# 72nd BPSC Prelims Modern History Marathon 🔥| Complete Modern History for BPSC 2026 | BPSC Wallah

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Translation: en

[00:00] बता देना

[00:17] गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग। स्वागत है

[00:19] सभी का।

[00:25] चैट थोड़ा बड़ा हो जाएगा क्या?

[00:34] नहीं ठीक है अब

[00:36] गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग। थोड़ा सा

[00:37] रिफ्रेश करना। अभी तक वेटिंग ही दिखा रहा

[00:39] है वहां पे।

[00:48] हां, ठीक है। लाइव है।

[00:59] तब रेडी हैं सभी लोग?

[01:02] हां, पटना सेपरे से ले रहा हूं। तब रेडी

[01:04] हैं सभी लोग? मैराथन के लिए पढ़ कर आए हैं

[01:08] क्योंकि कहा था ना कि पढ़कर आइएगा तो और

[01:10] चीजें होंगी। ठीक है? थोड़ा फास्ट ही

[01:12] रखिए। अरे तुम लोग अगर ज्ञान मत दो यार

[01:15] आते ही साथ।

[01:19] हमें पढ़ाने दो ना। ऐसा थोड़ी है कि पहली

[01:22] बार कलम उठा रहा हूं पढ़ाने के लिए। तुम

[01:25] लोग लगते हो हम ही लोगों को ज्ञान देने।

[01:33] चलिए सबसे पहले एक दो चीजों पे बात कर

[01:36] लेते हैं हम लोग। इसका पीडीएफ जो है आप

[01:39] लोग को कमेंट पिंग में बैच है। बैच का नाम

[01:42] चेंज है। मिशन बैच की जगह उड़ान बैच है।

[01:45] है ना? उड़ान बीपीएससी 72 बैच है। तो हम

[01:49] लोग जो है आपको उसी में ही इसका पीडीएफ

[01:52] रहेगा। पहली चीज यह क्लास जो चलेगी

[01:55] कंटिन्यू चलेगी। 10 11 घंटे चलेगी ये

[01:57] क्लास क्योंकि मैराथन है। मॉडर्न हिस्ट्री

[02:00] खत्म करना है।

[02:02] और इसमें हम लोग सब कुछ नहीं पढ़ेंगे।

[02:06] मैराथन है। सब कुछ नहीं पढ़ेंगे। जो

[02:09] वीवीवीआई टॉपिक्स हैं, जो इंपॉर्टेंट

[02:11] टॉपिक्स हैं, उसको हम लोग टच करेंगे। अगर

[02:14] सब कुछ पढ़ेंगे तो पता चला कि 2530 घंटा

[02:16] आपको यही चला गया। है कि नहीं? तो जो

[02:20] वीवीवीआई टॉपिक्स है उसको हम लोग करेंगे।

[02:22] साउंड का देखना तो बच्चा साउंड इंक्रीज कर

[02:26] वहीं पर उसी बैच मिलेगा फ्री पीडीएफ

[02:31] क्लियर।

[02:39] हां हां सब करवा दूंगा। सब करवा दूंगा।

[02:41] ठीक। तो अच्छे से रहेगा। दूसरी चीज

[02:45] बाइलिंगुअल है। पीपीटी बाइलिंगुअल होगा।

[02:47] एक दो आपको जो एपिसोड होगा एपिसोड कहने का

[02:51] मतलब है कि

[02:53] लेक्चर होगा वो आपको इसमें थोड़ा सा हिंदी

[02:56] है बट आपको जो पीडीएफ है वो बाइलिंगुअल

[02:58] मिल जाएगा। ठीक है? तो बाइलिंगुअल होगा और

[03:01] सर क्या ये क्लास लगातार चलेगी? हां

[03:06] बाइलिंगुअल है। बाइलिंगुअल है। पीडीएफ

[03:08] हिंदी इंग्लिश दोनों में है। दो-तीन जो

[03:10] चैप्टर है ना उसका पीडीएफ आपको केवल हिंदी

[03:12] में यहां पर रहेगा। बट आपको पेड जब आपको

[03:14] ग्रुप में पीडीएफ मिलेगा ना तो वो भी

[03:16] बाइलिंगुअल हो जाएगा। ठीक है? अब एक और

[03:19] चीज बता रहा हूं। क्या सभी बच्चे

[03:23] सर 11 घंटे का क्लास चलेगा तो सर खाना

[03:25] पीना कब खाएंगे? सर ये तो गलत है। कल आप

[03:27] लोगों ने ऐसे एक दो बच्चा किया। भाई बीच

[03:29] में हम लोग दो-तीन ब्रेक लेंगे छोटा-छोटा।

[03:31] एक तो ब्रेक लेंगे 30 मिनट का जिसमें आप

[03:32] लोग खाना ववाना खा लीजिएगा। मैं भी कुछ खा

[03:34] लूंगा। फिर एक दो ब्रेक ले लेंगे 10-10

[03:36] मिनट का। ठीक है?

[03:38] तो दो-तीन ब्रेक होगा जिसमें से एक 30

[03:41] मिनट का होगा जिसमें हम लोग भोजन पानी कर

[03:43] लेंगे। आप भी कर लीजिएगा और उसके बाद जो

[03:46] है दो-तीन ब्रेक ले लेंगे छोटा-छोटा हमारा

[03:49] काम हो जाएगा। तो चलिए शुरू। नहीं पहले

[03:52] थ्योरी पढ़ लो ना। सीधा एमसीक्यूस क्यों

[03:54] पढ़ना है? आप लोग के साथ समस्या यही है।

[03:56] आप लोग थ्योरी पढ़ने में इंटरेस्ट लेते

[03:58] नहीं हो। सिर्फ एमसीक्यूस एमसीक्यूस करते

[04:00] हो। और यही कारण होता है कि बाद में आप

[04:03] लोग कहते हो कि अरे सर यह और होता तो और

[04:05] बेहतर होता। थ्योरी पढ़ने का प्रयास कीजिए

[04:08] सभी बच्चे। तो चलो सेशन को हम लोग करते

[04:11] हैं शुरू।

[04:16] सरस्वती माता का नाम लीजिए भाई। आप लोग का

[04:18] बीपीएससी क्रैक हो। है ना? और इसी

[04:22] शुभकामनाओं के साथ हम लोग क्या करते हैं?

[04:25] शुरू करते हैं क्लास को। इसी शुभकामनाओं

[04:28] के साथ। चलिए।

[04:30] कि आप लोगों को सभी को फायदा मिले। देखिए

[04:33] पहले इसमें दो तीन चीजों को मैं बता देता

[04:35] हूं। यूरोपीय कंपनी कुछ ऐसे क्लासेस हैं

[04:38] जैसे एज फॉर एग्जांपल यूरोपीय कंपनी का

[04:41] आगमन मैं सोचा था कि बहुत डिटेल्स नहीं

[04:43] बताऊंगा। लेकिन जब मैंने एडीओ का पेपर

[04:45] देखा जब एडीओ का पेपर आया था तो देखा कि

[04:48] यार एडवेंड ऑफ यूरोपीय कंपनीज़ से बड़ा

[04:51] घुसकर क्वेश्चन पूछा है। है ना? तो जब

[04:54] वहां से घुसकर क्वेश्चन पूछा है तो वहां

[04:56] पर बनाना भी होगा हमें। क्लियर? तो इसलिए

[05:00] यूरोपीय कंपनियों का आगमन हम लोग थोड़ा सा

[05:02] कांसेप्ट से पढ़ेंगे कि कहीं बीपीएससी में

[05:04] भी आपसे पूछ दिया तो क्या कीजिएगा? पढ़ना

[05:07] तो पड़ेगा ही बनाना तो पड़ेगा ही। तो मैं

[05:09] आपको एडमैन से शुरू करूंगा। इसके बाद फिर

[05:11] हम लोग मुगल चलेंगे। उसके बाद नवीन राज्य

[05:15] का उदय में देख लेंगे कि किसने किसको

[05:16] किया, क्या किया। उसके बाद सबका फाइट देख

[05:19] लेंगे। अरे इंग्लिश में भी है भाई

[05:21] बाइलिंगुअल। देखो दिखा देता हूं।

[05:24] देखिए है इंग्लिश में भी। सब इंग्लिश में

[05:28] भी है भाई कह तो रहा हूं क्यों परेशान है

[05:30] आप लोग और ऐसा कौन सा है कि आप लोग को अगर

[05:32] मैं हिंदी बोल रहा हूं तो समझ में नहीं आ

[05:34] रहा घर में तो हिंदी बात करते होंगे ना

[05:36] हिंदी बात करते होंगे भोजपुरी बात करते

[05:38] होंगे मैथिली बात करते होंगे है ना वहां

[05:41] पर तो बात करते होंगे क्या हालचाल बा कैसे

[05:43] बां के कााई छी यहां के आई छी और यहां यू

[05:47] नो सर व्हाट इज दिस ओ यू मीन कंट्री ओके

[05:51] थोड़ा सा यहां भी रहिए तो दो सेक्शन है एक

[05:54] आपको हो जाता है

[05:56] यूरोपीय कंपनी का आगमन

[06:03] से एक फेज चलता है 1857 तक और 1857 के बाद

[06:09] फिर चलता है आपका 1947 तक। इस पार्ट से

[06:12] क्वेश्चन ज्यादा रहते हैं। यहां से

[06:15] क्वेश्चंस देखिएगा तो ज्यादा रहेंगे।

[06:18] और यहां से क्वेश्चंस होते हैं कम।

[06:22] बट हम लोग इसको भी लेकर चलेंगे।

[06:25] ठीक है? बट हम लोग इसको भी लेकर चलेंगे

[06:28] क्योंकि एडीओ ने सरप्राइज किया। एडीयू ने

[06:31] क्या किया कि वैसे सेक्शन से क्वेश्चन

[06:33] ज्यादा पूछे जो जनरली नहीं पूछा जाता है।

[06:36] ठीक है? ध्यान रखिएगा। तो आइए हम लोग

[06:39] सेक्शन को शुरू करते हैं। ये एक बेसिक है।

[06:42] अगर चाहे तो ये आप लोग में से कई बच्चों

[06:44] को आता होगा कि भारत की खोज किसने की?

[06:45] अमेरिका की खोज किसने की? केप ऑफ गुडहोप

[06:48] की खोज किसने की? ऑस्ट्रेलिया की खोज

[06:49] किसने की? न्यूजीलैंड की खोज किसने की? ये

[06:51] भी कभी-कभी आपसे पूछ देता है। आगमन का

[06:54] क्रम क्या था? ये भी क्वेश्चन पूछ देता

[06:56] है। अब हमारे पास एक प्रश्न रहेगा

[06:59] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[07:01] कि सर आखिर क्या जरूरत पड़ी यूरोपीय

[07:04] कंपनियों के आगमन की? यूरोपीय कंपनी आए

[07:09] इसकी क्या जरूरत पड़ी?

[07:11] पहले भी तो व्यापार होता था। अचानक से

[07:13] क्यों? जी हां, आपको पता होना चाहिए कि

[07:16] हमारा जो है ट्रेड जो है एंशिएंट टाइम से

[07:19] हो रहा है। आपने पढ़ा होगा कि कुशानो ने

[07:22] आपको इस मार्ग पे अच्छे से आपको किया और

[07:24] ये जो रोम है इनके साथ व्यापारिक मार्ग

[07:27] बनाया। सिल्क रूट याद होगा। पढ़े होंगे आप

[07:30] लोग अपने स्कूल में या फिर तो सिल्क रूट

[07:32] से तो पहले भी व्यापार होता था। चोल भी

[07:35] करते थे। अन्य राजा भी करते थे। व्यापार

[07:39] ऐसे भी पहले भी होता था। यहां से मलक्का

[07:42] स्टेट से व्यापार ऐसे भी होता था और

[07:44] व्यापार ऐसे भी होता था। तो ऐसा नहीं है

[07:48] कि पहली बार व्यापार कर रहे हैं यूरोपीय

[07:50] कंट्रीज ना। पहली बार व्यापार नहीं हो रहा

[07:52] है ये। यह व्यापार पहले भी होता था। लेकिन

[07:56] पड़ा। ऐसी क्या जरूरत पड़ी भाई कि व्यापार

[07:59] कि व्यापार करने के लिए अलग से रूट करना

[08:05] करने के लिए अलग से रूट हम लोग को करना

[08:07] पड़ा। तो देखिए वही आपको क्वेश्चन पूछता

[08:09] है और यही कांसेप्ट है। अब यहां से

[08:11] क्वेश्चन अगर आपसे पूछ देगा ना तो हो सकता

[08:13] है कि आप लोग फंस सकते हैं। पूछ देगा कि

[08:16] क्या जरूरत पड़ी? क्यों आ रहा है? तो हुआ

[08:18] क्या कि इस क्षेत्र में पहले जो व्यापार

[08:21] पर एकाधिकार था वो था इनका

[08:25] वेनिस का। यहां पर एक शहर है वेनिस। तो

[08:29] यहां से माल आता था। अरब व्यापारी इनको

[08:32] देते थे। इटली से जाता था। और वेनिस के

[08:34] व्यापारी क्या करते थे? चारों तरफ आपको

[08:36] जितने भी गुड्स हैं सबको डिस्ट्रीब्यूट

[08:39] करते थे। क्लियर? गुड्स डिस्ट्रीब्यूट

[08:42] करने के बाद अपने तरीके से इसको बेचते थे।

[08:45] यह एरिया कहलाता था कुस्तुनतुनिया।

[08:48] बात है 1453 की।

[08:53] अब ऑटम साम्राज्य यूरोप में आपको है ऑटोमन

[08:56] साम्राज्य ने अटैक किया और इस क्षेत्र पे

[08:58] कब्जा कर लिया। इस क्षेत्र पे कब्जा कर

[09:01] लिया।

[09:03] अब जैसे ही कब्जा किया इन्होंने अपने

[09:06] एरिया को और स्प्रेड करना शुरू किया। कहा

[09:10] कि तुमको इधर से व्यापार नहीं करने देंगे।

[09:11] इधर से भी नहीं करने देंगे। समझ रहे हैं?

[09:15] इसने क्या किया? अपने क्षेत्र को बढ़ाना

[09:18] शुरू किया। अपने क्षेत्र को बढ़ाना शुरू

[09:20] किया और कहा कि अगर तुमको इधर से व्यापार

[09:22] करना है तो अलग टैक्स लगेगा।

[09:25] रोम तो फिर भी काम कर ले रहा था। वेनिस तो

[09:31] अब यहां पर समस्या आई इनको यह पोर्तुगीज

[09:34] है और यह स्पेन है।

[09:36] इनको लगा कि भाई हमें एक अलग रूट करना

[09:39] चाहिए। नहीं तो हम लोग डिपेंडेंट हैं

[09:42] कंप्लीटली वेनिश मर्चेंट पे।

[09:46] वेनिश मर्चेंट पे हम लोग कंप्लीटली

[09:48] डिपेंडेंट हैं।

[09:51] तो इनके साथ हुआ कि हम लोग कुछ करते हैं।

[09:54] तो भाई अंदर से मोटिवेशन कैसे आया करते

[09:56] हैं? क्यों? क्योंकि यहां पर वो समय आ

[09:59] चुका था कि यहां के राजा खुद नाविक थे,

[10:02] नेविगेटर थे। यहां का पुर्तगाल का एक राजा

[10:05] था हेनरी। सोचिए वो इतना बड़ा नेविगेटर था

[10:08] कि उसका नाम ही था हेनरी द नेविगेटर।

[10:12] और हेनरी के द्वारा यहां पर अपने लोगों को

[10:15] प्रमोट किया जाने लगा, प्रमोट किया जाने

[10:17] लगा। और हुआ कि एक नया रूट बताओ।

[10:20] एक नया रूट के चलिए चलते चलते बनते हैं।

[10:24] तो नए रूट की खोज की शुरू हो गई कि भैया

[10:26] नया रूट करते हैं। नया रूट आपको पता है कि

[10:30] न्यू रूट यानी नए मार्ग की खोज में कई लोग

[10:33] स्वाहा हो गए। तो जो आज ना हमको पता है कि

[10:36] फलाना जगह ब्राजील है। यहां पर पाकिस्तान

[10:38] है। यहां पर अमेरिका स्टार्ट हो रहा है।

[10:40] आज हमें पता है ना।

[10:43] उस समय तो

[10:45] जहाज लेकर गए, शिप लेकर गए, वापस आएंगे भी

[10:49] कि नहीं आएंगे, यह भी किसी को नहीं पता

[10:51] होता था।

[10:53] वापस आएंगे कि नहीं आएंगे, यह भी किसी को

[10:57] नहीं पता होता था। माथे पर कफ़न बांध कर

[11:00] निकल गए। तो करते करते करते

[11:03] यहां पर केप ऑफ गुड होप है

[11:11] और यही चीज आपको यहां पर दिखेगा तो लिखा

[11:13] हुआ है

[11:16] डियाजोलमी

[11:17] डियाज

[11:19] डियाज के द्वारा इस जगह की खोज की गई और

[11:22] इनके लिए एक बहुत बड़ा अचीवमेंट था इनके

[11:25] लिए बहुत बड़ा अचीवमेंट था डियाज के

[11:26] द्वारा सी रूट की खोज करना यहां तक इसके

[11:29] बाद डियाज़ वापस आता है मर जाता है लेकिन

[11:32] इतना हो गया कि भाई यह पता चल गया कि इसके

[11:34] बाद पानी ही पानी दिखा है। कोई जमीन दिखा

[11:37] नहीं है। और कई लोगों से पता चला कि इसके

[11:39] इस तरफ पूर्वी देश हैं जहां से व्यापार हो

[11:41] सकता है। तब तक इन लोगों ने पोप से आज्ञा

[11:44] ले लिया। ये सब फैक्ट को याद रखिएगा

[11:46] इंपॉर्टेंट है। क्योंकि जिस प्रकार से

[11:48] कहानी पूछकर एडीओ ने क्वेश्चन किया कि चार

[11:51] लाइन में कहानी बता दिया। फिर पांचवा में

[11:53] कहा कि ये किसके बारे में बात हो रही है।

[11:55] तो हो सकता है कि आपको ये कहानी दो-तीन

[11:57] लाइन में बता दे। वो देगा कि किसके बारे

[11:59] में बात हो रही है। ठीक है? जैसे मान लो

[12:01] क्वेश्चन पूछ देगा कि पुर्तगाल ने अपने एक

[12:03] बड़े नावी को भेजा

[12:06] ऐसे क्षेत्र की खोज के लिए जहां से पूर्वी

[12:08] देश आपको आते हो और इस प्रकार से केप ऑफ

[12:10] गुड होप की खोज कर लिया उसने बताइए यहां

[12:13] किसकी बात हो रही है वास्कोडि गामा

[12:17] पिया

[12:19] कोलंबस ऐसे तो ऐसे ध्यान रखिएगा

[12:22] बीच-बीच में मैं आप लोगों से क्वेश्चन भी

[12:24] पूछूंगा सोचिएगा ना कि बेहोश होकर पड़ेंगे

[12:26] तो नहीं अब पोप की आज्ञा भी मिल गई नया

[12:29] रूट यहां तक मिल गया। अब आपको हुआ कि चलो

[12:32] भैया चलते हैं। हम लोग को वहां तक तो मिल

[12:34] ही गया। तो यह आपको सब लिखा हुआ है कि भाई

[12:37] मोनोपोली था। किसका मोनोपोली था? तो इटली

[12:40] [गला साफ़ करने की आवाज़] यानी वेनिस के

[12:41] व्यापारियों का मोनोपोली था ईस्टर्न आपको

[12:43] कंट्रीज के ट्रेडिंग पे। इसके बाद आपको

[12:45] कुस्तुनिया का पतन हो गया। पोप ने आपको

[12:47] आज्ञा दे दी

[12:49] कि जाइए और

[12:52] पूर्वी यानी ईस्टर्न कंट्रीज के

[12:56] वस्तुओं का गुड्स का काफी डिमांड था।

[12:58] खासकर काली मिर्च, ब्लैक पेपर अन्य मसाले

[13:00] जो ऐसे देखते हैं ना ऐसे डालते हैं मसाला।

[13:03] हां वही लोग शुरू किए सर से। ठीक है?

[13:06] ध्यान रखिएगा। किस चीज का एडवर्टाइजमेंट आ

[13:08] रहा है?

[13:11] चलिए।

[13:13] और इस समय आपको ये लोग नए-नए आविष्कार कर

[13:15] रहे थे। नए-नए खोज कर रहे थे। नए-नए

[13:19] आविष्कार कर रहे थे। नए-नए खोज कर रहे थे।

[13:23] और हुआ कि चलो चला जाए। अब हम लोग आगे

[13:26] बढ़ते हैं और यहीं पर वास्कोडि गामा को

[13:29] भेजा जाता है। वास्कोडि गामा को यहीं पर

[13:32] भेजा जाता है। कहता है कि जा भाई

[13:35] वास्कोडिगामा कहता है ठीक है। तो यह तीन

[13:37] जहाजों के साथ आया। वास्कोडि गामा तीन

[13:40] जहाजों के साथ इसको भेजा किसने? इसको भेजा

[13:42] मैनुअल ने। वहां का राजा था पुर्तगाल का

[13:45] राजा मैनुअल।

[13:47] मैनुअल फर्स्ट ने

[13:50] वास्कोडि गामा को भेजा।

[13:56] इसका मामा पास्कोडि गामा

[13:59] कहा कि सुनो

[14:03] एक रूट मिल गया है जरा सा पहुंचो तो कहां

[14:08] पर जाना है अरे कहीं भी जाओ लेकिन पहुंचो

[14:10] तो वास्कोडिगामा तीन जहाजों के साथ आते

[14:13] इनके साथ इनके भाई सब थे और मैनुअल वन के

[14:17] द्वारा ये चले जाते जा रहे हैं। अब यहां

[14:19] तक तो इन लोग को रूट पता था यहां तक रूट

[14:22] पता था। यहां तक तो ये लोग पहुंच गए। अब

[14:24] जैसे ही पहुंचे ये लोग यहां पहुंचे

[14:25] मोजांबिक कहा जाता है कि मोजांबिक में इन

[14:29] लोग का विरोध किया गया। इन लोग का विरोध

[14:33] किया गया मोजांबिक में और वास्कोडि गामा

[14:36] को खबर मिली कि भाई मोजांबिक से चले जाइए

[14:38] नहीं तो आपको मूड फ्रेश कर दिया जाएगा।

[14:43] वास्कोडि गामा सोचे कि भाई जाना यहां से

[14:46] सही है। लेकिन उनका भाई टारगेट था कि इनको

[14:48] किसी भी तरीके से कहां जाना है? पूर्वी

[14:50] कंट्रीज। तो इनको बताया गया कि भाई एक

[14:52] अब्दुल मनीज है वह आपको यहां मुंबासा

[14:55] आइलैंड पर मिलेगा। मुंबासा द्वीप पे

[14:57] मिलेगा। आप चले जाओ मुंबसा क्योंकि वहां

[15:00] से मिल जाएगा। हां मिल जाएगा।

[15:03] देखो अब्दुल मजीद के साथ फिर अब्दुल मजीद

[15:06] मिलते हैं। मालपानी लगा तब जाकर इनके साथ

[15:10] यह पहुंचते हैं कालीकट। और यह आपको डेट है

[15:14] मई

[15:16] 1498

[15:20] कहीं 17 मई देता है कहीं 20 मई देता है और

[15:22] पहली बार एक नए रूट की सोचिए कि एक नया

[15:26] रूट मिला तो पता नहीं क्यों हम लोग कहते

[15:28] हैं मतलब पहले से ही इतिहास में बोला जाता

[15:30] है कि वास्कोडि गामा ने खोज की भारत की

[15:35] बोलना यह चाहिए कि नए रूट की खोज की। ऐसा

[15:38] थोड़ी है कि वास्कोडि गामा इससे पहले

[15:40] इंडिया नहीं चलता था। भैया इसके पहले बहुत

[15:42] सारे लोग आए शासन किए व्यापार हुआ। तो

[15:45] एग्जैक्ट जो वर्ड होता होना चाहिए ना वो

[15:47] होना चाहिए कि वास्कोडि गामा ने भारत के

[15:50] नए समुद्री मार्ग की खोज की और आश्चर्य की

[15:53] बात यह है कि यही समुद्री मार्ग

[15:57] हमें आगे जाकर गुलाम भी बनाता है। कैसे

[16:00] बनाता है देखिएगा। तो यहां पर करते तो

[16:02] यहां पर सबसे पहले कौन रहते हैं? अरब के

[16:04] व्यापारी रहते हैं। अरेबियन यहां पर

[16:08] मर्चेंट्स होते हैं और यह अभी नहीं काफी

[16:11] पहले से ही व्यापार करते थे। अरब व्यापारी

[16:14] यहां पर हर्षवर्धन के एरा से ही व्यापार

[16:16] करते थे। ध्यान रखिएगा।

[16:21] अब जैसे ही वास्कोडि गामा की जहाज आई तीन

[16:24] बड़े-बड़े जहाज

[16:26] तुरंत अरब व्यापारियों ने विरोध कर दिया

[16:28] और जमुरिन को भड़का दिया। ग्रेवियल नाम था

[16:32] जहाज का।

[16:34] जमुरन को भड़का दिया। जमुरन कौन था? तो

[16:36] कालीकट का राजा था मतलब उपाधि थी जमुरन

[16:40] जमुरिन कहते थे

[16:45] जमूरिन

[16:48] जमुरिन ने तो शुरू में कहा कि ना हमको कोई

[16:51] व्यापार नहीं करना है।

[16:54] क्योंकि अरब के जो मर्चेंट थे ना उन्होंने

[16:56] जमरीन को कह दिया कि देखो बाहर का आया है

[16:59] तुम्हारे साथ खराब करेगा यह करेगा वह

[17:01] करेगा ठीक है

[17:04] तो इन्होंने कहा कि ना

[17:09] हमको नहीं करना है अब जब यह बात पता चली

[17:12] वास्कोडि गामा को कि अरेबियन मर्चेंट्स के

[17:15] द्वारा आपको ट्रेडर्स के द्वारा भड़काया

[17:19] गया है तो वास्कोडि गामा की लड़ाई भी होती

[17:21] है इनके साथ और लड़ाई होती है पटक के

[17:24] मारता है वास्कोडिगा में इन लोग को अरबियन

[17:27] व्यापारी को जी हां

[17:31] जमुरीन देख रहे थे दूर से देखे कि अरे यार

[17:33] ये तो नया नया है ये सब पटक के मारा कहीं

[17:35] हमको भी ना मारे तो कहा कि ठीक है आप जाइए

[17:37] व्यापार कीजिए पहले ना बताना चाहिए कि

[17:39] व्यापार करना है ओ हो तब जाकर वास्कोडि

[17:43] गामा को व्यापार की का छूट दिया गया और

[17:48] यहीं से आपको कहानी शुरू होती तो देखो यह

[17:51] 20 मई भी होता है कई जगह 20 मई भी होता है

[17:53] तो कोई गलत नहीं है। ठीक है? ध्यान

[17:55] रखिएगा। जमुरिन वहां के रहते हैं भैया।

[17:57] इनको सेमुरिन सेमोरिन भी कहते हैं।

[17:59] अरेबियन ट्रेडर्स यहां पहले से ही रहते

[18:01] हैं जो अपोज करते हैं वास्कोडि गामा का।

[18:04] और बाद में आपको मिलता है तीन जहाज के साथ

[18:08] 170 लोगों के साथ आए थे। मदीज

[18:12] क्लियर

[18:13] यहां तक कोई समस्या

[18:16] सोच रहे हैं किस तरीके से कहानी शुरू हुई।

[18:18] एकदम देखो एकदम फ्लो में पढ़िए। आप लोग को

[18:22] जो आठ आज जो 9 10 घंटे जो मजा आएगा ना

[18:25] आपको मजा आएगा क्योंकि वन शॉट का एक फायदा

[18:28] क्या होता है ना कि एक पूरे फ्लो में

[18:30] कहानी पूरी पढ़ जाती है। अरे अलग-अलग है

[18:34] दोनों आता है। 17 में भी आता है। बोल तो

[18:36] रहा हूं मैं और ये 20 में भी कई जगह लिखा

[18:39] रहता है क्योंकि एग्जैक्ट नहीं पता रहता

[18:41] है कि कहां पर आपको आया है। तो दोनों सही

[18:43] है।

[18:45] आप सोच रहे हैं 60 गुना 60 टाइम्स प्रॉफिट

[18:50] सोचिए 1 लाख का माल लिया होगा 60 लाख में

[18:54] बेचा है उसको भाई 60 लाख में इतना बड़ा

[18:57] प्रॉफिट होता है क्या

[19:03] जैसे ही यह पता चला सबकी आंखें फट गई कि

[19:06] अरे बाप रे ये तो गजब सबकी आंखें क्या हुई

[19:08] फट गई कैसे आप लोग देखते हैं आंख फाड़ कर

[19:13] कि भाई यह तो तो वास्कोडिगाम बड़ा प्रॉफिट

[19:16] किया। पुर्तगाली कहता है कि फिर से भेजते

[19:19] हैं। फिर जाओ। तो दूसरा पुर्तगाली आया था

[19:23] कैब्रेल। अलवा रेस कैबल जो आगे जाकर

[19:26] ब्राजील की भी खोज करता है।

[19:29] कैब्रेल को भेजा गया कि जाओ जाओ जाओ।

[19:33] माल लेकर आओ। बहुत फायदा हो रहा है। बहुत

[19:35] फायदा हो रहा है। कैब्रेल जाते हैं। यह भी

[19:37] माल लेकर आते हैं। तो आपसे यह क्वेश्चन

[19:40] पूछता है सेकंड पोर्तुगीज़ कौन था जो भारत

[19:42] आया था? तो आपको कैबरेल आया था 1500 में।

[19:46] फिर आपको वास्कोडिगामा आता है और इस बार

[19:50] कोई रिक्वेस्ट वगैरह नहीं कर रहा है वो कि

[19:53] हमको दे दीजिए ना सामान। कहा कि चुपचाप

[19:55] सामान दो लोड करो। हमको निकलना है। टाइम

[19:57] नहीं है पलवेल निकलना है। जल्दी करो।

[20:00] वास्कोडिगामा

[20:02] 1502 में फिर आता है फिर करता है। अब इन

[20:06] लोग को क्या हुआ कि व्यापार कर ही रहे हैं

[20:09] तो क्यों ना यहां पर अपना एक छोटा

[20:11] फैक्ट्री डाल दे एक गोडाउन डाल दे और एक

[20:15] आदमी रख दे कि पहले से ही गोडाउन में माल

[20:19] हो। फैक्ट्री माल हो वहां से हमारा शिप आए

[20:22] और शिप में लोडिंग हो और चल जाए। है कि

[20:24] नहीं? आसान है। अब मान लो आप बराबर पटना

[20:27] से बंबई जो है व्यापार कर रहे हो बराबर।

[20:29] ठीक। और आप बार-बार जा रहे हो वहां से

[20:33] उससे अच्छा कि एक आदमी वहां रख दो ऑफिस

[20:34] खोल दो कि आपका गया माल आपको वो क्या

[20:37] किया?

[20:39] लोड किया और आप माल को लेते आए। सेम चीज

[20:42] यहां पर हुआ। इसलिए इन लोगों ने क्या

[20:43] किया? पहली फैक्ट्री आपको ये क्वेश्चन

[20:46] [गला साफ़ करने की आवाज़] आता है ये सब

[20:47] पीवाईक्यू है। ये सब पीवाईक्यू है। ये

[20:51] पूरे बोर्ड में मटेरियल सब पीवाईक्यू है।

[20:53] ध्यान रखिएगा। और फिर सेकंड फैक्ट्री

[20:55] कन्नूर। ये सब कोचिंग में है, केरला में

[20:57] है। अब इनको नीड होता है कि एक काम करते

[21:00] हैं वहां पर एक अपना आदमी रख लेते हैं। तब

[21:03] से अच्छा है। जी हां, अल्बूकर को भी लाया

[21:05] गया था। अल्बुकर का थोड़ा सा तार छोड़ा

[21:08] हुआ रहता था। गुस्से वाला व्यक्ति था।

[21:11] तुरंत अटैक कर देता था।

[21:14] ठीक है? तुरंत अटैक कर देता था।

[21:33] हां अब हम लोग आते हैं। अब यहीं से कहानी

[21:36] स्टार्ट होती है कि सुनो भाई थोड़ा सा जाओ

[21:39] तो तो सबसे पहला इसीलिए फ्रांसिसो डी

[21:42] अल्मीडा इंपॉर्टेंट हो जाते हैं।

[21:45] फ्रांसिसो डी अल्मीडा इंपॉर्टेंट हो जाते

[21:48] हैं। ठीक है? एक मिनट रुकिए तो मैं एक बार

[21:50] पूछता हूं कि भाई ऐड का

[22:36] क्लियर? चलिए अब अलमीडा को यहां पर क्या

[22:39] किया गया? भेजा गया कि जाओ भाई। इसीलिए

[22:41] अलमीरा इजेंट। इसीलिए अरे आज पेड में कोई

[22:45] भी क्लासेस नहीं है। मैं यहां पर हूं तो

[22:46] कैसे क्लासेस हो सकता है? कॉमन सेंस की

[22:48] बात कीजिए ना। हो सकता है टीम लगा दी हो

[22:50] भूल गई हो।

[22:57] फ्रांसिसो डी अल्मेडा

[23:00] 1505 से 1509 में आया। इसीलिए आपसे

[23:03] क्वेश्चन पूछता है।

[23:05] ठीक है?

[23:07] इसीलिए क्वेश्चन आपसे पूछता है कि पहला

[23:10] पोर्तुगीज़ गवर्नर कौन था? हु वाज़ द फर्स्ट

[23:14] पोर्तुगीज़ गवर्नर? तो फर्स्ट पोर्तुगीज़

[23:17] गवर्नर जो था वो यही अल्मीडा था। और यह

[23:21] क्वेश्चन आप लोगों से हमेशा पूछता है। यह

[23:24] क्वेश्चन आप लोगों से हमेशा पूछता है। ठीक

[23:27] है? ध्यान रखिएगा।

[23:30] इसने एक नीति अपनाई। इसको दो दो चीजों के

[23:33] लिए भेजा गया था कि सुन अलमीडा कह बोलिए।

[23:36] एक तो हम लोग का वहां पर व्यापार अच्छा

[23:38] होना चाहिए। और जितने भी आसपास है ना सबसे

[23:39] अच्छा से दोस्ती रखो। कोई दिक्कत होगा तो

[23:41] बताना।

[23:43] और उस एरिया में यह एस्टैब्लिश करो कि

[23:47] अरेबियन सी हमारे एरिया में आओ।

[23:50] कहा कि लेकिन लोकल है। अरे लोकल को मैनेज

[23:52] करो। इसीलिए तो भेज रहे हैं तुमको।

[23:54] अल्मीडा गए तो उन्होंने एक पॉलिसी अपनाई

[23:57] ब्लू वाटर पॉलिसी। इसीलिए ये ये भी

[24:00] पीवाईक्यू है।

[24:03] ब्लू वाटर पॉलिसी पे इन्होंने एक नीति

[24:07] अपनाई।

[24:08] शांत जल की नीति। इनका कहना है कि आप

[24:12] व्यापार कीजिए। कोई दिक्कत नहीं है। काली

[24:15] मिर्च और बारूद का व्यापार मत कीजिएगा।

[24:19] ठीक है? काली मिर्च और बारूद का व्यापार

[24:23] मत कीजिएगा और हमसे क्या ले लीजिएगा?

[24:25] परमिशन। इसी को इन लोगों ने कहा कार्टेज

[24:28] पद्धति।

[24:31] कार्टेज पद्धति कहा।

[24:34] लेकिन आपको क्या लगता है कि सब इतना आसानी

[24:36] से व्यापार करने देंगे? नहीं। समस्या यही

[24:40] आती है। किसको लॉस हो रहा था? लॉस हो रहा

[24:44] था अरेबियन व्यापारियों को। अरेबियन

[24:48] व्यापारी को हो रहा था ना और यहां पर

[24:50] अरबियन व्यापारी आपको इजिप्ट को देते थे।

[24:54] मिस्र को माल देते थे। इनका धंधा मिस्र के

[24:57] साथ चलता था रेगुलर।

[24:59] पोर्तुगीज़ के आने से यह लॉस में गया।

[25:02] तो अरेबियन व्यापारी कहे कि सुनो भाई यह

[25:05] पोर्तुगीज़ जो है यह तो हम लोग को परेशान

[25:08] कर देगा। कि बात तो सही है। तो यहां पर यह

[25:11] क्या करते हैं? जाते हैं गुजरात।

[25:17] और कहते हैं कि आप लोग हमारी हेल्प कीजिए।

[25:21] हमारे साथ इजिप्ट के भी किंग हैं मामलू।

[25:23] मामलूक का मतलब वहां पर वंशी था, गुलामी

[25:25] था और हम भी लोग। इन लोगों ने क्या किया?

[25:28] यानी अरबियन प्लस इजिप्ट प्लस गुजरात।

[25:32] अरब,

[25:34] इजिप्ट मतलब मिस्र और गुजरात। यह तीनों ने

[25:39] मिलकर एक सेना बनाई जिसको कहा जाता है

[25:43] कंबाइंड मुस्लिम। आपको

[25:46] ठीक है ध्यान रखिएगा

[25:49] ऑफ करवा दिया हूं ऐड आप लोग का ऐड काफी

[25:53] मतलब मुझे यहां भी दिख रहा था काफी ठीक है

[25:56] मुस्लिम सेना अब इन्होंने छेड़ा युद्ध

[25:59] किसके साथ पोर्तुगीज के साथ पोर्तुगीज को

[26:02] लीड कौन कर रहे थे अल्मीडा और उनके बेटा

[26:05] यह लड़ाई कहां हुई यह लड़ाई आपको हुई

[26:10] टॉल में यहां पर एक जगह है चोल

[26:16] इसीलिए चोल की लड़ाई काफी इंपॉर्टेंट है।

[26:21] यह किसके-किस के बीच हुई? तो यह संयुक्त

[26:24] मुस्लिम सेना वर्सेस पोर्तुगीज।

[26:28] अल्मीड बहुत रेडी थे नहीं। अलमीड को लगा

[26:31] ठीक है चलाएगा। लेकिन इन्होंने सरप्राइज़

[26:33] दिया अलमीड को कि कैसा लगा मेरा

[26:36] सरप्राइज़? और चोल की लड़ाई में ये लोग

[26:39] हार गए। पोर्तुगीज हार गए। अब जैसे ही

[26:43] पोर्तुगीज हारे

[26:46] इनका थोड़ा सा वर्चस्व बढ़ गया कि अरे वाह

[26:48] हम लोगों ने हरा दिया।

[26:52] पोर्तुगीज के साथ एक नुकसान हुआ। क्या

[26:55] नुकसान हुआ? अल्मीडा का बेटा मारा गया। जल

[27:00] की लड़ाई में अल्मीडा का बेटा मारा गया।

[27:08] इसी ने आपको श्रीलंका आपको और मालदीव के

[27:11] रास्ते की खोज की थी। अब अल्मीडा बदला

[27:15] लेना चाह रहा है। अल्मीडा का आगे छोड़ेंगे

[27:18] नहीं। हां लोरें डी अल्मीडा उसका बेटा था।

[27:21] वो मारा गया।

[27:24] यस।

[27:26] क्लास कुछ भी नहीं रुक रहा है। भाई आप लोग

[27:28] अपना रिफ्रेश कीजिए। मैं भी तो यहां साफ

[27:30] देख रहा हूं ना।

[27:32] कोई क्लास नहीं रुक रहा है। मुझे भी तो

[27:35] क्लियर दिख रहा है। साफ-साफ रुकता तो मैं

[27:37] आपको बताता ना।

[27:41] जबरदस्ती का क्लास स्टक हो रहा है। क्लास

[27:43] स्टक हो रहा है। कुछ पाने के लिए कुछ खोना

[27:47] पड़ता है। वाह रे वाह। इतना ज्ञान कहां से

[27:49] आ गया आप लोग को? अब अल्मीडा यहां पर

[27:52] लड़ाई करता है। तो इसी को कहते हैं 1509

[27:54] का ह्यू की लड़ाई।

[28:02] और द की लड़ाई में इन्होंने क्या किया?

[28:04] संयुक्त मुस्लिम सेना को पटक के मारा। अब

[28:07] यहीं पर इन लोग का खत्म। तब वर्चस्व खत्म।

[28:12] संयुक्त सेना को पराजित कर दिया। अब

[28:14] अल्मीडा यहां पर व्यापार करने लगा।

[28:16] हालांकि इसका पंगा इधर चला था। लोकलों से

[28:18] भी चला। थोड़ा सा कोचीन वगैरह से भी चला।

[28:21] लेकिन अलमीडा ने दो-तीन चीजों पर काम कर

[28:23] दिया। एक तो था कि जो अरेबियन आपको यहां

[28:25] पर ट्रेडर्स थे उनका सफाया कर दिया। एक

[28:29] तरह से कहिए कि इनडायरेक्ट रूप से

[28:31] इन्होंने वर्चस्व स्थापित कर दिया इसका।

[28:34] इसके बाद एंट्री होती है

[28:36] [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़]

[28:39] अलबुकर की। ये सब वही लिखा हुआ है जो

[28:41] मैंने आपको बताया। अल्मीड की लोरेंगोट

[28:43] अल्मीडा की मृत्यु हो गई। ये सब आप लोग को

[28:45] नोट्स में होगा। कहां पर नोट्स मिलेगा?

[28:48] पिन किया हुआ है आप लोग को Telegram यह

[28:50] यहीं पर फ़ कमेंट बॉक्स में वहां पर

[28:53] मिलेगा। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[28:56] अल्मीडा आते हैं अल्बकर्क

[28:59] अल्फांसो डी अल्बुकरर्क। अल्फांसो आम का

[29:02] नाम सुने हैं? इन्हीं के नाम पे अल्फांसो

[29:04] रखा गया था। इसको कहा जाता है

[29:09] रियल फाउंडर ऑफ पुर्तगीज़ इन इंडिया।

[29:14] भारत में पुर्तगालियों का वास्तविक

[29:16] संस्थापक अल्बुकर्क को ही कहा जाता है।

[29:20] ब्लू वाटर पॉलिसी का मतलब सिंपल सा होता

[29:22] है। शांत जल की नीति मतलब कि आपको व्यापार

[29:25] करना है कीजिए। हमसे एक परमिशन ले लीजिए।

[29:27] उसी को ये लोग कार्टेज पद्धति कहते थे।

[29:29] कार्टेज आपको यहां पर वो कहते थे। इनका

[29:33] मतलब था कि हमको लड़ाईवड़ाई नहीं करना है।

[29:35] बस दैट्स इट। आपको लेना है आप ले लीजिए।

[29:39] ठीक है? अलबुकर को क्यों कहा जाता है?

[29:42] आपको रियल फाउंडर 1503 में आया था। यह

[29:45] लड़ाईवड़ाई किया। अलमीडा के साथ भी इसका

[29:47] पंगा हुआ था। अलमीड ने इसको भगा देके भाग

[29:49] यहां से। लेकिन नौ में आया था यह एज ए

[29:53] गवर्नर के रूप में। यह नौ में कहां पर आया

[29:56] था? गवर्नर के रूप में। अब इसको यह

[29:58] क्वेश्चन पीवाईक्यू है। यह क्वेश्चन कई

[30:00] बार आता है कि हु वाज़ द रियल फाउंडर ऑफ

[30:02] पोर्तुगीज़ इन इंडिया? तो, यह पीवाईक्यू कई

[30:05] बार का है।

[30:07] सबसे पहले इसने क्या किया?

[30:12] साम्राज्यवाद कहा जाता है ना कि भारत में

[30:14] पहला ऐसा कौन सा शासक था जिसने

[30:16] साम्राज्यवाद की नींव डाली? तो यही था।

[30:19] इसने अपने शासन को फैलाना शुरू कर दिया।

[30:23] इसने अपने शासन को फैलाना शुरू कर दिया।

[30:28] धीरे-धीरे धीरे इसने एक पॉलिसी अपनाई।

[30:30] जानते हैं क्योंकि इसके दिमाग में यह था

[30:34] कि

[30:35] मैं बहुत सैनिक तो नहीं ला सकता पुर्तगाल

[30:37] से। पुर्तगाल भी ऐसा नहीं था कि बहुत बड़ा

[30:40] कंट्री है। इसने सोचा कि हम अपने सैनिकों

[30:44] को कैसे यहां पर बनाएं? मतलब लोगों के बीच

[30:46] अपना विश्वास कैसे करें? तो इसने एक

[30:49] पॉलिसी अपनाई। पॉलिसी का क्या नाम था कि

[30:51] अपने जो सोल्जर्स जो थे उसको कहा कि सुनो

[30:56] यहां के लोकल जो स्त्रियां हैं, लड़कियां

[30:59] हैं उनसे विवाह करो। आपको भी पता है कि

[31:02] भारत में या कहीं भी विवाह एक व्यक्ति और

[31:05] महिला और पुरुष का विवाह का मतलब केवल

[31:07] उनका विवाह नहीं होता है। बल्कि दो

[31:10] परिवारों में संबंध बनते हैं। अब मान

[31:13] लीजिए [गला साफ़ करने की आवाज़] इनका देखो

[31:15] कितना तेज दिमाग लगा। ये आपको मान लीजिए

[31:17] लड़की है। ठीक है?

[31:20] है ना? लड़की है। यह लड़का है। यह सिपाही

[31:24] है टोपी पहनकर।

[31:26] ठीक है? अब इसके साथ विवाह हुआ। अब इसके

[31:28] साथ इसका भाई

[31:30] भाई तो होगा ही फादर होगा। अब जैसे ही इस

[31:34] पोर्तुगीज के साथ इसका विवाह होगा

[31:38] इसके लिए दामाद बन जाएगा।

[31:41] इन लोगों के लिए यह दामाद बन गया। अब पता

[31:43] ही होगा कि भारत में दामाद की क्या इज्जत

[31:46] है। दामाद का मतलब साक्षात भगवान जी आए।

[31:50] हट दामाद जी को करने दो। हट दामाद जी को

[31:53] करने दो। तो भैया सैनिक लोग दामाद बन गए।

[31:57] अब भाई भी उसका सपोर्ट देखिए दिमाग कितना

[32:00] लगाया उसने

[32:02] एक केवल अपने सैनिक का विवाह कराकर उसने

[32:06] पूरे परिवार का सपोर्ट ले लिया और यही

[32:09] कारण था कि इसके भाई फादर सब और कई लोग

[32:11] क्या हुए सेना में भर्ती होने लगे भारतीय

[32:14] भी पोर्तुगीज में सेना में भर्ती होने लगे

[32:19] और इस प्रकार से इसने इस नीति को फोकस

[32:22] किया और बहुत सक्सेसफुल नीति रहा इसका

[32:26] और यही नहीं अब क्या बोले ये जैसे इसने

[32:28] विवाह कर लिया अब इन लोग को क्या करें कि

[32:30] सुनो ना तुम लोग ईसाई बन जाओ ना क्योंकि

[32:34] जो पोप थे उन्होंने कहा था कि तुमको

[32:36] ईसाईकरण करना है मतलब लोगों को क्रिश्चियन

[32:39] बनाना है और यही काम आपको अल्बुकर करने

[32:42] लगा और क्रिश्चियन बनाने लगा। हालांकि यह

[32:45] इसकी नीति आगे जाकर बहुत नुकसान पहुंचाती

[32:47] है। बट यह काम तो करने लगा अल्बूकर। तो

[32:50] अल्बुकर से दो तीन प्रश्न पूछे जाते हैं।

[32:52] पहला तो यह कि किसने आपको वास्तविक

[32:54] संस्थापक किसने लोकल आपको अपने महिलाओं से

[32:57] सैनिकों का विवाह कराया। इसके बाद इसने

[33:00] क्या किया? बीजापुर का शासक था आदिल शाह।

[33:03] इसको चाहिए था गोवा।

[33:07] इसने इसको लड़ाई की आदिल शाह को और गोवा

[33:09] पर अधिकार कर लिया। ध्यान रखिएगा

[33:10] इंपॉर्टेंट है। इसने जस्ट गोवा पर अधिकार

[33:14] किया। गोवा को एज ए कैपिटल बनाया।

[33:17] पोर्तुगीज कैपिटल बनाया नीनो डीकुहा ने

[33:22] दो क्वेश्चन पूछता है दो क्वेश्चन पूछता

[33:25] है कि किसने टूक ओवर किया मतलब गोवा पर

[33:29] अपने अधिकार को किसने किया तो अलबुकर बट

[33:32] सेकंड अगर क्वेश्चन आ गया कि किसने इसको

[33:36] पोर्तुगीज़ कैपिटल बनाया

[33:39] यूसुफ आदिल शाह का नाम था तो पोर्तुगीज़

[33:41] कैपिटल नीनहो डी कुन्हा के द्वारा बनाया

[33:43] गया युसुफ था इसका नाम ठीक है तो यह ध्यान

[33:45] रखिएगा इसके बाद इसने 151 11 में मलक्का

[33:48] पर अधिकार किया।

[33:50] कहां पर? आप समझिए अल्बूकर्क ने क्या

[33:54] किया? यहां पर भी अधिकार कर लिया 1511

[33:58] में। और आज होरमू जो इतनी चर्चा में है

[34:00] यहां पर 1515 में अधिकार कर लिया। अब

[34:03] सोचिए इस रूट की जानकारी केवल इनको यहां

[34:06] पर अधिकार, यहां पर अधिकार। अब समझ रहे

[34:08] हैं कोई दूसरा अब आएगा ही नहीं।

[34:14] स्टेट ऑफ हॉर्मोस पर अधिकार, स्टेट ऑफ

[34:16] मलक्का पर अधिकार और सी रूट से तो यह लोग

[34:19] काम करते ही थे। कोई दूसरा नहीं है। है

[34:23] ना? और इस प्रकार से अलबुकर्क बहुत तेजी

[34:27] से प्रसार करने लगा और अपने साम्राज्य को

[34:29] बहुत तेजी से फैलाने लगा। बहुत तेजी से

[34:31] अपने साम्राज्य को वह क्या करने लगा?

[34:33] फैलाने लगा। और यही कारण है कि आज जो आप

[34:36] पोर्तुगीज का प्रभाव देखते हैं ना उसमें

[34:38] एक बहुत बड़ा क्रेडिट जाता है अलबुककर को।

[34:45] क्लियर

[34:48] कंगना

[34:51] पीडीएफ पढ़ लीजिएगा तब ना मिलेगा पहले से

[34:54] ही पीडीएफ दे दे पढ़ लीजिए बैठ जाइए थोड़ा

[34:57] सा तब ना पीडीएफ मिलेगा आप लोग को पीडीएफ

[35:02] कहां मिलेगा कमेंट में है

[35:05] हां लास्ट में ही मिलेगा एक बिल्कुल

[35:08] बिल्कुल लास्ट में मिलेगा चलो

[35:12] सबसे पहला शासक जिसने सती प्रथा पर पाबंदी

[35:15] लगा दी। यह भी क्वेश्चन आया हुआ

[35:18] यूपीपीसीएस ने पूछा था। कैसे क्वेश्चन को

[35:20] घुमाया था कि सती प्रथा पर सबसे पहले

[35:24] पाबंदी किसने लगाई? ऑप्शन में अकबर,

[35:27] अल्बूकर्क।

[35:29] भाई अल्बूकर्क। अल्बूकर्क अकबर के बहुत

[35:32] पहले आया था।

[35:34] अकबर तो 56 में अच्छे तरीके से यहां पर

[35:37] इस्टैब्लिश हुआ। 1500 तो अलबुकर्क वाज द

[35:41] राइट आंसर। ठीक है जय विजय बहुत बढ़िया है

[35:44] आप तो ध्यान रखिएगा सती जब इसने देखा ना

[35:47] कि यार यह कैसा रूल है

[35:50] महिलाओं को माइंड वाश किया जा रहा है कि

[35:52] जाओ तुम भी चिता में कूद जाओ

[35:55] इसने पाबंदी लगा ली ना और जानते हैं इसका

[35:58] विरोध भी हुआ है कि तुम हमारे क्यों

[35:59] इंटरफेयर कर रहे हो

[36:03] ठीक है

[36:05] चलिए

[36:07] तो ये बहुत इंपॉर्टेंट सर आज करंट अफेयर

[36:09] की क्लास नहीं होगी नहीं होगी अभी मैं एक

[36:12] वहां यहां पर अभय सर को भेज देता हूं। आप

[36:14] लोग करंट का क्लास भी लेंगे और अभय सर

[36:16] यहां पर लेंगे।

[36:18] तो दोनों क्लासेस कीजिए।

[36:22] अभय सर उधर, अभय सर इधर। अब इनके बारे में

[36:25] एक ही क्वेश्चन पूछता है कि भैया गोवा को

[36:28] राजधानी किसने बनाई?

[36:30] हु मेड गोवा? द कैपिटल

[36:33] निनोडिकुना। दैट्स इट। और इनसे कोई दूसरा

[36:37] क्वेश्चन नहीं पूछता है। यही एक सिंपल

[36:40] क्वेश्चन पूछता है। इसके बाद आते हैं

[36:42] गार्सिया द नारोना। इनके समय दमन द्वीप,

[36:46] सालसेट, गोवा, टोल मैक्सिमम जगहों पे

[36:50] पोर्तुगीजों का अधिकार हो गया। मैक्सिमम

[36:54] जगह पे पोर्तुगीजों का अधिकार हो गया।

[36:58] और पोर्तुगीज हिंद महासागर के स्वामी बन

[37:01] गए। पोर्तुगीज जो है हिंद महासागर के

[37:06] स्वामी बन गए।

[37:11] सोचिए पुर्तगालियों ने 100 साल तक अकेले

[37:14] राज किया। कोई बहुत पैसा कमाया भाई

[37:17] पुर्तगाली। बहुत पैसा कमाया है। तो आप

[37:19] कहिएगा कि सर क्यों है? तो इसमें और कुछ

[37:22] इंपॉर्टेंट पॉइंट्स हैं। जहां से क्वेश्चन

[37:24] अराइज़ होता है अबाउट पुर्तगीज़। पहला

[37:27] क्वेश्चन है कि मुगलों किस मुगल राजा के

[37:29] समय पोर्तुगीजों की टक्कर हुई थी मुगलों

[37:32] से? तो जहांगीर के समय हुई थी।

[37:35] तब जहांगीर जो है ना जहांगीर थोड़ा सा

[37:38] बहकावे में आ जाता था। तो जहांगीर के समय

[37:41] फर्स्ट टाइम ध्यान रखिएगा आपको पोर्तुगीज़

[37:44] वर्सेस मुगल हुआ था। शाहजहां वाला

[37:48] इंटरेस्टिंग। यह पता नहीं बीपीएससी क्यों

[37:49] पूछता है? उसको एकदम इसमें बहुत वो है।

[37:53] बीपीएससी नहीं इसको क्वेश्चन को कम से कम

[37:55] तीन से चार बार पूछ चुका है। ठीक है?

[37:58] बीपीएससी इस क्वेश्चन को तीन से चार बार

[38:00] पूछ चुका है। क्यों पूछता है पता नहीं।

[38:04] शाहजहां के काल में क्या हुआ? समझिएगा।

[38:06] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[38:11] शाहजहां के काल में क्या हुआ?

[38:14] कि पोर्तुगीज को इन्होंने छूट दिया

[38:16] व्यापार का। पोर्तुगीज बनने लगे हीरो

[38:20] बंगाल में ये लोग अपना करने लगे हुगली में

[38:23] यह लोग पता है हुगली से नाव पकड़ते थे

[38:26] गंगा फिर पटना आते थे व्यापार करते थे

[38:30] तो व्यापार भी करते थे मैं बिहार स्पेशल

[38:33] का जब पढ़ाऊंगा कराऊंगा ना मैराथन तो

[38:36] अब हुआ क्या कि ये लोग इंटरफेयर बहुत

[38:38] ज्यादा करने लगे वो लोकल जो ट्रेडर्स होते

[38:41] थे ना उनको परेशान करने लगे। यह बात

[38:43] शाहजहां को पता चला कि पोर्तुगीज़ बहुत

[38:46] ज्यादा इंटरफेयर करते थे।

[38:48] शाहजहां ने एक दो बार वार्न किया कि भैया

[38:50] मत करो। उन्होंने बंगाल के गवर्नर से भी

[38:52] कहा कि जाओ थोड़ा सा पोर्तुगीज को समझाओ।

[38:54] कहा कि ना पोर्तुगीज समझने वाले ही नहीं

[38:57] है। ताजहां एक दो बार हुआ। एक बार की घटना

[39:01] है। एक बुक में पढ़ रहा था कि पोर्तुगीजों

[39:05] ने क्या किया? उस जहाजों को बंदी बना

[39:08] लिया। और उस जहाज में मुमताज की जो पर्सनल

[39:13] वह नहीं होती थी केयरटेकर वह लोग थी

[39:17] मुमताज की सोचिए शाहजहां जिसके लिए बनाया

[39:21] तो कहा जाता है कि पर्सनल केयरटेकर थी अब

[39:25] भाई बात आ जाता है रानी के रानी बोली

[39:30] होंगी हैं ताजहां पर्सनल केयरटेकर तो

[39:33] संभाल नहीं रहा है ताजहां कहा जाता है कि

[39:38] इस बात पता चली कि इसने जहाजों को बंदी

[39:40] बना लिया। नमक जो टैक्स है, साल्ट टैक्स

[39:43] है, उस पर यह छेड़छाड़ कर रहा है। अन्य

[39:45] व्यापारियों पे बातें ही नहीं मान रहा है।

[39:47] शाहजहां ने क्या किया? बंगाल के गवर्नर से

[39:50] कहा कि जाओ इन लोग पे अटैक करो। तो अब

[39:52] जैसे ही इन लोग पे अटैक करता है ये लोग

[39:54] भागते हैं वहां से। माफी मांगते हैं कि

[39:57] माफ कर दो भाई। गलती हो गया। और इसी का

[40:01] फायदा अंग्रेज उठाते हैं। जब शाहजहां ये

[40:04] क्वेश्चन बीपीएससी ने कई बार पूछा है।

[40:06] ध्यान रखिएगा। दो-तीन क्वेश्चन इससे पूछता

[40:08] है ताज किसने अटैक किया था? तो शाहजहां ने

[40:11] कब किया था यहां पर? किस पर किया था?

[40:13] पुर्तगालियों पे किया था। अंग्रेज आएगा ना

[40:15] तो अंग्रेजों पे इसी तरीके का एक अटैक

[40:17] किया था औरंगजेब ने। अभी बताऊंगा आप लोग

[40:19] को। ठीक है? एक अटैक औरंगजेब ने किया था

[40:23] अंग्रेजों का। वो बताऊंगा।

[40:24] [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़]

[40:26] शाहजहां जो है भगाते और इसी का फायदा

[40:29] अंग्रेज उठाते हैं। अंग्रेज अरे भाई

[40:30] पुर्तगाली भाग गए। चलो चलो अपना फैक्ट्री

[40:32] बनाओ। और धीरे-धीरे धीरे-धीरे अंग्रेज

[40:34] वहां पर अपना अपने को इस्टैब्लिश करने लगे

[40:37] और 1650 से आज तक आते-आते उन्होंने अपनी

[40:40] वहां पर फैक्ट्री बना ली। मतलब इस लड़ाई

[40:42] का बहुत फायदा अंग्रेजों को मिला। ठीक है?

[40:44] ठीक है? तो ये क्वेश्चन बीपीएससी पूछता

[40:46] है। इसके बाद एक घटना होती है। ये बहुत

[40:49] घटना नहीं है। 68 की बात है। 1668 की बात

[40:52] है। ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय जो

[40:55] हैं पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन से विवाह

[40:58] होता है। अब हुआ कि भाई विवाह किए कुछ

[41:01] गिफ्ट में दीजिए। पोर्तुगीज को कहा गया

[41:03] कुछ दो। कहा क्या चाहिए? तो कहा जाए बंबई

[41:07] जो है ना दे ना दो। सोचिए वह बंबई जिस पर

[41:11] हम लोग नाच करते थे। कई लोग दहेज में ले

[41:13] रहे हैं, दे रहे हैं। तो 1668 में

[41:20] बंबई जो है पुर्तगालियों ने ध्यान रखिएगा

[41:23] इस चीज को ध्यान रखना सभी लोग।

[41:25] पुर्तगालियों ने किसको दिया?

[41:28] ब्रिटेन को दिया। किसको दिया? ब्रिटेन को

[41:30] दिया।

[41:32] ब्रिटेन ने कहा कि ठीक है 10 पाउंड में हम

[41:35] लोग क्या करते हैं? इन्होंने ईस्ट इंडिया

[41:36] कंपनी को दिया।

[41:39] अब आपसे क्वेश्चन पूछ देगा।

[41:43] ईस्ट इंडिया कंपनी जो है

[41:46] उसको बंबई कहां से मिला है? तो आंसर होगा

[41:50] ब्रिटेन से मिला था। अगर आपके ऑप्शन में

[41:53] पोर्तुगीज़ भी है। आपके ऑप्शन में यूके भी

[41:55] है तो क्या आंसर होगा? यूके।

[41:58] एस फॉर एग्जांपल फ्रांस ने कुछ भारत को

[42:02] दिया। भारत ने कुछ Reliance को दे दिया।

[42:05] तो आपसे क्वेश्चन पूछेगा कि X जो है

[42:07] Reliance को किससे प्राप्त हुआ है? हम

[42:09] कहेंगे ना भारत सरकार दिया है। सेम चीज

[42:12] यही है। कई बार कंफ्यूजन हो जाता है।

[42:16] ठीक है?

[42:18] कई बार कंफ्यूजन हो जाता है। तो अगर ऑप्शन

[42:21] में पोर्तुगीज़ और या ब्रिटेन में से दोनों

[42:24] हो तो ब्रिटेन मारना है। और आपसे क्वेश्चन

[42:26] यह पूछेगा कि भैया बताओ

[42:31] ब्रिटेन को किससे मिला है? तो कहिएगा हां

[42:33] सराहना ईयरली। अरे मतलब एक नाम का पैसा

[42:36] लिया। इनको तो अपने ईस्ट इंडिया कंपनी को

[42:38] अपना एस्टैब्लिश करना था। उन्होंने कहा

[42:40] देखो उसको कोई मतलब नहीं होता था ब्रिटेन

[42:42] से। ब्रिटेन कहता था कि पैसा वैसा मिलेगा

[42:44] ना टैक्स दोगे ना हुआ था हां देंगे। ठीक

[42:48] है।

[42:50] ठीक है? ऑक्सडा इनके द्वारा किया गया था।

[42:52] हां, पहले सालसेट एरिया कहलाता था।

[42:57] इसके बाद अल्फांसो डी अल्बुकर की मृत्यु

[43:00] कहां हुई? गोवा हुई। यह सब इंपॉर्टेंट

[43:02] फैक्ट्स [गला साफ़ करने की आवाज़] हैं।

[43:02] ध्यान रखिएगा।

[43:04] कहां हुई? गोवा।

[43:07] पुर्तगालियों ने तंबाकू, आलू, मूंगफली

[43:09] बताइए। तो आलू सबसे पहले किस मुगल शासक के

[43:12] द्वारा खाया गया था? मतलब माना जाता है

[43:14] आलू सबसे पहले किसके द्वारा खाया गया था?

[43:17] माना जाता है। ठीक है? पपीता, अमरूद ये सब

[43:19] लाया था। अन्य देशों से बादाम, लीची,

[43:21] संतरा, अनास, काजू वगैरह सब आपको यहां पर

[43:24] इन लोगों ने लाया था। पाइनएप्पल्स है ना

[43:26] ये सब

[43:31] क्लियर।

[43:33] इसके अलावा और यह जो अन्य फैक्ट है ना यह

[43:35] सब वीवीआई होता है। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[43:39] हां जी। सावले का लड़ाई हारा था। अकबर के

[43:43] द्वारा गोथिक क्या होता है? गोथिक आर्ट

[43:48] यहां देखो आप देखें चर्च देखें आप लोग।

[43:52] गोथिक आर्किटेक्ट दिख जाएगा।

[43:57] अरे भैया

[44:01] यह टाइप का जो नहीं है या फिर वीटी

[44:03] देखिएगा

[44:09] इस टाइप का जो नहीं आपको इंफ्रा होता है

[44:11] आर्किटेक्ट होता है इसी को गोथ कहते हैं।

[44:15] जैसे आप चर्च देख लो। चर्च मान लो। चर्च

[44:18] मान लीजिए। ठीक है?

[44:23] चर्च देखे हैं ना? वो गोथिक है। जैसे अपना

[44:26] आपको देखिएगा विक्टोरिया टर्मिनल जो है जो

[44:28] शिवाजी का नाम हो गया है। वह भी उसी

[44:30] प्रकार से बना हुआ है।

[44:31] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[44:32] तो यह भी पीवाईक्यू है कि किसके द्वारा

[44:34] लाया गया था? तो इन्हीं के द्वारा

[44:35] इंट्रोड्यूस किया गया था। ध्यान रखिएगा।

[44:37] प्रिंटिंग प्रेस सबसे पहले इनके द्वारा

[44:39] लाया गया था। 1563 में औषधीय वनस्पति से

[44:42] संबंधित इन्होंने पुस्तक भी लिखी मेडिकल

[44:43] प्लांट से संबंधित। टार्टेस पद्धति इनके

[44:46] द्वारा ही इंट्रोड्यूस किया गया था।

[44:48] [खांसने की आवाज़] और ब्लैक

[44:48] [गला साफ़ करने की आवाज़] पेपर और गन

[44:49] पाउडर को छोड़कर सभी चीजों को व्यापार का

[44:51] अधिकार था।

[44:55] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[44:55] ओके कोई समस्या नहीं वो क्या ही समस्या

[44:59] होगा अब इनके पतन का कारण अंतरराष्ट्रीय

[45:03] स्तर पर अब सोचो

[45:06] 100 साल तक अकेले राज कर रहे हैं अचानक से

[45:09] सब कंपनी आ गई

[45:12] इनके व्यापार पे इंपैक्ट पड़ेगा एकदम

[45:15] पड़ेगा पड़ने लगा

[45:17] इंपैक्ट पड़ने लगा एक तो वह नुकसान होने

[45:20] लगा दूसरा नुकसान क्या हुआ

[45:24] लड़ाईयां होने लगी। कभी मुगलों से लड़ाई

[45:26] हो रहा है, कभी अंग्रेजों से हो रहा है।

[45:28] सबसे लड़ाई हो रहा है। अंग्रेज नेवी में

[45:30] बहुत मजबूत। नेवी सिस्टम में अंग्रेज काफी

[45:33] मजबूत।

[45:34] तो वहां से परेशानी अलग।

[45:38] तो इनके साथ भी हो रहा है। ठीक है?

[45:43] तो अंग्रेज [गला साफ़ करने की आवाज़] से

[45:44] कमजोर, अन्य से लड़ाई, मुनाफा कम हो गया।

[45:47] तो इनको लगा ना कि चलो ठीक है। एक और बड़ी

[45:49] चीज क्या हुई थी कि इनको ब्राजील मिल गया

[45:52] था। ब्राजील यह है और यह पुर्तगाल से

[45:55] नजदीक था और ब्राजील भी एक बड़ा देश

[45:59] मिनरल्स रिसोर्स के मामले में रिच देश।

[46:04] अगर ओवरऑल मैं बात करूं कि किससे सबसे

[46:07] ज्यादा समस्या आई तो व्यापारिक कंपनियों

[46:10] से समस्या आने लगी और इनके पास उस तरीके

[46:13] की टेक्नोलॉजी वगैरह नहीं थी।

[46:25] क्लियर [गला साफ़ करने की आवाज़]

[46:32] आइए तो ये ये पूछा ये बस जस्ट नॉलेज के

[46:35] लिए बताया ईसाईकरण करना शुरू कर दिए

[46:38] न्यायालय बनाने लगे ब्राजील की खोज ये

[46:40] असली मुद्दा था ब्राजील मिल जाना

[46:42] प्रॉफिटेबल काफी था जाहिर सी बात है हां

[46:44] एक चीज़ थोड़ा सा ध्यान रखिएगा पुर्तगालियों

[46:47] को ही क्रेडिट जाता है जापान के साथ

[46:49] व्यापार का जापान के साथ जो ट्रेडिंग शुरू

[46:51] हुआ है ना वह क्रेडिट जाता है पोर्तुगीजों

[46:54] को ही कि पोर्तुगीजों ने ही सबसे पहले

[46:56] जापान के साथ ट्रेडिंग करना शुरू कर दिया

[46:58] था। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[47:03] अब डच नीदरलैंड

[47:06] पोर्तुगीज का खत्म।

[47:09] डच नीदरलैंड पे आते हैं। थोड़ा सा इसको

[47:11] मैं इसलिए बता रहा हूं।

[47:12] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[47:13] वॉइस तो अच्छा है यार। वहां पर साफ-साफ

[47:15] पता चल रहा है। कोई क्लास नहीं रुक रहा

[47:18] है।

[47:26] हेलो हेलो वॉइस तो ठीक है यार। वॉइस में

[47:28] कोई इशू नहीं है। चलिए

[47:31] डच कौन? आज का नीदरलैंड।

[47:34] ठीक है? आज का नीदरलैंड कहिए। पहले का

[47:37] हॉलैंड कहिए। वही लोग डच होते थे। मजबूत

[47:40] है। टेक्नोलॉजी में यह पोर्तुगीज़ से

[47:42] ज्यादा मजबूत। ना वह बहुत अच्छा से बनाने

[47:44] लगे। तो कहा जाता है कि डच कंपनियों ने

[47:46] कहा कि अरे भाई हम लोग को भी तो छूट

[47:50] दीजिए।

[47:52] हम लोग को भी छूट दीजिए। हम भी लोग जाकर

[47:54] क्या करेंगे?

[47:56] थोड़ा सा जाते हैं ईस्ट कंट्रीज में

[47:59] व्यापार करते हैं। डचों को छूट आपको पता

[48:02] है कि डचों को कहा गया कि डच के छोटे-छोटे

[48:04] कंपनी थे। उन लोगों ने वहां के

[48:06] पार्लियामेंट में आवाज उठाई और

[48:07] पार्लियामेंट में कहा गया कि ठीक है आप

[48:09] लोग एक कंपनी बनाइए और चल जाइए। और इसीलिए

[48:12] इन लोगों ने क्या किया? एक कंपनी बनाया।

[48:15] कई सारे कंपनियों को पैसा लगाकर लगभग 65

[48:18] लाख गिल्डर यह क्वेश्चन आता है। 65 गिल्डर

[48:22] वहां के रुपए को कहते थे। छ 1602 में

[48:26] कंपनी इस्टैब्लिश कर दी। ठीक है? 1602 में

[48:30] कंपनी एस्टैब्लिश कर दी गई। ओके?

[48:35] यस।

[48:37] दो-तीन चीजों को ध्यान रखिएगा। डच शुरुआत

[48:40] में एक ऐसी कंपनी थी जिसमें कई सारे

[48:43] कंपनियों ने पैसा लगाया और एक समझिएगा कि

[48:47] एक कंपनी बनकर एक जॉइंट वेंचर बनकर ये लोग

[48:50] आती है

[48:52] और वहां के संसद ने क्या कहा कि सुनो हमको

[48:55] चाहिए पैसा और तुमको हम दे रहे हैं शुरू

[48:58] का कुछ साल 21 साल के लिए इन्होंने बात

[49:01] की। कितने 21 ईयर के लिए इन्होंने बात कही

[49:03] कि तुमको देते हैं शुरू का 21 साल।

[49:07] तुम यहां पर अच्छे से काम करना। तुमको

[49:10] लड़ाई करना है। सोचिए एक जो है व्यक्ति

[49:15] मतलब कि सरकार दूसरे को कह रही है कि अगर

[49:18] तुमको लड़ाई कर कर भी जीतना है तो जीतो।

[49:19] सोचो तो इनको पूरा छोड़ दे दिया गया। ओपन

[49:22] हैंड दिया गया शुरू में कि 21 साल तुमको

[49:25] पैसा कमाना। तो ये लोग क्या करते हैं ना

[49:27] सबसे पहले सब कुछ हो गया। वीओसी है ना

[49:29] वरिंगदे ओस्तो इंडेक्स एक कंपनी जिसको

[49:32] वीओसी कहते हैं तो वीओसी कंपनी रिलेटेड टू

[49:35] डच जो कि आपको 1602 में हुआ 1602 में हुआ

[49:39] अब समझिएगा कि ये जाते कहां है डच यहां से

[49:43] आए

[49:51] ये लोग इंडोनेशिया जाते कहां जाते हैं

[49:54] इंडोनेशकि इंडोनेशिया में भी खूब आपको

[49:56] क्या है

[49:59] मसाला है। मसाला आपको है ना स्पसेस है। अब

[50:03] मसाला बहुत है। इनको मसाला चाहिए था। ये

[50:06] लोग सबसे पहले तो आपसे क्वेश्चन पूछता है

[50:08] कौन सा यूरोपीय कंपनी ने इंडोनेशिया को

[50:11] अपना कैपिटल बनाया। इंडोनेशिया को कैपिटल

[50:14] इन्हीं लोगों ने बनाया सबसे पहले और वहां

[50:16] से खूब मसाले लेने लगे। ब्लैक पेपर ये सब

[50:19] खूब यहां पर होता है। आज भी होता है। और

[50:22] इन्होंने क्या किया कि इंडोनेशिया के

[50:23] जकार्ता पे एक जगह सुमात्रा में वाटविया

[50:29] वाटविया को इन्होंने कैपिटल बनाया। ये

[50:31] वीवीवीआई पॉइंट है। तो फर्स्ट कंपनी जिसने

[50:36] इंडोनेशिया में वाटविया को अपना कैपिटल

[50:39] बनाया वो डच थे। ओके? और शुरू में जो लीड

[50:44] किया उसका नाम था कार्नेलियस हाउसमैन। तो

[50:47] कारनेलियस हाउसमैन वाज द फर्स्ट लीडरशिप

[50:50] लीडर ऑफ डच इन

[50:54] ईस्टर्न कंट्रीज इन द वर्ल्ड पूर्वी विश्व

[50:59] के

[51:00] डचों का जो नेतृत्व वाला पहला व्यक्ति था

[51:03] वो यही था हाउसमैन याद रखिएगा डच यहां पर

[51:08] व्यापार करने लगे बहुत प्यार से आराम से

[51:10] रहने लगे कब पहुंचते हैं ये लोग आपको 15

[51:15] 96 97 7 में पहुंच जाते हैं। दो चार साल

[51:19] व्यापार करते हैं मसालों के साथ

[51:21] इंडोनेशिया का। इन लोगों ने सुना था कि

[51:23] भाई

[51:25] भारत में कपड़ा बहुत है। इन्होंने क्या

[51:27] किया? यहां एक जगह है आंध्रा में

[51:29] मसूलीपत्तनम

[51:31] उसको राजधानी बनाई। आंध्रा में

[51:34] मसूलीपत्तनम को राजधानी बनाई पादर हेग ने।

[51:39] और यहां से ये लोग कपड़े का व्यापार शुरू

[51:41] कर दिए। तो आपसे यह भी क्वेश्चन पूछता है

[51:43] कि डचों के द्वारा पहली बार अब देखो ये

[51:46] बंगाल की खाड़ी में इन लोगों ने अपना

[51:48] प्रभाव जमाने लगा। रीजन क्योंकि अरब सी

[51:53] में जो सबसे ज्यादा प्रभाव जमाया था वो

[51:56] ब्रिट ये था पोर्तुगीज था। इनको लगा कि

[51:59] अरब सी में तो हम लोग नहीं कर सकते हैं।

[52:01] ठीक है?

[52:03] हम लोग यहां से करेंगे।

[52:07] और बंगाल की खाड़ी में अपना प्रभाव जमाना

[52:09] शुरू किया और चंद्रनगर के राजा के साथ इन

[52:12] लोगों ने एक ट्रीटी किया और पुलकिट में

[52:13] अपनी फैक्ट्री भी बनाई और डचों ने यहां पर

[52:16] अपने सिक्के पैगोड़ा भी करने लगा। ठीक है?

[52:23] अ सर गांधियन एरा से स्टार्ट कीजिए।

[52:26] गांधियन एरा भी आएंगे। देखिए दिक्कत क्या

[52:28] होता है ना कि

[52:31] गांधियन एरा हम लोग इतना पढ़ते हैं। एडीयू

[52:34] ने यही ना सरप्राइज किया। एडीओ क्वेश्चन

[52:37] आपको टफ क्यों लगा? क्योंकि सामान्यता आप

[52:40] लोग यह सब सेक्शन छोड़कर जाते हैं। गांधी

[52:42] नेरा से पढ़ते हैं। एडीओ ने इस सेक्शन से

[52:45] क्वेश्चन पूछ दिया।

[52:49] इसने इसी सब सेक्शन से तो क्वेश्चन पूछा।

[52:51] पुर्तगीज से क्वेश्चन पूछा। कुछ आपको

[52:53] इकोनॉमिक पॉलिसी से क्वेश्चन पूछा।

[52:55] कर्नाटिक वार से क्वेश्चन पूछा।

[52:59] तो बच्चे को लगा कि भाई ये टफ टफ नहीं

[53:01] होता।

[53:03] तो ये पढ़ लीजिए। जी अभी वहां भी जाएंगे

[53:05] डोंट वरी अभी पूरा अरे यार अभी तो एक घंटा

[53:07] भी नहीं हुआ है आप लोग का हां भाई सब कुछ

[53:10] हिंदी इंग्लिश दोनों में होगा ध्यान

[53:12] रखिएगा

[53:14] कासिम बज देखो जो पढ़ने में बहुत मजा आता

[53:16] है केवल उसी को मत पढ़ो

[53:19] ठीक है केवल उसी को पढ़िएगा तो यही समस्या

[53:22] हो जाती है ठीक है वहां से वीवीआई

[53:25] क्वेश्चंस होते हैं लेकिन एडीयू ने दिया

[53:27] ना सरप्राइज तो फिर

[53:32] तो इसलिए थोड़ा सा सब में थोड़ा सा रहना

[53:35] चाहिए। हम मैं ऐसा नहीं कि सब कुछ पढ़ाया

[53:37] हूं। पेड में इससे मैंने बहुत ज्यादा पढ़ा

[53:39] है। लेकिन मैं एक जो होता है ना

[53:42] इंपॉर्टेंट ब्रीफ करके चीजों को डाल रहा

[53:44] हूं ताकि यहां से अगर क्वेश्चन आए तो आप

[53:46] इसका आंसर डाल दोगे। उसमें कोई दिक्कत

[53:48] नहीं होगा। कासिम बाजार में इन्होंने एक

[53:51] रेशम की चक्की बनाई। मतलब कि एक कुछ सिल्क

[53:54] मिल जिसमें इन्होंने कई सारे लोकल्स जो है

[53:56] ना लोकल्स को जॉब दिए इन लोगों ने। यह भी

[54:01] वीवीआई है।

[54:04] यह क्वेश्चन आप लोग से पीवाईक्यू है। कहीं

[54:06] का नहीं बीपीएससी नहीं पूछा है। क्या पूछा

[54:08] है कि गुस्ताऊस फोर्ट का संबंध किससे है?

[54:11] तो गुस्ताउस फोर्ट आपको डचों का था।

[54:15] गुस्ताऊस फोर्ट किसका था भैया? डचों का

[54:17] था। ठीक है?

[54:21] गुस्ताऊस फोर्ट किसका था? डचों का था। और

[54:24] बहुत मजबूत किला था। कहां था? हुगली के

[54:27] पास। कहां था? हुगली। दो फैक्ट्री का नाम

[54:31] याद रखिएगा आप लोग। हुगली में एक का नाम

[54:34] है पिपली।

[54:37] एक का नाम है पिपली और दूसरे का नाम है

[54:40] गुस्तास

[54:42] पॉट।

[54:44] ये दोनों डचों का था। किसका था? डच का।

[54:49] यहां लिखा भी होगा। देखो और ये दोनों

[54:51] क्वेश्चन आप लोगों से पूछता है। कि डचों

[54:54] का हुगली में कौन-कौन से आपको यह थे।

[55:00] क्लियर? ध्यान रखिएगा।

[55:03] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[55:03] हां बिमलीपत्तनम बंगाल में नहीं है भाई।

[55:05] यह ध्यान रखिएगा। 1612 में दो लड़ाईयां

[55:08] हुई। एक लड़ाई हुआ ब्रिटिश वर्सेस

[55:11] पोर्तुगीज और दूसरा लड़ाई हुआ डच वर्सेस

[55:14] पोर्तुगीज। आपको पता है दोनों में

[55:15] पोर्तुगीज हारे।

[55:17] दोनों में पोर्तुगीज हारे। कोठी मतलब

[55:21] गोडाउन टाइप का गोडाउन।

[55:24] ठीक है?

[55:30] आगे बढ़ते हैं। देखो मैं अपने अकॉर्डिंग

[55:32] ही क्लास लूंगा। मैं चाहता तो आप लोग का

[55:33] क्लास स्टार्ट कर सकता था सीधा अ वहां से

[55:37] भी। लेकिन इसलिए यहां से किया हूं कि

[55:39] बच्चे ये सब पढ़ते ही नहीं हैं। इसलिए

[55:42] मैंने यहां से किया ताकि चीजों को रिकॉल

[55:44] आप लोगों को हो जाए। आप लोग सीधा पढ़ते

[55:45] हैं 1857 से। इसलिए मैंने जानबूझ के यहां

[55:49] से स्टार्ट किया हूं। एक सीक्वेंस वैसे भी

[55:51] पढ़ते हैं तो ज्यादा अच्छा लगता है। है

[55:53] ना?

[55:56] अब अंग्रेज आते। अब देखो अब डच कैसे

[55:58] पराजित होते हैं? डचों का खात्मा कैसे

[56:01] होता है? अभी आगे हम लोग देखेंगे इस चीज

[56:03] को। ठीक है? अब अंग्रेज आते हैं। अब सब

[56:06] आगे हैं तो अंग्रेज कैसे पीछे रह सकते थे।

[56:08] भाई अंग्रेजों ने भी कहा महारानी को। तो

[56:12] क्वेश्चन महारानी के नाम भी पूछता है कि

[56:15] कौन थी? तो आपको ऑप्शन मिलेगा एलिजाबेथ

[56:17] वन, एलिजाबेथ टू, विक्टोरिया वन,

[56:21] विक्टोरिया टू ऐसे एलिजाबेथ वन उस समय की

[56:27] महारानी थी।

[56:29] महारानी थी।

[56:32] उनसे कहा गया कि भाई सभी लोग

[56:37] व्यापार कर रहे। ईस्टर्न कंट्रीज में

[56:40] हमारे भी कंपनी के कई लोग चाहते हैं कि ये

[56:42] लोग व्यापार करें। हुआ कि ठीक है। तो 1599

[56:46] में एक कंपनी की स्थापना की गई। गवर्नर

[56:48] एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट ऑफ ट्रेडिंग इन टू

[56:51] ईस्ट इंडीज। यह 1599 भी रहता है और यह

[56:55] 1600 भी रहता है। दोनों रहता है। अब यह

[56:59] लोग मिलते हैं महारानी से और महारानी से

[57:03] मिलने के बाद यह लोग कहते हैं कि हमें भी

[57:06] आप दीजिए। तो महारानी ने कहा एक काम करो

[57:09] तुम लोग को मैं 15 साल के लिए ईस्टर्न

[57:12] कंट्रीज में व्यापार करने की अनुमति देती

[57:15] हूं। कितने साल के लिए? यह भी क्वेश्चन

[57:16] आता है 15 साल।

[57:18] नाम क्या है महारानी का? एलिजाबेथ।

[57:22] एलिजाबेथ के द्वारा 15 साल के लिए 31

[57:25] दिसंबर को एक चार्टर निकाला जाता है। मतलब

[57:28] कि एक इन्होंने नियम निकाला और कहा कि

[57:36] आप लोग को क्या करना है? व्यापार कीजिए।

[57:38] हुआ कि ठीक है ये लोग खुश हो गए और निकल

[57:40] गए।

[57:42] सबसे पहले हॉकिंग्स पहुंचते हैं। हॉकिंग्स

[57:44] पहुंचे और भी और अन्य व्यापारी भी

[57:46] उन्होंने कहा एक काम कीजिए

[57:49] प्लीज आप हमको अनलिमिटेड दीजिए मैं आपको

[57:52] क्या दूंगा

[57:54] माल पानी तो जेम्स वन इनके बाद राजा बनते

[57:58] हैं तो जेम्स वन ने क्या किया कि ठीक है

[58:01] तुम लोग क्या करो अनलिमिटेड मतलब अब जो 15

[58:04] साल था ना

[58:06] वह खत्म अनलिमिटेड मतलब कोई टाइम लिमिट

[58:09] नहीं

[58:17] यह 1609 की बात है। यह भी क्वेश्चन पूछता

[58:21] है

[58:23] कि 15 साल का किसने किया और यह भी

[58:26] क्वेश्चन पूछता है कि टाइम को लिमिटेशंस

[58:29] किसने हटा दिया? दोनों क्वेश्चन पूछता है

[58:33] दोनों क्वेश्चन पूछा जाता है।

[58:37] अब भारत आने वाला अंग्रेज कौन था? स्थल

[58:40] मार्ग से तो भारत आने वाला जो पहला

[58:44] अंग्रेज था जो स्थल मार्ग से हालांकि

[58:46] इन्हीं का नाम लिया जाता है हर जगह तो

[58:48] स्थल मार्ग से कह रहा हूं कि

[58:51] समुद्री मार्ग से तो कैप्टन हॉकिंग्स आपको

[58:54] यहां पर आते हैं ईस्ट इंडिया कंपनी के

[58:56] मेंबर बनकर ईस्ट इंडिया कंपनी के एज ए

[58:59] मेंबर बनकर फर्स्ट जो आते हैं वो आते हैं

[59:04] कैप्टन हॉकिंग्स

[59:07] बट यह पहले जहाज इनके जिस जहाज से आते

[59:09] उसका नाम था हेक्टर। जहाज का नाम भी पूछता

[59:13] है। हेक्टर था। शिप का नाम क्या था?

[59:15] हेक्टर। बट पहला शिप अगर आपसे पूछेगा कि

[59:18] जो भारतीय तट पे आया था अंग्रेजों का वो

[59:19] था रेड ड्रैगन। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[59:22] वो क्या था? रेड ड्रैगन। कैप्टन हॉकिंस से

[59:26] पहले समुद्री मार्ग की जगह स्थलीय मार्ग

[59:28] से आए थे। मिल्ड्रन हॉल। मिल्डन हॉल के

[59:30] बारे में कहा जाता है कि इन्होंने स्थलीय

[59:32] मार्ग की कई जगहों की खोज की थी। मिल्डन

[59:36] हॉल जो थे स्थलीय मार्ग में कई जगहों की

[59:38] खोज किए थे। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[59:44] यही लोग खबर देते थे ना कि वहां पर यह

[59:46] राजा का शासन है। वहां पर इस राजा का शासन

[59:48] इन लोगों को कैसे पता चला के

[59:51] पूरा वहां पर एक अकबर नाम का राजा रहता

[59:53] है। जाओ उसी का नाम का पत्र लेकर जाओ। तो

[59:55] हॉकिंग्स आया था ना। ऐसा नहीं था। ऐसे ही

[59:57] अकेले आ गया था हाथ हिलाते हुए कि व्यापार

[59:59] करने दोगे क्या?

[01:00:01] अपने राजा

[01:00:04] अपने राजा के साथ मतलब अपने राजा के नाम

[01:00:08] के लेटर लेकर आया था अकबर के लिए क्योंकि

[01:00:11] इन लोग को पता था कि अकबर यहां का राजा

[01:00:14] है।

[01:00:15] लोग चल दिए थे। जब भाई आज की तरह थोड़ी ये

[01:00:18] कम्युनिकेशन है कि तुरंत स्टेटस लगा दिए।

[01:00:21] ऐसा तो है नहीं। स्टेटस लगा दिए कि

[01:00:25] जहांगीर एक सेल्फी ली है। फीलिंग गुड विथ

[01:00:27] एज अ किंग ऑफ मुगल दांत चारते हुए। ऐसा तो

[01:00:30] है नहीं। अब इसलिए क्वेश्चन क्या पूछता है

[01:00:33] कि कैप्टन हॉकिंस किसके दरबार में आया था?

[01:00:36] यह भाई साहब आए थे जहांगीर के दरबार में।

[01:00:41] और दूसरा क्वेश्चन है कि कैप्टन हॉकिंग्स

[01:00:45] जो है इसके नाम का लेटर लिखकर आया था। तो

[01:00:50] अकबर के नाम का लेटर लिखकर आया था।

[01:00:57] अकबर के नाम का लेटर लिखकर आया

[01:01:00] और जहांगीर के दरबार में आया।

[01:01:05] ओके

[01:01:08] यस ट्रांसलेटर भी लेकर आया था। नहीं ये

[01:01:10] खुद भी भाषा चेंज करता नहीं ये भाषा भी

[01:01:13] खुद भी आपको बोलता था। इंग्लिश ये जब आपको

[01:01:16] कहा जाता है कि तुर्की में बात करने लगा

[01:01:18] तुर्की फारसी में हालांकि लगा दरबारी था

[01:01:20] तो जहांगीर बड़ा इंप्रेस हुआ। एक तो

[01:01:24] ट्रांसलेटर भी कई लेकर और यह खुद भी

[01:01:26] ज्ञानी था। मतलब खुद भी आपको इसको नॉलेज

[01:01:28] था। अब सोचिए कि आप आज भी देखिएगा कि कोई

[01:01:30] अंग्रेज अगर हिंदी बोलता है तो हम लोग को

[01:01:32] अच्छा नहीं लगता कि अरे वाह बड़ा मस्त

[01:01:33] हिंदी बोल रहा है। अब सोचिए कि ये अंग्रेज

[01:01:36] आ रहा है, व्यापार कर रहा है और फारसी बोल

[01:01:39] रहा है। व्स

[01:01:41] का अब जहांगीर बड़ा इंप्रेस। अरे भाई गजब

[01:01:44] तूफानी आदमी है। जहांगीर खुश होकर कहता है

[01:01:46] कि तुमको यहां तुम्हारा नाम अब इंग्लिश

[01:01:49] खान होगा।

[01:01:50] और खुश होकर कहता है कि तुमको हम 400 का

[01:01:53] मंसब भी प्रदान करते। एक पोस्ट होता था

[01:01:55] उसके अकॉर्डिंग सैलरी मिलती थी। सोचिए

[01:01:59] भाषा में बस इसके बात कर लिया थोड़ा बहुत

[01:02:03] खुश हो गया। इंग्लिश खान नाम भी दे दिया

[01:02:07] और यही नहीं 400 मंसब भी

[01:02:14] आपको इसको दे दिया। इसीलिए

[01:02:18] 400 मंसब भी आपको इसको दे दिया। इसीलिए

[01:02:18] दिया था इससे मिला खुश हुआ इसके व्यवहार

[01:02:21] से खुश हुआ कैप्टन हॉकिंग्स बड़ा

[01:02:23] सेटिस्फाइड होकर गया कहा कि सुनिए ना हम

[01:02:25] लोग को थोड़ा सा फैक्ट्रीव्री बनाने दिया

[01:02:27] दीजिए ना सूरत की फैक्ट्री के लिए परमिशन

[01:02:30] भी दे दिया कि ठीक है जाइए सूरत में

[01:02:33] फैक्ट्री बनाइए कोई दिक्कत की बात नहीं तो

[01:02:35] यही क्वेश्चन भी पूछता है कि किस मुगल

[01:02:38] राजा ने सूरत में फैक्ट्री बनाने का

[01:02:41] परमिशन दिया था तो यही जहांगीर ने दिया था

[01:02:45] क्या दिया था जहांगीर ने दिया था। ठीक है?

[01:02:48] ध्यान रखिएगा। बट सूरत की फैक्ट्री को कुछ

[01:02:52] ही दिन में रोक दिया गया था। रीज़न था कि

[01:02:53] पोर्तुगीज़ों ने क्या किया था? जहांगीर को

[01:02:55] भड़का दिया था। इन लोग को मत आने क्योंकि

[01:02:58] इनको पता था कि अंग्रेज अगर घुस जाएंगे ना

[01:03:00] तो पोर्तुगीज़ों का खत्म हो जाएगा।

[01:03:03] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[01:03:09] इसी कारण से आगे जाकर देखिएगा कि सूरत में

[01:03:11] एक लड़ाई भी होती है। इसी को कहते हैं

[01:03:12] स्वालीह होल की लड़ाई। इसमें पोर्तुगीजों

[01:03:15] ने अंग्रेजों ने पोर्तुगीजों को हराया।

[01:03:17] इसमें पोर्तुगीज हारे।

[01:03:20] पोर्तुगीज क्या हुए? हारे। इफेक्ट।

[01:03:26] इसीलिए कहा जाता है कि सूरत में परमिशन तो

[01:03:30] मिल गया था इन लोगों को लेकिन बना नहीं

[01:03:33] पाए थे। तो दो क्वेश्चन फिर यहां से आता

[01:03:36] है जो कन्फ्यूजन करता है। पहला क्वेश्चन

[01:03:39] कि अंग्रेजों ने सबसे पहले फैक्ट्री कहां

[01:03:43] पर बनाई? तो सूरत होगा। अगर पूछ देगा कि

[01:03:46] अस्थाई रूप से कहां पर बना दी थी? तो

[01:03:48] मसूलीपत्तनम है। रीज़न क्या था कि

[01:03:50] मसूलीपत्तनम यह हो गया। यहां 1611 में

[01:03:52] अस्थाई रूप से बना दिया था। क्योंकि यहां

[01:03:55] पर थोड़ा सा डिस्टरबेंस हो गया था। इनके

[01:03:57] फैक्ट्री का काम को रुकवा दिया गया था।

[01:04:00] इनके फैक्ट्री के काम को रुकवा दिया गया

[01:04:03] था।

[01:04:05] क्लियर?

[01:04:06] यस। अब यहीं से इन लोगों ने इसके बाद 1615

[01:04:11] में टॉमस रो आया था। इसको थॉमस रो भी कहते

[01:04:14] हैं, टॉमस भी कहते हैं। यह भाई साहब आए।

[01:04:19] अब कहा जाता है कि ये जहांगीर से अब देखो

[01:04:23] जहांगीर भाई मुगल बादशाह है। ऐसा नहीं है

[01:04:26] कि कोई हाथ हिलाते हुए आया और हां जहांगीर

[01:04:30] तुमसे मिलना है। परमिशन लेना पड़ता था।

[01:04:35] मेरे तरफ कोई नेटवर्क इशू नहीं है भाई

[01:04:37] साहब

[01:04:40] क्योंकि अगर कुछ रहता मुझे दिख जाता मेरे

[01:04:43] बोर्ड पे

[01:04:45] सामने बोर्ड है मेरे तरफ कुछ भी प्रम होता

[01:04:48] तो वहां दिख जाता मेरे तरफ कोई भी इशू

[01:04:51] नहीं है ठीक है ध्यान रखिएगा

[01:04:55] अब यहां पर जानते हैं कहा जाता है कि ये

[01:04:59] बहुत जगह मिलने का ट्राई किया कहां पर

[01:05:00] फाइनली मिलता है अजमेर में कहां पर अजमेर

[01:05:04] में मिलता है। यह क्वेश्चन यूपीपीसीएस ने

[01:05:06] पूछा था। यूपीपीसीएस यही सब क्वेश्चन

[01:05:08] पूछता है।

[01:05:12] अजमेर कोर्ट में इससे मुलाकात होती है और

[01:05:14] कहता है कि भाई हमको ये सब फैक्ट्री बनाने

[01:05:16] दीजिए। बहुत सारा रिक्वेस्ट करता है। तो

[01:05:19] बहुत सारा परमिशन लेकर ये आता है।

[01:05:22] ठीक है? बहुत सारा परमिशन लेकर आता है। और

[01:05:26] इसलिए टॉमस रो की भूमिका बहुत थी। तो दो

[01:05:28] क्वेश्चन पूछता है कि फर्स्ट कौन था?

[01:05:30] कैप्टन हॉकिंग्स था 1608 में आया था।

[01:05:34] सेकंड कौन था? तो टॉमस रो था जो कि 1615

[01:05:37] में आए थे। दोनों किसके समय आए थे?

[01:05:39] जहांगीर के समय आए थे।

[01:05:43] दोनों कहां से आए थे? जहांगीर के समय।

[01:05:48] हां।

[01:05:50] एडवर्ड टेरी भी आया था साथ में। क्योंकि

[01:05:51] इन लोग का एक कार्य यह भी था कि ईसाईकरण

[01:05:54] करना था। इन लोग का टारगेट ही होता था

[01:05:57] ईसाईकरण करने का। ठीक है?

[01:06:00] ध्यान रखिएगा।

[01:06:07] अब

[01:06:08] सोच लीजिए अब अंग्रेजों को थोड़ा सा सीना

[01:06:10] चौड़ा हो गया। अब धीरे-धीरे इन लोगों का

[01:06:13] परमिशन मिलने लगा। अब ये धीरे-धीरे पसरने

[01:06:16] लगे। कहने का मतलब कि अपने शासन को फैलाने

[01:06:18] लगे, स्प्रेड करने लगे। सबसे पहले इन

[01:06:21] लोगों ने क्या किया? चंद्रगिरी मतलब आज का

[01:06:23] मद्रास का जो एरिया है, यह काफी

[01:06:25] इंपॉर्टेंट एरिया है। यह आज का चेन्नई

[01:06:30] उस समय का मद्रास

[01:06:34] इन्होंने क्या किया पट्टे पर लिया मतलब कि

[01:06:37] कुछ

[01:06:39] एडवांस पे करके लिया और फोर्ट सेंट जॉर्ज

[01:06:44] उस किले का नाम रखा आज भी अगर आपको देखना

[01:06:46] है तो जाकर देख सकते हैं मद्रास में क्या

[01:06:49] इसका नाम था फोर्ट सेंट जॉर्ज यह भी

[01:06:52] वीवीआई है।

[01:06:56] इसके बाद इन लोगों ने कहा कि हमको थोड़ा

[01:06:58] सा कोलकाता भी दे दो। तो कोलकाता में तीन

[01:07:01] एरिया था। अब सोचिए

[01:07:05] आपको क्या लगता है या आप ही लोग आंसर

[01:07:07] बताइए?

[01:07:08] क्या अंग्रेज जो थे सोच समझ कर आए थे क्या

[01:07:12] कि हमें तो

[01:07:15] यहां पर कब्जा जमाना है

[01:07:18] या

[01:07:20] आपको यह कॉमन सा था कि नहीं हम लोग को

[01:07:23] व्यापार करना है यह व्यापार करने आए थे कि

[01:07:25] कब्जा जमाने आए थे बताइए आप ही लोग

[01:07:28] अंग्रेज व्यापार करने आए थे कि कब्जा

[01:07:31] जमाने आए थे?

[01:07:35] अरे यार गजब आप लोग पागल आदमी हैं भाई

[01:07:37] ग्रुप में मैसेज कर जग्राफी नहीं होगा

[01:07:39] क्या नहीं होगा कॉमन सेंस नहीं है कि मैं

[01:07:41] लाइव यहां ले रहा हूं तो कहां से क्लासेस

[01:07:44] होंगी यार

[01:08:18] चलिए

[01:08:20] ये लोग व्यापार करने आए थे। इन लोग का

[01:08:22] कब्जा करने से कोई मतलब नहीं था।

[01:08:25] इन लोगों को कब्जा वगैरह करने से कोई मतलब

[01:08:29] नहीं था।

[01:08:32] अब सोचिए कि ये लोग कह रहे हैं कि सुनिए

[01:08:34] ना हमको मद्रास ये भूमि दे दीजिएगा। आपको

[01:08:36] कुछ पैसा दे देंगे रेंट पे दे दिया। वो

[01:08:41] छोड़िए।

[01:08:43] अजीमुन शान इन्होंने मात्र ₹100 में ओनली

[01:08:48] ₹100

[01:08:50] में इन्होंने इस क्षेत्र में आज जो

[01:08:52] कोलकाता है तीन गांव दे दिया रेंट पे

[01:08:57] गोविंदपुर कोलकाता और सुतानती

[01:09:03] अब सोचिए

[01:09:05] कि ठीक है दे दो 1200 मतलब इन लोग को ये

[01:09:06] केयर ही नहीं था कि ये लोग करेंगे क्या

[01:09:09] क्योंकि इन लोग का तो क्या है एटीट्यूड

[01:09:11] राजा वाला गला से निकाल हार देने वाले लोग

[01:09:14] राजा खुश हुआ ये लोहा

[01:09:17] मंत्री

[01:09:19] तो सोने के बिस्किट दो इसको यही एटीट्यूड

[01:09:23] था ना इन लोग का और ये लोग थे अंग्रेज ये

[01:09:25] लोग बड़े ट्रेडर्स थे इनको पता है व्यापार

[01:09:27] कैसे करते हैं और इन लोगों ने क्या किया

[01:09:30] देखो अजमुनसान जो था यह आपको पोता था

[01:09:33] औरंगजेब का और इसने क्या किया इसने

[01:09:35] जमींदारी दे दी ₹12000 में गोविंदपुर

[01:09:40] कोलकाता सुल्तानती का गोविंदपुर कोलकाता

[01:09:43] था सुता नीति का यही जॉब चर्नक ने क्या

[01:09:46] किया इसी तीनों को मिलाकर फोर्ट विलियम

[01:09:49] बनाया जो आज कोलकाता है जिसके पहले

[01:09:52] प्रेसिडेंट चार्ल्स आयर थे यह भी क्वेश्चन

[01:09:54] पूछता है

[01:09:56] के

[01:09:58] फर्स्ट चेयर पर्सन कौन था पोर्ट विलियम का

[01:10:02] तो चार्ल्स आयर किसने इसको बसाया था बनाया

[01:10:05] था तो आपको जॉब चोरनॉक ने बनाया था

[01:10:10] सोचिए कि यहां राजा महाराजा जो नवा नवाब

[01:10:12] आप थे। उनको पता ही नहीं चल रहा था कि हम

[01:10:15] लोग कर क्या रहे हैं। एक और नवाब का

[01:10:17] बताऊंगा। हां एक और नवाब का बताऊंगा।

[01:10:23] इसके बाद 1632 में गोलकुंडा के सुल्तान

[01:10:25] अब्दुल्ला कुतुब शाह ने आपको 500 सोने के

[01:10:29] सिक्के के बदले एक गोल्डन फरमार जारी

[01:10:33] किया। ध्यान रखिएगा। दो आपसे क्वेश्चन

[01:10:35] पूछता है। एक होता है शाही फरमान। शाही

[01:10:40] कौन था? मुगल शाही थे। और एक है गोल्डन

[01:10:43] फरमान। गोल्डन फरमान आपको जारी किया था

[01:10:47] गोलकुंडा के सुल्तान कुतुब शाह ने और

[01:10:50] मात्र 500 पैगोड़े यानी सोने के सिक्के के

[01:10:53] बदले इन्होंने अपने क्षेत्र में इनको फ्री

[01:10:55] ट्रेड दे दिया।

[01:10:57] अंग्रेजों को यह पहली बार टेस्ट पता चला।

[01:11:03] अंग्रेजों को पहली बार टेस्ट पता चला।

[01:11:14] अब यह आदत हो गई कि भाई बड़ा कम पैसे में

[01:11:17] उस एरिया के ऊपर ट्रेड ही कर लो। क्या ही

[01:11:19] दिक्कत है। सोचिए 500 में इसके बाद होता

[01:11:24] क्या है? 1715 की बात है। 1715 में जॉन

[01:11:29] आपको सरमन की अध्यक्षता में डेलीगेशन में

[01:11:33] मुगल कोर्ट में इनकी टीम पहुंचती है। उनके

[01:11:35] साथ एक चिकित्सक थे जिसका नाम था विलियम

[01:11:37] हेमिल्टन।

[01:11:39] विलियम हेमिल्टन आते हैं और इनको पता चलता

[01:11:42] है कि फर्रुख सीयर को एक आपको डिजीज है

[01:11:44] जिसके थाई वगैरह में इनका काफी पेन वगैरह

[01:11:46] रहता है। परेशान रहते हैं। भैया फर्रुख

[01:11:48] सियर पूरा यहां पर अपने चिकित्सक से इलाज

[01:11:51] करवा रहे हैं। कोई फायदा ही नहीं मिला।

[01:11:53] विलियम हेमिल्टन क्या इनका इलाज कर देते

[01:11:55] हैं? विलियम हेमिल्टन इनका इलाज कर देते

[01:11:59] हैं। इलाज किए दर्द इनको काफी होता था।

[01:12:01] इससे छुटकारा मिल गया। खुश हो गए। अब खुश

[01:12:05] हुए तो मुगलों ने कहा कि बताओ क्या चाहिए?

[01:12:08] वही हां।

[01:12:11] अब फर्रुख सियार भी इसी तरह आप ही लोग के

[01:12:13] टाइप का लेट कर है ना टंगड़ी पर टंगड़ी

[01:12:15] डालकर हां। बताओ क्या चाहिए? चिकन खाते

[01:12:19] हुए। इन्होंने कहा कि ज्यादा मत दीजिए। कह

[01:12:23] नहीं ऐसा मत करो कुछ तो लो ज्यादा नहीं

[01:12:25] दीजिए

[01:12:26] ₹3000 आपको देंगे हमको बंगाल में थोड़ा सा

[01:12:30] क्रिएट करने दीजिए ना कि जाओ गारंटेड

[01:12:35] 3000 मंत्री ले लो कह कि सुनिए ना सुनिए

[01:12:38] ना सूरत के लिए ₹10 देते हैं सूरतों में

[01:12:41] दे ना दीजिए कहा गारंटेड जाओ मंत्री दे दो

[01:12:44] कहा कि जब इतने दे ही दिए हैं भाई साहब तो

[01:12:46] अपना सिक्का ढाल ले सोचिए मुगल क्या

[01:12:50] अंग्रेज क्या कह रहे है

[01:12:53] कि हम लोग अपने सिक्के को यहां पर बना ले

[01:12:56] क्या

[01:12:59] तार छूटा हुआ था

[01:13:02] ठीक है अब जाइए मिंट कर लीजिए इस्टैब्लिश

[01:13:07] सिक्के बनाने ढालने की छूट दे दिए 3000

[01:13:11] वार्षिक

[01:13:13] लेकर ट्रेड कर दिए बंगाल में 10 सूरत में

[01:13:18] अंग्रेज मन ही मन सोच रहे हैं गजब सब यहां

[01:13:22] इसलिए इन्ह इन लोगों ने इसको कहा क्या?

[01:13:25] मैग्नाका कहा। मैग्नाका आपको एक वहां का

[01:13:29] एक वो था। सबसे बड़ा आपको नियम चेंज हुआ

[01:13:31] था। उसको जो भी इस तरीके का होता तो

[01:13:32] मैग्नाका कहता

[01:13:35] फरारूक सियार तो कर दिए। कर क्या दिए?

