# AIIMS NORCET 9 | MHN | ONE SHOT AAROGYAM Series | NORCET 9 Preparation #norcet #nursingwallah

https://www.youtube.com/watch?v=BkAvCaLYFA0
Translation: en

[00:31] हेलो एवरीवन आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत करता हूं मैं शोएब अहमद आपके अपने चैनल पीडब्ल्यू नर्सिंग वाला के अंदर और मेरे प्यारे साथियों आप सभी का बहुत-बहुत बहुत वेलकम है।
  Hello everyone, a very warm welcome to all of you. I am Shoaib Ahmed, on your very own channel PW Nursing Wala, and my dear companions, a very, very warm welcome to all of you.

[00:42] जी हां, सभी बच्चों का बहुत-बहुत वेलकम है।
  Yes, a very warm welcome to all the students.

[00:46] आ जाएं फटाफट आ जाएं और चालू करेंगे आज का सेशन।
  Come quickly, come, and we will start today's session.

[00:50] भैया आपके एग्जाम्स बहुत करीब है और इतने करीब है कि एक पेपर तो कल होने वाला है और दूसरा जो पेपर है वो जल्दी ही 5 सात दिन में दूसरा पेपर होने वाला है।
  Brothers, your exams are very close, so close that one paper is tomorrow, and the other paper will be in another 5-7 days.

[01:02] तो आप लोग आ जाएं।
  So, please come.

[01:02] आज का सेशन एमएचए प्लस बहुत सारे पॉइंट्स के ऊपर रहेगा।
  Today's session will be on MHA plus many points.

[01:06] बाकी का जैसे फंडा का भी मैं कुछ पॉइंट्स बताऊंगा।
  I will also tell you some points about the rest, like the funda.

[01:09] एमएचए का भी बताऊंगा।
  I will also tell you about MHA.

[01:11] तैयार रहिएगा।
  Be ready.

[01:15] हो सकते हैं आपकी जिंदगी के ये चारप घंटे बहुत ज्यादा जरूरी रहे।
  These four hours of your life might be very important.

[01:20] आप सभी का बहुत-बहुत वेलकम।
  A very warm welcome to all of you.

[01:20] गुड मॉर्निंग सभी बच्चों को।
  Good morning to all the students.

[01:24] कॉपी और एक पेन लेकर के बैठिएगा।
  Sit down with a copy and a pen.

[01:26] कोशिश कीजिएगा सुनने की कि कौन-कौन सी चीजें किस प्रकार से करी जा
  Try to listen to what things are done in what way.

[01:33] रही है।
  It is going on.

[01:33] ठीक है बच्चों?
  Okay children?

[01:36] तो तैयार हो जाइए पढ़ने के लिए।
  So get ready to read.

[01:36] तैयार हो जाइएगा और आराम से समझिएगा।
  Get ready and understand it comfortably.

[01:41] अभी तक आपने अगर साइकेट्री नहीं पढ़ी है तो भैया अब पढ़ लीजिए।
  If you haven't studied psychiatry yet, then brother, study it now.

[01:48] अब पढ़ लीजिए और यह जो हम पढ़ाएंगे थोड़ा फास्ट तरीके से पढ़ाएंगे।
  Now study it and we will teach this a little fast.

[01:52] जल्दी-जल्दी आपको सारी बातें समझनी है।
  You have to understand everything quickly.

[01:55] सारी बातें आप सभी के सामने होनी चाहिए।
  Everything should be in front of all of you.

[01:58] क्या किस प्रकार से होता है।
  What happens how.

[02:01] ठीक है?
  Okay?

[02:04] शुरुआत करते हैं आज के सेशन की।
  Let's start today's session.

[02:07] तो आज के सेशन में आप सभी को आज के सेशन में आप सभी को बहुत सारी चीजें समझनी है।
  So in today's session, all of you have to understand many things in today's session.

[02:11] चलिए तो चालू करते हैं आज का सेशन और सबसे पहली बात हम आज पढ़ने जा रहे हैं जो सब्जेक्ट है हमारा एमएचए मेंटल हेल्थ नर्सिंग।
  So let's start today's session and the first thing we are going to study today is the subject MHA Mental Health Nursing.

[02:25] हमारा सब्जेक्ट है मेंटल हेल्थ नर्सिंग साइकेट्री।
  Our subject is Mental Health Nursing Psychiatry.

[02:28] और इस साइकेट्री के ऊपर सारी बातें करनी है।
  And we have to talk about all these things on this psychiatry.

[02:30] तो
  So

[02:34] सबसे पहले आप सभी को कुछ बेसिक बता देता हूं।
  First of all, I will tell you all some basics.

[02:38] यदि आप साइकेट्री पढ़ रहे हैं या साइकेट्री को डील करना चाहते हैं तो आपको यह बात पता होनी चाहिए कि यहां पर सिचुएशन वाइज क्वेश्चंस आते हैं।
  If you are studying psychiatry or want to deal with psychiatry, then you should know that situation-based questions come here.

[02:53] और सिचुएशन वाइज क्वेश्चन आएंगे।
  And situation-based questions will come.

[02:56] साइकेट्री को अगर आपको बहुत अच्छे से निभाना है, बहुत अच्छे से करना है, तो आपको इस सब्जेक्ट में यूज़ आने वाली टर्मिनोलॉजीस को याद होना चाहिए।
  If you want to handle psychiatry very well, do it very well, then you should remember the terminologies used in this subject.

[03:08] टर्मिनोलॉजीस और ये टर्मिनोलॉजीस याद नहीं भी हो तो समझ लीजिएगा क्या-क्या मतलब है।
  Terminologies, and even if you don't remember these terminologies, understand what they mean.

[03:17] मैं आपको यह बात कह रहा हूं।
  I am telling you this.

[03:20] आज की क्लास में जो आपने टर्मिनोलॉजीस पढ़ेंगे वो आपके कल वाले एग्जाम या 14 तारीख वाले एग्जाम या उसके बाद वाले एग्जाम सबके लिए प्रिपरेशन हो
  The terminologies you will read in today's class will be preparation for your exam tomorrow, or the exam on the 14th, or the exam after that.

[03:35] जाएगी।
  It will go.

[03:37] तो बच्चों अब आपको मेरे साथ-साथ वालेकुम सलाम।
  So children, now you will say 'Assalamualaikum' along with me.

[03:40] अब आपको मेरे साथ-साथ जवाब देते चलना है।
  Now you have to respond along with me.

[03:42] बात करते चलना है।
  Keep talking.

[03:42] क्या होता है?
  What happens?

[03:45] किस प्रकार से होता है?
  How does it happen?

[03:45] ये सारी चीजें।
  All these things.

[03:47] चलिए पहले तो मैं एमएचए से पहले पहला एक पॉइंट आपको की पॉइंट के तौर पे याद कराना चाहूंगा।
  Let's first, before MHA, I want to remind you of one key point as a key point.

[03:51] फंडा का इंपॉर्टेंट पॉइंट अगर आपसे कहा जाता है लंब पंचर जो होता है लंबर पंचर यह लंबर पंचर कौन सी साइड पे होगा पहले यहां की साइड याद रखिएगा एडल्ट की और अगर बोला जाए चिल्ड्रन की तो इनकी साइट्स आपको याद होनी चाहिए।
  An important point of the concept, if you are told about a lumbar puncture, this lumbar puncture, on which side will it be? First, remember the side here for adults, and if we talk about children, you should know their sites.

[03:56] पहला की पॉइंट है लंबर पंचर की साइड बता दीजिए।
  The first key point is, tell me the side of the lumbar puncture.

[03:59] बड़ा आसान है कि लंबर पंचर अगर मुझे परफॉर्म करना हो एडल्ट के अंदर मैं कौन सी साइट पे करूंगा।
  It's very easy, if I have to perform a lumbar puncture on an adult, on which site will I do it?

[04:03] और यदि चिल्ड्रन की बात की जाए तो मैं कौन सी साइड पे करूंगा?
  And if we talk about children, on which side will I do it?

[04:06] एक मैं हर बीच-बीच में एक इंपॉर्टेंट फंडा का पॉइंट डालता चलूंगा।
  I will keep adding an important concept point in between.

[04:09] बेटा एडल्ट के अंदर आपको याद रखना है L3 से L4
  Son, in adults, you have to remember from L3 to L4

[04:39] उस समय पे आप कंफ्यूज मत होइएगा।
  At that time, do not get confused.

[04:43] और जब बच्चों की बात आए तो आपको बोलना है L4 से L5 ये पॉइंट नंबर वन आप सभी को याद हो जाना चाहिए।
  And when it comes to children, you have to say L4 to L5. This point number one should be remembered by all of you.

[04:54] तुरंत रिवाइज हो जाना चाहिए।
  It should be revised immediately.

[04:57] नाउ अब टाइम है साइकेट्री का।
  Now it's time for psychiatry.

[05:01] तो साइकेट्री की मैं पहले एक-एक चीजों को टर्म्स को मैं समझाना चालू करता हूं।
  So, first I will start explaining each and every thing, the terms of psychiatry.

[05:07] सबसे पहले आपसे पूछा जाता है डिसऑर्डर और परसेप्शन के बारे में।
  First of all, you are asked about disorder and perception.

[05:09] परसेप्शन को समझ लीजिए।
  Understand perception.

[05:12] वहां पर सिचुएशंस दे देगा वो।
  They will give situations there.

[05:16] परसेप्शन का मतलब होता है नजरिया।
  Perception means perspective.

[05:19] आपका किसी चीज को देखने का क्या नजरिया है?
  What is your perspective on seeing something?

[05:22] इस दुनिया को देखने का क्या नजरिया है?
  What is the perspective on seeing this world?

[05:25] क्लास को देखने का क्या नजरिया है?
  What is the perspective on seeing the class?

[05:28] यह नजरिया ही परसेप्शन होता है।
  This perspective is perception.

[05:31] मतलब कि मेरे सेंस ऑर्गन को समझें और समझने के बाद मैं दुनिया को किस नजरिए से देख रहा हूं वो
  Meaning, understand my sense organs, and after understanding, from what perspective I am seeing the world.

[05:39] आपको जानना है।
  You need to know.

[05:41] सबसे पहली बात अब मैं आपसे एग्जांपल देता हूं।
  First of all, now I will give you an example.

[05:45] एक व्यक्ति के सामने सांप आया और उस सांप को उसने रस्सी समझा।
  A snake appeared in front of a person, and he mistook the snake for a rope.

[05:49] रस्सी समझा।
  He mistook it for a rope.

[05:53] मैंने उसको समझाने की कोशिश करी।
  I tried to explain it to him.

[05:57] रीज़ंस दिए बट वो फिर भी नहीं मान रहा।
  I gave reasons, but he still wasn't convinced.

[06:00] वो बोल रहा है कि यह सांप नहीं यह रस्सी ही है।
  He was saying that this is not a snake, it is indeed a rope.

[06:03] बताइए ये क्या बीमारी हुई?
  Tell me, what illness is this?

[06:06] दोबारा बोल रहा हूं।
  I'm saying it again.

[06:10] एक सर एक आवर पर होगा ना? नहीं आज लंबी चलेगी क्लास।
  Will it be for an hour, sir? No, the class will run long today.

[06:13] एक व्यक्ति ने सांप को पकड़ के गले में रस्सी बांध करके समझ लिया।
  A person caught a snake, tied a rope around its neck, and mistook it.

[06:16] और फिर वो बोल रहा है कि यह रस्सी है।
  And then he was saying that this is a rope.

[06:19] रस्सी है। रस्सी है। और मैं उसको समझा रहा हूं।
  It's a rope. It's a rope. And I am explaining to him.

[06:21] सांप है। सांप है। सांप है।
  It's a snake. It's a snake. It's a snake.

[06:23] काट जाएगा। काट जाएगा। काट जाएगा।
  It will bite. It will bite. It will bite.

[06:26] नहीं समझ रहा इसको क्या कहा जाता है?
  He is not understanding. What is this called?

[06:29] वेरी गुड।
  Very good.

[06:32] अब यही मैं बात देखना चाह रहा था।
  Now, this is what I wanted to see.

[06:34] आधे से ज्यादा बच्चों ने आधे से ज्यादा नहीं ज्यादातर बच्चों ने इल्ल्यूजन किया है।
  More than half the children, no, most of the children have done illusion.

[06:36] आंसर इल्यूजन है ही नहीं इसका।
  The answer is not illusion at all.

[06:42] आंसर इल्ल्यूजन है ही नहीं।
  The answer is not an illusion at all.

[06:45] इसका सुल्ताना ने जवाब दिया।
  Sultana answered this.

[06:45] इसका आंसर डल्यूजन है।
  Its answer is delusion.

[06:48] लो पहले बार में अब आपको समझ में आ गया।
  Look, you understood it the first time.

[06:51] यह आंसर इल्ल्यूजन ही नहीं था।
  This was not an illusion at all.

[06:54] मैंने पहले इल्लुजन क्रिएट किया कि डिसऑर्डर ऑफ़ परसेप्शन बता रहा हूं और आपको जैसे ही डिसऑर्डर ऑफ़ परसेप्शन तो आपके माइंड ने पर्सव किया कि इल्ल्यूजन एलुसिनेशन की बात होगी और मैंने यहां पर क्वेश्चन पूछ लिया।
  First, I created an illusion that I was telling you about a disorder of perception, and as soon as you heard disorder of perception, your mind persuaded you that it would be a matter of illusion or hallucination, and I asked a question here.

[07:06] क्वेश्चन आ गया कि एक सांप है उसको रस्सी मान रहा है।
  The question arose that there is a snake, and he is considering it a rope.

[07:09] मैंने समझाया समझाने के बाद भी नहीं सुधर रहा है।
  I explained, but he is not improving even after explanation.

[07:12] इसको डल्यूजन कहते हैं।
  This is called delusion.

[07:17] बेटा है ना?
  It's a son, isn't it?

[07:17] तो इसलिए मैं अब आपको कह रहा हूं आप कितने ही शूरवीर हो कल के पेपर में अपने आप को शूरवीर मत मानिएगा।
  So, therefore, I am telling you now, no matter how brave you are, do not consider yourself brave in tomorrow's paper.

[07:25] अपने आप को स्टूडेंट मान करके पढ़ाई करके एग्जाम दीजिएगा।
  Consider yourself a student, study, and give the exam.

[07:35] ठीक है?
  Okay?

[07:35] चलिएगा।
  Let's go.

[07:35] तो अब यहां पे यहां पर अब मैं आपसे आगे की बात करता हूं।
  So now, here, I will talk to you further.

[07:40] समझ में आ
  Understood

[07:42] रही है कहानी?
  What is the story about?

[07:45] सबसे पहली बात होती है परसेप्शन का मतलब होता है मेरा नजरिया।
  The very first thing is, perception means my perspective.

[07:47] आपका नजरिया किसी सिचुएशन को लेके क्या है?
  What is your perspective regarding any situation?

[07:50] और दूसरी बात इस परसेप्शन के अंदर सबसे पहला साइकैट्रिक आइटम आया इल्यूजन।
  And the second thing within this perception, the very first psychiatric item that came up is illusion.

[08:00] इल्ल्यूजन का मतलब क्या होता है?
  What does illusion mean?

[08:02] इल्यूजन का मतलब होता है मिसपरसेप्शन।
  Illusion means misperception.

[08:08] मिस इंटरप्रिटेशन ऑफ स्टिमुलाई।
  Misinterpretation of stimuli.

[08:12] यानी कि क्या बोला जा रहा है? मिसपरसेप्शन का होना।
  Meaning, what is being said? Having misperception.

[08:16] है ना?
  Right?

[08:16] कल कौन सा एग्जाम है बेटा?
  Which exam is tomorrow, son?

[08:18] आरएमएल है कल।
  It's RML tomorrow.

[08:18] कल आर एमएल है।
  It's RML tomorrow.

[08:23] है ना?
  Right?

[08:23] यहां पर बात समझिएगा।
  Understand this point here.

[08:27] मिसपरसेप्शन ऑफ हो जाना।
  Becoming misperceived.

[08:30] मिसपरसेप्शन का होना या फिर मिस इंटरप्रिटेशन का होना।
  Having misperception or having misinterpretation.

[08:35] इंटरप्रिटेशन ऑफ स्टिमुलाई।
  Interpretation of stimuli.

[08:37] स्टिमुलाई का मिसपरसेप्शन मिसिम मिस इंटरप्रिटेशन होना।
  Stimuli being misperceived, mis-misinterpreted.

[08:41] स्टिमुलाई
  Stimuli

[08:44] को कुछ था कुछ और समझ लिया।
  It was something, and it was understood as something else.

[08:48] इसको हमने इल्ल्यूजन कहा।
  We called this an illusion.

[08:53] एग्जांपल के तौर पे एक लड़का था।
  For example, there was a boy.

[08:57] उस लड़के को हमने लड़की समझ लिया।
  We understood that boy to be a girl.

[09:00] ये क्या कहलाया? ये इल्ल्यूजन कहलाया।
  What was this called? This was called an illusion.

[09:00] सांप था उसको रस्सी समझ लिया।
  There was a snake, and it was understood as a rope.

[09:05] ठीक है?
  Okay?

[09:09] एक आप याद रखिएगा रस्सी थी तो उसको सांप समझ लिया।
  Remember, there was a rope, and it was understood as a snake.

[09:12] बट बाद में जब समझाओगे तो वह समझ जाएगा, सुधर जाएगा।
  But later, when you explain, they will understand and correct themselves.

[09:14] इसको सिर्फ और सिर्फ क्या कहा जाता है?
  What is this called, only and only?

[09:18] इसको कहा जाता है इल्यूजन कहा जाता है।
  This is called an illusion.

[09:23] बात को समझिए ना।
  Understand the point.

[09:26] इल्यूजन का मतलब है गड़बड़ी होना।
  Illusion means to have a mistake.

[09:28] सूर्याश चंद्र था तो मैंने सूर्यांश चांदनी समझ लिया।
  There was the sun, and I understood it as sunlight.

[09:33] यह क्या कहलाएगा?
  What will this be called?

[09:36] इल्ल्यूजन कहलाएगा।
  It will be called an illusion.

[09:38] पॉइंट नंबर वन कंप्लीट।
  Point number one is complete.

[09:42] अब मैं पहला यहां पर एक सवाल लेकर के आ रहा हूं।
  Now I am bringing a question here.

[09:44] बड़ा आसानी से सवाल का जवाब दीजिएगा।
  Answer the question very easily.

[09:46] यहां पर ये और पोल चालू कर रहा हूं।
  I am starting this poll here.

[09:49] पोल के साथ-साथ जवाब दीजिएगा।
  Please answer along with the poll.

[09:51] व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज द फर्स्ट स्टेप ऑफ मेंटल स्टेटस एग्जामिनेशन?
  Which of the following is the first step of mental status examination?

[09:58] मेंटल स्टेटस एग्जामिनेशन में सबसे पहला स्टेप क्या होता है?
  What is the very first step in a mental status examination?

[10:02] ए मूड एंड अफेक्ट, बी जनरल अपीरेंस एंड बिहेवियर, सी स्पीच एंड डी होता है हायर कॉग्निटिव फंक्शनंस।
  A mood and affect, B general appearance and behavior, C speech and D is higher cognitive functions.

[10:08] अब बेटा पॉइंट टू पॉइंट याद कीजिएगा साइकेट्री के।
  Now, son, remember psychiatry point by point.

[10:15] मैं पूरा एक्सप्लेन नहीं करूंगा।
  I will not explain it completely.

[10:17] पॉइंट-पॉइंट में समझा दूंगा सारा।
  I will explain everything point by point.

[10:19] पॉइंट-पॉइंट में समझा दूंगा।
  I will explain it point by point.

[10:21] साइकेट्री तो अभी 3 घंटे में अभी खत्म करा दूंगा आपकी।
  I will finish your psychiatry in 3 hours right now.

[10:24] व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज द फर्स्ट स्टेप ऑफ मेंटल स्टेटस एग्जामिनेशन?
  Which of the following is the first step of mental status examination?

[10:26] मैं अगर मेंटल स्टेटस एग्जामिनेशन करने जाऊं पेशेंट का तो मैं सबसे पहले पेशेंट के अंदर क्या देखूंगा?
  If I go to do a mental status examination of a patient, what will I look for first in the patient?

[10:37] यह बात बोली गई।
  This was said.

[10:42] अनुष्का, मयंक, अधिकारी, कौशिक, शालिनी, बहुत बढ़िया दे जवाब।
  Anushka, Mayank, Adhikari, Kaushik, Shalini, very good answers.

[10:46] और अब आप मेरी बात सुनिएगा।
  And now you listen to me.

[10:46] जो जो
  Whatever, whatever

[10:49] पॉइंट जैसे-जैसे याद कराऊं वैसे-वैसे पॉइंट टू पॉइंट याद करते चलो।
  As I make you remember the points, remember them point to point.

[10:55] आंसर गया आपका बी आंसर गया।
  The answer went, your B answer went.

[11:00] सबसे पहले आंसर देने वाला सूर्यांश चंद्र ही था।
  The first one to give the answer was Suryansh Chandra.

[11:05] 9 सेकंड कौशिक ने 14 सेकंड में दिया।
  9 seconds, कौशिक gave it in 14 seconds.

[11:09] तो अब यहां पर अब आपको थोड़ा सा नोट डाउन करना है।
  So now here you have to note down a little.

[11:11] मेंटल स्टेटस एग्जामिनेशन ये क्या होता है?
  Mental Status Examination, what is this?

[11:16] हमारी साइकेट्री में कोई भी जांच नहीं है।
  There is no such investigation in our psychiatry.

[11:19] खून की जांच, यूरिन की जांच है ना?
  Blood test, urine test, right?

[11:22] यह करने के बाद बीमारी का पता लगे नहीं है।
  After doing this, the disease is not detected.

[11:26] हमारे पास सिर्फ मेंटल स्टेटस एग्जामिनेशन है जिसके अंदर पेशेंट का इंटरव्यू लिया जाएगा और पेशेंट के डिसऑर्डर्स को आइडेंटिफाई किया जाएगा।
  We only have the Mental Status Examination, in which the patient will be interviewed and the patient's disorders will be identified.

[11:39] जब एक व्यक्ति इंटरव्यू लेने बैठेगा तो सबसे पहला कुर्सी पे बैठा हुआ पेशेंट को देखेगा, निहारेगा और पेशेंट के अपीरियंस
  When a person sits down to take an interview, they will first look at the patient sitting in the chair, observe them, and the patient's appearance

[11:50] को देख के जज करेगा।
  Who will judge by looking at it?

[11:53] पेशेंट साहब उठ के आए 10 दिन से नहाए नहीं थे तो हम समझ जाएंगे नॉर्मल व्यक्ति 10 दिन में नहीं नहाता है जल्दी-जल्दी नहाता है।
  The patient came up, hadn't bathed for 10 days, so we'll understand that a normal person doesn't bathe in 10 days, they bathe quickly.

[12:01] पेशेंट के बाल बड़े हो रहे हैं बिल्कुल परेशान हो रहा है तो भैया मेंटल स्टेटस एग्जामिनेशन का आज शॉर्ट शॉट में चलेंगे।
  The patient's hair is growing long, is completely distressed, so brother, today we will go through the mental status examination in a short shot.

[12:07] मेंटल स्टेटस एग्जामिनेशन का सबसे पहला पॉइंट जो हमें नोट करना है वो है जनरल अपीरेंस।
  The very first point of the mental status examination that we need to note is general appearance.

[12:19] जनरल अपीरेंस का होना यह कैसा दिखता है पेशेंट वो हमें देखना है।
  General appearance means how the patient looks, that's what we need to see.

[12:27] ठीक है?
  Okay?

[12:31] तो ये यहां आपको बात समझ में आ गई कैसा दिखना है?
  So, you understood this point here, how they should look?

[12:35] कैसा दिखता है वो।
  How they look.

[12:38] अब मैं आपसे दूसरा क्वेश्चन पूछ रहा हूं।
  Now I am asking you the second question.

[12:42] सेकंड क्वेश्चन आपसे आ रहा है।
  The second question is coming to you.

[12:46] अपनी नॉलेज को चेक करते रहना।
  Keep checking your knowledge.

[12:49] वेरीफाई करते रहना।
  Keep verifying.

[12:51] क्या सही है साइकेट्री के हिसाब से?
  What is correct according to psychiatry?

[12:52] क्वेश्चन यह है कि मैं अभी क्लास रूम में हूं और मुझे बहुत सारे बच्चों की आवाजें आ रही है।
  The question is that I am currently in the classroom and I am hearing a lot of children's voices.

[13:00] मैंने जब कमरे में देखा कोई बच्चा नहीं था।
  When I looked in the room, there was no child.

[13:04] क्या आप इसको क्या कहेंगे?
  What would you call this?

[13:07] बताइए।
  Tell me.

[13:09] और समझदार बच्चे ही जवाब सही से दीजिएगा।
  And only intelligent children will answer correctly.

[13:13] सुनिएगा।
  Listen.

[13:13] पूरा जवाब दीजिएगा।
  Give the full answer.

[13:16] मैं मुझे कमरे में बच्चों की आवाजें आ रही है।
  I am hearing children's voices in the room.

[13:18] बट मैंने रियलिटी में देखा कोई बच्चा नहीं था।
  But in reality, I saw there was no child.

[13:21] आवाजों का आना ये क्या कहलाएगा?
  What will the occurrence of voices be called?

[13:27] शाबाश।
  Well done.

[13:27] हेलुसिनेशन हैलुसिनेशन।
  Hallucination hallucination.

[13:30] हेललुसिनेशन।
  Hallucination.

[13:30] एक अनुष्का ने जवाब दिया।
  Anushka answered.

[13:34] मुर्तजा ने जवाब दिया।
  Murtaza answered.

[13:37] सुल्ताना ने जवाब दिया।
  Sultana answered.

[13:37] यह हेलुसिनेशन नहीं होता है।
  This is not a hallucination.

[13:41] इसको आप पूरे नाम से कहेंगे ऑडिटरी हेलसिनेशन।
  You will call this by its full name, auditory hallucination.

[13:47] देखिए आपके सुनने में समझने में साइकेट्री क्या है?
  See, in your understanding of hearing, what is psychiatry?

[13:52] साइकेट्री एक ऐसा सब्जेक्ट है
  Psychiatry is a subject

[13:55] जिस पे पूरा फोकस पूरा नंबर आ जाता है।
  On which the full focus, the full number comes.

[13:58] यदि आपने पूरा फोकस रखा पूरा नंबर आ जाएगा।
  If you kept full focus, the full number will come.

[14:02] फोकस नहीं रखा तो कोई नंबर नहीं आएगा।
  If focus is not kept, no number will come.

[14:05] हेलुसिनेशन करने वालों इसको याद रखना।
  Those who hallucinate, remember this.

[14:09] इसका नाम है ऑडिटरी हेलुसिनेशन।
  Its name is auditory hallucination.

[14:13] मैंने कहा था मैंने कहा था कि एक व्यक्ति जो है एक व्यक्ति जो है वो व्यक्ति क्या हो रहा है?
  I had said, I had said that a person, who is, a person, who is, what is happening to that person?

[14:27] वो व्यक्ति आवाें सुनाई दे रही है।
  That person is hearing sounds.

[14:31] तो अब आपको समझना है यह जो हेलसिनेशन होता है यह क्या चीज है?
  So now you have to understand, this hallucination that happens, what is this thing?

[14:38] हेलुसिनेशन में यहां पर आपको परसेप्शनंस होते हैं।
  In hallucination, here you have perceptions.

[14:45] परसेप्शन ऑफ स्टिमुलाई परसेप्शन ऑफ स्टिमुलाई विदाउट विदाउट रियल स्टिमुलाई।
  Perception of stimuli, perception of stimuli without, without real stimuli.

[14:52] रियल स्टिमुलाय
  Real stimuli.

[14:56] स्टिमुलाय नहीं है सच्ची का स्टिमुलाय नहीं है बट फिर भी परसेप्शन हो रहा है अभी
  There is no stimulus, no real stimulus, but perception is still happening now.

[15:01] तो बेसिक चल रहा है ये सिर्फ ये सिर्फ बेसिक चल रहा है अभी आगे और बढ़ेंगे अभी
  So, this is just basic, it's just basic, we will move forward now.

[15:06] थोड़ा-थोड़ा टाइम बीतने तो अभी आगे बढ़ रहे हैं परसेप्शन का स्टिमुलाई परसेप्शन ऑफ स्टिमुलाई विदाउट रियल स्टिमुलाई
  As a little time passes, we are now moving forward, perception's stimulus, perception of stimulus without real stimulus.

[15:11] सच्ची में कोई स्टिमुलाई नहीं है बट फिर भी मुझे पर्सव हो रहा है इसको हेलुसिनेशन कहते हैं
  There is no stimulus in reality, but I am still perceiving it, this is called hallucination.

[15:21] हेलुसिनेशन कहते हैं यहां यहां पर चीज समझिएगा कोई स्टिमुला नहीं है और यहां पर क्या कहा गया पर्सव हो गया
  It is called hallucination. Understand this here, there is no stimulus, and here what was said, it was perceived.

[15:27] अब मैं पॉइंट पूछ रहा हूं मुझे बताएं इल्ल्यूजन और हेलसिनेशन का मेजर डिफरेंस इल्ल्यूजन और हेलसिनेशन का मेजर डिफरेंस क्या है
  Now I am asking a point, tell me the major difference between illusion and hallucination, what is the major difference between illusion and hallucination?

[15:37] और जो जो पॉइंट मैं आपको बता रहा हूं वैसे याद रखिएगा मेजर डिफरेंस एक ही डिफरेंस जानना है मुझे मेजर डिफरेंस
  And remember the points I am telling you, I need to know just one major difference, the major difference.

[15:51] बिटवीन इल्लुजन एंड एंड हैलुसिनेशन बताइएगा मेजर डिफरेंस जो इल्यूजन और
  Between illusion and and hallucination, tell me the major difference, the illusion and

[15:56] हेलुसिनेशन में पाया जाता है।
  Hallucinations are found.

[16:00] सूर्यांश बहुत बढ़िया
  Suryansh is very good.

[16:03] कल्याणी बहुत बढ़िया।
  Kalyani is very good.

[16:06] यानी कि यहां पर बोला जा रहा है मेजर डिफरेंस जो होगा वो है स्टिमुलस का होना।
  That is, it is being said here that the major difference will be the presence of a stimulus.

[16:11] यहां स्टिमुलस स्टिमुलस मेजर डिफरेंस है।
  Here the stimulus, stimulus is the major difference.

[16:16] यहां एब्सेंट रहता है स्टिमुलस।
  Here the stimulus is absent.

[16:19] यहां प्रेजेंट रहता है।
  It is present here.

[16:22] यहां पर स्टिमुलस को कुछ और समझते हैं।
  Here the stimulus is understood as something else.

[16:25] वहां कुछ नहीं होता फिर भी समझते हैं।
  There is nothing there, yet we understand.

[16:27] ये है आपका क्या भैया?
  What is this, brother?

[16:33] ये है आपका इल्यूजन और हेलुसिनेशन डिसऑर्डर और परसेप्शन।
  This is your illusion and hallucination disorder and perception.

[16:36] अब फंडा का एक क्वेश्चन है।
  Now there is a question from Funda.

[16:38] इसके बाद मैं साइकेट्री का लेता हूं।
  After this, I will take up psychiatry.

[16:44] मुझे बताएं ट्रैकियोस्टोमी की साइट कौन सी होती है?
  Tell me, which is the site of tracheostomy?

[16:45] ट्रैकियोस्टोमी साइट बताइएगा ट्रैकियोस्टोमी की साइट कौन सी है?
  Tell me the tracheostomy site, which is the site of tracheostomy?

[16:49] कौन सी साइट है ट्रैकियोस्टोमी की?
  Which site is it for tracheostomy?

[16:52] मैं आपसे ये पूछ रहा हूं।
  I am asking you this.

[16:55] फटाफट एक-एक
  Quickly, one by one.

[16:58] पॉइंट को याद करते चलिएगा।
  Keep the points in mind.

[17:01] ठीक है?
  Okay?

[17:05] मैंने आपसे पूछा।
  I asked you.

[17:08] ठीक है?
  Okay?

[17:08] मैंने आपसे पूछा ट्रिकस्टोमी की साइट कौन सी होती है?
  I asked you, what is the site of a tracheostomy?

[17:11] सूर्यांश बढ़िया।
  Suryansh, excellent.

[17:14] मैं दो-तीन मेरे जो स्टूडेंट हैं बहुत बढ़िया परफॉर्म कर रहे हैं और ऐसे ही परफॉर्म कीजिएगा।
  Two or three of my students are performing very well, and keep performing like this.

[17:17] ट्रैकियोस्टोमी की साइट कौन सी होती है?
  What is the site of a tracheostomy?

[17:21] तो ट्रैकियोस्टोमी की साइट T2 एंड T3 T2 एंड T3 ये रट लीजिएगा
  So, the site of a tracheostomy is T2 and T3, T2 and T3, memorize this.

[17:29] कि अगर किसी से कहा जाए ट्रैकियोस्टोमी कहां की जाती है?
  That if someone is asked where a tracheostomy is performed,

[17:33] T2 और T3 पर ट्रैकियोस्टोमी करी जाती है।
  A tracheostomy is performed at T2 and T3.

[17:37] गले के अंदर आपको ट्रैकियोस्टोमी ट्यूब डालनी होती है।
  You have to insert a tracheostomy tube into the neck.

[17:40] तो ट्रैकियल रिंग नंबर दो और ट्रैकियल रिंग नंबर तीन इनके ऊपर इंसिशन लग के सांस की नली अंदर जाएगी।
  So, an incision will be made on tracheal ring number two and tracheal ring number three, and the windpipe will go inside.

[17:51] दूसरा की पॉइंट आपको याद करवाया और तीसरा की पॉइंट एक और याद कराता हूं।
  I have taught you the second key point, and I will teach you one more key point.

[17:55] थर्ड की पॉइंट है वाटर सील्ड
  The third key point is water-sealed.

[18:03] ड्रेनेज का।
  Of drainage.

[18:05] अगर वाटर सील्ड ड्रेनेज करना है तो मुझे बताएं एयर को रिमूव करने के लिए यानी कि न्यूमोथरेक्स के लिए।
  If water-sealed drainage is to be done, tell me to remove the air, meaning for pneumothorax.

[18:14] न्यूमोथोरेक्स के लिए कहां पर ट्यूब डाली जाती है?
  Where is the tube inserted for pneumothorax?

[18:22] दूसरी बात अगर आ गया हाइड्रो अगर आ गया पायरो अगर आ गया हीमोथोरेक्स हीमोथोरेक्स इनमें कहां ट्यूब डाली जाती है और एक अगर आ जाए एवरेज दोनों को मिलाकर भी करा जाए तो कहां ट्यूब डाली जाती है
  Secondly, if hydro comes, if pyro comes, if hemothorax, hemothorax, where is the tube inserted in these? And if average comes, if both are combined, where is the tube inserted?

[18:41] पॉइंट नंबर की पॉइंट नंबर थर्ड तो चलिएगा बोला क्या गया अगर आपको हवा निकालनी नी है तो सेकंड एंड थर्ड इंटरकोस्टल स्पेस सेकंड एंड थर्ड इंटरकोस्टल स्पेस से हवा निकाली जाती है।
  Point number, point number third, so let's see what was said. If you need to remove air, then air is removed from the second and third intercostal space, second and third intercostal space.

[19:00] बहुत बढ़िया बात।
  Very good point.

[19:04] यदि अगर यदि अगर आपको हाइड्रोथोरेक्स हीमोथोरेक्स पायरोथोरेक्स को निकालना है तो से नाइन के बीच में डाली जाएगी।
  If you have to remove hydrothorax, hemothorax, pyothorax, then it will be inserted between the ninth.

[19:16] और एवरेज अगर मेरे को लग रहा है दोनों मोस्ट कॉमनली जो ट्यूब डालते हैं वो फिफ्थ फोर्थ से फिफ्थ इंटरकोस्टल स्पेस पे डाली जाती है।
  And on average, if I feel, both commonly, the tube that is inserted is inserted at the fifth, fourth to fifth intercostal space.

[19:28] आप ये पॉइंट भी याद कर लीजिए अभी के अभी।
  You also remember this point right now.

[19:34] अभी के अभी ये पॉइंट याद कर लीजिए।
  Remember this point right now.

[19:36] आज बहुत सारे पॉइंट जो मेरे ज़हन में आ रहे हैं, मैं आपके सामने रखता चलूंगा।
  Today, many points that are coming to my mind, I will keep presenting them to you.

[19:41] अब मैं इतना हो गया।
  Now, this much is done.

[19:41] अब मैं आगे बढ़ता हूं।
  Now I am moving forward.

[19:45] मैं आपको हेलुसिनेशन के कुछ टाइप्स आज सारी ड्रग्सव्रक्स सब निपटा दूंगा।
  I will finish some types of hallucinations and all the drugs today.

[19:50] आज हेलुसिनेशन के कुछ टाइप्स समझा रहा हूं।
  Today I am explaining some types of hallucinations.

[19:53] सुनते चलो।
  Keep listening.

[19:53] पहला क्वेश्चन में आपके तौर पे आ जाए।
  The first question may come to you.

[19:56] साइकोसिस में कौन सा हेलसिनेशन देखने को मिलता है?
  What kind of hallucination is seen in psychosis?

[20:00] कोई पेशेंट बड़े लेवल
  Some patients at a high level

[20:04] का पागल हुआ पड़ा है।
  What madness has taken over?

[20:07] उसमें कौन सा हेलसिनेशन देखने को मिलेगा?
  What kind of hallucination will be seen in it?

[20:07] बताइएगा जरूर।
  Do tell.

[20:13] आपसे बोला जा रहा है साइकोसिस में कौन से लेवल का हेलसिनेशन देखने को मिलता है टाइप का देखने को मिलता है तो आप कहिए पहला
  You are being told, in psychosis, what level of hallucination is seen, what type is seen, so you say the first one.

[20:25] जिसको कहा जाता है ऑडिटरी हेलुसिनेशन
  which is called auditory hallucination.

[20:29] बच्चों साइकोसिस में ऑडिट्री जो लोग बड़े लेवल के पागल हो जाते हैं बड़ा चिल्लाते हैं चीखते हैं भैया याद रखिएगा उनके कानों में आवाज आवाज़ें आती हैं।
  In children's psychosis, auditory, people who become greatly mad, shout a lot, scream, brother, remember, voices come into their ears.

[20:44] मैं आपको एक बात कह रहा हूं।
  I am telling you one thing.

[20:48] जिन लोगों के ऐसे व्यक्ति जिनके कानों में आवाज आने लग जाए तो समझ लेना तुम्हारा मैटर मामला दिमागी मामला बिगड़ रहा है।
  Those people, such individuals, in whose ears voices start coming, understand that your matter, the mental matter, is deteriorating.

[20:55] आप अपने घर में बैठे हैं।
  You are sitting in your house.

[20:58] नॉर्मल व्यक्तियों में भी होता है।
  It happens in normal individuals too.

[21:00] आप अपने घर में बैठे हैं और आपको आवाें आ रही है तो आप समझ लीजिए आप मेंटली अपसेट हैं।
  You are sitting in your house and you are hearing voices, then understand that you are mentally upset.

[21:06] परेशान हैं दिक्कत में। ऑडिटरी ऑडिटरी में

[21:11] आपको साउंड आता है बट नो स्टिमुलाई कोई

[21:16] स्टिमुलाई नहीं है बच्चों आज की क्लास में

[21:18] मैं साइकेट्री का बेड़ा उठाया और

[21:21] साइकेट्री में मैं आज एक-एक एक-एक एक-एक

[21:24] पॉइंट करके सारा पढ़ाऊंगा। सुकून से

[21:27] सुनना। रिवाइज कॉपी से नहीं कर रहे हो।

[21:30] बुक से नहीं करो। छोड़ दो। पहले सुनते

[21:33] चलो। मैं आपको बता रहा हूं। सारी

[21:34] इंपॉर्टेंट कर लेंगे आज।

[21:37] ठीक है? ऑडिटरी हेलुसिनेशन। दूसरा

[21:41] हेलुसिनेशन होता है यदि किसी व्यक्ति को

[21:45] बहुत सारी चीजें दिखने लग जाए। विजुअल

[21:48] हेलसिनेशन

[21:50] कहते हैं। वहां पर कुछ नहीं है बट मुझे

[21:53] कुछ दिख रहा है। इसको का कहा जाएगा भैया?

[21:57] इसको कहा जाएगा विजुअल हेलुसिनेशन।

[22:01] यह मोस्ट कॉमनली शराब वाले अल्कोहल

[22:05] विड्रवल वालों में देखने को मिलता है। जो

[22:09] शराब छोड़ रहे हैं जो सब्सटेंस अब्यूज के

[22:13] ऊपर हैं उनमें देखने को मिलेगा। पेशेंट को

[22:17] कई सारी चीजें विजुअल्स दिखते हैं। बट

[22:20] रियलिटी में शराब दिखेगी। बट रियलिटी में

[22:23] शराब है ही नहीं।

[22:26] बात समझ में आ रही है? अफीम दिखेगा, गांजा

[22:28] दिखेगा बट रियलिटी में अफीम गांजा है ही

[22:30] नहीं। इसको कहा जाएगा विजुअल हेलुसिनेशन।

[22:35] अगली बात

[22:37] अब आपसे पूछ रहा हूं। मुझे लग रहा है मेरे

[22:40] स्किन के ऊपर कुछ चल रहा है। और ज्यादातर

[22:43] कोकेन का नशा करने वालों में होता है।

[22:46] मुझे लग रहा है मेरी स्किन के ऊपर समथिंग

[22:48] इज क्रोलिंग ऑन माय स्किन। जब मैंने देखा

[22:52] तो रियलिटी में कुछ नहीं था। इसको कौन सा

[22:55] हेलसिनेशन कहा जाएगा भैया? इसको कौन सा

[22:59] हेलसिनेशन कहा जाएगा? स्क्रीन पे ऐसा लगा

[23:02] कुछ चल रहा है। रियलिटी में देखा कुछ नहीं

[23:04] है। चल यहां रहा था दिमाग में। वेरी गुड

[23:07] मोनालिसा।

[23:10] यहां पर सबसे पहले टैक्टाइल हेलसिनेशन।

[23:14] जिनको नहीं पता जो लोग संत आदमी हैं भैया

[23:16] कि पढ़ाई से हमारा कोई लेना देना नहीं है।

[23:19] उन आदमियों को और उन औरतों को कहना

[23:21] चाहूंगा पढ़ लो। तो अब आपके लिए बड़ा

[23:23] जिंदगी का सुनहरा मौका है। टेक्टाइल

[23:27] हेलसिनेशन क्या होता है? ये टैक्टाइल

[23:31] हेलुसिनेशन आप चाहें तो आपको भी फील होगा।

[23:34] जब आप एग्जाम दे के आएंगे पढ़ाई नहीं करी

[23:37] तो आपको ऐसा लगेगा कुछ चल रहा है। है ना?

