# 🚀 ACELLULAR LIFE | Complete Chapter in ONE SHOT | MDCAT 2026 Biology | Manzil Series | PMDC MDCAT

https://www.youtube.com/watch?v=SOJVrLKM8KU
Translation: en

[00:01] अस्सलाम वालेकुम बच्चों।
  Peace be upon you, children.

[00:04] उम्मीद है आप ठीक-ठाक होंगे, मजे में होगे
  Hope you are doing well and are enjoying yourself.

[00:06] और अपने एमडीकड की बहुत अच्छे से तैयारी
  And are preparing very well for your MDCAT.

[00:09] कर रहेगे।
  You are doing.

[00:12] तो मेरे बच्चे मंजिल सीरीज के एक नए चैप्टर के साथ एक नई एनर्जी के साथ
  So my children, with a new chapter of the Manzil series and with new energy,

[00:15] मैं और मेरी टीम आपके एमडीकड की प्रिपरेशन को बूस्ट अप करने के लिए चार चांद लगाने के लिए और तैयारी को बेहतर से बेहतरीन करने के लिए हाजिर है।
  My team and I are present to boost your MDCAT preparation, to add value, and to make your preparation better than the best.

[00:25] मेरा बेटा आपको जो ये वन शॉट लेक्चर की सीरीज दी जा रही है,
  My son, this one-shot lecture series that is being given to you,

[00:29] इसका सबसे ज्यादा बेनिफिट आप किस तरह से उठा सकते हैं?
  How can you get the most benefit from it?

[00:34] नंबर एक लेक्चर को तरीके से फोकस के साथ सारी नोटिफिकेशंस को ऑफ करके तमीज से देखो।
  First, watch the lecture properly with focus, with all notifications turned off, and with discipline.

[00:41] एक सेटिंग में लेक्चर के प्रॉपर नोट्स बनाओ।
  Make proper notes of the lecture in one sitting.

[00:44] जिन क्वेश्चन को टीचर दौराने लेक्चर सॉल्व कर रहे हैं उनको देखो
  Look at the questions that the teacher is solving during the lecture.

[00:47] और खुद से अटेम्प्ट करने की कोशिश करो।
  And try to attempt them yourself.

[00:51] इससे आपको पता चलेगा कि आपके खुद के कॉन्सेप्ट्स कितने बेहतर होते जा रहे हैं।
  This will let you know how much your own concepts are improving.

[00:56] साथ ही साथ आपके जितने ऐसे दोस्त हैं
  Along with that, all your friends

[01:01] जिनका आपको पता है कि उनका बैकलग जमा होता जा रहा है और उनका कोर्स मुकम्मल नहीं हुआ
  Whose backlog you know is accumulating and their course is not complete.

[01:08] उनकी तैयारी मुकम्मल नहीं हुई उनको लाजमी इन वन शॉट लेक्चर्स को देखने के लिए रिकमेंड करें ताकि आपके साथ-साथ उनका भी भला हो सके।
  Their preparation is not complete, they must be recommended to watch these one-shot lectures so that they can benefit along with you.

[01:20] साथ ही साथ मैंने मेक श्योर किया है कि मैं और मेरी टीम के जितने टीम मेंबर्स हैं वो आपको इस वन शॉट लेक्चर में हर वो चीज कवर कराएं जो पीएमडीसी का एमडीकैड क्रैक करने के लिए जरूरी है।
  Along with that, I have made sure that I and all the team members of my team cover everything in this one-shot lecture that is necessary to crack the PMDC's MDCAT.

[01:33] ना तो पीएमडीसी के सिलेबस से बाहर जाके कोई एक्स्ट्रा पढ़ाया जाए ना पीएमडीसी के सिलेबस में रहते हुए कोई चीज कम की जाए।
  Neither should anything extra be taught by going outside the PMDC syllabus, nor should anything be reduced while staying within the PMDC syllabus.

[01:41] तो ये जो वन शॉट लेक्चर हैं ये आइडियल डेडिकेटेड टारगेट ओरिएंटेड लेक्चर्स हैं एमडीकट 2026 को क्रैक करने के लिए।
  So these one-shot lectures are ideal dedicated target-oriented lectures for cracking MDCAT 2026.

[01:49] मेरा बेटा ये वही पूरी की पूरी टीचिंग टीम है जिसने जस्ट लास्ट ईयर 2025 में 220 से ज्यादा डॉक्टर्स प्रोड्यूस करे हैं इस फिजिकोमेटिक्स के प्लेटफार्म से।
  My son, this is the same entire teaching team that just last year in 2025 produced more than 220 doctors from this Physicomatics platform.

[02:00] अल्हम्दुलिल्लाह।
  Praise be to God.

[02:00] जैसे अगर मैं आपको शो
  Like if I show you

[02:03] करूंगा तो मेरे बच्चे ये सारे के सारे वो रिजल्ट्स हैं जो इसी टीम में प्रोड्यूस किए हैं जो आपको मंजिल सीरीज के अंदर वन शॉट लेक्चर्स दे रही है।
  If I do, my children, these are all the results that have been produced by this very team that is giving you one-shot lectures within the Manzil series.

[02:12] आप देखोगे तो इसके अंदर आपको जैसे ये सैयद महमूद नजर आ रहे हैं जिसकी सिंध के अंदर पहली पोजीशन थी और भी बहुत सारे डॉक्टर्स आपको इसमें नजर आ रहे हैं।
  If you look, you will see Syed Mahmood here, who had the first position in Sindh, and many other doctors are visible to you in this.

[02:19] दादू में पोजीशन, मिटियारी की पोजीशन, सांगर, सखर, ठट्टा, टंडो मोहम्मद खान ये सारी पोजीशंस आपको नज़र आएँगी फिज़िकोमेटिक्स.com के रिजल्ट वाले सेक्शन के ऊपर।
  Dadu position, Matiari position, Sanghar, Sukkur, Thatta, Tando Muhammad Khan, all these positions will be visible to you on the results section of Physicomatics.com.

[02:30] उमरकोट, कराची, नौशेरो फिरोज, सांग लाइन से मेरा बेटा आप देखते चले जाओगे, देखते चले जाओगे।
  Umerkot, Karachi, Naushero Feroze, from Sang Line, my son, you will keep seeing, you will keep seeing.

[02:36] ये टोटल आपके पास कोई 200 के करीब डॉक्टर्स हैं।
  In total, you have around 200 doctors.

[02:38] 220 के करीब डॉक्टर्स हैं जिनकी आपको तस्वीरें यहां पे नजर आ रही होंगी।
  There are about 220 doctors whose pictures you might be seeing here.

[02:44] तो मेरे बच्चे यही पूरी टीम आपको भी एमडीकैट की प्रिपरेशन करा रही है और जिस तरह से आपको एमडीकैट की प्रिपरेशन कराई जानी चाहिए बिल्कुल वैसे ही आपको लेक्चर डिलीवर किए जा रहे हैं।
  So my children, this entire team is also preparing you for the MDCAT, and exactly as you should be prepared for the MDCAT, lectures are being delivered to you in the same way.

[02:58] तो अब आपके पास कोई भी लूप होल नहीं होना चाहिए।
  So now you should not have any loopholes.

[03:01] कोई एक्सक्यूज नहीं
  No excuses.

[03:04] होनी चाहिए कि हमारे एमडीकैड के अंदर अच्छे नंबर क्यों नहीं आए।
  It should be why we did not get good numbers in our MDCAT.

[03:06] तो उम्मीद है आप अपनी बहुत अच्छे से तैयारी करोगे और बहुत अच्छा एमडीकैट का स्कोर लेकर आओगे।
  So hopefully you will prepare very well and bring a very good MDCAT score.

[03:14] तो ऑल द वेरी बेस्ट।
  So all the very best.

[03:19] अस्सलाम वालेकुम स्टूडेंट।
  Assalamu alaikum student.

[03:19] टुडे वी विल डिस्कस अबाउट अ चैप्टर ऑफ़ एसेल्यूलर लाइफ।
  Today we will discuss about a chapter of acellular life.

[03:24] ये जो चैप्टर एसेल्यूलर लाइफ है, इट्स एक्चुअली अ चैप्टर व्हिच कंप्लीटली बिलोंग टू द वायरस।
  This chapter acellular life, it's actually a chapter which completely belongs to the virus.

[03:29] अच्छा वायरस की क्या-क्या उसमें चीजें ऐड होंगी?
  Okay, what things will be added in it regarding the virus?

[03:31] अह एक ब्रीफ डिस्क्रिप्शन अबाउट द डिस्कवरी ऑफ़ वायरस।
  Uh a brief description about the discovery of virus.

[03:36] हम देख लेते हैं।
  Let's see.

[03:36] इसके अलावा वायरस के बारे में उसकी जो क्लासिफिकेशन ऑन द बेसिस ऑफ देयर जीनोम ऑन द बेसिस ऑफ देयर कैप्सिट शेप और ऑन द बेसिस ऑफ द होस्ट।
  Besides this, about the virus, its classification on the basis of their genome, on the basis of their capsid shape, and on the basis of the host.

[03:43] ठीक है?
  Okay?

[03:46] एंड देयर आर सम ऑफ द वायरसेस ऑन द बेसिस ऑफ देयर डिजीजेस।
  And there are some of the viruses on the basis of their diseases.

[03:48] तो यह जो चैप्टर है यह कंप्लीट वायरस के रिगार्डिंग है और हम इसमें इंट्रोडक्शन में की तरफ जाते हैं।
  So this chapter is completely regarding the virus and we move towards the introduction in it.

[03:56] सबसे पहले तो डिस्कवरी ऑफ वायरस का जो जिक्र हो रहा है वो यूजुअली जो सबसे पहला वर्ड टर्म वायरस यूज़ हम करते हैं।
  First of all, the mention of the discovery of virus, usually the very first word term virus we use.

[03:58] ये ये
  This this

[04:05] जो वर्ड वायरस है यूजुअली इज डिराइव्ड फ्रॉम द लैटिन वर्ड जो कि है वायरॉन।
  The word virus is usually derived from the Latin word which is Viron.

[04:12] ये वायरस का वर्ड हमने वायरॉन से डिराइव किया है।
  We have derived the word virus from Viron.

[04:14] जिसका मतलब होता है पोइजन।
  Whose meaning is poison.

[04:14] ठीक है?
  Okay?

[04:17] मीनिंग लफ्जी मतलब पोइजन है या इसको हम लोग स्लाइमी लिक्विड कंसीडर के तौर के के तौर पर भी कंसीडर करते हैं।
  Meaning, the literal meaning is poison, or we also consider it as a slimy liquid.

[04:23] एक्चुअली वायरसेस जो अब तक हमारे वायरस की नॉलेज है वो एक्चुअली डिजीज कॉजिंग होते हैं और उनका लिविंग टिश्यूज़ को डायरेक्ट बेनिफिट कहीं नहीं होता।
  Actually, viruses, as far as our knowledge of viruses goes, are actually disease-causing and they do not directly benefit living tissues anywhere.

[04:32] ठीक है?
  Okay?

[04:32] यानी कोई म्यूचुअलिस्टिक वायरसेस कंसीडर नहीं कर रहे।
  Meaning, we are not considering any mutualistic viruses.

[04:36] हम हां बायोटेक्नोलॉजी में हमने वायरस को जरूर इस्तेमाल किया है फॉर द वेलफेयर ऑफ़ मैनकाइंड।
  Yes, in biotechnology, we have certainly used viruses for the welfare of mankind.

[04:40] तो डिस्कवरी ऑफ़ वायरस से रिलेटेड देखें तो जो वायरस का वर्ड है वो एक्चुअली लैटिन से यानी वायरॉन से जो है ना वो निकला है।
  So, related to the discovery of viruses, the word virus is actually derived from Latin, from Viron.

[04:48] अब यहां कुछ पॉइंट डिस्कस हुए हैं हिस्टोरिकल डिस्कवरी।
  Now, some points have been discussed here, historical discovery.

[04:51] अच्छा डिस्कवरी बहुत बैक पे बहुत पास में गई हुई है कुछ इस तरीके से कि 1884 का आउटलाइन 1892।
  Okay, the discovery goes very far back, very close, in a way that the outline of 1884, 1892.

[04:58] अब 84 में चार्ल्स चैमरलैंड जो है वो असिस्टेंट था
  Now, in '84, Charles Chamberland was an assistant

[05:05] लुइस पाश्चर का।
  Of Louis Pasteur.

[05:07] ठीक है? ठीक है? लुईस पाश्चर को तो आप जानते होंगे पाश्चराइजेशन का जो बहुत फेमस प्रोसेस है जिसमें हम दूध को पाश्चराइजेशन के जरिए जो है ना वो बैक्टीरियल ग्रोथ से प्रिजर्व करते हैं।
  Okay? Okay? You must know Louis Pasteur, the very famous process of pasteurization in which we preserve milk through pasteurization from bacterial growth.

[05:18] तो जो चार्ल्स चेंबरलैंड था उसने अपने लाइक उसने अपने लुइस पाश्चर के जो असिस्टेंट के तौर पे काम कर रहा था।
  So Charles Chamberland, who was working like as an assistant to Louis Pasteur.

[05:25] उसने एक मेंब्रेन बनाई थी पोर्सलेन फिल्टर मेंब्रेन।
  He had made a porcelain filter membrane.

[05:28] सो यूजुअली इन्वेंटेड द चेंबरन पाश्चर पोर्सलेन फिल्टर।
  So usually invented the Chamberland Pasteur porcelain filter.

[05:31] यानी हम इसको डायरेक्टली पोर्सलेन फिल्टर मेंब्रेन या चैमलिन फिल्टर मेंब्रेन के नाम से भी जानते हैं।
  Meaning, we also know it directly by the name of porcelain filter membrane or Chamberland filter membrane.

[05:37] इस मेंब्रेन का पोर साइज था 0 पॉइंट यानी एक छोटी सी मेंब्रेन जिसके अंदर बारीक होल जिसमें वन 0.1 माइक्रो मीटर साइज था।
  The pore size of this membrane was 0.something, meaning a small membrane with fine holes inside, which was 0.1 micrometer in size.

[05:49] यानी कोई चीज जो इस साइज से बड़ी होगी वो इस मेंब्रेन को पार नहीं कर सकती।
  Meaning, anything that is larger than this size cannot pass through this membrane.

[05:55] लेकिन जो चीज इस साइज से छोटी होगी वो इसको पार कर लेगी।
  But anything that is smaller than this size will pass through it.

[05:58] तो यहां पे जो पोर साइज अब जैसे ना हमारे पास सुबह चाय जब हम फिल्टर करते हैं तो एक सीव होती है छन्नी
  So here the pore size, now, for example, when we filter tea in the morning, we have a sieve, a strainer.

[06:06] होती है।
  It happens.

