Full Transcript
https://www.youtube.com/watch?v=NehvU767Iqw
[00:00] हाय एवरीवन दिस इज साजन गवेल वेलकम बैक टू
[00:02] हाय एवरीवन दिस इज साजन गवेल वेलकम बैक टू लर्निंग सेशंस अगर आप भी आईबी सर्टिफिकेशन
[00:05] लर्निंग सेशंस अगर आप भी आईबी सर्टिफिकेशन की तैयारी कर रहे हैं तो हमारे पास बैंक
[00:06] की तैयारी कर रहे हैं तो हमारे पास बैंक कंप्लायंस का पूरा कोर्स अवेलेबल है जिसके
[00:08] कंप्लायंस का पूरा कोर्स अवेलेबल है जिसके अंदर हम आपको कांसेप्चुअल वीडियोस
[00:10] अंदर हम आपको कांसेप्चुअल वीडियोस प्रोवाइड करते हैं जो कि हिंदी इंग्लिश
[00:11] प्रोवाइड करते हैं जो कि हिंदी इंग्लिश लैंग्वेज के मिक्स में होती है उसके
[00:13] लैंग्वेज के मिक्स में होती है उसके साथ-साथ इसके अंदर आपको अ मॉक टेस्ट मेगा
[00:16] साथ-साथ इसके अंदर आपको अ मॉक टेस्ट मेगा मोक टेस्ट और पीडीएफ नोट्स भी प्रोवाइड
[00:18] मोक टेस्ट और पीडीएफ नोट्स भी प्रोवाइड करवाए जाते हैं हमारे कोर्स बहुत इजली
[00:21] करवाए जाते हैं हमारे कोर्स बहुत इजली एक्सेसिबल है अगर आप एक एंड यूजर है तो आप
[00:23] एक्सेसिबल है अगर आप एक एंड यूजर है तो आप प्ले स्टोर से आईएफ लर्निंग सेंटर डाउनलोड
[00:26] प्ले स्टोर से आईएफ लर्निंग सेंटर डाउनलोड कर सकते हैं एंड अगर आप एक आईओएस यूजर है
[00:28] कर सकते हैं एंड अगर आप एक आईओएस यूजर है तो आप ए स्टोर से माट डाउनलोड करके हमारे
[00:30] तो आप ए स्टोर से माट डाउनलोड करके हमारे कोर्सेस में नरोल कर सकते हैं उसके अलावा
[00:32] कोर्सेस में नरोल कर सकते हैं उसके अलावा हमारे एकटे ग्रा चैनल है जिसके अंदर हम
[00:34] हमारे एकटे ग्रा चैनल है जिसके अंदर हम एग्जाम्स के रिलेटेड और क्लासेस के
[00:36] एग्जाम्स के रिलेटेड और क्लासेस के रिकॉर्डेड इंपोर्टेंट इंफॉर्मेशन अपडेट
[00:38] रिकॉर्डेड इंपोर्टेंट इंफॉर्मेशन अपडेट करते रहते हैं उसके अलावा अगर आपको कोई भी
[00:39] करते रहते हैं उसके अलावा अगर आपको कोई भी डाउट है तो आप यहां क्लियर कर सकते हैं
[00:41] डाउट है तो आप यहां क्लियर कर सकते हैं जिसका लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल
[00:42] जिसका लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा प्लीज डू जॉइन दैट तो चलिए शुरू
[00:44] करते हैं आज का टॉपिक कंप्ला इन बैंक
[00:48] करते हैं आज का टॉपिक कंप्ला इन बैंक मॉड्यूल ए रेगुलेटरी एंड रेगुलेशन एंड
[00:50] मॉड्यूल ए रेगुलेटरी एंड रेगुलेशन एंड रेगुलेटरी फॉर्मवर्क तो सबसे पहले हम ये
[00:53] रेगुलेटरी फॉर्मवर्क तो सबसे पहले हम ये देखते हैं कि हम इस मॉड्यूल के अंदर सीखने
[00:55] देखते हैं कि हम इस मॉड्यूल के अंदर सीखने क्या क्या वाले हैं हम इसके अंदर सेवन
[00:57] क्या क्या वाले हैं हम इसके अंदर सेवन पॉइंट्स कवर करने वाले हैं सबसे पहला जो
[00:59] पॉइंट्स कवर करने वाले हैं सबसे पहला जो हम पॉइंट कवर कर ने वाले हैं दैट इज
[01:00] हम पॉइंट कवर कर ने वाले हैं दैट इज इंपोर्टेंस ऑफ बैंक्स रोल ऑफ बैंक्स इन
[01:02] इंपोर्टेंस ऑफ बैंक्स रोल ऑफ बैंक्स इन इकोनॉमिक ग्रोथ नीड फॉर रेगुलेशन जनरल
[01:04] इकोनॉमिक ग्रोथ नीड फॉर रेगुलेशन जनरल प्रिंसिपल ऑफ रेगुलेशन रोल ऑफ रेगुलेटर्स
[01:06] प्रिंसिपल ऑफ रेगुलेशन रोल ऑफ रेगुलेटर्स रेगुलेटर रेगुलेटरी मॉडल्स फंक्शंस ऑफ
[01:09] रेगुलेटर रेगुलेटरी मॉडल्स फंक्शंस ऑफ डिफरेंट रेगुलेशंस इन इंडिया ठीक तो सबसे
[01:11] डिफरेंट रेगुलेशंस इन इंडिया ठीक तो सबसे पहले हम शुरू करते हैं इंपोर्टेंस ऑफ
[01:12] पहले हम शुरू करते हैं इंपोर्टेंस ऑफ बैंक्स पे इंपोर्टेंस ऑफ बैंक्स जानने से
[01:14] बैंक्स पे इंपोर्टेंस ऑफ बैंक्स जानने से पहले हम सबसे पहले ये देखते हैं कि व्हाट
[01:16] पहले हम सबसे पहले ये देखते हैं कि व्हाट इज अ बैंक बैंक की एक जनरल डेफिनेशन क्या
[01:18] इज अ बैंक बैंक की एक जनरल डेफिनेशन क्या है तो अगर हम बैंक को जनरली डिफाइन करना
[01:20] है तो अगर हम बैंक को जनरली डिफाइन करना चाहे तो बैंक इज जस्ट अ फाइनेंशियल
[01:22] चाहे तो बैंक इज जस्ट अ फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन जो डिपॉजिट्स उठाता है और
[01:24] इंस्टिट्यूशन जो डिपॉजिट्स उठाता है और उनको लैंडिंग एक्टिविटीज के अंदर चैनल
[01:25] उनको लैंडिंग एक्टिविटीज के अंदर चैनल करता है बहुत उसको और सिंपलीफाई करना चाहे
[01:27] करता है बहुत उसको और सिंपलीफाई करना चाहे तो वो एक जगह से डिपॉजिट लेता है और
[01:29] तो वो एक जगह से डिपॉजिट लेता है और दूसरों को लोन देता है दैट इज जस्ट अ बैंक
[01:31] दूसरों को लोन देता है दैट इज जस्ट अ बैंक जो एक बहुत बेसिक फंक्शन ऑफ बैंक कहा जाता
[01:34] जो एक बहुत बेसिक फंक्शन ऑफ बैंक कहा जाता है उसके अलावा बैंक का जो सबसे बड़ा रोल
[01:37] है उसके अलावा बैंक का जो सबसे बड़ा रोल वो क्या है ऐसे लोग जिनके पास कैपिटल
[01:39] सरप्लस है जिनके मतलब जिनके पास पैसा
[01:40] सरप्लस है जिनके मतलब जिनके पास पैसा एक्स्ट्रा पड़ा है उनसे पैसा लेना और
[01:43] एक्स्ट्रा पड़ा है उनसे पैसा लेना और जिनको पैसा चाहिए उनको पैसा देना लाइक
[01:44] जिनको पैसा चाहिए उनको पैसा देना लाइक जिनके पास पैसा सरप्लस है वो बैंक में
[01:46] जिनके पास पैसा सरप्लस है वो बैंक में पैसे डिपॉजिट करवाते हैं बैंक उन
[01:48] पैसे डिपॉजिट करवाते हैं बैंक उन डिपॉजिट्स को लेके आगे लोन में
[01:49] डिपॉजिट्स को लेके आगे लोन में डिस्ट्रीब्यूटर है ठीक है बैंक्स के अंदर
[01:53] डिस्ट्रीब्यूटर है ठीक है बैंक्स के अंदर बैंक्स के अंदर लोगों का पैसा लगा होता है
[01:55] बैंक्स के अंदर लोगों का पैसा लगा होता है इसलिए उनके ऊपर जो रेगुलेट रेगुलेशंस है
[01:58] इसलिए उनके ऊपर जो रेगुलेट रेगुलेशंस है वो बहुत ज्यादा होती है बट दज रेगुलेशन
[02:01] वो बहुत ज्यादा होती है बट दज रेगुलेशन वेरी फ्रॉम कंट्री बाय कंट्री लाइक जो
[02:02] वेरी फ्रॉम कंट्री बाय कंट्री लाइक जो रेगुलेशन इंडिया में लगती है वो यूएसए में
[02:04] रेगुलेशन इंडिया में लगती है वो यूएसए में लगती होंगी जो यूएसए में लगती है वो
[02:05] लगती होंगी जो यूएसए में लगती है वो इंडिया में लगती होंगी हां कुछ कॉमन
[02:07] इंडिया में लगती होंगी हां कुछ कॉमन रेगुलेशंस भी हो सकती है बट दे वेरी फ्रॉम
[02:09] रेगुलेशंस भी हो सकती है बट दे वेरी फ्रॉम कंट्री बाय कंट्री उसके अलावा जो बैंकिंग
[02:12] कंट्री बाय कंट्री उसके अलावा जो बैंकिंग सिस्टम है वो एक फ्रैक्शन रिजर्व के ऊपर
[02:14] सिस्टम है वो एक फ्रैक्शन रिजर्व के ऊपर फक्शन रिजर्व बैंकिंग सिस्टम के ऊपर वर्क
[02:16] फक्शन रिजर्व बैंकिंग सिस्टम के ऊपर वर्क करता है इसका मतलब क्या होता है बैंक्स को
[02:18] करता है इसका मतलब क्या होता है बैंक्स को इंस्ट्रक्शन दी जाती है कि उनको अपने पास
[02:20] इंस्ट्रक्शन दी जाती है कि उनको अपने पास एक स्मॉल रिजर्व रखना पड़ेगा और उसके
[02:22] एक स्मॉल रिजर्व रखना पड़ेगा और उसके अलावा जो बाकी है वो लैंड आउट कर सकते हैं
[02:24] अलावा जो बाकी है वो लैंड आउट कर सकते हैं फॉर एग्जांपल अ पर्सन केम वो ₹ का डिपॉजिट
[02:28] फॉर एग्जांपल अ पर्सन केम वो ₹ का डिपॉजिट देता है एंड उसकी बैंक की रिक्वायरमेंट है
[02:31] देता है एंड उसकी बैंक की रिक्वायरमेंट है कि उसको 10 पर अपने पास होल्ड करके रखना
[02:32] कि उसको 10 पर अपने पास होल्ड करके रखना है तो वो ₹10 होल्ड करेगा और बाकी 90 आगे
[02:37] है तो वो ₹10 होल्ड करेगा और बाकी 90 आगे लोन की तरफ दे देगा ऐसा क्यों किया जाता
[02:39] लोन की तरफ दे देगा ऐसा क्यों किया जाता है ताकि बैंक को रेगुलेट किया जा सके
[02:41] है ताकि बैंक को रेगुलेट किया जा सके क्योंकि सपोज अगर एक बंदा ₹1 डिपॉजिट
[02:44] क्योंकि सपोज अगर एक बंदा ₹1 डिपॉजिट करवाता है एंड वो विड्रॉ करवाने आता है
[02:46] करवाता है एंड वो विड्रॉ करवाने आता है अगर बैंक 100 का 100 ही लैंड कर चुका है
[02:48] अगर बैंक 100 का 100 ही लैंड कर चुका है तो बैंक के पास पैसा ही नहीं होगा देने के
[02:49] तो बैंक के पास पैसा ही नहीं होगा देने के लिए तो बैंक अपने ऑपरेशन जो मेन ऑपरेशन है
[02:52] वो कर ही नहीं पाएगा इसलिए फ्रैक्शन
[02:54] रिजर्व बैंकिंग सिस्टम के ऊपर हमारे बैंक वर्क करते हैं जो जो ये रिजर्व है ये
[02:56] वर्क करते हैं जो जो ये रिजर्व है ये रिजर्व नॉर्मली इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स पे
[03:00] रिजर्व नॉर्मली इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स पे बेस्ड होते हैं जिनको बेसल एर्ड्स बोलते
[03:03] बेस्ड होते हैं जिनको बेसल एर्ड्स बोलते हैं बेसल अ कर्ड्स इ बेसिकली कि कितना
[03:06] हैं बेसल अ कर्ड्स इ बेसिकली कि कितना रिक्वायरमेंट है हमें अपने पास रिजर्व
[03:07] रिक्वायरमेंट है हमें अपने पास रिजर्व रखने के लिए इंडिया के अंदर जो दो मेन
[03:09] रखने के लिए इंडिया के अंदर जो दो मेन रिक्वायरमेंट यूज की जाती है दैट इज
[03:11] रिक्वायरमेंट यूज की जाती है दैट इज सीआरआर एंड एसएलआर इनके बारे में हम आगे
[03:13] सीआरआर एंड एसएलआर इनके बारे में हम आगे डिटेल में ही पढ़ेंगे सीआरआर की फुल फॉर्म
[03:15] डिटेल में ही पढ़ेंगे सीआरआर की फुल फॉर्म होती है कैश रिजर्व रेशो एसआर की फुल
[03:17] होती है कैश रिजर्व रेशो एसआर की फुल फॉर्म होती है स्टैचूट लिक्विडिटी रेशो ये
[03:19] फॉर्म होती है स्टैचूट लिक्विडिटी रेशो ये भी यही कहते हैं कि कितना अमाउंट बैंक को
[03:22] भी यही कहते हैं कि कितना अमाउंट बैंक को अपने पास रखना है और कितना अमाउंट बैंक को
[03:23] अपने पास रखना है और कितना अमाउंट बैंक को सीआर सीआरआर इज बेसिकली कि कितना अमाउंट
[03:26] सीआर सीआरआर इज बेसिकली कि कितना अमाउंट बैंक को आरबीआई के पास डिपॉजिट रखना है
[03:28] बैंक को आरबीआई के पास डिपॉजिट रखना है एसएलआर इस की कितना अमाउंट बैंक को अपने
[03:30] एसएलआर इस की कितना अमाउंट बैंक को अपने पास ज रिजर्व रखना है ठीक है आगे हम
[03:33] पास ज रिजर्व रखना है ठीक है आगे हम इंफॉर्मेशन में बैंक देखा क्या होता है हम
[03:35] इंफॉर्मेशन में बैंक देखा क्या होता है हम अगर बैंकर को एक्सप्लेन करें ए कॉमन लॉ
[03:37] अगर बैंकर को एक्सप्लेन करें ए कॉमन लॉ इंग्लिश लैंग्वेज के अकॉर्डिंग बैंकर क्या
[03:39] इंग्लिश लैंग्वेज के अकॉर्डिंग बैंकर क्या होता है बैंकर इज जस्ट अ पर्सन जो बैंकिंग
[03:42] होता है बैंकर इज जस्ट अ पर्सन जो बैंकिंग बिजनेस ऑफ बैंकिंग परफॉर्म करता है बिजनेस
[03:44] बिजनेस ऑफ बैंकिंग परफॉर्म करता है बिजनेस ऑफ बैंकिंग मींस जस्ट कि पैसा लेना लोगों
[03:47] ऑफ बैंकिंग मींस जस्ट कि पैसा लेना लोगों के बिहाव प पैसा लेना और लोगों के बिहाव प
[03:48] के बिहाव प पैसा लेना और लोगों के बिहाव प पैसा देना लाइक मैं एक डिपॉजिटर हूं मैंने
[03:51] पैसा देना लाइक मैं एक डिपॉजिटर हूं मैंने बैंक को पैसा दिया मैंने किसी को चेक इशू
[03:53] बैंक को पैसा दिया मैंने किसी को चेक इशू किया वो चेक लेके बैंक वो चेक लेके पर्सन
[03:56] किया वो चेक लेके बैंक वो चेक लेके पर्सन बैंक के पास जाएगा बैंक वो चेक मेरे बिफ
[03:58] बैंक के पास जाएगा बैंक वो चेक मेरे बिफ पे क्लियर करके उसको पेमेंट कर देगा
[04:00] पे क्लियर करके उसको पेमेंट कर देगा सिमिलरली अगर मैं एक चेक लेके जाता हूं
[04:02] सिमिलरली अगर मैं एक चेक लेके जाता हूं बैंक के पास बैंक मेरे बिहाव पे वो चेक
[04:04] बैंक के पास बैंक मेरे बिहाव पे वो चेक कलेक्ट करेगा दैट इज जस्ट अ बेसिक फंक्शन
[04:06] कलेक्ट करेगा दैट इज जस्ट अ बेसिक फंक्शन ऑफ बैंक उसके बाद आता है बैंकिंग सेटअप इन
[04:09] ऑफ बैंक उसके बाद आता है बैंकिंग सेटअप इन इंडिया बैंकिंग सेटअप इन इंडिया का मतलब
[04:11] इंडिया बैंकिंग सेटअप इन इंडिया का मतलब है कि कितने तरह के बैंक्स हैं वो कैसे
[04:14] है कि कितने तरह के बैंक्स हैं वो कैसे वर्क करते हैं तो सबसे पहले हमारे पास दो
[04:16] वर्क करते हैं तो सबसे पहले हमारे पास दो तरह की एंटिटीज बैंकिंग सिस्टम में होती
[04:18] तरह की एंटिटीज बैंकिंग सिस्टम में होती है फर्स्ट वन इज ऑपरेशनल सेकंड वन इज