[23:40] पलट करके देखोगे पिताजी ये खड़े हुए हैं

[23:43] एक बेल्ट लेकर के। बस सपोटा देने वाले थे

[23:47] पिताजी मिला के। तो ये क्या है? ये याद

[23:50] रखिएगा। टेक्टाइल हैलुसिनेशन में एक

[23:54] व्यक्ति को ऐसा लगता है कि समथिंग इज

[23:57] क्रोलिंग समथिंग इज़ क्रोलिंग

[24:02] ऑन स्किन स्किन के ऊपर कुछ चल रहा है।

[24:05] पिताजी की उंगलियां चल रही है। अभी प्यार

[24:07] से ऐसे पिताजी की उंगलियां चल रही है। और

[24:09] बेटा पेपर कैसे गया था? बेटा की अब फटी

[24:12] पड़ी है। बेटा बोल रहा है। अरे पिताजी अभी

[24:15] तो पेपर अभी तो पोस्टपोन हो गया है।

[24:17] पिताजी के पास पूरा पिताजी खुद ही ग्रुप

[24:19] में जुड़े पड़े हैं। तो यहां पर याद

[24:22] रखिएगा टेक्टाइल हेलुसिनेशन का मतलब है

[24:25] स्किन के ऊपर कुछ चलेगा और हमें लगेगा हम

[24:29] जब देखेंगे कुछ नहीं था। तो यह याद रखिएगा

[24:32] कोकीन।

[24:35] जो लोग अपने आप को

[24:38] सूर्यवंशी समझते हैं वह याद रखिएगा कोकेन

[24:42] कोकेन अब्यूज के अंदर कोकेन अब्यूज के

[24:46] अंदर आपको देखने को मिलेगा कोकेन अब्यूज

[24:50] जो होता है ना जैसे लेते पाउडर मिला मिला

[24:53] करके लेते हैं भाई उनके अंदर लगेगा रात को

[24:55] ऐसा लगेगा कुछ चल रहा है कुछ चल रहा है तो

[24:58] ठीक है ये बात यहां पर टेक्टाइल

[25:01] हेलुसिनेशन आइए अगला सुनते है ऑल फैक्ट्री

[25:06] हैलुसिनेशन क्या होता है? ऑल फैक्ट्री का

[25:10] मतलब सुनना। ऑल फैक्ट्री का मतलब क्या

[25:13] होता है? आहा खुशबू आ रही है। आहा खुशबू आ

[25:18] रही है। कई लोग होते हैं ना जिन लोगों के

[25:20] अंदर ऑर्गेनिक ब्रेन डिसऑर्डर होता है।

[25:23] कौन सा डिसऑर्डर होता है? ऑर्गेनिक ब्रेन

[25:27] डिसऑर्डर।

[25:29] ऐसे लोग जिनके अंदर जैसे कई लोग होते हैं

[25:32] ना कमरे में बैठे-बैठे बोलते हैं आज तो

[25:34] अगरबत्ती लगा दी है किसी ने। आज तो

[25:37] अगरबत्ती लगा दी है। है ना? तो अगरबत्ती

[25:42] लगा दी है तो अगरबत्ती लगी नहीं है।

[25:43] अगरबत्ती तुम्हारे दिमाग की बुझ रही है।

[25:46] तो यहां याद रखिएगा कि एक व्यक्ति जो होता

[25:50] है बैठे-बैठे उसको स्मेल आने लगे। बट

[25:53] रियलिटी में कुछ नहीं है। उसको क्या कहा

[25:56] जाता है? उसको ऑल फैक्ट्री कहा जाता है।

[25:59] ऑल फैक्ट्री का मतलब क्या होता है? स्मेल

[26:03] का आना बट नो स्टिमुलाई कोई स्टिमुलाएं

[26:07] नहीं है। इसको कहते हैं ऑल फैक्ट्री कहा

[26:10] जाता है। क्या कहा जाता है? ऑल फैक्ट्री

[26:12] कहा जाता है। ठीक है? ओके। ओके ओके ओके

[26:15] ओके ओके। इतनी बात समझ में आ गई? इतनी बात

[26:17] समझ में आ गई है आप सभी को? चलिएगा। तो

[26:20] आगे की तरफ बढ़ते हैं और देखो आज की क्लास

[26:22] में पूरा समझेंगे।

[26:25] ठीक है?

[26:27] आज की क्लास में पूरा समझेंगे हम। चलिए तो

[26:30] आगे की कहानी पे चलते हैं। ऑल फैक्ट्री के

[26:33] बाद आगे बढ़ते हैं। ऑल फैक्ट्री के बाद एक

[26:36] आता है गस्टेटरी।

[26:40] अब भैया गस्टेटरी हेलुसिनेशन क्या होता

[26:43] है? सुनिएगा। गस्टेटरी हेलुसिनेशन होता है

[26:47] टेस्ट का रिलेटेड। बेसिक पॉइंटों से चल

[26:50] रहा हूं। तीन से 4 घंटे लगेंगे बट फंडा के

[26:54] साथ-साथ फंडा तो कर लिया वैसे और करते

[26:56] चलेंगे की पॉइंट्स के तौर पे साइकेट्री को

[26:59] उंगलियों पे ला दूंगा

[27:01] ठीक है अब गस्टेट्री क्या होता है बैठे

[27:04] हुए हैं स्वाद आ गया साहब और जब स्वाद आया

[27:08] तो मुंह के अंदर देखा मैंने मुंह खोल भाई

[27:11] मुंह के अंदर कुछ नहीं था फिर पेशेंट बोला

[27:14] स्वाद आ गया साहब स्वाद आ गया तो ये याद

[27:16] रखिएगा एक पेशेंट का स्टेटरी एलुसिनेशन

[27:19] वाला वो वो पेशेंट होता है जिसको टेस्ट

[27:22] आता है बट टेस्ट आता है बट कुछ खाया ही

[27:26] नहीं नो स्टिमुलाए फिर भी टेस्ट आ रहा है

[27:29] इसको व्यक्ति को कहते हैं गस्टेटरी वाला

[27:33] और ये गस्टेटरी वाला कड़वा टेस्ट ही लेगा

[27:36] मीठा टेस्ट आए तो मजे हो जाए बट कड़वा

[27:39] टेस्ट आता है बिटर

[27:42] ये की पॉइंट के तौर पे बिटर टेस्ट मोस्ट

[27:45] कॉमन बिटर का मतलब क्या होता है बिटर का

[27:49] टेस्ट वो होता है कि जब कड़वा टेस्ट हो

[27:52] जाए। कड़वा खट्टा नहीं कड़वा टेस्ट हो

[27:55] जाए।

[27:57] ठीक है?

[27:58] बिल्कुल। सूर्यांश बोल रहे हैं मेरी

[28:01] साइकेट्री मेरी उंगलियों पे ही है।

[28:02] सूर्यांश तुम मेरे ही स्टूडेंट हो। चिंता

[28:05] मत करो। ये उंगलियों को अब ऐसे करके चाट

[28:07] लो। है ना? तुम्हारी उंगलियों पे अगर

[28:10] साइकेट्री है उंगलियों पे चाट लो। दिमाग

[28:12] में जाएगी जल्दी से। अब आगे की बात

[28:14] समझिएगा।

[28:16] है ना? अब आगे की बात समझिएगा। इतने पॉइंट

[28:19] आपके क्लियर हो चुके हैं। ऊपर वाले ने

[28:21] आपके इतने पॉइंट क्लियर कर दिए हैं। अगर

[28:23] किसी क्वेश्चन में फंडा का क्वेश्चन आ

[28:25] जाए। प्रायोरिटी का क्वेश्चन आ जाए भाई।

[28:28] सीधी-सीधी सी गणित है।

[28:31] कोई पेपर में प्रायोरिटी का क्वेश्चन आ

[28:34] जाए कि एक नर्स थी जो नर्स को कुछ नहीं

[28:37] आता था। वो नर्स थी। ब्लड ट्रांसफ्यूजन कर

[28:40] रही थी। ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान उस

[28:43] नर्स ने क्या किया? ए पॉजिटिव वाले को बी

[28:46] पॉजिटिव वाला खून दे दिया। अब आप बताएं

[28:50] फर्स्ट एक्शन क्या होगा? तो भैया सारे

[28:53] ऑप्शन दे दिए जाए। उनमें ढूंढने की कोशिश

[28:55] करना बड़ा कॉमन है। ढूंढने की क्वेश्चन

[28:59] कोशिश करना कि अगर नर्स वो कौन थी? पहले

[29:02] तो यह बात को याद रखना जिससे ए वाले को बी

[29:04] का ब्लड ग्रुप दे दिया।

[29:07] वो नर्स का तो पता नहीं चलेगा। बट हमारा

[29:10] एक्शन का पता चल जाएगा। वो है स्टॉप द

[29:13] ट्रांसफ्यूज़। इमीडिएटली स्टॉप द

[29:16] ट्रांसफ्यूज़। यहां बोल्ड कर देता हूं।

[29:19] बोल्ड ये लो। स्टॉप

[29:23] द स्टॉप द ट्रांसफ्यूज़।

[29:28] ट्रांसफ्यूज़ को स्टॉप करना है। इमीडिएटली।

[29:34] है ना? इमीडिएटली स्टॉप द ट्रांसफ्यूज़।

[29:38] पहले काम यही करोगे। डॉक्टर साहब को

[29:40] बुलाने गए तो डॉक्टर साहब आ रहे हैं अभी

[29:43] चाय पी के पेशेंट अलट गया तो हमें

[29:45] इमीडिएटली स्टॉप द ट्रांसफ्यूजन ये हमारी

[29:48] प्रायोरिटी रहेगी ब्लड ट्रांसफ्यूजन

[29:50] रिएक्शन के अंदर

[29:52] दूसरी बात दूसरा काम रहेगा कि हमें एनएस

[29:56] को कनेक्ट कर देना है भैया एनएस को पहले

[30:00] ही टांग कर रखना है एक तरफ थैली एक तरफ

[30:02] एनएस और एनएस जाकर के गई एनएस जाकर के

[30:06] उसको

[30:07] डाइल्यूट कर देगी तीसरा

[30:09] डाक साहब डाक साहब चिल्लाते हुए जाइए और

[30:12] डॉक्टर साहब को बुलाइए और उससे टाइम पर

[30:15] हमें एविल डेक्सोना जो प्रिस्राइब एडिशन

[30:19] है वो देनी है।

[30:23] है ना? तो ये बात याद रखिएगा। चलिए तो

[30:27] इतनी बातें आपको क्लियर हो गई है। अब आगे

[30:29] बढ़ता हूं। आगे बढ़ के चलते हैं। अब मेरे

[30:33] ये की पॉइंट्स बेटा जिन लोगों ने अभी मैं

[30:35] सिजोफ्रेनिया, पर्सनालिटी, साइकोसेक्सुअल

[30:38] ये सारा ही निपटाऊंगा। सुकून से पॉइंट टू

[30:41] पॉइंट याद करो। वाइटल जो जो इंपॉर्टेंट है

[30:43] वो भी मैं आपको बताता चल रहा हूं। ठीक है?

[30:46] अब मैं बता रहा हूं डिसऑर्डर ऑफ थॉट।

[30:49] विचारों की गड़बड़ी। आज सबके विचार अगर

[30:53] अच्छे होते तो जिंदगी हमारी सबकी अच्छी

[30:56] होती। यह दुनिया स्वर्ग बन जाती। बट लोगों

[31:00] के विचारों में गड़बड़ी आ गई तो विचार

[31:03] बिगड़ गए। यहां सबसे पहला शब्द आ रहा है

[31:06] ऑब्सेशन। ऑब्सेशन

[31:10] क्या होता है ऑब्सेशन? बताइएगा। ऑब्सेशन

[31:13] का मतलब क्या होता है? ऑब्सेशन

[31:17] और देखिए आपके माइंड में बिना सवाल सुने

[31:21] अगर आपके माइंड में ऐसा आ रहा है कि मैं

[31:23] यह बता देती हूं बता देता हूं तो आप अपने

[31:25] आप को बहुत बड़े एक उलझन में डाल रहे हैं।

[31:28] मैं पूछ रहा हूं ऑब्सेशन की बात

[31:32] और क्वेश्चन आएगा। अब धीरे-धीरे क्वेश्चन

[31:34] भी करते चलना है। ऑब्सेशन का मतलब क्या

[31:37] होता है? अगर आपसे कहते हैं रुक जाइए यहां

[31:41] पर। एक प्रॉब्लम बोली एक बीमारी आती है

[31:44] ओसीडी। मैंने पूछा ओसीडी में बताएं

[31:47] कौन-कौन से डिसऑर्डर्स मिलकर के ओसीडी को

[31:50] बनाते हैं? बताइए आप लोग बताइए।

[31:54] ओसीडी ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर में

[31:58] कौन-कौन सी डिसऑर्डर्स को मिलाकर ये

[32:00] बीमारी बनी?

[32:03] ओसीडी कौन-कौन सी डिसऑर्डर्स को मिलाकर के

[32:06] बीमारी बनी?

[32:09] बता पाओगे?

[32:12] ओसीडी बीमारी में कौन-कौन से डिसऑर्डर्स

[32:16] आते हैं? ऑब्सेशन एंड कंपल्शन ना ना

[32:23] बहुत बढ़िया। अब सुन लीजिए। ऑब्सेशन एंड

[32:25] कंपल्शन डिसऑर्डर में नहीं आते हैं। ओसीडी

[32:29] के अंदर दो तरह के डिसऑर्डर होते हैं।

[32:31] डिसऑर्डर ऑफ़ थॉट। ऑब्सेशन होता है

[32:34] डिसऑर्डर ऑफ़ थॉट का। कंपल्शन जो होता है

[32:37] डिसऑर्डर ऑफ़ मोटर एक्टिविटी। यह याद कर

[32:40] लो। ये दोनों डिसऑर्डर्स ये कोई एक बीमारी

[32:43] नहीं है। ये दो बीमारी का मिश्रण है।

[32:47] यह दो बीमारी का मिश्रण होता है। ऑब्सेशन

[32:51] और कंपल्शन। अब आप सुन लीजिए। ये पॉइंट

[32:54] याद कर लीजिए। थॉट और मोटर का। ये वो

[32:57] पॉइंट है जो प्रीवियसली आ चुके हैं। बेटा

[32:59] ऑब्सेशन का मतलब क्या होता है? ऑब्सेशन का

[33:03] मतलब होता है रिपीिटेटिव

[33:06] पर्सिस्टेंट। लगातार रिपीटेटिव

[33:09] पर्सिस्टेंट थॉट का आना आइडिया का आना थॉट

[33:14] एंड आइडियाज का आना डिस्पाइट

[33:18] डिस्पाइट अटेमप्ट्स टू अवॉइड इट अटेमप्ट्स

[33:24] टू अवॉयड इट। यहां पर क्या बोला जा रहा

[33:28] है? मेरे मन में मेरे थॉट्स का आना। भैया

[33:32] मेरे दिमाग में एक ही थॉट आए जा रहा है।

[33:34] देखिए आप लोगों के अंदर ऐसे अगर थॉट्स आ

[33:37] रहे हैं तो आप मान लीजिए आपका मेंटल हेल्थ

[33:41] बिगड़ रही है। मैं आपको समझाता हूं

[33:44] ऑब्सेशन का मतलब क्या है? आप रात को सो

[33:46] रहे हैं। सोते-सोते आपको या तो पैसों का

[33:49] ख्वाब आ रहा है। पैसे पैसे पैसे पढ़ाई

[33:51] पढ़ाई पढ़ाई बिल्कुल भागना है। इधर से ये

[33:54] करना है। ये करना है। ये करना है करना है।

[33:55] ये अगर एक जैसे ख्वाब बार-बार ख्वाब का

[33:58] मतलब यह नहीं विचार।

[34:00] थॉट्स थॉट्स का बार-बार आते रहना, आते

[34:03] रहना, आते रहना इसको ऑब्सेशन कहा जाता है।

[34:10] बच्चों ऑब्सेशन के अंदर एक व्यक्ति जो

[34:14] होता है वो अवॉइड करता है ऐसे थॉट्स, ऐसे

[34:18] आइडियाज, ऐसी फीलिंग्स को। बट फिर भी यह

[34:22] आइडियाज, यह फीलिंग, यह विचार आए जा रहे

[34:26] हैं। इसको क्या कहा जाता है? इसको कहा

[34:30] जाता है ऑब्सेशन कहा जाता है।

[34:34] ठीक है? ऑब्सेशन कहा जा रहा है। तो यहां

[34:38] पर आप ऑब्सेस्ड हो गए। तो पहला साइकेट्री

[34:41] में डिसऑर्डर ऑफ थॉट का ऑब्सेशन होता है।

[34:44] चलिए क्वेश्चन लेकर के आ रहे हैं। एक

[34:46] क्वेश्चन है आपके लिए और क्वेश्चन को डील

[34:49] कीजिएगा।

[34:51] अ नर्स एंटर्ड द रूम ऑफ अ पेशेंट विद अ

[34:54] कॉग्निटिव इंपेयरमेंट डिसऑर्डर एंड आस्क

[34:58] व्हाट डे ऑफ़ द वीक इट इज़ व्हाट द डेट मंथ

[35:02] एंड ईयर आर एंड व्हेयर द पेशेंट इज़ द

[35:04] नर्सेज़ अटेम्प्टिंग टू असेस। भैया

[35:07] साइकेट्री में इस चीज को करना बड़ा जरूरी

[35:09] है। तुरंत जवाब दीजिएगा। तुरंत जवाब कैसे

[35:12] देना है? यह पोल चालू हो गया है। इसके

[35:13] अंदर जवाब दोगे आंसर आ जाएगा। नाम आ जाएगा

[35:16] नहीं तो कोई दिक्कत नहीं। ये आपको

[35:18] प्रैक्टिस करवा रहा हूं।

[35:22] है ना? तो यहां पर याद रखिएगा यहां पर

[35:25] क्या बोला जा रहा है? एक नर्स जो है वो

[35:28] क्या कर रही है? पेशेंट के बारे में पूछ

[35:30] रही है। उसके बारे में उसकी डेट, उसका

[35:32] ईयर, उसका टाइम, उसका कहां है? कौन है?

[35:35] इससे वो क्या जानना चाहती है? यहां पर हर

[35:38] साइकेट्रिक पेशेंट के अंदर साइकोसिस वाले

[35:40] पेशेंट में ये चीज मिसिंग रहती है। क्या

[35:43] है वो? आंसर जवाब दे रहे हैं।

[35:47] ओरिएंटेशन कॉनफबुलेशन एंड डिस डलेरियम डी

[35:50] है डलेरियम आंसर गया ओरिएंटेशन भैया

[35:54] ओरिएंटेशन पे सबसे पहला जवाब 6 सेकंड में

[35:58] सूर्याश सुल्ताना सयोना अनिका धनेश्वरी

[36:01] राज अनुष्का दीप्ति सन सुनील इन बच्चों ने

[36:04] जवाब दिया मैं आपको बताता हूं ओरिएंटेशन

[36:07] क्या होता है

[36:10] ओरिएंटेशन क्या होता है ओरिएंटेशन बेटा

[36:14] ओरिएंटेशन पेशेंट की कहानी को समझिए। आज

[36:17] एक कोई पेशेंट आता है और वो बहुत ज्यादा

[36:20] मेंटली डिस्टर्बड है तो हम पूछेंगे कौन है

[36:23] आप? कहां हैं आप? क्या टाइम हुआ है? तो एक

[36:27] नॉर्मल व्यक्ति तो बता देगा बट अब नॉर्मल

[36:30] व्यक्ति नहीं बता सकता है। ओरिएंटेशन का

[36:33] मतलब पेशेंट जो है अवेयर होना चाहिए।

[36:38] अवेयर अबाउट

[36:40] टाइम

[36:42] प्लेस

[36:44] थिंग।

[36:45] समय, चीज और बहुत सारी चीजों के बारे में

[36:50] उसको पता होना चाहिए। इसको ओरिएंटेशन कहते

[36:54] हैं। चलिए इतनी बात तो आपको समझ में आ गई।

[36:58] अब मैं आपको सारे डल्यूज को समझाना चाहता

[37:02] हूं। जितने डल्यूजनंस हैं उन सबको समझाता

[37:05] हूं। बट पहले डल्यूज को समझ लीजिए।

[37:08] डल्यूजन क्या होता है?

[37:11] एक-ए कदम चल रहे हैं। अपन एक-ए कदम चल रहे

[37:13] हैं। साइकेट्री का एक-ए कदम चल रहे हैं।

[37:15] इल्ल्यूजन पढ़ लिया, एलुसिनेशन पढ़ लिया

[37:18] और कुछ ज्यादा नहीं है। मैं अगर समझाऊंगा

[37:21] तो आपको खुद को रिवाइज करने की जरूरत नहीं

[37:23] पड़ेगी।

[37:25] एक तरह से रिवीजन ही चलेगा। अब अच्छा मेरी

[37:27] बात सुनिए। डल्यूजन क्या होता है? इसको

[37:29] समझाता हूं। बेटा डल्यूजन का मतलब क्या

[37:31] होता है? एक व्यक्ति ने जििद कर ली है। एक

[37:36] विचार उसके मन में बैठ गया है। और वह

[37:38] विचार क्या बैठ गया है कि कोई सा भी गलत

[37:43] विचार उसके मन में चिपक करके बैठ गया है।

[37:46] फॉल्स फिक्स्ड बिलीफ।

[37:50] फॉल्स

[37:52] फिक्स्ड बिलीफ का होना। एक ऐसा यकीन का

[37:56] होना जो गलत यकीन था और समझाने से भी ना

[38:00] समझे। ऐसे गलत यकीन को हम क्या कहते हैं?

[38:05] उसको कहा जाता है डल्यूजन।

[38:09] डल्यूजन। मान लीजिए एक एग्जांपल के तौर पे

[38:12] आपको देता हूं।

[38:14] आप सभी को ऐसा लगने लग गया। मान लीजिए आप

[38:18] सभी के पेरेंट्स को मान लीजिए किसी के

[38:21] पेरेंट्स को ऐसा लगने लग गया। मेरा बेटा

[38:24] बहुत पढ़ रहा है। मेरा बेटा बहुत पढ़ रहा

[38:27] है। ठीक है? ये एक फॉल्स बिलीफ हो गया। और

[38:32] आप रोज उनके पास बैठकर के बोल रहे हो पापा

[38:34] मैं नहीं पढ़ रहा हूं। मैं पढ़ाईवढ़ाई

[38:37] छोड़ दी मैंने। फिर भी पिताजी को लग रहा

[38:39] है नहीं मेरा बेटा बहुत पढ़ रहा है। मेरा

[38:41] बेटा बहुत पढ़ रहा है। मेरा बेटा आप सबूत

[38:43] दे रहे हो। रोज आप दिखा रहे हो। मैं

[38:45] WhatsApp पे कितना टाइम लगा रहा हूं। 2

[38:47] घंटे में YouTube पे लगा रहा हूं। 5 घंटे

[38:50] में इंस्टा के ऊपर लगा। सब पे लगा रहा

[38:51] हूं। पापा मैं नहीं पढ़ रहा हूं। आप यकीन

[38:54] मानिए मेरा। पापा नहीं मान रहे। पापा बोल

[38:57] रहे हैं मेरा बच्चा पढ़ रहा है। पिताजी को

[39:00] क्या हुआ? पिताजी को फॉल्स बिलीफ हुआ। एक

[39:03] गलत बात मन में बैठी। आपने सबूत दिए। सबूत

[39:08] देने के बाद भी नहीं मान रहे। इसी को कहते

[39:10] हैं डल्यूजन कहते हैं। क्या कहते हैं?

[39:13] डल्यूजन कहते हैं।

[39:16] तो बच्चों, डल्यूजन का मतलब क्या है?

[39:19] फॉल्स फिक्स्ड बिलीफ का होना। एग्जांपल

[39:21] नंबर टू देता हूं। एग्जांपल नंबर टू देता

[39:24] हूं। एग्जांपल टू क्या है? मान लीजिए

[39:28] रास्ते में एक सांप पड़ा हुआ था। सांप

[39:31] स्नेक यह सांप पड़ा हुआ था। आपने उठाया और

[39:35] गले में पहन लिया। वाओ क्या रस्सी है ये।

[39:39] सांप लिया गले में पहन लिया और ऊपर से वाओ

[39:42] भी बोला। है ना? तो वाओ क्या रस्सी है ये।

[39:47] जैसे आपने बोला सांप ने अपनी तरफ ऐसे मुंह

[39:51] देख के देख के बोला। अब बोल क्या बोल रहा

[39:53] है बे? है ना? फिर तुम बोले वाओ क्या

[39:56] रस्सी है ये सांप आया यहां काट लिया ये ले

[39:59] रस्सी है तो प्यार करने दे ठीक है फिर भी

[40:02] तुमने उसको टाइट करके बांध लिया बांध लिया

[40:06] सांप के छोटे-छोटे बच्चे आ गए मम्मी को

[40:08] छोड़ दो मम्मी को छोड़ दो बट फिर भी तुम

[40:11] नहीं छोड़ रहे क्यों क्योंकि तुम्हारे मन

[40:13] में एक बिलीफ बैठ गया ये सांप नहीं रस्सी

[40:15] है उसने सबूत भी दिया उसके छोटे-छोटे से

[40:17] सपोले से बच्चे भी आ गए ये सारा क्या है

[40:21] फॉल्स फिक्स्ड बिलीफ डल्यूजन है एक बात मन

[40:25] में बैठ जाए और वो बात बैठने के बाद वो

[40:29] क्या कहलाता है? डल्यूजन। फिक्स्ड बात बैठ

[40:31] गए। अब तुम्हें जवाब देना है।

[40:36] है ना? सांप भी बोल रहा है। सांप भी बोल

[40:39] रहा है। एक किस तो इधर लिया है, दूसरा इधर

[40:41] लूंगा। ज्यादा करेगा, मुंह के ऊपर लूंगा।

[40:44] तो सांप ले भी रहा है। बट ये मान नहीं रहा

[40:46] है। है ना? ये मान नहीं रहा है। अब आपको

[40:50] करना क्या है? अब आपको मेरी बात माननी है।

[40:52] फॉल्स फिक्स्ड बिलीफ वालों मेरी बात सुनो।

[40:55] यदि कोई व्यक्ति को हर बात पे शक हो।

[40:58] छोटी-छोटी बात पे शक हो। ये बच्चे मैसेज

[41:01] क्यों कर रहे हैं? ये शक हो रहा है। मैं

[41:03] खाना क्यों खाऊं? ये शक हो रहा है। ये

[41:06] मेरे रिश्तेदार आज सोन पपड़ी क्यों लेकर

[41:09] के आ गए? है ना? ये शक हो रहा है। अरे

[41:11] दिवाली के ऊपर इन्होंने

[41:14] है ना दिवाली के ऊपर ये वाली मिठाई क्यों

[41:16] लेकर के आ गए? हर बात पे शक हो। मेरी

[41:20] गाड़ी के आगे कोई मोटरसाइकिल वाला जा रहा

[41:22] है। यह क्यों जा रहा है? इसको क्या कहते

[41:24] हैं? इसको याद रखना। जब एक व्यक्ति को हर

[41:28] बात पे डाउटफुल टेंडेंसी हो। डाउटफुल

[41:32] टेंडेंसी सुन लो। डाउटफुल टेंडेंसी हो।

[41:37] इसको कौन सा शक कहोगे? पैरोनॉइड शक

[41:42] कहेंगे। पैरानोइड कहेंगे। पैरानोइड।

[41:47] इसको क्या कहेंगे? पर्सक्यूटरी कहेंगे।

[41:50] पर्सक्यूटरी डल्यूजन कहते हैं। पहला

[41:54] डल्यूजन इससे बाहर नहीं जाता है। याद करते

[41:57] चलो। पैरानोइड पर्सिकरी डल्यूजन क्या होता

[42:00] है? एक व्यक्ति को ऐसा लगता है दुनिया

[42:06] मुझे बर्बाद करेगी। तो वह हर व्यक्ति पर

[42:10] शक की निगाह से देखता है। ऐसे व्यक्ति को

[42:14] पैरानोइड या पर्सक्यूटरी डल्यूजन वाले

[42:17] कहते हैं।

[42:21] समझ में आ गया पहला? पैरानॉइड डल्यूजन। अब

[42:24] दूसरा सुनिएगा। दूसरा डल्यूजन आपको बता

[42:27] रहा हूं। दूसरा डल्यूजन होता है। मैं आपसे

[42:32] बोल रहा हूं। एग्जांपल दे रहा हूं। आप

[42:33] मुझे बताइएगा।

[42:36] मैं बोल रहा हूं मैंने बहुत बड़ा अपराध कर

[42:39] दिया है। जब मैंने बहुत बड़ा अपराध किया

[42:42] इसकी वजह से मेरे परिवार मुझ पे बहुत बड़ी

[42:44] मुसीबतें आ रही है। मैं आपसे ऐसे बात करूं

[42:50] है ना? तो मैं आपसे क्या बोल रहा? मैंने

[42:53] बहुत बड़ा अपराध कर दिया है। मैंने ऐसा

[42:55] नहीं करता तो वैसा हो जाता। मैंने क्यों

[42:57] कर दिया? ऐसा अब क्या होगा? मैंने क्यों

[42:59] कर दिया रे? ऐसा क्या हो गया रे? भैया ऐसा

[43:02] अब करा जा रहा है। जब आपने हमारे किसी से

[43:04] पूछा क्या हुआ? क्या हुआ सर को? तो आपको

[43:07] ये जवाब मिला। अरे कुछ नहीं हुआ है। सर का

[43:10] सर का जो है थोड़ा सा बोल्ड लूज हो गया।

[43:13] ये क्या होता है? इसको कहते हैं डल्यूजन

[43:16] ऑफ गिल्ट।

[43:18] डल्यूजन ऑफ गिल्ट का मतलब क्या होता है

[43:21] बच्चों? डल्यूजन ऑफ़ गिल्ट का मतलब होता है

[43:24] एक व्यक्ति अपने आप को शर्मिंदा गिल्टी

[43:27] मानता है। बट यह बात उसने कभी कुछ नहीं

[43:31] गलत किया बट फिर भी उसको गिल्टी लग रहा

[43:34] है। ना करने के बाद भी

[43:38] कुछ नहीं किया फिर भी गिल्टी फील हो रहा

[43:41] है। इसी को कहते हैं डल्यूजन ऑफ़ गिल्ट।

[43:44] ज्यादातर डिप्रेशन।

[43:47] यह होता है डिप्रेशन वाले पेशेंट्स में।

[43:50] जो डिप्रेशन वाले पेशेंट हाय हमने क्या कर

[43:53] दिया? उनमें पाया जाएगा।

[43:56] फंडा का एक क्वेश्चन बता रहा हूं। याद कर

[43:59] लीजिएगा। फंडा का एक प्रायोरिटी का

[44:01] क्वेश्चन बता रहा हूं। यह प्रायोरिटी का

[44:03] क्वेश्चन यह है। किसी भी क्वेश्चन में

[44:06] पेशेंट की तबीयत को बिगाड़ देगा एम्स

[44:09] वाला। तो, आपको करना क्या है? पेशेंट की

[44:12] तबीयत को बिगाड़ दिया। पेशेंट इज़ वेरी

[44:14] क्रिटिकल। एग्जांपल के तौर पर और आपसे

[44:18] बोलेंगे आप क्या करेंगे? जिस पॉइंट पर

[44:21] आपको पेटेंसी ऑफ एयरवे लिखा हुआ मिल जाए।

[44:25] जिस भी पॉइंट पेटेंसी

[44:27] ऑफ़ एयरवे पेटेंसी ऑफ एयरवे

[44:32] भैया इसको बिना सोचे समझे टिक कर आइएगा।

[44:36] या फिर ओपन एयरवे आ जाए।

[44:40] ओपन एयरवे आ जाए। पेटेंसी ऑफ़ एयरवे आ जाए।

[44:43] टिक कर दीजिएगा। जिंदगी सवर जाएगी।

[44:49] क्वेश्चन समझ में आ रहा है? अगर वो कहता

[44:51] है एक पेशेंट है रोड ट्रैफिक में पड़ गया।

[44:53] अब उसको ऐसा हो रहा है, वैसा हो रहा है।

[44:55] आप क्या करेंगे? पहला हमें पेटेंसी ऑफ

[44:58] एयरवे करना है। क्यों करा मैंने? ये याद

[45:02] रखिएगा। ये सब हमें सिखाया गया। अब्राहम

[45:05] मैस्लो जी ने। अब्राहम मैस्लो जी ने हमें

[45:08] समझाया था। उन्होंने यह बात बोली कि बेटा

[45:13] जब भी कोई प्रायोरिटी का क्वेश्चन करो तो

[45:16] इस ट्रायंगल को दिमाग में बिठा लेना।

[45:21] अब्राहम मैस्लो जी ने यह बात बोली

[45:24] कि अगर कोई भी व्यक्ति को अगर बचाना है तो

[45:29] पहले यह ट्रायंगल याद रखिएगा तभी बचा

[45:32] पाएंगे।

[45:34] फिर उन्होंने बोला सबसे पहली जरूरत होती

[45:38] है एक व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें।

[45:44] यानी कि फिजिकल नीड्स। तो यहां पर कहा गया

[45:49] पहला फिजियोलॉजिकल

[45:51] नीड्स का पूरा करना। जैसे सबसे पहली जरूरत

[45:55] होती है हवा। फिर होती है पानी, फिर होता

[45:59] है खाना, फिर होता है कपड़ा, फिर होता है

[46:02] घर, फिर होता है सेक्सुअल एक्टिविटी। यह

[46:05] हमारी बेसिक जरूरत है।

[46:10] फिर अब्राहम मैथ्सोलॉजी ने यह बोला हिंदी

[46:13] में नहीं बोला। उन्होंने बोला अंग्रेजी

[46:15] में बट मैं हिंदी में है ना कन्वर्ट करके

[46:19] बता रहा हूं।

[46:21] यहां पर यह बोला गया कि जब आप इंसान को

[46:25] कपड़ा मिल जाए, जब इंसान को खाना मिल जाए,

[46:29] जब उसको नींद मिल जाए, स्लीप स्लीप का

[46:32] होना बड़ा जरूरी है।

[46:35] अगर आप नींद नहीं ले रहे हो और आप बोल रहे

[46:38] हो दुनिया मेरी इज्जत करे, कोई नहीं

[46:39] करेगा।

[46:42] चलिए तो यहां पर यह बात हो गई। दूसरा अब

[46:45] दीजिएगा सेफ्टी एंड सिक्योरिटी। सेफ्टी

[46:48] एंड सिक्योरिटी का मतलब क्या होता है? जिस

[46:52] जगह पे खानावाना मिल गया बट उनके लोगों को

[46:55] अपने आप की सेफ्टी का नहीं पता। यह पॉइंट

[46:59] याद कर लीजिए। वो पूछेगा थर्ड पे क्या आता

[47:01] है? फोर्थ पे क्या आता है?

[47:04] जिन लोगों को सेफ्टी सिक्योरिटी खाने के

[47:07] बाद पीने के बाद नहाने के बाद अब मिलनी

[47:10] चाहिए सेफ्टी एंड सिक्योरिटी। एक अच्छा

[47:13] एनवायरमेंट है ना एक अच्छा एनवायरमेंट जो

[47:16] होता है वो चीज। अब वो चीज क्या है भैया?

[47:20] वो चीज यह है। एक अच्छा एनवायरमेंट का

[47:22] होना।

[47:24] एक अच्छा एनवायरमेंट का होना। यह आपको

[47:27] देखने को मिलता है। सेफ्टी एंड

[47:29] सिक्योरिटी। सेफ्टी एंड सिक्योरिटी के बाद

[47:31] आता है लव एंड बिलोंगिंग।

[47:34] लव एंड बिलॉन्गिंग का मतलब क्या होता है?

[47:37] अब आपको लोग चाहेंगे, आपसे प्यार करेंगे।

[47:40] यह लव एंड बिलोंगिंग होता है। फिर उसके

[47:43] बाद थर्ड के बाद आता है सेल्फ एस्टीम।

[47:48] इज्जत का होना कि अब आपके समाज में इज्जत

[47:51] भी हो। और लास्ट होता है सेल्फ

[47:53] एक्चुअलाइजेशन कि एक व्यक्ति अपने आप को

[47:56] फील करें मैंने क्या-क्या हासिल कर लिया

[47:59] है। मैं कहां तक हो गया हूं। है ना? तो

[48:03] क्या-क्या हासिल कर लिया है और कहां तक

[48:06] पहुंच चुका हूं। इसको क्या कहा जाता है?

[48:09] इसको कहा जाता है मैस्लोयारकी।

[48:13] बेटा यह मैस्लोकी आप सभी के माइंड में छाप

[48:16] लो क्योंकि एक भी ऐसा पॉइंट नहीं होता है

[48:20] जो आपको कभी भी वेस्ट जाएगा। यह पढ़ाई के

[48:23] पॉइंट कहीं ना कहीं मदद दे जाएंगे।

[48:26] फिजियोलॉजिकल नीड, सेफ्टी एंड सिक्योरिटी,

[48:30] लव एंड बिलोंगिंग, सेल्फ एस्टीम, सेल्फ

[48:33] एक्चुअलाइजेशन यह अब्राहम मैस्लो ने किया

[48:36] था। ठीक है? बात समझ में आ रही है? अब आइए

[48:40] आगे की तरफ बढ़ते हैं। आगे की तरफ बढ़ते

[48:43] हैं। मैं आपको समझा रहा था पहला डल्यूजन

[48:47] ऑफ गिल्ड डल्यूजन ऑफ पैरानॉइड डल्यूजन। अब

[48:50] तीसरा बता रहा हूं। है ना? तीसरा बता रहा

[48:53] हूं जिसको कहा जाता है डल्यूजन ऑफ

[48:56] ग्रैंडसिटी।

[48:59] ठीक है? डल्यूजन ऑफ ग्रैंडसिटी या इसको हम

[49:02] ऐसे भी कहते हैं। ये नाम याद करो पहले तो

[49:05] एक्सपेंसिव डल्यूजन।

[49:08] एक्सपेंसिव डल्यूजन। यह महंगा डल्यूजन है।

[49:11] महंगा डल्यूजन और जिसमें होता है वह महंगा

[49:14] आदमी बन जाता है। महंगा डल्यूजन मतलब

[49:17] एक्सपेंसिव डल्यूजन।

[49:19] पेशेंट बोल रहा है मेरे पास बहुत सारी

[49:22] गाड़ी है। बहुत सारा पैसा है। तू मेरी

[49:24] छुट्टी करवा दे यहां से। मैं मैं जब यहां

[49:27] से बाहर जाऊंगा तो मैं तुझे बहुत पैसा

[49:29] दूंगा, यह दूंगा, वह दूंगा। जब आपने उसके

[49:32] घर पे आज जाकर के देखा वह खुद कुछ नहीं

[49:34] था। कुछ भी नहीं था। ₹1 भी नहीं था उसकी

[49:37] जेब में। ना पावर थी ना कुछ था। यहां

[49:39] समझिएगा एक्सपेंसिव डल्यूजन मेनिया वालों

[49:43] में देखने को मिलता है।

[49:46] मेनिया पेशेंट्स में ये जो मेनिया वाले

[49:49] होंगे ना बड़ी-बड़ी ऊंची-ऊंची बातें

[49:50] करेंगे। बड़ी-बड़ी फैकोलॉजी करेंगे। तो

[49:53] अपने आप को अंबानी जी से कम नहीं समझेंगे।

[49:55] बहुत पैसे वाला समझेंगे। बट रियलिटी में

[49:58] क्या है? क्योंकि ये इनका फॉल्स फिक्स्ड

[50:00] बिलीफ था। मन में गलत बात बैठी हुई थी। तो

[50:03] यहां याद रखिएगा

[50:06] ग्रैंडसिटी डल्यूशन ऑफ ग्रैंडसिटी

[50:11] पेशेंट फील

[50:14] वेरी रिच

[50:17] एंड पावरफुल। अपने आप को बड़ा रिच और

[50:20] पावरफुल समझता है। बट रियलिटी में ऐसा

[50:23] नहीं होता। इसको कहा जाता है क्या कहते

[50:27] हैं भैया? इसको क्या कहा जाता है?

[50:29] एक्सपेंसिव डल्यूजन कहा जाता है। चलिए दो

[50:32] डल्यूजन हो गए। आगे की तरफ बढ़ते हैं।

[50:35] यहां पर एक बात बोली जा रही है।

[50:39] अ कैरेक्टरिस्टिक ऑफ इनफेंट एंड यंग

[50:41] चिल्ड्रन हु हैव एक्सपीरियंस मैटरनल

[50:44] डेप्रिवेशन इज़

[50:47] यहां पर यह बात कही जा रही है कि एक

[50:49] इनफेंट और एक यंग चिल्ड्रन जिसको मैटरनल

[50:51] डेप्रिवेशन देखने को मिला उसमें आप क्या

[50:54] चीज देखेंगे? टेंडेंसी टुवर्ड्स ओवर

[50:57] ईटिंग। बी होता है रिस्पांसिवनेस टू

[51:00] स्टिमुलाई। सी होता है प्रोनेस टू इलनेस

[51:02] एंड डी होता है एक्सट्रीम एक्टिविटी।

[51:06] यहां एक बात कही जा रही है। एक व्यक्ति एक

[51:08] बच्चा वो बच्चा है जिसको बहुत ज्यादा

[51:13] बहुत ज्यादा परेशानी मां-बाप से मां से

[51:16] दूर होना मिला और

[51:19] ऐसा बच्चा ज्यादातर किन चीजों से ग्रसित

[51:23] होगा

[51:26] जो देखिएगा जो बच्चा अपनी मां से दूर हो

[51:30] गया वो बच्चे के अंदर आपको क्या देखने को

[51:34] मिलेगा देखने को मिलेगा बीमारियां

[51:39] यहां पर क्या देखने को मिलेगा? प्रोननेस

[51:42] टू इलनेस।

[51:44] यानी कि यहां पर क्या है? ऐसा बच्चा जो

[51:47] अपनी मां से दूर हुआ मैटरनल डेप्रवेशन हुआ

[51:51] वो मेंटली अनस्टेबल सा रहेगा। कमजोर

[51:54] पड़ेगा। और जो चीज आज आप और हम लोग हैं,

[51:58] हम लोगों में अगर विल पावर स्ट्रांग है,

[52:02] हम हर बीमारी से लड़ लेते हैं। बिस्मा ने

[52:04] सबसे पहले जवाब दिया सबसे पहला देखिए

[52:07] मेंटली, हेल्दी और अनहेल्ी में क्या अंतर

[52:10] होता है? मेंटली हेल्दी

[52:13] और अनहेल्ी। आप लोगों के लिए भी बता रहा

[52:16] हूं मैं। अगर आप अपने आप को बहुत हेल्दी

[52:20] मानते हैं। और कई लोग हैं अनहेल्ी हैं।

[52:22] क्या अंतर है? वो है कॉन्फिडेंस का होना।

[52:26] अगर आप लोग के अंदर कॉन्फिडेंस है, आप लोग

[52:30] बहुत अच्छे से हेल्दी हैं।

[52:33] कॉन्फिडेंस वाले खुद को अच्छा मानते हैं।

[52:37] कॉन्फिडेंस वाले दूसरों के लिए भला करते

[52:40] हैं। मेंटली हेल्दी व्यक्ति अपनी ग्रोथ के

[52:43] ऊपर काम करता है। अब अनहेल्ी व्यक्ति कौन

[52:47] होगा? सुबह उठते ही रोजना रोना। सबसे पहला

[52:51] मैं क्यों पैदा हुआ? मैं अब क्या करूंगा?

