# 🔴 Basics of Economy / अर्थव्यवस्था की मूल बातें | for All SSC Exams | Economics By Himanshu Sir

https://www.youtube.com/watch?v=mVbEi1rfdT4
Translation: en

[00:17] ठीक
  Okay

[00:19] ठीक है।
  Okay.

[00:28] हां अभी लाइव
  Yes, live now.

[00:30] ठीक
  Okay.

[00:33] हां बच्चों गुड आफ्टरनून जय हिंद क्या हालचाल आ जाएंगे सभी बच्चे।
  Yes children, good afternoon, Jai Hind. How are you all? Will all the children come?

[00:43] प्रणाम भाई गुड आफ्टरनून गुड आफ्टरनून।
  Greetings brother, good afternoon, good afternoon.

[00:46] ये है आपकी दफ्तर सीरीज की इकोनॉमिक्स की क्लास नंबर वन और इस क्लास का कारण क्या है क्योंकि आप बच्चों को सबसे ज्यादा अगर प्रॉब्लम किसी सब्जेक्ट में थी तो वो इकोनॉमिक्स में थी।
  This is your Office Series Economics Class Number One, and the reason for this class is that if you children had the most problems in any subject, it was in Economics.

[00:57] आप बच्चे बच्चे जानते हो जो भी आप लोग बोलते हो हम वो करने की पूरी कोशिश करते हैं।
  You children know that whatever you say, we try our best to do it.

[01:01] तो ये है आपकी आपने बोला हमने शुरू किया।
  So this is yours, you said it, we started it.

[01:04] ये है आपकी क्लास नंबर वन इकोनॉमिक्स की।
  This is your Class Number One of Economics.

[01:09] फटाफट फटाफट आ जाएंगे सब बच्चे।
  Quickly, quickly, all children will come.

[01:13] 2 मिनट की बस बात करूंगा।
  I will talk for just 2 minutes.

[01:15] उसके बाद ये सब्जेक्ट शुरू करूंगा।
  After that, I will start this subject.

[01:17] ठीक है बच्चों?
  Okay, children?

[01:20] पॉलिटिकल साइंस बच्चों 14 लेक्चर में वह खत्म हमने बहुत अच्छे से कर दी है और उसको आप सब्जेक्ट वाइज टॉपिक वाइज किस तरह से टेस्ट दे सकते हो उसका उसके लिए भी एक शॉर्ट अपलोड कर दिया था।
  Political science, children, in 14 lectures, we finished it very well, and we also uploaded a short [video/document] on how you can give subject-wise, topic-wise tests.

[01:29] है ना?
  Right?

[01:32] अब विदाउट वेस्टिंग एनी टाइम शुरू करते हैं इकोनॉमिक्स इस सब्जेक्ट को।
  Now, without wasting any time, let's start with this subject, Economics.

[01:37] बच्चों जब से टीसीएस का जो पैटर्न है और जो टीसीएस का जो पैटर्न था जो एसएससी के एग्जाम्स हैं वो जब टीसीएस कराया करती थी और अब जब से ये पैटर्न चेंज हुआ है जब से एडिक्वेट पैटर्न आया है अगर सबसे ज्यादा शिफ्ट किसी सब्जेक्ट में आया है तो वो इकोनॉमिक्स में आया है।
  Children, since the TCS pattern, and the TCS pattern that was there for SSC exams when TCS used to conduct them, and now since this pattern has changed, since the adequate pattern has come, if any subject has seen the most shifts, it is Economics.

[01:50] कैसे?
  How?

[01:54] पिछले एक साल का अगर आप डाटा उठा के देखो तो सबसे ज्यादा क्वेश्चन हिस्ट्री, पॉलिटी, ज्योग्राफी, इकोनॉमिक्स अगर इन चार जो ये कोर सब्जेक्ट हैं इनमें से अगर आप देखोगे कि सबसे ज्यादा क्वेश्चन किस सब्जेक्ट से बने हैं?
  If you look at the data from the last one year, the most questions have come from History, Polity, Geography, Economics. If you look among these four core subjects, from which subject have the most questions been formed?

[02:05] तो वो इकोनॉमिक्स से बने हैं।
  Then they have been formed from Economics.

[02:08] अब उसके बाद प्रॉब्लम ये है कि कुछ हल्के-माड़े क्वेश्चन नहीं अच्छे लेवल के क्वेश्चंस जो हैं वो बने हैं।
  Now, after that, the problem is that not just a few easy questions, but good level questions have been asked.

[02:14] जिन्होंने इकोनॉमिक्स अच्छे से पढ़ी भी हुई थी उनसे भी क्वेश्चन नहीं बने हुए थे।
  Even those who had studied Economics well, could not answer the questions.

[02:16] अब इस सब्जेक्ट में
  Now in this subject

[02:18] प्रॉब्लम क्या है?
  What is the problem?

[02:18] थोड़ा सा वो समझो।
  Understand that a little bit.

[02:20] है ना?
  Right?

[02:23] अगर तुम में से कुछ बच्चे मुझे जानते हैं मेरे पढ़ा पढ़ाने के तरीके को अगर जा अगर आप जानते हो।
  If some of you children know me, my teaching method, if you know.

[02:27] मान लो अगर फंडामेंटल राइट्स की क्लास है, प्रेसिडेंट की क्लास है तो मैं आप लोगों को बोल दूंगा कि मुझे आपके एफर्ट की जरूरत ही नहीं है।
  Suppose if it is a class on Fundamental Rights, a class on the President, then I will tell you all that I do not need your effort at all.

[02:31] सिर्फ बैठ जाओ और चीजों को सुनते रहो।
  Just sit down and keep listening to things.

[02:35] अगर मैं हिस्ट्री पढ़ाऊंगा तो मुझे आपके एफर्ट्स की जरूरत नहीं है।
  If I teach history, I do not need your efforts.

[02:37] सिर्फ बैठ जाओ।
  Just sit down.

[02:39] जो मैं बता रहा हूं उसको एक बार जाके फिर रिवाइज कर लेना काम हो जाएगा।
  What I am telling, go and revise it once, and the work will be done.

[02:44] इस सब्जेक्ट में ऐसे काम नहीं चलेगा।
  It won't work like this in this subject.

[02:46] बच्चों हमारा डिस्कशन हुआ और ये सब्जेक्ट हम लोगों ने जानबूझ के उठाया है क्योंकि ये थोड़ा सा टफ है।
  Children, we had a discussion, and we deliberately took up this subject because it is a bit tough.

[02:51] टेक्निकल है।
  It is technical.

[02:51] टफ नहीं है।
  It is not tough.

[02:53] अब टेक्निकल क्या होता है बच्चों?
  Now, what is technical, children?

[02:56] इसको समझने के लिए इसको समझने के लिए आपको थोड़े से अपने भी एफर्ट्स डालने पड़ेंगे।
  To understand this, to understand this, you will have to put in some of your own efforts too.

[03:02] मुझे अपना बड़ा भाई मानो और अगली 10 क्लासेस में जो मैं बोलता हूं सिर्फ उतना काम कर लेना।
  Consider me your elder brother, and in the next 10 classes, just do the work that I tell you to do.

[03:07] जो मैं पढ़ाता हूं उसको बहुत ध्यान से पढ़ लेना।
  Read what I teach very carefully.

[03:09] जिसको मैं बोलता हूं इसको लिख लो।
  Whom I tell to write this down.

[03:12] उसको ध्यान से लिख लेना।
  Write it down carefully.

[03:14] जिसको मैं ये बोलूं कि एग्जाम में ना मेरा दोस्त है और यहां से क्वेश्चन पूछेगा।
  Whom I tell that he is my friend in the exam and will ask questions from here.

[03:18] तो तुम मान लेना कि पूछेगा और सिर्फ 10 क्लास में ये भरोसा
  Then you assume that he will ask, and in just 10 classes, this trust

[03:21] करके देखो।
  Try it.

[03:23] उसके बाद मैं तुम्हें बताऊंगा कि इकोनॉमिक्स इजी है या टफ है।
  After that, I will tell you whether economics is easy or tough.

[03:25] ठीक है बच्चों इतनी बात?
  Okay, children, is that much clear?

[03:25] ठीक है?
  Okay?

[03:28] बिल्कुल बेसिक से लेके और एडवांस तक हम इन 10 क्लासेस में इकोनॉमिक्स को लेके जाएंगे और उसके बाद मैं तुम्हें किसी भी एग्जाम के जो क्वेश्चंस हैं वो प्रैक्टिस कराऊंगा।
  From the absolute basics to advanced, we will take economics in these 10 classes, and after that, I will practice the questions of any exam with you.

[03:37] बस मुझे बाधाओं में मत बांधना कि सर ये शब्द भी हिंदी में लिख दो, इंग्लिश में लिख दो।
  Just don't tie me down with obstacles like 'Sir, write these words in Hindi, write them in English'.

[03:42] मैं भाई अपनी तरफ से पूरा 100% दूंगा कि चीजों को मैं हिंदी में भी लिखूं।
  Brother, I will give my full 100% from my side to write things in Hindi as well.

[03:45] पीपीटी बच्चों है।
  The PPT, children, is available.

[03:47] हिंदी में भी है, इंग्लिश में भी है।
  It is in Hindi, and it is in English.

[03:49] लार्जर पर्सपेक्टिव पे ध्यान दो।
  Focus on the larger perspective.

[03:51] है ना?
  Right?

[03:51] कि जो कांसेप्ट हैं उनको समझने पे ध्यान दो।
  Focus on understanding the concepts.

[03:54] ठीक है?
  Okay?

[03:54] तो चलिए शुरू करते हैं।
  So let's begin.

[03:57] हां, पहले इकोनॉमिक्स पूरी कर लेते हैं।
  Yes, let's finish economics first.

[03:59] फिर तुम बच्चे जानते हो जो तुम बोलोगे वो हो जाता है।
  Then, you children know, whatever you say happens.

[04:01] उसकी टेंशन मत लो तुम लोग।
  Don't you worry about that.

[04:03] ठीक है?
  Okay?

[04:05] ठीक है?
  Okay?

[04:05] तो बस यही ट्रस्ट, यही भरोसा रखो और बिल्कुल कुर्सी की पेटी एकदम टाइट बांध लो।
  So just keep this trust, this faith, and tighten your seatbelts completely.

[04:12] हम लोग शुरू करने जा रहे हैं इकोनॉमिक्स।
  We are going to start economics.

[04:13] बिल्कुल बेसिक से पढ़ाऊंगा और बिल्कुल एडवांस तक पढ़ाऊंगा।
  I will teach from the absolute basics and teach up to the absolute advanced.

[04:19] लेकिन बीच में टूटना नहीं है।
  But you must not break in between.

[04:19] यह बहुत नॉर्मल सा
  This is very normal

[04:21] पैटर्न है कि शुरुआत में आके सब बैठ जाते हैं, पढ़ने लगते हैं।
  The pattern is that everyone comes and sits down at the beginning and starts reading.

[04:25] लेकिन धीरे-धीरे बच्चे टूटने लगते हैं।
  But slowly, the children start to break away.

[04:28] तुम्हें बस वो नहीं टूटना है।
  You just have to not break away.

[04:28] ठीक है?
  Okay?

[04:30] चलिए, शुरू करते हैं पहला ही टॉपिक।
  Let's start with the very first topic.

[04:33] है ना?
  Right?

[04:33] आज की क्लास को मैं थोड़ी सी लाइट रखूंगा।
  I will keep today's class a bit light.

[04:35] आज की क्लास का तरीका भी थोड़ा सा अलग होगा।
  The method of today's class will also be a bit different.

[04:38] जिन चीजों को मैं तुम्हें पीपीटी पे दिखाऊंगा।
  The things I will show you on the PPT.

[04:40] पीपीटी पे दिखाने से पहले हाथ से लिख के उन चीजों को मैं समझाऊंगा जो मैं हाथ से लिख के समझा रहा हूं।
  Before showing on the PPT, I will explain those things by writing them by hand, which I am explaining by writing by hand.

[04:44] आप उसको अपने नोट्स में बनाने की कोशिश करोगे।
  You will try to make them in your notes.

[04:47] ठीक है?
  Okay?

[04:51] चलो अब ये देखो सबसे पहली चीज कि भाई अर्थशास्त्र क्या है?
  Now let's look at the very first thing: what is economics?

[04:54] और मैं सबसे पहली स्लाइड ही क्या लेके आऊं कि इकोनॉमिक्स क्या है?
  And what should be the very first slide I bring other than 'What is economics?'

[04:56] इससे ज्यादा बेसिक अब हम और क्या जाएंगे कि हम पढ़ने वाले हैं इकोनॉमिक्स।
  How much more basic can we get than this, that we are going to study economics.

[05:02] इसको और अच्छा बनाते हैं।
  Let's make it even better.

[05:05] है ना?
  Right?

[05:05] इसको और अच्छा बनाते हैं बच्चों।
  Let's make it even better, children.

[05:08] एक अच्छी डेफिनेशन के साथ कि मुझे तुम यह बताओ कि अर्थशास्त्र और अर्थव्यवस्था एक ही चीज है क्या?
  With a good definition, tell me, are economics and economy the same thing?

[05:14] सबसे पहली हेडिंग डालेंगे कांसेप्ट नंबर वन इस तरह से और यूं दो एक पेज के बीच में इस तरह से एक लाइन
  We will put the first heading as Concept Number One, like this, and draw a line in the middle of two pages like this.

[05:23] खींचेंगे और यहां पर लिखेंगे इकोनॉमिक्स।
  We will pull and write Economics here.

[05:26] क्या लिखेंगे बच्चों? इकोनॉमिक्स।
  What will we write, children? Economics.

[05:28] इकोनॉमिक्स का मतलब अर्थशास्त्र।
  Economics means economics.

[05:32] और इधर लिखेंगे इकोनॉमी।
  And here we will write Economy.

[05:36] कॉन्सेप्ट नंबर वन कि क्या इकोनॉमी अर्थव्यवस्था और अर्थशास्त्र
  Concept number one is whether economy, economics, and economics

[05:39] क्या एक ही चीज है भाई एक ही चीज है या
  Are they the same thing, brother? Are they the same thing or

[05:42] नहीं है और अगर है तो डिफरेंस क्या है वो
  Not? And if they are, what is the difference? That

[05:45] डिफरेंस है तो वो डिफरेंस कितना कारगर है
  If there is a difference, how effective is that difference?

[05:47] या नहीं है उसकी बात करते हैं बच्चों चलिए
  Or not? Let's talk about that, children. Let's

[05:50] शुरू करते हैं इकोनॉमिक्स भी एक सब्जेक्ट
  Start. Economics is also a subject

[05:53] है और इकोनॉमी इकोनॉमी भी काइंड ऑफ
  And Economy. Economy is also kind of

[05:56] सब्जेक्ट है लेकिन इसमें अंतर क्या है
  A subject. But what is the difference between them?

[05:58] अंतर इसमें बच्चों ये है कि इकोनॉमिक्स जो
  The difference, children, is that Economics, which

[06:01] आपका सब्जेक्ट है ना ये थ्योरी का
  Is your subject, is a subject of theory.

[06:03] सब्जेक्ट सब्जेक्ट है थ्योरी मतलब इसमें
  Subject. Subject. Theory means in this

[06:05] तुम अलग-अलग अलग-अलग सिद्धांत पढ़ते हो।
  You study different, different theories.

[06:08] लेकिन जो इकोनॉमी है इकोनॉमी बच्चों
  But Economy, Economy, children,

[06:11] प्रैक्टिकल है।
  Is practical.

[06:13] जो भी आप ये थ्योरी पढ़ते
  Whatever theories you study

[06:17] हो जब इनको आप रियल जीवन में अप्लाई करते
  When you apply them in real life,

[06:19] हो तो उसको हम इकोनॉमी बोलते हैं।
  We call that Economy.

[06:22] जरा मेरी बात को ध्यान से मेरी बात को जरा
  Listen carefully to what I say. Listen carefully to what I say.

[06:22] ध्यान से सुनो।
  Listen carefully.

[06:22] आप लोगों ने कभी भी किसी
  You have never

[06:25] भी न्यूज़पेपर में ऐसा सुना है क्या कि भारत की इकोनॉमिक्स 4 ट्रिलियन से ऊपर हो गई।
  Have you heard in any newspaper that India's economy has crossed 4 trillion?

[06:30] मेरी एक-एक शब्द को बहुत ध्यान से सुनना।
  Listen to my every single word very carefully.

[06:32] मैं क्या बोल रहा हूं?
  What am I saying?

[06:34] क्या आपने आज तक किसी भी न्यूज़पेपर में, किसी भी न्यूज़ में ऐसा सुना है कि भारत की इकोनॉमिक्स 4 ट्रिलियन की हो गई है।
  Have you ever heard in any newspaper, in any news, that India's economy has become 4 trillion?

[06:41] सुना है क्या?
  Have you heard?

[06:44] क्या सुनते हो कि भारत की इकोनॉमी यानी कि जब हम नंबर्स के साथ खेलते हैं जब हम नंबर्स के साथ खेलते हैं तो उसको हम इकोनॉमी बोलते हैं।
  What do you hear? That India's economy, meaning when we play with numbers, when we play with numbers, we call that economy.

[06:53] लेकिन जब हम थ्योरीज़ के साथ खेलते हैं उसको हम बच्चों इकोनॉमिक्स बोलते हैं।
  But when we play with theories, we call that economics, children.

[06:59] ठीक है?
  Okay?

[07:01] अब ये भी एक विषय है।
  Now this is also a subject.

[07:04] विषय मतलब ये भी एक सब्जेक्ट है।
  Subject means this is also a subject.

[07:07] सब्जेक्ट मतलब इकोनॉमिक्स एक साइंस है।
  Subject means economics is a science.

[07:09] अब ये कैसी साइंस है बच्चों?
  Now what kind of science is this, children?

[07:11] साइंस का मतलब क्या है?
  What does science mean?

[07:15] साइंस हर वो चीज है जो हमारा काम थोड़ा सा आसान बनाए।
  Science is anything that makes our work a little easier.

[07:17] ठीक है?
  Okay?

[07:20] ऐसे ही इकोनॉमिक्स कैसी साइंस है भाई?
  Similarly, what kind of science is economics, brother?

[07:22] ये हमारे जीवन में किस तरह से काम आती है?
  How does it work in our lives?

[07:22] काम आती है बच्चों।
  It is useful, children.

[07:22] काम किस तरह से आती है?
  How is it useful?

[07:22] कि आप जानते हो कि हमारी इच्छाएं अनंत
  That you know that our desires are infinite

[07:25] हैं।
  They are.

[07:25] इच्छाएं कभी खत्म नहीं होती।
  Desires never end.

[07:28] यानी कि हमारी जो नीड्स हैं, हमारी जो वांट्स हैं,
  Meaning, our needs, our wants,

[07:32] हमारी जो जरूरतें हैं वो कैसी हैं बच्चों?
  What are our needs like, children?

[07:35] अनलिमिटेड।
  Unlimited.

[07:35] अनलिमिटेड मतलब कभी ना खत्म होने वाली।
  Unlimited means never-ending.

[07:37] हमारी जो नीड है, हमारी जो वांट है वो क्या है?
  What are our needs, our wants?

[07:40] तो नीड्स वांट्स अनलिमिटेड है।
  So needs and wants are unlimited.

[07:40] मुझे Fortuner भी चाहिए, मुझे Audi भी चाहिए,
  I want a Fortuner, I want an Audi,

[07:42] मुझे Mercedes भी चाहिए, मुझे Hybabus भी चाहिए, मुझे एक बड़ा घर भी चाहिए।
  I want a Mercedes, I want a Hybabus, I want a big house too.

[07:47] लेकिन लेकिन बच्चों मेरी जो इनकम है वो लिमिटेड है।
  But, but children, my income is limited.

[07:54] और मेरी जो इनकम है वो इनकम मेरी लिमिटेड है।
  And my income, that income is limited.

[07:57] अब जरा ध्यान से सुनो इस बात को।
  Now listen to this carefully.

[08:01] जब इस लिमिटेड सी इनकम में मान लो मेरी इनकम ₹1 लाख है।
  When, with this limited income, let's say my income is ₹1 lakh.

[08:03] इस ₹1 लाख में मुझे गाड़ी भी, इधर-उधर आना जाना भी, मेरे एक्सपेंस भी, सेविंग्स भी, घर का खर्चा भी।
  In this ₹1 lakh, I need a car, travel expenses, my expenses, savings, household expenses.

[08:06] जब मैं इन सब चीजों को मैनेज करता हूं, उस मैनेज करने की साइंस को हम लोग क्या बोलते हैं?
  When I manage all these things, what do we call the science of managing them?

[08:10] उस मैनेज करने की साइंस को हम लोग बोलते हैं बच्चों इकोनॉमिक्स।
  We call the science of managing them, children, economics.

[08:13] वेलकम टू वोकैबलरी
  Welcome to Vocabulary

[08:26] क्लासेस बाय हिमांशु सर।
  Classes by Himanshu sir.

[08:29] नीड्स और वांट्स भी अलग-अलग चीज होती है।
  Needs and wants are also different things.

[08:31] नीड होती है जरूरत।
  A need is a necessity.

[08:34] है ना? जैसे कि मुझे यहां से अपने घर तक जाने के लिए एक कोई वाहन चाहिए।
  Right? For example, I need a vehicle to get from here to my home.

[08:37] यानी कि एक बुलेट से भी मेरा काम चल जाएगा।
  Meaning, even a Bullet will do my job.

[08:39] तो मेरी नीड क्या है? बुलेट।
  So what is my need? A Bullet.

[08:41] लेकिन मुझे चाहिए क्या? चाहिए मुझे डिफेंडर।
  But what do I want? I want a Defender.

[08:43] तो डिफेंडर मेरी क्या हो गई? वांट हो गई।
  So what became my want? It became a want.

[08:45] तो दोनों अलग-अलग चीज होती हैं।
  So both are different things.

[08:48] सर कितने दिन में पूरी हो जाए? बेटा पहले पढ़ तो ले।
  Sir, in how many days will it be completed? Son, study first.

[08:49] मतलब ये किस तरह का व्यवहार है।
  Meaning, what kind of behavior is this.

[08:52] एक-एक कोई चीज पढ़ाई जा रही है।
  One by one, things are being taught.

[08:53] तेरा ध्यान उसमें नहीं है।
  Your attention is not on it.

[08:55] और कितने दिन में कंप्लीट हो जाएगी? मुझे भी नहीं पता।
  And in how many days will it be completed? I don't know either.

[08:58] आज की क्लास के बाद किस तरह से चीजें आपको समझ में आ रही है उसमें देखा जाएगा।
  After today's class, it will be seen how you are understanding things.

[08:59] है ना?
  Right?

[09:03] और ये इकोनॉमिक्स किसी भी अगर एग्जाम में आता है तो ये हर एक एग्जाम के लिए बहुत यूज़फुल साबित होगी।
  And if economics comes in any exam, it will prove very useful for every exam.

[09:07] प्लीज एक अच्छे स्टूडेंट की तरह क्लास में बैठे और जो ये इररेिलेवेंट कमेंट हैं इनको ना करें।
  Please sit in the class like a good student and do not make these irrelevant comments.

[09:09] ठीक है बच्चों?
  Okay, children?

[09:12] समझ में बात आई थी? कि ये कैसी साइंस है?
  Did you understand? What kind of science is this?

[09:14] इकोनॉमिक्स एक ऐसी साइंस है जहां पे अनलिमिटेड वांट्स हैं और लिमिटेड रिसोर्सेज हैं।
  Economics is a science where there are unlimited wants and limited resources.

[09:17] तो जैसे तुम्हारे घर में है तुम्हारे घर में तुम्हारे पिताजी की एक
  So, like in your home, in your home, your father's

[09:26] फिक्स इनकम है।
  It is a fixed income.

[09:29] उस फिक्स इनकम में उन्हें घर का भी देखना है।
  In that fixed income, they have to look after the house as well.

[09:31] आगे की सेविंग का भी देखना है।
  They also have to look after future savings.

[09:31] है ना?
  Right?

[09:34] खर्चे भी देखने हैं।
  Expenses also need to be looked after.

[09:34] थोड़ा सा पैसा बचाना भी है।
  A little money also needs to be saved.

[09:36] जब वो उसी फिक्स इनकम में इन सब चीजों को इस तरह से मैनेज करते हैं।
  When they manage all these things in that same fixed income in this way.

[09:39] उस मैनेज करने की साइंस को बच्चों क्या बोलते हैं?
  What do children call the science of managing that?

[09:41] इकोनॉमिक्स बोलते हैं।
  They call it economics.

[09:43] क्लियर है इतनी बात?
  Is that much clear?

[09:45] अब भैया फिर इकोनॉमी क्या है?
  Now, brother, what is economy then?

[09:47] है ना?
  Right?

[09:47] ये तो हुई हमारी क्या? अर्थशास्त्र।
  This is what we had? Economics.

[09:49] अर्थशास्त्र ये है।
  This is economics.

[09:52] लेकिन फिर अर्थव्यवस्था क्या है बच्चों?
  But then what is the economy, children?

[09:54] अर्थव्यवस्था हमेशा नंबर्स में होती है।
  The economy is always in numbers.

[09:57] जैसे कि मैंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
  As I said, India's economy is the fourth largest economy.

[09:59] 4 ट्रिलियन की है।
  It is 4 trillion.

[10:02] यहां पे हमेशा नंबर किसका रहेगा?
  Whose number will always be here?

[10:05] नंबर्स का गेम रहेगा।
  It will be a game of numbers.

[10:07] यानी कि एग्जामिनर अगर मेरा दोस्त है तो वो तुमसे बोल देगा कि जो ये इकोनॉमी है ये क्वांटिटेटिव है या क्वालिटेटिव है?
  Meaning, if the examiner is my friend, then he will tell you whether this economy is quantitative or qualitative?

[10:10] तो याद रखना क्वांटिटेटिव है।
  So remember, it is quantitative.

[10:12] क्यू यू ए एन टी क्वांट का मतलब कि इट इज टू डू विद नंबर्स।
  Q-U-A-N-T, quant means it has to do with numbers.

[10:16] नंबर्स का खेल है ये।
  This is a game of numbers.

[10:19] एग्जामिनर अगर मेरा दोस्त है तो वो तुमसे बोलेगा कि क्या ये क्वालिटी की भी बात करता है?
  If the examiner is my friend, then he will tell you, does it also talk about quality?

[10:22] ये क्वालिटी की बात नहीं करता।
  It does not talk about quality.

[10:24] बच्चों जब
  Children, when

[10:28] जीडीपी इस तरह से बताई जाती है सकल घरेलू उत्पाद जब इस तरह से बताया जाता है कि ये 4 ट्रिलियन का है तो वो सिर्फ नंबर्स की बात हो रही है।
  GDP is reported in this way, Gross Domestic Product, when it is reported that it is 4 trillion, then it is just a matter of numbers.

[10:36] ऐसा हो सकता है कि इकॉनमी हमारी 4 ट्रिलियन की है लेकिन लोग परेशान हैं।
  It is possible that our economy is 4 trillion, but people are troubled.