[04:21] है फर्स्ट वन इज ऑपरेशनल सेकंड वन इज रेगुलेटरी रेगुलेटरी मतलब जो इनको कंट्रोल
[04:24] रेगुलेटरी रेगुलेटरी मतलब जो इनको कंट्रोल करती
[04:25] करती हैं इंडिया के अंदर जो बैंक्स का सबसे
[04:27] हैं इंडिया के अंदर जो बैंक्स का सबसे बड़ा रेगुलेटर है दैट इज रिजर्व बैंक ऑफ
[04:29] बड़ा रेगुलेटर है दैट इज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
[04:30] इंडिया जिसको हम शॉर्ट फॉर्म में आरबीआई
[04:32] जिसको हम शॉर्ट फॉर्म में आरबीआई बोलेंगे ऑपरेशनल एंटिटीज को हमने दो
[04:35] बोलेंगे ऑपरेशनल एंटिटीज को हमने दो पार्ट्स में बांटा है कमर्शियल बैंक एंड
[04:36] पार्ट्स में बांटा है कमर्शियल बैंक एंड कोऑपरेटिव बैंक्स कमर्शियल बैंक्स एंड
[04:39] कोऑपरेटिव बैंक्स कमर्शियल बैंक्स एंड ऑपरेटिव बैंक्स नाम से ही क्लियर है उसके
[04:41] ऑपरेटिव बैंक्स नाम से ही क्लियर है उसके अलावा हम उसके अलावा एक डेफिनेशन आती है
[04:43] अलावा हम उसके अलावा एक डेफिनेशन आती है शेड्यूल्ड बैंक व्हाट आर शेड्यूल्ड बैंक
[04:45] शेड्यूल्ड बैंक व्हाट आर शेड्यूल्ड बैंक तो आरबी एक 1934 के सेकंड शेड्यूल के अंदर
[04:48] तो आरबी एक 1934 के सेकंड शेड्यूल के अंदर एक लिस्ट दी हुई है जो बैंक्स उस लिस्ट के
[04:50] एक लिस्ट दी हुई है जो बैंक्स उस लिस्ट के अंदर आते हैं उनको शेड्यूल बैंक कहा जाता
[04:52] है ये शेड्यूल बैंक पब्लिक सेक्टर बैंक्स
[04:54] भी हो सकते हैं और प्राइवेट सेक्टर बैंक
[04:56] भी हो सकते हैं और प्राइवेट सेक्टर बैंक भी हो सकते हैं शेड्यूल्ड बैंक लाइक
[04:57] भी हो सकते हैं शेड्यूल्ड बैंक लाइक एसबीआई पंजाब नेशनल बैंक दे आर प्राइवेट
[04:59] एसबीआई पंजाब नेशनल बैंक दे आर प्राइवेट पब्लिक सेक्टर शेड्यूल्ड बैंक एंड बैंक्स
[05:01] पब्लिक सेक्टर शेड्यूल्ड बैंक एंड बैंक्स लाइक एचडीएफसी आईसीआई एक्सस देर प्राइवेट
[05:08] लाइक एचडीएफसी आईसीआई एक्सस देर प्राइवेट सेक्टर शेड्यूल्ड बैंक तो हमारे इंडिया के अंदर क्या किस किस तरह के बैंक बैंक्स है
[05:10] अंदर क्या किस किस तरह के बैंक बैंक्स है हम उसको डिस्कस करते हैं तो सबसे पहली जो टाइप है दैट इज पब्लिक सेक्टर बैंक जिनको हम नेशनलाइज बैंक्स भी बोलते हैं
[05:14] टाइप है दैट इज पब्लिक सेक्टर बैंक जिनको हम नेशनलाइज बैंक्स भी बोलते हैं पब्लिक सेक्टर बैंक या नेशनलाइज बैंक वो बैंक होते हैं जिनके अंदर जो मेजोरिटी स्ट्रक है वो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ऑन करती है
[05:19] होते हैं जिनके अंदर जो मेजोरिटी स्ट्रक है वो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ऑन करती है इनके बेसिक एग्जांपल है लाइक एसबीआई
[05:24] इनके बेसिक एग्जांपल है लाइक एसबीआई एसबीआई बैंक ऑफ इंडिया केनरा बैंक एट सो नेशनलाइज बैंक क्या होता है पब्लिक सेक्टर बैंक और नेशनलाइज बैंक में डिफरेंस क्या होता है
[05:31] बैंक और नेशनलाइज बैंक में डिफरेंस क्या होता है नेशनलाइज बैंक आर दोज बैंक्स जो पहले प्राइवेट थे लेकिन गवर्नमेंट ने उनको बाद में बाय करा है
[05:36] पहले प्राइवेट थे लेकिन गवर्नमेंट ने उनको बाद में बाय करा है फॉर एग्जांपल यहां हमने एसबीआई की एग्जांपल ली है एसबीआई का पहला नाम था बैंक ऑफ कलक उसके अंदर गवर्नमेंट का स्टेक नहीं था लेकिन 1955 के अंदर आफ्टर इंडिपेंडेंट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक ऑफ कोलकता के अंदर एक मेजर स्टेक खरीद लिया और उसको नेशनलाइज बना दिया
[05:49] इंडिया ने बैंक ऑफ कोलकता के अंदर एक मेजर स्टेक खरीद लिया और उसको नेशनलाइज बना दिया जिसके बाद वो प्राइवेट सेक्टर से पब्लिक सेक्टर बैंक के अंदर कन्वर्ट हो गया
[05:53] गया उसके बाद हमने देखा कि पहले स्टेट बैंक ऑफ पटयाला चलता था एंड स्टेट बैंक ऑफ महाराष्ट्र लाइक दिस तो वो सब मर्ज होके अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बन चुके हैं
[06:01] महाराष्ट्र लाइक दिस तो वो सब मर्ज होके अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बन चुके हैं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया इज द लार्जेस्ट
[06:05] स्टेट बैंक ऑफ इंडिया इज द लार्जेस्ट पब्लिक सेक्टर बैंक इन इंडिया राइट नाउ
[06:07] पब्लिक सेक्टर बैंक इन इंडिया राइट नाउ उसके बाद जो सेकंड टाइप आती है वो है
[06:09] उसके बाद जो सेकंड टाइप आती है वो है हमारे प्राइवेट सेक्टर बैंक प्राइवेट
[06:11] हमारे प्राइवेट सेक्टर बैंक प्राइवेट सेक्टर जैसे पब्लिक सेक्टर बैंक कैसे थे
[06:13] सेक्टर जैसे पब्लिक सेक्टर बैंक कैसे थे कौन थे जिनके अंदर मेजोरिटी स्टोक
[06:15] कौन थे जिनके अंदर मेजोरिटी स्टोक गवर्नमेंट मेजोरिटी स्टे गवर्नमेंट होल्ड
[06:17] गवर्नमेंट मेजोरिटी स्टे गवर्नमेंट होल्ड करती है वैसे ही प्राइवेट सेक्टर बैंक ऐसे
[06:19] करती है वैसे ही प्राइवेट सेक्टर बैंक ऐसे बैंक्स जिनके अंदर मेजोरिटी ओनरशिप है जो
[06:21] बैंक्स जिनके अंदर मेजोरिटी ओनरशिप है जो प्राइवेट इंडिविजुअल ऑन करते हैं लाइक
[06:23] प्राइवेट इंडिविजुअल ऑन करते हैं लाइक आईआई बैंक एक्स बैंक
[06:29] रजिस्टर्ड होते हैं कंपनी विद अ लिमिटेड
[06:30] रजिस्टर्ड होते हैं कंपनी विद अ लिमिटेड लायबिलिटी लाइक एचडीएसी एडीएफसी का पूरा
[06:33] लायबिलिटी लाइक एचडीएसी एडीएफसी का पूरा नाम इज हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी
[06:36] नाम इज हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड सो इट इट इज रजिस्टर्ड एज अ कंपनी
[06:39] लिमिटेड सो इट इट इज रजिस्टर्ड एज अ कंपनी विद अ लिमिटेड लायबिलिटी जो थर्ड टाइप आती
[06:41] विद अ लिमिटेड लायबिलिटी जो थर्ड टाइप आती है हमारे पास दैट इज अ फॉरेन बैंक फॉरेन
[06:43] है हमारे पास दैट इज अ फॉरेन बैंक फॉरेन बैंक ऐसे बैंक्स होते हैं जिनका हेड
[06:45] बैंक ऐसे बैंक्स होते हैं जिनका हेड क्वार्टल आउटसाइड इंडिया होता है लेकिन वो
[06:47] क्वार्टल आउटसाइड इंडिया होता है लेकिन वो अपनी ब्रांचेस इंडिया के अंदर ऑपरेट करते
[06:48] अपनी ब्रांचेस इंडिया के अंदर ऑपरेट करते हैं इनका फायदा क्या होता है जो ये हमारे
[06:51] हैं इनका फायदा क्या होता है जो ये हमारे बैंकिंग इकोसिस्टम को इंटरनेशनल डायमेंशन
[06:53] बैंकिंग इकोसिस्टम को इंटरनेशनल डायमेंशन प्रोवाइड करते है कि इंटरनेशनली बैंकिंग
[06:55] प्रोवाइड करते है कि इंटरनेशनली बैंकिंग सिस्टम कैसे वर्क करता है इंटरनेशनली
[06:57] सिस्टम कैसे वर्क करता है इंटरनेशनली एफडीआई लाने में ये बैंक्स हमारे अ इंडिया
[06:59] एफडीआई लाने में ये बैंक्स हमारे अ इंडिया के अंदर हेल्प करते हैं सो सम ऑफ
[07:01] के अंदर हेल्प करते हैं सो सम ऑफ एग्जांपल्स ऑफ दीज बैंक्स आर एचएसबीसी
[07:03] एग्जांपल्स ऑफ दीज बैंक्स आर एचएसबीसी सिटी बैंक एंड स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक जो
[07:04] सिटी बैंक एंड स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक जो इंडिया के अंदर अभी ऑपरेट कर रहे हैं उसके
[07:06] इंडिया के अंदर अभी ऑपरेट कर रहे हैं उसके अलावा जो फोर्थ टाइप आती है वो हमारे पास आता है रीजनल रूरल बैंक्स।
[07:10] रीजनल रूरल बैंक्स को शॉर्ट फॉर्म में आरआरबी भी बोला जाता है।
[07:12] आरआरबी जो थे वो आरआरबी एक्ट 1976 के अंदर एस्टेब्लिश किए गए थे।
[07:19] आरआरबी रीजनल रूरल बैंक्स का जो मेन पर्पस है वो है कि जो रूरल एरियाज है जहां बैंकिंग सिस्टम बड़े बैंक्स नहीं पहुंच पा रहे हैं वहां आरआरबी पहुंचे हैं।
[07:29] क्य इनका जो मेन टारगेट टारगेट कस्टमर्स है वो कौन है मार्जिनल फार्मर्स एग्रीकल्चर लेबरर्स आर्टिजन ताकि वो छोटे-छोटे लोग अपना छोटा-छोटा काम करके अपनी इनकम न कर सके।
[07:40] इसके और जो य आरआरबी होते हैं जनरली मेन बैंक की तरफ से स्पनर होते हैं।
[07:44] फॉर एग्जांपल हम एग्जांपल लेते देना गुजरात ग्रामीण बैंक की ये एक बैंक है जो गुजरात के अंदर वर्क करता है एंड इसको देना बैंक स्पनर करता है।
[07:51] सेकंड एग्जांपल इ पंजाब ग्रामीन बैंक जो पंजाब के अंदर वर्क करता है एंड दिस बैंक इ स्पर्ड बाय पंजाब नेशनल बैंक।
[07:57] रीजनल र बैंक्स का प सिर्फ इतना था कि रूरल एरियाज तक पहुंचा जाए वहां पर जो लोग हैं जो बैंकिंग सर्विसेस नहीं ले पा रहे उन तक बैंकिंग सर्विसेस को पहुंचाया।
[08:07] रहे उन तक बैंकिंग सर्विसेस को पहुंचाया जाए हमारे पास जो थर्ड टाइप निकल के आती जाए
[08:09] हमारे पास जो थर्ड टाइप निकल के आती है थर्ड टाइप इ लोकल एरिया बैंक्स लोकल
[08:12] है थर्ड टाइप इ लोकल एरिया बैंक्स लोकल एरिया बैंक्स आर दोस बैंक्स जो बहुत छोटे
[08:15] एरिया बैंक्स आर दोस बैंक्स जो बहुत छोटे बैंक्स है जो बहुत कम कॉस्ट पर वर्क करते
[08:17] बैंक्स है जो बहुत कम कॉस्ट पर वर्क करते हैं और एक बहुत पर्टिकुलर एरिया के लिए ही
[08:20] हैं और एक बहुत पर्टिकुलर एरिया के लिए ही वर्क करते हैं जो जनरली ये तीन
[08:22] वर्क करते हैं जो जनरली ये तीन डिस्ट्रिक्ट का एक बैंक बनाया जाता है
[08:25] डिस्ट्रिक्ट का एक बैंक बनाया जाता है उसको लोकल एरिया बैंक बोलते है जो तीन
[08:26] उसको लोकल एरिया बैंक बोलते है जो तीन डिस्ट्रिक्ट तक ही वर्क करता है
[08:30] डिस्ट्रिक्ट तक ही वर्क करता है सो दिस दिस इज द लोकल एरिया बैंक अगली
[08:33] सो दिस दिस इज द लोकल एरिया बैंक अगली टाइप हमारे पास आती है स्मल फाइनेंस बैंक
[08:36] टाइप हमारे पास आती है स्मल फाइनेंस बैंक स्मॉल फाइनेंस बैंक इज ऐसी ये भी ऐसा बैंक
[08:39] स्मॉल फाइनेंस बैंक इज ऐसी ये भी ऐसा बैंक है जो स्मॉल बिजनेसेस मार्जिनल फार्मर्स
[08:41] है जो स्मॉल बिजनेसेस मार्जिनल फार्मर्स और एमएसएमई इंडस्ट्रीज को टारगेट करता है
[08:43] और एमएसएमई इंडस्ट्रीज को टारगेट करता है इनके ये बेसिक फंक्शंस लाइक सटिंग डिपॉजिट
[08:46] इनके ये बेसिक फंक्शंस लाइक सटिंग डिपॉजिट लैंडिंग करता है उसके अलावा ये कुछ
[08:48] लैंडिंग करता है उसके अलावा ये कुछ फाइनेंसियल प्रोडक्ट लाइक म्यूचुअल फंड
[08:49] फाइनेंसियल प्रोडक्ट लाइक म्यूचुअल फंड इंश्योरेंस आल्सो भी प्रोवाइड करता है एंड
[08:52] इंश्योरेंस आल्सो भी प्रोवाइड करता है एंड यह भी इसमें कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक है जो
[08:55] यह भी इसमें कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक है जो कैटेगरी टू ऑथराइज डीलर्स भी होते हैं
[08:58] कैटेगरी टू ऑथराइज डीलर्स भी होते हैं फॉरेन एक्सचेंज बिजनेस के के अंदर
[09:00] फॉरेन एक्सचेंज बिजनेस के के अंदर एग्जांपल इसके अंदर जो मेजर निकल के आता
[09:02] एग्जांपल इसके अंदर जो मेजर निकल के आता है दैट इज द एयू स्माल फाइनेंस बैंक जो भी
[09:04] है दैट इज द एयू स्माल फाइनेंस बैंक जो भी बहुत अच्छे से वर्क कर रहा है अगली टाइप
[09:06] बहुत अच्छे से वर्क कर रहा है अगली टाइप हमारे पास आती है पेमेंट्स बैंक पेमेंट्स
[09:08] हमारे पास आती है पेमेंट्स बैंक पेमेंट्स बैंक क्या होते हैं पेमेंट्स बैंक आरबीआई
[09:10] बैंक क्या होते हैं पेमेंट्स बैंक आरबीआई के द्वारा एक कांसेप्ट लेके आया गया नवंबर
[09:12] के द्वारा एक कांसेप्ट लेके आया गया नवंबर 2014 के अंदर जिसके अंदर जो ये बैंक है
[09:15] 2014 के अंदर जिसके अंदर जो ये बैंक है इनकी कोई फिजिकल प्रेजेंस नहीं होती है दे
[09:17] इनकी कोई फिजिकल प्रेजेंस नहीं होती है दे मेजर्ली वर्क ऑन द टेक्नोलॉजी तो इनका जो
[09:19] मेजर्ली वर्क ऑन द टेक्नोलॉजी तो इनका जो टारगेट था वो ऐसे लोग थे जो बहुत ही अन
[09:21] टारगेट था वो ऐसे लोग थे जो बहुत ही अनऑर्गेनाइज्ड है लाइक माइग्रेंट लेबर वर्क
[09:24] ऑर्गेनाइज्ड है लाइक माइग्रेंट लेबर वर्क हो गए ऐसे माइग्रेंट लेबर वर्क हो गए ऐसे लोग
[09:26] है ऐसे माइग्रेंट लेबर वर्क हो गए ऐसे लोग हो गए जिनकी इनकम बहुत कम है स्मल
[09:29] हो गए जिनकी इनकम बहुत कम है स्मल बिजनेसेस वो बड़े बैंक्स का बिजनेस करके
[09:31] बिजनेसेस वो बड़े बैंक्स का बिजनेस करके इतनी ट्रांजैक्शन नहीं कर सकते कि उनके
[09:32] इतनी ट्रांजैक्शन नहीं कर सकते कि उनके चार्जेस पूरे हो जाए तो उनके लिए कांसेप्ट
[09:34] चार्जेस पूरे हो जाए तो उनके लिए कांसेप्ट लेके आए गया पेमेंट्स बैंक का जो हाई