[01:13:39] क्या ही इनको फर्क पड़ रहा है। कुछ ही दिन

[01:13:40] में तो यह मर जाते। अभी बताऊंगा कैसे मर

[01:13:44] गए। घृणित कायर कहा जाता था इसको। आप सोच

[01:13:48] लीजिए।

[01:13:49] यह तो स्थिति थी इनकी

[01:13:53] और इसीलिए इन लोगों ने कहा कि भाई मैगना

[01:13:55] का इसी को कहा कि यार ताही फरमान गोल्डन

[01:13:58] फरमान नहीं ताही फरमान और इसके बाद ये लोग

[01:14:02] अपने आप को इस्टैब्लिश कर सोचो ना यार

[01:14:04] जिसको इतना छूट मिलेगा और इसी के बाद इन

[01:14:07] लोग को लग गया था कि भाई यहां बहुत दिन तक

[01:14:09] व्यापार कर सकते हैं यहां के तो लोग आपस

[01:14:12] में ही एकजुट नहीं है। ठीक है?

[01:14:16] तो कुरकुरे नहीं खा रहे थे टंगड़ी कबाब खा

[01:14:18] रहे थे। हां। और इस प्रकार से यहां पर

[01:14:22] अंग्रेज इस्टैब्लिश हो गए। अंग्रेजों की

[01:14:24] कहानी आगे कंटिन्यू करते हैं। क्यों?

[01:14:26] क्योंकि इसके बाद पूरी कहानी ही है इनकी।

[01:14:28] डेनिस यानी डेन। अंग्रेजों के बाद डेन आते

[01:14:30] हैं। इनसे शायद बहुत ज्यादा नहीं है। ये

[01:14:33] ट्रबेको यानी तमिलनाडु में अपनी फैक्ट्री

[01:14:34] बनाते हैं और फिर बंगाल के सीरमपुर में

[01:14:37] फैक्ट्री बसाते हैं। फिर अंग्रेजों को

[01:14:38] बेचकर चले जाते हैं कि ठीक है चलता हूं।

[01:14:40] दुआओं में याद रखना। बस इनके साथ यही याद

[01:14:43] रखिएगा। दो ही क्वेश्चन पूछता है। एक तो

[01:14:44] फर्स्ट यह और एक यह

[01:14:48] बेचारे डेनिस

[01:14:50] डेनमार्क

[01:14:52] इनको लगा कि व्यापार करेंगे। यहां पर

[01:14:54] देखिए कि भाई इतना उथल-पुथल है। इतना

[01:14:56] पॉलिटिकल ड्रामा है। ये चल गए कि ना छोड़

[01:14:58] दो।

[01:15:00] सब कुछ हो रहा था। फ्रांसीसी क्यों पीछे

[01:15:03] रहे? यही फ्रांस से ही क्वेश्चन आपको

[01:15:05] डीपली पूछा था। अब एडीओ

[01:15:08] ठीक है। एडीओ यहीं से क्वेश्चन पूछा था।

[01:15:11] समझ रहे हैं? फ्रेंच आए।

[01:15:15] फ्रेंच भी कहेगी भाई हम लोग को भी अनुमति

[01:15:17] दीजिए। भाई फ्रांस एक मजबूत देश था यूरोप

[01:15:20] का। फ्रांस जो है यह पुर्तगाल है। यह

[01:15:22] फ्रांस है। फ्रांस है एक मजबूत देश था

[01:15:25] यूरोप का। वहां के राजा थे लुई 14। वहां

[01:15:29] पर ऐसे ही राजा थे 13, लुई 13, लुई 14,

[01:15:32] लुई 15, लुई 16 तक गया था।

[01:15:35] लुई 14 से कहा गया कि सुनिए ना हम लोग को

[01:15:38] भी व्यापार करना है। तो वहां के एक मंत्री

[01:15:41] थे जो कि फाइनेंस में काम करते उनका नाम

[01:15:43] था कोलबार्ट। क्या नाम था इनका? कोलबर्ट।

[01:15:46] इसका इंग्लिश है यहां पर। अच्छा इसका

[01:15:49] इंग्लिश मिस हो गया है। कोई नहीं। कोलबर्ट

[01:15:52] ने क्या किया?

[01:15:57] कहा कि ठीक है मैं जो हूं वो आपको मदद

[01:16:00] करता हूं। और यही क्वेश्चन भी पूछा था आप

[01:16:02] लोगों से अगर एडीओ का याद होगा। कोलबर्ट

[01:16:04] के बारे में पूछा। तो कोलबर्ट का काफी मेन

[01:16:08] रोल था।

[01:16:09] कोलबर्ड का काफी मेन रूल था आपको यहां पर।

[01:16:14] अब इन्होंने कहा कि ठीक है जाइए इन्होंने

[01:16:16] अपनी जो एस्टैब्लिश की कंपनी वो था 1668

[01:16:20] में और सबसे पहले कहां गए ये सूरत। लेकिन

[01:16:23] सूरत जाने के पहले ये लोग मेडागास्कर भी

[01:16:25] गए थे जो कि आपको फिर से आपको एडीओ ने

[01:16:27] पूछा था। काफी डीप क्वेश्चन पूछा था एडीओ

[01:16:29] ने। मेडागास्कर यहां पर है।

[01:16:33] यहां से आए फिर आपको आए थे इंडिया। तो

[01:16:36] मेडागास्कर में अपनी कॉलोनी बसाने का

[01:16:38] प्रयास किए थे प्रारंभ में। हालांकि

[01:16:40] प्रारंभ में हुआ नहीं।

[01:16:43] आगे जाकर फिर यह लोग मेडागास्कर को अपना

[01:16:46] कॉलोनी बनाते हैं फ्रेंच।

[01:16:48] तो पहले ये लोग मेडागास्कर में गए।

[01:16:50] मेडागास्कर के बाद सूरत में गए। हां लुई

[01:16:54] 14 बहुत वो था। आई एम द स्टेट एंड माय

[01:16:56] वर्ड्स आर लॉ। बोलता ही था। बहुत खतरनाक

[01:16:59] था। लुई 14 का स्टोरी अलग ही है। खतरनाक

[01:17:02] 16 तो खैर अलग ही टाइप का था। लेकिन 14

[01:17:04] जबरदस्त था।

[01:17:06] क्लियर

[01:17:08] यस उसके बाद मस आप कहिएगा सर मसूलीपत्तनम

[01:17:12] में क्यों सभी बसात क्योंकि ये बहुत

[01:17:13] इंपॉर्टेंट एरिया था देखिएगा यहां पर

[01:17:15] अंग्रेज भी बसाते हैं पोर्तुगीज़ भी बसाते

[01:17:17] हैं डच भी बसाते हैं फ्रेंच भी बसा रहे

[01:17:19] हैं सूरत ही काफी इंपॉर्टेंट था तो सूरत

[01:17:21] में भी सब थे तो ये भी बताएं अब इन लोगों

[01:17:24] ने कहा कि नहीं हम लोग एक एरिया अलग सा

[01:17:26] डेवलप करते हैं हम लोग अलग से एक एरिया

[01:17:29] डेवलप करते हैं और उस एरिया का नाम था

[01:17:32] पोंडीचेरी

[01:17:34] ठीक है क्या था? पोंडीचेरी।

[01:17:37] इन लोगों ने पोंडीचेरी की स्थापना की और

[01:17:39] वहां पर एक पोर्ट बनाया जिसका नाम था लुई।

[01:17:42] मतलब अपने लुई के नाम पे ही किया। लुई 14

[01:17:44] के नाम पर तो नहीं रखा। लुई के नाम पर

[01:17:46] रखा। तो फोर्ट लुई जो था फ्रेंच का था। बट

[01:17:51] कुछ समय के बाद वहां पर अंग्रेजों ने

[01:17:52] कब्जा कर लिया था। फिर डच वहां से ले

[01:17:54] लिया। एक रिवी की संधि होती है यूरोप में।

[01:17:59] और उसके बाद फिर से फ्रांस को उनका दे

[01:18:02] दिया जाता है पुदुचेरी। तो एक क्वेश्चन भी

[01:18:04] पूछता है कि फ्रांस को पुदुचेरी फिर से

[01:18:07] किससे मिली? तो रिजविक की संधि से ट्रीटी

[01:18:10] ऑफ रिजविक से मिलता है फ्रांस को फिर से

[01:18:12] पोंडीचेरी। इसके बाद ये लोग क्या किए कि

[01:18:15] पोंडीचेरी को अपना सेंटर बनाते। जो आज का

[01:18:17] पोंडीचेरी है ना देखिए अगर आपको फ्रांस

[01:18:20] घूमने का मन है लेकिन पॉकेट में पैसा कम

[01:18:22] है। समय कम है तो आप जाकर पोंडीचेरी जा

[01:18:25] सकते हैं। आपको वहां का कुछ एरिया जो है

[01:18:27] ना एकदम फ्रेंच जैसा लगेगा। वहां का जो

[01:18:30] इंफ्रा वगैरह है, आर्किटेक्ट है, सब

[01:18:32] फ्रेंच की तरह है। तो आप जाकर पुदुचेरी जा

[01:18:35] सकते हैं अगर आप लोगों को फ्रांस जाने का

[01:18:36] मन है तो।

[01:18:40] अब इसके बाद बंगाल के शाहिस्ता खान से

[01:18:43] मिलते हैं ये। और चंद्रनगर एक चीज ध्यान

[01:18:46] रखिएगा। चंद्रनगर जो था फ्रांस का था।

[01:18:50] यह इसको ध्यान रखना है।

[01:18:52] यह बंगाल में है चंद्रनगर फ्रांस।

[01:18:56] तो वहां पर भी इन्होंने अब देखिए

[01:18:59] होता क्या है?

[01:19:05] यूरोप में दो सबसे मजबूत शक्ति

[01:19:08] फ्रांस और

[01:19:12] सर इसका पीडीएफ मिल जाएगा सर क्योंकि समझ

[01:19:14] में तो आता नहीं तो थोड़ी याद रहता है सर

[01:19:15] प्लीज सर रिप्लाई मी। हां भाई एकदम पीडीएफ

[01:19:18] मिलेगा तब तक से मैं फारसी थोड़ी बोल रहा

[01:19:20] हूं। बोल तो रहा हूं कि कमेंट बॉक्स में

[01:19:22] एक आपको लिंक पिंग है।

[01:19:25] ई बैच है उसको एनरोल कर लीजिए। मैं क्या

[01:19:28] जितने भी सर लोग कराएंगे ना सब पीडीएफ

[01:19:31] वहीं पर मिलेगा।

[01:19:33] क्लियर ध्यान रखिएगा।

[01:19:36] अब यहां पर होने क्या लगा? फ्रेंच वर्सेस

[01:19:39] इंग्लैंड।

[01:19:41] ब्रिटेन को एक डर था कि कहीं फ्रांस ना आ

[01:19:44] जाए। समझिएगा। ब्रिटेन को एक डर था कि

[01:19:48] कहीं फ्रांस ना आ जाए। हमारे एरिया में

[01:19:51] कब्जा ना कर ले।

[01:19:55] फ्रांस को भी यही डर था।

[01:19:58] इसीलिए यहां पर भी लड़ाई होती थी और यूरोप

[01:20:00] में भी लड़ाई होती थी। जहांजहां यह दोनों

[01:20:03] रहा है ना वहां वहां लड़ाई होती थी।

[01:20:06] अब देखिए यह लड़ाई भारत में कैसे आपको

[01:20:09] बनता है।

[01:20:11] जिस बच्चे को लग रहा है स्टक हो रहा है आप

[01:20:13] लोग कृपया कर अपना नेट चेक करवा लें। अब

[01:20:16] मैं यह मैप लाया हूं ताकि आपको चीजें कुछ

[01:20:19] समझ में आ जाए।

[01:20:23] यह इंडिया का दक्षिण का भाग है।

[01:20:27] आज का कर्नाटक यहां है। यह है कर्नाटक। यह

[01:20:32] यह है कर्नाटक। उस समय का कर्नाटक जो था

[01:20:40] ये था और इसको कर्नाटक कहते थे। एक्चुअली

[01:20:43] ये

[01:20:45] यहां देखो लिखा हुआ है कर्नाटिक।

[01:20:50] समझ लीजिए। एरिया पहले जाने ये कर्नाटक

[01:20:53] था।

[01:20:54] यह मराठा क्षेत्र था।

[01:20:58] यह मैसूर क्षेत्र था।

[01:21:02] ठीक है? यह निजाम का एरिया था।

[01:21:06] यह त्रावनकोर का एरिया था जो आज केरला है।

[01:21:11] ये चीज को ध्यान रखिएगा। मैं इसलिए बता

[01:21:14] रहा हूं कि क्योंकि यहां पर चीज़ें आपको

[01:21:16] थोड़ा सा क्लियर हो जाए।

[01:21:20] सर क्लियर अच्छा इस पेन से नहीं दिख रहा

[01:21:22] है कुछ क्लियर। ओके मैं तो चेंज पेन कलर

[01:21:25] चेंज कर देता हूं।

[01:21:31] यह कर्नाटक

[01:21:36] यह निजाम का एरिया।

[01:21:40] यह मराठा का एरिया।

[01:21:43] यह मैसूर।

[01:21:46] यह त्रावनकोर।

[01:21:50] अब दिख रहा है।

[01:21:58] अब दिख रहा है ना? चलिए

[01:22:01] अब क्यों मैं बता रहा हूं?

[01:22:10] अच्छा, एक बात बताइए कितने बच्चों को

[01:22:11] नेटवर्क इशू दिख रहा है? थम्स दीजिए तो।

[01:22:15] अगर ऐसा है तो मैं टीम से बोलता हूं बट

[01:22:17] मुझे भी दिख जाता है नेटवर्क इशू। चलिए

[01:22:19] थम्स अप दीजिए। तो कितने बच्चों को

[01:22:21] नेटवर्क इशू आ रहा है?

[01:22:28] कितने बच्चों को नेटवर्क इशू आ रहा है?

[01:22:30] थोड़ा सा बताइए।

[01:22:44] इतने कम बच्चे हैं। अब आप सोचो मेरे तरफ

[01:22:47] अगर नेटवर्क इशू रहता तो यह सभी के पास

[01:22:49] रहता कि नहीं जो दांत चिया रहे हैं कि

[01:22:51] नहीं है सभी के पास रहता। लेकिन आप में से

[01:22:54] कुछ ही बच्चों को नेटवर्क इशू है। इसका

[01:22:55] मतलब अतः कह सकते हैं कि आप लोग अपने

[01:22:58] नेटवर्क को चेक कराइए।

[01:23:02] मेरे तरफ होता तो सबको होता है कि नहीं

[01:23:04] होता? जैसे क्लास में स्टक हो जाता है तो

[01:23:06] आप लोग कहते हैं ना सर स्टक स्टक स्टक

[01:23:08] स्टक स्टक स्टक मार कॉल भर देते हैं मैसेज

[01:23:10] भर देते हैं।

[01:23:13] यहां भी क्यों नहीं कर रहे हैं? अतः दो

[01:23:16] चार पांच बच्चों को दिक्कत है तो आप लोग

[01:23:18] अपने नेटवर्क पे थोड़ा सा ध्यान दीजिए।

[01:23:20] यहां से कोई समस्या समस्या रहती तो मुझे

[01:23:22] भी दिखता ना सामने से।

[01:23:25] चलिए

[01:23:27] अब मैं यह क्यों बता रहा हूं इसको इसके

[01:23:29] पीछे जानने के पहले कर्नाटक वार क्योंकि

[01:23:31] यहां पर तीन वार होता है। एक वार दो वार

[01:23:35] और तीन वार। इसी को कहते हैं कर्नाटक वार।

[01:23:39] क्लियर? अब सोचिए पहला वार क्यों हुआ?

[01:23:44] पहला वार क्यों होता है? ऑस्ट्रिया एक जगह

[01:23:48] है यूरोप में। ऑस्ट्रेलिया नहीं

[01:23:51] ऑस्ट्रिया।

[01:23:53] वहां पर हुआ कि ऑस्ट्रिया का किंग कौन

[01:23:55] बनेगा? और यूरोप में दो ग्रुप बट गया। एक

[01:23:59] ग्रुप में थे भैया यूके यानी आप अपने

[01:24:01] ब्रिटेन और एक ग्रुप में अपने फ्रांस थे।

[01:24:04] दोनों अलग-अलग लोगों की बातें करने लगे।

[01:24:07] अलग-अलग लोगों को सपोर्ट करने लगे। तो एक

[01:24:09] तो वहां पर तनातनी हुई। सोचिए कि वहां पर

[01:24:13] तनातनी हुई। हुई कि नहीं? अब जैसे ही वहां

[01:24:18] पर तनातनी हुई उसका इंपैक्ट भारत में भी

[01:24:20] पड़ेगा। एकदम पड़ेगा। भारत में जैसे ही

[01:24:23] इसका इंपैक्ट पड़ा

[01:24:26] अंग्रेजों ने क्या किया?

[01:24:32] अंग्रेज ये मद्रास है। अंग्रेजों ने क्या

[01:24:34] किया? फ्रांस के जहाजों को अपने कब्जे में

[01:24:40] ले लिया।

[01:24:42] फ्रांस के जहाजों को अपने कब्जे में ले

[01:24:44] लिया।

[01:24:48] डुप्ले था। डुप्ले कहा कि आप क्यों कर रहे

[01:24:49] हैं भाई? ऐसा क्यों कर रहे हैं? तो नहीं

[01:24:51] नहीं भाई करेंगे तुम्हारा सरकार बहुत खराब

[01:24:54] है यह हो कहां रहा है प्रॉब्लम हो रहा है

[01:24:56] यूरोप में कहां हो रहा है प्रॉब्लम यूरोप

[01:24:59] में कर कहां रहा है टेंशन यहां तो एक

[01:25:01] क्वेश्चन आप लोग से पूछता है कि कर्नाटक

[01:25:03] फर्स्ट वार का मेन रीजन क्या था व्हाट वास

[01:25:06] द मेन रीजन ऑफ कर्नाटिक फर्स्ट वार तो

[01:25:09] इसका मेन रीजन था ऑस्ट्रिया

[01:25:13] इसका मेन रीजन क्या था ऑस्ट्रिया

[01:25:18] ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया कह रहा ऑस्ट्रिया

[01:25:20] में विवाद हुआ। यहां भी विवाद हुआ।

[01:25:25] तो दूसरा क्वेश्चन पूछता है कि ठीक है मेन

[01:25:28] रीजन तो वो है। इमीडिएट रीजन क्या हुआ?

[01:25:33] व्हाट वाज़ इमीडिएट काउज? द कैप्चर ऑफ

[01:25:35] फ्रेंचशिप बाय द ब्रिटिश। यह दोनों

[01:25:38] क्वेश्चन पीवाईक्यू है।

[01:25:45] यह दोनों क्वेश्चन पीवाईक्यू है।

[01:25:48] मेन रीजन ऑस्ट्रिया का उत्तराधिकारी का

[01:25:51] जंग और आपको सेकंड जो क्वेश्चन है वो है

[01:25:55] कि भाई कौन किया? मतलब कि आखिर टेंपरेरी

[01:25:57] रीजन क्या रहा? इमीडिएट काउज क्या रहा? तो

[01:26:00] इमीडिएट काज़ रहा कि अंग्रेजों ने क्या

[01:26:02] किया कि जहां फ्रांस जहाजों को कुछ कब्जा

[01:26:04] कर लिया। अब यहां पर जो थे वह थे आपको

[01:26:10] डुप्ले। डुप्ले ने क्या कहा? अपने मॉरीिशस

[01:26:14] के हेड को बुलाया जिसका नाम था लॉ होऊ ने।

[01:26:17] ये आए इन्होंने अंग्रेजों को हरा भी दिया

[01:26:20] मद्रास में। लेकिन कहा जाता है कुछ माल

[01:26:22] पानी लेकर निकल गए। डुप्ले ने कहा कि अरे

[01:26:25] भाई हम अपने लिए बनाए थे कि तुम्हारे लिए

[01:26:28] मंगवाए तो पता चला कि ला बुराडे आए तो थे

[01:26:31] लेकिन कहा जाता है कि मद्रास पर कब्जा भी

[01:26:33] कर लिया लेकिन यह कुछ माल पानी लेकर चल गए

[01:26:37] डुपले गुस्सा में डुप्ले गुस्सा में अब

[01:26:41] यहां पर होता क्या है कि इस कर्नाटक का

[01:26:44] नवाब होता है अलवरुद्दीन

[01:26:49] कर्नाटक का नवाब कौन था अनलवरुद्दीन

[01:26:53] और इसका अंग्रेजों से पटता था

[01:26:56] अनवरुद्दीन ने फ्रांस से कहा कि आप हमारे

[01:26:58] हमारे एरिया में क्यों इंटरफेयर कर रहे

[01:27:00] हैं?

[01:27:01] ज्यादा कीजिएगा तो आपको हरा देंगे। डुप्ले

[01:27:05] बहुत खतरनाक आदमी था। कहा कि एक काम करो

[01:27:07] हराइए दो तुम। देख ही लेते हैं तुमको। ठीक

[01:27:10] है? देख ही लेते हैं।

[01:27:13] और यहां से होता क्या है कि एक लड़ाई होती

[01:27:17] है जिसको कहते हैं बैटल ऑफ सेंट थोमे।

[01:27:20] सेंट थोमे की लड़ाई। क्योंकि अडीआर में

[01:27:23] हुआ था इसलिए इसको बैटल ऑफ अडीआर के नाम

[01:27:25] से भी जानते हैं। सोचिए कि एक पहली बार एक

[01:27:28] फ्रेंच कंपनी जो है जिसका लीड कर रहे थे

[01:27:30] पैराडाइज

[01:27:32] उन्होंने इनको पराजित कर दिया।

[01:27:35] हरा दिया।

[01:27:37] अनवरुद्दीन भागे काहे का किए हुए कि अरे

[01:27:40] भाई तो फ्रांस वाला हरा दिया हमको। तो

[01:27:42] क्वेश्चन पूछता है कि बैटल ऑफ स थॉम कब

[01:27:46] हुआ था?

[01:27:48] 1746 में किस लड़ाई के अंतर्गत यह हुआ था?

[01:27:51] तो फर्स्ट कर्नाटिक वार के तहत हुआ था और

[01:27:54] अनवरुद्दीन इसमें

[01:27:56] भाग गया था हार गया और इस प्रकार से

[01:27:59] कर्नाटिक फर्स्ट लड़ाई क्योंकि बहुत टेंशन

[01:28:02] हो गया था तो यूरोप में एक संधि होती है

[01:28:04] कहा जाता है आसियन ट्रीटी या एक्सला सैपल

[01:28:07] ट्रीटी

[01:28:09] अंग्रेज कहते हैं कि भाई मद्रास जो हमको

[01:28:11] लिए हुए हमको दे दो

[01:28:14] मद्रास पे कब्जा कर लिया था फ्रेंच अब

[01:28:16] मद्रास एक इंपॉर्टेंट एरिया था तापसी देखो

[01:28:19] दो तीन चीजों को याद याद रखना तीन चार

[01:28:21] चीजों में याद रखना देखो आपको यहां लिख

[01:28:23] देता हूं एक तो कर्नाटक वार

[01:28:30] एक मैसूर

[01:28:38] मराठा

[01:28:42] इस तीनों का एक चीज याद रखिएगा सबका

[01:28:45] कि किस-किस गवर्नर के समय हुआ

[01:28:50] किस ट्रीटी यानी किस संधि के द्वारा

[01:28:52] समाप्त हुआ?

[01:28:57] अगर यह आपको याद हो गया इस तीनों वॉर का

[01:29:01] तो समझिएगा कि यहां पर एक बहुत बड़ा आप

[01:29:04] लोग यह ले लोगे। इस लड़ाई में के समय कौन

[01:29:10] ब्रिटिश वह था।

[01:29:12] इस लड़ाई के बाद कौन सा संधि हुआ?

[01:29:19] ठीक है।

[01:29:22] मतलब आखिर लड़ाई जो हुआ वह चल रहा है।

[01:29:25] किसी ना किसी ट्रीटी के बाद आपको यह स्टॉप

[01:29:28] होता है। तो मद्रास जो है

[01:29:44] अच्छा वर्ल्ड वार नहीं प्रथम विश्व युद्ध

[01:29:46] की समाप्ति नहीं है। प्रथम युद्ध की

[01:29:47] समाप्ति

[01:29:50] प्रथम युद्ध

[01:29:52] वर्ल्ड वॉर नहीं प्रथम वार

[01:29:56] ये सब पीवाईक्यू है। ये सब क्या है आप लोग

[01:29:58] का? पीवाईक्यू है। ये सब पीवाईक्यू है।

[01:30:06] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[01:30:11] तो पहला बार रुक जाता है। अब यहां पर

[01:30:13] ग्रुप वन बन जाता है। ग्रुप टू बन जाता

[01:30:15] है। यह ग्रुप वन और टू क्या है? आइए इसको

[01:30:18] भी समझते हैं।

[01:30:21] समझो।

[01:30:24] यह एरिया है

[01:30:28] निजाम का।

[01:30:31] यह एरिया है निजाम का।

[01:30:31] बोले तो हैदराबाद।

[01:30:36] और यह एरिया है आपको कर्नाटक

[01:30:39] या कर्नाटक जो भी कहिए

[01:30:43] दो ग्रुप बनता है ग्रुप वन

[01:30:46] ग्रुप टू

[01:30:49] एक ग्रुप था

[01:30:52] अंग्रेजों का यानी ब्रिटिश

[01:30:59] और इधर था फ्रेंच

[01:31:02] अब समझिए क्या

[01:31:06] यह जो कर्नाटक एरिया है ना यह

[01:31:09] इनडायरेक्टली हैदराबाद के अंतर्गत आता था।

[01:31:11] मतलब यहां पर जो डिसीजन होता था ना एक बार

[01:31:13] निजाम से पूछा जाता था कि भाई क्या किया

[01:31:15] जाए? लेकिन हुआ क्या कि यहां के नवाब मर

[01:31:19] गए और अपने बदले

[01:31:22] एक दोस्त मोहम्मद थे। उनको नवाब बना दिया

[01:31:24] और यह पूछा भी नहीं हैदराबाद से। यह

[01:31:27] हैदराबाद से पूछा भी नहीं। उनको बुरा लग

[01:31:31] गया।

[01:31:33] कि भाई मेरे बिना पूछे कैसे नवाब बना दिए

[01:31:36] तुम

[01:31:37] और इन्होंने अपने बेटे को बना दिया। लेकिन

[01:31:39] हुआ क्या? वह कुछ दिन में मर जाते हैं और

[01:31:43] इनके दामाद थे चंदा साहब। कौन थे चंदा

[01:31:47] साहब?

[01:31:50] तो चंदा साहब को दामाद को बनना चाहिए था

[01:31:53] नवाब। लेकिन हुआ क्या? अनफॉर्चूनेटली

[01:31:56] मराठा इस पर करते हैं अटैक। और दोस्त

[01:31:59] मोहम्मद को मार देते हैं और चंदा साहब को

[01:32:01] उठाकर ले जाते हैं अपने एरिया में क्योंकि

[01:32:04] उनको चाहिए था चौथ। चंदा साहब को अपने

[01:32:07] एरिया में ले जाते हैं।

[01:32:10] खाली हो गया कर्नाटक। तो निजाम ने क्या

[01:32:13] किया? अपना एक आदमी अनवरुद्दीन को यहां पर

[01:32:16] बैठा दिया। तो यहां नवाब कौन बन गया?

[01:32:18] अनवरुद्दीन को। बनना किसको था? चंदा शाह

[01:32:22] को।

[01:32:26] अनवरुद्दीन को नवाब बना दिया गया। यहां पर

[01:32:30] क्या होता है? क्या हो गया? यहां पर होता

[01:32:33] है निजाम मर जाते हैं और यहां पर नासिर

[01:32:35] जंग इनके बेटे होते हैं।

[01:32:39] और इनके भतीजे होते हैं एक मुजफ्फर जंग।

[01:32:44] मुजफ्फर जंग को लगता था कि उनको नवाब

[01:32:46] बनाया जाएगा क्योंकि हर काम में तो

[01:32:47] मुजफ्फर जंग को ही खोजते थे यह लोग।

[01:32:50] लेकिन यहां पर कौन बन गया? यहां पर बन गया

[01:32:59] नासिर जंग

[01:33:01] अब यह शुरू दूर से देख रहा था डुप्ले कौन

[01:33:04] देख रहा था डुप्ले डुप्ले कौन था तो

[01:33:05] फ्रेंच गवर्नर था देख रहा है कि क्या हो

[01:33:08] रहा है

[01:33:10] अब यह पहुंच गए मराठा इनको छोड़ दिए चंदा

[01:33:14] साहब को चंदा साहब इनके पास पहुंचते हैं

[01:33:18] कहते हैं खटखट खट अनवरुद्दीन कहते हैं कौन

[01:33:20] है जी यह कहते हैं मैं चंदा साहब जी

[01:33:24] कर्नाटक का नवाब जी अनवरुद्दीन कहते चलते

[01:33:27] बनिए जी कहते रे मैं नवाब हूं ना कहा कि

[01:33:30] तुम कहां से मैं नवाब हूं जाओ तुम

[01:33:36] डुप्ले जो है देख रहा था डुप्ले ने कहा कि

[01:33:38] तुम एक काम करो मैं तुम मेरे पास आ जाओ

[01:33:40] मैं तुमको बना देता हूं तो इसके पास चंदा

[01:33:43] साहब आ गए

[01:33:46] अनवरुद्दीन का सपोर्ट करने लगे ब्रिटिश के

[01:33:48] अरे भाई तुम ही रहोगे मैं हूं ना

[01:33:57] मुजफ्फर जंग को नवाब नहीं बनाया गया तो

[01:33:59] मुजफ्फर जंग को कहेंगे सुनो तुम मेरे पास

[01:34:02] आ जाओ मैं तुमको जो है बनाता हूं नवाब

[01:34:07] नासिर जंग इनके पास पहुंच गए

[01:34:10] नासिर जंग इनके पास पहुंच गए तो ग्रुप बन

[01:34:14] गया इसीलिए क्वेश्चन पूछता है कि कर्नाटक

[01:34:18] सेकंड वॉर जो है वह किसके किसके-किसके बीच

[01:34:21] हुआ? तो कर्नाटक सेकंड वॉर जो है वह

[01:34:25] उत्तराधिकारी को लेकर हुआ। किसके बीच?

[01:34:29] उत्तराधिकारी को लेकर होता है। पहली फील्ड

[01:34:32] से लड़ाई उत्तराधिकारी को लेकर आपको यहां

[01:34:35] पर लड़ाई हुई थी। यही कह रहा है कि

[01:34:38] कर्नाटक का जो सेकंड वार हुआ वह हैदराबाद

[01:34:42] और कर्नाटक के बीच उत्तराधिकारी। यह सब

[01:34:44] पीवाईक्यू है। ध्यान रखिएगा। मैं इसलिए आप

[01:34:47] लोग को कहानी के साथ समझा रहा हूं ताकि

[01:34:48] आपको याद रहे। ठीक है? कितने बच्चे

[01:34:50] कुरकुरे के साथ बैठे हुए हैं भाई? इस मोड

[01:34:52] में कितने बच्चे पढ़ रहे हैं बताइए? इस

[01:34:55] मोड में कितने बच्चे पढ़ रहे हैं?

[01:34:57] ग्रुप वन ग्रुप टू में लड़ाई होती है और

[01:35:00] इसी में एक लड़ाई होती है अंबूर की लड़ाई

[01:35:02] में और अंबूर की लड़ाई में इस बार

[01:35:06] बैटल ऑफ अंबूर में जो कि आपको 1949 में

[01:35:09] होता है अनवरुद्दीन इस बार मारा ही जाता

[01:35:12] है और इसका बेटा दोस्त अली भाग जाता है।

[01:35:16] सेंट थामे की लड़ाई

[01:35:19] में अनवरुद्दीन पराजित होता है। बट अंबूर

[01:35:23] बैटल में बैटल ऑफ़ अंबूर में आपको इनका मूड

[01:35:28] फ्रेश हो जाता है। मारे जाते हैं। क्लियर?

[01:35:31] तो अंबूर की लड़ाई में यह मारे जा गए।

[01:35:35] चंदा साहब कर्नाटक का नवाब बनते हैं और

[01:35:37] अकाट पर अधिकार करते हैं। नासिर जंग ने

[01:35:40] यहां पर क्या किया? गुट टू को पराजित कर

[01:35:43] दिया।

[01:35:45] नासिर जंग ब्रूट

[01:36:03] रूप टू को पराजित किया बट कुछ कारणों से

[01:36:07] जिंजी रिवर के पास इनके सैनिक ने इनका ही

[01:36:09] विरोध कर दिया और ये लोग हार गए

[01:36:13] ये वे लोग हर

[01:36:16] हां बेटा भाग गया था अब आपको पता है यहां

[01:36:19] पर एक चर्चा एक की होगी जिसका नाम था

[01:36:22] लॉर्ड क्लाइव क्या है नाम इसका लॉर्ड

[01:36:25] क्लाइव

[01:36:27] लॉर्ड क्लाइव आता है उसने यहां पर देखो

[01:36:31] लॉर्ड क्लाइव दिमाग का बहुत तेज था वो

[01:36:32] शातिर था क्या था तातिर

[01:36:36] तो लॉर्ड क्लाइव यहां पर आता है और आपको

[01:36:40] अपने तरीके से वह काम करता है

[01:36:51] क्लियर ध्यान रखिएगा

[01:37:01] क्लाइव यहां पर क्या करता है मराठों से

[01:37:03] मिलता है और कहता है कि सुनो मैं आपकी मदद

[01:37:07] करूंगा आप एक काम कीजिए चंदा साहब को वहां

[01:37:09] से भगाने में मदद कीजिए और इन लोगों ने

[01:37:11] वही काम

[01:37:12] मराठों से मिलकर चंदा साहब को वहां से

[01:37:15] भगाकर मोहम्मद अली को बना देते हैं। मतलब

[01:37:18] फाइनली कर्नाटक पे अंग्रेजों जीत जाते

[01:37:20] हैं। बट हैदराबाद पे मुजफ्फर जंग जो है

[01:37:24] आपका नवाब बनते हैं। पर कुछ ही दिनों में

[01:37:26] मुजफ्फर जंग को मार दिया जाता है। तो बुशी

[01:37:28] ने इनके छोटे भाई सलावत जंग को मारा। तो

[01:37:31] ओवरऑल अगर हम लोग बात करें तो कर्नाटक का

[01:37:33] जो सेकंड वार होता है वह भी आपको संधि

[01:37:36] होती है जिसको कहते हैं पंडिचेरी की संधि

[01:37:38] और इस पांडचेरी की संधि के बाद यह

[01:37:40] डिस्प्यूट खत्म हो जाता है। पोंडीचेरी की

[01:37:44] संधि के बाद यह डिस्प्यूट खत्म हो जाता

[01:37:46] है।

[01:37:49] नासिर जंग पराजित करता है। नासिर जंग

[01:37:54] क्लियर

[01:37:56] अब हम लोग आते हैं

[01:37:59] तीसरा कर्नाटक वार और तीसरा कर्नाटक वार

[01:38:01] बहुत ही इंपॉर्टेंट है क्योंकि तीसरे

[01:38:04] कर्नाटक वार के बाद फ्रेंच का कहानी यहां

[01:38:06] पर समाप्त हो जाता है। तीसरे कर्नाटक वार

[01:38:08] का जो डेट है वो आपको एक्चुअली होता क्या

[01:38:10] है? फिर से यूरोप में दोनों के बीच तनातनी

[01:38:13] हुई। यूरोप में दोनों के बीच तनातनी हुई।

[01:38:16] जिसका नाम है सेवन ईयर वार। हिंदी में

[01:38:18] कहते हैं इसको सप्तवर्षीय युद्ध। क्या

[01:38:20] कहते हैं? सप्तवर्षीय युद्ध क्लियर ध्यान

[01:38:23] रखिएगा इसी युद्ध का एक्सटेंशन था यहां पर

[01:38:28] सप्तवर्षीय युद्ध का एक्सटेंशन था यहां पर

[01:38:30] भी दोनों में टेंशन स्टार्ट हो गया अब

[01:38:32] यहां पर जो फ्रेंच का गवर्नर था वो था

[01:38:34] काउंटडी लाली कंटीनडी लाली यहां पर लड़ाई

[01:38:37] करता है और एक लड़ाई होती है वांडी वास

[01:38:40] इसका डेट याद देखो अभी तक मैंने किसी का

[01:38:42] डेट एग्जैक्ट नहीं बोला याद करने के लिए

[01:38:44] इसका एक एग्जैक्ट याद करना पड़ेगा 22

[01:38:46] जनवरी 1760 आपको याद करना पड़ेगा 22 जनवरी

[01:38:51] 1760 में यह एक लड़ाई होती है और इस लड़ाई

[01:38:54] के द्वारा आपको फ्रेंच हार जाते हैं। बुरी

[01:38:57] तरीके से

[01:39:00] क्या करते हैं? बुरी तरीके से हारते हैं।

[01:39:02] और इस लड़ाई ने यह साबित कर दिया कि भाई

[01:39:05] अब भारत में इस लड़ाई ने यह साबित कर दिया

[01:39:10] कि भारत में अब फ्रेंच इस्टैब्लिश नहीं हो

[01:39:12] सकते। देखिए इसके बाद एक ट्रीटी होती है

[01:39:14] जिसको कहते हैं फ्रेंच। आपको इससे दो को

[01:39:16] तीन क्वेश्चन पूछता है इस वांडीवास। वास

[01:39:19] इंपॉर्टेंट है। पहला पूछता

[01:39:20] [नाक से की जाने वाली आवाज़] है कि ये कब

[01:39:21] हुआ? तो लिखिएगा कि थर्ड कर्नाटिक वार में

[01:39:24] हुआ।

[01:39:27] थर्ड कर्नाटक वार के तहत हुआ। दूसरा

[01:39:30] क्वेश्चन आपसे पूछेगा एकदम डेट तो डेट याद

[01:39:32] रखिएगा 22 जनवरी। तीसरा क्वेश्चन पूछता है

[01:39:35] कि ब्रिटिश की तरफ से किसने इसको लीड किया

[01:39:37] था? तो आयरकट ने किया था। फ्रांस की तरफ

[01:39:40] से काउंटर लाली ने लीड किया। यह भाई साहब

[01:39:43] लोग हार गए।

[01:39:45] और इसी के बाद होती है फ्रेंच के ट्रीटी।

[01:39:48] इस ट्रीटी के ने क्या कर दिया? फ्रेंस को

[01:39:51] खत्म कर दिया। इस ट्रीटी के बाद क्या किया

[01:39:54] गया? फ्रेंच को खत्म कर दिया। फ्रेंच से

[01:39:55] कहा कि सुनो अब तुम केवल व्यापारी कंपनी

[01:39:57] रहोगे। किसी के साथ समझौता नहीं करोगे।

[01:39:59] चुपचाप व्यापार करोगे। किसी के साथ लड़ाई

[01:40:01] नहीं करोगे। किसी यूरोपीय लोगों के साथ

[01:40:03] इंटरफेयर नहीं करोगे। सोचिए। यानी एक

[01:40:06] क्वेश्चन आया था मेंस में कि इस संधि ने

[01:40:09] यह साबित कर दिया कि भारत में कौन सी

[01:40:12] यूरोपीय कंपनी अब नहीं रहेगी।

[01:40:16] तो वो था वांडीवस् की संधि।

[01:40:22] हां, इस संधि ने यह बता दिया कि कौन राज

[01:40:25] नहीं करेगा। और इस प्रकार से फ्रांस की

[01:40:28] कहानी यहां पर होती है समाप्त। तो यूरोपीय

[01:40:32] कंपनियों का आगमन आपको समाप्त होता है। अब

[01:40:35] हम लोग आते हैं अब कैसे ब्रिटिश आगे बढ़ने

[01:40:39] लगे? ब्रिटिश जो है कैसे आगे बढ़ने लगे?

[01:40:42] यहां तक कोई समस्या है तो बताइए।

[01:41:16] चलो

[01:41:19] भूख लगे लोगों को 2 मिनट बाप रे ब्रेक अभी

[01:41:22] नहीं मिलेगा भाई ब्रेक मिलेगा आप लोग को

[01:41:24] सीधा 2:00 बजे

[01:41:40] अब आते हैं हम लोग।

[01:41:52] अब आते हैं हम लोग आगे। कैसे अंग्रेज आगे

[01:41:55] बढ़ने लगे?

[01:41:57] कैसे अंग्रेज आगे बढ़ने लगे? पहला बैटल

[01:42:02] होता है बंगाल। क्योंकि कहानी कहां से

[01:42:04] स्टार्ट होती है? बंगाल।

[01:42:14] यह कहानी और बंगाल का मतलब आज का बंगाल

[01:42:16] नहीं। उस समय बंगाल का मतलब था

[01:42:21] आज का पश्चिम बंगाल आज का बांग्लादेश असम

[01:42:24] का कुछ भाग यूपी सॉरी बिहार

[01:42:27] उड़ीसा झारखंड बड़ा एरिया था बंगाल

[01:42:32] ये बड़ा एरिया था बंगाल ये पूरा

[01:42:36] ये सब

[01:42:38] और बंगाल में नवाबों का साथ-साथ था बंगाल

[01:42:40] के नवाब लोग अब यहीं से आते हैं थोड़ा सा

[01:42:43] हम लोग क्या करते हैं बंगाल के नवाब के

[01:42:46] मैं इसलिए आपको याद डाला हूं ताकि

[01:42:48] कंफ्यूजन ना रहे।

[01:42:52] ठीक है? देखिए इसके बाद मैं थोड़ा सा आप

[01:42:54] लोग को यह डालूंगा। एक सेकंड रुकिएगा। अ

[01:43:00] वन सेकंड

[01:43:07] एक सेकंड रुकना। बंगाल को हटाकर पहले आप

[01:43:10] लोग को मुगल पढ़ा दो। मुगल पढ़ा दे। मु़

[01:43:13] पढ़ लेते हैं। मु़ बंगाल को हटकर मुगल पढ़

[01:43:17] लेते हैं। क्योंकि मु़ल से कनेक्ट होगा

[01:43:18] बंगाल। इसलिए पता चला कि उस समय आपको

[01:43:19] कहिएगा कि सर यह कहां से आ गया? मुगलों का

[01:43:22] पतन पढ़ लेते हैं क्विक तरीके से। है ना?

[01:43:25] क्या कर लेते हैं? मुगलों का पतन पढ़ लेते

[01:43:27] हैं क्विक तरीके से। छोटा सा टॉपिक है। हम

[01:43:30] लोग आइए फटाफट करें। क्योंकि यहां से भी

[01:43:31] क्वेश्चन आप लोग को आता है। बेसिक

[01:43:33] क्वेश्चन आता है।

[01:43:36] एक सेकंड रुकना यार। बस

[01:43:41] वन सेकंड।

[01:43:48] वन सेकंड रुकिएगा तो थोड़ा सा पीपीटी ऊपर

[01:44:02] वन सेकंड रुकिएगा।

[01:44:05] आप लोग पानी पी लीजिए भाई।

[01:44:18] मजा आया ये बताइए आप लोग का रिवीजन हुआ

[01:44:33] चलो ठीक है

[01:44:36] थोड़ा ऊपर नीचे

[01:44:40] आते हैं हम लोग थोड़ा सा मुगलों का पतन

[01:44:42] डिक्लाइन ऑफ मुगल्स या फॉल ऑफ मुगल्स रीजन

[01:44:44] इसके पीछे यह था क्योंकि यहां से भी कुछ

[01:44:46] क्वेश्चन रहता है और इसको पढ़ाने के बाद

[01:44:47] फिर हम लोग मुगल ये बंगाल टक टच करेंगे तो

[01:44:50] चीजें क्लियर होंगी देखिए पीडीएफ जो है

[01:44:52] हिंदी सॉरी वाइट एंड ब्लैक बैकग्राउंड बना

[01:44:55] कई बच्चे बोले कल कि सर ब्लैक रखिएगा कई

[01:44:58] बच्चे बोले कि सर वाइट रखिएगा तो मैंने

[01:45:00] क्या किया मिक्स अप रख दिया ब्लैक और वाइट

[01:45:02] मिल गया है

[01:45:04] ठीक है चलो अब औरंगजेब की मृत्यु होती है

[01:45:08] 1707 में। कहानी कहां से शुरू होती है?

[01:45:10] वहीं से बताता हूं। औरंगजेब बेचारे मर

[01:45:13] जाते हैं। कहानी इनकी खत्म हो जाती है

[01:45:15] 1707 में।

[01:45:18] औरंगजेब

[01:45:25] ये डेट पूछता है एक महत्वपूर्ण राजा था।

[01:45:28] मुगलों का एक खतरनाक राजा।

[01:45:31] अब लेकिन जैसे ही ये था इसके पुत्र थे।

[01:45:34] तीन जो जीवित पुत्र थे। इसके अलावा भी

[01:45:35] पुत्र थे। मर गए जैसे मोहम्मद अकबर भी था

[01:45:37] वो भी मर गया था। बस मरा नहीं था। चला गया

[01:45:39] था आपका उधर। तो तीन पुत्र थे।

[01:45:43] एक था मुअज्जम जो काबुल का हेड था। एक था

[01:45:47] आजम जो गुजरात का हेड था और तीसरा था काम

[01:45:49] बख्श जो बीजापुर का हेड था।

[01:45:53] अब जैसे ही पता चला कि पिताजी मर गए। इन

[01:45:58] लोगों को क्या फर्क पड़ा? इन लोगों को

[01:45:59] क्या आंसू टूटना चाहेंगे ना?

[01:46:03] भागे कि हम हम फर्स्ट हम फर्स्ट ये लोग

[01:46:06] कहां भागे यह लोग भागे दिल्ली आगरा

[01:46:10] कि भाई हम कब्जा कर लेते हैं हम कब्जा कर

[01:46:12] लेते हैं हम कब्जा कर लेते हैं

[01:46:17] पीदा मर गया औरंगजेब की मृत्यु हो गई और

[01:46:20] औरंगजेब अपने जीते जी

[01:46:23] बहुत रिलेशन खराब कर दिया था बहुत सारा

[01:46:25] राजाओं से क्योंकि वो बहुत कट्टर था

[01:46:29] इस्लाम का और इसी कारण से बहुत लोग

[01:46:32] औरंगजेब को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते थे।

[01:46:36] तो जैसे ही पता चला कि भाई मर गया यह लोग

[01:46:39] पहुंच गए कि हम बनेंगे राजा हम बनेंगे

[01:46:42] राजा। अब यहीं पर जैसे ही करते हैं तो जो

[01:46:45] सबसे बड़ा बेटा था जिसका नाम था मुअज्जम

[01:46:47] जो आगे जाकर बहादुर शाह बनता है। इसने

[01:46:49] लाहौर के पास ही खुद को बहादुर शाह घोषित

[01:46:52] कर दिया और बादशाह घोषित कर दिया। नाम

[01:46:55] इसका क्या था? मुअज्जम।

[01:46:58] अपने आप को कहता है मैं ही हूं बहादुर

[01:47:01] शाह।

[01:47:03] एज था 62

[01:47:06] और अपने आप को बादशाह घोषित कर दिया। अब

[01:47:09] जैसे ही बादशाह इसको घोषित कर किया जाएगा

[01:47:11] नहीं। एक लड़ाई होती है आगरा के पास जज की

[01:47:15] लड़ाई।

[01:47:17] इसमें एक काम आजम को इसने पराजित किया और

[01:47:20] कहा कि जाओ यहां से निकलते बनो। इसके बाद

[01:47:22] एक और इसके भाई के साथ लड़ाई होती है। कुछ

[01:47:24] दिन के बाद काम बख्श इसको भी पराजित किया।

[01:47:27] यानी आपको औरंगजेब के बाद जो राजा बनता है

[01:47:32] औरंगजेब के बाद

[01:47:36] जो राजा बनता है उसका नाम होता है

[01:47:42] बहादुर शाह।

[01:47:48] यानी

[01:47:50] मुअज्जम। इसका असली नाम क्या था? मुअज्ज।

[01:47:52] यह भी क्वेश्चन आता है।

[01:47:57] मुअज्जम भाई साहब तो आ गए।

[01:48:01] मुअज्जम आ गए आने के बाद। लेकिन उनका नरक

[01:48:05] था। रीज़न इसके पीछे था कि औरंगजेब बहुत

[01:48:07] ज्यादा कचरा कर कर गया था।

[01:48:10] इसलिए इनको औरकि बहुत एज था। तो इनका

[01:48:14] जानते हैं इनको इनका टाइटल क्या था? मतलब

[01:48:17] उपाधि क्या दी गई थी? साहेब बेखबर ये तो

[01:48:20] बेखबर रहते हैं भाई। इनको कहा जाता है x

[01:48:22] करना y कर देते हैं। इनको पता ही नहीं

[01:48:25] चलता है। सबसे पहले इसने क्या किया? इसने

[01:48:28] सीखों के साथ दोस्ती बनाई।

[01:48:31] ठीककि दुश्मन थे। लेकिन इसने कहा कि ना

[01:48:36] सिखों के साथ दोस्ती इस वेरी वेरीरीेंट।

[01:48:39] गुरु गोविंद सिंह के साथ संधि की। उनके

[01:48:42] द्वारा जो किला जीता गया था लौटा भी दिया।

[01:48:46] इसके बाद इसने राजपूतों पर चढ़ने की कोशिश

[01:48:48] की लेकिन राजपूत इनकी सुन नहीं रहे थे।

[01:48:52] ठीक है?

[01:48:57] अब हुआ यही तो शाह बेखबर जी जो थे हालांकि

[01:49:01] इनके बारे में अच्छी यही थे शाहिब इस ऐज

[01:49:04] में तो यह बन रहे हैं। अब इनका तीन नाम

[01:49:07] था। एक मुअज्जम, एक शाह आलम प्रथम और एक

[01:49:09] था शाह बेखबर और यह खाफी खान के द्वारा

[01:49:12] दिया गया था। ठीक है? खाफी हां के द्वारा

[01:49:16] दिया गया था। 63 साल की अवस्था में यह

[01:49:19] राजा बनते हैं। गुरु गोविंद सिंह के साथ

[01:49:21] यह देखो रीजन इसके पीछे यही था क्योंकि

[01:49:24] इनको पता था कि इनके पिता श्री ने कचरा कर

[01:49:27] रखा है। औरंगजेब ने बहुत तबाही किया था।

[01:49:31] सिखों को परेशान करके रखा था। हिंदुओं को

[01:49:33] परेशान कर रखा था। अन्य धर्म को बहुत

[01:49:34] परेशान करके रखा था वो।

[01:49:37] तो इसलिए लौहगढ़ का जो एरिया था इसने जीता

[01:49:40] था लेकिन लौटा दिया कि ठीक है जाइए आपको।

[01:49:42] यह फिर सिखों को लौटा दिया गया। गुरु

[01:49:44] गोविंद सिंह के साथ इसका अच्छा बनता था।

[01:49:46] इसके बाद इसकी डेथ हो गई आपको 1712 में।

[01:49:50] बट इसने इसके पहले क्या किया? एक डच का जो

[01:49:53] दल था वो आया जिसका स्वागत खुद पोर्तुगीज

[01:49:56] आपको की थी। इसके पहले लेकिन इसने क्या

[01:49:59] किया? कई सारे रूल्स रेगुलेशन चेंज करने

[01:50:02] की कोशिश की गई। कहा जाता अंग्रेजों ने

[01:50:05] कहा कि यह अंतिम मुगल राजा था जिसके बारे

[01:50:10] में कुछ अच्छा कहा जा सकता है। मतलब सोचिए

[01:50:14] मतलब ऐसा नहीं था खराब नहीं था क्योंकि

[01:50:16] इसका एज काफी था ना 63 साल था दबाव था

[01:50:19] प्रेशर था एक रहता कि आपको शासन बहुत

[01:50:23] अच्छा मिला हुआ है आपको शासन बहुत अच्छा

[01:50:26] मिला हुआ है तो आपको चलाने में दिक्कत

[01:50:27] नहीं है। आपको तो शासन ऐसा मिला है कि भाई

[01:50:30] आप उसी में तो कहा जाता है कि मुगलों का

[01:50:33] अंतिम राजा था ऐसा जिसके बारे में कुछ

[01:50:36] अच्छा कहा जा सकता है। ठीक है? इसके चार

[01:50:39] पुत्र थे।

[01:50:42] इसके चार पुत्र थे जहान शान उर्फ शान

[01:50:46] अजीमुनसान यह वही अजीमुनसान है जिसने अभी

[01:50:48] ₹12000 में अंग्रेजों को दिया था रफी

[01:50:52] उस्ान और जहान शान

[01:50:55] ये मरे इन चारों के बीच फाइटाफाइटी शुरू

[01:50:59] हम किंग हम किंग

[01:51:03] चारों कमजोर थे कोई मजबूत नहीं था अय्याश

[01:51:06] टाइप के थे

[01:51:10] तो यहीं पर इनका हां सिडनी ओवेन का यह था।

[01:51:14] यहीं पर इनका

[01:51:16] हां जी बेटा था। एक जुल्फिकार नामक सामंत

[01:51:20] था। मतलब काफी मतलब मुगल कोर्ट में

[01:51:23] प्रभावी व्यक्ति था जुल्फिकार खान। इसका

[01:51:24] मराठों में भी जिक्र होगा।

[01:51:37] इसने क्या किया? जहांदार शाह को किंग बना

[01:51:40] दिया। अब सोचिए कि अब राजा कैसे बन रहे

[01:51:43] हैं? वहां के सामंतों के हेल्प से। राजा

[01:51:47] कैसे कर रहे हैं? वहां के सामंतों के

[01:51:49] हेल्प से राजा बन रहे हैं। सोचिए ये वही

[01:51:52] वंशज हैं। हुमायूं, अकबर, बाबर।

[01:51:57] अब ये लोग को सामंत राजा बना रहे हैं। तो

[01:52:00] जुल्फिकार खान जो थे उन्होंने आपको इनको

[01:52:04] राजा बनवाया लेकिन चले बहुत नहीं। और इनका

[01:52:07] टाइटल क्या था? जदार सागर लंपट मूर्ख

[01:52:11] लिटिल फूल

[01:52:14] द ग्रेट अकबर के वंशज का नाम साहेब बेखबर

[01:52:19] लंपट मूर्ख और आगे आएंगे ग्रीनथित कायर तो

[01:52:23] काहे नहीं डिक्लाइन होगा वंश तो डायनेस्टी

[01:52:26] क्यों नहीं डिक्लाइन होगा

[01:52:29] ऐसा ऐसा जब टाइटल मिल जाएगा

[01:52:32] क्योंकि इनको बहुत ज्यादा दिमाग वमक नहीं

[01:52:35] इन्होंने जय सिंह को मिर्जा की उपाधि दी

[01:52:37] थी और मालवा के सूबेदार को नियुक्त किया

[01:52:39] था। अजीत सिंह को इन्होंने महाराजा को

[01:52:40] पाया। इन्होंने एक इजारा व्यवस्था इजारा

[01:52:43] व्यवस्था रिलेटेड टू लैंड रेवेन्यू था।

[01:52:49] चलाया। इनका संबंध एक लाल कुंवरी एक आपको

[01:52:53] वैश्या थी। उनके साथ इनका रिलेशनशिप था।

[01:52:57] यह शासन बहुत अच्छे से नहीं चला पा रहे

[01:52:59] थे।

[01:53:01] तो यहीं पर सैयद ब्रदर्स थे। यह भी लोग

[01:53:04] मुगल कोर्ट में थे। सैयद ब्रदर्स जो थे

[01:53:06] थोड़ा सा मजबूत प्रभाव रखते थे। सैयद

[01:53:10] ब्रदर्स ने कहा एक काम करते हैं। फर्रुख

[01:53:12] सियर फर्रुखियर कौन था? भतीजा था इसका।

[01:53:16] एक काम करते हैं मार दिया जाए क्या?

[01:53:22] जहांदार शाह का राजा बनोगे। फर्रुख सिरियर

[01:53:24] कहते हां हम बनेंगे। मार दे क्या? फर्रुख

[01:53:27] सिर कहते मार दो। और इस प्रकार से जहांदार

[01:53:30] शाह के नेफ्यू फर्रूख सियर जो है सैयद

[01:53:34] ब्रदर्स की हेल्प से इनको मार देते हैं और

[01:53:37] खुद राजा बन जाते हैं। सोचिए

[01:53:44] ज्योग्राफी होगा अभी जस्ट इस क्लास में

[01:53:46] जग्राफी ही कराऊंगा अभी अभी जस्ट जस्ट

[01:53:47] जस्ट जस्ट ज्योग्राफी कराऊंगा एक मेरा अभी

[01:53:49] क्लोन बना बन रहा है वो ज्योग्राफी कराएगा

[01:53:52] गजब आप लोग का हाल है भाई बोल बोल कर थक

[01:53:54] जाता हूं चलिए यही है फरारुख सियार इनका

[01:53:59] क्या है टाइटल ग्रीनथित काजर सोचिए

[01:54:03] आप लोग को नहीं लग रहा है देखो आप लोग भी

[01:54:04] सुनते होंगे कि आपके जब गार्डियन ओरियन

[01:54:07] गुस्साते होंगे दादादी मां पापा क्या कहते

[01:54:09] कहते हैं एकदम हमारा कुल नाश करेगा ही

[01:54:12] कहते नहीं है गुस्सा में एकदम कुल नाश

[01:54:14] करेगा

[01:54:17] तो मुगलों के कुल नाशक यही लोग थे

[01:54:21] तो बाबर जिससे डरते थे लोग अकबर था

[01:54:24] हुमायूं था जदार शाह था अब उनके वंशज आ

[01:54:29] रहे हैं साहेब हेवर उनके वंशज आ रहे हैं

[01:54:32] लंपट मूर्ख उनके वंशज आ रहे हैं घृणित

[01:54:36] कायर और एक और आइटम आएगा बहम रंगीला

[01:54:40] रंगीला

[01:54:42] तो घृणित कायर आते हैं भाई तो वंश यही लोग

[01:54:46] थे हां कुलनाशक ये भी सैयद बंधु के सैयद

[01:54:49] बंधु अब्दुल्ला खान था और हुसैन अली खान

[01:54:50] था इन लोग का टाइटल था ये ठीक है ध्यान

[01:54:52] रखिएगा और रुखसियर ने आपको जय सिंह को

[01:54:55] सवाई की उपाधि दी हालांकि कई जगहों पे कहा

[01:54:57] जाता है कि औरंगजेब दोनों ऑप्शन आएगा तो

[01:54:59] औरंगजेब मार दीजिएगा

[01:55:02] तो सवाई जय सिंह उनका टाइटल था ना तो

[01:55:04] औरंगजेब मार दीजिएगा जजिया का समाप्त किया

[01:55:06] बट कई जगहों पे फिर से फिर से इंप्लीमेंट

[01:55:08] भी हो गया था। इसने एक क्वेश्चन

[01:55:10] इंपॉर्टेंट रहता है। बंदा बहादुर को मार

[01:55:11] दिया था। बंदा बहादुर सिख नेता थे। सिख

[01:55:15] राज्यों की स्थापना का क्रेडिट उन्हीं को

[01:55:17] जाता है। तीख राज्यों के स्थापना का

[01:55:22] उन्हीं को क्रेडिट जाता है बंदा बहादुर

[01:55:24] को। ठीक है?

[01:55:26] अब यही देखो फरमान जारी किए थे। देख रहे

[01:55:29] हो? शाही फरमान

[01:55:32] इन्होंने शाही फरमान जारी किया। अभी देखा

[01:55:35] शाही फरमान क्या था?

[01:55:39] अब यह क्या करने लगे?

[01:55:44] बहुत बात नहीं सुनते थे सैयद बंधुओं का।

[01:55:46] अपने तरीके से काम करने लगे। सैयद बंधु

[01:55:49] कहते हैं कि लगता है भाई अब्दुल्ला खान

[01:55:52] बोले हुसैन से भाई लगता है कि इसका भी अब

[01:55:55] मूड फ्रेश करना पड़ेगा। हुसैन अली बोलेंगे

[01:55:58] ठीक है भाई कुछ व्यवस्था किया जाए। मूड

[01:55:59] फ्रेश तो करते हैं। इसका बहुत तेज बन रहा

[01:56:02] है। ठीक है ब्रो। यह अब यह लोग क्या करते

[01:56:05] हैं? दोनों ब्रो

[01:56:08] यहां पर एक पेशवा थे बालाजी बाजीराव इनसे

[01:56:13] एक संधि करते हैं। कहता है सुनो बालाजी

[01:56:14] बाजीराव

[01:56:16] भी कहता है यस ब्रो कहता है सुनो मैं बहुत

[01:56:20] इंटरफेयर नहीं करूंगा मुगल दक्षिण में तुम

[01:56:23] जाओ चौथ लो कहता है इसके लिए मुझे क्या

[01:56:25] करना पड़ेगा तो बताऊंगा क्या करना पड़ेगा

[01:56:28] बहुत बड़ा काम नहीं होगा छोटा-मोटा काम

[01:56:30] आपसे कराऊंगा तो हमारी यह संधि पक्की तो

[01:56:34] हुआ पक्की तो दोनों अपना अंगूठा ऐसे किए

[01:56:36] होंगे कि संधि पक्की हो गई बाजी बालाजी

[01:56:41] बाजीराव आगे पढ़ेंगे कररेक्टर

[01:56:45] अरे भाई कोई कोई पीपीटी छूट गया है

[01:56:47] बाइलिंगल का मैंने बोला ना कि जो पीपीटी

[01:56:50] बायिंगल नहीं होगा नोट्स मैं जो आप लोगों

[01:56:52] को प्रोवाइड करूंगा ना उसमें बाइलिंगुअल

[01:56:54] होगा। अब दिल्ली की संधि होती है। ये

[01:56:56] क्वेश्चन भी आता है कि दिल्ली की संधि

[01:56:58] किसके बीच हुई? तो सैयद बंधु और आपको

[01:57:01] बालाजी विश्वनाथ के बीच हुई दिल्ली

[01:57:03] ट्रीटी। ये छोटा-मोटा काम कराएंगे। अब

[01:57:07] अचानक से इनके पास एक संदेश पहुंचवाएं कि

[01:57:11] जाओ थोड़ा सा बोल दो बालाजी को कि मैंने

[01:57:15] हमारे के बीच एक आपको संधि हुई थी कि हां

[01:57:18] तो आ जाए दिल्ली दिल्ली आए

[01:57:22] पूछा कि क्या काम है बताइए राजा को मारना

[01:57:26] है तो अरे भाई कि कहा कि एक छोटा-मोटा काम

[01:57:29] कर राजा को मारना है और इन्हीं की मदद से

[01:57:32] फरारूख सियर का भी मूड फ्रेश करा देता है

[01:57:35] सोचिए

[01:57:38] कि यह लोग कोर्ट में बैठते थे बस, दरबार

[01:57:43] में बैठते थे बस और इतना पावरफुल हो गए थे

[01:57:46] कि राजा चेंज करा रहे। राजा आपकी बात नहीं

[01:57:49] मान रहा है। राजा को मरवा दे रहे हैं।

[01:57:54] सोच लो

[01:57:57] और राजा को मरवा दिए। यानी फरारुख शेर की

[01:57:59] हत्या हो जाती है।

[01:58:02] और सैयद बंधुन

[01:58:05] ब्रो

[01:58:06] किसको बनाया जाए ब्रो? तो ब्रो किसको

[01:58:09] बनाया जाए? तो चलो रंगीला को बना देते।

[01:58:12] इनका नाम था रोशन अख्तर। यस। इसके बाद

[01:58:16] राजा कौन बनते हैं? अच्छा नहीं बीच में दो

[01:58:19] और आते हैं। रफी उदरात। रफी उदर से कोई एक

[01:58:23] ही क्वेश्चन आता है कि सबसे कम समय तक

[01:58:26] शासन करने वाला राजा था।

[01:58:29] इनको भी मार। नकुसियर जो कि मोहम्मद अकबर

[01:58:31] का बेटा था। विद्रोह किया था इन्हीं के

[01:58:33] काल में। उसके बाद इनके भाई थे रफी

[01:58:35] उद्दौला। इनको सोचिए मार रहे हैं। राजाओं

[01:58:39] को मार रहे हैं।

[01:58:44] भाई मेरे इंग्लिश में है तो

[01:58:48] आप लोग के घर में लेटर पहुंचा दूंगा कि

[01:58:51] गलती से कुछ पेजेस एक दो चैप्टर हिंदी में

[01:58:55] ही रह गया है। इसके लिए क्षमा प्रार्थी

[01:58:58] हैं अभय प्रताप। बहुत खेद है। बट पीडीएफ

[01:59:03] में आप लोग को इंग्लिश रहेगा। अभी समझ अब

[01:59:06] जैसे मैं बोल रहा हूं कि मार दिया तो इसका

[01:59:08] मतलब ये नहीं ना समझ रहे हैं कि जिंदा कर

[01:59:09] दिया इंग्लिश वाले। आपको ही पता हो कि

[01:59:12] मारने का मतलब क्या होता है? पता है ना?

[01:59:15] बाकी जो बीच-बीच में ब्रो ब्रो कर ही दे

[01:59:17] रहे हैं।

[01:59:19] तो नकुशियर मोहम्मद अकबर का बेटा था। इसने

[01:59:22] विरोध किया था इसी के काल में।

[01:59:27] ठीक है? इसके बाद इसका भाई इसको भी मरवा

[01:59:29] दिया। सैयद बंधु इसको भी मरवा दिया। सैयद

[01:59:33] ब्रदर्स इसको भी मरवा दिया।

[01:59:36] फिर इसके बाद राजा बनता है रफीउद। इसने

[01:59:39] शाहजहां द्वितीय की उपाधि ली। बेचारा

[01:59:41] उपाधि लिया। कुछ दिन में इसका भी मूड

[01:59:43] फ्रेश करा दिया गया। इसका भी मूड फ्रेश

[01:59:47] करा दिया गया।

[01:59:48] धीरे धीरे धीरे लोग मर रहे हैं। मूड फ्रेश

[01:59:51] हो रहा है। मर रहे हैं। राजा बन रहे हैं।

[01:59:53] अब सैयद बंध बहुत मजबूत है। सैयद ब्रदर्स

[01:59:56] बहुत मजबूत हो गए।

[02:00:00] ये लोग बहुत मजबूत हो गए।

[02:00:05] धीरे-धीरे

[02:00:07] अब इन्होंने कहा कि एक काम करते हैं। रोशन

[02:00:10] अख्तर को बना दिया जाता है। ये देखो यही

[02:00:13] है रोशन अख्तर। यह बहुत दिमाग लगाया।

[02:00:17] अब देखो इसका इंग्लिश यहां है। ठीक है?

[02:00:20] क्योंकि यहां पर थोड़ा सा वह होचपच हो रहा

[02:00:22] था। तो सबसे पहले इसने क्या किया? देखो

[02:00:25] इसको भी किंग किस किसके द्वारा बनाया? तो

[02:00:27] सैयद ब्रदर्स ही इसको किंग बनाया।

[02:00:30] लेकिन इसने एक दिमाग लगाया।

[02:00:33] इसने एक दिमाग लगाया। वो दिमाग क्या था?

[02:00:41] इसको पता था कि सैयद ब्रदर्स जो है बड़ा

[02:00:44] सबको मार रहा है। मैं भी कुछ दिन में इसका

[02:00:46] बात नहीं मानूंगा तो मेरा भी मूड फ्रेश कर

[02:00:48] देगा। हमको भी मार देगा। मार देगा कि नहीं

[02:00:50] मार देगा?

[02:00:52] इसने क्या किया?

[02:00:54] इसके कोर्ट में एक व्यक्ति रहता था

[02:00:56] निजामुल मुल्क जो आगे जाकर हैदराबाद की

[02:00:58] स्थापना करता है। इसने क्या किया? इसकी

[02:01:00] मदद से सैयद बंधुओं को मरवा दिया।

[02:01:05] देख रहे हैं कोई ना कोई आ जाता है ना ऐसा

[02:01:07] जो आपसे भी हावी होता है। सोचिए इसी की

[02:01:11] मदद से बना और रंगीला को पता था

[02:01:16] कि यह चाहे जानेगा तो यह मुझे भी मरवा

[02:01:19] देगा।

[02:01:21] इसने क्या किया? निजामुल मुल्क एक व्यक्ति

[02:01:24] है

[02:01:26] उसकी मदद से सैयद बंधुओं को मरवा दिया।

[02:01:29] फिर सैयद ब्रदर्स से क्वेश्चन आता है कि

[02:01:32] सैयद ब्रदर्स जो हैं यह

[02:01:36] यानी सैयद बंधु

[02:01:39] इन्होंने कितने राजाओं को बनवाया?

[02:01:42] तो चार

[02:01:45] फोर किंग बनवाया। यह सबसे मजबूत कब थे? तो

[02:01:49] फर्रुख सियर के समय

[02:01:52] फर्रुख सियर

[02:01:56] कमजोर

[02:01:58] तो रंगीला

[02:02:02] यह कमजोर ही नहीं थे। ऐशबाज आदमी थे।

[02:02:05] इसलिए इनका टाइटल था रंगीला।

[02:02:09] अब धीरे-धीरे क्या हुआ ना इन्हीं के काल

[02:02:11] में स्वतंत्र तो करने लगे। अब सोचो कि

[02:02:14] हमें पता है कि सेंटर में जो आदमी है वो

[02:02:17] बहुत कमजोर है। वो कुछ ना पूछता उसका कुछ

[02:02:21] नहीं है। तो आसपास के जो राज्य होंगे जो

[02:02:23] कैपेबल होंगे वो अपने आप को आजाद करना

[02:02:25] शुरू कर देंगे।

[02:02:27] हुआ भी यही

[02:02:30] तो मोहम्मद शाह रंगीला के काल में यह लोग

[02:02:33] अपने आप को आजाद करना शुरू कर दिए जैसे

[02:02:36] बंगाल का मुर्शिद कुली खान अवध का सदा खान

[02:02:39] हैदराबाद वही निजामुल मुल्क भरतपुर बदन

[02:02:42] सिंह ये लोग कर दिए बाजीराव भी अटैक इनके

[02:02:45] काल में करते हैं वही बाजीराव मराठा वाले

[02:02:47] ठीक है और इन्हीं के काल में करनाल की

[02:02:49] लड़ाई भी होती है तो मिस्टर रंगीला जो हैं

[02:02:52] अपने समय में काम तो ठीक किए लेकिन बेचारे

[02:02:55] एक ध्यानवान देते नहीं थे। इनका ज्यादा जो

[02:02:59] था ऐशबाजी में ही था। ठीक है? ध्यान

[02:03:03] रखिएगा।

[02:03:05] अब इनके बाद इनके बेटे आते हैं। अब देखो

[02:03:08] अगर ऐसा राजा होगा तो इकोनॉमिकल क्राइसिस

[02:03:12] होगा। यह बताइए।

[02:03:15] ऐसा राजा होगा तो इकोनॉमिकल क्राइसिस

[02:03:17] होगा। यह बताओ।

[02:03:19] इकोनॉमिकल क्राइसिस तो होगा ही। सभी को

[02:03:21] पता है।

[02:03:30] ऐसी स्थिति कर दिए यह ऐसी स्थिति कर दिए

[02:03:35] कि नादिर शाह के का एक आक्रमण होता है।

[02:03:38] भयानक आक्रमण होता है। नादिर शाह ने

[02:03:39] लूटपाट लिया। इनका शासन अच्छा नहीं चला।

[02:03:42] यार ऐसी स्थिति हो जाती है कि इसके बेटे

[02:03:44] के समय सैनिकों को वेतन देने तक का पैसा

[02:03:48] नहीं होता है। तो क्वेश्चन आता है कि

[02:03:51] किसके काल में मुगल अर्थव्यवस्था अपने

[02:03:54] बहुत खराब स्थिति में आ गई थी? तो मोहम्मद

[02:03:57] शाह रंगीला के बेटे के समय अहमद शाह के

[02:04:00] समय।

[02:04:01] ठीक है?

[02:04:05] सोचिए सैनिक विद्रोह कर रहे हैं कि भैया

[02:04:08] हमको पैसा दो।

[02:04:11] हमको पैसा दो और इसी के काल में

[02:04:18] अहमद शाह अब्दाली ने जो एक अफगान था उसने

[02:04:21] भी आक्रमण किया। इनके काल में राजकीय

[02:04:23] कामकाज का नेतृत्व उद्धम भाई कर रही थी।

[02:04:25] उपाधि किबला-ए आलम था। इसके बाद जो राजा

[02:04:28] बन रहे उनका नाम था आलमगीर।

[02:04:31] बैटल ऑफ प्लासी इन्हीं के काल में हुआ था।

[02:04:33] यह ध्यान रखिएगा। यह क्वेश्चन पूछता है कि

[02:04:37] बैटल ऑफ़ पलासी किसके काल में हुआ था? इन्ह

[02:04:39] इनका असली नाम था अजीजुद्दीन।

[02:04:42] अजीजुद्दीन इनका नाम था और बैटल ऑफ़ प्लासी

[02:04:44] इन्हीं के काल में हुआ।

[02:04:46] इसके बाद शाहजहां तृतीय यह बस ध्यान

[02:04:50] रखिएगा। एक्चुअली बस ये बस ध्यान रखिएगा

[02:04:53] कि इंपॉर्टेंट है क्योंकि इनके बाद यानी

[02:04:56] आलमगीर के बाद किसको किंग बनाया जाना था?

[02:04:59] तो इनके एक दूसरे पुत्र थे अली गौहर जिसको

[02:05:01] हम लोग शाह आलम के नाम से जानते हैं। बट

[02:05:04] शाह आलम को किंग ना बनाकर किसको बनाया

[02:05:06] गया? तो आपको शाहजहां थर्ड को बनाया गया

[02:05:09] जिसका असली नाम क्या था? मुही उल मिल्लर।

[02:05:12] यह काम का पोता था।

[02:05:16] यह मंत्री था इमादुल मुल्क। इसका पटता

[02:05:18] नहीं था अली गौहर से। और यही कारण था कि

[02:05:22] इसी समय अली गौहर ने अटैक किया था बिहार

[02:05:24] में। हम लोग बिहार स्पेशल में इसको

[02:05:26] पढ़ेंगे अच्छे से। आपको बिहार स्पेशल का

[02:05:28] मैराथन भी मैं ही कराऊंगा। ठीक है? तो

[02:05:31] इमादुल मुल्क जो था आपको यहां पर काफी

[02:05:34] शानदार तरीके से अपना शासन कर रहा था और

[02:05:37] इसको घुसने भी नहीं दिया और यही कारण था

[02:05:39] कि बिहार में ही अपने आप को मुगल बादशाह

[02:05:41] घोषित कर देता अलीगहर बोले तो शाह आलम

[02:05:44] द्वितीय

[02:05:47] इसका नाम था शाह आलम मतलब नाम रखा था असली

[02:05:49] नाम था अली गौहर था ठीक है

[02:05:53] यही इससे दो-तीन क्वेश्चन पूछता है एक तो

[02:05:56] ये पानीपत वॉर सेकंड बक्सर तब इसी काल में

[02:06:01] हुआ था। अलीगहर इसका असली नाम था और

[02:06:03] अंग्रेजों के संरक्षण में रहा। अपने आप को

[02:06:06] पटना में इसने अपने आप को राजा घोषित

[02:06:08] किया। बादशाह घोषित किया। जी हां, पटना

[02:06:10] में बिहार में तीन बार अटैक किया था। ये

[02:06:13] हम लोग पढ़ेंगे

[02:06:15] बिहार में तीन बार अटैक किया है। ठीक है?

[02:06:18] ध्यान रखिएगा।

[02:06:21] माधवराव के द्वारा मराठा की संरक्षता

[02:06:24] विस्तार। इसने कि माधवराव के कौन है? आगे

[02:06:26] पढ़ते हैं। तो इस प्रकार से शाह आलम

[02:06:28] द्वितीय से आपको तीनचार क्वेश्चन बन

[02:06:30] जाएगा। पानीपत के वार के समय मुगल बादशाह

[02:06:33] शाह आलम बैटल ऑफ बक्सर के समय मुगल बादशाह

[02:06:38] शाह आलम एक और था प्रयागराज के इलाहाबाद

[02:06:43] की संधि इन्हीं से हुई थी।

[02:06:47] इलाहाबाद की संधि भी इन्हीं से हुई।

[02:06:55] इसके बाद अकबर द्वितीय इनसे एक ही

[02:06:57] क्वेश्चन पूछता है कि राजा राममोहन को

[02:06:58] राजा की उपाधि किसने दी? हुआ क्या? रीजन

[02:07:01] इसके पीछे था कि इनको पेंशन मिलता था।

[02:07:04] अंग्रेज

[02:07:06] इन्हें पेंशन देते थे।

[02:07:11] सोचिए ये लोग मुगल बादशाह हैं।

[02:07:16] अब अंग्रेजों से पेंशन ले रहे हैं।

[02:07:20] अब अंग्रेजों से पेंशन ले रहे हैं ये लोग।

[02:07:24] ₹26 लाख हुआ क्या कि अकबर सेकंड को

[02:07:29] पेंशन कम कर दिया गया। अकबर सेकंड को

[02:07:32] पेंशन कम कर दिया गया।

[02:07:37] अब अकबर कैसे बात करते हैं? इनको अकबर

[02:07:40] दीदी को बताया गया कि एक राजा राम हैं।

[02:07:42] मतलब राममोहन राय हैं। बड़ा अच्छा इनका

[02:07:44] संबंध है अंग्रेजों से और भाषा के ज्ञानी

[02:07:47] है बहुत। हुआ कि ठीक है।

[02:07:52] भाषा ज्ञानी तो अच्छा है।

[02:07:55] इन्होंने कहा कि सुनिए राममोहन राय जी आप

[02:07:58] चले जाइए लंदन रिटेन। कह कि मैं किस तरीके

[02:08:02] से जाऊं? मैं क्या बोलूंगा? किस तरीके से

[02:08:03] मैं रिप्रेजेंट कहा कि मैं आपको राजा की

[02:08:05] उपाधि देता हूं। ठीक है? मैं आपको राजा की

[02:08:08] उपाधि देता हूं। और इन्होंने क्या किया?

[02:08:11] इनको राजा की उपाधि दी। यही क्वेश्चन ही

[02:08:14] पूछता है और कुछ नहीं। यह गए बेचारे लेकिन

[02:08:17] राजा राम मोहरा की उनकी मृत्यु भी होती

[02:08:18] है। इन्हीं के काल में मुगलों के सिक्के

[02:08:20] बनना भी बंद हो गए। इसके बाद अंतिम राजा

[02:08:23] बहादुर शाह सेकंड जिस जो जफर के नाम से

[02:08:26] अपने पोएम को लिखता था। पोएट था यह बड़ा

[02:08:28] पोएट था। और अपनी कविताएं जो है या फिर

[02:08:31] आपको शायरी जो है वह जफर के नाम से लिखता

[02:08:34] था।

[02:08:35] ठीक है? किस नाम से लिखता था? जफर के नाम

[02:08:38] से लिखता था।

[02:08:40] अंतिम मुगल बादशाह 1857 की क्रांति इसी के

[02:08:43] समय था और इसको कैद कर कर रंगून भेज दिया

[02:08:45] गया और यहीं पर इसकी मृत्यु हो गई। रंगून

[02:08:47] में ही और इस प्रकार से मुगलों का

[02:08:52] आपको समाप्ति हुआ। अब एक दो चीजें और जैसे

[02:08:56] नादिर शाह का आक्रमण यह देखो नादिर शाह

[02:08:58] खतरनाक था। सबसे पहले तो कहां का था? यह

[02:09:00] ईरान का था। इसलिए इसका टाइटल जो था

[02:09:03] ईरानियन नेपोलियन कहा जाता था। पहले गजनी

[02:09:06] के क्षेत्र पर आप आक्रमण किया अफगान वाले

[02:09:08] क्षेत्र पे। फिर काबुल पे कब्जा किया। फिर

[02:09:10] पंजाब में आया। पंजाब में जब आया ना तो

[02:09:14] इसी को आपको कहा जाता है कि अवध के नवाब

[02:09:18] शहादत खान के द्वारा इसको इनवाइट किया गया

[02:09:21] कि आप दिल्ली पर आइए। वहां पर अटैक कीजिए

[02:09:23] और यह दिल्ली आता है। दिल्ली पर अटैक करता

[02:09:27] है और एक क्वेश्चन यह पूछा गया है। एक तो

[02:09:29] यह डेट याद रखिएगा और एक ये वीवीआई डेट

[02:09:34] है। करनाल का युद्ध यानी आपको आज के

[02:09:37] हरियाणा में जगह है करनाल। वहां पर आपको

[02:09:40] एक लड़ाई होती है जिसका कहा जाता है बैटल

[02:09:43] ऑफ करनाल। इसका एग्जैक्ट डेट आपको याद

[02:09:46] होना चाहिए 24 फरवरी।

[02:09:49] यानी आप लोग के वैलेंटाइन के 10 दिन के

[02:09:51] बाद आप लोग वैलेंटाइन डे के 10 दिन के बाद

[02:09:55] 1739 को यह लड़ाई होती है। दिल्ली में यह

[02:10:00] 57 डेज रुका। यह भी पीवाईक्यू है। और खूब

[02:10:04] लूटपाट मचा। कहा जाता है इतिहास में

[02:10:07] कहा जाता है इतिहास में पहली बार

[02:10:11] इस लेवल पे लोगों को मारा गया, लूटा गया।

[02:10:17] आज तक इतिहास है और किसके काल में हो रहा

[02:10:18] है? रंगीला के काल में। रंगीला भाग जाता

[02:10:22] है।

[02:10:24] रंगीला के काल में हो रहा है।

[02:10:28] भेजा गया कि भैया निजामुल मुल्क और शहादत

[02:10:31] खान को भेजा गया। यह अवध का हेड था।

[02:10:38] और यह हैदराबाद का हेड था।

[02:10:42] ये हैदराबाद का हेड था।

[02:10:44] तख्ते ताऊ कोहिनूर सब लेकर चला गया। सोच

[02:10:48] लीजिए

[02:10:49] कभी पहन कर आ गए भाई याशिका हां

[02:10:54] आगे बढ़ा जाए। चलिए

[02:10:58] देखिए मैंने कहा है ना अब नवीन राज्यों का

[02:11:01] उदय देख लीजिए।

[02:11:04] आपको यह लिस्ट याद रखना होगा। वीवीआई

[02:11:07] लिस्ट है। हैदराबाद किसके द्वारा बनाया

[02:11:10] गया था? चिंकलिज खान यानी निजामुल मुल्क

[02:11:13] अवध शहादत खान इनको बुहरान उल मुल्क की

[02:11:17] उपाधि मिली थी। रोहिलखंड वीर दाऊद और अली

[02:11:20] मोहम्मद खान बंगाल मुर्शिद कुली खान

[02:11:29] कर्नाटक

[02:11:31] सदाततुल्ला खान भरतपुर चुरामन और बदन सिंह

[02:11:34] बदन सिंह आएगा तो बदन सिंह को टिक

[02:11:36] कीजिएगा। ठीक बंदा बहादुर को क्रेडिट जाता

[02:11:39] है। इन्हीं का नाम था गुरु बक्ष सिंह,

[02:11:41] मैसूर, हैदर अली, त्रावणकोर, मार्तंड

[02:11:44] वर्मा और अहो जो है रुद्र सिम्हा।

[02:11:48] यह नए-नए राज्यों का उदय हुआ। नए-नए

[02:11:53] राज्यों का उदय हुआ।

[02:11:59] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[02:12:01] नए-नए राज्यों का उदय हुआ।

[02:12:04] आगे बढ़ा जाए। अब देखिए

[02:12:08] अब यहीं से अब स्टार्ट होता है कि नए-नए

[02:12:11] राज्यों में सबको नहीं पढ़ना है। दो-तीन

[02:12:13] को पढ़ना है। जैसे एक बंगाल को आपको थोड़ा

[02:12:15] सा अच्छा से पढ़ लेना है। मैसूर को पढ़

[02:12:17] लेना है। यहां से क्वेश्चंस होते हैं। अभी

[02:12:20] एडीओ में पूछा गया है। एडीओ ने क्या किया?

[02:12:23] आप लोग को सरप्राइज़ दिया। एडीओ ने उस

[02:12:26] सेक्शन को टच किया

[02:12:30] जहां से क्वेश्चन जनरली नहीं पूछता है।

[02:12:33] ठीक है? तब आएगा। आज थ्योरी का क्लास है।

[02:12:38] एक दिन आप लोग को एमसीक्यूस का क्लास

[02:12:40] होगा।

[02:12:42] ठीक है? ध्यान रखिएगा

[02:12:45] सर। वैलेंटाइन डे के दिन मेरा ब्रेकअप हो

[02:12:47] गया। क्या बात है। कि वैलेंटाइन थी। ये भी

[02:12:52] बहुत बड़ा बात है।

[02:12:54] ये अचीवमेंट।

[02:12:59] चलिए बंगाल का और ब्रिटिश। अब आते हैं

[02:13:02] थोड़ा सा बंगाल में। यहीं से अंग्रेजों ने

[02:13:05] अपने प्रभाव को जमा दिया। देखिए जो बिहार

[02:13:08] स्पेशल की बुक है ना कई बच्चे ऑफलाइन खोज

[02:13:11] रहे हैं। आप लोग Flipkart से ले लीजिए।

[02:13:14] Flipkart पे सस्ता है। 140 ₹150 मिल रहा

[02:13:17] है। ऑफर हैकि Flipkart पे

[02:13:21] सर्च कीजिएगा Flipkart पे जाकर। बिहार

[02:13:24] स्पेशल बुक अभय सर। बिहार स्पेशल बुक PW आ

[02:13:27] जाएगा। ठीक है। दो चार पांच दिन एक्स्ट्रा

[02:13:29] लग रहा है आने में लेकिन कर लो। काफी

[02:13:31] सस्ता है वो।

[02:13:34] बहुत इजी लैंग्वेज है। इंग्लिश मीडियम

[02:13:35] वाले बच्चे भी ले सकते हैं। चलिए बंगाल और

[02:13:43] ब्रिटिश

[02:13:45] बट उससे पहले बंगाल का बैकग्राउंड जानना

[02:13:48] जरूरी था। बट उससे पहले बैकग्राउंड जानना

[02:13:51] आपको बंगाल का जरूरी है। अब आइए थोड़ा सा

[02:13:55] हम लोग बैकग्राउंड में आते हैं। अरे

[02:13:58] ऑनलाइन में बहुत बच्चे ले रहे हैं भाई।

[02:13:59] बहुत बच्चे ले देखो

[02:14:04] इसलिए कह रहा हूं ना कि काफी सस्ता को है

[02:14:06] तो ले लीजिए आप लोग भी

[02:14:09] ठीक है दो चार पांच दिन आने में लग रहा है

[02:14:12] यह है बंगाल एरिया

[02:14:15] यह बंगाल एरिया है भाई

[02:14:20] और यहां पर किसका शासन है मुगल यहां पर

[02:14:24] प्रभाव किसका रहता था मुगल मतलब मुगलों के

[02:14:27] द्वारा बंगाल चलता था

[02:14:30] मुगल यहां पर अपना प्रभाव रखते थे।

[02:14:34] बट यहां पर एक शासक आया। शासक आया नवाब

[02:14:37] आया जिसका नाम था मुर्शिद कुली खान।

[02:14:40] मुर्शिद कुली खान का थोड़ा सा बगझग हुआ।

[02:14:42] रीज़न इसके पीछे यह था कि जब अजीमुन शान ने

[02:14:48] ₹100 में कोलकाता का एरिया इन लोग को दे

[02:14:50] दिया। तो मुर्शिद कुली खान ने इस पर ऐतराज

[02:14:53] जताया।

[02:14:55] कहा कि भाई हम लोग क्यों हैं? आप लोग

[02:14:57] दिल्ली में बैठते हैं।

[02:15:00] ग्राउंड लेवल पर तो जानकारी कुछ होती नहीं

[02:15:02] है। वहां पर बैठे रहते हैं कोर्ट में,

[02:15:05] दरबार में और डिसीजन लेते रहते हैं। किससे

[02:15:08] पूछकर आप लोगों ने दिया? आपको क्या नॉलेज

[02:15:10] है कि यहां पर वो कितना महत्वपूर्ण एरिया

[02:15:12] है? मतलब इसको पसंद नहीं आया था यह सब

[02:15:14] करना। मतलब मुगलों का इंटरफेयर करना। अगर

[02:15:17] मुगल आते रहते बंगाल तो वह भी इनके लिए चल

[02:15:20] जाता।

[02:15:22] लेकिन वह लोग तो दिल्ली में रहते थे और

[02:15:23] वहीं से बकैती करते थे।

[02:15:28] इनको बंगाल से ग्राउंड लेवल लेना देना

[02:15:31] सोचिए ना ₹100 में दे दिए थे जाओ कोलकाता

[02:15:34] जाओ

[02:15:35] इसका बहस हुआ था इस चीज को लेकर इसने

[02:15:38] औरंगजेब से भी कहा औरंगजेब के थोड़ा सा

[02:15:41] क्लोज थाकि एक ब्राह्मण था यह इसने

[02:15:43] कन्वर्ट किया था अपने आप

[02:15:47] और फिर आगे जाकर कहता है कि फरारूख सियर

[02:15:49] से कहता है कि भाई मैं ही यहां का हेड

[02:15:50] बनूंगा आपको लैंड रेवेन्यू चाहिए ना मैं

[02:15:53] दे दूंगा आपको जो भी रेवेन्यू चाहिए मैं

[02:15:56] दे दूंगा। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। तो

[02:15:57] फर्रुख सिंह ने कहा ठीक है। तो इसने क्या

[02:16:00] किया?

[02:16:02] फर्रुख सियार के समय ही उसके बाद तो अपना

[02:16:04] स्वतंत्र रूप से रहने ही लगा। लेकिन इसने

[02:16:06] अपने आप को सूबेदार भी घोषित किया। अब

[02:16:10] दीवान भी बन गया।

[02:16:12] यह बात 1717 की है।

[02:16:17] और कहा कि आपको मैं रेवेन्यू दे दूंगा।

[02:16:19] आपको कुछ टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं है।

[02:16:21] तो यह फर्रुख सीियर में ही हुआ।

[02:16:25] यह कब हुआ? फर्रुख सीयर में ही हुआ।

[02:16:28] रंगीला के समय तो एकदम स्वतंत्र हो गया था

[02:16:30] यह। हां।

[02:16:33] और यही कारण है कि बंगाल को इसने क्या

[02:16:35] किया? अपने तरीके से चलाना शुरू कर दिया।

[02:16:38] बट अभी भी किसके अंडर में है? यह अंडर में

[02:16:41] है मुगलों के। यह अंडर में है मुगलों के।

[02:16:49] लेकिन फर्रुख शेयर ने इसको वो नहीं किया

[02:16:51] था। देखो स्वतंत्र रूप से स्थापना करने का

[02:16:54] श्रेय इसी को जाता है। इसने सबसे पहले

[02:16:56] क्या किया? राजधानी को चेंज कर दिया। इसका

[02:17:00] असली नाम था सूर्य नारायण मिश्रा। तो ये

[02:17:03] दक्षिण का ब्राह्मण था। दक्षिण भारत का

[02:17:06] ब्राह्मण था।

[02:17:08] दक्षिण

[02:17:10] भारत का

[02:17:12] ब्राह्मण था।

[02:17:20] दक्षिण भारत का ब्राह्मण था। सबसे पहले

[02:17:23] इसने कैपिटल चेंज किया। ढाका से

[02:17:25] मुर्शिदाबाद। रीज़ ढाका में अंग्रेजों का

[02:17:28] प्रभाव बहुत ज्यादा था। और यह चाहता था कि

[02:17:32] मैं अंग्रेजों से थोड़ा सा कटू।

[02:17:35] अंग्रेज रहेंगे काम करने नहीं देंगे।

[02:17:38] बराबर कहेंगे कि भाई मुझे यह छूट दो

[02:17:40] व्यापार में, मुझे वोट छूट दो व्यापार

[02:17:42] में।

[02:17:45] है कि नहीं?

[02:17:48] और इस प्रकार से यह क्वेश्चन आता है। यह

[02:17:51] पीवाईक्यू है। इंपॉर्टेंट है। इसने एक

[02:17:54] व्यवस्था स्टार्ट की जिसको कहा गया

[02:17:56] इजारेदारी। वो भी लीज़ होल्ड व्यवस्था था।

[02:17:59] इससे भी आपको रेवेन्यू आता था।

[02:18:06] ठीक है?

[02:18:09] इससे भी आपको रेवेन्यू आता था। ठीक है?

[02:18:09] ध्यान रखिएगा। इसके बाद एक इसने क्या

[02:18:11] किया? तकावी टैक्स लेना आपको लोन टैक्स

[02:18:14] नहीं लोन यह तकावी लोन क्या होता था

[02:18:17] एडवांस टैक्स होता था एक्चुअली हो मतलब

[02:18:19] लोन होता था जैसे अब किसान कहें कि मेरे

[02:18:22] पास नहीं है ठीक है पैसा नहीं है मैं वीजा

[02:18:26] रोपण क्या करूं यह करूं वो करूं इसने कहा

[02:18:28] कि एक काम करते हैं सभी किसानों को एक काम

[02:18:30] कीजिए

[02:18:33] टैक्स दे दीजिए एडवांस में लोन दे दीजिए

[02:18:36] जब इनका फसल कटेगा तो हम लोग वापस ले

[02:18:39] लेंगे दिक्कत क्या है तो भाई वो है ठीक है

[02:18:41] इसी को नाम दिया गया तकाबी ऋण। क्या दिया

[02:18:43] गया? तकाबी ऋण।

[02:18:48] इससे छोटे-छोटे जमींदारों को शोषण हुआ।

[02:18:51] बड़े जमींदार हावी होने लगे। क्योंकि ये

[02:18:54] तकावी ऋण जो है बड़े जमींदार भी देने लगे।

[02:18:56] छोटे जमींदारों को भी देने लगे। एक बार

[02:18:59] यूपीएससी ने इस क्वेश्चन को पूछा था कि

[02:19:01] मुर्शिद कुली खान में सभी जमींदार

[02:19:05] शोषण हुआ तो नहीं। केवल छोटों का हुआ।

[02:19:07] बड़े वाले तो ऐश किए। जो बड़े जमींदार

[02:19:09] मतलब जिसके पास बहुत सारे जमीन थी बड़ा

[02:19:11] पैसा था वो लोग तो ऐश की है वो लोग ऐश की

[02:19:18] ठीक है

[02:19:22] अब इनके बाद इनके दामाद थे क्योंकि इनका

[02:19:26] अपना बेटा नहीं था तो दामाद था दामाद में

[02:19:29] एक ही चेंजेज हुआ क्या कि बिहार का भी

[02:19:32] सूबेदारी इन्हीं लोगों को दे दिया कि भैया

[02:19:34] बिहार की सूबेदारी अब बिहार की सूबेदारी

[02:19:37] लेंगे तो कैसे लेंगे

[02:19:39] बिहार को कैसे देखे? ये लोग तो बंगाल में

[02:19:41] रहते थे। तो इन्होंने क्या किया? एक

[02:19:42] व्यक्ति को जिसका नाम था अली वर्दी खान।

[02:19:44] इसको कहा कि तुम बिहार देखो। देख लोगे

[02:19:47] अच्छे से।

[02:19:54] तो काबी ऋण का मतलब एडवांस ऋण। मैं आपको

[02:19:57] कुछ काम के लिए पहले पैसा दे रहा हूं। वो

[02:19:59] कब लूंगा? वो आपसे लूंगा मैं जब आपका फसल

[02:20:01] कटेगा। फसल कटेगा तो उतना पैसा मैं काट

[02:20:04] लूंगा। हां। जाहिर सी बात है ऋण कौन लेगा?

[02:20:08] कोई पैसे वाला आदमी ऋण थोड़ी लेगा।

[02:20:12] गरीब ही ऋण लेंगे। जाहिर सी बात है।

[02:20:16] अली वर्दी खान को बिहार का सूबेदार और अली

[02:20:20] वर्दी खान बहुत तेज आदमी था। इनका

[02:20:24] कोई लेना देना नहीं था। नवाबों के खून से

[02:20:27] यह नहीं थे। मतलब ब्लड रिलेशन नहीं था।

[02:20:36] और

[02:20:40] इन्होंने क्या किया बिहार में अच्छा और

[02:20:42] बिहार में जब थे तो इनका अफगानों से लड़ाई

[02:20:44] हुआ आपको इनका मराठों से लड़ाई हुआ इसके

[02:20:47] बाद राजा बनता है सरफराज

[02:20:50] सरफराज इन्हीं के बेटे थे अब जैसे ही

[02:20:53] सरफराज राजा बनता है अगले ही साल अली

[02:20:56] वर्दी क्या कहता है कि मैं नवाब बनूंगा

[02:20:59] सोचिए अभी ये क्या था केवल इसको जागीरदारी

[02:21:03] दी गई थी। क्या दिया गया था? जागीरदारी

[02:21:06] दिया गया था। कहता मैं नवाब बनूंगा

[02:21:11] और खुद को नवाब के लिए। अब सरफराज कहा कि

[02:21:14] तुम कैसे नवाब हो? मैंने कहा कि ठीक है

[02:21:15] लड़िए लो। तो एक जगह है गिरिया।

[02:21:18] गिरिया की लड़ाई में सरफराज को हराकर मार

[02:21:21] देता है। और अपने आप को घोषित करता है अली

[02:21:25] वर्दी खान। अब सोचिए कहां पर है यह? बिहार

[02:21:29] में। बंगाल के नवाब को घोषित। लेकिन यहां

[02:21:32] पर कौन बैठा हुआ है? यहां पर मुगल रंगीला

[02:21:35] है। रंगीला का रे ई का

[02:21:41] मुगल कहता है ये क्या कर रहे हैं? इससे

[02:21:45] पूछकर तुम यहां पर लड़ाई किए हो। अली

[02:21:47] वर्दी खान कहता है कि ये लोग अच्छा से

[02:21:48] नहीं चला रहे थे। मैं आपको चला कर दूंगा।

[02:21:52] कहता है कि ना ऐसा तो नहीं हो सकता।

[02:21:54] रंगीला गुस्सा आ गया। कहता अरे आपको पैसा

[02:21:57] चाहिए ना जैसे राजस्व मिलता था मैं दूंगा।

[02:22:01] और कहा कि और मैं ₹ करोड़

[02:22:04] ठीक है।

[02:22:06] ₹ करोड़ और दूंगा। अब सोचिए कि एक बड़े से

[02:22:13] स्टेट का राजा बनने के लिए ₹ करोड़ का घूस

[02:22:16] देता है।

[02:22:18] यही तो थे मोहम्मद शाह रंगीला।

[02:22:22] सोच लीजिए।

[02:22:28] ध्यान रखिएगा।

[02:22:31] तो यहीं से अली वर्दी खान बनता है। सर बैच

[02:22:33] का क्लास ऑफ करके यहां मैराथन ले रहे हैं।

[02:22:36] जाहिर सी बात है मैराथन यहां लूंगा तो बैच

[02:22:39] का क्लास ऑफ ही रहेगा। और यह मैराथन मैं

[02:22:42] अपने लिए नहीं ले रहा हूं। आप ही लोग के

[02:22:43] लिए ले रहा हूं। आप लोग को ही रिवीजन के

[02:22:46] लिए ले रहा हूं। ऐसा तो है नहीं कि मैं

[02:22:48] खुद के लिए ले रहा हूं कि भाई हां मुझे

[02:22:50] पढ़ पढ़ना है।

[02:22:54] ठीक है? ध्यान रखिएगा। और यहीं से आपको यह

[02:22:57] करते हैं।

[02:23:01] एक बात बताइए

[02:23:04] आप लोग भी यही हैं। मैं भी यही हूं। जाहिर

[02:23:08] सी बात है आप लोग खड़ा होकर तो नहीं पढ़

[02:23:10] रहे होंगे। एक चीज समझिए डेडिकेशन समझिए

[02:23:13] अपना और मेरा। मेरा मतलब कि शिक्षकों का।

[02:23:16] मैं तो बैठकर नहीं पढ़ा रहा हूं। खड़ा

[02:23:19] होकर पढ़ा रहा हूं। लगातार बोल भी रहा

[02:23:21] हूं, समझा भी रहा हूं।

[02:23:24] और आप लोग को बैठकर पढ़ना है। आपको बोलना

[02:23:29] भी नहीं है। आपको सिर्फ सुनना है अच्छे

[02:23:32] से।

[02:23:34] उस काम में भी आप लोग थक जाते हैं। एक बात

[02:23:37] बताओ कि डडीिकेशन किसका ज्यादा है? आपका

[02:23:40] है कि मेरा है?

[02:23:43] 72 बीपीएससी के लिए आपका डेडिकेशन ज्यादा

[02:23:46] है कि मेरा है?

[02:23:49] सोच लो।

[02:23:58] काम आपको आना है। मुझे तो आना नहीं है।

[02:24:01] मैं तो पढ़ा दिया।

[02:24:06] अब कहते हैं सर जा रहा हूं। ये करा तो चले

[02:24:08] जाओ। बोलने की क्या जरूरत? निकल जाइए।

[02:24:10] लेकिन सिंपल एक लॉजिक देखिए।

[02:24:13] आपका डेडिकेशन इसका मतलब आपसे ज्यादा

[02:24:15] हमारा है।

[02:24:18] तो फिर चले अली वर्दी खान ने ₹ करोड़ देकर

[02:24:22] अपने पद की स्वीकृति ली। कहा कि भैया मुगल

[02:24:25] जब मुगल बादशाह बना दो सॉरी बंगाल का

[02:24:27] गवर्नर बना दिया गया। अब लेकिन जैसे ही यह

[02:24:30] बंगाल का बना। इसके पास दो-तीन चैलेंजेस

[02:24:33] थे। क्या चैलेंज था? दो-तीन चैलेंजेस था।

[02:24:38] पहला एक तो मराठा लगातार अटैक कर रहे हैं।

[02:24:40] मराठाओं ने इसके काल में बहुत अटैक किया।

[02:24:44] इवन इसको उड़ीसा

[02:24:46] इन सब का चौथ भी लिया।

[02:24:51] बहुत मराठा दूसरा अंग्रेज इंटरफेयर कर रहे

[02:24:54] थे। लेकिन इसने अंग्रेजों या अन्य यूरोपीय

[02:24:57] कंपनियों के साथ बहुत छेड़छाड़ नहीं किया।

[02:25:00] कहा कि एक काम करते हैं। इनको छेड़छाड़ मत

[02:25:03] करो। इन्होंने यूरोपीय कंपनियों को

[02:25:06] मधुमक्खी से तुलना की।

[02:25:09] इन्होंने यूरोपीय कंपनी की तुलना

[02:25:12] मधुमक्खियों से किया।

[02:25:15] कहा कि

[02:25:20] अगर मैं इनके साथ छेड़छाड़ करूंगा तो यह

[02:25:24] लोग मुझे डंक मारेंगे।

[02:25:27] और यदि मैं

[02:25:30] इनके साथ मजबूत रहूंगा

[02:25:33] या इनके साथ अच्छा काम करूंगा। इनके साथ

[02:25:35] रिलेशन ठीक तो यह मुझे तहद देंगे। यह भी

[02:25:39] आपका पीवाईक्यू है कि किस बंगाल के नवाब

[02:25:43] ने मधुमक्खियों की तुलना की थी यूरोपीय

[02:25:46] कंपनी से तो यही अली वर्दी खान की है। और

[02:25:49] यही कारण है कि अली वर्दी खान के काल में

[02:25:52] बहुत ज्यादा इंटरफेयर ये लोग नहीं किए।

[02:25:56] यही कारण है कि अली वर्दी खान के काल में

[02:25:59] बहुत ज्यादा इंटरफेयर ये लोग नहीं किए थे।

[02:26:02] यही कारण है।

[02:26:07] ठीक है?

[02:26:10] अब आते हैं

[02:26:13] तो

[02:26:17] क्या है? इनको बोलते हैं पीपीटी वाले

[02:26:20] मास्टर। मुझे तो यह नहीं समझ में आ रहा है

[02:26:24] कि सर वहां कीचड़ और मैं वहीं पर नहा रहा

[02:26:26] हूं। उसी कीचड़ में घुसकर। इसका मतलब

[02:26:30] कीचड़ से ज्यादा कीचड़ आप हो गए। आप कह

[02:26:33] रहे हैं कि पीपीटी वाले मास्टर हैं और

[02:26:35] दूसरा अगर क्लास कर रहे हैं तो आपसे भी

[02:26:38] बेवकूफ कौन होगा? कोई नहीं होगा। आपको

[02:26:41] क्या लगता है कि 10 घंटे में मॉडर्न

[02:26:43] हिस्ट्री बोर्ड पर लिख लिखकर पढ़ाया जा

[02:26:45] सकता है क्या? पॉसिबल है।

[02:26:50] यह पॉसिबल है।

[02:26:55] मतलब मैं सेटिस्फेक्शन भी नहीं हूं।

[02:27:01] ठीक है।

[02:27:03] और मैं पढूंगा अभी। क्या बोला जाए?

[02:27:09] मतलब इससे पता चलता है कि सबसे खराब आप ही

[02:27:12] लोग हैं। मतलब जो बोलता है इस तरीके से

[02:27:14] क्या आपको लगता है पॉसिबल है

[02:27:18] के।

[02:27:29] चलो आइए आगे बढ़ते हैं।

[02:27:34] पटना के निकट अली वर्दी खान की लड़ाई होती

[02:27:37] है अफगानों से। ऐसे कैसे याद रखिएगा ऐसे

[02:27:40] याद ये रखिएगा पटना के निकट क्योंकि पटना

[02:27:43] में शासन किसका था? अफगानों का था। शेर

[02:27:45] शाह वगैरह ने आगे जाकर देखिएगा पाटलिपुत्र

[02:27:46] को एज ए वो भी ट्रीट किया था एज ए कैपिटल

[02:27:49] भी। तो ऐसे याद कीजिएगा। फतुआ में हुआ था

[02:27:52] मराठों के साथ। फथुआ में कहां हुआ था?

[02:27:54] किसके साथ हुआ था? मराठों के साथ। ठीक है?

[02:27:56] ध्यान रखिएगा। फथुआ में मराठों के साथ हुआ

[02:27:59] था।

[02:28:01] क्लियर?

[02:28:03] तो यह थोड़ा सा आप लोग ध्यान रखना है। यह

[02:28:05] दोनों क्वेश्चन आता है। हालांकि बिहार

[02:28:07] स्पेशल में जब मैं पढ़ाऊंगा ना तो इसके

[02:28:08] बारे में चर्चा करूंगा आप लोगों से।

[02:28:13] इनके देखो अब इनके जो है ना इनके अपना कोई

[02:28:16] बेटा नहीं था। तीन बेटियां थी अली वर्दी

[02:28:18] खान की। तीन बेटियां।

[02:28:22] पहली बेटी

[02:28:25] का शादी ढाका में हुआ। दूसरी बेटी का शादी

[02:28:28] हुआ आपको

[02:28:31] पूर्णिया में और तीसरी बेटी का शादी हुआ

[02:28:35] पटना में।

[02:28:38] तीसरी इसी तीसरी बेटी

[02:28:41] का जो है हस्बैंड को मार दिया गया था

[02:28:45] अफगानों के द्वारा। इसीलिए अफगानों के साथ

[02:28:48] लड़ाई हुई थी अली वर्दी खान की। ठीक है?