[10:41] वुमेन सिक्योरिटी पे, वीमेन सेफ्टी पे, महिला सशक्तिकरण पे बात नहीं हो रही है।
  There is no talk about women's security, women's safety, women's empowerment.

[10:46] ठीक है?
  Okay?

[10:46] तो यानी कि ये ध्यान रखना ये क्वांटिटेटिव है।
  So, that means, keep in mind that this is quantitative.

[10:49] क्वालिटेटिव नहीं है।
  It is not qualitative.

[10:52] फिर दूसरी चीज ये जो इकॉनमी है ये बच्चों कंपैरिजन के लिए इस्तेमाल होती है।
  Then the second thing is that this economy, children, is used for comparison.

[10:55] किस चीज के लिए?
  For what?

[10:58] कंपैरिजन के लिए।
  For comparison.

[10:58] अगर मान लो आपको भारत की इकॉनमी यूएसए से अगर कंपेयर करनी है।
  Suppose you have to compare India's economy with the USA.

[11:05] भारत की इकॉनमी अगर आपको चाइना से कंपेयर करनी है तो कंपेयर करने के लिए आप कभी भी इस वर्ड का इस्तेमाल नहीं करोगे।
  If you have to compare India's economy with China, then for comparison, you will never use this word.

[11:12] आप हमेशा क्या कहोगे कि भारत की इकॉनमी चाइना की इकॉनमी से कम है।
  What will you always say is that India's economy is less than China's economy.

[11:15] चाइना की इकॉनमी यूएसए की इकॉनमी से कम है।
  China's economy is less than the USA's economy.

[11:19] क्या हमें यह बात समझ में आ रही है?
  Are we understanding this point?

[11:23] ठीक है बच्चों?
  Okay children?

[11:23] क्या हमें ये बात समझ में आ रही
  Are we understanding this point

[11:29] है कि इकोनॉमिक्स और इकोनॉमी में क्या अंतर है?
  Is that what is the difference between economics and economy?

[11:34] इकोनॉमिक्स थ्योरी है, थ्योरिटिकल है और ये बच्चों पॉलिटिकल है।
  Economics is theory, it is theoretical and this is political, children.

[11:36] ठीक है?
  Okay?

[11:39] अब मैं अगर इसको आप लोग अगर बहुत अच्छे बच्चों की तरह और चीजें समझोगे तो मैं इसमें आपको और भी अच्छी-अच्छी चीजें समझाऊंगा।
  Now, if you all understand things like very good children, then I will explain more good things to you in this.

[11:43] है ना?
  Right?

[11:47] मुझे बस इतनी इजाजत देना कि जो मेरा बैकग्राउंड है उस बैकग्राउंड को मैं रिफ्लेक्ट कर सकूं तुम्हें पढ़ाने में।
  Just give me permission to reflect my background in teaching you.

[11:52] है ना?
  Right?

[11:54] मुझे बस ये फील ना हो कि हां ये जो स्टूडेंट्स हैं शायद उस तर्ज पे समझ नहीं पाएंगे तो मैं अपने आप को थोड़ा सा लिमिट कर दूं।
  I just don't want to feel that yes, these students perhaps won't understand in that way, so I will limit myself a little.

[11:59] ठीक है?
  Okay?

[12:01] फॉर एग्जांपल बच्चों अब मैंने कहा कि इकोनॉमिक्स एक साइंस है।
  For example, children, now I said that economics is a science.

[12:06] लेकिन क्या तुम जानते हो कि साइंस में तो फिक्स रिजल्ट होते हैं।
  But do you know that in science, there are fixed results.

[12:08] होते हैं या नहीं?
  Are there or not?

[12:11] तो ये कैसी साइंस है?
  So what kind of science is this?

[12:14] ये बच्चों इसको फेक साइंस कहा जाता है।
  This, children, is called fake science.

[12:18] फेक मतलब गलत झूठी।
  Fake means wrong, false.

[12:22] इसको फॉल्स साइंस कहा जाता है।
  This is called false science.

[12:25] इसको डिसिमल साइंस कहा जाता है।
  This is called decimal science.

[12:27] इसको सूडो साइंस कहा जाता है।
  This is called pseudo science.

[12:29] अब आप कहोगे कि सर इस सब्जेक्ट की इतनी बेइज्जती क्यों कर रहे हो?
  Now you will say, sir, why are you insulting this subject so much?

[12:31] कि ये फेक भी है, फॉल्स भी है, डिसिमल भी है, सूडो भी है।
  That it is fake, it is false, it is decimal, it is pseudo.

[12:33] ये क्या मतलब
  What does this mean

[12:32] हुआ भाई?
  What happened, brother?

[12:35] कि ये ये जो चीजें हैं कि सर आप इस सब्जेक्ट को ऐसा क्यों बोल रहे हो?
  That these, these things, why are you calling this subject like this?

[12:37] क्योंकि ये साइंस तो है बच्चों।
  Because this is science, children.

[12:39] लेकिन साइंस में फिक्स रिजल्ट्स होते हैं।
  But in science, there are fixed results.

[12:42] फॉर एग्जांपल केमिस्ट्री में केमिस्ट्री में अगर आप Na + Cl जोड़ दोगे तो ये 100% बनेगा क्या?
  For example, in chemistry, in chemistry, if you add Na + Cl, it will form 100% what?

[12:48] NaCl, ठीक है?
  NaCl, okay?

[12:52] फिजिक्स में अगर हाफ MV स्क्वायर है तो वो हाफ MV² 100% है।
  In physics, if it's half MV squared, then that half MV² is 100%.

[12:56] बायोलॉजी में हमारा शरीर सेल से बना हुआ है और सेल के बाद टिश्यूज़ आते हैं।
  In biology, our body is made of cells, and after cells come tissues.

[13:02] ये बिल्कुल यूनिवर्सल ट्रुथ है।
  This is an absolute universal truth.

[13:05] 100% रहेगा।
  It will remain 100%.

[13:08] लेकिन बच्चों इसको डिप्रेसिंग साइंस डेसिमल साइंस सूडो साइंस फेक साइंस इसलिए बोलते हैं कि इसके फिक्स रिजल्ट नहीं होते।
  But children, it is called depressing science, decimal science, pseudo science, fake science because it does not have fixed results.

[13:19] तुम इकोनॉमिक्स में कितने भी बड़े तुर्रम खान हो लेकिन जब दिक्कतें आएंगी तो आएंगी।
  No matter how great you are in economics, when difficulties come, they will come.

[13:24] मान लो मैंने अगले अपने 10 साल प्लान किए हुए हैं।
  Suppose I have planned my next 10 years.

[13:28] इतना पैसा यहां से आएगा, इतना यहां से आएगा तो 10 साल बाद मेरे पास इतना ज्यादा पैसा हो जाएगा।
  This much money will come from here, this much from here, so after 10 years I will have this much money.

[13:31] अब ऐसा फिक्स नहीं
  Now it's not fixed like this.

[13:33] है, 100% नहीं है कि ऐसा हो ही जाए।
  Yes, it's not 100% that it will happen.

[13:36] ऐसा हो भी सकता है और ऐसा नहीं भी हो सकता है।
  It may or may not happen.

[13:40] इसीलिए इसको डेसिमल और डिप्रेसिंग साइंस बोलते हैं।
  That's why it's called decimal and depressing science.

[13:42] कोरोना आया आया या नहीं?
  Did the corona come or not?

[13:45] दुनिया भर के बड़े-बड़े इकोनॉमिस्ट आए।
  Economists from all over the world came.

[13:48] वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ और बड़े-बड़े गोल्ड मेडलिस्ट।
  World Bank, IMF, and big gold medalists.

[13:50] क्या कोरोना की मंदी को कोई रोक पाया?
  Could anyone stop the corona recession?

[13:52] कोई नहीं रोक पाया।
  No one could stop it.

[13:55] अमेरिका में 2008 में नौ में पूरे विश्व स्तर पे मंदी आई।
  In America in 2008, in '09, a recession occurred at the global level.

[13:58] कोई रोक पाया क्या?
  Could anyone stop it?

[14:00] इसीलिए बच्चों इसको क्या बोलते हैं?
  That's why, children, what is it called?

[14:03] फेक साइंस, फॉल्स साइंस, डेसिमल साइंस बोलते हैं इसको।
  It's called fake science, false science, decimal science.

[14:04] आई होप अब हम जो सब्जेक्ट पढ़ेंगे, अब प्रैक्टिकल तो हम लोग नहीं करने वाले।
  I hope now the subject we will study, we are not going to do practicals.

[14:08] हम लोग क्या करेंगे?
  What will we do?

[14:10] थ्योरिटिकल।
  Theoretical.

[14:11] तो यानी कि अब हम आगे पढ़ेंगे क्या?
  So, that means, what will we study next?

[14:14] इकोनॉमिक्स।
  Economics.

[14:16] फटाफट फटाफट जरा मुझे बताओ कि क्या भैया ये कांसेप्ट नंबर वन हमारा बिल्कुल क्लियर होता है कि इकोनॉमिक्स और इकोनॉमी के बीच में क्या डिफरेंस है?
  Quickly, quickly tell me if concept number one is absolutely clear to us, what is the difference between economics and economy?

[14:24] बाकी की चीजें तो बच्चों ये सब हिंदी इंग्लिश में सब लिखी हुई हैं।
  The rest of the things, children, are all written in Hindi and English.

[14:26] फटाफट फटाफट मुझे पिछले 5 सात मिनट का प्रमाण दो कि भैया सारी चीजें एकदम क्लियर है।
  Quickly, quickly, give me proof from the last 5-7 minutes that everything is absolutely clear.

[14:28] इकोनॉमिक्स और इकोनमी
  Economics and economy

[14:35] बिल्कुल क्लियर होता है।
  It is absolutely clear.

[14:37] फटाफट फटाफट दिल फेंक के मारो जरा।
  Throw the heart quickly, quickly.

[14:40] हां भाई।
  Yes brother.

[14:43] ठीक है?
  Okay?

[14:43] ये जो इंग्लिश हिंदी वाले हैं ना बेटा अगर इतनी भी चीज नहीं अगर समझ पाओगे तो कुछ नहीं कर पाओगे।
  These English-Hindi ones, son, if you can't understand even this much, you won't be able to do anything.

[14:47] है ना?
  Right?

[14:47] हिंदी और इंग्लिश की कोई बात ही नहीं है।
  There is no talk of Hindi and English.

[14:51] भाई इसमें हिंदी में क्या लिखा जाएगा?
  Brother, what will be written in Hindi in this?

[14:53] इसमें हिंदी में बताओ क्या लिखूं?
  Tell me, what should I write in Hindi in this?

[14:54] इनकम इनकम ऐसे लिखूं।
  Should I write income, income like this?

[14:57] कांसेप्ट पे ध्यान दो।
  Focus on the concept.

[15:00] ठीक है?
  Okay?

[15:00] हिंदी में ये सारी चीजें हैं नहीं क्या?
  Are all these things not in Hindi?

[15:02] लोग, पीपल, अनलिमिटेड वांट्स, असीमित जरूरतें, सीमित संसाधन।
  People, people, unlimited wants, unlimited needs, limited resources.

[15:08] या तो आप कांसेप्ट पे ध्यान दे लो और या तो आप लैंग्वेज पे ध्यान दे लो।
  Either you focus on the concept or you focus on the language.

[15:09] अगर आप लैंग्वेज पे सिर्फ ध्यान दोगे तो बच्चों कांसेप्ट छूट जाएंगे।
  If you only focus on the language, then children, the concepts will be missed.

[15:13] ठीक है?
  Okay?

[15:15] चलो।
  Let's go.

[15:17] है ना?
  Right?

[15:18] व्यवहार थोड़ा सा अच्छा रखो बच्चों।
  Maintain a little good behavior, children.

[15:20] चलिए शुरू करते हैं।
  Let's start.

[15:23] अब ये देखो जो चीज मैंने कही है वही चीज यहां पर है या नहीं।
  Now look at this, is the thing I said the same thing here or not.

[15:25] हिंदी वालों अब सुन लो।
  You Hindi speakers, listen now.

[15:27] देखो अर्थशास्त्र केवल किताबी ज्ञान नहीं है बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में फैसलों का विज्ञान है।
  Look, economics is not just bookish knowledge, but it is the science of decisions in our daily lives.

[15:33] विज्ञान है या नहीं और
  Is it science or not, and

[15:36] विज्ञान कैसा है?
  What is science?

[15:38] इसकी हमने बात की या नहीं।
  Did we talk about it or not.

[15:41] यह हमें सिखाता है कि लोग, कंपनियां और सरकार सीमित संसाधनों में जो बात कही थी वही आ रही है नहीं।
  This teaches us that people, companies, and governments are getting the same thing in limited resources that was said, no.

[15:47] सीमित संसाधन जैसे पैसा, समय, कच्चा माल का सही इस्तेमाल करके अपनी असीमित जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए।
  How to fulfill our unlimited needs by properly utilizing limited resources such as money, time, and raw materials.

[15:54] अब ये कह दो कि सर हिंदी में ये भी थोड़ी सी प्रॉब्लम है।
  Now, you might say that sir, there is also a slight problem in Hindi.

[15:57] बंगाली में लिख के ले आओ।
  Bring it written in Bengali.

[15:59] है ना?
  Right?

[16:02] कांसेप्ट पे ध्यान दो बच्चों।
  Focus on the concept, children.

[16:04] कांसेप्ट पे ध्यान दो।
  Focus on the concept.

[16:07] अगर आप वो दो मिनट पीछे के झेल नहीं पाए तो फिर मतलब क्या ही मतलब रह गया पेशेंस का।
  If you couldn't bear those two minutes from before, then what's the point of patience.

[16:10] समझ में बात आई है हमारे जो मैंने तुम्हें अभी-अभी पीछे समझाया था वो यहां हिंदी की डेफिनेशन में है।
  Do you understand what I just explained to you a moment ago is here in the definition of Hindi.

[16:15] ठीक है?
  Okay?

[16:18] असीमित जरूरतें हैं।
  There are unlimited needs.

[16:21] सीमित संसाधन है।
  There are limited resources.

[16:23] समय भी हमारे पास सीमित ही है।
  Time is also limited for us.

[16:26] ठीक है बच्चों?
  Okay, children?

[16:27] उसी चीज को जो मैनेज करके जो हम डिसीजन जो हम निर्णय लेते हैं उसी को क्या बोलते हैं?
  What do we call the decision-making process where we manage that same thing?

[16:32] इकोनॉमिक्स बोलते हैं।
  It is called economics.

[16:36] ठीक है भाई?
  Okay, brother?

[16:39] चलिए।
  Let's go.

[16:42] ठीक है बच्चों?
  Okay, children?

[16:44] अब यह देखो इकोनॉमिक्स।
  Now look at this, economics.

[16:47] इकोनॉमी दो तरह की नहीं।
  Economy is not of two types.

[16:49] इकोनॉमिक्स अब हम
  Economics now we

[16:38] दो तरह की पढ़ेंगे जो आप लोगों ने बहुत बार सुनी होगी।
  We will study two types that you all must have heard many times.

[16:44] माइक्रोइकोनॉमिक्स यानी कि व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र यानी कि मैकइकोनॉमिक्स।
  Microeconomics, meaning microeconomics, and macroeconomics, meaning macroeconomics.

[16:49] ठीक है?
  Okay?

[16:49] हां।
  Yes.

[16:51] उर्दू भी बताया जाएगा फिर बेटा।
  Urdu will also be told then, son.

[16:51] ठीक है?
  Okay?

[16:53] अब ये देखो आएंगे सर इंग्लिश में पढ़ाए हैं ना।
  Now look, sir will come, taught in English, right?

[16:56] दोनों बच्चों को मैनेज करना है।
  Both children have to be managed.

[16:59] अगर इन छोटी चीजों पे उलझे रह जाओगे तो बच्चों बड़ी तैयारी का कोई मतलब ही नहीं है फिर।
  If you get entangled in these small things, then children, there is no point in big preparation.

[17:03] ठीक है?
  Okay?

[17:03] इंडिया की रैंक सिक्स है।
  India's rank is six.

[17:05] बेटा जो मैं कांसेप्ट बोल रहा हूं उस चीज पे ध्यान देना।
  Son, pay attention to the concept I am speaking.

[17:08] चलो तो व्यएष्टि और समष्टि की बात करते हैं कि माइक्रो इकोनॉमिक्स और मैक्रो में क्या अंतर है?
  So let's talk about micro and macro, what is the difference between microeconomics and macro?

[17:17] इसको बहुत आसान सी भाषा में समझो।
  Understand this in a very simple language.

[17:20] माइक्रो मतलब बच्चों छोटे स्तर पर।
  Micro means, children, at a small level.

[17:23] माइक्रो मतलब छोटे स्तर पर।
  Micro means at a small level.

[17:26] ऐसे याद रखो बिल्कुल लेमेन भाषा में।
  Remember it like this, in layman's terms.

[17:29] और मैक्रो मतलब बड़े स्तर पर।
  And macro means at a large level.

[17:32] है ना?
  Right?

[17:32] अभी-अभी हमने क्या कहा कि इकोनॉमिक्स तो ऐसी साइंस है जिसमें हम मैनेज कर रहे हैं।
  Just now, what did we say? Economics is a science in which we are managing.

[17:36] किसको? अनलिमिटेड वांट्स और नीड्स को, लिमिटेड समय, लिमिटेड
  Whom? Unlimited wants and needs, with limited time, limited

[17:39] पैसे में।
  In money.

[17:39] अब ध्यान से जरा मेरी बात सुनो।
  Now listen to me carefully.

[17:43] अगर मैं सिर्फ एक अपने घर के लेवल पे, है ना?
  If I am just at the level of my own house, right?

[17:45] मान लो मेरा घर है।
  Suppose it is my house.

[17:45] है ना?
  Right?

[17:47] और मेरा घर मेरी इनकम के हिसाब से चलता है।
  And my house runs according to my income.

[17:50] अब तुम ये मान के चलो कि मेरा घर अगर मेरी इनकम से चलता है तो ये एक घर हुआ।
  Now, assume that if my house runs on my income, then this is one house.

[17:53] ठीक है?
  Okay?

[17:53] अब ये एक घर में लिमिटेड इनकम है और अनलिमिटेड चीजें हैं।
  Now, in this one house, there is limited income and unlimited things.

[18:01] अब मैं इंडिविजुअल लेवल पर व्यक्तिगत लेवल पर जब इसको मैं मैनेज कर रहा हूं।
  Now, when I am managing this at an individual level, at a personal level.

[18:06] एक लेवल पे तो ये क्या हो जाएगी?
  At one level, what will this become?

[18:09] माइक्रोइकोनॉमिक्स।
  Microeconomics.

[18:12] ठीक है?
  Okay?

[18:12] लेकिन जब ये पूरे देश के लेवल पर मैनेज की जाएगी।
  But when this is managed at the level of the entire country.

[18:15] मान लो पूरी देश की इनकम जीडीपी है ना
  Suppose the income of the entire country is GDP, right?

[18:18] अब पूरे देश की इनकम पूरे देश के खर्चे संसाधन जब ये सारी चीजें हम जब मैनेज करते हैं पूरे देश के लेवल पे उसको क्या बोलते हैं
  Now, when we manage the income of the entire country, the expenses of the entire country, resources, all these things at the level of the entire country, what is it called?

[18:26] मैकोनॉमिक्स ठीक है ये पूरे बड़े यानी कि ये नेशनल लेवल पे होगा ये राष्ट्रीय लेवल पे होगा
  Macroeconomics. Okay? This will be at a large, that is, national level. This will be at a national level.

[18:33] एग्जांपल से जानो और भी ज्यादा अच्छी तरह से समझ में आएगा
  Understand with an example, you will understand even better.

[18:36] फॉर एग्जांपल मान लो अमेजॉन रेन फॉरेस्ट है ना अमेजॉन
  For example, suppose the Amazon rainforest, right? Amazon

[18:42] के जंगल है
  It is a jungle.

[18:45] जब हम पूरे अमेजॉन के जंगल को पढ़ते हैं।
  When we study the entire Amazon jungle.

[18:48] जब हम पूरे अमेजॉन के जंगलों को पढ़ते हैं
  When we study the entire Amazon jungles

[18:52] कि इस जंगल में कितने पेड़ हैं?
  How many trees are in this jungle?

[18:55] कौन सा पेड़ किस टाइम पे फल दे रहा है?
  Which tree is fruiting at what time?

[18:57] किस टाइम पे ये पत्तियां इनकी टूट रही हैं?
  At what time are its leaves falling?

[18:59] किस टाइम पे इन्हें सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है?
  At what time do they need the most water?

[19:01] तो जब हम पूरे के पूरे जंगल को पढ़ते हैं बड़े लेवल पे उसको हम क्या बोलते हैं?
  So when we study the entire jungle at a large level, what do we call it?

[19:07] मैकइकोनॉमिक्स।
  Macroeconomics.

[19:07] और जब हम उस जंगल के सिर्फ एक पेड़ की स्टडी करते हैं।
  And when we study just one tree of that jungle.

[19:11] सिर्फ एक पेड़ की जब हम स्टडी करते हैं उसको बच्चों क्या बोलते हैं?
  When we study just one tree, what do we call it, children?

[19:16] माइक्रो इकोनॉमिक्स।
  Microeconomics.

[19:18] क्लियर हुई इतनी बात हमें?
  Is this much clear to us?

[19:18] कि जब हम इंडिविजुअल स्तर पे कोई चीज अगर करते हैं तो वो माइक्रो और जब उसको बड़े स्तर पर हम करते हैं तो दैट इज मैक्रो।
  That when we do something at an individual level, it is micro, and when we do it at a large level, that is macro.

[19:26] अब अगर मैं तुमसे ये पूछूं जो हमारा नेक्स्ट चैप्टर आएगा जिसको हम बोलते हैं नेशनल इनकम।
  Now if I ask you about our next chapter, which we call National Income.

[19:31] जीडीपी क्या तुम कभी किसी को ऐसे बोल सकते हो कि सर आपकी जीडीपी क्या है?
  GDP, can you ever say to someone like this, 'Sir, what is your GDP?'

[19:36] ना किसकी?
  No, whose?

[19:36] पूरे देश की।
  Of the entire country.

[19:39] तो मुझे बस कमेंट सेक्शन में इतना बताओ कि अगर मैं यहां पे लिख दूं सकल
  So just tell me this in the comment section, that if I write here 'Gross'

[19:44] घरेलू उत्पाद यानी कि जीडीपी।
  Domestic product, meaning GDP.

[19:47] जीडीपी पूरे देश की है तो जीडीपी बच्चों माइक्रोइकोनॉमिक्स में आएगी या मैक में आएगी?
  GDP is of the whole country, so children, will GDP come under microeconomics or macroeconomics?

[19:51] बस इतना बता दो मुझे।
  Just tell me this much.

[19:54] जीडीपी जैसी चीज पूरे देश में अनइंप्लॉयमेंट पूरे देश में जो बेरोजगारी है बेरोजगारी की जो समस्या है ये ऐसी जीडीपी हुआ अनइंप्लॉयमेंट हुआ ये व्यष्टि में आएगा या समष्टि में आएगा सिर्फ इतनी बात बताओ कि माइक्रो में आएगा या मैक्रो में आएगा
  Things like GDP, unemployment in the whole country, the problem of unemployment in the whole country, GDP, unemployment, will these come under micro or macro? Just tell me this much, whether it comes under micro or macro.

[20:14] ठीक है बच्चों सिर्फ इतनी बात बताएंगे मैक्रो में आएगा।
  Okay children, you will tell me only this much, it will come under macro.

[20:17] वेरी गुड तो जब हम जीडीपी जीएनपी एनडीपी एनएपी पूरे देश के स्तर पर जब हम चीजें पढ़ते हैं बच्चों उसको क्या बोलते हैं हम?
  Very good. So when we study things like GDP, GNP, NDP, NAP at the level of the whole country, children, what do we call it?

[20:28] मैकइकोनॉमिक्स बोलते हैं।
  We call it macroeconomics.

[20:31] मेरे अकेले का खर्चा मैं अपना अकेले का खर्चा किस तरह से मैनेज कर रहा हूं।
  My personal expenses, how I manage my personal expenses.

[20:34] मेरा अकेला घर तो ये किस में आएगा?
  My single household, so in what will this come?

[20:37] ये हमारी माइक्रो में आएगा।
  This will come under our micro.

[20:40] लेकिन जब पूरे देश की स्तर की बात होगी तो ये आएगा।
  But when it comes to the level of the entire country, then this will come.

[20:41] है ना? वेरी गुड बच्चों।
  Right? Very good children.

[20:43] है ना? जब मैं कहा करूं कि कोई चीज बताओ तो उसको
  Right? When I say tell you to say something, then it

[20:46] मान के बताया करो। वेरी गुड बच्चों। है

[20:48] ना? ये दो चीजें हमें क्लियर हुई। अब

[20:50] डेफिनेशन की तो कोई बात ही नहीं है। जैसे

[20:52] कि ये रहा तुम्हारा माइक्रोइकोनॉमिक्स।

[20:55] आपके लिए पीपीटी बहुत अच्छी बहुत सुंदर

[20:58] बिल्कुल इंटरेक्टिव बनाई गई है। आप लोग बस

[21:01] अपना ध्यान ये रखें कि जी हां पढ़ना है।

[21:03] बस माइंडसेट ये रखें। है ना? ये देखो

[21:06] माइक्रोइकोनॉमिक्स यह व्यक्तिगत स्तर पर

[21:09] काम करता है। यानी कि बच्चों ये

[21:12] इंडिविजुअल लेवल पर काम करता है। इसमें हम

[21:15] एक इंसान, एक परिवार या एक कंपनी के खर्चे

[21:19] और फैसलों का अध्ययन करते हैं। ठीक है

[21:23] बच्चों? एक इंसान अपनी आय का उपयोग करके

[21:27] एक इंसान अपनी इनकम का उपयोग करके किस तरह

[21:30] से बचा रहा है सेविंग किस तरह से खर्च कर

[21:33] रहा है और किस तरह से बचा हुआ पैसा

[21:35] इन्वेस्ट कर रहा है कहीं पे निवेश कर रहा

[21:38] है उसको क्या बोलेंगे हम इसको हम बोलेंगे

[21:41] माइक्रोइकोनॉमिक्स ठीक है अब तुम फैमिली

[21:43] में ऐसे मत सोचना अब तुम फैमिली में ऐसे

[21:45] मत सोचना कि जी फैमिली में तो पांच छह लोग

[21:48] हैं लेकिन फैमिली तो एक ही है बच्चों तो

[21:50] ऐसे ही एक फैमिली भी किस में आएगी माइक्रो

[21:53] माइक्रोइकोनॉमिक्स में आएगी। एक कंपनी भी

[21:55] माइक्रोइकोनॉमिक्स में आएगी। ठीक है

[21:57] बच्चों? और फिर तुम लोग याद रखोगे कि

[21:59] माइक्रोइकोनॉमिक्स में बॉटम अप्रोच होती

[22:02] है। दो चीजें होती हैं बच्चों। एक तो टॉप

[22:04] से और एक बॉटम से। ये एप्रोच कौन सी होती

[22:07] है? ये बॉटम अप एप्रोच होती है। यानी कि

[22:10] पहले नीचे वाला जो स्तर है वो देखा जाएगा।

[22:13] उसके बाद उसके बाद उसके बाद ऊपर जाया

[22:15] जाएगा। ठीक है बच्चों? ठीक है?

