

[57:16] बैठे होते हैं 3p6 में और 10 बैठे होते

[57:18] हैं 3d10 में। टोटल 18 हो गए। अगले वाले

[57:21] में 32 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। वो 32

[57:23] इलेक्ट्रॉन कैसे बैठे होते हैं? आज पता

[57:25] लगा है। कैसे? दो इलेक्ट्रॉन बैठे होते

[57:28] हैं 4s में, छह इलेक्ट्रॉन बैठे होते हैं

[57:30] 4p में, 10 इलेक्ट्रॉन बैठे होते हैं 4d

[57:32] में। और 14 इलेक्ट्रॉन बैठे होते हैं 4f

[57:35] में।

[57:38] सारे क्वांटम नंबर्स को समराइज कर दिया।

[57:42] समराइज़ कर दिया कि कैसे कहां किस तरीके से

[57:46] इलेक्ट्रॉन बैठा हुआ है। कुछ सवाल ठीक है

[57:48] पेंडिंग है अभी कि इनके ये नाम ऐसे कैसे

[57:50] पढ़े? मैंने बताया था शेप में आएगा।

[57:52] इलेक्ट्रॉन्स को भरना कैसे है। 1s के बाद

[57:55] मुझे 2s पे जाना है या 2p पे जाना है? ये

[57:57] कैसे पता चलेगा? ये तो पता है कि K शेल

[58:00] अगर भर गया तो उसके बाद मुझे एल में जाना

[58:02] है। फिर मुझे M में जाना है। फिर मुझे N

[58:04] में जाना है। लेकिन अब तो सिर्फ शेल्स की

[58:06] बात नहीं है। अगर मैंने 1s भर दिया 1s में

[58:09] दो इलेक्ट्रॉन भर दिए। अब उसके बाद मुझे

[58:11] 2s में जाना है या 2p में जाना है। अगर 2s

[58:14] में जाना है तो क्यों? और अगर 2p में जाना

[58:16] है तो क्यों? ये हमें पढ़ना है अभी। लेकिन

[58:18] ये हमने समराइज़ कर दिया हमारे चारों

[58:20] क्वांटम नंबर्स को। हाथ जोड़ के विनती है

[58:24] चारों के चारों क्वांटम नंबर्स को आपने

[58:27] अगर ढंग से नहीं पढ़ा पहला दूसरा तीसरा

[58:31] चौथा तो आगे जाके बहुत परेशानी होगी बिकॉज़

[58:34] अब हम इन क्वांटम नंबर्स का यूज़ करके बहुत

[58:37] कुछ करने वाले हैं। लाइक इलेक्ट्रॉनिक

[58:39] कॉन्फ़िगरेशन करने वाले हैं। हुम्स रूल

[58:42] पढ़ने वाले हैं। बहुत सारी अजीब अजीब चीजें

[58:44] आने वाली है। लेकिन उसके लिए आपको पहले

[58:46] चारों क्वांटम नंबर्स ढंग से आने चाहिए

[58:48] तभी आगे बढूंगा। अब सवाल उठता है कि

[58:50] इलेक्ट्रॉन्स को भरना कैसे है? मतलब

[58:52] इलेक्ट्रॉन्स को भरते वक्त हमें जैसे कि

[58:55] मैंने आपसे पूछा कि 1s के बाद हमें 2s पे

[58:59] जाना है या 2p पे जाना है? तो इसके लिए

[59:00] हमारे पास आता है अफ बाउस प्रिंसिपल।

[59:04] अफबाऊ प्रिंसिपल क्या कहता है? ये कहता है

[59:06] कि आप जब इलेक्ट्रॉन्स को भर रहे होगे तो

[59:09] इलेक्ट्रॉन्स को भरते हुए आप इंक्रीजिंग

[59:12] ऑर्डर ऑफ एनर्जी का इस्तेमाल करोगे। या

[59:15] रिमोट का मैं एसी बंद करूं थोड़ा सा। हां।

[59:18] आप जब इलेक्ट्रॉन्स को भर रहेगे तो

[59:20] इलेक्ट्रॉन्स को भरते हुए आप इंक्रीजिंग

[59:23] ऑर्डर ऑफ एनर्जी में सबशेल्स के अंदर

[59:26] इलेक्ट्रॉन्स को भरोगे। व्हिच बेसिकली

[59:28] मींस कि अगर आपने पहला तो देखो आपके पास

[59:31] ऑप्शन नहीं है 1s में आपने इलेक्ट्रॉन

[59:32] भरा। उसके बाद आपको इलेक्ट्रॉन 2s में

[59:36] भरना है 2p में तो जिसकी एनर्जी कम होगी

[59:38] उसमें आप पहले इलेक्ट्रॉन भरोगे। अब सवाल

[59:41] पे तो सवाल आ गया कि भई ये तो चलो समझ में

[59:44] आ गया कि भैया 1s के बाद मुझे उस पे जाना

[59:46] है कि जिसकी एनर्जी कम हो। लेकिन अब मुझे

[59:47] कैसे पता कि 2s की एनर्जी कम है या 2p की

[59:49] एनर्जी कम है? तो इसकी टेंशन आपको नहीं

[59:52] लेनी है क्योंकि उसके लिए अफबाऊ जी ने एक

[59:54] एक पूरा फॉर्मेट दिया। अफबाऊ प्रिंसिपल ने

[59:57] एक पूरा फॉर्मेट दिया। और आप जब धीरे-धीरे

[01:00:00] बड़े होंगे, सब धीरे-धीरे बड़े होते हैं।

[01:00:02] तो आप भी समझ पाओगे कि हम कैसे एनर्जी

[01:00:04] निकाल सकते हैं। आप भी समझ पाओगे कि 2s और

[01:00:07] 2p में किसकी एनर्जी कम है, किसकी ज्यादा

[01:00:09] है। और जब आप ये सीख जाओगे बड़े हो के तो

[01:00:11] आपको ये पता चल जाएगा कि भैया पहले मुझे

[01:00:13] 1s के बाद किस में जाना है। बट अभी तो

[01:00:15] आपको ये नहीं पता है। तो इसके लिए पहले तो

[01:00:17] प्रिंसिपल पढ़ो। प्रिंसिपल कहता है कि

[01:00:19] इलेक्ट्रॉन्स इलेक्ट्रॉन्स

[01:00:22] इलेक्ट्रॉन्स आर फिल्ड इन इंक्रीजिंग

[01:00:24] ऑर्डर ऑफ़ एनर्जी ऑफ़ ईच सबशेल।

[01:00:26] इलेक्ट्रॉन्स को आपको इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ

[01:00:28] एनर्जी में भरना है। यानी पहले इलेक्ट्रॉन

[01:00:30] उसमें जाएगा जिसकी एनर्जी कम है और उसके

[01:00:32] बाद किस में जाएगा जिसकी एनर्जी ज्यादा

[01:00:34] है। बट हमें कैसे पता लगेगा? तो उसके लिए

[01:00:37] ये एक देखो एक सीक्वेंस बनाया गया है कि

[01:00:40] पहले आप जाएंगे 1s में। फिर आप जाएंगे 2s

[01:00:44] में। फिर आप जाएंगे 2p में। यानी कि पहले

[01:00:46] आप जाएंगे 1s में। फिर आप जाएंगे 2s में।

[01:00:49] फिर आप जाएंगे 2p में। फिर 2p के बाद आपको

[01:00:52] जाना है 3s में। फिर 3s के बाद जाना है 3p

[01:00:55] में। फिर 3P के बाद जाना है 4s में। फिर

[01:00:57] 4s के बाद जाना है आपको 3D में। यानी आप

[01:01:01] ऐसे मत समझना कि भैया सीक्वेंस में सब कुछ

[01:01:03] चल रहा है। देखो कैसे। 1s के बाद जाना है

[01:01:05] 2s में। 2s के बाद जाना है 2p में। 2p के

[01:01:07] बाद जाना है 3s में। 3s के बाद जाना है 3p

[01:01:09] में। अब 3P के बाद तो 3d आता है। नहीं। तो

[01:01:12] 3s के बाद आप 3P के बाद आपको 4s में जाना

[01:01:15] है। फिर आपको वापस से 3d में आना है। फिर

[01:01:18] आप आगे जाओगे। ऑलदो इसके आगे की एज सच

[01:01:20] बहुत ज्यादा जरूरत पड़ेगी नहीं। बट हां,

[01:01:22] यह आपको सीक्वेंस फॉलो करना है। अब यह ऐसे

[01:01:25] भी बना के आप याद कर सकते हो। नहीं तो मैं

[01:01:27] आपको यह बोल रहा हूं। आपको यह याद हो

[01:01:29] जाएगा और आप में से मोस्ट ऑफ द बच्चों को

[01:01:31] तो यह पहले से ही याद होगा। कमेंट सेक्शन

[01:01:33] में बताना याद है कि नहीं। ऐसे लिखना यस

[01:01:35] पहले से याद है। नहीं अब याद कर लेंगे।

[01:01:38] लेकिन आपको मैं बताऊं ये एक ऐसी चीज है जो

[01:01:40] आपको आप ऑटोमेटिकली याद हो जाएगी। जैसे कि

[01:01:44] अगेन अपने पेरेंट्स का फोन नंबर अगर आप

[01:01:46] बार-बार यूज करते हैं, डायल करते हैं या

[01:01:48] फिर अपने क्लासरूम में दोस्तों के नाम या

[01:01:49] फिर कोई गाना जिसको आपने कभी इंटेंशनली

[01:01:52] याद नहीं किया। बट वो इतने मल्टीपल टाइम्स

[01:01:54] आपने सुना कि वो याद हो गया। ऐसे ही ये

[01:01:56] आपको अपने आप याद हो जाएगा। जैसे सबसे

[01:01:58] पहले कौन आया? 1s2 फिर आया 2s2 फिर आया

[01:02:01] 2p6 तो ऐसे आपको करना है। 1s2 2s2 2p6 3s2

[01:02:05] 3p6 4s2 3d10 ये आपको अपने आप याद हो

[01:02:08] जाएगा। और यहां पे लिखा भी हुआ है क्या?

[01:02:10] 1s2 2s2 2p6 3s2 3p6 4s2 3d10 यहां तक 30

[01:02:14] हो गए। अब 30 से आगे जाने की ज्यादा तो

[01:02:17] जरूरत नहीं पड़ती। एक्सेप्शनल केसेस हैं।

[01:02:18] कहीं ना कहीं पड़ गई। लेकिन मोस्ट ऑफ दी

[01:02:21] पूरी 11th क्लास 12th क्लास 30 तक में

[01:02:23] नहीं पड़ जाती है। बट ठीक है इसके आगे भी

[01:02:26] जाने का आपके पास ऑप्शन है। 3D के बाद

[01:02:28] हमें 4p में जाना है। 4p के बाद 5s में

[01:02:30] जाना है अगर जरूरत पड़ी तो। बट एक्चुअली

[01:02:32] कॉन्फ़िगरेशन क्या है? 1s2 2s2 2p6 3s2

[01:02:36] 3p6 4s2 3d 10 30 तक हो जाते हैं। अब इसका

[01:02:39] करना क्या है? मान लो आपको इलेक्ट्रॉनिक

[01:02:41] कॉन्फ़िगरेशन करनी है सोडियम की। अब

[01:02:43] सोडियम के पास 11 इलेक्ट्रॉन होते हैं। तो

[01:02:45] 11 इलेक्ट्रॉन में क्या आया? 1s2.

[01:02:49] 2s2

[01:02:51] 2p6 तो 10 हो गए हैं देखो यहां तक। है ना?

[01:02:53] 2 2 4 और 6 10. अब 2p6 के बाद 3s2 आता है

[01:02:58] बट मेरे पास तो एक ही इलेक्ट्रॉन बचा है

[01:03:00] क्योंकि सोडियम का एटॉमिक नंबर 11 है। तो

[01:03:02] 3s2 नहीं आएगा 3s1 आएगा। ठीक है? ऐसे ही

[01:03:05] मान लेते हैं अगर मेरे पास क्लोरीन है

[01:03:07] जिसके पास 17 इलेक्ट्रॉन होते हैं। तो 1s2

[01:03:12] 2s2

[01:03:13] 2p6

[01:03:15] 3s2 यहां तक 12 इलेक्ट्रॉन हो गए। बचे

[01:03:18] कितने? पांच बचे। अब 3s2 के बाद 3p6 आता

[01:03:21] है। लेकिन बचे ही पांच हैं तो कितना आ

[01:03:23] जाएगा? 3p5 आ जाएगा। तो ऐसे करना। जैसे

[01:03:26] मान लेते हैं आपको करनी है हाइड्रोजन के

[01:03:28] कॉन्फ़िगरेशन। कितना सिंपल है। एक

[01:03:30] इलेक्ट्रॉन आता है। तो 1s2 नहीं होगा। 1s1

[01:03:33] होगा। बिकॉज़ इसके पास एक ही इलेक्ट्रॉन

[01:03:34] है। वहीं पे अगर मैं 20 के ऊपर चलूं।

[01:03:37] लेट्स से मैं चलूं मैंगनीज़ पे। मैंगनीज़ के

[01:03:39] पास 25 इलेक्ट्रॉन आते हैं। आपने नाइंथ

[01:03:41] क्लास में हो सकता है एक से 18 या एक से

[01:03:43] 20 याद किया हो। लेकिन 11th क्लास में अब

[01:03:46] आपको एक से 30 याद करना है। ये आपको ध्यान

[01:03:48] रखना होगा। बिकॉज़ अब 30 तक एटॉमिक नंबर

[01:03:51] आपसे किसी इनडायरेक्ट सवाल में पूछे जा

[01:03:53] सकते हैं। अब अगर मैंगनीज़ 25 पे आता है तो

[01:03:56] कॉन्फ़िगरेशन हो गई 1s2 2s2

[01:04:00] 2p6

[01:04:02] 3s2

[01:04:03] 3p6

[01:04:05] 4s2 यहां तक अगर आप चेक करोगे तो 20

[01:04:07] इलेक्ट्रॉन हो जाएंगे। 2 2 4 10 और 10 20

[01:04:10] हो गए। अब 25 हैं इसके पास। पांच बचे हैं।

[01:04:13] अब 4s2 के बाद 3d10 आता है। पर मेरे पास

[01:04:16] तो पांच ही बचे हैं। तो क्या आ जाएगा? 3

[01:04:18] D5 आ जाएगा। क्या आ जाएगा? 3d5 आ जाएगा।

[01:04:22] तो 1s2, 2s2, 2p6, 3s2, 3p6, 4s2 और 3d5 आ

[01:04:26] जाएगा। तो ये हो गई कॉन्फ़िगरेशन। डन है?

[01:04:29] ठीक है? अब इस ऑफबाऊ प्रिंसिपल के बाद

[01:04:31] हमें और कुछ चीजों को पढ़ना है जिससे हम

[01:04:33] इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन में और माहिर हो

[01:04:35] जाएं। जैसे कि अब हमारे पास आता है हुंज्ज

[01:04:38] रूल। हुंज्ज रूल से पहले मैं आपसे एक

[01:04:40] प्रॉब्लम पूछता हूं। प्रॉब्लम क्या है?

[01:04:42] देखो। अगर मैं आपको नाइट्रोजन दिखाऊं

[01:04:44] नाइट्रोजन तो नाइट्रोजन के पास टोटल सात

[01:04:47] इलेक्ट्रॉन होते हैं। उसकी कॉन्फ़िगरेशन हो

[01:04:49] जाती है 1s2 2s2

[01:04:52] 2p3 हो जाती है। ठीक है ना? अब अगर मैं

[01:04:56] यहां पे आपके सामने एक प्रॉब्लम क्रिएट

[01:04:58] करूं। प्रॉब्लम क्या है कि अगर मुझे इसमें

[01:05:00] इलेक्ट्रॉन्स को ऑर्बिटल्स में भरना है।

[01:05:02] ऑर्बिटल्स में भरना है। तो 1s2 2s2 2p3

[01:05:06] ऐसे। तो ये मेरे पास आ गया कौन? 1s2 2s2

[01:05:09] 2p3। समझो। यह आ गया मेरे पास 1s

[01:05:13] यह आ गया मेरे पास 2s और यह आ गया मेरे

[01:05:16] पास 2p

[01:05:19] s में एक ही डब्बा होता है पी में तीन

[01:05:21] डब्बे होते हैं याद करेंगे ठीक है

[01:05:24] अब मुझे भरना है 1s2

[01:05:28] 2s2

[01:05:30] 2p3 ठीक है अब हर एक डब्बे में कितने

[01:05:33] इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं दो एक घूम रहा होगा

[01:05:35] क्लॉकवाइज एक घूम रहा होगा एंटीक्लॉकवाइज

[01:05:37] तो मैंने एक घुमाया क्लॉकवाइज एक घुमाया

[01:05:40] एंटीक्लॉकवाइज वाइज़ एक घुमाया क्लॉकवाइज़

[01:05:42] एक घुमाया एंटीक्लॉकवाइज़। अब आप कह रहे हो

[01:05:44] प्रॉब्लम क्या है? 2p3 में तीन इलेक्ट्रॉन

[01:05:46] हैं। तो मैं उन्हें कैसे भरूं? क्या मैं

[01:05:48] उन्हें ऐसे भरूं? एक दो तीन ऐसे भरूं या

[01:05:53] फिर आपके सामने अगर मैं एक और ऑप्शन रखूं

[01:05:56] कि मैं इसे ऐसे भरूं कि ये मेरे पास भरने

[01:05:58] से देखो s में तो पता लगता ही नहीं है

[01:06:00] बिकॉज़ एक ही डब्बा है। तो एज़ सच प्रॉब्लम

[01:06:02] सामने नहीं आती है। मेन प्रॉब्लम सामने

[01:06:04] आती है p में। या फिर मैं इसको ऐसे भरूं।

[01:06:07] यहां तो दो ही इलेक्ट्रॉन भरने हैं तो एक

[01:06:09] ऐसे आ गया। एक ऐसे आ गया। एक क्लॉकवाइज़ आ

[01:06:10] गया। एक एंटीक्लॉकवाइज़ आ गया। ऊपर का एरो

[01:06:12] क्लॉकवाइज़, नीचे का एरो एंटीक्वाइज़। पहला

[01:06:14] इलेक्ट्रॉन ऐसे रेफरेंस के लिए क्लॉकवाइज़

[01:06:16] भर लेते हैं। अब 2p3 में मैं कैसे भरूं कि

[01:06:19] मैं पहले 1, 2, 3 भरूं या फिर मैं पहले सब

[01:06:21] में सिंगल-सिंगल इलेक्ट्रॉन भरूं। तो कौन

[01:06:24] सी वाली कॉन्फ़िगरेशन जो है, वो सही है?

[01:06:27] कौन सी वाली कॉन्फ़िगरेशन जो है, वो सही

[01:06:30] है? कौन सा वाला इलेक्ट्रॉन भरने का

[01:06:32] पैटर्न जो है वो सही है? तो आंसर है, ये

[01:06:36] वाला जो पैटर्न है वो गलत है। और आंसर है

[01:06:41] ये वाला पैटर्न जो है वो सही है। अब इसको

[01:06:44] दो कारणों से समझते हैं। पहला तो हुंड्स

[01:06:47] रूल। हुंड्स रूल ही यही कहता है। क्या

[01:06:49] कहता है? हुंड्स रूल कहता है कि जब भी आप

[01:06:52] इलेक्ट्रॉन्स भर रहे होते हैं ऑर्बिटल में

[01:06:54] तो पहले आप सब में सिंगल-सिंगल इलेक्ट्रॉन

[01:06:57] भरेंगे। उसके बाद अगर इलेक्ट्रॉन बच जाएगा

[01:07:00] तो पेयरिंग उसके बाद शुरू होगी। मान लेते

[01:07:02] हैं कहीं पे कोई 2p4 है। अब 2p4 में p में

[01:07:07] टोटल चार इलेक्ट्रॉन हैं। डब्बे होते हैं

[01:07:10] तीन। तो अब मैं कैसे भरूं? अगर 2p4 है तो

[01:07:13] मेरे पास पहला ऑप्शन है कि मैं इसमें एक,

[01:07:16] इसमें दो, इसमें तीन, इसमें चार भर दूं या

[01:07:19] फिर पहले सबको सिंगल-सिंगल इलेक्ट्रॉन दूं

[01:07:22] और उसके बाद अगर इलेक्ट्रॉन बच जाए तो

[01:07:24] उसके बाद पेयरिंग शुरू करूं। तो कौन सा

[01:07:26] वाला सही है? तो हुंड्स जी के हिसाब से ये

[01:07:29] वाला जो तरीका है वो गलत है। लेकिन ये

[01:07:31] वाला तरीका सही है। क्यों? ये तो हुंज्स

[01:07:34] रूल कहता है। अब कॉमन सेंस से एक बात को

[01:07:36] समझते हैं। बड़ी गहरी बात करना चाह रहा

[01:07:37] हूं। रोना मत। ठीक है। मान लेते हैं कि

[01:07:39] आपकी शादी हुई। आप एक मां है। मान लेते

[01:07:42] हैं अगर कोई पापा है तो भी मान के चलो। वो

[01:07:43] मां है। बिकॉज़ मां ये दर्द ज्यादा समझ

[01:07:45] पाएगी। ठीक है। ओके। अब मान लेते हैं आपकी

[01:07:49] शादी हुई और आप थोड़ा से गरीब है। ऐसा मान

[01:07:51] लेते हैं रेफरेंस के लिए और आपने तीन

[01:07:53] बच्चे पैदा किए। पहली बात तो आप गरीब है।

[01:07:55] आपने तीन बच्चे पैदा कैसे कर लिए? चलो मान

[01:07:57] लो कर लिए। है ना? ठीक है। खाली बैठे हुए

[01:07:59] थे कर लिए। अब आप एक बात बताओ कि अगर आपने

[01:08:01] तीन बच्चे पैदा करे और आपके पास आटा जो है

[01:08:05] वो तीन रोटी का ही है। बस तीन रोटी का ही

[01:08:07] है। है ना? अब बच्चों के लिए रोटी आपने

[01:08:09] बनाई। तो तीन रोटी कैसे? और हर एक बच्चे

[01:08:12] को दो-दो रोटी की भूख होती है। आपके तीन

[01:08:14] बच्चे हैं। ठीक है? चिंकू, मंकू और पिंकी।

[01:08:17] अब तीनों बच्चे दो-दो रोटी खा सकते हैं

[01:08:19] भूख में। मतलब उनको दो रोटी की भूख है।

[01:08:21] लेकिन आपने तो भैया तीन रोटी ही बनाई है।

[01:08:24] तो आप कैसे करोगे? आप चिंकू को दो रोटी दे

[01:08:26] दोगे। मंकू को ओए और एक पिंकी को बोलोगे

[01:08:29] कुछ नहीं मिलेगा। नहीं नहीं गलत बात है।

[01:08:30] ये तो भेदभाव हो गया बेटा। ऐसा कोई मां

[01:08:32] नहीं करे कि कोई बात नहीं करेगा। अगर आपके

[01:08:34] पास तीन रोटियों का आटा है तो आप एक रोटी

[01:08:36] चिंकू को दोगे। एक मंकू को दोगे और एक

[01:08:38] पिंकी को दोगे ताकि स्टेबिलिटी बनी रहे।

[01:08:40] तो उसके हिसाब से ही बेटा ऑर्बिटल में

[01:08:42] इलेक्ट्रॉन्स भरे जाते हैं। आपको समझना

[01:08:44] होगा। अगर ऑर्बिटल में इलेक्ट्रॉन भरने

[01:08:47] होते हैं तो पहले सब में सिंगल-सिंगल

[01:08:48] इलेक्ट्रॉन भरा ताकि स्टेबिलिटी आए। हां

[01:08:51] उसके बाद बचे जाए तो पेयरिंग शुरू कर

[01:08:53] दोगे। मान लो तीन बचे और चार रोटियां बनी।

[01:08:55] अब रोटी के तो टुकड़े कर सकते हैं ना। तो

[01:08:57] आप क्या करते? आप सबको एक-एक रोटी देते।

[01:09:00] फिर बची हुई एक रोटी के तीन टुकड़े करके

[01:09:01] बराबर बांट देते। बट इलेक्ट्रॉन को बांटा

[01:09:03] नहीं जा सकता। तो अगर आपने सब में एक-एक

[01:09:05] इलेक्ट्रॉन भर दिया तो अगला इलेक्ट्रॉन

[01:09:07] पेअर हो जाएगा। वो हमारे पास ऑप्शन नहीं

[01:09:09] है। तो ध्यान रखना है कि ह्स रूल के हिसाब

[01:09:12] से जब आप इलेक्ट्रॉन भर रहे होते हैं

[01:09:14] ऑर्बिटल में तो पहले आप सिंगल सिंगल

[01:09:16] इलेक्ट्रॉन भरते हैं। उसके बाद आप पेयरिंग

[01:09:19] शुरू करते हैं। डन? ठीक है? अब यहां पे एक

[01:09:23] और नोट का पॉइंट आता है जो कि अगेन आपके

[01:09:25] जीवन में एक वन ऑफ दी मोस्ट इंपोर्टेंट

[01:09:27] पॉइंट में से एक है कि जो हाफ फिल्ड

[01:09:29] ऑर्बिटल्स होते हैं और जो फुल्ली फिल्ड

[01:09:31] ऑर्बिटल्स होते हैं वो ज्यादा स्टेबल होते

[01:09:33] हैं इनकंप्लीट से। जिसका कहने का मतलब

[01:09:35] क्या है समझो? जैसे अगर मैं ये तो देखो ये

[01:09:39] तो कॉमन सेंस है कि 3s1 से पहले सारे के

[01:09:41] सारे पूरे भरे हुए होंगे। यस और नो? यस।

[01:09:44] अब अगर मैं यहां पे ये 3s1 की अगर बात

[01:09:46] करूं तो 3s1 ऐसा है तो ये हाफ फिल्ड

[01:09:49] ऑर्बिटल है। s में दो इलेक्ट्रॉन आ सकते

[01:09:51] हैं लेकिन एक भरा हुआ है तो ये हाफ फिल्ड

[01:09:53] है। लेकिन वहीं पे p में ये सारे तो भरे

[01:09:55] ही वहीं होंगे। लेकिन अगर मैं 3p5 बनाऊं

[01:10:00] अगर मैं 3p5 बनाता हूं। तो P में पांच

[01:10:03] इलेक्ट्रॉन हैं। एक हुंड्स के हिसाब से दो

[01:10:06] तीन चार पांच। तो ये जो ऑर्बिटल है वो ना

[01:10:10] तो हाफ फिल्ड है। हाफ फिल्ड का मतलब सब

[01:10:13] में एक-एक इलेक्ट्रॉन और ऑब्वियस सी बात

[01:10:15] है फुल्ली फिल्ड तो है ही नहीं। तो ये हो

[01:10:17] गया इनकंप्लीट ऑर्बिटल। कौन सा ऑर्बिटल हो

[01:10:19] गया? इनकंप्लीट। लेकिन वहीं पे ये सारे

[01:10:21] अगेन भरे हुए हैं। अगर मैं डी की बात करूं

[01:10:24] डी की तो डी में पांच कमरे होते हैं।

[01:10:28] पांच कमरों में पांच इलेक्ट्रॉन हैं। तो

[01:10:30] एक दो तीन चार पांच। पांच कमरों में कितने

[01:10:35] इलेक्ट्रॉन हो गए? पांच इलेक्ट्रॉन हो गए।

[01:10:37] अब पांच इलेक्ट्रॉन सब में एक-एक है। तो

[01:10:39] ये हो गया हाफ फिल्ड। ये हो गया हाफ

[01:10:41] फिल्ड। वहीं पे कोई भी नोबल गैस की अगर

[01:10:44] बात करें आओ। नोबल गैस। कोई भी एक नोबल

[01:10:46] गैस लेते हैं। नियॉन लेते हैं निऑन। नियॉन

[01:10:49] के पास 10 इलेक्ट्रॉन होते हैं। तो क्या

[01:10:51] हो गया? 1s2 2s2

[01:10:54] 2p6 अब ये तो भरा ही हुआ है। अब p में छह

[01:10:57] इलेक्ट्रॉन आते हैं और छह ही हैं तो 1 2 3

[01:11:02] 4 5 6 तो ये फुल्ली फिल्ड ऑर्बिटल है। और

[01:11:06] नोट का पॉइंट कह रहा है जो हाफ फिल्ड है।

[01:11:08] यानी अगर सब में एक-एक इलेक्ट्रॉन हैं और

[01:11:11] फुल्ली फिल्ड हैं। अगर पूरा ही भरा हुआ है

[01:11:13] तो वो वाले ऑर्बिटल ज्यादा स्टेबल होते

[01:11:15] हैं एज़ कंपेयर टू इनकंप्लीट। अब ये कॉमन

[01:11:18] सेंस की बात है कि फुल्ली फील्ड और हाफ

[01:11:20] फील्ड में फुल्ली फील्ड वाले ज्यादा

[01:11:21] स्टेबल होंगे। लेकिन अगर मैं यहां पे

[01:11:24] स्टेबिलिटी के ऑर्डर के बारे में बात करूं

[01:11:27] तो जनरल अगर बात करें तो फुल्ली फील्ड

[01:11:30] सबसे ज्यादा स्टेबल हैं। उसके बाद हाफ

[01:11:33] फिल्ड स्टेबल हैं। और सबसे कम स्टेबल हैं

[01:11:37] इनकंप्लीट।

[01:11:38] सबसे कम स्टेबल हैं इनकंप्लीट। तो

[01:11:42] इनकंप्लीटली फिल्ड ऑर्बिटल सबसे कम स्टेबल

[01:11:46] होते हैं। यह आपको ध्यान रखना है। यानी

[01:11:49] अगर इधर बात करें तो देखो यह तो गलत है

[01:11:51] ना। तो नाइट्रोजन जो है वो हाफ फिल्ड है

[01:11:53] इसलिए वो बहुत स्टेबल है। बहुत स्टेबल है।

[01:11:55] नियॉन फुल्ली फिल्ड है इसलिए वो बहुत

[01:11:57] स्टेबल है। लेकिन वहीं पे क्लोरीन ना तो

[01:12:00] हाफ फिल्ड है ना ही फुल्ली फिल्ड है। तो

[01:12:01] वो कम स्टेबल है। वहीं पे सोडियम हाफ

[01:12:04] फिल्ड है। तो ठीक-ठाक आप स्टेबल का मतलब

[01:12:06] वैसे अगर देखें तो ऑर्बिटल वाइज़ ठीक है।

[01:12:08] लेकिन बहुत ज्यादा स्टेबल भी नहीं है।

[01:12:10] लेकिन मैंगनीज़ भी ठीक-ठाक स्टेबल है

[01:12:12] क्योंकि हाफ फिल्ड है। लेकिन जो फुल्ली

[01:12:14] फिल्ड है वो तो भाई साहब बहुत ही ज्यादा

[01:12:16] स्टेबल है। जैसे नोबल गैसेस हो गए। खैर,

[01:12:19] हाफ फील्ड और फुल्ली फील्ड ऑर्बिटल ज्यादा

[01:12:21] स्टेबल होते हैं। और यही कारण है कि हमारे

[01:12:24] पास दो एक्सेप्शनल केस आते हैं यहां पे।

[01:12:26] ये एक्सेप्शनल केसेस थोड़ा जल्दी

[01:12:28] पढ़ाऊंगा। समझना बेटा एग्जाम में हो सकता

[01:12:30] है एक आध आ जाए। इस हाफ फील्ड और फुल्ली

[01:12:32] फील्ड के चक्कर में ही दो हमारे पास

[01:12:34] एक्सेप्शनल केस आते हैं। एक आता है

[01:12:36] क्रोमियम और एक आता है कॉपर। एक आता है

[01:12:39] क्रोमियम और एक आता है कॉपर। अब आप देखो

[01:12:42] इस एक्सेप्शनल केस में ही हमने लगभग-लगभग

[01:12:45] आधा घंटा लगाया था। क्योंकि हमने

[01:12:46] एक्सेप्शनल केस के अंदर भी और एक्सेप्शनल

[01:12:48] केस पढ़े थे जो एनसीआरटी में ही नहीं है।

[01:12:50] बट अगर मैं ऐसा करूंगा अभी आप देखो इस वन

[01:12:52] शॉट को रिकॉर्ड होते-होते एक घंटे से ऊपर

[01:12:54] हो गया है और अभी तक हमने दो टॉपिक्स भी

[01:12:56] खत्म नहीं किए हैं तो आप सोच सकते हैं वन

[01:12:58] शॉट कितना बड़ा जाने वाला है। और अगर मैं

[01:13:01] हर एक चीज बहुत ज्यादा अंदर घुस के

[01:13:03] पढ़ाऊंगा जो एनसीईआरटी में नहीं है जो कि

[01:13:04] मेरा मन करता है। फिर ये वन शॉट 10 12

[01:13:07] घंटे का हो जाएगा और फिर आप सबको पता है

[01:13:09] यार 10 12 घंटे का वन शॉट कोई नहीं पढ़ता।

[01:13:11] बताता हूं ना क्यों। मुझे नहीं पता आप जो

[01:13:13] बच्चे देख रहे हैं क्या थॉट है लेकिन सबका

[01:13:15] अपना-अपना थॉट होता है। वो देते हैं यार

[01:13:17] उसने वंश पढ़ा दिया 2ाई घंटे में तो यह

[01:13:19] पढ़ा रहा है 10 घंटे में कौन पढ़ेगा 10

[01:13:21] घंटे का पहले का जमाना अलग था जब YouTube

[01:13:24] पे नए-नए आए थे तो डिटेल्ड लेक्चर डालते

[01:13:26] थे यही चैप्टर मैंने एक जहां मैं किसी और

[01:13:29] चैनल पे पढ़ाया करता था तो वहां पे मैंने

[01:13:31] इसको पार्ट वन पार्ट टू पार्ट थ्री ऐसे

[01:13:33] करके भी डाला हुआ है शायद जहां तक मुझे

[01:13:35] याद आ रहा है। बट स्टिल ठीक है। कुछ छोड़

[01:13:38] भी नहीं रहे हैं। तो यहां पे बहुत सारे और

[01:13:40] केसेस हैं। यही बात है कि बस बच्चे पूछते

[01:13:42] हैं पेड बैच YouTube से कैसे अलग है? बहुत

[01:13:44] सारे कारण अलग है। उनमें से एक कारण ये है

[01:13:46] डिटेल पढ़ाना, हर संडे टेस्ट लेना, फिर

[01:13:49] असाइनमेंट्स करना, मैक्सिमम नंबर ऑफ

[01:13:51] क्वेश्चंस करना। क्योंकि क्वेश्चंस से ही

[01:13:53] चीजें एक्चुअली में पकड़ में आती हैं। अभी

[01:13:55] मैं कुछ क्वेश्चन कराऊंगा, आप समझोगे।

[01:13:57] क्वांटम नंबर में जो अभी तक समझ में नहीं

[01:13:59] आया वो उन क्वेश्चन समझ में आएगा। जितने

[01:14:00] ज्यादा क्वेश्चन करो उतना ज्यादा समझ में

[01:14:02] आएगा। तो बैच 2.0 आप परचेस कर सकते हैं।

[01:14:05] 40% ऑफ चल रहा है। नीचे आपको लिंक मिल

[01:14:08] जाएगा। खैर, ठीक है? बैच 2.0 की जो

[01:14:11] क्लासेस हैं, वह शुरू हो रही हैं 12 जुलाई

[01:14:14] से। ठीक है ना? 12 जुलाई को पहली

[01:14:15] ओरिएंटेशन क्लास होगी। अब क्रोमियम और

[01:14:18] कॉपर एक्सेप्शनल केस क्यों हैं? क्रोमियम

[01:14:20] के पास 24 इलेक्ट्रॉन्स होते हैं। अब उसकी

[01:14:22] इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन अगर मैं करूंगा

[01:14:24] तो 1s2 2s2

[01:14:27] 2p6 3s2 3p6

[01:14:32] 4s2 3d4 आएगा। दिख रहा है ना ये? 3d4

[01:14:35] आएगा। अब आप देखो तो d जो है वो उसमें चार

[01:14:39] हैं। अब डी में अगर पांच आ जाए जैसे

[01:14:41] मैंगनीज में आए थे तो डी क्या हो जाएगा?

[01:14:43] हाफ फिल्ड हो जाएगा और वो स्टेबल हो

[01:14:45] जाएगा। तो डी क्या कहता है यार? डी कहता

[01:14:47] है एस से कहता है डी एस से कहता है यार

[01:14:50] प्लीज ऐसा कर ना कि तू मुझे अपना एक

[01:14:52] इलेक्ट्रॉन दे दे। इससे क्या होगा? 1s2

[01:14:55] 2s2

[01:14:57] 2p6

[01:14:59] 3s2

[01:15:00] 3p6

[01:15:02] 4s1 3d 5 हो जाऊंगा मैं। यानी तू हाफ

[01:15:06] फिल्ड हो जाएगा और मैं भी हाफ फिल्ड हो

[01:15:07] जाऊंगा। एस में दो आ सकते हैं। एक है और

[01:15:09] डी में 10 आ सकते हैं। पांच हैं। अभी क्या

[01:15:12] था? एस जो था वो फुल्ली फिल्ड था और डी जो

[01:15:14] था वो इनकंप्लीट था। ना हाफ फिल्ड था ना

[01:15:16] फुल्ली फिल्ड था। तो डी ने एस से

[01:15:18] रिक्वेस्ट करी कि यार मुझे अपना एक

[01:15:20] इलेक्ट्रॉन दे देना। इससे क्या होगा? मैं

[01:15:23] हाफ फिल्ड हो जाऊंगा। और हम पूरा देखो

[01:15:26] हमें ना एटम की स्टेबिलिटी से मतलब है।

[01:15:28] अगर आप इंडिया के लिए खेल रहे हो तो आप ये

[01:15:30] नहीं देखोगे यार एक रन मारूंगा तो मेरी

[01:15:32] सेंचुरी हो जाएगी। बट उस एक रन से हो सकता

[01:15:34] है स्ट्राइक ऐसे बदले कि आप मैच हार सको।

[01:15:36] तो आप सेंचुरी पूरी करना चाहोगे या देश के

[01:15:38] लिए खेलोगे? मुझे लगता है हर कोई देश के

[01:15:40] लिए खेलेगा। सेंचुरी तो अगले मैच में भी

[01:15:41] मार लेंगे। बिल्कुल ऐसे ही ये भी सोचता है

[01:15:44] यार एस सोचता है कि मैं अगर एस सोचने लग

[01:15:47] जाए कि यार मैं तो फुल्ली फिल्ड से हाफ

[01:15:48] फिल्ड हो जाऊंगा फिर तो मामला गड़बड़ हो

[01:15:50] जाएगा। तो एस कहता है कोई बात नहीं यार

[01:15:52] हमें एटम की स्टेबिलिटी से मतलब है। अगर

[01:15:53] मैं अपना एक इलेक्ट्रॉन d को दे देता हूं

[01:15:55] तो d हाफ फिल्ड हो जाएगा। और स्टेबिलिटी

[01:15:58] बढ़ जाएगी पूरे एटम की। तो इसीलिए इसकी ये

[01:16:00] वाली कॉन्फ़िगरेशन की बजाय ये वाली

[01:16:02] कॉन्फ़िगरेशन एक्सेप्शनली बदल जाती है।

[01:16:04] यानी 4s2 3d4 की बजाय क्रोमियम की

[01:16:07] कॉन्फ़िगरेशन क्या लिखोगे? याद रखना है 4s1

[01:16:10] 3d 5 लिखोगे। ऐसे ही कॉपर के पास 29

[01:16:14] इलेक्ट्रॉन्स होते हैं। 29 पे आता है ये।

[01:16:17] तो इसकी कॉन्फ़िगरेशन भी क्या हो गई? 1s2

[01:16:19] 2s2 2p6 3s2 3p6 4s2 3d 9 ये मैंने

[01:16:28] एक्सेप्शनल केस लिखे हैं एक्सेप्शंस हैं

[01:16:31] दो एक से 30 में ये दो एक्सेप्शनंस हैं

[01:16:33] भाई ठीक है ना अब यहां पे भी देखो क्या है

[01:16:36] s जो है फुल्ली फिल्ड है लेकिन d जो है वो

[01:16:38] ना फुल्ली फिल्ड है और ना ही हाफ फिल्ड

[01:16:40] है। तो s कहता है अगेन मैं अपना एक

[01:16:42] इलेक्ट्रॉन दे देता हूं। अगर s ने अपना एक

[01:16:44] इलेक्ट्रॉन दे दिया तो क्या होगा? ये बन

[01:16:46] जाएगा 1s2 ये बन जाएगा 2s2 ये बन जाएगा

[01:16:50] 2p6 ये बन जाएगा 3s2 ये बन जाएगा 3p6 ये

[01:16:54] बन जाएगा 4s1 और ये बन जाएगा 3d10 ये बन

[01:16:58] जाएगा 4s1 और वो बन जाएगा 3d10 और ये

[01:17:02] ज्यादा स्टेबल हो जाएगा इसलिए ये दो

[01:17:05] एक्सेप्शनल केसेस हमारे पास आ जाते हैं।

[01:17:08] डन हो गया

[01:17:10] डन हो गया। ठीक है? बहुत सिंपल सा रूल है।

[01:17:12] पॉली एक्सक्लूजन प्रिंसिपल ज्यादा काम

[01:17:14] नहीं आता। ये कहता है कि अगर एक एटम है और

[01:17:16] एक एटम के अंदर हमारे पास कोई भी दो

[01:17:19] इलेक्ट्रॉन हैं तो दोनों इलेक्ट्रॉन के

[01:17:21] चारों क्वांटम नंबर प्रिंसिपल क्वांटम

[01:17:23] नंबर, एज़ीमुथल क्वांटम नंबर, मैग्नेटिक

[01:17:25] क्वांटम नंबर और स्पिन क्वांटम नंबर बराबर

[01:17:27] नहीं हो सकते। सारे कैसे सेम हो सकते हैं?

[01:17:30] एक एटम के दो इलेक्ट्रॉन के चारों क्वांटम

[01:17:33] नंबर सेम नहीं हो सकते। कैसे हो सकते हैं?

[01:17:36] मान लेते हैं अगर मैं कोई भी एक एटम की

[01:17:38] बात करूं। लेट अस से सोडियम की बात करते

[01:17:40] हैं। सोडियम सोडियम क्या है? ये सोडियम है

[01:17:43] 1s2 2s2

[01:17:45] 2p6

[01:17:47] 3s1 अब इस 2p6 में से कोई भी दो

[01:17:50] इलेक्ट्रॉन अगर आप ले लोगे मान लो ये 2p6

[01:17:52] है कोई भी दो इलेक्ट्रॉन ले लो 2p6 2p6 का

[01:17:55] मतलब है कि p जो है वो पूरा भरा हुआ है अब

[01:17:58] कोई भी दो इलेक्ट्रॉन ले लो मान लो आप

[01:18:00] कहते हो कि मैं ये वाले दो इलेक्ट्रॉन

[01:18:02] लेता हूं तो इनके लिए प्रिंसिपल क्वांटम

[01:18:04] नंबर टू है क्योंकि ये 2p के हैं। इन

[01:18:06] दोनों के लिए एज़िमुथल क्वांटम नंबर वन है

[01:18:09] बिकॉज़ p के लिए एज़िमुथल क्वांटम नंबर वन

[01:18:11] होता है। पिछला रिवाइज़ करके आगे बढ़ना

[01:18:13] प्लीज़। दोनों के लिए मैग्नेटिक क्वांटम

[01:18:16] नंबर अगर यह ज़ीरो है, यह -1 है और यह +1

[01:18:19] है, तो दोनों के लिए -1 हो गया। या दोनों

[01:18:22] के लिए जो भी होगा सेम ही होगा। चाहे ज़ीरो

[01:18:23] मान लो चाहे +1 चाहे -1। लेकिन दोनों का

[01:18:26] जो स्पिन क्वांटम नंबर है अलग-अलग है। एक

[01:18:28] का + 1/2 है तो दूसरे का - हाफ है। बिकॉज़

[01:18:31] एक क्लॉकवाइज़ घूम रहा है दूसरा

[01:18:32] एंटीक्लॉकवाइज़ घूम रहा है। अब अगर आप ये

[01:18:35] वाले दोनों क्लॉकवाइज़ वाले इलेक्ट्रॉन

[01:18:37] लोगे तो दोनों का मैग्नेटिक स्पिन क्वांटम

[01:18:39] नंबर तो सेम हो जाएगा। लेकिन एक का

[01:18:41] मैग्नेटिक क्वांटम नंबर -1 और एक का जीरो।

[01:18:43] यानी कि एक एटम के अंदर दो इलेक्ट्रॉन के

[01:18:48] चारों क्वांटम नंबर सेम नहीं हो सकते। एक

[01:18:52] एटम के अंदर दो इलेक्ट्रॉन के चारों

[01:18:56] क्वांटम नंबर आइडेंटिकल नहीं हो सकते।

[01:18:59] सिंपल सा रूल है। अगेन एक और रूल आता है n

[01:19:03] + l रूल। अफबाऊ प्रिंसिपल अगर आपको ना याद

[01:19:06] रहे या ऐसा कह सकते हो अफबाऊ प्रिंसिपल से

[01:19:09] पहले हम लोग n + l रूल का इस्तेमाल करते

[01:19:11] थे। अब क्योंकि हमारे पास अफबाऊ प्रिंसिपल

[01:19:14] आ चुका है। बेहतर वर्जन है हमारे पास तो n

[01:19:16] + l रूल हम ज्यादा इस्तेमाल अब करते नहीं

[01:19:18] है। बट ये क्या कहता है? ये कहता है कि

[01:19:20] अगर आपको ये देखना है कि मैं दो ऑर्बिटल

[01:19:23] में से किस में इलेक्ट्रॉन को पहले भरूं।

[01:19:26] तो आपको क्या करना है? उनके n और l n मतलब

[01:19:29] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर और l मतलब एज़िमुथल

[01:19:31] क्वांटम नंबर की वैल्यू को ऐड करना है।

[01:19:34] जिसमें लोअर n + l n मतलब प्रिंसिपल

[01:19:37] क्वांटम नंबर l मतलब एज़िमुथल यानी शेल और

[01:19:40] सबशेल के नंबर्स को ऐड कर देना है। ऐड

[01:19:42] करके जिसमें लोअर नंबर आ रहा होगा उसमें

[01:19:45] आपको इलेक्ट्रॉन भरना है। ये पहली लाइन

[01:19:48] कहती है इसकी। देखो पहली लाइन कहती है द

[01:19:50] रूल सेज़ दैट द ऑर्बिटल हैविंग लोअर वैल्यू

[01:19:53] ऑफ़ n + l इज़ फिल्ड फर्स्ट। एग्ज़ांपल अगर

[01:19:56] आपके पास एक 3s है, बहुत सिंपल सा

[01:19:58] एग्ज़ांपल ले रहा हूं। और एक अगर आपके पास

[01:20:00] 2s है, तो इसके लिए n + l की वैल्यू क्या

[01:20:04] है? n आपके पास थ्री है। और l एज़िमथल

[01:20:07] क्वांटम नंबर s के लिए ज़ीरो होता है। तो

[01:20:08] इसके लिए वैल्यू थ्री आ गई। और ऑब्वियस सी

[01:20:11] बात है इसके लिए वैल्यू क्या है? 2 + 0

[01:20:13] यानी कि 2 है। तो आप पहले इलेक्ट्रॉन किस

[01:20:15] में भरोगे? 2s में भरोगे। क्योंकि उसके

[01:20:18] लिए n + l की वैल्यू कम आई है। लेकिन वहीं

[01:20:21] पर अगर आ जाए मेरे पास 3p और एक आ जाए

[01:20:23] मेरे पास मान लेते हैं अ 5s

[01:20:28] तो मैं पहले इलेक्ट्रॉन किस में भरूंगा?

[01:20:30] तो 3p में इसकी वैल्यू थ्री है और p की

[01:20:32] वैल्यू वन होती है।

[01:20:34] और यहां पे फाइव है और ps की वैल्यू के

[01:20:37] लिए ज़ीरो होता है। तो यहां पे मेरे पास

[01:20:39] फोर आ रहा है और यहां पे मेरे पास फाइव आ

[01:20:41] रहा है। तो पहले मैं इलेक्ट्रॉन इसमें

[01:20:42] भरूंगा। ये पहला रूल कहता है n + l में।

[01:20:45] फिर इसका सेकंड पार्ट कहता है कि ऐसा भी

[01:20:47] हो सकता है जब आप n + l रूल लगा रहे हो तो

[01:20:50] दो लोगों के लिए n + l की वैल्यू सेम आ

[01:20:53] जाए। उस केस में क्या करोगे? पहली बात

[01:20:55] देखो सेम कैसे आ सकती है? जैसे मेरे पास

[01:20:58] है 4s और मेरे पास है 3p।

[01:21:01] अब इसमें प्रिंसिपल क्वांटम नंबर की

[01:21:04] वैल्यू फोर है और एजीमुथल जीरो है तो फोर

[01:21:07] आ रहा है। इसमें प्रिंसिपल क्वांटम नंबर

[01:21:09] थ्री है और अ एजीमुथल क्वांटम नंबर वन है

[01:21:13] बिकॉज़ p के लिए वन होता है। तो यहां पे भी

[01:21:14] फोर आ रहा है। अब दोनों की वैल्यू क्या आ

[01:21:16] गई बराबर? अब किस में भरूंगा? तो आंसर है

[01:21:19] आपको उसमें इलेक्ट्रॉन अब पहले भरना है

[01:21:21] जिसमें लोअर वैल्यू ऑफ़ n है। यानी 4s और

[01:21:25] 3p दोनों के लिए n + l की वैल्यू बराबर आ

[01:21:28] गई। तो अब आपको देखना है किसके लिए n की

[01:21:31] वैल्यू कम है। तो आंसर है 3p के लिए n की

[01:21:33] वैल्यू कम है। तो इलेक्ट्रॉन आप 3p में

[01:21:36] भरोगे बिकॉज़ इसके लिए n की वैल्यू कम आ

[01:21:38] रही है। तो n + l रूल के दो वर्जन हैं।

[01:21:41] पहला कहता है n + l की वैल्यू ऐड करो।

[01:21:44] जिसके लिए वैल्यू लो आएगी उसमें

[01:21:45] इलेक्ट्रॉन भर दोगे। अगर सेम आ रही है। तो

[01:21:47] जिसके लिए n की वैल्यू लोअर है उसमें आप

[01:21:49] पहले इलेक्ट्रॉन भर देंगे। डन है। पक्की

[01:21:52] बात है। चलो। अब यहां पे हम एक और बात

[01:21:56] करते हैं। उसके बाद क्वेश्चंस पे आएंगे।

[01:21:58] एक छोटी सी बात करते हैं। बात क्या है कि

[01:22:00] हर एक जो ऑर्बिटल हमने पढ़ा जैसे s

[01:22:02] ऑर्बिटल, p ऑर्बिटल, d ऑर्बिटल और f इन सब

[01:22:06] की कुछ शेप्स हैं। अच्छी बात ये है कि

[01:22:09] हमें f ऑर्बिटल की शेप सिलेबस में नहीं

[01:22:11] पढ़नी है। f की। लेकिन S की P की और D की

[01:22:15] पढ़नी है। अब जो S ऑर्बिटल है जिसमें एक ही

[01:22:18] ऑर्बिटल होता है S उसकी जो शेप है वो

[01:22:21] स्फेरिकल होती है जैसा कि ये स्फीयर है।

[01:22:23] चाहे 1s हो 2s हो शेप स्फेरिकल ही रहेगी।

[01:22:27] लेकिन जो P ऑर्बिटल्स होते हैं उनकी शेप

[01:22:30] डमबेल होती है। डमबेल का मतलब है उनकी शेप

[01:22:33] ऐसी होती है ऑर्बिटल्स की। S ऑर्बिटल की

[01:22:37] शेप स्फेरिकल होती है। P ऑर्बिटल की शेप

[01:22:40] डंबेल होती है। अब आपको याद है हमने आपको

[01:22:42] क्या पढ़ाया था कि जो P सबशेल हैं उनके नाम

[01:22:45] क्या है? याद आ रहा है? क्या नाम थे? पीX,

[01:22:48] PY और PZ नाम थे। अब आपको समझ में आएगा

[01:22:51] इनका नाम PX, PY, PZ क्यों पड़ा है?