[02:28:50] ध्यान रखिएगा। उतना घुसने की जरूरत

[02:28:51] आवश्यकता नहीं है।

[02:28:56] यह बेटी थी घसीटी बेगम।

[02:29:04] देखो जिस जिस कैरेक्टर का जरूरत है जिसकी

[02:29:07] जरूरत है वो मैं आपको बता रहा हूं। फसीटी

[02:29:10] बेगम जो है यह सबसे बड़ी बेटी है।

[02:29:14] अंग्रेज शुरू से ही क्या किए थे?

[02:29:22] क्या

[02:29:25] घसीटी बेगम क्या किए थे यहां पर

[02:29:28] लगातार जो है अंग्रेजों के प्रभाव में

[02:29:31] रहती थी बट इन सभी के हस्बैंड क्या हुए थे

[02:29:34] मर गए थे इन सभी के हस्बैंड क्या हुए थे

[02:29:36] मर गए थे अब हस्बैंड मर गए तो कैसे भाई

[02:29:39] किया जाए अब समस्या क्या आई कि और इनको

[02:29:43] लगा था ना कि मेरे बेटा पोता इन सब को

[02:29:45] किसी को दे दिया जाएगा इतना नहीं होता कि

[02:29:48] बड़ा जो है उसी का ख्याल रखना है। बस ऐसा

[02:29:51] हुआ नहीं।

[02:29:53] दूसरा इनके बेटी का बेटा था शौकत जंग।

[02:29:58] इसको लगा कि मुझसे मुझे देना चाहिए। और

[02:30:01] तीसरा जो था सिराजुद्दौला था। सबसे छोटा

[02:30:08] अली वर्दी खान ने क्या किया? सिराज को नया

[02:30:10] नवाब घोषित कर दिया। अली वर्दी खान ने

[02:30:14] सिराज को नया नवाब घोषित कर दिया। नवाब बन

[02:30:17] गए। अब एक बात बताइए जैसे ही नवाब बनेंगे

[02:30:20] दो तो पहले से ही दुश्मन हो गए। हसीटी

[02:30:23] बेगम और शौकत जंग दो दुश्मन हो गए। तो

[02:30:26] बेचारे जैसे ही सिराज बने इनके दो दुश्मन

[02:30:29] बन गए। और इनको यह भी पसंद नहीं करते थे।

[02:30:36] इनको अंग्रेज भी पसंद नहीं करते थे। इनके

[02:30:39] तीन दुश्मन पहले से ही थे। ठीक है?

[02:30:43] राजभवल इसी का ही था। मतलब आपको अह यह

[02:30:47] दरबार में यह प्लस अंग्रेज एक्चुअली वहां

[02:30:51] पर एक रूल होता था। रूल यह होता था कि अगर

[02:30:57] कोई बंगाल में नवाब बनता था ना तो आसपास

[02:31:00] के जितने बड़े-बड़े लोग थे, व्यापारी थे,

[02:31:02] सबको बुलाया जाता था। ठीक है?

[02:31:06] सबको बुलाया जाता था।

[02:31:10] अंग्रेजों को भी बुलाया गया था। जब सिराज

[02:31:12] बन रहे थे तो अंग्रेज में से मैक्सिमम

[02:31:14] अंग्रेज नहीं आए थे।

[02:31:18] अंग्रेज और भड़का रहे थे। हो गया बन गए

[02:31:20] तुम लोग तुम्हारा छोटका बन गया। ये लोग

[02:31:22] करते-करते शौकत जंग कह कि लड़िए लो। और

[02:31:25] क्या हुआ? सिराज और शौकत जंग के बीच एक

[02:31:27] लड़ाई होती है कहां पर? मनिहारी में

[02:31:30] कटिहार

[02:31:33] और इनकी मृत्यु हो जाती है।

[02:31:36] अंग्रेज पसंद नहीं करते थे। क्यों?

[02:31:38] क्योंकि इनका तरीका और

[02:31:42] अली वर्दी खान का तरीका

[02:31:45] ठीक है।

[02:31:47] अलग-अलग था। अली वर्दी खान अलग तरीके से

[02:31:50] ट्रीट करते थे।

[02:31:52] सिराज बहुत इंटरफेयर पसंद नहीं करता था।

[02:31:56] बात वही हुई जब यह लोग यहां पर बहुत

[02:31:59] ज्यादा इंटरफेयर करने लगे ना हुगली वाले

[02:32:01] एरिया में तो सिराज ने इनको वार्निंग भी

[02:32:04] दिया।

[02:32:08] व्यापार में हस्तक्षेप

[02:32:15] इनको वार्निंग भी दिया

[02:32:18] कि भाई ऐसा मत करो

[02:32:22] नहीं माने ये लोग नहीं माने तो इन लोगों

[02:32:26] ने क्या किया सिराज ने क्या किया 4 जून को

[02:32:28] कासिम बाजार मतलब आज के कोलकाता पे अटैक

[02:32:31] किया और 20 जून को कोलकाता पे कब्जा कर

[02:32:33] लिया वही कोलकाता है पोर्ट विलियम

[02:32:37] अंग्रेज अपना पूरा एरिया बसाए हुए थे

[02:32:39] देखिए सिराज आक्रम आक्रमण नहीं करता।

[02:32:43] सिराज आक्रमण इसीलिए किया क्योंकि यह लोग

[02:32:47] हुगली में व्यापार में इंटरफेयर कर रहे

[02:32:50] थे। इनको परमिशन मिला हुआ था, दस्तक मिला

[02:32:53] हुआ था। उसका मिसयूज कर रहे थे ये लोग

[02:32:55] लगातार।

[02:32:57] सिराज ने आक्रमण किया और अंग्रेजों को कहा

[02:32:59] कि भाई ऐसे काम नहीं चलेगा तुम्हारा। सुधर

[02:33:02] जाओ। इन लोगों ने कहा कि ठीक है आगे देखते

[02:33:05] हैं।

[02:33:07] माफी मांगे यह लोग। कि ठीक है भाई तभी एक

[02:33:10] चर्चा आती है ब्लैक होल की घटना हालांकि

[02:33:12] इसके बारे में बहुत जानकारी नहीं है

[02:33:14] एकमात्र अंग्रेज है हॉबवेल इन्होंने ही

[02:33:17] इसकी जानकारी दी

[02:33:19] ठीक है

[02:33:21] इन्होंने ही बस इसकी जानकारी दी

[02:33:28] कहा कि

[02:33:32] बहुत क्रूर शासक है सिराज देखो आक्रमण

[02:33:35] किया एक छोटे से कमरे में 10 * 14 में 146

[02:33:41] लोगों को मार दिया। मतलब बंदी बना लिया

[02:33:43] जिसमें 123 लोग मर गए।

[02:33:46] दूसरे इतिहासकार इसकी चर्चा ही नहीं कर

[02:33:48] रहे या उस समय का कोई अगर व्यक्ति है

[02:33:50] कंटेंपररी वो तो कोई चर्चा ही नहीं कर

[02:33:53] रहा। कोई इतिहासकार नहीं बता रहा है कि

[02:33:55] ऐसी कुछ घटनाएं भी हुई। और हवेल एकदम लिख

[02:33:58] रहा है कि बहुत हालत खराब था। भाई बहुत

[02:34:00] क्रूर शासक था। कहा जाता है कि सिराज का

[02:34:04] कैरेक्टर पर दाग लगाने के लिए इन्होंने इस

[02:34:06] बात को कहा।

[02:34:08] इसमें रीजन यह है कि इतने छोटे कमरे में

[02:34:10] 10 * 14 में 146 लोग कैसे घुसेगा?

[02:34:17] इसीलिए कहा जाता है कि यह झूठी ही बात है।

[02:34:20] बटकि ये चर्चा में रहता है तो इसका डेट भी

[02:34:23] याद रखिएगा और यह भी याद रखिएगा यह कहा

[02:34:25] किसके द्वारा।

[02:34:27] ठीक है? ये 23 लोग बढ़ जाते। कहा जाता है

[02:34:30] कि कैरेक्टर पर दाग लगाने के लिए किया गया

[02:34:31] था कि अंग्रेज ठीक थे। यही बेकार थे। अब

[02:34:35] होता क्या है? क्लाइव फिर से आता है।

[02:34:36] क्लाइव ने अटैक किया।

[02:34:39] सिराज से कहा कि भाई संधि कर लो नहीं तो

[02:34:42] यह चीजें चलते रहेंगी।

[02:34:46] सिराज ने कहा कि ठीक है अलीनगर एक जगह है

[02:34:48] कोलकाता में। वहां पर एक संधि होती है।

[02:34:50] अलीनगर की संधि।

[02:34:53] 9 फरवरी 1757 को यह संधि होती है।

[02:34:58] और इसमें होता है कि ठीक है क्लाइव को

[02:35:00] दुर्गीकरण का छूट मिलता है। लेकिन एक और

[02:35:02] इन्होंने कहा कि राज ने कहा कि सुनो तुमको

[02:35:06] अपना काम करना है करो। दो चीजों को ध्यान

[02:35:08] रखिएगा।

[02:35:10] पहली चीज आप हमारे व्यापार में हस्तक्षेप

[02:35:13] मत कीजिए। आपको जितना छूट मिला उसमें काम

[02:35:16] किया। दूसरा दूसरी कंपनी अगर व्यापार कर

[02:35:18] रही है क्योंकि इनका फ्रांस के साथ वो

[02:35:20] होता था।

[02:35:22] अभी वांडीवास की लड़ाई नहीं हुआ है। वांडी

[02:35:24] वास का लड़ाई हुआ 1760 में।

[02:35:27] इन्होंने कहा कि फ्रांस जो आपको कर रहा है

[02:35:31] उसको इंटरफेयर मत कीजिए। उसको भी करने

[02:35:33] दीजिए। हम हमें लाभ होता है। व्यापारिक

[02:35:34] लाभ होता है। क्लाइव ने कहा कि ठीक है। तो

[02:35:38] अलीनगर की संधि से दो चीजें कंफर्म हुई।

[02:35:40] पहला कंफर्म हुआ कि ठीक है हम लोग काम

[02:35:43] करने देंगे। दूसरे कंपनियों को भी काम

[02:35:45] करने के देंगे।

[02:35:48] और

[02:35:50] दूसरा जो हुआ

[02:35:54] वह कि ठीक है आप सिक्के ढालिए लेकिन हमारे

[02:35:58] व्यापार में हस्तक्षेप मत कीजिए। हुआ कि

[02:36:00] ठीक है कोई दिक्कत की बात नहीं है।

[02:36:03] लेकिन क्लाइव ने क्या किया? इस संधि को

[02:36:05] तोड़ते हुए इसने चंद्रनगर पर अटैक कर

[02:36:09] दिया। क्लाइव ने

[02:36:14] चंद्रनगर पे

[02:36:16] अटैक कर दिया।

[02:36:26] क्लियर?

[02:36:29] अब इनको लगा कि भाई यह तो सही नहीं है।

[02:36:31] इन्होंने कहा कि भाई तुमको लड़ाई करना है

[02:36:33] क्या? अब क्लाइव रेडी था। क्लाइव क्या था?

[02:36:35] रेडी था। रीजन क्या था रेडी होने के पीछे?

[02:36:38] कि क्लाइव ने क्या किया था? इसके जितने

[02:36:41] बड़े-बड़े पावरफुल लोग थे ना सबको अपने

[02:36:43] में मिला लिया था। क्लाइव को पता था कि

[02:36:46] तुम लड़ोगे तो किससे लड़ोगे? जैसे एज़ पर

[02:36:48] एग्जांपल मीर जाफर इसको मिला लिया। यह कौन

[02:36:52] था? नवाब का सेनापति था। राय दुर्लभ सेना

[02:36:55] नायक मणिकचंद प्रभारी था। अमीनचंद एक

[02:36:59] व्यापारी था। जगत सेठ व्यापारी था और

[02:37:02] खादिम खान भी नवाब की एक बड़ी सेना का

[02:37:04] प्रमुख था।

[02:37:06] तभी बड़े-बड़े अब यह हवा तक नहीं है सिराज

[02:37:09] को।

[02:37:12] यह सिराजुद्दौला को हवा तक भी नहीं है।

[02:37:19] इसलिए कई सारे इतिहास कहते इतिहासकार कहते

[02:37:21] कि यह लड़ाई थोड़ी था।

[02:37:24] यह तो एक सौदा था

[02:37:27] जिसमें मीर जाफर ने अंग्रेजों को नवाब

[02:37:33] अंग्रेजों को भेज दिया। किसको भेज दिया?

[02:37:36] तो नवाब को बेच दिया।

[02:37:39] सोचिए

[02:37:41] क्यों क्लाइव कॉन्फिडेंस?

[02:37:43] क्लाइव के अंदर कॉन्फिडेंट क्यों था?

[02:37:46] क्लाइव कॉन्फिडेंट इसलिए था क्योंकि उसको

[02:37:49] पता था कि हम लोग जीतेंगे ही।

[02:37:53] हम लोग जीतेंगे ही

[02:37:58] और हुआ भी यही मैं फिर से बता रहा हूं

[02:38:02] इनको हवा तक भी नहीं था कि क्या होने वाला

[02:38:05] है। जी हां और इन्होंने कहा क्लाइव ने कहा

[02:38:08] कि तुम आ ही जाओ प्लासी में तो प्लासी से

[02:38:11] तीन क्वेश्चन पहला तो डेट तो 23 जून

[02:38:18] 1757

[02:38:23] कहां है? तो मुर्शिदाबाद के नजदीक एक

[02:38:26] डिस्ट्रिक्ट है नादिया। एक नदी बहती है

[02:38:30] भागीरथी नदी। भागीरथी उत्तराखंड वाली नहीं

[02:38:32] ये है। ये डिस्ट्रीब्यूटरी है गंगा की। तो

[02:38:34] दो-तीन क्वेश्चन पूछता है। रिवर पूछता है

[02:38:36] तो रिवर कहिएगा भागीरथी।

[02:38:42] डिस्ट्रिक्ट पूछे तो कहिएगा नादिया।

[02:38:46] और गांव पूछेगा तो कहिएगा प्लासी।

[02:38:49] प्लासी में हुआ। हुआ क्या? छोटी सी लड़ाई

[02:38:52] थी। जैसे ही दोनों आमने-सामने आए।

[02:38:57] जैसे ही दोनों आमने सामने आए पलट गया मीर

[02:38:59] जाफर। मीर जाफर पलट गया।

[02:39:03] ये देखते ही आपको आंखें फट गई सिराज की।

[02:39:06] अरे

[02:39:08] कई लोग धोखा दे दिए। तो पता चल गया था कि

[02:39:10] भाई सिराज हार जाएगा मार देगा अंग्रेज

[02:39:12] इसको। तुरंत सिराज क्या करता है? भागता है

[02:39:15] वहां से क्योंकि इसके पास भी कुछ

[02:39:17] अच्छे-अच्छे लोग थे। ऐसा नहीं था कि सब

[02:39:19] वही थे। तो कुछ अच्छे लोगों में नाम आता

[02:39:23] है मीर मदान, मोहन लाल।

[02:39:27] इन्होंने कहा कि आप जाइए हम लोग संभालते

[02:39:29] हैं। तो यह जो है सिराज जो है पालकी से

[02:39:34] भागे।

[02:39:37] सिराज जो है पालकी से भागे।

[02:39:44] रॉबर्ट क्लाइव जो है जीत गया।

[02:39:50] रॉबर्ट क्लाइव जीत गया।

[02:39:54] जीतेगा ही।

[02:40:00] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[02:40:09] सिराजुद्दौला को बाद में मार दिया गया और

[02:40:12] नवाब बना दिया गया मीर जाफर। देखिए मीर

[02:40:14] जाफर उस समय तो बेचारा बेचारा तो नहीं है।

[02:40:18] मीर जाफर उस समय तो नवाब बन गया लेकिन आज

[02:40:21] भी इसको लोग थूकते हैं। आज भी इसको लोग

[02:40:24] थूकते हैं।

[02:40:26] धोखेबाज है ना? देखिए आज भी लोग एग्जांपल

[02:40:30] देते हैं। मीर जाफर मत बनो।

[02:40:34] इसीलिए आप लोग भी कभी भी ईमानदारी से काम

[02:40:37] कीजिएगा। आप भी लोग ईमानदारी से काम

[02:40:40] कीजिएगा।

[02:40:44] नहीं भागा था। रीजन इसके पीछे यह है

[02:40:46] क्योंकि यूपीपीसीएस ने क्वेश्चन पूछा है

[02:40:48] और आंसर मारा था पालकी कि पालकी से वहां

[02:40:50] से हटा दिया गया। पीछे से निकाला गया था

[02:40:52] युद्ध के मैदान से। ठीक है।

[02:40:56] अच्छा ठीक है वो हिमांशु देख लूंगा भाई।

[02:40:58] वहां से क्वेश्चन नहीं आएगा कि आप लोग वो

[02:41:01] कर रहे हैं।

[02:41:06] क्लियर? और इस प्रकार से मीर जाफर नवाब

[02:41:10] बनता है। सोचिए।

[02:41:12] अपने मालिक को हटाकर नवाब

[02:41:22] ध्यान रखिएगा

[02:41:26] मीर जाफर सोचिए अब क्लाइव ने इसको नवाब तो

[02:41:29] बना दिया लेकिन जानते हैं इसको

[02:41:33] कहा जाता था क्लाइव क्लाइव का चेला

[02:41:36] इसको कहा जाता था क्लाइव क्लाइव का चेला

[02:41:36] क्लाइव का गधा देखो देखो क्लाइव का गधा जा

[02:41:39] रहा है देखो देखो देखो देखो क्लाइव

[02:41:42] लोग उसका हंसी उड़ाने लगे।

[02:41:46] सोचिए एक नवाब का हंसी उड़ाया जाने लगा।

[02:41:50] क्लाइव डंकी क्लाइव डंकी कहा जाने लगा

[02:41:52] इसको।

[02:41:54] सोच लो।

[02:41:59] ऊपर से यही छोड़िए। कोई आए तो कहे कि भैया

[02:42:02] हमको थोड़ा सा यह दे दो। थोड़ा सा हमको

[02:42:04] पैसा दे दीजिए। थोड़ा सा जमीन लिखवा

[02:42:06] दीजिए। थोड़ा सा यह कर दीजिए। क्लाइ

[02:42:08] परेशान हो गया। यह सॉरी मीर जाफर।

[02:42:11] मीर जाफर परेशान हो गया

[02:42:16] क्योंकि इसको तो लगा था कि यह नवाब बन

[02:42:18] जाएगा। अपने तरीके से रूल करेगा। इसको रूल

[02:42:21] करने थोड़ी दिया जा रहा था।

[02:42:26] रूल करने थोड़ी दिया जा रहा था।

[02:42:33] देख रहे हो मीर जाफर बनने के बाद कोई

[02:42:35] व्यापारी इससे पैसा लेते हैं, धन लेते नवा

[02:42:37] परेशान हो गया। इस समय बेनि स्टार्ट जो है

[02:42:40] गवर्नर बन गया। क्लाइव चला गया।

[02:42:44] मीर जाफर क्या करता है? बुलाता है डचों

[02:42:47] को। किसको? डच हॉलैंड को या नीदरलैंड को?

[02:42:52] कहता सुनो ना एक काम करोगे कहा कि क्या

[02:42:54] करना है बताओ?

[02:42:56] तो अंग्रेजों को यहां से भगा दो।

[02:43:00] क्यों? क्या हो गया? भगा दो ना। तुमको हम

[02:43:03] बहुत जमीन वमीन दे देंगे। 24 परगना का

[02:43:06] जमीन दे देंगे। वर्धमान का एरिया दे

[02:43:08] देंगे, यह दे देंगे, वो दे देंगे। कहा कि

[02:43:10] अच्छा क्या काम है? अंग्रेजों को भगा दो।

[02:43:12] कहा कि बस इट्स टू ईजी। अंग्रेजों से एक

[02:43:16] लड़ाई होती है जिसका नाम है बेदरा के।

[02:43:18] मैंने कहा ना कि बाद में बताऊंगा। तो बैटल

[02:43:20] ऑफ बेदरा

[02:43:24] की लड़ाई

[02:43:27] बेदरा की लड़ाई

[02:43:27] ऐसी हुई

[02:43:29] कि बेचारे डचों को यहां से अपना बोरिया

[02:43:32] बिस्तर बांधना पड़ा।

[02:43:36] कि तुम तो गया हम ले गया तुम

[02:43:42] तुम गया हमको सोचिए कि डचों का कोई लेना

[02:43:45] देना नहीं था यह लालच में आए और लालच में

[02:43:48] आकर पराजित हो गए और पराजित ऐसे ही नहीं

[02:43:52] हुए ऐसा पराजित हो गए कि यह बेचकर निकल गए

[02:43:54] कि भैया चलता हूं दुआओं में याद रखना

[02:43:59] और डच इस प्रकार से समाप्त हुए सोचिए लालच

[02:44:02] इनको ले डूबा इनको लगा ना कि ऐसे ही जीत

[02:44:05] जाएंगे इनको यह लगा कि ऐसे ही जीत जाएंगे।

[02:44:09] ईजी है भैया इजी है तो लो।

[02:44:13] यह बात पता चल गई बेन स्टार्ट को कि सुनो

[02:44:17] जाफर कहा कि हां बताइए

[02:44:21] तो कहा ना कमरे में

[02:44:25] कुछ बात हो गया क्या सर? आ कमरे में कुछ

[02:44:28] बात करना है।

[02:44:31] सुना है कि तुम डचों से दोस्ती किया।

[02:44:34] ना कौन बोला आपको

[02:44:37] सुने कि डचों से लड़वाया तुम ही हम लोग को

[02:44:41] कि गलत सुने हैं मारेंगे ना तो गलत भाग

[02:44:44] यहां से तुम नवाब के पद से हट गया नवाब तो

[02:44:49] किसको बनेगा क्योंकि तुम्हारा दामाद मीर

[02:44:51] कासिम ठीक आदमी लगता है हमको अब से वही

[02:44:54] दामाद बनेगा कहता जैसी आपकी इच्छा लेकिन

[02:44:57] बता देता हूं मीर कासिम बहुत अच्छा नहीं

[02:44:59] है आपकी बात नहीं मानेगा वह

[02:45:04] पता है कि ना

[02:45:10] ठीक है। मीर कासिम को नेक्स्ट जो है आपको

[02:45:14] यहां पर बनाया जाता है गवर्नर।

[02:45:18] मीर कासिम मीर जाफर का दामाद था। सत्ता

[02:45:22] संभालते ही इसने सबसे पहले क्या काम किया?

[02:45:23] मुर्शिदाबाद से राजधानी अपने बिहार के

[02:45:25] मुंगेर ले गया।

[02:45:28] अंग्रेजों को लगा ना कि हमारे उंगली पर

[02:45:31] नाचेगा कि मीर जाफर को नाचाएं। मीर कासिम

[02:45:35] अलग टाइप का प्राणी था।

[02:45:38] जाते ही इसने क्या किया? कैपिटल ही चेंज

[02:45:41] कर दिया। पहले कैपिटल कौन था? ढाका।

[02:45:45] यही था ना। ढाका से मुर्शिदाबाद गया।

[02:45:51] मुर्शिदाबाद कैपिटल था। अब यहां से मुंगेर

[02:45:55] अंग्रेजों ने कहा कि ए मीर काशी मुंगेर

[02:45:58] काहे ले जा रहे हो?

[02:46:03] लेकिन ऐसे ही अच्छा लगता है हमको मुंगेर

[02:46:05] में। आप लोग टेंशन मत लीजिए। व्यापार

[02:46:07] कीजिए ना आप लोग। कीजिए कीजिए व्यापार ठीक

[02:46:09] है। ठीक है। ऐसे ही है ना? हां।

[02:46:11] मुंगेर जाता है और बम बारूद के कारखाने

[02:46:14] बनाने लगता है। मीर कासिम।

[02:46:17] फिर अंग्रेज कहता है ए मीर का सिंह बम

[02:46:19] बारूद का कारखाना कहेंगे? अरे भाई आप ही

[02:46:21] लोग के लिए तो आप लोग कभी जरूरत पड़ जाए

[02:46:23] तो। अंग्रेज कहता है ठीक है। ठीक है।

[02:46:27] देखिए मैं थोड़ा सा इंटरेस्ट को स्टोरी के

[02:46:29] लिए बता रहा हूं ताकि आप लोग को थोड़ा सा

[02:46:31] याद रहे अंग्रेजों को ठीक है कोई दिक्कत

[02:46:33] विक्कत नहीं है ना ठीक है

[02:46:36] फिर अंग्रेजों को पता चलता है कि अपने

[02:46:38] सेना को एक जर्मनी समरू की मदद से

[02:46:43] ट्रेनिंग दिलवा रहा है

[02:46:47] बताइए मीर का सिंह ये क्या अरे ऐसे ही आप

[02:46:50] ही लोग को तो काम आएगा ठीक है कोई दिक्कत

[02:46:52] है आप लोग व्यापार कीजिए ना ठीक है

[02:46:56] अंग्रेजों को सख्त होने लगा। कुछ तो

[02:46:59] गड़बड़ है।

[02:47:02] कुछ तो गड़बड़ है।

[02:47:05] हां।

[02:47:07] मुंगेर राजधानी बनाने का जो रीजन था वो था

[02:47:09] कि यहां पर साल्ट पीटर बहुत था जिसे बारूद

[02:47:12] बनाया जाता था और मुंगेर के आसपास ये

[02:47:14] बारूद बनाने लगा। और अपने आप को मजबूत

[02:47:17] करने लगा। रीजन इसके पीछे क्या था? इसको

[02:47:20] पता था कि अंग्रेज इंटरफेयर करेंगे। अब

[02:47:23] पंगा क्या हुआ? हुआ यह कि इस एरिया में इन

[02:47:27] लोग को क्या था? टैक्स फ्री था।

[02:47:30] मीर कासिम को यह जानकारी हुई। उन्होंने

[02:47:33] अंग्रेजों से रिक्वेस्ट किया कि देखिए ऐसा

[02:47:35] मत कीजिए। हमारे लोकल व्यापारी को नुकसान

[02:47:37] पहुंचा रहा है। हमें बहुत नुकसान मिल रहा

[02:47:40] है।

[02:47:45] ठीक है।

[02:47:48] इन्होंने क्या किया?

[02:47:52] नहीं यही था। था समरू भी था जर्मनी में है

[02:47:55] ना यह भी था वो भी था रनट भी था

[02:48:01] अब यहीं पर ये क्या किया कि जो टैक्स इन

[02:48:05] लोगों का फ्री था ना इसने क्या किया 2 साल

[02:48:07] के लिए इसको फ्री कर दिया क्योंकि ये लोग

[02:48:10] पास का दुरुपयोग करते थे ब्लैक में बेचने

[02:48:13] लगे अंग्रेजों को ये जानकारी हो गई कि ये

[02:48:15] क्या किए भाई हमारे व्यापारी को नुकसान हो

[02:48:18] रहा था कि नहीं आप लोग वहां पर तंग कर दिए

[02:48:20] थे इसलिए मैंने कर दिया अंग्रेजों को लग

[02:48:22] गया था कि हमारे इशारों पर नाचने वाला ये

[02:48:24] आदमी नहीं है।

[02:48:28] हमारे इशारों पे नाचने वाला आदमी नहीं है।

[02:48:30] इसने यह भी कर दिया। यह अपना राजधानी

[02:48:33] परिवर्तन कर दिया। ट्रेनिंग दिलवा रहा है।

[02:48:36] होता क्या है कि पटना पे आक्रमण कर देता

[02:48:39] है। मतलब पटना के क्षेत्र में आक्रमण कर

[02:48:41] लेता है अंग्रेज। अब पटना की फैक्ट्री पर

[02:48:43] कब्जा कर लेता है। ठीक है?

[02:48:47] तो अंग्रेज अधिकारियों जिसमें एलिस था

[02:48:49] इसने क्या किया?

[02:48:52] 24 जून 1763 को पटना के पर अधिकार कर लिया

[02:48:56] और इसके बाद जैसे ही पटना पर अधिकार किया

[02:48:59] मीर कासिम को खटक गया ये मीर कासिम कहा कि

[02:49:02] ऐसे तो काम नहीं चलेगा आप कैसे अधिकार कर

[02:49:05] लिए

[02:49:08] और मीर कासिम ने भी इस पर अटैक कर दिया और

[02:49:10] अंग्रेजों को पराजित कर दिया और अंग्रेजों

[02:49:13] को पराजित ही नहीं किया

[02:49:16] अंग्रेजों को

[02:49:20] मारा भी

[02:49:22] इसी कांड को कहते हैं 1763 का पटना कांड।

[02:49:28] मैं बिहार स्पेशल में इसको डिटेल्स

[02:49:30] बताऊंगा।

[02:49:33] इसी के कहने पर मारा था। समरुए के कहने पर

[02:49:36] कि मारा ना मारा। तुमको इतना नुकसान

[02:49:37] पहुंचा रहा समझ में नहीं आ रहा। मारो मार

[02:49:38] मार। यह बात अंग्रेज कहीं पचा पाएंगे?

[02:49:42] नहीं पहुंचा पाएंगे। अंग्रेजों ने इनको

[02:49:46] तुरंत क्या किया? नवाब के पद से हटा दिया।

[02:49:48] इसलिए क्वेश्चन पूछता है कि बैटल ऑफ बक्सर

[02:49:51] के समय बंगाल का नवाब कौन था? तो मीर जाफर

[02:49:54] था। मीर कासिम नहीं था। मीर कासिम को

[02:49:59] तुरंत से बंगाल का पद हटा दिया जाता है।

[02:50:01] और मीर जाफर को अगेन आपको क्या किया जाता

[02:50:03] है? अपॉइंट किया जाता है एज अ नवाब।

[02:50:08] तो यह कई बच्चों में कंफ्यूजन होता है

[02:50:13] कि कौन था भाई नवाब? तो ध्यान रखिएगा कई

[02:50:16] सारे बुक में जो है आपको देता है मीर जाफर

[02:50:22] सॉरी मीर कासिम लेकिन मीर जाफर था नवाब

[02:50:26] क्यों क्योंकि ये विवाद कह रहा है अब

[02:50:27] जाहिर सी बात है इतना विवाद होगा तो क्या

[02:50:29] होगा लड़ाई होगा तो मीर मीर कासिम क्या

[02:50:32] करता है शाह आलम यानी मुगल नवाब और आपको

[02:50:37] अवध के नवाब सुजााउद्दौला से मिलता है

[02:50:40] कहता है कि भैया देखो परेशान तो हम सबको

[02:50:42] किए हुए हैं यह लोग परेशान तो हम सबको किए

[02:50:46] हुए हैं यह लोग

[02:50:47] क्यों ना हम लोग

[02:50:50] एक लड़ाई करते अंग्रेजों को भगाते हैं तो

[02:50:52] कहता ठीक है तो यह डेट याद रखिएगा सभी लोग

[02:50:56] 22 अक्टूबर 1764

[02:50:59] 22 अक्टूबर 1764 को एक लड़ाई होती है

[02:51:02] बिहार में बैटल ऑफ बक्सर बक्सर की लड़ाई

[02:51:05] 22 अक्टूबर को ध्यान रखिएगा बीपीएससी ने

[02:51:07] एक बार ऑप्शन जानते हैं क्या दिया था 22

[02:51:08] अक्टूबर 23 अक्टूबर 24 अक्टूबर 25 अक्टूबर

[02:51:14] यह आपको ऑप्शन था

[02:51:18] जी हां। तो 22 अक्टूबर 1764 को आपको लड़ाई

[02:51:23] होती है। बंगाल का गवर्नर कौन था? तो बेन

[02:51:25] स्टार्ट। बंगाल का नवाब कौन था? तो मीर

[02:51:27] जाफर। लड़ाई किसके बीच होती है? अंग्रेज

[02:51:30] वर्सेस सुजााउद्दौला जो अवध का शासक था

[02:51:32] शाह आलम, मुगल और मीर कासिम। अंग्रेज

[02:51:34] नेतृत्व करते हैं। हेक्टर मुनरो हैं और

[02:51:37] अंग्रेज जीतते हैं। यानी पहली बार जो

[02:51:40] अंग्रेजों ने टैलेंट से जीता, अपने

[02:51:44] युद्ध कौशल से जीता, वो था बक्सर की

[02:51:46] लड़ाई।

[02:51:48] वो था बक्सर की लड़ाई। और जैसे ही बक्सर

[02:51:51] की लड़ाई होती है, बक्सर में ये लोग

[02:51:53] पराजित होते हैं। फिर आगे जाकर इनको मार

[02:51:56] दिया जाता है।

[02:51:58] फिर आगे जाकर इनको मार दिया जाता है। ठीक

[02:52:02] है? ध्यान रखिएगा।

[02:52:03] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[02:52:05] अब पकड़ाएं कौन? तो अब पकड़ाए भाई साहब यह

[02:52:16] अब पकड़ाए कौन? अब पकड़ा रहे हैं। इन दोनों

[02:52:19] को पकड़ा गया। सुजाओ दौला और साहब को कहा

[02:52:22] कि सुनो सुनो सुनो। तुम दोनों कहां जा रहे

[02:52:24] हो? सुनो सुनो सुनो।

[02:52:26] ये क्या बात है? नहीं नहीं आ जाओ आ जाओ।

[02:52:29] बड़ा तुम लोग लड़ाई कर रहे हां तुम लोग से

[02:52:32] काम है कि ठीक है क्या है तब फिर आपको मीर

[02:52:35] जाफर जो था यानी इसके बाद ये दोनों हुआ

[02:52:37] नजबुद्दौला जो कि मीर जाफर का दूसरा बेटा

[02:52:40] था इसको बना दिया गया और ब्रिटिश के

[02:52:42] संरक्षण में बनने वाला पहला बंगाल का नवाब

[02:52:45] बना ये

[02:52:48] पहला बंगाल का नवाब बना और इलाहाबाद की

[02:52:51] संधि इसी काल में हुई अब मीर जाफर तो मारा

[02:52:54] जाता है मीर कासिम मीर कासिम मारा जाता है

[02:52:58] इन दोनों को बुलाया जाता है कि सुनो सुनो

[02:53:00] अब आए हो तो थोड़ा सा प्रसाद तो लेना ही

[02:53:02] पड़ेगा कि क्या क्या हुआ मालिक मालिक कुछ

[02:53:05] नहीं आओ थोड़ा सा संधि करते हैं इसी को

[02:53:10] कहा गया इलाहाबाद की संधि

[02:53:14] ट्रीटी ऑफ इलाहाबाद

[02:53:19] यह संधि दो हुई कब हुआ तो 1765

[02:53:30] एक हुआ 12 अगस्त को

[02:53:38] और दूसरा हुआ 16 अगस्त को।

[02:53:46] 12 अगस्त को हुआ और एक 16 अगस्त को हुआ।

[02:53:50] 12 अगस्त को जो यह संधि हुआ यह जो ट्रीटी

[02:53:52] हुआ

[02:53:54] लास्ट स्लाइड में मीर जाफर होना चाहिए।

[02:53:57] कहां पर भाई?

[02:54:02] नहीं नहीं

[02:54:05] इलाहाबाद की संधि इसके काल में हुआ था।

[02:54:07] नजीबुद्दौला। अरे उसी साल बना दिया गया।

[02:54:09] देखो ना

[02:54:12] उसी साल बना दिया गया।

[02:54:16] अब यह किसके साथ हुआ? तो यह हुआ आपको

[02:54:18] सुजााउद्दौला के साथ ता आलम के साथ

[02:54:28] और यह हुआ आपको सुजााउद्दौला के साथ

[02:54:36] यानी पहला जो आपको ट्रीटी हुआ वो शाह आलम

[02:54:38] के साथ होता है यानी मुगल के साथ। दूसरा

[02:54:40] जो ट्रीटी होता है वो होता है अवध के साथ।

[02:54:43] इसमें एक क्रक्स ले लीजिए कि क्या-क्या

[02:54:46] है। ताकि चीजें ध्यान में रहे।

[02:54:50] ठीक है? इसमें क्या-क्या है चीजें ध्यान

[02:54:52] में रहे। वो पहला यह है कि इलाहाबाद की

[02:54:55] संधि जो है पहली बार पूरा बंगाल

[02:55:00] सोचिए

[02:55:02] दीवानी एकाधिकार बंगाल, बिहार, उड़ीसा।

[02:55:06] सोचिए

[02:55:07] कहा गया कि तुम ही तीनों रखो बंगाल।

[02:55:11] आप समझ रहे हैं?

[02:55:13] रेवेन्यू सिस्टम मिल गया इनको रेवेन्यू

[02:55:15] सिस्टम पूरे बिहार बंगाल उड़ीसा का और

[02:55:19] दूसरा मुगल सम्राट को ₹2 लाख पेंशन दिया

[02:55:22] गया ठीक है ₹2 लाख पेंशन दिया गया ताकि

[02:55:27] रखिए आप कोई बात नहीं और अंग्रेज कहता है

[02:55:31] कि मैं नहीं दूंगा यह पेंशन यह पेंशन

[02:55:34] देंगे ये

[02:55:37] कौन अवध के नवाब देंगे ठीक है ध्यान

[02:55:41] रखिएगा और तीसरा अवध को कड़ा और इलाहाबाद

[02:55:45] का क्षेत्र मुगल बादशाह को दे दिया। कड़ा

[02:55:47] इलाहाबाद के पास एक जगह है। असली यह चीज

[02:55:50] है।

[02:55:53] असली चीज यही है। अब इनको मिल तो गया।

[02:55:57] समझिएगा यहां पर सीन क्या हुआ समझिएगा।

[02:56:01] मिल तो गया

[02:56:03] लेकिन यहां ले कैसे रेवेन्यू? ना लोग यहां

[02:56:07] के लोकल हैं ना यहां के ग्राउंड लेवल पर

[02:56:11] चीजों को जान रहे हैं। यहां पर कैसे लैंड

[02:56:14] रेवेन्यू लिया कोई जानकारी ही नहीं है।

[02:56:17] इन्होंने कहा कि एक काम करते हैं बंगाल पर

[02:56:19] कब्जा नहीं करते हैं। ये नजीबुद्दौला को

[02:56:21] क्या करते हैं?

[02:56:26] नाम मात्र का शासक बना देते हैं। और इसी

[02:56:29] को कहा गया द्वैध शासन।

[02:56:32] क्या कहा गया? द्वैध शासन।

[02:56:35] वह शासन सिंपल सा मतलब है एक ही जगह पर दो

[02:56:38] प्रकार का शासन

[02:56:46] इन्होंने कहा कि एक सुनो

[02:56:50] रेवेन्यू सिस्टम हम लोग ले लेते हैं।

[02:56:53] रेवेन्यू को ही कहते हैं दीवानी।

[02:56:56] और एडमिनिस्ट्रेशन किसको दे देते हैं? तो

[02:56:58] एडमिनिस्ट्रेशन बंगाल के नवाब को दे देते

[02:57:00] हैं। किसको देते हैं? नवाब। यानी एक ही

[02:57:04] जगह पे दो प्रकार से शासन चल रहा है। इसी

[02:57:06] को हम लोग कहते हैं ये ये हुआ कब था? तो

[02:57:09] यह पहली बार भारत में हुआ 1765 से लेकर

[02:57:12] 1772 तक और 72 में वारेन हेस्टिंग से खत्म

[02:57:16] कर दिया क्योंकि उनको लगा कि अब हम लोग

[02:57:18] डायरेक्ट शासन कर सकते हैं। अब हम अब हमको

[02:57:20] किसी की जरूरत नहीं है। हम लोग शासन अब

[02:57:23] खुद से भी कर सकते हैं। हमें किसी की

[02:57:25] जरूरत नहीं है। सिंपल सा चीज है।

[02:57:29] कंपनी के दीवानी कार्य के लिए बंगाल में

[02:57:31] राजा खान को नियुक्त किया गया। सिताब यह

[02:57:34] ध्यान रखिए। याद करने का बहुत आसान सा

[02:57:36] तरीका है।

[02:57:38] देखो बंगाल,

[02:57:42] बिहार,

[02:57:44] उड़ीसा

[02:57:46] बिहार का सीता जी से याद रखिएगा सीता राय

[02:57:50] एक पूछता है ये पीवाईक्यू है।

[02:57:55] पीता जी से क्या याद रखिएगा? सीताबराय।

[02:57:58] बंगाल मेंकि नवाब थे, राजा थे तो राजा

[02:58:00] खान।

[02:58:02] ठीक है? और उड़ीसाकि जंगल झाड़ का एरिया

[02:58:05] है। दुर्लभ दुर्लभ चीजें मिलती हैं। है

[02:58:08] ना? उड़ीसा में जंगल झाड़ का एरिया है।

[02:58:10] दुर्लभ दुर्लभ चीजें मिलती हैं। इसलिए राय

[02:58:13] दुर्लभ उड़ीसा।

[02:58:18] राय दुर्लभ उड़ीसा।

[02:58:21] ठीक है? ध्यान रखिएगा। यह आपको लिखा हुआ

[02:58:24] है। औरकि अब इन लोगों ने किया क्या? इन

[02:58:28] लोगों को तो बस पैसा चाहिए ना जिसको कभी

[02:58:30] देखे नहीं है पैसा।

[02:58:32] अब पैसा मिल गया। आप सोचिए ना कि पूरे

[02:58:35] एरिया का रेवेन्यू कलेक्शन मिल गया।

[02:58:39] अब ये लोग किसानों का शोषण कर रहे हैं। ये

[02:58:42] कर रहे हैं। जैसे मन तैसा लोग पैसा वसूल

[02:58:44] रहे हैं। और इसी कारण से क्या होता है?

[02:58:47] 1770 में बंगाल में आधुनिक भारत का सबसे

[02:58:51] बड़ा अकाल आता है।

[02:58:55] बहुत लोग मर गए। बहुत लोग

[02:59:04] गवर्नर कौन था? कार्टियर।

[02:59:08] इसके बाद एक सैफुद्दीन दौला आता है।

[02:59:10] मुबारकुद्दौला यह बंगाल का अंतिम नवाब था।

[02:59:12] स्पियर जो था इसने कहा कि यह बेशर्मी और

[02:59:15] लूट का काल था। सोचिए इतिहासकार इस काल को

[02:59:19] क्या कह रहे हैं?

[02:59:21] बेशर्मी और लूट का काल।

[02:59:25] आप समझ रहे हैं?

[02:59:27] बेशर्मी और लूट का काल का है। यह तो

[02:59:31] स्थिति थी।

[02:59:34] ठीक है? तो ये आपको बंगाल के अब इस तरीके

[02:59:37] से बंगाल पे लोग कब्जा कर लेते हैं। तो

[02:59:40] मॉडर्न सर मॉडर्न अरे भाई आपको स्टार्ट सब

[02:59:43] कुछ होगा।

[02:59:45] मॉडर्न हिस्ट्री होगा।

[02:59:49] सब कुछ चलेगा। एक ही एक करके चलेगा ना। आप

[02:59:52] लोग तो ऐसे करते हैं। लगता है ना कि ये

[02:59:54] क्यों नहीं? अच्छा हां एक चीज याद रखिएगा

[02:59:57] इलाहाबाद की संधि के समय क्लाइव आ गया था।

[03:00:01] है ना? अंग्रेज की तरफ से कौन था? क्लाइव।

[03:00:09] यह याद रखिएगा। इंपॉर्टेंट है।

[03:00:14] यह इंपॉर्टेंट है।

[03:00:17] चलिए, अब हम लोग आते हैं। अब दूसरी जगह

[03:00:20] कैसे अंग्रेज घुसे?

[03:00:26] ब्रेक आप लोग को अभी चाहिए यार। अभी तो 3

[03:00:28] घंटा ही हुआ है।

[03:00:36] ब्रेक अभी चाहिए आप लोग को।

[03:00:41] आप 10 5 मिनट में ब्रेक में क्या कीजिएगा?

[03:00:43] अभी तो एक ही बज रहा है।

[03:00:48] और एक मैं सोच रहा हूं कि मुगल ये सब पढ़ा

[03:00:50] देता हूं ना। मराठा मराठा ये सब चीजों को

[03:00:52] पढ़ा देता हूं। तो आप लोग को मैं यह कर

[03:00:56] देता हूं। ब्रेक देता हूं। मराठा सिंह ये

[03:00:58] सब पढ़ा देता हूं।

[03:01:01] 2:00 बजे के आसपास

[03:01:18] ढाई बन जाएगा।

[03:01:25] अब आते हैं मराठा।

[03:01:35] तो अरे खाना तो आप लोग देखतेदेखते भी खा

[03:01:38] सकते हैं यार। कौन सा मतलब आप लोग है कि

[03:01:40] एकदम

[03:01:42] क्लास तो रात में 9:00 बजे तक चलेगी।

[03:01:47] नींद लगा तो सो ये सब मैसेज मत किया करो।

[03:01:49] ये इरिटेटिंग मैसेज होता है। सर नींद लग

[03:01:52] रहा तो सो जाओ ना यार। यह सब क्या फालतू

[03:01:54] का मैसेज? बच्चे हैं आप लोग। चलिए।

[03:02:02] तो जाइए सोइए फिर 26 जुलाई को सोते

[03:02:04] रहिएगा। मतलब यहां टीचर डेडिकेटेड पढ़ा

[03:02:07] रहा है। इन लोगों को नहीं लग रहा। लग रहा

[03:02:08] है कि हम लोग अपने लिए पढ़ा रहे हैं। चलिए

[03:02:14] एग्जाम इनको देना है। रिवीजन इनको करना

[03:02:16] है। लेकिन लग रहा है कि हम अपने लिए पढ़ा

[03:02:18] रहे हैं। अरे वाह।

[03:02:21] अंग्रेज वर्सेस मराठा।

[03:02:28] अंग्रेज वर्सेस मराठा

[03:02:31] थोड़ा सा आते हैं मराठा को करते हैं

[03:02:36] तो चले जाइए ना बकवास चैनल क्यों आए हैं

[03:02:38] भागिए यहां से देखो सब

[03:02:49] मराठों का इतिहास अलग है। मराठा जो है

[03:02:51] मध्यकाल से स्टार्ट होता है। मराठा जो है

[03:02:55] शिवाजी के द्वारा स्थापित। तो यह आप लोग

[03:02:59] को मध्यकाल में पढ़ना है। हमें नहीं पढ़ना

[03:03:01] अभी। हमें यहां से पढ़ना होता है कि जब

[03:03:03] अंग्रेजों का इंटरफेयर शुरू होता है तो कई

[03:03:07] सारे पेशवा आते हैं, ये आते हैं। कई सारे

[03:03:09] लोग आते हैं। इसलिए मैं आपको बैकग्राउंड

[03:03:12] स्टार्ट करता हूं। पानीपत से। ठीक है?

[03:03:14] उसके पहले क्या हुआ, क्या नहीं हुआ, वह आप

[03:03:16] लोग पढ़िएगा बाद में। पानीपत से हम लोग

[03:03:19] शुरू करते हैं। क्लियर? ध्यान रखना।

[03:03:25] क्योंकि इसके पहले मराठा समझिएगा मराठा

[03:03:27] क्षेत्र का जिसका हेड कहां बैठते थे? पुणे

[03:03:30] में। पुणे में पेशवा लोग होते थे। पेशवा

[03:03:33] कौन था? तो पेशवा प्रमुख होता था। मराठों

[03:03:37] का प्रमुख

[03:03:44] छत्रपति राजा होता था।

[03:03:48] छत्रपति क्या होता था? राजा होता था।

[03:03:55] हां मुझे पसंद भी नहीं है और बैठूंगा भी

[03:03:58] यही।

[03:04:01] कितना फालतू टाइम है आपके पास। आपको पसंद

[03:04:03] भी नहीं है और आएंगे भी यहीं पर और लिखने

[03:04:05] के लिए कि आप बेकार पढ़ाते हैं।

[03:04:12] चलिए

[03:04:14] मैं सब क्वेश्चन का जवाब देता हूं। अब

[03:04:16] क्या जवाब दूं आप लोग के? आप लोग पूछ रहे

[03:04:19] हैं कि सर इसका पीडीएफ कब मिलेगा क्या? जब

[03:04:21] हजार बार बोल दिया हूं कि भाई कमेंट में

[03:04:23] पिंग है आपको एक फ्री बैच जिसका नाम उड़ान

[03:04:26] बैच है वहां पर मिलेगा तो एक ही चीज का

[03:04:29] मैं क्या जवाब देते रहूं चलो

[03:04:33] एंग्लो मसूरवार अभी पढ़ा रहा हूं पहले

[03:04:35] मराठा पढ़ लो ना

[03:04:38] मराठा से समझिए क्या होता है मराठा यहां

[03:04:41] पर रहते हैं लेकिन अंग्रेजों को तो इस

[03:04:42] क्षेत्र में कब्जा चाहिए अंग्रेजों को इस

[03:04:45] क्षेत्र में देखो अंग्रेज यहां पर दो

[03:04:46] पैरेलली लड़ाई लड़ रहे थे एक मराठों से

[03:04:49] लड़ रहे थे और एक मैसूर से लड़ रहे थे।

[03:04:52] ठीक है? क्योंकि इनको इस क्षेत्र में

[03:04:53] चाहिए था कब्जा। इनको इस क्षेत्र में

[03:04:56] चाहिए था कब्जा।

[03:04:58] मराठे कैसे इंटरफेयर किए? मतलब अंग्रेज

[03:05:00] कैसे इंटरफेयर किए मराठों में? आइए यहां

[03:05:02] से चीजों को समझते हैं। थोड़ा सा समझिएगा।

[03:05:05] पेशवा जो होता था अभी सबसे हेड हो गया था।

[03:05:08] इसमें हुआ क्या कि मराठे जो हैं बहुत तेजी

[03:05:12] से प्रसार करने लगे। अपना प्रसार बहुत

[03:05:15] तेजी से करने लगे। बहुत तेजी से

[03:05:18] इनसे सिख परेशान हो गए थे, अवध परेशान हो

[03:05:21] गए थे। ये सब परेशान हो गए थे।

[03:05:25] और मराठों ने क्या किया कि अहमद शाह

[03:05:29] अब्दाली के बेटा को पंजाब से हटा दिया।

[03:05:33] अहमद शाह अब्दाली के बेटा को पंजाब से हटा

[03:05:36] दिया। और अहमद शाह अब्दाली के द्वारा रखा

[03:05:39] गया आदमी जो दिल्ली में था उसको बेटा।

[03:05:41] अहमद शाह अब्दाली को यह अच्छा नहीं लगा।

[03:05:42] अहमद शाह अब्दाली कौन? और अहमद साहब वही

[03:05:44] अफगान वाला है ना वही अफगान वाला

[03:05:50] अहमद साहब जाली ने कहा कहता है कि आओ भाई

[03:05:52] मराठों लड़िए लोग पानीपत की लड़ाई

[03:05:55] तुम लोग बहुत ज्यादा कर रहे हो तो पानीपत

[03:05:58] की लड़ाई की घोषणा होती है तीसरी बार पहली

[03:06:01] बार पानीपत की लड़ाई बाबर लड़ता है दूसरा

[03:06:03] बार अकबर लड़ता है तीसरा बार मराठे और अब

[03:06:06] शाह अब्दाली अहमद शाह अफगानी था और अब वो

[03:06:08] टैलेंटेड था मतलब कि

[03:06:12] अच्छा सेनापति था। ठीक है?

[03:06:15] क्या था? अच्छा सेनापति था। तो पानीपत की

[03:06:19] तीसरी लड़ाई होती है। पानीपत की तीसरी

[03:06:23] लड़ाई होती है।

[03:06:26] तीसरी लड़ाई होती है। इसमें जो सबसे

[03:06:28] इंटरेस्टिंग चीज है वह यह होता है कि पहली

[03:06:33] बार इन लोगों को धक्का लगता है। पहली बार

[03:06:36] इन लोगों को धक्का लगता है। धक्का कैसे

[03:06:38] लगा? तो धक्का यह लगता है कि मराठे हेल्प

[03:06:42] मांगे लेकिन कई लोगों ने मराठों का हेल्प

[03:06:45] व किया नहीं। रीजन था कि मराठे चौथ लेते

[03:06:49] थे। टैक्स एक था चौथ वो लेते थे।

[03:06:53] अब आपको हुआ क्या? पानीपत की तीसरी लड़ाई

[03:06:57] का डेट याद रखिएगा। 14 जनवरी जिस दिन आप

[03:06:59] लोग दही चूड़ा खाते हैं ना बैठकर दबाकर तो

[03:07:01] यह भी लोग दही चूड़ा खाए होंगे। पेशवा

[03:07:04] कौन? तो पेशवा का नाम था बालाजी बाजीराव।

[03:07:06] अभी सेनापति था सदाशिवराव भाव नाम मात्र

[03:07:10] का सेनापति था विश्वासराव जो कि बाजीराव

[03:07:12] का बेटा ही था।

[03:07:15] एक नेता था जो कि जाट नेता था। यह एरिया

[03:07:18] जाटों का एरिया था। इसका भी हेड था

[03:07:21] सूरजमल। सूरजमल कहा जाता है कि इसने किसी

[03:07:24] का सपोर्ट नहीं किया। हां तो मराठों का ही

[03:07:27] सपोर्ट करने की बात लेकिन मराठों से इसकी

[03:07:29] कुछ बनी नहीं किसी चीज पे। मराठों से किसी

[03:07:32] बात पे बनी नहीं। तो कहा कि देखो मैं

[03:07:35] न्यूट्रल मैं इसलिए इस लाइन को बताया हूं

[03:07:37] क्योंकि बीपीएससी ने क्वेश्चन पूछा था कि

[03:07:39] कौन जो है आपको अ पानीपत के वार में

[03:07:45] न्यूट्रल रहा।

[03:07:47] ठीक है? न्यूट्रल रहे।

[03:07:50] तो सूरजमल जो थे जाट लीडर सूरजमल ये

[03:07:53] न्यूट्रल रहे। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[03:07:56] मराठों का नेतृत्व तोप में कौन कर रहा था?

[03:07:58] तो आपको यह कर रहे थे इब्राहिम गांधी।

[03:08:00] किसमें? तो तोपों में

[03:08:04] पोर्टर जिसको कहते हैं। अहमद शाह अब्दाली

[03:08:07] विजय हुआ और विजय ही नहीं हुआ। अहमद शाह

[03:08:10] अब्दाली ने यहां मराठों को बुरी तरीके से

[03:08:12] पराजित किया। कहा जाता है कि इस पहली ऐसी

[03:08:15] लड़ाई थी मराठों की जिसमें ऐसा कोई परिवार

[03:08:19] नहीं होगा मराठों का जिससे एक ना एक

[03:08:21] व्यक्ति मरा नहीं होगा। आप सोच लीजिए

[03:08:26] कि कितनी बड़ी लड़ाई होगी मराठों के और

[03:08:28] मराठों का कितना धक्का लगा होगा। मराठों

[03:08:31] ने हेल्प मांगी। सूरजमल से हेल्प मांगी।

[03:08:34] मराठों ने राजस्थान के लोगों से भी हेल्प

[03:08:36] मांगी। लेकिन ये लोग नहीं किए। नहीं करने

[03:08:39] के पीछे था कि इन्होंने ये चौथ वसूलते थे

[03:08:41] जबरदस्ती। मराठे थोड़े अग्रेसिव थे। मराठे

[03:08:45] थोड़े अग्रेसिव थे।

[03:08:49] और यही कारण था कि ये चौथ सोचता था कि हम

[03:08:52] तुम्हारा प्रोटेक्शन और इसके कई दुश्मन बन

[03:08:54] गए थे इसके लिए।

[03:08:55] जानते हैं क्या कहा जाता है। कहा जाता है

[03:08:59] कि ऐसा एक भी परिवार नहीं था जिसका कोई ना

[03:09:03] कोई सदस्य जो है मरा ना हो। सोच लो कितना

[03:09:06] बड़ा धक्का लगा होगा। और इसी युद्ध ने यह

[03:09:09] तय कर दिया कि मराठे तो अब भारत पे शासन

[03:09:12] नहीं करने वाले हैं।

[03:09:14] मराठे भारत पे शासन नहीं करने वाले।

[03:09:16] क्यों? क्योंकि सिख साम्राज्य का उदय होने

[03:09:18] लगा। अंग्रेजों को इनडायरेक्ट फायदा हुआ।

[03:09:22] इस युद्ध को जो डायरेक्ट देख रहा था उसका

[03:09:25] नाम था काशीराज। तो आपसे क्वेश्चन पूछेगा

[03:09:28] कि हु वाज द आई विटनेस ऑफ बैटल ऑफ पानीपत?

[03:09:32] तो कहेगा काशीराज।

[03:09:35] काशीराज प्रत्यक्षदर्शी था। आई विटनेस था।

[03:09:40] इसने खबर पहुंचाई जब हारे बहुत खराब लगा।

[03:09:44] तो इसने जानते हैं खबर क्या पहुंचाई कि दो

[03:09:47] मोती जल में घुल गए।

[03:09:50] सोने की 27 मोहरे खो गई।

[03:09:54] तांबे और चांदी का इतना लॉस हुआ कि कहा ही

[03:09:58] नहीं जा सकता है। दो मोती घुल गए। मतलब कि

[03:10:03] पेशवा ये सदासी राव भा भी मारे गए और

[03:10:07] विश्वास राव भी मारे गए।

[03:10:12] 27 मतलब 27 इसके महत्वपूर्ण मंत्री मारे

[03:10:14] गए

[03:10:18] और

[03:10:21] सिल्वर कॉपर का मतलब हुआ ऐसे कई सारे

[03:10:26] सेनावना में थे कई लोग मारे गए जिसका कोई

[03:10:29] वो है ही नहीं

[03:10:34] कहा जाता है कि ऐसी चीजों को सुनकर मर गया

[03:10:36] मतलब कि बहुत सदमे में आ गया था बालाजी

[03:10:38] बाजीराव

[03:10:40] भाई समझिएगा कि इसके काल में पूरी चीजें

[03:10:42] बिखर गई जबकि यही इसे यही इसी का समय था

[03:10:45] कि जब बहुत तेजी से प्रसार हुआ

[03:10:52] समझे आप कह रहे हैं कि सर इसका पॉलिटिकल

[03:10:55] क्या पढ़ा पॉलिटिकल बहुत पढ़ा पड़ा

[03:10:58] तीख राज्य का उदय में सहायता मिली

[03:11:03] दूसरा फायदा हुआ

[03:11:06] अंग्रेजों का इनडायरेक्ट हेल्प हुआ

[03:11:11] तीसरा जो हुआ दक्षिण भारत में भी इन लोगों

[03:11:13] को फायदा हुआ कि मराठे कमजोर हुए 1761 में

[03:11:16] है कि नहीं

[03:11:19] तो ध्यान रखिएगा अब हुआ क्या कि अब किसको

[03:11:21] बनाया जाए राजा तो माधवराव को राजा बनाया

[03:11:23] जाता है मतलब राजा मतलब कि पेशवा माधवराव

[03:11:26] को पेशवा बनाया जाता है माधवराव टैलेंटेड

[03:11:29] था सबसे पहले तो उसने क्या किया जो चीजें

[03:11:32] खत्म हो गई थी उसको फिर से प्राप्त करने

[03:11:36] की कोशिश करने लगा मतलब तेजी से मराठों को

[03:11:40] फिर से मजबूत करने लगा इवन हैदर अली से भी

[03:11:43] चौथ लिया हैदर अली को भी कहता है कि भैया

[03:11:46] चौथ दो तुम भी।

[03:11:50] इसके अलावा शाह आलम को इसने अंग्रेजों से

[03:11:53] मुक्त किया और मराठों का संरक्षण में ये

[03:11:55] किया। ठीक है?

[03:12:01] अब सोचिए कि मुगल बादशाह को ये लोग चला

[03:12:06] रहे हैं। अब

[03:12:08] मुगल बादशाह को अब ये लोग चला रहे हैं।

[03:12:12] इसी दौरान इनके भाई थे। ठीक है?

[03:12:16] इसी दौरान इनके भाई थे रघुनाथ राव। यही

[03:12:19] मैं इसीलिए आपको यह बताया क्योंकि हमें

[03:12:22] एग्जैक्ट पढ़ना है अंग्रेजों का इंटरफेयर।

[03:12:25] रघुनाथ राव जो हैं इन्होंने क्या कहा?

[03:12:28] माधवराव से कहा कि भैया हमारे साम्राज्य

[03:12:29] का बंटवारा कर दो। हमको भी कुछ एरिया दे

[03:12:31] तो तुम संभालो। तुम भी संभालो। माधवराव

[03:12:34] नाराज हुए कि भाई पागल हो क्या?

[03:12:38] तो पहली बार

[03:12:40] मराठों को मराठा राज्य में बंटवारे की बात

[03:12:44] की जाने लगी। पहली बार मराठा राज्य में

[03:12:47] बंटवारे की बात की जाने लगी कि बांट दो और

[03:12:52] यह बांटने की बात की गई। लेकिन कुछ ही समय

[03:12:54] के बाद माधवराव की मृत्यु हो गई टीबी से।

[03:12:56] इनकी मृत्यु हो गई टीबी से। अब जैसे ही

[03:13:00] टीबी से इनकी मृत्यु हुई किसको लगेगा कि

[03:13:02] उसको राजा बनाया जाएगा। रघुनाथ राव को

[03:13:05] लगेगा ना कि उसको राजा बनाया जाएगा। लेकिन

[03:13:08] रघुनाथ राव को राजा नहीं बनाया गया।

[03:13:14] इसको झटका लगा।

[03:13:17] देखिए ऐसा नहीं था कि रघुनाथ राव टैलेंटेड

[03:13:19] नहीं था। बस इसको राजा इसलिए नहीं बनाया

[03:13:20] गया था। क्यों? क्योंकि ये इसके अंदर

[03:13:22] थोड़ा सा वो था। मतलब कि आपस में ही लड़ने

[03:13:26] वाला वो था। इसको नहीं बनाया गया। ना

[03:13:30] तुमको नहीं बनाएंगे। तो बनाया किसको गया?

[03:13:33] तो माधवराव के बेटे को बनाया गया। सबसे

[03:13:35] छोटा बेटा था जिसका नाम था नारायण राव।

[03:13:38] इसको मार दिया माधवराव।

[03:13:41] यह रघुनाथ राव जैसे ही मारा

[03:13:46] जैसे ही मारा इसको पता चल गया इसको लगा कि

[03:13:50] अब मुझे बनाया जाएगा फिर से रघुनाथ राव को

[03:13:52] नहीं बनाया गया फिर से रघुनाथ राव को नहीं

[03:13:57] बनाया गया सदमे आ गया बेचारा क्यों किसको

[03:14:00] बनाया गया तो माधवराव सेकंड को बनाया गया

[03:14:02] माधवराव

[03:14:10] सेकंड को बनाया गया। ठीक है?

[03:14:14] माधवराव सेकंड को बनाया गया। ठीक है?

[03:14:14] लेकिन इसी बीच एक कहानी स्टार्ट होती है

[03:14:16] कि यह रघुनाथ राव कनेक्ट करते हैं

[03:14:20] अंग्रेजों से।

[03:14:23] और यहीं पर कनेक्शन का इनको फायदा मिला।

[03:14:26] अब क्या? अब यहां से कहानी आते हैं।

[03:14:29] यहां से कहानी आते हैं। क्या कहानी है

[03:14:31] भाई? यह

[03:14:35] यहां पर मुंबई के अंग्रेज रहते थे।

[03:14:43] यह बंगाल में थे।

[03:14:49] ये मुंबई में ये बंगाल में

[03:14:52] रघुनाथ राव इनसे हेल्प मांगता है। कहता है

[03:14:55] कि सुनिए हमको हेल्प कर दीजिएगा। किस चीज

[03:14:58] का हेल्प? तो हमको पेशवा बनवा दीजिए। हमको

[03:15:02] पेशवा बनवा दीजिए। तो क्यों भाई? अरे आपको

[03:15:05] हम देंगे ना आपको हम सूरत का अधिकार दे

[03:15:07] देंगे। आपको बहुत सारा इसने बात कही कहा

[03:15:09] कि चलो सूरत में तो कहा है सूरत की संधि

[03:15:13] करवाता है।

[03:15:16] सोचिए रघुनाथ राव मिलता है किसके लिए

[03:15:21] सूरत की संधि

[03:15:24] समझ रहे हैं? सूरत की संधि होता है। यानी

[03:15:28] अंग्रेजों को इंटरफेयर तो अंग्रेज को क्या

[03:15:30] था? अंग्रेज कहते हैं ठीक है मैं कर

[03:15:31] दूंगा। कोई दिक्कत की बात नहीं। चलो कोई

[03:15:35] इशू नहीं है। और अंग्रेज क्या किए यहां पर

[03:15:38] रघुनाथ राव का हेल्प करने लगे और यहीं से

[03:15:40] आपको पहली और इस लोगों ने क्या किया?

[03:15:42] मराठों पर आक्रमण कर दिया। ठीक है? मराठों

[03:15:45] पर आक्रमण कर दिया।

[03:15:48] देखिए यही सूरत की संधि है। ध्यान रखिएगा।

[03:15:51] जो मैंने आपको बताया ट्रीटी ऑफ़ सूरत 1775

[03:15:55] ये किसके-किस के बीच? रघुनाथ राव और

[03:15:57] ब्रिटिश कंपनियां नहीं इसमें 16 शर्तें थी

[03:15:59] और ये सब शर्तें थी कि भाई इनको पेशवा बना

[03:16:01] देंगे। तुरंत भड़ौज

[03:16:02] [नाक से की जाने वाली आवाज़] का क्षेत्र

[03:16:03] हमको मिल जाएगा और क्षेत्र का मतलब कि

[03:16:04] राजस्व की बात की जा रही थी और कोई चीज की

[03:16:06] बात नहीं की जा रही थी। ठीक है? ध्यान

[03:16:09] रखिएगा।

[03:16:13] लड़ाई हो गई। अभी बंगाल में गवर्नर कौन

[03:16:16] था? देखो मैंने कहा ना गवर्नर इंपॉर्टेंट

[03:16:18] है। तो वारेन हेस्टिंग्स थे।

[03:16:26] वारे हेस्टिंग्स थे।

[03:16:30] बंगाल का गवर्नर।

[03:16:32] बंगाल के गवर्नर को पता ही नहीं कुछ यह

[03:16:34] लोग क्या कर रहे हैं। रीजन यह था कि

[03:16:37] कम्युनिकेशन वाला वो साधन तो था नहीं।

[03:16:40] कम्युनिकेशन वाला वो साधन तो था नहीं।

[03:16:45] उनको कुछ आईडिया ही नहीं था। सूरत की संधि

[03:16:48] के तहत इन्होंने मराठों पर अटैक किया।

[03:16:49] लेकिन वारेन हेस्टिंग से तुरंत मना कर

[03:16:51] दिया। ये क्या कर रहे हो भाई तुम लोग? ये

[03:16:55] क्या कर रहे हो?

[03:16:58] कर्नल किटिंग के काल में तुरंत इन्होंने

[03:17:00] क्या किया? फिर से एक संधि की जिसको कहा

[03:17:02] गया पुरंदर की संधि। ट्रीट ऑफ पुरंदर और

[03:17:05] कहा कि सबसे पहले सूरत की संधि कैंसिल

[03:17:08] करो। अब मराठों से ₹12 लाख ले लो और कहो

[03:17:11] कि मुंबई सरकार बहुत इंटरफेयर नहीं करेगी।

[03:17:14] यह बात मुंबई सरकार को बहुत बेइज्जती लगी।

[03:17:17] देखो हुआ क्या?

[03:17:19] यह लंदन है।

[03:17:23] यहां पर बंबई सरकार है

[03:17:26] और यह बंगाल।

[03:17:31] बंबई ने इनसे शिकायत की कि देखिए हम लोग

[03:17:34] यहां काम कर रहे हैं। वारेन हेस्टिंग्स जो

[03:17:37] थे काम नहीं करने दे रहे हम लोग को।

[03:17:42] लंदन ने उनसे पूछा कि क्यों भाई ऐसा क्या

[03:17:44] है? तो वारेन हेस्टिंग से कहा कि अरे यह

[03:17:45] आगे जाकर दिक्कत हो जाएगा। हम लोग अलग

[03:17:47] तरीके से इंटरफेयर करेंगे। लेकिन इन लोगों

[03:17:50] ने इनको कन्वेंस कर लिया और लंदन ने क्या

[03:17:53] किया? बंगाल को डांटा कि बहुत इंटरफेयर मत

[03:17:55] करो। तब जाके इन लोगों ने क्या किया? फिर

[03:17:57] से सूरत की संधि को अपना लागू कर लिया और

[03:18:02] तालगांव की लड़ाई एक छोटी सी लड़ाई होती

[03:18:05] है। मतलब यही कहा जाता है ना कि लोग

[03:18:07] ध्यानवा दिए। ये नहीं तालगांव की लड़ाई हो

[03:18:09] गई। बैटल ऑफ तालगांव। मराठे जीते ही नहीं।

[03:18:14] इन लोग को दरबार में बुलाया।

[03:18:17] और एक बेेजज्जती की बेइज्जती वाले संधि की

[03:18:22] बेइज्जती वाली संधि की क्लियर और इसी संधि

[03:18:27] के तहत

[03:18:29] एक संधि होता है जिसको कहते हैं बड़गांव

[03:18:31] की संधि और इनकी बेइज्जती हुई। बेइज्जती

[03:18:34] इसलिए हुई क्योंकि सभी क्षेत्र अपने पास

[03:18:36] रख लिए। अब जैसे ही यह बात पता चला वारेन

[03:18:40] हेमस्टिंग्स को

[03:18:42] वारेन हेमस्टिंग्स ने कहा

[03:18:45] कि भाई मेरे

[03:18:48] कुछ भी नहीं मिलेगा

[03:18:51] कोई संधि नहीं बोलिएगा तो हम अटैक कर

[03:18:54] देंगे तब तक महा सिंधिया जो थे आपको

[03:19:01] उन्होंने कहा कि अरे नहीं नहीं ऐसा मत

[03:19:02] कीजिए बीच बचाव कुछ करते हैं तो मध्य

[03:19:06] प्रदेश में जगह है सलवाई

[03:19:08] सलवाई की ट्रीटी होती है। महादजीत सिंधिया

[03:19:11] इसमें मीडिएटर की भूमिका निभाते हैं।

[03:19:16] और इस संधि के तहत क्या हुआ? इस संधि के

[03:19:19] तहत माधव नारायण राव को पेशवा बना दिया

[03:19:22] जाता है।

[03:19:24] रघुनाथ राव को 500 वार्षिक मतलब सोचिए अब

[03:19:27] यहां पर रघुनाथ राव का चैप्टर खत्म।

[03:19:30] रघुनाथ राव से क्लियर कहा जाता है कि भैया

[03:19:33] आप अब पेशवा नहीं रहिएगा।

[03:19:36] अब आप पेशवा नहीं रहिएगा। तो सलवाई की

[03:19:39] संधि इज वेरी वेरी वेरीेंट। इसलिए

[03:19:42] क्वेश्चन भी पूछता है। एक तो डेट इसका

[03:19:44] पूछता है कि सलवाई की संधि कब हुई थी?

[03:19:46] एग्जैक्ट डेट याद रखिएगा 17 मई।

[03:19:50] और दूसरा क्वेश्चन पूछता है

[03:19:53] कि

[03:19:55] किस मराठा युद्ध में सलवाई की संधि हुई

[03:19:57] थी? तो पहले मराठा युद्ध में रघुनाथ राव

[03:20:00] कहेंगे भाई तुम पेंशन लो और जाओ निकलते हो

[03:20:02] और सालसेट और थाने का दुर्ग यह ले लिए। इस

[03:20:04] संधि के तहत लगभग 20 साल तक दोनों में कोई

[03:20:09] टेंशन नहीं हुआ। यानी 1782

[03:20:12] से 20 साल तक ऐड कर दीजिएगा। 1802 तक कोई

[03:20:18] भी टेंशन नहीं हुआ। सेकंड फिर लड़ाई होती

[03:20:20] है 1803 में।

[03:20:25] 1803 में सेकंड लड़ाई होती है। ठीक है?

[03:20:29] ध्यान रखिएगा। सेकंड लड़ाई 1803 में होती

[03:20:32] है।

[03:20:35] अब आते हैं बाजीराव द्वितीय आखिर क्यों

[03:20:37] आखिर हुआ तीसरी तीसरी लड़ाई के पीछे दूसरी

[03:20:39] लड़ाई के पीछे रीजन क्या था बाजीराव

[03:20:41] द्वितीय जो था अंतिम पेशवा था रघुनाथ राव

[03:20:45] का बेटा था ये रघुनाथ राव का बेटा था

[03:20:49] बाजीराव द्वितीय द्वितीय क्या किया बेवकूफ

[03:20:51] वाला हरकत किया इसने क्या किया सिंधिया के

[03:20:53] चक्कर में आकर इसने क्या किया आपको

[03:20:57] सिंधिया के चक्कर में आकर इसने होलकर पे

[03:21:00] आक्रमण कर दिया होलकर के एक बेटा था भाई

[03:21:03] था उसको मार दिया। अब होलकर इसके पीछे पड़

[03:21:06] गया मारने को और यशवंत राव होलकर कमजोर

[03:21:10] नहीं था। यशवंत या इसको जसवंत भी कहते

[03:21:12] हैं। कमजोर नहीं था।

[03:21:17] इसने क्या किया? इनको खदेड़ दिया पुणे से

[03:21:19] भगा दिया। अब यह दौड़ते दौड़ते गए

[03:21:21] अंग्रेजों के पास कि भाई साहब शरण दे दो।

[03:21:24] शरण दे दो। अंग्रेजों ने कहा क्या हुआ?

[03:21:26] क्या हुआ? यह तुझे क्या हुआ?

[03:21:33] कहे कि भाई मैंने गलती से होलकर पर आक्रमण

[03:21:36] कर दिया। होलकर हमको परेशान कर रहा है।

[03:21:38] मारने के पीछे पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा

[03:21:41] कि ठीक है एक काम करो हमसे एक ट्रीटी करो

[03:21:43] बसीन 31 दिसंबर यानी सोचिए ईयर इंड के में

[03:21:48] 31 दिसंबर

[03:21:51] को आपको

[03:22:04] एक सेकंड

[03:22:13] क्लियर इसने क्या किया कहा कि सुनो बसीन

[03:22:17] की संधि तो हम कर लिए अब अब तुम्हारा

[03:22:20] मैक्सिमम चीजें मेरे ही अधिकार में का

[03:22:22] क्या जैसे अब तुम हमारी संरक्षता स्वीकार

[03:22:24] कर लो प्रोटेक्शन

[03:22:26] अब इंग्लिश आर्मी तुम्हारे पास रहेगी। कहा

[03:22:29] कि ठीक है। उसके बाद सूरत से जो भी

[03:22:32] रेवेन्यू होगा वह अंग्रेज लेंगे। कहा कि

[03:22:34] ठीक है। पेशवा ₹26 लाख देंगे अंग्रेजों

[03:22:37] को। ठीक है। यही नहीं कहा कि मेरे दोस्त

[03:22:40] पे आक्रमण कभी नहीं करना है। ना निजाम पे

[03:22:42] कभी करना है ना गायकवाड़ पे करना है। कहा

[03:22:44] ठीक है। पेशवा वुड नॉट हैव द रिलेशन विद

[03:22:48] एनी यूरोपियन कंट्रीज।

[03:22:52] अरे यार यह तो बड़ा तुम्हारा गलत है। अब

[03:22:54] जैसे ही यह संधि होती है अन्य सरदार बौखला

[03:22:57] जाते हैं कि भाई यह तो मराठों के साथ एकदम

[03:23:00] चीट हो रहा है। मराठों के साथ चीट हो रहा

[03:23:02] है। ये तो गलत चीज है। और तब इन लोगों ने

[03:23:04] क्या किया? दूसरी आपको वेलेजली था गवर्नर।

[03:23:09] और एक फिर से लड़ाई छिड़ गई। अलग-अलग

[03:23:11] सरदारों से अलग-अलग लड़ाई किया। तो इस

[03:23:14] युद्ध में दो केंद्र बने। एक को तो

[03:23:16] बेलेजली आर्थर बेलेजली लिया और दूसरे को

[03:23:18] जनरल लेक और अलग-अलग मराठों से अलग-अलग

[03:23:21] संधि ये हिंदी इंग्लिश में सेम ही है।

[03:23:23] देवगांव की संधि

[03:23:27] देवगांव की संधि जो है ट्रीटी

[03:23:31] वो किससे हुई? भोंसले से।

[03:23:36] सूजी अर्जन

[03:23:44] गांव पीटी किससे हुई तो

[03:23:48] सूजी अर्जन गांव पीटी किससे हुई तो

[03:23:48] सिंधिया से

[03:23:51] और राजपुर हट की संधि

[03:23:57] होलकर से तो ऐसे इसको याद रखिएगा जैसे याद

[03:24:00] करने का तरीका कि डी को बी से संधि एस का

[03:24:04] एस से संधि आर का एस से संधि ये पूछता है

[03:24:08] अलग-अलग ट्रीटी हो रहा है अलग-अलग

[03:24:10] क्षेत्रों में ये ट्रीटी बाद में होता है

[03:24:12] ये 1700 सॉरी 18089 में ये सब ट्रीटी हुआ

[03:24:15] अंतिम होलकर था जिसने स्वीकार किया था इस

[03:24:19] चीज को ध्यान रखिएगा अंतिम होलकर था जिसने

[03:24:23] इस चीज को स्वीकार किया था ठीक ध्यान

[03:24:26] रखिएगा

[03:24:29] अब

[03:24:32] इस तरह की घटनाएं घट गई इन लोग का एक

[03:24:35] सहायक ग्रुप था जिसको कहते थे पिंडारी। इन

[03:24:38] लोग का एक सहायक ग्रुप था जिसको कहते थे

[03:24:40] पिंडारी। ठीक है? तो पिंडारियों ने क्या

[03:24:43] किया? यहां पर अंग्रेजों पर हमला करना

[03:24:45] शुरू कर दिया। अब अंग्रेज बौखला गए। इस

[03:24:50] समय आपको गवर्नर बन जाता है लॉर्ड

[03:24:51] हेस्टिंग्स। क्या बन जाते? एक तो एक तो

[03:24:54] ध्यान रखिएगा। पहला आंग्ल मराठा में कौन

[03:24:57] था? तो पहला आंग्ल मराठा में गवर्नर था

[03:24:59] आपको वारेन हेस्टिंग्स।

[03:25:02] वारेन हस्टिंग्स

[03:25:07] दूसरा आंग्ल मराठा में गवर्नर कौन था?

[03:25:12] अरे

[03:25:14] इलेजली

[03:25:17] और तीसरा आंग्ल मराठा में गवर्नर कौन था?

[03:25:20] तो लॉर्ड हेस्टिंग

[03:25:23] ठीक ध्यान रखिएगा।

[03:25:26] तीसरा गवर्न तीसरा जो उसका सबसे बड़ा कारण

[03:25:28] था पिंडारियों का आपको आक्रमण

[03:25:32] पिंडारियों का आक्रमण मतलब पिंडारी से

[03:25:34] परेशान हो गए थे ये लोग तो इनको कहा कि

[03:25:35] भाई पिंडारियों का दमन कर देंगे पिंडारी

[03:25:38] कौन है एक वीर मूवी आई थी सलमान खान की

[03:25:40] उसमें वो पिंडारी का कररेक्टर निभाए थे

[03:25:43] ठीक है

[03:25:45] तभी पीडीएफ मिलेगा आप लोग जो पिंग है ना

[03:25:48] जो आपको

[03:25:50] यह क्या कहलाता है लिंक एक पिंग होगा उसको

[03:25:53] क्लिक करना

[03:25:55] और उस पर वह कर लेना। ठीक है? ध्यान

[03:25:58] रखिएगा।

[03:26:01] पिंडारियों का जैसे ही दमन स्टार्ट हुआ

[03:26:03] पिंडारी क्योंकि मराठाओं के सपोर्टर थे तो

[03:26:05] मराठाओं ने भी आक्रमण कर दिया। और इस

[03:26:07] प्रकार से तीसरी आपको आंग्ल मराठा युद्ध

[03:26:10] हुआ और इसमें आंग्ल आंग्ल एकदम परेशान हो

[03:26:13] गए। अब भाई इतना चीज हो रहा है। पेशवा का

[03:26:16] भी इज्जत दांव पे लगेगा। पेशवा भी क्या

[03:26:18] करेंगे? इज्जत दांव पे लगेगा। तो पेशवा भी

[03:26:20] अटैक कर देते हैं। पेशवा भीकि पेशवा अब

[03:26:23] बंध गए थे लेकिन पेशवा अटैक कर दिए। किरगि

[03:26:25] नामक जगह था। यहां पर पेशवा को फाइनली

[03:26:28] पराजित किया जाता है। इनसे किया जाता है

[03:26:30] पुणे की संधि। क्या किया जाता है? ट्रीटी

[03:26:33] ऑफ पुणे।

[03:26:37] ट्रीटी ऑफ पुणे।

[03:26:39] और पुणे की संधि के तहत पुणे की संधि के

[03:26:44] तहत इनको कहा जाता है कि अब आप पेशवा नहीं

[03:26:48] है मुबारक हो क्या है कु नहीं है अब आप

[03:26:51] जाइए पेंशन लीजिए जाइए कानपुर कानपुर में

[03:26:53] एक जगह बिट्ठूर इन्हीं के ही दत्तक पुत्र

[03:26:56] यानी अडॉप्टेड संत थे नाना साहब जो कि

[03:26:58] 1897 की क्रांति में दिखेंगे। कहें कि

[03:27:01] मुबारक हो आप जाइए कहां पर? कानपुर। और आप

[03:27:05] हैं लास्ट पेशवा। यानी कोई अब पेशवासवा

[03:27:08] नहीं है। तो पेशवा का जो पोस्ट था आपको

[03:27:11] समाप्त कर दिया गया है।

[03:27:14] अरे ऐसे मत कीजिए ऐसा ही नहीं अब आपका जो

[03:27:18] क्षेत्र है हमारे अधिकार में रहेगा और

[03:27:21] शिवाजी के एक वंशज थे प्रताप सिंह उनको

[03:27:23] क्या किया गया? छत्रपति घोषित कर दिया

[03:27:25] गया। लेकिन कुछ ही समय के बाद इनका पूरा

[03:27:28] इन सब सभी क्षेत्रों पर अधिकार हो गया। तो

[03:27:30] मराठा साम्राज्य के अंतिम छत्रपति थे

[03:27:32] शाहजी अप्पा शाह।

[03:27:36] शाहजी अप्पा साहब वाज द लास्ट छत्रपति ऑफ

[03:27:40] मराठा किंगडम और इस प्रकार से मराठे पर

[03:27:43] कब्जा अब देखिए पूरा बंगाल पे कब्जा मराठा

[03:27:46] पे कब्जा अब मैसूर पे कब्जा करते हैं ये

[03:27:48] लोग एक काम करते हैं 1:30 बज रहा है ना

[03:27:52] आपसे 10 मिनट का ब्रेक लेते हैं बस अब

[03:27:54] पानीनी पी लीजिए पानीनी पी लीजिए तो हम

[03:27:59] लोग थोड़ा सा आते हैं अब आपसे मिलेंगे

[03:28:06] 5 मिनट का 10 मिनट का ब्रेक रखते हैं या

[03:28:08] 15 मिनट का

[03:28:10] है ना रिज्यूम कब होगा

[03:28:15] 145 में होगा

[03:28:23] ठीक है आइए आप लोग भी नहीं दो नहीं

[03:28:26] क्योंकि फिर मैं दूंगा एक डेढ़ घंटे के

[03:28:28] बाद उस समय थोड़ा सा खाऊंगा 30 मिनट का

[03:28:30] अभी नहीं अभी 30 मिनट का नहीं अभी 15 मिनट

[03:28:32] का 30 मिनट का दूंगा 4:00 बजे के आसपास।

[03:28:36] ठीक है? तो सभी कोई रिज्यूम कर कीजिएगा।

[03:28:39] सभी लोग आइएगा। अब असली कहानी शुरू होगा

[03:28:42] क्योंकि अब मराठा थोड़ा सा मैसूर। मैसूर

[03:28:44] के बाद चीजें असली कहानी शुरू हो जाएंगी।

[03:28:47] ठीक है? हां। तो दे तो रहा हूं। ये 10:33

[03:28:50] हो ही गया है। 1:45

[03:28:52] मतलब 1:33 हो गया। 145

[03:28:58] अभी खाना का नहीं दूंगा। थोड़ा सा अरे आप

[03:29:01] लोग खा लीजिए ना।

[03:29:06] अगला ब्रेक मैं आप लोग को दूंगा 3:30 के

[03:29:09] आसपास

[03:29:11] जिसमें आप लोग खा लीजिएगा। 3 सवा5 के

[03:29:13] आसपास दूंगा जिसमें खा लीजिएगा। देखो उस

[03:29:15] समय मैं भी कुछ खाऊंगा।

[03:29:26] ठीक है ना?

[03:29:28] अभी 10 मिनट का इसलिए दे रहा हूं।

[03:29:33] यह थोड़ा सा मुंह दर्द कर गया है लगातार

[03:29:35] बोल बोल कर तो गया है ना तो थोड़ा सा 10

[03:29:38] मिनट मुंह को आराम दूंगा फिर आप लोग को

[03:29:41] दूंगा अरे ईजी वे में बहुत हेक्टिक कर

[03:29:43] नहीं पढ़ना है

[03:29:46] अरे ठीक है तो आप लोग खाना खा लो ना कोई

[03:29:48] दिक्कत नहीं खाना खा लीजिए ठीक है

[03:29:54] थोड़ा सा रिज्यूम करने दो चलिए 10 मिनट

[03:29:56] में आइए सभी लोग

[03:44:23] रिज्यूम हो गया। ठीक है।

[03:44:48] चलिए ब्रेक हो गया थोड़ा सा मुंह दर्द कर

[03:44:52] रहा था।

[03:44:55] चलो। अब थोड़ा सा हम लोग आएंगे मैसूर।

[03:45:01] मैसूर करेंगे। मैसूर इज़ इंपॉर्टेंट।

[03:45:04] क्योंकि मैसूर बहुत ही आपको इंपॉर्टेंट

[03:45:07] था। मैसूर की जो कहानी स्टार्ट हुई वह भी

[03:45:10] काफी इंपॉर्टेंट स्टार्ट हुई मैसूर का।

[03:45:13] लेकिन थोड़ा सा एक बेसिक हम लोग यहां पर

[03:45:14] कर लेते हैं।

[03:45:33] चलिए

[03:45:35] चलो गुड आफ्टरनून। गुड आफ्टरनून। गुड

[03:45:36] आफ्टरनून। चलिए करते हैं। हां वही टीम अरे

[03:45:39] टी यही देखो दिक्कत है। टीपू सुल्तान को

[03:45:42] तो सब याद रखते हैं। अरे भाई उनके जो

[03:45:44] पप्पा थे हैदर अली

[03:45:48] उनसे ज्यादा खतरनाक थे वो।

[03:45:51] हैदर अली उनसे ज्यादा खतरनाक थे। तो हल्के

[03:45:56] में नहीं लेने का टीपू सुल्तान को हैदर

[03:46:00] अली को। तो चलिए मैसूर का एरिया यह रहा।

[03:46:05] यह है मैसूर एरिया

[03:46:13] और ब्रिटिश कैसे मैसूर के साथ इंटरफेयर

[03:46:16] स्टार्ट करता है ब्रिटिश कैसे मैसूर के

[03:46:19] साथ इंटरफेयर स्टार्ट करता है इस पे भी

[03:46:21] आते हैं। मैसूर पर पहले जो शासन था हिंदू

[03:46:24] शासक लोग थे जिसका वाडियार वंश था। ये

[03:46:26] बीपीएससी ने पूछा भी था कि वाडियार वंश पे

[03:46:29] किसका शासन था? तो वाडियार वंश पर जो शासन

[03:46:33] था वह आपको इन्हीं का था। ठीक है? ध्यान

[03:46:35] रखिएगा। है ना?

[03:46:39] तो मैसूर पे जो शासन करते थे अगर मैं आपको

[03:46:41] मैप की बात करूं तो यह रहा आपका मैसूर। यह

[03:46:44] देखो। और यहां पर जो शासक थे उनका नाम था

[03:46:47] वो वाडियार वंश के थे। वाडियार वंश

[03:46:57] का शासन था।

[03:47:02] अब बार-बार औरंगजेब यहां पर क्या कर रहा

[03:47:05] था? औरंगजेब का कोशिश यही रहता था कि किसी

[03:47:07] भी तरीके से इस क्षेत्र पर भी अपना अधिकार

[03:47:09] कर ले। तो यहां के राजा थे आपको चिक्का

[03:47:12] देवराज।

[03:47:14] ठीक है? कौन थे? चिक्का देवराज। तो यहां

[03:47:17] के किंग थे चिक्का देवराज।

[03:47:23] इसने कहा कि ठीक है भाई मैं औरंगजेब की

[03:47:26] अधीनता स्वीकार करता हूं।

[03:47:32] औरंगजेब की अधीनता स्वीकार किया।

[03:47:59] ठीक है।

[03:48:01] औरंगजेब की अधीनता स्वीकार किया।

[03:48:05] लेकिन औरंगजेब की अधीनता स्वीकार किया। अब

[03:48:07] यहां पर धीरे-धीरे आपको इनका प्रभाव हुआ।

[03:48:09] लेकिन इनके बाद इनका एक और राजा आया

[03:48:11] कृष्णा चिक्का कृष्णराज। चिक्का कृष्णराज

[03:48:14] ने कहा कि ना कोई भी और यहां पर औरंगजेब

[03:48:17] का नहीं होगा। तो चिक्का कृष्णराज आपको

[03:48:19] यहां पर आता है।

[03:48:21] ठीक है? एक बेसिक आइए।

[03:48:24] इक्का कृष्णराज का शासन स्टार्ट होता है

[03:48:28] और [खांसने की आवाज़]

[03:48:31] इसके दो मंत्री थे नंदराज और देवराज। इसके

[03:48:35] दो प्रमुख मंत्री थे नंदराज।

[03:48:42] नंदराज

[03:48:44] और देवराज।

[03:48:47] ठीक है?

[03:48:48] नंदराज का प्रभाव बहुत ज्यादा था। नंदराज

[03:48:51] ने क्या किया? एक व्यक्ति को जिसका नाम था

[03:48:53] हैदर अली उसको इसने क्या किया आपको सेना

[03:48:57] का हेड बनाया डिंडीगुलेरिया मतलब आजकल

[03:48:59] तमिलनाडु में है डिंडीगुले एरिया ठीक है

[03:49:01] ध्यान रखिएगा वहां पर इसने क्या किया सेना

[03:49:04] का हेड बनाया और हैदर अली वहां पर अपना

[03:49:07] काम करने लगा इसने वहां पर क्या किया सेना

[03:49:10] का तो प्रमुख था ही इसने डिंडीगुल किले का

[03:49:13] अधिकार दे दिया और सूबेदारी भी दे दी और

[03:49:15] 55 में इसने क्या किया फ्रांसीसियों की

[03:49:17] सहायता से एक आधुनिक शास्त्र का यह

[03:49:19] क्वेश्चन आता है

[03:49:22] ठीक है। ठीक है? ध्यान रखिएगा इसने

[03:49:24] डिंडीगुल में डिंडीगुल आज के तमिलनाडु में

[03:49:26] है। डिंडीगुल कहां है भाई? आज के तमिलनाडु

[03:49:29] में है और इसने वहां पर आपको कब्जा किया।

[03:49:32] ये और एक नया अशास्त्रगार बना दिया। मतलब

[03:49:36] जहां पर आर्मी ये आर्म्स वगैरह आपको रखे

[03:49:38] जाते थे।

[03:49:41] यस।

[03:49:44] अब ये तो ये लोग कर दिए।

[03:49:46] हैदर अली ने क्या किया? क्योंकि यहां पर

[03:49:50] थोड़ा सा क्या हुआ ना बता रहा हूं।

[03:49:53] नंदराज का प्रभाव बहुत ज्यादा था। नंदराज

[03:49:55] का प्रभाव ज्यादा था। यहां के एक मंत्री

[03:49:58] थे खांडेराव। ठीक है? ध्यान रखिए क्या था?

[03:50:00] खांडेराव। खांडेराव ने हैदर अली को इनवाइट

[03:50:04] किया और वहां राजमाताकि नंदराज थोड़ा सा

[03:50:07] प्रभावशाली काफी था। तो नंद राजा के साथ

[03:50:10] यह काम हुआ। खांडेराव ने इनवाइट किया।

[03:50:13] हैदर अली ने क्या किया? नंद को मार दिया

[03:50:17] और मैसूर का शासक अपने आप को बना दिया और

[03:50:20] वेदनगर को इसने क्या कर दिया? हैदर नगर

[03:50:22] नाम रख दिया। और इस प्रकार से आपको मैसूर

[03:50:25] का राजा जो बन जाता है वह बन जाता है हैदर

[03:50:27] अली। इस प्रकार से मैसूर का राजा कौन बनता

[03:50:31] है? हैदर अली बनता है। हैदर अली दक्षिण का

[03:50:35] पहला ऐसा राजा बना था जिसने अंग्रेजों को

[03:50:37] पराजित किया। यह क्वेश्चन भी आता है। यह

[03:50:39] भी पीवाईक्यू है।

[03:50:42] अब मैसूर का तो राजा बन गया।

[03:50:45] अब यहां पर अंग्रेज इंटरफेयर भी शुरू कर

[03:50:48] दिए। हैदर अली मैं फिर से बता रहा हूं।

[03:50:51] हैदर अली कोई छोटा-मोटा राजा नहीं था।

[03:50:55] हैदर अली जो था वो बड़ा मतलब कि एक युद्ध

[03:50:59] कौशल उसके अंदर जबरदस्त था। हैदर अली के

[03:51:02] अंदर युद्ध कौशल जबरदस्त था।

[03:51:05] अब हैदर अली क्या करने लगा? अपने क्षेत्र

[03:51:07] का विस्तार बहुत तेजी से करने लगा।

[03:51:10] क्षेत्र का विस्तार बहुत तेजी से करने

[03:51:12] लगा। हुआ सीन क्या

[03:51:17] कि यहां पर

[03:51:21] निजाम था

[03:51:23] यानी हैदराबाद ये मराठा

[03:51:27] और यह मैसूर

[03:51:29] मैसूर तेजी से अपना क्षेत्र फैला रहा था।

[03:51:32] निजाम गया किसके पास? अंग्रेजों के पास।

[03:51:35] अंग्रेजों से कहा कि भाई एरिया दिलवा दो

[03:51:37] यार। बड़ा कष्ट हो रहा है। एरिया दिलवा

[03:51:40] दो। बड़ा कष्ट हो रहा है। अंग्रेजों ने

[03:51:42] कहा अच्छा रुक जाओ रुक जाओ थोड़ी देर में

[03:51:44] तुमको एरिया दिलवा रहे हैं। टेंशन ना लो।

[03:51:51] अब अंग्रेज क्या किए निजाम के साथ मिल गए

[03:51:56] और मराठों को भी कहे

[03:51:58] कि चलो तुम मेरा साथ दो। तुमको हम पैसा

[03:52:01] देंगे।

[03:52:03] यह बात हैदर अली को पता चल गया कि यह तो

[03:52:06] त्रिगूट आ रहे। तो इन्होंने क्या किया? एक

[03:52:07] आपको त्रिगुट का निर्माण किया। हैदर अली

[03:52:10] को यह बात पता चल गई। हैदर अली ने क्या

[03:52:13] कहा? मराठों को क्या कहा कि भाई तुमको

[03:52:16] क्या चाहिए? यह बताओ।

[03:52:18] मराठों को कहा कि तुमको क्या चाहिए?

[03:52:23] इसने कहा कि भाई पैसा दे दो।

[03:52:27] अब मराठे को क्या कहा कि ठीक है दा तुमको

[03:52:30] पैसा दे देते हैं और यह क्षेत्र भी तुमको

[03:52:31] दे देते हैं। मराठे अंग्रेजों से कहते हैं

[03:52:33] चलता हूं। दुआओं में याद रखना। अंग्रेज कह

[03:52:36] रहे कहां भाग रहे हो भाई? मैं भी पैसा

[03:52:37] दूंगा। मत भागो।

[03:52:41] बट यह तो आपको यहां से निकलते बने। यह

[03:52:44] खत्म हो गए बेचारे।

[03:52:47] कर्नाटक ने निजाम को कहा कि भाई ये सब मत

[03:52:49] रहो। अंग्रेजों के साथ मत करो। जो भी बात

[03:52:51] है हमसे बताओ। डिस्प्यूट जो होगा बताओ।

[03:52:55] निजाम भी कहता है अच्छा ऐसा है क्या? हां।

[03:52:57] निजाम भी कहता है मैं भी चलता हूं। दुआओं

[03:52:59] में याद रखना। अंग्रेज के ए भाई हमको

[03:53:02] अकेला छोड़ दिया तुम सब।

[03:53:05] मराठों को पैसा देकर भगा दिया और निजाम को

[03:53:07] इनडायरेक्टली धमकी दिलवाया। हैदर अली

[03:53:10] दोनों निकल गए।

[03:53:13] दोनों निकल गए दुआओं में याद रखना कहते

[03:53:15] हुए दुआओं में तो याद रख लेंगे। अब होता

[03:53:19] क्या है? हैदर अली। अब देखिए अब आओ तब तक

[03:53:21] अंग्रेजों ने क्या किया? एक दो लड़ाईयां

[03:53:22] में इनको पराजित किया हैदर अली को।

[03:53:25] क्योंकि उसके पास इस समय था। लेकिन हैदर

[03:53:27] अली ने क्या किया? इनको घेर लिया चारों

[03:53:29] तरफ से और यही लड़ाई होती है। प्रथम है।

[03:53:31] इसका डेट याद रखना है आप लोग को। कि प्रथम

[03:53:34] मैसूर युद्ध कब होता है भाई? तो प्रथम

[03:53:36] मैसूर युद्ध होता है 1767 से 1769 बरेलस

[03:53:40] के आपको नेतृत्व मतलब बरेलस इस समय आपको

[03:53:42] बंगाल का हेड था।

[03:53:46] हैदर अली बनाम अंग्रेज होगा। प्रारंभिक

[03:53:49] स्तर पर तो यह

[03:53:52] जबरदस्त तरीके से फाइट कर रहे हैं।

[03:53:55] प्रारंभिक स्तर पे बहुत फाइट किए। लेकिन

[03:53:58] हैदर अली ने कूटनीति के द्वारा इनको अलग

[03:54:00] कर दिया। ₹18 लाख दे दिया। कोलार का एरिया

[03:54:03] दे वही कोलार केजीएफ वाला कोलार

[03:54:06] निजाम अपने गुट

[03:54:09] में मिलाया सोचिए कि जिसका गुट था उल्टा

[03:54:12] ही हो गया

[03:54:14] जोसेफ स्मिथ के नेतृत्व में कंपनी ने हैदर

[03:54:16] अली को आपको चगमाघाट और त्रिनो माली के

[03:54:19] लड़ाई में हराया यह ध्यान रखिएगा इस दोनों

[03:54:21] लड़ाई में हैदर अली हर हारते हैं। लेकिन

[03:54:25] उसके बाद अंग्रेजों को यह पटक के मारते

[03:54:27] हैं। पटक के मारने का कहने का मतलब होता

[03:54:29] है कि आराम से युद्ध जीतते हैं। और दूसरा

[03:54:33] अंग्रेजों को घेर लेते हैं मद्रास में।

[03:54:36] सोचिए यह वही मद्रास है जिस पर अंग्रेज

[03:54:40] जिस पर अंग्रेज जो है अपना आन मानस शान

[03:54:45] मानते थे। हैदर अली ने मद्रास को घेर लिया

[03:54:50] और कहा कि भैया मद्रास तुमको अब हम छोड़

[03:54:52] नहीं छोड़ेंगे। अब अंग्रेज हार मानने लगे।

[03:54:55] कह भाई ऐसा मत करो। ऐसा मत करो यार कुछ दे

[03:54:58] दो।

[03:55:00] और इस प्रकार से आपको

[03:55:03] हैदर अली के द्वारा

[03:55:05] पहली बार अंग्रेजों को धकेल दिया। मतलब

[03:55:08] अंग्रेज मजबूर होकर इनसे किए। तो कौन था?

[03:55:11] तो मद्रास की संधि की गई। मद्रास की संधि

[03:55:14] में क्या हुआ था? ये थोड़ा सा इंटरेस्टिंग

[03:55:16] है। मद्रास की संधि में हुआ कि हम आपके

[03:55:18] दोस्त हैं। हम आपके क्या हैं? दोस्त हैं।

[03:55:20] हमको हम लोग परेशान ना होइए। हम आपके

[03:55:23] दोस्त हैं और हम लोग साथ रहेंगे। अच्छा ये

[03:55:26] बात कह हां हां ये बात।

[03:55:28] अंग्रेज कहे कि हम लोग साथ रहेंगे। आप पर

[03:55:30] कोई आक्रमण करेगा तो हम अपना आक्रमण

[03:55:32] समझेंगे।

[03:55:34] कहता अच्छा हां हमको व्यापार करने दो। कहा

[03:55:37] ठीक है करो।

[03:55:39] लड़ाई खत्म हो गई। ट्रीटी भी हो गया।

[03:55:41] दोनों दोस्त भी बन गए। तो क्वेश्चन पूछता

[03:55:44] है कि फर्स्ट आंग्ल मैसूर कब हुआ?

[03:55:47] 67।

[03:55:49] उस समय गवर्नर कौन था बंगाल का? बरलेस्ट।

[03:55:53] इस संधि के तहत यह समाप्त हुआ? तो मद्रास

[03:55:55] की। क्लियर?

[03:55:58] अब हैदर अली सीरियस ले लिया इनके दोस्ती

[03:56:00] को। इनके दोस्ती को हैदर अली सीरियस ले

[03:56:04] लिया।

[03:56:06] अब होता क्या है? इनको लगा कि भाई हैदर

[03:56:08] अली जो है

[03:56:10] मद्रास की संधि हो गई। बट यहां पर आक्रमण

[03:56:14] कर दिए। अगर मैं बात करूं मराठा।

[03:56:19] मराठा आक्रमण करते हैं।

[03:56:23] कहां पर? मैसूर। अबकि मित्रता हो गई थी।

[03:56:28] इनको यही लगेगा ना कि मित्रता है। अंग्रेज

[03:56:30] साथ देंगे। अंग्रेज कुछ जवाब ही नहीं दे

[03:56:32] रहे। यह आक्रमण पर आक्रमण कर रहे हैं।

[03:56:35] अंग्रेज कुछ जवाब ही नहीं दे रहे हैं।

[03:56:38] हैदर अली ने कहा कि भाई यह तो गलत बात है।

[03:56:41] ये गलत बात है। ऐसा तो नहीं होना चाहिए।

[03:56:45] आप बताइए

[03:56:48] आपने कहा दोस्ती करेंगे। इ ऊपर से यहां पर

[03:56:51] यहां पर ये आ गया। फिर से निजाम आ गया।

[03:56:55] निजाम भी कहा कि हां हम भी अंग्रेज के साथ

[03:56:57] हैं। तुम बहुत मेरे एरिया पर कब्जा किए

[03:56:59] हुए हो। और इस प्रकार से क्या किया जाता

[03:57:02] है? फिर से आपको एक वॉर छिड़ जाता है। तो

[03:57:05] सेकंड वॉर का सबसे बड़ा कारण था कि जब

[03:57:09] आपको

[03:57:14] जब आपको जरूरत पड़ी उस समय आपने हेल्प

[03:57:17] नहीं किया। जब आपको जरूरत पड़ी तब आपने

[03:57:21] हेल्प नहीं किया।

[03:57:24] और जब जरूरत पड़ी तो आप निकल गए। और इस

[03:57:27] प्रकार से यहां पर क्या होता है? सेकंड

[03:57:29] आंग्ल मैसूर आपको स्टार्ट हो जाता है।

[03:57:32] इसके पीछे एक बेसिक रीजन था। वह यह था कि

[03:57:34] यहां पर एक जगह है माहे। जगह का नाम क्या

[03:57:37] है? माहे।

[03:57:40] माहे पर अधिकार कर लेता है अंग्रेज।

[03:57:44] माहे पर अंग्रेज। अब माहे को अंग्रेज

[03:57:47] अधिकार कर लिया। और यहां से इनका बहुत

[03:57:48] सामान आता था खाने पीने का या अदर आपको

[03:57:51] सामान आता था। इन्होंने कहा कि भाई ऐसे मत

[03:57:54] करो।

[03:58:00] ऐसे मत करो।

[03:58:04] यहां पर रहने दो लोगों को। हमें छोड़ दो।

[03:58:07] हमारा सामान वामान आता है यहां पर।

[03:58:08] इन्होंने कहा ना ऐसा कुछ नहीं होगा। तो एक

[03:58:10] क्वेश्चन पूछता है कि कौन सी आंग्ल मैसूर

[03:58:14] युद्ध हुई थी जिसका मेन रीजन था माहे।

[03:58:16] माहे जो कि आज पुदुचेरी का भाग है। तो यही

[03:58:19] था सेकंड आंग्ल मैसूर युद्ध। तब इसने क्या

[03:58:22] किया? घेर लिया। अभी समय टीपू सुल्तान भी

[03:58:24] थे और सेकंड आंग्ल मैसूर युद्ध स्टार्ट हो

[03:58:27] गया। तो यहां लिखा भी होगा कि माहे को

[03:58:30] लेकर

[03:58:32] यह अभी समय कौन था गवर्नर जनरल? तो वारे

[03:58:35] हेस्टिंग्स फ्रांसीसी बस्ती थी।

[03:58:39] अब यहीं पर एक लड़ाई होती है अरुंधी की

[03:58:41] लड़ाई। और इस अरुंधी के लड़ाई में हैदर

[03:58:43] अली ने कर्नल वैली को पराजित किया। यहां

[03:58:46] भी आपको अंग्रेज पराजित होने लगे थे।

[03:58:48] अंग्रेज यहां भी पराजित होने लगे थे।

[03:58:54] लेकिन अंग्रेजों ने एक चाल चली थी। चाल यह

[03:58:57] था इसने अगल-बगल से भी लोगों को भेजना

[03:59:01] शुरू कर दिया।

[03:59:03] अगल-बगल से भी लोगों को क्या करना शुरू कर

[03:59:05] दिया? भेजना भी शुरू कर दिया। और इस

[03:59:09] प्रकार से आपको

[03:59:11] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[03:59:11] यहां पर यह होता है। यह इंपॉर्टेंट है

[03:59:13] प्रोटोनोवा।

[03:59:15] प्रोटोनोवा की जो लड़ाई हुई

[03:59:19] बैटल ऑफ प्रोटोनोवा

[03:59:21] इसमें यह लोग थोड़ा सा फंस गए।

[03:59:25] बैटल ऑफ प्रोटोनोवा में ये लोग थोड़ा सा

[03:59:27] फंस गए। क्यों फंसे?