[06:08] अब उसमें हमें मालूम है कि भाई इलायची है, पत्ती वगैरह है वो तो नहीं जाएगी क्योंकि पोर साइज इतना छोटा है कि वो जाने नहीं देगा लेकिन होगा क्या कि उसमें जो चाय है वो निकल जाती है।
  Now, we know that cardamom, leaves, etc., will not go through because the pore size is so small that it won't let them pass, but what will happen is that the tea will come out.

[06:16] तो इसी तरीके से इस पोर्स असल में उसका मकसद उनका मकसद ये था कि उस वक्त ज्यादातर बैक्टीरिया से होने वाली जो बीमारियां थी वो बहुत ज्यादा थी।
  In this way, the actual purpose of these pores, their purpose was that at that time, most diseases caused by bacteria were very prevalent.

[06:25] वायरस का तो किसी को मालूम नहीं था।
  No one knew about viruses then.

[06:29] तो उसमें जो पानी वगैरह था वो इस्तेमाल के काबिल करने के लिए ताकि उसमें बैक्टीरिया ना हो।
  So, the water and other things in it were made usable so that there would be no bacteria in it.

[06:33] तो पानी को इस मेंब्रेन से गुजारा जाता था और ये एक्चुअली कैपेबल ऑफ रिमूविंग बैक्टीरिया मोर देन 0.2 माइक्रोन यानी अच्छा छोटे से छोटा बैक्टीरिया भी अब तक जो डिस्कवर्ड है उसका साइज 0.2 है और ये खुद 0.1 है।
  So, the water was passed through this membrane, and it is actually capable of removing bacteria more than 0.2 microns, meaning even the smallest bacteria discovered so far has a size of 0.2, and this itself is 0.1.

[06:48] तो इसका मतलब है इस मेंब्रेन को कोई भी बैक्टीरिया पार कर ही नहीं सकता।
  So, this means that no bacteria can pass through this membrane.

[06:54] लेकिन इस इस इन्वेंशन का फायदा जो है ना वो हमें इन फ्यूचर 1892 में जब डिमिट्री आइनोस्की ने अच्छा इनका अपना मकसद 1884 में जब चैंबरलैंड ने बनाया तो उनका मकसद ये था कि भ हम बैक्टीरिया को रिमूव कर सके पानी से
  But the benefit of this invention, you see, is that in the future, in 1892, when Dmitri Ivanovsky, well, their own purpose in 1884 when Chamberland created it, their purpose was that we could remove bacteria from water.

[07:09] ताकि पीने का पानी साफ मिले तो बीमारियां कम हो।
  So that drinking water is clean and diseases are reduced.

[07:11] ठीक है?
  Okay?

[07:15] अच्छा उसके बाद 1892 में एक बीमारी थी लाइक टोबैको लीव्स इनफेक्टेड टोबैको लीव्स हुआ ये कि टोबैको लीव्स इनफेक्टेड थे तो सबका यही ख्याल था कि भाई एक बैक्टीरियल डिजीज है बट किसी को कंफर्म नहीं था कि किस तरह का कौन सा बैक्टीरिया
  Okay, after that in 1892 there was a disease, like tobacco leaves infected, tobacco leaves. What happened was that the tobacco leaves were infected, so everyone thought that it was a bacterial disease, but no one was sure what kind of bacteria it was.

[07:29] लेकिन एक साइंटिस्ट था डिमिट्री आइबनोस्की ये बात है 1892 की उसका ये ख्याल था उसके ये थॉट्स थे कि ये कोई बैक्टीरिया लगता नहीं है इट्स समथिंग एल्स
  But there was a scientist, Dimitri Ivanovsky. This was in 1892. He thought, his thoughts were that this doesn't seem like a bacteria, it's something else.

[07:40] अच्छा उसने एक्सपेरिमेंट क्या किया वो मैं आपको आउटलाइन बता देता हूं
  Okay, what experiment he did, I'll give you the outline.

[07:41] उसने ये किया कि ही एक्चुअली कलेक्टेड
  What he did was, he actually collected

[07:46] मेनी ऑफ़ दैट साइंटिस्ट अराउंड और उसने सबसे कहा कि देखिए आपको याद होगा 1884 में एक मेंब्रेन बनी थी पोर्सलेन फिल्टर मेंब्रेन है ना और उसका काम क्या था कि वो क्या करती है टू टू रिमूव बैक्टीरिया
  Many scientists around, and he told everyone that look, you might remember in 1884, a membrane was made, a porcelain filter membrane, right? And what was its function? What did it do? To remove bacteria.

[08:04] तो सब ने कहा हां बिल्कुल वो बिल्कुल मेंब्रेन अच्छी थी और वो काम करती
  So everyone said yes, absolutely, that membrane was very good and it worked.

[08:09] है तो उसने ये कहा कि देखो मैं इनफेक्टेड टोबैको लीव्स ले रहा हूं तुम्हारे सामने
  So he said that look, I am taking infected tobacco leaves in front of you.

[08:14] मैं उनको जो है उनका जूस निकाल रहा हूं
  I am extracting their juice.

[08:17] ठीक है और उनका जो जूस जूस है उसमें जाहिर सी बात है वो इनफेक्टेड वो बैक्टीरिया भी होगा जिससे वो पत्ते बीमार हैं।
  Okay, and in their juice, obviously, there will be those infected bacteria with which the leaves are sick.

[08:25] इनफेक्टेड लीव्स का टोबैको लीव्स का लाइक जूस बनाया उसने।
  He made a juice of infected leaves, tobacco leaves.

[08:28] ठीक है?
  Okay?

[08:30] अच्छा फिर उसने क्या किया?
  Okay, then what did he do?

[08:34] सबके सामने इस मेंब्रेन से फिल्टर किया और सबको कहा कि अब मेरे पास जो है ना वो यहां पे फिल्टर्ड टोबेको टोबेको लीव्स का जूस मौजूद है।
  He filtered it with this membrane in front of everyone and told everyone that now I have the filtered tobacco leaves juice here.

[08:41] ठीक है?
  Okay?

[08:46] अब अगर आप लोगों की बात ठीक है कि यह बैक्टीरियल डिजीज है तो देखिए आपके सामने मैंने इस टोबको लीव्स का जो जूस है उसे फिल्टर कर दिया।
  Now, if what you people are saying is correct, that this is a bacterial disease, then look, I have filtered the juice of these tobacco leaves in front of you.

[08:54] इसका मतलब इसमें बैक्टीरिया नहीं है।
  This means there are no bacteria in it.

[08:56] अब मैं इसको अप्लाई करूंगा हेल्दी लीव्स पे।
  Now I will apply it to healthy leaves.

[08:59] तो अगर आप सबकी बात ठीक होगी ना तो हेल्दी लीव्स को इंफेक्शन नहीं होना चाहिए।
  So if what you all are saying is correct, then the healthy leaves should not get infected.

[09:05] क्योंकि आपने कहा बैक्टीरिया तो रिमूव हो गया।
  Because you said the bacteria have been removed.

[09:07] और अगर मैं ठीक हुआ तो देखिए इनफेक्शन हो जाएगा।
  And if I am correct, then infection will occur.

[09:10] अब उसने क्या किया?
  What did he do now?

[09:12] वो जो फिल्टर्ड जूस था जिसको इनफेक्टेड टोबेको लीव्स का जिसको मेंब्रेन से गुजारा है जब उसको हेल्दी टोबैको लीव्स पे लगाया तो हफ्ते के अंदर-अंदर जो है ना वो पत्ते इनफेक्टेड हो गए।
  That filtered juice, which was passed through a membrane from infected tobacco leaves, when applied to healthy tobacco leaves, within a week, those leaves became infected.

[09:23] यानी अगर वो बैक्टीरियल डिजीज होती तो उसके अंदर तो बैक्टीरिया है नहीं क्योंकि हमने तो पोर्सिलियन फिल्टर यूज़ किया।
  Meaning, if it were a bacterial disease, there are no bacteria in it because we used a porcelain filter.

[09:28] वहां से फिर ये बात क्लियर हो गई कि हां यार ये बात तो ठीक है बैक्टीरिया नहीं है।
  From there, it became clear that yes, this is correct, it's not bacteria.

[09:32] इट्स समथिंग एल्स।
  It's something else.

[09:34] बट कंफर्म नहीं था कि समथिंग एल्स क्या है?
  But it wasn't confirmed what that something else was.

[09:37] इट्स एक्चुअली इवन स्मॉलर देन द बैक्टीरिया।
  It's actually even smaller than the bacteria.

[09:39] तो वहां पे फिल्टरेबल वायरसेस का नाम जो है ना फिल्टरेबल लिक्विड में तो यहां पे ही फाउंड दैट द फिल्टर्ड सैप फ्री ऑफ़ बैक्टीरिया स्टिल कॉज डिजीज इन द हेल्दी प्लांट्स जो मैंने अभी आपको बताया एंड कंक्लूडेड दैट एन इनफेशियस एजेंट स्मॉलर दैन बैक्टीरिया
  So there, the name of filterable viruses, in the filterable liquid, here he found that the filtered sap, free of bacteria, still caused disease in the healthy plants, as I just told you, and concluded that an infectious agent smaller than bacteria

[09:54] यानी उसके ख्याल में वो बात दुरुस्त थी कि ये कुछ बहुत ही छोटा है जो बैक्टीरिया से भी है टोबैको मोजेक डिजीज ये नाम वहां से फिर डेवलेप हुआ।
  Meaning, in his opinion, that statement was correct, that it is something very small, even smaller than bacteria. Tobacco Mosaic Disease, this name then developed from there.

[10:01] अच्छा उसके बाद आगे जाके अब ये 1892 के बाद पहले 1884 फिर 1892 अब ये आ गया 1899 अब मार्टिनस बीजरिंग एक और
  Okay, after that, going forward, now after 1892, first 1884, then 1892, now it's 1899. Now Martinus Beijerinck, another

[10:11] साइंटिस्ट जो था उसी ने इस बात को प्रूफ किया उसने भी टोबैको मोजेक डिजीज पे फर्दर स्टडीज की तो ही प्रपोज्ड दैट द एजेंट वाज़ अ कॉन्टेजियस लिविंग वो जो फ्लूइड था उसको नाम दिया कॉन्टेजियस जब वो किसी चीज को टच करता है ना किसी प्लांट को जैसे टोबेको प्लांट को तो वो कॉन्टेजियस बीमारी के तौर पे उसको इनफेक्ट तो नाम दिया कॉन्टेजियस लिविंग फ्लूइड एंड दीज़ एजेंट वर लेटर नेम और बाद में इन एजेंट को नाम दिया गया वायरसेस का यानी फिल्टरेबल वायरसेस ऐसी चीजें जो एक्चुअली उस पोर्सलिन फिल्टर से भी नहीं रुक पा रही हैं।
  The scientist who was there proved this point. He further studied tobacco mosaic disease, so he proposed that the agent was a contagious living fluid. That fluid was named contagious. When it touches something, like a tobacco plant, it infects it as a contagious disease. So it was named contagious living fluid, and these agents were later named viruses, i.e., filterable viruses, things that were actually not stopping even with that porcelain filter.

[10:46] 1935 में फिर उसके बाद देखिए 1899 के बाद फिर तकरीबन 36 इयर्स लेटर तो डब्ल्यू एम स्टैनले क्रिस्टलाइज उसने फिर आइसोलेट किया टोबेको मोजेक वायरस को यानी सबसे पहले टोबैको मोजेक वायरस को क्रिस्टलाइज किया आइसोलेट किया स्ट और फिर हमने वायरस को ऑब्जर्व किया 1935 में इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप भी इन्वेंट हो गया था।
  In 1935, after that, look, after 1899, approximately 36 years later, W.M. Stanley crystallized. He then isolated the tobacco mosaic virus, meaning he first crystallized and isolated the tobacco mosaic virus. And then we observed the virus in 1935. The electron microscope had also been invented.

[11:06] So the development of the electron microscope enabled visulise visulisation of the viruses.
  So the development of the electron microscope enabled visualization of the viruses.

[11:13] आज हम वायरसेस को विजुअलाइज कर पाते हैं
  Today we are able to visualize viruses

[11:15] बिकॉज़ नाउ वी हैव दैट इलेक्ट्रॉन
  Because now we have that electron

[11:17] माइक्रोस्कोप।
  microscope.

[11:17] ठीक है?
  Okay?

[11:19] जिसकी मदद से हम इतनी डिटेल इमेज हासिल कर पाए।
  With the help of which we were able to obtain such detailed images.

[11:22] द स्टडी ऑफ़ वायरस एक्चुअली नोन एज वायरोलॉजी।
  The study of viruses is actually known as virology.

[11:24] तो बैकग्राउंड में कुछ बातें चार्ल्स
  So, in the background, some things about Charles

[11:27] चेंबरलैंड और लुइस पाश्चर इनकी
  Chamberland and Louis Pasteur, their

[11:30] कंट्रीब्यूशन डायरेक्ट वायरस से रिलेटेड
  contributions were not directly related to viruses.

[11:32] नहीं थी।
  They were not.

[11:32] इनकी कंट्रीब्यूशन में एक्चुअल
  In their contribution, the actual

[11:34] जो पॉइंट था वो ये था कि भाई वो उन्होंने
  point was that they had

[11:37] पोर्सलिन फिल्टर मेंब्रेन बनाई बैक्टीरिया
  made porcelain filter membranes to filter bacteria.

[11:39] को फिल्टर करने के लिए।
  for filtering.

[11:39] ठीक है?
  Okay?

[11:41] अच्छा।
  Good.

[11:41] उसके बाद जो सेकंड आया वो ये था कि 1892
  After that, the second thing that came was that in 1892

[11:44] में जब ये बीमारी फैली टोबैको मोजेक डिजीज
  when this disease, Tobacco Mosaic Disease, spread,

[11:46] टोबैको लीव्स जो इनफेक्टेड हो रहे थे तो
  affecting tobacco leaves, then

[11:48] फिर वहां से डिमिट्री आनोस्की ने इस चीज
  from there, Dimitri Ivanovsky triggered this thing

[11:51] को ट्रिगर आउट किया कि यार ये बैक्टीरिया
  that this is not bacteria, it's something else.

[11:52] नहीं है ये समथिंग एल्स क्या है कंफर्म
  What it is, is not confirmed,

[11:55] नहीं है बट इवन स्मॉलर दैन बैक्टीरिया फिर
  but even smaller than bacteria. Then

[11:57] बीजिरिंग ने 1899 में इस बात को फोर्स
  Beijerinck, in 1899, emphasized this point

[12:01] किया कि हां ये कॉन्टेजियस लिविंग टिश्यू
  that yes, it is a contagious living tissue

[12:02] है और लिविंग फ्लूइड है और यही जो है ना
  and a living fluid, and this is what

[12:05] ये डिजीज को कॉज कर रहा है टोबेकोम मोजेक
  is causing the disease as Tobacco Mosaic

[12:07] वायरस के तौर पे और फिर उसको फाइनली
  Virus. And then it was finally

[12:10] क्रिस्टलाइज करके आइसोलेट किया स्टैनले ने
  crystallized and isolated by Stanley.