[09:36] लेके आए गया पेमेंट्स बैंक का जो हाई वैल्यू ट्रांजैक्शंस के ऊपर वर्क करता है
[09:38] वैल्यू ट्रांजैक्शंस के ऊपर वर्क करता है लाइक हम एग्जांपल लेते हैं
[09:59] और उसके लिए वो ये चीज करना बहुत इजी है
[10:02] और उसके लिए वो ये चीज करना बहुत इजी है कि हां वो बैंक जाता अकाउंट खुलता सब कुछ
[10:03] कि हां वो बैंक जाता अकाउंट खुलता सब कुछ होता उसके लिए उसने जस्ट फोन उठाया अपना
[10:06] होता उसके लिए उसने जस्ट फोन उठाया अपना अकाउंट खोला पेटीएम ऊपर पेटीएम पेमेंट्स
[10:08] अकाउंट खोला पेटीएम ऊपर पेटीएम पेमेंट्स बैंक उसका अकाउंट बना एंड ही इज यूजिंग अ
[10:10] बैंक उसका अकाउंट बना एंड ही इज यूजिंग अ बैंक अकाउंट सो पेमेंट बैंक्स लाए इसलिए
[10:13] बैंक अकाउंट सो पेमेंट बैंक्स लाए इसलिए गए आरबीआई के द्वारा ताकि बैंकिंग चैनल्स
[10:16] गए आरबीआई के द्वारा ताकि बैंकिंग चैनल्स को स्ट्रीमलाइन करा जा सके उन तक पहुंचाया
[10:18] को स्ट्रीमलाइन करा जा सके उन तक पहुंचाया जा सके जिन तक बैंक नहीं पहुंच पा रहे
[10:20] जा सके जिन तक बैंक नहीं पहुंच पा रहे अगला अगली टाइप हमारे पास आती है
[10:22] अगला अगली टाइप हमारे पास आती है कोऑपरेटिव बैंक्स कोपरेटिव बैंक्स क्या
[10:24] कोऑपरेटिव बैंक्स कोपरेटिव बैंक्स क्या होते हैं कोऑपरेटिव बैंक्स आर जनरली मेंबर
[10:25] ऑन फाइनेंशियल एंटिटीज इसका मतलब क्या
[10:27] होता है कोऑपरेटिव बैंक्स दो बैंक जो मेंबर्स है वही इनके डिपॉजिट कराते
[10:32] मेंबर्स है वही इनके डिपॉजिट कराते डिपॉजिट करते वही उस बैंक के ओनर होते हैं
[10:35] डिपॉजिट करते वही उस बैंक के ओनर होते हैं जनरली जनरली कोऑपरेटिव बैंक्स क्या होते
[10:37] जनरली जनरली कोऑपरेटिव बैंक्स क्या होते हैं जो सपोज कुछ पर्सन है जो एक सेम तरह
[10:41] हैं जो सपोज कुछ पर्सन है जो एक सेम तरह के प्रोफेशन में है या सेम तरह का काम
[10:43] के प्रोफेशन में है या सेम तरह का काम करते हैं वो मिलके एक बैंक बनाते हैं यह
[10:46] करते हैं वो मिलके एक बैंक बनाते हैं यह बैंक लोन डिपॉजिट लोन देता है डिपॉजिट
[10:48] देता है जनरली अपने मेंबर्स के अंदर ही
[10:50] देता है जनरली अपने मेंबर्स के अंदर ही वर्क करता है कोऑपरेटिव बैंक जो इंडिया के
[10:52] वर्क करता है कोऑपरेटिव बैंक जो इंडिया के अंदर है वो मेजर एग्रीकल्चर एक्टिविटीज के
[10:54] अंदर है वो मेजर एग्रीकल्चर एक्टिविटीज के ऊपर फोकस है जो एग्रीकल्चर एक्टिविटीज को
[10:56] ऊपर फोकस है जो एग्रीकल्चर एक्टिविटीज को सपोर्ट करते हैं इसकी वन ऑफ द एग्जांपल इ
[10:58] सपोर्ट करते हैं इसकी वन ऑफ द एग्जांपल इ भारत ट बैंक सो यह था हमारा टॉपिक जिसके
[11:03] भारत ट बैंक सो यह था हमारा टॉपिक जिसके अंदर हमने देखा कि इंडिया के अंदर बैंकिंग
[11:04] अंदर हमने देखा कि इंडिया के अंदर बैंकिंग सेटअप क्या है किसकिस तरह के बैंक है सो
[11:07] सेटअप क्या है किसकिस तरह के बैंक है सो फर्स्ट वास पब्लिक सेक्टर बैंक प्राइवेट
[11:09] फर्स्ट वास पब्लिक सेक्टर बैंक प्राइवेट सेक्टर बैंक फॉरेन बैंक आरआरबी लोकल एरिया
[11:12] सेक्टर बैंक फॉरेन बैंक आरआरबी लोकल एरिया बैंक स्मल फाइनेंस बैंक पेमेंट्स बैंक एंड
[11:15] बैंक स्मल फाइनेंस बैंक पेमेंट्स बैंक एंड कोऑपरेटिव बैंक्स सो लेट्स मूव टू द
[11:17] कोऑपरेटिव बैंक्स सो लेट्स मूव टू द नेक्स्ट टॉपिक दैट इज द रोल ऑफ बैंक बैंक
[11:20] नेक्स्ट टॉपिक दैट इज द रोल ऑफ बैंक बैंक क्या रोल करता है सबसे पहले हम बात करते
[11:22] क्या रोल करता है सबसे पहले हम बात करते हैं स्टैंडर्ड एक्टिविटी जो बहुत ही बेसिक
[11:24] हैं स्टैंडर्ड एक्टिविटी जो बहुत ही बेसिक काम है बैंक का सबसे पहला है पेमेंट एजेंट
[11:27] काम है बैंक का सबसे पहला है पेमेंट एजेंट रोल पेमेंट एजेंट रोल मतलब बैंक हेल्प्स
[11:29] रोल पेमेंट एजेंट रोल मतलब बैंक हेल्प्स इन पेमेंट्स पेमेंट्स में कैसे हेल्प करता
[11:32] इन पेमेंट्स पेमेंट्स में कैसे हेल्प करता है पेमेंट एजेंट्स की तरह हेल्प करता है
[11:35] है पेमेंट एजेंट्स की तरह हेल्प करता है बेसिकली लोगों के बिहा पर डिपॉजिट्स लेना
[11:37] बेसिकली लोगों के बिहा पर डिपॉजिट्स लेना उनके तरफ उनके ऊपर जो चेक्स ड्रोन हुए
[11:39] उनके तरफ उनके ऊपर जो चेक्स ड्रोन हुए उनकी पेमेंट करना उनके बिफ पर चेक कलेक्ट
[11:41] उनकी पेमेंट करना उनके बिफ पर चेक कलेक्ट करना बैंक डू ल दिस वर्क फॉर द कस्टमर्स
[11:44] करना बैंक डू ल दिस वर्क फॉर द कस्टमर्स सेकंड थिंग इ बैंक काफी तरह के पेमेंट
[11:46] सेकंड थिंग इ बैंक काफी तरह के पेमेंट मेथड्स इनेबल करवाता है जैसे कि नेफ्ट हो
[11:49] मेथड्स इनेबल करवाता है जैसे कि नेफ्ट हो गया आरटीजीएस हो गया एसीए हो गया
[11:51] गया आरटीजीएस हो गया एसीए हो गया टेलीग्राफिक ट्रांसफर्स एटीएम के थ्रू
[11:53] टेलीग्राफिक ट्रांसफर्स एटीएम के थ्रू पैसा बेचना ऑनलाइन ट्रांजैक्शन यह सब कुछ
[11:55] पैसा बेचना ऑनलाइन ट्रांजैक्शन यह सब कुछ बैंक अपनी तरफ से करवाता है थर्ड इज
[11:57] बैंक अपनी तरफ से करवाता है थर्ड इज बोरिंग एक्टिविटीज बोरोंग एक्टिविटीज के
[11:59] बोरिंग एक्टिविटीज बोरोंग एक्टिविटीज के अंदर क्या आता है
[12:01] अंदर क्या आता है बैंक बैंक स्मॉल डिपॉजिटर से लोन लेता है
[12:04] बैंक बैंक स्मॉल डिपॉजिटर से लोन लेता है अ लोन लेता है लाइक अगर मैं बैंक को
[12:07] अ लोन लेता है लाइक अगर मैं बैंक को डिपोजिट करवा रहा हूं तो बेसिकली आई एम
[12:08] डिपोजिट करवा रहा हूं तो बेसिकली आई एम गिविंग द लोन टू द बैंक बैंक मेरे से लोन
[12:10] गिविंग द लोन टू द बैंक बैंक मेरे से लोन ले रहा है और उसको आगे या तो लोन इशू कर
[12:13] ले रहा है और उसको आगे या तो लोन इशू कर देता है बैंक नोट्स इशू करता है बंड्स इशू देता है।
[12:15] बैंक नोट्स इशू करता है बंड्स इशू करता है और अपनी अलग-अलग कैपिटल सोर्सेस करता है।
[12:17] और अपनी अलग-अलग कैपिटल सोर्सेस के अंदर डायवर्सिफाई कर देता है थर्ड इज के अंदर डायवर्सिफाई कर देता है।
[12:19] थर्ड इज लैंडिंग एक्टिविटीज लैंडिंग एक्टिविटीज वही कि बैंक लोगों को लोन प्रोवाइड करता है।
[12:21] लैंडिंग एक्टिविटीज वही कि बैंक लोगों को लोन प्रोवाइड करता है।
[12:24] डेट सिक्योरिटीज के अंदर पैसा डालता है एट्स।
[12:27] पैसा डालता है एट्स फिफ्थ इ पेमेंट सर्विसेस पेमेंट सर्विसेस।
[12:29] फिफ्थ इ पेमेंट सर्विसेस पेमेंट सर्विसेस लाइक एक बिजनेस है वो बैंक के बिना वर्क नहीं कर सकता।
[12:32] लाइक एक बिजनेस है वो बैंक के बिना वर्क नहीं कर सकता रीजन बीइंग एक बिजनेसमैन है उसको कई कई जगह पेमेंट करनी होती है हा।
[12:34] उसको कई कई जगह पेमेंट करनी होती है हा देर आर नॉन बैंकिंग अल्टरनेटिव लाइक देर आर रेमिटेंस एजेंसी जो एक जगह से पैसा लेके दूसरी जगह देती है।
[12:37] देर आर नॉन बैंकिंग अल्टरनेटिव लाइक देर आर रेमिटेंस एजेंसी जो एक जगह से पैसा लेके दूसरी जगह देती है बट देर नॉट रिलायबल एट ल एस अ बिजनेसमैन आई विल ऑलवेज प्रेफर टू गो थ्रू बैंकिंग चैनल्स ू गो टू डू पेमेंट थ बैंकिंग चैनल।
[12:39] बट देर नॉट रिलायबल एट ल एस अ बिजनेसमैन आई विल ऑलवेज प्रेफर टू गो थ्रू बैंकिंग चैनल्स ू गो टू डू पेमेंट थ बैंकिंग चैनल।
[12:41] इसलिए बैंक का ए पेमेंट सर्विसेस प्रोवाइड करना बहुत इंपोर्टेंट फैक्टर होता है एक इकॉनमी के लिए।
[12:42] इसलिए बैंक का ए पेमेंट सर्विसेस प्रोवाइड करना बहुत इंपोर्टेंट फैक्टर होता है एक इकॉनमी के लिए।
[12:44] सिक्स्थ पॉइंट इज मनी क्रिएशन बैंक हेल्प्स इन मनी क्रिएशन वो कैसे एक एग्जांपल के थ्रू समझते हैं।
[12:47] सिक्स्थ पॉइंट इज मनी क्रिएशन बैंक हेल्प्स इन मनी क्रिएशन वो कैसे एक एग्जांपल के थ्रू समझते हैं लाइक हमने जो पहले एग्जांपल या था सपोज एक पर्सन है वो ₹ का लोन ₹ बैंक के अंदर डिपॉजिट करवाता है।
[12:50] लाइक हमने जो पहले एग्जांपल या था सपोज एक पर्सन है वो ₹ का लोन ₹ बैंक के अंदर डिपॉजिट करवाता है।
[12:53] ₹ उसने बैंक के अंदर डिपॉजिट कराए बैंक।
[13:16] है ₹ उसने बैंक के अंदर डिपॉजिट कराए बैंक क्या करेगा अपने पास 10 पर रिजर्व रखेगा
[13:19] क्या करेगा अपने पास 10 पर रिजर्व रखेगा 90 पर उसको 90 पर लोन दे देगा सेकंड स्टेप
[13:23] 90 पर उसको 90 पर लोन दे देगा सेकंड स्टेप क्या होगा वो % % फिर से ₹ फिर से अपने
[13:27] क्या होगा वो % % फिर से ₹ फिर से अपने पास रिजर्व रखेगा 81 का फिर लोन दे देगा
[13:30] पास रिजर्व रखेगा 81 का फिर लोन दे देगा सो बेसिकली उसने 100 एंड दिस सर्कल विल गो
[13:33] ऑन उसने बेसिकली बैंक ने क्या करा ₹ का यूज करके 90 का लोन दिया 81 का यूज दिया
[13:36] यूज करके 90 का लोन दिया 81 का यूज दिया लोन दिया सिर्फ ₹ का यूज करके उसने र का
[13:39] लोन दिया सिर्फ ₹ का यूज करके उसने र का लोन दे दिया सो बेसिकली उसने मनी क्रिएट
[13:42] लोन दे दिया सो बेसिकली उसने मनी क्रिएट करी जो 71 एक्स्ट्रा आए वो थे नहीं उसने
[13:45] करी जो 71 एक्स्ट्रा आए वो थे नहीं उसने क्रिएट करे हैं उसके अलावा रिजर्व भी उसके
[13:48] क्रिएट करे हैं उसके अलावा रिजर्व भी उसके पास पड़े हैं तो बैंक्स हेल्प इन मनी
[13:51] पास पड़े हैं तो बैंक्स हेल्प इन मनी क्रिएशन बाय दिस प्रोसेस दिस प्रोसेस इ
[13:53] क्रिएशन बाय दिस प्रोसेस दिस प्रोसेस इ एक्चुअली हाईली रेगुलेटेड इसके बारे में
[13:56] एक्चुअली हाईली रेगुलेटेड इसके बारे में हम आगे डिस्कस डिटेल में डिस्कस करेंगे
[13:58] हम आगे डिस्कस डिटेल में डिस्कस करेंगे बैंक आगे हैं चैनल्स चैनल्स इ बेसिकली कि
[14:01] बैंक आगे हैं चैनल्स चैनल्स इ बेसिकली कि बैंक किसकिस तरह से अपनी सर्विसेस
[14:04] बैंक किसकिस तरह से अपनी सर्विसेस प्रोवाइड करता है सो सम ऑफ द बेसिक चैनल
[14:06] प्रोवाइड करता है सो सम ऑफ द बेसिक चैनल इज एटीएम हर बैंक के बाहर एटीएम है उसके
[14:08] इज एटीएम हर बैंक के बाहर एटीएम है उसके अलावा ऐसी लोकेशन जहां बैंक नहीं है सिर्फ
[14:12] अलावा ऐसी लोकेशन जहां बैंक नहीं है सिर्फ वहां एटीएम है एटीएम के थ्रू हम काफी
[14:14] वहां एटीएम है एटीएम के थ्रू हम काफी सर्विसेस पैसे निकलवाना पैसे डिपॉजिट करना
[14:18] सर्विसेस पैसे निकलवाना पैसे डिपॉजिट करना अपने बैंक स्टेटमेंट देखना पासवर्ड चेंज
[14:20] अपने बैंक स्टेटमेंट देखना पासवर्ड चेंज करना कर सकते हैं उसके अलावा रिटेल लोकेशन
[14:22] करना कर सकते हैं उसके अलावा रिटेल लोकेशन रिटेल लोकेशन जस्ट की बैंक की ब्रांच है
[14:24] रिटेल लोकेशन जस्ट की बैंक की ब्रांच है वहां जाके तो सारे फंक्शन हो ही जाते हैं
[14:26] वहां जाके तो सारे फंक्शन हो ही जाते हैं थर्ड टाइप इज कॉल सेंटर हम कॉल प बैंक की
[14:29] थर्ड टाइप इज कॉल सेंटर हम कॉल प बैंक की सर्विसेस ले सकते हैं फोर्थ इज मेल काफी
[14:32] सर्विसेस ले सकते हैं फोर्थ इज मेल काफी बैंक्स है जो आजकल चेक तक डिपॉजिट कर लेते
[14:34] बैंक्स है जो आजकल चेक तक डिपॉजिट कर लेते हैं मेल पे उसके अलावा हमारी स्टेटमेंट्स
[14:35] हैं मेल पे उसके अलावा हमारी स्टेटमेंट्स आना रेगुलर अपडेट्स आना कुछ भी जो अपडेट्स
[14:38] आना रेगुलर अपडेट्स आना कुछ भी जो अपडेट्स हमारे बैंक से रिलेटेड है हम सब मेल पे ले
[14:40] हमारे बैंक से रिलेटेड है हम सब मेल पे ले सकते हैं थर्ड ऑप्शन इज मोबाइल बैंकिंग
[14:43] सकते हैं थर्ड ऑप्शन इज मोबाइल बैंकिंग मोबाइल बैंकिंग इज बेसिकली अपने मोबाइल का
[14:45] मोबाइल बैंकिंग इज बेसिकली अपने मोबाइल का यूज करके बैंक बैंक का इस्तेमाल करना आजकल
[14:48] यूज करके बैंक बैंक का इस्तेमाल करना आजकल काफी बैंक्स ने अपनी-अपनी एप्स निकाल रखी
[14:50] काफी बैंक्स ने अपनी-अपनी एप्स निकाल रखी है जैसे एसबीआई यूज करता है ो बैंक उसके
[14:53] है जैसे एसबीआई यूज करता है ो बैंक उसके अंदर हम ऑलमोस्ट ऑल द फैसिलिटी ऑफ द बैंक
[14:55] अंदर हम ऑलमोस्ट ऑल द फैसिलिटी ऑफ द बैंक हम यूज कर सकते हैं वहां से लोन अप्लाई हो
[14:57] हम यूज कर सकते हैं वहां से लोन अप्लाई हो जाता है इन्वेस्टमेंट हो जाती है एडी
[14:59] जाता है इन्वेस्टमेंट हो जाती है एडी क्रिएट हो जाती है हम वहां से विड्रॉल
