# AIIMS NORCET 9 | MSN Cardiology | ONE SHOT AAROGYAM Series | NORCET 9 Preparation #norcet #norcet9

https://www.youtube.com/watch?v=mk9HnC_Nsrs
Translation: en

[00:00] गुड इवनिंग टू ऑल।
  Good evening to all.

[00:00] कैसे हैं आप सब?
  How are you all?

[00:06] नसेट न आरोग्यम वन शॉट एमएसए कार्डियोलॉजी की इस क्लास में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
  Welcome to this class of NSET N Arogyam One Shot MSA Cardiology.

[00:14] और मैं उम्मीद करूंगा कि इस क्लास को देखने के बाद डेफिनेटली आपके विचार कार्डियोलॉजी की तरफ जरूर सोचेंगे आप
  And I hope that after watching this class, you will definitely think about cardiology.

[00:21] कि आगे जाकर कभी हमने फदर अगर पढ़ना है तो कार्डियोलॉजी से पढ़ना है।
  That in the future, if we ever have to study further, we have to study cardiology.

[00:29] तो आज की इस क्लास में मैं कोशिश करूंगा ज़ीरो से लेके एंड तक वह सारी बातें बताने की।
  So in today's class, I will try to tell you all those things from zero to the end.

[00:37] चाहे कोई बात नहीं कितना भी टाइम लग जाए।
  No matter how much time it takes.

[00:39] समय की कोई पाबंदी नहीं।
  There is no time limit.

[00:42] मेरे पास नहीं है।
  I don't have it.

[00:42] तो आपके पास भी आज अगर क्लास पढ़ने बैठे तो थोड़ा समय लेके बैठे।
  So if you also sit down to study the class today, sit with a little time.

[00:48] क्योंकि छोटा सा समय ना कई बार हमारी पूरी जिंदगी को सवारने के लिए काफी होता है।
  Because a little time is often enough to improve our entire life.

[00:57] यस।
  Yes.

[00:59] आज मैं डेफिनेटली बहुत सारी चीजों के बारे
  Today I will definitely talk about many things.

[01:03] में बातचीत करूंगा।
  I will talk.

[01:06] कार्डियोलॉजी के अंदर हम पढ़ते तो हैं।
  Inside cardiology, we do study.

[01:09] हम मुस्तैच साइन भी पढ़ेंगे।
  We will also study the Mustach sign.

[01:12] हम बुरगाडा सिंड्रोम भी पढ़ेंगे।
  We will also study Bourgainvillea syndrome.

[01:14] हम ईसीजी के अंदर एट्रियल फ्लटर से लेके एट्रियल फिब्रिलेशन
  Inside the ECG, from atrial flutter to atrial fibrillation,

[01:18] वेंट्रिकुलर टेकीकारार्डिया से लेके
  from ventricular tachycardia to

[01:20] एसवीटी और वेंट्रिकुलर टैकीकारिकार्डिया
  SVT and ventricular tachycardia

[01:23] के मैनेजमेंट तक सब कुछ देखेंगे।
  we will look at everything up to the management.

[01:25] ईसीजी में हार्ट रेट कैसे निकालते हैं?
  How is heart rate calculated in an ECG?

[01:28] कार्डियोलॉजी की एनाटमी और फिजियोलॉजी क्या है?
  What is the anatomy and physiology of cardiology?

[01:31] कार्डियक साइकिल क्या है?
  What is the cardiac cycle?

[01:33] कंडक्शन सिस्टम क्या है?
  What is the conduction system?

[01:33] और डिजीज कंडीशन।
  And disease conditions.

[01:36] यहां तक कि आर्टरी और वेन में अंतर भी देखेंगे।
  We will even look at the difference between arteries and veins.

[01:41] तो एक बार मैं चाहूंगा अगर आप सब लोग तैयार हैं तो फिर आज की इस क्लास को शुरू करते हैं।
  So, once, I would like, if you all are ready, then let's start today's class.

[01:45] मैं चाहता हूं कि आप एक कॉपी और एक पेन लेकर जरूर बैठे
  I want you to definitely sit with a copy and a pen,

[01:48] और जिनको लगता है कि वो पूरी क्लास नहीं कर पाएंगे आज।
  and for those who feel they won't be able to complete the class today.

[01:51] उनके पास समय नहीं है।
  They don't have time.

[01:51] कोई बात नहीं अपना टाइम वेस्ट मत कीजिए।
  No problem, don't waste your time.

[01:53] अभी रेस्ट ले लीजिए।
  Take rest now.

[01:57] जब आप फ्री होंगे तो पूरी क्लास को एक साथ देखिएगा।
  When you are free, watch the entire class at once.

[02:00] डेफिनेटली आपको बेनिफिट मिलेगा।
  You will definitely get the benefit.

[02:05] सर आज तो बहुत खुश हो रहे हैं।
  Sir is very happy today.

[02:08] क्या बात है?
  What is the matter?

[02:08] बहुत बढ़िया।
  Very good.

[02:10] इससे अच्छी बात क्या हो सकती है कि मौका मिला आप लोगों के साथ वापस से दोबारा बहुत दिनों के बाद मिलने का।
  What could be better than getting an opportunity to meet you all again after a long time.

[02:14] चलो बहुत अच्छा लग रहा है।
  Okay, it feels very good.

[02:18] चलिए फिर शुरू करते हैं।
  Let's start then.

[02:21] आपके इस कॉन्फिडेंस को चांद पर ले जाने का काम करते हैं।
  Let's work on taking your confidence to the moon.

[02:23] और हर क्लास का वन शॉट आपको मिलेगा।
  And you will get a one-shot for every class.

[02:25] और वन शॉट का मतलब यह नहीं कि आधे घंटे के अंदर सब कुछ पढ़ा दिया।
  And one-shot does not mean that everything is taught within half an hour.

[02:27] हां, थोड़ी स्पीड फास्ट हो सकती है।
  Yes, the speed can be a little fast.

[02:33] पर यह क्लास आपके लिए बहुत इंपॉर्टेंट रहने वाली है।
  But this class is going to be very important for you.

[02:35] चलिए फिर बिना देरी के शुरू करते हैं इस क्लास को।
  So let's start this class without delay.

[02:40] ठीक है?
  Okay?

[02:43] और बिल्कुल तैयार रहिए।
  And be absolutely ready.

[02:45] बीच-बीच में इरिटेट मत होइएगा।
  Don't get irritated in between.

[02:45] इधर-उधर मत जाइएगा।
  Don't go here and there.

[02:48] बीच में हो सकता है कुछ कई बार कुछ विभिन्न-विभिन्न तरीके के प्राणी आ जाते हैं।
  In between, it is possible that sometimes various types of creatures appear.

[02:52] तो उनको बहुत ज्यादा दिमाग में नहीं रखना है।
  So don't pay too much attention to them.

[02:54] केवल अपना पढ़ना है।
  Just focus on your studies.

[02:56] ठीक है?
  Okay?

[02:58] सर ईसीजी प्रैक्टिस करवा दीजिए।
  Sir, please conduct ECG practice.

[03:00] आज ईसीजी की ऐसी क्लास लूंगा टेंशन मत लो।
  Today I will take such an ECG class, don't worry.

[03:02] लेकिन पढ़ाऊंगा जीरो से लेके एंड तक।
  But I will teach from zero to the end.

[03:02] वापस से शुरू करते हैं आज की
  Let's start again today's

[03:06] क्लास को।
  To the class.

[03:09] देखिए टॉपिक्स में सबसे पहला टॉपिक ब्लड वेसल से स्टार्ट करते हैं जो आपको और मेरे लिए दोनों के लिए इंपॉर्टेंट है।
  Look, among the topics, let's start with the very first topic, blood vessels, which is important for both you and me.

[03:18] चलिए फिर सबसे पहले हम कार्डियोवस्कुलर सिस्टम की बात कर रहे हैं।
  So, first of all, we are talking about the cardiovascular system.

[03:20] तो कार्डियो का मतलब क्या है?
  So what does cardio mean?

[03:22] कार्डियो का मतलब तो आपने यह देखा होगा।
  You must have seen this meaning of cardio.

[03:24] ये हार्ट जैसा स्ट्रक्चर आपको दिखाई दे रहा है।
  This structure that looks like a heart is visible to you.

[03:27] हार्ट जैसा नहीं यह हार्ट ही है।
  It's not like a heart, it is the heart.

[03:29] और हार्ट से जो ब्लड को ले जा रहे हैं ये ब्लड वेसल ये बॉडी में ले जाते हैं।
  And these blood vessels that carry blood from the heart, they take it into the body.

[03:33] एक इंसान की बॉडी में ले जाते हैं।
  They take it into a person's body.

[03:38] तो कार्डियोवस्कुलर सिस्टम दो वर्ड से मिलके बना है।
  So the cardiovascular system is made up of two words.

[03:41] कार्डियो मींस हार्ट और वस्कुलर मतलब ब्लड वेसल्स।
  Cardio means heart and vascular means blood vessels.

[03:44] ब्लड वेसल में आर्टरी भी आ सकती है, वेन भी आ सकती है।
  Blood vessels can include arteries and veins.

[03:51] तो हार्ट के बारे में तो हम बात करेंगे ही करेंगे।
  So we will definitely talk about the heart.

[03:54] सबसे पहले ब्लड वेसल क्या है?
  First, what is a blood vessel?

[03:57] यहां से शुरू करते हैं।
  Let's start from here.

[04:00] सबसे पहले आपसे सवाल अगर कभी पूछा जाएगा कि सर बताइए ब्लड वेसल्स क्या है?
  First of all, if you are ever asked the question, 'Sir, tell us, what are blood vessels?'

[04:03] तो आप क्या बोलोगे?
  Then what will you say?

[04:07] याद रखना ब्लड वेसल्स का सिंपल और साफ मतलब बस इतना सा है।
  Remember, the simple and clear meaning of blood vessels is just this.

[04:10] यह पाइप लाइक स्ट्रक्चर है।
  It is a pipe-like structure.

[04:13] दूसरे पेन से लिख देता हूं।
  I will write with another pen.

[04:17] यह जस्ट अ पाइप लाइक स्ट्रक्चर।
  It's just a pipe-like structure.

[04:21] यह पाइप लाइक स्ट्रक्चर हैं दोस्तों।
  These are pipe-like structures, friends.

[04:24] पाइप लाइक स्ट्रक्चर हैं।
  They are pipe-like structures.

[04:28] यह पाइप लाइक स्ट्रक्चर होते हैं जो ब्लड ट्रांसपोर्टेशन का काम करते हैं।
  These are pipe-like structures that do the work of blood transportation.

[04:34] ब्लड को ट्रांसपोर्टेशन का कार्य करते हैं।
  They perform the function of transporting blood.

[04:37] उनको बोला जाता है ब्लड वेसल्स।
  They are called blood vessels.

[04:40] ओके सर।
  Okay sir.

[04:40] ट्रांसपोर्टेशन मतलब कहां से?
  Transportation means from where?

[04:44] फ्रॉम हार्ट टू बॉडी।
  From heart to body.

[04:49] आपके हार्ट से जो बॉडी की तरफ ले जाएगा उसको बोला जाता है बॉडी या फिर किसी भी ऑर्गन की तरफ अगर ले जाते हैं तो उनको बोला जाता है आर्टरी
  What takes from your heart towards the body is called the body, or if it goes towards any organ, they are called arteries.

[05:01] हार्ट से अगर बॉडी की तरफ या फिर किसी भी ऑर्गन की तरफ जाता है
  If it goes from the heart towards the body or towards any organ

[05:08] कोई भी पाइप लाइक स्ट्रक्चर तो उसे बोला जाता है आर्टरी और दूसरी बात अगर मैं बोलूं अगर फ्रॉम ऑर्गन या बॉडी आपकी बॉडी से या किसी ऑर्गन से टुवर्ड्स हार्ट आता है।
  Any pipe-like structure is called an artery, and secondly, if I say, if it comes from an organ or the body, from your body or from any organ, towards the heart.

[05:23] हार्ट की तरफ आता है तो उसे बोला जाता है वेन।
  If it comes towards the heart, it is called a vein.

[05:31] तो हमने क्या पढ़ा सबसे पहले? ब्लड वेसल के बारे में डिस्कस कर रहे हैं दोस्तों।
  So what did we read first? We are discussing blood vessels, friends.

[05:36] ब्लड वेसल्स वो पाइप जैसे स्ट्रक्चर्स हैं जो ब्लड को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं।
  Blood vessels are those pipe-like structures that carry blood from one place to another.

[05:43] जैसे हार्ट से पूरी बॉडी में ले जा रहे हैं तो वो आर्टरी कहलाते हैं।
  For example, if they are going from the heart to the entire body, they are called arteries.

[05:48] ऐसे पाइप जो हार्ट से निकल रहे हैं और पूरी बॉडी या किसी ऑर्गन पे लेके जा रहे हैं।
  Such pipes that are coming out of the heart and going to the entire body or any organ.

[05:56] जैसे अगर वो लंग्स पे लेके जा रहे हैं तो भी वो आर्टरी है।
  For example, if they are going to the lungs, they are also arteries.

[05:58] अगर वो बॉडी में किसी भी ऑर्गन पे लेके जाती है तो भी वो आर्टरी है।
  If it goes to any organ in the body, it is also an artery.

[06:03] और अगर बॉडी के किसी भी ऑर्गन से वापस हार्ट की तरफ आती है तो वह वेन है।
  And if it comes back from any organ of the body towards the heart, then it is a vein.

[06:07] कई
  Many

[06:09] स्टूडेंट्स को ऐसा लगता है नहीं सर यह ऑक्सीजन वाला होता है।
  Students think no sir, this is the oxygen one.

[06:11] यह दूसरा यह वाला होता है।
  This is the other one.

[06:14] ये ठीक है?
  Is this okay?

[06:18] तो मेरी बात को ध्यान से सुन लीजिए।
  So listen to me carefully.

[06:21] केवल पहला अंतर यह डिस्कस करना है।
  We only need to discuss the first difference.

[06:25] अगर आपकी ब्लड वेसल्स हार्ट से दूर जा रही हैं।
  If your blood vessels are going away from the heart.

[06:29] अवे फ्रॉम द हार्ट।
  Away from the heart.

[06:33] याद रखना आप यह बोल सकते हो अवे फ्रॉम हार्ट।
  Remember, you can say this is away from the heart.

[06:36] दिल से दूर जाने वाले लोगों को हम आर्टरी बोल सकते हैं।
  We can call the vessels going away from the heart arteries.

[06:39] और जो पूरे बॉडी से हार्ट की तरफ आते हैं तो उसको बोला जाता है क्या?
  And what are the vessels that come from the whole body towards the heart called?

[06:42] वेन।
  Veins.

[06:46] यस।
  Yes.

[06:49] आगे की कहानी।
  The story continues.

[06:51] अब सिंपल सा मैं आपको चाहूंगा कि इसमें कुछ डिफरेंस आपको बता दूं।
  Now, simply, I would like to tell you some differences.

[06:53] आपको इसमें कुछ डिफरेंस बताने की कोशिश करता हूं।
  I will try to tell you some differences in this.

[06:57] तो एक तरफ मैं लिखूंगा आर्टरी।
  So on one side I will write artery.

[07:00] एक तरफ मैं लिखूंगा आर्टरी जो कि इस कलर में नहीं दिख रहा है।
  On one side I will write artery, which is not visible in this color.

[07:02] तो मैं दूसरा कलर ट्राई करूंगा।
  So I will try another color.

[07:05] आर्टरी यह भी नहीं दिखेगा।
  Artery, this will also not be visible.

[07:05] तो हम ग्रीन वाला यूज करेंगे।
  So we will use the green one.

[07:05] जी हां, यह
  Yes, this

[07:09] दिखा मुझे आर्टरी और दूसरा मैं इस तरफ वेन
  Show me the artery and the other one, I am writing vein this way.

[07:13] लिख रहा हूं।
  I am writing.

[07:16] अब ध्यान दीजिए क्या-क्या अंतर है।
  Now pay attention to what the differences are.

[07:20] सबसे पहला अंतर तो हमने यही बोला कि पहला अंतर तो वही लिखेंगे आप जो है।
  The very first difference, we have said this, that the first difference you will write is what it is.

[07:23] क्या है?
  What is it?

[07:26] आर्टरी वो है जो ब्लड ट्रांसपोर्ट करती है।
  Artery is that which transports blood.

[07:29] जबकि वेन में यह भी ब्लड को ट्रांसपोर्ट करती है।
  Whereas, the vein also transports blood.

[07:33] लेकिन कहां से कहां?
  But from where to where?

[07:36] हार्ट टू बॉडी या बॉडी के ऑर्गन।
  From the heart to the body or to the body's organs.

[07:43] यह भी ब्लड को क्या करती है?
  What does it do with the blood?

[07:53] फ्रॉम बॉडी टू हार्ट।
  From the body to the heart.

[07:54] पहला अंतर जो सबको आना चाहिए।
  The first difference that everyone should know.

[07:58] ओके?
  Okay?

[08:03] नेक्स्ट सेकंड वन। दूसरा पॉइंट। दूसरा पॉइंट।
  Next, the second one. Second point. Second point.

[08:07] अब एक और चीज आपको ध्यान रखनी है।
  Now, there is one more thing you need to keep in mind.

[08:07] आर्टरी की खास बात क्या है?
  What is special about an artery?

[08:07] जब
  When

[08:10] आप देखोगे अपनी स्किन के ऊपर तो आपको आर्टरी नहीं दिखाई देंगी।
  If you look at your skin, you will not see arteries.

[08:12] क्योंकि आर्टरी हमेशा डीपर होती है।
  Because arteries are always deeper.

[08:15] जब आपने कभी एबीजी अगर लिया हो तो आपको जो सिरिंज होती है उसका नीडल होता है उसको बहुत ही अंदर की तरफ ऐसे क्या करना होता है?
  When you have taken an ABG, the needle of the syringe has to be inserted very deep inside like this?

[08:22] इंसर्ट करना पड़ता है।
  It has to be inserted.

[08:24] क्योंकि आर्टरी डीपर पाई जाती हैं।
  Because arteries are found deeper.

[08:27] तो आर्टरी होती है डीपर।
  So, arteries are deeper.

[08:29] जबकि वेंस को जब भी आप देखोगे तो वेन आपको ऊपर ही मिल जाएगी।
  Whereas when you look at veins, you will find the vein on the surface.

[08:39] जहां पे आप कैनुला लगाते हो वो क्या है?
  Where you put the cannula, what is that?

[08:42] सुपरफिशियल।
  Superficial.

[08:44] दूसरा अंतर ये हो गया।
  This is the second difference.

[08:47] आर्टरी बहुत ही डीप रहती है और वेन आपके सुपरफिशियल रहते हैं।
  Arteries remain very deep and veins remain superficial to you.

[08:51] यस।
  Yes.

[08:55] तीसरी खास बात।
  The third special point.

[09:00] अब डायरेक्टली जिसको हार्ट पंप करता है वो कौन है?
  Now, who does the heart directly pump into?

[09:03] आर्टरी।
  Arteries.

[09:05] आर्टरी में हार्ट का पंप किया हुआ ब्लड जाता है।
  The blood pumped by the heart goes into the arteries.

[09:08] तो हमेशा आर्टरी के अंदर अगर आप देखोगे, आर्टरी के अंदर प्रेशर ज्यादा होगा।
  So, if you always look inside the artery, the pressure inside the artery will be higher.

[09:11] आर्टरी के अंदर प्रेशर हमेशा ज्यादा होगा।
  The pressure inside the artery will always be higher.

[09:17] क्यों ज्यादा होगा?
  Why will it be higher?

[09:19] क्योंकि हार्ट डायरेक्टली आर्टरी में या अरोटा में पंप करता है।
  Because the heart pumps directly into the artery or the aorta.

[09:25] जबकि वेन के अंदर आप देखोगे वेन के अंदर तो कम प्रेशर रहता है कंपैरेटिवली।
  Whereas inside the vein, if you look, the pressure inside the vein is comparatively less.

[09:30] किसके? कंपैरेटिवली किसके?
  Compared to what? Compared to what?

[09:34] तो यह बात बहुत अच्छे से याद रखना।
  So remember this point very well.

[09:37] 1 मिनट का टाइम दें।
  Give me 1 minute.

[09:41] आर्टरी के अंदर क्या रहता है सर?
  What is inside the artery, sir?

[09:41] प्रेशर बहुत ज्यादा।
  A lot of pressure.

[09:44] वेन के अंदर क्या रहता है सर?
  What is inside the vein, sir?

[09:44] प्रेशर बहुत कम।
  Very little pressure.

[09:47] आर्टरी के अंदर प्रेशर ज्यादा।
  More pressure inside the artery.

[09:50] वेन के अंदर प्रेशर कम।
  Less pressure inside the vein.

[09:55] ओके।
  Okay.

[09:55] और बताइए अगला अंतर।
  And tell me the next difference.

[09:58] जब तक बोर्ड दोबारा ओपन हो रहा है।
  While the board is reopening.

[10:05] मुझे जल्दी से बताओ इलास्टिसिटी किसकी ज्यादा है?
  Tell me quickly, whose elasticity is greater?

[10:10] आर्टरी की या वेन की?
  Of the artery or the vein?

[10:10] पहला मेरा क्वेश्चन।
  That's my first question.

[10:14] ठीक है?
  Okay?

[10:16] प्रेशर आर्टरी के अंदर ज्यादा होता है।
  Pressure is higher inside the artery.

[10:19] तो लिखो इंक्रीस प्रेशर इन आर्टरी।
  So write increase pressure in artery.

[10:19] डिक्रीज प्रेशर इन वेन।
  Decrease pressure in vein.

[10:23] अगला मुझे बताओ ज्यादा इलास्टिसिटी कौन होता है?
  Next, tell me who has more elasticity?

[10:26] ज्यादा इलास्टिसिटी क्या होता है?
  What is more elasticity?

[10:29] जल्दी से बताओ।
  Tell me quickly.

[10:31] ज्यादा इलास्टिसिटी वाला क्या होता है?
  What is the one with more elasticity?

[10:31] 1 मिनट।
  1 minute.

[10:52] एक मिनट का समय दें।
  Give me one minute.

[11:44] अरे कोई बात नहीं दो मिनट रुको।
  Oh, it's okay, wait two minutes.

[11:47] आर्टरी थिक होती है और इलास्टिसिटी वाली होती है।
  The artery is thick and has elasticity.

[11:49] ठीक है?
  Okay?

[11:51] और वेन वेन बताओ टेंशन मत लो।
  And the vein, vein, tell me, don't worry.

[11:54] वही वाला चैप्टर सीधे खोलूंगी जहां पे बंद हुआ था वहीं पे खोलेंगे।
  I will open the same chapter directly where it was closed, we will open it there.

[11:59] ठीक है?
  Okay?

[11:59] तो परेशान नहीं होना है।
  So don't be troubled.

[12:21] ओके तो हम यही तो पढ़ रहे थे और हम एक तरफ लिख रहे थे आर्टरी और एक तरफ लिख रहे थे वेन।
  Okay, so we were studying this, and on one side we were writing artery and on the other side we were writing vein.

[12:27] ओके।
  Okay.

[12:27] तो हमने बोला आर्टरी के अंदर प्रेशर ज्यादा होता है।
  So we said that the pressure inside the artery is high.

[12:30] वेन के अंदर अगर हम देखेंगे तो प्रेशर कम होता है।
  If we look inside the vein, the pressure is low.

[12:33] अब चौथा पॉइंट देख लेते हैं।
  Now let's look at the fourth point.

[12:36] अब मैंने चौथी जो बात करी ना वो बात करी इलास्टिसिटी की।
  Now the fourth thing I talked about was elasticity.

[12:43] इलास्टिसिटी
  Elasticity

[12:44] की।
  Yes.

[12:44] अब मुझे बताओ किस में इलास्टिसिटी ज्यादा होनी चाहिए।
  Now tell me, in which should elasticity be more?

[12:48] अगर किसी में प्रेशर ज्यादा है।
  If the pressure is more in something.

[12:51] अगर वह हार्ड हुई तो फट जाएगी।
  If it becomes hard, it will burst.

[12:54] याद रखना इलास्टिसिटी उसी में ज्यादा होगी जिसके अंदर प्रेशर ज्यादा होगा।
  Remember, elasticity will be more in that which has more pressure inside.

[12:59] तो ज्यादा इलास्टिसिटी होती है आर्टरी के अंदर।
  So, more elasticity is found inside the artery.

[13:04] दूसरा इलास्टिसिटी ज्यादा होती है।
  Secondly, elasticity is more.

[13:04] प्रेशर ज्यादा होता है।
  Pressure is more.

[13:07] तो यह फटे ना इसलिए इसको नेचर ने थिक भी बनाया है।
  So that it doesn't burst, nature has also made it thick.

[13:10] याद रखना आर्टरी इलास्टिसिटी वाली होती है।
  Remember, the artery is elastic.

[13:14] इसमें ज्यादा इलास्टिसिटी होती है क्योंकि प्रेशर ज्यादा होता है तो बहुत अच्छे से इलास्टिसिटी बन जाती है उसमें।
  It has more elasticity because the pressure is high, so elasticity develops very well in it.

[13:19] क्लियर?
  Clear?

[13:23] हां।
  Yes.

[13:23] अब अगर आप इधर उल्टी तरफ देखोगे तो वेन को ज्यादा इलास्टिसिटी होने की जरूरत नहीं है और दूसरा ज्यादा मोटा होने की भी जरूरत नहीं है।
  Now, if you look on the opposite side here, the vein does not need to have much elasticity, and secondly, it does not need to be very thick.

[13:33] तो वेन आपको जनरली थिन दिखेगी और लेस इलास्टिसिटी वाली मिलेगी।
  So, you will generally find the vein to be thin and with less elasticity.

[13:40] चार पॉइंट क्लियर हो गए।
  Four points are clear.

[13:43] पांचवा पॉइंट बताता हूं
  I will tell you the fifth point.

[13:45] बिना टाइम को वेस्ट किए।
  Without wasting time.

[13:49] अगर आप देखोगे आर्टरी का ल्यूमन आर्टरी के अंदर लिखना ल्यूमन।
  If you look at the lumen of the artery, writing inside the artery is the lumen.

[13:52] ल्यूमन मतलब सपोज यह एक आर्टरी है तो आर्टरी के अंदर जो खोखला स्थान है यह वाला जो पार्ट है बीच वाला ये वाला जो पार्ट है यहां से लेके यहां तक ये ल्यूमन है ये क्या है सर ये है ल्यूमन
  Lumen means suppose this is an artery, then the hollow space inside the artery, this part, the middle part, this part from here to here, this is the lumen. What is this, sir? This is the lumen.

[14:08] तो आर्टरी के अंदर आप जब भी ल्यूमन देखोगे तो ल्यूमन नैरो होगा कंपैरेटिवली वेन के।
  So, when you see the lumen inside the artery, the lumen will be narrow comparatively to the vein.

[14:11] वेन के कंपैरेटिवली यह क्या होगा।
  Comparatively to the vein, what will this be?

[14:27] ओके।
  Okay.

[14:31] तो जब आप देखोगे वेन के अंदर तो वेन का ल्यूमन ज्यादा बड़ा होता है।
  So, when you look inside the vein, the vein's lumen is larger.

[14:38] तो आर्टरी का ल्यूमन कम होगा।
  So the artery's lumen will be less.

[14:42] वेन का ल्यूमन ज्यादा होगा।
  The vein's lumen will be more.

[14:45] आर्टरी का व्यूमन कम होगा और वेन का जो ल्यूमन होगा वो ज्यादा
  The artery's lumen will be less and the vein's lumen will be more.

[14:48] होता है।
  It happens.

[14:48] ल्यूमन मतलब अंदर का स्पेस।
  Lumen means the inner space.

[14:52] आप नैरो और वाइड भी बोल सकते हैं।
  You can also call it narrow and wide.

[14:55] डेफिनेटली आप इसको वाइड बोल सकते हैं।
  Definitely you can call this wide.

[14:59] वाइड बोल सकते हैं आप इसको और इसको आप
  You can call this wide and you can call this

[15:02] इसको आप नैरो भी बोल सकते हैं।
  You can also call this narrow.

[15:05] क्लियर है?
  Is it clear?

[15:08] एक और अंतर बताता हूं।
  I will tell you one more difference.

[15:08] अब एक और चीज आती है।
  Now one more thing comes.

[15:12] जब भी आप देखोगे आर्टरी में आर्टरी के
  Whenever you look in the artery, in the artery

[15:17] अंदर जब भी आप देखोगे तो आर्टरी को किसी
  inside, whenever you look, the artery does not need any

[15:20] भी प्रेशर की जरूरत नहीं है क्योंकि इस पे
  pressure because the machine that provides pressure is attached to it.

[15:23] प्रेशर देने वाली मशीन लगी है।
  It goes directly from the heart into the artery.

[15:25] हार्ट से
  The artery does not need any pressure.

[15:25] सीधे आर्टरी के अंदर जाता है।
  So remember

[15:27] आर्टरी को
  its lumen will not have any valves present.

[15:27] किसी भी प्रेशर की जरूरत नहीं है।
  In the artery, no valves.

[15:32] तो याद
  How are valves?

[15:32] रखना इसका जो ल्यूमन होगा उसमें कोई भी
  Suppose this is a vein. So inside the vein

[15:35] वाल्व प्रेजेंट नहीं होंगे।
  small valves like this are found which push the blood forward.

[15:39] आर्टरी के
  In the artery

[15:39] अंदर कोई भी वाल्व वाल्व कैसे होते हैं?

[15:42] ऐसे सपोज यह एक वेन है।

[15:45] तो वेन के अंदर

[15:45] ऐसे छोटे-छोटे वाल्व पाए जाते हैं जो ब्लड

[15:48] को धकेलते हैं आगे की तरफ।

[15:48] आर्टरी में

[15:51] धकेलने की जरूरत नहीं है।
  There is no need to push.

[15:53] आर्टरी में ऑलरेडी प्रेशर ज्यादा है।
  The pressure in the artery is already high.

[15:57] ठीक है?
  Okay?

[15:57] क्लियर?
  Clear?

[16:00] यस।
  Yes.

[16:00] तो याद रखना वेन में वाल्व प्रेजेंट होते हैं।
  So remember, valves are present in veins.

[16:06] आर्टरी में नहीं होते।
  but not in arteries.

[16:11] अगला सवाल सर अगर आपसे पूछा जाए क्या पल्स फील होती है आर्टरी की?
  Next question, sir, if you are asked, is the pulse felt in the artery?

[16:14] जी हां आप जिसके अंदर प्रेशर ज्यादा होगा आपको पल्स फील होगी।
  Yes, where the pressure is high, you will feel a pulse.

[16:18] होगी कि नहीं?
  Will it be or not?

[16:21] अब आप वेन में देखोगे क्योंकि वेन के अंदर प्रेशर कम होता है।
  Now you will see in the vein because the pressure inside the vein is low.

[16:24] तो जब आप नापते हो ना वहां आर्टरी का प्र आर्टरी की पल्स सुनाई देती है।
  So when you measure, the artery's pulse is heard there.

[16:28] वेन में आपको जनरली पल्स नहीं दिखाई देगी।
  In the vein, you will generally not see a pulse.

[16:31] वेन में आपको पल्स नहीं दिखाई देगी।
  In the vein, you will not see a pulse.

[16:34] क्लियर?
  Clear?

[16:37] मैं दोबारा से एक बार बता देता हूं।
  I will explain it once more.

[16:39] हमने आर्टरी और वेन के बीच में डिफरेंस पढ़ा दोस्तों।
  We have read the difference between arteries and veins, friends.

[16:42] क्या होता है?
  What is it?

[16:45] आर्टरी में एब्सेंट वाल्व और वेन में प्रेजेंट वाल्व।
  Absent valves in arteries and present valves in veins.

[16:47] आर्टरी के अंदर ब्लड ट्रांसपोर्ट करते हैं दोनों।
  Both transport blood inside the artery.

[16:50] लेकिन एक हार्ट से दूर ले जाता है वो आर्टरी है।
  But one takes it away from the heart, that is the artery.

[16:50] जो
  Which

[16:52] हार्ट की तरफ ले आता है वो वेन है।
  That which brings it towards the heart is a vein.

[16:56] आर्टरी बहुत डीप होते हैं।
  Arteries are very deep.

[16:59] वेन सुपरफिशियल होते हैं।
  Veins are superficial.

[17:01] आर्टरी के अंदर प्रेशर ज्यादा होता है।
  There is more pressure inside the artery.

[17:03] वेन के अंदर प्रेशर कम होता है।
  There is less pressure inside the vein.

[17:05] आर्टरी के अंदर प्रेशर ज्यादा होने से इलास्टिसिटी ज्यादा होती है।
  Due to more pressure inside the artery, there is more elasticity.

[17:07] थिकनेस ज्यादा होती है।
  Thickness is more.

[17:10] जबकि आप वेन के अंदर देखोगे वेन बहुत ही कम इलास्टिसिटी वाली होती है क्योंकि प्रेशर ही नहीं होता उसके अंदर और वेन कंपैरेटिवली पतली होती है।
  Whereas if you look inside the vein, the vein has very little elasticity because there is no pressure inside it, and the vein is comparatively thin.

[17:17] फिर मैंने आपको बोला ल्यूमन किसका ज्यादा बड़ा होगा?
  Then I told you, whose lumen will be larger?

[17:20] तो आर्टरी बहुत ही नैरो ल्यूमन वाली होती है पर वेन का ल्यूमन ज्यादा बड़ा रहता है।
  So, the artery has a very narrow lumen, but the vein's lumen remains larger.

[17:28] फिर हमने बात करी वाल्व आर्टरी के अंदर नहीं होते क्योंकि उसको प्रेशर की जरूरत नहीं है।
  Then we talked about valves not being present inside arteries because they don't need pressure.

[17:34] ऑलरेडी प्रेशर ज्यादा होता है पर वेन के अंदर प्रेशर नहीं होता।
  There is already high pressure, but there is no pressure inside the vein.

[17:36] इसीलिए इसके अंदर छोटे-छोटे वाल्व पाए जाते हैं जो ब्लड को पंप करने का काम करते हैं।
  Therefore, small valves are found inside it which work to pump the blood.

[17:42] ओके? यहीं पर आपसे सवाल पूछा जाता है।
  Okay? This is where a question is asked of you.

[17:45] सिंपल सवाल है।
  It's a simple question.

[17:49] सेकंड हार्ट ऑफ बॉडी किसे बोला जाएगा?
  What will be called the second heart of the body?

[17:53] सेकंड हार्ट ऑफ बॉडी किसे बोला जाता है?
  What is called the second heart of the body?

[17:56] मेरे सवालों का जवाब दीजिए।
  Answer my questions.

[18:10] रिकइलिंग नेचर।
  Recoil nature.

[18:10] ठीक है?
  Okay?

[18:14] सेकंड हार्ट किसे बोलते हैं?
  What is called the second heart?

[18:14] जल्दी से बताइए।
  Tell me quickly.

[18:17] जब आप किसी का पैर बनाओगे ना, सपोज यह आपने पैर बनाया।
  When you make someone's leg, suppose you made this leg.

[18:21] बहुत ही बुरा बना पर समझ लेना।
  It turned out very badly, but understand.

[18:25] यह किसी का क्या बन गया? पैर।
  What did this become of someone? A leg.

[18:27] तो, आपकी आर्टरी से ब्लड तो इसमें आ जाता है।
  So, blood comes into it from your artery.

[18:30] कोई दिक्कत नहीं है।
  No problem.

[18:33] आपकी आर्टरी से ब्लड तो इसमें आ गया पर जाने के टाइम पे इसको तो प्रेशर की जरूरत होगी ना।
  Blood came into it from your artery, but when it goes, it will need pressure, right?

[18:37] जब ब्लड वापस जाएगा तो प्रेशर की जरूरत होगी ना।
  When the blood goes back, it will need pressure, right?

[18:43] तो उस समय आपकी जो यह काफ मसल होती है ना इनमें कॉन्ट्रक्शन आता है और इनमें कॉन्ट्रक्शन आने की वजह से यह वेन के अंदर ब्लड को धक्का देती है ऊपर की तरफ।
  So at that time, when your calf muscle contracts, it pushes the blood inside the vein upwards.

[18:52] तो ऐसे
  So like this

[18:56] एक्ट करती है जैसे कि सेकंड हार्ट ऑफ बॉडी।
  It acts like the second heart of the body.

[19:04] तो सेकंड हार्ट ऑफ बॉडी बोला जाता है काफ मसल को।
  So, the calf muscle is called the second heart of the body.

[19:10] यस किसे बोला जाता है सर?
  Yes, who is it called, sir?

[19:10] काफ मसल को बोला जाता है।
  It is called the calf muscle.

[19:16] क्लियर?
  Clear?

[19:16] अब आगे की बात सुनो।
  Now listen to the next thing.

[19:23] आपके लिए अगला सवाल जो एग्जाम में पूछा जा सकता है वो क्या है?
  What is the next question that can be asked in the exam for you?

[19:26] अगला सवाल जो आपसे एग्जाम में पूछा जा सकता है।
  The next question that can be asked of you in the exam.

[19:29] लॉन्गेस्ट आर्टरी।
  Longest artery.

[19:32] जल्दी से बताइए।
  Tell me quickly.

[19:32] ह्यूमन बॉडी की सबसे लंबी आर्टरी कौन सी होती है?
  What is the longest artery in the human body?

[19:38] यही सवाल तुम्हें याद आएंगे।
  You will remember these questions.

[19:38] मैं जीरो से ले लास्ट तक बताने वाला हूं।
  I am going to explain from the beginning to the end.

[19:43] एक भी चीज नहीं छोडूंगा।
  I will not leave out a single thing.

[19:43] तो आप परेशान मत होइएगा।
  So, do not worry.

[19:46] जल्दी से मुझे बताओ लॉन्गेस्ट आर्टरी कौन सी है?
  Tell me quickly, which is the longest artery?

[19:51] लार्जेस्ट आर्टरी कौन सी है?
  Which is the largest artery?

[19:53] शॉर्टेस्ट आर्टरी शॉर्टेस्ट वेन कौन सी है?
  Which is the shortest artery, shortest vein?

[19:56] लॉन्गेस्ट वेन कौन सी है?
  Which is the longest vein?

[20:01] अगला सवाल आ चुका है।
  The next question has arrived.

[20:06] काफ मसल के बाद ओटा।
  After the calf muscle is the aorta.

[20:06] ओके।
  Okay.

[20:09] ओटा सबसे लंबी है।
  The aorta is the longest.

[20:09] बहुत बढ़िया।
  Very good.

[20:17] यस।
  Yes.

[20:17] कभी भी आपसे सवाल पूछा जाए लॉन्गेस्ट आर्टरी का तो ध्यान रखिएगा वो है ओटा।
  Whenever you are asked about the longest artery, remember it is the aorta.

[20:25] और अगर आपसे कई बार इसको घुमा के ऐसा पूछ लेगा लार्जेस्ट आर्टरी।
  And if you are asked several times, twisting it like this, the largest artery.

[20:29] अगर लार्जेस्ट भी पूछ रहा है ना तो भी आपका आंसर सेम जाएगा।
  If it is asking for the largest, your answer will still be the same.

[20:32] लार्जेस्ट आर्टरी भी पूछेगा तो भी सेम जाएगा जिसको बोलते हैं ओटा।
  If it asks for the largest artery, it will still be the same, which is called the aorta.

[20:39] यह दो पॉइंट याद हुए दोनों कंडीशन में ओटा।
  These two points are remembered, in both conditions it is the aorta.

[20:43] यस।
  Yes.

[20:43] आगे बढ़ते हैं।
  Let's move on.

[20:47] अब आपसे पूछेगा शॉर्टेस्ट वेन कौन सी है?
  Now it will ask you which is the shortest vein?

[20:55] शॉर्टेस्ट वेन।
  Shortest vein.

[21:03] शॉर्टेस्ट वेन कौन सी है? अब बताओ आंसर।

[21:10] शॉर्टेस्ट वेन कौन सी है? जल्दी बताओ।

[21:21] यस यस यस।

[21:27] तो अगर आपसे शॉर्टेस्ट वेन पूछी जाएगी

[21:32] तो आंसर होगा

[21:35] कौन सा?

[21:38] आंसर होगा कौन सा?

[21:43] द बेसियन वेन सुनी है आपने? द बेसियन वेन।

[21:48] द बेसियन वेन सुनी है आपने? सबसे छोटी वेन

[21:52] बोला जाता है इसको।

[21:55] वेन्यूल तो एक टाइप हो गया उसका। वेन्यूल

[21:58] सबसे छोटा नहीं होता। द बेसियन वेन बोला

[22:01] जाएगा। अब ऐसे आर्टरी भी तो सबसे बड़ी फिर

[22:04] सबसे बड़ी आर्टरी हो गई। ठीक है? अयोटा तो

[22:08] जेनुइनली है पर वेन्यूल्स नहीं होगा। सबसे

[22:11] छोटी अगर वेन पूछी जाएगी तो आप बोलोगे सर

[22:18] द बेसियन वेन।

[22:21] ठीक है?

[22:26] अच्छा अगर लॉन्गेस्ट पूछे पूछा जाता तो

[22:29] अगर आपका सवाल यह होता लॉन्गेस्ट वेन तब

[22:33] आप आंसर क्या करते?

[22:35] यस

[22:38] लॉन्गेस्ट आपसे पूछा जाता तो आप क्या आंसर

[22:41] करते?

[22:48] लॉन्गेस्ट अगर पूछा जाएगा तो हमेशा आंसर

[22:51] करोगे ग्रेट सिफेनस वेन कौन सी ग्रेट

[22:57] सिफेनस

[22:59] वेन

[23:02] ग्रेट सिफेनस वेन यस तो एसवीसी नहीं ग्रेट

[23:07] सिफेनस वेन होती है यह बात याद रखना

[23:10] सुपीरियर वेनने केवल छोटी होती है दोस्तों

[23:13] केवल यह ऊपर के हिस्से हिस्से से आती है।

[23:15] यह देखो मेरे ब्रेन से मेरे कंधे से मेरे

[23:18] दिल पे आ गई। क्या यह बहुत बड़ी है? नहीं।

[23:21] समझ रहे हो? तो ग्रेट सिफेनस वेन होती है

[23:24] सबसे बड़ी।

[23:26] सुपीरियर वेनेकेवा नहीं होती है। अगर आपसे

[23:32] लॉन्गेस्ट पूछा जाए, तो आंसर यही करना है।

[23:36] तो यह हो गया सर, आर्टरी के बारे में।

[23:39] अच्छा, एक और चीज़ मैं आपको बताना चाहूंगा।

[23:42] जब आप बात करोगे

[23:52] बैकग्राउंड कलर में चलते हैं थोड़ा

[23:59] अब मेरी बात को ध्यान से सुनना जब भी आप

[24:02] बात करोगे आर्टरी में तो जब आप इसकी वॉल

[24:05] देखोगे जब आप इनकी वॉल देखोगे वॉल ऑफ ब्लड

[24:10] वेसल वॉल ऑफ ऑफ ब्लड वेसल। तो एक सवाल

[24:14] थोड़ा सा यहां से भी आता है। ब्लड वेसल की

[24:17] वॉल से सवाल आपके पास जरूर आएगा। सपोज़ करो

[24:21] यह एक ब्लड वेसल है।

[24:25] यह एक ब्लड वेसल है। तो आपसे यह पूछा जाता

[24:30] है इसकी कितनी लेयर होती हैं?

[24:33] कैसी होती है? कैसी नहीं होती है? तो आपसे

[24:36] पूछा जाएगा क्या पूछा जाएगा कि बताइए ब्लड

[24:39] वेसल की जो वॉल होती है उसमें कितनी-कितनी

[24:42] क्या-क्या चीजें रहती हैं?

[24:45] मतलब उसमें कौन-कौन सी वॉल होती है? यह

[24:47] आपसे पूछा जाएगा।

[24:57] सर बेशियन वेंस क्या होती हैं? अरे जब

[25:00] आपका कोोनरी साइनस ओपन होता है ना हार्ट

[25:03] से छोटा सा होता है बस वो कोरोनरी साइनस

[25:07] समझ लो जहां हार्ट का वापस आता है ब्लड

[25:10] उसको बोलते हैं

[25:13] यस तो जब भी आप बात करोगे वॉल ऑफ ब्लड

[25:17] वेसल की एक्सटर्ना इंटिमा मीडिया सबकी बात

[25:21] करेंगे

[25:23] देखो सबसे बाहर से अगर आप इसको देखोगे तो

[25:26] यह स्पेशली एक वॉल

[25:29] फिर इसके अंदर यह दूसरी वॉल है तब आपको

[25:32] तीसरी दिख रही है। सिमिलरली आपके ब्लड

[25:34] वेसल में इस साइड से भी ऐसा ही होगा। बाहर

[25:37] वाली एक फिर बीच वाली फिर अंदर वाली। मतलब

[25:40] ब्लड वेसल के अंदर अगर आप देखोगे तो तीन

[25:43] वॉल मेनली पाई जाती हैं। कौन-कौन सी? सबसे

[25:47] बाहर वाली को बोलते हैं ट्यूनिका।

[25:50] ट्यूनिका एक्सटर्ना।

[25:53] ट्यूनिका

[25:55] एक्सटर्ना।

[25:58] क्लियर? जब आप मिडिल वाली को देखोगे,

[26:01] मिडिल वाली को बोलते हैं ट्यूनिका

[26:04] मीडिया।

[26:06] मीडिया मतलब बीच वाली लेयर। और जो सबसे

[26:09] अंदर ब्लड वेसल की सबसे अंदर लेयर होती है

[26:13] इस लेयर को बोला जाता है इंटिमा। आई एन टी

[26:17] आई एम ए इंटिमा। तो तीन मैंने बताया आपको

[26:22] तीन होती हैं। सबसे आउटर पे कौन सी होती

[26:25] है? एक्सटर्ना

[26:28] बीच में कौन सी होती है? मीडिया और सबसे

[26:31] अंदर कौन सी होती है? इंटिमा।

[26:34] यह तीन तरीके के आपको ब्लड वेसल के अंदर

[26:38] देखने के लिए मिलेंगे। क्लियर है? क्लियर

[26:42] है इतनी बात? तो ब्लड वेसल में आपको यह

[26:44] तीन चीजें बहुत अच्छे से देखने के लिए

[26:46] मिलेंगे। तो, ब्लड वेसल में केवल इतना ही।

[26:49] आगे बढ़ते हैं और अपना चैप्टर शुरू करते

[26:52] हैं जिसका नाम है कार्डियोवस्कुलर सिस्टम

[26:55] और उसमें सबसे पहले मैं बात करूंगा हार्ट

[26:58] की। सबसे पहले मैं हार्ट की बात करने वाला

[27:01] हूं। यहां से आपको बहुत सारे सवाल पूछे

[27:04] जाते हैं। सबसे पहला जनरल क्वेश्चनों से

[27:07] शुरू करते हैं। आपको एक ऐसा इस शेप का एक

[27:12] स्ट्रक्चर दिखाई देता है। लगभग लगभग इस

[27:14] शेप का और यह आपकी बॉडी में हार्ट का सबसे

[27:18] मेन काम क्या है? तो सबसे मेन काम है इसका

[27:22] ब्लड को पंप करना।

[27:25] ब्लड को पंप करने का इसका काम होता है।

[27:28] पहला पहला पॉइंट याद हो गया? कुछ नहीं

[27:30] करना। इसका काम है ब्लड को पंप करना।

[27:34] क्लियर? दूसरा क्या काम है? दूसरा क्या

[27:39] काम है सर? दूसरा क्या काम है? दूसरा

[27:43] हार्ट कुछ हॉर्मोंस भी बनाता है। कुछ

[27:47] हॉर्मोंस बनाने का काम भी करता है। आप में

[27:50] से कोई भी ऐसा व्यक्ति जो मुझे बताना

[27:53] चाहेगा या हॉर्मोन की जगह मैं एंजाइम

[27:55] लिखूं तो और ज्यादा अच्छा है। हार्ट आपका

[27:58] कुछ एंजाइम भी बनाता है। जैसे एग्जांपल

[28:05] यस दो एंजाइम बनाता है। एक का नाम है ए

[28:08] एनपी और दूसरे का नाम है बी एनपी

[28:13] बीटा नेट्रयरेटिक पॉलिपेप्टाइड और एट्रियल

[28:17] नेट्रयरेटिक पॉलिपेप्टाइड

[28:20] कोई भी बताना चाहेगा इन दोनों का अल्टीमेट

[28:22] मकसद क्या है? एनपी और बी एनपी का मेन काम

[28:26] क्या है?

[28:27] दोनों का लगभग सेम काम है। एनपी ज्यादातर

[28:31] आपको एट्रियम में दिखेगा और BNP आपको

[28:34] ज्यादातर वेंट्रिकल में मिलेगा और

[28:36] वेंट्रिकल में भी कौन से इस वाले लेफ्ट

[28:39] वेंट्रिकल में मिलेगा बीएनपी ज्यादातर।

[28:42] इसका मेन काम क्या होता है? एनपी और

[28:44] बीएनपी नाम के हार्मोन का मेन काम क्या

[28:47] होता है?

[28:54] जब भी आपके हार्ट में ज्यादा प्रेशर

[28:57] पड़ेगा ना ज्यादा प्रेशर पड़ेगा या फ्लूइड

[29:00] ज्यादा इकट्ठा होगा तो एनपी और बीएनपी

[29:03] अल्टीमेटली आपकी बॉडी से किडनी के साथ

[29:07] मिलके या आपकी बॉडी से फ्लूइड का ओवरलोड

[29:10] कम करने के काम आते हैं। फ्लूइड ओवरलोड को

[29:15] डिक्रीज करते हैं। मतलब यूरिन आउटपुट बना

[29:19] देंगे। समझ गए मेरी बात को? यस। तो ब्लड

[29:22] को पंप करते हैं। एंजाइम्स इनमें एएनपी और

[29:25] बीए एनपी पाया जाता है। एंजाइम्स इनमें

[29:29] एनपी और बीए एनपी पाया जाता है। क्लियर?

[29:35] यस।

[29:50] ओके। अब अगली बात सुनो। अब अगली बात ध्यान

[29:54] से सुनो।

[29:56] तीसरी बात हार्ट के सिंपल सवालों में से

[29:59] एक सवाल ये आता है कि हार्ट का शेप क्या

[30:01] है? तो ये कोन के शेप का होता है। क्योंकि

[30:03] जब भी आप देखोगे इसका एक कोना कोना सा

[30:06] बनेगा नीचे की तरफ। तो कोनिकल शेप इसको

[30:09] बोला जाता है कोनिकल शेप। हार्ट को कोनिकल

[30:13] शेप बोला जाता है। आप अगर दिल का भार

[30:16] नापने की कोशिश करो कि सर वेट कितना होता

[30:19] है? तो लगभग 250 ग्राम से लेके 300 ग्राम

[30:22] तक आपको हार्ट का वेट देखने के लिए

[30:24] मिलेगा। 250 ग्राम से लेके 300 ग्राम तक

[30:28] इसका वेट देखने के लिए मिलेगा। नॉर्मली

[30:31] अगर आप इसके साइज की बात करो, हार्ट के

[30:34] साइज की बात करो तो इसका साइज आपकी जितनी

[30:38] आपकी ये फिस्ट है ना फिस्ट मैंने जैसे

[30:40] फिस्ट बनाई है तो मेरा दिल इतना ही है।

[30:42] चाहे कोई कितना भी बोले मेरा दिल तो बहुत

[30:45] बड़ा है। तो याद रखना दिल केवल उतना ही

[30:48] होता है जितनी आपकी एक मुट्ठी है। यानी कि

[30:51] जितनी आपकी फिस्ट है। तो याद रखना दिल का

[30:54] साइज होता है इक्वल

[30:58] इक्वल टू फिस्ट ऑफ पर्टिकुलर पर्सन ऑफ

[31:04] पर्टिकुलर

[31:05] पर्सन अब ये ऐसे समझने के लिए तो बढ़िया

[31:09] है पर आपको एक साइज तो बताना पड़ेगा ना

[31:12] जैसे आपने वेट बताया वैसे ही हार्ट का

[31:16] साइज या डायमीटर भी तो आपको बताना पड़ेगा

[31:22] कोई भी आप में से ऐसा जो हार्ट का डायमीटर

[31:25] बताना चाहता हो, डायमीटर बोलूं या साइज ही

[31:29] बोलूं। किसके बराबर पूछेगा? डेफिनेटली आप

[31:32] यह बात बोलोगे।

[31:36] ओके? तो, इसको याद रखने का बहुत आसान

[31:38] तरीका है। आप ऐसे याद रख सकते हो। लेंथ,

[31:41] विड्थ और थिकनेस।

[31:44] तो लेंथ ज्यादातर 12 सें.मी. के आसपास

[31:47] इसकी लेंथ होती है। अगर आप हाइट को सही से

[31:49] नापोगे 12 सें.मी. के आसपास और लगभग 9

[31:54] सें.मी. इसकी विड्थ होती है और 6 सें.मी.

[31:57] के आसपास इसकी थिकनेस होती है। याद रखिएगा

[32:00] 12, 9 और छ तीन-तीन कम करते जाने हैं। 12,

[32:04] 6, 9 और छ लगभग इतना होता है आपके हार्ट

[32:08] का साइज। तो, यह साइज भी क्लियर हो गया।

[32:12] ओके।

[32:14] अब सीधे-सीधे बात करते हैं हार्ट के बारे

[32:17] में कि आखिर हार्ट की लोकेशन कहां पर होती

[32:20] है? हार्ट एक्चुअली विराजमान कहां पे है?

[32:23] तो जब आप देखोगे हार्ट की लोकेशन तो आपके

[32:27] ये दो फेफड़े हैं। ऐसे एक फेफड़ा इस साइड

[32:30] है और एक फेफड़ा इस साइड है। तो इन दोनों

[32:33] फेफड़ों में आप जब भी हार्ट को देखोगे तो

[32:36] हार्ट का ज्यादातर हिस्सा ऐसे लेफ्ट साइड

[32:41] की तरफ झुका हुआ रहेगा। लेफ्ट साइड की तरफ

[32:45] झुका हुआ रहेगा। ये लेफ्ट साइड है तो

[32:48] ज्यादातर हिस्सा आपको लेफ्ट साइड की तरफ

[32:50] दिखता है दोनों फेफड़ों के बीच में। तो हम

[32:54] इसको बोलते हैं सर

[32:57] यह दो फेफड़ों के बीच में है। मतलब पहला

[32:59] आप ऐसा लिख सकते हो बिटवीन टू लंग्स। दो

[33:04] लंग्स के बीच में रहता है आपका हार्ट। और

[33:08] उसका ज्यादातर हिस्सा 2/3 हिस्सा लेफ्ट की

[33:12] तरफ होता है। केवल 1/3 हिस्सा ही राइट

[33:16] साइड की तरफ होता है। तो ज्यादातर दिल में

[33:20] लेफ्ट साइड ही रहता है दिल। क्लियर?

[33:24] ओके। इसके अलावा सर और हार्ट के ये ऊपर

[33:29] वाले हिस्से को यह जो यह वाला पार्ट है

[33:32] इसको बोला जाता है बेस।

[33:36] और यह जो कोने वाला पार्ट है इसे बोला

[33:39] जाता है अपेक्स। दूसरी बात हार्ट के बारे

[33:41] में यह पता चली हमें कि हार्ट का जो

[33:45] स्ट्रक्चर है उसका ऊपर वाला हिस्सा बेस

[33:48] कहलाता है और नीचे आप देखोगे तो अपेक्स

[33:52] वाला पार्ट उसका जो कोनिकल पार्ट होता है

[33:54] उसको हम अपेक्स बोलते हैं। अब जब देखोगे

[33:57] एक बोन होती है हमारी जिसको कॉलर बोन

[34:00] बोलते हैं जिसको हम कॉलर बोन बोलते हैं।

[34:02] जनरली

[34:04] उसके अलावा एक और नीचे की तरफ टाई बोन जो

[34:08] होती है टाई की तरह नीचे की तरफ झुकी हुई

[34:10] रहती है। इसको बोलते हैं सर स्टर्नम। यह

[34:14] एक हड्डी है यहां पे बीचोंबीच। अगर मेरे

[34:17] को बीच में से बिल्कुल काट के अलग किया

[34:19] जाए। तो मेरी सेंट्रल बोन यह वाली है जिस

[34:22] पे मैं टाई बांधता हूं। हाथ लगा के फील

[34:24] करो। इस बोन को बोलते हैं स्टर्नम।

[34:28] इसको क्या बोलते हैं? स्टर्नम। ये बिल्कुल

[34:31] बीचोंबीच होती है। तो आपका हार्ट आगे की

[34:35] तरफ से तो आगे की तरफ से तो स्टर्नम होता

[34:38] है और पीछे की तरफ देखोगे तो पीछे की तरफ

[34:42] आपको वर्टीब्रास दिखाई देंगी। कमर में

[34:44] पीछे देखो यहां क्या है? वर्टीब्रास हैं।

[34:48] तो आपसे एग्जैक्टली जो एग्जामिनर पूछना

[34:51] चाहता है वो उसको भी पता है दो फेफड़ों के

[34:53] बीच में है। वो नहीं बताना आपको। आपको

[34:55] बताना है सर ये स्टर्नम और वर्टीब्रा के

[34:59] बीच में होता है। इस स्पेस को बोला जाता

[35:02] है मीडियास्टर्नम।

[35:04] इसको क्या बोलते हैं? मीडियास्टर्नम बोला

[35:08] जाता है।

[35:16] इसको क्या बोलते हैं? इसको बोलते हैं

[35:19] मीडियास्टर्नम।

[35:20] आगे की तरफ स्टर्नल बोन, पीछे की तरफ

[35:23] वर्टिब्रा उनके बीच का स्पेस है

[35:25] मीडियास्टर्नम। तो हार्ट एक्चुअली हमारा

[35:28] यहां पे सिचुएटेड होता है। अब आप

[35:31] मीडियास्टर्नम में भी देखोगे तो

[35:34] मीडियास्टर्नम भी यहां पे बोला जाता है एक

[35:36] इमेजिनरी लाइन। इसको बोलते हैं एंगल ऑफ

[35:39] लुईस। एंगल ऑफ एंगल ऑफ लुईस। जो अपर वाले

[35:45] को और लोअर वाले मीडियास्टर्नम को अलग-अलग

[35:48] करता है। तो आपसे यह भी पूछा जा सकता है

[35:51] कि हार्ट बताओ मीडियास्टर्नम में कहां पे

[35:54] होता है? तब आप बोलोगे सर लोअर

[35:57] मीडियास्टर्नम में होता है। लोअर के भी

[35:59] फर्दर तीन पार्ट हैं दोस्तों। एंटीरियर

[36:02] मीडियास्टर्नम, मिडिल मीडियास्टर्नम और

[36:05] पोस्टीरियर मीडियास्टर्नम। तो हार्ट हमारा

[36:08] इंफीरियर मिडिल मीडियास्टर्नम के अंदर

[36:12] रहता है।

[36:13] इंफीरियर मिडिल मीडिया स्टर्नम के अंदर

[36:16] रहता है। तो हार्ट की एग्जैक्ट लोकेशन

[36:19] क्या है? मैं लिख रहा हूं यहां पे

[36:22] इंफीरियर

[36:24] मिडिल

[36:27] मीडिया

[36:28] स्टर्नम। यह सबसे बेस्ट आंसर है। सबसे

[36:32] बेस्ट आंसर है इंफीरियर मिडिल मीडिया

[36:35] स्टर्नम। यस। अब आपसे पूछा जाएगा

[36:38] वर्टिब्रे में बताओ वर्टिब्रे के हिसाब से

[36:40] कहां पे है? तो एक्चुअल में ये T5 से लेके

[36:44] T5 से लेके T10 तक होता है। हार्ट T5 से

[36:48] लेके T10 तक पाया जाता है। तो ये भी

[36:51] थोरेसिक वाले रीजन में रहता है। T5 से

[36:54] लेके T10 तक वाले पार्ट में पाया जाता है।

[36:57] यस। तो ये तो हो गया सर हार्ट के बारे में

[37:00] थोड़ी एनाटॉमी। थोड़ी सी एनाटॉमी जो हमने

[37:03] समझने की कोशिश करी है।

[37:06] अब सवाल ये नहीं है कि केवल हार्ट के बारे

[37:09] में हमें लोकेशन पता होनी चाहिए। हार्ट के

[37:12] बारे में हमें हार्ट की कुछ लेयर्स भी पता

[37:14] होनी चाहिए जिनके बारे में हम डिस्कस कर

[37:17] रहे हैं। तो जब आप किसी हार्ट को देखोगे

[37:19] ऐसे तो हार्ट की आपको जनरली तीन लेयर

[37:22] दिखेंगी। ऐसे एक दो और तीन। तो प्रथम

[37:27] डिस्टया फर्स्ट साइड व्यू करने पे इसकी

[37:31] आपको तीन लेयर दिखेंग जो सबसे बाहर है

[37:33] उसको नाम दे दिया जाएगा पेरिकार्डियम जो

[37:37] बीच में है उसको दे दिया जाएगा

[37:40] मायोकारार्डियम

[37:42] और जो सबसे अंदर है उसको नाम दिया जाएगा

[37:44] एंडोकार्डियम

[37:47] ठीक है अब जब आप अंदर भी देखोगे

[37:50] एंडोकारार्डियम को भी देखोगे तो एंड

[37:54] एंडोकारार्डियम में आपको पता चलेगा कि

[37:56] यहां पे होती है फ्लैट एपिथीलियल सेल जो

[38:00] इसको बिल्कुल लीक प्रूफ बनाती है। यहां से

[38:03] ब्लड लीक ही नहीं हो सकता। क्या बोला सर

[38:06] मैंने? आपने सर सबसे पहले पढ़ाया

[38:09] एंडोकारार्डियम। एंडोकार्डियम के बारे

[38:11] में। एंडोकारार्डियम में फ्लैट एपिथीलियल

[38:15] सेल होती हैं। फ्लैट एपिथलियल सेल जिससे

[38:18] कि ब्लड अबजॉर्ब नहीं होगा वहां पे। ब्लड

[38:22] अबजॉर्प्शन से प्रिवेंट करेगा। ब्लड

[38:26] अबजॉर्प्शन से प्रिवेंट करेगा। वरना ब्लड

[38:29] इसके अंदर आ जाएगा तो ये सोख लेगा ब्लड

[38:31] को। अब्सॉर्ब कर लेगा। पर अंदर यह समझ लो

[38:34] एक पन्नी बिछा रखी है और वो पन्नी बनी

[38:37] होती है फ्लैट एपिथलियल टिश्यू की जिससे

[38:39] कि लीकेज नहीं होगा, शोकेज नहीं होगा।

[38:43] इसके अलावा एंडोकारार्डियम में और भी बहुत

[38:46] सारी चीजें रहती हैं। तो बहुत सारे ऐसे

[38:48] एंटी कोगुलेंट भी पाए जाते हैं। एंटी

[38:52] कोगुलेंट भी आपकी एंडोकारार्डियम बनाती

[38:54] है। क्योंकि ब्लड आया अगर वो कोगुलेट हो

[38:57] गया अगर वो कोगुलेट हो गया तो आपको दिक्कत

[39:01] हो सकती है। क्लॉट बन गए तो यहीं पर हार्ट

[39:03] के अंदर ही क्लॉट बन जाते हैं। तो तो फिर

[39:06] ब्लड पंप हो ही नहीं पाएगा। तो याद रखना

[39:08] एंटी कोगुलेंट भी आपके लिए आंसर रहेगा।

[39:13] यस। तो कौन से एंटी कोगुलेंट रहते हैं?

[39:16] किसी का नाम बताना चाहेंगे आप?

[39:19] एंडोथलियम लेयर कौन से टाइप के कौन से

[39:23] टाइप के एंटी कोगुलेंट बनाती है? जिससे

[39:26] ब्लड हार्ट के अंदर क्लॉट नहीं होता।

[39:30] जिससे ब्लड हार्ट के अंदर क्लॉट नहीं

[39:33] होता। मैं डेफिनेटली आज के लेक्चर में

[39:35] जिन्होंने मुझसे पहले पढ़ा भी है ना उनको

[39:37] भी बहुत सारी चीजें नहीं बता के जाऊंगा।

[39:40] टेंशन मत लो। आपने जितना भी पढ़ा है यस

[39:45] सबसे पहले आंसर दिया किसने?

[39:49] अमृता पटेल ने। इसका मतलब अमृता ने बहुत

[39:52] अच्छे से पढ़ा है। यस। प्रोस्टासाइक्लन

[39:54] होता है। नाइट्रिक ऑक्साइड होता है।

[39:57] कौन-कौन से रहते हैं? हार्ट के अंदर

[39:58] एपिथलिय जो एंडो एंडोकारार्डियम है वह

[40:01] बनाती है।

[40:03] कौन सा? प्रोस्टासाइक्लन।

[40:06] प्रोस्टासाइक्लन।

[40:10] नाइट्रिक ऑक्साइड

[40:13] नाइट्रिक ऑक्साइड

[40:16] प्रोस्टासाइक्लन नाइट्रिक ऑक्साइड थ्रो्बो

[40:19] ब्लूडीन तो बहुत सारी चीजें होती हैं। आप

[40:22] ये दो बातें याद रख लेना जिससे ब्लड हार्ट

[40:24] के अंदर क्लॉट होगा ही नहीं। यस। आगे

[40:27] बढ़ते हैं। तो ये एंडोकारार्डियम के बारे

[40:30] में था। ऐसे ही मायोकारार्डियम के बारे

[40:34] में कुछ इंपॉर्टेंट बातें पढ़ेंगे।

[40:35] मायोकारार्डियम के बारे में।

[40:38] मायोकारार्डियम के बारे में कुछ

[40:39] इंपॉर्टेंट बातें पढ़ेंगे। तो

[40:41] मायोकारार्डियम मिडिल लेयर तो है पर हार्ट

[40:44] की सबसे स्ट्रांगेस्ट लेयर माना जाता है

[40:46] इसको। खास बात क्या है? मिडिल लेयर को

[40:48] सबसे स्ट्रांगेस्ट

[40:50] लेयर माना जाता है। स्ट्रांगेस्ट लेयर

[40:53] सबसे मजबूत लेयर है आपकी कौन सी? सबसे

[40:57] मजबूत लेयर है आपका क्या? हार्ट।

[41:02] हार्ट में बीच वाली लेयर सबसे मजबूत होती

[41:05] है। पहली खास बात यह है

[41:09] दूसरी खास बात

[41:12] जो आपकी मायोकारार्डियम है

[41:16] जो आपकी मायोकारार्डियम है।

[41:18] मायोकारार्डियम

[41:20] मायोकारार्डियम

[41:21] यह मायोकारार्डियम क्या होती है सर? यह

[41:25] थिकेस्ट होती है। थिकेस्ट

[41:28] तीनों लेयरों में सबसे मोटी लेयर, सबसे

[41:32] स्ट्रांग लेयर कौन सी है? मायोकारार्डियम

[41:35] है। क्लियर है?