[12:13] और हमने फिर विजुअलाइज़ किया इलेक्ट्रॉन
  And then we visualized it with electron

[12:14] माइक्रोस्कोप की मदद से।
  With the help of a microscope.

[12:16] तो ये तो एक डिस्कवरी ऑफ़ वायरस के रिलेटेड बात हो गई।
  So this was a discussion related to the discovery of viruses.

[12:19] अच्छा अब कुछ क्वेश्चन डिस्कस कर ले अगर हमसे ये टॉपिक पूछा जाए तो इस टॉपिक के क्या क्वेश्चन बन सकते हैं?
  Okay, now let's discuss some questions. If this topic is asked to us, what questions can be formed on this topic?

[12:25] लाइक द टर्म वायरस इज़ डिराइव्ड फ्रॉम अ लैटिन वर्ड।
  Like the term virus is derived from a Latin word.

[12:27] तो लैटिन वर्ड क्या था?
  So what was the Latin word?

[12:27] वायरन था, विट्रम था, वायरॉन था?
  Was it 'vairana', 'vitrum', or 'vairon'?

[12:34] एक्चुअली वायरॉन लिटर जो है वर्ड यूज़ किया था।
  Actually, 'vairon' litter was the word used.

[12:37] वायरन या वेरॉइड्स और प्रायन जो हम डिस्कस करते हैं वो एक अलग कांसेप्ट है जो हम क्लासिफिकेशन में देखेंगे।
  Vairan or veroids and prions, which we discuss, are a different concept that we will see in classification.

[12:43] तो यहां वायरोन जो है वो एक्चुअली लैटिन वर्ड है जिसको हम पोइजन के नाम से जानते हैं।
  So here, 'vairon' is actually a Latin word which we know by the name of poison.

[12:46] ठीक है?
  Okay?

[12:47] अच्छा सेकंड क्वेश्चन क्या है कि हु इन्वेंटेड द पोर्सिलिन अब पोर्सलिन फिल्टर मेंब्रेन कैपेबल ऑफ रिमूविंग बैक्टीरिया।
  Okay, what is the second question? Who invented the porcelain, now porcelain filter membrane capable of removing bacteria?

[12:55] तो इन्वेंट किसने की थी?
  So who invented it?

[12:55] चेंबरलैंड चार्ल्स चमबरलैंड।
  Chamberland, Charles Chamberland.

[12:58] ठीक है?
  Okay?

[13:01] जो कि असिस्टेंट था लुईस पाश्चर का।
  Who was an assistant to Louis Pasteur.

[13:03] और लुईस पाश्चर एक्चुअली एक एक साइंटिस्ट जिसके जिसने पास्टेशन का जो मेथड है वो डेवलप किया था।
  And Louis Pasteur was actually a scientist who developed the method of pasteurization.

[13:09] तो यहां पे इस एमसीयूस का आंसर हमें चार्ल्स चेंबर मिलेगा।
  So here, we will get the answer to this MCQs as Charles Chamber.

[13:11] द पोर साइज ऑफ चेंबरन मेंब्रेन
  The pore size of the Chamberland membrane

[13:14] यानी चेंबर पाश्चर पोर्सलिन फिल्टर मेंब्रेन सबसे छोटा स्मॉल पोर साइज है और
  Meaning the chamber Pasteur porcelain filter membrane has the smallest pore size and

[13:21] हमने बताया था वो पोर साइज है 0.1 माइक्रो मीटर और दुनिया का छोटे से छोटा बैक्टीरिया 0.2 है मतलब वो इससे छोटा तो है ही नहीं तो वो उसको पार ही नहीं कर सकता।
  We had said that pore size is 0.1 micrometers and the world's smallest bacteria is 0.2, meaning it is not smaller than this, so it cannot pass through it.

[13:32] तो 0.1 माइक्रोन यस दैट इज़ द ऑप्शन डेल्टा डी आंसर वुड बी करेक्ट फॉर दिस एमसीक्यूस
  So 0.1 micron, yes, that is the option Delta D, the answer would be correct for these MCQs.

[13:40] व्हाट डिड डिमिट्री आइबनोस्की ठीक है डिमिट्री आनोस्की ने क्या कंक्लूड किया था अबाउट द अबाउट ह एक्सपेरिमेंट विद फ़्टर टोबैको सैप टोबैको सैप टोबैको जूस जो हमने मैंने बात की थी तो एक्चुअली उसने क्या क्या फाइंड आउट किया कि समथिंग इवन स्मॉलर देन द बैक्टीरिया क्योंकि अगर ये बैक्टीरिया ही होता तो वो तो फॉरसिलिन फिल्टर मेंब्रेन में फिल्टर हो चुका था।
  What did Dimitri Ivanovsky, okay, what did Dimitri Ivanovsky conclude about his experiment with after tobacco sap, tobacco sap, tobacco juice that we talked about, so actually what did he find out, that something even smaller than the bacteria, because if it were bacteria, it would have been filtered in the porcelain filter membrane.

[14:04] अगर वो होता तो फिर तो बीमार होना नहीं चाहिए था हेल्दी लीव्स को।
  If it were, then healthy leaves should not have become diseased.

[14:09] सो डिजीज वाज़ कॉज्ड बाय बैक्टीरिया।
  So disease was caused by bacteria.

[14:09] नो एन एजेंट स्मॉलर देन द बैक्टीरिया कॉज टोबैको।
  No, an agent smaller than the bacteria caused tobacco.

[14:13] यस ही एक्चुअली फाइंड आउट कि इट इज़ एन समथिंग
  Yes, he actually found out that it is something

[14:17] व्हिच इज़ इवन स्मॉलर देन अ बैक्टीरिया।
  Which is even smaller than a bacteria.

[14:19] ठीक है?
  Okay?

[14:19] और ये बैक्टीरिया से भी छोटा ही है।
  And this is even smaller than bacteria.

[14:21] बट इवन दो वो भी कंफर्म नहीं था कि ये है क्या?
  But even though it wasn't confirmed what this was?

[14:24] बाद में फिर पता चला कि इट्स वर एक्चुअली अ टोबैकोमोजेक वायरस नाम दिया।
  Later it was found that it was actually named the Tobacco Mosaic Virus.

[14:26] अच्छा हु प्रपोज्ज दैट इनफेशियस एजेंट वाज़ अ कॉन्टेजियस?
  Okay, who proposed that the infectious agent was contagious?

[14:29] हां फिर बाद में 1899 में ये ये जो वर्ड यूज़ किया ना कॉन्टेजियस लिविंग फ्लूइड ये जो स्टेटमेंट दी थी ये डिमिट्री आइबनोस्की के बाद एक साइंटिस्ट था मार्टिनस बीजरिंग।
  Yes, later in 1899, this word used, contagious living fluid, this statement was given by a scientist after Dimitri Ivanovsky, Martinus Beijerinck.

[14:31] तो मार्टिनस बीजरिंग के नाम बीजिंग ये रहा।
  So Martinus Beijerinck's name is Beijing, here it is.

[14:35] तो इसने यह चीज ऐड किया कि यस इट्स अ लिविंग कॉन्टेजियस लिविंग फ्लूइड जो एक्चुअली जब यह लीव्स के कांटेक्ट में आता है तो उनको भी इनफेक्ट कर देता है।
  So he added this that yes, it's a living contagious living fluid which actually infects the leaves when it comes in contact with them.

[14:37] द फर्स्ट वायरस टू बी क्रिस्टलाइज्ड।
  The first virus to be crystallized.

[14:41] हां अब यहां से सवाल है कि सबसे पहला दुनिया का वायरस जिसको क्रिस्टलाइज किया था।
  Yes, now the question is, what was the world's first virus to be crystallized?

[14:44] अच्छा क्रिस्टलाइज किया था स्टैनले ने।
  Okay, it was crystallized by Stanley.

[14:48] ठीक है?
  Okay?

[14:48] दैट वाज़ अराउंड 1935।
  That was around 1935.

[14:50] लेकिन वो जो वायरस था वो एक्चुअली था क्या?
  But what was that virus actually?

[14:53] दैट इज़ टोबेको मोजेक वायरस टीएमवी।
  That is Tobacco Mosaic Virus, TMV.

[14:56] तो इस एमसीक्यूस का ऑप्शन
  So the option for this MCQ

[15:18] हमारे पास डी ऑप्शन करेक्ट आंसर आएगा।
  We will have option D as the correct answer.

[15:21] अच्छा वि ईयर वाज़ थीमली क्रिस्टलाइज।
  In which year was the theme crystallized?

[15:23] ये वाला स्टेटमेंट है कौन से साल में टोबेको मोजेक वायरस को क्रिस्टलाइज किया था स्टैनले ने?
  This statement is about which year Tobacco Mosaic Virus was crystallized by Stanley?

[15:28] दैट वाज़ 1935 तो डी ऑप्शन वुड बी करेक्ट आंसर।
  That was 1935, so option D would be the correct answer.

[15:31] और व्हिच टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट अलाउड डायरेक्ट अच्छा कौन सी टेक्नोलॉजी थी जिसकी डेवलपमेंट या इन्वेंशन के बाद हम वायरस को विजुअलाइज़ कर पाए?
  And which technological development allowed direct? Well, which technology was it, after the development or invention of which we were able to visualize viruses?

[15:43] इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप यस डेफिनेटली इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप आर द मोर पावरफुल माइक्रोस्कोप दैट कैन इवन विजुअलाइज़ अ स्मॉल साइज ऑफ़ अ बैक्टीरिया सॉरी वायरस
  Electron microscope. Yes, definitely electron microscopes are the more powerful microscopes that can even visualize a small size of a bacteria, sorry, virus.

[15:52] वायरस आर इवन स्मॉलर देन बैक्टीरिया लाइक 1000 अप टू 1000 टाइम वायरसेस आर इवन स्मॉलर देन बैक्टीरिया।
  Viruses are even smaller than bacteria, like 1000, up to 1000 times. Viruses are even smaller than bacteria.

[16:01] तो बैक्टीरिया से भी छोटे वन और 1000 टाइम्स होते हैं वायरस।
  So, viruses are even smaller than bacteria, one and 1000 times.

[16:05] द स्टडी ऑफ़ वायरस इज़ कॉल्ड वायरस की स्टडी को आप क्या कहेंगे?
  The study of viruses is called. What would you call the study of viruses?

[16:08] एक्चुअली वी नो दैट वायरोलॉजी।
  Actually, we know that virology.

[16:11] ठीक है?
  Okay?

[16:13] ये बैक्टीरियोलॉजी या फिर माइकोलॉजी वगैरह वो तो फिर आपके पास जो है ना वो उसमें आ जाते हैं।
  This bacteriology or mycology etc., they then come under that.

[16:16] फंजाई वगैरह के लिहाज से इम्यूनोलॉजी
  Immunology in terms of fungi etc.

[16:21] एवरीवन देयर आर समथिंग डिफरेंट।
  Everyone, there is something different.

[16:23] तो वायरस की स्टडी के लिए वायरोलॉजी का वर्ड यूज़ हो रहा है।
  So, the word virology is being used for the study of viruses.

[16:25] एंड नेक्स्ट वी हैव द स्टेटमेंट व्हाट डिड मार्टिनस बीजरिंग कंट्रीब्यूट टू वायरोलॉजी?
  And next, we have the statement: What did Martinus Beijerinck contribute to virology?

[16:30] मार्टिनस बीजरिंग की कंट्रीब्यूशन।
  Martinus Beijerinck's contribution.

[16:32] ठीक है?
  Okay?

[16:35] वायरस की स्टडी से रिलेटेड प्रपोज़ द कॉनसेप्ट ऑफ़ कॉन्टेजियस लिविंग फ्लूइड।
  Related to the study of viruses, he proposed the concept of contagious living fluid.

[16:38] और उसने ये एंडोर्स किया कि हां जो 1892 में डिमिट्री आनोस्की ने जो अ ट्रिगर आउट किया था कि भाई इट इज़ समथिंग इवन स्मॉलर देन बैक्टीरिया।
  And he endorsed that yes, what Dmitri Ivanovsky had triggered out in 1892, that it is something even smaller than bacteria.

[16:48] तो हां ये कुछ ऐसा ही है ये वायरस है।
  So yes, this is something like that, it is a virus.

[16:50] ठीक है?
  Okay?

[16:53] तो फिर उसके नाम से फिल्ट्रेबल वायरस का नाम आगे दिया गया।
  Then, the name 'filterable virus' was later given after his name.

[16:55] तो ये आपके पास आ गया।
  So, this is what you have.

[16:58] अच्छा।
  Good.

[17:00] अब यहां पे आती है वायरस की क्लासिफिकेशन।
  Now, here comes the classification of viruses.

[17:02] ठीक है?
  Okay?

[17:05] अब अकॉर्डिंग टू पीएमडीसी जब आप इस चैप्टर को फोकस करते हैं तो वायरस की क्लासिफिकेशन इज़ द मोस्ट इंपोर्टेंट वन।
  Now, according to PMDC, when you focus on this chapter, the classification of viruses is the most important one.

[17:07] तीन मेन क्लासिफिकेशन आप देखते हैं।
  You see three main classifications.

[17:10] उसमें हम डिजीज बेस भी ऐड कर देते हैं।
  In that, we also add disease-based.

[17:12] यानी वायरस की क्लासिफिकेशन ऑन द बेसिस ऑफ़ देयर जीनोम ऑन द बेसिस ऑफ़ देयर शेप लाइक कैप्सिट ऑन द बेसिस ऑफ़ देयर होस्ट टू व्हिच दे इनफेक्ट एंड ऑन द बेसिस
  Meaning, the classification of viruses on the basis of their genome, on the basis of their shape like capsid, on the basis of their host to which they infect, and on the basis

[17:23] ऑफ़ देयर अह डिजीज व्हाटएवर देयर टाइप ऑफ़ डिजीज दे कॉज़।
  Of their uh disease, whatever their type of disease they cause.

[17:29] ठीक है? तो यहां हमारे पास सबसे पहले जो जो मोर एप्रोप्रियट क्लासिफिकेशन थी वो बाल्टीमोर क्लासिफिकेशन है जिनको हम यहां डिस्कस करने जा रहे हैं।
  Okay? So here we have, first of all, the more appropriate classification was the Baltimore classification, which we are going to discuss here.

[17:38] सो बेस्ड ऑन द जीनोम अच्छा यहां पे जीनोम की बेस पे यानी सिंगल स्ट्रैंड डीएनए डबल स्ट्रैंड डीएनए सिंगल स्ट्रैंड आरएनए डबल स्ट्रैंड आरएनए ठीक है रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज वायरस ये सब डिफरेंट टाइप्स ऑफ हमारे पास वायरसेस हैं जिनको ऑन द बेसिस ऑफ़ जीनोम हम क्लासिफाई करेंगे।
  So based on the genome, well, here based on the genome, meaning single-strand DNA, double-strand DNA, single-strand RNA, double-strand RNA, okay, reverse transcriptase virus, all these are different types of viruses we have, which we will classify on the basis of the genome.