[15:01] क्रिएट हो जाती है हम वहां से विड्रॉल रिक्वेस्ट जलवा के एटीएम से पैसे तक
[15:02] रिक्वेस्ट जलवा के एटीएम से पैसे तक निकलवा सकते हैं अगली ऑप्शन इ अगला अगला
[15:05] निकलवा सकते हैं अगली ऑप्शन इ अगला अगला चैनल इज ऑनलाइन बैंकिंग ऑनलाइन बैंकिंग इ
[15:07] चैनल इज ऑनलाइन बैंकिंग ऑनलाइन बैंकिंग इ बेसिकली नेट बैंकिंग अगला इ रिलेशनशिप
[15:09] बेसिकली नेट बैंकिंग अगला इ रिलेशनशिप मैनेजर रिलेशनशिप मैनेजर्स क्या होते है
[15:11] मैनेजर रिलेशनशिप मैनेजर्स क्या होते है रिलेशनशिप मैनेजर्स एक्चुअली बैंक के
[15:13] रिलेशनशिप मैनेजर्स एक्चुअली बैंक के एंप्लॉई होते हैं जो बिजनेसेस को असाइन
[15:16] एंप्लॉई होते हैं जो बिजनेसेस को असाइन उनके पास उनको कस्टमर्स असाइन होते हैं
[15:18] उनके पास उनको कस्टमर्स असाइन होते हैं उनका काम क्या होता है कि उन्हें यह देखना
[15:19] उनका काम क्या होता है कि उन्हें यह देखना है कि उन कस्टमर्स के साथ जो रिलेशन है
[15:22] है कि उन कस्टमर्स के साथ जो रिलेशन है बैंक है वो अच्छे रहे ताकि वो बैंक की
[15:24] बैंक है वो अच्छे रहे ताकि वो बैंक की सर्विसेस लेते रहे और बैंक को प्रॉफिट
[15:26] सर्विसेस लेते रहे और बैंक को प्रॉफिट देते रहे ठीक है फिफ्थ टाप इज फोन बैंकिंग
[15:29] देते रहे ठीक है फिफ्थ टाप इज फोन बैंकिंग फोन बैंकिंग इज बेसिकली आई कॉल टू द बैंक
[15:32] फोन बैंकिंग इज बेसिकली आई कॉल टू द बैंक एंड उनसे अपना बैलेंस पता कर लिया या कोई
[15:34] एंड उनसे अपना बैलेंस पता कर लिया या कोई भी ट्रांजैक्शन करनी है कोई इंफॉर्मेशन
[15:36] भी ट्रांजैक्शन करनी है कोई इंफॉर्मेशन लेनी है सीधा फोन पे लेनी है सो दे आठ
[15:39] लेनी है सीधा फोन पे लेनी है सो दे आठ चैनल हमने अभी पढ़े हैं जिसके थ्रू बैंक
[15:40] चैनल हमने अभी पढ़े हैं जिसके थ्रू बैंक अपनी सर्विसेस प्रोवाइड करता है उसके
[15:42] अपनी सर्विसेस प्रोवाइड करता है उसके अलावा बैंक कुछ इंटरमीडिएट यूज करता है
[15:44] अलावा बैंक कुछ इंटरमीडिएट यूज करता है इंटरमीडिएट कौन होते हैं दे आर नॉट जनरली
[15:47] इंटरमीडिएट कौन होते हैं दे आर नॉट जनरली द एंप्लॉयज ऑफ द बैंक बैंक बेसिकली बाहर
[15:49] द एंप्लॉयज ऑफ द बैंक बैंक बेसिकली बाहर से लोग हायर करता है और जहां बैंक खुद
[15:51] से लोग हायर करता है और जहां बैंक खुद नहीं पहुंच पाता है वहां बैंक अपने
[15:54] नहीं पहुंच पाता है वहां बैंक अपने इंटरमीडिएट पहुंचा देता है उसके अंदर जो
[15:56] इंटरमीडिएट पहुंचा देता है उसके अंदर जो सबसे पहला इंटरमीडिएट हम डिस्कस करने वाले
[15:58] सबसे पहला इंटरमीडिएट हम डिस्कस करने वाले हैं दैट इज द बिजनेस कॉरेस्पोंडेंस बिजनेस
[16:00] हैं दैट इज द बिजनेस कॉरेस्पोंडेंस बिजनेस कॉरेस्पोंडेंस
[16:01] कॉरेस्पोंडेंस एजेंट जो बैंकिंग सर्विसेस उन लोगों तक
[16:04] एजेंट जो बैंकिंग सर्विसेस उन लोगों तक पहुंचाता है जब बैंक नहीं पहुंच पा रहा है
[16:06] पहुंचाता है जब बैंक नहीं पहुंच पा रहा है और डायरेक्ट कस्टमर्स बैंक को लाके देता
[16:08] और डायरेक्ट कस्टमर्स बैंक को लाके देता है और अपना कमीशन चार्ज करता है उसके
[16:10] है और अपना कमीशन चार्ज करता है उसके अलावा बिजनेस फैसिलिटेटर्स डायरेक्ट सेल्स
[16:12] अलावा बिजनेस फैसिलिटेटर्स डायरेक्ट सेल्स डायरेक्ट सेल्स एजेंट और डायरेक्ट
[16:13] डायरेक्ट सेल्स एजेंट और डायरेक्ट मार्केटिंग एजेंट डायरेक्ट मार्केटिंग
[16:15] मार्केटिंग एजेंट डायरेक्ट मार्केटिंग एजेंट्स आर दोज की वो बैंक के बि हाफ में
[16:17] एजेंट्स आर दोज की वो बैंक के बि हाफ में मार्केट करते हैं उनके वेरियस प्रोजेक्ट
[16:19] मार्केट करते हैं उनके वेरियस प्रोजेक्ट लाइक लोन क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड एटस
[16:22] लाइक लोन क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड एटस और बैंक से अपने चार्जेस चार्ज करते हैं
[16:24] और बैंक से अपने चार्जेस चार्ज करते हैं फोर्थ टाइप इज आउटसोर्सिंग एजेंट
[16:26] फोर्थ टाइप इज आउटसोर्सिंग एजेंट आउटसोर्सिंग एजेंट्स कौन होते हैं
[16:27] आउटसोर्सिंग एजेंट्स कौन होते हैं आउटसोर्सिंग बेसिकली एन एजेंट जिसको बैंक
[16:30] आउटसोर्सिंग बेसिकली एन एजेंट जिसको बैंक ने अपना काम आउटसोर्स कर दिया आउटसोर्स
[16:32] ने अपना काम आउटसोर्स कर दिया आउटसोर्स मतलब जो काम बैंक को करना चाहिए था वो
[16:33] मतलब जो काम बैंक को करना चाहिए था वो उसके बिहाव प कोई और करे सो बैंक सो बैंक
[16:37] का पर्पस क्या है कि सब लोगों तक पहुंचना अगर वो खुद नहीं पहुंच पा रहा है तो अपने
[16:39] अगर वो खुद नहीं पहुंच पा रहा है तो अपने इंटरमीडिएट के थ्रू पहुंचता है इंटरमीडिएट
[16:40] इंटरमीडिएट के थ्रू पहुंचता है इंटरमीडिएट भी चैनल बैंक के चैनल यूज करते हैं और और
[16:43] भी चैनल बैंक के चैनल यूज करते हैं और और नेक्स्ट पॉइंट इज सम मिसलेनियस पॉइंट्स हम
[16:47] नेक्स्ट पॉइंट इज सम मिसलेनियस पॉइंट्स हम डिस्कस करने वाले हैं रोल ऑफ बैंक के अंदर
[16:49] डिस्कस करने वाले हैं रोल ऑफ बैंक के अंदर सो अभी क्या हुआ मार्केट मार्केट काफी
[16:51] सो अभी क्या हुआ मार्केट मार्केट काफी चेंज हुआ पिछले 20 सालों के अंदर हमने भी
[16:55] चेंज हुआ पिछले 20 सालों के अंदर हमने भी देखा कि पहले बैंक्स का इतना रोल नहीं था
[16:57] देखा कि पहले बैंक्स का इतना रोल नहीं था लेकिन आज हर एक बंदा यूपीआई पेमेंट यूज कर
[16:59] लेकिन आज हर एक बंदा यूपीआई पेमेंट यूज कर रहा है सो बैंक को भी अपने आप उन मार्केट
[17:02] चेंजेज के अकॉर्डिंग अडेप्ट करना पड़ा सो
[17:05] बैंक्स हम बैंक्स आजकल एक कंसेप्ट वर्क कर रहा है वन स्टॉप शॉपिंग वन स्टॉप शॉपिंग
[17:07] रहा है वन स्टॉप शॉपिंग वन स्टॉप शॉपिंग क्या होता है कि अ एक कस्टमर आया उसको जो
[17:10] क्या होता है कि अ एक कस्टमर आया उसको जो प्रोडक्ट चाहिए वो एक ही जगह प मिले उसको
[17:12] प्रोडक्ट चाहिए वो एक ही जगह प मिले उसको एक बार ही रुकना पड़े सारे के सारे
[17:16] एक बार ही रुकना पड़े सारे के सारे प्रोडक्ट्स ही उसको वहां मिल जाए उसको
[17:23] प्रोडक्ट्स ही उसको वहां मिल जाए उसको कहीं और ना जाना पड़े तो उसके लिए बैंक्स
[17:24] कहीं और ना जाना पड़े तो उसके लिए बैंक्स ने क्या करा बैंक्स ने इन्वेस्टमेंट और
[17:26] ने क्या करा बैंक्स ने इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस फर्म के साथ कोलबेन कर ली
[17:28] इंश्योरेंस फर्म के साथ कोलबेन कर ली कोलबेन कैसे कर ली फॉर एग्जांपल हम एक
[17:31] कोलबेन कैसे कर ली फॉर एग्जांपल हम एक बैंक लेके चलते हैं एसबीआई
[17:33] बैंक लेके चलते हैं एसबीआई बैंक एसबीआई बैंक पहले जस्ट अ बैंक था वो
[17:36] बैंक एसबीआई बैंक पहले जस्ट अ बैंक था वो बैंकिंग सर्विसेस प्रोवाइड करता था लेकिन
[17:38] बैंकिंग सर्विसेस प्रोवाइड करता था लेकिन उसके अलावा अ ये म्यूचुअल फंड्स और
[17:40] उसके अलावा अ ये म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस तक देने लग
[17:44] इंश्योरेंस तक देने लग गया बैंक ने यह देखा जो उसके कस्टमर्स है
[17:47] गया बैंक ने यह देखा जो उसके कस्टमर्स है उनको इंश्योरेंस सर्विसेस भी चाहिए
[17:49] उनको इंश्योरेंस सर्विसेस भी चाहिए म्यूचुअल फंड्स भी चाहिए तो उसके लिए उसने
[17:52] म्यूचुअल फंड्स भी चाहिए तो उसके लिए उसने क्या करा आगे क्या होता था बैंक कस्टमर
[17:54] क्या करा आगे क्या होता था बैंक कस्टमर आता था बैंक के साथ सिर्फ अपने बैंकिंग
[17:56] आता था बैंक के साथ सिर्फ अपने बैंकिंग फंक्शन परफॉर्म करता था म्यूचुअल फंड लेने
[17:57] फंक्शन परफॉर्म करता था म्यूचुअल फंड लेने के लिए कहीं और जा रहा रहा है इंश्योरेंस
[17:59] के लिए कहीं और जा रहा रहा है इंश्योरेंस लेने के लिए कहीं और जा रहा है बैंक्स ने
[18:00] लेने के लिए कहीं और जा रहा है बैंक्स ने क्या करा कोलैबोरेशन करी और सब का सब ही
[18:02] क्या करा कोलैबोरेशन करी और सब का सब ही बैंक के अंदर प्रोवाइड कर दिया आप लोग भी
[18:04] बैंक के अंदर प्रोवाइड कर दिया आप लोग भी जब बैंक में जाते होंगे तो देखते होंगे कि
[18:06] जब बैंक में जाते होंगे तो देखते होंगे कि बैंक के अंदर एडवर्टाइजमेंट लगी होती है
[18:09] बैंक के अंदर एडवर्टाइजमेंट लगी होती है अबाउट द म्यूचुअल फंड एंड इंश्योरेंस
[18:10] अबाउट द म्यूचुअल फंड एंड इंश्योरेंस स्कीम्स सो
[18:12] स्कीम्स सो अ तो बैंक ने एक जो कांसेप्ट यूज करा दैट
[18:15] अ तो बैंक ने एक जो कांसेप्ट यूज करा दैट इज द वन स्टॉप शॉपिंग वन स्टॉप शॉपिंग यूज
[18:17] इज द वन स्टॉप शॉपिंग वन स्टॉप शॉपिंग यूज करने के लिए उन्होंने क्रॉस सेलिंग
[18:18] करने के लिए उन्होंने क्रॉस सेलिंग प्रोडक्ट यूज क्रॉस सेलिंग नाम की टेक्निक
[18:20] प्रोडक्ट यूज क्रॉस सेलिंग नाम की टेक्निक यूज करी अब क्रॉस सेलिंग क्या होता है
[18:21] यूज करी अब क्रॉस सेलिंग क्या होता है क्रॉस सेलिंग मतलब प्रोडक्ट एक है उसके
[18:23] क्रॉस सेलिंग मतलब प्रोडक्ट एक है उसके साथ दूसरा प्रोडक्ट बेचा जाता है लाइक एक
[18:25] साथ दूसरा प्रोडक्ट बेचा जाता है लाइक एक बंदा आया बैंक उसने लोन करवाया साथ के साथ
[18:28] बंदा आया बैंक उसने लोन करवाया साथ के साथ उसको इंश्योरेंस बेच दिया साथ साथ उसको
[18:30] उसको म्यूचुअल फंड्स बेच दिए ताकि एक ही जगह पे
[18:33] उसके सारे काम हो जाए कस्टमर भी
[18:34] सेटिस्फाइड हो गया बैंकिंग इनकम इससे बढ़
[18:36] गई सेकंड चीज हमने क्या देखी जो बैंक्स है
[18:39] वो रिस्क बेस प्राइसिंग के ऊपर शिफ्ट हो
[18:40] चुके हैं रिस्क बेस प्राइसिंग मतलब जो
[18:43] कस्टमर बैंक को हायर रिस्क हायर रिस्क
[18:46] कस्टमर है हायर रिस्क कस्टमर मतलब एक
[18:47] कस्टमर है जिसका हमें पता है कि ये इसके
[18:50] डिफॉल्ट करने के चांसेस बाकियों से थोड़े
[18:52] ज्यादा है हम उनसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट
[18:53] चार्ज कर रहे हैं और जो कस्टमर है जिनकी
[18:56] कैड हिस्ट्री अच्छी है हम उनसे कम कोस्ट
[18:57] चार्ज कर कर र इससे होगा क्या कि हमारे जो
[19:01] रिस्क है कि हमारा पैसा नहीं आएगा सपोज
[19:05] हमने एक लोन दिया 100 100 का लोन दिया विद
[19:10] और उस कस्टमर की क्रेडिट हिस्ट्री बैड थी
[19:12] तो हमने उसे जो इंटरेस्ट चार्ज करा वो 20
[19:14] पर चार्ज करा उससे क्या होगा सपोज वो बंदा
[19:17] इन फ्यूचर डिफॉल्ट भी कर देता है लेकिन
[19:19] हायर इंटरेस्ट के करके जो बैंक का लॉस
[19:21] होगा वो कम होगा और जो अगर इन द सेम मैनर
[19:26] होगा वो कम होगा और जो अगर इन द सेम मैनर जो ऐसे कस्टमर जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री
[19:28] जो ऐसे कस्टमर जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी है अगर हम उन्हे कम कम इंटरेस्ट रेट
[19:30] अच्छी है अगर हम उन्हे कम कम इंटरेस्ट रेट प कम कॉस्ट पर लोन देते हैं तो हमसे
[19:32] प कम कॉस्ट पर लोन देते हैं तो हमसे ज्यादा लोन लेंगे और बैंक का लोस होने का
[19:34] ज्यादा लोन लेंगे और बैंक का लोस होने का खतरा वैसे ही कम है तो बैंकिंग ऑटोमेटिक
[19:36] खतरा वैसे ही कम है तो बैंकिंग ऑटोमेटिक बढ़ जाएगी ठीक है थर्ड आजकल बैंक काफी
[19:40] बढ़ जाएगी ठीक है थर्ड आजकल बैंक काफी पेमेंट पेमेंट मेथड प्रोवाइड करने लग गया
[19:43] पेमेंट पेमेंट मेथड प्रोवाइड करने लग गया लाइक डेबिट कार्ड स्मार्ट कार्ड क्रेडिट
[19:45] लाइक डेबिट कार्ड स्मार्ट कार्ड क्रेडिट कार्ड
[19:46] कार्ड एट यह लोगों को दिए जाते हैं डेबिट कार्ड
[19:49] एट यह लोगों को दिए जाते हैं डेबिट कार्ड स्मार्ट कार्ड क्रेडिट
[19:52] कार्ड बैंक को यह पता है कि इससे
[19:55] कार्ड बैंक को यह पता है कि इससे फाइनेंशियल मिस मैनेजमेंट एक्सेस डेट हो
[19:57] फाइनेंशियल मिस मैनेजमेंट एक्सेस डेट हो हो सकता है रीजन बीइंग क्रेडिट कार्ड या
[19:59] हो सकता है रीजन बीइंग क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से जब हम एक्चुअली खर्चा करते
[20:01] डेबिट कार्ड से जब हम एक्चुअली खर्चा करते हैं तो हमें एक्चुअली नहीं पता हम
[20:03] हैं तो हमें एक्चुअली नहीं पता हम एक्चुअली रिलाइज ही नहीं करते कि एक्चुअली