[41:39] ओके।

[41:45] यही वो लेयर है जहां पे आपकी ब्लड सप्लाई

[41:48] अगर कम हो गई तो एंजाइना तभी तो होता है।

[41:51] एंजाइना क्यों होता है? जब मायोकारार्डियम

[41:53] में ब्लड सप्लाई कम हो जाए, ब्लड सप्लाई

[41:59] डिक्रीज हो जाए, तब आपको क्या होने लग

[42:01] जाता है? पेन। एंजाइना मतलब ब्लड सप्लाई

[42:04] ना होना यानी कि स्टीमिया। वो आपकी

[42:07] मायोकारार्डियम ही है।

[42:10] यस।

[42:11] अब कॉन्ट्रक्शन के लिए सबसे जिम्मेदार यही

[42:14] है। इसको मोस्ट फंक्शनल लेयर इसी को बोला

[42:17] जाता है। सबसे ज्यादा जो कॉन्ट्रक्शन का

[42:20] काम करती है यही करती है। इसीलिए इस लेयर

[42:22] को मोस्ट फंक्शनल लेयर भी बोला जाता है।

[42:26] मोस्ट फंक्शनल लेयर क्योंकि सबसे ज्यादा

[42:29] जो कॉन्ट्रक्शन रिलैक्सेशन है वो यही करती

[42:32] है। समझ गए? यही वह लेयर है जो सबसे

[42:36] ज्यादा कॉन्ट्रक्शन और रिलैक्सेशन करती

[42:38] है। अब वापस आ जाते हैं अपनी सबसे बाहर

[42:42] वाली लेयर में जिसका नाम है पेरिकार्डियम

[42:44] जिसका नाम क्या है सर? पेरिकार्डियम। पहला

[42:47] पॉइंट तो सबको पता है कि ये आउटर मोस्ट

[42:50] लेयर है। कौन सी लेयर है सर? आउटर मोस्ट

[42:54] लेयर है। सबसे बाहर वाली लेयर।

[42:57] तो इसका एक्चुअल में अगर आप इसको और गौर

[43:00] से देखोगे तो आउटर मोस्ट लेयर भी यह सबसे

[43:04] आउटर मोस्ट लेयर है। यह डबल लेयर

[43:07] स्ट्रक्चर होती है। यह कौन सी होती है?

[43:10] डबल लेयर वाली स्ट्रक्चर होती है। डबल

[43:12] लेयर। आप देखोगे वाइट वाले दो आपको लेयर

[43:15] दिख रहे हैं। यहां सबसे बाहर वाली जो आपको

[43:18] दिख रही है, इसको बोलते हैं फाइबस लेयर।

[43:22] और जो अंदर वाली दिख रही है, इसको बोलते

[43:24] हैं सिरस लेयर।

[43:26] तो आउटर मोस्ट लेयर है। पहले मैं कई

[43:29] लेक्चर्स में मैंने गलती से इसको

[43:33] पराइटल पेरिकार्डियम और विसरल

[43:35] पेरिकार्डियम बता रखा है तो वहां पर प्लीज

[43:38] करेक्ट कर लें। तो डबल डबल लेयर स्ट्रक्चर

[43:42] है तो डबल लेयर स्ट्रक्चर में आउटर वाला

[43:44] फाइब्रस होता है और इनर वाला सिरस होता

[43:47] है। अब जब आउटर को देखोगे आउटर फर्दर

[43:51] डिवाइडेड है दो पार्ट में। आउटर फॉर द

[43:55] मतलब फाइब्रस के दो पार्ट होते हैं। एक जो

[43:58] बाहर से दिख रहा है इसको बोलते हैं पराइटल

[44:02] और जो वाइट कलर का अंदर से दिख रहा है ये

[44:05] वाला पार्ट इसको बोलते हैं विसरल। सर नहीं

[44:08] समझ में आया एक बार दोबारा बताओ। मैंने

[44:10] बोला देखो आपकी आउटर मोस्ट लेयर है उसके

[44:13] दो लेयर होते हैं। डबल लेयर होते हैं। जो

[44:16] आउटर वाली होती है वह कहलाती है फाइब्रस

[44:19] और फाइब्रस के दो पार्ट होते हैं फदर।

[44:23] बाहर वाली को बोलेंगे पराइटल

[44:27] और अंदर वाली को बोलेंगे विसेरल

[44:33] और सबसे अंदर जो लेयर रहती है उसको बोला

[44:36] जाता है सिरस। मेनली दो ही लेयर हैं

[44:38] फाइब्रस और सिरस। फाइब्रस के फर्दर दो

[44:42] पार्ट हैं। पराइटल लेयर और विसलर लेयर।

[44:45] ठीक है? या आगे पीछे कहीं पे होगा तो

[44:47] ध्यान रख लेना। पेरिकार्डियम को दो भागों

[44:50] में डिवाइड किया गया है। मेनली फाइब्रस और

[44:53] सिरस। फाइब्रस के दो पार्ट हैं पराइटल और

[44:57] विसरल। बस इतनी बात क्लियर है? मैं इसको

[45:00] लिख देता हूं एक बार और आप लोगों के लिए।

[45:03] मैंने क्या बोला? याद रखना मैंने क्या

[45:06] बोला? मैंने बोला सर जो पराइटल जो आपकी

[45:09] पेरिकार्डियम है ना पेरिकार्डियम

[45:13] पेरिकार्डियम डिवाइडेड इनू टू मेन लेयर

[45:16] डिवाइडेड इनू टू मेन लेयर टू मेन लेयर सर

[45:22] कौन-कौन सी लेयर थी वो वन इज फाइब्रस

[45:27] एंड द अनदर वन इज सिरस

[45:32] फाइब्रस आल्सो डिवाइडेड इंटू टू पार्ट्स

[45:37] फाइबर में भी दो पार्ट होते हैं। एक

[45:39] पराइटल और एक विसरल। सर यहां पे बता दो

[45:43] थोड़ा सा और समझना चाहते हैं। ये मेरी

[45:46] पराइटल लेयर सॉरी ये मेरी पेरिकार्डियम

[45:49] थी। पेरिकार्डियम को मैंने गौर से देखा तो

[45:52] मुझे दो पार्ट दिखे। कौन-कौन से?

[45:57] कि सर एक तो यह ब्लू वाला दिखा

[45:59] पेरिकार्डियम का। जो अंदर ब्लू कलर से

[46:01] ब्लू और वाइट कलर का लेयर दिख रही है।

[46:04] इसको मैंने बोला सिरस

[46:08] और जो बाहर दिख रहा है इसको बोला फाइब्रस।

[46:12] और फाइब्रस को थोड़ा और जूम करके देखो तो

[46:15] आपको एक और वाइट कलर की लाइन दिखेगी। तो

[46:19] फाइब्रस के दो पार्ट होते हैं। बाहर वाला

[46:22] पराइटल अंदर वाला विसरल

[46:25] और सबसे अंदर जो ब्लू वाली दिख रही है वो

[46:28] है सिरस। आई थिंक अब क्लियर आपको समझ में

[46:31] आ गया होगा। एक बार डायग्राम देख लो और

[46:33] अच्छे से समझ आ जाएगा।

[46:36] देखो जब भी आप देखोगे तो आपको सबसे यह जो

[46:40] पर्पल वाली दिख रही है ना इधर यह जो पर्पल

[46:43] वाली दिख रही है ना इधर यह पूरी की पूरी

[46:46] फाइब्रस लेयर है यह पूरी की पूरी इसको यह

[46:49] नाम को हटा दो यहां पे 2 मिनट के लिए ये

[46:52] नाम को ना पढ़ो ठीक है यह मैंने हटा दिया

[46:55] यह आपको जो पर्पल कलर की लेयर दिख रही है

[46:58] हार्ट में वो कौन सी है फाइब्रस लेयर है

[47:03] ठीक है वो है फाइब्रस लेयर और फाइब्रस

[47:06] लेयर में अगर आप देखोगे

[47:08] फाइब्रस लेयर में अगर आप देखोगे तो आपको

[47:11] क्या दिखेगा? आपको क्या दिखेगा?

[47:15] आपको यह दिखेगा कि फाइब्रस वाली लेयर फदर

[47:18] डिवाइड दो पार्टों में हो रखी है। एक तो

[47:21] यह पर्पल कलर का जो दिख रहा है आपको इसको

[47:24] बोला हमने पराइटल

[47:26] और जो यह अंदर पिंक वाला दिख रहा है,

[47:29] दूसरी लाइन आपको पिंक वाली दिख रही है।

[47:32] यह पिंक वाली लाइन है विसेरल। यह एक्चुअल

[47:36] में फाइब्रस के ही दो पार्ट हैं। फाइब्रस

[47:39] का बाहर वाला पार्ट पराइटल। फाइबर का

[47:41] दूसरा वाला पार्ट विसरल। अब अंदर अगर आप

[47:45] देखोगे तो आपको मिलेगा क्या?

[47:49] आपको मिलेगा क्या? जब आप इससे अंदर देखोगे

[47:52] तो ये ब्लू कलर से जो लाइन यहां पे मैं

[47:55] बना रहा हूं ये लेयर होती है विसरल लेयर।

[47:59] सॉरी ये लेयर होती है सिरस लेयर। तो सबसे

[48:03] अंदर सिरस सबसे बाहर फाइबरस। फाइबर के दो

[48:07] पार्ट पहला पराइटल दूसरा विसरल। इन दोनों

[48:10] के बीच में आप देख पा रहे होंगे यहां पे

[48:12] एक गैप है और उस गैप में होती है एक

[48:16] कैविटी।

[48:18] ठीक है? उस गैप में होती है एक कैविटी

[48:20] जिसको बोलते हैं पराइ पेरिकार्डियल

[48:23] कैविटी। सर क्या बोला आपने? एक बार दोबारा

[48:25] बोलेंगे। हां, मैं बोलना चाह रहा हूं कि

[48:29] देयर इज स्पेस। देयर इज स्पेस बिटवीन

[48:33] स्पेस बिटवीन

[48:36] फाइब्रस एंड सिरस लेयर। फाइब्रस एंड सिरस।

[48:41] फाइब्रस और सिरस के बीच में गैप होता है।

[48:45] एक कैविटी होती है। दैट कैविटी इज कॉल्ड

[48:49] उस कैविटी को हम क्या बोलते हैं? दैट

[48:51] कैविटी इज कॉल्ड पेरिकार्डियल कैविटी। उस

[48:55] कैविटी को बोलते हैं पेरिकार्डियल कैविटी।

[49:00] तो याद रखना फाइबर और सिरस के बीच में जो

[49:04] गैप होता है उसको बोलते हैं पेरिकार्डियल

[49:06] कैविटी। दोस्तों अब पेरिकार्डियल कैविटी

[49:11] के पास कुछ स्पेशल सेल पाए जाते हैं। कुछ

[49:15] स्पेशल सेल पाए जाते हैं। और उन स्पेशल

[49:18] सेल्स को बोला जाता है मेजोथलियल सेल। उन

[49:21] स्पेशल सेल्स को क्या बोला जाता है?

[49:23] मेजोथलियल सेल। और इन मेजोथलियल सेल का

[49:26] क्या काम है? इन मेजोथलियल सेल का काम

[49:30] होता है। इन मेजोथलियल सेल का क्या काम

[49:34] होता है? यह एक तरीके का फ्लूइड बनाते हैं

[49:37] बीच में ही। उस फ्लूइड को बोलते हैं

[49:40] पेरिकार्डियल फ्लूइड। उस फ्लूइड को क्या

[49:43] बोलते हैं? पेरिकार्डियल फ्लूइड। सर एक

[49:46] बार और बताओ। देखो दोबारा से बता रहा हूं।

[49:49] ध्यान देना। अब अबकी बार भूलना मत। देखो

[49:52] मैंने सिंपल बोला। मान लो ये है फाइब्रस

[49:56] लेयर। यह क्या है? यह है सर फाइब्रस वाली

[49:59] लेयर। इसकी डबल लेयर हैं। यह दोनों फाइबर

[50:02] की है। और यह जो अंदर वाली दिख रही है, यह

[50:05] कौन सी है? यह सर सीरस लेयर है।

[50:09] लेकिन जब आप इन दोनों के बीच में बहुत ही

[50:11] गहरे तरीके से देखोगे,

[50:14] इन दोनों के बीच में यहां पे फाइबर और

[50:17] सिरस के बीच में गैप प्रेजेंट होता है। इस

[50:20] गैप में कुछ सेल्स आपको दिखाई दे रही हैं।

[50:22] इन सेल को बोल रहे हैं हम मेजोथलियल सेल।

[50:26] यह मेजोथलियल सेल क्या करती हैं? यहां पर

[50:29] वाटर बढ़ाने का, फ्लूइड बढ़ाने का काम

[50:32] करती हैं। मेजोथलियल सेल का काम है इस

[50:35] पेरिकार्डियल कैविटी के अंदर पेरिकार्डियल

[50:38] फ्लूइड को बनाना। और अगर यह 30 ml से ले

[50:42] 50 एमl तक बनता है पर डे तो हम इसको

[50:47] नॉर्मल बोलेंगे। अगर यह 30 से 50 ml में

[50:51] बनता है तो हम इसको नॉर्मल बोलते हैं। तो

[50:54] पेरिकार्डियल फ्लूइड हमारी

[50:58] कैविटी में बनता है। कौन सी कैविटी में?

[51:00] पेरिकार्डियल कैविटी में। सर पेरिकार्डियल

[51:02] कैविटी कहां पे होता है? सर पेरिकार्डियल

[51:06] कैविटी होता है सिरस और फाइबस के बीच में।

[51:11] यस। सिरस और फाइबर के बीच में। सर। क्यों

[51:15] होता है? हार्ट की दो लेयर आपस में घिसेना

[51:18] ना। यानी कि यह फ्लूइड क्या करता है? जो

[51:20] पेरिकार्डियल फ्लूइड है, यह क्या करता है?

[51:24] प्रिवेंट फ्रॉम फ्रिक्शन।

[51:27] प्रिवेंट करेगा फ्रॉम फ्रिक्शन। फ्रिक्शन

[51:32] से प्रिवेंट करता है। यह फ्रिक्शन से

[51:35] प्रिवेंट करता है। यस।

[51:40] ओके। इसका मतलब आपको लेयर्स या समझ में आ

[51:44] गई है? तो ये बात ध्यान से याद रखना। हमने

[51:47] ये डायग्राम में डिस्कस किया था। जब भी आप

[51:49] देखोगे हार्ट की वॉल को तो उसमें तीन लेयर

[51:52] बनी हुई रहती हैं। जो एंडोकार्डियम है

[51:55] उसमें फ्लैट एपिथिलियल सेल्स होती हैं जो

[51:57] ब्लड को अब्सॉर्ब नहीं करेंगी। बहुत सारे

[51:59] एंटी कोगुलेंट बनाता है। जैसे कि

[52:01] प्रोस्टासाइक्लन या नाइट्रिक ऑक्साइड। बीच

[52:04] वाली लेयर को आप देखोगे सबसे मोटी लेयर

[52:07] कौन सी है? बीच वाली सबसे मजबूत

[52:09] कॉन्ट्रक्शन या फंक्शनल लेयर। और सबसे

[52:12] बाहर वाली जो लेयर होती है वो डबल लेयर

[52:14] होती है फाइब्रस और सिरस की। फाइब्रस लेयर

[52:17] को फर्दर दो पार्टों में बांटा गया है।

[52:20] बाहर वाली पराइटल और अंदर वाली विसरल।

[52:23] पराइटल लेयर और विसरल लेयर के बीच में

[52:26] सॉरी पराइटल और विसरल लेयर तो फाइब्रस का

[52:30] पार्ट है। इसके बाद बीच में गैप होता है।

[52:32] उसके बाद सिरस लेयर आती है। तो सिरस और

[52:35] फाइब्रस के बीच में जो गैप है वहां पे पाए

[52:38] जाते हैं मेजोथिलियल सेल जो कि फ्लूइड

[52:40] बनाते हैं पेरिकार्डियल फ्लूइड। उस स्पेस

[52:43] को बोलते हैं पेरिकार्डियल कैविटी।

[52:45] पेरिकार्डियल कैविटी में मेजोथिलियल सेल।

[52:48] वो फ्लूइड बना रही हैं। उन फ्लूइड को नाम

[52:50] दे दे रहे हैं पेरिकार्डियल फ्लूइड जो कि

[52:54] हार्ट की वॉल को आपस में घिसटने से

[52:56] रोकेगा।

[52:58] यस

[53:01] यहां तक हार्ट की वॉल समझ में आई। ओके

[53:04] वेरी गुड। इसका मतलब आपको थोड़ा बहुत तो

[53:07] समझ में आ गया है।

[53:10] अब कुछ और बातें डिस्कस करना चाहूंगा मैं।

[53:18] कुछ और बातें डिस्कस करना चाहेंगे।

[53:24] ओके। तो आपने हार्ट के बारे में थोड़ा

[53:26] बहुत देख लिया। अब हार्ट में कुछ सवाल ऐसे

[53:29] आते हैं जैसे आपसे पूछा जाएगा। मैं आपको

[53:32] दिखा देता हूं। एक बार डायग्राम दिखा देता

[53:34] हूं। पेक्टिनेट मसल

[53:38] हमारे डीटीपी ने नहीं डाली है। कोई बात

[53:40] नहीं।

[53:45] क्या आपने पेक्टिनेट मसल ऑफ हर्ट के बारे

[53:48] में सुना है?

[53:54] यस।

[53:59] तो आपको दो-तीन तरीके की हार्ट के अंदर

[54:01] कौन-कौन सी मसल होती हैं? उनके बारे में

[54:04] थोड़ा सा बताने की कोशिश करते हैं।

[54:12] अब यह आपको एक हार्ट का डायग्राम दिख रहा

[54:14] होगा। दिख रहा है?

[54:18] तो आप हार्ट में सबसे पहले

[54:23] इस पार्ट को देखना जिसको मैं ब्लैक कर रहा

[54:25] हूं। यह आपको एक हिस्सा दिख रहा होगा

[54:28] जिसको मैं ब्लैक कर रहा हूं। ऐसे

[54:34] थोड़ा पिंक कर देते हैं जिससे आपको समझ

[54:36] में आ जाए। यह वाला जो हिस्सा है आपके

[54:40] हार्ट में इसमें आपको क्या दिख रहा है? एक

[54:44] पिंक कलर की मसल दिख रही है। कुछ ऐसी

[54:48] यह जो आपको पिंक कलर की मसल दिख रही है

[54:51] ना, इन मसल्स को बोला जाता है पेपिलरी

[54:55] मसल। इन मसल को बोला जाता है

[54:59] पेपिलरी मसल।

[55:02] पहली बात तो यह जो आपको हार्ट के निचले

[55:06] हिस्से में स्पेशली वेंट्रिकल के अंदर जो

[55:09] ऐसे पिंक कलर वाला स्पेस दिख रहा है। अब

[55:12] मैं हटा दूंगा तो आपको क्लियरली दिखेगा

[55:14] ऐसे। पर मैं थोड़ा सा फिर भी कोशिश करता

[55:17] हूं। यह जो आपको यह वाला हिस्सा दिख रहा

[55:20] है, यह पिंक पिंक वाला हिस्सा दिख रहा है।

[55:23] यह टंग लाइक स्ट्रक्चर वाली मसल जो पाई

[55:26] जाती है, परकिंजे फाइबर नहीं बोलते इसको।

[55:29] नहीं, इसको बोलते हैं पैपिलरी मसल। इसको

[55:32] क्या बोलते हैं? पैपिलरी मसल बोलते हैं।

[55:35] सर, पैपिलरी मसल क्या करती है? पैपिलरी

[55:38] मसल। यह तो हो गई पैपिलरी मसल। काम अभी

[55:41] बता रहा हूं। ध्यान रखना। पूछा जाता है

[55:43] पैपिलरी मसल क्या करती है? दूसरा आप

[55:46] पेपिलरी मसल से कुछ धागे निकलते हुए देख

[55:49] रहे होंगे। यहां ऐसे देख रहे हैं मैं

[55:52] दोबारा से बना देता हूं। पेपिलरी मसल से

[55:55] ये वाइट कलर के कुछ धागे निकल रहे हैं।

[55:58] ऐसे क्या आप देख पा रहे हैं इनको?

[56:04] यह धागों को बोला जाता है कॉर्डेटेंडनी।

[56:08] इन धागों को बोला जाता है कॉर्डे

[56:12] टेंडनी।

[56:16] कॉर्डेटेंडनी

[56:19] यह कॉर्डेटेंडनी क्या होते हैं? दोबारा

[56:21] बता दूं मैं आपको। यह पार्ट जो है यह

[56:24] कॉर्डेटेंडनी कहलाते हैं। और कॉर्डेटेंडनी

[56:28] का क्या काम होता है सर? यह वॉल्व को

[56:32] क्लोज करते हैं या फिर ओपन करने में मदद

[56:37] करते हैं।

[56:39] यह ढक्कन दिख रहा है आपको? इस ढक्कन को

[56:42] मतलब धागे से खींचोगे तो खुल जाएगा। धागे

[56:45] को छोड़ दोगे तो बंद हो जाएगा। यही काम

[56:48] करते हैं। तो एवी नोड जो होते हैं ना आपके

[56:51] हार्ट में ढक्कन एट्रियम और वेंट्रिकल के

[56:54] बीच में जो गेट होता है तो गेट के धागे

[56:56] हैं ये जो पैपिलरी मसल से बंधे हुए रहते

[56:59] हैं। और इनका काम होता है किसको ओपन करना?

[57:03] सर एवी एवी नोड सॉरी एवी

[57:08] वाल्व को ओपन करना। चाहे वो राइट साइड का

[57:10] हो, चाहे वो लेफ्ट साइड का हो। तो ये हो

[57:13] गई सर कॉर्डेट टेंडनी।

[57:16] यस। जो आपको यह वाला स्ट्रक्चर दिख रहा

[57:19] है,

[57:21] दो

[57:23] वेंट्रिकल के बीच में इसको बोला जाता है

[57:25] इंट्रा वेंट्रिकुलर सेप्टम। इसको बोला

[57:28] जाता है इंट्रा वेंट्रिकुलर सेप्टम। दो

[57:30] सेप्टम के बीच में वॉल पाई जाती है। उस

[57:33] वॉल को बोलते हैं क्या? ओके। तो मेरा सवाल

[57:37] है पेपिलरी मसल का काम क्या होता है और

[57:41] कॉर्डेटेंडनी का काम क्या होता है? यह

[57:43] आपको आना चाहिए। पहले दो बातें

[57:46] मैं लिख रहा हूं यहां पे ध्यान दो।

[57:49] मैं लिख रहा हूं यहां पे ध्यान दो।

[57:53] पहला है पेपिलरी मसल।

[57:57] पेपिलरी मसल।

[58:02] अब अगर फंक्शन ही पता नहीं होगा तो आप

[58:04] पढ़ोगे कैसे उसको?

[58:12] पहला पॉइंट मैं लिख रहा हूं।

[58:16] अटैच्ड विद किसके साथ अटैच रहती है?

[58:19] अटैच्ड विद वॉल ऑफ वेंट्रिकल। यह

[58:23] वेंट्रिकल की वॉल पे अटैच रहते हैं। एंड

[58:29] एंड एंकर एंकर का मतलब टांगना एंकर दी एंड

[58:35] एंकर दी। और यह एंकर करती है किसको? एंड

[58:40] एंकर दी

[58:42] एंड एंकर दी

[58:52] कॉर्डेड टेंडनी कॉर्डे

[58:56] टेंडनी

[58:58] यह कॉडे टेंडनी को एंकर करती हैं। जिनको

[59:01] एंकर का मतलब नहीं पता बता दूं आपको एंकर

[59:05] का मतलब होता है टांगना। ठीक है? एंकर का

[59:09] मतलब होता है टांगना

[59:13] जिससे कि

[59:15] जिससे क्या होता है सर जब वेंट्रिकल

[59:17] कॉन्ट्रैक्ट करते हैं तो यह मसल भी

[59:20] कॉन्ट्रैक्ट होते हैं। बताना चाहूंगा

[59:23] व्हेन वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट जब वेंट्रिकल

[59:27] कॉन्ट्रैक्ट करते हैं तो पेपिलरी मसल

[59:31] आल्सो कॉन्ट्रैक्ट

[59:34] आल्सो कॉन्ट्रैक्ट

[59:36] यह भी कॉन्ट्रैक्ट करेंगे। जब वेंट्रिकल

[59:38] पिचकेगा तो यह भी कॉन्ट्रैक्ट होंगे।

[59:40] जिससे ढक्कन बंद हो जाएगा। जिससे कि आपका

[59:44] एवी वाल्व क्लोज हो जाता है।

[59:49] और एवी वाल्व के क्लोज होने से क्या फायदा

[59:52] होगा? नहीं तो वेंट्रिकल पिचकेगा सारा ऊपर

[59:54] एट्रियम में चला जाएगा ना। रिगर्जिटेशन

[59:56] होगा। तो पेपिलरी मसल क्या करती है?

[59:59] अल्टीमेटली यह प्रिवेंट करती है। प्रिवेंट

[01:00:03] फ्रॉम रिगर्जिटेशन आर ई जी यू आर

[01:00:09] रिगर्जिटेशन

[01:00:12] ऑफ ब्लड ब्लड को उल्टा वापस एट्रियम में

[01:00:17] जाने से प्रिवेंट करती हैं। क्योंकि जैसे

[01:00:19] ही वेंट्रिकल बंद होगा वैसे ही जैसे ही

[01:00:23] वेंट्रिकल बंद होगा वैसे ही आपका वाल्व भी

[01:00:26] बंद हो जाएगा।

[01:00:28] यस

[01:00:31] क्लियर है इतनी बात तो यह है सर पेपिलरी

[01:00:35] मसल का काम यह है पेपिलरी मसल का काम

[01:00:38] अच्छा आपकी हार्ट स्ट्रिंग कहलाती है जो

[01:00:42] आपने बोला सर कॉर्डे कॉर्डे का मतलब होता

[01:00:45] है रस्सी या कॉर्ड कॉर्ड का मतलब होता है

[01:00:48] रस्सी या रोप

[01:00:50] और टेंडनी टेंडनी का मतलब चिपकाने वाला एक

[01:00:54] यंत्र जो एक ऑर्गन को दूसरे ऑर्गन से

[01:00:56] जोड़ता है ऐसा हिस्सा जो एक ऑर्गन को

[01:01:00] दूसरे हिस्से से जोड़ता है उसको बोला जाता

[01:01:02] है टेंडनी।

[01:01:04] समझ रहे हो? और कॉडे का मतलब एक ऐसी रस्सी

[01:01:07] जिसको कॉर्डे टेंडनी आल्सो नोन एज इसको

[01:01:11] हार्ट की तार भी बोला जाता है। हार्ट

[01:01:14] स्ट्रिंग के नाम से भी जानी जाती है इसको।

[01:01:16] हार्ट स्ट्रिंग के नाम से भी जाना जाता है

[01:01:18] इसको। यस।

[01:01:25] ऐड से नीचे नहीं दिखाई दे रहा है। ओके।

[01:01:29] अरे ऐड देख लिया है बच्चों ने। तो

[01:01:32] कंप्यूटर महाशय आरोग्यम वन शॉट बैच गेट

[01:01:35] फ्री। जो भी आपको नीचे वन शॉट दिख रहा है

[01:01:38] कृपा करके कोशिश करें कि बच्चों को दिख

[01:01:40] जाए और या तो इसका साइज छोटा हो जाए या तो

[01:01:43] यह हट जाए। थोड़ी-थोड़ी देर बाद लगा देना।

[01:01:46] ओके? हार्ट स्ट्रिंग बोला जाता है कॉर्डे

[01:01:49] टेंडनी को। और अगर इनका कोई काम आपसे पूछे

[01:01:54] ठीक है इनका काम पूछे तो यह एक सेफ्टी

[01:01:57] रोब्स की तरह काम करती हैं। आप इनको

[01:02:00] सेफ्टी रोब्स बोल सकते हैं।

[01:02:04] सेफ्टी रोब्स कैसे? जैसे वेंट्रिकल

[01:02:06] पिचकेगा तो यह भी कॉन्ट्रैक्ट हो जाएंगी

[01:02:09] और ढक्कन बंद हो जाएगा एट्रियम का। बस

[01:02:13] क्लियर?

[01:02:16] ओके। आगे बढ़े। तो ये था सर कॉर्डे टेंडनी

[01:02:19] के बारे में। अच्छा एक और चीज आपसे एक और

[01:02:23] बात पूछी जाएगी और वो बात कौन सी है? जब

[01:02:27] आप हार्ट को ओपन करोगे ना यह सपोज एक

[01:02:31] हार्ट है तो आपको हार्ट के बाहर की जो

[01:02:34] स्पेस है वो ऐसे खुरदरी सी दिखाई देगी।

[01:02:38] ऐसे और अंदर कैसा मिलेगा? बिल्कुल सॉफ्ट।

[01:02:42] अंदर कैसा मिलेगा? बिल्कुल बिल्कुल सॉफ्ट

[01:02:45] टाइप का मिलेगा। बाहर की तरफ से तो पूरी

[01:02:48] खुरदरी दिखेगी आपको हार्ट की वॉल लेकिन

[01:02:51] अंदर आप बिल्कुल देखोगे सॉफ्ट बिल्कुल

[01:02:54] एकदम प्लेन

[01:02:56] या फिर मैं बोल सकता हूं स्मूथ बहुत ही

[01:02:59] स्मूथ दिख रहा है आपको अंदर समझ गए तो

[01:03:03] हार्ट की बाहर की वॉल कैसी होती है सर रफ

[01:03:07] होती है रफ और उस रफ सरफेस में आपको कुछ

[01:03:11] ऐसे कंघी की तरह मसल्स दिखाए जाते हैं

[01:03:15] कैसे मसल्स

[01:03:16] ऐसे वाले जिनको कॉम्ब लाइक मसल बोलते हैं।

[01:03:20] कॉम्ब लाइक मसल कंघी की तरह आपको कुछ

[01:03:24] हार्ट के रफ सरफेस पे मसल्स दिखाई देते

[01:03:27] हैं। इनको बोला जाता है क्या? जल्दी से

[01:03:31] बताओ। इनको क्या बोला जाएगा? यस। अवनीश

[01:03:36] पाल ने सबसे पहले आंसर दिया पेक्टिनेट

[01:03:39] मसल। क्या बोलते हैं इनको? यह कॉम्ब लाइक

[01:03:42] स्ट्रक्चर में जो आपको हार्ट के रफ सरफेस

[01:03:45] पर दिखाई दे रहे हैं, इनको बोला जाता है

[01:03:49] पेक्टिनेट मसल।

[01:03:52] अब मुझे बता दो पेनेट मसल तो समझ में आ

[01:03:55] गया। अंदर की तरफ है स्मूथ सरफेस। बाहर की

[01:03:58] तरफ है रफ सरफेस। रफ सरफेस में है कॉमब

[01:04:01] लाइक मसल। कॉम लाइक मसल का नाम है

[01:04:03] पेक्टिनेट मसल। क्या काम होता है इसका?

[01:04:08] अच्छा पेक्टिनेट मसल अगर आप ध्यान से

[01:04:11] देखोगे पेक्टिनेट मसल और स्मूथ सरफेस

[01:04:16] दोनों एक छोटे से हिस्से से अलग-अलग हो

[01:04:18] रखे हैं। तो जो हिस्सा अलग करता है उस

[01:04:23] हिस्से को क्या बोलते हैं? यस।

[01:04:27] पैक्टिनेट मसल का काम पहले जो दोनों को

[01:04:30] अलग-अलग करता है उसको क्या बोलते हैं?

[01:04:48] यस

[01:05:13] सर आईआईटी

[01:05:15] आईआईटी और नीट में पीडब्ल्यू के टीचर्स

[01:05:18] शूज और कार तो नहीं दिया होगा। फोन दे रहे

[01:05:22] हैं। अच्छा अगर पीडब्ल्यू से पढ़ने वाले

[01:05:26] किसी भी बच्चे की फर्स्ट रैंक आती है

[01:05:29] तो मेरी तरफ से उसे आने वाला iPhone 17

[01:05:32] Pro Max 1GB मिलेगा। ठीक है? यह लाइव

[01:05:37] लेक्चर में बोल रहा हूं। फर्स्ट रैंक वाले

[01:05:39] को मेरी तरफ से iPhone 17 Pro Max 1TB के

[01:05:43] साथ मिलेगा। अभी रिलीज होने वाला है

[01:05:46] सेप्टेंबर में। ठीक है तो अभी किसी ने

[01:05:49] बोला तो मैंने बोल दिया ऐसा ज्यादा बोल

[01:05:51] दिया अरे कोई बात नहीं टीम बोल रही है सर

[01:05:56] यह थोड़ा ज्यादा हो गया है बजट से बाहर

[01:05:58] मैंने कहा नहीं बजट बहुत है कोई बात नहीं

[01:06:00] पर्सनल बजट से दे देंगे ओके चलो कॉम लाइक

[01:06:03] मसल को बोलते हैं पेक्टिनेट मसल और सेफ्टी

[01:06:09] सेफ्टी नहीं अंदर वाली जो मसल रहती है वह

[01:06:12] सॉफ्ट रहती है या स्मूथ रहती है बाहर वाली

[01:06:15] कॉम्ब लाइक स्ट्रक्चर ठीक है। हां, लगभग 2

[01:06:19] लाख ढाई लाख का होगा कम से कम तो इतना दे

[01:06:22] सकते हैं।

[01:06:25] सच में सर हां सच में डेफिनेटली

[01:06:34] कहां 10-100 2000 के जूतों के चक्कर में

[01:06:36] पड़े हो। ठीक है?

[01:06:39] ओके। पैक्टिनेट मसल का काम बताओ। किसी ने

[01:06:43] नहीं बताया। पेक्टिनेट मसल ध्यान दो। अगर

[01:06:47] आपसे पूछा जाए हार्ट में पेक्टिनेट मसल तो

[01:06:51] पेक्टिनेट मसल का काम क्या रहता है? यह

[01:06:54] आपके हार्ट को ज्यादा फाइब्रस कॉर्ड होते

[01:06:57] हैं। देखो यह क्या करते हैं? आपके हार्ट

[01:06:59] को एक लिमिटेड रेंज तक ही फैलने देते हैं।

[01:07:03] मतलब ओवर स्ट्रेचिंग से प्रिवेंट करते

[01:07:07] हैं। ओवर स्ट्रेचिंग से प्रिवेंट करते

[01:07:11] हैं।

[01:07:12] मतलब एक लेवल तक स्ट्रेच करने में हार्ट

[01:07:15] को हेल्प तो करेगा। वो कॉम्ब लाइक मसल की

[01:07:18] वजह से जब हार्ट के अंदर फ्लूइड भरेगा,

[01:07:21] ब्लड भरेगा तो हार्ट फूलेगा इसे।

[01:07:24] लेकिन मैक्सिमम रेंज तक उसके बाद प्रिवेंट

[01:07:27] करेगा वह। नहीं भैया अब नहीं भरना है। अब

[01:07:30] नहीं भरना है। यस क्लियर। तो ये बात याद

[01:07:34] रखना आप।

[01:07:36] चलिए

[01:07:38] आगे बढ़े। तो पैक्टिनेट मसल में ध्यान

[01:07:42] रखिएगा। ओवरस्ट्रेचिंग से प्रिवेंट

[01:07:44] करेंगे। ओवरस्ट्रेचिंग से क्या करते हैं?

[01:07:47] प्रिवेंट करते हैं। अब आगे बढ़ते हैं।

[01:07:50] हार्ट के वाल्व के बारे में बताना चाहूंगा

[01:07:52] आपको। देखो हार्ट में जब भी आप देखोगे अगर

[01:07:56] मैं हार्ट को थोड़ा सा ऐसे बना लूं यह

[01:07:58] हार्ट के चार चेंबर हैं तो ऊपर वाले

[01:08:01] एट्रियम होते हैं और नीचे वाले वेंट्रिकल

[01:08:04] होते हैं। सबसे पहले हार्ट के बीच में

[01:08:07] एट्रियम और वेंट्रिकल के बीच में जो ये ये

[01:08:10] वाले ढक्कन हैं इनको बोला जाता है

[01:08:12] एट्रियोवेंट्रिकुलर

[01:08:13] वाल्व। और इनका साइज आप अगर आप देखोगे तो

[01:08:18] यह ऐसे नीचे की तरफ ओपन होते हैं ऐसे।

[01:08:22] यह

[01:08:24] यूनडायरेक्शनल होते हैं। एक ही डायरेक्शन

[01:08:26] में ओपन होते हैं। ऐसे इनको एवी वाल्व

[01:08:29] बोला जाता है। पर खास बात है क्या है कि

[01:08:33] इसके अंदर एक कहानी है। कहानी यह है

[01:08:38] कि जो राइट साइड का है उसमें ऐसे तीन कस्प

[01:08:42] बने रहते हैं। एक कस्प, दो कस्प और तीन

[01:08:45] कस्प। तो राइट साइड वाला जो आपको ढक्कन

[01:08:48] दिखेगा वो ढक्कन होता है ट्राईकस्पिड। वो

[01:08:52] ढक्कन क्या होता है? ट्राइकस्पिड वाला

[01:08:54] ढक्कन होता है। राइट साइड वाला उसमें तीन

[01:08:57] टाइप के कस्प पाए जाते हैं। इसीलिए वो

[01:09:00] ट्राइकस्पिड वाल्व कहलाता है। होते तो

[01:09:03] यूनडायरेक्शनल है। एक ही डायरेक्शन में

[01:09:05] ओपन होंगे। अब दूसरा आप देखोगे तो जो

[01:09:09] लेफ्ट साइड पे है उसमें केवल दो ही कस्प

[01:09:13] होते हैं। तो इसको बाइकस्पिड वाल्व बोलते

[01:09:16] हैं। बाइकस्पिड वाल्व बोलते हैं। और

[01:09:19] बाइकस्पिड वाल्व ही क्या कहलाता है सर?

[01:09:23] मेट्रल वाल्व कहलाता है। बाईकस्पिड वाल्व

[01:09:26] को ही हम मिट्रल वाल्व बोलते हैं। तो बहुत

[01:09:29] सारे ऐसे स्टूडेंट हैं यहां पे जो पहले

[01:09:31] पढ़ चुके हैं कि बाइकस्पिड को ही देखो

[01:09:34] बाइकस्पिड तो इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि

[01:09:36] दो कस्प हैं। ट्राइकस्पिड इसलिए बोल रहे

[01:09:38] हैं क्योंकि तीन कस्प है। तो बाइकस्पिड का

[01:09:41] ही दूसरा नाम है मिट्रल वाल्व। जो लेफ्ट

[01:09:45] साइड पर होता है।

[01:09:49] इसी को मेट्रल वाल्व बोलते हैं। क्यों

[01:09:51] बोलते हैं मेट्रल वाल्व? व्हाट इज द रीजन

[01:09:53] बिहाइंड? कि सर मट्रल वाल्व बाईकस्पिड को

[01:09:57] क्यों बोला जाता है? मट्रल वाल्व

[01:09:59] बाईकस्पिड को क्यों बोला जाता है

[01:10:07] सर? क्योंकि इसमें दो कस्प होते हैं

[01:10:11] और दो कस्प ऐसे दिखाई देते हैं जैसे कि

[01:10:15] मिट्रे वाली हैट। अब मिट्रे वाली हट कैसे

[01:10:19] है वह दिखा देता हूं एक बार।

[01:10:25] मट्रे वाली हट देखी है आपने? नहीं देखी है

[01:10:28] तो आपको दिखाते हैं।

[01:10:44] ध्यान से देखिए।

[01:10:49] यह आपको मिट्रे हेड दिखाई दे रही होगी।

[01:10:53] यह ज्यादातर जो क्रिश्चियंस के पोप होते

[01:10:55] हैं जैसे रिचुअल धर्म गुरु जिनको बोलते

[01:10:58] हैं। अब उनके आप अगर उसको देखोगे ना जो

[01:11:00] उनका ताज होता है तो उस ताज के अंदर आपको

[01:11:04] ऐसे दो कस्प दिखाई देंगे। ऐसा ही सिमिलरली

[01:11:08] हमारा बाईकस्पिड वाल्व होता है। ठीक है?

[01:11:12] और इस हेड का नाम होता है मिट्रे हेड या

[01:11:15] मिट्रल हेट क्राउन की तरह। यस। इसीलिए

[01:11:20] क्या बोला जाता है? मेट्रल वाल्व क्योंकि

[01:11:22] दो कस होते हैं इसके अंदर। अब आई होप आप

[01:11:26] समझ में आ गया होगा।

[01:11:30] यस यस। तो आपको यह बात समझ में आ गई।

[01:11:34] अच्छा एक और बात करते हैं। यह तो हमें समझ

[01:11:37] में आ गया बाइकस्पिड और ट्राईकस्पिड। अब

[01:11:40] जब आप हार्ट को देखोगे ध्यान से

[01:11:44] तो उसके अलावा भी आप देखोगे कि जैसे यह

[01:11:48] राइट साइड का हार्ट है तो राइट साइड में

[01:11:52] राइट वेंट्रिकल से राइट वेंट्रिकल से एक

[01:11:56] पाइप निकल रही है ऐसे

[01:11:59] राइट वेंट्रिकल से एक पाइप निकल रही है

[01:12:02] ऐसे

[01:12:03] और ऐसे ही सिमिलरली आप देखोगे लेफ्ट साइड

[01:12:07] में भी

[01:12:09] लेफ्ट लेफ्ट साइड के हार्ट से भी लेफ्ट

[01:12:12] वेंट्रिकल से एक पाइप निकलती है। ऐसे

[01:12:22] पर यहां पे जो ढक्कन होते हैं उनका आकार

[01:12:25] ऐसे आधे चंद्रमा की तरह होता है। ध्यान से

[01:12:29] देखो। इनका आकार होता है आधे चंद्रमा की

[01:12:32] तरह जो वेंट्रिकल से निकलते हैं। तो

[01:12:35] इसीलिए जो वेंट्रिकल से ओपनिंग निकल रही

[01:12:38] है ना चाहे वो लेफ्ट से हो चाहे वो राइट

[01:12:41] से हो इनको बोला जाता है इन आधे चंद्रमा

[01:12:45] नुमा आकार के ढक्कनों को बोला जाता है

[01:12:47] सेमी ल्यूनार वाल्व। सेमी ल्यूनार का मतलब

[01:12:51] ही आधा चंद्रमा है। और इनका आकार ऐसा ही

[01:12:55] होता है। सेमी ल्यूनार वाल्व की तरह। ठीक

[01:12:59] है? यह वेंट्रिकल से निकलते हैं। ठीक है?

[01:13:02] यह वेंट्रिकल से निकलते हैं।

[01:13:05] ओके। सर, हमको चार बातें समझ आई। क्या समझ

[01:13:09] आया? कि जो आपके हार्ट में वाल्व पाए जाते

[01:13:13] हैं वो चार तरीके के वाल्व हैं। पहला है

[01:13:16] आपने बोला बाइकस्पिड वाल्व।

[01:13:25] जो राइट एट्रियम एंड राइट वेंट्रिकल के

[01:13:28] बीच में होगा उसको हम नाम देंगे

[01:13:30] ट्राइकस्पिड वाल्व।

[01:13:33] क्लियर? जो लेफ्ट एट्रियम एंड लेफ्ट

[01:13:37] वेंट्रिकल के बीच में होगा वाल्व उसको हम

[01:13:40] बाइकस्पिड वाल्व बोलेंगे।

[01:13:43] उसके अलावा जो वेंट्रिकल से निकलेगा राइट

[01:13:47] वेंट्रिकल से जो राइट वेंट्रिकल से

[01:13:51] सेमीनार वाल्व निकलता है इस वाले को ये है

[01:13:56] तो दोनों सेमी ल्यूनार पर राइट वाले को

[01:13:58] बोलते हैं क्या? पल्मोनरी वाल्व। क्योंकि

[01:14:02] यह पल्मोनरी मतलब लंग्स की तरफ जा रहा है।

[01:14:05] पल्मोनरी वाल्व। राइट वाले को बोलते हैं

[01:14:08] पल्मोनरी वाल्व। और लेफ्ट वाला ये अोटाक

[01:14:12] की तरफ ओपन हो रहा है। तो इसको बोलते हैं

[01:14:14] एरोटिक वाल्व। एरोटिक वाल्व। लेफ्ट वाला

[01:14:18] कहलाता है एरोटिक वाल्व। सर हमने क्या

[01:14:21] पढ़ा? हमने ये पढ़ा कि सर चार वाल्व होते

[01:14:24] हैं। जो राइट एट्रियम राइट वेंट्रिकल के

[01:14:27] बीच में है वो ट्राइकस्पिड है। जो लेफ्ट

[01:14:29] एट्रियम लेफ्ट वेंट्रिकल के बीच में है वो

[01:14:32] बाइकस्पिड है। राइट वेंट्रिकल

[01:14:36] वाला सेमीनार वाल्व जो लंग्स की तरफ जा

[01:14:40] रहा है उसको बोलते हैं पल्मोनरी वाल्व।

[01:14:43] उसको बोलते हैं पल्मोनरी वाल्व।

[01:14:47] और सर जो लेफ्ट वेंट्रिकल में जा रहा है

[01:14:50] लेफ्ट वेंट्रिकल वाला सेमीनार वाल्व है और

[01:14:54] जो अोटा की तरफ जा रहा है उसको हम बोल

[01:14:58] देते हैं एरोटिक वाल्व। तो चार तरीके के

[01:15:02] वाल्व आपको हार्ट में देखने के लिए

[01:15:04] मिलेंगे। अब सवाल यहां से नहीं आता। सवाल

[01:15:08] आता है बताओ ट्राइकस्पिड वाल्व की आवाज

[01:15:11] कहां पे सुनाई देगी?

[01:15:14] ऐसा सवाल आता है। तो अगर आप डायग्राम

[01:15:16] देखोगे तो आपको क्लियरली समझ में आ जाएगा।

[01:15:20] अब देखो ध्यान से देखो। ध्यान से देखो।

[01:15:27] यह हमारा हार्ट है। यह हमारा हार्ट है।

[01:15:30] मैं थोड़े से डायरेक्शन से बताऊंगा आपको।

[01:15:33] अब राइट साइड से निकलता है पल्मोनरी

[01:15:36] वाल्व। लेकिन वो इस तरफ को मुड़ जाता है

[01:15:39] तो उसकी आवाज आपको हमेशा लेफ्ट साइड सुनाई

[01:15:43] देगी सेकंड इंटरकोस्टल स्पेस में और वो भी

[01:15:47] रिज ऑफ द स्टर्नम पे। कहां पे सुनाई देगी?

[01:15:50] रिज ऑफ द स्टर्नम। या फिर बोल सकते हैं एज

[01:15:53] ऑफ द स्टर्नम। ये एज है ना स्टर्नम का।

[01:15:56] अरे यह स्टर्नम बोन आ रही है नीचे।

[01:15:59] स्टर्नम के बिल्कुल एज पे आपको पल्मोनरी

[01:16:03] वाल्व का साउंड सुनाई देगा।

[01:16:06] अब आप अरोटा वैसे निकलता तो लेफ्ट साइड से

[01:16:10] है। देखो यहां पर देखो अरोटा निकला तो इधर

[01:16:13] राइट लेफ्ट साइड से पर गया किधर को इधर

[01:16:17] लेफ्ट साइड से होते हुए गया। तो एक ही

[01:16:20] साउंड ऐसा है जो आपको लेफ्ट साइड दिखाई

[01:16:23] देगा और आप देखोगे तो यह भी वहां पर सुनाई

[01:16:26] देगा जहां पे स्टर्नम का रिज है पर लेफ्ट

[01:16:30] साइड पे तो आप बोलोगे सर सेकंड इंटरकोस्टल

[01:16:34] स्पेस पे सुनाई देगा लेफ्ट साइड पे वो

[01:16:37] एरोटिक साउंड होगा

[01:16:40] पल्मोनरी साउंड कहां पे सुनाई देगा सेकंड

[01:16:43] इंटरकोस्टल स्पेस राइट साइड पे अब इसके

[01:16:48] अलावा जो ट्राइकस्पिड साउंड है और

[01:16:50] बाइकस्पिड साउंड है उसको आप ध्यान से

[01:16:53] देखोगे तो आपको

[01:16:58] फोर्थ इंटरकोस्टल स्पेस पे और फिफ्थ

[01:17:02] इंटरकोस्टल स्पेस पे फोर्थ और फिफ्थ

[01:17:05] इंटरकोस्टल स्पेस पे ये फोर्थ पे है और ये

[01:17:09] फिफ्थ पे है।

[01:17:13] लेकिन अंतर क्या है?

[01:17:15] यह आपको मिड एकिलरी लाइन पर सुनाई देगा।

[01:17:18] कौन सा वाला जो आपका मिट्रल वाला है।

[01:17:22] मिट्रल वाला जो क्लोज हुआ वो आपको यहां पे

[01:17:26] सुनाई देगा। सर नहीं समझ में आया। मैंने

[01:17:28] यह बोला मैं यह बोल रहा हूं। देखो ध्यान

[01:17:30] से सुनो। जब आपके वॉल्व क्लोज होते हैं ना

[01:17:33] तो आवाज आती है। जब आपके वॉल्व क्लोज होते

[01:17:38] हैं तो साउंड आती है। ठीक है? तो जब आपका

[01:17:43] बाय कस्पिड कहां पे सुनाई देगा? तो

[01:17:46] बाइकस्पिड वाल्व की जो साउंड आप सुनोगे

[01:17:50] बाइकस्पिड साउंड जहां पे आप सुनोगे वो कौन

[01:17:53] सा होगा? तो वो होगा फोर्थ इंटरकोस्टल

[01:17:57] स्पेस लेफ्ट साइड पे कहां पे? एज ऑफ द

[01:18:02] स्टर्नम पे। एज ऑफ स्टर्नम पे।

[01:18:08] मतलब सपोज़ कर लो यह हमारा स्टर्नल बोन है।

[01:18:14] ठीक है? यहां पर है यह फर्स्ट इंटरकोस्टल

[01:18:17] स्पेस। मान लेते हैं। यह है सेकंड

[01:18:19] इंटरकोस्टल स्पेस। यह है थर्ड इंटरकोस्टल

[01:18:23] स्पेस। यह है फोर्थ इंटरकोस्टल स्पेस। और

[01:18:26] ये है फिफ्थ इंटरकोस्टल स्पेस। तो जब आप

[01:18:29] हार्ट की इस साउंड को सुनोगे तो आप यह

[01:18:32] देखोगे कि पहली साउंड तो आपको ये सेकंड

[01:18:35] इंटरकोस्टल स्पेस पे जो सुनाई देगी लेफ्ट

[01:18:38] साइड पे। वो किसकी साउंड होगी?

[01:18:42] सर एरोटिक वाल्व की साउंड होगी। किसकी

[01:18:45] होगी सर? एरोटिक वाल्व की साउंड होगी। सेम

[01:18:49] सेकंड इंटरकोस्टल स्पेस पे राइट साइड पे

[01:18:52] जो आपको ये पॉइंट दिख रहा है ना इस पॉइंट

[01:18:56] पे आपको पल्मोनरी वाल्व की साउंड आएगी।

[01:18:59] किसकी साउंड आएगी? पल्मोनरी वाल्व की।

[01:19:03] फिर आप एक और चीज देखोगे जो फोर्थ यह तो

[01:19:06] हो गया सेकंड। यह हो गया थर्ड। यह फोर्थ।

[01:19:08] फोर्थ के सेम इसी जगह पर

[01:19:15] आपको सुनाई देगी बाईकस्पिड वाल्व की

[01:19:18] साउंड। बाइकस्पिड वाल्व और फिफ्थ में मिड

[01:19:25] मिड क्लविकुलर लाइन पे यहां कहीं पे आपको

[01:19:29] जो सुनाई देगी मिड क्लेविकुलर लाइन पे जो

[01:19:33] आपको सुनाई देगी दोस्तों उसका नाम है

[01:19:37] मिट्रल वाल्व का साउंड।

[01:19:39] मेट्रल वाल्व का साउंड

[01:19:43] क्या लिख दूं आपके लिए इसको यहां पर क्या

[01:19:46] आपको लिख दूं यहां पर यस

[01:19:51] सर लेफ्ट राइट उल्टा हो गया नहीं सही है

[01:19:54] ये इधर मेरा तो लेफ्ट यही है ना अब मैं

[01:19:57] ऐसे खड़ा होऊंगा मेरा लेफ्ट किधर है इधर

[01:19:59] ही तो है ना और मेरा राइट किधर है इधर ही

[01:20:02] है इंसान तो ऐसे ही खड़ा होता है तो ये

[01:20:05] मेरा राइट है तो राइट साइड की तरफ केवल

[01:20:08] आपको एरोटिक एक वाल्व की साउंड सुनाई

[01:20:10] देगी। ठीक है? राइट साइड की तरफ केवल एक

[01:20:14] ही साउंड सुनाई देती है। राइट साइड की तरफ

[01:20:16] देखो वो कौन से साउंड? एरोटिक वाल्व की।

[01:20:20] कहां पे? सेकंड इंटरकोस्टल स्पेस। और वहां

[01:20:23] पे कहां पे? एज ऑफ स्टर्नम पे। बात खत्म।

[01:20:29] जबकि आप इधर देखोगे सेकंड इंटरकोस्टल

[01:20:32] स्पेस एज वाले पार्ट पे ही सुनाई दिखाई

[01:20:35] देगी आपको। लेकिन लेफ्ट साइड पे कौन सी?

[01:20:38] पल्मोनरी वाल्व की साउंड। फिर आप देखोगे

[01:20:42] फोर्थ इंटरकोस्टल स्पेस पे आपको सुनाई

[01:20:45] देगी बाइकस्पिड वाल्व की साउंड। और फिफ्थ

[01:20:49] इंटरकोस्टल स्पेस लेकिन मिड क्लेविकुलर

[01:20:53] लाइन पे आपको सुनाई देगी मेट्रल वाल्व की

[01:20:57] साउंड।

[01:21:00] मेट्रल वाल्व की साउंड।

[01:21:04] अच्छा यहां पर ट्राइकस्पिड लिखना था मुझे

[01:21:06] ना यहां पर ट्राइकस्पिड

[01:21:10] यहां पर ट्राइकस्पिड

[01:21:15] ये मैंने बाइकस्पिड लिख दिया ट्राइकस्पिड

[01:21:17] है फोर्थ पे ट्राइकस्पिड क्योंकि मिट्रल

[01:21:19] का ही दूसरा नाम वही है ठीक है बाइकस्पिड

[01:21:22] और मिट्रल अलग-अलग लिख दिया हां रिया आई

[01:21:25] एम वेरी वेरी सॉरी

[01:21:28] आई एम वेरी वेरीरी सॉरी ठीक है दानिश्ता

[01:21:31] ने बोला सर जेके में नेटवर्क नहीं आ रहे।

[01:21:34] कोई बात नहीं बेटा। यह रिकॉर्डेड भी

[01:21:36] रहेगा। जब आप यह क्लास खत्म भी हो जाएगी

[01:21:38] तो भी आप देख सकते हैं इसको। कोई दिक्कत

[01:21:40] नहीं। रिकॉर्डेड रहेगा। हटेगा नहीं।

[01:21:42] YouTube चैनल पे ही रहेगा।

[01:21:45] ठीक है? दानिश्ता कादिर तो परेशान मत हो।

[01:21:49] आपको यह मिलेगा बाद में भी। देखो सारे

[01:21:52] साउंड आपको लेफ्ट साइड पे ही मिलेंगे।

[01:21:55] केवल एक साउंड राइट साइड की तरफ दिखेगा।

[01:21:57] वह है एरोटिक वाल्व की साउंड। बस क्लियर

[01:22:02] है इतना?

[01:22:05] यस यस यस तो क्या आपको वॉल्व कहां पर

[01:22:08] सुनाई देता है? मैंने लिख भी दिया है।

[01:22:10] शायद अब क्लियर होगा। शायद अभी क्लियर

[01:22:13] होगा।

[01:22:25] सर बाइकस्पिड का दूसरा नाम है कोई?

[01:22:29] बाइकस्पिड का ही तो नाम है मिट्रल वाल्व।

[01:22:32] ट्राइकस्पिड का कोई दूसरा नाम नहीं है।

[01:22:36] ट्राइकस्पिड का कोई दूसरा नाम नहीं है।

[01:22:40] तो लगातार बोलते हुए डेढ़ घंटा हो गया है।

[01:22:43] थोड़ा मोटिवेट तो करो। मैं ही मोटिवेट कर

[01:22:45] रहा हूं तुम्हें। समझ में आया? कौन ऐसा है

[01:22:48] जो शुरू से क्लास ले रहा है। जो क्लास

[01:22:50] शुरू होने से पहले ही आ गया था। ऐसे कितने

[01:22:52] लोग हैं? बताओ एक बार जो क्लास शुरू होने

[01:22:55] से पहले ही आ गए थे।

[01:22:59] मुझे एक बात बताओ तुम्हारे बैच वालों को

[01:23:01] क्यों नहीं बोला तुमने? वैसे तो ग्रुप में

[01:23:03] बहुत मैसेज करते हो। करो अपने बैच के

[01:23:06] ग्रुप में मैसेज कि पढ़ लो भाई आज सब बता

[01:23:09] रहे हैं सारी चीजें पढ़ने का मौका मिल रहा

[01:23:12] है और जीरो से बता रहे हैं। सर अप्स पॉइंट

[01:23:16] बताऊंगा। अप्स पॉइंट भी क्यों परेशान होते

[01:23:18] हो? अप्स पॉइंट भी बताऊंगा। परेशान मत हो।

[01:23:23] मैं सुबह 8:00 बजे से पढ़ रही हूं। वेरी

[01:23:26] गुड। तुम्हारी ये मेहनत तुम्हें सफलता के

[01:23:28] उस मुकाम पर पहुंचा देगी ना जहां पर

[01:23:30] तुम्हें खुद से हैरानी होगी। यार मैंने

[01:23:32] एग्जाम निकाल दिया क्या? ना तुम यकीन कर

[01:23:36] पाओगे ना तुम्हारे दुश्मन ना तुम्हारे

[01:23:38] दोस्त ना तुम्हारे घर वाले। ठीक है? पर यह

[01:23:41] सत्य है जब हम मेहनत करते हैं तब उस समय

[01:23:44] बहुत बड़ी चीज लगती है। पर धीरे-धीरे

[01:23:46] धीरे-धीरे मेहनत बढ़ते रहती है और पता भी

[01:23:49] नहीं चलता कि कब सिलेक्शन ने हमारा हाथ का

[01:23:52] दामन पकड़ लिया है। यस।

[01:23:59] ओके

[01:24:02] मैंने बोला वो बोल रही है तू खाना बना दे

[01:24:06] या खाना बना रही हूं। बहुत बढ़िया।

[01:24:12] ओको के लेक्चर देख के सब शॉक हो गए हैं।

[01:24:16] क्या इतना तगड़ा पढ़ रहे हो तुम ओकोलॉजी

[01:24:19] में?

[01:24:21] कार्डियो के लेक्चर शॉक तो कार्डियो के

[01:24:23] लेक्चर में आता है। तुम ओको में कैसे पढ़

[01:24:25] रहे हो भैया? शॉक को

[01:24:30] क्या इतना खतरनाक क्या पढ़ लिया तुमने

[01:24:32] ओकोलॉजी में? बताओ जल्दी से मुझे।

[01:24:38] ओके। तो, यह पढ़ा हमने हार्ट के वाल्व के

[01:24:42] साउंड के बारे में। अब थोड़ा सा आगे और

[01:24:46] बढ़ते हैं। जब आप देखोगे हार्ट साउंड के

[01:24:50] बारे में हम कभी भी पढ़ते हैं ना हमें चार

[01:24:52] चीजें पूछी जाती हैं। हार्ट साउंड के बारे

[01:24:54] में तुम कभी भी पढ़ो तो आपको चार चीजें

[01:24:57] पूछी जाएंगी। हार्ट साउंड के बारे में अगर

[01:25:01] कभी भी पूछ पढ़ोगे तो आपको बोला जाएगा,

[01:25:04] "सर, हार्ट में साउंड कब आती है? तो आपसे

[01:25:07] लोग बोलेंगे जब वॉल्व क्लोज होते हैं

[01:25:12] तो मेनली कितनी साउंड होती हैं? चार साउंड

[01:25:15] होती हैं हार्ट के अंदर जो आपको याद रखनी

[01:25:17] है। चार साउंड होती हैं जो हार्ट के अंदर

[01:25:21] आप देख रहे हो ना मेरा मैसेज? हां हां मैं

[01:25:23] देख रहा हूं। कैंसर

[01:25:37] सर जी इजी

[01:25:39] वाल्व कार्डियो

[01:25:43] ओके नहीं शॉक तो कार्डियो में ही आता है

[01:25:46] क्योंकि ना हम आगे पढ़ेंगे कौन-कौन से

[01:25:48] टाइप के शॉक होते हैं। तो चार साउंड होते

[01:25:50] हैं। एक होता है सर S1 एक होता है S2 एक

[01:25:54] होता है S3 एक होता है S4

[01:25:57] S1 S2 S3 S4 चारों साउंड के बारे में

[01:26:01] बताऊंगा कब कौन सी साउंड आती है ये याद

[01:26:05] रखना S1 S2 S3 S4 कब आती है और इसे क्या

[01:26:10] दूसरा नाम क्या है इसका बस इतना भी आ गया

[01:26:13] ना काफी है देखो सबसे पहले जो आपका हर्ट

[01:26:16] है ना हर्ट

[01:26:18] हर्ट में जब जब ये एवी वाला वाल्व बंद

[01:26:22] होता है। एवी वाल्व के बंद होने से एवी

[01:26:27] वाल्व के क्लोज होने से आती है s1 साउंड।

[01:26:32] सर ये कैसी होती है? बहुत ही तेज साउंड

[01:26:35] होती है। मतलब सबसे हाई पिच साउंड होती

[01:26:38] है। मतलब सबसे पहले जब आप स्टेथोस्कोप में

[01:26:41] भी सुनते हो ना जो धक धक की आवाज आती है।

[01:26:44] उसमें जो हाई वाला धक है ना वो यही है S1

[01:26:47] साउंड। S1 साउंड तब आता है जब एवी वाल्व

[01:26:51] क्लोज होते हैं। कौन क्लोज होता है? एवी

[01:26:55] वाल्व। तो एवी वाल्व के क्लोज होने से S1

[01:26:59] साउंड आती है। ये बहुत ही हाई पिच साउंड

[01:27:01] होती है। बस इतना याद रखो सर। तो आप यह

[01:27:05] बताइए कि

[01:27:09] यह बताइए कि यह कैसे आ गया बीच में? हरा,

[01:27:12] नीला, पीला।

[01:27:16] तो अगला सवाल हमारा यह है कि सर यह तो हम

[01:27:20] समझ गए S1 कैसे आती है? S2 आने के पीछे

[01:27:23] क्या राज है?

[01:27:25] S2

[01:27:27] S2 साउंड सर तब आती है जब वो सेमी ल्यूनार

[01:27:31] वाल्व क्लोज होते हैं। कौन से वाल्व? जब

[01:27:35] आपके सेमी ल्यूनार वाले वाल्व क्लोज होते

[01:27:39] हैं। सेमी ल्यूनार वाले वाल्व क्लोज होते

[01:27:42] हैं। तब एक जोर से आवाज सुनाई देती है। S2

[01:27:46] ये भी थोड़ा हाई पिच साउंड ही होता है।

[01:27:51] क्लियर? तो सेमी ल्यूनार के क्लोज होने से

[01:27:53] S2 साउंड आती है। हां, इसको डुब साउंड भी

[01:27:57] बोलते हैं। यह बोल सकते हो आप इसको डब

[01:27:59] साउंड भी बोलते हैं। जो S1 साउंड है उसको

[01:28:02] लव साउंड या लुब साउंड भी बोलते हैं। ठीक?