[01:22:53] क्योंकि वो डंबेल कहां पे बैठा हुआ है?

[01:22:56] इससे उस ऑर्बिटल का नाम है। अगर यह

[01:23:00] x-एक्सिस है, यह y-एक्सिस है और यह

[01:23:02] z-एक्सिस है। तो, अगर आपका जो डम बेल है,

[01:23:06] अगर वो x एक्सिस पे बैठा हुआ है, तो उसका

[01:23:09] नाम पड़ जाएगा px। टू का है तो 2px, 3x का

[01:23:13] है तो 3px लेकिन px अगर वो बैठा हुआ है y

[01:23:16] एक्सिस में तो उसका इन्होंने इस वाले को y

[01:23:18] बोला हुआ है। वैसे हम इसको y बोलते हैं।

[01:23:20] अगेन मैटर नहीं करता। इन्होंने देखो यहां

[01:23:22] पे एनसीआरटी का डायग्राम y लिखा हुआ है।

[01:23:24] तो ये हमारे अगर ये y में बैठा हुआ है तो

[01:23:26] इसका नाम क्या हो जाएगा? टू अ py चाहे वो

[01:23:30] 2py हो चाहे वो 3py हो y y में बैठा हुआ

[01:23:33] है। हमारे लिए अगर आप कह रहे हो यार सर y

[01:23:35] तो हमारे लिए तो ऐसा मान लो यार इससे क्या

[01:23:37] फर्क पड़ रहा है? तो ये हमारे लिए हो

[01:23:39] जाएगा py।

[01:23:40] और अगर वो zएक्सिस में बैठा हुआ है चाहे

[01:23:43] इसको मान लो। अगर वो zएक्सिस में बैठा हुआ

[01:23:45] है तो वो हो जाएगा pz। इसीलिए इसका नाम px

[01:23:49] py pz पड़ा। इसमें कुछ नहीं है। नाम एक ही

[01:23:51] ऑर्बिटल है और इसमें x एक्स स्फीयर में

[01:23:53] क्या एक्सिस क्या y क्या z बिकॉज़ स्फीयर

[01:23:55] तो स्फीयर है। लेकिन यहां पे जो डंबेल है

[01:23:57] वो x में बैठा होगा तो अगर x में बैठा

[01:23:59] होगा तो px y में बैठा होगा तो py और z

[01:24:03] में बैठा होगा तो pz हो जाएगा। वहीं पे d

[01:24:06] में अगर आपको याद हो तो पांच ऑर्बिटल्स

[01:24:08] होते थे और d की शेप डबल डंबेल होती है।

[01:24:12] डबल डंबेल यानी कि दो डंबेल बने होते हैं।

[01:24:15] दो डंबेल बने होते हैं। एक को छोड़ देते

[01:24:17] हैं अभी। मतलब एक एक्सेप्शनल केस है ये

[01:24:19] वाले भाई साहब। लेकिन बाकी सबकी जो शेप

[01:24:22] होती है उसमें दो डंबेल बने होते हैं। अब

[01:24:24] वो दो डंबेल कहां बैठे हैं? इसके हिसाब से

[01:24:26] नाम है। याद करो dxy yz xz x² y² z² इनके

[01:24:31] नाम थे। देखो अगर ये वाली एक्सिस x है और

[01:24:34] ये वाली y है और हमारे डबल डंबल x y

[01:24:37] एक्सिस के प्लेन में है तो उसको बोल देंगे

[01:24:40] dxy। जैसे अगर मैं इसको आसान वर्जन में

[01:24:42] बनाऊं। को अगर ये x एक्सिस है और ये y

[01:24:45] एक्सिस है और अगर हमारे डंबेल ऐसे बैठे

[01:24:48] हुए हैं तो ये हो जाएगा dxy अगेन अगर ये y

[01:24:52] एक्सिस है और ये z है देखो एक्सिस कहां है

[01:24:54] ये तो देखने का नजरिया है ना और अगर ये

[01:24:56] ऐसे xy के बजाय yz में बैठे होंगे तो ये

[01:25:00] dyz नाम हो जाएगा और ऐसे ही xz में बैठे

[01:25:03] होंगे तो dxz हो जाएगा लेकिन dxy yz और xz

[01:25:08] में ये एक्सिस पे नहीं प्लेन पे होते हैं

[01:25:12] ये एक्सिस पे नहीं प्लेन पे होते हैं।

[01:25:14] लेकिन dx² y² में क्या होता है? ये अगर x

[01:25:18] है, ये अगर y है तो ये एक्सिस पे आ जाते

[01:25:21] हैं। यानी xy yz और xz में ये एक्सिस पे

[01:25:26] नहीं प्लेन पे होते हैं। लेकिन x² y² में

[01:25:31] ये एक्सिस पे आ जाता है। लेकिन शेप डबल

[01:25:34] डंबल ही रहती है। लेकिन इसमें एक

[01:25:38] एक्सेप्शन है। सबकी शेप डबल डंबल है सिवाय

[01:25:42] z² के। सिवाय z² के। Z स्क्वायर में शेप

[01:25:46] कैसी होती है? एक डंबेल होता है और आसपास

[01:25:50] एक रिंग होती है। एक डंबेल होता है। ये

[01:25:54] रहा डंबेल दिख रहा होगा नहीं तो ब्लैक कलर

[01:25:57] से हाईलाइट कर देता हूं। ये हमारे पास

[01:25:59] डंबेल होता है और ये आसपास उसके एक रिंग

[01:26:03] घूम रही होती है। डन है? तो ये हमारे पास

[01:26:07] शेप के हिसाब से नाप पड़ा।

[01:26:10] तो क्या हमें शेप याद करनी है? हां ये शेप

[01:26:12] पता कैसे लगी? ये तो भाई साहब बहुत अलग

[01:26:14] कहानी पे घुस जाएंगे ना। बहुत अलग हम

[01:26:19] लेकिन हां आपको शेप याद करनी है। बनाने को

[01:26:22] ही पूछते हैं। बनाने से ज्यादा अ नेम पूछ

[01:26:25] लेते हैं। तो एस की शेप है स्फेरिकल। पी

[01:26:28] की शेप है डंबेल। लेकिन जो डी है उसकी शेप

[01:26:31] है डबल डंबेल सिवाय z² के। z² एक्सेप्शन

[01:26:34] है। उसमें एक डंबेल है और एक रिंग है।

[01:26:38] यहां पे एक छोटा सा टॉपिक और फिर

[01:26:40] क्वेश्चंस पे आएंगे। फाइनली लगभग 1 1/2

[01:26:42] घंटे बाद क्वेश्चंस पे आ रहे हैं। हमने

[01:26:44] ऐसे-ऐसे वन शॉट डाले हैं जो 1/2 घंटे के

[01:26:46] हैं। यहां पे 1 1/2 घंटे के बाद पहला

[01:26:48] हिस्सा खत्म हुआ है और अब इसके क्वेश्चन आ

[01:26:51] रहे हैं। एक तो मेरे गर्दन पे ना चुक सी

[01:26:53] भी पड़ गई है। चलो अब यहां पे कुछ शब्द आ

[01:26:55] रहे हैं ध्यान से सुनना। देखो क्या होता

[01:26:57] है? हमने इतना तो पढ़ा कि ऑर्बिटल में

[01:26:59] इलेक्ट्रॉन घूम रहे होते हैं। यस ऑर नो।

[01:27:02] ऑर्बिटल में इलेक्ट्रॉन्स होते हैं

[01:27:03] क्लॉकवाइज और एंटीक्लॉकवाइज़। चाहे वो s

[01:27:05] हो, चाहे वो p हो, चाहे वो d हो, चाहे वो

[01:27:07] f हो। लेकिन ऑर्बिटल के अंदर ऐसी भी कुछ

[01:27:10] जगह होती हैं जहां पर इलेक्ट्रॉन कभी नहीं

[01:27:13] जाता।

[01:27:14] ऑर्बिटल के अंदर ऐसी भी कुछ जगह होती हैं

[01:27:17] जहां पे इलेक्ट्रॉन कभी भी नहीं जाता। कभी

[01:27:19] भी नहीं मिलेगा। वहां पे इलेक्ट्रॉन के

[01:27:22] पाए जाने की जो प्रोबेबिलिटी है वो शून्य

[01:27:24] होती है। ज़ीरो होती है। यानी वहां पे आपको

[01:27:26] इलेक्ट्रॉन मिलेगा ही नहीं। और ऐसी जगहों

[01:27:29] को हम लोग कहते हैं नोड्स। नोड्स क्या है?

[01:27:32] द रीजन वेयर दिस दिस मतलब ये एनसीईआरटी की

[01:27:36] डेफिनेशन कॉपी की है। तो एनसीईआरटी ने

[01:27:38] पहले समझाया था। तो आप दिस को हटा सकते हो

[01:27:41] यहां पे क्योंकि एनसीईआरटी की ही परिभाषा

[01:27:43] एग्जैक्टली ली गई है। आप चेक कर सकते हैं।

[01:27:45] द रीजन वेयर प्रोबेबिलिटी डेंसिटी मतलब

[01:27:48] इलेक्ट्रॉन पाए जाने की जो डेंसिटी है

[01:27:51] फंक्शन रिड्यूस टू ज़ीरो। यानी इलेक्ट्रॉन

[01:27:53] मिलेगा ही नहीं वहां। उसकी प्रोबेबिलिटी

[01:27:55] ज़ीरो हो जाएगी। यानी नल इवेंट हो जाएगा।

[01:27:57] इज़ कॉल्ड नोडल सरफेस। ऐसे सरफेस को नोडल

[01:28:00] सरफेस या फिर सिंपली नोड्स भी कह देते

[01:28:02] हैं। अब हमारे पास आते हैं एंगुलर नोड।

[01:28:06] एंगुलर नोड आल्सो रेफर्स टू एज़ द नोडल

[01:28:09] प्लेन। एंगुलर नोड रेफर्स टू द प्लेन दैट

[01:28:12] पाससेस थ्रू द न्यूक्लियस। देखो नोड्स

[01:28:16] क्या है? जहां पे इलेक्ट्रॉन पाए जाने की

[01:28:18] प्रोबेबिलिटी शून्य है। मान लो ये एक

[01:28:20] ऑर्बिटल है। मान लो ये एक ऑर्बिटल है और

[01:28:23] मान लेते हैं इधर इलेक्ट्रॉन पाए जाने की

[01:28:25] प्रोबेबिलिटी शून्य है। और ऐसे कितनी जगह

[01:28:28] हैं? एक है। तो मैं कह दूंगा इसके पास एक

[01:28:30] नोड है। अगर ऐसी दो जगह हैं जहां पे

[01:28:34] इलेक्ट्रॉन नहीं मिल सकता। अगर मान लेते

[01:28:36] हैं ऐसी दो जगह हैं एक यहां, एक यहां जहां

[01:28:38] इलेक्ट्रॉन नहीं मिल सकता तो मैं कह दूंगा

[01:28:39] दो नोड्स हैं। लेकिन वहीं पे आता है हमारे

[01:28:42] पास एंगुलर नोड। एंगुलर नोड नोड तो नोड है

[01:28:45] जहां इलेक्ट्रॉन नहीं मिलेगा लेकिन एंगुलर

[01:28:47] नोड क्या है? एंगुलर नोड का मतलब है एक

[01:28:50] ऐसा प्लेन जो न्यूक्लियस से पास हो रहा

[01:28:52] हो। जैसे ये न्यूक्लियस है। इससे पास होने

[01:28:55] वाला प्लेन इसको बोलते हैं एंगुलर नोड।

[01:28:57] जहां पे अगेन इलेक्ट्रॉन नहीं मिलेगा।

[01:28:59] प्रोटॉन मिल सकते हैं, न्यूट्रॉन मिल सकते

[01:29:00] हैं, इलेक्ट्रॉन नहीं मिलेगा। और स्फेरिकल

[01:29:03] सरफेस वेयर द प्रोबेबिलिटी ऑफ़ फाइंडिंग एन

[01:29:05] इलेक्ट्रॉन इज़ ज़ीरो इज़ कॉल्ड रेडियन नोड।

[01:29:07] यानी न्यूक्लियस से पास होने वाली वो जगह

[01:29:10] जहां जो प्लेन जहां इलेक्ट्रॉन नहीं

[01:29:12] मिलेगा उसको बोलेंगे एंगुलर नोड। लेकिन एक

[01:29:15] ऐसा स्फेरिकल सरफेस जहां पे इलेक्ट्रॉन

[01:29:18] नहीं मिलेगा उसको बोलेंगे रेडियल नोड।

[01:29:20] यानी नोड दो प्रकार के हो गए। एंगुलर नोड

[01:29:23] और रेडियल नोड। नोड क्या है? इलेक्ट्रॉन

[01:29:25] नहीं मिलेगा। प्लेन जो न्यूक्लियस से पास

[01:29:27] हो रहा हो एंगुलर नोड। स्फेरिकल सरफेस

[01:29:29] जहां पे इलेक्ट्रॉन नहीं मिलेगा। रेडियल

[01:29:31] नोड्स दो प्रकार के नोड्स हैं। अब नोड्स

[01:29:34] निकालते कैसे हैं? देखो द टोटल नंबर ऑफ

[01:29:36] नोड्स निकालना हो तो फार्मूला है n - 1

[01:29:42] जिसमें से एंगुलर नोड्स जो हैं जिनमें से

[01:29:46] एंगुलर नोड जो है वो l के बराबर हैं और

[01:29:49] रेडियल नोड्स n - l - 1 के हैं। कंफ्यूजन

[01:29:53] ना हो इसके लिए इस पूरे सिस्टम को मैं

[01:29:55] यहां लिख देता हूं आपके लिए। एक सेकंड।

[01:29:58] यहां हो ही जाती है कंफ्यूजन बच्चों को।

[01:29:59] सुनो।

[01:30:01] तो भैया जो एंगुलर नोड्स हैं किसी भी

[01:30:06] सबशेल के अंदर जो एंगुलर नोड्स हैं वो l

[01:30:09] के बराबर होंगे। l के l मतलब एजीमुथल

[01:30:12] क्वांटम नंबर

[01:30:14] जो रेडियल नोड्स हैं रेडियल नोड्स अभी

[01:30:18] एग्जांपल करा दूंगा। जो रेडियल नोड्स हैं

[01:30:20] वो n - l - 1 के बराबर होंगे। यानी

[01:30:23] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर माइनस एज़ मोसल

[01:30:25] क्वांटम नंबर - 1 के बराबर होंगे। तो फिर

[01:30:28] टोटल नोड्स कितने आ जाएंगे? टोटल नोड्स

[01:30:31] कितने आ जाएंगे? दोनों को ऐड कर दो। दोनों

[01:30:34] को ऐड कर दो। तो l से l कैंसिल हो जाएगा।

[01:30:36] तो टोटल नोड्स n - 1 हो जाएंगे। अब

[01:30:39] एग्जांपल लेते हैं। मान लेते हैं मुझे

[01:30:41] बोला गया है 3p में बताओ कितने नोड्स हैं।

[01:30:45] तो पहले मुझे बताओ रेडियल नोड्स कितने

[01:30:48] होंगे? रेडियल नोड्स 3p में। तो रेडियल

[01:30:51] नोड्स निकालने के लिए क्या करना है? n जो

[01:30:53] कि थ्री है। l एजीमुथल क्वांटम नंबर p के

[01:30:57] लिए वन होता है। -1 तो कितने आ गए? एक आ

[01:31:00] गया। एंगुलर नोड्स कितने आ गए? एंगुलर

[01:31:04] नोड्स कितने आ गए भाई? एंगुलर नोड्स आ गए।

[01:31:07] एंगुलर नोड l के बराबर है जो कि वन है जो

[01:31:10] कि वन है। तो टोटल नोड्स कितने आ गए? टू आ

[01:31:13] गए। तो टोटल नोड्स वैसे भी टू आ गए। देखो

[01:31:16] और अगर फ़ूले से निकालूं तो टोटल नोड्स

[01:31:19] मेरे पास होते हैं n - 1। अब n इसके लिए

[01:31:23] थ्री है। 3 - 1 2 आ गया। तो चाहे ऐसे ऐड

[01:31:26] करके निकालो चाहे ऐसे निकाल लो। तो नोड्स

[01:31:28] कैसे निकालते हैं? एंगुलर नोड्स किसके

[01:31:30] बराबर होते हैं? एज़मथल क्वांटम नंबर के।

[01:31:33] रेडियल नोड्स निकालने हो तो प्रिंसिपल

[01:31:35] क्वांटम नंबर माइनस एज़मुथल क्वांटम नंबर -

[01:31:38] 1 और टोटल नोड्स निकालने हो तो या तो ऐड

[01:31:41] कर लो या n - 1 लगा लो। एज सिंपल एज दैट।

[01:31:47] डन है। तो भैया मैं अब कराने जा रहा हूं

[01:31:50] आपको फाइनली फाइनली फाइनली क्वांटम नंबर्स

[01:31:53] के ऊपर तीन-चार सवाल आगे और भी करेंगे जो

[01:31:56] कि पहले फ्लो बना रहे हैं। लेकिन इन

[01:31:58] सवालों से पहले ये कॉमन सेंस की बात है कि

[01:32:00] आप फिर से मैं रिक्वेस्ट करूंगा हाथ जोड़

[01:32:02] के कि आप क्वांटम नंबर्स को रिवाइज कर लो।

[01:32:04] सारे प्रिंसिपल्स को भी रिवाइज कर लो।

[01:32:06] क्योंकि आगे फिर ये ना हो कि दिक्कत आए।

[01:32:08] इन क्वेश्चंस करने से पहले हाथ जोड़ के

[01:32:10] विनती है क्वेश्चन से पहले आप ढंग से कोई

[01:32:12] जल्दबाजी नहीं है। सारे के सारे क्वांटम

[01:32:15] नंबर्स को एक बार रिवाइज़ कर लो। तो फिर

[01:32:17] आगे बढ़ते हैं। चलिए अब कुछ सवालों पे अगर

[01:32:19] हम लोग आए क्वांटम नंबर्स के इसमें से

[01:32:21] ज्यादातर सवाल एनसीईआरटी के ही हैं। क्या

[01:32:23] पता अ जो सेक्शन वन हमने डिवाइड किया

[01:32:26] उसमें सारे सवाल एनसीईआरटी के हो। बिकॉज़

[01:32:28] मैंने आपको बताया एनसीईआरटी में एग्जांपल

[01:32:31] और एक्सरसाइज मिला लो। तो भाई साहब 80 से

[01:32:33] ऊपर सवाल तो हमारे पास एनसीईआरटी में ही

[01:32:35] है ना? और क्योंकि पहली बार वन शॉट जा रहा

[01:32:37] है YouTube पे केमिस्ट्री का स्ट्रक्चर ऑफ़

[01:32:39] एटम का। तो पहले तो एनसीईआरटी करेंगे।

[01:32:41] उसके बाद कंपटेंसी बेस पे जाना समझ में

[01:32:43] आता भी है। बाकी अभी मैं बाहर टीम से बात

[01:32:46] कर ही रहा था कि हमारे मैराथों्स भी शुरू

[01:32:48] हो रहे हैं। है ना? YouTube पे मैराथों्स

[01:32:50] भी शुरू हो रहे हैं। सैटरडे, संडे, मंडे

[01:32:53] को मैराथों्स होंगे नाइंथ के, 10थ के,

[01:32:55] 11th के और 12th के। तो वो साइंस एंड फॉर

[01:32:57] एजुकेशन पे होंगे। तो उसको जाकर भी

[01:32:58] सब्सक्राइब कर लो। घंटी-वंटी बजा लो अगर

[01:33:00] नहीं बजाई है तो अभी तक। चलो आओ। अब

[01:33:02] सवालों पे अगर हम लोग आए तो सवाल से आप

[01:33:05] क्वांटम नंबर्स के और करीब पहुंचेंगे। ठीक

[01:33:07] है? हाउ मेनी सबशेल्स आर एसोसिएटेड विद n

[01:33:10] = 4? अगर n इज = 4 है तो कितने सबशेल्स

[01:33:15] उसके अंदर होंगे? टोटल कितने सबशेल्स

[01:33:18] होंगे? अगर n की वैल्यू फोर है तो तो हाउ

[01:33:21] मेनी सबशेल्स आर एसोसिएटेड? ये नहीं पूछ

[01:33:23] रहे हैं कि n फर्स्ट, सेकंड, थर्ड, फोर

[01:33:26] में नहीं पूछ रहे हैं। चौथे में कितने

[01:33:28] सबशेल्स होंगे? तो आपको बताया था कि जो

[01:33:30] नंबर ऑफ सबशेल्स हैं वो शेल नंबर के बराबर

[01:33:33] होता है। तो सबशेल्स हमारे पास कितने

[01:33:36] होंगे भाई? तो सबशेल्स हमारे पास चार

[01:33:39] होंगे। कौन-कौन से होंगे? s होगा, p होगा,

[01:33:42] d और f होगा। ठीक है? अगला सवाल बड़ा ही

[01:33:46] प्यारा पूछा गया है। क्या पूछा गया है?

[01:33:48] हाउ मेनी इलेक्ट्रॉन्स विल बी प्रेजेंट इन

[01:33:50] सबशेल? जिसमें n की वैल्यू चार हो लेकिन

[01:33:55] स्पिन क्वांटम नंबर - 1/2 हो? अब सुनो अगर

[01:33:59] मैं आपसे पूछूं कि टोटल इलेक्ट्रॉन्स

[01:34:02] इन

[01:34:04] फोर्थ शेल फोर्थ शेल की बात कर रहे हैं ना

[01:34:07] फोर्थ शेल की बात कर रहे हैं तो टोटल

[01:34:09] इलेक्ट्रॉन फोर्थ शेल में कितने आते हैं?

[01:34:12] तो फोर की पावर 2 हो गया 16। 16 * 2नी हो

[01:34:15] गया 32। तो 32 इलेक्ट्रॉन टोटल आ सकते

[01:34:18] हैं। लेकिन हमसे टोटल इलेक्ट्रॉन नहीं

[01:34:21] पूछा। हमसे टोटल इलेक्ट्रॉन नहीं पूछा।

[01:34:24] हमसे पूछा है उसमें से कितने इलेक्ट्रॉन

[01:34:26] है जो क्लॉकवाइज घूम रहे होंगे। अब आप

[01:34:28] सबको इतना तो ज्ञान है कि भैया अगर 32

[01:34:31] इलेक्ट्रॉन हैं तो उन 32 में से 16

[01:34:34] इलेक्ट्रॉन घूम रहे होंगे क्लॉकवाइज

[01:34:37] और 16 इलेक्ट्रॉन घूम रहे होंगे

[01:34:40] एंटीक्लॉकवाइज

[01:34:41] तो हमें कौन से इलेक्ट्रॉन चाहिए? हमें

[01:34:44] चाहिए जिनका स्पिन क्वांटम नंबर - 1/2 हो।

[01:34:48] तो भैया इसका मतलब स्पिन क्वांटम नंबर -

[01:34:52] 1/2

[01:34:53] n की वैल्यू चार ऐसे 16 इलेक्ट्रॉन आ

[01:34:58] जाएंगे। डन है क्या? चलो आगे बढ़ते हैं।

[01:35:01] अगले सवाल मैंने कहा है ना क्वांटम नंबर्स

[01:35:03] के और करीब पहुंचोगे। सवाल करोगे तो।

[01:35:05] व्हाट इज़ द टोटल नंबर ऑफ़ ऑर्बिटल्स

[01:35:07] एसोसिएटेड विद प्रिंसिपल? अच्छा। अब अगेन

[01:35:10] ये तो बड़ा आसान है। इस बार बस आपसे सबशेल

[01:35:13] नहीं पूछे हैं। पिछली बार सब शेल पूछा था।

[01:35:17] इस बार और भील्स पूछा है। अगर n की वैल्यू

[01:35:21] तीन है तो। अब n की वैल्यू तीन में

[01:35:24] सबशेल्स कितने होंगे? तो आंसर है सबशेल्स

[01:35:27] तो तीन होंगे। कौन-कौन सा होगा? s होगा, p

[01:35:30] होगा, d होगा। लेकिन आपसे सबशेल नहीं

[01:35:34] पूछा। इस बार आपसे पूछा है ऑर्बिटल्स। अब

[01:35:37] ऑर्बिटल्स कितने होंगे भाई? ऑर्बिटल्स

[01:35:40] कितने होंगे भाई? तो s में कितने ऑर्बिटल

[01:35:43] होते हैं? एक। p में कितने ऑर्बिटल होते

[01:35:46] हैं? तीन। d में कितने ऑर्बिटल होते हैं?

[01:35:48] पांच। पांच और तीन हो जाता है आठ। और एक

[01:35:52] हो जाता है नौ। तो टोटल कितने ऑर्बिटल्स

[01:35:55] हो गए? नौ ऑर्बिटल्स टोटल हमारे पास हो

[01:35:59] जाते हैं। सिंपल है यार। ये तो आसान सवाल

[01:36:01] है। चलिए आगे बढ़ते हैं। बहुत ही प्यारा

[01:36:05] सवाल आ रहा है। आपको एस पी डी एफ नोटेशंस

[01:36:10] के फॉर्म में इनको डिस्क्राइब करना है। ए

[01:36:12] बी मैं कराऊंगा। सी डी आप करोगे मैच

[01:36:14] करेंगे। कसम है तुम्हें उसकी। समझ रहे हो?

[01:36:16] तुम्हारी नहीं। तुम अपने कसम को झूठी खा

[01:36:18] लेते हो। उसकी नहीं खाओगे ना कभी तो उसकी

[01:36:20] कसम है बेटा। ठीक है? ईमानदारी से काम

[01:36:23] करेंगे टाइम स्टैंप के साथ। n की वैल्यू आ

[01:36:26] गई दो। L की वैल्यू आ गई वन। शेल नंबर है

[01:36:31] टू। एज़ मुथल क्वांटम नंबर है वन। तो ये हो

[01:36:34] गया टू और वन का मतलब p होता है। तो 2p हो

[01:36:37] गया। सिंपल है। n की वैल्यू चार है। l की

[01:36:42] वैल्यू शून्य है। तो 4 0 का मतलब होता है

[01:36:46] s। तो कौन हो गया? 4s हो गया। लो कर लो।

[01:36:49] गलत है। सुन लो बात। इतना आसान है ये तो

[01:36:51] शुरू हो जाओ। ईमानदारी ओपी ईमानदारी ओपी

[01:36:55] हो जाए। ठीक है भैया। चलो भाई शुरू हो

[01:36:57] जाओ। अगर n की वैल्यू फाइव है और l की

[01:37:01] वैल्यू थ्री है तो क्या नाम होगा? n की

[01:37:03] वैल्यू थ्री है। l की वैल्यू टू है तो

[01:37:06] क्या नाम होगा? कमेंट सेक्शन पे टाइम

[01:37:08] स्टैंप के साथ आंसर हो जाए।

[01:37:11] ओ नित खैर मांगा सोनिया मैं तेरी। दुआ ना

[01:37:15] कोई मांगनी।

[01:37:17] [संगीत]

[01:37:19] हो गया। नहीं हुआ है तो वीडियो को पॉज

[01:37:22] करके कर दो भैया। ठीक है? चलो आओ। अब n =

[01:37:24] 5 का मतलब तो फाइव है। l थ्री का मतलब

[01:37:27] क्या है? एस पी डी एफ थ्री पे एफ आता है।

[01:37:32] तो फोर सॉरी फाइव एफ हो गया। n = 3 है। l

[01:37:37] = 2 का मतलब है s pd टू का मतलब है थर्ड।

[01:37:41] ज़ीरो से शुरू होता है ना? 0 1 2 s pd तो

[01:37:44] 3d हो गया। ये 3d हो गया ये। सिंपल। चलो

[01:37:47] आओ आगे बढ़ते हैं। यूजिंग ये तो सेम है।

[01:37:50] होमवर्क। होमवर्क दे दिया मैंने आपको। ये

[01:37:52] होमवर्क दे दिया। सवाल सेम है बस ये अलग

[01:37:55] है। ये अलग है। होमवर्क दे दिया। सेम

[01:37:57] सवाल। डन। अगला सवाल देखते हैं। शायद ये

[01:38:00] आखिरी सवाल है। यस। क्वांटम नंबर्स को

[01:38:02] समझने के लिए। आगे बढ़ते हैं फिर इसके बाद।

[01:38:04] हाउ मेनी इलेक्ट्रॉन्स इन एन एटम मे हैव द

[01:38:07] फॉलोइंग क्वांटम नंबर्स? ए पार्ट ध्यान से

[01:38:10] देखो। कितने इलेक्ट्रॉन्स हैं जिनके पास

[01:38:11] ये क्वांटम नंबर होगा? सेकंड पार्ट बहुत

[01:38:13] इंटरेस्टिंग है। n = 4 है और स्पिन

[01:38:17] क्वांटम नंबर हमारे पास - 1/2 है। शायद ये

[01:38:20] तो अभी हमने किया था। सेम ही किया था हमने

[01:38:23] शायद ये। हां

[01:38:25] सेम ही किया था। देखो आप अगर n = 4 है तो

[01:38:30] टोटल इलेक्ट्रॉन्स ये तो किया था। टोटल

[01:38:33] इलेक्ट्रॉन्स कितने आ सकते हैं? 2 n की ^

[01:38:36] 2 16 * 2 = 32 लेकिन अगेन हमसे क्या पूछा

[01:38:39] हुआ है? हमसे पूछा हुआ है कौन से

[01:38:41] इलेक्ट्रॉन चाहिए भैया जो कैसे घूम रहे हो

[01:38:44] एंटीक्लॉकवाइज तो टोटल

[01:38:47] इलेक्ट्रॉन्स विद

[01:38:50] स्पिन क्वांटम नंबर - 1/2 इज़

[01:38:54] 32 का आधा जो कि कितना हो गया 16

[01:38:58] इलेक्ट्रॉन्स हो गया तो 16 इलेक्ट्रॉन घूम

[01:39:00] रहे होंगे क्लॉकवाइज़ और 16 इलेक्ट्रॉन घूम

[01:39:02] रहे होंगे काउंटर क्लॉकवाइज़ लेकिन बी

[01:39:04] पार्ट थोड़ा सा इंटरेस्टिंग है देखो n = 3

[01:39:08] है और l = 0 है। देखो आप एक ईमानदारी की

[01:39:12] बात बताओ।

[01:39:14] n की वैल्यू कुछ भी हो। n की वैल्यू कुछ

[01:39:18] भी हो। अगर l की वैल्यू ज़ीरो है। आई रिपीट

[01:39:22] n की वैल्यू कुछ भी हो। अगर l की वैल्यू

[01:39:25] ज़ीरो है। तो इसका मतलब है मैं s सब सबशेल

[01:39:29] की बात कर रहा हूं। अब अगर n चाहे फोर हो,

[01:39:32] चाहे फाइव हो, चाहे सिक्स हो, चाहे सेवन

[01:39:34] हो, चाहे 10 हो, हमें क्या लेना देना? अगर

[01:39:36] s है। अगर l की वैल्यू ज़ीरो है। और मैं

[01:39:39] अगर s सबशेल की बात कर रहा हूं तो टोटल

[01:39:42] इलेक्ट्रॉन्स तो दो ही आएंगे।

[01:39:45] क्योंकि s में टोटल इलेक्ट्रॉन दो आते।

[01:39:47] यहां पे अगर n की जगह सिक्स लिखा होता

[01:39:49] लेकिन l की जगह ज़ीरो लिखा होता तो भी आंसर

[01:39:52] टू ही इलेक्ट्रॉन्स होता। क्योंकि s

[01:39:54] ऑर्बिटल यानी कि l = ज़ीरो की बात हो रही

[01:39:57] है। n की वैल्यू कुछ भी हो। सिर्फ s सबशेल

[01:39:59] की बात हो रही है दो इलेक्ट्रॉन्स आएंगे।

[01:40:02] डन है। बढ़िया? चलिए आगे बढ़ते हैं और बात

[01:40:06] करते हैं अब वेव मोशन के बारे में। अगेन

[01:40:10] मैं आपको याद दिलाता रहता हूं बीच-बीच में

[01:40:12] कि हम लोगों ने जे जे थॉमसंस और रदरफोर्ड

[01:40:16] जी का मॉडल पढ़ा। उसके बाद हम लोगों ने

[01:40:18] क्वांटम नंबर्स पढ़े। हम नील्स बोर जी के

[01:40:20] मॉडल की तरफ बढ़ रहे हैं। लेकिन पहले बीच

[01:40:22] की चीजें पढ़ रहे हैं। तो अब हम लोगों को

[01:40:24] पढ़ना है वेव के बारे में थोड़ा सा। वेव

[01:40:27] क्या होता है? कररेक्टर क्या होता है? ईएम

[01:40:29] वेव। क्योंकि इस चैप्टर में ईएम वेव, ईएम

[01:40:31] वेव बहुत जगह इस्तेमाल होगा। लगभग आप कह

[01:40:34] सकते हो अब इस चैप्टर में हर एक टॉपिक में

[01:40:37] लगभग अगर अभी-अभी मान लो इस चैप्टर में 20

[01:40:39] टॉपिक बचे हुए हैं। तो 18 टॉपिक्स में अब

[01:40:42] आप ईएम वेव वर्ड यूज़ करने वाले हो। तो उस

[01:40:44] ईएम वेव को समझ रहे हैं। आओ वेव मोशन में।

[01:40:47] वेव जो होती है, वेव तो आपको पता है ना

[01:40:50] क्या होता है? वेव माहौल पूरा वेव है ना

[01:40:53] भाई? अब वेव का मतलब होता है सिर्फ वेव का

[01:40:58] मतलब अगर पूछे कोई मुझसे

[01:41:01] तो वेव का मतलब होता है डिस्टरबेंस

[01:41:06] व्हिच डिस्टरबेंस में ई आता है ए आता है

[01:41:10] डिस्टरबेंस

[01:41:12] नहीं फील नहीं आ रही यार मुझे ऐसा क्यों

[01:41:15] लग रहा है कि ए आता है या ई आता है लो जी

[01:41:18] दीपिका मैम को फोन मिलाते हैं क्या मजाक

[01:41:22] कर रहा हूं डिस्टर

[01:41:25] ेंस में ए आता है। पहले मैंने ठीक लिखा

[01:41:27] था। पहले मैंने ठीक लिखा था। डिस्टरबेंस

[01:41:30] में ए आता है। हम ठीक है। तो भैया

[01:41:34] डिस्टरबेंस

[01:41:37] व्हिच

[01:41:39] कैरी

[01:41:41] डिस्टरबेंस

[01:41:43] व्हिच कैरी

[01:41:45] एनर्जी

[01:41:48] फ्रॉम

[01:41:51] वन

[01:41:53] पॉइंट टू अनदर।

[01:41:58] एक ऐसी डिस्टरबेंस जो एनर्जी को एक पॉइंट

[01:42:02] से दूसरे पॉइंट ले जाती है। एक ऐसी

[01:42:05] डिस्टरबेंस जैसे एग्जांपल के तौर पे मैंने

[01:42:08] एक धागा बांध रखा है उस एंड पे और उसका एक

[01:42:11] लूज़ एंड मेरे पास है। मैंने यहां से

[01:42:13] डिस्टरबेंस क्रिएट कर दी। उसको डिस्टर्ब

[01:42:16] कर दिया। तो डिस्टर्ब करने पे एनर्जी

[01:42:18] जाएगी फ्रॉम वन पॉइंट टू अनदर। डिस्टर्ब

[01:42:21] करने पे एनर्जी जाएगी फ्रॉम वन पॉइंट टू

[01:42:24] अनदर। तो एक्चुअली देयर इज नो मूवमेंट ऑफ

[01:42:26] पार्टिकल। रस्सी को आपने डिस्टर्ब किया।

[01:42:28] यहां से डिस्टरबेंस ऐसे वेव की फॉर्म में

[01:42:31] गई। वहां गई। वहां जा के दीवार पे जाके वो

[01:42:33] डिस्टरबेंस गई। उसने एनर्जी को पास किया।

[01:42:35] लेकिन रस्सी के पार्टिकल एक्चुअली मूव

[01:42:37] नहीं हुए। वहीं के वहीं है ना? अगर आप एक

[01:42:40] बेंच पे आपका दोस्त एक तरफ सर रख के सो

[01:42:42] रहा हो और आप दूसरी तरफ से मुक्का मार दो

[01:42:43] तो वो झनझना जाता है। यानी आपके मुक्के की

[01:42:45] एनर्जी उसके तक पहुंच जाती है। बट लकड़ी

[01:42:48] के पार्टिकल तो वहीं के वहीं रहते हैं। तो

[01:42:49] देयर इज़ नो एक्चुअल मूवमेंट ऑफ पार्टिकल।

[01:42:52] इसको बोलते हैं वेव जो कि हमने नाइंथ

[01:42:53] क्लास में पढ़ा था। अब वेव दो प्रकार की

[01:42:55] होती है। याद करेंगे। एक होती है मैकेनिकल

[01:42:57] वेव। तो ऐसी वेव जिसको चलने के लिए मीडियम

[01:42:59] चाहिए होता है। जिसको चलने के लिए माध्यम

[01:43:02] चाहिए होता है। उसे बोला जाता है मैकेनिकल

[01:43:04] वेव। जैसे साउंड वेव जैसे अभी अभी आप मेरी

[01:43:07] आवाज बहुत अलग तरीके से सुन रहे हैं। बहुत

[01:43:09] इनडायरेक्टली सुन रहे हैं। बट मान लेते

[01:43:11] हैं अब आप मेरे से ऑफलाइन पढ़ते हैं और

[01:43:13] सामने बैठे हुए हैं। तो वहां पे मेरी आवाज

[01:43:16] आप सीधा सुन रहे हैं।

[01:43:20] मेरे मुंह से निकली हुई आवाज आपके कान तक

[01:43:22] जा रही है। रास्ते में हवा है। अगर मीडियम

[01:43:24] नहीं होगा तो मेरी आवाज आप तक नहीं पहुंच

[01:43:26] पाएगी। बिकॉज़ साउंड को मीडियम चाहिए होता

[01:43:28] है ट्रैवल करने के लिए। तो साउंड एक

[01:43:30] मैकेनिकल वेव है। लेकिन वहीं पे आती है

[01:43:32] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव जिसको शॉर्ट में

[01:43:34] ईएम वेव्स कहते हैं। ऐसी वेव जिसको चलने

[01:43:36] के लिए कोई मीडियम कोई माध्यम नहीं चाहिए

[01:43:38] उसे बोलते हैं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव

[01:43:40] जिसको चलने के लिए कोई मीडियम कोई माध्यम

[01:43:42] नहीं चाहिए होता। डन है? ठीक है? अब कोई

[01:43:45] भी वेव अगर हो उसके कुछ जनरल कररेक्टर्स

[01:43:48] होते हैं। ये वाले मैं थोड़े से फास्ट

[01:43:50] पढ़ाऊंगा। बिकॉज़ ये हम नाइंथ से पढ़ते आ रहे

[01:43:52] हैं। आपको आपको ये आने चाहिए पहले से।

[01:43:54] जैसे एंप्लीट्यूड क्या होता है? टाइम

[01:43:56] पीरियड क्या होता है? वेव नंबर। वेव नंबर

[01:43:59] एक नया टॉपिक है तो उस पे देर लगा लेंगे।

[01:44:02] भाई मुझे लगता है बाकी सारी चीजें आपको

[01:44:04] पहले से आती हैं। बस रिवीजन की जरूरत है।

[01:44:06] आ जाओ। आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं

[01:44:09] कररेक्टर्स हम एक वेव के। बहुत जनरल

[01:44:12] कररेक्टर्स हैं वेव के। ठीक है जी। आ जाओ

[01:44:14] भाई। हम

[01:44:17] कोई भी वेव की बात हो रही है यहां। चाहे

[01:44:19] वो मैकेनिकल वेव हो, चाहे वो

[01:44:21] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव हो। तो हमें पढ़नी

[01:44:23] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव है वो अलग बात है।

[01:44:26] लेकिन पढ़ाई अभी हम किसी भी वेव के लिए कर

[01:44:28] रहे हैं। जनरल कररेक्टर्स पढ़ रहे हैं।

[01:44:30] जनरल कररेक्टर्स। तो यहां से एक वेव बनी।

[01:44:35] ये एक वेव है। प्यारी सी वेव है। छोटी सी

[01:44:37] प्यारी सी वेव है। और ये वेव यहां से

[01:44:40] जनरेट हो गई। ठीक है? ओके। अब वेव के कुछ

[01:44:44] कररेक्टर्स होते हैं। कुछ कररेक्टर्स होते

[01:44:45] हैं।

[01:44:47] पहला कररेक्टर होता है एंप्लीट्यूड।

[01:44:52] सुना होगा एंप्लीट्यूड को a से रिप्रेजेंट

[01:44:56] करते हैं। एंप्लीट्यूड का मतलब शॉर्ट में

[01:44:59] अगर समझें तो मैक्सिमम

[01:45:02] डिस्प्लेसमेंट फ्रॉम मीन पोजीशन। मैक्सिमम

[01:45:05] डिस्प्लेसमेंट लिखते हैं अभी। यानी कि कोई

[01:45:09] भी पार्टिकल ये वेव है ना वेव है। अगर मैं

[01:45:11] इसको डिस्टर्ब ना करता तो ये इसकी मीन

[01:45:14] पोजीशन रहती। ये रस्सी थी। मैंने इसको

[01:45:16] ऐसे-ऐसे करके तो ये ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे हवा

[01:45:19] में ऐसे-ऐसे जाके ऐसे-ऐसे जैसे ये ये है

[01:45:21] मेरे पास ये तो ये मेरे पास रस्सी अब ये

[01:45:24] एक मेन पोजीशन है। अब मैंने ऐसे-ऐसे करके

[01:45:26] इसको वेव दे दी। तो ये इसका जो पार्टिकल

[01:45:28] है इसका जो पार्टिकल है वो कितना ऊपर

[01:45:30] कितना नीचे कितना ऊपर जैसे कि कितना ऊपर

[01:45:33] कितना नीचे जा रहा है। मैक्सिमम कितना ऊपर

[01:45:35] जा रहा है। जैसे आप देख सकते हैं मैक्सिमम

[01:45:38] इतना ऊपर गया है। तो ये ये जो है इसको कहा

[01:45:41] जाता है एंप्लीट्यूड।

[01:45:44] एंप्लीट्यूड

[01:45:46] एंप्लीट्यूड कहा जाता है इसको। क्या कहा

[01:45:48] जाता है? एंप्लीट्यूड कहा जाता है।

[01:45:50] एंप्लीट्यूड कह लो आप एंप्लीट्यूड कह लो

[01:45:52] जो मर्जी कह लो। ठीक है? और जनरली जब हम

[01:45:55] एक वेव पढ़ते हैं तो हम एंप्लीट्यूड बराबर

[01:45:57] मानते हैं। यहां पे भी, यहां पे भी हर जगह

[01:45:58] बराबर है। ऑलदो बढ़ भी सकता है, कम भी हो

[01:46:00] सकता है। बट ठीक है? बराबर मानते हैं। फिर

[01:46:02] आता है हमारे पास वेवलेंथ।

[01:46:05] वेवलेंथ।

[01:46:07] वेवलेंथ को हम लोग रिप्रेजेंट करते हैं

[01:46:10] लैम्ब्डा से। लैम्ब्डा से। वेवलेंथ क्या

[01:46:13] होता है? देखा जाए तो इसकी दो परिभाषा है।

[01:46:15] लेंथ ऑफ अ वेव इज कॉल्ड वेवलेंथ। या फिर

[01:46:18] दो क्सक्यूटिव क्रस्ट और दो क्सक्यूटिव

[01:46:20] ट्रू। है ना? जैसे ये हमारे पास क्रस्ट

[01:46:22] होता है। क्रस्ट। अबे क्रस्ट कह रहा हूं।

[01:46:24] क्रस्ट नहीं कह रहा हूं। पागल हो चुके हो।

[01:46:26] दिमाग में तुम्हारे भूसा भर चुका है।

[01:46:27] क्रस्ट। ये क्रस्ट है। ये क्रस्ट है। जैसे

[01:46:30] ही क्रस्ट बोला दिमाग में आ गया होगा कोई

[01:46:32] ना कोई। वही ना। ये क्रस्ट है। तो दो

[01:46:34] क्रस्ट के बीच का डिस्टेंस। दो क्रस्ट के

[01:46:38] बीच का डिस्टेंस यह क्रस्ट है। यह क्रस्ट

[01:46:40] है। इसके बीच का डिस्टेंस इज कॉल्ड

[01:46:42] वेवलेंथ। वैसे तो देखा जाए वेवलेंथ का

[01:46:45] मतलब लेंथ ऑफ अ वेव होता है। यहां से यहां

[01:46:48] तक की दूरी भी वेवलेंथ ही होगी। बिकॉज़ एक

[01:46:50] वेव पूरी हो रही है। ऐसे ही यहां से यहां

[01:46:53] तक की दूरी भी वेवलेंथ ही होगी। बिकॉज़ एक

[01:46:55] वेव पूरी हो रही है। ऐसे ही यहां से यहां

[01:46:58] तक की दूरी जो भी नीचे ट्रो आएगा उसको

[01:47:00] वेवलेंथ बोलते हैं। बट ठीक है? नापने का

[01:47:02] एक तरीका है। क्रश से क्रश ट्रो से थ्रो

[01:47:04] नापते हैं। तो वेवलेंथ को आप कह सकते हो

[01:47:07] डिस्टेंस

[01:47:10] बिटवीन टू

[01:47:13] क्सक्यूटिव क्रस्ट। देखो मैं अभी बहुत

[01:47:15] शॉर्ट में लिख रहा हूं। बिकॉज़ ये परिभाषा

[01:47:17] समझना हमारा मेन मोटिव नहीं है। समझो। ये

[01:47:19] तो बस रिवाइज़ कर रहे हैं हम। ठीक है ना?

[01:47:21] वेवलेंथ। फिर आता है टाइम पीरियड। टाइम

[01:47:23] पीरियड। टाइम पीरियड।

[01:47:28] टाइम पीरियड क्या होता है

[01:47:30] टाइम पीरियड। टाइम पीरियड क्या होता है

[01:47:30] भैया?

[01:47:32] टाइम पीरियड जिसको हम कैपिटल t से

[01:47:34] रिप्रेजेंट करते हैं। अगेन एक वेव को पूरा

[01:47:36] होने में कितना समय लगा? एक वेव को पूरा

[01:47:39] होने में कितना समय लगा? इसे कहा जाता है

[01:47:42] टाइम पीरियड।

[01:47:44] टाइम टेकन

[01:47:46] टाइम टेकन

[01:47:49] टू कंप्लीट टाइम टेकन टू कंप्लीट वन वेव।

[01:47:55] एक वेव को पूरा होने में कितना समय लगा?

[01:47:58] यहां से यहां जाएगी वेव और 0.1 सेकंड लगा

[01:48:01] तो वो टाइम पीरियड हो गया। यहां से यहां

[01:48:03] गई 1 घंटा लगा। ऐसी कोई वेव मैं जानता

[01:48:05] नहीं जिसको एक वेव को पूरा होने में एक

[01:48:07] घंटा लग जाए। बट मान लो लगा तो वो हो

[01:48:09] जाएगा टाइम पीरियड। ऑलदो टाइम पीरियड बहुत

[01:48:11] छोटा होता है। ईएम वेव जिसके बारे में

[01:48:13] पढ़ाई करनी है उसके लिए तो बहुत छोटा 0 10

[01:48:16] की पावर -3, -4, -5, -10 ऐसा उससे भी छोटा

[01:48:20] टाइम पीरियड रहेगा। फिर आता है भैया

[01:48:22] फ्रीक्वेंसी। सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने

[01:48:24] वाला है इस चैप्टर में वेवलेंथ ऑफ़

[01:48:26] फ्रीक्वेंसी। तो टाइम पीरियड क्या है

[01:48:28] भैया? टाइम टेकन टू कंप्लीट वन वेव। लेकिन

[01:48:30] फ्रीक्वेंसी

[01:48:33] फ्रीक्वेंसी

[01:48:35] फ्रीक्वेंसी को f या फिर हम लोग न्यू से

[01:48:40] भी शो कर देते हैं। f या फिर इसको हम न्यू

[01:48:43] से भी शो कर देते हैं। न्यू थोड़ा सा ऐसा

[01:48:45] v है और ऊपर इसका ये ऐसा कर्व। ठीक है?

[01:48:48] नोरा फतेही की तरह। तो ये न्यू हो गया। तो

[01:48:50] फ्रीक्वेंसी हो गया f या फिर न्यू।

[01:48:53] फ्रीक्वेंसी क्या है भैया? फ्रीक्वेंसी

[01:48:55] क्या है भैया? नंबर

[01:48:58] ऑफ वेव्स

[01:49:01] कंप्लीटेड। नंबर ऑफ वेव्स कंप्लीटेड इन वन

[01:49:07] सेकंड। एक एक वेव को पूरा होने में कितना

[01:49:11] टाइम लगा? टाइम पीरियड है। एक वेव को पूरा

[01:49:15] होने में कितना टाइम लगा? टाइम पीरियड है।

[01:49:17] कंफ्यूज मत होना। लेकिन 1 सेकंड में कितनी

[01:49:19] वेव पूरी हो गई? इसको फ्रीक्वेंसी कहते

[01:49:21] हैं। ये देखो। मान लो घड़ी में 1 सेकंड

[01:49:24] हुआ और इतनी वेव पूरी हो गई। तो ये

[01:49:26] फ्रीक्वेंसी कितनी हुई? 1 2 3 4 5 तो 1

[01:49:32] सेकंड में पांच वेव पूरी हो गई। 1 सेकंड

[01:49:35] में पांच वेव पूरी हो गई। तो फ्रीक्वेंसी

[01:49:37] हो गई फाइव। जैसे इसकी एसआई यूनिट तो मीटर

[01:49:40] है क्योंकि ये लंबाई है। इसकी भी मीटर है।

[01:49:42] इसकी सेकंड है लेकिन फ्रीक्वेंसी की एसआई

[01:49:44] यूनिट क्या होती है? बता रहा हूं। लेकिन 1

[01:49:47] सेकंड में कितनी वेव्स पूरी हो रही हैं?

[01:49:50] इसे कहा जाता है फ्रीक्वेंसी।

[01:49:52] और ऑब्वियस सी बात है फ्रीक्वेंसी के

[01:49:54] हमारे पास दो फार्मूले आ जाते हैं। एक तो

[01:49:56] परिभाषा से आ रहा है। देखो फ्रीक्वेंसी का

[01:49:59] एक परिभाषा तो क्या है भैया? नंबर ऑफ

[01:50:02] वेव्स एक सेकंड में कितनी हुई? तो पर

[01:50:05] यूनिट टाइम। तो नंबर ऑफ वेव्स पर यूनिट

[01:50:07] टाइम इसको भी फ्रीक्वेंसी कहते हैं। और

[01:50:09] फ्रीक्वेंसी

[01:50:11] का एक और फार्मूला भी बन सकता है। आप सब

[01:50:14] समझ रहे हैं वो है 1 / टाइम पीरियड।

[01:50:16] क्योंकि टाइम पीरियड

[01:50:19] टाइम पीरियड वो टाइम है जो वेव एक को पूरा

[01:50:22] होने में लगता है। तो फ्रीक्वेंसी के दो

[01:50:24] फॉर्मूले आपके सामने आ गए हैं। एक है नंबर

[01:50:27] ऑफ वेव्स अपॉन में टाइम और एक है 1 / टाइम

[01:50:30] पीरियड। ठीक है? और अगर मैं फ्रीक्वेंसी

[01:50:33] को ऐसे लिख रहा हूं न्यू से तो ये 1 /

[01:50:36] टाइम पीरियड आ जाएगा। ये हमारे पास एक

[01:50:38] फार्मूला आ जाएगा। अब इससे अगर मैं

[01:50:40] फ्रीक्वेंसी की si यूनिट समझूं तो इसकी si

[01:50:44] यूनिट क्या हो जाएगी?