[52:54] यह मेंटली अनहेल्ी व्यक्ति है। मेंटली

[52:56] अनहेल्ी व्यक्ति प्रॉब्लम को सॉल्व नहीं

[52:59] करता है। कैपेबिलिटीज नहीं होती है। तो ये

[53:02] याद रखिएगा ये वो व्यक्ति है। तो सबसे

[53:05] बड़ा एक सिचुएशन को डील करना वो

[53:10] कॉन्फिडेंस होता है। क्या होता है?

[53:13] कॉन्फिडेंस होता है। चलिए अगला क्वेश्चन

[53:16] आपको। अगली चीज एक और डील करवाता हूं।

[53:19] अगली चीज मैं आपको डील करवा रहा हूं। फंडा

[53:22] की है। फंडा का एक और प्रायोरिटी का

[53:24] क्वेश्चन है। प्रायोरिटी की बात है। किसी

[53:28] हॉस्पिटल में आग लग जाए। प्रोटोकॉल फॉर

[53:32] फायर। प्रोटोकॉल

[53:35] फॉर फायर। आग लग जाए तो आप सबसे पहले काम

[53:40] क्या करेंगे? अलार्म बजाएंगे।

[53:43] बी कनफाइन करेंगे।

[53:47] सी एक्सटिंग्विश करेंगे।

[53:51] डी रेज करेंगे।

[53:55] क्या करने वाले? अब आपसे बोला जा रहा है

[53:57] प्रोटोकॉल फॉर यहां पर आपसे अगर पूछा जा

[54:00] रहा है प्रोटोकॉल फॉर फायर। फायर के लिए

[54:03] क्या प्रोटोकॉल फॉलो होता है?

[54:09] एग्जीक्यूट द पेशेंट क्या होता है?

[54:15] यहां पर आपको रेस्क्यू द पेशेंट। यहां

[54:18] बच्चे बोल रहे हैं रेस्क्यू सी डी सी डी

[54:20] सी डी अब बस इस क्वेश्चन के माध्यम से

[54:24] आपको कुछ एक बात समझानी है।

[54:29] समझते चलिएगा।

[54:36] चलिए

[54:38] देखो अब मैं इस क्वेश्चन के माध्यम से

[54:40] आपको एक बात यह समझाना चाह रहा हूं। कभी

[54:43] भी कोई क्वेश्चन के अंदर एक प्रोसीजर दिया

[54:47] जाए और बाकी के उस प्रोसीजर के पार्ट्स

[54:51] हैं।

[54:55] ठीक है? पार्ट्स हैं। ऑलवेज उस प्रोसीजर

[54:57] को टिक करके आना।

[55:00] बात समझ में आ रही है? यहां पर क्या

[55:03] कांसेप्ट दिया जा रहा है कि आपको अगर कहा

[55:06] जाए कि ये प्रोसीजर दे दिया। यह प्रोसीजर

[55:09] है और यह इसके पार्ट्स हैं। तो, आपको क्या

[55:12] करना पड़ेगा? इसके ऊपर टिक करके आना

[55:15] पड़ेगा। यहां बोला गया आग को बुझाना है।

[55:18] क्या काम करोगे? तो आपको करना है डी काम

[55:21] करना है। क्यों करना है? मान लीजिए मैं

[55:24] घंटी के ऊपर टिक कर देता हूं। सिर्फ घंटी

[55:26] बजाऊंगा। इसका मतलब है मैं घंटी बजाऊंगा।

[55:28] पेशेंट मर रहे हैं, जी रहे हैं मुझे। उससे

[55:30] मतलब है घंटी बजाऊंगा भैया। तो मैं वहां

[55:33] पे फेल हो जाऊंगा।

[55:35] यहां पर मैं सिर्फ आग को इकट्ठा कर दूंगा।

[55:38] फैले नहीं तो मैं सिर्फ यह काम थोड़ी

[55:41] करूंगा।

[55:42] मैं आग को बुझाऊंगा।

[55:45] अब आग फैल रही है। सिलेंडरों में आग लग

[55:48] रही है। धमाके पे धमाके हो रहे हैं। और

[55:49] मैं बोल रहा हूं मैं आग को बुझाऊंगा। मैं

[55:52] आग को बुझाने गया और मैं बुझ गया। तो यह

[55:55] क्या कहलाएगा? एक्सटिंग्विश हम नहीं कर

[55:57] सकते। अभी हमें प्रोटोकॉल यह टिक करके आना

[56:01] है। इस क्वेश्चन से मैं यह समझाना चाहता

[56:03] हूं। कोई प्रोसीजर दे दे और उसके पार्ट्स

[56:06] दे दे तो प्रोसीजर पर टिक करके आना। बात

[56:09] समझ में आ गई? तो फायर का प्रोटोकॉल फायर

[56:14] का प्रोटोकॉल याद रखिएगा क्या होता है?

[56:17] फायर का प्रोटोकॉल है रेस आर ए सीई।

[56:22] देखो सबसे पहले होता है रेस्क्यू। दूसरा

[56:26] होता है अलार्म।

[56:29] सी का मतलब होता है कनंफाइन।

[56:32] और ई का मतलब होता है एक्सिनश

[56:36] [संगीत]

[56:37] दी फायर।

[56:39] आग को बुझाना एक्सटिंग्विश द फायर। अब

[56:42] बेटा यहां पर मैं आपको एक पॉइंट समझाता

[56:44] हूं।

[56:46] यहां पर मैं अब आपको एक पॉइंट समझाता हूं।

[56:49] जब भी कहीं पेशेंट कंसर्न हो, पेशेंट की

[56:52] बात को पेशेंट सेफ्टी सबसे पहला नर्स का

[56:55] काम होता है। इस पॉइंट को याद कर लो।

[56:59] किसी क्वेश्चन में पेशेंट की सेफ्टी से

[57:02] रिलेटेड आ जाए उसको बचा करके आना बताना

[57:05] बचाना पेशेंट की सेफ्टी जैसे कि यहां पर

[57:09] बोला जा रहा है रेस्क्यू करेंगे अलार्म

[57:11] कनंफाइन इसका मतलब होता है पेशेंट को

[57:13] बचाएंगे जान बचाएंगे अलार्म बजाएंगे आग को

[57:18] इकट्ठा करेंगे एक पर्टिकुलर जगह पे और आग

[57:22] को बुझा दिया जाएगा तो आपसे कहा जाए

[57:26] पेशेंट सेफ्टी सबसे पहली चीज

[57:30] होती है। तो फंडा का दूसरा प्रायोरिटी का

[57:34] क्वेश्चन में आपको याद रखना है रेस्क्यू

[57:37] कैसे किया जाएगा? रेज कैसे किया जाएगा?

[57:43] चलिए अब आगे की बात सुनिएगा।

[57:46] यहां तक हमने डल्यूज पढ़ रहे थे और टाइप

[57:49] नेक्स्ट टाइप के ऊपर डल्यूजन के चलता हूं।

[57:52] एक व्यक्ति

[57:54] एक व्यक्ति बोल रहा है मुझे एक हायर पर्सन

[57:59] चाहता है। ऐसे व्यक्ति को हम क्या कहते

[58:02] हैं?

[58:04] यह पेशेंट मुझे बोल रहा है कोई हायर पर्सन

[58:08] हायर पर्सन इसको चाहता है।

[58:13] तो इस व्यक्ति को कौन सी बीमारी कौन सा

[58:16] डल्यूजन हुआ है?

[58:20] यहां पर क्या बोला जा रहा है? यह व्यक्ति

[58:22] बोल रहा है मुझे बड़ा आदमी कोई जाता है

[58:25] चाहता है तो ये इस व्यक्ति को कौन सी

[58:28] प्रॉब्लम हुई है? एक बच्चे ने बोला

[58:31] एक्स्ट्रोमेनिया नहीं भैया

[58:37] डल्यूजन ऑफ ग्रैंडसिटी नहीं

[58:41] इस चीज को याद कर लो। इरोटोमैनिक डल्यूजन

[58:44] कहा जाता है। कौन सा डल्यूजन कहा जाता है?

[58:47] जो ग्रैंडसिटी वाला कह रहे हो ना वो नहीं

[58:49] होगा। इरोटो

[58:52] मैनिक डल्यूजन कहा जाता है।

[58:59] इरोटोमैनिक डल्यूजन का मतलब क्या होता है?

[59:02] एक पर्सन को ऐसा लग रहा है कोई हायर

[59:06] स्टेटस का पर्सन उसको चाहता है। एक

[59:09] व्यक्ति को ऐसा लगने लगा। पेशेंट थिंक्स

[59:12] दैट

[59:14] थिंक्स दैट अ

[59:17] हायर पर्सन हायर

[59:20] लेवल पर्सन

[59:24] हायर लेवल पर्सन

[59:26] लाइक हिम ये हायर लेवल का पर्सन इसको

[59:32] चाहता है यह नहीं चाहता है यह चाहता है

[59:35] इसको क्या कहा जाता है इसको कहा जाता है

[59:37] इरोटोमेनिक

[59:39] ग्रैंड सिटी में तो अपने आप को शक्तिशाली,

[59:42] पावरफुल यह सब मानता है। बट यहां पर अब जब

[59:45] कहा जाए यह व्यक्ति को ऐसा लग रहा है हायर

[59:48] पर्सन इसको चाहता है इरोटोमैनिक कहिएगा।

[59:51] ठीक है? अगली बात पे आते हैं। अगला तरीके

[59:55] का डल्यूजन होता है जिस डल्यूजन को कहा

[59:58] जाता है शेयरर्ड डल्यूजन।

[01:00:04] यह बेसिक बेसिक बेसिक बेसिक बेसिक याद

[01:00:07] करते चलो। यह टर्म्स याद करते चलो।

[01:00:10] ठीक है? बेसिक टर्म्स याद करते चलो। चलिए।

[01:00:13] अब मैंने बोला शेयरर्ड डल्यूजन क्या होता

[01:00:16] है? शेयरर्ड डल्यूजन होता है एक नर्सिंग

[01:00:20] स्टाफ। मान लीजिए सुमित कुमार।

[01:00:23] सुमित कुमार क्या कर रहे हैं? सुमित कुमार

[01:00:27] बोल रहे हैं कि सर मुझे यहां पर छत के ऊपर

[01:00:31] आवाें आती है।

[01:00:34] सुमित कुमार ने क्या बोला? सर मैं जहां

[01:00:37] रहता हूं जिस हॉस्टल में रहता हूं वहां

[01:00:39] मुझे छत के ऊपर आवाें आती है। फिर वहां से

[01:00:41] दौड़ती हुई निकिता आई और निकिता बोली यस

[01:00:44] सर यस सर आती है आती है। धनेश्वरी भी आई

[01:00:48] वो भी बोली मैं भी हां सर मैंने भी सुना

[01:00:50] है आती है आती है। नेहा भी बोली आती है

[01:00:53] आती है। अंकिता भी बोली आती है आती है। तो

[01:00:56] मेरे प्यारों

[01:00:58] एक व्यक्ति जिसको डल्यूजन हुआ है और वैसा

[01:01:02] ही डल्यूजन बाकी भी निकालने लग जाए बताने

[01:01:05] लग जाए इसको कहते हैं शेयर डल्यूजन।

[01:01:09] शेयरर्ड डल्यूजन क्या होता है? अ डल्यूजन

[01:01:13] ऑफ अ वन पर्सन

[01:01:17] अ डल्यूजन ऑफ ऑफ वन पर्सन

[01:01:23] इज शेयरर्ड बाय अदर्स इज शेयरर्ड बाय

[01:01:27] अदर्स

[01:01:28] एक व्यक्ति का डल्यूजन

[01:01:32] सब शेयर कर रहे हैं। इसको क्या कहा जाता

[01:01:36] है? शेयर्ड डल्यूजन कहा जाता है। इसको

[01:01:39] पॉलीड्यूक्स भी नाम से जा रहा है। तो यह

[01:01:41] पॉलीड्यूक्स आ जाए तो उसमें कंफ्यूज मत

[01:01:44] होइएगा। ये क्या हो गया भाई? पॉलीड्यूक्स।

[01:01:49] पॉलीड्यूक्स का मतलब भी यही है कि एक

[01:01:53] व्यक्ति को ऐसा लगे। अरे ये क्या हो रहा

[01:01:55] है?

[01:01:57] ठीक है। चलिए बात समझ में आ गई? जैसे कि

[01:02:01] एक व्यक्ति है। मान लीजिए। चलिए अभी तो यह

[01:02:04] बात समझ में आ गई। आगे बढ़ते हैं। फॉलिया

[01:02:06] डिप्स के आगे क्वेश्चन लेते हैं। क्वेश्चन

[01:02:10] को करते हैं।

[01:02:13] क्वेश्चन है बेटा आपके सामने आ रहा है।

[01:02:17] फॉलोइंग आर द कॉजेस ऑफ़ बिहेवियरल प्रॉब्लम

[01:02:20] अमंग चिल्ड्रन एक्सेप्ट। इनमें से सारी की

[01:02:23] सारी बिहेवियरल प्रॉब्लम हो सकती है

[01:02:26] चिल्ड्रन में एक्सेप्ट के साथ।

[01:02:30] पैरेंट्रल फैक्टर्स, बी सोशल रिलेशनशिप,

[01:02:33] सी फैमिली एनवायरमेंट एंड डी है फिजिकल

[01:02:36] हेल्थ।

[01:02:38] यहां पर आपसे क्या बोला जा रहा है? बोला

[01:02:41] जा रहा है सारी की देखो क्वेश्चन को ऐसे

[01:02:44] रीड किया करो। पहले दो बार रीड अब सारी की

[01:02:47] सारी कॉजेज़ है। बिहेवल की प्रॉब्लम बच्चे

[01:02:50] में बच्चा बिगड़ चुका है। हाथ से निकल चुका

[01:02:53] है। बट इनमें से कौन सी बिहेवल प्रॉब्लम

[01:02:57] नहीं होगी? पैरेंटल फैक्टर, सोशल रिलेशन,

[01:03:01] फैमिली एनवायरमेंट, फिजिकल हेल्थ, इनमें

[01:03:04] से कौन सी वाली नहीं होगी? अब आपसे बोल

[01:03:08] दिया इतना सा। अब आपको जवाब देना है थोड़ा

[01:03:12] सा।

[01:03:17] तो जवाब दीजिए। आपसे क्या कहा जा रहा है?

[01:03:20] इनमें से फॉलोइंग जो है वो फैमिली

[01:03:24] प्रॉब्लम हो सकती है या बिहेवरल प्रॉब्लम?

[01:03:27] देखो अब मेरी बात सुनना। यहां पर

[01:03:31] टाइमर चालू किया था। अभी मैं असलियत

[01:03:33] दिखाता हूं। अगर साइकेट्री को कोई हल्के

[01:03:35] में लेके चल रहा है तो असलियत दिखाते हैं।

[01:03:37] अभी व्हिच आर दी फॉलोइंग बिहेवल प्रॉब्लम?

[01:03:40] बिहेवियर कहां से डेवलप होता है? माइंड

[01:03:42] से। यानी कि यह मेंटल प्रॉब्लम्स की बात

[01:03:46] कर रहा है। सीधी सी बात है। बिहेवल

[01:03:49] प्रॉब्लम मेंटल प्रॉब्लम होती है।

[01:03:51] एक्सेप्ट पैरेंटल फैक्टर हां बच्चों का

[01:03:54] मां-बाप अगर ध्यान नहीं देंगे बच्चे के

[01:03:57] अंदर बिहेवल प्रॉब्लम आती है। 100%

[01:04:00] बिगड़ता है बच्चा।

[01:04:02] बच्चों को तुम खेलने कूदने नहीं दोगे।

[01:04:06] बाहर जाने नहीं दोगे। बिगड़ेगा बच्चा

[01:04:09] बिहेवरल प्रॉब्लम। बच्चे का फैमिली

[01:04:12] एनवायरमेंट में लड़ाई झगड़े होते हैं। रोज

[01:04:15] सुबह शाम लड़ाई झगड़े होते हैं। बिगड़ेगा

[01:04:18] बच्चा बिहेवल प्रॉब्लम। फिजिकल हेल्थ अरे

[01:04:21] फिजिकल हेल्थ से बिहेवल प्रॉब्लम कैसे हो

[01:04:24] जाएगी?

[01:04:28] ये सारी चीजें मेंटल डेप्रिवेशन कॉज कर

[01:04:32] रहा है। मेंटली डेप्रिवेट कर रहा है

[01:04:34] पेशेंट को। इसलिए वो बिहेवियरल बिगड़ रहा

[01:04:37] है या फिजिकल हेल्थ से पेशेंट की फिजिकल

[01:04:41] हेल्थ से बिहेवियर नहीं बिगड़ता है। आज आप

[01:04:44] अपने बच्चे को खिलाओगे पिलाओगे तो वो

[01:04:47] बिगड़ेगा नहीं।

[01:04:49] उसकी सेहत ही बनेगी। अब देखना असलियत अभी

[01:04:53] दिखाते हैं। अगर साइकेट्री को कोई हल्के

[01:04:55] में ले रहा है तो क्या जाता है। यह आपके

[01:04:58] सामने पोल है। आपको थोड़ा सा डिटेल में

[01:05:01] बड़ा करके दिखाता हूं।

[01:05:05] 88% बच्चों ने गलत जवाब दिया है और डी है

[01:05:09] 11.5% बच्चों ने बहुत ज्यादा सही जवाब

[01:05:12] दिया है। सुमित कुमार ने 16% 16 सेकंड में

[01:05:16] जवाब दिया है। इसका आंसर डी होगा।

[01:05:19] साइकेट्री आपको अगर लगता है ना बहुत ईजी

[01:05:21] है और बाकी के सब्जेक्ट आपको लगता है बहुत

[01:05:24] ऐसे है वैसे है। तो भाई साइकेट्री के

[01:05:27] क्वेश्चंस करके देखिएगा समझ में आएगा। यह

[01:05:30] एक लाइन वाले क्वेश्चन दिए हैं। जब तीन

[01:05:33] लाइन वाले आएंगे तो कंफ्यूजन हो जाएगा।

[01:05:36] इसलिए जैसाजैसा मैं पढ़ा रहा हूं वैसा वैसा

[01:05:40] याद करें।

[01:05:43] ठीक है?

[01:05:44] मैं तुम्हें एक कांसेप्ट सिखाता हूं। अभी

[01:05:47] तक तो जो कर दिया कर दिया।

[01:05:50] मैं एक कांसेप्ट समझा रहा हूं। पेपर के

[01:05:54] अंदर क्वेश्चन आए ना इस क्वेश्चन को रीड

[01:05:57] ट्वाइस। दो बार पढ़ना है।

[01:06:02] पहली चीज यह ट्रिक मैं बता रहा हूं। ठीक

[01:06:05] है?

[01:06:07] यहां पर आपसे बोला जा रहा है पेशेंट को या

[01:06:10] फिर जो भी सवाल आए उसको दो बार पढ़ना।

[01:06:15] ट्वाइस पढ़ा। ट्वाइस पढ़ने के बाद अभी तक

[01:06:19] की हमारी गलती क्या होती है? मैं आपको

[01:06:21] पहले गलती समझा देता हूं। क्वेश्चन पढ़ा

[01:06:23] आंसर देगा। ये ये सबसे अच्छा ये लगा।

[01:06:27] इसमें अच्छा लगने का कोई कांसेप्ट ही नहीं

[01:06:30] है। जिंदगी की बात है। जिंदगी बर्बाद हो

[01:06:32] जाती है।

[01:06:33] हमारा कांसेप्ट क्या होता है? इसको समझना।

[01:06:37] आपने एक बार या तो ये मानो आपने पढ़ाई की

[01:06:40] है। अगर आपने 50% ही पढ़ाई की तो 50% ही

[01:06:43] तो टॉपिक समझ में आएगा। आंसर दे पाओगे।

[01:06:46] 100% की है आपने तब 80% क्वेश्चन डील करते

[01:06:50] हैं। क्वेश्चन को पढ़ना दो बार।

[01:06:54] जब दो बार आप पढ़ लें तो उसके बाद इस

[01:06:58] क्वेश्चन का आंसर मेमोरी में सोचना। क्या

[01:07:02] आंसर होगा?

[01:07:04] मेमोरी में सोचना है क्या आंसर होगा?

[01:07:08] ठीक है? मेमोरी में सोचा क्या आंसर होगा?

[01:07:11] फिर मेमोरी में सोचने के बाद स्टार्ट करना

[01:07:16] परसेप्शन ढूंढना कि वो आंसर यहां कहीं इन

[01:07:20] ऑप्शंस में है क्या?

[01:07:22] परसेप्शन करना चालू किया। जब परसेप्शन

[01:07:25] किया तो आपको लगा वह तो नहीं है। इससे

[01:07:28] मिलता हुआ यह बी ऑप्शन में है। अब जाकर के

[01:07:32] टिक करके आना।

[01:07:35] ये लो साहब टिक कर दिया।

[01:07:38] अब वो वो मत करना। वो गलती मत करना।

[01:07:41] क्वेश्चन बड़ा ढूंढा और नीचे जाके अच्छा

[01:07:43] लगा। अच्छा लगा तो यह तो दिमाग हमारे साथ

[01:07:46] खेल करता है। जब हम परेशानी में होते हैं

[01:07:49] तो दिमाग गलत रास्ते को भी सही बोल देता

[01:07:51] है। अरे सही है निकल निकल निकल निकल निकल

[01:07:56] है ना निकल निकल ये दिमाग करता रहता है।

[01:07:58] तो ये बात याद रखिएगा कि हमें भावनाओं में

[01:08:02] नहीं बहना है। आपको बड़े सुकून से करना

[01:08:05] है। बेटा रोशन बार-बार एक मैसेज मत करो।

[01:08:09] बैच अपग्रेड नहीं हो रहा है। वो आप उस पे

[01:08:11] जाइए। ऐप के ऊपर जाइए। क्लास में ये चीज

[01:08:14] ना करें। बार-बार ये चीज ना करें। ठीक है?

[01:08:16] रोशन ऋितिक रोशन जी प्लीज ये बातें ना

[01:08:19] करें। ऋतिक रोशन जी

[01:08:23] देखो रोशन हमें एक चीज सिखा रहा है। रोशन

[01:08:26] हमें क्या चीज सिखा रहा है? यदि कोई बच्चा

[01:08:30] बार-बार एक जैसी हरकत करे। उसको साइकेट्री

[01:08:35] में क्या कहते हैं? अभी नहीं।

[01:08:38] रिपीिटेटिव एक्टिविटी का होना। रिपीटेटिव

[01:08:42] एक्टिविटी।

[01:08:44] एक बच्चा बार-बार एक जैसी एक्टिविटी यानी

[01:08:48] कि याद रखिएगा मोटर रिस्पांस एक जैसी हरकत

[01:08:50] कर रहा है। बैच अपग्रेड नहीं हो रहा है।

[01:08:53] बैच अपग्रेड नहीं हो रहा है। बैच अपग्रेड

[01:08:56] नहीं हो रहा है। बैच अपग्रेड नहीं हो रहा

[01:08:58] है। अरे भाई थोड़ा सबर तो कर।

[01:09:02] बैच अपग्रेड नहीं हो रहा है। अपग्रेड नहीं

[01:09:05] हो रहा है। हां, मुझे पता है बैचेस अच्छे

[01:09:08] हैं। बट ऐसा मत कर कि बैच अपग्रेड नहीं हो

[01:09:10] रहा है। जब रिपीिटेटिव एक्टिविटी हो इसको

[01:09:14] ओसीडी ओसीडी नहीं कहते हैं। ये मोटर

[01:09:18] रिस्पांस का बार-बार चलना बैच बैच बैच के

[01:09:22] बैच नहीं हो रहा है। ऑक्सीजन की कमी हो

[01:09:24] रही है। बैच अपग्रेड नहीं हो रहा है। इसको

[01:09:26] कहते हैं

[01:09:29] इकोप्रेक्सिया।

[01:09:31] इकोप्रेक्सिया।

[01:09:32] इको प्रक्सिया। याद कर लो। इकोप्रेक्सिया

[01:09:37] का मतलब क्या होता है? रिपीटेशन ऑफ एक्शन।

[01:09:44] एक ही तरीके के एक्शन को बार-बार करते

[01:09:47] रहना। बैच अपग्रेड। बैज अपग्रेड नहीं हो

[01:09:49] रहा है सर। अब क्या किया जाए? जिंदगी तबाह

[01:09:52] हो रही है। ब्रह्मांड खत्म होने वाला है।

[01:09:55] अबे मेरी बात सुनो। उसको कहते हैं

[01:09:57] इकोप्रेक्सिया।

[01:09:59] बैज अपग्रेड नहीं हो रहा है। तो ये क्या

[01:10:02] कहला रहा है रोशन? इसको इकोप्रेक्सिया कहा

[01:10:06] जाता है।

[01:10:10] इकोफ्रेक्सिया कहा जाता है। और दूसरी बात

[01:10:13] सुनिएगा। इकोफ्रेक्सिया के बाद एक और आता

[01:10:17] है इकोलेलिया। इकोलेलिया। ई को ले लिया।

[01:10:20] क्या होता है? रिपीटेशन होना। रिपीटेशन ऑफ

[01:10:24] वर्ड्स। शब्दों का रिपीट होना। शब्दों का

[01:10:27] रिपीट कैसे होना? मैं गया। मैं कोई जगह से

[01:10:30] गुजर रहा था असाइलम की तरफ से। वहां पर

[01:10:32] मुझे मेरा एक स्टूडेंट प्यारा सा स्टूडेंट

[01:10:34] मिला रोशन। रोशन बोल रहा है सर सर बैच

[01:10:40] बैच। दूसरा मैं दोबारा मैं गुजरा बैच बैच।

[01:10:44] दोबारा तबारा मैं गुजरा बैच बैच। खाना खा

[01:10:48] रहा हूं मैं तो पास में आकर बोल रहा है

[01:10:50] बैच बैच

[01:10:52] ठीक है क्लास ले रहा हूं मैं तो वहां पर

[01:10:54] बोल रहा है बैच बैच तो जब यह व्यक्ति अगर

[01:10:59] बार-बार बैच बैच बैच बैच बैच बोलता रहे

[01:11:03] इकोलेलिया कहा जाता है

[01:11:08] क्या कहा जाता है इकोलेलिया कहा जाता है

[01:11:11] तो इकोलेलिया का मतलब क्या होता है

[01:11:13] रिपीटेशन ऑफ वर्ड्स इकोप्रेक्सिया का मतलब

[01:11:17] मतलब क्या होता है? रिपीटेशन ऑफ़ एक्शन। और

[01:11:20] याद रखिएगा अब मैंने यह कांसेप्ट रोशन को

[01:11:24] समझाया और रोशन को एक फर्म स्टेटमेंट से

[01:11:28] समझाया। इसी को साइकोथरेपी का एक

[01:11:32] साइकोथरेपी कहा जाता है जिसको कहते हैं

[01:11:35] सजेशन मेथड।

[01:11:38] सजेशन

[01:11:41] टेक्निक। सजेशन टेक्निक क्या होती

[01:11:44] सजेशन टेक्निक। सजेशन टेक्निक क्या होती

[01:11:44] है? पॉजिटिव फर्म स्टेटमेंट दे दे के दे

[01:11:48] दे के दे दे के सुधार देना

[01:11:54] है ना ठीक है चलिएगा तो मेरे अच्छे

[01:11:58] स्टूडेंट हैं मेरे बहुत अच्छे स्टूडेंट

[01:12:00] हैं सभी स्टूडेंट हैं देखिए बुरा मत

[01:12:02] मानिएगा मेरी बातों का आप लोग मेरे दिल के

[01:12:06] बहुत करीब हो ठीक है ये सजेशन मेथड जो

[01:12:10] होता है सजेशन मेथड से क्या होता है फर्म

[01:12:12] स्टेटमेंट देख के उनको सुधार दिया जाता

[01:12:14] देख सुधर जा वरना बैच का रिन्यूल हो जाएगा

[01:12:19] तेरा तो ये

[01:12:21] चलिएगा तो आगे की बात करते हैं देखो एक का

[01:12:24] भी तो क्या होता है एक बार मैसेज कर दिया

[01:12:27] ठीक है दो बार कर दिया ठीक है भाई बहुत

[01:12:31] अच्छी बात तीन बार कर दिया ठीक है अब ऐसा

[01:12:34] तो होगा नहीं मैं क्लास बंद करके पहले

[01:12:37] जाऊंगा और पहले रोशन का बैच अपडेट कर देता

[01:12:40] हूं ऐसा तो नहीं होगा

[01:12:45] ठीक है? मैं जिससे प्यार करता हूं, मैं

[01:12:47] उसका नाम ले ही लेता हूं। यह याद रखिएगा।

[01:12:49] चलिएगा, तो आगे बढ़ते हैं।

[01:12:53] आगे बढ़ते हैं और आगे आ रहा है यहां पर एक

[01:12:57] व्यक्ति

[01:12:59] अ साइकेट्रिक इलनेस इज मैनिफेस्टेड बाय।

[01:13:02] एक साइकेट्रिक इलनेस को कैसे मैनिफेस्ट

[01:13:05] किया जा सकता है?

[01:13:08] एक व्यक्ति जो साइकेट्रिक इलनेस से ग्रसित

[01:13:11] है उसको कैसे मैनिफेस्ट किया जा सकता है?

[01:13:14] ए डिस्टर्बड बिहेवियर, इंपेयर्ड फंक्शन

[01:13:17] एंड पुअर फीलिंग्स। बी अनपॉपुलर बिलीफ, सी

[01:13:21] गुड कंसंट्रेशन एंड डी होता है मूड स्विंग

[01:13:24] का होना। साइकेट्रिक इलनेस इज़

[01:13:27] मैनिफेस्टेटेड बाय।

[01:13:35] क्या कहा जा रहा है? साइकेट्रिक इलनेस को

[01:13:37] हम कैसे मैनिफेस्ट कर सकते हैं? देखिए

[01:13:42] मेरे प्यारों, एक व्यक्ति जो मानसिक रूप

[01:13:45] से परेशान होता है, ग्रसित होता है, उसके

[01:13:48] अंदर हमें क्या देखने को मिलेगा?

[01:13:52] सबसे पहली बात एक जो व्यक्ति मानसिक रूप

[01:13:56] से ग्रसित होगा उसके अंदर

[01:13:59] उसका बर्ताव बिहेवियर। बिहेवियर क्या होता

[01:14:02] है? मैं मेरी बॉडी से कैसे एक्शन कर रहा

[01:14:05] हूं उसको बिहेवियर कहा जाएगा।

[01:14:09] इंपट फंक्शनिंग एंड प्रॉपर फीलिंग्स। मेरी

[01:14:13] आपस में मेरे कार्य के दौरान मेरी

[01:14:15] फंक्शनिंग बिगड़ जाना मेंटली इल पेशेंट की

[01:14:18] बिगड़ जाती है। मेरी फीलिंग्स का बिगड़

[01:14:21] जाना। एक साइकेट्रिक इलनेस वाला जो दिमाग

[01:14:25] से परेशान हो चुका है उसमें यही चीजें

[01:14:29] बिगड़ती है। सबसे पहला जवाब अनिका, तहसीन,

[01:14:34] बिस्मा, सुल्ताना, अनुष्का, दीपनीता इन

[01:14:37] बच्चों ने जवाब दिया। चलिए, इतनी बात आप

[01:14:41] लोगों ने जवाब दी। अब मैं डल्यूजंस को आगे

[01:14:45] और बढ़ाता हूं।

[01:14:48] डल्यूशन में एक डल्यूशन आता है। जिसको कहा

[01:14:52] जाता है डल्यूजन

[01:14:56] ऑफ जेलसी।

[01:15:01] भैया जेलसी एक ऐसी चीज है जो हर

[01:15:05] हर दो-तीन लोगों में से एक को मिलेगी ही

[01:15:08] मिलेगी। आज की दुनिया की सबसे बड़ी

[01:15:11] प्रॉब्लम जेलसी।

[01:15:14] डल्यूजन ऑफ जेलसी क्या होता है? इसको

[01:15:16] समझना। और यह किनके बीच में होता है यह भी

[01:15:19] समझना।

[01:15:21] डल्यूजन ऑफ जेलसी हस्बैंड और वाइफ के बीच

[01:15:24] में ही देखने को मिलेगा।

[01:15:28] हस्बैंड एंड वाइफ के बीच में देखने को

[01:15:30] मिलेगा। अब मान लीजिए हस्बैंड एंड वाइफ के

[01:15:33] बीच में देखने को मिलेगा। हस्बैंड को या

[01:15:36] वाइफ को ऐसा लग रहा है वाइफ में ज्यादा

[01:15:38] पाया जाता है। वाइफ को ऐसा लग रहा है कि

[01:15:41] जो इनके हस्बैंड है वो इनके लिए लॉयल नहीं

[01:15:47] है।

[01:15:48] वाइफ को लग रहा है हस्बैंड इनके लिए लॉयल

[01:15:51] नहीं है। ठीक है? और हस्बैंड रोज अपने खून

[01:15:58] से लिखता है एक लेटर कि भैया हम ही चाहते

[01:16:01] हैं आपको। हम जी नहीं पाते हैं। तो ये

[01:16:05] चीजें लिख रहे हैं। बट यहां पर अब लग रहा

[01:16:08] है वाइफ को कि हस्बैंड कहीं और ये लेटर

[01:16:11] पार्सल करवा रहे हैं। कूरियर करवा रहे

[01:16:14] हैं। तो अब यह याद रखिएगा डल्यूजन ऑफ

[01:16:18] जेलसी में यह जो वाइफ है, यह पागल होती जा

[01:16:22] रही हैं और इनका इंतजार हॉस्पिटल में किया

[01:16:25] जा रहा है।

[01:16:27] तो, डल्यूशन ऑफ जेलसी का मतलब क्या है? एक

[01:16:30] व्यक्ति को ऐसा लगने लग जाए कि उनका दूसरा

[01:16:33] पार्टनर उनके लिए लॉयल नहीं है। इसी को

[01:16:38] कहा जाता है डल्यूजन ऑफ जेलसी कहा जाता

[01:16:40] है।

[01:16:42] इसलिए ज्यादा जेलसी रखना

[01:16:45] है ना? ज्यादा जेलसी रखना भी गलत होता है।

[01:16:50] कभी-कभी हस्बैंड को भी लगता है वाइफ मेरे

[01:16:53] लिए लॉयल नहीं है। वाइफ बोल रही है मैं

[01:16:56] लॉयल हूं। वाइफ ये यही तो फॉल्स फिक्स्ड

[01:16:58] बिलीफ है। डल्यूजन का मतलब क्या है?

[01:17:00] समझाने से भी ना समझे। इसी को क्या किया

[01:17:04] जाता है? डल्यूजन ऑफ़ जेलसी किया जाता है।

[01:17:07] वाइफ बोल रही है हस्बैंड को मैं लॉयल हूं।

[01:17:09] मैं लॉयल हूं बट नहीं मान रहा है। तो वाइफ

[01:17:12] ने फिर क्या किया? फिर वाइफ ने इंतजाम

[01:17:14] करा। मार्केट से एक चीज मंगवाई और इंतजाम

[01:17:18] कर दिया। यह होता है साइकेट्रिक पेशेंट्स

[01:17:20] के अंदर। तो आप यहां पर समझ लीजिएगा।

[01:17:24] डल्यूजन ऑफ़ जेलसी। आगे बढ़िए और भी बातें

[01:17:27] हैं भैया।

[01:17:29] अगला है टर्म जिसको कहा गया डल्यूजन ऑफ

[01:17:33] ब्रॉडकास्टिंग।

[01:17:39] डल्यूजन ऑफ ब्रॉडकास्टिंग।

[01:17:43] क्या होता है डल्यूजन ऑफ़ ब्रॉडकास्टिंग?

[01:17:45] इसको समझिएगा।

[01:17:48] डल्यूजन ऑफ़ ब्रॉडकास्टिंग का मतलब क्या

[01:17:50] होता है? पेशेंट बैठा हुआ है। बैठा-बठा

[01:17:53] बोल रहा है। ऐसे बैठा हुआ है। आराम से खा

[01:17:56] पी रहा था। और उसमें न्यूज़ चैनल पर आवाज

[01:17:58] आ गई। एक आवाज आ गई। न्यूज़ चैनल रेडियो

[01:18:01] इनके ऊपर आवाज आई। आज होने वाली है

[01:18:05] साइकेट्री की क्लास।

[01:18:07] या फिर आज होने वाली है वर्षा।

[01:18:11] ठीक है? आज होने वाली है लड़ाई। तो अब

[01:18:15] होगा क्या? यह व्यक्ति एकदम से चौंक

[01:18:17] जाएगा। भूले ओह माय गॉड। यह तो मेरा विचार

[01:18:19] था जो टीवी पर आ गया। यानी कि इस पेशेंट

[01:18:22] को ऐसा लग रहा है कि इसके विचार निकल कर

[01:18:26] के जा रहे हैं और टीवी रेडियो पर

[01:18:28] ब्रॉडकास्ट हो रहे हैं।

[01:18:30] पेशेंट के मन में क्या है?

[01:18:33] पेशेंट थिंक कर रहा है।

[01:18:38] पेशेंट थिंक्स दैट ह थॉट्स

[01:18:44] आर एस्केपिंग

[01:18:50] ह थॉट्स आर एस्केपिंग

[01:18:52] एंड ब्रॉडकास्टिंग एंड ब्रॉडकास्टिंग

[01:18:59] ऑन टीवी रेडियो इसके थॉट निकल रहे हैं और

[01:19:03] ब्रॉडकास्ट हो रहे हैं टीवी रेडियो पे।

[01:19:05] इसको क्या कहा जाता है? इसको ये कहा जाता

[01:19:08] है कि भाई यार डल्यूजन ऑफ ब्रॉडकास्टिंग

[01:19:11] कहा जाता है।

[01:19:14] डल्यूजन ऑफ ब्रॉडकास्टिंग कहा जाता है। बट

[01:19:16] होता क्या है? ये पहले उस आवाज को सुनता

[01:19:19] है। फिर ये अपने मन में ये बात बनाता है

[01:19:22] और इसको क्या कहा जाता है? टिल्यूजन ऑफ

[01:19:24] ब्रॉडकास्टिंग कहा जाता है।

[01:19:27] सूर्यांश बोल रहे हैं मेरा कमेंट दिख रहा

[01:19:29] है क्या? सूर्यांश तुम भी दिख रहे हो।

[01:19:31] कच्छे के अंदर बैठे हुए हो। तुम भी दिख

[01:19:33] रहे हो।

[01:19:35] ठीक है? मान लीजिए एक एग्जांपल दे रहा हूं

[01:19:38] साइकेट्री का। हमें सूर्यांश दिखने लग जाए

[01:19:42] कमरे के अंदर। कच्छा पहन के बैठा हुआ है।

[01:19:46] तो आप मुझे बताएं यह कौन सा हेलसिनेशन

[01:19:51] होगा?

[01:19:55] हमें एक लड़का है सूर्यांश। वो मान लो

[01:19:57] दिखने लग जाए कमरे में। कच्छा पहन करके

[01:20:00] बैठा हुआ है। कच्छा भी फटा हुआ है। यह कौन

[01:20:03] सा डल्यूजन कहलाएगा?

[01:20:06] कौन सा डल्यूजन कहलाएगा?

[01:20:09] भैया बताइए यह हेलुसिनेशन कहलाएगा,

[01:20:12] इल्ल्यूजन कहलाएगा। वो कौन सा कहलाएगा?

[01:20:16] कौन सा कहलाएगा?

[01:20:18] विजुअल कहलाएगा। शाबाश। इसको कहते हैं

[01:20:21] विजुअल हेलुसिनेशन कहा जाता है। विजुअल

[01:20:24] हेलुसिनेशन।

[01:20:28] विजुअल एलुसिनेशन कहा जाता है। विजुअल

[01:20:30] एलुसिनेशन कहा जाएगा। विजुअल एलुसिनेशन

[01:20:33] कहा जाएगा। भाई सूर्याश किसी के पास इतना

[01:20:37] टाइम नहीं है कि पर्टिकुलर किसी को ब्लॉक

[01:20:39] करने बैठे। तुम अगर ब्लॉक होते तो अभी

[01:20:42] कहां कमेंट आ रहे होते?

[01:20:49] चलिए इतनी बात हो गई है। आगे बढ़ते हैं।

[01:20:52] कहानी को आगे पहुंचाते हैं। क्वेश्चन आ

[01:20:55] रहा है आपका।

[01:20:57] क्वेश्चन ये बड़ा एक बार मल्टीपल टाइम्स आ

[01:21:00] जाता है। मैं इसको बार-बार बताता भी हूं।

[01:21:02] मल्टीपल रेफरल्स बिटवीन साइकेट्रिस्ट एंड

[01:21:04] अदर प्रोफेशनल इज़ नोन एज एक डॉक्टर दूसरे

[01:21:08] के पास पेशेंट को भेज रहा है। दूसरा तीसरे

[01:21:09] के पास भेज रहा है। तीनों एक चौथे एक

[01:21:11] दूसरे से कमा रहे हैं। है ना? इसको क्या

[01:21:14] कहा जाता है?