[20:05] एक्चुअली रिलाइज ही नहीं करते कि एक्चुअली वो खर्चा हो चुका है क्रेडिट कार्ड में तो
[20:07] वो खर्चा हो चुका है क्रेडिट कार्ड में तो वैसे भी जब बिल आता है तब पता लगता है कि
[20:08] वैसे भी जब बिल आता है तब पता लगता है कि भाई हां मैंने इतने का खर्चा कर दिया तो
[20:10] भाई हां मैंने इतने का खर्चा कर दिया तो इसके अंदर चांसेस ज्यादा है कि लोग अपनी
[20:13] इसके अंदर चांसेस ज्यादा है कि लोग अपनी जितना उनकी पेइंग कैपेसिटी उससे ज्यादा
[20:15] जितना उनकी पेइंग कैपेसिटी उससे ज्यादा खर्चा करते और डेट के अंदर चले जाए बैंक
[20:18] खर्चा करते और डेट के अंदर चले जाए बैंक उस चीज को भी मैनेज करके चलता है साथ-साथ
[20:20] उस चीज को भी मैनेज करके चलता है साथ-साथ इसके अलावा बैंक इन सबसे पैसा कैसे कमाता
[20:22] इसके अलावा बैंक इन सबसे पैसा कैसे कमाता है बैंक इनसे क्रेडिट कार्ड वालों से
[20:24] है बैंक इनसे क्रेडिट कार्ड वालों से इंटरेस्ट लेता है लेट पेमेंट पे और उन परे
[20:27] इंटरेस्ट लेता है लेट पेमेंट पे और उन परे एक फीस चार्ज करता है टू प्रोवाइड द
[20:29] एक फीस चार्ज करता है टू प्रोवाइड द सर्विसेस सो ये हमारा था रोल ऑफ बैंक्स अ
[20:33] सर्विसेस सो ये हमारा था रोल ऑफ बैंक्स अ इन अ नट शेल उसके अलावा हम रोल ऑफ अ बैंक
[20:36] इन अ नट शेल उसके अलावा हम रोल ऑफ अ बैंक देखते हैं इन एन इकोनॉमी इकोनॉमी के अंदर
[20:39] देखते हैं इन एन इकोनॉमी इकोनॉमी के अंदर बैंक का क्या फंक्शन है तो सबसे पहले इ
[20:42] बैंक का क्या फंक्शन है तो सबसे पहले इ इशू ऑफ मनी इशू ऑफ मनी इ की वो बैंक नोट्स
[20:45] इशू ऑफ मनी इशू ऑफ मनी इ की वो बैंक नोट्स के बैंक नोट इशू करता है और एज अ अकाउंट्स
[20:48] के बैंक नोट इशू करता है और एज अ अकाउंट्स के थ्रू मनी इशू करता है अकाउंट्स के थ्रू
[20:51] के थ्रू मनी इशू करता है अकाउंट्स के थ्रू मनी इशू करने का मतलब क्या होता है वो
[20:53] मनी इशू करने का मतलब क्या होता है वो बेसिकली लाइक हम एग्जांपल लेते हैं चेक की
[20:56] बेसिकली लाइक हम एग्जांपल लेते हैं चेक की आपने एक बंदे को ₹ लाख का चेक दिया
[20:58] आपने एक बंदे को ₹ लाख का चेक दिया जब वो बंदा ₹ लाख का चेक उसके पास कैश तो
[21:01] जब वो बंदा ₹ लाख का चेक उसके पास कैश तो आया नहीं अभी बट वो अगर ₹ लाख का चेक लेके
[21:03] आया नहीं अभी बट वो अगर ₹ लाख का चेक लेके बैंक के अंदर जाएगा तो उसे 1 लाख का एक
[21:05] बैंक के अंदर जाएगा तो उसे 1 लाख का एक लाख ही मिल जाएगा दे दज आर बेसिकली द
[21:08] लाख ही मिल जाएगा दे दज आर बेसिकली द चेक्स इज बेसिकली नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
[21:10] चेक्स इज बेसिकली नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट जो डिमांड डिमांड पे रिप हो जाता है तो
[21:13] जो डिमांड डिमांड पे रिप हो जाता है तो बैंक में जाएगा चेक देगा ₹ लाख ले लेगा तो
[21:16] बैंक में जाएगा चेक देगा ₹ लाख ले लेगा तो इट इज अ फंक्शन ऑफ बैंक टू इनेबल दिस
[21:18] इट इज अ फंक्शन ऑफ बैंक टू इनेबल दिस प्रोसेस आल्सो एंड टू इशू मनी आल्सो सेकंड
[21:21] प्रोसेस आल्सो एंड टू इशू मनी आल्सो सेकंड इज नेटिंग एंड सेटलमेंट ऑफ पेमेंट्स
[21:23] इज नेटिंग एंड सेटलमेंट ऑफ पेमेंट्स नेटिंग एंड सेटल ऑफ पेमेंट्स के अंदर जो
[21:24] नेटिंग एंड सेटल ऑफ पेमेंट्स के अंदर जो सबसे मेन पॉइंट है दैट इज इंटर बैंक
[21:26] सबसे मेन पॉइंट है दैट इज इंटर बैंक क्लीयरिंग इंटर बैंक क्लीयरिंग क्या होता
[21:27] क्लीयरिंग इंटर बैंक क्लीयरिंग क्या होता है सपोज हम एक दो बैंक की एग्जांपल लेते
[21:30] है सपोज हम एक दो बैंक की एग्जांपल लेते हैं एसबीआई एंड सेकंड वन इ
[21:35] एडीएफसी एक सेलर है जिसका अकाउंट है
[21:39] एडीएफसी एक सेलर है जिसका अकाउंट है एसबीआई के अंदर बायर है सेलर है जिसका
[21:43] एसबीआई के अंदर बायर है सेलर है जिसका अकाउंट एसबीआई के अंदर बायर जिसका अकाउंट
[21:45] अकाउंट एसबीआई के अंदर बायर जिसका अकाउंट है एडीएफसी के अंदर बायर ने जो पे करना है
[21:47] है एडीएफसी के अंदर बायर ने जो पे करना है एसबी एसबीआई वाले बंदे को उसने पैसे देने
[21:50] एसबी एसबीआई वाले बंदे को उसने पैसे देने है सपोज इसने इसको चेक इशू कर दिया अब
[21:52] है सपोज इसने इसको चेक इशू कर दिया अब एसबीआई वाला जो चेक है वो एडीएफसी में तो
[21:54] एसबीआई वाला जो चेक है वो एडीएफसी में तो लेके जा नहीं सकता क्योंकि उसका बैंक तो
[21:56] लेके जा नहीं सकता क्योंकि उसका बैंक तो एसबीआई है तो वो चेक लेकर जाएगा अपने बैंक
[21:59] एसबीआई है तो वो चेक लेकर जाएगा अपने बैंक के अंदर एसबीआई के अंदर एंड द चेक विल गो
[22:02] के अंदर एसबीआई के अंदर एंड द चेक विल गो थ्रू द क्लीयरिंग हाउस क्लीयरिंग हाउस के
[22:04] थ्रू द क्लीयरिंग हाउस क्लीयरिंग हाउस के अंदर इनकी इंटरनल सेटप होगा और जो
[22:06] अंदर इनकी इंटरनल सेटप होगा और जो एचडीएफसी है वो पैसा एसबीआई को ट्रांसफर
[22:08] एचडीएफसी है वो पैसा एसबीआई को ट्रांसफर कर देगा एसबीआई इसको क्रेडिट दे देगा सो
[22:11] कर देगा एसबीआई इसको क्रेडिट दे देगा सो इंटर बैंक क्लीयरिंग के अंदर दिस इज कॉल्ड
[22:13] इंटर बैंक क्लीयरिंग के अंदर दिस इज कॉल्ड इंटर बैंक क्लीयरिंग जिसके अंदर क्लीयरिंग
[22:15] इंटर बैंक क्लीयरिंग जिसके अंदर क्लीयरिंग हाउस फंक्शन बैंक परफॉर्म कर उसके अलावा
[22:17] हाउस फंक्शन बैंक परफॉर्म कर उसके अलावा जो हमारे पास थर्ड फंक्शन आता है दैट इज द
[22:20] जो हमारे पास थर्ड फंक्शन आता है दैट इज द क्रेडिट इंटरमीडिएशन क्रेडिट इंटरमीडिएशन
[22:22] क्रेडिट इंटरमीडिएशन क्रेडिट इंटरमीडिएशन मतलब जिन लोगों के पास पैसा ज्यादा है
[22:24] मतलब जिन लोगों के पास पैसा ज्यादा है उनसे उठाना जिन लोगों को पैसा चाहिए उनको
[22:26] उनसे उठाना जिन लोगों को पैसा चाहिए उनको पैसा देना फ फंक्शन जो हमारे पास निकल के
[22:29] पैसा देना फ फंक्शन जो हमारे पास निकल के आता है दैट इज द क्रेडिट क्वालिटी
[22:31] आता है दैट इज द क्रेडिट क्वालिटी इंप्रूवमेंट क्रेडिट क्वालिटी इंप्रूवमेंट
[22:33] इंप्रूवमेंट क्रेडिट क्वालिटी इंप्रूवमेंट का मतलब क्या है बैंक्स हाई क्वालिटी
[22:36] का मतलब क्या है बैंक्स हाई क्वालिटी कमर्शियल लोन कमर्शियल एंड पर्सनल बर्स को
[22:38] कमर्शियल लोन कमर्शियल एंड पर्सनल बर्स को ज्यादा क्रेडिट प्रोवाइड करता है उसके
[22:40] ज्यादा क्रेडिट प्रोवाइड करता है उसके अलावा बैंक क्या करता है कभी भी एक एसेट
[22:42] अलावा बैंक क्या करता है कभी भी एक एसेट के अंदर अपना पूरा पैसा नहीं लगाता वो
[22:44] के अंदर अपना पूरा पैसा नहीं लगाता वो अपनी कैपिटल को डायवर्सिफाई करके रखता है
[22:46] अपनी कैपिटल को डायवर्सिफाई करके रखता है डायवर्सिफाई करके मतलब रखना एक से ज्यादा
[22:49] डायवर्सिफाई करके मतलब रखना एक से ज्यादा एसेट्स के अंदर अपनी इन्वेस्टमेंट करना
[22:51] एसेट्स के अंदर अपनी इन्वेस्टमेंट करना लाइक वो ये नहीं होगा सिर्फ पर्सनल लोन
[22:54] लाइक वो ये नहीं होगा सिर्फ पर्सनल लोन देगा ये नहीं होगा सिर्फ कमर्शियल लोन
[22:56] देगा ये नहीं होगा सिर्फ कमर्शियल लोन देगा ये नहीं होगा सिर्फ मार्केट के अंदर
[22:57] देगा ये नहीं होगा सिर्फ मार्केट के अंदर पैसा डालेगा वो सबके अंदर मिल बांट के
[22:59] पैसा डालेगा वो सबके अंदर मिल बांट के पैसे डालेगा ताकि इनमें से कहीं भी
[23:01] पैसे डालेगा ताकि इनमें से कहीं भी डिफॉल्ट होता है तो सबको नुकसान ना हो
[23:03] डिफॉल्ट होता है तो सबको नुकसान ना हो सिर्फ उस पर्टिकुलर सेगमेंट से नुकसान हो
[23:05] सिर्फ उस पर्टिकुलर सेगमेंट से नुकसान हो और बैंक का पूरा खर्चा होने से बच जाए सो
[23:07] और बैंक का पूरा खर्चा होने से बच जाए सो हमारे पास जो नेक्स्ट फंक्शन निकल के आता
[23:08] हमारे पास जो नेक्स्ट फंक्शन निकल के आता है दैट इज द एसेट लायबिलिटी मिसमैच एसेट
[23:11] है दैट इज द एसेट लायबिलिटी मिसमैच एसेट लायबिलिटी मिसमैच क्या है अ सपोज आई एम अ
[23:14] लायबिलिटी मिसमैच क्या है अ सपोज आई एम अ डिपॉजिटर मैं बैंक के अंदर मेरे पास दो
[23:16] डिपॉजिटर मैं बैंक के अंदर मेरे पास दो अकाउंट्स है एक सेविंग है और एफडी है अगर
[23:19] अकाउंट्स है एक सेविंग है और एफडी है अगर तो मैंने सपोज एफडी कराई है तो मैं तो वो
[23:21] तो मैंने सपोज एफडी कराई है तो मैं तो वो तो लॉन्ग टर्म के लिए करा रहा हूं 1 साल
[23:22] तो लॉन्ग टर्म के लिए करा रहा हूं 1 साल दो साल तीन साल अगर मेरे पास सेविंग
[23:25] दो साल तीन साल अगर मेरे पास सेविंग अकाउंट है वो मैं बहुत शॉर्ट टर्म के लिए
[23:26] अकाउंट है वो मैं बहुत शॉर्ट टर्म के लिए डिपॉजिट करा रहा हूं बट वही अगर जब मैं
[23:29] डिपॉजिट करा रहा हूं बट वही अगर जब मैं बैंक से लोन लेने जाता हूं मैं लोन लेने
[23:30] बैंक से लोन लेने जाता हूं मैं लोन लेने जाता हूं 10 साल के लिए 20 साल के लिए 30
[23:33] जाता हूं 10 साल के लिए 20 साल के लिए 30 साल के लिए तो उससे क्या होता है बैंक के
[23:35] साल के लिए तो उससे क्या होता है बैंक के सामने तो दिक्कत है ना कि जहां से बैंक
[23:37] सामने तो दिक्कत है ना कि जहां से बैंक लोन ले रहा है वो तो उसको मिल रहा है कुछ
[23:39] लोन ले रहा है वो तो उसको मिल रहा है कुछ एक साल के लिए दो साल के लिए बट जो उसको
[23:41] एक साल के लिए दो साल के लिए बट जो उसको लोन आगे देना है वो उसको देना है 20 साल
[23:43] लोन आगे देना है वो उसको देना है 20 साल के लिए तो उसके बैंक के पास दो तरह के
[23:46] के लिए तो उसके बैंक के पास दो तरह के रिस्क निकल के आते हैं जो मेजर रिस्क है
[23:48] रिस्क निकल के आते हैं जो मेजर रिस्क है वो है क्रेडिट रिस्क और लिक्विडिटी रिस्क
[23:49] वो है क्रेडिट रिस्क और लिक्विडिटी रिस्क क्रेडिट रिस्क इ बेसिकली मैंने किसी को
[23:51] क्रेडिट रिस्क इ बेसिकली मैंने किसी को लोन दिया उस बंदे ने पैसा ही नहीं वापस
[23:53] लोन दिया उस बंदे ने पैसा ही नहीं वापस करा लिक्विडिटी रिस्क क्या है मैं ए अ बरो
[23:55] करा लिक्विडिटी रिस्क क्या है मैं ए अ बरो हूं पैसा लेने आया पैसा ही नहीं दे पाया ब
[23:57] हूं पैसा लेने आया पैसा ही नहीं दे पाया ब बैंक या बैंक अपने एसेट्स को लिक्विफाई ही
[24:00] बैंक या बैंक अपने एसेट्स को लिक्विफाई ही नहीं कर पाया उसको कैश में कन्वर्ट ही
[24:01] नहीं कर पाया उसको कैश में कन्वर्ट ही नहीं कर पाया सो इस इन रिस्क को मैनेज
[24:04] नहीं कर पाया सो इस इन रिस्क को मैनेज करने के लिए बैंक अपने पास रिजर्व रखता है
[24:06] करने के लिए बैंक अपने पास रिजर्व रखता है लिक्विड सिक्योरिटीज के अंदर पैसा रखता है
[24:08] लिक्विड सिक्योरिटीज के अंदर पैसा रखता है रिप्लेसमेंट फ रिप्लेसमेंट फंडिंग रेज
[24:11] रिप्लेसमेंट फ रिप्लेसमेंट फंडिंग रेज करता है इन सबको मैनेज करने इसलिए
[24:13] करता है इन सबको मैनेज करने इसलिए इंपोर्टेंट है क्योंकि इसके ऊपर ही डिपेंड
[24:15] इंपोर्टेंट है क्योंकि इसके ऊपर ही डिपेंड करता है बैंक के ऑपरेशन और बैंक की
[24:16] करता है बैंक के ऑपरेशन और बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी उसके अलावा बैंक अपनी लाइट
[24:19] प्रॉफिटेबिलिटी उसके अलावा बैंक अपनी लाइट इन सबको मैनेज करने से बैंक अपनी लैंडिंग
[24:22] इन सबको मैनेज करने से बैंक अपनी लैंडिंग साइकल एफिशिएंसी भी इंप्रूव करता है
[24:23] साइकल एफिशिएंसी भी इंप्रूव करता है लैंडिंग साइकल एफिशिएंसी क्या होती है कि
[24:26] लैंडिंग साइकल एफिशिएंसी क्या होती है कि किसी को पैसा देने से लेकर पैसा वापस आने
[24:29] किसी को पैसा देने से लेकर पैसा वापस आने तक कितना टाइम लगता है ट इज कॉल्ड लैंडिंग
[24:30] तक कितना टाइम लगता है ट इज कॉल्ड लैंडिंग साइकल वो जितना एफिशिएंट होगा बैंक उतना
[24:32] साइकल वो जितना एफिशिएंट होगा बैंक उतना ही प्रॉफिट में रहेगा उसके अलावा सिक्स
[24:34] ही प्रॉफिट में रहेगा उसके अलावा सिक्स फंक्शन इ मनी क्रिएशन मनी क्रिएशन हमने जो
[24:37] फंक्शन इ मनी क्रिएशन मनी क्रिएशन हमने जो पढ़ा कि बैंक अपने पास रिजर्व रखता और