[01:28:06] अब बात आती है आखिर S3 क्यों सुनाई देता

[01:28:10] है? यहां तक सबको पता है। लेकिन सवाल यह

[01:28:14] है

[01:28:24] एक मिनट रुक जाओ।

[01:29:02] ओके सर S3 थ्री साउंड तब आती है जब हमारा

[01:29:09] एट्रियम से

[01:29:11] वेंट्रिकल में ब्लड गिरता है और वह

[01:29:14] वेंट्रिकल की वॉल पे प्रेशर लगाता है।

[01:29:18] रेजिस्टेंस लगाता है। S3 साउंड तब आती है

[01:29:23] जब रैपिड फीलिंग होती है। रैपिड फीलिंग का

[01:29:27] मतलब बहुत तेजी से एट्रियम से वेंट्रिकल

[01:29:30] में ब्लड आता है और वो ब्लड आके टकराता है

[01:29:34] कहां पे? ब्लड हिट दी वॉल ऑफ वेंट्रिकल।

[01:29:38] ब्लड हिट दी वॉल ऑफ वेंट्रिकल। वेंट्रिकल

[01:29:43] की वॉल को हिट करता है। तब उससे जो साउंड

[01:29:46] प्रोड्यूस होती है, उसको बोलते हैं S3

[01:29:49] साउंड। इसको बोलते हैं S3 साउंड। और यह

[01:29:53] बहुत ही लो पिच साउंड होती है। लो पिच

[01:29:57] साउंड होती है। यह बहुत ही लो पिच साउंड

[01:30:00] होती है। इतनी लो पिच होती है कि इसको आप

[01:30:04] कभी भी डायफ्राम से नहीं सुन सकते

[01:30:06] स्टेथोस्कोप से। इसको सुनने के लिए आपको

[01:30:09] बेल ऑफ स्टेथोस्कोप यूज़ करना पड़ेगा।

[01:30:12] स्टेथोस्कोप का पिछला वाला पार्ट

[01:30:15] स्टैथोस्कोप का जो पीछे वाला हिस्सा है

[01:30:19] उसका आप यूज करोगे तब आपको ये आवाज सुनाई

[01:30:22] देगी। मतलब जब एट्रियम से ब्लड गिरेगा ना

[01:30:26] जैसे यह ओपन हुआ तो एट्रियम से ब्लड गिरा

[01:30:28] और ब्लड वॉल पे टकराया और वॉल पे टकराने

[01:30:32] की वजह से तो ब्लड आपके वेंट्रिकल में

[01:30:35] पूरा भर जाता है। लेकिन जब वो वाल पे

[01:30:38] टकराता है ना जैसे आप पानी की बाल्टी में

[01:30:40] पानी भर रहे हो तो पानी की जो नीचे की सतह

[01:30:43] होती है वह आवाज करती है। एक

[01:30:46] कभी बहुत तेज पानी खोल के देखना और बाल्टी

[01:30:49] लगा देना नीचे से आवाज आएगी कि नहीं?

[01:30:52] तो तब यह साउंड प्रोड्यूस होती है

[01:30:55] वेंट्रिकल की वॉल की रेजिस्टेंस की वजह

[01:30:58] से। आप यह भी बोल सकते हो ड्यू टू

[01:31:01] वेंट्रिकुलर वाल्व रेजिस्टेंस ड्यू टू

[01:31:04] वेंट्रिकुलर

[01:31:06] वाल्व सॉरी वेंट्रिकुलर वॉल रेजिस्टेंस की

[01:31:11] वजह से यह साउंड आती है।

[01:31:15] ओके? तो वेंट्रिकल की वॉल की रेजिस्टेंस

[01:31:18] की वजह से यह साउंड आती है। इसीलिए कैसी

[01:31:22] साउंड आती है? वंदना ने बोला ट साउंड आती

[01:31:25] है। डिंपल ने भी बोला ट आती है। गुलसन ने

[01:31:27] भी बोला ट आती है। हां ये साउंड थोड़ा ट

[01:31:31] साउंड आएगी। कैसी? ट साउंड आएगी। ट ट।

[01:31:35] लेकिन बहुत ही लो पिच होगी। बेल से सुनाई

[01:31:38] देगी। क्योंकि वेंट्रिकल की वजह से आ रही

[01:31:41] है। हाईलाइटेड पॉइंट लिखिए। इसीलिए S3

[01:31:45] साउंड को वेंट्रिकुलर गैलोप भी बोलते हैं।

[01:31:50] वेंट्रिकुलर गैलोप यह साउंड का नाम है।

[01:31:55] इसको वेंट्रिकुलर गैलोप भी बोलते हैं। यस।

[01:32:01] हां। देखो यह शुरुआत में तो अच्छा रहता है

[01:32:05] पर बुढ़ापे में आ रहा है तो अबॉर्मल कहलाता

[01:32:07] है। नॉर्मली अगर एडल्टहुड है तब वहां पे

[01:32:10] ये नॉर्मल है। ठीक है?

[01:32:13] अब देखो द नेक्स्ट पॉइंट यह बार-बार पता

[01:32:17] नहीं क्यों आ रहा है।

[01:32:21] अब मेरी अगली बात सुनो। अब आता है S4

[01:32:25] साउंड। सर ये S4 साउंड क्यों आता है?

[01:32:29] ध्यान से देखो। फिर से बता रहा हूं। ये

[01:32:32] हमारा हार्ट था। सपोज़ कर लो यहां पे 80%

[01:32:37] 90% तक पूरा हार्ट में पा ये फ्लूइड आ

[01:32:40] चुका है वेंट्रिकल में।

[01:32:42] लेकिन अभी भी एट्रियम में थोड़ा बहुत ब्लड

[01:32:45] बचा है। तो जब किसी चीज में कम कोई चीज

[01:32:48] जैसे कोई आपके घर में आप ऑयल यूज कर रहे

[01:32:52] हो। ऑयल खत्म हो गया तो आप उसको ऐसे उल्टा

[01:32:54] करके ऐसे जोर-जोर से पटकते हो ना नीचे

[01:32:56] जिससे उसमें बचा कुचा तेल वापस आ जाए। अगर

[01:32:59] आप अमीर हो तो आप ऐसा नहीं करते हो। आप

[01:33:01] पकड़ते हो बोतल फेंक देते हो। ठीक है?

[01:33:05] नॉर्मली क्या होता है? मिडिल क्लास

[01:33:07] फैमिलीज में या लोग जो थोड़ा फाइनेंशियली

[01:33:10] बहुत मेंटली स्ट्रांग होते हैं, वह क्या

[01:33:12] करते हैं? बचाव करते हैं बहुत ज्यादा। या

[01:33:16] सिंपल बात समझ लेते हैं जो सबने किया

[01:33:18] होगा। जैसे आप फ्रूटी पी रहे हो और आपको

[01:33:21] बहुत टेस्ट आ रहा है। बहुत गर्मी से आप पक

[01:33:24] रहे हो बिल्कुल और अचानक से कोई चिल्ड

[01:33:25] फ्रूटी का डब्बा दे दे आपको। आप फ्रूटी

[01:33:28] पीते हो ऐसे उसमें बच जाता है। लास्ट में

[01:33:30] आप उसको पिचका देते हो जिससे कि बचा कुचा

[01:33:33] फ्रूटी भी आपके मुंह में आ जाए।

[01:33:36] ऐसे ही हमारा हर्ट करता है। हार्ट क्या

[01:33:39] करता है? वैसे तो वह सारा ब्लड यहां नीचे

[01:33:41] दे चुका है वेंट्रिकल में। पर जो थोड़ा सा

[01:33:45] ब्लड बचा हुआ है ना जो थोड़ा सा ब्लड बचा

[01:33:49] हुआ है ना थोड़ा सा ब्लड जो थोड़ा सा ब्लड

[01:33:52] बचा हुआ है ना उस ब्लड को पिचका के

[01:33:57] वेंट्रिकल में डालने की प्रोसेस को एस4

[01:34:01] साउंड कहलाती है। मतलब जब हमारा एट्रियम

[01:34:05] जोर से पिचकेगा तो ये बचा कुचा ब्लड भी

[01:34:08] नीचे आ जाएगा। एट्रियम के पिचकने को बोलते

[01:34:12] हैं एट्रियल सिस्टोल। तो एस फोर साउंड तब

[01:34:16] आती है जब एट्रियल सिस्टोल करता है। और

[01:34:20] सिस्टोल क्यों करता है? ब्लड को एक्सपेल

[01:34:22] करने के लिए। ब्लड एक्सपेल करने के लिए वो

[01:34:25] सिस्टोल करता है। तो उस समय जो साउंड आती

[01:34:28] है, वह आती है एस4 साउंड। और यह एट्रियम

[01:34:32] की वजह से आ रही है। इसीलिए S4 साउंड का

[01:34:35] दूसरा नाम होता है एट्रियल गैलोप।

[01:34:39] दूसरा नाम होता है एट्रियल गैलोप।

[01:34:47] यस।

[01:34:50] क्लियर है? हां। किसी ने बोला अमृता पटेल

[01:34:53] ने बहुत सुंदर सी और बहुत ईमानदारी वाली

[01:34:55] बात बताई। हम तो आइसक्रीम का डब्बा निकाल

[01:34:58] के उसको भी नहीं फेंकते हैं। वह जो उसका

[01:35:01] छिलका होता है उसको भी चाट लेते हैं

[01:35:03] क्योंकि उसमें कुछ आइसक्रीम लगी रहती है।

[01:35:05] हां बिल्कुल सही बात है।

[01:35:08] कांट हियर बाय स्टेथोस्कोप। यस यह होती है

[01:35:12] वेरी लो पिच साउंड। यह होती है दोस्तों

[01:35:16] वेरी लो पिच साउंड। बहुत ही लो पिच साउंड

[01:35:20] होती है। इतनी लो पिच कि आप इसको सुन ही

[01:35:23] नहीं सकते।

[01:35:25] इसको आप सुन ही नहीं सकते। तो इसके लिए एक

[01:35:27] फोनोकारार्डियोग्राम

[01:35:29] यूज़ किया जाता है। फोनोकारार्डियोग्राम

[01:35:33] इसको केवल आप फोनोकारार्डियोग्राम से

[01:35:36] असिस्ट कर सकते हैं। इसमें ग्राफ बनता है

[01:35:39] और वो ग्राफ से आपको पता लगेगा अच्छा

[01:35:41] एट्रियल सिस्टोल हो गया है। एट्रियल

[01:35:44] सिस्टोल की साउंड आप सुन नहीं पाओगे कभी।

[01:35:46] केवल वो ग्राफ में ही पता चलेगा और वो

[01:35:49] ग्राफ पता लगाने के लिए

[01:35:51] फोनोकारार्डियोग्राफ का यूज किया जाता है।

[01:35:55] ठीक है? यह ग्राफ में बताता है। तो, यह थे

[01:35:58] भैया चार तरीके के साउंड। मैं दोबारा एक

[01:36:01] बार आपको बताना चाहूंगा। S1 साउंड तब आती

[01:36:05] है जब आपके एवी वाल्व क्लोज होते हैं।

[01:36:08] चाहे वो बाइकस्पिड हो, चाहे वो

[01:36:10] ट्राइकस्पिड हो।

[01:36:13] S2 साउंड तब आती है जब आपके सेमीनार वाल्व

[01:36:17] क्लोज होते हैं। चाहे वो एरोटिक वाल्व हो,

[01:36:21] चाहे वो पल्मोनरी वाल्व हो।

[01:36:24] सर S3 साउंड कब आती है? जब आपके वेंट्रिकल

[01:36:28] की वॉल रेजिस्ट करती है। वेंट्रिकुलर

[01:36:32] रेजिस्टेंस की वजह से जो साउंड आती है

[01:36:35] उसको बोलते हैं वेंट्रिकुलर गैलोप या S3

[01:36:38] साउंड। S4 साउंड तब आती है जब एट्रियम

[01:36:43] सिस्टोल करता है। एट्रियल सिस्टोल की वजह

[01:36:46] से आती है यह। इसीलिए इसको एट्रियल गैलोप

[01:36:50] भी बोला जाता है। इसीलिए इसको एट्रियल

[01:36:54] गैलोप भी बोला जाता है।

[01:36:58] आई होप यहां तक मैं क्लियर हूं। आपको

[01:37:02] हार्ट की साउंड समझने में कोई दिक्कत नहीं

[01:37:04] आई होगी।

[01:37:10] क्लियर?

[01:37:11] एक बार जल्दी से बताओ। S1 S2 S3 S4 साउंड

[01:37:19] के बारे में

[01:37:21] क्या होता है? S1, S3, S 4 साउंड।

[01:37:31] अच्छा यहां तक कोई सवाल हो तो पूछ सकते

[01:37:34] हो। ऐसा नहीं कि सर मैराथन चल रही है। हम

[01:37:36] सवाल ही नहीं पूछेंगे। हम सवाल पूछेंगे तो

[01:37:40] हमें पाप लग जाएगा। ऐसा कुछ भी नहीं है।

[01:37:42] सवाल पूछ सकते हो।

[01:37:59] एक मिनट पानी का ब्रेक प्लीज

[01:38:49] चलो

[01:38:52] आगे चलें।

[01:38:58] ओके

[01:39:09] आप पॉइंट बता दीजिए सर। अब बच्चा बहुत बार

[01:39:12] बहुत टाइम से पूछ रहा है। देखो यह हमारी

[01:39:15] हड्डी है जिसको हमने बोला क्या? कौन सी

[01:39:19] हड्डी है ये बीच वाली?

[01:39:22] स्टर्नम।

[01:39:24] स्टर्नम से ऐसे रिब्स से निकली है। यह

[01:39:26] फर्स्ट इंटरकोस्टल स्पेस। यह सेकंड, यह

[01:39:30] थर्ड, यह फोर्थ, यह फिफ्थ ऐसे निकली हुई

[01:39:34] है। लेफ्ट साइड की बात कर रहा हूं मैं।

[01:39:37] मैंने यहां पे बोला यहां पे यह सपोज़ कर लो

[01:39:41] सेकंड इंटरकोस्टल स्पेस है। तो, यहां पे

[01:39:44] तो आपको

[01:39:46] पल्मोनरी साउंड सुनाई देगा।

[01:39:50] फिर आप फोर्थ वाले में आओगे।

[01:39:52] यहां पे आपको ट्राइकस्पिड साउंड सुनाई

[01:39:55] देगा। ट्राइकस्पिड

[01:39:58] और फिफ्थ वाले में देखोगे तो मिड

[01:40:01] क्लविकुलर लाइन में यहां पे आपको

[01:40:03] बाइकस्पिड या मट्रल साउंड सुनाई देगा।

[01:40:07] जो थर्ड इंटरकोस्टल स्पेस है

[01:40:11] इस हिस्से को

[01:40:14] यहां पर आपको सबसे ज्यादा साउंड सुनाई

[01:40:16] देती है। तो इन दोनों के बीच में एक पॉइंट

[01:40:21] मान लेते हैं इसको जहां पे दोनों की वॉइस

[01:40:24] सुनाई देगी। मतलब ऊपर कौन से वाल्व थे?

[01:40:30] अरे ऊपर बताओ सेमीनार वाल्व और नीचे कौन

[01:40:34] से? एवी वाल्व। ट्राइकस्पिड और मट्रल तो

[01:40:37] एवी वाल्व है। तो अगर इन दोनों के बीच में

[01:40:41] बीचोंबीच एक साउंड अगर आप दोनों की सुनना

[01:40:44] चाहते हो तो इनके बीचों-बीच का एक पॉइंट

[01:40:47] होता है जो आपको इंटरकोस्टल स्पेस थर्ड पे

[01:40:50] दिखेगा। इसको हम बोलते हैं अप्स पॉइंट।

[01:40:56] अप्स पॉइंट एक इमेजिनरी पॉइंट है जो कि

[01:41:02] एवी वाल्व और सेमीनार वाल्व के बीच में

[01:41:06] होता है सर लेफ्ट साइड पे इंटरकोस्टल

[01:41:10] स्पेस थ्री पे पाया जाता है क्लियर ओके अब

[01:41:15] बात करते हैं सर ब्लड सप्लाई की अब बात

[01:41:18] करते हैं ब्लड सप्लाई की

[01:41:23] सर हार्ट में ब्लड अगर सप्लाई ्लाई होगा।

[01:41:26] हार्ट सप्लाई करता है ब्लड को। हार्ट

[01:41:29] सप्लाई करता है ब्लड को। पर हार्ट आल्सो

[01:41:34] सप्लाइड बाय हार्ट को आल्सो

[01:41:38] सप्लाइड बाय आल्सो

[01:41:41] सप्लाइड बाय अ क्राउन शेप आर्टरी। अ

[01:41:47] क्राउन शेप आर्टरी। हार्ट को भी एक क्राउन

[01:41:52] शेप आर्टरी के द्वारा ब्लड दिया जाता है।

[01:41:54] हार्ट हमारे बॉडी के सारे ऑर्गन्स को ब्लड

[01:41:58] सप्लाई करता है।

[01:42:01] लेकिन हार्ट को भी तो जिंदा रहने के लिए

[01:42:03] ब्लड चाहिए। और वो क्राउन शेप की जो

[01:42:06] आर्टरी होती है ना वो जो क्राउन शेप की

[01:42:09] आर्टरी की हम बात कर रहे हैं ना दोस्तों

[01:42:12] वो क्राउन शेप की आर्टरी आपको यहां पे

[01:42:14] दिखाई दे रही होगी। यहां पे ध्यान से

[01:42:17] देखो।

[01:42:19] यहां पर ध्यान से देखो। यह जो आपको आर्टरी

[01:42:22] दिखाई दे रही है रेड कलर की यह वाली यहां

[01:42:25] जा रही है। यह वाली यहां से निकल रही है।

[01:42:28] यहां पीछे जा रही है। इस तरीके से बन रहा

[01:42:31] है इसमें कुछ। तो आप ध्यान से देखोगे। ये

[01:42:34] क्राउन शेप आर्टरी दिख रही है। तो क्राउन

[01:42:37] शेप हो रहे होने की वजह से ही इसको क्या

[01:42:41] बोला जाता है सर? कोरोनरी आर्टरी बोला

[01:42:45] जाता है। क्राउन शेप होने की वजह से ही

[01:42:48] इसको कोोनरी आर्टरी बोला जाता है। सर क्या

[01:42:52] होने की वजह से? क्राउन शेप होने की वजह

[01:42:55] से। इसको क्या बोला जाता है? कोरोनरी

[01:42:59] आर्टरी बोला जाता है। तो हार्ट को ब्लड

[01:43:02] सप्लाई देने वाली आर्टरी कौन सी है?

[01:43:05] कोरोनरी आर्टरी है। कोरोनरी आर्टरी ब्लड

[01:43:09] सप्लाई किसको करती है? हार्ट को करती है।

[01:43:13] अब ध्यान से देखो सर कोोनरी आर्टरी कहां

[01:43:17] से निकलती है? अगर सवाल यह हो आपसे कि

[01:43:20] कोोनरी आर्टरी है। मान लो यह कोोनरी

[01:43:24] आर्टरी मैं बता देता हूं। ऐसे कोनरी

[01:43:27] आर्टरी है हमारी।

[01:43:29] ठीक है?

[01:43:33] मान लो यह कोोनरी आर्टरी है। तो एक्चुअली

[01:43:36] ये निकलती है अरोटा से। यह सपोज कर लो

[01:43:39] हमारा अरोटा है। अरोटा जा रहा है हार्ट से

[01:43:42] ऐसे। तो हार्ट से जब अरोटा जाता है तो

[01:43:46] असेंडिंग अरोटा से हमारी ये आर्टरी निकलती

[01:43:50] है जो दोनों साइड होती है। लेफ्ट साइड भी

[01:43:53] और राइट साइड भी। और क्राउन शेप की है।

[01:43:56] इसीलिए हम इसको कोोनरी आर्टरी बोलते हैं।

[01:43:59] तो कोोनरी आर्टरी को जब भी आप देखोगे एक

[01:44:02] हिस्सा उसका राइट साइड पे होगा तो उसको

[01:44:04] बोल दिया राइट कोोनरी आर्टरी। एक हिस्सा

[01:44:07] कोोनरी आर्टरी का लेफ्ट साइड पर होगा तो

[01:44:10] उसको बोल दिया लेफ्ट कोोनरी आर्टरी। सवाल

[01:44:13] यह है कि कोोनरी आर्टरी कहां से निकलती

[01:44:15] है? तो आप बोलोगे सर कोोनरी आर्टरी निकलती

[01:44:19] है कहां से? कोोनरी आर्टरी निकलती है

[01:44:22] असेंडिंग ओटा से।

[01:44:29] असेंडिंग ओटा से निकलती है कोोनरी आर्टरी।

[01:44:45] यस।

[01:44:51] अब सुनो। अब सवाल आता है कि सर इसकी

[01:44:55] ब्रांचेस बताइए। अब मैं आपको एक-एक करके

[01:44:58] इसकी ब्रांच बता रहा हूं। पहले मैं आपको

[01:45:00] राइट कोनरी आर्टरी बताता हूं। यह राइट

[01:45:03] कोोनरी आर्टरी निकली है। देखो

[01:45:06] तो जब राइट कोनरी आर्टरी निकलती है तो

[01:45:09] इसकी एक ब्रांच तो सप्लाई करती है सबसे

[01:45:12] पहले ऐसे नोड को। सबसे पहली आर्टरी

[01:45:18] राइट कोोनरी आर्टरी का पहला हिस्सा ऐसे

[01:45:21] नोड को सप्लाई करता है। तो जो ऐसे नोड को

[01:45:24] सप्लाई करेगा उसे बोल दिया ऐसे नोडल

[01:45:27] आर्टरी। और जो राइट इंफीरियर साइड पर ब्लड

[01:45:31] सप्लाई कर रहा है ना इंफीरियर साइड पे

[01:45:34] नीचे की तरफ जो ब्लड सप्लाई कर रहा है और

[01:45:37] मार्जिन की तरफ राइट साइड पे जो ब्लड

[01:45:39] सप्लाई कर रहा है इसको बोल दिया राइट

[01:45:42] मार्जिनल आर्टरी

[01:45:45] राइट मार्जिनल आर्टरी

[01:45:49] तो हमने बोला राइट कोनरी आर्टरी की दो

[01:45:52] ब्रांचेस हमें पता लग गई एक तो जो ऐसे नोड

[01:45:55] को ब्लड सप्लाई दे रही है उसको बोला बोला

[01:45:58] एस नोडल आर्टरी

[01:46:04] और जो एक राइट साइड में मार्जिन की तरफ

[01:46:07] ब्लड सप्लाई दे रही है उसे बोलते हैं राइट

[01:46:11] मार्जिनल आर्टरी उसे बोला जाता है राइट

[01:46:14] मार्जिनल आर्टरी

[01:46:17] एस नोडल आर्टरी और राइट मार्जिनल आर्टरी

[01:46:20] दो ऐसी ब्रांचेस हैं जो आपको ध्यान रखनी

[01:46:24] है

[01:46:30] क्लियर

[01:46:38] ओके

[01:46:40] ओके

[01:46:43] ओके ठीक है नेक्स्ट देखो आगे देखो अब क्या

[01:46:47] होता है राइट कोोनरी आर्टरी की ही एक

[01:46:50] ब्रांच ध्यान से देखना ये वाइट कलर से बना

[01:46:54] रहा हूं मैं एक ब्रांच ब्रांच हार्ट के

[01:46:57] पीछे की तरफ जाती है। ऐसे हार्ट के पीछे

[01:47:00] की तरफ जाती है। ऐसे

[01:47:03] मैं दोबारा बना रहा हूं।

[01:47:06] राइट कोनरी आर्टरी से ही एक ब्रांच ऐसे

[01:47:09] पीछे की तरफ जाती है। और हार्ट के पिछले

[01:47:13] हिस्से को ब्लड सप्लाई करती है। पिछले

[01:47:17] हिस्से को। पिछले हिस्से में किसको सर?

[01:47:20] एवी नोड को एवी नोड के पीछे से ब्लड

[01:47:22] सप्लाई करेगी। दूसरा किसको पोस्टीरियर

[01:47:26] डिसेंडिंग आर्टरी की फॉर्म में नीचे के

[01:47:28] हिस्से को करेगी और एक पीछे से ये तीसरी

[01:47:33] ब्रांच निकल जाएगी जो लेफ्ट वेंट्रिकल में

[01:47:35] जाएगी पीछे की तरफ से सर नहीं समझ आया

[01:47:39] दोबारा समझो दोबारा समझो मैं दोबारा

[01:47:42] समझाता हूं जब तक नहीं समझोगे जब तक

[01:47:44] तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं अब

[01:47:48] सुनो दोबारा बता रहा हूं देखो सबसे पहले

[01:47:51] मैंने बताया आपको राइट कोनरी आर्टरी सर

[01:47:55] राइट कोोनरी आर्टरी राइट में निकलती है

[01:47:58] ऐसे और जाके दो हिस्सों में बट जाती है।

[01:48:02] एक तो ऐसे नोड को ब्लड सप्लाई करती है।

[01:48:05] दूसरा राइट मार्जिन और लोअर हिस्से को

[01:48:08] ब्लड सप्लाई करती है। दो ब्रांचेस हो गई।

[01:48:12] सर जो तीसरी ब्रांच होती है ना जो तीसरी

[01:48:15] ब्रांच होती है वह यहां नहीं रुकती। वह

[01:48:18] हार्ट के पीछे की तरफ घूम के जाती है। ऐसे

[01:48:23] और पीछे की तरफ जाने के बाद एवी नोड को

[01:48:27] ब्लड सप्लाई करती है। हार्ट के पिछले

[01:48:30] हिस्से से एवी नोड को ब्लड सप्लाई करती

[01:48:33] है। नीचे से पोस्टीरियर डिसेंडिंग आर्टरी

[01:48:37] कहलाती है। और ऐसे लेफ्ट साइड को जाती है।

[01:48:40] लेफ्ट वेंट्रिकुलर ब्रांच कहलाती है। मतलब

[01:48:45] को राइट कोनरी आर्टरी ही पीछे जाके तीन

[01:48:48] हिस्सों में टूट गई। जो एवी नोड को दे रही

[01:48:51] है वो हो गई एवी नोडल आर्टरी जो नीचे को आ

[01:48:54] रही है पीछे की तरफ से नीचे को तो आप इसको

[01:48:57] बोलते हो पोस्टीरियर डिसेंडिंग आर्टरी और

[01:49:00] जो पीछे से ही लेफ्ट वेंट्रिकल पे जा रही

[01:49:04] है उसको बोलते हैं लेफ्ट वेंट्रिकुलर

[01:49:06] ब्रांच क्या बोलते हैं दोस्तों उसको लेफ्ट

[01:49:09] वेंट्रिकुलर ब्रांच

[01:49:12] क्या इतनी बात समझ आ गई है

[01:49:21] नहीं सर लिख के बताओ। ऐसे समझ में नहीं

[01:49:23] आया। कोई बात नहीं थोड़ा सा मेहनत और कर

[01:49:26] लेता हूं मैं। कोई बात नहीं। एक बार लिख

[01:49:28] के भी बता देता हूं।

[01:49:30] राइट कोनरी आर्टरी की पहली ब्रांच है जो

[01:49:34] ऐसे नोड को देती है। उसे बोलते हैं एस

[01:49:37] नोडल आर्टरी।

[01:49:40] दूसरी ब्रांच जो मार्जिन पर जा रही है आगे

[01:49:44] की तरफ से ही उसको बोलते हैं राइट

[01:49:46] मार्जिनल आर्टरी। तीसरी ब्रांच वो है

[01:49:50] पोस्टीरियर वो हार्ट के पीछे चली जाती है।

[01:49:53] जैसे यहां ब्लड सप्लाई हो रहा था ना अभी

[01:49:56] अभी एक आर्टरी की ब्रांच पीछे चली जाती

[01:49:58] है। बैक साइड पे बैक साइड पे जो आर्टरी जा

[01:50:02] रही है। यह है वह पोस्टीरियर वाली ब्रांच।

[01:50:05] यह पीछे जा रही है। देखो पीछे जाने के बाद

[01:50:09] एक नीचे आया, एक लेफ्ट गया, एक ऊपर गया।

[01:50:13] ऊपर जो गया पोस्टीरियर वाली आर्टरी को

[01:50:16] मतलब तीन भागों में बांट सकते हैं। पीछे

[01:50:18] से वो एवी नोड को ब्लड सप्लाई करती है। तो

[01:50:21] एवी नोडल आर्टरी वो नीचे की तरफ आती है तो

[01:50:25] पोस्टीरियर डिसेंडिंग आर्टरी। और वही

[01:50:28] पोस्टीरियर आर्टरी लेफ्ट वेंट्रिकल में

[01:50:31] घुस जाती है पीछे से तो उसको बोलते हैं

[01:50:34] लेफ्ट वेंट्रिकुलर ब्रांच।

[01:50:37] बस इतना ही है।

[01:50:40] अब बताओ क्या समझ आया?

[01:50:46] पोस्टीरियर डिसेंडिंग आर्टरी, एवी आर्टरी

[01:50:48] और लेफ्ट वेंट्रिकुलर ब्रांच ये राइट

[01:50:51] कोरोोनरी आर्टरी के ही हैं।

[01:50:55] समझ रहे हो? ऐसा 60 से 70% 80% लोगों में

[01:51:00] होता है। अच्छा कई लोगों में यह

[01:51:02] पोस्टीरियर डिसेंडिंग आर्टरी यहां नहीं

[01:51:04] होती। राइट साइड पे लेफ्ट साइड पे होती

[01:51:06] है। पर ज्यादातर लोगों में यह पोस्टीरियर

[01:51:10] डिसेंडिंग आर्टरी राइट साइड से ही निकलती

[01:51:13] है।

[01:51:16] ज्यादातर लोगों में कई लोग ऐसे होते हैं।

[01:51:19] उनमें यह दो ब्रांचे तो होंगी। तीसरी नहीं

[01:51:22] होगी। तीसरे को हम ढूंढेंगे तो लेफ्ट साइड

[01:51:24] से आई होगी। यह राइट साइड से जा रही है।

[01:51:26] तो राइट साइड में आपको बहुत सारे लोगों

[01:51:29] में पोस्टीरियर डिसेंडिंग आर्टरी नहीं

[01:51:31] दिखेगी।

[01:51:34] यस।

[01:51:37] ओके। क्या बोला सर आपने? एक बार दोबारा

[01:51:40] बताओ। एक बार दोबारा बताओ। दोबारा बता रहा

[01:51:43] हूं। सुनो।

[01:51:45] मैंने यह बोला

[01:51:47] कि जो पोस्टीरियर डिसेंडिंग आर्टरी है ना

[01:51:50] जो आपकी यह पोस्टीरियर डिसेंडिंग आर्टरी

[01:51:53] है ना दोस्तों

[01:51:55] यह मैक्सिमम लोगों में

[01:52:00] राइट कोनरी आर्टरी की ही ब्रांच होती है।

[01:52:05] समझ गए? पर कुछ लोगों में

[01:52:09] सम पीपल हैविंग

[01:52:12] सम पीपल हैव

[01:52:16] लेफ्ट साइडेड ब्रांच। लेफ्ट साइडेड

[01:52:20] सम पीपल हैव लेफ्ट साइडेड।

[01:52:30] यस। तो ऐसे लोगों में कुछ लोगों में जो

[01:52:33] पोडीए होती है वो लेफ्ट साइड पे होती है।

[01:52:36] तो उनको बोलते हैं उनका हार्ट है लेफ्ट

[01:52:39] डोमिनेटिंग।

[01:52:43] ठीक है? पर ज्यादातर लोग कैसे रहते हैं?

[01:52:45] राइट डोमिनेटिंग। जिनकी राइट से ज्यादातर

[01:52:48] लोगों की निकलती है। कुछ लोगों की लेफ्ट

[01:52:50] साइड से भी निकल सकती है। तो राइट

[01:52:53] डोमिनेटिंग इसीलिए बोला जाता है हार्ट के

[01:52:56] केस में। बस मैं इतना बता रहा हूं।

[01:52:59] तो आपको राइट कोोनरी आर्टरी समझ में आ गई

[01:53:02] होगी। थोड़ा सा लेफ्ट कोोनरी आर्टरी की

[01:53:04] ब्रांचेस भी बता देता हूं। अब लेफ्ट

[01:53:08] कोोनरी आर्टरी निकली है। लेफ्ट कोरोनरी

[01:53:11] आर्टरी। पहली ब्रांच जो इसकी लेफ्ट साइड

[01:53:14] से नीचे को आ जाती है। इसको बोलते हैं

[01:53:17] लाडा। लाडा मतलब

[01:53:22] लेफ्ट

[01:53:24] एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी।

[01:53:28] लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी। लेफ्ट

[01:53:31] एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी। दूसरी ब्रांच

[01:53:35] इसकी जाती है पीछे की तरफ। दूसरी ब्रांच

[01:53:39] वाइट कलर से बना रहा हूं जो पीछे की तरफ

[01:53:41] मुड़ जाती है। इस मुड़ने वाली पीछे वाली

[01:53:45] मुड़ रही है। तो देखो इसको बोल देते हैं

[01:53:48] लेफ्ट लेफ्ट सरकमफ्लेक्स आर्टरी। इसको

[01:53:52] क्या बोल देते हैं? लेफ्ट सरकमफ्लेक्स

[01:53:57] आर्टरी। इसको बोला जाता है सर लेफ्ट

[01:54:00] सरकमफ्लेक्स आर्टरी। लेफ्ट सरकमफ्लेक्स

[01:54:02] क्या है? जो लेफ्ट की तरफ को मूव करे। ऐसी

[01:54:06] आर्टरी को बोलते हैं लेफ्ट सरकमफ्लेक्स

[01:54:09] आर्टरी।

[01:54:10] क्लियर?

[01:54:13] इसी की कई बार इसी की एक ब्रांच निकलती है

[01:54:16] जो मार्जिनल ब्रांच कहलाती है जो लेफ्ट

[01:54:19] मार्जिनल वाले पार्ट को ब्लड सप्लाई करती

[01:54:21] है। लेफ्ट मार्जिनल पार्ट इसी की ब्रांच

[01:54:24] होती है। बस इतनी बात समझनी है आपको। और

[01:54:28] कुछ नहीं समझना। दो ही मेन पार्ट होते हैं

[01:54:31] लेफ्ट कोोनरी आर्टरी के। एक तो लाडा है,

[01:54:34] एक लेफ्ट सरकमफ्लेक्स है। ज्यादा से

[01:54:36] ज्यादा होगा। तो इतना याद रख लेना कि इसकी

[01:54:39] भी लेफ्ट मार्जिनल ब्रांच होती है जो

[01:54:41] मार्जिन पार्ट को ब्लड सप्लाई देती है।

[01:54:43] लेफ्ट मार्जिनल ब्रांच तो जब लेफ्ट

[01:54:47] मार्जिनल ब्रांच है

[01:54:49] वो लेफ्ट सरकमफ्लेक्स आर्टरी की ही पार्ट

[01:54:52] है। और कई बार यह लेफ्ट सरकमफ्लेक्स अंदर

[01:54:56] जाके पीडीए बनाता है। जो मैंने बोला था

[01:54:59] कुछ केसेस में इसी से ही पीडीए निकलती है।

[01:55:02] तो यह हो गया कोोनरी सर्कुलेशन। सवाल यह

[01:55:06] आता है कि कौन सी आर्टरी किस हिस्से को

[01:55:10] ब्लड सप्लाई करती है? जैसे मैंने बोला कि

[01:55:14] आपके हार्ट का जो एंटीरियर पार्ट है उसको

[01:55:18] ब्लड सप्लाई कौन करता है? मैंने बोला

[01:55:21] हार्ट के इंफीरियर पार्ट को ब्लड सप्लाई

[01:55:24] कौन करता है? मैंने बोला हार्ट के लेटरल

[01:55:28] पार्ट को ब्लड सप्लाई कौन करता है? लेटरल

[01:55:31] पार्ट को ब्लड सप्लाई कौन करता है? मैंने

[01:55:34] बोला हार्ट के सेप्टम वाले पार्ट को ब्लड

[01:55:36] सप्लाई कौन करता है?

[01:55:41] यस। तो पहले आपको ज्यादा याद ना भी हो। यह

[01:55:44] एग्जाम में पूछा जाता है। बताओ एंटीरियर

[01:55:47] पार्ट को ब्लड सप्लाई कौन करता है? तो याद

[01:55:50] रखना एंटीरियर पार्ट को हमेशा हमेशा लाडा

[01:55:54] ही ब्लड सप्लाई करेगी।

[01:55:56] लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी

[01:55:59] इंफीरियर पार्ट को कौन ब्लड सप्लाई करता

[01:56:02] है? तो आपने देखा था राइट कोनरी आर्टरी

[01:56:08] लेटरल पार्ट को कौन ब्लड सप्लाई करता है?

[01:56:11] तो ज्यादातर लाडा और सरकमफ्लेक्स

[01:56:15] लेफ्ट सरकमफ्लेक्स आर्टरी यह सप्लाई करती

[01:56:18] है। सेप्टम पार्ट को कौन ब्लड सप्लाई करता

[01:56:22] है? ज्यादातर

[01:56:25] तो वैसे तो लेफ्ट कोोनरी आर्टरी राइट

[01:56:27] कोोनरी आर्टरी दोनों सप्लाई करते हैं।

[01:56:31] पर सेप्टम की बात आएगी तो स्पेशली जो

[01:56:34] वेंट्रिकुलर सेप्टम है वेंट्रिकल के जो

[01:56:37] सेप्टम है उनको लाडा ही सप्लाई करती है।

[01:56:47] तो अगर आपको बहुत ज्यादा चीजें याद नहीं

[01:56:49] होती तो इतनी चीज तो याद रख सकते हैं।

[01:56:54] हार्ट में कभी भी आपको हार्ट में एंटीरियर

[01:56:57] साइड पर ब्लड सप्लाई करना है तो लाडा

[01:56:59] जिम्मेदार है उसके लिए। अगर इंफीरियर ब्लड

[01:57:03] सप्लाई करना है तो राइट कोनरी आर्टरी

[01:57:05] लेटरल सप्लाई करना है तो लेफ्ट

[01:57:07] सरकमफ्लेक्स

[01:57:09] और सेप्टम पे करना है तो वेंट्रिकल में

[01:57:11] ज्यादातर लाडा

[01:57:15] यस। अब इसी के हिसाब से हमने क्या किया?

[01:57:20] हमको पता लगाना था ब्लड सप्लाई के बारे

[01:57:22] में।

[01:57:25] तो आपको एक चीज समझाता हूं मैं। आपको यही

[01:57:29] बात मैं समझाने की कोशिश करता हूं।

[01:57:35] कैसे याद रखेंगे? देखो सपोज़ कर लो एक सीधी

[01:57:39] लाइन है।

[01:57:41] ठीक है? और आपके पास बहुत सारी लीड होती

[01:57:44] हैं। वह लीड के बारे में मैं अभी बताऊंगा।

[01:57:46] पहले इतना समझ लो पहले। आप यह समझ लो कि

[01:57:50] मुझे हार्ट के बारे में पता लगाना है। यह

[01:57:52] मेरा हार्ट है। ठीक है? यह मेरा हार्ट है।

[01:57:56] अब मुझे हार्ट के बारे में पता लगाना है।

[01:57:59] तो ये लेफ्ट साइड है। तो मैंने इसको बोल

[01:58:02] दिया एवी एल।

[01:58:05] ठीक है? अब मैं एवीएल से शुरू कर रहा हूं।

[01:58:08] अगर मुझे हार्ट के इस हिस्से के बारे में

[01:58:10] पता लगाना है तो मैं यहां पे फर्स्ट लीड

[01:58:12] जोडूंगा।

[01:58:14] अगर मुझे हार्ट के इस हिस्से के बारे में

[01:58:17] पता लगाना है।

[01:58:22] मैं फर्स्ट लीड जोडूंगा। मुझे इस हिस्से

[01:58:24] के बारे में पता लगाना है। मैं सेकंड लीड

[01:58:27] जोडूंगा। मुझे इस हिस्से के बारे में पता

[01:58:29] लगाना है।

[01:58:31] इस हिस्से के बारे में पता लगाना है।

[01:58:35] तो मैं यहां पे जोडूंगा पैर वाली एवी एफ

[01:58:41] और मुझे इस हिस्से के बारे में पता लगाना

[01:58:44] है तो मैं यहां पे जोडूंगा थर्ड लीड

[01:58:49] क्लियर। अब राइट साइड का छोड़ दो। अब मुझे

[01:58:54] बताओ कभी भी जब आप ईसीजी के अंदर देखते हो

[01:58:57] ना आपको बहुत सारी लीड दिखाई देती होंगी।

[01:58:59] जनरली यह लीड दिखाई देती हैं। फर्स्ट,

[01:59:02] सेकंड, थर्ड, एवीआर, एबीएल, एवीएफ।

[01:59:09] ठीक है? फिर दिखाई देती होगी यह वाली।

[01:59:15] तीन लीड हां। फिर दिखाई देती होंगी ये V1,

[01:59:18] V2, V3, V4, V5, V6। अब आपको दिखा देता

[01:59:24] हूं मैं जिससे आपको थोड़ी बहुत शांति मिल

[01:59:26] जाएगी कि हां मैं जो बता रहा हूं वो सही

[01:59:28] है।

[01:59:31] देखो, यह आपको एक नॉर्मल ईसीजी दिख रहा

[01:59:34] है। जब आप ईसीजी देखते हो, आखिर ईसीजी

[01:59:37] बताता क्या है? आपके हर हिस्से के बारे

[01:59:40] में बताता है। मतलब जैसे इसमें एक लीड

[01:59:44] फर्स्ट होगी।

[01:59:46] ठीक है? एक लीड सेकंड होगी वह बताएगा। लीड

[01:59:51] थर्ड होगी वह बताएगा। लीड फोर्थ नहीं होती

[01:59:55] है। तीन लीड हो गई। फिर होती है एवीआर,

[01:59:57] एवीएल, एवीएफ तीन लीड ये हो गई। यह अपने

[02:00:00] बारे में बताएगा। फिर छह लीड होती है

[02:00:03] चेस्ट वाली। V1, V2, V3, V4, V5, V6

[02:00:08] और यह सेकंड लीड है। जो सबसे नीचे दिया

[02:00:11] गया है, यह सेकंड लीड को थोड़ा और जूम करके

[02:00:14] दिखाया गया है। तो, आपको पहले यह 12 लीडों

[02:00:17] के बारे में देखना है। कौन-कौन सी लीड

[02:00:20] होती हैं? यह तो ये 1, 2, 3 तीन लीड होती

[02:00:24] हैं। फर्स्ट, सेकंड, थर्ड। फिर तीन लीड

[02:00:26] होती हैं। एवीआर, एवीएल, एवीएफ। फिर होती

[02:00:30] है V1, V2, V3, V4, V5, V6। एक्चुअल में

[02:00:34] यह इतनी सारी लीड आखिर बताती क्या है?

[02:00:38] यस। यह इतनी सारी लीड बताती क्या है? कोई

[02:00:43] बताएगा मुझे आप में से?

[02:00:46] जब भी आप ऐसा देखोगे तो आप देखोगे एक्चुअल

[02:00:49] में यह एवीएल मुझे क्या बता रहा है? यह

[02:00:52] मुझे बता रहा है कि हार्ट के लेफ्ट साइड

[02:00:54] में क्या दिक्कत आ रही है।

[02:00:58] अगर मुझे हार्ट के इस हिस्से के बारे में

[02:01:01] जानना हो तो मैं फर्स्ट लीड से देखूंगा।

[02:01:04] अगर मुझे यह लग रहा है कि लीड सेकंड में

[02:01:06] कोई डाउट है तो मतलब यहां पे कोई गड़बड़

[02:01:09] है तो मैं लीड सेकंड में मुझे पता लग

[02:01:11] जाएगा। अगर हार्ट के इस निचले वाले हिस्से

[02:01:14] में केवल प्रॉब्लम है तो मुझे इससे पता लग

[02:01:16] जाएगा। अगर हार्ट के इस वाले हिस्से में

[02:01:19] कोई प्रॉब्लम है तो मुझे थर्ड लीड से पता

[02:01:21] लग जाएगा।

[02:01:23] लेकिन राइट साइड वाली जो भी लीड होती है

[02:01:26] जिसको बोलते हैं एवीआर।

[02:01:29] मुझे कोई बताएगा एवीआर सबसे खराब लीड मानी

[02:01:32] जाती है ईसीजी के अंदर। कभी नहीं देखते हम

[02:01:34] एवीआर को। एवीआर को डॉक्टर देखना पसंद ही

[02:01:38] नहीं करता। बताओ क्यों? क्या डॉक्टर की

[02:01:42] भैंस भगा थोड़ी ना ली होगी एवीआर ने? भैंस

[02:01:45] भगाई क्या? नहीं।

[02:01:48] या डॉक्टर की प्रॉपर्टी हड़प ली उसने। एवी

[02:01:51] अगर आप पूछोगे कि बताओ सर ईसीजी के अंदर

[02:01:55] सबसे बुरी लीड आपको कौन सी लगती है? तो

[02:01:58] कार्डियोलॉजिस्ट हमेशा जवाब देगा एवीआर।

[02:02:02] सर ऐसा क्यों? क्योंकि जब भी आप देखोगे

[02:02:06] हार्ट में तो देखो हार्ट ज्यादातर तो

[02:02:10] लेफ्ट साइड को ही रहता है। तो राइट साइड

[02:02:12] वाली लीड कुछ ज्यादा स्पेशल बता ही नहीं

[02:02:15] पाती। क्योंकि जो हमारा हार्ट है वो तो

[02:02:19] लेफ्ट साइड की तरफ डेविएटेड है। तो एवीआर

[02:02:22] में कभी भी एक्यूरेट इंफॉर्मेशन नहीं आती

[02:02:25] है। समझ गए इस बात को? हां। क्योंकि हर्ट

[02:02:29] होता ही लेफ्ट साइड को है। अब यह राइट

[02:02:32] साइड के बारे में क्या ही बता देगा। और जो

[02:02:34] बताएगा वो जानकारी उतनी रिलायबल नहीं है।

[02:02:39] तो डॉक्टर साहब एवीआर को देखना पसंद नहीं

[02:02:42] करते। पर मान लो यहां पे एवीआर है।

[02:02:45] एवीआर के बाद आप ऐसा मान सकते हो कि यहां

[02:02:49] से ऊपर कर दो V1 फिर यहां लिख दो V2 फिर

[02:02:53] यहां के बारे में बताएगा V3 फिर यहां के

[02:02:56] बारे में बताएगा V4 फिर यहां के बारे में

[02:02:59] V5 और यहां के बारे में V6

[02:03:05] तो अगर मुझे एंटीरियर बात बताना हो

[02:03:09] एंटीरियर सरफेस के बारे में बताना हो तो

[02:03:12] हमेशा ज्यादातर में ये चार लीडों को

[02:03:15] डिस्कस करता हूं हमेशा। यह मुझे एंटीरियर

[02:03:18] पार्ट के बारे में बताते हैं। हार्ट के

[02:03:21] निचले हिस्से में आप देखोगे तो ये तीन

[02:03:23] मुझे हमेशा हार्ट के निचली हिस्से के बारे

[02:03:25] में बताते हैं। अगर आप मुझे लेटरल बोलोगे

[02:03:29] तो वी5, वी6, ए और एवीएल ये मुझे हमेशा

[02:03:34] लेटरल हिस्से के बारे में बताते हैं। सर

[02:03:37] एक और बात बताओ फिर से हम समझ जाएंगे। अगर

[02:03:41] मुझे हार्ट की कंडीशन पता करनी हो। मैं

[02:03:44] दोबारा से बना रहा हूं। हार्ट को देखो

[02:03:46] ध्यान से। यह कोई हमारा दिल है। क्या है?

[02:03:50] दिल है। तो जो एक लीड होती है ना लीड

[02:03:54] फर्स्ट।

[02:03:56] ठीक है? ये मान लो ये है एवी एल। ले लेटरल

[02:04:01] साइड को लेटरल को थोड़ा लेटरल ही बनाते

[02:04:04] हैं। लेटरल हिस्से में हमको एवी एल आया।

[02:04:07] यह हमें लेटरल पार्ट के बारे में बताता

[02:04:10] है। और यहां से हम शुरू करते हैं। यह है

[02:04:12] हमारी फर्स्ट लीड। फिर इसके बाद इस हिस्से

[02:04:16] के बारे में जो बता रही है वो है सेकंड

[02:04:18] लीड। फिर जो निचले हिस्से के पैरों के

[02:04:21] बारे में बता रही है। पैर का मतलब फुट। तो

[02:04:23] फुट वाली आ गई नीचे। फिर यह भी नीचे ही

[02:04:26] बताती है। इसको बोलते हैं थर्ड लीड। बस

[02:04:30] इतना। यहां पे आ जाएगा राइट साइड की लीड।

[02:04:34] यहां पे आ जाएगा V1। यहां पे आ जाएगा V2।

[02:04:37] यहां पे आ जाएगा V3। यहां पर आ जाएगा V4।

[02:04:41] ये जो चार लीड है ना यह हमेशा एंटीरियर

[02:04:44] हिस्से के बारे में बताते हैं। एंटीरियर

[02:04:48] पार्ट के बारे में।

[02:04:50] क्लियर? फिर मैंने बोला ये आ गया सर V5 और

[02:04:55] ये आ गया सर V6। अगर कभी भी आप देखोगे

[02:04:58] नेक्स्ट तो वी5 वी6 वन और एवीएल ये हमेशा

[02:05:04] हमको हार्ट के लेटरल हिस्से के बारे में

[02:05:06] बताते हैं। ये डायग्राम बना लेना दिमाग

[02:05:09] में याद रखना। 1 2 3 1 2 3 4 5 6 एवीएल वन

[02:05:16] तो जो वी5 वी6 एवीएल फर्स्ट है वो लेटरल

[02:05:20] हिस्से के बारे में बताते हैं। यस

[02:05:25] फिर अगर आपको निचले मैंने बोला सर मेरे

[02:05:28] हार्ट के निचले हिस्से में तो कहीं दिक्कत

[02:05:30] नहीं है। तो डॉक्टर साहब बोलेंगे अरे तुम

[02:05:32] ही डॉक्टर बन जाओ। तो वो बोलेंगे अच्छा

[02:05:35] देख लेते हैं। चलो वो हार्ट के निचले

[02:05:38] हिस्से की जानकारी हमें तीन लीड देती हैं।

[02:05:41] सेकंड एवीएफ और थर्ड

[02:05:46] समझ गए क्या? मतलब अगर आपको मैं बोलूं सर

[02:05:49] मुझे एंटीरियर पार्ट में दिक्कत है। मतलब

[02:05:52] मुझे एंटीरियर वॉल का एमआई है। एंटीरियर

[02:05:55] वॉल का एमआई हो चुका है। हार्ट अटैक या

[02:05:58] कोई भी दिक्कत आई है। तो बताओ सर मैं कौन

[02:06:01] से लीड को देखूं? तो डॉक्टर साहब बोलेंगे

[02:06:04] तुम V1, V2, V3, V4 को चेक कर लो। पता लग

[02:06:08] जाएगा एंटीरियर वॉल में क्या दिक्कत है।

[02:06:11] सर कोई तो बोल रहा था आपके V5, V6, AVL और

[02:06:16] फर्स्ट लीड में खराबी है। तो आप बोल देना।

[02:06:19] अच्छा सर कहीं इसका मतलब लेटरल वॉल का

[02:06:22] एमआई तो नहीं हो गया मुझे। लेटरल वॉल में

[02:06:25] कोई प्रॉब्लम तो नहीं है। लेटरल वॉल का

[02:06:27] एमआई।

[02:06:29] अगर आपसे कोई बोले कि आपकी सेकंड लीड में

[02:06:33] थर्ड लीड में और एवीएफ में दिक्कत दिखाई

[02:06:37] दे रही है। समझ जाना यह है इंफीरियर वॉल

[02:06:41] एमआई

[02:06:45] इंफीरियर वॉल का हार्ट अटैक। क्या समझे

[02:06:49] थोड़ी सी लीड के बारे में जानकारी? सर, यह

[02:06:52] लीड आखिर यह 12 लीड होती क्या है? यह आपके

[02:06:56] हार्ट को हर तरफ से जांचती हैं। इसीलिए

[02:06:59] इतनी सारी लीड लगाई जाती हैं। लेफ्ट साइड

[02:07:02] क्या चल रहा है? राइट साइड क्या चल रहा

[02:07:04] है? एंटीरियर क्या चल रहा है? इंफीरियर

[02:07:06] क्या चल रहा है? लेटरल क्या चल रहा है? सब

[02:07:08] बताती हैं। ये

[02:07:13] आई होप आज के बाद अगर आपने ये डायग्राम

[02:07:15] याद कर लिया तो आपको समझ में आ जाएगा।

[02:07:18] इसको और इजी तरीके से मैं आपको यहां पे

[02:07:21] दिखाता हूं। तो आपको और इजी तरीके से यह

[02:07:24] समझ आ जाएगा।

[02:07:39] पता नहीं कहां गया। पर जहां भी गया समझ के

[02:07:46] आ गया होगा।

[02:07:49] मैं इसको बहुत एक ऐसी सीधी लाइन खींचो

[02:07:53] उसके ऊपर लिख दो V1 V2 V3 V4

[02:07:57] V5 V6 एवी एल

[02:08:03] यहां पे लिख दो फर्स्ट यहां पे लिख दो

[02:08:05] सेकंड और यहां पे लिख दो थर्ड और इनके बीच

[02:08:09] में लिख दो ए वीवीएफ अब आप कोई भी एमआई को

[02:08:14] बता सकते हो बस ये याद रखना पहले के जो V1

[02:08:17] से लेके के V4 तक है। यह एंटीरियर वॉल को

[02:08:21] बताते हैं। जो V5 से लेके फर्स्ट तक V5 से

[02:08:26] लेके यहां फर्स्ट तक बताते हैं। यह लेटरल

[02:08:29] वॉल को बताएंगे। जो नीचे के तीन हैं, वह

[02:08:33] हमेशा इंफीरियर वॉल को बताएंगे।

[02:08:39] क्रिस्टल क्लियर हो चुका है। जहां तक मुझे

[02:08:42] लगता है।

[02:08:49] समझ में आया क्या?

[02:08:53] यस। अब मैं आपको बताना चाहूंगा कार्डियक

[02:08:57] साइकिल।

[02:08:59] हार्ट में आगे हम पढ़ते हैं कार्डियक

[02:09:01] साइकिल के बारे में। कि आखिर यह कार्डियक

[02:09:04] साइकिल क्या है? यार सारी चीजें तो आ गई।

[02:09:07] यह कार्डियक साइकिल क्या है? यह कौन सी

[02:09:11] साइकिल है जो हमें समझ ही नहीं आ रही है।

[02:09:15] यस। तो कार्डियक साइकिल एक ऐसी साइकिल है

[02:09:19] जिसमें आपका हार्ट कॉन्ट्रैक्ट करता है,

[02:09:23] रिलैक्स करता है,

[02:09:27] रिपीट फिर वापस से यही प्रोसेस रेस्ट करता

[02:09:30] है और वापस रिपीट चलता है प्रोसेस।

[02:09:35] सर कॉन्ट्रैक्ट करने को हार्ट में बोला

[02:09:37] जाता है सिस्टोल।

[02:09:40] ठीक है? और रिलैक्स करने को हार्ट में

[02:09:44] बोला जाता है डायस्टोल।

[02:09:48] तो अगर आपसे मोटा-मोटा कोई पूछे कि

[02:09:50] कार्डियक साइकिल क्या है? तो आप यह बोलोगे

[02:09:54] सर कोऑर्डिनेटेड एक्टिविटी इन द हार्ट।

[02:09:57] कोऑर्डिनेटेड

[02:09:59] एक्टिविटी

[02:10:02] इन द हार्ट।

[02:10:06] कोऑर्डिनेटेड एक्टिविटी इन द हार्ट इज इज

[02:10:09] कॉल्ड कार्डियक साइकिल। यह कहलाता है

[02:10:12] कार्डियक साइकिल। क्लियर

[02:10:17] क्लियर?

[02:10:19] यस।

[02:10:20] अब आपसे पूछा जाएगा सर आखिर ये सिस्टोल और

[02:10:26] जो डायस्टोल होता है सिस्टोल और डायस्टोल

[02:10:31] होता है यह वन टाइम में कितना समय लेता है

[02:10:35] एक बार में कितना टाइम लेता है तो इसमें

[02:10:38] लगते हैं सर 0.80

[02:10:40] सेकंड 0.80 सेकंड सिस्टोल और डायस्टोल और

[02:10:47] इसी को बोला जाता है एक बी बीट आप यह भी

[02:10:51] बोल सकते हो। इसी को बोलते हैं एक बीट।

[02:10:54] हार्ट में जो धक-धक की आवाज आई ना एक बार

[02:10:57] में एक बार कॉन्ट्रैक्ट हुआ, एक बार

[02:10:59] रिलैक्स हुआ। तब इसकी वजह से जो साउंड आती

[02:11:03] है या बीट आती है या पल्स आती है वो एक

[02:11:06] बीट को ही बोला जाता है एक कार्डियक

[02:11:09] साइकिल।

[02:11:11] हम यह भी बोल सकते हैं एक कार्डियक साइकिल

[02:11:14] का टाइम 0.80

[02:11:16] सेकंड है। 80 बोलो या एट बोलो सेम है। ठीक

[02:11:21] है? यस। अब सवाल यह आता है

[02:11:27] कि सर जब नॉर्मली हम देखते हैं ना जब हम

[02:11:30] नॉर्मली देखते हैं जब हम नॉर्मली देखते

[02:11:33] हैं कि सर कार्डियक साइकिल है तो मुझे

[02:11:37] बताओ एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट होने में

[02:11:41] एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट होने में कितना टाइम

[02:11:43] लेगा? वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट होने में

[02:11:45] कितना टाइम लेगा? रेस्ट करने में कितना

[02:11:48] टाइम लेगा? देखो, यह होगा या तो एट्रिया

[02:11:51] कॉन्ट्रैक्ट करेगा, वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट

[02:11:55] करेगा।

[02:11:56] फिर

[02:11:58] दोनों कंप्लीट डायस्टोल होता है। कंप्लीट

[02:12:02] डायस्टोल।

[02:12:04] मतलब एट्रियल सिस्टोल वेंट्रिकुलर सिस्टोल

[02:12:07] कंप्लीट डायस्टोल में कितना समय लगता है

[02:12:10] और क्या-क्या समय होता है वो

[02:12:16] चलो जल्दी बताओ शुरू करो फटाफट कहानी को

[02:13:19] वेरी गुड देखो जब एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट

[02:13:23] करता है तो उस समय केवल 0.1 सेकंड होता

[02:13:26] है। वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट करने में 0.3

[02:13:29] सेकंड का समय लेता है और दोनों जब पूरी

[02:13:33] तरीके से कंप्लीट डायस्टोल होता है वो 0.4

[02:13:37] सेकंड का समय लगता है। एक तो यह याद रख

[02:13:39] सकते हो आप। इस तरीके से 0.8 सेकंड।

[02:13:44] अदरवाइज दूसरा दूसरी एक और बात ध्यान

[02:13:48] रखना। दूसरी एक और बात ध्यान रखना वो क्या

[02:13:51] है?

[02:13:53] वो क्या है? देखो अगर मैं सीधे-सीधे बोलूं

[02:13:57] मैं वेंट्रिकल को मानता हूं। मैं तो केवल

[02:14:00] वेंट्रिकल के बारे में बोलूंगा क्योंकि

[02:14:01] वेंट्रिकल से ब्लड आता है। तो मैं ऐसा बोल

[02:14:04] सकता हूं वेंट्रिकल सिस्टोल और वेंट्रिकल

[02:14:07] डायस्टोल।

[02:14:09] वेंट्रिकुलर डायस्टोल। मैं केवल एक ही को

[02:14:13] बोल रहा हूं। इसी के अंदर सब कुछ आ जाएगा।

[02:14:15] सर वेंट्रिकल को ही क्यों पढ़ रहे हैं हम?

[02:14:17] क्योंकि बॉडी में ब्लड हार्ट से पंप जो

[02:14:21] होता है वो वेंट्रिकल के थ्रू ही होता है।

[02:14:23] तो नॉर्मली जो वेंट्रिकुलर सिस्टोल है जो

[02:14:26] वेंट्रिकुलर सिस्टोल है उस पे आपका समय

[02:14:29] लगता है कितना? लगभग 0 पॉइंट

[02:14:35] अगर मैं पूरे सिस्टोल की बात करूं कंप्लीट

[02:14:39] अगर मैं पूरे सिस्टोल की बात करूं कंप्लीट

[02:14:41] सिस्टोल की बात तो याद रखना 0.53

[02:14:45] सेकंड लगेंगे वेंट्रिकल को सिस्टोल करने

[02:14:48] में और 0

[02:14:51] 27 सेकंड लगते हैं वेंट्रिकल को डायस्टोल

[02:14:54] होने में। मैं ऐसे भी बोल सकता हूं। इन

[02:14:57] दोनों को जोड़ के भी 0.80

[02:15:00] सेकंड ही आएगा। जिसको मैं फर्दर 0.8 सेकंड

[02:15:04] लिख सकता हूं।

[02:15:06] सिंपल बात है। या तो सिस्टोल होता है।

[02:15:10] देखो ध्यान से या डायस्टोल होता है। दो ही

[02:15:13] चीजें होती हैं आपके हार्ट में। सर

[02:15:16] सिस्टोल होने में जो कंप्लीट टाइम लग जाता

[02:15:19] है वो 0.53 सेकंड लगता है और जो कंप्लीट

[02:15:23] डायस्टोल होने में टाइम लगेगा वो 0.2 से 7

[02:15:26] सेकंड लगेगा सेकंड अधिक ने बोला सर ऐड हटा

[02:15:30] दीजिए प्लीज देखो ऐड तो हटता रहेगा आता

[02:15:34] रहेगा ठीक है तो आपको ऐड से अब आपसे सोचो

[02:15:39] यह क्लास फ्री में पढ़ रहे हो आप समझ रहे

[02:15:42] हो ये 5 7 8 घंटे आज जितना भी समय लगेगा 8

[02:15:46] साल, 9 साल, 10 साल जितने साल में भी मैं

[02:15:49] आज पढ़ा पाऊंगा ना उतना टाइम पूरा

[02:15:51] पढ़ाऊंगा। मेरी बात समझ रहे हो?

[02:15:55] तो थोड़ा बहुत अगर ऐड लगा रही है कंपनी तो

[02:15:59] उसको भी लगाने दो। सब कुछ फ्री ही तो चल

[02:16:01] रहा है। तो यह सोचो कि हां, उसका भी है।

[02:16:04] कोई दिक्कत नहीं। समझ रहे हो?

[02:16:10] क्लियर? ऐड हटता रहेगा, आता रहेगा। उसको

[02:16:13] इग्नोर करो। थोड़ा बहुत नहीं दिखेगा कोई

[02:16:15] बात नहीं सुन लेना

[02:16:18] तो बाकी कर्मचारी भी जो हैं हैंड टू माउथ

[02:16:20] वाले अगर ऐड लगाएंगे नहीं तो उनको कहां से

[02:16:23] मिलेगा बनाने वाले को भी तो रोजगार मिलेगा

[02:16:25] जो ऐड बना रहा है जो फिर उसको लगा रहा है

[02:16:29] उसको भी तो मिलेगा

[02:16:34] ओके चलो वापस आते हैं। तो सिस्टोल के अंदर

[02:16:38] कभी भी आप देखोगे जब हार्ट कॉन्ट्रैक्ट

[02:16:41] करता है तो सबसे पहली स्टेज इसमें आती है

[02:16:44] आइसोमेट्रिक कॉन्ट्रैक्शन।

[02:16:47] पहले याद रखना कार्डियक साइकिल में आता है

[02:16:50] आइसोमेट्रिक कॉन्ट्रैक्शन और दूसरा आता है

[02:16:53] इजेक्शन पीरियड। इजेक्शन पीरियड।

[02:16:59] यह दो प्रोसेस होते हैं पूरा कॉन्ट्रैक्ट

[02:17:02] करने में। कॉन्ट्रैक्ट करने में दो

[02:17:04] प्रोसेस होते हैं। ठीक है? कॉन्ट्रैक्ट

[02:17:08] करने में दो प्रोसेस होते हैं। क्लियर सर?

[02:17:11] उल्टा हो गया। सॉरी सॉरी सॉरी। मैंने

[02:17:14] उल्टा लिख दिया क्या? 0.27 सेकंड और

[02:17:18] डायस्टोल होगा 0.53

[02:17:21] सेकंड। ठीक है? अभी क्लियर है। मैंने दो

[02:17:23] जगह पे गलत लिख दिया। मैं इसको करेक्ट कर

[02:17:25] रहा हूं। सिस्टोल में हां, यहां पर सही

[02:17:28] लिखा था क्या?