[01:21:18] ओटी यादव। ठीक है। अब यहां पर बात करो।

[01:21:21] मल्टीपल रेफरल्स बिटवीन साइकेट्रिस्ट एंड

[01:21:24] अदर प्रोफेशनल इज नोन एज स्टयरिंग, बी

[01:21:26] पिंग पोंगिंग, सी गैंगिंग एंड डी टाउटिंग।

[01:21:29] क्या कहलाता है? अरे मैं अभी टाउट्स टॉट्स

[01:21:32] पढ़ाता हूं। टॉट्स भी याद कराने हैं आपको।

[01:21:34] यहां पर क्या कहा जा रहा है? पिंग

[01:21:36] पोंगिंग।

[01:21:38] पिंग पोंगिंग का मतलब क्या होता है? एक

[01:21:40] पेशेंट आ गया। वो बोल रहा है मेरे यहां पर

[01:21:42] दर्द रहता है। हमने देख लिया कुछ नहीं है।

[01:21:45] दर्द इसके यहां नहीं है। यहां नहीं है

[01:21:47] दर्द। दर्द यहां है इसके। तो मैंने देख के

[01:21:49] गैस्ट्रो वाले के पास भेज दिया। गैस्ट्रो

[01:21:51] वाले ने बोला यूरो वाले के पास जा। यूरो

[01:21:53] वाले ने बोला तू जा मेल रिप्रोडक्टिव वाले

[01:21:56] के पास। है ना? मेल रिप्रोडक्टिव वाले ने

[01:22:00] बोला तू जा गायनिक वाले के पास। वो बोला

[01:22:02] मैं तो मेल हूं। मैं गायनिक वाले के पास

[01:22:04] क्यों जाऊंगा? तो यहां पर क्या किया जा

[01:22:06] रहा है? डॉक्टर शॉपिंग करवाई जा रही है।

[01:22:08] डॉक्टर शॉपिंग क्या होती है? पिंग

[01:22:10] पोंगिंग। पिंग पोंगिंग का मतलब क्या होता

[01:22:12] है? डॉक्टर साहब एक दूसरे के पास इसको

[01:22:15] बास्केटबॉल की तरह फेंक रहे हैं। तू कैच

[01:22:17] कर, तू कैच कर, तू कैच कर। ₹-500 लेते चलो

[01:22:19] उससे। ₹-500 ले लिए और हर जो डॉक्टर है

[01:22:23] अपनी ₹10 की जांचे करवाता जा रहा है। तो

[01:22:25] यह क्या कहलाता है? यह कहलाता है पिंग

[01:22:28] पोंगिंग।

[01:22:30] है ना? पिंग पोंगिंग कहलाता है पिंग

[01:22:32] पोंगिंग। तो इसलिए ज्यादा ज्यादा अपने आप

[01:22:35] को यह ना समझे कि भैया हम बीमार हैं। हम

[01:22:38] बीमार हैं। हम बीमार हैं। ठीक है? आप

[01:22:40] बीमार नहीं हैं। आप बीमार नहीं है। अच्छा

[01:22:43] आइए आगे की तरफ बढ़ते हैं। आगे की तरफ बढ़ते

[01:22:46] हैं। फंडा में टॉर्च सीखते हैं। टॉट्स।

[01:22:51] टॉट्स का मतलब होता है गलत हरकत करना। गलत

[01:22:55] हरकत करना। इसको क्या कहते हैं? टॉर्च

[01:22:57] कहते हैं। गलत हरकत का मतलब है आप नर्सिंग

[01:23:00] स्टाफ हो। आप मारपीट कर रहे हो। आप

[01:23:02] हॉस्पिटल में जा रहे हो इलाज के लिए। आप

[01:23:04] वहां से चैन खींच रहे हो पेशेंटों की। आप

[01:23:06] जा रहे हो और आप जाकर के कुछ गलत हरकतें

[01:23:08] परफॉर्म कर रहे हो। अरे भाई टॉट का इल्जाम

[01:23:11] लग जाएगा। टॉट का मतलब होता है एनी इललीगल

[01:23:14] एक्टिविटी। कोई भी इललीगल एक्टिविटी और

[01:23:16] याद होनी चाहिए सारी इललीगल एक्टिविटी।

[01:23:19] मानिए आपके अंदर सबसे पहला इंटेंशनल टॉट

[01:23:23] के अंदर आया। आज करूंगा असॉल्ट।

[01:23:27] तो भैया असॉल्ट का मतलब समझ लीजिए। असॉल्ट

[01:23:31] का मतलब होता है पेशेंट को डराना।

[01:23:35] या तो तू उल्टा लेट जा वरना सीधा ही तेरे

[01:23:37] इंजेक्शन लगा दूंगा। यह भी बोला यह भी

[01:23:39] असॉल्ट में आएगा। सुनते चलिएगा यह मेरे

[01:23:42] बातों को। पेशेंट को बोला आपने या तो तू

[01:23:45] उल्टा लेट जा वरना मैं सीधा इंजेक्शन लगा

[01:23:48] दूंगा। इसको कहा जाता है असॉल्ट कहा जाता

[01:23:50] है। पेशेंट बोल रहा है दवाई अभी नहीं

[01:23:53] लूंगा। तो तुम बोल रहा तू अभी ही लेगा और

[01:23:56] अभी के अभी लेनी पड़ेगी नहीं तो तेरे को

[01:23:58] देख लूंगा। यह जो धमकाना होता है या

[01:24:01] बॉडीली डैमेज करना होता है। इसी को असॉल्ट

[01:24:05] कहते हैं। क्या कहते हैं? असॉल्ट का मतलब

[01:24:08] है बॉडीली डैमेज।

[01:24:13] पेशेंट को तुम लोग मार रहे हो। पेशेंट बोल

[01:24:16] रहा है मैं दवा नहीं लूंगा। मान लीजिए

[01:24:18] साइकेट्रिक पेशेंट बोला दवा नहीं लूंगा।

[01:24:20] तो तुमने उसका मुंह इधर किया थोड़ा सा और

[01:24:22] दो इधर दिए, दो इधर दिए। पेशेंट

[01:24:24] साइकेट्रिक नहीं था। पेशेंट अब सही हो गया

[01:24:26] था। स्वस्थ था तो वह केस करेगा तुम पे

[01:24:28] असॉल्ट का।

[01:24:31] फिर पुलिस वाले बोलेंगे कहां पर? कहां पर?

[01:24:42] तानिया फिरदौस पहली बात तो यह शोएब सर

[01:24:45] मुझे ब्लॉक किए। देखो भाई मेरी बात सुनो

[01:24:50] है ना मेरी बात सुनो। मैं आप लोगों को एक

[01:24:53] प्यार से बात समझा रहा हूं। मेरे पास इतना

[01:24:55] टाइम नहीं है। मैं किसी को ब्लॉक अनब्लॉक

[01:24:57] ये करने के लिए बैठा हूं। यदि आपको लगता

[01:24:59] है जिस बच्चे को लगता है उनको मैं ब्लॉक

[01:25:02] कर रहा हूं या कोई कर रहा है यह ऑटोमेटिक

[01:25:03] हो रहा है तो आप जा सकते हैं कोई दिक्कत

[01:25:06] नहीं। ठीक है? तो यहां पर यह बात कही जा

[01:25:09] रही है। असॉल्ट का मतलब होता है बॉडीली

[01:25:11] डैमेज का करना।

[01:25:14] यहां बॉडीली डैमेज का मतलब क्या है? मान

[01:25:16] लीजिए कोई स्टूडेंट चपड़ चपड़ झपड़-चपड़

[01:25:19] कर रहा है। तो एक जने ने जाकर के धमका

[01:25:22] दिया तो धमकाते ही क्या होगा? असॉल्ट का

[01:25:24] होगा। है ना? असॉल्ट का होता है। असॉल्ट

[01:25:28] का हो जाता है। तो असॉल्ट का मतलब होता है

[01:25:30] बॉडीली डैमेज या धमकाना। दूसरी बात क्या

[01:25:34] होता है?

[01:25:36] है ना? दूसरी बात होती है बैटरी।

[01:25:40] बैटरी का मतलब क्या होता है बैटरी का? यह

[01:25:43] वो 10 वो की बैटरी नहीं होती है या घड़ी

[01:25:46] वाली बैटरी नहीं होती है।

[01:25:49] है ना?

[01:25:51] तो यहां पर घड़ी वाली बैटरी नहीं होती है।

[01:25:56] ठीक है? तो यहां पर क्या कहा जा रहा है?

[01:25:59] बैटरी का मतलब क्या होता है? बैटरी का

[01:26:02] मतलब होता है एक व्यक्ति जो किसी दूसरे

[01:26:06] व्यक्ति को छू ले टचिंग करना। टचिंग

[01:26:11] इंटेंशनल टचिंग करना। इंटेंशनल

[01:26:15] टचिंग ऑफ अ पेशेंट। इंटेंशनल टचिंग ऑफ अ

[01:26:18] पेशेंट।

[01:26:19] ऑफ अ पेशेंट। किसी पेशेंट को इंटेंशनल तौर

[01:26:24] पे टच करना उसको बैटरी कहा जाता है।

[01:26:31] ठीक है? उसको क्या कहा जाता है? इंटेंशनल

[01:26:34] टचिंग करना उसको बैटरी कहा जाता है। अच्छा

[01:26:38] चलिएगा एक और बात बताइएगा। अगर मैं बोलता

[01:26:41] हूं थर्ड चीज आ जाती है डिफमेशन।

[01:26:44] डिफमेशन का मतलब क्या होता है? कोई बच्चा

[01:26:48] बताएगा डिफेमेशन का मतलब क्या होता है?

[01:26:51] डिफेमेशन अगर आपसे कहा जा रहा है डिफमेशन

[01:26:55] क्या होता है? डिफेमेशन

[01:27:00] तो डिफमेशन का मतलब क्या होता

[01:27:04] डिफेमेशन तो डिफमेशन का मतलब क्या होता

[01:27:04] है? डिफेमेशन का मतलब बताइएगा। डिफमेशन का

[01:27:07] मतलब क्या होता है? बताइए।

[01:27:11] डिफमेशन। देखिए अगर कोई ब्लॉक हो रहा है

[01:27:13] ना उसका पता है रीजन क्या होता है? या तो

[01:27:15] वह गलत कमेंट्स कर रहा होगा। गलत चीजें

[01:27:18] गलत कुछ ना कुछ गलत बोल रहा होगा। गलत

[01:27:21] वर्ड्स बोल रहा होगा। कुछ कुछ अपने आप को

[01:27:25] बहुत तुर्रम समझ के कुछ गंदगी स्प्रेड

[01:27:28] करने की कोशिश कर रहा होगा। अपने आप

[01:27:29] कंप्यूटर ब्लॉक कर देता है।

[01:27:33] है ना? तो यहां पर डिफमेशन क्या होता है?

[01:27:36] डिफमेशन का मतलब क्या होता है? ये समझाता

[01:27:39] हूं। एक बच्चा आया अभी बीच के अंदर। वो

[01:27:41] बोल रहा है चलिएगा। हां। ठीक है। डिफेमेशन

[01:27:44] का मतलब मैं बताता हूं। डिफेशन का मतलब

[01:27:47] होता है किसी व्यक्ति के अंदर या किसी

[01:27:52] व्यक्ति की बेइज्जती करना। उसके रेपुटेशन

[01:27:56] को हार्म करना। रेपटेशन को हार्म करना।

[01:28:02] रेपुटेशन को हार्म करना।

[01:28:06] किसी व्यक्ति के इज्जत को रेपुटेशन को

[01:28:09] हार्म करना इसको डिफमेशन कहा जाता है।

[01:28:13] जैसे कई लोग अपनी बातों से किसी की इज्जत

[01:28:16] को हार्म कर देते हैं। तो ओरली अगर आप

[01:28:19] करते हैं ओरल डिफेशन करते हैं, बेइज्जती

[01:28:24] करते हैं तो इसको कहा जाता है सिलेंडर।

[01:28:29] और लायबल का मतलब क्या होता है? लिख लिख

[01:28:32] के बेइज्जती करें। तो इसको क्या कहा जाता

[01:28:35] है? इसको कहा जाता है लाइबल कहा जाता है।

[01:28:39] तो आपके पास यहां पर क्या कहा जा रहा है?

[01:28:42] सिलेंडर एंड लाइबल कहा जा रहा है। तो दो

[01:28:45] बातें क्या होती है? रेपुटेशन को हार्म

[01:28:48] करना यह कहा जाता है। वीके जी कह रहे हैं

[01:28:51] सर मेरा ब्रेकअप हो गया है। अब कहीं से

[01:28:53] मोटिवेशन नहीं दिमाग को मिल रही है। वीके

[01:28:57] जी तुम लायक ही इसीलिए थे कि ऐसा हो जाए।

[01:29:02] सिर्फ पढ़ाई करो। तो कुछ नहीं होता है।

[01:29:06] ठीक है? सिर्फ पढ़ाई होनी चाहिए स्टूडेंट

[01:29:08] लाइफ में। ये सारी चीजें बकवास चीजें नहीं

[01:29:10] होनी चाहिए। तो आइए इसी बात के ऊपर पढ़ते

[01:29:12] हैं। डिफेशन के बाद इन्व ऑफ प्राइवेसी।

[01:29:16] इसको क्या कहा जाता है? इन्वेशन ऑफ

[01:29:19] प्राइवेसी। इन्वेशन ऑफ प्राइवेसी का मतलब

[01:29:21] क्या होता है? अपने प्राइवेट मैटर को अपने

[01:29:25] प्राइवेट मैटर को क्लास के बीच में आके

[01:29:28] टाइप कर देना।

[01:29:31] मुझे ऐसा हुआ है मेरे साथ मुझे मारपीट

[01:29:34] करके कुटाई करके भाग गई है। यह सारी बातें

[01:29:37] अगर आप अपने प्राइवेट मैटर को उड़ा रहे

[01:29:40] हैं तो आप याद रखिए बाकी हम भी दखल दे रहे

[01:29:43] हैं ना इस मैटर के अंदर। इसको कहते हैं

[01:29:45] इन्वज़ ऑफ़ प्राइवेसी।

[01:29:47] है ना? इन्वज़ ऑफ़ प्राइवेसी। हां, अनिका ने

[01:29:50] सही बात की है। है ना? तो अब तुम्हारे लिए

[01:29:53] मोटिवेशन है कि तुम उनको दिखाओ। तुम एक

[01:29:56] बहुत अच्छे से नर्सिंग ऑफिसर बन सकते हो।

[01:29:59] तुम ऐसा कुछ करो जिससे तुम्हारा सिलेक्शन

[01:30:02] एनएचएम के अंदर हो जाए। फिर वह भी बोले

[01:30:04] वाओ एनएचएम में गया अगला। ठीक है? एनएचएम

[01:30:08] के अंदर गया। तुम करो ऐसी कुछ चीजें

[01:30:10] तैयारी करो।

[01:30:14] ठीक है?

[01:30:16] चलिए, तो यहां पर अब आपको ये बात समझ में

[01:30:18] आ गया। इन्वेशन ऑफ़ प्राइवेसी का मतलब क्या

[01:30:21] होता है? इन्वेशन ऑफ प्राइवेसी का मतलब यह

[01:30:24] होता है किसी का प्राइवेट मैटर हो और उस

[01:30:28] प्राइवेट मैटर में पेशेंट्स जो है वो

[01:30:31] पेशेंट्स पेशेंट अपने आपस में बात कर रहे

[01:30:34] हैं और भाई साहब बीच में सूर्यांश आया और

[01:30:38] ये जो नाम था फिरदौस फिरदौस आई और आके बोल

[01:30:42] रही हैं वो दोनों बात कर रहे हैं लड़का

[01:30:43] लड़की की शादी कहां करें? ये दोनों आके

[01:30:45] खड़े हो गए। हम है ना हम किस काम आएंगे?

[01:30:48] यही कहलाता है इन्वज़न ऑफ़ प्राइवेसी।

[01:30:51] इन्वजन ऑफ प्राइवेसी का मतलब है किसी के

[01:30:53] पर्सनल मैटर में कूद करके दखल देना। इसको

[01:30:56] इन्वजन ऑफ प्राइवेसी कहते हैं।

[01:30:59] समझ में आ गई? इन्वेशन ऑफ प्राइवेसी के

[01:31:02] बाद अगली याद रखिए।

[01:31:05] अगली बात होती है पब्लिक डिस्क्लोज़र।

[01:31:10] पब्लिक डिस्क्लोज़र का मतलब क्या होता है?

[01:31:13] डिस्क्लोज़र। पब्लिक डिस्क्लोज़र।

[01:31:18] है ना? तो पब्लिक डिस्क्लोज़र का मतलब क्या

[01:31:21] होता है? पब्लिक डिस्क्लोज़र का मतलब यह

[01:31:24] होता है जैसे कि

[01:31:27] एक पेशेंट को हुआ है एड्स। पेशेंट ने आपके

[01:31:31] कान में कह दिया सूर्यांश मुझे एड्स है।

[01:31:36] अब सूर्यांश क्या कर रहा है? या तानिया

[01:31:39] फिरदौस क्या कर रही हैं? जाकर के बाकी

[01:31:42] पेशेंटों के पास जा के बोल रही है इसको

[01:31:45] एड्स है। इसको एड्स है।

[01:31:48] है ना? पब्लिक डिस्क्लोज़र का मतलब होता है

[01:31:51] पेशेंट की बात को एक्सपोज कर देना। पेशेंट

[01:31:56] की बात को फैला देना।

[01:32:02] है ना? तो यहां पर क्या किया जा रहा है?

[01:32:04] पेशेंट

[01:32:06] पेशेंट का कोई भी कोई भी विचार या थॉट को

[01:32:11] पूरे में स्प्रेड कर देना। पब्लिकली

[01:32:14] स्प्रेड इन पब्लिक पूरे पब्लिक में फैला

[01:32:17] दिया उसको एड्स एड्स से एड्स एड्स ठीक है

[01:32:21] इसको क्या कहते हैं पब्लिक डिस्क्लोज़र

[01:32:23] कहते हैं ठीक है पब्लिक डिस्क्लोज़र पूरे

[01:32:26] मोहल्ले वाले जगत वाले सबको बता दिया उसने

[01:32:29] तो बोला था बेटा मुझे मेरे पास दवाइयां

[01:32:32] खत्म हो गई है एड्स की तुम मुझे ला करके

[01:32:34] दे देना मुझे ला करके दे देना यहां पे भाई

[01:32:38] साहब ने क्या किया दवाइयां तो खत्म हो गई

[01:32:40] अब ले तू आ दवाई तो तू बाद में लेगा पहले

[01:32:43] तेरे को पूरे मोहल्ले में फेमस कर दूं।

[01:32:46] ठीक है? चलिए बोलो कैसे लोग हैं? तानिया

[01:32:50] फिरदौस और ये एक दो लोग हैं। ये कहते हैं

[01:32:52] हमें ब्लॉक कर दिया गया है। और ब्लॉक करने

[01:32:55] के बाद भी इनके मैसेजेस चल रहे हैं और

[01:32:57] आराम से ये बात कर रहे हैं।

[01:33:00] इमरान इमाम साहब खलीफा इमाम। चलिए खलीफा

[01:33:05] इमाम पढ़ते हैं आगे की बात। इतनी बात हो

[01:33:07] गई है। आगे रखते हैं। आगे चलते हैं एक और

[01:33:10] क्वेश्चन की तरफ। एक पेशेंट टेंपरेरी

[01:33:13] डिस्चार्ज ऑफ अ पेशेंट फ्रॉम द साइकेट्रिक

[01:33:16] हॉस्पिटल इज रेफर्ड एज साइकेट्रिक

[01:33:19] हॉस्पिटल से एक पेशेंट का टेंपरेरी

[01:33:21] डिस्चार्ज हुआ है। इसको हम क्या कहा जाता

[01:33:24] है? टेंपरेरी डिस्चार्ज ऑफ अ पेशेंट फ्रॉम

[01:33:27] द साइकेट्रिक हॉस्पिटल इज़ रेफर्ड एज़

[01:33:29] साइकेट्रिक हॉस्पिटल से पेशेंट का

[01:33:32] टेंपरेरी डिस्चार्ज हो जाना। क्या कहलाता

[01:33:35] है? ए परोल, बी एब्सकॉन, सी टर्मिनेशन एंड

[01:33:40] डी कहलाता है एस्केप।

[01:33:44] है ना?

[01:33:46] क्या कहा जाता है? यहां पर बोला जा रहा है

[01:33:50] टेंपरेरी डिस्चार्ज ऑफ द पेशेंट फ्रॉम

[01:33:52] साइकेट्रिक हॉस्पिटल।

[01:33:54] साइकेट्रिक हॉस्पिटल से

[01:33:57] पेशेंट का डिस्चार्ज हो जाना। इसको क्या

[01:34:00] कहा जाता है भाई? जैसे जेल से निकलते हैं

[01:34:04] थोड़े दिन बाद छुट्टी मिलती है। वैसे ही

[01:34:06] साइकैट्रिक हॉस्पिटल में परमानेंट छुट्टी

[01:34:09] नहीं मिलती है। थोड़े दिन की छुट्टी मिलती

[01:34:10] है। तो याद रखिएगा इसको कहा जाता है परोल।

[01:34:14] परोल पे क्या होता है कि मान लीजिए परोल

[01:34:17] पे यह होता है एक टेंपरेरी बेस पर पेशेंट

[01:34:21] जा रहा है

[01:34:23] टेंपरेरी बेस पे और उसको लेकर के जाने

[01:34:26] वाला मान लीजिए एक तानिया फिरदौस नाम का

[01:34:30] पेशेंट है उस पेशेंट को एक सुमित नाम का

[01:34:33] रिलेटिव आकर के लेकर के जा रहा है और

[01:34:36] सुमित इस गारंटी पे लेकर के जा रहा है कि

[01:34:39] मैं थोड़े दिन बाद वापस ले आऊंगा और अगर

[01:34:42] तानिया ने कोई परेशानी क्रिएट करी तो मैं

[01:34:46] तुरंत लेकर के आ जाऊंगा। हॉस्पिटल में जमा

[01:34:49] करवा दूंगा। सारी जिम्मेदारी मेरी होगी।

[01:34:51] इसको कहते हैं परोल।

[01:34:54] बट वहीं पर वहीं तानिया हॉस्पिटल से भाग

[01:34:58] जाए इसको एब्सकंड कहते हैं। विदाउट

[01:35:01] इंफॉर्मेशन

[01:35:03] विदाउट इंफॉर्मेशन। तानिया जो थी भाग गई।

[01:35:06] दोस्त के घर में शादी थी। तानिया भाग गई।

[01:35:09] शादी अटेंड करने के लिए हॉस्पिटल से भाग

[01:35:11] गई। पुलिस वाले ढूंढ रहे हैं।

[01:35:13] इसको कहते हैं एब्सकंड। अब्सकंड का मतलब

[01:35:17] भाग जाना।

[01:35:19] एस्केप मेडिकल टर्म नहीं है। टर्मिनेशन

[01:35:22] मेडिकल टर्म नहीं है। डिस्चार्ज होता है

[01:35:24] एट मेडिकल टर्म। तो यहां पर इतनी बात समझ

[01:35:27] में? अब मैं आपको एक और बात बता रहा था।

[01:35:30] बात समझ में आ गई? यहां आंसर गया ए। सबसे

[01:35:34] पहले किसने जवाब दिया? सूर्यांश ने जवाब

[01:35:37] दिया। वेरी गुड। अब मैं आपको एक चीज बता

[01:35:40] रहा हूं। शॉर्ट फॉर्म याद कर लो सारी

[01:35:41] चीजों के।

[01:35:45] ठीक है। अब मैं आपको बता रहा हूं सबसे

[01:35:48] पहले एक होता है लामा।

[01:35:52] लामा ये याद कर लेना। लामा होता है। मामा

[01:35:56] होता है। है ना? लामा मामा डामा होता है।

[01:36:03] है ना? रामा होता है।

[01:36:07] है ना? लामा डामा मामा रामा ओबामा

[01:36:12] एक होता है ओसामा

[01:36:17] लामा डामा मामा रामा ओबामा ओसामा ये सब

[01:36:21] याद कर लो तो अब ऐसे समझिएगा

[01:36:26] फुल फॉर्म याद होनी चाहिए लामा डामा मामा

[01:36:28] रामा ओसामा ओबामा इन सबका होना चाहिए होना

[01:36:31] चाहिए याद हो जाना चाहिए खत्म हो गया लामा

[01:36:34] का मतलब क्या होता है लीव अगेंस्ट मेडिकल

[01:36:38] एडवाइस अगेंस्ट मैड मेडिकल एडवाइस एडवाइस

[01:36:44] मेडिकल एडवाइस लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस

[01:36:47] पहले फुल फॉर्म याद रखिएगा

[01:36:50] दूसरी बात मामा मामा का मतलब होता है

[01:36:53] मोबिलाइजिंग

[01:36:57] अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस अगेंस्ट मेडिकल

[01:37:02] एडवाइस

[01:37:06] डामा डामा का मतलब क्या होता है डिस्चार्ज

[01:37:12] अगेंस्ट

[01:37:14] मेडिकल एडवाइस

[01:37:19] डिस्चार्ज अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस उसके बाद

[01:37:22] आता है रामा रामा का मतलब होता है

[01:37:26] रेस्टिंग

[01:37:28] अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस

[01:37:32] ओबामा ओबामा का मतलब होता है आउट ऑफ बैड

[01:37:39] अगेंस्ट

[01:37:41] मेडिकल एडवाइस

[01:37:44] ओसामा ओसामा का मतलब क्या होता है? ओसामा

[01:37:48] का ओवरस्टेइंग

[01:37:54] ओवरस्टिंग

[01:37:57] अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस। इसको

[01:38:00] ओवरस्टिंग अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस। इसको

[01:38:00] क्या कहा जाता है? इसको कहा जाता है इसको

[01:38:05] कहा जाता है ओसामा। इसका समझो मतलब

[01:38:07] क्या-क्या है?

[01:38:10] लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस। डॉक्टर ने

[01:38:12] बोला, अरे अरे रुकना है आपको। अभी थोड़ी

[01:38:14] देर रुकिए। दवा का असर होगा। रुकिए रुकिए।

[01:38:16] नहीं रुक रहा है। भाग गया। मामा

[01:38:19] मोबिलाइजिंग अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस।

[01:38:21] डॉक्टर ने कहा भैया आपको चलना फिरना नहीं

[01:38:26] है।

[01:38:27] फिर भी भाई साहब वो उठ के पैर का ऑपरेशन

[01:38:30] हुआ है। उठ के जा रहे हैं और पैर की हड्डी

[01:38:32] दोबारा टूट गई। इसको कहते हैं मामा।

[01:38:36] डामा का मतलब क्या होता है? डिस्चार्ज

[01:38:38] अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस मंत्री जी का फोन आ

[01:38:41] गया और मंत्री जी ने बोला इनको तुरंत

[01:38:43] डिस्चार्ज कर दीजिए। अब भाई साहब

[01:38:46] डिस्चार्ज बोला है तो डिस्चार्ज कार्ड

[01:38:47] देना पड़ेगा। डिस्चार्ज अगेंस्ट मेडिकल

[01:38:50] एडवाइस डामा लिख देगा डॉक्टर रामा का मतलब

[01:38:54] रेस्टिंग अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस। डॉक्टर

[01:38:57] साहब ने बोला था 5 घंटे बाद तुम्हें उठकर

[01:39:00] के चलना ही है। जरूरी है। पैर सुन पड़

[01:39:04] जाएगा। भाई साहब उठे ही नहीं। रेस्टिंग

[01:39:06] अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस। रेस्ट कर रहे हैं

[01:39:09] वो। तो

[01:39:11] ओबामा का मतलब क्या होता है? आउट ऑफ बेड

[01:39:14] अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस। डॉक्टर ने कहा था

[01:39:17] बेड पे पड़े रहना। हिलना मिलना मत। आउट ऑफ

[01:39:20] बेड। बेड से ही उठ के घूम रहा फिर रहा है।

[01:39:22] वो तो आउट ऑफ बेड अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस।

[01:39:24] बेड रिडन बोला था डॉक्टर ने। बेड पे पड़े

[01:39:26] रहना है। बेड से उड़ गया।

[01:39:30] डॉक्टर ने छुट्टी कर दी है। कई मिलेंगे

[01:39:32] आपको। डॉक्टर ने छुट्टी कर दी बट बोल रहे

[01:39:35] हैं हमारे घर में कोई ध्यान रखने वाला

[01:39:36] नहीं है। हम तो हॉस्पिटल में पड़े रहेंगे।

[01:39:38] इसको कहते हैं ओवरस्टेइंग अगेंस्ट मेडिकल

[01:39:41] एडवाइस। हॉस्पिटल में पड़े रहना। ओवरस्टे

[01:39:43] करते रहना। पड़े रहना।

[01:39:46] डीओपीआर का फुल फॉर्म क्या होता है?

[01:39:52] एक

[01:39:54] डीओपीआर का फुल फॉर्म क्या होता है? एक

[01:39:54] होता है नॉर्मल डिस्चार्ज। नॉर्मल

[01:39:56] डिस्चार्ज का मतलब क्या होता है? डॉक्टर

[01:39:58] भी इच्छुक है कि यार अब इसको घर भेज देते

[01:40:00] हैं। उसके बाद है ना

[01:40:06] ठीक है। तो यहां पर ये क्या बोला जा रहा

[01:40:10] है?

[01:40:12] इसको क्या कहा जाता है? इसको कहा जाता है

[01:40:16] इसको कहा जाता है यहां पर मामला सॉल्व।

[01:40:19] यहां पर कहा जाता है डीओपीआर मतलब

[01:40:21] डिस्चार्ज ऑन पेशेंट रिक्वेस्ट। डिस्चार्ज

[01:40:25] ऑन पेशेंट रिक्वेस्ट।

[01:40:30] पेशेंट की रिक्वेस्ट

[01:40:33] ऑन पेशेंट रिक्वेस्ट। पेशेंट की रिक्वेस्ट

[01:40:33] पर हमने डिस्चार्ज कर दिया कि जाओ यार अब

[01:40:35] तुम ठीक हो घर पे ले लेना दवाई।

[01:40:39] यहां पर इतनी बात डिस्चार्ज। ये नॉर्मल

[01:40:41] डिस्चार्ज का मतलब है यार कि पेशेंट जो है

[01:40:44] ना ये पेशेंट जो है अब यह पेशेंट बिल्कुल

[01:40:47] ही रिलैक्स हो गया। अब घर जा सकता है

[01:40:49] डिस्चार्ज होकर।

[01:40:52] ठीक है? चलिए इतनी बात समझ में आ गई है आप

[01:40:56] लोगों को?

[01:40:57] ठीक है? इतनी बात समझ में आ गई है। चलिए

[01:41:00] तो डिस्चार्ज ऑन पेशेंट रिक्वेस्ट हो गया।

[01:41:03] चलिए अब आगे की बात को समझते हैं।

[01:41:06] क्वेश्चन डील करते हैं। आगे का क्वेश्चन आ

[01:41:09] रहा है यहां पर।

[01:41:14] क्वेश्चन ये है। चीफ डिस्टिंग्विश फीचर ऑफ़

[01:41:17] साइकोटिक डिसऑर्डर इज़ साइकोटिक डिसऑर्डर

[01:41:20] का सबसे बड़ा चीफ डिस्टिंग्विश फीचर क्या

[01:41:23] होता है? एक व्यक्ति जो साइकोटिक फीचर

[01:41:26] साइकोटिक वाला है। उसमें सबसे ज्यादा अंतर

[01:41:28] क्या आएगा? क्या फीचर होता है? चीफ

[01:41:30] डिस्टिंग्विश फीचर? ए ओवरवेल्मिंग

[01:41:33] एंजाइटटी, बी एंटी सोशल कंडक्ट, सी कहलाता

[01:41:37] है ऑब्सेसिव बिहेवियर और डी कहलाता है

[01:41:40] कंफ्यूजन बिटवीन फेंटसी एंड रियलिटी।

[01:41:44] साइकोटिक और न्यूरोटिक। यहां पर दो चीजें

[01:41:47] चलती है। साइकोटिक और न्यूरोटिक। इन दोनों

[01:41:50] में आपको यहां पर अंतर देखना है कि

[01:41:53] साइकोटिक और न्यूरोटिक में क्या अंतर आता

[01:41:56] है।

[01:42:02] देखिए साइकोटिक और न्यूरोटिक में क्या

[01:42:05] अंतर होता है? यह हमें समझना है। यहां पर

[01:42:09] साइकोटिक और न्यूरोटिक वाले का सबसे बड़ा

[01:42:12] अंतर ओवरवेल्मिंग एंजायटी नहीं होती है।

[01:42:14] एंटीसोशल कंडक्ट नहीं। ऑब्सेसिव बिहेवियर

[01:42:16] नहीं। कंफ्यूजन बिटवीन फेंटसी एंड

[01:42:19] रियलिटी।

[01:42:21] इस चीज को एक मेजर पॉइंट को मैं आपको

[01:42:23] दिखाता हूं। आंसर डी गया आपका और आंसर डी

[01:42:27] तानिया फिरदौस, अनिका, सुमित, मुर्तजा,

[01:42:30] पूजा इन बच्चों ने जवाब दिया। यहां पर

[01:42:34] सबसे पहली बात एक होती है साइकोटिक फीचर।

[01:42:40] साइकोटिक डिसऑर्डर और एक होता है

[01:42:42] न्यूरोटिक डिसऑर्डर। इनका सबसे बड़ा अंतर

[01:42:46] याद कर लो।

[01:42:49] साइकोटिक फीचर हो या न्यूरोटिक फीचर हो।

[01:42:52] साइकोटिक और न्यूरोटिक फीचर में सबसे बड़ा

[01:42:56] अंतर होता है इंसाइट।

[01:43:00] इंसाइट का मतलब होता है अपने आप के बारे

[01:43:03] में अवेयरनेस का होना। मैं अपने बारे में

[01:43:06] कितना अवेयर हूं। उसको कहते हैं इंसाइट।

[01:43:11] इंसाइड का मतलब मुझे मेरी बीमारी के बारे

[01:43:14] में पता है। इलाज के बारे में पता है या

[01:43:17] नहीं पता है। यहां समझिएगा जो बड़े लेवल

[01:43:20] के मेंटली इल पेशेंट होते हैं उनमें

[01:43:23] इंसाइड जो होती है एब्सेंट होती है।

[01:43:29] ऐसे लोग जिनको अपने बारे में मैं कौन हूं,

[01:43:32] कहां रहता हूं, कब पढ़ता हूं यह सब नहीं

[01:43:34] पता है।

[01:43:36] ऐसे लोगों में इनसाइड एब्सेंट साइकोटिक

[01:43:38] बीमारी। मुझे हल्का सा डिप्रेशन हो रहा

[01:43:41] है। मैं बोल रहा हूं मुझे हल्का सा

[01:43:42] डिप्रेशन हो रहा है। मुझे हल्की सी

[01:43:44] एंजायटी हो रही है। मैंने यह दवा ले ली

[01:43:47] है। जब मुझे मेरे बारे में ये बारे सारी

[01:43:50] बातें पता है तो इसको क्या कहते हैं?

[01:43:53] न्यूरोटिक यानी कि इंसाइट प्रेजेंट होता

[01:43:57] है न्यूरोटिक वालों में।

[01:44:01] न्यूरोटिक डिसऑर्डर में इंसाइट प्रेजेंट

[01:44:04] होता है।

[01:44:07] साइकोटिक में इंसाइड एब्सेंट होता है।

[01:44:09] न्यूरोटिक में प्रेजेंट होता है। सबसे

[01:44:11] बड़ा अंतर यही है।

[01:44:14] सबसे बड़ा अंतर यही है। चलिए, इतनी बात

[01:44:17] समझ में आ गई है साइकोटिक और न्यूरोटिक

[01:44:19] की। आगे और पॉइंट को डील करते हैं। अब

[01:44:23] आपको एक दवा के बारे में बता रहा हूं। यह

[01:44:26] ड्रग ऑफ चॉइस याद रख लेना। ड्रग ऑफ चॉइस

[01:44:30] इन मेनिया। इसके ऊपर बहुत सारे सवाल बन

[01:44:33] जाते हैं। ड्रग ऑफ चॉइस इन मेनिया। मेनिया

[01:44:37] की ड्रग ऑफ चॉइस से रिलेटेड।

[01:44:41] 1 मिनट के अंदर-अंदर इसको याद रखिएगा।

[01:44:43] ड्रग ऑफ चॉइस मेनिया की क्या है? मैं आपसे

[01:44:46] पूछता हूं। आप जवाब दीजिएगा। मेनिया की

[01:44:50] ड्रग ऑफ चॉइस क्या है?

[01:44:55] और पूरा नाम लीजिएगा।

[01:45:03] मेनिया की ड्रग ऑफ चॉइस क्या है?

[01:45:09] मेनिया की ड्रग ऑफ चॉइस जो है लिथियम

[01:45:12] कार्बोनेट होती है। लिथियम कार्बोनेट। इस

[01:45:15] दवा के बारे में आप थोड़ा याद रखिएगा।

[01:45:18] मेनिया की ड्रग ऑफ चॉइस लिथियम कार्बोनेट।

[01:45:25] लिथियम कार्बोनेट मेनिया की ड्रग ऑफ चॉइस

[01:45:29] है। ठीक है? लिथियम कार्बोनेट देखो बेटा

[01:45:32] बीच-बीच में जैसे कई कई बच्चे एडियट बच्चे

[01:45:36] आ जाते हैं ना जो कहते हैं पढ़ाई जिनको

[01:45:38] नहीं करनी है। मान लीजिए ऐसा कोई बच्चा आ

[01:45:40] गया है तो ऑटोमेटिक वो ब्लॉक हो जाता है।

[01:45:42] क्योंकि जिनके अनयूजुअल से कमेंट्स लगते

[01:45:45] हैं कंप्यूटर को वो अपने आप ब्लॉक कर

[01:45:46] देगा। कोई अपने आप में ओवर स्मार्ट बन रहा

[01:45:49] है। सिर्फ वह मस्ती करने के लिए आया है

[01:45:51] क्लास में ब्लॉक हो जाएगा। ऑटोमेटिक चला

[01:45:53] जाएगा वो। तो आप लोग अपनी मर्यादा को समझ

[01:45:57] के पढ़ाई करें क्योंकि मैं मेरी क्लास में

[01:46:01] इसमें ऐसा कतई नहीं होने दूंगा कि एक ऐसा

[01:46:05] बच्चे के चक्कर में बाकी के बच्चों का

[01:46:08] टाइम वेस्ट हो जाए। अगर कोई आता है और ऐसे

[01:46:12] हरकत करता है ऑटोमेटिक चला जाएगा। फिर वो

[01:46:14] रोए धोए कुछ भी करे दोबारा रिटर्न नहीं हो

[01:46:17] पाएगा उसका।

[01:46:19] चलिए तो अब मैं आपको बता रहा हूं लिथियम

[01:46:21] कार्बोनेट के बारे में। लिथियम कार्बोनेट

[01:46:24] क्या होता है? देखिए मेनिया एक की बीमारी

[01:46:27] में लिथियम कार्बोनेट ड्रग ऑफ चॉइस है। यह

[01:46:31] मूड स्टेबलाइजर है। मूड स्टेबलाइजर।

[01:46:38] यह मूड स्टेबलाइजर ड्रग है। अब मूड

[01:46:41] स्टेबलाइजर का मतलब है यह आपके मूड को ना

[01:46:45] ज्यादा उठने देगा ना डिप्रेस होने देगा।

[01:46:48] यह आपके मूड को मेंटेन करेगा।

[01:46:53] यह आपके मूड को मेंटेन करेगा। अब इसमें

[01:46:56] कुछ पॉइंट्स को याद करना है। लिथियम जो

[01:47:00] होती है हमारे लिए नॉर्मल रेंज हमारी बॉडी

[01:47:05] में इसका आपको पता होना चाहिए 0.6 से लेकर

[01:47:10] के 1.2 मिली इक्विवेलेंट प्रति लीटर।

[01:47:14] लिथियम जो होती है लिथियम आपकी बॉडी में

[01:47:19] 0.6 से 1.2 होती है।

[01:47:25] दूसरी बात यहां पर क्या बोला जा रहा है?

[01:47:28] थोड़ा सा माइन्यूट सा गैप होता है। 0.3 का

[01:47:33] गैप होता है। अगर आपका जिंदगी में नॉर्मल

[01:47:36] रेंज से टॉक्सिक रेंज बनने में ज्यादा

[01:47:40] टाइम नहीं लगता है। टॉक्सिक रेंज 1.5 से 2

[01:47:45] मिलीेंट पे जाते ही टॉक्सिक हो जाता है।

[01:47:49] मतलब कि 0.3

[01:47:53] भी जुड़ गया तो टॉक्सिक हो जाएगा।

[01:47:57] अब आपसे दो बातें बोली गई नॉर्मल रेंज और

[01:48:00] टॉक्सिक रेंज। अब आपसे यहां पर बोला गया

[01:48:05] यहां पर अब आपसे बोला जा रहा है कौन सा

[01:48:09] इलेक्ट्रोलाइट

[01:48:10] ऐसा कौन सा इलेक्ट्रोलाइट

[01:48:14] इसको टॉक्सिक बचाना या ना बचाना उसमें

[01:48:18] इंपैक्ट डालता है? कौन सा इलेक्ट्रोलाइट

[01:48:20] की वजह से इसकी टॉक्सिसिटी हो जाती है?