[24:38] पढ़ा कि बैंक अपने पास रिजर्व रखता और बाकी पैसा इशू कर देता है दैट इज कॉल्ड
[24:40] बाकी पैसा इशू कर देता है दैट इज कॉल्ड मनी क्रिएशन सो नट शल हम चार पार्ट के
[24:43] मनी क्रिएशन सो नट शल हम चार पार्ट के अंदर रो बैंक्स के रोल को सराइज कर सकते
[24:47] अंदर रो बैंक्स के रोल को सराइज कर सकते हैं वो चार रोल्स कौन सेकन से हैं फर्स्ट
[24:49] हैं वो चार रोल्स कौन सेकन से हैं फर्स्ट वन इ इंटरमीडिएशन वही की इधर से पैसा लिया
[24:53] वन इ इंटरमीडिएशन वही की इधर से पैसा लिया इधर को दिया सेकंड इ पेमेंट सिस्टम पेमेंट
[24:55] इधर को दिया सेकंड इ पेमेंट सिस्टम पेमेंट सिस्टम इनेबल करता है डेबिट कार्ड क्रेडिट
[24:58] सिस्टम इनेबल करता है डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड्स नेफ्ट एटीएम एटस फाइनेंशियल
[25:01] कार्ड्स नेफ्ट एटीएम एटस फाइनेंशियल सर्विसेस फाइनेंशियल सर्विसेस प्रोवाइड
[25:03] सर्विसेस फाइनेंशियल सर्विसेस प्रोवाइड करता है पैसे को कैसे मैनेज करना है
[25:05] करता है पैसे को कैसे मैनेज करना है म्यूचुअल फंड में पैसा दिलवाना एट एंड द
[25:07] म्यूचुअल फंड में पैसा दिलवाना एट एंड द मोस्ट इंपोर्टेंट लाइफलाइन ऑफ इकॉनमी बैंक
[25:10] मोस्ट इंपोर्टेंट लाइफलाइन ऑफ इकॉनमी बैंक के बिना कोई भी कंट्री नहीं चल सकती सो इट
[25:12] के बिना कोई भी कंट्री नहीं चल सकती सो इट इज कॉल्ड द लाइफ लाइन ऑफ इकॉनमी सो बैंक
[25:16] इज कॉल्ड द लाइफ लाइन ऑफ इकॉनमी सो बैंक के अंदर क्या होता है बहुत लोगों का पैसा
[25:19] के अंदर क्या होता है बहुत लोगों का पैसा लगा होता है स्पेसिफिकली जो रिटेलर्स हैं
[25:22] लगा होता है स्पेसिफिकली जो रिटेलर्स हैं या छोटे लोग हैं उनका पैसा लग होता है
[25:24] या छोटे लोग हैं उनका पैसा लग होता है जिन्होंने छोटे-छोटे डिपॉजिट्स करवाए होते
[25:26] जिन्होंने छोटे-छोटे डिपॉजिट्स करवाए होते हैं तो इन पैसों का कहीं मिसयूज ना हो इयह
[25:29] हैं तो इन पैसों का कहीं मिसयूज ना हो इयह पैसे कहीं डूब ना जाए इनको इनके ऊपर ध्यान
[25:32] पैसे कहीं डूब ना जाए इनको इनके ऊपर ध्यान रखा जाए इसके लिए जो गवर्नमेंट है फॉर
[25:35] रखा जाए इसके लिए जो गवर्नमेंट है फॉर एवरी कंट्री कुछ रेगुलेशंस लेके आती है
[25:38] एवरी कंट्री कुछ रेगुलेशंस लेके आती है बैंक के ऊपर स तो रेगुलेशंस लाने की जरूरत
[25:41] बैंक के ऊपर स तो रेगुलेशंस लाने की जरूरत क्यों पड़ी चलिए हम वो देखते हैं सबसे
[25:44] क्यों पड़ी चलिए हम वो देखते हैं सबसे पहले रेगुलेशंस होती क्या है रेगुलेशन इ
[25:46] पहले रेगुलेशंस होती क्या है रेगुलेशन इ बेसिकली सेट ऑफ स्टैंडर्ड्स और पॉलिसी जो
[25:48] बेसिकली सेट ऑफ स्टैंडर्ड्स और पॉलिसी जो बैंक को फॉलो करनी है दज आर कॉल्ड
[25:50] बैंक को फॉलो करनी है दज आर कॉल्ड रेगुलेशन जो गवर्नमेंट ही बनाती है
[25:51] रेगुलेशन जो गवर्नमेंट ही बनाती है रेगुलेशन बनाने की जरूरत क्यों पड़ी
[25:53] रेगुलेशन बनाने की जरूरत क्यों पड़ी क्योंकि कुछ रिस्क होते हैं जो बैंक फेस
[25:55] क्योंकि कुछ रिस्क होते हैं जो बैंक फेस करता है उना डेली बेसिस सो सबसे पहले वो
[25:58] करता है उना डेली बेसिस सो सबसे पहले वो रिस्क देखते हैं कौन से हैं उससे पहले हम
[26:00] रिस्क देखते हैं कौन से हैं उससे पहले हम ये देखते हैं कि जो रिस्क है रिस्क
[26:02] ये देखते हैं कि जो रिस्क है रिस्क बेसिकली कोई खतरा है उस खतरे को मैनेज
[26:04] बेसिकली कोई खतरा है उस खतरे को मैनेज करना या टालना क्यों जरूरी है क्योंकि उसी
[26:06] करना या टालना क्यों जरूरी है क्योंकि उसी पे ही डिपेंड करता है बैंक कितनी अच्छे से
[26:08] पे ही डिपेंड करता है बैंक कितनी अच्छे से ऑपरेट कर सकता है और बैंक कितना अच्छे से
[26:11] ऑपरेट कर सकता है और बैंक कितना अच्छे से प्रॉफिट कमा सकता है तो चलिए हम देखते हैं
[26:13] प्रॉफिट कमा सकता है तो चलिए हम देखते हैं कि बैंक कौन सेकन से रिस्क फेस करता है तो
[26:15] कि बैंक कौन सेकन से रिस्क फेस करता है तो जो सबसे पहला रिस्क बैंक फेस करता है दैट
[26:17] जो सबसे पहला रिस्क बैंक फेस करता है दैट इज अ क्रेडिट रिस्क क्रेडिट रिस्क इज
[26:18] इज अ क्रेडिट रिस्क क्रेडिट रिस्क इज बेसिकली द सिंपल कि मैंने किसी को पैसा
[26:21] बेसिकली द सिंपल कि मैंने किसी को पैसा दिया बट वो बट वो इंस्टिट्यूट और पर्सन
[26:25] दिया बट वो बट वो इंस्टिट्यूट और पर्सन जिस तरह से हमने पेमेंट डिसाइड करी थी वो
[26:26] जिस तरह से हमने पेमेंट डिसाइड करी थी वो पेमेंट वापस नहीं कर रहा है बेसिकली जो
[26:28] पेमेंट वापस नहीं कर रहा है बेसिकली जो लोन है वो लोन रिपे नहीं कर पा रहे तो
[26:30] लोन है वो लोन रिपे नहीं कर पा रहे तो उसमें तो बैंक का नुकसान है सेकंड जो
[26:32] उसमें तो बैंक का नुकसान है सेकंड जो रिस्क है वो बैंक फेस करता है दैट इज अ
[26:34] रिस्क है वो बैंक फेस करता है दैट इज अ लिक्विडिटी रिस्क लिक्विडिटी रिस्क इ
[26:36] लिक्विडिटी रिस्क लिक्विडिटी रिस्क इ बेसिकली अपनी लिक्विडिटी का जो मीनिंग
[26:39] बेसिकली अपनी लिक्विडिटी का जो मीनिंग होता है वो होता है कि हमारी कोई एसेट है
[26:41] होता है वो होता है कि हमारी कोई एसेट है उसको कैश के अंदर कन्वर्ट करना अगर बैंक
[26:44] उसको कैश के अंदर कन्वर्ट करना अगर बैंक कोई एसेट्स को कैश में कन्वर्ट ही नहीं कर
[26:46] कोई एसेट्स को कैश में कन्वर्ट ही नहीं कर पा रहा है दैट इज कॉल्ड द लिक्विडिटी
[26:48] पा रहा है दैट इज कॉल्ड द लिक्विडिटी रिस्क थर्ड रिस्क इज मार्केट रिस्क हमने
[26:51] रिस्क थर्ड रिस्क इज मार्केट रिस्क हमने पर देखा बैंक अपना पैसा लोंस में भी देता
[26:54] पर देखा बैंक अपना पैसा लोंस में भी देता है और डायवर्सिफाई करने के लिए मार्केट्स
[26:56] है और डायवर्सिफाई करने के लिए मार्केट्स के अंदर लगाता है डेट नोट्स इशू करके सपोज
[26:59] के अंदर लगाता है डेट नोट्स इशू करके सपोज उसके अलावा बैंक सिक्योरिटीज भी अपने पास
[27:01] उसके अलावा बैंक सिक्योरिटीज भी अपने पास होल्ड करता है सपोज बैंक था बैंक ने जो
[27:05] होल्ड करता है सपोज बैंक था बैंक ने जो अपनी इन्वेस्टमेंट है किसी के इक्विटीज
[27:08] अपनी इन्वेस्टमेंट है किसी के इक्विटीज में लगाई या कहीं भी लगा के अपना एक
[27:10] में लगाई या कहीं भी लगा के अपना एक पोर्टफोलियो खड़ा कर लिया प अगर मार्केट
[27:12] पोर्टफोलियो खड़ा कर लिया प अगर मार्केट गिर गई पोर्टफोलियो की वैल्यू गिर गई तो
[27:14] गिर गई पोर्टफोलियो की वैल्यू गिर गई तो नुकसान तो बैंक का होगा बट ये रिस्क आया
[27:16] नुकसान तो बैंक का होगा बट ये रिस्क आया क्यों क्योंकि मार्केट के अंदर चेंजेज है
[27:18] क्यों क्योंकि मार्केट के अंदर चेंजेज है सो इसको हम बोलते हैं मार्केट रिस्क जिसके
[27:20] सो इसको हम बोलते हैं मार्केट रिस्क जिसके अंदर बैंक के जो पोर्टफोलियो उसकी उसकी
[27:22] अंदर बैंक के जो पोर्टफोलियो उसकी उसकी वैल्यू डाउन हो सकती है थर्ड इज ऑपरेशनल
[27:26] वैल्यू डाउन हो सकती है थर्ड इज ऑपरेशनल रिस्क फोर्थ वन इ ऑपरेशनल रिस्क ऑपरेशनल
[27:28] रिस्क फोर्थ वन इ ऑपरेशनल रिस्क ऑपरेशनल ऑपरेशनल रिस्क इज
[27:30] ऑपरेशनल रिस्क इज बेसिकली बैंक डेली बिजनेस कर रहा है उसमें
[27:33] बेसिकली बैंक डेली बिजनेस कर रहा है उसमें जो आने वाले रिस्क है दैट इज कॉल्ड
[27:34] जो आने वाले रिस्क है दैट इज कॉल्ड ऑपरेशनल रिस्क फिफ्थ वन इज रेपुटेशनल
[27:37] ऑपरेशनल रिस्क फिफ्थ वन इज रेपुटेशनल रिस्क इट इज वन ऑफ द मोस्ट इंपोर्टेंट
[27:39] रिस्क इट इज वन ऑफ द मोस्ट इंपोर्टेंट रिस्क जिसको हमें मैनेज करना बहुत जरूरी
[27:41] रिस्क जिसको हमें मैनेज करना बहुत जरूरी है रेपुटेशनल रिस्क इज कि हमें बैंक के
[27:44] है रेपुटेशनल रिस्क इज कि हमें बैंक के ऊपर विश्वास ही नहीं रहा अगर हमें एक बैंक
[27:46] ऊपर विश्वास ही नहीं रहा अगर हमें एक बैंक के ऊपर विश्वास ही नहीं रहा तो हम उसमें
[27:48] के ऊपर विश्वास ही नहीं रहा तो हम उसमें अपना पैसा नहीं डालेंगे जब हम उसमें अपना
[27:50] अपना पैसा नहीं डालेंगे जब हम उसमें अपना डिपॉजिट्स ही नहीं करेंगे अगर हम
[27:51] डिपॉजिट्स ही नहीं करेंगे अगर हम डिपॉजिट्स नहीं करेंगे बैंक लोन नहीं दे
[27:53] डिपॉजिट्स नहीं करेंगे बैंक लोन नहीं दे पाएगा बैंक लोन नहीं दे पाएगा बैंक वर्क
[27:55] पाएगा बैंक लोन नहीं दे पाएगा बैंक वर्क ही नहीं कर पाएगा तो रेपुटेशनल रिस्क को
[27:57] ही नहीं कर पाएगा तो रेपुटेशनल रिस्क को भी मैनेज करना बहुत इंपोर्टेंट है सिक्सथ
[27:59] भी मैनेज करना बहुत इंपोर्टेंट है सिक्सथ जो हमारे पास निकल के आता है दैट इज कॉल्ड
[28:01] जो हमारे पास निकल के आता है दैट इज कॉल्ड मैक्रो इकोनॉमिक रिस्क मैक्रो इकोनॉमिक
[28:03] मैक्रो इकोनॉमिक रिस्क मैक्रो इकोनॉमिक रिस्क का मतलब क्या होता है मैक्रो
[28:04] रिस्क का मतलब क्या होता है मैक्रो इकोनॉमिक मतलब द होल कंट्री नॉट अ स्मल
[28:07] इकोनॉमिक मतलब द होल कंट्री नॉट अ स्मल पार्ट पूरी की पूरी कंट्री की जहां बात की
[28:09] पार्ट पूरी की पूरी कंट्री की जहां बात की जाती है सपोज एक कंट्री है इंडिया की बात
[28:11] जाती है सपोज एक कंट्री है इंडिया की बात लेते हैं इंडिया में कोई रेगुलेशन आता है
[28:13] लेते हैं इंडिया में कोई रेगुलेशन आता है जिसके अंदर जिसके कारण बैंकिंग सेक्टर प
[28:15] जिसके अंदर जिसके कारण बैंकिंग सेक्टर प इफेक्ट होता है तो बैंकिंग सेक्टर ने कुछ
[28:18] इफेक्ट होता है तो बैंकिंग सेक्टर ने कुछ करा नहीं है लाइक गवर्नमेंट पॉलिसी लेके
[28:20] करा नहीं है लाइक गवर्नमेंट पॉलिसी लेके आती है जिससे बैंकिंग सेक्टर इफेक्ट हो
[28:22] आती है जिससे बैंकिंग सेक्टर इफेक्ट हो गया तो उस चीज को भी मैनेज करना मैनेज
[28:24] गया तो उस चीज को भी मैनेज करना मैनेज करना ही पड़ेगा अगर बैंक उसको वर्क करना
[28:26] करना ही पड़ेगा अगर बैंक उसको वर्क करना चाहता है दिस इज नोन एज द मैक्रो इकोनॉमिक
[28:28] चाहता है दिस इज नोन एज द मैक्रो इकोनॉमिक रिस्क सो ऊपर हमने बात करी थी एससीआर और
[28:33] रिस्क सो ऊपर हमने बात करी थी एससीआर और एसएलआर की कैपिटल रिक्वायरमेंट जो बैंक को
[28:35] एसएलआर की कैपिटल रिक्वायरमेंट जो बैंक को अपने पास रिजर्व रखने की कोशिश की जा करनी
[28:37] अपने पास रिजर्व रखने की कोशिश की जा करनी पड़ती है ये वही है कि उसको अपने पास एक
[28:41] पड़ती है ये वही है कि उसको अपने पास एक रखना पड़ता है रिजर्व रखना पड़ता है ताकि
[28:44] रखना पड़ता है रिजर्व रखना पड़ता है ताकि बैंक को अपने पास एक रिजर्व रखना पड़ता है
[28:47] बैंक को अपने पास एक रिजर्व रखना पड़ता है ताकि बैंक को रेगुलेट करा जा सके वो
[28:49] ताकि बैंक को रेगुलेट करा जा सके वो एक्सेसिव लोन ना दे और जो इन केस
[28:51] एक्सेसिव लोन ना दे और जो इन केस डिपॉजिटर्स अपना पैसा वापस निकालने
[28:53] डिपॉजिटर्स अपना पैसा वापस निकालने निकालने के लिए आते हैं तो वो डिपॉजिटर्स
[28:56] निकालने के लिए आते हैं तो वो डिपॉजिटर्स अपना पैसा ले सके सो अ ये था हमारा कि किस
[29:00] अपना पैसा ले सके सो अ ये था हमारा कि किस किस तरह के रिस्क बैंक को फेस करने पड़ते
[29:02] किस तरह के रिस्क बैंक को फेस करने पड़ते हैं चलो नेक्स्ट टॉपिक पे आते हैं कि
[29:04] हैं चलो नेक्स्ट टॉपिक पे आते हैं कि रेगुलेशंस की जरूरत ही क्यों पड़ी है बट
[29:07] रेगुलेशंस की जरूरत ही क्यों पड़ी है बट रेगुलेशंस हमने ऊपर देखा रेगुलेशंस क्या
[29:08] रेगुलेशंस हमने ऊपर देखा रेगुलेशंस क्या थी प्रोसेस ऑफ सेटिंग एंड एनफोर्सिंग
[29:10] थी प्रोसेस ऑफ सेटिंग एंड एनफोर्सिंग रूल्स फॉर बैंक एंड अदर फाइनेंशियल
[29:12] रूल्स फॉर बैंक एंड अदर फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन जो कि गवर्नमेंट लेके आती है
[29:14] इंस्टिट्यूशन जो कि गवर्नमेंट लेके आती है ऐसे स्टैंडर्ड्स और रूल्स जो बैंक को
[29:16] ऐसे स्टैंडर्ड्स और रूल्स जो बैंक को मानने पड़ते हैं ताकि बैंक अच्छे से वर्क
[29:18] मानने पड़ते हैं ताकि बैंक अच्छे से वर्क कर सके उस वहां कोई मिसयूज मनी का मिसयूज
[29:20] कर सके उस वहां कोई मिसयूज मनी का मिसयूज ना हो बैंकिंग ऑपरेशन बैंकिंग चैनल्स का