[01:50:46] टाइम की होती है सेकंड। तो इसकी हो जाएगी

[01:50:48] सेकंड इनवर्स। लेकिन H हर्ट्ज जी को इज्जत

[01:50:52] देते हुए ऑनर देते हुए इन्होंने बहुत कुछ

[01:50:54] किया। बताऊंगा क्या किया। ऑनर और इज्जत

[01:50:56] देते हुए हमने इसकी एसआई यूनिट को हर्ट्ज

[01:50:58] पे रखा हुआ है। जिसका H कैपिटल है और Z

[01:51:00] स्मॉल है। तो आपके सामने बोर्ड पे कौन-कौन

[01:51:03] से कररेक्टर्स हैं? एंप्लीट्यूड है,

[01:51:04] वेवलेंथ है, टाइम पीरियड है, फ्रीक्वेंसी

[01:51:06] है। ऐसे ही एक आता है हमारे पास वेव नंबर।

[01:51:10] देखो स्पीड ऑफ़ वेव तो ऑब्वियस सी बात है

[01:51:12] डिस्टेंस / टाइम है। लेकिन एक आता है

[01:51:14] हमारे पास वेव नंबर। आओ यह भी पढ़ लेते

[01:51:16] हैं। वेव नंबर भी पढ़ लेते हैं। लगे हाथ

[01:51:18] पढ़ ही लेते हैं। काम आएगा। वेव नंबर। वेव

[01:51:21] नंबर क्या होता है? वेव नंबर

[01:51:26] क्या होता है?

[01:51:29] वेव नंबर क्या होता है?

[01:51:29] पांचवा कररेक्टर।

[01:51:31] कितना गंदा लगता है ये पिंक कलर इस पे।

[01:51:34] हां। वेव नंबर क्या होता है? वेव नंबर

[01:51:39] होता है नंबर

[01:51:42] ऑफ वेव्स

[01:51:45] इन 1 मीटर लेंथ। 1 मीटर लंबाई में 1 मीटर

[01:51:50] लंबाई में कितनी वेव्स पूरी हो रही है?

[01:51:51] इसको बोलते हैं वेव नंबर। वेव नंबर को V

[01:51:54] के ऊपर बार से शो करते हैं। एक 1 सेकंड

[01:51:57] में कितनी वेव पूरी हुई थी? उसको

[01:51:59] फ्रीक्वेंसी बोल रहे हैं। लेकिन 1 मीटर

[01:52:02] में कितनी वेव्स आ रही हैं? 1 मीटर की

[01:52:04] लंबाई में कितनी वेव्स आ रही है? उसको

[01:52:05] बोलते हैं वेव नंबर। तो फिर वेव नंबर का

[01:52:08] फार्मूला क्या बना? दो फॉर्मूले बन गए वेव

[01:52:10] नंबर के। पहला बना

[01:52:12] नंबर ऑफ वेव्स। पहला बना नंबर ऑफ वेव्स

[01:52:16] अपॉन में लेंथ। और अगर मैं एक ही वेव की

[01:52:19] बात कर रहा हूं तो एक वेव में नंबर ऑफ वेव

[01:52:23] वन हो गई। और एक वेव की लंबाई को वेवलेंथ

[01:52:25] बोलते हैं। तो मुबारक हो वेव नंबर का

[01:52:28] फार्मूला 1 / वेवलेंथ भी है। 1 / वेवलेंथ

[01:52:31] भी है और नंबर ऑफ वेव्स अपॉन में लेंथ भी

[01:52:33] है। अब क्योंकि ये 1 / वेवलेंथ है और

[01:52:36] वेवलेंथ की यूनिट मीटर होती है। तो

[01:52:38] ऑब्वियस सी बात है इसकी जो एसआई यूनिट हो

[01:52:40] जाएगी इसकी जो SI यूनिट हो जाएगी ये मीटर

[01:52:43] इनवर्स हो जाएगी। इसकी जो SI यूनिट हो

[01:52:46] जाएगी वो मीटर इनवर्स हो जाएगी। डन है। यह

[01:52:50] बोर्ड आपके सामने जो है बहुत कीमती है।

[01:52:51] इसके बाद कुछ फार्मूले आएंगे। है ना? फिर

[01:52:53] हम इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स को

[01:52:55] डेडिकेटेडली पढ़ेंगे। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[01:52:57] वेव्स को डेडिकेटेडली पढ़ेंगे। चलो लेकिन

[01:52:59] सबसे पहले ये कररेक्टर्स हैं आपके सामने।

[01:53:01] इनको अच्छे से अपने मन में, तन में, धन

[01:53:04] में जहां भी बसा सकते हो बसा लो। ठीक है?

[01:53:06] अब कुछ रिलेशन पढ़ने जा रहे हैं। ये रिलेशन

[01:53:08] वो रिलेशन नहीं है जिनमें आप कभी नहीं आ

[01:53:11] पाए। बेटा रोने वाली बात नहीं है। ये

[01:53:13] रिलेशन वो रिलेशन है जो हमने नाइंथ क्लास

[01:53:14] में भी पढ़े थे। ये जो मैं बोर्ड पे करने

[01:53:16] जा रहा हूं। कुछ नया नहीं होने वाला।

[01:53:17] नाइंथ में भी किया था। तो आपको ये पहले से

[01:53:20] आना चाहिए सिवाय वेव नंबर वाली बात के

[01:53:22] बिकॉज़ वेव नंबर नहीं आए। तो दो रिलेशंस तो

[01:53:24] हम पीछे ही पढ़ा चुके हैं आपको। पहला

[01:53:26] फ्रीक्वेंसी का फार्मूला है 1 / टाइम

[01:53:28] पीरियड। ये तो पीछे ही पढ़ा दिया आपको। है

[01:53:30] ना? सिंबल की फॉर्म में लिखते हैं। आधा

[01:53:32] डालेंगे। फ्रीक्वेंसी का फार्मूला होता है

[01:53:33] 1 / टाइम पीरियड। और दूसरा मैंने आपको पढ़ा

[01:53:36] दिया है कि वेव नंबर होता है 1 / वेवलेंथ।

[01:53:39] ठीक है? अब तीसरा फार्मूला एक डिराइव

[01:53:41] करेंगे। आ जाओ। यह फार्मूला अगर आपने

[01:53:44] चैप्टर पहले कभी किया हुआ है तो आपको पता

[01:53:46] है आगे जाकर हम प्लैंक्स कॉटन थ्योरी और

[01:53:48] फोटोइिक इफेक्ट पढ़ने वाले हैं। अगर आपने

[01:53:51] ये चैप्टर पहले पढ़ा हुआ है तो आपको पता

[01:53:53] है कि ये इस चैप्टर का जो फार्मूला अभी

[01:53:56] आने वाला है ये इस चैप्टर में वन ऑफ दी

[01:53:58] मोस्ट यूज्ड फॉर्मूलों में से एक होने

[01:54:01] वाला है। क्या है फ़ॉर्मूला? आओ।

[01:54:04] क्या स्पीड एक फॉर्मूला डिराइव कर रहे

[01:54:06] हैं। क्या स्पीड का फॉर्मूला होता है?

[01:54:09] डिस्टेंस अपॉन में टाइम

[01:54:13] स्पीड को हम v से रिप्रेजेंट कर रहे हैं।

[01:54:15] डिस्टेंस होता है x टाइम होता है t। अब

[01:54:18] गहरी बात होने जा रही है। गहरी बात गहरी

[01:54:21] बात ये होने जा रही है कि अगर कोई वेव एक

[01:54:25] अगर कोई वेव एक वेव अगर कोई वेव चल रही है

[01:54:28] और एक वेव पूरा कर रही है। एक वेव ध्यान

[01:54:31] से सुनना। तो क्या जो डिस्टेंस है वो

[01:54:34] वेवलेंथ हो जाएगा? अगर कोई एक वेव चल रही

[01:54:37] है तो डिस्टेंस जो है वेवलेंथ हो जाएगा और

[01:54:39] टाइम जो है वो टाइम पीरियड हो जाएगा।

[01:54:42] किसके लिए बात कर रहा हूं? फॉर वन वेव।

[01:54:44] गहरी बात है। अगर मैं एक वेव के लिए बात

[01:54:47] कर रहा हूं एक वेव के लिए तो जो मेरा

[01:54:49] डिस्प्लेसमेंट है जो मेरा डिस्टेंस है,

[01:54:51] डिस्प्लेसमेंट है, डिस्प्लेसमेंट की बात

[01:54:52] कर रहे हैं वैसे तो वो मेरे लिए वेवलेंथ

[01:54:55] के बराबर हो जाएगा। और एक वेव को चलने में

[01:54:57] जो टाइम लगता है उसको हम टाइम पीरियड कहते

[01:54:59] हैं। तो अगर ऐसा है तो मेरे पास जो

[01:55:00] वेलोसिटी है यह आ जाएगा वेवलेंथ पर यूनिट

[01:55:03] टाइम पीरियड।

[01:55:05] वेवलेंथ पर यूनिट टाइम पीरियड आ जाएगा।

[01:55:07] सही है? सही है। सही है। अब यहां पे 1 /

[01:55:11] टाइम है। इसको मैं ऐसे लिख रहा हूं समझ

[01:55:13] समझने के लिए। 1 / टाइम। 1 / टाइम क्या

[01:55:16] होता है? फ्रीक्वेंसी होता है।

[01:55:17] फ्रीक्वेंसी होता है। तो बच्चों मुबारक

[01:55:19] हो।

[01:55:21] फ्रीक्वेंसी

[01:55:22] इक्व v / लैम्ब्डा आ गया। मुबारक हो।

[01:55:26] फ्रीक्वेंसी = v / लैम्ब्डा आ गया। यह कोई

[01:55:30] नया फ़ूला नहीं है। यह नया फ़ूला क्यों नहीं

[01:55:33] है? ये फार्मूला हमने 11थ नाइंथ क्लास में

[01:55:35] पढ़ा हुआ है। फ्रीक्वेंसी इक्व टू वेलोसिटी

[01:55:38] / लैम्ब्डा। क्या मैंने आपको बताया कि हम

[01:55:41] इस चैप्टर में सिर्फ और सिर्फ बात करने

[01:55:43] वाले हैं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के

[01:55:45] बारे में। अब क्योंकि हम इस चैप्टर में

[01:55:46] सिर्फ और सिर्फ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स

[01:55:49] के बारे में बात करने वाले हैं। और आपको

[01:55:50] मैं पढ़ाने वाला हूं कि

[01:55:52] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स चलती हैं स्पीड

[01:55:54] ऑफ लाइट से। अभी पढ़ाऊंगा कि दुनिया की

[01:55:56] सारी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स चलती हैं

[01:55:58] स्पीड ऑफ लाइट से। और हमें इस चैप्टर में

[01:56:00] पढ़ना ही इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव है। तो

[01:56:02] अगर ऐसा है तो क्या मैं V को C यानी स्पीड

[01:56:06] ऑफ लाइट से रिप्लेस कर दूं? क्योंकि हम इस

[01:56:08] चैप्टर में पढ़ने वाले हैं

[01:56:10] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव के बारे में। और

[01:56:13] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव अगले ही स्लाइड पे

[01:56:15] आपको पता चलेगा स्पीड ऑफ लाइट से चलती

[01:56:17] हैं। तो क्या मैं इस फार्मूले को क्या मैं

[01:56:21] इस फॉर्मूले को रिप्लेस करके फ्रीक्वेंसी

[01:56:25] = v / लैम्ब्डा की बजाय c / लैम्ब्डा लिख

[01:56:28] सकता हूं क्या? क्योंकि मैं यहां पे जो भी

[01:56:31] वेलोसिटी पुट करूंगा वो स्पीड ऑफ लाइट

[01:56:33] होगी। बिकॉज़ मैं इस चैप्टर में

[01:56:34] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के बारे में

[01:56:35] पढ़ने वाला हूं। और कंफ्यूजन भी दूर हो

[01:56:37] जाएगी। दोनों v लगते हैं। ऑलदो ये न्यू

[01:56:39] है। ये v है। इसलिए इसका ये वाला फ़ूला

[01:56:41] बेहतर है। फ्रीक्वेंसी = c / लैम्ब्डा

[01:56:46] डन है। डन है? ये हो गए कररेक्टर्स। ये हो

[01:56:49] गए जनरल डेफिनेशंस। ये हो गए दो प्रकार की

[01:56:52] वेव्स। ये हो गए कुछ सवाल। ये पढ़ो। इसके

[01:56:55] बाद हम इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के बारे

[01:56:57] में पढ़ना शुरू करेंगे। यानी स्पेशली पढ़ना

[01:56:59] शुरू करेंगे ईएम वेव्स के बारे में। ईएम

[01:57:01] वेव्स के बारे में। ईएम वेव्स क्या है?

[01:57:03] फिर पढ़ेंगे प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी,

[01:57:05] फोटोइिक इफ़ेक्ट। हजनबर्ग अनसर्टेनिटी

[01:57:08] प्रिंसिपल डी ब्रोगलीस कांसेप्ट मैंने कहा

[01:57:10] था कांसेप्ट्स बहुत हैं। उसके बाद

[01:57:12] क्वेश्चन वो फिर सेकंड सेशन खत्म हो

[01:57:14] जाएगा। चार टॉपिक्स और हैं। सेकंड सेशन

[01:57:16] खत्म होगा। फिर क्वेश्चन फिर चलेंगे भाई

[01:57:19] साहब नील्स बोर इलेक्ट्रॉन की डिस्कवरी,

[01:57:21] प्रोटॉन की डिस्कवरी इन सब पे। फिलहाल अभी

[01:57:23] के लिए जल्दी से ये सारे फार्मूले पढ़ो और

[01:57:26] पढ़ो ये सारे कररेक्टर्स क्योंकि अब हम

[01:57:28] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के बारे में

[01:57:30] पढ़ने वाले हैं। चलिए जी अब हम सही समय आ

[01:57:33] चुका है कि अब हम पढ़ें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[01:57:35] वेव्स को। वेव क्या है? डिस्टरबेंस है।

[01:57:37] वेव अलग-अलग प्रकार की हो सकती है।

[01:57:40] मैकेनिकल वेव, ईएम वेव। आपने शायद नाइंथ

[01:57:43] क्लास में याद हो ट्रांसवर्स वेव भी था,

[01:57:44] लोंगिट्यूडनल वेव भी था। तो वेव अलग-अलग

[01:57:47] प्रकार की हो सकती है। लेकिन हमें जो इस

[01:57:49] चैप्टर में पढ़नी है वो है

[01:57:50] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स।

[01:57:52] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के बारे में आप

[01:57:54] अभी तक सिर्फ इतना जानते हो कि ऐसी वेव

[01:57:56] जिनको चलने के लिए कोई भी मीडियम नहीं

[01:57:58] चाहिए, माध्यम नहीं चाहिए उन्हें

[01:57:59] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स कहा जाता है। बट

[01:58:01] एक्चुअली में इनकी बहुत सारी और

[01:58:02] प्रॉपर्टीज हैं। जैसे पहली बात तो

[01:58:04] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव या

[01:58:06] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन जिनको शॉर्ट

[01:58:08] में हम लोग ईएम वेव्स कहते हैं। इनका नाम

[01:58:12] ईएम वेव्स यानी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स

[01:58:15] पढ़ा क्यों? अगर आप तोड़ो तो

[01:58:17] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[01:58:19] यानी इसमें इलेक्ट्रिक फील्ड भी होती है

[01:58:21] और मैग्नेटिक फील्ड भी होती है। भले ही आप

[01:58:22] इलेक्ट्रिक फील्ड और मैग्नेटिक फील्ड को

[01:58:24] बहुत ज्यादा जानते नहीं हो बट आपने नाम तो

[01:58:26] सुने चार्ज अपने आसपास पैदा करता है

[01:58:28] इलेक्ट्रिक फील्ड चुंबक पैदा करती है

[01:58:30] मैग्नेटिक फील्ड और ये दोनों से मिलके बनी

[01:58:33] होती है। ये दोनों से मिलके कैसे बनी होती

[01:58:35] है? आओ जरा समझें। परपेंडिकुलरली

[01:58:38] इलेक्ट्रिक फील्ड मैग्नेटिक फील्ड ऑसिलेट

[01:58:40] कर रही होती है और उससे बनती है

[01:58:42] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स। अगर मैं इसको

[01:58:44] भी छोटा कर दूं मान लेते हैं क्योंकि हाथ

[01:58:47] से बनाना थोड़ा ज्यादा अगर फन रहे ज्यादा

[01:58:51] समझ पाओगे आप बट क्योंकि हाथ से उतना

[01:58:53] अच्छा नहीं बनता तो मैं डायग्राम ले आया

[01:58:54] था एक बार बनाते भी है डायग्राम उसके बाद

[01:58:57] वहां पे भी देख लेंगे तो ये x एक्सिस है।

[01:59:00] ये हमारे पास y एक्सिस है और ये हमारे पास

[01:59:04] z एक्सिस है। ठीक है ना? अब ये अगर मेरे

[01:59:07] पास x एक्सिस है। ये मेरे पास y एक्सिस

[01:59:09] है। ये मेरे पास z एक्सिस है। तो

[01:59:12] इलेक्ट्रिक फील्ड और मैग्नेटिक फील्ड

[01:59:13] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव में परपेंडिकुलरली

[01:59:16] ऑसिलेट कर रही होती हैं। अगर आप ऐसे समझो

[01:59:18] कि ये x एक्सिस है। ये y एक्सिस है और ये

[01:59:21] zएक्सिस है। तो इलेक्ट्रिक फील्ड ऐसे

[01:59:24] ऑसिलेट कर रही होती हैं।

[01:59:26] x y में किसी भी एक में x y में भी कर

[01:59:28] सकती है। y z में भी कर सकती है। x z में

[01:59:30] भी कर सकती है। लेकिन मान लो अगर ये x

[01:59:32] एक्सिस है। ये y है और ये z है। तो

[01:59:34] इलेक्ट्रिक फील्ड ऐसे ऑसिलेट कर रही है।

[01:59:36] यानी इलेक्ट्रिक फील्ड ऐसे x y प्लेन में

[01:59:39] ऑसिलेट कर रही है। x y प्लेन में ऑसिलेट

[01:59:41] कर रही है। ऐसे जा रही है। ऐसे जा रही है।

[01:59:42] ऐसे जा रही है। ऐसे जा रही है। ऐसे जा रही

[01:59:44] है। x y प्लेन में ऑसिलेट कर रही है।

[01:59:46] लेकिन मैग्नेटिक फील्ड उसके परपेंडिकुलरली

[01:59:48] ऑसिलेट कर रही है। मैग्नेटिक फील्ड ऑसिलेट

[01:59:50] कर रही है ऐसे। ऐसे बाहर अंदर बाहर अंदर

[01:59:53] बाहर अंदर ऐसे ऑसिलेट कर रही है। यानी अगर

[01:59:55] इलेक्ट्रिक फील्ड ऐसे जा रही है तो

[01:59:57] मैग्नेटिक फील्ड ऐसे जा रही है। मान लो

[02:00:00] आपकी तरफ आ रही है ईएम वेव तो इलेक्ट्रिक

[02:00:02] फील्ड अगर ऐसे जा रही है तो मैग्नेटिक

[02:00:04] फील्ड ऐसे जा रही है। ये ऐसे जा रही है।

[02:00:06] ये ऐसे जा रही है। अगर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:00:08] वेव आपकी तरफ चल रही है तो ये आ रही है

[02:00:10] इलेक्ट्रिक फील्ड। ये आ रही है मैग्नेटिक

[02:00:11] फील्ड। दोनों एक दूसरे के परपेंडिकुलरली

[02:00:15] ऑसिलेट कर रहे हैं। तो इलेक्ट्रिक फील्ड

[02:00:17] ऐसे ऑसिलेट कर रही है। मैग्नेटिक फील्ड

[02:00:19] ऐसे प्लेन वैरी कर सकता है आप समझो। लेकिन

[02:00:22] दोनों एक दूसरे के परपेंडिकुलर ही रहेंगे।

[02:00:26] तो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव एक ऐसी वेव

[02:00:29] होती है जिसमें इलेक्ट्रिक फील्ड और

[02:00:31] मैग्नेटिक फील्ड एक दूसरे से

[02:00:33] परपेंडिकुलरली ऑसिलेट कर रहे हैं। जैसे

[02:00:35] रेड वाला लेट अस से इलेक्ट्रिक फील्ड को

[02:00:37] रिप्रेजेंट कर रहा है। तो ये हो गई

[02:00:39] इलेक्ट्रिक फील्ड और उसके परपेंडिकुलरली

[02:00:42] हो गई मैग्नेटिक फील्ड। इलेक्ट्रिक फील्ड

[02:00:44] है ऊपर नीचे ऊपर नीचे। मैग्नेटिक फील्ड है

[02:00:47] बाहर अंदर बाहर अंदर ऐसे जा रही है। तो

[02:00:50] दोनों एक दूसरे के परपेंडिकुलर होते हैं।

[02:00:52] तो दूसरी बात जानी हमने ईएम वेव के बारे

[02:00:54] में। तीसरी बात इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव

[02:00:57] में अगर आप ध्यान से देखो तो इलेक्ट्रिक

[02:00:59] फील्ड और मैग्नेटिक फील्ड जो है दोनों की

[02:01:01] वेवलेंथ भी सेम होगी। दोनों की

[02:01:03] फ्रीक्वेंसी भी सेम होगी। दोनों का टाइम

[02:01:04] पीरियड भी सेम होगा। सब कुछ सेम होगा

[02:01:06] सिवाय एंप्लीट्यूड के। ये आपको जानना नहीं

[02:01:09] है। एक्स्ट्रा नॉलेज दे रहा हूं। बट अगर

[02:01:10] आप देखो जब इलेक्ट्रिक फील्ड की एक वेव

[02:01:14] पूरी हुई है तो ही मैग्नेटिक फील्ड की एक

[02:01:17] वेव पूरी हुई है। यानी दोनों के लिए

[02:01:19] वेवलेंथ यानी वेव की लंबाई सेम है। दो अब

[02:01:23] दोनों के लिए अगर वेवलेंथ सेम है और अगर

[02:01:25] इलेक्ट्रिक फील्ड यहां पहुंचती है,

[02:01:28] मैग्नेटिक फील्ड यहां पहुंचती है, दोनों

[02:01:30] सेम टाइम पे सेम जगह पहुंच रहे हैं। तो

[02:01:32] सेम टाइम पे सेम नंबर ऑफ़ सेम सेम नंबर ऑफ़

[02:01:35] वेव्स भी पूरा करेंगे। तो फ्रीक्वेंसी भी

[02:01:37] सेम हो जाएगी। तो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव

[02:01:40] में इलेक्ट्रिक फील्ड और मैग्नेटिक फील्ड

[02:01:41] एक दूसरे के परपेंडिकुलर तो चल ही रहे हैं

[02:01:43] लेकिन उनकी वेवलेंथ वेवलेंथ सेम है तो वेव

[02:01:46] नंबर भी सेम होगा फ्रीक्वेंसी सब कुछ सेम

[02:01:49] है सिवाय एंप्लीट्यूड के और ये स्पीड ऑफ

[02:01:52] लाइट से चलता ही ये तो हमने पढ़ लिया। अब

[02:01:54] उसके फीचर्स पढ़ लेते हैं। तो जेम्स

[02:01:56] क्लार्क मैक्सवेल जी मैक्सवेल जी वन ऑफ दी

[02:01:59] मोस्ट अह आप कह सकते हो क्रेजी साइंटिस्ट

[02:02:02] में से एक बहुत प्यारे इंसान बहुत

[02:02:04] क्रेजी-क्रेजी बातें करी इन्होंने।

[02:02:06] ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम टॉप 10 साइंटिस्ट

[02:02:09] में से जो मुझे अच्छे लगते हैं वो

[02:02:11] मैक्सवेल ही हैं। इन्होंने एक्चुअली में अ

[02:02:15] प्रकार की एनर्जी का इंट्रोडक्शन दिया था

[02:02:17] और कहा था कि वो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स

[02:02:19] होंगे जो कि स्पेस में दौड़ती होगी। ठीक

[02:02:21] है ना? जिसको इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स भी

[02:02:23] कहा गया या फिर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:02:25] रेडिएशन भी कहा गया। यानी इनको

[02:02:26] इंट्रोड्यूस करने वाले मैक्सवेल जी थे।

[02:02:28] क्या-क्या कररेक्टर्स हो सकते हैं? पहला

[02:02:30] दीज़ कंसिस्ट ऑफ़ इलेक्ट्रिक एंड मैग्नेटिक

[02:02:33] फील्ड दैट ऑसिलेट्स इन दी डायरेक्शन

[02:02:35] परपेंडिकुलर टू ईच अदर। दोनों एक दूसरे के

[02:02:37] परपेंडिकुलरली ऑसिलेट कर रहे होंगे। ठीक

[02:02:40] है? सेकंड द टू फील्ड कॉम्पोनेंट हैव सेम

[02:02:43] वेवलेंथ सेम नॉट सम। दोनों की वेवलेंथ

[02:02:46] क्या होगी? सेम होगी। दोनों की

[02:02:48] फ्रीक्वेंसी भी सेम होगी। बस एंप्लीट्यूड

[02:02:51] अलग होगा जो कि पढ़ना नहीं है। ऑल द

[02:02:53] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव ट्रेवल्स विद सेम

[02:02:55] स्पीड। दैट इज़ स्पीड ऑफ़ लाइट। अब अगर हवा

[02:02:57] में है तो 3 * में 10 की पावर 8 के आसपास

[02:02:59] आपको पता ही है। पानी में है तो हमने पढ़

[02:03:02] रखा है 10थ क्लास में थोड़ी सी कम हो

[02:03:03] जाएगी। ग्लास में और कम डायमंड में सबसे

[02:03:05] कम। लेकिन जो भी स्पीड ऑफ लाइट होगी अगर

[02:03:07] हवा की बात करें तो 3 * में 10 की पावर 8

[02:03:10] तो 3 * में 10 की पावर 8 ही रहेगी। है ना?

[02:03:12] आपको पता ही है ऊपर है पावर। तो 3 * में

[02:03:14] 10 की पावर 8 स्पीड ऑफ लाइट से चलेंगे।

[02:03:17] ठीक है? इसके बाद द इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:03:19] रेडिएशन डू नॉट रिक्वायर एनी मीडियम टू

[02:03:21] ट्रेवल। ये तो हम पढ़ ही चुके हैं। तो ये

[02:03:23] जनरल करैक्टर हुए हमारे पास

[02:03:25] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव के। डन है और कुछ

[02:03:27] ऐसे चलती है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव। अब

[02:03:29] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव अगर आपको याद हो

[02:03:31] मैंने पीछे आपको इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव

[02:03:33] का एक एग्जांपल दिया था। वो था रेडियो

[02:03:35] वेव। मतलब मैंने दिया नहीं था शायद। लेकिन

[02:03:38] जैसे लाइट है मेरे हिसाब से

[02:03:39] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव का सबसे अच्छा

[02:03:42] एग्जांपल है लाइट। जिसको हम लोग विजिबल

[02:03:48] रेडिएशन या विज़िबल वेव या विज़िबल रेज भी

[02:03:50] कहते हैं। क्योंकि सारी

[02:03:53] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन में से सात आठ

[02:03:55] प्रकार की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन

[02:03:57] होती हैं। सारी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:03:59] रेडिएशन जिनको चलने के लिए कोई मीडियम में

[02:04:01] चाहिए। उनमें इकलौती विज़िबल रेज़ हैं जिनको

[02:04:03] हम देख सकते हैं। बाकी सबको हम देख नहीं

[02:04:05] सकते। जैसे रेडियो वेव अभी आपको मैं बताऊं

[02:04:07] ये मेरे पास जो माइक है ये देखो ये

[02:04:09] वायरलेस माइक है। ये कैसे काम करता?

[02:04:12] यहां से यहां तक इसके मुंह पे ना एक मैं

[02:04:15] अभी ऐसे टैप टैप करूंगा। आपको आवाज आएगी।

[02:04:17] देखो

[02:04:19] यानी यहां पे लगा हुआ है इसका माइक्रोफोन

[02:04:21] जो आवाज को रिसीव कर रहा है। मेरी आवाज को

[02:04:23] रिसीव कर रहा है। उसके बाद इसके अंदर एक

[02:04:26] तड़मबाजी लगी हुई है। वो इस साउंड को

[02:04:28] कन्वर्ट कर रही है रेडियो वेव्स में। हो

[02:04:31] सकता है माइक्रो में भी कर रही हो। कुछ

[02:04:32] चीजें माइक्रो में काम करती हैं। कुछ

[02:04:34] रेडियो में मोस्टली रेडियो में ही कर रहा

[02:04:36] होगा ये। ठीक है? अब यहां से ये रेडियो

[02:04:38] इसके ऊपर लिखा हुआ है ट्रांसमीटर। आपको

[02:04:40] दिखेगा नहीं। नहीं बहुत छोटा लिखा हुआ है।

[02:04:42] लेकिन इसके नीचे लिखा हुआ है ट्रांसमीटर

[02:04:44] क्योंकि ये ट्रांसमीट कर रहा है। यानी

[02:04:46] मेरी आवाज को रेडियो वेव में कन्वर्ट करके

[02:04:48] भेज रहा है। मक्खी भी उड़ रही है। ओ मक्खी

[02:04:51] भी उड़ रही है। ठीक है? उसके बाद क्या हो

[02:04:52] रहा है? उधर एक रिसीवर लगा हुआ है। मैं

[02:04:54] निकालूंगा तो आवाज बंद हो जाएगी। लेकिन

[02:04:56] उधर सीपीयू में एक रिसीवर लगा हुआ है।

[02:04:58] लगभग ऐसा ही साइज का है। सेम ही है। दूसरा

[02:05:01] रिसीवर पड़ा। सेम ही है। देखने में सेम ही

[02:05:03] लगते हैं। रिसीवर लिखा हुआ है बस उसके

[02:05:05] अंदर। और वो रिसीवर वहां पर रिसीव कर रहा

[02:05:07] है। लेकिन यहां से वहां तक जो आवाज जा रही

[02:05:09] है वो रेडियो वेव्स की फॉर्म में जा रही

[02:05:12] है। तो रेडियो वेव्स बहुत यूज़ होता है

[02:05:14] कम्युनिकेशन में। ये जो हमारे पास रिमोट

[02:05:17] होते हैं इसमें से निकलती है इंफ्रारेड

[02:05:20] रेज। तो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन बहुत

[02:05:22] अलग-अलग प्रकार की होती है। जिनमें से कुछ

[02:05:24] के नाम आपने सुने होंगे। एक दो के नाम

[02:05:26] नहीं भी सुने होंगे। देखो जैसे कि ये कुछ

[02:05:29] छह सात प्रकार की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:05:31] रेडिएशन होती हैं। जिनमें से जिनको आप

[02:05:34] जानते हो वो कौन-कौन सी हैं? रेडियो वेव

[02:05:36] को शायद आप आज ही जाने हो। ये इनकी

[02:05:38] वेवलेंथ है। बस ऐसे एग्जांपल के लिए लिखी

[02:05:40] हुई है। याद नहीं करनी है सिलेबस के

[02:05:42] अकॉर्डिंग। कई स्कूल में टीचर कह दे करना

[02:05:44] है तो अलग बात है बट अकॉर्डिंग टू सिलेबस

[02:05:47] इनके वेवलेंथ और फ्रीक्वेंसी को याद नहीं

[02:05:50] करना है। आपके स्कूल में कह रहे हैं करना

[02:05:53] है तो फिर अलग बात है। बट अकॉर्डिंग टू

[02:05:54] सिलेबस नहीं करना है। 11th में आपको पता

[02:05:56] है टीचर की भी बात थोड़ी सी चलती है। तो

[02:05:59] रेडियो वेव्स माइक्रोवेव्स माइक्रोवेव्स

[02:06:02] खाना गर्म करने के लिए हम लोग माइक्रोवेव

[02:06:04] ओवन में इस्तेमाल करते हैं। प्लस ये

[02:06:05] कम्युनिकेशन में भी काम आता है। इंफ्रारेड

[02:06:08] यानी जिसको हम प्यार से हीट बोलते आए हैं

[02:06:10] आज तक जिसको हम प्यार से हीट बोलते आए हैं

[02:06:12] यह इंफ्रारेड है। तो जब भी हम लोग सन से

[02:06:14] हीट जो ले रहे हैं हीट जो ले रहे हैं वो

[02:06:16] इंफ्रारेड की वजह से है। इस रिमोट से भी

[02:06:18] इंफ्रारेड निकल रही है। है ना? बहुत कम।

[02:06:21] लाइट जिसको हम लोग विज़िबल कह रहे हैं।

[02:06:23] विज़िबल

[02:06:25] विज़िबल।

[02:06:26] तो मुझे लगता है इन चारों का ही नाम आपने

[02:06:28] सुना है। अल्ट्रावायलेट। ये तो सभी ने

[02:06:30] सुना है। यूवी रेज। अल्ट्रावायलेट रे सन

[02:06:32] से निकलती है। सैनिटाइजेशन का काम तो करती

[02:06:35] ही लेकिन साथ ही साथ ये हार्मफुल भी होती

[02:06:36] हैं। याद करेंगे एक्स रेज जिनसे हम

[02:06:38] हड्डियों की स्कैनिंग करते हैं। बॉडी को

[02:06:41] स्कैन करते हैं। गामा रेज ये आप सब ने

[02:06:43] अवेंजर्स में हul्क में सुना होगा। उसकी

[02:06:46] बॉडी में गामा रेज चली जाती हैं। वो हul्क

[02:06:48] बन जाता है। तो गामा रेज कहीं ना कहीं

[02:06:50] उससे कनेक्टेड है। आपने नाम पहले सुना हुआ

[02:06:52] होगा। बट हां ये अलग-अलग अलग अलग अलग अलग

[02:06:55] अलग-अलग प्रकार के हमारे पास

[02:06:56] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:06:58] रेडिएशंस हैं। इसके अलावा एक और भी होती

[02:07:01] है वो होती है कॉस्मिक रेज। कॉस्मिक रेज

[02:07:03] थोड़ा सा गॉड बिहेवियर देती है। बहुत अलग

[02:07:06] है। बहुत डिफरेंट है। स्टार लगा रहता है

[02:07:09] इसके बारे में ज्यादा पढ़ना नहीं है। आई

[02:07:11] होप आपको पता हो कि 12th क्लास में अगर

[02:07:12] आपने कभी सिलेबस खोला है। 12th क्लास में

[02:07:15] आपका फिजिक्स में पूरा का पूरा एक चैप्टर

[02:07:17] है। चैप्टर का नाम है ईएम वेव्स। पूरा

[02:07:19] चैप्टर है। तो वहां पे इन सबको हम और

[02:07:22] डिटेल में पढ़ते हैं और वहां पे आपको ये

[02:07:24] टेबल याद भी करनी होती है। बट अभी फिलहाल

[02:07:26] याद नहीं करनी है। डन है? तो ये हमने

[02:07:28] बेसिक-बेसिक पढ़ाई करी है

[02:07:30] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन की। अब आ रहा

[02:07:33] है एक बड़ा ही प्यारा टॉपिक

[02:07:37] दैट इज़ प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी। बड़ा ही

[02:07:39] प्यारा टॉपिक। अरे अच्छा ओ ये सही है यार।

[02:07:44] यार कभी डायग्राम छोटा बनाया हो तो इसको

[02:07:47] हम बड़ा अरे ये नहीं पता था मुझे फीचर है।

[02:07:50] चलो बढ़िया। रोज इंसान कुछ नया सीखता है।

[02:07:53] खैर प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी और फोटोइिक

[02:07:57] इफेक्ट ये हमारे अब दो टॉपिक्स होने वाले

[02:08:00] हैं। तो अगर आप यह वन शॉट लगातार बैठे देख

[02:08:04] रहे हो तो अभी तक थक गएगे। पक्की बात है।

[02:08:07] इसलिए मैं चाहूंगा कि आप चाहे ब्रेक ले

[02:08:10] लीजिएगा क्योंकि प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी

[02:08:12] और फोटोइिक इफ़ेक्ट बहुत इंपॉर्टेंट

[02:08:14] टॉपिक्स हैं। अगर मैं टाइमलाइन की बात

[02:08:17] करूं तो फोटोइिक इफ़ेक्ट पहले आया। लेकिन

[02:08:20] इसका जो फार्मूला है वो तब आया जब

[02:08:22] प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी आई। ये सब ना

[02:08:25] जानते हुए बस इतना पढ़ते हैं कि पहले हम

[02:08:27] प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी पढ़ेंगे। फिर

[02:08:29] फोटोइिक इफ़ेक्ट। बहुत मजेदार दोनों टॉपिक

[02:08:32] और इसके ऊपर जो न्यूमेरिकल्स बनते हैं वो

[02:08:34] बहुत इंपॉर्टेंट होते हैं। हर साल

[02:08:36] स्ट्रक्चर ऑफ एटम में से क्वांटम नंबर से

[02:08:38] क्वेश्चन आता है और अब जो आगे चार टॉपिक

[02:08:41] आने वाले हैं उनसे एक क्वेश्चन आता है।

[02:08:43] चार टॉपिक मतलब प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी,

[02:08:45] फोटोइिक इफ़ेक्ट, हज़नबर्ग, अनसर्टेनिटी

[02:08:48] प्रिंसिपल और डीब्रोगलीस कांसेप्ट। इन

[02:08:50] चारों टॉपिक में से किसी एक के ऊपर

[02:08:52] न्यूमेरिकल आने के चांसेस बहुत होते हैं।

[02:08:55] चलो शुरू करते हैं। सबसे पहले बात करते

[02:08:58] हैं प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी। तो एक बहुत

[02:09:00] महान इंसान जिनका नाम था मैक्सवेल प्लैंक।

[02:09:03] जिनका नाम था मैक्सवेल प्लैंक। इन्होंने

[02:09:06] एक बात नोटिस करी। इन्होंने नोटिस करी कि

[02:09:10] जो रेडिएशंस होती हैं जो

[02:09:12] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स होती हैं उनकी

[02:09:15] जो एनर्जी होती है, एनर्जी वो कंटिन्यूस

[02:09:19] नहीं होती है। वो क्वांटाइज यानी

[02:09:21] छोटे-छोटे पैकेट्स के फॉर्म में होती है।

[02:09:23] इसका क्या मतलब है?

[02:09:26] अगर मैं आपके ऊपर ऐसे करके पानी गेरूं

[02:09:31] पानी गेरूं अगर मैं आपके ऊपर पानी गेरूं

[02:09:33] तो पानी जब आपके ऊपर गिरेगा तो वो

[02:09:37] कंटीन्यूसली गिरेगा या छोटे-छोटे पैकेट्स

[02:09:41] की फॉर्म में गिरेगा। तो आंसर है देखने

[02:09:43] में तो लगेगा कि पानी कंटीन्यूअसली गिर

[02:09:45] रहा है। पानी गिर रहा है। जैसे अगर मैं एक

[02:09:48] कंटेनर में बहुत सारे कंचे यानी मार्बल रख

[02:09:51] के आपके ऊपर गिरूं तो कंचे पैकेट्स के

[02:09:54] फॉर्म में गिरेंगे। एक कंचा फिर दो तीन या

[02:09:56] तीन चार एक साथ भी गिर रहा है लेकिन आपको

[02:09:58] महसूस होगा कंचा कंचा फिर बीच में रुक रहा

[02:10:00] है फिर लग रहा है है ना है ना महसूस होगा

[02:10:02] यानी आप समझ जाओगे कि कोई चीज गिर रही है

[02:10:04] लेकिन वो कंटीन्यूअस नहीं है कुछ

[02:10:05] छोटे-छोटे हिस्सों में गिर रही है लेकिन

[02:10:09] पानी ऐसे महसूस होता है कि वो

[02:10:10] कंटीन्यूअसली गिर रहा है बट होता तो वो भी

[02:10:12] कंटीन्यूअस नहीं है बिकॉज़ आई होप आप समझ

[02:10:14] पा रहे हैं अगर मैं माइक्रोस्कोपिक लेवल

[02:10:17] पे जाऊंगा तो पानी भी मेरे ऊपर ऐसे गिर

[02:10:19] रहा होगा H2O का पार्टिकल H2O का

[02:10:21] मॉलिक्यूल H2O H2 H2H2 बट वो इतने छोटे

[02:10:24] हैं और वो इतनी जल्दी गिर रहे हैं कि आपको

[02:10:26] लग रहा है कि वो कंटीन्यूअस है। बट

[02:10:29] एक्चुअली में वो कंटीन्यूअस नहीं है।

[02:10:33] पानी भी आपके ऊपर जब गिर रहा है तो वो

[02:10:35] कंटीन्यूअस नहीं है। बिल्कुल इसी प्रकार

[02:10:37] से कोई भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव देखो

[02:10:40] मैं अब हम इस चैप्टर में

[02:10:41] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव के बारे में बात

[02:10:43] करने वाले हैं। और इन सारी

[02:10:44] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव में से हम जिसको

[02:10:45] जानते हैं अच्छे से वो लाइट है। इसलिए मैं

[02:10:47] हो सकता है बार-बार लाइट बोलूं और कहीं पे

[02:10:49] लाइट लिखा भी हो। लेकिन ध्यान रखना अब हम

[02:10:52] जो भी पढ़ाई करने जा रहे हैं वो किसी भी

[02:10:53] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव के लिए वैलिड है।

[02:10:56] तो अगर मैं गलती से बोल दूं लाइट तो आपको

[02:10:58] समझना है कि रेडियो वेव, माइक्रोवेव,

[02:11:00] गामा, अल्ट्रावायलेट सबके लिए वो पढ़ाई

[02:11:02] वैलिड है। ठीक है? तो मैक्सवेल जी ने कहा,

[02:11:06] प्लैंक जी ने कहा कि यार जो

[02:11:08] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन है उनकी जो

[02:11:10] एनर्जी होती है, एनर्जी होती है वो

[02:11:13] कंटीन्यूस नहीं होती है। वो छोटे-छोटे

[02:11:16] पैकेट्स की फॉर्म में होती है। और हर जो

[02:11:19] दिखता नहीं है लेकिन हर एक पैकेट को

[02:11:22] उन्होंने नाम दिया क्वांटम। हर एक पैकेट

[02:11:25] को नाम दिया क्वांटम। और क्वांटम का

[02:11:28] प्लूरल होता है क्वांटा। इंग्लिश में

[02:11:30] अक्सर जो चीजें अम से खत्म होती हैं उनका

[02:11:32] प्लूरल आ होता है। जैसे मोमेंटम का

[02:11:35] मोमेंटा, बैक्टीरियम का बैक्टीरिया,

[02:11:37] क्वांटम का क्वांटा। क्या बोला उन्होंने?

[02:11:41] उन्होंने बोला ऑल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:11:44] रेडिएशंस।

[02:11:45] ऑल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:11:48] रेडिएशंस आर नॉट कॉन्स्टेंट बट

[02:11:51] क्वांटाइज्ड। नॉट कांस्टेंट। अरे नहीं यार

[02:11:54] कॉन्स्टेंट नहीं। गलत बात है। फ्लो ही तोड़

[02:11:57] दिया। कांस्टेंट नहीं। कंटीन्यूअस

[02:12:00] कंटीन्यूअस सॉरी ऑल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:12:04] वेव्स और रेडिएशंस आर नॉट कंटीन्यूअस बट

[02:12:06] क्वांटाइज्ड एंड कंटेन स्मॉल पैकेट्स ऑफ

[02:12:10] एनर्जी कॉल्ड क्वांटम जिसका प्लूरल है

[02:12:13] क्वांटा। इन्होंने सबसे पहले बोला कि जो

[02:12:17] एनर्जी है चाहे वो लाइट को ही समझ लो वो

[02:12:19] कंटीन्यूअसली नहीं गिर रही है। वो क्वांटा

[02:12:21] इस पैकेट्स के फॉर्म में गिरे। मतलब अगर

[02:12:23] यहां पे जैसे इस कमरे में ट्यूबलाइट्स हैं

[02:12:24] बहुत सारी। तो मैंने ट्यूबलाइट के नीचे

[02:12:26] अपना हाथ रखा हुआ है। तो मेरे हाथ पे जो

[02:12:28] लाइट गिर रही है वो कंटीन्यूअसली नहीं गिर

[02:12:30] रही है। छोटे-छोटे पैकेट्स की फॉर्म में

[02:12:32] गिर रही है। एक कंचा दो कंचा तीन कंचे। बस

[02:12:35] वो अलग बात है। वो कंचे इतने छोटे वो

[02:12:37] पैकेट्स इतने छोटे कि मेरे को महसूस ही

[02:12:40] नहीं हो रहा है। जैसे पानी में नहीं होता

[02:12:42] है। पानी का पार्टिकल तो फिर भी बहुत बड़ा

[02:12:44] है। ये क्वांटम तो और छोटा है भाई। तो

[02:12:47] कैसे महसूस होगा? ठीक है? और ये ध्यान

[02:12:49] रखना इन द केस ऑफ लाइट क्योंकि हम लाइट के

[02:12:52] बारे में ज्यादा बात करने वाले हैं। इन द

[02:12:54] केस ऑफ लाइट इन द केस ऑफ विज़िबल रेडिएशन

[02:12:57] इन्हीं क्वांटा को फोटों्स नाम दे दिया

[02:12:59] गया है। समझ गए? यानी वो छोटा-छोटा पैकेट

[02:13:02] जिसको हमने क्वांटा बोला है। मैं रेडियो

[02:13:04] वेव्स में भी क्वांटा बोलूंगा। मैं

[02:13:06] माइक्रोवेव में भी क्वांटा बोलूंगा। मैं

[02:13:08] विज़िबल में क्वांटा बोल सकता हूं। मैं

[02:13:11] गामा में भी क्वांटा बोलूंगा। लेकिन

[02:13:13] विज़िबल में मैंने उन्हीं क्वांटा को एक और

[02:13:15] नाम दे दिया है फोटॉन्स। तो फोटॉन्स वर्ड

[02:13:18] सिर्फ और सिर्फ लाइट यानी विज़िबल में यूज़

[02:13:20] होंगे। और अगला पॉइंट जहां पर पढ़ते ही हम

[02:13:23] कुछ फार्मूलेशन करेंगे। इन्होंने क्या बोल

[02:13:26] दिया? देखो मैं बार-बार इसलिए बोल रहा हूं

[02:13:28] कि नया टॉपिक है। मैं सोच नहीं रहा हूं कि

[02:13:30] वन शॉट पढ़ा रहा हूं। भले ये वन शॉट 6 घंटे

[02:13:32] का हो जाए। मैं ढंग से नहीं पढ़ाऊंगा तो

[02:13:34] फिर मेरे को खुद ही मजा नहीं आएगा। समझ

[02:13:36] रहे हो? हां। वापस आते हैं। अब इन्होंने

[02:13:39] यह तो बोल दिया कि कोई भी

[02:13:40] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन जो है उसकी जो

[02:13:42] एनर्जी है जब वह बहती है वो कंटीन्यूअस

[02:13:45] नहीं है। वो छोटे-छोटे पैकेट्स की फॉर्म

[02:13:46] में जिस पैकेट का नाम है क्वांटा। ठीक है?

[02:13:49] और हर एक क्वांटा को उन्होंने फोटन कहा

[02:13:51] लाइट के केस में। फिर लास्ट स्टेटमेंट में

[02:13:54] इन्होंने कहा कि जो भी एनर्जी ऑफ

[02:13:58] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:14:00] एनर्जी ऑफ ईएम वेव है जो भी एनर्जी ऑफ़ ईएम

[02:14:07] वेव है जो भी एनर्जी ऑफ़ ईएम वेव है ये

[02:14:12] डायरेक्टली प्रपोशनल है फ्रीक्वेंसी ऑफ़

[02:14:17] वेव के यानी एनर्जी ऑफ़ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:14:21] वेव किसी भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव की जो

[02:14:24] एनर्जी है वो डायरेक्टली प्रपोशनल है उसकी

[02:14:28] फ्रीक्वेंसी के।

[02:14:31] जितनी ज्यादा फ्रीक्वेंसी उतनी ज्यादा

[02:14:34] एनर्जी यानी एन कोई भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:14:37] वेव हो उसकी जो एनर्जी है वो डायरेक्टली

[02:14:40] प्रोपोर्शनल है फ्रीक्वेंसी के। अब इस

[02:14:42] टेबल पे आओ। यहां पे आपको वेवलेंथ दे रखी

[02:14:45] है और आज ही पढ़ाया कि फ्रीक्वेंसी का

[02:14:47] फार्मूला V / यानी C / लैम्ब्डा होता है

[02:14:50] या V / लैम्ब्डा होता है। अब इस फॉर्मूले

[02:14:52] के हिसाब से जिसकी वेवलेंथ सबसे ज्यादा

[02:14:55] होगी उसकी फ्रीक्वेंसी सबसे कम होगी। और

[02:14:58] जिसकी वेवलेंथ सबसे कम होगी उसकी

[02:15:00] फ्रीक्वेंसी सबसे ज्यादा होगी। इन्वर्सली

[02:15:02] प्रपोर्शनल है। अब इस टेबल में देखो सबसे

[02:15:04] कम फ्री सबसे कम वेवलेंथ किसकी है? तो

[02:15:08] आंसर है गामा की। इसलिए इसकी मैक्सिमम

[02:15:11] फ्रीक्वेंसी है। जिसकी वेवलेंथ सबसे कम

[02:15:14] उसकी फ्रीक्वेंसी सबसे ज्यादा क्योंकि

[02:15:16] इनवर्सली है और सबसे बड़ी वेवलेंथ किसकी

[02:15:19] है? रेडियो की। इसीलिए इसकी मिनिमम

[02:15:22] फ्रीक्वेंसी है। इसलिए इसकी मिनिमम

[02:15:24] फ्रीक्वेंसी है। इसलिए इसकी मिनिमम

[02:15:27] फ्रीक्वेंसी है। तो अब आप बताओ अगर एनर्जी

[02:15:30] डायरेक्टली प्रपोर्शनल टू फ्रीक्वेंसी है

[02:15:33] तो भैया सबसे ज्यादा फ्रीक्वेंसी यहां पे

[02:15:35] किसकी है? गामा की। जिसकी वजह से मैक्सिमम

[02:15:38] फ्रीक्वेंसी की वजह से इसकी क्या भी हो

[02:15:40] गई? मैक्सिमम एनर्जी भी हो गई। यानी सबसे

[02:15:44] ज्यादा एनर्जी गामा रेज के पास होती है।

[02:15:47] इतनी ज्यादा होती है भाई कि यह हमारे

[02:15:49] डीएनए तक घुस जाता है और डीएनए में बदलाव

[02:15:51] लाता है। आप सबको पता है हिरशिमा,

[02:15:53] नागासाकी, न्यूक्लियर एक्सप्लोजन, ओपन

[02:15:56] हैमर क्या-क्या पंगे हुए थे आप सबको पता

[02:15:58] है। और वहीं पे रेडियो वेव्स की बात करें

[02:16:00] तो मिनिमम फ्रीक्वेंसी है जिसकी वजह से

[02:16:03] मिनिमम एनर्जी भी है। यानी कि हम जो

[02:16:06] रेडियो वेव्स अपनी धरती पे इस्तेमाल कर

[02:16:08] रहे हैं कम्युनिकेशन के लिए इनकी एनर्जी

[02:16:10] सबसे कम होती है। फिर भी बहुत ज्यादा वेदर

[02:16:13] लेकिन सबसे कम होती है क्योंकि एनर्जी

[02:16:15] डायरेक्टली प्रपोर्शनल है फ्रीक्वेंसी के।

[02:16:18] अच्छा अब डायरेक्टली प्रपोर्शनल का साइन

[02:16:21] अगर मैं हटाता हूं और इक्वल लगाता हूं तो

[02:16:24] मुझे क्या लगाना पड़ेगा? एक कांस्टेंट। तो

[02:16:27] यहां पे हमने कांस्टेंट लगाया है h और इस

[02:16:30] h को हम लोग बोलते हैं प्लैंक्स

[02:16:33] कांस्टेंट। क्योंकि मैक्सवेल प्लैंक g के

[02:16:35] इक्वेशन में लगा है। तो यह h हमारे पास

[02:16:38] आया प्लैंक्स कांस्टेंट।

[02:16:42] और ये एक यूनिवर्सल कांस्टेंट है।

[02:16:45] यूनिवर्सल कांस्टेंट समझते हैं ना जिनकी

[02:16:47] वैल्यू पूरे ब्रह्मांड में सेम रहती है।

[02:16:49] कुछ भी हो जाए। कुछ कांस्टेंट्स ऐसे होते

[02:16:52] हैं जिनकी वैल्यू बदलती है। आप सबको पता

[02:16:53] है। और कुछ कांस्टेंट्स ऐसे होते हैं

[02:16:55] जिनकी वैल्यू पूरे ब्रह्मांड में सेम रहती

[02:16:57] है। ये एक यूनिवर्सल कांस्टेंट है और इसकी

[02:17:00] वैल्यू होती है 6.63

[02:17:02] इंटू में 10 की पावर -34।

[02:17:06] यूनिट की बात भी करेंगे लेकिन वैल्यू देखो

[02:17:08] कितनी छोटी वैल्यू है। क्या है वैल्यू?