[17:54] सो फर्स्ट वी हैव वायरसेस शो अ ग्रेट स्ट्रक्चरल डायवर्सिटी।
  So first we have viruses showing a great structural diversity.

[17:56] दे हैव अ ग्रेट स्ट्रक्चरल डायवर्सिटी।
  They have a great structural diversity.

[18:01] अ मेजर क्लासिफिकेशन सिस्टम वाज़ प्रोपोज्ड बाय द डेविड बेल्टीमोर इन 1971।
  A major classification system was proposed by David Baltimore in 1971.

[18:06] और बेल्टीमोर क्लासिफिकेशन मॉडिफाइड हुई है 2018-19 के अंदर।
  And the Baltimore classification has been modified in 2018-19.

[18:12] जो मॉडिफाइड क्लासिफिकेशन है वही हम यहां डिस्कस करेंगे।
  We will discuss the modified classification here.

[18:14] एंड वायरसेस आर ग्रुप्ड बेस्ड ऑन द जीनोम एंड द टाइप ऑफ रेप्लिकेशन।
  And viruses are grouped based on the genome and the type of replication.

[18:18] यानी हमने वायरस को उनकी टाइप ऑफ जीनोम क्या वो
  Meaning we have classified the virus by their type of genome, what they

[18:25] डीएनए या वो आरएनए बेस्ड वायरस है या वो सिंगल या वो डबल स्ट्रैंड आरएनए बेस्ड वायरस है क्या वो रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज या ट्रांसक्रिप्शन करने वाले वायरस है इन सब की बेस पे हमने यानी हमने उनको उनकी रेप्लिकेशन और प्लस जीनोम दोनों की बेस पे क्लासिफाई किया है तो सबसे पहले जो हमारे पास वायरस है वो डीएनए वायरसेस हैं।
  Is it a DNA or RNA based virus, or is it a single or double-stranded RNA based virus, or is it a virus that performs reverse transcription or transcription? Based on all of these, we have classified them based on their replication and genome. So, the first viruses we have are DNA viruses.

[18:46] हमें पता है कि हर वायरस का एक होता है कोर।
  We know that every virus has a core.

[18:48] एक होता है कोट।
  There is a coat.

[18:51] कोर उनका उसका सेंट्रल पार्ट होता है जो न्यूक्लिक एसिड से बना हुआ है।
  The core is its central part, which is made of nucleic acid.

[18:55] और कोट उसकी आउटर कवरिंग होती है जो कैप्सिड है प्रोटीन से बना हुआ।
  And the coat is its outer covering, which is the capsid, made of protein.

[18:59] तो हमें ये बात तो मालूम है ना कि वायरसेस एसेल्यूलर का लफ्जी मतलब क्या था?
  So, we do know the literal meaning of acellular viruses, right?

[19:02] ए इज नॉट एब्सेंट बायोलॉजी में।
  In biology, 'a' means not absent.

[19:05] और सेल्यूलर मतलब सेल।
  And cellular means cell.

[19:08] मगर आगे लिखा है लाइफ।
  But it says life next.

[19:11] यानी ऐसी लाइफ जो सेल से नहीं बनी।
  Meaning, life that is not made of cells.

[19:14] मतलब प्रोकैरियोटिक सेल उठाएं या यूकैरियोटिक सेल दोनों सेल है तो वो सेलर लाइफ है।
  Meaning, if you take a prokaryotic cell or a eukaryotic cell, both are cells, so it is cellular life.

[19:17] प्रोकैरियोट भी सेल है, यूकैरियोट भी सेल है।
  Prokaryotes are cells, eukaryotes are also cells.

[19:19] उसके अंदर उसका आउटर स्ट्रक्चर देखें।
  Look at its outer structure inside.

[19:21] हां डिफरेंसेस तो हैं लेकिन कोई ऐसा स्ट्रक्चर जो सेल है भी नहीं मगर फिर भी
  Yes, there are differences, but is there any structure that is not even a cell, yet still

[19:26] वो लिविंग है वो वायरस है।
  It is living, it is a virus.

[19:29] बिकॉज़ वायरस को हम एट द बॉर्डर ऑफ लिविंग नॉन लिविंग कहते हैं।
  Because we call viruses at the border of living and non-living.

[19:31] वो लिविंग बॉडी में मल्टीप्लाई हो सकते हैं डिवाइड होते हैं तो वो लिविंग है।
  They can multiply in a living body, they divide, so they are living.

[19:36] आउटसाइड द लिविंग बॉडी जो है ना वो बिहेव लाइक नॉन लिविंग करते हैं।
  Outside the living body, they behave like non-living.

[19:39] तो यहां पे ये कॉन्फ्लिक्ट आता है।
  So here comes this conflict.

[19:41] अब लिखा है वायरस हैव डीएनए।
  Now it is written, viruses have DNA.

[19:44] अच्छा डीएनए वायरस में क्या मतलब है?
  Okay, what does DNA mean in viruses?

[19:46] यह वो वायरस होते हैं जिनका डीएनए जेनेटिक मटेरियल होता है।
  These are viruses whose DNA is the genetic material.

[19:49] सबसे पहली बात एडेडन, गोनिन, साइटोसिन, थाइमिन वाली बात है कि इसमें थाइमिन होगा।
  The very first thing, the matter of adenine, guanine, cytosine, thymine, is that it will have thymine.

[19:54] तो वो वायरस जिनका जेनेटिक मटेरियल डीएनए बेस्ड है वो डीएनए वायरस हैं।
  So, those viruses whose genetic material is DNA-based are DNA viruses.

[19:57] उनमें फिर दो हैं।
  There are two types among them.

[20:00] एक आता है डबल स्ट्रैंड डीएनए।
  One is double-strand DNA.

[20:03] डीएस डीएनए मतलब डीएस मतलब डबल स्ट्रैंड डीएनए वायरस।
  DS DNA means DS means double-strand DNA virus.

[20:06] तो इसका मतलब यह हुआ कि वायरस हम पहले वो पढ़ेंगे जो डीएनए बेस्ड हैं।
  So, this means that we will first study those viruses that are DNA-based.

[20:10] जिनका जेनेटिक मटेरियल डीएनए से बना है।
  Whose genetic material is made of DNA.

[20:12] और डीएनए में भी दो हैं।
  And there are two types in DNA as well.

[20:14] एक होता है डबल स्ट्रैंड डीएनए एक होता है सिंगल स्ट्रैंड डीएनए।
  One is double-strand DNA, and one is single-strand DNA.

[20:19] तो वो वायरस जिसका जेनेटिक मटेरियल डबल स्ट्रैंड है वो डबल स्ट्रैंड डीएनए वायरस है।
  So, a virus whose genetic material is double-stranded is a double-strand DNA virus.

[20:25] इनमें लिखा है जीनोम डबल
  It is written in them, genome double

[20:26] स्ट्रैंड है और मैसेंजर आरएनए सिंथेसिस

[20:29] अकर यूजिंग द होस्ट एंजाइम। अब ये क्या

[20:32] करते हैं? ये मैसेंजर आरएनए की सिंथेसिस

[20:34] करते हैं और मैसेंजर आरएनए की सिंथेसिस

[20:37] करेंगे तो ये राइबोजोम से

[20:40] ट्रांसलेशन करवा के प्रोटीन बनाएंगे। मगर

[20:42] उसके लिए ये होस्ट के एंजाइम को क्योंकि

[20:45] वायरस के पास अपने एंजाइम तो है नहीं। सो

[20:47] यूजुअली इन न्यूक्लियस यहां पे ये

[20:50] न्यूक्लियस के अंदर मैसेंजर आरएनए की

[20:52] सिंथेसिस करवाएंगे। फिर वहां से वो

[20:55] मैसेंजर आरएनए राइबोजोम के पास जाएगा तो

[20:57] उसकी ट्रांसलेशन होगी। तो एक्चुअली रॉन्ग

[21:00] मैसेज मिला है। अब राइबोसोम को लग रहा है

[21:02] कि भ हमें न्यूक्लियस ने कोई मैसेज भेजा

[21:04] है। यानी आपके सेल नंबर से हम कोई

[21:07] सॉफ्टवेयर के जरिए किसी को मैसेज करेंगे

[21:09] और उसके मोबाइल फोन पे WhatsApp पे आपके

[21:11] ही नंबर से मैसेज जा रहा है। लेकिन आप

[21:13] बोलेंगे मैंने तो नहीं किया। तो एक्चुअली

[21:15] इट्स समथिंग लाइक हैक कि हमने आपका नंबर

[21:17] हैक करके आपके ही मोबाइल फोन को यूज़ किए

[21:19] बिना हमने अपनी तरफ से आपके नंबर को

[21:22] एक्सप्रेस किया है। तो इस तरीके से ये

[21:24] वाली एक सिचुएशन होती है। अच्छा सम मे कॉज

[21:27] कैंसर। इनमें से कुछ ट्यूमर यूजुअली

[21:29] ज्यादातर वायरस जो है ना वो ट्यूमर के

[21:31] हिसाब से भी हम देखते हैं कि वो जेनेटिक

[21:33] वेरिएशन कॉज करते हैं म्यूटेशन। तो इसलिए

[21:35] हम कहते हैं सम मे कॉज कैंसर एंड डू नॉट

[21:38] इनफेक्ट प्लांट्स एज नोटेड इन द टेक्स्ट

[21:40] मेंशन किया हुआ है कि भाई यहां पे जो बात

[21:43] लिखी हुई है। अब यहां पे लिखा है कि

[21:45] एग्जांपल जो है ना इसमें हर्पीज वायरस है।

[21:47] एचएसवी वन एचएसवी टू यहां पे दो वायरस है।

[21:51] हर्ब्स या हर्पीज वायरस। हर्ब्स

[21:53] सिंप्लेक्स वायरस एचएसवी वन एचएसवी टू वन

[21:57] ओरल होता है और टू जो है ना वो जेिटल

[21:59] हर्पीज कॉज कर रहा होता है। तो यह जो

[22:01] हर्ब्स वायरस होता है, हर्पीज वायरस है,

[22:03] यूजुअली यह डबल स्ट्रैंड डीएनए वायरस

[22:07] कंसीडर किया जा रहा है। सेकंड हमारे पास

[22:10] मेंशन है सिंगल स्ट्रैंड डीएनए यानी सिंगल

[22:14] स्ट्रैंड डीएनए वायरस। अब इसमें आपके पास

[22:16] जीनोम सिंगल स्ट्रैंड अच्छा ये भी डीएनए

[22:18] है। इससे पहले वाला भी डीएनए था। बस वो

[22:20] डबल स्ट्रैंड था ये सिंगल स्ट्रैंड है।

[22:22] कन्वर्ट टू डबल स्ट्रैंड डीएनए इनसाइड द

[22:26] होल से। हां ये बात है। ये रिवर्स

[22:28] ट्रांसक्रिप्शन तो नहीं है। वो तो आरएनए

[22:30] से डीएनए बनता है। इसमें अब मसला ये है कि

[22:32] सिंगल स्ट्रैंड डीएनए इंटीग्रेशन नहीं कर

[22:34] सकता। अच्छा इंटीग्रेशन क्या होता है?