[29:22] ना हो बैंकिंग ऑपरेशन बैंकिंग चैनल्स का मिसयूज ना हो सो हम देखते हैं कि रेगुलेशन
[29:25] मिसयूज ना हो सो हम देखते हैं कि रेगुलेशन लाने की जरूरत ही क्यों पड़
[29:28] लाने की जरूरत ही क्यों पड़ सो इसके अंदर हमने आठ पॉइंट्स कवर करे हैं
[29:30] सो इसके अंदर हमने आठ पॉइंट्स कवर करे हैं तो सबसे पहला इस रेगुलेशन होने के करके
[29:33] तो सबसे पहला इस रेगुलेशन होने के करके क्या होगा बैंकिंग ट्रांजैक्शन के अंदर
[29:35] क्या होगा बैंकिंग ट्रांजैक्शन के अंदर ट्रांसपेरेंसी रहेगी दो बैंक्स है दोनों
[29:38] ट्रांसपेरेंसी रहेगी दो बैंक्स है दोनों के दोनों बैंक्स सेम रेगुलेशन लग रही है
[29:40] के दोनों बैंक्स सेम रेगुलेशन लग रही है दोनों के दोनों ट्रांसपेरेंट है वो कुछ
[29:41] दोनों के दोनों ट्रांसपेरेंट है वो कुछ छुपा नहीं सकते हैं ड्यू टू द रेगुलेशन
[29:43] छुपा नहीं सकते हैं ड्यू टू द रेगुलेशन सेकंड थिंग इ जो रेगुलेशन है वो क्लेरिटी
[29:46] सेकंड थिंग इ जो रेगुलेशन है वो क्लेरिटी प्रोवाइड करती है कि आपने इंडिविजुअल के
[29:48] प्रोवाइड करती है कि आपने इंडिविजुअल के साथ कैसे डील करना है कॉपरेशन के साथ
[29:50] साथ कैसे डील करना है कॉपरेशन के साथ बिजनेस कमर्शियल के साथ कैसे डील करना
[29:53] बिजनेस कमर्शियल के साथ कैसे डील करना थर्ड इ रेगुलेशन आने के करके क्या हुआ है
[29:56] थर्ड इ रेगुलेशन आने के करके क्या हुआ है बैंकिंग प्र जो रिस्पांसिबल और अकाउंटेबल
[29:59] बैंकिंग प्र जो रिस्पांसिबल और अकाउंटेबल हो गई है रिस्पांसिबल ए अकाउंटेबल का मतलब
[30:00] हो गई है रिस्पांसिबल ए अकाउंटेबल का मतलब क्या है हर बंदे की रिस्पांसिबिलिटी फिक्स
[30:02] क्या है हर बंदे की रिस्पांसिबिलिटी फिक्स है कि यह काम यह करेगा यह काम यह करेगा और
[30:05] है कि यह काम यह करेगा यह काम यह करेगा और इन केस उसके अंदर कोई भी इशू अराइज होता
[30:07] इन केस उसके अंदर कोई भी इशू अराइज होता है इन फ्यूचर तो हम अकाउंटेबल बंदे को
[30:10] है इन फ्यूचर तो हम अकाउंटेबल बंदे को पकड़ सकते हैं कि भाई तेरी जिम्मेवारी थी
[30:12] पकड़ सकते हैं कि भाई तेरी जिम्मेवारी थी तूने गलत कर है तो इसलिए तू जिम्मेवार है
[30:15] तूने गलत कर है तो इसलिए तू जिम्मेवार है वो हुआ क्यों क्योंकि हम रेगुलेशन लेकर आए
[30:18] वो हुआ क्यों क्योंकि हम रेगुलेशन लेकर आए कि यह काम यही बंदा कर सकता है फोर्थ इ
[30:22] कि यह काम यही बंदा कर सकता है फोर्थ इ बैंकिंग के अंदर क्या है काफी
[30:25] बैंकिंग के अंदर क्या है काफी इर इंटरकनेक्टेड बैंक्स बैंक का बैंक आपस
[30:29] इर इंटरकनेक्टेड बैंक्स बैंक का बैंक आपस में इंटरकनेक्टेड है क्योंकि एक बैंक ने
[30:31] में इंटरकनेक्टेड है क्योंकि एक बैंक ने दूसरे बैंक को पेमेंट करनी है बैंक्स ने
[30:33] दूसरे बैंक को पेमेंट करनी है बैंक्स ने बाहर पार्टनरशिप कर रखी हैं इतनी
[30:35] बाहर पार्टनरशिप कर रखी हैं इतनी इंटरकनेक्टेडनेस होने के करके इनके ऊपर जो
[30:37] इंटरकनेक्टेडनेस होने के करके इनके ऊपर जो रेगुलेशंस लानी वो बहुत जरूरी है फिफ्थ
[30:40] रेगुलेशंस लानी वो बहुत जरूरी है फिफ्थ पॉइंट इज नेशनल ग्लोबल इकोनॉमिक
[30:42] पॉइंट इज नेशनल ग्लोबल इकोनॉमिक स्टेबिलिटी जो बैंक्स हैं उससे पहले हम
[30:44] स्टेबिलिटी जो बैंक्स हैं उससे पहले हम सिक्स्थ पॉइंट देखते हैं टू बिग टू फॉल टू
[30:46] सिक्स्थ पॉइंट देखते हैं टू बिग टू फॉल टू बिक टू फॉल का मतलब क्या होता है कि
[30:48] बिक टू फॉल का मतलब क्या होता है कि बैंक्स एक बहुत बड़ी एंटिटी है बहुत लोगों
[30:50] बैंक्स एक बहुत बड़ी एंटिटी है बहुत लोगों का पैसा लग अगर वो फेल हो जाती है तो बहुत
[30:53] का पैसा लग अगर वो फेल हो जाती है तो बहुत लोगों पे इफेक्ट आने वाला है तो उनके ऊपर
[30:55] लोगों पे इफेक्ट आने वाला है तो उनके ऊपर रेगुलेट कर रेगुलेशन लेके आना बहुत जरूरी
[30:58] रेगुलेट कर रेगुलेशन लेके आना बहुत जरूरी है रेगुलेशंस के करके ही हम बैंक को
[31:00] है रेगुलेशंस के करके ही हम बैंक को बर्बाद होने से या बंद होने से बचा सकते
[31:02] बर्बाद होने से या बंद होने से बचा सकते हैं सो अगर बैंक बंद होता है सपोज अगर एक
[31:06] हैं सो अगर बैंक बंद होता है सपोज अगर एक बैंक है लाइक हम एग्जांपल लेते हैं कोई भी
[31:08] बैंक है लाइक हम एग्जांपल लेते हैं कोई भी बैंक है उसमें कुछ य लाइक सस बैंक है
[31:10] बैंक है उसमें कुछ य लाइक सस बैंक है उसमें बहुत लोगों का पैसा लगा था लोगों ने
[31:12] उसमें बहुत लोगों का पैसा लगा था लोगों ने उसको शेयर्स बाय करे हुए थे उसमें फ्रॉड
[31:15] उसको शेयर्स बाय करे हुए थे उसमें फ्रॉड हुआ शेयर्स का प्राइस डाउन आया बहुत लोगों
[31:17] हुआ शेयर्स का प्राइस डाउन आया बहुत लोगों को नुकसान हुआ उसके अलावा जो जो
[31:19] को नुकसान हुआ उसके अलावा जो जो डिपॉजिटर्स थे वो अपना पैसा नहीं निकलवा
[31:21] डिपॉजिटर्स थे वो अपना पैसा नहीं निकलवा पाए लोगों को बहुत नुकसान हुआ उससे क्या
[31:23] पाए लोगों को बहुत नुकसान हुआ उससे क्या हुआ जो हमारी नेशनल स्टेबिलिटी है
[31:25] हुआ जो हमारी नेशनल स्टेबिलिटी है इकोनॉमिक स्टेबिलिटी उसपे इफेक्ट आया बहुत
[31:27] इकोनॉमिक स्टेबिलिटी उसपे इफेक्ट आया बहुत लोगों बहुत लोगों के नुकसान होने के करके
[31:29] लोगों बहुत लोगों के नुकसान होने के करके क्या था लोगों का मार्केट से थोड़ा भरोसा
[31:32] क्या था लोगों का मार्केट से थोड़ा भरोसा उठना शुरू हो गया था सो बैंक्स को कंट्रोल
[31:34] उठना शुरू हो गया था सो बैंक्स को कंट्रोल करना या बैंक्स के ऊपर रेगुलेशन लेके आना
[31:37] करना या बैंक्स के ऊपर रेगुलेशन लेके आना इसलिए भी इंपोर्टेंट है क्योंकि वो बहुत
[31:39] इसलिए भी इंपोर्टेंट है क्योंकि वो बहुत बड़े हैं फेल हुए तो हमारी इकोनॉमिक और
[31:42] बड़े हैं फेल हुए तो हमारी इकोनॉमिक और नेशनल ग्लोबल इकोनॉमिक स्टेबिलिटी पे
[31:44] नेशनल ग्लोबल इकोनॉमिक स्टेबिलिटी पे इफेक्ट आ सकता है फोर्थ पॉइंट इज
[31:46] इफेक्ट आ सकता है फोर्थ पॉइंट इज गवर्नमेंट बेल आउटस गवर्मेंट बेल आउटस
[31:48] गवर्नमेंट बेल आउटस गवर्मेंट बेल आउटस क्या होता है सपोज एक बैंक है वो फेल होने
[31:50] क्या होता है सपोज एक बैंक है वो फेल होने वाला है तो गवर्नमेंट उसको इंसेंटिव
[31:51] वाला है तो गवर्नमेंट उसको इंसेंटिव प्रोवाइड करते है फाइनेंशियल असिस्टेंट
[31:54] प्रोवाइड करते है फाइनेंशियल असिस्टेंट प्रोवाइड करके बैंक को फेलियर सिस्टम
[31:56] प्रोवाइड करके बैंक को फेलियर सिस्टम फेलियर होने से बचा लेती
[31:58] फेलियर होने से बचा लेती है ए पॉइंट सेम
[32:01] है ए पॉइंट सेम की बैंक एक बहुत बड़ी एंटिटी है अगर वो
[32:04] की बैंक एक बहुत बड़ी एंटिटी है अगर वो फेल होती है तो बहुत लोगों प इफेक्ट आने
[32:06] फेल होती है तो बहुत लोगों प इफेक्ट आने वाला और सि यह नहीं एक स्मल पार्ट प आएगा
[32:08] वाला और सि यह नहीं एक स्मल पार्ट प आएगा पूरी की पूरी नमी इफेक्टेड होती है इसलिए
[32:10] पूरी की पूरी नमी इफेक्टेड होती है इसलिए रेगुलेशन लेक आना बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट
[32:12] रेगुलेशन लेक आना बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट है हमारे पास जो फिथ पॉइंट निकल के आता है
[32:15] है हमारे पास जो फिथ पॉइंट निकल के आता है ट इ ऑब्जेक्टिव ऑफ
[32:17] ट इ ऑब्जेक्टिव ऑफ रेगुलेशन हमने पढ़ा कि रेगुलेशन क्या है
[32:20] रेगुलेशन हमने पढ़ा कि रेगुलेशन क्या है रेगुलेशन आई क्यों अब हम यह पढ़ रहे हैं
[32:22] रेगुलेशन आई क्यों अब हम यह पढ़ रहे हैं कि रेगुलेशन लाने का ऑब्जेक्टिव क्या
[32:25] कि रेगुलेशन लाने का ऑब्जेक्टिव क्या था सो
[32:27] था सो हमारे पास जो मोस्ट कॉमन ऑब्जेक्टिव वो
[32:29] हमारे पास जो मोस्ट कॉमन ऑब्जेक्टिव वो देखते हैं मोस्ट कॉमन ऑब्जेक्टिव हमारे
[32:31] देखते हैं मोस्ट कॉमन ऑब्जेक्टिव हमारे पास छ ऑब्जेक्टिव है उसके अंदर फर्स्ट
[32:34] पास छ ऑब्जेक्टिव है उसके अंदर फर्स्ट ऑब्जेक्टिव इ टू रिड्यूस द लेवल ऑफ रिस्क
[32:37] ऑब्जेक्टिव इ टू रिड्यूस द लेवल ऑफ रिस्क अगर एक बैंक है जो रेगुलेटेड है तो उसके
[32:39] अगर एक बैंक है जो रेगुलेटेड है तो उसके अंदर लेवल ऑफ रिस्क कम है लेवल ऑफ रिस्क
[32:43] अंदर लेवल ऑफ रिस्क कम है लेवल ऑफ रिस्क कम करने की जरूरत है क्योंकि जो बैंक के
[32:45] कम करने की जरूरत है क्योंकि जो बैंक के क्रेडिटर्स है बैंक क्रेडिट मतलब हम लोग
[32:47] क्रेडिटर्स है बैंक क्रेडिट मतलब हम लोग जो बैंक के अंदर पैसा डिपॉजिट करवाते हैं
[32:49] जो बैंक के अंदर पैसा डिपॉजिट करवाते हैं वो सारा रिस्क हम बियर करते हैं क्योंकि
[32:51] वो सारा रिस्क हम बियर करते हैं क्योंकि हमने बैंक को पैसा दिया अगर वो बैंक आके
[32:53] हमने बैंक को पैसा दिया अगर वो बैंक आके किसी को लोन देता रिकवर नहीं कर पाता है
[32:55] किसी को लोन देता रिकवर नहीं कर पाता है तो अल्टीमेटली नुन न हमारा ही होने वाला
[32:58] तो अल्टीमेटली नुन न हमारा ही होने वाला है इसलिए उस रिस्क के रिड्यूस करना बहुत
[33:01] है इसलिए उस रिस्क के रिड्यूस करना बहुत इंपोर्टेंट है इसलिए हम रेगुलेशन रेगुलेशन
[33:03] इंपोर्टेंट है इसलिए हम रेगुलेशन रेगुलेशन को लेके आना बहुत जरूरी था सेकंड पॉइंट इज
[33:06] को लेके आना बहुत जरूरी था सेकंड पॉइंट इज सिस्टमिक रिस्क रिडक्शन सिस्टमिक रिस्क
[33:08] सिस्टमिक रिस्क रिडक्शन सिस्टमिक रिस्क ऐसा रिस्क होता है जिसको हम कंट्रोल कर
[33:09] ऐसा रिस्क होता है जिसको हम कंट्रोल कर सकते हैं तो भाई जिस रिस्क को कंट्रोल कर
[33:11] सकते हैं तो भाई जिस रिस्क को कंट्रोल कर सकते हो उस रिस्क को कंट्रोल क्यों ना
[33:13] सकते हो उस रिस्क को कंट्रोल क्यों ना किया जाए तो उस रिस्क को कंट्रोल करने के
[33:15] किया जाए तो उस रिस्क को कंट्रोल करने के हम रेगुलेशन लेके आते हैं इसके अंदर
[33:16] हम रेगुलेशन लेके आते हैं इसके अंदर रेगुलेशन क्या जो एग्जांपल हम ले सकते हैं
[33:19] रेगुलेशन क्या जो एग्जांपल हम ले सकते हैं लाइक कि आपने किस किस किस कमोडिटी में
[33:22] लाइक कि आपने किस किस किस कमोडिटी में ट्रेड करना है किसके साथ ट्रेड करना है
[33:24] ट्रेड करना है किसके साथ ट्रेड करना है किसको लोन देना है क्या क्या चेक करके लोन
[33:26] किसको लोन देना है क्या क्या चेक करके लोन दे क्या क्या चेक करके लोन नहीं देना उससे
[33:29] दे क्या क्या चेक करके लोन नहीं देना उससे क्या होगा अगर बैंक रेगुलेटेड है तो मिस
[33:31] क्या होगा अगर बैंक रेगुलेटेड है तो मिस प्रैक्टिसेस में नहीं जाएगा मिस
[33:33] प्रैक्टिसेस में नहीं जाएगा मिस प्रैक्टिसेस में नहीं जाएगा तो ओबवियसली
[33:34] प्रैक्टिसेस में नहीं जाएगा तो ओबवियसली बैंक के ऊपर जो आने वाले रिस्क है वो
[33:36] बैंक के ऊपर जो आने वाले रिस्क है वो ऑटोमेटिक कम हो जाएंगे बैंक के ऊपर आने
[33:38] ऑटोमेटिक कम हो जाएंगे बैंक के ऊपर आने वाले रिस्क कम हो गए तो जो हम डिपॉजिटर्स
[33:40] वाले रिस्क कम हो गए तो जो हम डिपॉजिटर्स है जो बैंक के एक्चुअल क्रेडिटर्स है उनके
[33:41] है जो बैंक के एक्चुअल क्रेडिटर्स है उनके ऊपर आने वाले रिस्क कम हो चुके हैं थर्ड
[33:43] ऊपर आने वाले रिस्क कम हो चुके हैं थर्ड इज अवॉइडिंग मिस यूज ऑफ बैंक मिस यूज ऑफ
[33:46] इज अवॉइडिंग मिस यूज ऑफ बैंक मिस यूज ऑफ बैंक्स क्या मिसयूज ऑफ बैंक्स के अंदर
[33:48] बैंक्स क्या मिसयूज ऑफ बैंक्स के अंदर क्या होता है जैसे कि सपोज इसके अंदर
[33:50] क्या होता है जैसे कि सपोज इसके अंदर एग्जांपल ली गई है लरिंग द प्रोसीड्स टू
[33:52] एग्जांपल ली गई है लरिंग द प्रोसीड्स टू क्राइम लोंग प्रोसीड टू क्राइम क्या
[33:54] क्राइम लोंग प्रोसीड टू क्राइम क्या बेसिकली जो क्रिमिनल प्रोसीड आती है उनको
[33:57] बेसिकली जो क्रिमिनल प्रोसीड आती है उनको चैनला इज करके लीगल कर देना एक पैसा है जो
[34:00] चैनला इज करके लीगल कर देना एक पैसा है जो इलीगल है वो कैश में है जब वो बैंकिंग
[34:02] इलीगल है वो कैश में है जब वो बैंकिंग सिस्टम में आ जाता है वो पैसा लीगल हो