[02:17:11] 6.63

[02:17:12] * में 10 की पावर -34

[02:17:16] 6.63

[02:17:17] * में 10 की पावर -34 बहुत छोटी वैल्यू।

[02:17:22] यूनिट की बात करते आओ। एनर्जी की यूनिट

[02:17:24] क्या होती है? जूल होती है। जूल और h की

[02:17:27] मुझे निकालनी है। फ्रीक्वेंसी की यूनिट

[02:17:29] हर्ट्ज होती है या फिर 1 / सेकंड भी होती

[02:17:31] है। आज ही बात करी। ये सेकंड उधर जाएगा तो

[02:17:34] क्या हो जाएगी? h की यूनिट जूल सेकंड।

[02:17:36] मल्टीप्लाई हो जाएगा ना? तो यूनिट क्या हो

[02:17:37] जाएगी भैया? जूल सेकंड। तो इसकी यूनिट आ

[02:17:40] गई जूल सेकंड। जूल सेकंड। जूल सेकंड। तो h

[02:17:45] की पूरी वैल्यू क्या हो गई? 6.63 * में 10

[02:17:48] की पावर -34 जूल सेकंड। h यहां पे क्या

[02:17:51] है? एक यूनिवर्सल कांस्टेंट है। प्लक्स

[02:17:53] कांस्टेंट जिसकी वैल्यू पूरे ब्रह्मांड

[02:17:55] में सेम रहती है। और ये तो मैंने एनर्जी

[02:17:57] निकाल ली अभी एक क्वांटम की। अगर हमारे

[02:18:01] पास n नंबर ऑफ क्वांटम है यानी कि फॉर n

[02:18:07] क्वांटा अगर n नंबर ऑफ क्वांटा है या फिर

[02:18:10] फोटॉन्स हैं। अभी तो एक की एनर्जी निकाली

[02:18:13] है ना। क्या पढ़ा आपने? एनर्जी ऑफ़ ईच फोटन।

[02:18:17] हर एक फोटन की एनर्जी डायरेक्टली

[02:18:19] प्रोपोर्शनल है फ्रीक्वेंसी के। अब अगर

[02:18:21] मान लो हमारे पास n नंबर ऑफ़ अगर एक की

[02:18:23] एनर्जी h न्यू है तो दो की कितनी होगी? 2h

[02:18:26] न्यू। तीन की होगी 3 न्यू। और n की कितनी

[02:18:30] हो जाएगी? n की कितनी हो जाएगी? nh

[02:18:34] न्यू हो जाएगी। n की कितनी हो जाएगी? nh

[02:18:37] न्यू हो जाएगी। और क्योंकि मैं न्यू की

[02:18:39] जगह c / लैम्ब्डा भी लिख सकता हूं। तो लो

[02:18:42] एक और फार्मूला आ गया। nh c / लैम्ब्डा nh

[02:18:47] ये यार ये मुझे ये मुझे बोर्ड चेंज ही

[02:18:49] कराना पड़ेगा। मेरा हाथ बार-बार उस पे जा

[02:18:51] रहा है। पहले इस पे आता था ये ये बक्सा

[02:18:53] बुक्सा। हम खैर एनर्जी का एक क्वांटा एक

[02:18:58] फोटन के लिए एनर्जी h न्यू है तो n के लिए

[02:19:00] हो गई nh न्यू और क्योंकि मैं न्यू की जगह

[02:19:03] c / लैम्ब्डा भी लिख सकता हूं तो मेरे पास

[02:19:06] एक और फार्मूला आ गया nh न्यू के साथ-साथ

[02:19:08] nhc / लैम्ब्डा nएc / लैम्ब्डा nएc /

[02:19:13] लैम्ब्डा तो ये हमारे पास फार्मूला आ गया।

[02:19:16] तो दोबारा समराइज कर रहे हैं बिकॉज़ अगले

[02:19:18] टॉपिक पर चलेंगे फोटोइिक इफेक्ट पे तो और

[02:19:21] वहां पर इसकी जरूरत है। दोबारा समराइज

[02:19:23] करते हैं। देखो एक-एक एक-एक स्लाइड पे भाई

[02:19:26] साहब 20-20 मिनट लग रहे हैं। दोबारा से

[02:19:29] समराइज करते हैं। क्या बोला मैंने? मैंने

[02:19:31] बोला कि एनर्जी ऑफ ईच फोटन। पहली बात तो

[02:19:35] उन्होंने बोला कि एनर्जी इज़ नॉट

[02:19:37] कंटीन्यूअस। इट इज़ क्वांटाइज्ड।

[02:19:38] क्वांटाइज्ड का मतलब होता है छोटे-छोटे

[02:19:40] पैकेट्स के फॉर्म में होना। फिर उन्होंने

[02:19:43] बोला कि हर एक फोटन को क्वांटा को फोटन

[02:19:47] बोलते हैं लाइट में। हर एक क्वांटा हर एक

[02:19:49] फोटन की जो एनर्जी है वो डायरेक्टली

[02:19:51] प्रोपोर्शनल है उसी की फ्रीक्वेंसी के।

[02:19:53] जिस हिसाब से फ्रीक्वेंसी के अगर

[02:19:55] डायरेक्टली प्रोपोर्शनल हो गई तो सबसे

[02:19:56] ज्यादा फ्रीक्वेंसी किसकी है? गामा की। तो

[02:19:58] उसकी एनर्जी सबसे ज्यादा हो गई। और सबसे

[02:20:01] कम फ्रीक्वेंसी किसकी है? रेडियो की तो

[02:20:02] उसकी एनर्जी सबसे कम हो गई। और एनर्जी = h

[02:20:05] न्यू आ गया। एक की आई है। ये n होंगे तो

[02:20:08] nh न्यू और न्यू की जगह में c / लैम्ब्डा।

[02:20:10] तो ये एक फार्मूला है। ये एक फार्मूला है

[02:20:12] जो कि आपको याद करना है। और अगर एक ही

[02:20:14] फोटन की बात हो रही है तो फिर वो n हट

[02:20:16] जाएगा वहां से। डन है? डन है। कौन सी

[02:20:19] थ्योरी होगी भाई? प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी

[02:20:20] होगी। दिल और दिमाग से पढ़ लो। क्योंकि

[02:20:22] प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी के बाद हम लोग

[02:20:25] पढ़ने वाले हैं फोटोइिक इफेक्ट। जल्दी से

[02:20:28] पढ़ लो। ठीक है भाई? चलो। अब फोटोइिक

[02:20:31] इफेक्ट में हमें और आधा घंटा लगेगा।

[02:20:34] ऑलरेडी यह जो शॉट सॉरी यह जो वन शॉट है

[02:20:37] आपके पास अभी तक आई गेस 2ाई घंटे का हो

[02:20:40] गया होगा और 2ाई घंटे के आसपास तो हुई है

[02:20:43] कट वर्ड लगेंगे तो 2 घंटे 20 मिनट के

[02:20:46] आसपास पहुंच जाएगा तो अब आधा घंटा और मतलब

[02:20:48] 3 घंटे का तो अभी तक हो गया है और चैप्टर

[02:20:51] जो है वो देखा जाए तो अभी 60% भी हुआ है

[02:20:54] 60% ही हुआ है तो आपको मैंने कहा था ये वन

[02:20:57] शॉट काफी बड़ा होगा लेकिन वर्थ होगा अब आप

[02:20:59] उसे दो हिस्से में देख रहे हैं या तीन

[02:21:00] अच्छा मुझे बताइएगा कमेंट सेक्शन पे ये

[02:21:02] बड़ा इंटरेस्टिंग होगा जानना कि आपने इस

[02:21:04] वन शॉट को कितने हिस्सों में देखा है अभी

[02:21:06] तक। क्या अभी तक आप इसे वन शॉट में देख

[02:21:08] रहे हैं? वन गो में देख रहे हैं? और अगर

[02:21:10] जब इसे खत्म करेंगे तो प्लीज सब बताइएगा

[02:21:12] कितने हिस्सों में आपने इसको देखा है।

[02:21:14] चलिए लेकिन बड़े इंटरेस्टिंग टॉपिक की तरफ

[02:21:16] बढ़ रहे हैं हम लोग और वो है फोटोइिक

[02:21:18] इफेक्ट। फोटोइिक इफेक्ट इंट्रोड्यूस किया

[02:21:20] था एच हर्ट्स जी ने। और फोटोइलेक्टिक

[02:21:23] इफेक्ट प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी से कहीं

[02:21:25] ना कहीं पहले आया। लेकिन फार्मूला

[02:21:27] प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी के बाद आया इसका।

[02:21:29] इसलिए इसको बाद में ही पढ़ाया जाता है।

[02:21:30] फिर इसको पढ़ने के बाद हम लोग ये पढ़ेंगे

[02:21:32] कि जो आइंस्टाइन जी है, आइंस्टाइन जी ने

[02:21:35] फोटोइलेक्टिक इफेक्ट पे अपना क्या व्यू

[02:21:38] दिया? अपने उन्होंने क्या बताया कि मैं

[02:21:40] क्या मानता हूं कि फोटोइिक इफेक्ट को समझ

[02:21:42] कह सकते हैं। ऑलदो एच हर्ट्स जी ने जो

[02:21:45] दिया वो सब करेक्ट है। लेकिन आइंस्टाइन जी

[02:21:47] अपना व्यू देंगे। एक मॉडर्न व्यू देंगे

[02:21:49] इसके ऊपर। बट है क्या फोटोइिक इफेक्ट?

[02:21:51] समझो।

[02:21:52] इमेजिन करते हैं कि हमारे पास यहां पर एक

[02:21:55] मेटल है। मेटल है और यह एक ऐसा मेटल है

[02:22:00] जिससे इलेक्ट्रॉन को निकालना बहुत इजी है।

[02:22:04] ये एक मेटल है जिससे इलेक्ट्रॉन निकालना

[02:22:06] बहुत इजी है। यानी कि आप कह सकते हो कि ये

[02:22:10] एक ऐसा मेटल है। आप कह सकते हो कि ये हाई

[02:22:14] हाइली

[02:22:16] रिएक्टिव मेटल है। अगले चैप्टर में हम ये

[02:22:18] बोलेंगे कि ये एक ऐसा मेटल है जिसकी

[02:22:21] आयनाइजेशन एनर्जी बहुत कम है। अभी आप

[02:22:23] आयनाइजेशन एनर्जी के बारे में जानते नहीं

[02:22:25] हो। तो अभी मैं ऐसे कह रहा हूं ये एक ऐसा

[02:22:27] मेटल है जो बहुत रिएक्टिव है। मतलब बहुत

[02:22:29] आसानी से ये इलेक्ट्रॉन्स डोनेट कर देता

[02:22:32] है। बहुत आसानी से ये इलेक्ट्रॉन्स को दे

[02:22:35] सकता है। डोनेट कर सकता है। तो ये एक ऐसा

[02:22:37] मेटल है जो हाइली रिएक्टिव मेटल है। हाइली

[02:22:41] रिएक्टिव मेटल है। अच्छा। अब अगर हाइली

[02:22:43] रिएक्टिव मेटल के ऊपर किसी भी हाइली

[02:22:46] रिएक्टिव मेटल के ऊपर अगर मैं

[02:22:48] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:22:50] रेडिएशंस को गिरता हूं। किसी भी हाइली

[02:22:52] रिएक्टिव मेटल के ऊपर अगर मैं

[02:22:55] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशंस को गिरता हूं

[02:22:59] तो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशंस के पास

[02:23:01] एनर्जी आएगी। हर एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:23:04] वेव के पास अभी हमने पढ़ा एनर्जी है जिसका

[02:23:06] फार्मूला है h न्यू या hc / लैम्ब्डा हर

[02:23:08] एक फोटोन के। तो हर एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:23:11] वेव एक एनर्जी लेके आ रही है। अब वो

[02:23:13] एनर्जी जब लेके आएगी और मेटल के सरफेस पे

[02:23:16] गिरेगी

[02:23:17] तो वो एनर्जी क्या उस मेटल में से

[02:23:20] इलेक्ट्रॉन्स को इजेक्ट कर सकती है?

[02:23:22] बिल्कुल कर सकती है। इट इज़ लाइक आप पूल

[02:23:25] खेल रहे हो ना? इट इज़ लाइक आप पूल खेल रहे

[02:23:27] हो। या इट इज़ लाइक ऐसे समझो कि एक आपके

[02:23:29] पास बहुत बड़ी बकेट है बकेट। और उस बकेट के

[02:23:31] अंदर बहुत सारी बॉल्स पड़ी हुई हैं। ठीक है

[02:23:33] ना? एक बकेट फुल ऑफ़ बॉल्स। बकेट फुल ऑफ़

[02:23:36] बॉल्स। कितना अच्छा लग रहा है बोलने में।

[02:23:37] बकेट फुल ऑफ़ बॉल्स। अरे एक पोएम का एक

[02:23:40] कहां चला जाता है आशु तू यार? एक बकेट है

[02:23:43] उसमें बहुत सारी बॉल्स हैं। अब मान लो उस

[02:23:45] बकेट में एक बहुत भारी प्लास्टिक की

[02:23:48] हल्की-हल्की बॉल्स हैं उस बकेट में। अब उस

[02:23:50] बकेट के अंदर एक बहुत भारी लेदर की बॉल

[02:23:52] आके धड़ाम से गिरती है। तो क्या जब वो बॉल

[02:23:55] गिरेगी तो क्या बहुत सारी बॉल्स वहां से

[02:23:58] बकेट से इजेक्ट हो के बाहर निकलेंगी ना?

[02:24:00] निकलेंगी ना? यस और नो? यस। बिल्कुल

[02:24:02] निकलेंगी। बिल्कुल ऐसे ही जब एक मेटल के

[02:24:05] सरफेस पे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशंस

[02:24:08] गिरेंगी। जब एक मेटल के सरफेस पे

[02:24:10] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन गिरेंगी तो

[02:24:12] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के पास अगर

[02:24:14] सफिशिएंट एनर्जी हुई तो वो उन

[02:24:16] इलेक्ट्रॉन्स को इजेक्ट कर सकती है। क्या

[02:24:18] पता ना भी करें। अब उल्टा सोचो। अब एक

[02:24:20] बकेट में बहुत सारी लेदर की बॉल्स हैं। एक

[02:24:22] बकेट में बहुत सारी लेदर की बॉल्स हैं।

[02:24:25] उसके ऊपर अगर मैं एक बहुत तेजी से

[02:24:27] प्लास्टिक की बॉल को गिराता हूं तो क्या

[02:24:29] होगा? तो आंसर है मुझे नहीं लगता कि एक

[02:24:32] प्लास्टिक की बॉल लेदर की बॉल को हिला भी

[02:24:34] पाएगी या बाहर निकाल भी पाएगी। तो अगर जो

[02:24:36] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन आ रही है अगर

[02:24:39] जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव आ रही है अगर

[02:24:41] वो सफिशिएंट एनर्जी नहीं लेके आई तो

[02:24:43] इलेक्ट्रॉन इजेक्ट नहीं होगा। बट अगर लाई

[02:24:45] तो इलेक्ट्रॉन इजेक्ट हो जाएगा। अब इसी को

[02:24:47] मैथमेटिकली समझना है। बट अगर एक

[02:24:49] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव एक सफिशिएंट

[02:24:51] अमाउंट ऑफ एनर्जी लेके आती है और वो मेटल

[02:24:53] के सरफेस पे गिरती है तो वो मेटल के सरफेस

[02:24:56] से क्या इजेक्ट कर देगी? इलेक्ट्रॉन को

[02:24:58] इजेक्ट कर देगी। ठीक है? अब समझो व्हेन वी

[02:25:01] एक्सपोज सरफेस ऑफ मेटल टू

[02:25:03] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव जब भी हम एक सरफेस

[02:25:06] ऑफ मेटल पे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव को

[02:25:08] घेरेंगे कैरिंग सम एनर्जी एंड दैट एनर्जी

[02:25:10] इज़ सफिशिएंट टू इजेक्ट द इलेक्ट्रॉन अगर

[02:25:12] होगा तो इलेक्ट्रॉन जो है वो इजेक्ट हो

[02:25:15] जाएगा और इसे कहा जाएगा फोटोइिक इफेक्ट

[02:25:18] इसे कहा जाएगा फोटोइिक इफेक्ट इसे कहा

[02:25:22] जाएगा फोटो इलेक्ट्रिक इफेक्ट अब इसको

[02:25:25] थोड़ा और करीब से समझते हैं। मान लेते हैं

[02:25:28] एक मेटल के सरफेस पे या मेटल के अंदर जो

[02:25:31] इलेक्ट्रॉन बैठे हुए हैं वो इलेक्ट्रॉन

[02:25:33] बाउंडेड है विद सम एनर्जी मान लेते हैं वो

[02:25:35] एनर्जी है 100 जूल देखो कोई तो नंबर लेना

[02:25:37] होगा ना तो समझने के लिए मान लेते हैं कि

[02:25:40] मेटल के सरफेस से इलेक्ट्रॉन निकालने के

[02:25:42] लिए जो एनर्जी चाहिए वो है 100 जूल। 100

[02:25:45] जूल की एनर्जी चाहिए इलेक्ट्रॉन निकालने

[02:25:47] के लिए। तो अगर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव

[02:25:51] 100 जूल एनर्जी ना लाए और 80 जूल लाए तो

[02:25:53] क्या इलेक्ट्रॉन इजेक्ट होगा? नहीं होगा।

[02:25:55] क्योंकि कम से कम एनर्जी जो चाहिए वो 100

[02:25:58] जूल चाहिए। अच्छा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव

[02:26:00] 100 जूल नहीं लाई भैया। 90 जूल लाई तो

[02:26:02] क्या इलेक्ट्रॉन इजेक्ट होगा? नहीं होगा।

[02:26:04] अरे 90 नहीं लाई भाई। 99.9 जूल लाई तो

[02:26:07] क्या इलेक्ट्रॉन इजेक्ट होगा? नहीं होगा।

[02:26:09] अरे भैया 100 जूल लाई तो क्या इलेक्ट्रॉन

[02:26:12] इजेक्ट होगा? इलेक्ट्रॉन इजेक्ट होने वाला

[02:26:14] है। इलेक्ट्रॉन इजेक्ट होने वाला है बस।

[02:26:18] क्योंकि भैया 100 जूल चाहिए था और 100 जूल

[02:26:20] ही लेके आया है। और अगर मैं इसको 101 जूल

[02:26:23] एनर्जी दे देता हूं तो क्या इलेक्ट्रॉन

[02:26:26] इजेक्ट हो जाएगा? तो आंसर है यस 101 जूल

[02:26:29] पे इलेक्ट्रॉन विल इजेक्ट। और अगर

[02:26:33] इलेक्ट्रॉन इजेक्ट हो गया तो उसे बोलेंगे

[02:26:34] फोटोइिक इफेक्ट हो गया। देखो इलेक्ट्रॉन

[02:26:37] इजेक्ट हो के कहां जाएगा? क्या करेगा? ये

[02:26:39] सब हमारा इस चैप्टर का नहीं है। तो

[02:26:41] फिजिक्स की पढ़ाई हो जाएगी। बट हां अगर एक

[02:26:44] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन एक सफिशिएंट

[02:26:47] अमाउंट ऑफ एनर्जी को लेके आती है और मेटल

[02:26:49] पे गिरती है तो एनर्जी उस मेटल के

[02:26:51] इलेक्ट्रॉन को इजेक्ट कर देगी। अब इसको

[02:26:54] अगर हम लोग थोड़ा सा नंबर्स की फॉर्म में

[02:26:56] लिखें तो w नॉट w नॉट वो कम से कम एनर्जी

[02:27:00] है जो आपको चाहिए इलेक्ट्रॉन को इजेक्ट

[02:27:03] करने के लिए। इस w0 को हम लोग बोलते हैं

[02:27:06] वर्क फंक्शन। इस w0 को हम लोग बोलते हैं

[02:27:09] वर्क फंक्शन। ये वो अभी मैं परिभाषा वगैरह

[02:27:13] सब लिख रहा हूं। ये वर्क फंक्शन है। यानी

[02:27:15] ये वो कम से कम एनर्जी है जो इलेक्ट्रॉन

[02:27:18] को इजेक्ट करने के लिए चाहिए ही चाहिए।

[02:27:20] मान लेते हैं वो कम से कम एनर्जी 100 जूल

[02:27:22] है। और जो एनर्जी हम लेके आ रहे हैं वो e

[02:27:26] है। E क्या है यहां पे भैया? E है एनर्जी

[02:27:29] ऑफ़ E है एनर्जी

[02:27:34] ऑफ़

[02:27:36] ईएम वेव। E क्या है भैया? E है एनर्जी ऑफ़

[02:27:39] ईएम वेव। E क्या है? एनर्जी ऑफ़ EM वेव है

[02:27:42] जो आ रही है। तो अगर एनर्जी वर्क फंक्शन

[02:27:44] से ज्यादा हुई तभी तो फोटोइिक इफेक्ट

[02:27:47] होगा। अब मान लेते हैं 100 जूल चाहिए

[02:27:49] लेकिन हमने उसको 120 जूल दे दी। तो भैया

[02:27:51] एनर्जी कैन नाइदर बी क्रिएटेड नर बी

[02:27:53] डिस्ट्रॉयड। तो 120 दी है 100 चाहिए थी।

[02:27:56] तो बकी बकी। वाह! 120 जूल आपने दे दी 100

[02:28:01] चाहिए थी। तो बची हुई जो एनर्जी है वो

[02:28:04] इलेक्ट्रॉन को निकालने में लग जाएगी और वो

[02:28:07] कन्वर्ट हो जाएगी इनटू काइनेटिक एनर्जी ऑफ

[02:28:10] इलेक्ट्रॉन। समझे क्या नहीं समझे? 100 जूल

[02:28:13] एनर्जी चाहिए। देखो भाई ऐसे समझो कि ये है

[02:28:16] भैया हमारा मेटल का सरफेस और ये बैठा हुआ

[02:28:19] है उसमें इलेक्ट्रॉन। ये आया। अच्छा इसको

[02:28:22] निकालने के लिए चाहिए 50 जूल। ये आया 40

[02:28:25] जूल लेके। ओह सॉरी। ये आया 40 जूल लेके

[02:28:28] क्या हुआ? कुछ नहीं हुआ। ये आया 45 जूल

[02:28:31] लेके कुछ नहीं हुआ। इसको निकालने के लिए

[02:28:33] चाहिए 50। ये लेके आया भाई साहब 55 जूल।

[02:28:37] 55 जूल लाया तो इलेक्ट्रॉन निकल गया।

[02:28:40] लेकिन ये तो पांच एक्स्ट्रा लाया था तो वो

[02:28:42] पांच इसकी काइनेटिक एनर्जी में कन्वर्ट हो

[02:28:44] गई। मान लो ये 55 जूल की बजाय लाया 500।

[02:28:49] 55 जूल के मुकाबले ये लाया 500 जूल। अब

[02:28:52] अगर ये 55 जूल के मुकाबले 500 जूल लाया तो

[02:28:55] भाई साहब 500 बाकी बची हुई 450 जूल।

[02:28:59] काइनेटिक एनर्जी में कन्वर्ट हो जाएगी।

[02:29:01] मान लो यह लाया भाई साहब 5000 जूल तो

[02:29:04] जितनी ज्यादा एनर्जी लेके आएगा आप समझ रहे

[02:29:07] हो ढक्कनिक खो गया बेटा हमारा इलेक्ट्रॉन

[02:29:08] इजेक्ट हो के ऐसी जगह चला गया है कि अब

[02:29:12] यानी कि आपको ये समझना होगा क्या समझना

[02:29:15] होगा बेटा कि अगर कम से कम एनर्जी w नॉट

[02:29:19] चाहिए थी लेकिन आपने उसको ज्यादा तो दी है

[02:29:23] तो जो बची हुई एनर्जी है वो कन्वर्ट हो

[02:29:26] जाएगी काइनेटिक एनर्जी में 100 जूल चाहिए

[02:29:28] थी आपने 200 दे दी तो बची भी 100 काइनेटिक

[02:29:31] एनर्जी आपने 2000 दे दी तो 1900 जूल

[02:29:34] काइनेटिक एनर्जी में कन्वर्ट हो जाएगा।

[02:29:36] ओके समझ गए? तो यहां पे पहले तो w नॉट

[02:29:39] यानी वर्क फंक्शन की अगर परिभाषा लिखनी हो

[02:29:42] मुझे तो मैं क्या लिखूंगा और वो होगी

[02:29:45] मिनिमम एनर्जी

[02:29:49] रिक्वायर्ड। मिनिमम एनर्जी रिक्वायर्ड

[02:29:53] टू इजेक्ट

[02:29:55] इलेक्ट्रॉन फ्रॉम

[02:29:58] सरफेस ऑफ

[02:30:00] मेटल सरफेस ऑफ मेटल। मेटल के सरफेस से

[02:30:04] इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए कम से कम कितनी

[02:30:07] एनर्जी चाहिए? इसको बोलते हैं वर्क

[02:30:09] फंक्शन। अच्छा अब जो बची हुई है वो

[02:30:12] काइनेटिक एनर्जी में कन्वर्ट हो जाएगी। आओ

[02:30:14] अब इसको थोड़ा सा और एक्सपैंड करते हैं।

[02:30:17] अब जब हमारे पास वो आया था फोटोइिक इफ़ेक्ट

[02:30:22] आया था, तो ये हमारे पास फ़ूला आया था। फिर

[02:30:24] प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी आई। मैंने आपको

[02:30:26] फ्लो बताया। फिर प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी

[02:30:28] के बाद ये फार्मूला आगे जाके और एक्सपेंड

[02:30:31] हुआ। कैसे हुआ? आओ सबको एक-एक करके ओपन कर

[02:30:33] देते हैं। हम हम

[02:30:38] ठीक है। एनर्जी की जगह मैं लिख सकता हूं

[02:30:41] nh न्यू। ये हमने आज ही पढ़ा है प्लैंक

[02:30:44] क्वांटम थ्योरी से। और μ क्या है? μ क्या

[02:30:47] है यहां पे? बताओ। μ क्या होगा यहां पे? μ

[02:30:50] होगा

[02:30:52] फ्रीक्वेंसी

[02:30:56] ऑफ ईएम वेव है ना फ्रीक्वेंसी ऑफ em वेव e

[02:31:00] है एनर्जी ऑफ़ ईएम वेव न्यू है फ्रीक्वेंसी

[02:31:02] ऑफ़ ईएम वेव तो क्या मैं वर्क फंक्शन को NH

[02:31:07] μ0 लिख सकता हूं। कैसे? देखो

[02:31:11] अगर एनर्जी NH न्यू होती है तो ये भी तो

[02:31:13] एनर्जी है। इसको मैं nh μ0 लिख देता हूं।

[02:31:15] ये वो फ्रीक्वेंसी है जो मैंने मारी है

[02:31:17] रेडिएशन जो रेडिएशन लेके आ रही है

[02:31:19] फ्रीक्वेंसी अगर ये मिनिमम वर्क है जो

[02:31:21] चाहिए यानी वर्क फंक्शन है तो ये μ नॉट

[02:31:24] क्या हो गया बताओ शाबाश ये μ नॉट हो गया

[02:31:27] ये μ नॉट हो गया मिनिमम फ्रीक्वेंसी

[02:31:31] रिक्वायर्ड ये μ नॉट हो गया मिनिमम

[02:31:34] फ्रीक्वेंसी रिक्वायर्ड

[02:31:37] मिनिमम फ्रीक्वेंसी

[02:31:40] रिक्वायर्ड और इस मिनिमम फ्रीक्वेंसी

[02:31:43] रिक्वायर्ड को बोलते हैं थ्रेशहोल्ड

[02:31:46] फ्रीक्वेंसी। दो नए-नए टर्म आ गए। कंफ्यूज

[02:31:49] मत होना। वर्क फंक्शन वो कम से कम एनर्जी

[02:31:52] है जो हमें देनी पड़ेगी। और μ नॉट वो कम

[02:31:55] से कम फ्रीक्वेंसी है जो देनी पड़ेगी। तो

[02:31:57] मिनिमम फ्रीक्वेंसी रिक्वायर्ड फॉर

[02:32:00] फोटोइिक इफेक्ट।

[02:32:03] जो अलग-अलग मेटल्स के लिए अलग-अलग होगी।

[02:32:06] फॉर फोटोइिक इफेक्ट। और इसका एक हमने

[02:32:09] नामकरण भी किया है। और इसका नाम हमने रखा

[02:32:12] है थ्रेश

[02:32:15] होल्ड

[02:32:17] फ्रीक्वेंसी।

[02:32:19] क्या नाम रखा है? थ्रेशहोल्ड फ्रीक्वेंसी।

[02:32:21] यानी कम से कम वर्क जो करना होता है

[02:32:23] इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए वो क्या है? w0

[02:32:26] और कम से कम एनर्जी जो चाहिए होती ओ कम से

[02:32:29] कम फ्रीक्वेंसी जो चाहिए होती है वो हमारे

[02:32:32] पास होती है μ0। ठीक है? आओ। अब इस

[02:32:36] फार्मूले को थोड़ा सा आगे और सिंपलीफाई कर

[02:32:38] लेते हैं ताकि हमारे और न्यूमेरिकल्स में

[02:32:41] ये काम आ जाए। भैया आ जाओ। हम हम

[02:32:45] ठीक है। आ जाओ भाई। क्या आया हमारे पास?

[02:32:48] NH = NH0 + काइनेटिक एनर्जी। तो मैं यहां

[02:32:51] से काइनेटिक एनर्जी का अगर फार्मूला

[02:32:53] निकालना चाहूं तो ये इधर आ जाएगा और क्या

[02:32:56] बन जाएगा? देखो NH

[02:32:59] - NH0

[02:33:02] यहां से अगर मैं NH कॉमन ले लेता हूं। तो

[02:33:05] nh कॉमन आ गया तो μ - μ0 हो जाएगा। और आप

[02:33:10] सबको पता है फार्मूले में ये बात आपको

[02:33:12] ध्यान रखने वाली है कि μ जो है वो हमेशा μ

[02:33:16] जो है वो हमेशा μ0 से बड़ा ही होना चाहिए।

[02:33:19] अगर μ μ0 से बड़ा नहीं हुआ तो फोटोइिक

[02:33:22] इफेक्ट नहीं होगा। μ वो फ्रीक्वेंसी है जो

[02:33:24] हमने उस पे मारी है और μ0 वो कम से कम

[02:33:27] फ्रीक्वेंसी है जो हमें चाहिए। तो ये तो

[02:33:29] कॉमन सेंस की बात है कि अगर जैसे एनर्जी

[02:33:31] w0 से ज्यादा होना चाहिए था। ऐसे ही μ जो

[02:33:33] है वो μ नॉट से ज्यादा ही होना चाहिए।

[02:33:35] अदरवाइज फोटोइिक इफेक्ट नहीं होगा। तो और

[02:33:38] ये और ये इस फॉर्मूले से पता लग रहा है

[02:33:41] जितनी ज्यादा फ्रीक्वेंसी होगी उतनी

[02:33:44] ज्यादा काइनेटिक एनर्जी होगी। होनी भी

[02:33:46] चाहिए। जितनी ज्यादा फ्रीक्वेंसी होगी

[02:33:47] उतनी ज्यादा एनर्जी होगी। और जितनी ज्यादा

[02:33:49] एनर्जी से मारोगे उतनी ज्यादा काइनेटिक

[02:33:52] एनर्जी से आपका इलेक्ट्रॉन जो है वो

[02:33:54] इजेक्ट हो जाएगा। तो ये फार्मूला काफी

[02:33:56] इंपॉर्टेंट है। ठीक है? अब इसके ऊपर एक

[02:33:59] छोटा सा प्यारा सा ग्राफ पढ़ते हैं। पेपर

[02:34:01] में आ जाता है कभी कबभार। और फिर ग्राफ के

[02:34:04] बाद हम लोग चलेंगे आइंस्टाइन जी का व्यू।

[02:34:06] फार्मूला कौन-कौन सा याद करना है? ये

[02:34:08] फार्मूला भी आपको याद करना है। इसके ऊपर

[02:34:10] भी क्वेश्चन है। ये भी याद करना है। सीधा

[02:34:12] काइनेटिक एनर्जी किसी क्वेश्चन में

[02:34:13] निकालने को बोले सीधा ये लगा देना। अगर

[02:34:16] किसी क्वेश्चन में ये नहीं बोला हुआ है कि

[02:34:18] नंबर ऑफ फोटॉन्स कितने हैं? तो आपको उसमें

[02:34:20] वन मानते हैं। वो हम क्वेश्चन करेंगे। आप

[02:34:21] समझोगे। कभी कबभार क्वेश्चन में मेंशंड

[02:34:23] होता है कि 10 फोटॉन्स हैं या 1 मोल। 1

[02:34:26] मोल फोटोन का मतलब कितना हो गया? 6.020 की

[02:34:28] पावर 23 है। पर कहीं-कहीं क्वेश्चन में

[02:34:30] ऐसे भी लिखा होता है कि अ कुछ नहीं लिखा

[02:34:33] होता। तो वहां पे आपको वन n की वैल्यू को

[02:34:34] वन मानना होता है। यानी हम ईच फोटन या ईच

[02:34:37] क्वांटा की बात कर रहे हैं। चलो अब हम

[02:34:39] यहां पे एक ग्राफ बनाएंगे। ये ग्राफ आपको

[02:34:41] बनाना है और आपको मैं बनाने के लिए दूंगा।

[02:34:45] जितना मर्जी टाइम ले लो। आप वीडियो को पॉज

[02:34:47] कर सकते हो। लेकिन मेरे हिसाब से इस ग्राफ

[02:34:49] को बनाने के लिए आप ज्यादा समय मत लेना।

[02:34:51] मैक्सिमम 1 मिनट। ठीक है? वीडियो को पॉज

[02:34:54] करना है। मैक्सिमम आपके पास 1 मिनट है।

[02:34:57] ग्राफ बनाना है। किसके बीच में ग्राफ है?

[02:34:59] यहां पे आपको दिखाना है काइनेटिक एनर्जी

[02:35:01] और यहां पे आपको दिखाना है फ्रीक्वेंसी।

[02:35:04] मैंने अभी आपको रफली आईडिया तो दिया था कि

[02:35:06] जितनी ज्यादा फ्रीक्वेंसी बढ़ाओगे उतनी

[02:35:08] ज्यादा काइनेटिक एनर्जी होगी। तो ग्राफ

[02:35:11] बना दो। वीडियो को पॉज कर लो। ईमानदारी

[02:35:13] ओपी है। ग्राफ बना दो। वीडियो को पॉज कर

[02:35:15] लो। ग्राफ बना दो। ईमानदारी ओपी।

[02:35:19] ईमानदारी ओपी।

[02:35:22] ठीक है? 1 मिनट से ऊपर नहीं लेना है। बना

[02:35:24] दिया। चलो आओ। अब इस ग्राफ को ज्यादातर

[02:35:27] बच्चे जो हैं वो इस तरीके से प्लॉट करते

[02:35:30] हैं क्योंकि उनको लगता है क्या बढ़ रही

[02:35:32] है? काइनेटिक एनर्जी बढ़ रही और

[02:35:34] फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी तो काइनेटिक एनर्जी

[02:35:35] बढ़ेगी। सही तो है। लेकिन एक छोटी सी बात

[02:35:38] गलत हो गई। यहां पे क्या गलत हो गया? देखो

[02:35:40] क्या ये बात सही है कि जब तक मान लो मुझे

[02:35:43] जो थ्रेशहोल्ड फ्रीक्वेंसी चाहिए। मान लो

[02:35:46] जो मुझे थ्रेशहोल्ड फ्रीक्वेंसी चाहिए वो

[02:35:48] 50 चाहिए। बट अभी मैंने इसको दिया ही 30

[02:35:51] हर्ट्ज है। तो क्या फोटोइिक इफेक्ट होगा?

[02:35:53] नहीं। क्या काइनेटिक एनर्जी माइनस में हो

[02:35:55] जाएगी? नहीं नहीं। मैथ्स भले ही कह रही हो

[02:35:57] माइनस में होगी लेकिन काइनेटिक एनर्जी

[02:35:58] माइनस में नहीं हो सकती। ये हमें पता है।

[02:36:00] उसका फार्मूला 1/2 mv² होता है। तो अगर

[02:36:03] हमारी फ्रीक्वेंसी हमारे थ्रेशहोल्ड

[02:36:05] फ्रीक्वेंसी से ही कम है तो क्या होगा ही

[02:36:07] नहीं? फोटोइिक इफ़ेक्ट होगा ही नहीं। यानी

[02:36:09] काइनेटिक एनर्जी शून्य होगी। काइनेटिक

[02:36:11] एनर्जी ज़ीरो होगी। यानी कि कोई काइनेटिक

[02:36:14] एनर्जी नहीं मिलेगी। कोई काइनेटिक एनर्जी

[02:36:18] नहीं मिलेगी। कब तक नहीं मिलेगी? जब तक

[02:36:21] मैं कौन सी फ्रीक्वेंसी पे नहीं पहुंच

[02:36:24] जाता? थ्रेशहोल्ड फ्रीक्वेंसी पे नहीं

[02:36:26] पहुंच जाता। जब तक मैं μ0 या उसके ऊपर

[02:36:30] नहीं पहुंच जाता। तो ये फ्रीक्वेंसी μ0

[02:36:32] है। μ0 से पहले इलेक्ट्रॉन इजेक्ट ही नहीं

[02:36:35] होगा। कोई काइनेटिक एनर्जी नहीं होगी।

[02:36:37] हां, μ0 के बाद अगर मैं फर्दर क्या बढ़ाना

[02:36:40] शुरू करूंगा? फ्रीक्वेंसी फर्दर अगर मैं

[02:36:43] फ्रीक्वेंसी बढ़ाना शुरू करूंगा तो

[02:36:45] काइनेटिक एनर्जी बढ़ेगी। तो ग्राफ बन जाएगा

[02:36:48] ऐसे। यानी μ0 से कम पे इलेक्ट्रॉन इजेक्ट

[02:36:51] ही नहीं होगा। कोई काइनेटिक एनर्जी नहीं

[02:36:53] होगी। लेकिन μ नॉट या उसके आगे μ नॉट पे

[02:36:55] भी होना शुरू हो रहा है। अभी μ0 और μ

[02:36:57] बराबर होगा तो भी काइनेटिक एनर्जी ज़ीरो

[02:36:59] है। अगर मुझे फोटोइलेक्टिक इफ़ेक्ट करवाना

[02:37:01] है तो μ की वैल्यू μ0 से ज़्यादा होनी

[02:37:03] चाहिए। और अगर ज़्यादा हुआ तब जाके

[02:37:05] इलेक्ट्रॉन जो है वो इजेक्ट होगा। डन?

[02:37:08] पक्की बात।

[02:37:10] पक्की बात। अभी तक आप वन शॉट देख के समझ

[02:37:13] तो गए होंगे कि मैं कितने दिल और दिमाग से

[02:37:15] पढ़ा रहा हूं। हर एक चीज को मैं डिटेल में

[02:37:17] पढ़ा रहा हूं। मुझे इससे कोई फर्क नहीं

[02:37:18] पड़ रहा है। अगर आप में से कोई बच्चे को

[02:37:20] यह लग रहा है कि यार ये तो बहुत ज्यादा

[02:37:22] लंबा है बेटा तो ध्यान रखो भेड़ बैच के

[02:37:26] अंदर ये 18 घंटे के आसपास होता है चैप्टर।

[02:37:30] बैच 2.0

[02:37:32] 12 जुलाई से क्लासेस शुरू हो रही है। जॉइ

[02:37:35] कर सकते हो। इससे भी चार गुना पांच गुना

[02:37:37] दिल और दिमाग से वहां पढ़ाएंगे आपको

[02:37:38] क्योंकि वहां टाइम बहुत होता है हमारे पास

[02:37:41] यहां पे मैं मुझे लग रहा है ये 6 घंटे के

[02:37:42] वन शॉट में भी आप कहने वाले हो कमेंट

[02:37:44] सेक्शन पे सर क्या कर दिया आपने 6 घंटे का

[02:37:46] तो जाएगा छह का नहीं तो 5 घंटे का तो कम

[02:37:49] से कम गया ही गया पक्की बात है चलो खैर

[02:37:53] आगे बढ़ते हैं। अब बात करते हैं आइंस्टाइन

[02:37:55] जी का व्यू क्या था फोटोइिक इफ़ेक्ट के

[02:37:58] ऊपर। यहां तो आप समझ गए जैसे-जैसे

[02:37:59] फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी, काइनेटिक एनर्जी

[02:38:01] बढ़ेगी। हम अभी क्या कह रहे हैं?

[02:38:02] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन आ रही है और

[02:38:05] वो एनर्जी लेके आ रही है। मैंने अभी आपको

[02:38:07] जो बॉल्स वाला एग्जांपल नहीं दिया था कि

[02:38:09] बॉल आई टकराई। अ H ने ऐसे नहीं सोचा था।

[02:38:13] एच एच हर्ट्ज़ ने तो भाई सोचा कि

[02:38:15] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन क्या लेके आ

[02:38:17] रही हैं? एनर्जी। वो एनर्जी ला रही हैं और

[02:38:19] जाके टकरा रही हैं। टकरा भी नहीं रही है।

[02:38:21] टकराना तो वर्ड ही नहीं था उनके वोकैबलरी

[02:38:23] में उस वक्त। उन्होंने बस इतना बोला कि

[02:38:24] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन क्या ला रही

[02:38:26] है एनर्जी? वो एनर्जी पास ऑन हो रही है

[02:38:28] इलेक्ट्रॉन्स में और इलेक्ट्रॉन्स वहां से

[02:38:29] इजेक्ट हो रहे हैं। लेकिन आइंस्टाइन जी ने

[02:38:32] इसे कैसे समझा? आप ये कहीं लिखना चाहो तो

[02:38:35] लिख सकते हो। लेकिन आइंस्टाइन जी का क्या

[02:38:38] इस पे सोचना था?