[22:18] हम

[22:20] बॉटम अप्रोच भी कहते हैं। वर्क्स एट द

[22:23] इंडिविजुअल लेवल। वी स्टडी स्पेंडिंग एंड

[22:25] डिसीजन ऑफ एन इंडिविजुअल अ फैमिली और अ

[22:27] कंपनी। दिस इज कॉल्ड बॉटम अप्रोच। ठीक है?

[22:32] चलो।

[22:34] ठीक है बच्चों? अब ये देखो। मैक्रो क्या

[22:37] है? मैक्रो पूरे देश के स्तर पर है। ठीक

[22:39] है? यह पूरे देश या दुनिया के स्तर पर काम

[22:44] करता है। जैसे कि देश में कितनी महंगाई

[22:47] है? आप कभी ऐसा बोल सकते हो क्या कि जी

[22:50] हमारे घर में तो महंगाई हो रही है बहुत।

[22:52] अरे घर में नहीं महंगाई कहां होगी? महंगाई

[22:54] पूरे देश में होगी। महंगाई मतलब

[22:56] मुद्रास्फीति। मुद्रास्फीति मतलब

[22:58] इनफ्लेशन। अब जो इनफ्लेशन है वो माइक्रो

[23:01] होगा या मैक्रो होगा? ऑब्वियस सी बात है

[23:03] बच्चों मै होगा। राष्ट्रीय स्तर पर है।

[23:05] ठीक है? तो इनफ्लेशन, अनइंप्लॉयमेंट यानी

[23:08] कि बेरोजगारी और देश की कुल आय यानी कि

[23:11] सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी जैसे बड़े मुद्दा

[23:14] मुद्दों पर चर्चा होती है। ठीक है? यहां

[23:18] से डायरेक्ट एग्जाम में क्वेश्चन आए हैं

[23:19] कि महंगाई किसका पार्ट है? बेरोजगारी

[23:22] जीडीपी। ठीक है? और ये बच्चों उल्टा है।

[23:25] ये काम करता है किस पे? टॉप डाउन एप्रोच

[23:27] पे। टॉप डाउन मतलब के सबसे पहले ऊपर वाले

[23:30] स्तर पर, बड़े वाले स्तर पर देखा जाएगा।

[23:32] उसके बाद छोटे-छोटे छोटे-छोटे स्तर पर

[23:35] देखा जाएगा। ठीक है बच्चों? यह डेफिनेशन

[23:37] है। जिन बच्चों को कॉन्सेप्ट में थोड़ा सा

[23:40] कम इंटरेस्ट है और डेफिनेशन में बहुत

[23:42] ज्यादा यकीन मानो डेफिनेशन तो Google पे

[23:45] भी दुनिया भर की है। किताबों में भी

[23:47] दुनिया भर की है। कॉन्सेप्ट पे ध्यान दिया

[23:49] करो बच्चों। अगर सिर्फ डेफिनेशन से पेपर

[23:51] क्लियर होते तो जो कंटेंट वाली टीम है ना

[23:55] हमारी वो सब अधिकारी हो सकते थे। है ना?

[23:57] हो अब भी सकते हैं। क्या पता उनमें से कुछ

[23:59] बहुत अच्छे पढ़ने वाले अब भी हो। ठीक है

[24:01] ना? तो डेफिनेशन के साथ-साथ उस कांसेप्ट

[24:04] पे ज्यादा ध्यान दिया करो। अब देख लो जरा

[24:06] डेफिनेशन। मैकइकोनॉमिक्स क्या है? ठीक है?

[24:09] इट वर्क्स ऑन अ नेशनल राष्ट्रीय या फिर

[24:12] अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल स्केल पे। इट डिस्कस

[24:15] मेजर इशूज़। बड़े इशूज़ को ये डिस्कस करती

[24:18] है। जैसे कि इनफ्लेशन, महंगाई,

[24:20] अनइंप्लॉयमेंट एंड कंट्रीज जीडीपी। ठीक है

[24:23] बच्चों?

[24:24] ठीक है? इतनी बात। हमें दो चीजें बच्चों

[24:26] क्लियर हुई? एक हुई इकोनॉमिक्स वर्सेस

[24:29] इकोनमी और एक हमें क्लियर हुई माइक्रो

[24:32] वर्सेस मैक्रो। दो कांसेप्ट हमारे क्लियर

[24:34] हुए भाई। अब दो कांसेप्ट क्लियर होने के

[24:37] बाद इन भाई साहब को आज थोड़ा सा देखते

[24:39] हैं। इनका नाम आपने पहले भी सुना होगा

[24:41] लेकिन जो मैं बताऊंगा उसको जरा आप ध्यान

[24:43] से सुनना। एडम स्मिथ का नाम सबने सुना है।

[24:45] फादर ऑफ इकोनॉमिक्स इनको कहा जाता है। हम

[24:47] जरा

[24:49] इनके बारे में थोड़ी सी विचारधारा अलग

[24:52] रखते हैं। है ना? विचारधारा रखने का सबका

[24:54] अधिकार है। जब मैं हिस्ट्री पढ़ाता हूं,

[24:55] तो इसको स्कूल ऑफ थॉट से जोड़ने की मैं

[24:57] कोशिश करता हूं।

[24:59] आप लोग सब जानते हैं कि अगर मैं आपसे

[25:01] सीधा-सीधा ये पूछ लूं कि फादर ऑफ

[25:03] इकोनॉमिक्स

[25:06] इनमें ना दो नाम आते हैं लेकिन मोस्ट

[25:08] प्रोमिनेंट ज्यादा क्या आता है? एडम स्मिथ

[25:10] आता है।

[25:12] एडम स्मिथ आते हैं बच्चों। ठीक है? जे एम

[25:16] केस भी है। लेकिन ये क्यों हैं? क्या है?

[25:19] ये सब भी मैं डिस्कस करूंगा। लेकिन उससे

[25:21] पहले मुझे आप लोगों की अटेंशन एक बात पे

[25:23] चाहिए जरा।

[25:26] एडम स्मिथ। ठीक है? 1776 में 1776 में

[25:32] इनको फादर क्यों कहा गया? ऐसा इन्होंने

[25:34] क्या काम किया है ना? 1776 में इन्होंने

[25:38] एक बुक लिखी। एक किताब लिखी जिस किताब का

[25:41] नाम क्या था? एन इंक्वायरी।

[25:44] एन इंक्वायरी इंटू वेल्थ ऑफ नेशन। कि

[25:50] किस-किस देश पे कितना-कितना पैसा पैसा है।

[25:53] किस-किस राष्ट्र पे कितना-कितना पैसा है।

[25:55] उसके लिए इन्होंने यह एक किताब लिखी एन

[25:58] इंक्वायरी इनू वेल्थ ऑफ नेशन। वेलकम टू

[26:00] वोकैबलरी क्लासेस बाय हिमांशु सर। वेल्थ

[26:03] में और इनकम में अंतर होता है। जैसे कि

[26:06] इनकम क्या है? जो मेरे महीने की इनकम है।

[26:09] मान लो ₹1 लाख अगर मेरी महीने की इनकम है

[26:11] तो वो क्या हो गई बच्चों? वो हो गई मेरी

[26:13] इनकम। कि सर फिर वेल्थ क्या है? वेल्थ है

[26:16] बच्चों मेरे घर की गांव की जमीन, वहां का

[26:19] टैक्टर, ट्रॉली वो सब सारी चीजें घर, बैठक

[26:22] वो सब जोड़ के क्या हो जाएगी? वेल्थ हो

[26:23] जाएगी। तो इनकी एक बहुत फेमस किताब एन

[26:26] इंक्वायरी इंटू वेल्थ ऑफ नेशन जो इन्होंने

[26:29] 1776 में लिखी।

[26:32] लेकिन मेरा सवाल बच्चों यह है आपसे।

[26:36] कि तुमने एक नाम सुना होगा। बताना ज़रा

[26:39] सुना सुना है या नहीं? चाणक्य

[26:43] सुना है? चाणक्य का नाम। चाणक्य की एक

[26:47] बहुत फेमस किताब थी जिसका जिक्र कहां है?

[26:50] मोरन एंपायर में। अब इन्होंने ये बुक कब

[26:53] लिखी है? 1776 में। है ना? बच्चों जब

[26:56] चीजों को अच्छे से पढ़ोगे, अच्छे एग्जाम

[26:58] पे जाओगे ना तो एक थ्योरी है थ्योरी ऑफ़

[27:00] वाइट पीपल सुप्रीमेसी। इन गोरों को ना ऐसा

[27:03] फील होता है कि कोई भी अगर एक्सक्लूसिव

[27:05] चीज आई है, कोई भी अगर अच्छी चीज आई है तो

[27:07] वो किसी ना किसी गोरे ने ही बनाई होगी।

[27:09] इसीलिए फादर ऑफ दिस, दिस दिस ये तुम्हें

[27:11] सब उधर वाले लोग ही सुनाई देंगे। ठीक है?

[27:14] लेकिन इसकी रियलिटी जानो कि चाणक्य मौर्यन

[27:17] एंपायर में है। मौर्यन एंपायर के टाइम में

[27:21] यहां से हजारों साल पहले इन्होंने एक

[27:23] किताब लिखी थी। जिस किताब का नाम क्या था?

[27:26] अर्थशास्त्र। इनकी एक किताब थी

[27:32] जिसका नाम क्या था बच्चों? अर्थशास्त्र।

[27:34] ठीक है? ये अर्थशास्त्र जो थी ये इन्होंने

[27:37] 15 किताबों में लिखी थी। कितने में?

[27:40] अर्थशास्त्र के लिए 15 बुक लिखी थी। इन 15

[27:43] बुक्स में 150 चैप्टर्स थे। कितने चैप्टर?

[27:47] 150। टॉपिक्स कितने थे? 180 टॉपिक्स थे।

[27:53] और कितने श्लोकों में थे ये? श्लोक बच्चों

[27:56] 6000 श्लोक थे। कितने? 6000 श्लोक।

[28:01] लेकिन फिर भी हम फादर ऑफ इकोनॉमिक्स तो

[28:03] किसको कहेंगे? एडमम स्मिथ को कहेंगे। हां।

[28:07] हां। ठीक है? तो बच्चों ये ये ना मतलब

[28:10] इनका वेस्ट वालों का ये थोड़ा सा दोगलापन

[28:12] है कि 1776 में हम एडम स्मिथ को तो फादर

[28:16] बोल रहे हैं। लेकिन व्हाट अबाउट चाणक्य?

[28:18] चाणक्य नीति अलग चीज है बच्चों। है ना?

[28:21] चाणक्य नीति अलग चीज है। इसपे मैं कभी बाद

[28:23] में बात करूंगा। है ना? चाणक्य जैसे ही एक

[28:26] थिंकर वेस्ट में भी हुए थे जिनको मैकिवली

[28:29] बोलते हैं। है ना? बट लेट्स फॉरगेट दैट।

[28:31] क्या हमें इतनी बात समझ में आई कि मैं ये

[28:33] कंपैरिजन के लिए बोला है? लेकिन एग्जाम

[28:35] में जब आएगा तो फादर ऑफ इकोनॉमिक्स इस तरह

[28:38] से एडमम स्मिथ आएगा। अब एडम स्मिथ ने ना

[28:40] एक थ्योरी दी थी। ये बच्चों आगे हिंदी

[28:43] इंग्लिश दोनों भाषाओं में बहुत अच्छे से

[28:45] लिखा हुआ है। आप ध्यान देंगे कांसेप्ट पे।

[28:48] इन्होंने एक थ्योरी दी थी। थ्योरी ऑफ

[28:50] इनविज़िबल हैंड। आप देख रहे हो हम क्या पढ़

[28:52] रहे हैं? थ्योरी। और थ्योरी हम किस में

[28:55] पढ़ते हैं? इकोनॉमिक्स में। इकोनॉमी में

[28:57] नहीं। ठीक है? इन्होंने थ्योरी दी थ्योरी

[28:59] ऑफ इनविज़िबल। इनविज़िबल का मतलब जो दिखाई

[29:02] ना दे। इनविज़िबल हैंड। थ्योरी ऑफ इनविज़िबल

[29:07] हैंड दी इन्होंने। कि भैया ये क्या है

[29:09] इनविज़िबल हैंड कि जो हाथ दिखाई ना दे।

[29:11] उसके लिए आपको समझना पड़ेगा थ्योरी ऑफ़

[29:14] लेजस्फ फेरे क्या है? स्पेलिंग भाई ऊपर

[29:16] नीचे हो सकती है। थ्योरी ऑफ लेजस्फेरे। अब

[29:21] ये मत बोलना कि भैया लेजस्फेरे हिंदी में

[29:23] लिख दो क्योंकि ये एक लैटिन का शब्द है।

[29:25] ठीक है? और इस लैटिन शब्द का मतलब क्या

[29:27] है? लेजिस्फेरी का मतलब है बच्चों लेट इट

[29:29] बी। लेट इट बी। यानी कि जो हो रहा है वो

[29:34] होने दो। ध्यान से सुनो मेरी बात को। एडम

[29:36] स्मिथ ने पूरे वर्ल्ड से क्या कहा कि

[29:39] गवर्नमेंट का काम पता है क्या है?

[29:40] इन्होंने कहा कि गवर्नमेंट का काम है कि

[29:43] ये राजनीति देखें। राजनीतिक रूप से देश

[29:47] किस तरह से चल रहा है ना वो देखें। ये

[29:51] सामाजिक देखें। किसी भी चीज को बच्चों

[29:53] मैंने आप लोगों को बताया है कि अगर डिफाइन

[29:55] करना हो तो तीन मापदंड होते हैं।

[29:57] राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक। एडम स्मिथ

[30:00] ने कहा कि गवर्नमेंट का काम राजनीतिक

[30:02] प्रक्रियाओं को देखना है। एडम स्मिथ ने

[30:05] कहा कि गवर्नमेंट का काम सोसाइटी समाज को

[30:07] भी देखना है। लेकिन गवर्नमेंट का काम

[30:10] आर्थिक इकोनॉमिक डोमेन में देखना

[30:14] नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में कौन

[30:18] क्या काम कर रहा है? किस काम से कितना

[30:20] पैसा कमा रहा है। गवर्नमेंट इसमें बहुत

[30:23] ज्यादा हस्तक्षेप ना करे। लेजिस्फेर का

[30:25] मतलब क्या? लेट इट बी। जो जो काम कर रहा

[30:27] है उस काम को करने दो। अब तुम्हें एक सुना

[30:30] हुआ वर्ड सुनाई देगा जो मैं बोलूंगा कि

[30:32] पूंजीवाद मतलब कैपिटलिज्म। कैपिटलिज्म में

[30:35] भी तो यही है। जैसे यूएसए बच्चों

[30:37] कैपिटलिज्म में मानता है। तो यूएसए भी तो

[30:39] क्या बोलता है कि जी जो पैसे बना रहा है

[30:42] उसको पैसे बनाने दो। इसीलिए तुम देखोगे कि

[30:45] यूएसए में इतने अमीर अमीर लोग हैं कि उनके

[30:47] पास इतना पैसा है, इतना गवर्नमेंट के पास

[30:49] भी नहीं था। फॉर एग्जांपल पहले के टाइम

[30:52] में माइक्रोसॉफ्ट के मालिक बिल गेट्स थे।

[30:54] उसके बाद Amazon के मालिक जेफ बेफोस थे।

[30:57] आज की डेट में आज की डेट में कौन है?

[30:59] एललेन मस्क हैं। ठीक है बच्चों? तो ये

[31:01] राजनीतिक, सामाजिक और इकोनॉमिक चीजों में

[31:04] हस्तक्षेप ना करें। इनविज़िबल हैंड का मतलब

[31:07] समझो क्या है? कि मान लो एक कोई व्यापारी

[31:09] है और उस व्यापारी ने ना इनविज़िबल हैंड का

[31:12] मतलब बच्चों एक व्यापारी ने एक फैक्ट्री

[31:15] थी उसकी।

[31:17] अब उसने पैसे कमा कमा के कमा कमा के एक

[31:19] फैक्ट्री से ना 10 फैक्ट्री कर ली। कितनी

[31:22] कर ली? 10 फैक्ट्री कर ली। तो एडम स्मिथ

[31:25] बोलते हैं अपनी इस थ्योरी में कि जब वो

[31:27] अपने लिए काम कर रहा है। जब वो अपने लिए

[31:30] पैसा कमा रहा है तो भी वो देश के लिए काम

[31:34] कर रहा है। कैसे? एक फैक्ट्री से उसने 10

[31:37] फैक्ट्री करी। किसके लिए? अपने लिए। लेकिन

[31:40] 10 फैक्ट्रियों में जो उसने सामान खरीदा,

[31:42] जो उसमें उसे ज्यादा वर्कर्स की जरूरत

[31:45] पड़ी, जो उसने इतने लोगों को काम दिया, जो

[31:48] ये पैसों का एक सर्कुलेशन चला तो ये देश

[31:52] के लिए फायदेमंद है या नहीं? विद्या ग्राम

[31:54] अगर अगले 2 साल में पूरे इंडिया में फैल

[31:57] जाए पूरे इंडिया में। है ना? तो हम लोग

[32:00] काम कर रहे हैं अपने लिए। बच्चों के लिए

[32:02] हम लोग काम कर रहे हैं। लेकिन गवर्नमेंट

[32:03] का भी इसमें फायदा है या नहीं? इससे

[32:05] अनइंप्लॉयमेंट रेट कुछ कम होगा या नहीं?

[32:07] विद्या ग्राम की एक अगर संस्थान पे मान लो

[32:11] 200 लोग काम कर रहे हैं तो कल को अगर इसके

[32:13] 50 सेंटर होंगे तो अनइंप्लॉयमेंट रेट को

[32:16] हम थोड़ा सा घटाएंगे या नहीं है ना? तो

[32:18] इससे देश को फायदा होगा या नहीं? फिर हम

[32:20] टैक्सेस देंगे या नहीं? ठीक है बच्चों? तो

[32:23] एक फैक्ट्री से अगर 10 फैक्ट्री बनाई जा

[32:26] रही हैं तो इस 10 फैक्ट्री बनाने में

[32:28] बच्चों उसका अपना फायदा तो है लेकिन वो ना

[32:31] चाहते हुए भी सरकार का भी देश का भी भला

[32:34] कर रहा है। इसको क्या बोलते हैं? इसी को

[32:37] बोलते हैं इनविज़िबल हैंड। ये बात हमें समझ

[32:40] में आती है क्या भाई? इसी को हम क्या

[32:42] बोलते हैं? इनविज़िबल हैंड बोलते हैं। ठीक

[32:44] है? अब ये जो हिंदी इंग्लिश वाले थे अब ये

[32:47] पढ़ लो। है ना? सब्र रखो बेटा। पेशेंस रखा

[32:50] करो। बताओ इसमें सारी चीजें हैं। ये रहे

[32:53] तुम्हारे एडम स्मिथ 1723 से 1790

[32:58] आधुनिक अर्थशास्त्र का पिता कहा जाता है

[33:00] इन्हें। ठीक है? माना जाता है इन्होंने

[33:02] बताया कि अगर सरकार बाजार में कम

[33:05] हस्तक्षेप करे कौन सी पॉलिसी? लेजेस फेरे

[33:09] तो अर्थव्यवस्था बेहतर चलती है। ठीक है

[33:13] बच्चों? ही इज़ कंसीडर्ड एज अ फादर ऑफ़

[33:15] मॉडर्न इकोनॉमिक्स। ही एक्सप्लेंड इफ द

[33:17] गवर्नमेंट इंटरफेस लेस इन द मार्केट द

[33:19] इकोनॉमिक फंक्शनंस बेटर। ठीक है? हां

[33:23] बच्चों, ठीक है? ये देखो मुख्य विचार इनका

[33:25] क्या था? सरकार का हस्तक्षेप क्या हो? कम

[33:28] हो। सरकार का हस्तक्षेप कम हो। बाजार को

[33:31] आप क्या कर दो? स्वतंत्र कर दो कि अपने

[33:33] हिसाब से चलाओ जैसा चलाया जाए। और इससे

[33:36] बेहतर अर्थव्यवस्था होती है। ठीक है

[33:39] बच्चों?

[33:41] यह लैटिन नहीं ये ये एक फ्रेंच शब्द है।

[33:44] है ना? जिसका अर्थ है छोड़ दो। अपने आप

[33:47] चलने दो। ठीक है बच्चों? इतनी बात हमें

[33:49] क्लियर होती है भाई।

[33:51] हां। ठीक है? तो यानी कि एडम स्मिथ वाली

[33:54] ये बात हमें क्लियर होती है। इसमें हमने

[33:55] क्या सीखा? लेजिस्फेरे सीखा। और इसमें

[33:57] हमने थ्योरी ऑफ इनविज़िबल हैंड की बात करी।

[34:00] इनविज़िबल हैंड से भी, थ्योरी ऑफ

[34:02] लेजिस्फेरे से भी। एसएससी में पीवाईक्यूस

[34:04] के क्वेश्चन हैं। ठीक है? ठीक है बच्चों?

[34:08] अब ये भाई साहब कौन है? ठीक है? जे एम

[34:11] केंस है ना जॉन मेनार्ड केंस इन्होंने

[34:15] समष्टि अर्थशास्त्र की नीव रखी। इनका

[34:17] मानना था कि मंदी के समय सरकार को आगे आकर

[34:20] मदद करनी चाहिए ताकि लोगों को बेरोजगार

[34:23] ताकि लोगों को रोजगार मिल सके। ध्यान से

[34:26] देखेंगे बच्चों एक चीज। पहले आपको समझनी

[34:28] पड़ेगी ये चीज। अगर मैं आपसे यह पूछूं

[34:30] सिर्फ जब मैं पूछा करूं जब जवाब दिया करो।

[34:33] अगर मैं आपसे ये पूछूं कि एडम स्मिथ किस

[34:37] विचारधारा को सपोर्ट करते हैं और मैं आपको

[34:39] दो ऑप्शन दूं कि पूंजीवाद या समाजवाद,

[34:43] कैपिटलिज्म या फिर सोशलिज्म? फटाफट फटाफट

[34:46] कमेंट करके जरा बताओ कि एडम स्मिथ किसको

[34:49] ज्यादा सपोर्ट करेंगे? कैपिटलिज्म को या

[34:51] फिर या फिर कैपिटलिज्म को या फिर सोशलिज्म

[34:55] को? समाजवाद को या फिर पूंजीवाद को? फटाफट

[34:57] फटाफट बताओ जरा।

[35:02] सर चाय सीरीज क्यों नहीं बेटा? चाय सीरीज

[35:04] अल्टरनेट डे पर है। कल आएगी। तीन दिन चाय

[35:07] सीरीज है और तीन दिन आपका 10 मिनट शो है।

[35:11] पूंजीवाद पूंजीवाद वेरी गुड। यानी कि

[35:14] बच्चों ये सपोर्ट करते हैं किसको?

[35:15] कैपिटलिज्म को।

[35:17] आप लोग मेरे साथ बने रहो और मैं तुम्हें

[35:20] बताऊंगा कि इन जिन वर्ड्स के पीछे ना इज्म

[35:22] आता है इनके पीछे तो सुबह से शाम की जा

[35:25] सकती है। इज्म किसी भी उस चीज के पीछे आता

[35:28] है जो आईडियोलॉजी हो जो विचारधारा हो जैसे

[35:30] कि आतंकवाद जैसे कि पूंजीवाद

[35:34] समाजवाद, साम्यवाद। है ना? तो जिस भी चीज

[35:38] के पीछे इस्म आता है इसको मैं अभी उठाऊंगा

[35:40] 10 मिनट बाद। इसको हम अच्छे से एक्सप्लेन

[35:42] करेंगे। जब हम मिक्स्ड इकोनमी की बात

[35:44] करेंगे। ठीक है बच्चों? अब आ जाओ जरा यहां

[35:46] कि ये एडम स्मिथ की हमने बात कर ली थी कि

[35:49] जेएम केंस क्या बोल रहे हैं बच्चों इसे

[35:51] आसान भाषा में इस तरह से लिखना अपने नोट्स

[35:53] में इस तरह से लिखना अपने नोट्स में कि

[35:56] पहले तो एडम स्मिथ भाई साहब थे ठीक है

[36:01] इन्होंने क्या बोला था गवर्नमेंट को

[36:05] इन्होंने गवर्नमेंट को क्या कहा कि ये

[36:06] हस्तक्षेप ना करें इन्होंने क्या कहा कि

[36:09] ये हस्तक्षेप

[36:12] ना करें ठीक है तो फिर जेम क्या है

[36:15] बच्चों? जेएम केस हैं। जेएमके लिख रहा हूं

[36:18] मैं। जेएमके हैं। इन्होंने कहा कि भाई अगर

[36:22] गवर्नमेंट हस्तक्षेप नहीं करेगी तो इससे

[36:25] दिक्कत हो जाएगी। दिक्कत कैसे? इन्होंने

[36:28] एग्जांपल दिया 2008 और 2009 की जो यूएसए

[36:33] में मंदी आई थी उसका। बच्चों इंटरनेशनल

[36:36] रिलेशन में एक कहावत है कि अगर यूएसए

[36:39] छींकता है ना तो पूरे वर्ल्ड को बुखार हो

[36:42] जाता है। इफ यूएस स्नीज़ द वर्ल्ड गेट्स

[36:44] फीवर। ठीक है? यानी कि 20089 में जब यूएसए

[36:48] में ग्रेट इकोनॉमिक डिप्रेशन आया तो उसका

[36:51] प्रभाव पूरे के पूरे विश्व में देखने को

[36:54] मिला था। तो जेएम केंस का कहना ये था कि

[36:56] एडमम स्मिथ ने तो ये कहा था कि अगर

[36:58] गवर्नमेंट हस्तक्षेप ना करे तो सब कुछ

[37:01] ठीक-ठाक चलता रहेगा। लेकिन ये तो ठीक-ठाक

[37:03] चला ही नहीं। तो इन्होंने कांसेप्ट दिया

[37:05] था बच्चों मिक्स्ड इकॉनमी का। किसका?

[37:08] मिक्स्ड

[37:10] मिक्स्ड अर्थव्यवस्था का। मिक्स्ड इकॉनमी

[37:13] का। मिक्स्ड का मतलब क्या है? कि इसमें

[37:15] सरकार भी होगी। इसमें गवर्नमेंट का भी

[37:18] इंटरफेरेंस होगा और गवर्नमेंट के साथ-साथ

[37:21] जो प्राइवेट लोग हैं, जो पूंजीवाद लोग हैं

[37:24] वो भी होंगे। तो जहां दोनों एक साथ होते

[37:27] हैं उनको मिक्स्ड इकॉनमी बोलते हैं। जे एम

[37:30] केंस ने बच्चों बिल्कुल स्पष्ट ये किया कि

[37:32] भाई साहब गवर्नमेंट का इंटरफेरेंस

[37:36] गवर्नमेंट का हस्तक्षेप

[37:39] होना चाहिए। और अपनी बात को स्थापित करने

[37:44] के लिए उन्होंने एग्जांपल दिया किसका?