[03:59:31] होता यह है कि ये दोनों तरफ से घेर ले रहे

[03:59:33] थे। तो क्वेश्चन में पूछता है कि बैटल ऑफ

[03:59:35] प्रोटोनोवा

[03:59:36] में कौन आपको लीड किया था? तो अंग्रेजों

[03:59:39] के तरफ से आयरकट थे। इसको थोड़ा सा ध्यान

[03:59:41] रखिएगा। क्वेश्चन यह आता है। आयरक कोर्ट

[03:59:44] ने क्या किया? यहां नेतृत्व किया। 1 जुलाई

[03:59:46] की बात थी और एक तरफ से और घेर लिया। तो

[03:59:50] बैटल ऑफ प्रोटोनोवा लड़ाई में हैदर अली

[03:59:53] घायल हो जाते हैं। ये युद्ध के मैदान पे

[03:59:56] मरते नहीं है। इस चीज को ध्यान रखना है।

[04:00:00] ठीक है?

[04:00:04] युद्ध के मैदान पर मरते नहीं है। इस चीज

[04:00:06] को ध्यान रखना है और आपको बट घायल हो जाते

[04:00:11] हैं। 7 दिसंबर 1782 को हैदर अली की मृत्यु

[04:00:14] हो जाती। अब इसी में कमान संभाले रहते हैं

[04:00:17] टीपू सुल्तान जो कि इनके पुत्र होते हैं।

[04:00:20] टीपू सुल्तान उनके

[04:00:23] पुत्र होते हैं।

[04:00:26] हां, घायल हो गए थे ना पूरा।

[04:00:29] घायल हो गए थे। बीमारी हो गई और मर गए।

[04:00:34] मतलब युद्ध के मैदान में से नहीं मरे। इस

[04:00:36] चीज को मैं बता रहा हूं बार-बार। यह नहीं

[04:00:37] समझिएगा कि बैटल ऑफ मतलब कि उसी मर गए। तो

[04:00:39] नहीं टीपु सुल्तान ने मैथ्यूस को पराजित

[04:00:43] किया। अब इन लोगों ने देखा कि भाई बाप तो

[04:00:44] बाप बेटो बड़ा खतरनाक है भाई।

[04:00:48] टीपु सुल्तान भी अच्छा योद्धा है। वो भी

[04:00:50] लड़ाई करने में जबरदस्त परफेक्ट।

[04:00:53] वह भी लड़ाई करने में जबरदस्त परफेक्ट।

[04:00:57] अब हुआ कि भाई बड़ा खतरनाक है यह तो।

[04:01:03] और इस कारण से क्या होता है? सेकंड आपको

[04:01:05] आंग्ल मैसूर जो है वॉार खत्म होता है।

[04:01:08] देखिए यह भी हार नहीं है। तो मगोर की संधि

[04:01:10] होती है मैकारने और टीपू सुल्तान के बीच।

[04:01:13] कौन सी संधि? मगलोर। तो फिर से बता रहा

[04:01:15] हूं। सेकंड वार किसके-किसके बीच? तो सेकंड

[04:01:19] आंग्ल मैसूर 1780 से 84

[04:01:23] वारे हेस्टिंग्स था और मगलोर की ट्रीटी से

[04:01:28] यह समाप्त हुआ। क्लियर

[04:01:32] ओके यहां तक ध्यान रखिएगा लेकिन मंगलर की

[04:01:35] जो संधि थी ना टीपू सुल्तान को भी पता था

[04:01:38] कि यह जो संधि अंग्रेजों को पचेगा नहीं

[04:01:41] क्योंकि इस संधि के तहत में थोड़ा सा

[04:01:43] झुकाव हो गया था मैसूर का

[04:01:47] तो टीपू सुल्तान को पता था कि भाई

[04:01:54] और अंग्रेजों ने यह कहा था कि आप जो है

[04:02:00] हमारे मित्र रहिएगा।

[04:02:03] आप जो है हमारे मित्र रहिएगा।

[04:02:08] समझ रहे हैं? मतलब अंग्रेजों ने मैसूर को

[04:02:13] अपना मित्र बताया। टीपू सुल्तान कहा ठीक

[04:02:16] है। मित्र हैं। अब यहां पर फिर से एक चीज

[04:02:20] हुआ।

[04:02:22] फिर से आपको यह भाई साहब पहुंचे।

[04:02:26] हैदराबाद कह रहे कि भाई मेरा जो एरिया है

[04:02:28] हमसे छीन लो। हमको चाहिए। अब यहां पर आ गए

[04:02:33] थे कॉर्नवोलिस।

[04:02:35] कॉर्नवालिस ने इनको कहा कि सुनो

[04:02:38] मैं तुम्हारा सब हेल्प करूंगा। जहां-जहां

[04:02:42] तुम्हारा एरिया है मुझे बता दो। तुम्हारा

[04:02:45] एरिया हम तुमको दिलवा देंगे। इसके लिए कोई

[04:02:47] दिक्कत की बात नहीं। ताकि ठीक है हमको

[04:02:49] दिलवा दीजिए। अग दिलवा देंगे कोई दिक्कत

[04:02:52] की बात नहीं

[04:02:56] कहता है लेकिन सुनो मेरे जो मित्र राज्य

[04:03:00] हैं

[04:03:02] मेरे जो मित्र राज्य हैं

[04:03:08] उनके लिए कुछ मत बोलना

[04:03:13] तो कहा कि आपके

[04:03:15] उनके लिए कुछ मत बोलना तो कहा कि आपके

[04:03:15] मित्र राज्य कौन-कौन है तो कॉर्न वालिस ने

[04:03:18] इनको एक लिस्ट दिया

[04:03:21] कन्वलिस्क ने एक लिस्ट निकाला अपने

[04:03:24] फ्रेंड्स का

[04:03:35] और इस लिस्ट में मैसूर नहीं था।

[04:03:39] मैसूर नहीं।

[04:03:43] इसका मतलब क्या? इसका मतलब समझे दया।

[04:03:48] इसका मतलब समझे दया।

[04:03:51] इसका मतलब यह हुआ कि अगर तुम बोलोगे तो

[04:03:56] मैं मैसूर पर अटैक कर दूंगा। क्योंकि इसने

[04:04:00] कहा कि मित्र राज्यों पर अटैक नहीं

[04:04:02] करूंगा। जब यह बात टीपू सुल्तान को पता

[04:04:05] चली तो उनको खराब लगा। उन्होंने कि कहा कि

[04:04:08] अच्छा एक बात बताइए आप लोग ट्रीटी खत्म

[04:04:11] करते हैं

[04:04:15] कि आप तुम्हारे मित्र हो हमारे मित्र

[04:04:18] राज्य हो। अब टीपू सुल्तान को हैदर अली को

[04:04:21] पता नहीं था यह अंग्रेज है।

[04:04:25] यह अपनी संधि तो ऐसे ही तोड़ देते हैं।

[04:04:31] संधि को तो यह पानी कम चाय समझते हैं।

[04:04:36] और टीपू सुल्तान को बुरा लग गया।

[04:04:38] कॉर्नवालिस का कि हां आप हमारे मित्र नहीं

[04:04:41] है। क्या ही कर लीजिएगा।

[04:04:43] तो मेन रीजन यही था कि कॉर्नवालिस ने अपने

[04:04:46] मित्र राज्यों की सूची में मैसूर का नाम

[04:04:50] नहीं डाला।

[04:04:53] तो कहा कि ठीक है एक काम कीजिए आप फिर

[04:04:55] त्रावनकोर एरिया में क्यों इंटरफेयर कर

[04:04:57] त्रावनकोर एरिया तो मैसूर के क्षेत्र में

[04:04:59] आता था।

[04:05:02] इन्होंने कहा कि ठीक है एक काम करते हैं।

[04:05:04] त्रावनकोर को हम ले लेते हैं। मैसूर पूछ

[04:05:07] कहा कि भाई त्रावनकोर मेरा एरिया है। आप

[04:05:08] क्यों जा रहे हैं? आप क्यों इंटरफेयर कर

[04:05:11] रहे हैं?

[04:05:14] अंग्रेजों ने कहा करेंगे क्या ही कर लोगे

[04:05:17] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[04:05:20] और अंग्रेजों ने क्या किया मराठों की मदद

[04:05:23] से मराठों की मदद से प्लस निजाम की मदद से

[04:05:27] अटैक कर दिया और यहां पर फिर से आपको इन

[04:05:30] तीनों का एक दोस्ती हुआ यह दोस्ती हम नहीं

[04:05:34] तोड़ेंगे क्योंकि बार-बार तोड़ते रहते थे

[04:05:37] ये लोग दोस्ती और टीपू सुल्तान को बुरी

[04:05:40] तरीके से पराजित किया क्योंकि टीपू

[04:05:41] सुल्तान को इन लोगों ने घेर लिया।

[04:05:44] टीपू सुल्तान को इन लोगों ने घेर लिया।

[04:05:47] ठीक है?

[04:05:53] टीपू सुल्तान ने घेर लिया।

[04:06:00] समझ रहे हैं इस चीज को? मार दी। मतलब मारा

[04:06:03] नहीं, हरा दिया। और बैठकर कहा कि सुनो एक

[04:06:05] संधि होगा। और यह बहुत ही इंपॉर्टेंट संधि

[04:06:08] हुआ। इसी को कहा गया

[04:06:13] 1792 का ट्रीटी ऑफ श्रीरंगपट्टनम

[04:06:25] की संधि बहुत बेइज्जती वाली

[04:06:27] श्रीरंगपट्टनम की संधि बहुत बेइज्जती वाली

[04:06:27] संधि थी। आपको पता है टीपू सुल्तान के

[04:06:30] बेटे को पकड़ लिया गया और कहा गया कि पैसा

[04:06:33] दो करोड़ों रुपए दो तो तुम्हारा बेटा

[04:06:35] छोड़ेंगे। आधा राज्य ले लिया गया था।

[04:06:38] टीपु सुल्तान से कहा गया कि सबसे अच्छा है

[04:06:41] कि सहायक संधि कर लो भाई

[04:06:44] नहीं तो छोड़ेंगे नहीं तो उन्होंने कहा कि

[04:06:46] ना ऐसे मत कीजिए

[04:06:49] देख रहे हो आधा राज्य ले लिया गया ₹3

[04:06:51] करोड़ हरजाने के रूप में देने पड़े बेटे

[04:06:53] को बंदी बना लिया और कहा कि और मराठों को

[04:06:56] इसने लालच दिया था कि हमसे लड़ोगे ना तो

[04:06:58] तुमको ई एरिया दे देंगे निजाम को भी लालच

[04:07:01] दिया था तुमको सब एरिया दे देंगे काहे

[04:07:02] परेशान हो तो जब जीतता है ना युद्ध तो

[04:07:05] मराठों को थोड़ा सा एरिया देता है मराठों

[04:07:08] को कुछ एरिया दिया। कुछ क्षेत्र

[04:07:15] हैदराबाद को यानी निजाम को गुंटूर का

[04:07:18] एरिया नहीं दिया।

[04:07:25] इतने में ही खुश रहो। तो कॉर्नवालिस ने एक

[04:07:28] स्टेटमेंट जारी किया कि हमने अपने दोस्तों

[04:07:31] को

[04:07:34] मजबूत बनाए बगैर दुश्मन को पंगू बना दिया।

[04:07:39] ये और इनसे कहा गया कि सुनो तुम्हारे साथ

[04:07:42] एक सब्सिडरी अलायंस कर लेते हैं। बात मान

[04:07:44] लो। टीपू सुल्तान को कहा गया। टीपू

[04:07:46] सुल्तान ने कहा

[04:07:49] एक दिन 100 दिन भेड़िए की जिंदगी जीने से

[04:07:52] अच्छा एक दिन शेर की जिंदगी जियो।

[04:07:56] मैं भेड़िया नहीं हूं कि आपके कहने पर

[04:08:00] चलूंगा। यह भी क्वेश्चन कहता है किसने यह

[04:08:03] बात कही कि 100 दिन भेड़ की जिंदगी जीने से

[04:08:05] अच्छा है। एक दिन शेर की मौत मरो।

[04:08:07] उन्होंने कहा कि मैं शेर की मौत मरने को

[04:08:09] तैयार हूं। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मैं

[04:08:10] भेड़िए की जिंदगी नहीं जिऊंगा और मैं आपसे

[04:08:13] कोई भी आपको संदेह नहीं करूंगा। कहा कि

[04:08:15] ठीक है रहो पीस करो। कोई दिक्कत की बात

[04:08:17] नहीं है। अब चौथा आंग्ल मैसूर क्यों हुआ?

[04:08:21] तो आपको एक्चुअली यहां पर क्या था ना?

[04:08:24] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[04:08:27] अब इंडिया है यहां पर नेपोलियन का डर

[04:08:38] नेपोलियन का डर क्या था?

[04:08:41] नेपोलियन का डर यह था कि कहीं नेपोलियन

[04:08:45] भारत पर आक्रमण ना कर दे।

[04:08:51] नेपोलियन भारत पर आक्रमण ना कर दे। इसीलिए

[04:08:54] बेलेजली थोड़ा सा हड़बड़ा गया। बेलेजली

[04:08:58] क्या किया? थोड़ा सा हड़बड़ा गया।

[04:09:02] और फिर बेलेजली ने कहा कि सुनो मैं फिर से

[04:09:06] बोलता हूं कि आप मेरे साथ सब्सिडरी अलायंस

[04:09:09] कर लीजिए। सहायक संधि कर लीजिए। दोनों के

[04:09:12] लिए सही होगा।

[04:09:15] कहा कि नहीं। और इन लोगों ने क्या किया?

[04:09:19] टीपू सुल्तान को घेर दिया इनके उनको मार

[04:09:21] दिया मार दिया इन टीपू सुल्तान को 1799 की

[04:09:24] बात है इनके परिवार को वेलोर में कैद कर

[04:09:27] लिया और मैसूर के एक यही क्वेश्चन

[04:09:29] बीपीएससी ने पूछा था इनका नाम पूछा था

[04:09:33] कृष्णराज नाम था कि किस वंश तो वही पुराना

[04:09:37] वाडियार वंश वाडियार वंश को उठाता है उसका

[04:09:41] एक छोटा सा बेटा होता है कृष्णराज उसके

[04:09:44] साथ इसने सहायक संधि और कहा है कि पूर्व

[04:09:47] का साम्राज्य हमारा हमारे कब्जे में द

[04:09:49] एंपायर ऑफ द ईस्ट इज आवर फेस। ये ध्यान

[04:09:52] रखिएगा। ये वेलेजली ने यह बात कही। क्यों?

[04:09:54] क्योंकि इसने सब कुछ जीत लिया। यह

[04:09:56] क्वेश्चन पीवाईक्यू है बीपीएससी का। ध्यान

[04:09:58] रखिएगा।

[04:10:01] तो आपसे क्वेश्चन कहेगा कि दूसरा जो लड़ाई

[04:10:03] हुआ था उसका मेन रीजन क्या था? तो कहिएगा

[04:10:06] माहे को लेकर आपको लड़ाईयां हुई थी। माहे

[04:10:08] क्षेत्र को लेकर। तीसरा जो क्वेश्चन

[04:10:10] पूछेगा कि चौथा किस युद्ध में अच्छा एक आप

[04:10:14] ही लोग का आंसर बताइए। इस युद्ध में

[04:10:17] अंग्रेजों ने नेपोलियन के भय के कारण

[04:10:19] लड़ाई की। नेपोलियन का एक डर था।

[04:10:28] बताइए किस लड़ाई में?

[04:10:55] यस। चौथे लड़ाई में कौन से लड़ाई में?

[04:10:57] चौथे लड़ाई में इनको भय था। चौथे लड़ाई

[04:11:00] में आपको ये चीजें हुई थी। इस चीज को

[04:11:02] ध्यान रखिएगा। तो, आपको यह ध्यान रखना है।

[04:11:05] यह बीपीएससी के द्वारा ऐसा क्वेश्चन पूछे

[04:11:07] जाते हैं। और इस प्रकार से मैसूर को भी इन

[04:11:10] लोगों ने अबरे कब्जे में लिया। टीपू

[04:11:12] सुल्तान का असली नाम था फतेह अली खान साहब

[04:11:16] और टीपू ने फ्रांसीसी क्रांति के दौरान

[04:11:18] जन्मे एक क्लब था जैकोबिन उसकी सदस्यता भी

[04:11:21] ली थी और इसने स्वतंत्रता के प्रेक्षण

[04:11:24] लिप्री ऑफ लिबर्टी कहते हैं।

[04:11:28] इसको श्रीरंगपट्टनम में कई जगहों पर

[04:11:30] लगाया। इसको श्रीरंगपट्टनम के कई जगहों पर

[04:11:35] लड़ा लगाया था। और इस प्रकार से आपको

[04:11:38] मैसूर भी यह लोग क्या करते हैं? कब्जा में

[04:11:40] ले लेते हैं।

[04:11:43] अब इन्होंने क्या किया? मैसूर पर कब्जा कर

[04:11:45] लिया। समझिएगा। [गला साफ़ करने की आवाज़]

[04:11:48] अब इन लोगों ने क्या किया? मैसूर पे कब्जा

[04:11:50] कर लिया। इन लोगों ने मराठा पे कब्जा कर

[04:11:53] लिया। इन लोगों ने बंगाल पे कब्जा कर

[04:11:55] लिया। अब इन लोग को एक

[04:11:56] [नाक से की जाने वाली आवाज़] डर था कि

[04:11:57] कहीं चीजें बहुत वह ना हो जाए। मतलब कि एज

[04:12:00] फॉर एग्जांपल कि

[04:12:10] कहीं चीजें यह ना हो जाए। तो हुआ क्या कि

[04:12:12] इन लोगों ने कहा कि अब थोड़ा सा

[04:12:14] प्रोटेक्शन करते हैं कहां से? तो अफगान

[04:12:16] वाला एरिया से। अफगानिस्तान वाले एरिया से

[04:12:19] प्रोटेक्शन करते हैं हम लोग। ठीक है?

[04:12:21] ध्यान रखिएगा। अब इसके लिए जरूरी था कि यह

[04:12:24] जो सिख राज्य है वहां पर अपने प्रभाव को

[04:12:28] जमाना। और यही कारण था कि सिखों से इनकी

[04:12:32] लड़ाई हुई।

[04:12:33] यही कारण था कि सिखों से इनकी लड़ाई हुई।

[04:12:37] ठीक है? ध्यान रखिएगा। इसलिए आते हैं सिख

[04:12:40] राज्य। अब देखो सिख राज्य में मैं थोड़ा

[04:12:42] सा बेसिक स्टार्ट करता हूं क्योंकि यहां

[04:12:43] से क्वेश्चन आप लोग के पूछे जाते हैं। सिख

[04:12:46] राज्य जो था आपको भी पता है कि सिख राज्य

[04:12:48] कहां से स्टार्ट हुआ? सिख धर्म।

[04:12:59] देखिएगा एक चीज बताइए। आप लोग पढ़ने वाले

[04:13:01] छात्र हैं। आप लोग का कमेंट कैसा-कैसा है

[04:13:03] बेवकूफ की तरफ। आप लोग के साथ अभी कितने

[04:13:05] बच्चे हैं? 550 बच्चे हैं ना। कितने

[04:13:06] बच्चों का कमेंट दिख रहा है? दो चार पांच

[04:13:08] बच्चों। बाकी तो गंभीर रूप से है ना। बाकी

[04:13:13] तो गंभीर रूप से पढ़ाई कर रहे हैं। आप लोग

[04:13:16] ये चीज क्यों नहीं करते हैं?

[04:13:19] आप लोग इन सब चीजों पर क्यों नहीं ध्यान

[04:13:20] देते? जब दूसरा लोग देर रहा है आप भी

[04:13:22] दीजिए।

[04:13:32] ठीक है। चलो

[04:13:36] अब हम लोग आते हैं।

[04:13:40] ठीक।

[04:13:41] ठीक धर्म किसने स्टार्ट किया था? बताओ

[04:13:43] कमेंट में। ठीक धर्म किसके द्वारा शुरू

[04:13:46] किया गया था? कमेंट में बताइए।

[04:13:54] पढ़ाई कीजिए। जाइए मत। पढ़ाई कीजिए, पढ़

[04:13:56] पढ़िए। शिक्षक यहां खड़ा होकर पढ़ा रहा है।

[04:13:59] आप लोग को पढ़ने में नहीं बन रहा है।

[04:14:06] बताओ सिख धर्म किसके द्वारा शुरू किया गया

[04:14:09] था?

[04:14:16] गुरु नानक जी। ठीक है? कौन? गुरु नानक जी।

[04:14:19] सभी को पता होगा। चलो ये भी बताओ कि सिख

[04:14:22] धर्म में कितने गुरु थे?

[04:14:24] ठीक है। गुरु नानक जी सभी लोग बता रहे

[04:14:26] हैं। सिख धर्म में कितने गुरु थे? बताइए।

[04:14:44] 10 गुरु हुए। कितने गुरु हुए हैं? 10 गुरु

[04:14:46] हुए। अंतिम गुरु यानी 10वें गुरु कौन थे?

[04:14:48] गुरु गोविंद साहब। बहुत बढ़िया। ये भी पता

[04:14:49] है आप लोग को। तो इन लोगों ने क्या किया?

[04:14:52] कोई राज्य वगैरह नहीं था। राज्य वगैरह

[04:14:54] मतलब इन लोगों ने अपने क्षेत्र का प्रभाव

[04:14:56] किया। लेकिन एक राज्य के रूप में जिसको

[04:14:58] क्रेडिट जाता है वह थे बंदा बहादुर। ठीक

[04:15:00] है? कौन थे? बंदा बहादुर। तो सिख राज्य की

[04:15:04] जो स्थापना की वो बंदा बहादुर के द्वारा

[04:15:07] किया जाता है। सिख राज्य की जो स्थापना है

[04:15:18] बंदा बहादुर के द्वारा होता है।

[04:15:32] बंदा बहादुर को किसने मारा? अभी जस्ट

[04:15:34] मैंने आपको पढ़ाया।

[04:15:36] बंदा बहादुर को किसने मार दिया?

[04:16:23] फर्रुख सियार बहुत बढ़िया तो जब इनको

[04:16:26] मरवाया गया तो इनके मरने के बाद सिख जो है

[04:16:29] ना इनके

[04:16:32] मरने के बाद

[04:16:38] सिख कमजोर हुए।

[04:16:47] इनके मरने के बाद सिख कमजोर हुए। अब इनका

[04:16:51] एरिया काफी डाउन हो गया। तो कैसे ये लोग

[04:16:53] करेंगे? अब इनका एरिया डाउन हो गया। कैसे

[04:16:56] करेंगे? तो आइए इसी पर ही आपको आपको

[04:16:58] स्टार्ट होता है। अब धीरे-धीरे इन लोगों

[04:17:00] ने क्या किया? अपने आप को फिर से स्थापित

[04:17:01] करने की कोशिश की। और 1753 में

[04:17:07] 1753

[04:17:09] ईस्वी में आपको इन लोगों ने एक राखी प्रथा

[04:17:13] शुरू की।

[04:17:16] राखी प्रथा शुरू की। इसमें किया क्या जाता

[04:17:19] था? राखी प्रथा में ये लोग करते क्या थे?

[04:17:22] गांव की रक्षा करते थे

[04:17:29] और उनसे राजस्व लेते थे।

[04:17:33] और इस तरीके से यह लोग मजबूत बन गए। यह

[04:17:36] लोग धीरे-धीरे धीरे-धीरे देखिएगा एक मिसल

[04:17:38] का मिसल का मतलब क्षेत्रवार। मिसल का मतलब

[04:17:40] क्या हुआ? क्षेत्रवार। ये लोग धीरे-धीरे

[04:17:42] मजबूत बन गए।

[04:17:46] और इस तरीके से टोटल 12 मिसल बनते हैं।

[04:17:51] अगर बात करूं तो इस तरीके से टोटल 12 मिसल

[04:17:54] बनते हैं। ये वही बता रहा है। 12 मिसल वाज

[04:17:57] वेरी वेरी वेरी इंपॉर्टेंट। अब इस 12 में

[04:18:00] से पांच बहुत मजबूत थे।

[04:18:03] इस 12 में से पांच बहुत ज्यादा मजबूत थे।

[04:18:09] और उस पांचों का नाम आपको ध्यान रखना

[04:18:11] होगा। मिसल सुकेर चकिया मिसल। सुकेर

[04:18:14] चकिया इंपॉर्टेंट क्यों है? क्योंकि रणजीत

[04:18:16] [नाक से की जाने वाली आवाज़] सिंह इसी के

[04:18:17] ही थे। इसी के ही थे रणजीत सिंह।

[04:18:26] अहवालिया,

[04:18:28] कन्हैया और नक मिसल का मतलब समझिएगा

[04:18:31] क्षेत्र उस घर का और वहां पर एक प्रॉपर एक

[04:18:35] जो है लोगों का शासन सरदारों का शासन था।

[04:18:38] इसी सुकर चेकिया मिसल के ही थे रणजीत

[04:18:40] सिंह। महा सिंह इनके पिता का नाम था जिनकी

[04:18:42] मृत्यु हो गई थी। तो मात्र 12 वर्ष की

[04:18:45] अवस्था में रणजीत सिंह आपको राजा बनते।

[04:18:48] ठीक है? ध्यान रखना। रणजीत नाम नहीं है

[04:18:50] इनका। रणजीत नाम है।

[04:18:53] तो रणजीत सिंह राजा बनते हैं मात्र 12 साल

[04:18:55] की उम्र में। है ना? और यह ध्यान रखिएगा

[04:18:58] महा सिंह पिता शुगर चिकिया ये कई बार का

[04:19:00] पीवाईक्यू है। इस चीज को ध्यान रखिएगा। कई

[04:19:03] बार का आपको पीवाईक्यू है। इनके बारे में

[04:19:06] क्वेश्चन आपसे पूछा जाता है। इस चीज को

[04:19:08] ध्यान रखिएगा। सुकर चिकिया मिसल से

[04:19:10] क्वेश्चन आपको रहते हैं। ध्यान रखना है।

[04:19:15] अब यहां पर एक चीजों को ध्यान रखिएगा। एक

[04:19:17] लड़ाई होती है। वही अफगानिस्तान वाला।

[04:19:19] देखो हुआ क्या? मैं आपको आ रहा हूं।

[04:19:21] बैकग्राउंड में आ रहा हूं।कि अभी

[04:19:23] अंग्रेजों से एंटर करने से पहले आपको कुछ

[04:19:25] चीजों को जानकारी होनी चाहिए थी। ठीक है?

[04:19:32] जानकारी होनी चाहिए। अब ये लोग

[04:19:34] ठीक है? जानकारी होनी चाहिए। अब ये लोग

[04:19:34] होता क्या है? यहां से जमान शाह अटैक करते

[04:19:36] हैं। जमान शाह कौन होते हैं भाई? तो जमान

[04:19:38] शाह होते हैं आपको अफगान। अटैक करते हैं।

[04:19:42] यह अटैक करते हैं। लेकिन इनको पराजित कर

[04:19:45] दिया जाता है। लेकिन जब लौटते हैं ना तो

[04:19:47] इनका जो तोप है वह चिनाब नदी में गिर जाता

[04:19:49] है। अब मान लो कि मेरे दुश्मन का तोप कहीं

[04:19:53] चिनाब नदी में गिर जाए तो मैं क्या उनको

[04:19:56] दूंगा निकाल कर? नहीं दूंगा।

[04:20:00] उनको नहीं दूंगा।

[04:20:05] और नहीं दूंगा। लेकिन इन्होंने उल्टा

[04:20:07] किया। इन्होंने क्या किया? दिया। इन्होंने

[04:20:11] निकालकर

[04:20:13] लौटा दिया। खुश हो गए जनाब से। अरे भाई

[04:20:16] जमान बड़ा अच्छा राजा है। मेरा तोप

[04:20:18] निकालकर हमको दे दिया। और जैसे ही तोप

[04:20:20] निकालकर आपको जमान शाह के द्वारा दिया

[04:20:22] जाता है। राजा को उपाधि मिलती है तो आपको

[04:20:25] वहीं पर इनको राजा दे देते हैं। राजा को

[04:20:29] उपाधि देते हैं रिस्पेक्ट में कि भाई तुम

[04:20:31] राजा हो।

[04:20:33] क्लियर? ध्यान रखिएगा। किंग की उपाधि दी

[04:20:36] जाती है।

[04:20:37] है ना? किंग किंग भी लिख सकते हैं।

[04:20:43] 1805

[04:20:45] में अमृतसर पर भी अटैक कर दिया और लाहौर

[04:20:48] को तो राजधानी बना ही ली। तो इनके समय दो

[04:20:51] राजधानी थी रणजीत सिंह की तो कैपिटल दो

[04:20:55] था।

[04:21:00] जो मेन कैपिटल था

[04:21:03] वो था लाहौर।

[04:21:07] और एक था आध्यात्मिक यानी आपको क्या कहा

[04:21:10] जाता है? धार्मिक राजधानी

[04:21:13] अमृतसर।

[04:21:17] यह था धार्मिक राजधानी।

[04:21:23] तो आपसे क्वेश्चन पूछेगा ना कि इनकी

[04:21:25] राजधानी कौन सी थी? अगर ऑप्शन में लाहौर

[04:21:28] भी होगा और ऑप्शन में अगर आपको यह भी होगा

[04:21:31] तो इनकी राजधानी थी लाहौर।

[04:21:40] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[04:21:44] यस। इस चीज को थोड़ा सा ध्यान रखना है।

[04:21:46] लाहौर को इन्होंने राजधानी बनाया। अब हुआ

[04:21:49] क्या?

[04:21:50] अब अंग्रेजों ने क्या किया? क्योंकि यहां

[04:21:53] पर रणजीत सिंह थे। रणजीत सिंह के साथ बहुत

[04:21:54] ज्यादा यह इशू भी नहीं था। रणजीत सिंह इस

[04:21:58] क्षेत्र में आपको राज कर रहे थे।

[04:22:04] इस क्षेत्र में इनका अपना राज था। अच्छा

[04:22:06] राज था। लेकिन अब इनका डर था अफगान आक्रमण

[04:22:10] का, रशिया आक्रमण का। तो अंग्रेजों ने कहा

[04:22:12] रंजीत सिंह के एक काम कीजिए

[04:22:15] आप

[04:22:18] हमारे साथ मिल जाइए।

[04:22:21] एक लुधियाना में रेजीमेंट यानी आपको सेना

[04:22:24] रखने की अनुमति दीजिए।

[04:22:27] उन्होंने कहा कि नहीं नहीं ऐसे कैसे दे दे

[04:22:28] अनुमति?

[04:22:30] कहा एक काम करो अनुमति चाहिए तो हमको भी

[04:22:32] मालवा दे दो

[04:22:35] और इस कारण से क्या होता है

[04:22:38] आपस में इनकी बात बनती नहीं है अब रणजीत

[04:22:41] सिंह क्या करते हैं अटैक करने निकल जाते

[04:22:43] इधर मालवा की ओर रणजीत सिंह इधर आ जाते

[04:22:47] हैं जैसे ही यह बात अंग्रेजों को पता चली

[04:22:49] अंग्रेजों ने क्या किया तुरंत इनको घेर

[04:22:51] लिया और चार्ल्स मैटफ थे इन्होंने कहा कि

[04:22:54] ना ऐसे काम नहीं चलेगा बोलिएगा तो हम आपको

[04:22:57] हरा देंगे अब रणजीत सिंह को यह तो पता था

[04:23:01] कि है बहुत अंग्रेज दुष्ट।

[04:23:07] इन्होंने कहा कि ठीक है बताइए क्या? तो

[04:23:09] कहा कि अमृतसर की संधि करते हैं। तो यह

[04:23:11] बहुत ही इंपॉर्टेंट है अमृतसर की संधि।

[04:23:14] अमृतसर की संधि जो है ट्रीटी ऑफ़ अमृतसर इज़

[04:23:17] वेरी वेरीेंट। इसका एग्जैक्ट डेट भी याद

[04:23:20] रखिएगा। 25 अप्रैल 1809।

[04:23:23] 25 ऑफ़ क्या है?

[04:23:25] 25 अप्रैल 1809

[04:23:28] है। क्या-क्या चीजें इसमें थी? तो यह

[04:23:30] ध्यान रखिएगा। इन्होंने कहा कि एक काम

[04:23:32] करते हैं सतलुज नदी को। द सतलुज रिवर वाज

[04:23:36] द कंसीडर द बॉर्डर बिटवीन टू स्टेट।

[04:23:40] ये क्वेश्चन पीवाईक्यू है। पूछा जाता है

[04:23:42] कि किस नदी को आपको

[04:23:46] राज्य की सीमा बनाई गई थी? किस नदी को

[04:23:50] राज्य की सीमा बनाई गई थी? तो सतलज नदी को

[04:23:52] राज्य की सीमा बनाई गई थी। सेकंड क्या है?

[04:23:56] तो सतलज नदी के पूर्व के राज्य अब

[04:23:58] अंग्रेजों के अधीन होंगे। यानी ये सतलज

[04:24:01] नदी है। तो इसका यह एरिया जो है वो

[04:24:04] अंग्रेजों के अधीन होगा और पश्चिमी जो

[04:24:06] एरिया है वह सिखों के नजदीक अधीन होगा।

[04:24:09] कहा कि ठीक है। और एक यह भी कहा गया कि

[04:24:12] लुधियाना में अंग्रेजी रेजीमेंट रहा। ना

[04:24:15] चाहते हुए रणजीत सिंह ने कहा कि ठीक है।

[04:24:18] इसलिए रणजीत सिंह के साथ

[04:24:22] बहुत ज्यादा इन लोगों ने टेंशन नहीं लिया।

[04:24:24] रंजीत सिंह के साथ इनका रिलेशन भी सही था।

[04:24:27] बट अमृतसर की संधि से यह तो हो गया कि

[04:24:29] इनका इंटरफेयर स्टार्ट हो गया। रंजीत सिंह

[04:24:32] के कुछ अन्य अभियान है। इसको देख लीजिएगा।

[04:24:34] है ना? जैसे कांगड़ा विजय यह थोड़ा सा

[04:24:37] ध्यान रखिएगा। इन्होंने कश्मीर पर आक्रमण

[04:24:39] किया था और यहीं पर रंजीत सिंह को कोहिनूर

[04:24:42] हीरा मिला था। एक अफगानी थे शाहूजा

[04:24:45] इन्होंने ही आपको दिया।

[04:24:48] तो यह कोहिनूर की भी कहानी बहुत है।

[04:24:52] कोहिनूर की भी कहानी बहुत ज्यादा है। एक

[04:24:56] से एक है कोहिनूर की कहानी। ठीक है? ध्यान

[04:24:58] रखिएगा। इसके बाद इन्होंने मुल्तान विजय

[04:25:00] किया। पेशावर जीता और अफगानिस्तान के शाह

[04:25:03] सुजा के दोस्त मोहम्मद की जगह अफगानिस्तान

[04:25:06] के अमीर बनाने के बाद 1838 में लॉर्ड

[04:25:09] ऑकलैंड, रणजीत सिंह और शाह सुजा के बीच एक

[04:25:11] संधि भी। यह क्या है? बाद में देखेंगे।

[04:25:15] देखिए इसका बैकग्राउंड अलग है। कहने का

[04:25:17] ऊपर मतलब यह हुआ कि रणजीत सिंह रुका नहीं।

[04:25:21] रणजीत सिंह तब तोड़ मार अटैक करने लगा।

[04:25:25] इन्होंने कहा कि अरे भाई तो पूरब के बात

[04:25:28] की तो पूरब पे अटैक ना करके तो मार हिला

[04:25:30] दिया। कांगड़ा पे अटैक कर रहा है। पेशावर

[04:25:33] पे अटैक कर रहा है। मुल्तान पे अटैक कर

[04:25:34] रहा। रणजीत सिंह अच्छा योद्धा था। इन लोग

[04:25:37] को लगा कि और इनकी सेना बड़ा जबरदस्त थी।

[04:25:39] बहुत मेंटेन अनुशासित सेना थी इनकी। हल्के

[04:25:42] मत लीजिएगा रणजीत सिंह को। बहुत अनुशासित

[04:25:45] सेना थी और यहीं पर इन लोगों ने क्या किया

[04:25:48] रंजीत सिंह तो रणजीत का जी का दो तीन

[04:25:51] चीजें आती हैं।

[04:25:54] तोपखाने के प्रशिक्षक कौन थे? क्लाउड

[04:25:56] अगस्ट कोर्ट तोपखाने का हेड कौन था? तो

[04:25:58] इलाही बख्श है ना ध्यान रखिएगा। लॉक

[04:26:01] ऑकलैंड ने रंजीत सिंह के सेना को विश्व की

[04:26:03] सबसे सुंदर सेना बताया।

[04:26:06] यह

[04:26:07] यह तो था पेमेंट वेतन नगदी वेतन है ना कैश

[04:26:11] पेमेंट था यह।

[04:26:13] इन्होंने सेनाओं के साथ एक पद्धति स्टार्ट

[04:26:16] की जिसका नाम था महाला सिस्टम। इसका मतलब

[04:26:18] होता था नगद में वेतन देना। मतलब कि ये

[04:26:21] लोग काम कर लिए। ये लोग काम कर लिए और नगद

[04:26:24] में आपसे वेतन ले लिए। ठीक है? तो नगदी

[04:26:27] वेतन यहां पर इनको नगद वेतन।

[04:26:35] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[04:26:37] [हंसी]

[04:26:42] क्लियर ध्यान रखिएगा। अब एक चीज़ ध्यान

[04:26:44] रखना सभी लोग। इनके प्रमुख चार प्रांत थे

[04:26:47] लाहौर, मुल्तान, पेशावर और कश्मीर।

[04:26:51] रणजीत सिंह ने अपने क्षेत्र का विस्तार

[04:26:53] किया था। और चार प्रांत जो है अपने एरिया

[04:26:58] में लिया। कौन-कौन? लाहौर, मुल्तान,

[04:27:02] पेशावर और कश्मीर। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[04:27:13] अब आइए [गला साफ़ करने की आवाज़]

[04:27:17] प्रथम आंग्ल सिख युद्ध

[04:27:20] प्रथम आंग्ल सिख युद्ध

[04:27:27] क्यों हुआ? कैसे

[04:27:29] प्रथम आंग्ल सिख युद्ध क्यों हुआ? कैसे

[04:27:29] हुआ? तो हुआ क्या?

[04:27:32] इनकी मृत्यु हो गई। किसकी? रणजीत सिंह की।

[04:27:36] अब रणजीत सिंह की जब मृत्यु हुई ना तो

[04:27:38] इनके बाद जो है बेटे आए खड़क सिंह वगैरह

[04:27:42] सब आए लेकिन सभी मर गए इनके बाद मतलब

[04:27:45] रणजीत सिंह के बाद जो बेटा बना रणजीत सिंह

[04:27:47] के बाद जो बना वो बना खड़क सिंह

[04:27:52] लेकिन मर गया बाद में आपको बनता है दिलीप

[04:27:55] सिंह इसी को दिलीप सिंह

[04:27:59] लेकिन दिलीप सिंह छोटा था दिलीप सिंह क्या

[04:28:02] था छोटा था एज में कम था तो दिलीप सिंह

[04:28:06] सिंह नाम का था। इसको एग्जैक्ट जो संभाल

[04:28:09] रही थी उनकी माता जिसका नाम था रानी जिंदल

[04:28:13] मतलब जिंदल थी मतलब यह इनकी वाइफ थी और

[04:28:17] यही संभाल रही थी आपको ये

[04:28:20] अब हुआ क्या कि रानी जिंदल जोकि रणजीत

[04:28:23] सिंह के साथ इनका अच्छा से वो हो गया था

[04:28:27] रणजीत यह लॉर्ड हार्डिंग था इस समय गवर्नर

[04:28:29] जनरल रणजीत सिंह के साथ इनका अपना टाई अप

[04:28:32] रहता था रानी जिंदल क्या की थी अह जो कि

[04:28:36] रानी थी रणजीत सिंह की वाइफ थी। इन्होंने

[04:28:40] क्या किया? एक दो जगहों पे अटैक कर दिया।

[04:28:46] अंग्रेज कहें कि भाई आप नहीं कर सकते हैं।

[04:28:48] क्यों? क्योंकि हमारे साथ ट्रीटी है।

[04:28:50] हमारे साथ संधि है। किसका संधि है भाई? तो

[04:28:54] हमारे साथ संधि है अंग्रेजों के साथ ये

[04:28:56] महाराजा के साथ ये मानी नहीं।

[04:29:00] और इसी दौरान लाल सिंह और तेजा सिंह जो कि

[04:29:02] आपको

[04:29:05] सिख सेना के प्रमुख थे। उन्होंने क्या

[04:29:08] किया?

[04:29:11] रानी जिंदल का विरोध कर दिया।

[04:29:14] इसी एवज में आकर सिखों ने अटैक कर दिया

[04:29:17] अंग्रेजों के साथ। और यहां पर कुल पांच

[04:29:20] लड़ाईयां हुई। मुद्दगी की लड़ाई, फिरोजशाह

[04:29:24] की लड़ाई, बुद्धोनाल आलीवाल की लड़ाई। ठीक

[04:29:26] है? यह दो अलग-अलग है। चार लड़ाईयां यहां।

[04:29:29] चारों में कोई भी आपको नहीं मिला।

[04:29:34] चारों में कोई भी आपको नहीं मिला। कोई

[04:29:37] रिजल्ट नहीं हुआ चारों में। रिजल्ट कहां

[04:29:40] होता है? तो सबराओं की लड़ाई में। तबराओं

[04:29:44] की लड़ाई लाल सिंह और तेजा सिंह ने फाइनली

[04:29:47] विश्वासघात कर दिया था। और इस कारण से 10

[04:29:50] फरवरी आपको 1846 को लड़ाईयां हुई। दोनों

[04:29:53] के बीच। लड़ाई हुई तो भाई संधि भी होगा।

[04:29:55] जाहिर सी बात है। संधि कौन

[04:30:00] हां तो संधि होता है 9 मार्च

[04:30:05] 1846

[04:30:07] 80

[04:30:09] 9 मार्च 1846

[04:30:14] रानी जिंदल को कहा जाता है कि ठीक है भाई

[04:30:18] क्योंकि दिलीप सिंह या दिलीप सिंह

[04:30:22] छोटे हैं

[04:30:24] तो आप ही संरक्षिता स्वीकार लाल सिंह को

[04:30:26] वजीर बना दिया गया।

[04:30:28] लाल सिंह को वजीर बनाया गया। सुनिएगा

[04:30:32] दिलीप

[04:30:33] इनको बहुत नहीं किया गया

[04:30:36] तेजा को।

[04:30:39] अब थोड़ा सा इनको बुरा लगे कि भाई हमें

[04:30:42] क्यों नहीं हुआ? है ना?

[04:30:50] सिंह बहुत खुश नहीं था। और लाल सिंह भी

[04:30:53] बहुत खुश नहीं था। तो वजीर तो बन गया

[04:30:55] लेकिन इन लोगों ने किया क्या? लाहौर में

[04:30:56] भी एक को ब्रिटिश को रख दिया। इन्होंने

[04:30:59] अंग्रेजों ने क्या किया? कश्मीर का सूबा 1

[04:31:01] करोड़ में गुलाब सिंह को बेच दिया। यह बात

[04:31:05] थोड़ा सा अखड़ गया तेजा सिंह गुलाब सिंह

[04:31:07] को कि भाई हेल्प हमसे मांगे।

[04:31:11] विरोध हमने किया। जिताया तुमको हम और

[04:31:14] कश्मीर दे दिए गुलाब सिंह को।

[04:31:17] यह चीज इनको पसंद नहीं आया। और लाल सिंह

[04:31:19] ने तेजा सिंह ने क्या किया? विरोध कर

[04:31:22] दिया।

[04:31:23] अंग्रेजों पर ही आक्रमण कर दिया।

[04:31:27] सोचिए

[04:31:28] भाई एक चीज देखना पूरे इतिहास में अभी तक

[04:31:30] अभी तक जो आप लोगों ने पढ़ा इसमें एक चीज

[04:31:33] देखे हैं कि अंग्रेज किसी के नहीं थे।

[04:31:38] अंग्रेज किसी के भी नहीं थे। उनका प्रॉमिस

[04:31:41] कोई प्रॉमिस नहीं था।

[04:31:44] वो अपने फायदे के लिए कुछ समय के लिए

[04:31:46] प्रॉमिस करते थे।

[04:31:49] वह अपने फायदे के लिए कुछ समय के लिए

[04:31:52] प्रॉमिस करते थे।

[04:31:55] उसके बाद उनको घंटा फर्क नहीं पड़ता था।

[04:31:57] अपने अनुसार वह प्रॉमिस को तोड़ भी देते

[04:31:59] थे। आप सोचिए तेजा सिंह और इनसे लाल सिंह

[04:32:04] से काम करवाया। चाहते तो इनको भी दे सकते

[04:32:08] थे कश्मीर। उनको ना देकर गुलाब सिंह को दे

[04:32:10] दिया लेकिन उनको पैसा थोड़ा सा ज्यादा मिल

[04:32:12] रहा था और यही आपको इनको अच्छा नहीं लगा

[04:32:14] और आक्रमण कर दिया।कि कि अब अंग्रेज

[04:32:17] के पास बड़ी सेना थी। अब अंग्रेजों के पास

[04:32:21] अब बड़ी सेना थी। कोई छोटी-मोटी सेना नहीं

[04:32:23] थी कि वह ऐसे ही हार जाए ना। और यही कारण

[04:32:27] था कि आपको फिर से एक संधि होती है भैरवाल

[04:32:30] की संधि और रानी जिंदल को यहां पर दोषी

[04:32:33] ठहराया जाता है। और कहा जाता है कि आप आप

[04:32:36] रानी उननी नहीं है। कोई सुरक्षिता नहीं

[04:32:38] रहेगा। आप पकड़िए पेंशन 1.5 लाख। सोचिए

[04:32:41] 1.5 लाख वार्षिक पेंशन दिया जाता है।

[04:32:47] हां अंग्रेजों को सिर्फ पैसा से मतलब होता

[04:32:50] था।

[04:32:53] लाहौर में एक स्थाई सेना रखी गई और खर्चा

[04:32:56] दिलीप सिंह पर डाल क्योंकि दिलीप सिंह

[04:32:57] छोटा था बहुत बड़ा था नहीं। तो कहा गया

[04:33:00] दिलीप सिंह को कि भैया तुम जाओ और आपको यह

[04:33:02] कर दो।

[04:33:04] यह पचा नहीं। अब सेकंड आपको होता है।

[04:33:07] सेकंड होने के पीछे रीजन क्या होता है?

[04:33:10] सेकंड होने के पीछे रीजन यह होता है

[04:33:13] कि

[04:33:16] आंग्ल मैसूर जो सॉरी सिख युद्ध हो रहा था

[04:33:20] इसमें महारानी के साथ बहुत बेइज्जती टाइपी

[04:33:22] की गई। एक व्यक्ति को बैठा दिया गया कि

[04:33:24] कुछ कर तो नहीं रही हैं। कुछ षड्यंत्र

[04:33:27] टाइप का कुछ कर तो नहीं रही हैं। तो

[04:33:29] महारानी जिंदल के साथ पहले तो पेंशन कम कर

[04:33:32] दिया गया

[04:33:34] और इन पर नजर रखी जाने लगी। सोचिए एक

[04:33:37] महारानी हैं। उन पर नजर रखी जा रही है कि

[04:33:40] भाई

[04:33:43] डलहौजी के काल में 1800 ये बहुत

[04:33:46] इंपॉर्टेंट है इसका डेट ध्यान रखिएगा।

[04:33:49] अब एक और व्यक्ति थे मुल्तान में जिसका

[04:33:51] नाम था मूलराज। ये गवर्नर थे और काफी

[04:33:53] सपोर्ट करते थे इनको

[04:33:56] क्या सिख।

[04:33:58] इनको हटा दिया गया। मूलराज को हटा दिया

[04:34:01] गया। जैसे ही मूलराज को हटाया गया सिख

[04:34:03] सेना भड़क गई। रीजन दो था। पहला तो रीजन

[04:34:06] था कि महारानी के साथ व्यवहार अच्छा नहीं

[04:34:08] हो रहा था और दूसरा रीजन था कि मूलराज को

[04:34:11] भी हटा दिया गया। हां, महारानी की ज्वेलरी

[04:34:14] तक ले ली गई थी। सोच लो। अब इसमें तीन

[04:34:18] लड़ाईयां होती हैं। पहला लड़ाई रामनगर की

[04:34:21] लड़ाई। इसमें अनिर्णायक होता है। अंग्रेज

[04:34:24] की तरफ से गवर्नर गफ थे। फिर चिलियांवाला

[04:34:27] की लड़ाई। फिर गवर्नर गफ। यह भी अनिर्णय।

[04:34:29] एक होता है गुजरात की लड़ाई। यह गुजरात

[04:34:31] पंजाब में है। ध्यान रखिएगा।

[04:34:36] पंजाब में एक छोटा सा जगह है गुजरात।

[04:34:41] इसको कहते हैं तोपों की लड़ाई।

[04:34:44] गुजरात की लड़ाई को क्या कहते हैं? तोपों

[04:34:46] की लड़ाई। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[04:34:58] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[04:35:01] पोपो की लड़ाई और इसको क्रेडिट किसको जाता

[04:35:04] है? नेपियर को जाता है। है ना? इसमें

[04:35:06] नेतृत्व कौन कर रहा था?

[04:35:09] चार्ल्स

[04:35:11] नेपियर।

[04:35:18] चार्ल्स नेपियर यहां पर आपको नेतृत्व कर

[04:35:20] रहा था और इसने इतना तोप मारा, इतना तोप

[04:35:23] मारा इसका नाम ही हो गया तोपों का युद्ध

[04:35:27] और इसमें ये लोग ने क्या किया? सिखों को

[04:35:30] पराजित कर दिया। सिखों को पराजित करने के

[04:35:33] बाद नेतृत्व जो है चार्ल्स नेपियर के पास

[04:35:35] गया।

[04:35:38] ध्यान रखिएगा और सिख यहां पर पराजित हो।

[04:35:40] यह डेट आपको याद करना होगा।

[04:35:43] 29 मार्च 1849

[04:35:51] में पंजाब को डलहौजी ने कब्जा कर लिया और

[04:35:57] जैसे ही कब्जा किया अलग-अलग जैसे

[04:35:59] एडमिनिस्ट्रेशन

[04:36:02] यह दिया हेनरी लॉरेंस को आपको रेवेन्यू

[04:36:06] डिपार्टमेंट

[04:36:08] यह दिया जॉन लॉरेंस को और जुडिशरी जो दिया

[04:36:11] वो दिया चार्ल्स मैसन को तीनों दे दिया

[04:36:16] अलग-अलग व्यक्ति को हेनरी लॉरेंस को दिया

[04:36:18] एडमिनिस्ट्रेशन वाला जॉन लॉरेंस को दिया

[04:36:21] इसने लैंड रेवेन्यू यानी भू-राजस्व वाला

[04:36:24] और चार्ल्स मेसन को दिया इसने न्याय विभाग

[04:36:27] यानी आपको ये

[04:36:30] तीनों यहां से करते हैं। अंग्रेजों ने

[04:36:32] फाइनली क्या किया? यह डेट याद रखना है। 29

[04:36:35] मार्च 1849 को पंजाब को मिला लिया गया

[04:36:37] युद्ध के माध्यम से। युद्ध के माध्यम से

[04:36:40] मिलाया गया। इस चीज को ध्यान रखना है।

[04:36:42] यहां से कंफ्यूजन नहीं रहना है। अंग्रेजों

[04:36:45] ने दिलीप सिंह के साथ संधि कर ₹5 लाख

[04:36:48] वार्षिक पेंशन दिया और इंग्लैंड पढ़ाई के

[04:36:52] लिए आपको भेज दिया। इसी क्रम में

[04:36:54] अंग्रेजों ने क्या किया? इनके साथ सहायक

[04:36:56] संधि कर कोहिनूर ही रहा। यह आज भी जैसे हम

[04:36:59] लोग कहते हैं ना कि कोहिनूर हमारा है।

[04:37:01] हमारा कैसे? हम लोगों ने तो एक साइन कर

[04:37:03] दिया। हालांकि उस समय जबरदस्ती साइन हुआ

[04:37:04] था।

[04:37:06] लेकिन ऑन द पेपर कोहिनूर ब्रिटेन का है।

[04:37:10] दिलीप सिंह को कहा कि सुनो ना हम तुमको

[04:37:12] पढ़ाएंगे। तो यह लोग उसको लंदन भी ले गए।

[04:37:14] इन्होंने अपना धर्म भी बदल लिया था। दिलीप

[04:37:16] सिंह कुछ दिन के लिए ईसाई भी बन गए थे।

[04:37:18] परंतु बाद में अपने धर्म में आ गए थे। यह

[04:37:21] लंदन में पढ़े-वढ़े अंग्रेजों ने ही

[04:37:24] पढ़ाया।

[04:37:26] अरे मैंने आप लोग को शुरू में ही क्लास

[04:37:28] में बोला है कि ईपीटी तीनचार चैप्टर जो है

[04:37:33] हिंदी में हो गया है। बट आपको मैं जो

[04:37:36] दूंगा ना प्रोवाइड कर कर आपको

[04:37:40] बैच में जो आपको पिंग है ना बैच उसमें

[04:37:43] इंग्लिश में हो जाएगा ये क्लास के शुरू

[04:37:45] में ही तो बोल दिया था ना तो फिर क्यों

[04:37:48] इतना परेशान

[04:37:51] यहां तक कोई समस्या

[04:38:09] अभी दो तीन चैप्टर जो है ना यह आप लोग का

[04:38:11] हिंदी में एक्चुअली हो गया है। समझे?

[04:38:15] दो-तीन चैप्टर जो है हिंदी में हो गया है।

[04:38:17] इसको आप लोग को जो मिलेगा ना वो इंग्लिश

[04:38:19] में भी मिलेगा। मतलब बाइलिंगुअल मिलेगा।

[04:38:21] तो उसके लिए आप लोग परेशान ना हो। वो आप

[04:38:23] लोग को मिल जाएगा। बस यहां पर समझ लीजिए।

[04:38:25] दो तीन चीजों को समझ

[04:38:28] एक सेकंड।

[04:38:35] अब यहां पर समझिए सभी लोग

[04:38:44] आंसर

[04:38:51] एक सेकंड ओके

[04:38:58] चलो

[04:39:00] अब यहां पर कुछ चीजों को समझिए।

[04:39:05] यहां पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए

[04:39:08] यह लोग क्या करते हैं? कुछ पॉलिसीज लाते

[04:39:11] हैं। जैसे विलेजली ने एक पॉलिसीज लाया

[04:39:18] सहायक संधि का।

[04:39:25] इसको कहते थे सब्सिडरी अलायंस।

[04:39:32] सबसे पहले इन लोगों ने हैदराबाद में किया

[04:39:34] था। पहले हैदराबाद से।

[04:39:40] परंतु क्लाइव ने

[04:39:42] यह अवध के समय पहले लागू किया था। अवध में

[04:39:46] यूपीएससी ने एक बार अवध मांगा था। इससे ये

[04:39:50] लोग करते क्या थे? एक ट्रीटी करते थे। एक

[04:39:53] संधि करते थे। सब्सिडरी अलायंस करते थे।

[04:39:55] संधि। इसके तहत क्या करते थे? कि सामने

[04:39:59] वाले राज्य के लगभग सभी अधिकार छीन लेते

[04:40:02] थे। उनके आंतरिक मामले को छोड़कर लगभग सभी

[04:40:06] में आपको हस्तक्षेप करते थे।

[04:40:09] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[04:40:13] तो इसमें ये लोग करते क्या थे? आंतरिक

[04:40:15] मामलों को छोड़कर

[04:40:18] है ना?

[04:40:20] इंटरनल जो मैटर होता था

[04:40:27] मामले को छोड़कर

[04:40:31] छोड़कर

[04:40:34] सब में इंटरफेयर करते थे।

[04:40:46] तो विलेजली की ये नीति इसके बाद एक डलहौजी

[04:40:49] की नीति आई थी। तीन तरीके की

[04:40:54] डलहौजी

[04:40:58] इनकी एक फेमस नीति थी डॉक्ट्रिन ऑफ लैब्स।

[04:41:08] हड़प की नीति।

[04:41:12] यह हड़पे थे अलग-अलग कारणों से। जिसमें

[04:41:15] युद्ध के तहत भी हड़प थे। जैसे युद्ध के

[04:41:17] द्वारा युद्ध द्वारा ये पंजाब को हड़पे

[04:41:21] बर्मा को हड़पे

[04:41:24] ठीक है कुशासन के द्वारा यानी अच्छा शासन

[04:41:27] नहीं हो रहा है यानी एडमिनिस्ट्रेशन के

[04:41:28] नाम पे

[04:41:30] बैड एडमिनिस्ट्रेशन के नाम पे इन्होंने

[04:41:34] अवध को कब्जा कर लिया

[04:41:38] और इसके बाद इन्होंने क्या किया अडॉप्टेड

[04:41:40] सन

[04:41:44] यानी हिंदी में कहते हैं दत्तक पुत्र यानी

[04:41:46] ने गोद लिया हुआ पुत्र

[04:41:49] इन्होंने किया क्या? एक रूल आया डलहौजी

[04:41:51] कहता है कि अगर आपका दत्तक पुत्र हुआ मतलब

[04:41:55] अगर आप गोद लिए हुए पुत्र हुए

[04:41:58] तो आपको हमसे पूछना होगा।

[04:42:03] अगर आपका दत्तक पुत्र है मतलब अगर आप जो

[04:42:08] है यह कर रहे हैं मतलब कि अगर गोद लिए हुए

[04:42:11] पुत्र हैं तो आपको पूछना पड़ेगा।

[04:42:16] यही कारण था हजरत महल ने आपको या रानी

[04:42:20] लक्ष्मीबाई के द्वारा आपको

[04:42:25] इनका विरोध किया गया था कि भाई

[04:42:29] मैं बनाऊंगा ना कि राजा कैसे बनेगा

[04:42:32] हां सतारा से इसमें पहले किया गया था मैं

[04:42:35] बताऊंगा ना कि मेरा राजा कैसे बनेगी आप

[04:42:38] थोड़ी निर्धारित करेंगे और इन सब पॉलिसीज

[04:42:41] के कारण इनकी स्थिति बहुत धीरे-धीरे मजबूत

[04:42:43] हो गई ठीक है धी धीरे धीरे-धीरे मजबूत हो

[04:42:47] गई। इसके अलावा फिर उन्होंने कई सारे

[04:42:49] पॉलिसीज लाए। जैसे एस पर फॉर एग्जांपल

[04:42:51] रेलवे लाया इन्होंने। रेलवे इंट्रोड्यूस

[04:42:53] किया आगे जाकर। आगे जाकर इन्होंने क्या

[04:42:57] किया? आपको क्या नहीं किया? ट्रेड व्यापार

[04:43:00] के द्वारा जिसमें अपने माल को यह ज्यादा

[04:43:03] बढ़ावा देने लगे। ठीक है?

[04:43:06] भारत में जो हैंडक्राफ्ट था, हैंड एलोम्स

[04:43:09] था

[04:43:13] वो खत्म हो गया।

[04:43:16] इन्होंने रेवेन्यू सिस्टम खासकर लैंड

[04:43:19] रेवेन्यू

[04:43:25] ये सब चीजों में काफी खराब किए। जैसे लैंड

[04:43:27] रेवेन्यू का तीन था। एक था स्थाई

[04:43:31] एक था रयतवाड़ी

[04:43:35] और एक था आपको महालवाड़ी

[04:43:39] यह कॉर्नवालिस ने स्टार्ट किया था कर चला

[04:43:43] गया था लेकिन 1793 में हुआ था बंगाल में

[04:43:47] प्रारंभ में बंगाल में किया था बंगाल

[04:43:49] बिहार वगैरह सब क्षेत्रों में आपको इसने

[04:43:51] किया था अलग-अलग चीजों से अलग-अलग करके

[04:43:55] इसने क्या किया आपको ब्रिटिश ने अपने

[04:43:57] इकोनमी पॉलिसी अपने एडमिनिस्ट्रेटिव

[04:44:00] पॉलिसी सभी को मिलाकर इसने क्या किया?

[04:44:04] कब्जा करना शुरू कर दिया। और धीरे-धीरे

[04:44:08] धीरे-धीरे ये लोग बहुत आगे बढ़ गए।

[04:44:12] ठीक है?

[04:44:14] अब होता क्या है?

[04:44:18] समझिएगा यहां पर।

[04:44:23] अंग्रेज कहा जाता है कि अंग्रेजों ने इतने

[04:44:27] हां यह सबसे एक क्वेश्चन पूछता है कि सबसे

[04:44:29] ज्यादा किस में था तो 51% के साथ सबसे

[04:44:32] ज्यादा ये था

[04:44:35] मतलब पूरे भारत में 51% सबसे ज्यादा ये

[04:44:38] 19% और ये 30%

[04:44:43] यह इंडिविजुअल होता था जमींदारों के साथ

[04:44:45] होता था।

[04:44:47] यह होता था किसानों के साथ और यह होता था

[04:44:51] ग्रुप्स के साथ। ठीक है?

[04:44:54] कहा जाता था जितना युद्ध के माध्यम से

[04:44:56] नहीं चला उतने तेजी से इन लोगों ने ऐसे

[04:44:58] प्रसार करना शुरू कर दिया। अब इनको देखो

[04:45:01] लैंड रेवेन्यू चाहिए। अब लैंड रेवेन्यू

[04:45:03] चाहिए तो करेंगे क्या? यह बताइए। लैंड का

[04:45:06] विस्तार करेंगे। यह बताओ। लैंड का विस्तार

[04:45:11] करेंगे।

[04:45:13] यह बताइए।

[04:45:18] मतलब कहने का मतलब यह है कि अपने भूमि का

[04:45:21] विस्तार करेंगे। जितना ज्यादा खेती होगा

[04:45:24] उतना पैसा मिलेगा। जितना ज्यादा खेती होगा

[04:45:28] उतना ज्यादा पैसा मिलेगा। यह बताओ।

[04:45:31] बिल्कुल मिलेगा। तो जितना ज्यादा खेती

[04:45:34] होगा उतना ज्यादा पैसा मिलेगा।

[04:45:37] तो इससे सबसे ज्यादा कौन परेशान होंगे?

[04:45:40] इससे सबसे ज्यादा परेशान होंगे आपको

[04:45:43] जनजातीय लोग। कौन परेशान होगा इससे? सबसे

[04:45:48] ज्यादा जनजातीय लोग।

[04:45:51] किसान लोग परेशान होंगे।

[04:45:56] और यही कारण था कि धीरे-धीरे जनजातियों ने

[04:45:59] विरोध करना शुरू।

[04:46:03] धीरे-धीरे

[04:46:05] जनजातियों ने विरोध करना शुरू कर दिया।

[04:46:12] यस। अब एक बात बताइए एस पर फॉर एग्जांपल

[04:46:14] जैसे मान लो कि यहां से जंगल एरिया शुरू

[04:46:17] हो जाता है।

[04:46:19] अब उसमें पेड़-पौधे जंगल इसका मतलब कि

[04:46:21] भूमि तो फर्टाइल है। तभी तो अब यहां तक

[04:46:24] खेती करना। अंग्रेजों ने कहा कि एक काम

[04:46:25] करो इसको कट कर दो। ताकि यह भूमि और बढ़

[04:46:28] जाए। हुआ कि अरे भाई वहां ट्राइब्स रहते

[04:46:31] हैं। वहां कैसे खत्म कर दें?

[04:46:35] वहां ट्राइब्स रहते हैं। वहां कैसे खत्म

[04:46:37] कर दें?

[04:46:39] क्या ना

[04:46:42] इन लोग भाव ही नहीं दे रहे इन लोग को तो

[04:46:44] बस इससे मतलब था मैं कह रहा हूं ना कि इन

[04:46:45] लोग को अंतिम अंतिम तक बस इससे मतलब रहा

[04:46:48] है

[04:46:49] अंतिम अंतिम तक

[04:46:56] और यही कारण था कि जनजातियों ने लड़ाई

[04:46:59] शुरू कर दी। मैं फिर से बता रहा हूं।

[04:47:01] दो-तीन पीडीएफ जो है आपको हिंदी में जैसे

[04:47:03] जनजातियां हिंदी में है। धार्मिक आंदोलन

[04:47:05] भी हिंदी में है। ठीक है? यह आपको इंग्लिश

[04:47:08] में ही मैं दिलवा दूंगा। हिंदी में तो

[04:47:09] रहेगा ही इंग्लिश में भी रहेगा। हो नहीं

[04:47:11] पाया। थोड़ा सा टाइम का ये कमी कारण आपको

[04:47:13] ट्रांसलेट नहीं हो पाया। तो आदिवासी

[04:47:16] दूरदराज जंगलों के क्षेत्रों में रहते थे।

[04:47:18] जनजातीय शब्द को पहली बार ठक्कर बापा ने

[04:47:20] संबोधित किया। नहीं तो इनको अलग-अलग नाम

[04:47:22] था। सबसे पहले इन्होंने ठक्कर बापा नहीं

[04:47:25] ये पीवाईक्यू है आप लोग का। सबसे

[04:47:27] [नाक से की जाने वाली आवाज़] पहले

[04:47:27] इन्होंने कहा कि भाई इनको जनजाति कहो ना।

[04:47:29] क्या इधर-उधर का नाम देते रहते हो? ये लोग

[04:47:32] का रहने का तरीका होता था झूम। मतलब कि

[04:47:34] आपको शिफ्टिंग एग्रीकल्चर के तहत ये लोग

[04:47:37] रहते थे। ठीक है?

[04:47:40] शिफ्टिंग एग्रीकल्चर के तहत अब रहते थे।

[04:47:45] वहीं खेतीबाड़ी करते थे। वहीं आपको कंद

[04:47:47] मूंद खाते थे।

[04:47:50] बट भाई देखो ना जिसको कोई मतलब नहीं।

[04:47:53] जनजाति लोग बड़ा सीधा होते हैं। इनको कोई

[04:47:55] मतलब नहीं होता। क्योंकि इनको दीन दुनिया

[04:47:56] से मतलब ही नहीं। दीन दुनिया से इनको क्या

[04:47:59] मतलब? अचानक से कोई कह देगा तुम क्या कर

[04:48:01] रहा है?

[04:48:03] टैक्स दो टैक्स जनजाती लोग कहेंगे आई क्या

[04:48:07] टैक्स टैक्स दो अब ये लोग अपना माड़ माड़

[04:48:12] समझते हैं चावल का रस

[04:48:16] उससे ये लोग शराब बनाते हैं तो उस पर भी

[04:48:18] टैक्स लेने लगे टैक्स दो टैक्स लोग क्या

[04:48:21] टैक्स बोल रहा है तो बाद में पता चला कि

[04:48:23] यह सब तुम कम कर रहे हो ना इसका तुमको

[04:48:25] पैसा देना पड़ेगा पैसा नहीं तो तुम यहां

[04:48:27] पर अनाज दो इनको

[04:48:30] यह लोग क्या पहली बार इस चीज को

[04:48:32] महसूस कर रहे हैं कि अच्छा यह भी कुछ होता

[04:48:35] है क्या?

[04:48:38] यस। यह भी कुछ होता है क्या?

[04:48:42] धीरे-धीरे इनके जमीन पर कब्जा करने लगे।

[04:48:46] जमीन ही पर कब्जा नहीं कर रहे हैं। इनका

[04:48:49] जो ट्रेडिशनल

[04:48:52] जो इनका अपना चलता था परंपरा उस पे

[04:48:56] इंटरफेयर करने लगे।

[04:48:58] हड़िया पर टैक्स उस पर भी इंटरफेयर करने

[04:49:02] लगे। जैसे खूट कट्टी प्रणाली एक मुंडाओं

[04:49:04] की थी उसमें इंटरफेयर करने लगे। तुमको खूट

[04:49:06] कट्टी नहीं। अरे भाई तुमको खुद से मतलब

[04:49:08] रखो ना। तुमको क्या मतलब है कि मैं क्या

[04:49:10] कर रहा हूं, क्या नहीं कर रहा हूं। इसी को

[04:49:12] कहते हैं बिना मतलब का उंगली करना।

[04:49:15] यह भी एक हद तक ही बर्दाश्त करेंगे ना।

[04:49:19] और यही कारण था कि धीरे-धीरे इनके खिलाफ

[04:49:22] एक विद्रोह भाव उत्पन्न हुआ और कई सारे

[04:49:25] जनजातीय क्षेत्रों में विरोध हुआ और

[04:49:28] जनजातीय क्षेत्र भारत में अब सबसे ज्यादा

[04:49:30] रहते कहां हैं? तो जनजातीय क्षेत्र भारत

[04:49:33] में अगर मैं बात करूं तो अच्छे खासे

[04:49:36] संख्या में रहते हैं। लेकिन एक इनका बड़ा

[04:49:38] सा एरिया

[04:49:43] ये है।

[04:49:46] जैसे एक ये इस एरिया में बहुत रहते हैं।

[04:49:48] इस एरिया में रहते हैं। इस एरिया में रहते

[04:49:51] हैं। थोड़ा सा इस एरिया में भी रहते हैं।

[04:49:53] जनजातीय लोग इस एरिया में भी रहते हैं। ये

[04:49:55] सब एरिया में बहुत रहते हैं। तो सबसे एक

[04:49:57] अच्छा बड़ा सा हुआ था यहां भील आंदोलन।

[04:50:01] यह लोग भील आंदोलन हुआ था। ठीक है? ध्यान

[04:50:03] रखिएगा। एक बात बताइए चीजें समझ में आ रही

[04:50:06] है?

[04:50:07] ठीक है? यह बताइए चीजें समझ में आ रही है?

[04:50:10] मजा आ रहा है। थोड़ा सा शेयर कर दीजिए सभी

[04:50:13] लोग।

[04:50:16] थोड़ा सा पानी पी लिया जाए भाई।

[04:50:24] हां एमपी में झारखंड में तो पूरा

[04:50:27] राजस्थान, महाराष्ट्र यह सब जगह

[04:50:42] ठीक है। चलिए

[04:50:44] तो आ रहे हैं हम लोग यहां पर। भील विद्रोह

[04:50:47] महाराष्ट्र राजस्थान में होता है और एक

[04:50:49] लंबा विद्रोह चलता है। सबसे पहले आपको

[04:50:52] खानदेश एरिया में खानदेश ये हो गया। ये

[04:50:55] वाला एरिया को कहते हैं खानदेश एरिया। ठीक

[04:50:56] है? ध्यान रखिएगा। और यह जो मेन था वही

[04:50:59] कृषि ये लोग वही टैक्स भैया इनको क्या

[04:51:01] मतलब है टैक्स से और ये लोग कहते हैं कि

[04:51:03] नहीं तुमको देना ही होगा टैक्स

[04:51:05] तुमको टैक्स देना ही होगा

[04:51:22] समझ रहे हैं इनको कि आपको टैक्स देना ही

[04:51:24] होगा और नई सरकार का यहां पर डर हो गया।

[04:51:27] रीज़न यही था कि धीरे-धीरे अंग्रेज हावी

[04:51:30] होने लगे थे। इनके परंपराओं को करने लगे

[04:51:32] थे। तो सरदार दशरथ, हिरिया, सेवरम, भगोजी,

[04:51:36] काजल सिंह ये सब आपको इस विद्रोह के

[04:51:39] नेतृत्व करता थे अलग-अलग फेज में।

[04:51:43] हां, टीआर वाले भी कह रहे हैं। बिल्कुल कह

[04:51:45] रहे हैं। आंक मटकाने की जरूरत नहीं है।

[04:51:46] एकदम कीजिए भाई। मोतीलाल तिजावर जो है भील

[04:51:49] आदिवासियों में सर्वाधिक काफी स्मरणीय

[04:51:51] हैं। क्योंकि इन्होंने बहुत आपको संघर्ष

[04:51:53] किया। इनका डेथ हो गया था आगे जाकर।

[04:51:57] ठीक है।

[04:52:00] जागीरदारों द्वारा ली गई बेट बेगार की

[04:52:03] प्रथा को भीलों के द्वारा संगठित किया

[04:52:04] गया। ठीक है? ध्यान रखिएगा। संथाल पर हम

[04:52:07] लोग आते हैं जो इंपॉर्टेंट है। संथाल का

[04:52:10] एरिया कौन सा है? यह है संथाल का एरिया।

[04:52:19] यह है संथाल।

[04:52:23] संथाल में भी यही रीजन था। संथालों के साथ

[04:52:28] यह लोग किए क्या?

[04:52:31] संथालों के साथ ये लोग क्या किए?

[04:52:34] देखिए नेपाल देखो आप कह रहे हैं सर नेपाल

[04:52:37] वर्मा वाला छूट गया। अरे भाई छूटा कुछ

[04:52:39] नहीं है। मैं जो वीवीआई टॉपिक्स है उसको

[04:52:42] पढ़ा रहा हूं। ऐसे तो फिर आपको पता चला कि

[04:52:45] 24 घंटा मॉडर्न हिस्ट्री चल रहा है।

[04:52:49] तो यह सब चीजों को स्किप कर रहा हूं कि

[04:52:51] जहां से बहुत क्वेश्चंस वैसे नहीं बनते।

[04:52:54] थोड़ा सा एक ब्रीफ में बता दूंगा। है ना?

[04:52:56] थोड़ा सा संधिवंधी वाला बना बता दूंगा।

[04:53:02] अभी पीडीएफ थोड़ी जाएगा।

[04:53:04] क्लास के बाद पीडीएफ जाएगा ना। संथाल कौन

[04:53:08] से ट्राइब थे? और संथाल किस एरिया में

[04:53:12] रहते अगर में ये झारखंड है तो झारखंड के

[04:53:15] इस एरिया में संथाल रहते थे। इनके साथ ये

[04:53:19] लोग थोड़ा सा अलग-अलग तरीके से रूल चेंज

[04:53:21] किए। पहला रूल क्या चेंज किए? पहला सबसे

[04:53:23] पहले यही कहे कि अरे भाई

[04:53:28] आप लोग ऐसे क्यों कर रहे हैं? आप लोग

[04:53:31] हमारे साथ भेदभाव क्यों कर रहे हैं? तो

[04:53:32] उन्होंने कहा कि कौन सा भेदभाव कर रहे

[04:53:34] हैं? ऐसे मत ब्लेम लगाइए। कहना ना भेदभाव

[04:53:36] तो हो ही रहा है। कह नहीं भेदभाव कुछ नहीं

[04:53:38] हो रहा है। तो इनके साथ दो तीन चीजें की।

[04:53:42] पहले तो आपको बताइए आपके घर में कोई घुस

[04:53:44] जाएगा और आपसे घर में घुस के आप ही से काम

[04:53:47] कराएगा फिर आपका जमीन ले लेगा आप खुश

[04:53:50] होइएगा यह बताइए

[04:53:53] आप खुश होइएगा नहीं होइएगा

[04:53:58] आप खुश नहीं होइएगा हुआ भी यहां पर भी वही

[04:54:02] हुआ कोई खुश थोड़ी होगा इन लोगों ने बोला

[04:54:06] भी कि भाई हमारी जमीन है हमको दे दीजिए

[04:54:09] हमारी जमीन है हमको दे दीजिए ऐसे मत कीजिए

[04:54:12] भाई।

[04:54:19] ऐसे मत कीजिए। ये लोग माने नहीं। इस जिस

[04:54:23] एरिया में रहते थे उसको कहा जाता था दामने

[04:54:26] को। क्या कहा जाता था? दामने को। दामने

[04:54:29] कोह मतलब यह पूरा एरिया। ठीक है? यह ध्यान

[04:54:32] रखिएगा। यह भागलपुर वाला एरिया हो गया।

[04:54:35] भागलपुर से राजमहल का जो क्षेत्र था दामने

[04:54:37] को कहा जाता था।

[04:54:40] और यहीं पर चीजें आपको बहुत ज्यादा वो थी।

[04:54:43] इन्होंने रिक्वेस्ट भी किया कि आप लोग

[04:54:45] प्लीज हमें समझिए। हमारे चीजों को समझिए।

[04:54:49] लेकिन ये लोग माने नहीं। ये लोग माने

[04:54:52] नहीं।

[04:54:54] अब स्थाई बंदोबस्त के तहत इनके से कई सारे

[04:54:58] जमीनें छीन ली गई। स्थाई बंदोबस्त में

[04:55:01] क्या था? स्थाई बंदोबस्त में था राजस्व

[04:55:04] जितना ज्यादा लाओगे उतना तुमको परसेंटेज

[04:55:06] मिलेगा। 1 / 11%ेज और राजस्व ज्यादा कैसे

[04:55:09] आएगा? राजस्व आएगा उसी समय ज्यादा आएगा जब

[04:55:12] आपके पास भूमि ज्यादा होगी। ठीक है?

[04:55:20] भूमि ज्यादा कैसे होगी? जब जमींदारों की

[04:55:22] भूमि को हड़प लो। जमींदारों की भूमि को

[04:55:25] हड़प लो। और यही कारण था कि इन लोगों को

[04:55:28] बहुत तंग किया गया था। भूमि का बहुत

[04:55:30] ज़्यादा ज्यादा टैक्स लिया गया था।

[04:55:31] इंटरफेयर बहुत किए थे। दुर्व्यवहार किया

[04:55:33] गया। साहूकार बहुत टैक्स लेने लगा।

[04:55:35] जमींदार किया। ये सब से परेशान होकर इन

[04:55:39] लोगों ने डिसीजन लिया कि हम लोग अटैक

[04:55:42] करेंगे। हम लोग अटैक करेंगे। और 30 जून को

[04:55:47] 30 जून

[04:55:49] 1855 को 6000 से अधिक आदिवासी इकट्ठे हुए

[04:55:53] और अंग्रेजों के विरुद्ध धावा बोल दिए। और

[04:55:56] धावा ही नहीं बोले। साहूकारों पे अटैक

[04:55:59] किए। उनके घर जाकर जो पेपरपर था ना सब जला

[04:56:02] दिया। पटरिया तोड़ दी। अ सड़कें तोड़ रहे

[04:56:05] हैं, पटरियां तोड़ रहे हैं। ये सब आपको

[04:56:08] यहां पर किए।

[04:56:10] ठीक है? ध्यान रखेंगे सब आपको यहां पर

[04:56:12] करने लगे ये लोग। और इस प्रकार से बट कुछ

[04:56:15] ही समय के बाद दबा दिया गया। कुछ ही समय

[04:56:18] के बाद दबा दिया गया।

[04:56:21] भाई ये लोग सिद्धू कानू को फांसी दे दी

[04:56:24] गई। ठीक है? फूल झानो थी। इनकी बहन थी।

[04:56:32] जान वह भी उनको भी मतलब करते करते कहने का

[04:56:34] मतलब है कि हटा दिया गया था मतलब भाई कैसे

[04:56:38] टिक पाते हैं एक तरफ अंग्रेजों के पास बम

[04:56:42] बारूद बंदूक

[04:56:45] एक तरफ इनके पास भाला ये सब कहां से जीत

[04:56:48] पाएंगे तीर कमान

[04:56:51] तो इस प्रकार से कथन दूसरा है मुंडा

[04:56:53] विद्रोह मुंडा विद्रोह इंपॉर्टेंट है

[04:56:55] इंपॉर्टेंट तो खैर सभी है हालांकि यह सब

[04:56:57] मेंस में क्वेश्चन पूछा जाता है रेगुलर

[04:57:04] मुंडा विद्रोह जिसको उलगुलान भी कहते हैं।

[04:57:09] इसको क्या कहते हैं? उलगुलान।

[04:57:14] महाविद्रोह की संज्ञा दी। ये भी छोटा

[04:57:16] नागपुर में हुआ। किसके द्वारा किया गया

[04:57:18] है? बिरसा मुंडा जी के द्वारा। किसके

[04:57:21] द्वारा किया गया है? बिरसा मुंडा जी के

[04:57:23] द्वारा। एक एक्चुअली इनकी एक प्रणाली थी

[04:57:24] खूट्टी।

[04:57:27] खूट्टी का मतलब क्या हुआ? खुटकट्टी का

[04:57:30] मतलब होता था

[04:57:34] ये लोग सामूहिक कृषि करते थे। क्या करते

[04:57:37] थे? सामूहिक कृषि।

[04:57:43] सामूहिक कृषि करते थे।

[04:57:56] अब कृषि करते थे। वहीं से उपज करते थे।

[04:57:58] आपस में ही वो करते थे। अंग्रेज ने इन पर

[04:58:01] हस्तक्षेप कर दिया। अंग्रेज कहे ऐसे अब

[04:58:05] नहीं चलेगा। ये सब बंद करो।

[04:58:10] ठीक है?

[04:58:13] हस्तक्षेप लिख दीजिए। हस्तक्षेप किया।

[04:58:16] ये तो चलो फिर भी हो गया।

[04:58:20] इनकी जमीनें ले ली गई। इनकी भी जमीनें ले

[04:58:24] ली गई। इनका घर ले लिया गया। इनकी भी

[04:58:27] जमीनें ले ली गई। इनका भी घर ले लिया गया।

[04:58:32] और इसी कारण से एक लड़ाई होती है जिसको

[04:58:34] कहते हैं सरदारी लड़ाई। ठीक है? ये भी

[04:58:36] क्वेश्चन आपसे पूछा गया। ये सरदारी युद्ध

[04:58:39] है ना? ध्यान रखिएगा।

[04:58:43] अब बिरसा मुंडा जी काफी छोटे थे।

[04:58:45] धीरे-धीरे बड़े हुए। बड़े हुए हैं। इनके

[04:58:47] फॉलोअ बढ़ गए। फॉलोअ बढ़ने के पीछे क्या

[04:58:49] था? तो बिरसा मुंडा जो था ना आपको

[04:58:52] आध्यात्मिक भी था। तो बिरसा मुंडा जो

[04:58:55] विद्रोह था

[04:58:58] यह आध्यात्मिक

[04:59:02] मतलब आंतरिक शुद्धता के लिए

[04:59:08] सोचिए बिरसा मुंडा जी का एज कुछ नहीं था

[04:59:11] और एक बाहरी कारण था।

[04:59:14] इनका कहना था कि हमारे धर्म में बहुत गलत

[04:59:16] चीजें आ गई है। मांस मदिरा का प्रयोग एकदम

[04:59:20] बंद करना है। एक ही ईश्वर है सिंहभंगा

[04:59:22] उनकी पूजा करना है। इसलिए इनको धरती अब्बा

[04:59:25] कहा जाने लगा। सिंहभंगा की पूजा की बात

[04:59:29] करने लगे। कहने लगे कि मांस मद्रा त्याग

[04:59:30] कीजिए। गौ हत्या नहीं होगा। यानी सबसे

[04:59:33] पहले हम लोग इंटरनल अपने आप को ठीक करते

[04:59:35] हैं। समझ रहे हैं?

[04:59:38] अब क्योंकि अध्यात्म की बात है और आपको भी

[04:59:40] पता है कि अध्यात्म से सबसे फायदा क्या

[04:59:42] होता है कि कई फॉलोअ आपके जुड़ जाते हैं।

[04:59:45] जो भी उस चीज को फॉलो करते हैं वो लोग

[04:59:46] क्या होते हैं? जुड़ जाते हैं।

[05:00:00] चलिए भाई बहुत बढ़िया। हां आनंद पांडे

[05:00:04] इनके आध्यात्मिक गुरु थे। बिल्कुल एकदम

[05:00:06] दमद सही बात है भाई चंद्रा

[05:00:09] तो इनके फॉलोअ बहुत हो गए

[05:00:13] इनके इनके इनके ग्रुप में यही लोग थे आनंद

[05:00:15] पांडे जी थे गया मुंडा थे ये लोग काफी है

[05:00:18] तो ये आनंद पांडे से प्रभावित थे अब हुआ

[05:00:20] क्या कि इनके फॉलोअ बढ़ गए अब मुंडा को यह

[05:00:23] लगने लगा यानी बिरसा मुंडा जी को यह लगने

[05:00:25] लगा कि यह जो अशुद्धियां आई हैं इसके पीछे

[05:00:30] जो सबसे बड़ी जिम्मेदारी है वह है ईसाई

[05:00:32] मिशनरियों की

[05:00:36] ठीक है? ईसाई मिशनरियों की

[05:00:42] उन्होंने ही सब कुछ खराब किया है।

[05:00:45] ठीक है? उन्होंने ही सब कुछ खराब किया है।

[05:00:47] और यही कारण था कि इन्होंने क्या किया?

[05:00:50] इनको अरेस्ट कर लिया गया था। लेकिन आपको

[05:00:53] फिर छोड़ दिया गया कुछ ही दिन में और 1899

[05:00:56] जैसे ही छोड़ा गया बिरसा मुंडा जी को एक

[05:00:58] चीज हो गया।

[05:01:01] [हंसी]

[05:01:02] उनको एक चीज पता चल गया

[05:01:06] के

[05:01:08] अंग्रेजों के खिलाफ एक ही उपाय है

[05:01:12] वो है

[05:01:14] ग्रुप में अटैक करना मतलब लड़ाई करना इन

[05:01:17] लोगों ने इन्होंने क्या किया जब जेल से

[05:01:20] निकले

[05:01:24] ठीक है जब जेल से नाम कौन रखा है भाई

[05:01:28] बिहारी होम लेंडर कौन है

[05:01:32] बिहारी होमलैंड अच्छा अच्छा वही कह रहा है

[05:01:34] पीडीएफ दीजिए इंग्लिश में मैं भाई आप लेट

[05:01:37] से आएंगे मैंने कहा ना तीन चार चैप्टर जो

[05:01:39] है उसका पीडीएफ हिंदी में ही है वो

[05:01:42] इंग्लिश में मैं दे दूंगा प्रोवाइड करा

[05:01:44] दूंगा

[05:01:46] आप लोग जो पिंग है ना कमेंट उसको क्लिक कर

[05:01:49] कर उस बैच को एनरोल करो सभी पीडीएफ उसी

[05:01:51] में जाएंगे ठीक है ध्यान रखिएगा

[05:01:55] हां

[05:02:00] क्लास का टाइम क्या आप घर बताकर करेंगे

[05:02:02] क्या?

[05:02:04] सर प्लीज इसे मैराथन को दो दिन कंप्लीट कर

[05:02:07] दीजिए। नहीं नहीं ठीक है भाई आप लोग को

[05:02:08] मैराथन का मतलब यह हुआ ना क्विक रिवीजन।

[05:02:10] मैराथन का मतलब थोड़ी होता है पूरा ही

[05:02:12] पढ़ाई। क्विक रिवीजन करा रहा हूं अच्छे

[05:02:14] तरीके से। ऐसा थोड़ी है कोई हड़बड़ी में

[05:02:16] करा रहा हूं। ठीक है?

[05:02:21] हां। तो इन्होंने क्या किया? ट्रेनिंग

[05:02:24] देना शुरू किया। प्रशिक्षण देना शुरू

[05:02:26] किया। ट्रेनिंग देना शुरू किया। किसको?

[05:02:29] अपने फॉलोअर्स को। प्रशिक्षण देना शुरू

[05:02:32] किया। और प्रशिक्षण देना शुरू किया। तो

[05:02:34] इन्होंने कहा कि एक काम करते हैं। क्रिसमस

[05:02:36] के समय अंग्रेज अलग ही धुन में रहते हैं।

[05:02:38] अटैक कर देते हैं और हुआ भी वही। क्रिसमस

[05:02:41] के पूर्व संध्या पर मुंडाओं ने मिलकर अटैक

[05:02:45] कर दिया और कई सारे लोगों को मार दिया।

[05:02:47] अंग्रेजों को। अंग्रेज हल्के में लिए शुरू

[05:02:50] में।

[05:02:53] अंग्रेज

[05:02:56] हल्के में लिए इनको तो हुआ कि ना हल्के

[05:02:58] में नहीं लो भाई बहुत खतरनाक आदमी है यह

[05:03:00] लोग बट बिरसा मुंडा जी वहां से भाग गए थे

[05:03:02] लेकिन इनको पकड़ लिया गया पकड़ लिया फिर 3

[05:03:04] फरवरी 1900 को तिमूम से गिरफ्तार कर लिया

[05:03:07] और रांची जेल में डाल दिया गया और रांची

[05:03:09] जेल में ही आपको इनकी मृत्यु हो जाती है

[05:03:11] हैजा से ठीक है ध्यान रखिएगा

[05:03:14] इसके बाद कोल विद्रोह कोल विद्रोह का भी

[05:03:16] रीजन वही था ब्रिटिश सरकार के द्वारा चावल

[05:03:19] की नशीली जो शराब था उसके उत्पादन पर

[05:03:22] टैक्स लेने लगे। वही हंडिया जिसको कहते

[05:03:24] थे।

[05:03:27] ठीक है? मुंडा ओरा हो महाली जनजाति जो

[05:03:30] मैदानी क्षेत्र में निवास करते हैं उसको

[05:03:33] कोल कहा जाता है। ठीक है?

[05:03:39] अब आपको ध्यान रखिए कि चावल की नशीली शराब

[05:03:42] का उत्पादन करने पर टैक्स पहली बार ही सब

[05:03:45] टैक्स लग रहा है भाई। पहली बार अरे मुंडा

[05:03:48] विद्रोह रांची में हुआ था। खूंटी रांची

[05:03:55] क्या खूंट कटी खूंटी एक जगह है ना रांची

[05:04:00] यहां पर हुआ था

[05:04:06] तो हंडिया पे ये लोग क्या करने लगे टैक्स

[05:04:08] लेने लगे अब इसका विरोध हुआ और इसी को

[05:04:10] कहते हैं कोल विद्रोह फिर इनको भड़का दिया

[05:04:13] गया ब्रिटिश सरकार ने इनकी जमीनें सिखों

[05:04:15] मुसलमानों को दे दी थी बट इनको दबा दिया

[05:04:16] गया बुद्ध भगत और आपको गंगा नारायण के

[05:04:19] द्वारा किया गया था यह थोड़ा सा याद याद

[05:04:20] रखिएगा कि बुद्धो भगत और गंगा नारायण ने

[05:04:23] किस आपको किया था तो ध्यान रखना है तो

[05:04:26] आपको कोल विद्रोह किया था। इसके बाद आते

[05:04:29] हैं एक रं विद्रोह राजू रं जी के द्वारा

[05:04:31] किया गया था और आपको पता है पहली बार

[05:04:37] रमा लोगों ने मतलब यह आंध्र प्रदेश का

[05:04:41] क्षेत्र है। वहां पर जागीरदारों के

[05:04:43] भ्रष्टाचार और आपको फॉरेस्ट पॉलिसी के

[05:04:47] कारण इनका यह विरोध हुआ।

[05:04:50] ठीक है ध्यान रखिएगा रमा विद्रोह इसको भी

[05:04:54] दबा दिया गया

[05:04:57] खासी विद्रोह जयंतिया और गारो खासी वही है

[05:04:59] गारो खासी जयंतिया खासी जनजाति में हुआ

[05:05:02] छत्र सिंह ने इसका नेतृत्व किया ये ध्यान

[05:05:04] रखिएगा आगे जाकर तीरथ सिंह इसका नेतृत्व

[05:05:06] करते हैं इस चीज को ध्यान रखना है ठीक है

[05:05:09] तीरथ सिंह के साथ-साथ वर्मानिक और मुकुल

[05:05:12] सिंह भी आपको करते हैं। फिर वही देखो यहां

[05:05:13] सब में एक चीज कॉमन होगा।

[05:05:17] एक दो का एक इंपैक्ट बहुत पड़ा। जैसे

[05:05:20] संथाल का इंपैक्ट पड़ा, संथाल परगना एक्ट

[05:05:22] आया, मुंडा का इंपैक्ट पड़ा, छोटा नागपुर

[05:05:25] एक्ट आया जिसको सीएनटी एक्ट आप लोग पढ़ते

[05:05:27] भी हैं जेपीएससी में।

[05:05:30] बाकी मैक्सिमम जितने भी हैं

[05:05:35] मैक्सिमम का आपको इंपैक्ट नहीं आया।

[05:05:39] मैक्सिमम

[05:05:41] भाई मैं बोल तो दिया हूं कि दो-तीन चैप्टर

[05:05:45] जो है हिंदी में है जैसे एक ये है एक इसके

[05:05:47] बाद एक और चैप्टर आपको हिंदी में मिलेगा

[05:05:49] वो है धार्मिक सुधार आंदोलन बाकी फिर कोई

[05:05:53] हिंदी में नहीं मिलेगा सब फिर बाइलिंगुअल

[05:05:54] है और इसका पीडीएफ जो है इंग्लिश में

[05:05:58] प्रोवाइड कर दूंगा उसके लिए आपको परेशान

[05:05:59] नहीं होना है

[05:06:02] ठीक है चलो हां एक चीज थोड़ा सा ध्यान

[05:06:05] रखिएगा फांसी विद्रोह का अंत कैसे हुआ?

[05:06:08] कहा गया सरेंडर करो। तो सरेंडर का मतलब ही

[05:06:12] हुआ कि मृत्युदंड। सरेंडर का मतलब क्या

[05:06:15] हुआ? कि ये लोग हमको क्या दे देंगे?

[05:06:16] मृत्युदंड दे देंगे। तो इन्होंने कहा एक

[05:06:19] शर्त पर सरेंडर करेंगे।

[05:06:22] अगर आप हमें मृत्युदंड नहीं दीजिएगा तो हम

[05:06:26] जो है आपको सरेंडर कर देंगे। तो यही इसी

[05:06:31] कारण से खांसी विद्रोह जो है आपको समाप्त

[05:06:34] हो गया।

[05:06:38] खोंड और सवार विद्रोह। ठीक है? ध्यान

[05:06:40] रखिएगा। ओसा में खोंड है। यह बहुत ही

[05:06:42] इंटरेस्टिंग और क्वेश्चन यहां से आता है।

[05:06:45] एक्चुअली इन लोग का एक प्रथा था। मोरिया

[05:06:48] प्रथा। इन लोग का एक प्रथा था मोरिया

[05:06:52] प्रथा। ठीक है? ध्यान रखिएगा। मोररिया

[05:06:55] प्रथा में होता क्या था? कि ये लोग नरबलि

[05:06:58] देते थे। क्या देते थे? नरबलि। इन लोग को

[05:07:03] लगता था कि नरबलि देने से बारिश होगी। फसल

[05:07:05] बहुत अच्छा होगा। कभी किए होंगे इस टाइप

[05:07:07] का। किसी को मारे होंगे। ठीक है?

[05:07:12] नहीं मेरा एनर्जी कुछ भी लो नहीं है। मैं

[05:07:15] बहुत फिट और फाइन हूं। आप लोग अपना देखिए।

[05:07:18] मैंने कहा ना कि 3:30 के आसपास इस चैप्टर

[05:07:21] को खत्म करते हैं। इस चैप्टर के खत्म करने

[05:07:23] के बाद मैं आपको खाने का दे दूंगा। मैं भी

[05:07:25] कुछ भी नहीं खाया हूं अभी तक। कुछ पेट में

[05:07:28] डालूंगा ना तो गैस हो जाएगा।

[05:07:31] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[05:07:33] मैं आप लोग को दूंगा।

[05:07:35] राइट

[05:07:39] चलो

[05:07:43] तो मौरिया प्रथा था। अब अंग्रेजों को लगा

[05:07:45] कि अरे भाई मृत्युदंड दे रहा और ध्यान

[05:07:48] रखिएगा एक चीज अंग्रेजों को भी पता था। ये

[05:07:51] अंग्रेजों ये हर जगह ये सब होता था।

[05:07:54] स्केंडिवियन कंट्री चले जाइए। आप यूरोप के

[05:07:57] कई सारे जब पुराने-पुराने जमाने में ये सब

[05:07:59] सब जगह होता था। नर बलि देना यह सब देना

[05:08:02] हर जगह होता था।

[05:08:06] समझ रहे हैं? तो मोररिया प्रथा पर पाबंदी

[05:08:09] लगा दिया इन्होंने। अंग्रेजों ने कहा कि

[05:08:11] ना मोररिया प्रथा ये सब नहीं होगा। जैसे

[05:08:13] ही इस पर पाबंदी लगाया यह भड़क गया और

[05:08:16] भड़क कर इन लोगों ने क्या किया? विरोध कर

[05:08:17] दिया। ठीक है? और यही खंड विद्रोह ये

[05:08:21] क्वेश्चन पूछता है। यह वीवीआई है। ध्यान

[05:08:23] रखिएगा।

[05:08:24] इसी का ही अगला रूप था। चक्र बिश्नोई के

[05:08:27] नेतृत्व में आपको

[05:08:29] और विद्रोह हुआ। कहा कि ये लोग टैक्स

[05:08:31] बुक्स भी लेते हैं। ये सब करते-करते हुआ।

[05:08:33] इसी आंदोलन का कहा जाता है एक्सटेंडन

[05:08:35] पार्ट था सवार विद्रोह। इसको राधा कृष्ण

[05:08:39] आपको दंड सेना के द्वारा किया गया। उसके

[05:08:41] बाद दंड सेना को फांसी दे दी गई। दंड सेना

[05:08:44] को क्या दिया गया? फांसी दे दिया गया। और

[05:08:46] इसके बाद आपको इनकी स्टोरी समाप्त होती

[05:08:48] है। देखो यहां पर दो-दो है। मैंने एक

[05:08:50] लिस्ट भी डाला है ताकि आप लोगों को चीजें

[05:08:52] थोड़ी सी आसान भी लगे। लिस्टिंग भी कर

[05:08:55] दिया हूं।

[05:08:58] रामोसी विद्रोह आइए रामोसी को थोड़ा सा

[05:09:01] देख लीजिए। रामोसी विद्रोह 1822 25 26 39

[05:09:06] 41 रामोसी बीपीएससी में हमेशा पूछा जाता

[05:09:10] है।

[05:09:12] रामोसी जनजाति रहते कहां थे? यहां ध्यान

[05:09:15] रखिएगा।

[05:09:17] रामोसी ट्राइब यहां रहते थे।

[05:09:21] इस क्षेत्र में

[05:09:27] तो एक बार क्वेश्चन आप लोगों से पूछा गया

[05:09:29] कि रामोसी जनजाति कहां पर है? तो पश्चिमी

[05:09:32] घाट में ये लोग रहते थे। रामोसी जनजाति

[05:09:35] कहां रहते थे? पश्चिमी घाट में रहते थे।

[05:09:38] ये लोग कौन थे? तो भाई ये मराठों के समय

[05:09:41] से ही रहते थे। ठीक है? आदिम जनजाति आपको

[05:09:43] लोग थे। और यहां पर ये लोग क्या करने लगे?

[05:09:46] बहुत ज्यादा आपको इंटरफेयर करने लगे

[05:09:49] अंग्रेज।

[05:09:52] अब इसी का विरोध किए सबसे पहले चीर सिंह

[05:09:54] ठीक है कौन है तो चितर सिंह इन्होंने

[05:09:57] विरोध किया और सतारा के आसपास के क्षेत्र

[05:09:59] को लूटना प्रारंभ किया अंग्रेज सतर्क में

[05:10:03] आ गए क्योंकि

[05:10:06] प्रताप सिंह जो थे ये बहुत सही व्यक्ति

[05:10:09] नहीं थे। वही प्रताप सिंह याद होगा जो अभी

[05:10:11] मैंने आपको बताया था कि प्रताप सिंह को

[05:10:13] गद्दी पर बैठा दिया था।

[05:10:16] याद है बाजीराव द्वितीय को कानपुर भेजकर

[05:10:20] प्रताप सिंह को गद्दी पर बैठा दिया था।

[05:10:23] लेकिन प्रताप सिंह अंग्रेजों की उंगली पर

[05:10:26] नाचते थे।

[05:10:29] अंग्रेजों के कहने पर चलते थे और इसीलिए

[05:10:32] चीर सिंह जो क्या किए इनका विरोध किए कि

[05:10:35] प्रताप सिंह को गद्दी से उतारना है और

[05:10:36] इनको देश से भगा देश से कहने का मतलब उनको

[05:10:38] क्षेत्र से भगाना है

[05:10:41] आगे जाके इसका विरोध भी किया गया

[05:10:45] और इसके बाद क्या किए नरसिंह दत्तात्रेय

[05:10:48] पेटकर ने बहुत से सैनिकों को इकट्ठा किया

[05:10:50] और बदामी का दुर्ग जीता और राजा का ध्वजा

[05:10:53] आपको यहां पर किया अंग्रेजों को यह बात तो

[05:10:55] पता चल गई कि भैया यह विद्रोह बहुत तेजी

[05:10:57] तेजी से हो रहा है और इसी कारण से आपको इस

[05:11:00] विद्रोह को बहुत तेजी से ये लोग दबाए। इसी

[05:11:03] को कहा गया रामोसी विद्रोह। क्या कहा गया

[05:11:05] इसको? रामोसी विद्रोह।

[05:11:09] इसके बाद हो है। यह भी भूमि को लेकर ही

[05:11:13] हुआ था।

[05:11:15] अब देखो ये आपको लिस्ट है। अगर वो याद

[05:11:17] नहीं है। अगर आपको यह याद है ना तो आपका

[05:11:21] काम हो जाएगा। ठीक है? ठीक है? ये मैंने

[05:11:23] इसलिए लिस्ट ही दे दिया है। अगर ये आपके

[05:11:26] पास है कोल विद्रोह, हो विद्रोह क्योंकि

[05:11:28] आपसे दो तीन ही चीज पूछता है। एरिया पूछता

[05:11:31] है जैसे खूंटी रांची लिख दीजिएगा। है ना?

[05:11:33] एरिया पूछता है। ठीक है? और आपको पूछेगा

[05:11:36] कौन-कौन नेतृत्व करता है? राजा पराहत बंडा

[05:11:39] राजा पराहद शुरू में किए थे। ठीक है?

[05:11:41] खासकर हो विद्रोह का

[05:11:44] देख रहे हो? खोंडा डोंगा। रमा विद्रोह वन

[05:11:48] विद्रोह इसके बाद रामोसी विद्रोह ठीक है

[05:11:51] इनका भी याद उमा जी नायक चित्तुर सिंह को

[05:11:54] याद रखिएगा ये वही है जो अभी मैंने आपको

[05:11:58] बताया

[05:12:00] बस यह आपको पेज में लिस्टिंग है

[05:12:03] यह आपको पेज में लिस्टेड है ताकि आप लोग

[05:12:06] को आसान हो जाए

[05:12:09] आप लोग यहां पर भी फॉलो कर लीजिएगा

[05:12:10] पीडब्ल्यू tlegram पे अभय प्रता अभय सर

[05:12:14] पीw

[05:12:19] यहां पर भी अपडेट मिलते रहेगा।

[05:12:24] एक है नायक कदा विद्रोह यह गुजरात में हुआ

[05:12:27] था। अंग्रेज और जाति हिंदुओं के खिलाफ

[05:12:29] हरवार बिहार राजस्व झारखंड झारखंड भी कोया

[05:12:35] विद्रोह आंध्र प्रदेश भोयान जुआंग उड़ीसा

[05:12:38] कोकटा छोटा नागपुर तमार छोटा नागपुर बस्तर

[05:12:42] नया सामंत वनकर विभाग और गोंड विद्रोह जो

[05:12:45] है गोंड धर्म के आपको निवासियों के लिए

[05:12:48] किया गया तो यह जो है आपको कई सारे है

[05:12:51] इसके अलावा उत्तर पूर्व में भी दो चार है

[05:12:54] इसको भी देख लीजिएगा मतलब नॉर्थ ईस्ट का

[05:12:55] यह सब वीवीआई है मैं पहले से यह सब कंटेंट

[05:12:58] आपको कहीं जल्दी मिलेगा नहीं

[05:13:01] हल्के में नहीं लेने का यह नहीं यह सब

[05:13:04] कंटेंट जल्दी आप लोग को नहीं मिलेगा

[05:13:08] ध्यान रखिएगा तो खासी जो विद्रोह हुआ

[05:13:13] वो गारो और जयंतिया तीरथ सिंह के द्वारा

[05:13:15] ध्यान रखिएगा बाहरी लोगों का इंटरफेयर

[05:13:17] स्टार्ट हुआ रोड बनाने लगे थे उसके कारण

[05:13:19] से आपको यह चीजें हुई एक है सीफोर्स

[05:13:22] विद्रोह असम के क्षेत्र में निरंग फीदू के

[05:13:24] द्वारा किया ये ध्यान रखना

[05:13:27] कुकी विद्रोह मणिपुर ध्यान रखना है प्रथम

[05:13:30] विश्व युद्ध के दौरान श्रमिक भरत भर्ती को

[05:13:32] आपको कारण

[05:13:34] जेलियांग सांग ये तो आगे भी चर्चा करेंगे

[05:13:36] जब हम लोग बात पढ़ेंगे मणिपुर में वैसे

[05:13:38] हुआ जेमी जियांगलाई रोमंगाई जनजातियों के

[05:13:40] द्वारा हुआ था ठीक है ध्यान रखिएगा काफी

[05:13:43] इंपॉर्टेंट है नागा आंदोलन यह आपको जादोना

[05:13:47] के द्वारा किया गया था मणिपुर में हुआ था

[05:13:49] ध्यान रखिएगा नागा की स्थापना फिर से करना

[05:13:51] था और एक था हेराक पंथ यह इसी से कनेक्टेड

[05:13:55] था यह इसी इसी से कनेक्ट है रानी

[05:13:57] गार्डलियो के द्वारा किया गया

[05:14:06] सर 3

[05:14:08] कुट्टी करिएगा क्या

[05:14:13] वन शॉट से बीपीएससी में क्वेश्चन आएगा

[05:14:15] बिल्कुल आएगा क्यों नहीं आएगा यह मैं कुछ

[05:14:17] अलग थोड़ी पढ़ा रहा हूं आपके एक

[05:14:21] सिलेबस की ही तो चीजें पढ़ा रहा हूं

[05:14:26] लेकिन आप लोग यह देखो एक क्विक रिवीजन

[05:14:29] होता है। यह मत समझिएगा कि यही सब कुछ है।

[05:14:31] यह एक क्विक रिवीजन होता है।

[05:14:35] यह मत समझिएगा कि यही सब कुछ है।

[05:14:39] ठीक है?