[01:48:23] कौन सा इलेक्ट्रोलाइट का कम होने की वजह

[01:48:26] से या ज्यादा होने की वजह से इसकी

[01:48:28] टॉक्सिसिटी हो जाती है? वह इलेक्ट्रोलाइट

[01:48:30] का नाम बताइएगा। वालेकुम सलाम। वो

[01:48:33] इलेक्ट्रोलाइट है जो इसको टॉक्सिक बना

[01:48:36] देता है वो है सोडियम।

[01:48:40] अगर किसी व्यक्ति में हाइपोनेट्रीमिया

[01:48:47] हो जाए तो ये टॉक्सिक हो जाएगा।

[01:48:52] किसी व्यक्ति में इलेक्ट्रोलाइट इमंबैलेंस

[01:48:56] हुआ और हाइपोइट्रीमिया हुआ तो आपके अंदर

[01:48:59] लिथियम टॉक्सिसिटी होगी। अब देखिए इसमें

[01:49:02] समझिएगा लिथियम एक मेटल है और वो मेटल को

[01:49:06] आपने खाया माने कि दवा को आपने खाया तो ये

[01:49:09] मेटल को बॉडी से यूरिन के जरिए निकलता है

[01:49:12] सोडियम।

[01:49:14] अब यह यूरिन के अंदर आपकी बॉडी में सोडियम

[01:49:17] नहीं है तो यह अंदर ही अंदर आपकी बॉडी में

[01:49:20] डिपॉजिट होगा और जब यह डिपॉजिट होता है तो

[01:49:23] याद रखना यह किडनी के फंक्शनंस को ऑल्टर्ड

[01:49:27] करता है। किडनी फंक्शनंस इसलिए किडनी

[01:49:30] फंक्शन टेस्ट लगाया जाता है। यह बॉडी में

[01:49:33] रहेगा तो थायरॉइड को अफेक्ट करता है।

[01:49:36] इसलिए इसके अंदर हाइपोथायरॉइडिज्म

[01:49:38] देखने को मिलता है।

[01:49:41] एक तरह का मेटल है यह।

[01:49:44] तो हमें यह याद रखना है किडनी के अंदर

[01:49:47] किडनी फंक्शन टेस्ट को ऑल्टर्ड कर देगा।

[01:49:49] थायरॉइड को ऑल्ट कर देगा। थायराइड फंक्शन

[01:49:52] को कम कर देगा। हाइपोथायरॉइडिज्म।

[01:49:55] क्वेश्चन अगर आपसे पूछा जाए बताइएगा कि

[01:49:59] अगर मुझे

[01:50:02] लिथियम को चेक करना है। लिथियम शुड बी चेक

[01:50:06] एव्री

[01:50:08] लिथियम की दवा चल रही है तो कितने-कितने

[01:50:11] महीने पे चेक करना होता है? लिथियम शुड बी

[01:50:15] चेक्ड

[01:50:18] एव्री डैश मंथ। कितने-कितने मंथ के गैप पे

[01:50:23] लिथियम को चेक किया जाएगा? बताइएगा लिथियम

[01:50:26] को कितने-कितने मंथ पे गैप पे चेक किया

[01:50:28] जाएगा?

[01:50:32] 12 आवर नहीं मैंने मंथ पूछा है। अगर किसी

[01:50:36] को लिथियम चल रहा है।

[01:50:39] कितने-कितने मंथ के गैप पे लिथियम को चेक

[01:50:42] किया जाता है?

[01:50:51] वीकली करते हैं। नहीं यार

[01:50:56] स्टार्टिंग टू वीक एंड देन टू मंथ। नहीं

[01:50:58] याद रखिएगा एक बात दिमाग में बिठा लीजिए।

[01:51:01] लिथियम शुड बी चेक्ड। लिथियम को

[01:51:03] कितना-कितना टाइम पे चेक किया जा रहा है।

[01:51:05] यह आपके दिमाग में होना चाहिए। लिथियम शुड

[01:51:09] बी चेक्ड एव्री वन टू टू मंथ।

[01:51:14] एक से 2 महीने के गैप में आपको चेक करना

[01:51:18] है 1 टू 2 मंथ।

[01:51:24] अगर लिथियम की टेबलेट अगर मेरी चालू हो गई

[01:51:27] है तो मैं लिथियम अगर खा रहा हूं या आप खा

[01:51:30] रहे हैं तो हर एकद महीने में लिथियम का

[01:51:32] सैंपल चेक कराना है। दूसरी बात लिथियम को

[01:51:37] लास्ट डोज़ से कितनी देर बाद लिया जाता है?

[01:51:41] लिथियम शुड बी कलेक्टेड। सुनिएगा लिथियम

[01:51:45] शुड बी

[01:51:48] शुड बी कलेक्टेड

[01:51:52] एव्री

[01:51:54] लिथियम शुड बी कलेक्टेड आफ्टर

[01:51:58] 12 टू 14 आवर्स 12 से 14 घंटे 12 टू 14

[01:52:03] आवर्स ऑफ लास्ट डोज़

[01:52:08] लिथियम का सैंपल जो कलेक्ट किया जाएगा 12

[01:52:12] से 14 घंटे घंटे के बाद लास्ट डोज़ के 12

[01:52:16] से 14 घंटे के बाद एग्जांपल के तौर पे मैं

[01:52:20] आपको बोलता हूं। किसी ने दवा ली है रात को

[01:52:24] 9:00 बजे लास्ट डोज़। आप मुझे बताएं कितने

[01:52:28] बजे इसका सैंपल कलेक्ट करोगे?

[01:52:35] यहां पर आपसे बोला गया किसी ने लास्ट डोज़

[01:52:37] ली है रात के 9:00 बजे। आप मुझे बताएं

[01:52:39] कितने बजे आप उसको उसका सैंपल कलेक्ट

[01:52:43] करोगे?

[01:52:48] लास्ट डोज़ हो गई है रात के 9:00 बजे।

[01:52:50] सैंपल कितने बजे कलेक्ट करोगे?

[01:52:54] सुबह 9:00 बजे। अनिका कह रही है सुबह 9:00

[01:52:56] बजे।

[01:52:59] 12 से 14 घंटे के बाद

[01:53:04] तो आप अब क्या कर सकते हो? आप आराम से

[01:53:07] जितना लेट करोगे उतना बढ़िया है। 9:00 बजे

[01:53:11] से पहले नहीं होना चाहिए। 9 am के आफ्टर

[01:53:15] ही जाना चाहिए। इससे पहले कभी नहीं करना

[01:53:19] क्योंकि खून के अंदर लिथियम बढ़ा हुआ

[01:53:22] मिलेगा। मेटाबॉलिज्म नहीं हुआ हुआ है तो

[01:53:25] आपको 9:00 बजे 10:00 बजे 11:00 बजे के बाद

[01:53:28] ही करना है।

[01:53:31] 9 10 11 और बेहतर तो है 11:00 बजे बाद

[01:53:34] करोगे तो और बेहतर है।

[01:53:39] 11:00 बजे के बाद करोगे तो और बेहतर है।

[01:53:42] तो, पहली बात यहां पर क्या-क्या बात समझ

[01:53:44] में आ गई कि लिथियम का नॉर्मल रेंज लिथियम

[01:53:48] का नॉर्मल रेंज 0.6 से 1.2 टॉक्सिक रेंज

[01:53:51] 1.5 से टू। दूसरी बात यह बोली गई

[01:53:54] इलेक्ट्रोलाइट जैसे सोडियम जो होता है

[01:53:56] हाइपोनैट्रीमिया को हाइपोनेट्रीमिया होगा।

[01:53:58] लिथियम टॉक्सिसिटी कॉज कर देगा। और तीसरी

[01:54:01] बात बोली गई लिथियम को हर एक दो महीने में

[01:54:04] चेक करना। चौथी बात बोली गई लिथियम का

[01:54:07] लास्ट डोज़ से 12 से 14 घंटे के बाद चेक की

[01:54:10] जाती है। अब

[01:54:13] आपसे बोला जाएगा एंटीडोट ऑफ़ लिथियम

[01:54:15] टॉक्सिसिटी।

[01:54:20] एंटीडोट

[01:54:23] एंटीडोट ऑफ लिथियम

[01:54:28] टॉक्सिसिटी।

[01:54:33] लिथियम टॉक्सिसिटी का एंटीडोट क्या है?

[01:54:36] आपसे बोला गया लिथियम टॉक्सिसिटी का

[01:54:39] एंटीडोट क्या है?

[01:54:43] बताइएगा लिथियम टॉक्सिसिटी का एंटीडोट

[01:54:46] क्या होता है? कोई पर्टिकुलर एंटीडोट है?

[01:54:48] कोई एंटीडोट नहीं है लिथियम का। नो

[01:54:51] एंटीडोट। नो एंटीडोट।

[01:54:59] कोई एंटीडोट नहीं होता है। लिथियम

[01:55:02] टॉक्सिसिटी का। कोई एंटीडोट नहीं होगा।

[01:55:06] यानी कि अब हमारे पास कोई एंटीडोट नहीं

[01:55:08] है। अब सबसे बढ़िया काम क्या है? मैं आपको

[01:55:10] एक बात बताता हूं। लिथियम टॉक्सिसिटी खत्म

[01:55:13] कर सकते हैं हम। हमें क्या करना है? एक

[01:55:17] तरफ तो एनएस चला चालू कर देनी है। एनएस की

[01:55:19] बॉटल को कनेक्ट कर देना है। एनएस जाने लगे

[01:55:22] 0.9% और दूसरी तरफ से हमें यूरिन के लिए

[01:55:25] एंटीडोट्स यूरिन के लिए डायरेटिक्स देना

[01:55:28] चालू। यह एंटीडोट है इसका। आपको क्या करना

[01:55:32] है? आपको यह करना है कि आप

[01:55:36] रन एनएस

[01:55:39] रन नॉर्मल सलाइन एंड प्रोवाइड डायरेटिक

[01:55:48] क्योंकि हाइपोनट्रीमिया था। तो यहां पे

[01:55:51] सोडियम दे रहे हैं तो सोडियम हमें क्या

[01:55:53] देने को मिल रहा है? सोडियम दे रहे हैं तो

[01:55:55] बॉडी में यूरिन आएगा। सोडियम लिथियम के

[01:55:58] साथ निकल जाएगा। लिथियम सोडियम को

[01:56:00] निकालेगा। दोनों मिलकर के निकलेंगे। प्लस

[01:56:02] यहां डायरेटिक देंगे यूरिन के जरिए

[01:56:04] निकलेगा। एंड सोडा बाइकार्बोनेट का

[01:56:08] इंजेक्शन यहां दूसरी चीज होती है प्रोवाइड

[01:56:12] सोडा बाइकार्ब प्रोवाइड

[01:56:15] सोडियम बाइकार्बोनेट।

[01:56:18] सोडियम बाई कार्बोनेट

[01:56:21] इंजेक्शन

[01:56:24] हमें सोडियम बाइकार्बोनेट का इंजेक्शन

[01:56:28] लगाना है।

[01:56:31] ये दो बातें याद रखनी है। मैं आपसे

[01:56:33] क्वेश्चन पूछ रहा हूं। एनएस से रिलेटेड ही

[01:56:37] याद आया। फंडा का क्वेश्चन है। 0.9% NS जो

[01:56:41] होती है, इसमें कितना सॉल्ट होता है?

[01:56:44] सॉल्ट की मात्रा बताएं। साल्ट होता है ना

[01:56:46] NaCl

[01:56:48] अमाउंट बताएं कितना होता है? ग्राम होता

[01:56:51] है, mg में होता है। क्या होता है? मुझे

[01:56:54] बताएं कितना? 0.9% में कितना होता है?

[01:57:00] धनिष् लिथियम थेरेपी में 6 से 8 गिलास

[01:57:04] पानी प्लस नमक भी लिया जाता है।

[01:57:08] मैंने बोला 0.9% एनएस है। इसमें कितने

[01:57:12] ग्राम या mg नमक रहता है? उसी हिसाब से

[01:57:15] बताइएगा।

[01:57:20] हां भाई ये 0.090909

[01:57:23] ये मत करिए। अगर मैं अगर 3% लिख रहा हूं

[01:57:25] तो 333 वो मत करिएगा। मैं आपसे पूछ रहा

[01:57:28] हूं 0.9%

[01:57:32] में कितना 100 ml का बोतल है। कितना सॉल्ट

[01:57:36] रहता है? यह आप बताइएगा।

[01:57:41] 0.9 ग्राम वाले जो बोल रहे हैं, अब आप लोग

[01:57:44] पढ़ना चालू कर दीजिए। अगर अभी भी नहीं पढ़

[01:57:48] पा रहे हो 0.9 ग्राम 0.9 ग्राम वाले

[01:57:56] अगर आप अभी भी पढ़ाई नहीं कर रहे तो भाई

[01:57:58] क्या होगा? आपको सीधा-सीधा याद करा देता

[01:58:01] हूं। 9 ग्राम रहता है 9 ग्राम।

[01:58:06] ठीक है? मैटर क्लोज। बात समझ में आ गई? एक

[01:58:09] चीज और याद रख लो। फंडा का इंपॉर्टेंट है।

[01:58:12] फंडा का इंपॉर्टेंट है। आईवी फ्लूइड

[01:58:15] कैलकुलेशन का फ़ूला आना चाहिए। आईवी फ्लूइड

[01:58:19] कैलकुलेशन

[01:58:24] फंडा का साथ के साथ आईवी फ्लूइड कैलकुलेशन

[01:58:26] भी याद रखना।

[01:58:30] ठीक है?

[01:58:33] मैं ठीक है। आईवी फ्लूइड कैलकुलेशन का

[01:58:37] फार्मूला याद रखना। ठीक है बेटा? आईवी

[01:58:39] फ्लूइड का कैलकुलेशन का फार्मूला क्या

[01:58:41] होता है? फ्लूइड इन एमएल अप

[01:58:47] फ्लूइड इन ml / टाइम इन मिनट

[01:58:54] * ड्रॉप फैक्टर।

[01:58:57] यहां पर यह बात कही जा रही है कि आपका

[01:59:00] आईवी फ्लूइड का कैलकुलेशन ऐसे होगा।

[01:59:03] फ्लूइड इन ml / टाइम इन मिनट * ड्रॉप

[01:59:05] फैक्टर। यह याद कर लीजिएगा। फ्लूइड इन ml

[01:59:08] / टाइम इन मिनट * ड्रॉ फैक्टर। इसका एक

[01:59:13] एग्जांपल के तौर पे आपको समझाता हूं।

[01:59:17] भाई समझ में आ रहा है आप लोगों को?

[01:59:18] जल्दी-जल्दी बताइए

[01:59:21] क्योंकि बहुत सारी चीजें बहुत सारी चीजें

[01:59:23] पढ़ेंगे।

[01:59:32] फ्लूइड इन ml / टाइम इन मिनट * ड्रॉप

[01:59:35] फैक्टर। इसका कैसे होता है?

[01:59:37] डॉक्टर आपको कह देंगे 1 लीटर

[01:59:42] RL चलानी है इन

[01:59:46] 1 आवर 1 घंटे में चलानी है या मान लीजिए 2

[01:59:50] घंटे में बोल देते हैं 2 घंटे में चलानी

[01:59:52] है इन 2 आवर्स एट रेट ऑफ

[01:59:58] 15 ड्रॉप्स प्रति मिनट

[02:00:02] अब इसको कैसे सॉल्व करना है इसको इसी से

[02:00:04] करना है

[02:00:08] ठीक है? तो यहां पर क्या कहा जा रहा है?

[02:00:10] मानवी आपका मैसेज दिख रहा है। फ्लूइड इन

[02:00:13] ml / टाइम इन मिनट * ड्रॉप फैक्टर। यानी

[02:00:16] कि ये कहा जा रहा है फ्लूइड इन ml / टाइम

[02:00:19] इन मिनट * ड्रॉप फैक्टर। ये करिएगा कि

[02:00:22] फ्लूइड जो भी है, मैं फार्मूला लिखता हूं

[02:00:25] पहले। फ्लूइड इन ml

[02:00:28] / टाइम इन मिनट

[02:00:32] * ड्रॉप फैक्टर।

[02:00:36] आपसे कहा जा रहा है फ्लूइड इन एमल अप टाइम

[02:00:38] इन मिनट * ड्रॉ फैक्टर यह क्वेश्चन आपके

[02:00:41] लिए बड़ा कॉमन है। एग्जाम्स में देखने को

[02:00:43] मिलता है। आप इसमें क्या याद करना है

[02:00:45] आपको? ये बात याद रखिएगा। जो भी तीनों

[02:00:48] चीजें देगा आपको तीनों चीजें देगा। बस

[02:00:50] आपको डिवाइड मल्टीप्लाई करना आना चाहिए।

[02:00:54] आपके सामने तीनों चीजें देगा। तीनों चीजों

[02:00:56] में आपको डिवाइड मल्टीप्लाई करना आना

[02:00:58] चाहिए। यहां पर अब आपसे क्या कहा जा रहा

[02:01:00] है? यह कहा जा रहा है फ्लूइड इन ml कितने

[02:01:06] लीटर है? तो इसको ml में रखना है। 1 लीटर

[02:01:08] में होता है 1000 ml

[02:01:12] टाइम टाइम जो भी दिया जाए उसको मिनट में

[02:01:14] रखना। 2 घंटे दिया गया तो हर घंटे में 60

[02:01:16] मिनट होता है। * 60 करना।

[02:01:19] इंटू ड्रॉप फैक्टर दे दिया गया 15। तो आप

[02:01:23] क्या कर सकते हैं? आप यह कर सकते हैं।

[02:01:26] पहले ऊपर वाले को मल्टीप्लाई कर दीजिए।

[02:01:28] फिर नीचे वाले को कर दीजिएगा।

[02:01:34] है ना? पहले ऊपर वाले को मल्टीप्लाई कर

[02:01:36] दीजिए फिर नीचे वाले को। या फिर आप चाहें

[02:01:39] तो आप डिवाइड भी कर सकते हैं कि ऐसे अगर

[02:01:41] आप डिवाइड करना चाहें तो ऐसे भी डिवाइड कर

[02:01:44] सकते हैं। तो आपके पास दोनों चीजें होती

[02:01:46] है। यहां पर आप इसको मल्टीप्लाई करके इनको

[02:01:49] मल्टीप्लाई करके डिवाइड कर दीजिए। नहीं तो

[02:01:51] आप ऊपर नीचे डिवाइड करना चाहे तो वैसे भी

[02:01:54] कर सकते हैं। इसको कहा जाता है आईवी

[02:01:57] फ्लूइड का।

[02:01:59] अब अगर आपको आईवी फ्लूइड ना दे आईवी

[02:02:02] फ्लूइड ना दिया गया तो यहां पर क्या दिया

[02:02:04] जाएगा? आईवी फ्लूइड देगा या तो 15 दे देगा

[02:02:07] या 60 ड्रॉप्स दे देगा।

[02:02:11] 15 दे देगा या 60 ड्रॉप्स दे देगा। तो अब

[02:02:14] आपको क्या करना है? ड्रॉप फैक्टर ना दिया

[02:02:17] जाए तो ड्रॉप फैक्टर।

[02:02:22] तो बेटा आपको ड्रॉ फैक्टर ना दिया जाए तो

[02:02:24] बोलेगा पीडियाट्रिक पेशेंट है।

[02:02:27] पीडियाट्रिक ड्रिप सेट

[02:02:32] स्लो इनफ्यूजन

[02:02:38] चिल्ड्रन शब्द यूज़ में ले गया।

[02:02:42] क्रिटिकल क्रिटिकल मेडिसिन दे दिया।

[02:02:46] जब ऐसे शब्द दिए जाए तो आपको ड्रॉप फैक्टर

[02:02:49] रखना है 60 ड्रॉप्स प्रति मिनट।

[02:02:53] छोटे बच्चों में पानी हमेशा धीरे दिया

[02:02:56] जाएगा। क्रिटिकल मेडिसिन जो धीरे-धीरे

[02:02:59] जाने की उनमें 60 रखा जाएगा। स्लो

[02:03:02] इनफ्यूजन बोल दिया 60 जाएगा।

[02:03:05] तो आपको 60 ड्रॉप्स रखना है। अगर आपसे कहा

[02:03:08] जाए इमरजेंसी में देना है।

[02:03:13] इमरजेंसी फ्लूइड देना है।

[02:03:16] है ना? फास्ट देना है। ठीक है? आपको कई

[02:03:21] बार टाइम बहुत फ्लूइड ज्यादा दे दे, टाइम

[02:03:23] कम दे दे। मोर फ्लूइड लेस टाइम। मोर

[02:03:26] फ्लूइड

[02:03:28] एंड लेस टाइम। ज्यादा फ्लूइड कम कम टाइम

[02:03:33] दे दिया जाए। भाई ज्यादा फ्लूइड कम टाइम

[02:03:35] में कब जाएगा? जब 15 जीटी का होगा।

[02:03:40] है ना? तो क्या होगा? ज्यादा फ्लूइड कम

[02:03:45] टाइम में जाएगा तो उसको कैसे दिया जाएगा?

[02:03:47] 15 ड्रॉप्स डाल के

[02:03:50] 15 ड्रॉप्स के तौर पर दिया जाएगा। 15

[02:03:52] ड्रॉप्स प्रति मिनट रखना है। फिर उसमें

[02:03:53] वहां क्या रखना है? 15 ड्रॉप्स प्रति मिनट

[02:03:56] रखना है।

[02:03:57] एक क्वेश्चन देता हूं। क्वेश्चन डील

[02:04:00] कीजिएगा। क्वेश्चन ये दे रहा हूं कि मुझे

[02:04:03] एक RL चलानी है 500 ml और दो एनएस लगानी

[02:04:09] है 1000 ml.

[02:04:13] 2 एनएस हो गए 1000 ml टाइम मैंने आपको दे

[02:04:16] दिया टाइम है 5 आस 5 घंटे 5 आवर्स

[02:04:22] और ड्रॉ फैक्टर दे दिया मैंने आपको 15

[02:04:26] सॉल्व करके बताइएगा क्या लगाएंगे कितना

[02:04:28] लगाएंगे

[02:04:32] हां सुमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन का 10 जीटी

[02:04:34] रहता

[02:04:46] क्या कहा जा रहा है? एक आर एल दो एनएस

[02:04:48] टाइम 5 घंटे ड्रॉ फैक्टर 15 सॉल्व करिए।

[02:05:05] क्या आंसर आएगा?

[02:05:13] बहुत बढ़िया बच्चों यहां याद रखना टोटल

[02:05:18] फ्लूइड करना है इसमें।

[02:05:21] इसमें टोटल फ्लूइड करना है।

[02:05:25] मैक के अंदर सिर्फ आपको 15 लेना है। हीमा

[02:05:29] माइक्रो में 60 लेना होता है। यहां पर

[02:05:32] आपको क्या बोला जा रहा है? टोटल फ्लूइड इन

[02:05:34] ml टोटल फ्लूइड है 1500 ml

[02:05:39] अपॉन टाइम 5 घंटे तो 5 * घंटे में नहीं

[02:05:44] रखना है मिनट में रखना है 5 * 60 मिनट्स

[02:05:49] इंटू ड्रॉप फैक्टर ड्रॉप फैक्टर 15 का रखा

[02:05:53] गया अब आपको डिवाइड करना मल्टीप्लाई करना

[02:05:57] है

[02:05:59] बात समझ में आ रही है बच्चों के अब कमेंट

[02:06:01] क्यों स्लो हो गए क्योंकि ये मैथ का सवाल

[02:06:03] है।

[02:06:05] यहां बात को समझिएगा। आपसे कहा जा रहा है

[02:06:09] कि आपको ड्रॉप फैक्टर ऐसे अमाउंट दिया

[02:06:12] जाएगा जितना भी अमाउंट है इसका टोटल कर

[02:06:15] लेना। टोटल फ्लूइड

[02:06:19] टाइम दिया जाए टोटल टाइम को मिनट में

[02:06:21] कन्वर्ट करना। बिना मिनट में कन्वर्ट किए

[02:06:24] आंसर नहीं आएगा।

[02:06:28] ठीक है? और उसके बाद ड्रॉ फैक्टर को डाल

[02:06:32] देना है। यह तीनों चीजें आपको दी जाती है।

[02:06:34] आपको सिर्फ इसको रखना आना चाहिए कि मिनट

[02:06:37] में ml में यहां रखना है। मिनट में यहां

[02:06:39] रखना है। ड्रॉ फैक्टर को वहां रखना है।

[02:06:42] है ना? तो मैंने 2 एनएस बोला है ना? तो 2

[02:06:45] एनs का मतलब क्या है? 500 ml की 2 एनएस कर

[02:06:47] दी। बात समझ में आया? 1000 ml टोटल।

[02:06:56] बात समझ में आ गया? इतनी बात।

[02:07:00] चलिएगा इतनी बात समझ में आ गई। अब आगे की

[02:07:02] एक और बात समझिएगा।

[02:07:04] साइकेट्री का यह जो सिजोफ्रेनिया है

[02:07:08] सिजोफ्रेनिया इससे रिलेटेड सवाल आता है।

[02:07:11] सिजोफ्रेनिया से रिलेटेड सवाल क्या आता

[02:07:13] है? यूजीन ब्लूलर ने चार ए दिए। यूजीन

[02:07:18] ब्लूलर ने चार ए दिए। अब आपसे पूछेगा ये

[02:07:22] चार ए कौन-कौन से हैं? सभी बच्चे चार ए के

[02:07:26] नाम बताएं। यूजीन ब्लुलर के दिए हुए चार ए

[02:07:30] कौन-कौन से हैं? सबसे पहला ये चार ए सभी

[02:07:35] को याद होने चाहिए। पहला आता है ऑटिज्म।

[02:07:41] पहला क्या होता है? ऑटिज्म।

[02:07:44] दूसरा होता है ए्बवेलेंस।

[02:07:49] दूसरा क्या होता है? एम्बवेलेंस।

[02:07:53] तीसरा क्या होता है? एसोसिएशन

[02:07:58] लूज़नेस

[02:08:01] और

[02:08:03] अगला ए क्या होता है?

[02:08:08] ऑटिज्म एम्बैलेंस एसोसिएशन लूज़नेस। अगला ए

[02:08:12] क्या होता है भाई? मैंने आपको बता दिया।

[02:08:15] एक ऑटिज्म हो गया। एक एंबवैलेंस हो गया।

[02:08:18] एक एसोसिएशन लूसनेस हो गया। ठीक है? एक

[02:08:22] अगला एक क्या है?

[02:08:25] इफेक्टिव इनकुटी याद रखिएगा अफेक्टिव

[02:08:28] इनकुटी

[02:08:30] अफेक्टिव

[02:08:33] इनकुटी

[02:08:39] चार ए हो रहे हैं। ऑटिज्म एम्बिवेलेंस

[02:08:42] एसोसिएशन लूसनेस अफेक्टिव इनकुटी ये चार ए

[02:08:45] आपको आने चाहिए। बच्चों आप सभी को चार ए

[02:08:49] आने चाहिए। सिजोफ्रेनिया के चार ए क्या

[02:08:53] होते हैं? अब दूसरी बात मेरी बात सुनिए।

[02:08:56] चारों ए को मैं समझाता हूं।

[02:08:59] सबसे पहला चार ए में ऑटिज्म क्या होता है?

[02:09:07] ऑटिज्म का मतलब होता है मेंटल

[02:09:09] इंट्रोवरर्शन।

[02:09:11] ऑटिज्म का मतलब क्या है? ऑटिज्म का मतलब

[02:09:14] है मेंटल इंट्रोवरर्शन।

[02:09:22] ऑटिज्म का मतलब होता है मेंटल

[02:09:24] इंट्रोवरर्शन। एक व्यक्ति छोटा बच्चा है

[02:09:28] या एक व्यक्ति जो सिजोफ्रेनिया से ग्रसित

[02:09:30] है। यूजीन ब्लर ने कहा था कि एक व्यक्ति

[02:09:33] में चार ए है तो आप श्योर हो जाइए वो

[02:09:36] सिजोफ्रेनिया से ग्रसित है। तो यूजीन

[02:09:39] ब्लूलर ने कहा प्राइमरी फीचर्स चार हैं।

[02:09:43] यह चार प्राइमरी फीचर्स जिसमें मिले वह

[02:09:46] व्यक्ति सिजोफ्रेनिया वाला है। और इसके

[02:09:49] अलावा के जो फीचर्स आएंगे वह सेकेंडरी

[02:09:51] फीचर ऑटिज्म

[02:09:54] सिजोफ्रेनिया वाला अपनी दुनिया में लगा

[02:09:56] रहेगा। अपने खेल कूद अपने खानेपीने इन सब

[02:09:59] में लगा रहेगा। उसको दुनिया बाहरी दुनिया

[02:10:02] से कोई मतलब नहीं होता है। वो काम कर रहा

[02:10:06] है। अपने खेलने में लग रहा है। इधर लड़ाई

[02:10:08] झगड़े हो रहे हैं। कोई गिर रहा है, कोई मर

[02:10:09] रहा है, कुछ कट रहा है। कुछ नहीं। इसको

[02:10:11] अपने खेलने में लग रहा है। ऑटिज्म मेंटल

[02:10:14] इंट्रोवरर्शन

[02:10:17] ऑटिज्म के बारे में यहां पर अब आपको दूसरा

[02:10:21] बात समझनी है। ए्बलेंस

[02:10:25] एम्बैलेंस का मतलब क्या होता है?

[02:10:28] एक्सट्रीम टू अपोजिट टू अपोजिट फीलिंग्स

[02:10:34] का होना।

[02:10:37] एक व्यक्ति में एक्सट्रीम तौर से दो

[02:10:41] अपोजिट फीलिंग्स का होना। जो व्यक्ति

[02:10:44] सिजोफ्रेनिया वाला होगा वो सामने वाले

[02:10:48] व्यक्ति को नफरत भी करेगा और सामने वाले

[02:10:52] व्यक्ति से प्यार भी करेगा।

[02:10:55] यहां पर आप समझिएगा

[02:10:57] एम्बैलेंस वाला क्या करता है? वो सामने

[02:11:00] वाले व्यक्ति से नफरत भी करता है और प्यार

[02:11:04] भी करता है। कॉन्फ्लिक्ट टू डू और नॉट दो

[02:11:07] अपोजिट फीलिंग्स का होना। मान लीजिए अब

[02:11:11] उसको अपनी मम्मी से प्यार भी है नफरत भी

[02:11:14] है। तो ये हेट और लव वाली जो फीलिंग होगी

[02:11:18] एक ही व्यक्ति में एक ही व्यक्ति में

[02:11:21] दोनों चीजें होना उसको क्या कहा जाता है?

[02:11:25] एम्बीवेलेंस कहा जाता है।

[02:11:28] तो एम्बिवेलेंस क्या होता है भैया?

[02:11:31] एम्बिवेलेंस का मतलब एम्बैलेंस का मतलब है

[02:11:35] टू अपोजिट फीलिंग्स का होना। और दूसरी बात

[02:11:40] अफेक्टिव इनकुटी।

[02:11:47] अफेक्टिव इनकुटी का मतलब क्या है? यह

[02:11:51] बच्चा जो होगा यह बच्चा इफेक्टिव इनकुटी

[02:11:55] वाला

[02:11:56] इसके विचार सिचुएशन के अकॉर्डिंग नहीं

[02:12:00] होंगे। इसके विचार सिचुएशन के अकॉर्डिंग

[02:12:02] कैसे नहीं होंगे? मान लीजिए बर्थडे पार्टी

[02:12:05] में गया तो वहां जाकर के तो यह रोएगा।

[02:12:08] किसी की डेथ में गया तो वहां जाके नाचेगा।

[02:12:12] इसके विचार जो हैं इफेक्टिव इनकुटी वाला

[02:12:16] हंसने की जगह रोता है। रोने की जगह हंसता

[02:12:19] है। इसी को कहते हैं अफेक्टिव इनकुटी

[02:12:24] नॉट अकॉर्डिंग टू इमोशंस नॉट अकॉर्डिंग टू

[02:12:32] सिचुएशन। इमोशंस नॉट

[02:12:34] अकॉर्डिंग टू सिचुएशन। इमोशंस नॉट

[02:12:34] अकॉर्डिंग टू सिचुएशन। इसके इमोशन सिचुएशन

[02:12:38] के अकॉर्डिंग ना होना। इसको क्या कहते

[02:12:42] हैं? इसको कहते हैं अफेक्टिव इनकुटी कहते

[02:12:45] हैं। तो अफेक्टिव इनकुटी में क्या हो रहा

[02:12:49] है? अफेक्टिव इनक्रीटी में हो रहा है कि

[02:12:52] एक व्यक्ति जो है हां नित्या ने सही बात

[02:12:55] की। ऑटिज्म आजकल के बच्चों में हो रहा है।

[02:12:57] जो फोन दिन भर फोन देखते रहते हैं ना वो

[02:13:00] दुनिया से दूर होने लग जाते हैं और होने

[02:13:02] के बाद सिर्फ अपनी ही दुनिया में रहने लग

[02:13:06] जाते हैं। तो फोन आजकल के लोगों को बहुत

[02:13:09] ज्यादा इनवॉल्व कर रहा है। और बच्चों की

[02:13:11] बात नहीं है। यह बच्चों की ही बात नहीं

[02:13:14] है। यह बड़ों की भी बात है।

[02:13:17] पहले देखिए आज एक छोटे से टॉपिक पे बात

[02:13:20] करना चाहूंगा। पहले तो क्या किया जाता था

[02:13:23] कि हम लोग थोड़ा सा मन को बहलाने के लिए

[02:13:27] फोन का प्रयोग किया करते थे। ठीक है? हम

[02:13:31] थोड़ा सा मन को बहलाने के लिए फोन का

[02:13:33] प्रयोग करते थे कि हां दुनिया से कनेक्ट

[02:13:35] हो। ठीक है? पहले आधा एक घंटा यह चलता था।

[02:13:38] अब क्या हो गया है? अब यह हो गया है। दिन

[02:13:42] भर हम फोन में लगे रहते हैं और फिर हम यह

[02:13:46] सोचते हैं यार आज बहुत ज्यादा स्ट्रेस हो

[02:13:48] रहा है। बहुत ज्यादा स्ट्रेस हो रहा है।

[02:13:49] मन कहीं और लगाते हैं। मन लगाने की कोशिश

[02:13:52] करते हैं। अब यह फोन आपको स्ट्रेस देने लग

[02:13:55] गया है। क्योंकि इसकी आंखों के अंदर जो

[02:13:58] ब्लू लाइट होती है ना वह ब्लू लाइट आपकी

[02:14:02] आंखों में जाएगी और जाने के बाद माइंड में

[02:14:06] एक मिलेट मिलेटोनिन नामक हार्मोन जो रहता

[02:14:10] है वो न्यूरोट ट्रांसमिटर सीक्रेट नहीं हो

[02:14:12] पाता है। जब ये मिलेटोनिन आपका सीक्रेट

[02:14:15] नहीं होगा तो आपका पूरा क्रिकार्डियन

[02:14:18] साइकिल का बिगड़ना आपका डिप्रेशन होना ये

[02:14:21] सारी बड़ी कॉमन चीजें।

[02:14:24] तो आजकल हम जो यह चीज सोचते हैं ना यार यह

[02:14:27] मुझे डिप्रेशन क्यों हो रहा है यार मुझे

[02:14:29] समझ नहीं आ रहा है जबकि मेरे साथ तो कुछ

[02:14:31] बुरा हो भी नहीं रहा है मैं कहां

[02:14:32] डिप्रेस्ड हो रहा हूं आप थोड़ा सोचिए तो

[02:14:35] सही जिस चीज को आप लगातार आप देख रहे हैं

[02:14:39] रील्स स्क्रॉल कर रहे हैं देखते जा रहे

[02:14:41] हैं देखते जा रहे हैं देखते जा रहे हैं तो

[02:14:44] वो चीज पहले के समय में था कि आप रिलैक्स

[02:14:48] होने के लिए 10 मिनट आज से 5 7 8 10 साल

[02:14:51] पहले 10 15 मिनट फोन चला लिया नेट थोड़ा

[02:14:54] बिजी रहता था। नेटवर्क का नेट का ज्यादा

[02:14:57] चार्ज लगता था। और अब क्या हो गया? हम

[02:14:59] उसमें इनवॉल्व हो गए। अब आप सोचें थोड़ा

[02:15:02] सा सोचें। आप जिस प्रकार की रील्स देखेंगे

[02:15:05] उस प्रकार का आपके माइंड में वही चीजें

[02:15:08] होगी।

[02:15:09] आप किसी का बहुत ज्यादा पैसे की शहरत देख

[02:15:12] रहे हैं तो आपके माइंड में सिर्फ पैसे की

[02:15:14] शहरत शहरत शहरत पैसा पैसा पैसा पैसा चलता

[02:15:17] चला जाएगा। आप मारपीट वाला देख रहे हैं तो

[02:15:20] आपके अंदर मारपीट अग्रेशन अग्रेशन आपको

[02:15:23] पता ही नहीं चलेगा। आप अंदर से अग्रेसिव

[02:15:25] होने लग गए हैं। आपकी पर्सनालिटी में

[02:15:27] अग्रेसिवनेस आ रही है।

[02:15:29] तो आपके अंदर क्या हो रहा है?

[02:15:33] है ना? तो आपके अंदर क्या हो रहा है? आपके

[02:15:36] अंदर यह हो रहा है कि एक व्यक्ति जो है

[02:15:39] उसको क्या होता है? उसके अंदर क्या होता

[02:15:42] है? एक व्यक्ति जिस प्रकार से जैसा

[02:15:45] इनवॉल्व होगा वो वैसा ही फंसता चला जाएगा।

[02:15:48] जैसे कई बच्चे होते हैं अगर भैया हेल्दी

[02:15:51] आप बिल्कुल आप पढ़ रहे हैं। रात दिन पढ़

[02:15:53] रहे हैं। ठीक है? पढ़ाई अगर आप कर रहे

[02:15:55] हैं। पढ़ाई में क्या होता है? एक मेंटली

[02:15:57] आपको एक चीज बताता हूं। मैथ्स सॉल्व किया

[02:16:00] करते थे अपन। वो मैथ सॉल्व करने के लिए

[02:16:03] हमें क्या किया जा रहा है? हम अपने माइंड

[02:16:06] को डेवलप कर रहे हैं। आप जैसे कंटेंट

[02:16:09] चीजें सुनोगे वैसा ही आप होगे। आप

[02:16:12] मोटिवेशनल सुनोगे मोटिवेशनल। आप पढ़ने का

[02:16:14] सुनोगे तो पढ़ाई आएगी। आप लड़ाई का सुनोगे

[02:16:16] तो लड़ाई आएगी। तो यहां पर आपको होता क्या

[02:16:19] है? चीजें यही होती है। आप लोगों में क्या

[02:16:22] हो रहा है? आप लोगों को पढ़ाई या फिर एक

[02:16:25] अच्छे चीजों की तरफ जाएं।

[02:16:30] है ना?

[02:16:33] ठीक है? तो बात समझ में आ गई है। आगे बढ़ते

[02:16:35] हैं। आगे बढ़ते हैं। ऑटिज्म इफेक्टिव इनक अ

[02:16:39] इफेक्टिव इनक्रीटी एम्बैलेंस और एक आता है

[02:16:42] एसोसिएशन

[02:16:45] लूजनेस।

[02:16:49] एसोसिएशन लूजनेस का मतलब क्या होता है? एक

[02:16:52] व्यक्ति जो है है ना? एक व्यक्ति जो है एक

[02:16:56] व्यक्ति फ्रीक्वेंटली फ्रीक्वेंटली क्या

[02:16:59] होता है? फ्रीक्वेंटली एक व्यक्ति

[02:17:01] फ्रीक्वेंटली

[02:17:02] फ्रीक्वेंटली

[02:17:04] अ चेंज होते रहता है। फ्रीक्वेंटली एक

[02:17:07] टॉपिक से दूसरे पे जा रहा है। दूसरे से

[02:17:09] तीसरे पे जा रहा है। एक मतलब एक उसके अंदर

[02:17:11] क्या है? एसोसिएशन नहीं है। जैसे एसोसिएशन

[02:17:14] क्या नहीं है कि एक व्यक्ति के मन में अगर

[02:17:18] वो बात कर रहा है आज मैं बहुत ज्यादा

[02:17:20] गर्मी में बैठा हुआ क्योंकि वो नहीं चल

[02:17:23] रहा है। क्या नहीं चल रहा है? वो नहीं चल

[02:17:24] रहा है। तो यह सब क्या होता है? कनेक्शन

[02:17:27] का नहीं हो पाना। एक आइडियाज के बीच में

[02:17:29] कनेक्शन नहीं हो पाना। तो यहां पर क्या

[02:17:32] बोला जा रहा है?

[02:17:35] पेशेंट डज नॉट

[02:17:39] क्रिएट

[02:17:41] कनेक्शन बिटवीन

[02:17:45] आइडियाज। कनेक्शन बिटवीन

[02:17:49] आइडियाज। कनेक्शन बिटवीन

[02:17:49] आइडियाज। कनेक्शन बिटवीन आइडियाज।

[02:17:51] थॉट्स। इसके थॉट्स और आइडियाज के बीच में

[02:17:53] कनेक्शन ना बन पाना। इसको क्या कहा जाता

[02:17:56] है? इसको ये कहा जाता है। अब आपको दूसरी

[02:17:59] बात और समझनी है। ये तो चार ए हो गए। तो

[02:18:02] हमने सिजोफ्रेनिया को कैसे बांटा था?

[02:18:05] यूजीन ने बोला था कि सिजोफ्रेनिया को ऐसे

[02:18:08] पढ़ना। पहला होता है प्राइमरी।

[02:18:11] प्राइमरी और सेकेंडरी फीचर्स। प्राइमरी और

[02:18:15] सेकेंडरी फीचर्स में क्या होता है?

[02:18:16] प्राइमरी में होते हैं चार ए। और सेकेंडरी

[02:18:19] में होते हैं सारे के सारे फीचर। डिसऑर्डर

[02:18:21] ऑफ़ थॉट लिख दीजिएगा। डिसऑर्डर ऑफ़ मेमोरी।

[02:18:24] इसकी मेमोरी भी गड़बड़ा जाएगी। इसके विचार

[02:18:27] भी गड़ा गड़बड़ा जाएंगे। परसेप्शन वो सारे

[02:18:30] इसमें आते हैं। जिन व्यक्ति में चार ए आ

[02:18:32] रहे हैं उनको सिजोफ्रेनिया है 100% है।

[02:18:38] ठीक है? बात समझ में आ गई?

[02:18:41] दूसरी बात इतनी बात समझ में आ गई? दूसरी

[02:18:44] बात पॉजिटिव और नेगेटिव सिम्टम्स भी आते

[02:18:47] हैं।

[02:18:49] पॉजिटिव एंड नेगेटिव सिम्टम्स। अब पॉजिटिव

[02:18:53] और नेगेटिव सिम्टम्स को समझना। पॉजिटिव और

[02:18:57] नेगेटिव सिम्टम्स आपको समझ में आने चाहिए।

[02:19:00] बेटा पॉजिटिव सिम्टम्स वो सिम्टम्स होते

[02:19:03] हैं जो खतरनाक सिम्टम जिनको नहीं होना

[02:19:07] चाहिए था एक इंसान में।

[02:19:10] ठीक है? तो ये जैसे कि एक इंसान चीख रहा

[02:19:13] है, चिल्ला रहा है, इल्लुजन, हेलुसिनेशन,

[02:19:15] डल्यूजन का होना, मूड का खराब। ये सारे

[02:19:18] क्या हैं? ऐसे सिम्टम्स जो नहीं होने

[02:19:20] चाहिए थे। बट है। इसको क्या कहा जाता है?