[02:17:34] ओके मेरी बात को ध्यान से सुनो।

[02:17:47] जो आपका सिस्टोल वाला पार्ट है

[02:17:57] वहां पर गलत लिख दिया था। थोड़ा देख लो।

[02:18:10] सिस्टोल एंड डायस्टोल का टाइम पीरियड 0.27

[02:18:14] एंड 0.53 सेकंड।

[02:18:18] इसको मैं यहां पे लिख दे रहा हूं। कोई

[02:18:22] दिक्कत नहीं। यहां पे लिख दे रहा हूं।

[02:18:24] परेशान मत हो।

[02:18:26] ठीक है? अभी सही है। तो एक कार्डियक

[02:18:29] साइकिल 0.8 सेकंड में होती है।

[02:18:34] सिस्टोल में टाइम पीरियड 0.27

[02:18:38] सेकंड लगता है और डायस्टोल में 0.53 सेकंड

[02:18:42] लगता है। सिस्टोल के अंदर दो प्रोसेस आते

[02:18:45] हैं।

[02:18:47] ठीक है? सिस्टोल के अंदर दो प्रोसेस आते

[02:18:50] हैं। केवल आइसोमेट्रिक कॉन्ट्रक्शन।

[02:18:54] दूसरा इजेक्शन पीरियड। तालिनी ने बोला

[02:18:57] बहुत सारा सूर्यांश चंद ने वेरी गुड इसका

[02:19:00] मतलब ये सारे सीखे हुए बच्चे हैं। ठीक है

[02:19:04] अब सुनो ध्यान से देखो नेक्स्ट जो आता है

[02:19:08] उसमें है प्रोटोटाइप

[02:19:10] सबसे पहला प्रोटोटाइप

[02:19:12] प्रोटोटाइप डायस्टोल

[02:19:15] यह क्या होता है अभी बात करेंगे दूसरा

[02:19:19] आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन आइसोमेट्रिक

[02:19:23] रिलैक्सेशन

[02:19:26] तीसरा

[02:19:28] रैपिड फिलिंग।

[02:19:31] पहले नाम याद रखो फिर याद करेंगे। रैपिड

[02:19:35] फिलिंग। फिर उसके बाद आता है स्लो फिलिंग

[02:19:40] और लास्ट प्रोसेस इसमें आता है एट्रियल

[02:19:43] सिस्टोल। इसी के अंदर आता है एट्रियल

[02:19:47] सिस्टोल।

[02:19:49] ओके? देखो हम पढ़ रहे थे सिस्टोल और

[02:19:53] डायस्टोल। सिस्टोल का मतलब कॉन्ट्रक्शन और

[02:19:56] डायस्टोल का मतलब रिलैक्सेशन। तो एक

[02:19:59] कार्डियक साइकिल में ब्लड हार्ट के अंदर

[02:20:01] आता है। हार्ट कॉन्ट्रैक्ट करता है और उस

[02:20:04] ब्लड को पंप कर देता है। फिर हार्ट

[02:20:06] रिलैक्स होता है। फिर ब्लड भरता है। फिर

[02:20:08] दोबारा कॉन्ट्रैक्ट करता है। तो एक

[02:20:10] कॉन्ट्रक्शन और एक रिलैक्सेशन को मिला के

[02:20:14] एक साइकिल बनती है पूरी जिसमें 0.8 सेकंड

[02:20:18] का समय लगता है। सिस्टोल के अंदर केवल दो

[02:20:21] प्रोसेस होते हैं। एक है आइसोमेट्रिक

[02:20:24] कॉन्ट्रैक्शन और दूसरा है इजेक्शन पीरियड।

[02:20:28] जबकि डायस्टोल के अंदर पांच प्रोसेस पाए

[02:20:30] जाते हैं। पहला प्रोटोटाइप, दूसरा

[02:20:33] आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन, तीसरा रैपिड

[02:20:36] फिलिंग, चौथा स्लो फीलिंग, पांचवा एट्रियल

[02:20:40] सिस्टोल। ध्यान देंगे मेरी बात को।

[02:20:46] यस। सबसे पहले सिस्टोल में क्या होता है?

[02:20:49] इस बात को समझते हैं जो सिस्टोल वाला

[02:20:52] पीरियड है उसमें सबसे पहला प्रोसेस आता है

[02:20:56] आइसोमेट्रिक

[02:20:58] कॉन्ट्रक्शन।

[02:21:01] सिस्टोल में है आइसोमेट्रिक कॉन्ट्रैक्शन।

[02:21:04] इसमें होता क्या है? ध्यान से देखना। जब

[02:21:08] आपका वेंट्रिकल पूरी तरीके से भर गया। मान

[02:21:11] लेते हैं कि वेंट्रिकल आपका पूरी तरीके से

[02:21:13] भर गया। ये जो पीले कलर का ब्लड है आपका।

[02:21:17] धूप में रह के पीला हो गए।

[02:21:21] आइसोमेट्रिक कॉन्ट्रक्शन तब होता है जब

[02:21:25] आपके वेंट्रिकल कंप्लीट फिल हो गए हैं। जब

[02:21:29] आपके वेंट्रिकल पूरी तरीके से कंप्लीट फिल

[02:21:33] हो चुके हैं। और जब वो पूरी तरीके से भर

[02:21:37] जाते हैं जब वेंट्रिकल पूरी तरीके से भर

[02:21:42] जाते हैं तो वह दो काम करते हैं। सबसे

[02:21:46] पहले ऊपर की तरफ प्रेशर लगाते हैं और यह

[02:21:49] ढक्कन बंद हो जाता है। वेंट्रिकल के पूरा

[02:21:53] भरने की वजह से आपके वेंट्रिकल के अंदर

[02:21:57] प्रेशर बढ़ता है और प्रेशर बढ़ने से एक तो

[02:22:00] एवी वाल्व क्लोज हो जाता है।

[02:22:06] पहला पॉइंट नंबर वन। दूसरा प्रेशर बढ़ता

[02:22:10] रहता है। फिर नीचे को बढ़ जाता है। तो

[02:22:12] नीचे वाला जो वाल्व है सेमी ल्यूनार वाल्व

[02:22:16] वैसे ये नीचे नहीं होता। एग्जजेक्टली ये

[02:22:18] यहां पे होता है। तो ये वाला वाल्व खुल

[02:22:21] जाता है। इसको बोलते हैं सेमी ल्यूनार

[02:22:24] वाल्व।

[02:22:28] तो एवी वाल्व तो बंद हो जाएगा। नीचे से

[02:22:30] प्रेशर जाएगा। पर जो आपका सेमी ल्यूनार है

[02:22:34] वह ओपन हो जाता है बहुत ज्यादा प्रेशर

[02:22:36] होने की वजह से। ठीक है? तो मैं बोल सकता

[02:22:40] हूं सेमीनार वाल्व क्या होगा? ओपन हो

[02:22:44] जाएगा। बस इतना ही होता है पहली प्रोसेस

[02:22:47] में। अगर आपको वेंट्रिकल से ब्लड को बाहर

[02:22:51] निकालना है तो सबसे पहले जब आपके

[02:22:54] वेंट्रिकल पूरी तरीके से भर जाते हैं उसके

[02:22:57] अंदर अपने आप ही प्रेशर बढ़ने लग जाता है

[02:23:00] और प्रेशर बढ़ने की वजह से सबसे पहले एवी

[02:23:04] वाल्व बंद हो जाते हैं। अब एवी वाल्व जैसे

[02:23:07] ही बंद हुआ और प्रेशर बढ़ गया और दूसरा

[02:23:11] वाला वाल्व सेमीनार वाला ओपन हो गया।

[02:23:15] इस प्रोसेस को बोलते हैं आइसोमेट्रिक

[02:23:17] कॉन्ट्रक्शन।

[02:23:20] पहला पॉइंट समझ में आया? दूसरा पॉइंट

[02:23:23] ध्यान देना मेरा दूसरा पॉइंट। दूसरा पॉइंट

[02:23:26] क्या है सर? दूसरा पॉइंट है इजेक्शन

[02:23:29] पीरियड। इजेक्शन पीरियड का मतलब तो टाइम

[02:23:33] होता है। यही तो होता है पीरियड का मतलब

[02:23:36] टाइम। और इजेक्शन का मतलब होता है बाहर

[02:23:38] निकलना। बाहर निकलने को बोलते हैं एग्जिट

[02:23:42] आउट।

[02:23:44] सर क्या होगा? आइसोमेट्रिक कॉन्ट्रक्शन जब

[02:23:46] हुआ तो हमने यह देखा था आइसोमेट्रिक

[02:23:50] कॉन्ट्रक्शन में एवी वाल्व बंद हो गया था

[02:23:53] और जो दूसरा वाल्व था पल्मोनरी वाला

[02:23:56] सेमीनार वाल्व वो ओपन हो गया था।

[02:24:00] तो अब सारा इजेक्शन का मतलब जो ब्लड है

[02:24:03] उसको जहां से रास्ता मिलेगा वो बाहर

[02:24:06] निकलना स्टार्ट हो जाएगा। बाहर निकलना

[02:24:09] स्टार्ट हो जाएगा। ब्लड

[02:24:12] अब इस वाल्व से सेमीनार वाल्व से बाहर

[02:24:16] निकल जाता है। सर इजेक्शन पीरियड में होता

[02:24:19] क्या है? क्योंकि सर हमने पढ़ा था सेमीनार

[02:24:24] जो वाल्व है ना सेमीनार वाल्व के ओपन होते

[02:24:28] ही

[02:24:30] ब्लड

[02:24:32] एग्जिट आउट हो जाता है।

[02:24:36] इसको ही बोलते हैं इजेक्शन पीरियड। यही तो

[02:24:40] सिस्टोल था। अरे इतना ज्यादा प्रेशर हुआ

[02:24:43] कि अंदर का जो ब्लड है वो बाहर निकल गया।

[02:24:45] अंदर का जो ब्लड था वो कहां निकल गया?

[02:24:48] बाहर निकल गया इस वाल्व के थ्रू। सेमीनार

[02:24:51] वाल्व के थ्रू। इसी को बोलते हैं क्या?

[02:24:54] इसी को बोलते हैं इजेक्शन पीरियड।

[02:24:58] इसी को बोलते हैं सर इजेक्शन पीरियड। और

[02:25:01] कुछ नहीं है इजेक्शन पीरियड।

[02:25:08] देखो अच्छे से पढ़ोगे तो बाकी जितने भी

[02:25:10] बचे कुचे हैं ना बचे एमएसए के जितने भी

[02:25:13] बाकी एक-एक सब्जेक्ट होगा ना एक-एक

[02:25:14] सब्जेक्ट की मैराथन ले लूंगा सही बता रहा

[02:25:17] हूं ठीक है तो पढ़ने पे पूरा जब जैसे सब

[02:25:20] आंसर कर रहे हैं ना लंबे-लंबे लिखो

[02:25:23] उंगलियों में दर्द करो 2ाई घंटे से मैं

[02:25:25] चीख रहा हूं ऐसे पागलों की तरह तो तुम भी

[02:25:28] पागल हो जाओ थोड़ा दो-चार दिन पढ़ने के

[02:25:30] लिए सिलेक्शन हो जाएगा फिर नॉर्मल हो जाना

[02:25:33] कोई दिक्कत नहीं है

[02:25:35] यस। तो आगे बढ़ते हैं। तो देखो जब तुमने

[02:25:37] देखा वेंट्रिकल के अंदर ब्लड था वो बाहर

[02:25:40] पंप हुआ उसको इजेक्शन पीरियड बोल दिया।

[02:25:43] क्या आपको सिस्टोल समझ में आ गया? सिस्टोल

[02:25:46] में केवल दो चीजें हैं। आइसोमेट्रिक

[02:25:48] कॉन्ट्रैक्शन और दूसरा क्या है? इजेक्शन

[02:25:52] पीरियड।

[02:25:53] इजेक्शन पीरियड में ब्लड बाहर पंप हो जाता

[02:25:56] है। और वेंट्रिकल पिचक जाते हैं ऐसे।

[02:26:02] समझ में आ गया? यस। अब मेरी बात सुनो।

[02:26:06] नेक्स्ट। अब मेरी नेक्स्ट बात सुनो। अब

[02:26:10] क्या शुरू होगा? जब पूरा ब्लड निकल गया।

[02:26:13] यह तो सिस्टोल कंप्लीट। अब शुरू होगा

[02:26:16] डायस्टोल।

[02:26:18] सर दूसरी पेन से लिखिए। ये समझ में नहीं आ

[02:26:20] रहा। मुझे भी नहीं आ रहा। डायस्टोल। अब

[02:26:24] डायस्टोल में क्या होगा? वो देख लेते हैं।

[02:26:26] डायस्टोल में सबसे पहले विद्वान लोगों ने

[02:26:30] मुझे बताया कि सर सबसे पहले तो इसमें

[02:26:32] प्रोटोटाइप है। प्रोटोटाइप

[02:26:35] सर ये प्रोटोटाइप का मतलब क्या होता है?

[02:26:39] प्रोटोटाइप का मतलब होता है तैयारी करना।

[02:26:42] प्रोटोटाइप का मतलब होता है तैयारी करना।

[02:26:45] क्या करना? तैयारी करना। तो प्रोटोटाइप

[02:26:48] डायस्टोल का मतलब क्या होगा? यह है

[02:26:51] प्रोटोटाइप डायस्टोल। मतलब तैयारी करना

[02:26:54] डायस्टोल की। तैयारी करना किसकी? डायस्टोल

[02:26:59] की। तो सर ये कैसे तैयारी करेगा? अब मुझे

[02:27:03] बताओ आप यह तैयारी कैसे करेगा? तैयारी ऐसे

[02:27:06] करेगा देखो। अभी लास्ट वाले में हुआ क्या

[02:27:09] था? सर, यह ब्लड था। मान लेते हैं और यहां

[02:27:12] पे ये ऊपर वाला तो बंद हो रखा था पहले से।

[02:27:15] पर यह वाला खुल रखा था। ऐसे जो सेमी

[02:27:18] ल्यूनार वाल्व है वो ओपन था। था। अब अगर

[02:27:22] यह ओपन रहेगा तो कभी भी अगर यहां ब्लड भी

[02:27:26] आएगा तो सारा निकल जाएगा। मान लो मैं इसको

[02:27:30] और सिंपल करके समझाता हूं।

[02:27:33] मान लो सेमीनार वाल्व को मैं नीचे बना रहा

[02:27:36] हूं। ये यहां पे एक छेद है। ये सेमीनार

[02:27:39] वाल्व है। अभी ये खुली हुई है। अब मुझे अब

[02:27:43] मैं डायस्टोल की तैयारी करूंगा। सपोज़ करो

[02:27:46] आप एक बाल्टी में पानी भर रहे हो। ये एक

[02:27:48] बाल्टी है और बाल्टी में पानी भर रहे हो।

[02:27:50] तो सबसे पहले उसके नीचे अगर कोई छेद है

[02:27:53] उसको बंद करोगे तभी तो पानी अटकेगा। तो

[02:27:56] अगर आपको हार्ट में डायस्टोल कराना है

[02:27:59] सबसे पहले सर डायस्टोल क्या होता है?

[02:28:02] डायस्टोल का मतलब होता है ब्लड भरना। ब्लड

[02:28:06] का फिल होना और ब्लड फिल तभी होगा जब नीचे

[02:28:11] कोई भी छेद नहीं होगा जब नीचे हार्ट के

[02:28:15] नीचे जो वाल्व है जो होल है वो बंद हो

[02:28:17] जाएगा तब। तो प्रोटोटाइप डायस्टोल में और

[02:28:21] कुछ नहीं होता। सर हमको पता है मुझे एक

[02:28:25] बात बताओ इससे पहले क्या हुआ था? इससे

[02:28:27] पहले सर सारा ब्लड चला गया था हार्ट को

[02:28:30] छोड़ के जब हमारा इजेक्शन पीरियड था। मतलब

[02:28:36] हमारा वेंट्रिकल खाली हो जाता है तो इसका

[02:28:38] प्रेशर कम। और जो हमारे वेंट्रिकल से ब्लड

[02:28:42] निकला बाहर आर्टरी में या वेन में तो

[02:28:46] आर्टरी या वेन में प्रेशर ज्यादा तो हमेशा

[02:28:49] प्रेशर ज्यादा से कम की तरफ आता है। तो

[02:28:52] हमारी आर्टरी अपोजिट प्रेशर लगाती है

[02:28:56] सेमीनार वाल्व की तरफ। हमारी जो आर्टरी के

[02:29:00] अंदर ब्लड है वस्कुलर रेजिस्टेंस की वजह

[02:29:03] से वो एक ऐसा प्रेशर लगाता है अपोजिट

[02:29:07] प्रेशर टुवर्ड्स द वेंट्रिकल अपोजिट

[02:29:10] प्रेशर टुवर्ड्स द वेंट्रिकल लगाता है

[02:29:13] वेंट्रिकल के नीचे के जो सेमीनार वाल्व है

[02:29:16] वो क्लोज हो जाते हैं। मतलब वेंट्रिकल में

[02:29:19] प्रेशर कम ब्लड वेसल में प्रेशर ज्यादा

[02:29:22] अपोजिट प्रेशर लगा तो इससे ये ढक्कन बंद

[02:29:25] हो गए।

[02:29:28] अपोजिट प्रेशर की वजह से सेमी ल्यूनार

[02:29:31] वाल्व बंद हो जाती है। बस यही है

[02:29:34] प्रोटोटाइप डायस्टोल।

[02:29:37] तैयारी कैसे होगी? हमने पढ़ा हमने क्या

[02:29:40] पढ़ा? कुछ नहीं पढ़ा हमने अभी तक। हमने

[02:29:42] केवल यह पढ़ा कि सर वेंट्रिकल जब इजेक्शन

[02:29:46] पीरियड होगा इजेक्शन के बाद वेंट्रिकल के

[02:29:49] अंदर प्रेशर कम हो जाएगा। और जितनी भी

[02:29:52] आपकी ब्लड वेसल्स हैं उन ब्लड वेसल्स के

[02:29:55] अंदर प्रेशर ज्यादा हो जाएगा। जब

[02:29:58] वेंट्रिकल के अंदर प्रेशर कम होगा, ब्लड

[02:30:01] वेसल्स का प्रेशर ज्यादा होगा तब आपको एक

[02:30:05] चीज देखने के लिए मिलेगी। तब आपको एक चीज

[02:30:08] देखने के लिए मिलेगी। वेंट्रिकल के अंदर

[02:30:10] प्रेशर कम तब क्या होगा? आपका सेमी

[02:30:14] ल्यूनार वाला वाल्व क्लोज हो जाएगा। बस

[02:30:19] इसी को बोलते हैं प्रोटोटाइप डायस्टोल।

[02:30:23] नाउ आवर वेंट्रिकल इज रेडी फॉर डायस्टोल।

[02:30:27] अब हमारा वेंट्रिकल डायस्टोल के लिए तैयार

[02:30:30] है। अब हमारा वेंट्रिकल डायस्टोल के लिए

[02:30:33] तैयार है। अरे एनर्जी कम तो नहीं हो रही?

[02:30:36] आधे लोग गायब हो गए होंगे ना? सो गए

[02:30:38] होंगे। ऐसा लग रहा है मुझे?

[02:30:40] अरे आज पढ़ लोगे। आज तक नहीं भी पढ़ा तो

[02:30:42] कोई बात नहीं।

[02:30:50] यस। तो वेंट्रिकल के वेंट्रिकल पर प्रेशर

[02:30:54] कम, ब्लड वेसल्स पे प्रेशर ज्यादा तो सेमी

[02:30:58] ल्यूनार्क्कस प्रोटोटाइप हो गया। अब जैसे

[02:31:01] ही प्रोटोटाइप होगा

[02:31:04] प्रोटोटाइप दूसरा शुरू हो जाएगा

[02:31:07] आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन। आइट्रो

[02:31:10] आइसोमेट्रिक

[02:31:13] रिलैक्स अरे कैसी-कैसे पेन चल लिए

[02:31:17] आइसोमेट्रिक

[02:31:19] रिलैक्सेशन आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन

[02:31:24] सर इसमें क्या होता है इसमें यह होता है

[02:31:27] अभी हमने यह पढ़ा था सेमी ल्यूनार तो नीचे

[02:31:29] क्लोज हो गया अब क्योंकि यहां पे प्रेशर

[02:31:32] अभी भी कम है तो प्रेशर कम होने की वजह से

[02:31:35] अंदर का जो एवी वाल्व है वो ओपन हो जाता

[02:31:39] उसी को बोलते हैं आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन।

[02:31:42] दूसरा पीरियड।

[02:31:44] दूसरा प्रोसेस आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन वो

[02:31:47] होता है जब हमारे वेंट्रिकल में वेंट्रिकल

[02:31:51] खाली होने की वजह से प्रेशर कम होता है।

[02:31:54] सेमी ल्यूनार वाल्व पहले से क्लोज थी। तो

[02:31:57] उसी वजह से अब हमारी जो एवी वाल्व है वो

[02:32:01] ओपन हो जाती है। इसी को बोलते हैं

[02:32:04] आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन।

[02:32:07] इसी को बोलते हैं आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन

[02:32:14] एक ही चीज होती है एवी वाल्व ओपन और कुछ

[02:32:18] नहीं होता। अब जब तीसरी प्रोसेस आती है

[02:32:22] तीसरी प्रोसेस तीसरी प्रोसेस को हम बोलते

[02:32:25] हैं रैपिड फिलिंग। क्या बोलते हैं सर?

[02:32:28] तीसरी प्रोसेस होती है सर रैपिड फिलिंग।

[02:32:31] सर ये रैपिड फिलिंग क्या है फिर? रैपिड

[02:32:34] फिलिंग क्या है? रैपिड फिलिंग का मतलब

[02:32:36] आपने अभी-अभी तो बोला था कि नीचे तो बंद

[02:32:39] है। ढक्कन नीचे बंद है। ऊपर एवी वाल्व खुल

[02:32:42] गया। तो अब सडन रैपिड फीलिंग का मतलब बहुत

[02:32:46] तेजी से ब्लड आएगा वेंट्रिकल में। बहुत

[02:32:49] तेजी से रैपिड फीलिंग का मतलब जैसे ही

[02:32:52] आपके ओपन हुए।

[02:32:55] व्हेन एवी वाल्व ओपन जो आपके एवी वाल्व है

[02:33:00] जैसे ही वह ओपन होते हैं सडन रश ऑफ ब्लड

[02:33:05] सडन रश ऑफ ब्लड ब्लड का रश होने लग जाता

[02:33:10] है कहां पे इंटू वेंट्रिकल इसी को बोलते

[02:33:14] हैं रैपिड फीलिंग और रैपिड फीलिंग में

[02:33:17] आपके वेंट्रिकल 70% तक भर जाते हैं। 70%

[02:33:23] तक फिल हो जाते हैं वेंट्रिकल।

[02:33:26] पूरे भरते नहीं केवल 70% ही भरते हैं। 70%

[02:33:32] ही ब्लड भरेगा रैपिड फिलिंग के अंदर। तो

[02:33:36] जैसे ही एवी वाल ओपन ओपन हुआ सारा का सारा

[02:33:39] ब्लड आ गया किस में? वेंट्रिकल में। इसको

[02:33:41] बोलते हैं रैपिड फिलिंग। बहुत तेजी से आता

[02:33:44] है। लेकिन सारा ब्लड नहीं आया। केवल 70%

[02:33:48] आया।

[02:33:50] उसके बाद अगली जो प्रोसेस है वो होती है

[02:33:53] स्लो फीलिंग की। चौथी क्या होती है? स्लो

[02:33:57] फीलिंग।

[02:33:59] सर स्लो फीलिंग में क्या होता है? 70% तो

[02:34:02] ब्लड आ गया था नीचे जब यह ओपन था। यह देखो

[02:34:06] 70% तक तो भर चुका था ये। अब क्या होगा?

[02:34:10] सम अमाउंट ऑफ ब्लड वह धीरे-धीरे आएगा। सम

[02:34:13] अमाउंट ऑफ ब्लड।

[02:34:16] सम अमाउंट ऑफ ब्लड।

[02:34:21] कम्स

[02:34:25] स्लोली स्लोली इनू वेंट्रिकल

[02:34:30] कुछ अमाउंट में ब्लड धीरे-धीरे नीचे आता

[02:34:33] है। जब लास्ट में कम बच जाएगा तो

[02:34:35] धीरे-धीरे ही तो आएगा। और 10% और आता है।

[02:34:40] स्लो फीलिंग में केवल 10% फीलिंग होती है।

[02:34:44] केवल 10% तो अभी भी वेंट्रिकल भर तो गए

[02:34:47] हैं। 70 + 10 80% ही अभी वेंट्रिकल भरा

[02:34:52] है। पूरा नहीं भरा है। इसीलिए लास्ट में

[02:34:55] क्या करना पड़ता है? मैंने आपको बताया था।

[02:34:59] लास्ट में जब थोड़ा सा ब्लड यहां पर अभी

[02:35:02] भी बच गया। यह कोने पे देखो यहां यह कोने

[02:35:05] पे थोड़ा-थोड़ा ब्लड अभी भी बचा है। अब

[02:35:09] यहां भर चुका है 80% तो जो 20% ब्लड बचा

[02:35:14] है वह अपने आप नीचे नहीं आ पाता। तो हम

[02:35:17] क्या करते हैं? वेंट्रिकल को पिच सॉरी

[02:35:19] एट्रियम को पिचका देते हैं ऐसे।

[02:35:23] जब लास्ट के 20% ब्लड को निकालना हो तो हम

[02:35:27] एट्रियम को पिचका देते हैं। उसको बोलते

[02:35:30] हैं एट्रियल सिस्टोल। सर एट्रियल सिस्टोल

[02:35:34] का मतलब क्या है? एट्रियल सिस्टोल का केवल

[02:35:37] इतना सा मतलब है कि जो बचा हुआ 20% ब्लड

[02:35:41] है उसको पंप करने के लिए एट्रियम क्या

[02:35:46] करता है? अपने आप को प्रॉपर्ली सिस्टोल कर

[02:35:49] देता है। जिससे वह बचा कुचा 20% भी यहां आ

[02:35:54] जाएगा। वो बचा कुचा 20% भी आ जाएगा और

[02:35:58] आपके वेंट्रिकल 100% फिल हो जाएंगे। 100%

[02:36:02] वेंट्रिकल क्या हो जाएंगे? फिल।

[02:36:06] इस तरीके से पूरी तरीके से हो जाता है।

[02:36:10] हां, फ्रूटी वाला सिस्टम पिचका के

[02:36:12] ग्रेविटी से एट्रियम का 20% आ जाएगा।

[02:36:16] यस यह थी कार्डियक साइकिल जो आप पढ़ते हो

[02:36:20] ना बहुत बच्चों वाली कार्डियक साइकिल है।

[02:36:22] एट्रियम से वेंट्रिकल में गया वो उसके

[02:36:24] अंदर का प्रोसेस पढ़ो। वो तो सबको पता है

[02:36:26] एट्रियम से वेंट्रिकल में जाएगा।

[02:36:28] वेंट्रिकल से लंग्स में जाएगा। लंग्स से

[02:36:30] लेफ्ट साइड आएगा। वो कार्डियक साइकिल नहीं

[02:36:33] है। कार्डियक साइकिल के अंदर का यह

[02:36:36] प्रोसेस है।

[02:36:40] समझ रहे हो मेरी बात को? सर, एक बार बता

[02:36:43] दीजिए दोबारा से। देखो हम इसको ऐसे भी

[02:36:46] पढ़ते हैं। आप जब इसका डायग्राम देखोगे ना

[02:36:49] आपको कार्डियक साइकिल ऐसे दिखेगी। को

[02:37:09] आज के बाद आपको यह डायग्राम कभी मतलब जो

[02:37:12] आप कॉलेज में देखते थे पर इस पे ध्यान

[02:37:14] नहीं देते थे ना आज के बाद आप इसके इससे

[02:37:16] कभी डोगे नहीं।

[02:37:22] इसको बोलते हैं फेजेस ऑफ कार्डियक साइकिल।

[02:37:26] फेजेस ऑफ कार्डियक साइकिल। इसको देखो आप

[02:37:30] ध्यान से। यह आपको कहां पर समझ में नहीं

[02:37:32] आया मुझे यह बताओ। देखो मैंने क्या बोला

[02:37:36] था आप ध्यान से समझना मैंने अभी तक

[02:37:38] क्या-क्या बताया आपको। मैंने बोला देखो

[02:37:40] दोस्तों हम यह बात करते हैं कि सिस्टोल

[02:37:43] में वेंट्रिकल के सिस्टोल में क्या-क्या

[02:37:45] चीजें होती है? तो आपने बोला सर हम तो बता

[02:37:48] देंगे वेंट्रिकल के सिस्टोल में सबसे पहले

[02:37:51] तो वेंट्रिकल में कॉन्ट्रैक्शन आते हैं।

[02:37:54] जिसको क्या बोलते हैं? आइसोमेट्रिक

[02:37:57] कॉन्ट्रक्शन बोलते हैं। आइसोमेट्रिक

[02:37:59] कॉन्ट्रक्शन तब आते हैं जब यह पूरी तरीके

[02:38:02] से फुल हो चुका होता है। तो आइसोमेट्रिक

[02:38:05] कॉन्ट्रक्शन आते हैं तो हमारा सेमी

[02:38:07] ल्यूनार वाल्व ओपन होता है और इंजेक्शन

[02:38:10] पीरियड आ जाता है। ब्लड को बाहर पंप कर

[02:38:12] देता है। अब जैसे ही ब्लड को बाहर पंप

[02:38:15] किया तो इस वाली जगह पे इन्होंने बनाया

[02:38:18] नहीं है। पर हमारा प्रोटोटाइप आएगा।

[02:38:20] प्रोटोटाइप में होता क्या है? हमारा सेमी

[02:38:23] ल्यूनार क्लोज हो जाता है। प्रोटोटाइप में

[02:38:27] सेमी ल्यूनार क्लोज। उसके बाद धीरे-धीरे

[02:38:30] धीरे-धीरे आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन जहां पे

[02:38:34] हमने देखा था एवी वाल्व ओपन हो जाती है।

[02:38:37] एवी वाल्व कहां पे ओपन होती है?

[02:38:39] आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन में। एवी वाल्व के

[02:38:42] आते ही वेंट्रिकुलर फिलिंग होती है। तीन

[02:38:45] भाग में। रैपिड फीलिंग, स्लो फीलिंग और

[02:38:49] एट्रियल लास्ट में आता है।

[02:38:52] एट्रियल सिस्टोल और वापस से जब पूरा हार्ट

[02:38:56] पंप कर देता है वापस से वही सिचुएशन आती

[02:38:59] है।

[02:39:01] वापस से वही सिचुएशन आती है। वेंट्रिकल

[02:39:04] पूरी तरीके से भरे हुए हैं। वेंट्रिकल के

[02:39:06] भरने के बाद वो ब्लड निकलता है। इजेक्शन

[02:39:09] पीरियड कहलाता है। फिर सेनार क्लोज होती

[02:39:13] है, वह प्रोटोटाइप कहलाता है। फिर हमारा

[02:39:16] हार्ट रिलैक्स करता है। जब एवी वाल्व ओपन

[02:39:18] होते हैं, वह आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन

[02:39:20] कहलाता है। फिर वेंट्रिकल तेजी से भरते

[02:39:23] हैं रैपिड फीलिंग। धीरे भरते हैं स्लो

[02:39:25] फीलिंग और लास्ट में एट्रियल कॉन्ट्रक्शन

[02:39:28] करना पड़ता है। जिससे कि एट्रिया का सारा

[02:39:31] ब्लड वेंट्रिकल में आ जाए और वेंट्रिकल

[02:39:33] 100% भर जाते हैं। तब वापस से यही प्रोसेस

[02:39:37] चलती है। इति सिद्धम। दिस इज कॉल्ड

[02:39:40] कार्डियक साइकिल। फेसेस ऑफ कार्डियक

[02:39:42] साइकिल।

[02:39:48] कुछ को नहीं समझ में आया होगा तो दोबारा

[02:39:50] बता दूं। देखो मैंने पहले सिस्टोल बताया।

[02:39:53] सिस्टोल में आपको केवल दो चीजें बताई।

[02:39:56] आइसोमेट्रिक कॉन्ट्रैक्शन। आइसोमेट्रिक

[02:39:58] कॉन्ट्रैक्शन का मतलब केवल यह था कि सर

[02:40:02] एवी वाल्व का क्लोज होना

[02:40:05] और सेमी ल्यूनार का ओपन होना। इन दोनों की

[02:40:09] वजह से इजेक्शन पीरियड में ब्लड पंप हो

[02:40:12] जाता है। जिसकी वजह से फिर आता है

[02:40:16] प्रोटोटाइप। सर प्रोटोटाइप के अंदर सेमी

[02:40:19] ल्यूनार वाल्व का क्लोज होना लिखा गया है।

[02:40:23] जैसे ही सेमीनार क्लोज हुआ फिर आता है

[02:40:26] आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन जिसमें एवी वाल्व

[02:40:29] ओपन हो जाती है। एवी वाल्व ओपन होते ही

[02:40:32] ब्लड तेजी से आता है। रैपिड फीलिंग 70% हो

[02:40:36] जाती है। फिर थोड़ा ब्लड कम बचता है तो

[02:40:39] स्लो फीलिंग से 10% आ जाता है।

[02:40:43] स्लो फीलिंग से 10% आ जाएगा। और लास्ट में

[02:40:47] एट्रियल सिस्टोल करने से बाकी का 20% भी

[02:40:51] बचा हुआ कहां आ जाता है? वेंट्रिकल में।

[02:40:54] और इस तरीके से वेंट्रिकल फुल हो जाते

[02:40:57] हैं। और वेंट्रिकल फुल होने के बाद वापस

[02:41:00] से यही प्रक्रिया चलते ही रहती है। चलते

[02:41:02] ही रहती है और चलते ही रहती है।

[02:41:08] कॉफी ठंडी हो गई। अरे ठंडी ही पीता हूं।

[02:41:11] कोल्ड है यह।

[02:41:29] समझ गए क्या

[02:41:35] सर? लेफ्ट साइड ऑफ हार्ट में क्या होता

[02:41:37] है?

[02:41:39] उसमें होता है x वz

[02:41:43] अरे सब कुछ उसी में होता है।

[02:41:48] कुछ अलग नहीं होता।

[02:41:52] 0.8 सेकंड में यह सब हुआ। हां सब कुछ हुआ

[02:41:56] है।

[02:41:59] बट सर नेक्स्ट मैराथन मॉर्निंग में

[02:42:01] स्टार्ट करना। बिकॉज़ मॉर्निंग में अच्छा

[02:42:04] सा स्टडी होता है। ओके। ठीक है? लेकिन

[02:42:08] उसके लिए मुझे तुम्हारा मैराथन अलग से

[02:42:10] लेना पड़ेगा क्योंकि बाकी बच्चे तो कभी भी

[02:42:12] पढ़ सकते हैं। क्या नौकरी करने जाओगे तो

[02:42:16] यह पूछोगे नहीं मैडम मेरी मॉर्निंग ड्यूटी

[02:42:19] ही लगाना। नहीं सर मेरी मॉर्निंग ड्यूटी

[02:42:21] ही लगाना।

[02:42:22] हैं? ऐसा बोलोगे क्या?

[02:42:25] नहीं सर मॉर्निंग में उठने का मन नहीं

[02:42:28] करता। मेरी नाइट ड्यूटी कभी मत लगाना।

[02:42:32] ओके चलो।

[02:42:35] ओके। तो दोस्तों, यह सब कुछ होता है 0.80

[02:42:40] सेकंड में। यह है कार्डियक साइकिल। अगली

[02:42:43] बात जो समझाने जा रहा हूं, वो है कंडक्शन

[02:42:47] सिस्टम ऑफ हार्ट। वो है कंडक्शन सिस्टम।

[02:42:52] किसका ऑफ हार्ट का। हार्ट के कंडक्शन

[02:42:55] सिस्टम के बारे में बात करते हैं अब।

[02:42:59] ठीक है?

[02:43:01] हार्ट के कंडक्शन सिस्टम के बारे में हम

[02:43:04] बात करते हैं। देखो कंडक्शन सिस्टम का

[02:43:08] मतलब होता है हार्ट हमारा जो भी हार्ट है

[02:43:11] ना हमारी किसी भी मसल को ध्यान देना अगर

[02:43:15] किसी भी मसल को अगर वो कॉन्ट्रैक्ट करना

[02:43:18] चाहती है या वो रिलैक्स करना चाहती है ना

[02:43:23] तो कॉन्ट्रक्शन और रिलैक्सेशन करने के लिए

[02:43:27] उसको चाहिए होते हैं इलेक्ट्रिकल इंपल्स

[02:43:31] क्या चाहिए होते हैं उसको इलेक्ट्रिकल

[02:43:33] इंपल्स यानी यानी कि करंट चाहिए। करंट।

[02:43:37] अगर तुम्हें भी नींद आती है तो क्या करो?

[02:43:40] सिल्वर के तार लो और आपके घर के जो बिजली

[02:43:44] के प्लग है ना उनमें डाल दो। समझ रहे हो?

[02:43:48] और दोनों हाथों से अपने आप को पकड़ लो।

[02:43:50] दिमाग की बत्ती जल जाएगी। क्या होगा?

[02:43:53] दिमाग की बत्ती जल जाएगी तो तुम्हारे

[02:43:55] दिमाग के न्यूरॉन एक्टिवेट हो जाएंगे।

[02:43:59] ठीक है? और वो यहां तो काम नहीं आएंगे।

[02:44:01] स्वर्ग में आएंगे क्योंकि तुम बन जाओगे

[02:44:03] तारा। ऐसा मत करना। मजाक बना रहा हूं।

[02:44:06] मजाक कर रहा हूं। ठीक है?

[02:44:10] अगर आपके हार्ट को धड़कना है तो उसको करंट

[02:44:13] चाहिए। जैसे आपके घर में कोई पंप चलता है

[02:44:16] उसको करंट चाहिए। जैसे आपके घर में पंखा

[02:44:19] चलता है तो उसको चलने के लिए करंट चाहिए।

[02:44:22] ऐसे ही हार्ट के अंदर छोटी-छोटी मसल्स

[02:44:25] हैं। और उन मसल्स को धड़कने के लिए, आपके

[02:44:29] दिल को धड़कने के लिए क्या चाहिए? करंट

[02:44:32] चाहिए। उसी इलेक्ट्रिकल इंपल्स को हम

[02:44:36] हार्ट में बोलते हैं कंडक्शन सिस्टम।

[02:44:40] ओके? उसी हम उसी को हम क्या बोलते हैं?

[02:44:42] कंडक्शन सिस्टम बोलते हैं। याद रखिएगा इस

[02:44:46] बात को।

[02:44:48] क्या बोलते हैं उसको? कंडक्शन सिस्टम

[02:44:50] बोलते हैं। ओके?

[02:44:53] अब पहले नॉर्मली आपको बता देता हूं। अगर

[02:44:56] मुझे पूरे हार्ट को धड़काना है। क्या करना

[02:44:59] है? मुझे अपने पूरे दिल को धड़काना है तो

[02:45:02] मुझे एक पॉजिटिव चार्ज देना पड़ेगा। तब

[02:45:05] मेरा एट्रिया धड़केगा। तब मेरा वेंट्रिकल

[02:45:09] में आएगा तो वेंट्रिकल धड़केगा। तो अगर

[02:45:12] मुझे हार्ट को कॉन्ट्रैक्ट करना है या

[02:45:14] रिलैक्स करना है तो मुझे देने पड़ते हैं

[02:45:17] इलेक्ट्रिकल इंपल्स। लेकिन वो इलेक्ट्रिकल

[02:45:21] इंपल्स कहां से शुरू होते हैं? सवाल यह है

[02:45:24] कि आपके हार्ट में जो इलेक्ट्रिक इंपल्स

[02:45:29] रिलीज होते हैं वो कहां से रिलीज होते

[02:45:31] हैं? तो आप बोलते हो सर वो रिलीज होते हैं

[02:45:34] हार्ट के एट्रिया में कुछ स्पेशल टाइप के

[02:45:38] सेल होते हैं जिनको बोलते हैं ऐसे नोड।

[02:45:42] फिर आपसे सवाल आएगा सर ऐसे नोड में तो आ

[02:45:46] गया। ऐसे नोड किसको ब्लड सब किसको करंट

[02:45:49] देगा? सर ऐसे नोड तो केवल एट्रिया को देता

[02:45:53] है। जो एट्रिया है ना एट्रियम है उसको

[02:45:57] उसने करंट दे दिया। और इसके अलावा एक और

[02:46:01] पॉइंट था उसको बोला एवी नोड। एवी नोड को

[02:46:05] भी करंट दे दिया। ऐसे नोड ने केवल दो ही

[02:46:08] चीजों को करंट दिया। एट्रियम को और एवी

[02:46:12] नोड को। मतलब यहां से करंट आया। देखो कैसे

[02:46:15] आ रहा है करंट। देखना ध्यान से। यहां से

[02:46:17] करंट आया ऐसे और इन्होंने एवी नोड को करंट

[02:46:21] दे दिया। फिर क्या करता है? एवी नोड एवी

[02:46:24] नोड करंट को आगे बढ़ाता है ऐसे वेंट्रिकल

[02:46:28] के सेप्टम पे देता है बंडल ऑफ हिज पे। और

[02:46:32] बंडल ऑफ हिज से छोटे-छोटे तार निकलते हैं।

[02:46:36] छोटे-छोटे ऐसे तार निकलते हैं। उन तार को

[02:46:39] बोलते हैं पुरकिंजे फाइबर। उन तार को बोला

[02:46:42] जाता है पुरकिंजे फाइबर।

[02:46:46] या परकिंजे फाइबर

[02:46:51] मतलब आपके हार्ट के अंदर जो करंट जाएगा वो

[02:46:54] ऐसे नोड से निकलेगा एट्रियम में जाएगा एवी

[02:46:57] नोड में जाएगा एवी नोड से वो जाएगा बंडल

[02:47:01] ऑफ हिज में वेंट्रिकल में जाएगा बंडल ऑफ

[02:47:05] हिज में और बंडल ऑफ हिज से पूरे वेंट्रिकल

[02:47:08] में कैसे फैलेगा छोटे-छोटे तारों से जिसको

[02:47:12] बोलते हैं पुरकिंजे फाइबर

[02:47:16] पुरकिंजे फाइबर के थ्रू पूरे के पूरे

[02:47:18] हार्ट में करंट फैल जाएगा।

[02:47:22] इसी को बोलते हैं कंडक्शन सिस्टम। दोबारा

[02:47:25] बता देता हूं। कंडक्शन सिस्टम का मतलब

[02:47:30] इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी निकली कहां से? ऐसे

[02:47:34] नोड से। ऐसे नोड से पहले एट्रिया में गई।

[02:47:38] एट्रिया के बाद एवी नोड में गई। एवी नोड

[02:47:42] से ही होते हुए वो कहां जाती है?

[02:47:44] वेंट्रिकल में जाती है। पर वेंट्रिकल में

[02:47:47] जाने के लिए उसे तार चाहिए। तो पहले वो

[02:47:50] जाता है बंडल ऑफ हिज के पास। बंडल ऑफ हिज

[02:47:53] वाले तार के पास। फिर बंडल ऑफ हिज

[02:47:55] छोटे-छोटे तार बना के परकिंजे फाइबर के

[02:47:59] थ्रू उसको पूरे वेंट्रिकल में भेज देता

[02:48:01] है। परकिंजे फाइबर के थ्रू उसको पूरे

[02:48:05] कंप्लीट वेंट्रिकल में भेज देता है। जिससे

[02:48:08] हमारे पूरे हार्ट के अंदर पूरे हार्ट के

[02:48:11] अंदर कॉन्ट्रैक्शन भी होगा क्योंकि करंट आ

[02:48:15] रहा है और रिलैक्सेशन भी होगा।

[02:48:17] कॉन्ट्रैक्शन भी होगा और रिलैक्सेशन भी

[02:48:20] होगा। अब अगर आपसे कोई पूछे कि वह मेन

[02:48:23] खिलाड़ी कौन-कौन से हैं?

[02:48:26] वह मेन खिलाड़ी

[02:48:32] वह कौन-कौन से हैं जो कंडक्शन सिस्टम के

[02:48:35] हीरो हैं तो आप बोलोगे सर वो मेन खिलाड़ी

[02:48:37] बता देते हैं। ऐसे नोड है, एट्रिया की सेल

[02:48:41] है, एवी नोड है, बंडल ऑफ हिज है, परकिंजे

[02:48:44] फाइबर है। ये मेन चार पांच खिलाड़ी हैं

[02:48:46] जिनको कंडक्शन सिस्टम का मेन एंप्लॉय बोला

[02:48:51] जाता है। समझ गए?

[02:48:54] लेकिन कहानी इतनी आसान नहीं होती। यह तो

[02:48:57] वही बात हो गई। कार्डियक साइकिल सिंपल

[02:48:59] तरीके से बता दिया। एक्चुअल में कंडक्शन

[02:49:02] सिस्टम कैसे होता है? उस प्रोसेस को पढ़ने

[02:49:05] के लिए आपको पढ़ना पड़ेगा पाथवे ऑफ

[02:49:09] इलेक्ट्रिकल इंपल्स। उसके लिए आपको पढ़ना

[02:49:12] पड़ेगा। आखिर यह करंट कहां से आता है?

[02:49:15] पाथवे ऑफ कंडक्शन सिस्टम। उसके लिए आपको

[02:49:19] पढ़ना पड़ेगा पाथवे या पाथवे ऑफ़ कंडक्शन

[02:49:23] सिस्टम। आखिर आखिरी करंट कहां से आया? समझ

[02:49:27] गए? करंट कहां से आया? कहां को गया? ऐसे

[02:49:30] नोड क्या है ऐसा? क्या वहां पे लाइट वालों

[02:49:33] ने बिजली वालों ने या जहां पे भी आप आप

[02:49:37] आते हो दिल्ली इलेक्ट्रिक बोर्ड यूपी

[02:49:39] इलेक्ट्रिक बोर्ड उत्तराखंड इलेक्ट्रिक

[02:49:41] बोर्ड जम्मू कश्मीर इलेक्ट्रिक बोर्ड

[02:49:42] केरला इलेक्ट्रिक बोर्ड क्या हमारे

[02:49:45] सेंट्रल गवर्नमेंट ने या स्टेट गवर्नमेंट

[02:49:47] ने हमारे दिल के अंदर ट्रांसफार्मर लगा

[02:49:49] रखा है जो वहां से करंट जा रहा है नहीं

[02:49:51] एक्चुअली

[02:49:53] किसी भी सेल में जब करंट बहता है तब उसमें

[02:49:57] कॉन्ट्रक्शन आते हैं लेकिन करंट आता कहां

[02:50:01] से है यह सवाल है। करंट कहां से आता है?

[02:50:05] तो आपको मैं एक सेल के बारे में बता रहा

[02:50:07] हूं। सेल के अंदर बहुत ज्यादा मात्रा में

[02:50:10] पाया जाता है पोटेशियम जो कि पॉजिटिव

[02:50:13] चार्ज रहता है। सेल के अंदर हमेशा किसी भी

[02:50:16] सेल के अंदर आपको पॉजिटिव ज्यादा मिलेगा

[02:50:18] और वो भी पोटेशियम। और सेल के अंदर

[02:50:21] नेगेटिव जो सबसे ज्यादा मिलेगा वो मिलेगा

[02:50:23] फॉस्फेट। ज्यादातर।

[02:50:26] समझ गए? और सेल के बाहर की तरफ आप देखोगे

[02:50:31] तो सेल के बाहर सबसे ज्यादा सोडियम मात्रा

[02:50:34] में मिलता है। सोडियम बहुत ज्यादा पॉजिटिव

[02:50:37] आयन सबसे ज्यादा कहां मिलते हैं? सेल के

[02:50:40] बाहर। कौन से वाले? सोडियम वाले। सेल के

[02:50:44] अंदर पॉजिटिव सबसे ज्यादा पोटेशियम। और

[02:50:47] क्या मिलता है बाहर सर? कैल्शियम भी

[02:50:49] पॉजिटिव होता है। वो भी सेल के बाहर

[02:50:51] ज्यादा मिलता है। और नेगेटिव भी बताओ सर।

[02:50:54] क्लोराइड।

[02:50:56] क्लोराइड आप सेल से बाहर देखोगे तो आपको

[02:50:59] बहुत ही कम मात्रा में मिल मतलब ज्यादा

[02:51:02] मात्रा में मिलेगा पर वह नेगेटिव है।

[02:51:06] मतलब सर मतलब पॉजिटिव जो आयन होते हैं ना

[02:51:10] इलेक्ट्रोलाइट होते हैं ना उनको बोलते हैं

[02:51:12] कैटायंस। और जो नेगेटिव वाले आयंस होते

[02:51:15] हैं ना उनको बोलते हैं एनायंस।

[02:51:19] अब अगर मैं पूछूं कि मोस्ट कॉमन एनायन

[02:51:28] इनाइड द सेल। आप क्या बोलोगे? इनाइड द

[02:51:31] सेल। आप क्या बोलोगे? यही तो बोलोगे

[02:51:33] फास्फेट।

[02:51:35] अब इसी का अपोजिट मैं पूछूं मोस्ट कॉमन

[02:51:38] कैटायन इनसाइड द सेल। इनाइड द सेल। तो आप

[02:51:42] बोलोगे सर पोटेशियम।

[02:51:45] ऐसे ही मैं तीसरा सवाल पूछ लूं कि मोस्ट

[02:51:48] कॉमन कैटायन

[02:51:50] आउटसाइड द सेल। सेल के बाहर आउटसाइड द सेल

[02:51:55] आप बोलोगे सोडियम पोट कैटायन होता है। मैं

[02:51:58] पूछूंगा मोस्ट कॉमन एनायन

[02:52:02] आउटसाइड द सेल तो आप बोलोगे क्लोराइड।

[02:52:06] ये चार पॉइंट आपको समझ में आए। एग्जाम

[02:52:09] वाले हैं ये। फंडामेंटल में पढ़ते हो आप।

[02:52:12] पर मैं क्यों पढ़ा रहा हूं? आपको थोड़ी

[02:52:14] देर में समझ में आ जाएगा। पढ़ाने का हर एक

[02:52:17] छोटी-छोटी बात का कारण है मेरे पास।

[02:52:21] तो ऐसा मत सोचना यह हवा में ऐसे ही बातें

[02:52:24] पढ़ रहे हैं हम। नॉर्मली हम कभी भी ऐसी

[02:52:26] चीजें नहीं पढ़ते हैं। क्लियर है? तो ये

[02:52:30] बात बहुत अच्छे से आपको ध्यान रखनी है कि

[02:52:33] पाथवे ऑफ कंडक्शन सिस्टम में ध्यान रखना

[02:52:36] कि मोस्ट कॉमन एनायन कौन सा है? फास्फेट।

[02:52:39] मोस्ट कॉमन कैटायन कौन सा है? सॉरी मोस्ट

[02:52:42] कॉमन एनायन कौन सा है? अंदर फास्फेट।

[02:52:45] कैटायन कौन सा है? पोटेशियम। कैटायन बाहर

[02:52:49] कौन सा है? सोडियम एनायन बाहर कौन सा है?

[02:52:52] क्लोराइड। अब यह क्यों बताया सर आपने?

[02:52:55] एक्चुअली हम बता रहे हैं इनका पाथवे। तो

[02:52:59] सर जब

[02:53:02] जब ये आयंस आपस में एक्सचेंज करते हैं

[02:53:06] मतलब सोडियम सेल के अंदर आता है जो कि

[02:53:09] बाहर ज्यादा है और पोटेशियम सेल के बाहर

[02:53:13] जाता है। सेल के अंदर जाता है पर बाहर

[02:53:16] जाता है। मतलब जब आयंस का अंदर से बाहर

[02:53:21] एक्सचेंज होता है ना

[02:53:24] जब आयंस का सपोज़ कर लो यहां पे पोटेशियम

[02:53:27] ज्यादा है। ये बाहर जा रहा है। जब ऐसे

[02:53:30] आयंस आपस में एक्सचेंज करते हैं। जब आयन

[02:53:34] का आपस में एक्सचेंज होता है तब इसकी वजह

[02:53:38] से एक इलेक्ट्रिसिटी पैदा होती है। और उस

[02:53:41] इलेक्ट्रिसिटी की वजह से ही आपकी मसल

[02:53:45] कॉन्ट्रैक्ट करती है। या रिलैक्स करती है।

[02:53:51] मेरी बात समझ गए? कॉन्ट्रक्शन रिलैक्सेशन

[02:53:54] क्या है? हां। जब आपके आयंस जो अंदर हैं

[02:53:58] वो बाहर जा रहे हैं। बाहर वाले अंदर आ रहे

[02:54:00] हैं। जब इनका आदान-प्रदान होता है तो इनके

[02:54:03] आदान-प्रदान से एक तरीके का करंट डेवलप

[02:54:07] होता है। उसको बोलते हैं इलेक्ट्रिकल

[02:54:09] इंपल्स। और इसी की वजह से इसी छोटे-छोटे

[02:54:13] इलेक्ट्रिकल इंपल्स की वजह से ही

[02:54:15] कॉन्ट्रक्शन और रिलैक्सेशन होता है।

[02:54:20] यस

[02:54:22] एल्विन क्रिश्चियन ने बोला जी सर जी ओके

[02:54:25] इतना लंबा

[02:54:29] ओके इतनी बात समझ आई

[02:54:38] अब सुनो अब सुनो जो आगे की कहानी है अब

[02:54:43] आपने बोला सर बहुत ही इजी तो है आप एक काम

[02:54:46] करो पोटेशियम को बाहर भेज दो और और सोडियम

[02:54:50] को अंदर ले आओ तो मसल कॉन्ट्रैक्ट करने

[02:54:52] लगेगी। इतना आसान नहीं है। एक्चुअली कभी

[02:54:56] भी अगर जो आयंस जाएंगे तो वो विशेष दरवाजे

[02:55:00] से ही जाएंगे। हमारे सेल के ऊपर तीन मेन

[02:55:03] दरवाजे होते हैं। हमारी किसी भी सेल के

[02:55:06] ऊपर तीन दरवाजे होते हैं। मैं तीन दरवाजे

[02:55:09] बना रहा हूं। देखो यह तीन दरवाजे हैं। इन

[02:55:13] तीन दरवाजों का नाम है एक होता है

[02:55:19] सोडियम वाला चैनल। चैनल का मतलब गेट समझ

[02:55:22] लो, दरवाजा समझ लो, रास्ता समझ लो। दूसरा

[02:55:26] होता है पोटेशियम चैनल।

[02:55:28] और तीसरा होता है कैल्शियम चैनल। ध्यान

[02:55:32] देना।

[02:55:34] अब खास बात यह है। एक और खास बात है कि

[02:55:37] आयंस जो एक्सचेंज होते हैं ना

[02:55:42] वो हमेशा या मोस्टली

[02:55:46] हायर से लोअर की तरफ ही जाते हैं। हायर टू

[02:55:51] लोअर ही जाते हैं। हायर टू लोअर ही जाते

[02:55:55] हैं। ज्यादा से कम की तरफ ही जाते हैं।

[02:56:00] ज्यादा से कम की तरफ ही जाते हैं। मेरी

[02:56:02] बात को बहुत अच्छे से ध्यान रखना।

[02:56:21] समझ आई आपको यह बात?

[02:56:35] ओके।

[02:56:37] अब सुनो मतलब हमेशा पोटेशियम कभी अगर लीक

[02:56:41] होंगे ना तो पोटेशियम अपने चैनल से बाहर

[02:56:44] की तरफ जाएंगे क्योंकि अंदर पोटेशियम

[02:56:47] ज्यादा होते हैं। कभी बाहर से अंदर

[02:56:49] पोटेशियम नहीं आ सकते। पोटेशियम अपने चैनल

[02:56:54] से ही जाएंगे पर ज्यादा से कम की तरफ। ऐसे

[02:56:58] ही सोडियम बाहर ज्यादा होते हैं। तो बाहर

[02:57:00] ज्यादा है हमेशा यह अंदर की तरफ आएगा अपने

[02:57:03] चैनल से। बाहर ज्यादा है, मोर है, यहां कम

[02:57:08] है तो बाहर से अंदर की तरफ। ऐसे ही

[02:57:12] कैल्शियम को अगर आप देखो कैल्शियम बाहर

[02:57:15] ज्यादा मात्रा में होता है, अंदर कम होता

[02:57:17] है। तो कैल्शियम हमेशा ज्यादा से कम की

[02:57:19] तरफ आएगा और अपने ही चैनल से आएगा।

[02:57:25] मेरी बात समझ पा रहे हो क्या? मैं क्या

[02:57:28] बता रहा हूं? जब भी आप सोचोगे जब भी आप यह

[02:57:32] सोचोगे कि सर जो ये हमारी सेल है इसके

[02:57:35] अंदर कॉन्ट्रक्शन कराना है तो आप बोलोगे

[02:57:38] पोटेशियम को सेल के अंदर ले आओ ऐसा नहीं

[02:57:40] हो पाएगा पोटेशियम सेल के अंदर कुछ भी हो

[02:57:43] हमेशा ज्यादा रहता है तो ज्यादा से हमेशा

[02:57:46] कम की तरफ जाएगा

[02:57:49] अपने चैनल के थ्रू

[02:57:51] ऐसे ही सोडियम सेल के बाहर ज्यादा रहता है

[02:57:55] हमेशा वो सेल के अंदर आएगा बाहर ज्यादा

[02:57:58] रहता अपने ही चैनल के थ्रू। ऐसे ही

[02:58:01] कैल्शियम भी ज्यादा कहां रहता है? बाहर

[02:58:04] सबसे ज्यादा बाहर ही रहता है। तो कैल्शियम

[02:58:06] भी ज्यादा से कम की तरफ ही आएगा अपने चैनल

[02:58:09] के थ्रू। और जब इस तरीके से ये एक्सचेंज

[02:58:12] करेंगे तो सेल के अंदर एक तरीके की बिजली

[02:58:16] उत्पन्न होगी। यानी कि इलेक्ट्रिकल इंपल्स

[02:58:19] बनेंगे और इस करंट की अनुभूति से सेल में

[02:58:24] कॉन्ट्रैक्ट होने लगेगा। सेल आपकी रिलैक्स

[02:58:27] करने लगेगी। नॉर्मली मसल कॉन्ट्रैक्शन ऐसे

[02:58:31] ही होता है। हां, मसल कॉन्ट्रैक्शन

[02:58:33] मस्कुलो के अंदर हम देखेंगे। पर मैं थोड़ा

[02:58:36] सा आईडिया दे रहा हूं आपको कि आखिर हमारी

[02:58:39] मसल को काम करने के लिए जो एनर्जी की

[02:58:42] जरूरत है, जो लाइट की जरूरत है, जो करंट

[02:58:46] की जरूरत है, वो करंट कैसे मिलता है किसी

[02:58:48] सेल को? जब उसके आयंस एक्सचेंज करते हैं

[02:58:52] अपने-अपने चैनल के थ्रू। यह हमारी पूरी

[02:58:55] बॉडी की कोई सी भी मसल हो सकती है।

[02:58:59] मेरी बात को समझ गए क्या? अब सुनो फिर यह

[02:59:02] तो मैंने बोला। अब ऐसे ही अगर मैं हार्ट

[02:59:05] की मसल की बात करूं तो हार्ट में भी जो

[02:59:08] मसल्स होती हैं वो दो तरीके से हैं। एक तो

[02:59:11] है माता मसल। सबसे बड़ी सबसे इंपॉर्टेंट

[02:59:15] मसल जिसको बोलते हैं ऐसेनोड। और उसके

[02:59:19] अलावा ऐसे नोड के अलावा बाकी जितनी भी सेल

[02:59:23] होती हैं एक तो ऐसे नोडल सेल है। ये एक

[02:59:27] ऐसे नोड वाली सेल थोड़ी सी अलग रहती है।

[02:59:30] बाकी हमारे पूरे हार्ट में जो सेल्स रहती

[02:59:34] हैं वो लगभग एक जैसी ही रहती हैं। मेरी

[02:59:37] बात को समझ गए? यस। मेरी बात को ध्यान से

[02:59:41] सुनो। अगर आपको हार्ट का कॉन्ट्रक्शन,

[02:59:44] रिलैक्सेशन या कंडक्शन सिस्टम समझना है तो

[02:59:47] अपने दिमाग को रिलैक्स करके चुपचाप बैठो।

[02:59:49] शांति से सुनो बिना स्किप किए पानी पी लो

[02:59:53] तब भी लेकिन समझ के जाओ आज।

[02:59:58] मैंने बोला आपके हार्ट में दो तरीके की

[03:00:01] मेनली सेल होती हैं। कार्डियक सेल दो

[03:00:03] तरीके की होती है। एक है एस नोडल सेल और

[03:00:08] बाकी की जो सेल्स है ना ये जो बाकी की

[03:00:11] सेल्स है ना दोस्तों इन बाकी की सेल्स को

[03:00:15] बोला जाता है मायोकारार्डियल

[03:00:18] सेल। इन बाकी की सेल को बोला जाता है

[03:00:21] मायोकारार्डियल सेल।

[03:00:25] मायोकारार्डियल सेल। क्लियर?

[03:00:30] ओके।

[03:00:32] अब इनमें कॉन्ट्रक्शन कैसे होता है? पहले

[03:00:34] उसको देखते हैं। मैं एक बार इसको इसकी एक

[03:00:36] और छाया प्रति बना देता हूं। मैं बोल रहा

[03:00:39] हूं ऐसे आपके हार्ट में एक लाल वाली सेल

[03:00:42] है और बाकी छोटी-छोटी मायोकारार्डियल सेल

[03:00:44] हैं। ये ये बाकी छोटी-छोटी जो सेल है ये

[03:00:48] मायोकारार्डियल सेल है। एक है हमारी लाल

[03:00:51] वाली उसको बोला ऐसे नोडल सेल।

[03:00:55] दूसरी बात इनको आप ऐसा समझ लो जस्ट लाइक अ

[03:01:00] बीचिंग गर्ल। बीचिंग गर्ल मतलब समझते हो

[03:01:03] जो बहुत ज्यादा बातचीत करती है। अपनी

[03:01:05] बेस्ट फ्रेंड की चुगली अपने खतरनाक दुश्मन

[03:01:09] को भी बता सकती है। समझ लो यह गर्ल नंबर

[03:01:12] वन है। G1 ये है G2। यह है G3। यह है G4।

[03:01:20] मान लो यह G1 वाली लड़की बहुत परेशान थी।

[03:01:24] जो वन वाली लड़की है। इसने बोला इसके अंदर

[03:01:27] कुछ मन की परेशानियां तो जी2 वाली लड़की

[03:01:30] इसके पास गई और जीवन लव वाली लड़की को

[03:01:33] बोला अरे बताओ बहन तुम्हें क्या दिक्कत

[03:01:35] है? मैं किसी को नहीं बताऊंगी। तुम्हें तो

[03:01:38] पता है मेरी जुबान कभी किसी के सामने

[03:01:40] खुलती ही नहीं है और वैसे भी मैं तो

[03:01:43] तुम्हारी सबसे बेस्ट वाली दोस्त हूं।

[03:01:46] ऐसा बताया तो जीवन वाली ने सोचा यार ये

[03:01:50] बात तो बड़ी मीठी-मीठी कर रही है और

[03:01:52] लड़कियां थोड़ी इमोशनल होती हैं। उनको

[03:01:55] थोड़ा सा सपोर्ट चाहिए। तो जैसे ही G1

[03:01:59] वाली लड़की ने अपनी बातें G2 को बताई, G2

[03:02:02] ने वो G3 को, G4 को, G5 को, G6 को बता दी।

[03:02:06] थोड़ी देर में पूरे डिस्ट्रिक्ट को पता लग

[03:02:08] गया। अगले दिन पूरे स्टेट को और तीन दिन

[03:02:12] के अंदर राष्ट्रीय छुट्टी घोषित हो गई।

[03:02:15] ऐसे ही मायोकारार्डियल सेल भी होती हैं।

[03:02:18] अगर कोई भी बात इसको पता चलेगी तो यह इसको

[03:02:22] बता देगा, यह इसको बता देगा, यह इसको बता

[03:02:25] देगा। और किस रास्ते से बताएगा? इनके बीच

[03:02:28] में जो जॉइंट होता है उसे क्या बोलते हैं?

[03:02:32] उसे बोलते हैं गैप जंक्शन।

[03:02:35] उसे क्या बोलते हैं? गैप जंक्शन। अब सर

[03:02:38] कोई बोलेगा सर आपने क्लास में ही यह बात

[03:02:42] मतलब गर्ल्स वाली बात बोल दी। नहीं नहीं

[03:02:44] मुझे लड़कियों से इसमें कोई कुंदक नहीं

[03:02:45] है। आजकल लड़के भी ऐसे हैं। ठीक है? उनकी

[03:02:50] प्रवृत्ति भी सेम हो चुकी है। तो ऐसा कोई

[03:02:52] डिफरेंस नहीं है कि लड़कियां ही चुगली

[03:02:54] करती हैं। लड़के बहुत ही अच्छे होते हैं।

[03:02:56] ऐसा नहीं है आजकल हर जगह सेम है। ठीक है?

[03:03:00] ऐसा ही हमारे हार्ट के अंदर भी होता है।

[03:03:03] अगर एक सेल को करंट मिलेगा तो वो दूसरे

[03:03:06] सेल को पास कर देगा। तीसरे सेल को, चौथे

[03:03:08] सेल को, पांचवें सेल को। सपोज करो आप किसी

[03:03:12] तार से चिपक गए हो और आपकी सबसे खराब

[03:03:15] दुश्मन वाली जो दोस्त जिसके सामने आप

[03:03:18] ज्यादा बोलते नहीं हो ना जो हर बात पर

[03:03:20] आपको टोक देती है कॉलेज में बहुत ज्यादा

[03:03:22] बनती है और उसका सिलेक्शन भी हो गया आपका

[03:03:25] नहीं हुआ आपको जेलसी हो रही है उससे और आप

[03:03:28] जा रहे थे कहीं इंटरव्यू देने अचानक से

[03:03:30] आपका आप तार पर चिपक गए वहां करंट आ रहा

[03:03:33] था बारिश की वजह से आपने एक तार पकड़ा उस

[03:03:36] पे आप चिपक गए तो आप मर तो रहे हो पर आपका

[03:03:40] मन करेगा, "अरे बहन, मुझे बचा ले। कुछ

[03:03:42] नहीं होगा, कुछ नहीं होगा। आप उसी का हाथ

[03:03:44] पकड़ोगे, उसको करंट लग जाएगा। फिर वह किसी

[03:03:46] तीसरे का हाथ पकड़ेगी। उसको करंट लगेगा।

[03:03:49] तो, करंट ऐसे पास हो सकता है। ऐसे ही आपके

[03:03:53] हार्ट में भी करंट पास होता है। ऐसे नोड

[03:03:57] ने अगर एक को करंट दिया, तो पूरे हार्ट

[03:03:59] में फैल जाएगा, जनरलाइज हो जाएगा। वापस

[03:04:03] आते हैं अपने टॉपिक पे।

[03:04:05] तो सबसे पहला सवाल यह है कि सर पहले तो

[03:04:09] मायोकारार्डियल सेल के बारे में बता दो।

[03:04:11] यह हार्ट की मायोकारार्डियल सेल है और

[03:04:14] सारी सेल की तरह इसमें भी तीन तरीके के

[03:04:19] चैनल हैं। कैल्शियम चैनल, पोटेशियम चैनल

[03:04:24] और है तीसरा चैनल सोडियम चैनल। नाम लिख

[03:04:28] देता हूं मैं। सर एक है सोडियम वाला चैनल,

[03:04:33] एक है पोटेशियम वाला चैनल, एक है कैल्शियम

[03:04:35] वाला चैनल।

[03:04:37] सपोज कर लो यह कोई मायोकारार्डियल सेल है।

[03:04:41] तो जिस समय आपका हार्ट रेस्ट वाली कंडीशन

[03:04:44] में होता है ना, जब वो कुछ नहीं करता, तो

[03:04:47] रेस्ट वाली कंडीशन के अंदर कोई भी आयन का

[03:04:51] एक्सचेंज नहीं होता। नो आयंस एक्सचेंज।

[03:04:57] कोई भी आयन का एक्सचेंज नहीं होता। मतलब

[03:05:02] अगर आप देखोगे तो यहां पर आपको जो दिखेगा

[03:05:06] पॉजिटिव नेगेटिव पॉजिटिव नेगेटिव ऐसा ही

[03:05:09] दिखेगा।

[03:05:10] सर आयन का एक्सचेंज क्यों नहीं होता रेस्ट

[03:05:13] के टाइम पे? क्योंकि जो तीनों चैनल है ना

[03:05:16] ऑल थ्री चैनल जो तीनों चैनल होते हैं ना

[03:05:20] वो तीनों चैनल रेस्ट के टाइम पे क्लोज्ड

[03:05:23] रहते हैं। वो तीनों रेस्ट के टाइम पे पूरी

[03:05:28] तरीके से क्लोज्ड होते हैं।

[03:05:31] वो तीनों पूरी तरीके से रेस्ट के टाइम पर

[03:05:34] क्लोज्ड होते हैं। बंद होते हैं।

[03:05:38] समझ गए मेरी बात को?