[37:46] 2008 और नौ की मंदी का। ठीक है बच्चों?

[37:50] ठीक है। इतनी बात क्या हमें? ठीक है?

[37:54] हम

[37:56] ठीक है भाई। चलो

[37:58] अब बात करते हैं इन तीन इंपॉर्टेंट पिलर्स

[38:01] पे। ठीक है?

[38:03] यहां आ जाओ भाई।

[38:06] वेरी वेरीेंट। वर्ल्ड इकोनॉमिक प्लांस

[38:09] पूरा का पूरा जो विश्व है वो या तो

[38:11] पूंजीवाद पे चलता है या तो समाजवाद पे

[38:14] चलता है और या तो मिक्स्ड यानी कि मिश्रित

[38:16] अर्थव्यवस्था पे चलता है। इतनी बात तो हम

[38:19] जानते ही हैं। अच्छा भारत किसका एग्जांपल

[38:21] है? कैपिटलिज्म का या सोशलिज्म का?

[38:25] भारत किसका एग्जांपल है?

[38:28] मिक्स्ड का।

[38:33] हां भाई। ठीक है। अरे क्लियर हो रही है

[38:35] इतनी बात? भाई मैं जानता हूं कि हमारी

[38:37] क्लास में मोस्ट ऑफ द स्टूडेंट वो है जो

[38:38] शायद इकोनॉमिक्स पहली बार ही पढ़ रहा

[38:40] होगा। क्योंकि इकोनॉमिक्स टेक्निकल

[38:42] सब्जेक्ट है। इसको पढ़ाने से भी बचा जाता

[38:44] है। है ना? लेकिन जो मैं तुम्हें बता रहा

[38:46] हूं तुम्हें पेशेंस रखना पड़ेगा। अब तुम

[38:49] अगर 5 मिनट ही बैठ के कि यार ये तो कुछ

[38:51] समझ में ना आ रहा। चलो उठ के। है ना? तो

[38:53] अगर पेशेंस इतना ही है तो फिर दिक्कत वाली

[38:54] बात है। दिक्कत वाली बात मेरे लिए नहीं

[38:56] है। दिक्कत वाली बात आपके लिए है बच्चों।

[38:58] है ना? मिक्स्ड वेरी गुड। अब इसको मैं

[39:00] तुम्हें थोड़ा सा खोल के बताऊं। जैसे मैं

[39:02] तुम्हें हाथ से लिख के चीजों को पढ़ा रहा

[39:04] हूं। ऐसे ही ये मैं बस तीन की जगह चार कर

[39:07] दूंगा इनको। ठीक है? जरा ध्यान से सुनो।

[39:09] ईच कंट्री चूजे सिस्टम अकॉर्डिंग टू इट्स

[39:11] नीड। हर देश अपनी जरूरतों के हिसाब से एक

[39:15] सिस्टम चुनता है। और वो तीन सिस्टम या तो

[39:17] पूंजीवाद है या तो सोशलिज्म है या तो

[39:19] मिक्स्ड इकॉनमी है। ठीक है बच्चों? लेकिन

[39:21] जरा ध्यान से सुनो। कुछ और बताएगा

[39:23] तुम्हारा भाई इसमें। जिससे

[39:26] जिससे तुम थोड़े से एक्सक्लूसिव हो जाओगे।

[39:29] कैसे बच्चों?

[39:31] अपने नोट्स में एक तरफ लिखोगे आप लोग

[39:34] कैपिटलिज्म।

[39:35] यानी कि बच्चों पूंजीवाद।

[39:38] यानी के पूंजीवाद।

[39:41] फिर आप लिखोगे यहां पे एक ये वर्ड

[39:44] कम्युनिज्म।

[39:45] क्या लिखोगे? कम्युनिज्म। इसको बच्चों

[39:49] हिंदी में बोलते हैं साम्यवाद।

[39:51] क्या बोलते हैं? साम्यवाद।

[39:54] फिर लिखोगे तुम सोशलिज्म।

[39:58] सोशलिज्म का मतलब बच्चों समाजवाद।

[40:02] सोशलिज्म का मतलब समाजवाद। और फिर लिखोगे

[40:06] तुम लोग क्या? मिक्स्ड यानी कि मिश्रित

[40:10] इकोनॉमी।

[40:12] ठीक है? अब इसको हम रटेंगे नहीं क्योंकि

[40:15] डेफिनेशन तो हमारे पास दुनिया भर की है

[40:16] ही। इसको अब हम समझेंगे। ठीक है? इसको अब

[40:20] हम समझेंगे।

[40:22] बच्चों

[40:24] जब वर्ल्ड ना बायपोलर था। है ना? तुम्हें

[40:26] क्या लगता है कि जैसे कि आज भी अगर इंडिया

[40:28] और पाकिस्तान का अगर मैच होता है तो ऐसे

[40:30] लिखा नहीं आता। द ग्रेटेस्ट राइवलरी

[40:32] बिटवीन भारत एंड पाकिस्तान। बाहर के लोग

[40:35] भी देखते हैं। क्योंकि सब जानते हैं कि इन

[40:36] दोनों देशों में आपस में कुछ एक स्पेसिफिक

[40:39] काइंड ऑफ खुन्नस है। है ना? ऐसे ही क्या

[40:42] आप नहीं जानते कि रूस में और अमेरिका में

[40:44] हमेशा से ख्नस है। लेकिन ये ख्नस ना

[40:47] बंदूकों की नहीं है। किसकी है?

[40:49] विचारधाराओं की है। आइडियोलॉजी की है।

[40:52] मैंने क्या कहा कि जिस भी चीज के पीछे

[40:54] इज्म आता है वो क्या है बच्चों?

[40:55] आईडियोलॉजी है। मेरी बात जरा ध्यान से

[40:57] सुनो। जिस टाइम पे ना वर्ल्ड बायपोलर था।

[41:01] बाय का मतलब बच्चों दो। बायपोलर का मतलब

[41:03] कि एक ऐसा टाइम था अब से 70- 80 साल पहले

[41:06] कि जब सिर्फ दो ही देश ताकतवर थे। उसी को

[41:09] हम क्या बोलते बायपोलर वर्ल्ड दो देश

[41:11] सिर्फ पावरफुल कौन से थे? या तो यूएसए और

[41:14] या तो यूएसएसआर यानी कि रूस जिसका पार्ट

[41:16] था। ठीक है? अब या तो कोई देश यूएसए के

[41:19] साथ था या तो रूस के साथ था। भारत जैसे भी

[41:22] देश थे जिन्होंने गांधी जी के अंडर चुना

[41:24] था नॉन अलाइन मूवमेंट कि ना तो हम आपके

[41:26] साथ हैं ना तो हम आपके साथ हैं। है ना? अब

[41:28] आप समझो कि मैं आपको ये चीज इतनी बता

[41:29] क्यों रहा हूं। ये पूंजीवाद तुम्हारी नसों

[41:32] में घोलने के लिए। ये समाजवाद तुम्हारी

[41:35] नर्वस में समझाने के लिए। जब सेकंड वर्ल्ड

[41:38] वॉर हुआ ना सेकंड वर्ल्ड वॉर तो सेकंड

[41:41] वर्ल्ड वॉर में यूएसए ने और जो रूस है

[41:45] उन्होंने बाद में ज्वाइन किया है ना तो

[41:47] यूएसए की साइड से कौन थे उस टाइम पे

[41:49] स्टेलिन थे है ना तो सबको पता था कि यूएसए

[41:52] और रूस ये वर्ल्ड वॉर अब जीत रहे हैं है

[41:54] ना और जो दूसरी साइड है वो हार रही है तो

[41:57] इन्होंने एक प्लान किया मेरी बात ध्यान से

[41:59] सुनो इन्होंने एक प्लान किया

[42:01] यूएसए स्टार्टिंग से ही दोगला देश है

[42:03] स्टार्टिंग से ही दोगला देश है दोगला कैसे

[42:05] एक गला दो गला ठीक है? वो स्टार्टिंग से

[42:08] ही दोगला देश है। यूएसए ने रूस के साथ

[42:10] प्लानिंग की और कहा कि हम कल शाम को ना

[42:14] अपनी थल सेना से यानी कि अपने फूड

[42:16] सोल्जर्स से फूड सोल्जर्स के थ्रू जाएंगे

[42:19] और जापान के जो दो इंपॉर्टेंट शहर हैं

[42:22] जिनका नाम है हिरशिमा और नागासाकी उनको

[42:25] जाके कैप्चर कर लेंगे। ये दोनों नाम आपने

[42:27] पहले भी सुने होंगे। ठीक है? लेकिन इन

[42:30] दोनों की लड़ाई इस बात पे थी। रूस बोल रहा

[42:33] था कि वर्ल्ड वॉर तो हम जीत ही जाएंगे।

[42:35] लेकिन वर्ल्ड वॉर के बाद जो पूरे विश्व

[42:37] में जो एक सिस्टम होगा वो पूंजीवाद होगा

[42:41] या फिर साम्यवाद होगा। क्योंकि रूस सपोर्ट

[42:43] करता था किस चीज को? साम्यवाद को और यूएसए

[42:46] पूंजीवाद को। तो इन तो इन लोगों ने क्या

[42:48] कहा कि अरे पहले इसको हरा देते हैं और

[42:50] उसके बाद हम लोग बैठ के बात कर लेंगे।

[42:52] यूएसए स्टार्टिंग से ही दो अगला देश है।

[42:54] अपना उस टाइम का सबसे तगड़ा प्लेन जो तुम

[42:56] आज भी सुनते हो। B52 बमबर लेके गया और दो

[43:00] देशों पे दो दो

[43:04] शहरों पे हिरशिमा और नागासाकी उन पे उस

[43:07] टाइम का सबसे तगड़ा ब्लास्ट कर देते हैं।

[43:10] अब वो ब्लास्ट इतना बड़ा भयंकर था कि सारा

[43:12] का सारा वर्ल्ड उनके सामने बो डाउन हो

[43:14] जाता है कि भाई साहब जिस देश के पास इतने

[43:16] तगड़े हथियार हैं उनसे लड़ा नहीं जा सकता।

[43:19] ये गुस्ताखी वहां से लेके और आज तक जो आप

[43:22] ये सुनते हो ये वही चली आ रही है। ठीक है?

[43:25] अब आप समझो इसमें कि साम्यवाद यानी कि रूस

[43:29] जो पूरे वर्ल्ड पे लाना चाह रहा था वो था

[43:31] क्या? कम्युनिज्म था क्या? बच्चों तुमने

[43:33] बहुत देशों में पार्टियों का नाम भी सुना

[43:35] होगा। कम्युनिस्ट पार्टी हमारे भारत में

[43:37] भी है। कम्युनिस्ट पार्टी है या नहीं?

[43:39] चाइना में भी है। है ना? और रूस में तो जो

[43:42] मूवमेंट चल रही थी उस मूवमेंट को ही क्या

[43:43] बोलते थे? कम्युनिज्म मूवमेंट। ठीक है? तो

[43:45] कम्युनिज्म होता क्या है? साम्यवाद है

[43:47] क्या? समझो इसको। जहां पे सब कुछ

[43:51] जहां पे सब कुछ यानी कि एवरीथिंग इज ऑन

[43:55] बाय ऑन बाय मतलब सब कुछ किसका हो?

[43:59] गवर्नमेंट का हो। सब कुछ किसका हो?

[44:01] गवर्नमेंट का। उस फॉर्मेट को उस ऑर्डर को

[44:04] क्या बोलते हैं हम? कम्युनिज्म। जैसे कि

[44:06] मान लो ये बिल्डिंग है। है ना? तुम्हारे

[44:08] घर में बाइक है कोई गाड़ी है। किसी के नाम

[44:11] पे होगी भाई। ठीक है? लेकिन अगर किसी देश

[44:14] में पूर्ण रूप से 100% अगर कम्युनिज्म है

[44:17] तो तुम बस अपने घर में रह रहे होगे। वो घर

[44:19] होगा किसका? सरकार का। कि भैया कैसे समझ

[44:23] में नहीं आया? अभी समझाता हूं।

[44:26] मान लो तुम किसी पब्लिक पार्क है। है ना?

[44:28] कोई सरकारी पार्क है। उस पार्क की बेंच पे

[44:30] तुम डेली शाम को 5:00 बजे जाके बैठ जाते

[44:32] हो। और रात तक 8 9:00 बजे तक वहीं रहते

[44:34] हो। और यह काम तुम पिछले 10 साल से कर रहे

[44:36] हो। वो बेंच तुम्हारी हो गई क्या? किसकी

[44:39] रहेगी? सरकार की। तुम किसी पब्लिक ट्रेन

[44:42] में डेली आ जा रहे हो पिछले 20 साल से।

[44:44] ट्रेन तुम्हारी हो गई क्या? किसकी रहेगी?

[44:46] सरकार की। ऐसे ही बच्चों अगर मान लो हम

[44:49] अगर हमारे देश में अगर साम्यवाद होता तो

[44:53] जिस बिल्डिंग में हम हैं हम बस इसको

[44:55] इस्तेमाल कर रहे होते सब किसका होता?

[44:57] गवर्नमेंट का। और इन्होंने ऐसा सोचा क्यों

[44:59] था कि जिससे करप्शन ज्यादा ना हो। जिससे

[45:01] भ्रष्टाचार ज्यादा ना हो। ठीक है? उस चीज

[45:03] को प्रिवेंट करने के लिए ये एक आधा तरीका

[45:06] था। लेकिन बच्चों इंपॉर्टेंट बात यह है कि

[45:09] पूर्ण रूप से कभी भी साम्यवाद किसी भी देश

[45:12] में नहीं आ पाया। तो भैया फिर पूंजीवाद

[45:15] क्या है? पूंजीवाद है कि जितना पैसा कमाया

[45:18] जाए उतना पैसा कमाओ। इट इज गुड टू मेक

[45:21] मनी। और इसीलिए यूएसए कैपिटलिज्म का

[45:25] एग्जांपल है। और जो रूस था बच्चों रूस

[45:29] पूर्ण रूप से इसको नहीं लेकर आ पाया।

[45:32] लेकिन रूस चाहता क्या था? कि पूरे वर्ल्ड

[45:34] में क्या आए? कम्युनिज्म आए। कि अब भैया

[45:36] फिर ये समाजवाद कहां से आया? देखो आपके

[45:39] शब्दों से, आपके बोलने के तरीके से, आपके

[45:42] लिखावट से पता चलेगा कि आप WhatsApp

[45:44] यूनिवर्सिटी से पढ़ के आए हो या Google से

[45:48] या फिर अच्छी किताब से या फिर अच्छे

[45:50] मास्टर से। ठीक है? समझो जरा। जब

[45:53] कम्युनिज्म पूरे विश्व में कहीं भी

[45:55] प्यरेस्ट फॉर्म में नहीं आ पाया तो फिर

[45:57] कोशिश की गई कि जी हम अब समाजवाद को लेके

[46:00] आएंगे। समाजवाद मतलब देश काम करेगा समाज

[46:03] के लिए, समाज की बेहतरी के लिए फॉर द

[46:05] बेटरमेंट ऑफ पीपल। तो आप इसको इस तरह से

[46:07] लिखना कि कम्युनिज्म की जब कम्युनिज्म

[46:11] पूरी तरह से कहीं नहीं आ पाया तो

[46:12] कम्युनिज्म की लाइटर फॉर्म है। लाइटर मतलब

[46:16] हल्की फॉर्म है क्या? तुम्हारा समाजवाद।

[46:20] और समाजवाद का एग्जांपल है बच्चों कौन?

[46:23] इंडिया।

[46:25] मतलब इंडिया मतलब बच्चों कौन सा समाजवाद

[46:28] है ये हमारा? लोकतांत्रिक समाजवाद है।

[46:30] यानी कि डेमोक्रेटिक सोशलिज्म को फॉलो

[46:33] करते हैं हम। लोक

[46:37] तांत्रिक

[46:39] समाजवाद।

[46:41] इंग्लिश में इसको बोलते हैं बच्चों क्या?

[46:44] कि डेमोक्रेटिक

[46:48] सोशलिज्म।

[46:50] ठीक है?

[46:51] अब ये मिश्रित क्या है? मिश्रित को बच्चों

[46:54] बस इतना जान लेना कि पब्लिक का मतलब क्या

[46:56] होता है? पब्लिक का मतलब होता है सरकारी।

[46:58] जैसे कि पब्लिक बस, पब्लिक ट्रेन, पब्लिक

[47:01] हॉस्पिटल, पब्लिक स्कूल, पब्लिक मतलब

[47:03] सरकार। सरकारी। ठीक है? जहां पर सरकारी

[47:09] प्लस प्राइवेट। प्राइवेट मतलब निजी। जहां

[47:12] पर प्राइवेट प्लस सरकारी दोनों एक साथ

[47:16] कोएस्ट करते हो। कोएस्ट मतलब दोनों एक साथ

[47:20] रहते हो, काम करते हो, उसको हम मिक्स्ड

[47:22] इकॉनमी बोलते हैं। इंडिया इज आल्सो

[47:24] एग्जांपल ऑफ मिक्स्ड इकॉनमी। हमारे यहां

[47:27] अंबानी भी है, अडानी भी है, दुनिया भर का

[47:30] पैसा है। और गवर्नमेंट गवर्नमेंट पावरफुल

[47:32] नहीं है क्या? तो हमारे यहां दोनों ही एक

[47:35] साथ कोएस्ट करते हैं। तो इसको क्या बोलते

[47:37] हैं बच्चों? मिक्स्ड इकोनॉमी बोलते हैं।

[47:41] ठीक है?

[47:44] हम क्लियर हुई बच्चों इतनी बात? तो देख

[47:46] रहे हो? मैं तुम्हें मतलब टालने के लिए

[47:49] मैं सिर्फ आता कि जी ये समाजवाद ये

[47:52] एग्जांपल याद कर लो। पूंजीवाद ये याद कर

[47:54] लो। बट फिर भी आई चोज़ कि भाई कोई बात नहीं

[47:57] क्लास में अगर कोई बच्चा ऐसा बैठा हुआ है

[47:59] जिसको बिल्कुल इस तरह से पढ़ना है कि जी

[48:00] इसके बाद पढ़ने की जरूरत ना पड़े। बिल्कुल

[48:02] ही बेसिक अगर क्लियर होते हुए चलें तो आप

[48:04] इस तरह से पढ़ सकते हैं। ठीक है बच्चों?

[48:06] कैपिटलिज्म, साम्यवाद, समाजवाद और मिक्स्ड

[48:09] इकोनॉमी। आई होप मैंने यहां पे पीपीटी में

[48:11] तीन थे। लेकिन ये मैंने चारों के चारों

[48:13] आपको क्लियर किए होंगे। अब इसको हम हिंदी

[48:15] और इंग्लिश में पढ़ सकते हैं। ठीक है भाई?

[48:18] लाइक, कमेंट, शेयर ये सब मैं भूल जाता

[48:21] हूं। में जब पढ़ाता हूं तो अगर मैं ये काम

[48:23] ठीक-ठाक कर पा रहा हूं तो इस काम को आप भी

[48:25] कर सकते हो। ब एक मिनट का थैंक यू ले लो

[48:28] आप लोग। आई एम वेरी वेरीरी थैंकफुल। आई एम

[48:31] वेरी वेरीरी ग्रेटफुल। मैं

[49:26] हां बच्चों साउंड ठीक है। अब देखेंगे जरा।

[49:29] एक सेकंड बस।

[49:32] हां बच्चों साउंड ठीक है। ठीक है। हां देख

[49:35] रहे हो? तुम्हारी बढ़ाई करने का जहां नंबर

[49:38] आया। हां बेटा अब साउंड ठीक है। सुन लो।

[49:40] कभी-कभी तो मेरे मन से ही बात मतलब आती

[49:42] है। वरना रेस्ट ऑफ द टाइम तो मैं सिर्फ

[49:44] आता हूं और पढ़ाता हूं और जाता हूं। मैं

[49:45] बात ही नहीं करता। तुम्हारी बढ़ाई का नंबर

[49:48] जहां आया तो माइक के सेल डाउन हो गई थी।

[49:50] है ना? आप समझो इस चीज को। जितने ग्रेटफुल

[49:54] बच्चा जैसे तुम में से कोई कभी-कभी

[49:56] ग्रेटफुल होता है। थैंकफुल होता है कि सर

[49:57] आई एम वेरी वेरीरी थैंकफुल। है ना? तो मैं

[49:59] ये बोल रहा था कि आई एम आल्सो थैंकफुल। जब

[50:02] मैं इस प्लेटफार्म पे आया मुझे चार बच्चे

[50:04] नहीं जानते थे। अब भी मुझे चार ही बच्चे

[50:05] जानते हैं बस। लेकिन मेरी पहली वीडियो पे

[50:08] 25 हजार कमेंट चाय सीरीज की पहली आई

[50:10] वीडियो 700 प्लस कमेंट और कमेंट भी अच्छे

[50:13] खासे

[50:15] बड़े-बड़े।

[50:16] ये कमेंट मेरे लिए फ्यूल हैं। मैं मैं फिर

[50:19] बोल रहा हूं। है ना? जितना थैंकफुल तुम

[50:21] कमेंट में होते हो, मैं उससे ज्यादा

[50:23] थैंकफुल कैमरे के इधर पे होता हूं। और

[50:26] मुझे यह कमेंट पढ़ के और ज्यादा एनर्जी

[50:28] मिलती है और और ज्यादा मेहनत करने का काम

[50:31] मन करता है। ठीक है? थैंक यू फॉर बीइंग अ

[50:34] वंडरफुल ऑडियंस। थैंक यू फॉर बीइंग अ

[50:35] वंडरफुल बच्चा बच्चों। है ना? मैं पहले भी

[50:38] कहा है अगर मैं अपने काम में अच्छा हूं तो

[50:41] आप प्यार बरकरार रखो। थ भाई जलवा बरकरार

[50:44] रखेगा। ठीक है? तो आई होप ये आपको तीनों

[50:46] चीजें क्लियर हुई होंगी। इसमें लिखी हुई

[50:47] है तीन और मैंने आपको समझाई है चार। ठीक

[50:50] है? मेरे हाथ में भाई मेहनत है। मैं अपने

[50:53] हिस्से की मेहनत कर सकता हूं। जितनी

[50:55] बोलोगे तुम्हारे सिलेक्शन के लिए तुमसे

[50:57] ज्यादा मेहनत हम लोग करने को तैयार हैं।

[50:59] और टेक्निकली ये बात सच भी है कि कर भी

[51:01] रहे हैं। इकोनॉमिक्स की मेरी पहली क्लास

[51:04] थी। तुम लोग सब सो के आए होगे। कोई टेंशन

[51:06] नहीं। एक मास्टर आएगा आ के हार्ड शब्दों

[51:09] को आसान भाषा में आकर बताने की कोशिश

[51:11] करेगा। उसका काम है। मैं इस एक क्लास को

[51:15] तैयार करने के लिए ऐसी क्या बात बोलूं?

[51:17] ऐसे कौन से एग्जांपल दूं? सो दैट अ

[51:20] बिल्कुल जीरो वाला बच्चा जिसने इकोनॉमिक्स

[51:22] पढ़ी ही नहीं है वो भी हमसे जुड़ा रहे।

[51:25] ठीक है? हम लोग ज्यादा मेहनत करके आ रहे

[51:27] हैं। इस बात को मानो तुम लोग। ठीक है? तो

[51:29] चलो थैंक यू फॉर बीइंग अ वंडरफुल ऑडियंस।

[51:31] जैसे मैं दिल फेंक के ये है ना? ऑल ऑफ मी

[51:34] लव्स ऑल ऑफ यू। चलो बच्चों। है ना? तो ये

[51:37] लाइक, कमेंट, शेयर का काम तुम लोग कर दिया

[51:38] करो। बाकी सब मैं झेल लूंगा। चलो भाई। ठीक

[51:41] है? तो ये हमारा क्लियर हुआ। अब इसको पढ़

[51:44] लेना आप लोग। पूंजीवाद क्या है? पूंजीवाद

[51:47] एक ऐसी आर्थिक प्रणाली है जिसमें उत्पादन

[51:50] के साधन जैसे फैक्ट्री, मशीन, जमीन और

[51:52] व्यवसाय मुख्य रूप से किसके होते हैं?

[51:55] निजी। फॉर एग्जांपल, अगर भारत में ट्रेन

[51:57] भी किसकी हो जाए? अंबानी की। भारत में

[52:00] सारे के सारे अस्पताल भी अंबानी के। ठीक

[52:02] है? यानी कि जब ये ऐसी-ऐसी चीजें

[52:05] फैक्ट्री, मशीन, जमीन, व्यवसाय सब कुछ

[52:08] किसी निजी आदमी का हो उसको क्या बोल सकते

[52:10] हैं हम? कैपिटलिज्म। तुम सोच सकते हो एलन

[52:13] मस्क खूब अमीर आदमी है। कंपनी कौन सी है?

[52:15] स्पcex लेकिन भारत में क्या है? भारत में

[52:18] इसरो है और इसरो निजी नहीं है। किसकी है?

[52:21] सरकार की है। ठीक है बच्चों? तो ये आप लोग

[52:24] याद रख सकते हो। ये मैंने तुम्हें बहुत

[52:26] अच्छे से समझाया था अभी-अभी। प्राइसेस आर

[52:28] डिटरमाइंड बाय डिमांड एंड सप्लाई नॉट बाय

[52:31] गवर्नमेंट। किस चीज की कितनी प्राइस होगी?

[52:34] ये पता चलेगा डिमांड और सप्लाई से ना कि

[52:37] गवर्नमेंट फिक्स करेगी। इसका मैं तुम्हें

[52:39] थोड़ा सा बता देता हूं कैसे।

[52:42] डिमांड और सप्लाई कैसे काम करती है। है

[52:44] ना? मान लो बच्चों सेब है। है ना? सेब है।

[52:48] मान लो फल है। कोई भी फल है। है ना? सेब

[52:52] चल रहा था ₹100 किलो। कितना? ₹100 किलो।

[52:56] नवरात्रि आए

[52:59] और सेब हो गया ₹150 किलो। बताओ सच या

[53:02] नहीं? नवरात्रों में फलों के प्राइस बढ़

[53:07] जाते हैं। क्यों बच्चों? ऐसा क्या हुआ?

[53:09] क्योंकि जो चीज आ रही है फल जहां से आ रहे

[53:12] थे फल जहां से आ रहे थे वहां से तो फल अब

[53:16] भी उतने ही आ रहे हैं। यानी कि सप्लाई

[53:18] क्या है बच्चों? सेम। सप्लाई क्या है?