[22:36] इंटीग्रेशन का पॉइंट ये होता है कि

[22:39] इंटीग्रेशन में आपके पास जो वायरस का

[22:43] डीएनए होता है वो एक्चुअली होस्ट के डीएनए

[22:47] के साथ खुद को अटैच कर लेता है। तो वायरस

[22:50] का डीएनए होस्ट के डीएनए के साथ अटैच हो

[22:52] जाएगा। एंटी ग्रेशन कंसीडर होगा। तो वो कर

[22:55] कैसे सकता है वो तो खुद सिंगल स्ट्रैंड है

[22:57] और होस्ट का डीएनए डबल स्ट्रैंड है। तो

[22:59] फिर यहां पे इट कन्वर्ट द सिंगल स्ट्रैंड

[23:02] डीएनए इंटू डबल स्ट्रैंड डीएनए इनसाइड द

[23:03] होस्ट एंड देन ट्रक मैसेंजर आरएनए और वहां

[23:07] से फिर ये ट्रांसक्रिप्शन मैसेंजर आरएनए

[23:09] की करवाएगा न्यूक्लियस के अंदर। एग्जांपल

[23:12] में परमो वायरस परमो वायरसेस जो है ना वो

[23:14] यूजुअली इस सिंगल स्ट्रैंड डीएनए वायरस की

[23:17] क्लासिफिकेशन में आते हैं। तो मीनवाइल

[23:20] बाल्टीमोर की जो क्लासिफिकेशन है वो

[23:22] यूजुअली हमारे पास जीनोम कौन सा है और उस

[23:26] जीनोम में रेप्लिकेशन का मैकेनिज्म क्या

[23:28] है? प्रीवियस वाले को देखें तो वो डबल

[23:31] स्ट्रैंड था। उसको अपने आप को डबल

[23:32] स्ट्रैंड डीएनए में कन्वर्ट करने की जरूरत

[23:34] नहीं। वो डायरेक्ट मैसेंजर आरएनए की

[23:36] सिंथेसिस करवा रहा है। ये उससे एक स्टेप

[23:38] पहले है। ये क्या करता है? सिंगल स्ट्रैंड

[23:40] पहले खुद को डबल स्ट्रैंड डीएनए में

[23:41] कन्वर्ट करता है। उसके बाद फिर वो एमआरएनए

[23:43] की ट्रांसक्रिप्शन करवाएगा पैरो वो वायरस

[23:45] एग्जांपल के साथ। ठीक है? अच्छा अब आते

[23:47] हैं आरएनए वायरस। ठीक है? ये आरएनए वायरस

[23:50] की बात हम करते हैं। तो जितने भी आरएनए

[23:52] वायरस हैं यूजुअली वो सब सारे के सारे जो

[23:55] है ना वो सिंगल भी हो सकते हैं, डबल भी

[23:58] हैं। सबसे पहले हम बात कर लेते हैं डबल

[23:59] स्ट्रैंड। तो वायरस जिनका जेनेटिक मटेरियल

[24:02] आरएनए एज ए जेनेटिक मटेरियल होगा वो आरएनए

[24:04] बेस्ड हैं। फिर इनमें डबल स्ट्रैंड आरएनए

[24:07] वायरस हैं। इनका जीनोम डबल स्ट्रैंड आरएनए

[24:10] है। यह मैसेंजर आरएनए इनसाइड द होस्ट सेल

[24:14] दे प्रोड्यूस मैसेंजर आरएनए इनसाइड द

[24:16] होस्ट सेल यूजिंग एंजाइम एक्चुअली

[24:18] ट्रांस्रिप्शन कर रहे हैं क्योंकि मैसेंजर

[24:21] आरएनए की फॉर्मेशन ट्रांस्राइब ही है।

[24:23] मैसेंजर आरएनए यूज्ड फॉर ट्रांसलेशन और

[24:26] जीनोम रेप्लिकेशन। तो या तो इस मैसेंजर

[24:29] आरएनए को ट्रांसक्रिप्शन के लिए इस्तेमाल

[24:31] ट्रांसलेशन के लिए इस्तेमाल करेंगे या इसी

[24:33] की मदद से जीनोम रेप्लिकेशन होगी। और इसकी

[24:36] एग्जांपल में रियो वायरस ऐड होते हैं। डबल

[24:38] स्ट्रैंड आरएनए वायरस में। ठीक है? अच्छा

[24:40] डबल स्ट्रैंड आरएनए के बाद जो सिंगल

[24:42] स्ट्रैंड है उनकी दो कैटेगरीज हैं। एक है

[24:44] पॉजिटिव या प्लस स्ट्रैंड एक है नेगेटिव

[24:47] या माइनस स्ट्रैंड। अब आरएनए में जो सिंगल

[24:50] स्ट्रैंड है वह दो हैं। उनमें एक है

[24:52] पॉजिटिव सेंस सिंगल स्ट्रैंड और एक इसके

[24:55] बाद हम पढ़ेंगे नेगेटिव सेंस या माइनस

[24:58] सेंस भी उसको कहते हैं। अब ये जो सिंगल

[25:01] स्ट्रैंड है ये बात तो समझ में आती है कि

[25:03] सिंगल स्ट्रैंड आरएनए वायरस है। पॉजिटिव

[25:05] सेंस क्यों कहते हैं? वह वायरस जिनके बारे

[25:08] में आपको मालूम है कि जो एज ए मैसेंजर

[25:10] आरएनए बिहेव करते हैं। डायरेक्ट उनका

[25:13] आरएनए मैसेंजर आरएनए की तरह ही एक्ट करता

[25:15] है और वो राइबोजोम से अटैच हो जाता है और

[25:18] राइबोजोम को ही जो है मिसगाइड करके ट्रांस

[25:22] ट्रांसलेशन शुरू करवाएगा। यानी उन्होंने

[25:24] ट्रांसक्रिप्शन नहीं किया। उन्होंने

[25:26] न्यूक्लियस के अंदर जो है ना वो

[25:27] इंटीग्रेशन नहीं की। डायरेक्टली

[25:28] ट्रांसलेशन से स्टार्ट किया पॉजिटिव सेंस

[25:30] से। दे जीनोम एक्ट डायरेक्टली एज मैसेंजर

[25:33] आरएनए। यह बात मेंशन है कि देयर जीनोम

[25:36] एक्ट एज डायरेक्टली मैसेंजर आरएनए और

[25:39] इनमें कोई ट्रांस्रिप्शन की रिक्वायरमेंट

[25:42] नहीं होती ट्रांसलेशन। एक छोटी सी बात मैं

[25:44] बता दूं। देखिए समटाइ्स इट हैपन कि आपके

[25:47] पास एक ₹1000 का नोट है। ठीक है? और आपको

[25:50] यह बात मालूम है कि वो एक्चुअल नहीं है।

[25:52] वो जाली नोट है, फेक है। अब अगर आप उसी

[25:55] नोट को किसी के पास ले जाते हैं ना और अगर

[25:57] उसको उसकी नहीं पता उसके फीचर्स का कि

[26:00] असली और जाली में क्या फर्क है तो उसको

[26:02] असली समझ कर ही वो आपको उसके अमाउंट के

[26:04] मुताबिक जो चीज चाहिए दे देगा। तो यहां पर

[26:06] राइबोजोम को एक आरएनए एज ए मैसेंजर आरएनए

[26:10] बन के उसको डिच कर रहा है। उसको धोखा दे

[26:13] रहा है। तो वो राइबोसोम बेचारा उसकी

[26:15] ट्रांसलेशन कर देता है। अच्छा इसमें

[26:17] कोरोना वायरस आते हैं डेंगू और हेपेटाइटिस

[26:19] सी। तो कोरोना वायरस, डेंगू और हेपेटाइटिस

[26:22] सी वायरस जो है ना पॉजिटिव सेंस सिंगल

[26:26] स्ट्रैंड आरएनए वायरस होते हैं। ठीक है?

[26:28] नेगेटिव सेंस वायरस क्या है? मैसेंजर

[26:30] आरएनए जैसा बिहेव नहीं करते। वो एक्चुअली

[26:34] न्यूक्लियस के साथ अटैच होते हैं और

[26:35] न्यूक्लियस को कंट्रोल करते हैं। अच्छा

[26:37] राइबोजोम खुद न्यूक्लियस के कंट्रोल में

[26:40] है और अगर न्यूक्लियस को कोई कंट्रोल कर

[26:42] ले तो राइबोसोम ऑटोमेटिकली कंट्रोल में

[26:44] आएंगे। सो नेगेटिव सेंस सिंगल स्ट्रैंड

[26:46] वायरस में आप बताते हैं कि डज़ नॉट एक्ट एज

[26:50] मैसेंजर आरएनए मस्ट बी कन्वर्टेड इंटू

[26:53] एमआरएनए आफ्टर एंटरिंग होस्ट सेल एंड

[26:55] रेप्लिकेशन अकर्स इनसाइड हो सेल ऑफ अ

[26:59] न्यूक्लियस इनवॉल्वमेंट मेंशंड।

[27:02] न्यूक्लियस की इन्वॉल्वमेंट मेंशन होती

[27:04] है। जरूरी है। मतलब मेंशन का मतलब है कि

[27:06] न्यूक्लियस की इन्वॉल्वमेंट का होना यहां

[27:08] पर जरूरी है। एग्जांपल है रेप्डो और

[27:10] पैरामाइग्गो वायरस। पेबीज और मेज़ल मम्स

[27:13] वायरस जो है ना वो आपको रेब्डो और

[27:15] पैरामागो वायरस कंसीडर होते हैं। अच्छा अब

[27:18] आपके पास आते हैं वायरस की थर्ड कैटेगरी।

[27:21] यानी हमने पहले पढ़े डीएनए वायरस जिसमें

[27:24] डबल स्ट्रैंड, सिंगल स्ट्रैंड पढ़ा। फिर

[27:26] हमने पढ़े आरएनए वायरस जिसमें डबल और सिंगल

[27:29] स्ट्रैंड। सिंगल में पॉजिटिव और नेगेटिव

[27:31] अलग-अलग पढ़ लिए। अब आते हैं रिवर्स

[27:34] ट्रांस्राइबिंग वायरसेस। रिवर्स

[27:36] ट्रांसक्राइबिंग वायरसेस यूज़ करते हैं

[27:39] रिवर्स ट्रांसिप्शन। आरएनए को डीएनए में

[27:42] कन्वर्ट करते हैं। असल में ये वो वायरस

[27:44] हैं जिनका अपना जेनेटिक मटेरियल आरएनए है।

[27:47] मगर दे हैव एबिलिटी टू मॉडिफाई देयर आरएनए

[27:50] इंटू डीएनए। इसको और इसमें एंजाइम रिवर्स

[27:52] ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइम यूज होता है।

[27:55] इसमें सिंगल स्ट्रैंड आरएनए के बारे में

[27:57] लिखा है। एचआईवी वायरस है। सिंगल स्ट्रैंड

[28:00] आरएनए विद डीएनए इंटरमीडिएट रिट्रो वायरस

[28:04] भी कहते हैं इसको। इसमें इसमें अपना आरएनए

[28:08] को डीएनए में कन्वर्ट करते हैं और एक

[28:09] एंजाइम यूज़ करते हैं। रिवर्स

[28:11] ट्रांसक्रिप्टेज जो एक्चुअली होस्ट का ही

[28:14] एंजाइम होगा। एंड वायरल डीएनए यहां पे

[28:16] वायरल डीएनए जो है वो एक्चुअली अब जो

[28:19] आरएनए देखें सिंगल स्ट्रैंड आरएनए इंसान

[28:23] के डीएनए डबल स्ट्रैंड के साथ अटैच नहीं

[28:25] हो सकता। तो यहां पे तरीका ये निकाला कि

[28:28] सिंगल स्ट्रैंड आरएनए पहले खुद को बनाएगा

[28:30] डबल स्ट्रैंड डीएनए। उसके बाद फिर वो

[28:33] हमारे डीएनए के साथ इंटीग्रेट होगा। सो द

[28:35] वायरल डीएनए इंटीग्रेट इंटू होस्ट जीनोम

[28:38] यूजिंग द इंटीग्रेस एंजाइम। यहां पे एक और

[28:40] एंजाइम इंटीग्रेज़ है। इसकी एग्जांपल है

[28:42] एचआईवी टू सिंगल स्ट्रैंड आरएनए वायरस।

[28:45] सिंगल स्ट्रैंड आरएनए वायरस मतलब टू सिंगल

[28:47] स्ट्रैंड आरएनए मॉलिक्यूल होते हैं इसमें।

[28:49] और एक हमारे पास आता है डबल स्ट्रैंड

[28:51] डीएनए वायरस जिसमें आरएनए इंटरमीडिएट होता

[28:54] है। यानी पहले इससे आरएनए बनता है। फिर

[28:57] उसी आरएनए को इस्तेमाल करके ये डीएनए

[28:59] बनाएगा। हेपेटाइटिस बी वायरस इसकी

[29:01] एग्जांपल में आएगा। आरएनए इज़ फॉर्म

[29:04] ड्यूरिंग रेप्लिकेशन।

[29:06] पहले यह ट्रांसक्रिप्शन से आरएनए बनाएगा

[29:08] और फिर उस आरएनए को यूज़ करके डीएनए में

[29:10] कन्वर्ट करेगा और वह डबल स्ट्रैंड डीएनए

[29:12] होगा। क्योंकि इसका डीएनए एक्चुअल सर्कुलर

[29:14] होगा और यहां हमें लीनियर डीएनए चाहिए। तो

[29:16] आरएनए अंडरगज़ रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन टू

[29:19] फॉर्म डीएनए अगेन इनसाइड द कैप्सिड ऑफ़ द

[29:22] वायरस। इसमें हेपेटाइटिस भी वायरसेस की

[29:25] एग्जांपल में आता है। तो हमने वायरस की जो

[29:27] क्लासिफिकेशन यहां बेल्टिममोर डेविड

[29:30] बेल्टीमोर क्लासिफिकेशन डिस्कस की है

[29:32] उनमें टोटल हो गई सेवन। अच्छा सेवन कैसे

[29:35] हो गए वो जरा देखें। ये जो सेवन

[29:37] क्लासिफिकेशंस हैं सेवन उनमें एक तो आपके

[29:40] पास आ गया अगर हम डायरेक्ट काउंट करें डबल

[29:42] स्ट्रैंड डीएनए सिंगल स्ट्रैंड डीएनए डबल

[29:45] स्ट्रैंड आरएनए पॉजिटिव सेंस सिंगल

[29:49] स्ट्रैंड उसके बाद अ नेगेटिव सेंस सिंगल

[29:52] स्ट्रैंड और उसके बाद आपके पास सिंगल

[29:55] स्ट्रैंड अ जो आरएनए विद डीएनए इंटरमीडिएट

[29:58] और डबल स्ट्रैंड डीएनए विद आरएनए

[30:00] इंटरमीडिएट ये वाले तो टोटल ये सेवन मेजर

[30:03] क्लासिफिकेशन है वायरसेस की जो अब तक हमने

[30:06] हमने ऑन द बेसिस ऑफ़ जीनोम और रेप्लिकेशन

[30:08] की बेस पे डिस्कस की है। आपको इनकी

[30:11] एग्जांपल्स याद रखनी होंगी और प्लस और

[30:13] माइनस ट्रेन में कौन-कौन से वायरस आते हैं

[30:15] वो आपको याद होने चाहिए। अच्छा अब हमारे

[30:17] पास एक क्लासिफिकेशन और है जिसको हम कहते

[30:20] हैं क्लासिफिकेशन ऑफ़ वायरस ऑन द बेसिस ऑफ

[30:25] अ होस्ट। अब ये टाइप ऑफ वायरस होस्ट

[30:29] इनफेक्टेड एग्जांपल के साथ। देखें जोफेज

[30:33] वायरस ज एनिमल्स हैं तो यह एनिमल्स को

[30:37] इनफेक्ट करते हैं। जुफेज वायरस एनिमल्स को

[30:39] टारगेट करते हैं क्योंकि अच्छा वायरस

[30:41] होस्ट स्पेसिफिक क्यों होते हैं? क्योंकि

[30:43] हर वायरस का जो रिसेप्टर होता है वो जहां

[30:47] मौजूद होगा वायरस उसको इनफेक्ट करेगा। और

[30:49] ये जैसे कोरोना वायरस, हेपेटाइट ये ह्यूमन

[30:53] इम्यून डेफिशिएंट वायरस, पोलियो वायरस,

[30:54] रेब्डो वायरस जो एनिमल को इनफेक्ट कर रहे

[30:56] हैं। अच्छा प्रोफाइटोफेज

[30:59] फाइटो इज़ प्लांट तो फाइटोफेज वायरस

[31:02] प्लांट्स को इनफेक्ट करते हैं। टोबैको

[31:03] मोजेक वायरस हो गया, कॉलीफ्लावर, मोजेक

[31:06] वायरस, कैमबी। और यहां बैक्टीरियो फेज

[31:09] वायरस जो नाम से पता चलता है बैक्टीरिया

[31:11] को अटैक करता है टी4 फेज और बैक्टीेरियो

[31:14] फेज में एक तो टी4 फेज और एक को लैम्ब्डा

[31:16] फेज के नाम से भी हम जानते हैं। तो ये

[31:19] लैम्ब्डा

[31:22] फेज वायरस के नाम से भी इसको जानते हैं।

[31:24] तो ये है आपके पास वायरस की टाइप या

[31:26] क्लासिफिकेशन ऑन द बेसिस ऑफ़ होस्ट। यानी

[31:30] ऑन द बेसिस ऑफ जीनोम, ऑन द बेसिस ऑफ होस्ट

[31:33] और एक क्लासिफिकेशन हमारे पास ऑन द बेसिस

[31:36] ऑफ शेप। अब कैप्सिड जो है ना वो आउटर

[31:40] मोस्ट कोट या प्रोटेक्टिव कवरिंग है वायरस

[31:43] की। अब कैप्सिड की जो शेप होगी वही वायरस

[31:48] की शेप कंसीडर होगी। तो हमने क्या किया?