[05:14:41] आपके पास नहीं छुट्टी नहीं। अभी छुट्टी

[05:14:45] क्यों? आपके पास आपका जो नोट्स है उसको भी

[05:14:48] रिवाइज कर क्योंकि आपके पास जो मेरा जो

[05:14:50] नोट्स होगा बहुत डिटेल्स वाला होगा। यह तो

[05:14:52] चलो एक क्विक रिवीजन टाइप का हो गया।

[05:14:54] छुट्टी नहीं होगा। मैं ब्रेक दूंगा इस

[05:14:57] टॉपिक को खत्म करने के बाद। रानी

[05:14:59] गांडेलियों ने हेराखा आंदोलन का नेतृत्व

[05:15:02] किया और दबाया। लेकिन वर्ष 1946 में काबुज

[05:15:05] नागा एसोसिएशन का गठन। ये बहुत इंपॉर्टेंट

[05:15:07] है। इनको रानी की उपाधि दी थी नेहरू ने।

[05:15:11] रानी किसने बोला? तो जवाहरलाल नेहरू ने।

[05:15:16] जवाहर लाल नेहरू।

[05:15:21] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[05:15:25] कुछ अन्य आंदोलन जो कि नॉर्थ ईस्ट के यह

[05:15:27] सभी नॉर्थ ईस्ट है। उत्तर पूर्व भारत का

[05:15:46] 186062 में जयंतिया पहाड़ियों का हुआ। 61

[05:15:50] में फुललागिरी किसान 73 में सफलास का

[05:15:53] विद्रोह कछार में कच्छा नगा का विद्रोह

[05:15:56] 3942 में असम में खामपती विद्रोह

[05:15:58] अलुसाइयों का विद्रोह हुआ था जिसको मणिपुर

[05:16:00] के गांव पर हमला किया गया ठीक है

[05:16:06] ये दोनों मिक्स अप था वो शुरू में

[05:16:08] हिंसात्मक था आगे जाकर रानी गोंडे ने उसको

[05:16:11] गांधीवादी तरीके से शुरू किया रानी गोंडे

[05:16:15] ने क्या किया इसको गांधीवादी तरीके से

[05:16:18] शुरू किया तो यह जनजातीय विद्रोह जनजातीय

[05:16:22] विद्रोह का परिणाम यह निकला कि अवेयरनेस

[05:16:24] बढ़ा।

[05:16:26] लोग विद्रोह करने लगे। अंग्रेजों को एक तो

[05:16:29] बात पता चल गई कि भाई बहुत सारी चीजें सही

[05:16:31] नहीं है।

[05:16:33] अब जो हमारा सेशन स्टार्ट होगा किसान

[05:16:36] आंदोलन।

[05:16:39] ठीक है?

[05:16:42] फिर 1857 की क्रांति धार्मिक सुधार

[05:16:46] आंदोलन।

[05:16:49] ठीक है? तो एक काम करते हैं आप लोग को।

[05:16:52] चलो ठीक है। आधे घंटे का ब्रेक करते हैं।

[05:16:55] अब हम लोग मिलते हैं आप लोग आधे घंटे में।

[05:16:58] जाइए कुछ खा लीजिए। मैं भी कुछ खा लूं।

[05:17:00] ठीक है? तो हम लोग अब मिलते हैं आधे घंटे

[05:17:02] में। तो क्लास जो रिज्यूम होगा आपको

[05:17:16] क्लास जो रिज्यूम होगा कितना बज रहा है?

[05:17:19] 320

[05:17:21] 3:50

[05:17:24] यही एक बड़ा ब्रेक है। बाकी फिर एक सिर्फ

[05:17:26] छोटा ब्रेक दूंगा। ठीक है? तो जाइए लंच

[05:17:29] ब्रेक है।

[05:17:32] सभी लोग आप लोग भी लंच कर लीजिए। ठीक है?

[05:17:36] जाइए आप लोग भी लंच कर लीजिए। मैं भी लंच

[05:17:40] कर लूं। ठीक है ना?

[05:17:54] हां। आधे घंटे में मिलते हैं। 3:50 में

[05:17:56] मिलते हैं। अच्छा लग रहा है ना? मजा आ रहा

[05:17:57] है ना? आप लोग को फायदा होगा काफी

[05:18:10] अभिषेक कहां है?

[05:18:16] अभिषेक बोले।

[05:18:25] ठीक है। चलिए आप लोग कर होपफुली देखो यही

[05:18:28] प्रयास है। तभी लाइव आए हैं कि लाइव में

[05:18:30] चलो ठीक है। आप जैसे लास्ट टाइम

[05:18:32] रिकॉर्डिंग था तो कई बच्चे बोले सर लाइव

[05:18:34] रहता तो और मजा आता तो वही लाइव है।

[05:18:36] रिवीजन हो रहा है ना अच्छे से। हां पूरा

[05:18:39] रिवीजन। अब तो असली खेल शुरू होगा। अब तो

[05:18:42] असली खेल शुरू होगा। है ना?

[05:18:47] लंबा यही ब्रेक है। देखो 3:25 हो ही गया।

[05:19:29] किसी के पास खाना है तो प्लीज हमें भी दे

[05:19:31] दो।

[05:19:38] टाइम लगा ही देता है। अब कहां पता नहीं

[05:19:39] कहां है सब

[05:19:59] अरे तो आएगा कोई तब तो

[05:20:23] आना आना

[05:20:34] बिल्कुल बिल्कुल

[05:20:40] 3:55 कर देते हैं यार 3:55 अब पांच मिनट

[05:20:44] तो वेट ही करने में लग गया। आइए सभी लोग

[05:20:47] आधे घंटे में खाना खा लीजिए। मैं भी थोड़ा

[05:20:49] सा खा लूं कुछ। चलिए उसे ब्लैक कर दो।

[05:20:54] ब्लैक है।

[06:08:01] आ गया ठीक है ओके ओके चलिए

[06:08:06] क्लास स्टार्ट हो गया भाई कब से स्टार्ट

[06:08:08] नहीं होगा क्लास स्टार्ट हो गया आप लोग का

[06:08:11] एक लॉन्ग ब्रेक अब कोई ब्रेक नहीं है अब

[06:08:14] देखूंगा एक छोटा सा ब्रेक दूंगा बाद में

[06:08:17] 6:30 1 बजे के बाद तो आपका अब कोई भी

[06:08:19] ब्रेक

[06:08:37] चलिए गुड इवनिंग। गुड इवनिंग। अब हम लोग

[06:08:41] जो करते हैं स्टार्ट करते हैं थोड़ा सा

[06:08:44] किसान आंदोलन भी देखते हैं। है ना? क्या

[06:08:46] देखते हैं? थोड़ा सा किसान नहीं लग रहा है

[06:08:48] वो।

[06:08:51] किसान आंदोलन भी देखते हैं। किसान आंदोलन

[06:08:53] का बस थोड़ा सा फैक्ट हम लोग कर लेंगे। है

[06:08:55] ना? ताकि चीजें इजी रहे। क्योंकि पूछता बस

[06:08:58] वही है कि कब हुआ? लीडरशिप कौन था? ये सब

[06:09:02] टाइप का बस आपको रहता है और कुछ विशेष

[06:09:04] नहीं रहता है।

[06:09:08] आ तो गया हूं मैं। नहीं दिख रहा है क्या

[06:09:14] तो थोड़ा सा आते हैं सर देर किए भूंजा खा

[06:09:17] रहे थे हां भाई भूजा तो खा रहा था आप लोग

[06:09:18] ऐसे पता चलिए

[06:09:22] भूजा ठीक करता है हल्का खाना है ना पेट भी

[06:09:24] भर जाता है और हैवी भी नहीं होता है इसलिए

[06:09:27] खा तो हो जा ही रहा था वन सेकंड रुकिएगा

[06:09:29] पीडीएफ का वो हो रहा है

[06:09:33] सर जी किसान भी बहुत जरूरी है देश के लिए

[06:09:36] हां किसान तो है ही

[06:09:39] अरे अरे भाई भुजा ऐसा थोड़ी है कि आप मेरे

[06:09:41] शाम पॉकेट में रहता है। बनने में भी तो

[06:09:44] टाइम लगता है। दुकान से आया बना उसी में

[06:09:46] लाइट टाइम हो गया। हां मैं अभी ही आया

[06:09:49] हूं। यस।

[06:09:59] ओके।

[06:10:04] चलिए तो सेशन को हम लोग शुरू करते हैं। है

[06:10:06] ना? अब हो गया।

[06:10:28] चलिए

[06:11:07] देखो हम लोगों ने जनजाती आंदोलन देखा और

[06:11:10] वहां पर किया। अब किसान आंदोलन देखो

[06:11:13] जनजाति तो परेशान थे ही किसान भी परेशान

[06:11:15] थे। अभी हम लोगों ने बताया ना कि इन्होंने

[06:11:18] क्या किया था। रेवेन्यू सिस्टम थ्री

[06:11:20] टाइप्स का इंट्रोड्यूस किया था। एक

[06:11:22] परमानेंट हो गया। एक आपको रयतबाड़ी हो

[06:11:24] गया, एक महलबाड़ी हो गया। थ्री टाइप का

[06:11:26] आपको इन्होंने क्या किया था? आपको शुरू कर

[06:11:28] दिया था। अब इससे किसानों पर क्या होने

[06:11:31] लगा? ये लोग कहने लगे कि सुनो तुमको कैश

[06:11:33] क्रॉप करना है। कैश क्रॉप बोले तो नगरी

[06:11:36] फसल यानी वैसा फसल जो कि कमर्शियल यूज़

[06:11:38] में आता है। जैसे एज फॉर एग्जांपल नील,

[06:11:41] इंडिगो

[06:11:42] है ना? जैसे नील की खेती करना, कपास हो

[06:11:46] गया, कॉटन हो गया। इन सब पे बहुत ज्यादा

[06:11:49] भार देते थे। इन सब के लिए बहुत ज्यादा

[06:11:52] फर्टिलाइजर वगैरह इन सब की जरूरत पड़ती

[06:11:54] थी। और यह भी कहते थे कि तुम लोग को फूड

[06:11:56] क्रॉप उगाने की जरूरत नहीं है ज्यादा।

[06:11:59] यानी नगदी फसल ही उगाओ। फूड क्रॉप ज्यादा

[06:12:04] उगाने की जरूरत नहीं है।

[06:12:08] फूड क्रॉप ज्यादा करने की जरूरत नहीं है।

[06:12:13] इससे किसान हो गया परेशान।

[06:12:16] बेचारे भुखमरी हो गया।

[06:12:19] ठीक है लौका तो नहीं सर जी का सर जी

[06:12:25] भाई कर क्यों नहीं भाई कर

[06:12:32] तो खाद फसल कम

[06:12:38] अकाल

[06:12:46] ये भीषण हालत

[06:12:49] अब यही कारण था कि कई जगहों पर देखिएगा

[06:12:52] किसानों ने आंदोलन प्रारंभ कर दिया। यही

[06:12:55] जगह था कि कई जगहों में किसानों ने आंदोलन

[06:12:59] शुरू कर दिया और इसी में से दो चार है।

[06:13:03] मैं बस इसका एक लिस्ट निकाला हूं ताकि

[06:13:05] आपको बहुत ज्यादा बड़े ना पड़े। क्विक

[06:13:06] रिवीजन आपका हो जाए। सबसे पहले इंडिगो

[06:13:10] [गला साफ़ करने की आवाज़] इंडिगो ध्यान

[06:13:11] रखिएगा बच्चे यहां पर कंफ्यूज हो जाते

[06:13:12] हैं।

[06:13:16] इंडिगो को जोड़ दे जोड़ देते हैं ये लोग

[06:13:19] चंपारण से।

[06:13:21] भाई चंपारण इज डिफरेंट एंड इंडिगो

[06:13:24] डिफरेंट। ठीक है? चंपारण का भी बेसिक जो

[06:13:27] नेचर था या बेसिक जो कारण था वो इंडिगो ही

[06:13:29] था। नील की खेती ही थी।

[06:13:34] ठीक है?

[06:13:35] बट नील आंदोलन एक जबरदस्त आंदोलन चला और

[06:13:39] किसके काल में तो यह भी लॉर्ड कैनिंग के

[06:13:42] काल में चलता है। यहां पर कौन होता है?

[06:13:44] लॉर्ड कैनिंग।

[06:13:49] लॉर्ड कैनिंग की दुर्भाग्य देखिए।

[06:13:52] इसी के काल में संथाल विद्रोह भी हुआ।

[06:13:56] इसी के काल में अह यह भी हुआ। क्या है?

[06:14:02] ये भी हुआ। क्या कहलाता है? 1857 की

[06:14:05] क्रांति और इसी के काल में होता है आपको

[06:14:11] यह यानी नील और कैनिंग बोलता भी है कि नील

[06:14:16] की आंदोलन या नील रिंडगो रिवोल्ट ने मुझे

[06:14:21] उतना ही डराया जितना मुझे 1857 की क्रांति

[06:14:24] ने डराया। यह बड़ा स्टेटमेंट है। यह बड़ा

[06:14:28] स्टेटमेंट है। और इसको लीड किसने किया?

[06:14:31] दिगंबर विश्वास और विष्णु विश्वास ने

[06:14:35] इसका डेट याद रखिएगा।

[06:14:38] इसका डेट याद रखिएगा 1859 से 60 इसका डेट

[06:14:43] याद रखिएगा 1859 से 60 पावना किसान आंदोलन

[06:14:47] इसके बाद होता है। 1873 ये सबका मूल कारण

[06:14:50] वही था। इसका मूल कारण था नील की खेती।

[06:14:55] पावना का पावना ही है।

[06:15:01] ईशान चंद्र राय और शंभू पाल के द्वारा

[06:15:03] किया जाता है। पाबना जो किसान आंदोलन था

[06:15:06] उसमें एक चीज ध्यान रखिएगा इसमें यह लोग

[06:15:10] जो है ना ये विलन समझते थे जमींदारों को

[06:15:13] अंग्रेजों को नहीं पावना में एक

[06:15:16] इंटरेस्टिंग था कि ये जो किसान थे इनके

[06:15:20] लिए जो दुश्मन था वह जमींदार था।

[06:15:25] लैंड होल्डर्स थे। ठीक है?

[06:15:29] यह तो अंग्रेजों कहते थे कि भैया यह लोग

[06:15:32] तो ठीक है और एक बहुत फेमस है कि हम सिर्फ

[06:15:35] और सिर्फ

[06:15:37] सिर्फ और सिर्फ

[06:15:46] महारानी के रयत बनना चाहते हैं।

[06:15:52] सिर्फ और सिर्फ महारानी के रयत बनना चाहते

[06:15:55] हैं। आप सोच लीजिए

[06:15:57] इनका ये स्टेटमेंट है।

[06:16:01] महारानियों साइड में हंस रही होंगी कि

[06:16:03] सबको तो पता ही नहीं कि हम ही लूट रहे

[06:16:05] हैं। महारानियों क्या कर रही होंगी? साइड

[06:16:07] में हंस रही होंगी कि इनको पता ही नहीं है

[06:16:10] और साइड में हंस रही होंगी। हम सिर्फ और

[06:16:13] सिर्फ महारानी के रैयत है। यह इनका

[06:16:17] स्टेटमेंट था। तो यह भी बाद में हो गया।

[06:16:19] दक्कन दंगे 1855 यह असली जो रीजन था वह यह

[06:16:23] था।

[06:16:25] ताूकार

[06:16:30] क्या किए

[06:16:32] ताूकार क्या किए

[06:16:32] बहुत ज्यादा इन लोग से टैक्स वसूलने लगे

[06:16:36] साहूकार क्या किए इन लोग से बहुत ज्यादा

[06:16:38] टैक्स वसूलने लगे और टैक्स वसूलने के ही

[06:16:42] क्रम में इन लोगों ने

[06:16:47] किसानों के छोटे-छोटे जमींदारों के घर

[06:16:50] कब्जा करने लगे। क्या करने लगे? घर पे

[06:16:53] कब्जा करने लगे।

[06:16:58] इसी में एक आपको केस आता है जमींदार

[06:17:00] राम का। राम ने कोर्ट में केस किया

[06:17:04] और कहा कि भाई हमको मेरा पैसा नहीं मिला

[06:17:05] है तो मैं घर भेज सकता हूं।

[06:17:11] ठीक है।

[06:17:14] अब राम जो है

[06:17:19] जीत गए। अब जैसे ही अब पता चला कि अरे यार

[06:17:21] यह तो कोर्ट केस जीत गया है।

[06:17:28] एक काम किया जाए

[06:17:32] कोर्ट केस जीत गया है। एक काम किया जाए

[06:17:32] आपका कहीं घर बिक गया तो लोगों ने क्या

[06:17:35] किया? विरोध कर दिया। किसानों, जमींदारों

[06:17:38] ने यहां विरोध कर दिया। बट इसका कोई नेता

[06:17:42] नहीं था।

[06:17:45] ठीक है?

[06:17:46] आप सोच लीजिए ना अगर किसी एक के खिलाफ या

[06:17:51] डिग्री मिल जाता है कि ठीक है आप जाइए और

[06:17:57] उसका जमीन बेच दीजिए सबको सपोर्ट मिलेगा

[06:18:00] कि नहीं मिलेगा

[06:18:02] सबको सपोर्ट मिलेगा

[06:18:05] सबको

[06:18:07] सपोर्ट मिलेगा तो इसलिए विरोध हुआ था

[06:18:10] दक्कन के दंगे दूसरा कारण था अकाल काफी आ

[06:18:13] गया था अकाल भी इसके पीछे पीछे एक रीजन था

[06:18:16] दक्कन के दंगे में। अब चंपारण यह भी किसान

[06:18:18] आंदोलन है। इसको तो बिहार में अलग से

[06:18:20] पढ़ेंगे। बस यह जानेंगे महात्मा गांधी

[06:18:22] राजकुमार शुक्ल जी थे।

[06:18:24] खेड़ा गुजरात में यह भी महात्मा गांधी जी

[06:18:26] के द्वारा शुरू किया गया था। मोपला आंदोलन

[06:18:28] यह भी किसान जमींदारों के साथ था। और

[06:18:31] मोपला आंदोलन यहां पर हुआ था। यहां इस

[06:18:34] क्षेत्र में

[06:18:36] मोपला में किसान जो थे, मुस्लिम थे,

[06:18:40] जमींदार जो थे, हिंदू थे।

[06:18:43] अंग्रेजों ने इसको यह बनाने का प्रयास

[06:18:46] किया।

[06:18:49] अंग्रेजों ने इसको बनाने का क्या प्रयास

[06:18:52] किया कि किसी भी तरीके से ये लोग आ जाए

[06:18:57] मोपला वाले। ठीक है।

[06:19:06] अरे वो हो जाएगा शिवम डोंट वरी। वह

[06:19:08] रिज्यूम हो जाएगा।

[06:19:19] ठीक है वो रिज्यूम हो जाएगा

[06:19:22] एका आंदोलन

[06:19:25] 19212 उत्तर प्रदेश मदारी पासी बारदोली

[06:19:30] आंदोलन 1928 गुजरात और सरदार वल्लभ भाई

[06:19:32] पटेल यह सब कुछ आपको प्रमुख किसान आंदोलन

[06:19:35] थे। ठीक है? इसमें जो है इसको सांप्रदायिक

[06:19:39] रूप दिया गया।

[06:19:42] क्यों कम्युनलिज्म कहा गया? कहा क्यों?

[06:19:44] क्योंकि आपको यहां जो किसान थे ना वह

[06:19:47] मुस्लिम थे

[06:19:50] और जमींदार जो थे

[06:19:53] वो हिंदू थे।

[06:19:56] तो अंग्रेजों ने क्या कहा ना यहां पर

[06:19:58] मामला क्या था? यहां पर मामला था हिंदू और

[06:20:02] मुस्लिम का नहीं था। यहां मामला था शोषण

[06:20:05] और शोषणकर्ता का।

[06:20:07] यहां मामला अलग था। शोषण और शोषणकर्ता का

[06:20:09] मामला था।

[06:20:17] ठीक है। लेकिन यहां पर समस्या क्या आने

[06:20:19] लगी? यहां पर इन लोगों ने क्या कह दिया कि

[06:20:22] अरे भाई ठीक है।

[06:20:26] तो आपको ध्यान रखिएगा। तो यहां पर इन

[06:20:29] लोगों ने जो मोड़ दिया वो दिया आपको इसका

[06:20:31] कि ये जो हो रहा है लड़ाई वो इसका हो रहा

[06:20:34] है। इसके बाद एका आंदोलन

[06:20:37] यूपी में हुआ था। मदारी पासी जी के द्वारा

[06:20:39] एक नेतृत्व किया गया। बारदोली गुजरात में

[06:20:41] पटेल जी के द्वारा किया गया। यहीं पर इनको

[06:20:43] सरदार की उपाधि मिलती है।

[06:20:47] तेभागा आंदोलन बंगाल में होता है कसारी

[06:20:50] हलदर जी के द्वारा और तेलंगाना किसान

[06:20:53] आंदोलन ये तेभागा इसको कहते हैं तीन भाग।

[06:20:56] तीन भाग तीन भाग किसका भैया? तीन भाग तो

[06:21:00] आपको भू-राजस्व का तीन भाग। भूराजस्व का

[06:21:04] तीन भाग।

[06:21:06] तेलंगाना किसान आंदोलन हैदराबाद राज्य में

[06:21:09] हुआ था और यह इसमें भी आपको यह बहुत

[06:21:11] छापेमारी युद्ध तो इस प्रकार से यह सब कुछ

[06:21:13] आपको किसान आंदोलन है। अब हम लोग आते हैं

[06:21:17] सबसे इंपॉर्टेंट अब कहानी यहां से शुरू

[06:21:19] होती है वो है 1857 की क्रांति। आपको ये

[06:21:24] पता है एक क्वेश्चन यहां से क्या होता है?

[06:21:26] फिक्स होता है।

[06:21:28] 1857 की क्रांति से एक क्वेश्चन होता है

[06:21:32] फिक्स। है ना? अब 1857 की क्रांति से पहले

[06:21:37] हम लोग कुछ घटनाओं को देखते हैं।

[06:21:40] 1857 की क्रांति से पहले आपको कुछ घटनाओं

[06:21:43] को देखते हैं।

[06:22:17] ठीक है ध्यान रखिएगा।

[06:22:20] अब हम लोग आते हैं आप लोग का वीवीआई

[06:22:22] चैप्टर यहां से स्टार्ट होता है। मतलब

[06:22:24] यहां से आप लोग का एक जोन है जहां से सबसे

[06:22:26] ज्यादा क्वेश्चन पूछे जाते हैं। ठीक है?

[06:22:28] जहां से क्वेश्चन काफी पूछे जाते हैं।

[06:22:31] 1857

[06:22:34] सर शॉर्टकट मार दिया। तो भाई तो पूरा

[06:22:36] डिटेल्स आप लोग का पेड बैच थोड़ी है।

[06:22:41] आप लोग चैट को ऑफ कर दीजिए अपने तरीके से

[06:22:44] क्योंकि यहां पर YouTube पे नहीं होता है।

[06:22:47] आप लोग जो चैट कर रहे हैं फालतू का आप लोग

[06:22:49] को भी देखना चाहिए भाई। आप लोग के साथ 350

[06:22:51] बच्चे हैं जिसमें चैट बस दो चार बच्चों का

[06:22:53] आ रहा है। खुद ही तो समझो ना इस चीज को।

[06:22:56] अब हर चीज यह कोई बताएगा थोड़ी।

[06:23:01] अब आते हैं हम लोग फिर से।

[06:23:03] 1857 की लड़ाई। अब देखिए अब अंग्रेज आए

[06:23:07] यहां बंगाल पर कब्जा किए, मैसूर पर किए,

[06:23:09] मराठा पर किए हैं। हर जगह से अपना

[06:23:12] सब्सिडरी अलायंस स्टार्ट किए हैं। मतलब कि

[06:23:14] सहायक संधि शुरू किए हैं। डॉक्ट्रिन ऑफ़

[06:23:16] लैप्स यानी हड़प की। आपको यहां पर कानून

[06:23:18] पास किए। बहुत सारे ऐसे चीजें होने लगी।

[06:23:21] ऐसे में बहुत सारी चीजें होने लगी।

[06:23:25] बहुत सारे रूल्स रेगुलेशंस लाने लगे।

[06:23:26] अपने-अपने तरीके का जनजाती लोगों ने

[06:23:29] विद्रोह किया, किसानों ने विद्रोह किया,

[06:23:32] कई लोगों ने विद्रोह किया, कई राजाओं के

[06:23:35] द्वारा विद्रोह हुआ। तो एक बड़ा विद्रोह

[06:23:38] इन सभी के द्वारा एक बड़ा विद्रोह होता

[06:23:40] है। 1857 की क्रांति।

[06:23:45] 1857 की क्रांति एक बड़ा विद्रोह आपको

[06:23:49] देखने को मिलता है। अब 1857 की जो क्रांति

[06:23:53] है

[06:23:57] वह है

[06:23:59] इससे पहले भी कुछ ऐसे चीजें हुई थी जहां

[06:24:01] से आपको क्वेश्चन पूछता है। जैसे इससे

[06:24:05] पहले घटना हुई 1850 में डलहौजी ने

[06:24:08] इंट्रोड्यूस किया था लेक्स लोकी कानून।

[06:24:11] व्हाट इज लेक्स लोकी कानून?

[06:24:14] एक्चुअली हुआ क्या था पहले? पहले होता था

[06:24:17] कि

[06:24:19] अगर आप हिंदू हैं और अपने धर्म को

[06:24:23] परिवर्तन कर दिए हिंदू हैं और अपने धर्म

[06:24:26] का परिवर्तन कर दिए

[06:24:29] तो आप लोग क्या हैं?

[06:24:31] आपको आपके पिता का कोई भी संपत्ति नहीं

[06:24:34] मिलेगा। तो अंग्रेजों को यहां पर एक मामला

[06:24:36] फंस जाता था। ये धर्म के नाम पर चीजों को

[06:24:40] करते ही नहीं थे।

[06:24:45] अब हुआ क्या? इन्होंने क्या किया?

[06:24:48] धार्मिक रूप से चीजों को आगे बढ़ाएं। मतलब

[06:24:51] कि ईसाई धर्म का प्रसार बहुत तेजी से

[06:24:53] करें।

[06:24:55] इसके तहत हुआ क्या कि इन्होंने एक कानून

[06:24:57] लगाया लेक्स लौकी कानून और इस कानून के

[06:25:00] माध्यम से डलहौजी ने यह करवा दिया कि अगर

[06:25:03] कोई ईसाई धर्म अपना भी रहा है हिंदू धर्म

[06:25:05] में तो तो उसको उसके संपत्ति से वंचित

[06:25:09] नहीं किया जा सकता।

[06:25:11] अब एक बात बताइए अगर ऐसा धर्म आएगा तो

[06:25:13] हिंदू नाराज होंगे कि नहीं होंगे?

[06:25:16] तो 1857

[06:25:18] के पहले भी कुछ ऐसी घटनाएं घटी थी जिसने

[06:25:25] भारतीय जनता को नाराज किया। भारतीय जनता

[06:25:28] को रुष्ट किया, नाराज किया। ठीक है? ध्यान

[06:25:31] रखिएगा।

[06:25:34] लॉर्ड डलहौजी ने 1852 में इनाम कमीशन भी

[06:25:37] लाया। ये क्या था? इससे जमींदारों को ही

[06:25:39] नुकसान हुआ। इनाम एक्चुअली डलहौजी को एक

[06:25:42] चीज पता चला। पता चला कि जो यहां के

[06:25:45] जमींदार हैं, लैंड होल्डर्स हैं, वो अलग-

[06:25:48] गलत-गलत तरीके से कई सारे जमीनों पे कब्जा

[06:25:51] किए हुए हैं। गलत-गलत तरीके से कई सारे

[06:25:54] जमीनों पर कब्जा किए हुए हैं। और ये बात

[06:25:57] डलहौजी पर अच्छा ऐसा है। तो इसने क्या

[06:25:59] किया? एक कमीशन लाया इनाम कमीशन। इसके तहत

[06:26:03] जितने भी

[06:26:05] ठीक है। जिसके तहत जितने भी आपको जमींदार

[06:26:08] थे ना उनके चीजों पर वेरिफिकेशन होने लगा।

[06:26:13] जानते हैं इन्होंने 2000 से ज्यादा जमीनों

[06:26:16] पर कब्जा किया अंग्रेजों ने। सोच लीजिए

[06:26:19] 2000 से ज्यादा जमीनों पर कब्जा किया।

[06:26:24] इनको लगा अच्छा इतने जमीन है आप लोग टैक्स

[06:26:27] नहीं दे रहे हो और गलत तरीके से हड़प इससे

[06:26:29] जमींदार नाराज हुए। जमींदार

[06:26:34] अंग्रेजों से नाराज हुए।

[06:26:44] समझिएगा जमींदार अंग्रेजों से नाराज कि

[06:26:47] भाई हम लोग इतना सपोर्ट कर रहे हैं और

[06:26:49] हमारा ही आपको ये कर रहे हैं।

[06:26:52] वाह रे वाह। तो ये दो प्रमुख घटनाएं।

[06:26:55] इसके बाद कुछ सैनिकों ने भी विद्रोह किया

[06:26:58] था। जैसे पहला सैनिक विद्रोह बक्सर की

[06:27:00] लड़ाई में ही हुआ था। जब मीर कासिम को कहा

[06:27:03] मतलब मीर कासिम के अगेंस्ट गोली चलाने से

[06:27:05] मना कर दिया। इसके बाद 1806 में एक

[06:27:09] धार्मिक विद्रोह हुआ था सैनिकों का।

[06:27:12] यह कहां हुआ था भाई? तो यह आपको हुआ था

[06:27:15] सैनिकों ने किया था। और रीजन क्या था?

[06:27:17] रीजन था कि सैनिकों को मना कर दिया गया।

[06:27:21] सैनिकों को कहा गया कि आप टीका नहीं लगा

[06:27:24] सकते हैं।

[06:27:27] आप टीका नहीं लगा सकते।

[06:27:30] पगड़ी नहीं पहन सकते हैं। सैनिकों ने

[06:27:33] विद्रोह कर। मेरे कहने का मतलब है कि 1857

[06:27:36] की क्रांति

[06:27:42] पहली बार ऐसा सैनिकों का विद्रोह नहीं हुआ

[06:27:44] था। पहले भी चीजें हुई थी।

[06:27:47] अंग्रेजों ने माथे पर तिलक और पगड़ी पहनने

[06:27:50] पर रोक लगा दी। तीसरा सैनिक विद्रोह 1824

[06:27:54] में हुआ।

[06:27:56] बैरकपुर की 47वीं रेजीमेंट

[06:28:00] ने समुद्र पार जाने से मना। एक्चुअली

[06:28:02] ध्यान रखिएगा कि पुराने जमाना में हिंदू

[06:28:05] धर्म में यह कहा जाता था कि समुद्र पार

[06:28:10] जाना अपशगुन है। ये हमारे धर्म में था। अब

[06:28:13] इसी धर्म को आगे लेकर चल रहे थे कि समुद्र

[06:28:15] पार जाना अपशगुन है।

[06:28:35] क्लियर

[06:28:38] तो इसका भी विद्रोह हो गया। माना जाता था

[06:28:42] अंधविश्वास था कि नहीं जाना चाहिए। अब

[06:28:45] इसके बाद फिरोजपुर में 64वीं रेजीमेंट ने

[06:28:48] अपने सैलरी एंड अलाउंस के कारण विरोध किया

[06:28:52] और एक निकाला फिर से डलहौजी बहुत दुष्ट

[06:28:55] था।

[06:28:56] तो चार पांच गवर्नर जनरल का नाम लीजिएगा

[06:28:59] जो बहुत ही ज्यादा भारतीयों में परेशान

[06:29:02] किया उसमें से एक डलहौजी था लिटन था

[06:29:08] कर्जन था अनवालिस था

[06:29:13] ये सब कुछ ऐसे थे ना कि जिसने नरक मचाया

[06:29:16] वेलिंगटन

[06:29:20] डलहौजी मतलब ऐसा मैं नहीं कह रहा हूं

[06:29:22] बेलेजली बहुत दुष्ट था ऐसा नहीं कह रहा

[06:29:23] हूं कि सब अच्छे थे नहीं एक दो अक्षों में

[06:29:26] आता है। जैसे इनको माना जाता है लॉर्ड

[06:29:29] रेपन को माना जाता है। बेंटिंग को माना

[06:29:30] जाता है कि भारतीयों के प्रति उनका ठीक

[06:29:32] था। ठीक है?

[06:29:35] अब 1854 में एक इन्होंने आपको लाया था अ

[06:29:39] डाकघघर अधिनियम। ध्यान रखिएगा। और इसके

[06:29:43] कारण से इन लोगों ने क्या किया था? पोस्ट

[06:29:44] ऑफिस में जो जो कुछ सुविधाएं मिलती थी, वह

[06:29:46] भी बंद कर दिया। अब यहां पर सैनिकों को

[06:29:51] पोस्ट ऑफिस की सुविधा बंद कर दी गई।

[06:29:54] है ना? उसकी सुविधा बंद कर दी गई। इनका

[06:29:58] अलाउंस बंद कर दिया गया। बहुत सारी चीजों

[06:30:00] पर रिस्ट्रिक्शंस लगने लगे। इवन जो भारतीय

[06:30:03] सैनिक थे उन पर तो पहले से ही ब्लेम लगता

[06:30:05] था। उनके मतलब कि वो लोग थोड़ा सा नस्लीय

[06:30:08] भेदभाव भी करते थे। भारतीयों को बड़ा खराब

[06:30:12] तरीके से ट्रीट करते थे कई जगहों पे। तो

[06:30:14] यह सब कारण था कि आपको इनके खिलाफ चीजें

[06:30:17] हुई। अब 1857 की क्रांति क्यों हुई? तो

[06:30:21] 1857 की क्रांति के पीछे कई सारे रीजंस

[06:30:24] थे।

[06:30:26] एक था

[06:30:29] पॉलिटिकल, दूसरा इकोनॉमिकल यानी आर्थिक,

[06:30:31] तीसरा सोशल कल्चर। चौ था मिलिट्री और

[06:30:34] पांचवा इमीडिएट यानी तात्कालिक कारण। यह

[06:30:37] चैप्टर महत्वपूर्ण है। यहां से एक

[06:30:39] क्वेश्चन पूछने की पूरी की पूरी संभावना

[06:30:41] आप लोग को रहती है।

[06:30:46] पूरी की पूरी संभावना आप लोग को रहती है।

[06:30:49] अब आइए हम लोग आते हैं।

[06:30:53] 1857 की जो क्रांति थी

[06:30:58] इसमें दो ये सब फैक्ट याद कर लीजिएगा।

[06:31:01] यहां से क्वेश्चन एकदम रहता है। यह सब

[06:31:04] फैक्ट याद कीजिएगा। यहां से क्वेश्चन आपको

[06:31:07] बहुत ज्यादा रहता है। पहला गवर्नर जनरल

[06:31:10] लॉर्ड कैनिंग।

[06:31:13] इंग्लैंड के प्रधानमंत्री पामस्ट

[06:31:17] लॉर्ड कैनिंग गवर्नर जनरल

[06:31:21] इंग्लैंड के प्रधानमंत्री पामस्टन

[06:31:25] आपसे क्वेश्चन पूछता है 1857 की क्रांति

[06:31:27] के समय कौन था गवर्नर जनरल तो कहिएगा

[06:31:29] लॉर्ड कैनिंग संथाल विद्रोह के समय कौन था

[06:31:32] लॉर्ड कैनिंग है कैनिंग था लॉर्ड तो हम

[06:31:34] लोग डालते हैं नील विद्रोह के समय कौन था

[06:31:37] कैनिंग था तब में कैनिंग था ठीक इस समय

[06:31:41] ब्रिटेन का प्रधानमंत्री कौन था तो

[06:31:43] पामस्टन था

[06:31:46] महारानी कौन थी तो विक्टोरिया थी। इस समय

[06:31:50] सम्राट कौन था? बहादुर शाह जफर था। कंपनी

[06:31:53] का मुख्य सेनापति कौन था? तो जॉर्ज आपको

[06:31:55] एंसोन था। आगे जाकर कैंबल संभालता है आपको

[06:31:58] सेनापति की भूमिका। और दिल्ली शास्त्रागार

[06:32:01] पे कौन हेड था? लेफ्टिनेंट जॉर्ज बिलोवी

[06:32:04] इसी को पटक ये लोग किया था। सबसे पहले इसी

[06:32:08] पे ही हमला किया था। है ना? ऑर्डिनेंस

[06:32:10] फैक्ट्री पे ही हमला किया था।

[06:32:12] यह भी वीवीआई है।

[06:32:15] यहां से देखिएगा तो एक क्वेश्चन देखने को

[06:32:17] आप लोग को मिलता जरूर है। यहां से एक

[06:32:20] क्वेश्चन आप लोग को मिलेगा जरूर। यहां से

[06:32:22] क्वेश्चंस आपको रहता है।

[06:32:24] ठीक है?

[06:32:27] अब हम लोग आते हैं कुछ इसके रीजन समझते

[06:32:30] हैं कि प्रारंभ कहां से हुआ? देखिए

[06:32:32] क्वेश्चन पूछता है कि 1857 की क्रांति

[06:32:35] प्रारंभ कहां से हुई? तो भाई प्रारंभ हुई

[06:32:38] है मेरठ से। यह चिंगारी लगी है बैरकपुर से

[06:32:43] लेकिन मेरठ से यह क्रांति शुरू होती है।

[06:32:46] बैरकपुर नहीं मेरठ।

[06:32:49] ठीक है? ध्यान रखिएगा। रीजन क्या था? आप

[06:32:52] लोग जान रहे होंगे रीजन क्या था?

[06:32:55] हुआ यूं कि इन्होंने अपने पुराने बंदूक को

[06:32:58] चेंज कर दिया। और नया बंदूक एनफील्ड राइफल

[06:33:02] को इंट्रोड्यूस किया। दिसंबर आपको 1856

[06:33:04] में। दिसंबर 1856 में इन्होंने क्या किया?

[06:33:08] अपने नए बंदूक को इंट्रोड्यूस किया।

[06:33:12] पुराने को हटा दिया।

[06:33:14] पुराने को हटा दिया।

[06:33:17] यस।

[06:33:19] बट इसमें एक चीज था कि जो कारतूस था ना

[06:33:23] उसके ऊपर का भाग छीलना होता था। तो ये लोग

[06:33:26] मुंह से छीलते थे। इसमें भी कोई दिक्कत

[06:33:28] नहीं। दिक्कत क्या आई? यह अफवाह फैल गई

[06:33:32] क्योंकि वह चिकना होता है। जाने जाएगा भाई

[06:33:35] तो चिकना ऊपर का भाग होगा।

[06:33:38] तो ऊपर का जो भाग है यह अफवाह फैल गई कि

[06:33:44] यह जो है वह गाय और सूअर के चर्बी से बना

[06:33:49] है। अब गाय सूअर का चर्बी जैसे ही नाम आया

[06:33:53] हिंदू और मुस्लिम दोनों का धर्म खराब। ये

[06:33:56] अफवाह फैल गई। अब कोई उसको यूज़ करने को

[06:33:57] रेडी ही नहीं। अब अंग्रेज समझा रहे हो

[06:33:59] नहीं यह सही है। यह सही है। तुम ठहरो चलाओ

[06:34:03] चलाओ यह सही है। अब उनका कोई नहीं भैया तो

[06:34:06] सबसे पहले बंगाल के दमदम में सैनिकों ने

[06:34:10] मना कर दिया कि हम आपका यह नहीं चलाएंगे।

[06:34:13] बंगाल में सैनिकों ने मना कर दिया कि हम

[06:34:16] आपका नहीं चलाएंगे।

[06:34:18] तो सबसे पहले ध्यान रखिएगा बैरकपुर में

[06:34:21] नहीं हुआ था मना। सबसे पहले दमदम में मना

[06:34:24] किया गया था। नहीं चलाएंगे। अंग्रेज बोल

[06:34:27] रहे हैं छला कोई दिक्कत नहीं है। अफवाह

[06:34:29] है। अफवाह ना

[06:34:32] कोई अफवाह नहीं है।

[06:34:36] इसके बाद बहरामपुर में भी मना कर दिया

[06:34:39] गया। फिर आपको मंगल बने 34वें रेजीमेंट

[06:34:44] बैरकपुर।

[06:34:48] वहां पर मंगल पांडे

[06:34:53] थे।

[06:34:56] वहां पर मंगल पांडे थे।

[06:34:56] मंगल पांडे और उनके मित्रों ने मना कर

[06:34:59] दिया

[06:35:02] कि हम लोग नहीं चलाएंगे और कहा जाता है कि

[06:35:04] इसी कहासनी मतलब हुआ ये मारना चाहते थे

[06:35:08] ह्यूरन को मंगल पांडे ह्यूरन को मारना

[06:35:11] चाहते थे मर गए लेफ्टिनेंट बाघ बागबाग हो

[06:35:15] गए नहीं कहा जाता बागबाग हो गया तो ऐसे ही

[06:35:19] याद रखिएगा बागबाग हो गए

[06:35:22] लेफ्टिनेंट बाग का मूड फ्रेश हो गया अब

[06:35:25] भाई आप आप एक अधिकारी को मार रहा है।

[06:35:26] लेफ्टिनेंट है वो। तो मंगल पांडे को पकड़

[06:35:29] लिया गया। अरेस्ट कर लिया गया और अरेस्ट

[06:35:31] करने के बाद आपको इनको फांसी दे दी गई।

[06:35:34] इनका फांसी का डेट भी पूछता है 8 अप्रैल।

[06:35:36] ठीक है? मंगल पांडे को फांसी दे दी गई और

[06:35:38] फांसी का डेट भी पूछता है 8 अप्रैल।

[06:35:42] 8 अप्रैल का वो समय था जब इनको फांसी दे

[06:35:44] दी गई। 8 अप्रैल का वो समय था जब इनको

[06:35:48] फांसी दे दी।

[06:35:49] अब मेरठ से यह कहानी शुरू होती है। यानी

[06:35:54] 1857 की क्रांति मेरठ से होती है। क्यों?

[06:35:57] जब यहां के सैनिकों को पता चला कि विद्रोह

[06:36:00] करने पर हमारे सैनिकों को मारा जा रहा है।

[06:36:02] यह किया जा रहा है। तो आपको यह विद्रोह का

[06:36:05] एक वो हो गया। लेकिन आपको

[06:36:08] लेकिन आपको पता है इसमें भी ट्विस्ट है।

[06:36:14] इसमें भी ट्विस्ट है। ट्विस्ट क्या है?

[06:36:20] यहां के जो लोग हैं

[06:36:22] इन लोगों ने एक प्लान बनाया कि हम लोग

[06:36:25] विद्रोह करेंगे और सब कुछ सेट हो गया। हुआ

[06:36:28] था कि भाई 30 मई के आसपास 30 31 मई के

[06:36:30] आसपास हम लोग विद्रोह करेंगे। प्लान हो

[06:36:34] गया था। सब कुछ हो गया था। सब व्यवस्था हो

[06:36:36] गई थी। पता नहीं अचानक से सडनली हुआ क्या

[06:36:39] कि 11 मई को यह लोगों ने ठाना कि हम लोग

[06:36:42] जाते हैं और 11 मई यानी 10 मई को रात से

[06:36:46] स्टार्ट होता है और 11 मई को यह कहानी

[06:36:48] शुरू हो जाती। इसलिए क्वेश्चन भी आता है

[06:36:51] कि एकदम यह जो है मतलब पहले मेंस में आता

[06:36:54] था। अब तो खैर नहीं आता है कि 1857 की

[06:36:57] क्रांति जो थी

[06:37:00] यह कारण था

[06:37:04] कि

[06:37:07] इसमें लोग जो है

[06:37:10] वो असफल हो गया। इतना होने के बाद रीजन

[06:37:13] यही था। वेल प्लंड नहीं था। रीजन क्या था?

[06:37:17] वेल प्लंड नहीं था। यही हुआ। 12 तारीख को

[06:37:21] लोगों ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया। 12

[06:37:23] तारीख को दिल्ली पर कब्जा कर लिया। यहां

[06:37:26] बहादुर शाह जफर को बादशाह नेता चुना गया

[06:37:28] और वास्तविक नेता वक्त खान को कर गया। अब

[06:37:31] अंग्रेजों को लगा कि भाई क्या हुआ? कैसे

[06:37:33] होगा? अब एक देखो कुछ भी होगा नहीं 10 मई

[06:37:37] को मेरठ से स्टार्ट हो गया था देखिए कुछ

[06:37:39] भी होता है ना एक लीडर तो चाहिए होता है

[06:37:43] एक लीडर तो चाहिए होता है तो लीडर किसको

[06:37:47] किया जाए

[06:37:52] तो लीडर उसी को चुना जाता है जो एक फेस

[06:37:55] वैल्यू हो

[06:37:58] तो मुगल पहले फेस वैल्यू थे मुगल ही हमारे

[06:38:01] राजा थे मुगल थे ना हमारे राजा

[06:38:04] तो मुगलों का वंश में एक ही बच्चे थे

[06:38:06] बूढ़े भाई कह रहे कि हमको क्यों बना रहे

[06:38:08] भाई इनके पास तख्ती थोड़ी था बहादुर शाह

[06:38:11] के पास इनको बस इसीलिए बनाया गया कि मुगल

[06:38:16] बादशाह है ताकि लोगों के साथ सिंपैथी रहे

[06:38:18] कि भैया मुगल हम हैं खड़े हैं हमारे साथ

[06:38:21] इसलिए इनको नाम के लिए बनाया गया असली जो

[06:38:23] लीडरशिप कर रहे थे वो कर रहे थे बख्त खान

[06:38:27] असली लीडरशिप कौन कर रहा था बख्त खान कर

[06:38:29] रहे थे इनको नाम के लिए बनाया गया था कि

[06:38:32] चेहरा और इन्हीं के नाम से लेटर भी जाता

[06:38:33] था हर जगह कि भाई हम लोग ऐसे-ऐसे प्लान

[06:38:36] करेंगे। हालांकि कोई एग्जीक्यूट नहीं करता

[06:38:37] था। उस तरीके से अलग चीज है। 20 सितंबर

[06:38:40] 1857 को अंग्रेजों ने क्या किया? इस पर

[06:38:42] फिर से कब्जा कर लिया। इनको पकड़ लिया।

[06:38:47] इनको पकड़ लिया। और इनको पकड़ कर गिरफ्तार

[06:38:50] कर कहां से किया गया था? हुमायूं के मकबरे

[06:38:52] से। ये हुमायूं के मकबरे में छिपे हुए थे।

[06:38:55] ये हुमायूं के मकबरे में छिपे हुए थे।

[06:39:00] कहा जाता है कि एक व्यक्ति था इलाही बख्श।

[06:39:03] इलाही बख्श ने आपको पता बता दिया था कि

[06:39:07] छुपा हुआ है। जाइए हुमायूं टॉम में और

[06:39:12] रंगून भेज दिया। आपको पता है

[06:39:16] यहां पर दो था। एक निकसन था जो निकल गया।

[06:39:19] निकलसन था जो निकल गया। निकल गया मतलब मर

[06:39:23] गया। इसके बाद एक व्यक्ति आया हडसन।

[06:39:28] आई यह बहुत दुष्ट था।

[06:39:31] हटसन ने विद्रोह दबाया।

[06:39:39] हटसन ने

[06:39:44] आप सोच लीजिए।

[06:39:51] हटसन क्या करता है? देखिए बहुत घुस वो था।

[06:39:54] ये क्या किया? इसके बेटे मिर्जा मुगल

[06:39:57] मिर्जा ख्वाजा सुल्तान पोता था अब्दुल

[06:40:00] बर्ग सबको ले गया दिल्ली में एक जगह है

[06:40:02] खूनी दरवाजा

[06:40:04] दिल्ली में एक जगह है खूनी दरवाजा वहां ले

[06:40:06] गया सबको काट दिया तीनों का गला काट दिया

[06:40:11] और ये तीनों का गला इनके सामने पेश करता

[06:40:14] है कि लो देखो सोचिए कि उनका रूह कांप गया

[06:40:18] होगा

[06:40:20] इनका रूह कांप गया होगा किसका इनका ध्यान

[06:40:24] रखिएगा

[06:40:26] इनके साथ इनकी बेगम जीनत महल को भी ले गया

[06:40:29] और रंगून में ही इनकी मृत्यु हो गई। भाई

[06:40:30] रंगून में इनको रखा गया था। वहीं पर मर

[06:40:32] गया। इनका कब्र भी रंगून में ही है। यह

[06:40:35] दिल्ली की सभी घटनाएं किसने देखा? मिर्जा

[06:40:37] गालिब जो आजकल आप लोग बोलते हैं ना कुछ भी

[06:40:40] अपने से अभी एक लाइन लिख दीजिएगा और लिख

[06:40:41] दीजिएगा कि गालिब ने लिखा है। एक फैशन चला

[06:40:44] है। अगर कोई शायरी या कुछ इस तरीके का लिख

[06:40:48] रहा है ना तो लिख देगा बाय गुलजार।

[06:40:49] गुलजारों को ना पता होगा हम लिखे हैं।

[06:40:52] अपने मन से सब लिखेगा दो लाइन लिख देगा

[06:40:55] गुलजार ने कहा था मिर्जा गालिब ने कभी कहा

[06:40:58] था पता चलेगा इसी का ही दोनों फटीचर लाइन

[06:41:01] आजकल लोग यही कर रहे हैं अपने मन से दो

[06:41:04] लाइन लिख देते हैं और लिख देंगे गुलजार

[06:41:06] लिख देंगे मिर्जा गालिब लिख देंगे हां

[06:41:11] चलिए

[06:41:14] इलाही बख्श जो है यही वो व्यक्ति थे

[06:41:16] मिर्जा गालिब ध्यान रखिएगा आगरा में जन्म

[06:41:19] था

[06:41:22] लेकिन लेकिन आपको ये रहे कहां थे? दिल्ली।

[06:41:25] दिल्ली के पुराने किले चांदनी चौक है ना

[06:41:28] वहीं पर आपको इनका वो था। हां। आजकल सब

[06:41:31] अपने से शायरी लिख देगा और लिख देगा कि

[06:41:34] ये है। गुलजार ने लिखा है। आजकल नया ही

[06:41:38] हां चोचला चलता है। टोपी पहन कर आ गया सब।

[06:41:41] हम

[06:41:43] लखनऊ में कौन कर रहा था लीड? तो लखनऊ में

[06:41:46] कर रहे थे हजरत बेगम महल। इन्होंने अपने

[06:41:49] पुत्र को क्या करना था? बिजिस कादिर को

[06:41:52] इनको क्या करना था? नवाब घोषित करना था।

[06:41:55] रीजन था कि 1856 में 1856

[06:42:00] में

[06:42:01] अवध को मिला लिया गया।

[06:42:07] अंतिम राजा थे वाजिद अली शाह।

[06:42:11] वाजिद अली शाह।

[06:42:15] इन्होंने विद्रोह कर दिया। और यह विद्रोह

[06:42:17] में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी बहादुर

[06:42:19] शाह के द्वारा। ठीक है? किसके द्वारा?

[06:42:22] बहादुर शाह के द्वारा।

[06:42:27] विद्रोह कर दिया तो दबा दिया गया। तुरंत

[06:42:29] रीज़न देखो। इसके पीछे जो सिंपल रीजन है कि

[06:42:32] अंग्रेजों के पास अस्त्र-शस्त्र बहुत है।

[06:42:34] इनके पास परफेक्ट अब

[06:42:38] ये है। क्या नाम था? इनके पास एक ट्रेंड

[06:42:40] मिलिट्री है। सब कुछ है। इतनी जल्दी से अब

[06:42:44] आप जब जाइएगा ना लखनऊ तो हजरत ये जाइएगा

[06:42:47] इस जगह पे जहां पर लड़ाई हुआ था।

[06:42:51] आपको पता है अभी भी बड़े बहुत सारे

[06:42:54] गोलियों के तोपों के निशान है। यहां पर आए

[06:42:57] थे लॉरेंस दबाने लेकिन बेचारे मर गए। फिर

[06:43:01] कैंबेल आता है तो यहां को दबाता है।

[06:43:05] हजरत महल भाग कर कहां चले गए? नेपाल। इनका

[06:43:08] सपोर्ट करने आए थे नाना साहब।

[06:43:12] इनका सपोर्ट कौन करने आया था? नाना साहब।

[06:43:24] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[06:43:29] कानपुर। कानपुर में नाना साहब तात्या टोपे

[06:43:32] भी थे।

[06:43:34] हुआ वही था। इनको पेंशन का इशू था। भाई यह

[06:43:36] कहते हैं भैया हमको पेंशन चाहिए नहीं तो

[06:43:37] हम आपका विरोध करेंगे। यह वही उनके दत्तक

[06:43:39] पुत्र हैं। बाजीराव के दत्तक पुत्र हैं।

[06:43:44] अडॉप्टेड सन है नाना साहब और नाना साहब

[06:43:46] आकर क्या करते हैं? आपको इनसे वो लेते

[06:43:49] हैं। ठीक है? ध्यान रखिएगा। अब कानपुर

[06:43:51] छावनी के कमांडर आत्मसपन्न करते हैं। और

[06:43:54] कानपुर के निकट एक जगह है सती चेहरा। यहीं

[06:43:57] पर क्या कहा जाता है? मतलब कुछ लोगों ने

[06:43:59] क्या कर दिया? एक बीवीगढ़ का मकान है।

[06:44:01] उसमें कई सारे सोल्जर्स उनके बच्चों को

[06:44:03] पकड़ लिया गया। बंदी बना लिया गया। कहा

[06:44:06] जाता है कि यह बहुत ही गलत तरीके से किया

[06:44:08] गया। ठीक है? ध्यान रखिएगा कैंबेल जो था

[06:44:11] लखनऊ में भी दबाया था और कैमबेल ही आपको

[06:44:14] कानपुर में भी दबाया था। ठीक है?

[06:44:18] जनरल हॉकबक आया था लेकिन वो कर नहीं पाया

[06:44:21] था। नील भी आया था। वो भी नहीं कर पाया।

[06:44:22] लेकिन कैंबल बांधता दबाया था।

[06:44:26] हां। पेंशन बंद कर दी। देखो एक चीज है।

[06:44:30] कई लोग क्या करते हैं कि जैसे 1857 के

[06:44:35] विद्रोह के बहुत सफल नहीं। तात्कालिक रूप

[06:44:39] से नहीं होने का एक बहुत बड़ा कारण था।

[06:44:42] आम लोगों की भागीदारी नहीं थी।

[06:44:46] मेरी आपकी भागीदारी बहुत नहीं थी।

[06:44:52] रीजन क्या था कि आधा से ज्यादा लोग तो

[06:44:56] अपने लिए लड़ रहे थे। जैसे हजरत महल

[06:44:59] अगर उनके बेटे को नवाब घोषित किया जाता तो

[06:45:02] नहीं लड़ते।

[06:45:04] तात्या टोपे तो चलो ठीक है यह नाना साहब

[06:45:06] उनको पेंशन दिया जाता है वह नहीं लड़ते

[06:45:09] रानी लक्ष्मीबाई उनके बेटे को राजा घोषित

[06:45:11] किया जाता वह नहीं लड़ती तो आम जनता को तो

[06:45:15] यह लगा कि भाई सब तो खुद के लिए कर रहे

[06:45:17] हैं

[06:45:20] ना सब तो खुद के लिए कर रहे हैं तो हम लोग

[06:45:23] क्यों करें और यही कारण था कि आम जनता से

[06:45:26] कनेक्ट बहुत नहीं हो पाए थे

[06:45:30] ठीक है ध्यान रखिएगा झांसी को ध्यान रखना

[06:45:33] है। झांसी से लीड कौन किया था? मणिक

[06:45:36] करणिका है ना मनु मनु कहा जाता है। इनके

[06:45:38] पति का नाम था गंगाधर राव। और यही पुत्र

[06:45:41] थे दामोदर राव। ये अडॉप्टेड सन थे। दत्तक

[06:45:43] पुत्र थे। क्या थे? दत्तक पुत्र। अडॉप्टेड

[06:45:48] सन।

[06:45:51] अब अंग्रेज इनको राजा बनाने को रेडी ही

[06:45:53] नहीं हुए। रानी लक्ष्मीबाई भाई पहले से ही

[06:45:56] ट्रेंड थी। वो ट्रेनिंग की कर चुकी थी।

[06:45:59] उनको आता था हथियार चलाना।

[06:46:04] उनको हथियार चलाना आता था।

[06:46:09] इन्होंने कहा हां वही डॉक्टिन ऑफ लैप्स के

[06:46:12] तहत

[06:46:13] इन्होंने कहा कि ना भाई राजा तो मेरा बेटा

[06:46:16] ही बनेगा। कैसे नहीं बनेगा? मेरा बेटा ही

[06:46:19] बनेगा। मैं अंग्रेजों से होकर क्यों

[06:46:21] रहूंगी? सिंपल सा चीज है। मैं अंग्रेजों

[06:46:23] की गुलामी क्यों करूंगी? इन्होंने क्या

[06:46:25] किया? विद्रोह कर दिया अंग्रेजों का। रानी

[06:46:28] को समझाया गया कि भाई देखिए देखिए यूरो जा

[06:46:31] रहा है पकड़ लेगा आपको तो रानी को कहा गया

[06:46:33] आप जल्दी से निकल जाइए

[06:46:36] रानी को उस एरिया से निकाल दिया गया

[06:46:40] रानी वहां से निकल जाती है निकलकर आपको

[06:46:42] काल ये कालपी होते हुए ग्वालियर पहुंचते

[06:46:45] ग्वालियर जाती है सिंधिया के पास वही

[06:46:46] सिंधिया जो शुरू से ही मीडिएटर का काम

[06:46:49] करते रहा है

[06:46:51] उससे कहीं कि सुनिए आप मेरा साथ दीजिए

[06:46:53] मेरे

[06:46:56] बच्चे को को नहीं किया जा रहा है। हम लोग

[06:46:58] के एडमिनिस्ट्रेशन में बहुत ज्यादा

[06:47:00] रेस्ट्रिकशंस लगाया जा रहा है। ये कि आज

[06:47:02] मेरे साथ और कल आपके साथ भी हो सकता है।

[06:47:04] सिंधिया कुछ बात नहीं मान। सिंधिया कुछ

[06:47:08] बात नहीं मान। कहा कि ना

[06:47:11] लेकिन

[06:47:13] सिंधिया के सैनिकों ने कहा कि रानी हम

[06:47:17] आपका साथ देंगे। इसलिए सिंधिया को आज भी

[06:47:21] क्या किया जाता है? इनको आज भी कीचड़

[06:47:23] उछाला जाता है। आज भी

[06:47:25] आज भी

[06:47:27] अब आज जो हमारे हैं ज्योतिरा सिद्ध उनकी

[06:47:30] क्या गलती है भाई उनके पूर्वजों ने क्या

[06:47:32] किया इनमें उनको क्यों दोष देते हो

[06:47:36] सोचिए यह साथ नहीं दिए और इनके सेनाओं ने

[06:47:39] साथ दिया सैनिकों ने साथ दिया इधर से

[06:47:42] तात्या टोपे ने सपोर्ट किया लेकिन भाई

[06:47:45] कैसे जीत पाएंगे

[06:47:48] यह अंग्रेजों की सेना है इतनी बड़ी सेना

[06:47:50] कहां से जीत पाएंगे

[06:47:57] और यही कारण था कि रानी लक्ष्मीबाई

[06:48:02] हरज और स्मिथ की सेना ने घेर लिया और रानी

[06:48:04] लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हो गई।

[06:48:07] हररोज़ ने एक स्टेटमेंट दिया है। यह जो हरज़

[06:48:10] थाकि इसने देखा कि रानी गजब लड़ती है। भाई

[06:48:14] हरोज़ ने कहा लक्ष्मीबाई को इकलौती मर्द

[06:48:17] कहा।

[06:48:20] इकलौती मर्द।

[06:48:33] हरोज़ ने लक्ष्मीबाई को इकलौती मर्द बोला।

[06:48:38] कहा कि यह जो लेटी हुई महिला है ना पूरे

[06:48:43] बैटल में इकलौती मर्द है। सोचिए कि इसने

[06:48:47] हालत खराब कर दी थी लक्ष्मीबाई ने।

[06:48:50] अनएक्सेक्टेड था ना कि महिला इतनी जबरदस्त

[06:48:52] कैसे लड़ सकती है भाई? महिला कैसे लड़

[06:48:55] सकती है इतनी जबरदस्त तरीके से? और यही

[06:48:58] कारण था और यह स्टेट ये पूछता है पीटी में

[06:49:01] कि यह स्टेटमेंट किसका है?

[06:49:06] यह प्री में क्वेश्चन पूछता है कि यह

[06:49:08] स्टेटमेंट किसका है?

[06:49:11] तो, यह स्टेटमेंट हीरोज़ का है। 5 जून को

[06:49:14] यह घटना है। यह आपको एक लिस्ट भैया 5 जून

[06:49:17] को यह हुआ था। मतलब लड़ यहां पर यह

[06:49:21] अब आते हैं बिहार। बिहार को थोड़ा सा

[06:49:23] देखेंगे अभी अलग से। रीजन यह है बिहार को

[06:49:27] अलग से देखने का कि बिहार स्पेशल में भी

[06:49:29] हम लोग पढ़ेंगे ही। तो

[06:49:35] हम लोग देखेंगे बट थोड़ा सा देख लेंगे

[06:49:36] यहां पर कोई दिक्कत नहीं।

[06:49:39] कुंवर सिंह जमींदार थे। विलियम टेलर और

[06:49:43] बसेंट आयर के द्वारा थे। पटना सिटी से पीर

[06:49:45] अली के द्वारा सबसे पहले विरोध हुआ।

[06:49:49] यह विरोध सबसे पहले कहां से हुआ? यह विरोध

[06:49:53] सबसे पहले पटना सिटी से पीर अली जी के

[06:49:56] द्वारा हुआ। यह लोग बहुत ट्राई किए।

[06:50:00] यह लोग बहुत ट्राई किए कि आपको विरोध ना

[06:50:04] हो।

[06:50:07] लेकिन जबरदस्त विरोध हुआ इनका।

[06:50:33] समझ रहे हैं खूब विरोध हुआ।

[06:50:36] अब होता क्या है यहां से कुंवर सिंह लीड

[06:50:39] करते हैं ली ग्रैंड और सिख सेना का

[06:50:42] जगदीशपुर के निकट सामना किया गया और घायल

[06:50:45] हो गए थे यहां से कुंवर सिंह एक्चुअली हुआ

[06:50:47] क्या कुंवर सिंह गोरिल्ला युद्ध में माहिर

[06:50:50] थे कुंवर सिंह गोरिल्ला युद्ध में माहिर

[06:50:54] थे और कुंवर सिंह पहली बार जो कनेक्ट होते

[06:50:57] हैं दानापुर छावनी यह हम लोग डिटेल थोड़ा

[06:51:01] सा पढ़ेंगे बिहार स्पेशल में इसलिए बहुत

[06:51:03] शॉर्टकट है

[06:51:07] यह कुंवर सिंह के बारे में कहा जा रहा है।

[06:51:13] दानापुर छावनी के सैनिकों से कनेक्ट हुए।

[06:51:26] दूसरी चीज आरा पे कब्जा किया।

[06:51:30] फिर आजमगढ़ वगैरह गए है ना? तो वहां से

[06:51:32] फिर वापस आए। तो यहां पर दो तीन चीजों को

[06:51:36] फैक्ट के रूप में देख लीजिए कि कुंवर सिंह

[06:51:38] के बाद किसने नेतृत्व संभाला? अमर सिंह

[06:51:40] ने। देखो मैं इसलिए नहीं कर रहा हूं कि

[06:51:41] इसी चीज का डिटेल्स में आपको मैं इसमें

[06:51:44] कराऊंगा बिहार स्पेशल में। ठीक है? एक ही

[06:51:47] चीज को फिर उस समय भी बताना है। इस समय

[06:51:49] बताना थोड़ा सा टाइम टेकिंग बिना।

[06:51:51] इन्होंने एक पैरेलल गवर्नमेंट की स्थापना

[06:51:53] की जिसके प्रधान थे। इन्हीं के आपका एक

[06:51:55] रिलेटिव थे हर सिंह किशन जी। इनके द्वारा

[06:51:57] मुंगेर का क्षेत्र अप्रभावी था। इस समय

[06:52:00] बिहार का आयुक्त विलियम टेलर था। देखो यह

[06:52:03] ध्यान रखना है आप लोग को इस चीज को थोड़ा

[06:52:05] सा ध्यान रखना है कि छपरा से कौन था

[06:52:08] मोहम्मद हुसैन खान राजगीर से कौन था हैदर

[06:52:12] अली खान तिरहुत के समय आपको पहली बार

[06:52:15] सरकारी प्रभुत्व समाप्त होता है ठीक है

[06:52:18] हथुआ पंडोल बेतिया के जमींदारों ने

[06:52:20] अंग्रेजों का साथ दिया था कुंवर सिंह

[06:52:23] बेरसट आयर के बीच एक लड़ाई हुई थी बीबीगंज

[06:52:25] के युद्ध कहा जाता है इस क्षेत्र को और

[06:52:28] रीवा के महाराज ने एमपी में एक जगह है

[06:52:30] रीवा वहां पर कुं कुंवर सिंह को प्रवेश

[06:52:32] नहीं करने दिया गया लेकिन कुंवर सिंह वहां

[06:52:34] भी प्रवेश करते।

[06:52:37] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[06:52:40] कुंवर सिंह का ऐज 80 साल था

[06:52:45] और 80 साल की लड़ाई में एज में लड़ाई कर

[06:52:49] रहे हैं। तलवार उठा रहे हैं। हारे भी

[06:52:52] नहीं।

[06:52:56] और एक है आप लोग।

[06:52:59] 20 से 25 साल उम्र होगा आप लोग ऑन ऑन

[06:53:02] एवरेज

[06:53:04] और आप लोग इस स्थिति में भी थक जाते हैं।

[06:53:08] आप लोग इस स्थिति में भी थक जाते हैं।

[06:53:16] तो सोचिए कि आप में और इनमें क्या कितना

[06:53:20] अंतर है? यह आपको लड़ रहे हैं 80 साल के।

[06:53:23] ये तो कहा भी गया है 80 साल की हड्डी में

[06:53:27] जागा जोश पुराना था तब कहते हैं कुंवर

[06:53:31] सिंह बड़ा वीर मर्दाना था

[06:53:36] सोच लीजिए और आप लोग इस पोजीशन में भी थक

[06:53:39] जा रहे हैं कि अरे सर अब तो थोड़ा थक गए

[06:53:41] हैं। अरे सर रहम कीजिए सर बताइए ऐसे कैसे

[06:53:45] काम चलेगा?

[06:53:52] तो भी पहले से काम चलेगा। चलिए

[06:53:56] उमर सिंह बनिए

[06:54:00] चीज के कारण अमर सिंह की मृत्यु हो गई

[06:54:01] गोरखपुर में। हालांकि इस पर भी संदेह है।

[06:54:03] इस पर भी कंट्रोवर्सी है। कहा जाता है कि

[06:54:05] नहीं इनकी मृत्यु नेपाल से। कोई कहता है

[06:54:07] ये नेपाल चले गए थे। कोई कहता है कि नहीं

[06:54:09] यह आपको यहीं रोहतास में ही थे। कोई कहता

[06:54:11] है गोरखपुर में इनको बीमारिस गए। इनके

[06:54:13] बारे में बहुत स्पष्ट जानकारी प्राप्त

[06:54:15] नहीं होती है। दक्षिण बिहार में आपको

[06:54:17] नेतृत्व कौन कर रहा था? तो आपको विश्वनाथ

[06:54:19] सहदेव जी कर रहे थे और गणपत राय कर रहे

[06:54:21] थे। नवादा के वीरगंज में खुशियाल सिंह का

[06:54:24] नेतृत्व चल रहा था और इस समय रेजीमेंट के

[06:54:27] कार्यालय को भागलपुर स्थानांतरित किया गया

[06:54:29] था। इस समय ध्यान रखिएगा यह सब गया में

[06:54:31] आपको विद्रोह छिड़ा था। मैं फिर से कह रहा

[06:54:33] हूं बिहार स्पेशल हम लोग डील करेंगे

[06:54:34] क्योंकि वहां भी करना अभी करना थोड़ा सा।

[06:54:37] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[06:54:44] यहां से आपके प्री में क्वेश्चंस होते

[06:54:45] हैं।

[06:54:48] प्रीलिम्स में क्वेश्चन यहां से होते।

[06:54:53] क्यों होते हैं? क्योंकि प्रभाव बहुत

[06:54:54] ज्यादा था।

[06:54:58] ठीक है?

[06:55:01] पहला प्रभाव क्या था? कि इस क्रांति के

[06:55:04] बाद कंपनी के कंपनी खत्म। मतलब ईस्ट

[06:55:09] इंडिया कंपनी अब भारत से गॉन।

[06:55:12] अब सीधा क्राउन यहां पर साम्राज्य कर रहा

[06:55:15] है। कौन कर रहा है? क्राउन आपको यह कर रहा

[06:55:19] है क्राउन।

[06:55:23] अब आपके दिमाग में आएगा कि सर क्या 1857

[06:55:27] की क्रांति नहीं होती तो ब्रिटिश या कंपनी

[06:55:30] रहती ही ईस्ट इंडिया कंपनी। तो इसका आंसर

[06:55:32] है नहीं।

[06:55:34] ठीक है? इसका आंसर है नहीं। 1857 की

[06:55:39] क्रांति नहीं भी होती तो आपको कंपनी को

[06:55:43] हटा ही देते यह लोग क्योंकि जो 1853 में

[06:55:46] एक्ट आया था ना आगे कितने साल रहेंगे इसकी

[06:55:49] चर्चा नहीं थी अब तो इतना तो था ही कि आज

[06:55:52] नहीं तो कल कंपनी को हटाया जाता बट

[06:55:54] इंपैक्ट तो पड़ा जल्दी ही हट गए हो सकता

[06:55:57] है कि आगे आने वाले 10 साल में हटाते

[06:55:59] लेकिन इंपैक्ट वो था दूसरा

[06:56:03] रेश्यो कर कम कर दिया गया पहले भारतीयों

[06:56:05] के रेश्यो 10 2 था। ऐसे था बहुत सारे चीज

[06:56:09] थे। अब क्या कर दिया गया कि भारतीय

[06:56:11] यूरोपियों का रेशियो कम कर दिया गया। पहले

[06:56:14] 5 / 1 था। अब कर दिया गया 2 / 1 बताइए अभी

[06:56:19] भी किसकी संख्या ज्यादा है? संख्या

[06:56:26] यूरोपियों की संख्या ज्यादा है।

[06:56:33] अच्छा इसका मुझे आईडिया नहीं है अश्विनी।

[06:56:35] लेकिन मैं आप लोग से रिक्वेस्ट करूंगा

[06:56:38] कि अभी आज जो थोड़ा सा मामला हुआ है पटना

[06:56:41] में कुछ पोस्टिंग सेंटर में आप लोग इससे

[06:56:45] अपनी पढ़ाई पर इंपैक्ट मत कीजिए।

[06:56:49] वो क्या मामला मुझे तो एग्जैक्ट आईडिया

[06:56:50] नहीं है। बहुत सुना था कि कहीं गोलीवुली

[06:56:53] चलाए ये सब टाइप का। एक मैं तो क्लास में

[06:56:55] आ गया था।

[06:56:57] लेकिन आप लोग से क्योंकि ऐसे कई बच्चे अभी

[06:56:59] मैं गया था ब्रेक में तो बहुत बच्चों का

[06:57:01] ये सब मैसेज था। तो मैं आप लोग से एक

[06:57:04] रिक्वेस्ट करूंगा कि आप लोग जो है

[06:57:10] यह काम ना कीजिए। पढ़ाई को इसमें इंपैक्ट

[06:57:13] ना होने दीजिए। ठीक है ना? ताकि वो जो

[06:57:16] मामला है वो देख लेगी जो भी है।

[06:57:20] ये चीज ध्यान रखिएगा। नहीं मैं मुझे पता

[06:57:23] है कि आधा बच्चे वही सब देख रहे हैं। तभी

[06:57:25] तो यहां बच्चों की संख्या कम है। नहीं तो

[06:57:27] बच्चे कम से कम000 होते।

[06:57:34] एग्जैक्ट पता नहीं थोड़ा बहुत मुझे भी

[06:57:36] न्यूज़ मिला है तो अब क्या है मामला क्या

[06:57:39] नहीं मुझे तो आईडिया भी नहीं है बहुत उस

[06:57:40] पर क्या ही कोई बोले वो लेकिन हां जो भी

[06:57:43] है स्मूथली चीजें चलनी चाहिए सबसे अच्छा

[06:57:45] होता है बट आप लोग अपने पढ़ाई को डिस्टर्ब

[06:57:48] मत कीजिए आप लोग में से आधा बच्चे अब वहां

[06:57:50] जाकर न्यूज़ देख रहे होंगे

[06:57:53] क्योंकि टटकमटक न्यूज़ है कुछ इस तरीके के

[06:57:56] न्यूज़ आते रह रहे होंगे अब सबका आप

[06:57:58] मीडिया बाइट सुनिएगा यह सुनिएगा

[06:58:01] टाइम आपका किल होगा। आपको उससे कोई फर्क

[06:58:03] बेनिफिट नहीं होने वाला। टाइम आपका किल

[06:58:05] होगा। उससे अच्छा है कि अपने सिलेबस पे

[06:58:09] ध्यान दीजिए। पढ़ाई कीजिए। यहां है तो ठीक

[06:58:11] है। नहीं है तो दूसरा चीज पढ़िए। सबसे

[06:58:14] बेस्ट।

[06:58:16] अभी आपके पास टाइम नहीं है कि इधर-उधर

[06:58:18] भटके। अभी भी सैनिकों की संख्या किसकी

[06:58:21] अधिक थी?

[06:58:23] अभी भी सैनिकों की संख्या

[06:58:27] अधिक थी भारतीयों की।

[06:58:31] ठीक है? तो एक क्वेश्चन आप लोगों से आता

[06:58:34] है। 1857 के बाद भारतीयों की संख्या

[06:58:40] ब्रिटिश

[06:58:42] सेनाओं से कम हो गई थी। स्टेटमेंट सही है

[06:58:44] कि गलत है?

[06:58:46] हां, करवाऊंगा।

[06:58:48] स्टेटमेंट सही है कि गलत है? बताइए। तो

[06:58:52] 1857 की क्रांति के बाद भारतीयों की

[06:58:55] संख्या ब्रिटिश के से कम हो गई थी।

[06:59:05] स्टेटमेंट ट्रू और फॉल्स

[06:59:16] गलत है। संख्या अभी भी ज्यादा है। रेश्यो

[06:59:20] कम हो गया था। भारतीयों की संख्या अभी भी

[06:59:23] 1400 से अधिक थी। इसके बाद क्या हुआ? 1858

[06:59:27] का एक अधिनियम आया जिसको कैनिंग ने कहां

[06:59:29] पर पड़ा था? इलाहाबाद के किले में। इस चीज

[06:59:31] को ध्यान रखिएगा। यह भी पीवाईक्यू है।

[06:59:34] पहले कितना था? 5:1 अब है 2:1

[06:59:37] भारतीय राज्य सचिव की नियुक्त हुई।

[06:59:41] और आपको 15 सदस्य का एक मंत्री परिषद भी

[06:59:44] नियुक्त हुआ।

[06:59:46] अब आते हैं कि भाई उस समय भारतीय सचिव कौन

[06:59:49] थे? तो अल स्टनले थे। इसने कहा कि भैया यह

[06:59:51] सिपाही विद्रोह है।

[06:59:54] कौन-कौन भाग नहीं लिए थे? तो व्यापारी

[06:59:56] वर्ग भाग लिए। बहुत वीवीवीआई है। इसमें

[06:59:58] बहुत कंफ्यूजन होता है। ध्यान रखिएगा।

[07:00:01] व्यापारी वर्ग भाग नहीं लिए। शिक्षित वर्ग

[07:00:05] भी भाग नहीं लिए थे। इसमें

[07:00:09] शिक्षित वर्ग भी भाग नहीं लिए थे।

[07:00:12] व्यापारी वर्ग भी भाग नहीं लिए थे।

[07:00:15] ध्यान रखिएगा जमींदार समर्थक वर्ग था।

[07:00:19] आप कहिएगा कि सर तो कुंवर सिंह तो अरे कुछ

[07:00:21] नहीं मैक्सिमम की बात की जाए मैक्सिमम जो

[07:00:24] लैंड लॉर्डर्स थे लैंड लॉर्ड थे वो आपको

[07:00:29] सपोर्टर थे ठीक है इस चीज को ध्यान रखिएगा

[07:00:36] इसने भाग नहीं लिया इसने भाग नहीं लिया और

[07:00:39] ये सपोर्टर थे बैरकपुर में जॉन बेनेट थे

[07:00:42] आपको ब्रिटिश कमांडर ध्यान रखेंगे ये सब

[07:00:43] मिसलेनियस फैक्ट्स हैं मुंगेर चित्तौड़

[07:00:46] मद्रास में 1857 की क्रांति का कोई प्रभाव

[07:00:50] नहीं पड़ा। सिंधिया हैदराबाद के साथ

[07:00:51] अंग्रेजों का साथ दिया। कहा जाता है

[07:00:54] कैनिंग ने एक स्टेटमेंट दिया था कि 1857

[07:00:58] की क्रांति वो क्रांति थी

[07:01:03] जिसमें एक ऐसी बाढ़ थी जिसमें हम लोग बह

[07:01:06] जाते।

[07:01:08] सिंधिया निजाम कुछ

[07:01:10] [गला साफ़ करने की आवाज़] ऐसे लोग थे

[07:01:12] जिन्होंने बांध का काम किया। सोचिए

[07:01:19] कैप्टन गार्डन जो थे गॉडन यह दोस्त थे।

[07:01:24] ठीक है? ध्यान रखिएगा। मंगल पांडे के ये

[07:01:25] दोस्त थे। इन सब का ध्यान नाम रखिएगा गॉडन

[07:01:29] वगैरह। क्लियर? अब आते हैं नेक्स्ट।

[07:01:34] इसी में एक और चीज को ध्यान रखिएगा।

[07:01:37] इसका जो सिंबल था वो था रोटी और कमल। मतलब

[07:01:41] कोड वर्ड था कि अगर आपसे कोई क्वेश्चन

[07:01:43] बोलता है ना कुछ भी कि बताओ क्या है? तो

[07:01:46] रोटी और कमल क्या है? रोटी और कमल यह कोड

[07:01:49] वर्ड था। तो मैं कैसे आप लोगों को बोलता

[07:01:51] हूं? तार छोड़ो गुरु और आएगा तो कोड वर्ड

[07:01:54] हो गया ना कि अच्छा ये लगता है अभय सर है

[07:01:55] क्या? तो वैसा ही उस समय था रोटी और कमल

[07:01:59] वो समझ जाते थे कि अच्छा ये 1857 के अहमद

[07:02:04] उल्ला जो थे ये इनको कहा जाता है ये

[07:02:08] फैजाबाद से थे। हालांकि ये दक्षिण से थे

[07:02:11] लगभग फैजाबाद में लीड किया। इनको विद्रोह

[07:02:13] का प्रकाश स्तंभ कहा जाता है। देखिए

[07:02:15] इन्होंने ही आपको हजरत महल से भी मिले थे।

[07:02:17] ये

[07:02:19] हजरत महल से भी मिले थे।

[07:02:24] उनको बोला भी कि भाई मैं हूं। अहमद उल्ला

[07:02:27] मूल रूप से तमिलनाडु के थे।

[07:02:32] ठीक है? ठीक है? तो अहमद उ्ला जो थे इनका

[07:02:33] नाम अहमद उल्लाह है।

[07:02:42] ठीक है? ध्यान रखिएगा। तो ये थोड़ा सा आप

[07:02:44] लोग इसको ध्यान रखना है। यह भी इंपॉर्टेंट

[07:02:46] है काफी वीवीआई आपको है। इस चीज को ध्यान

[07:02:49] रखना है।

[07:02:51] अब आते हैं थोड़ा सा लिस्ट। देखिए वही चीज

[07:02:54] है। बस इसको लिस्ट में मैंने डाल दिया है।

[07:02:57] यह विद्रोह दबाया। यह वीवीवीआई है। ध्यान

[07:03:00] रखिएगा।

[07:03:03] विद्रोह दबाया।

[07:03:09] ये ध्यान रखना है।

[07:03:19] ये 58 होगा।

[07:03:24] ये किसने क्या-क्या बोला? ये है जिसमें से

[07:03:27] दो-तीन इंपॉर्टेंट है। जैसे आपको इनका

[07:03:29] पूछता है मजूमदार का ना प्रथम है ना ये

[07:03:32] है।

[07:03:34] एससेन का ध्यान रखिएगा।

[07:03:38] राष्ट्रीय विद्रोह पूछता है। ये इनका

[07:03:40] खासकर डिजरली का पूछता है। हिंदू मुस्लिम

[07:03:43] षड्यंत्र पूछता है। कार्ल मार्क्स का

[07:03:45] ध्यान रखिए। कुछ-कुछ चीजों को थोड़ा सा

[07:03:46] ध्यान रखना है।

[07:03:49] इंग्लिश में भी है। सेम चीज है। इंग्लिश

[07:03:51] में भी है। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:03:53] तो यह है 1857 की क्रांति।

[07:03:58] यह है 1857 की क्रांति। यहां से चीजें को

[07:04:02] थोड़ा सा ध्यान आपको रखना होगा।

[07:04:09] सर एटीएम मशीन में खुद ही डॉक्टर हूं

[07:04:11] ऑलरेडी। माशा्लाह

[07:04:22] आंख सबसे खराब हो जाएगा दो बार।

[07:04:36] अब आते हैं हम लोग धार्मिक सुधार आंदोलन।

[07:04:40] क्या आते हैं? धार्मिक सुधार आंदोलन। अब

[07:04:42] धार्मिक सुधार आंदोलन हिंदी में है। ठीक

[07:04:44] है? वो भी इंग्लिश में आपको मिल जाएगा।

[07:04:47] इंग्लिश था पता नहीं मिल ही नहीं रहा था।

[07:04:49] खोज रहा था काफी समय।

[07:04:51] धार्मिक सुधार आलों की जरूरत क्यों पड़ी?

[07:04:53] यह बताइए।

[07:05:33] समझे?

[07:05:38] अच्छा जैसे क्वेश्चन पूछा था पूछते रहूं।

[07:05:41] अच्छा एक बात बताइए चलो ठीक है आप ही लोग

[07:05:43] की बात है।

[07:05:46] बताओ तो नील विद्रोह का डेट बताइए। ईयर

[07:05:49] बताओ। नील विद्रोह का ईयर।

[07:05:52] नील विद्रोह कब हुआ था? बताओ सभी लोग।

[07:06:23] 56 देखिए लव सेंटर को 56 बोल रहा है। 58

[07:06:26] बोल रहा है। 596

[07:06:29] 596 596

[07:06:32] गलत है। 596 59 में हुआ था। ठीक है। एक

[07:06:36] कमेट भी आ बैठी थी उससे संबंधित।

[07:06:47] बहुत बढ़िया बहुत जबरदस्त चलिए पावना

[07:06:50] विद्रोह कब हुआ था अ रिमेंबर रिवीजन मोर

[07:06:54] एंड मोर रिवीजन

[07:07:08] विद्रोह कब हुआ था? पावना

[07:07:28] विद्रोह 5960 में हुआ था। अच्छा

[07:07:30] पावना विद्रोह 5960 में हुआ था। अच्छा

[07:07:30] पुराना है। 73 चलो ठीक है। चलो बहुत

[07:07:33] बढ़िया। चलिए पावना विद्रोह और नील

[07:07:37] विद्रोह दोनों में से सांप्रदायिक रूप

[07:07:39] किसको दिया गया? पावना विद्रोह और नील

[07:07:43] विद्रोह में से दोनों में से सांप्रदायिक

[07:07:45] रूप किसको दिया गया?

[07:08:11] हां आगे कंटिन्यू कर रहे हैं। एक आध

[07:08:12] क्वेश्चन पूछता हूं पावना को। क्यों?

[07:08:16] क्योंकि पावना में लोगों ने हिंदू मुस्लिम

[07:08:17] कर दिया। पावना में भी पावना और ये क्या

[07:08:22] कहलाता है? मोपला यह दो ऐसे विद्रोह थे

[07:08:26] जिसको सांप्रदायिक रूप दिया गया था

[07:08:28] अंग्रेजों के द्वारा। ठीक है? ध्यान

[07:08:30] रखिएगा।

[07:08:34] अब हम लोग आते हैं आगे

[07:08:38] धार्मिक सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलन का

[07:08:41] मतलब क्या हुआ? आखिर इसका रीजन क्या था?

[07:08:43] नीड क्यों था?

[07:08:46] आखिर सामाजिक धार्मिक आंदोलन का रीजन क्या

[07:08:49] था? नीड क्या था? यह तो आएगा ना। और क्यों

[07:08:54] हुआ? और अभी ही क्यों हुआ?

[07:08:59] देखिए।

[07:09:01] सामाजिक धार्मिक जो सुधार आंदोलन हुआ उसके

[07:09:04] पीछे कई सारे रीजंस थे। हुआ कि अब ब्रिटिश

[07:09:08] आए। ब्रिटिश के आने के बाद

[07:09:12] थोड़ा सा सामाजिक चीजें वो दिखी। लोग

[07:09:15] ब्रिटेन जाने लगे। ब्रिटेन गए। बाहर भी

[07:09:20] गए। देखे कि यार यहां तो लड़का लड़की सब

[07:09:24] बराबर है।

[07:09:27] टॉप सेम करता है। कोई भेदभाव नहीं है।

[07:09:30] हमारे तरफ तो लड़कियों को औरतों को घर से

[07:09:33] बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। घर से

[07:09:37] बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। औरतें

[07:09:40] काम करने काम करने का अधिकार नहीं है।

[07:09:42] पढ़ने का अधिकार नहीं है। बड़ा लगा।

[07:09:45] वहां पर उदारवादी माहौल। यहां पर अभी भी

[07:09:48] एकदम बंधन।

[07:09:51] दूसरी चीज।

[07:09:54] दूसरा इंपैक्ट पड़ता है सूफी आंदोलन से।

[07:09:56] सूफी आंदोलन में एक था कि भाई एक ही ईश्वर

[07:09:59] है और उन्हीं का ही वह करो और एक माहौल

[07:10:04] अच्छा से बनाकर रखो। इससे भी इंपैक्ट

[07:10:06] पड़ा। अब भारतीय और हिंदू धर्म में कुछ

[07:10:09] ऐसी कुरीतियां थी जो हमारे समाज को खोखली

[07:10:13] कर रही थी। जैसे बाल विवाह जैसे सती

[07:10:18] प्रथा, पर्दा प्रथा ये सब कुछ ऐसी चीजें

[07:10:22] थी जिससे समाज पिछड़ रहा था।

[07:10:26] इससे समाज पिछड़ रहा था। यहां महिलाओं को

[07:10:30] राइट्स ही नहीं था। महिलाओं को इतना कम

[07:10:33] वैल्यू

[07:10:34] देखो समाज में पुरुष और महिला दो पहिए

[07:10:38] होते हैं।

[07:10:40] और अगर आप इस दोनों पहियों को लेकर अगर

[07:10:42] अच्छा से चलिएगा समाज में तब समाज आगे

[07:10:45] बढ़ेगा। एक पहिए से कुछ नहीं होने वाला

[07:10:48] है। और यह भी देखा गया जिसज समाज में

[07:10:51] दोनों पहिया चल रहा है वो समाज आगे की ओर

[07:10:55] बढ़ रहा है।

[07:10:59] वो समाज आगे की ओर बढ़ रहा है। ये आपको भी

[07:11:01] पता है।

[07:11:03] यह आपको भी पता है।

[07:11:06] तो जी हां कुरतियों को समाप्त करना। तो

[07:11:08] इसमें जो बहुत सारे लीडर आएंगे आपको राजा

[07:11:12] राममोहन राय आएंगे। आपको विवेकानंद आएंगे।

[07:11:14] दयानंद सरस्व सती आएंगे। कुछ मुस्लिम

[07:11:16] सुधार आपको आएंगे। कई सारे आएंगे। इवन कुछ

[07:11:20] अंग्रेजों के द्वारा नियम लाए गए। यहां से

[07:11:25] आपके दिमाग में प्रश्न आ रहा होगा सर यहां

[07:11:26] से क्वेश्चंस होता है क्या? बहुत होता है

[07:11:28] भाई।

[07:11:30] यहां से क्वेश्चंस बहुत होते हैं। आप लोग

[07:11:32] के लिए वीवीवीआई टॉपिक होता है। सामाजिक

[07:11:34] धार्मिक सुधार आंदोलन। तो सबसे पहले हम

[07:11:36] लोग राजा राय मैं फिर से कह रहा हूं इसके

[07:11:38] इंग्लिश में मिल जाएगा ग्रुप में। ठीक है?

[07:11:40] इसको भी फॉलो कर लीजिएगा। Telegram भी

[07:11:42] फॉलो कर लीजिएगा मेरे।

[07:12:00] राजा राममोहन राय इनकी कई सारे उपाधियां

[07:12:03] थी। बहुत सारे इनके टाइटल्स थे। राजा

[07:12:07] राममोहन राय के बहुत सारे टाइटल्स थे।

[07:12:10] क्या-क्या टाइटल्स थे भाई? तो, सबसे पहले

[07:12:12] इनको नवजागरण का अग्रदूत कहते थे। भारतीय

[07:12:15] पुनर्जागरण का पिता कहते थे। अतीत और

[07:12:17] भविष्य के मध्य सेतु कहते थे। भारतीय

[07:12:20] राष्ट्रवाद का जनक कहते थे। सुधार आंदोलन

[07:12:23] के प्रवर्तक 9 दिन का प्रातः अह तारा

[07:12:26] भारतीय पत्रकारिता के अध अग्रदूत।

[07:12:30] प्रातः तारा यहां पर होगा।

[07:12:33] ठीक है? और भारतीय पत्रिका के अग्रदूत।

[07:12:37] तो यह सब तो इनके उपनाम थे, टाइटल थे।

[07:12:42] रीजन इसके पीछे यह था कि यह जो है

[07:12:46] पश्चिमी सभ्यता को भारतीय से जोड़ने का

[07:12:49] प्रयास

[07:12:52] इनका कहना है

[07:12:54] कुछ चीजें अगर पश्चिमी सभ्यता में अच्छी

[07:12:57] हैं तो क्यों ना उसको अडॉप किया जाए।

[07:13:00] कुछ चीजें अगर पश्चिमी सभ्यता में अच्छी

[07:13:03] हैं तो क्यों ना उसको अडॉप किया जाए।

[07:13:08] बात तो सही है। तो अडॉप किए किया जाए तो

[07:13:11] अडॉप करें और यह नहीं कह रही है। कई लोग

[07:13:14] इसको गलत तरीके से लेते हैं। यह नहीं कह

[07:13:16] रहे हैं कि अंग्रेज बन जाओ। यह कहते हैं

[07:13:19] कि भाई उसके अच्छे चीजों को तो आप सीख

[07:13:21] सकते हैं ना।

[07:13:24] उसके अच्छे चीजों को तो आप सीख सकते हैं।

[07:13:26] इसमें तो कोई दो राय नहीं है।

[07:13:33] है कि नहीं? और यही कारण था कि आपको इनको

[07:13:38] पश्चिमी और अतीत मतलब पश्चिम पूर्वी का

[07:13:40] बिंदु भी कहा जाता है। अतीत बिंदु या इनको

[07:13:43] कहा जाता है अतीत और भविष्य का मध्य सेतु।

[07:13:45] इनका जन्म हुआ था राधानगर गांव पश्चिम

[07:13:48] बंगाल में। 1803 में यह क्लर्क के पद पर

[07:13:51] नियुक्त थे। इनकी पहली फारसी भाषा में एक

[07:13:53] बुक आई थी जिसका नाम था तोफत उल मुहद्दीन।

[07:13:58] ध्यान रखिएगा बीपीएससी ने पूछ रखा है कि

[07:14:00] यह किस भाषा में था? फारसी ऑप्शन में

[07:14:03] तुर्की होगा, फारसी होगा, उर्दू होगा। तो

[07:14:06] ध्यान रखिएगा यह आई थी फारसी में।

[07:14:11] इसके बाद 14 से 15 आत्मीय सभा की स्थापना

[07:14:13] करते हैं। कोलकाता यूनिटेरियन कमेट की

[07:14:18] स्थापना करते हैं।

[07:14:21] और 1820 में प्रिसेप्स और जीसस नामक बुक

[07:14:23] भी लिखते हैं। कई सारे आपको यहां पर इनके

[07:14:27] ये रहा। इसके और कौन-कौन सी उपाधि है?

[07:14:30] जैसे ये बहुत इंपॉर्टेंट है 1820 का 28 का

[07:14:33] ब्रह्म समाज की स्थापना हिंदू धर्म में

[07:14:35] सुधार लाना।

[07:14:37] सुधार का मतलब यह हुआ कि महिलाओं को

[07:14:39] पढ़ाने की बात, भेदभाव खत्म करने की बात,

[07:14:45] भेदभाव खत्म करने की बात, महिलाओं को

[07:14:48] पढ़ाने की बात,

[07:14:53] जो बहुत सारे रिचुअल्स हैं उसको खत्म करने

[07:14:55] की बात। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:15:00] इन्होंने डेविड हेयर के साथ मिलकर एक

[07:15:02] हिंदू कॉलेज की स्थापना की। डेविड हेयर के

[07:15:06] साथ मिलकर हिंदू कॉलेज की स्थापना की।

[07:15:08] 1825 में वेदांत कॉलेज की स्थापना की। पति

[07:15:11] प्रथा के विरोध में संवाद कुमुदी नामक एक

[07:15:14] इन्होंने पत्रिका यह बीवीआई है। ध्यान

[07:15:16] रखिएगा।

[07:15:18] 1827 में इन्होंने जरी एक्ट का विरोध

[07:15:20] किया। यह एक्ट एक्चुअली आया था। यह

[07:15:22] क्वेश्चन पीवाईक्यू है बीपीएससी का। यह

[07:15:25] एक्ट आया था। इसमें था कि हिंदू मुस्लिमों

[07:15:27] के बीच

[07:15:29] और भी ज्यादा डिस्प्यूट हो जाएगा।

[07:15:33] तो यह आपको एक्ट आया था जिसके कारण से

[07:15:35] आपको भाषाई आधार पर दोनों के बीच

[07:15:38] डिस्प्यूट ना हो तो इन्होंने इसको विरोध

[07:15:40] किया था। जरी एक्ट का विरोध किया था। इस

[07:15:42] चीज को ध्यान रखिएगा। राजा राममोहन राय ने

[07:15:45] बांग्ला व्याकरण की रचना की। ये बहुत

[07:15:48] टैलेंटेड है। मल्टी आप बहुत सारा लैंग्वेज

[07:15:50] को जानते थे। ये बांग्ला भाषा को पुस्तक

[07:15:53] लिखा। फारसी भाषा मिररातुल अखबार को

[07:15:56] प्रकाशित किया। ब्रोमनिकल मैगजीन निकाला

[07:15:59] इंग्लिश में और अकबर द्वितीय वाला तो

[07:16:02] मैंने बताया ही था और 1833 में ब्रिस्टर

[07:16:04] में इनकी मृत्यु हो गई। इनको एक क्रेडिट

[07:16:07] जाता है वो है

[07:16:13] सती प्रथा समाप्त करने का क्रेडिट।

[07:16:32] इनके प्रयास से सती प्रथा समाप्त हुआ। कहा

[07:16:36] जाता है कि सती प्रथा था। लेकिन जब इनके

[07:16:38] घर में खुद इनके भाभी के साथ चीजें होने

[07:16:41] लगी।

[07:16:50] भाभी के साथ जब इनके हुआ सती करने की बात

[07:16:52] आई और माइंड वाश कर दिया गया था।

[07:16:56] भाभी को तो इनको आधा जल भी गई थी। फिर

[07:16:59] उनको पकड़कर वह कर दिया गया। बड़ा खराब

[07:17:01] मतलब एक स्टोरी है।

[07:17:04] तो इन्होंने ठान लिया था कि भाई सती प्रथा

[07:17:06] का तो अंत होना ही चाहिए।

[07:17:09] भाई हस्बैंड मर रहा है तो औरत को भी मरना

[07:17:12] चाहिए। कहां का नहीं आए भाई? वो मर गया तो

[07:17:14] ये भी मर जाए। वो भी जलकर।

[07:17:17] सोचिए क्या-क्या रिचुअल्स थे हमारे यहां।

[07:17:20] कुछ भी था

[07:17:24] और लोग इसको सपोर्ट करते थे। ना एकदम सही

[07:17:28] था। लोग इसको सपोर्ट कर रहे थे।

[07:17:33] हद था बट इनके प्रयास से आपको खत्म।

[07:17:36] ब्रह्म समाज क्या था? ब्रह्म समाज समझिए

[07:17:38] यही था जिसमें कई सारे कार्यों को करने की

[07:17:41] बात की गई जिसमें आपको कर्मकांड कम करो।

[07:17:43] कर्मकांड का मतलब सिंपल सा होता है

[07:17:48] कि जो रिचुअल्स हैं उसको समाप्त किया जाए।

[07:17:52] इसका सिंपल सा मतलब होता है। जैसे

[07:17:55] ब्राह्मण ही क्यों करें पूजा

[07:18:01] और इतने सारे रिचुअल्स किसने बनाया तंत्र

[07:18:03] मंत्र बलि तली ये सब किसने बनाया मैं नहीं

[07:18:07] कह रहा हूं राजा राममोहन राय कर रहे थे

[07:18:09] उन्होंने कहा कि ये सब करो हल्के-फुल्का

[07:18:11] करो वेदांग को मानते थे वेदों को नहीं

[07:18:12] मानते थे ईश्वर को नहीं मानते थे

[07:18:14] एकेश्वरवाद की बात करते थे एक ही ईश्वर है

[07:18:19] इनके बाद कुछ समय के लिए संचालन किया

[07:18:21] रामचंद्र बागीशल ने कि इनकी भी मृत्यु हो

[07:18:23] गई कुछ दिन 1833 में जिस समय उनका हुआ था।

[07:18:26] उसके बाद द्वारिकानाथ टैगोर चलाते हैं और

[07:18:28] बाद में चलाते हैं देवेंद्र नाथ टैगोर।

[07:18:31] लेकिन इसको फेमस करने का श्रेय किसको जाता

[07:18:34] है? तो ब्रह्म समाज

[07:18:43] को प्रसिद्ध करने का श्रेय

[07:19:04] केशव चंद्रसेन को जाता है।

[07:19:18] ब्रह्म समाज को प्रसिद्ध करने का श्रेय

[07:19:20] केशव चंद्र सेन को जाता है।

[07:19:24] ध्यान रखिएगा

[07:19:26] केशव आज जो ब्रह्म समाज हर जगह फैला हुआ

[07:19:29] था ना चाहे वो दक्षिण हो उत्तर हो एक ही

[07:19:31] व्यक्ति को क्रेडिट जाता है वो है केशव

[07:19:33] चंद्र सेन। ठीक है? ध्यान रखिएगा। तो केशव

[07:19:36] चंद्र सेन जो है थोड़े से नहीं होता है

[07:19:39] उदारवादी विचार के थे। उनका कहना था कि

[07:19:42] भाई समय के साथ चीजें चेंज होनी चाहिए।

[07:19:45] समय के साथ चीजें अरे भाई एक एक घंटा में

[07:19:49] अगर एक ऐड ही आ रहा है तो क्या होगा मुंह

[07:19:52] तो ऐसे बनाता है ना सब लग रहा है कि कितना

[07:19:54] मतलब गलत हो गया

[07:19:57] चलो

[07:20:00] केशव चंद्र सेन को जाता है क्रेडिट वो

[07:20:02] थोड़ा सा उदारवादी विचार के थे थोड़ा सा

[07:20:04] चेंजेस करते रहते थे इनका देवेंद्र नाथ

[07:20:07] टैगोर के साथ थोड़ा सा बगझग हो गया थाकि

[07:20:10] देवेंद्र नाथ टैगोर इसको चलाना चाहते थे

[07:20:12] राजा राममोहन राय की तरह तो बट चल नहीं

[07:20:14] पाया उस तरीके तरीके से तो थोड़ा सा

[07:20:15] डिस्प्यूट आपको यहां पर चीजें हो गई। केशव

[07:20:18] चंद्र सेन ने एक नया आपको ब्रह्म समाज

[07:20:20] बनाया जिसको आदि ब्रह्म समाज कहा गया और

[07:20:22] आदि ब्रह्म समाज ही आगे जाकर भारतीय

[07:20:23] ब्रह्म समाज कहलाया। इनके ही प्रयास से एक

[07:20:26] ब्रह्म विवाद एक्ट पारित हुआ था। 1872 में

[07:20:30] विवाह को लेकर था। बाल विवाह को लेकर था।

[07:20:33] ठीक है? ध्यान रखना है।

[07:20:36] 1872 में केशव चंद्र के सेन के समय ही

[07:20:38] आपको एक आया था ब्रह्म विवाह एक्ट तो

[07:20:42] वीवीआई है।

[07:20:46] एक समस्या आई अगर मान लीजिए कि मैं आपको

[07:20:49] बोलते रहूं बहुत सारे प्रवचन देते रहूं अब

[07:20:52] बाद में पता चला कि मैं ही वह काम कर रहा

[07:20:54] हूं तो आप कहिएगा ना वाह सर हम लोग को तो

[07:20:57] प्रवचन दे रहे थे मान लो कि आप लोग को

[07:20:59] प्रवचन दे रहा हूं कि नॉनवेज नहीं खाना

[07:21:01] चाहिए नहीं खाना चाहिए अब आप मुझे देखे

[07:21:03] किसी रेस्टोरेंट में बैठकर टंगड़ी तोड़

[07:21:04] रहा हूं कहिएगा ना कि वाह सर वाह देख लिए

[07:21:09] तो आप लोग मेरे फॉलोअ होइएगा नहीं छोड़

[07:21:10] दीजिएगा कि बड़ा झूठ आदमी बोल वही चीज

[07:21:13] इनके साथ

[07:21:15] बात तो यह कर रहे थे कि

[07:21:20] बाल विवाह नहीं करना चाहिए। यह नहीं करना

[07:21:22] चाहिए, वो नहीं करना चाहिए।

[07:21:25] बाद में यही खुद ही वह हो गया। बाद में

[07:21:29] इन्होंने अपनी बेटी

[07:21:31] 12 वर्षीय बेटी का विवाह पूछ विहार के

[07:21:35] राजा के साथ तय करवा दिया। वैदिक रीति

[07:21:38] रिवाज से करवा दिया।

[07:21:41] जिसका यह लोग विरोध कर रहे थे वही काम इन

[07:21:43] लोगों ने कर दिया।

[07:21:47] जैसे ही हुआ फूट आ गई क्योंकि एक बार आप

[07:21:51] यहां बात कर रहे हैं और यहां पर खुद ही

[07:21:53] अपने बेटी का भी वैदिक रीति रिवाज से कर

[07:21:55] लिए। यह कहां का न्याय है? और शिवनाथ

[07:22:00] शास्त्री और आनंद मोहन बोस 1878 में

[07:22:04] साधारण ब्रह्म समाज करते हैं।

[07:22:08] ठीक है? ये ध्यान रखिएगा कि ब्रह्म समाज

[07:22:10] पहला मिशनरी आंदोलन था और केशव चंद्रसेन

[07:22:12] पहले मिशनरी थे। मिशनरी का मतलब कि धर्म

[07:22:14] के प्रसार करने के लिए भटकना। भटकना मतलब

[07:22:17] कि इधर-उधर घूमना।

[07:22:20] ठीक है?

[07:22:24] तो इस प्रकार से आपको यहां पर

[07:22:32] नहीं कहेंगे। मैं वेजिटेरियन नहीं हूं

[07:22:34] भाई। यह किसने कहा आप लोग को? चलिए।

[07:22:38] सर चेहरते हुए

[07:22:41] अब आते हैं वैदिक समाज कुछ नहीं है बस

[07:22:44] श्रीधरल नायडू के द्वारा हुआ था मद्रास

[07:22:46] में था और दक्षिण भारत का ब्रह्म समाज

[07:22:48] कहते हैं। इसमें राजगोपाल चारू श्री

[07:22:50] सुब्रमण्यम सेठी सुब्रमबल सेठी और

[07:22:54] विश्वनाथ मुदलियार जी के द्वारा था। यह बस

[07:22:56] बहुत इंपॉर्टेंट नहीं है। महाराष्ट्र में

[07:22:58] धर्म सुधार में दो-तीन नाम को बस ध्यान

[07:23:00] रखिएगा। दो चार फैक्ट यहां से इंपॉर्टेंट

[07:23:02] है आप लोग को महाराष्ट्र का वो है जगन्नाथ

[07:23:06] शंकर स बाल शास्त्री विष्णु शास्त्री

[07:23:08] कृष्ण आपको पलांडुकर बाल शास्त्री ने

[07:23:12] ध्यान रखिएगा एक बंबई दर्पण नामक मैगजीन

[07:23:14] निकाला था और दिगदर्शन नामक मैगजीन निकाला

[07:23:16] था विष्णु शास्त्री ने वीडो के लिए काफी

[07:23:20] काम किया था

[07:23:22] विष्णु शास्त्री ने वीडो के लिए काफी काम

[07:23:24] किया था

[07:23:46] ठीक है ध्यान रखना

[07:23:50] चलिए यस [गला साफ़ करने की आवाज़]

[07:23:51] विष्णु शास्त्री का थोड़ा सा वीडियो के

[07:23:53] लिए काफी काम किए थे

[07:23:56] एक परमहंस मंडली आप लोग को पता है परमहंस

[07:23:59] मंडली तो यह भी क्या बात यह भी केशववाद

[07:24:01] विश्व बंधुत्व की बात करता है और हमारे

[07:24:03] जितने पुराने रिचुअल्स थे ना सबको समाप्त

[07:24:06] करने की बात करता है। कहता है कि

[07:24:13] कह रहा है कि यह सही नहीं है।

[07:24:16] इतने रिचुअल्स ये सब फालतू हैं।

[07:24:18] ब्राह्मणों का दिया हुआ है। यही सब कर कर

[07:24:20] तो इन्होंने आत्माराम पांडुरंग, बालकृष्ण

[07:24:22] जयकर और दादोभा पांडुरंग इन सभी ने मिलकर

[07:24:26] क्या किया? परमहंस मंडली जो है उसकी

[07:24:29] स्थापना करते हैं और इसी पर काम करते हैं।

[07:24:31] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:24:33] इनसे एक ही क्वेश्चन पूछता है गोपाल हरि

[07:24:37] देशमुख से वो है लोकहितवादी।

[07:24:40] इसको लोक हितवादी कहते हैं।

[07:24:44] ठीक है?

[07:24:48] तो लोकहितवादी इन्हीं को ही कहते हैं।

[07:24:50] गोपाल हरि देशमुख।

[07:24:52] महाराष्ट्र के धर्म सुधारक थे। समाज

[07:24:55] सुधारक थे। गीता तत्व और सुभाषित नामक

[07:24:59] इन्होंने पत्रिका लिखा था। ध्यान रखना है।

[07:25:03] प्रार्थना समास थोड़ा सा इंपॉर्टेंट है।

[07:25:08] 1867 मुंबई में इसमें भी आत्माराम

[07:25:11] पांडुरंग की भूमिका थी। लेकिन रानाडे जो

[07:25:14] है

[07:25:16] सॉरी रानाडे जो प्रवेश करते हैं ना

[07:25:20] हां जी। अभी सही है। रानाडे जब प्रवेश

[07:25:23] करते हैं तब यह जाकर थोड़ा सा फेमस होता

[07:25:25] है। ठीक है? प्रार्थना समाज आल्सो वेरी

[07:25:30] वेरी वेरी इंपॉर्टेंट। इन लोग भी वही काम

[07:25:33] किए थे। महिलाओं को लेकर, जाति प्रथा को

[07:25:35] ठीक करने के लिए यही सब काम किए थे। इसके

[07:25:38] बाद 1891 में बीडो रिमरिज एसोसिएशन की

[07:25:41] स्थापना गोविंद राडे खुद ही करते हैं।

[07:25:45] महाराष्ट्र में यह खुद काम करते हैं। काफी

[07:25:47] गोविंद राडे इनकी वाइफ सब यह लोग इसके लिए

[07:25:49] काम किए। डी के कर्व ने वीडियो वीडो होम

[07:25:52] की स्थापना की और डी के कर्व के द्वारा

[07:25:55] मुंबई में

[07:25:57] भारतीय महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की

[07:25:59] गई। तो परंतु इसका वास्तविक स्थापना हुई

[07:26:02] थी 1916। ये दोनों क्वेश्चन आता है। इसकी

[07:26:05] वास्तविक स्थापना कब हुई?