[03:05:41] यस।

[03:05:42] ओके।

[03:05:44] अब अगर आपको इतनी बात समझ में आ गई है

[03:05:46] थोड़ी और बात भी समझ में आ कैसे

[03:05:58] लेकिन सर जब आप इसके अंदर का करंट नापोगे

[03:06:01] ना तो ये जीरो नहीं होगा जीरो नहीं होगा

[03:06:05] जीरो होना चाहिए था ना कोई लाइट बाहर जा

[03:06:08] रही है ना कोई अंदर आ रही है तो इसके अंदर

[03:06:10] करंट भी जीरो होना चाहिए क्योंकि जब

[03:06:13] आदानप्रदान नहीं होगा तो करंट जीरो। पर आप

[03:06:16] देखोगे रेस्ट के टाइम पे इसके अंदर

[03:06:20] रेस्टिंग पोटेंशियल मेंब्रेन इसकी यूनिट

[03:06:23] है। करंट की यूनिट है रेस्टिंग पोटेंशियल

[03:06:26] मेंब्रेन।

[03:06:29] आरएमपी इसको बोलते हैं। वो होता है -90

[03:06:33] मिली वोल्ट। अब दिमाग घूम गया। सर जब यहां

[03:06:37] लाइट थी ही नहीं तो माइनस में क्यों आया?

[03:06:41] ना माइनस में आना चाहिए ना प्लस में। यहां

[03:06:44] तो बराबर पॉजिटिव बराबर नेगेटिव होंगे।

[03:06:46] हां सर जिस समय रेस्ट करता है बराबर

[03:06:49] पॉजिटिव बराबर नेगेटिव होते हैं।

[03:06:52] और कोई आयन का एक्सचेंज भी नहीं हो रहा

[03:06:54] था। तो इसके अंदर का सेल के अंदर का मैं

[03:06:56] करंट नापूंगा तो ज़ीरो आना चाहिए। पर सर

[03:06:59] ज़ीरो नहीं आता। क्या आता है? रेस्ट के

[03:07:02] टाइम पे इसके अंदर का RMP बोलते हैं इसको।

[03:07:06] करंट को नापते हैं। करंट अगर मैं इसके

[03:07:09] अंदर नापता हूं तो -90 मिली वोल्ट आता है।

[03:07:13] सर -90 मिली वोल्ट क्यों?

[03:07:18] -90 मिली वोल्ट क्यों? एक्चुअल में क्या

[03:07:21] है? रेस्ट के टाइम पर चैनल तो सारे बंद

[03:07:24] होते हैं। तीनों चैनल बंद होते हैं। पर जो

[03:07:28] मेंब्रेन है ना वो पोटेशियम को लीक करती

[03:07:30] रहती है। जो सेल की मेंब्रेन है ना वो

[03:07:33] पोटेशियम को लीक करती रहती है। रेस्ट के

[03:07:35] टाइम पे अंदर पॉजिटिव नेगेटिव बराबर होते

[03:07:38] हैं। पर कुछ समय बाद आप देखोगे तो यहां

[03:07:41] -90 दिखेगा आपको। क्यों दिखेगा? क्योंकि

[03:07:44] पॉजिटिव धीरे-धीरे लीक हो जाता है और

[03:07:47] फास्फेट की संख्या बढ़ जाती है। सपोज छह

[03:07:50] फास्फेट हैं और केवल दो-तीन ही पॉजिटिव

[03:07:53] है। तो आप देखोगे रेस्ट के समय जो

[03:07:57] मायोकारार्डियल सेल है उसके अंदर जो करंट

[03:08:00] का लेवल रहता है -90 मिली वोल्ट।

[03:08:06] अब अगर आपको इतनी बात समझ आ गई है।

[03:08:10] कितना हुआ टाइम? हां पी सकता हूं मैं।

[03:08:16] अब आपको यह बात समझ में आ गई है तो मैं

[03:08:18] आपको एक बात बताऊं। अच्छा रेस्ट पे थी

[03:08:21] मैंने बोला तीनों उसके क्लोज है। अब लेकिन

[03:08:25] आपको आयन को पॉजिटिव तो करना पड़ेगा। अगर

[03:08:29] इसके अंदर करंट देना है। करंट नहीं दोगे

[03:08:31] तो सेल तो मर गई। सेल को कॉन्ट्रैक्ट तो

[03:08:34] करना पड़ेगा। हार्ट की सेल है और

[03:08:37] कॉन्ट्रैक्ट करने के लिए पॉजिटिव चाहिए।

[03:08:40] और पॉजिटिव चाहिए तो पॉजिटिव एक ही कंडीशन

[03:08:43] में जा सकते हैं। बाहर से सोडियम पॉजिटिव

[03:08:46] आएगा अंदर तो ही सेल पॉजिटिव हो सकती है।

[03:08:50] बाहर से सोडियम अगर अंदर आएगा तो ही

[03:08:53] पॉजिटिव हो सकती है। तो सर बाहर से कैसे

[03:08:57] पॉजिटिव होगा? कैसे पॉजिटिव होगा? बताओ।

[03:09:02] क्लोज है। अंदर -90 मिली वोल्ट है। पर अब

[03:09:07] मुझे सेल को पॉजिटिव करना है। नेगेटिव हो

[03:09:10] रखी थी। सेल को पॉजिटिव करने को ही

[03:09:13] कार्डियो में बोलते हैं डीपोलराइजेशन।

[03:09:17] जब सेल पॉजिटिव होगी, डीपोलराइज होगी तभी

[03:09:20] तो कॉन्ट्रैक्ट होगी।

[03:09:24] ओके सर

[03:09:27] तो उसके लिए आपको सिंपल सी एक बात है अगर

[03:09:30] आपको सेल के अंदर पॉजिटिव लाने हैं तो

[03:09:33] आपको सोडियम चैनल को खोलना पड़ेगा। यू हैव

[03:09:36] टू ओपन सोडियम चैनल।

[03:09:39] हां सर बिल्कुल बहुत आसान है। सोडियम चैनल

[03:09:42] को ओपन कर देते हैं। बट सोडियम चैनल ओपन

[03:09:46] होने की एक शर्त है।

[03:09:50] सोडियम चैनल तभी ओपन होगा ओनली व्हेन

[03:09:55] जब आपका आर एमपी

[03:09:58] -70 मिली वोल्ट होगा। तभी आपका सोडियम

[03:10:02] चैनल खुलेगा। सर एक बार दोबारा बताओ। मैं

[03:10:06] दोबारा बताता हूं। जब हमारी सेल रेस्ट में

[03:10:09] होती है तो रेस्ट के टाइम पर इसका जो आप

[03:10:13] करंट नापोगे तो करंट इसके अंदर आएगा -90

[03:10:18] मिली वोल्ट। सारे तीनों चैनल बंद हैं। अब

[03:10:22] मुझे कुछ समय बाद सेल को पॉजिटिव अगर करना

[03:10:24] है तो बाहर से पॉजिटिव डालने पड़ेंगे और

[03:10:27] बाहर से एक ही रास्ते से पॉजिटिव आ सकते

[03:10:30] हैं। सोडियम चैनल को ओपन कर दूंगा या

[03:10:32] कैल्शियम चैनल को ओपन कर दूंगा। पर सोडियम

[03:10:35] चैनल को ओपन करने की एक शर्त है। सोडियम

[03:10:39] चैनल तभी ओपन होगा जब रेस्टिंग मेंब्रेन

[03:10:42] पोटेंशियल -70 होगा।

[03:10:46] तो सर लेकिन -70 होने के लिए तब भी तो सेल

[03:10:50] को कुछ पॉजिटिव चाहिए।

[03:10:56] तब यह -70 होगा। तो यह जो एक दो पॉजिटिव

[03:11:00] हैं यह तो हमें चाहिए ही। यह कहां से

[03:11:02] लाएंगे? जैसे बैंक ने बोला अगर आपके पास

[03:11:05] ₹10,000 हैं तो मैं आपको ₹00 का लोन दे

[03:11:07] दूंगा। भैया जब होते तो बैंक से लोन क्यों

[03:11:11] लेते? पर बैंक की ये शर्त है आपके पास

[03:11:13] 10,000 होने चाहिए तो आप क्या करोगे?

[03:11:16] 10,000 तो आप किसी से उधार भी ले सकते हो।

[03:11:18] आप नहीं ले सकते। ₹10 मान लेते हैं। अभी

[03:11:21] बेरोजगार हो तो शायद कम लोग देंगे आपको।

[03:11:28] नहीं।

[03:11:33] यस। अब क्या होता है? जब हमको कुछ मात्रा

[03:11:37] में पॉजिटिव चाहिए तब हम मदद लेते हैं

[03:11:41] अपने पड़ोसी की कि भैया देख मेरा एक लॉन

[03:11:46] आने वाला है। तू मुझे हल्का सा बस दो

[03:11:48] सोडियम दे दे

[03:11:51] जिससे मेरा मैं थोड़ा पॉजिटिव हो जाऊं और

[03:11:54] मेरा आरएमपी

[03:11:57] -70 हो जाए। जैसे ही -70 होगा मेरा सोडियम

[03:12:01] खुल जाएगा और मेरा लोन मुझे मिल जाएगा।

[03:12:05] समझे मेरी बात को? यस। मैं दोबारा बता रहा

[03:12:08] हूं।

[03:12:10] सर नॉर्मली क्या रहती है? हमारी सेल के

[03:12:12] तीनों चैनल बंद रहते हैं। ठीक है? और सेल

[03:12:15] अंदर रहती है -90।

[03:12:18] अब अगर आपको पॉजिटिव करना है, तो आपको

[03:12:20] सोडियम चैनल को ओपन करना होगा। पर सोडियम

[03:12:24] चैनल तभी ओपन होगा जब आपका रेस्टिंग

[03:12:27] मेंब्रेन पोटेंशियल

[03:12:29] थोड़ा सा -70 मिली वोल्ट होगा। -70 का

[03:12:33] मतलब -90 में कुछ पॉजिटिव देने पड़ेंगे

[03:12:37] आपको।

[03:12:41] बेरोजगार बेइज्जती साथ-साथ में अरे

[03:12:44] बेइज्जती नहीं मतलब यह तो सत्य है। मुझे

[03:12:46] भी नहीं देता था कोई। ₹10 नहीं देते थे।

[03:12:49] तुम तो 10,000 की बात कर रहे हो। ₹10 भी

[03:12:52] नहीं देते थे। ऐसा नहीं कि मैं लौटाता

[03:12:55] नहीं। अब मेरी नौकरी लग जाती तो मैं

[03:12:57] लौटाता ही ना। लेकिन बुरे समय में कोई

[03:13:01] नहीं देता।

[03:13:04] यस। तो अब मुझे इस सोडियम को अगर थोड़ा सा

[03:13:09] भी पॉजिटिव मिल गया जो मिल जाता है किससे?

[03:13:12] ऐसे नोड से। ऐसे नोड थोड़ा सा पॉजिटिव दे

[03:13:16] देती है मायोकारार्डियल सेल को। जिससे वो

[03:13:19] -70 पे पहुंच जाता है और सोडियम चैनल ओपन

[03:13:23] हो जाता है। इसके अंदर पॉजिटिविटी आ जाती

[03:13:25] है।

[03:13:27] मतलब यहां पे लिख रहा हूं। तीसरी बार में

[03:13:30] लिख रहा हूं। ध्यान से देखो। ध्यान से

[03:13:33] देखो मैं क्या लिख रहा हूं। अगर आपको

[03:13:37] डीपोलराइजेशन करवाना है किसी रेस्ट वाली

[03:13:40] सेल में तो डीपोलराइजेशन करवाने के लिए

[03:13:44] आपको आरएमपी करना पड़ेगा -70।

[03:13:48] क्योंकि RMP -70 तभी होगा जब आपके पास सम

[03:13:53] पॉजिटिव आयंस होंगे और वह सम पॉजिटिव आयन

[03:13:56] आप कहां से लोगे? ऐसे नोड से लोगे। तो

[03:14:00] आपने ऐसे नोट से उधार लिया -70 पर पहुंचे

[03:14:05] तो जैसे ही ऐसे नोट से आपने उधार लिया

[03:14:07] आपका आरएमपी हो गया -70 और जैसे ही -70

[03:14:12] हुआ जैसे ही -70 हुआ तो -70 होने से

[03:14:17] सोडियम वाला जो चैनल है ना वह ओपन हो गया।

[03:14:22] और जब सोडियम वाला चैनल ओपन हुआ तो धड़ाके

[03:14:26] से अंदर पॉजिटिविटी आने लग गई।

[03:14:30] और जब पॉजिटिविटी आती है सेल के अंदर

[03:14:33] सोडियम चैनल आने सेल के अंदर पॉजिटिव इसी

[03:14:37] कहानी को बोलते हैं डीपोलराइजेशन।

[03:14:42] मतलब हमारे सेल एक सेल डीपोलराइज होती है

[03:14:46] तो सारी सेल डीपोलराइज हो जाती हैं।

[03:14:50] समझ गए इस बात को? सारी सेल डीपोलराइज हो

[03:14:54] जाती हैं। सारी की सारी सेल डीपोलराइज हो

[03:14:57] जाती है। क्लियर?

[03:15:00] अब मेरी सारी सेल मान लो मेरा सोडियम चैनल

[03:15:04] ओपन था तो सोडियम चैनल के ओपन होने से

[03:15:07] मेरी पूरी सेल यह मेरी मायोकारार्डियल सेल

[03:15:09] थी। ये पूरी पॉजिटिव हो गई। जब पॉइंट नंबर

[03:15:13] टू कंप्लीट डीपोलराइज हो जाती है। जब

[03:15:17] कंप्लीटली डीपोलराइज हो जाती है तो

[03:15:20] कंप्लीट डीपोलराइज होने के बाद क्या

[03:15:23] सोडियम चैनल की जरूरत है? नहीं। तो

[03:15:26] कंप्लीट डीपोलराइज होने के बाद सोडियम

[03:15:28] चैनल वापस से क्लोज हो जाता है। क्या हो

[03:15:32] जाता है? सोडियम चैनल वापस से बंद हो

[03:15:34] जाएगा। सोडियम चैनल वापस से बंद हो जाएगा।

[03:15:38] और जब सोडियम चैनल वापस से बंद होगा,

[03:15:44] सोडियम चैनल वापस से बंद होगा तो इस समय

[03:15:50] सोडियम चैनल के बंद होने से कोई दूसरा

[03:15:52] चैनल ओपन हो जाता है। याद रखने वाली बात

[03:15:56] यहां से पोटेशियम ओपन हो जाता है।

[03:15:58] पोटेशियम चैनल ओपन। अब मुझे बताओ अगर

[03:16:02] पोटेशियम चैनल ओपन हो गया तो क्या होगा?

[03:16:08] यस

[03:16:22] पोटेशियम चैनल ओपन हो गया। मुझे समझ आ गई

[03:16:25] बात। पोटेशियम चैनल

[03:16:28] अगर ओपन हो गया तो क्या होगा? पोटेशियम

[03:16:31] चैनल ओपन होने से क्योंकि हार्ट अंदर

[03:16:35] पोटेशियम ज्यादा है। पोटेशियम उड़ जाता है

[03:16:38] बाहर की तरफ और अंदर वापस से नेगेटिविटी

[03:16:42] आने लग जाती है। जब नेगेटिविटी आती है

[03:16:45] हल्की सी इसको बोलते हैं अर्ली

[03:16:48] रिपोलराइजेशन।

[03:16:49] क्या बोलते हैं इसको? अर्ली रिपोलराइजेशन।

[03:16:54] इसको बोलते हैं सर अर्ली रिपोलराइजेशन।

[03:16:59] यस यस यस।

[03:17:01] वेरी गुड।

[03:17:03] मतलब मैंने क्या बोला दोबारा से सुनो। जब

[03:17:06] मेरा हार्ट था जब मेरा हार्ट था ना वो

[03:17:10] रेस्ट में था। उसका -90 मिली वोल्ट था।

[03:17:13] क्या रेस्टिंग मेंब्रेन पोटेंशियल? तो

[03:17:16] मैंने बोला यार ऐसे नोड से उधार ले लो।

[03:17:19] ऐसे नोड ने थोड़ा सा हेल्प करी तो -70 पे

[03:17:22] पहुंच गया। -70 पे पहुंचते ही यहां पे

[03:17:26] सोडियम चैनल खुल गया। तो सोडियम चैनल

[03:17:29] खुलने से पॉजिटिविटी आते गई आते गई इसको

[03:17:32] मैंने बोला डीपोलराइजेशन

[03:17:35] और जब मैक्सिमम डीपोलराइजेशन हो गया

[03:17:38] कंप्लीट डीपोलराइजेशन हो गया तो वहां पे

[03:17:42] सोडियम चैनल हमारा हो जाता है क्लोज

[03:17:45] और सोडियम चैनल के क्लोज होते ही आपका

[03:17:49] पोटेशियम ओपन हो जाता है और पोटेशियम ओपन

[03:17:52] होने से नेगेटिव बढ़ने लग जाता है सेल के

[03:17:54] अंदर और एक हल्की सी नीचे को लाइन दिखेगी

[03:17:58] गी आपको ऐसे इस हल्की सी लाइन को बोलते

[03:18:02] हैं अर्ली रिपोलराइजेशन।

[03:18:06] रिपोलराइजेशन का मतलब नेगेटिव होना।

[03:18:09] रिपोलराइजेशन का मतलब नेगेटिव होना नीचे

[03:18:13] की तरफ।

[03:18:15] क्लियर? अब जैसे ही नेगेटिव होगा

[03:18:20] जैसे ही नेगेटिव हुआ। देखो इधर जैसे ही

[03:18:23] नेगेटिव हुआ पोटेशियम उड़ने लग गया। उतने

[03:18:25] में तीसरा चैनल खुल गया। कैल्शियम और

[03:18:28] कैल्शियम बाहर ज्यादा होता है तो अंदर

[03:18:30] वापस से वह पॉजिटिव लाने लग गया। बाहर

[03:18:33] पॉजिटिव लॉस हो रहा है। अंदर उतने ही

[03:18:36] पोटेशियम कैल्शियम आ रहे हैं।

[03:18:39] मेरी बात को समझ पा रहे हो? अरे मैंने

[03:18:42] क्या बोला? देखो दोबारा से देखो। दोबारा

[03:18:45] से देखो। मैंने सिर्फ इतना बोला। यह आपकी

[03:18:49] एक सेल है। इस पे एक चैनल जो था सोडियम वो

[03:18:52] तो क्लोज हो गया था। क्योंकि सारा पॉजिटिव

[03:18:55] हो गया था। पॉजिटिव होते ही पोटेशियम खुल

[03:18:57] गया। पोटेशियम ने यहां नेगेटिव ज्यादा

[03:18:59] होने लग गया। ऐसा किसी ने देखा और उसने

[03:19:03] तीसरा चैनल खोल दिया कैल्शियम। अब सपोज

[03:19:05] करो दो पॉजिटिव बाहर जा रहे हैं तो दो

[03:19:08] पॉजिटिव अंदर आ रहे हैं। मतलब इक्वल वाली

[03:19:11] स्टेज आ जाती है। मतलब इक्वल वाली स्टेज आ

[03:19:15] जाती है। तो अर्ली डीपोलराइजेशन के बाद

[03:19:18] सडन

[03:19:21] कैल्शियम चैनल ओपन विद पोटेशियम चैनल।

[03:19:26] पोटेशियम चैनल के साथ-साथ कैल्शियम चैनल

[03:19:28] भी खुल जाता है। नाउ पोटेशियम का लॉस होता

[03:19:32] है तो कैल्शियम का गेन हो जाता है। मतलब

[03:19:36] दोनों चीजें इक्वल हो जाती हैं। ना लॉस ना

[03:19:42] नो लॉस नो प्रॉफिट वाली स्टेज पे आ जाता

[03:19:45] है कंडीशन।

[03:19:47] मतलब इलेक्ट्रिक करंट पे कोई फर्क नहीं

[03:19:50] पड़ेगा।

[03:19:52] ऐसी कंडीशन जहां पर पोटेशियम लॉस हो रहा

[03:19:56] हो और कैल्शियम गेन हो रहा हो। एक सीधी

[03:20:00] लाइन देखने को मिलेगी। इस सीधी लाइन को हम

[03:20:03] बोलते हैं प्लैट्यू स्टेज।

[03:20:06] इसको बोलते हैं प्लैट्यू स्टेज। क्या

[03:20:09] बोलते हैं इसको? प्लैट्यू स्टेज।

[03:20:11] इक्विलिब्रियम वाली स्टेज।

[03:20:16] अब कुछ देर तक यहां तक खुला रहता है।

[03:20:18] लेकिन अचानक से यहां पर कैल्शियम चैनल

[03:20:21] वापस से क्लोज हो जाता है।

[03:20:24] नाउ यहां पे देखो जो मैंने लिखा है। यहां

[03:20:27] पे इक्वल आया। इक्वल वाली फेस को हमने बोल

[03:20:30] दिया प्लैट्यू वाली फेस। प्लैट्यू फेस। अब

[03:20:33] प्लैट्यू फेस जब आई इसके बाद दोबारा से

[03:20:37] कैल्शियम चैनल क्लोज। दोबारा से कैल्शियम

[03:20:40] चैनल क्लोज हो जाता है। नाउ ओनली पोटेशियम

[03:20:44] लॉस। अब केवल पोटेशियम का लॉस होगा। सेल

[03:20:48] बिकम नेगेटिव और सेल नेगेटिव होती चली

[03:20:51] जाएगी। सेल नेगेटिव होती चली जाएगी। अरे

[03:20:54] जब पोटेशियम ली अब ये दोबारा से मैंने अगर

[03:20:57] मैं इसको यहां पे बनाऊं यहां पे बनाऊं तो

[03:21:00] दोनों चैनल सोडियम भी कैल्शियम भी बंद हो

[03:21:03] गए। केवल लॉस ही लॉस हो रहा है। तो अंदर

[03:21:06] नेगेटिविटी बढ़ने लगेगी ना। प्लैट्यू फेस

[03:21:09] के बाद अंदर नेगेटिविटी बढ़ने लग जाती है।

[03:21:12] इसीलिए नेगेटिविटी में हमेशा ग्राफ नीचे

[03:21:15] को बनता है। और इस कंडीशन को बोलते हैं

[03:21:18] रिपोलराइजेशन।

[03:21:20] इस कंडीशन को बोलते हैं रिपोलराइजेशन।

[03:21:24] और नेगेटिव होते अचानक से जब वह पूरी तरह

[03:21:29] से बराबर नेगेटिव और बराबर पॉजिटिव वाली

[03:21:32] स्टेज में पहुंच जाता है, वापस से तीनों

[03:21:35] चैनल बंद हो जाते हैं। पोटेशियम भी बंद हो

[03:21:38] जाएगा लीक होते-होते और यह भी लीक हो

[03:21:40] जाएगा और -90 पे पहुंच जाएगा। जब तीनों

[03:21:44] चैनल वापस से बंद हो जाते हैं तो वापस वह

[03:21:48] रेस्ट वाली कंडीशन में -90 पर पहुंच जाता

[03:21:51] है। फिर उसको ऐसे नोड थोड़ा सा सप्लाई

[03:21:54] करता है। सोडियम चैनल खुलेगा फिर सारा

[03:21:57] पॉजिटिव आएगा तो डीपोलराइजेशन। फिर उसके

[03:22:00] बाद सोडियम चैनल बंद हुआ तो पोटेशियम का

[03:22:03] लॉस हुआ तो नीचे को आ गया अर्ली

[03:22:05] रीपोलराइजेशन। उसके बाद पोटेशियम और

[03:22:08] कैल्शियम दोनों खुले। पोटेशियम लॉस हो रहा

[03:22:11] है तो कैल्शियम अंदर आ रहा है। तो एक सीधी

[03:22:13] स्टेज आई इक्विलिब्रियम वाली उसको बोला

[03:22:15] प्लैट्यू स्टेज। प्लैट्यू स्टेज कुछ देर

[03:22:18] चलती है। कैल्शियम वापस बंद हो जाता है।

[03:22:21] केवल पोटेशियम का लॉस होता है। नेगेटिव

[03:22:23] नेगेटिव नेगेटिव नेगेटिव। उसको बोलते हैं

[03:22:25] रिपोलराइजेशन। जब नेगेटिव पॉजिटिव बराबर

[03:22:28] हो जाएं। तीनों चैनल बंद हो जाएं। वापस से

[03:22:31] रेस्ट पे आ जाता है।

[03:22:34] वापस से रेस्ट पे आ जाता है। इस कंडीशन को

[03:22:37] बोलते हैं कार्डियक साइकिल।

[03:22:41] समझ गए? इस कंडीशन को बोलते हैं कार्डियक

[03:22:44] साइकिल।

[03:22:48] यस यस यस। इस कंडीशन को क्या बोल रहे हैं?

[03:22:52] कार्डियक साइकिल बोल रहे हैं दोस्तों।

[03:22:56] इस कंडीशन को बोल रहे हैं कार्डियक

[03:22:59] साइकिल।

[03:23:02] एक बार मैं पूरा का पूरा प्रोसेस दोबारा

[03:23:05] से समझा रहा हूं। यह हमारी मायोकारार्डियल

[03:23:08] सेल है। इसमें तीनों चैनल बंद रहते हैं।

[03:23:12] यह रेस्ट पे है। इसका अंदर -90 मिली वोल्ट

[03:23:16] रहता है। क्लियर? अब मुझे इसे पॉजिटिव

[03:23:19] करना है। तो एक चैनल को खोलना पड़ेगा

[03:23:22] सोडियम चैनल। और सोडियम चैनल को खोलने के

[03:23:26] लिए कौन देता है इसे एनर्जी? थोड़ा ऐसे नोड

[03:23:28] देगा जिससे ये -70 पे पहुंच जाएगी।

[03:23:33] जैसे ही ये -70 पे पहुंची सोडियम चैनल ओपन

[03:23:36] हो गया। सोडियम चैनल के ओपन होते ही इसके

[03:23:40] अंदर पॉजिटिविटी भरने लग गई बहुत ज्यादा।

[03:23:44] सोडियम चैनल के ओपन होते ही इसको बोला

[03:23:47] डीपोलराइजेशन।

[03:23:50] अब जैसे कंप्लीट भर गया जब पूरी तरीके से

[03:23:54] भर गया।

[03:24:01] जब पूरी तरीके से भर गया यह

[03:24:05] जब पूरी तरीके से भर गया यह

[03:24:11] तो क्या हुआ? सोडियम चैनल बंद पोटेशियम

[03:24:14] चैनल ओपन तो पोटेशियम ने वापस इसको

[03:24:17] नेगेटिव करना शुरू कर दिया। हल्का सा

[03:24:19] नेगेटिव हुआ ही था। इसको बोल दिया अर्ली

[03:24:22] रिपोलराइजेशन क्योंकि पोटेशियम का लीक हो

[03:24:25] रहा है। जैसे पोटेशियम का लीक होने लगा

[03:24:28] वैसे ही अचानक से कैल्शियम भी खुल गया।

[03:24:31] कैल्शियम अंदर आ रहा है। पोटेशियम बाहर जा

[03:24:33] रहा है। इसको बोला इक्विलिब्रियम यानी कि

[03:24:35] प्लैट्यू स्टेज। जब बराबर वाली स्टेज आई

[03:24:39] थोड़ी देर में कैल्शियम बंद ही हो गया।

[03:24:41] केवल पोटेशियम ही लॉस हो रहा है। तो इस

[03:24:44] स्टेज को बोल दिया रिपोलराइजेशन

[03:24:47] नेगेटिव होने लग जाता है। और जब कंप्लीटली

[03:24:50] -90 पे पहुंच जाएगा तीनों चैनल बंद हो

[03:24:53] जाएंगे तो वापस आ गया रेस्ट वाली स्टेज

[03:24:55] में और फिर से यही साइकिल चलेगा।

[03:25:01] मतलब अगर आपसे कोई पूछे कि मायोकारार्डियल

[03:25:05] सेल में कौन-कौन सी फज़ चलती हैं? आप

[03:25:08] बोलोगे सर -70 करने के लिए ऐसे नोड की

[03:25:12] हेल्प लेता है कोई भी मायोकारार्डियल सेल

[03:25:14] उसके बाद जब उसका सोडियम चैनल खुलता है तो

[03:25:18] वो पॉजिटिव होता चला जाता है जिसको बोलते

[03:25:21] हैं डीपोलराइजेशन

[03:25:23] लेकिन जैसे ही सोडियम चैनल क्लोज होगा और

[03:25:27] पोटेशियम ओपन होगा नेगेटिविटी बढ़ेगी

[03:25:30] हल्का सा नीचे आएगा इसको बोलते हैं अर्ली

[03:25:33] रिपोलराइजेशन

[03:25:35] नेगेटिव होने को बोलते हैं अर्ली की

[03:25:37] रिपोलराइजेशन

[03:25:38] नेगेटिव होने के थोड़ी देर में ही अब जैसे

[03:25:42] जितना पोटेशियम लॉस हो रहा है ना उतना ही

[03:25:45] कैल्शियम गेन हो रहा है। तो एक सीधी लाइन

[03:25:48] आती है। एक ऐसे सीधी लाइन आती है। इसको

[03:25:52] बोलते हैं प्लैट्यू वाली स्टेज।

[03:25:56] लेकिन प्लैट्यू स्टेज के अंत में दोबारा

[03:25:59] से कैल्शियम चैनल क्लोज हो जाता है।

[03:26:01] पोटेशियम अभी भी ओपन रहता है। तो

[03:26:04] नेगेटिविटी बढ़ने लग जाएगी। तो नीचे को

[03:26:06] लाइन आएगी। इसको बोलते हैं रिपोलराइजेशन।

[03:26:10] और जब यह -90 पर पहुंच जाएगा तब वही रेस्ट

[03:26:14] वाली स्टेज आ जाएगी। ईट स्लीप रेस्ट एंड

[03:26:17] रिपीट।

[03:26:21] आई होप यहां तक मैं क्लियर हूं। तो यह थी

[03:26:24] दोस्तों कार्डियक साइकिल।

[03:26:27] यह थी दोस्तों कार्डियक साइकिल जो आपको

[03:26:29] समझ में आनी चाहिए ही चाहिए।

[03:26:34] क्लियर है? अब आगे बढ़े।

[03:26:40] कार्डियक साइकिल खत्म। आगे बढ़े। अब सुनो।

[03:26:45] अब सुनो। जो हार्ट में करंट बहता है ना जो

[03:26:49] हमने अभी कंडक्शन सिस्टम में पढ़ा था।

[03:26:52] किससे पढ़ा था? पहले तो यह बता दो।

[03:26:58] ऐसे नोड से शुरू होता है। जो करंट अभी

[03:27:01] बना। फिर वह कहां गया? एट्रिया की सेल में

[03:27:04] गया।

[03:27:07] एट्रिया की सेल में करंट आया। उसके बाद वो

[03:27:10] कहां गया? एवी नोडल सेल में गया।

[03:27:14] एवी नोडल सेल से वो बंडल ऑफ हिज में जाता

[03:27:17] है। और सबसे पहले बंडल ऑफ हिज होते हैं इस

[03:27:20] पार्ट में इसको बोलते हैं सेप्टम। और

[03:27:23] सेप्टम के दोनों तरफ ये जो लगे हुए हैं ना

[03:27:25] यह सेप्टम की सेल है। सबसे पहले अगर कहीं

[03:27:29] कॉन्ट्रक्शन जाएगा तो इन सेल में जाएगा।

[03:27:32] इनको बोलते हैं सेप्टम।

[03:27:34] वेंट्रिकल के अंदर सबसे पहले करंट ये

[03:27:38] सेप्टम के सेल को मिलेगा। और जब सेप्टम के

[03:27:41] सेल डीपोलराइज हो जाएंगे ना तो वेंट्रिकल

[03:27:45] के नीचे बड़े-बड़े सेल पाए जाते हैं

[03:27:47] वेंट्रिकल में। इनको बोलते हैं मेजर

[03:27:50] मायोसाइट। मेजर वाले मायोसाइट

[03:27:54] तब फिर यह करंट ऐसे नोड से एट्रियल सेल

[03:27:58] में गया फिर यहां गया फिर सेप्टल सेल में

[03:28:00] गया सेप्टल सेल से पहले अपनी सेल को ये

[03:28:03] क्या करेगा पॉजिटिव करेगा फिर यहां

[03:28:05] पॉजिटिव करेगा मेजर मायोसाइट को और लास्ट

[03:28:09] में ये पॉजिटिव करता है इस हिस्से को और

[03:28:12] इस हिस्से को इस पार्ट को बोलते हैं बेसल

[03:28:15] पार्ट क्या बोलते हैं इसको बेसल पार्ट

[03:28:19] मतलब अगर आपके हार्ट में कभी भी

[03:28:21] कॉन्ट्रक्शन आएगा तो सबसे पहले वो ऐसे नोड

[03:28:25] से शुरू होगा। फिर एट्रियल सेल में

[03:28:28] कॉन्ट्रक्शन होगा। फिर वो एवी नोड में

[03:28:31] जाएगा। फिर वो सेप्टम की सेल्स पे जाएगा।

[03:28:34] फिर वो मेजर मायोसाइट में जाएगा। और लास्ट

[03:28:37] में बेसल पार्ट में जाएगा। मैं इसको वन 1

[03:28:41] 2 3 4 लिख देता हूं। सबसे पहले एट्रियल

[03:28:44] सेल में गया। पॉइंट नंबर वन सबसे पहले

[03:28:47] कहां पे जाता है करंट? एट्रिया की सेल

[03:28:50] में। दूसरा कहां पर जाता है? पॉइंट नंबर

[03:28:53] टू एवी नोड में जाता है। एवी नोड के बाद

[03:28:57] तीसरा कहां पर जाएगा सर? सेप्टल सेल के

[03:29:00] अंदर जाएगा। सेप्टल सेल में जाएगा करंट।

[03:29:03] चौथा कहां पे जाएगा? यह चार नंबर है। चौथे

[03:29:06] नंबर पे मेजर मायोसाइट में करंट जाता है।

[03:29:11] और पांचवें नंबर पे जाता है बेसल पार्ट

[03:29:14] में।

[03:29:16] बेसल पार्ट ऑफ हार्ट।

[03:29:20] बेसल पार्ट ऑफ हार्ट यहां पर बेसल पार्ट

[03:29:24] ऑफ हार्ट यहां पर जाता है। क्या इतनी बात

[03:29:28] क्लियर है? बेसल पार्ट ऑफ हार्ट पे जाता

[03:29:31] है कॉन्ट्रक्शन।

[03:29:34] सर वो बना दो। सबसे पहले ऐसे नोड से सबसे

[03:29:38] पॉइंट नंबर वन। पहले एट्रिया की सेल में

[03:29:41] गया। एट्रिया की सेल से एवी नोड में गया।

[03:29:46] पॉइंट नंबर टू एवी नोड से फिर सेप्टल सेल

[03:29:50] में गया।

[03:29:52] सेप्टल सेल से मेजर मायोसाइट में गया। और

[03:29:57] लास्ट में वो पॉजिटिव करता है किसको? बेसल

[03:30:00] पार्ट को।

[03:30:03] बेसल पार्ट को पॉजिटिव करता है।

[03:30:11] समझे? कॉन्ट्रक्शन कहां से शुरू होता है

[03:30:13] और कैसे? सर यह आप हमें क्यों बता रहे हो?

[03:30:16] क्योंकि इसी से आपको पता चलेगा कि हार्ट

[03:30:19] में कॉन्ट्रक्शन कैसे बहता है। अब इससे

[03:30:23] पहले कि मैं आगे बताऊं मुझे आप लोगों को

[03:30:26] ईसीजी के बारे में कुछ बेसिक्स बताने

[03:30:28] पड़ेंगे। कुछ आपको बेसिक्स बताने पड़ेंगे।

[03:30:31] फिर हम ईसीजी की एब्नॉर्मलिटीज पे आएंगे।

[03:30:34] फिर डिजीज कंडीशन पे आएंगे। कहां-कहां से

[03:30:37] सवाल आते हैं? क्या-क्या आते हैं? ठीक है?

[03:30:39] तो चारप घंटे के अंदर पूरा ये 5 सात घंटे

[03:30:42] के अंदर आप पूरा एक सब्जेक्ट कवर कर लोगे।

[03:30:44] बार-बार देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समझ

[03:30:48] रहे हो?

[03:30:51] यस। अब सुनो। ईसीजी का बेसिक्स एक्चुअल

[03:30:54] में यह है।

[03:30:57] ईसीजी एक ऐसा प्रोसीजर है।

[03:31:02] ईसीजी से पहले मैं आपको बताता हूं करंट के

[03:31:04] बारे में। अगर मुझे कभी भी करंट की दिशा

[03:31:08] पता करनी हो, करंट की डायरेक्शन पता करनी

[03:31:11] हो,

[03:31:13] मतलब सपोज़ करो यहां पे कोई आपने एक

[03:31:16] ट्रांसफार्मर बिछा दिया है जिससे करंट

[03:31:19] निकल रहा है।

[03:31:21] ठीक है?

[03:31:22] अब अगर आपको करंट किस डायरेक्शन में जा

[03:31:26] रहा है यह पता करना है कि इस डायरेक्शन

[03:31:30] में जा रहा है, इसमें जा रहा है, इसमें जा

[03:31:32] रहा है या इसमें जा रहा है। तो करंट की

[03:31:35] डायरेक्शन को बताने के लिए हमारे पास बहुत

[03:31:39] पुराने समय से एक मशीन है। उस मशीन को

[03:31:42] बोलते हैं गैल्वेनोमीटर।

[03:31:45] गैल्वेनोमीटर।

[03:31:46] एक ऐसी मशीन है जो करंट की दिशा को बताती

[03:31:50] है। जो करंट की दिशा को बताती है। आज आपका

[03:31:54] ईसीजी ऐसे क्लियर करूंगा ना

[03:31:59] जैसे तुमने ब्रेकअप के बाद सारी फोटोस

[03:32:01] क्लियर कर दी। ठीक है? जैसे सारे नंबर

[03:32:05] क्लियर कर दिए। सारे डायरिया क्लियर कर

[03:32:08] दी। फोन नंबर क्लियर कर दिया।

[03:32:12] Facebook शादी से पहले Facebook Instagram

[03:32:15] क्लियर कर दिया। सब कुछ वैसे ही आज हम

[03:32:19] ईसीजी के बेसिक्स को क्लियर करेंगे।

[03:32:22] अगर आपको

[03:32:24] सबसे पहले यह पता होना चाहिए कि करंट की

[03:32:28] डायरेक्शन को दिशा को नापने के लिए

[03:32:35] आपके पास बहुत पुराने समय से एक

[03:32:38] गैल्वेनोमीटर नाम की मशीन है। ठीक है?

[03:32:44] और गैल्वेनोमीटर क्या होती है? एक ऐसे

[03:32:47] टाइप की मशीन।

[03:32:54] गैल्वेनोमीटर क्या होती है? एक ऐसे टाइप

[03:32:57] की मशीन होती है। गैल्वेनोमीटर क्या होती

[03:33:00] है? एक ऐसे ही टाइप की मशीन होती है।

[03:33:35] ओके जब तक ये अटक रहा है तब तक आगे की बात

[03:33:39] को करते हैं।

[03:33:45] गैल्वेनोमीटर कोई बताएगा गैल्वेनोमीटर को

[03:33:48] किसने बनाया था?

[03:33:51] कोई आप में से बताएगा कि गैल्वेनोमीटर को

[03:33:54] किसने बनाया था?

[03:33:56] गैल्वेनोमीटर को किसने बनाया था?

[03:34:02] कौन सा ऐसा साइंटिस्ट था जिसने

[03:34:03] गैल्वेनोमीटर को बनाया?

[03:34:20] सर पुराना वीडियो देख लिया बट अच्छे से

[03:34:23] पढ़ाया हुआ बट फिर से पढ़ रहा हूं आपकी

[03:34:26] क्लास। ओके ठीक है।

[03:34:54] एक मिनट

[03:34:57] गैल्वेनोमीटर के बारे में बाद में बात

[03:34:59] करेंगे। पहले टीम को बता देता हूं।

[03:35:03] देखो बोट थक गया है कहीं आपको तो नहीं

[03:35:05] हुआ। ऐसे हैंग आप तो नहीं हो गए।

[03:35:43] एक मिनट रुको।

[03:35:50] चलो बोर्ड थोड़ा गर्म हो गया है।

[03:36:59] हेलो

[03:38:21] सर क्या रिकॉर्ड से सिस्टम हैंग हो हो

[03:38:23] गया।

[03:38:27] अरे मेरी आवाज आ रही है आप लोगों तक?

[03:38:30] रिकॉर्ड छोड़ो अभी।

[03:39:03] ओके वापस आते हैं। अभी तो कुछ भी नहीं

[03:39:06] पढ़ा यार। अभी तो वार्म अप है मेरा। तुम

[03:39:09] लोगों को शायद आदत नहीं है।

[03:39:12] यह तो वार्म अप है। अभी तो कुछ भी नहीं

[03:39:14] पढ़ा हमने।

[03:39:18] ठीक है?

[03:39:39] मेरा तो वार्म अप है पर यह सच में ही

[03:39:41] वार्म हो गया मुझे ऐसा लग रहा है।

[03:40:12] ओके तो मैं आपको बताना चाह रहा था एक्चुअल

[03:40:16] में जो भी था

[03:40:20] इफ यू क्लोज द प्रॉब्लम यू माइट लॉस्ट दी

[03:40:23] इंफॉर्मेशन। वेट फ्रॉम प्रोग्राम टू

[03:40:26] रिसोंड।

[03:40:29] देखो

[03:40:31] हमारा गैल्वेनोमीटर होता है कुछ ऐसा।

[03:40:36] ठीक है? यह बहुत बुरा बना है। पर कोई बात

[03:40:40] नहीं।

[03:40:41] गैल्वेनोमीटर में जब आप देखोगे यहां पर एक

[03:40:45] नीडल होती है ऐसे

[03:40:47] और यह होती है जीरो पे यह होती है जीरो पे

[03:40:52] जीरो के अलावा आप देखोगे एक साइड पे होगा

[03:40:55] पॉजिटिव 10 पॉजिटिव 50 पॉजिटिव 100

[03:41:00] पॉजिटिव 180 ऐसे ही यहां -10 -50 - 100

[03:41:08] - 150 - 180

[03:41:11] मतलब गैल्वेनोमीटर एक ऐसी मशीन है जो

[03:41:14] डायरेक्शन को बताती है। थोड़ा और डिटेल

[03:41:17] में बता देता हूं। गैल्वेनोमीटर वैसे मैं

[03:41:20] यहीं पे ढूंढ के बताता हूं तुम्हें।

[03:41:31] गैल्वेनोमीटर नहीं है।

[03:41:36] हां मिल गया।

[03:41:39] यह देखो ऐसी एक मशीन होती है

[03:41:41] गैल्वेनोमीटर।

[03:41:43] यह क्या बताती है? करंट की डायरेक्शन को

[03:41:46] बताती है। इसमें आपको दिख रहा होगा इस

[03:41:48] साइड पे नेगेटिव है तो ये -10, -20, -30

[03:41:52] है। उस तरफ को ये पॉजिटिव है। तो -10,

[03:41:55] -20, -30 इस मशीन का कुछ काम नहीं है।

[03:42:00] सिंघानिया साहब। अरे आपको भी लव यू भैया।

[03:42:07] इतने चुम्मे से

[03:42:10] पिंपल आ जाएंगे। बस करो। ऐसा ही प्रेम

[03:42:13] काफी है आपका। अब सुनो वापस से देखो। यह

[03:42:17] गैल्वेनोमीटर है। गैल्वेनोमीटर के अंदर एक

[03:42:21] तरफ आप देखोगे कि एक सुई रहती है। ऐसी रेड

[03:42:25] कलर की जो आपको दिख रही होगी। यह रेड कलर

[03:42:27] की नीडल है जो जीरो पर होती है और एक तरफ

[03:42:30] यह पॉजिटिव साइड है और एक तरफ यह नेगेटिव

[03:42:34] साइड है।

[03:42:36] यह तो हो गया इसका मॉनिटर। ठीक है? अब

[03:42:40] नीचे नीचे की तरफ देखो। यहां पे भी एक तरफ

[03:42:44] लिखा है पॉजिटिव, एक तरफ लिखा है नेगेटिव।

[03:42:47] यह मशीन करंट को नहीं बताती। करंट की

[03:42:51] डायरेक्शन को बताती है।

[03:42:56] ठीक है? करंट को नहीं बताती। करंट की

[03:42:59] डायरेक्शन को बताती है। समझ गए? अब सपोज़

[03:43:02] कर लो मैंने क्या किया? इस मशीन को मतलब

[03:43:05] मशीन तो वही है। सपोज मुझे एक यह सेल है।

[03:43:09] एक छोटा सा सेल है जो आप बैटरी में लगाते

[03:43:12] हो। यह बड़ा वाला सेल समझ लो। इसमें भी एक

[03:43:15] तरफ पॉजिटिव होता है। एक तरफ नेगेटिव होता

[03:43:17] है। कुछ ऐसा। तो मैंने क्या किया? दो

[03:43:21] तारों की मदद से नेगेटिव को नेगेटिव से

[03:43:25] जोड़ दिया और पॉजिटिव को पॉजिटिव से जोड़

[03:43:28] दिया। तो इस सेल के अंदर करंट किस

[03:43:32] डायरेक्शन में बह रहा है? नीचे को बह रहा

[03:43:34] है या ऊपर को बह रहा है? सपोज अभी समझ लो

[03:43:38] ऑप्शन नंबर वन करंट नीचे को बह रहा है तो

[03:43:42] ये मशीन बता देगी कि करंट कहां को बह रहा

[03:43:44] है। कैसे? जैसे सपोज यहां पर आपने देखा

[03:43:49] करंट की डायरेक्शन नेगेटिव से पॉजिटिव की

[03:43:52] तरफ हो रही है। तो हमेशा जो नीडल घूमेगी

[03:43:57] ना नीडल पॉजिटिव की तरफ ऐसे रिफ्लेक्ट

[03:44:00] करेगी।

[03:44:01] तो जो नीडल होगी अगर करंट की डायरेक्शन

[03:44:05] पॉजिटिव की तरफ आ रही है तो नीडल हमेशा

[03:44:09] रिफ्लेक्ट किधर की तरफ को करेगी?

[03:44:12] रिफ्लेक्ट करेगी टुवर्ड्स द पॉजिटिव।

[03:44:16] यहां की तरफ को घूमेगी। पहला समझ में आया?

[03:44:21] मतलब करंट की डायरेक्शन बता रहा हूं मैं

[03:44:24] आपको। डायरेक्शन और डायरेक्शन तुम्हें

[03:44:26] साफ-साफ दिख रहा है। करंट नीचे को बह रहा

[03:44:29] है। मतलब पॉजिटिव को। तो यहां पे करंट

[03:44:32] हमेशा पॉजिटिव को घूमेगा। तो पॉजिटिव साइड

[03:44:34] को नीडल जाएगी।

[03:44:36] क्लियर? अब दूसरा सुनो। दूसरा सुनो।

[03:44:42] अगर मान लो

[03:44:54] अब दूसरा सिनेरियो दे रहा हूं आपको। ध्यान

[03:44:57] देना। दूसरा सिनेरियो दे रहा हूं। मैं एक

[03:45:01] और गैल्वेनोमीटर ले आया।

[03:45:04] मैं एक और गैल्वेनोमीटर ले आया। और इस

[03:45:07] गैल्वेनोमीटर को भी मैंने सेम किया। मेरे

[03:45:10] पास एक दूसरी बैटरी थी। मैंने उस बैटरी से

[03:45:13] जोड़ा

[03:45:15] नीचे की तरफ उसमें नेगेटिव मतलब पॉजिटिव

[03:45:18] था। ऊपर की तरफ नेगेटिव था। तो अब मैंने

[03:45:22] देखा करंट की डायरेक्शन ऊपर की तरफ है।

[03:45:25] तार तार लगाओ तभी तो बताएगा। नेगेटिव को

[03:45:28] नेगेटिव से जोड़ा, पॉजिटिव को पॉजिटिव से

[03:45:30] जोड़ा। लेकिन करंट की डायरेक्शन अभी आप

[03:45:33] देखो पॉजिटिव से नेगेटिव की तरफ है। जब भी

[03:45:37] करंट की डायरेक्शन अगर आप देखोगे पॉजिटिव

[03:45:41] से नेगेटिव की तरफ होगी तो आपको

[03:45:44] गैल्वेनोमीटर के अंदर गैल्वेनोमीटर के

[03:45:47] अंदर नेगेटिव की तरफ रिफ्लेक्शन दिखाई

[03:45:50] देगा। सर कैसे? अब आपको नीडल इस नेगेटिव

[03:45:54] की तरफ रिफ्लेक्ट होती दिखाई देगी ऐसे। तो

[03:45:57] आप समझ जाओगे यार करंट तो नेगेटिव

[03:46:00] डायरेक्शन में जा रहा है। सिंपल

[03:46:04] समझ गए? सिंपल क्या बात है?

[03:46:09] दोबारा बताऊं एक बार। दोबारा बताता हूं।

[03:46:13] दोबारा सुनो।

[03:46:15] मैंने बोला सर हमारे पास एक गैल्वेनोमीटर

[03:46:19] है। एक गैल्वेमीटर पानी में गया छपाक।

[03:46:22] दूसरा गैल्वेनोमीटर पानी में गया। यह भी

[03:46:25] छपाक हमारे पास दो गैल्वेनोमीटर है। भगवान

[03:46:28] की दया से

[03:46:31] खर्चा किया। देखो हमने हमने कहा तुम्हें

[03:46:33] क्लास पढ़ानी है तो गैल्वेनोमीटर पे चाहे

[03:46:36] खर्चा हो जाए दो गैल्वेनोमीटर लेके

[03:46:38] जाएंगे। यह हमने लिए गैल्वेनोमीटर।

[03:46:42] यह हमने क्या लिए? गैल्वेनोमीटर।

[03:46:47] ठीक है?

[03:46:54] अब यह गैल्वेनोमीटर लिए

[03:46:59] और यह हमने रखी एक सेल।

[03:47:04] इस सेल में हमने बोला एक तरफ है पॉजिटिव,

[03:47:08] एक तरफ है नेगेटिव।

[03:47:11] ठीक? और हमने इस सेल को

[03:47:21] थोड़ा सा इधर खिसका देते हैं।

[03:47:24] इसके अस्थि पंजर के साथ कैसे-कैसे खिसकाना

[03:47:27] पड़ रहा है। समझ रहे हो?

[03:47:37] इसको कर दो डिलीट। यह एक सेल है मान लो।

[03:47:40] ठीक है?

[03:47:42] अब ऐसे ही यहां पे एक और सेल है। इसमें भी

[03:47:45] ऊपर पॉजिटिव है। और नीचे आपने देखा इसमें

[03:47:49] भी नेगेटिव है। क्लियर? अब ध्यान से देखो।

[03:47:53] मैंने इसको जोड़ा। नेगेटिव को नेगेटिव तार

[03:47:55] से जोड़ दिया। पॉजिटिव को पॉजिटिव तार से

[03:47:57] जोड़ दिया। कनेक्ट कर दिया अपने

[03:47:59] गैल्वेनोमीटर से। मैंने यह बोला

[03:48:03] मान लो इसके अंदर करंट नेगेटिव से पॉजिटिव

[03:48:06] की तरफ को जा रहा है।

[03:48:08] तो मुझे बताओ रिफ्लेक्शन किस तरफ को

[03:48:11] दिखेगा? इससे तुम्हें इसी चीज समझ में आ

[03:48:13] जाएगी आसानी से।

[03:48:16] समझ रहे हो? आपने बोला सर हमेशा पॉजिटिव

[03:48:20] की तरफ को जाएगा। यहां की तरफ को कोई डाउट

[03:48:23] ही नहीं है। हमेशा यहां भी पॉजिटिव की

[03:48:26] डायरेक्शन में ही नीडल घूमेगी। अब यहां

[03:48:29] उल्टा हो रहा था। नेग पॉजिटिव से नेगेटिव

[03:48:32] की तरफ को करंट आ रहा था। आपने जोड़ा तो

[03:48:34] वैसे ही था जैसे जोड़ना था। ठीक है? तो

[03:48:38] आपने करंट की अगर आप डायरेक्शन देखोगे

[03:48:41] यहां करंट की डायरेक्शन देखोगे तो यह

[03:48:44] हमेशा पॉजिटिव की तरफ आएगा। सॉरी ये हमेशा

[03:48:47] नेगेटिव की तरफ आएगा

[03:48:50] क्योंकि नेगेटिव डायरेक्शन में जा रहा है।

[03:48:52] इस तरफ नेगेटिव है। इस तरफ पॉजिटिव है। ये

[03:48:56] दो बातें सबको समझ में आ गई? तो मैं इसे

[03:48:58] चीज समझाऊं।

[03:49:00] तो हमसे 2021 के नरसेट में यह सवाल पूछा

[03:49:04] था। बताओ गैल्वेनोमीटर का काम क्या होता

[03:49:08] है? क्या यह इलेक्ट्रिसिटी को नापता है?

[03:49:11] तो 100 में से 80 बच्चों ने आंसर लगा

[03:49:14] दिया। हां, इलेक्ट्रिसिटी को नापता है

[03:49:16] क्योंकि पहला आंसर था। इट मेजर दी

[03:49:20] इलेक्ट्रिक करंट। तो पहला ऑप्शन था सब ने

[03:49:23] वही टिक कर दिया। 80 मतलब अगर 1 लाख

[03:49:26] बच्चों ने पेपर दिया 80,000 का गलत हो

[03:49:29] गया।

[03:49:30] कभी भी गैल्वेनोमीटर करंट को नहीं करंट की

[03:49:33] दिशा को नापता है। वेक्टर को नापता है।

[03:49:35] डायरेक्शन को नापता है। करंट को नहीं

[03:49:38] नापता।

[03:49:40] इज इट क्लियर?

[03:49:42] यस। अब सुनो।

[03:49:45] इतनी बात समझ में आ गई है तो अब सुनो। इसी

[03:49:49] बेस पे हमारी ईसीजी मशीन के अंदर भी हार्ट

[03:49:53] को भी हमारी जो ईसीजी की मशीन होती है ना

[03:49:56] ऐसीऐसी। अगर आप ईसीजी की मशीन को देखोगे

[03:49:59] तो एक्चुअल में ईसीजी की मशीन के अंदर

[03:50:04] यहां पर आपको ऐसे-ऐसे दिखाई देता है और

[03:50:06] यहां कहीं से प्रिंट निकलता है। एक्चुअली

[03:50:08] इसके अंदर एक छोटा सा गैल्वेनोमीटर इसके

[03:50:10] अंदर फिट है जो आपको दिखाई नहीं देता। तो

[03:50:13] हमसे दूसरा सवाल 2022 में पूछा गया ईसीजी

[03:50:18] कौन सी मशीन के प्रिंसिपल पे बेस्ड है?

[03:50:21] ईसीजी मशीन कौन सी मशीन के प्रिंसिपल पे

[03:50:24] बेस्ड है?

[03:50:26] तो हमेशा याद रखना ईसीजी मशीन जो बनी है

[03:50:29] वह गैल्वेनोमीटर के बेस पर बनी है।

[03:50:33] गैल्वेनोमीटर पे। कैसे सर? मतलब कैसे?

[03:50:37] कैसे? उसका एग्जांपल भी देता हूं। उसका

[03:50:41] एग्जांपल भी देता हूं।

[03:50:44] अभी तो पिटारा जल्दी कैसे खुल रहा है?

[03:50:51] ईसीजी गैल्वेनोमीटर पर बेस्ड है। इसी के

[03:50:55] प्रिंसिपल पर बेस्ड है। अब मेरी अगली बात

[03:50:58] को ध्यान से सुनो। अगली बात को ध्यान से

[03:51:01] सुनो सुनो सुनो सुनो सुनो। गांव वालों

[03:51:04] सुनो। शहर वाले भी सुनो।

[03:51:08] सपोज करो मुझे हार्ट का करंट देखना है कि

[03:51:12] किस डायरेक्शन में जा रहा है

[03:51:15] और हार्ट में मान लेते हैं हम ऊपर की तरफ

[03:51:18] नेगेटिव होता है क्योंकि ऐसे नोड तो अपना

[03:51:20] करंट फेंक देता है। फेंकता है तो उसके पास

[03:51:23] नहीं बचता। तो मान लो हार्ट में ऊपर की

[03:51:25] तरफ नेगेटिव है और नीचे की तरफ पॉजिटिव

[03:51:28] है। अब मुझे गैल्वेनोमीटर से निकालना है।

[03:51:32] ध्यान देना। तो मेरी ईसीजी मशीन मैं तो

[03:51:35] गैल्वेनोमीटर से ही नाप रहा हूं। ठीक है?

[03:51:38] हमारे मैं मान रहा हूं कि मेरे पास नहीं

[03:51:40] है। मैं गैल्वेनोमीटर से नाप रहा हूं। तो

[03:51:42] मैंने क्या किया?

[03:51:44] मेरे पास गैल्वेनोमीटर में यहां पे

[03:51:46] पॉजिटिव था। यहां पे नेगेटिव था। तो मैंने

[03:51:48] नेगेटिव वाला तार नेगेटिव से जोड़ दिया।

[03:51:51] पॉजिटिव वाला तार पॉजिटिव से जोड़ दिया।

[03:51:54] अब आप मुझे बताओगे यह मेरी नीडल है। यह

[03:51:58] पॉजिटिव डायरेक्शन है। यह नेगेटिव

[03:52:00] डायरेक्शन है।

[03:52:02] अब जो करंट बह रहा है वो नीचे की तरफ अगर

[03:52:06] बहेगा।

[03:52:09] मुझे एक बात बताओ। सबसे पहले नीचे की तरफ

[03:52:12] बह रहा है। ऐसे नोड ने करंट फेंका और वह

[03:52:16] नीचे की तरफ आ रहा है। तो मुझे बताओ किस

[03:52:20] डायरेक्शन में

[03:52:22] मैं यहां पे इसको नीडल किस डायरेक्शन में

[03:52:25] जाएगी? पहली कंडीशन देख लो ध्यान से। मुझे

[03:52:28] बताओ नीडल को मैं किस डायरेक्शन में रिमूव

[03:52:31] करूं? मतलब फ्लेक्स करूं।

[03:52:44] नेगेटिव से पॉजिटिव जाएगा तो क्या होगा?

[03:52:51] यस मेरे प्यारे दोस्तों ने बहुत सही आंसर

[03:52:54] दिया कि सर नीडल पॉजिटिव डायरेक्शन में

[03:52:57] जाएगी।

[03:53:00] पहला क्लियर पहला गोल क्लियर

[03:53:04] दूसरा अब मेरे दोस्तों एक और सवाल का आंसर

[03:53:08] दो। तब मैं मानूंगा तब मैं तुम्हें ईसी

[03:53:10] चीजी सिखाऊंगा। हर एक को ईसी चीज सिखाई भी

[03:53:13] नहीं जाती। समझ रहे हो? वापस से मान रहे

[03:53:17] हैं। ऊपर नेगेटिव है, नीचे पॉजिटिव है। अब

[03:53:20] मान लो करंट ऊपर की डायरेक्शन में जा रहा

[03:53:24] है।

[03:53:26] तो मुझे बताओ मैंने जोड़ रखा है। यह हमारा

[03:53:29] गैल्वेनोमीटर है। तो गैल्वेनोमीटर में इस

[03:53:33] तरफ नेगेटिव है। इस तरफ पॉजिटिव है। अब

[03:53:36] बताओ किस तरफ को मूव करूं मैं? मैं नीडल

[03:53:41] को किस तरफ को मूव करूं कि आपको यह पता लग

[03:53:43] जाए।

[03:53:58] यस। अरे यार आप तो बहुत इंटेलिजेंट हो। अब

[03:54:01] ये मत समझना सर ये ऐसे ही पढ़ा रहे हैं।

[03:54:03] अभी तुम्हें पता लग जाएगा ये हम क्यों सीख

[03:54:06] रहे हैं। ये किस डायरेक्शन में जाता है?

[03:54:09] किस डायरेक्शन में जाता है? हमेशा नेगेटिव

[03:54:11] डायरेक्शन में। हमेशा नेगेटिव डायरेक्शन

[03:54:15] सर ये बात तो बहुत आसान है। हमको तो ये

[03:54:17] बात ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ही समझ में आ गई। ये

[03:54:20] तो कुछ बात ही नहीं है। समझ रहे हो?