[02:19:23] इसको कहा जाता है पॉजिटिव सिम्टम।

[02:19:26] दीज़

[02:19:28] आर दी

[02:19:30] साइकोटिक फीचर्स

[02:19:36] दैट नीड टू बी दैट नीड टू बी एब्सेंट। यह

[02:19:43] वो साइकोटिक फीचर्स हैं जो जिनको एब्सेंट

[02:19:47] होना चाहिए था। बट यह प्रेजेंट है।

[02:19:52] एग्जांपल के तौर पर इल्ल्यूजन का होना

[02:19:55] हेलसिनेशन

[02:19:57] इल्ल्यूजन हेलसिनेशन

[02:19:59] एग्रेशन का होना बहुत ज्यादा अग्रेसिव हो

[02:20:02] रहे हैं। अग्रेशन

[02:20:05] ये सब एक्सट्रा तो ये सब क्या है? ये सब

[02:20:09] पॉजिटिव सिम्टम्स हैं।

[02:20:15] ठीक है? तो यहां पर क्या बोला जा रहा है?

[02:20:17] पॉजिटिव सिम्टम्स क्या होते हैं? वह

[02:20:20] सिम्टम्स होते हैं जो

[02:20:23] साइकोटिक फीचर्स होते हैं, डेंजरस होते

[02:20:26] हैं और इनको हमें रोकना पड़ेगा। अब एक बात

[02:20:30] सुनिएगा। ऐसे सिम्टम्स जो पॉजिटिव

[02:20:33] सिम्टम्स होते हैं, इनको इलाज करने के

[02:20:36] लिए, पॉजिटिव सिम्टम्स को रोकने के लिए

[02:20:40] हमें फर्स्ट जनरेशन की एंटीसाइकोटिक की

[02:20:44] जरूरत पड़ेगी। फर्स्ट जनरेशन

[02:20:45] एंटीसाइकोटिक्स

[02:20:49] फर्स्ट जनरेशन की एंटीसाइकोटिक की जरूरत

[02:20:52] पड़ेगी। जिसको हम टिपिकल भी कहते हैं।

[02:20:55] टिपिकल

[02:20:59] एंटीसाइकोटिक्स

[02:21:02] आपसे पूछा जाएगा टिपिकल एंटीसाइकोटिक

[02:21:04] किसको रोकती है? टिपिकल एंटीसाइकोटिक आपके

[02:21:07] फर्स्ट जनरेशन वालों को रोकती है।

[02:21:13] फर्स्ट जनरेशन वालों को नहीं रोकती है।

[02:21:15] पॉजिटिव सिम्टम वालों को रोकती है। तो

[02:21:16] टिपिकल एंटीसाइकोटिक पॉजिटिव सिम्टम्स को

[02:21:20] रोकती है।

[02:21:23] और पॉजिटिव सिम्टम्स को फर्स्ट वाली रोक

[02:21:26] रही है तो आपसे कहा जाएगा सेकेंडरी

[02:21:30] सिम्टम्स। सेकेंडरी फीचर्स जो होते हैं

[02:21:34] पॉजिटिव के बाद नेगेटिव जो होते हैं

[02:21:36] नेगेटिव

[02:21:38] सिम्टम्स ये नेगेटिव सिम्टम्स क्या होते

[02:21:40] हैं? कुछ नॉर्मल हमारे फीचर्स जो होते हैं

[02:21:44] ना वो भी एब्सेंट हो जाते हैं। हमारे

[02:21:47] नॉर्मल फीचर्स भी एब्सेंट हो जाते हैं।

[02:21:50] नॉर्मल फीचर्स गेट एब्सेंट।

[02:21:55] नॉर्मल फीचर्स

[02:21:58] गेट एब्सेंट।

[02:22:01] नॉर्मल फीचर्स हमारे जो नॉर्मल फीचर्स हैं

[02:22:04] वह एब्सेंट हो जाते हैं। नॉर्मल फीचर्स

[02:22:08] गेट एब्सेंट।

[02:22:11] एग्जांपल के तौर पे हम चुपचाप हो जाएंगे।

[02:22:14] इलाज हो रहा है हमारा तो हम नॉर्मली तो

[02:22:17] बात करना चालू करना चाहिए था। हम चुपचाप

[02:22:19] हो गए। हम ब्लंट इमोशन हो गए। हमारे इमोशन

[02:22:22] कैसे हो गए? ब्लंट इमोशन

[02:22:26] एक्सट्रा। तो इसमें हमें सुधारने के लिए

[02:22:31] ए टिपिकल जो दवाएं होती है ए टिपिकल

[02:22:36] एंटीसाइकोटिक्स दी जाती है। एंटी

[02:22:39] साइकोटिक्स एिपिकल एंटीसाइकोटिक ड्रग्स दी

[02:22:43] जाएगी।

[02:22:45] एिपिकल एंटीसाइकोटिक ड्रग्स दी जाती है।

[02:22:48] तो अब इसको थोड़ा समझिएगा। पॉजिटिव

[02:22:50] सिम्टम्स और नेगेटिव सिम्टम्स क्या होते

[02:22:51] हैं? पॉजिटिव सिम्टम्स वह सिम्टम्स होते

[02:22:55] हैं जब एक व्यक्ति बड़ा चीखे, चिल्लाए,

[02:22:58] उदम मचाए और काबू में ना आए तो इन

[02:23:03] सिम्टम्स को पॉजिटिव कहा जाता है। मतलब कि

[02:23:06] एक ऐसे व्यक्ति में खतरनाक सिम्टम्स का

[02:23:09] होना पॉजिटिव सिम्टम्स। और अगर पॉजिटिव

[02:23:13] सिम्टम्स के बाद एक ऐसा व्यक्ति है जिसके

[02:23:16] अंदर नॉर्मल कैरेक्टरिस्टिक उसके एब्सेंट

[02:23:20] होते जा रहे हैं। इनको कहते हैं नेगेटिव

[02:23:22] सिम्टम्स सिज़ोफ्रेनिया के। नेगेटिव

[02:23:25] सिम्टम्स में क्या होगा? इलाज के बाद

[02:23:26] पेशेंट को नॉर्मल होना चाहिए था। अच्छे से

[02:23:29] बात करनी चाहिए थी। इमोशंस भी उसके अच्छे

[02:23:32] होने चाहिए था। सारे इमोशन सब कुछ बर्बाद

[02:23:34] हो चुके हैं। ऐसे में हम जो दवा देंगे वो

[02:23:38] एिपिकल एंटीसाइकोटिक ड्रग्स देते हैं जो

[02:23:41] उनको वापस अपनी जिंदगी में लाने की कोशिश

[02:23:45] करती है। तो ये क्या पॉजिटिव सिम्टम्स एंड

[02:23:49] नेगेटिव सिम्टम्स होते हैं। तो अब आपको ये

[02:23:52] चीज याद रखनी है। अब मैं आपसे एक क्वेश्चन

[02:23:54] पूछ रहा हूं। फर्स्ट ए आप बताइएगा फर्स्ट

[02:23:59] सबसे पहली फर्स्ट

[02:24:02] एंटी डिप्रेसेंट कौन सी

[02:24:07] इन्वेंट की गई थी? सबसे पहली फर्स्ट एंटी

[02:24:10] डिप्रेसेंट जो थी वो इन्वेंट की गई थी कौन

[02:24:13] सी थी?

[02:24:15] बताइएगा। फर्स्ट एंटी डिप्रेसेंट जो

[02:24:20] इन्वेंट करी गई थी, वह कौन सी थी?

[02:24:26] ओजापाइन

[02:24:28] फर्स्ट एंटी डिप्रेसेंट जो ढूंढी गई थी वह

[02:24:31] कौन सी थी वो थी इमीप्रामाइन याद रखिएगा

[02:24:35] पहली एंटी डिप्रेसेंट जो ढूंढी गई थी वो

[02:24:38] इमीप्रामाइन थी इमीप्रामाइन ये दवा एक और

[02:24:42] जगह पे दी जाती है जिसको कहते हैं नचुरल

[02:24:46] एन यूरेसिस

[02:24:49] नचुरल एंड यूरेसिस में दी जाती है

[02:24:52] मिप्रामाइड नचुरल एंड यूरेसिस का मतलब

[02:24:55] क्या होता है? बेडवेटिंग।

[02:24:58] ऐसे बच्चे जो रात को यूरिन कर देते हैं

[02:25:00] बिस्तर में ऐसे बच्चों को दिया जाएगा

[02:25:04] इमप्रामाइन

[02:25:05] दिया जाता है। तो इमप्रामाइन ड्रग ऑफ चॉइस

[02:25:09] ये भी कह सकते हैं नचुरल एन्यूरेसिस की।

[02:25:12] और फर्स्ट एंटीसाइकोटिक कौन सी है? अगर

[02:25:15] आपसे कहा जाए फर्स्ट एंटीसाइकोटिक

[02:25:22] तो मैं यहां लिख देता हूं सीपीzेड अब

[02:25:25] बताइए सीपीज़ेड कौन सी है? फर्स्ट

[02:25:29] एंटीसाइकोटिक कौन सी है? आपसे बोला जाए

[02:25:32] फर्स्ट एंटीसाइकोटिक कौन सी है?

[02:25:39] फर्स्ट क्लोरोप्रोमाज़ीन।

[02:25:41] शाबाश। बहुत बढ़िया। क्लोरप्रोमाज़ीन सबसे

[02:25:44] पहली एंटी

[02:25:46] साइकोटिक होती है।

[02:25:49] क्लोरो

[02:25:51] प्रोमाज़ीन

[02:25:54] क्लोरप्रोमाज़ीन

[02:25:56] सबसे पहली एंटीसाइकोटिक

[02:25:58] ड्रग है। क्लोरप्रोमाज़ीन।

[02:26:04] क्लोरप्रोमाजीन कौन सी है? फर्स्ट

[02:26:05] एंटीसाइकोटिक ड्रग। क्लोरोप्रोमाज़ीन।

[02:26:10] याद रखते जाइएगा। क्लोरप्रोमाज़ीन जो है

[02:26:12] फर्स्ट सेंटसाइकोटिक। चलिए क्वेश्चन लेते

[02:26:14] हैं। क्वेश्चन अब आपके सामने कुछ

[02:26:16] क्वेश्चंस रखता हूं। आप याद रखिएगा उसको

[02:26:19] पढ़िएगा। ठीक है? कई क्वेश्चंस हम करते हैं

[02:26:23] और इन क्वेश्चंस को हमें पढ़ना है।

[02:26:27] ठीक है? चलिए बच्चों, तो पहला एक बेसिक सा

[02:26:31] सवाल है। मंजू सीज़ अ डिज़ ऑफ़ अ फ्लावर ऑन द

[02:26:35] वॉलपेपर एंड पर्सव इट इज़ एन एनिमल। दिस इज़

[02:26:38] एन एग्जांपल ऑफ़ मंजू एक जो भी नर्स हैं,

[02:26:41] वह एक चीज़ को देख रहे हैं। मंजू सीज़ अ

[02:26:43] डिज़ाइन ऑफ़ अ फ्लावर ऑन द वॉलपेपर एंड

[02:26:46] पर्सव इट एज़ एन एनिमल। दिस इज़ एन एग्जांपल

[02:26:50] ऑफ एक फ्लावर के डिज़ाइन को एक जानवर समझ

[02:26:54] लेना। इसको आप क्या कहते हैं? ए इल्यूजन,

[02:26:57] बी हेलसिनेशन, सी डल्यूजन या डी आइडिया ऑफ़

[02:27:01] रेफरेंस कहा जाता है।

[02:27:03] सिंपल सा बेसिक का कांसेप्ट है। सामने कुछ

[02:27:06] है और उसको कुछ और समझें। इसको क्या कहा

[02:27:10] जाता है? ये पूछा जा रहा है। एग्जांपल के

[02:27:12] तौर पे। अभी तक अपन ने पढ़ा है। अब आपको

[02:27:14] जवाब देना है। इसको क्या कहा जाएगा भाई?

[02:27:17] इसको इल्ल्यूशन कहा जाएगा। एग्जांपल के

[02:27:19] तौर पे सांप था। रस्सी समझ लिया और रस्सी

[02:27:22] समझ के गले में बांध लिया। ये क्या

[02:27:24] कहलाएगा? इल्ल्यूशन कहलाएगा। आंखों का

[02:27:26] धोखा है ना? धोखा ही धोखा। ठीक है? ये बात

[02:27:30] समझ में आ गई? तो यहां पर क्या है? लड़का

[02:27:33] था कोई इसको लड़की समझ लिया। इसको क्या

[02:27:35] कहते हैं? इल्लुजन कहते हैं। इल्ल्यूजन

[02:27:38] कहा जाता है। तो इल्लुजन क्या होता है?

[02:27:41] इल्लुजन का मतलब है किसी चीज को कुछ और

[02:27:44] समझ लेना। जबकि वो चीज कुछ और थी। यहां

[02:27:48] आंसर गया ए। सबसे पहले आंसर दिया गया

[02:27:51] दश्ता कादिर कबूतरी देवी अहमद जाहिद

[02:27:55] सुल्ताना शियाशी इन बच्चों ने जवाब दिया।

[02:27:58] अगला क्वेश्चन है आपका फॉल्स सेंसरी

[02:28:01] परसेप्शन इन द एब्सेंस ऑफ़ रियल एक्सटर्नल

[02:28:04] स्टिमुलाई इज़ कॉल्ड एक फॉल्स सेंसरी

[02:28:07] परसेप्शन का करना कुछ और पर्सीव करना जबकि

[02:28:10] रियल एक्सटर्नल स्टिमुलाई नहीं है।

[02:28:14] सुनिएगा पहले वाले केस में कुछ था कुछ और

[02:28:17] समझा। अब यहां कुछ नहीं है फिर भी समझा

[02:28:21] इसको क्या कहते हैं? ए डीप पर्सनलाइजेशन

[02:28:24] बी कहा जाता है

[02:28:27] बी कहा जाता है हेलुसिनेशन सी कहा जाता है

[02:28:30] डेजा व्यू एंड डी है इल्लुजन डेजा व्यू

[02:28:33] एंड जमाइस व्यू भी आपको याद करना है। बोला

[02:28:36] क्या जा रहा है? कुछ नहीं था बट कुछ और

[02:28:38] समझा। मान लीजिए आप बैठे हुए हैं और आपको

[02:28:42] आवाें आ रही है कमरे के अंदर। बाहर आवाें

[02:28:45] आ रही है। चीख रहा है। कोई बुला रहा है।

[02:28:47] है ना? कोई बुला रहा है। आजा तुझको बुलाए।

[02:28:52] मेरी आत्मा है। और आप जाकर के देख रहे हैं

[02:28:54] वहां कोई नहीं है। छत के ऊपर आवाज आ रही

[02:28:56] है चलने की। फिर भी कोई नहीं है। तो ये

[02:28:57] क्या कहलाएगा? ये कहलाता है हेलसिनेशन।

[02:29:02] यानी कि एक व्यक्ति को ऐसा पर्सव होने लग

[02:29:05] जाता है कोई स्टिमुलाई है बट रियलिटी में

[02:29:08] कोई स्टिमुलाई नहीं है। इसको हेलुसिनेशन

[02:29:11] कहते हैं। इल्यूजन और हेलुसिनेशन का मेजर

[02:29:14] डिफरेंस इल्यूजन में कुछ होता है और

[02:29:17] हेलुसिनेशन में कुछ नहीं होता है बट फिर

[02:29:19] भी होता है। ठीक है? तो ये याद रखिएगा। दो

[02:29:23] बातें चालू हो गई है भैया। बी आंसर सबसे

[02:29:25] पहले दिया। देखो अगर 100% अगर बच्चे बैठ

[02:29:31] भी रहे हैं एग्जाम में और अगर मैं

[02:29:35] मतलब ये मान लीजिए 4 5% बच्चे तो ऐसे हैं

[02:29:37] जिन्होंने कसम खाई होती है गलत ही दूंगा

[02:29:40] आंसर चाहे तुम कर लो कुछ भी कर लो अब इन 4

[02:29:43] 5% बच्चों को अगर मैं बोलता हूं बेटा इसका

[02:29:45] आंसर यह नहीं है यह मत करना यही करना वह

[02:29:48] विश्वास ही नहीं करेंगे फिर भी वह गलत ही

[02:29:50] करके आएंगे तो आप चिंता ना करें अगर 1 लाख

[02:29:53] फॉर्म भरे जा रहे हैं 5000 तो सिर्फ वहां

[02:29:56] पर घूमने आए

[02:29:59] तो यहां पर आप देखिएगा यहां पर सबसे पहला

[02:30:02] अदिति ने जवाब दिया सुताना कबीर कबूतरी

[02:30:06] देवी दीप नितिता इन बच्चों ने जवाब दिया

[02:30:08] अच्छा डेजा व्यू और जमाइस व्यू भी याद कर

[02:30:11] लो

[02:30:12] डेजा

[02:30:14] व्यू

[02:30:15] एंड जमाइस व्यू डेजा व्यू और जमाइस व्यू

[02:30:19] का मतलब याद करिएगा

[02:30:22] डेजा व्यू का मतलब क्या होता है डेजा व्यू

[02:30:24] का मतलब होता है कि आप एक नईनई जगह पर गए

[02:30:29] और वहां जाकर आपको या नए-नए किसी व्यक्ति

[02:30:31] से मिले और आप जाकर के वहां बोला अरे यार

[02:30:33] मैंने आपको कहीं देखा है कहीं देखा है याद

[02:30:36] नहीं आ रहा है। तो याद रखिएगा आपने उसको

[02:30:38] कहीं नहीं देखा है। ये आपके मेंटल

[02:30:40] प्रॉब्लम हो चुकी है। इसको कहा जाता है

[02:30:42] डेजाव्यू। डज़ व्यू का मतलब होता है

[02:30:46] अनफेमिलियर चीज को आप फैमिलियर सा समझने

[02:30:49] लगे। कई बार होता है ना अरे यार मैंने

[02:30:51] आपको कहां देखा है। बस यही हो गया खेलवा।

[02:30:55] तो टसाव्यू का मतलब क्या होता है?

[02:30:58] अनफैमिलियर।

[02:31:03] अनफैमिलियर जगह को फैमिलियर समझने लगे।

[02:31:06] आपको ऐसा लगने लगे अरे मैंने देखा है।

[02:31:09] क्या मैं पहले यहां आया हुआ हूं। है ना?

[02:31:13] तो आप क्या हो जाएंगे? आपको कहलाएगा डेज

[02:31:16] व्यू। है ना? पेपर में जब आप बैठोगे ना तो

[02:31:19] आपको ऐसा लगेगा ये क्वेश्चन मैंने देखा

[02:31:21] हुआ है। बट वो क्वेश्चन वाला बोल रहा है

[02:31:23] यह तो मैंने पहली बार बनाया। अब खेल दूं।

[02:31:27] है ना? तो इसको क्या कहते हैं? डेज व्यू।

[02:31:30] एक दो बच्चे बोल रहे हैं पुराने जमाने में

[02:31:32] पुरानी जिंदगी के अंदर हमारी पुराना जो

[02:31:34] जीवन था उसमें हमने देखा हो।

[02:31:38] बेटा पता नहीं तुम्हारा लास्ट जीवन ही यही

[02:31:40] चल रहा हो। अभी तो अभी नसेट क्लियर कर लो।

[02:31:43] वरना पिताजी और माताजी तुम्हारे लिए उल्टा

[02:31:46] पटक करके मारेंगे माताजी और पिताजी। फिर

[02:31:49] बोलेंगे हमें देखा है या नहीं देखा है।

[02:31:51] फिर तुम क्या बोलोगे? पिताजी हमने आपको हम

[02:31:54] पहचान नहीं पा रहे। हम आपको देखा नहीं है।

[02:31:57] याद रखिएगा जो लोग रोज मिलते हैं जो लोग

[02:32:01] लोगों के अलावा जो सिचुएशन रोज होती है

[02:32:03] फिर भी ना पहचान पाए। इसी को जमाइस व्यू

[02:32:06] कहा जाता है। जमायस व्यू का मतलब क्या है?

[02:32:11] फैमिलियर जगह फैमिलियर लोगों को भी

[02:32:14] अनफैमिलियर समझने लग जाए। अनफैमिलियर।

[02:32:18] मोहल्ले वाले आवाज दे रहे हैं। अरे रुको

[02:32:21] बेटा शर्मा जी के बेटा जी रुको क्या हुआ?

[02:32:24] पास हुए या नहीं हुए? अब तुम रोज उनका

[02:32:26] अंकल को नमस्कार करके जाते थे। अब से तुम

[02:32:29] उनको पहचान भी नहीं रहे हो। अंकल बोल रहे

[02:32:31] हैं बेटा देख नहीं रहा है आज तो। बेटा

[02:32:33] क्यों देखेगा? नसेट में अटक गया वो। तो

[02:32:36] यहां याद रखिएगा जमास व्यू का मतलब क्या

[02:32:39] होता है? फैमिलियर चीजों को भी आप

[02:32:43] अनफैमिलियर समझने लग जाए। रिश्तेदार आ रहे

[02:32:46] हैं घर में मिठाई का डब्बा लेकर के। नहीं

[02:32:49] नहीं नहीं आपको मिठाई तो खानी पड़ेगी।

[02:32:51] बच्चा पहचान ही नहीं रहा है कौन है ये?

[02:32:53] कौन से अंकल हैं ये? मम्मी बोल रही है

[02:32:56] मामा जी हैं बेटा ये तुम्हारे। मामा जी तो

[02:32:59] फमिलियर थे। अनफमिलियर हो गए। इसको कहते

[02:33:01] हैं जमायस व्यू।

[02:33:04] चलिए अगले क्वेश्चन पे आते हैं।

[02:33:07] है ना? अगले क्वेश्चन पे आते हैं। अगले

[02:33:10] क्वेश्चन पे समझिएगा।

[02:33:12] अगला आ रहा है मिस्टर ए फ्रीक्वेंटली सी

[02:33:16] टू लीन हर हेड टू वन साइड

[02:33:20] कप हर ईयर एंड मूव हर लिप्स व्हेन नो वन

[02:33:23] इज़ प्रेजेंट

[02:33:26] शी इज़ मोस्टली लाइकली टू एक्सपीरियंस

[02:33:28] मिस्टर नहीं है। मिसेज ए है। मिज ए

[02:33:30] बार-बार क्या कर रही हैं? अपने सिर को

[02:33:32] घुमा रही हैं। कान को ऐसे करीब ला रही

[02:33:35] हैं। अपने होठों को हिला रही हैं। बट वहां

[02:33:38] कोई नहीं है। इनको क्या हुआ है?

[02:33:40] इल्ल्यूजन, हेलुसिनेशन, डल्यूजन या

[02:33:42] ऑब्सेशन

[02:33:45] बताइएगा क्या हुआ है इनको?

[02:33:50] मिसेज ए को क्या हुआ है? मिसेज ए क्या है?

[02:33:52] कान को बार-बार ऐसे ऐसे मूव कर रही हैं।

[02:33:55] हेड को मूव कर रही हैं। फिर हवा से बातें

[02:33:58] कर रही हैं। ठीक है? है ना? उड़ती फिरूं

[02:34:01] मैं मस्त गगन में। तो यहां पर क्या हो रहा

[02:34:03] है? मिसेज ए को। मिसेज ए को हो रहा है

[02:34:05] हेलुसिनेशन।

[02:34:07] क्या हो रहा है भाई? हेलुसिनेशन हो रहा

[02:34:09] है। तो हेलुसिनेशन का मतलब क्या होता है?

[02:34:12] एक व्यक्ति को ऐसा लगता है कुछ है बट

[02:34:14] रियलिटी में कुछ नहीं है और वह बातें वाते

[02:34:16] करता है।

[02:34:19] हमरे प्यारों तनिक समझ में आ रहा है? आ

[02:34:23] रहा है भैया समझ में? चलिएगा। आगे बढ़ते

[02:34:25] हैं।

[02:34:27] आगे बढ़ते हैं का मतलब यह नहीं है

[02:34:29] स्टूडियो को आगे बढ़ा रहे हैं।

[02:34:32] टॉपिक को आगे बढ़ाते हैं। अगली चीज है

[02:34:36] अगली चीज

[02:34:40] एक आता है एपैथी। शब्द आया एपैथी।

[02:34:44] एपैथी का मतलब क्या होता है? यह समझिएगा।

[02:34:46] एपैथी

[02:34:48] एपैथी का मतलब ऐसा होता है कि कई लोगों के

[02:34:52] अंदर फीलिंग्स मर जाती है। ऐसे जो शूरवीर

[02:34:56] होते हैं राजाओं में राजा महाबली जिनके

[02:35:00] अंदर फीलिंग्स एंड हो जाती है उनको कहते

[02:35:02] हैं एपैथी वाले। कौन से वाले भाई? एपैथी

[02:35:06] वाले। तो एपैथी का मतलब क्या है? एब्सेंस

[02:35:09] ऑफ फीलिंग्स। मान लीजिए कोई पिट रहा है,

[02:35:12] कोई मार रहा है। अब इनके अंदर कोई फीलिंग

[02:35:15] नहीं आ रही है। मान लीजिए जैसे कि कोई पिट

[02:35:17] रहा है या कोई मार रहा है रास्ते के अंदर

[02:35:19] तो दो तरह के लोग होते हैं। एक तो होते

[02:35:21] हैं ओ माय गॉड ये तो क्यों लड़ाई हो रही

[02:35:23] है? बचाओ इनको। है ना? और दूसरे होते हैं

[02:35:25] अरे वाह यार अच्छे से लड़ाई हो रही है और

[02:35:27] अच्छे से मारपीट कर। तो इनके अंदर दोनों

[02:35:30] में फीलिंग्स है। बट तीसरी कैटेगरी वाला

[02:35:32] आया उसको कोई मतलब ही नहीं है लड़ाई होने

[02:35:35] से। वो चुपचाप अपने काम में निकल गया। यह

[02:35:37] है एपैथी। हेपैथी वाले में कोई फीलिंग

[02:35:40] नहीं है। एब्सेंस ऑफ़ फीलिंग।

[02:35:44] एब्सेंस ऑफ फीलिंग्स। फीलिंग्स का एब्सेंट

[02:35:48] हो जाना इसको कहते हैं एपैथी।

[02:35:51] मान लीजिए आपका एग्जाम के बाद एग्जाम के

[02:35:55] बाद एक एग्जाम दिया। दूसरा तीसरा चौथा

[02:35:58] एग्जाम के बाद एग्जाम के बाद सिलेक्शन के

[02:36:00] बाद सिलेक्शन के ऊपर सिलेक्शन सिलेक्शन

[02:36:02] सिलेक्शन नहीं हो रहा है। लगातार एग्जाम्स

[02:36:05] दिए सिलेक्शन हो ही नहीं रहा है। अब घर

[02:36:07] वाले आपको पीटने के लिए तैयारी कर रहे

[02:36:10] हैं। ठीक है? एक बड़ा सारा बैटवट लिया है।

[02:36:13] बैट के ऊपर आराम से बैट को रख दिया है। अब

[02:36:17] मारने की तैयारी कर रहे हैं। अब आपके अंदर

[02:36:19] फीलिंग्स आनी चाहिए। फीलिंग्स क्या आनी

[02:36:21] चाहिए? दूर से बैट देखा और चीखें निकल

[02:36:24] जानी चाहिए। बट यहां अब हो गया एपैथी। बैट

[02:36:28] को देखने के बाद ना तो चीखें निकल रही है,

[02:36:30] ना हंसी निकल रही है, कुछ नहीं निकल रहा

[02:36:32] है। इसको कहते हैं एपैथी।

[02:36:37] है ना? तो ये बात याद रखिएगा। पढ़ाई जरूरी

[02:36:41] है। यहां एपैथी का मतलब है एब्सेंस ऑफ़

[02:36:44] फीलिंग्स का होना। ठीक है? फीलिंग्स का

[02:36:47] होना। और इतनी बार साल दो साल से कुटाई चल

[02:36:51] रही और मानिए एक रिजल्ट आया और उस रिजल्ट

[02:36:54] के अंदर आपका नाम आ गया, रोल नंबर आ गया

[02:36:57] कि आपका सिलेक्शन हो गया है एनएचएम के

[02:37:00] अंदर। है ना? नेशनल हेल्थ मिशन के अंदर

[02:37:03] सिलेक्शन हो गया है। अब आप सोच रहे हैं

[02:37:05] ऐसी सरकारी नौकरी का क्या मतलब जिसमें

[02:37:07] मिलेगी तनख्वाह 20,000। तो आपके मुंह का

[02:37:11] चेहरे का पूरा रौनक ही उड़ जाएगा। इसको

[02:37:13] क्या कहते हैं? फिर भी फीलिंग्स मर जाएगी

[02:37:15] आपकी।

[02:37:17] चलिए एपैथी के बाद एक और शब्द सुनाता हूं।

[02:37:21] एक शब्द आता है ब्लंट इमोशन।

[02:37:25] ब्लंट इमोशन। ब्लंट इमोशन का मतलब क्या

[02:37:28] होता है? समझिएगा। जनरली हमारे इमोशंस जो

[02:37:33] होते हैं ना वो हर चीज को देख के बड़े

[02:37:36] अच्छे इमोशंस हो जाते हैं। इमोशंस कैसे

[02:37:38] होते हैं? इमोशंस होते हैं। जो हमारे

[02:37:40] माइंड में चल रहा है, वह हमारे चेहरे से

[02:37:42] दिखता है।

[02:37:44] मानिए आपका सिलेक्शन हो गया और सिलेक्शन

[02:37:47] होने के बाद आपको घर वालों ने बहुत अच्छा

[02:37:51] एक फोन गिफ्ट कर दिया। ठीक है? लड़के लोग

[02:37:54] हैं तो उनके लिए शादी का तुरंत रिश्ता आ

[02:37:56] गया। ठीक है? तो यह होता क्या है? लड़के

[02:38:00] लोग तो वैसे ही खुश हो जाते हैं कि भैया

[02:38:01] सिलेक्शन अभी हुआ और शादी का रिश्ता अभी आ

[02:38:04] गया। तो हुआ क्या? ब्लड इमोशन में क्या

[02:38:07] होगा?

[02:38:08] यह तो है आपका चेहरा खिलखिला जाएगा। अरे

[02:38:11] वाह यार जिंदगी सेट हो गया। मामला सेट हो

[02:38:13] गया। यह इमोशन अच्छे हैं। शार्पनेस ऑफ

[02:38:16] इमोशन है। आप स्माइल करेंगे, खुश होंगे।

[02:38:18] बट ब्लंट इमोशन में क्या हो रहा है? आप गए

[02:38:22] और आपके चेहरे से आपको कोई खुशी हो रही है

[02:38:25] और आपके चेहरे पे वो एक्सप्रेस ही नहीं हो

[02:38:27] पा रही। जैसे एक चाकू की धार खत्म हो जाती

[02:38:30] है। वैसे ही आपके चेहरे की धार खत्म हो

[02:38:33] गई। चेहरे के ऊपर जो एक्सप्रेशनंस आने

[02:38:35] चाहिए थे वह गायब हो गए।

[02:38:38] लड़की वाले बैठे हुए हैं। लड़के वाले बैठे

[02:38:40] हुए हैं और आप ऐसे भौंदा सा मुंह लेकर के

[02:38:43] बैठे हुए हैं। तो इसी को कहते हैं ब्लंट

[02:38:46] इमोशन कहते हैं। क्या कहते हैं? ब्लंट

[02:38:48] इमोशन। तो जो लोग साइकेट्रिक पेशेंट्स

[02:38:51] होते हैं, धीरे-धीरे उनके इमोशंस भी गायब

[02:38:53] होने लग जाते हैं। इमोशन डिस्ट्रॉय होने

[02:38:56] लग जाते हैं।

[02:38:58] ठीक है? चलिए, तो आगे की बात को एक

[02:39:03] क्वेश्चन से डील करते हैं। क्वेश्चन आ रहा

[02:39:06] है

[02:39:08] यहां पे व्हिच ऑफ द फॉलोइंग डिसऑर्डर हैव

[02:39:11] सिम्टम्स लाइक पर्सक्यूशन, ग्रैंडर,

[02:39:14] आइडिया ऑफ रेफरेंस एंड इनकोरेंस। यानी कि

[02:39:17] यहां कहा जा रहा है एक व्यक्ति जिसको यह

[02:39:20] सारे सिम्टम्स या डिसऑर्डर्स हो रहे हैं।

[02:39:22] पर्सक्यूशन, ग्रैंडर, रेफरेंस, इनकोरेंस।

[02:39:26] तो, यह कौन से व्यक्तियों में पाया जाता

[02:39:28] है? ए डिसऑर्डर ऑफ़ एक्टिविटी, बी डिसऑर्डर

[02:39:31] ऑफ़ अटेंशन, सी कहलाता है डिसऑर्डर ऑफ़ थॉट

[02:39:34] एंड डी कहलाता है डिसऑर्डर ऑफ़ परसेप्शन।

[02:39:39] चलिए भाई, बताइए अभी मैंने आपको पढ़ाया था

[02:39:42] कि एक वो व्यक्ति जिसके अंदर उसके विचारों

[02:39:47] की गड़बड़ी होने लग जाए, वो शक करने लगे।

[02:39:50] हर छोटी-छोटी बात पे उसको कहते हैं

[02:39:53] पर्सक्यूशन।

[02:39:54] एक व्यक्ति जो अपने आप को बहुत बड़ा रहीस

[02:39:58] समझे। है ना? मान लीजिए ऐसा कोई समझे

[02:40:02] अंबानी जी के फूफू का लड़का समझे अपने आप

[02:40:04] को। बट रियलिटी में वो साइकेट्रिक पेशेंट

[02:40:06] है। उसके पास कुछ नहीं है। तो इसको क्या

[02:40:08] कहा जाता है? ये सब होता है डिसऑर्डर ऑफ।

[02:40:12] शाबाश। बहुत बढ़िया। डिसऑर्डर ऑफ़ थॉट

[02:40:14] कहलाता है।

[02:40:18] डिसऑर्डर ऑफ़ थॉट क्या है? डिसऑर्डर ऑफ़ थॉट

[02:40:21] होता है। डिसऑर्डर ऑफ़ थॉट यानी के एक

[02:40:26] व्यक्ति के विचारों की गड़बड़ी होना। क्या

[02:40:30] कहलाता है? विचारों की गड़बड़ी। अब आप

[02:40:32] देखिएगा सी आंसर देने वाले कितने हैं। ये

[02:40:35] है। चलिए तो अब आपको यहां पर बात समझ में

[02:40:39] आ गई है क्या-क्या होता है? किस प्रकार

[02:40:41] से?

[02:40:42] आंसर सी जाएगा। सी जाएगा। सी जाएगा।

[02:40:46] चलिए

[02:40:49] इतना समझ में आया।

[02:40:52] ओके इतना समझ में आ गया। तो मेरे प्यारे

[02:40:56] साथियों यहां तक कि आपको कहानी समझ में आ

[02:40:59] गई है। एक और मैं आपको एक टर्म समझाता हूं

[02:41:03] जिसको कहा जाता है इन कॉन्टिनेंस

[02:41:09] ऑफ इमोशन। इनकॉन्टिनेंस ऑफ इमोशन। इसका

[02:41:13] मतलब कोई समझाएगा? इनकॉन्टिनेंस ऑफ इमोशन

[02:41:16] इमोशंस का इनकॉन्टिनेंस होना

[02:41:20] बताइएगा इनकॉन्टिनेंस ऑफ इमोशंस का मतलब

[02:41:23] क्या होता है?

[02:41:26] हां जी इनकॉन्टिनेंस ऑफ इमोशंस का मतलब

[02:41:28] क्या होता है?

[02:41:31] बस इसके बाद अब मैं पर्सनालिटी क्या होगा?

[02:41:34] साइकोसेक्सुअल्स क्या होंगे? फोबियाज़ क्या

[02:41:36] होंगे? इनके ऊपर बात करेंगे। जल्दी-जल्दी

[02:41:38] कंप्लीट करते हैं। इनकॉन्टिनेंस ऑफ़ इमोशंस

[02:41:40] क्या होता है भैया? इनकॉन्टिनेंस ऑफ यूरिन

[02:41:42] एमएसए के अंदर मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग में

[02:41:44] पढ़ा होगा कि इनकॉन्टिनेंस ऑफ यूरिन क्या

[02:41:47] होता है? बच्चा सोया रात को है ना और बेड

[02:41:51] पे जब सोया तो वो बिल्कुल ड्राई बैड था।

[02:41:53] रात होते ही सुबह होते ही वो गीला हो गया।

[02:41:56] बच्चे का सिचुएशन यूरिन की वजह से सिचुएशन

[02:41:59] ड्राई से वेट पे आ गया। इनकॉन्टिनेंस ऑफ

[02:42:02] इमोशंस का मतलब क्या होता है? एक व्यक्ति

[02:42:05] जिसका इमोशंस और मूड फ्रीक्वेंटली चेंज

[02:42:10] हो।

[02:42:11] हंस के बात कर रहा है। करते करते एकदम से

[02:42:14] गुस्से में आ गया।

[02:42:17] गुस्से में बात कर रहा है। और क्या हाल

[02:42:19] है? और एकदम से प्यार में आ गया। इसी को

[02:42:21] कहते हैं इनकॉन्टिनेंस ऑफ इमोशन कहा जाता

[02:42:24] है सडन चेंज ऑफ इमोशंस।

[02:42:30] सडन चेंज

[02:42:32] ऑफ इमोशंस। इमोशंस का सडन चेंज होना। इसको

[02:42:38] क्या कहा जाता है? सडन चेंज ऑफ इमोशंस

[02:42:41] जिसको कहा जाता है इनकॉन्टिनेंस ऑफ इमोशन

[02:42:43] कहा जाता है।

[02:42:45] ठीक है? इनकॉन्टिनेंस ऑफ इमोशन बार-बार

[02:42:49] लोगों का मूड स्विंग होता है ना स्माइल कर

[02:42:52] रहे हैं, प्यार से बात कर रहे हैं। बात

[02:42:54] करते-करते 1 मिनट में वो चेंज हो जाते

[02:42:57] हैं। इसको क्या कहा जाता है? इनकॉन्टिनेंस

[02:42:59] ऑफ इमोशन कहा जाता है।

[02:43:03] ठीक है भाई? चलिए इतनी बात समझ में आ गई?

[02:43:06] तो थोड़े टाइम का ब्रेक लेते हैं। ब्रेक के

[02:43:10] बाद मिलेंगे।

[02:43:12] 10 मिनट का ब्रेक है। ब्रेक टाइम। ठीक है?

[02:43:16] एग्जैक्ट 10 मिनट बाद मिलते हैं। अब हमें

[02:43:19] टॉपिक पे पकड़ना है। पर्टिकुलर टॉपिक

[02:43:21] चलाएंगे। पर्सनालिटी को, साइकोसेक्सुअल

[02:43:24] हुआ, फोबियाज़ हुआ, ईसीटी हुआ। अब इनको

[02:43:28] हमें निपटाना है। तो आपका अभी थोड़ा ब्रेक

[02:43:32] है 10 मिनट का। तो 10 मिनट के ब्रेक के

[02:43:35] बाद ठीक है मिलते हैं आपसे ठीक है

[02:44:00] हेलो बच्चों आ गए हैं वापस से आ गए हैं और

[02:44:03] आप चालू करते हैं। वापस क्लास को आगे

[02:44:05] बढ़ाते हैं और बहुत सारी चीजें समझनी है।

[02:44:07] चलिए तो आप सभी बच्चों का बहुत-बहुत वेलकम

[02:44:10] है और दोबारा से आ जाइएगा। चालू करते हैं।

[02:44:13] देखिए सबसे पहला अभी फटाफट अब हमें

[02:44:15] टॉपिक्स के ऊपर चलना है। टॉपिक्स को हमें

[02:44:17] निपटाना है। एक चीज आती है जिसको कहते हैं

[02:44:19] ईसीटी। तो ईसीटी के बारे में आपको पता

[02:44:22] होना चाहिए।

[02:44:25] ट्रीटमेंट करने का, इलाज करने के अलग-अलग

[02:44:28] प्रोटोकॉल्स होते हैं। साइकेट्रिक पेशेंट

[02:44:30] है तो उस साइकेट्रिक पेशेंट्स के अंदर

[02:44:32] हमें पहले तो दवाओं से इलाज किया जाता है।

[02:44:35] फिर साइकोथरेपी से एंड थर्ड होता है

[02:44:37] ईसीडी। इलेक्ट्रो कन्व्सिव थेरेपी।

[02:44:40] इलेक्ट्रो कन्वल्सिव थेरेपी। इसका फुल

[02:44:42] फॉर्म क्या है? इलेक्ट्रो कन्व्सिव

[02:44:45] कन्वसिव

[02:44:47] थेरेपी। इलेक्ट्रो कन्वल्सिव थेरेपी। अब

[02:44:50] मैं आपको यहां पर कुछ-कुछ पॉइंट बता रहा

[02:44:52] हूं। ईसीडी थेरेपी से आप क्या करने वाले

[02:44:55] हैं? ब्रेन के ऊपर इलेक्ट्रोड्स लगाएंगे

[02:44:57] और उससे करंट पास करेंगे। पॉइंट टू पॉइंट

[02:45:00] याद करते चलिएगा क्या-क्या होता है? किस

[02:45:02] प्रकार से होता है? ईसीडी थेरेपी के अंदर

[02:45:05] हम जो वोल्टेज रखते हैं करंट लगाने के लिए

[02:45:09] वो कितना होता है? पहला सवाल

[02:45:12] जब भी किसी को ईसीडी देते हैं तो उसका जो

[02:45:15] वोल्टेज रखा जाएगा वह कितना रखा जाता है?