[07:26:10] इसकी वास्तविक स्थापना कब हुई? यह

[07:26:12] क्वेश्चन आता है। तो भारतीय महिला

[07:26:14] विश्वविद्यालय की स्थापना एक अनऑफिशियल

[07:26:16] तरीके से कर दिया गया था आपको 1906 में।

[07:26:19] परंतु 1916 में वास्तविक तो दोनों ऑप्शन

[07:26:21] है तो क्या मारिएगा? यह यह मारना है। यह

[07:26:25] नहीं मारना है। यह मारना है। ठीक है?

[07:26:27] ध्यान रखना है।

[07:26:31] अब आते हैं दयानंद सरस्वती।

[07:26:36] दयानंद सरस्वती से कुछ चीजें हैं।

[07:26:43] सबसे पहले इनका नाम पूछता है कि इनका

[07:26:46] ओरिजिनल नाम क्या था? यह था। तो ध्यान

[07:26:48] रखिएगा इनका ओरिजिनल नाम था मूलशंकर

[07:26:51] मौरवी जिला गुजरात के थे स्वामी पूर्वानंद

[07:26:54] ने इनका नाम दयानंद सरस्वती रखा था इनके

[07:26:56] गुरु थे गुरु बिरजानंद

[07:27:00] पाखंड पगंगग्नि प्रथा का इनका भी वही कहना

[07:27:02] था मूर्ति पूजा के विरोधी थे कर्मकांड के

[07:27:07] विरोधी थे इनका भी यही कहना था कि भाई जो

[07:27:10] ब्राह्मणों ने इतना रूल्स लाए हैं वो कहां

[07:27:13] से लाए अरे खुद ही लिखा होगा ना यह लोग

[07:27:17] इनका कहना था कि यह जो रूल्स रूल्स लिखा

[07:27:20] हुआ दिख रहा है यह कौन लिखा है? इन्होंने

[07:27:24] ही लिखा होगा।

[07:27:26] और यही कारण था दयानंद सरस्वती कहते हैं

[07:27:30] कि एक ऋग वैदिक समाज था यानी वैदिक समाज

[07:27:34] जहां पर महिलाएं स्वतंत्र हैं।

[07:27:39] महिलाएं अपना वर भी चुन सकती हैं। महिलाओं

[07:27:42] को पढ़ने का अधिकार सबको पढ़ने का अधिकार

[07:27:44] है। ओपन समाज है। कोई रिस्ट्रिक्शंस नहीं।

[07:27:49] तो भाई 1875 से अच्छा समाज तो वेदों का

[07:27:52] समाज था। इसलिए इन्होंने एक नारा दिया

[07:27:54] वेदों की ओर लौटो।

[07:27:57] नारा क्या दिया इन्होंने? वेदों की ओर

[07:28:00] लौटो। फेमस नारा था।

[07:28:02] वेदों की ओर लौटो का मतलब क्या हुआ? वैदिक

[07:28:05] समाज की ओर लौटो।

[07:28:08] और वैदिक समाज के मतलब क्या हुआ? कि सभी

[07:28:11] को पढ़ने का अधिकार जीने का अधिकार दो।

[07:28:21] वैद्य वेदों की ओर लौटो का मतलब क्या हुआ?

[07:28:25] वेदों की ओर लौटो का मतलब हुआ

[07:28:29] कि उस समय जो भी प्रथाएं चल रही थी

[07:28:34] वो सभी जो है

[07:28:37] फिर से लागू मतलब महिलाओं को सब अधिकार

[07:28:38] मिले। कोई कर्मकांड नहीं क्योंकि याद होगा

[07:28:40] आप लोग ने ऋग वैदिक काल पढ़ा था। हम लोग

[07:28:43] ने पढ़ा है ना कोई कर्मकांड नहीं नॉर्मल

[07:28:45] पढ़ाई होता था। महिलाओं को स्वतंत्रता थी।

[07:28:49] है ना? कर्म के आधार पर जाति यानी उसका

[07:28:52] बंटवारा होता था। बहुत सारे इस तरीके के

[07:28:55] वो नहीं था। तो इन्होंने कहा इससे अच्छा

[07:28:57] तो हमारा समाज वेदों वैदिक काल में था। तो

[07:28:59] वैदिक काल अच्छा समाज था। इसलिए इन्होंने

[07:29:01] इस बात को बोला कि भाई वेदों की ओर लौटो।

[07:29:05] वर्ण व्यवस्था का समर्थन किया लेकिन कर्म

[07:29:07] आधारित ये लोग बात करते थे कि कर्म आधारित

[07:29:09] वर्ण व्यवस्था अच्छा है। ये ये देखिए दो

[07:29:11] तीन चीजों में पहले व्यक्ति थे जिसने

[07:29:14] हिंदी को प्रमोट किया।

[07:29:16] इनका कहना है कि यार आप लोग राष्ट्रवाद

[07:29:19] राष्ट्रवाद की बात करते हैं। कोई ऐसा

[07:29:24] भाषा भी नहीं है कि जिससे आप लोग एकजुट

[07:29:25] हो। इन्होंने कहा कि क्यों ना हिंदी को आप

[07:29:30] लोग राष्ट्रभाषा बनाएं और इसके लिए

[07:29:31] उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश पुस्तक भी लिखा।

[07:29:35] इसके अलावा पहले व्यक्ति हैं। जिन्होंने

[07:29:39] भारत भारतीयों का नारा दिया।

[07:29:42] यह पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने कहा भारत

[07:29:47] भारतीयों का है।

[07:29:51] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:29:54] इन्होंने कहा भारत

[07:29:57] इनका नारा था भारत भारतीयों का।

[07:30:07] इसके बाद इन्होंने कहा स्वशासन से अच्छा

[07:30:11] कुछ नहीं।

[07:30:20] मतलब

[07:30:22] कि विदेशी शासन कितना भी अच्छा हो खुद के

[07:30:26] शासन से अच्छा नहीं हो सकता।

[07:30:29] विदेशी शासन कितना भी अच्छा हो खुद के

[07:30:34] शासन से अच्छा नहीं हो सकता। ठीक है?

[07:30:37] ध्यान रखिएगा। गौ रक्षा समिति बनाई। हिंदी

[07:30:40] में सत्यार्थ प्रकाश लिखा। 30 अक्टूबर

[07:30:43] 1883 को इनकी मृत्यु हो गई। आर्य समाज का

[07:30:47] इन्होंने निर्माण किया। और आर्य समाज कब

[07:30:49] बनाया?

[07:30:51] आर्य समाज

[07:30:54] 1875 में।

[07:30:59] ध्यान रखिएगा।

[07:31:01] उसके बाद जाकर डिस्प्यूट होता है कि लाला

[07:31:03] हंसराज ने क्या किया? आगे जाकर आर्य समाज

[07:31:05] को लाहौर में दयानंद एंग्लो वैदिक जिसको

[07:31:06] आप डीए भी कहते हैं उसकी स्थापना करते

[07:31:09] हैं। और स्वामी श्रद्धानंद मुंशीराम जी के

[07:31:12] द्वारा गुरुकुल विश्वविद्यालय के दोनों का

[07:31:14] एक ही लक्ष्य था आर्य समाज की स्थापना

[07:31:17] करना। मतलब आर्य समाज को प्रमोट करना। अब

[07:31:22] लाला हंसराज इसको इंग्लिश के माध्यम से

[07:31:24] प्रमोट कर रहे थे और स्वामी श्रद्धानंद

[07:31:26] इसको अपने लोकल लैंग्वेज में प्रमोट कर

[07:31:29] रहे थे। आर्य समाज का सिंपल सा मतलब होता

[07:31:31] है कोई बहुत ज्यादा रूल्स रेगुलेशन नहीं

[07:31:33] मूर्ति पूजा का विरोध करना वेदों पे वो

[07:31:35] नहीं करना। ये सब चीजों की बात करते हैं।

[07:31:38] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:31:42] वैलेंटाइन सिरोल ने इनको कहा भैया कि यह

[07:31:45] भारतीय अशांति का जनक है। रीजन रीजन इसके

[07:31:48] पीछे यह है कि इन पर भी थोड़ा सा

[07:31:51] संंप्रदायिकता के वो लगे थे। इन पर भी

[07:31:55] सांप्रदायिकता के थोड़ा सा यह लगाया गया

[07:31:58] था। ये एक्चुअली करते-करते थोड़ा ज्यादा

[07:32:00] ही हिंदू करते-करते दूसरे धर्म को थोड़ा

[07:32:02] सा ये टारगेट कर देते थे। है ना? ध्यान

[07:32:04] रखिएगा।

[07:32:10] स्वामी विवेकानंद। अब आते हैं इनका जन्म

[07:32:13] भी पश्चिम बंगाल में 1800 आपको 62 में

[07:32:17] हुआ। इनके बचपन का नाम था नरेंद्रनाथ

[07:32:19] दत्त। इनके गुरु थे रामकृष्ण परमहंस और

[07:32:23] इनके बचपन मतलब इनके गुरु के बचपन का नाम

[07:32:26] था गदाधर चट्टोपति।

[07:32:28] परमहंस से पहली बार काली मंदिर। ये काली

[07:32:31] मंदिर के बहुत बड़े पुजारी थे। काली मंदिर

[07:32:34] के बहुत बड़े पुजारी थे। हां दयानंद

[07:32:36] सरस्वती और बाल गंगाधर तिलक दोनों को

[07:32:39] भारतीय अशांति का जनक कहा गया।

[07:32:50] क्लियर ध्यान रखिएगा।

[07:32:52] काली मंदिर के पुजारी दक्षिणेश्वर संत के

[07:32:56] नाम से प्रसिद्ध थे। विवेकानंद को थोड़ी

[07:32:59] सी प्रसिद्धि मिली। ये पहले से देखो

[07:33:02] टैलेंटेड था।

[07:33:05] टैलेंटेड थे, ज्ञानी थे, वक्ता बहुत अच्छा

[07:33:07] थे यह

[07:33:10] और रामकृष्ण परमहंस जी के अच्छे शिष्य बन

[07:33:14] गए थे। नरेंद्रनाथ दत्त यानी विवेकानंद को

[07:33:18] पहली प्रसिद्धि मिलती है 1893 में जब

[07:33:21] शिकागो यानी यूएसए में विश्व का पहला धर्म

[07:33:25] सम्मेलन।

[07:33:27] विश्व का पहला धर्म सम्मेलन हुआ।

[07:33:31] कहा जाता है कि शिकागो जाने से पहले ही

[07:33:34] इनका जो नामकरण है खेतड़ी के राजा के

[07:33:36] द्वारा कर दिया जाता है विवेकानंद।

[07:33:39] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:33:41] पश्चिमी देशों में इनको बहुत लोग प्रभावित

[07:33:43] हुए। सबको पहले क्या लगता था ना कि ये लोग

[07:33:46] साधुधु हैं। तंत्रमंत्र करते हैं। हां

[07:33:49] विवेकानंद स्मोक करते थे। बिल्कुल।

[07:33:52] तंत्र मंत्र करते हैं। और यह जब इनका

[07:33:55] ज्ञान सुने ना तो सबको आश्चर्य हो गया कि

[07:33:57] अरे भाई गजब आदमी है भाई। टैलेंटेड है।

[07:34:01] टैलेंटेड है। मल्टी टैलेंटेड आदमी हैं यह

[07:34:03] लोग। तो यहीं से आपको इनकी ख्याति दूर-दूर

[07:34:06] तक होने लगी। इसके बाद पेरिस में होता है

[07:34:08] दूसरा। पेरिस में होता है फिर धार्मिक

[07:34:10] सम्मेलन। वहां भी जाते हैं और बहुत

[07:34:12] प्रसिद्ध हो गए। मतलब इनकी वाणियां बहुत

[07:34:14] प्रसिद्ध हो गई। यूथ आइकॉन बन गए ये।

[07:34:16] युवाओं के बहुत प्रिय बन गए। मोटिवेशन के

[07:34:18] किंग बन गए। काफी मोटिवेट करते थे। और

[07:34:21] थोड़ा सा ये जो बातें करते थे प्रैक्टिकल

[07:34:23] बातें करते थे।

[07:34:25] इनका सिंपल सा कहना है कि देश उसी समय आगे

[07:34:29] बढ़ेगा

[07:34:34] जब युवा या भारतीय लोग एक्टिव रहेंगे।

[07:34:38] इनका कहना था कि हम उस हर भारतीय को मैं

[07:34:45] हर भारतीय को

[07:34:48] दोषी ठहराता हूं। अगर उन्हें यह पता है कि

[07:34:50] उनका पड़ोसी भूखा है और उन्होंने उनको

[07:34:53] भूखा सोने दिया। कहीं का सिंपल सा कहने का

[07:34:56] मतलब यह था कि अगर आप कैपेबल हैं तो आप

[07:34:59] थोड़ा सा हेल्प कीजिए। अगर आप कैपेबल हैं

[07:35:02] तो आप थोड़ा सा हेल्प कीजिए।

[07:35:04] 1899 में अल्मोड़ा जिले में मायावती नाम

[07:35:07] से इन्होंने एक मठ की स्थापना की। यह भी

[07:35:10] मूर्ति पूजा, बहुदेववाद आदि के समर्थन

[07:35:12] किया। इन्होंने तो मूर्ति पूजा पे अलग

[07:35:14] तरीके से बात की। भगवान पे भी अलग तरीके

[07:35:17] से बात की। इनका कहना था कि

[07:35:20] भाई हमारे पास तो अच्छा है ना कि हमारे

[07:35:21] पास ऑप्शन बहुत है। कई भगवानों के ऑप्शन

[07:35:23] है हमारे पास। तो यह तो मेरे लिए अच्छी

[07:35:26] बात है कि मेरे पास कई ऑप्शन है ऐसे। आपके

[07:35:29] लिए ऑप्शन एक ही है।

[07:35:32] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:35:35] 1897 में इन्होंने रामकृष्ण मठ यानी

[07:35:37] कोलकाता में एक जगह है आपको बिठूर। वहीं

[07:35:40] पर आपको इन्होंने इसकी स्थापना की। स्वामी

[07:35:43] विवेकानंद को नौ हिंदू जागरण का संस्थापक

[07:35:45] भी कहते हैं। आरिस महिला मार्गेट नोवेल

[07:35:48] जिसको सिस्टर निवेदिता का इनके उपदेशों से

[07:35:51] काफी था और 2000 में भी 1900 में भी

[07:35:53] इन्होंने पेरिस में सम्मेलन में भाग लिया

[07:35:56] था।

[07:35:58] थियोसोफिकल सोसाइटी में देख लीजिए

[07:36:00] न्यूयॉर्क की रूसी महिला थी मैडम

[07:36:03] लावस्तिकी इनके द्वारा शुरू किया गया था।

[07:36:06] इनके साथ है कर्नल अलकॉट।

[07:36:08] जियोसोफिकल सोसाइटी में टारगेट क्या था?

[07:36:11] इन लोगों का था कि जो भी धर्म उपदेश इस सब

[07:36:14] की बातें हैं उसको पॉजिटिव वे में लोगों

[07:36:17] तक पहुंचाना मोटिवेट करना मानवता की बातें

[07:36:21] करना

[07:36:23] ठीक है किसकी बातें करना मानवता की बातें

[07:36:25] करना

[07:36:29] प्रैक्टिकल बातें करना अंधविश्वास से दूर

[07:36:32] करना यही थियोसोफिकल सोसाइटी का आपको

[07:36:34] लक्ष्य था तो ये लोग करते क्या थे विश्व

[07:36:36] में जो जो अब धर्म होते थे ना

[07:36:40] ठीक है

[07:36:41] जो जो आपको धर्म होते थे उनमें इसलिए इन

[07:36:45] लोग का इंटरेस्ट थोड़ा सा रहता था हिंदुओं

[07:36:48] में इनके वेदांत वेदों में वेदांत में

[07:36:50] इनका खूब इंटरेस्ट रहता था भारत में इनका

[07:36:53] मतलब जो अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कार्यालय

[07:36:56] बना भारत में वो अयार मद्रास में बना

[07:37:00] 1828

[07:37:01] एनी बेसेंट 18889 में इस सोसायटी की सदस्य

[07:37:05] बनती है और 1893 में यह भारत आती है। खूब

[07:37:09] प्रसार प्रसार किया। यह पुनर्जन्म और कर्म

[07:37:12] के सिद्धांत को स्वीकार करते थे। परंतु

[07:37:13] बाल विवाह जाति विरोध वही सब जो मैंने अभी

[07:37:15] बोला बाल विवाह जाति विरोध शिक्षा पे ये

[07:37:19] लोग काफी काम करते थे। बाल विवाह के एकदम

[07:37:22] विरोधी थे।

[07:37:26] ठीक है?

[07:37:30] एनीबेशन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य रहा

[07:37:32] वाराणसी में जो आप सेंट्रल हिंदू कॉलेज

[07:37:34] बना जिसको आज बीएचयू के नाम से जानते हैं।

[07:37:36] इन्हों के द्वारा ही किया गया। मालवीय जी

[07:37:38] उसके बाद उद्घाटन कर भी करते हैं उस समय

[07:37:40] वहां पर। ठीक है? ध्यान रखिएगा। तो 181

[07:37:43] 1916 में यही आपको बीएचयू बनता है।

[07:37:47] तो ये इनका काम था। क्या बोल रहे हैं आप

[07:37:49] लोग कि सर फट जाएगा भाई। तो यह है

[07:37:52] महामराना। आधा मैं थोड़ी समझूंगा।

[07:38:07] आई अभी तो स्टोरी शुरू हुई है। हालांकि आप

[07:38:10] लोग का मेन पार्ट जो बहुत ज्यादा वाला है

[07:38:12] वह तो बहुत चीज खत्म हो गया है। ठीक है?

[07:38:14] ध्यान रखिएगा।

[07:38:17] प्रमुख तथ्य क्या है? बस यह आपको याद रखना

[07:38:20] होगा। यह

[07:38:27] धर्म सभा राधाकांत देव के द्वारा

[07:38:33] राधाकांत देव ज्यादा हो गया। नहीं

[07:38:40] राधाकांत देव राधा यह ध्यान रखिएगा सती

[07:38:44] प्रथा का समर्थन करते थे ये

[07:38:47] ठीक है आगरा में श्रीदयाल खत्री ने आपको

[07:38:49] राधास्वामी आंदोलन चलाया सेवा सदन बीएम

[07:38:52] मालाबारी द सर्वेंट ऑफ सोसाइटी जिसको भारत

[07:38:56] सेवक संघ कहते हैं रामगोपाल गोपाल कृष्ण

[07:38:58] गोखले जी के द्वारा 1905

[07:39:00] सेवा समिति 1914 इलाहाबाद हृदयनाथ कुंजरू

[07:39:04] जी के द्वारा सेवा समिति हुई थी। बॉयज

[07:39:06] स्काउट एसोसिएशन की स्थापना इलाहाबाद में

[07:39:08] हुई थी। श्री राम वाजपेई जी के द्वारा

[07:39:11] इसको किया गया था। भील सेवा मंडल की

[07:39:13] स्थापना 1922 ठक्कर बापा के द्वारा किया

[07:39:16] गया था। मुंबई में आदिवासियों को जनजातीय

[07:39:18] नाम दिया। सामाजिक सेवा संघ 1921 मुंबई

[07:39:22] नारायण मल्हार जोशी जी के द्वारा जिसको

[07:39:24] एनएम जोशी भी कहते हैं।

[07:39:32] विध समाज देव समाज जिसकी स्थापना 1887 शिव

[07:39:35] नारायण अग्निहोत्री के द्वारा किया गया।

[07:39:37] ये कुछ महत्वपूर्ण मैं आपको इसलिए बता रहा

[07:39:39] हूं क्योंकि यहां से क्वेश्चन पूछे जाते

[07:39:42] हैं।

[07:39:45] यहां से क्वेश्चन पूछे जाते हैं आपको। ठीक

[07:39:48] है? इस चीज को थोड़ा सा अपना रहिएगा।

[07:39:53] अब ये अगेन वीवीआई है ये सब।

[07:39:58] शारदा सदन एक विधवा आश्रम है जिसकी

[07:40:01] स्थापना पंडिता रमाबाई के द्वारा किया गया

[07:40:02] था। 1899 मुंबई में किया गया था। 1800 में

[07:40:06] इसे पुणे ट्रांसफर कर दिया गया।

[07:40:09] ठीक है?

[07:40:12] डेट सही है। मैक्सिमम जगह। कहां गलत है?

[07:40:15] बताओ। मैं ठीक करता हूं।

[07:40:32] श्री नारायण गुरु इनका जन्म केरल में हुआ।

[07:40:34] एजवा परिवार में हुआ। 1854 में हुआ था।

[07:40:36] इनके बचपन का नाम नानू आसन था। इन्होंने

[07:40:39] ही श्री नारायण धर्म परिपालन योगम चलाया।

[07:40:43] इनका नारा था मानव हेतु एक जाति एक धर्म

[07:40:46] और एक ईश्वर

[07:40:55] ठीक है ध्यान रखिएगा

[07:40:59] ईशु मिश्रा कमेंट में एक लिंक पिन है उसको

[07:41:04] क्लिक कीजिए और आप क्या कीजिए एनरोल कर

[07:41:07] लीजिए उस बैच को उड़ान बैच नाम होगा वहीं

[07:41:11] पर पीडीएफ मिलेगा अभी नहीं मिलेगा। अभी तो

[07:41:13] मैं पढ़ा ही रहा हूं। यंग बंग आपको कौन

[07:41:17] था? बंगाल आंदोलन हेनरी विलियम डिरोज़ियो

[07:41:19] के द्वारा किया गया था। इनके अनुवाई

[07:41:20] डिजिया कहलाते थे और नारी शिक्षा और नारी

[07:41:22] अधिकारों को लेकर यह आपको हुआ था। ठीक है?

[07:41:24] ध्यान रखिएगा। पारसी सुधार आंदोलन तो

[07:41:27] धार्मिक और सामाजिक आंदोलन की शुरुआत 1851

[07:41:29] में दादा भाई नैरोजी के द्वारा किया गया

[07:41:32] था। इरफानंदो नौरोजी बंगाली कामा इन सभी

[07:41:35] नेताओं के द्वारा आपको किया गया था।

[07:41:37] रहनुमाई मजदयान सभा का गठन किया गया था।

[07:41:40] इस चीज को ध्यान में रखिएगा।

[07:41:42] दादा भाई नौरोजी ने यहीं पर राष्ट्र

[07:41:44] गुफ्तार आपको नाम से गुजराती पत्रिका

[07:41:46] निकाला।

[07:41:49] सैयद अहमद खान अलीगढ़ मुस्लिम

[07:41:50] विश्वविद्यालय की स्थापना करते हैं 1875

[07:41:53] में। ध्यान रखिएगा। ये थोड़े से आधुनिक

[07:41:56] टाइप के थे। मतलब मॉडर्न थे।

[07:41:59] ये पश्चिमी सभ्यता का सपोर्ट करते थे।

[07:42:10] पश्चिमी सभ्यता का समर्थन करते थे। अब्दुल

[07:42:13] अफसी मुस्लिम पुनर्जागरण का पिता कहते हैं

[07:42:15] इनको। ध्यान रखिएगा मोहम्मदन

[07:42:18] है लिटरेरी सोसाइटी की स्थापना। अहमदिया

[07:42:21] आंदोलन

[07:42:23] इसी को कादियान आंदोलन कहते हैं। अहमदिया

[07:42:26] आंदोलन

[07:42:30] इसी को कादियान आंदोलन कहते क्योंकि यह

[07:42:32] पंजाब के कादियान में हुआ था।

[07:42:35] यह पंजाब के कादियान में हुआ था। मिर्जा

[07:42:38] गुलाम अहमद जी के द्वारा शुरू किया गया

[07:42:40] था। यह भी वही था। शुद्धिकरण आंदोलन था।

[07:42:43] मतलब कहा जा रहा था कि जो इस्लाम में

[07:42:46] गलतियां आ गई हैं अंग्रेजों के कारण से वह

[07:42:49] जो है

[07:42:55] सर जी अब तो आपको हिस्ट्री का नोट्स चाहिए

[07:42:58] जो

[07:43:02] सर जी अब तो आपको हिस्ट्री का नोट्स चाहिए

[07:43:05] मुझे क्यों चाहिए भाई अहमदिया आंदोलन ठीक

[07:43:08] है ध्यान रखिएगा मिर्जा गुलाम अहमद अरे

[07:43:10] अच्छा तो नोट्स बनाए हो तुम कहां से तुम

[07:43:13] लोग को बता दिया गया कि दिल्ली में बहुत

[07:43:16] नोट्स है यह बता रहे कहां से कादियानी यह

[07:43:20] अपने आप को जानते हैं क्या कहने लगे ये

[07:43:22] अपने आप को कहने लगे मसीह उल मौत

[07:43:26] मसीउ उल मौत मतलब

[07:43:29] कि मैं ही मसीहा हूं

[07:43:33] खुद को पैगंबर बोलने लगे

[07:43:36] कहने लगे जैसे मोहम्मद साहब थे ना मैं भी

[07:43:38] वैसा ही पैगंबर हूं सब कोई कह अच्छा लेकिन

[07:43:42] और क्या शुद्धिकरण करना है हम लोग को? हम

[07:43:45] लोग सब पैगंबर हैं। हम लोग सब पैगंबर हैं।

[07:43:49] अच्छा फिर कुछ दिन में कहने लगे कि मैं ही

[07:43:52] कृष्ण हूं।

[07:43:54] सबको लगा कि भैया ठीक नहीं है। तो

[07:43:58] धीरे-धीरे इनके फॉलोअर्स खत्म होने लगे।

[07:44:01] ठीक है। इस्लाम के शुद्धिकरण की बात की।

[07:44:04] अब कुछ दिन में खुद को कहने लगे कि मैं

[07:44:06] मसीहा हूं। फिर कहने लगे कि मैं यह हूं।

[07:44:09] तो ऐसे कैसे काम चलेगा?

[07:44:15] ठीक है? ध्यान रखिएगा। और इस कारण से यह

[07:44:19] आंदोलन स्वतः धीरे-धीरे समाप्त हो गया। अब

[07:44:22] कुछ ब्रिटिश के द्वारा लाए गए कुछ ये थे

[07:44:25] जैसे सती प्रथा। इसमें से ये सब क्वेश्चन

[07:44:27] पूछता है। जैसे कब आया? 1829। नियम कौन

[07:44:32] था? नियम 17 के तहत। किसके काल में आया?

[07:44:35] लॉर्ड विलियम बेंटिक के काल में। और इसमें

[07:44:37] जो एक प्रमुख भूमिका थी वो थी राजा

[07:44:40] राममोहन रॉय।

[07:44:43] सबसे पहले कहां लागू हुआ? बंगाल में। फिर

[07:44:46] कुछ समय के बाद मद्रास। फिर आपको बंबई फिर

[07:44:48] हर जगह होने लगा। ठीक है? हगी प्रथा लॉर्ड

[07:44:51] विलियम बेंटिंग के काल में हुआ था।

[07:44:52] अधिकारी थे स्लीमैन। ठगी प्रथा कहने का

[07:44:55] मतलब ठग समझते हैं। ठग

[07:45:00] ठग नहीं कहा जाता है। ये बड़ा ठगेरा है।

[07:45:03] तो इन लोग का प्रकोप बहुत था। एमपी से

[07:45:06] लेकर यूपी तक इन लोग का बहुत प्रकोप

[07:45:10] अघेरों का सर अघेरों का

[07:45:17] परेशान थे तो विलियम बेंटिक ने कार्ल

[07:45:20] स्लीमैन जो कि एक अधिकारी थे जो काम कर

[07:45:22] चुके थे उनको नियुक्त किया और कहा कि सुनो

[07:45:25] इनको हटाओ यह बहुत तीव्र तरीके से 1830 तक

[07:45:30] ठगी प्रथा को समाप्त कर दिया तो अगर आपसे

[07:45:33] पूछेगा क्रेडिट किसको जाता है तो कहिएगा

[07:45:36] क्रेडिट जाता है स्लीमैन को पूछेगा किसके

[07:45:39] काल में हुआ था हु वाज़ गवर्नर जनरल तो

[07:45:42] कहिएगा विलियम बेंटिंग

[07:45:44] शिशुवाद गवर्नर जॉनसोर के समय आपको कहीं

[07:45:47] एक नियम बनता है नियम 21 फिर वेलेजली के

[07:45:50] समय आपका बनता है कि इसके हत्या का

[07:45:52] प्रतिबंध लगाया जाता नरबली वही हार्डिंग

[07:45:54] प्रथम के समय ध्यान होगा मैंने बताया था

[07:45:56] खोंड विद्रोह में दास प्रथा एललेनबरो 1843

[07:46:00] में पांचवें नियम के द्वारा दास प्रथा पर

[07:46:01] अंत कर दिया गया देखिए दास प्रथा जो है ना

[07:46:04] इस उस पर पाबंदी विलियम बेंटिक ने भी

[07:46:06] लगाया था

[07:46:08] लेकिन वो हो नहीं पाया था

[07:46:12] ऑफिशियल रूप से फिर एलन बरो के काल में

[07:46:14] आपको दास प्रथा यही बीपीएससी ने पूछा था

[07:46:16] कि दास प्रथा पर कानून आया था आया था

[07:46:18] विलियम बेंटिक के काल में लेकिन पूरा नहीं

[07:46:20] हो सका

[07:46:22] ठीक है

[07:46:27] ध्यान रखिएगा

[07:46:29] कॉर्नवालिस ने भी आपको दास प्रथा पर

[07:46:32] व्यापारों पर लोग लगा कि दास का कोई अब

[07:46:34] व्यापार पारोपार नहीं होगा।

[07:46:36] क्या है?

[07:46:39] इंग्लिश में पीडीएफ लाना। भाई मैं पहले ही

[07:46:42] कह दिया हूं कि यह पीडीएफ इंग्लिश में भी

[07:46:44] है। आप लोग जो पीडीएफ मिलेगा ना तो ये

[07:46:46] इंग्लिश में भी मिल जाएगा।

[07:46:49] यह अंतिम चैप्टर था जिसमें केवल हिंदी में

[07:46:51] है। मैंने कहा था ना दो-तीन ऐसे चैप्टर

[07:46:53] हैं जो पीडीएफ हिंदी में हो गया है। रीजन

[07:46:56] था कि थोड़ा सा समय नहीं मिला। एक दो तो

[07:46:58] पीडीएफ स्किप हो गया था माइंड से दिमाग

[07:47:00] से।

[07:47:04] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:47:11] क्लियर?

[07:47:13] आइए।

[07:47:15] यह भी वीवीआई है। वीडो रिमैरिज एक्ट के

[07:47:19] तहत सबसे इंपॉर्टेंट है। ध्यान रखिएगा।

[07:47:22] इनके तहत कई लोगों ने काम किया। जो सबसे

[07:47:24] बड़ा नाम एक आता है वीडो रिमैरिज एक्ट के

[07:47:26] लाने में वो ईश्वर चंद्र विद्यासागर जी।

[07:47:29] उसके बाद डी के करवे का वीरंगसम पुतन जी

[07:47:32] का विष्णु शास्त्री पंडित जी का इनसे

[07:47:35] संबंधित जो पहला इंपॉर्टेंट है वह 1856

[07:47:38] में वीडो रिमैरिज एक एक्ट आता है। इसमें

[07:47:42] दो-तीन चीजों को ध्यान रखिएगा।

[07:47:45] सबसे पहले

[07:47:48] कर देंगे गुरु जी कर देंगे। पहले पढ़

[07:47:50] लीजिए।

[07:48:09] बहुत बढ़िया भाई अंकित। चलिए

[07:48:13] चलिए देखिए [गला साफ़ करने की आवाज़]

[07:48:16] पीडो रिमैरिज एक्ट

[07:48:19] इसके तहत होगा क्या?

[07:48:22] इसमें दो क्वेश्चन आता है।

[07:48:24] अरे भाई तो वीडियो रिमैरिज एक्ट इंग्लिश

[07:48:27] ही तो है। आरसी थोड़ी है। आप लोग का तो

[07:48:31] मुझे ठीक है। आप लोगों ने इंग्लिश मीडियम

[07:48:33] में पढ़ा है।

[07:48:36] लेकिन आप लोग भाई सोसाइटी यही है ना आप

[07:48:39] लोगों का। अब मैं आपको विधवा प्रणवता को

[07:48:41] नहीं पता कि मैं बीडो को बात कर रहा हूं।

[07:48:44] पुनर्विवाह का मतलब नहीं होता रीमैरिज

[07:48:46] एक्ट। अरे भाई तो कैसे बीपीएससी में काम

[07:48:47] कीजिएगा। वहां तो हिंदी में काम होता है

[07:48:49] मैक्सिमम।

[07:48:52] बोल भी रहा हूं इंग्लिश में जो टर्मोलॉजी

[07:48:55] है उसको इंग्लिश में बोल भी रहा हूं।

[07:48:57] इसमें ध्यान रखना है कि यह जो पहले आया था

[07:49:00] वो डलहौजी के काल में आया था। डलहौजी एरा

[07:49:04] में आया था। बट जब पास हुआ ना तो उस समय

[07:49:07] कैनिंग आ गए थे।

[07:49:16] इसीलिए क्वेश्चन पूछता है कि ये पास किसके

[07:49:18] काल में हुआ?

[07:49:20] ठीक है? तो यह पास हुआ है आपको

[07:49:24] कैनिंग के काल में। लेकिन अगर आपसे कोई

[07:49:26] क्वेश्चन पूछेगा कि पहली बार कब

[07:49:29] इंट्रोड्यूस हुआ? किस गवर्नर जनरल के एरा

[07:49:32] में? तो कहिएगा डलहौजी।

[07:49:35] ठीक? ध्यान रखिएगा।

[07:49:39] उसके बाद आता है ब्रह्म मैरिज एक्ट। नॉर्थ

[07:49:42] ब्रुक के काल में इंटरकास्ट मैरिज को लेकर

[07:49:44] था। विधवा आपको यानी विडो मैरिज को लेकर

[07:49:47] भी था। यह सब डेट याद रखिएगा और किसके काल

[07:49:50] में यह यह दोनों इंपॉर्टेंट है।

[07:49:57] मैं आप लोगों को बहुत एक दो चीजों को बहुत

[07:49:59] रियल बता दे रहा हूं। आप लोग को मैं बता

[07:50:02] दे रहा हूं कि बीपीएससी में कई ऐसे मेरे

[07:50:06] बच्चे हैं जो सिलेक्टेड हैं। इवन एसडीएम

[07:50:08] तक रैंक पर हैं। उसमें से कई बच्चे

[07:50:11] इंग्लिश मीडियम के हैं। और आप लोग को यह

[07:50:14] भी बता देता हूं मैं प्रॉपर हिंदी पढ़ाता

[07:50:16] हूं पेड में भी और वही बच्चे हिंदी पे

[07:50:19] पढ़ते हैं और खुद ट्रांसलेट करते हैं।

[07:50:22] और आप सिलेक्टेड हैं

[07:50:25] YouTube पे भी जाकर वीडियो देखिएगा मेरा

[07:50:28] इंटरव्यू।

[07:50:30] मेरे प्रॉपर बच्चे हैं। वह

[07:50:33] उनका कहना था कि चीजें समझ में आती है।

[07:50:35] मैं टेक्निकल वर्ड यूज ही कर देता हूं।

[07:50:38] कांसेप्ट से मतलब होता है।

[07:50:41] और आप लोग में से कुछ ऐसे बच्चे भी होते

[07:50:43] हैं ना जो अगर वह के जगह अगर ही या शी बोल

[07:50:45] दिए तो उसमें भी दिक्कत कि सर ही या शी

[07:50:48] बोलिए। वह क्यों बोल रहे हैं?

[07:50:51] आपको कंफर्ट होना पड़ेगा। और आपको यह भी

[07:50:53] समझिए यूपी और बिहार में रहिएगा ना तो

[07:50:56] आपको हिंदी में काम करना पड़ेगा। कैसे काम

[07:50:58] करोगे भाई आप लोग हिंदी में?

[07:51:05] तो ठीक है। मैंने कह तो रहा हूं कि भाई ये

[07:51:08] पीडीएफ एक दो पीडीएफ जो है हिंदी में आ

[07:51:10] गया है। बोल-बोल के थक गया हूं।

[07:51:19] आया था ना कंप्लेन कि जो रिसेंटली पास हो

[07:51:22] रहे हैं उनको हिंदी भी लिखने नहीं आ रहा।

[07:51:25] मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप इंग्लिश

[07:51:26] मीडियम के हैं तो हिंदी पढ़िए और हिंदी

[07:51:28] मीडियम के तो इंग्लिश पढ़िए। नहीं लेकिन

[07:51:30] एक कंफर्ट जोन में रहिए आप लोग।

[07:51:41] चलिए

[07:51:44] मैं यह बिल्कुल नहीं कह रहा हूं कि नहीं

[07:51:46] इंग्लिश में है तो दिक्कत होता है। एकदम

[07:51:48] दिक्कत होता है।

[07:51:50] जैसे साइंस मेरा इंग्लिश में पढ़ा हुआ है।

[07:51:55] लेकिन मैं जब आज हिंदी पढ़ता हूं मुझे

[07:51:57] दिक्कत होता है। लेकिन ऐसा नहीं कि मुझे

[07:51:59] समझ ही नहीं आता है। तो आपको पूरा तो

[07:52:02] इंग्लिश में था ही। बस एक दो बस आप लोगों

[07:52:04] को नहीं है एपिसोड।

[07:52:07] चलिए

[07:52:10] अब आते हैं बाल विवाह। भारत में बाल विवाह

[07:52:12] समस्या है कि नहीं? अभी भी बहुत समस्या

[07:52:13] है। बाल विवाह। वेस्ट बंगाल में बाल विवाह

[07:52:16] बहुत है। राजस्थान में है, यूपी में है,

[07:52:19] बिहार में है। आज का डाटा बता रहा हूं

[07:52:22] 2026 का।

[07:52:28] 2026 का डाटा बता रहा हूं मैं।

[07:52:31] तो ये शुरू से ही प्रॉब्लम रहा है। बच्चों

[07:52:33] बाल विवाह का मतलब बच्चों का विवाह।

[07:52:36] बच्चों का विवाह करा देना।

[07:52:39] ठीक है? इसको रोकने के लिए जो बहुत बड़ा

[07:52:42] प्रयास किया गया जिस प्रकार से आपको

[07:52:44] रीमैरिज आपको पता है विधवाओं की स्थिति

[07:52:46] बहुत खराब थी।

[07:52:48] आखिर क्यों विधवा जो है जो मतलब जिसका डेथ

[07:52:51] हो जाता था हस्बैंड का क्यों वह सती भी

[07:52:53] होने को रेडी हो जाती थी कोई कोई रीजन यही

[07:52:56] था यार उसको जीते जी मार दिया जाता था

[07:52:59] उसका हस्बैंड मर गया इसमें इस बेचारी की

[07:53:02] क्या गलती

[07:53:04] इसको त्यौहार मनाने नहीं दिया जाता था ये

[07:53:08] इसके हाथ का खाना लोग नहीं खाते थे इसको

[07:53:10] समाज से एकदम बेदखल कर दिया जाता था तुम

[07:53:13] भाई श्रृंगार मत करो यह इतना यह चीज कोई

[07:53:16] क्या वो तो बेचारी रहकर ही नरक की जिंदगी

[07:53:20] जी रही है।

[07:53:23] तो हुआ क्या कि एक तो उस पर काम किया गया।

[07:53:27] अब इस पर काम किया गया आपको

[07:53:30] ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने इस पर काफी काम

[07:53:33] किया। जैसे बीडो रिमैरिज एक्ट पर किया गया

[07:53:35] वैसे ही बाल विवाह पर भी इन लोगों के

[07:53:37] द्वारा काफी काम कुछ दो-तीन एक्ट है जैसे

[07:53:40] सिविल मैरिज एक्ट इसको नेटिव मैरिज एक्ट

[07:53:43] भी कहते हैं। यह भी नॉर्थ ब्रुक के काल

[07:53:45] में आया था। है ना? ध्यान रखिएगा। लड़की

[07:53:47] की शादी की उम्र 14 वर्ष और लड़का का उम्र

[07:53:50] 18 वर्ष किया गया। इसके बाद सम्मति आयु

[07:53:52] अधिनियम आया था 1892 में। बाल गंगाधर तिलक

[07:53:56] ने इसका विरोध किया गया था। क्योंकि इसमें

[07:53:57] लड़कियों की आयु 12 वर्ष के लिए निर्धारित

[07:53:59] कर दी गई थी। और एक है शारदा अधिनियम जो

[07:54:02] कि सबसे ज्यादा क्वेश्चन पूछता है।

[07:54:06] इसमें आयु लड़कियों की 14 और लड़कों का

[07:54:08] 18। गर्ल्स 14, बॉयज 18।

[07:54:13] डेट याद रखना है। यह शारदा जी के प्रयासों

[07:54:16] से आया था। इसलिए इसका नाम ही रख दिया

[07:54:17] शारदा अधिनियम।

[07:54:20] ध्यान रखिएगा

[07:54:23] सर। लेकिन आजकल की नारी तो तुरंत हिसाब कर

[07:54:25] देती हैं।

[07:54:29] चलिए

[07:54:33] तो यह है आपका। अब हम लोग आते हैं।

[07:54:42] देखो प्रेस का बहुत डिटेल्स नहीं जाएंगे।

[07:54:44] प्रे आपको देखो पिंगुअल है प्रेस है ना

[07:54:47] प्रेस की जो शुरुआत की गई थी 1800 50 या

[07:54:52] 56 में भी कहते हैं 50

[07:54:55] 1550 या 1556 कहते हैं। तो प्रेस

[07:54:59] प्रिंटिंग प्रेस पहली बार यहां से लगाया

[07:55:01] गया कहां? तो सेंट पॉल कॉलेज गोवा में

[07:55:02] लगाया गया था। मतलब इन्हीं को क्रेडिट

[07:55:05] जाता है प्रेस अधिनियम में। ठीक है? इस पर

[07:55:06] हम लोग थोड़ा सा बस बात कर लेते हैं। बाकी

[07:55:08] पीपीटी आपके पास यही था पहला मशीन। देखिए

[07:55:11] ये पहला मशीन था। इसमें जो इससे क्वेश्चन

[07:55:14] आता है इसलिए मैंने आपको यहां पर बोला है।

[07:55:17] ये ईस्ट इंडिया कंपनी के द्वारा मुंत्रालय

[07:55:19] आपको प्रिंटिंग प्रेस लगा। लेकिन यहां से

[07:55:21] क्वेश्चंस बहुत कम आते हैं। क्वेश्चंस

[07:55:23] यहां से आते हैं।

[07:55:25] ये सब पूछ देता है कि पहला किसके द्वारा

[07:55:28] किया गया प्रकाशित? भारतीयों के द्वारा

[07:55:31] पहला समाचार पत्र कौन था? ये सब ध्यान

[07:55:33] रखिएगा। ठीक है? उसके बाद आपको पूछेगा कि

[07:55:35] फर्स्ट न्यूज़पेपर कौन सा पब्लिश था?

[07:55:37] हिंदी में था तो उदंड मार्तंड था तो जुगल

[07:55:40] किशोर जी के द्वारा किया गया था कानपुर

[07:55:42] में 1826 में। उसके बाद मार्समैन ने

[07:55:44] बांग्ला भाषा में आपको दिग्दर्शन नामक

[07:55:46] बंगाली लैंग्वेज में डाला था। इसके बाद

[07:55:48] राजा राममोहन राजा वाज़ द फर्स्ट इंडियन

[07:55:50] हुस क्रेडिटेड विद आपको एस्टैब्लिश द

[07:55:52] नेशनल प्रेस किया था। हालांकि इसको बंद

[07:55:54] किया गया था आगे जाकर। ठीक है? ध्यान

[07:55:56] रखिएगा। क्वेश्चन यहां से नहीं आता। मैं

[07:55:58] बता देता हूं क्वेश्चन का आता है इस लिस्ट

[07:56:00] से। यह सब लिस्ट से आता है। यह जो आप देख

[07:56:03] रहे हैं ना कि कौन किस में आपको था तो यह

[07:56:06] आपको पढ़ना होगा, याद करना होगा। इसके बाद

[07:56:08] एक और यह है सेंसर कहां से स्टार्ट हुआ?

[07:56:11] सेंसर का मतलब हुआ कि रिस्ट्रिकशंस लगाना।

[07:56:16] सेंसर का मतलब क्या हुआ? रिस्ट्रिकशंस। कई

[07:56:18] सारे रिस्ट्रिक्शंस लगाने शुरू कर दिए गए

[07:56:20] थे। ध्यान रखिएगा। तो पहला जो आया था वो

[07:56:23] 1799 में आया था लॉर्ड वेलेजली के काल

[07:56:26] में। और इसने कहा कि बिना लाइसेंस के आपको

[07:56:29] प्रकाशन अवैध घोषित कर दिया जाएगा। इसको

[07:56:31] थोड़ा सा ध्यान रखना बाकी बहुत ज्यादा

[07:56:33] इंपॉर्टेंट नहीं है। एक लाइसेंसिंग आपको

[07:56:36] रेगुलेशंस एक्ट आया था।

[07:56:38] देखिए एक वार्नाकुलर प्रेस एक्ट ये

[07:56:41] इंपॉर्टेंट है।

[07:56:43] वार्नाकुलर प्रेस एक्ट क्यों आया?

[07:56:47] वार्नाकुलर प्रेस एक्ट इसलिए आया था

[07:56:50] क्योंकि

[07:56:52] भारत में अब कई सारे लोकल्स में लोकल

[07:56:56] लैंग्वेज के पेपर हो गए। यह लोग ब्रिटिश

[07:56:59] के रूल्स को क्रिटिसाइज कर रहे हैं।

[07:57:02] लोगों को अवेयर कर रहे हैं।

[07:57:06] इवन अपने पत्रकारिता को पत्रकारिता को और

[07:57:09] एनहांस कर रहे हैं।

[07:57:13] इन लोग को लगा कि कुछ गड़बड़ है। करना तो

[07:57:15] कुछ पड़ेगा ही। इन लोगों ने किया क्या?

[07:57:18] लॉर्ड लिटन देखो यह क्वेश्चन याद रखिएगा।

[07:57:21] वार्नाकुलस लिटन लिखा। लिखा लिटन

[07:57:28] मिटाया रिपन

[07:57:31] रिप कर देना

[07:57:34] मतलब इसको समाप्त किया रिपन ने लाया इसको

[07:57:37] लिटन ने तो वार्नाकुलर प्रेस एक्ट बाय

[07:57:40] लॉर्ड लिटन और यह स्पेशली लाया गया था

[07:57:43] अमृत बाजार पत्रिका के लिए

[07:57:48] अमृत बाजार पत्रिका बहुत एग्रेसिवली इनके

[07:57:50] खिलाफ चीजों को लिख रहा था

[07:58:00] ठीक है ध्यान रखिएगा अमृत बाजार पत्रिका

[07:58:03] के लिए आया था बट बेचारा हुआ क्या यह बंग

[07:58:07] में था रातोंरात इसने क्या कर दिया अपने

[07:58:09] चेंज कर दिया और रातोंरात अंग्रेजी भाषा

[07:58:12] में निकाली क्योंकि यह आया था लोकल

[07:58:14] लैंग्वेज के लिए

[07:58:16] इंग्लिश पेपर के लिए नहीं आया था ये इसको

[07:58:20] कहा गया गैगिंग एक्ट यानी मुंह बंद करने

[07:58:22] वाला एक्ट ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[07:58:25] इसमें था क्या? इसमें था कि सरकार के

[07:58:28] खिलाफ कुछ नहीं लिख सकते हैं। इसके अलावा

[07:58:30] अगर कुछ भी आपको सिक्योरिटी डिपॉजिट करना

[07:58:33] होगा। इसके अलावा जो लास्ट डिसीजन होगा कि

[07:58:36] आप छाप सकते हैं कि नहीं छाप सकते हैं।

[07:58:37] वहां के डिस्ट्रिक्ट मैनेजमेंट डीएम को यह

[07:58:39] राइट था। लॉर्ड रिपन ने इसको 1881 में

[07:58:41] किया था। इनके खिलाफ फिर वह बातें भी आ गई

[07:58:44] काफी। अमृत बाजार पत्रिका शिशिर कुमार घोष

[07:58:47] और मोतीलाल घोष हैं। नेहरू नहीं है।

[07:58:59] घोष

[07:59:07] ठीक है ध्यान रखिएगा

[07:59:10] देसी भाषाओं पे लगे प्रतिबंध को बचने के

[07:59:12] लिए आपको लेकिन आपको पता है इसका

[07:59:15] टारगेट कौन बन गया दोनों क्वेश्चन पूछता

[07:59:18] है लाया किस लिए गया था तो लाया गया था

[07:59:22] आपको अमृत बाजार पस्तिका लेकिन बेचारा

[07:59:24] टारगेट बन गया था ईश्वर चंद्र विद्यासागर

[07:59:26] का सोम प्रकाश ठीक है तो ये टारगेट बना ये

[07:59:33] इसको बंद होना पड़ा ये एकमात्र ये ऐसा

[07:59:38] समाचार पत्र था जिसमें आपको लिटन होता है

[07:59:41] यह किया गया यह ध्यान रखना

[07:59:45] इसके बाद यह सब कुछ एक्ट को ध्यान रखना है

[07:59:48] तेज बहादुर सपू विधि सदस्य थे जो कि 1921

[07:59:51] 21 में आपको समाचार पत्र समिति की

[07:59:52] अध्यक्षता भी किए थे और उस 81 1910 में जो

[07:59:55] अधिनियम आया था उसको समाप्त करने में

[07:59:56] भूमिका भी निभाई थी। आपके लिए मेन जानते

[07:59:59] हैं क्या है ये

[08:00:01] ये लिस्ट आपको याद करना होगा।

[08:00:06] अब आप देखिएगा मैं टिक लगाऊंगा। ये हिंदी

[08:00:08] इंग्लिश में एक ही है क्योंकि नाम है ये।

[08:00:11] ठीक है? जैसे आपसे देखिएगा यहां से

[08:00:13] क्वेश्चन पूछ दिया गया। अमृत बाजार

[08:00:15] पत्रिका सोम प्रकाश हिंदू मराठा केसरी

[08:00:20] कॉमनवल

[08:00:25] ठीक है ये हिंदी इंग्लिश में सेम है नाम

[08:00:27] है

[08:00:32] यंग इंडिया नवजीवन हरिजन इंडिपेंडेंस

[08:00:35] नेशनल हेराड उलट मार्तंड अल हिलाल अलविलाल

[08:00:44] हमदर्द, कॉमरेट,

[08:00:47] हिंदू पेट्रियाट, गदर यह सब क्वेश्चन आया

[08:00:50] हुआ है। पीवाईक्यू है सब

[08:00:53] ये एजेंसी है। यह ध्यान रखना है।

[08:00:58] ये कुछ है जैसे अनहै इंडिया आ चुका है।

[08:01:02] गीता रहस्य बंदी जीवन इंडिया डिवाइडेड

[08:01:08] नेशन मेकिंग

[08:01:11] ये बीआर ये तो अभी हाल ही में एडीओ में

[08:01:13] आया था फिलॉसफी ऑफ़ बम आ चुका है माय

[08:01:16] एक्सपेरिमेंट रूथ आ चुका है सत्यार्थ

[08:01:17] प्रकाश आ चुका है पॉवर्टी वाला आ चुका है

[08:01:19] इंडियन स्ट्रगल आ चुका है ये सब वीवीआई

[08:01:21] है। ध्यान रखिएगा ये जो लिस्ट मैंने आपको

[08:01:24] दिया है ना यह वीवीआई है।

[08:01:27] ये सब वीवीआई है। इसको ध्यान रखिएगा। यहां

[08:01:30] से एक क्वेश्चन रहता ही रहता है।

[08:01:37] यहां से एक क्वेश्चन ये सब रहता ही रहता

[08:01:38] है। इस चीज को थोड़ा सा ध्यान रखिएगा।

[08:01:43] यहां से आपको क्वेश्चंस होते ही होते हैं।

[08:01:48] ठीक?

[08:01:49] चलिए आते हैं कांग्रेस

[08:01:56] चलो

[08:02:00] क्या भाई हंस क्यों रहे हैं भाई साहब दांत

[08:02:01] क्यों आ रहे हैं सब

[08:02:07] थोड़ा सा एक सेकंड

[08:02:38] अब आता है कांग्रेस। ठीक है? कांग्रेस से

[08:02:40] स्टार्ट हो रहा है। थोड़ा सा शेयर कर

[08:02:41] दीजिए थोड़ा सा आप लोग भी।

[08:03:35] चलो तो बच्चों को बता देता हूं नेशनल

[08:03:37] मूवमेंट कई लोग बोले थे सर नेशनल मूवमेंट

[08:03:40] चलिए कांग्रेस स्टार्ट करते हैं अब हम लोग

[08:03:45] अरे आप लोग चैट पर क्यों ध्यान दे रहे हो

[08:03:47] भाई? आप यह चीज देखिए ना 810 ही बच्चों का

[08:03:49] तो चैट चल रहा है। बाकी सभी बच्चे क्या कर

[08:03:52] रहे हैं? अपना रिलैक्स होकर रह रहे हैं।

[08:03:54] तो आप भी लोग रहिए आए।

[08:04:07] देखिए अब कांग्रेस जो है यहां से आते हैं

[08:04:09] कि कांग्रेस की स्थापना को लेकर। कांग्रेस

[08:04:12] की स्थापना जो है यह सब पी बाय क्यू है या

[08:04:15] पीवीआई पॉइंट्स होते हैं। इसकी स्थापना 28

[08:04:19] दिसंबर 1885।

[08:04:21] ठीक है? इसके पहले ही आपको कई सारे ऐसे

[08:04:23] जगह थे जहां से इसकी स्थापना हो गई थी।

[08:04:26] गोकुल दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज यानी

[08:04:28] बॉम्बे में इसकी स्थापना होती है। फाउंडर

[08:04:30] होते हैं एओ हयम यानी एलन ऑक्टवियन यम।

[08:04:33] पहली अध्यक्षता डब्ल्यू सी बनर्जी है ना

[08:04:37] वमेश चंद्र बनर्जी। टोटल शुरू के सदस्य 72

[08:04:41] और पहली बार कांग्रेस के नाम का एक पब्लिक

[08:04:44] अनाउंसमेंट जो हुआ था वह द हिंदू में हुआ

[08:04:46] था 5 दिसंबर 1885 को 5 दिसंबर 1885 को

[08:04:51] पहली बार ऑफिशियल आपको यहां पर हुआ था।

[08:04:54] ठीक है? ध्यान रखिएगा। ऑफिशियल अनाउंसमेंट

[08:04:57] हुआ था 5 दिसंबर को पहली बार।

[08:05:03] कांग्रेस का सम मतलब क्या होता है? तो

[08:05:05] ग्रुप ऑफ पीपल्स यानी लोगों का समूह और हम

[08:05:07] लोग ने इसको अमेरिका से लिया। इसका जो

[08:05:09] शुरुआती नाम था वह था इंडियन नेशनल यूनियन

[08:05:13] जिसको दादा भाई नौरोजी के द्वारा इंडियन

[08:05:15] नेशनल कांग्रेस नाम दिया गया। इसके सचिव

[08:05:18] पहले कौन थे? भाई ह्यूम थे। ह्यूम ध्यान

[08:05:20] रखिएगा चेयर पर्सन नहीं थे। सचिव थे। ठीक

[08:05:23] है?

[08:05:27] ध्यान रखिएगा। सचिव नहीं थे। पहले अध्यक्ष

[08:05:30] नहीं थे। सचिव बनाए गए थे। इस चीज को

[08:05:31] ध्यान रखिएगा।

[08:05:37] शुरू में इन्होंने नौ प्रस्तावों पर बात

[08:05:39] की। कितने प्रस्ताव पर बात किया? नाइन

[08:05:41] प्रस्ताव पर बात किया। परंतु प्लेग फैल

[08:05:43] जाने के देखो एक क्वेश्चन पूछा था अभी कुछ

[08:05:45] दिन पहले किसी एग्जाम में ध्यान नहीं आ

[08:05:46] रहा है कि कांग्रेस की स्थापना पहले बंबई

[08:05:50] के पहले कहां पर करने की बात की जा रही

[08:05:53] थी? यानी कांग्रेस के पहले

[08:05:57] स्टेशन यानी जो कि 1885 में 1885 में हुआ

[08:06:01] था। वह पहले कहां पर हो रहा था? तो पहले

[08:06:04] पुणे में हो रहा था। पहले कहां हो रहा था?

[08:06:07] पुणे में हो रहा था। परंतु प्लेग फैल जाने

[08:06:10] के कारण क्या फैल जाने के कारण? प्लेग फैल

[08:06:14] जाने के कारण इसकी स्थापना जो हो गई वो

[08:06:17] आपको बॉम्बे में हो गई। नरोज जी मेहता

[08:06:21] रघवाचार्य तालंग जी इसके प्रमुख आपको

[08:06:27] अब इसके संबंध में एक विवाद है यह भी

[08:06:29] पीवाईक्यू है

[08:06:32] सेफ्टी बल्ब सिद्धांत ये लाला लाजपत राय

[08:06:34] के द्वारा दिया गया इसका मतलब क्या हुआ

[08:06:37] इनका मतलब यह हुआ कि अंग्रेजों ने अपने

[08:06:40] सेफ्टी के लिए मतलब सेफ्टी कैसे जैसे मैं

[08:06:44] एक ग्रुप बनाया अंग्रेजों के द्वारा बन

[08:06:46] गया अब मैं कुछ भी अंग्रेजों के खिलाफ

[08:06:48] बातें करूं करूं तो अंग्रेजों तक पहले ही

[08:06:51] बात पहुंच जाए। कुछ भी मैं अंग्रेजों के

[08:06:54] लिए मतलब खिलाफ कुछ काम करूं अंग्रेजों तक

[08:06:56] पहले ही बात पहुंच जाए।

[08:06:59] तो फर्स्ट टाइम विरोध जो यह दर्ज किया गया

[08:07:04] वो लाला लाजपत राय के द्वारा किया गया और

[08:07:06] कहा गया कि भाई यह तो अंग्रेजों की ही

[08:07:09] संस्था है।

[08:07:11] सेफ्टी बल्ब है। यू के जीवनी लेखक विलियम

[08:07:14] बेडनबर्ग थे। उनका आधार यंग इंडिया में

[08:07:18] इन्होंने अपनी चीजों को लिखा और कहा कि

[08:07:20] भाई कांग्रेस तो ब्रेन चाइल्ड ऑफ लॉर्ड

[08:07:24] डफिन

[08:07:25] कांग्रेस वाज ब्रेन चाइल्ड ऑफ लॉर्ड डफरिन

[08:07:32] कांग्रेस

[08:07:34] डफिन के मस्तिष्क की उपज है। तो डफरिन कौन

[08:07:37] थे भैया? तो डफरिन इस समय के वायसराय थे।

[08:07:42] डफरिन के वायसराय थे।

[08:07:46] ठीक है? ध्यान तो यह अभी क्वेश्चन

[08:07:48] क्वेश्चन कुछ दिन पहले पूछा था। इसके बाद

[08:07:50] लाइटिंग कंडक्टर की थ्योरी दी गई गोपाल

[08:07:52] कृष्ण गोखले के द्वारा। इनके द्वारा कहा

[08:07:55] गया

[08:07:57] कि

[08:07:58] हम लोगों ने इसलिए अंग्रेजों का साथ लिया

[08:08:02] ताकि

[08:08:06] यह कांग्रेस पार्टी बड़ी होने से पहले ही

[08:08:08] कुचल दी जाए।

[08:08:10] भाई कुचलेगी तो कह तो देंगे कि अंग्रेज ही

[08:08:12] तो इसकी स्थापना किए थे।

[08:08:15] यदि कांग्रेस का कोई आरंभिक स्थाप

[08:08:17] संस्थापक कोई अंग्रेज नहीं रहता तो

[08:08:19] अंग्रेज इसको ऐसे ही नष्ट कर देते।

[08:08:21] ब्रिटिश का दमन ऐसे ही कर देते।

[08:08:25] अतः दमन से बचने के लिए कांग्रेस ने ह्यूम

[08:08:28] का नेतृत्व स्वीकार किया।

[08:08:31] तो पहला जो है ये आपको क्वेश्चन पूछता है।

[08:08:33] ध्यान रखिएगा जो आपको लिखा हुआ जो अभी

[08:08:35] मैंने अभी चर्चा भी किया। दूसरा कोलकाता

[08:08:39] 1886

[08:08:40] दादा भाई नौरोजी सुरेंद्र बनर्जी से मिलकर

[08:08:43] इन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस को कांग्रेस

[08:08:44] में मिला दिया था। इसका शुरुआती आपको चार

[08:08:47] पांच याद रखना होगा।

[08:08:57] बक माय बक माय का मतलब मां बक का मतलब

[08:09:00] बोलना देखिए ये भोजपुरी में ऐसे ही बोला

[08:09:02] जाता है। बम बाय

[08:09:06] कोलकाता

[08:09:10] मद्रास

[08:09:13] इलाहाबाद

[08:09:17] मुंबई

[08:09:20] कोलकाता

[08:09:24] ठीक है ये 1885

[08:09:26] 83 87 88 89

[08:09:32] तो ये पांच सात आपको याद रखना होगा यहां

[08:09:34] से क्वेश्चंस होते हैं। ठीक है? यहां से

[08:09:37] क्वेश्चंस होते हैं। अब आप देखिएगा कि

[08:09:39] यहां पर जितने भी कांग्रेस के सेशंस हैं

[08:09:41] ना जैसे आपको एज फॉर एग्जांपल बदरुद्दीन

[08:09:44] तैयब जी पहले मुस्लिम अध्यक्ष। ठीक है?

[08:09:46] कांग्रेसी बनो का नारा इसी में दिया गया

[08:09:48] था और तमिल में भाषण पहली बार यहीं दिया

[08:09:50] गया था क्योंकि मद्रास में हुआ था। अगर

[08:09:52] आपसे पूछेगा कि तमिल में पहली बार भाषण

[08:09:54] कहां दिया गया था? मद्रास में।

[08:09:59] प्रयागराज 1888 जॉर्जल पहले अंग्रेज बने।

[08:10:03] और इन्होंने इंडस्ट्री की बात की। पहली

[08:10:05] बार लाला लाजपत राय इसी में ही शामिल हुए

[08:10:07] थे। ठीक है? पहली बार लाला लाजपत राय इसी

[08:10:10] में ही शामिल हुए थे।

[08:10:13] इसके बाद ये सब देखो ये सब मैं क्या करता

[08:10:16] हूं? वो करता हूं क्योंकि ये फैक्ट्स है।

[08:10:17] है ना? ध्यान रखिएगा। ये मैंने आपको इसलिए

[08:10:19] कह दिया कि एक ही पीडीएफ में सब कुछ

[08:10:21] रहेगा।

[08:10:24] जैसे अपना एक ये है। जैसे ये लिस्टिंग है।

[08:10:26] ये सब लिस्टिंग है। आप लोग देख लीजिएगा।

[08:10:29] अह फैक्ट्स है। थोड़ा सा कांसेप्ट पे आते

[08:10:31] हैं। ये मैंने आपको जस्ट इसीलिए दे दिया

[08:10:33] था। हिंदी इंग्लिश में दोनों में है। इसके

[08:10:35] लिए आपको टेंशन नहीं लेना।

[08:10:42] ये सब थोड़ा सा ध्यान रखिएगा।

[08:10:49] जैसे यहां से ध्यान रखिएगा। जैसे 1940

[08:10:52] रामगढ़ इसकी अध्यक्षता अब्दुल कलाम आजाद

[08:10:55] की तो ये लगातार छप पांच वर्षों तक आपको

[08:10:57] थे। रीज़न क्या था? इसके पीछे इसके पीछे

[08:11:00] रीज़न यही था क्योंकि इस समय सेकंड वर्ल्ड

[08:11:02] वार चल रहा था। बहुत अस्थिर था। ठीक है?

[08:11:05] बहुत अस्थिर थी चीजें। इसीलिए आपको यहां

[08:11:08] पर तो सुभाष चंद्र बोस यहां पर अलग राह पे

[08:11:11] चले। अलग अपनी टीम बनाई। इसके बाद कुछ

[08:11:13] घटनाएं हुई जिसके कारण से कई दिनों तक

[08:11:15] आपको कोई कांग्रेस का अधिवेशन नहीं हुआ

[08:11:17] था। 1946 में मेरठ में जेबी कृपलानी की

[08:11:20] अध्यक्षता में आपको हुआ था जो आजादी के

[08:11:21] पहले का आखिरी सत्र था। जेबी कृपलानी

[08:11:24] स्वतंत्रता के समय कांग्रेस के अध्यक्ष

[08:11:26] थे। इसके बाद ध्यान रखिएगा 1947 में

[08:11:30] दिल्ली में

[08:11:34] विशेष अधिवेशन हुआ था।

[08:11:42] विशेष अधिवेशन जिसकी अध्यक्षता किए थे

[08:11:44] राजेंद्र प्रसाद।

[08:11:55] ध्यान रखिएगा।

[08:12:00] अब देखिए इसके बाद थोड़ा सा हम लोग आएंगे।

[08:12:03] क्रांतिकारी पढ़ते हैं। क्रांतिकारी के

[08:12:06] बाद फिर हम लोग आपको फिर बंगाल का विभाजन

[08:12:09] वगैरह देख लेते हैं। क्रांतिकारी इज

[08:12:11] इंपॉर्टेंट। क्रांतिकारी से क्वेश्चंस

[08:12:12] होता है।

[08:12:15] क्या है अंजना?

[08:12:18] अरे देखो वो कंट्रोवर्सी है। है ना? जाहिर

[08:12:21] सी बात है वह लैंग्वेज तो सही नहीं है। और

[08:12:25] बोलने का तरीका भी सही नहीं है।

[08:12:29] यह सब शब्द का प्रयोग कैसे वह करती? मुझे

[08:12:31] तो यही आश्चर्य लगा। इतना फ्रस्ट्रेशन किस

[08:12:33] चीज का भाई?

[08:12:35] आप लोग कुछ भी करते नहीं हो। मीडिया क्या

[08:12:37] कुछ करता है? नीट पे ही क्या इन लोगों ने

[08:12:40] किया?

[08:12:42] मेलोडी चॉकलेट तो इतना दिखाया कि नीट ही

[08:12:44] का तब बात तब गया। मेलोडी इतनी मेलोडी

[08:12:46] क्यों है?

[08:12:47] भाई तुम्हारा मुद्दा यहां नीट है। उस पे

[08:12:50] बात नहीं हो रही है। बात हो रही है मेलोडी

[08:12:51] चॉकलेट पे। यह तो मीडिया का वैल्यू है।

[08:12:53] क्या बोलिएगा?

[08:12:55] बोलिए आप किसी को क्रिटिसाइज कर सकते हैं

[08:12:59] लेकिन भाषा की मर्यादा तो एक होनी चाहिए।

[08:13:01] आप फूटी कौड़ी दो कौड़ी इस टाइप का शब्द

[08:13:04] का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। आप किसी

[08:13:07] विशेष के लिए करना चाहे तो उसका नाम लेकर

[08:13:09] कीजिए।

[08:13:12] नाम लेकर कीजिए।

[08:13:15] पूरे समूह को ही उन्होंने घुसा दिया।

[08:13:20] एक बात तो होता नहीं है।

[08:13:22] इतनी चीजें गड़बड़ हुई। मणिपुर पर कोई

[08:13:25] नहीं आवाज उठाता है। क्या आपको लगता है कि

[08:13:27] मणिपुर अभी शांत है क्या?

[08:13:31] बताइए इन पर कोई कुछ बोलता नहीं है। इन

[08:13:35] लोग बस न्यूज़ दिखाएंगे। चटपटा न्यूज़।

[08:13:38] ब्रेकिंग न्यूज़ क्या था? कुछ दिन पहले

[08:13:40] दो-तीन दिन पहले आप लोग को पता है कि

[08:13:41] नहीं? ब्रेकिंग न्यूज़ क्या था कि मोदी जी

[08:13:44] ने अपने कैबिनेट मंत्रियों को बोला पानी

[08:13:47] पीने के लिए।

[08:13:50] ब्रेकिंग न्यूज़ था।

[08:13:53] अरे ब्रेकिंग न्यूज़ अब बताइए लेवल क्या

[08:13:57] है?

[08:14:01] हां तो मैंने तो बोला ही है लेकिन उसी चीज

[08:14:03] को क्या दिन भर बोलते हो?

[08:14:06] उसकी चीजें अपना बोलते रहे। मैं अपना

[08:14:08] क्यों खराब करूं?

[08:14:11] ठीक है।

[08:14:13] मोदी ने अपने कैबिनेट मंत्रियों को बोला

[08:14:17] कि गर्मी बहुत है। पानी पीजिए। ब्रेकिंग

[08:14:19] न्यूज़ चलाए थे ये लोग।

[08:14:22] सोच लीजिए क्या लेवल है? आप सोच लीजिए।

[08:14:27] चलिए क्रांतिकारी आंदोलन क्यों हुआ?

[08:14:31] कांग्रेस तो आ गई। ना नरम दल प्रभावित कर

[08:14:34] रहे थे ना गरम दल प्रभावित कर रहे थे।

[08:14:44] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[08:14:54] चलिए खैर हम लोग क्या

[08:14:58] बोले उसका मुंह भगवान मुंह दिए हैं तो

[08:15:00] चलेगा ही ना।

[08:15:03] नरमपंथी राजनीति जो है अव्यवहारिक बनी।

[08:15:05] मतलब कि अंग्रेजों का सपोर्ट की बात करते

[08:15:08] थे। कहते थे कि अंग्रेज ही सब कुछ करेंगे।

[08:15:10] गरमपंथी उतना चल नहीं पाया। तो जो यंगस्टर

[08:15:14] हैं या युवा पीढ़ी हैं उनका दिमाग जल्दी

[08:15:17] वाश होता है। मतलब कि उनको चाहे अगर आप

[08:15:19] कोई भी मैच्योर लोग चाहे तो उनका दिमाग

[08:15:22] वाश कर देता है। मतलब आप जिसको कहिएगा ना

[08:15:25] कि आप बिना कुछ सोचे समझे उस पैगाम पर चले

[08:15:28] जाइएगा। ठीक है?

[08:15:32] तो युवा को साफसाफ लग गया कि भाई सबसे

[08:15:35] अच्छा जो है

[08:15:38] सबसे जो अच्छा है वो है बम, बारूद और

[08:15:41] पिस्तौल की राजनीति। सबसे बेस्ट है। इससे

[08:15:43] बेस्ट कुछ नहीं है। तो इसीलिए इन लोगों ने

[08:15:45] क्या किया? बम, बारूद और पिस्तौल की

[08:15:47] राजनीति में विश्वास किया और यहीं से आपको

[08:15:51] क्रांतिकारी आंदोलन रिवोल्यूशनरी

[08:15:54] एक्टिविटी शुरू होती है।

[08:15:57] शुरुआती रूप से दो तीन चीजों पर अगर हम

[08:15:59] लोग बात करें

[08:16:01] तो देखिएगा कि सरकार की दमनात्मक एक नीति

[08:16:05] आती है जिसका उदाहरण हम 1906 में बारी साल

[08:16:07] बंगाल में एक जगह है वहां देखते हैं

[08:16:09] जिसमें युगांतर पद आपको अखबार ने लिखा कि

[08:16:12] सरकार के दमन के लिए 30 करोड़ जनता अपने

[08:16:16] 60 करोड़ हाथ उठाएगी ताकत का मुकाबला ताकत

[08:16:19] से की

[08:16:21] सोचिए अब अखबार

[08:16:25] में इस तरीके की चीजें आ रही हैं

[08:16:37] मतलब अगर आप दमन करेंगे तो हम भी लोग दमन

[08:16:41] करेंगे। अगर आप हमें मारिएगा तो हम भी

[08:16:45] आपको मारेंगे।

[08:16:49] 30 करोड़ की जनता अपने 7 करोड़ हाथ उठाएगी

[08:16:52] और आपका मुकाबला ताकत का मुकाबला ताकत से।

[08:16:54] पहली बार ओपन चैलेंज दिया गया कोलकाता

[08:16:57] में।

[08:16:59] इसके बाद विभिन्न पत्र पत्रिकाओं के

[08:17:01] द्वारा आपको मोटिवेट किया गया। जैसे

[08:17:03] युगांतर हो गया, साह हो गया, बंदी जीवन हो

[08:17:05] गया। बंदी जीवन को तो सचिन सानियाल जी के

[08:17:08] द्वारा लिखा गया था। बाइबल भी कहा जाता

[08:17:10] है। क्या कहा जाता है? बाइबल। ठीक है?

[08:17:21] इसके बाद कुछ घटनाएं हुई। जैसे 1879 में

[08:17:25] वासुदेव फलवंत फड़के के द्वारा

[08:17:31] रामोसी किसान सेना का आयोजन किया गया। यह

[08:17:34] भी एक तरीके का रिवोलशनरी एक्टिविटी था।

[08:17:36] 1890 में बाल गंगाधर तिलक के द्वारा गणपति

[08:17:39] और शिवाजी महोत्सव मनाया गया। जिसमें

[08:17:40] केसरी मराठा के माध्यम से कहा गया कि

[08:17:43] हिंसा की बात की थी। हालांकि उन्होंने

[08:17:45] किया नहीं था। 1897 में चापेकर बंधुओं के

[08:17:48] द्वारा पुणे के प्लेग कमिश्नर रैंड और

[08:17:51] आपको आयर्स की हत्या कर दी गई और कहा जाता

[08:17:53] है कि पहली बार ऑफिशियल इतना बड़ा हत्या

[08:17:55] आपको किया जा रहा है। ध्यान रखना है।

[08:17:58] सावरकर उनके भाई मित्र मेला नामक एक गुप्त

[08:18:01] संस्था की स्थापना करते हैं। 1904 में यही

[08:18:03] अभिनव भारत यही अभी हाल ही में एईडीओ में

[08:18:06] पूछा था।

[08:18:08] यही क्वेश्चन पूछा था ना अभिनव भारत के

[08:18:10] बारे में।

[08:18:11] अभिनव भारत के बारे में यही क्वेश्चन पूछा

[08:18:14] था।

[08:18:16] है कि नहीं? तो आपको एईडीओ में 1904 में

[08:18:21] अभिनव भारत जो कि मैजनी के यंग इंडिया से

[08:18:23] प्रभावित था। इन्होंने इसके बाद इन्होंने

[08:18:25] नासिक पुणे बॉम्बे में आपको बम केंद्र

[08:18:27] खोलना शुरू किया। वर्ष 1909 में आपको

[08:18:30] नासिक के कलेक्टर जैक्सन की हत्या कर दी

[08:18:32] गई। और इसमें आपको भूमिका थी अनंत लक्ष्मण

[08:18:35] कन्हारे। जैक्सन को मार दिया गया। सोचिए

[08:18:38] कि अब ये लोग मजिस्ट्रेट को मार रहे हैं।

[08:18:41] किसको मार रहे हैं? मजिस्ट्रेट को मार रहे

[08:18:44] हैं।

[08:18:45] लोगों को मार रहे हैं

[08:18:48] तो बात बिगड़ेगी कि नहीं बिगड़ेगी यह

[08:18:50] बताइए और हुआ भी यही बात बिगड़ी

[08:18:55] ठीक है ध्यान रखिएगा आजीवन कारवास दिया

[08:18:58] गया सबको पकड़ लिया गया 38 लोगों पे

[08:19:00] गिरफ्तारी हुई और यहीं पर इन लोग पे चलाया

[08:19:02] गया नासिक षड्यंत्र केस

[08:19:05] नासिक केस चलाया गया

[08:19:09] ध्यान रखिएगा नासिक केस अब बंगाल में यहां

[08:19:13] पर क्या होता है यही सब ध्यान रखिएगा

[08:19:15] बंगाल में यहीं पर आपको स्टार्ट होता है

[08:19:18] और बंगाल में जो सबसे एक इंपॉर्टेंट जो

[08:19:21] संस्था खड़ी होती है वो है अनुशीलन कमेट

[08:19:24] और इसको शुरू किया जाता है प्रमथना मित्र

[08:19:27] के द्वारा

[08:19:29] इन्होंने आपको प्रारंभ किया अनुशीलन समिति

[08:19:32] का।

[08:19:34] ठीक है? ध्यान रखिएगा। इसकी स्थापना

[08:19:36] अलग-अलग आती है। लेकिन मैक्सिमम जगहों पर

[08:19:38] प्रॉपर इसकी स्थापना की बात की जाती है।

[08:19:40] 1907 में बारिंद्र घोष और भूपेंद्रनाथ

[08:19:44] दत्त के द्वारा किया जाता है। प्रमनाथ

[08:19:47] दत्त और सचिंद्र बोस ये लोग एक्टिविटी

[08:19:49] काफी बहुत जबरदस्त था। इस संस्था का एक

[08:19:51] नारा था खून के बदले खून।

[08:19:55] ब्लड फॉर ब्लड।

[08:19:58] इसका नामकरण किसने किया था? नरेंद्र

[08:20:00] भट्टाचार्य जिसको मावेंद्रनाथ रॉय भी कहा

[08:20:02] जाता है। जिसको मावेंद्रनाथ रॉय भी कहा

[08:20:06] जाता है। इस संस्था में पहली बार आपको

[08:20:09] एक्टिविटी इस तरीके का करते हैं। ठीक है?

[08:20:12] ध्यान रखिएगा।

[08:20:18] क्या सर बहुत बुक्स में प्रथम

[08:20:23] प्रम प्रथम नहीं प्रमत है।

[08:20:52] ठीक है। ध्यान रखना है।

[08:20:56] आइए

[08:20:58] सर कितने आवर से पढ़ा रहे हैं? मैं सुबह

[08:21:00] 10:00 बजे से पढ़ा रहा हूं भाई। अब यहां

[08:21:03] पर जो मेन ऑब्जेक्टिव था वह था कि गुप्त

[08:21:05] रूप से काम करना और और लोकप्रिय

[08:21:10] और लोकप्रिय

[08:21:17] अंग्रेजों को मारना।

[08:21:26] अलोप्रिय का मतलब कि जिसकी एक्टिविटी भारत

[08:21:28] के लिए बहुत अच्छी नहीं है। जिसकी

[08:21:30] एक्टिविटी

[08:21:32] भारतीयों के प्रति बहुत खराब है। बहुत

[08:21:36] खराब खराब रूल्स ला रहे हैं।

[08:21:39] ध्यान रखिएगा

[08:21:44] बच्चे वही चीज है ना कि बच्चे अगर रेगुलर

[08:21:46] रहे तो कोई 24 घंटा भी पढ़ा दे। बच्चे ही

[08:21:48] नहीं रहते हैं। अब क्लास-व्लास भी होगा।

[08:21:51] बहुत यह है नहीं। क्लास भी तो रहता है।

[08:21:58] किसी का क्लास होगा।

[08:22:00] क्लास भी तो रहता है। किसी का क्लास होगा।

[08:22:00] किसी का एमसीक्यू क्लास होगा।

[08:22:04] चलिए किंग्सफोर्ड की हत्या और आज तो वो

[08:22:07] हुआ है तो आज है जा नहीं रहा था तो चटपटा

[08:22:09] न्यूज़ सब देख रहा होगा। आज तो वही सब

[08:22:12] न्यूज़ देख रहा होगा बैठकर सब किंग्सफोर्ड

[08:22:14] की हत्या 1909 में हुआ।

[08:22:20] कौन थे भैया किंग्सफोर्ट? तो किंग्सफोर्ट

[08:22:22] जिला के मुजफ्फरपुर जिला के आपको

[08:22:24] न्यायाधीश थे और लोकप्रिय ये भारतीयों के

[08:22:26] खिलाफ बहुत गलत-गलत डिसीजन दिए थे। यह जब

[08:22:29] आपको बंगाल में भी थे तो वहां पर भी गलत

[08:22:31] गलत डिसीजन दिए थे। उसी के समय से था कि

[08:22:34] भैया इनको टारगेट करना है और किंग्सफोर्ड

[08:22:37] मुजफ्फरपुर जिले के न्यायाधीश थे और आपको

[08:22:41] बम फेंकने की योजना बनाई जाती है। क्या

[08:22:43] बनाई जाती है? बम फेंकने की योजना बनाई

[08:22:45] जाती है। और मिस्टर कैनेडी की पत्नी और

[08:22:49] पुत्री मारी जाती है। प्रफुल्ल चाकी ने

[08:22:51] आत्महत्या कर ली थी। खुद ही राम बोस को

[08:22:53] पकड़ लिया गया। और 11 अगस्त 1908 को जो

[08:22:56] सबसे उम्र कम उम्र के फांसी पाने वाले

[08:22:58] व्यक्ति थे इनको फांसी दे। सोचिए 18 वर्ष

[08:23:03] फांसी दे दिया गया।

[08:23:06] समझ रहे हैं?

[08:23:08] आइए

[08:23:14] अलीपुर षड्यंत्र केस यह इंपॉर्टेंट है

[08:23:16] कोलकाता के अलीपुर में हुआ और एक ब्लेम

[08:23:19] लगाया गया कि कई लोग गलत तरीके से हथियार

[08:23:24] बना रहे हैं। कई लोग गलत तरीके से हथियार

[08:23:28] बना रहे हैं।

[08:23:31] 34 लोगों की गिरफ्तारी हुई और इसमें जानते

[08:23:34] हैं

[08:23:36] अरविंद घोष भी थे

[08:23:39] बट अरविंद घोष का बचाव कर लिया गया था

[08:23:41] सीआर दास के द्वारा अरविंद घोष का बचाव

[08:23:43] क्या किया गया था सीआर दास जी के द्वारा

[08:23:46] कर लिया गया था ये क्वेश्चन भी आता है कि

[08:23:48] इनको किसने बचाया था इसके बाद अरविंद घोष

[08:23:51] जो है कर्म योगिनी पत्रिका लिखते हैं

[08:23:53] इंग्लिश में लिखते हैं अंग्रेजों के खिलाफ

[08:23:55] फिर इसमें बातें लिख

[08:23:59] एक आश्रम एस्टैब्लिश करते हैं जिसको क्या

[08:24:01] कहते अरोविल

[08:24:03] अरोविल एक आश्रम की स्थापना करते हैं।

[08:24:07] ध्यान रखिएगा पोंडीचेरी में।

[08:24:12] पोंडीचेरी में अरोविल आश्रम की स्थापना

[08:24:15] करते हैं। और आगे जाकर यहीं से मतलब एक

[08:24:18] क्वेश्चन पूछता है कौन से क्रांतिकारी थे

[08:24:21] या कौन से आपको गरम दल के नेता थे जो आगे

[08:24:24] जाकर महात्मा यानी साधु बन गए थे? कौन है

[08:24:27] बताइए तो क्वेश्चन।

[08:24:30] ठीक है?

[08:24:32] क्या हो गया?

[08:24:36] जज बाहर के थे एम्सफोर्ड।

[08:24:40] अनुशीलन समिति को इललीगल घोषित कर दिया

[08:24:43] गया। ठीक है? ध्यान रखिएगा। उसके बाद

[08:24:45] हावड़ा सरेंद्र केस होता है। जिसमें आपको

[08:24:48] जितेंद्रनाथ मुखर्जी को अरेस्ट किया जाता

[08:24:50] है, एक्यूज़ किया जाता है। क्योंकि कहा

[08:24:51] जाता है कि इन्होंने एसपी कमसूल आलम को

[08:24:54] मारा था। इसके बाद पंजाब में एक भारत माता

[08:24:57] सोसाइटी 1904 में था। यह सब इंपॉर्टेंट

[08:25:00] है। यह थोड़ा सा इंपॉर्टेंट है क्योंकि

[08:25:03] इसमें किया गया क्या गया था आ से जो कि

[08:25:05] आपको तिने वैली जिला के जज थे नीलकंठ

[08:25:08] ब्रह्मचारी और वांछी अय्यर ने इनको मार

[08:25:10] दिया।

[08:25:12] सोचिए वांछी अय्यर के द्वारा इनको मार

[08:25:15] दिया गया। समझ रहे हैं?

[08:25:19] तो ये सब कुछ क्रांतिकारी एक्टिविटीज आपको

[08:25:21] काफी तीव्र गति से होने लगे।

[08:25:25] अब आपका आते हैं कुछ विदेशों में जैसे एक

[08:25:27] लिस्ट देख लीजिए यहां से लिस्ट अगर यह याद

[08:25:29] हो जाएगा आप लोग का तो आपका काम हो गया

[08:25:43] ये सब लिस्ट को ध्यान रखिएगा

[08:25:52] ठीक है ध्यान रखना ये ये सब इंपॉर्टेंट

[08:25:54] है।

[08:25:56] ध्यान रखना। अब यहीं से ये सब थोड़ा सा

[08:26:00] है। इसमें से दो चार को हम लोग को ठीक से

[08:26:02] देखना है। दो चार को यहां से हम लोग को

[08:26:04] ठीक से देखना है क्योंकि यहां से क्वेश्चन

[08:26:05] आप लोगों से पूछ दिए जाते हैं। एक काम

[08:26:08] करते हैं। अभी आप लोग को 5 मिनट का 10

[08:26:10] मिनट का एक ब्रेक देते हैं। थोड़ा सा चाय

[08:26:11] पी लिया जाए। उसके बाद फिर फाइनल वाइंड अप

[08:26:13] करेंगे।

[08:26:30] ठीक है।

[08:26:34] तो फिर हम लोग करते हैं थोड़ा सा।

[08:26:47] अभिषेक है बुला लेंगे तो

[08:26:53] ठीक है चलिए हम थोड़ा सा जब तक से आ रहा

[08:26:54] है तब तक से हम लोग एक चीज खत्म कर लेते

[08:26:56] हैं ठीक है मैडम भीका जी कामा देखिए फोटो

[08:27:00] देखिए यही है ये पारसी परिवार से संबंधित

[08:27:03] थी 1902 में भारत छोड़ इनके लिए एक

[08:27:05] क्वेश्चन आता है यह वाला एक यह क्वेश्चन

[08:27:07] आता है और एक यह आता है दो क्वेश्चन इनसे

[08:27:11] आता ठीक है? पहला क्वेश्चन आता है 1907

[08:27:14] में स्टुअर्ट गार्ड जर्मनी में

[08:27:15] अंतरराष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस में

[08:27:17] इन्होंने भाग लिया था और पहली बार

[08:27:19] इन्होंने तिरंगा फहराया जिसका कलर था हरा

[08:27:22] यानी ग्रीन, पीला और लाल।

[08:27:27] एक यह क्वेश्चन आता है। दूसरा क्वेश्चन

[08:27:29] आता है कि किसको मदर ऑफ इंडियन रिवोल्यूशन

[08:27:32] यानी आपको क्रांति भारतीय क्रांति की जननी

[08:27:36] किसको कहते हैं? तो इन्हीं को कहते हैं।

[08:27:38] अगर बात करूं तो इनको देखिए ये इनका टिकट

[08:27:40] था मतलब पोस्ट नहीं होता निकलता वो था तो

[08:27:42] मैडम भीका जी काम आई हैं। इन्होंने वंदे

[08:27:45] मातरम और मदन तलवार नामक दो आपको

[08:27:49] पत्रिकाओं को निकाला और मुंबई में इनकी

[08:27:51] डेथ हो गई। भीका जी विदेश में रहकर बहुत

[08:27:54] एक्टिवली काम की। मैडम भीका जी कामा विदेश

[08:28:00] में रहकर बहुत

[08:28:02] एक्टिवली काम की।

[08:28:07] और इसलिए इनको क्रेडिट दिया था। ऐसा नहीं

[08:28:09] था। यह श्याम प्रसाद जी के साथ अच्छा इनका

[08:28:12] रिलेशन था। इनका आपको गदर पार्टियों के

[08:28:14] साथ अच्छा रिलेशन था।

[08:28:17] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[08:28:21] ध्यान रखना।

[08:28:26] अब आते हैं गदर पार्टी में।

[08:28:31] 1 नवंबर 1913 को सैन फ्रांसिस्को में आपको

[08:28:34] गदर पार्टी की स्थापना होती है। यह भी

[08:28:36] वीवीआई

[08:28:39] गदर पार्टी की स्थापना 1 नवंबर 1913 सैन

[08:28:42] फ्रांसिस्को में होता है। संस्थापक इसके

[08:28:46] कौन होते हैं? अब बुलाया हूं।

[08:28:51] अरे भाई अब बुलाया हूं। अब आएगा तब तक से

[08:28:52] पढ़ा देता हूं। नहीं होगा। लाला हरदयाल जी

[08:28:56] इसके संस्थापक थे। प्रेसिडेंट कौन था? तो

[08:28:59] सोहन सिंह भाखना इसके अन्य नाम थे प्रशांत

[08:29:03] तट का हिंदी संघ हिंदी एसोसिएशन ऑफ द

[08:29:06] पेसिफिक कोस्ट इसके पार्टी का नाम था मतलब

[08:29:09] जो एक पत्रिका था गदर हिंदुस्तान गदर था

[08:29:13] गदर आश्रम कहां था ये सब क्वेश्चंस आते

[08:29:16] हैं। एक क्वेश्चन आता है जिसमें कई लोग

[08:29:18] क्या होते हैं गलत कर देते हैं। एक मिनट

[08:29:21] प्रथम अंक इसका उर्दू में छपा था। बाद में

[08:29:24] गुरुमुखी यानी पंजाबी फिर हिंदी इंग्लिश

[08:29:26] मराठी आपको यह एक चीज ध्यान रखिएगा तमिल

[08:29:30] में नहीं था।

[08:29:37] तमिल में यह नहीं था। इनकी जो पत्रिका थी

[08:29:41] तमिल में नहीं थी। ठीक है? चलिए हम लोग 10

[08:29:44] मिनट में आते हैं। थोड़ा सा है ना 2ाई

[08:29:47] घंटा हो गया। 10 मिनट में आते हैं। फिर

[08:29:49] आपको शुरू करते हैं। फिर इसको फिर हम लोग

[08:29:51] समाप्त कर देंगे।

[08:51:52] वॉइस भी आ गया होगा ना ठीक वॉइस आ रही है

[08:51:57] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[08:51:59] वॉइस आ रही है यह बताइए

[08:52:20] चलो

[08:52:22] तो चलिए हां ठीक है ठीक है ठीक है तो हम

[08:52:25] लोग चलो शुरू करते हैं फिर से फटाफट

[08:52:28] जिस तरीके से

[08:52:34] अभी हम लोगों ने क्रांतिकारी आंदोलन देखा

[08:52:36] और विदेशों में क्रांतिकारी जो है उसके

[08:52:39] चीजों को देखा है ना कि कैसे विदेशों में

[08:52:41] क्रांतिकारी आंदोलन का प्रभाव पड़ रहा

[08:52:43] कैसे चीजें आपको आगे बढ़ी कैसे क्या हो

[08:52:46] रहा है तो विदेशों में भी बहुत एक्टिवली

[08:52:49] आपको यहां पर काम किया गया बहुत तेजी से

[08:52:51] काम किया गया रीजन इसके पीछे यही था

[08:53:11] चलो

[08:53:13] एकदम क्लियर है ना? चलिए शुरू करते हैं इस

[08:53:15] सेशन को।

[08:53:17] बच्चे कहां है पता नहीं।

[08:53:21] स्वदेश सेवक गृह यहां से एक बार क्वेश्चन

[08:53:23] आपसे आया था। वह यह आया था कि यह संस्था

[08:53:26] कहां पर? यह हिंदी इंग्लिश में सेम ही है।

[08:53:28] डीडी कुमार जी के द्वारा कनाडा में इसकी

[08:53:30] स्थापना किया गया था और एक स्वदेश सेवक

[08:53:34] मैगजीन था। स्वदेश सेवक मैगजीन था। वहां

[08:53:38] से चीजें आई थी। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[08:53:48] यूनाइटेड हां आएगा। स्टोरिंग टेलिंग आएगा।

[08:53:50] ये सब फ़क्चुअल इनेशन है। इसमें क्या

[08:53:52] स्टोरिंग टेलिंग करूं? यहां से एक

[08:53:54] क्वेश्चन पूछा गया है आपसे कई बार कि फ्री

[08:53:56] हिंदुस्तान पत्रिका किसके द्वारा था? तो

[08:53:59] तारकनाथ जी के द्वारा और जी डी कुमार जी

[08:54:01] के द्वारा। बट फ्री हिंदुस्तान जो पत्रिका

[08:54:03] था वो कनाडा के वैंकवर में आपको तारकनाथ

[08:54:06] दास जी के द्वारा किया गया था। इस चीज को

[08:54:08] ध्यान रखिएगा। हिंद एसोसिएशन पोर्टलैंड

[08:54:11] यूएसए हृदयाल जी। अब समझिएगा

[08:54:15] एक इंडियन इंडिपेंसिस है। इसी के बारे में

[08:54:17] बात कर रहे थे कल जो मैंने बोला था कल का

[08:54:20] दोपहर में कि

[08:54:24] इंडियन इंडिपेंडेंस लीग एक ऐसा लीग जिसमें

[08:54:27] पहली बार यह कहा गया कि भाई हम स्वतंत्र

[08:54:30] शासक हैं। स्वतंत्र हमारा सेना है। मैं

[08:54:33] खुद यहां का प्रेसिडेंट हूं और

[08:54:35] प्रधानमंत्री बरकतुल्लाह को बनाया गया।

[08:54:37] महेंद्र प्रताप पहली बार आपको यहां पर

[08:54:40] किंग बनते हैं। ठीक है? महेंद्र प्रताप

[08:54:43] किंग नहीं प्रेसिडेंट। तो फर्स्ट

[08:54:45] प्रेसिडेंट कौन बने? तो फर्स्ट प्रेसिडेंट

[08:54:47] बने महेंद्र प्रताप सिंह। फरकतुल्लाह आपको

[08:54:50] इसके पीएम बनते। इसको रशिया ने, रूस ने,

[08:54:54] जर्मनी ने इन सबों ने समर्थन भी दिया कि

[08:54:58] हां हां आप एकदम सही बात कर रहे हैं। गृह

[08:55:01] मंत्री अब्दुल्ला खान सिंधी थे। आप समझ

[08:55:04] रहे हैं? इन लोगों ने एक टेंपरेरी

[08:55:07] गवर्नमेंट की स्थापना की। टेंपरेरी

[08:55:10] गवर्नमेंट की स्थापना की।

[08:55:16] इसके बाद इन लोगों ने अपने तरीके से काम

[08:55:19] किया। जर्मनी रूस ने इसको मान्यता भी दे

[08:55:22] दी कि हां हां सही है। ठीक है? और यहीं से

[08:55:26] हम लोग चीजों को सेशन को ये किए। तो ये

[08:55:29] इंपॉर्टेंट है।

[08:55:31] अब देखिए कामागाटा मारू प्रकरण।

[08:55:35] यह है वैंकवर और यह है आपको भारत। यानी

[08:55:40] अगर हम इसको इस तरीके से देखें तो यह है।

[08:55:45] ठीक? अब समझिएगा हुआ क्या? मना कर दिया

[08:55:50] गया था कि भाई भारतीय नहीं आ सकते या कोई

[08:55:52] बाहर के लोग नहीं आ सकते हैं। कनाडा में

[08:55:55] नहीं आ सकते क्योंकि भारतीयों की भूमिका

[08:55:57] बहुत बढ़ रही थी। भारतीय एक्टिवली काफी

[08:55:59] आपको वहां पर जा रहे थे। तो इन्होंने कह

[08:56:03] दिया कि ना ना

[08:56:05] ऐसा कुछ नहीं है।

[08:56:09] ठीक है? ऐसा कुछ नहीं है।

[08:56:11] अब भारतीय वहां नहीं जाएंगे। डायरेक्ट तो

[08:56:14] भारत से कोई आएगा तो वह तो नहीं जाएगा।

[08:56:16] लेकिन सडनली एक न्यूज़ आया। न्यूज़ क्या

[08:56:19] आया? न्यूज़ यह आया कि

[08:56:24] कोई भी भारतीय

[08:56:26] अगर कहीं दूसरे जगह से आता है मतलब भारत

[08:56:29] से नहीं आता दूसरे जगह से आता है

[08:56:32] तो वो आपको कनाडा में प्रवेश कर जाता है।

[08:56:37] अब जैसे ही यह खबर सुन चुकी यह कोर्ट वहां

[08:56:40] के कोर्ट से आया खबर जैसे ही यह खबर सुन

[08:56:43] सुनी गई आपको तुरंत एक व्यक्ति थे जिनका

[08:56:46] नाम था गुरु प्रीत सिंह यहां पर देखिए

[08:56:50] सॉरी गुरुदत्त सिंह

[08:56:54] इन्होंने कहा कि अच्छा हम लोग डायरेक्ट

[08:56:55] नहीं आ सकते लेकिन दूसरे जगह से तो आ सकते

[08:56:58] हैं क्योंकि कनाडा भी एक हब बन रहा था

[08:57:01] भारत के बाहर

[08:57:04] कनाडा भी भारत के बाहर एक हब बन रहा था

[08:57:10] और गुरुदत्त सिंह के द्वारा यहां पर क्या

[08:57:13] किया? हांगकांग के एक जर्मन शिपिंग एजेंट

[08:57:15] थे मिस्टर ब ने वहां से एक जहाज किराए पर

[08:57:18] लिया जिसका नाम था कामागाटा मारू। इस जहाज

[08:57:22] का नाम था कामागाटा मारू।

[08:57:27] कामागाटा मारू इस जहाज का नाम।

[08:57:31] क्लियर?

[08:57:34] हां। यह कौन सा समय था? यह ध्यान रखिएगा।

[08:57:38] यह समय आपको वर्ल्ड वार हालांकि कामागाटा

[08:57:41] मारू जब आपको स्टार्ट हुआ था उसके बाद

[08:57:43] वर्ल्ड वार स्टार्ट हुआ प्रॉपर तरीके से

[08:57:46] कामागाटा मारू के बाद। क्योंकि जब

[08:57:48] गामागाटा मारू अटैक हुआ था ना तब जाकर

[08:57:52] इसको बुलाया गया कि भाई तुम लोग वापस आओ।

[08:57:54] अब गुरु दत्त सिंह ने क्या किया? कामागाटा

[08:57:57] मारू लिए जहाज वहां पर बैठे और बैठने के

[08:58:00] बाद

[08:58:02] इन्होंने

[08:58:06] हां हां देख सकते हैं भाई इन्होंने क्या

[08:58:09] किया 336 आदमी को बैठाया और वैंकवर की ओर

[08:58:12] रवाना हो गए लेकिन जैसे ही वैंकवर के

[08:58:15] कोस्ट पे पहुंचते हैं इन लोगों को रोक

[08:58:17] दिया गया

[08:58:19] इन लोगों को रोक दिया और यह बात है 23 मई

[08:58:22] 1914 की

[08:58:25] रोक जैसे दिया गया हुआ कि भाई क्यों आप

[08:58:27] रोक रहे हैं

[08:58:30] आप तो दूसरे को तो किए हैं क्योंकि आप ही

[08:58:32] के कोर्ट के द्वारा कहा गया

[08:58:34] कि प्रवेश कर सकते हैं। अगर कोई

[08:58:36] इनडायरेक्ट आता है तो कहा कि ना

[08:58:40] अब जो है

[08:58:43] वो प्रवेश नहीं कर सकता है। इन लोगों ने

[08:58:45] क्या किया कोस्ट पर ही एक कमेट बनाई जिसका

[08:58:48] हिंदी में नाम है तटीय कमेटी

[08:58:52] और इंग्लिश में नाम है सौर कमेटी।

[08:59:00] हुसैन रहीम, सोहन लाल पाठक, बलवंत सिंह इन

[08:59:03] सब के आपको अध्यक्षता में एक शोर कमेटी

[08:59:05] बनाई गई। कोस्टल कम्युनिटी सोर कमेटी

[08:59:10] हिंदी में इसी का नाम था तटीय कमेटी। यह

[08:59:13] बनाया गया।

[08:59:15] बनाने के बाद आपको बहुत तीव्र गति से यहां

[08:59:19] पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। लेकिन तभी

[08:59:21] अटैक हो गया। यह लोग जापान की तरफ मूव

[08:59:23] किए। लेकिन ब्रिटेन ने कहा कि भाई तुम

[08:59:25] जल्दी आओ तो आप लोग आइए। तो ब्रिटेन के

[08:59:27] द्वारा इनको बुला लिया गया। ठीक है? और

[08:59:30] इसी को घटना को यह जो कर्म है इसी घटना को

[08:59:33] कहते हैं कामागाटा मारो। यह जहाज जापान

[08:59:36] पहुंचते ही युद्ध शुरू हो गया था। अब ये

[08:59:39] जैसे ही कहां आएंगे? जाहिर सी बात है भारत

[08:59:41] के पास आएंगे। अब भारत में यह पहुंचे

[08:59:43] कोलकाता के बजबज में यहां पर

[08:59:47] और यहां पहुंचती अंग्रेजों और भारतीयों के

[08:59:49] बीच हड़प स्टार्ट हो गई। और इसी घटना को

[08:59:52] हम लोग कहते हैं कामागाटा मारू प्रकरण।

[08:59:56] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[08:59:57] इस घटना को क्या कहते हैं? कामागाटा मारू

[09:00:00] प्रकरण। क्लियर ध्यान रखिएगा।

[09:00:05] तो कामागाटा मारू क्या है? एक जहाज था।

[09:00:07] इसी प्रकार से एक और था तोसामारू कांड।

[09:00:11] इसी प्रकार से एक और कांड था तोसामारू

[09:00:13] कांड। तोशामारू कांड क्या था? तो तोषमू

[09:00:18] कांड भी एक जहाज ही था।

[09:00:21] तोसामारू कांड भी आपको एक जहाज ही था।

[09:00:24] इसका नाम था तोषा मारू और यह घटना

[09:00:26] श्रीलंका में हुई। कहां हुई? श्रीलंका

[09:00:29] में। अरे कुछ समय और है पढ़ लीजिए थोड़ा

[09:00:31] सा शेयर कर लीजिए। मैंने कहा ना आप लोग की

[09:00:34] उपस्थिति रहती है वही हमारी एनर्जी होती

[09:00:36] है। मैंने कहा ना कि अगर आप लोग उपस्थित

[09:00:38] है वही हमारी एनर्जी। हमारी एनर्जी चाय और

[09:00:42] खाने से नहीं है। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[09:00:45] तोसा मारू जहाज पर सवार होकर यह पहुंचे।

[09:00:49] परमानंद जी के द्वारा भाषण दिया गया। भाई

[09:00:51] परमानंद भाई परमानंद इनको कहा जाता था।

[09:00:54] भाषण दिया गया परमानंद जी के द्वारा

[09:00:58] और भाषण देने के बाद जैसे ही भाषण दिया

[09:01:00] सिंगापुर लाइट के इनफेंट्री के दो जवान

[09:01:02] चिश्ती खान और ढूंडे खान ने श्रीलंका में

[09:01:04] ही विद्रोह कर दिया अंग्रेजों का। ठीक है?

[09:01:08] श्रीलंका में भी

[09:01:11] आपको विरोध कर दिया।

[09:01:14] अब जो आपको यहां पर विरोध स्टार्ट हुआ

[09:01:17] श्रीलंका में यह बहुत तेजी से फैलने लगा

[09:01:19] श्रीलंका में। और इसी को कहा गया आपको

[09:01:23] तोसा मारू कांड। इस घटना को सिंगापुर

[09:01:26] क्रांति के नाम से भी जानते हैं।

[09:01:29] आपसे यह क्वेश्चन आया हुआ है।

[09:01:33] ओके रंजीता ठीक है भाई। ये क्वेश्चन आया

[09:01:36] हुआ है कि तोसा मारू कांड जो है इसको और

[09:01:40] किस नाम से जानते हैं? तो इसको सिंगापुर

[09:01:43] क्रांति के नाम से भी जानते हैं। और यह

[09:01:46] क्यों हुआ था? तो वही चीजें थी कि आपको एक

[09:01:49] मोटिवेशन भाषण दिया गया था भाई परमानंद जी

[09:01:52] के द्वारा और जाहिर सी बात है कोई भी

[09:01:55] विरोधी हो जाएगा क्योंकि अंग्रेजों का था

[09:01:57] ही ये। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[09:02:00] अब आते हैं सिल्क पेपर कांड क्या था?

[09:02:05] सिल्क पेपर कांड 1915 में था। यह मौलवी

[09:02:07] उबेदुल्लाह सिंधी जी के द्वारा। और

[09:02:09] उन्होंने एक पत्र महमूद हसन को लिखते थे

[09:02:12] फारसी भाषा में। अब मान लो कि एक तिल्क के

[09:02:15] पेपर में आपको पत्र लिखा जा रहा है। पत्र

[09:02:18] लिखा जा रहा है और आप फारसी भाषा में आपको

[09:02:22] पढ़ ही नहीं। तो अंग्रेजों को एक आध बार

[09:02:24] पता चला लेकिन उन लोगों ने ध्यान नहीं

[09:02:25] दिया। बाद में एक बार पकड़ा गए।

[09:02:30] बाद में एक बार पकड़ा गए।

[09:02:34] पकड़ा के जब देखे अरे यार यह सब अंग्रेजों

[09:02:36] के खिलाफ तो बड़ा खतरनाक चीजें हो रही हैं

[09:02:39] और इन लोग को पकड़ लिया गया और बाद में

[09:02:41] पता चला कि इन लोगों ने बहुत सारे लेटर

[09:02:44] दिए थे उदयला सिंधी महमूद हसन को इस टाइप

[09:02:47] के ये लोग लेटर फॉरवर्ड करते थे अपने-अपने

[09:02:49] पॉइंट्स बताते थे कि देखो ऐसे काम करना

[09:02:52] है। इसका विरोध ऐसे करना है। ये सब चीजों

[09:02:53] को करना है। तो ऐसे-से पॉइंट्स बताने

[09:02:56] लगेगा। ठीक है? और इसीलिए आपको तोसामा ये

[09:03:00] सिल्क कांड कहते हैं। यह 1915 में हुआ था।

[09:03:03] ध्यान रखिएगा। यह सब कुछ इंपॉर्टेंट

[09:03:05] विदेशी घटनाएं हुई थी। अब इसी बीचकि

[09:03:08] क्रांतिकारी एक्टिविटी बहुत ज्यादा बढ़ने

[09:03:10] लगी थी। अंग्रेजों को लगा कुछ करना होगा।

[09:03:14] कुछ तो करना होगा दया। क्यों? कैसे क्यों

[09:03:18] करना होगा? क्योंकि इनके विरोधी बहुत होने

[09:03:21] लगे। इनके विरोधी बहुत होने लगे।

[09:03:27] और यही कारण है

[09:03:31] कि

[09:03:33] अंग्रेजों ने एक नीति लाई। नीति का साफ ही

[09:03:37] मतलब था।

[09:03:39] सर सिंगापुर देखिए ज्योति राय आप पढ़ ही

[09:03:42] नहीं होंगे। अलग चीज है। सब ये नोट्स में

[09:03:44] है। तुरंत लिख देते हैं आप लोग कि नोट्स

[09:03:46] में नहीं है।

[09:03:49] नोट्स में दिखवा दूं 100 बच्चों का। इससे

[09:03:52] जानते हैं क्या होता है? नेगेटिव इंपैक्ट

[09:03:54] पड़ता है YouTube पे। बच्चों को लगता है

[09:03:55] कि अच्छा पेड में नहीं पढ़ाते। अरे

[09:03:58] तुम्हारे में नहीं होगा। तुम नहीं लिखी

[09:04:00] होगी। जाकर देखें तो कितने बच्चों के सब

[09:04:03] कुछ है नोट्स से।

[09:04:05] आपके जो मेन कंटेंट है नोट्स का उसी का तो

[09:04:08] ये ब्रीफ मॉडल है।

[09:04:12] चलिए

[09:04:14] जाकर देखो यह है कि नहीं।

[09:04:19] और नहीं भी है तो यह आपको कई है। पहली

[09:04:21] बात। दूसरी बात यह मैंने कई बार आपको

[09:04:24] YouTube के फ्री में ही पढ़ाया है ये।

[09:04:29] तो नहीं है तो नोट कर लीजिए।

[09:04:32] नहीं लिखी होगी।

[09:04:35] चलो

[09:04:37] अब होता क्या है?