[02:38:42] आइंस्टाइन व्यू

[02:38:46] ऑफ फोटोइिक इफेक्ट।

[02:38:56] आइंस्टाइन व्यू ऑफ फोटोइिक इफेक्ट।

[02:38:59] आइंस्टाइन जी इसके बारे में क्या सोचते

[02:39:01] थे? आइंस्टाइन जी सोचते थे कि आप ऐसे समझो

[02:39:05] कि जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशंस आ रही

[02:39:09] हैं उसमें क्या है? क्वांटा है तो क्वांटा

[02:39:14] और फोटों्स अगर लाइट है तो फोटों्स हैं।

[02:39:17] क्वांटा और फोटों्स कोलाइड

[02:39:21] विद

[02:39:23] इलेक्ट्रॉन्स

[02:39:26] एंड इलेक्ट्रॉन्स

[02:39:28] एंड

[02:39:32] पास एनर्जी

[02:39:35] टू इजेक्ट इलेक्ट्रॉन। यानी इनका क्या

[02:39:38] मानना था? इनका यह मानना था कि एक्चुअली

[02:39:42] में

[02:39:43] जो फोटों्स हैं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:39:45] रेडिएशन में जो क्वांटा है वो आके टकराते

[02:39:49] हैं इलेक्ट्रॉन पे। जैसे मैंने आपको

[02:39:50] शुरुआत में जो बॉल्स वाला एग्जांपल दिया

[02:39:52] वो थॉट एक्चुअली अल्बर्ट आइंस्टाइन जी का

[02:39:54] है।

[02:39:56] एच हर्ट्स जी का तो ये कहना था एनर्जी आई।

[02:39:58] एनर्जी पास होने बट उन्होंने कहा अल्बर्ट

[02:40:00] आइंस्टाइन ने कहा यह सोचो कि जो

[02:40:02] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन आ रही है उसके

[02:40:04] पास छोटे-छोटे पैकेट हैं क्वांटा है

[02:40:06] फोटों्स हैं वो आकर टकराते हैं इलेक्ट्रॉन

[02:40:08] पे और फिर इलेक्ट्रॉन जो है वो इजेक्ट

[02:40:10] होता है। है ना? तो देयर इज़ इन्होंने एक

[02:40:13] और बात बोली देयर इज़

[02:40:16] नो टाइम लैग। नो टाइम लैग

[02:40:22] बिटवीन

[02:40:24] कोलीजन

[02:40:26] एंड

[02:40:28] इजेक्शन कोई टाइम लैग नहीं है कोलीजन में

[02:40:32] और इजेक्शन ऑफ इलेक्ट्रॉन में। यानी अगर

[02:40:35] 8:00 बजे इलेक्ट्र अगर 8:00 बजे फोटन टकरा

[02:40:37] रहे हैं। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक टकरा रही है

[02:40:39] तो एग्जैक्टली 8:00 बजे ही कौन रिलीज़ भी

[02:40:42] हो जाएंगे? इलेक्ट्रॉन्स इजेक्ट भी हो

[02:40:43] जाएंगे। एंड लास्ट बट नॉट द लीस्ट क्योंकि

[02:40:46] फोटॉन्स टकरा रहे हैं और इलेक्ट्रॉन्स को

[02:40:48] इजेक्ट कर रहे हैं। तो जैसे-जैसे फोटॉन्स

[02:40:51] बढ़ेंगे। फोटॉन्स कब बढ़ेंगे? जब लाइट की

[02:40:53] इंटेंसिटी बढ़ेगी। तो इन्होंने क्या बोला

[02:40:55] जिसको मैं शॉर्ट में लिखवा रहा हूं।

[02:40:58] जैसे-जैसे इंटेंसिटी ऑफ

[02:41:00] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:41:02] वेव बढ़ेगी वैसे-वैसे फोटॉन्स या फिर

[02:41:06] क्वांटा फोटॉन्स या फिर क्वांटा बढ़ेंगे।

[02:41:11] और अगर फोटॉन्स या फिर क्वांटा क्योंकि

[02:41:13] इंटेंसिटी का मतलब जैसे अभी इस बोर्ड से

[02:41:16] समझाता हूं आपको। देखो इस बोर्ड में यहां

[02:41:18] पे एक ऑप्शन होता है मेन्यू का। हां। अब

[02:41:22] देखो अगर मैं इसकी इंटेंसिटी को कम कर

[02:41:24] दूं। मुझे नहीं पता इस कैमरा में ज्यादा

[02:41:25] फर्क पड़ा है कि नहीं। बिकॉज़ इस कैमरा में

[02:41:28] ऑटो लाइटिंग का शायद फीचर ऑन है। बट मैंने

[02:41:30] इसकी ब्राइटनेस को कम किया। तो आपको कुछ

[02:41:32] भी नहीं दिख रहा होगा। या फिर मेरा फोन

[02:41:34] पता नहीं आपको मेरे फोन में कुछ दिख रहा

[02:41:36] है कि नहीं। पहले तो मैं नोटिफिकेशन

[02:41:38] हटाऊं। हां। पता नहीं आपको मेरे फोन में

[02:41:40] दिख रहा है कि नहीं। मेरे बेटे की फोटो

[02:41:41] लगी हुई है। दिख रही है। है ना? अब अगर

[02:41:43] मैं इसकी ब्राइटनेस को कम कर देता हूं तो

[02:41:46] शायद आपको कुछ भी नहीं दिख रहा। फोन ऑन है

[02:41:47] लेकिन हल्का-हल्का दिख रहा होगा। और वहीं

[02:41:49] पर अगर मैं इसकी ब्राइटनेस को ऑन ज्यादा

[02:41:51] कर दूं तो ये आपको दिख रहा है। कहने का

[02:41:53] मतलब सिर्फ ये है बेटा कि ब्राइटनेस चेंज

[02:41:56] कर। अब देखो मैं इसकी बढ़ा रहा हूं

[02:41:57] ब्राइटनेस। शायद फर्क पता चले। हुआ है हुआ

[02:42:00] है। हुआ है। यानी ब्राइटनेस के बढ़ने पे

[02:42:02] ब्राइटनेस के बढ़ने पे इंटेंसिटी बढ़ती

[02:42:05] है। इंटेंसिटी बढ़ती है। तो इंटेंसिटी

[02:42:07] मतलब ब्राइटनेस। तो अगर मैं किसी लाइट की

[02:42:09] किसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव की इंटेंसिटी

[02:42:10] बढ़ाऊंगा तो उसमें फोटॉन्स और क्वांटा

[02:42:12] बढ़ेंगे। ज्यादा फोटॉन्स और ज्यादा

[02:42:14] क्वांटा निकलेंगे। इसकी वजह से जो नंबर ऑफ

[02:42:17] इलेक्ट्रॉन्स हैं जो नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स

[02:42:21] इजेक्ट हो रहे हैं वो भी बढ़ेंगे क्योंकि

[02:42:23] इन्होंने क्या बोला इमेजिन करो अगर मैं एक

[02:42:25] लेदर की बॉल के बजाय उस बकेट में 10 लेदर

[02:42:28] की बॉल मारता तो क्या होता ज्यादा बॉल्स

[02:42:30] बाहर आती ना प्लास्टिक की तो ऐसे ही अगर

[02:42:32] ज्यादा इंटेंसिटी वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:42:35] रेडिएशन होगी तो ज्यादा फोटॉन्स आएंगे

[02:42:38] उसके पास ज्यादा इलेक्ट्रॉन्स इजेक्ट

[02:42:40] होंगे आइंस्टाइन जी ने ऐसा कहा डन है बहुत

[02:42:44] बढ़िया ये मैंने कहा था आपको लगभग आधा

[02:42:45] घंटा लगेगा। लगभग 22-25 मिनट लगे हमें

[02:42:48] इसको पढ़ने में। ऑलदो अभी हमने क्वेश्चन

[02:42:50] नहीं करे। क्वेश्चन मैंने कहा हम पहले डी

[02:42:52] ब्रोगलीस कांसेप्ट करेंगे। फिर हज़नबर्ग और

[02:42:54] फिर उसके बाद देखो क्वेश्चंस की लड़ी शुरू

[02:42:56] हो जाएगी। सबसे ज्यादा क्वेश्चन ही इस

[02:42:58] टॉपिक के ऊपर हम ला रहे हैं। लेकिन मैं

[02:43:00] फिर से हाथ जोड़ के विनती चाहूंगा कि आप

[02:43:02] फोटोइिक इफेक्ट को पूरे दिल और दिमाग से

[02:43:05] पढ़ लें। बहुत दिल और दिमाग से मैंने

[02:43:07] पढ़ाया। आप भी पढ़ लें। तभी आगे बढ़ेंगे।

[02:43:09] मैं नहीं बढ़ रहा आगे। पहले पढ़ लो। अब डी

[02:43:11] ब्रोगली जी का कांसेप्ट जो कि हमारा अगला

[02:43:14] टॉपिक है यह एक्चुअली मैं सच बताऊं तो डी

[02:43:17] ब्रोगलीस कांसेप्ट से पहले डी ब्रोगलीस

[02:43:20] हाइपोथेसिस हुआ करता था। हाइपोथेसिस का

[02:43:23] मतलब क्या होता है? देखो कांसेप्ट क्या है

[02:43:25] वो तो हम समझेंगे ही लेकिन हाइपोथेसिस का

[02:43:28] मतलब होता है ऐसी कोई चीज जो अभी प्रूव ना

[02:43:30] हुई हो। बस ख्याली पुलाव हो या फिर उनके

[02:43:33] ऊपर कोई थॉट हो, कोई हाइपोथेसिस दिया हो

[02:43:35] किसी ने। तो डी ब्रोगली जी ने पहले ये एक

[02:43:38] हाइपोथेसिस के फॉर्म में इंट्रोड्यूस किया

[02:43:40] था। फिर दो महान साइंटिस्ट आए। आप लोग

[02:43:43] इनके बारे में नहीं जानते होंगे। डेविसन

[02:43:45] एंड जर्मर इन्होंने एक एक्सपेरिमेंट किया

[02:43:48] था जो कि बहुत फेमस एक्सपेरिमेंट था।

[02:43:50] डेविसन, जर्मर्स एक्सपेरिमेंट। कहीं ना

[02:43:52] कहीं थोड़ा बहुत रदरफोर्ड जी के अल्फा

[02:43:54] पार्टिकल एक्सपेरिमेंट से मैच करता था। बट

[02:43:57] रिजल्ट और प्रोसीजर में काफी डिफरेंस भी

[02:44:00] था।

[02:44:01] उस एक्सपेरिमेंट से डेविसन एंड जर्मस

[02:44:04] एक्सपेरिमेंट से एक्चुअली में डी ब्रोगली

[02:44:06] जी का यह जो हाइपोथेसिस था वो प्रूव हो

[02:44:09] गया था कि सही है जिसके बाद ये डी

[02:44:11] ब्रोगलीस कांसेप्ट बन गया था आप में से

[02:44:14] कुछ बच्चों को नहीं पता होगा ड्यूल नेचर

[02:44:16] के बारे में ये टॉपिक है और ड्यूल नेचर के

[02:44:19] ऊपर पूरा का पूरा एक चैप्टर हुआ करता था

[02:44:22] 12th क्लास में यस था मतलब सिलेबस से हटा

[02:44:25] दिया गया डुअल बिहेवियर ऑफ मैटर बहुत

[02:44:28] अच्छा चैप्टर था उसी चैप्टर में 12th में

[02:44:30] ही हम लोगों को डेविस मतलब चैप्टर है पूरा

[02:44:32] चैप्टर नहीं हटाया गया है। सॉरी माय बैड।

[02:44:34] मैंने गलत बोला। चैप्टर हमारे 12थ में है।

[02:44:37] बट उसमें से डेविसन एंड जर्मस

[02:44:39] एक्सपेरिमेंट हटा दिया गया है। उस चैप्टर

[02:44:41] में से डेविसन एंड जर्मस एक्सपेरिमेंट ही

[02:44:43] हटा दिया गया। अगर आप चार-प साल पुरानी

[02:44:45] एनसीईआरटी डाउनलोड करेंगे कहीं से ना तो

[02:44:47] आपको वो मिलेगा। लेकिन नहीं एनसीईआरटी में

[02:44:49] है ही नहीं। खैर इन शॉर्ट ये पूरा का पूरा

[02:44:53] टॉपिक एक चैप्टर बन के आपके लिए 12th

[02:44:55] क्लास में आने वाला है। अब क्या कहा था डी

[02:44:57] ब्रोगली जी ने? डी ब्रोगली जी ने कहा था

[02:44:59] कि दुनिया की जितनी भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

[02:45:02] रेडिएशंस होती हैं या एक प्रकार से जो भी

[02:45:05] मैटर होता है वो वेव नेचर भी शो करता है

[02:45:07] और पार्टिकल नेचर भी शो करता है। इन शॉर्ट

[02:45:09] हर चीज के पास वेव नेचर भी है और पार्टिकल

[02:45:12] नेचर भी है। किसके पास वेव नेचर ज्यादा है

[02:45:15] या कम है ये अलग बात है। लेकिन दुनिया का

[02:45:17] हर एक ऑब्जेक्ट हर एक मैटर एक्चुअली में

[02:45:20] डुअल बिहेवियर शो करता है। वेव और

[02:45:23] पार्टिकल बिहेवियर शो करता है। तो

[02:45:25] अकॉर्डिंग टू डुअल नेचर लाइट या कोई भी और

[02:45:27] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव शोज़ बोथ वेव एंड

[02:45:30] पार्टिकल नेचर। हमें डी ब्रोगली जी से एक

[02:45:33] फार्मूला डिराइव करना है और उस फॉर्मूले

[02:45:36] से बहुत सारे और फार्मूले डिराइव करने हैं

[02:45:38] जिसके ऊपर क्वेश्चंस आते हैं। लेकिन निचोड़

[02:45:40] क्या है? मतलब शॉर्ट में ही समझ आए।

[02:45:42] ज्यादा तो कोई डिटेल तो है नहीं। डी

[02:45:43] ब्रोगली जी ने कहा कि हर एक चीज़ के पास हर

[02:45:46] एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव के पास भी अभी

[02:45:48] अगर हम इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव की बात

[02:45:49] करें। उसके पास वेव नेचर तो है ही है। साथ

[02:45:52] ही साथ उसके पास एक पार्टिकल बिहेवियर भी

[02:45:55] आपको देखने को मिलता है। चलो खैर अगर ऐसा

[02:45:58] है तो अकॉर्डिंग टू

[02:46:01] अकॉर्डिंग टू वेव नेचर

[02:46:04] वेव नेचर के हिसाब से एनर्जी का जो

[02:46:08] फार्मूला हमें मिला है वो मिला है h न्यू

[02:46:11] मिला है। सही है? आज ही मिला है वेव नेचर

[02:46:14] के हिसाब से एनर्जी का फार्मूला हमें मिला

[02:46:17] है h न्यू। ठीक है? आज ही मिला है।

[02:46:19] बिल्कुल सही है। अच्छा अब अगर बात करूं तो

[02:46:22] अकॉर्डिंग टू पार्टिकल नेचर वेव नेचर के

[02:46:26] हिसाब से तो प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी ने

[02:46:28] ये एनर्जी का फार्मूला दिया। अब अकॉर्डिंग

[02:46:31] टू पार्टिकल नेचर किसी भी पार्टिकल की

[02:46:33] एनर्जी कितनी होती है? ये अल्बर्ट

[02:46:35] आइंस्टाइन जी ने आई होप आपको पता हो। e =

[02:46:39] mc² में दिया था। मैंने थोड़ा बहुत इसके

[02:46:42] बारे में केमिस्ट्री के फर्स्ट चैप्टर

[02:46:44] यानी कि सम बेसिक कांसेप्ट के वन शॉट में

[02:46:46] आपको पढ़ाया था। अगर आपने देखा है तो तो

[02:46:49] यानी कि हमारे पास वेव नेचर की वजह से

[02:46:52] एनर्जी आई h न्यू और पार्टिकल नेचर की वजह

[02:46:55] से एनर्जी आ गई mc² अब क्योंकि मैटर के

[02:46:59] पास ड्यूल बिहेवियर है तो ड्यूल बिहेवियर

[02:47:02] की वजह से ड्यूल बिहेवियर या ड्यूल नेचर

[02:47:05] की वजह से ड्यूल नेचर रिप्रेजेंट्स

[02:47:10] कि भैया दोनों नेचर एक ही बात है। तो अगर

[02:47:13] ये E1 एनर्जी है। ये E2 एनर्जी है तो E1

[02:47:16] E2 आपस में बराबर हो जाएंगे। अकॉर्डिंग टू

[02:47:20] डुअल नेचर इन दोनों की एनर्जी आपस में

[02:47:22] क्या हो जाएगी भाई? बराबर हो जाएगी। अब

[02:47:24] अगर इन दोनों की एनर्जी आपस में बराबर हो

[02:47:27] जाती है तो इसका मतलब हो जाता है कि जो H

[02:47:30] न्यू है ये बराबर हो जाएगा MC² के। अब h

[02:47:35] न्यू में मैं μ की जगह लिख सकता हूं c /

[02:47:38] लैम्ब्डा और यहां पे मेरे पास mc² है। c

[02:47:42] से c कैंसिल हो जाता है तो h / लैम्ब्डा =

[02:47:46] mc आ जाता है और यहां से लैम्ब्डा की

[02:47:50] वैल्यू आ जाती है h / mc

[02:47:54] अब बड़ी कॉमन सेंस की बात है कि अभी तक हम

[02:47:57] स्पीड ऑफ़ लाइट पुट कर रहे थे। यहां पे c

[02:47:59] क्या होता है? स्पीड ऑफ़ फ्लाइट होता है। μ

[02:48:01] की जगह भी v / लैम्ब्डा की जगह हमने आज ही

[02:48:03] c / लैम्ब्डा किया क्योंकि हम ये ईएम वेव

[02:48:06] के लिए पढ़ाई कर रहे थे अभी तक। अब

[02:48:08] क्योंकि हम ईएम वेव के लिए पढ़ाई कर रहे

[02:48:09] थे तो स्पीड जो था उसको हम स्पीड ऑफ

[02:48:11] फ्लाइट यानी c से रिप्रेजेंट करते थे। बट

[02:48:13] आप मुझे बताओ क्या जब हम ड्यूल बिहेवियर

[02:48:16] के बारे में पढ़ रहे हैं तो क्या ये जरूरी

[02:48:18] है कि कोई इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव ही हो

[02:48:20] नहीं। अभी हम यहां पे इलेक्ट्रॉन के बारे

[02:48:22] में बात भी करेंगे। क्वेश्चंस आएंगे अभी

[02:48:24] इकट्ठे बहुत सारे क्वेश्चन आने वाले हैं।

[02:48:25] प्रोटॉन के बारे में भी बात करेंगे।

[02:48:27] न्यूट्रॉन के बारे में भी बात करेंगे। या

[02:48:29] कोई भी और पार्टिकल के बारे में बात

[02:48:31] करेंगे। 1 ग्राम की कोई बॉल है उसके बारे

[02:48:33] में भी बात करेंगे। तो बात तो किसी भी चीज

[02:48:35] के बारे में हो सकती है। किसी मैटर के

[02:48:37] बारे में भी हो सकती है। अब मैटर जो होता

[02:48:39] है वो तो स्पीड ऑफ फ्लाइट से नहीं चलता

[02:48:41] है। तो हमें C को वापस से रिप्लेस करना

[02:48:43] होगा V से। अब हमें C को वापस से अगर V से

[02:48:47] रिप्लेस करना होगा तो लैम्ब्डा = H / MC

[02:48:52] के बजाय MV आ जाएगा। ये हमारे पास फाइनल

[02:48:55] फार्मूला आ जाएगा। और इस फार्मूले को यानी

[02:48:58] कि जो वेवलेंथ आई है को आने को तो भाई एक

[02:49:01] वेवलेंथ ही आई है। लेकिन इसे डीब्रोगलीज

[02:49:03] वेवलेंथ भी कहते हैं। इसे क्या भी कहते

[02:49:06] हैं भाई? इसे डी

[02:49:10] ब्रोगलीस

[02:49:12] वेवलेंथ भी कहा जाता है। इसको डी

[02:49:15] बब्रोगलीस वेवलेंथ भी कहते हैं। क्योंकि

[02:49:18] उन्होंने ही ये फार्मूला एक प्रकार से

[02:49:20] दिया। लैम्ब्डा = h / mv और यही फार्मूला

[02:49:23] हाइपोथेसिस के बाद आया था। और इसी

[02:49:25] फॉर्मूले को डेविसन एंड जर्मर जी ने इसी

[02:49:27] फॉर्मूले को एक्चुअली में प्रूफ किया था

[02:49:29] अपने एक्सपेरिमेंट से। और अगर ये फार्मूला

[02:49:31] प्रूफ हो गया कि सही है तो ऑटोमेटिकली

[02:49:33] इनका कांसेप्ट भी सही साबित हो जाता है।

[02:49:36] अब इनके इस फ़ूले से लैम्ब्डा = h / mv के

[02:49:40] फ़ूले से और हम कौन-कौन से फ़ूले ऑब्टेन कर

[02:49:44] सकते हैं? जिसके ऊपर हमें न्यूमेरिकल

[02:49:46] देखने को मिल सकता है। सच बताऊं? तो

[02:49:48] एनसीईआरटी में जो इस टॉपिक के

[02:49:50] न्यूमेरिकल्स हैं वो इस इसमें से कम आते

[02:49:53] हैं। ज्यादा क्या आता है ये एक अलग देखने

[02:49:56] वाली बात है। जैसे अभी हम लोग मैंने आपको

[02:49:59] बताया कि आज ही अनाउंस हुआ है कि हम

[02:50:01] मैराथों्स करने वाले हैं। जब तक आप ये

[02:50:03] वीडियो देख रहे होंगे तो साइंस एंड फन

[02:50:05] एजुकेशन पे हो सकता है कि हमारी मैराथों्स

[02:50:08] की अनाउंसमेंट की वीडियो भी आ जाए। मैं

[02:50:10] सभी से चाहूंगा कि 11th क्लास के सारे

[02:50:12] बच्चे मैराथों्स के लिए वहां पे आए

[02:50:14] क्योंकि मैं इस चैप्टर के भी फर्स्ट

[02:50:16] चैप्टर के भी कुछ और ऐसे क्वेश्चंस कराने

[02:50:19] वाला हूं जो हम लोगों ने वन शॉट में नहीं

[02:50:21] किए हैं। जैसे डी ब्रोगली के ऊपर काफी

[02:50:23] अलग-अलग क्वेश्चन भी आते हैं जो एनसीईआरटी

[02:50:25] में है ही नहीं और करना हमारा अधिकार सॉरी

[02:50:29] करना बनता है भैया वरना पेपर में आ जाते

[02:50:31] हैं। खैर तो लैम्ब्डा = h / mv जो है इसके

[02:50:36] और क्या-क्या फ़ूले हो सकते हैं? है। आओ

[02:50:38] देखो हमने ये देख लिया है कि लैम्ब्डा = h

[02:50:43] / mv है। अब मास * वेलोसिटी क्या होता है?

[02:50:47] मास * वेलोसिटी होता है मोमेंटम। तो लो

[02:50:49] हमारे पास एक और छोटा सा फार्मूला आ गया।

[02:50:51] ये तो खैर ज्यादा कुछ किया ही नहीं हमने।

[02:50:53] बस मास * वेलोसिटी को हमने मोमेंटम ही

[02:50:55] लिखा है। अच्छा अब आप में से कुछ बच्चे

[02:50:58] जानते होंगे कि मोमेंटम और काइनेटिक

[02:51:00] एनर्जी में एक सीधा रिलेशन होता है। कुछ

[02:51:02] बच्चे नहीं भी जानते होंगे। तो मैं आपके

[02:51:04] लिए यहां पे डिराइव कर देता हूं। ठीक है?

[02:51:06] जैसे कि अगर मैं बोलूं कि काइनेटिक एनर्जी

[02:51:09] का फार्मूला क्या होता है? तो आप बोलोगे

[02:51:12] 1/2 mv² होता है। अब अगर मैं इसको मास से

[02:51:18] मल्टीप्लाई कर दूं और डिवाइड कर दूं तो

[02:51:20] ऊपर m² हो जाएगा और नीचे एक मास आ जाएगा।

[02:51:23] तो मास से मैंने मल्टीप्लाई मास से मैंने

[02:51:25] डिवाइड कर दिया। ऐसा क्यों कर दिया? ताकि

[02:51:27] मैं इसको mv का होल स्क्वायर यानी कि

[02:51:29] मोमेंटम का होल स्क्वायर बना सकूं। डिवाइड

[02:51:32] बाय मास है। अब यहां से अगर मैं मोमेंटम

[02:51:34] निकालना चाहता हूं तो टू यहां पे काइनेटिक

[02:51:37] एनर्जी से मल्टीप्लाई होगा। m जा के

[02:51:39] मल्टीप्लाई होगा और स्क्वायर जा के हो

[02:51:41] जाएगा अंडर रूट। तो ये एक रिलेशन है जो

[02:51:43] काफी फिजिक्स में तो बहुत ही काम आता है।

[02:51:46] बट हां ये एक सीधा रिलेशन भी है। आप में

[02:51:49] से कुछ बच्चों ने इस रिलेशन को नाइंथ

[02:51:51] क्लास में वर्क एनर्जी में भी पढ़ा होगा।

[02:51:52] नहीं पढ़ा तो कोई बात नहीं। मैंने आपके लिए

[02:51:54] डिराइव कर दिया। बट मोमेंटम का काइनेटिक

[02:51:56] एनर्जी के साथ एक फार्मूला होता है 2 mm

[02:51:59] या 2m2k अगर ऐसा है तो हमारे पास यहां पे

[02:52:02] देखो एक और फार्मूला आ जाता है कि

[02:52:04] लैम्ब्डा = h / रूट अ मोमेंटम की जगह मैं

[02:52:11] लिख सकता हूं 2 * में मास इंटू में

[02:52:13] काइनेटिक एनर्जी। कभी कबभार क्वेश्चंस में

[02:52:16] आपको सीधा काइनेटिक एनर्जी गिवन होती है

[02:52:19] और वेवलेंथ निकालनी होती है। एग्जांपल

[02:52:21] देता हूं। एनसीईआरटी का एक क्वेश्चन है।

[02:52:22] ज्यादा दूर जाने की भी जरूरत नहीं है।

[02:52:24] देखो ये देखो एनसीईआरटी का एक क्वेश्चन

[02:52:26] है। यहां पे आपको मास दे रखा है और

[02:52:28] काइनेटिक एनर्जी दे रखी है। अब मास और

[02:52:30] काइनेटिक एनर्जी दे रखी है और वेवलेंथ

[02:52:32] निकालने को बोला है। तो सीधा ये फार्मूला

[02:52:34] लगा पाएंगे। अगर आपने सीधा फार्मूला मान

[02:52:36] लो याद नहीं किया तो पहले आप काइनेटिक

[02:52:38] एनर्जी से क्या निकालोगे? वेलोसिटी। फिर

[02:52:40] वेलोसिटी यहां पुट करोगे। इतना लंबा चौड़ा

[02:52:43] काम हो जाएगा। इतना लंबा चौड़ा करने की

[02:52:45] जरूरत ही नहीं है। सीधा ये फार्मूला लगा

[02:52:47] सकते हैं। अच्छा। यानी कि हमारे पास एक और

[02:52:50] फार्मूला आ गया। अब क्या इसके अलावा भी

[02:52:52] कोई और एक और फार्मूला आ सकता है? यस

[02:52:54] थोड़ा सा बिल्कुल 10थ क्लास याद करेंगे।

[02:52:56] क्या आपको याद है कि जो एनर्जी होती है,

[02:52:58] एनर्जी होती है, एनर्जी का फार्मूला हम

[02:53:01] लोगों ने पढ़ा था पोटेंशियल इंटू में

[02:53:03] चार्ज। मैं इसको ऐसे लिखता हूं ताकि आपको

[02:53:06] ये याद आ जाए कि हमने ऐसे पढ़ा था कि जो

[02:53:08] पोटेंशियल होता है, पोटेंशियल होता है

[02:53:11] उसका फार्मूला होता है एनर्जी अपॉन में

[02:53:14] चार्ज। यानी कि वर्क अपॉन में चार्ज। देखो

[02:53:16] हर चीज को मैं बेसिक तरीके से करा रहा हूं

[02:53:18] भाई। अभी भी तुमने सेशन लाइक नहीं किया और

[02:53:20] प्यारा सा कमेंट नहीं छोड़ा ना तो मेहनत

[02:53:22] वेस्ट हो जाएगी। देखो अब पोटेंशियल को हम

[02:53:25] लोग रिप्रेजेंट करते हैं कैपिटल V से।

[02:53:27] एनर्जी हमारे लिए यहां पे तो काइनेटिक

[02:53:29] एनर्जी है और चार्ज को हम रिप्रेजेंट करते

[02:53:31] हैं q से। तो यहां से काइनेटिक एनर्जी का

[02:53:35] फार्मूला आ जाता है एक और चार्ज * में

[02:53:38] पोटेंशियल। चार्ज * में पोटेंशियल। अब मैं

[02:53:41] काइनेटिक एनर्जी की जगह ये रख सकता हूं।

[02:53:43] पूरी एनसीईआरटी

[02:53:45] में एक क्वेश्चन है जो छुपा हुआ है जो

[02:53:49] पोटेंशियल के ऊपर है। यह मैं कराऊंगा

[02:53:51] मैराथॉन में आपको। छुपा हुआ है पोटेंशियल

[02:53:53] के ऊपर है। तो 2m में 2 की जगह 2M की जगह

[02:53:57] MKE की जगह मैं लिख सकता हूं qv. KE की

[02:54:00] जगह मैं लिख सकता हूं qv. तो ये मेरे पास

[02:54:03] फार्मूला आ जाएगा। एक और फार्मूला आ

[02:54:06] जाएगा। लो आपके सामने यहां पे यह तो एक

[02:54:09] फार्मूला है ही। तीन और हरे फॉर्मूले लिखे

[02:54:12] हुए हैं। एक h / p जो कि ज्यादा कोई बदलाव

[02:54:14] नहीं है। एक h / 2m और एक और फार्मूला है

[02:54:18] h /

[02:54:19] 2mq q यहां पे चार्ज है अगर इलेक्ट्रॉन है

[02:54:22] प्रोटॉन है और v यहां पे पोटेंशियल है।

[02:54:24] कितने पोटेंशियल पे उस चार्ज को भगाया जा

[02:54:26] रहा है उससे भी आप वेवलेंथ कैलकुलेट कर

[02:54:29] सकते हो। डन है? तो डी ब्रोगली कांसेप्ट

[02:54:31] का निचोड़ क्या है? वो कहता है कि भैया हर

[02:54:33] एक मैटर के पास ड्यूल बिहेवियर होता है।

[02:54:36] उसके पास वेव नेचर भी होता है। उसके पास

[02:54:38] पार्टिकल नेचर भी होता है। वेव और

[02:54:40] पार्टिकल के हिसाब से जो एनर्जी आई उसको

[02:54:42] इक्वेट किया। लैम्ब्डा = h / mv आया।

[02:54:44] जिसके बाद और फॉर्मूले भी आ गए। डन है?

[02:54:47] ठीक है? आप चाहो तो वीडियो को पॉज कर सकते

[02:54:50] हो यहां पे और इतना पढ़ सकते हो। ठीक है?

[02:54:52] क्योंकि हम आगे एक और नए मैंने आपको कहा

[02:54:55] था अगेन नए चार छोटे-छोटे बड़े-बड़े

[02:54:58] टॉपिक्स आपको मिलेंगे जिनको इकट्ठा हमें

[02:55:00] पढ़ना है। इसके बाद आप देख सकते हो हम

[02:55:02] क्वेश्चंस पे आ जाएंगे। ठीक है? लेकिन

[02:55:04] यहां पे आता है हजनबर्ग्स अनसर्टेनिटी

[02:55:07] प्रिंसिपल। अब हज़नबर्ग्स अनसर्टेनिटी

[02:55:10] प्रिंसिपल

[02:55:12] क्या कहता है? देखो अगेन बिल्कुल अलग

[02:55:16] टॉपिक है। पहले हमने पढ़ा प्लैंक्स

[02:55:18] क्वांटम थ्योरी। फिर हमने पढ़ा फोटोइिक

[02:55:20] इफेक्ट। फिर हमने पढ़ा डी ब्रोगलीस

[02:55:22] कांसेप्ट। अब पढ़ रहे हैं हज़नबर्ग। हज़नबर्ग

[02:55:25] नाम है। अनसर्टेनिटी का मतलब एरर्स होता

[02:55:28] है। अनसर्टेनिटी का मतलब एरर्स होता है।

[02:55:31] ठीक है? हज़नबर्ग जी ने क्या देखा कि अगर

[02:55:34] आप कोई माइक्रोस्कोपिक बॉडी की बात कर रहे

[02:55:37] हो। माइक्रोस्कोपिक मतलब सब एटॉमिक

[02:55:40] पार्टिकल्स की बात कर रहे हो। लेट्स से

[02:55:41] इलेक्ट्रॉन की बात कर रहे हो। प्रोटॉन की

[02:55:43] बात कर रहे हो। अल्फा पार्टिकल की बात कर

[02:55:45] रहे हो। एटम की बात कर रहे हो। आयंस की

[02:55:47] बात कर रहे हो। तो उनकी आप पोजीशन और

[02:55:52] मोमेंटम एक साथ कैलकुलेट एक्यूरेसी के साथ

[02:55:55] नहीं कर सकते। आप पोजीशन और मोमेंटम को एक

[02:56:00] साथ कैलकुलेट नहीं कर सकते। अगर आप

[02:56:02] कैलकुलेट करेंगे तो उनमें एरर आएगा

[02:56:05] अनसर्टेनिटी आएगी। और उनका जो एरर होगा

[02:56:09] यानी मोमेंटम में जो एरर होगा और पोजीशन

[02:56:12] में जो एरर होगा एरर तो मतलब समझते हो ना?

[02:56:14] ऑलदो यूनिट्स एंड मेज़रमेंट में से एरर

[02:56:16] डिलीट हो गया था। लेकिन आप वैसे तो एरर का

[02:56:18] मतलब समझते हो ना अगर मैं इसकी लंबाई

[02:56:20] नापने को आपको बोलूं तो कोई नापेगा 10.1

[02:56:24] सें.मी. तो हो सकता है कोई नापेगा 10.2 हो

[02:56:27] सकता है कोई 10 नापे। तो ये जो अब कोई एक

[02:56:29] तो गलत होगा और कोई एक तो सही होगा। तो जो

[02:56:32] भी गलत होगा उसके नापने में कुछ एरर है।

[02:56:35] एरर है। कभी कबभार एरर हमारी वजह से आते

[02:56:39] हैं। कभी कबभार एरर इंस्ट्रूमेंट की वजह

[02:56:41] से आते हैं। कभी कबभार एरर किसी फॉर्मूले

[02:56:43] की वजह से आते हैं। कैलकुलेशन की वजह से

[02:56:45] आते हैं। एरर किसी भी कारण से आ सकता है।

[02:56:47] अगर मैं आपको बोलूं कि यार मुझे अपना वजन

[02:56:49] निकालना है तो मैं अपना वजन कभी भी

[02:56:51] एक्यूरेटली निकाल नहीं पाऊंगा। सबसे पहली

[02:56:53] गलती तो मैं कपड़े पहन के ही वजन निकालता

[02:56:55] हूं। सेकंड जिसमें कमर में वजन निकाल रहा

[02:56:57] है वहां पे हवा है। थर्ड जो मशीन है वो

[02:57:00] 100% एक्यूरेट नहीं होगी। उसमें लीस्ट

[02:57:02] काउंट अच्छा नहीं होगा। बहुत सारे कारणों

[02:57:04] की वजह से हम जब भी कुछ मेजर करते हैं

[02:57:06] उनमें एरर होता है। तो हजनबर्ग जी ने किसी

[02:57:09] कारणवश बोला वो कारण आप धीरे-धीरे समझोगे।

[02:57:12] उन्होंने कहा अगर कोई माइक्रोस्कोपिक

[02:57:14] पार्टिकल है। माइक्रोस्कोपिक के लिए मैं

[02:57:17] बताऊंगा ये प्रिंसिपल क्यों लागू नहीं

[02:57:19] होता है। मतलब क्यों कोई सिग्निफिकेंस

[02:57:22] नहीं होगा वो भी मैं आपको बताऊंगा। लेकिन

[02:57:23] अगर आप किसी माइक्रोस्कोपिक बॉडी की

[02:57:26] मोमेंटम मोमेंटम और पोजीशन को एक साथ

[02:57:29] निकालोगे तो आप कभी भी एक्यूरेसी के साथ

[02:57:32] नहीं निकाल सकते। अगर आपने निकालने की

[02:57:35] कोशिश भी करी तो जो मोमेंटम में एरर है,

[02:57:39] एरर को हम डेल्टा से दिखाते हैं। जो

[02:57:42] मोमेंटम में एरर है और जो पोजीशन में एरर

[02:57:46] है, पोजीशन को हम x दिखाते हैं। तो पोजीशन

[02:57:48] में एरर हो गया डेल्टा x। जो मोमेंटम में

[02:57:51] एरर है और जो पोजीशन में एरर है वो हमेशा

[02:57:54] ग्रेटर दैन और इक्वल्स टू आएगा h/ 4π के।

[02:57:59] यानी कि जो एरर इन मोमेंटम है और एरर इन

[02:58:02] पोजीशन है वो कम से कम h/4π के बराबर तो

[02:58:05] आएगा ही आएगा। ज्यादा से ज्यादा तो कितना

[02:58:07] भी आ सकता है। लेकिन कम से कम वो h/ 4π के

[02:58:13] बराबर तो आएगा ही आएगा।

[02:58:16] अब आप कह रहे हो सर h की वैल्यू कितनी

[02:58:19] होती है? h की वैल्यू होती है 6.63 * में

[02:58:22] 10 की पावर -34 ही तो होती है। तो 10 की

[02:58:25] पावर - और 4π कितना ही होता है सर? 10 मान

[02:58:29] लो तो एक जीरो और बढ़ गया। 10 की पावर -35

[02:58:33] हो गया। तो चलो 34 भी अगर आप मानो यार तो

[02:58:36] ये -34 तो कुछ भी नहीं होता। किसी चीज में

[02:58:40] अगर -34 एरर है 10 की पावर का तो वो तो

[02:58:44] एरर है ही नहीं। सही कह रहे हो। लेकिन ये

[02:58:46] आप तब देख रहे हो जब आप किसी भी बॉडी के

[02:58:49] लिए बात कर रहे हो। बट हम यहां पे किसके

[02:58:51] लिए बात कर रहे हैं? माइक्रोस्कोपिक बॉडी।

[02:58:53] सर माइक्रोस्कोपिक बॉडी से क्या फर्क

[02:58:55] पड़ेगा? आओ समझाता हूं। क्या मैं एरर इन

[02:58:59] मोमेंटम को मास * एरर इन वेलोसिटी लिख

[02:59:02] सकता हूं? बिकॉज़ मोमेंटम होता है मास *

[02:59:04] वेलोसिटी। तो एरर इन मोमेंटम हो गया। मास

[02:59:06] * एरर इन वेलोसिटी। बिकॉज़ मास तो हमारे

[02:59:08] लिए कांस्टेंट है माइक्रोस्कोपिक बॉडीज

[02:59:10] का। जैसे इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन का मास

[02:59:12] हमने फिक्स किया हुआ है। अब यहां से मास

[02:59:14] को डिवाइड में ले जाओ। अब सुनना खेल भैया।

[02:59:16] ये हर कोई नहीं बताएगा आपको। अब सुनना

[02:59:19] खेल। तो एरर इन वेलोसिटी और एरर इन पोजीशन

[02:59:23] इज़ ग्रेटर दैन इक्व h / 4πm आ गया। अब

[02:59:29] यहां पर यह जो फार्मूला आया है यह

[02:59:31] एक्चुअली में एक और रहस्य को खोलता है कि

[02:59:34] भैया जो जो हजनबर्ग जी ने प्रिंसिपल दिया

[02:59:37] है वो माइक्रोस्कोपिक बॉडीज के लिए क्यों

[02:59:40] दिया है क्योंकि

[02:59:42] अगर अब मैं बात करूं h की तो 10 की पावर

[02:59:46] -34 होता है। मैं लगभग बात कर रहा हूं। और

[02:59:49] अगर मैं एक इलेक्ट्रॉन की बात करूं बिकॉज़

[02:59:51] ये माइक्रोस्कोपिक बॉडीज की बात हो रही

[02:59:53] है। अब इलेक्ट्रॉन का जो मास होता है वो

[02:59:55] 10 की पावर -31 होता है। और भी नंबर्स हैं

[02:59:59] लेकिन काट पीट के आप समझो 10 की पावर -2

[03:00:01] -3 रेंज का ये आंसर आएगा। अब 10 की पावर

[03:00:05] -2 -3 तो बहुत छोटा एरर नहीं है ना। 0.01

[03:00:10] काफी बड़ा एरर माना जाएगा। तो इसीलिए

[03:00:14] लेकिन वहीं पर अगर कोई माइक्रोस्कोपिक

[03:00:16] बॉडी है। मान लो कोई 1 किलो का ऑब्जेक्ट

[03:00:18] है।

[03:00:19] मान लो कोई 1 किलो का ऑब्जेक्ट है, 1

[03:00:21] ग्राम का ऑब्जेक्ट है। अगर 1 किलो का है

[03:00:22] और उसकी जगह वन पुट करता हूं तो एरर अभी

[03:00:24] भी 10 की पावर -30 की रेंज का रहेगा जो कि

[03:00:27] बहुत कम है। यानी ये जो पढ़ाई है ये

[03:00:29] माइक्रोस्कोपिक बॉडी के लिए कोई मायने

[03:00:31] नहीं रखती है। इसीलिए ये पढ़ाई सिर्फ और

[03:00:34] सिर्फ माइक्रोस्कोपिक बॉडी के लिए कि अगर

[03:00:36] आप किसी माइक्रोस्कोपिक बॉडी का मोमेंटम

[03:00:38] और पोजीशन निकालोगे तो उनमें जो एरर आएगा

[03:00:41] पहली बात तो आप उन्हें एक्यूरेटली निकाल

[03:00:43] नहीं सकते। निकालने की कोशिश भी करोगे तो

[03:00:45] एरर का जो प्रोडक्ट है ये ग्रेटर दैन इक्व

[03:00:47] h / 4π है जिसको हमने मॉडिफाई किया तो एरर

[03:00:50] इन वेलोसिटी और एरर इन पोजीशन ग्रेटर दैन

[03:00:54] इक्व h / 4π m आ गया। ये फार्मूला हज़नबर्ग

[03:00:58] जी के प्रिंसिपल को ज्यादा बेहतर समझाता

[03:01:00] है क्योंकि ये दर्शा रहा है कि अगर

[03:01:01] माइक्रोस्कोपिक बॉडी हुई तो एरर ज्यादा हो

[03:01:04] जाएगा।

[03:01:05] अच्छा अब जब दो चीजों के एरर को मैं कह

[03:01:08] रहा हूं कम से कम इतना आएगा ही आएगा।

[03:01:10] हिस्सा आप एक और बात समझे कि अगर मैं

[03:01:13] मोमेंटम अगर मैं मोमेंटम के अंदर एरर को

[03:01:16] कम करने जाऊंगा तो पोजीशन में एरर बढ़ेगा

[03:01:18] और पोजीशन के अंदर एरर कम करने जाऊंगा तो

[03:01:21] मोमेंटम का एरर बढ़ेगा। अगर मैं आपको कहता

[03:01:23] हूं कि जो x * y है इसकी वैल्यू पांच तो

[03:01:26] आनी ही आनी है। ठीक है? इससे ज्यादा भी आ

[03:01:28] सकती है। तो अगर y की वैल्यू कम होगी तो x

[03:01:31] की वैल्यू को बढ़ना होगा। क्योंकि इनकी

[03:01:32] वैल्यू पांच होनी है। और अगर x की वैल्यू

[03:01:35] कम होगी तो y की वैल्यू को बढ़ना होगा।

[03:01:37] बिकॉज़ कम से कम इनका प्रोडक्ट पांच तो आना

[03:01:39] ही है। ऐसे ही अगर इनका प्रोडक्ट कम से कम

[03:01:41] इतना आना ही है और आप एक क्वांटिटी पे

[03:01:43] ध्यान दोगे तो दूसरे में एरर बढ़ जाएगा। अब

[03:01:47] आपका दिमाग का ना भाई साहब दही हो गया

[03:01:48] होगा कि भाई साहब हमने इतने सारे टॉपिक पढ़

[03:01:51] लिए लेकिन ये पढ़ क्यों रहे हैं? तो जो

[03:01:53] बच्चा अब भूल गया है क्या पता अगले दिन

[03:01:55] इसका आधा हिस्सा देख रहा हो। भाई साहब हम

[03:01:59] जे जे थॉमसन जी का मॉडल पढ़ चुके हैं। हमने

[03:02:02] रदरफोर्ड जी का मॉडल पढ़ लिया। अब हमें

[03:02:04] नील्स वुड जी के मॉडल को पढ़ना था। उसके

[03:02:07] बीच में हम कुछ चीजें पढ़ रहे हैं। जिसमें

[03:02:09] हमने क्वांटम नंबर्स पढ़ लिया।

[03:02:10] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के बारे में पढ़

[03:02:12] लिया। अ प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी पढ़

[03:02:15] लिया। फोटोइिक इफेक्ट पढ़ लिया। उसके बाद

[03:02:18] हमने फोटोइिक इफेक्ट के बाद पढ़ा अपना

[03:02:22] क्या पढ़ा? अभी तो पढ़ा डीब्रोगलीस

[03:02:24] कांसेप्ट पढ़ लिया। और अब हमने पढ़ा

[03:02:25] हज़नबर्ग्स अनसर्टेनिटी प्रिंसिपल। डन है।

[03:02:29] पक्की बात है। मन में कोई सवाल? अब इनके

[03:02:32] ऊपर इकट्ठे यानी इस फॉर्मूले के ऊपर,

[03:02:34] डीब्रोगलीजी के सारे फॉर्मूले के ऊपर,

[03:02:36] प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी के सारे

[03:02:38] फॉर्मूलों के ऊपर, फोटोइिक इफेक्ट के ऊपर

[03:02:40] सारे के सारे फॉर्म मैंने यहां से मैं

[03:02:41] आपको पीछे रिवाइज करवाया था लेकिन मैंने

[03:02:43] पीपीटी हटा दी है क्योंकि यार वो लोड बहुत

[03:02:45] ज्यादा बढ़ जाता है पीपीटी में थोड़ा स्लो

[03:02:47] हो जाता है बोर्ड। इसलिए मैंने अभी आपने

[03:02:49] देखा होगा कट लगा था तो मैंने यहां से

[03:02:50] पीपीटी हटा दी थी जब मैंने ये वाला टॉपिक

[03:02:53] पढ़ना शुरू कराया। ठीक है? तो ताकि पीपीटी

[03:02:56] सेव भी हो जाए। आपके पास Telegram पे

[03:02:57] Telegram पे पीपीटी आती है। पता ही है ना

[03:02:59] आपको आशुए 11 12th पे। चलो ठीक है। लेकिन

[03:03:01] अपने हिसाब से जल्दी से फॉर्मूले रिवाइज

[03:03:03] कर लो। बिकॉज़ हम सवाल पे आ रहे हैं। जल्दी

[03:03:05] से फार्मूलों को प्यारे तरीके से रिवाइज

[03:03:07] कर लो ताकि हम क्वेश्चंस पे आ जाएं। डन

[03:03:11] है? सवाल क्वेश्चन जो है एनसीईआरटी के

[03:03:13] हैं। एक आध की वैल्यू अलग मिलेगी लेकिन

[03:03:15] सारे सवाल एनसीईआरटी के ही हैं। डन? चलो

[03:03:17] लेट्स स्टार्ट। मैं ये मान के चल रहा हूं।

[03:03:19] आपको सारे फॉर्मूले याद हो गए हैं। ठीक

[03:03:21] है? आ जाओ। चलो

[03:03:23] पहला सवाल आता है। कह रहे हैं मास ऑफ़ अ

[03:03:26] पार्टिकल इज़। एक पार्टिकल का मास आपको

[03:03:29] गिवन है 9 * में 10 की पावर -31 kg ठीक

[03:03:34] है? अगर उसकी काइनेटिक एनर्जी आपको दे रखी

[03:03:37] है। काइनेटिक एनर्जी दे रखी है 4 * में 10

[03:03:41] की पावर -25 जूल्स। आपको उसकी वेवलेंथ

[03:03:45] निकालनी है। जो कि मैंने अभी आपसे डिस्कस

[03:03:47] किया था कि वेवलेंथ का सीधा फार्मूला

[03:03:50] लगाएंगे। लैम्ब्डा

[03:03:52] =

[03:03:54] h / 2m

[03:03:56] अब समझने वाली बात ये है कि अगर मैं यहां

[03:03:59] पे फार्मूला लगाता लैम्ब्डा = h / mv मुझे

[03:04:01] एक ही फार्मूला याद है। तो मेरे लिए

[03:04:03] मुश्किलें कितनी बढ़ती। पहले मैं काइनेटिक

[03:04:05] एनर्जी से मास है तो काइनेटिक एनर्जी का

[03:04:08] फार्मूला लगा के वेलोसिटी निकालता। फिर

[03:04:10] मैं ओह हो बहुत बड़ा।

[03:04:12] ठीक है?

[03:04:14] तो λ h आ गया 6.63

[03:04:18] * में 10 की पावर -34

[03:04:22] 2 की जगह टू आ गया मास की जगह 9 * में 10

[03:04:26] की पावर -31 आ गया और काइनेटिक एनर्जी की

[03:04:30] जगह 4 * में 10 अब तो कैलकुलेशन बची है 10

[03:04:33] की पावर -25 आ गया। ठीक है? अब लैम्ब्डा =

[03:04:38] 6.63

[03:04:40] * में 10 की पावर -34

[03:04:43] आ गया अंडर रूट में 10 की पावर 31 और 5 36

[03:04:49] हो गया 46 56 हो गया। अब 10 की पावर 56 का

[03:04:53] आधा कितना हो जाता है? तो आंसर है 56 का

[03:04:56] आधा हो जाता है 28। सही कह रहा हूं। 56 का

[03:05:00] आधा हो जाता है 28। तो 10 की पावर - 28

[03:05:04] बाहर आ गया। अब यहां से नौ का बाहर आ

[03:05:06] जाएगा तीन और चार का बाहर आ जाएगा दो। तो

[03:05:09] 3 * 2 = 6 छह यहां से बाहर आ गया। अंदर दो

[03:05:11] बच गया। कैलकुलेशन देख लेना भैया मेरी

[03:05:14] आपसे ज्यादा कमजोर है। मैंने बेसिक कर

[03:05:15] दिया। अब इसके बाद लैम्ब्डा = 6.63

[03:05:20] और डिवाइडेड बाय डिवाइडेड बाय

[03:05:24] 2 होता है 1.41 और सिक्स की जगह सिक्स आ

[03:05:27] गया। 10 की पावर 34 में से 28 जाएंगे तो

[03:05:30] 10 की पावर -6 आ जाएगा। अब इतनी ज्यादा

[03:05:33] मैंने कैलकुलेशन आपके लिए कर दी है। आगे

[03:05:36] की भी कर देता हूं लो कैलकुलेटर से और

[03:05:38] यहां पे हमारे पास आ जाता है बाकी ये तो

[03:05:41] टाइम वेस्ट कर रहा है। कैलकुलेशन तो आप कर

[03:05:42] ही सकते हो बट 6.63

[03:05:45] / 1

[03:05:47] 41 और फिर डिवाइडेड बाय 6 कर देंगे तो

[03:05:50] आंसर आ जाएगा 0.78

[03:05:52] तो इसको मैं 0.78 की बजाय 7.8 एक और नंबर

[03:05:56] आगे आ रहा है थ्री। 7.834 मतलब राउंड ऑफ

[03:06:00] कर दिया और यहां पे 10 की पावर -6 की बजाय

[03:06:03] -7 कर दिया। ये हमारे पास वेवलेंथ आ गई।

[03:06:06] ये हमारे पास वेवलेंथ आ गई। अगेन यार देखो

[03:06:08] यार प्लीज हमारा जो काम था वो यहां खत्म

[03:06:10] हो गया था। हमारा काम यहां खत्म हो गया

[03:06:12] था। इसके बाद मैथ्स है। प्लीज वो आप चेक

[03:06:14] कर लेना। मैंने जल्दबाजी में किया है।

[03:06:17] मैथ्स में मेरा ज्यादा इंटरेस्ट है भी

[03:06:18] नहीं। छूट ही गया था इंटरेस्ट। जब से

[03:06:20] कॉलेज में आया हूं बिकॉज़ कैलकुलेटर अलाउड

[03:06:23] होते हैं। खैर बट ये हमारा आंसर है। कुछ

[03:06:26] भी नहीं है। अगर कैलकुलेशन को हटा दो और

[03:06:28] ये फार्मूला अगर आपको याद है तो क्वेश्चन

[03:06:30] क्या है? कुछ भी नहीं है। कुछ भी नहीं है।

[03:06:32] चलो आओ अगले सवाल पे आते हैं। अगला सवाल

[03:06:35] कह रहा है एक विविध भारतीय स्टेशन है ऑल

[03:06:38] इंडिया रेडियो का दिल्ली में चलता है। और

[03:06:40] वो कितनी फ्रीक्वेंसी पे ब्रॉडकास्ट करता

[03:06:43] है? भैया फ्रीक्वेंसी आपको दे रखी है 1000

[03:06:46] किलोज्ज दे रखी है। किलोज्ज। तो हर्ट्ज

[03:06:49] में कन्वर्ट करेंगे। तीन जीरो पहले ही है।

[03:06:51] किलो में तीन और होता है। तो 10 की पावर 6

[03:06:53] हर्ट्ज आ जाएगी फ्रीक्वेंसी। कैलकुलेट द

[03:06:56] वेवलेंथ ऑफ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन।

[03:06:58] आपको वेवलेंथ निकालनी है। कितना प्यारा

[03:07:00] सवाल है। देखो फ्रीक्वेंसी का फार्मूला C

[03:07:03] / लैम्ब्डा होता है। क्योंकि ये बोल रखा

[03:07:05] है कि ये एक रेडिएशन है।

[03:07:07] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव है। अब

[03:07:08] फ्रीक्वेंसी 10 की पावर 6 है। स्पीड ऑफ

[03:07:11] लाइट 3 * में 10 की पावर 8 होता है। यहां

[03:07:14] से मुझे वेवलेंथ निकालनी है। तो यहां से

[03:07:17] वेवलेंथ आ जाएगी 3 * में 10 की ^ 8 अपॉन

[03:07:21] में आ जाएगी 10 की पावर 6।

[03:07:24] इसको इससे काटेंगे तो 3 * में 10 की पावर

[03:07:28] 2 मीटर आ जाएगा। 3 * में 10 की पावर 2

[03:07:31] मीटर आ जाएगा। सही जा रहा है? तो ये हमारे

[03:07:33] पास आ जाएगी वेवलेंथ। ये हमारे पास आ

[03:07:36] जाएगी वेवलेंथ। है ना? कुछ दिक्कत तो नहीं

[03:07:38] करी मैंने? एक बार चेक कर लो भैया। सही

[03:07:40] है। फ्रीक्वेंसी = c / लैम्ब्डा। लैम्ब्डा

[03:07:42] आ जाएगा c / फ्रीक्वेंसी। डन है। बिल्कुल

[03:07:44] सही है। अब इसके बाद बोल रहे हैं वेवलेंथ

[03:07:47] निकालने के बाद बोल रहे हैं व्हिच पार्ट

[03:07:50] ऑफ द इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम डज़ इट

[03:07:53] बिलोंग्स टू? आपके हिसाब से ये कौन से

[03:07:56] स्पेक्ट्रम से बिलोंग करती है? देखो पहली

[03:07:59] बात तो अगर आपने वो अगर वो टेबल याद हो

[03:08:01] आपको तो उस टेबल में 0.1 मीटर से भी बड़ी

[03:08:05] अगर वेवलेंथ हो जाए तो वो रेडियो वेव हो

[03:08:07] जाएगी। बाकी सर आपने तो बोला था वो वो

[03:08:09] टेबल याद नहीं करनी। हां बिल्कुल बोला था।

[03:08:11] आप खुद लगाओ अकल। अगर यहां पे बोल रखा है

[03:08:13] कि ब्रॉडकास्ट में काम आ रही है वो भी

[03:08:15] रेडियो में। रेडियो में काम आ रही है। तो

[03:08:17] अकल लगाओ ना ये तो कॉमन सेंस है कि ये किस

[03:08:19] में काम आएगी? ये कौन सी वेव है? ये

[03:08:21] रेडियो वेव है। बिकॉज़ इस क्वेश्चन के

[03:08:23] लास्ट पार्ट में पूछा हुआ है व्हिच पार्ट

[03:08:25] ऑफ द इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम

[03:08:26] स्पेक्ट्रम मतलब वो जो वो जो आपको सात

[03:08:29] वेव्स के बारे में बता रखा था। उनमें से

[03:08:31] ये कौन सी है? तो रेडियो वेव है। इसी में

[03:08:33] मान लो सेम क्वेश्चन होता और फिर बोलते कि

[03:08:35] यह काम आती है खाने को गर्म करने के लिए

[03:08:37] तो माइक्रोवेव है। सन से निकलती है कैंसर

[03:08:40] करती है। अल्ट्रावायलेट तो आपको कोई ना

[03:08:42] कोई हो सकता है हिंट दे रखा हो उसके बारे

[03:08:44] में पता लगाने के लिए। ठीक है? अगले सवाल

[03:08:47] पे आते हैं। अगला सवाल कह रहा है कैलकुलेट

[03:08:50] एनर्जी ऑफ़ ध्यान रखिएगा 1 मोल ऑफ़ फोटों्स।

[03:08:54] यानी कि मेरे पास जो फोटॉन्स हैं जो n है

[03:08:57] वो 1 मोल हैं और 1 मोल का मतलब होता है

[03:09:00] 6.02 * में 10 की पावर 23 फोटॉन्स हैं

[03:09:04] मेरे पास फोटॉन्स हैं। ठीक है? चलो

[03:09:08] जिसकी आपको फ्रीक्वेंसी दे रखी है।

[03:09:10] फ्रीक्वेंसी दे रखी है। 5 * में 10 की

[03:09:14] पावर 14 हर्ट्ज आपको फ्रीक्वेंसी दे रखी

[03:09:17] है। क्या निकालना है आपको? एनर्जी। एनर्जी

[03:09:20] का फार्मूला nh होता है। अगर वेवलेंथ दे

[03:09:24] रखी होती तो फार्मूला लगाता nhc /

[03:09:27] लैम्ब्डा बट दे रखा है सीधा फ्रीक्वेंसी

[03:09:29] तो न्यू लगा देंगे। n हो गया 6.02 * में

[03:09:33] 10 की पावर 23 क्योंकि एक मोल फोटॉन की

[03:09:37] बात हो रही है। h की वैल्यू हो गई 6.63

[03:09:41] 6.63 * में 10 की पावर -34 हो गया। और

[03:09:46] फ्रीक्वेंसी हमारे पास हो गई 5 * में 10

[03:09:50] की पावर 14

[03:09:52] अब 6.02 को मल्टीप्लाई कर दूंगा 6.63 से

[03:09:57] और इसको मल्टीप्लाई कर दूंगा फाइव से। 10

[03:09:59] की पावर 23 में 14 ऐड हो गए तो 27 और ये

[03:10:03] हो गया 37। 10 की पावर 37। 10 की पावर 37

[03:10:08] में से 34 चले गए तो 10 की पावर 3 आ गया।

[03:10:11] मुझे लगता है इसके आगे आप मल्टीप्लाई कर

[03:10:13] लेंगे। तो जूल में आंसर आ जाएगा। अगेन अगर

[03:10:17] आप पूरे क्वेश्चन को देखें तो कुछ भी नहीं

[03:10:20] है क्वेश्चन। क्या है? बस सही समय पे सही

[03:10:22] फार्मूला अगर आपको याद है तो इस चैप्टर के

[03:10:25] सवाल बहुत ज्यादा इजी है। पीछे क्वांटम

[03:10:27] नंबर्स के भी किए थे। यहां पे भी किए।

[03:10:29] देखो अगेन ये देखो अगर सही समय पे सही

[03:10:31] फार्मूला आपको याद आ जाता है तो सवाल कुछ

[03:10:34] नहीं है एनसीआरटी के। कह रहे हैं व्हाट

[03:10:36] विल बी द वेवलेंथ ऑफ अ बॉल? एक बॉल है जो

[03:10:40] कि हमें कितनी दे रखी है? बोलो। 1 kg की

[03:10:43] दे रखी है। 1 kg की एक बॉल दे रखी है।

[03:10:46] मूविंग विद वेलोसिटी ऑफ़ कितनी वेलोसिटी से

[03:10:48] मूव कर रही है भाई? 10 मीटर पर सेकंड से

[03:10:51] मूव कर रही है। आपको वेवलेंथ निकालनी है।

[03:10:54] अब कौन सा वेवलेंथ का फार्मूला लगाऊं? तो

[03:10:56] h / mv लगा दूंगा। बिकॉज़ मेरे पास मास है

[03:10:59] और मेरे पास वेलोसिटी है। h की वैल्यू हो

[03:11:02] गई 6.63 * में 10 की ^ -34

[03:11:07] मास हमारे पास कितना है? 0.1 है। वेलोसिटी

[03:11:11] हमारे पास 10 है। मल्टीप्लाई किया वन आ

[03:11:13] गया। सीधा-सीधा आंसर 6.63 इंटू में 10 की

[03:11:17] पावर -34

[03:11:19] मीटर आ गया वेवलेंथ का। सीधा-सीधा हमारे

[03:11:22] पास वेवलेंथ आ जाती है। डन हो गया। डन हो

[03:11:26] गया। चलो आओ। अगला सवाल देखो भैया। यह भी

[03:11:30] बहुत सिंपल सा लग रहा है। इसके बाद भी कोई

[03:11:32] सवाल है। दो तीन चार अच्छा इसके बाद हमारे

[03:11:35] हज़नबर्ग के भी तो हैं। हज़नबर्ग के भी दो

[03:11:37] सवाल हैं भैया। तो एक सवाल ये वाला सवाल

[03:11:40] नॉर्मल फिर इसके बाद एक सवाल फोटोइिक

[03:11:42] इफ़ेक्ट का है। और फिर उसके बाद एक दो सवाल

[03:11:45] हमारे पास हज़नबर्ग जी के ऊपर है। आ जाओ।

[03:11:48] येलो लाइट एमिटेड फ्रॉम सोडियम लैंप। येलो

[03:11:51] लाइट ने सोडियम लैंप ने एक येलो लाइट

[03:11:54] निकाली जिसकी वेवलेंथ आपको दे रखी थी 500

[03:11:58] नैनो मीटर नैनो मीटर नैनो ने थारी कैसा

[03:12:02] जादू किया रे थारे बिन लागे नहीं महाराज

[03:12:05] जी रे नैनो मीटर का मतलब होता है -9 होता

[03:12:08] है अब -9 होता है तो 5 * में 10 के पावर

[03:12:13] -7 मीटर हो गया -7 मीटर हो गया ठीक है जी

[03:12:17] ठीक है जी क्या-क्या निकालना है

[03:12:19] फ्रीक्वेंसी निकालनी है वेव नंबर निकालना

[03:12:21] है। लो जी यार कर लो। गलत सुन लो बात।

[03:12:24] फ्रीक्वेंसी का फार्मूला C / लैम्ब्डा

[03:12:26] होता है। C आ गया 3 * में 10 की पावर 8

[03:12:29] लैम्ब्डा आ चुका है 5 * में 10 की पावर -7

[03:12:33] लो जी सीधा हमारे पास फ्रीक्वेंसी आ

[03:12:35] जाएगी। क्या करना है? इसके बाद निकालना है

[03:12:38] वेव नंबर। वेव नंबर भी कोई तगड़मबाजी थोड़ी

[03:12:41] ना है। वेव नंबर का फार्मूला 1 / वेवलेंथ

[03:12:43] होता है। 1 / वेवलेंथ आ चुकी है। 5 * में

[03:12:47] 10 की पावर 5 * में 10 अरे 5 अरे 5 * में

[03:12:53] 10 की पावर -7 तो इसको मैं 10 * में 10 की

[03:12:57] पावर 6 लिख देता हूं। डिवाइड बाय 5 कर

[03:12:59] देता हूं। और यहां पे आ जाता है 2 * में

[03:13:02] 10 की पावर 6 क्या है? वेव नंबर है। तो

[03:13:04] मीटर इनवर्स हो जाएगा। लो जी।

[03:13:08] सही समय पर सही फार्मूला अगर आ जाए तो

[03:13:11] क्वेश्चन कुछ भी नहीं है। डन हो गया क्या?