[31:50] कैप्सिड की बेस पे या शेप ऑफ कैप्सिड या

[31:53] शेप ऑफ वायरस की बेस पे वायरस की। अच्छा

[31:56] ये जो हेलिकल शेप या रोड शेप है टोबेको

[32:00] मोजेक वायरस। ठीक है? ये हेलिकल शेप वायरस

[32:03] में इस तरीके का एक वायरस होगा। एक्चुअली

[32:05] इसको रोड शेप अरेंजमेंट भी कहते हैं। अब

[32:08] इसके बाद पॉलीहेड्रन जिसके डिफरेंट एंगल्स

[32:11] होते हैं। अलग-अलग कॉर्नर कॉर्नर्ड वायरस

[32:14] होगा। तो एडिनो वायरस इसकी एग्जांपल आएगा।

[32:17] टैटपोल शेप जो है ना वो आपके पास

[32:19] बैक्टीरियोफेज वायरस है जिसमें आपने इसका

[32:22] हेड देखा होगा और उसकी एक टेल है और उसके

[32:24] पास ये तो ये इसका कौन सा वायरस है?

[32:27] बैक्टीरियोफिज एनवेलप वायरस जो है ना

[32:30] एनवेलप वायरस में फ्लू वायरस इनफ्लुएंजा

[32:32] वायरस ऐड होते हैं। स्फेरिकल

[32:35] शेप वायरस के अंदर आपका कॉलीफ्लावर और

[32:37] सर्कुलर वायरस जो है ना हम उसको एचआईवी

[32:40] वायरस बताते हैं जो एक्चुअली एक्वायर्ड

[32:43] इम्यून डेफिशिएंसी सिंड्रोम एड्स कॉज करता

[32:45] है। तो यहां पे ये आपके पास छह

[32:48] क्लासिफिकेशन ऑन द बेसिस ऑफ़ शेप। ठीक है?

[32:52] तीन ऑन द बेसिस ऑफ होस्ट हैं।

[32:54] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[32:55] छह अलग-अलग टाइप ऑन द बेसिस ऑफ शेप है। और

[32:58] सेवन डिफरेंट टाइप्स ऑन द बेसिस ऑफ़ जीनोम

[33:00] क्लासिफिकेशन है। डिजीज की बेस पे अगर हम

[33:04] क्लासिफाई करें तो वी हैव डिफरेंट। एक है

[33:06] पोलियोलाइटस

[33:08] डिजीज है तो वायरस पोलियो वायरस है।

[33:11] हेपेटाइटिस डिजीज है। हेपेटाइटिस वायरस

[33:14] है। रेबीज है डिजीज रेब्डो वायरस है। फ्लू

[33:19] इनफ्लुएंजा एबीसी वायरस है। चिकन पॉक्स

[33:22] वर्सिला जोस्टर वायरस है। मीज़ल मम्स

[33:26] पैरामागो वायरस है। एड्स एचआईवी ह्यूमन

[33:30] इम्यून डेफिशिएंट वायरस है। कॉमन कोल्ड

[33:33] राइनो वायरस है जिसकी डिफरेंट स्ट्रेंस भी

[33:36] हैं। तो ये आपके पास ऑन द बेसिस ऑफ़ डिजीज

[33:39] दीज़ आर द टाइप ऑफ़ डिजीजसेस एंड दीज़ आर द

[33:42] टाइप ऑफ़ वायरस व्हिच एक्चुअली कॉज दीज़

[33:44] डिजीजज़। तो अगर आप डिजीजज़ के हिसाब से

[33:47] देखें तो एक बहुत लंबी लिस्ट बन जाती है

[33:49] जो एक गिवन हमारे पास गिवन है यहां पे

[33:51] तकरीबन आपके पास ये सेवन टू एट जो डिफरेंट

[33:54] डिजीजसेस हैं उनकी बेस पे क्लासेस हमने

[33:56] क्लासिफाई किया वायरस को। कुछ एमसीक्यूस

[33:59] डिस्कस कर लेते हैं इस टॉपिक से रिलेटेड

[34:01] कि हमें पता चल सके कि क्लासिफिकेशन ऑफ

[34:04] वायरस जो है ना उसमें हमने कौन-कौन से

[34:07] टॉपिक हैं। सबसे पहला सवाल हमसे पूछा जा

[34:09] रहा है कि भाई आप हमें बताएं व्हिच ग्रुप

[34:12] ऑफ वायरस हैज़ डबल स्ट्रैंड डीएनए मतलब

[34:16] डीएस शॉर्ट फॉर्म में हम लिखते हैं डीएस

[34:21] डीएनए। अब डबल स्ट्रैंड डीएनए वायरस जो है

[34:23] ना वो यूजुअली इनमें गिवन रियो वायरस तो

[34:26] नहीं है। परवो वायरस है, हरपीज हैं। अच्छा

[34:29] अब डबल स्ट्रैंड डीएनए के अंदर हमारे पास

[34:31] जो ये परवो वायरस कंसीडर किए थे सिंगल

[34:34] स्ट्रैंड में आ रहे थे। ठीक है? तो अगर हम

[34:36] यहां देखें तो ये हमारे पास हरपीज वायरस

[34:39] जो है ना एच हर्पीस वायरस सी तो एचएसवी वन

[34:44] भी इसमें आता है और एचएसवी टू भी। तो

[34:46] हर्ब्स या हर्पीस वायरस हम इनको कहते हैं।

[34:49] ये आपके पास डबल स्ट्रैंड डीएनए वायरस

[34:52] कंसीडर किए जाते हैं। ठीक है?

[34:57] चलते हैं नेक्स्ट एमसीक्यूस की तरफ।

[35:01] वी हैव अ सिंगल स्ट्रैंड डीएनए। अच्छा

[35:04] सिंगल स्ट्रैंड डीएनए वायरस है मगर सिंगल

[35:07] स्ट्रैंड डीएनए वायरस है। तो इनमें अगर हम

[35:10] देखें कन्वर्ट देयर जीनोम इनसाइड द होस्ट।

[35:12] यह सिंगल स्ट्रैंड डीएनए अपने आप को पहले

[35:15] डबल स्ट्रैंड डीएनए वायरस में कन्वर्ट

[35:17] करेंगे ताकि वह किस काबिल हो सके

[35:21] इंटीग्रेशन यानी वो खुद को होस्ट के डीएनए

[35:24] के साथ अटैच कर सके। तो इसमें आपके पास

[35:27] सिंगल स्ट्रैंड डीएनए वायरस जो है वो

[35:29] कन्वर्ट करता है अपने जीनोम को किस में?

[35:32] डबल स्ट्रैंड डीएनए वायरस में। ताकि वो

[35:35] इंटीग्रेशन कर सके। तो इस सवाल में हमारे

[35:37] पास डबल स्ट्रैंड डीएनए यानी बी ऑप्शन जो

[35:40] है वो करेक्ट होगा। सॉरी सिंगल स्ट्रैंड

[35:42] तो वो है ना खुद ही तो सिंगल स्ट्रैंड जो

[35:45] है ना वो है तो वो कन्वर्ट होगा डबल

[35:46] स्ट्रैंड और डबल स्ट्रैंड डीएनए हमारे पास

[35:48] ए ऑप्शन में मेंशन है तो डबल स्ट्रैंड

[35:51] डीएनए में खुद को कन्वर्ट करेगा पॉजिटिव

[35:53] सेंस जो पॉजिटिव सेंस सिंगल स्ट्रैंड

[35:57] आरएनए वायरस है वो उसका जो जीनोम है वो

[36:01] कैसे काम करता है रिक्वायर रिवर्स

[36:03] ट्रांसक्रिप्टेज वो तो आरएनए को चाहिए

[36:05] मस्ट बी ट्रांसक्राइब इंटू मैसेंजर आरएनए

[36:08] क्या उसको मैसेंजर आरएनए ट्रांसक्राइब

[36:10] होना जरूरी है इज़ फर्स्ट कन्वर्ट इनू

[36:12] डीएनए एक्ट डायरेक्टली। एक्चुअली यहां पे

[36:15] जो पॉजिटिव सेंस होगा उसके बारे में हमने

[36:18] कहा था कि वो वो एक्चुअली जो है ना एक्ट

[36:23] एज मैसेंजर आरएनए। तो जो पॉजिटिव सेंस

[36:27] होता है वो डायरेक्टली मैसेंजर आरएनए

[36:29] बिहेव करेगा। एज ए मैसेंजर आरएनए बिहेव

[36:32] करेगा। उसको ट्रांसक्रिप्शन ट्रांसलेशन की

[36:35] उसको ट्रांसक्रिप्शन की अलग से नीड नहीं

[36:37] है। ठीक है? तो डायरेक्टली एज अ मैसेंजर

[36:39] आरएनए बिहेव करेगा तो और राइबोजोम को

[36:42] ट्रांसलेट करवाएगा तो ये पॉजिटिव सेंस

[36:44] वायरस होता है। व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज अ

[36:47] नेगेटिव? अच्छा इनमें से गिवन नेगेटिव

[36:49] सेंस वायरस कौन सा है जो डायरेक्टली

[36:52] राइबोजोम से अटैच नहीं होता बल्कि वो

[36:54] न्यूक्लियस बेस अटैक करता है। तो इसमें

[36:57] हमारे पास अगर आप देखें डेंग्यू वायरस,

[37:00] कोरोना और डेंग वायरस और कोरोना तो आपके

[37:02] पास जो है ना इनमें हम कहेंगे कि आपके पास

[37:06] पॉजिटिव सेंस आ जाएंगे। नेगेटिव में

[37:08] रेब्डो वायरस आ जाएगा। जी हां, यह रेब्डो

[37:10] वायरस आपका नेगेटिव सेंस में आ जाएगा।

[37:12] एचआईवी तो रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन में

[37:14] आएगा। तो जो पॉजिटिव सेंस वायरस है वो

[37:17] कोरोना डेंगू वायरस आ जाएंगे और एचआईवी

[37:20] रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन में लेकिन हमसे

[37:21] पूछा है नेगेटिव सेंस सिंगल स्ट्रैंड

[37:24] आरएनए वायरस रेब्डो वायरस इसका आंसर होगा।

[37:28] अच्छा रिट्रो वायरस जो रिवर्स

[37:30] ट्रांसक्रिप्शन करता है अपने आरएनए को

[37:33] डीएनए में कन्वर्ट करता है उसमें एंजाइम

[37:35] कौन सा इस्तेमाल करता है? रिवर्स

[37:37] ट्रांसक्रिप्टेज। क्योंकि डीएनए से आरएनए

[37:41] बनेगा।

[37:42] उसको ट्रांसक्रिप्शन कहते हैं।

[37:43] ट्रांसक्रिप्टेज।

[37:45] लेकिन जब आरएनए को दोबारा डीएनए बनाया

[37:47] जाएगा तो वो रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन में

[37:49] रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइम है।

[37:51] हेपेटाइटिस बी का जो वायरस है वो बिलोंग

[37:54] करता है टू व्हिच क्लास? हेपेटाइटिस बी।

[37:57] एक्चुअली डबल स्ट्रैंड डीएनए है। लेकिन

[38:00] उसमें आरएनए इंटरमीडिएट होता है। तो यहां

[38:03] हमारे पास देयर इज़ डबल स्ट्रैंड डीएनए

[38:05] वायरस विद आरएनए इंटरमीडिएट हेपेटाइटिस बी

[38:08] वायरस। एक्चुअली बेल्टीमोर क्लासिफिकेशन

[38:10] में डबल स्ट्रैंड डीएनए विद आरएनए

[38:12] इंटरमीडिएट से बिलोंग करता है। अच्छा

[38:15] व्हिच वायरस हैज़ टू आइडेंटिकल सिंगल कौन

[38:18] सा वायरस होता है जिसके अंदर दो

[38:21] सिंगल स्ट्रैंड आरएनए मॉलिक्यूल्स हैं।

[38:24] मगर दोनों आइडेंटिकल है। यानी एक ऐसा

[38:27] वायरस मैं थोड़ा सा आपको बना के दे देता

[38:29] हूं। कैप्सिड भी है। उसमें आपको स्पाइक्स

[38:31] मिलती हैं। उसकी

[38:34] उसमें जीपी 120 उसकी सरफेस प्रोटीनंस होती

[38:38] हैं। ग्लाइकोप्रोटीन जो होस्ट से अटैच

[38:41] होने में मदद देती हैं। और इसके अंदर इसके

[38:44] दो आइडेंटिकल आरएनए आरएनए मॉलिक्यूल्स

[38:47] होते हैं। तो ये एक्चुअली एचआईवी वायरस का

[38:50] जिक्र हो रहा है। ह्यूमन इम्यून डेफिशिएंट

[38:52] वायरस। ठीक है? तो इस एमसीक्यूस का आंसर

[38:54] डी करेक्ट ऑप्शन। अ वायरस दैट इनफेक्ट

[38:57] बैक्टीरियल सेल। बैक्टीरिया को इनफेक्ट

[38:59] करने वाला जो वायरस है उसको हम क्या

[39:03] कहेंगे? बैक्टीेरियोफेज।

[39:05] यानी बैक्टीरिया को अटैक करेगा

[39:08] बैक्टीेरियोफेज।

[39:10] प्लांट को अटैक करेगा

[39:14] फाइटोफेज। एनिमल्स को अटैक करेगा जफेज। और

[39:19] माइकोफेज में फंजाई है बट इट्स वेरी रेयर

[39:22] वन। तो ये फंजाई ऐड होगा। लेकिन इसका आंसर

[39:25] हमारे पास ए ऑप्शन बैक्टीरियोफेज होगा।

[39:28] सीए एएमबी कॉलीफ्लावर मोजेक वायरस इनफेक्ट

[39:33] व्हिच टाइप ऑफ होस्ट? कॉलीफ्लावर एक

[39:35] प्लांट है तो डेफिनेटली प्लांट्स को ही

[39:38] इनफेक्ट करेगा। फाइटोफेज वायरस है। डी।

[39:40] अच्छा व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ एग्जांपल ऑफ़

[39:42] अ जज एनिमल को बीमार करने वाला। T4 तो

[39:46] बैक्टीेरियोफेज आ जाएगा। ये दोनों

[39:48] फाइटोफेज हैं। तो रेब्डो वायरस रेबीज की

[39:51] बीमारी कॉज करता है। रेबीज एनिमल्स में

[39:54] जैसे ह्यूमन बीइंग में भी ये बीमारी है।

[39:57] तो इस लिहाज से आप ज़ोफेज वायरस कंसीडर

[39:59] करेंगे। डी ऑप्शन करेक्ट आंसर। अब आते हैं

[40:03] एचआईवी वायरस के स्ट्रक्चर को और उसकी जो

[40:07] डिजीज है एड्स उसको डिस्कस करने के लिए।

[40:10] एचआईवी स्पेसिफिसिटी।

[40:12] एचआईवी वायरस की स्पेसिफिसिटी फॉर होस्ट

[40:16] सेल क्या है? एचआईवी एक वायरस है जिसको

[40:19] ह्यूमन इम्यून डेफिशिएंट वायरस कहते हैं।

[40:22] एचआईवी यह टारगेट करता है बॉडी में सीडी4

[40:26] सेल जिनको आप हेल्पर सेल या हेल्पर टी

[40:30] सेल्स के नाम से जानते हैं। हेल्पर टी

[40:32] लिंफोसाइट्स हैं। बॉडी के अंदर सीडी4

[40:37] क्लस्टर डिफरेंशिएशन फोर इसका पूरा नाम

[40:40] है। हम ये CD4 हेल्पर सेल के लिए वर्ड यूज़

[40:42] करते हैं। हमारी बॉडी में रिसेप्टर एचआईवी

[40:45] के सीडी4 के के ऊपर मौजूद है। दैट इज़ द

[40:48] मेन रीज़न एचआईवी स्पेसिफ़िसिटी फॉर होस्ट

[40:50] सेल। दीज़ सेल्स। अब ये जो हेल्पर सेल्स

[40:52] हैं, ये यूजुअली क्या करते हैं? इम्यून

[40:54] रिस्पांस में हमारे साइटोटक्सिक सेल्स को

[40:57] एक्टिवेट करते हैं। बी सेल्स के एक्टिवेशन

[40:59] में हेल्प करते हैं और मैक्रोफेजेस को

[41:02] एक्टिवेट करके एक्चुअली ये हेल्पर हैं।

[41:04] मदद करते हैं। इम्यून सिस्टम को एक्टिव

[41:06] करवाते हैं ताकि रिस्पांस बीमारी के

[41:08] अगेंस्ट हो। लेकिन एचआईवी अनफॉर्चूनेटली

[41:11] ऐसा वायरस जो हेल्पर सेल को ही डिस्ट्रॉय

[41:13] करता है और हमारा इम्यून सिस्टम कोलैप्स

[41:15] कर जाता है। अच्छा व्हाई एचआईवी टारगेट?