[09:04:40] समझिएगा। अरे सब कुछ नोट से है भाई। वहीं

[09:04:43] से है सब कुछ। खुद लिखना नहीं है। दूसरे

[09:04:45] पर वो डाल दे।

[09:04:49] समझिएगा।

[09:04:53] अब अंग्रेजों को लगा कि नहीं भारत में यह

[09:04:56] बहुत एक्टिविटी ज्यादा हो रहा है। भारत

[09:04:59] में यह एक्टिविटी बहुत ज्यादा हो रहा है।

[09:05:02] इन लोगों ने कहा कि एक सिडनी थे। सिडनी

[09:05:04] रलेट एक्ट थे रलेट थे। उनको कहा कि सुनो

[09:05:07] तुम कुछ ऐसा कानून बनाओ कि इन सब चीजों

[09:05:09] में पाबंदी लगे। समझिएगा।

[09:05:12] इन सब चीजों में पाबंदी लगे। कुछ ऐसा

[09:05:14] कानून बनाओ। उन्होंने कहा ठीक है। तो एक

[09:05:16] कमेटी गठित हुई। ध्यान रखिएगा। एक कमेटी

[09:05:18] गठित हुई और उस कमेटी को

[09:05:26] 1917 में सिडनी रलेट की अध्यक्षता में

[09:05:28] हुआ। इन्होंने 18 में रिपोर्ट दिया। मामला

[09:05:32] यही था क्योंकि बंगाल में महाराष्ट्र में

[09:05:35] महाराष्ट्र में तो फिर भी कम बंगाल में ये

[09:05:38] सब बहुत ज्यादा एक्टिविटी हो रहा था।

[09:05:39] अंग्रेज थे परेशान। ठीक है? अंग्रेज थे

[09:05:42] परेशान। अब आपको सिडनी रलेट ने एक रिपोर्ट

[09:05:46] दिया और उस रिपोर्ट में कई सारे चीजों को

[09:05:48] कहा गया और यह एक एक्ट बनकर आता है

[09:05:52] क्रांतिकारी और अराजकतावादी कानून। 18

[09:05:55] मार्च को यह पास कर दिया जाता।

[09:05:59] 18 मार्च को यह पास कर दिया जाता है। ठीक

[09:06:03] है? 18 मार्च को यह पास कर दिया जाता है।

[09:06:09] अब होता क्या है?

[09:06:15] इसमें एक नियम लाया गया। नियम क्या था?

[09:06:17] काला कानून।

[09:06:19] यानी अगर आपको कोई गिरफ्तार कर रहा है तो

[09:06:23] आप ना वकील रख सकते हैं, ना अपील कर सकते

[09:06:26] हैं, ना दलील दे सकते हैं। सोचिए

[09:06:29] और अनिश्चितकाल नहीं था। 2 साल था।

[09:06:33] अनिश्चितकाल नहीं था। 2 साल तक आपको ऐसे

[09:06:35] रख सकता है। सोच लीजिए।

[09:06:39] अनिश्चित काल तक 2 साल तक नहीं अनिश्चित

[09:06:42] काल तक आपको रख सकता है।

[09:06:48] आप समझ रहे हैं कि आप पर केवल मुझे शक

[09:06:50] हुआ। समझिएगा

[09:06:52] आप पर मुझे केवल शक हुआ। मैं आपको उठाकर

[09:06:57] ले गया।

[09:06:59] उठाकर ले जाने के बाद ना आप कुछ बोल सकते

[09:07:02] हैं। ना वकील रख सकते हैं। आप समझ रहे

[09:07:05] कितना गंदा यह होगा।

[09:07:08] यह लॉ ही सुनकर कई लोगों की रूह कांप गई

[09:07:12] होगी। यह लॉ सुनकर कई लोगों की रूह कांप

[09:07:16] गई होगी

[09:07:18] और इसीलिए इसका विरोध प्रदर्शन पूरे

[09:07:20] इंडिया में हुआ और आप लोग को बता दूं

[09:07:22] गांधी पहली बार भारत में इंडिया लेवल पे

[09:07:25] जो

[09:07:29] गांधी इंडिया लेवल पर जो शामिल थे

[09:07:33] वह इसी आंदोलन में थे। तो इससे दो प्रश्न

[09:07:37] पूछता है। क्या प्रश्न पूछता है? पहला कि

[09:07:40] गांधी पहली बार

[09:07:43] किस आंदोलन में शामिल हुए थे? तो कहिएगा

[09:07:46] भारत में एक बड़े लेवल पर चंपारण में थे।

[09:07:50] लेकिन चंपारण एक रीजनल था। चंपारण एक

[09:07:54] रीजनल था।

[09:07:57] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[09:07:59] और पहली बार इंडिया लेवल पर इसलिए यहां पर

[09:08:03] मैंने दोनों चीजों पर लिख दिया था। पहली

[09:08:06] बार इंडिया लेवल पर इसी आंदोलन में भाग

[09:08:08] लिए। वह

[09:08:10] गांधी जी ने इस एक्ट के विरोध में 6

[09:08:11] अप्रैल 1919 को एक देशव्यापी हड़ताल का

[09:08:14] आह्वान किया और सत्याग्रह सभा की स्थापना

[09:08:17] की। लेकिन फिर जालियांवाला बाग कांड हो

[09:08:20] जाता है। यह सब हो जाता है। वह सब हम लोग

[09:08:22] देखेंगे। बट अभी हम लोग क्या करते हैं?

[09:08:24] अभी क्रांतिकारी जो है उसको आगे बढ़ते

[09:08:28] हैं।

[09:08:30] अब क्रांतिकारी गतिविधियां सेकंड फॉर्म

[09:08:32] में आई। इसी बीच कुछ घटनाएं होती हैं जो

[09:08:36] अभी हम लोग देखेंगे जैसे जालियावाला बाग

[09:08:38] कांड जालियावाला बाग

[09:08:42] ठीक है खिलाफत आंदोलन

[09:08:46] खिलाफत आंदोलन और जो सबसे इंपॉर्टेंट कांड

[09:08:49] हुआ वो था कांड नहीं मतलब कि घटना वो था

[09:08:52] असहयोग

[09:08:55] आंदोलन

[09:09:02] असहयोग सहयोग आंदोलन

[09:09:05] समझ गए

[09:09:11] तो

[09:09:14] असहयोग आंदोलन गांधी ने वापस ले लिया कहा

[09:09:18] जाता है कि एकदम पीक में था गांधी ने इसको

[09:09:20] क्या कर लिया वापस ले लिया और वापस जब

[09:09:23] लिया

[09:09:26] वापस लिया

[09:09:30] तो फिर से जो यंगस्टर थे ना उनके अंदर फिर

[09:09:33] से गुस्सा

[09:09:35] व्हाई दिस कोलाबेरिटी

[09:09:40] इस पर विश्वास करें नरम दल फ्लॉप हो गए

[09:09:43] गरम दल फ्लॉप हो गए गांधी पर विश्वास किए

[09:09:45] ये भी फ्लॉप हो गए

[09:09:53] क्यों इनका जवाब था क्यों

[09:09:56] अब किस पर विश्वास करें गांधी पर था गांधी

[09:09:59] भी पे नहीं हो पाया इन्होंने कहा कि ना

[09:10:01] भैया हमारा बम बम बारूद वाला ही ठीक था

[09:10:04] हमारा बम बारूद वाला ही ठीक था कहानी वही

[09:10:08] ठीक था

[09:10:10] हां और फिर से ये लोग क्या किए एक नया

[09:10:14] पार्टी बना जिसमें आपको यहां से शुरू

[09:10:18] क्रांतिकारी गतिविधियों में फिर से

[09:10:20] इन्होंने क्या किया हिंदुस्तान अच्छा इसका

[09:10:23] अच्छा है हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन की

[09:10:27] स्थापना की या इसी को आर्मी भी कहीं-क जगह

[09:10:29] लिखा रहता एचआरए की स्थापना स्थापना करते।

[09:10:33] इसमें सचिंद्रनाथ सन्याल की भूमिका काफी

[09:10:37] थी।

[09:10:38] योगेश चंद्र चटर्जी की भूमिका काफी थी।

[09:10:43] हुआ क्या? इन लोगों ने कहा रामप्रसाद

[09:10:47] बिस्मिल जी की काफी भूमिका थी। बड़ी

[09:10:48] भूमिका थी। मेन लीड भी कर रहे थे यही। और

[09:10:51] यह क्रांति ये गठन कहां होता है? कानपुर

[09:10:54] में। यह गठन होता कहां है? कानपुर में।

[09:10:56] ध्यान रखिएगा।

[09:11:00] कानपुर में यह गठन होता है और एक डिसीजन

[09:11:03] लिया जाता है कि हम लोग क्या करेंगे?

[09:11:06] अंग्रेजों को लूटेंगे।

[09:11:08] एक मैंने इसको बताया था कि एक काफी पुराना

[09:11:12] एक ये है क्या कहा जा सकता है? इंटरव्यू

[09:11:16] है छोटा सा। उनसे इंटरव्यू लिया गया। अ

[09:11:24] एक बार इंटरव्यू लिया गया। तो उन्होंने

[09:11:26] बोला कि जब क्रांतिकारी लोग देखिएगा ये

[09:11:29] YouTube पे है। उन्होंने वो उस दल के

[09:11:31] सदस्य थे इसके उन्होंने कहा कि हुआ कि

[09:11:35] गांव वालों से पैसा लिया जाए लेकिन हुआ

[09:11:37] फिर गांव वाले से क्यों लिया जाए? गांव

[09:11:38] वाले तो अपने आदमी है। ठीक है? और इस पे

[09:11:42] लीड कर कौन कर रहा था? तो राम प्रसाद

[09:11:44] बिस्मिल्लाह जी कर रहे थे। तो हुआ कि नहीं

[09:11:47] नहीं हम लोग गांव वाले से नहीं लेंगे। हम

[09:11:49] लोग ट्रेन को लूटेंगे। देखिएगा ना

[09:11:51] इंटरव्यू बड़ा अच्छा है। सो वो खुद इसके

[09:11:53] मेंबर थे।

[09:11:55] तो यह डिसीजन इन्हीं का था कि हम लोग

[09:11:57] लूटेंगे। इसी घटना को कहा गया काकोरी

[09:12:00] एक्शन डे। और इस पर क्वेश्चन भी पूछता है

[09:12:02] कि काकोरी एक्शन डे किस एसोसिएशन के

[09:12:05] द्वारा घटित घटना थी? काकोरी एक्शन डे किस

[09:12:10] एसोसिएशन के द्वारा घटित घटना थी? तो

[09:12:14] काकोरी एक्शन डे जो था वह जो है

[09:12:17] हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन के द्वारा

[09:12:20] घटित घटना

[09:12:24] समझ रहे हैं? ध्यान रखिएगा। अब इसमें आठ

[09:12:29] एट डाउन ट्रेन को रोक लिया गया और सरकारी

[09:12:32] रेलवे ये यूपी में एक जगह है काकोरी वहीं

[09:12:34] पर आपको हुआ था। ठीक है? ध्यान रखिएगा

[09:12:36] गोरखपुर के पास और इसमें कई लोगों को

[09:12:38] गिरफ्तार कर लिया गया जिसमें बिस्मिल्लाह

[09:12:40] जी थे, अशफाक उल्लाह थे, रोशन सिंह थे और

[09:12:43] राजेंद्र लहड़ी थे। सबको गिरफ्तार कर।

[09:12:50] कुछ ही पैसे यहां पर बटोर पाए थे यह लोग

[09:12:53] 101000 लेकिन पकड़ा गए थे। कहा जाता है

[09:12:56] चंद्रशेखर आजाद का भी इन्वॉल्वमेंट था

[09:13:00] लेकिन वो बचकर निकल गए तो यह इन्होंने

[09:13:03] डिसीजन लिया 9 को 9 अगस्त 1925

[09:13:09] पहले इसको कहा जाता था काकोरी कांड लेकिन

[09:13:11] अब कहा जाता है काकोरी एक्शन डे। ठीक है?

[09:13:14] हम लोगों ने नाम चेंज कर लिया। नाम चेंज

[09:13:16] करने में तो माहिर हैं हम लोग। इसके बाद

[09:13:19] कई लोग पकड़ा गए। कई लोग को पकड़ लिया

[09:13:21] गया।

[09:13:23] हुआ कि

[09:13:25] अब क्या किया जाए इसमें? लेकिन अभी भी कई

[09:13:28] लोग एक्टिव लोग थे। कई लोग एक्टिव लोग थे।

[09:13:33] अब क्या किया जाए? देखिए इस कांड के बाद

[09:13:36] इस एक्शन के बाद अंग्रेज बहुत एक्टिव हो

[09:13:39] गए थे। इस एक्शन के बाद अंग्रेज बहुत

[09:13:42] ज्यादा एक्टिव हो गए थे।

[09:13:45] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[09:13:48] ध्यान रखिएगा।

[09:13:52] अब आपको यहां पर

[09:13:56] फिर से एक और बनाया गया। लेकिन यहां पर एक

[09:13:58] शब्द का चेंज किया गया। इस शब्द को चेंज

[09:14:01] क्या किया गया? सोशलिस्ट नाम से इन लोग

[09:14:04] काकि प्रभाव चाहे विवेकान विवेकानंद कह

[09:14:06] रहा हो। चाहे वो आपको भगत सिंह हो,

[09:14:10] चाहे वो चंद्रशेखर आजाद हो,

[09:14:15] इन लोगों पे एक प्रभाव आ गया था। वो

[09:14:18] प्रभाव था

[09:14:20] समाजवाद का। तो इन लोग का टारगेट यह नहीं

[09:14:24] था अंग्रेजों को मारो, भगाओ। इनका टारगेट

[09:14:26] था कि अंग्रेजों को भगाने के बाद एक

[09:14:30] समाजवादी गणतंत्र की स्थापना करना है।

[09:14:34] अंग्रेजों को भगाने के बाद अब एक समाजवादी

[09:14:38] गणतंत्र की स्थापना करना है।

[09:14:42] समझ रहे हैं आप?

[09:14:44] समाजवादी गणतंत्र की स्थापना करना है। और

[09:14:47] इसीलिए एक वर्ड का यहां पर यूज़ किया गया

[09:14:49] एचएसआरए।

[09:14:52] इसकी स्थापना कहां होती है? इसकी स्थापना

[09:14:55] दिल्ली में होती है। तो अगर आपसे पूछेगा

[09:14:58] एचआरए की स्थापना तो कहिएगा 1924

[09:15:03] जगह पूछेगा तो कहिएगा कानपुर।

[09:15:06] एचएसआरए की स्थापना

[09:15:09] 1928 जगह पूछेगा तो कहिएगा दिल्ली।

[09:15:13] ठीक है? ध्यान रखिएगा नाम चेंज कर दिया

[09:15:15] गया। लेकिन अभी भी वही था अप्रिय लोगों को

[09:15:19] मारना। हां अब अरुण जेटली इसका नाम रखा

[09:15:22] गया लेकिन स्टेडियम का नाम अभी भी वही है।

[09:15:24] मैदान का नाम अरुण जेटली रख दिया गया है।

[09:15:27] ध्यान रखिएगा।

[09:15:29] इसमें कौन थे? भगत सिंह, सुखदेव थापर,

[09:15:33] भगवती चरण बोहरा, विजय सिन्हा, शिव कुमार,

[09:15:36] जगदेव ये लोग काफी थे। इन्होंने फैसला

[09:15:38] लिया कि समाजवाद के तहत चीजों के पर काम

[09:15:41] करेंगे और उस पर अटैक करेंगे। बट इसी बीच

[09:15:43] एक घटना हो गई। इसी बीच एक घटना हो गई।

[09:15:49] कैमरा वाइब्रेट नहीं करता है। वह एक्चुअली

[09:15:51] क्या है ना कि पीछे का प्लाई है। तो लोग

[09:15:54] थोड़ा सा टकरा जाते हैं ना तो वही हिलता

[09:15:56] है और कुछ नहीं। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[09:16:01] घटना क्या हो गई? घटना हो गई कि

[09:16:05] साइमन कमीशन।

[09:16:07] साइमन कमीशन का विरोध

[09:16:10] और साइमन कमीशन को लेकर आंदोलन हुआ।

[09:16:16] लाला लाजपत राय भी थे। लाला लाजपत राय इन

[09:16:19] युवाओं के बहुत थे, मोटिवेटर थे। युवाएं

[09:16:22] लाला लाजपत राय को बहुत मानते थे।

[09:16:27] तो हुआ यहां पर अटैक हुआ। लाला लाजपत राय

[09:16:32] पे लाठी चला दिया गया। लाला लाजपत राय पे

[09:16:35] लाठी चला दिया गया और वह उस समय घायल हो

[09:16:38] गए। घायल होने के बाद कुछ दिन पहले उनकी

[09:16:42] मृत्यु हो गई। घायल होने के कुछ दिनों के

[09:16:45] बाद उनकी हो जाती है मृत्यु। ध्यान

[09:16:48] रखिएगा।

[09:16:56] अब यह बात अटक गई क्रांतिकारियों की कि

[09:16:59] भाई मृत्यु हो गई। लाला लजपत राय की। इन

[09:17:02] लोगों ने क्या किया? जैसे एचआरए का जो

[09:17:04] आपको यहां पर था काकोरी एक्शन डे उसी

[09:17:07] प्रकार से आपको इन लोगों का था। यह क्या

[09:17:11] नाम है?

[09:17:14] लाला लाजपत राय की बदला लेना। तो बदला

[09:17:16] कैसे लेंगे? तो हुआ क्या?

[09:17:20] लाहौर में समझिएगा ध्यान रखिएगा। अब एक

[09:17:22] प्लान बनाया गया। क्या बनाया गया? प्लान

[09:17:25] बनाया गया। प्लान यह बनाया गया कि किसी भी

[09:17:29] तरीके से लाहौर में हम लोग क्या करते हैं?

[09:17:37] सेकंड रुकिए।

[09:17:47] एक सेकंड रुकेगा तो एक मैच

[09:17:59] हम लोग किसी भी तरीके से लाला लाजपत राय

[09:18:02] का बदला लेंगे। तो इन पर लाला लाजपत राय

[09:18:05] पर जो लाठी चार्ज किया था लाला

[09:18:09] लाजपत राय पे जो लाठी चार्ज किया था

[09:18:15] वो था स्कॉट

[09:18:19] किसने लाठी चार्ज किया था स्कॉट और स्कॉट

[09:18:22] एसपी था सुपरिटेंडेंट था स्कॉट क्या था

[09:18:25] सुपरिटेंडेंट था जेम्स स्कॉट नाम था इसका

[09:18:28] हुआ था कि जेम्स स्कॉट को माना समझिएगा आप

[09:18:31] लोग ध्यान से समझिएगा जेम्स स्कॉट को

[09:18:34] मारने की बात की गई। ठीक है? यहां पर लिखा

[09:18:36] भी हुआ है।

[09:18:38] गलती से जेम्स स्कॉट समझ लिया।

[09:18:42] जब वहां से यह निकलता है सांडर्स

[09:18:46] तो सांडर्स डीएसपी था। स्कॉट के नीचे के

[09:18:49] पद पे था। इन लोगों को लगा कि यह स्कॉट ही

[09:18:52] जा रहा है।

[09:18:54] और इन लोगों ने सांडर्स को मार दिया।

[09:18:59] मारना था किसको? जेम्स स्कॉट को। मार दिया

[09:19:03] किसको? सांडर्स को।

[09:19:06] भाई। लेकिन वह तो पुलिस का भाई बड़ा वो

[09:19:09] था।

[09:19:11] एसपी को मार दिया। अंग्रेज हड़बड़ा गए कि

[09:19:15] भाई कर क्या रहा है ये सब? इसी को भी मार

[09:19:17] दे रहा है ये लोग।

[09:19:21] जैसे ही लाहौर में यह कांड ध्यान रखिएगा

[09:19:23] ये कांड हो कहां रहा है? लाहौर में। लाहौर

[09:19:26] रेलवे स्टेशन पे। जैसे ही यह कांड हो गया

[09:19:29] अंग्रेज क्या करने लगे? धड़ पकड़ शुरू कर

[09:19:32] दिए।

[09:19:34] अंग्रेज धड़ पकड़ शुरू कर दिए।

[09:19:39] अब हुआ कि भाई क्या किया जाए? क्या किया

[09:19:42] जाए? क्योंकि रीजन इसके पीछे यह था इनको

[09:19:45] क्योंकि अब ये लोग बहुत अंग्रेज सभी

[09:19:49] क्रांतिकारियों को पकड़ने लगे।

[09:19:52] भगत सिंह और अन्य क्रांतिकारी करते कि

[09:19:54] नहीं यह गलत है। कुछ ऐसे चीजों को करना

[09:19:57] होगा जहां से हम लोग जो है युवाओं को कुछ

[09:20:02] सुना सके। अंग्रेजों को कुछ बना सके तो

[09:20:05] हुआ कि ठीक है

[09:20:07] लेजिसलेटिव में एक बिल पर बात हो रही है।

[09:20:11] एक बिल पर बात हो रही है और वह बिल जो था

[09:20:14] यह केंद्रीय विधानसभा में दो बिल पर बात

[09:20:17] हो रही थी कि क्यों ना एक जो सबसे

[09:20:19] इंपॉर्टेंट है वो पब्लिक सेफ्टी बिल है।

[09:20:21] ध्यान रखिएगा और एक था ट्रेड डिस्प्यूट

[09:20:23] बिल। यह जो ट्रेड डिस्प्यूट बिल था ना अगर

[09:20:26] यह पास हो जाएगा तो किसानों को बहुत

[09:20:29] नुकसान होगा।

[09:20:31] ट्रेड डिस्प्यूट बिल अगर पास हो जाता तो

[09:20:34] किसानों को बहुत नुकसान होता।

[09:20:38] हुआ कि ना

[09:20:40] ये तो कुछ ज्यादा ही नुकसान हो जाएगा भाई।

[09:20:42] ऐसे कैसे काम चलेगा? तो ट्रेड डिस्प्यूट

[09:20:45] जो बिल हुआ इन सभी के विरोध में भगत सिंह

[09:20:49] और बटुकेश्वर दत्त ने यहां पर बम फेंक

[09:20:51] दिया। लेकिन बम को जानबूझकर ऐसा बनाया गया

[09:20:54] था कि किसी को हानि ना हो।

[09:20:56] बम को जानबूझकर ऐसा बनाया गया था कि किसी

[09:20:59] को हानि ना हो, कोई नुकसान ना हो और इन

[09:21:02] लोगों ने उसी तरीके से स्मूथली आप लोग को

[09:21:05] कर दिया। बताना यह था कि भैया हम लोग भी

[09:21:08] आपको कुछ कर सकते हैं। पकड़ लिया गया

[09:21:10] दोनों को। जब पकड़ा गया अब एक पर्चा था।

[09:21:13] पर्चा पे लिखा हुआ था बहरों को सुनाने के

[09:21:15] लिए। सोच लीजिए। गड्स देख रहे हैं

[09:21:25] पहरों को सुनाने के लिए ये भी क्वेश्चन

[09:21:29] पूछता है ये सब सब पीवाईक्यू है हल्के में

[09:21:31] नहीं लेने का भैया ये सब को सब आपका

[09:21:35] पीवाईक्यू है

[09:21:37] तब

[09:21:44] हां मतलब जानबूझकर फेंका था चाहता तो वो

[09:21:46] लोग और तबाही कर सकते थे|

[09:21:50] इनको पकड़ लिया गया। जब पकड़ा गया तो बाद

[09:21:52] में पता चला कि अच्छा सांडर्स के मर्डर

[09:21:55] में भी यही लोग थे। तब सब पर केस चलाया

[09:21:58] गया और केस का नाम क्या था? केस था लाहौर

[09:22:03] षड्यंत्र केस।

[09:22:06] एक चीज ध्यान रखिएगा।

[09:22:09] इन लोगों को जो फांसी जो मिला था ना

[09:22:14] वह लेजिसलेटिव में बम गिराने के लिए नहीं

[09:22:16] मिला था।

[09:22:19] इन लोग को जो फांसी मिला था वह लाहौर

[09:22:21] षड्यंत्र केस में मिला था। ध्यान रखिएगा

[09:22:24] इनको किस में मिला है? लाहौर षड्यंत्र केस

[09:22:26] में।

[09:22:35] लाहौर षड्यंत्र केस

[09:22:38] जतिन दास 63वें दिन प्रांत त्याग। सोचिए

[09:22:40] 63 दिन भूखे आप लोग 1 घंटा भूखे नहीं रह

[09:22:44] सकते हैं। यह 63 दिन भूखे रहे थे। ठीक है?

[09:22:48] ध्यान रखिएगा।

[09:22:56] 63 दिन भूखे रहे थे।

[09:23:00] तो भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु कांग्रेस की

[09:23:03] भूमिका थी। कांग्रेस युवा क्रांतिकारियों

[09:23:04] के लिए वकालत की व्याख्या कर रहे थे। 23

[09:23:06] मार्च 1931 में सांडर्स की हत्या शामिल

[09:23:09] होने के लिए फांसी दे दी गई थी और इस दिन

[09:23:11] अब शहीद दिवस मनाया जा रहा है। आज जो हम

[09:23:14] लोग मनाते हैं इन्हीं के कारण से ये सब

[09:23:17] डेट वैसे भी आप लोगों को पता होता है।

[09:23:22] अब चंद्रशेखर अच्छा एक बात बताइए चलिए

[09:23:24] कमेंट में सभी लोग बताइए चंद्रशेखर आजाद

[09:23:27] पहले मतलब मृत्यु हुई कि पहले मृत्यु इनकी

[09:23:31] हुई बताइए तो किसकी पहले मृत्यु हुई?

[09:23:34] चंद्रशेखर आजाद की पहले मृत्यु हुई या

[09:23:37] पहले आपको मृत्यु भगत सिंह की हुई?

[09:24:02] भगत सिंह भगत सिंह आजाद चंद्रशेखर आजाद

[09:24:05] भगत सिंह देखो

[09:24:07] यही है हां राइट आंसर इज चंद्रशेखर आजाद

[09:24:14] ठीक है

[09:24:17] अब देखिए

[09:24:20] यस चंद्रशेखर आजाद पहले ही आपको इनका

[09:24:24] देहांत हो गया था। देखिए कैसे चंद्रशेखर

[09:24:26] आजाद बहुत बेचारे कोशिश किए। चंद्रशेखर

[09:24:29] आजाद बहुत कोशिश किए। एनी हाउ किसी भी

[09:24:32] तरीके से इन लोग को बचाया जाए। यह हर जगह

[09:24:35] जा रहे थे। इवन आपको यह इरविन को मारने का

[09:24:38] प्रयास भी किए। बहुत सारी चीजों को किए।

[09:24:41] इरविन को मार देते हैं। यह प्रयास करते

[09:24:43] हैं। वह प्रयास करते हैं। सब कुछ किए।

[09:24:46] लेकिन सफल नहीं हो पाए। कहा जाता है कि यह

[09:24:49] प्रयागराज गए थे यानी इलाहाबाद गए थे

[09:24:51] मीटिंग के लिए किसी से मिलने के लिए। किसी

[09:24:53] भी तरीके से इन लोगों को बचाया जा सके।

[09:24:58] बट एक पार्क में थे बैठे हुए जिसको आज

[09:25:01] चंद्रशेखर आजाद पार्क भी कहते थे। उस समय

[09:25:04] का नाम था अल्फ्रेड पार्क कहते थे। यहां

[09:25:07] पर बैठे हुए थे। और कहा जाता है कित इनको

[09:25:13] इंफॉर्मेशन दे दिया गया था और इंफॉर्मेशन

[09:25:16] दे दिया गया था यहां पर सुखदेव के साथ

[09:25:18] बैठे हुए थे ये वो सुखदेव नहीं है ये

[09:25:21] दूसरे सुखदेव हैं। दोनों अलग-अलग सुखदेव

[09:25:22] हैं। ठीक है? ध्यान रखिएगा। तो यहां पर भी

[09:25:25] जो बैठे हुए थे सुखदेव के साथ बैठे हुए।

[09:25:27] बट यह सुखदेव वो सुखदेव नहीं है। ध्यान

[09:25:29] रखिएगा।

[09:25:31] यह अलग सुखदेव हैं।

[09:25:35] पुलिस ने इनको चारों तरफ से घेर लिया।

[09:25:38] पुलिस ने इनको चारों तरफ से घेर लिया

[09:25:44] और चारों तरफ से घेर लिया तो एक गोली बची

[09:25:46] थी कि इन्होंने कसम खाया था कि मैं कुछ भी

[09:25:49] हो जाए

[09:25:52] पुलिस से नहीं पकड़ाऊंगा और इन्होंने खुद

[09:25:54] को गोली मार दी। ठीक है? ध्यान रखिएगा। और

[09:25:57] इस प्रकार से और देखो इनका डेथ कब हुआ?

[09:26:00] फरवरी में। भगत सिंह का मार्च में। तो यह

[09:26:04] पहले ही डेथ कर गए।

[09:26:07] सोचिए वह चंद्रशेखर आजाद

[09:26:12] यह लोग मजबूर हो गए थे। कोई सपोर्ट नहीं।

[09:26:16] हालांकि अधिकारियों को मारना अंग्रेज किसी

[09:26:18] से स्वीकार नहीं करेंगे। कहा जाता है कि

[09:26:20] गांधी ने इरविन से बात की थी लेकिन कहीं

[09:26:22] से भी नहीं माना गया। इनकी बात को माना ही

[09:26:25] नहीं गया। इन लोगों की बात को केयर ही

[09:26:27] नहीं किया गया। ठीक है? ध्यान रखिएगा। और

[09:26:29] इस प्रकार से इनका वह हो गया। मतलब समाप्त

[09:26:32] हो गया। इसके बाद बंगाल में कुछ दिन तक

[09:26:34] चला।

[09:26:37] बंगाल में कुछ दिन तक चला क्रांतिकारी

[09:26:39] आंदोलन।

[09:26:41] 1930 में यह थे। इनका नाम था सूर्यसेन।

[09:26:45] इनको मास्टर द मास्टर लोग बोलते थे। क्या

[09:26:48] बोलते थे? मास्टरदा।

[09:26:51] यह सूर्य सेन है।

[09:26:54] एक अभिषेक बच्चन की फिल्म आई थी इन्हीं

[09:26:56] पर।

[09:26:59] थोड़ा घटिया एक्टिंग किया था।

[09:27:02] तो पथ देखिएगा।

[09:27:06] तो

[09:27:07] इन्होंने एक आपको आर्मी फॉर्म किया था

[09:27:09] इंडियन

[09:27:12] रिपब्लिक आर्मी

[09:27:14] और इन्होंने चटगांव में एक आपको जहां पर

[09:27:18] यह सब होता है मतलब बंदूक वंदूक रखा जाता

[09:27:20] है वहां पर थाबा बोल दिया खुद इसका

[09:27:26] लीडरशिप कर रहे थे इन्हों एक छोटे से

[09:27:28] एरिया में

[09:27:30] यह भी किया था खुद को राष्ट्रपति भी बनाए

[09:27:34] थे ये कुछ समय के लिए खुद को राष्ट्रपति

[09:27:36] वगैरह भी बनाए थे। अपने आप को स्वतंत्र भी

[09:27:38] घोषित किया था। परंतु इनको पकड़ लिया

[09:27:40] फरवरी 1933 में और जनवरी में इनको फांसी

[09:27:42] दे दिया। इन्होंने भाई बहुत समय तक संघर्ष

[09:27:45] किया। तो यह प्रेसिडेंट भी थे। ठीक है?

[09:27:47] अपने आप को राष्ट्रपति भी घोषित किए थे।

[09:27:50] इंडियन नेशनल आर्मी बनाया था इन्होंने।

[09:27:54] इसके बाद कुछ महिलाओं का योगदान था। जैसे

[09:27:58] प्रीति लड़ा बांधेकर हमले के दौरान मृत्यु

[09:28:00] इनकी हो गई कल्पना दत्त सूर्य सेन के साथ

[09:28:04] गिरफ्तार हुए। इन पर मुकदमा भी चला। आजीवन

[09:28:06] कारावास हुई। शांति घोष सुनीति चंदेरी ने

[09:28:10] जो कोमिला स्कूल की लड़कियां थी जिला

[09:28:13] मजिस्ट्रेट को गोली मारकर हत्या कर दी।

[09:28:15] बीना दास ने गवर्नर पे गोली चलाया था। तो

[09:28:18] यह वीवीआई है। इसको हल्के में मत लीजिएगा

[09:28:21] इस लाइन को।

[09:28:24] यह वीवीआई है। खासकर दो का पूछता है। बीना

[09:28:30] दास का पूछता है। शांति घोष का पूछता है।

[09:28:32] तो मजिस्ट अच्छा एक बात बताइए जिला में

[09:28:36] शांति स्थापना करने का श्रेय किसको जाता

[09:28:38] है?

[09:28:42] ध्रुवसेन ध्रुवसेन कहा जाता है। देखिए भाई

[09:28:46] एक बात बताइए जिला में शांति स्थापना का

[09:28:49] किसको जाता है? यह आपका काम है। डीएम का

[09:28:51] काम होता है ना? मजिस्ट्रेट का ही काम

[09:28:53] होता है ना शांति स्थापना करना।

[09:28:57] तो शांति घोष ने सुनीति चंदेरी के साथ

[09:29:00] जिला मजिस्ट्रेट पर गोली मारी

[09:29:03] और उस समय के गवर्नर जो थे जो ब्रिटिश काल

[09:29:06] के गवर्नर

[09:29:08] सबको दास समझते थे। ब्रिटिश काल के गवर्नर

[09:29:13] सबको दास समझते थे। तो बीना दास ने गवर्नर

[09:29:16] पर गोली चलाई। ऐसे याद रखिएगा।

[09:29:19] पीना दास ने गवर्नर पर गोली चलाई। ऐसे याद

[09:29:24] रखिएगा।

[09:29:26] ओके। हां। उस समय के गवर्नर क्या समझते?

[09:29:30] अपने आप को राजा समझते थे। सबको दास समझते

[09:29:33] थे। तो बीना दास ने गवर्नर पे गोली चलाई

[09:29:35] और शांति की बातकि जिला मजिस्ट्रेट करते

[09:29:37] थे तो शांति घोष ने सुनिधि के साथ डीएम पर

[09:29:40] चला। ऐसे याद रखिएगा शॉर्टकट। ठीक है?

[09:29:42] ध्यान रखना।

[09:29:48] तो क्रांतिकारी एक्टिविटी यहां पर खत्म।

[09:29:52] अब हम लोग आते हैं

[09:29:56] बंगाल विभाजन से शुरू करते हैं। यानी 1905

[09:29:59] से क्योंकि देखो क्रांतिकारी एक्टिविटी

[09:30:02] ब्रेक-ब्रेक करके पढ़ने में मजा नहीं आता

[09:30:03] है कि मैं एक बार पढ़ा दूं फिर बीच में और

[09:30:06] पढ़ाऊं फिर से कर दूं। हालांकि मैं पेड

[09:30:07] में वैसे ही पढ़ाता हूं ताकि एक सीक्वेंस

[09:30:09] बना रहे। लेकिन क्योंकि YouTube वगैरह पर

[09:30:11] आपको एक ब्रीफ में देना पड़ता है

[09:30:14] इंपॉर्टेंट चीजों को तो एक साथ पढ़ाने में

[09:30:16] ज्यादा सहूलियत होती है। अब हम लोग आते

[09:30:19] हैं बंगाल का विभाजन।

[09:30:22] अब हम लोग आते हैं बंगाल का विभाजन। बंगाल

[09:30:25] के विभाजन में किसकी भूमिका थी? गवर्नर

[09:30:28] कौन था? बताइए। तो

[09:30:51] किसकी भूमि थे? कौन गवर्नर जनरल था? सबको

[09:30:54] पता होगा कि बंगाल के विभाजन में कर्जन।

[09:30:56] अरे दुर्जन लिख रहा है देखो दुर्जन। हां।

[09:31:01] ठीक है भाई। दुर्जन ही समझिए दुर्जन ही

[09:31:03] था। तो सबको पता है कर्जन की भूमिका थी।

[09:31:06] कर्जन दुष्ट था। सबको पता है। इतना तो

[09:31:08] आईडिया सबको हो ही गया कि कौन था भाई? तो

[09:31:11] कर्जन था।

[09:31:14] ये तो सबको पता है।

[09:31:17] कर्जन की भूमिका थी। क्यों कर्जन ने किया

[09:31:20] था? क्या उनको शासन करने में मुश्किल हो

[09:31:23] रहा था? ना। ये तो इनका बहाना था। तो आइए

[09:31:26] अब इन सब चीजों को हम लोग समझते हैं

[09:31:28] वीवीआई पॉइंट से।

[09:31:31] बंगाल विभाजन 1905 में इस समय वायसराय जो

[09:31:34] थे मिस्टर लॉर्ड कर्जन थे। पार्टीशन का जो

[09:31:38] डिसीजन लिया गया 19 जुलाई 1905 को

[09:31:40] कहीं-कहीं 20 भी होता है। दोनों आए 20 मार

[09:31:42] दीजिएगा।

[09:31:43] विभाजन के विरोध में जो पहली बार आंदोलन

[09:31:46] स्टार्ट होता है, वह होता है 5 7 अगस्त

[09:31:48] को। विभाजन प्रभावी कब होता है? 16

[09:31:51] अक्टूबर को। यह सब क्वेश्चन आता है। घोषणा

[09:31:55] कब की गई?

[09:31:57] यह सब आपको क्वेश्चन आता है। घोषणा कब की

[09:31:59] गई? आंदोलन प्रारंभ कब हुआ?

[09:32:04] विभाजन का इंप्लीमेंटेशन कब हुआ? यानी

[09:32:06] इफेक्टिव कब हुआ? कब से?

[09:32:11] तो ध्यान रखिएगा।

[09:32:13] हां। एक्चुअली कर्जन जो मैंने अभी बताया

[09:32:16] ना कि कुछ ऐसे दुष्ट थे।

[09:32:19] कुछ ऐसे दुष्ट में नाम आता है कर्जन का तो

[09:32:23] अगर टॉप सबसे बदमाश गवर्नर जनरल वायसराय

[09:32:26] जो हुआ ना

[09:32:29] उसमें सबसे ऊपर जो आता है

[09:32:37] वो है कर्जन। कर्जन लिटन ये सब टॉप लेवल

[09:32:40] के आते हैं। कर्जन लिटन ये सब क्या आते

[09:32:43] हैं? टॉप लेवल के समझिएगा

[09:32:47] इसने क्या किया? सबसे पहले तो बांधने का

[09:32:50] प्रयास किया। सबसे पहले क्या किया? बांधने

[09:32:53] का प्रयास किया। किस चीज को बांधने का

[09:32:55] प्रयास किया? कि किसी तरीके से हिंदू

[09:32:58] मुस्लिम में दूं।

[09:33:00] हां, एडीएम पूछा था हिंदू मुस्लिम में

[09:33:03] दूं। दूसरा इसने काम क्या किया?

[09:33:07] दिल्ली दरबार में बहुत पैसा खर्च किया।

[09:33:10] तीसरा

[09:33:12] जो मुनिसिपल अभी नगर पालिका का जो चुनाव

[09:33:15] हुआ उसमें पूरा भेदभाव किया। फिर से

[09:33:16] अंग्रेजों को भर दिया। विश्वविद्यालय एक्ट

[09:33:20] लाया।

[09:33:21] ऐसे करते-करते कई सारे चीजों को किया।

[09:33:30] इसने तबाह कर दिया।

[09:33:33] अब इसको इंफॉर्मेशन मिला

[09:33:38] एंड्रूस फ्रेजर इस समय लेफ्टिनेंट थे।

[09:33:40] इसको रिजवी के द्वारा इंफॉर्मेशन मिला है

[09:33:44] ना इसलिए इन्होंने कहा कि सुनो बंगाल की

[09:33:47] ताकत बढ़ती जा रही है। इसको तोड़ना होगा।

[09:33:49] अब बंगाल उस समय का बहुत बड़ा आज का बंगाल

[09:33:53] थोड़ी था वो। उस समय बंगाल का मतलब

[09:33:58] आज का बिहार ओसा सब मिला दो।

[09:34:02] बांग्लादेश को भी मिला दो।

[09:34:05] इन्होंने कहा कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा

[09:34:07] दया। इन लोगों ने डिसीजन लिया कि हम लोग

[09:34:10] इसको विभाजन करेंगे। जब हंगामा होने लगा

[09:34:13] सोचिए कि जब हंगामा होने लगा अगर मैं बात

[09:34:16] करूं।

[09:34:19] ये रहा बंगाल। तो हुआ कि भाई यह ईस्ट

[09:34:25] हुआ कि यह ईस्ट बंगाल होगा और यह वेस्ट

[09:34:28] बंगाल होगा।

[09:34:30] तब इसका विरोध करने लगे कि भाई ऐसे कैसे

[09:34:32] हो सकता है? ऐसे कैसे पॉसिबल हो सकता है?

[09:34:36] ऐसे कैसे हो सकता है? ईस्ट बंगाल और वेस्ट

[09:34:38] बंगाल। इन्होंने कहा कि अरे हम लोग को

[09:34:40] प्रशासन में बहुत तकलीफ होता है। समझिए हम

[09:34:44] लोग को प्रशासन में बहुत तकलीफ होता है।

[09:34:48] बहुत बड़ा है। अच्छा लेकिन असली मकसद क्या

[09:34:50] था अंदर से? असली मकसद था

[09:34:54] भारत को तोड़ना। ठीक है। इन्होंने बहाना

[09:34:57] किया।

[09:34:59] कि प्रशासन जो है प्रशासनिक कठिनाई हो रही

[09:35:04] है।

[09:35:07] लेकिन असली क्या था? इन लोग को हिंदू

[09:35:09] मुस्लिम गेम करना था।

[09:35:13] ठीक है? ध्यान रखिएगा। और गृह सचिव जो

[09:35:15] रिस्ले था इसने यह रिपोर्ट दे भी दी थी कि

[09:35:18] ये लोग मजबूत हो रहे हैं।

[09:35:20] इसका जोरदार विरोध किया गया। इसका जोरदार

[09:35:24] विरोध किया गया।

[09:35:26] इतना विरोध हुआ

[09:35:30] यह सोचे भी नहीं

[09:35:32] और इसी में स्टार्ट होता है बंगाल विभाजन

[09:35:35] आंदोलन। स्वदेशी आंदोलन इसी से ही स्टार्ट

[09:35:37] हो जाता है और स्वदेशी आंदोलन की घोषणा

[09:35:40] होती है 7 अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन

[09:35:44] हॉल में

[09:35:46] और पहली बार

[09:35:49] आत्मनिर्भरता का नारा दिया जाता है। कपड़ा

[09:35:53] उद्योग बहुत प्रभावित हुआ।

[09:35:56] इनको ध्यान ही नहीं था कि इस तरीके से

[09:35:58] बवाल मच सकता है।

[09:36:02] स्वदेशी मूवमेंट स्टार्ट हुआ और अलग-अलग

[09:36:06] जगहों पे लोगों ने अलग-अलग तरीके से काम

[09:36:08] करना शुरू किया। तिलक ने पुणे में लीडरशिप

[09:36:11] किया। सैयद रजा ने दिल्ली में किया। लाला

[09:36:14] लाजपत राय पंजाब में करते हैं। पिल्लाई

[09:36:16] मद्रास में करते हैं। और सबका एक ही मकसद

[09:36:19] था अपने चीजों को प्रमोट करना। आत्मनिर्भर

[09:36:23] क्योंकि एक चीज था कि अगर हम इसके पैसे पर

[09:36:26] वार करेंगे

[09:36:28] हम इनके पैसे पर वार करेंगे

[09:36:33] तो यह जो है आपको परेशान हो जाएंगे

[09:36:38] क्योंकि अंग्रेजों का एक चीज से ही मतलब

[09:36:40] होता था पैसा तो पैसा पैसा करती है तो

[09:36:43] पैसे पे ही यह अंग्रेजों के लिए गाना बना

[09:36:46] होगा

[09:36:49] हां यस

[09:36:52] वंदे मातरम इस समय का बहुत फेमस हो गया था

[09:36:54] क्योंकि वंदे मातरम पहले से ही आपको हो

[09:36:56] गया था। अब यहां पर यह बहुत तेजी से आपको

[09:36:59] फैलने लगा। अब कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इसमें

[09:37:01] से सबसे पहले क्या-क्या

[09:37:07] स्वदेशी बांधव समिति अश्वनी कुमार दत्त के

[09:37:09] द्वारा किया गया। ध्यान रखिएगा। बंगाल

[09:37:12] केमिकल ये सब क्या है? स्वदेशी है बंगाल

[09:37:15] केमिकल्स फैक्ट्री और पहली बार बहिष्कार

[09:37:18] का सुझाव किसने दिया था? यह भी पीवाईक्यू

[09:37:21] है इसमें से सब पीवाईक्यू है

[09:37:25] कि बहिष्कार करो। इन्होंने ही दिया था।

[09:37:29] किसके द्वारा? संजीवनी पत्रिका में दिया

[09:37:33] गया।

[09:37:35] और क्योंकि यह पता था कि यह बंगाल विभाजन

[09:37:38] कोई प्रशासनिक एडमिनिस्ट्रेटिव इश्यूज

[09:37:40] नहीं है। हिंदू मुस्लिम एकताओं को तोड़ने

[09:37:44] की बात की गई है। तो रवंद्र नाथ टैगोर के

[09:37:46] सुझाव पर राखी बांधा गया हिंदू मुस्लिमों

[09:37:48] के द्वारा कि

[09:37:51] हां

[09:37:53] हम लोग जो है आपको

[09:37:58] एक है

[09:38:01] इसके बाद एक सर्कुलर निकाला गया।कि कि

[09:38:03] यहां पर यंगस्टर बहुत एक्टिव थे। छात्र

[09:38:07] छात्र थे ना बहुत एक्टिव हो गए थे।

[09:38:11] छात्र थे कहा कि अब देखिए लो आज सामने

[09:38:14] लड़िए लो चुरकी पकड़ कर फेंक देंगे। तो

[09:38:17] कॉलेज के तरफ से कारलाइल सर्कुलर निकाला

[09:38:20] गया। कहा गया कि सुनिए अगर आप लोग सूचना

[09:38:24] मिल गई कैसे डराया जाता है? अभी भी सूचना

[09:38:27] मिल गई तो कभी भी आप लोग का कॉलेज में

[09:38:29] एडमिशन नहीं होगा। अगर कहीं से पता चल गया

[09:38:31] आप लोगों ने कुछ गवर्नमेंट के खिलाफ किया

[09:38:33] है तो कहीं से आप लोग को एडमिशन नहीं

[09:38:36] होगा। आप लोग कॉलेज से निकाल दिया जाएगा।

[09:38:39] इन लोग को लगा कि स्टूडेंट डर जाएंगे।

[09:38:42] इन्होंने कहा कि अच्छा अच्छा तो इन्होंने

[09:38:44] इसके खिलाफ एंटी सर्कुलर जारी किया। इसकी

[09:38:48] स्थापना सचिंद्र कुमार बसु ने किया।

[09:38:51] उन्होंने कहा कि जिसको जो करना है कर लो।

[09:38:55] जिसको कुछ करना है कर लो। हम लोग तो साथ

[09:38:59] देंगे ही देंगे।

[09:39:01] अंग्रेजों को लगा अरे भाई यह तो डर ही

[09:39:03] नहीं रहा है। क्यों? क्योंकि इन लोगों ने

[09:39:05] अपना खुद का कॉलेज भी बनाया। खुद का कॉलेज

[09:39:09] भी बनाया।

[09:39:12] ठीक है? ध्यान रखिएगा। अब आपको एंटी

[09:39:15] सर्कुलर सोसाइटी को ध्यान रखिएगा। सचिंद्र

[09:39:17] कुमार बसूर के द्वारा फॉर्मेशन किया गया

[09:39:19] था और रंगपुर कॉलेज की स्थापना कर दी गई।

[09:39:23] लो स्कूल भी बन गया 1905 में। अब बताओ

[09:39:26] क्या करोगे तुम? अब क्या करोगे तुम? कुछ

[09:39:30] करने का विचार है तो बताओ। ठीक है? ध्यान

[09:39:33] रखिएगा। अब यहां पर ये राखी वाला ध्यान

[09:39:36] रखिएगा। राखी वाला पूछता है

[09:39:39] कि राखी दिवस कब मनाया गया? किसके सुझाव

[09:39:41] पे मनाया गया? तो राखी डे मनाया गया था।

[09:39:43] तो रक्षाबंधन दिवस भी कहते हैं। प्रवीण।

[09:39:46] यह वो रक्षाबंधन नहीं है जो भाई और बहन

[09:39:48] मनाते हैं। है ना? यह भाई-बहन वाला नहीं

[09:39:51] था। यह हिंदू मुस्लिम वाला था। कि एकता

[09:39:53] बताना था कि हम लोग एक हैं। लेकिन सभी को

[09:39:56] पता था यह कर क्या रहे हैं। सबको पता था

[09:39:59] कि भैया इनका एक ही टारगेट है कि एनी हाउ

[09:40:01] भारतीयों को परेशान करना। इन्होंने कहा कि

[09:40:04] कुछ ना कर सकते हो भाई करते रहो जो करना

[09:40:06] है। टोक दिवस ही मनाएंगे। आइए

[09:40:10] डेट याद रखिएगा राखी दिवस का

[09:40:22] टॉन सोसाइटी विद्यार्थियों का एक संगठन

[09:40:23] बना सतीश चंद्र मुखर्जी ये भी पीवाईक्यू

[09:40:25] है सब पीवाईक्यू है बंगाल के नेशनल कॉलेज

[09:40:29] और स्कूल की स्थापना की इसके प्रिंसिपल

[09:40:31] अरविंदो घोष थे अरविंद घोष इस समय बहुत

[09:40:34] एक्टिव थे तभी क्या किया गया था अलीपुर

[09:40:37] कांड अभी हम लोग पढ़ है ना क्रांतिकारियों

[09:40:38] में इसीलिए इनको पकड़ा गया था

[09:40:41] इसीलिए इनको पकड़ा गया था अलीपुर कांड के

[09:40:44] दौर द्वारा

[09:40:46] समझ रहे हैं यस

[09:40:49] तो अरविंद घोष जो है आपको यहां पर

[09:40:53] लीड किए काफी बहुत एक्टिव मेंबर थे सबसे

[09:40:57] बड़ी जो चीज है वह महिलाओं के द्वारा

[09:40:59] इसलिए इस आंदोलन के बारे में कहा जाता है

[09:41:01] कि नया नया सदी

[09:41:04] आंदोलन का नया तरीका

[09:41:07] नई सदी में आंदोलन का नया तरीका

[09:41:11] कहा जाता है। ध्यान रखिएगा।

[09:41:17] महिलाओं ने इस आंदोलन में सक्रिय रूप से

[09:41:19] भाग लिया। बहुत एक्टिव रही महिलाएं।

[09:41:23] बट बहुत फार्मर और आपको मजदूर नहीं रहे।

[09:41:26] रीज़न इसके पीछे यह था।

[09:41:29] इसके पीछे रीजन यह था कि गांव तक बहुत यह

[09:41:33] नहीं पहुंच पाया। और जहां तक गांव नहीं

[09:41:35] पहुंच पाएगा किसान बहुत जुड़ नहीं पाए थे।

[09:41:37] ठीक है? ये ध्यान रखिएगा इस पॉइंट को।

[09:41:40] उच्च तथा मध्यवर् की भूमिका इसमें थी। तभी

[09:41:42] तो ये हिट हुआ।

[09:41:44] और अब जब इतना बवाल मचा तो हुआ कि भाई अरे

[09:41:48] रुकिए रुकिए भाई हम लोग रिपोर्ट बनाते

[09:41:50] हैं। रिपोर्ट बनाते हैं। बनाओ रिपोर्ट। बस

[09:41:55] जल्दी बनाओ रिपोर्ट। तो एक अरुंड कमेट का

[09:41:58] गठन किया गया। कहा कि जल्दी से करो भाई।

[09:42:02] यह सब तो बहुत बवाल मच रहा है। यार बनाते

[09:42:05] अरुंडले कमेट 1906 में गठित यह क्वेश्चन

[09:42:07] पूछता है कि किस कमेटी के सिफारिश पर

[09:42:09] कैंसिल किया गया था तो अरुंडेल कमेटी के

[09:42:12] सिफारिश पर जो कि 1906 में गठित हुआ था

[09:42:15] बंगाल पार्टीशन

[09:42:16] [नाक से की जाने वाली आवाज़] को क्या किया

[09:42:17] कैंसिल कर दिया गया 1911

[09:42:20] और इसी कमेटी के सिफारिश पर 1909 का एक्ट

[09:42:23] भी आता है ध्यान रखिएगा

[09:42:30] फाइनली

[09:42:32] डिसीजन आया कि नहीं नहीं हम लोग कैंसिल कर

[09:42:34] देंगे लेकिन कैंसिल भी किए अलग तरीके से

[09:42:39] कैंसिल भी हां जाहिर सी बात है

[09:42:42] प्रेस क्रांतिकारियों को एकदम प्रमोट नहीं

[09:42:46] करता था उस समय

[09:42:48] अरे इवन उस समय भारत के भी ऐसे कई प्रेस

[09:42:50] थे जो आतंकवादी लिखते थे। इवन आप बिपिन

[09:42:53] चंद्रा में पढ़िएगा ना तो क्रांतिकारियों

[09:42:54] को आतंकवादी शब्द लिखा हुआ है।

[09:42:57] ठीक है?

[09:43:02] यस। तो दिल्ली दरबार में इसको कैंसिल किया

[09:43:05] जाता है। कब किया जाता है इसको कैंसिल? तो

[09:43:07] इसको कैंसिल किया जाता है दिल्ली दरबार

[09:43:10] में। दिल्ली दरबार।

[09:43:12] दिल्ली दरबार तीन निकला। तीन हुआ था

[09:43:15] दिल्ली दरबार। दिल्ली दरबार कितना हुआ था?

[09:43:18] तीन।

[09:43:21] कौन-कौन सा हुआ भैया? दिल्ली दरबार। तीनों

[09:43:23] को याद रखिएगा आप लोग। दिल्ली दरबार पहला

[09:43:26] दिल्ली दरबार हुआ

[09:43:29] 1877 लिटन के काल में।

[09:43:33] दूसरा दिल्ली दरबार हुआ

[09:43:36] कर्जन के काल में। 1903 में सब चिरकुटे थे

[09:43:39] तीनों। और तीसरा जो दिल्ली दरबार हुआ 1911

[09:43:42] में लॉर्ड हार्डिंग के काल में। दिल्ली

[09:43:45] दरबार का मतलब यह हुआ कि लोगों का वेलकम

[09:43:48] करते थे अंग्रेजों का। देखिए मैं फोटो

[09:43:50] दिखाता हूं। आप समझ जाइएगा कि क्या था

[09:43:52] दिल्ली दरबार।

[09:43:54] देखो

[09:43:58] दिल्ली दरबार। देखो मैं फोटो दिखाता हूं।

[09:44:08] देखो ऐसे होता था दिल्ली दर देख रहे हैं

[09:44:12] इस तरीके से हुजूम लगता था इस तरीके से

[09:44:15] हुजूम लगता था दिल्ली दरबार ये 1911 वाला

[09:44:18] है ये 19 बड़े-बड़े अपने भारतीय भी जाते

[09:44:22] थे पूरा सूट बूट पहनकर हां हल्के में मत

[09:44:25] लीजिए देखो दिल्ली दरबार देख रहे हैं अपने

[09:44:28] भारतीय भी जाते थे पूरा सूट बूट पहनकर सर

[09:44:34] देखो पूरा दिख रहा है दिल्ली ये दिल्ली के

[09:44:36] ग्राउंड पे आपका होता था और यहां पर

[09:44:40] इनवाइट किया जाता था इनविटेशन होता था कि

[09:44:43] आइए आप लोग आइए हम लोग यहां पर आपका शाही

[09:44:46] हां शाही स्वागत किया जाता था लोग मर रहे

[09:44:49] हैं उनको कोई मतलब नहीं है

[09:44:52] लेकिन अपने राजा रानी सबका स्वागत करेंगे

[09:44:56] समझे सर यह क्लास कब खत्म होगी

[09:45:02] तब आजादी दे देंगे इंडियन

[09:45:05] 1947 आजाद कर ही कर जाएंगे ना जी

[09:45:10] अरे मैं खड़ा हूं 10 घंटे से और मस्ती से

[09:45:14] पढ़ा रहा हूं और आप लोग इस पोज में होंगे

[09:45:22] कुरकुरे खाते हुए और आप लोग कब खत्म हो गए

[09:45:26] सर थक गए हैं सर लेटे थक गए हैं कमरवा

[09:45:29] देखिए सर टाइट हो गया। देखिए कमरवा में

[09:45:32] मोच लग गया सर। अरे तो बैठ जाओ। कमरवा पे

[09:45:35] मोच लग गया तो बैठ जाइए। पढ़ लीजिए ऐसे।

[09:45:40] हम

[09:45:42] चलो

[09:45:45] 1977 लॉर्ड लिटन। 1977

[09:45:49] लॉर्ड लिटन

[09:45:53] हां फिर से एक बार आजाद होना है। जी।

[09:45:55] विक्टोरिया भारत की महारानी घोषित की गई

[09:45:58] कि भारत की समराग्री कौन है? विक्टोरिया।

[09:46:01] पहले तो इंग्लैंड की थी। भारत की भी समराग

[09:46:03] कि अब कोई कंपनी का तो रोल था नहीं। है

[09:46:05] ना? कोई कंपनी का तो रोल था नहीं।

[09:46:09] इसलिए क्वेश्चन भी पूछा था कि इनको किस

[09:46:13] टाइटल एक्ट के द्वारा एक क्वेश्चन ध्यान

[09:46:15] रखिएगा। यह 70 बीपीएससी में पूछा है। और

[09:46:18] कई बच्चे इसको गलत भी माने हैं। इनको

[09:46:20] केसरे हिंद की जो उपाधि दी गई वो एक जैन

[09:46:23] को दिया गया। 1877 को किस टाइटल के तहत

[09:46:28] दिया गया? तो टाइटल था रॉयल टाइटल एक्ट।

[09:46:33] बस डेट आपको थोड़ा सा अलग है। डेट इसका

[09:46:37] अलग है कि इसका डेट है 8

[09:46:41] 76।

[09:46:43] तो रॉयल टाइटल एक्ट के तहत महारानी

[09:46:46] विक्टोरिया को केसरे-ए-ह हिंद की उपाधि दी

[09:46:48] गई थी जो कि 1977 में दिया गया था। बोथ आर

[09:46:52] डिफरेंट और यही कई बच्चे गलत किए।

[09:46:56] यही कई बच्चे क्या किए? गलत किए। इसी समय

[09:47:00] भारत में बहुत भीषण आकार पड़ रहा। सोचिए

[09:47:03] अंग्रेज गजब निर्दय थे भाई।

[09:47:08] गजब निर्दय थे।

[09:47:10] लोग मर रहे हैं।

[09:47:14] इनको घंटा फर्क नहीं पड़ा। स्वागत कर रहे

[09:47:18] हैं। अरे यह नहीं कि फंड तैयार करें।

[09:47:20] लोगों को सहूलियत प्रदान करें। उनको फूड

[09:47:24] प्रदान करें। लेकिन ना

[09:47:29] इन लोग को क्या ही मतलब था। लोग तो

[09:47:31] महारानी को केसरे हिंद की उपाधि। पता नहीं

[09:47:34] क्या ही कर ली थी कि केसरे हिंद की उपाधि

[09:47:36] इनको मिल रहा था।

[09:47:38] इस समय कमी नहीं है दुनिया में। भोकाली की

[09:47:41] कमी नहीं है। दूसरा दिल्ली दरवा लगा आप

[09:47:45] लोग का फेवरेट कर्जन के काल में। कर्जन का

[09:47:47] कि हम काहे पीछे रहेंगे? एडम सप्तम के

[09:47:50] सम्राट बनने और एलेक्जेंड्रा के महारानी

[09:47:54] घोषित करने के उपलक्ष में आपको यह हुआ। तो

[09:47:57] एडवर्ड सप्तम जो है महाराज बना था इस समय।

[09:48:03] अब तीसरा बनता है यही। इसी में बंगाल

[09:48:05] विभाजन रद्द किया गया। लॉर्ड हार्डिंग के

[09:48:07] काल में जॉर्ज पंचम यानी जॉर्ज फिफ्थ तथा

[09:48:10] महारानी मेरी। मेरी नहीं महारानी मैरी

[09:48:14] मतलब नाम है मैरी। ये मत समझिएगा महारानी

[09:48:16] मेरी। भारत आए थे। इन्हीं का स्वागत किया

[09:48:19] गया था। गेटवे ऑफ इंडिया यही बनाया गया था

[09:48:21] मुंबई में। मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया

[09:48:26] यहीं बनाया गया था। और राजधानी कोलकाता से

[09:48:29] दिल्ली भी यहीं पर ट्रांसफर हुआ।

[09:48:33] यहीं पर एक और चीज हुआ। क्या हुआ?

[09:48:37] बंगाल को यानी बंगाल से

[09:48:42] बिहार और उड़ीसा को अलग किया।

[09:48:46] अलग

[09:48:48] यह 1 अप्रैल से इंप्लीमेंट हुआ लेकिन इसकी

[09:48:50] घोषणा 22 मार्च को कर दिया गया। इसलिए हम

[09:48:52] लोग वह मनाते हैं बिहार दिवस। ठीक है?

[09:48:55] ध्यान रखिएगा।

[09:48:59] हां। यस।

[09:49:02] ध्यान रखिएगा। हां। यस।

[09:49:02] तो ये तीसरे दिल्ली दरबार में बड़ी-बड़ी

[09:49:04] सी घटना हुई।

[09:49:06] अब इसी बीचकि हमारा यह भी पढ़ना था बंगाल

[09:49:09] का विभाजन।

[09:49:11] एक चीज हुआ जो नहीं होना चाहिए था। क्या

[09:49:14] हुआ बताइए?

[09:49:16] यह हुआ हां गेटवे ऑफ इंडिया उन्हीं के

[09:49:20] जॉर्ज पंचम के ही आपका स्वागत में एक बड़ा

[09:49:22] सा गेट बनाया गया।

[09:49:32] अब समझिएगा

[09:49:40] घोषणा हुआ था। यस घोषणा हुआ था।

[09:49:44] 11 को नहीं एक चीज ध्यान रखिएगा 11 को

[09:49:47] घोषणा हुआ बट जो दिल्ली राजधानी बना वह 12

[09:49:51] में बना 1912 में बना है ध्यान रखिएगा

[09:49:57] सर आप नहीं थके हैं क्या देखो थकावट तो है

[09:50:00] ही मैं बोलूंगा कि नो नो आई एम सो

[09:50:04] एनर्जेटिक बहुत जबरदस्त एनर्जी अभी भी 88

[09:50:07] घंटा अब ये लोग कहिएगा मन में गजब फेंक

[09:50:09] रहा है कहिएगा ना लगावट तो है ही इसमें

[09:50:13] में कोई डाउट थोड़ी है

[09:50:15] लेकिन ठीक है जब इतना पहुंचे तो और पढ़ाते

[09:50:18] लेकिन वैसा नहीं है कि एकदम ढीला आपको

[09:50:20] मेरे एनर्जी से ऐसा थोड़ी लग रहा होगा

[09:50:22] ढीला मेरा मतलब ढीला वाला नहीं है लेकिन

[09:50:24] जाहिर सी बात है भाई लास्ट 10 घंटे से पढ़

[09:50:26] रहे हैं हम लोग तो एनर्जी तो जाएगी ही

[09:50:28] जाएगी

[09:50:30] और ऐसा भी नहीं कि कोई प्रॉपर फूड खाया

[09:50:32] हूं खाना खाया हूं और हल्काफुल्का चनावाना

[09:50:35] खाया हूं फूड खाऊंगा तो फिर बैठ ही नहीं

[09:50:37] पाऊंगा है ना तो काहे झूठ बोलना है आप

[09:50:41] लोगों से आप लोग बच्चे थोड़ी है तुरंत

[09:50:42] पकड़ लेंगे मुंह पे भले बोलिएगा हां हां

[09:50:44] सर एनर्जेटिक दिख रहा है साइड में हसिएगा

[09:50:46] हम एनर्जेटिक फेंकू

[09:50:49] ठीक है ना अब हुआ क्या बंगाल विभाजन क्यों

[09:50:52] एक बात बताइए स्वदेशी आंदोलन क्यों हुआ या

[09:50:56] बंगभंग आंदोलन क्यों हुआ

[09:50:59] बताइए

[09:51:03] स्वदेशी आंदोलन क्यों हुआ बंगभंग आंदोलन

[09:51:05] क्यों हुआ रीजन क्या था बंगाल विभाजन को

[09:51:08] रोकना

[09:51:11] बंगाल विभाजन को रोकना। यही था।

[09:51:16] यही था ना रीजन।

[09:51:20] लेकिन एक विभाजन को रोकने के चक्कर में

[09:51:22] दूसरा विभाजन हो गया।

[09:51:25] यस।

[09:51:26] यही मैं पूछ रहा था। एक विभाजन को रोकने

[09:51:29] में दूसरा विभाजन हो गया। टोपी पहनकर।

[09:51:34] तो एक क्वेश्चन भी पूछता है कि कौन सी

[09:51:36] घटना है यह?

[09:51:37] यह घटना है आप लोगों को

[09:51:40] सूरत स्प्लिट

[09:51:43] सूरत का विभाजन

[09:51:45] एक घटना को एक विभाजन को रोकने के लिए एक

[09:51:50] विभाजन को रोकने के लिए

[09:52:00] हेतु

[09:52:02] दूसरा विभाजन हुआ।

[09:52:13] एक विभाजन को रोकने के लिए दूसरा विभाजन

[09:52:18] इस समय कौन थे? तो इस समय कांग्रेस के

[09:52:20] अध्यक्ष थे रास बिहारी घोष थे। पांच में

[09:52:23] गोखले थे। छह में नरोजी थे। इसलिए बता रहा

[09:52:26] हूं क्योंकि ये सीक्वेंस पूछता है।

[09:52:27] हालांकि आप लोग को कांग्रेस का अलग बता

[09:52:29] दिया हूं मैं। बट यहां भी एक्चुअली मुद्दा

[09:52:31] क्या था? मुद्दा था कि स्वदेशी आंदोलन

[09:52:34] चलाया कैसे जाए? कारण क्या था? कारण यह

[09:52:38] बना

[09:52:40] कि स्वदेशी आंदोलन

[09:52:48] कैसे चलाया जाए।

[09:53:02] नरम दाल बोल रहे थे कि थोड़ा सा नॉर्मल

[09:53:06] तरीके से और गरम दाल बोल एक्टिव मोड में

[09:53:09] और इसी कारण से यहां पर नरम दल

[09:53:14] और गरम दल

[09:53:17] में विभाजन हो गया और इस प्रकार से

[09:53:20] कांग्रेस कमजोर हो गई। कांग्रेस कमजोर हो

[09:53:23] गई।

[09:53:25] यह जो अधिवेशन था एक क्वेश्चन एक बार पूछा

[09:53:27] गया था यूपीपीसीएस का क्वेश्चन है कि सूरत

[09:53:30] अधिवेशन पहले कहां पर होने वाला था? तो

[09:53:32] नागपुर में होने वाला था। कहां होने वाला

[09:53:36] था? नागपुर में। लेकिन नागपुर में थोड़ा

[09:53:37] सा गरम दल का प्रभाव ज्यादा था। तो इसको

[09:53:40] टालकर ये लोग कहां कर दिए? सूरत में कर

[09:53:42] दिए थे। ठीक है? ध्यान रखिएगा। तो नागपुर

[09:53:44] में नहीं हुआ। जो एक्सट्रीमिस्ट थे यानी

[09:53:47] गरम दल के थे, वह लोग चाहते थे कि लाला

[09:53:50] लाजपत राय बने। लेकिन जो मॉडरेट थे

[09:53:55] वो लोग चाहते थे कि

[09:54:02] रास बिहारी घोष बने

[09:54:05] और इसी कारण से यह डिस्प्यूट हुआ और आगे

[09:54:08] जाकर दोनों टूट गया। ठीक है? इसी कारण से

[09:54:10] डिस्प्यूट हुआ। दोनों जाकर टूट गया।

[09:54:12] भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नरम दल रहा और

[09:54:16] गरम दल वालों ने अपने ग्रुप का नाम रखा

[09:54:18] नेशनलिस्ट पार्टी।

[09:54:21] अब क्योंकि जाहिर सी बात है 1907 वाला तो

[09:54:23] पूरा नहीं हुआ था। 1907 वाला ही पुनः

[09:54:26] मद्रास में हुआ और इस समय भी घोष कौन थे?

[09:54:28] रास बिहारी घोष ही थे। ध्यान रखिएगा रास

[09:54:31] बिहारी बोस गरम थे। रास बिहारी घोष नरम

[09:54:36] थे। नरम और गरम को ध्यान रखिएगा आप लोग

[09:54:40] सभी लोग।

[09:54:42] 1908 में एक डिसीजन लिया गया कि भैया गरम

[09:54:44] दल के सभी सदस्यों को हटाओ। लेकिन जानते

[09:54:46] हैं यह बहुत इन लोग को भारी पड़ा।

[09:54:49] यह इन लोगों को बहुत भारी पड़ा। रीजन इसके

[09:54:53] पीछे यह था कि इसका फायदा अंग्रेजों ने

[09:54:57] उठाया। इसका फायदा मुस्लिम लीग ने उठाया।

[09:55:01] इसका फायदा अंग्रेजों ने उठाया। उसका इसका

[09:55:04] फायदा मुस्लिम लीग ने उठाया।

[09:55:10] रीजन क्या था

[09:55:13] कि कांग्रेस कमजोर हो गई थी। तो बना बनाया

[09:55:16] चीज खत्म। सोचिए इससे पहले

[09:55:18] इससे पहले इतना एक्टिव थे यह लोग। इससे

[09:55:23] पहले इतना एक्टिव, इतना बड़ा आंदोलन किए

[09:55:26] ये लोग।

[09:55:29] लाल बाल पाल कहते हैं।

[09:55:32] बट यह फ्लॉप हो गया। इसी दौरान एक और को

[09:55:35] मुस्लिम लीग का गठन होता है। 1906 में

[09:55:39] सलीमुल्ला खान जो ढाका के नवाब थे। आगा

[09:55:42] खान थर्ड के नेतृत्व में ये ध्यान रखिएगा

[09:55:44] वन टू भी दिया रहता है ऑप्शन में कभी-कभी।

[09:55:46] तो यह आगा खान थर्ड थे। इनके पहले के दो

[09:55:50] लोग थे आगा खान। संस्थापक मुहसिन उल मुल्क

[09:55:52] सचिव ये खुद भी थे और बराक उल मुल्क थे।

[09:55:55] अध्यक्षता आगा खान तृतीया भी किए थे और

[09:55:57] मुख्यालय इसका आगे जाकर लखनऊ बनता है।

[09:55:58] ध्यान रखिएगा इस चीज को।

[09:56:02] इससे पहले दिसंबर से पहले 1906 में भी आगा

[09:56:05] खान मिले थे किससे? तो आपको मिंटों से

[09:56:07] मिले थे और बोले थे कि भाई हम लोग मुस्लिम

[09:56:09] हैं। हम लोग का अलग से एक निर्वाचन मंडल

[09:56:12] कर दीजिए।

[09:56:14] हम लोग का अलग से एक निर्वाचक मंडल

[09:56:16] स्टार्ट कर दीजिए। हम लोग निर्वाचन मंडल

[09:56:17] को जाइए। हम लोग वहीं रहेंगे।

[09:56:22] अलग से निर्वाचन मंडल की बात की गई है।

[09:56:24] ध्यान रखिएगा।

[09:56:32] सेशन इनके दो-तीन को ध्यान रखिएगा। सेशन

[09:56:34] इज़ वेरी वेरीेंट।

[09:56:41] पहला तो आपका लखनऊ। दूसरा ध्यान रखिएगा

[09:56:43] सैयद अहमद इमाम अमृतसर में हुआ था। नौवां

[09:56:46] हुआ 1916 में मोहम्मद अली जिन्ना लखनऊ में

[09:56:49] किए थे। ये वही लखनऊ समझौता वाला है। है

[09:56:51] ना? लखनऊ एग्रीमेंट हुआ था लखनऊ समझौता

[09:56:54] उसी समय। उस समय कौन था? जिन्ना खुद किए

[09:56:57] थे।

[09:57:00] इसके बाद 1930 वाला

[09:57:04] मोहम्मद इकबाल किए थे। इलाहाबाद में हुआ

[09:57:06] था। अब पहली बार इन्होंने एक दिमाग डाल

[09:57:09] दिया। सोचिए यह लोग वही लोग हैं कि बहुत

[09:57:13] ज्यादा राष्ट्रवाद राष्ट्रवाद यही लोग

[09:57:15] पहली बार

[09:57:24] क्या प्रथम 73 में मैं ही पढ़ाऊंगा और कौन

[09:57:27] पढ़ाएगा मॉडर्न हिस्ट्री में ही पढ़ाऊंगा

[09:57:29] भाई बोल तो दिया मोहम्मद इकबाल ने पहली

[09:57:32] बार दिमाग में यह डाल दिया कि एक अलग

[09:57:37] सेपरेट मुस्लिम स्टेट भी बन सकता है।

[09:57:42] एक अलग मुस्लिम स्टेट सेपरेट स्टेट भी बन

[09:57:46] सकता है। यह दिमाग में इन लोगों ने डाल

[09:57:47] दिया। ठीक है? ध्यान रखिएगा। ये इन लोगों

[09:57:50] ने डाल दिया।

[09:57:52] उसके बाद पटना में मोहम्मद अली जीना करते।

[09:57:54] रीज़न क्या था कि 1937 का चुनाव हुआ और

[09:57:57] 1937 के चुनाव में जबरदस्त हार का झेलना

[09:58:01] पड़ा। 19 33 के चुनाव में इन लोगों को

[09:58:05] जबरदस्त हार झेलना पड़ा। जबरदस्त

[09:58:09] और रीजन यही था कि पटना में क्योंकि बिहार

[09:58:12] में इन लोग को एक्सपेक्टेशन नहीं था कि ये

[09:58:13] लोग को इतना बड़ा हार मिलेगा लेकिन हार गए

[09:58:16] तब अली मोहम्मद अली जिन्ना खुद गए पटना और

[09:58:19] आपको वहां पर अध्यक्षता किए 1940 में

[09:58:23] लाहौर में साफ-साफ कह दिया भैया हमको दो

[09:58:25] राष्ट्र चाहिए।

[09:58:28] अब दो राष्ट्र का सिद्धांत अब इंडिया और

[09:58:30] पाकिस्तान होगा और 1933 में खुद फिर

[09:58:33] मोहम्मद अली जिन्ना अध्यक्षता करते हैं और

[09:58:35] कहते हैं कि बांटो और छोड़ो।

[09:58:38] तो यह मुस्लिम लीग का कुछ महत्वपूर्ण

[09:58:40] अधिवेशन था। ठीक है?

[09:58:44] यह मुस्लिम लीग का कुछ महत्वपूर्ण अधिवेशन

[09:58:46] था।

[09:58:48] अब 1909 का एक्ट ये जान ही रहे हैं आप

[09:58:51] लोग। मिंटो मार्ले मिंटो एक्ट 1900 ये

[09:58:54] इसको ध्यान रखिएगा। YouTube पे अलग से

[09:58:55] पढ़ाया हूं। जस्ट मैं आपको यही बता दे रहा

[09:58:57] हूं। अरुण्य समिति के रिपोर्ट के आधार पर

[09:59:00] किया गया और 1892 में कई सारे दोष थे।

[09:59:03] उसको दूर करने के लिए किया गया और पृथक

[09:59:06] निर्वाचक

[09:59:11] मुसलमानों के लिए

[09:59:25] पृथक निर्वाचक

[09:59:30] घोषित किया। सोच लीजिए समझ रहे हैं आप एक

[09:59:34] ही ग्रुप में हैं। लेकिन आपका जो इलेक्शन

[09:59:37] होगा या आपका जो इलेक्शन पद्धति होगी वो

[09:59:39] डिफरेंट होगा।

[09:59:42] समझ रहे हैं?

[09:59:44] डिफरेंट होगा वो। इतना गलत चीज है। इतना

[09:59:48] गलत चीज है। और इसको यहीं से आपको इसलिए

[09:59:51] जिन्ना ने यह राजेंद्र प्रसाद ने कहा भी

[09:59:53] था कि कोई जिन्ना कोई नहीं। भारतपाकि

[09:59:57] भारतपाकि ये लोग थे मिंटो।

[10:00:00] तो पाकिस्तान बना उसके जिम्मेदार कौन है?

[10:00:02] मिंटो।

[10:00:04] ध्यान रखिएगा।

[10:00:12] अब आते हैं होमरूल। अब इसके बीच में कुछ

[10:00:15] कहानियां होती हैं। होता क्या है कि 1909

[10:00:18] के अधिनियम के बाद थोड़ा सा नरम दल वालों

[10:00:21] को पोटने की कोशिश की जाती है। गरम दल

[10:00:23] वालों को पकड़ा जाता है। इन लोग को बांटने

[10:00:25] का प्रयास किया जाता है। तोड़ा जाता है।

[10:00:27] बहुत सारी कहानियां चलती।

[10:00:32] बहुत सारी कहानियां चलती हैं। मुबारक हो

[10:00:35] 10 घंटा कंप्लीट। देखिए लिख रहा है कि 10

[10:00:38] घंटा से क्लास 10 आवर्स एगो और जो बच्चे

[10:00:41] बने रहे हैं सबसे पहले उनको भी धन्यवाद।

[10:00:44] बस जो एनर्जी अभी दिखाए हैं एक डेढ़ घंटा

[10:00:47] और दिखा दीजिए।

[10:00:50] जो एनर्जी आप लोग दिखाए हैं एक डेढ़ घंटा

[10:00:53] और दिखा दीजिए।

[10:00:59] हां।

[10:01:02] सबको पकड़ लिया गया। तिलक को पकड़ लिया

[10:01:05] गया। उधर लाला लाजपत राय को पकड़ लिया

[10:01:07] गया। इधर आपको अरविंदो घोष पर कर दिया

[10:01:10] गया।

[10:01:12] अलग-अलग चीजें आपको हुई।

[10:01:16] अलग-अलग चीजें

[10:01:20] आंख अब लगातार वो हो रहा है ना।

[10:01:27] हां।

[10:01:29] अलग-अलग चीजें होने लगी।

[10:01:32] और आपको हुआ क्या? लाला लाजपत राय भी

[10:01:35] गिरफ्तार मतलब मतलब समझिए कि हलचल बहुत

[10:01:37] खराब हो गई। नहीं नहीं अब कोई ब्रेक नहीं।

[10:01:41] मन ही मन नरम दल वाले भी सोचे कि सही नहीं

[10:01:45] हुआ बट बोल नहीं पा रहे थे। बोल नहीं पा

[10:01:50] रहे थे।

[10:01:52] जब जेल से निकले छ साल के बाद

[10:01:56] बाल गंगाधर तिलक उन्होंने देखा कि जितना

[10:02:00] भी जोश था अब खत्म हो गया।

[10:02:05] जितना भी जोश था सब खत्म हो गया।

[10:02:15] ये गए मिले कई लोगों से मिले नरम दल वालों

[10:02:17] से मिले। सोचिए यही वो तिलक है जो

[10:02:19] अग्रेसिव हैं। लेकिन ये चाह रहे हैं। देखो

[10:02:21] तिलक बहुत बड़े नेता थे। तिलक बहुत बड़े

[10:02:25] नेता थे।

[10:02:30] तो तिलक मिलने लगे सबसे बोलने लगे भाई कुछ

[10:02:32] करना होगा। ऐसे तो कैसे काम चलेगा? तो

[10:02:35] इन्होंने 1915 तक यह बात हो गई कि हम लोग

[10:02:37] फिर से एकजुट होते हैं। देखो क्योंकि नरम

[10:02:39] दल वाले भी जान गए थे कि चीजें खराब हुई

[10:02:41] हैं। भले एक्सेप्ट करें ना करें लेकिन नरम

[10:02:43] दल वाले ये चीज जान चुके थे। ठीक है? कि

[10:02:47] चीजें सही नहीं है। और इसी कारण से क्या

[10:02:50] होता है? 1915 तक आपको लगभग अनऑफिशियल मिल

[10:02:53] गए थे। 16 में घोषणा हो गई।

[10:02:57] यह लखनऊ समझौता में घोषणा हुई थी। ठीक है?

[10:02:59] ध्यान रखिएगा। लेकिन लखनऊ समझौता से पहले

[10:03:02] ही तिलक ने एनी बेसेंट का जो एक वह था कि

[10:03:05] हम लोग स्वशासन आंदोलन इसको होमरूल आंदोलन

[10:03:09] कहते हैं या हिंदी में इसको कहते हैं

[10:03:10] स्वशासन आंदोलन कि ठीक है आजादी नहीं

[10:03:13] चाहिए स्वशासन तो दे दो स्वशासन का मतलब

[10:03:17] कि हम लोग ही आपको लेजिसलेटिव हर जगह के

[10:03:19] हेड होंगे आप अपने ऊपर में एक छात्र छाया

[10:03:22] होगा लेकिन हेड हम ही लोग होंगे

[10:03:28] ठीक है ध्यान रखिएगा

[10:03:30] हम ही लोग हेड होंगे। इस चीज को ध्यान

[10:03:33] रखना है। तिलक पहली बार आपको इसको करते

[10:03:35] हैं होमरूल आंदोलन।

[10:03:42] डेढ़ घंटा तो चले।

[10:03:44] ठीक है।

[10:03:47] तिलक जो है आपको होमरूल आंदोलन जो है वह

[10:03:49] कर रहे थे। तो सबसे पहले होमरूल आंदोलन

[10:03:52] में इनकी भागीदारी रही। होमरूल आंदोलन में

[10:03:55] सबसे पहले इनकी भागीदारी रही।

[10:03:59] तो 28 अप्रैल को होमरूल आंदोलन इन्होंने

[10:04:02] कर दिया। तो आपसे क्वेश्चन पूछता है कि

[10:04:05] किसका होमरूल आंदोलन जो है वो ज्यादा

[10:04:08] एक्टिव था? तिलक का या इनका? तो ध्यान

[10:04:12] रखिएगा होमरूल आंदोलन पहली बार तिलक ने

[10:04:16] किया और ज्यादा सक्रिय भी इन्हीं का था।

[10:04:19] तिलक ने पहली बार किया और ज्यादा सक्रिय

[10:04:22] भी इन्हीं का था। 28 अप्रैल 19 16 को

[10:04:25] इन्होंने कर दिया। कर्नाटक, महाराष्ट्र,

[10:04:27] बंबई छोड़कर आपको इन्हीं का था बरार और

[10:04:30] मध्य प्रांत।

[10:04:32] फिर इन्होंने सितंबर 1916 में आपको किया

[10:04:36] शेष भारत में। मतलब देखिए ब्रांचेस किसके

[10:04:39] ज्यादा थे? इनके

[10:04:42] ब्रांचेस तो थे यानी शाखाएं

[10:04:47] इनके ज्यादा थे। एनी पेशेंट के

[10:04:53] परंतु फेमस कौन था?

[10:04:57] फेमस था तिलक का।

[10:05:02] तिलक थोड़ा सा एग्रेसिव काम करते थे ना।

[10:05:04] तिलक वो हल्के में काम नहीं करते थे। तिलक

[10:05:07] जो है हल्के में काम नहीं करते थे। यह

[10:05:11] थोड़े से एग्रेसिव थे।

[10:05:15] एग्रेसिव मोड। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:05:21] तिलक के तरफ से कौन-कौन थे? तो जी एस

[10:05:23] खांडे, मुंजे, करंडीकर यह लोग आकर

[10:05:26] एक्टिवली काम कर रहे थे। तिलक ने इसको

[10:05:30] प्रसार के लिए दो पत्रिका निकाला।

[10:05:33] एक मराठा जो कि अंग्रेजी में था और केसरी

[10:05:37] मराठा में था।

[10:05:39] वहीं एनी पेशेंट की बात करें तो एनी

[10:05:42] पेशेंट जॉर्ज अरुणले जो थे वो उन्होंने

[10:05:44] हेड किया। सुब्रमण्यमय मयर, मोतीलाल

[10:05:47] नेहरू, तेज बहादुर। इसके बाद इसमें कई

[10:05:49] शामिल हुए थे। जिन्ना शामिल हुए थे।

[10:05:50] जवाहरलाल नेहरू शामिल हुए थे। सब मतलब

[10:05:52] बड़े-बड़े पर्सनालिटी इसमें शामिल हुए थे।

[10:05:55] ध्यान रखिएगा इन्होंने न्यू इंडिया और

[10:05:57] कॉमनव्थ

[10:05:58] ये पत्रिका था। न्यूज़पेपर था। इससे

[10:06:01] इन्होंने किया। ध्यान रखिएगा। न्यू इंडिया

[10:06:03] से एक आता है ऑप्शन में यंग इंडिया। यंग

[10:06:06] इंडिया नहीं न्यू इंडिया। कौन सा? न्यू

[10:06:09] इंडिया। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:06:13] होमरूल की सर्वाधिक शाखाएं कहां थी भैया?

[10:06:16] मद्रास में। होमरूल की सर्वाधिक शाखाएं

[10:06:19] कहां थी? मद्रास में।

[10:06:24] ब्रांचेस मद्रास में। लेकिन फेमस कौन था?

[10:06:26] ध्यान रखिएगा तिलक का। होम रूल बहुत तेजी

[10:06:29] से फैला। एक क्वेश्चन आता है कि वर्ल्ड

[10:06:32] वॉर वर्ल्ड वार फर्स्ट वर्ल्ड वार कब चल

[10:06:34] रहा था? तो फर्स्ट जो वर्ल्ड वार था

[10:06:39] यानी विश्व युद्ध

[10:06:47] प्रथम विश्व युद्ध

[10:06:53] वो आपको 1914 से 16 तक चला।

[10:06:58] 1914 सॉरी 1918 तक चला। तो एक क्वेश्चन

[10:07:01] पूछता है कि प्रथम विश्व युद्ध के समय

[10:07:05] भारत में कौन सा एक प्रसिद्ध आंदोलन चल

[10:07:09] रहा था? वह था होम रोल

[10:07:14] भारत में होमरू

[10:07:24] ल आंदोलन चल रहा। यह भी

[10:07:27] भारत में होमरूल आंदोलन चल रहा। यह भी

[10:07:27] क्वेश्चन आता है। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:07:31] अब यहीं पर होता है लखनऊ समझौता जो कि

[10:07:33] बहुत फेमस था। लखनऊ समझौता।

[10:07:39] लखनऊ समझौता इसलिए फेमस था। इसमें दो बड़ी

[10:07:41] चीजें हुई। इसमें दो बड़ी चीजें हुई। पहला

[10:07:45] क्या हुआ? तो पहला बड़ी चीज यह हुआ कि इस

[10:07:48] आंदोलन में

[10:07:51] एक सेकंड रुको ना।

[10:07:54] नरम दल और गरम दल एक हो गए।

[10:07:58] इस आंदोलन में नरम दल और गरम दल एक हो गए।

[10:08:02] और दूसरा क्या था भाई? तो दूसरा आपको

[10:08:05] इसमें प्रसिद्ध एक हुआ वह था।

[10:08:27] रुकिए एक मैसेज कर देता हूं बच्चों को।

[10:08:30] बोलता हूं भाई आइए एनर्जी की जरूरत है।

[10:08:32] कहां गई एनर्जी हमारे?

[10:08:54] डाल दिया।

[10:09:18] नहीं क्लासेस चल रहा है ना अभी

[10:09:22] चलो एक ग्रुप डाल दिया लास्ट में सर हां

[10:09:26] बोल दिया भाई एनर्जी चाहिए बच्चे कहां है

[10:09:29] तो इसमें दो चीजें हुई पहला चीज क्या हुआ

[10:09:32] पहला तो नरम दल और गरम दल एक हो गया

[10:09:34] हालांकि 1915 में ही इनकी बातें हो गई थी

[10:09:36] कि ये लोग एक हो जाएंगे। ठीक है? ध्यान

[10:09:38] नहीं जल्दी-जल्दी क्या पढ़ा रहा हूं तो

[10:09:40] पढ़ाऊंगा ही ना। ध्यान रखिएगा। और दूसरी

[10:09:42] चीज मुस्लिम लीग यानी मुस्लिम लीग प्लस

[10:09:47] कांग्रेस भी एक हो गई। जानते हैं क्यों

[10:09:49] हुई थी?

[10:09:51] इन्होंने एक बहुत गलत डिसीजन ले लिया।

[10:09:53] क्या लिया?

[10:09:55] इन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग का जो अलग से

[10:09:58] निर्वाचक पद्धति था, सेपरेट इलेक्टोरेट

[10:10:02] सिस्टम जो था वह मान लिया।

[10:10:08] सोचिए कहा जाता है कि

[10:10:12] कांग्रेस ने ब्लंडर किया था।

[10:10:18] और इस समझौते

[10:10:21] कांग्रेस ने ब्लंडर किया था। और इस समझौते

[10:10:21] में उन्हीं सूत्री मांगों को रखा गया

[10:10:23] अंग्रेजों के लिए। मदन मोहन मालवीय इसका

[10:10:27] एकदम विरोध कर रहे हैं।

[10:10:30] कह रहे हैं

[10:10:32] कि यह क्या कर रहे हैं आप लोग? मिलने के

[10:10:35] चक्कर में ये किस चीज का अप्रूवल दे रहे

[10:10:36] हैं भाई?

[10:10:38] मिलने के चक्कर में ये किस चीज का अप्रूवल

[10:10:41] दे रहे हैं आप लोग?

[10:10:44] तो आपसे क्वेश्चन पूछता है कि कौन इसके

[10:10:46] विरोधी थे? तो मदन मोहन मालवीय एकदम

[10:10:48] विरोधी थे। और इसी इसी में आपको राजकुमार

[10:10:51] शुक्ल आते हैं जो गांधी से मिलते हैं और

[10:10:52] चंपारण आंदोलन का प्लेटफार्म तैयार होता

[10:10:55] है यहां से।

[10:10:56] एनी बेसेंट होमरूल में गोल गोखले की

[10:11:00] सर्वेंट ऑफ सोसाइटी के सदस्यों का प्रवेश

[10:11:02] निषेध करती है। कहती है कि ना भैया आप लोग

[10:11:04] को नहीं आना है। अब इसी दौरान क्याकि एनी

[10:11:07] बेसेंट बहुत प्रसिद्ध हो रही थी। बहुत

[10:11:09] तेजी से प्रसिद्ध हो रही थी एनी बेसेंट।

[10:11:13] एनी बेसेंट को इसलिए 1917 में कांग्रेस का

[10:11:15] अध्यक्ष भी बनाया गया था।

[10:11:18] कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाया गया था एनी

[10:11:20] बेसेंट को।

[10:11:22] यह और फेमस हुई जब 1917 में एनी बेसन

[10:11:25] जॉर्ज अरुंडले वाडिया को गिरफ्तार कर लिया

[10:11:28] गया। इसके विरोध में सुब्रमण्यमय ने

[10:11:30] नाइटहुड की उपाधि त्याग दी। मदन मोहन

[10:11:33] मालवीय, सुरेंद्रनाथ बनर्जी, मोहम्मद अली

[10:11:35] जीना इसमें शामिल थे। इन्होंने इनको

[10:11:37] छुड़ाया कि भाई एनी पेशेंट को मत पकड़िए।

[10:11:40] एनी पेशेंट एक नॉर्मल महिला थी। मतलब

[10:11:43] ईमानदारी पूर्वक काम करती थी। यह भी नहीं

[10:11:47] कि कभी हिंसा की बात की ना उनका हिंसा में

[10:11:49] कोई बिलव नहीं था।

[10:11:51] ठीक है।

[10:11:53] कहां तिलक होगा? नहीं नहीं इनको भी

[10:11:56] गिरफ्तार किया।

[10:11:58] ध्यान रखिएगा। अब अंग्रेज प्रेशर में आ गए

[10:12:02] कि भाई क्या किया जाए? बहुत ज्यादा आपको

[10:12:03] यह हो रहा था। तो अंग्रेजों ने क्या किया?

[10:12:06] होम रूल होगा।

[10:12:09] होम रूल।

[10:12:43] ठीक है होमरू

[10:12:46] अब यहीं पर होता है मॉन्टेग्यू घोषणा

[10:12:48] मॉन्टेग्यू का घोषणा होता है ठीक है

[10:12:51] मॉनटेग्यू की घोषणा होती है यहीं पर

[10:12:55] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:12:58] 20 अगस्त 1917 में यह घोषणा होती है और

[10:13:00] कहा जाता है मॉन्टग्यू उस समय ब्रिटेन के

[10:13:03] कॉमन सभा में आपको वो किए थे। ये ब्रिटेन

[10:13:05] के सचिव थे। है ना? मॉन्टेग्यू

[10:13:08] उन्होंने कहा कि ठीक है जब हम लोग को

[10:13:10] लगेगा ना कि इंडिया को दे देना चाहिए

[10:13:14] स्वशासन तो हम लोग दे देंगे। मतलब फर्स्ट

[10:13:16] टाइम है जो इस तरीके की बातें भी की गई।

[10:13:18] लेकिन ये बातें कहने का मतलब ही क्या जब

[10:13:21] मुझे लगना लगेगा कि आप लोग को खाना पीना

[10:13:24] खिलाना चाहिए

[10:13:27] तब मैं आपको खाना पीना खिलाऊंगा तो बताइए

[10:13:29] कभी मुझे लगेगा कि अपना खर्चा करूं लाखों

[10:13:32] रुपया बताइए नहीं ना लगेगा तो सेम बात तो

[10:13:35] यह भी कह रहे थे कि जब हमें लगेगा कि ये

[10:13:38] स्वशासन के हकदार है तो हम दे देंगे और इस

[10:13:42] कारण कि ना बट फर्स्ट टाइम ऐसी बातें तो

[10:13:46] कहें इसी घोष घोषणा को 1918 में

[10:13:49] मॉन्टेग्यू चे्सफोर्ड रिपोर्ट हुआ और यही

[10:13:51] आगे जाकर क्या बनता है? अधिनियम जिसको आप

[10:13:53] लोग चेसफर्ड अधिनियम के नाम से जानते हैं।

[10:13:58] यह कहते हैं कि भाई यह कैसा है? यह क्या

[10:14:01] बोल रहे हैं आप लोग?

[10:14:03] कह रहे हैं

[10:14:06] कि हमें लगेगा तो आपको देंगे।

[10:14:10] हमें

[10:14:12] लगेगा तो आपको देंगे। तो उन्होंने कहा कि

[10:14:13] यह तो ऐसा सुबह है जिसमें आपको

[10:14:19] ऐसा सुबह है

[10:14:22] जिसमें सूरज ही नहीं है। सोचिए आप गुड

[10:14:25] मॉर्निंग कह दिख हैं पूरा अंधेरा गायब

[10:14:27] काहे का गुड मॉर्निंग

[10:14:29] सूरज तो फुरफुर नींद कर रहे हैं।

[10:14:33] तो तिलक ने कहा और ये क्वेश्चन आता है

[10:14:35] पीटी में कि यह किसने कहा था सनलेस डॉन

[10:14:40] कांग्रेसियों के उधरवादी ने कहा कि ना

[10:14:42] मैगना काटा है भाई इतना जबरदस्त और यही

[10:14:44] क्वेश्चन बीपीएससी ने पूछ दिया क्या पूछा

[10:14:47] था कि अखिल भारतीय उद्रवादी संघ की

[10:14:48] स्थापना किसके द्वारा किया गया था? तो

[10:14:50] सुरेंद्रनाथ बनर्जी थे, तपू जी थे। यह सब

[10:14:53] आपको इसमें थे और 1918 में किया गया। यानी

[10:14:58] एक और कांग्रेस का विभाजन होता है। कई लोग

[10:15:01] तो एकदम मना कर दे कि क्या फालतू बात कर

[10:15:03] रहे हैं। कई लोग कह ना ना एकदम सही है।

[10:15:06] तिलक और एनी बेसेंट भी अपने होम रूल को

[10:15:08] मिला लेते हैं। तिलक कहती है कि ठीक है

[10:15:11] कुछ तो मिला। लेकिन असलियत यह था कि बहुत

[10:15:14] चीजें नहीं मिली थी।

[10:15:16] तापसा था। बहुत चीजें नहीं मिली थी।

[10:15:20] ठीक है? ध्यान रखना। पहली बार होमरूल का

[10:15:21] जो है शब्द का उपयोग या इस तरीके का चीजों

[10:15:24] का उपयोग किसने किया था? तो रेडमंड्स के

[10:15:26] द्वारा किया गया था।

[10:15:29] किसके द्वारा किया गया था? तो रेडमंड्स के

[10:15:31] द्वारा किया गया था। ध्यान रखिएगा। हां।

[10:15:37] अब होमरूल समाप्त। अब इसी बीच हम लोगों ने

[10:15:41] देखा था कुछ घटनाओं को देखा था

[10:15:44] जिसमें रेलेट एक्ट वगैरह हुआ था। रेलेट

[10:15:47] एक्ट के बाद एक कांड होता है जिसको आप लोग

[10:15:49] कहते हैं जालिया वाला रेलेट एक्ट हुआ।

[10:15:57] रेलेट एक्ट 1919 में आ गया था और बहुत

[10:16:00] गंदा था।

[10:16:01] इसी का विरोध हो रहा था और किचलू जी को

[10:16:05] गिरफ्तार कर लिया गया जालिया मतलब अमृतसर

[10:16:09] में और उसी के विरोध में जालियावाला बाग

[10:16:11] में

[10:16:15] बाघ कांड भी होता है अप्रैल 1919 में

[10:16:22] हुआ कुछ नहीं गिरफ्तारी के विरोध में एक

[10:16:24] शांतिपूर्ण

[10:16:26] गिरफ्तारी के विरोध में एक शांतिपूर्ण

[10:16:28] जुलूस निकलता है

[10:16:34] और इन पर गोलियां बरसा दी जाती है।

[10:16:36] गोलियां बैसाखी का दिन था 13 अप्रैल का

[10:16:41] और सोचिए कि एक छोटे से पार्क में जिसमें

[10:16:44] एक छोटा सा गेट था।

[10:16:48] छोटा सा गेट था

[10:16:52] तो आपको कहा जाता है कि 2 मिनट में निकलो।

[10:16:56] और सब पर गोलियां बरसाती। कई लोग मारे। कई

[10:17:00] लोग मारे।

[10:17:04] जालियांवाला बाग कांड का प्रभाव पड़ा था

[10:17:06] भगत सिंह पर।

[10:17:09] प्रभाव पड़ा था भगत सिंह पर।

[10:17:18] प्रभाव किस पर पड़ा था? भगत सिंह पे। सोच

[10:17:21] लीजिए।

[10:17:37] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:17:40] अमृतसर में ये कांड होता है। यह ऐसा कांड

[10:17:43] था, यह ऐसा कांड था जिसने पूरे देश को

[10:17:47] हिला दिया। यह ऐसा कांड था जिसने पूरे देश

[10:17:52] को हिला दिया।

[10:17:56] मतलब

[10:17:58] किसी ने सोचा ही नहीं कि ऐसा होगा। किसी

[10:18:02] ने सोचा ही नहीं कि ऐसा होगा।

[10:18:08] और सबसे बड़ी बात जो हार्ट डायर था उसको

[10:18:13] किसी ने वो ही नहीं किया।

[10:18:16] मतलब इसने को किसी ने वो ठहराया ही नहीं

[10:18:19] कि यह गलत है। सबसे बड़ी चीज तो यही है।

[10:18:24] किसी ने इसको ठहराया ही नहीं कि गलत है।

[10:18:27] भाई किसी को आप गलत ठहराओगे तब ना पता

[10:18:29] चलेगा कि फलना गलत है। किसी ने ठहराया

[10:18:31] नहीं। इसी के बाद एक और आंदोलन होता है

[10:18:35] खिलाफत आंदोलन।

[10:18:38] खिलाफत आंदोलन के पीछे जो रीजन था वह यह

[10:18:42] था

[10:18:45] कि फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में

[10:18:51] मुसलमानों के साथ धोखा किया गया। यानी

[10:18:54] खलीफा के साथ गलत व्यवहार।

[10:19:05] खलीफा के साथ गलत

[10:19:30] अब यहीं पर स्टार्ट होता है आपको

[10:19:34] सबसे जबरदस्त गांधी का पहला पहला एक बहुत

[10:19:37] बड़ा आंदोलन भारत में जिसको हम लोग कहते

[10:19:39] हैं असहयोग आंदोलन।

[10:19:42] जिसको हम लोग क्या कहते हैं? असहयोग

[10:19:44] आंदोलन।

[10:19:48] इसकी पृष्ठभूमि क्या थी? समझिएगा। इसकी

[10:19:51] पृष्ठभूमि थी सबसे पहले रेलेट एक्ट। रेलेट

[10:19:55] एक्ट से युवा नाराज थे। जालिया वाला

[10:19:58] नरसंहार हुआ। और ब्रिटिश ने सिर्फ

[10:20:01] लीपापोती की। ना कोई यहां पर डिसीजन लिया

[10:20:05] ना कुछ लिया। सिर्फ लिपापोती कर दी। इसके

[10:20:08] बाद मॉनटेग्यू घोषणा से भी भारतीयों को

[10:20:10] कुछ मिला नहीं। कुछ मिला क्या? नहीं मिला।

[10:20:14] तो मॉन्टेग्यू घोषणा से भारतीयों को कुछ

[10:20:16] नहीं मिला। उसके बाद खलीफा के प्रति अपमान

[10:20:19] भी भारतीयों को काफी खराब हुआ। और आर्थिक

[10:20:22] संकट भी।

[10:20:28] वर्ल्ड वार के बाद आर्थिक संकट। ठीक है?

[10:20:31] एक सेकंड रुके पानी पीने

[10:20:44] [गहरी सांस लेने की आवाज़]

[10:21:41] ठीक है। [गला साफ़ करने की आवाज़] चलो।

[10:21:44] ठीक है।

[10:21:46] अरे भाई आप लोग को जो पिंग किया हुआ है

[10:21:48] उसी बैच में पीडीएफ मिलेगा। आप लोग को अभी

[10:21:50] पीडीएफ कैसे मिल सकता है? जब तक से मैं

[10:21:52] आपको ये पढ़ाऊंगा ही नहीं तो क्या आप लोग

[10:21:54] कॉमन सेंस का बात करते हैं? पढ़ाऊंगा यही

[10:21:56] ना पीडीएफ आपको वहां पर मिलेगा। तब पीडीएफ

[10:22:00] नहीं दिख रहा है। कहां से दिखेगा पीडीएफ

[10:22:01] भाई? चलो अब आप देख रहे हैं पूरे भारत में

[10:22:05] चीजें अस्त-व्यस्त।

[10:22:08] पूरे भारत में सर यही जनरल डायर था जिसको

[10:22:10] सर उधम सिंह के द्वारा मारा गया था। सर

[10:22:12] नहीं वो माइकल और डायर था। वो माइकल और

[10:22:16] डायर था। हेड वही था। जनरल डायर को तो

[10:22:20] इसने आज्ञा दिया था। उधम सिंह ने माइकल और

[10:22:21] डायर को मारा था।

[10:22:24] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:22:29] कार्यक्रम क्या-क्या था? तो हिंदू मुस्लिम

[10:22:31] एकता को बढ़ावा देना। पहला था सरकारी

[10:22:34] समारोह का बहिष्कार करना। बॉयकट।

[10:22:37] इसके अलावा गवर्नमेंट जितने भी टाइटल्स

[10:22:39] है, ऑनर्स है सबको खत्म करना। अस्पृश्यता

[10:22:42] को समाप्त करना, अहिंसा का संदेश

[10:22:44] पहुंचाना, ब्रिटिश वस्तुओं का बॉयकट करना,

[10:22:47] प्रमोशन करना किसका? स्वदेश का। अब यहां

[10:22:51] पर एक चीज समझिए। गांधी ने इन सब पूरे

[10:22:53] चीजों को देखा।

[10:22:55] गांधी ने कहा

[10:22:59] कि एक साल के अंदर स्वराज देंगे। इसी में

[10:23:02] ही कहा था 1 साल के अंदर

[10:23:07] एक साल के अंदर

[10:23:14] स्वराज

[10:23:17] गांधी ने इसी आंदोलन के दौरान कहा

[10:23:22] था एक

[10:23:26] गांधी ने इसी आंदोलन के दौरान कहा था एक

[10:23:26] साल के अंदर स्वराज दे देंगे क्योंकि ये

[10:23:28] परिस्थितियां यह बता रही थी कि अंग्रेजों

[10:23:30] से कोई खुश नहीं था। अब सभी लोग गांधी की

[10:23:33] बात माने और जो कार्यक्रम थे उसके अनुसार

[10:23:36] सभी ने क्या किया वकालत से रिजाइन दिया।

[10:23:38] चाहे वो सीआर दास हो, वल्लभ भाई पटेल हो,

[10:23:40] जवाहरलाल नेहरू, हो, राजेंद्र प्रसाद, हो,

[10:23:41] मोतीलाल नेहरू हो, विठ्ठल भाई पटेल हो,

[10:23:43] राजगोपालाचारी हो, अरुणा आसपा सभी ने क्या

[10:23:45] किया? वकालत रिजाइन किया कि हम लोग कोई भी

[10:23:48] सरकारी काम नहीं करेंगे। सबसे पहले ठीक

[10:23:50] है? ध्यान रखिएगा।

[10:23:52] [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़]

[10:23:54] गांधी ने खुद केसरे हिंद की उपाधि लौटाई।

[10:23:56] जमनालाल बजाज ने राय की उपाधि लौटा।

[10:23:58] हालांकि गांधी ने जालियावाला बाग के खिलाफ

[10:23:59] किया था। हकीम अजमल खान ने हाजिक उल मुल्क

[10:24:02] की उपाधि लौटा दी। सब कुछ हुआ।

[10:24:07] चीजें भी बहुत तेजी से फैलने लगी। अगस्त

[10:24:09] में यह स्टार्ट हो गया। अगस्त में स्टार्ट

[10:24:12] हो गया। 1920 में

[10:24:15] आंदोलन प्रारंभ।

[10:24:20] चीजें बहुत स्मूथली जा रही थी। इन लोगों

[10:24:22] का विरोध भी बहुत तेजी से हो रहा था। इन

[10:24:25] लोगों का विरोध बहुत तेजी से हो रहा था।

[10:24:29] लोग अंग्रेज परेशान होने लगे। अंग्रेजों

[10:24:31] को फाइनेंशियल लॉस होने लगा। अंग्रेजों को

[10:24:35] फाइनेंशियल लॉस होने लगा। ठीक है?