[53:21] सेम। लेकिन जैसे ही नवरात्रि आए तो अगर

[53:25] लोग पहले कम फल खा रहे थे। अब वो क्या

[53:28] करेंगे? अब वो ज्यादा फल खाएंगे। रोटी

[53:31] नहीं खाएंगे। ठीक है? तो ये सप्लाई तो रही

[53:34] सेम लेकिन बच्चों नवरात्रों के टाइम पे

[53:38] डिमांड बढ़ गई। तो अगर डिमांड बढ़ जाएगी

[53:42] सपोज अगर मेरी डिमांड बढ़ जाए। है ना? अगर

[53:45] मेरी डिमांड अगर पूरे इंडिया पे अगर बढ़

[53:47] जाए तो बताओ मेरे प्राइसेस बढ़ जाएंगे या

[53:49] नहीं बढ़ जाएंगे? अरे भाव बढ़ जाएंगे या

[53:51] नहीं बढ़ जाएंगे बच्चों? तो सप्लाई जब सेम

[53:53] होती है और डिमांड जब बढ़ जाती है तो

[53:56] बच्चों प्राइस बढ़ जाता है।

[54:00] ये तो बहुत रिलेटेबल हो गया। मान लो अगर

[54:03] मेरी डिमांड पूरे इंडिया में अगर इस तरह

[54:04] से होने लगे तो भाई साहब भाव बढ़ जाएंगे

[54:07] या नहीं? प्राइसेस बढ़ जाएंगे या नहीं?

[54:09] ठीक है? अब तुम देखो जो टीचर जितना ज्यादा

[54:12] फेमस जिसकी जितनी ज्यादा डिमांड उसके उतने

[54:15] ज्यादा प्राइसेस सच बात है या नहीं? तो ये

[54:17] मैंने तुम्हें एग्जांपल से बताया है कि

[54:19] कैपिटलिज्म में किस चीज का कितना भाव

[54:22] होगा। इसमें गवर्नमेंट का इंटरफेरेंस नहीं

[54:24] होता। किससे पता चलता है? डिमांड और

[54:26] सप्लाई से। जब डिमांड बढ़ती है तो प्राइस

[54:29] बढ़ जाती है। अच्छा डिमांड अगर सेम रहे एक

[54:32] और एग्जांपल दे दूं। मजा ही आ जाएगा

[54:34] तुम्हें। ये बताओ जरा गैस सिलेंडर के

[54:36] प्राइसेस बढ़ रहे हैं या नहीं? सब जानते

[54:39] हैं इस चीज को तो। बच्चों इकोनॉमिक्स

[54:41] सब्जेक्ट में वो ताकत है कि अगर इस

[54:44] सब्जेक्ट को आप ये सोच रहे हो कि जी ये

[54:46] सब्जेक्ट तो हम पढ़े ना और न्यूज़पेपर हम

[54:49] पढ़ लेंगे तो न्यूज़पेपर सिर्फ रीड कर

[54:51] सकते हो। समझ नहीं सकते। ठीक है? सैलरी

[54:53] बढ़ जाए। हां भाई तुम लोग अगर कमेंट ऐसे

[54:55] ही करते रहे

[54:57] और अगर ये कमेंट ऐसे ही बढ़ते रहे तो फिर

[55:00] अपन लोग बैठ के कुछ बात कर सकते हैं। ठीक

[55:02] है? समझो जरा। गैस सिलेंडर के प्राइसेस

[55:04] भैया बढ़ रहे हैं तो ये डिमांड की वजह से

[55:07] बढ़ रहे हैं या सप्लाई की वजह से? कमेंट

[55:08] करो जरा फटाफट। हां भाई तो बताओ। गैस

[55:11] सिलेंडर के प्राइसेस बढ़ रहे हैं। 3000 का

[55:13] सिलेंडर आ रहा है। 2500 का आ रहा है।

[55:14] ब्लैक से तो 4000 का भी मिल रहा है। ऐसा

[55:16] क्यों हो रहा है? यानी कि ऐसा हुआ है क्या

[55:18] कि सप्लाई ऐसा हुआ है क्या कि डिमांड बढ़

[55:21] गई एकदम से? जितने लोग भारत में थे उतने

[55:23] ही तो हैं। पिछले 20 दिन में तो पॉपुलेशन

[55:25] बढ़ ना गई एक दिन से। तो यानी कि सप्लाई

[55:27] क्या है? सेम। यहां पे इसका केस क्या है

[55:30] बच्चों? कि डिमांड क्या है? सेम सॉरी।

[55:32] डिमांड क्या है? डिमांड तो सेम है। लेकिन

[55:36] सप्लाई

[55:38] ये कहां से आता है? तुमने सुना होगा।

[55:40] स्टेट ऑफ हॉर्मोंस। ईरान ने कब्जा रखा है

[55:44] तो वहां से ये ज्यादा नहीं आने दे रहा।

[55:46] यानी कि बच्चों सप्लाई कट हो गई है।

[55:49] सप्लाई कम हो गई है। मतलब चाहिए तो हमें

[55:53] 10 और आ रहा है सिर्फ 50 तो बढ़ जाएंगे

[55:56] प्राइस या नहीं? समझ रहे हो बात को? तो ये

[55:58] एग्जांपल मैंने तुम्हें इसका दिया। डिमांड

[56:00] और सप्लाई का अलग से एक चैप्टर लूंगा। अलग

[56:02] से एक क्लास लूंगा। ये जो कर्व पे बच्चे

[56:04] फंस जाते हैं कि जी ये मैथमेटिक्स है या

[56:07] इकोनॉमिक्स है वो सब टेंशन मत लो। एक तो

[56:09] मेरी इंटेंशन को कभी क्वेश्चन मत करना। है

[56:12] ना? मेरी इंटेंशन एकदम प्योर है। मैं आप

[56:14] लोगों को पढ़ाने आया हूं। मुझे इकोनॉमिक्स

[56:16] आती है। तुम्हें समझाने आया हूं। एक तो

[56:18] मेरी इंटेंशन को कभी क्वेश्चन मत करना और

[56:20] एक तो मैं किस सीक्वेंस में क्या चीजें

[56:24] लेके जा रहा हूं उसको क्वेश्चन मत करना।

[56:26] बस बैठ के भरोसा करना। बाकी चीजें पता चल

[56:28] जाएंगी। जिन्होंने पॉलिटी कंप्लीट की है

[56:29] वो जानते भी हैं। ठीक है बच्चों? तो ये

[56:31] डिमांड का और सप्लाई का मैंने तुम्हें एक

[56:33] छोटा सा एग्जांपल दिया। ठीक है?

[56:34] कैपिटलिज्म की हमने बात कर ली। कैपिटलिज्म

[56:36] में जो मुख्य उद्देश्य होता है वो क्या

[56:38] होता है बच्चों? फायदा।

[56:41] अरे कोई भी अगर कोई प्राइवेट कंपनी चला

[56:43] रहा है तो मुख्य उद्देश्य क्या होगा? पैसा

[56:45] फायदा। ठीक है? यह कैपिटलिज्म की बात है।

[56:48] इसको आप देख लोगे। फिर समाजवाद क्या है

[56:50] बच्चों? समाजवाद एक ऐसा आर्थिक व्यवस्था

[56:52] है जिसमें उत्पादन के साधनों पर सरकार का

[56:55] पूर्ण या अधिक नियंत्रण होता है। पूर्ण

[56:59] मतलब बच्चों 100% अधिक मतलब कि 50% से

[57:04] ज्यादा कंट्रोल उन्हीं का है। लेकिन इनका

[57:07] जो मेन उद्देश्य होता है वो बच्चों फायदा

[57:10] नहीं होता। तुम समझो जरा। गवर्नमेंट से

[57:13] जैसे तुम्हें उज्जवला योजना से उज्जवला

[57:17] योजना से अगर गांव में सबको सिलेंडर दिए

[57:19] गए हैं तो भारत सरकार ने वो क्यों दिए हैं

[57:22] पैसा कमाने के लिए या समाज को बेहतर करने

[57:25] के लिए समाज को बेहतर करने के लिए तो ये

[57:28] सोशलिज्म हुआ हमारा ठीक है बच्चों इक्वल

[57:31] डिस्ट्रीब्यूशन बेसिक सर्विज लाइक एजुकेशन

[57:34] हेल्थ ट्रांसपोर्टेशन एंड प्रोवाइडिंग बाय

[57:37] द गवर्नमेंट ठीक है बच्चों समाजवाद की

[57:39] हमने ये बात कर ली उसके बाद मिक्स्ड क्या

[57:41] होता है मिक्स्ड जिसमें मैंने तुम्हें

[57:42] क्या कहा कि निजी और सरकारी दोनों जब एक

[57:45] साथ मिलके काम करते हैं उसको बोलते हैं

[57:47] बच्चों। ठीक है? ये देखो जरा अ मिक्स्ड

[57:49] इकोनमी इज अ बैलेंस सिस्टम। ये क्या है?

[57:52] एक बैलेंस सिस्टम है दैट इनकरपोरेट्स

[57:54] एलिमेंट्स ऑफ बोथ कैपिटलिज्म एंड

[57:57] सोशलिज्म। मिश्रित अर्थव्यवस्था का एक

[58:00] संतुलित प्रणाली है जिसमें पूंजीवाद और

[58:02] समाजवाद दोनों के तत्व शामिल होते हैं।

[58:07] ठीक है बच्चों?

[58:09] हां भाई। ठीक है? द गवर्नमेंट रेगुलेट्स द

[58:11] मार्केट व्हेन नेसेसरी। और देखो गवर्नमेंट

[58:13] का इंटरवेंशन भी होता है इसमें। लेकिन कब?

[58:15] जब बहुत ज्यादा जरूरी होता है। एग्जांपल

[58:17] दूं इसका। पिछले दो-ती साल से हर बार ऐसा

[58:21] होता है कि टमाटर के प्राइसेस ₹250 तक

[58:24] जाते हैं। ठीक है? तो जब टमाटर जो ₹10

[58:27] किलो था जब वो ₹100 से ऊपर हो जाए फिर

[58:30] गवर्नमेंट इंटरवीन करती है या नहीं कि कोई

[58:32] भी दुकानदार इसको ₹100 से ऊपर नहीं

[58:36] बेचेगा। कोई भी टमाटर प्रोड्यूस करने वाली

[58:39] कंपनी इनको रखेगी नहीं सो दैट हम इनको

[58:42] महंगे में बेच सकें। तो जब हालात बहुत

[58:44] खराब हो जाते हैं तो गवर्नमेंट इंटरवीन

[58:46] करती है या नहीं? तो यहां पे वही कहा गया

[58:48] है कि जो सरकार है जरूरत पड़ने पर बाजार

[58:52] को नियंत्रित करती है। ठीक है बच्चों? ठीक

[58:56] है बालको। अरे ठीक है क्या? ठीक है? ये सब

[59:00] आपके लिए मैंने सब कुछ बताया हुआ है।

[59:02] मिश्रित एग्जांपल भारत समाजवाद, यूएसएसआर

[59:06] और समाजवाद से पहले मैंने तुम्हें इसमें

[59:08] साम्यवाद कम्युनिज्म भी बहुत अच्छे से

[59:09] समझाया है। और ये आपका पूंजीवाद। ठीक है

[59:11] बच्चों? अब आ जाते हैं 1951 91 के

[59:15] रिफॉर्म्स पे। यहां से हर साल हर एग्जाम

[59:18] में कोई ना कोई क्वेश्चन आया है। ठीक है?

[59:21] भाई साहब हौसला तो मेरा तब टूट गया जब एक

[59:23] बच्चे को मैं पढ़ा रहा था कि एलपीजी

[59:25] रिफॉर्म्स और उसने कहा कि जी वो सिलेंडर

[59:26] वाले सिलेंडर वाले नहीं है। एलपीजी मतलब

[59:30] लिबरलाइजेशन, प्राइवेटाइजेशन और

[59:33] ग्लोबलाइजेशन। तरीका फिर वही रखूंगा अपने

[59:36] हिसाब से पढ़ाऊं।

[59:38] ये ना डॉ. मनमोहन सिंह किसका हाथ है इनके

[59:41] पीछे? हमारे फॉर्मर प्राइम मिनिस्टर

[59:49] दुर्भाग्य मेरे देश का कि डॉ. मनमोहन सिंह

[59:53] को हमारे देश में साइलेंट प्राइम मिनिस्टर

[59:56] बोला जाता है। बेटा, अगर बाहर विदेशी किसी

[01:00:01] बहुत बड़ी यूनिवर्सिटी से अगर आप मास्टर

[01:00:03] ऑफ इकोनॉमिक्स करने गए ना और वहां पे अगर

[01:00:05] आपको मास्टर्स में गोल्ड मेडल आया और

[01:00:07] पीएचडी में अगर गोल्ड मेडल आया तो उस

[01:00:09] गोल्ड मेडल का नाम है डॉ. मनमोहन सिंह

[01:00:11] गोल्ड मेडल ऑफ इकोनॉमिक्स। ऑक्सफोर्ड जैसी

[01:00:14] बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटीज में कॉरिडोर के

[01:00:16] नाम है। हमारे प्राइम मिनिस्टर के नाम पे,

[01:00:19] फॉर्मर प्राइम मिनिस्टर के नाम पे। लेकिन

[01:00:20] हमारे देश में हमारे देश में इनको क्या

[01:00:22] कहा जाए कि ये तो साइलेंट पीएम है। है ना?

[01:00:24] वो आंतरिक राजनीति एक दूसरी चीज है। लेकिन

[01:00:27] पढ़ाई लिखाई और वो सब उन पर सवाल आप नहीं

[01:00:30] उठा सकते। हमारी भारत एक क्लोज्ड इकॉनमी

[01:00:33] थी। उस क्लोज्ड को ओपन करने वाले ये आदमी

[01:00:36] थे। 1991 में ये फाइनेंस मिनिस्टर थे।

[01:00:39] वित्ती मंत्री कौन थे? फाइनेंस मिनिस्टर

[01:00:42] थे। और इनका काम था ये सारा का सारा। ठीक

[01:00:45] है बच्चों? देखो जरा। 1991 में भारत ने

[01:00:49] अपनी आर्थिक नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव

[01:00:52] किया जिसको आर्थिक सुधार कहा गया। इन 1991

[01:00:55] इंडिया मेड अ हिस्टोरिक शिफ्ट इन इट्स

[01:00:57] इकोनॉमिक पॉलिसी नोन एज इकोनॉमिक

[01:01:00] रिफॉर्म्स। ठीक है? अब ये देखो क्या है?

[01:01:04] तीन शब्द हैं बच्चों। लिबरलाइजेशन,

[01:01:06] प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन। इसको

[01:01:08] समझो जरा।

[01:01:10] इन तीनों वर्ड्स को समझो जरा।

[01:01:18] अच्छा हां बच्चों समझेंगे है ना मैंने

[01:01:20] क्या कहा कि एलपीजी रिफॉर्म्स तीन वर्ड

[01:01:23] हैं। सबसे पहले तोड़ते हैं लिबरलाइजेशन

[01:01:26] को।

[01:01:30] लिबरलाइजेशन

[01:01:32] इसको बच्चों लाइसेंस राज भी कहा जाता है।

[01:01:35] इसको क्या कहा जाता है? लाइसेंस राज। अब

[01:01:36] जरा समझो इस बात को कि ये था क्या? 1991

[01:01:40] से पहले अगर आपको 1991 से पहले अगर आपको

[01:01:44] कोई भी फैक्ट्री बनानी है, कोई भी

[01:01:46] फैक्ट्री लगानी है, निजी अपना कुछ काम

[01:01:49] करना है तो उसका लाइसेंस लेने के लिए ना

[01:01:52] कम से कम 100 दफ्तर थे जिनमें आपको यहां

[01:01:54] भी जाना है, यहां भी जाना है, यहां भी

[01:01:55] जाना है, यहां भी जाना है, यहां भी जाना

[01:01:56] है। है ना?

[01:01:58] लेकिन 1991 में इसे खत्म किया गया कि भाई

[01:02:01] अगर आपको कोई काम शुरू करना है तो आपको 50

[01:02:03] जगह परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब

[01:02:06] गवर्नमेंट का जो एटीट्यूड है वो थोड़ा सा

[01:02:09] लिबरल है। वो थोड़ा सा सॉफ्ट है कि अगर आप

[01:02:12] जाओगे दो ऑफिस में जाओगे दो साइन करवाओगे

[01:02:14] और आपको लाइसेंस अपना काम करने का मिल

[01:02:17] जाएगा। इसको मैं और भी बेहतर तरीके से

[01:02:19] समझा सकता हूं। लिबरल का मतलब कि जो आपको

[01:02:22] थोड़ी सी आजादी दे। जैसे आपके घर में आपका

[01:02:24] अगर कोई चाचा है और वो आपको अनुमति देता

[01:02:27] है कि जी अरे तू बाहर जा घर पे सब मैं देख

[01:02:28] लूंगा। तो ऐसे चाचा को आप क्या कहोगे कि

[01:02:30] ये तो मेरे बहुत लिबरल चाचू हैं। और अगर

[01:02:33] कोई ऐसा ताऊ है कि अगर 10:00 बजे के बाद

[01:02:35] घर से बाहर निकला तो तेरा तो गेम बजाना

[01:02:37] पड़ेगा। तो यानी कि ये मेरे कंजरवेटिव ताऊ

[01:02:40] जी हैं। ठीक है? तो लिबरलाइजेशन का मतलब

[01:02:42] क्या हुआ कि ये आपको थोड़ी सी छूट दे रहे

[01:02:44] हैं। कोई भी व्यापार करने में, कोई भी

[01:02:46] फैक्ट्री लगाने में लाइसेंस राज को खत्म

[01:02:49] किया जा रहा है और लिबरलाइजेशन लाया जा

[01:02:51] रहा है। पढ़ेंगे जरा ध्यान से। देखो इनसे

[01:02:55] पहले भारत की अर्थव्यवस्था अधिकृत

[01:02:58] नियंत्रित नियंत्रण अधिकार जिसको क्या

[01:03:01] बोलते थे? लाइसेंस राज थी। जहां उद्योग

[01:03:04] खोलना, उत्पादन बढ़ाना और व्यापार करने के

[01:03:08] लिए सरकार से कई प्रकार की अनुमति लेनी

[01:03:11] पड़ती थी। ठीक है? प्रायर टू दिस इंडियास

[01:03:15] इकॉनमी वाज़ लार्जली कंट्रोलोल्ड लाइसेंस

[01:03:17] राज वेयर वेरियस गवर्नमेंट परमिशंस वर

[01:03:20] रिक्वायर्ड टू ओपन इंडस्ट्रीज एक्सपेंड

[01:03:22] प्रोडक्शन एंड कंडक्ट बिनेसेस। कितनी आसान

[01:03:25] भाषा में मैंने तुम्हें बात बताई

[01:03:27] लिबरलाइजेशन वाली। ठीक है? कितनी आसान

[01:03:30] भाषा में मैंने तुम्हें बात बताई

[01:03:31] लिबरलाइजेशन वाली। बताओ जरा। ठीक है? फिर

[01:03:33] दूसरी चीज देखो क्या? लिबरलाइजेशन जैसे कि

[01:03:36] ये देखो लेकिन 1991 में भारत को गंभीर

[01:03:40] आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। विदेशी

[01:03:42] मुद्रा यानी कि फॉरेन एक्सचेंज भंडार बहुत

[01:03:45] कम हो गया। महंगाई बढ़ रही थी और देश पर

[01:03:49] कर्ज का दबाव भी ज्यादा था। मैंने पहले भी

[01:03:51] कहा इस सब्जेक्ट की अगर आपको नॉलेज नहीं

[01:03:53] है तो आपके लिए न्यूज़ सिर्फ बेमिलब की

[01:03:55] है। जैसे लोग बोल रहे थे कि जी मोदी जी ने

[01:03:58] एक उसमें कहा शॉर्ट में आगे कि सोना मत

[01:04:00] खरीदो। कि जी ऐसा क्यों कहा हमारे पैसे हम

[01:04:02] तो खरीदेंगे। दो चीजें हैं। अगर आपको ना

[01:04:06] क्रूड ऑयल क्रूड ऑयल मतलब पेट्रोल डीजल ये

[01:04:09] सब हमारे देश में नहीं होता। अगर होता भी

[01:04:10] है तो बहुत कम होता है। तो ये हमें कहां

[01:04:12] से खरीदना होता है? बाहर से। और गोल्ड

[01:04:14] गोल्ड भी हमें बाहर से खरीदना होता है। अब

[01:04:17] बाहर से खरीदी हुई चीज का अगर हमें बिल

[01:04:20] देना है तो वो हम अपने पैसों में दे सकते

[01:04:22] हैं क्या? 5500 के नोट में? नहीं दे सकते।

[01:04:24] किस चीज में चाहिए? डॉलर्स में। और डॉलर

[01:04:26] कहां चल रहा है? ऑल टाइम हाई पे चल रहा

[01:04:29] है। $1 इक्व टू ₹100 भी क्रॉस कर चुका है

[01:04:33] भारत का इंडियन रूपी। तो उस चीज के लिए

[01:04:36] कहा गया है। अब देखो यहां पे क्या कहा कि

[01:04:38] 1991 में ये आर्थिक सुधार इसलिए आए थे

[01:04:41] क्योंकि हमारे पास फॉरेन रिजर्व्स बहुत कम

[01:04:44] बचे थे। यानी कि डॉलर्स हमारे पास बहुत कम

[01:04:47] थे। तो हम अपना बिल जो ये हमारा क्रूड ऑयल

[01:04:50] का है इसको हम किस तरह से देंगे? ऐसा संकट

[01:04:52] था। इसीलिए इकॉनमी ओपन की गई थी। ठीक है

[01:04:55] बच्चों? तो यहां पे हम लिबरलाइजेशन,

[01:04:56] प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन लाए थे।

[01:04:58] लिबरलाइजेशन को हिंदी में भी क्या बोलते

[01:05:00] हैं? उदारीकरण। क्या बोलते हैं बच्चों?

[01:05:02] उदारीकरण। अच्छा ये क्या होता है?

[01:05:05] निजीकरण। प्राइवेटाइजेशन। समझा दूं इसको

[01:05:08] भी आसान सी भाषा में। आसान सी भाषा में

[01:05:10] समझ लिया इसको भी।

[01:05:13] एक वाला कह रहा है बस सर कल करेंगे। ठीक

[01:05:15] है बेटा। ओके। टाटा बाय-बाय। है ना?

[01:05:17] उदारीकरण का मतलब

[01:05:20] समझ लिया। प्राइवेटाइजेशन। इसके लिए भी

[01:05:22] हमें दूसरे वर्ड का रेफरेंस लेना पड़ेगा।

[01:05:24] एक होता है बच्चों राष्ट्रीयकरण।

[01:05:25] राष्ट्रीयकरण मतलब नेशनलाइजेशन। मान लो

[01:05:30] ये बिल्डिंग

[01:05:32] आदित्य भाई की है। है ना? और आदित्य भाई

[01:05:35] से अगर ये बिल्डिंग गवर्नमेंट खरीद ले कि

[01:05:37] जी यहां पे हमें कुछ गवर्नमेंट का कोई एक

[01:05:39] प्रोजेक्ट लाना है और ये बिल्डिंग हमें

[01:05:42] चाहिए। आदित्य भाई यानी कि एक निजी आदमी

[01:05:44] की थी। खरीद ली किसने? गवर्नमेंट ने। तो

[01:05:47] ये क्या हुआ? ये नेशनलाइजेशन हुआ। ये इस

[01:05:50] बिल्डिंग का क्या हुआ? नेशनलाइजेशन। ठीक

[01:05:52] है? अब दूसरी चीज सरकार जब अपनी किसी चीज

[01:05:55] को बेचती है सरकार को कोई पार्क है और

[01:05:57] उसको अगर कोई बेच रहा है सरकार का मान लो

[01:06:00] यहां पे आईटी पार्क है और सरकार उसको बेच

[01:06:02] रहा है कि मैं इसकी आधी पार्टनरशिप बेच

[01:06:04] रहा हूं 50 करोड़ में अब वो मैं खरीद लूं

[01:06:07] तो मैं क्या हूं एक निजी आदमी हूं सरकार

[01:06:10] की कोई मैंने चीज खरीद ली है तो ये क्या

[01:06:11] हो जाएगा निजीकरण यानी कि बच्चों जो भी

[01:06:15] सरकारी जो काम है उन सरकारी कामों में जब

[01:06:18] निजी लोगों का भी इन्वॉल्वमेंट होने लगेगा

[01:06:21] उसको क्या बोलेंगे बोलेंगे

[01:06:22] प्राइवेटाइजेशन। यानी कि अब बड़े-बड़े

[01:06:25] उद्योगपति जो हैं, बड़े-बड़े पैसे वाले जो

[01:06:28] हैं, उनको इनवाइट किया जाएगा कि आप भी अब

[01:06:30] गवर्नमेंट सेक्टर में आके काम कर सकते

[01:06:32] हैं। उसको क्या बोलते हैं?

[01:06:34] प्राइवेटाइजेशन। अच्छा ग्लोबलाइजेशन क्या

[01:06:36] होता है? आसान सी भाषा में बताऊं। आसान सी

[01:06:40] भाषा में। ग्लोबलाइजेशन मतलब ग्लोब। ग्लोब

[01:06:42] मतलब ग्लोब समझते हो ना वो जिसमें पूरा

[01:06:44] वर्ल्ड रहता है। जैसे कि मान लो मान लो

[01:06:46] मान लो मेरे गांव में गन्ना होता है। बहुत

[01:06:49] अच्छा। ठीक है? मेरे गांव में गन्ना हमने

[01:06:51] उगाया। हमने वो गन्ना दोराला मील पर डाला।

[01:06:55] अब दोराला मील में बनती है चीनी। और वो

[01:06:58] चीनी यूएसए में अगर बिक रही है तो ये

[01:07:00] एग्जांपल किस चीज का हुआ? ग्लोबलाइजेशन

[01:07:02] का। यूएसए की बनी हुई कोई चीज तुम अपने

[01:07:05] देश में खरीद पा रहे हो। एग्जांपल किसका

[01:07:07] हुआ? ग्लोबलाइजेशन का। यानी कि हमारी

[01:07:10] इकॉनमी हमारी अर्थव्यवस्था ओपन हो चुकी

[01:07:12] थी। उससे पहले क्या थी? उससे पहले क्लोज्ड

[01:07:15] थी। ठीक है बच्चों? इतनी बात। ठीक है? अगर

[01:07:18] आपको कोई चीज आसान भाषा में समझ में आ गई

[01:07:20] है उसके बाद आप उसको कितनी भी हाईफाई

[01:07:22] लैंग्वेज में पढ़ लो इट विल मेक सेंस टू

[01:07:25] यू। इसीलिए मैं ये चीजें तुम्हें पढ़ाने

[01:07:26] से पहले एग्जांपल के थ्रू बता देता हूं।

[01:07:28] ठीक है? लिबरलाइजेशन उदारीकरण का मतलब था

[01:07:31] सरकारी नियंत्रण को कम करना और व्यापार को

[01:07:35] आसान बनाना जिससे कंपनियों को स्वतंत्रता

[01:07:38] मिले। लाइसेंस राज क्या किया गया था? खत्म

[01:07:41] किया गया था। ठीक है बच्चों?