[03:13:14] डन हो गया क्या? आ जाओ भाई अगले सवाल पे।

[03:13:17] ये थोड़ा सा एनसीईआरटी का एग्जांपल है।

[03:13:19] मैंने कहीं-कहीं जगहों पे वैल्यूज़ को बदला

[03:13:21] होगा। बट हां, एनसीईआरटी का एग्जांपल है।

[03:13:24] फुल फ्लेज्ड एग्जांपल है। बहुत आता है

[03:13:27] एग्जाम में। आ जाओ। इसकी क्वेश्चन

[03:13:28] कैलकुलेशंस के लिए कैलकुलेटर यूज़ करेंगे।

[03:13:30] क्वेश्चन को पूरा सॉल्व करेंगे। कह रहे

[03:13:33] हैं एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन है

[03:13:35] जिसकी वेवलेंथ आपको दे रखी है 300 नैन

[03:13:38] मीटर। ठीक है भाई? कह रहे हैं वो एक मेटल

[03:13:42] के सरफेस पे गिरती है और इलेक्ट्रॉन को

[03:13:45] बाहर निकाल देती है। जो इलेक्ट्रॉन बाहर

[03:13:47] निकलता है उसकी जो काइनेटिक एनर्जी होती

[03:13:49] है वो 2 * में 10 की पावर 5 जूल पर मोल

[03:13:53] होती है पर मोल। पर मोल का मतलब समझ रहे

[03:13:56] हो? पर मोल का मतलब है कि जो n है n है वह

[03:14:00] 1 मोल है। 1 मोल की एनर्जी इतनी है ना? तो

[03:14:03] n हमारे पास एक मोल है यानी 6.02 * में 10

[03:14:07] की पावर 23 है। ठीक है? आपको मिनिमम

[03:14:11] एनर्जी नीडेड टू रिमूव एन इलेक्ट्रॉन।

[03:14:14] मिनिमम एनर्जी नीडेड टू रिमूव इलेक्ट्रॉन

[03:14:16] का मतलब आपको वर्क फंक्शन निकालना है। इस

[03:14:19] क्वेश्चन में घुमा फिरा के बोला हुआ है।

[03:14:21] मिनिमम एनर्जी रिक्वायर्ड टू इजेक्ट

[03:14:24] इलेक्ट्रॉन मतलब वर्क फंक्शन निकालना है।

[03:14:26] प्लानिंग करते हैं। आ जाओ। प्लानिंग के

[03:14:28] बिना नहीं होगा ये क्वेश्चन। प्लानिंग

[03:14:30] करते हैं। आ जाओ।

[03:14:32] प्लानिंग के हिसाब से। अरे

[03:14:39] प्लानिंग के हिसाब से

[03:14:42] एनर्जी का फार्मूला होता है वर्क फंक्शन

[03:14:45] प्लस में काइनेटिक एनर्जी। तो वर्क फंक्शन

[03:14:48] मुझे निकालना है। तो एनर्जी माइनस

[03:14:51] काइनेटिक एनर्जी करूंगा। अब मेरे पास

[03:14:53] काइनेटिक एनर्जी तो है लेकिन मेरे पास

[03:14:56] एनर्जी नहीं है। तो पहले मुझे एनर्जी

[03:14:58] निकालनी चाहिए। अब एनर्जी का फार्मूला

[03:15:00] होता है n hc / लैम्ब्डा ये फार्मूला

[03:15:04] क्यों लगा रहा हूं? क्योंकि मेरे पास सॉरी

[03:15:08] वेवलेंथ है। अब n की वैल्यू मेरे पास हो

[03:15:11] जाती है 6.02

[03:15:14] * में 10 की पावर 23

[03:15:17] h की वैल्यू हो जाती है 6.63

[03:15:20] * में 10 की पावर -34

[03:15:24] स्पीड ऑफ लाइट हो जाता है मेरे पास 3 *

[03:15:26] में 10 की पावर 8 सही है? अपॉन में मेरे

[03:15:31] पास जो वेवलेंथ है वो आ जाती है। कितनी आ

[03:15:35] जाती है? 300 नैन मीटर है। 10 की पावर -9

[03:15:39] से मल्टीप्लाई करूंगा दो ज़ीरो यहां पे

[03:15:41] खत्म। तो -7 तो 3 * में 10 की पावर -7 आ

[03:15:45] जाएगा। अच्छा अब देखो

[03:15:48] थ्री से थ्री तो हो गया कैंसिल। सीधा-सीधा

[03:15:50] सॉल्व करते हैं। यहां पे लिख देते हैं।

[03:15:52] ठीक है? मैं कैलकुलेटर निकाल लेता हूं। आ

[03:15:53] जाओ भाई टाइम बचाने के लिए। देखो सबसे

[03:15:56] पहली बात तो यहां पे हमारे पास आ जाता है

[03:15:59] थ्री से थ्री हो गया हमारे पास कैंसिल।

[03:16:02] ठीक है? अब यहां पे 10 की पावर 23 में

[03:16:05] हमने ऐड किया एट।

[03:16:08] उसमें से हमने माइनस किया 34।

[03:16:12] अब ये ऊपर जाएगा। -3 आया। -3 आया और ऊपर

[03:16:16] जाके सेवन आ गया। तो 10 की पावर 4 बच गया।

[03:16:19] ये 10 की पावर 4 बच गया ये। ठीक है? अब

[03:16:22] बचा कौन? आगे के नंबर्स बच गए। कौन? 6.02

[03:16:26] * में 6.63

[03:16:28] ठीक है? बस यही तो है यही तो है। तो आ गया

[03:16:30] 39.9

[03:16:32] तो 39.9

[03:16:34] को क्या मैं राउंड ऑफ करके फोर लिख सकता

[03:16:36] हूं और 10 की पावर बढ़ा दूं? बिल्कुल सही।

[03:16:38] तो मैं इसको लिख देता हूं 4 * में 10 की

[03:16:41] पावर 5 जूल्स। 4 * में 10 की पावर 5 जूल्स

[03:16:45] लिख देता हूं। एक्चुअली आया क्या था? पहले

[03:16:47] बता रहा हूं। 3.99 आया था। तो मैंने उसे

[03:16:50] फोर कर दिया। ठीक है? अरे यार कहने का

[03:16:52] मतलब है इन सबको सॉल्व करके 4 * में 10 की

[03:16:55] पावर 5 जूल्स आ रहा है। ठीक है? अब यहां

[03:16:57] पे इसकी वैल्यू को पुट कर देते हैं। अब

[03:16:59] एनर्जी आई है 4 * में 10 की पावर 5

[03:17:03] 4 * में 10 की पावर 5 और यहां पे हमारे

[03:17:07] पास है काइनेटिक एनर्जी 2 * में 10 की

[03:17:09] पावर 5 लो इसको सॉल्व किया तो 4 - 2 * में

[03:17:14] 10 की पावर 5 जूल्स। ये हमारे पास वर्क

[03:17:17] फंक्शन आ गया। ये हमने पहला पार्ट कर

[03:17:19] दिया। जहां पे हमें बोल रखा था क्या

[03:17:21] निकालो? मिनिमम एनर्जी टू इजेक्ट

[03:17:24] इलेक्ट्रॉन जिसको हम वर्क फंक्शन कहते

[03:17:26] हैं। इसके बाद बोला है मैक्सिमम वेवलेंथ

[03:17:30] यानी कितनी वेवलेंथ चाहिए होगी उस

[03:17:32] इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिए या अच्छा

[03:17:35] कितनी फ्रीक्वेंसी चाहिए होती है

[03:17:37] इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिए उसको

[03:17:39] थ्रेशहोल्ड फ्रीक्वेंसी कहते हैं ना। है

[03:17:41] ना? जैसे n जो हमारे पास वर्क फंक्शन आता

[03:17:44] है उसका फार्मूला क्या होता था? nh0

[03:17:48] होता था। याद है? वर्क फंक्शन का फ़ॉर्मूला

[03:17:51] nh0 होता है। अरे याद कर लिया ना? अब μ0

[03:17:55] नहीं निकालना। वो तो फ्रीक्वेंसी है। आपको

[03:17:57] वेवलेंथ निकालनी है। तो क्या हो गया? जो

[03:17:59] μ0 है उसकी जगह आप C / लैम्ब्डा लिख दोगे।

[03:18:05] सिंपल है। c / लैम्ब्डा लिख दोगे। बात तो

[03:18:08] एक ही है। समझे क्या? नहीं समझे दोबारा।

[03:18:10] समझो। इसका w0 का फार्मूला NH0

[03:18:14] होता था। हमें फ्रीक्वेंसी नहीं निकालने

[03:18:17] को बोला गया है। हमें वेवलेंथ निकालने को

[03:18:19] बोला गया है। बताओ कितनी वेवलेंथ चाहिए

[03:18:21] होगी? तो c / लैम्ब्डा नॉट रख दिया ना

[03:18:23] इसकी जगह क्योंकि μ = c / लैम्ब्डा होता

[03:18:26] है। अब वर्क फंक्शन हमारे पास आ चुका है 2

[03:18:30] * में 10 की ^ 5 n की वैल्यू 6.02 * में

[03:18:35] 10 की पावर 23 ये वाली कैलकुलेशन कर लेना।

[03:18:38] 6.63 * में 10 की पावर -34

[03:18:42] और स्पीड ऑफ फ्लाइट 3 * में 10 की पावर 8

[03:18:45] अपॉन में मुझे वेवलेंथ निकालनी है। तो

[03:18:48] यहां से वेवलेंथ इतना मीटर जो भी आएगी ये

[03:18:51] सॉल्व कर लेना। लेकिन ये फुल फ्लैश

[03:18:53] क्वेश्चन है। पूरा क्वेश्चन पेपर में आए

[03:18:56] पूरा थोड़े चांसेस कम हैं। आएगा तो थोड़ी

[03:18:58] बहुत वैल्यूस के साथ फेरबदल करना चाहिए।

[03:19:01] अदरवाइज़ सेम क्वेश्चन के साथ सेम वैल्यूस

[03:19:04] के साथ ये क्वेश्चन तीन नंबर से ज्यादा का

[03:19:06] होना चाहिए जो कि थोड़े से चांसेस कम है।

[03:19:08] हां, यूटी प्री बोर्ड वगैरह में आ सकता

[03:19:10] है। फाइनल एग्जाम में भी आ रहा है तो फिर

[03:19:12] पूरे पेपर में एक ही क्वेश्चन आएगा। इन

[03:19:14] शॉर्ट कैलकुलेशन वाइज़ थोड़ा सा बड़ा सवाल

[03:19:16] है। अदरवाइज़ कुछ भी नहीं है। डन है। डन

[03:19:20] है। चलो आ जाओ भाई। आ जाओ भाई। ये लो। एक

[03:19:23] और सवाल आ गया। क्या है? थ्रेशहोल्ड

[03:19:26] फ्रीक्वेंसी फॉर अ मेटल। ये तो आसान सवाल

[03:19:28] है। थ्रेशहोल्ड फ्रीक्वेंसी यानी w नॉट

[03:19:30] आपको 7 * में 10 की पावर 14 सेकंड इनवर्स

[03:19:34] का मतलब हर्ट्ज होता है। ठीक है ना? दे

[03:19:35] रखा है। आपको काइनेटिक एनर्जी निकालनी है।

[03:19:38] एक ही इलेक्ट्रॉन है तो टेंशन नहीं लेनी

[03:19:40] है। जब रेडिएशन जो फ्रीक्वेंसी उस पे मारी

[03:19:43] गई है यानी कि μ जो है वो 1 * में 10 की

[03:19:46] पावर 15 है। दोनों की 10 की पावर मैच करने

[03:19:49] के लिए मैं इसको 10 * में 10 की ^ 14 भी

[03:19:52] लिख सकता हूं।

[03:19:54] अब याद करो अगर फार्मूले याद करें हैं तो

[03:19:57] काइनेटिक एनर्जी का सीधा फार्मूला है।

[03:20:00] सीधा फार्मूला है। h μ - μ0 सीधा फार्मूला

[03:20:06] है। वैसे तो n h - μ0 होता है। लेकिन एक

[03:20:10] ही पार्टिकल के बारे में बात हो रही है।

[03:20:12] तो n की वैल्यू वन हो गई। ठीक है? अब यहां

[03:20:15] से अगर आपको काइनेटिक एनर्जी निकालनी है

[03:20:17] तो 6.63

[03:20:19] * में 10 की पावर -34

[03:20:22] μ की वैल्यू आपको दे रखी है 10 * में 10

[03:20:26] की पावर 14 और ये दे रखी है 7 * में 10 की

[03:20:29] पावर 14 माइनस करने के लिए 10 की पावर को

[03:20:32] मैंने बराबर बना दिया था ऊपर ही तो 6.63

[03:20:36] 10 - 7 * में 3 आ गया और 10 की पावर -34

[03:20:40] है। यहां पे 10 की पावर 14 है। तो 10 की

[03:20:43] पावर -34 में 10 की पावर 14 गए 10 की पावर

[03:20:46] -20 जूल आंसर आ जाएगा।

[03:20:50] फार्मूला याद है तो क्वेश्चन कुछ नहीं है

[03:20:52] ये वाला भी। ठीक है? चलो डन। अब दो सवाल

[03:20:57] हम लोग करने वाले हैं हज़नबर्ग अनसर्टेनिटी

[03:21:01] प्रिंसिपल के ऊपर। ये वाला सवाल मैं करा

[03:21:04] रहा हूं। ये वाला सवाल आप आईडिया लगाएंगे

[03:21:07] कैसे करना। थोड़ी सी मैथ्स है। आपको आप

[03:21:09] मतलब वीडियो को पॉज करेंगे। ईमानदारी से

[03:21:11] करेंगे। नहीं तो मैं तो कराऊंगा ही। फिर

[03:21:13] आएंगे अगले टॉपिक पे यानी कि डिस्कवरी ऑफ़

[03:21:15] इलेक्ट्रॉन पे। चलो आ जाओ।

[03:21:18] तो सबसे पहले बात करते हैं। अ

[03:21:20] माइक्रोस्कोप यूजिंग स्यूटेबल फोटों्स इज़

[03:21:23] एंप्लॉयड टू लोकेट एन इलेक्ट्रॉन इन एटम

[03:21:27] विद इन विद इन। देखो आपने एरर के ऊपर

[03:21:29] ज्यादा सवाल नहीं किए इसलिए आपको ये विदिन

[03:21:31] का मतलब समझ नहीं आएगा शायद। विद इन विदिन

[03:21:34] का मतलब होता है एरर। प्लस माइनस इतने में

[03:21:37] ही आ रहा है। यानी विद इन का मतलब होता है

[03:21:40] वन एंगस्ट्रो ऊपर वन एंगस्ट्रो नीचे।

[03:21:43] एंगस्ट्रो तो पता है ना? एंगस्ट्रो का

[03:21:45] मतलब होता है एंगस्ट्रो लंबाई की एक यूनिट

[03:21:48] होती है। एंगस्ट्रो का मतलब 10 की पावर

[03:21:50] -10 मीटर होता है। एंगस्ट्रो का मतलब 10

[03:21:55] की पावर -10 मीटर होता है। एंगस्ट्रो मतलब

[03:21:57] 10 की पावर -10 मीटर होता है। ठीक है? तो

[03:22:00] आपको जो एरर इन पोजीशन है ये दे रखा है

[03:22:04] प्लस माइनस 0.1 एंगस्ट्रो एरर हमेशा प्लस

[03:22:08] माइनस में होता है। आपने एरर की पढ़ाई के

[03:22:11] करी नहीं है इसलिए आपको ये थोड़ा अजीब लग

[03:22:13] रहा होगा बट ये होता ही है ऐसे प्लस माइनस

[03:22:15] होता है क्योंकि एरर ज्यादा भी हो सकता है

[03:22:17] कम भी। अब एंगेस्ट है मीटर मैं करूंगा 10

[03:22:20] की पावर -10 करूंगा और वन पहले से है तो

[03:22:22] 10 की पावर -1 मीटर आ जाएगा। ठीक है? ये

[03:22:26] हमारा एरर इन पोजीशन आ गया। आपको एरर इन

[03:22:29] वेलोसिटी निकालनी है। ठीक है? आओ। तो एरर

[03:22:32] इन वेलोसिटी इनू में एरर इन पोजीशन का

[03:22:35] फार्मूला है ग्रेटर दैन इक्व h / 4πm

[03:22:40] जब यहां वेलोसिटी होता है तो m आता है और

[03:22:42] जब यहां मोमेंटम होता है तो नहीं आता है।

[03:22:44] ये हमने आज पढ़ा है। कहां है? कहां है?

[03:22:46] कहां है? ये रहा ये वाला फार्मूला और ये

[03:22:48] वाला फार्मूला। ठीक है? अब अगर ऐसा है तो

[03:22:52] हमारे पास एरर इन पोजीशन आ चुका है जो कि

[03:22:57] कितना आया है भैया? h की वैल्यू 6.63 इंटू

[03:23:00] में 10 की पावर -34

[03:23:04] की जगह 4 पाई की जगह 3.14 इलेक्ट्रॉन की

[03:23:07] बात हो रही है। इलेक्ट्रॉन का मास होता है

[03:23:10] 9.10 की पावर -31 kg ये याद करना है।

[03:23:13] क्वेश्चन में कभी गिवन होता है कभी नहीं।

[03:23:15] इस क्वेश्चन में नहीं गिवन है इलेक्ट्रॉन

[03:23:17] का मास तो याद करना है। इलेक्ट्रॉन के

[03:23:19] बारे में बात हो रही है। और ये जो डेल्टा

[03:23:22] x है इधर आ गया होगा जो ये क्या आ गया

[03:23:23] होगा? 10 की पावर -1 सर प्लस माइनस था।

[03:23:26] हां लगा रहा हूं। टेंशन क्यों ले रहे हो?

[03:23:28] प्लस माइनस अब इस पूरे को आप सॉल्व करोगे

[03:23:31] तो आपके पास डेल्टाV आ जाएगा। ग्रेटर दैन

[03:23:34] इक्व टू प्लस माइनस जो भी एरर आएगा कितना

[03:23:36] आएगा? 10 की पावर -34 में से -31 गए तो -

[03:23:42] 3 बच गया। -3 यह ऊपर गया। यह ऊपर गया। -3

[03:23:46] में से 11 गए। -3 में से 11 गए तो यह

[03:23:50] हमारे पास 8 आ गया। 10 की पावर +8 आ गया।

[03:23:53] है ना? +8 आ गया। ऊपर कौन बचा? 6.63

[03:23:56] और अपॉन में कौन बचा हमारे पास? 4 * में

[03:24:01] 3.14 * में 9.1 इसको तो सॉल्व करेंगे और

[03:24:05] 10 की पावर 48 ऊपर आ जाएगा। तो आप देख

[03:24:09] सकते हो काफी ज्यादा एरर है। 10 की पावर 8

[03:24:12] रेंज का एरर काफी ज्यादा एरर है और होना

[03:24:14] भी चाहिए क्योंकि हम यहां पे एक

[03:24:17] माइक्रोस्कोपिक बॉडी की बात कर रहे हैं।

[03:24:19] और हज़नबर्ग जी ने ये बोला ही था कि

[03:24:21] माइक्रोस्कोपिक बॉडी में अगर आप किसी एक

[03:24:23] में एरर कम करोगे। देखो मोमेंट पोजीशन में

[03:24:26] एरर कितना कम है? तो वेलोसिटी में एरर

[03:24:29] कितना ज्यादा बढ़ गया? क्योंकि

[03:24:31] माइक्रोस्कोपिक बॉडी की बात हो रही है। डन

[03:24:33] है। चलो अब ये वाला सवाल निपटाओ। फिर आगे

[03:24:37] बढ़ते हैं। जल्दी से निपटाओ। हम अब देखो ये

[03:24:40] वाली बॉडी माइक्रोस्कोपिक है। बिकॉज़ ये

[03:24:42] गोल्फ वॉल की बात हो रही है। अब यहां पे

[03:24:44] इस देखो एनसीआरटी ने कितने अच्छे से अपने

[03:24:46] एग्जांपल्स को डिजाइन किया है। एक

[03:24:48] इन्होंने क्वेश्चन माइक्रोस्कोपिक का दिया

[03:24:49] जिससे आप समझ गए कि अगर पोजीशन में एरर

[03:24:52] इतना कम है तो वेलोसिटी में बढ़ेगा क्योंकि

[03:24:55] माइक्रोस्कोपिक बॉडी है। लेकिन फिर

[03:24:56] इन्होंने एक एग्जांपल माइक्रोस्कोपिक बॉडी

[03:24:58] का दे रखा है। यहां पे देखो आप क्या

[03:25:00] समझोगे। अब देखो।

[03:25:02] तो कह रहे हैं गोलफ बॉल है। कर लिया

[03:25:04] वीडियो को पॉज करके अपना निपटा लिया।

[03:25:06] ईमानदारी ओपी ठीक है। एक गोलफ बॉल है

[03:25:09] जिसका मास आपको दे रखा है 40 ग्राम। 40

[03:25:12] ग्राम का मतलब 0.04 kg दे रखा है। ठीक है?

[03:25:17] एंड स्पीड दे रखी है। स्पीड दे रखी है

[03:25:19] हमारे पास 45 मीटर पर सेकंड। स्पीड दे रखी

[03:25:23] है 45 मीटर पर सेकंड। ये एरर नहीं है।

[03:25:25] स्पीड है। एरर तो आपको 2% का दे रखा है।

[03:25:28] यानी जो एरर इन वेलोसिटी है वो 45 का 2%

[03:25:33] है। एरर के आगे हमेशा प्लस माइनस आता है।

[03:25:36] 45 का 2% है। 2% का मतलब 2 / 100 है। इस

[03:25:42] हिसाब से जो हमारे पास एरर आ गया वो 0.9

[03:25:46] मीटर पर सेकंड का आ गया। है ना? सही किया

[03:25:49] क्या? या नाइन आया? 45 * में 2 कितना होता

[03:25:52] है? 90 होता है। हां। तो 0 9 आ गया 0.9

[03:25:57] मीटर पर सेकंड ये एरर इन वेलोसिटी है।

[03:26:00] ऑब्वियस सी बात है आपको एरर इन पोजीशन

[03:26:02] निकालना है। अब तो ये आसान हो गया। तो डेल

[03:26:05] बस ये वाला पार्ट आपको पता होना चाहिए कि

[03:26:07] आपको अ 2% एरर 45 का 2% एरर दे रखा है। अब

[03:26:12] डेल्टाx * में डेल्टाV

[03:26:16] > = h / 4πm लगाएंगे। अब आपको अब आप मुझे

[03:26:21] बताओ कि जो एरर वेलोसिटी में आया वो न है

[03:26:24] तो पोजीशन में ज्यादा आएगा या कम आएगा?

[03:26:26] अगर माइक्रोस्कोपिक बॉडी होती तो बहुत

[03:26:28] ज्यादा आता। लेकिन ये कौन सी बॉडी है?

[03:26:31] माइक्रोस्कोपिक। यहां पे एरर ना के बराबर

[03:26:33] आएगा क्योंकि माइक्रोस्कोपिक बॉडी के लिए

[03:26:35] हज़नबर्ग अनसर्टेनिटी प्रिंसिपल ज्यादा

[03:26:37] मायने रखता ही नहीं है। अब यहां पे हमारे

[03:26:40] पास डेल्टा x निकालना है। ग्रेटर दैन

[03:26:42] इक्वल्स टू h की वैल्यू 6.63 इंटू में 10

[03:26:46] की पावर -34 आ गया।

[03:26:49] 4 की जगह 4 आ गया। पाई की जगह 3.14 आ गया।

[03:26:54] 3 अरे यहां पर कुछ गड़बड़ी हो रही है

[03:26:56] क्या? 3.14 आ गया। और मास की जगह मास की

[03:27:00] जगह हमारे पास आ गया है 0.04

[03:27:03] आ गया। ठीक है ना? और वेलोसिटी में जो एरर

[03:27:08] है वो हमारे पास 0.9 आ गया। आप खुद ही देख

[03:27:12] सकते हो यार 10 की पावर -34 को यहां पे

[03:27:14] कोई काटने वाला है नहीं। यहां तो फिर भी

[03:27:16] 10 की पावर -31 एक बड़ा नंबर था क्योंकि

[03:27:19] मास बहुत छोटा था तो एक 10 की पावर माइनस

[03:27:22] में काफी बड़ी थी तो उसने उसको काटा लेकिन

[03:27:25] यहां पे कोई काटने वाला नहीं है तो 10 की

[03:27:27] पावर माइनस में बहुत छोटा आंसर आएगा जो भी

[03:27:31] आएगा आपको पता है वो कर लेना कैलकुलेट

[03:27:33] लेकिन बहुत छोटा आएगा जिससे कि साबित होता

[03:27:36] है कि एरर पोजीशन में है ही नहीं वेलोसिटी

[03:27:39] में भी ज्यादा नहीं है पोजीशन में तो बहुत

[03:27:41] ही कम है तो हज़नबर्ग जी का प्रिंसिपल

[03:27:44] एक्चुअली में वैलिड रहता है किसके लिए?

[03:27:46] माइक्रोस्कोपिक बॉडीज के लिए। डन है। तो

[03:27:49] भैया ये हमने यहां पे दो-तीन टॉपिक पढ़े।

[03:27:52] उनके सवाल करें। अब आगे बढ़ने वाले हैं हम

[03:27:54] अगेन डिस्कवरी ऑफ़ इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन पे।

[03:27:57] डिस्कवरी ऑफ़ इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन के बाद हम

[03:28:00] लोगों को चलना है फाइनली नील्स बोर जी के

[03:28:02] मॉडल पे। तो इससे पहले हम डिस्कवरी ऑफ़

[03:28:05] इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन पे जाएं। मैं चाहूंगा

[03:28:07] इनमें से कोई भी सवाल अगर आपको समझ में

[03:28:09] नहीं आया है तो हाथ जोड़ के विनती है

[03:28:11] क्योंकि फिर मेहनत खराब हो जाएगी आपकी।

[03:28:13] मेरे दोनों की जो भी सवाल समझ में नहीं

[03:28:14] आया है उसको एक बार और गो थ्रू कर लीजिए

[03:28:18] तभी आगे बढ़ना हाथ जोड़ के विनती डन भाई

[03:28:20] चलो अब हम बात करते हैं डिस्कवरी ऑफ

[03:28:24] इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन एंड न्यूट्रॉन जैसा कि

[03:28:26] मैंने आपको बताया था कि एक्चुअली

[03:28:28] न्यूट्रॉन तो खैर डिस्कवरी नहीं है हमारे

[03:28:30] सिलेबस में 12th में है। लेकिन 12th में

[03:28:32] फिजिक्स में है चैप्टर का नाम है एटम।

[03:28:35] लेकिन अगर हम बात करें डिस्कवरी ऑफ

[03:28:37] इलेक्ट्रॉन एंड प्रोटॉन ये एक्चुअली में

[03:28:40] इस चैप्टर की शुरुआत है। बहुत ज्यादा

[03:28:42] मुश्किल टॉपिक नहीं है। ज्यादा थ्योरिटिकल

[03:28:44] टॉपिक ही है। बस हां इलेक्ट्रॉन डिस्कवर

[03:28:47] कैसे हुआ? बिल्कुल उसी के जैसे प्रोटॉन भी

[03:28:51] डिस्कवर हुआ। काइंड ऑफ उल्टा ही प्रोसेस

[03:28:53] था। इलेक्ट्रॉन डिस्कवर किया जे जे थॉमसन

[03:28:56] जी ने। जी हां, जिन्होंने हमें सबसे पहला

[03:28:58] मॉडल ऑफ़ एटम दिया। प्रोटॉन डिस्कवर किया

[03:29:01] है ई गोलस्टिन जी ने। न्यूट्रॉन की

[03:29:04] डिस्कवरी जो कि हम 12th में पढ़ेंगे। ये

[03:29:05] डिस्कवरी की है जेम्स चैडवक जी ने। ठीक है

[03:29:08] ना? बट अभी के लिए अगर बात करें

[03:29:10] इलेक्ट्रॉन की डिस्कवरी कैसे हुई? तो

[03:29:12] इलेक्ट्रॉन की डिस्कवरी हुई एक

[03:29:14] एक्सपेरिमेंट से जिसको बोला जाता है

[03:29:16] डिस्चार्ज ट्यूब एक्सपेरिमेंट। क्यों

[03:29:19] बोलते हैं इसको ऐसा? आओ पढ़ते हैं। द

[03:29:21] इलेक्ट्रॉन वाज़ डिस्कवर्ड बाय जे जे थॉमसन

[03:29:24] जी व्हेन इलेक्ट्रिसिटी पाससेस थ्रू गैसेस

[03:29:27] एट एक्सट्रीमली लो प्रेशर। दीज़

[03:29:30] एक्सपेरिमेंट वर नोन एज डिस्चार्ज ट्यूब

[03:29:33] एक्सपेरिमेंट। अब आपको बताता हूं

[03:29:34] डिस्चार्ज ट्यूब एक्सपेरिमेंट कैसे हुआ

[03:29:37] था। इसकी कुछ कररेक्टर्स और प्रॉपर्टीज

[03:29:39] पढ़ेंगे। ठीक है? देखो पहली बात तो यहां पे

[03:29:42] कांच की ट्यूब होती है जो बहुत ज्यादा थिक

[03:29:45] होती है। इसके अंदर पहले वैक्यूम क्रिएट

[03:29:47] किया जाता है ताकि अंदर का हर एक चीज चाहे

[03:29:51] वो डस्ट पार्टिकल हो, चाहे वो कोई भी पहले

[03:29:53] से बैठी हुई गैसेस हो या फिर कोई भी कोई

[03:29:55] भी आयंस हो, कोई भी चार्ज हो जो हवा में

[03:29:58] घूम रहे होते हैं। उन सबको बाहर निकाल

[03:30:01] लिया। तो भी इसका नाम पड़ा डिस्चार्ज

[03:30:04] ट्यूब। यानी कोई चार्ज अब इसके अंदर नहीं

[03:30:06] बचा है। ठीक है? सब बाहर निकाल लिया गया।

[03:30:08] या कोई भी चीज नहीं बची है। हर एक चीज को

[03:30:10] बाहर निकालना भी डिस्चार्ज ही होता है।

[03:30:11] फिर इसमें हमने मनचाही गैस को अंदर भरा।

[03:30:14] ठीक है? लेट अस सपोज ऑक्सीजन को भरा। और

[03:30:17] ऑक्सीजन को भरने के बाद ढक्कन बंद किया।

[03:30:19] अब इसके अंदर सिर्फ गैस है और कोई भी

[03:30:22] चार्ज नहीं है। बिकॉज़ आप सबको पता है हम

[03:30:23] डिस्कवर करने वाले हैं इलेक्ट्रॉन्स। और

[03:30:25] इलेक्ट्रॉन्स के ऊपर खुद चार्ज होता है।

[03:30:27] तो अगर पहले से अंदर चार्ज बैठा होगा तो

[03:30:29] वो हमारे एक्सपेरिमेंट को बहुत ज्यादा

[03:30:31] डिस्टर्ब करेगा। फिर हम लोगों ने यहां पे

[03:30:33] लगाए रखी होती है हाई वोल्टेज। हाई

[03:30:35] वोल्टेज है। यहां पे बैटरी का पॉजिटिव लगा

[03:30:37] रहता है। यहां पे बैटरी का पॉजिटिव है।

[03:30:40] यहां पे नेगेटिव है। जैसे हम लोग स्विच

[03:30:41] मान लो यहां पे स्विच लगा हुआ है। जैसे ही

[03:30:43] हम लोग स्विच ऑन करेंगे इसके अंदर करंट

[03:30:45] दौड़ेगा। अब जो पॉजिटिव से कनेक्टेड होता

[03:30:47] है उसको हम लोग क्या कहते हैं? एनोड। और

[03:30:49] जो नेगेटिव से कनेक्ट होता है उसको बोलते

[03:30:51] हैं कैथोड। तो जैसे ही जे जे थॉमसन जी ने

[03:30:54] स्विच को ऑन किया। उन्होंने क्या देखा कि

[03:30:56] कैथोड से बहुत सारी जो रेज हैं वो एनोड की

[03:31:00] तरफ निकली। आई होप आपको इतना तो पता है कि

[03:31:03] ये रेज हमें वैसे नहीं दिखेंगी। तो इनको

[03:31:05] देखने के लिए इनको महसूस करने के लिए जे

[03:31:07] जे थॉमसन जी ने क्या-क्या किया उसकी बात

[03:31:09] मैं कर रहा हूं। लेकिन बहुत सारी रेज

[03:31:12] कैथोड से एनोड की तरफ निकली। अब क्योंकि

[03:31:16] ये कैथोड से एनोड की तरफ निकली थी। यानी

[03:31:18] क्योंकि ये नेगेटिव से पॉजिटिव जा रही थी

[03:31:20] और इनके अंदर पार्टिकल था जो कि बताऊंगा

[03:31:22] कैसे पता लगा। जिससे साबित हो गया कि एटम

[03:31:25] के अंदर हर एक मैटर के अंदर कुछ ऐसे

[03:31:27] पार्टिकल्स हैं जिन पे मास है और उन पे

[03:31:30] चार्ज नेगेटिव है क्योंकि वो पॉजिटिव की

[03:31:32] तरफ जा रहे हैं। अब क्या-क्या बातें हमने

[03:31:34] देखने को मिली? सब यहां लिखा हुआ है। आओ

[03:31:35] एक-एक करके पढ़ते हैं। जैसे सबसे

[03:31:37] छोटी-छोटी बातें क्या थी? पहली बात तो

[03:31:40] उन्होंने इधर एक जिंक सल्फाइड की शीट लगा

[03:31:44] दी थी। जैसे कि आपको याद होगा रदरफोर्ड जी

[03:31:46] ने भी लगाई थी। और इस एनोड में छोटे-छोटे

[03:31:48] छेद कर दिए थे। ठीक है ना? अह यह छेद कैसे

[03:31:52] थे? अगर ये पूरा एनोड है तो इसमें ऐसे छेद

[03:31:54] किए थे। ये फ्रंट से देखोगे तो साइड से

[03:31:57] ऐसा लग रहा होगा। और जब बहुत सारे कैथोड

[03:32:00] से रेज निकली कैथोड से निकलने वाली रेज को

[03:32:04] बोला गया कैनाल रेज। इन रेज को नाम दिया

[03:32:07] गया कैनाल रेज। इन्हें कैथोड रेज भी आप कह

[03:32:09] सकते हो। और ये कैथोड रेज जब यहां निकली

[03:32:13] और इसके पार हुई और जिंक सल्फाइड पे जाके

[03:32:15] टकराई तो अगेन चमक उठी। ये साबित हुआ कि

[03:32:18] मैटर तो है और ये पार्टिकल यहां से आए

[03:32:20] हैं। सेकंडली रास्ते में उन्होंने

[03:32:22] छोटे-छोटे पैडल्स रखे, पैडल्स रखे, पहिए

[03:32:24] रखे और जैसे ही उन पे ये कैथोड रेज गिरी,

[03:32:27] पहिए घूमने लग गए। इनका मतलब पहियों के

[03:32:29] पास पार्टिकल नेचर था। बहुत हल्के पहिए

[03:32:31] रखे और वो पहिए घूमने लगे। मतलब उन पे कुछ

[03:32:33] टकरा रहा है। इन कैथोड रेज पे यहां पे

[03:32:37] नेगेटिव और पॉजिटिव लगाया। मतलब अगर यहां

[03:32:39] पे एक और एनोड लगाया और एक और कैथोड

[03:32:42] लगाया। अब कैथोड एक और एक और एनोड कैथोड

[03:32:45] लगाया। एनोड पे चार्ज क्या होता है? प्लस।

[03:32:47] कैथोड पे क्या होता है? माइनस। तो ये सारी

[03:32:49] की सारी जो रेज थी ना, ये सारी की सारी जो

[03:32:52] रेज़ थी, ऐसे ऊपर की तरफ, ऊपर की तरफ मुड़

[03:32:54] गई। ऐसे ऊपर की तरफ मुड़ गई। जिससे अगेन

[03:32:56] साबित हुआ कि इन पे नेगेटिव चार्ज है।

[03:32:58] बिकॉज़ नेगेटिव चार्ज पॉजिटिव की तरफ मुड़

[03:33:01] जाता है। ऐसी बहुत सारी और चीजों ने ये

[03:33:03] रिप्रेजेंट किया कि ये जो कैथोड रेज़ है,

[03:33:05] ये जो कैनाल रेज़ हैं, इनमें मास भी है और

[03:33:08] इन पे नेगेटिव चार्ज भी है। और फिर जा के

[03:33:10] डिस्कवरी हुई इलेक्ट्रॉन की। और पढ़ते हैं

[03:33:12] क्या-क्या बातें हमें पढ़नी चाहिए।

[03:33:15] व्हेन एन ऑब्जेक्ट इज़ प्लेस्ड इनसाइड द

[03:33:17] ट्यूब इट फॉर्म्स शैडो ऑन द वॉल्स ऑफ द

[03:33:20] कैथोड। और वो शैडो बिल्कुल सेम साइज की भी

[03:33:23] थी। एक बात और भी थी। मान लो यहां पे हमने

[03:33:25] एक ऑब्जेक्ट रखा ऐसे करके और ऑब्जेक्ट की

[03:33:28] शैडो बनी। शैडो एग्जैक्टली सेम साइज की

[03:33:31] थी। अब यहां पे थोड़ी फिजिक्स समझते हैं।

[03:33:33] अगर रेज़ ऐसी चल रही होती है और रास्ते में

[03:33:35] कुछ रुकावट रखते हो तो आप सबको पता है

[03:33:37] शैडो जो होगी वो बड़ी साइज की बनेगी। अगर

[03:33:40] रेज फैली हुई जा रही हैं तो वो बड़ी शैडो

[03:33:43] बनाती हैं। जैसे हमारे फोन की फ्लैश।

[03:33:46] लेकिन अगर रेज ऐसी आ रही हैं और ऑब्सकल है

[03:33:48] तो वो छोटी शैडो बनाएगी। यानी अगर

[03:33:50] कन्वर्जिंग लाइट है तो वो छोटी शैडो

[03:33:52] बनाएगी। लेकिन अगर लाइट पैरेलल चल रही है

[03:33:55] तो उसकी जो शैडो होती है वो सेम साइज की

[03:33:58] बनती है। बिकॉज़ समझ रहे हो ना? तो यहां पे

[03:34:00] जो शैडो बन रही थी वो सेम साइज की बन रही

[03:34:03] से साबित हुआ कि कैनाल रेज़ स्ट्रेट लाइन

[03:34:05] में ट्रैवल करती हैं। इसके बाद दीज़ रेज़ वर

[03:34:09] नॉट विज़िबल। ऑब्वियस सी बात है आंखों से

[03:34:10] नहीं दिख रही थी। तो फिर अगेन फ्लोरोसेंट

[03:34:13] या फिर फास्फोरसेंट यानी कि अगेन यहां पे

[03:34:15] जिंक सल्फाइड की शीट को लगाया गया। ठीक है

[03:34:17] ना? ठीक है? कैथोड रेज़ प्रोड्यूस मैकेनिकल

[03:34:20] इफ़ेक्ट। यानी अब छोटा सा इसके अंदर पैडल

[03:34:22] रखा गया तो उससे क्या हुआ? वो घूमने लग

[03:34:25] गया। जिससे कि समझ में आए कि इसके पास कुछ

[03:34:27] मटेरियल पार्टिकल है, कुछ मास है।

[03:34:30] इलेक्ट्रिक और मैग्नेटिक फील्ड की एब्सेंस

[03:34:32] में तो ये सीधा चल रही थी, लेकिन

[03:34:33] इलेक्ट्रिक और मैग्नेटिक फील्ड की

[03:34:34] प्रेजेंस में ये मुड़ रही थी। इलेक्ट्रिक

[03:34:37] फील्ड के केस में ये पॉजिटिव चार्ज की तरफ

[03:34:39] गई जाना ही चाहिए था बिकॉज़ इन पे नेगेटिव

[03:34:41] है। और मैग्नेटिक फील्ड में ऑब्वियस सी

[03:34:43] बात है ये किसकी तरफ जाएंगे? आपको याद

[03:34:44] होगा साउथ पे पॉजिटिव होता है। नॉर्थ पे

[03:34:46] नेगेटिव 10थ क्लास। तो ये साउथ पोल की तरफ

[03:34:49] मुड़ गई। तो डिफ्लेक्शन ऑफ सॉरी ऑब्वियस सी

[03:34:52] बात है साउथ पे पॉजिटिव होता है। नॉर्थ पे

[03:34:54] नेगेटिव होता है। तो अ इन पे चार्ज क्या

[03:34:58] है? नेगेटिव है। तो नेगेटिव चार्ज वाले

[03:34:59] पार्टिकल पॉजिटिव की तरफ मुड़ेंगे। तो साउथ

[03:35:01] की तरफ मुड़ना चाहिए था। तो डिफ्लेक्शन ऑफ़

[03:35:03] कैथोड रेज़ टुवर्ड्स नॉर्थ पोल इन

[03:35:05] मैग्नेटिक फील्ड। अच्छा एक्सटर्नल

[03:35:07] मैग्नेटिक फील्ड की बात हो रही है।

[03:35:09] एक्सटर्नल मैग्नेटिक फील्ड पे इफेक्ट

[03:35:10] उल्टा होता है। लेकिन जब हम सॉललेनॉइड

[03:35:13] बनाते हैं तो जहां से नेगेटिव कनेक्ट करते

[03:35:15] हैं वहां पे नॉर्थ बनता है। और जहां पे

[03:35:17] पॉजिटिव कनेक्ट करते हैं वहां पे साउथ

[03:35:19] बनता है। तो अगर ऐसा है तो बिल्कुल सही है

[03:35:21] ना? है ना? मिस्टेक हो गई ना मुझसे। नॉर्थ

[03:35:24] पे नेगेटिव होता है। और साउथ पे पॉजिटिव

[03:35:28] होता है। लेकिन ये आउटसाइड की बात हो रही

[03:35:31] है। ये तो सॉलनॉइड के इनसाइड थी। आउटसाइड

[03:35:32] तो उल्टा होता है। याद होगा आउटसाइड

[03:35:34] इनसाइड मैग्नेटिक फील्ड ऑपोजिट डायरेक्शन

[03:35:36] में चलती है। तो मैग्नेटिक फील्ड में

[03:35:38] डिफ्लेक्शन जो हुआ कैथोड का वो किस तरफ

[03:35:40] हुआ? नॉर्थ की तरफ हुआ। होना भी चाहिए था।

[03:35:42] इन शॉर्ट इन दो पॉइंट से आपको ये समझना है

[03:35:44] इन द एब्सेंस ऑफ इलेक्ट्रिक और मैग्नेटिक

[03:35:46] फील्ड ये सेम डायरेक्शन में स्ट्रेट लाइन

[03:35:48] में चल रही थी। लेकिन जैसे ही इलेक्ट्रिक

[03:35:50] और मैग्नेटिक फील्ड लगाई तो ये मुड़ गई और

[03:35:53] इनके मुड़ने से समझ में आया कि इस पे

[03:35:55] चार्ज नेगेटिव होता है। ठीक है ना? और

[03:35:57] इससे फाइनली डिस्कवर हुआ हमारे पास कौन?

[03:36:00] इलेक्ट्रॉन। अब बड़ी हैरानी वाली बात है

[03:36:03] कि जे जे थॉमसन जी ने अपने इस

[03:36:05] एक्सपेरिमेंट से इलेक्ट्रॉन के चार्ज और

[03:36:08] मास का रेश्यो दिया। यानी ये बात ध्यान

[03:36:10] रखने वाली है कि इलेक्ट्रॉन के चार्ज भी

[03:36:13] नहीं आया था अभी। इलेक्ट्रॉन का चार्ज जो

[03:36:15] हम आज की डेट में जानते हैं 1.6 * में 10

[03:36:18] की पावर -19 और इलेक्ट्रॉन का मास जो हम

[03:36:22] आज की डेट में जानते हैं 9.1 * में 10 की

[03:36:24] पावर -31। इसको सॉल्व करके आता है 1.758

[03:36:29] * में 10 के पावर 11 कुछ। अब आपको लग रहा

[03:36:33] होगा कि इलेक्ट्रॉन का चार्ज और

[03:36:34] इलेक्ट्रॉन का जो मास है उसका रेश्यो कैसे

[03:36:37] आया होगा कि चार्ज और मास को डिवाइड किया

[03:36:39] होगा। आंसर है ऐसा नहीं है। जे जे थॉमसन

[03:36:43] जी ने कुछ फार्मूला तगड़मबाजी लगा के जो कि

[03:36:46] आपको बड़े होकर पढ़ना है। उन्होंने चार्ज और

[03:36:50] मास का रेश्यो पहले ही दे दिया था। और ये

[03:36:53] उस जमाने की बात है जब हमें इलेक्ट्रॉन पे

[03:36:56] चार्ज पता भी नहीं था।

[03:36:58] लेकिन उन्होंने पहले ही चार्ज और मास का

[03:37:00] रेश्यो दे दिया था कूलम पर केजी में। बाद

[03:37:03] में आर ए मिलिकन जी ने एक एक्सपेरिमेंट

[03:37:06] किया जिसको बोलते हैं ऑयल ड्रॉप

[03:37:08] एक्सपेरिमेंट। बाद में जाके आर ए मिलिकन

[03:37:11] जी ने एक एक्सपेरिमेंट किया जिसका नाम पड़ा

[03:37:14] ऑयल ड्रॉप एक्सपेरिमेंट। अगेन ये

[03:37:15] एक्सपेरिमेंट नहीं पढ़ना। उन्होंने

[03:37:17] इलेक्ट्रॉन का चार्ज देखा और कितना आया?