[03:54:33] अब सुनो। तीसरी बात सुनो। अब एक और बात

[03:54:38] बताता हूं जो मुझे बताने के लिए जरूरत है।

[03:54:41] अगर जो डायरेक्शन है

[03:54:45] उसमें जो नीडल है अगर वह पॉजिटिव की तरफ

[03:54:50] को जाएगी पॉजिटिव की तरफ को जाएगी हमेशा

[03:54:54] एक वेव बनेगी ईसीजी में और वो ऐसे ऊपर को

[03:54:58] बनेगी अपवर्ड पॉजिटिव जाने पे हमेशा एक

[03:55:02] ऊपर को वेव बनेगी सर एग्जांपल बताओ

[03:55:05] एग्जांपल बताओ एग्जांपल सुनो

[03:55:09] यह मेरा हार्ट है

[03:55:12] सपोज करो सबसे पहले ऐसे नोड ने एट्रिया के

[03:55:16] सेल को पॉजिटिव किया तो करंट तो पॉजिटिव

[03:55:20] डायरेक्शन में जा रहा है। मैंने बोला

[03:55:22] पॉइंट नंबर वन जब ऐसे नोड ने करंट दिया

[03:55:26] किसको? एट्रिया की सेल को पोलराइज किया।

[03:55:30] एट्रिया की सेल को पॉजिटिव किया या मैं

[03:55:34] बोलूं डीपोलराइज किया। पॉजिटिव मतलब

[03:55:37] डीपोलराइज किया। तो डीपोलराइज करने की वजह

[03:55:41] टाइम पे जब आप देखोगे तो नेगेटिव से

[03:55:45] पॉजिटिव डायरेक्शन की तरफ करंट बहेगा।

[03:55:48] नेगेटिव से पॉजिटिव डायरेक्शन की तरफ करंट

[03:55:52] बहेगा। नेगेटिव से पॉजिटिव डायरेक्शन की

[03:55:55] तरफ करंट बहेगा।

[03:55:58] यस सर। ओके सर।

[03:56:02] और जब ऐसा होगा

[03:56:06] तो आप देखोगे पॉजिटिव की तरफ डायरेक्शन बह

[03:56:09] रहा है तो अपवर्ड एक वेव बनती है उसको

[03:56:12] बोलते हैं पी वेव पी वेव का मतलब होता है

[03:56:17] एट्रियल डीपोलराइजेशन

[03:56:19] इसको बोलते हैं सर एट्रियल डीपोलराइजेशन

[03:56:24] हमारी मशीन उसको नापती है कि करंट तो

[03:56:26] पॉजिटिव की तरफ जा रहा है तो वेव कैसे

[03:56:29] बनेगी अपवर्ड डायरेक्शन क्शन में बनेगी।

[03:56:32] ऐसे एक वेव बनती है। उसको बोलते हैं पी

[03:56:35] वेव। पी वेव का मतलब क्या है? एट्रियल

[03:56:38] डीपोलराइजेशन। मतलब एट्रिया पॉजिटिव हो

[03:56:41] रही है।

[03:56:44] समझ गए? पॉइंट नंबर टू।

[03:56:48] पॉइंट नंबर टू। अब जब एट्रिया पूरी तरीके

[03:56:53] से पॉजिटिव हो गई। इधर देखो।

[03:56:56] जब एट्रिया पूरी तरीके से पॉजिटिव हो गई

[03:56:59] तो अब डायरेक्शन तो नीचे को ही है पर

[03:57:02] एट्रिया के पॉजिटिव होने के बाद पॉजिटिव

[03:57:05] कौन होता है? एवी नोड। अब मतलब एवी नोड

[03:57:09] पॉजिटिव होगा। एवी नोड पॉजिटिव होने को

[03:57:13] क्या मैं बोल सकता हूं एवी नोड का

[03:57:15] डीपोलराइजेशन होगा? हां सर बोल सकते हो।

[03:57:19] तो अब जो पॉजिटिव है या जो इलेक्ट्रिक

[03:57:23] इंपल्स है जो इलेक्ट्रिक इंपल्स है ना जो

[03:57:27] इलेक्ट्रिक इंपल्स है ना दोस्तों वो

[03:57:30] इलेक्ट्रिक इंपल्स

[03:57:32] एवी नोड की तरफ आती है

[03:57:36] और एवी नोड को पॉजिटिव पॉजिटिव कर देती है

[03:57:40] पर एवी नोड करंट को थोड़ी देर डिले कर

[03:57:45] देता है। करंट को पकड़ लेता है। करंट को

[03:57:50] स्लो कर देता है। स्लो या करंट को डिले कर

[03:57:54] देता है।

[03:57:57] मतलब करंट थोड़ी देर एवी नोड के अंदर अटक

[03:58:00] जाता है। और हमने लगाई थी मशीन। तो मशीन

[03:58:04] को पता ही नहीं चलता कि कहां जा रहा है

[03:58:07] करंट? क्योंकि अपने अंदर ही रोक लेता है।

[03:58:09] अगर बाहर फेंक दे तो तो सही है। पर एवी

[03:58:12] नोड के अंदर ही करंट कुछ देर के लिए रुक

[03:58:15] जाता है। डिले हो जाता है। और इसकी वजह से

[03:58:19] हमारा जो ये गैल्वेनोमीटर था ना

[03:58:21] गैल्वेनोमीटर को पता नहीं चलता। मैं

[03:58:24] पॉजिटिव जाऊं या नेगेटिव जाऊं। यह अपनी

[03:58:26] जगह पर ही रहता है। मशीन को पता ही नहीं

[03:58:29] चलता। और जब मशीन को पता नहीं चलता। मशीन

[03:58:33] कांट मेजर जो हमारी मशीन है ना ईसीजी मशीन

[03:58:37] गैल्वेनोमीटर वाली ईसीजी मशीन है ना वह

[03:58:41] नाप ही नहीं पाती है इसको कांट मेजर इस

[03:58:44] प्रोसेस को नहीं नाप पाती जिससे कि आप

[03:58:47] देखोगे एक सीधी लाइन बनेगी ऐसे

[03:58:52] अगर पॉजिटिव होता तो ऊपर को लाइन बनती

[03:58:56] नेगेटिव होता तो नीचे को लाइन बनती पर

[03:58:59] मशीन को पता ही नहीं चला भाई यह पॉजिटिव

[03:59:02] की तरफ जा रहा है या नेगेटिव की तरफ जा

[03:59:04] रहा है या अल्लाह अरे है ना चक दे इंडिया

[03:59:08] में शाहरुख खान का लास्ट वाला डायलॉग यही

[03:59:10] तो है क्या

[03:59:12] हॉकी वाले गेम में यही तो बोलता है वो ये

[03:59:15] लेफ्ट लेगा नहीं ये राइट लेगा या अल्लाह

[03:59:18] ये तो सीधे सीधे स्ट्रेट लेगा ऐसा कुछ है

[03:59:21] ना ऐसा ही सेम पता नहीं चल पाता है किसको

[03:59:26] हमारी मशीन को तो एक सीधी लाइन आती है इस

[03:59:29] सीधी लाइन को हम नाम देते हैं पीआर

[03:59:32] सेगमेंट

[03:59:34] और जो पीआर सेगमेंट बनता है वह पीआर

[03:59:37] सेगमेंट कहलाता है एवी नोडल डीपोलराइजेशन

[03:59:42] एवी नोड का डीपोलराइजेशन

[03:59:46] उसको बोलते हैं एवी नोड का डीपोलराइजेशन

[03:59:50] सर ईसीजी समझ में आ रही है नहीं पहले देखो

[03:59:53] पी वेव बनी थी जब एट्रिया डीपोलराइज हुआ

[03:59:56] था पॉजिटिव की तरफ था इसीलिए ऊपर को वेव

[03:59:58] बनी पी वेव पी वेव का मतलब एट्रिया

[04:00:01] डीपोलराइज़ हो गया फिर एवी नोड में गया पता

[04:00:04] नहीं चला तो PR सेगमेंट बन गया। सीधी

[04:00:08] लाइन। अब सुनो आगे की कहानी सुनो।

[04:00:13] आगे की कहानी। अब जब जाता है कहां पे? एवी

[04:00:18] नोड कुछ देर तो अपने पास रख लेता है। पर

[04:00:21] उसके बाद धीरे-धीरे वह रिलीज कर देता है

[04:00:23] सेप्टम पे।

[04:00:26] कहां पर रिलीज करता है? ध्यान से देखना जो

[04:00:28] मैं बता रहा हूं। फिर यह रिलीज कर देता है

[04:00:31] सेप्टम पर।

[04:00:37] और सेप्टम के अंदर पॉजिटिव आने लग जाते

[04:00:41] हैं। पर मेन है सेप्टम के अंदर पॉजिटिव का

[04:00:45] कोई मतलब नहीं है। सेप्टम की सेल उसके

[04:00:48] किनारे पे है। यह देखो सेप्टम के दोनों

[04:00:51] तरफ उसकी सेल होती है और उनको पॉजिटिव

[04:00:55] करना है।

[04:00:57] जब एवी नोड से करंट आता है ना तो वो किसी

[04:01:00] सेल के अंदर नहीं जाता। वो तो सेप्टम के

[04:01:03] अंदर ही जाता है

[04:01:05] और सेप्टम की वॉल होती है इंसुलेटर जिससे

[04:01:09] कि करंट यहां से वहां ना बहे। इंसुलेटर ही

[04:01:13] बोलते हैं ना उसको जिससे करंट बहता है।

[04:01:15] अच्छा जिससे करंट बह जाता है उसको क्या

[04:01:17] बोलते हैं?

[04:01:20] मतलब सपोज़ करो आपने करंट पे हाथ लगाया।

[04:01:24] मैंने आपको हाथ लगाया। तो आप क्या हो?

[04:01:26] कंडक्टर।

[04:01:28] अगर करंट जिससे पास होता है उसको बोलते

[04:01:30] हैं कंडक्टर और जिससे पास नहीं होता उसको

[04:01:34] बोलते हैं इंसुलेटर। इसके अंदर पॉजिटिविटी

[04:01:37] आई लेकिन इसकी जो वॉल बनी है ना वॉल

[04:01:41] हरे से ही बनाता हूं मैं। ये जो इसकी वॉल

[04:01:44] बनी है ना ये होती है इंसुलेटर। इससे करंट

[04:01:47] पास नहीं हो सकता। तो करंट को पास होने के

[04:01:51] लिए इस सेप्टम के निचले हिस्से में आना

[04:01:54] पड़ता है और निचले हिस्से के बाद तब वो

[04:01:58] ऊपर की तरफ ऐसे जाती है। करंट ऐसे बहता

[04:02:01] है। करंट यहां सेप्टम से नीचे आता है तब

[04:02:05] निचले हिस्से से ऊपर की तरफ जाता है। ऐसे

[04:02:11] ऊपर था नेगेटिव। नीचे था पॉजिटिव। मतलब

[04:02:15] मैं ये बोलना चाह रहा हूं जब आपके

[04:02:17] वेंट्रिकल में आया सबसे पहले उसको मैं

[04:02:20] बोलना चाहूंगा सेप्टल डीपोलराइजेशन और

[04:02:23] सेप्टल डीपोलराइजेशन तब बोला जाता है जब

[04:02:27] सेप्टम के निचले हिस्से से मतलब इंफीरियर

[04:02:30] पार्ट ऑफ सेप्टम ऑफ सेप्टम

[04:02:36] इनफीरियर पार्ट ऑफ सेप्टम से लीक होता है

[04:02:40] क्या लीक

[04:02:42] पॉजिटिव आयन या करंट या फिर इलेक्ट्रिकल

[04:02:46] इंपल्स

[04:02:48] लीक इलेक्ट्रिकल इंपल्स

[04:02:51] इनू दी सेप्टल सेल कहां पे जाती है? सेल

[04:02:55] ऑफ सेप्टम पे। सेप्टम की सेल पे जाती हैं।

[04:03:00] लेकिन जो डायरेक्शन रहेगी ना जो डायरेक्शन

[04:03:03] रहेगी ना दोस्तों वो पॉजिटिव की तरफ से

[04:03:07] नेगेटिव की तरफ रहेगी। और आपको बता दूं जब

[04:03:11] भी ऐसी डायरेक्शन होती है ना नेगेटिव की

[04:03:13] तरफ को डायरेक्शन होती है ना हमेशा वेव

[04:03:16] नीचे को बनती है डाउनवर्ड अगर कभी भी

[04:03:21] कभी भी आपका करंट नेगेटिव डायरेक्शन में

[04:03:25] बह रहा है तो वेव हमेशा नीचे को बनेगी

[04:03:30] तो सेप्टम डीपोलराइज तो हुआ पर अपोजिट

[04:03:34] डायरेक्शन में हुआ नेगेटिव की तरफ को हुआ

[04:03:37] तो मतलब वेव नीचे नीचे को बनती है। इस

[04:03:40] नीचे को बनने वाली वेव को हम नाम देते हैं

[04:03:43] क्यू वेव। क्यू वेव का मतलब क्या है? क्यू

[04:03:46] वेव का मतलब है सेप्टल डीपोलराइजेशन। पूरा

[04:03:49] लिखना आप। क्यू वेव का मतलब है सेप्टल

[04:03:52] डीपोलराइजेशन।

[04:03:54] समझ आया क्या?

[04:03:56] सेप्टल डीपोलराइजेशन। समझ आया क्या?

[04:04:04] यस। अब तीसरी बात सुनो। सेप्टम डीपोलराइज

[04:04:08] हुआ मतलब एक बार और बताओगे सर क्या बोला

[04:04:10] आपने आप बताओगे एक बार कि आपने बोला क्या

[04:04:18] हां मैं बिल्कुल बताऊंगा

[04:04:24] देखो मैंने ये बोला

[04:04:28] मैंने बोला सबसे पहले जो एट्रिया पॉजिटिव

[04:04:31] हुआ तो एक ऐसी वेव बनी फिर आपने बोला

[04:04:35] एट्रिया उसके बाद जब यहां पे डीपोलराइज

[04:04:39] हुआ तब आपने बोला एक ऐसी लाइन आएगी। फिर

[04:04:42] आपने उसके बाद क्या बोला? उसके बाद बोला

[04:04:45] आपने सेप्टम डीपोलराइज हो रहा है पर ऊपर

[04:04:47] की डायरेक्शन में। सेप्टम डीपोलराइज हो

[04:04:50] रहा है पर ऊपर की डायरेक्शन में। तब आपको

[04:04:52] एक नीचे को वेव बनी। तो मैंने तीन वेव बता

[04:04:55] दी आपको। पी वेव का मतलब होता है एट्रिया

[04:04:58] का डीपोलराइजेशन होना। सीधी लाइन मतलब

[04:05:01] होता है एवी नोड का डीपोलराइजेशन होना। और

[04:05:04] क्यू वेव का मतलब होता है सेप्टल सेल का

[04:05:07] डीपोलराइज होना। अगर आप इस वेव को देखोगे

[04:05:10] तो ये पी वेव बनी ऊपर को ये सीधी लाइन PR

[04:05:13] सेगमेंट और ये नीचे को जो लाइन बनी ये Q

[04:05:16] वेव कहलाती है। और Q वेव नीचे को क्यों

[04:05:19] बनी? क्योंकि नेगेटिव डायरेक्शन में करंट

[04:05:21] बह रहा था।

[04:05:26] सर रीपोलराइजेशन क्यों नहीं बोल सकते?

[04:05:29] जबकि नीचे जा रहा है। गुर्जर जी ने बहुत

[04:05:32] बढ़िया सवाल पूछा। बेटा लेकिन मैंने गुर्जर

[04:05:35] जी यह बताया था ना कि रीपोलराइजेशन तब

[04:05:38] होता है जब नेगेटिव करंट बहता है। अभी तो

[04:05:41] पॉजिटिव बह रहा है ना तो पॉजिटिव में

[04:05:43] हमेशा डीपोलराइजेशन। जब नेगेटिव बहेगा

[04:05:47] तब होगा रीपोलराइजेशन। समझ गए? पॉजिटिव

[04:05:51] मतलब हमेशा डीपोलराइजेशन। हमेशा

[04:05:55] और पहले पूरा हार्ट डीपोलराइज होता है तब

[04:05:58] जाके रीपोलराइजेशन होता है। समझ गए? ओके

[04:06:01] वेरी गुड। अब आप समझ गए तीन कहानी। अब

[04:06:04] मेरी अगली बात सुनो। आपने बोला सर ये तो

[04:06:09] सेप्टम तो डीपोलराइज हो गया। पर सेप्टम के

[04:06:12] नीचे बड़ी-बड़ी सेल थी। इन बड़ी-बड़ी सेल

[04:06:15] का नाम बताओ मुझे।

[04:06:19] इन बड़ी-बड़ी सेल का नाम बताओ। जो

[04:06:21] वेंट्रिकल के निचले हिस्से में पाई जाती

[04:06:24] हैं। ये बड़ी-बड़ी जो सेल है। अब जो यहां

[04:06:28] ऊपर को करंट जा रहा था ना। उसी में से कुछ

[04:06:30] करंट नीचे को भी आ जाता है और सेल को यह

[04:06:34] नीचे की तरफ डीपोलराइज करता है। इन सेल को

[04:06:37] बोलते हैं मेजर मायोसाइटल सेल या मेजर

[04:06:42] मायोसाइट।

[04:06:46] तो अगली जो कंडीशन है वो कंडीशन है सर

[04:06:50] मेजर मायोसाइट का डीपोलराइजेशन।

[04:06:54] मेजर मायोसाइट का डीपोलराइजेशन।

[04:06:59] मेजर मायोसाइट का डीपोलराइजेशन।

[04:07:02] मेजर मायोसाइट का डीपोलराइजेशन।

[04:07:06] मेरी बात समझ रहे हो कि नहीं? सर मेजर

[04:07:09] मायोसाइट के डीपोलराइजेशन पे क्या हो सकता

[04:07:12] है? सर सिंपल सी बात है। जब भी आप मेजर

[04:07:16] मायोसाइट के डीपोलराइजेशन की बात करोगे तो

[04:07:20] वो हमेशा

[04:07:22] ऊपर से नीचे की तरफ ही बह रहा है। मतलब

[04:07:24] नेगेटिव से पॉजिटिव की तरफ ही जा रही है

[04:07:27] डायरेक्शन। और जब भी पॉजिटिव की तरफ

[04:07:30] डायरेक्शन जाती है तब वेव अपवर्ड बनती है।

[04:07:34] अपवर्ड वेव बनेगी।

[04:07:37] तो यह बात तो सबको पता है। एंड

[04:07:40] क्योंकि इनमें रैपिड कंडक्शन होता है।

[04:07:44] रैपिड कंडक्शन का मतलब बड़ी सेल होने की

[04:07:48] वजह से करंट बहुत ही फास्ट जाता है। नाम

[04:07:51] ही मेजर मायोसाइट है। बहुत तेजी से करंट

[04:07:54] जाता है। तो बनेगा तो अपवर्ड डायरेक्शन

[04:07:56] में वेव तो बनेगी। पर क्योंकि रैपिड

[04:07:59] कंडक्शन होता है इसीलिए ऊपर को वेव बनती

[04:08:03] है।

[04:08:04] इसीलिए वेव ऊपर को बनती है। मेरी बात समझ

[04:08:07] पा रहे हैं क्या?

[04:08:10] यस यस यस। क्या मेरी बात को समझ पा रहे

[04:08:14] हैं?

[04:08:21] अच्छा मुझे जो जो मैसेज नहीं कर रहे

[04:08:24] तुम्हें कहीं से भी 1% ऐसा लग रहा है कि

[04:08:26] मेरी एनर्जी डाउन हो रही है।

[04:08:30] नहीं लग रहा ना? हमें 8-10 घंटे पढ़ने

[04:08:33] पढ़ाने की आदत है। तो अपनी एनर्जी पे

[04:08:35] बढ़ाओ थोड़ा सा। खाना ववाना मत खाना। वरना

[04:08:39] नींद लगेगी। अभी नहीं खाना। जब तक मैं

[04:08:41] नहीं खाऊंगा कोई नहीं खाएगा आज।

[04:08:45] यस। तो रैपिड कंडक्शन होगा तो ग्राफ भी

[04:08:48] थोड़ा बड़ा बनेगा। मतलब सर मतलब इस वेव को

[04:08:52] हम नाम देते हैं आर वेव और आर वेव का मतलब

[04:08:55] क्या है? मेजर मायोसाइट का डीपोलराइजेशन

[04:08:58] दिखाती है आर वेव जो हमेशा ऊपर को बनेगा

[04:09:01] और लंबा बनेगा। मेरी बात समझ रहे हो? जो

[04:09:04] ऊपर का बनेगा और लंबा बनेगा। देखो, पी वेव

[04:09:07] बनी थी ऊपर को क्योंकि एट्रिया सेल

[04:09:09] पॉजिटिव डायरेक्शन में जा रहे थे। फिर एवी

[04:09:12] नोड में करंट को मशीन नाप नहीं पाई तो

[04:09:14] सीधी लाइन आई उसको हमने पीआर सेगमेंट

[04:09:17] बोला। फिर हमने देखा कि सेप्टल सेल जब

[04:09:20] डीपोलराइज हो रही थी अपोजिट डायरेक्शन में

[04:09:22] तो नीचे को वेव बनी उसको q बोला। अब मेजर

[04:09:26] मायोसाइट पॉजिटिव डायरेक्शन में होती है

[04:09:28] तो ऊपर को बनता है। पर पर क्या है? उसमें

[04:09:32] बहुत ही रैपिड कंडक्शन होता है। तो आर वेव

[04:09:35] को हमेशा आप लंबा देखोगे।

[04:09:38] और आर वेव का मतलब है मेजर मायोसाइट का

[04:09:41] डीपोलराइजेशन हो गया है।

[04:09:47] यस

[04:09:51] अब सुनो वापस आओ। टॉपिक पे आओ। वापस आओ।

[04:09:56] सर मेजर मायोसाइट भी डीपोलराइज हो गए। अब

[04:09:59] कौन सा हिस्सा बचा बताओ? अब कौन से हिस्से

[04:10:02] को डीपोलराइज करूं?

[04:10:04] जो बीच में से जुड़े हैं उनसे हाथ जोड़ के

[04:10:06] विनती है पूरी क्लास को ना यह 5 सात घंटे

[04:10:09] जितने भी है ना फास्ट फॉरवर्ड करके देखोगे

[04:10:11] 3-4 घंटे में देख लोगे आज की क्लास को तो

[04:10:15] 3-4 घंटे में देखोगे मजा आ जाएगा तुम्हें

[04:10:17] पूरी क्लास पढ़ोगे एनाटॉमी से लेके

[04:10:20] फिजियोलॉजी तक सब बता रखा है। ब्लड

[04:10:22] सर्कुलेशन से लेके सब कुछ बताया हुआ है।

[04:10:25] तो परेशान होना ही नहीं है। अभी एमआई

[04:10:28] पढ़ेंगे ऐसे बता दूंगा। सारी बातें कुछ

[04:10:31] बातें ऐसे बताऊंगा जो पहली बार सुनोगे

[04:10:33] लेकिन एग्जाम में आया था। जो पुराने बैच

[04:10:36] के बच्चे हैं उनके लिए भी आज नई-नई चीजें

[04:10:38] बताऊंगा मैं टेंशन मत लेना। एमआई भी

[04:10:41] बताऊंगा स्टोरी के साथ।

[04:10:46] ठीक है? अब बचा बेसल पार्ट। जब यहां पूरा

[04:10:49] पॉजिटिव हो गया। अब बेसल पार्ट बचा ये

[04:10:52] वाला हिस्सा और ये वाला हिस्सा।

[04:10:55] जब यहां के सेल को पॉजिटिव करना है तो

[04:10:58] करंट ऐसे बहता है। पॉजिटिव फिर यह पॉजिटिव

[04:11:02] फिर ये पॉजिटिव

[04:11:04] मतलब करंट की डायरेक्शन ये रहने लग जाती

[04:11:06] है। अब तुम मुझे खुद से बताओ यहां से करंट

[04:11:11] जाएगा ये पॉजिटिव देन ये पॉजिटिव देन ये

[04:11:13] पॉजिटिव। अब मुझे बताओ जब बेसल पार्ट का

[04:11:17] डीपोलराइजेशन होगा। जब आपके बेसल पार्ट का

[04:11:22] डीपोलराइजेशन होगा। डीपोलराइजेशन होगा। जब

[04:11:26] आपके बेसल पार्ट का डीपोलराइजेशन होगा तब

[04:11:29] मुझे बताओ अब कहानी।

[04:11:32] अब डायरेक्शन ऑफ करंट कहां को रहेगी?

[04:11:36] डायरेक्शन ऑफ करंट या इलेक्ट्रिकल इंपल्स

[04:11:41] लिख सकते हो तुम। तुम तो पढ़े लिखे हो ना?

[04:11:43] मैं तो कम पढ़ा लिखा हूं। तो तुम

[04:11:44] इलेक्ट्रिकल इंपल्स लिखना समझने के लिए

[04:11:46] बता रहा हूं मैं।

[04:11:50] यस।

[04:11:54] वेरी गुड। डायरेक्शन ऑफ करंट होगी पॉजिटिव

[04:11:58] से नेगेटिव की तरफ।

[04:12:02] तो रिफ्लेक्शन में नीचे को वेव बनेगी

[04:12:06] डाउनवर्ड।

[04:12:09] और इस वेव को हम नाम देते हैं एस वेव।

[04:12:16] एस वेव में अब हमारा बचा हुआ बेसल पार्ट

[04:12:19] भी डीपोलराइज हो जाता है।

[04:12:23] मेरी बात समझ गए? नहीं समझे सर।

[04:12:29] समझ गए कि नहीं?

[04:12:32] अभी तो 100 ही पेज लिखा है यार मैंने।

[04:12:36] कम से कम 500 पेज लिखाऊंगा आज।

[04:12:44] ठीक है?

[04:12:45] फ्यूचर में पढ़ा भी नहीं पाया तो कोई इस

[04:12:47] लेक्चर को भी देखेगा तो उसे कार्डियो के

[04:12:49] सारे क्वेश्चन में निकाल सकता है। अब सुनो

[04:12:52] मेरी बात। मैंने क्या बोला? अभी तक। अभी

[04:12:55] तक मैंने ये बोला। मैं दोबारा बता रहा

[04:12:57] हूं। सबसे पहले जब एट्रिया पोलराइज होती

[04:13:00] है, करंट नीचे पॉजिटिव डायरेक्शन में आता

[04:13:03] है, तो पॉजिटिव डायरेक्शन में हमेशा ऊपर

[04:13:05] को वेव बनती है। एट्रियल डीपोलराइजेशन पे

[04:13:07] पी वेव। फिर मैंने क्या बोला? फिर मैंने

[04:13:11] बोला सर जब एवी नोड डीपोलराइज होगा तो तब

[04:13:15] ना एवी नोड हमेशा करंट को छुपा देता है तो

[04:13:19] छुपाने की वजह से करंट नहीं नाप पाता पीआर

[04:13:22] पीआर सेगमेंट

[04:13:24] फिर जब सेप्टम पे पोलराइजेशन होता है तो

[04:13:27] सेप्टम पे ऊपर की डायरेक्शन में

[04:13:29] पोलराइजेशन होता है मतलब नेगेटिव

[04:13:31] डायरेक्शन में तो हमेशा नीचे को वेव बनती

[04:13:34] है क्यू वेव क्यू वेव का मतलब अब

[04:13:36] वेंट्रिकल में आ चुका है क्यू वेव का मतलब

[04:13:39] वेंट्रिकल में सेप्ट का डीपोलराइजेशन

[04:13:42] दूसरा फिर मेजर मायोसाइट मेजर मायोसाइट

[04:13:46] में नीचे की तरफ पॉजिटिव की तरफ ही रहता

[04:13:48] है और बहुत तेजी से बहता है तो आर वेव

[04:13:51] बहुत लंबा बनेगा और ऊपर की डायरेक्शन में

[04:13:54] बनेगा क्योंकि पॉजिटिव की तरफ रहता है। आर

[04:13:57] वेव बन गया।

[04:14:00] R वेव बनने के बाद मैंने बोला फिर से बेसल

[04:14:03] सेल नेगेटिव की तरफ जाते हैं। तो बेसल सेल

[04:14:07] नेगेटिव की तरफ गए गए तो नीचे को एक वेव

[04:14:10] बनी उसको बोला एस वेव। उसको बोला एस वेव।

[04:14:13] अल्टीमेटली मैं यह कहना चाह रहा हूं क्यू

[04:14:17] वेव था। उसने वेंट्रिकल को ही डीपोलराइज

[04:14:20] किया सेप्टम को। फिर आर वेव था। उसने मेजर

[04:14:24] मायोसाइट को। यानी कि यह भी वेंट्रिकल पे

[04:14:27] था। और फिर बेसल सेल एस वेव बनी। यह भी

[04:14:30] वेंट्रिकल पे था। क्या मैं क्यूआर को अगर

[04:14:33] वेंट्रिकुलर डीपोलराइजेशन बोल दूं एक वर्ड

[04:14:37] में तो बुरा तो नहीं मानोगे। अगर मैं

[04:14:40] क्यूआर को ऐसा बोल दूं कि ये वेंट्रिकुलर

[04:14:42] डीपोलराइजेशन दिखाता है।

[04:14:45] तो किसी की भैंस भागने वाली इसमें नहीं

[04:14:47] है।

[04:14:52] अब बताओ

[04:14:54] समझ आई कहानी?

[04:15:09] मतलब थोड़ा टेढ़ा बना है पर समझ जाओ।

[04:15:12] समझ गए?

[04:15:18] क्लियर?

[04:15:22] रीपोलराइजेशन नहीं सुमित। डीपोलराइजेशन

[04:15:25] बोला मैंने अभी वेंट्रिकुलर डीपोलराइजेशन

[04:15:28] वैसा कोई वर्ड ही नहीं होता है।

[04:15:32] डन वेरी गुड। तो अभी तक हमने पढ़ा जब पी

[04:15:37] वेव आई तो उससे एट्रिया डीपोलराइज हुआ।

[04:15:41] पीआर सेगमेंट आया तो उससे एवी नोड

[04:15:44] डीपोलराइज हुआ। क्यू आया तो उससे सेप्टल

[04:15:48] डीपोलराइज हुआ। आर आया तो उससे मेजर

[04:15:51] मायोसाइट डीपोलराइज हुए। एस आया तो उसकी

[04:15:54] वजह से बेसल सेल डीपोलराइज हुई और क्यूआर

[04:15:58] एस को अगर मैं बोल दूं तो इसको मैं

[04:15:59] वेंट्रिकुलर डीपोलराइजेशन बोल सकता हूं।

[04:16:04] वेंट्रिकुलर डीपोलराइजेशन बोल सकता हूं।

[04:16:06] मतलब अब पूरा मेरा हार्ट डीपोलराइज हो

[04:16:09] चुका है। देखो ध्यान से। एट्रियम

[04:16:12] डीपोलराइज हो गया था। फिर एवी नोड भी

[04:16:14] डीपोलराइज हो गया था। फिर वेंट्रिकल का

[04:16:17] सेप्टम डीपोलराइज हो गया था। फिर मेजर

[04:16:19] मायोसाइट डीपोलराइज हो गए थे। और बेसल सेल

[04:16:22] भी डीपोलराइज हो गया। मतलब जब क्यूआर एस

[04:16:26] बनता है, आप यह समझ जाओ कि पूरा हार्ट

[04:16:30] डीपोलराइज हो चुका है। अब इसको रिपोलराइज

[04:16:33] करना है।

[04:16:35] अब इसको रीपोलराइज करना है।

[04:16:39] समझ गए? तो अब की कहानी क्या है? ध्यान से

[04:16:42] सुनना। जब पूरा डीपोलराइज हो जाता है।

[04:16:45] मैंने आपको एक बात बोली थी। पूरा

[04:16:48] डीपोलराइज हो जाता है। तो कंप्लीट

[04:16:50] डीपोलराइजेशन के बाद कौन सी स्टेज आती है

[04:16:54] जो मैंने ग्राफ में बताई थी? जल्दी बताओ।

[04:16:57] मैंने बताया था ना कंप्लीट रीपोल कंप्लीट

[04:17:00] डीपोलराइजेशन के बाद कौन सी स्टेज आती है?

[04:17:08] देखो मैंने बोला था अगर कंप्लीट

[04:17:12] डीपोलराइजेशन हुआ तो फिर उसके बाद एक

[04:17:15] स्टेज आती है जिसको बोलते हैं अर्ली

[04:17:18] रिपोलराइजेशन

[04:17:19] अर्ली रिपोलराइजेशन बोला था जब हल्का सा

[04:17:23] ग्राफ नीचे को आया था पोटेशियम चैनल लीक

[04:17:26] करने लग गया था तो हल्का सा ग्राफ नीचे को

[04:17:28] आया था याद है अर्ली रिपोलराइजेशन इतना कम

[04:17:33] होता है कि इसको मशीन

[04:17:36] कांट डिटेक्ट। मशीन इसको डिटेक्ट ही नहीं

[04:17:39] कर पाती। तो इसमें कोई कुछ मशीन को पता ही

[04:17:42] नहीं चलता। मशीन अनअवेयर रहती है इसके

[04:17:45] बारे में। अनअवेयर।

[04:17:48] इतना शॉर्ट टाइम के लिए होता है अर्ली

[04:17:50] रिपोलराइजेशन। मशीन को पता ही नहीं चलता।

[04:17:53] तो अर्ली रिपोलराइजेशन कभी भी आपको ईसीजी

[04:17:56] के अंदर नहीं दिखाई देगा। क्लियर है?

[04:18:00] लेकिन सवाल यह है कि अर्ली रिपोलराइजेशन

[04:18:04] के बाद एक स्टेज ऐसी आती है जब पोटेशियम

[04:18:08] बाहर लीक करता है। दो पोटेशियम बाहर गया

[04:18:12] और दो कैल्शियम अंदर आया।

[04:18:16] इस स्टेज को क्या बोलते हैं? इस स्टेज को

[04:18:19] बोलते हैं प्लैट्यू फेज। बोलते हैं

[04:18:22] प्लैट्यू फेज। याद है? इसीलिए मैंने पूरा

[04:18:26] चैप्टर पढ़ाया आज की क्लास में कि तुम्हें

[04:18:28] एक-एक चीज समझ में आ जाए। प्लैट्यू फेज

[04:18:31] में क्या होता है? अगर पोटेशियम लॉस होगा

[04:18:36] तो कैल्शियम का गेन होगा। तो मतलब एक ऐसी

[04:18:40] स्टेज आती है जिसको बोलते हैं

[04:18:42] इक्विलिब्रियम वाली स्टेज? इक्विलिब्रियम

[04:18:45] वाली स्टेज आती है। कौन सी स्टेज?

[04:18:47] इक्विलिब्रियम वाली स्टेज। क्लियर? अब

[04:18:50] इक्विलिब्रियम वाली स्टेज आएगी तो आपको एक

[04:18:53] सीधी लाइन दिखेगी। प्लैट्यू वाली स्टेज

[04:18:57] सीधी लाइन दिखेगी। ईसीजी के अंदर भी ईसीजी

[04:19:00] के अंदर भी मशीन इसको नाप नहीं पाती। मतलब

[04:19:03] मशीन को लगता है यार ये तो बराबर ही हो

[04:19:06] रहा है। कुछ पॉजिटिव नेगेटिव नहीं है।

[04:19:09] ज़ीरो पे ही है मशीन। मशीन को आप देखोगे

[04:19:11] जितना लॉस हो रहा था उतना अंदर आया। तो

[04:19:14] ज़ीरो पे ही रहेगी मशीन का ये। और जब जीरो

[04:19:17] पर रहेगा तो एक सीधी लाइन आएगी स्ट्रेट

[04:19:19] लाइन। इस स्ट्रेट लाइन को बोलते हैं एसटी

[04:19:22] सेगमेंट।

[04:19:24] एसटी सेगमेंट किसको दिखाता है? प्लेट्यू

[04:19:27] फेस को दिखाता है। एसटी सेगमेंट दिखाता है

[04:19:30] प्लेट्यू फेस को।

[04:19:33] क्योंकि उसमें एक सीधी लाइन आएगी। क्या

[04:19:36] आएगी? सीधी लाइन आएगी।

[04:19:41] क्लियर?

[04:19:43] यस यस यस।

[04:19:51] ओके।

[04:19:53] उसमें आएगी एक सीधी लाइन।

[04:19:56] उसको बोलते हैं एसटी सेगमेंट।

[04:19:59] अब प्लैट्यू फेस के बाद याद करो क्या होता

[04:20:02] है? प्लैट्यू फेस के बाद आपने यह देखा था।

[04:20:07] मैं आपको याद दिलाता हूं। प्लैट्यू फेज के

[04:20:09] बाद आपने यह देखा था कि कैल्शियम चैनल बंद

[04:20:13] हो जाता है। लेकिन पोटेशियम चैनल लगातार

[04:20:16] लीक करते रहता है। तो अंदर नेगेटिविटी

[04:20:19] स्टार्ट हो जाती है और ऊपर की डायरेक्शन

[04:20:22] में होती है नेगेटिव डायरेक्शन में।

[04:20:26] इसको बोला था रिपोलराइजेशन।

[04:20:29] तो यह फज़ आती है नेक्स्ट रिपोलराइजेशन।

[04:20:34] रिपोलराइजेशन में क्या होता है? जो आपका

[04:20:37] कैल्शियम चैनल था जो थोड़ी देर के लिए आया

[04:20:40] था वो कैल्शियम चैनल क्लोज हो जाता है पर

[04:20:45] जो पोटेशियम था उसका स्टिल क्या हो रहा है

[04:20:48] लॉस हो रहा है तो अल्टीमेटली जो कार्डियक

[04:20:52] सेल है जो कार्डियक सेल है वह लगातार क्या

[04:20:56] करेगी कार्डियक सेल का लगातार लीकेज होना

[04:21:00] होने लगेगा और लीकेज होगा तो अल्टीमेटली

[04:21:03] नेगेटिविटी आएगी

[04:21:06] लेकिन नेगेटिविटी किस डायरेक्शन में जा

[04:21:10] रही है? नेगेटिविटी टू नेगेटिव डायरेक्शन।

[04:21:14] नेगेटिविटी हमेशा नेगेटिव डायरेक्शन में

[04:21:17] ही जा रही है।

[04:21:19] अब नेगेटिव डायरेक्शन में नेगेटिविटी

[04:21:22] जाएगी तो क्या ये रिपेल नहीं करेगा क्या?

[04:21:26] रिपेल करेगा ना?

[04:21:28] यस। लास्ट सेल से नेगेटिविटी नीचे से

[04:21:32] स्टार्ट होती है। लास्ट सेल से और यह जाती

[04:21:35] है ऊपर की तरफ ऐसे।

[04:21:38] मतलब पॉजिटिव से नेगेटिव

[04:21:43] इंपल्स

[04:21:47] नेगेटिव इंपल्स

[04:21:47] किस तरफ को जा रही है? नेगेटिव डायरेक्शन

[04:21:50] की तरफ को।

[04:21:52] लेकिन जैसे ही वो जाती है तो ऊपर से इसको

[04:21:55] उल्टा दिया जाता है, लौटा दिया जाता है।

[04:21:58] सेम चार्ज एक दूसरे को रिपेल करते हैं।

[04:22:01] सेम चार्ज एक दूसरे को रिपेल करते हैं। अब

[04:22:04] आप बोलोगे पॉजिटिव आयन क्यों नहीं करता?

[04:22:08] पॉजिटिव आयन भी करता है। पर यहां पर

[04:22:11] नेगेटिव आयंस की तरफ से हमें ज्यादा

[04:22:14] मात्रा में देखने को मिलता है कि वो रिपेल

[04:22:16] करने की कोशिश करता है।

[04:22:19] ऊपर से नेगेटिव करंट रिपेल करने की कोशिश

[04:22:22] करता है वापस नीचे की तरफ।

[04:22:25] और जब वापस नीचे की तरफ जो करंट है वो

[04:22:30] फाइनल डायरेक्शन आप देखोगे। फाइनल

[04:22:33] डायरेक्शन अगर आप देखोगे तो फाइनल

[04:22:35] डायरेक्शन पॉजिटिव की तरफ ही होगा।

[04:22:39] मैंने क्या बोला? मैं यहां पे दोबारा लिख

[04:22:41] रहा हूं।

[04:22:44] ये देखो ये नेगेटिविटी बढ़ रही थी। यहां

[04:22:47] नेगेटिविटी बढ़ रही थी। ऊपर गई। ऊपर जाने

[04:22:50] के बाद नेगेटिव चार्ज ने इसको वापस लौटा

[04:22:52] दिया नीचे की तरफ। तो फाइनल डायरेक्शन

[04:22:55] क्या हो गई? फाइनल डायरेक्शन

[04:22:58] अगर आप देखोगे फाइनल डायरेक्शन

[04:23:01] रिपोलराइजेशन में फाइनल डायरेक्शन होगा तो

[04:23:04] वो पॉजिटिव की तरफ होगा और पॉजिटिव की तरफ

[04:23:07] होगा तो वेव हमेशा ऊपर को बनेगा। पॉजिटिव

[04:23:11] की तरफ को होगा तो वेव हमेशा पॉजिटिव

[04:23:13] बनेगा। तो इसीलिए जो पॉजिटिव वेव बनती है

[04:23:16] ना रिपोलराइजेशन की जो रिपोलराइजेशन पे आप

[04:23:21] वेव देखोगे ना वो हमेशा आपको ऐसा दिखेगा

[04:23:25] जिसको हम टी वेव बोलते हैं। टी वेव आपको

[04:23:28] ऊपर की तरफ दिखेगी।

[04:23:30] सिंपल बात टी वेव आपको कहां की तरफ

[04:23:32] दिखेगी? ऊपर की तरफ दिखेगी। सर एक बार और

[04:23:36] बता दो। अरे सिंपल सी बात ये सुनो। जब

[04:23:40] एट्रिया डीपोलराइज हुआ नीचे को आ रहा था

[04:23:43] तब ऊपर को वेव बनी क्योंकि पॉजिटिव

[04:23:45] डायरेक्शन में था। फिर एवी नोड पे आया तो

[04:23:49] कुछ नहीं आया। पीआर इंटरवल आ गया।

[04:23:53] फिर जब वेंट्रिकल पे पहुंचा तो वेंट्रिकल

[04:23:56] पे ऊपर की तरफ बेसल सेल किस तरफ करते हैं?

[04:23:58] बेसल सेल को हमने देखा था उनकी डायरेक्शन

[04:24:01] ऊपर की तरफ थी। तो आपने देखा क्यू वेव

[04:24:03] नीचे को बनी। फिर आपने देखा मेजर मायोसाइट

[04:24:07] को पॉजिटिव करना है तो उनकी डायरेक्शन

[04:24:10] पॉजिटिव की तरफ थी। तो हमने देखा फास्ट

[04:24:12] कंडक्शन होगा और ऊपर की तरफ वेव बनेगी आर

[04:24:15] वेव जो मेजर मायोसाइट के डी डीपोलराइजेशन

[04:24:18] को दिखाती है। फिर बेसल सेल पॉजिटिव होते

[04:24:21] हैं लेकिन डायरेक्शन नेगेटिव होती है तो

[04:24:23] नीचे को आ जाते हैं एस वेव।

[04:24:26] फिर हमने बोला जब एस वेव बन जाती है

[04:24:29] प्लैट्यू फेज आती है। प्लैट्यू फेज सीधी

[04:24:32] लाइन बनती है जिसको एसटी सेगमेंट बोला

[04:24:36] और प्लैट्यू फेज के बाद सारी सेल नेगेटिव

[04:24:39] होने लग जाती है पर पॉजिटिव डायरेक्शन

[04:24:41] में। अब हो तो नेगेटिव रहा है। मतलब

[04:24:44] रीपोलराइजेशन हो रहा है। रीपोलराइजेशन में

[04:24:47] भी करंट के डायरेक्शन की वजह से चाहे

[04:24:50] पॉजिटिव हो चाहे नेगेटिव हो। लेकिन फाइनल

[04:24:53] केवल डायरेक्शन देखते हैं और डायरेक्शन

[04:24:55] ऊपर की तरफ बनती है जिसको बोला जाता है टी

[04:24:58] वेव। टी वेव यहां पे इसलिए बनता है

[04:25:01] क्योंकि रीपोलराइज हो रहा है। मतलब

[04:25:04] नेगेटिव हो रहा है।

[04:25:07] क्लियर?

[04:25:09] तो टी वेव कब बनती है? नेगेटिव होने पे।

[04:25:12] अब मैंने लास्ट आपको यह बात बताई थी कि जब

[04:25:15] सारी सेल ऐसे हो जाती हैं, पूरा रिपोलराइज

[04:25:20] हो जाता है तो सारे चैनल बंद हो जाएंगे।

[04:25:23] तीनों चैनल बंद हो जाएंगे। ऑल चैनल शट

[04:25:27] डाउन

[04:25:28] या ऑल चैनल क्लोज्ड। लास्ट में क्या होता

[04:25:32] है? जब सारे चैनल बंद हो जाते हैं तो सेल

[04:25:35] चली जाती है रेस्ट में। और रेस्ट में जाती

[04:25:38] है तो सीधी लाइन आएगी। कोई इलेक्ट्रिकल

[04:25:41] एक्टिविटी नहीं होगी। सीधी लाइन आएगी। तो

[04:25:43] इसको बोलते हैं टीपी सेगमेंट। इसको बोलते

[04:25:47] हैं टीपी सेगमेंट। इसको बोला जाता है सर

[04:25:50] टीपी सेगमेंट।

[04:25:52] रेस्ट के टाइम पे कोई करंट नहीं बहेगा।

[04:25:56] टीपी सेगमेंट आ गया। मतलब सेल ने रेस्ट

[04:25:59] लिया। वापस से कॉन्ट्रैक्शन स्टार्ट हुआ।

[04:26:02] पी वेव बनी। फिर वापस से एवी में गया। रे

[04:26:06] मतलब सीधी लाइन आई। फिर सेप्टल सेल

[04:26:08] रिपोलराइज हुआ। क्यू वेव आई। फिर आर वेव

[04:26:11] मेजर मायोसाइट में फास्ट कंडक्शन हुआ तो

[04:26:14] आर वेव बनी। एस वेव क्योंकि बेसल सेल में

[04:26:17] नेगेटिव डायरेक्शन होती है। तो इसलिए नीचे

[04:26:20] की तरफ आया। फिर आपने बोला प्लैट्यू फेस

[04:26:23] अर्ली रिपोलराइजेशन को नहीं नाप पाता।

[04:26:26] लेकिन प्लैट्यू फेस को नाप लेता है कि

[04:26:28] इसमें कुछ नहीं हो रहा। तो सीधी लाइन आ

[04:26:30] जाती है। फिर उसके बाद नेगेटिव होना शुरू

[04:26:33] होता है पर पॉजिटिव डायरेक्शन होती है। तो

[04:26:35] इसीलिए ऊपर को टी वेव बनती है। और लास्ट

[04:26:38] में लास्ट में क्या होगा? जब हमारी पूरी

[04:26:42] कार्डियक सेल रेस्ट लेगी तो उस समय कोई

[04:26:45] आदानप्रदान नहीं होता। एक सीधी लाइन आ

[04:26:48] जाती है टीपी सेगमेंट।

[04:26:51] क्या मेरी बात को समझ गए? यह एक कार्डियक

[04:26:54] साइकिल है। एक कार्डियक साइकिल के अंदर

[04:26:57] मेन इवेंट क्या होता है? एक कार्डियक

[04:27:00] साइकिल के अंदर अगर आप कभी भी पढ़ोगे

[04:27:03] तो आपको क्या देखने को मिलेगा बताओ?

[04:27:09] एक कार्डियक साइकिल के अंदर अगर आप कभी भी

[04:27:12] पढ़ोगे ना कभी भी एनी टाइम

[04:27:20] तो आपको क्या देखने को मिलेगा पता है?

[04:27:23] सबसे पहले पी वेव देखने को मिलेगी जो

[04:27:26] एट्रियल डीपोलराइजेशन को दर्शाती है। फिर

[04:27:30] आपको पीआर सेगमेंट मिलेगा जो आपको एवी नोड

[04:27:35] का डीपोलराइजेशन दिखाएगा। फिर आपको क्यू

[04:27:39] वेव मिलेगी जो सेप्टल सेल का जो सेप्टल का

[04:27:43] डीपोलराइजेशन दिखाता है। फिर आपको आर वेव

[04:27:46] मिलेगी जो मेजर मायोसाइट का डीपोलराइजेशन

[04:27:49] दिखाती है। फिर आपको एस वेव मिलेगी। जो

[04:27:53] आपको बेसल सेल का डीपोलराइजेशन दिखाएगी।

[04:27:56] फिर आपको एस के बाद एसटी सेगमेंट मिलेगा

[04:28:00] जो प्लैट्यू फेस को दिखाएगा। उसके बाद टी

[04:28:03] वेव किसको दिखाती है सर? रिपोलराइज होने

[04:28:06] को दिखाती है।

[04:28:09] और सर टीपी सेगमेंट किसको दिखाता है सर?

[04:28:12] टीपी सेगमेंट दिखाता है आपके कंप्लीट

[04:28:15] रेस्ट को।

[04:28:22] थोड़ा सा समझ में आया या पूरा समझ में

[04:28:24] आया? ईमानदारी से बताओ। बुरा थोड़ी ना

[04:28:27] मानना है मैंने। तुम्हें नहीं आया तो

[04:28:29] तुम्हारी गलती। अरे मजाक कर रहा हूं। मेरी

[04:28:31] गलती है। ठीक है। तुम ईमानदारी से बता

[04:28:34] सकते हो।

[04:28:42] क्लियर?

[04:28:54] तो पता चला ईसीजी कैसे बनती है।

[04:28:59] समझ गए? ये होती है बात। ठीक है? अब सुनो।

[04:29:05] अब सुनो मैं क्या बताने जा रहा हूं। मतलब

[04:29:09] पी वेव आना। पॉइंट नंबर वन पॉइंट नंबर टू

[04:29:12] PR सेगमेंट आना। पॉइंट नंबर थ्री क्यू वेव

[04:29:16] आना। पॉइंट नंबर फोर आर वेव आना। पॉइंट

[04:29:19] नंबर फाइव एस वेव आना। पॉइंट नंबर सिक्स।

[04:29:23] अच्छा Q आर एस को एक में लिख देते हैं।

[04:29:26] तीसरे नंबर पे मैं क्यू आर एस लिख रहा

[04:29:28] हूं। वेंट्रिकुलर डीपोलराइजेशन बोल देंगे।

[04:29:31] चौथा पॉइंट एसटी सेगमेंट। पांचवा पॉइंट टी

[04:29:35] वेव और छठा पॉइंट टीपी सेगमेंट। मेन आपकी

[04:29:39] ईसीजी में इतना होने में ही 0.80

[04:29:43] सेकंड लगते हैं। कैसे बताया सर आपने?

[04:29:48] कैसे बताया? देखो पहले के जो चार है ना

[04:29:51] उनका टाइम बताता हूं। पी वेव बनने में

[04:29:53] 0.10 सेकंड। PR बनने में भी 0.10 सेकंड।

[04:29:59] QRS बनने में भी 0.10 सेकंड। एसटी सेगमेंट

[04:30:04] बनने में भी 0.10 सेकंड। T वेव बनने में

[04:30:08] लगता है 0.20 सेकंड और TP बनने में भी लग

[04:30:12] जाता है 0.20 सेकंड।

[04:30:15] अगर आपको याद करना हो ये एग्जाम में आता

[04:30:17] है। इससे आसान कोई तुम्हें नहीं बता

[04:30:19] पाएगा। पहले के चार 10 10 10 40 हो गए।

[04:30:24] लास्ट के दो T और TP 2020 0.80 या इसको

[04:30:28] 0.8 भी लिख सकते हो। पर साइकिल एक साइकिल

[04:30:31] में 0.80 सेकंड का समय लगता है और उसमें

[04:30:35] ये इवेंट होने चाहिए। ये इवेंट होने

[04:30:39] चाहिए।

[04:30:50] क्लियर

[04:30:56] इतना आसान है पहले के चार 0.10 0.10

[04:31:01] लास्ट का 20 0.80

[04:31:05] बात खत्म। अब मैं तुम्हें क्या बताने वाला

[04:31:08] हूं पता है? थोड़ी देर में। अब मैं

[04:31:10] तुम्हें यह भी बताने वाला हूं कि भैया

[04:31:14] ईसीजी देख के ही तुम कैसे निकाल सकते हो

[04:31:17] हार्ट रेट को।

[04:31:20] ठीक है?

[04:31:22] ईसीजी देख के ही तुम कैसे निकाल सकते हो?

[04:31:25] सर पीआर इंटरवल तो 0.12 से 0 12 से 18

[04:31:31] होता है। ऐसा कुछ बता रहे हो ना मुझे?

[04:31:35] वो एक रेंज के अंदर। ठीक है? तो 0.10 या

[04:31:40] 0.120

[04:31:41] याद रखने के लिए यह सटीक वैल्यू है। मैं

[04:31:44] जानता हूं PR इंटरवल कहीं पर लिखा होगा

[04:31:47] 0.12 वो भी सही है। पर याद करने के लिए

[04:31:50] ऐसे याद कर लेना एग्जाम में काम आएगा।

[04:31:52] मेरे को भी पता है PR इंटरवल 0.12 होता

[04:31:56] है। पर याद करने के लिए यह बेस्ट है।

[04:32:00] किसी बुक में PR PR मैक्सिमम जाता है 0.20

[04:32:05] मैंने ऐसे याद किया था 12 से 20 ये जाता

[04:32:08] है पर इसका ये एक रेंज में है। 0.10 भी

[04:32:13] नॉर्मल है। तो इसमें घबराने वाली बात नहीं

[04:32:15] है। 12 से 20 सबसे सटीक आंसर है। याद करने

[04:32:19] के लिए यह है। ओके।

[04:32:23] अब मैं तुम्हें बताऊंगा कि अगर तुम्हें

[04:32:27] ईसीजी को देख के पता लगाना है। अगर

[04:32:30] तुम्हें ईसीजी समझ में आ गई है तो मैं

[04:32:32] तुम्हें अब्नॉर्मल ईसीजी तब बताऊंगा। पहले

[04:32:35] मैं तुम्हें बताऊंगा कि ईसीजी से आखिर

[04:32:37] कैसे हार्ट रेट को कैलकुलेट करते हैं।

[04:32:45] हार्ट रेट कैलकुलेशन

[04:32:50] वाला ईसीजी। पहले तुम्हें मैं इमेज दिखाता

[04:32:52] हूं तब तुम्हें समझ में आ जाएगा।

[04:33:18] इससे लेते हैं पहले। ठीक है? अब ईसीजी से

[04:33:22] हार्ट रेट कैसे निकाल सकते हो? इस बार के

[04:33:24] नरसेट में आया था। देखा था तुमने?

[04:33:27] लास्ट टाइम का जो नसेट था उसमें आया था।

[04:33:42] पहले इस इमेज को देखो ध्यान से।

[04:33:49] देखो कभी भी पहले कुछ बेसिक बातें सीखो

[04:33:52] ईसीजी के पेपर के बारे में। अब ऐसी कोई

[04:33:55] ईसीजी है मान लो तुम्हें जो आई है तो तुम

[04:33:58] इससे कैसे निकाल सकते हो? इससे कैसे निकाल

[04:34:01] सकते हो हार्ट रेट को? ठीक है? कैसे निकाल

[04:34:05] सकते हो?

[04:34:07] अब सुनो

[04:34:09] ईसीजी में आपको एक बड़ा बॉक्स दिख रहा

[04:34:11] होगा। इसको मैं यहां पे बना रहा हूं ज़ूम

[04:34:13] करके।

[04:34:15] ठीक है? एक बॉक्स निकाल दिया मैंने यह

[04:34:17] वाला। इसको मैं ऐसे कर रहा हूं। अब इसके

[04:34:19] अंदर आप देखोगे तो जनरली आपको चारों तरफ

[04:34:22] से पांच बॉक्स दिखेंगे।

[04:34:27] चारों तरफ से नीचे से नापोगे एक दो तीन

[04:34:32] चार और पांच। 1 2 3 4 5 और ऐसे नापोगे 1 2

[04:34:37] 3 4 5 तो अगर आपसे पूछा जाए कि ईसीजी के

[04:34:41] अंदर अब ईसीजी तो चलेगी एक ही में ना। अब

[04:34:44] ऐसे नहीं कि आप ये बोलो एक बॉक्स के अंदर

[04:34:46] 25 होते हैं। ना ना आपको ये मान के चलना

[04:34:49] है कि ईसीजी में हम ये पांच बॉक्स का ही

[04:34:52] यूज करेंगे सीधे-सीधे वाले ऐसे

[04:34:56] क्लियर

[04:34:58] तो आप ये बोलोगे कि एक लार्ज बॉक्स अगर है

[04:35:03] तो एक लार्ज बॉक्स के अंदर पांच स्मॉल

[04:35:06] बॉक्स होते हैं। आप ऐसा बोलोगे

[04:35:11] चाहे आप ऐसे नापो चाहे ऐसे नापो

[04:35:14] क्योंकि आपकी ईसीजी एक ही डायरेक्शन में

[04:35:16] जा रही है। तो आप ये मान के चलोगे कि एक

[04:35:20] बड़े बॉक्स के अंदर अगर हम मेनली माने तो

[04:35:23] एक बड़े बॉक्स में पांच छोटे-छोटे बॉक्स

[04:35:27] होते हैं। पहली बात समझ आई? ध्यान से

[04:35:30] सुनना। गलत मत करो। अभी आंसर मत दो। अभी

[04:35:32] कुछ नहीं। सिंपल बात।

[04:35:36] ठीक है? अब आगे बढ़ता हूं मैं और आगे

[04:35:39] बढ़ता हूं। अब जब आप देखोगे मैंने एक बड़ा

[04:35:43] बॉक्स बनाया और इसके बीच का वो पांच बॉक्स

[04:35:47] ले लिए। 1 2 3 4

[04:35:52] अरे यार थोड़ा सा और आगे करना पड़ेगा इसको

[04:35:55] अब।

[04:35:57] ठीक है? ये हो गए चार। और ये हो गए पांच।

[04:36:02] यह पांच बॉक्स हैं। तो हर बॉक्स का साइज

[04:36:06] अगर आप देखोगे तो एक बॉक्स होता है 1 एमएम

[04:36:09] का और दो बॉक्स होता है ये भी 1 एमएम का।

[04:36:13] ये भी 1 एमएम का एक एमएम का ये 1 एमएम का।

[04:36:16] तो क्या अगर मैं आपसे पूछूं एक स्मॉल

[04:36:20] बॉक्स कितने एमएम का होता है? तो आप क्या

[04:36:23] बोलोगे? एक छोटा सा स्मॉल बॉक्स कितने

[04:36:26] एमएम का होता है? तो आप बोलोगे 1 एमएम का।

[04:36:29] और वही मैं पूछ लूं एक लार्ज बॉक्स कितने

[04:36:32] एमएम का होता है? तो आप बोलोगे एक लार्ज

[04:36:36] बॉक्स में पांच यानी कि 5 एमएम।

[04:36:40] क्या दूसरा पॉइंट समझ में आया? धीरे-धीरे

[04:36:43] समझो पहले बात को। दोबारा बता रहा हूं।

[04:36:46] देखो

[04:36:48] ईसीजी के अंदर हमने देखा कि एक बड़ा बॉक्स

[04:36:51] था। उस बड़े बॉक्स के अंदर ऐसे बहुत सारे

[04:36:54] छोटे-छोटे बॉक्स थे। अगर हमसे कोई पूछे हम

[04:36:57] सीधी लाइन वाले ही काउंट करते हैं।

[04:37:02] तो एक बड़े बॉक्स के अंदर हमने देखा पांच

[04:37:04] छोटे-छोटे बॉक्स हैं। फिर थोड़ा डिटेल में

[04:37:08] और गए हम। हमने देखा वो एक छोटा बॉक्स जो

[04:37:11] है वो 1 एमएम का है। तो ऐसे अगर पांच

[04:37:15] बॉक्स हैं तो मैं बोल सकता हूं एक लार्ज

[04:37:17] बॉक्स 5 एमएम का है।

[04:37:24] क्लियर?

[04:37:26] अब सुनो

[04:37:28] यहां तक क्लियर हो गया।

[04:37:31] अब एक और बात समझो मेरी।

[04:37:35] जो ईसीजी पेपर है ईसीजी पेपर की जो स्पीड

[04:37:40] होती है ना स्पीड

[04:37:44] वो कितनी होती है पता है? 25

[04:37:47] एमएम

[04:37:49] पर सेकंड

[04:37:52] 1 सेकंड में 25 एमएम पेपर को भर देता है

[04:37:56] वो। 25 एमएम पेपर पे प्रिंट कर देता है।

[04:38:00] सर ये क्यों बता रहे हो? ये थोड़ा टफ नहीं

[04:38:02] हो रहा। नहीं नहीं नहीं। सिंपल से समझो जो

[04:38:04] तीसरा पॉइंट बता रहा हूं। ईसीजी पेपर की

[04:38:07] स्पीड वैसे हम 50 भी कर सकते हैं। 100 भी

[04:38:09] 200 जितना हम चाहें। ठीक है? पर नॉर्मल जो

[04:38:13] स्पीड होती है ईसीजी पेपर की वो होती है

[04:38:15] 25 एमm पर सेकंड क्लियर

[04:38:20] क्लियर

[04:38:24] अब मुझे यह बता दो फिर अगर मैं 1 मिनट तक

[04:38:28] लगातार प्रिंट करूं

[04:38:32] 1 मिनट तक लगातार अगर मैं प्रिंट करूं तो

[04:38:35] कितने एमएम हो जाएगा

[04:38:39] पर मिनट 1 मिनट मिनट में कितना ईसीजी पेपर

[04:38:43] प्रिंट हो जाएगा? मुझे यह बता दो। बस इतना

[04:38:46] बता दो। 1 सेकंड में अगर 25 हो रहा है तो

[04:38:50] 1 मिनट में कितना ईसीजी पेपर प्रिंट हो

[04:38:53] जाएगा?

[04:39:10] आप यही तो बोलोगे सर 1 सेकंड में 25 हो

[04:39:15] रहा था। अब 60 सेकंड में कितना होगा?

[04:39:19] यही तो आंसर आएगा।

[04:39:24] यस। आप बोलोगे 1500 एमएम।

[04:39:28] 1 मिनट में 1500 एमएम प्रिंट हो जाता है।

[04:39:32] मैं क्या बोल रहा हूं? 1 मिनट में 1500

[04:39:35] एमएम पेपर प्रिंट हो जाता है। अच्छा 1500

[04:39:39] एमएम का मतलब कितने ला कितने स्मॉल बॉक्स?

[04:39:44] 1500 एमएम का मतलब कितने स्मॉल बॉक्स? आप

[04:39:47] बोलोगे सर 1500 स्मॉल बॉक्स।

[04:39:51] यह तो कोई डाउट नहीं है। अच्छा मुझे बताओ

[04:39:54] अगर मैं यह पूछूं 1 मिनट के अंदर कितने

[04:39:59] लार्ज बॉक्स प्रिंट होते हैं? तब आप क्या

[04:40:02] बताओगे? 1 मिनट के अंदर कितने लार्ज बॉक्स

[04:40:05] होते हैं? तब आप क्या करोगे?

[04:40:25] आप यही तो करोगे सर 1500 डिवाइडेड बाय 5

[04:40:30] यानी कि 300 लार्ज बॉक्स 300 लार्ज बॉक्स

[04:40:35] प्रिंट होंगे

[04:40:37] 1 मिनट में कितने लार्ज बॉक्स प्रिंट

[04:40:39] होंगे 300 लार्ज बॉक्स

[04:40:43] तो कभी भी अगर आपको हार्ट रेट निकालनी

[04:40:45] पड़े ना तो हार्ट रेट हमेशा हम पर मिनट

[04:40:48] में ही निकालते

[04:40:50] पर सर अगर 1 मिनट में निकालेंगे तब तो

[04:40:54] 1500 एमएम पेपर लगेगा ना 1500 एमएम पेपर

[04:40:59] लगेगा और जो बहुत लंबा चौड़ा होगा इतना

[04:41:02] बड़ा इतनी बड़ी ईसीजी निकल जाएगी किसी की

[04:41:07] मेरी बात समझ रहे हो अच्छा तो 1500 एमएम

[04:41:11] तो यह तो बहुत बड़ा हो गया वेरी लार्ज

[04:41:15] पेपर हो जाएगा यह बहुत ही लार्ज पेपर हो

[04:41:18] जाएगा

[04:41:20] तो इससे बचने के लिए हम क्या करते हैं?

[04:41:23] इससे बचने के लिए हम क्या करते हैं? सर हम

[04:41:26] अगर 1 मिनट तक लगातार ईसीजी निकालते रहे

[04:41:29] वो तो बहुत लंबा ईसीजी हो जाएगा। तो हम ये

[04:41:32] करते हैं यार कि 1 मिनट में तो बहुत लंबी

[04:41:35] चौड़ी ईसीजी निकल जाएगी। एक काम करते हैं

[04:41:39] हम केवल 6 सेकंड की ईसीजी निकालते हैं। 6

[04:41:43] सेकंड की ईसीजी। तो मुझे बताओ 6 सेकंड की

[04:41:48] ईसीजी में कितने लार्ज बॉक्स होंगे और

[04:41:52] दूसरा कितने स्माल बॉक्स होंगे?

[04:41:56] जब आप 6 सेकंड की ईसीजी निकालोगे कितने

[04:41:58] लार्ज बॉक्स होंगे और कितने स्मॉल बॉक्स

[04:42:01] होंगे?

[04:42:05] 6 सेकंड की क्यों निकाल रहे हैं पता है?

[04:42:07] क्योंकि 60 सेकंड की बहुत लंबी ईसीजी हो

[04:42:10] जाएगी। तो इसीलिए हम 6 सेकंड की निकाल

[04:42:12] लेते हैं। उसी से अंदाजा लगा लेते हैं।

[04:42:15] जैसे अब आपके हॉस्पिटल में आप किसी वार्ड

[04:42:17] में काम कर रहे हो। आपको मैंने बोला कि हर

[04:42:21] एक की पल्स लेनी है।

[04:42:24] तो आप क्या हर एक की पूरे 1 मिनट तक पल्स

[04:42:26] थोड़ी ना देखते हो। आप 15 20 सेकंड देख के

[04:42:29] बता देते हो कि इसकी पल्स कितनी है? जैसे

[04:42:31] 15 सेकंड में उसकी 20 आ रही है। तो 60

[04:42:34] सेकंड में ऑब्वियसली 80 हो जाएगी।

[04:42:38] तो ऐसे ही हम बाकी को अज्यूम कर लेते हैं

[04:42:41] कि इतने में इतनी आई है तो बाकी में कितनी

[04:42:43] आएगी?

[04:42:45] यस यस यस यस तो 6 सेकंड में लार्ज बॉक्स

[04:42:51] केवल होंगे 30 30 लार्ज बॉक्स।

[04:42:55] इससे ही आप अंदाजा लगा लोगे। और स्मॉल

[04:42:58] बॉक्स की बात करोगे 150 स्मॉल बॉक्स। तो

[04:43:02] कभी भी ज्यादातर जो हम स्टैंडर्ड ईसीजी

[04:43:05] यूज़ करते हैं ना स्टैंडर्ड ईसीजी यूज करते

[04:43:08] हैं ना। स्टैंडर्ड ईसीजी में हम पर मिनट

[04:43:11] नहीं लेते। उसमें हम केवल 6 सेकंड की

[04:43:14] ईसीजी लेते हैं।

[04:43:17] 6 सेकंड की ईसीजी से ही हमें पता लग जाता

[04:43:19] है कि पेशेंट की हार्ट रेट कितनी है। पर

[04:43:22] याद रखना मैं एक और बात हाईलाइट करके बता

[04:43:25] रहा हूं। हार्ट रेट हमेशा पर मिनट में ही

[04:43:27] बताई जाएगी। जितनी भी आएगी।

[04:43:32] समझ रहे हो? तो अगर आप बोलोगे सर यह 660

[04:43:36] का कितना टाइम है? तो 10 तो जो भी आपका

[04:43:40] ईसीजी में हार्ट रेट आएगा उसको आप 10 से

[04:43:42] मल्टीप्लाई करोगे। सर आप फटाफट बता दो।

[04:43:45] इतना टाइम नहीं है हार्ट रेट निकालने में।

[04:43:49] ओके।

[04:43:51] अब मैं आपको काम देता हूं।

[04:43:54] अब मैं आपको काम देता हूं। जैसे सपोज

[04:44:40] एक एग्जांपल देता हूं आपको तो आपको ईजीली

[04:44:43] समझ में आ जाएगा मैं क्या कहना चाह रहा

[04:44:45] हूं। हार्ट रेट कैलकुलेशन का सबसे पहला

[04:44:49] फार्मूला मैं आपको बताने जा रहा हूं।

[04:45:12] देख लेते हैं आया कि नहीं

[04:45:16] अभी आया नहीं

[04:45:22] आ गया होगा अब

[04:45:35] नहीं आया क्यों नहीं आया नहीं पता

[04:45:52] ओके ओके चलो चलो आ गया है। अब देखो

[04:45:58] ये एक ईसीजी है।

[04:46:01] ठीक है? सबसे पहले कभी भी आप हार्ट रेट

[04:46:04] निकालो तो पहला फार्मूला क्या कहता है? वो

[04:46:06] ध्यान से सुनना। सबसे पहले आप यह समझो

[04:46:09] मुझे 6 सेकंड की ईसीजी निकालनी है। तो

[04:46:12] मेरे पास 30 बॉक्स होने चाहिए। आप कितने

[04:46:15] बॉक्स गिनोगे? सबसे पहले नंबर ऑफ बॉक्स

[04:46:18] गिनोगे। देखो यहां पे एक मार्क बना हुआ

[04:46:20] है। तो यहां से गिनना शुरू करो। 30 बॉक्स

[04:46:23] गिनो सबसे पहले। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11

[04:46:30] 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24

[04:46:39] 25 26 27 28 29 और 30 इसलिए यहां पे मार्क

[04:46:45] बना हुआ है। मतलब 6 सेकंड के ईसीजी में 30

[04:46:50] लार्ज बॉक्स आपको दिखाई देंगे। 30 बॉक्स

[04:46:53] आपको मिले। पहला सिंपल। अब आपको क्या करना

[04:46:58] है? उसमें आर वेव काउंट करनी है। एक आर

[04:47:01] वेव, दो आर वेव, तीन आर वेव, चार आर वेव,

[04:47:03] पांच आर वेव, छह आर वेव, सात, 8, 9, 10,

[04:47:07] 11 इसको नहीं गिनेंगे क्योंकि ये बाहर है।

[04:47:10] 30 बॉक्स के बाहर है। फिर आपने 30 बॉक्स

[04:47:13] में आर वेव गिन लिए। तो मेरे पास 1 2 3 4

[04:47:18] 5 6 7 8 9 10 11 मेरे पास 11 आर वेव हैं।

[04:47:25] तो 11 आर वेव तो 6 सेकंड में है। अगर मुझे

[04:47:29] 1 मिनट का हार्ट रेट निकालना है तो मुझे

[04:47:32] इसको मल्टीप्लाई करना पड़ेगा 10 से। तभी

[04:47:35] तो 60 का निकल जाएगा।

[04:47:38] यह 6 सेकंड का है। अगर आपको हार्ट रेट

[04:47:41] निकालनी है तो हमेशा आर वेव जितनी भी आ

[04:47:44] रही हैं उसको 10 से मल्टीप्लाई कर दो।

[04:47:48] जैसे ये 11 आर वेव थी 30 बॉक्स के अंदर तो

[04:47:52] आपने क्या किया? इसको 10 से मल्टीप्लाई

[04:47:54] क्यों किया? क्योंकि आपको 60 सेकंड का

[04:47:57] निकालना है और 6 10 60 होता है।

[04:48:02] इसीलिए आपने इसको 10 से मल्टीप्लाई किया।

[04:48:06] समझ रहे हो?