[01:07:43] प्राइवेटाइजेशन ये देखो। निजीकरण के तहत

[01:07:46] कई सरकारी कंपनियों को निजी क्षेत्र को

[01:07:48] सौंप दिया गया। उनमें निजी निवेश बढ़ाया

[01:07:51] गया। ठीक है बच्चों? अच्छा ये एफडीआई क्या

[01:07:54] होता है? अभी बस इतना समझ लो। एफडीआई मतलब

[01:07:56] फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट। जब बाहर के

[01:07:59] जो लोग हैं जब वो भारत में निवेश करें तो

[01:08:02] उनका कुछ तरीका होता है। वो तरीके होते

[01:08:04] हैं दो। एफडीआई और एफ एफआईआई। फॉरेन

[01:08:07] इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर और फॉरेन

[01:08:10] डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट। तो जब यूएसए का

[01:08:13] अगर कोई बड़ा उद्योगपति भारत में आके अगर

[01:08:16] कोई कंपनी खोल रहा है और उस कंपनी में अगर

[01:08:18] उसका 10% से ज्यादा शेयर है तो इसको हम

[01:08:20] क्या बोलेंगे? एफडीआई। इसको मैं बहुत

[01:08:22] डिटेल में आगे जब चैप्टर हमारा बैलेंस ऑफ

[01:08:24] पेमेंट आएगा उसमें पढ़ाऊंगा। अभी के लिए

[01:08:26] बस ये जान लो कि हम जब पूरा ग्लोब देख रहे

[01:08:29] हो ये कि जब भारत पूरे ग्लोब के साथ इस

[01:08:32] तरह से व्यापार कर रहा है तो उसको

[01:08:34] ग्लोबलाइजेशन कहा जाता है। ठीक है बच्चों?

[01:08:37] उस टाइम पे सरकार किसकी थी? पीवी नरसिम्हा

[01:08:40] राव की थी और उस टाइम के फाइनेंस मिनिस्टर

[01:08:42] हमारे कौन थे? डॉ. मनमोहन सिंह। भाई साहब

[01:08:45] इन्होंने बहुत काम किया है। जिस नोटबंदी

[01:08:47] को ना मतलब देखो मेरे हमने तो पहले भी कहा

[01:08:50] है कि भाई गवर्नमेंट कोई भी आए कोई भी

[01:08:52] जाए। हमें तो सिर्फ फैक्ट पे बात करनी है।

[01:08:53] जिस नोटबंदी के लिए क्रेडिट कोई और ले गया

[01:08:56] वो नोटबंदी का होमवर्क सारा का सारा इस

[01:08:58] आदमी का था। जीएसटी गुड्स एंड सर्विज

[01:09:01] टैक्स के लिए भी इन्होंने बहुत बहुत तगड़ा

[01:09:03] होता था। आर्थिक मंदी के बाद कोरोना के

[01:09:06] बाद वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ जिससे सलाह

[01:09:09] मांग रहे थे वो आदमी डॉक्टर मनमोहन सिंह

[01:09:10] था। ठीक है? तो आप इनके बारे में जब कुछ

[01:09:12] बोले तो अगर कुछ सही नहीं बोल सकते तो

[01:09:15] एटलीस्ट कुछ गलत भी ना बोले है ना? चलिए

[01:09:18] ठीक है बच्चों? तो ये हमने एलपीजी

[01:09:20] रिफॉर्म्स के बारे में पढ़ा। ठीक है?

[01:09:22] क्योंकि इस टाइम पे आर्थिक संकट था तो हम

[01:09:24] हमने एलपीजी सुधार किए थे। भैया इसे

[01:09:26] एलपीजी सिलेंडर मत लिख दियो बस बच्चों।

[01:09:29] इसे बस एलपीजी सिलेंडर मत लिख देना तुम

[01:09:31] लोग। ठीक है? एलपीजी मतलब लिबरलाइजेशन,

[01:09:33] प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन। ठीक है?

[01:09:36] चलिए अब बात कर लेते हैं गुड्स की। क्या

[01:09:38] हमें 1 घंटा 9 मिनट हुए? और मैंने तुम्हें

[01:09:41] तीन-चार कांसेप्ट बताने की कोशिश की। जरा

[01:09:43] फटाफट फटाफट बताओ कि भैया ये सारी चीजें

[01:09:45] हमें एकदम क्लियर होती हैं। क्लास जाएगी

[01:09:47] 1ढ़ से पौने दो घंटे की। अगली 1 मिनट में

[01:09:49] बताओ कि भैया इकोनॉमिक्स में मजा आ रहा

[01:09:51] है, समझ में आ रही है? और फटाफट फटाफट दिल

[01:09:53] फेंक के मारो। ठीक है?

[01:09:59] हां भाई। ठीक है? फटाफट फटाफट भाई साहब

[01:10:02] 1370 बच्चे एकदम इंटेक्ट बने हुए हैं।

[01:10:05] थैंक यू। थैंक यू। ठीक है। फटाफट फटाफट

[01:10:08] जरा बताओ। फिर हम पढ़ेंगे गुड्स के बारे

[01:10:11] में कि अलग-अलग तरह के गुड्स हो सकते हैं।

[01:10:14] ठीक है

[01:10:16] बेटा? डेली प्रैक्टिस के लिए भी धीरे-धीरे

[01:10:18] काम कर रहे हैं बच्चों। चाय सीरीज भी आ

[01:10:20] गई। वो टॉपिक वाइज टेस्ट भी डलवा दिए। समय

[01:10:22] देते चलो। वन शॉट भी आएंगे। सब चीजें

[01:10:24] आएंगी। है ना? वेरी गुड। क्लियर हो गया?

[01:10:27] बस मजा आ जाएगा। फिर तो अब देखो एक

[01:10:30] कांसेप्ट और समझ लो फिर लगे हाथों

[01:10:33] अगर बेसिक ही क्लियर नहीं होंगे तो बच्चों

[01:10:35] फिर किसी भी चैप्टर को आप लोग समझ ही नहीं

[01:10:38] पाओगे आप लोगों ने जैसे पढ़ा होगा जीएसटी

[01:10:40] टैक्स पढ़ा है या नहीं तो गुड्स

[01:10:44] जीएसटी की फुल फॉर्म में क्या है गुड्स

[01:10:45] एंड सर्विसेज टैक्स के भैया दोनों एक ही

[01:10:49] चीज होती है क्या गुड्स और सर्विसेज दोनों

[01:10:51] एक ही चीज होती है क्या बच्चों दोनों एक

[01:10:53] चीज नहीं होती अंतर होता है गुड्स

[01:10:56] मैन्युफैक्चर किए जाते हैं गुड्स

[01:10:59] मैन्युफैक्चर मैन्युफैक्चर यानी बनाए जाते

[01:11:01] हैं और सर्विसेस सर्विज डिलीवर की जाती

[01:11:05] हैं बच्चों तो भैया अंतर क्या है? अंतर है

[01:11:08] बालकों जैसे कि ये बोर्ड है। ये बोर्ड

[01:11:11] बनाया गया है। तो यानी कि ये गुड है। ये

[01:11:13] मार्कर है। बनाया गया एक गुड है। ये एसी

[01:11:16] है। ये एक गुड है। ये टीवी है। ये गुड है।

[01:11:19] तो इनको बनाने से और बेचने से जो पैसा आ

[01:11:23] रहा है वो प्रोडक्शन ऑफ गुड्स हो जाएगा।

[01:11:25] लेकिन भैया फिर सर्विज क्या है? अरे

[01:11:27] सर्विसेज में अगर आप में कुछ टैलेंट है और

[01:11:29] वो टैलेंट आप अगर दे रहे हो सामने वाले को

[01:11:32] और उससे अगर कुछ इकोनॉमिक एक्टिविटी कुछ

[01:11:34] पैसों का आदानप्रदान हो रहा है तो वो

[01:11:36] सर्विज में आएगा। फॉर एग्जांपल मैं मैं

[01:11:39] टीचर हूं। मैं पढ़ा रहा हूं। मैं पढ़ा मैं

[01:11:42] कुछ बना नहीं रहा। हालांकि बना रहे हैं

[01:11:43] अपन। सरकारी महकमे में लोग भेज रहे हैं

[01:11:47] हम। हम हम भी बना रहे हैं। लेकिन समझो इस

[01:11:48] चीज को कि मान लो अगर कोई डॉक्टर है तो वो

[01:11:51] डॉक्टर पैसे किस चीज के ले रहा है? अपनी

[01:11:52] सर्विसेज डिलीवर करने के। इंजीनियर पैसे

[01:11:55] क्यों ले रहा है? अपनी सर्विज डिलीवर के

[01:11:57] लिए। मैं एक टीचर हूं। मेरी भी कुछ सर्विज

[01:12:00] हैं। सर्विज मैं पढ़ाता हूं। इसके बदले

[01:12:02] मुझे कुछ पैसे मिलते हैं। तो ये हो जाएगा

[01:12:04] गुड्स एंड सर्विसेज। भूलोगे नहीं। ठीक है?

[01:12:07] अब हम पढ़ रहे हैं कि वस्तुओं का वर्गीकरण

[01:12:10] अलग-अलग अलग-अलग गुड्स हो सकते हैं। किस

[01:12:13] आधार पर? आधार पर एक्सक्लूडेबिलिटी और

[01:12:16] राइवलरी। ठीक है? अब तुम ये बात समझो जरा

[01:12:20] कि गुड्स कैसे-कैसे हो सकते हैं? जैसे कि

[01:12:23] सूरज की धूप है। है ना? सूरज की धूप है।

[01:12:26] ये सबके लिए है। मानोगे या नहीं? और मान

[01:12:30] लो डिफेंडर है। डिफेंडर सबके लिए है क्या?

[01:12:33] ना डिफेंडर निजी है। तो अलग-अलग तरह के

[01:12:35] गुड्स हो सकते हैं। जरा ध्यान से देखो।

[01:12:38] किस आधार पर? बहिष्क्रियता के आधार पर।

[01:12:41] यानी कि एक्सक्लूडिबिलिटी के आधार पर।

[01:12:43] एक्सक्लूडिबिलिटी क्या होता है? क्या बिना

[01:12:46] भुगतान वाले व्यक्ति को उपयोग से रोका जा

[01:12:48] सकता है? अब जरा मुझे कमेंट करके बताओ कि

[01:12:51] ये जो YouTube की क्लास चल रही है ये

[01:12:53] एक्सक्लूडिबिलिटी पे चल रही है या नहीं?

[01:12:56] इस क्लास को कोई भी देख सकता है या नहीं?

[01:12:58] आपने इसके लिए कुछ भुगतान किया क्या? नहीं

[01:13:01] किया। लेकिन फिर भी इस क्लास को सब देख

[01:13:03] सकते हैं। तो यानी कि ये गुड कैसा हुआ?

[01:13:06] एक्सक्लूडेबल गुड हुआ है। ये यानी कि हम

[01:13:08] किसी को भी इसमें से बाहर कर सकते हैं

[01:13:10] क्या? नहीं कर सकते हैं। लेकिन जो

[01:13:12] एप्लीकेशन वाली क्लास है जो एप्लीकेशन

[01:13:14] वाली क्लास है वहां पर जिन्होंने एक

[01:13:16] पर्टिकुलर पेमेंट किया है सिर्फ उन्हीं को

[01:13:18] अप्लाई किया जाएगा। इसी बात पे मैं

[01:13:20] प्रमोशन करना चाहता हूं अपने दो बैचेस का।

[01:13:22] एक बैच जो हमारा प्रहार बैच है। प्रहार

[01:13:25] बैच यह हमारा कॉम्बो बैच है जिसमें आपको

[01:13:28] सब सब्जेक्ट्स के सब टीचर बहुत अच्छे वाले

[01:13:30] मिल जाएंगे। और ऐसे ही एक कॉम्बो बैच है

[01:13:33] रेलवे वंदे भारत वाला जो हमारा बैच है

[01:13:35] उसमें रेलवे की पूरी की पूरी टीम आपके लिए

[01:13:38] डेडिकेटेडली काम कर रही है। एक हमारा जीएस

[01:13:40] स्पेशल बैच भी है। उसको भी आप देख सकते

[01:13:42] हो। देखा कैसे कनेक्ट किया एकदम से। ठीक

[01:13:45] है बच्चों? ठीक है?

[01:13:47] चलो ठीक है? ये देखो जरा बस यहां पे ध्यान

[01:13:50] दो। प्राइवेट गुड्स क्या है? बच्चों

[01:13:52] प्राइवेट गुड्स वो हैं। दीज़ गुड्स आर

[01:13:54] एक्सक्लूडेबल एंड रेवेलेरियस। यानी कि ये

[01:13:58] वस्तु बहिष्कृत करने योग्य और

[01:14:01] प्रतिस्पर्धी होती है। प्राइवेट गुड मतलब

[01:14:05] जैसे कि

[01:14:08] जैसे कि जैसे कि तुम्हारी स्कूटी है तो

[01:14:10] तुम्हारी स्कूटी है तो तुम्हारी है या

[01:14:12] सबकी है? तुम्हारी स्कूटी है। कोई अगर

[01:14:15] लेके जाएगा एक-द दिन दे दोगे दो दिन के

[01:14:17] बाद मना करोगे या नहीं? यानी कि बहिष्कृत

[01:14:19] कर अरे यार मेरी स्कूटी है यार तू यार

[01:14:21] बेकार कर देगा। समझ रहे हो? तो यानी कि

[01:14:23] बच्चों और रिवैलरेियस का मतलब क्या होता

[01:14:25] है? ये जान लो। रिवेलरेियस का मतलब ये

[01:14:28] होता है कि अगर किसी ने कंज्यूम की है तो

[01:14:31] किसी के लिए तो कम हो रही होगी। समझ रहे

[01:14:34] हो? जैसे कि मान लो घर में दाल बनी है। है

[01:14:36] ना? एक भगौना दाल अगर घर में बनी है। अब

[01:14:39] उसमें से अगर किसी ने थोड़ी सी ज्यादा खा

[01:14:41] ली है तो किसी ना किसी को तो कम पड़ने

[01:14:44] वाली है। ठीक है? बहुत आसान है बच्चों।

[01:14:46] प्राइवेट गुड्स का मतलब जो सिर्फ प्राइवेट

[01:14:48] है। अरे दो चीजें होती हैं। प्राइवेट गुड

[01:14:50] और पब्लिक गुड। प्राइवेट गुड मतलब यार

[01:14:52] मेरी गाड़ी है तो वो मेरी गाड़ी है।

[01:14:54] पब्लिक गुड मतलब के रेलगाड़ी है। ट्रेन है

[01:14:57] तो वो पब्लिक की है। समझ रहे हो बात को?

[01:14:59] तो ये हुआ तुम्हारा प्राइवेट गुड्स। ठीक

[01:15:01] है? उसके बाद पब्लिक गुड्स। पब्लिक गुड्स

[01:15:03] क्या है? ये नॉन एक्सक्लूडेबल है। इसमें

[01:15:06] आप किसी को बाहर नहीं निकाल सकते। ठीक है?

[01:15:08] जस्ट बिकॉज़ किसी ने पेमेंट नहीं की है।

[01:15:10] कोई पब्लिक पार्क है, सरकारी कोई पार्क

[01:15:12] है। तो वो सब के लिए है। ठीक? कोई स्ट्रीट

[01:15:15] लाइट है, कोई रोड है तो वो सब के लिए है।

[01:15:18] ठीक है? तो ये क्या हो जाएगा? ये पब्लिक

[01:15:19] गुड हो जाएगा। सरकारी कोई अस्पताल है सबके

[01:15:22] लिए है। ठीक है? तो ये जैसे कि नेशनल

[01:15:25] डिफेंस और स्ट्रीट लाइट उदाहरण राष्ट्रीय

[01:15:28] रक्षा और स्ट्रीट लाइट। ठीक है? कॉमन पूल

[01:15:32] रिसोर्सेज ध्यान से जरा पढ़ो इसको। ये

[01:15:36] वस्तुएं गैर बहिष्कृत नॉन एक्सक्लूडेबल

[01:15:40] होती हैं। लेकिन राइवेलरी यानी कि मना तो

[01:15:44] किसी को नहीं किया जा रहा। लेकिन अगर इनका

[01:15:46] ओवर कंजशन किया जाएगा तो ये किसी के लिए

[01:15:48] तो कम पड़ जाएंगी। फॉर एग्जांपल बताऊं

[01:15:51] जैसे कि भारत के जंगल भारत के जंगल है तो

[01:15:54] किसके लिए? सबके लिए हैं। लेकिन अगर एक

[01:15:56] कोई एक ही आदमी उनको अगर काटेगा और बहुत

[01:15:59] ज्यादा अगर उनका इस्तेमाल करेगा तो आने

[01:16:00] वाली जनरेशन के लिए तो कम पड़ जाएंगे

[01:16:02] नहीं। समुद्र में मछली है कहीं। है ना? तो

[01:16:05] कोई भी जाके मछलियों का वो कर सकता है।

[01:16:08] लेकिन अगर किसी ने बहुत ज्यादा मछली पकड़

[01:16:10] ली तो किसी ना किसी को तो कम पड़ेंगी। इसी

[01:16:12] को क्या बोलते हैं? कॉमन पूल रिसोर्सेज।

[01:16:15] ठीक है? मतलब किसी को रोकना मुश्किल है।

[01:16:19] किसी को रोकना मुश्किल है। अब मछुआरों को

[01:16:21] आप रोक नहीं सकते। लेकिन ज्यादा उपयोग से

[01:16:24] ये जल्दी खत्म हो सकते हैं। ठीक है

[01:16:27] बच्चों? एग्जांपल क्या है? फॉरेस्ट टिमबर,

[01:16:30] सी फिश। अब अगर मान लो पुष्पा भाई अगर ऐसे

[01:16:33] ही लाल चंदन काटते रहेंगे पिक्चर में तो

[01:16:35] लाल चंदन कम पड़ेगी या नहीं पड़ेगी भाई?

[01:16:37] ठीक है? चलिए और क्लब गुड क्या है? यह

[01:16:41] वस्तुएं बहिष्कृत करने योग्य यानी कि

[01:16:44] एक्सक्लूडेबल होती हैं, लेकिन नॉन

[01:16:46] राइवेरियस होती हैं। मतलब बिना भुगतान के

[01:16:49] प्रवेश रोका जा सकता है। लेकिन एक व्यक्ति

[01:16:52] के उपयोग से दूसरे को तुरंत नुकसान नहीं

[01:16:55] होता है। जैसे कि Netflix पे अगर कोई मूवी

[01:16:57] आई है तो इसको चाहे कितने भी देख लें,

[01:17:00] कितने भी देख सकते हैं। ठीक है? लेकिन

[01:17:01] हां, पेमेंट के आधार पे रोका जा सकता है।

[01:17:03] जिसके पास सब्सक्रिप्शन होगा, सिर्फ वही

[01:17:05] देख सकता है। ठीक है बच्चों?

[01:17:08] लास्ट टॉपिक हमारा प्राइमरी, सेकेंडरी और

[01:17:11] टर्शरी। ठीक है? इसे भी अपने स्टाइल में

[01:17:13] पढ़ा दूं क्या? जैसे कि प्राथमिक क्षेत्र

[01:17:17] उसके बाद द्वितीयक क्षेत्र और तीसरा

[01:17:19] तृतीयक क्षेत्र यानी कि प्राइमरी,

[01:17:22] सेकेंडरी और टर्शरी सेक्टर। ठीक है?

[01:17:26] ठीक है। अब पुष्पा भाई अगर झुकेगा नहीं।

[01:17:28] अब पुष्पा भाई झुकेगा नहीं तो दिक्कत

[01:17:29] होएगी या नहीं बेटा? ठीक है।

[01:17:36] हां। ठीक है।

[01:17:40] चलिए, ठीक है। पढ़ते हैं इसको। अब

[01:17:48] आ जाओ इधर जरा। अपने स्टाइल में देखते हैं

[01:17:51] इसको भी।

[01:17:53] प्राइमरी

[01:17:57] दूसरा

[01:18:00] सेकेंडरी

[01:18:02] तीसरा

[01:18:06] टर्शियरी के फिर इतनी क्यों छोड़ दीजिए

[01:18:08] जगह दो और हैं टर्शरी के ही बच्चों पार्ट

[01:18:10] होते हैं क्वार्टनरी

[01:18:14] क्वार्टरनरी और क्वीनरी

[01:18:18] ठीक है इनको हिंदी में क्या बोलते हैं ये

[01:18:20] सब आगे लिखा हुआ है बट जरा पेशेंस से बस

[01:18:22] समझ लो कि मैं कह क्या रहा हूं। एक तो मैं

[01:18:24] परेशान हूं इस चीज से। है ना? मुझे रहता

[01:18:26] है कि मैं कहा हिंदी वाला बच्चा ये ना हो

[01:18:28] यार। सब्र रखा करो। समझो जरा। प्राइमरी

[01:18:31] मतलब बच्चों। प्राइमरी मतलब ये ये ऐसा

[01:18:34] सेक्टर है जहां पे चीजें रो फॉर्म में आ

[01:18:36] रही हैं। रो मतलब ओरिजिनल फॉर्म में आ रही

[01:18:38] हैं। यानी कि डायरेक्ट धरती से आ रही हैं।

[01:18:41] या फिर वहीं पे उग रही हैं। जैसे कि है

[01:18:43] ना? एग्जांपल से जान लो। डेफिनेशन आगे

[01:18:45] बहुत सारी हैं। जो रो फॉर्म में आ रही

[01:18:47] हैं। रो मतलब बच्चों जैसी है वो ऐसी ही।

[01:18:50] है ना? फॉर एग्जांपल आलू धरती से निकला।

[01:18:54] आलू बो रखे थे हमने। गेहूं की फसल। गेहूं

[01:18:59] बो रखे थे हमने। तो ये और इसीलिए प्राइमरी

[01:19:02] का एग्जांपल क्या हो जाता है? एग्रीकल्चर।

[01:19:05] किसानी क्या हो जाता है बच्चों?

[01:19:07] एग्रीकल्चर।

[01:19:09] जो चीज जो रो फॉर्म में निकल रही है उसको

[01:19:12] हम क्या बोलेंगे? प्राइमरी सेक्टर। ठीक है

[01:19:14] बच्चों? अब फिर सेकेंडरी क्या है सर?

[01:19:16] सेकेंडरी है बच्चों इसमें क्या आती है?

[01:19:17] इंडस्ट्रीज। क्या आएंगी? इंडस्ट्रीज। अब

[01:19:21] मान लो इस आलू को इस आलू को हमने आलू से

[01:19:26] क्या बना दिए? आलू के चिप्स। लेस।

[01:19:31] तो जब ये हमने चिप्स बना दिए। ये रो तो

[01:19:34] नहीं होते चिप्स। चिप्स खेत से निकलते हैं

[01:19:37] क्या? नहीं भाई। खेत से क्या निकलता है?

[01:19:39] आलू। आलू से क्या बनते हैं? चिप्स। इस आटे

[01:19:42] से हमने मान लो शक्ति भोग पतंजलि या कोई

[01:19:45] भी मतलब ऐसा ब्रांड का एक 10 किलो का एक

[01:19:49] 10 केजी का आटे का

[01:19:52] गेहूं को पीस के और आटा बना के और हमने

[01:19:55] इसका यहां पर आटा बना दिया 10 किलो का।

[01:19:59] ठीक है बच्चों इतनी बात? यानी कि वहां पे

[01:20:01] क्या चीजें हैं? रो फॉर्म में है। यहां पे

[01:20:03] क्या है? यहां पे इंडस्ट्रीज से इनको

[01:20:06] बनाया जा रहा है। और यहां बच्चों तीसरे

[01:20:08] में क्या है? अब अगर आपने चिप्स बना लिए

[01:20:10] हैं। अगर आपने आटा बना लिया है। अब इनको

[01:20:13] बेचने के लिए आपको लोग चाहिए या नहीं?

[01:20:15] एचआर चाहिए, सेल्समैन चाहिए। यानी कि

[01:20:18] टर्शरी क्या है बच्चों? टर्शरी में नौकरी

[01:20:22] वाली चीजें हैं। टर्शरी क्या है? नौकरी

[01:20:25] वाली चीजें हैं। जितनी भी सर्विज हैं वो

[01:20:28] सारी की सर्विज इसमें आएंगी। इसीलिए इसको

[01:20:30] क्या बोलते हैं? सर्विस सेक्टर भी बोलते

[01:20:32] हैं इसको। क्या बोलते हैं बालको? सर्विस

[01:20:35] सेक्टर भी बोलते हैं। अब देखो वैसे तो

[01:20:37] टेक्निकली टर्शरी के ही पार्ट हैं। ये

[01:20:40] कौन-कौन से? क्वार्टनरी और क्वाइनरी।

[01:20:42] लेकिन है क्या? समझो जरा इसको। ये इसका

[01:20:44] पार्ट है बच्चों।

[01:20:48] ये इसका पार्ट है। क्वार्टनरी सेक्टर होता

[01:20:52] है जिसमें दिमाग का इस्तेमाल ज्यादा होता

[01:20:54] है। जिसमें दिमाग का इस्तेमाल होता है।

[01:20:59] दिमाग यानी ब्रेन।

[01:21:02] अब के सर ब्रेन का इस्तेमाल ज्यादा क्या

[01:21:04] भाई कुछ सेक्टर ऐसे हैं जहां पर ब्रेन का

[01:21:06] इस्तेमाल ज्यादा होता है। जैसे कि मैं

[01:21:09] खेती कर रहा हूं वो एक अलग काम है। वो एक

[01:21:12] अलग टैलेंट है। अगर किसान ही ना हो तो देश

[01:21:14] ही ना हो। है ना? बिल्कुल सही बात है कि

[01:21:16] नो फार्मर नो फूड। है ना? लेकिन दोनों के

[01:21:18] बच्चों मापदंड अलग-अलग है या नहीं? किसान

[01:21:21] और जो इसरो में काम कर रहा है साइंटिस्ट

[01:21:23] दोनों अलग-अलग चीज है या नहीं? तो यानी कि

[01:21:26] ब्रेन बेस्ड जो सेक्टर होंगे जैसे कि

[01:21:29] रिसर्च वाले जैसे के रिसर्च वाले जैसे के

[01:21:34] साइंटिस्ट वाले

[01:21:37] है ना हां मतलब जो भी ब्रेन बेस्ड सेक्टर

[01:21:40] हैं टीचर टीचर दिमाग वाले नहीं है क्या

[01:21:42] अच्छा अगर कोई मास्टर होगा तो वो भी किस

[01:21:45] में आएगा वो भी तुम्हारा क्वार्टरनरी में

[01:21:47] अरे टीचर इसमें भी आएगा लेकिन इसमें भी

[01:21:50] आएगा है ना इसी को क्या बोलते हैं एक्स

[01:21:51] ऑफिसियो पॉलिटी के क्लास में पढ़ाया था

[01:21:53] क्वइनरी क्या है बच्चों क्वाइनरी है यह कि

[01:21:56] जहां पे डिसीजन मेकिंग लोग बैठते हैं।

[01:21:59] जैसे कि जो कंपनी का मालिक होता है, सीईओ

[01:22:03] होता है, एमडी होता है, एचओडी होते हैं।

[01:22:06] जो डिसीजन लेते हैं उनको किस सेक्टर में

[01:22:09] हम लोग रखते हैं? क्वाइनरी के फॉर

[01:22:10] एग्जांपल विद्या्राम में मान लो 400 लोग

[01:22:13] हैं। अभी यहां काम कर रहे हैं। लेकिन

[01:22:15] डिसीजन लिया जाएगा ऊपर के जो दो-तीन लोग

[01:22:17] हैं उनके द्वारा। है ना? सब लोगों के हित

[01:22:19] के लिए। तो जब वो डिसीजन लिया जाता है। है

[01:22:22] ना? मान लो आदित्य भाई डिसीजन मेकिंग में

[01:22:24] हैं तो वो कहां आएंगे? क्वाइनरी सेक्टर

[01:22:26] में आएंगे। क्लियर होती है बच्चों इतनी

[01:22:27] बात? तो ये हमारे सेक्टर हुए कौन-कौन से?