[03:37:20] 1.6 * में 10 की पावर -19 उन्होंने दिया

[03:37:24] ये चार्ज और अगर चार्ज आ गया है देखो ना

[03:37:26] हमारे पास चार्ज बाय मास का रेश्यो है। अब

[03:37:29] चार्ज भी आ चुका है तो ऑब्वियस सी बात है

[03:37:31] मास तो आ ही जाएगा। समझे क्या टाइमलाइन

[03:37:33] है? जे जे थॉमसन जी ने पहले चार्ज बाय मास

[03:37:36] का रेश्यो दिया। ना चार्ज है ना मास है।

[03:37:39] फिर आर ए मिलिकन जी ने एक्सपेरिमेंट किया।

[03:37:41] क्या एक्सपेरिमेंट किया? छोड़ दो और उससे

[03:37:43] चार्ज निकाला। उसके बाद फिर मास तो

[03:37:45] ऑटोमेटिकली आ ही गया। डन है। यह बात ध्यान

[03:37:48] रखनी है। अब इलेक्ट्रॉन की डिस्कवरी में

[03:37:50] आपने क्या सीखा? एक डिस्चार्ज ट्यूब अंदर

[03:37:54] हवा भरी गई। लो प्रेशर पर बिजली पास कराई

[03:37:56] गई। रेज गई कैथोड से एनोड जिनको कैनाल रेज

[03:37:59] बोला गया। मैकेनिकल इफेक्ट दिया। सेम शैडो

[03:38:01] बनाई। इलेक्ट्रिक और मैग्नेटिक फील्ड की

[03:38:03] प्रजेंस में मुड़ी। पैडल को घुमाया जिसे

[03:38:05] साबित हुआ इन पे नेगेटिव चार्ज है और इन

[03:38:07] पे मास है। ये समरी है। इतना ही

[03:38:08] बेसिक-बेसिक याद रखना है। अब डिस्कवरी ऑफ़

[03:38:11] प्रोटॉन जो कि ई गोल्डस्टिन जी ने की।

[03:38:13] आपको जान के हैरानी होगी। सेम डिस्कवरी

[03:38:16] थी। बस फर्क क्या है? उल्टा हुआ इस बार।

[03:38:19] इस बार उल्टा हुआ। इस बार उल्टा हुआ। इस

[03:38:22] बार पार्टिकल कहां से कहां जाने वाले हैं?

[03:38:24] कैथोड से एनोड या एनोड से कैथोड? ये

[03:38:26] डायग्राम पीछे का है। आगे लग गया। है ना?

[03:38:29] ये एनसीईआरटी में पीछे का डायग्राम है।

[03:38:30] खैर देखो फ्लोरोसेंट शीट लगाई गई है।

[03:38:33] फ्लोरोसेंट शीट लगाई गई है। देखो आप। है

[03:38:35] ना? अब अगर ये पॉजिटिव है और ये नेगेट

[03:38:38] ब्लैक कलर लेते हैं। अगर ये पॉजिटिव है ये

[03:38:41] नेगेटिव है तो नेगेटिव चार्ज जाते हैं

[03:38:44] फ्रॉम नेगेटिव टू पॉजिटिव। यहां पे देखो

[03:38:46] छेद किए गए। तो ये पिछला वाला ही

[03:38:48] एक्सपेरिमेंट का डायग्राम है। बस इस बार

[03:38:50] उल्टा किया गया होगा। अगर मुझे किसको

[03:38:53] डिस्कवर करना है? प्रोटॉन को तो सेम है।

[03:38:56] बस यहां पे इस बार छेद किया। यहां पे हमने

[03:38:59] लगा दी जिंक सल्फाइड शीट। बिकॉज़ इस बार

[03:39:01] पार्टिकल्स मूव करने वाले हैं फ्रॉम एनोड

[03:39:05] टू कैथोड। क्योंकि हम किसकी डिस्कवरी करने

[03:39:07] वाले हैं? प्रोटॉन्स की। आओ और देखो। ई

[03:39:09] गोल्डस्टिन जी ने डिस्कवर किया एनोड रेज़।

[03:39:12] एनोड रेज़ का मतलब है पॉजिटिव रेज़। पॉजिटिव

[03:39:14] रेज़ का मतलब है ऐसी रेज़ जिनमें प्रोटॉन

[03:39:16] हैं। दीज़ रेज़ ट्रेवल्ड इन ऑपोजिट

[03:39:19] डायरेक्शन ऑफ़ दी कैथोड रेज़। दीज़ रेज़ आर

[03:39:21] आल्सो डिफ अगेन इन्होंने ये भी मैग्नेटिक

[03:39:24] फील्ड और इलेक्ट्रिक फील्ड से डिफ्लेक्ट

[03:39:26] हुई। ये भी नेगेटिव वाली प्लेट से

[03:39:28] अट्रैक्ट हुई। यानी ऑपोजिट डायरेक्शन में

[03:39:29] अट्रैक्ट हुई। क्योंकि इन्होंने भी पैडल

[03:39:32] को घुमाया। इसका मतलब है इनके पास कोई

[03:39:34] पॉजिटिवली चार्ज्ड पार्टिकल है। पार्टिकल

[03:39:36] क्यों है? क्योंकि इसने भी पैडल को

[03:39:38] घुमाया। इसलिए नाम पड़ गया पॉजिटिव रेज या

[03:39:40] फिर एनोड रेज और डिस्कवरी हो गई। तो

[03:39:43] प्रॉपर्टीज भी एग्जैक्टली सेम है। आप पढ़

[03:39:45] सकते हो। बस उल्टी है। उल्टी मतलब

[03:39:48] डायरेक्शन उल्टी है। बाकी सारी प्रॉपर्टी

[03:39:50] सेम है। तो इस पे मैं टाइम वेस्ट नहीं

[03:39:51] करूंगा। एग्जाम में भी ना के बराबर आता है

[03:39:53] और सेम है सब कुछ। आप चाहे पढ़ सकते हो।

[03:39:55] पहले तीन प्रॉपर्टी पढ़ लो चाहे वीडियो को

[03:39:57] पॉज करके।

[03:39:59] हम

[03:40:02] पढ़ लिया। शैडो बनाती है। इलेक्ट्रिक और

[03:40:05] मैग्नेटिक फील्ड में जाती है। व्हील रखा

[03:40:07] उसको घुमाया। सेम बात है। इसका चार्ज और

[03:40:10] मास का रेश्यो थोड़ा सा छोटा था। आपको

[03:40:12] सबको पता है। क्यों? क्योंकि प्रोटॉन का

[03:40:14] मास ज्यादा होता है। प्रोटॉन का मास

[03:40:17] ज्यादा होता है। तो चार्ज मास का रेश्यो

[03:40:18] थोड़ा छोटा होता है। देखो उसका 10 की पावर

[03:40:21] 11 था। इसका 10 की पावर सात है। है ना?

[03:40:25] क्योंकि प्रोटॉन का मास ज्यादा होता है

[03:40:27] ना। प्रोटॉन का मास ज्यादा होता है। बाकी

[03:40:28] सब लिखा हुआ है कि चार्ज और मास का रेश्यो

[03:40:31] हमारे पास कितना लिखा हुआ है? 9.58

[03:40:35] * में मैंने कभी याद नहीं किया। कभी जरूरत

[03:40:37] नहीं पड़ी। आपके स्कूल में कह रहे हैं तो

[03:40:39] कर लेना। वरना हम निकाल सकते हैं। कैसे

[03:40:41] निकाल सकते हैं? हमें इलेक्ट्रॉन का चार्ज

[03:40:42] पता है। सेम होता है 1.6

[03:40:46] सेम होता है। 1.6 * में 10 की पावर -19 और

[03:40:50] मास होता है 1.67 टाइप्स * में 10 की पावर

[03:40:54] -27 kg होता है। तो लगभग ये आ जाएगा। डन

[03:40:58] है ना? तो इसीलिए मैंने कभी इसको याद ही

[03:41:00] नहीं किया। कभी जरूरत ही नहीं पड़ी। बट

[03:41:02] हां अगर इन केस आपको करना है तो आप कर

[03:41:04] सकते हैं। ठीक है? चलो अब आगे बढ़ते हैं

[03:41:07] और बात करते हैं फाइनली फाइनली फाइनली

[03:41:10] बोर्स मॉडल के बारे में। देखो यह इस

[03:41:12] चैप्टर का आखिरी हिस्सा है। फिर तो

[03:41:14] आइसोटोप्स आइसोबार बचे लेकिन बोर्स मॉडल

[03:41:16] इस चैप्टर का आखिरी हिस्सा है। लेकिन

[03:41:18] बोर्स मॉडल का मॉडल अपने आप में तो बहुत

[03:41:20] इजी है। लेकिन उनमें ना काफी सारे

[03:41:24] फॉर्मूले आते हैं। जैसे कि ये वाला

[03:41:25] फार्मूला जैसे कि ये वाला फ़ूला, जैसे कि

[03:41:29] ये वाला फ़ूला। तो यह फ़ूले एक्चुअली में

[03:41:31] क्वेश्चंस फंसाते हैं। बाकी नील्स बोर जी

[03:41:34] का मॉडल अपने आप में बहुत सिंपल है। बहुत

[03:41:37] सिंपल है। आओ इसको दिल और दिमाग से पढ़ते

[03:41:39] हैं। मैं चाहूंगा आप अगेन वीडियो को पॉज

[03:41:41] करके अभी सोचे कि हमने अभी तक क्या कर

[03:41:43] लिया। हमने ये देख लिया कि जे जे थॉमसन जी

[03:41:48] का मॉडल रदरफोर्ड रदरफोर्ड जी के मॉडल की

[03:41:50] लिमिटेशन तो याद है ना? क्योंकि यहां पे

[03:41:51] हम उसको पूरा करने वाले हैं। उन्होंने ये

[03:41:53] तो बताया था कि इलेक्ट्रॉन किसके आसपास

[03:41:55] घूम रहा है न्यूक्लियस के आसपास। बट ये

[03:41:57] नहीं बताया था कि वो स्टेबलाइज्ड कैसे है।

[03:41:59] ये नहीं प्रूफ किया था कि उसकी एनर्जी

[03:42:01] कांस्टेंट कैसे रहती है। तो वही नील्स बोर

[03:42:03] जी प्रूफ करने वाले हैं एक फार्मूला दे के

[03:42:06] जो कि हमें प्रूफ करना है मैथमेटिकली 12th

[03:42:08] क्लास में एटम चैप्टर में। अभी हमें उसे

[03:42:10] पढ़ना है। उसके बाद नील्स बोर जी के मॉडल

[03:42:14] में भी कुछ लिमिटेशंस आएंगी। वो भी हम लोग

[03:42:16] पढ़ेंगे। लेकिन उसके बीच में कुछ फॉर्मूले

[03:42:18] आएंगे काफी। फिर आप कह सकते हो चैप्टर

[03:42:20] मोटा-मोटा खत्म क्योंकि उसके बाद मेजरली

[03:42:22] हमारे पास आइसोटोप्स, आइसोबार वगैरह

[03:42:25] बचेगा। अच्छा इस चैप्टर में ना एक और चीज

[03:42:27] है क्वा शॉर्टिंजर वेव इक्वेशन। अगेन एक

[03:42:30] येलो रंग के ग्रीन रंग के बॉक्स में

[03:42:32] एनसीईआरटी में बहुत सारे स्कूल्स में नहीं

[03:42:34] कराई जाती। कुछ-कुछ स्कूल्स में शॉर्ट

[03:42:36] इंंजर वेव करा दी जाती है। अगर आपके स्कूल

[03:42:38] में कराई है तो मुझे कमेंट सेक्शन पे

[03:42:40] सिर्फ इतना लिखना कि शॉर्ट इंजर वेव

[03:42:42] इक्वेशन भी करवाई है। तो मैं उसके ऊपर एक

[03:42:46] अह शॉर्ट अपलोड कर दूंगा। क्योंकि यहां पे

[03:42:48] मैं डाल के बच्चों को कंफ्यूज नहीं करना

[03:42:50] चाहता। बिकॉज़ मोस्ट ऑफ़ द स्कूल में वह

[03:42:51] नहीं कराते हैं। बिकॉज़ सिलेबस का पार्ट

[03:42:54] नहीं है आप कह सकते हो। सिर्फ एक बॉक्स

[03:42:56] में हल्का सा डाल के उसके बारे में समझाया

[03:42:58] हुआ है। खैर आओ शुरू करते हैं और बात करते

[03:43:01] हैं सबसे पहले बोर्स मॉडल ऑफ एन एटम के

[03:43:06] बारे में। क्या कहता है बोर्स मॉडल ऑफ एन

[03:43:08] एटम? ये कहता है एन एटम कंसिस्ट ऑफ स्मॉल

[03:43:12] हैवी पॉजिटिवली चार्ज न्यूक्लियस। ठीक है?

[03:43:15] इन द सेंटर सराउंडेड बाय इलेक्ट्रॉन्स।

[03:43:18] अभी तक कुछ भी नया नहीं है। द

[03:43:20] इलेक्ट्रॉन्स इन एन एटम रिवॉल्व अराउंड द

[03:43:22] न्यूक्लियस। यहां से शुरू होती है ओनली इन

[03:43:25] सर्टेन सेलेक्टेड पाथ्स

[03:43:28] व्हिच हैव फिक्स्ड वैल्यू ऑफ़ रेडियस एंड

[03:43:31] एनर्जी। इन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉन

[03:43:34] न्यूक्लियस के आसपास तो घूमते हैं। ये तो

[03:43:36] रदरफोर्ड जी ने भी कहा। लेकिन साथ ही साथ

[03:43:39] इन्होंने ये भी बोला कि वो जब न्यूक्लियस

[03:43:42] के आसपास घूमते हैं तो उनका जो रेडियस है

[03:43:46] वो फिक्स रहता है। और ऐसा नहीं है कि

[03:43:48] सिर्फ कहा। प्रूफ किया कर रहे हैं अभी। और

[03:43:51] उसकी एनर्जी भी फिक्स रहती है। उसका

[03:43:55] रेडियस भी फिक्स रहता है और उसकी एनर्जी

[03:43:57] भी फिक्स रहती है। इसीलिए इन पाथ्स को

[03:44:01] ऑर्बिट्स के साथ-साथ स्टेशनरी ऑर्बिट्स भी

[03:44:04] कहा गया क्योंकि इनकी एनर्जी फिक्स थी।

[03:44:08] क्योंकि इनकी एनर्जी फिक्स थी। तो इनको

[03:44:10] एनर्जी शेल्स भी कहा गया। स्टेशनरी

[03:44:12] ऑर्बिट्स भी कहा गया। हम सब जानते हैं

[03:44:14] इनको नंबर 1 2 3 4 और नाम के एल एम एन

[03:44:18] दिया गया जो कि प्रिंसिपल क्वांटम नंबर

[03:44:19] में ये पढ़ चुके हैं।

[03:44:21] लेकिन सबसे इंटरेस्टिंग बात यह साबित हुई

[03:44:24] कि भाई साहब जो रेडियस था और जो एनर्जी है

[03:44:30] वो कांस्टेंट होती है। लेकिन हम ये साबित

[03:44:33] कैसे कर सकते हैं? उन्होंने एक फार्मूला

[03:44:35] दिया। वो फार्मूला क्या है? आगे आ रहा है।

[03:44:37] चलो अब। सेकंड पॉस्टुलेट में अपने

[03:44:40] उन्होंने कहा, "द एनर्जी ऑफ़ एन इलेक्ट्रॉन

[03:44:42] इन दी ऑर्बिट डज़ नॉट चेंज विद टाइम।

[03:44:46] एनर्जी नहीं बदलती।" कि अगेन बोला नहीं

[03:44:49] प्रूफ किया बोलने से क्या होता बोल तो

[03:44:51] रदरफोर्ड जी भी देते इन्होंने साबित किया

[03:44:54] कि एनर्जी टाइम के साथ चेंज नहीं होती

[03:44:56] कैसे पढ़ते हैं इन अदर वर्ड्स जब तक

[03:44:59] इलेक्ट्रॉन एक पर्टिकुलर शेल में घूम रहा

[03:45:01] है वो अपनी एनर्जी ना तो लूज़ करेगा ना ही

[03:45:05] वो एनर्जी गेन करेगा दिस मींस दैट द

[03:45:08] एनर्जी ऑफ़ इलेक्ट्रॉन इन पर्टिकुलर एनर्जी

[03:45:11] शेल रिमेंस कास्टेंट देयर फॉर इन्हें

[03:45:13] स्टेशनरी स्टेट्स या फिर एनर्जी स्टेट्स

[03:45:15] भी कहा गया यह मैंने मैंने आपको बता दिया।

[03:45:18] लेकिन स्टेशनरी स्टेट्स का मतलब आप ये मत

[03:45:20] समझना कि इलेक्ट्रॉन रुका हुआ है।

[03:45:22] स्टेशनरी स्टेट्स का मतलब है एनर्जी

[03:45:24] इलेक्ट्रॉन की कांस्टेंट है। इलेक्ट्रॉन

[03:45:26] रुका नहीं हुआ है। इलेक्ट्रॉन की एनर्जी

[03:45:29] जो है वो कांस्टेंट है। इसका ये मतलब है।

[03:45:32] डन है क्या? डन है क्या? लेकिन अभी तक

[03:45:34] साबित तो नहीं किया है। आप साबित कर रहे

[03:45:36] हैं। आगे चल के साबित कर रहे हैं। अच्छा

[03:45:38] इसके बाद इन्होंने अपने फोर्थ पॉइंट में

[03:45:40] क्या कहा भाई? एक और पॉइंट था यार एंगुलर

[03:45:43] मोमेंटम वाला। वो कहां चला गया? हम एंगुलर

[03:45:47] मोमेंटम। मैं यहीं पर इस पॉइंट को लिख

[03:45:49] देता हूं क्योंकि एंगुलर मोमेंटम के बारे

[03:45:52] में भी इन्होंने अपना एक पॉइंट दिया था।

[03:45:54] ठीक है ना? फर्स्ट सेकंड हां यार थर्ड

[03:45:56] पॉइंट मिस हो गया इसमें। सॉरी सेकंड के

[03:45:59] बाद देखो ना फोर्थ पॉइंट आ गया। सॉरी सॉरी

[03:46:01] थर्ड पॉइंट तो बहुत ज्यादा जरूरी है। फिर

[03:46:03] इन्होंने अपने थर्ड पॉइंट में क्या कहा?

[03:46:05] इन्होंने अपने थर्ड पॉइंट में कहा एव्री

[03:46:11] इलेक्ट्रॉन

[03:46:14] रिवॉल्व

[03:46:17] अराउंड

[03:46:19] न्यूक्लियस

[03:46:22] हैविंग

[03:46:25] सर्टेन

[03:46:29] एंगुलर मोमेंटम सर्टेन

[03:46:34] एंगुलर मोमेंटम हर एक इलेक्ट्रॉन का एक

[03:46:38] सर्टेन एंगुलर मोमेंटम होगा। एंगुलर

[03:46:41] मोमेंटम मतलब l जो कि mvr होता है। जैसे

[03:46:44] लीनियर मोमेंटम होता है। ऐसे ही एंगुलर

[03:46:46] मोमेंटम होता है। लीनियर मोमेंटम mv होता

[03:46:49] है। एंगुलर मोमेंटम mvr होता है। तो एव्री

[03:46:52] इलेक्ट्रॉन रिवॉल्व अराउंड न्यूक्लियस

[03:46:54] हैविंग सर्टेन एंगुलर मोमेंटम एंड

[03:46:58] एंगुलर मोमेंटम इज़

[03:47:01] एंगुलर मोमेंटम इज़

[03:47:06] इंटीग्रल

[03:47:08] इंटीग्रल मल्टीपल

[03:47:10] इंटीग्रल मल्टीपल ऑफ h / 2π

[03:47:16] इंटीग्रल मल्टीपल ऑफ h / 2π ये क्या बोला

[03:47:21] इन्होंने? इन्होंने बोला, अगर एक

[03:47:23] इलेक्ट्रॉन को एक शेल में घूमना है तो

[03:47:26] उसके पास एक एंगुलर मोमेंटम होगा जिसको

[03:47:29] कैपिटल l से रिप्रेजेंट करते हैं। और

[03:47:31] एंगुलर मोमेंटम होता है mvr फिजिक्स की एक

[03:47:33] टर्म है। जैसे मोमेंटम होता है ऐसे एंगुलर

[03:47:35] मोमेंटम होता है। और जो एंगुलर मोमेंटम है

[03:47:38] वो h / 2π के इंटीग्रल मल्टीपल होगा। यानी

[03:47:43] एक इंटीजर से मल्टीप्लाई होगा। और वो

[03:47:46] इंटीजर आप सब जानते हैं कि वह इंटीजर n जो

[03:47:50] है

[03:47:51] वो इंटीजर n जो है यह हमारा है शेल नंबर

[03:47:55] जिसको हम लोग क्या भी बोलते हैं?

[03:47:57] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर बोलते हैं।

[03:48:01] यह वाली पॉस्टुलेट आसानी से समझ में नहीं

[03:48:03] आती क्योंकि एंगुलर मोमेंटम आपने पहली बार

[03:48:05] सुना है। तो ये पॉस्टुलेट कहता है कि किसी

[03:48:08] भी इलेक्ट्रॉन का जो न्यूक्लियस के आसपास

[03:48:10] घूम रहा है उसका जो एंगुलर मोमेंटम होता

[03:48:13] है वो nh2π यानी h / 2π के इंटीग्रल

[03:48:18] मल्टीपल के बराबर होता है। इंटीग्रल

[03:48:20] मल्टीपल मतलब n व्हिच इज़ प्रिंसिपल

[03:48:23] क्वांटम नंबर। अगर कोई इलेक्ट्रॉन पहले

[03:48:26] शेल में घूम रहा है तो उसका एंगुलर

[03:48:28] मोमेंटम h / 2π होगा क्योंकि n की वैल्यू

[03:48:30] वन होती है। दूसरे शेल में घूम रहा है तो

[03:48:32] 2h / 2π होगा। तीसरे शेल में घूम रहा है

[03:48:35] तो 3 / 2π होगा। चौथे में घूम रहा है तो

[03:48:38] 4h / 2π होगा। ऐसे करके उसका एंगुलर

[03:48:42] मोमेंटम इंटीग्रल मल्टीपल होगा। क्या

[03:48:44] होगा? इंटीग्रल मल्टीपल होगा। क्या होगा?

[03:48:47] इंटीग्रल मल्टीपल होगा। क्या होगा?

[03:48:49] इंटीग्रल मल्टीपल होगा। ठीक है? इसके बाद

[03:48:52] आते हैं अगले पॉस्टुलेट पे। दैट इज फोर्थ।

[03:48:55] द एनर्जी इज एमिटेड और एब्जॉर्ब। ये

[03:48:58] पॉस्टुलेट कहता है देखो थर्ड पॉस्टुलेट ने

[03:49:00] या सेकंड पॉस्टुलेट ने मेनली क्या कहा कि

[03:49:02] अगर एक इलेक्ट्रॉन एक शेल में घूम रहा है

[03:49:04] तो कोई एनर्जी रिलीज या एब्जॉर्ब नहीं

[03:49:07] करेगा। डन। लेकिन ये वाला पॉस्टुलेट कह

[03:49:10] रहा है कि एनर्जी रिलीज या एब्जॉर्ब सिर्फ

[03:49:12] और सिर्फ तभी होगी जब वो एक शेल से दूसरे

[03:49:15] शेल में कूदता है। अगर वो एक शेल में घूम

[03:49:18] रहा है तो कोई एनर्जी रिलीज या एब्जॉर्ब

[03:49:20] नहीं करेगा। लेकिन जैसे ये फर्स्ट शेल है।

[03:49:22] ये सेकंड शेल है। ये थर्ड शेल है। अगर एक

[03:49:24] इलेक्ट्रॉन यहां पे घूम रहा है और यहां से

[03:49:27] यहां कूदता है तो ही एनर्जी एब्जॉर्ब

[03:49:30] करेगा। और यहां से वापस यहां कूदता है तो

[03:49:32] एनर्जी रिलीज़ करेगा। मतलब लोअर से हायर

[03:49:35] शेल पे जाएगा तो एनर्जी एब्जॉर्ब कर लेगा।

[03:49:38] लोअर से हायर शेल पे जाएगा तो एनर्जी

[03:49:41] एब्जॉर्ब करेगा। बिकॉज़ हायर एनर्जी पे

[03:49:43] जाना है। यानी अगर फर्स्ट से सेकंड पे

[03:49:45] जाएगा तो एनर्जी एब्जॉर्ब कर लेगा। कहीं

[03:49:47] ना कहीं से लेगा। सराउंडिंग से लेगा। कहीं

[03:49:49] से लेगा। कहीं ना कहीं तो लेनी पड़ेगी। आप

[03:49:51] दोगे वो लेगा। और अगर वो हायर शेल से लोअर

[03:49:54] शेल में आता है। अगर यहां पे जगह है और वो

[03:49:56] कूदता है नीचे आता है तो एनर्जी रिलीज़

[03:49:58] करेगा। एनर्जी क्या करेगा भाई? रिलीज़

[03:50:01] करेगा। देखो द एनर्जी इज़ एमिटेड और

[03:50:03] एब्सॉर्ब ओनली व्हेन द इलेक्ट्रॉन जंप्स

[03:50:05] फ्रॉम वन एनर्जी लेवल। एनर्जी लेवल का

[03:50:07] मतलब शेल ही है। फ्रॉम वन एनर्जी लेवल टू

[03:50:09] अनदर। व्हेन एनर्जी इज़ सप्लाई टू एन एटम।

[03:50:12] जब एनर्जी दोगे और वो एनर्जी एब्जॉर्ब

[03:50:14] करेगा तो वो एक से हायर शेल में कूद

[03:50:17] जाएगा। और जब नीचे आएगा तो एनर्जी रिलीज

[03:50:19] करेगा। ये सब यहां पे लिखा हुआ है। ठीक

[03:50:21] है? डन है? चाहे वीडियो को पॉज करके पढ़

[03:50:23] लो। अब यहां पे क्या लिखा हुआ है लास्ट

[03:50:25] में कि अगर मान लेते हैं उसकी E2 जो है ये

[03:50:28] लाल कलर अच्छा नहीं है। मान लेते हैं जो

[03:50:31] E2 है ये एनर्जी है। E2 जो है ये एनर्जी

[03:50:36] ऑफ़ फाइनल शेल है। जहां पे वो कूदा है। है

[03:50:40] ना? जैसे मान लो वो थर्ड शेल में कूदा है

[03:50:42] तो ये वहां की एनर्जी है और इवन आप कह

[03:50:44] सकते हो एनर्जी ऑफ इनिशियल शेल है। एनर्जी

[03:50:49] ऑफ़ इनिशियल शेल है। ठीक है? दस दिस अमाउंट

[03:50:52] ऑफ़ एनर्जी एमिटेड और एब्जॉर्ब गिवन बाय द

[03:50:55] डिफरेंस ऑफ द एनर्जी लेवल दैट इज़ जो भी

[03:50:57] एनर्जी रिलीज़ या एब्जॉर्ब होगी। ये कॉमन

[03:50:59] सेंस की बात है। वो E2 - E1 होगी। है ना?

[03:51:03] अब अकल लगाओ ना। अगर ये प्लस ये

[03:51:05] न्यूक्लियस है। इस वाले शेल में जिस भी

[03:51:07] इलेक्ट्रॉन को घूमना है उसकी एक फिक्स्ड

[03:51:09] एनर्जी होनी चाहिए। मान लेते हैं 100 जूल

[03:51:11] और इसमें घूमने वाले की 170 जूल होनी

[03:51:13] चाहिए। आप मुझे कमेंट अरे भाई बहुत देर से

[03:51:16] कोई सवाल भी नहीं पूछा है मैंने। ओो चलो

[03:51:18] कमेंट सेक्शन में बता दो। अगर एक

[03:51:20] इलेक्ट्रॉन यहां से यहां कूदेगा मतलब क्या

[03:51:22] ही सवाल पूछ रहा हूं मैं अभी। अगर एक

[03:51:24] इलेक्ट्रॉन यहां से यहां कूदेगा तो कितनी

[03:51:26] एनर्जी वो एब्सॉर्ब करेगा तब वो कूद

[03:51:28] पाएगा? तो आंसर है 70 जूल। और अगर एक

[03:51:31] इलेक्ट्रॉन यहां से यहां कूदता है तो

[03:51:33] कितनी एनर्जी रिलीज़ करेगा? तो आंसर है 70

[03:51:35] जूल। यानी -70 लिख सकते हो जब वो रिलीज़

[03:51:37] करेगा लेकिन 70 ही होगी। तो अब E2 - E1 से

[03:51:40] कितनी एनर्जी का डिफरेंस आया ये निकाल

[03:51:43] सकते हो। लेकिन सर ये E1 और E2 कैसे

[03:51:45] निकालेंगे? ये कैसे निकालेंगे कि कितनी

[03:51:48] एनर्जी किसी एक शेल की है? तो भैया एनर्जी

[03:51:51] का फार्मूला है एक शेल की एक शेल की

[03:51:56] एनर्जी का फार्मूला होता है -13.6

[03:52:02] z²

[03:52:04] / n²

[03:52:06] एक शेल की एनर्जी का फार्मूला होता है

[03:52:10] -13.6z²

[03:52:14] / n² एक शेल की एनर्जी का फार्मूला होता

[03:52:18] है -13.6

[03:52:22] z² / n² ये हमारे एक शेल की एनर्जी का

[03:52:26] फार्मूला होता है। यहां पे -13.6

[03:52:30] एक कांस्टेंट है। आप पूछ रहे होंगे z क्या

[03:52:32] है? z का मतलब यहां पे एटॉमिक नंबर है। z

[03:52:36] का मतलब यहां पे एटॉमिक नंबर है। और n

[03:52:39] यहां पे क्या है? n यहां पे आप सबको पता

[03:52:42] है शेल नंबर है। लेकिन शेल नंबर थोड़ा

[03:52:44] अच्छा नहीं लगता। अब तो हम पढ़े लिखे हो

[03:52:46] गए हैं। तो हम यहां पे प्रिंसिपल क्वांटम

[03:52:48] नंबर कहते हैं। ये फार्मूला ऐसा नहीं कि

[03:52:50] ऊपर से टपक गया। अरे भाई प्रूफ किया।

[03:52:52] प्रूफ किया। तो एनर्जी किसी भी एक शेल की

[03:52:55] निकालनी हो तो फार्मूला होता है -13.6

[03:52:59] z² एनर्जी माइनस में क्यों है? बिकॉज़

[03:53:01] प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन पे चार्ज ऑपोजिट

[03:53:03] होता है। वो अट्रैक्टिव फोर्स को दिखा रहा

[03:53:05] है। -13.6Z²

[03:53:08] z यहां पे एटॉमिक नंबर है। सोडियम के लिए

[03:53:10] 11, हाइड्रोजन के लिए एक, हीलियम के लिए

[03:53:12] दो। और N यहां पे क्या है प्रिंसिपल

[03:53:15] क्वांटम नंबर। लेकिन यहां पे सबसे ध्यान

[03:53:18] देने वाली बात ये है ये जो आंसर आएगा

[03:53:20] एनर्जी का ये जूल में नहीं आएगा। ये आंसर

[03:53:23] आएगा इलेक्ट्रॉन वोल्ट में। ये आंसर जूल

[03:53:27] में नहीं आएगा। ये आंसर आएगा इलेक्ट्रॉन

[03:53:29] वोल्ट में। अगर आपको इसको जूल में निकालना

[03:53:32] है जिसको ना पता हो। 1 इलेक्ट्रॉन वोल्ट

[03:53:35] में 1.6 * में 10 की पावर -19 जूल होते

[03:53:40] हैं। यानी 1 इलेक्ट्रॉन वोल्ट में इतने

[03:53:42] जूल होते हैं। तो अगर ये आंसर एनर्जी का

[03:53:44] इलेक्ट्रॉन वोल्ट में आया है तो जूल में

[03:53:46] कैसे निकाल सकते हैं? -13.6

[03:53:50] को 1.6 * में 10 की पावर -19 से

[03:53:54] मल्टीप्लाई कर देंगे। z² / n² आ जाएगा। और

[03:53:59] इसको मल्टीप्लाई करने के बाद आता है 2.18

[03:54:03] * में 10 की पावर -18 यानी इसको

[03:54:06] मल्टीप्लाई करने के बाद फाइनली जो आंसर

[03:54:08] आता है वो कितना आ जाता है? इसको मैं छोटा

[03:54:12] कर देता हूं। हां यानी फाइनली जो आंसर आ

[03:54:15] जाता है वो आ जाता है एनर्जी का -2.18

[03:54:20] * में 10 की पावर -18

[03:54:23] z² / n² ये जो आंसर आया है ये जूल में आया

[03:54:28] है। तो अगर आपको एनर्जी जूल्स में निकालनी

[03:54:30] है किसी भी एक शेल की कि एक इलेक्ट्रॉन एक

[03:54:33] शेल में घूम रहा है तो ये वाला फार्मूला

[03:54:34] लगाओगे। लेकिन अगर आपको इलेक्ट्रॉन वोल्ट

[03:54:37] में निकालनी है तो ये वाला फार्मूला

[03:54:38] लगाओगे। ये फार्मूला कहां से आया? ऑब्वियस

[03:54:41] सी बात है इसका प्रूफ है कौन सी क्लास में

[03:54:43] नहीं है 11th क्लास में नहीं है 12th में

[03:54:46] लेकिन इसका प्रूफ है ये मत टेंशन लो कि

[03:54:48] भैया नील्स बोर ने ये कैसे अरे प्रूफ किया

[03:54:50] भाई कि एक एनर्जी अब देखो ये एनर्जी

[03:54:52] कांस्टेंट ही तो है z क्या है एटॉमिक नंबर

[03:54:54] जो कि कांस्टेंट है n क्या है शेल नंबर

[03:54:56] पहला शेल है तो वन दूसरा है तो टू तो ये

[03:54:58] तो फिक्स्ड ही रहेगा ना जिसकी वजह से

[03:55:00] एनर्जी कांस्टेंट प्रूफ हो जाती है। लेकिन

[03:55:03] ये तो एनर्जी एक शेल की है। अगर एक

[03:55:05] इलेक्ट्रॉन एक शेल से दूसरे शेल में

[03:55:07] कूदेगा तो क्या फार्मूला आएगा आपको यहां

[03:55:08] बता रहा हूं। ये वाला फार्मूला कैसे आया?

[03:55:10] बता रहा हूं। बता रहा हूं। ये जगह लेके

[03:55:12] आया हूं। मुझे पता था अटकेगा। लेकिन ये एक

[03:55:14] शेल की एनर्जी है। कि अगर वो एक शेल में

[03:55:18] है तो लेकिन अगर वो एक शेल से दूसरे शेल

[03:55:20] में कूदता है क्योंकि उसके ऊपर न्यूमेरिकल

[03:55:21] ज्यादा है। थर्ड से फोर्थ में कूदा,

[03:55:23] फर्स्ट से सेकंड में कूदा तो क्या एनर्जी

[03:55:25] का फार्मूला आएगा? दोनों पढ़ा रहा हूं।

[03:55:27] लेकिन सबसे पहले दोनों फॉर्मूले वीडियो को

[03:55:30] पॉज करके याद कर लीजिए। वीडियो को पॉज

[03:55:33] करके याद कर लीजिए। वरना फंसोगे। जल्दी

[03:55:36] याद कर लो। अब अगर हम इन दोनों फॉर्मूले

[03:55:38] की मदद से देखो यहां पे क्या समझेंगे? यह

[03:55:40] फार्मूला क्या लिखा हुआ है? देखने में

[03:55:41] बहुत अजीब है। यहां पे भी क्या लिखा हुआ

[03:55:42] है? सब पढ़ा रहा हूं। लेकिन अगर उससे पहले

[03:55:45] मैं यहां पे आऊं और इस फार्मूले को समझूं

[03:55:47] ऐसे मतलब मेरे तरीके से तो क्या है? देखो।

[03:55:52] अगर एक इलेक्ट्रॉन पहले किसी फर्स्ट शेल

[03:55:54] में बैठा हुआ है। ठीक है ना? मतलब किसी भी

[03:55:56] शेल में बैठा हुआ है। फर्स्ट शेल से मेरा

[03:55:57] कहने का मतलब है इनिशियल शेल उसका जो भी

[03:55:59] है तो उसमें उसकी एनर्जी कितनी होगी? तो

[03:56:01] आंसर है एनर्जी जो इनिशियल होगी। इनिशियल

[03:56:04] जो एनर्जी होगी वो होगी -13.6

[03:56:08] z² / n इनिशियल का स्क्वायर जिसको आप n

[03:56:13] इनिशियल के स्क्वायर के साथ-साथ n1 का

[03:56:16] स्क्वायर भी कह सकते हो। ठीक है ना? जिसको

[03:56:18] आप -13.6z²

[03:56:22] / n1 का स्क्वायर भी कह सकते हो। यह तो आप

[03:56:25] समझ गएगे। मैं यह वाला जो आंसर है

[03:56:27] इलेक्ट्रॉन वोल्ट में लिख रहा हूं। ठीक है

[03:56:29] ना? इलेक्ट्रॉन वोल्ट में लिख रहा हूं। तो

[03:56:31] ये मेरे पास आ जाती है एनर्जी। ठीक है? अब

[03:56:35] अगर मैं यहीं पे फाइनल एनर्जी की बात करूं

[03:56:38] तो फाइनल एनर्जी मेरे पास आ जाएगी -13.6

[03:56:42] z² / n फाइनल का स्क्वायर जहां पे भी

[03:56:46] इलेक्ट्रॉन छलांग मारेगा। जिसको मैं

[03:56:48] -13.6z²

[03:56:52] / n 2² भी लिख सकता हूं। जहां पे भी उसने

[03:56:55] छलांग मारी होगी। ठीक है ना? और ये मेरे

[03:56:58] पास आ जाएगी फाइनल शेल की एनर्जी। लेकिन

[03:57:00] मुझे तो निकालनी है चेंज इन एनर्जी।

[03:57:03] तो अगर मुझे चेंज इन एनर्जी निकालनी है तो

[03:57:06] चेंज इन एनर्जी है फाइनल एनर्जी माइनस

[03:57:09] इनिशियल एनर्जी। सही कह रहा हूं। अब अगर

[03:57:12] चेंज इन एनर्जी फाइनल एनर्जी माइनस

[03:57:14] इनिशियल एनर्जी है तो फाइनल एनर्जी कितनी

[03:57:16] आई मेरे पास? फाइनल आई -13.6Z²

[03:57:21] / n फाइनल का स्क्वायर। इसमें से माइनस

[03:57:25] होगा -13.6

[03:57:29] z² n इनिशियल का स्क्वायर

[03:57:33] माइनस माइनस हो जाएगा प्लस तो डेल्टा मेरे

[03:57:37] पास आ जाएगा अगर मैं इसको क्योंकि माइनस

[03:57:39] माइनस प्लस ले आया तो आगे ले आया तो

[03:57:41] 13.6z²

[03:57:44] इनिशियल का स्क्वायर पहले आ जाएगा और

[03:57:47] 13.6z²

[03:57:50] फाइनल का स्क्वायर बाद में चला जाएगा। कुछ

[03:57:53] कॉमन आ गया क्या? बिल्कुल आ गया। तो

[03:57:55] 13.6z²

[03:57:58] 1 / n इनिशियल का स्क्वायर - 1 / n फाइनल

[03:58:03] का स्क्वायर आ गया। यानी कि इनिशियल बोले

[03:58:06] तो जहां से इलेक्ट्रॉन कूदा है और फाइनल

[03:58:09] बोले तो कहां पे इलेक्ट्रॉन कूदा है। और

[03:58:12] ये जो आंसर आया है ध्यान रखना है

[03:58:15] इलेक्ट्रॉन वोल्ट में आया है। ये फार्मूला

[03:58:18] इतना काम आने वाला फार्मूला है कि आपको

[03:58:20] अंदाजा भी नहीं है कितना काम आने वाला

[03:58:22] फार्मूला है। ठीक है? अच्छा ओके। अब ये तो

[03:58:26] आंसर आया है इलेक्ट्रॉन वोल्ट में। तो अगर

[03:58:28] मैं इसको जूल में कन्वर्ट करना चाहूं, जूल

[03:58:30] में कन्वर्ट करना चाहूं तो क्या आ जाएगा?

[03:58:33] 13.6 को अगेन 1.6 * में 10 ^ -19 से

[03:58:37] मल्टीप्लाई करूंगा तो क्या आ जाएगा? 2.18

[03:58:40] * में 10 ^ -18 आ जाएगा। बाकी सब कुछ सही

[03:58:44] रहेगा। z² 1 / n इनिशियल जिसकी जगह मैं n1

[03:58:48] का स्क्वायर भी लिख सकता हूं। अपॉन में 1

[03:58:50] / फाइनल जिसको मैं n2 का भी लिख सकता हूं।

[03:58:53] अगर ये वाला फार्मूला लगाऊंगा तो ध्यान

[03:58:56] रखना है कि जो आंसर है मेरे पास वो जूल

[03:59:01] में आएगा। ये वाले से जूल में आएगा। ऊपर

[03:59:03] वाले से इलेक्ट्रॉन वोल्ट में आएगा। अब

[03:59:05] देखो यही फार्मूला यहां पे लिखा हुआ है।

[03:59:07] 2.18 10 के पावर -18 1 / n इनिशियल का

[03:59:11] स्क्वायर - 1 / n फाइनल का स्क्वायर। वो

[03:59:13] अलग बात है। ये पूरा का पूरा एक कांस्टेंट

[03:59:15] है। तो इसको rh बोल दिया गया है। आप आप ये

[03:59:18] बहुत कंफ्यूज ही करेगा आप क्योंकि आपको

[03:59:20] डालनी तो वैल्यू ही पड़ेगी न्यूमेरिकल

[03:59:22] में। तो यही फार्मूला याद रखें। अच्छा। अब

[03:59:25] ग्राउंड स्टेट क्या होता है भैया? ग्राउंड

[03:59:27] स्टेट का मतलब क्या है? ग्राउंड स्टेट का

[03:59:29] मतलब है इलेक्ट्रॉन वहां बैठा हुआ है जहां

[03:59:33] उसको एनर्जी के हिसाब से अपबाऊ के हिसाब

[03:59:36] से बैठना होना चाहिए था। जैसे अगर मैं

[03:59:38] सोडियम की बात करूं तो सोडियम का लास्ट

[03:59:41] इलेक्ट्रॉन थर्ड शेल में बैठा होता है। तो

[03:59:43] वो वहीं बैठा होना चाहिए एनर्जी के हिसाब

[03:59:45] से उसे ग्राउंड स्टेट बोलते हैं। बट अगर

[03:59:47] मैंने इलेक्ट्रॉन को ज्यादा एनर्जी दे के

[03:59:50] उसको छलांग मरवा के हायर शेल पे भेजा है

[03:59:53] तो उसको एक्साइटेड स्टेट कह देंगे। जैसे

[03:59:55] मान लो कोई ये न्यूक्लियस है और मान लो हम

[03:59:58] बात कर रहे हैं लिथियम की तो लिथियम में

[04:00:01] एक इलेक्ट्रॉन यहां बैठा होता है यानी कि

[04:00:02] l शेल में मैंने अगर मान लो उसको एनर्जी

[04:00:05] दे के m शेल में छलांग मरवा दी तो ये उसकी

[04:00:07] एक्साइटेड स्टेट हो जाएगी ग्राउंड स्टेट

[04:00:09] की अभी बात कर रहे हैं ये एनर्जी होती है

[04:00:12] ग्राउंड स्टेट की एनर्जी होती है ये

[04:00:13] फार्मूला है आपके बहुत काम आएगा इस फ़ूले

[04:00:16] को हम किस में भी कन्वर्ट कर सकते हैं वेव

[04:00:18] नंबर में भी कन्वर्ट कर सकते हैं कैसे वेव

[04:00:20] नंबर में कन्वर्ट कर सकते हैं ये वाला

[04:00:22] फार्मूला कैसे आया आओ जरा समझ लो वेव वेव

[04:00:25] नंबर ये तो एनर्जी का फार्मूला आया। ऐसे

[04:00:27] ही हम चाहे तो वेव नंबर भी निकाल सकते

[04:00:28] हैं। कैसे निकाल सकते हैं? देखो क्या मैं

[04:00:32] एनर्जी की जगह hc / लैम्ब्डा लिख सकता

[04:00:35] हूं? अरे प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी। अब आप

[04:00:37] मुझे बताओ अगर मैं नील्स बोर जी का मॉडल

[04:00:40] प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी के बाद आपको

[04:00:42] प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी आपको बाद में

[04:00:44] पढ़ाता और नील्स बोर जी का मॉडल पहले

[04:00:45] पढ़ाता। ये सब चीजें अटकती। तो इससे कोई

[04:00:48] फर्क नहीं पड़ता ना कि मैं सीक्वेंस ब्रेक

[04:00:50] कर रहा हूं। बट चीजें ज्यादा बेहतर समझ

[04:00:51] में आनी चाहिए। मैं आपको पहले पढ़ाता

[04:00:53] नील्स बोर जी फिर मैं कहता प्लैंक्स

[04:00:55] क्वांटम थ्योरी आगे पढ़ेंगे बेटा वहां

[04:00:57] फार्मूला आएगा तो क्यों ना पढ़ ही लें अभी

[04:00:58] साथ में इसलिए मैंने पहले पढ़ा दिया और

[04:01:00] कोई कारण नहीं है ठीक है अब एनर्जी का

[04:01:03] फार्मूला hc / लैम्ब्डा होता है एनर्जी का

[04:01:06] फार्मूला hc / लैम्ब्डा होता है उससे मुझे

[04:01:09] मिल गया 2.18 * में 10 की ^ -18 2.18 *

[04:01:15] में 10 की पावर -18z²

[04:01:18] 1 / n इनिशियल का स्क्वायर - 1 / n फाइनल

[04:01:22] का स्क्वायर। अब यहां पे H और C की कोई ना

[04:01:24] कोई वैल्यू तो होती है। आपको पता है H की

[04:01:26] वैल्यू 6.6

[04:01:28] C की वैल्यू 3 * 10 8 अब ये सारी वैल्यूज़

[04:01:30] को अगर मैं पुट कर देता हूं और ये मतलब

[04:01:32] नीचे ले जाता हूं। अगर मैं HC को नीचे ले

[04:01:34] जाऊं और यहां पे सिर्फ 1 / लैम्ब्डा छोड़

[04:01:36] दूं तो 1 / लैम्ब्डा पहली बात तो वेव नंबर

[04:01:38] होता है। और अगर मैं 2.18 10 -34 को HC से

[04:01:43] डिवाइड कर दूंगा तो यहां पे जो वैल्यू आ

[04:01:45] जाएगी वो आ जाएगी 109677

[04:01:48] 109677

[04:01:51] 109677

[04:01:53] लेकिन ये ध्यान रखना सेंटीमीटर में आ रही

[04:01:55] है। बता रहा हूं वेव नंबर है ना वेव नंबर

[04:01:58] सेंटीमीटर इनवर्स में होता है। वेवलेंथ

[04:02:00] सेंटीमीटर में होती है। होती है मीटर में।

[04:02:02] लेकिन ये जो वैल्यू हमने पुट की है

[04:02:03] सेंटीमीटर की है। z² 1 / n इनिशियल का

[04:02:08] स्क्वायर - 1 / n फाइनल का स्क्वायर। ये

[04:02:12] जो आंसर आएगा ये सेंटीमीटर इनवर्स में

[04:02:14] आएगा। ऑब्वियस सी बात है मीटर में निकालने

[04:02:17] के लिए हम इसको 100 से मल्टीप्लाई कर

[04:02:19] देंगे। क्योंकि इनवर्स से हां हम कॉफी पी

[04:02:23] रहा हूं। गलत मत समझना। ठीक है। ब्लैक

[04:02:26] कॉफी है। अब सुनिएगा। यानी इस बोर्ड पे तो

[04:02:29] बहुत कुछ हो गया। इस बोर्ड पे तो बहुत कुछ

[04:02:31] हो गया। सर पीछे आपने ये क्या बताया था?