[04:48:08] तो 11 थे 11 * 10 मतलब इस ईसीजी को देख के

[04:48:12] हम बता सकते हैं कि सर 110 हार्ट बीट आ

[04:48:16] रही है पर मिनट। समझ गए?

[04:48:20] अब अगर एक और एग्जांपल मिल जाता कहीं पे

[04:48:22] तो मजा आ जाता। एक और एग्जांपल शुरू करते

[04:48:25] हैं। एक और एग्जांपल।

[04:48:32] [संगीत]

[04:49:16] अच्छा मुझे यह वाला बताओ। अब अब आपके लिए

[04:49:20] सवाल यह है। मुझे यह वाला बताओ।

[04:49:23] इसको देख के हार्ट रेट निकालो।

[04:49:27] मैं गिन

[04:49:30] इसको देख के हार्ट रेट निकालो। मैं गिन

[04:49:30] लेता हूं। कहीं 30 ना हुए तो

[04:49:35] 30 नहीं हुए तो मान लेंगे। ठीक है?

[04:49:39] 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16

[04:49:49] 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29

[04:50:01] मान लो एक यह भी है। ठीक है? इसको यहां से

[04:50:04] मान लो।

[04:50:06] एक यह 30 हो गया। यह 30 ही है। पूरा यह

[04:50:09] मानो आप यह 30 है। अब मुझे कैलकुलेट करके

[04:50:12] बताओ कितना आएगा इसको 30 मान के। पहला रूल

[04:50:16] हमेशा याद रखना। पहले बॉक्स काउंट करना वो

[04:50:19] होने चाहिए 30 बॉक्स। 30 लार्ज बॉक्स।

[04:50:24] फिर इसके बाद रूल याद रखना। आर वेव काउंट

[04:50:29] करने हैं। 30 बॉक्स के अंदर। 30 बॉक्स के

[04:50:32] अंदर ही आर वेव काउंट करने हैं। 30 बॉक्स

[04:50:35] के बाहर वाले आर वेव नहीं गिनने हैं। फिर

[04:50:38] तीसरा उसको 10 से मल्टीप्लाई कर देना है।

[04:50:42] बस सिंपल आंसर आ जाएगा। किसी का 80 आ रहा

[04:50:45] है। किसी का 90 आ रहा है। किसी का 100 भी

[04:50:47] आ रहा है। कैसे आ रहा है? पर ये

[04:50:51] एक आर वेव दो आर वेव 3 4 5 6 7 8 आठ आ रहे

[04:50:56] हैं। तो मुझे 75 कैसे आ गए तुम्हारे? 75

[04:51:01] कैसे आ गए? मुझे यह बताना। आठ आर वेव नहीं

[04:51:04] दिख रही है क्या?

[04:51:08] पहला फार्मूला था। आपने बोला आठ आर वेव

[04:51:11] हैं। उसको मल्टीप्लाई कर दो 10 से तो पर

[04:51:14] मिनट 80 बीट पर मिनट की स्पीड आ रही है।

[04:51:21] दीप्ति से ही 800 कैसे आ गए बेटा

[04:51:24] तुम्हारे? 800 स्पीड हो गए तो जिंदा रहेगा

[04:51:26] क्या आदमी?

[04:51:29] तारा बन जाएगा।

[04:51:33] यह 75 वालों के कैसे आ रहे हैं? यह खुद से

[04:51:35] मल्टीप्लाई कर रहे हैं क्या? पहले मैं जो

[04:51:38] फार्मूला बता रहा हूं उसके अकॉर्डिंग ही

[04:51:40] करो। मैं जानता हूं बहुत इंटेलिजेंट हो।

[04:51:43] 300 * 4 300 * पता नहीं क्या कर रहे हो।

[04:51:48] बोला मैंने ऐसा तुम्हें ऐसा करने के लिए।

[04:51:50] पहले जो फार्मूला बता रहा हूं वही यूज़

[04:51:53] करना है। अब सुनो।

[04:51:56] अब दूसरा फार्मूला यूज करते हैं।

[04:52:00] अब आपसे क्वेश्चन पूछा।

[04:52:04] अब आपसे सवाल पूछा कोई दूसरा वाला।

[04:52:26] अब आपको एक और सवाल आया।

[04:52:29] अब आपके पास एक दूसरा फार्मूला भी होता

[04:52:32] है। उस फार्मूला को हम अभी यूज़ करेंगे।

[04:52:38] यह फार्मूला है नॉर्मली।

[04:52:40] पहले इसको देखो आराम से। तब हम डिस्कस

[04:52:44] करेंगे।

[04:52:45] यह आपके पास 30 बॉक्स हैं। अब यह फार्मूला

[04:52:48] नहीं लगाना आपने। ठीक है? अभी यह 30 बॉक्स

[04:52:51] सपोज करो कई बार आपके पास ऐसा होगा बॉक्स

[04:52:54] नहीं होंगे। तब आप क्या करोगे? दूसरा

[04:52:57] फार्मूला यूज़ करोगे। दूसरा फार्मूला।

[04:53:01] दूसरा फार्मूला क्या है? लार्ज बॉक्स

[04:53:06] बिटवीन

[04:53:08] टू आर वेव।

[04:53:12] लार्ज बॉक्स बिटवीन टू आर वेव

[04:53:18] डिवाइडेड बाय डिवाइडेड बाय 300 300 कहां

[04:53:24] से आया सर? 30 सेकंड की ईसीजी में सॉरी 1

[04:53:27] मिनट की ईसीजी में 300 बॉक्स आते हैं। तो

[04:53:30] यहां पे आपको कुछ मल्टीप्लाई नहीं करना।

[04:53:32] सीधे डिवाइड कर देना है। अब आंसर लगाओ।

[04:53:37] डिवाइडेड बाय 300। अब यहां पे आपको क्या

[04:53:40] करना है? ये दो आर वेव के बीच में ये एक

[04:53:43] आर वेव है। आर वेव वन, आर वेव टू। इसके

[04:53:46] बीच में लार्ज बॉक्स कितने हैं? एक दो

[04:53:51] तीन और 3.5

[04:53:54] मतलब चार समझ लो आप। ठीक है? चार समझ लो।

[04:53:57] 1 2 3 मतलब चार समझ लो। आधा यहां है, आधा

[04:54:00] वहां है। तो अगर आपसे कोई बोले कि दो आर

[04:54:04] वेव हैं और दो आर वेव के बीच में जो लार्ज

[04:54:08] बॉक्स हैं वो चार हैं। तब आप सिंपल

[04:54:11] फार्मूला लगाओगे 300

[04:54:14] बाय 4 तो आपको आंसर आ जाएगा सीधे।

[04:54:19] अब आपका आंसर आएगा सीधे। तो दूसरा

[04:54:21] फार्मूला यह है। आंसर आ जाएगा 75।

[04:54:25] तो फार्मूला नंबर टू क्या कहता है? R वेव

[04:54:28] कितने हैं बीच में? अगर आप लार्ज बॉक्स

[04:54:31] काउंट कर रहे हो तो अगर आप लार्ज बॉक्स

[04:54:35] काउंट कर रहे हो तो अब एक तीसरा फार्मूला

[04:54:38] और आता है। तीसरा फार्मूला और आता है।

[04:54:41] तीसरा फार्मूला क्या है? इसी पे बता रहा

[04:54:43] हूं। ध्यान दो। हार्ट रेट कैलकुलेशन का

[04:54:46] तीसरा फार्मूला।

[04:54:48] तीसरा फार्मूला इसको देख लो ध्यान से।

[04:54:55] अब जो तीसरा फार्मूला है वह है स्मॉल

[04:54:58] बॉक्स वाला फार्मूला। स्मॉल बॉक्स और 1

[04:55:01] मिनट में स्मॉल बॉक्स होते हैं 1500।

[04:55:04] स्मॉल बॉक्स बिटवीन टू आर वेव दो आर वेव

[04:55:07] के बीच में कितने हैं? डिवाइडेड बाय 1500।

[04:55:10] जब भी स्मॉल बॉक्स काउंट करेंगे तो 1500

[04:55:13] से डिवाइड करेंगे। क्योंकि 1 मिनट में

[04:55:16] 1500 एमएम ईसीजी प्रिंट होती है। 1500

[04:55:19] एमएम

[04:55:23] ठीक है? एग्जाम में कौन सा अप्लाई करना

[04:55:25] है? एग्जाम में जो सिंपल लगे सबसे वह

[04:55:27] अप्लाई करो। सबसे आंसर सेम ही आएगा। ठीक

[04:55:30] है? वैसे सबसे एक्यूरेट तो ये वाला होता

[04:55:33] है। पर यह वाला कम ट्राई करना क्योंकि

[04:55:36] इसके गलत होने के चांस भी उतने ज्यादा

[04:55:38] रहते हैं। अब ये एक्यूरेट क्यों रहता है

[04:55:41] ना? इसमें हम छोटे बॉक्स काउंट करते हैं।

[04:55:44] अब मुझे तो नहीं दिख रहे पर आपको दिखेंगे

[04:55:46] तो वो अलग बात है। जैसे मैं यहां गिन पा

[04:55:49] रहा हूं। छोटे बॉक्स कितने हैं? 1 2 3 4 5

[04:55:53] 6 7 8 9

[04:55:57] 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 तो मुझे

[04:56:03] यहां पे इतना एक्यूरेसी मिल रहा है। देखो

[04:56:05] वैसे 20 मान के चलो। ठीक है? देखो दोबारा

[04:56:08] नापता हूं। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13

[04:56:14] 14 15 16 17 18 19 के आसपास आ रहे हैं।

[04:56:19] ठीक है? तो राउंड ऑफ अगर आप 19 मानोगे तो

[04:56:22] सबसे एक्यूरेट आएगा। पर आप मान के चलो 20

[04:56:26] आप मान के क्या चलो 20 आ रहे हैं लगभग

[04:56:28] लगभग। तो जब आप ऐसा मानोगे 1500 / 20 अब

[04:56:34] आंसर करो।

[04:56:36] 1500 / 20 दो आर वेव के बीच में 20 है तो

[04:56:42] बताओ कितना आएगा?

[04:56:45] अब बताओ आंसर

[04:56:48] 1500/

[04:56:49] 20

[04:56:55] यस

[04:56:56] आ गया 75

[04:57:03] क्लियर तो आप बड़े बॉक्स वाले देख लेना

[04:57:05] जिनको समझ में आ रहा है जिनको टफ लग रहा

[04:57:08] है वो सिंगल बॉक्स वाले कर लो तो 1500 बाय

[04:57:11] तब भी आपका आंसर आएगा 75 बी पर मिनट इसको

[04:57:15] थोड़ा ज्यादा एक्यूरेट माना जाता है। पर

[04:57:18] मेरा सुझाव आपके लिए है। एग्जाम में टफ

[04:57:20] नहीं देता है वो। तो एग्जाम में आंसर

[04:57:22] ज्यादातर

[04:57:24] आप उसके अकॉर्डिंग ही मानना। क्लियर?

[04:57:31] तो अगर वो अलग-अलग नहीं देगा। 75

[04:57:34] क्लियर? तो अगर वो अलग-अलग नहीं देगा। 75

[04:57:34] और 80 ऐसा नहीं देगा वो। या तो 80 देगा या

[04:57:38] 75 देगा। अगर आपको थोड़ा बहुत भी समझ में

[04:57:40] आ रहा है तो आंसर आपका सही जाएगा। क्लियर

[04:57:43] है? और यह तब होगा जब आपके पास 30 बॉक्स

[04:57:46] नहीं भी हैं। सपोज आपके पास 30 बॉक्स नहीं

[04:57:49] होते। मैं मानता हूं सपोज़ करो ऐसा होता

[04:57:52] आपके पास। अब तो आपके पास 11 से 30 मतलब

[04:57:55] ये लगभग 20 ही बॉक्स है। तब भी आप पता लगा

[04:57:58] सकते हो। एक ही बॉक्स है तब भी आप पता लगा

[04:58:00] सकते हो। समझ रहे हो? आरआर वेव के बीच में

[04:58:03] काउंट कर लो। आपको समझ में आ जाएगा। मैंने

[04:58:06] तीनों चीजें बता दी हैं। मोस्ट एक्यूरेट

[04:58:08] लास्ट वाला है जिसमें हम छोटे बॉक्स काउंट

[04:58:10] करते हैं। लगभग एक ही आता है बाकी। ठीक

[04:58:14] है?

[04:58:16] तो ये था क्या आपको ईसीजी काउंट करना आ

[04:58:19] गया?

[04:58:21] क्या आपको ईसीजी काउंट करना आया?

[04:58:28] कि नहीं?

[04:58:30] अच्छा। तो हमने ईसीजी वेवफॉर्म कैसे देखी?

[04:58:33] देखो ध्यान से। ईसीजी वेवफॉर्म हमने कैसे

[04:58:36] देखी? हमने यह देखा कि जब आपका पी वेव आती

[04:58:40] है तो एट्रियल पोलराइजेशन होता है। फिर

[04:58:43] एवी नोड में जाता है तो पीआर सेगमेंट बनता

[04:58:46] है। फिर क्यू वेव कब बनती है? सेप्टल सेल

[04:58:48] डीपोलराइजेशन पे। फिर आर वेव कब बनती है?

[04:58:52] क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स होने पे। फिर एस

[04:58:55] वेव कब बनती है? एस वेव कब बनती है? बताओ

[04:58:59] जल्दी से। एस वेव कब बनती है?

[04:59:04] एस वेव तब बनती है जब क्या होता है? देखो

[04:59:08] एस वेव तब बनती है जब हमारा बेसल सेल

[04:59:12] डीपोलराइज होता है। जब रीपोलराइजेशन

[04:59:15] स्टार्ट होता है तो टी वेव बनती है। देखो

[04:59:17] नेगेटिव होना स्टार्ट हो गया तो टी वेव बन

[04:59:20] रही है। ठीक है? और लास्ट में यह बनता है

[04:59:22] टीपी सेगमेंट। यस। ओके।

[04:59:28] अब आगे बात करते हैं। एक वर्ड आता है

[04:59:30] हमारे लिए साइनस रिदमम।

[04:59:33] अगर आपसे कोई साइनस रिदमम पूछे तब आप क्या

[04:59:36] बोलोगे?

[04:59:37] मैं आपको बता देता हूं। साइनस रिदमम को आप

[04:59:40] क्या बोलोगे? जब आपका हार्ट रेट साइनस

[04:59:44] रिदमम के लिए तीन चीजें याद रखना। पहला

[04:59:47] पॉइंट यह है। जब आपका पी बन रहा हो, क्यू

[04:59:51] एसटी बन रहा हो, एस टी, जब आपका qआरs भी

[04:59:55] बन रहा हो, जब आपका एसटी सेगमेंट भी बन

[04:59:58] रहा हो, टी वेव भी बन रही हो और टीपी भी

[05:00:00] बन रही हो। पहली चीज हमेशा किसी भी ईसीजी

[05:00:04] में क्या देखोगे कि जो सर ने रेगुलर जो

[05:00:07] रिदमम बताई है ना छह पी बन रहा है पीआर

[05:00:10] सेगमेंट बन रहा है क्यू आर एस बन रहा है

[05:00:14] एस टी बन रहा है टी बन रहा है और टीपी बन

[05:00:17] रहा है पहले सबसे पहले यह देखोगे दूसरी

[05:00:21] चीज क्या देखोगे दूसरी चीज देखोगे हार्ट

[05:00:24] रेट अगर हार्ट रेट 60 से 100 के बीच में

[05:00:28] है यह होनी चाहिए दूसरा

[05:00:31] तीसरा क्या होना चाहिए? तीसरा पॉइंट बताता

[05:00:33] हूं। ध्यान से। ध्यान से सुनना। तीसरा

[05:00:37] पॉइंट क्या है?

[05:00:39] आपको दिख रहा होगा शायद। नहीं दिख रहा हो

[05:00:42] तो थोड़ा सा समझने की कोशिश कर लेना।

[05:00:46] सर जे पॉइंट और टॉरसेट डी पॉइंट भी बता

[05:00:49] दीजिए। सब बताऊंगा। डिंपल टेंशन मत लो। आए

[05:00:52] हैं तो बता के जाएंगे। साइनस रिदमम में

[05:00:55] कभी भी जब भी आप पढ़ोगे तब मेरी स्पेशल एक

[05:00:58] बात याद रखना।

[05:01:00] क्या याद रखोगे बताओ?

[05:01:05] जब आप देखोगे ना स्पेशली कभी भी सबसे

[05:01:09] एक्यूरेट मानी जाती है सेकंड लीड। तो आप

[05:01:12] सेकंड लीड को देखो पहले। यह है फर्स्ट, यह

[05:01:15] है सेकंड। और सेकंड को जूम करके यहां पे

[05:01:18] बना रखा है। तो, यह भी सेकंड ही है। तो,

[05:01:20] सेकंड लीड में आप एक चीज देखोगे कि पी वेव

[05:01:24] ऊपर को बनी है। पहली चीज देखो। पी वेव ऊपर

[05:01:27] को बनी है। पी वेव ऊपर को बनी है। पी वेव

[05:01:30] ऊपर को बनी है। पहला चीज हमने देख लिया कि

[05:01:33] सर पी वेव सेकंड लीड पे ऊपर को बनी है।

[05:01:38] पॉइंट नंबर वन पॉइंट नंबर टू जो बता रहा

[05:01:41] हूं वो ध्यान दो। क्लासिकल चीज है। ये

[05:01:44] क्लासिकल चीज है। तब आप दूसरा देखोगे। ए

[05:01:48] वी आर ए वीवीआर। एवीआर हमेशा रेसिप्रोकल

[05:01:53] बनता है। मतलब मिरर इमेज जैसा। कभी भी आप

[05:01:56] यहां पर देखोगे तो QRS से पहले एवीआर के

[05:02:01] अंदर आपको पी वेव डाउनवर्ड दिखेगी। पी वेव

[05:02:04] डाउनवर्ड दिखेगी। पी वेव डाउनवर्ड दिखेगी।

[05:02:07] पी वेव डाउनवर्ड, पी वेव डाउनवर्ड, पी वेव

[05:02:10] डाउनवर्ड। हर जगह जहां पे भी आप पी वेव

[05:02:13] देखोगे, आपको पी वेव अपवर्ड और यह

[05:02:17] क्लासिकल बता रहा हूं।

[05:02:19] एवीआर के अंदर पी वेव आपको डाउनवर्ड दिख

[05:02:23] रही है। तो यह नॉर्मल है। यह नॉर्मल है।

[05:02:26] यह तीन चीजें चेक करनी होती है। अगर आपको

[05:02:30] देखना है कि किसी पर्सन की नॉर्मल है

[05:02:34] हार्ट रेट। तो ये तीसरा पॉइंट इंपॉर्टेंट

[05:02:36] है। दो पॉइंट तो आपको पता है। तीसरा पॉइंट

[05:02:39] बता रहा हूं। केवल दो लीड देख के ही इंसान

[05:02:42] बता देगा।

[05:02:44] सर पहला क्या देखो? हार्ट रेट। क्या हार्ट

[05:02:47] रेट नॉर्मल है? तो हार्ट रेट में मैं मान

[05:02:50] लेता हूं यहां पे तीन बॉक्स हैं। एक

[05:02:52] बॉक्स, दो बॉक्स और तीन बॉक्स। तो 300 से

[05:02:56] मैं डिवाइड कर लूं तीन बड़े बॉक्स को तो

[05:02:58] हार्ट रेट आ रही है 100 और 100 हमेशा

[05:03:01] नॉर्मल होती है। तो हार्ट रेट तो रेंज में

[05:03:03] है। सर क्या पी क्यू आर एस बन रहा है? हां

[05:03:06] पी भी बन रहा है, क्यूआर एस भी बन रहा है,

[05:03:08] एस टी भी बन रहा है, टीपी भी बन रहा है।

[05:03:09] तो, यह भी नॉर्मल है सर। अब क्या पी वेव

[05:03:13] अपवर्ड बन रही है? सेकंड लीड में? हां सर

[05:03:16] पी वेव अपवर्ड बन रही है सेकंड लीड में।

[05:03:18] क्या एवीआर के अंदर रेसिप्रोकल बन रही है?

[05:03:21] आप बोलोगे हां सर बन रही है। तो आंख बंद

[05:03:24] करके ऐसी रिदमम को बोल दो सर ये नॉर्मल

[05:03:28] रिदमम है। साइनस रिदमम है और कुछ नहीं।

[05:03:31] मेरी और आपकी साइनस रिदमम है।

[05:03:42] क्लियर है सर? 20 दिया है बस। तो कैसे

[05:03:46] निकालेंगे? आधा ईसीजी पेपर दिया है। तो

[05:03:48] मानवी दो आर वेव के बीच में निकाल लो ना।

[05:03:51] मैं नहीं देख रहा हूं अभी यह 2030 को।

[05:03:53] मेरे को हार्ट रेट निकालनी है। तो मैं

[05:03:55] हार्ट रेट तो इन दोनों को देख के निकाल

[05:03:57] सकता हूं। देखो

[05:04:00] समझ रहे हो? यहां पर मैं निकाल सकता हूं।

[05:04:03] यहां पर मुझे दिख रहा है एक यह है। एक यह

[05:04:05] है, एक यह है। तीन मुझे दो आर वेव के बीच

[05:04:08] में तीन बॉक्स दिख रहे हैं। बस तो यही तो

[05:04:11] फार्मूला बताया था। दो आर वेव के बीच में

[05:04:13] कितने बॉक्स हैं सर? तीन। और लार्ज बॉक्स

[05:04:17] का फार्मूला क्या है? 300/3 तो हार्ट रेट

[05:04:20] आ गई 100। तो निकाल तो दिया। पूरे 30 कहां

[05:04:23] देखे मैंने? तुम शायद बीच में चाय पीने

[05:04:26] चली गई होगी। इसलिए तुम्हें समझ नहीं आ

[05:04:28] रहा। दोबारा देखो क्लास को। आगे मत बढ़ो।

[05:04:30] तुम पीछे जाकर देखो थोड़ा। तुम्हें समझ में

[05:04:32] आ जाएगा। ठीक है? तो परेशान क्यों होते

[05:04:36] हो? चाहे एक बॉक्स भी दिया हो ना इतना सा।

[05:04:40] इससे भी आप पता कर सकते हो। इसके बीच में

[05:04:42] तीन छोटे-छोटे बॉक्स हैं। निकाल लो।

[05:04:46] तो मुझे बताओ साइनस रिदमम समझ में आ गई

[05:04:49] क्या?

[05:04:51] हां। 300 से ही कर दो। जब बड़े बॉक्स देख

[05:04:53] रहे हो तो 300 से कर दो। जितने बड़े बॉक्स

[05:04:56] 300 से 300 को उतने बड़े बॉक्स से डिवाइड

[05:04:59] कर दो। बात खत्म।

[05:05:04] मुझे एक बात बताओ क्या आपको साइनस रिदमम

[05:05:07] समझ आई?

[05:05:10] यस और नो।

[05:05:14] अच्छा चलो फिर यह बताओ मुझे। इसको बताओ।

[05:05:19] यह कौन सी रिदमम है? यह और क्लियर है ना?

[05:05:22] थोड़ा सा यह और क्लियर है ना? बताओ। यह

[05:05:25] कौन सी रिदमम है सर? हम देखेंगे दो चीजों

[05:05:29] को। लीड नंबर सेकंड।

[05:05:32] लीड नंबर सेकंड देखो।

[05:05:45] देख लिया?

[05:05:47] और एवीआर देखो।

[05:05:51] क्या यह नॉर्मल है?

[05:05:55] अब बताओ

[05:06:02] अब ये मत सोचना QRS यहां पे उल्टा दे रखा

[05:06:05] है। तुम्हें बस P वेव देखना है। तुम्हें

[05:06:09] बस P वेव देखना है। अच्छा इसमें मत देखो।

[05:06:11] चलो इसको छोड़ो। ये वाली वेव देखो।

[05:06:15] इस वाली वेव में बताओ।

[05:06:18] अब ये वाली वेव तुम्हें बहुत क्लियरली

[05:06:20] नहीं दिख रही होगी। पर समझो बात को। कैसे

[05:06:23] समझोगे? यह देखो। मैं तुम्हें यह बात बता

[05:06:26] रहा हूं। यहां देखो ध्यान से। अब आपको

[05:06:29] थोड़ी सी कम दिख रही होगी ये। पर मैं आपकी

[05:06:31] थोड़ी सी हेल्प कर देता हूं। मुझे देखनी

[05:06:33] है लीड नंबर सेकंड। तो मुझे यहां पे पी

[05:06:36] वेव ऊपर को दिखी। पॉइंट नंबर वन। फिर

[05:06:38] मैंने यहां पे देखा। मुझे पी वेव ऊपर को

[05:06:40] दिखी। मैंने यहां पे देखा पी वेव ऊपर को

[05:06:43] दिखी।

[05:06:46] मैंने यहां पे देखा। पी वेव ऊपर को दिखी।

[05:06:48] यहां यहां पे जहां पे भी देखा। क्लियर है?

[05:06:51] तो जब भी मैंने लीड नंबर सेकंड में सबसे

[05:06:54] पहले क्या देखा कि सर 1 2 3 4 चार बड़े

[05:06:58] बॉक्स हैं। तो चार बड़े बॉक्स का मतलब

[05:07:01] 300/4 और 300/4 होता है 75 हार्ट रेट तो

[05:07:05] नॉर्मल है। फिर मैंने देखा क्या पी वेव

[05:07:07] है। पी वेव तो है। क्या qrs है? ये जो ये

[05:07:11] जो qrs दिख रहा है सर qआरs भी है। फिर

[05:07:14] qआरs के बाद क्या यहां पे एस टी दिख रहा

[05:07:16] है? हां सर एसटी भी दिख रहा है। क्यूआर एस

[05:07:18] के बाद एसटी भी दिख रहा है सर। एसटी भी है

[05:07:22] सर। क्या टी वेव दिख रही है? हां सर टी

[05:07:24] वेव भी है। सर क्या टीपी सेगमेंट दिख रहा

[05:07:26] है? हां सर टीपी सेगमेंट भी दिख रहा है।

[05:07:29] तो मतलब रिदमम भी सारी है। दिख गया। अब

[05:07:33] देखो कौन सा? मैंने बोला था कौन सा? एवीआर

[05:07:37] देखोगे। एवीआर के अंदर देखना पी वेव नीचे

[05:07:40] को है। यस सर। पी वेव नीचे को है। यस सर।

[05:07:43] पी वेव नीचे को है। यस सर। पी वेव नीचे को

[05:07:45] है। यस सर।

[05:07:49] तो यही तो फार्मूला बताया था मैंने।

[05:07:51] फार्मूला नंबर वन P क्यूआर एस जो भी है वो

[05:07:54] नॉर्मल है क्या? आप बोलोगे यस सर। दूसरा

[05:07:57] मैंने देखा हार्ट रेट वो नॉर्मल है क्या?

[05:08:00] यस सर। तीसरा तीसरा देखेंगे लीड सेकंड।

[05:08:04] लीड सेकंड में जो पी वेव है वो अपवर्ड है

[05:08:06] क्या? यस सर। चौथा आप देखोगे एवीआर। एवीआर

[05:08:11] में पी वर्ड डाउनवर्ड है क्या? यस सर। अगर

[05:08:14] ये चार फार्मूला को आपकी ईसीजी देखती है,

[05:08:18] कंप्लीट करती है तो आप बोलोगे यह साइनस

[05:08:21] रिदमम है या इसको नॉर्मल ईसीजी बोलेंगे।

[05:08:26] क्लियर है नॉर्मल ईसीजी? ओके। आगे अगले

[05:08:30] पॉइंट पे आते हैं। अब मुझे यह बताओ दोबारा

[05:08:33] से। अब मुझे यह बताओ। इस ईसीजी के बारे

[05:08:37] में बताओ।

[05:08:40] इस ईसीजी के बारे में बताओ।

[05:08:53] सर यू आर डूइंग सो मच एफर्ट फॉर अस। थैंक

[05:08:56] यू सो मच। मैं तो बहुत सारा करना चाहता

[05:08:59] हूं।

[05:09:01] पर हाथ, पैर, समय सब कुछ बंधा हुआ है एक

[05:09:04] लिमिटेड टाइम में ना। वरना मैं तो सब कुछ

[05:09:07] तुम्हें बता देता। अनदर एग्जांपल ऑफ

[05:09:10] ईसीजी। कोई बात नहीं। हेडिंग मैंने कुछ भी

[05:09:13] डाली हो वो छोड़ दो। मुझे तो तुम देख के

[05:09:15] बताओ ये क्या है? ये जो आपको ईसीजी दिख

[05:09:18] रही है ध्यान से देखो। ये किसका एग्जांपल

[05:09:21] है? नॉर्मल है। नॉर्मल है नॉर्मल है। वेरी

[05:09:24] गुड। सबसे पहले हमने हार्ट रेट देख लिया।

[05:09:27] मैंने देखा पी वेव है क्या? पी वेव

[05:09:29] प्रेजेंट है। qआरs है क्या? है सर। एसटी

[05:09:32] है क्या? एसटी भी है सर। टी वेव भी है और

[05:09:35] टीपी सेगमेंट भी है। मैंने दो चीजें

[05:09:37] कंफर्म कर ली। एक तो मैंने पी क्यू आर एस

[05:09:41] ये सारे थे। पी क्यू आर एस थी सब कुछ था।

[05:09:45] दूसरा मैंने हार्ट रेट निकालना चाहा।

[05:09:47] हार्ट रेट कैसे निकालेंगे? सर दो आर वेव

[05:09:49] के बीच में 1 2 3 4 हैं। तो चार मतलब 300

[05:09:53] / 4 तो वही आया 75 तो हार्ट रेट भी नॉर्मल

[05:09:57] है। तीसरा मैंने बोला था जब आप देखोगे

[05:10:00] सेकंड लीड में पी वेव हमेशा ऊपर को

[05:10:03] मिलेगी। पी वेव हमेशा ऊपर को मिलेगी। पी

[05:10:05] वेव हमेशा ऊपर को मिलेगी। पी वेव हमेशा

[05:10:08] ऊपर को मिलेगी। चाहे छोटी हो, बड़ी हो।

[05:10:10] आपने बोला सर वो भी है। तीसरा फार्मूला

[05:10:14] सेकंड लीड के अंदर पी वेव अपवर्ड। ये भी

[05:10:17] हो गया। चौथा क्या है? एवीआर के अंदर पी

[05:10:21] वेव हमेशा नीचे को मिलेगी। एवीआर के अंदर

[05:10:24] पी वेव नीचे को मिलेगी। रेसिप्रोकल

[05:10:27] मिलेगी। तो, आपने बोला, हां, सर। यह चौथा

[05:10:29] फार्मूला भी मुझे पता है कि एवीआर को हम

[05:10:33] देखेंगे और उसमें डाउनवर्ड बनेगी पी वेव

[05:10:36] तो नॉर्मल है। तो यानी कि ये भी नॉर्मल

[05:10:40] ईसीजी है। साइनस रिदमम।

[05:10:43] ठीक है?

[05:10:44] साइनस रिदमम।

[05:10:47] क्या चारों चीजें आ गई हैं?

[05:10:51] यही सब मुझे नहीं आता था। कोई बात नहीं।

[05:10:53] इसीलिए तो हम आए हैं।

[05:11:00] चाहता हूं देश की धरती तुझे कुछ और भी

[05:11:03] दूं।

[05:11:05] चलो

[05:11:07] हंसते-हंसते कट जाए रस्ते। चलो आगे बढ़ते

[05:11:11] हैं। अब देखो अब सब कुछ फार्मूला वही

[05:11:14] होगा। सारे फार्मूला वही देखोगे। लेकिन बस

[05:11:18] हॉट रेट 100 से ज्यादा होगी। बाकी सब कुछ

[05:11:22] वही होगा। सर कैसे निकालेंगे? कैसे

[05:11:25] निकालेंगे? अरे कुछ नहीं निकालना। इधर

[05:11:28] देखो कितने बॉक्स हैं। एक बॉक्स और आधा

[05:11:32] बॉक्स। डेढ़ बॉक्स हैं।

[05:11:36] या तो एक मान लो या तो दो मान लो। चलो मैं

[05:11:39] मान लेता हूं सर दो हैं। ये दो आर वेव के

[05:11:42] बीच में दो बॉक्स हैं। ऐसा मान लेता हूं।

[05:11:46] ठीक है? तो आर वेव के बीच में दो मतलब

[05:11:48] पहले देखो। पहले एक और चीज देखो। क्या सर

[05:11:52] PQ RS है? सर मुझे पी वेव तो दिख रही है।

[05:11:56] QRS भी दिख रहा है। एस टी भी दिख रही है।

[05:11:58] छोटी दिख रही है पर दिख रही है। ठीक है?

[05:12:00] थोड़ा सा तुम्हें देखने में दिक्कत हो रही

[05:12:02] होगी। टी भी दिख रही है। टीp भी दिख रही

[05:12:04] है। फिर पी वेव भी दिख रही है। मतलब मैं

[05:12:06] ये कह सकता हूं पी क्यू आर एस टी। सब दिख

[05:12:09] रहे हैं। तो पहला फार्मूला मेरा सार्थक हो

[05:12:12] गया। पी क्यू आर एस वाला दिख रहा है।

[05:12:15] दूसरा फार्मूला था हर्ट, दूसरा फार्मूला

[05:12:18] और लगा लो पहले। सर, सेकंड लीड में पी वेव

[05:12:21] अपवर्ड बन रही है क्या? हां हां हां हां

[05:12:26] अपवर्ड बन रही है। पी वेव अपवर्ड बन रही

[05:12:28] है सेकंड लीड में। ठीक है सर एवीआर को

[05:12:31] देखो। एवीआर को देखो। एवीआर में

[05:12:34] रेसिप्रोकल बन रही है। रेसिप्रोकल बन रही

[05:12:38] है। रेसिप्रोकल बन रही है और रेसिप्रोकल

[05:12:40] बन रही है। सर एवीआर में डाउनवर्ड बन रही

[05:12:43] है पी वेव। ये भी सही हो गया।

[05:12:46] अब लास्ट फार्मूला मेरा हार्ट रेट वाला

[05:12:49] है। सर 300 अपॉन केवल दो ही बॉक्स हैं तो

[05:12:53] हार्ट रेट आ रही है 150। जब हार्ट रेट आए

[05:12:56] देखो रिदमम तो नॉर्मल है पर हार्ट रेट

[05:12:58] बढ़ी हुई है। इसीलिए मैंने इसको बोला

[05:13:01] साइनस टेकीकारार्डिया। साइनस

[05:13:04] टेकीकारार्डिया। हार्ट रेट बढ़ने से साइनस

[05:13:06] टैकीकारिकार्डिया।

[05:13:09] मुझे नहीं दिख रहा सर। कोई बात नहीं मानवी

[05:13:12] समझने के लिए है। तुम्हें नहीं दिख रहा।

[05:13:14] बॉक्स तो दिख रहे होंगे।

[05:13:16] बॉक्स तो दिख रहे होंगे ना। दो ही बॉक्स

[05:13:19] हैं। इधर नहीं दिख रहे तो इधर देख लो। यह

[05:13:22] एक बॉक्स है।

[05:13:25] इधर नहीं दिख रहे तो इधर देख लो। ये एक

[05:13:28] बॉक्स है। ये आधा बॉक्स है। समझ रहे हो?

[05:13:35] अरे कोई नहीं। जब नजदीक में दिख फार्मूला

[05:13:37] तो समझ में आ गया ना? जहां पे सब कुछ सेम

[05:13:40] होगा। बस हार्ट रेट बढ़ी हुई होगी और

[05:13:42] हार्ट रेट तुम्हें निकालनी आती है।

[05:13:46] समझ रहे हो? हार्ट रेट तुम्हें निकालनी

[05:13:48] आती है तो फिर दिक्कत ही क्या है? कोई

[05:13:49] दिक्कत नहीं है तुम्हें। चुपचाप रहो, शांत

[05:13:52] रहो। फार्मूला आ गया तो तुम्हें सब कुछ आ

[05:13:54] सकता है। नहीं आ रहा तो नीचे ये वाली लाइन

[05:13:57] देख लो। अगर तुम्हें नहीं पता चल रहा ना

[05:13:59] लीड सेकंड सबसे बढ़िया मानी जाती है। तो

[05:14:02] यहां देख लो। ये दिख रहा है तुम्हें दो-दो

[05:14:04] बॉक्स हैं इनके बीच में। यहां से निकाल

[05:14:06] लो।

[05:14:09] अब देखो अगला फार्मूला। अब अगले फार्मूला

[05:14:12] तो तुम्हें क्लियर दिखेगा। क्या यहां पे

[05:14:15] पी वेव है? जी। यस सर। पी वेव प्रेजेंट

[05:14:18] है। क्या यहां पे क्यू आर एस है? यस सर।

[05:14:22] एसटी टीवी जो भी है सब दिख रहा है। पी

[05:14:25] क्यू आर एस टी सब है। ठीक है? सब कुछ है।

[05:14:28] लेकिन एक आर वेव से 1 2 3 4 5 6 7 मतलब 1

[05:14:35] 2 3 4 5 6 7 सात बॉक्स आ रहे हैं। तो आप

[05:14:39] डिवाइड कर लो हार्ट रेट को। सब कुछ नॉर्मल

[05:14:42] है। डिवाइडेड बाय से। अब निकालो।

[05:14:46] कितना आया हार्ट रेट? अभी तो दिख रहे

[05:14:48] होंगे बॉक्स।

[05:14:50] अभी तो दिख रहे होंगे।

[05:14:56] लो अब दिखेगा और अभी तो दिख रहा होगा ना।

[05:15:16] क्लियर?

[05:15:18] तो इससे आप क्या बताओगे सर? सारे वेव्स

[05:15:21] हैं बस रेट यहां पे 40 आ रही है। 60 से

[05:15:25] अगर कम आए तो इसको ब्रडीकारिकार्डिया बोल

[05:15:28] देंगे। साइनस ब्रडीकारिकार्डिया। तुम्हें

[05:15:30] यह भी आ चुका है यार। क्यों परेशान होते

[05:15:33] हो व्स? क्या होगा? जो भी होगा अच्छा होगा

[05:15:36] यार।

[05:15:37] ठीक है? दो चीजें पता चल गई। अब थोड़ा और

[05:15:41] आगे बढ़ें। मैं आराम से बताऊंगा। तुम्हें

[05:15:44] क्लासिकल चीज बता दूंगा। जो बोर्ड पे नहीं

[05:15:47] भी दिख रहा ना अपनी कॉपी में लिख लो। जब

[05:15:49] देखोगे वहां पता लग जाएगा।

[05:15:53] जब आगे देखोगे कॉपी में पता लग जाएगा।

[05:15:56] क्या दिक्कत है?

[05:16:02] क्लियर? अब सुनो।

[05:16:06] अब मैं कुछ और तुम्हें डायग्राम दिखाऊंगा।

[05:16:09] अब देखो यहां पर देखो

[05:16:13] सबसे पहले कभी भी तुम्हें पहले इसको ध्यान

[05:16:16] से देखो तुम्हें सब समझ में आ जाएगा।

[05:16:18] तुम्हें क्या दिख रहा है इस वाली लाइन

[05:16:20] में?

[05:16:23] इधर देखो। अगर तुम इस गैप को देख पाओ। एक

[05:16:26] आर वेव से दूसरे आर वेव में जो अंतर है वह

[05:16:29] लगभग बराबर है। क्लियर है? पहला दिख रहा

[05:16:33] है आपको? ऐसा

[05:16:37] दिख रहा है? जब आप एक आर वेव से दूसरे आर

[05:16:40] वेव के बीच में देखते हो, इसको बोलते हैं

[05:16:42] नॉर्मल। पर अब दूसरा देखो। ये आर वेव छोटा

[05:16:46] है। यहां पे देखो यहां पे कम गैप है। यहां

[05:16:49] पे ज्यादा गैप है। फिर यहां पे थोड़ा

[05:16:51] ज्यादा है। यहां पे कम गैप है। फिर यहां

[05:16:54] पे ज्यादा है। यहां पे और ज्यादा है। क्या

[05:16:57] तुम्हें ऐसा नहीं लग रहा कि दो आर वेव के

[05:17:00] बीच में दो आर वेव के बीच में जो गैप है

[05:17:03] वो इर्रेगुलर हो चुका है।

[05:17:07] जो दो आर वेव के बीच में इर्रेगुलर हो

[05:17:10] चुका है। इर्रेगुलर इर्रेगुलर अरे मेरी

[05:17:13] बात को समझो मैं। एमआई भी बताऊंगा। टेंशन

[05:17:15] क्यों लेते हो? मैं यहां पे बैठा हूं ना

[05:17:17] सब बता के जाऊंगा। इतना परेशान दिमाग में

[05:17:19] नहीं हुआ करते।

[05:17:22] मेरी बात समझ रहे हो? तो सबसे पहले

[05:17:25] एट्रियल फिब्रिलेशन को पहचानने का पहला

[05:17:28] तरीका हार्ट रेट। नहीं पहला तरीका हार्ट

[05:17:31] रेट कभी बता ही नहीं सकते आप। जो किताबों

[05:17:33] में लिखा रहता है ना वो बिल्कुल गलत है।

[05:17:37] आपको सबसे पहला नियम जो फिब्रिलेशन को

[05:17:40] पहचानने का क्या है ना? फिब्रिलेटरी पी

[05:17:42] वेव नहीं सबसे पहले आप क्या देखोगे

[05:17:46] इर्रेगुलरली

[05:17:48] इर्रेगुलर

[05:17:50] इर्रेगुलरली इर्रेगुलर आर आर इंटरवल

[05:17:56] आरआर इंटरवल के बीच में कभी कम गैप है

[05:17:59] कहीं ज्यादा कहीं कम कहीं ज्यादा अगर ऐसा

[05:18:01] दिखे आप समझ लेना कि ये क्या हो सकता है

[05:18:05] एट्रियल फिब्रिलेशन का पहला साइन है आप

[05:18:08] पहचान लेना दूसरा मेरी बात को ध्यान देना

[05:18:11] एट्रियल फिब्रिलेशन के बारे में

[05:18:16] दूसरा आप बोल सकते हो कि सर इसमें क्या हो

[05:18:20] रहा है जैसे नॉर्मल वेव बनती थी ऐसे इसमें

[05:18:24] कुछ ऐसे फिब्रिलेटरी वेव बनेंगी ऐसे

[05:18:27] फिब्रिलेटरी

[05:18:29] वेव बनेगी ऐसे कुछ इस तरीके से आपको इसमें

[05:18:33] पी वेव दिखाई ही नहीं देगा

[05:18:36] फिब्रिलेटरी पी वेव दो चीजें देख लो समझ आ

[05:18:39] जाएगा अच्छा इन दोनों को छोड़ दो। यह देखो

[05:18:42] यह जो रेड वाला है ना यह एबनॉर्मल ईसीजी

[05:18:45] है फिब्रिलेशन का। इधर देखो यहां आप देखो

[05:18:50] ईसीजी फर्स्ट में देखो ये जो ये वाली है

[05:18:53] यह नॉर्मल है। देखो यहां पे पी वेव प्रॉपर

[05:18:56] बन रही है। अब यहां पे देखो क्या तुम पी

[05:18:57] वेव को पहचान पा रहे हो क्या? पी वेव को

[05:19:00] पहचान पा रहे हो क्या? नहीं पहचान पा रहे

[05:19:03] हो। ऐसा पी वेव दिखेगा। तो जब आपको

[05:19:06] फिब्रिलेटरी कंडीशन दिखे लेकिन QRS आपको

[05:19:11] नॉर्मल दिख रहा है। QRS पे कोई फर्क नहीं

[05:19:13] पड़ रहा है। QRS दिखेगा पी वेव डेफिनेट

[05:19:17] नहीं होगी। फिब्रिलेटरी होगी और दो आरआर

[05:19:21] इंटरवल के बीच में इर्रेगुलरली इर्रेगुलर

[05:19:24] आर आरआर इंटरवल होगा। समझ जाना यह क्या

[05:19:27] है?

[05:19:29] एट्रियल फिब्रिलेशन है

[05:19:33] और इसका कारण होता है क्या? इसका कारण

[05:19:37] होता है कि आपके एक्टोपिक फोकाई बन गए

[05:19:40] हैं। एक्टोपिक फोकाई का मतलब होता है आपके

[05:19:43] हार्ट की दो-चार सेल बहुत ज्यादा

[05:19:46] इंपल्ससेस देने लग गई हैं। ठीक है? बहुत

[05:19:50] ज्यादा इंपल्ससेस अगर आपके हार्ट में आने

[05:19:52] लगे। एक्टोपिक फोकाई मतलब जो नॉर्मल

[05:19:54] मायोकारार्डियल सेल थी ना उसमें भी ब्लड

[05:19:57] सप्लाई नहीं हो रहा। अब वो केवल

[05:19:59] कॉन्ट्रक्शन ऐसे नोड की तरह कॉन्ट्रक्शन

[05:20:01] देने लग गई हैं। एसए नोड तो कॉन्ट्रक्शन

[05:20:04] दे ही रहा था। एट्रिया की सेल भी

[05:20:06] कॉन्ट्रक्शन देने लग गई। जिसकी वजह से

[05:20:09] एट्रियल कॉन्ट्रैक्शन इतना ज्यादा बढ़ गया

[05:20:12] पर क्यूआर एस नॉर्मल रहेगा। हां क्यूआर एस

[05:20:15] के बीच में सो आरआर इंटरवल के बीच में जो

[05:20:19] इंटरवल है वो इर्रेगुलर इंटरवल होंगे।

[05:20:22] पॉइंट नंबर वन दूसरा फिब्रिलेटरी वेव

[05:20:24] दिखेगी। समझ जाना यह एट्रियल फिब्रिलेशन

[05:20:28] है। इसका कारण होता है एक्टोपिक फोकाय।

[05:20:31] सर गुरुजी पी वेव इर्रेगुलर एंड एब्सेंट

[05:20:34] होगा क्या? हां आप बता ही नहीं सकते ना पी

[05:20:36] वेव कहां पे है? आप बता दो मुझे पी वेव

[05:20:38] कौन सी है इसमें? बता ही नहीं पाओगे।

[05:20:41] डेफिनेट नहीं है। पी वेव फिब्रिलेशन में

[05:20:43] बदल जाएगी। पर qआरs नॉर्मल रहेगा। क्योंकि

[05:20:46] वेंट्रिकल पे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।

[05:20:49] इस डायग्राम तीनों डायग्राम को देख लेना

[05:20:51] नोट्स में भिजवा दूंगा। तुम्हें मिल जाएगा

[05:20:54] ना? हां जहां पे भी tlegram टेलीग्राम में

[05:20:56] टीम भेजती है वो आपको मिल जाएगा। अब इसको

[05:20:59] भी देख लो। ये थोड़ा तुम्हें नहीं दिखेगा

[05:21:01] पर समझ लो।

[05:21:03] यहां पे आपको दो में देखने को मिल रहा है।

[05:21:05] जैसे आप देख रहे हो। ठीक है? इसमें आपको

[05:21:09] दिख नहीं दिख रहा होगा पर समझ जाओ। यही

[05:21:11] अंतर है।

[05:21:14] ठीक?

[05:21:15] तीसरा देख लो।

[05:21:18] अब अपना आंसर बताओ।

[05:21:22] यह बताओ यह कौन सी वेव है? यह बताओ यह कौन

[05:21:26] सी वेव है?

[05:21:30] योर आंसर।

[05:21:32] अब बताओ

[05:21:41] जल्दी-जल्दी बताओ। जल्दी-जल्दी।

[05:21:44] अब तो क्लियर दिख रहा है ना? आधी लाइटें

[05:21:47] बंद कर चुका हूं मैं।

[05:22:04] वेरी गुड। कैसे पहचाना? कैसे पहचाना? सबसे

[05:22:09] पहले पहचान क्या है सर? आपने देखा QRS दिख

[05:22:12] रहा है। पर आपको कहीं पी वेव नजर आ रही

[05:22:15] है? नहीं। पर हां, जब आप V1 में देख रहे

[05:22:18] हो तो फिब्रिलेशन दिख रहा है। QRS नॉर्मल

[05:22:21] दिख रहा है। पर फिब्रिलेशन दिख रहा है

[05:22:22] बाकी जगह पे। आप इधर भी देखो फर्स्ट लीड

[05:22:25] में QRS चाहे छोटा बन रहा है लेकिन QRS

[05:22:29] बनने की कोशिश तो कर रहा है। पर पी वेव तो

[05:22:31] कहीं पे डेफिनेट दिख ही नहीं रही है। अगर

[05:22:34] ऐसा भी हो तो ये भी क्या है? यह भी

[05:22:37] एट्रियल फिब्रिलेशन है। अब मत बोलना कि

[05:22:40] मुझे एट्रियल फिब्रिलेशन नहीं आता। जो

[05:22:43] बताया है वो दिमाग में रखना। अब देखो

[05:22:46] फ्लटर के बारे में आते हैं। फ्लटर और

[05:22:48] फिब्रिलेशन में क्या अंतर है? अब मैं

[05:22:51] फ्लटर के बारे में आपको बताता हूं।

[05:22:54] देखो फ्लटर में क्या होता है? सेम पहली

[05:22:59] चीज रिपीट होती है। जो आपका आरआर इंटरवल

[05:23:03] है ना पहली चीज वही देखोगे इर्रेगुलरली

[05:23:07] इर्रेगुलर होगा। आर आर इंटरव्यू सॉरी

[05:23:11] इंटरवल आरआर इंटरवल इर्रेगुलरली इर्रेगुलर

[05:23:14] होगा। पॉइंट नंबर वन सर कैसे? अरे देख लो

[05:23:19] पता चल जाएगा।

[05:23:26] ठीक है।

[05:23:30] देखो यहां पे बॉक्स है आधा 1 2 3 4 5 6

[05:23:35] यहां पे बॉक्स है 1 2 3 4 यहां पे बॉक्स

[05:23:38] है 1 2 3 तो आप जब देख रहे हो ना अंतर ये

[05:23:42] बहुत लंबा गैप आ रहा है। ये छोटा गैप आ

[05:23:46] रहा है। ये फिर और छोटा गैप आ रहा है। फिर

[05:23:48] ये और लंबा गैप आ रहा है। तो जब आप देख

[05:23:51] रहे हो सेकंड लीड के अंदर तब आपको दिख रहा

[05:23:54] है कि आरआर वन इंटरवल पहले बहुत बड़ा था।

[05:23:58] यहां पर भी बड़ा था पर फिर ये छोटा होना

[05:24:01] शुरू हो गया। फिर बड़ा हुआ फिर छोटा हुआ।

[05:24:04] फिर छोटा हुआ फिर बड़ा हुआ। तो पहली पॉइंट

[05:24:06] तो आपको मिल गया इर्रेगुलर आर वेव। दूसरा

[05:24:10] और कुछ नहीं करना इसमें। दूसरे में आप ऐसा

[05:24:13] देख लोगे जैसे 100 टूथ ईसीजी दिखेंगी।

[05:24:18] ज्यादातर लीड्स में आपको 100 टूथ ईसीजी

[05:24:20] दिखेंगी। ऐसा नहीं कि कोई केवल एक

[05:24:22] पर्टिकुलर में यहां भी आप देख लो। यहां पर

[05:24:25] भी आप देख लो। 100 टूथ ईसीजी दिख रही है।

[05:24:28] यहां पे भी 100 टूथ ईसीजी दिख रही है। तो

[05:24:30] जहां दूसरा आप चेक करोगे 100 टूथ। यहां पे

[05:24:33] फिब्रिलेटरी पी वेव नहीं है। 100 टूथ है।

[05:24:35] साफ-साफ दिख रही है। आर के दांत की तरह

[05:24:39] डेफिनेटली दिख रहा है ये। ठीक है? आर के

[05:24:42] दांत की तरह दिख रहा है। पी वेव यहां पे

[05:24:44] भी एब्सेंट है। 100 टूथसीजी दिख रही है।

[05:24:47] क्लियर कट आंसर है। यहां फिब्रिलेटरी नहीं

[05:24:49] दिख रही। क्लियर एट्रियल फ्लटर अगला देखो।

[05:24:57] अच्छा

[05:24:58] अगला अब बताओ आप में से किसी को भी पता है

[05:25:02] पीएसवीटी क्या होता है? प्रॉक्सिमल सुप्रा

[05:25:05] वेंट्रिकुलर टेकीकारार्डिया।

[05:25:08] प्रॉक्सिमल का मतलब क्या होता है?

[05:25:10] सुप्रावेंट्रिकुलर का मतलब एट्रियम में

[05:25:14] प्रॉक्सिमल का मतलब जल्दी

[05:25:17] एट्रियम वाले में जल्दी से अगर आपके पास

[05:25:21] क्या आ जाते हैं कॉन्ट्रक्शंस आ जाते हैं

[05:25:24] तो उसको क्या बोलते हैं सर प्रॉक्सिमल

[05:25:27] सुप्रा वेंट्रिकुलर टैकीकारिकार्डिया

[05:25:30] दोबारा बता रहा हूं प्रॉक्सिमल

[05:25:32] सुप्रावेंट्रिकुलर टेकीकारार्डिया क्या

[05:25:34] होता है प्रॉक्सिमल सुप्रा वेंट्रिकुलर

[05:25:39] टैकीकारिकार्डिया का मतलब बताओ। मैं वही

[05:25:42] लिखूंगा

[05:25:43] और दिखाऊंगा भी वेव। ऐसा मत सोचना कि मैं

[05:25:46] नहीं बताऊंगा।

[05:25:56] ठीक है।

[05:26:15] सडन फास्ट कॉन्ट्रक्शन इन वेंट्रिकल अरे

[05:26:18] सुप्रा वर्ड लिखा है मानवी सुप्रा का मतलब

[05:26:21] होता है ऊपर सुप्रा वेंट्रिकल का मतलब

[05:26:25] सुप्रा वेंट्रिकल ये है सुप्रा मतलब ऊपर

[05:26:28] मतलब होता तो एट्रियम में है सुप्रा

[05:26:31] वेंट्रिकल का मतलब एट्रियम में कोई दिक्कत

[05:26:33] हो रही है उसकी वजह से आ रहा है। समझ रहे

[05:26:37] हो? देखो सुप्रा वेंट्रिकुलर

[05:26:39] टेकीकारार्डिया वर्ड कहीं पे भी देखने को

[05:26:42] मिले तो याद रखना ऐसा सुप्रावेंट्रिकुलर

[05:26:46] टैकीकारिकार्डिया का मतलब सपोज़ आप गए मतलब

[05:26:50] कोई एक पर्सन है आपकी क्लास में सपोज़ करो

[05:26:53] पीडब्ल्यू नर्सिंग वाला में वो ऑफलाइन आ

[05:26:56] रहा है। नहीं चलो तुम सेलेक्ट हो गए। जैसे

[05:27:00] ही तुम सेलेक्ट हुए तो सेलेक्ट होने के

[05:27:03] बाद तुम बहुत एक्साइटेड थे तुमको क्योंकि

[05:27:06] फ्लाइट का टिकट मिलता है हमारी तरफ से आप

[05:27:09] लोगों को जब आप आते हो ना दूर से अब

[05:27:11] दिल्ली और नॉर्थ इंडिया के रहोगे तो नहीं

[05:27:14] मिलेगा पर जम्मू-वंबू से भी आओगे या साउथ

[05:27:16] से आओगे उड़ीसा से आओगे कहीं से भी आओगे

[05:27:19] तो हमारी तरफ से फ्लाइट का टिकट मिलता है

[05:27:21] आपको बढ़िया बढ़िया होटल स्टे मिलता है

[05:27:24] विद पेरेंट्स तो जब आप आते हो जब आप आते

[05:27:29] हो तब क्या होता है? अचानक से आप आए और

[05:27:32] अचानक से आपको क्या होने लग गया? सडन आपको

[05:27:35] स्वेटिंग होने लग गई। बहुत ज्यादा।

[05:27:38] सडन स्वेटिंग होने लग गई और आप अपनी हार्ट

[05:27:42] बीट को सुन पा रहे हो। सडन आपको पालपिटेशन

[05:27:45] होने लग गया। पालपिटेशन सडन आपको

[05:27:48] पालपिटेशन होने लग गया। फिर आपने कहा सर

[05:27:52] मैं अभी-अभी आया हूं लेकिन मुझे अचानक से

[05:27:54] क्या हो रहा है? सडन पालपिटेशन हो रहा है।

[05:27:57] ठीक है? तो जैसे ही आपको पल्पिटेशन हुआ

[05:28:01] हमने आपको बोला थोड़ा सा रेस्ट कर लो।

[05:28:04] जैसे ही आपने रेस्ट किया आप ठीक हो गए

[05:28:07] नॉर्मल हो गए।

[05:28:11] समझ रहे हो? यही होता है प्रॉक्सिमल

[05:28:14] सुप्राव वेंट्रिकुलर टैकीकारिकार्डिया।

[05:28:17] थोड़ा सा थोड़ा सा बता देता हूं यहां पे।

[05:28:19] सडन ऑनसेट और सडन टर्मिनेशन वाली

[05:28:22] टेकीकारार्डिया को टेकीकारार्डिया ऐसी

[05:28:26] टेकीकारार्डिया

[05:28:28] जिसमें सडन ऑनसेट होता है। अचानक से ऑनसेट

[05:28:33] होगा और सडन टर्मिनेशन होगा। सडन से वो

[05:28:37] खत्म हो जाएगा। टर्मिनेशन जैसे ही रेस्ट

[05:28:39] किया आपका पल्पिटेशन सारा दूर।

[05:28:41] टैकीकारिकार्डिया सारा नॉर्मल उसको बोलते

[05:28:45] हैं प्रॉक्सिमल सुप्रा वेंट्रिकुलर

[05:28:47] टैकीकारिकार्डिया।

[05:28:49] क्लियर है? उसको बोलते हैं सुप्राव

[05:28:51] वेंट्रिकुलर टैकीकारिकार्डिया।

[05:28:55] क्लियर? बस इसमें हार्ट रेट बढ़ जाती है

[05:28:58] अचानक से और अचानक से हार्ट रेट नॉर्मल हो

[05:29:01] जाती है। सडन बढ़ जाती है। सडन नॉर्मल हो

[05:29:04] जाती है। जैसे ही वो डॉक्टर के पास गया

[05:29:07] नापा नॉर्मल आ गया।

[05:29:10] क्लियर? हां बोलो।

[05:29:16] ओके। सर इसमें क्या होता है? जो qआरएस है

[05:29:20] ना वह छुप-छुप के आती है। आपको मैं एक

[05:29:22] डायग्राम दिखाता हूं तो आप समझ जाओगे।

[05:29:27] शायद होगा। इसी में होगा। ठीक है? इसी में

[05:29:31] होगा। मैं आपको दिखाता हूं।

[05:29:38] अभी तो बहुत सारा मटर मटर बाकी है।

[05:30:02] देख रहे हो कितनी मेहनत की है मैंने।

[05:30:11] चलो अभी बताता हूं इसको। ठीक है? अभी ठीक

[05:30:14] करके देता हूं।

[05:30:18] सुप्रा वेंट्रिकुलर टेकीार्डिया का देखना

[05:30:21] डायग्राम तुम्हें समझ में आ जाएगा।

[05:30:23] सुप्रा

[05:30:25] वेंट्रिकुलर

[05:30:28] टेकी

[05:30:29] कार्डिया सुप्रा वेंट्रिकुलर

[05:30:32] टेकीकारार्डिया

[05:30:39] जब आप इसका डायग्राम देखोगे ना आपको इसका

[05:30:42] डायग्राम कुछ इस तरीके से दिखेगा।

[05:31:05] यह देखो एक लीड के अंदर देख रहा हूं मैं।

[05:31:09] सुप्रा वेंट्रिकुलर टेकीकारार्डिया के

[05:31:11] अंदर पहली चीज जो आपको दिखेगी ना वो

[05:31:14] क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स बहुत जल्दी बनेगा।

[05:31:17] क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स आपको थोड़ा सा नैरो

[05:31:19] देखने के लिए मिल सकता है। यह दिख रहा है

[05:31:21] आपको? पहला पॉइंट क्या है इसमें? जब इसको

[05:31:24] पहचानना हो पहला पॉइंट यह देखो। क्यूआर एस

[05:31:28] कॉम्प्लेक्स क्या दिखेगा? क्यूआर एस

[05:31:30] कॉम्प्लेक्स नैरो दिखेगा। क्यूआर एस अगर

[05:31:34] आपको नैरो दिख रहा है। समझ जाओ। यह सुप्रा

[05:31:37] वेंट्रिकुलर टेकीकारार्डिया है। लेकिन

[05:31:41] रेगुलर दिखेगा। देखना यह ये चीज रेगुलर

[05:31:43] रहेगी। ठीक है? इसमें कोई दिक्कत नहीं

[05:31:46] रही। तो सुप्रा वेंट्रिकुलर

[05:31:47] टैकीकारिकार्डिया में क्यूआर एस नॉर्मल

[05:31:49] रहता है। यस। होता क्या है? इसमें एट्रिया

[05:31:54] और वेंट्रिकल एक साथ धड़कते हैं। तो या तो

[05:31:58] आपको पी वेव छुपी हुई मिलेगी इसमें या

[05:32:00] एब्सेंट मिलेगी। दूसरा पॉइंट एक ही चीज

[05:32:03] है। या तो आपको पी वेव एब्सेंट मिलेगी या

[05:32:07] हिडन मिलेगी।

[05:32:08] सर, ऐसा क्यों होता है? क्योंकि दोनों बोथ

[05:32:12] एट्रिया एंड वेंट्रिकल डीपोलराइज टुगेदर

[05:32:16] या कॉन्ट्रैक्ट टुगेदर। यह एक साथ कर रहे

[05:32:19] हैं काम को। तो दोनों एक साथ कॉन्ट्रैक्ट

[05:32:22] हो रहे हैं। तो आप दो-तीन चीजों से पहचान

[05:32:24] सकते हो सुप्रा वेंट्रिकुलर

[05:32:26] टेकीकारार्डिया को।

[05:32:28] क्लियर? पहला क्या? क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स

[05:32:31] नैरो दिख रहा है। दूसरा क्या? हमने यह

[05:32:34] देखा सर कि इसमें रेगुलरिटी है। तीसरा

[05:32:38] क्या? पी वेव आपको छुपी हुई मिलेगी,

[05:32:41] एब्सेंट मिलेगी। तो आप समझ जाना यह सुप्रा

[05:32:44] वेंट्रिकुलर टैकीकारार्डिया है। अच्छा एक

[05:32:47] और बात बताना चाहता हूं इसके बारे में मैं

[05:32:49] आपको।

[05:32:51] अब इसी का एक पॉइंट है एवीआरटी।

[05:32:55] इसी का एक पॉइंट है सर एवीआरटी। एवीआरटी

[05:32:58] की फुल फॉर्म आपको लिखी हुई है। देख लो

[05:33:00] ध्यान से। एवीआरटी।

[05:33:08] ध्यान से देखो

[05:33:10] एवीआरी देखो ध्यान से

[05:33:14] अब इसका एक टाइप है जिसको बोलते हैं

[05:33:17] एट्रियोवेंट्रिकुलर

[05:33:19] एंट्री टेकीकारिकार्डिया रीए्री

[05:33:21] टैकीकारिकार्डिया एट्रियो वेंट्रिकुलर

[05:33:24] रीएंट्री टेटकीकारार्डिया मतलब देखो

[05:33:27] नॉर्मली क्या होता है पाथवे होता है ना

[05:33:30] ऐसे एक बार यहां कॉन्ट्रक्शन चले गए तो

[05:33:34] अगर आना भी इसी पाथवे से जाते हैं। वो एक

[05:33:36] ही पाथवे से जाते हैं। पर कई बार यह हार्ट

[05:33:39] रेट क्यों बढ़ता है? क्योंकि इधर-उधर से

[05:33:41] अगर कहीं वो एट्रिया में दूसरी जगह से

[05:33:44] मतलब अगर उन्होंने एक्सेसरी पाथवे बना

[05:33:47] दिए। दूसरे पाथवे बना दिए। असेसरी पाथवे

[05:33:51] अगर बना दिए। असेसरी पाथवे अगर बना दिए

[05:33:54] ना। अगरसरी पाथवे बन गए ना पहले यहां 60

[05:33:59] कॉन्ट्रैक्शन आ रहे थे। फिर यहां से और

[05:34:01] पहुंच गए। इधर-उधर से निकल गए। अब 60 और

[05:34:04] हो गए। 120 हो गए। फिर यहां से निकल गए

[05:34:07] कुछ अलग पाथवे बना के। तो एट्रियाब के

[05:34:10] अंदर री एंट्री होने की वजह से जो आपको

[05:34:14] टेकीकारार्डिया देखने को मिल रहा है उसको

[05:34:17] बोलते हैं एवीआरटी। मतलब इसमें रीएंट्री

[05:34:21] टेकीकारार्डिया होता है।

[05:34:25] ठीक है? एक एक्स्ट्रा कंडक्शन वाला पाथवे

[05:34:29] बन जाता है। एक्स्ट्रा कंडक्शन

[05:34:32] वाला

[05:34:35] पाथवे बन जाता है। एक एक्स्ट्रा कंडक्शन

[05:34:38] वाला पाथवे बन जाता है। जिसकी वजह से

[05:34:40] एट्रिया की जो रेट है वो ज्यादा हो जाती

[05:34:44] है। ठीक है? इसका एक क्लासिकल साइन है।

[05:34:47] एवीआरटी के बारे में मैं आपको दिखाता हूं।

[05:34:51] अ एक बार मैं सेंड कर रहा हूं। एक मिनट

[05:34:53] रुक जाना। अगर इसमें सेंड हो पाएगा तो

[05:34:58] नहीं तो आपको ऐसे दिखाऊंगा। इसका एक खास

[05:35:01] बात है जो एग्जाम में पूछा गया था वह मैं

[05:35:03] डिस्कस करना चाहता हूं। मेरे को बहुत

[05:35:05] मुश्किल से मिला था वो सवाल।

[05:35:08] ठीक है? 1 मिनट रुक जाओ। इसका एक क्लासिकल

[05:35:12] साइन है दोस्तों।

[05:35:35] इसका एक क्लासिकल साइन आपको देखने के लिए

[05:35:38] मिलेगा। सर क्या है इसका क्लासिकल साइन?