[34:04] सिस्टम में आ जाता है वो पैसा लीगल हो जाता है तो अब उन इन चीजों को मिसयूज इस
[34:08] जाता है तो अब उन इन चीजों को मिसयूज इस चीजों को इस चीज का मिसयूज होने से बचाने
[34:10] चीजों को इस चीज का मिसयूज होने से बचाने के लिए भी रेगुलेशन लेके आना बहुत जरूरी
[34:12] के लिए भी रेगुलेशन लेके आना बहुत जरूरी है उसके अलावा बैंकिंग कॉन्फिडेंशियल सो
[34:15] है उसके अलावा बैंकिंग कॉन्फिडेंशियल सो सपोज बैंकिंग कॉन्फिडेंशियल मतलब बैंक के
[34:17] सपोज बैंकिंग कॉन्फिडेंशियल मतलब बैंक के सीक्रेट्स है वो मेंटेन करके रखना बैंक के
[34:19] सीक्रेट्स है वो मेंटेन करके रखना बैंक के सीक्रेट्स मेंटेन करके रखना मतलब जिन
[34:21] सीक्रेट्स मेंटेन करके रखना मतलब जिन लोगों ने उनके अंदर पैसा डाला है जिन
[34:23] लोगों ने उनके अंदर पैसा डाला है जिन लोगों ने उनसे लोन लिया है बैंक प टस्ट
[34:25] लोगों ने उनसे लोन लिया है बैंक प टस्ट करके लिया है कि जो हमारी इंफॉर्मेशन है
[34:27] करके लिया है कि जो हमारी इंफॉर्मेशन है कहीं शेयर नहीं होगी उसके अलावा हम ये भी
[34:29] कहीं शेयर नहीं होगी उसके अलावा हम ये भी देखते हैं जैसे बैंक से हमसे केवाईसी
[34:31] देखते हैं जैसे बैंक से हमसे केवाईसी इंफॉर्मेशन लेता है उसके अंदर अपनी सारी
[34:33] इंफॉर्मेशन लेता है उसके अंदर अपनी सारी डिटेल्स देते हैं मेरा आधार नंबर क्या है
[34:35] डिटेल्स देते हैं मेरा आधार नंबर क्या है नाम क्या है एड्रेस क्या है फोटोग्राफ
[34:37] नाम क्या है एड्रेस क्या है फोटोग्राफ सिग्नेचर एवरीथिंग पैन नंबर तो अगर वो
[34:40] सिग्नेचर एवरीथिंग पैन नंबर तो अगर वो चीजें कहीं लीक होती है तो एज ए
[34:42] चीजें कहीं लीक होती है तो एज ए इंडिविजुअल मुझे बहुत नुकसान होता है हो
[34:44] इंडिविजुअल मुझे बहुत नुकसान होता है हो सकता है तो उन चीजों को मेंटेन करना
[34:46] सकता है तो उन चीजों को मेंटेन करना सीक्रेसी मेंटेन करना बहुत इंपोर्टेंट है
[34:49] सीक्रेसी मेंटेन करना बहुत इंपोर्टेंट है तो उसके लिए बैंक उसके लिए रेगुलेशंस है
[34:51] तो उसके लिए बैंक उसके लिए रेगुलेशंस है अलग से कि क्या चीज कहां जाएगी कहां
[34:54] अलग से कि क्या चीज कहां जाएगी कहां डिपॉजिट होगी किस तरीके से मेंटेन होगी
[34:57] डिपॉजिट होगी किस तरीके से मेंटेन होगी ताकि वो कहीं जगह लीक ना हो और किसी को भी
[34:58] ताकि वो कहीं जगह लीक ना हो और किसी को भी नुकसान हो फिफ पॉइंट इ क्रेडिट एलोकेशन टू
[35:02] नुकसान हो फिफ पॉइंट इ क्रेडिट एलोकेशन टू डायरेक्ट क्रेडिट टू फेवरेट सेक्टर्स
[35:03] डायरेक्ट क्रेडिट टू फेवरेट सेक्टर्स फेवरेट सेक्टर ऐसे सेक्टर होते हैं जहां
[35:06] फेवरेट सेक्टर ऐसे सेक्टर होते हैं जहां बैंक लोन देना ज्यादा प्रेफर करता है
[35:08] बैंक लोन देना ज्यादा प्रेफर करता है क्योंकि वहां से लोन वापस आने की
[35:10] क्योंकि वहां से लोन वापस आने की प्रोबेबिलिटी ज्यादा है सेकंड चीज वहां से
[35:13] प्रोबेबिलिटी ज्यादा है सेकंड चीज वहां से इंटरेस्ट इनकम बैंक को ज्यादा होती है फॉर
[35:16] इंटरेस्ट इनकम बैंक को ज्यादा होती है फॉर एग्जांपल लाइक हम लेक चलते स्टील
[35:18] एग्जांपल लाइक हम लेक चलते स्टील इंडस्ट्री है तो अगर बैंक चाहता है कि जो
[35:20] इंडस्ट्री है तो अगर बैंक चाहता है कि जो हम लोन दे वो स्टील इंडस्ट्री को ज्यादा
[35:22] हम लोन दे वो स्टील इंडस्ट्री को ज्यादा दे तो बैंक रेगुलेशन ला स बैंक रेगुलेशन
[35:25] दे तो बैंक रेगुलेशन ला स बैंक रेगुलेशन लाता है कि इंडस्ट्री को तुमने फेवर करना
[35:28] लाता है कि इंडस्ट्री को तुमने फेवर करना है इस इंडस्ट्री का में से अगर कोई भी
[35:29] है इस इंडस्ट्री का में से अगर कोई भी तुम्हारे पास लोन लेने आता है तो तुम्ह
[35:31] तुम्हारे पास लोन लेने आता है तो तुम्ह इतने इस इंटरेस्ट पर लोन देना है यह
[35:34] इतने इस इंटरेस्ट पर लोन देना है यह प्रोसेसेस नहीं करनी है यह प्रोसेसस
[35:36] प्रोसेसेस नहीं करनी है यह प्रोसेसस एक्स्ट्रा करनी है एट उसके अलावा बैंक
[35:39] एक्स्ट्रा करनी है एट उसके अलावा बैंक रेगुलेशन लेकर आता है ताकि कस्टमर्स को जो
[35:42] रेगुलेशन लेकर आता है ताकि कस्टमर्स को जो सारे कस्टमर्स उनको एक तरीके से ट्रीट
[35:45] सारे कस्टमर्स उनको एक तरीके से ट्रीट किया जाए लाइक ऐसा ना हो कोई एक कस्टमर है
[35:48] किया जाए लाइक ऐसा ना हो कोई एक कस्टमर है कि उसको बहुत अच्छे से ट्रीट किया जा रहा
[35:50] कि उसको बहुत अच्छे से ट्रीट किया जा रहा है पैरेलल एक कस्टमर है जिसको बुरे तरीके
[35:52] है पैरेलल एक कस्टमर है जिसको बुरे तरीके से ट्रीट किया जा रहा है ऐ ऐसा नहीं होना
[35:54] से ट्रीट किया जा रहा है ऐ ऐसा नहीं होना चाहिए तो उसके लिए बैंक अलग से रेगुलेशन
[35:56] चाहिए तो उसके लिए बैंक अलग से रेगुलेशन लेके आता है उसके अलावा बैंक्स की
[35:59] लेके आता है उसके अलावा बैंक्स की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी होती है
[36:00] कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी होती है कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी का मतलब
[36:03] कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी का मतलब कि बैंक की लोगों की तरफ भी कोई
[36:04] कि बैंक की लोगों की तरफ भी कोई जिम्मेवारी होती है तो बैंक्स वो अपनी
[36:07] जिम्मेवारी होती है तो बैंक्स वो अपनी जिम्मेवारी लोगों की तरफ निभाए उसके लिए
[36:10] जिम्मेवारी लोगों की तरफ निभाए उसके लिए भी रेगुलेशन लेकर आती है लेके आती
[36:13] भी रेगुलेशन लेकर आती है लेके आती गवर्नमेंट ताकि वो चीज बहुत अच्छे से वर्क
[36:16] गवर्नमेंट ताकि वो चीज बहुत अच्छे से वर्क कर सके सो ओके स्टूडेंट्स आज के लिए इतना
[36:19] कर सके सो ओके स्टूडेंट्स आज के लिए इतना ही एक बार हम पूरा रिकप कर लेते हैं कि आज
[36:22] ही एक बार हम पूरा रिकप कर लेते हैं कि आज हमने क्या-क्या पढ़ा है सो हमने सबसे पहले
[36:25] हमने क्या-क्या पढ़ा है सो हमने सबसे पहले जो शुरू करा हमने सबसे पहले आज शुरू करा
[36:28] जो शुरू करा हमने सबसे पहले आज शुरू करा इंपोर्टेंस ऑफ बैंक से इंपोर्टेंस ऑफ
[36:30] इंपोर्टेंस ऑफ बैंक से इंपोर्टेंस ऑफ बैंक्स के अंदर सबसे पहले हमने बैंक की
[36:31] बैंक्स के अंदर सबसे पहले हमने बैंक की डेफिनेशन देखी उसके अलावा उसके अलावा
[36:34] डेफिनेशन देखी उसके अलावा उसके अलावा बैंक्स क्याक करता है किस तरीके से वर्क
[36:36] बैंक्स क्याक करता है किस तरीके से वर्क करता है वो देखा उसके बाद हम आए बैंकिंग
[36:38] करता है वो देखा उसके बाद हम आए बैंकिंग सेटअप के अंदर बैंकिंग सेटअप के अंदर हमने
[36:40] सेटअप के अंदर बैंकिंग सेटअप के अंदर हमने देखा कि रेगुलेटरी अथॉरिटी कौन है और
[36:42] देखा कि रेगुलेटरी अथॉरिटी कौन है और शेड्यूल बैंक क्या होते हैं ऑपरेशनल
[36:43] शेड्यूल बैंक क्या होते हैं ऑपरेशनल अथॉरिटी कौन है और टाइप्स ऑफ बैंक्स
[36:45] अथॉरिटी कौन है और टाइप्स ऑफ बैंक्स किसकिस तरह के बैंक्स इंडिया के अंदर
[36:46] किसकिस तरह के बैंक्स इंडिया के अंदर ऑपरेट करते हैं आठ तरह के बैंक हमने वो
[36:49] ऑपरेट करते हैं आठ तरह के बैंक हमने वो देखे उसके अलावा हम आए रोल ऑफ बैंक्स के
[36:51] देखे उसके अलावा हम आए रोल ऑफ बैंक्स के अंदर रोल ऑफ बैंक्स के अंदर हमने सबसे
[36:53] अंदर रोल ऑफ बैंक्स के अंदर हमने सबसे पहले देखा स्टैंडर्ड एक्टिविटीज स्टैंडर्ड
[36:54] पहले देखा स्टैंडर्ड एक्टिविटीज स्टैंडर्ड एक्टिविटीज वो थी जो बहुत बेसिक लेवल प
[36:56] एक्टिविटीज वो थी जो बहुत बेसिक लेवल प बैंक करता है जैसे कि पेमेंट्स इनेबल
[36:58] बैंक करता है जैसे कि पेमेंट्स इनेबल कराना बोरोंग एक्टिविटीज लैंडिंग
[37:00] कराना बोरोंग एक्टिविटीज लैंडिंग एक्टिविटीज मनी क्रिएट करना एटस उसके
[37:02] एक्टिविटीज मनी क्रिएट करना एटस उसके अलावा हमने देखा कि बैंक कौन सेकन से
[37:04] अलावा हमने देखा कि बैंक कौन सेकन से चैनल्स यूज़ करता है जिसके अंदर जो मेन
[37:06] चैनल्स यूज़ करता है जिसके अंदर जो मेन हमने देखे थे वो थे रिटेल रिटेल लोकेशन जो
[37:08] हमने देखे थे वो थे रिटेल रिटेल लोकेशन जो ब्रांच होती है एटीएम हो गए कॉल सेंटर्स
[37:11] ब्रांच होती है एटीएम हो गए कॉल सेंटर्स फोन नेट बैंकिंग एटस उसके बाद हमने देखा
[37:14] फोन नेट बैंकिंग एटस उसके बाद हमने देखा कि बैंक्स चैनल्स के साथ-साथ कुछ
[37:16] कि बैंक्स चैनल्स के साथ-साथ कुछ इंटरमीडिएट भी यूज़ करता है उसके अलावा
[37:18] इंटरमीडिएट भी यूज़ करता है उसके अलावा हमने कुछ मिसलेनियस पॉइंट्स देखे जिसके
[37:20] हमने कुछ मिसलेनियस पॉइंट्स देखे जिसके अंदर हमने ये देखा कि मार्केट कंडीशंस को
[37:22] अंदर हमने ये देखा कि मार्केट कंडीशंस को देखते हुए बैंक्स ने खुद को कैसे अडॉप्ट
[37:24] देखते हुए बैंक्स ने खुद को कैसे अडॉप्ट करा है उसके अलावा रिस्क रिस्क बेस
[37:26] करा है उसके अलावा रिस्क रिस्क बेस प्राइसिंग होती है फिर हमने देखा कि डेबिट
[37:28] प्राइसिंग होती है फिर हमने देखा कि डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड्स भी बैंक इशू करता
[37:31] कार्ड क्रेडिट कार्ड्स भी बैंक इशू करता है उसके अलावा हम इकोनॉमिक फंक्शन के ऊपर
[37:34] है उसके अलावा हम इकोनॉमिक फंक्शन के ऊपर इकोनॉमिक फंक्शन मतलब ऐसे फंक्शन बैंक ऐसे
[37:36] इकोनॉमिक फंक्शन मतलब ऐसे फंक्शन बैंक ऐसे फंक्शन जो पूरी इकॉनमी को इफेक्ट करते हैं
[37:38] फंक्शन जो पूरी इकॉनमी को इफेक्ट करते हैं उसके अंदर हमने देखा कि बैंक क्लीनिंग
[37:40] उसके अंदर हमने देखा कि बैंक क्लीनिंग हाउस फंक्शन परफॉर्म करता है क्रेडिट
[37:41] हाउस फंक्शन परफॉर्म करता है क्रेडिट इंटरमीडिएट होता है
[37:43] इंटरमीडिएट होता है और मनी इशू करता है मनी क्रिएशन हेल्प
[37:46] और मनी इशू करता है मनी क्रिएशन हेल्प करता है ठीक है उसके अलावा हमने देखा कि
[37:49] करता है ठीक है उसके अलावा हमने देखा कि रेगुलेशंस क्या होती है उनकी जरूरत क्या
[37:51] रेगुलेशंस क्या होती है उनकी जरूरत क्या होती है और कौन सेकन से रिस्क बैंक फेस
[37:54] होती है और कौन सेकन से रिस्क बैंक फेस करता है रिस्क के अंदर हमने जो मेजर रिस्क
[37:56] करता है रिस्क के अंदर हमने जो मेजर रिस्क रि बैंक के देखे वो थे क्रेडिट रिस्क
[37:58] रि बैंक के देखे वो थे क्रेडिट रिस्क लिक्विडिटी रिस्क मार्केट रिस्क ऑपरेशनल
[38:00] लिक्विडिटी रिस्क मार्केट रिस्क ऑपरेशनल रिस्क रेपुटेशन रिस्क मैक्रोइकोनॉमिक
[38:02] रिस्क रेपुटेशन रिस्क मैक्रोइकोनॉमिक रिस्क एंड फिर हमने देखा कि कैपिटल
[38:05] रिस्क एंड फिर हमने देखा कि कैपिटल रिक्वायरमेंट जो बैंक को सीआरआर एसएलआर के
[38:07] रिक्वायरमेंट जो बैंक को सीआरआर एसएलआर के अंदर रखनी होती है उसके अलावा नीट फॉर
[38:09] अंदर रखनी होती है उसके अलावा नीट फॉर रेगुलेशंस हमने आठ पॉइंट देखे कि बैंक के
[38:11] रेगुलेशंस हमने आठ पॉइंट देखे कि बैंक के अंदर रेगुलेशंस की क्या जरूरत है जिसके
[38:13] अंदर रेगुलेशंस की क्या जरूरत है जिसके अंदर जो मेन वोस की ट्रांसपेरेंसी होनी
[38:15] अंदर जो मेन वोस की ट्रांसपेरेंसी होनी चाहिए ट्रांसपेरेंसी लेके आती है क्लेरिटी
[38:17] चाहिए ट्रांसपेरेंसी लेके आती है क्लेरिटी आती
[38:18] आती है नेशनल ग्लोबल इकोनॉमिक स्टेबिलिटी के
[38:21] है नेशनल ग्लोबल इकोनॉमिक स्टेबिलिटी के लिए एंड बैंक्स आर एक्चुअली टू बिग टू फॉल
[38:24] लिए एंड बैंक्स आर एक्चुअली टू बिग टू फॉल उसके अलावा हमने जो लास्ट टॉपिक देखा दैट
[38:26] उसके अलावा हमने जो लास्ट टॉपिक देखा दैट वाज ऑब्जेक्टिव ऑफ रेगुलेशंस कि एक
[38:28] वाज ऑब्जेक्टिव ऑफ रेगुलेशंस कि एक रेगुलेशन लेके आने के ऑब्जेक्टिव क्या थे
[38:30] रेगुलेशन लेके आने के ऑब्जेक्टिव क्या थे हमने छह उसके ऑब्जेक्टिव देखे जो द नट शल
[38:33] हमने छह उसके ऑब्जेक्टिव देखे जो द नट शल ऑब्जेक्टिव इज कि हमने रिस्क को कम करना
[38:35] ऑब्जेक्टिव इज कि हमने रिस्क को कम करना है नेट शेल ऑफ रेगुलेशन इस कि हमने रिस्क
[38:37] है नेट शेल ऑफ रेगुलेशन इस कि हमने रिस्क को कम करना है सो दैट्ची