[41:18] क्यों एचआईवी जो है ना वो टी सेल्स को

[41:21] टारगेट करता है और टी सेल में खासतौर पे

[41:23] हेल्पर टी सेल को क्यों टारगेट करता है?

[41:26] एक्चुअली टी सेल्स हैव अ स्पेसिफिक

[41:28] रिसेप्टर CD4 रिसेप्टर। अब यह जो CD4

[41:32] रिसेप्टर है, यह नेचुरली हेलपर सेल को

[41:35] बॉडी के बाकी सेल्स के साथ कोऑर्डिनेट

[41:37] करने में मदद देता है। मगर यही रिसेप्टर

[41:40] वायरस एचआईवी के वायरस के ऊपर मौजूद है

[41:42] उसके एंजाइम के की लॉक की तरह। सो एचआईवी

[41:46] ग्लाइकोप्रोटीन जो स्पाइक्स हैं जो कि

[41:49] ग्लाइकोप्रोटीन 120 है। एचआईवी की सरफेस

[41:52] पे ग्लाइकोप्रोटीन जीपी 120। ठीक है? दैट

[41:55] बाइंड टू दीज़ रिसेप्टर लाइक अ लॉक एंड की

[41:57] मॉडल। लॉक एंड की मैकेनिज्म। सो वायरस

[42:00] एंटर वाया एंडोसाइटोसिस। वायरस आपके

[42:03] हेल्पर सेल में एंडो अटैच होने के बाद वो

[42:05] फ्यूज हो जाता है। स्टेप्स है ना अटैचमेंट

[42:07] है फ्यूज़, पेनिट्रेशन, रिवर्स

[42:09] ट्रांसक्रिप्शन फिर इंटीग्रेशन है और वो

[42:11] सारे के सारे स्टेप हैं। तो इसमें अटैच और

[42:14] एचआईवी एक्चुअली हाईजैक करता है होस्ट

[42:16] मशीनरी को और डिस्ट्र प्रोटीन सिंथेसिस।

[42:19] एक्चुअली वायरस जो है ना हमेशा किसी भी

[42:22] होस्ट के साथ मास्टर स्लेव रिलेशन होता

[42:25] है। वायरस अटैक करता है तो वायरस होस्ट के

[42:28] सेल को हाईजैक करके खुद बन जाता है मास्टर

[42:31] और सेल को कर लेगा स्लेव। तो मास्टर स्लेव

[42:35] रिलेशन बन जाता। अब एचआईवी का जो वायरस है

[42:38] वो हेल्पर सेल को अपना गुलाम बनाएगा और

[42:40] हेल्पर सेल में अपना लाइफ साइकिल ओरिजनेट

[42:43] करेगा और वहां से अब ये एड्स की डिजीज कॉज

[42:46] अच्छा सिम्टम्स ऑफ़ एड्स अलामात में एचआईवी

[42:49] के बारे में एक जुमला है। एचआईवी डज़ नॉट

[42:52] डायरेक्टली किल। एचआईवी जान नहीं लेता।

[42:56] लेकिन एड्स इज़ द स्टेज ऑफ़ इम्यून फेलियर।

[43:01] देखिए एड्स के बारे में कोई बोले ना कि

[43:03] एड्स की बीमारी से इंसान की मौत हो जाती

[43:05] है। तो यह स्टेटमेंट डायरेक्टली तो हम बोल

[43:07] देते हैं कभी कबभार कि भाई एड्स हो गया था

[43:09] और वो मर गया लेकिन एक्चुअली एड्स इंसान

[43:12] की जान नहीं लेता। ये सिर्फ इम्यून सिस्टम

[43:14] फेल हो जाता है। फिर बाकी जो

[43:16] ओपोरर्चुनिस्टिक डिजीजेस होती हैं, जो

[43:18] बाकी इनफेक्शन है उनको मौका मिल जाता है

[43:21] और वो लूटमार मचाते हैं और वो आपको बीमार

[43:23] करते हैं। तो एड्स के मरीज को फिर हर तरह

[43:26] की सेप्टिसीमिया वाली कंडीशन ब्लड

[43:27] पोइजनिंग है, स्किन कैंसर, कापोसिस,

[43:30] सारकोमा भी है, डिमेंशिया भी है, लिंफ और

[43:32] स्वेलिंग भी है। मतलब वो एक फराज का एक

[43:35] शेर है जो एयर्ड्स के अकॉर्डिंग बहुत

[43:37] क्लियरली ऐड होता है कि भाई दीवार क्या

[43:40] गिरी मेरे कच्चे मकान की। लोगों ने मेरे

[43:42] घर से रास्ते बना लिए। यानी आपका इम्यून

[43:45] सिस्टम आपकी बॉडी की दीवार है। डिफेंस है।

[43:48] अब वो दीवार गिर चुकी है। अब जिसको दिल

[43:51] चाह रहा है वो आपके घर में लूट मार मचा

[43:53] रहा है। तो फिर आपका डिफेंस मैकेनिज्म

[43:55] फ्लॉप हो गया और आप हर तरह की बीमारी का

[43:57] शिकार बन जाएंगे। तो यहां पे अर्ली स्टेज

[44:00] में आपका फीवर ऐड होता है। फ्लू लाइक

[44:01] इलनेस है, हेडेक है जो रिकरेंट विद इन

[44:04] सिक्स वीक्स जो है ना सीवियर फॉर्म ऑफ़

[44:06] हेडेक कंटिन्यू रहता है। वैसे भी अच्छा

[44:09] जरूरी नहीं कि हेडेक को लेकर आप परेशान हो

[44:10] जाएंगे। ये तो ऐसा नहीं है बट एक्चुअली

[44:13] डिपेंड्स अपॉन इसमें पेशेंट इज़ इनफेशियस।

[44:16] पेशेंट इनफेशियस हो जाएगा। अच्छा इसमें

[44:18] लिंफ नोड्स की स्वेलिंग खासतौर पे नेक

[44:20] रीजन में जो लिंफ नोड्स हैं उनकी स्वेलिंग

[44:22] जो है ना बड़ी इंपॉर्टेंट सिम्टम होता है।

[44:24] कुछ अरसे तक वो अपीयर होते हैं फिर

[44:26] डिसअपीयर हो जाते हैं ये वाली। और अगर

[44:28] इंफेक्शन बार-बार हो रहा है कोई रिपीटेड

[44:30] तो ये एक बड़ी एक इंडिकेशन होती है कि

[44:32] व्हाई द बॉडी गेट द सेम इनफेक्शन

[44:34] रिपीटेडली अगेन एंड अगेन। तो यहां पे फिर

[44:37] टेस्ट करवाना जरूरी हो जाता है एचआईवी का।

[44:39] लेटेंट स्टेज के अंदर जो है ना इट मे

[44:42] लास्ट 10 इयर्स विदाउट सिम्टम। यानी

[44:44] एचआईवी वायरस बॉडी में इनक्टिव हालत में

[44:48] एज ए प्रो वायरस। अच्छा प्रो वायरस का

[44:50] वर्ड हम कब यूज़ करते हैं? प्रो वायरस का

[44:53] वर्ड हम यूज़ करते हैं तब जब पर्टिकुलरली

[44:56] हमें ये पता हो कि वायरस बॉडी में था या

[45:00] है लेकिन वो एक्टिव नहीं हुआ। तो जब

[45:02] इनक्टिव फज़ होती है वो प्रो वायरस होती

[45:04] है। ठीक है? अच्छा इसमें स्वलेन लिंफ

[45:07] नोड्स ठीक है? नेक रीजन में यह भी बड़े

[45:09] इंपॉर्टेंट इसके सिम्टम्स बनाते हैं।

[45:12] प्रोग्रेसिव इम्यून फेलियर में टीबी हो

[45:14] जाना, निमोनिया हो जाना, स्किन कैंसर,

[45:17] स्कापोसिस, सारकोमा, कैंसर, कैंसर है,

[45:19] स्किन कैंसर है, वायरल इंफेक्शन, हर्पीज़

[45:21] इन्फ्लुएंजा मतलब एक बीमारियों की ना एक

[45:24] दुकान खुल जाती है इंसान की बॉडी में। और

[45:26] हर तरह की बीमारी हो रही है। इंफेक्शन,

[45:29] माइनर इंफेक्शन, सीवियर कॉम्प्लिकेशन,

[45:31] इन्फ्लुएंजा, फ्लू हो रहा है तो वो सीवियर

[45:32] हो गया। इस तरह की तमाम चीजें जो है ना ये

[45:35] इसकी सिम्टम्स में ऐड हो जाती हैं। फाइनल

[45:37] स्टेज के अंदर सडन सीवियर वेट लॉस आता है।

[45:41] नाइट स्वेट डायरिया ठीक है? सेप्टिसीमिया

[45:44] ब्लड पोइजनिंग जब ब्लड टेस्ट होता है तो

[45:46] ब्लड में हर तरह के माइक्रो ऑर्गेनिज्म

[45:48] मौजूद हैं। न्यूरोलॉजिकल इशूज़ डिमेंशिया

[45:50] लाइक कंडीशन होती है। मेमोरी अफ़ेक्ट होती

[45:53] है। डेथ ड्यू टू इम्यून कोलैप्स। और आखिर

[45:56] में फिर इम्यून सिस्टम टोटली रिसोंड करना

[45:58] बंद कर देता है और इम्यून सिस्टम के

[46:00] रिसोंड ना करने की वजह से इंसान की मौत हो

[46:03] जाएगी। ठीक है? तो ये वाली जो कंडीशन हम

[46:05] ऐड कर रहे हैं ना ये सारी कंडीशन एड्स की

[46:09] सिम्टम्स में ऐड हो जाती है फाइनल स्टेज

[46:11] में। अच्छा ट्रांसमिशन ऑफ़ एचआईवी क्या है?