[04:02:33] यह मैंने बताया था एक शेल की एनर्जी का

[04:02:35] फार्मूला इलेक्ट्रॉन वोल्ट में। ये मैंने

[04:02:38] बताया था एक शेल में घूमने वाले एनर्जी

[04:02:40] इलेक्ट्रॉन जो है उसमें जो घूम रहा है

[04:02:41] उसकी एनर्जी जूल में। यानी ये दोनों सेम

[04:02:44] है बस ये इलेक्ट्रॉन वोल्ट में है या जूल

[04:02:45] में। फिर मैंने आपको ये वाला फार्मूला

[04:02:47] यानी कि ये वाला फार्मूला बताया। जब एक

[04:02:50] इलेक्ट्रॉन एक शेल से दूसरे शेल में

[04:02:51] कूदेगा तो उसकी एनर्जी जूल में कितनी

[04:02:53] होगी? और ये वाला फार्मूला है। एक शेल से

[04:02:55] दूसरे शेल में कूदेगा तो इलेक्ट्रॉन वोल्ट

[04:02:57] में कितनी होगी? यह वाला फार्मूला वेव

[04:03:00] नंबर का आया है। और क्योंकि ये 10967

[04:03:03] अपने आप में एक कांस्टेंट है। इसलिए इस

[04:03:05] पूरे कांस्टेंट को यानी इस पूरे कांस्टेंट

[04:03:07] को हम रेडबर्ग्स कांस्टेंट भी कहते हैं।

[04:03:10] इस पूरे कांस्टेंट को हम रेडबर्ग्स

[04:03:12] कांस्टेंट भी कहते हैं। तो इसको आप ऐसे भी

[04:03:14] लिख सकते हो। 10967

[04:03:16] की जगह r भी लिख सकते हो। z² 1 / n1 का

[04:03:22] स्क्वायर या इनिशियल का स्क्वायर अपॉन में

[04:03:24] फाइनल का स्क्वायर। और यहां पर यह जो R है

[04:03:28] R है इस R को ही हम बोल रहे हैं कौन सा

[04:03:32] कांस्टेंट? राइटबर्ग्स

[04:03:35] कांस्टेंट बोल रहे हैं। राइटबर्ग्स

[04:03:37] कांस्टेंट बोल रहे हैं। और इसकी वैल्यू आ

[04:03:39] चुकी है 109

[04:03:42] 677 जिसको राउंड ऑफ करके कई किताबें

[04:03:45] 109700

[04:03:46] भी लिख देती हैं। ध्यान रखना। पर अगर

[04:03:49] एग्जैक्ट चलें तो 677 सें.मी. इनवर्स में

[04:03:53] ये इसकी वैल्यू आ गई। बहुत सारे फॉर्मूले

[04:03:55] आ गए हैं भाई साहब। बहुत सारे। ये तो

[04:03:57] मैंने आपको शुरू में ही कहा था। इसलिए कहा

[04:03:59] था दो हिस्सों में देख लेना इस वन शॉट को।

[04:04:01] कंफ्यूजन नहीं होनी चाहिए। मैं भाई साहब

[04:04:05] आप खुद ही देख रहे हो। अभी तक दो-ती साल

[04:04:07] में सबसे बड़ा वन शॉट है जो मैंने रिकॉर्ड

[04:04:09] किया है। ये और शायद इस पूरे साल में इतना

[04:04:11] बड़ा वन शॉट कोई रिकॉर्ड होगा भी नहीं।

[04:04:13] समझ रहे हो आप इसको? मुझे ये वन शॉट

[04:04:15] रिकॉर्ड भी मैंने वन गो में नहीं किया है।

[04:04:17] मतलब एक ही दिन में किया है। एक ही डे में

[04:04:20] किया है। लेकिन बीच में खाना खाने भी गया

[04:04:23] हूं। आपने देखे होंगे कट लगे होंगे वन गो

[04:04:25] में भी कर सकते थे बट ऑब्वियस सी बात है

[04:04:27] रिकॉर्डेड है लाइव में पढ़ा सकते हैं पढ़ाया

[04:04:31] भी हुआ है कितनी बार लेकिन रिकॉर्ड है तो

[04:04:33] मैंने कहा खाना ववाना बीच में खा लेते हैं

[04:04:35] एनर्जी मेंटेंड रहेगी तो इसलिए मैं भी

[04:04:37] नहीं चाहूंगा कि आप भी इसको वन गो में

[04:04:39] देखें खैर अब तो खत्म ही होने वाला है चलो

[04:04:41] आओ तो यहां पे ये क्या है ये मैंने पढ़ाया

[04:04:44] नहीं अभी आपको मैंने आपको बस फ़ूले इकट्ठे

[04:04:46] करवाए हैं अभी फॉर्मूले इकट्ठे कराएं आओ

[04:04:48] पढ़े बीच में क्या-क्या है अब बात करते हैं

[04:04:51] एक्सप्लेनेशन ऑफ लाइन स्पेक्ट्रम देखो

[04:04:54] स्पेक्ट्रम का मतलब सबको पता है।

[04:04:56] स्पेक्ट्रम का मतलब पैटर्न होता है। कई

[04:04:58] बच्चों के लिए स्पेक्ट्रम का मतलब बैंड ऑफ

[04:05:00] सेवन कलर ही होता है। अरे बड़े हो जाओ

[04:05:02] यार। वो हमारा नाइंथ में था, 10थ में था।

[04:05:04] अब स्पेक्ट्रम का मतलब होता है पैटर्न। तो

[04:05:07] हमारा जो एटम है वो भी एक पैटर्न बनाता

[04:05:09] है। कैसा पैटर्न बताऊंगा। लेकिन जो

[04:05:11] स्पेक्ट्रम होता है वो अलग-अलग प्रकार का

[04:05:13] हो सकता है। एक हो सकता है एब्जॉर्प्शन

[04:05:15] स्पेक्ट्रम।

[04:05:17] एक हो सकता है एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रम।

[04:05:22] और एक हो सकता है एमिशन स्पेक्ट्रम। नाम

[04:05:25] से पता लग रहा है। अगर कोई पैटर्न बन रहा

[04:05:27] है लाइट को एनर्जी को एब्जॉर्ब करके उसे

[04:05:30] बोलेंगे एब्सॉर्प्शन स्पेक्ट्रम। अगर कहीं

[04:05:32] पे पैटर्न बन रहा है कुछ एमिट करके

[04:05:34] एब्जॉर्ब नहीं एमिट करके उसको बोलेंगे

[04:05:36] एमिशन स्पेक्ट्रम। हमें ये नहीं पढ़ना।

[04:05:38] हमें ये पढ़ना है कि एक एटम जो है वो

[04:05:41] स्पेक्ट्रम कैसे बनाता है? सर यहां पे

[04:05:43] हाइड्रोजन क्यों लिखा हुआ है? क्योंकि

[04:05:45] नील्स बोर जी ने जो भी हमें ये फार्मूलेशन

[04:05:49] दिए ये सारा का सारा फार्मूलेशन ओनली

[04:05:52] वैलिड था फॉर हाइड्रोजन एंड हाइड्रोजन

[04:05:56] लाइक एटम्स। ये कोई दिल दहला देने वाली

[04:05:59] बात है अगर आप नोटिस करें तो मैंने क्या

[04:06:00] बोला है? मैंने बोला है नील्स बोर जी ने

[04:06:03] आपको काफी सारे फार्मूले दे दिए। लेकिन

[04:06:06] यहां पे मैं एक नोट का पॉइंट लिखूंगा ना।

[04:06:08] आपका जी कच्चा-कच्चा हो जाएगा। आपका दिल

[04:06:10] मचलाएगा कि यह क्या बात बोल दी सर ने।

[04:06:12] मैंने बोला है कि

[04:06:16] नील्स

[04:06:18] बोर्स

[04:06:21] कैलकुलेशंस यानी ये जो सारे फार्मूले हैं

[04:06:25] इज़ ओनली वैलिड

[04:06:29] ओनली वैलिड

[04:06:31] फॉर

[04:06:34] सिंगल इलेक्ट्रॉन सिस्टम। यानी एक ऐसे एटम

[04:06:37] के लिए जिसके पास एक ही इलेक्ट्रॉन होता

[04:06:40] है। जैसे कि हाइड्रोजन

[04:06:43] जैसे कि हीलियम प्लस जैसे कि लिथियम +2 ये

[04:06:48] सब लोगों के पास एक-एक इलेक्ट्रॉन है।

[04:06:50] हाइड्रोजन के पास तो होता ही एक है।

[04:06:51] हीलियम के पास दो होते हैं। एक ले लो तो

[04:06:53] हीलियम प्लस बन जाएगा। लिथियम के पास तीन

[04:06:55] होते हैं। दो ले लो तो एक। यानी यह जो

[04:06:57] सारी की सारी कैलकुलेशन है, इट इज़ ओनली

[04:07:01] एंड ओनली एप्लीकेबल फॉर हाइड्रोजन एंड

[04:07:04] हाइड्रोजन लाइक एटम्स व्हिच मींस सिंगल

[04:07:06] इलेक्ट्रॉन सिस्टम के लिए। और यही

[04:07:07] लिमिटेशन भी है नील्सबोर्जी की। मैंने

[04:07:10] आपको कहा था नील्सबोर्जी के मॉडल में भी

[04:07:11] काफी लिमिटेशंस मिलेंगी। उनमें से एक

[04:07:14] लिमिटेशन यही है कि ये सिर्फ और सिर्फ

[04:07:16] किसके लिए बात कर पाए? एक इलेक्ट्रॉन के

[04:07:18] लिए। मल्टी इलेक्ट्रॉन सिस्टम के लिए यह

[04:07:21] बात ही नहीं कर पाए। यह बात ही नहीं कर

[04:07:22] पाए। चलो खैर आओ मतलब कैलकुलेशंस नहीं कर

[04:07:25] पाए। चलो आओ। हम अब अगर हम हाइड्रोजन एटम

[04:07:28] की बात कर रहे हैं तो हाइड्रोजन एटम में

[04:07:30] एक पैटर्न देखा गया। क्या पैटर्न देखा

[04:07:32] गया? उस पैटर्न को पहली बात तो स्पेक्ट्रम

[04:07:34] बोला गया। क्या पैटर्न देखा गया कि जब भी

[04:07:36] एक इलेक्ट्रॉन एक शेल से दूसरे शेल में

[04:07:38] कूदता है तो एक पैटर्न मिलता है। देखो ये

[04:07:40] है स्पेक्ट्रम। ये है एटॉमिक स्पेक्ट्रम।

[04:07:43] कैसा पैटर्न दिखता है? देखो आओ। ये है

[04:07:45] एटॉमिक स्पेक्ट्रम। कैसा पैटर्न दिखता है?

[04:07:48] हमने क्या देखा कि अगर एक इलेक्ट्रॉन

[04:07:52] पहले ये एनसीईआरटी का ही स्क्रीनशॉट है।

[04:07:54] अगर एक इलेक्ट्रॉन पहले शेल से कहीं पे भी

[04:07:57] कूदता है सेकंड, थर्ड, फोर्थ, फिफ्थ तो वो

[04:07:59] अल्ट्रावायलेट रेज निकालेगा। जब वो पहले

[04:08:03] शेल से दूसरे तीसरे में जाएगा तो एनर्जी

[04:08:05] एब्सॉर्ब करेगा। फिर जब उनसे कूद के वापस

[04:08:08] पहले में आएगा तो जो वो रेडिएट करेगा वो

[04:08:10] अल्ट्रावाॉयलेट होगी। ये एटॉमिक

[04:08:13] स्पेक्ट्रम हम किसके लिए बात कर रहे हैं?

[04:08:15] ध्यान रखना। सिंगल इलेक्ट्रॉन सिस्टम के

[04:08:18] लिए बात कर रहे हैं।

[04:08:21] अगर किसी यानी सोडियम के लिए बात नहीं कर

[04:08:23] रहे हैं। मैग्नीशियम के लिए बात नहीं कर

[04:08:25] रहे हैं। ऐसे एटम्स के बारे में आयंस के

[04:08:27] बारे में बात कर रहे हैं जिनके पास एक

[04:08:28] इलेक्ट्रॉन है। तो अगर कोई इलेक्ट्रॉन

[04:08:31] फर्स्ट से सेकंड, थर्ड, फोर्थ कहीं भी

[04:08:32] कूदता है और वापस आता है तो वो जो एनर्जी

[04:08:36] एमिट करेगा जो कि मैंने आपको पढ़ाया था

[04:08:37] पीछे, वो अल्ट्रावायलेट रेज़ की फॉर्म में

[04:08:40] होगी। ऐसे ही सेकंड से अगर वो थर्ड,

[04:08:42] फोर्थ, फिफ्थ में जाता है और वापस सेकंड

[04:08:44] में कूदता है तो वो विज़िबल रेज निकालेगा।

[04:08:46] फोर्थ, फिफ्थ, सिक्स से अगर वो थर्ड में

[04:08:48] कूदता है तो इंफ्रारेड निकालेगा। 5 6 7 8

[04:08:51] से अगर वो फोर्थ में कूदता है तो वो

[04:08:53] इंफ्रारेड निकालेगा। सिक्स, 7 8 से अगर वो

[04:08:55] फिफ्थ में कूदता है तो वो इंफ्रारेड रेड

[04:08:57] निकालेगा। ये एक पैटर्न है। क्या पैटर्न

[04:09:00] है? अल्ट्रावायलेट विज़िबल इंफ्रा इंफ्रा

[04:09:02] इंफ्रा अल्ट्रावायलेट विज़िबल इंफ्राइफ

[04:09:05] इंफ्रा कुर्ता पजामा काला-काला काला एक

[04:09:08] पैटर्न है एक पैटर्न है एक पैटर्न इस

[04:09:10] पैटर्न को बोलते हैं स्पेक्ट्रम अब

[04:09:12] क्योंकि ये हर एक देखो जैसे सेकंड थर्ड से

[04:09:15] फर्स्ट में कूदा तो अल्ट्रावायलेट

[04:09:16] निकालेगा थर्ड फोर्थ से सेकंड में कूदा तो

[04:09:19] विज़िबल निकालेगा ये स्पेक्ट्रम है और हर

[04:09:21] एक लाइन स्पेक्ट्रम हर एक लाइन स्पेक्ट्रम

[04:09:24] अल्ट्रावायलेट विज़िबल इंफ्राइफ इनफ्रा

[04:09:26] इसको एक स्पेशल नाम भी दिया गया है जैसे

[04:09:28] पहला है लाइमन सीरीज यानी अगर एक

[04:09:31] इलेक्ट्रॉन फर्स्ट से कूदता है, सेकंड,

[04:09:32] थर्ड, फोर्थ कहीं भी जाता है, इसे लाइमन

[04:09:34] सीरीज कहेंगे। लाइमन

[04:09:36] सेकंड से थर्ड, फोर्थ, फिफ्थ में जाएगा तो

[04:09:38] बामर। थर्ड से फोर्थ, फिफ्थ, सिक्स्थ में

[04:09:41] जाएगा तो पाश्चन ऐसे ब्रैकेट, ऐसे पीफंड।

[04:09:44] वैसे एक और भी होता है हमफरे जो कि छह से

[04:09:46] सात, आठ, नौ पे जाता है। बट एनसीआरटी नहीं

[04:09:48] पढ़ाती है उसको तो छोड़ देते हैं। लेकिन हां

[04:09:50] इसको बोलते हैं लाइमन, बामर, पास्टन,

[04:09:53] ब्रैकेट, पी फंड। हमफरे। लाइमन, बामर,

[04:09:55] पास्टन ब्रैकेट पीफंड। आपको क्वेश्चन कैसे

[04:09:57] आएंगे? आपको बोलेंगे इलेक्ट्रॉन कूदा बामर

[04:10:00] सीरीज से। तो आपको ध्यान रखना है कि जो n1

[04:10:02] है वो टू है। n2 क्या है? वो कुछ भी हो

[04:10:05] सकता है। वो क्वेश्चन में देखेंगे हम। वो

[04:10:07] हम क्वेश्चन में देखेंगे। ये बात ध्यान

[04:10:09] रखना। ठीक है ना? लेकिन ये सीरीज आपको याद

[04:10:11] करनी है। ये पूछी जा सकती है। तो यहां पे

[04:10:14] क्या लिखा हुआ है लाइन स्पेक्ट्रम में?

[04:10:15] व्हेन इलेक्ट्रॉन जंप्स फ्रॉम लोअर ऑर्बिट

[04:10:17] टू हायर ऑर्बिट, इट एब्जॉर्ब्स एनर्जी।

[04:10:20] एंड व्हेन इट जंप्स फ्रॉम हायर टू लोअर

[04:10:23] बैक, इट एमिट्स एनर्जी। द अमाउंट ऑफ

[04:10:25] एनर्जी अब्जॉर्ड और इमिटेड व्हेन एन

[04:10:27] इलेक्ट्रॉन जंप्स फ्रॉम ऑर्बिट इनिशियल टू

[04:10:29] ऑर्बिट फाइनल मे बी गिवन एज़ जो कि

[04:10:31] फार्मूला हम पीछे दे चुके हैं। एक और बार

[04:10:34] लिख लेते हैं। बहुत बार लिख चुके हैं। आओ

[04:10:35] एक और बार लिख लेते हैं। तो एनर्जी का

[04:10:37] फार्मूला कितना आएगा? जूल्स में 2.18 *

[04:10:40] में 10 की ^ -18 z²

[04:10:44] 1 / n इनिशियल का स्क्वायर - 1 / n फाइनल

[04:10:48] का स्क्वायर। ये जूल्स में आंसर आएगा।

[04:10:50] पीछे भी लिख चुके हैं। ठीक है? आओ।

[04:10:53] हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम में यह वेवलेंथ

[04:10:55] होगी। पढ़ लो। यह सब पढ़ा दिया मैंने।

[04:10:57] डिफरेंट स्पेक्ट्रम लाइंस ऑफ हाइड्रोजन

[04:10:58] एटम आपको मिलेंग जो कि यह है। यह पेज आगे

[04:11:01] पीछे हो गया। इसमें शिफ्ट नहीं होता है

[04:11:03] यार। समझ जाओगे ना? ये वाला पेज शिफ्ट

[04:11:06] नहीं हो रहा है। बट इसको ऊपर होना चाहिए

[04:11:08] था। ये ऐसे शिफ्ट तो नहीं होगा।

[04:11:11] नहीं। समझ जाना। ये ऊपर आएगा या नीचे

[04:11:14] आएगा? ठीक है ना? कोई बात नहीं। ये क्या

[04:11:16] लिखा हुआ है? ये ये अभी हमारे लिए किसी

[04:11:18] काम का नहीं है। ये मैं आपको पढ़ा चुका

[04:11:19] हूं। शॉर्टेस्ट वेवलेंथ है तो इसको हटा ही

[04:11:21] देते हैं। इसका कोई काम नहीं है। इस पे आ

[04:11:22] जाओ सीधा। देखो अब हां वो कह रहे हैं कि

[04:11:25] जो डिफरेंट स्पेक्ट्रम लाइंस हैं

[04:11:27] स्पेक्ट्रम ऑफ़ हाइड्रोजन एटम की वो ये

[04:11:29] रही। जैसे फर्स्ट से कूदेगा तो

[04:11:31] अल्ट्रावायलेट, सेकंड से कूदेगा तो

[04:11:33] विज़िबल। इतना तो आप समझ गए। नीचे से ऊपर

[04:11:35] कूदेगा तो एनर्जी एब्जॉर्ब करेगा। ऊपर से

[04:11:38] नीचे आएगा तो एमिट करेगा और वो इस फॉर्म

[04:11:40] में एमिट करेगा। हाइड्रोजन और हाइड्रोजन

[04:11:42] लाइक की बात कर रहे हैं। बहुत सारी चीजें

[04:11:44] हो गई लास्ट के 10 20 मिनट में। बेटा देखो

[04:11:47] मैं अगेन चाहूंगा इस पे पहुंचने से पहले

[04:11:49] 10 20 मिनट में बहुत सारी चीजें इकट्ठी हो

[04:11:51] गई हैं। एक बार इनको रिवाइज कर लो। मैं

[04:11:53] हमेशा चाहता हूं आप धीरे-धीरे समझते रहें

[04:11:56] क्या हो रहा है। ये ना हो इकट्ठा खाते

[04:11:58] रहें फिर उल्टी हो जाए। कोई फायदा नहीं

[04:12:00] है। रेडियस पे आ जाते हैं। इसके बाद

[04:12:01] ज्यादा कुछ नहीं बचा। लिमिटेशन आएंगी और

[04:12:04] फिर इसके बाद हम लोग कुछ क्वेश्चंस

[04:12:06] करेंगे। आइसोटोप्स आइसोबार करेंगे जल्दी

[04:12:08] से। ये जितना पढ़ा दिया एक बार रिवाइज कर

[04:12:10] लो प्लीज यार। ठीक है भाई? अब हम बात करते

[04:12:12] हैं यार ये रेडियस कैसे आया? रेडियस के

[04:12:15] बाद आप कह सकते हो इस चैप्टर में फार्मूले

[04:12:17] खत्म हो जाएंगे और फिर मेजर मेजर चैप्टर

[04:12:20] भी खत्म हो जाएगा। लिमिटेशंस बचेंगे,

[04:12:22] आइसोटोप्स आइसोबार बचेंगे जो कि मेजरली

[04:12:24] आपको आते होंगे। चलो अब लेकिन अगर आपको

[04:12:26] याद है अभी पीछे हमने मार्क किया था। कहां

[04:12:28] गया वो? जहां पे हमने कहा था कि नील्स बोर

[04:12:30] जी ने ये बोला कि रेडियस भी कांस्टेंट है

[04:12:33] और एनर्जी भी। अब एनर्जी की तो बात हो

[04:12:35] चुकी है। लेकिन नील्स बोर जी ने एक

[04:12:37] फार्मूला डिराइव किया। अगेन ये ऊपर से

[04:12:38] नहीं टपका। डिराइव किया। रेडियस ऑफ ऑर्बिट

[04:12:42] का फार्मूला डिराइव किया जिसको बोर्स

[04:12:43] रेडियस भी बोला गया और फार्मूला आया

[04:12:46] 52.9n²

[04:12:49] / z पिको मीटर लेकिन ये ऐसे लिखने के बजाय

[04:12:53] हम लिखते हैं 0.529

[04:12:57] n² / z अब दो ज़ीरो अगर मैं इधर ले गया

[04:13:00] पीको में 10 की पावर -12 होता है तो -10

[04:13:04] हो जाएगा तो -10 में आएंगेस्ट मैं ज्यादा

[04:13:06] ये वाला इस्तेमाल करता हूं अ पता नहीं

[04:13:09] क्यों देखने में अच्छा लगता है मुझे आप

[04:13:11] कोई भी इस्तेमाल कर लो दोनों में ऑब्वियस

[04:13:13] सी बात है आंसर सेम आएगा ये पिकोमीटर में

[04:13:15] है तो 10 की पावर -12 से मल्टीप्लाई

[04:13:17] करेंगे नीचे वाला एंगस्ट्रोम में है तो 10

[04:13:19] - 10 लेकिन यहां पे अगेन n और z क्या है

[04:13:21] पता ही है ना n यहां पे क्या है भैया

[04:13:23] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर जिसको आप शेल नंबर

[04:13:25] भी कहते हो शेल नंबर भी कहते हो ये

[04:13:27] प्रिंसिपल क्वांटम नंबर है और z यहां पे

[04:13:30] क्या है आप सबको पता है एटॉमिक नंबर है z

[04:13:32] यहां पे क्या है भैया एटॉमिक नंबर है

[04:13:34] एटॉमिक नंबर है तो कंफ्यूज मत होना एनर्जी

[04:13:37] में ऊपर क्या था z नीचे n था। यहां पे ऊपर

[04:13:40] n है, नीचे z है। n के ऑब्वियस सी बात है

[04:13:43] डायरेक्टली प्रपोर्शनल होगा। जितना n

[04:13:44] बढ़ेगा, जितना n बढ़ेगा, उतना रेडियस बढ़ेगा।

[04:13:47] बढ़ना भी चाहिए। तो रेडियस का फार्मूला है

[04:13:50] 0.529n²

[04:13:53] / z जैसे कि अगर मान लो मैं हाइड्रोजन एटम

[04:13:57] अगर मान लो मैं हाइड्रोजन एटम के फर्स्ट

[04:14:00] शेल का अगेन ये सारे फ़ूले मैंने आपको बता

[04:14:03] दिए हैं भैया। हाइड्रोजन और हाइड्रोजन

[04:14:05] लाइक एटम के लिए वैलिड है। तो हाइड्रोजन

[04:14:07] एटम के फर्स्ट शेल का क्या रेडियस होगा?

[04:14:10] आओ निकालते हैं। 0.529

[04:14:13] n फर्स्ट शेल n ही तो है। वन ही तो है। और

[04:14:16] हाइड्रोजन के लिए z भी कितना होता है? वन

[04:14:18] होता है। तो 0.529

[04:14:22] ही आ गया। और साथ में एंगेस्ट है तो 10 की

[04:14:24] पावर -10 आ गया। तो 5.29

[04:14:28] * में 10 की पावर -1

[04:14:31] मीटर में अगर मैं लिखना चाहूं तो आंसर आ

[04:14:33] जाएगा। तो ये रेडियस होता है पहले शेल का

[04:14:36] हाइड्रोजन में। हीलियम प्लस लिथियम +2

[04:14:39] इनके लिए काम कर सकते हो। ये फार्मूला

[04:14:40] सोडियम के लिए नहीं लगा सकते आप। ध्यान

[04:14:42] रखना। ये फार्मूला सोडियम के लिए नहीं लगा

[04:14:44] सकते। आओ लिमिटेशंस की बात करते हैं जो कि

[04:14:46] देखा जाए तो कर चुके हैं कि बोर्स थ्योरी

[04:14:49] एटॉमिक रेडियस की सक्सेसफुल थी एक्सप्लेन

[04:14:52] करने के लिए एटम की स्टेबिलिटी। लेकिन

[04:14:54] इन्होंने सारी लिमिटेशंस के बारे में बात

[04:14:56] नहीं की। जैसे कि इन्होंने स्पेक्ट्रम के

[04:14:59] बारे में बेसिक डिटेल्स तो दी लेकिन बहुत

[04:15:01] ज्यादा फाइन डिटेल्स नहीं दी।

[04:15:02] स्पेक्ट्रोस्कोपिक डायग्राम यानी कि ये जो

[04:15:05] लोब्स बनते हैं ये जो नोड्स होते हैं ये

[04:15:07] जो एंटीनोड्स होते हैं इनकी जो शेप होती

[04:15:10] है जो हमने पढ़ी डंबेल और डबल डंबेल इनके

[04:15:12] बारे में डिटेल्ड बातें नहीं करी

[04:15:14] इन्होंने। इसके बाद बोर्स मॉडल ऑफ एन एटम

[04:15:18] एटम का जो स्ट्रक्चर दिया उसमें इन्होंने

[04:15:20] बस जो कैलकुलेशन करी वो सिंगल इलेक्ट्रॉन

[04:15:22] के लिए करी। मल्टी इलेक्ट्रॉन सिस्टम के

[04:15:24] लिए इन्होंने बात नहीं करी। ये बात भी

[04:15:27] ध्यान रखना। मल्टी इलेक्ट्रॉन सिस्टम के

[04:15:29] लिए बात नहीं कर पाए। बोस थ्योरी फेल हो

[04:15:31] गई थी जीमन और स्टार्क इफेक्ट देने के

[04:15:34] लिए। जीमन और स्टार्क इफेक्ट क्या होता

[04:15:35] है? ये मैं आपको बताता हूं। देखो स्टार्क

[04:15:38] इफेक्ट क्या होता है? इन्होंने ये तो

[04:15:39] बताया कि एटम अगर हायर शेल से लोअर शेल

[04:15:42] में कूदेगा तो ईएम वेव निकालेगा। लेकिन

[04:15:44] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव को अगर इलेक्ट्रिक

[04:15:47] फील्ड में रखो तो वो टूट जाती हैं।

[04:15:49] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव को अगर इलेक्ट्रिक

[04:15:51] फील्ड में रखो तो वो टूट जाती हैं। इसको

[04:15:53] स्टार्क इफेक्ट कहा जाता है।

[04:15:55] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव को इलेक्ट्रिक

[04:15:57] फील्ड में रखो तो भी टूटती है, मैग्नेटिक

[04:15:59] फील्ड में रखो तो भी टूटती हैं। तो अगर

[04:16:01] यहां से कोई इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव

[04:16:02] क्योंकि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव में

[04:16:04] इलेक्ट्रिक फील्ड और मैग्नेटिक फील्ड होती

[04:16:05] है। तो अगर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव जा रही

[04:16:07] है और यहां पे कहीं पे इलेक्ट्रिक फील्ड

[04:16:09] है तो वो टूट जाती है। उसको स्टार्क

[04:16:11] इफेक्ट कहते हैं। और वही

[04:16:12] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव अगर मैग्नेटिक

[04:16:14] फील्ड में टूटती है उसको ज़ीमन इफ़ेक्ट कहते

[04:16:16] हैं। तो ज़ीमन इफ़ेक्ट और स्टार्क इफ़ेक्ट ये

[04:16:19] है। तो वो ज़ीमन इफ़ेक्ट और स्टार्क इफ़ेक्ट

[04:16:21] के बारे में भी कुछ नहीं बता पाए। वो नहीं

[04:16:23] बता पाए कि कैसे इलेक्ट्रिक फील्ड और

[04:16:25] मैग्नेटिक फील्ड के प्रज़ेंस में

[04:16:26] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव टूट रही थी। बिकॉज़

[04:16:28] वो ईएम वेव के बारे में ज्यादा कुछ नहीं

[04:16:30] बता पाए थे। ठीक है? इसके बाद वो ये भी

[04:16:33] नहीं बता पाए कि बॉन्डिंग कैसे होती है?

[04:16:35] आयनिक बॉन्ड कैसे बनता है? कोवेलेंट बॉन्ड

[04:16:37] कैसे बनता है? फिर वो हज़नबर्ग अनसर्टेनिटी

[04:16:40] प्रिंसिपल के बारे में भी इन्हें बता पाए।

[04:16:42] डुअल नेचर के बारे में भी इन्हें बता पाए

[04:16:44] जो कि बाद में डीब्रोगली जी ने बताया। तो

[04:16:47] ये सब कहीं ना कहीं लिमिटेशन उनकी बन जाती

[04:16:49] है। डन है। ज़ेमन इफ़ेक्ट, स्टार्क इफ़ेक्ट

[04:16:51] क्या है? बता दिया। आओ बेसिक चीजें करते

[04:16:54] हैं यार। चैप्टर खत्म करते हैं। बहुत देर

[04:16:55] हो गई। एटॉमिक नंबर क्या होता है? इसके और

[04:16:59] नील्स बोर्ड जी के और इसके क्वेश्चन एक

[04:17:01] साथ करेंगे। ठीक है? एटॉमिक नंबर क्या

[04:17:03] होता है? नंबर ऑफ़ प्रोटॉन इन एन एटम इज़

[04:17:06] कॉल्ड एटॉमिक नंबर। और अगर एक एटम

[04:17:08] न्यूट्रल है तो प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन एक

[04:17:11] ही नंबर होते हैं। तो नंबर ऑफ प्रोटॉन और

[04:17:13] नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन भी बोल सकते हो। लेकिन

[04:17:15] तब जब एटम न्यूट्रल हो। लेकिन जैसे Na+

[04:17:18] है। इसमें नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन को आप

[04:17:20] एटॉमिक नंबर नहीं बोल सकते। क्योंकि

[04:17:22] एटॉमिक नंबर नंबर ऑफ़ अ प्रोटॉन होते हैं।

[04:17:26] अब सोडियम के पास 11 प्रोटॉन है। तो उसका

[04:17:28] एटॉमिक नंबर 11 है। लेकिन Na+ ने तो एक

[04:17:30] इलेक्ट्रॉन दे दिया है। तो उसके पास तो 10

[04:17:32] इलेक्ट्रॉन है। इसलिए बेहतर रहेगा कि आप

[04:17:35] एटॉमिक नंबर में नंबर ऑफ़ प्रोटॉन ही बोलो।

[04:17:38] अगर एटम न्यूट्रल है तो वो अलग बात है कि

[04:17:40] इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन बराबर होंगे तो नंबर

[04:17:42] ऑफ़ इलेक्ट्रॉन भी बोल सकते हो। वहीं पे

[04:17:43] मास नंबर क्या होता है? नंबर ऑफ़ प्रोटॉन्स

[04:17:45] प्लस नंबर ऑफ़ न्यूट्रॉन्स। है ना? यानी

[04:17:48] अगर मुझे मास नंबर लिखना हो तो नंबर ऑफ

[04:17:50] प्रोटॉन्स प्लस नंबर ऑफ न्यूट्रॉन। अब

[04:17:53] नंबर ऑफ प्रोटॉन को क्योंकि हम एटॉमिक

[04:17:55] नंबर भी बोलते हैं तो ये भी एक फार्मूला

[04:17:57] मिल जाता है और ये भी एक फार्मूला मिल

[04:17:59] जाता है। डन। आइसोटोप्स कौन होते हैं? अरे

[04:18:03] आइसोटोप्स वो जिनका एटॉमिक नंबर तो सेम है

[04:18:06] लेकिन मास नंबर अलग-अलग है। जैसे कार्बन

[04:18:08] का एटॉमिक नंबर छह होता है लेकिन मास नंबर

[04:18:11] 12 भी होता है और 14 भी होता है। जैसे

[04:18:14] हाइड्रोजन के बारे में लिखा हुआ है।

[04:18:15] एटॉमिक नंबर हाइड्रोजन का एक होता है।

[04:18:18] लेकिन मास नंबर इसका एक भी हो सकता है, दो

[04:18:20] भी हो सकता है और तीन भी हो सकता है। एक

[04:18:23] वाले को हम लोग प्रोटियम बोलते हैं। दो

[04:18:25] वाले को ड्यूटेरियम बोलते हैं। तीसरे वाले

[04:18:27] को ट्रिटियम बोलते हैं। ठीक है? आइसोबार्स

[04:18:30] कौन होते हैं? उल्टा जिनका एटॉमिक नंबर तो

[04:18:33] अलग है लेकिन मास नंबर जो है वो सेम है।

[04:18:36] जैसे कि कार्बन 6 14 और नाइट्रोजन 7 14 इन

[04:18:41] दोनों का एटॉमिक नंबर अलग है लेकिन मास

[04:18:44] नंबर जो है वो आप देख सकते हो सेम है। तो

[04:18:46] ये हमारे लिए कौन हो जाएंगे? आइसोबार्स हो

[04:18:48] जाएंगे। कौन हो जाएंगे? आइसोबार्स। जैसे

[04:18:51] आर्गन 18 40 और कैल्शियम भी 20 लेकिन मास

[04:18:56] नंबर 40। तो ये हमारे लिए हो गए

[04:18:58] आइसोबार्स। आइसोटोों्स कौन होते हैं? ये

[04:19:01] हो सकता है नया हो। ऐसे लोग जिनके पास सेम

[04:19:04] नंबर ऑफ न्यूट्रॉन्स होते हैं। सेम नंबर

[04:19:07] ऑफ न्यूट्रॉन्स होते हैं उनको आइसोटोन्स

[04:19:09] कहते हैं। एग्जांपल के तौर पे जैसे

[04:19:12] हाइड्रोजन वन 3 यानी कि ट्रिटियम और

[04:19:15] हीलियम 24 हीलियम 2 4 हीलियम 2 4 अब इसके

[04:19:20] पास कितने न्यूट्रॉन हैं? तो मास नंबर में

[04:19:23] से एटॉमिक नंबर अगर माइनस कर दूंगा तो

[04:19:26] नंबर ऑफ न्यूट्रॉन आ जाएंगे। मास नंबर में

[04:19:28] से एटॉमिक नंबर माइनस कर दूंगा। नंबर ऑफ

[04:19:31] न्यूट्रॉन आ जाएंगे। तो दो न्यूट्रॉन आ

[04:19:32] गए। और यहां पे देखो तो मास नंबर में से

[04:19:36] एटॉमिक नंबर माइनस कर दूंगा तो अगेन दो

[04:19:38] मेरे पास न्यूट्रॉन आ जाएंगे। तो दोनों के

[04:19:41] पास इक्वल नंबर ऑफ न्यूट्रॉन्स हैं। तो ये

[04:19:43] मेरे पास बन जाएंगे आइसोटोों्स बन जाएंगे।

[04:19:46] कौन बन जाएंगे? आइसोटोों्स। ठीक है? डन

[04:19:49] है। चलो आओ एक आध सवाल करते हैं। इनके ऊपर

[04:19:52] चैप्टर समाप्त करते हैं। आ जाओ। अह एक दो

[04:19:55] क्वेश्चन नील्स बोर्ड जी के ऊपर एक दो

[04:19:56] क्वेश्चन आइसोटोप्स आइसोबार् के ऊपर। द

[04:19:59] नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स, प्रोटॉन्स एंड

[04:20:01] न्यूट्रॉन्स इन अ स्पीशीज़ आर इक्वल्स टू

[04:20:04] इलेक्ट्रॉन हमारे पास कितने हैं भैया? 18

[04:20:07] हैं। देखो प्रोटॉन हमारे पास कितने हैं

[04:20:10] भैया? 16 हैं। और न्यूट्रॉन भी हमारे पास

[04:20:13] 16 हैं। आपको इसका प्रॉपर सिंबल असाइन

[04:20:16] करना है। सिंबल यानी एटम की पहचान प्रोटॉन

[04:20:19] से होती है। इलेक्ट्रॉन से नहीं। मैंने

[04:20:21] आपको बताया था। अब 16 प्रोटॉन है। इसका

[04:20:24] मतलब है ये सल्फर है। बिकॉज़ 16 पे सल्फर

[04:20:27] आता है। एटॉमिक नंबर 16 है। नीचे लिखते

[04:20:30] हैं एटॉमिक नंबर और ऊपर लिखते हैं मास

[04:20:33] नंबर। मास नंबर क्या होता है? नंबर ऑफ

[04:20:35] प्रोटॉन्स प्लस नंबर ऑफ न्यूट्रॉन। तो 16

[04:20:38] + 16 कितना हो गया? 32। अब ज्यादातर बच्चे

[04:20:42] इसको 16 32 करके आ जाते हैं और उनको लगता

[04:20:45] है उनका काम हो गया। बट यहां पे गलत है।

[04:20:48] क्या गलत है बताओ? मतलब मन में सोच लो

[04:20:50] क्या गलत है? क्या गलत है भाई? अरे भैया

[04:20:53] इसके पास दो इलेक्ट्रॉन ज्यादा हैं।

[04:20:55] प्रोटॉन 16 हैं। इलेक्ट्रॉन 18 हैं। तो दो

[04:20:58] इलेक्ट्रॉन ज्यादा है ना? इलेक्ट्रॉन

[04:21:00] ज्यादा होने का मतलब है आपके ऊपर नेगेटिव

[04:21:03] चार्ज होगा। प्रोटॉन ज्यादा हैं तो आपके

[04:21:05] ऊपर पॉजिटिव चार्ज होगा। सिंपल ठीक है आ

[04:21:09] जाओ। लो जी क्वेश्चन आ गया। देखो व्हाट आर

[04:21:13] दी फ्रीक्वेंसी एंड वेवलेंथ ऑफ अ फोटन जो

[04:21:16] कि कहां से कहां जाता है? फाइव से टू जाता

[04:21:19] है हाइड्रोजन एटम में। अब अगर हाइड्रोजन

[04:21:22] एटम है तो Z की वैल्यू वन हो गई। कहां से

[04:21:26] कहां गया है भैया? पांचवें शेल से दूसरे

[04:21:29] शेल में कूदा है। तो इनिशियल हो गया फाइव।

[04:21:31] फाइनल हो गया टू। आपको फ्रीक्वेंसी और

[04:21:34] वेवलेंथ निकालनी है। अगर मैं एनर्जी निकाल

[04:21:36] दूं तो एनर्जी से फ्रीक्वें प्लानिंग

[04:21:39] देखो। प्लानिंग देखो।

[04:21:41] प्लानिंग क्या है? मैं सबसे पहले निकालने

[04:21:44] जा रहा हूं एनर्जी। अगर मैंने एनर्जी

[04:21:46] निकाल दी तो एनर्जी का फार्मूला क्या होता

[04:21:48] है? h न्यू होता है। तो फिर μ मुझे मिल

[04:21:52] जाएगा एनर्जी / h से। ठीक है? μ मुझे मिल

[04:21:55] जाएगा

[04:21:57] क्योंकि h पता है एनर्जी निकाल चुका हूं।

[04:21:59] और अगर मेरे पास μ आ गया तो μ का फार्मूला

[04:22:02] क्या होता है? μ का फार्मूला होता है c /

[04:22:03] लैम्ब्डा। तो वहां से लैम्ब्डा आ जाएगा c

[04:22:06] / μ तो अगेन मेरे पास सब आ जाएगा। लेकिन

[04:22:09] पहले मुझे एनर्जी चाहिए। एनर्जी निकालने

[04:22:12] का हमारे पास फार्मूला है 2.18

[04:22:16] * में 10 की पावर -18

[04:22:19] z²

[04:22:21] z कितना है? वन है। फार्मूला याद कर लिया।

[04:22:23] मैंने कहा था याद करे बिना आगे मत चलना।

[04:22:26] 2.18

[04:22:28] * में 10 के पावर -18z²

[04:22:32] 1 / n1²

[04:22:34] जो कि 5 का स्क्वायर है। पहले फार्मूला

[04:22:37] लिख दूं क्या? 2.18z²

[04:22:40] 1 / n1² - 1 / n2 का स्क्वायर ये जूल में

[04:22:45] आएगा तो 2.18

[04:22:50] इंटू में 10 के पावर -18 z की वैल्यू वन आ

[04:22:55] गई। 1 / n1 का स्क्वायर यानी 5²

[04:23:00] - 1 / n2² यानी 2² इसको सॉल्व किया। जूल

[04:23:05] में एनर्जी आ गई। एनर्जी की वैल्यू यहां

[04:23:08] पुट कर दी। h की वैल्यू 6.63 * में 10 की

[04:23:11] पावर -34 फ्रीक्वेंसी आ गई। फ्रीक्वेंसी आ

[04:23:14] गई तो यहां से वेवलेंथ भी आ जाएगा। देख लो

[04:23:17] चाहे कोई जल्दबाजी नहीं है। वीडियो को पॉज

[04:23:19] करके देख लो। डन। आसान सवाल है। आपको

[04:23:22] बताना है कितने न्यूट्रॉन्स हैं इन सब

[04:23:24] में? कितने न्यूट्रॉन्स हैं? एनसीईआरटी का

[04:23:27] सवाल है। न्यूट्रॉन्स कैसे निकालते हैं?

[04:23:29] कैसे निकालते हैं भाई? न्यूट्रॉन्स?

[04:23:31] न्यूट्रॉन्स कैसे निकालते हैं? जैसे

[04:23:34] कार्बन 6 13 हैं। न्यूट्रॉन्स निकालने

[04:23:37] हैं। तो न्यूट्रॉन्स का फार्मूला मास नंबर

[04:23:39] में से एटॉमिक नंबर माइनस करते हैं। तो 13

[04:23:42] में से छ माइनस कर दिया। सात आ गए। ये

[04:23:44] क्या सवाल है सर? ये क्या सवाल? एनसीईआरटी

[04:23:47] का सवाल है। मैग्नीशियम ले लो मैग्नीशियम।

[04:23:49] मैग्नीशियम 12 और 14 है। आपको नंबर ऑफ

[04:23:53] न्यूट्रॉन्स निकालने हैं। एटॉमिक नंबर मास

[04:23:55] नंबर में से एटॉमिक नंबर माइनस करेंगे। 24

[04:23:58] में से 12 गया। 24 में से 12 गया। 24 में

[04:24:01] से 12 गया 12 आंसर आ गया। 12 आंसर आ गया।

[04:24:06] आओ ना रेडियस वाला करते हैं। यह देखो यह

[04:24:08] देखो एक अच्छा सवाल है। आओ रेडियस वाला

[04:24:10] सवाल करते हैं। कह रहे हैं कैलकुलेट द

[04:24:13] एनर्जी एसोसिएटेड विद दी फर्स्ट ऑर्बिट।

[04:24:16] पिछले वाले क्वेश्चन में एक शेल से दूसरे

[04:24:19] शेल में कूदा था। तो आपने एनर्जी निकाली।

[04:24:21] इसमें एक ही शेल में कूदा हुआ है। एनर्जी

[04:24:24] निकालनी है। लेकिन कौन है? हीलियम प्लस है

[04:24:26] यानी हाइड्रोजन लाइक है। लेकिन हीलियम के

[04:24:28] लिए z की वैल्यू यानी एटॉमिक नंबर टू होता

[04:24:30] है। और फर्स्ट ऑर्बिट की रेडियस निकालना

[04:24:33] है। तो फर्स्ट ऑर्बिट का रेडियस मतलब n =

[04:24:36] फर्स्ट के लिए काम करना है। रेडियस

[04:24:38] निकालना है एनर्जी सॉरी। पहले आपको एनर्जी

[04:24:40] निकालनी है। फिर आपको रेडियस। अब एक शेल

[04:24:43] से दूसरे शेल में कूदते हैं तो एनर्जी का

[04:24:45] फार्मूला 1 / n² - 1 / n² होता है। लेकिन

[04:24:49] एक ही शेल की एनर्जी का फार्मूला माइनस

[04:24:52] जूल में बात करें तो 2.18 * में 10 की

[04:24:55] पावर -18

[04:24:58] z² / n² होता है। तो -2.18

[04:25:04] * में 10 की पावर -18 z हमारे पास दो है

[04:25:09] क्योंकि हीलियम है और n की वैल्यू हमारे

[04:25:12] पास वन है। 1 का स्क्वायर। ठीक है? इसको

[04:25:15] अगेन सॉल्व करना है। जूल में आंसर आ

[04:25:17] जाएगा। उसके मैंने आपको क्या बोला? अगर

[04:25:19] आपको सही समय पे सही फार्मूला याद आ गया

[04:25:22] तो क्वेश्चन कुछ नहीं है। 0.529n²

[04:25:27] / z एंगस्ट्रो में रेडियस भी आ जाएगा। तो

[04:25:30] 0 9529 हीलियम हीलियम के लिए n फर्स्ट शेल

[04:25:35] ही तो है। फर्स्ट शेल ही तो है। n आ गया।

[04:25:37] लेकिन z हमारे पास टू आएगा। इसको सॉल्व

[04:25:40] किया एंगस्ट्रो में आंसर आएगा। मीटर में

[04:25:42] निकालना है तो 10 की पावर -10 मीटर आ

[04:25:46] जाएगा।

[04:25:47] अरे डन है क्या? अरे डन है क्या? बोलो। डन

[04:25:51] है क्या? डन है क्या? डन है क्या? डन है

[04:25:53] क्या? पक्की बात है। पक्की बात है। अब

[04:25:56] देखो यहां पे यह वाला जो सवाल है और यह

[04:25:59] वाला जो सवाल है यह सेम है। इनमें से कोई

[04:26:01] एक करा रहा हूं। एक करा रहा हूं। उसके अरे

[04:26:03] अरे ये अपनी फोटो देख के इससे पहले कभी

[04:26:05] खुशी नहीं हुई मुझे। इतना बड़ा वन शॉट

[04:26:08] फाइनली खत्म होने को आया है। लेकिन इन

[04:26:10] दोनों क्वेश्चन में से एक क्वेश्चन कोई भी

[04:26:12] मैं आपको होमवर्क दे रहा हूं और एक करा

[04:26:14] रहा हूं। बिकॉज़ एग्जैक्टली सेम है। ये

[04:26:16] क्वेश्चन बहुत आते हैं एग्जाम में।

[04:26:18] एनसीईआरटी में लगातार तीन क्वेश्चन है। ये

[04:26:20] लगातार एक्सरसाइज में। देखो ये वाला

[04:26:22] क्वेश्चन। ये क्वेश्चन कैसे अच्छा है?

[04:26:25] देखो कह रहे हैं द एलिमेंट जिसका मास नंबर

[04:26:28] आपको एक एलिमेंट दे रखा है जिसका मास नंबर

[04:26:31] 81 है। उसके पास 31.7%

[04:26:35] ज्यादा न्यूट्रॉन्स हैं एज कंपेयर टू

[04:26:38] प्रोटॉन्स। तो मैं लेट कर लेता हूं कि

[04:26:41] उसके पास जो प्रोटॉन्स हैं वो x नंबर के

[04:26:44] हैं। तो न्यूट्रॉन कितने हो गए? न्यूट्रॉन

[04:26:47] प्रोटॉन से 31.7%

[04:26:49] ज्यादा हैं। तो न्यूट्रॉन प्रोटॉन से

[04:26:52] 31.7%

[04:26:55] ज्यादा हैं। मैथ्स तो न्यूट्रॉन हो गए। ऐड

[04:26:59] कर दूंगा तो 131.7x

[04:27:02] / 100 यानी कि न्यूट्रॉन आ गए 1.317x

[04:27:08] ये मेरे पास न्यूट्रॉन आ गए। आपको सिंबल

[04:27:11] बताना है क्या है? सुनो अब।

[04:27:14] अब आई होप आप सबको पता है कि मास नंबर

[04:27:16] होता है नंबर ऑफ प्रोटॉन्स प्लस नंबर ऑफ

[04:27:18] न्यूट्रॉन। मास नंबर क्वेश्चन में 81 दे

[04:27:22] रखा है। नंबर ऑफ प्रोटॉन हमारे पास x हैं

[04:27:25] और नंबर ऑफ न्यूट्रॉन हमारे पास 1.317x

[04:27:29] है।

[04:27:30] अब अगर मुझे सिंबल निकालना है तो मुझे

[04:27:32] प्रोटॉन तो चाहिए होंगे। एनी एटॉमिक नंबर

[04:27:34] तो चाहिए होगा। तो यहां पे आ गया 2.317x

[04:27:37] अब अच्छी बात यह है कि x जो है वो एक होल

[04:27:40] नंबर आना चाहिए या एप्रोक्सीमेटली एक होल

[04:27:43] नंबर आना चाहिए। नहीं आया तो हमने इसका

[04:27:44] मतलब है कुछ गलती कुछ गड़बड़ी करी है। चलो

[04:27:47] आओ अब यहां पे अगर मैं सॉल्व करता हूं तो

[04:27:50] आता है 81 बाय 2.317

[04:27:55] तो ये देखो आप आंसर आता है 35

[04:27:59] ओ सॉरी सॉरी माय बैड माय बैड 34.9

[04:28:04] और आपको मैंने फर्स्ट चैप्टर के वन शॉट

[04:28:07] में बताया था अगर डेसिमल के बाद नाइन या

[04:28:10] जीरो आता है तो आप उसे होल नंबर में राउंड

[04:28:12] ऑफ कर सकते हो। तो मैं इसको 35 लिख सकता

[04:28:15] हूं। समझ में आया क्या? समझ में आया क्या?

[04:28:19] अब इसके पास प्रोटॉन हो जाते हैं 35। तो

[04:28:22] इसका कंप्लीट सिंबल अगर मुझे लिखना हो तो

[04:28:25] मैं कैसे लिख सकता हूं? देखो आप सिंबल का

[04:28:29] मतलब क्या आप यह जानते हैं कि 35 पे कौन

[04:28:31] आता है?

[04:28:33] बोलो। अगर आप यह नहीं जानते हैं कि 35 पर

[04:28:36] कौन आता है, तो आप इसका सिंबल x लिखेंगे।

[04:28:38] बिकॉज़ हमको एक से 30 तक पता होना चाहिए।

[04:28:41] उसके आगे पता करना हमारा फर्ज नहीं है।

[04:28:44] अगर यहीं पे 29 आता तो मैं बोलता कॉपर है।

[04:28:47] यहीं पे अगर मैग्नीश 12 आता तो मैं बोलता

[04:28:49] मैग्नीशियम है। लेकिन 35 आया है। तो इसका

[04:28:51] सिंबल आप ऐसे लिख सकते हैं कि एटॉमिक नंबर

[04:28:54] हो गया 35 और मास नंबर हो गया इसका 81।

[04:28:58] एटॉमिक नंबर हो गया इसका 35 और मास नंबर

[04:29:01] हो गया इसका 81। एटॉमिक नंबर हो गया इसका

[04:29:04] 35 और मास नंबर हो गया इसका 81। ऑलदो 35

[04:29:08] पे ब्रोमीन आता है। ब्रोमीन आता है ना? एक

[04:29:11] बार कंफर्म कर लेते हैं। 35 पे ब्रोमीन

[04:29:13] आता है। तो ब्रोमीन एटॉमिक नंबर

[04:29:18] एटॉमिक नंबर 35। हां। तो इसका मतलब है

[04:29:21] ब्रोमीन है। अब अगर आपको याद है कि ये

[04:29:22] ब्रोमीन है तो आप इसको Br35 81 लिख सकते

[04:29:26] हो। अदरवाइज ऐसे भी छोड़ सकते हो। ठीक है

[04:29:28] जी। डन हो गया ये। तो ये फाइनली फाइनली ये

[04:29:32] होमवर्क है। फाइनली फाइनली फाइनली मेरे

[04:29:37] जीवन का सबसे बड़ा वन शॉट हमने आज खत्म

[04:29:40] किया है। इतना तो बनता है कि आप इस वन शॉट

[04:29:43] को लाइक करें। इतनी मेहनत से वन शॉट और

[04:29:45] आपकी भी मेहनत के लिए तालियां अगर आपने वन

[04:29:47] शॉट देखा है एंड तक तो। और साथ ही साथ

[04:29:50] इसकी पूरी पीपीटी आपको Telegram पे

[04:29:52] मिलेगी। जैसे ही वन शॉट का प्रीमियर खत्म

[04:29:54] होगा। मतलब अगर आज ये वन शॉट अपलोड हुआ है

[04:29:56] क्या तारीख है आज ही हो जाएगा एडिट वाइड

[04:29:59] होने की 3 जुलाई तो 3 जुलाई को ही रात तक

[04:30:01] पीपीटी tlegram पे भी आ जाएगी लेकिन आप

[04:30:03] सबको करना क्या है इतने बड़े वन शॉट को

[04:30:05] बनाने के लिए भाई साहब मोटिवेशन चाहिए

[04:30:07] होती है और वो मोटिवेशन आती है आप जब

[04:30:10] प्यारा सा एक कमेंट छोड़ते हैं प्यारा सा

[04:30:12] सेकंड बात बैच 2.0 12 तारीख से शुरू हो

[04:30:16] रहा है एनरोल कर सकते हो इससे भी ज्यादा

[04:30:17] बेहतर तरीके से वहां पे हम लोग दिल और

[04:30:19] दिमाग से पढ़ाएंगे और YouTube पे

[04:30:21] मैराथों्स एजुकेशन पे नाइन 10थ 11 12th की

[04:30:24] शुरू हो गई हैं मतलब हो जाएंगी सॉरी 5

[04:30:26] तारीख से उसकी भी वीडियो डल गई होगी जाके

[04:30:28] चेक करो एजुकेशन हमारे चैनल पे बाकी मिलते

[04:30:30] हैं लव यू यार बड़ा मजा आया वन शॉट

[04:30:32] रिकॉर्ड करके आपको पढ़ के कैसा लगा कमेंट

[04:30:34] सेक्शन पे रिव्यु दीजिएगा थैंक यू पीपीटी

[04:30:37] मिल जाएगी tlegram