[01:22:30] प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शरी, क्वार्टरनरी

[01:22:33] और कोइनरी। ठीक है? अब इसको हिंदी इंग्लिश

[01:22:36] में पढ़ लो। एकदम से ही बालक भाई साहब एक

[01:22:38] शब्द नहीं इंग्लिश का लिखते। और अगर कुछ

[01:22:40] पूछोगे ना तब शायद ना लिखे। लेकिन एकदम से

[01:22:43] सर इसको हिंदी में तो लिख दो।

[01:22:47] हां।

[01:22:49] ठीक है? और और इन्हें पता है मेरा तरीका

[01:22:51] कि पहले लिखेगा फिर बताएगा और फिर पीपीटी

[01:22:54] भी है।

[01:22:57] ठीक है? हां बेटा सीईओ बिल्कुल सही है।

[01:22:59] पीएम सीएम जो भी लोग डिसीजन मेकिंग करते

[01:23:01] हैं। ठीक है?

[01:23:04] आ जाओ इधर। ठीक है? दिस सेक्टर इंक्लूड्स

[01:23:07] दोज़ एक्टिविटी व्हिच आर डायरेक्टली

[01:23:09] डिपेंडेंट ऑन नेचर एंड नेचुरल रिसोर्सेज।

[01:23:12] प्राइमरी वो क्षेत्र है जहां पर

[01:23:14] गतिविधियां ऐसी शामिल है जो सीधे प्रकृति

[01:23:17] और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती

[01:23:20] हैं। जैसे कि एग्रीकल्चर, माइनिंग और

[01:23:23] फिशिंग। ठीक है बच्चों? ठीक है? इसी को

[01:23:26] रेड कॉलर जॉब्स भी कहा जाता है। क्योंकि

[01:23:29] ये डायरेक्टली लिंक है किससे? नेचर से।

[01:23:31] ठीक है? इट इज़ कंसीडर्ड एज अ बेस ऑफ

[01:23:33] इकोनमी। अच्छा सुनो एक बात को।

[01:23:38] बस भाषा के माध्यम से मैंने पहले भी कहा

[01:23:40] है। बस मेरे माइंड में यह बात ना आए कि

[01:23:41] भाई इन बच्चों को यार वो बात नहीं बताते

[01:23:43] क्योंकि शायद ये ज्यादा हो जाए। है ना?

[01:23:45] हिंदी इंग्लिश से ये फर्क बच्चों पड़ जाता

[01:23:47] है। जैसे कि मेरे माइंड में भी आ रहा है

[01:23:49] और मैं बताऊंगा। एक डब्ल्यूडब्ल्यू रोस्ट

[01:23:52] मॉडल लिख लेना। www रोस्ट मॉडल कि भैया ये

[01:23:58] क्या होता है?

[01:23:59] एक ना सिद्धांत है पूरे के पूरे वर्ल्ड

[01:24:02] में एक सिद्धांत है कि कोई भी देश अगर

[01:24:04] ग्रो कर रहा है तो वह सबसे पहले कहां

[01:24:07] होगा? प्राइमरी। यानी कि वो सबसे पहले

[01:24:09] खेती पे ध्यान देगा। जैसे ही वो थोड़ा सा

[01:24:12] ग्रो हो जाएगा तो प्राइमरी के बाद वो फिर

[01:24:15] सेकेंडरी पे आएगा। और जैसे ही थोड़ा सा

[01:24:17] ग्रो हो जाएगा तो फिर वो टर्शरी पे आएगा।

[01:24:20] यानी कि बच्चों सर्विज सेक्टर पे आएगा।

[01:24:22] ठीक है? जय भाई से बात करोगे क्या? अरे आ

[01:24:24] जाओ तो 13 लाइव दिखा। अरे आओ

[01:24:26] अगर भाई

[01:24:27] कल जो अपनी बात चल रही थी वो आके बताओ जरा

[01:24:29] आओ अरे आ जाओ आ जाओ

[01:24:30] कौन सी बात कैमरा

[01:24:33] अरे जय भाई है बच्चों आ जाओ तुम्हारी जय

[01:24:34] भाई से बात कराता हूं जय भाई मेरी तारीफ

[01:24:38] में जरा कुछ शब्द बोलेंगे सुनो तारीफ ही

[01:24:39] करना कुछ भाई हां भाई जय भाई से कौन-कौन

[01:24:43] बात करना चाहता है

[01:24:44] हेलो

[01:24:53] कैसे हो आप सभी लोग ठीक ठीक है। इनसे कैसी

[01:24:56] चल रही है?

[01:24:56] कैसी चल रही है क्लास? मैं आपको एक बात

[01:24:58] बताता हूं क्योंकि मैं और हिमांशु भाई साथ

[01:25:00] में ही रहते हैं और ये

[01:25:05] इनका सौभाग्य है

[01:25:08] कि साथ में रहते हैं। खैर जोक्स अपार्ट

[01:25:10] एक्चुअली हमारी ना आपकी पिटी खत्म हुई तो

[01:25:13] इकोनॉमिक्स आपकी शुरू होने वाली थी। तो

[01:25:15] हिमांशु भाई का यही था कि यार जैसे देखिए

[01:25:18] इनका जो कमांड है वो हिस्ट्री अगर

[01:25:20] हिस्ट्री पढ़ोगे तो आप मतलब फैन हो जाओगे।

[01:25:23] पिटी आपने देख ही ली है। इकोनॉमिक्स में

[01:25:25] भाई मेरे से ये कह रहा था कि सर एक्चुअली

[01:25:27] ना मतलब मैं पढ़ा तो दूं कोई प्रॉब्लम

[01:25:29] नहीं है। लेकिन इसमें इतनी ज्यादा

[01:25:31] टेक्निकिटी है ना देखो कभी-कभी होता है ना

[01:25:33] कि टीचर में कोई प्रॉब्लम नहीं होती है।

[01:25:35] स्टूडेंट एक्सेप्ट नहीं करता क्योंकि जहां

[01:25:37] पे थोड़े से टेक्निकल टर्म्स आते हैं

[01:25:38] थोड़ा सा टाइम टेकिंग प्रोसेस होता है

[01:25:40] समझाने को लेकर के। है ना? क्योंकि

[01:25:42] रिटेंशन इतना कम है स्टूडेंट का तो वो

[01:25:44] भागने लग जाता है। तो इसको लेकर के भाई

[01:25:46] थोड़ा सा टेंशन में था। इनका यही होता है

[01:25:48] कि सर कोई भी टॉपिक हो कैसा भी हो बस अपन

[01:25:50] तो रॉकेट बन करके निकल जाएंगे। तो हमने

[01:25:51] वही कहा था कि भाई कोई नहीं ऐसी चीजों को

[01:25:54] लेकर के जो लोग नहीं समझा पा रहे हैं या

[01:25:56] जो नहीं समझ पा रहे हैं जो थोड़ा सा उनको

[01:25:57] लगता है कि यार इसमें टेक्निकल टर्म्स

[01:25:59] ज्यादा है कॉम्प्लेक्सिटी ज्यादा है उसी

[01:26:00] को तो सिंपलीफाइड करना टीचिंग है और वही

[01:26:03] तो आर्ट है और भाई ने फिर उस चीज पे काम

[01:26:05] भी किया ऐसा नहीं कि हिमांशु भाई पढ़ते

[01:26:08] लिखते हैं बहुत मतलब मेहनत करते हैं और

[01:26:10] डेडिकेशन तो आप देख ही रहे हैं। लड़का

[01:26:11] पढ़ाता है तो एकदम मतलब मैं तो बड़ा

[01:26:13] प्राउड फील करता हूं। मैं तो बड़ा खुश

[01:26:15] होता हूं साथ में रह के। ठीक है? दोनों

[01:26:18] भाई बहुत अच्छा मुझे लगा और आज हिमांशु

[01:26:20] भाई का यह भी था कि सर आने से पहले मैं तो

[01:26:23] अपना पूरा 100% दूंगा लड़कों का सपोर्ट

[01:26:25] मिलेगा कि नहीं मिलेगा। अभी मैं फील कर

[01:26:27] सकता हूं क्योंकि मैं 24 घंटे साथ रहता

[01:26:28] हूं ना अभी भाई के अंदर जो खुशी है अभी जब

[01:26:32] यह क्लास एंड होगी उसके बाद जो ऐसा फ्लावर

[01:26:34] बनके मुस्कुराएगा मेरे सामने। ठीक है? वही

[01:26:37] तो है। अच्छा लगता है ये सारी चीजें। ऐसे

[01:26:39] ही आप सपोर्ट करते रहिए। थैंक यू सो मच

[01:26:42] भाई आप सभी लोगों को। बाकी सर कितना टाइम

[01:26:44] बचा है अभी?

[01:26:49] हां बच्चों ठीक है तो जय भाई ने जो भी

[01:26:51] मेरी तारीफ की है ये प्योर भाई सेल

[01:26:54] क्या मेरी आवाज नहीं गई

[01:26:56] ना ना तब तो जा रही थी अभी हुआ

[01:27:12] हां बच्चों ठीक है तो जय भाई बिल्कुल मेरे

[01:27:15] मतलब जब हम लोग आए तो हम लोग ज्यादा बात

[01:27:18] करते नहीं थे। ये भी अपने कंटेंट में ही

[01:27:20] रहते थे और मैं भी लेकिन एक बॉन्ड जो

[01:27:22] नेचुरल है बहुत वो वो इनसे बहुत भाई वाली

[01:27:24] फीलिंग आती है। ठीक है? हालांकि ऑफ कैमरा

[01:27:26] हम लोग बहुत मस्ती करते हैं वो बात अलग

[01:27:28] है। ठीक है? चलो बच्चों हमारे पास टाइम

[01:27:29] बहुत कम है। ध्यान दो जरा कि मैं आप लोगों

[01:27:32] को बता रहा था कि रोस्टोर मॉडल क्या है?

[01:27:33] बच्चों हमारा देश जब आजाद हुआ ना तो हमको

[01:27:36] क्या कहा जाता है? कृषि प्रधान देश बोला

[01:27:38] जाता है। बिल्कुल सही बात है भाई। तो हमें

[01:27:40] पूरे वर्ल्ड में डब्ल्यूडब्ल्यू रोस्ट्रो

[01:27:43] मॉडल क्या है कि कोई भी देश स्टार्टिंग

[01:27:46] में एग्रीकल्चर पे डिपेंडेंट होगा लेकिन

[01:27:48] जैसे ही वो थोड़ा सा डेवलप होगा वो

[01:27:50] सेकेंडरी पे आएगा और जैसे ही थोड़ा सा

[01:27:52] डेवलप होगा वो फिर टर्शरी पे आएगा। लेकिन

[01:27:55] आपको आज जानकर हैरानी होगी कि हम कृषि

[01:27:58] प्रधान यानी कि हम फार्मिंग पे डिपेंडेंट

[01:28:01] तो आज भी हैं लेकिन बच्चों आज की डेट में

[01:28:05] बहुत सारा जो मतलब नंबर ऑफ जो पीपल्स हैं

[01:28:08] वो नौकरियों पे शिफ्ट हो रहे हैं। भारत

[01:28:10] बच्चों अपवाद है। भारत एक्सेप्शन है।

[01:28:13] इंडिया किस चीज का एक्सेप्शन है? इस चीज

[01:28:16] का एक्सेप्शन है बच्चों कि भारत ने ना लीफ

[01:28:19] फ्रॉग किया है। अब लीफ फ्रॉग क्या होता है

[01:28:21] बच्चों? लीप फ्रॉग मतलब कि मेंढक जिस तरह

[01:28:24] से छलांग लगाता है इस तरह से छलांग लगाई

[01:28:27] है भारत ने सीधा प्राइमरी से कहां

[01:28:30] टर्शियरी पे अब अगर आप लोगों के दिमाग में

[01:28:32] ये बात आए कि सर ऐसा कैसे हुआ कि प्राइमरी

[01:28:35] से डायरेक्ट छलांग टर्शरी पे कैसे आई तो

[01:28:37] मैं इसका आपको एक एग्जांपल दूंगा आपको समझ

[01:28:39] में आ जाएगा आप अपने घर से सेकेंडरी का

[01:28:42] मतलब फैक्ट्री व्यवसाय व्यापार सेकेंडरी

[01:28:46] आप अपने घर से पैसे मांगो कि जी मुझे ₹5

[01:28:48] लाख चाहिए और मुझे बिजनेस करना है पढ़ाई

[01:28:51] में मेरा मन नहीं लगता। ₹5 लाख 1% चांस है

[01:28:54] आपको मिले। और जबकि ऐसा हो सकता है कि

[01:28:56] अगले 4 साल में आप उन 5 लाख के 5 करोड़

[01:28:59] बना दो व्यापार से। लेकिन ऐसा हो सकता है

[01:29:01] कि आपके पिताजी माताजी आपको उसके लिए मना

[01:29:04] कर दें और बोलेंगे गवर्नमेंट जॉब की

[01:29:05] तैयारी कर या फिर बीटेक कर ले। और वहीं पे

[01:29:09] अगर तुमने तैयारी में या बीटेक में अगर ₹1

[01:29:12] लाख भी फूंक दिए तो वो भी तुम्हें लोन

[01:29:14] देके मिलेंगे। क्योंकि वहां पे उन्हें

[01:29:16] श्योरिटी रहेगी और चाहे नौकरी चाहे 20,000

[01:29:19] की हो लेकिन वो घर वालों को क्या होगी?

[01:29:21] एक्सेप्टेड होगी। तो इंडिया का जो

[01:29:22] माइंडसेट है वो टर्शरी सेक्टर पे ज्यादा

[01:29:25] चलता है और इसीलिए भारत ने जो है वो लीफ

[01:29:28] फ्रॉग किया है प्राइमरी से सीधा टर्शरी

[01:29:30] पे। हालांकि अभी हालात सुधर रहे हैं।

[01:29:32] एंटरप्रेन्योरशिप जो है वो पूरे भारत में

[01:29:34] अब बहुत अच्छे से चल रही है। व्यापार पे

[01:29:36] लोग आ रहे हैं लेकिन फिर भी उतना नहीं आ

[01:29:38] रहे हैं। ठीक है बच्चों? तो ये प्राइमरी

[01:29:40] सेक्टर की हमने बात की थी। प्राइमरी में

[01:29:43] ये देखो भूमि, नदियां और ये सब हैं। ठीक

[01:29:46] है? ये देखो भारत में लगभग 42% से अधिक

[01:29:49] लोग प्राथमिक क्षेत्र में कार्य करते हैं।

[01:29:51] ये अभी के लिए है। आज की डेट में 42% लोग

[01:29:54] खेती या फिर प्राइमरी सेक्टर में इन्वॉल्व

[01:29:56] हैं। जब हमारा देश आजाद हुआ किसी भी देश

[01:29:59] को अगर आप कहोगे कि जी ये प्राइमरी

[01:30:01] ड्राइवन है तो इसका मतलब 50% से ज्यादा

[01:30:03] होने चाहिए। लेकिन अब क्या है? 50% से कम

[01:30:06] है। ठीक है बच्चों? ठीक है? ठीक है? हां।

[01:30:09] इतनी हमने बात कर ली थी। फिर सेकेंडरी

[01:30:11] क्या है बच्चों? इसमें कच्चे माल यानी कि

[01:30:15] रॉ मटेरियल को प्रोसेस करके तैयार माल

[01:30:18] फिनिश गुड्स बनाया जाता है। याद है चिप्स

[01:30:20] से क्या आलू से क्या बने थे? चिप्स बने थे

[01:30:23] और गेहूं से क्या बना था? आटा बना था। तो

[01:30:25] यानी कि यहां पर वो फाइनल प्रोडक्शन किया

[01:30:28] जाता है। ठीक है बच्चों? अब उसके बाद

[01:30:30] सेकेंडरी सेक्टर ये रहा। देखो फैक्ट्रीज

[01:30:32] हैं कच्चे माल को नई वस्तु मान लो जैसे

[01:30:34] कॉटन है कपास है कपास उगाया खेत में यानी

[01:30:38] कि प्राइमरी सेक्टर है लेकिन उसकी अगर

[01:30:40] कॉटन की शर्ट बनाई जा रही है तो वो कहां

[01:30:42] आएगी सेकेंडरी सेक्टर में ठीक है बच्चों

[01:30:44] तो ये देखो ठीक है

[01:30:46] और टर्शरी यानी कि नौकरियां दिस इज सर्विस

[01:30:49] सेक्टर वेयर सर्विसेस आर प्रोवाइडेड रेदर

[01:30:52] देन गुड्स जैसे कि बैंकिंग हुआ

[01:30:54] ट्रांसपोर्टेशन हुआ एजुकेशन हुआ आईटी हुआ

[01:30:57] ये सब आपके ये हैं। ठीक है बच्चों? तृतीय

[01:30:59] क्षेत्र है ये। टर्शरी सेक्टर है। ठीक है?

[01:31:02] अब उसके बाद चौथे की और पांचवें की

[01:31:04] क्वार्टनरी क्या है? नॉलेज बेस है। और

[01:31:05] क्वइनरी क्या है? जो हाईएस्ट लोग होते हैं

[01:31:08] जो डिसीजन मेकिंग करते हैं उनको कहा जाता

[01:31:11] है। यह देखो। क्वार्टनरी मतलब यह ज्ञान

[01:31:13] आधारित नॉलेज बेस्ड सेवाओं से जुड़ा हुआ

[01:31:16] है। जैसे कि रिसर्च, डेटा एनालिसिस, आईटी

[01:31:19] कंसलटेंट और ये हाई स्किल और एजुकेशन पे

[01:31:22] बेस्ड होता है। क्वाइनरी क्या है बच्चों?

[01:31:25] ये हाईएस्ट लेवल फील्ड इनवॉल्विंग जहां पर

[01:31:28] डिसीजन मेकिंग की जाती है। जैसे कि कंपनी

[01:31:31] के सीईओस, कंपनी के सीनियर गवर्नमेंट

[01:31:33] ऑफिशियल्स और पॉलिसी मेकर्स। ठीक है?

[01:31:36] इसीलिए इसको गोल्ड कॉलर जॉब भी कहा जाता

[01:31:40] है। और ये हुए आपके इकोनॉमिक्स की बेसिक

[01:31:42] की क्लास खत्म। अब हम लोग करेंगे कितने

[01:31:45] क्वेश्चन? 16 क्वेश्चन। ठीक है? ये बच्चों

[01:31:47] हमारे बैच है। ये हमारा रेलवे बैच है। ये

[01:31:50] कॉम्बो बैच है। 999 का है जिसमें आदित्य

[01:31:53] सर, आकाश सर, हिमांशु सर बेहतरीन एकदम

[01:31:56] दीपक सर बेहतरीन एकदम आपकी एआई वाली मैम,

[01:31:59] शुभम मैम और आपकी आरती मैम है ना ये सब

[01:32:01] पढ़ा रहे हैं। और ये कॉम्बो बैच जिसमें

[01:32:03] मैं और मेरा भाई विजेंद्र मैं और मेरा भाई

[01:32:08] दो भाई दोनों तबाही मैं जय सर, आकाश सर,

[01:32:11] आदित्य सर, आरती मैम, शुभम मैम ये सब आपको

[01:32:14] पढ़ा रहे हैं। 1499 में यह हमारा बच्चों

[01:32:16] प्रहार बैच है। अरे अभी जाना नहीं है। अभी

[01:32:19] क्वेश्चन है। थमो तो सही। ठीक है बच्चों?

[01:32:22] चलिए

[01:32:24] क्वेश्चन करने हमेशा जरूरी हैं। इनसे

[01:32:26] हमेशा कुछ ना कुछ नया सीखने को मिलता है।

[01:32:28] बच्चों जो पैसल है यानी कि समष्टि

[01:32:32] अर्थशास्त्र विश्लेषण में जो ई है इसका

[01:32:35] अर्थ क्या है? व्हाट डस ई इन द पेसल?

[01:32:37] मैकोनॉमिक्स एनालिसिस स्टैंड फॉर? बताओ ई

[01:32:41] का मतलब क्या है? इसमें इलेक्ट्रॉनिक,

[01:32:44] एक्सचेंज, इक्वल या इकोनॉमिक। अब इसके लिए

[01:32:46] तुम्हें कोई टॉपिक पढ़ने की जरूरत नहीं

[01:32:48] है। कॉमन सेंस की बात है बच्चों। कॉमन

[01:32:50] सेंस की बात है कि पैसल में मैकइकोनॉमिक

[01:32:53] मैकोमिक मतलब जीडीपी, इनफ्लेशन,

[01:32:55] अनइंप्लॉयमेंट। इसमें बताओ ई से ये कौन

[01:32:58] सही होगा? एक्सचेंज का क्या मतलब है भाई?

[01:33:00] है ना? इक्वल का क्या मतलब है? अब अगर ऐसे

[01:33:03] तो अगर ऑप्शन ही अगर डालने हैं तो मैं लिख

[01:33:05] दूं ई फॉर एलीफेंट है ना? ऑप्शन ही तो

[01:33:08] बढ़ाने हैं। तो ई फॉर एलीफेंट का क्या

[01:33:10] मतलब है? यहां अगर ऐसा क्वेश्चन पूछा गया

[01:33:12] है, एसएससी सीपीओ टियर वन का 2025 का

[01:33:14] क्वेश्चन है। हम सारे ही क्वेश्चन रीसेंट

[01:33:17] लेके आते हैं। ये इकोनॉमिक है। चैट रेड

[01:33:19] भाई साहब गोली कर दी बच्चों ने। एक नंबर

[01:33:22] बेहतरीन। इसी तरह से तुम लोग प्यार बरकरार

[01:33:25] रखो। थ भाई जलवा बरकरार रखेगा। आ जाओ जरा।

[01:33:29] सीएचएसएल टियर वन का क्वेश्चन। पब्लिक

[01:33:32] गुड्स कौन से होते हैं बच्चों? बताओ जरा।

[01:33:34] पब्लिक गुड्स बताया था जो कि सबके हैं।

[01:33:36] ठीक है? कपड़े सार्वजनिक वस्तु का एक

[01:33:39] उदाहरण है। क्लोथ्स आर एन एग्जांपल ऑफ

[01:33:41] पब्लिक गुड। दूसरा इट कैन बी प्रोवाइडेड

[01:33:44] थ्रू द मार्केट मैकेनिज्म। तीसरा इसे

[01:33:48] व्यक्तिगत उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच

[01:33:52] लेनदेन द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इट

[01:33:53] कैन बी प्रोवाइडेड बाय ट्रांजैक्शन बिटवीन

[01:33:55] इंडिविजुअल कंज्यूमर एंड प्रोड्यूसर। और

[01:33:58] चौथा जनरली द बेनिफिट ऑफ पब्लिक गुड्स आर

[01:34:00] अवेलेबल टू ऑल। यही आंसर है। पब्लिक गुड

[01:34:03] मतलब जैसे कि पब्लिक रेल है, पब्लिक बस

[01:34:07] है, पब्लिक हॉस्पिटल है तो उनका जो फायदा

[01:34:10] होता है वो सबके लिए होता है। तो आंसर

[01:34:12] क्या हो जाएगा बच्चों? डी। नेक्स्ट।

[01:34:15] अवसर लागत क्या होता है? बच्चों इस पे ना

[01:34:17] टिक लगाना। इस पे क्या लगाओगे? टिक लगाना

[01:34:20] और इस पे लिखना इंपॉर्टेंट। क्योंकि ये

[01:34:22] मैंने क्वेश्चन लिया है एक और ये लगभगल

[01:34:24] लगभग चार पांच एग्जाम में पूछा गया है कि

[01:34:26] अपॉर्चुनिटी कॉस्ट क्या होती है? है ना?

[01:34:28] अब अपॉर्चुनिटी कॉस्ट समझो क्या होता है?

[01:34:31] अल्टरनेट समझते हो क्या है? कि अगर आज

[01:34:32] मेरी क्लास नहीं है तो मेरी क्लास के

[01:34:34] अल्टरनेट में जय भाई की क्लास है। है ना?

[01:34:36] अल्टरनेट होता है ये। अब अपॉर्चुनिटी

[01:34:38] कॉस्ट क्या होती है? वो चीज समझो। कि जो

[01:34:41] आपसे मौका छूट गया क्योंकि आपने एक विकल्प

[01:34:45] को चुन लिया है तो जो उस मौका छूटने की जो

[01:34:48] कॉस्ट है उसको बोलते हैं अपॉर्चुनिटी

[01:34:50] कॉस्ट। समझ में ही नहीं आएगा जानता हूं

[01:34:52] मैं ऐसे। एग्जांपल से आएगा।

[01:34:55] समझो।

[01:34:57] जैसे कि अगर मैं कल को पूरे दिन पढ़ाऊंगा

[01:35:01] तो मुझे मिलेंगे ₹1000। ठीक है? एक ऑप्शन

[01:35:05] तो है ये। और अगर मैं कल को नहीं पढ़ाऊंगा

[01:35:07] और जय भाई और मैं अगर दिल्ली घूमने जा रहे

[01:35:11] हैं एक ऑप्शन है ये। तो मेरे पास क्या है?

[01:35:13] दो ऑप्शन है। अब जय भाई ने और मैंने चुना

[01:35:16] कल को दिल्ली में हम लोग सुबह से शाम तक

[01:35:18] घूम के आएंगे। तो उसके हमें फायदे क्या हो

[01:35:19] गए कि भाई क्वालिटी टाइम माइंड एकदम फ्रेश

[01:35:21] हो गया। हम हमने मौका चुना वो लेकिन हमने

[01:35:24] खो क्या दिया? डेली का ₹1000 तो जो ₹1000

[01:35:28] हमने वो खोया है उसको हम क्या बोलेंगे?