[10:24:40] अब क्या किया जाए?

[10:24:44] गांधी कहा कि यही नहीं रुको तुम्हारा आ

[10:24:46] रहा है ना राजकुमार। रुको तुमको बताते

[10:24:47] हैं। वेल्स के राजकुमार आ रहे थे। अब

[10:24:51] अंग्रेजों पर प्रेशर पड़ गया कि अरे यार

[10:24:53] उसके सामने मत कुछ करो। देखिए भाई वेल्थ

[10:24:56] का राजकुमार है। कैसा मतलब आए लगेगा

[10:24:59] कि कोई राजकुमार आ रहा है। उसको बोला जा

[10:25:01] रहा है कि तुम्हारा आदमी लोग ठीक काम नहीं

[10:25:03] कर रहा है। खराब लगेगा ना? वेल्स के

[10:25:06] राजकुमार आते हैं। उनको बोला गया कि सही

[10:25:10] काम नहीं कर रहे हैं।

[10:25:13] गांधी मना किया था गांधी पहुंचते हैं और

[10:25:15] इसका विरोध करते हैं। इसका नाम क्या था?

[10:25:17] इसका नाम था आपको बाद में किंग एडवर्ड एट

[10:25:20] यही बना था। 17 नवंबर 1921 को भारत आता

[10:25:24] है। सबसे पहले मुंबई आया। इसका विरोध हुआ।

[10:25:26] पुरजोर विरोध हुआ। यह 22 23 दिसंबर को

[10:25:29] पटना भी जाता है।

[10:25:33] अंग्रेज हिल गए।

[10:25:38] यहीं पर देख सकते हैं भाई अंग्रेज हिल गए।

[10:25:41] देखिए प्रेशर पड़ने लगा। बहुत चीजें बढ़ने

[10:25:44] लगी आगे। असहयोग आंदोलन में बहुत सारे

[10:25:47] नेताओं को गिरफ्तार किया। पहली बार

[10:25:48] मोहम्मद अली एक बड़े नेता कि मोहम्मद अली

[10:25:50] जीना नहीं मोहम्मद अली मोहम्मद अली

[10:25:53] गिरफ्तार हो गए। क्वेश्चन पूछता है कि

[10:25:56] असहयोग आंदोलन में गिरफ्तार होने वाले

[10:25:58] पहले बड़े नेता कौन थे? तो मोहम्मद अली

[10:26:00] थे।

[10:26:04] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:26:08] मोहम्मद अली। नवंबर 1921 से आंदोलन काफी

[10:26:11] उग्र होने लगा। मिदनापुर कोटाई क्षेत्र

[10:26:13] में यूनियन बोर्ड आंदोलन चला। किसान संगठन

[10:26:16] हुआ। हर जगह एक्टिविटी बहुत बढ़ गई। हर

[10:26:18] जगह एक्टिविटी बहुत बढ़ गई। गांधी खुश।

[10:26:23] गांधी खुश। गांधी को लगा कि भाई लग रहा है

[10:26:26] कि कुछ होगा और गांधी ने यहीं पर कहा था

[10:26:30] कि स्वराज के गंध से मेरे नथूने फटने लगे।

[10:26:33] नथुना मतलब यह मतलब लग रहा है कि अब

[10:26:36] स्वराज मिलने वाला है। आंदोलन कब स्टार्ट

[10:26:39] हुआ था? अगस्त 2025 कह रहा हूं। अगस्त

[10:26:42] आपको 1920 में अगस्त 1920 में। और एक बहुत

[10:26:46] खराब चीज यह हुआ था इस समय कि तिलक की

[10:26:48] मिट्टी हो गई।

[10:26:51] तिलक की मिट्टी हो गई। इसलिए तिलक फंड भी

[10:26:53] बनाया गया।

[10:26:56] तिलक फंड भी बनाया गया।

[10:27:00] अब गांधी ने तो एक बात बोली थी कि एक साल

[10:27:02] के अंदर स्वराज देंगे। स्वराज तो मिल नहीं

[10:27:05] रहा है।

[10:27:07] स्वराज मिल नहीं रहा है। तो गांधी कहते

[10:27:10] हैं कि स्वराज के गन से मेरे नथूने फटने

[10:27:11] लगे। अब मिलेगा। अब मिलेगा। स्वराज सबको

[10:27:14] मिलेगा। और सब कुछ स्मूथली जा रहा था। सभी

[10:27:17] कुछ सही तरीके से आपको जा रहा था। संयुक्त

[10:27:20] प्रांत बंगाल में हजारों किसानों ने भाग

[10:27:22] लिया। किसान बहुत एक्टिव मोड में थे।

[10:27:24] तीखों का अकाली आंदोलन यहां पर होता है।

[10:27:26] असम के चाय बागान में स्ट्राइक होता है।

[10:27:29] गांधी ने देखा कि जबरदस्त गांधी पर प्रेशर

[10:27:32] भी पड़ रहा था क्योंकि गांधी को पता था कि

[10:27:35] आंदोलन में बहुत देर तक लोगों को रोके

[10:27:38] रखना मुश्किल है। गांधी को यह चीज पता था

[10:27:41] कि गांधी को यह चीज पता था कि आंदोलन में

[10:27:45] बहुत देर तक लोगों को रोके रखना मुश्किल

[10:27:48] है। तो गांधी ने यहां चेतावनी दी। किसको?

[10:27:52] अंग्रेजों को।

[10:27:55] 1 फरवरी 1922 को अंग्रेजों को गांधी ने

[10:27:58] कहा कि अगर आप जितने भी राजनीतिक बंद

[10:28:01] क्योंकि जितने भी बड़े-बड़े नेता थे ना

[10:28:03] सबको गिरफ्तार कर लिया गया। जितने भी

[10:28:06] राजनीतिक बंदी थे सबको रिहा कीजिए और

[10:28:08] प्रेस की स्वतंत्रता से नियंत्रण समाप्त

[10:28:10] कीजिए। नहीं तो मैं सविनय अवज्ञा आंदोलन

[10:28:13] करूंगा। मतलब अभी तो मैं सिर्फ आपका सहयोग

[10:28:17] नहीं कर रहा हूं। कुछ देर में आपका विरोध

[10:28:20] करूंगा। आपकी आज्ञा नहीं मानूंगा। तब क्या

[10:28:23] कीजिए?

[10:28:24] नॉन कॉरपोरेशन में भी आपका यह हालत हो गया

[10:28:27] है।

[10:28:30] अगर आपकी मैं आज्ञा नहीं मानूं, अवहेलना

[10:28:32] करने तब क्या होगा? लोगों को बताने लगूं

[10:28:34] तब क्या होगा? अंग्रेज भी सोच रहे थे कि

[10:28:37] बात तो सही है। अंग्रेज प्रेशर में आने

[10:28:40] लगे। अंग्रेज प्रेशर में आने लगे।

[10:28:44] अचानक आपको एक कांड हो जाता है।

[10:28:48] चौरीचौरा कांड

[10:28:51] पहले 5 फरवरी माना जाता था। अब 4 फरवरी

[10:28:53] माना जाता है 1922 गोरखपुर जिले में एक

[10:28:56] जगह है चौरीचौरा वहीं पर यह कांड भगवान

[10:28:59] अहीर के नेतृत्व में शांतिपूर्ण जुलूस पर

[10:29:02] पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया था। जिसके

[10:29:04] परिणाम स्वरूप 22 पुलिसकर्मियों को एक

[10:29:06] थाने में बंद करके जला दिया गया। तो 70

[10:29:09] लोगों को मृत्यु दंड की सजा हुई। जैसे

[10:29:10] मालविया ने 155 लोगों को 151 लोगों को बचा

[10:29:13] लिया।

[10:29:14] जैसे ही यह कांड हुआ

[10:29:21] गांधी ने कहा कि आंदोलन वापस

[10:29:25] और जैसे ही यह बात आई कि गांधी ने आंदोलन

[10:29:28] वापस लेने की बात की।

[10:29:31] सब ने विरोध किया। सब ने एक-एक लोगों ने

[10:29:34] विरोध किया कि भाई जब इतना पीक चरम पे है

[10:29:38] चीजें इतने पीक पे है तो आप कह रहे हैं

[10:29:41] विरोध कर रहे हैं।

[10:29:44] आप विरोध कर रहे हैं। इतने पीक पे हैं

[10:29:48] चीजें।

[10:29:52] गांधी ने भाई गांधी किसी को सुनते नहीं

[10:29:54] थे। कि देखो गांधी का इसमें कहा जाता है

[10:29:56] कि इतिहासकारों के बीच मतभेद है।

[10:29:58] इतिहासकार कहते थे गांधी को आंदोलन बंद ही

[10:30:00] करना था। अंग्रेज सुन नहीं रहे थे। लोग अब

[10:30:03] थक रहे थे।

[10:30:06] नहीं भी होते तो गांधी को आंदोलन बंद करना

[10:30:08] पड़ता।

[10:30:10] थकने का मतलब कि भाई एक जगह पे अगर आपको

[10:30:12] वो चीजें नहीं मिलेंगी तो आप सरेंडर तो कर

[10:30:14] ही दोगे ना। वही चीजें होने लगी।

[10:30:18] और इसी कारण से आपको गांधी जो है

[10:30:23] तो 22 12 अब होता क्या गांधी ने इसको कर

[10:30:25] तो दिया। 12 जनवरी 1922 को कांग्रेस का एक

[10:30:30] मीटिंग होता है बारदोली में गुजरात में और

[10:30:32] गांधी ने ऑफिशियल तरीके से इसको वापस ले

[10:30:35] लिया। घोषणा कर दी गई लेकिन ऑफिशियल तरीके

[10:30:38] से यानी 12 फरवरी को जनवरी को

[10:30:42] आपको

[10:30:46] ध्यान रखिएगा।

[10:30:52] अब क्या किया जाए? 12 फरवरी होगा। 12

[10:30:55] फरवरी को

[10:31:01] अब सोचिए

[10:31:05] कि

[10:31:07] इतना विरोध हुआ इनका

[10:31:10] इन्होंने बोला भी

[10:31:17] मोतीलाल बोले मालवीय बोले सब बोले मोतीलाल

[10:31:21] कहते हैं कि भाई कन्याकुमारी

[10:31:24] के एक गांव की सजा हिमालय के गांव को

[10:31:27] क्यों दी जा रही है?

[10:31:30] लेकिन गांधी को पता था कि यह ऐसा कांड है

[10:31:32] कि अब बहुत बेरहमी से आंदोलन को कुचलेंगे

[10:31:36] अंग्रेज। वो बेरहमी आए ना उससे पहले वापस

[10:31:39] ले लो। ठीक है? अब गांधी को पेश किया जाता

[10:31:42] है कि गांधी ही सूत्रधार थे। 10 मार्च

[10:31:46] 1922 को गांधी को

[10:31:49] पेश किया और इनको सजा सुनाई जाती है

[10:31:50] अहमदाबाद को। यह कहां पर हो रहा है?

[10:31:52] अहमदाबाद में।

[10:31:56] ठीक है? और न्यायाधीश कौन थे? ब्रूमफील्ड।

[10:32:00] इन्होंने गांधी को 6 वर्ष की सजा सुनाई।

[10:32:02] लेकिन हेल्थ इशू के कारण गांधी को 5 फरवरी

[10:32:04] 1924 को ही छोड़ दिया गया।

[10:32:08] और कहा जाता है कि ब्रूमफील्ड ये सजा

[10:32:10] सुनाते हुए खुश नहीं थे कि मैं गांधी को

[10:32:13] सजा सुना रहा हूं क्योंकि गांधी तो खुद ही

[10:32:15] अहिंसावादी हैं और कोई हिंसा के केस में

[10:32:17] बातें क की जा रही थी तो रूस तो होंगे ही।

[10:32:21] कुछ महत्वपूर्ण बिंदु यहां पर देख लीजिए।

[10:32:23] जैसे केंद्रीय खिलाफत कमेटी जो है आपको

[10:32:26] अध्यक्षता हसत मोहनी ने किया, शौकत अली ने

[10:32:28] किया था। इसके अलावा इसी दौरान आपको केरल

[10:32:31] में एक आपको मोपला आंदोलन चला है। जिसकी

[10:32:34] चर्चा हम लोग पहले भी कर चुके हैं। गौ

[10:32:36] हत्या पर प्रतिबंध लगाया था। 1919 में पेश

[10:32:39] किया गया था। एक वर्ष में सराह देने का

[10:32:41] नारा इसी में ही लगाया गया था। ये ध्यान

[10:32:43] रखिएगा कि खिलाफत कमेटी की अध्यक्षता एक

[10:32:45] बार किया था इन्होंने।

[10:32:53] गांधी ने किया था अध्यक्षता।

[10:32:57] ध्यान रखिएगा।

[10:33:01] अब आपको कई चीजें आई।

[10:33:05] इसके बाद एक और चीज याद रखिएगा। प्रिंस ऑफ

[10:33:08] वेल्स भारत 17 नवंबर का आया। अब जो कपड़ा

[10:33:11] वपड़ा जला रहे थे। कहा रविंद्र नाथ टैगोर

[10:33:13] ने कहा कि यह निष्ठुर बर्बादी है।

[10:33:16] टेम्सफोर्ड 191621 के दौरान गवर्नर रहा।

[10:33:18] एक चीज यही क्वेश्चन पूछता है और बच्चे

[10:33:19] कंफ्यूज हो जाते हैं। क्वेश्चन पूछता है

[10:33:22] कि जब आंदोलन स्टार्ट हुआ तो कौन था? तो

[10:33:25] कहेगा जब आंदोलन स्टार्ट हुआ था तो

[10:33:26] चेम्सफॉर्ड था। लेकिन जब आंदोलन खत्म हुआ

[10:33:29] तो कौन था? तो लॉर्ड रीडिंग था।

[10:33:39] आंदोलन खत्म हुआ तो कौन था? लॉर्ड रीडिंग

[10:33:42] था। ठीक है? ध्यान रखिएगा। इस चीज को आप

[10:33:44] लोग अपने दिमाग में रखिए।

[10:33:47] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:33:51] ठीक है? ध्यान रखो। यस। निष्ठुर बर्बादी

[10:33:54] क्योंकि इनका कहना था कि कपड़े का

[10:33:55] बहिष्कार क्यों कर रहे हैं? अरे भाई भारत

[10:33:58] के उद्योगों को भी तो नुकसान पहुंच रहा

[10:34:00] है।

[10:34:02] भारत के उद्योगों को भी तो नुकसान पहुंच

[10:34:05] रहा है। क्यों कर रहे हैं ऐसा? इनका सिंपल

[10:34:07] सा कहना था। ऐसा मत कीजिए भाई। सही चीजें

[10:34:11] नहीं है।

[10:34:21] एक मिनट [हंसी]

[10:34:32] ठीक है ध्यान रखना आइए

[10:34:36] बट अंग्रेजों को बहुत फाइनेंसियली लॉस हुआ

[10:34:38] था

[10:34:40] नहीं ये एसी ठीक है यहां का अब स्वराज

[10:34:44] पार्टी। स्वराज पार्टी क्यों? स्वराज

[10:34:48] पार्टी के पीछे रीजन यह था कि

[10:34:52] भाई हम लोग अब चुनाव लड़कर करेंगे क्योंकि

[10:34:54] 1919 के एक्ट में आया था। 1919 के एक्ट से

[10:34:58] प्रभावित थे। उसमें था कि आप लोग चुनाव

[10:35:00] लड़िए आगे बढ़िए। सीआरदास इसके वो थे।

[10:35:05] तो सीआरदास जो है आपको यहां पर चुनाव

[10:35:07] लड़ते हैं। और एक पार्टी बनाते हैं स्वराज

[10:35:10] पार्टी जिसकी स्थापना यह प्रयागराज में

[10:35:12] करते। आज का प्रयागराज अब है। ठीक है?

[10:35:15] कहां है प्रयागराज? जनवरी 1923 की बात है।

[10:35:18] चितंदन दास अध्यक्ष बनते हैं इसके।

[10:35:22] मोतीलाल नेहरू महासचिव या कह सकते हैं

[10:35:24] महामंत्री के पद पे रहते हैं। मोतीलाल

[10:35:27] नेहरू महासचिव या महामंत्री के पद पे रहते

[10:35:30] हैं।

[10:35:32] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:35:35] समर्थक कौन-कौन थे? विट्ठल भाई पटेल, हकीम

[10:35:37] अजमल खान, श्रीनिवास, खेलकर, जयकर, मालवीय

[10:35:41] जो समर्थक वर्ग थे उनको कहा गया चेंजर्स।

[10:35:46] क्या कहा गया इन लोगों को? चेंजर्स।

[10:35:48] [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़]

[10:35:51] जो समर्थक नहीं थे उनको नॉन चेंजर्स कहा

[10:35:53] गया। जैसे आपको राजेंद्र प्रसाद हो गए।

[10:36:05] ठीक है? जैसे आपको राजेंद्र प्रसाद यह सब

[10:36:07] हो गए। जैसे जवाहरलाल नेहरू हो गए, वल्लभ

[10:36:10] भाई पटेल हो गए। ये लोग नॉन चेंजर्स थे।

[10:36:12] इनका कहना था कि नहीं जैसे चीजें चल रही

[10:36:13] है वैसे चलेंगी। लेकिन चेंजर्स और नॉन

[10:36:16] चेंजर के बीच डिस्प्यूट हुआ। ठीक है?

[10:36:18] ध्यान रखिएगा।

[10:36:20] मद्रास में स्वराज पार्टी की स्थापना

[10:36:22] श्रीनिवास आयंगर जी के द्वारा करा। तो यही

[10:36:24] मैं यहां लिखा हूं कि जिन्होंने इसका

[10:36:26] समर्थन किया वह चेंजर्स कहलाए।

[10:36:31] देखो

[10:36:32] एक मिनट

[10:36:34] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:36:45] ये कहलाए चेंजर्स

[10:36:49] और जो समर्थन नहीं किया कहलाए नॉन चेंजर।

[10:36:56] ठीक है? ध्यान रखिएगा राजेंद्र प्रसाद

[10:36:58] अंसारी जी वगैरह ये सब कहलाया हुआ क्या कि

[10:37:01] दोनों के बीच अब मनमुटाव होने लगा। दोनों

[10:37:05] के बीच मनमुटाव होने लगा।

[10:37:10] अब हुआ कि इसका कुछ बीच बचाव किया जाए।

[10:37:13] गांधी ने भी सुझाव दिया कि भाई इसका बीच

[10:37:15] बचाव कुछ करो।

[10:37:18] तो मौलाना अब्दुल कलाम आजाद जो कि सबसे

[10:37:20] यंग आपको यहां पर प्रेसिडेंट भी बनते हैं।

[10:37:22] उन्होंने एक विशेष अधिवेशन में दोनों को

[10:37:25] बुलाया।

[10:37:26] और कहा कि हम लोग स्वराज पार्टी और उसके

[10:37:28] कार्यक्रम को मान्यता देते हैं। हम लोग

[10:37:31] सपोर्ट नहीं करेंगे लेकिन आपका हम लोग

[10:37:33] विरोध भी नहीं करेंगे। और इस प्रकार से

[10:37:35] आपको

[10:37:39] इस प्रकार से आपको मौलाना अब्दुल कलाम ने

[10:37:42] इन दोनों के बीच के डिस्प्यूट को खत्म

[10:37:44] किया। मौलाना अब्दुल कलाम ने इन दोनों के

[10:37:48] डिस्प्यूट को क्या किया? खत्म किया। ठीक?

[10:37:50] ध्यान रखना।

[10:37:54] अब चुनाव हुआ चुनाव हुआ प्रदर्शन बहुत

[10:37:57] अच्छा हुआ 101 में से 42 सीट पर जीत गए यह

[10:38:01] लोग केंद्र में मध्य प्रांत मतलब आज का

[10:38:03] एमपी का क्षेत्र पूर्ण बहुमत सबसे बड़ी

[10:38:05] पार्टी बंगाल में बंबई संयुक्त प्रणाम में

[10:38:08] संतोषजनक था पंजाब और इसमें असफल रहे

[10:38:11] लेकिन इतना सक्सेस तो मिला

[10:38:14] किसी को विश्वास भी नहीं था

[10:38:20] कि इतना सक्सेस कैसे मिल सकता है

[10:38:24] सक्सेस मिला। ठीक है? ध्यान रखिएगा। और जब

[10:38:27] यहां पे हुआ तो यहीं पर बीच में एक इसके

[10:38:30] पहले एक और चीज होता है गांधीदास पैक्ट।

[10:38:32] ठीक है? ध्यान रखिएगा। गांधीदास पैक्ट कुछ

[10:38:34] नहीं था। महात्मा गांधी और सीआर दास के

[10:38:37] बीच एक आपको पैक्ट था। मतलब कि समझौता था।

[10:38:41] जिसमें स्वराज पार्टी को मान्यता दी गई

[10:38:43] थी। मतलब गांधी भी कहते हैं और कहा गया कि

[10:38:46] आप असहयोग का कार्यक्रम को राष्ट्रीय

[10:38:48] मान्यता मत कीजिएगा क्योंकि अगर असहयोग

[10:38:50] कीजिएगा तो हमारा भी असहयोग होगा। अगर आप

[10:38:54] असहयोग कीजिएगा तो

[10:38:57] हमारा भी असहयोग होगा। ठीक है? ध्यान

[10:38:59] रखिएगा। तो गांधी जी के जिम्मे ऑल इंडिया

[10:39:02] स्पिनर्स यानी चरखा एसोसिएशन

[10:39:20] ध्यान रखिएगा

[10:39:22] संगठित किया

[10:39:28] अब यहीं पर चुनाव हुआ और यहीं पर मेयर यह

[10:39:31] भी पढ़ पर क्वेश्चन भी पूछा था कि

[10:39:33] राजेंद्र प्रसाद पटना में कौन से बड़े पद

[10:39:35] पे थे? तो बड़े मेयर थे ये पटना के मेयर

[10:39:38] आपको राजेंद्र प्रसाद बनते हैं। ध्यान

[10:39:40] रखिएगा अहमदाबाद के विट्ठल भाई पटेल बनते

[10:39:43] हैं। कोलकाता के सीआर दास बनते हैं और

[10:39:45] आपको जवाहरलाल नेहरू इलाहाबाद के बनते हैं

[10:39:47] मेयर। मतलब उस शहर के प्रमुख बने।

[10:39:53] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:39:58] अब साइमन का एक चीज और ध्यान रखिएगा इन

[10:40:00] लोग का अचीवमेंट कि विट्ठल भाई पटेल जो है

[10:40:05] यह अध्यक्ष बनते हैं।

[10:40:09] विट्ठल भाई पटेल

[10:40:17] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:40:20] अब आते हैं साइमन कमीशन का मुद्दा। यह सभी

[10:40:24] चीजें चल रही थी।

[10:40:27] अब 1909 में एक्ट आता है और 1909 में एक्ट

[10:40:30] आपको नहीं अब अब ब्रेक नहीं भाई अब ब्रेक

[10:40:34] नहीं अब इसको खत्म करते हैं। अब ज्यादा है

[10:40:35] नहीं आप लोग का क्रांतिकारी एक्टिविटी हो

[10:40:37] गया है। 1930 में लगभग पहुंच गए हैं। 10

[10:40:40] साल का और है इतिहास। बहुत ज्यादा नहीं

[10:40:41] है। ठीक है। जो भी है थोड़ा सा असहयोग

[10:40:43] वाला में यह सविनय अवज्ञा में हो जाएगा।

[10:40:46] अरे आधा घंटा 45 मिनट में खत्म हो जाएगा।

[10:40:51] अब आधा घंटा 45 मिनट में खत्म हो जाएगा।

[10:40:53] डोंट वरी।

[10:40:57] ठीक है।

[10:41:01] शॉर्टकट नहीं ये पहले से ही ब्रीफ है।

[10:41:04] उसमें क्या शॉर्टकट करूं? ठीक है ना?

[10:41:06] चलिए।

[10:41:14] ठीक है। जाइए रूम पे जिसको लेट हो रहा है।

[10:41:17] चलो।

[10:41:21] क्या भाई की लोग आंख मटका रहे बना रहे हैं

[10:41:24] सब।

[10:41:28] हुआ था कि 1919 का जो एक्ट आया था, हुआ था

[10:41:30] कि हर 10 साल के बाद समीक्षा करेंगे हम

[10:41:32] लोग। 10 साल 1929 होना चाहिए था। लेकिन

[10:41:35] ब्रिटेन में था चुनाव और चुनाव में

[10:41:37] ब्रिटेन को तो दिखाना था ना।

[10:41:42] ब्रिटेन में तो दिखाना था अपने पूरा

[10:41:44] प्रोग्रेस को कि हम लोग क्या-क्या किए।

[10:41:46] तो, यह क्या किए? 1927 में ही आपको साइमन

[10:41:49] कमीशन की नियुक्ति कर दिए 8 नवंबर 1927

[10:41:52] को। और सबसे बड़ी चीज था कि सात सदस्य थे।

[10:41:56] एक भी भारतीय नहीं थे। और इनका नाम रख

[10:41:59] दिया गया वाइट कमीशन। इसका नाम क्या रख

[10:42:02] दिया गया? वाइट कमीशन कि भैया तुम वाइट

[10:42:05] कमीशन हो। आ रहे हो भारत का निरीक्षण करने

[10:42:09] और एक भी भारतीय नहीं। वाह रे वाह।

[10:42:12] हिंदी में इसको श्वेत कमीशन कहा गया। पूरा

[10:42:15] विरोध किया गया। और पहली बार कांग्रेस का

[10:42:18] जो मद्रास का अधिवेशन हुआ था अंसारी जी

[10:42:22] के अध्यक्षता में

[10:42:24] साफ-साफ कहा गया था कि साइमन कमीशन का

[10:42:27] विरोध हर प्रकार से होगा।

[10:42:30] साइमन कमीशन का विरोध हर प्रकार से होगा।

[10:42:33] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:42:37] तो इसके सदस्य

[10:42:39] ठीक है? ध्यान रखिएगा। तो इसके सदस्य

[10:42:39] कौन-कौन थे? तो जॉन साइमन इसके खुद सदस्य

[10:42:42] थे। ऑथम थे, कैटलिन थे, इटली थे। ये वही

[10:42:45] इटली है। ध्यान रखिएगा। बर्न हॉटसोन थे,

[10:42:47] स्ट्रथकोना थे, लेनफक्स थे। ठीक है? इसको

[10:42:50] ध्यान रखना है। इसके सदस्य ये लोग थे। अब

[10:42:53] हुआ क्या है कि इसको करना कैसे है? तो

[10:42:55] साइमन कमीशन को श्वेत कमीशन कहा गया।

[10:42:58] भारतीय संवैधानिक आयोग ये कई सारे इनको

[10:43:01] नाम दिए गए। लेकिन क्या कर लीजिएगा?

[10:43:04] ब्रिटेन से ऊपर थोड़ी है। जो ब्रिटेन ने

[10:43:06] कहा।

[10:43:09] ठीक है?

[10:43:11] जो ब्रिटेन ने कहा वह इनको करना पड़ा।

[10:43:18] ठीक है? ध्यान रखिएगा। अब वही नहीं आज आप

[10:43:20] सुबह में 7 ही बजे से उठा हूं। रात में

[10:43:22] मैं लगभग 1:30 बजे तक काम भी किया हूं। आप

[10:43:27] लोग के कंटेंट पे क्योंकि बाइलिंगुअल वाला

[10:43:28] है ना। कंटेंट तो रहता ही है। बाइलिंगुअल

[10:43:30] वाला मैटर था बाइलिंगुअल बनाना। इसीलिए तो

[10:43:33] देखिएगा कि दो-तीन एपिसोड में बाइलिंगुअल

[10:43:35] छूट गया। उसी में बच्चे हल्ला भी कर रहे

[10:43:37] हैं।

[10:43:39] फिर सुबह मतलब मैं सोया हूं 5:30 घंटा

[10:43:41] मुश्किल से सुबह उठकर फिर बनाया हूं।

[10:43:46] कैब से अब भागा भागाकि कोई थोड़ा ड्राइवर

[10:43:48] आ नहीं रहा है। उसके फैमिली इशू चल रहा है

[10:43:49] थोड़ा सा। मम्मी हॉस्पिटल में है। तो कैब

[10:43:51] से भागे-भागे आया हूं।

[10:43:53] 10 में पहुंचा हूं। 10:5 में शुरू किया

[10:43:56] हूं।

[10:43:58] हालत तो खराब है ही। ठीक है बट क्योंकि आप

[10:44:02] लोग हैं साथ में है तो एनर्जी रहती है

[10:44:06] अपनी

[10:44:11] [खांसने की आवाज़]

[10:44:12] हां

[10:44:18] अब आप क्या कर लीजिएगा साइमन कमीशन का वो

[10:44:21] लोग भेज रहे हैं इतना क्या कर लीजिएगा

[10:44:23] विरोध नहीं मैं आपको कराऊंगा मॉडर्न

[10:44:26] हिस्ट्री तो करा दिया बिहार जीके कराऊंगा

[10:44:30] ूंगा बिहार ज्योग्राफी कराऊंगा और बिहार

[10:44:32] हिस्ट्री मतलब यह दो तीन और बचा हुआ है।

[10:44:35] इसके बाद एमसीक्यूस भी तो है आप लोग का।

[10:44:38] एमसीक्यूस भी तो कराऊंगा।

[10:44:42] अरे आप लोग का एक रिवीजन भी हो गया होगा

[10:44:44] क्विक तरीके से। लेकिन मैं फिर बोल रहा

[10:44:46] हूं आप लोग अपने कॉपी को जरूर पढ़िएगा

[10:44:48] क्योंकि आपके फाउंडेशन लेवल का जो नोट्स

[10:44:50] है इसका डबल से भी ज्यादा है। क्योंकि

[10:44:53] पॉसिबल नहीं है कि मैं 100 घंटे के क्लास

[10:44:55] को 10 घंटे में पूरा करूं। यह तो है कि

[10:44:58] इंपॉर्टेंट चीजें हैं जो कि आपको मैंने दे

[10:45:00] रहा हूं। यह रिवीजन के लिए इंपॉर्टेंट है।

[10:45:02] बस यही इसी पर ही डिपेंड नहीं रहना है। यह

[10:45:04] मैं बता दे रहा हूं।

[10:45:08] 3 फरवरी को भाई साहब पहुंच जाते हैं

[10:45:10] बॉम्बे में। 1927 में कांग्रेस का अधिवेशन

[10:45:13] जिसकी अंसारी जी के द्वारा अध्यक्षता किया

[10:45:16] गया था। पहले ही कह दिया गया कि हर जगह

[10:45:17] विरोध करो उसका। आ रहा है इंडिया के लिए

[10:45:20] और इंडिया यहीं पे नहीं। अब साइमन कमीशन

[10:45:23] के कुछ विपक्ष में थे। साइमन कमीशन का

[10:45:26] एकदम विरोध करना है। उसी में से कांग्रेस

[10:45:30] जिन्ना के नेतृत्व में मुस्लिम लीग,

[10:45:31] कम्युनिस्ट पार्टी, हिंदू महासभा, किसान

[10:45:33] मजदूर सभा, लिबरल आपका फेडरेशन ये सब

[10:45:36] विरोधी पार्टी थे कांग्रेस के। मतलब साइमन

[10:45:40] कमीशन के विरोध के। लेकिन साइमन कमीशन के

[10:45:42] पक्ष में भी कुछ लोग थे। साइमन कमीशन के

[10:45:45] पक्ष में कुछ लोग थे। जैसे मुस्लिम लीग

[10:45:47] मोहम्मद शफी के नेतृत्व में यूनियनिस्ट

[10:45:50] पार्टी पंजाब, जस्टिस पार्टी पंजाब और

[10:45:52] डिप्रेस क्लास एसोसिएशन यह वीवीआई है।

[10:45:55] अंबेडकर अंबेडकर का कहना था कि सही तो है

[10:45:58] क्सिट्यूशन लेवल पर

[10:46:02] क्सिट्यूशन लेवल पर चीजें सही तो हो रही

[10:46:04] हैं तो अंबेडकर सपोर्ट कर रहे थे। अंबेडकर

[10:46:08] क्या कर रहे थे? इसका सपोर्ट कर रहे थे।

[10:46:14] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:46:18] और डिप्रेस क्लास एसोसिएशन जो था अंबेडकर

[10:46:21] का था।

[10:46:23] इसके बाद अंबेडकर ने क्या किया? साइमन

[10:46:26] कमीशन के पक्ष में एक पार्टी की स्थापना

[10:46:28] की। मतलब एक सेकंड अंबेडकर होता है।

[10:46:35] एक कमेटी बनाई और कहा कि नहीं नहीं इसका

[10:46:37] सपोर्ट किया जाए। यही कारण था कि आपको

[10:46:40] यहां पर यह रही। इसके बाद यह रिपोर्ट-वोट

[10:46:42] सब पेश भी करता है। ध्यान रखिएगा। विरोध

[10:46:44] का नेतृत्व लखनऊ में यही लाला लाजपत राय

[10:46:47] करते हैं ना जो लाठी मार दिया गया था।

[10:46:49] लखनऊ में गोविंद बल्लभ जावेद जवाहरलाल

[10:46:52] नेहरू वगैरह लोग करते हर जगह अलग-अलग थे।

[10:46:53] राजगोपालाचारी अलग कर रहे थे। राजेंद्र

[10:46:56] प्रसाद बिहार में कर रहे थे। हर जगह

[10:46:59] अलग-अलग लोग थे जो इस चीज का विरोध लगातार

[10:47:02] कर रहे थे। ठीक है? हर जगह अलग-अलग लोग

[10:47:05] थे।

[10:47:07] क्लियर?

[10:47:08] हां। डॉ. अंबेडकर ये थे ना इनके।

[10:47:12] अब भाई ये तो अपना रिपोर्ट सौंपेंगे ही।

[10:47:15] इनके रिपोर्ट में क्या था? पहले इनके

[10:47:16] रिपोर्ट की बातें कर लेते हैं। 30 27 मई

[10:47:19] 1930 को इन्होंने रिपोर्ट अपनी सौंप दी।

[10:47:22] [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:47:24] इसमें कहा क्या गया इन्होंने इनके द्वारा

[10:47:28] कि जो द्वैध शासन चल रहा है 1919 के एक्ट

[10:47:33] में द्वैध शासन आया था तो

[10:47:38] इसको समाप्त कर दीजिए।

[10:47:40] मताधिकार को ज्यादा कर दीजिए। 10 से 15

[10:47:42] मिनट परसेंट और बढ़ाइए मताधिकार को। ठीक

[10:47:45] है?

[10:47:51] ध्यान रखिएगा

[10:47:56] गवर्नर जनरल की शक्ति बढ़ाई जाए

[10:48:00] संघ संविधान की स्थापना की जाए

[10:48:03] लेकिन इन्होंने एक चीज बहुत बोला क्या किस

[10:48:06] चीज पर फोकस किया इन्होंने कहा कि

[10:48:10] भारतीयों को नेतृत्व नहीं दो

[10:48:15] भाई जब इसके कमेटी में ही एक भी भारतीय

[10:48:18] नहीं थे तो कोई इन लोगों से एक्सपेक्टेशन

[10:48:21] भी नहीं कर रहा था।

[10:48:26] इन लोगों से कोई एक्सपेक्टेशन भी नहीं कर

[10:48:28] रहा था कि भारतीयों के लिए कुछ अच्छी

[10:48:31] बातें कहेंगे।

[10:48:33] कोई भारतीय थोड़ी थे इसमें।

[10:48:36] इसके बाद उन्होंने कहा एक और चीज कहा जो

[10:48:37] भारतीयों के पक्ष में चीजें थी वो कहा कि

[10:48:39] भाई विधानसभा के सीटों का विस्तार करो।

[10:48:42] अब क्योंकि भारतीयों के लिए बहुत चीजें

[10:48:46] नहीं थी तो श्री स्वामी अय्यर जी ने कहा

[10:48:50] था यह क्वेश्चन ध्यान रखिएगा वीवीआई कई

[10:48:52] लोग गांधी मारते थे गांधी ने नहीं बोला था

[10:48:54] इसको बोला था सी स्वामी अय्यर जी ने कहा

[10:48:57] था कि साइमन कमीशन को रद्दी में की टोकरी

[10:49:00] में फेंकने लायक

[10:49:03] साइमन कमीशन रद्दी की टोकरी में फेंकने

[10:49:07] लायक है। इसका कोई नहीं

[10:49:13] क्योंकि इसी दौरान

[10:49:16] एक नेहरू रिपोर्ट आई थी 1928 में। इन्हीं

[10:49:18] लोगों ने चैलेंज दिया था कि आप नेहरू

[10:49:21] रिपोर्ट लाओ। आप रिपोर्ट लाइए। अगर कोई सब

[10:49:24] कोई एक्सेप्ट करता है तो मान जाएंगे। और

[10:49:27] इसी कारण से [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:49:28] नेहरू रिपोर्ट आता है। ठीक है? नेहरू

[10:49:32] रिपोर्ट में क्या हुआ? मूल अधिकार की बात

[10:49:34] की गई। महिलाओं के अधिकार यहां पर महिलाओं

[10:49:36] के अधिकार की भी बात की गई थी। ध्यान

[10:49:38] रखिएगा।

[10:49:41] इसको मोतीलाल नेहरू के द्वारा लाया गया

[10:49:43] था।

[10:49:48] ठीक है? सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की बात

[10:49:51] की गई, डोमिनियन स्टेट की बात की गई और

[10:49:53] भारतीय आधार पर राजाओं के राज्यों के

[10:49:55] विभाजन की बात की गई। इन्हीं से इसी

[10:49:58] डोमिनियन स्टेट से इनके पुत्र ही खुश नहीं

[10:50:01] थे। यानी किसी और ने क्या जवाहरलाल नेहरू

[10:50:04] ने ही विरोध कर दिया।

[10:50:08] तो यह क्या बात कर रहे? हम लोग स्वराज की

[10:50:09] बात कर रहे हैं। आप कह रहे डोमिनियन स्टेट

[10:50:11] चाहिए। यानी आप स्वशासन चाहिए। क्यों

[10:50:12] चाहिए भाई स्वशासन?

[10:50:15] उनके इसी चीज का विरोध सुभाष चंद्र बोस

[10:50:17] किए हैं। सत्यमूर्ति आदि सभी लोगों ने

[10:50:20] किया और विरोध होकर इन्होंने एक छोटी सी

[10:50:22] पार्टी बनाई। ऑल इंडिया इंडिपेंडेंस लीग।

[10:50:26] पार्टी का नाम क्या था? ऑल इंडिया

[10:50:28] इंडिपेंडेंस लीग। 1928 में यह पार्टी बनी।

[10:50:34] कई दलों ने नेहरू रिपोर्ट का विरोध किया।

[10:50:36] बट इसको फाइनली अप्रूवल दिया गया। बट

[10:50:38] अंततः इसको नहीं माना गया। रीज़ इसके पीछे

[10:50:41] यह था के [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:50:46] रीजन इसके पीछे यह था नहीं मानने का

[10:50:47] क्योंकि इसमें बहुत सारे चीजें थी जो कई

[10:50:49] सारे के द्वारा नहीं किया गया।

[10:50:53] अब जिन्ना क्या करते हैं? कहते हैं कि भाई

[10:50:56] इसमें तो मुस्लिम लीग की कोई बात ही नहीं

[10:50:58] की गई। यह लो मेरा 14 सूत्री कार्यक्रम।

[10:51:01] जिन्ना क्या कहते हैं? यह लो मेरा 14

[10:51:04] सूत्री कार्यक्रम

[10:51:08] समझ लीजिए

[10:51:11] 14 सूत्री कार्यक्रम लो और इस पर काम करो

[10:51:15] तो गांधी भी कहे कि लो भाई मेरा भी यहां

[10:51:17] पर लो सूत्री कार्यक्रम दे रहा है तो मेरा

[10:51:20] भी 11 सूत्री कार्यक्रम कर रहा है। बट इसी

[10:51:22] दौरान कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन भी होता

[10:51:24] है। जिसमें पूर्ण स्वराज की मांग की जाती

[10:51:28] है। जवाहरलाल नेहरू उसकी अध्यक्षता करते

[10:51:31] हैं। रावी नदी के तट पर होता है। तिरंगा

[10:51:33] फहराया जाता है। पहली बार इस तरीके से हुआ

[10:51:35] और इसी में डिसीजन लिया जाता है कि हम लोग

[10:51:38] हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे।

[10:51:41] 2 जनवरी 1930 को यह डिसीजन लिया जाता है

[10:51:46] और यह डिसीजन लिया जाता है कि हर 26 जनवरी

[10:51:49] को

[10:51:50] हम लोग कंप्लीट इंडिपेंडेंस डे मनाएंगे।

[10:51:54] 2 जनवरी को डिसीजन था। 26 जनवरी को हम लोग

[10:51:59] कंप्लीट इंडिपेंडेंस डे मनाएंगे।

[10:52:03] ठीक है? ध्यान रखिएगा यहां पर। हालांकि

[10:52:07] इसमें यह भी कहा गया सविनय अवज्ञा आंदोलन

[10:52:09] का प्लेटफार्म यहीं से तैयार हुआ। सविनय

[10:52:15] अवज्ञा का प्लेटफार्म

[10:52:19] का आधार

[10:52:26] यहीं से तैयार

[10:52:33] ठीक है ध्यान रखिएगा

[10:52:37] गांधी का अब 11 सूत्री कार्यक्रम आया लो

[10:52:40] सब कोई आया तो गांधी भी बोले भाई सब कोई

[10:52:43] बोलेगा तो गांधी भी बोलेंगे ना

[10:52:50] ए भाई सानू राज करो कुरकुरे की बात करना

[10:52:52] चाहिए आते हुए गांधी कहते हैं 31 जनवरी

[10:52:56] 1930 को इन्होंने एक लेख लिखा। ठीक है?

[10:53:02] पत्र था यंग इंडिया। पत्र था यंग इंडिया।

[10:53:09] मुख्य मांगे थी कि 50% कटौती करो जो कि

[10:53:12] कभी पॉसिबल नहीं था। पूर्ण स्वराज बंदी का

[10:53:15] और भी चीजें थी। गांधी को पता था कि सब

[10:53:17] नहीं माना जाएगा।

[10:53:18] गांधी को पता था कि सब नहीं माना जाएगा।

[10:53:25] 50% कटौती कीजिए। पूर्ण स्वराज बंदी

[10:53:28] कीजिए। टेक्सटाइल इंडस्ट्री में आप लोग

[10:53:30] ध्यान दीजिए। ऑफिसर्स के पैसे कट कीजिए।

[10:53:32] सैलरी कम कीजिए। बहुत सारा

[10:53:35] गांधी को पता था कि नहीं मानेगा। एक दो

[10:53:37] चीजों को माना जाएगा फिर नहीं माना जाएगा।

[10:53:39] और हुआ भी यही। गांधी ने कहा कि ठीक है

[10:53:42] अगर नहीं मानिएगा तो हम लोग हां यह भी था

[10:53:45] नमक।

[10:53:46] नमक कर फ्री करो।

[10:53:52] गांधी को पता था यह सब कुछ नहीं होने वाला

[10:53:54] है। नमक कर पे एकाधिकार दीजिए। सिल सेलों

[10:53:58] का 50% कटौती कीजिए। राजनीतिक बंधियों की

[10:54:00] रिहाई कीजिए। कपड़ा उद्योग को संरक्षण

[10:54:01] कीजिए। यह सब इनके आपको इस 11 सूत्री

[10:54:04] कार्यक्रम में थे। क्योंकि गांधी की यह

[10:54:07] पॉलिसी ही थी कि गांधी अपने इसको अलग

[10:54:09] तरीके से ट्रीट करते थे। अब ज्यादा नहीं

[10:54:12] है। आधे घंटे का है। बस आधे घंटे रुक जाइए

[10:54:14] साथ में आप लोग।

[10:54:16] अरे 1930 में हम लोग आ ही गए हैं। 101 ही

[10:54:19] साल ना उसके बीच का थ बहुत ज्यादा

[10:54:21] इंपॉर्टेंट है नहीं क्योंकि आपको विश्व

[10:54:23] युद्ध वगैरह ये सब का था। इंपॉर्टेंट तो

[10:54:26] है मतलब मैं आपको चीजों को बता देता हूं।

[10:54:28] इन्होंने यह भी [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:54:29] कह दिया कि अगर आप इन सब मांगों को नहीं

[10:54:32] मानिएगा

[10:54:35] तो हम लोग विरोध करेंगे। और इन्होंने नहीं

[10:54:37] माना। मेनी ऑफ़ दिस डिमांड्स वेर नॉट

[10:54:40] एक्सेप्टेड बाय ब्रिटिश गवर्नमेंट।

[10:54:44] तो गांधी जी ने गांधी को पता था कि नहीं

[10:54:47] मानेंगे। [गला साफ़ करने की आवाज़]

[10:54:50] पहले 14 फरवरी 1930 को आपको साबरमती आश्रम

[10:54:53] से कांग्रेस की एक बैठक होती है और इसमें

[10:54:55] डिसीजन लिया जाता है कि हम लोग क्या

[10:54:57] करेंगे? सीडीएम

[10:55:03] सिविल डिसओबिडेंस मूवमेंट

[10:55:08] सविनय अवज्ञा

[10:55:10] आंदोलन

[10:55:18] और यहीं से सूत्रधार हो गया। यह डिसीजन

[10:55:21] कहां लिया गया था? तो साबरमती आश्रम

[10:55:23] गुजरात में। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:55:27] तब ना अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ। 12 मार्च

[10:55:31] से स्टार्ट हुआ। छ यह बीपीएससी ने पूछा था

[10:55:34] कितने दिन का था? यह बीपीएससी का ही

[10:55:36] क्वेश्चन है। तो भैया 24 दिन का था। ध्यान

[10:55:39] रखिएगा। कितनी यात्रा किए हैं? तो 385

[10:55:42] कि.मी. 78 लोग थे। मतलब शुरू में 78 लोग

[10:55:46] थे। बाद में तो एक हुजूम बन गया। लोग

[10:55:48] जुड़ते गए। है ना? मैं आगे बढ़ता गया।

[10:55:50] कारवाह बढ़ती गई। ये सब चीजें जो है

[10:55:56] आगे बढ़ता गया। कारवाह बढ़ती गई। कारवाह

[10:55:59] बढ़ती गई। तो आपको यह है नमक कानून आपको

[10:56:02] तोड़ यानी 6 अप्रैल को यह दांडी पहुंचते

[10:56:05] हैं और सांकेतिक मोड में कमर कमर कह रहा

[10:56:08] हूं। नमक उठाते हैं और आपको तोड़ते हैं।

[10:56:12] और इसके बाद कहते हैं कि जितने भी लोग हैं

[10:56:14] और सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत हो जाती

[10:56:16] है और कहते हैं जितने भी लोग हैं

[10:56:21] सभी लोग अपने-अपने एरिया में क्या कीजिए?

[10:56:24] आंदोलन जारी रखिए।

[10:56:27] ठीक है?

[10:56:32] ध्यान रखिएगा। अरे उसको पहले मछलीपट्टनम

[10:56:34] भी कहते थे लेकिन मसूलीपट्टनम उसका नाम

[10:56:36] है। ध्यान रखिएगा।

[10:56:41] ठीक है। 78 पीपल्स बट मसूली पत्तनम ही

[10:56:44] उसको कहा जाता है। क्या हो गया भाई?

[10:56:53] अब अलग-अलग जगहों पे अलग-अलग ये क्वेश्चन

[10:56:55] आता है। इसको थोड़ा सा ध्यान रखिएगा। जैसे

[10:56:57] पश्चिमोत्तर भारत में अब्दुल गफ्फार जी

[10:57:00] थे। उन्होंने किया जिसको फ्रंटियर गांधी

[10:57:01] के नाम से जानते हैं। इनको बादशाह खान के

[10:57:04] भी नाम से जानते हैं। इन्हीं को फके अफगान

[10:57:06] के नाम से भी जानते हैं।

[10:57:10] ठीक? ध्यान रखिएगा।

[10:57:18] [गला साफ़ करने की आवाज़] सर मैं खाते हुए

[10:57:19] क्लास कर रही हूं, सो भी रही हूं। तो आप

[10:57:23] सोच लीजिए आप लोग।

[10:57:25] मन ही मन सोचिए कि क्या यह डेडिकेशन हम

[10:57:28] लोग दे सकते हैं 50 दिन क्या

[10:57:32] यह नहीं खड़ा होकर बोलिए नहीं कम से कम कम

[10:57:34] से कम पढ़ तो उतना लो

[10:57:41] नहीं नींद नहीं आ रही है भाई बस थकावट हो

[10:57:45] ही जाती है जाहिर सी बात है 11 घंटे होने

[10:57:46] वाले हैं

[10:57:50] तो ये डेडिकेशन आप लोग बस 50 दिन तो दिखा

[10:57:53] दो सिलेक्शन हो जाएगा

[10:57:59] है कि नहीं ध्यान रखिएगा पूर्वोत्तर भारत

[10:58:03] में यदुनाथ जी और गांडेल के द्वारा आपको

[10:58:06] यहां पर लीड किया गया तमिलनाडु से

[10:58:08] राजगोपालाचार्य खुद कर रहे थे केरल से केप

[10:58:10] माधवन वगैरह कई लोग तो बिहार से आपको कई

[10:58:12] लोग थे अलग-अलग जगहों से कहा गया कि देखो

[10:58:15] भाई जैसे तुम्हारी इच्छा वैसे नमक तोड़ो

[10:58:18] जैसे अब बिहार में कहां से नमक लाए तो ये

[10:58:20] लोग मिट्टी से ही नमक बनाने लगे राजेंद्र

[10:58:22] प्रसाद सोडा से नमक निकाले

[10:58:24] मतलब एक सांकेतिक रूप से एक आप बता दीजिए

[10:58:29] इंडिकेट कर दीजिए कि भाई हम आपके विरोधी

[10:58:31] हैं।

[10:58:35] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[10:58:39] ध्यान रखिएगा। नहीं भाई खाली जी आप लोग भी

[10:58:43] हां हां हां हां प्री प्री निकल जाएगा तो

[10:58:45] प्री पहले करो ना अच्छे से करो प्री ना।

[10:58:47] मेंस के क्यों? मेंस के लिए तो बहुत सारे

[10:58:49] कंटेंट वगैरह हैं यार अब तो

[10:58:54] अब एक इसी दौरान हुआ लाल कुर्ती आंदोलन

[10:58:58] [गला साफ़ करने की आवाज़] 1930 इसी को

[10:59:00] कहते हैं खुदाई खिदमतगार आंदोलन बस यह

[10:59:02] ध्यान रखिएगा पश्चिमोत्तर सीमान प्रांत

[10:59:04] में हुआ कब हुआ तो सविनय अवज्ञा आंदोलन के

[10:59:07] दौरान हुआ किसके दौरान हुआ सविनय अवज्ञा

[10:59:10] के दौरान

[10:59:14] लीड किसने किया था अब्दुल गफ्फार खान यहां

[10:59:17] पर इसके जो फॉलोअ होते थे ना लाल कुर्ती

[10:59:19] पहनते थे इसीलिए इसको को लाल कुर्ती

[10:59:22] आंदोलन भी कहते हैं। बट इसका एग्जैक्ट नाम

[10:59:25] था खुदाई खिदमतगार आंदोलन। ठीक है? ध्यान

[10:59:27] रखिएगा।

[10:59:29] यहां पर एक घटना हुई कि गढ़वाल रेजीमेंट

[10:59:32] के सिपाही थे वीर चंद्र सिंह।

[10:59:36] गढ़वाल रेजीमेंट के सिपाही थे वीर चंद्र

[10:59:39] सिंह। उनको कहा गया कि जाओ चलाओ गोली सब

[10:59:42] पर। इन्होंने मना कर दिया कि ना ना हम

[10:59:44] नहीं चलाएंगे। भाई सब पर कैसे गोली चला

[10:59:46] दे? लोग किया क्या है? इसीलिए वीर चंद्र

[10:59:49] सिंह को गिरफ्तार कर लिया जाता है और इस

[10:59:50] घटना को कहते हैं हम लोग पेशावर कांड। इस

[10:59:54] घटना को क्या कहते हैं? पेशावर कांड।

[11:02:05] हेलो हेलो ठीक है ना आ रहा है ना वॉइस

[11:02:08] बैटरी खत्म हो गया था

[11:02:12] हां हां बैटरी खत्म हो गया था बैठते बैठते

[11:02:15] नहीं अब आ रहा है ना वॉइस

[11:02:19] ओके ठीक ठीक चलो

[11:02:22] तो ये धरना गुजरात में है ध्यान रखिएगा

[11:02:25] मुंबई नहीं गुजरात

[11:02:33] उस समय का बंबई था

[11:02:36] अब तो गुजरात में है

[11:02:46] 5 मई 1930 को गांधी जी को सबसे पहले

[11:02:48] गिरफ्तार कर लिया गया था क्योंकि गांधी जी

[11:02:50] लीड कर रहे थे तो इनके कहना था कि गांधी

[11:02:52] को गिरफ्तार कर लो तब अपने आप हो जाएगा

[11:02:55] गांधी के बाद अब्बास तैयब जी आपको संभाले

[11:02:58] इनको भी गिरफ्तार कर लिया गया इनके बाद

[11:03:00] फिर होता है कि अब क्या किया जाए क्योंकि

[11:03:03] लोगों को तो मोटिवेट करना है लोगों को तो

[11:03:05] एकजुट रखना है तो अब कैसे किया जाए देखिए

[11:03:08] 11 घंटे एगो दिखा रहा है 11 12 आपको पता

[11:03:10] है कि 12 घंटे से ज्यादा लाइव नहीं चल

[11:03:12] सकता है। मतलब यह चैनल वो हो जाएगा बंद हो

[11:03:15] जाएगा। बंद करने का मतलब कि वीडियो खत्म

[11:03:17] कट हो जाएगा।

[11:03:19] ठीक है? 11 घंटे क्रॉस हो गया भाई। आप लोग

[11:03:21] को मुबारक हो।

[11:03:23] तो अब्बास तैयब टूक ओवर द लीडरशिप आफ्टर

[11:03:27] गांधी आप डेथ नहीं अरेस्ट।

[11:03:45] आफ्टर गांधी अरेस्ट

[11:03:47] ठीक है ध्यान रखिएगा

[11:03:51] बट ये भी अरेस्ट हो गए अब सरोजनी नायडू

[11:03:55] परेशान कि भाई अब कैसे किए जाए तो सरोजनी

[11:03:58] नायडू इमाम साहब और मणिलाल गांधी जी के

[11:04:01] बेटे ये तीनों मिलकर क्या करते हैं धरा ना

[11:04:04] जाते हैं और नमक कानून तोड़ते हैं

[11:04:05] अंग्रेजों का। अंग्रेज यहां बहुत गंदा दमन

[11:04:08] करता है। बहुत गंदा दमन करता है। अंग्रेज।

[11:04:12] ठीक है? बहुत गंदा दमन करता है।

[11:04:17] ध्यान रखिएगा। और इस सब को कौन देख रहा

[11:04:20] है? तो एक अमे अमेरिकी पत्रकार था बेब

[11:04:23] मिलर।

[11:04:25] अमेरिकी पत्रकार था बेब मिलर। ठीक है?

[11:04:29] ध्यान रखिएगा आप लोग।

[11:04:32] अब इसमें हुआ क्या? अंग्रेजों पर प्रेशर

[11:04:35] पड़ने लगा। अब साइमन कमीशन के रिपोर्ट के

[11:04:38] आधार पर इन लोगों को सबको बुलाना था। इन

[11:04:41] लोग को सबको बुलाना था।

[11:04:45] लेकिन साइमन कमीशन

[11:04:48] लेकिन कांग्रेस नहीं जा रहा है। कांग्रेस

[11:04:49] कह रहा है कि भाई हम थोड़ी जाएंगे भाई ऐसे

[11:04:52] थोड़ी चलेगा। बट इन लोगों ने राउंड टेबल

[11:04:54] कॉन्फ्रेंस रगा। पहला

[11:04:58] देखिए यह राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस था

[11:05:01] क्योंकि एक टेबल पर होता था चारों तरफ

[11:05:03] कुर्सियां लगी होती थी

[11:05:05] 12 नवंबर से लेकर 19 जनवरी 1921 तक आपको

[11:05:09] यह कहानी हुई कांग्रेस ने भाग नहीं लिया

[11:05:13] यह हुआ कहां तो सेम जेम्स पैलेस लंदन

[11:05:15] जॉर्ज पंचम थे ब्रिटिश प्रधानमंत्री

[11:05:17] मैकडोनाल्ड थे यह फ्लॉप हो गया क्योंकि

[11:05:20] साइमन कमीशन के रिपोर्ट था यह क्यों हो

[11:05:23] रहा था तो साइमन कमीशन ने जो बातें कही वो

[11:05:27] ब्रिटिश थे। ब्रिटिश ने कहा कि भाई

[11:05:28] भारतीयों को भी बुलाओ तब तो आपको यह होगा।

[11:05:34] ठीक है? तो साइमन कमीशन के रिपोर्ट के

[11:05:37] आधार पर यह हुआ।

[11:05:39] के रिपोर्ट के आधार पर

[11:05:46] साइमन कमीशन के रिपोर्ट के आधार पर यह हुआ

[11:05:50] है। गोल में समझ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस

[11:06:05] ठीक है। अब आते हैं गांधीइरविन समझौता।

[11:06:08] इरविन पे प्रेशर पड़ा। इरविन को कहा गया कि

[11:06:10] भाई अब तुम कैसे भी करके इरविन को कहा गया

[11:06:13] अब तुम कैसे भी करके कांग्रेस को सहमत

[11:06:17] करो। कांग्रेस कहां से सहमत होगी? यहां तो

[11:06:19] सविनय अवज्ञा आंदोलन चल रहा है। तो इरविन

[11:06:20] कोशिश करता है मिलने का। शुरू में तो

[11:06:22] गांधी मना करते थे कि ना हम नहीं मिल

[11:06:25] मिलेंगे। बट तेज बहादुर सपू ये क्वेश्चन

[11:06:28] भी आता है कि किसके प्रयास से मिले? तो

[11:06:30] तेज बहादुर सपू और जयकर के प्रयास से यह

[11:06:33] आपको मीटिंग

[11:06:35] हुआ आयोजित हुआ।

[11:06:38] सरोजनी नायडू कहती है कि दो महात्माओं का

[11:06:41] मिलन है। सरोजनी नायडू भावुक थी। कुछ भी

[11:06:43] बोलती थी। दो महात्मा बताइए इरविन को भी

[11:06:46] महात्मा कह रही हैं।

[11:06:51] एम मुंशी ने इसको कहा भारत के संवधानिक

[11:06:54] इतिहास का एक युग परिवर्तन। इन लोग को लग

[11:06:57] रहा था कि अंग्रेज मान जाएंगे। अंग्रेज ये

[11:06:59] करेंगे लेकिन अंग्रेज काहे का मानेंगे

[11:07:02] भाई? हां हां नोट्स मिल जाएगा। एप्लीकेशन

[11:07:04] पे मिल जाएगा। एप्लीकेशन का लिंक आपको

[11:07:06] दिया गया है। उसको लिंक

[11:07:10] क्या होगा? 30 नहीं 31 में हुआ था।

[11:07:16] 5 मार्च 1931 को हुआ था।कि क्योंकि दिल्ली

[11:07:19] में हुआ था तो इसको दिल्ली

[11:07:22] समझौता भी कहते। ठीक है? क्या कहते हैं

[11:07:24] इसको? दिल्ली समझौता। इन लोग को लग रहा था

[11:07:27] कि ये बहुत बातें मान जाएंगे। गांधी को था

[11:07:30] पहले कि ये माने नहीं चीजों को। एक तो भगत

[11:07:33] सिंह की बात की गई थी लेकिन ये नहीं हुए।

[11:07:37] तो हुआ कि ठीक है मैं आप लोग कुछ मात्रा

[11:07:40] में नमक आप बना लीजिए। कुछ राजनीतिक

[11:07:43] बंदियों को छोड़ देंगे। लेकिन इन्होंने

[11:07:45] भगत सिंह वगैरह का मना कर दिया था।

[11:07:49] गांधी कहते हैं ठीक है हम लोग राउंड टेबल

[11:07:52] कॉन्फ्रेंस में जाते हैं तो यहां पर

[11:07:55] कांग्रेस एग्री होती है

[11:07:58] कांग्रेस

[11:08:01] एग्री होती है अबाउट अबाउट सेकंड राउंड

[11:08:06] टेबल कॉन्फ्रेंस

[11:08:12] के लिए यानी द्वितीय गोलमेज

[11:08:14] कॉन्फ्रेंस के लिए यानी द्वितीय गोलमेज

[11:08:14] सम्मेलन

[11:08:22] रेडी हो जाती है।

[11:08:28] क्लियर ध्यान रखिएगा।

[11:08:35] अंग्रेज भी करते हैं। ठीक है। आप नमक

[11:08:39] आवश्यकता अनुसार बना लीजिए।

[11:08:44] बना लीजिए भाई। कोई दिक्कत की बात नहीं

[11:08:46] है।

[11:08:49] अब दूसरे कॉन्फ्रेंस तो यही क्वेश्चन

[11:08:51] पूछता है कि कांग्रेस ने किस राउंड टेबल

[11:08:53] में भाग लिया था? तो सेकंड में भाग लिया

[11:08:55] था और गांधी जी नेतृत्व किए थे भारत

[11:08:58] मंत्री थे सैमुअल हॉक वारसर आए थे

[11:09:00] वेलिंगटन। फिर तीसरा हुआ इसमें कुछ हुआ

[11:09:02] नहीं। मतलब इसमें कोई आपको सॉल्यूशन निकला

[11:09:06] नहीं। गांधी बहुत उदास हो गए थे। कहते यार

[11:09:08] गजब आदमी है यह सब क्योंकि ये गए ना जब

[11:09:11] राउंड टेबल में तो सब अपने आरक्षण की बात

[11:09:16] कर रहे हैं।

[11:09:18] अंबेडकर अपना रो रहे हैं कि दलित वर्ग को

[11:09:21] किया जाए। मुस्लिम लीग अपना रो रही है।

[11:09:23] सिख संप्रदाय अपना रो रहे हैं। अंग्रेज

[11:09:25] अपना रह रहे हैं। गांधी ने कहा कि इसीलिए

[11:09:27] बुलाए थे क्या?

[11:09:29] इसीलिए किए थे क्या? तो आपको सैमुअल हॉक

[11:09:33] जो है और वेलिंगटन इन दोनों ने किया था।

[11:09:36] तीसरा गोलमेज सम्मेलन 17 नवंबर 32 को हुआ

[11:09:39] था। इस बार भी सैमुअल ही थे। कांग्रेस ने

[11:09:41] फिर भाग नहीं लिया था। इसमें लेबर पार्टी

[11:09:44] ने भी विरोध में भाग नहीं लिया था। इस चीज

[11:09:46] को ध्यान रखिएगा। बट

[11:09:49] दो तीन पॉइंट याद रखिएगा। विनोवा पहली बार

[11:09:53] सविनय अवज्ञा आंदोलन में गिरफ्तार हुए थे।

[11:09:54] इनको व्यक्तिगत सत्याग्रह से नहीं इसके

[11:09:56] पहले भी गिरफ्तारी हुई। सुभाष चंद्र बोस

[11:09:58] ने दांडी मार्च को

[11:10:01] तुलना नेपोलियन के पेरिस मार्च और

[11:10:03] मुसोलिनी के रोम मार्च से किया गया। ना

[11:10:06] टैक्स देंगे ना नमक देंगे। संयुक्त प्रांत

[11:10:08] में चला। सविनय अवज्ञा आंदोलन का नो टैक्स

[11:10:10] विदाउट आपको यह ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[11:10:16] गुजरात के लोगों ने भू-राजस्व देना बंद कर

[11:10:19] दिया। मध्य भारत की रियासत छतरपुर में करो

[11:10:21] ना देने के कर ना देने के कर का मतलब

[11:10:23] टैक्स आंदोलन चलाया डाकू मंगल सिंह के

[11:10:26] द्वारा। इसके अलावा गांधी समझौता के

[11:10:29] विरुद्ध जवाहरलाल नेहरू सुभाष चंद्र बोस

[11:10:30] ने भी किया था। क्योंकि इन लोग को पता था

[11:10:33] कुछ निकलने वाला नहीं। गांधी भी बहुत वो

[11:10:35] नहीं थे कि मुझे करना है। प्रेशर दे दिया

[11:10:38] गया था। आप कीजिए आप यह करना चाहते हैं,

[11:10:40] वह नहीं करना चाहते हैं। तो भाई गांधी कि

[11:10:42] ठीक है मीटिंग कर लेते हैं। लेकिन उसका

[11:10:44] हुआ क्या? कुछ नहीं हुआ।

[11:10:50] है कि नहीं?

[11:10:54] कुछ नहीं हुआ। है कि नहीं?

[11:10:54] तो ध्यान रखिएगा।

[11:11:00] अब गांधी जब उधर से आते हैं और कुछ निकलता

[11:11:04] नहीं है तो गांधी कहते हैं कि हम लोग फिर

[11:11:05] से करेंगे सविनय अवज्ञा आंदोलन।

[11:11:09] तो आता है द्वितीय सविनय अवज्ञा आंदोलन।

[11:11:12] सेकंड सविनय अवज्ञा आंदोलन। लेकिन यह बहुत

[11:11:15] सफल नहीं होता है। रीजन यह होता है कि 4

[11:11:17] जनवरी 1932 से शुरू होता है। 34 में ये

[11:11:20] खत्म हो जाता है। बहुत ऑफिशियल है। दबा तो

[11:11:23] इसको शुरू में ही दिया गया था। वेलिंगटन

[11:11:24] ने इसको शुरू में ही दबा दिया था। जितने

[11:11:26] भी बड़े नेताओं को सबको गिरफ्तार कर लिया।

[11:11:28] तो ब्लिंटन बहुत तेज है। इसने कहा कि

[11:11:30] इरविन क्या-क्या बोले मुझे नहीं मतलब है।

[11:11:32] मैं इन सब चीजों को नहीं मानूंगा। अलग ही

[11:11:34] टाइप का आदमी था।

[11:11:36] ठीक है?

[11:11:39] ध्यान रखिएगा। 4 जनवरी 1920 को गांधी और

[11:11:43] अदर जितने भी नेता थे सबको परमानेंट जितने

[11:11:46] भी लीडर्स थे सबको गिरफ्तार कर दिया गया।

[11:11:48] 4 जनवरी को कि करो। सोचिए जिस दिन घोषणा

[11:11:52] उसी दिन गिरफ्तार।

[11:11:54] फिर आगे जाकर इसको खत्म ही कर दिया गया।

[11:11:57] इसको खत्म ही कर दिया गया। इसी बीच घोषणा

[11:12:01] होती है कम्युनल अवार्ड की क्योंकि मीटिंग

[11:12:04] बैठी थी। तीन आपको वो भी चला। क्या नाम

[11:12:09] है? अ

[11:12:15] राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस। 16 अगस्त 1932 को

[11:12:18] मैकडोन ने पृथक निर्वाचन व्यवस्था की और

[11:12:21] कई सारे समुदायों का आपको यहां पर

[11:12:23] इन्होंने कहा कि सबको क्या किया जाएगा

[11:12:26] आरक्षण जिसमें दलितों के बारे में भी कहा

[11:12:29] गया

[11:12:35] यह बात गांधी को नागवार गुजरा

[11:12:39] गांधी को क्या हुआ

[11:12:43] आधा घंटा

[11:12:46] गांधी को मेरे घर रुका हुआ था। गांधी को

[11:12:51] ना गवार गुजरा।

[11:12:53] उन्होंने कहा कि आप दलितों को क्यों कर

[11:12:55] रहे? पहले से मुस्लिम हटिए गए हैं।

[11:12:59] पहले से मुस्लिम हट ही गए हैं। अरे अब

[11:13:03] ज्यादा नहीं है भाई। 10 साल का है।

[11:13:08] अब देखो मैं बहुत शॉर्टकट नहीं पढ़ा सकता।

[11:13:10] ऑलरेडी आपको जो वन शॉट होता है आपको

[11:13:12] इंपॉर्टेंट डाटा ही होता है। इसमें मैं

[11:13:13] थोड़ी ना आपको फांकी मार दूंगा। भाई 10 11

[11:13:16] घंटे का तो था ही तो मेरे दिमाग में भी था

[11:13:18] कि भाई 9:00 से 9:30 के पहले मैं फ्री

[11:13:20] नहीं होऊंगा। ये तो मेरे दिमाग में भी था।

[11:13:26] है ना?

[11:13:29] आप छोड़ दीजिए क्लास जाकर सो जाइए। अब

[11:13:31] थोड़ा सा तो मैं क्यों करूंगा? गांधी ने

[11:13:33] कहे कि ना भाई यह हरिजन हैं।

[11:13:37] यह हम हरि के जन हैं और यह हमारे ही अंग

[11:13:40] हैं। तो आप क्यों इनको ऐसे कर रहे हैं? और

[11:13:41] गांधी ने भूख हड़ताल कर दिया जेले में से।

[11:13:45] तो मसा ही फिनिश हो गया। कोई बात नहीं भाई

[11:13:47] पानी पी लीजिए तब तक।

[11:13:53] अरे भाई मैं कितना थका हुआ हूं। यह आप लोग

[11:13:56] को समझ में आ रहा है। 5:30 घंटे सोया हूं।

[11:14:00] रात में लेट तक बनाया हूं। सुबह उठकर मैं

[11:14:03] फिर बनाया हूं क्योंकि बाइलिंगुअल था ना

[11:14:05] मेरे पास पीपीटी तो बिलिंगल बहुत था नहीं

[11:14:08] उसके बाद आया हूं भागमभाग उसके बाद आप लोग

[11:14:11] के सामने खड़ा हूं

[11:14:13] और आप लोग यहां पर चलो ठीक है

[11:14:18] पूना समझौता इसी में होता हैकि गांधी एकदम

[11:14:21] से कह रहे हैं कि मर जाएंगे तो पहली बार

[11:14:23] आमरण अनशन करते हैं गांधी गांधी इसी के

[11:14:26] विरोध में इसके विरोध में आमरण अनशन करते

[11:14:30] हैं गांधी

[11:14:33] इसके विरोध में

[11:14:38] आमरण अनशन

[11:14:50] कहते हैं मर जाएंगे लेकिन ये पास नहीं

[11:14:52] होने देंगे। मर जाएंगे लेकिन पास नहीं

[11:14:56] होने देंगे। ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[11:15:00] पुणे समझौता होता है। अंबेडकर नहीं कहते

[11:15:02] लेकिन हुआ कि अरे करो भाई करो ऐसे कैसे

[11:15:04] काम चलेगा फिर जाकर अंबेडकर और गांधी के

[11:15:07] बीच एक समझौता होता है पुणे के यवदा जेल

[11:15:10] में क्योंकि ये यवदा जेल में थे तो समझौता

[11:15:13] हुआ और समझौते के तहत यह किया गया कि

[11:15:15] दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल को खत्म

[11:15:18] कर दो अलग से आरक्षण ले लो वो अलग है

[11:15:21] आरक्षण अलग से ले लिए वह ठीक है लेकिन अलग

[11:15:26] निर्वाचन पद्धति क्या होता है तो हुआ क्या

[11:15:28] यह क्वेश्चन भी आता है ध्यान रखिएगा

[11:15:30] कि विधानमंडलों का एक 71 से बढ़ाकर एक 148

[11:15:36] कर दिया गया और केंद्र में सीट जो है इनका

[11:15:39] 18% कर दिया गया। यानी इस प्रकार दलितों

[11:15:43] को दो वोटों का अधिकार आपको यहां पर मतलब

[11:15:45] कि ये केंद्र में भी अलग से दे सकते हैं

[11:15:46] और विधानसभा में भी अलग से दे सकते। ये

[11:15:48] दोनों को याद रखिएगा 18% और स1 सीट से

[11:15:52] बढ़ाकर कितना कर दिया गया? 140 ठीक है?

[11:15:55] ध्यान रखिएगा।

[11:15:57] अब क्योंकि

[11:15:59] 1935 का एक्ट आया इसके बाद ठीक है इसके

[11:16:03] बाद 1935 का एक्ट आया

[11:16:07] और उस एक्ट के तहत

[11:16:09] उस एक्ट के तहत यह कहा गया कि आप लोग

[11:16:11] चुनाव लड़िए और 1935 के एक्ट में फिर

[11:16:16] चुनाव लड़ा गया 1937 का। तो 1935 के एक्ट

[11:16:21] में आया था कि आपको

[11:16:23] सीटों को बढ़ाया गया था। केंद्र कांग्रेस

[11:16:26] की 18 महीने सरकार चली। आठ प्रांतों में

[11:16:28] बनी। मुंबई की कांग्रेस सरकार 1937 में

[11:16:31] कपड़ा जांच समिति की नियुक्ति करती है। और

[11:16:34] 38 में इस समिति ने औद्योगिक विवाद

[11:16:36] अधिनियम इन्होंने बहुत सारे नियम कानून भी

[11:16:38] लाए कि हम लोग सैलरी कम लेंगे। हम लोग

[11:16:41] बहुत ज्यादा नहीं लेंगे। देखो इन्होंने

[11:16:42] कहा कि देखो हम लोग यात्रा बहुत नॉर्मल

[11:16:44] करेंगे। जनरल में यात्रा करेंगे। जैसे लोग

[11:16:47] करते हैं। सैलरी हम लोग मात्र ₹500 लेंगे

[11:16:51] और जेल में कैदियों को छुड़ाने के लिए

[11:16:52] बिहार कांग्रेस मंत्रिमंडल ने इस्तीफा भी

[11:16:54] दिया था। यह भी बीपीएससी ने पूछा है।

[11:16:56] लेकिन इसको मैं कब बताऊंगा?

[11:17:01] इसको मैं आपको बताऊंगा जब बिहार स्पेशल

[11:17:03] पढ़ाऊंगा ना उस समय इसके बारे में आपको

[11:17:04] चर्चा करूंगा। फरवरी 1938 में इन्होंने

[11:17:07] त्यागपत्र दिया था। बट हुआ क्या कि सेकंड

[11:17:10] वर्ल्ड वार के कारण रीजन क्या था? सेकंड

[11:17:13] वर्ल्ड वार।

[11:17:16] वर्ल्ड वार के कारण इन लोगों ने इस्तीफा

[11:17:19] दे दिया सभी जगह से। भाई यह लोग जबरदस्ती

[11:17:22] भारत को सेकंड वर्ल्ड वार में शामिल कर

[11:17:24] लिए। इन लोगों ने भारत को जबरदस्ती सेकंड

[11:17:28] वर्ल्ड वार में शामिल कर लिया। ठीक है?

[11:17:30] ध्यान रखिएगा।

[11:17:36] अब जैसे ही इन लोगों ने इस्तीफा दे दिया

[11:17:39] मुस्लिम लीग ने कहा अरे भाई धन्यवाद

[11:17:41] मुक्ति दिवस। तो 22 दिसंबर 1939 को

[11:17:45] इन्होंने मुक्ति दिवस मनाया। अंबेडकर ने

[11:17:48] धन्यवाद दिवस।

[11:17:50] सोचिए लोग एकदम चाहते थे कि कैसे सोचिए

[11:17:53] वहां पर इन लोग को यह मतलब नहीं था कि

[11:17:54] भारत को आजादी मिले कि क्या मिले। इन लोग

[11:17:57] को मतलब था कांग्रेस हट जाए पद से। है ना?

[11:18:00] कांग्रेस पट पद से हट जाए। कांग्रेस से यह

[11:18:03] हो जाए। कांग्रेस इनको यही मतलब था।

[11:18:06] कांग्रेस ठीक है। कई जगहों पे गलत हुआ।

[11:18:09] भ्रष्टाचारी का आरोप लगा। भ्रष्टाचारी

[11:18:11] हुआ।

[11:18:13] लेकिन यह लोग खुलकर सेकंड वर्ल्ड वार पे

[11:18:16] नहीं बोल रहे हैं।

[11:18:18] यह लोग कह रहे हैं

[11:18:21] के

[11:18:27] कांग्रेस भगाओ, कांग्रेस भगाओ। बट सेकंड

[11:18:29] वर्ल्ड वार में कारण आपको इन लोगों ने

[11:18:31] इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस ने इस्तीफा दे

[11:18:33] दिया। तो कांग्रेस ने इस्तीफा यही दिया

[11:18:35] था।

[11:18:37] लेकिन अगर आपसे कोई क्वेश्चन पूछे कि भाई

[11:18:39] बिहार सरकार के द्वारा इस्तीफा क्यों दिया

[11:18:41] गया था? तो वह था आपको उस समय कैदियों के

[11:18:46] लिए कैदियों की रिहाई के लिए। अब

[11:18:50] वर्ल्ड वार चल रहा है। उधर 1939 में

[11:18:52] वर्ल्ड वार शुरू हो गया। कांग्रेस यहां पर

[11:18:54] छिटक गई इनसे। कांग्रेस गुस्सा आ गई। अब

[11:18:58] ये लोग क्या करने लगे? मुस्लिम लीग का

[11:19:00] दिमाग देखिए। वो कहे कि अब हमको पाकिस्तान

[11:19:02] चाहिए।

[11:19:04] यह भी प्रेशर देने के लिए जिन्ना की मांग

[11:19:06] लाहौर अधिवेशन यह था। इसका प्रारूप यही

[11:19:09] एडीओ में आया था।

[11:19:12] प्रारूप किसने तैयार किया था? तो सिकंदर

[11:19:14] हयात खान के द्वारा किया गया था। इस

[11:19:17] प्रपोजल को प्रेजेंट किसने किया था? तो

[11:19:19] फजलुल हक ने किया था। और पहली बार याद

[11:19:22] होगा अभी हम लोगों ने थोड़ी देर पढ़ा था

[11:19:23] पहले कि 1930 में मुस्लिम स्टेट के लिए जो

[11:19:27] प्रपोजल सेपरेट प्रपोजल तैयार किया था वह

[11:19:30] था आपको मोहम्मद इकबाल के द्वारा।

[11:19:33] ठीक है? और पहली बार पाकिस्तान शब्द का जो

[11:19:36] प्रयोग किया था चौधरी रहमत अली के द्वारा।

[11:19:39] यह कैंब्रिज विश्वविद्यालय से थे।

[11:19:42] पढ़ते थे वहां पर

[11:19:45] पाकिस्तान शब्द इन्होंने ऐसे लिखा था।

[11:19:51] पी से पाक सॉरी

[11:19:54] पी से पंजाब

[11:19:57] अफगान

[11:20:00] कश्मीर

[11:20:02] सिंध और बलूचिस्तान इसको मिलाकर इन्हने

[11:20:05] बनाया पाकिस्तान कि ये सब एरिया हम लोग

[11:20:07] लेंगे। ठीक है? ध्यान रखिएगा। कैंब्रिज

[11:20:09] यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे। यह पर्चा भी

[11:20:11] करवाए थे।

[11:20:16] अब इसी बीच अगस्त प्रस्ताव भी आता है।

[11:20:19] अगस्त प्रस्ताव आया

[11:20:24] 1940 में। अगस्त में आया था 1940 लेकिन यह

[11:20:27] माने नहीं लोग। यह क्या हो गया? असहमत।

[11:20:33] फिर 1942 में आता है क्रिप्स प्रस्ताव।

[11:20:37] 1942 में आता है क्रिप्स प्रस्ताव। ठीक

[11:20:41] है? ध्यान रखिएगा।

[11:20:50] 11 मार्च 1942 को क्रिप्स मिशन अनाउंसमेंट

[11:20:53] होता है। 23 मार्च 1942 को क्रिप्स मिशन

[11:20:57] आते हैं। रीजन वही था। कांग्रेस को भरोसे

[11:21:00] में लो। भारत को भरोसे में लो। देखिए

[11:21:03] वर्ल्ड लेवल पे अंग्रेजों को क्रिटिसाइज

[11:21:05] किया जा रहा। वर्ल्ड लेवल पे अंग्रेजों को

[11:21:09] क्रिटिसाइज किया जा रहा था। ठीक है? ध्यान

[11:21:11] रखिएगा।

[11:21:13] इस समय ब्रिटिश पीएम थे चर्चिल। युद्ध के

[11:21:16] पश्चात कहा कि एक संविधान का गठन करेंगे

[11:21:18] और प्रांत अगर सहमत नहीं होगी तो अपना

[11:21:20] संविधान बना लेगी। गांधी जी ने कहा कि

[11:21:22] पागल हो क्या?

[11:21:25] कहा कि जो भी है लिखित दो

[11:21:28] और बिना अब हम

[11:21:32] आजादी या कह कि अपने संविधान के बारे में

[11:21:35] अगर नहीं बातें होंगी तो हम लोग नहीं

[11:21:36] लेंगे।

[11:21:37] कि रियासत हमको मिलना नहीं चाहे तो अपना

[11:21:39] संविधान बना सकता है। मतलब एक ही देश में

[11:21:41] आज जैसे यूरोप है वैसा बनेगा। पॉसिबल ही

[11:21:43] नहीं है। तो गांधी जो है इसको कहते हैं

[11:21:46] पोस्ट डेटेड चेक। अब गांधी पोस्ट डेटेड

[11:21:49] चेक किए तो नेहरू इसमें से पीछे मिला दिए

[11:21:52] लाइन कि वैसा बैंक जो डूबने वाला है।

[11:21:56] वैसा बैंक

[11:22:00] जो डूबने वाला है।

[11:22:08] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[11:22:12] अब आते हैं भारत छोड़ो आंदोलन। अब भारत

[11:22:14] छोड़ो आंदोलन के लिए कोई एग्री नहीं था

[11:22:18] क्योंकि कांग्रेस को भी पता था, मुस्लिम

[11:22:22] लोग को भी पता था, अंबेडकर को भी पता सबको

[11:22:24] पता था कि अंग्रेज प्रेशर में है। और ये

[11:22:28] जैसे अभी ये क्या कर रहे अब ये कर रहे हैं

[11:22:30] आपको

[11:22:32] अगस्त प्रस्ताव किए क्रिप्स मिशन दिए

[11:22:35] प्रेशर में थे क्योंकि क्रिप्स मिशन को भी

[11:22:37] आपको इन लोगों ने क्या किया प्रस्ताव को

[11:22:38] नहीं माना अब गांधी कहे कि

[11:22:45] मैं आंदोलन करूंगा तो कह आंदोलन क्यों कोई

[11:22:49] भी एग्री नहीं था कोई भी एग्री नहीं था

[11:22:52] गांधी ने कहा कि अगर मेरा साथ नहीं दोगे

[11:22:55] तो अभी देश की बालू से भी कांग्रेस से भी

[11:22:58] बड़ी संस्था खड़ी कर दूंगा मुंह देखते रह

[11:23:00] जाना और सबको पता था कि भाई गांधी अगर एक

[11:23:02] बार बोल देंगे कि कांग्रेस का बहिष्कार

[11:23:04] करो तो पूरी जनता गांधी में पावर था भाई

[11:23:08] पावर था बहुत लोग गांधी को क्रिटिसाइज

[11:23:10] करते हैं गांधी जितने पॉपुलर थे ना 1% भी

[11:23:15] बन जाइए

[11:23:18] पावर था कि कांग्रेस से भी बड़ी संस्था कर

[11:23:21] दो कर दूंगा अभी के अभी प्रस्ताव पारित

[11:23:23] करो जाकर तब जाकर तुरंत 14 जुलाई को वर्धा

[11:23:27] में यह प्रस्ताव पेश किया जाता इलाहाबाद

[11:23:30] में तिलक दिवस मनाया जाता है और 7 अगस्त

[11:23:33] 1942 को कांग्रेस क्या करते हैं? ग्वालिया

[11:23:37] टैंक बंबई में एक अधिवेशन करते हैं।

[11:23:40] अब्दुल कलाम आजाद आपको इसमें लीड करते हैं

[11:23:43] अध्यक्षता में और 8 तारीख को शुरू हो जाता

[11:23:46] है। आपको पता है कि यह प्रस्ताव किसने पेश

[11:23:48] किया? तो खुद नेहरू करते हैं।

[11:23:52] 8 अगस्त को शुरू होता है। 9 अगस्त कोकि

[11:23:55] यहां पर आया था कि 9 अगस्त को मानते हैं।

[11:23:58] प्रारंभ। ठीक है? अगस्त प्रारंभ का घोषणा।

[11:24:02] ठीक है? घोषणा लिख दीजिए और 9 अगस्त को

[11:24:04] प्रारंभ होता है। गांधी ने यहां 70 मिनट

[11:24:07] का भाषण दिया और एकदम एग्रेसिव मोड में

[11:24:10] भाषण दिया। एकदम एग्रेसिव मोड में भाषण

[11:24:13] दिया।

[11:24:16] कहा कि आपको जो समझ में आता है कीजिए। आप

[11:24:19] अपने तरीके से कीजिए। गांधी को एक चीज समझ

[11:24:21] में आ गया था सविनय अवज्ञा आंदोलन से।

[11:24:22] सेकंड वाला जो किए

[11:24:28] समझ रहे हैं?

[11:24:31] क्योंकि जैसे ही उन्होंने घोषणा की सभी

[11:24:33] लीडर गिरफ्तार, लीडर गिरफ्तार, आंदोलन ठप।

[11:24:35] गांधी को यह पता था कि इस बार भी यही

[11:24:37] होगा। गांधी को पता था इस बार भी यही होगा

[11:24:41] और जैसे ही इन्होंने घोषणा की

[11:24:45] ऑपरेशन जीरो आवर की तरह सभी को गिरफ्तार

[11:24:47] कर लिया। इसलिए गांधी ने 70 मिनट में बोल

[11:24:50] दिया था कि आप लोग लीडरशिप अपना खुद

[11:24:51] कीजिए। लोकल लीडर्स करें

[11:24:55] और इन्होंने अंग्रेजों को बोल भी दिया था

[11:24:57] कि अगर आप किसी को थप्पड़ मारिएगा अगर

[11:24:59] दूसरा आपको फिर थप्पड़ मारेगा तो वो आपका

[11:25:01] प्रतिक्रिया होगा। वो हिंसा नहीं है।

[11:25:04] गांधी अपने रूप में थे। पटाबी सीता मरिया

[11:25:07] ने कहा कि बाप रे भाई ये तो पैगंबर का

[11:25:08] अवतार जैसा लग रहे हैं भाई। गजब बोल रहे

[11:25:11] हैं और कहा कि डू और डाई मतलब अब करो या

[11:25:14] मरो। अब जो है लास्ट गांधी लास्ट समय

[11:25:18] प्रेशराइज करना चाह रहे थे।

[11:25:21] इन लोग के दिमाग में अगर थोड़ा भी अगर

[11:25:23] होगा कि नहीं छोड़ेंगे नहीं छोड़ेंगे

[11:25:25] छोड़ना तो इनको पड़ेगा। ठीक है? ध्यान

[11:25:28] रखिएगा। छोड़ना तो इनको पड़ेगा।

[11:25:32] अब ऑपरेशन जीरो हुआ तो इसको चलाया गया 9

[11:25:35] अगस्त को। जितने भी बड़े नेता थे सबको

[11:25:37] गिरफ्तार कर लिया। सरोज गांधी, सरोजनी

[11:25:40] नायडू, कस्तूरबा गांधी को आगा खान पैलेस

[11:25:42] में रखा गया। राजेंद्र प्रसाद को आपको

[11:25:43] बांकीपुर में रखा। कई जगह पे अलग-अलग आपको

[11:25:46] ध्यान रखिएगा रखा गया। इसी दौरान सियार

[11:25:49] दास सियारदास कह रहा हूं। आपको गोपालाचारी

[11:25:51] के द्वारा आपको एक फार्मूला दिया गया 10

[11:25:54] जुलाई 1944 को तो कांग्रेस ने एक्सेप्ट

[11:25:58] किया। यह आपको पार्टीशन से रिलेटेड था बट

[11:26:01] इसको एक्सेप्ट नहीं किया गया। इसको

[11:26:04] एक्सेप्ट नहीं किया गया।

[11:26:07] भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कई जगह पर

[11:26:09] पैरेलल गवर्नमेंट बनता है। जैसे आपको

[11:26:12] पलिया में हो गया पैरेलल गवर्नमेंट बना,

[11:26:14] सतारा में पैरेलल गवर्नमेंट बना। यहां सब

[11:26:17] आपको पैरेलल समानांतर सरकारें बनी।

[11:26:21] सरकार

[11:26:28] कई जगहों पे समानांतर सरकार बनी।

[11:26:31] समझ रहे हैं? ध्यान रखिएगा।

[11:26:36] अब सब कुछ है। प्रेशराइज है चीजें। अब हुआ

[11:26:39] कि भाई क्या किया जाए? क्या नहीं किया

[11:26:40] जाए?

[11:26:57] एक सेकंड

[11:27:00] ठीक पेबल लाते हैं योजना और 14 जून 1945

[11:27:06] को यह होता है लेकिन यह लोग बात मानने को

[11:27:10] रेडी नहीं।

[11:27:12] इन्होंने कहा कि देखिए वायसराय की

[11:27:14] कार्यकारिणी परिषद का गठन किया जाएगा।

[11:27:17] भारतीयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वायसराय

[11:27:20] कमांडर चीफ का जो हेड होगा वो वही अंग्रेज

[11:27:24] ही होंगे। उसमें भारतीयों की भूमिका नहीं

[11:27:26] होगी। कह वाह रे वाह मेन चीज में भारतीयों

[11:27:29] की भूमिका नहीं होगी। यह कैसे हो सकता है?

[11:27:34] शिमला में समझौता हुआ इसलिए इसको शिमला

[11:27:36] मीटिंग भी कहते हैं। लेकिन फ्लॉप हो गया।

[11:27:37] गांधी भी मौजूद लेकिन गांधी जी इस

[11:27:40] कमेटी में नहीं थे। इस सम्मेलन में नहीं

[11:27:42] थे गांधी।

[11:27:44] तो शिमला समझौता 25 जून 1945 से 14 जुलाई

[11:27:48] 1945 तक होता है। बेबेल ने 14 जुलाई 1945

[11:27:52] को शिमला समझौता के विफलता की घोषणा कर

[11:27:54] दिया। अब बेबल ने

[11:27:56] यूके में एक बात पहुंचा दी।

[11:28:00] उन्होंने एक चीज कह दिया

[11:28:03] कि हमें भारत छोड़ना पड़ेगा।

[11:28:09] रीजन क्यों?

[11:28:12] हमें भारत छोड़ना पड़ेगा। रीजन क्यों?

[11:28:12] उन्होंने कहा कि अब यहां के सैनिक ही

[11:28:14] विद्रोह कर रहे हैं। सैनिक बात नहीं सुन

[11:28:17] रहे हैं। और सबसे बड़ी चीज वर्ल्ड वॉर के

[11:28:20] बाद

[11:28:22] ब्रिटेन की इकोनॉमिकल

[11:28:25] स्थिति खराब हो गई थी। इकोनॉमिकल क्राइसिस

[11:28:27] हुआ था और पॉसिबल नहीं था कि और पूरे

[11:28:30] वर्ल्ड में इनके साम्राज्य थे। कहां-कहां

[11:28:32] क्या-क्या भेजेंगे और पॉसिबल नहीं था कि

[11:28:35] ब्रिटेन से सेना यहां पर डिपोर्ट करें।

[11:28:37] एकदम नहीं पॉसिबल था। तो इनको अबेबल ने यह

[11:28:40] बात कह दी थी इटली से कि हमें छोड़ना

[11:28:44] पड़ेगा। इसके बाद रीजन यह हुआ कि नेवी का

[11:28:47] विद्रोह हुआ

[11:28:49] ताही नेवी। इसी पैरेलली एक और चीज चला था।

[11:28:52] वो था सुभाष चंद्र बोस। का आप लोग इसको

[11:28:54] पढ़ लीजिएगा। ठीक है? सुभाष चंद्र बोस का

[11:28:58] आईए

[11:29:01] आजाद हिंद फौज।

[11:29:05] ठीक है? इसको थोड़ा सा पढ़ लीजिएगा। इसको

[11:29:07] कराऊंगा तो फिर बहुत ज्यादा हो जाएगा।

[11:29:09] इसको पढ़ लेना क्योंकि इंपॉर्टेंट है। यह

[11:29:12] भी पैरेलल चल रहा था। लेकिन आफ्टर वर्ल्ड

[11:29:14] वार है ना? सेकंड वर्ल्ड वार के बाद

[11:29:18] विश्व युद्ध के बाद

[11:29:23] क्योंकि जापान सरेंडर करता है।

[11:29:26] तो इनको भी है ना जापान सरेंडर किया इनको

[11:29:30] भी सरेंडर करना पड़ा तो यह कमजोर हो गए

[11:29:32] विश्व युद्धवाद कमजोर हुए और सुभाष चंद्र

[11:29:35] बोस की मृत्यु भी हो गई

[11:29:38] ठीक है ध्यान रखिएगा मोहन सिंह के दिमाग

[11:29:41] की उपस्थिति इन्होंने ही गांधी को बापू

[11:29:44] कहा

[11:29:46] है ना सॉरी राष्ट्रपिता कहा बापू भी

[11:29:48] हालांकि इन्होंने ही कहा था रंगून रेडियो

[11:29:51] से इन्होंने कहा था राष्ट्रपिता हमको

[11:29:53] आशीर्वाद दीजिए ठीक है ध्यान रखिएगा इसको

[11:29:55] यह पार कर लीजिएगा। नेवी का विद्रोह सोचिए

[11:29:58] अब नेवी विद्रोह कर रहा है आपका

[11:30:01] 42 में। अब यही सब रीजन था कि अब कोई कैसे

[11:30:05] कह सकता है कि

[11:30:08] हम लोग अब राज करेंगे। इसलिए बेबल ने पहले

[11:30:11] ही बोल दिया था कि अब संभावना नहीं है कि

[11:30:13] हम लोग लंबे समय तक यहां टिक पाए। ठीक है?

[11:30:16] ध्यान रखिएगा। कैबिनेट मिशन आता है। घोषणा

[11:30:18] करता है कि भाई 19 फरवरी 1946 को भारत आता

[11:30:22] है। यह तीन सदस्य थे सर पैथिक लॉरेंस जो

[11:30:24] भारत के सचिव थे। स्टेफर्ड क्रिप्स जो कि

[11:30:27] व्यापार बोर्ड के अध्यक्ष थे। एलेक्जेंडर

[11:30:29] जो कि नौसेना के प्रमुख थे। इन्होंने

[11:30:31] रिपोर्ट दिया 16 मई 1946 को। अब रिपोर्ट

[11:30:34] ये दिया जा रहा है कि कैसे भारत में आगे

[11:30:36] चीजें बढ़ेंगी। कैसे संवैधानिक चीजें

[11:30:39] बढ़ेंगी और इसी कारण से एक फिर से आपको

[11:30:41] चुनाव होता है।

[11:30:44] इस चुनाव में कांग्रेस की भी जबरदस्त जीत

[11:30:46] होती है और मुस्लिम लीग के भी उनके सीटों

[11:30:49] पर जबरदस्त जीत होती है। कांग्रेस की जीत

[11:30:52] हुई तो भाई विधान वहां पर कौन बनेगा हेड?

[11:30:56] ठीक है? संविधान में तो संविधान के जो

[11:30:58] टेंपरेरी होते हैं वह सच्चिदानंद सिन्हा

[11:31:00] को 9 अगस्त को यह दिसंबर को किया जाता है।

[11:31:05] 11 दिसंबर को परमानेंट जो आपको चेयर पर्सन

[11:31:07] बनते हैं वह आपको राजेंद्र प्रसाद बन

[11:31:11] मुस्लिम लीग यहां पर एक काम की। मुस्लिम

[11:31:13] लीग को लग गया कि हम लोग तो भैया तूफानी

[11:31:16] काम कर रहे हैं। और मुस्लिम लीग ने यहां

[11:31:18] पर भड़का दिया। सीधा कहा कि हमको अब चाहिए

[11:31:21] पाकिस्तान।

[11:31:22] लड़ कर लेंगे पाकिस्तान। नारा दिया। और

[11:31:25] इसी दौरान कोलकाता में

[11:31:29] इसी दौरान कोलकाता में भीषण आपको

[11:31:32] सांप्रदायिक दंगा भीषण छोटा-मोटा भी नहीं

[11:31:36] भीषण हुआ।

[11:31:38] ये जो है ना सीधी कारवाई दिवस इसने बहुत

[11:31:41] लड़ कर लेंगे पाकिस्तान। ये डेट याद

[11:31:44] रखिएगा।

[11:31:46] देखिए कैबिनेट मिशन को ये लोग बहुत

[11:31:48] स्वीकार नहीं किए। कह रहे हैं कि भैया लड़

[11:31:51] कर लेंगे पाकिस्तान। ध्यान रखिएगा। आप लोग

[11:31:52] एक चीज ध्यान रखिएगा जो मैं पहले ही बता

[11:31:56] दे रहा हूं। अब जो कैबिनेट मिशन हो गया,

[11:31:58] बेवेल योजना हो गया, बेवेल प्लानिंग हो

[11:32:00] गया, क्रिप्स मिशन हो गया। इन सबके जो जो

[11:32:03] प्रोविजंस थे इसको पढ़ लीजिएगा। ठीक है?

[11:32:06] वो सब पढ़ लीजिएगा आप लोग। वहां से

[11:32:07] क्वेश्चंस आते हैं।

[11:32:10] लड़ कर लेंगे पाकिस्तान का नारा दिया। और

[11:32:12] यहीं पर बंगाल के नौवाखली में जबरदस्त

[11:32:15] दंगा होता है और इस दंगा को दबाने। आपको

[11:32:17] पता है कि जब आजादी मिली थी गांधी यहीं पर

[11:32:19] थे। वह दंगा दबा रहे थे। माउंटबेटन ने कहा

[11:32:24] कि भाई जो पूरी आर्मी नहीं कर पाई गांधी

[11:32:26] अकेला कर गया। इसलिए उन्होंने कहा वन मैन

[11:32:30] आर्मी। क्या कहा? वन मैन आर्मी कहा। ठीक

[11:32:33] है? वन मैन वंड्री फोर्स। तो आपसे पूछता

[11:32:37] भी है कि जब आजाद हुआ तो गांधी कहां थे?

[11:32:39] तो गांधी यहीं पर थे। ठीक है? नोवाखली में

[11:32:43] थे।

[11:32:46] अब इंट्रिम गवर्नमेंट की बात की गई कि भाई

[11:32:48] इंट्रिम गवर्नमेंट बनाया जाए आजादी के

[11:32:50] पहले क्योंकि आजादी के बाद कह दी गई कि

[11:32:52] आपको दे दिया जाएगा यह कर दिया जाएगा आपके

[11:32:54] संविधान बनाए जाएंगे तो जवाहरलाल नेहरू

[11:32:57] इसके अध्यक्ष थे गृह मंत्रालय वल्लभ भाई

[11:32:59] पटेल को सूचना प्रसारण मंत्रालय बलदेव

[11:33:01] सिंह को रक्षा मंत्री राजेंद्र प्रसाद को

[11:33:03] खाद्य एवं कृषि मंत्रालय अरुणा आसिफ को

[11:33:05] रेलवे लियाकत अली को वित्त मंत्रालय दिया

[11:33:07] गया तो मुस्लिम लीग भी शामिल थी हालांकि

[11:33:09] शुरू में मुस्लिम लीग शामिल नहीं थी बाद

[11:33:12] में शामिल हो गई

[11:33:14] अब यही कहते हैं इटली का घोषणा। अब इटली

[11:33:17] ने कहा कि हम लोग मतलब एक घोषणा इटली करता

[11:33:21] है कि 20 फरवरी 1947 को घोषणा किया। क्या

[11:33:26] किया कि हम लोग एनी हाउ जून 1948 को आपको

[11:33:30] स्वतंत्रता दे देंगे। तब खुश कि जून 19 48

[11:33:34] तक स्वतंत्र हो जाएंगे। लेकिन स्थिति बहुत

[11:33:37] अच्छी थी ही नहीं।

[11:33:41] लोग मर रहे थे। सांप्रदायिक दंगा फैल रहा

[11:33:44] था। लोग एक दूसरे को काट रहे थे।

[11:33:48] यह कौन रिस्क ले इस सब चीजों का?

[11:33:53] इन सब चीजों का यह कौन रिस्क ले? इन्होंने

[11:33:57] माउंटबेटन को भेजा कि भैया माउंटबेटन को

[11:33:59] हम लोग भेजते हैं।

[11:34:02] ठीक है? ध्यान रखिएगा।

[11:34:05] और 34वें और अंतिम गवर्नर जनरल के रूप में

[11:34:08] माउंटबेटन को भेजे और इसलिए भेजे थे कि आप

[11:34:10] पार्टीशन कीजिए और आजाद कर कर आ जाइए। 22

[11:34:13] मार्च 1947 को आते हुए इनका टारगेट ही था

[11:34:17] प्रॉपर तरीके से बांटकर आजाद कर कर आना।

[11:34:21] माउंटबेटन योजना आता है। गांधी जी से

[11:34:23] मिलते हैं 31 मार्च को। गांधी जी तो एकदम

[11:34:25] वो नहीं थे बांटने का लेकिन कोई उपाय नहीं

[11:34:27] था।

[11:34:28] ही मेट गांधी जी ऑन आपको 31 ऑफ मार्च 1947

[11:34:32] और 3 जून को योग योजना तो यह भी कहा जाता

[11:34:34] है 3 जून की योजना

[11:34:41] इस योजना के अनुसार भारत

[11:34:45] 3 जून की योजना इस योजना के अनुसार भारत

[11:34:45] और पाकिस्तान दो राष्ट्र बनेंगे। रियासतों

[11:34:48] को इनसे जुड़ने की स्वतंत्रता मतलब जो

[11:34:49] रियासत

[11:34:52] को लगे कि भाई मुझे जुड़ना है वह रियासत

[11:34:55] या तो भारत में चल जाए या पाकिस्तान में

[11:34:57] चल जाए।

[11:34:58] इसी को 3 जून की योजना कहते हैं। इसी को

[11:35:00] मन बाटन योजना भी कहते हैं। क्या कहते हैं

[11:35:02] इसको? मन बाटन योजना।

[11:35:07] मन बाटन या इसी को कहते हैं बालकन प्लान।

[11:35:11] बालकन को भी ऐसा ही बांटा गया था

[11:35:13] प्रायद्वीप को।

[11:35:19] बालकन प्लान।

[11:35:22] अब यह वीवीवीआई है। भारत स्वतंत्रता

[11:35:24] अधिनियम।

[11:35:26] यह कब आता है? तो 4 जुलाई 1947 को बिल को

[11:35:31] इंट्रोड्यूस यह ध्यान रखिएगा बिल को

[11:35:33] इंट्रोड्यूस किया जाता है। मतलब पेश किया

[11:35:35] जाता है। 18 जुलाई ये चारों डेट

[11:35:38] इंपॉर्टेंट है। 18 जुलाई को स्वीकृत किया

[11:35:41] जाता है। 14 अगस्त को पाकिस्तान बना। 15

[11:35:45] अगस्त को हम लोग आजाद।

[11:35:48] फाइनली आजाद हुए। ठीक है? तो इंडिया बिकम

[11:35:52] इंडिपेंडेंट एंड थैंक यू वेरी मच।

[11:35:59] यहीं पर एक ध्यान रखिएगा

[11:36:01] कि माउंटबेटन जो है 3 जून को योजना देता

[11:36:05] है। माउंटबेटन योजना।

[11:36:11] ठीक है? 4 जुलाई को

[11:36:15] प्रेजेंट होता है। फिर 18 जुलाई स्वीकृत

[11:36:18] होता है। और फिर आपको हम लोग को मिलती है

[11:36:20] आजादी।

[11:36:22] हो गए हम लोग स्वतंत्र और आपका मैराथन

[11:36:25] होता है आज का समाप्त। जितने भी बच्चे हैं

[11:36:29] बहुत सभी को बहुत-बहुत दिल से धन्यवाद।

[11:36:33] 11:30 घंटे आप लोग साथ में जुड़े। साथ में

[11:36:36] बैठे। 11 घंटा 40 मिनट के आसपास आप लोग

[11:36:39] साथ में जुड़े। साथ में बैठे। बहुत-बहुत

[11:36:42] धन्यवाद। तहे दिल से धन्यवाद। यह पॉसिबल

[11:36:46] नहीं हो पाता अगर आप लोग जुड़ते नहीं।

[11:36:59] तो सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। मिलते हैं

[11:37:03] ब्रेक के बाद। तो हम लोगों ने क्या किया

[11:37:05] भाई?

[11:37:11] भारत को आजादी दे। और आप लोग को यह पीडीएफ

[11:37:13] मिल जाएगा। आप लोग यहां पर भी फॉलो

[11:37:15] कीजिएगा। लेकिन पीडीएफ आपको वहां पर

[11:37:17] मिलेगा। आपके कमेंट के नीचे पिंग होगा कि

[11:37:19] आपको ये ठीक है तो आपको पीडीएफ मिलेगा तो

[11:37:21] आपको टेलीग्राम पे चाहे तो मुझसे भी जुड़

[11:37:24] लीजिए है ना अपडेट रहेगा अभय सर पीडब्ल्यू

[11:37:32] तो चलिए भाई बहुत-बहुत धन्यवाद आप लोग का

[11:37:34] इतना लंबा मैराथन आप लोग बैठे मेरे साथ

[11:37:38] आपको ही फायदा हुआ होगा चलिए 300 बच्चे तो

[11:37:41] थे रेगुलर शुरू में तो 700 थे सब