[46:13] कैसे फैलता है? देखिए, अनप्रोटेक्टेड

[46:16] सेक्सुअल कांटेक्ट इज़ वन ऑफ़ द मेजर रूट।

[46:19] 90% केसेस में एक इनफेक्टेड पर्सन मेल से

[46:23] फीमेल या फीमेल से मेल को थ्रू सेक्सुअल

[46:26] कांटेक्ट ट्रांसफर होता है। अच्छा रयूज ऑफ

[46:30] द सिरजेस या सर्जिकल ब्लेड इस्तेमाल के

[46:33] लिए सिरिंज का दोबारा यूज़ करना या सर्जिकल

[46:36] ब्लेड इस्तेमाल की गई हैं और जिस मरीज को

[46:39] वो इस्तेमाल की गई है। क्या पता वो उसको

[46:42] एचआईवी का जो वायरस उसकी बॉडी में इनक्टिव

[46:45] हालत में था और वो अब किसी और में

[46:47] ट्रांसफर हो गया है। इसके अलावा

[46:49] अनस्टेरलाइज्ड मेडिकल इंस्ट्रूमेंट जो

[46:51] मेडिकल इंस्ट्रूमेंट प्रॉपर स्टेरलाइज़ ना

[46:53] हो या ऐसा ब्लड ट्रांसफ्यूज़न किया जाए जो

[46:56] अनस्क्रीड हो। यानी किसी एड्स के मरीज का

[47:00] ब्लड ट्रांसफर कर दिया गया है विदाउट

[47:02] टेस्ट और मालूम नहीं था। और उससे भी एड्स

[47:05] जो है डेफिनेटली और मदर टू चाइल्ड मां से

[47:08] पैदा होने वाले बच्चे को ट्रांसमिशन होती

[47:10] है टू ब्रेस्ट फीड या फिर हम बाय बर्थ भी

[47:14] हम कहते हैं कि बच्चे को एचआईवी इनफेक्शन

[47:16] मां से ही ट्रांसफर हुआ है। ठीक है? अच्छा

[47:19] प्रिवेंशन क्या है? सेफ सेक्सुअल

[47:21] प्रैक्टिस

[47:23] इज़ अ वेरीेंट थिंग बट द मोस्टेंट इज़ द

[47:27] लाइफ शुड बी अकॉर्डिंग इस्लामिक रूल्स। तो

[47:29] इन चीजों को ज़हन में रखें। तो 90% केसेस

[47:32] तो यहीं पे एड्स के कवर होते हैं। अच्छा

[47:34] रीयूज़ ऑफ सिरेंज को अवॉइड किया जाए।

[47:37] स्टेरलाइज मेडिकल इक्विपमेंट यूज़ हो।

[47:39] एनश्योर करें कि जब भी ब्लड लगे उसका

[47:42] टेस्ट हुआ हो प्रॉपर लेबोरेटरी से और

[47:45] पब्लिक अवेयरनेस एंड हाइजीन मेजर्स जो है

[47:48] ना लोगों को बताया जाए। एड्स अवेयरनेस जो

[47:51] है प्रोग्राम्स होते हैं वह बताते हैं कि

[47:53] किस तरीके से आप खुद को इस बीमारी से बचा

[47:56] सकते हैं क्योंकि यह एक लालाज है। उसकी

[47:57] कोई इलाज अब तक नहीं है। क्या हो सकते हैं

[48:01] एमसीक्यूस इस टॉपिक से रिलेटेड? एचआईवी

[48:04] प्राइमरीली टारगेट एचआईवी का वायरस पहले

[48:06] किसको टारगेट करेगा? तो वो एक्चुअली आपकी

[48:10] बॉडी में हेल्पर टी सेल्स हैं जिनको CD4

[48:12] सेल्स के नाम से भी जानते हैं। यानी मेन

[48:16] हमारा ऑप्शन यहां पे बी ऑप्शन करेक्ट आंसर

[48:19] होगा। स्पेसिफिक रिसेप्टर होस्ट के सेल

[48:22] में एचआईवी ग्लाइकोप्रोटीन 120 अच्छा यह

[48:25] एचआईवी ग्लाइकोप्रोटीन 120 ये हेपेटाइट

[48:29] ह्यूमन इम्यून डेफिशिएंट वायरस जो है ना

[48:31] एड्स का जो वायरस है उसकी प्रोटीन है और

[48:34] इसके स्पेसिफिक रिसेप्टर्स आपको CD4 यानी

[48:38] ये आपको मिलेंगे कौन से सेल्स पे हेल्पर

[48:47] ई सेल्स ठीक है अच्छा हेल्प हेलपर टी सेल

[48:50] रिस्पांसिबल फॉर ऑल ऑफ द फॉलोइंग। हेल्पर

[48:52] टी सेल इन सबके लिए रिस्पांसिबल है। ये

[48:55] सारे काम जो गिवन है मगर ये एक काम है जो

[48:58] नहीं करता। मैक्रोफेजेस को एक्टिवेट करता

[49:00] है। साइटो साइटोटॉक्सिक टी सेल्स को

[49:03] करेगा। डायरेक्टली किलिंग द वायरस इन

[49:06] नहीं। डायरेक्टली इनफैक्ट कभी भी यह

[49:08] हेल्पर सेल डायरेक्टली इनवॉल्व नहीं होता

[49:10] वायरस इनफेक्टेड सेल को किल करने के लिए।

[49:13] वो साइटोटॉक्सिक टी सेल्स को यूज़ करता है।

[49:16] मतलब यहां पे बाकी सब कुछ तो अ बी सेल्स

[49:20] को एक्टिव करना है। टी सेल्स को या

[49:22] मैक्रोफेजेस के एक्टिवेशन में हेल्पर सेल

[49:24] इनवॉल्व है। लेकिन सी ऑप्शन जो है ना वो

[49:26] इसका आंसर होगा। इसमें इन्वॉल्व नहीं है।

[49:28] एचआईवी एंटर द होस्ट। एचआईवी होस्ट की

[49:31] बॉडी में या होस्ट सेल में होस्ट के सेल

[49:35] में एंटर होता है आफ्टर फ्यूज़। और वो

[49:38] एंडोसाइटोसिस के जरिए जीपी120

[49:41] ग्लाइकोप्रोटीन

[49:43] अटैच होता है सीडी4 रिसेप्टर ऑन हेल्पर और

[49:46] उससे वो फ्यूज होने के बाद एज अ

[49:48] एंडोसाइटोसिस उसका कैप्सिड इंसर्ट हो

[49:51] जाएगा। द ग्लाइकोप्रोटीन स्पाइक ऑफ़ एचआईवी

[49:56] दैट बाइंड टू CD4 रिसेप्टर। तो वो

[49:59] ग्लाइकोप्रोटीन कौन सी है? GP 120

[50:02] एक्चुअली जो रिसेप्टर से अटैच होती है वो

[50:04] GP 120 है। GP41 फ्यूज़ के लिए इस्तेमाल

[50:07] होती है मेंब्रेन के साथ। ठीक है? व्हिच

[50:10] ऑफ द फॉलोइंग सेल डज़ नॉट हैव CD4? इनमें

[50:13] से कौन से सेल्स हैं जिनमें CD4

[50:16] नहीं होंगे? या CD4 के एक्चुअली व्हिच ऑफ

[50:19] द फॉलोइंग सेल डज़ नॉट हैव CD4 रिसेप्टर?

[50:23] तो इनमें जो CD4 रिसेप्टर्स नहीं है वो

[50:25] कौन से हैं? हेलपर टी सेल्स में तो है।

[50:28] इसके अलावा आपके पास मैक्रोफेजेस, सर्टेन

[50:31] ब्रेन सेल्स या रेड ब्लड सेल्स। तो देयर

[50:34] इज नो एनी टाइप ऑफ रिसेप्टर इन द रेड ब्लड

[50:37] सेल्स। तो हम कह सकते हैं मैक्रोफेजेस में

[50:40] भी हैं। ब्रेन सेल्स में भी मौजूद होंगे

[50:42] सर्टेन। बट रेड ब्लड सेल्स डोंट हैव सच

[50:45] टाइप ऑफ रिसेप्टर लाइक CD4। तो ये

[50:47] एमसीक्यूस हमारा होगा बी ऑप्शन करेक्ट

[50:50] आंसर।

[50:53] तो हम नेक्स्ट टॉपिक की तरफ एमसीक्यूस में

[50:56] देखते हैं। कौन-कौन से एमसीक्यूस पॉसिबबली

[50:58] इसमें पूछे जा सकते हैं। व्हिच ऑफ द

[51:00] फॉलोइंग इज एन अर्ली सिम्टम ऑफ एचआईवी?

[51:03] यानी अर्ली सिम्टम ऑफ एचआईवी हमारे पास।

[51:08] ठीक है? एचआईवी के अर्ली सिम्टम्स जो हैं

[51:12] वो हमारे पास क्या है? विद इन सिक्स वीक।

[51:15] नाइट स्वेट या सीवियर वेट लॉस। तो खैर

[51:18] लास्ट में आता है कापोज़ फीवर एंड फ्लू

[51:21] लाइक सिम्टम पर्सिस्ट कर रही होती है काफी

[51:23] लॉन्ग ड्यूरेशन तक विद इन सिक्स वीक्स वी

[51:26] कैन से दैट लगातार हेडेक भी रहे और फीवर

[51:30] भी हो या फ्लू लाइक इलनेस होती है तो ये

[51:33] वाली कंडीशन विद इन सिक्स वीक पर्सिस्ट

[51:35] करती है। अच्छा ड्यूरिंग द लेटेंट स्टेज

[51:37] ऑफ एचआईवी इनफेक्शन वि सिम्टम मे परसेस

[51:41] लेटेंट स्टेज के अंदर एचआईवी में जिसमें

[51:44] वो बॉडी के अंदर रह सकता है अप टू 10

[51:47] इयर्स उसमें ये स्पेशली नेक में स्वलन

[51:50] लिंफ नोड्स नेक में लिंफ नोड्स की

[51:54] स्वेलिंग स्टार्ट हो जाती है तो ये इसकी

[51:55] लैटिन स्टेज कंसीडर होती है और ये कुछ ऐसे

[51:57] में डिसअपीयर हो जाती है फिर हाउ लॉन्ग

[52:00] कैन लेटेंट स्टेज ऑफ़ एचआईवी लास्ट एचआईवी

[52:03] विदाउट सिम्टम्स एप्रोक्समेटली लास्ट अप

[52:06] टू 10 इयर्स यानी इन सर्टेन केसेस एचआईवी

[52:10] वायरस एक बॉडी के अंदर इनक्टिव हालत में

[52:12] लैटिन स्टेज में 10 साल भी वो बॉडी में रह

[52:16] सकता है। तो प्रोवायरस के तौर पे कापोसी

[52:19] सारकोमा एक टाइप है स्किन कैंसर की। ठीक

[52:22] है? कैंसर है बट एक्चुअली वी यूजुअली कॉल

[52:26] देम एज अ स्किन। तो पर्टिकुलरली स्किन

[52:29] कैंसर और ये इसकी एंड के फाइनल स्टेजेस

[52:32] में ये चीजें डेवप होना शुरू हो जाती हैं।

[52:34] व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज नॉट टिपिकली सीन इन

[52:37] द फाइनल? कौन सी चीज है जो फाइनल स्टेज

[52:40] में नजर नहीं आ रही होती है? ठीक है? उसके

[52:45] अंदर आपके पास डायरिया है, नाइट स्वेट्स

[52:48] हो गए, सीवियर वेट लॉस है। CD4 काउंट बढ़ता

[52:52] नहीं है बल्कि CD4 काउंट तो डिक्रीज हो

[52:54] जाता है क्योंकि हेल्पर सेल लगातार डैमेज

[52:56] हो रहे हैं। डिस्ट्रॉय हो और उनकी काउंट

[52:58] और तादाद में कमी हो रही होती है। एचआईवी

[53:01] डज़ नॉट डायरेक्टली किल। एचआईवी डायरेक्टली

[53:04] जो है ना डज़ नॉट किल द पेशेंट रेदर डेथ

[53:09] अकर्स ड्यू टू अच्छा मौत एचआईवी की वजह से

[53:12] नहीं हो रही

[53:14] उसकी असल वजह है कि इम्यून सिस्टम कोलैप्स

[53:18] कर जाएगा लीडिंग टू ओपोरर्चुनिस्टिक

[53:20] इनफेक्शन जो मौके से फायदा उठाने वाले लोग

[53:24] हैं ना वो चौका लगाते भाई आपके पास पैसों

[53:27] से भरा हुआ बैग है गिर गया पैसे बिखर गए

[53:30] तो आप ये मत सोचिएगा कि अब जो है ना वो

[53:32] चोरी हो गई। अब वो तो मौका मिलेगा तो वो

[53:34] कोई छोड़ेगा ही नहीं। सेफ रहते हैं तो सेफ

[53:37] रहता है। तो यहां पे यही हुआ है कि इम्यून

[53:39] सिस्टम जो है ना वो कोलैप्स कर गया। अच्छा

[53:41] मेजर रूट ऑफ एचआईवी ट्रांसमिशन

[53:43] एप्रोक्समेटली 90% ट्रांसमिशन में

[53:46] अनप्रोटेक्टेड सेक्सुअल कांटेक्ट सबसे

[53:50] इंपॉर्टेंट है। मतलब मेल और फीमेल का

[53:53] सेक्सुअल कांटेक्ट के जरिए 90% केसेस हैं

[53:56] जिसमें ये ट्रांसफर होता है। व्हिच ऑफ द

[53:59] फॉलोइंग इज अ वैलिड रूट ऑफ एचआईवी? एचआईवी

[54:02] ट्रांसमिशन का वैलिड रूट? स्टेरलाइज रेंज

[54:06] से तो नहीं होगा। ट्रांसफ्यूजन ऑफ अगर आप

[54:09] ऐसा ब्लड लगाते हैं जो अनस्क्रीन मतलब जो

[54:12] प्रॉपर टेस्ट ना हो तो सबसे बड़ा मेन

[54:15] फैक्टर ही यही होगा। ठीक है?

[54:18] मदर टू चाइल्ड मां से बच्चे को एचआईवी

[54:23] ट्रांसफर होता है। मगर ड्यूरिंग डिलीवरी

[54:27] सिर्फ लिखा है ऐसा नहीं है बल्कि

[54:29] प्रेगनेंसी के दौरान प्लेसेंटा से भी

[54:32] ट्रांसफर हो सकता है। डिलीवरी के दौरान जो

[54:35] मैटरनल ब्लीडिंग होती है उससे भी और

[54:37] ब्रेस्ट फ़ीड जब बच्चा फ़ीड करता है तो मां

[54:40] से बच्चे को प्रेगनेंसी के दौरान डिलीवरी

[54:43] के दौरान या आफ्टर जो बर्थ है उसके बाद जो

[54:47] ब्रेस्ट फीड है उसके जरिए भी एचआईवी

[54:49] ट्रांसफर हो सकता है। व्हिच प्रिवेंटिव

[54:52] मेजर इज़ मोस्ट इफेक्टिव अगेंस्ट सेक्सुअल।

[54:54] देखिए कौन सी प्रिवेंटिव मेजर जो है वो

[54:57] मोस्ट इफेक्टिव है अगेंस्ट सेक्सुअल

[55:01] ट्रांसमिशन। मतलब सेक्सुअल ट्रांसमिशन ऑफ

[55:04] एचआईवी तो सेफ सेक्सुअल प्रैक्टिस सेफ

[55:07] सेक्सुअल प्रैक्टिस जो है ना वो

[55:09] इंपॉर्टेंट होती है फॉर अ एचआईवी टू अवॉयड

[55:14] दिस डिजीज एचआईवी कैन बी ट्रांसमिटेड

[55:17] एचआईवी को एचआईवी कैन बी ट्रांसमिटेड थ्रू

[55:20] अनस्टेरलाइज अनस्टेरलाइज सिरजेस और ब्लेड

[55:24] का दोबारा इस्तेमाल शेयरिंग ऑफ टॉयलेट सीट

[55:26] या मॉस्किटो बाइट से या कफ एंड स्नीज़

[55:29] वगैरह इनसे नहीं होता। तो ये एक्चुअली

[55:31] रीयज ऑफ अनस्टेरलाइज सिरिंजज़ है। अच्छा टू

[55:33] प्रिवेंट एचआईवी ट्रांसमिशन एचआईवी के

[55:36] ट्रांसफर होने को अगर हम प्रिवेंट करें इन

[55:38] हेल्थ केयर सेटिंग तो ऑल ऑफ द फॉलोइंग आर

[55:42] रेकमेंडेड रेकमेंडेशन। लेकिन एक चीज है

[55:45] लाइक जिसकी रेकमेंडेशन नहीं होगी। स्क्रीन

[55:48] ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए होना चाहिए।

[55:51] टेस्ट किया हुआ खून लगाना है। स्टेरलाइज

[55:54] सिरिंजेस इस्तेमाल करनी है। और रीयूज़ ऑफ

[55:56] डिस्पोजेबल सिरिंज। यानी आप सिरिंज को

[55:58] दोबारा इस्तेमाल कर लें बॉईलिंग के बाद तो

[56:01] आप इस्तेमाल कर सकते हैं। यह गलत है। ठीक

[56:04] है? ना आप उसको

[56:07] यूज की हुई सिरिंज इस्तेमाल करें ना उसको

[56:09] आप बॉईल करके दोबारा इस्तेमाल करें

[56:11] क्योंकि एक्चुअली चांसेस ऑफ़ एचआईवी स्टिल

[56:13] ओवर देयर। तो ये कभी नहीं। बाकी जो न्यू

[56:16] सिरिंज है, प्रॉपर स्क्रीन ब्लड है, यह

[56:18] आपके पास प्रिवेंटिव मेजर्स में आते हैं।

[56:21] अच्छा, व्हिच बॉडी फ्लूइड इज़ नॉट

[56:24] कंसीडर्ड? इज़ नॉट कंसीडर अ मेजर रूट ऑफ़

[56:27] एचआईवी ब्लड सीमेन और वजाइनल फ्लूइड तो

[56:30] स्वेट पसीने से एचआईवी वायरस ट्रांसफर