[01:35:29] अपॉर्चुनिटी कॉस्ट बोलेंगे। जय भाई के पास

[01:35:32] ₹1 करोड़ थे। अब इनके पास दो ऑप्शन थे कि

[01:35:35] या तो ये मकान ले सकते हैं एक और या तो ये

[01:35:38] इनको किसी स्टॉक में इन्वेस्ट कर सकते

[01:35:40] हैं। अब इन्होंने एक घर ले लिया 1 करोड़

[01:35:43] का। लेकिन साल भर बाद इनको पता चला कि घर

[01:35:45] की वैल्यू हुई है 1 करोड़ 10 लाख। लेकिन

[01:35:48] जिस स्टॉक में ये सोच रहे थे कि इस शेयर

[01:35:50] में मैं पैसे लगा दूं वो हो गया डबल। तो

[01:35:52] इनसे जो ये अपॉर्चुनिटी छूटी है इसको क्या

[01:35:55] कहेंगे? अपॉर्चुनिटी कॉस्ट कहेंगे। ठीक है

[01:35:57] बच्चों? यानी कि अपॉर्चुनिटी कॉस्ट क्या

[01:36:00] है? उत्पादन की लागत नहीं। त्यागा गया

[01:36:02] अगला सर्वोत्तम विकल्प द नेक्स्ट बेस्ट

[01:36:04] अल्टरनेट फॉरगॉन और मैंने इसी की तो बात

[01:36:08] की थी कि अल्टरनेट है या नहीं? बताओ सही

[01:36:10] किया आप लोगों ने या नहीं? हेलो सर गुड

[01:36:12] मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग बेटा। बस तू अभी

[01:36:14] आया है बस मैं जा रहा हूं 10 मिनट में।

[01:36:16] ठीक है नेक्स्ट। निम्नलिखित में से कौन उस

[01:36:19] सीमा को संदर्भित करता है जिस तक किसी

[01:36:22] विशेष वस्तु की मांग इसलिए कम हो जाती है

[01:36:26] क्योंकि अन्य लोग भी उसी वस्तु को उपभोग

[01:36:29] कर रहे हैं। इनमें से वो कौन सा इफेक्ट

[01:36:31] है? सुनो जरा। इनमें से वो कौन सा इफेक्ट

[01:36:34] है कि मान लो एक गाड़ी है। है ना? जैसे कि

[01:36:37] मान लो एक गाड़ी है। उस गाड़ी की डिमांड

[01:36:39] अब इतनी ज्यादा हो गई है कि अब लोगों ने

[01:36:41] ना कि यार ये तो गाड़ी सबके पास ही है। तो

[01:36:43] भाई हम इसे नहीं ले रहे। क्योंकि हमें

[01:36:45] क्या लगना है? हमें लगना है एक्सक्लूसिव।

[01:36:47] मान लो 8 लाख की रेंज में सबके पास Swift

[01:36:50] है। है ना? तो अब जब Swift की डिमांड

[01:36:53] सिर्फ इसलिए गिरने लगे कि जी ये सबके पास

[01:36:57] ही है। तो इसीलिए लोगों ने इसकी डिमांड कम

[01:36:59] कर दी है क्योंकि उन्हें अलग जाना है। तो

[01:37:01] वो 8 लाख की अब कोई और गाड़ी ले रहे हैं।

[01:37:03] इस इफेक्ट को क्या बोलते हैं बच्चों?

[01:37:05] स्नूब इफेक्ट। क्या बोलते हैं? स्नूब

[01:37:07] इफेक्ट। क्योंकि सबको अलग लगना है। सबको

[01:37:11] डिफरेंट लगना है। तो डिफरेंट लगने के लिए

[01:37:14] जब किसी चीज की जो डिमांड है वो घटने लगे

[01:37:17] उसको स्नूब इफेक्ट बोलते हैं। ठीक है?

[01:37:20] नेक्स्ट ये देखो। ये समझो क्या है? ब्रेक

[01:37:24] इवन पॉइंट क्या होता है? यानी के

[01:37:26] समविच्छेद बिंदु।

[01:37:29] जैसे कि मान लो हमारा एआर प्रोडक्शन है।

[01:37:31] आदित्य रंजन प्रोडक्शन कह रहा हूं। अरे

[01:37:33] पब्लिकेशन देख रहे हो मेरे मुंह से निकल

[01:37:35] गया। प्रोडक्शन। प्रोडक्शन तो बहुत क्या

[01:37:37] पता ये भी हो जाए। समझो अगर हो गया तो हम

[01:37:40] यहां से एक वो इस वो काट लेंगे क्लिप और

[01:37:42] कहेंगे कि देखा जो बोला था वही हुआ। एआर

[01:37:45] पब्लिकेशन है आदित्य रंजन पब्लिकेशन है ना

[01:37:49] अगर मान लो हमने 100 बुक छापी है ना और

[01:37:52] 100 बुक छापने के बाद तुम ये बात जानते हो

[01:37:55] कि हम जितनी ज्यादा बुक छापेंगे उतनी

[01:37:57] ज्यादा हमारी कॉस्ट कम आने लगेगी। जानते

[01:37:59] हैं इस बात को। तो मान लो हमने सिर्फ पूरे

[01:38:01] दिन में चार ही बुक बेचीं तो लेबर कॉस्ट,

[01:38:03] इलेक्ट्रिसिटी और वो सब तो ये बहुत ज्यादा

[01:38:05] जाएगा। लेकिन अगर हमने 4000 बुक करी तो वो

[01:38:08] कॉस्ट थोड़ी सी ठीक हो जाएगी। अब ब्रेक

[01:38:10] इवन पॉइंट क्या होता है बच्चों? ब्रेक इवन

[01:38:12] पॉइंट वो होता है कि हमने इतनी बुक तो अब

[01:38:14] छाप ली है पूरे दिन में। मान लो पूरे दिन

[01:38:16] में हम छापते हैं 5000 किताब। ठीक है? तो

[01:38:19] 2000 किताब छापने के बाद अब हमारा ज़ीरो

[01:38:23] प्रॉफिट

[01:38:25] और ज़ीरो लॉस है। तो इस पॉइंट को हम क्या

[01:38:28] बोलेंगे? ब्रेक इवन पॉइंट। अब इसके बाद जो

[01:38:31] भी होगा हमारा प्रॉफिट होगा। इससे नीचे जो

[01:38:34] भी होगा वो हमारा लॉस होगा। तो ये जो

[01:38:36] पॉइंट है ये हमारा क्या हो जाएगा? ये

[01:38:38] हमारा जीरो प्रॉफिट जीरो लॉस ये हमारा

[01:38:41] ब्रेक इवन पॉइंट हो जाएगा। ठीक है बच्चों?

[01:38:44] दिल खुश कर दिया।

[01:38:47] आदित्य सर जीके वाला टीचर बढ़िया लाए हैं।

[01:38:49] अरे तो भेजो ना उनको ये मैसेज। ये उन्हें

[01:38:52] परेशान करो थोड़ा सा। मैसेज वैसेजैसे भेजो

[01:38:54] कि सर जीके वाला टीचर आप ठीक-ठाक लाए हो।

[01:38:56] अच्छा पढ़ा रहा है। ठीक है? चलिए तो अब

[01:38:58] देखो जरा क्या है? वेयर टोटल रेवेन्यू

[01:39:01] इक्वल्स टोटल कॉस्ट। इक्वल देख लो इसमें

[01:39:03] कहां लिखा हुआ है? एक्सीड जा रहा है यानी

[01:39:04] कि ज्यादा गलत हो जाएगा। ठीक है? मिनिमम

[01:39:08] कम हो जाएगा। ठीक है? अब ये दो वर्ड है

[01:39:10] जहां पे मार्जिनल रेवेन्यू इक्वल हो जाएगा

[01:39:13] मार्जिनल कॉस्ट के। या फिर जहां पे

[01:39:15] रेवेन्यू इक्वल हो जाएगा टोटल कॉस्ट के।

[01:39:18] ठीक है बच्चों? नेक्स्ट। बताओ जरा तुम्हें

[01:39:20] बताया था या नहीं कि इनविज़िबल हैंड

[01:39:22] कांसेप्ट का क्वेश्चन है। किसने दिया था

[01:39:24] यह? इनविज़िबल हैंड थ्योरी।

[01:39:26] किसने दी थी?

[01:39:29] तेरी तो दही तोड़ दूं मैं य किसने? एडम

[01:39:33] स्मिथ ने। वेरी गुड। एडम स्मिथ ने

[01:39:35] इनविज़िबल हैंड की थ्योरी दी थी कि जब आप

[01:39:37] अपने लिए काम करते हो तब भी मार्केट में

[01:39:40] इक्विलिब्रियम होता है और उससे भी देश का

[01:39:43] फायदा होता है। देखो जरा। स्वहित के

[01:39:46] माध्यम से प्राप्त बाजार संतुलन मार्केट

[01:39:50] इक्व हां। मार्केट इक्विलिब्रियम अचीव्ड

[01:39:53] वाया सेल्फ इंटरेस्ट।

[01:39:57] सिर्फ मैजिकल वर्ड पकड़ना सीखो बच्चों।

[01:39:59] ठीक है? नेक्स्ट। निम्नलिखित में से कौन

[01:40:02] एक समिष्टि आर्थिक संकेतक यानी कि

[01:40:05] मैकइकोनॉमिक इंडिकेटर है? इसका आंसर मैं

[01:40:07] नहीं दूंगा। फटाफट बताओ जरा। ठीक है?

[01:40:11] बताएंगे जरा कि व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ एन

[01:40:13] एग्जांपल ऑफ़ मैकइकोनॉमिक? मैकोनॉमिक? बताओ

[01:40:16] इनमें से कौन सा है?

[01:40:18] किसी विशिष्ट उत्पादन की कीमत एक

[01:40:20] स्पेसिफिक प्रोडक्ट एक तो यह तो माइक्रो

[01:40:23] में आएगा तो गलत हो जाएगा या नहीं? क्या

[01:40:25] पूछा है हमसे? मैक। ठीक है? फिर दूसरा

[01:40:28] देखो जरा। एक कंपनी ये भी किस में आ

[01:40:30] जाएगी? एक कंपनी किस में आ जाएगी? माइक्रो

[01:40:33] में। डिमांड फॉर अ पर्टिकुलर ब्रांड एक

[01:40:36] ब्रांड की बात हो जाएगी। ये भी किस में आ

[01:40:38] जाएगी? मैक में। लेकिन क्या तुम्हें याद

[01:40:39] है? मैंने तुम्हें बताया था ना नेशनल

[01:40:41] अनइंप्लॉयमेंट रेट किस में आएगा? मैक में।

[01:40:44] सबने आंसर बी दे दिया क्या? अगर अब भी

[01:40:46] तुमने ये क्वेश्चन गलत कर दिए तो मैं

[01:40:48] पुनीत सुपरस्टार की तरह एकदम यूं करता

[01:40:50] हूं। मैं तो टूट गया भाई। मैं तो टूट गया

[01:40:52] एकदम। ठीक है? इतने किस तरह से मैंने

[01:40:54] तुम्हें किस डिटेल में समझाया और क्वेश्चन

[01:40:56] किस डिटेल में है तुम लोग देख लो। है ना?

[01:41:00] जो देखो लेवल सबके निकलेंगे लेकिन

[01:41:03] निकलेंगे उसी के जो अंत तक जुड़ा रहेगा।

[01:41:04] जो लास्ट तक जुड़ा रहेगा। ठीक है? नेक्स्ट

[01:41:09] सीमांत उपयोगिता हास्य नियम लॉ ऑफ

[01:41:12] डिमिनिशिंग मार्जिनल यूटिलिटी। ठीक है? अब

[01:41:14] मैं यूटिलिटी तुम्हें जरा समझा देता हूं।

[01:41:16] 2 मिनट का टॉपिक है।

[01:41:19] यूटिलिटी का मतलब होता है सेटिस्फेक्शन।

[01:41:21] बच्चों सेटिस्फेक्शन का मतलब

[01:41:24] सेटिस्फेक्शन को हिंदी में क्या बोलते

[01:41:26] हैं?

[01:41:27] संतुष्टि। ठीक है?

[01:41:30] जैसे मान लो मेरा फेवरेट ना पिज़्ज़ा है। है

[01:41:33] ना? अब जब मैंने जय भाई को कहा कि यार एक

[01:41:37] पिज़्ज़ा खिला दो आज। तो जैसे ही इन्होंने

[01:41:40] मुझे एक पिज़्ज़ा खिलाया तो मार्जिन तो जो

[01:41:43] मेरी यूटिलिटी है जो सेटिस्फेक्शन है वो

[01:41:45] बच्चों क्या होगा? पॉजिटिव।

[01:41:47] इन्होंने मुझे एक और खिलाया तब भी क्या

[01:41:50] रहेगा? पॉजिटिव। लेकिन अब दो खाने के बाद

[01:41:53] अब पेड हो गया। बिल्कुल भर गया एकदम। अब

[01:41:57] सेटिस्फैक्शन क्या हो जाएगा? इक्वल। ठीक

[01:41:59] है? मैं तुम्हें बताना क्या चाह रहा हूं

[01:42:01] कि यूटिलिटी पॉजिटिव, नेगेटिव और इक्वल भी

[01:42:04] हो सकती है। सेटिस्फेक्शन जो मेरा फेवरेट

[01:42:07] पिज़्ज़ा था। अब इन्होंने मुझे एक और खिला

[01:42:10] दिया। तो अब क्या हो गया? नेगेटिव। और

[01:42:12] मेरा पेट एकदम भरा पड़ा है। और यह कट्टा

[01:42:14] ले बैठ गए। कह रहे एक और खा नहीं तो चला

[01:42:17] इधर से। तो नेगेटिव भी हो सकता है। यानी

[01:42:20] कि बच्चों यूटिलिटी जो है आपकी पॉजिटिव

[01:42:22] नेगेटिव और ये हो सकती है। और ये हमें कब

[01:42:25] आती है? जब हम एक यूनिट और खाते हैं या

[01:42:28] कंज्यूम करते हैं उससे आती है। अब जरा

[01:42:30] बताओ मुझे इसमें आंसर क्या है?

[01:42:33] प्रत्येक आ गई या नहीं? प्रत्येक जो मैं

[01:42:36] वर्ड बोलता हूं उनको पकड़ा करो। प्रत्येक

[01:42:38] अतिरिक्त इकाई से प्राप्त सीमांत उपयोगिता

[01:42:42] कम होती जाती है। जैसे आप वो पिज़्ज़ा खाते

[01:42:46] जाओगे तो प्लस थी फिर इक्वल आएगी और फिर

[01:42:49] नेगेटिव में जाएगी। मार्जिनल यूटिलिटी

[01:42:52] डिराइव्ड फ्रॉम ईच एडिशनल यूनिट डिक्रीज।

[01:42:55] ठीक है? बढ़ते हुए दर से बढ़ती है गलत। टोटल

[01:42:59] यूटिलिटी डिक्रीजसेस। मार्जिनल यूटिलिटी

[01:43:01] रिमेंस कांस्टेंट। कांस्टेंट थोड़ी ना रहे।

[01:43:03] एक ही तुम्हारा फेवरेट कुछ भी हो कढ़ी

[01:43:05] चावल हो ऐसा नहीं है कि तुम सुबह से शाम

[01:43:07] तक खा ही रहे हो तो तुम्हें वो फेवरेट ही

[01:43:08] होते रहेंगे। अगर फेवरेट भी है तो भी न

[01:43:10] कहोगे ओ भैया यार मेरा कढ़ी चावल से आज

[01:43:12] पीछा छूटा। ठीक है? एक पॉइंट ऐसा आ सकता

[01:43:14] है। तो ये क्या हो जाएगा? ए। हां इसको आप

[01:43:17] पर्सनल मत ले के जाना। व्यक्ति विशेष एक

[01:43:20] अलग चीज है। ठीक है? पर्सनल चीजें अलग है।

[01:43:23] नाइंथ क्वेश्चन। निम्नलिखित में से कौन

[01:43:25] अर्थशास्त्र में दुर्लभता की समस्या

[01:43:28] स्केसिटी प्रॉब्लम को सम अच्छे से दर्शाता

[01:43:32] है? बताओ जरा लिमिटेड वांट एंड अनलिमिटेड

[01:43:35] रिसोर्सेज पढ़ा पढ़ा सा लग रहा है क्या

[01:43:37] कुछ लिमिटेड वांट है और अनलिमिटेड

[01:43:40] रिसोर्सेज है गलत है ये उल्टा लिख रखा है

[01:43:42] यानी कि मुझे चाहिए तो सिर्फ एक बाइक और

[01:43:44] एक गाड़ी और पैसा महीने में कितना आ रहा

[01:43:46] है मुझे पता ही नहीं है अंधा पैसा आ रहा

[01:43:48] है तो ये तो गलत हो गया ना भाई दूसरा

[01:43:52] अनलिमिटेड वांट एंड अनलिमिटेड रिसोर्सेज

[01:43:56] कि मुझे चाहिए भी गाड़ी बंगला सब कुछ और आ

[01:43:59] भी इतना ही रहा है तो फिर तो क्या ही

[01:44:01] मैनेज करेंगे

[01:44:02] गलत। तीसरा लिमिटेड रिसोर्सेज हैं और

[01:44:05] अनलिमिटेड वांट्स हैं। रिसोर्सेज लिमिटेड

[01:44:08] हैं। समय लिमिटेड है। पैसे लिमिटेड है।

[01:44:12] ठीक है? लेकिन वांट्स अनलिमिटेड है। आंसर

[01:44:14] क्या हो जाएगा बच्चों? सी हो जाएगा। ठीक

[01:44:16] है? इक्वल तो कभी होता ही नहीं है। सी

[01:44:18] आंसर आ गया। चलिए नेक्स्ट। लिक्विडिटी

[01:44:21] ट्रैप क्या है बच्चों?

[01:44:24] तरलता जाल क्या है? तरलता समझो पहले। क्या

[01:44:26] है? लिक्विडिटी मतलब कि आप उसको कितनी

[01:44:29] जल्दी कन्वर्ट कर सकते हो पैसे में। जैसे

[01:44:31] कि मान लो मेरी एक जेब में एटीएम है। जिस

[01:44:33] एटीएम में ₹15,000 हैं और एक जेब में मेरे

[01:44:37] कैश है। तो बताओ ज्यादा लिक्विड कौन सा

[01:44:39] है? ऑब्वियसली कैश है। मेरी एक जेब में

[01:44:42] ₹15,000 का चेक है। एक जेब में ₹15,000 का

[01:44:45] एटीएम है। ज्यादा लिक्विड कौन सा है?

[01:44:47] एटीएम। भाई पास से जाऊंगा एकदम। तो आप

[01:44:49] कितनी जल्दी कन्वर्ट कर सकते हो उसको पैसे

[01:44:51] में। उसको लिक्विडिटी कहा जाता है। अब ये

[01:44:53] बताओ कि बेस्ट क्या है? इनमें से

[01:44:55] लिक्विडिटी ट्रैप क्या बताता है? द

[01:44:57] सेंट्रल बैंक रेज़ इंटरेस्ट रेट टू कंट्रोल

[01:45:00] इनफ्लेशन। दूसरा कमर्शियल बैंक स्टॉप

[01:45:03] लेंडिंग ड्यू टू हाई डिफॉल्ट रिस्क।

[01:45:05] इंटरेस्ट रेट आर नियर जीरो बट पीपल प्रेफर

[01:45:08] होल्डिंग कैश इंस्टीड ऑफ इन्वेस्टिंग।

[01:45:10] ट्रैप मतलब बंध गए हैं। वो क्या है कि लोग

[01:45:13] ना इंटरेस्ट रेट बैंक इतने कम दे रहा है

[01:45:16] कि लोगों ने ना बैंक को पैसा देना ही बंद

[01:45:18] कर दिया। कहां रख रहे हैं? अपने मटों में

[01:45:20] रख रहे हैं, बेड के नीचे रख रहे हैं और वो

[01:45:22] पैसा जब घरों में ही बंद जा रहा है,

[01:45:23] मार्केट में सर्कुलेट नहीं हो रहा है, उसी

[01:45:26] को क्या बोलते हैं बच्चों? लिक्विडिटी

[01:45:27] ट्रैप बोलते हैं। तो आंसर हो जाएगा सी।

[01:45:30] ठीक है? नेक्स्ट। पहला कंट्री कौन सा है

[01:45:32] जिसने हैप्पीनेस को ग्रोथ से ऊपर रखा। ठीक

[01:45:35] है? आर्थिक विकास पर खुशी को प्राथमिकता

[01:45:38] देने का विचार पेश करने वाला पहला देश कौन

[01:45:40] सा था बच्चों? भूटान। वर्ल्ड हैप्पीनेस

[01:45:43] इंडेक्स से भी याद रख सकते हैं। जो ये

[01:45:45] स्कैवें इंडियन कंट्रीज हैं। आइसलैंड,

[01:45:47] फिनलैंड, डेनमार्क ये टॉप पे रहते हैं।

[01:45:49] भारत की स्थिति बहुत खराब है इसमें। ठीक

[01:45:51] है? नेक्स्ट।

[01:45:53] कौन सा पेयर करेक्टली मैच है? इंफ्लेशन

[01:45:56] रेट देश में महंगाई कितनी हो रही है देश

[01:45:58] में? ये माइक्रो में आएगा। गलत। दही तोड़

[01:46:01] दूंगा अगर अब भी गलत कर दिया तो। देख रहे

[01:46:03] हो कितने आसान क्वेश्चन है। और हमने पढ़ा

[01:46:05] क्या है? नेक्स्ट।

[01:46:07] चाय का प्राइस कितना है? यह मै आएगा क्या?

[01:46:11] ये ये मतलब राष्ट्रीय मुद्दा है क्या कि

[01:46:13] भाई चाय की प्राइस ज्यादा कर दिए कल ₹10

[01:46:15] की थी आज 12 की हो गई गलत

[01:46:18] मैकोनॉमिक नेशनल इनकम ये सही है ठीक है

[01:46:23] माइक्रोइकोनमिक जीडीपी जीडीपी भाई उसमें

[01:46:25] आएगा तो ये भी गलत तो आंसर क्या हो जाएगा

[01:46:26] बच्चों सी नेक्स्ट

[01:46:29] 1947 और 1990 के बीच में भारत ने कौन सा

[01:46:32] सिस्टम अडॉप किया था प्योर सोशलिज्म ना

[01:46:35] कैपिटलिज्म ना कौन सा मिक्स्ड इकोनमी

[01:46:38] लेदस्फेयर तो पढ़ा ही हमने तो आंसर आंसर

[01:46:40] क्या होगा? मिक्स्ड इकॉनमी। नेक्स्ट व्हाट

[01:46:43] इज द प्राइमरी सेक्टर ऑफ द इंडियन इकॉनमी

[01:46:45] मेनली कंसर्न विद जो प्राइमरी सेक्टर है

[01:46:48] हमारा वो मेनली क्या काम करता है बच्चों?

[01:46:50] मैन्युफैक्चरिंग माइनिंग एग्रीकल्चर या

[01:46:52] बैंकिंग? एग्रीकल्चर। क्योंकि बैंकिंग तो

[01:46:55] किस में आएगा? सर्विज में और माइनिंग

[01:46:57] सेकेंडरी माइनिंग भी आएगा इसी में। लेकिन

[01:47:00] हमारे यहां मेजरली क्या है? एग्रीकल्चर

[01:47:02] है। और मैन्युफैक्चरिंग किस में जाएगा?

[01:47:04] सेकेंडरी में जाएगा। ठीक है बच्चों?

[01:47:06] नेक्स्ट।

[01:47:08] बताओ जरा इसको। मूंगफली से तेल निकालना

[01:47:11] अर्थव्यवस्था की किस क्षेत्र की आर्थिक

[01:47:13] गतिविधि का एक उदाहरण है? मूंगफली खेत से

[01:47:17] आई तो क्या हो जाएगी? प्राइमरी। लेकिन

[01:47:18] इसका तेल निकाला जा रहा है तो ये किस में

[01:47:20] आ जाएगी? सेकेंडरी में। वेरी गुड बच्चों।

[01:47:24] ठीक है? पब्लिक गुड के हिसाब से नॉन

[01:47:27] रेवेलेरियस गुड्स क्या होते हैं? ये आपका

[01:47:29] होमवर्क है जो आप मुझे कमेंट सेक्शन में

[01:47:31] बताओगे। ठीक है बच्चों?

[01:47:34] यह आपकी पहली क्लास।

[01:47:37] यह आपकी पहली क्लास

[01:47:41] कंप्लीट हुई। बच्चों, पहली क्लास पे हमेशा

[01:47:43] से ही बच्चा ज्यादा आता है। लेकिन

[01:47:45] धीरे-धीरे धीरे-धीरे बच्चा टूटने लगता है।

[01:47:47] हमारा टास्क इस सीरीज का क्या है कि हम

[01:47:50] कोशिश करेंगे मैं इसमें 100% में मेरा रोल

[01:47:54] 50% है। 50% रोल मेरा है और मेरा रोल ये

[01:47:58] मैं अपने पूरे डेडिकेशन से निभाऊंगा। अब

[01:48:00] ये बाकी का 50% का रोल आप लोग का है कि आप

[01:48:03] यह 50% का रोल किस तरह से निभाएंगे।

[01:48:06] सब्जेक्ट थोड़ा सा टेक्निकल है। मुझे आप

[01:48:08] लोगों की तरफ से एफर्ट बस इतने से चाहिए

[01:48:10] कि जब मैं कोई चीज पढ़ाऊं, समझाऊं, तो

[01:48:13] उसको बिल्कुल आंख बंद करके कि हां अगर

[01:48:15] भैया बोल रहा है तो ठीक बोल रहा होगा।

[01:48:17] उसको इतना समझो। अगली क्लास में आने से

[01:48:19] पहले रिवाइज करो और पहली क्लास पे मुझे

[01:48:23] कमेंट चाहिए भर-भर के। चाय सीरीज पे पहली

[01:48:26] में तगड़े कमेंट पॉलिटी पे तगड़े। जो भी

[01:48:29] बच्चा इसको लाइव देख रहा है, वो सारे के

[01:48:32] सारे एक कमेंट अपने भाई के लिए छोड़ के

[01:48:34] जाएंगे। जो भी बच्चा इसको रिकॉर्डेड में

[01:48:35] आकर देख रहा है अगर आपको पहली बार

[01:48:37] इकोनॉमिक्स इस तरह से समझ में आई है या

[01:48:39] अगर आपने पहले भी कहीं पढ़ी है मेरा रोल

[01:48:41] अगर इसमें थोड़ा सा बेटर है तो आप वो चीज

[01:48:44] बोल के जाओगे क्योंकि बच्चों YouTube की

[01:48:45] पहली वीडियो है अगर इस पे बहुत ज्यादा

[01:48:47] कमेंट होंगे तो ये आगे रिकमेंड होगी और आप

[01:48:50] इस सीरीज को आगे बच्चों को भी रिकमेंड कर

[01:48:53] सकते हो। हम इसको मतलब वो तोड़ सकते हैं

[01:48:56] क्या इसका एक फ्लो कि जी लाइव कम हुए हैं

[01:48:59] ज्यादा कर सकते हैं क्या हम लोग इसे कल की

[01:49:02] क्लास में परसों की क्लास में क्या हम इसे

[01:49:04] 1500 क्रॉस कर सकते हैं क्या ठीक है चलो

[01:49:06] प्यार बरकरार रखो थ भाई जलवा बरकरार रखेगा

[01:49:09] दिस इज मी हिमांशु सोम साइनिंग ऑफ मिलते

[01:49:11] हैं कल को 3:00 बजे सेम टाइम और टॉपिक

[01:49:13] होगा नेशनल इनकम चार ऐसे शब्द जो पढ़ते सब

[01:49:16] हैं लेकिन समझते सब नहीं जीडीपी जी एनपी

[01:49:19] एनडीपी और एनएपी ठीक है बच्चों थैंक यू

[01:49:21] फॉर बीइंग अ वंडरफुल ऑडियंस जय जय भारत