[02:45:19] 90 से 150 वोल्ट।

[02:45:22] 90 से 150 वोल्ट का करंट रखा जाएगा। प्लस

[02:45:26] एवरेज अगर देखा जाए तो एवरेज वैल्यू

[02:45:29] बताइएगा। कितने वोल्टेज की एवरेज वैल्यू

[02:45:31] रखते हैं? 90 से 150 आपका बिल्कुल सही है।

[02:45:34] एवरेज वैल्यू पूछ ली जाए तो कितनी रखते

[02:45:37] हैं? 110 वोल्ट का एवरेज रहना चाहिए।

[02:45:42] बट बेटा जब आपसे वोल्टेज ना पूछ के मिली

[02:45:44] एंपियर में पूछे तो आपको मिली एंपियर में

[02:45:49] याद रखना है 200 से 1600

[02:45:52] मिली एंपियर का करंट रखा जाएगा। 200 से

[02:45:57] 1600 मिली एमंपियर प्लस अब फास्टफास्ट

[02:46:00] करेंगे। फास्टफास्ट करिएगा। मिली एंपियर

[02:46:03] के बाद टाइम पूछा जाए तो टाइम 0.1 सेकंड

[02:46:07] से लेकर के 1 सेकंड तक दिया जाता है। 0.1

[02:46:13] से 1 सेकंड। भैया इतना जल्दी दिया जाता है

[02:46:16] जितना तो हम भी नहीं होंगे। हमारी भी

[02:46:19] एबिलिटीज नहीं होती है। इंसान ही एबिलिटीज

[02:46:21] से ऊपर है। इंसान चालू करता है। मशीन

[02:46:23] ऑटोमेटिक इस दौरान बंद हो जाती है। 0.1 से

[02:46:27] लेके 1 सेकंड एवरेजन अगर मैं देखता हूं

[02:46:30] 0.6 सेकंड का एवरेज है कि इस दौरान करंट

[02:46:35] दिमाग पे जाकर के पहुंच जाना चाहिए। अगली

[02:46:38] बात यह ईसीडी का मैकेनिज्म क्या होता है?

[02:46:42] ईसीडी का मैकेनिज्म है न्यूरो

[02:46:45] ट्रांसमीटर्स में ऑल्टरेशन करना। न्यूरो

[02:46:49] ट्रांसमीटर्स आपको पता होना चाहिए कि एक

[02:46:52] साइकेट्रिक पेशेंट जो होता है ना उसके

[02:46:54] न्यूरोट ट्रांसमीटर गड़बड़ा जाते हैं।

[02:46:56] डिप्रेशन में सिरोटोनिन कम हो जाता है।

[02:46:59] मेनिया में जा रहा है तो उसमें डोपामिन

[02:47:01] बढ़ जाता है। सब में अलग-अलग चीजें होती

[02:47:04] है। तो यहां आपको क्या बोला जा रहा है?

[02:47:08] ईसीटी में मैकेनिज्म में न्यूरो

[02:47:10] ट्रांसममीटर्स का ऑल्टरेशन तो यह न्यूरो

[02:47:13] ट्रांसमीटर को ठीक करता है। जैसे कि अब

[02:47:16] आपसे पूछा जाए आपसे पूछा जाए मेजर

[02:47:19] इंडिकेशन ऑफ ईसीटी।

[02:47:23] मेजर इंडिकेशन इंडिकेशन ऑफ ईसीटी। सबसे

[02:47:28] बड़ा इंडिकेशन क्या है ईसीटी का? मेजर

[02:47:30] इंडिकेशन ऑफ ईसीटी क्या है? आपसे पूछा जाए

[02:47:33] जल्दी से जवाब दीजिएगा। मेजर इंडिकेशन ऑफ

[02:47:35] ईसीटी क्या है?

[02:47:38] और जो जो पॉइंट अब याद करा रहा हूं पॉइंट

[02:47:40] टू पॉइंट चलिएगा फटाफट चलिएगा मेजर

[02:47:42] इंडिकेशन ऑफ ईसीटी डिप्रेशन के अलावा याद

[02:47:45] रखना मिलनोकोलिक डिप्रेशन

[02:47:48] आप सभी डिप्रेशन बोलोगे बोल रहे हो मैं

[02:47:51] आपको बोल रहा हूं मिलनोकोलिक बोलिएगा मेजर

[02:47:54] इंडिकेशन है मिलनोकोलिक

[02:47:58] डिप्रेशन कौन सा डिप्रेशन है मिलनोकोलिक

[02:48:01] डिप्रेशन

[02:48:03] डिप्रेशन का मतलब होता है एक व्यक्ति का

[02:48:05] सारी एबिलिटीज का कम हो जाना बट

[02:48:07] मिलानोकोलिक का मतलब होता है वो डिप्रेशन

[02:48:10] में भी है और फ्रीक्वेंटली रो भी रहा है।

[02:48:11] हर छोटी-छोटी बात पे रो रहा है। इसको कहते

[02:48:14] हैं मिलनोकोलिक डिप्रेशन। मेजर इंडिकेशन

[02:48:17] मिलनोकोलिक डिप्रेशन। ईसीटी दो प्रकार से

[02:48:21] दी जाती है। ईसीटी को दो प्रकार से बांटा

[02:48:25] जाता है।

[02:48:27] पहली आती है डायरेक्ट ईसीटी। और एक ईसीटी

[02:48:31] कहलाती है जिसको कहते हैं मॉडिफाइड

[02:48:35] ईसीटी कहा जाता है। कौन सी ईसीटी कहा जाता

[02:48:37] है? मॉडिफाइड ईसीटी कहा जाता है। एक है

[02:48:40] डायरेक्ट ईसीटी, दूसरी है मॉडिफाइड ईसीटी।

[02:48:43] पहले के जमाने में यूज़ की जाती थी

[02:48:45] डायरेक्ट ईसीटी। अभी हम यूज़ करते हैं

[02:48:47] मॉडिफाइड। आपसे बोला जाए कौन सी बेहतर है?

[02:48:50] आप बोलिएगा मॉडिफाइड बेहतर है।

[02:48:53] डायरेक्ट ईसीटी और मॉडिफाइड की। अब देखो

[02:48:55] पॉइंट टू पॉइंट चलो। जल्दी-जल्दी पॉइंट टू

[02:48:57] पॉइंट चलो। रिवाइज़ करो। डायरेक्ट ईसीटी वो

[02:49:00] ईसीटी होती है जिसके अंदर नो एनस्थीसिया

[02:49:04] कोई एनस्थीसिया नो मसल रिलैक्सेंट मसल

[02:49:07] रिलैक्सेंट भी नहीं देते कोई एनस्थीसिया

[02:49:09] कोई मसल रिलैक्सेंट कुछ नहीं देंगे

[02:49:12] यहां पर एनस्थीसिया भी देंगे प्लस मसल

[02:49:17] रिलैक्सेंट भी देते हैं क्योंकि हमें

[02:49:19] पेशेंट के कॉम्प्लिकेशंस को बचाना है।

[02:49:22] पेशेंट के अगर एनस्थसिया मसल रिलैक्सेंट

[02:49:25] नहीं देते हैं पेशेंट के जॉ फ्रैक्चर अ

[02:49:28] रेस्पिरेटरी अरेस्ट का होना, कार्डियक

[02:49:30] अरेस्ट का होना ये सब हो जाता है। तो हम

[02:49:33] मॉडिफाइड के अंदर एनस्थसिया एंड मसल

[02:49:35] रिलैक्सेंट दोनों देते हैं। वो एनस्थीसिया

[02:49:38] और मसल रिलैक्सेंट का नाम क्या है?

[02:49:40] थायोपेंटाल सोडियम। थायोपेंटाल सोडियम या

[02:49:44] इसको सोडियम पेंटोथाल भी कहते हैं।

[02:49:48] या फिर हम दूसरा कहते हैं सक्सिनाइल कोलिन

[02:49:50] मसल रिलैक्स। सक्सिनाइल कोलीन। सक्सिनाइल

[02:49:54] कोलिन या थायोपेंडल सोडियम ये दोनों को

[02:49:56] दिया जाता है। आपको समझ में आई यह बात? तो

[02:50:00] ईसीडी दो प्रकार की डायरेक्ट और मॉडिफाइड।

[02:50:02] कभी भी इसको डायरेक्ट के बाद इनडायरेक्ट

[02:50:04] मत कर देना। आंसर गलत आएगा। अब अगली बात

[02:50:07] पे आइएगा।

[02:50:09] अगली बात है आपसे पूछा जाए मोस्ट

[02:50:13] इंपॉर्टेंट

[02:50:16] कॉन्ट्रा इंडिकेशन। कॉन्ट्रा इंडिकेशन

[02:50:22] ऑफ ईसीटी ईसीटी का मोस्टेंट कॉन्ट्रा

[02:50:25] इंडिकेशन क्या है? ईसीटी का सबसे ज्यादा

[02:50:29] मोस्टेंट कॉन्ट्रा इंडिकेशन क्या होता है?

[02:50:33] जवाब दीजिएगा। ईसीटी का सबसे बड़ा

[02:50:36] कॉन्ट्रा इंडिकेशन क्या है? जब हमें नहीं

[02:50:39] देनी है। एब्सोल्यूट कॉन्ट्रा इंडिकेशन की

[02:50:41] बात कर रहा हूं।

[02:50:44] शाबाश। बहुत बढ़िया। एब्सोल्यूट कॉन्ट्रा

[02:50:48] इंडिकेशन ईसीटी का इनक्रीज आईसीपी जब किसी

[02:50:51] व्यक्ति का इंट्राक्रेनियल प्रेशर बड़ा हो

[02:50:54] नहीं दिया जाता इंट्रा

[02:50:57] क्रेनियल प्रेशर ये एब्सोल्यूट इंडिकेशन

[02:51:00] है। कॉन्ट्रा इंडिकेशन है। एब्सोल्यूट

[02:51:02] कॉन्ट्रा इंडिकेशन का मतलब है हमें जब

[02:51:04] नहीं देना है। तो एब्सोल्यूट कॉन्ट्रा

[02:51:07] इंडिकेशन क्या है भाई? इस दौरान जब भी

[02:51:10] हमें लगे कि पेशेंट का आईसीपी बढ़ा हुआ

[02:51:12] है। बिल्कुल नहीं देना। चाहे कुछ भी हो

[02:51:14] जाए नहीं दिया जाता। एब्सोल्यूट कंट्रा

[02:51:17] इंडिकेशन

[02:51:19] आपसे यहां बोला जाएगा मेजर साइड इफेक्ट ऑफ

[02:51:23] ईसीटी बताएं। मेजर साइड इफेक्ट ऑफ ईसीटी।

[02:51:28] ईसीटी का मेजर साइड इफेक्ट बताएं। अगर हम

[02:51:31] ईसीटी देते हैं एक व्यक्ति में क्या साइड

[02:51:34] इफेक्ट आता है? वो बताएं।

[02:51:37] बेटा फटाफट ये पॉइंट्स को याद करते चलो।

[02:51:39] टाइम की बहुत कमी पड़ जाती है। मैं आपसे

[02:51:42] बोल रहा हूं मेजर साइड इफेक्ट ऑफ ईसीटी

[02:51:43] बताएं। क्या साइड इफेक्ट होगा? अब हर

[02:51:46] बीमारी का मेजर मेजर याद कर लो। मेजर साइड

[02:51:48] इफेक्ट ऑफ ईसीटी। यह देखो प्रतिभा ने सबसे

[02:51:52] बढ़िया जवाब दिया। डिमेंशिया विमशिया नहीं

[02:51:53] करके आना है। डिमेंशिया नहीं होता है।

[02:51:55] मेमोरी लॉस डिमेंशिया होता है क्या? नहीं

[02:51:58] होता है। एमनेसिया होता है मेमोरी लॉस।

[02:52:02] वालेकुम अस्सलाम। मेमोरी लॉस डिमेंशिया

[02:52:06] नहीं होता है। यहां याद रखिएगा। रिवर्सिबल

[02:52:10] मेमोरी लॉस रिवर्सिबल

[02:52:13] मेमोरी लॉस अगर वो कह देता इररिवर्सिबल

[02:52:17] रिवर्सिबल पार्शियल रिवर्सिबल कौन सा

[02:52:19] करोगे टेंपरेरी रिवर्सिबल मेमोरी लॉस

[02:52:22] टेंपरेरी तौर पे रिवर्सिबल मेमोरी लॉस

[02:52:24] दोबारा मेमोरी आ जाती है दो बातें हो गई

[02:52:27] मेजर साइड इफेक्ट भी हो गया अगली बात

[02:52:30] सुनिएगा मेजर कॉम्प्लिकेशन बताएं

[02:52:34] मेजर

[02:52:36] कॉम्प्लिकेशन मेजर कॉम्प्लिकेशन ेशन ऑफ

[02:52:39] ईसीटी मेजर कॉम्प्लिकेशन ऑफ ईसीटी ईसीटी

[02:52:42] का सबसे बड़ा कॉम्प्लिकेशन क्या है?

[02:52:45] मेजर कॉम्प्लिकेशन ऑफ ईसीटी बताइएगा क्या

[02:52:48] मेजर कॉम्प्लिकेशन होता है ईसीटी का?

[02:52:53] हां भाई मेजर कॉम्प्लिकेशन ऑफ ईसीटी क्या

[02:52:55] है? कॉम्प्लिकेशन का मतलब है नुकसान। साइड

[02:52:59] इफेक्ट का मतलब होता है कि इससे होगा ही

[02:53:01] होगा। एक कोई ना कोई इफेक्ट जाएगा। इसके

[02:53:04] अलावा इफेक्ट जाएगा। मेजर कॉम्प्लिकेशन इज़

[02:53:07] फ्रैक्चर। फ्रैक्चर इसका मेजर

[02:53:09] कॉम्प्लिकेशन है।

[02:53:12] फ्रैक्चर क्या होता है? मेजर कॉम्प्लिकेशन

[02:53:15] होता है। मेजर कॉम्प्लिकेशन फ्रैक्चर है

[02:53:17] इसका।

[02:53:20] समझ में आ रही है बात? मेजर कॉम्प्लिकेशन

[02:53:22] फ्रैक्चर रहेगा। मेजर कॉम्प्लिकेशन हो

[02:53:25] गया। अब मैं आपसे बोल रहा हूं ईसीडी की

[02:53:27] इलेक्ट्रोड्स को दो प्रकार से प्लेस किया

[02:53:30] जाता है। ईसीडी की इलेक्ट्रोड्स को

[02:53:31] प्लेसमेंट कैसे किया जाएगा? दो प्रकार से।

[02:53:35] यूनिलटरल और बटरल। कौन सी बढ़िया है भाई?

[02:53:37] यूनिलैटरल और बटरल। आपसे अगर पूछा जाए इन

[02:53:41] दोनों में से बेहतर कौन है आज के जमाने

[02:53:44] में? यूनिलैटरल बेहतर है या बटरल बेहतर

[02:53:46] है?

[02:53:49] है ना? यहां पे अगर आपसे पूछा जा रहा है

[02:53:51] इनमें से कौन सी वाली इलेक्ट्रोड

[02:53:54] प्लेसमेंट बेहतर है? यूनिलटरल या बटरल?

[02:54:01] बताइएगा। यूनिलैटरल बेहतर है या बटरल

[02:54:03] बेहतर है? कौन सी वाली बेहतर होती है?

[02:54:07] यूनिलटरल और बटरल ठीक है। ठीक है।

[02:54:10] यूनिलटरल और बटरल कौन सी वाली बेहतर रहती

[02:54:13] है? यह बताइएगा। आपसे अगर पूछा जाए कि

[02:54:16] ईसीटी के अंदर कौन सी वाली इलेक्ट्रोड्स

[02:54:18] को लगाना बेहतर है? तो आप बोलिएगा

[02:54:20] यूनिलैलेटरल। बेस्ट है यूनिलैलेटरल। बिकॉज़

[02:54:23] ऑफ़ मिनिमम मिनिमम साइड इफेक्ट्स। याद

[02:54:26] रखिएगा यूनिलैलेटरल सबसे बेस्ट है। बिकॉज़

[02:54:28] ऑफ़ लेस साइड इफेक्ट। साइड इफेक्ट्स बड़े कम

[02:54:32] है। बटरल में क्या होता था? दोनों तरफ में

[02:54:34] बड़े साइड इफ़ेक्ट हुआ करते थे। तो, हमें

[02:54:37] क्या करना है? हमें यह करना है। यह हमारी

[02:54:39] आंखें हैं और इन आंखों के पास में ये कान

[02:54:42] है और ट्रैकस इसके यहां से मिड पॉइंट से 1

[02:54:45] इंच ऊपर पे इलेक्ट्रोड्स लगाई जाती है।

[02:54:47] क्या लगाई जाती है? इलेक्ट्रोड्स लगाई

[02:54:49] जाती है 1 इंच ऊपर पे। तो ये हमारा

[02:54:51] प्लेसमेंट होगा। अगर दोनों तरफ लगाते हैं

[02:54:54] मेमोरी लॉस ज्यादा होता है।

[02:54:57] दोनों तरफ लगाते हैं ज्यादा होगा। दोनों

[02:55:00] तरफ में बटरल में ज्यादा होगा। एक तरफ

[02:55:03] लगाया लेस साइड इफेक्ट होगा। साइड इफेक्ट

[02:55:06] बहुत कम होगा। तो, यह हो गई सबसे पहले

[02:55:09] ईसीटी की बात। ठीक है? ईसीटी की बात। अब

[02:55:12] याद रखना ईसीटी से पहले हमें पेशेंट को

[02:55:15] मैं अभी यहां ही पॉइंट समझा देता हूं।

[02:55:18] पेशेंट के सिर को धोना है शैंपू से।

[02:55:21] पेशेंट को भूखा रखना है। छ से 8 घंटे

[02:55:24] एनपीओ। मसल रिलैक्स हो जाएगी। खाना निकल

[02:55:26] जाएगा। पेशेंट को ईसीटी से पहले ऑक्सीजनेट

[02:55:30] करना है।

[02:55:32] पेशेंट के दांत, नकली दांत, इयरिंग्स,

[02:55:36] पिंस यह सब हटा देना है मेटल का। पेशेंट

[02:55:40] को ग्लाइकोपाइरोट का इंजेक्शन लगाना है

[02:55:43] जिससे मुंह के सिकक्रशंस कम हो जाए।

[02:55:46] पेशेंट को आफ्टर आफ्टर ईसीटी ओरिएंट कराना

[02:55:50] है। ओरिएंटेशन करवाना है। आप कहां हो,

[02:55:52] कैसे हो, क्या हो, यह ओरिएंटेशन होना

[02:55:55] चाहिए।

[02:55:57] पेशेंट को बीच-बीच में वाइटल्स को चेक

[02:56:00] करने हैं ईसीटी के बाद क्योंकि मसल

[02:56:02] रिलैक्सेंट है तो मसल रिलैक्सेंट आपके

[02:56:04] वाइटल्स को फॉल करेगा। ये हमें करने हैं।

[02:56:06] चलिए इतनी बात समझ में आ गई। अब मैं आपको

[02:56:10] कुछ फोबियाज़ पूछता जा रहा हूं और आपको

[02:56:13] मुझे जवाब देते जाने हैं। फोबियाज़ कौन-कौन

[02:56:15] से होते हैं? मैं आपसे पूछ रहा हूं और आप

[02:56:18] मुझे जवाब दीजिएगा। तैयार हो जाइए सबसे

[02:56:20] पहले।

[02:56:24] ठीक है? तो फोबियाज की बात कर रहे हैं।

[02:56:27] फोबियाज की बात कर रहे हैं और तैयार हो

[02:56:29] जाइएगा।

[02:56:32] मुझे अगर ऊंचाई से डर लगे उसको कौन सा

[02:56:35] फोबिया कहते हैं? मैं आपसे पूछ रहा हूं।

[02:56:38] आप मुझे बताएं आगे हम कंटिन्यू करते हैं।

[02:56:40] मैंने अगर पूछा मुझे फियर हो रहा है। फियर

[02:56:44] ऑफ हाइट्स। ऊंचाई से डर लगे मैं कौन सा

[02:56:47] फोबिया कहूंगा?

[02:56:53] अनिका तहसीन पहले सुनो बेटा मैं क्या पूछ

[02:56:56] रहा हूं। है ना? यह काम मत करो कानों के

[02:56:59] अंदर रुई डाल के और आंखों से सुनना चालू

[02:57:02] करोगे तो नहीं सुनाई देगा। कानों से सुनाई

[02:57:05] देगा। मैं यह बोल रहा हूं फियर ऑफ हाइट्स।

[02:57:07] ऊंचाई से डर लगे उसको क्या कहते हैं? इसको

[02:57:10] क्या कहा जाता है? एक्रोफोबिया कहा जाता

[02:57:12] है। वेरी गुड।

[02:57:14] एक्रोफोबिया। एक्रोफोबिया का मतलब क्या

[02:57:17] होता है? ऊंचाई से डर लगे। एक्रोबैट्स

[02:57:19] मतलब ऊंचाई से कूदने वाले एक्रोफोबिया

[02:57:22] क्या होता है? पहली बात।

[02:57:25] ठीक है? एक्रोफोबिया क्या होता है? ऊंचाई

[02:57:28] से डर लगना एक्रोफोबिया कहलाता है। मैं

[02:57:31] अगर आपसे पूछ रहा हूं मुझे फायर से डर

[02:57:34] लगे। फायर फोबिया ऑफ़ फायर। आग से डर लगे

[02:57:37] तो उसको क्या कहा जाता है?

[02:57:40] अगर किसी को आग से डर लगे तो उसको क्या

[02:57:44] कहा जाता है? बताइएगा।

[02:57:48] इसलिए मैं कहता हूं थोड़ा तसल्ली से सुना

[02:57:50] करो। तसल्ली से सुना करो। जल्दी मत किया

[02:57:54] करो कि सुना है नहीं पहले आंसर उससे पहले

[02:57:58] चीख रहे हैं। बता रहे हैं। पायरोफोबिया

[02:58:00] कहते हैं। आग से आग लग गई। आग लग गई।

[02:58:03] मैंने समझाया था ना कभी आग लग गई। बोलते

[02:58:05] हैं। पायर लग गई। पायर लग गई। कोई तोतला

[02:58:08] आदमी है। वो बोल रहा है। पायर लग गई। पायर

[02:58:10] लग पायरोफोबिया। इसको कहते हैं

[02:58:12] पायरोफोबिया।

[02:58:14] पाय रोफोबिया कहा जाता है।

[02:58:19] आग लग गई, आग लग गई, आग लग गई। कह रहे हैं

[02:58:22] पायरोफोबिया हो गया है। बड़ा कॉमन सा एक

[02:58:25] सवाल है। क्लोज्ड स्पेस से डर लगना।

[02:58:29] क्लोज्ड

[02:58:30] स्पेस से डर लगना। क्लोज्ड स्पेस से डर

[02:58:33] लगना। क्लोज्ड स्पेस से डर लगना इसको क्या

[02:58:36] कहा जाता है?

[02:58:39] है ना? क्लोज्ड स्पेस से अगर डर लग रहा

[02:58:41] है। फियर ऑफ क्लोज्ड स्पेस फियर अगर मुझे

[02:58:44] डर लग रहा है। ये कोई वो ऐसे पिंजरे में

[02:58:47] लेके नहीं जा रहे हैं। ये कहां होता है?

[02:58:49] एक व्यक्ति एक कमरे में भी है बट गेट बंद

[02:58:51] हो गया। उसमें डरने लग गया। क्लोज्ड स्पेस

[02:58:54] से क्लॉज़। याद रखिएगा। क्लॉज़ का मतलब होता

[02:58:57] है पंजा। पंजे में उसको ऐसा लगता है मेरी

[02:58:59] जान पंजे में अटक गई है। क्लॉस्ट्रोफोबिया

[02:59:02] कहा जाता है। इस फोबिया को कहते हैं

[02:59:05] क्लॉस्ट्रोफोबिया

[02:59:06] कहा जाएगा। कौन सा फोबिया कहा जाएगा?

[02:59:10] क्लॉस्ट्रोफोबिया का मतलब होता है पंजे

[02:59:13] में जान का फंस जाना। मुझे अगर डर लग रहा

[02:59:16] है, मैं बाहर जाने में डर लग रहा है। ओपन

[02:59:19] स्पेस में बाहर फॉरेन में जा रहा हूं।

[02:59:22] विदेश जा रहा हूं। डर लग रहा है। मुझे एक

[02:59:26] सोशल एक ट्रैवल का मुझे डर लग रहा है।

[02:59:30] मुझे कोई बस में बैठने से डर लग रहा है।

[02:59:32] क्ल मुझे बताइए ओपन स्पेस से डर लगना क्या

[02:59:35] कहलाता है?

[02:59:38] ओपन स्पेस से डर लगना। फियर ऑफ ओपन स्पेस

[02:59:41] अगर आपसे बोला जाए क्या बोला जाए? फियर ऑफ

[02:59:45] ओपन स्पेस। खुली जगह से डर लगना। इसको

[02:59:48] क्या कहा जाता है? कई लोग होते हैं बाहर

[02:59:51] गए आसमान देखा और इतना बड़े आसमान में

[02:59:54] उसको डर लग रहा है भाई। ऐसे व्यक्ति को

[02:59:57] अगोरा फोबिया कहा जाता है। देखो गोरे लोग

[03:00:00] जो होते हैं वो डरते नहीं है कहीं जाने

[03:00:02] में। बट जहां ए लग जाता है एब्सेंट हो

[03:00:04] जाता है। ए का मतलब है अगोरा। हमारे अंदर

[03:00:07] वो चीज खत्म हो गई। डर डर हो रहा है। पैदा

[03:00:10] डर हो रहा है। बाहर घूमने फिरने जाने से

[03:00:12] ओपन फेसेस से। इसको कहते हैं एगोरा

[03:00:15] फोबिया। एगोरा

[03:00:19] एगोरा फोबिया। फटाफट रिवाइज करते चलो।

[03:00:21] एगोरा फोबिया कहा जाएगा। मैं ये कह रहा

[03:00:24] हूं किसी व्यक्ति को डॉग से डर लगने लग

[03:00:28] जाए। फियर ऑफ डॉग्स।

[03:00:32] कई लोग होते हैं ना कुत्ते से डर लगता है।

[03:00:34] फियर ऑफ डॉग्स। डॉग से डर लगने लग जाए।

[03:00:37] इसको कौन सा फोबिया कहा जाता है?

[03:00:40] हां जी। कौन सा फोबिया कहा जाएगा? फियर ऑफ

[03:00:43] डॉग्स।

[03:00:44] फियर ऑफ डॉग्स का होना कौन सा फोबिया

[03:00:47] कहलाता है? ज़ूफोबिया। कम ऑन वेरी गुड।

[03:00:49] ज़ूफोबिया वाले जवाब दीजिए। जवाब दीजिए

[03:00:52] ज़ूफोबिया।

[03:00:55] वेरी गुड। अब मैं आपको कहूंगा अनुष्का ने

[03:00:57] ही सही जवाब दिया। बाकी तो है ना आपस में

[03:01:00] एक दूसरे का कॉपी पेस्ट करो। चेप दो क्लास

[03:01:03] के अंदर। भैया ज़ूफोबिया नहीं होता।

[03:01:05] मुर्तजा शाबाश। यहां पर ज़ूफोबिया पे टिक

[03:01:10] करके मत आना। फियर ऑफ डॉग्स को कहा जाता

[03:01:12] है साइनोफोबिया कहा जाता है। पीछे कुत्ता

[03:01:15] पड़ गया। अब जब आप भाग रहे हो कुत्ते को

[03:01:18] देखते जा रहे हो। आगे भाग रहे हो। पीछे

[03:01:20] देख रहे हो आगे भाग रहे हो तो आप नीले पड़

[03:01:22] जाओगे। इतनी घबराहट में आप नीले पड़ जाओगे।

[03:01:25] इसको कहते हैं साइनोसिस कहते हैं ना नीला

[03:01:27] पड़ जाना। मेडिकल टर्म। वही होता है

[03:01:30] साइनोफोबिया का मतलब होता है नीला पड़

[03:01:32] जाना। तो साइनोफोबिया

[03:01:36] साइनोफोबिया का मतलब क्या? एक व्यक्ति

[03:01:39] नीला पड़ जाए।

[03:01:42] एक व्यक्ति का नीला पड़ जाना। कुत्ते को

[03:01:45] देखते ही डर के वजह से भाग रहा है, डर रहा

[03:01:48] है। इसको कहते हैं फियर ऑफ डॉग्स को

[03:01:50] साइनोफोबिया कहा जाता है। क्या कहा जाता

[03:01:52] है? साइनोफोबिया कहते हैं। साइनोफोबिया

[03:01:55] कहा जाता है। अगली बात सुनिएगा।

[03:01:57] साइनोफोबिया के बाद सिक्स्थ पॉइंट आता है

[03:02:00] फियर ऑफ डेथ।

[03:02:04] मौत से डर लगना हर व्यक्ति को लगता है बट

[03:02:07] छोटा सा एक टेबल भी बच गई तो उसमें भी डर

[03:02:10] जाएगा। आपसे बोला गया फियर ऑफ डेथ क्या

[03:02:12] होता है?

[03:02:15] आपसे बोला गया फियर ऑफ़ डेथ क्या होता है?

[03:02:18] फियर ऑफ़ डेथ। तो, यह फियर ऑफ़ डेथ क्या चीज

[03:02:21] है? फियर ऑफ़ डेथ?

[03:02:25] याद रखिएगा। फियर ऑफ़ डेथ का मतलब है मौत

[03:02:28] से डर लगना। थनेटोफोबिया। हमने सुना था ना

[03:02:32] अवेंजर्स मूवी के अंदर थेनोस आया था।

[03:02:34] चुटकी बजाते दुनिया को उड़ा दिया करता था।

[03:02:36] तो थेनस से डर लगता था दुनिया को। वैसे ही

[03:02:39] थेनेटोफोबिया कहा जाता है।

[03:02:46] क्या कहा जाएगा? थनेटोफोबिया कहा जाता है।

[03:02:49] फियर ऑफ़ डेथ का मतलब है थेटोफोबिया।

[03:02:51] थनेटोफोबिया का मतलब फियर ऑफ डेथ। अगली

[03:02:54] बात सुनिएगा। अगर किसी व्यक्ति को फियर हो

[03:02:58] शार्प ऑब्जेक्ट से फियर ऑफ शार्प

[03:03:00] ऑब्जेक्ट्स

[03:03:03] फियर ऑफ शार्प ऑब्जेक्ट्स शार्प ऑब्जेक्ट

[03:03:06] से डर लगे इसको हम क्या कहते हैं अगर बोला

[03:03:10] जाए फियर ऑफ शार्प ऑब्जेक्ट्स

[03:03:13] बताइएगा शार्प ऑब्जेक्ट से डर लगे उसको

[03:03:15] क्या कहते हैं रिवाइज करो भाई इसके बाद

[03:03:17] जल्दी से मेरे को पर्सनालिटी पढ़ाना है

[03:03:19] जल्दी करो फियर ऑफ़ शार्प ऑब्जेक्ट्स शार्प

[03:03:23] ऑब्जेक्ट का मतलब है धारदार ऑब्जेक्ट से

[03:03:25] एचमो ोफोबिया शाबाश इसको कहना एचमोफोबिया

[03:03:28] कोई पेशेंट जा रहा है और उसके सामने कोई

[03:03:30] चाकू लेकर के सब्जी काटने में जा रहा है

[03:03:32] वो डर जाएगा इसको कहते हैं एचमोफोबिया कहा

[03:03:36] जाता है एच

[03:03:39] मोोफोबिया एचमोफोबिया का मतलब क्या होता

[03:03:41] है फियर ऑफ शार्प ऑब्जेक्ट्स शार्प धारदार

[03:03:44] ऑब्जेक्ट से डर लगना एचमोफोबिया कहलाता है

[03:03:47] शार्प ऑब्जेक्ट से डर लगना एचमोफोबिया

[03:03:51] कहलाता है और अगर मैं कहता हूं नीडल से

[03:03:54] सुइयों से भी डर लगता है। नीडल से डर लगता

[03:03:56] है लोगों को। है ना? अगर आपसे कहा जाए ना

[03:03:58] फियर ऑफ़ नीडल्स

[03:04:03] फियर ऑफ नीडल्स। नीडल से डर लगना इसको कहा

[03:04:08] जाता है भैया। फियर से फियर ऑफ नीडल को

[03:04:10] क्या कहा जाता है?

[03:04:13] अगर कहा जाए ट्रिप्नोफोबिया। अनुष्का बहुत

[03:04:15] बढ़िया। ट्रिप्नोफोबिया कहा जाता है।

[03:04:20] ट्रिपनोफोबिया कहा जाएगा। फियर ऑफ नीडल्स

[03:04:23] का होना। ट्रिप्नोफोबिया कहते हैं। सुई से

[03:04:27] डर लगना ट्रिप्नोफोबिया कहा जाएगा। क्या

[03:04:31] कहा जाएगा? ट्रिपनोफोबिया कहा जाएगा। बात

[03:04:34] समझ में आ रही है? ट्रिप्नोफोबिया क्या

[03:04:35] होता है? थोड़ा और सुनिएगा। नाइंथ पॉइंट

[03:04:38] मैं सुनाता हूं। फियर ऑफ़ मैरिज शादी से डर

[03:04:41] लगना। फियर ऑफ़ मैरिज अगर आ जाए। फियर ऑफ़

[03:04:44] मैरिज। क्या होता है फियर ऑफ़ मैरिज? हां

[03:04:47] भाई, फियर ऑफ़ मैरिज बताइएगा। क्या होता है

[03:04:49] फियर ऑफ़ मैरिज?

[03:04:51] फियर ऑफ मैरिज का मतलब क्या होता है? फियर

[03:04:55] ऑफ मैरिज। फियर ऑफ मैरिज का मतलब होता है

[03:04:57] शादी होते ही गेम बच जाता है बड़े-बड़े

[03:05:00] इंसानों का। तो जैसे ही गेम की बात आए

[03:05:02] शादी और गेम याद रखिएगा। शादी होते ही गेम

[03:05:06] बच जाता है। तो गेमोफोबिया।

[03:05:08] कौन सा फोबिया? गेमोफोबिया।

[03:05:11] गेमोफोबिया

[03:05:12] का होना। गेमोफोबिया का मतलब क्या होता

[03:05:15] है? फियर ऑफ़ मैरिज।

[03:05:18] फियर ऑफ मैरिज का मतलब शादी के बाद गेम बच

[03:05:22] गया। यह गेमोफोबिया हो गया। अगली बात

[03:05:26] सुनिएगा। कई लोग होते हैं जिनको फीमेल से

[03:05:30] डर लगता है। तो फीमेल्स की स्टडी को

[03:05:33] गायनिक गायनेकोलॉजी कहते हैं।

[03:05:37] फियर ऑफ फीमेल्स। फियर ऑफ वुमेन। वुमेन से

[03:05:40] डर लगता है। जैसे कभी भी रास्ते में अगर

[03:05:42] दो लड़के अगर मोटरसाइकिल चला भी रहे हैं

[03:05:45] और बीच में एक लड़की स्कूटी लेकर के आ गई

[03:05:48] तो वो लड़के चाहे कितना ही जिम जाते हो वो

[03:05:50] चुपचाप से गाड़ियों को आइटसाइड कर लेंगे।

[03:05:53] यह याद रखिएगा यह महिला शक्तिकरण का

[03:05:58] निशानी है।

[03:06:00] जब दो लड़के मोटरसाइकिल पर जा रहे हो और

[03:06:03] उनके बीच में से एक लड़की आ जाए और लड़की

[03:06:07] स्कूटी चलाती हुई आ जाए राइट इंडिकेटर

[03:06:10] देती हुई जाना लेफ्ट में तो वह दोनों

[03:06:13] लड़के अपनेप पैरों से ब्रेक लगा के गाड़ी

[03:06:16] रोक लेंगे। महिला शक्तिकरण फियर ऑफ वुमेन

[03:06:19] है इनके अंदर। फियर ऑफ वुमेन

[03:06:23] फियर ऑफ वुमेन क्योंकि इनको पता है गलती

[03:06:27] चाहे वुमेन की हो पिटेगा आदमी ही। बात समझ

[03:06:31] में आ रही है? तो यहां महिला सशक्तिकरण

[03:06:35] में आप याद रखिएगा जब भी महिलाओं से डर

[03:06:38] लगे इसी को कहते हैं गाइनोफोबिया

[03:06:43] कहते हैं।

[03:06:45] गायनोफोबिया। और देखो मारेगा भी कौन?

[03:06:48] कितनी अच्छी बात है। यह अगर एक्सीडेंट हो

[03:06:51] भी गया तो मारेंगे भी आदमी। उस आदमी ही

[03:06:56] मारेंगे दूसरे आदमी को। क्यों मारेंगे?

[03:06:59] महिला के चोट लग गई है। ठीक है? तो भाई

[03:07:03] सारी तरफ से देखा जाए तो यह क्या कहलाता

[03:07:06] है? फियर ऑफ़ फोबिया कहलाता है। डर लगना।

[03:07:08] फियर ऑफ़ फोबिया का मतलब है डर लगना।

[03:07:12] जी हां। फियर ऑफ़ फोबिया मतलब महिला

[03:07:14] शक्तिकरण। महिला शक्तिकरण के चक्कर में

[03:07:17] आदमियों की कुटाई होती है। ठीक है? तो यह

[03:07:20] बात याद रखिएगा। तो दो आदमी बुलेट पे जा

[03:07:23] रहे हैं। बीच में से आ गई महिला ट बजाते

[03:07:26] हुए और उसके बाद आदमी गिर गए। फिर आदमी

[03:07:29] गिरे तो उनकी पिटाई भी होगी। महिला

[03:07:31] शक्तिकरण की निशानी से। गाइनोफोबिया।

[03:07:35] गायनोफोबिया के बाद अगला आता है फियर

[03:07:41] ऑफ फियर ऑफ डस्ट।

[03:07:45] डस्ट से या फिर डस्ट नहीं आप नोजो वाला

[03:07:49] याद रखिएगा फियर ऑफ इनफेक्शन तो इनफेक्शन

[03:07:52] से डर लगे मुझे बीमारी ना हो जाए बीमारी

[03:07:55] ना हो जाए तो ये क्या कहलाता है इसको

[03:07:58] कहलाता है नोजोफोबिया नोजो का मतलब होता

[03:08:00] है नोजोकोमियल इंफेक्शन वाला नोजोफोबिया

[03:08:04] नोजोफोबिया भैया इतना याद कर लो

[03:08:08] नोजोफोबिया तक याद हो गया यह मेजर मेजर

[03:08:11] चीजें अब आगे बात करते हैं

[03:08:15] ठीक है। आगे बात करते हैं।

[03:08:19] समझ में आ गई बातें?

[03:08:22] चलिए अब पर्सनालिटी पे आते हैं। थोड़ा

[03:08:25] पर्सनालिटी के पॉइंट्स को याद रखिएगा।

[03:08:27] इतना हो गया। पर्सनालिटी के पॉइंट्स को

[03:08:30] याद करते हैं। मैं बोलता चलता हूं। आप याद

[03:08:32] करते चलिएगा। पर्सनालिटी। पर्सनालिटी का

[03:08:35] मतलब क्या होता है? हाउ यू डील अ सिचुएशन।

[03:08:41] एक सिचुएशन को आप कैसे डील करते हैं? उसको

[03:08:43] पर्सनालिटी कहते हैं। ठीक है? आप एक

[03:08:47] सिचुएशन को कैसे डील करते हैं? इसको

[03:08:50] पर्सनालिटी कहा जाता है। अब मैं एक-एक

[03:08:54] एक-एक पर्सनालिटी बोलता जाता हूं। आप मुझे

[03:08:56] बताइएगा यह कौन सी पर्सनालिटी है?

[03:09:00] ठीक है? तो अब यहां पर मान लीजिए पहली

[03:09:04] पर्सनालिटी यह आई कि एक व्यक्ति बड़ा शक

[03:09:08] करता है। उसकी जिंदगी में हर चीज में है।

[03:09:11] जैसे किसी की पर्सनालिटी में आ गया वो

[03:09:13] छोटी सी चीज को देखा शक कर रहा है। ये आ

[03:09:15] गया वो आ गया शक कर रहा है। हर चीज में

[03:09:17] उसकी पर्सनालिटी में शक है। कौन सी

[03:09:20] पर्सनालिटी होती है? ऐसा व्यक्ति जिसकी

[03:09:23] पर्सनालिटी में डाउट होता है। डाउटफुल

[03:09:27] टेंडेंसी

[03:09:31] डाउटफुल टेंडेंसी हो। एक व्यक्ति जिसके

[03:09:33] अंदर डाउटफुल टेंडेंसी हो वो कौन सी

[03:09:38] पर्सनालिटी होती है?

[03:09:41] बताइएगा। एक ऐसा व्यक्ति जिसमें डाउटफुल

[03:09:43] टेंडेंसी हो कौन सी होती है? पैरानॉइड

[03:09:45] पर्सनालिटी। वेरी गुड। इसको कहते हैं पहला

[03:09:48] होता है पैरानॉइड। जब भी आपसे पैरानॉइड

[03:09:51] पर्सनालिटी के बारे में बोले बोलिएगा शक

[03:09:54] वाली पर्सनालिटी। इसकी पर्सनालिटी में शक

[03:09:56] है।

[03:09:59] पैरानॉइड पर्सनालिटी क्या होती है?

[03:10:01] पैरानॉइड पर्सनालिटी होती है। है ना?

[03:10:05] पैरानॉइड पर्सनालिटी होती है शक वाली

[03:10:07] पर्सनालिटी। किसी के व्यक्ति के

[03:10:09] पर्सनालिटी में ही शक हो। दूसरी एक

[03:10:13] व्यक्ति जो बहुत ज्यादा शाई रहे शाइनेस

[03:10:17] वाला शर्मीला हो। शाइनेस वाला सोशली अलोन

[03:10:22] रहना चाहे। सोशली अलोन रहना चाहे। शर्मीला

[03:10:25] है। सोशली अलोन है। कैसी पर्सनालिटी नाम

[03:10:28] बताइए।

[03:10:31] एक व्यक्ति जो शाई है, सोशली अलोन है,

[03:10:35] उसकी कैसी पर्सनालिटी है? बताइए।

[03:10:41] शर्मीला किस्म का एक व्यक्ति है जो

[03:10:44] शर्माता है, शाई रहता है। यह कैसी होगी?

[03:10:50] है ना? तो, यह कहलाती है

[03:10:54] सिज़ोइड पर्सनालिटी। वेरी गुड। सिजोइड

[03:10:56] पर्सनालिटी क्या होती है?