[05:35:42] ध्यान से देखना। प्री एग्जिटरी क्यू वेव

[05:35:45] आपको एक अलग ही दिखेगी जो क्यू वेव है।

[05:35:50] क्यू वेव से इसमें आपको पता चल जाएगा।

[05:35:53] क्यू वेव इसमें आपको एक अलग से ही देखने

[05:35:55] को मिलेगी जिससे आपको समझ में आ जाएगा।

[05:35:58] क्या समझ में आ रहा है? देखो अब मुझे बताओ

[05:36:01] क्यू वेव में क्या दिख रहा है आपको?

[05:36:05] क्यू वेव में आपको क्या दिख रहा है?

[05:36:31] सर जहां पे भी Q वेव आ रही है ना वहां पे

[05:36:34] आपको अलग से अलग से एक डेल्टा वेव देखने

[05:36:38] के लिए मिलेगी। ये Q वेव से पहले आपको एक

[05:36:42] मैं थोड़ा और ज़ूम कर सकता हूं क्या इसको?

[05:36:46] इससे कर सकता हूं क्या? नहीं। कैसे कर

[05:36:49] सकता हूं इसको? ज़ूम?

[05:36:51] यह तो और खिसकता चला जा रहा है।

[05:37:01] अच्छा ये देखो जहां पे भी q वेव आ रही है

[05:37:04] ना वहां पे अगर आप ध्यान से देखोगे तो

[05:37:08] आपको एक अलग सी लाइन दिखेगी ऐसे। इसको

[05:37:12] बोलते हैं डेल्टा वेव। इसको बोलते हैं।

[05:37:15] जैसे q वेव आ रही है ना। क्यू वेव ऐसे

[05:37:17] नीचे को बनती है। तो क्यू वेव से पहले एक

[05:37:20] अजीबोगरीब ये लाइन दिखेगी आपको। इसको

[05:37:22] बोलते हैं डेल्टा वेव। इसको बोलते हैं

[05:37:26] डेल्टा वेव। याद रखना कभी भी आप देखोगे तो

[05:37:30] आपको एक डेल्टा वेव दिखाई देगी। डेल्टा

[05:37:33] वेव।

[05:37:35] ठीक है? यंग एडल्ट के अंदर आपको ज्यादातर

[05:37:38] यह लीड वन में दिखाई देती है। क्यू वेव से

[05:37:41] पहले थोड़ी सी एबनॉर्मल एब्नॉर्मेलिटी यह

[05:37:45] क्यू वेव है। इससे पहले हल्की सी जो

[05:37:47] एब्नॉर्मलिटी दिखाई देती है यह डेल्टा वेव

[05:37:49] है sin avrt का। बस और कुछ नहीं। क्लियर?

[05:37:54] तो यह बात याद रखना। आपको डेल्टा वेव कहां

[05:37:57] पे देखने को मिलती है? डेल्टा वेव आपको

[05:38:00] देखने के लिए मिलती है एवीआरटी के अंदर।

[05:38:02] और लीड वन के अंदर स्पेशली ये आपको

[05:38:05] ज्यादातर दिखेगी।

[05:38:08] ठीक? तो एवीआरटी आपको पता चल गया। एक

[05:38:11] एक्स्ट्रा कंडक्शन पैथवे बन जाता है और

[05:38:14] इसके अंदर आपको डेल्टा वेव देखने के लिए

[05:38:17] मिलेगी। लीड फर्स्ट के अंदर वो क्या है?

[05:38:21] प्री एक्साइटेटरी

[05:38:25] प्री एक्साइटरी क्यू वेव। Q वेव के आसपास

[05:38:28] आपको एक प्री एक्साइटरी वेव दिखेगी जिसको

[05:38:30] डेल्टा वेव बोलते हैं। तो यह बात याद

[05:38:32] रखना। ठीक है? तो बस इसको बोलते हैं

[05:38:36] एवीआरटी। यह ज्यादातर एवीआरटी किसके अंदर

[05:38:39] देखने को मिलता है? यंग एडल्ट के अंदर।

[05:38:43] ठीक है?

[05:38:46] देखो यहां पे थोड़ा और देख सकते हो ध्यान

[05:38:49] से।

[05:38:54] ठीक है? Q वेव नीचे को बननी चाहिए थी।

[05:38:56] देखो ध्यान से प्री एक्साइटेड ट्री तो

[05:38:58] डेल्टा वेव बन रही है ना ये ये जो

[05:39:00] इनवर्टेड बन रही है नॉर्मली q वेव आपको

[05:39:03] नीचे को देखने के लिए मिलेगी यहां पे आपको

[05:39:06] अब्नॉर्मल देखने के लिए मिलती है बस इतना

[05:39:08] सा है

[05:39:11] ठीक है अब नेक्स्ट आते हैं वेंट्रिकुलर

[05:39:14] टेकीकारिकार्डिया पे। देखो जब आप

[05:39:17] वेंट्रिकल्स की तरफ आते हो तो आपको मैं

[05:39:19] बता दूं जब भी आप वेंट्रिकल्स की तरफ आते

[05:39:23] हो तो आपको तीन चीजें मिलती हैं।

[05:39:25] वेंट्रिकुलर टेकीार्डिया मतलब वेंट्रिकल

[05:39:27] में हार्ट रेट ज्यादा हो रही है। स्टेबल

[05:39:30] अनस्टेबल पल्सलेस में क्या अंतर है? बता

[05:39:32] देता हूं। स्टेबल वाला व्यक्ति कॉन्शियस

[05:39:35] रहता है। इसकी आपको कैरोटेटिड पल्स भी फील

[05:39:39] होगी। और साथ में एक और चीज इसके ईसीजी

[05:39:43] में आपको वीटी दिखेगा। ईसीजी में आपको

[05:39:45] वीटी दिखेगा। वो अभी दिखा रहा हूं मैं।

[05:39:48] अनस्टेबल वीटी में क्या होता है सर? यह

[05:39:52] व्यक्ति अनस्टेबल वाला आपको कॉन्शियस नहीं

[05:39:56] दिखेगा। यह आपको अनकॉन्शियस दिखेगा।

[05:39:58] कैरोटिड पॉजिटिव होगी। ईसीजी में वीटी

[05:40:00] दिखेगा। पल्सलेस में क्या होता है? पेशेंट

[05:40:03] अनकॉन्शियस तो होगा ही। पल्स भी एब्सेंट

[05:40:06] होगी और वीटी तो दिखेगा ही दिखेगा। यह तीन

[05:40:10] चीजें हैं। बस इतनी सी बात है। अब समझ

[05:40:12] जाना इतने से।

[05:40:15] ठीक है? मेरी बात समझ गए?

[05:40:19] मेरी बात को समझ लो।

[05:40:23] क्लियर?

[05:40:25] ओके।

[05:40:51] ओके अरे वो तो मैंने पहले बोला था ना

[05:40:53] आएंगे एक आध ऐसे होते हैं उनको रहने दो

[05:41:03] हां वो हो जाता लंबी क्लासेस में आ जाते

[05:41:05] हैं कहीं-कहीं से। देखो वेंट्रिकुलर

[05:41:08] टैकीकारिकार्डिया तीन टाइप का होता है।

[05:41:10] अगर आप उसको देखोगे स्टेबल वीटी क्या है?

[05:41:13] जहां पे पेशेंट कॉन्शियस रहेगा। कैरोटिड

[05:41:15] पल्स रहेगी। ईसीजी में दिखेगा। अनस्टेबल

[05:41:19] वीटी क्या है? अनकॉन्शियस पेशेंट होगा।

[05:41:21] कैरोटिड पॉजिटिव होगी और ईसीजी में वीटी

[05:41:24] दिखेगा। पल्सलेस वीटी क्या होता है?

[05:41:26] पेशेंट अनकॉन्शियस भी होगा। कैरोटिड पल्स

[05:41:28] एब्सेंट भी होगी और यहां पे आपको वीटी भी

[05:41:32] दिखेगा। पल्सलेस वीटी में इसीलिए हम फिर

[05:41:35] क्या देते हैं? हमको एक ही चीज याद रहता

[05:41:38] है कि सर इसमें तो सीधे आपको डीफ देना

[05:41:41] पड़ेगा। पल्सलेस वीटी इज द मोस्ट

[05:41:48] कॉमन इंडिकेशन फॉर द डी डीफिब्रिलेटर।

[05:41:51] डीफब है तो मतलब पल्सलेस वीटी में डीफ

[05:41:55] देना ही देना है और कोई रास्ता ही नहीं

[05:41:57] है। बाकी दोनों को आप मैनेज कर सकते हो।

[05:41:59] पर पल्सलेस वीटी में तो आपको याद रखना

[05:42:02] डीफिब्रिलेटर देते हैं और इंडिया में

[05:42:05] दो-तीन चीजों पे ही डीफ देते हैं और किसी

[05:42:07] पे नहीं। या तो आपको पल्सलेस वीटी हो या

[05:42:10] आपको वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन हो। डीफ इज अ

[05:42:14] बहुत ही कॉमन

[05:42:16] याद रखने यह बात समझ गए मेरी बात।

[05:42:21] क्लियर है?

[05:42:29] मेरी बात समझ पा रहे हो? पल्सलेस वीटी

[05:42:32] क्या है? डीफिब्रिलेटर।

[05:42:34] डीफिब्रिलेटर इसका बहुत कॉमन क्या है?

[05:42:40] क्या क्या है? बहुत कॉमन इंडिकेशन है। अरे

[05:42:43] डिस्टर्ब मत हो। इतनी जल्दी तुम लोग

[05:42:45] डिस्टर्ब हो जाते हो। अब ध्यान से देखना।

[05:42:48] जब भी आप वेंट्रिकुलर टैकीकारिकार्डिया को

[05:42:50] देखोगे, लीड नंबर फर्स्ट में देखो। आपको

[05:42:54] क्या दिख रहा है सर? क्यूआर एस

[05:42:56] कॉम्प्लेक्स दिख रहा है। वाइड यह आपको

[05:42:58] वाइड क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स दिख रहा है

[05:43:00] क्या सर? क्या पी वेव दिख रही है? पी वेव

[05:43:03] तो दिख ही नहीं रही है। क्यूआर एस

[05:43:05] कॉम्प्लेक्स दिख रहा है। पहाड़ जैसे देखने

[05:43:08] को मिल रहा है। इधर देखो यहां भी क्या देख

[05:43:11] रहे हैं। अब देखो जब आपको ऐसे पहाड़ जैसे

[05:43:14] देखने को मिले जहां पे क्यूआर एस

[05:43:16] कॉम्प्लेक्स वाइड हो। वाइड हो। मेरी बात

[05:43:20] को ध्यान से समझना। जहां पर क्यूआर एस

[05:43:22] कॉम्प्लेक्स वाइड हो। लेकिन सब एक जैसे

[05:43:26] दिखाई दे रहे हैं। ऐसे टाइप को बोलते हैं

[05:43:29] मोनोमॉर्फिक।

[05:43:30] मोनोमॉर्फिक विटी। इसको बोलते हैं

[05:43:33] मोनोमॉर्फिक विटी। क्या बोलते हैं इसको?

[05:43:36] मोनोमॉर्फिक वेंट्रिकुलर टेकीकारार्डिया।

[05:43:39] ऐसा साइन देखने को मिलता है। वाइड क्यूआर

[05:43:42] एस कॉम्प्लेक्स। कभी भी अगर आप देखोगे तो

[05:43:46] आपको वाइड क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स देने

[05:43:48] देखने के लिए मिलेगा। क्या देखने को

[05:43:50] मिलेगा? वाइड क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स।

[05:43:53] दूसरा एक और चीज यह देखो। क्या यह रेगुलर

[05:43:58] है? हां सर रेगुलर है। रेगुलर है। वाइड

[05:44:01] क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स देखने को मिल रहा

[05:44:03] है। क्या सेम शेप है? हां सर मोनो शेप है।

[05:44:06] यानी कि मोनोमॉर्फिक विटी हो गया। कोई

[05:44:09] समझने की बात ही नहीं है।

[05:44:11] अब देखो दूसरी कंडीशन आपको यहां पे दिखाता

[05:44:15] हूं। अभी किसी ने पूछा था मुझसे। अब देखो

[05:44:18] पहला वाला तो तुम्हें यहां मोनोमॉर्फिक

[05:44:20] दिख रहा होगा लेकिन अब देखो तुम लीड थर्ड

[05:44:24] में देखो या लीड सेकंड में देखो लीड सेकंड

[05:44:28] में क्या हो रहा है पहले ये आ रहा है फिर

[05:44:31] ऐसे आ रहा है फिर ऐसे आ रहा है फिर ऐसे आ

[05:44:32] रहा है फिर ऐसे आ रहा है इसको बोलते हैं

[05:44:34] वेव लाइक पैटर्न फिर कम हो रहा है फिर कम

[05:44:37] हो रहा है फिर ऊपर जा रहा है

[05:44:39] मतलब एक से ज्यादा पैटर्न आपको दिखाई देते

[05:44:43] हैं तो उसको बोला जाता है पॉलीमॉर्फिक

[05:44:46] वीटी इसको बोलते हैं पॉलीमॉर्फिक वीटी। और

[05:44:51] जब ऐसे वेव लाइक पैटर्न दिखाई दे यह

[05:44:54] पॉलीमॉर्फिक बीटी का सबसे बढ़िया एग्जांपल

[05:44:57] है। इसको बोलते हैं टॉरसे पॉइंट। क्या

[05:45:00] बोलते हैं इसको? टॉरसे पॉइंट के नाम से

[05:45:03] जाना जाता है ये। इधर भी देख लो। जब आपको

[05:45:06] ऐसा वेव लाइक पैटर्न देखने के लिए मिले।

[05:45:09] पहले यहां पे सही था सही था। फिर यहां देख

[05:45:11] लो। ऐसा-ऐसा हो गया। फिर यहां कम हो गया।

[05:45:14] फिर कम हो गया। कम हो गया। ऐसा जहां पे

[05:45:16] आपको वेव जैसा पैटर्न दिखाई देने को मिलता

[05:45:19] है। यह एक तरीके का पॉलीमॉर्फिक वीटी है।

[05:45:22] पॉलीमॉर्फिक जहां पे एक से ज्यादा शेप है।

[05:45:26] इसी को बोलते हैं टॉर्सेस पॉइंट।

[05:45:30] ठीक है? यह वेंट्रिकुलर टैकीकारिकार्डिया

[05:45:32] में ही आता है। टॉर्सेस पॉइंटी

[05:45:36] वेंट्रिकुलर टेकीकारार्डिया के अंदर ही

[05:45:38] आता है।

[05:45:40] ओके?

[05:45:46] बस यह वेंट्रिकुलर टेकीकारार्डिया है।

[05:45:49] अगला देखो इसमें और साफ-साफ देख सकते हो

[05:45:53] तुम। देखो यह मतलब रियल पेपर है। रियल

[05:45:56] एग्जांपल है। ठीक है? यह किसी हॉस्पिटल से

[05:45:59] ही निकाला गया है। तो हॉस्पिटल से ही आप

[05:46:02] देखोगे तो ऐसा मिलेगा। जब टॉर्च पॉइंट

[05:46:06] होगा यह देख लेना कुछ इस तरीके से।

[05:46:09] [संगीत]

[05:46:15] ठीक है? क्लियर?

[05:46:19] तो आपको ऐसा पैटर्न दिखेगा रिबन लाइक

[05:46:21] पैटर्न तो टॉर्सडी पॉइंट ही इसको

[05:46:23] पॉलीमॉर्फिक बोलते हैं। अब वेंट्रिकुलर

[05:46:26] फिब्रिलेशन क्या है? जहां पे भी आपको एक

[05:46:29] वर्ड देखने को मिले। बिजारे

[05:46:33] बिज़ारे पैटर्न कुछ और नहीं बस बिजारे

[05:46:36] पैटर्न देखना।

[05:46:38] ठीक है? और आप क्या देखोगे जो क्यूआर एस

[05:46:41] कॉम्प्लेक्स है वो आपको वाइड दिखेगा वाइड

[05:46:44] दिखेगा क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स ऐसा आप

[05:46:47] पहचान ही नहीं पाओगे पी कहां है क्यू कहां

[05:46:49] है बिचारे मतलब विचित्र सा बिल्कुल ही

[05:46:52] विचित्र जहां पे आपको देखने के लिए मिले

[05:46:55] ये टॉर्सडी पॉइंट नहीं है ये आपको हो सकता

[05:46:58] है कहीं पे क्यूआर एस आपको वाइड मिले अदर

[05:47:01] वाइज ऐसा पैटर्न मिलता है बिजारे इफेक्ट

[05:47:04] वाला

[05:47:06] ठीक है बिजारे इफेक्ट वाला मिलेगा तो इसको

[05:47:09] बोलते हैं वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन।

[05:47:14] ठीक है? तो इसको बिज़ारे पैटर्न बोलते हैं।

[05:47:17] क्लियर? तो ये वेंट्रिकुलर अब देखो अब

[05:47:21] ईसीजी मैं बता ही रहा हूं। तो आपको कुछ

[05:47:25] एमआई के बारे में भी बता दूं। एमआई में

[05:47:28] कैसा दिखेगा? देखो MI के अंदर ज्यादातर दो

[05:47:32] चीजें होती हैं। एसटी सेगमेंट का एलिवेशन

[05:47:34] दिखता है। MI के अंदर एसटी सेगमेंट का

[05:47:37] एलिवेशन दिखता है। पहले MI को शुरू करने

[05:47:40] से पहले मैं आपको एक स्टोरी सुनाना चाहता

[05:47:42] हूं जो है बुरगाडा सिंड्रोम की। ठीक है?

[05:47:46] अरे इन लोगों को छोड़ो। मैं तुम्हें बहुत

[05:47:48] अच्छी स्टोरी सुना रहा सुनाने वाला हूं।

[05:47:50] बुरगाडा सिंड्रोम सुना है आपने?

[05:48:18] एक मिनट रुक जाओ।

[05:48:20] ठीक है। आपको मैं एक बहुत अच्छी स्टोरी

[05:48:24] बताने वाला हूं। बुरगाडा सिंड्रोम के बारे

[05:48:26] में।

[05:48:29] शायद आपने सुनी होगी या नहीं सुनी होगी तो

[05:48:32] देख के थोड़ा

[05:48:35] आपको समझ में आ जाएगा। ठीक है?

[05:48:40] आ गया। 1 मिनट का होल्ड करो बस।

[05:48:59] तो मैं तुम्हें बताने वाला हूं MI के बारे

[05:49:03] में। इससे पहले एक इमेज देखो तब आपको मैं

[05:49:06] समझाता हूं।

[05:49:10] यह देखो एक लेडी दिख रही है आपको ऐसे।

[05:49:16] ओके। तो हमारे कार्डियोलॉजी के अंदर

[05:49:20] कार्डियोलॉजी के अंदर क्या हुआ?

[05:49:31] ठीक है। एक मिनट रुक जाओ।

[05:49:40] कार्डियोलॉजी के अंदर एक डॉक्टर हुए

[05:49:42] डॉक्टर बुरगाडा।

[05:49:44] कौन से हुए? डॉक्टर बुरगाडा।

[05:49:48] तो डॉक्टर बुरगाडा की एक खास बात थी। वो

[05:49:52] यह बात थी कि डॉक्टर बुरगाडा एक बार फीफी

[05:49:55] आइलैंड गए घूमने के लिए। एक आइलैंड है

[05:49:58] एशिया में ही। उसका नाम है फीफी आइलैंड।

[05:50:00] ठीक है? फीफी आइलैंड गए। तो जब वह एक

[05:50:06] वहां पर फीफी आइलैंड में गए तो यह बात याद

[05:50:10] रखना। फीफी आइलैंड में क्या हुआ?

[05:50:13] फीफी आइलैंड के अंदर आप क्या देखोगे? फीफी

[05:50:17] आइलैंड के अंदर

[05:50:19] थोड़ा कमेंट सेक्शन चेक करो। एक आध लोग

[05:50:21] हैं फालतू। उड़ा दो उनको।

[05:50:24] ये देखो।

[05:50:29] ओके।

[05:50:33] तो फीफी आइलैंड के अंदर डॉ. बुरगाडा गए।

[05:50:35] उन्होंने एक होटल लिया। होटल और होटल में

[05:50:39] रात को उनको क्या करना था? स्टे करना था।

[05:50:41] तो फीफी आइलैंड के लोगों ने होटल में बोला

[05:50:44] होटल तो मिल जाएगा सर लेकिन जब आप रात को

[05:50:48] सोओगे आपको फीमेल का कॉस्ट्यूम पहन के

[05:50:50] सोना है। कौन सा कॉस्ट्यूम फीमेल का

[05:50:54] कॉस्ट्यूम पहन के सोना है। मतलब आपको

[05:50:56] फीमेल की तरह तैयार होना है। अ लिपस्टिक

[05:50:59] काजल वाजल जो भी लगाना है साड़ी वाड़ी

[05:51:01] पहननी है तब सोना है। उन्होंने कहा ऐसा

[05:51:03] क्यों? उन्होंने कहा सर मतलब यहां का

[05:51:06] रिचुअल आपको मानना पड़ेगा। और डॉक्टर

[05:51:08] पुरगाडा यार मेडिकल वाले उन्होंने कहा

[05:51:11] नहीं ऐसा नहीं हो सकता।

[05:51:13] ठीक है उन्होंने कहा नहीं ऐसा नहीं हो

[05:51:15] सकता।

[05:51:19] तो वो दूसरे होटल चले गए लड़ाई करते हुए

[05:51:23] ये क्या बात हुई हटा दो।

[05:51:28] तो उन्होंने बोला

[05:51:31] दूसरे होटल में गए। उन्होंने बोला सर सेम

[05:51:33] सेम रिपीट किया कि सर यहां पर रुकने का एक

[05:51:36] रिवाज है कि आपको रात को फीमेल का ही

[05:51:38] कॉस्ट्यूम पहनना पड़ेगा। वो पागल हो गए।

[05:51:40] उन्होंने कहा मैं मेडिकल साइंस वाला क्या

[05:51:43] बात होगी? क्यों पहनूं मैं? वो तीसरे होटल

[05:51:45] गए। तीसरे होटल ने भी सेम बोला रात को सर

[05:51:48] आप दिन में कैसे भी रहो। रात को सोते हुए

[05:51:50] आपको फीमेल का कॉस्ट्यूम पहनना है।

[05:51:53] क्लियर?

[05:51:56] अब तीसरी बार उन्होंने कहा होटल में लिया

[05:52:00] ही नहीं कमरा। वह पास के गांव में चले गए

[05:52:02] सोने के लिए रात को और उन्होंने गांव के

[05:52:04] बुजुर्गों से पूछा कि सर एक बात बताओ

[05:52:09] मुझे यहां पर रहना है रहने दोगे उन्होंने

[05:52:11] कहा हां रह लेना पर आपको क्योंकि आप थोड़े

[05:52:14] जवान हो तो आपको रात को फीमेल का

[05:52:16] कॉस्ट्यूम उनका दिमाग खराब हो गया

[05:52:18] उन्होंने कहा क्या पागल बना रहे हो तब से

[05:52:20] क्या मतलब है इसका तो फिर बुजुर्ग व्यक्ति

[05:52:22] ने एक कहानी सुनाई कि बहुत साल पहले यहां

[05:52:26] पर क्या हुआ कि एक बहुत ही सुंदर लड़के की

[05:52:29] शादी

[05:52:30] एक बहुत ही अगली और बहुत ही ज्यादा ओवर

[05:52:34] फैटी फीमेल से हो गई और लोग उन दोनों की

[05:52:38] जोड़ी को मैच नहीं कर पाए कि यार ये दोनों

[05:52:40] लड़का ऐसा है और लड़की ऐसी है। बोलते हैं

[05:52:43] ना ऐसा समाज वाले

[05:52:45] और अचानक से एक दिन दोनों मियां बीवी रात

[05:52:48] को सो रहे थे और पता चला सुबह लड़का मर

[05:52:53] गया। जब सुबह नींद खुली तो लड़का मरा हुआ

[05:52:56] ही था बिस्तर में।

[05:52:58] अब इस बात से पूरे गांव वालों ने यह सोचा

[05:53:01] कि यह जो इसकी औरत है, यह इसकी जो वाइफ

[05:53:03] है, यह बहुत ही अगली भी है और पुराने

[05:53:07] जमाने के लोग ऐसे ही करते थे। उन्होंने उस

[05:53:09] औरत को पकड़ा और जिंदा जला दिया।

[05:53:13] ठीक है? उस औरत को बिल्कुल जिंदा जला

[05:53:15] दिया। अब क्या होने लग गया? पांच छ महीने

[05:53:18] बीते तो अचानक से एक लड़का रात को अपने

[05:53:21] सीने में हाथ रख के मर गया। यह रियल

[05:53:24] स्टोरी है। कहानी नहीं सुना रहा हूं मैं।

[05:53:26] समझो बात को।

[05:53:28] रात को 5 छ महीने बाद वहां एक लड़का गांव

[05:53:31] का 30 35 साल का उसने हाथ पे

[05:53:35] छाती पर हाथ रखा और मर गया अचानक से फिर

[05:53:39] कुछ दिनों में सडन उसी गांव में चार पांच

[05:53:42] सात आठ डेथ हो गई मतलब गांव बड़ा होगा तो

[05:53:46] लोगों ने यह अनुमान लगाया कि जिस फीमेल को

[05:53:48] उन्होंने जलाया था ना वो फीमेल वापस आ गई

[05:53:51] है और वो क्या करती है किसी इंसान के ऊपर

[05:53:54] रात में जब वो सोया रहता है स्पेशली ली

[05:53:57] लड़कों के उनके ऊपर ऐसे बैठ जाती है और वो

[05:53:59] मार देती है

[05:54:02] और लोग अपनी सांस बचाने के चक्कर में रहते

[05:54:05] हैं और वो मर जाते हैं। ऐसा लोगों ने

[05:54:07] अज्यूम किया था।

[05:54:11] ठीक है? बाद में डॉक्टर बुरगाडा ने इस

[05:54:14] कंडीशन को नाम दिया एशियन एमआई। मतलब

[05:54:18] एशियन लोगों में जो यंग एडल्ट्स होते हैं

[05:54:21] उनके अंदर एमआई आने के चांस बहुत ज्यादा

[05:54:24] थे। तो एमआई की कहानी ये डॉक्टर बुरगाडा

[05:54:27] से आई और बुरगाडा वाली स्टोरी आपको पता

[05:54:31] होनी चाहिए। फीफी आइलैंड में डॉक्टर

[05:54:32] बुरगाडा थे। उन्होंने ये सारी चीजें देखी।

[05:54:34] वहां के लोगों का बिहेव देखा तब उन्होंने

[05:54:37] बताया कि सडन डेथ अगर यंग एडल्ट्स में हो

[05:54:40] रही है। इसी को बोलते हैं एमआई के लिए है

[05:54:42] स्पेशली। समझ गए? तो यह कहानी है किसकी?

[05:54:48] फीफी आइलैंड की। ओके। हम बात करते हैं

[05:54:52] एमआई के लिए।

[05:54:55] ओके। अब मैंने आपको बताया था अगर आपको MI

[05:54:58] का पता लगाना है कि कौन सा वाला MI है तो

[05:55:02] आप लीड को देख के लगा सकते हो। लीड को देख

[05:55:05] के कैसे? MI के अंदर ज्यादातर आपको देखने

[05:55:08] के लिए क्या मिलेगा? एसटी सेगमेंट का

[05:55:11] एलिवेशन देखने के लिए मिलेगा। एसटी

[05:55:14] सेगमेंट का एलिवेशन देखने के लिए मिलेगा।

[05:55:18] ज्यादातर कंडीशन में। तो यहां पर आप खुद

[05:55:21] देख सकते हो नॉर्मल अगर आप देखोगे तो एसटी

[05:55:24] सेगमेंट नॉर्मल सीधे बनता है ना।

[05:55:28] अब किसी ने जे पॉइंट पूछा था जे पॉइंट

[05:55:30] क्या होता है? जे पॉइंट होता है जो पहला

[05:55:33] पॉइंट जहां से शुरू हो रहा है ना वो सीधी

[05:55:36] इमेजिनरी लाइन को अगर मैं खींचूं और ईसीजी

[05:55:39] उसी लाइन पे जा रही है तो qआरएस

[05:55:42] कॉम्प्लेक्स के खत्म होते ही जो हमारा

[05:55:45] एसटी शुरू होगा वह सीधी लाइन में ही शुरू

[05:55:48] होना चाहिए। जब हमारा S वेव खत्म होती है,

[05:55:52] इस पॉइंट को ही बोलते हैं J पॉइंट जहां से

[05:55:55] ST शुरू होता है। मेरी बात समझ रहे हो

[05:55:58] क्या? जहां से एसटी सेगमेंट शुरू हो रहा

[05:56:01] है ना इस पॉइंट को बोलते हैं J पॉइंट। और

[05:56:05] इस पॉइंट से ही अंदाजा लगाते हैं एसटी

[05:56:07] एलिवेट है या डिप्रेस्ड है। सपोज़ कर लो यह

[05:56:11] जो पॉइंट है इसी को J पॉइंट बोला जाता है।

[05:56:14] देखो जहां पे सीधी लाइन जा रही है और S

[05:56:17] शुरू हो रहा है। इस पॉइंट को ही हम J

[05:56:19] पॉइंट बोलते हैं। QRS कॉम्प्लेक्स के एंड

[05:56:22] होने पे ये आता है। एंड ऑफ द QRS पे आता

[05:56:26] है और आप बोलोगे तो ST सेगमेंट के शुरुआत

[05:56:28] में आता है। आप इसको देख सकते हो ऐसे।

[05:56:35] मेरी बात समझ रहे हो?

[05:56:38] मेरी बात समझ रहे हो? यस।

[05:56:42] तो मेरी बात को ध्यान से समझो कि जब आप

[05:56:45] देखोगे ना जे पॉइंट क्या होता है? तो जे

[05:56:47] पॉइंट एक ऐसा पॉइंट है जो qआरएस

[05:56:51] कॉम्प्लेक्स के एंड पे आता है और एसटी के

[05:56:54] साथ में आता है। खास बात क्या है कि

[05:56:56] नॉर्मली शुरुआत की जो सीधी लाइन आ रही है

[05:56:59] ना उसी की सीध में होगा। अगर आपका एस उससे

[05:57:04] ऊपर गया तो हम बोलेंगे एसटी सेगमेंट

[05:57:07] एलिवेशन और उससे नीचे गया तो हम बोलेंगे

[05:57:10] एसटी सेगमेंट डिप्रेशन। क्लियर है? अब

[05:57:14] जैसे यहां देख लो। यहां देखो यहां

[05:57:18] ये J पॉइंट कहां गया? मेरा इतना ऊपर चला

[05:57:21] गया। देखो J पॉइंट यहां ऊपर गया। एसटी

[05:57:24] सेगमेंट भी ऊपर गया। मतलब यह एसटी एलिवेशन

[05:57:27] है। ठीक है? यह क्या है? एसटी एलिवेशन है।

[05:57:32] क्लियर बात

[05:57:34] हां बोलो अब देखो यहां एसटी से यहां बनना

[05:57:39] चाहिए था एसटी लेकिन एसटी सेगमेंट इस लाइन

[05:57:42] से बहुत ऊपर बना है। यह क्या है? एसटी

[05:57:45] एलिवेशन। जब भी आपको एसटी एलिवेशन मिले

[05:57:48] समझ जाना यह हार्ट अटैक का मामला है। मेरी

[05:57:52] बात समझ रहे हो? यह एमआई का मामला है।

[05:57:54] एमआई के अंदर एसटी एलिवेशन क्लासिकल देखने

[05:57:57] के लिए मिलता है।

[05:58:00] ओके। अब यहां पर भी देख लो थोड़ा सा एसटी

[05:58:04] यहां पर आना चाहिए था। अब इससे इतने ऊपर

[05:58:06] एसटी बना है आपका मतलब क्या है? एलिवेशन

[05:58:09] है। अब यहां पे देखो एसटी सेगमेंट ऊपर बना

[05:58:13] है। एसटी एलिवेशन है। पर एसटी सेगमेंट

[05:58:16] नीचे बन गया। यहां देखो J पॉइंट नीचे बना

[05:58:20] है और J पॉइंट अगर नीचे बना है ये एसटी

[05:58:23] सेगमेंट डिप्रेशन है। एसटी सेगमेंट

[05:58:25] डिप्रेशन है। तो आपको पता चलेगा एसटी

[05:58:29] सेगमेंट एलिवेशन और एसटी सेगमेंट डिप्रेशन

[05:58:32] ये क्लासिकल साइन होते हैं। किस चीज के?

[05:58:36] ध्यान से आप सब कुछ देख सकते हो। यह देखो

[05:58:39] डिप्रेशन का साइन है। यह देखो डिप्रेशन का

[05:58:42] साइन है। ठीक है? यह देखो डिप्रेशन का

[05:58:45] साइन है।

[05:58:47] ठीक? यह देखो डिप्रेशन का साइन है। तो

[05:58:50] एसटी सेगमेंट डिप्रेशन हो गया। एसटी

[05:58:53] सेगमेंट डिप्रेशन ज्यादातर आपको कहां

[05:58:55] देखने को मिलता है? एंजाइना पेक्टोरिस

[05:58:58] में। एमआई के अंदर ज्यादातर एलिवेशन

[05:59:01] दिखेगा। अब सुनो। अब अगर किसी को एमआई हुआ

[05:59:05] है तो आप कैसे पता लगाओगे? कौन सा एमआई

[05:59:08] हुआ है? एक सीधी लाइन खींचोगे ऐसे। एक

[05:59:11] सीधी लाइन खींचो ऐसे।

[05:59:14] ठीक है? और यहां पर लिख दो फर्स्ट लीड

[05:59:18] यहां पर लिख दो ए वी एल

[05:59:22] बी से एक लाइन निकालो ऐसे ये हो गई ए वी

[05:59:27] एल ठीक है फिर यहां एक दूसरी लाइन खींचो

[05:59:31] इसमें लिखो टू यहां एक तीसरी लाइन खींचो

[05:59:35] यहां पे लिखो थ्री यहां एक चौथी लाइन लिखो

[05:59:39] यहां पर लिखो ए वीf

[05:59:42] बाकी ऊपर की तरफ V1, V2, V3, V4, V5 और V6

[05:59:53] ध्यान से देख लो। देखो अगर V1, V2, V3, V4

[05:59:58] में कोई दिक्कत है? कभी भी। अगर इन चार

[06:00:01] वेव के अंदर आपको एसटी एलिवेशन दिख रहा है

[06:00:05] तो हमेशा V1 से ले V4 तक अगर मिलेगा तो

[06:00:09] याद रखना यह एंटीरियर वॉल का एमआई है।

[06:00:13] एंटीरियर वॉल का एमआई है। समझ गए? पहला।

[06:00:17] दूसरा कभी भी अगर आपको सेकंड लीड, थर्ड

[06:00:21] लीड और एवीएफ में देखने को मिले तो ये

[06:00:24] हार्ट के निचले हिस्से को बताते हैं। आप

[06:00:26] समझ जाना यह इंफीरियर वॉल का एमआई है।

[06:00:32] सर अगर इन तीन लीडों में आपको एसटी

[06:00:34] सेगमेंट एलिवेशन दिखेगा।

[06:00:37] ठीक है? मेरी बात समझ गए?

[06:00:43] क्लियर? अब देखो जब आप देखोगे V5 V6 एवीएल

[06:00:49] और फर्स्ट अगर यह दिखेगा तो याद रखना यह

[06:00:52] है लेटरल वॉल का एमआई

[06:00:56] लेटरल वॉल का एमआई अगर कोई कभी स्पेसिफिक

[06:00:59] पूछ ले कि सर सेप्टल वॉल एमआई हुआ है तो

[06:01:03] सेप्टल वॉल एमआई में केवल दो आते हैं V1

[06:01:06] और V2 अगर आपको V1 और V2 मिल रहा है तो

[06:01:10] समझ जाना ये क्या है V1 और V2 मिल रहा है

[06:01:14] तो इसका मतलब समझ जाना यह सेप्टल वॉल का

[06:01:17] एमआई है। यह क्या है? सेप्टल वॉल का एमआई

[06:01:21] है। बस इतनी सी बात समझनी है। एमआई की

[06:01:24] ईसीजी आप बता दोगे। क्लियर है? एमआई की

[06:01:28] ईसीजी आप बता दोगे।

[06:01:33] अच्छा अब बताओ ये कौन सा एमआई है? ये कौन

[06:01:36] सा एमआई है? बता दो मुझे। मैं मान जाऊंगा

[06:01:39] कि आपको आ गया है।

[06:01:42] एसटी सेगमेंट एलिवेशन दिखेगा आपको तो आप

[06:01:45] समझ जाना।

[06:01:47] समझ रहे हो? अगर आपको एसटी सेगमेंट

[06:01:50] एलिवेशन दिख जाएगा तो आप समझ जाना।

[06:02:14] यह कौन सा एमआई है?

[06:02:24] यस।

[06:02:28] तो एंटीरियर वॉल MI के अंदर आप देखोगे V1,

[06:02:32] V2, V3, V4 के अंदर आपको चेंजज़ देखने के

[06:02:36] लिए मिलेंगे। ठीक है? हमेशा एलिवेटेड

[06:02:38] देखने के लिए मिलेगा। तो कौन-कौन से

[06:02:40] होंगे? लीड कौन-कौन से होंगे?

[06:02:44] वो देख लेना। ठीक है? एंटीरियर वॉल में

[06:02:46] कौन-कौन सी चीजें आपको देखने के लिए मिलती

[06:02:48] हैं? V1, V2, V3, V4।

[06:02:52] अब V5, V6 में चेंजेस मिले तो लेटरल वॉल

[06:02:55] होगा। ठीक है? V5 और V6 में अगर आपको एसटी

[06:02:58] सेगमेंट एलिवेशन दिख रहा है। एसटी सेगमेंट

[06:03:01] एलिवेशन अगर आपको V5 V6 में दिख रहा है तो

[06:03:04] आप समझ जाना कि ये कहीं ना कहीं क्या हो

[06:03:06] रहा है। हल्का सा ऊपर है यहां पे। देख रहे

[06:03:08] हो? और यहां पे भी हल्का सा ऊपर है। देख

[06:03:11] रहे हो? ठीक है? तो V5 V6 में अगर आपको

[06:03:14] देखने को मिले तो आप समझ जाना ये लैटरल

[06:03:17] वॉल का एमआई है।

[06:03:21] ओके।

[06:03:23] अब आता है हार्ट ब्लॉक। हार्ट ब्लॉक की भी

[06:03:26] ईसीजी देख लेते हैं थोड़ा। तो जब भी आपको

[06:03:28] फर्स्ट डिग्री हार्ट ब्लॉक देखने के लिए

[06:03:30] मिले वह नॉर्मल होता है। बस उसमें ये पीआर

[06:03:33] इंटरवल बढ़ता चला जाता है। देखो ध्यान से।

[06:03:37] पीआर इंटरवल पहले इतना था। ठीक है? फिर

[06:03:41] यहां पे

[06:03:44] इतना था। हां। तो आपने क्या देखा? PR

[06:03:47] इंटरवल अगर आप देखोगे तो PR इंटरवल

[06:03:50] मैक्सिमम 2 तक होना चाहिए। लेकिन अगर 2 से

[06:03:54] ज्यादा है तो आप समझ जाना कि ये कैसे

[06:03:57] निकालेंगे सर? देखो एक बॉक्स में 0.4

[06:04:00] सेकंड लगता है। याद रखना और आपका जो PR जा

[06:04:05] रहा है ना वो कितने बॉक्स में जा रहा है?

[06:04:07] 1 2 3 4 और फाइव।

[06:04:12] 1 2 3 4 और फाइव।

[06:04:20] 1 2 3 4

[06:04:26] हां ये नॉर्मल है। यहां देखो यहां देखो जब

[06:04:29] आप PR इंटरवल को देख रहे हो। PR इंटरवल को

[06:04:33] देख रहे हो। ये वाला देखो कितने बॉक्स

[06:04:35] हैं। 1 2 3 4 5 6 अब आपको छह बॉक्स अगर

[06:04:40] मिल रहे हैं PR में। जो पीआर सेगमेंट ऐसा

[06:04:43] होता है। अगर आपको उसमें छह बॉक्स मिल रहे

[06:04:45] हैं। क्या मिल रहे हैं? छह बॉक्स। तो आप

[06:04:47] छह को मल्टीप्लाई कर दो 0.4 से तो लगभगल

[06:04:51] लगभग 0.24 सेकंड आ रहा है। अगर आपको PR

[06:04:55] इंटरवल इतना ज्यादा बड़ा हुआ दिखता है। ये

[06:04:59] QRS से पहले PR इंटरवल आता है। तो अगर

[06:05:02] आपको 0.20 से ज्यादा बड़ा हुआ दिखता है तो

[06:05:06] आप समझ जाना यह फर्स्ट डिग्री हार्ट ब्लॉक

[06:05:08] है। ठीक है? इतना याद रखना। अब जब आप

[06:05:12] सेकंड डिग्री हार्ट ब्लॉक को देखोगे,

[06:05:14] सेकंड डिग्री हार्ट ब्लॉक में होता क्या

[06:05:16] है? सेकंड डिग्री हार्ट ब्लॉक में पीआर

[06:05:19] इंटरवल बेस लाइन से ही प्रोलोंग होता

[06:05:21] रहेगा। देखो पहले पीआर इंटरवल इतना था।

[06:05:24] रेड वाला देखो। फिर थोड़ा और बड़ा फिर

[06:05:27] थोड़ा और बड़ा। फिर थोड़ा और बड़ा। तो आप

[06:05:31] देखोगे PR इंटरवल यहां पे धीरे-धीरे

[06:05:34] धीरे-धीरे यहां पे एक QRS ड्रॉप हो जाता

[06:05:37] है। QRS यहां आ ही नहीं रहा। मतलब पीआर

[06:05:41] इंटरवल बढ़ेगा। पीआर इंटरवल प्रोलोंग तो

[06:05:44] होगा और साथ में अचानक से एक QRS ड्रॉप हो

[06:05:49] जाएगा। तो QRS का ड्रॉप होना और पीआर का

[06:05:52] बढ़ना। यह कहलाता है सेकंड डिग्री हार्ट

[06:05:55] ब्लॉक। अगर PR इंटरवल बढ़ रहा है और साथ

[06:05:58] में आपका एक QRS गायब हो गया। देखो दोबारा

[06:06:01] से P आ गया। फिर यहां यहां P था QRS यहां

[06:06:05] आना चाहिए था। आया ही नहीं। फिर P आ गया।

[06:06:07] फिर QRS आया फिर पी फिर ऐसे आया। तो मतलब

[06:06:10] PR इंटरवल बढ़ेगा बढ़ेगा और बीच में से QRS

[06:06:14] गायब हो जाएगा। तो बात ये समझ जाना ये

[06:06:16] सेकंड डिग्री हार्ट ब्लॉक है। तीसरा देखो।

[06:06:20] अब सेकंड डिग्री का जो टाइप टू है उसमें

[06:06:23] क्या होता है?

[06:06:25] उसमें क्या होता है? ध्यान दो। PR इंटरवल

[06:06:29] बढ़ रहा है। PR इंटरवल क्या हो रहा है? बढ़

[06:06:33] रहा है

[06:06:35] और कंसिस्टेंटली बढ़ रहा है। कंसिस्टेंटली

[06:06:38] PR इंटरवल बढ़ता जा रहा है। देखो आपने P

[06:06:41] वेव आई। फिर PR बढ़ गया। फिर सब कुछ ठीक

[06:06:45] हुआ।

[06:06:48] फिर यहां पर देखो PR छोटा हुआ। फिर यहां

[06:06:52] पर देखोगे।

[06:06:54] PR और बढ़ चुका है। तो PR धीरेधी धीरे-धीरे

[06:06:58] यहां कंडक्टेड बीड्स रिमेन कांस्टेंट।

[06:07:00] पीआर इंटरवल यहां पे बढ़ता चला जा रहा है।

[06:07:03] मोबिड्स टाइप टू में। थर्ड डिग्री हार्ट

[06:07:06] ब्लॉक में क्या होता है? थर्ड डिग्री

[06:07:07] हार्ट ब्लॉक में एट्रियम का और वेंट्रिकल

[06:07:10] का कोई कंडक्शन ही नहीं होता। देखो कई बार

[06:07:12] यहां QRS आ गया। यहां पी आ गई। फिर यहां

[06:07:15] पे पी वेव आई। QRS आया ही नहीं। फिर QRS आ

[06:07:18] गया। फिर बहुत देर बाद QRS आया। मतलब जहां

[06:07:22] पे एवी कंडक्शन है ही नहीं और ईसीजी

[06:07:26] कॉम्प्लेक्स एवी डिसोसिएशन हो रहा है।

[06:07:29] मतलब एट्रियम अलग धड़क रहा है और

[06:07:31] वेंट्रिकल का कोई कनेक्शन ही नहीं है।

[06:07:34] जहां पे एट्रियम का और वेंट्रिकल का कोई

[06:07:38] कनेक्शन नहीं है।

[06:07:40] उसको क्या बोलते हैं? उसको बोलते हैं

[06:07:43] हार्ट ब्लॉक टाइप थ्री।

[06:07:47] यह देखो यहां पर पी वेव आया।

[06:07:51] फिर यहां आया ही नहीं। आया ही नहीं। फिर

[06:07:53] पी वेव आ गया। फिर यहां एक पी वेव, दो पी

[06:07:55] वेव, तीन पी वेव आ गई। तब qआरs आ रहा है।

[06:07:58] मतलब जहां पे पीआर इंटरवल अगर आप देखोगे

[06:08:02] आप क्या देखोगे?

[06:08:05] एट्रियम का पी वेव और qआरs में कोई

[06:08:07] कोऑर्डिनेशन ही नहीं है। कई तो दो बार में

[06:08:10] qआरs आ जा रहा है। कई बार 10 बार में भी

[06:08:12] qआ नहीं आ रहा। मतलब दोनों डिसोसिएटेड

[06:08:16] हैं। मतलब अलग-अलग काम कर रहे हैं। उस

[06:08:19] कंडीशन को बोलते हैं थर्ड डिग्री हार्ट

[06:08:21] ब्लॉक। ठीक है? उस कंडीशन को बोला जाता है

[06:08:24] थर्ड डिग्री हार्ट ब्लॉक। तो वेंट्रिकुलर

[06:08:26] फिब्रिलेशन हमने पहले भी देखा था। एक बार

[06:08:29] दोबारा भी देख लो। जहां पे चाउट रिदमम आती

[06:08:32] है। जहां पर चाउटिक रिदमम आती है वहां पे।

[06:08:38] मेरी बात समझ गए?

[06:08:45] एक बार दोबारा बताऊं टाइप वन टाइप टू

[06:08:51] अच्छा सुनो मैं आपको टाइप वन टाइप टू

[06:08:54] दोनों बता रहा हूं।

[06:08:57] मोबिस टाइप वन टाइप टू

[06:09:01] दोनों मतलब टाइप टू हार्ट ब्लॉक टू के

[06:09:05] पार्ट हैं। मतलब हार्ट ब्लॉक होता है ना

[06:09:10] टाइप टू में दो पार्ट हैं। एक मॉबिट्स

[06:09:13] फर्स्ट है।

[06:09:16] एक मॉबिट्स सेकंड है।

[06:09:19] ठीक है? इन दोनों में बेसिक डिफरेंस क्या

[06:09:21] है? वो बता देता हूं आपको।

[06:09:24] देखो मॉबि फर्स्ट में क्या होता है। पहले

[06:09:26] पीआर इंटरवल इतना बड़ा मैं साफ-साफ लिख

[06:09:29] रहा हूं तो जिससे तुम्हें समझ आ जाए। देखो

[06:09:31] तुम केवल मैं पीआर इंटरवल बता रहा हूं। ये

[06:09:34] पी वेव था बड़ा फिर qrs आया। फिर यह PT जो

[06:09:39] भी आया फिर यहां पर और बढ़ा मतलब जहां पर

[06:09:43] जो PR इंटरवल है वो धीरे-धीरे इनक्रीस

[06:09:48] होता जा रहा है। प्रोग्रेसिवली

[06:09:50] प्रोग्रेसिवली धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।

[06:09:53] मतलब पहले इतना था। अगली बार इतना हुआ।

[06:09:56] अगली बार इतना हुआ। अगली बार और बड़ा हो

[06:09:59] गया। जहां पे PR इंटरवल धीरे-धीरे बढ़ रहा

[06:10:03] है।

[06:10:04] ठीक है? और अचानक से क्यूआर ड्रॉप हो जाए

[06:10:10] उसको बोलते हैं टाइफस्ट।

[06:10:13] ध्यान से सुनना यहां पे लगर लगर लगर होता

[06:10:16] जाता है। ऐसे याद रखना लगर फिर उससे भी

[06:10:20] ज्यादा लगर फिर उससे भी ज्यादा लगर और सडन

[06:10:23] ड्रॉप क्यूआर एस ड्रॉप हो जाएगा। गायब हो

[06:10:26] जाएगा बीच में से। इसको बोलते हैं टाइप

[06:10:28] फर्स्ट।

[06:10:30] ठीक है? इसको बोलते हैं मॉबिट्स टाइप

[06:10:32] फर्स्ट।

[06:10:34] लेकिन टाइप टू में क्या होता है? PR

[06:10:36] इंटरवल बराबर रहेगा। बढ़ तो रहा है पर

[06:10:40] बराबर रहेगा और सडन सडन QRS कॉम्प्लेक्स

[06:10:43] गायब हो जाएगा। मतलब यहां पे PR कांस्टेंट

[06:10:47] रहता है

[06:10:49] और सडन QRS गायब हो जाती है। सडन QRS

[06:10:54] ड्रॉप हो जाती है। अरे यहां देखो दोबारा

[06:10:58] से देखो। अब तुम्हें यहां पर समझ में आ

[06:11:00] जाएगा। अब समझ सकते हो तुम। देखो।

[06:11:11] ध्यान से देखो। यह है मोबिट्स का टाइप वन।

[06:11:18] टाइप वन में मैंने आपको दोबारा बता रहा

[06:11:20] हूं। मैंने आपको टाइप वन जहां पे भी बताया

[06:11:23] था मैं दोबारा से बता रहा हूं कि यहां पे

[06:11:26] पीआर इंटरवल बढ़ता है। प्रोलोंग होता है।

[06:11:29] पहले छोटा फिर बड़ा फिर बड़ा फिर बड़ा और

[06:11:33] फिर गायब हो जाता है। अगर आपका पीआर

[06:11:36] इंटरवल धीरे-धीरे धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

[06:11:39] लॉन्ग लॉन्ग लॉन्ग हो रहा है और अचानक से

[06:11:42] क्यूआर गायब हो जा रही है। उसको बोलते हैं

[06:11:45] टाइप फर्स्ट। ठीक है? ये चारों आपको

[06:11:47] सिमिलर दिख रहे होंगे पर बड़े-बड़े हैं।

[06:11:50] अब देखो दूसरा वाला यहां पे क्या हो रहा

[06:11:53] है? PR इंटरवल चाहे वो बड़ा है ना तो PR

[06:11:57] इंटरवल यहां पे भी सेम हाइट है इसकी। लगभग

[06:12:01] यहां पे भी सेम हाइट है। लगभग यहां पे भी

[06:12:03] जहां पे भी PR बन रहा है वहां पे सेम हाइट

[06:12:05] है। ठीक है? और अचानक से आपको QRS

[06:12:09] कॉम्प्लेक्स यहां देखने को मिल रहा है।

[06:12:12] मेरी बात समझ पा रहे हो?

[06:12:14] अगर आप देखोगे PR इंटरवल यहां पर भी बराबर

[06:12:18] है। हो सकता है इससे पहले भी बराबर था और

[06:12:20] अचानक से अब यहां P वेव आ गई थी। QRS आनी

[06:12:24] थी ना गायब हो गई। मतलब जहां पे अगर आप

[06:12:28] बोलोगे तो मैं यह बोलूंगा जहां पे PR

[06:12:31] कांस्टेंट रहती है और अचानक से QRS ड्रॉप

[06:12:35] हो जाता है। इसको बोलते हैं मॉबिस टू।

[06:12:44] ठीक है

[06:12:46] यस समझ गए क्या

[06:12:49] क्लियर

[06:12:54] अरे हां बोलो कभी 11:00 बज गए पता ही नहीं

[06:12:57] चला

[06:13:02] थक गए क्या तुम लोग

[06:13:11] क्या आप लोग थक गए हो क्या?

[06:13:19] तो क्या आपको ईसीजी समझ में आई? मैक्सिमम

[06:13:22] जितना मैं कोशिश कर सकता था मैंने ईसीजी

[06:13:24] वाला समझा दिया है।

[06:13:27] ठीक।

[06:13:30] और कोई सवाल है तो पूछो। अरे इन लोगों से

[06:13:33] बात मत करो। इनको कौन पूछता है? कौन जानता

[06:13:36] है? इन लोगों को पैसे मिलते हैं पता है यह

[06:13:39] करने के लिए जो कमेंट कर रहे हैं उनको तो

[06:13:41] पैसे मिल रहे हैं। तुम बहस करके अपना टाइम

[06:13:43] वेस्ट क्यों कर रहे हो?

[06:13:46] तुम पैसे हम तो कर लेंगे। कोई दिक्कत नहीं

[06:13:49] है। ऐसे लोगों के साथ टाइम मैं क्यों नहीं

[06:13:52] खराब कर रहा हूं? क्योंकि मेरा टाइम तो वो

[06:13:54] है ना

[06:13:56] इंपॉर्टेंट है। तो ऐसे लोग जो आते रहते

[06:13:58] हैं आने दिया करो उनको। दे आर गेटिंग मनी

[06:14:02] फॉर डिस्टर्बिंग। मतलब ये थोड़ा लंबा सेशन

[06:14:05] होता है तो इसमें जानबूझ के ऐसी कोशिश की

[06:14:08] जाती है समझ रहे हो क्योंकि सबको पता है

[06:14:15] टॉप पे बैठा हमें दिखाई नहीं दे रहा नहीं

[06:14:18] जो ड्रास्टिक ग्रोथ खतरनाक सी हमने कर ली

[06:14:21] है ना एक साल में

[06:14:25] वो कोई नहीं कर सकता ठीक है

[06:14:28] देखो

[06:14:31] अब सिंपल सी बात इतनी है कि पढ़ा करो।

[06:14:37] ऐसे लोगों के मुंह लग के कोई फायदा नहीं

[06:14:39] है। ठीक है? तो इतनी इतना सा ध्यान थोड़ा

[06:14:42] सा तुम्हें होना चाहिए। तुम समझदार हो।

[06:14:45] ठीक?

[06:14:49] अब लोगों को पैसे मिल रहे हैं। यह चीज

[06:14:52] करने के लिए तो क्या कर सकते हैं?

[06:14:59] हेलो।

[06:15:37] ओके

[06:15:41] सर एवीएन आरटी एंड डब्ल्यूपीएस सेम नहीं

[06:15:43] नहीं नहीं डब्ल्यूपीएस सिंड्रोम है एक चलो

[06:15:46] एक और चीज बता देता हूं डब्ल्यूपीएस

[06:15:50] वुल्फ पार्किंसन सिंड्रोम बोलते हैं इसको

[06:15:52] को क्या बोलते हैं? यह एग्जाम में पूछा

[06:15:55] गया था इसलिए बता देता हूं। वुल्फ

[06:15:58] पार्किंसन सिंड्रोम

[06:16:02] कोई भी आप में से बताना चाहेगा वुल्फ

[06:16:04] पार्किंसन सिंड्रोम क्या है? कोई भी

[06:16:14] वुल्फ पार्किंसन सिंड्रोम को सिंपल करके

[06:16:16] बताता हूं आपको।

[06:16:20] देखो सिंपली आप इसको ऐसे याद रख सकते हो।

[06:16:23] डब्ल्यूपीएस कार्डियो के अंदर बहुत

[06:16:25] इंपॉर्टेंट एक पॉइंट है। इसको बोलते हैं

[06:16:28] वुल्फ पार्किंसन सिंड्रोम। ठीक है?

[06:16:32] यह एक

[06:16:34] प्री एक्साइटरीज वहां पर देखने को मिलता

[06:16:36] है। जैसे हमने एवी एनआरटी पढ़ा था ना

[06:16:40] एवी एनआरटी पढ़ा था ना जो एक एक्सेसरी

[06:16:42] पाथवे बना देता है। ऐसे ऐसे पढ़ा था कि

[06:16:46] यहां से नॉर्मली जो भी पाथवे बनता है वो

[06:16:49] यहां से बनता है। सपोज़ करो यहां से यहां

[06:16:51] से रास्ते से कंडक्शन जाने लग गया। इसको

[06:16:54] क्या बोलते हैं? बंडल ऑफ कैंट से।

[06:16:56] एक्सेसरी पाथवे से जाता है करंट। अगर किसी

[06:17:00] एक्सेसरी पाथवे से करंट जाता है।

[06:17:04] ठीक है? इंपल्ससेस जाती हैं। ठीक? इस

[06:17:08] एक्स्ट्रा पाथवे की वजह से

[06:17:12] एवी नोड को बाईपास करते वेंट्रिकल्स में

[06:17:15] इंपल्ससेस जल्दी चली जाती हैं। मतलब

[06:17:19] ऊपर नहीं मतलब नॉर्मली तो एवी नोड से

[06:17:22] कंडक्शन पास होता है ना। एवी नोड से

[06:17:24] कंडक्शन पास होता है। पर मान लो कि

[06:17:27] वेंट्रिकल में इधर से कंडक्शन आ गया। इधर

[06:17:30] से कंडक्शन आ गया। इसके अलावा दूसरी जगह

[06:17:33] से एक्सेसरी पाथवे से अगर करंट आ गया। मान

[06:17:36] लो चाहे वो वेंट्रिकल में आया। वेंट्रिकल

[06:17:39] में आया तो क्या वेंट्रिकल की रेट तो बढ़ा

[06:17:42] देगा ना ये। वेंट्रिकल की रेट को बढ़ा

[06:17:45] देता है। ठीक है? इसकी वजह से मतलब एवी

[06:17:49] नोड को बाईपास करके एवी नोड को अगर बाईपास

[06:17:54] करके इंपल्ससेस आते हैं बाईपास करके आते

[06:17:58] हैं तो वो हार्ट रेट को बढ़ा देते हैं या

[06:18:02] वेंट्रिकल की रेट को बढ़ा देते हैं जिससे

[06:18:05] टैकीकारार्डिया हो जाता है जिससे

[06:18:08] टैकीकारार्डिया हो जाता है

[06:18:14] ठीक है जिससे टेकीकारार्डिया हो जाता है

[06:18:18] ठीक। इसको बोलते हैं वुल्फ पार्किंस

[06:18:21] सिंड्रोम। हार्ट रेट बढ़ जाती है जब साइड

[06:18:23] से करंट भी आने लग जाता है। क्लियर? बस

[06:18:27] इतनी सी बात है।

[06:18:30] और कुछ पूछना चाहो तो पूछ सकते हो।

[06:18:45] एवी एनआरडी पूछ रहा है कोई एवी एनआरडी

[06:18:50] देखो एवी एनआरडी भी बता देता हूं मैंने

[06:18:52] वैसे बताया था एवी एनआरडी

[06:18:57] की फुल फॉर्म क्या है?

[06:18:58] एवी एनआरडी की फुल फॉर्म क्या है?

[06:18:58] आर्ट्रियो वेंट्रिकुलर नोडल रीइट्रेंट

[06:19:03] देखो एट्रियो मैं पूरा फुल फॉर्म लिख रहा

[06:19:06] हूं। एट्रियो वेंट्रिकुलर

[06:19:11] एट्रियोवेंट्रिकुलर

[06:19:14] नोडल इसका फुल फॉर्म है नोडल और आर से है

[06:19:18] रीइट्रेंट

[06:19:20] टैकीकारिकार्डिया

[06:19:23] टैकीकारार्डिया

[06:19:25] रीइट्रेंट टेकीकारार्डिया अब नोडल का मतलब

[06:19:28] यहां पे क्या है तो यह पीएसवीटी के अंदर

[06:19:31] ही पीएसवीटी का ही एक टाइप है

[06:19:36] मेरी बात समझ रहे हो?

[06:19:46] यह ज्यादातर ऐसा कनेक्शन इसमें क्या होता

[06:19:48] है? जो हमारा एवी नोड है ना उसके अंदर एक

[06:19:51] पाथवे फास्टफास्ट वाला होता है और एक

[06:19:55] पाथवे होता है स्लो वाला। फास्ट और स्लो

[06:19:58] वाले दो पाथवे बन जाते हैं। इसमें

[06:20:00] रीएंट्री सर्किट एवी नोड के अंदर ही बनता

[06:20:03] है। मतलब पहले क्या हो रहा था? पहले तो जो

[06:20:06] एवीआरटी था ना वह साइड से एंट्री कर रहा

[06:20:09] था ऐसे। अब इसके अंदर से ही दो पाथवे बन

[06:20:12] जाते हैं। इसको बोलते हैं एवी एनआरटी।

[06:20:15] मतलब नोडल रीइंट्रेंट। एवी नोड से ही दो

[06:20:19] एंट्री, तीन एंट्री, चार एंट्री पॉसिबल

[06:20:22] हैं। उसको बोलते हैं एवी एनआरटी। यह

[06:20:25] ज्यादातर ओल्ड लोगों में देखने के लिए

[06:20:27] मिलता है। ठीक है? बस इतना याद रखो। इसमें

[06:20:30] आता नहीं है वैसे। पर इतनी बात याद रख

[06:20:32] लेना। एवी एनआरटी एक ऐसा है जिसमें नोड के

[06:20:35] अंदर से ही एक्स्ट्रा इंपल्स आ रही हैं।

[06:20:37] जिसकी वजह से हार्ट रेट बढ़ रही है। जबकि

[06:20:40] एवीआरटी क्या था? एवी नोड को बाईपास करते

[06:20:43] हुए आ रही थी। यह अंतर है दोनों में।

[06:20:50] सर आप सेकंड क्लास भी लो। बाकी डिजीज

[06:20:52] कंडीशन में कार्डियो में। चलो कोशिश

[06:20:54] करूंगा मैं। ठीक है। कोशिश करूंगा।

[06:20:59] और कुछ पूछना हो तो पूछो।

[06:21:03] यार मेरा तो पढ़ाने का मन कर रहा है। तुम

[06:21:05] लोग पता नहीं क्यों डल हो गए हो।

[06:21:13] चलो फिर खत्म करते हैं आज की क्लास को ना।

[06:21:16] टाइम बहुत हो गया है।

[06:21:20] थैंक यू सो मच।

[06:21:22] टाइम बहुत हो गया है। थैंक यू सो मच।

[06:21:22] मिलते हैं अगली क्लास में। तब तक के लिए

[06:21:24] टाटा। बाय-ब। थैंक यू सो मच। आप लोगों ने

[06:21:27] यहां तक इतना पढ़ा। मतलब आप मेहनत कर रहे

[06:21:30] हैं और उम्मीद करता हूं कि ऐसे ही आप

[06:21:31] पढ़ते रहोगे और अगले आने वाले रिजल्ट में

[06:21:35] झंडा गाड़ के आओगे और याद रखना iPhone 16

[06:21:38] 17 Pro Max 1TB वाली बात झूठ नहीं है। ठीक

[06:21:42] है? थैंक यू सो मच। फर्स्ट रैंक लेके