[03:11:00] सिजोइड पर्सनालिटी डिसऑर्डर। सिज़ोइड

[03:11:04] पर्सनालिटी डिसऑर्डर वो डिसऑर्डर है जब एक

[03:11:08] व्यक्ति शाई वाला होता है। शर्मीला होता

[03:11:12] है। शर्मीला है मतलब होता है वो गुमसुम

[03:11:15] रहेगा। गुमसुम का मतलब अब वो इधर-उधर कहीं

[03:11:17] नहीं जाएगा। बस शर्माएगा। नहीं नहीं मुझे

[03:11:19] नहीं जाना। इसको कहते हैं शिजोइड

[03:11:21] पर्सनालिटी वाला।

[03:11:25] ठीक है? तो शर्मीली पर्सनालिटी जो होती है

[03:11:27] वो सिजॉइड पर्सनालिटी है। एक पर्सनालिटी

[03:11:30] वाला है जिसको कहा जाता है वो सिर्फ जादुई

[03:11:33] बातें करता है। मैजिकल थिंकिंग मैजिकल

[03:11:37] थिंकिंग की बात करता है। सिर्फ जादुई

[03:11:39] बातें चलती है।

[03:11:42] यहां पर अगर बोला जा रहा है एक ऐसी

[03:11:44] पर्सनालिटी जिसमें सिर्फ मैजिकल थिंकिंग

[03:11:47] के ऊपर बात चल रही है तो यह कौन सी

[03:11:50] पर्सनालिटी होगी?

[03:11:55] यहां पर बताइएगा मैजिकल थिंकिंग वाला क्या

[03:11:58] होता है? पेशेंट के अगर कुछ पेट में दर्द

[03:12:00] हो रहा है तो वो बोलेगा काला जादू हो गया

[03:12:02] है। कोई गिर गया तो बोलेगा तुम्हारे ऊपर

[03:12:04] ये लोगों ने ये कर दिया है। उसने वैसा कर

[03:12:07] दिया है। मौसम आज खराब है। ग्रह नक्षत्र

[03:12:09] बिगड़े पड़े हैं। ये सब जो पर्सनालिटी

[03:12:12] होती है सिजोटाइपल होती है। सिजोटाइपल

[03:12:15] आपके पैरानॉर्मली बातें करने लग जाते हैं।

[03:12:17] तो सिज़ोटाइपल पर्सनालिटी

[03:12:21] सिज़ो टाइपल पर्सनालिटी डिसऑर्डर

[03:12:25] पर्सोनालिटी डिसऑर्डर सिज़ोटाइपल

[03:12:28] पर्सनालिटी डिसऑर्डर वाले वो व्यक्ति जो

[03:12:32] पैरान

[03:12:33] पैरानॉर्मल बातें करते हैं मैजिकल बातें

[03:12:36] करते हैं उनको सिज़ोटाइपल कहेंगे। अगली बात

[03:12:39] सुनिएगा। चौथी बात आती है हिस्ट्रियोनिक

[03:12:43] पर्सनालिटी डिसऑर्डर।

[03:12:45] हिस्टनिक

[03:12:47] पर्सनालिटी डिसऑर्डर। हिस्ट्रयनिक

[03:12:50] पर्सनालिटी डिसऑर्डर से क्या समझेंगे?

[03:12:54] हिस्ट्रनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर वाले क्या

[03:12:56] करते हैं? इनका कोई कैरेक्टरिस्टिक फीचर

[03:12:58] बताओ। हिस्टनिक पर्सनालिटी वालों का।

[03:13:03] हिस्टनिक पर्सनालिटी वालों का

[03:13:05] कैरेक्टरिस्टिक फीचर बताइएगा। हिस्टनिक

[03:13:09] ड्रामा करना। बहुत बढ़िया। यहां पर ओवर

[03:13:12] ड्रामेटिक बिहेवियर कैसा बिहेवियर है? ओवर

[03:13:17] ड्रामेटिक

[03:13:19] बिहेवियर

[03:13:22] ओवर ड्रामेटिक बिहेवियर वाले हिस्टनिक

[03:13:25] पर्सनालिटी वाले जो होते हैं ओवर

[03:13:28] ड्रामेटिक बिहेवियर अटेंशन सीकिंग

[03:13:31] बिहेवियर

[03:13:35] भैया। ओवर ड्रामेटिक अटेंशन सीकिंग

[03:13:40] अटेंशन सीकिंग बिहेवियर ओवर ड्रामेटिक है।

[03:13:44] अटेंशन सीकिंग बिहेवियर है। ड्रामा

[03:13:47] करेंगे, नाटक करेंगे, नौटंकी करेंगे, हाथ

[03:13:49] काट के आएंगे, मर जाएंगे, मर जाएंगे। ये

[03:13:51] ओवर ड्रामेटिक वाले हिस्टनिक वाला है। और

[03:13:54] जब भी आपके दोस्तों की बात आए तो आप याद

[03:13:57] रखिएगा अगला आता है नार्सिस्टिक बिहेवियर।

[03:14:02] नार्सिस्टिक पर्सन

[03:14:06] पर्सनालिटी डिसऑर्डर। नार्सिस्टिक

[03:14:08] पर्सनालिटी नार्सिस्टिक पर्सनालिटी

[03:14:10] डिसऑर्डर क्या होता है? नार्सिस्टिक

[03:14:15] पर्सनालिटी डिसऑर्डर।

[03:14:21] नार्सिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर।

[03:14:27] ठीक है? नार्सिस्टिक पर्सनालिटी वाले क्या

[03:14:29] होते हैं? लालची वाले। लालची वाले। लालची

[03:14:32] पर्सनालिटी डिसऑर्डर वाले। नार्सिस्टिक

[03:14:35] पर्सनालिटी। लालची पर्सनालिटी वाले होते

[03:14:38] हैं। यह अपने आप को सेल्फेंस देते हैं।

[03:14:43] सेल्फेंस देने वाले ये लोग क्या हैं?

[03:14:46] सेल्फेंस वाले।

[03:14:51] सेल्फेंस।

[03:14:54] सेल्फेंस देने वाले लोग नार्सिस्टिक

[03:14:59] कहलाते हैं।

[03:15:01] ठीक है?

[03:15:04] नार्सिस्टिक कहलाते हैं। यह क्या कहलाते

[03:15:06] हैं? नार्सिस्टिक कहलाते हैं। नार्सिस्टिक

[03:15:09] के बाद है ना? अब एक क्वेश्चन ले रहा हूं।

[03:15:12] क्वेश्चन को डील कीजिएगा। क्वेश्चन आ रहा

[03:15:14] है आपका। ठीक है? क्वेश्चन को लेते हैं

[03:15:18] यहां पर। क्वेश्चन है यहां पर। व्हाट आर

[03:15:21] दी इमीडिएट साइड इफेक्ट? व्हाट आर दी

[03:15:23] इमीडिएट साइड इफेक्ट ऑफ ईसीडी? ईसीडी का

[03:15:25] इमीडिएट साइड इफेक्ट क्या है? फ्रैक्चर

[03:15:28] एंड डिस्लोकेटेड बोन। बी है परमानेंट

[03:15:30] मेमोरी लॉस एंड ब्रेन डैमेज। सी है

[03:15:31] मायकारार्डियल इंफेक्शन एंड कार्डियक

[03:15:33] अरेस्ट एंड डी होता है टेंपरेरी मेमोरी

[03:15:34] लॉस एंड क्फ्यूजन। यहां पे बोला जा रहा है

[03:15:37] इमीडिएट बताइएगा इमीडिएट साइड इफेक्ट क्या

[03:15:40] है?

[03:15:48] व्हाट आर दी इमीडिएट साइड इफेक्ट ऑफ द

[03:15:50] ईसीटी?

[03:15:58] इमीडिएट साइड इफेक्ट ऑफ ईसीटी क्या है?

[03:16:01] इमीडिएट साइड इफेक्ट ऑफ ईसीटी क्या है?

[03:16:09] बताइएगा इमीडिएट साइड इफेक्ट ईसीटी का

[03:16:11] क्या है? देखो, अभी मैंने याद करवाया था

[03:16:14] आपको। साइड इफेक्ट अलग चीज होती है।

[03:16:17] इंडिकेशन कॉन्ट्रा इंडिकेशन वो अलग चीज

[03:16:20] होती है। है ना? कॉम्प्लिकेशन अलग चीज

[03:16:23] होती है। मैंने साइड इफेक्ट ही बोला है।

[03:16:25] फ्रैक्चर डिस्लोकेशन यह कॉम्प्लिकेशन है

[03:16:28] भाई। क्यों भूल रहे हो? यह कॉम्प्लिकेशन

[03:16:31] है। यहां कॉम्प्लिकेशन नहीं पूछा है।

[03:16:33] परमानेंट मेमोरी लॉस। यह मेमोरी लॉस होना।

[03:16:37] टेंपरेरी एंड मेमोरी लॉस एंड कन्फ्यूजन।

[03:16:39] यहां परमानेंट पढ़ाया था क्या मैंने?

[03:16:42] मैंने आपको पढ़ाया था टेंपरेरी रिवर्सिबल

[03:16:45] मेमोरी लॉस। यह आंसर जाएगा यहां।

[03:16:53] बात समझ में आ रही है? आंसर ए नहीं होगा।

[03:16:56] यहां साइड इफेक्ट यह है कॉम्प्लिकेशन। अब

[03:16:59] इतना ये मैंने पढ़ाने के बाद यह हाल है।

[03:17:03] मैं अभी हाल दिखाता हूं। 89% ने जवाब

[03:17:06] दिया। 10% अभी भी गुमसुम है। इनको ऐसा लग

[03:17:09] रहा है कि इनको ईसीटी लगी हुई है इन लोगों

[03:17:11] को। इनका मेमोरी लॉस हो रहा है। इनका

[03:17:14] मेमोरी लॉस हो रहा है। इनको मेमोरी लॉस

[03:17:16] पढ़ाता हूं। पहले तो अदिति ने सबसे पहले

[03:17:19] जवाब दिया। देखो मेमोरी लॉस को कहते हैं

[03:17:22] एमनेसिया। मेमोरी लॉस को कहते हैं

[03:17:25] एमनेसिया।

[03:17:29] ठीक है? एम एमनेसिया। तुम में भी मेमोरी

[03:17:32] लॉस होती है ना एमनेशिया।

[03:17:34] एम एमनेशिया।

[03:17:36] एंट्रोग्रेड। एंट्रोग्रेड का मतलब क्या

[03:17:40] होता है? एंट्रोग्रेड एमनेशिया।

[03:17:44] रीसेंट मेमोरी लॉस। अभी पढ़ाया और अभी भूल

[03:17:46] गए। यही है हमारा हाल। एंड्रोग्रेड

[03:17:49] अमनेशिया का मतलब है अभी के अभी भूलेंगे

[03:17:51] हम। तो तुम कर लो कुछ भी टीचर। यह है

[03:17:55] एंड्रोग्रेड अम्नेशिया। रिट्रोग्रेड का

[03:17:58] मतलब क्या होता है? रिट्रोग्रेड

[03:18:01] का मतलब होता है पुराना भूलेंगे हम।

[03:18:05] प्रीवियस। प्रीवियस वाला भूलेंगे। अभी तो

[03:18:08] आपने पढ़ा है। थोड़ी तो इज्जत हमारे में भी

[03:18:10] है। हम अभी का नहीं भूलेंगे। पुराना

[03:18:12] भूलेंगे।

[03:18:14] है ना? तो पुराना अगर आप ढूंढ रहे हो,

[03:18:17] पास्ट वाला ढूंढ रहे हो तो वह रीसेंट वाला

[03:18:19] है। रिट्रोग्रेड है।

[03:18:22] फिर क्या आया? सरकमस्क्राइब्ड वाला।

[03:18:25] सरकमस्क्राइब्ड।

[03:18:28] सरकमस्क्राइब्ड एमनेसिया। सरकमस्क्राइब्ड

[03:18:32] एमनेसिया का मतलब क्या होता है?

[03:18:34] सरकमस्क्राइब्ड का मतलब होता है हम

[03:18:36] भूलेंगे।

[03:18:38] बट कोई कोई हमारे ऊपर इमोशनल अटैक होना

[03:18:43] चाहिए। इमोशनल अटैक की वजह से भूलेंगे।

[03:18:46] सरकमस्ट सरकमस्ट्ससेस बना दीजिए। आप घर

[03:18:49] में लड़ाई झगड़े चल रहे हैं। मम्मी पापा

[03:18:51] मार रहे हैं और हम भूल जाएंगे भाई साहब

[03:18:53] क्या पढ़ा था? क्या नहीं पढ़ा था। इसको

[03:18:55] कहते हैं इमोशनल इंपैक्ट की वजह से।

[03:18:58] सिचुएशन पे इमोशनल इंपैक्ट की वजह से भूल

[03:19:00] गए।

[03:19:02] डिसोसिएटिव एमनेसिया क्या होता है? है

[03:19:04] डिसोसिएटिव

[03:19:07] एमनेसिया। डिसोसिएटिव एमनेसिया का मतलब

[03:19:09] होता है ट्रोमेटिक। ट्रोमेटिक

[03:19:13] इवेंट की वजह से।

[03:19:16] डिसोसिएटिव एमनीसिया का मतलब है ट्रोमेटिक

[03:19:19] इवेंट की वजह से याददाश्त का चला जाना। तो

[03:19:22] भैया याददाश्त तुम्हारी चली गई। इसको

[03:19:24] एमनेसिया कहा। बहुत ज्यादा याददाश्त स्टोर

[03:19:27] हो जाए। इसको कहते हैं हाइपर एमनेसिया।

[03:19:33] एक्सेसिव रिटेंशन एक्सेसिव रिटेंशन

[03:19:38] एक्सेसिव रिटेंशन ऑफ मेमोरी

[03:19:44] और पर्टिकुलर इवेंट

[03:19:47] पर्टिकुलर इवेंट मेमोरी का या पर्टिकुलर

[03:19:50] इवेंट का एक्सेसिव तौर पे स्टोर कर लेना

[03:19:54] इसको कहा जाता है आपका हाइपर एमनेसिया कहा

[03:19:58] जाता है।

[03:20:01] बात समझ में आ गई? हाइपर एमनेसिया क्या

[03:20:03] होता है? तो यह आपको एमनेशिया एमनेसिया

[03:20:06] समझ में आ गया है। एक और बात मैं बता रहा

[03:20:08] हूं। किसी व्यक्ति के अंदर ऐसी पर्सनालिटी

[03:20:11] आ गई जिसको कहते हैं ओसीडी पर्सनालिटी।

[03:20:16] ओसीडी पर्सनालिटी वाला कौन होता है? वह

[03:20:19] व्यक्ति होता है जिसके अंदर ओसीडी

[03:20:21] पर्सनालिटी वाला वह व्यक्ति होता है जिसके

[03:20:25] अंदर बार-बार एक विचार आ रहा है और विचार

[03:20:28] आके वो हरकत करता है तो उसकी पर्सनालिटी

[03:20:30] बन गई है।

[03:20:33] है ना? तो यहां पर क्या हो रहा है? ओसीडी

[03:20:36] वाला व्यक्ति में ऑब्सेशन होता है।

[03:20:38] ऑब्सेशन और कंपल्शन होता है। देखो दो

[03:20:42] बातें सुन लो। यह ऑब्सेशन और कंपल्शन क्या

[03:20:45] चीज है? इस ओसीडी पर्सनालिटी में समझा

[03:20:46] देता हूं।

[03:20:49] ऑब्सेशन एंड कंपल्शन हो रहा है पर्सनालिटी

[03:20:52] में। मेरे अंदर एक ही थॉट एक ही विचार का

[03:20:55] बार-बार आना हो। थॉट या विचार का बार-बार

[03:20:58] आना हो उसको ऑब्सेशन कहते हैं। ऑब्सेशन का

[03:21:02] मतलब होता है रिपीटेशन ऑफ एक्टिविटी।

[03:21:05] रिपीटेशन सॉरी रिपीटेशन।

[03:21:08] रिपीटेशन ऑफ थॉट्स। विचारों का बार-बार

[03:21:12] आना। मेरे मन में विचार आ रहा है। सुमित

[03:21:15] गंदा है। सुमित गंदा है। सुमित गंदा है।

[03:21:17] सुमित गंदा है। यह विचार मेरे दिमाग में

[03:21:20] बार-बार आ रहा है। मैं नहीं चाहता मैं

[03:21:22] सोचूं यार सुमित गंदा हुआ पड़ा है। गंदा

[03:21:24] है। गंदा है। गंदा नहीं चाहता सोचूं। बट

[03:21:27] विचार बार-बार मन में आ रहा है। ऑब्सेशन

[03:21:30] हो रहा है। फिर उसके बाद क्या होता है?

[03:21:33] मैं गया और जाकर के सुमित को अच्छे से धो

[03:21:36] दिया।

[03:21:38] धोने के बाद वापस आया और फिर मेरे विचार आ

[03:21:40] रहा है सुमित बहुत गंदा है। गंदा है। फिर

[03:21:43] गया मैं और सुमित को अच्छे से धो दिया। तो

[03:21:46] अब ये क्या हो रहा है? कंपल्शन का मतलब

[03:21:49] क्या होता है? रिपीटेशन ऑफ एक्टिविटी।

[03:21:52] रिपीटेशन। रिपीटेशन

[03:21:55] ऑफ एक्टिविटी। एक्टिविटी का रिपीटेशन

[03:21:59] होना। हरकतों का मैं गया। बेड लिया। बेड

[03:22:02] से सुमित को धोया। धोने के बाद वापस आ

[03:22:04] गया। यह क्या हो रहा है? कंपल्शन कहता है।

[03:22:07] कंपल्शन

[03:22:09] कंपल्शन का मतलब समझिएगा। जा जा करके करके

[03:22:12] आना। बार-बार जाना आना जाना आना जाना आना।

[03:22:16] वो एग्जांपल पुराना हो गया। हैंड वाशिंग

[03:22:18] इज़ रिपीटेडली। शाकिर ये शाकिर ये पुराना

[03:22:22] हो गया है।

[03:22:24] शाकिर समझा रहे हैं दिमाग में आ रहा है

[03:22:27] हाथ गंदा हो गया है। तो मैं अब हाथ गंदा

[03:22:30] हो गया है। फिर मैं जाऊंगा धोऊंगा ना। ही

[03:22:31] पुराना हो गया है। हमारा स्टूडेंट गंदा हो

[03:22:34] गया है। तो मैं स्टूडेंट को धोने जा रहा

[03:22:35] हूं। इसको क्या कहते हैं? ओसीडी।

[03:22:37] पर्सनालिटी बन गई।

[03:22:42] ठीक है?

[03:22:44] इतनी बात समझ में आ गई। ओसीडी क्या होता

[03:22:47] है? चलिए अगली बात पे आते हैं। ओसीडी के

[03:22:51] बाद अब आपको यहां पर एक और चीज याद रखनी

[03:22:55] है जिसको क्या कहा जाता है?

[03:23:00] इतनी बात समझ में आती जा रही है। एशियस

[03:23:03] पर्सनालिटी डिसऑर्डर एक आती है एशियस

[03:23:08] पर्सनालिटी

[03:23:12] डिसऑर्डर। एशियस पर्सनालिटी डिसऑर्डर क्या

[03:23:15] होता है?

[03:23:17] एशियस पर्सनालिटी डिसऑर्डर होता है एक

[03:23:20] व्यक्ति जो हमेशा हर चीज में घबराता हो।

[03:23:28] एक व्यक्ति जो हमेशा हर चीज में घबराता हो

[03:23:31] उसको एशियस कहते हैं। ठीक है? पटाखा फूट

[03:23:34] गया तो घबरा रहा है। क्लास चालू हो गई तो

[03:23:37] घबरा रहा है। पानी पीने को दिया तो घबरा

[03:23:39] रहा है। ये घबराने वाले जो होते हैं ना

[03:23:40] ऐसे सिर के ऊपर ऐसे सलवट पड़ जाते हैं। और

[03:23:43] वो हमेशा ऐसे रहते हैं। हर चीज में ऐसे

[03:23:46] रहते हैं। तो यह याद रखिएगा एंशियस का

[03:23:48] मतलब होता है घबराना।

[03:23:52] ऐसा व्यक्ति जो घबराता रहे, एशियस रहे।

[03:23:54] ऑलवेज घबराता रहे उसको एशियस कहते हैं।

[03:23:58] घबराने वाला

[03:24:02] एशियस यानी कि जिसके अंदर एंजायटी होती

[03:24:06] हो। एंजायटी पेशेंट ऐसा पेशेंट जो एंजायटी

[03:24:09] वाला है। तो हर बात पे घबराने वाला

[03:24:12] है ना फोन बज रहा है या कुछ भी हो रहा है

[03:24:15] तो उसमें भी घबरा रहा है। ये लोग क्या है?

[03:24:17] एशियस पर्सनालिटी वाले। याद रखना घबराहट

[03:24:21] पैदा क्यों होती है? जब किसी में गाबा की

[03:24:23] कमी होती है, एंजायटी में कमी हो जाती है

[03:24:26] गाबा की। इस गाबा की कमी की वजह से

[03:24:30] एंजायटी पैदा होती है।

[03:24:34] एंजायटी बढ़ जाती है। जिसके अंदर गाबा की

[03:24:36] कमी होगी एंजायटी बढ़ जाएगी। तो एंजायटी

[03:24:38] बढ़ने लग जाएगी। तो एक व्यक्ति जिसके अंदर

[03:24:42] गाबा की कमी एंजायटी होगी।

[03:24:48] एशियस पर्सनालिटी हो गई। चलिए अब मैं आपको

[03:24:51] एक बार क्वेश्चन करवाता हूं और आगे बढ़ते

[03:24:54] हैं। क्वेश्चन आ रहा है आपके सामने। ठीक

[03:24:57] है? अ ये नहीं ये नहीं है। नहीं ये नहीं

[03:25:00] है। नहीं नहीं नहीं

[03:25:03] आपसे क्वेश्चन करवाते हैं। यहां पर ये

[03:25:07] द फंक्शन ऑफ ग्लैंड व्हिच इज़ अफेक्टेड बाय

[03:25:10] लिथियम टॉक्सिसिटी। लिथियम की टॉक्सिसिटी

[03:25:12] से कौन से ग्लैंड का फंक्शन अफेक्ट होता

[03:25:14] है?

[03:25:15] ए पैराथायराइड, बी पिट्यूटरी, सी होता है

[03:25:18] एड्रिनलीन एंड डी होता है थायराइड। आपसे

[03:25:21] यह कहा जा रहा है कि किसी व्यक्ति का कौन

[03:25:25] सा फंक्शन ऑफ ग्लैंड व्हिच इज़ अफेक्टेड इन

[03:25:27] लिथियम टॉक्सिसिटी। लिथियम टॉक्सिसिटी में

[03:25:30] कौन से ग्लैंड का फंक्शन अफेक्टेड हो जाता

[03:25:33] है?

[03:25:35] आपसे कहा जा रहा है लिथियम टॉक्सिसिटी में

[03:25:39] कौन से ग्लैंड का फंक्शन अफेक्टेड हो जाता

[03:25:42] है?

[03:25:44] बताइएगा

[03:25:47] लिथियम की टॉक्स मैंने अभी बताया था आप

[03:25:50] लोगों को किडनी खराब हो रही है। किडनी के

[03:25:52] फंक्शन खराब हो रहे हैं। प्लस आपके

[03:25:55] एक फंक्शन और खराब हो रहा है थायरॉइड का।

[03:25:58] हाइपोथायरॉइडिज्म की तरफ जा रहा है।

[03:26:01] एक वो पेशेंट जो लिथियम ले रहा है उसका

[03:26:05] थायरॉइड। हाइपोथायरॉइडिज्म जाता है।

[03:26:14] आंसर गया डी गया आंसर है डी हमारा आंसर

[03:26:18] गया डी पल्लवी ने प्रतिभा अनिका नलिनी इन

[03:26:23] बच्चों नालिनी नलिनी इन बच्चों ने जवाब

[03:26:26] दिया नेक्स्ट क्वेश्चन पे चलते हैं

[03:26:31] द क्लाइंट रिसीविंग लिथियम कार्बोनेट

[03:26:33] कंप्लेंट्स ऑफ़ लूज़ वॉटरी स्टूल एंड

[03:26:36] डिफिकल्टी इन वॉकिंग द सीरम लिथियम लेवल

[03:26:40] ऑफ द क्लाइंट इज़ एक्सपेक्टेड टू बी। यानी

[03:26:42] कि यहां बोला जा रहा है क्लाइंट जो है

[03:26:45] जिसको क्या हो गया है? उसको लूज़ स्टूल हो

[03:26:48] गए, डिफिकल्टी इन वॉकिंग और वॉटरी स्टूल

[03:26:52] हो रहे हैं। तो इसका क्लाइंट का लिथियम

[03:26:54] लेवल कितना होगा? ए अभी इस समय कितना

[03:26:57] होगा? 0.5 मिलीट, 1 मिलीट बी, सी होता है

[03:27:01] 1.3 मिलेंट या डी है 1.9 मिलीट।

[03:27:08] यहां पर बोला जा रहा है किसी व्यक्ति के

[03:27:11] अंदर अगर लिथियम का लेवल चेंज हो जाए और

[03:27:15] उसको ऐसीऐसी हरकतें होने लग जाए तो क्या

[03:27:18] रहेगा?

[03:27:21] यह सवाल मैंने आपको बताया था। लिथियम

[03:27:23] टॉक्सिसिटी के ऊपर

[03:27:27] लिथियम की कमी से कभी भी बीमारी नहीं

[03:27:29] होगी। लिथियम कम है तो आप मेनिया में

[03:27:32] जाओगे। लिथियम के कम होने से उल्टी दस्त

[03:27:34] नहीं होते हैं। जो बच्चे ये कह रहे हैं एए

[03:27:39] कर रहे हैं उन एए बच्चों को मैं बता दूं

[03:27:41] लिथियम की कमी से सिर्फ मेनिया हो जाएगा

[03:27:44] आपको। लिथियम की कमी से यह नहीं होगा आपको

[03:27:46] कि आपको लूज मोशन चालू हो जाएंगे। कॉमन

[03:27:49] सेंस का यूज़ करो थोड़ा सा।

[03:27:56] कॉमन सेंस का यूज करो। लिथियम टॉक्सिसिटी।

[03:28:02] 0.6 से 1.2 मिलेंट प्रति लीटर बताया था।

[03:28:07] 1.5 मिलेंट से अबव जाते ही टॉक्सिसिटी

[03:28:11] होती है। ये आपका कम है। लिथियम अभी भी

[03:28:14] बॉडी में कम है। सिर्फ मेनिया हो सकता है

[03:28:17] कम है तो। दूसरा 1 मिलीेंट 1.3 मिलेंट

[03:28:20] नॉर्मल रेंज में आ रहा है। यहां पर 1.5 से

[03:28:24] अबव 1.9 मिलीट जा रहा है। टॉक्सिसिटी होती

[03:28:26] है भाई। टॉक्सिसिटी होती है।

[03:28:30] ठीक है? टॉक्सिसिटी होती है। क्या हो गया

[03:28:33] भैया?

[03:28:35] ऐसा तो नहीं डिमेंशिया डेलीियम में चल रहे

[03:28:38] हो। अभी बहक रहे हो।

[03:28:41] डिमेंशिया डेलीियम तो नहीं चल रहा है। सब

[03:28:43] ठीक तो है। ऊपर वाले ने सब कुशल मंगल तो

[03:28:45] रखा है। आंसर गया डी। और अभी देखो पढ़ाया

[03:28:48] हुआ टॉपिक है। यह मेरा पढ़ाया हुआ। यह अभी

[03:28:50] पढ़ाया है मैंने। मुझे तो याद है शायद।

[03:28:54] अभी पढ़ाया है मैंने। हां, यह नहीं कर रहा

[03:28:57] हूं। मैं पढ़ा के तुरंत क्वेश्चन नहीं पूछ

[03:28:58] रहा हूं। क्यों नहीं पूछ रहा हूं? मुझे

[03:29:00] पता है तुरंत पूछूंगा तुरंत जवाब मिल

[03:29:02] जाएगा। यह आंसर दिया है 49% बच्चों ने और

[03:29:06] सबसे पहला आंसर दिया सूर्यांश चंद्र

[03:29:08] इंडियन आर्मी सुमित मिशन इन बच्चों ने

[03:29:11] जवाब दिया। इन बच्चों ने जवाब दिया।

[03:29:15] सबको साइकोलॉजिकल इफेक्ट आ रहा है।

[03:29:19] पढ़ाई अब धुंधलाने लगेगी तुम्हारे सामने

[03:29:21] से। अब पढ़ाई धुंधलाने लगेगी।

[03:29:31] एंट्रोग्रेड

[03:29:33] एंट्रोग्रेड अमनेशिया नहीं है। तुम लोगों

[03:29:36] को एंट्रोग्रेड अमनीसिया नहीं है। तुम

[03:29:38] लोगों को अभी न्यूरोटिक डिसऑर्डर पे चल

[03:29:41] रहे हो तुम लोग अभी। आगे आ जाओ। अगले और

[03:29:43] क्वेश्चन पे आओ।

[03:29:45] अगला क्वेश्चन कर रहा हूं। सेलेक्टिव

[03:29:46] सिरोटोनिन रिऑप्टेक इनबिटर। फुल फॉर्म याद

[03:29:49] कर लो। फुल फॉर्म पूछ लेता है कई बार।

[03:29:51] सेलेक्टिव सिरोटोनिन रिअप्ट। एक एक बच्ची

[03:29:54] का जवाब दे देता हूं। निगत का जवाब दे

[03:29:57] देता हूं। बॉर्डर लाइन करवा दो सर। कब से

[03:29:58] वेट कर रही हूं? बेटा आपके कमेंट ऊपर चल

[03:30:01] जाते हैं। मैं देख नहीं पाता हूं। बॉर्डर

[03:30:03] लाइन का मतलब होता है निगत। बॉर्डर लाइन

[03:30:06] का मतलब होता है कि बॉर्डर लाइन का मतलब

[03:30:08] है 1 मिनट में टीचर को गुस्सा आ रहा है और

[03:30:10] थोड़ी देर में आप पे प्यार आए कि निगत कोई

[03:30:12] बात नहीं आप पढ़ाई करें। बॉर्डर लाइन यह

[03:30:14] होता है निगत। 1 मिनट में गुस्सा आ जाए और

[03:30:17] 1 मिनट में आप ठीक हो जाए। इसको बॉर्डर

[03:30:19] लाइन कहते हैं। बस आगे बढ़ जाओ। सेलेक्टिव

[03:30:22] सिरोटोनिन रिऑप्टेक इनबिटर हमारे डिप्रेशन

[03:30:25] को मिटाता है। सिरोटोनिन को बड़ा करता है,

[03:30:28] बढ़ा देता है। यह एक तरह का एंटी

[03:30:30] डिप्रेसेंट होता है।

[03:30:33] एक एसएसआरआई का फुल फॉर्म याद रखना। एक

[03:30:36] एमए ओआई का याद रखना, एक टीसीए का याद

[03:30:39] रखना। टीसीए का मतलब है ट्राई साइक्लिक

[03:30:43] एंटी डिप्रेसेंट।

[03:30:48] मोनो अमीनो मोनो

[03:30:51] अमीनो

[03:30:53] ऑक्सीडेज

[03:30:55] इनबिटर

[03:30:58] सेलेक्टिव सिरोटोनिन रिएक्टिक इनबिटर

[03:31:06] अगला क्वेश्चन आ रहा है इन साइकेट्रिक

[03:31:09] पेशेंट इज़ हैविंग लिवर एंड

[03:31:10] कार्डियोवस्कुलर डिसऑर्डर नर्स शुड टेक

[03:31:12] प्रिकॉशन व्हाइल एडमिनिस्टिंग लीवर और

[03:31:16] किसी को कार्डियक प्रॉब्लम है तो नर्स अब

[03:31:18] इनमें से कौन सी दवा देने से थोड़ा सोचेगी

[03:31:21] प्रिकॉशन लेगी एंटी डिप्रेसेंट

[03:31:24] एंटीस्टमेनिक एंटी कोलिनर्जिक या

[03:31:26] एंटीसाइकोटिक बताइएगा

[03:31:35] यहां बोला जा रहा है कौन सी वाली दवा

[03:31:38] कार्डियक और लिवर टॉक्सिसिटी क्रिएट करती

[03:31:40] है भाई

[03:31:44] कार्डियक और लिवर टॉक्सिसिटी क्रिएट करती

[03:31:47] है वह दवा का नाम बताइए

[03:31:51] आप सभी को पता होना चाहिए। उस दवा का कहते

[03:31:53] हैं न्यूरोलैप्टिक दवाएं। कौन सी दवा कहते

[03:31:56] हैं? न्यूरोलैप्टिक दवाएं कहते हैं।

[03:32:06] जो दवाएं

[03:32:08] बिल्कुल

[03:32:16] यानी कि यहां क्या कहा जा रहा है? ऐसी दवा

[03:32:19] जो लिवर और कार्डियोवस्कुलर टॉक्सिसिटी

[03:32:21] क्रिएट करती है, वह बेटा वह होती है आपके

[03:32:24] एंटीसाइकोटिक दवाएं। यह एंटीसाइकोटिक

[03:32:27] दवाएं आपके ऊपर क्रिएट करती है। यह है

[03:32:30] आपका डी आंसर। डी आंसर डी आंसर। यह क्या

[03:32:34] है? एंटीसाइकोटिक दवाएं जो है यह आपके

[03:32:38] ब्रेन को बिल्कुल लिवर को, आपके हार्ट को

[03:32:41] इंपैक्ट डालेगी। 27% बच्चों ने जवाब दिया।

[03:32:46] नैलीना सुल्तान इन बच्चों ने जवाब दिया।

[03:32:48] चलिए बहुत बढ़िया। अगली बात पे आइएगा।

[03:32:54] अगली बात के ऊपर लेकर के चलते हैं।

[03:33:00] एक सवाल आया आर्ट ऑफ विनिंग फ्रेंड्स।

[03:33:02] दोस्त जीतना इन्फ्लुएंसिंग पीपल इज़ नोन एज

[03:33:05] लोगों को इन्फ्लुएंस करना, लोगों का दिल

[03:33:07] जीतना। यह क्या कहलाता है? कौन सी टेक्निक

[03:33:10] कहलाती है? मोटिवेशन, बी पर्सुएशन, सी

[03:33:12] एजुकेशन एंड डी इनेशन। यानी कि यहां क्या

[03:33:16] कहा जा रहा है? एक आर्ट ऑफ यह साइकोथरेपी

[03:33:18] की टेक्निक है। आर्ट ऑफ विनिंग फ्रेंड्स।

[03:33:20] आर्ट ऑफ विनिंग फ्रेंड्स क्या कहलाता है?

[03:33:23] आर्ट ऑफ विनिंग फ्रेंड्स क्या कहलाता है?

[03:33:26] दोस्तों का दिल जीतना इसको क्या कहलाता

[03:33:29] है? आर्ट ऑफ विनिंग फ्रेंड्स इज कॉल्ड एज

[03:33:32] जवाब दीजिएगा।

[03:33:35] आर्ट ऑफ विनिंग फ्रेंड्स एंड

[03:33:36] इन्फ्लुएंसिंग पीपल इज नोन एज

[03:33:40] क्या कहलाता है? मोटिवेशन। बी पर्सुएशन।

[03:33:42] सी कहलाता है एजुकेशन। एंड डी होता है

[03:33:45] इंफॉर्मेशन।

[03:33:46] देखो

[03:33:48] ये याद रखिएगा क्या आंसर देना चाहेंगे

[03:33:51] आर्ट ऑफ विनिंग फ्रेंड्स दोस्तों को जीतना

[03:33:54] दोस्तों का जीत जाना भैया दोस्त बनाना

[03:33:57] इन्फ्लुएंस करना

[03:34:00] क्या कहलाता है पर्सुएशन कहलाता है

[03:34:03] पर्स्यू करना पर्स्यू करना बात करना

[03:34:07] समझाना दिल जीतना पर्सुएशन कहलाता है क्या

[03:34:11] कहलाता है पर्सुएशन कहलाता है

[03:34:16] आंसर है बी। बी आंसर है। 90% बच्चों ने

[03:34:21] जवाब दिया बी। पर्सुएशन का मतलब होता है

[03:34:23] पर्स्यू करना। बार-बार बोल के समझाना, इन

[03:34:28] लोगों को इन्फ्लुएंस करना। पर्सुएशन

[03:34:31] पर्सुएशन कहलाएगा। चलिए पर्सुएशन हो गया

[03:34:35] है।

[03:34:37] अब यहां पर आ रहा है रिलीजिंग ऑफ रिलीज द

[03:34:41] फीलिंग्स दैट टेक प्लेस बाय टॉकिंग अबाउट

[03:34:43] एन इमोशनली चार्ज्ड एरिया। यानी कि यहां

[03:34:45] बोला जा रहा है किसी के मन में कोई बात

[03:34:47] रखी हुई है, छुपी हुई है, हम उसकी बात को

[03:34:50] निकालना। इसको क्या कहते हैं?

[03:34:51] क्लेरिफिकेशन, बी कहते हैं एब्रिएक्शन, सी

[03:34:54] कहते हैं सजेशन या डी कहते हैं

[03:34:55] एक्सप्लोरेशन।

[03:34:58] यहां पर बोला जा रहा है। यहां पर यह बोला

[03:35:01] जा रहा है किसी के मन की बात को निकालना,

[03:35:04] उसको बोलना, उसके मन की बात को रिलीज

[03:35:06] करवाना। इसको क्या कहते हैं?

[03:35:10] मैं पहले एक आंसर को डिलीट कर देता हूं।

[03:35:13] अगर आपको आंसर नंबर डी दिए समझ में आ रहा

[03:35:15] है तो मैं इसको हटा देता हूं। तीन में से

[03:35:17] ही दे देना आप आंसर।

[03:35:19] गलत आंसर दे के अपन को टाइम खराब नहीं

[03:35:21] करना है अपना।

[03:35:25] समझ में आ रही है? यहां पर क्या बोला जा

[03:35:27] रहा है? रिलीज ऑफ फीलिंग्स दैट टेक प्लेस

[03:35:30] बाय टॉकिंग अबाउट एन इमोशनली चार्ज्ड

[03:35:32] एरिया।

[03:35:34] यह कोई एक्सप्लोरेशन कुछ नहीं है हमारी

[03:35:36] साइकेट्री में। या तो वेंटिलेशन होता है

[03:35:40] या फिर वेंटिलेशन याद रखिएगा। वेंटिलेशन

[03:35:43] होता है या फिर एब रिएक्शन होता है। मन की

[03:35:47] बात को निकलवाना, रिलीज करवाना। यह ऐब

[03:35:51] रिएक्शन होता है। ऐब रिएक्शन में हम क्या

[03:35:54] करते हैं? क्रिएटिंग अ सीन।

[03:35:57] एक सीन क्रिएट कर रहे हैं। वो सीन क्रिएट

[03:36:00] करने के बाद पेशेंट के आइडियाज या फीलिंग

[03:36:03] छुपी हुई फीलिंग्स बाहर निकल जाती है।

[03:36:05] कमरे में आग लगा दी है। कमरे में आग लग

[03:36:07] रही है। तो वो उस आग को देख के अगर आग से

[03:36:09] डर था। उसको कोई प्रॉब्लम थी। वह आग को

[03:36:11] देख के पुरानी यादें आ जाएगी। इसको एब

[03:36:13] रिएक्शन कहते हैं। सीन को रिकक्रिएट करना।

[03:36:16] सीन को रिकक्रिएट करके दोबारा से दिखाना।

[03:36:24] है ना?

[03:36:26] यह याद रखिएगा। सीन को रिकक्रिएट करना

[03:36:29] एएक्शन कहलाता है। वेंटिलेशन शब्द आता है

[03:36:32] वेंटिलेशन।

[03:36:34] वेंटिलेशन का मतलब क्या होता है? पेशेंट

[03:36:37] पेशेंट ने अपने मन में बात रख रही कि

[03:36:39] डिप्रेशन में है। हम पेशेंट से बात

[03:36:42] करेंगे। क्या हुआ था? कैसे हुआ था? कब

[03:36:44] हुआ? क्यों हुआ? अब वो पेशेंट अपने मन की

[03:36:46] बात हमें शेयर कर रहा है। हमें बता रहा

[03:36:50] है।

[03:36:51] पेशेंट रो रहा है। हमें बता रहा है ऐसा

[03:36:54] हुआ, यह हुआ, ऐसा हुआ था, यह हुआ। ये क्या

[03:36:56] कहलाता है? वेंटिलेशन। वेंटिलेशन का मतलब

[03:37:00] हम यह भी कह सकते हैं बॉटल्ड अप। बॉटल

[03:37:02] रिलीज़ करना, इमोशंस को रिलीज़ करना।

[03:37:05] कैथार्सिस भी कहते हैं इसको। कैथार्सिस

[03:37:07] मतलब फीलिंग का निकालना। तो वेंटिलेशन भी

[03:37:10] कहेंगे, कैथार्सिस भी कहते हैं।

[03:37:16] वेंटिलेशन भी कहेंगे, कैथार्सिस भी कहते

[03:37:19] हैं।

[03:37:21] बातें निकलवाना, वेंटिलेशन भी कहते हैं।

[03:37:24] कैथार्सिस भी कहते हैं। चलिए इतनी बात हो

[03:37:27] गई। वेंटिलेशन भी कहा जाता है। कैथार्सिस

[03:37:30] भी कहा जाता है। फीलिंग्स को निकालना,

[03:37:33] इमोशंस को निकालना। चलिए मेरे प्यारे

[03:37:35] साथियों तो आज इतना ही करेंगे। आपसे मैं

[03:37:40] विदा लेता हूं। नेक्स्ट सेशन में मुलाकात

[03:37:42] करूंगा। आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया आज

[03:37:46] की क्लास के लिए। आई होप आपका थोड़ा

[03:37:48] रिवीजन हुआ होगा। किस प्रकार से पढ़ना है,

[03:37:51] कैसे करना है सब कुछ। तो हमें उम्मीद है

[03:37:54] बट अब आप कंटिन्यू पढ़ते रहें। लगातार

[03:37:56] पढ़ते रहें। आपसे जल्दी ही मैं नेक्स्ट

[03:37:59] सेशन में मुलाकात करेंगे और एक बड़ा एक और

[03:38:01] सेशन लगाएंगे, लगा रहे हैं। वर्क चल रहे

[03:38:04] हैं उसके ऊपर। तो उन सेशंस के ऊपर भी हम

[03:38:07] पढ़ने वाले हैं। ठीक है? तो आज के लिए

[03:38:10] इतना ही। लगातार बोलते बोलते अब मुंह

[03:38:14] हमारा भी दुख जाता है। ठीक है? तो मिलते

[03:38:17] हैं आप सभी से। थैंक यू सो मच साथियों।
